नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के आरोपी को दोषी मानते हुए 20 साल कैद और 30 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न चुकाने पर आरोपी को 20 माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। रेवाड़ी की एडीजे लोकश गुप्ता की स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट ने यह फैसला सुनाया। दोषी अमित कुमार बिहार के बेगूसराय के गांव सरोजा का रहने वाला है। बिस्तर से गायब मिली थी नाबालिग अभियोग के अनुसार एक व्यक्ति ने मॉटल टाउन थाना पुलिस को शिकायत दी थी। जिसमें बताया कि 27 मई 2022 को पूरा परिवार घर पर सोया हुआ था। रात करीब दो बजे आंख खुली तो 14 वर्षीय नाबालिग बेटी बिस्तर से गायब मिली। अपनी शिकायत में पड़ोस में रह रहे बिहार निवासी अमित कुमार पर बहला फुसलाकर ले जाने की आशंका जताई थी। नाबालिग ने बताई थी सच्चाई मॉडल टाउन थाना पुलिस ने केस दर्ज कर नाबालिग को बरामद किया था। नाबालिग ने अमित पर बहला फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। मामला तभी से अदालत में विचाराधीन था। मामले की सुनवाई के बाद एडीजे लोकश गुप्ता की स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी को दोषी मानते हुए 20 साल कैद और 30 हजार जुर्माने की सजा सुनाई।
समस्तीपुर में बिहार राज्य उद्यमी एवं व्यवसायी आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद कुमार निराला पहुंचे। इन्होंने कहा है कि बिहार से मजदूरों के पलायन को रोकने के लिए गुजरात की तर्ज पर बिहार में भी उद्योग धंधे विकसित किए जा रहे हैं। सरकार ऐसे उद्योग पति को एक रुपए में 10 एकड़ जमीन उपलब्ध करा रही है, जो 100 करोड़ रुपए बिहार में निवेश कर रहे हैं। इसके साथ ही छोटे-छोटे कारोबार को विकसित करने के लिए भी जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से लोन देकर लोगों को समृद्ध बनाया जा रहा है। निराला गुरुवार को समस्तीपुर में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। निराला ने कहा कि 2005 में जब नीतीश कुमार के हाथों बिहार की सत्ता आयी थी, तो सब कुछ खत्म हो चुका है। नीतीश कुमार विश्वकर्मा रूपी बिहार को सिंचने का काम किया। एक-एक कर बिहार आंतरिक संसाधनों को विकास किया। लोगों को 24 घंटे बिजली मिल रही आज की तारीख में लोगों को 24 घंटे बिजली मिल रही है। बिहार के किसी भी जिले से 5 घंटे के अंदर लोग पटना पहुंच रहे हैं। बिहार में सड़कों का जाल बिछाया गया। अब दूसरे प्रदेशों के साथ ही दूसरे देशों के भी कारोबारी यहां कारोबार लगाने में नहीं हिचकते। कुटीर उद्योगों को दिया जा रहा बढावा कम जगह में घरों के अंदर कारोबार के लिए प्रशिक्षण देकर कारोबार विकसित किए जा रहे हैं। उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान के माध्यम से छोटे कारोबारी को बाजार भी उपलब्ध कराया जा रहा है। जिससे खास कर महिलाओं को फायदा मिल रहा है। महिलाएं घर के अंदर विभिन्न प्रकारों का घरेलु सामान बनाकर 15-20 हजार रुपए तक कमा रही है। कारोबारियों ने किया भव्य स्वागत समस्तीपुर पहुंचने पर परिषदन जिले के कारोबारियों ने उनका भव्य स्वागत किया। लोगों ने माला पहनाकर व मिथिला की संस्कृति के अनुसार अंगवस्त्र भेंट उनका स्वागत किया। इस मौके पर कारोबारी व भाजपा नेता प्रदीप साह शिवे, जदयू व्यवसायी प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष बिन्द साह,जदयू के नगर अध्यक्ष सुजीत कुमार, कारोबारी छेदी लाल भारतीया, डा. अमित कुमार मुन्ना, राकेश कुमार राज,धमेंद्र पोद्दार, कालू घोष आदि भजपा व जदयू के कार्यकर्ता उपस्थित थे।
चुनावी हलफनामे पर हाईकोर्ट सख्त, बिहार के 42 विधायकों को नोटिस
Bihar News in Hindi : बिहार की सियासत में उस समय बवाल मच गया जब पटना हाईकोर्ट ने विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार 42 विधायकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। इन पर चुनावी हलफनामे में गलत जानकारी देने का आरोप है।
बिहार में शराबबंदी का मुद्दा फिर से गरमा गया है। 10 साल बाद इसकी समीक्षा की मांग भरी सदन में सरकार में साझेदार दल के विधायक ने कर दी है। वहीं, कांग्रेस ने शराब की होम डिलीवरी का दावा किया है। मांझी ने इस कानून को राज्य के लिए आर्थिक जोखिम करार दिया है। क्या नीतीश सरकार 10 साल बाद शराबबंदी को खत्म करेगी या कानून में ढील देगी। इस कानून से राज्य को फायदा है कि नुकसान। नीतीश कुमार क्यों खत्म नहीं करना चाहते। इन सवालों का जवाब जानेंगे, आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाहीं में...। सवाल-1ः बिहार में कब से शराबबंदी कानून लागू है? जवाबः अप्रैल 2016 में नीतीश सरकार ने बिहार में शराबबंदी कर दी। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं के खिलाफ हिंसा को कम करना, स्वास्थ्य और सामाजिक व्यवस्था ठीक करना था। यह पॉलिसी बिहार प्रोहिबिशन एंड एक्साइज एक्ट, 2016 पर आधारित है, जो शराब के उत्पादन, बिक्री और सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाती है। सवाल-2ः शराबबंदी कानून की समीक्षा करने की बातें कब-कब उठी? जवाबः बिहार में शराबबंदी कानून की समीक्षा की डिमांड समय-समय पर होती रही है। इसमें विपक्ष के नेता से लेकर सत्ताधारी दल के नेता तक शामिल हैं। ताजा डिमांड नीतीश सरकार में साझीदार राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) विधायक माधव आनंद ने की है। 17 फरवरी को माधव आनंद ने विधानसभा में कहा, 'अब समय आ गया है जब इस कानून की व्यापक समीक्षा होनी चाहिए। इसे बेहतर ढंग से लागू करने, जागरूकता बढ़ाने और जहां जरूरी हो, वहां संशोधन किए जाने चाहिए।' सवाल-3ः बिहार में शराबबंदी के फैसले की क्या नीतीश कुमार समीक्षा करेंगे? जवाबः इसकी संभावना बहुत कम है। माधव आनंद की डिमांड को मंत्री विजय कुमार चौधरी ने खारिज कर दिया। सवाल-4ः नीतीश कुमार क्यों शराबबंदी की समीक्षा नहीं करेंगे? जवाबः यह सीधे तौर पर वोटबैंक से जुड़ा मामला है। नीतीश कुमार ने शराबबंदी को लागू कर महिला वोटरों को अपनी तरफ किया है। महिलाओं में नीतीश कुमार की पैठ इस तरह के कानून से ही है। इसे ऐसे समझिए… प्रशांत किशोर ने शराबबंदी खत्म करने की बात कही, हार गए सवाल-5ः बिहार को शराबबंदी से नुकसान है या फायदा? जवाबः शराबबंदी कानून के फायदा और नुकसान को दो पैमाने पर नापा जाएगा। 1- सामाजिक आधारः महिलाओं पर हिंसा कम हुए शराबबंदी से राज्य को कुछ बड़े सामाजिक फायदे हुए हैं, खासकर स्वास्थ्य और परिवारिक हिंसा के मामले में। शराबबंदी से पहले (2015-16) में NFHS-4 के मुताबिक, बिहार में 29% पुरुष और 1% से कम महिलाएं शराब का सेवन करती थीं। शराबबंदी के बाद (2019-21) में NFHS-5 के मुताबिक, पुरुषों में शराब का सेवन 41.78% कम हुआ (साप्ताहिक/रोज), जबकि महिलाओं में 69.56% कमी आई। हालांकि, अवैध शराब (जैसे ताड़ी या देशी शराब) का सेवन बढ़ा। द लैंसेट जर्नल की रिपोर्ट (International Food Policy Research Institute) के मुताबिक… NFHS-5 सर्वे के मुताबिक… 2. आर्थिक आधारः हर साल 20 हजार करोड़ से ज्यादा का नुकसान शराब बिक्री से बिहार को एक्साइज ड्यूटी (शराब पर टैक्स) मिलता था। यह राज्य की कुल GSDP (सकल घरेलू उत्पाद) का लगभग 1% था और राज्य के अपने टैक्स राजस्व का 15% से ज्यादा हिस्सा था।
‘मैं अपनी गलतियों के लिए माफी मांगता हूं… अब बंदूक नहीं, परिवार के साथ सामान्य जिंदगी जीना चाहता हूं।’ मंच से यह कहते हुए नक्सली सुरेश कोड़ा ने तीन बार ‘एसटीएफ जिंदाबाद’ के नारे लगाए और आत्मसमर्पण कर दिया। बिहार के मुंगेर जिले में लंबे समय से सक्रिय और भाकपा (माओवादी) का स्पेशल एरिया कमांडर सुरेश कोड़ा पर 3 लाख रुपए का इनाम घोषित था। पुलिस का दावा है कि उसके सरेंडर से बिहार के 23 जिले नक्सल मुक्त हो गए हैं। सुरेश कोड़ा मुंगेर, लखीसराय और जमुई के पहाड़ी क्षेत्रों में हाल के दिनों तक सक्रिय रहा है। उसपर 50 से अधिक केस दर्ज हैं। हालांकि अब वह हथियार छोड़कर नई जिंदगी की शुरुआत की है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट कैसे हुआ सरेंडर, सिलसिलेवार जानिए घटनाक्रम… मुंगेर पुलिस केंद्र में सुरेश कोड़ा ने डीआईजी राकेश कुमार के सामने हथियार रखकर सरेंडर किया। उसने एक AK-47, एक AK-56, दो इंसास राइफल और 505 जिंदा कारतूस पुलिस को सौंपे। इस दौरान डीआईजी के अलावा डीएम और एसटीएफ के अधिकारी मौजूद थे। सुरेश कोड़ा मुंगेर जिले के लड़ैयांटांड थाना क्षेत्र के पैसरा गांव का रहने वाला है। 2008 में सुरेश पर दर्ज किया गया पहला केस 2008 में सुरेश पर पहला केस दर्ज किया गया और जुलाई 2025 तक उसके खिलाफ केस दर्ज होते रहे। जुलाई 2025 में हवेली खड़गपुर के राजासराय-कंदनी जंगल में एसटीएफ से उसकी बड़ी मुठभेड़ हुई थी। दोनों तरफ से भारी गोलीबारी हुई थी। घायल होने की खबर के बावजूद वह जंगल का फायदा उठाकर भाग निकला था। तब से सुरक्षा बल लगातार उसकी तलाश में थी। सुरेश का नाम कई बड़ी वारदातों से जुड़ी थी। इनमें चौकीदार की हत्या, विस्फोट और आगजनी, मुखिया की हत्या, दो भाइयों की हत्या, एसएसबी जवान की हत्या और लेवी नहीं देने पर वाहनों को जलाना। इसके साथ ही कई बार पुलिस से मुठभेड़ में भी वह शामिल रहा है। डीआईजी बोले- बिहार के 23 जिले नक्सल मुक्तमुंगेर रेंज के डीआईजी राकेश कुमार ने कहा कि सुरेश कोड़ा के आत्मसमर्पण के बाद न केवल मुंगेर जिला, बल्कि बिहार आधिकारिक तौर पर नक्सल मुक्त हो गया है। वर्तमान समय में बिहार में कोई भी हथियारबंद नक्सली सक्रिय नहीं है। DM निखिल धनराज निप्पीणीकर ने कहा कि यह मुंगेर और बिहार के लिए गौरव का क्षण है। भारत सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत सुरेश कोड़ा को मिलने वाले लाभ शीघ्र प्रदान किए जाएंगे। अब नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से विकास कार्य किए जाएंगे। एसटीएफ जिंदाबाद का नारा लगायाआत्मसमर्पण के बाद सुरेश ने कहा, 'मुझसे जो गलती हुई, उसके लिए हम माफी मांगता है। अब हम सामान्य जिंदगी जीना चाहता है और परिवार के साथ रहना चाहता है। इस दौरान उसने तीन बार “एसटीएफ जिंदाबाद” के नारे भी लगाया। अब जानिए मुठभेड़ और कॉम्बिंग ऑपरेशन की कहानी हिरण के सींग और 865 गोलियां मिली मई-जून 2025 की बात है। सुरक्षा एजेंसियों को लगातार इनपुट मिल रहे थे कि हवेली खड़गपुर के राजासराय-कंदनी जंगल इलाके में नक्सलियों की गतिविधि बढ़ गई है। इसी दौरान एसएसबी ने जंगल में एक घर पर छापेमारी की। इसमें 865 गोलियां और हिरण के चार सींग बरामद किए। इसके बाद जून महीने में खड़गपुर जंगल में एक बम भी डिफ्यूज किया गया। इन घटनाओं के बाद साफ हो गया था कि इलाके में नक्सली सक्रिय हैं और बड़ी कार्रवाई की तैयारी चल रही है। इनपुट मिलने के बाद एसटीएफ ने डीएसपी सुनील कुमार के नेतृत्व में जंगल में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। टीम राजासराय इलाके में पहुंची तो नक्सलियों से आमना-सामना हो गया। अचानक दोनों तरफ से गोलियां चलनी शुरू हो गई। इस मुठभेड़ में करीब 100 राउंड गोलियां चलीं। अंधेरा और घना जंगल होने की वजह से नक्सली मौके का फायदा उठाकर भाग निकले। इसके बाद हवेली खड़गपुर थाने में सुरेश कोड़ा समेत तीन नामजद और कई अज्ञात नक्सलियों पर केस दर्ज किया गया। 5 जुलाई 2025 की बड़ी मुठभेड़ 5 जुलाई 2025 की शाम करीब 6:15 बजे एसटीएफ की विशेष टीम दुबारा राजासराय-कंदनी जंगल पहुंची। इस बार सुरेश कोड़ा के दस्ते से सीधी मुठभेड़ हुई। करीब एक घंटे तक दोनों तरफ से लगातार फायरिंग होती रही। इस मुठभेड़ में लगभग 200 राउंड गोलियां चलीं। पुलिस ने मौके से 40 खाली खोखे बरामद किए। मुठभेड़ के दौरान सुरेश कोड़ा के घायल होने की भी खबर सामने आई। इसके बावजूद वह जंगल और पहाड़ी इलाके का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा। बताया जाता है कि उसने अपने साथियों को बचाने के लिए पुलिस से मुठभेड़ किया और अंधेरे का फायदा उठाकर निकल गया। मुठभेड़ के बाद लगातार कॉम्बिंग ऑपरेशन इस मुठभेड़ के बाद सुरक्षा बलों ने कॉम्बिंग ऑपरेशन शुरू किया। घायल सुरेश कोड़ा की तलाश में जंगल और पहाड़ी इलाकों में लगातार छापेमारी की गई। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां उसे पकड़ने के लिए लगातार दबाव बनाए रहे थे। इसी दबाव और लगातार कार्रवाई के बाद सुरेश ने हथियार छोड़कर आत्मसमर्पण करने का फैसला लिया।
