दक्षिण भारत में गर्मी ने रफ्तार पकड़ ली है। 13 मार्च 2026 को कर्नाटक और तमिलनाडु में पारा चढ़ेगा, जबकि तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में हल्की बारिश की संभावना है। जानें मौसम का पूरा हाल।
तुंगभद्रा बांध के सभी शिखर द्वार मई तक बदल दिए जाएंगे : कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री शिवकुमार
कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने विधान परिषद में बताया कि तुंगभद्रा बांध के सभी क्रेस्ट गेट (शिखर द्वार) इस साल मई तक बदल दिए जाएंगे।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने आईपीएल 2026 के पहले फेज के शेड्यूल की घोषणा कर दी है। पहला मुकाबला पिछले सीजन की चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) और सनराइजर्स हैदराबाद (एसआरएच) के बीच होगा। आरसीबी और एसआरएच के बीच मैच बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाना है। बीसीसीआई ने शेड्यूल में एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में मैच रखा है, लेकिन इस वेन्यू पर मैच आयोजित होगा या नहीं इसका फैसला कर्नाटक सरकार द्वारा गठित एक एक्सपर्ट कमेटी करेगी। बीसीसीआई ने बताया कि कर्नाटक सरकार द्वारा गठित एक एक्सपर्ट कमेटी स्टेडियम का निरीक्षण करेगी और मैच-डे के इंतजामों की मॉक ड्रिल देखने के बाद ही अंतिम मंजूरी देगी। बोर्ड की प्रेस रिलीज के मुताबिक, 13 मार्च 2026 को कमेटी स्टेडियम का निरीक्षण करेगी और आईपीएल मैचों की मेजबानी के लिए तैयारियों का आकलन करने के लिए मैच-डे का पूरा मॉक प्रदर्शन कराया जाएगा। सब कुछ संतोषजनक पाए जाने पर ही मैचों के आयोजन के लिए मंजूरी मिलेगी। आरसीबी आईपीएल 2025 की विजेता रही है। खिताब जीतने के बाद 4 जून को जश्न के कार्यक्रम के दौरान हुई भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद सुरक्षा कारणों से इस मैदान में मैच का आयोजन प्रतिबंधित कर दिया गया। रणजी ट्रॉफी, विजय हजारे ट्रॉफी, महाराजा ट्रॉफी जैसे बड़े घरेलू टूर्नामेंटों के मैच भी यहां आयोजित नहीं हुए। बोर्ड की प्रेस रिलीज के मुताबिक, 13 मार्च 2026 को कमेटी स्टेडियम का निरीक्षण करेगी और आईपीएल मैचों की मेजबानी के लिए तैयारियों का आकलन करने के लिए मैच-डे का पूरा मॉक प्रदर्शन कराया जाएगा। सब कुछ संतोषजनक पाए जाने पर ही मैचों के आयोजन के लिए मंजूरी मिलेगी। Also Read: LIVE Cricket Score आईपीएल 2026 में आरसीबी का होम शेड्यूल दो शहरों में बंटा रहेगा। टीम के पांच मैच बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में और बाकी दो घरेलू मुकाबले शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, रायपुर में आयोजित होंगे। Article Source: IANS
शिवमोग्गा में छात्र की हत्या से कर्नाटक विधानसभा में ड्रग्स के खतरे पर चिंता
कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले में कुछ नाबालिग लड़कों द्वारा की गई 10वीं क्लास के एक छात्र की हत्या का मामला बुधवार को विधानसभा में गूंजा
जंगली हाथियों का लोकेशन अब रीयल- टाइम में मिलेगा, कर्नाटक के 7 कुमकी हाथियों से होगी निगरानी
हावड़ा–मुंबई मुख्य रेलखंड पर मंगलवार तड़के जराईकेला और भालूलता स्टेशन के बीच 27 जंगली हाथियों का झुंड रेल लाइन पर पहुंच गया। वन विभाग से सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन ने रात 2.40 बजे से 3.10 बजे तक बंडामुंडा से जराईकेला के बीच ट्रेनों की आवाजाही बंद कर दी। बाद में स्थिति सामान्य होने पर बिसरा से जराईकेला स्टेशन के बीच ट्रेनों की गति 40 किमी प्रति घंटा कर सावधानी के साथ परिचालन शुरू किया गया। इस दौरान ट्रेन संख्या 18190 एर्नाकुलम एक्सप्रेस को राउरकेला रेलवे स्टेशन पर 02.03 बजे से 03.16 बजे तक रोका गया। वहीं ट्रेन संख्या 18029 कुर्ला–शालीमार एक्सप्रेस को भी 04.13 बजे से 05.12 बजे तक राउरकेला स्टेशन पर खड़ा रखा गया। इसके अलावा कांसबाहाल और कुलुंगा रेलवे स्टेशन के बीच एक अकेले हाथी की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद इस सेक्शन में भी ट्रेनों की गति रात 8 बजे से सुबह 5 बजे तक धीमी रखी गई। झारखंड में गंभीर समस्या बन चुका है हाथी-मानव संघर्ष कोल्हान, हजारीबाग, बोकारो, रामगढ़, रांची और लातेहार जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं। जनवरी 2026 से अब तक हाथियों के हमले में 35 लोगों की मौत हो चुकी है। चाईबासा में 11 दिनों के भीतर लंबे-बड़े दांत वाले टस्कर हाथी ने 22 लोगों की जान ले ली। हजारीबाग में 13 फरवरी की रात हाथियों ने 7 लोगों को कुचलकर मार डाला। कई गांवों में रात के समय घर तोड़ने और फसलों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं होती रहती हैं। हाथियों की निगरानी के लिए रेडियो कॉलर लगाएगा वन विभाग कोल्हान समेत झारखंड में बढ़ते हाथी-मानव संघर्ष को नियंत्रित करने के लिए वन विभाग नई रणनीति