बिहार पवेलियन में दिखा स्मार्ट गवर्नेंस का मॉडल
एआई समिट : मोबाइल ई-वोटिंग से लेकर एआई आधारित काउंटिंग तक पेश की भविष्य की प्रशासनिक तस्वीरइंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो-2026 के तीसरे दिन बुधवार को बिहार पवेलियन में डिजिटल लोकतंत्र और स्मार्ट गवर्नेंस का मॉडल दिखा, जिसने देशभर के नीति-निर्माताओं और तकनीकी विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। इसमें राज्य निर्वाचन आयोग, बिहार सरकार और बिहार इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन एंड रूरल डेवलपमेंट (बिपार्ड) गया के बिहार GenNext Lab ने मिलकर डिजिटल लोकतंत्र और स्मार्ट गवर्नेंस की नई दिशा प्रदर्शित की है। राज्यसभा सदस्य संजय कुमार झा और केंद्रीय इस्पात मंत्रालय के सचिव संदीप पौंड्रिक सहित कई अधिकारियों ने बिहार पवेलियन का भ्रमण किया। इस मौके पर संजय झा ने कहा कि बिहार ने जिस तरह मोबाइल आधारित ई-वोटिंग, एआई आधारित काउंटिंग और GenNext Lab के जरिए डेटा-आधारित शासन का मॉडल प्रस्तुत किया है, वह नए भारत के डिजिटल लोकतंत्र की दिशा तय करता है। बिहार निर्वाचन आयोग ने शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए देश का पहला राज्य-स्तरीय मोबाइल आधारित रिमोट ई-वोटिंग सिस्टम प्रस्तुत किया है। इसे प्रवासी मतदाताओं, बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और अस्पताल में भर्ती मतदाताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। पवेलियन में एफआरएस आधारित वोटर वेरिफिकेशन मोबाइल एप प्रदर्शित किया गया, जो फेशियल रिकग्निशन सिस्टम के जरिए फर्जी या डुप्लीकेट मतदान को रोकने में मदद करता है। यह प्रणाली पुराने वोटर आईडी फोटो के साथ भी सटीक मिलान करने में सक्षम है। उधर, बिपार्ड गया परिसर में स्थापित ‘Bihar GenNext Lab’ देश के चुनिंदा अत्याधुनिक गवर्नेंस इनोवेशन केंद्रों में शामिल है।
सीनियर महिला एकदिवसीय ट्रॉफी प्लेट का खिताब जीतकर इतिहास रचने वाली बिहार महिला क्रिकेट टीम का आज बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (बीसीए) कार्यालय में भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहते हुए फाइनल में सिक्किम को पराजित करने वाली टीम ने संतुलित खेल, अनुशासन और सामूहिक प्रयास से राज्य का मान बढ़ाया। पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही बिहार बिहार महिला टीम ने प्रतियोगिता के हर मुकाबले में शानदार प्रदर्शन किया। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में टीम का संतुलन स्पष्ट रूप से नजर आया। फाइनल मुकाबले में सीमित लक्ष्य का पीछा करते हुए खिलाड़ियों ने धैर्य और रणनीतिक समझ का परिचय दिया। बिना कोई मैच गंवाए खिताब जीतना टीम की तैयारी, आत्मविश्वास और मानसिक मजबूती का प्रमाण है। सम्मान समारोह में खिलाड़ियों का उत्साह बीसीए कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में विजेता टीम की सभी खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ को सम्मानित किया गया। खिलाड़ियों को स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर उनकी उपलब्धि की सराहना की गई। समारोह के दौरान तालियों की गड़गड़ाहट और उत्साहपूर्ण माहौल ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि को और यादगार बना दिया। अध्यक्ष हर्ष वर्धन ने दी बधाई बीसीए अध्यक्ष हर्ष वर्धन ने टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि खिलाड़ियों के निरंतर अभ्यास, अनुशासन और टीम वर्क का परिणाम है। पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहकर खिताब जीतना टीम की रणनीतिक समझ और मानसिक मजबूती को दर्शाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह जीत आने वाली पीढ़ी की खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी और बिहार महिला क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। महिला क्रिकेट के विकास की दिशा में बड़ा कदम बीसीए का मानना है कि यह जीत बिहार में महिला क्रिकेट के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। एसोसिएशन भविष्य में भी खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, संसाधन और अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि बिहार की बेटियां राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना सकें। बीसीए के सचिव ज़िआउल आरफीन ने कहा कि खिलाड़ियों ने हर मैच में परिस्थितियों के अनुरूप संतुलित निर्णय लिए और दबाव में भी संयम बनाए रखा। उन्होंने सहयोगी स्टाफ के योगदान को भी महत्वपूर्ण बताया और कहा कि यह सफलता सामूहिक प्रयास का परिणाम है।
Bihar Cricket:बिहार क्रिकेट टीम ने हाल के समय में जोरदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय घरेलू सर्किट में अपनी एक अलग पहचान बनानी शुरू कर दी है. रणजी ट्रॉफी और विजय हजारे ट्रॉफी के प्लेट से एलीट ग्रुप में प्रमोशन ने इस बात पर मुहर लगाया है. यहां तक कि महिला टीम ने भी जोरदार खेल दिखाते हुए सीनियर वुमेंस वनडे ट्रॉफी प्लेट ग्रुप फाइनल 2025-26 को जीत लिया.
आरएलएम विधायक माधव आनंद की ओर से शराबबंदी पर समीक्षा की मांग की गई है। इसके बाद अब गयाजी में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने भी खुलकर बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को शराबबंदी नीति पर गंभीरता से पुनर्विचार करना चाहिए। मांझी ने कहा कि हम पहले से ही कहते आ रहे हैं। शराबबंदी पूरी तरह लागू नहीं हो पा रही है। जमीनी सच्चाई अलग है। होम डिलीवरी हो रही है। बाहर से महंगी शराब आ रही है। बिहार का पैसा दूसरे राज्यों में जा रहा है। उन्होंने इशारों में सरकार की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। मांझी ने कहा कि शराबबंदी के कारण सरकार को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। राजस्व का बड़ा स्रोत बंद है। लेकिन अवैध कारोबार पर पूरी तरह रोक नहीं लग पाई है। ऐसे में नीति की समीक्षा जरूरी है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर कानून का उद्देश्य पूरा नहीं हो रहा, तो उस पर पुनर्विचार लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा होना चाहिए। शराबबंदी के दुरुपयोग की कही थी बात केंद्रीय मंत्री का बयान ऐसे समय आया है जब विपक्ष पहले से ही सरकार को शराबबंदी पर घेरता रहा है। अब सहयोगी दलों और अन्य नेताओं की ओर से भी समीक्षा की आवाज उठने लगी है। गयाजी से उठी आवाज अब पटना की राजनीति में गूंज रही है। बता दें कि केंद्रीय मंत्री पूर्व से ही शरबाबन्दी व प्रभावी तरीके को लेकर अपनी आपत्ति विभिन्न मंचों व मीडिया के समक्ष जता चुके हैं। पूर्व के बयान में उन्होनें यह भी कहा था कि इसका दुरुपयोग हो रहा है। गरीब पीसे जा रहे हैं, जबकि बड़े घराने के लोग अफसर बड़े शौक से अपने शौक को शाम ढलने के बाद बंद कमरे में पूरा कर रहे हैं। यही नहीं उन्होंने यह भी कहा था कि कुछ तो शराब माफिया ऐसे हैं, जो चुनाव लड़ रहे हैं तो कुछ चुनाव को प्रभावित कर रहे हैं।
साइबर ठगी गैंग का सदस्य बिहार में दबोचा:डीडवाना-कुचामन पुलिस ने लाखों की धोखाधड़ी का किया खुलासा
डीडवाना-कुचामन पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े आरोपी को बिहार में गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार यह आरोपी पाकिस्तान में बैठे ठगों को भारतीय मोबाइल नंबरों पर व्हाट्सऐप लॉगिन के लिए ओटीपी उपलब्ध कराता था, जिसके बाद ठग भारतीय नागरिकों से लाखों रुपए की धोखाधड़ी करते थे। साइबर थाना प्रभारी जेठु सिंह के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया था। इस टीम ने जांच—पड़ताल करते हुए पूर्वी चम्पारण, बिहार निवासी 25 वर्षीय इब्राहिम आलम को गिरफ्तार किया। यह मामला 17 अक्टूबर 2025 को अलखपुरा निवासी खातुन बानो द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट से जुड़ा है। बानो ने बताया था कि व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से उनसे लगभग 12 लाख रुपए की साइबर ठगी की गई। शिकायत दर्ज होने के बाद, साइबर थाना पुलिस ने मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण किया, जिससे ठगी नेटवर्क के तार बिहार तक पहुंचे। इसके बाद, पुलिस टीम को बिहार भेजा गया, जहां आरोपी इब्राहिम आलम को हिरासत में लिया गया। गहन पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।जांच में सामने आया कि आरोपी इब्राहिम आलम भारतीय मोबाइल नंबरों पर व्हाट्सऐप लॉगिन के लिए वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी) साझा करता था। इन ओटीपी का उपयोग कर विदेशी ठग उन्हीं भारतीय नंबरों से लोगों को कॉल करते थे और उन्हें अपने झांसे में लेकर धोखाधड़ी करते थे। ठगी गई रकम को किराए पर लिए गए बैंक खातों में स्थानांतरित किया जाता था। इसके बाद, यह पैसा एटीएम, ई-मित्र और अन्य माध्यमों से निकाला जाता था। निकाली गई नकदी को कैश डिपॉजिट मशीन (सीडीएम) के जरिए आगे भेजा जाता था, जिसके बदले में आरोपियों को कमीशन मिलता था।
नालंदा के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं के लिए एक शानदार खबर है। राज्य सरकार की 'सात निश्चय योजना-3' के तहत जिले के प्रत्येक प्रखंड में एक 'मॉडल स्कूल' खोलने का निर्णय लिया गया है। इन आधुनिक सुविधाओं वाले हाईस्कूलों में आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से विधिवत पढ़ाई शुरू हो जाएगी। इन मॉडल स्कूलों की नौवीं कक्षा में दाखिला लेने के लिए विद्यार्थियों को प्रवेश परीक्षा से गुजरना होगा। इच्छुक छात्र-छात्राएं 20 फरवरी तक विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://scert.bihar.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। 11 मार्च को ली जाएगी प्रवेश परीक्षा माध्यमिक शिक्षा डीपीओ (DPO) नेहा रानी ने बताया कि नामांकन प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी रखा गया है। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद 11 मार्च को जिला स्तर पर प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर एक मेधा सूची (मेरिट लिस्ट) तैयार की जाएगी। इसी मेरिट लिस्ट के आधार पर ही स्कूलों में अंतिम रूप से छात्रों का नामांकन लिया जाएगा। नौवीं से ही बनेगी करियर की नींव इन मॉडल स्कूलों की सबसे बड़ी खासियत यहां मिलने वाली आधुनिक शिक्षा और प्रतियोगी माहौल है। डीपीओ ने बताया कि स्कूलों में अनुभवी और प्रशिक्षित शिक्षकों की एक विशेष टीम होगी, जो नौवीं कक्षा से ही विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षाओं के साथ-साथ नीट (NEET), जेईई (JEE) और अन्य महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराएगी। विद्यार्थियों के निरंतर मूल्यांकन के लिए नियमित रूप से जांच परीक्षाएं (टेस्ट) भी ली जाएंगी। पढ़ाई को रोचक बनाने के लिए स्कूल परिसर स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक पुस्तकालय (लाइब्रेरी) और सर्वसुविधायुक्त प्रयोगशाला (लैब) से लैस होंगे। जिले में चयनित मॉडल स्कूलों की सूची जिले के जिन विद्यालयों को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है, उनमें मुख्य रूप से इस्लामपुर प्रखंड के नेताजी सुभाष हाईस्कूल भोभी, नूरसराय प्रखंड के सरदार बिगहा, झींगनगर जवाहर कन्या, गिरियक प्रखंड के चोरसुआ,कतरीसराय प्रखंड के मैरा-बरीठ, सिलाव प्रखंड के रासबिहारी हाईस्कूल,एकंगरसराय प्रखंड के एसएस एकेडमी,परवलपुर प्रखंड के बड़ी मठ और हिलसा प्रखंड के आरबी हाईस्कूल,अस्ता, बिन्द हाईस्कूल, सरमेरा हाईस्कूल, बेलदार बिगहा, पैठना, बेन हाईस्कूल, पोआरी और तुलसीगढ़ हाईस्कूल शामिल है।
नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित दुनिया के सबसे बड़े AI Expo में बिहार ने तकनीकी क्षेत्र में अपनी महत्वाकांक्षी योजनाओं और निवेश प्रस्तावों के साथ उपस्थिति दर्ज कराई। इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। कार्यक्रम में बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य की AI-आधारित विकास रणनीति को विस्तार से प्रस्तुत करते हुए बिहार को उभरते टेक हब के रूप में विकसित करने का रोडमैप साझा किया। AI Expo के दौरान बिहार पवेलियन निवेशकों, उद्योग प्रतिनिधियों और शिक्षाविदों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। इस अवसर पर बिहार सरकार द्वारा कुल 468 करोड़ रुपये की परियोजनाओं और निवेश से संबंधित समझौता ज्ञापन (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए। 60 करोड़ से मेगा AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बिहार सरकार ने Bihar AI Mission के अंतर्गत 60 करोड़ रुपए की लागत से Mega AI Centre of Excellence की स्थापना की घोषणा की। यह केंद्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स और उभरती तकनीकों पर अनुसंधान एवं प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र होगा। इसका उद्देश्य राज्य में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देना, स्थानीय युवाओं को अत्याधुनिक तकनीक में दक्ष बनाना और उद्योगों के साथ व्यावहारिक शोध को प्रोत्साहित करना है। साथ ही, AI Centre of Excellence के विकास के लिए अग्रणी शैक्षणिक संस्थानों और उद्योग जगत के बीच इंडस्ट्री-एकेडमिक पार्टनरशिप के समझौते भी किए गए, जिससे तकनीक और बाजार की आवश्यकताओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित हो सके। IIT पटना में 250 करोड़ का अत्याधुनिक रिसर्च पार्क IIT Patna में 250 करोड़ रुपए की लागत से Research Park स्थापित करने की घोषणा की गई। यह रिसर्च पार्क उद्योगों और शोधकर्ताओं के लिए एक साझा मंच प्रदान करेगा, जहां नवाचार, प्रोटोटाइप विकास और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर को गति मिलेगी। इस पहल से बिहार में उच्च स्तरीय तकनीकी अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ सहयोग की संभावनाएं मजबूत होंगी। विकसित भारत की लक्ष्य में बिहार की भूमिका होगी निर्णायक उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में बिहार की भूमिका निर्णायक होगी। राज्य सरकार उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने के लिए लगातार नई नीतियां बना रही है। बिहार में निवेशकों की रुचि तेजी से बढ़ रही है और हम तकनीक आधारित विकास मॉडल को अपनाकर रोजगार और आर्थिक अवसरों का विस्तार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि AI, साइबर सुरक्षा और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में बिहार आने वाले वर्षों में नई पहचान बनाएगा। 158 करोड़ के निवेश MoUs AI, Cybersecurity और Digital Services के क्षेत्र में प्रमुख निवेशकों के साथ 158 करोड़ रुपए के अतिरिक्त MoUs पर हस्ताक्षर किए गए। इन निवेशों से राज्य में डेटा सेंटर, साइबर सुरक्षा समाधान, क्लाउड सेवाएं और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को नई गति मिलेगी। AI Expo के दौरान बिहार सरकार ने Bihar GCC Policy 2026 और Bihar Semiconductor Policy 2026 का औपचारिक अनावरण किया। बिहार में Global Capability Centers (GCCs) की स्थापना को प्रोत्साहन, सेमीकंडक्टर एवं चिप डिजाइन से जुड़े उद्योगों को आकर्षित करना है। डेटा, साइबर सुरक्षा और डिजिटल सर्विस सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया कि इन नीतियों के माध्यम से निवेशकों को विशेष प्रोत्साहन, बुनियादी ढांचा समर्थन और कौशल विकास सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। रोजगार और कौशल विकास की बड़ी योजना। AI-आधारित विकास रणनीति के तहत ये लक्ष्य है इमरजिंग क्षेत्रों में 10,000 से अधिक नए रोजगार 50,000 से अधिक युवाओं को AI लिंक्ड प्रोग्राम के माध्यम से स्किल डेवलपमेंट GCCs, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर से जुड़े क्षेत्रों में निजी निवेश को आकर्षित करना सरकार का दावा है कि यह रणनीति पूरी तरह आउटकम ओरिएंटेड होगी, जिसमें तकनीकी विकास सीधे आर्थिक प्रगति और सामाजिक सशक्तिकरण में परिवर्तित होगा।
गाजियाबाद के खोड़ा थाना क्षेत्र में 24 साल की महिला का शव कमरे में मिला। वह फंदे पर लटकी हुई थी। चारपाई पर शव के पास 18 महीने की बेटी सोई हुई थी। घटना के बाद से पति फरार है। महिला बिहार के नालंदा की रहने वाली थी। महिला के पिता की तहरीर पर पुलिस ने पति पर दहेज हत्या का केस दर्ज किया है। मरने वाली महिला के पति की तलाश में पुलिस टीम लगी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हेंगिंग से मौत होना आया है। पुलिस का कहना है कि महिला ने फांसी लगाकर जान दी। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला 3 साल पहले हुई थी शादी बिहार के नालंदा निवासी चांदनी (24 साल) की शादी 3 साल पहले विपिन से हुई थी। विपिन मजदूरी करता है। चांदनी पर 18 माह की बेटी है। विपिन अपनी पत्नी चांदनी और छोटी बेटी के साथ 15 दिन पहले गाजियाबाद के खोड़ा स्थित नवनीत विहार में किराए पर रहने आया था। जहां पूनम के मकान में दूसरी मंजिल पर किराए पर कमरा लिया था। खोड़ा दिल्ली बार्डर से सटा है। विपिन दिल्ली में मजदूरी करता था। जबकि विपिन का छोटा भाई नितिन दूसरी जगह पर किराए पर रहता है। रविवार रात में नितिन पहुंचा तो उसने अपनी भाभी का शव चारपाई पर देखा, यहीं पर 18 माह की बच्ची भी सोई हुई थी। जिसके बाद मकान मालिक और पड़ोस की महिलाओं को सूचना दी। फंदे से उतारने में महिला को चोट लगी महिला की बच्ची जो 18 महीने की है, वह अपनी मां के शव के साथ चारपाई पर सोती हुई हालत में मिली। चांदनी के चेहरे पर चोट के निशान मिले हैं, वहीं गले में फंदे का निशान था। मुंह से खून सूख चुका था। पुलिस ने पहले इसे हत्या माना, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों ने फांसी लगाकर मौत होना बताया। पुलिस मान रही है कि पति ने या तो पत्नी चांदनी के साथ मारपीट की, जिससे चेहरे पर चोट लगी या फंदे से शव उतारते समय जमीन पर गिरने से चोट लगी। मासूम बच्ची बोलती नहीं है, उसे नहीं पता कि उसकी मां अब कभी देखने को नहीं मिलेगी। शादी के बाद से विपिन पत्नी से मारपीट करता था एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि महिला ने फांसी लगाकर सुसाइड किया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी फांसी लगाने की पुष्टि हुई है। जिससे हेंगिंग से मौत आई है। पुलिस पति की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। जिसके बाद पति ही बता सकेगा कि पूरा घटनाक्रम क्या रहा। पति विपिन ने ही अपनी बेटी को लाश के पास चारपाई पर सुलाया। चांदनी के पिता की तहरीर पर दहेज हत्या का केस दर्ज किया है। पिता ने पुलिस को बताया कि शादी होने के बाद से विपिन पत्नी चांदनी के साथ मारपीट करता था, दहेज की मांग करता था। मायके पक्ष के लोगों ने शव का अंतिम संस्कार किया डॉक्टरों ने पुलिस को बताया कि चांदनी ने सुसाइड किया है। जो 2 से 3 महीने की गर्भवती थी। पोस्टमार्टम में गर्भवती की पुष्टि हुई है। मुंह के बल भी बाहरी चोट मिली है। जिसके बाद मायके पक्ष के लोगों ने पहुंचकर शव का अंतिम संस्कार किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शव मिलने के समय से मौत होना 20 से 24 घंटे पहने होना बताया गया है।
बदहवास मां, बेसुध पत्नी और बेबस पिता। सब चीखते-चिल्लाते। बार-बार एक ही सवाल पूछ रहे हैं- मेरा बेटा कहां है, मेरा पति कैसा है? कोई तो बता दे। ये मंजर था भिवाड़ी थाने का। सोमवार (16 फरवरी) को अवैध पटाखा फैक्ट्री में जिंदा जले मजदूरों के परिवार वालों को देर शाम थाने लाया गया था। यहां रो-रोकर उनका बुरा हाल था। पुलिसकर्मियों ने किसी तरह इनको संभाला। भिवाड़ी के खुशखेड़ा-कारौली औद्योगिक क्षेत्र में अवैध पटाखा फैक्ट्री में धमाका हुआ था। 7 लोगों ने जान गंवाई थी। इस हादसे का शिकार होने वाले 6 मजदूर बिहार के मोतिहारी और चंपारण जिलों के रहने वाले थे। मृतकों में से कुछ के परिजन भी भिवाड़ी में ही रहते थे। इन्हें मोतिहारी का ही रहने वाला फैक्ट्री मैनेजर अभिनंदन यहां लाया था, जो फिलहाल पुलिस हिरासत में है। मौत की खबर सुन उनके परिजनों का क्या हाल था… PHOTOS देखिए बिहार के मोतिहारी जिले के झरोखर कस्बे के रहने वाले सिकंदर का 17 साल का बेटा मिंटू भी अवैध पटाखा फैक्ट्री में काम करता था। हादसे में उसकी जान भी चली गई। विस्फोट की सूचना मिलने पर सिकंदर तुरंत फैक्ट्री की ओर दौड़े। मौके पर आग का मंजर देख सन्न रह गए। बड़ी मुश्किल से खुद को संभाला और लोगों से पूछा- मेरा बेटा भी यहां काम करता था, उसका कुछ पता है क्या? लेकिन कुछ पता नहीं चला। थोड़ी देर बाद मृतकों की पुष्टि हुई। मिंटू का नाम भी मृतकों में था पर पिता को खबर नहीं लगी। 16 फरवरी की देर शाम तक इसी इंतजार में बैठे रहे कि उनके बेटे की कोई खबर आ जाए। इस बात से बेखबर थे कि उनका बेटा अब इस दुनिया में नहीं रहा। ये अकेले सिकंदर की कहानी नहीं है। हादसे में मारे गए बाकी मजदूरों के परिजनों का भी ऐसा ही हाल था। किसी का जवान बेटा चला गया तो किसी के घर का इकलौता सहारा। कई बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। डेढ़ महीने पहले ही बिहार से आएफैक्ट्री में काम करने के लिए ये मजदूर डेढ़ महीने पहले ही बिहार से भिवाड़ी आए थे। 15 फरवरी को इन लोगों ने शिवरात्रि मनाई थी। महिलाओं ने मेहंदी लगाई थी। 16 फरवरी की सुबह घरों से पुरुष मजदूरी के लिए निकले थे। घर से निकले एक-दो घंटे ही हुए थे कि परिजनों को फैक्ट्री में आग की सूचना मिली। 16 फरवरी को इंडस्ट्रियल एरिया में हुई घटनाभिवाड़ी के खुशखेड़ा रीको एरिया में 16 फरवरी की सुबह करीब साढ़े नौ बजे ये घटना हुई। डेढ़ महीने से फैक्ट्री में गुपचुप तरीके से पटाखे बनाए जा रहे थे। रीको प्रशासन या पुलिस को इसकी भनक तक नहीं थी। न तो मजदूर अंदर जाते हुए नजर आते थे, न ही बाहर आते हुए। आशंका जताई जा रही है कि फैक्ट्री में चाइनीज गन में काम आने वाली कैप्सूल बनाई जा रही थी। माल दिल्ली भेजा जाना था। पुलिस ने फैक्ट्री मालिक सहित 4 के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जानकारी के बावजूद खतरनाक काम करवायामिंटू (मृतक) के छोटे भाई राजकुमार ने एफआईआर में बताया- फैक्ट्री मालिक राजेंद्र, हेमंत कुमार शर्मा, कम्पनी सुपरवाइजर अभिनन्दन तिवारी, ठेकेदार अजीत पुत्र सुरेन्द्र सिंह की जानकारी में था कि मजदूरों से बिना किसी सेफ्टी उपकरण के काम कराया जा रहा है। इस अवैध काम की वजह कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। ऐसी दुर्घटना में मजदूरों की जान भी जा सकती है। इस जानकारी के बावजूद कंपनी मालिक, सुपरवाइजर, ठेकेदार ने मेरे भाई व अन्य मजदूरों से यह काम करवाया। फैक्ट्री मालिक राजेंद्र कुमार गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश), हेमंत कुमार शर्मा शाहजहांपुर जिला कोटपूतली बहरोड़ (राजस्थान), अभिनन्दन तिवारी निवासी मटियरिया, थाना हरसौली, जिला मोतिहारी (बिहार) ठेकेदार अजीत निवासी खुशखेड़ा, जिला खेरथल-तिजारा (राजस्थान) के रहने वाले हैं। ------------------------ भिवाड़ी हादसे से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… गत्ते फैक्ट्री तक पहुंच सकती थी आग, दर्जनभर मजदूर थे:जहां विस्फोट में 7 की मौत हुई, वहां से दिल्ली भेजे जाने वाले थे पटाखे राजस्थान के भिवाड़ी की फैक्ट्री में धमाके के बाद लगी आग में काम कर रहे सभी मजदूर जिंदा जल गए। इनमें से बच पाए वो गंभीर रूप से झुलस गए। (पूरी खबर पढ़ें) राजस्थान की केमिकल फैक्ट्री में धमाका, 7 लोग जिंदा जले:अवैध रूप से बन रहे थे पटाखे, 3 मृतकों की हुई पहचान राजस्थान के भिवाड़ी की केमिकल फैक्ट्री में अचानक तेज धमाका हुआ। इसमें 7 मजदूर जिंदा जल गए, जबकि 4 गंभीर रूप से झुलस गए। (पढ़िए पूरी खबर)