पर काम कर रहा है। जंगली हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए उन्हें जीपीएस आधारित रेडियो कॉलर पहनाए जाएंगे। वन विभाग के अनुसार रेडियो कॉलर सभी हाथियों को नहीं, बल्कि चुनिंदा हाथियों को ही लगाए जाएंगे। इनमें मुख्य रूप से झुंड का नेतृत्व करने वाले हाथी और अकेले घूमने वाले टस्कर हाथी शामिल होंगे। इनके मूवमेंट से पूरे झुंड की दिशा का अनुमान लगाया जा सकेगा। कॉलर में लगे जीपीएस और ट्रांसमीटर सैटेलाइट या रेडियो सिग्नल के जरिए लगातार लोकेशन भेजते रहेंगे, जिससे वन विभाग को हाथियों की रीयल-टाइम जानकारी मिल सकेगी। कर्नाटक से मंगाए जाएंगे सात कुमकी हाथी वन विभाग जंगली हाथियों को नियंत्रित करने के लिए कर्नाटक से सात कुमकी हाथी भी मंगाने की तैयारी कर रहा है। कुमकी हाथी प्रशिक्षित पालतू हाथी होते हैं, जिनका उपयोग जंगली हाथियों को नियंत्रित करने में किया जाता है। इन पर महावत सवार होकर जंगली हाथियों को धीरे-धीरे जंगल की ओर खदेड़ते हैं और आक्रामक हाथियों को काबू में करने में मदद लेते हैं। तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल में लंबे समय से इस तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। बार-बार गांवों में जाने वाले हाथियों की होगी पहचान वन विभाग पहले ऐसे हाथियों की पहचान करेगा जो बार-बार गांवों या आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंच जाते हैं। चयनित हाथियों को ट्रैंक्विलाइज कर उनके गले में बेल्ट की तरह रेडियो कॉलर लगाया जाएगा और फिर जंगल में छोड़ दिया जाएगा। विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है और जल्द ही कॉलर की खरीद के साथ इसे लगाने की प्रक्रिया शुरू होगी। इस पहल का उद्देश्य हाथियों की लोकेशन का समय रहते पता लगाकर ग्रामीणों को अलर्ट करना और हाथियों को जंगल की ओर वापस खदेड़ना है।
व्हाट्सऐप पर खुद को कंपनी का डायरेक्टर बताकर एक कारोबारी से 50 लाख रुपए ठगने वाले साइबर गिरोह का पर्दाफाश धनबाद साइबर थाना पुलिस ने किया है। इस मामले में पुलिस ने कर्नाटक के हुबली से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी साइबर अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध कराकर ठगी की रकम ट्रांसफर कराने में मदद करता था। सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव ने प्रेस वार्ता में बताया कि तकनीकी जांच और विशेष टीम की कार्रवाई से आरोपी तक पहुंचना संभव हो सका। सरायढेला निवासी ने दर्ज कराई थी शिकायत पुलिस के अनुसार, यह मामला 29 जनवरी 2026 को सामने आया था। सरायढेला थाना क्षेत्र के वनस्थली कॉलोनी निवासी अभय कुमार अग्रवाल ने साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि अज्ञात साइबर अपराधियों ने व्हाट्सऐप चैट के जरिए खुद को हिलटॉप हाइराइज प्राइवेट लिमिटेड, धनबाद का डायरेक्टर बताया। जरूरी भुगतान के नाम पर उनसे 50 लाख रुपए ट्रांसफर करा लिए। यह राशि यूनियन कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड के आईसीआईसीआई बैंक खाते में भेजी गई थी। ठगी का एहसास होने के बाद पीड़ित ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया, जिसके बाद मामले की जांच शुरू की गई। एसआईटी गठित कर कर्नाटक में की गई छापेमारी मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार के निर्देश पर सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। डीएसपी साइबर संजीव कुमार और साइबर थाना प्रभारी रविकांत प्रसाद की निगरानी में टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। जांच के दौरान पुलिस को आरोपी के कर्नाटक में होने की जानकारी मिली। इसके बाद टीम ने हुबली स्थित आर्या दुर्गा लॉज में छापेमारी कर संयुक्त खाता धारक मो. अफसर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से तीन मोबाइल फोन और तीन सिम कार्ड भी बरामद किए गए हैं। म्यूल अकाउंट के जरिए होती थी ठगी पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी साइबर अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध कराकर ठगी की रकम ट्रांसफर कराने में मदद करता था। ऐसे खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की राशि को इधर-उधर करने के लिए किया जाता है। पुलिस ने बताया कि इस खाते के दो अन्य साझेदार भी हैं, जिनकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। समय रहते संबंधित खाते को फ्रीज कर दिया गया, जिससे लगभग 12 लाख रुपये की निकासी होने से बचा लिया गया। फिलहाल पुलिस पूरे गिरोह के नेटवर्क की जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
कांग्रेस आलाकमान को कर्नाटक नेतृत्व संकट जल्द से जल्द सुलझाना चाहिए
जब कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व टालमटोल करता दिख रहा है, तो मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कैबिनेट विस्तार का प्रस्ताव दिया है।