पूर्णिया सांसद पप्पू ने पटना में NEET छात्रा की मौत के मामले में एक बार फिर गंभीर आरोप लगाए हैं। फेसबुक लाइव के जरिए उन्होंने इस मामले को आत्महत्या नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से हत्या बताया। सांसद ने कहा, “NEET छात्रा की मौत आत्महत्या नहीं है, साजिश के तहत प्रभात मेमोरियल और कुछ प्रशासन के लोगों ने मेरी बेटी को मारा है। मैं यह केस सुप्रीम कोर्ट तक लड़ूंगा।” पप्पू यादव ने बिहार के गृह मंत्री सम्राट चौधरी से CCTV फुटेज की जांच की मांग की। साथ ही कहा कि प्रभात मेमोरियल अस्पताल और कुछ प्रशासनिक लोगों की भूमिका की जांच होनी चाहिए और वे इस केस को सुप्रीम कोर्ट तक लड़ेंगे। इतना ही नहीं उन्होंने बोरिंग रोड के नागेश्वर कॉलोनी में रहने वाले “संजय” नाम के एक नेता और “गुप्ता” नाम के एक अन्य व्यक्ति का जिक्र किया, लेकिन पूरा नाम नहीं बताया। पप्पू यादव ने कहा- सम्राट चौधरी भाई को कौन भूमिहार का नेता बदनाम करना चाहता था। बोरिंग रोड के नागेश्वर कॉलोनी में कौन से ऐसे नेता हैं जिनका नाम संजय है- अंतिम नाम नहीं बोलूंगा- जिसका घर खगड़िया में है। कौन है एक गुप्ता..? जैसे संजय के बाद का नाम नहीं बोला, वैसे ही गुप्ता के पहले का नाम नहीं बोलूंगा। इनके ऑफिस में कौन-कौन जाता था, इन सभी के CCTV फुटेज की जांच करिए। क्या उसमें मनीष रंजन गए थे या नहीं। पप्पू यादव ने कहा कि मनीष रंजन राजनीतिज्ञों के सप्लायर हैं और एपस्टन के नायक हैं। सांसद ने कहा कि वो जल्द ही नीट मामले के सारे सबूत सार्वजनिक करेंगे। पूरे मामले का दस्तावेज के साथ पर्दाफाश करेंगे। डॉक्टरों ने छात्रा को नशे में रखने वाली सुई दी पप्पू यादव ने कहा कि यह पूरा मामला पटना में हुए एक बड़े षड्यंत्र की तरफ इशारा करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रा को इलाज के दौरान नशे में रखने वाली सुइयां दी गईं। उनका दावा है कि उनके पास इसके सबूत मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि बच्ची को संदिग्ध ओपिओइड पॉइजनिंग का मामला बताया गया, लेकिन समय पर जरूरी टेस्ट और एंटीडोट नहीं दिया गया। सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि बिना परिवार की अनुमति के प्रेग्नेंसी टेस्ट कराया गया। रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद सबूत मिटाने के लिए गलत दवाइयां देने का भी आरोप लगाया। उन्होंने प्रभात मेमोरियल और मेदांता समेत अन्य मेडिकल संस्थानों पर प्रोटोकॉल का पालन न करने का आरोप लगाया। सांसद ने दावा किया, छात्रा को लगातार सेडेटिव और Kitmex 50mg इंजेक्शन दिए गए, जबकि वह पहले से ही बेहोशी की हालत में थी। एंटीडोट देने के बजाय सेडेटिव देकर हालत बिगाड़ी गई। बाद में फेंटेनिल इंजेक्शन दिए जाने पर भी उन्होंने सवाल उठाए और ICU में दी गई दवाओं का पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग की। जांच एजेंसियों पर भी उठाए सवाल उन्होंने कहा कि SIT और CID की जांच कमजोर नहीं थी, बल्कि सिस्टम ने उसे कमजोर बनाया। जब मामला CBI को सौंपा गया तो कुछ लोगों में बेचैनी क्यों दिखी, इसकी भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने Bihar Police, CID और SIT की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की। जेल में साजिश और प्रताड़ना का आरोप पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि जेल में उनके खिलाफ साजिश रची गई। उन्होंने कहा कि 28 घंटे तक उन्हें ऐसी जगह रखा गया जहां सांप और चूहे थे। 6 से 13 तारीख के बीच उन्हें नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। उन्होंने जेल सुपरिटेंडेंट के फोन रिकॉर्ड और CCTV फुटेज की जांच की मांग की। उन्होंने दावा किया कि 7 दिनों तक वे डर के कारण ठीक से सो नहीं सके और प्रशासन उन पर झूठा आरोप लगाने की साजिश कर सकता था। उन्होंने कोर्ट में वीडियोग्राफी की मांग पहले ही कर दी थी। अंत में पप्पू यादव ने कहा कि यह सिर्फ मेडिकल लापरवाही का मामला नहीं, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक साजिश भी हो सकती है। उन्होंने हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ने की बात कही और दोषियों के नाम सार्वजनिक कर सख्त कार्रवाई की मांग की। CBI का SIT से सवाल- परिवार आपकी जांच से संतुष्ट क्यों नहीं है NEET छात्रा मौत मामले में CBI की जांच का आज चौथा दिन है। सबसे पहले CBI ने SIT से पूरी रिपोर्ट ली है। SIT से ये सवाल किए गए कि परिवार आपकी जांच से संतुष्ट क्यों नहीं है? जांच के बड़े लूप होल्स क्या है? सबसे पहले बिना पोस्टमार्टम रिपोर्ट के पुलिस टीम ने रेप न होने की बात किस आधार पर कह दी? यही नहीं CBI ने यह भी पूछा कि अभी तक मनीष रंजन की रिमांड लेकर उससे पूछताछ क्यों नहीं की गई? इसके बाद सोमवार को चित्रगुप्त नगर थाना में पोस्टेड महिला सब इंस्पेक्टर रीना कुमारी को बुलाया गया। करीब दो घंटे तक उनसे इस केस के बारे में सवाल-जवाब किए गए। वो इस केस को लेकर क्या जानती हैं? क्या जांच टीम में वो शामिल थीं? अगर शामिल थीं तो वो कौन-कौन से जगह पर जांच करने गईं? उस दरम्यान उनके सामने कौन से तथ्य आए थे? पुलिस जांच में लापरवाही बरतने और आरोपियों को बचाने के लगाए गए परिवार के आरोप कितने सही हैं? ऐसे कई सवाल थे, जिनका जवाब CBI की टीम जानना चाहती है। यह सिलसिला अभी चलता रहेगा। CBI एक–एक करके थाने अन्य पुलिस अधिकारयों से अलग–अलग पूछताछ करेगी।
किशनगंज में बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा 2026 आज, 17 फरवरी से शुरू हो गई है। यह परीक्षा जिला मुख्यालय के 20 केंद्रों पर आयोजित की जा रही है। कुल 17,422 परीक्षार्थी इसमें शामिल होंगे, जिनमें पहली पाली में 8,713 और दूसरी पाली में 8,709 छात्र-छात्राएं परीक्षा देंगे। परीक्षा 17 फरवरी से 25 फरवरी तक चलेगी। पहले दिन, 17 फरवरी को मातृभाषा (हिंदी/उर्दू/बांग्ला/मैथिली) का पेपर दो पालियों में होगा। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक निर्धारित है। परीक्षार्थियों को सख्त समय-सीमा का पालन करना होगा। पहली पाली में सुबह 9:00 बजे के बाद और दूसरी पाली में दोपहर 1:30 बजे के बाद किसी भी परीक्षार्थी को केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी। केंद्रों में सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी कदाचार मुक्त और निष्पक्ष परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला पदाधिकारी विशाल राज और पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार के निर्देशन में संयुक्त आदेश जारी किया गया है। सभी 20 केंद्रों पर मजिस्ट्रेट और पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। केंद्रों में सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी रखी जा रही है और मुख्य द्वार पर सघन जांच के बाद ही परीक्षार्थियों को प्रवेश दिया जा रहा है। मोबाइल फोन या कोई भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। डीएम विशाल राज ने कहा कि कदाचार मुक्त परीक्षा उनकी प्राथमिकता है और केंद्राधीक्षक इसकी जिम्मेदारी लेंगे। ट्रैफिक डीएसपी और थानाध्यक्षों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए एसपी संतोष कुमार ने बताया कि परीक्षा के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था सुचारु रखने के लिए ट्रैफिक डीएसपी और थानाध्यक्षों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर दायरे में किसी भी व्यक्ति को ठहरने की अनुमति नहीं होगी, ताकि शांतिपूर्ण माहौल बना रहे। किशनगंज शहर के अलावा, ठाकुरगंज, बहादुरगंज, दिघलबैंक, पोठिया, टेढ़ागाछ और कोचाधामन प्रखंडों के परीक्षार्थी भी इन केंद्रों पर परीक्षा दे रहे हैं। दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले छात्र-छात्राएं और उनके अभिभावक समय पर केंद्र पहुंचने के लिए एक दिन पहले ही शहर पहुंचकर लॉज, होटल या अन्य ठिकानों की तलाश कर रहे थे।
समुद्र तटस्थ... इस साल बिहार में कहीं बाढ़ तो कहीं सूखा के संकेत
इस साल मानसून का मिजाज बिगड़ सकता है। समुद्र में हो रहे बदलाव बारिश का गणित गड़बड़ा देंगे। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबित प्रबल संभावना है कि 2026 में बिहार को दोहरी मार झेलनी पड़े । उत्तर बिहार में ज्यादा बारिश से बाढ़ का खतरा है तो दक्षिण बिहार में कम बारिश से सूखे जैसे हालात बन सकते हैं।भारतीय मौसम विज्ञान विभाग और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के शुरुआती संकेत बताते हैं कि इस बार देश में बारिश बराबर नहीं बंटेगी। इसका असर बिहार जैसे संवेदनशील राज्य पर ज्यादा दिख सकता है। क्यों बिगड़ रहा है मानसून का खेल? मौसम विभाग के अनुसार समुद्री हालात कमजोर पड़ रहे हैं। इसे आसान भाषा में समझें... किसानों के लिए सलाह 2026 का मानसून बदलाव के दौर में रहेगा। ऐसे में किसानों को लंबी अवधि के पूर्वानुमान देखकर फसल योजना बनाने की सलाह दी गई है। प्रखंड तक मौसम पूर्वानुमान की नई व्यवस्था लागू होगी। पिछले दशक में क्या बदला मानसून की विदाई अब अक्टूबर तक खिंच रही है। बारिश के दिन घटे, तेज बारिश की घटनाएं बढ़ीं। जिलों के बीच बारिश का अंतर बढ़ा। ला नीना की विदाई... पुणे स्थित जलवायु अनुसंधान और सेवाएं प्रभाग के पूर्व प्रमुख डॉ. डीएस पई ने बताया कि मौजूदा ला नीना फरवरी से अप्रैल के बीच कमजोर होकर न्यूट्रल स्थिति में जा सकती है। जब मानसून की शुरुआत ऐसे तटस्थ हालात में होती है, तो बारिश का बंटवारा असमान रहता है। कहीं बहुत ज्यादा, तो कहीं बहुत कम। हिंद महासागर भी अभी तटस्थ स्थिति में है। अगर यह सकारात्मक चरण में नहीं गया, तो मानसून को ताकत नहीं मिलेगी। क्या है ला नीना : ला प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह के तापमान में असामान्य रूप से ठंडक की एक प्राकृतिक घटना है। यह भारत में सामान्य से अधिक बारिश और सर्दियों में कड़ाके की ठंड लेकर आती है। बिहार बारिश सामान्य के आसपास रहती है। लेकिन बारिश के दिन घट गए हैं। कम दिनों में तेज बारिश हो रही है। इसी वजह से एक ही सीजन में बाढ़ और सूखे जैसे हालात बन रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार 2019 से 2021 के बीच अधिक वर्षा और बाढ़ की स्थिति रही। जबकि 2022 से 2025 तक कई जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई। उत्तर बिहार और नेपाल की तराई में भारी बारिश होती है। वहीं गया, नवादा और औरंगाबाद जैसे दक्षिणी जिलों में पानी कम गिरता है। अब पूरी बारिश कम दिनों में सिमट रही है। जोखिम बढ़ गया है। बारिश के दिन घटे, कम दिनों में ज्यादा बारिश... इसलिए बाढ़-सूखा एक साथ आशीष कुमार, पटना मौसम केंद्र के निदेशक तिब्बत का असर: अगर वहां ज्यादा ठंड रही, तो मानसूनी हवाएं धीमी पड़ सकती हैं। कम ताकत: हिंद महासागर से मिलने वाली अतिरिक्त ऊर्जा कम दिख रही है। तटस्थ समुद्र : प्रशांत महासागर में न ज्यादा ठंडक, न ज्यादा गर्मी। ऐसे में मानसून का रुख तय करना मुश्किल होता है।
भिवाड़ी में गत्ते के कारखाने में भीषण आग, बिहार के 7 श्रमिकों की दर्दनाक मौत
अलवर/भिवाड़ी। अलवर जिले के भिवाड़ी स्थित खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में सोमवार सुबह एक गत्ते के कारखाने में अचानक भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में बिहार के सात श्रमिकों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच […] The post भिवाड़ी में गत्ते के कारखाने में भीषण आग, बिहार के 7 श्रमिकों की दर्दनाक मौत appeared first on Sabguru News .
बठिंडा जिले में पुलिस ने 1.5 किलोग्राम हेरोइन के साथ एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी के बाद ड्रग्स सप्लाई के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किया गया व्यक्ति पिकअप ड्राइवर है, जो बठिंडा इलाके में हेरोइन की सप्लाई करने वाला था। पुलिस ने बताया कि आरोपी पहले भी कई ड्रग्स की सप्लाई कर चुका है। मुखबरि की सूचना पर पुलिस ने टीम गठित कर नाकाबंदी की। कार्रवाई के दौरान हेरोइन समेत आरोपी को काबू कर लिया। आरोपी गिरफ्तार, हेरोइन बारमद बठिंडा की जिला पुलिस प्रमुख ज्योति यादव बैंस ने जानकारी दी कि गुप्त सूचना के आधार पर बठिंडा-बरनाला रोड पर एक विशेष नाका लगाया गया था। इस दौरान एक पिकअप ड्राइवर की तलाशी ली गई, जिसके पास से 1 किलो 507 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। बिहार का रहने वाला तस्कर पकड़े गए आरोपी की पहचान राजा निवासी बठिंडा (मूल रूप से बिहार का रहने वाला) नामक 'पिकअप' ड्राइवर को गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
प्रयागराज पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले एक गैंग के तीन शातिरों को पकड़ा है। ये जालसाज फर्जी बैंक अधिकारी बनकर क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़वाने के नाम पर ठगी करते थे। साथ ही क्रेडिट कार्ड मे लगी इन्सयोरेन्स सर्विंस हटाने के नाम पर फिशिंग लिंक एपीके फाइल भेजकर साइबर ठगी को अंजाम देते थे। इसके पास से जाली दस्तावेज, साइबर ठगी में इस्तेमाल 7 एंड्रॉइड व 01 कीपैड फोन, 07 सिम कार्ड, 05 एटीएम व 10 पासबुक बरामद हुई है। पकड़े गए तीनों जालसाज बिहार के हैं जो दिल्ली में रहकर साइबर ठगी कर रहे थे। शहर के सिविल लाइंस थाने में एक मामला दर्ज हुआ था कि बैंक अफसर बनकर एक परिवार से लाखों रुपये ठगे गए। इसके बाद साइबर क्राइम पुलिस टीमें सक्रिय हुईं। जांच से साफ हुआ कि SBI CREDIT CARD टीम का अधिकारी बनकर कॉल किया गया था। कारोबारी से कहा गया कि क्रेडिट कार्ड पर इन्श्योरेन्स लगा है, जिसे हटाने के सम्बन्ध में लिंक भेजा गया है, उसे एक्टीवेट करने से वह हट जाएगा। जैसे ही कारोबारी ने लिंक ओपन किया मोबाइल हैक हो गया। इसके बाद क्रेडिट कार्ड से 98,638 रुपये साइबर ठगी कर ली गई। पकड़े गए शातिर 1. मोनू कुमार पुत्र विनय सिंह निवासी बाबा अपार्टमेन्ट कपासहेड़ा जिला साउथ वेस्ट दिल्ली, स्थाई पता ग्राम जिकटी जनपद मुजफ्फपुर बिहार। 2. मो. साजिद उर्फ गोलू पुत्र मो. असलम निवासी वर्तमान कापसहेड़ा साउथ वेस्ट दिल्ली, स्थाई पता ग्राम हरीनगर थाना नेवतन जनपद पश्चिमी चम्पारण (बेतिया) बिहार। 3.समीर आलम पुत्र अब्दुल कय्यूम मियां निवासी अम्बेडकर कोलोनी बिजवासन जनपद साउथवेस्ट दिल्ली, स्थाई पता ग्राम रामनगर थाना रामनगर जनपद पश्चिमी चम्पारण बेतिया बिहार। कैसे अंजाम देते थे साइबर ठगी पुलिस की पूछताछ में शातिरों ने कबूल किया कि फर्जी मोबाइल नंबरों से स्वयं को बैंक का अधिकारी बनकर कॉल करते थे। कई बार कॉल ट्रांसफर आदि का नाटक करते थे ताकि लगे कि बैंक से कॉल आई है। टार्गेट सेट होता था। कारोबारी आदि के बारे में पहले से जानकारी जुटा लेते थे। इसके बाद उन्हें बताते थे कि आपके क्रेडिट कार्ड पर इन्स्योरेन्स लगा जिससे आपका पैसा समय-समय पर कटता रहेगा, जिसको हटवाने के लिये व क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़वाने के नाम पर यह लोग फिशिंग लिंक/ए0पी0के0 फाइल पीड़ित को भेजते है। इसके बाद शातिर फोन का रिमोट एक्सेस लेकर खातों से पैसें उड़ा देते है व म्यूल एकाउन्ट्स में पैसे मंगवाकर विभिन्न ए0टी0एम0 से पैसे निकाल कर आपस में बांट लेते है । पुलिस से बचने के लिए यह लोग फर्जी सिम, म्यूल एकाउन्ट्स का इस्तेमाल करते है और वाट्सएप कॉल का ही प्रयोग करते है।
केंद्र और राज्य सरकार के बजट 2026-27 को लेकर भारतीय जनता पार्टी भोजपुर की ओर से रविवार को प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष दुर्गा राज ने की। बिहार सरकार के श्रम संसाधन, युवा रोजगार एवं कौशल विकास मंत्री संजय टाइगर ने इसे बिहार की प्रगति, आत्मनिर्भरता और सामाजिक समरसता के संकल्प को मजबूत करने वाला मील का पत्थर बताया। मंत्री संजय टाइगर ने कहा कि केंद्र सरकार का बजट बिहार में रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा और राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देगा। आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा केंद्र सरकार की आर्थिक रणनीति का मूल है और नया बजट घरेलू विनिर्माण क्षमता बढ़ाने पर केंद्रित है। बजट का उद्देश्य विकसित भारत की मजबूत नींव रखना है और यह आम नागरिकों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम कदम साबित होगा। केंद्र और बिहार सरकार दोनों के बजट में जीवन को आसान बनाने, रोजगार सृजन, कृषि उत्पादकता बढ़ाने और घरेलू क्रय शक्ति मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं, जो एनडीए सरकार की समग्र विकास की सोच को दर्शाते हैं। विकास के नए द्वार खुलेंगे मंत्री संजय टाइगर ने आगे कहा कि इस बजट में पटना में शिप रिपेयर इकोसिस्टम विकसित करने की योजना शामिल है, जिससे नई औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी और तकनीकी व गैर-तकनीकी दोनों प्रकार के रोजगार के अवसर पैदा होंगे। 20 नए जलमार्ग विकसित करने का प्रस्ताव भी बजट में है, जिसमें गंगा, गंडक, कोसी, घाघरा, सोन और पुनपुन नदियों के किनारे जल परिवहन को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा वाराणसी-सिलीगुड़ी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर से बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों के बीच संपर्क मजबूत होगा और विकास के नए द्वार खुलेंगे। महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल से ग्रामीण कुटीर उद्योगों को नया बाजार मिलेगा और पारंपरिक हुनर को बढ़ावा मिलेगा। वहीं, नेशनल डिजिटल नॉलेज ग्रिड में बिहार के प्रमुख ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों को शामिल करने से पर्यटन, शोध और शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाएं बनेंगी। बजट में दो और तीन टियर शहरों के विकास पर विशेष जोर है, जिससे पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, पूर्णिया, बेगूसराय, गया और बिहारशरीफ जैसे शहरों का समग्र विकास होगा। साथ ही प्रत्येक जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाने की घोषणा भी की गई है। भारत सरकार के बजट में बिहार के लिए कुल एक लाख 62 हजार 142 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। वहीं, राज्य सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए तीन लाख 47 हजार 589 करोड़ रुपए का बजट पेश किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 10 प्रतिशत अधिक है। प्रेस वार्ता में जिलाध्यक्ष दुर्गा राज, जिला मीडिया प्रमुख संजय कुमार सिंह, जिला उपाध्यक्ष धीरेन्द्र सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रेम रंजन चतुर्वेदी समेत कई पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे।
बिहार के भोजपुर में यूपी के आर्केस्ट्रा डांसर(19) के साथ गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया गया है। संचालक ने डांसर को जबरन शराब पिलाई उसके बाद दो दोस्तों के साथ उसे सुनसान इलाके में ले गया और तीनों ने बारी-बारी से उसके साथ गैंगरेप किया। विरोध करने पर महिला के साथ मारपीट भी की गई। घटना शनिवार रात की करनामेपुर थाना क्षेत्र की है। डांसर ने किसी तरह अपने साथी डांसर और पति को घटना की जानकारी दी। महिला ने पुलिस से इस मामले की शिकायत की। जिसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों आर्केस्ट्रा संचालक लक्ष्मण यादव(40), मैजिक ड्राइवर अशोक कुमार यादव(41) और DJ ऑपरेटर जितेंद्र कुमार यादव(21) को अरेस्ट कर लिया है। अब सिलसिलेवार ढंग से पढ़िए वारदात की पूरी कहानी महिला डांसर के पति के मुताबिक वो लोग यूपी के आजमगढ़ के रहने वाले हैं। उसकी पत्नी एक फरवरी को आर्केस्ट्रा संचालक लक्ष्मण यादव के पास काम के सिलसिले में आई थी। मेरी पत्नी स्टेज शो करती है। शादी, तिलक ऐसा कार्यक्रम में वो परफॉर्म करती है। काम अच्छा चल रहा था। लिहाजा, मेरी पत्नी ने गांव में ही किराए पर मकान ले लिया। शनिवार को एक कार्यक्रम में उसे डांस करने जाना था। वो संचालक और अपनी टीम के साथ कार्यक्रम में पहुंची। कार्यक्रम खत्म होते-होते रात ज्यादा हो चुकी थी। मेरी पत्नी ने संचालक से कहा कि, मुझे घर छोड़वा दीजिए। लेकिन संचालक ने बहुत ज्यादा शराब पी रखी थी। उसने अपने दो दोस्तों को बुला लिया। फिर मेरी पत्नी को जबरन शराबी पिलाई उसके संचालक लक्ष्मण यादव उसे अपने घर ले गया। वहां उसने पहले मेरी पत्नी के साथ रेप किया। फिर अपने दोनों दोस्तों से कहा कि, तुम दोनों भी मजा ले लो। उसके बाद एक बाइक पर डीजे ऑपरेटर और मैजिक ड्राइवर मेरी पत्नी को कहीं लेकर गए। पीछे से दूसरी बाइक से संचालक भी गया। तीनों ने गांव से दूर सुनसान इलाके में झाड़ी में ले जाकर बारी-बारी से गैंगरेप किया। विरोध करने पर उसकी पिटाई कर दी। कोर्ट में बयान दर्ज होगा पति ने बताया कि, मैं खुद डीजे ऑपरेट का काम करता हूं। शादी से पहले भी पत्नी पार्टियों में डांस करने की काम करती थी। दो साल की मासूम बेटी है। घटना के बाद पत्नी ने मुझे फोन पर जानकारी दी। इसके बाद शिकायत स्थानीय पुलिस से की गई। इधर, आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल कराया। अब कोर्ट में बयान दर्ज किया जाएगा। मामले की छानबीन की जा रही है।
केंद्रीय किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने शुक्रवार को पूर्वी चंपारण के मोतिहारी में बिहार सरकार का बचाव किया। उन्होंने राज्य में बढ़ते अपराध के मुद्दे पर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों का जवाब दिया। मीडिया से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नई सरकार बनने के बाद कुछ प्रायोजित आपराधिक घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, सरकार इन मामलों को गंभीरता से ले रही है और लगातार निगरानी कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार सरकार अच्छा काम कर रही है। राज्य में आपराधिक घटनाओं को दिया जा रहा बढ़ावा ठाकुर ने आरोप लगाया कि एक बड़ी साजिश के तहत राज्य में आपराधिक घटनाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसका उद्देश्य सरकार की छवि खराब करना है। उन्होंने बताया कि सरकार इन सभी मामलों की अपने स्तर पर जांच करवा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पप्पू यादव की गिरफ्तारी का भी जिक्र किया, जो हाईकोर्ट के निर्देश पर हुई थी। मंत्री ने कहा कि इसके बावजूद पप्पू यादव सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने विपक्ष पर केवल हंगामा करने और इस्तीफा मांगने का आरोप लगाया। राहुल- तेजस्वी को जनता ने नकार दिया केंद्रीय मंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पूरे देश में विपक्ष की स्थिति बिहार जैसी हो गई है। उन्होंने उदाहरण दिया कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने महंगे टी-शर्ट पहनकर पूरे बिहार में सरकार के खिलाफ नारेबाजी की, लेकिन जनता ने उनके आरोपों को नकार दिया। रामनाथ ठाकुर ने कहा कि राज्य की जनता सब कुछ समझती है और विपक्ष के पास हंगामा करने तथा इस्तीफा मांगने के अलावा कोई ठोस मुद्दा नहीं है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार विकास और सुशासन के एजेंडे पर लगातार काम कर रही है और जनता का भरोसा उसके साथ है।
बिहार सरकार ने राज्य में औद्योगिक विकास को नई गति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने किशनगंज में शनिवार शाम आयोजित कार्यक्रम में घोषणा करते हुए कहा कि आने वाले समय में बिहार में बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश होने जा रहे हैं। इन निवेशों से न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि राज्य के राजस्व और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। निवेश राज्य के औद्योगिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव लाएगा मंत्री ने बताया कि देश की प्रमुख इस्पात कंपनी Shyam Steel Industries Limited राज्य में लगभग 5,000 करोड़ रुपये का निवेश करने जा रही है। उन्होंने कहा कि यह निवेश बिहार के औद्योगिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण बदलाव लाएगा और बुनियादी ढांचे के विकास को भी गति देगा। इसके अलावा, औद्योगिक समूह Super Shakti Group ने भी बिहार में करीब 5,000 करोड़ रुपये के निवेश की योजना बनाई है। इन दोनों बड़ी परियोजनाओं से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों रोजगार सृजित होने की उम्मीद जताई जा रही है। औद्योगिक नीतियों के चलते निवेशक हो रहे आकर्षित डॉ. जायसवाल ने कहा कि सरकार की औद्योगिक नीतियों और निवेशक-अनुकूल माहौल के कारण देश-विदेश की कंपनियां बिहार की ओर आकर्षित हो रही हैं। उन्होंने बताया कि वैश्विक पेय पदार्थ कंपनी Coca-Cola सहित अन्य कंपनियां भी राज्य में निवेश की संभावनाएं तलाश रही हैं। मंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में बिहार निवेशकों की पहली पसंद बनेगा और राज्य के युवाओं को रोजगार के लिए बाहर पलायन नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य आत्मनिर्भर और औद्योगिक रूप से सशक्त बिहार का निर्माण करना है।
होली के अवसर पर यात्रियों की भीड़ को देखते हुए पूर्व मध्य रेलवे ने बिहार जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ी घोषणा की है। कोलकाता और नई दिल्ली से से बिहार के लिए 20 फरवरी से 14 मार्च तक 26 स्पेशल होली स्पेशल ट्रेनें चलेंगी। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, होली के दौरान घर लौटने वाले यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। कोलकाता रूट पर कई स्पेशल ट्रेनें कोलकाता रूट पर हावड़ा जंक्शन-रक्सौल, सियालदह स्टेशन-मधुबनी और कोलकाता-मधुबनी के बीच स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी। 03043 / 03044 और 03045/03046 हावड़ा-रक्सौल स्पेशल ट्रेन सीतामढ़ी, दरभंगा, समस्तीपुर, बरौनी और झाझा के रास्ते चलेगी। 03183 / 03184 सियालदह-मधुबनी स्पेशल। 03185 / 03186 और 03187/03188 कोलकाता-मधुबनी स्पेशल दरभंगा-समस्तीपुर-बरौनी-झाझा मार्ग से परिचालित होंगी। इसके अलावा 08753/08754 दुर्ग-मधुबनी स्पेशल और 03007 / 03008 हावड़ा-खातीपुरा (जयपुर) स्पेशल भी निर्धारित तिथियों पर चलाई जाएंगी। इन ट्रेनों से बिहार, झारखंड और राजस्थान के यात्रियों को लाभ मिलेगा। नई दिल्ली और आनंद विहार रूट पर भी सुविधा दिल्ली रूट पर भी अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। 04070 / 04069 आनंद विहार-शेखपुरा 04054 / 04053 नई दिल्ली-बरौनी 04060 / 04059 नई दिल्ली-सुपौल इसके अलावा 04010 / 04009 दिल्ली-सीतामढ़ी, 04014 / 04013 आनंद विहार-लौकहा बाजार और 04066 / 04065 आनंद विहार-खोरधा रोड जंक्शन स्पेशल ट्रेनें भी चलाई जाएंगी। ये ट्रेनें गोरखपुर, छपरा, हाजीपुर, गया, गोमो और भुवनेश्वर जैसे प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेंगी। हमसफर क्लोन एक्सप्रेस की समय बढ़ी रेलवे ने जयनगर-अमृतसर हमसफर क्लोन एक्सप्रेस (04651 / 04652) की परिचालन अवधि 1 मार्च से 31 मार्च तक बढ़ाने का फैसला किया है। इससे पंजाब और मिथिलांचल के यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा मिलेगी। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले ट्रेन की तिथि और समय की जानकारी आधिकारिक माध्यमों से अवश्य जांच लें। होली के दौरान अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए गए हैं।
बिहार विधानसभा में शुक्रवार को भूमि सुधार एवं राजस्व विभाग के बजट पर चर्चा हुई। इस दौरान सदर विधायक बबलू कुमार मंडल ने सरकार के पक्ष में अपनी बात रखी और विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह बजट अवैध खनन पर सख्ती, पारदर्शी ई-नीलामी और तकनीक आधारित निगरानी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विधायक मंडल ने स्पष्ट किया कि बिहार में खनन माफियाओं के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने विपक्ष के इस आरोप का खंडन किया कि राजस्व और खनन विभाग केवल संग्रहण तक सीमित हैं। विधायक के अनुसार, ये विभाग राज्य की वित्तीय रीढ़ हैं, जिनके सशक्त होने से ही शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और समाज कल्याण जैसी योजनाएं मजबूत होती हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने राजस्व रिसाव को रोकने के लिए कई ठोस उपाय किए हैं। इनमें ड्रोन सर्विलांस, जीपीएस ट्रैकिंग और ऑनलाइन परमिट प्रणाली का कार्यान्वयन शामिल है। भूमि सुधार के क्षेत्र में, बजट की प्रमुख प्राथमिकताओं में दाखिल-खारिज प्रक्रिया को सरल बनाना, ऑनलाइन म्यूटेशन, डिजिटल भूमि अभिलेख और भू-नक्शों का आधुनिकीकरण शामिल है। विकास के साथ राजस्व में होगी वृद्धि इन कदमों से नागरिकों को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। राजस्व लक्ष्य बढ़ाए जाने पर विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए विधायक ने कहा कि बिहार प्रगति कर रहा है। राज्य में उद्योग आ रहे हैं और निर्माण गतिविधियां तेज हुई हैं, जिससे विकास के साथ राजस्व में भी वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि यह बजट न केवल राजस्व संग्रह बढ़ाएगा, बल्कि खनन क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगा, जिसमें स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। अवैध खनन करने वालों पर कार्रवाई विधायक ने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो लोग पहले व्यवस्था को बंधक बनाए हुए थे, वे आज नैतिकता की बात कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार किसी दबाव में नहीं झुकेगी और अवैध खनन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, भले ही वे कितने भी प्रभावशाली क्यों न हों। अंत में, विधायक मंडल ने कहा कि यह बजट स्पष्ट संदेश देता है कि बिहार में संसाधनों का दोहन नहीं, बल्कि उनका संरक्षण और न्यायपूर्ण उपयोग होगा। उन्होंने इस बजट को राज्य की आर्थिक मजबूती की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया, जो विकास, पारदर्शिता और सशक्त प्रशासन का प्रतीक है।
पूर्णिया में सालों से बंद पड़े गर्ल्स हॉस्टलों का मामला बिहार राज्य महिला आयोग पहुंच गया है। पूर्णिया विश्वविद्यालय बनाओ संघर्ष समिति के संस्थापक डॉ. आलोक राज ने अध्यक्ष से मुलाकात कर अलग-अलग कॉलेजों में बने गर्ल्स हॉस्टलों की स्थिति से अवगत कराया है और मांग पत्र सौंपा है। डॉ. आलोक राज ने कहा कि यूजीसी फंड और सरकारी संसाधनों से तैयार किए गए छात्रावास अपने मूल उद्देश्य के अनुरूप चालू नहीं किए गए हैं, जो न केवल प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है, बल्कि छात्राओं के भविष्य के साथ भी अन्याय है। महिला कॉलेज, पूर्णिया का गर्ल्स हॉस्टल वर्षों तक सुचारू रूप से चलता रहा, लेकिन जनवरी 2025 से बिना स्पष्ट कारण के उसे बंद कर दिया गया। पूर्णिया कॉलेज में यूजीसी निधि से निर्मित गर्ल्स हॉस्टल आज तक छात्रावास के रूप में शुरू नहीं किया गया है और भवन का इस्तेमाल नियमों के विपरीत अन्य कार्यों में किया जा रहा है। असामाजिक तत्वों के सक्रिय होने की आशंका वहीं, मुंशी लाल आर्य कॉलेज, कस्बा और गोरेलाल मेहता कॉलेज, बनमनखी में भी वर्षों पहले बने गर्ल्स हॉस्टल अब तक चालू नहीं हो सके हैं। लंबे समय से बंद रहने के कारण ये भवन जर्जर होते जा रहे हैं और वहां असामाजिक तत्वों के सक्रिय होने की आशंका भी बढ़ रही है। डॉ. आलोक राज ने आगे कहा कि गर्ल्स हॉस्टल बंद रहने से सबसे अधिक नुकसान ग्रामीण और दूर-दराज क्षेत्रों की छात्राओं को हो रहा है। कई छात्राएं सुरक्षित आवास की सुविधा नहीं मिलने के कारण उच्च शिक्षा से वंचित हो रही हैं। जो छात्राएं पढ़ाई जारी रखती हैं, उन्हें निजी लॉज या असुरक्षित किराए के कमरों में रहना पड़ता है, जिससे उनके साथ छेड़छाड़, मानसिक उत्पीड़न और अन्य आपराधिक घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। हाल के समय में छात्राओं की सुरक्षा से जुड़े घटनाक्रमों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासन को इस विषय को गंभीरता से लेते हुए तत्काल ठोस कदम उठाने चाहिए। उचित कार्रवाई का दिया आश्वासन महिला आयोग की अध्यक्ष प्रो. अप्सरा ने आश्वासन दिया है कि वह शीघ्र ही पूर्णिया के डीएम को पत्र लिखकर पूरे मामले की विस्तृत जानकारी प्राप्त करेंगी और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगी। इस प्रकरण के सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन, संबंधित कॉलेज प्रबंधन और जिला प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं। आने वाले समय में यह मुद्दा छात्र संगठनों और सामाजिक संगठनों के बीच बड़े आंदोलन का रूप भी ले सकता है। डॉ. आलोक राज ने यह भी कहा कि कानून विशेषज्ञों से सलाह ली जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर इस मामले में जनहित याचिका दायर की जाएगी।
कैथल में पकड़ा नशा तस्कर, भारी मात्रा में गांजा मिला:बेचने की फिराक में था, बिहार का रहने वाला
कैथल में पुलिस ने एक नशा तस्कर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में नशीला पदार्थ गांजा फूल पत्ती बरामद हुई। पकड़े गए आरोपी की पहचान गांव चन्द्रहासटी जिला समस्तीपुर बिहार निवासी रविन्द्र साहनी के रूप में हुई है। वह ढांड क्षेत्र में नशेड़ियों को यह नशा बेचने की फिराक में था। पुलिस टीम को मिली गुप्त सूचना ढांड थाना के एएसआई भान सिंह की शिकायत पर दर्ज मामले के अनुसार उनकी टीम रात के समय पंचमुखी चौक पर मौजूद थी। वहां पर सूचना मिली कि एक व्यक्ति जो FCI गोदाम कुरुक्षेत्र रोड के पास एक बैग लिए हुए काफी समय से खड़ा है। बैग में मिला नशा उसके पास बड़ी मात्रा में गांजा फूल पत्ती है। पुलिस ने टीम का गठन किया और मौके पर पहुंचकर आरोपी को पकड़ लिया। पूछने पर उस व्यक्ति ने अपना नाम रविन्द्र साहनी बताया, जो गांव चन्द्रहासटी जिला समस्तीपुर बिहार का रहने वाला है। जब उसके बैग की तलाशी ली गई तो बैग में से 860 ग्राम गांजा फूल पत्ती बरामद हुई। आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। ढांड थाना एसएचओ सुनील कुमार ने बताया कि पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
‘मुझे दामाद के साथ भागने का पछतावा है। मैं बच्चों को छोड़कर गई थी। अब अकेले रहना चाहती हूं, मेहनत-मजदूरी करके पेट पाल लूंगी।’ ये कहना है बेटी की शादी से पहले दामाद के साथ भागने वाली सास सपना देवी का। 10 महीने बाद वह अलीगढ़ के दादो थाने पहुंच गईं। रिश्तों के तानेबाने में उलझी सपना देवी पर दामाद राहुल ने आरोप लगाया कि वो मुझे छोड़कर अब अपने जीजा देवेंद्र के साथ रहना चाहती है। जीजा देवेंद्र कहते हैं- राहुल एक झूठा आदमी है, जब सपना को बिहार लेकर गया, तो शादी करनी चाहिए थी, लेकिन उसने नहीं की। सपना अलीगढ़ आने के बाद सिर्फ 1 दिन मेरे घर पर रही है, अब वो कहां हैं? ये मुझे भी नहीं पता है। बता दें कि राहुल वही है, जिसे 38 साल की सास अनीता देवी से प्यार हो गया था। 9 महीने पहले बेटी से शादी करने के बजाय वह सास को लेकर भाग गया था। परिजनों ने थाने में FIR कराई तो दोनों ने थाने में सरेंडर किया था। लेकिन महिला ने पति के साथ जाने से इनकार कर दिया था। तब से वह दामाद यानी दूसरे पति के साथ रह रही थी। अब 10 महीने बाद सास एक बार फिर अलीगढ़ लौट आई और अपने दामाद राहुल पर प्रताड़ित करने के आरोप लगा दिए हैं। क्या जीजा देवेंद्र के साथ सपना देवी के संबंध हैं? ये जानने के लिए हमने जीजा से बात की। पढ़िए रिपोर्ट… राहुल अगर प्यार करता तो छोड़कर क्यों आती?दादो इलाके के गांव भवानीपुर में सपना देवी के जीजा देवेंद्र रहते हैं। जब उनसे सपना के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा- वो अलीगढ़ आने के बाद हमारे घर नहीं आई। राहुल के आरोपों पर कहा- वह झूठा है। अगर उसका प्यार सच्चा होता, तो सपना उसको छोड़कर क्यों आती? राहुल बहुत गलत इंसान है। उसकी शादी बेटी से तय थी, लेकिन उसने सास के साथ ही संबंध बना लिए। आप ही बताइए, इससे ज्यादा गलत काम और क्या हो सकता है? हमने पूछा- राहुल का कहना है कि महिला जादू-टोना करती है, उसने एक काला धागा बांधकर वश में कर रखा था। इन आरोपों पर देवेंद्र कहते हैं- काला धागा बांधने से क्या होता है, वो तो कोई भी बांध सकता है। इसको जादू-टोना बताना, बिल्कुल गलत है। जीजा देवेंद्र आगे कहते हैं- बिहार से आने के बाद सपना देवी पहले मडराक थाने गई थीं, फिर मनोहरपुर कायस्थ में बच्चों के पास गई थी। वहां किसी ने उससे बात ही नहीं की। इसके बाद दादों थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने दामाद राहुल और सपना देवी को सुना। फिर शुक्रवार को सपना देवी ने SSP अलीगढ़ से भी शिकायत की। पंचायत होने के बाद पुलिस ने कहा- जब सपना को उसके परिवार के लोग नहीं रख रहे हैं, तो उसको मेरी सुपुदर्गी में दिया गया। इसके बाद मैं उसको लेकर भवानीपुर आ गया। वो 1 दिन यहां रही, आज 13 फरवरी को वो अचानक घर से चली गई। अब हमें भी नहीं पता कि वो इस वक्त कहां पर है? देवेंद्र ने कहा- पुलिस जहां भी बुला रही है, मैं जाकर बता रहा हूं कि सपना देवी और मेरे अफेयर की बात गलत है। वह कहते हैं- कुछ दिन पहले मेरा एक्सीडेंट हुआ था, मैं ट्रांस इंडिया में ड्राइवर हूं, बड़ी मुश्किल से परिवार चला पा रहा हूं। मेरा नाम जबरन खींचा गया है। सास और मां में क्या फर्क होता है, ये राहुल को समझना चाहिए, बहुत गंदा काम किया। देवेंद्र कहते हैं- सपना और राहुल जब घर छोड़कर गए, तो इन दोनों ने अपने मोबाइल नंबर बदल लिए थे। कुछ दिन पहले सपना का कॉल आया था, उस वक्त वो गाड़ी में थी, 2 से 3 दिन हमारी बातचीत हुई, लेकिन चूंकि हमारे परिवार के सदस्य उससे नाराज थे, इसलिए ये संपर्क बहुत सीमित रखा गया था। राहुल ने कहा- शादी नहीं की, पति-पत्नी की तरह रहेदादो के मछरिया में रहने वाले राहुल ने कहा- मैंने अपना देवी से शादी नहीं की थी, हम दोनों पति-पत्नी की तरह रह रहे थे। मेरे ऊपर जादू-टोना किया गया। पैर में काला धागा बांध दिया गया था। सपना के साथ रहना, मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती थी। मैं अब अलग जीवन जीना चाहता हूं। सपना ने मुझे छोड़ दिया, कोई बात नहीं, लेकिन अब वो मेरे 2 लाख रुपए, मंगलसूत्र, अंगूठी और मोबाइल वापस कर दें। परिवार ने भी किया किनाराराहुल ने कहा कि बिहार से लौटने के बाद जब वह अपने गांव मछरिया पहुंचा तो परिजनों ने उसे घर में रखने से इनकार कर दिया। फिलहाल वह गांव से बाहर रहकर गुजर-बसर कर रहा है। 18 अप्रैल को बेटी से शादी होनी थी, 12 दिन पहले भागेराहुल कहते हैं- 18 अप्रैल, 2025 को अनीता की बेटी की शादी थी। इससे पहले 6 अप्रैल को मैं और अनीता अलीगढ़ छोड़कर चले गए थे। हम पहले उत्तराखंड कुछ काम से गए, फिर बिहार के सीतामढ़ी जिले के बेला इलाके में आ गए थे। यही पर किराये पर कमरा लिया। मंदिर में शादी कर ली। राहुल का कहना है- सपना के परिवार के लोगों ने पुलिस पर दबाव बनाना शुरू किया, फिर हम दोनों खुद ही अलीगढ़ के थाने पहुंचे थे। वहां दोनों पक्षों के लोग एक कमरे में बैठे, लंबी बातचीत के बाद सहमति बनी कि परिवार अब हमें परेशान नहीं करेगा। हम साथ रहेंगे। सीतामढ़ी में कपड़े बेचे, 3 महीने बाद झगड़े होने लगेहमने पूछा- जब आप लोग घर छोड़कर गए थे, उसके बाद चर्चा फैली थी कि अनीता गर्भवती हैं। इसपर राहुल कहते हैं- हमारी शादी के बाद अनीता कभी गर्भवती नहीं हुई, ये सब कोरी अफवाह है। हमने पूछा- घर चलाने के लिए क्या करते थे? राहुल कहते हैं- प्यार किया था, शादी भी हो गई थी। वहां किसी को जानते नहीं थे, इसलिए कपड़ों की फेरी लगाने लगा। घर में कुछ पैसे आने लगे, सब ठीक चल रहा था। हमने पूछा- तो संबंधों में खटास कब से हुई? राहुल कहते हैं- 2 से 3 महीने बाद अनीता मुझसे छिपकर अपने जीजा से बातचीत करने लगीं। धीरे-धीरे उनका व्यवहार भी बदलने लगा। मेरे साथ छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा करने लगीं। मैं परेशान था, क्योंकि कारण समझ नहीं आ रहा था। बहन के खाते में रुपए भिजवाए, फिर वो 'गायब' हो गईहमने पूछा- फिर अनीता के घर छोड़ने से पहले क्या हुआ? राहुल कहते है- कोई 5 दिन पहले सपना ने अपनी बहन को 1500 रुपए भेजने के लिए कहा। मैंने कहा कि मेरे पास पैसे नहीं हैं। इसके बाद झगड़ा हुआ। इसके बाद मैंने पहले 500 रुपए, फिर 1 हजार रुपए उसकी बहन के खातें में ट्रांसफर कर दिए। फिर सब ठीक हो गया, मगर 5 दिन बाद अनीता अचानक घर से ‘लापता’ हो गई। हमने पूछा- अनीता कहती हैं कि आप उनका उत्पीड़न कर रहे थे? राहुल कहते हैं- ये सरासर झूठ है। वो मुझे परेशान कर रही थीं। आप समझिए कि घर से जाने से पहले 2 लाख रुपए और जेवर भी अपने साथ ले गईं। अब मुझे भरोसा है कि अलीगढ़ की पुलिस ही मुझे इंसाफ दिलाएगी। दामाद बोला- सास ने धोखा दिया, हूबहू शिकायत पढ़िएदामाद राहुल ने बुधवार को दादों थाने में शिकायत दी। इसमें राहुल ने कहा- मैं बिहार में फेरी लगाकर कपड़े बेचने का काम करता हूं। 15 दिन पहले मेरी पत्नी अनीता का अपने जीजा से संपर्क हुआ। मैंने दोनों की फोन पर हुई बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग सुनी है। ऑडियो में दोनों एक साथ रहने की बात कर रहे थे। दोनों ने मुझे जहर देकर साथ भागने की योजना बनाई थी। 6 फरवरी को पत्नी अनीता (पहले सास) ने मुझे धोखा दिया और अपने जीजा के साथ चली गई। वह 2 लाख रुपए कैश और जेवर भी साथ ले गई। इसलिए मेरी पत्नी को पकड़ा जाए। महिला बोली- मेरा फैसला गलत निकलामीडिया में मामला सामने आने के बाद अनीता गुरुवार, 12 फरवरी को थाने पहुंच गई। उसने पुलिस से कहा- मैं अपने बच्चों को छोड़कर दामाद के साथ चली गई थी। इसका मुझे अब बहुत अफसोस है। मेरा फैसला गलत निकला। राहुल (दामाद) मुझे धमकाता और परेशान करता है। वह महिलाओं को बेचने का काम करता है। अब मैं राहुल से अलग रहकर मेहनत-मजदूरी करना चाहती हूं। अपने बच्चों के पास रहना चाहती हूं, लेकिन राहुल ने मुझे बच्चों के पास जाने से मना कर दिया। राहुल ने मेरे साथ मारपीट की, मेरे जेवर और रुपए हड़प लिए। इसलिए मैंने उसे छोड़ दिया। दामाद के साथ भागने की एक साल पहले की कहानी, 3 पॉइंट में जानिए… 1- बेटी की शादी से 10 दिन पहले दामाद के साथ भागी थीअनीता का पहला पति जितेंद्र कुमार है और उनकी बेटी शिवानी मडराक थाना क्षेत्र के गांव मनोहरपुर कायस्थ में रहती है। जितेंद्र ने बेटी की शादी 16 अप्रैल 2025 को दादों थाना क्षेत्र के रिया नगला गांव निवासी राहुल के साथ तय की थी। राहुल उत्तराखंड के रुद्रपुर में एक निजी कंपनी में सुपरवाइजर था। शादी से 10 दिन पहले, 6 अप्रैल 2025 को शिवानी की मां अनीता अचानक घर से गायब हो गई। दूसरी ओर, होने वाला दामाद राहुल भी अपने घर से कपड़े खरीदने की बात कहकर निकला, लेकिन वापस नहीं लौटा। अलीगढ़ से बाहर निकलते ही दोनों ने मोबाइल फोन बंद कर लिए। 2- FIR दर्ज हुई तो थाने में दामाद के साथ सरेंडर कियापरिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन दोनों का कोई पता नहीं चला। पांच दिन बाद राहुल ने अपने पिता को फोन कर कहा कि उसे ढूंढने की कोशिश न करें, वह वापस नहीं आएगा। इसके बाद राहुल के परिवार को पता चला कि उसकी होने वाली सास भी गायब है। परिजनों ने मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने बिहार समेत कई राज्यों में दबिश दी और तलाशी अभियान चलाया। 18 अप्रैल को दोनों दादों थाने पहुंचे और सरेंडर कर दिया। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। 3- थाने में पति के साथ जाने से मना किया, फिर दामाद के साथ रहने लगीपूछताछ में सामने आया कि 10 दिनों के दौरान दोनों करीब 2826 किलोमीटर तक भागते रहे। वे यूपी के अलावा नेपाल, दिल्ली और बिहार में छिपते रहे। दोनों की 4 घंटे तक काउंसलिंग भी चली। पुलिस ने महिला को समझाया और पति के साथ जाने के लिए कहा, लेकिन महिला ने साफ इनकार कर दिया। अनीता ने बताया कि वह 20 सालों से अपनी ख्वाहिशों को दबाकर जी रही थी। बात-बात पर उसके साथ बदसलूकी की जाती थी। वह यह सब बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी, इसलिए उसने घर छोड़ दिया। उसने कहा कि वह अब पति के साथ नहीं जाना चाहती। इसके बाद पुलिस ने दोनों को छोड़ दिया। महिला तब से दामाद के साथ रह रही थी। पहले पति ने दूसरी शादी की, बेटी की शादी अभी तक तय नहीं हुईअनीता के पहले पति जीतू ने एक महीने पहले दूसरी शादी कर ली थी। हालांकि, उसकी बेटी की शादी अभी तक कहीं तय नहीं हुई है। बेटी का कहना है कि हम लोगों ने अनीता को पूरी तरह भुला दिया है। अब उसके बारे में कोई भी जानकारी नहीं लेना चाहते। ----------------- यह खबर भी पढ़ें- इंस्टाग्राम से प्यार, बॉयफ्रेंड निकला टाइल्स वाला:गोरखपुर में महंगी बाइकों के साथ फोटो देख इंप्रेस हुई, फिर 70 किमी दूर मिलने पहुंच गई गोरखपुर में नाबालिग लड़की को इंस्टाग्राम पर 17 साल के लड़के से प्यार हो गया। वह बॉयफ्रेंड की महंगी बाइकों के साथ फोटो देखकर इंप्रेस हो गई। दोनों की बातचीत होने लगी। धीरे-धीरे दोनों एक-दूसरे से प्यार करने लगे। फिर लड़की सिलाई करने के बहाने लड़के से मिलने जाने लगी। तब जाकर पता चला कि बॉयफ्रेंड टाइल्स लगाने का काम करता है। पढ़िए पूरी खबर…
फुटबॉल में बिहार इलेवन ने बेतिया को हराया
भास्कर न्यूज | नोखा बाजार समिति खेल मैदान में संजय कुमार दीपक मेमोरियल महिला फुटबॉल खेला गया। फाइनल मुकाबला बिहार इलेवन और बेतिया इलेवन के बीच हुआ। बिहार इलेवन की ओर से चंदनी कुमारी ने शानदार गोल दागकर अपनी टीम को बढ़त दिलाई। इसके बाद बेतिया इलेवन ने भी पलटवार करते हुए मनीषा कुमारी के गोल से स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। निर्धारित 90 मिनट के खेल में दोनों टीमें बराबरी पर रहीं। निर्णायक परिणाम के लिए आयोजकों ने ट्राई-ब्रेकर कराने का निर्णय लिया। ट्राई-ब्रेकर में बिहार इलेवन की खिलाड़ियों ने शानदार संयम और तकनीक का प्रदर्शन करते हुए चार गोल किए, जबकि बेतिया इलेवन तीन गोल ही कर सकी। इस प्रकार बिहार इलेवन ने एक गोल से जीत दर्ज कर संजय कुमार दीपक मेमोरियल महिला फुटबॉल प्रतियोगिता का खिताब अपने नाम कर लिया। शानदार प्रदर्शन के लिए चांदनी कुमारी को ‘मैन ऑफ द मैच’ घोषित किया गया। प्रतियोगिता का उद्घाटन बीडीओ शेफाली, नगर परिषद कार्यपालक पदाधिकारी सुजीत कुमार, सभापति राधेश्याम सिंह एवं उपसभापति धनजीत सिंह ने किया। मौके पर प्रो. श्याम लाल सिंह, नगर परिषद के ब्रांड मिस्टर राजेंद्र कुमार सिंह, पूर्व फुटबॉल खिलाड़ी राम अवध सिंह पटेल, वार्ड पार्षद सदस्य मंजू देवी, मनोज कुमार, प्रमोद कुमार शर्मा, प्रमोद पासवान, कलेक्टर प्रसाद, सुनीता गुप्ता, तेज नारायण चौधरी, सुदामा, अवधेश चौधरी, आफताब आलम, रवि शंकर सिंह, जवाहर प्रसाद चौरसिया, बृज बिहारी प्रसाद, अभिषेक कुमार , सोनू कुमार आदि थे।
बिहार में दूसरी इंटर स्तरीय भर्ती परीक्षा में देरी और 25 अंक वेटेज विवाद को लेकर अभ्यर्थियों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है। छात्र नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द मांगें पूरी नहीं हुईं तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। अभ्यर्थियों का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया को जानबूझकर लंबित रखा जा रहा है। नई व्यवस्था के जरिए कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने की कोशिश हो रही है। इसी मुद्दे को लेकर अभ्यर्थी अब खुलकर सामने आ रहे हैं और सरकार से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। ढाई साल बाद भी परीक्षा तिथि नहीं अभ्यर्थियों का आरोप है कि लंबे समय से तैयारी कर रहे उम्मीदवार मानसिक और आर्थिक दबाव में हैं। अभ्यर्थियों का दावा है कि आंदोलन और दबाव के बाद ही भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ी और आखिरकार 2022 में नियुक्ति पूरी हो सकी। अब उम्मीदवारों को डर है कि दूसरी भर्ती भी उसी तरह लंबी खिंच सकती है। 25 अंक अतिरिक्त वेटेज का मामला उठाया अभ्यर्थियों ने यह भी आरोप लगाया कि Bihar Staff Selection Commission में संविदा कर्मियों को 25 अंक अतिरिक्त वेटेज देने की बात सामने आई है। उनका कहना है कि इससे सामान्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय होगा और भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े होंगे। अभ्यर्थियों का कहना है कि अगर यह फैसला लागू होता है तो मेरिट सिस्टम कमजोर हो जाएगा। उम्मीदवारों ने सवाल उठाया कि जब UPSC और BPSC जैसी बड़ी परीक्षाओं में अनुभव के आधार पर अतिरिक्त अंक देने की व्यवस्था नहीं है, तो फिर इस भर्ती में ऐसा नियम क्यों बनाया जा रहा है। अभ्यर्थियों ने इस मामले की जांच कराने की मांग की है। सीएम नीतीश से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग अभ्यर्थियों ने सीएम नीतीश कुमार से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकार को वेटेज वाला फैसला वापस लेना चाहिए और जल्द से जल्द परीक्षा तिथि घोषित करनी चाहिए ताकि युवाओं का भविष्य सुरक्षित हो सके। अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू करेंगे। साथ ही सभी उम्मीदवारों से एकजुट होकर अपनी आवाज उठाने की अपील की गई है।
देश में फरवरी के दूसरे हफ्ते में मैदानी राज्यों राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में पारा 25 डिग्री का आंकड़ा पार कर चुका है। वहीं उत्तराखंड के 9 शहर गुरुवार को स्विट्जरलैंड से भी ज्यादा ठंडे रहे। राज्य में सबसे कम तापमान मुनस्यारी में -28.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जोकि स्विट्जरलैंड से 28 गुना ज्यादा ठंडा है। वहीं गंगोत्री में -21 डिग्री, बद्रीनाथ में -18 डिग्री, हर्षिल और हेमकुंड में तापमान -19 डिग्री सेल्सियस रहा। हिमाचल प्रदेश के सात शहरों में गुरुवार को पारा 5 डिग्री सेल्सियस से कम दर्ज किया गया। लाहौल स्पीति के कुकुमसैरी का पारा माइनस (-8.3) और ताबो का माइनस (-8.8) डिग्री रिकॉर्ड किया गया। बिहार के बगहा में गुरुवार को घना कोहरा छाया रहा, जिससे यहां विजिबिलिटी जीरो हो गई। दिन में भी लोग गाड़ी की लाइट जलाकर ड्राइव कर रहे हैं। इसके अलावा पटना, सुपौल और मोतिहारी में घना कोहरा दिखा। हरियाणा के 13 जिलों में गुरुवार को तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। सबसे ज्यादा तापमान 29.2 डिग्री सेल्सियस पलवल में रिकॉर्ड किया गया। कई जिलों में दिन के समय धूप तेज रही, जिससे दोपहर में गर्मी का एहसास बढ़ा। मध्य प्रदेश में गुरुवार को वेस्टर्न डिस्टरबेंस और ट्रफ के असर से भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत कई शहरों में बादल छाए रहे, जिससे दिन का टेम्पेरेचर भी कम हो गया। अगले 3 से 4 दिन तक ठंड का असर बरकरार रहेगा। राजस्थान में सर्दी का असर कम होने लगा है। दिन-रात का तापमान तेजी से बढ़ रहा है। राज्य में गुरुवार को चित्तौड़गढ़ में अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 5.9 डिग्री सेल्सियस फतेहपुर सीकर में दर्ज किया गया। अगले दो दिन का मौसम… 14 फरवरी: राजस्थान में मौसम साफ रहने और तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने का अनुमान है। 15 फरवरी: हिमाचल प्रदेश के ऊपरी इलाकों में हल्की बर्फबारी या बारिश की संभावना बहुत कम, मैदानी और निचले क्षेत्रों में मौसम साफ रह सकता है।
ललित सुरजन की कलम से - बिहार के बाद क्या?
पहले तो लोग इस बात पर माथापच्ची करते रहे कि बिहार में विधानसभा चुनावों के नतीजे क्या होंगे। जिस दिन मतदान का आखिरी चरण सम्पन्न हुआ उस दिन तमाम विशेषज्ञ एक्जिट पोलों की चीर-फाड़ में लग गए
अगर बिहार नहीं जीतते तो क्या दूसरे राज्यों में एसआईआर होता?
एसआईआर ( मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण) से अगर बिहार में सफलता नहीं मिलती तो क्या उसे दूसरे राज्यों में लागू किया जाता
ललित सुरजन की कलम से - बिहार चुनाव : कुछ अन्य बातें
'बिहार में महागठबंधन की अभूतपूर्व जीत के बारे में टीकाकारों के अपने-अपने विश्लेषण हैं
Fact check: क्या कन्हैया कुमार ने दिल्ली और बिहार में 'डबल वोटिंग' की? नहीं
बूम ने पाया कि वायरल तस्वीर कन्हैया कुमार के दिल्ली में एक मतदान केंद्र विजिट करने की है. वह 2024 में उत्तर पूर्वी दिल्ली सीट से लोकसभा चुनाव लड़ रहे थे जबकि उन्होंने अपना मतदान अपने होम टाउन बेगूसराय में ही किया था.
आसान नहीं बिहार का मैदान भाजपा के लिए
बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के लिए प्रचार खत्म हो गया है और गुरुवार, 6 नवंबर को 121 सीटों पर मतदान होगा
पीएम उषा अभियान के तहत बिहार को 600 करोड़ रुपए देगी मोदी सरकार, नीतीश कैबिनेट ने खोला बंद रास्ता
बिहार में पीएम उषा अभियान को लागू करने के प्रस्ताव को नीतीश कुमार सरकार की मंजूरी के बाद राज्य में उच्च शिक्षा के विकास के लिए केंद्र से अगले दो साल में 600 करोड़ रुपए मिलने का रास्ता खुल गया है।
बॉलीवुड के मशहूर स्टार कपल सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल 7 वर्ष की डेटिंग के बाद अब पति-पत्नी बन चुके हैं। दोनों की शादी इस वक़्त टॉक ऑफ द टाउन है। सोनाक्षी और जहीर अलग धर्म से हैं। ऐसे में ना उन्होंने निकाह किया तथा ना ही फेरे लिए, बल्कि सादगी से रजिस्टर मैरिज की एवं फिर रिसेप्शन पार्टी रखी। अलग धर्म में शादी करने पर सोनाक्षी एवं जहीर को जमकर ट्रोल किया जा रहा है। ट्रोलिंग के कारण दोनों को अपने वेडिंग पोस्ट का कमेंट सेक्शन तक बंद करना पड़ा। मगर बात तब हद से ज्यादा तब बढ़ गई, जब इंटरफेथ मैरिज करने पर सोनाक्षी एवं जहीर के खिलाफ बिहार के गांव में प्रोटेस्ट मार्च निकाले गए। रिपोर्ट के अनुसार, सोनाक्षी के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन 'हिंदू शिव भवानी सेना' नाम की एक संगठन द्वारा आयोजित किया गया था। जहीर संग शादी पर बेटी सोनाक्षी की हो रही ट्रोलिंग पर अब शत्रुघ्न सिन्हा ने चुप्पी तोड़ी है तथा हेटर्स को जवाब दिया है। अपने एक इंटरव्यू के चलते शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा- आनंद बक्शी साहब ने इस तरह के प्रोफेशनल प्रोटेस्टर्स के बारे में लिखा है- कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना। इसमें आगे जोड़ना चाहूंगा कि कहने वाले अगर बेकार, बेकाम-काज के हों तो बोलना ही उनका काम बन जाता है। मेरी बेटी ने कुछ भी ऐसा नहीं किया जो गैरकानूनी एवं संविधान के खिलाफ है। सोनाक्षी-जहीर की शादी पर शत्रुघ्न सिन्हा ने आगे कहा- शादी दो लोगों के बीच का एक बहुत ही व्यक्तिगत फैसला है। इसमें किसी को भी बीच में दखल देने या कमेंट करने का हक नहीं होता। विरोध प्रदर्शन करने वालों को मैं यही बोलना चाहता हूं- अपनी जिंदगी पर ध्यान दो। जिंदगी में कुछ अच्छा करो। इससे ज्यादा और कुछ नहीं कहना। बता दें कि शत्रुघ्न सिन्हा ने खुशी-खुशी अपनी इकलौती बेटी की शादी की है। उन्होंने दामाद जहीर को भी अपना आशीर्वाद दिया है। रिलीज हुआ श्रद्धा कपूर-राजकुमार राव की स्त्री 2 का टीजर, इस अवतार में नजर आए स्टार्स किशोर कुमार के गानों पर बैन, मनोज कुमार-देव आनंद की फिल्मों पर रोक..! बॉलीवुड पर भी पड़ा था 'इमरजेंसी' का बुरा असर सामने आई कंगना रनौत की इमरजेंसी की रिलीज डेट, जानिए किस दिन आ रही है इंदिरा गांधी की बायोपिक?
फिल्म रैप में जानिए कि रविवार को एंटरटेनमेंट की दुनिया में क्या खास हुआ. 9 जून 2024 का दिन एतिहासिक रहा. पीएम नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार पीएम बनने की शपथ ली. इस दौरान शाहरुख खान से लेकर अक्षय कुमार भी मौजूद रहे.
परेशान होकर छोड़ी इंडस्ट्री, सालों बाद किया कमबैक, बिहार की लड़की कैसे बनी हीरोइन?
टेलीविजन के पॉपुलर शो उडारियां 15 साल का लीप लेने जा रहा है. लीप के बाद शो एक नई कहानी और स्टारकास्ट के साथ दर्शकों को एंटरटेन करने आ रहा है. लीप से पहले उडारियां में आशमा का रोल निभाने वाली अदिति भगत ने आजतक संग बातचीत की और शो को लेकर कई सारी बातें शेयर कीं.
बिहार सीईटी बीएड : पांच साल में सबसे ज्यादा आवेदन आए, इस तारीख से आएंगे एडमिट कार्ड
Bihar CET B.Ed:महिलाओं के लिए अलग एवं पुरुषों के लिए अलग परीक्षा केंद्र होंगे। अभ्यर्थी 17 जून से अपना एडमिट कार्ड वेबसाइटwww. biharcetbed- lnmu. inपर लॉगइन कर डाउनलोड कर सकेंगे।
बीएसईबी बिहार बोर्ड से संबद्ध और एनसीटीई से मान्यता प्राप्त डीएलएड संस्थानों की सूची जारी
Bihar D.El.Ed: बिहार बोर्ड ने डीएलएड प्रवेश परीक्षा 2024 की आंसर की जारी करने के एक दिन बाद अब राज्य में मौजूद सरकारी व निजी डीएलएड प्रशिक्षण संस्थानों की सूची भी जारी कर दी है। डीएलएड में दाखिला लेने
Bihar DElEd Answer Key 2024: आंसर की जारी, ऐसे दर्ज करें ऑब्जेक्शन, देखें डायरेक्ट लिंक
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने बिहार डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (DElEd) परीक्षा 2024 की आंसर की जारी की। जो उम्मीदवार परीक्षा में उपस्थित हुए हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट- biharboardonline.b
Bihar STET: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने शनिवार को माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (एसटीईटी)-2024 (प्रथम) परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया है। पेपर-1 के विभिन्न विषयों की परीक्षा 18 से 29 मई तक होगी।
CSBC Bihar Police Constable Exam: क्या जारी हो चुकी हैं रिवाइज्ड तारीखें, पढ़ें अपडेट
CSBC Bihar Police Constable exam dates: बिहार पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा की नई तारीखों का इंतजार है। परीक्षाएं 1, 7 और 15 अक्टूबर को निर्धारित की गई थीं, जिन्हें रद्द व स्थगित कर दिया गया था। आइए
सलमान के घर फायरिंग से पहले शूटर्स ने बिहार में की हथियारों की प्रैक्टिस, फार्म हाउस की हुई थी रेकी
14 अप्रैल को, सुबह 4.50 बजे सलमान के बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर, अज्ञात हमलावरों ने पांच राउंड फायरिंग की थी. पुलिस ने सलमान के घर पर फायरिंग करने के मामले में विक्की गुप्ता (24 साल) और सागर पाल (21 साल) नाम के दो लड़कों को गिरफ्तार किया था. अब इससे जुड़ा एक बड़ा अपडेट सामने आया है.
Manisha और Elvish के बीच लगी दुश्मनी की आग हुई और तेज, बिहार की बेटी नेसरेआम बना दिया'राव साहब' का मजाक ?
Bihar Board: जानें-10वीं की मार्कशीट में लिखी U/R,B और C जैसी शॉर्ट फॉर्म का क्या मतलब है?
बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं का रिजल्ट 31 मार्च को जारी कर दिया गया था। छात्र अपनी ओरिजनल मार्कशीट स्कूल से ले सकते हैं। आइए जानते हैं मार्कशीट में लिखी शॉर्ट फॉर्म की फुलफॉर्म क्या है।
बिहार में जेईई और नीट की फ्री कोचिंग, रहने-खाने की भी रहेगी मुफ्त व्यवस्था, ऐसे करें अप्लाई
Bihar Board Jee and Neet Free Coaching : विद्यार्थी समिति द्वारा संचालित engineering (jee) औरmedical (neet) की नि:शुल्क तैयारी हेतु BSEB SUPER-50 आवासीय शिक्षण में पढ़ने हेतु आवेदन कर सकत हैं।
Bihar 10th Board 2024: टॉप 5 में इन 10 छात्रों ने बनाई जगह, जानें नाम और मार्क्स
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड ने दसवी का रिजल्ट bsebmatric.org और results.biharboardonline.com पर जारी कर दिया है। इस साल टॉप 10 की लिस्ट ने 51 छात्रों ने अपनी जगह बनाई है। टॉप 5 की लिस्ट में 10 छ
Bihar Board BSEB 2024 Matrci Result Today:बिहार बोर्ड 10वीं का रिजल्ट biharboardonline.bihar.gov.in व biharboardonline.com , onlinebseb.in पर जल्दजारी कर दिया जाएगा।
BSEB: क्लास 10वीं के रिजल्ट से पहले जानें ये 10 जरूरी बातें, मार्कशीट मिलने में मिलेगी मदद
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड अब कभी भी वेबसाइट biharboardonline.gov.in पर कक्षा 10वीं के रिजल्ट अपलोड कर सकता है। एक बार रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र यहां से डाउनलोड कर सकते हैं।
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (बीएसईबी) मैट्रिक यानी कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट अब कभी भी biharboardonline.bihar.gov.in पर जारी हो सकता है, जो छात्र परीक्षा में शामिल हुए हैं, वे जान लें, रिजल्
बीएसईबी मैट्रिक रिजल्ट की घोषणा जल्द की जाएगी। हालांकि अभी तक रिजल्ट की टाइमिंग और तारीख के बारे में कोई जानकारी शेयर नहीं की गई है, लेकिन उम्मीद है नतीजे 31 मार्च तक आधिकारिक वेबसाइट biharboardonlin
BSEB Bihar 10th Board: प्रेस कॉन्फ्रेंस में शेयर की जाएंगी ये 5 डिटेल्स, यहां पढ़ें
छात्र आधिकारिक वेबसाइट्स से बीएसईबी 10वीं स्कोरकार्ड 2024 डाउनलोड कर सकेंगे। रिजल्ट वाले दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। जिसमें बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं की परीक्षा से जुड़ी कई डिटेल्स शेयर की जाएगी। आइए ज
Bihar 12th Board: किसान की बेटी बनीं कॉमर्स की टॉपर, अब बनना चाहती हैं प्रोफेसर, करेंगी PhD
बिहार बोर्ड 12वीं की कॉमर्स स्ट्रीम में खुशी कुमारी को जिले में सेकंड रैंक मिली है। उनके पिता किसान हैं। उन्होंने कहा, मेरे पिता ने हमेशा शिक्षा को महत्व दिया है, इसलिए भविष्य में मैं शिक्षा के क्षेत
इस साल का रिजल्ट पिछले 5 साल की तुलना में सबसे बेहतर, 87.21 प्रतिशत विद्यार्थी हुए पास
BSEB Bihar Board 12th Result : हार बोर्ड ने आज 12वीं के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस वर्ष का रिजल्ट पिछले 5 सालों की तुलना में सबसे बेहतर रहा है। इस साल इंटर का रिजल्ट 87.21 फीसदी रहा।
बिहार बोर्ड ने 12वीं यानी इंटर परीक्षा का रिजल्ट अब जारी कर दिया है। टॉपर्स के नाम भी सामने आ गए हैं। आइए जानते हैं साइंस, कॉमर्स, आर्ट्स स्ट्रीम के टॉपर्स ने किन स्कूलों से पढ़ाई की है। यहां देखें न
BSEB : बारहवीं कक्षा के छात्रों को इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी के लिए फ्री में कोचिंग देती है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) गरीब विद्यार्थियों को JEE और NEET की मुफ्त कोचिंग कराती है।
BSEB Bihar Board: बिहार बोर्ड इंटर छात्र जानें टॉप 10 इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज
NIRF यानी राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क। इस रैंकिंग को शिक्षा मंत्रालय जारी करता है। एनआईआरएफ रैंकिंग में देश के टॉप इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज और यूनिवर्सिटी की रैंकिंग जारी की जाती है।
बीएसईबी 12वीं के परिणाम के साथ टॉपर्स की लिस्ट भी शेयर करेगा। जो छात्र परीक्षा में शामिल हुए हैं, वे जान लें, पिछले 7 सालों में आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस स्ट्रीम में किसने किया था टॉप। यहां पढ़ें पूरी

