देशभर में 11 तक भारी बारिश की आशंका: बिहार में बाढ़ से 16 लाख प्रभावित; आईएमडी का पूर्वानुमान क्या?
देशभर में 11 तक भारी बारिश की आशंका: बिहार में बाढ़ से 16 लाख प्रभावित; आईएमडी का पूर्वानुमान क्या?- Heavy rain expected across country until11th 1.6 million affected by floods in Bihar what is IMD forecast
Neha Bora Patna Visit: Bihar फिर क्यों जा रही AISA की नेहा, जान लीजिए आज ही प्लान| Samrat Chaudhary
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CBI के अधिकारों में किसी तरह का बदलाव नहीं, बिहार पुलिस मुख्यालय ने किया क्लीयर
पुलिस मुख्यालय ने गृह विभाग की सीबीआई अधिकारों संबंधी अधिसूचना पर स्पष्टीकरण दिया है।
Bihar Flood: गंगा का जलस्तर रिकॉर्ड स्तर पार, 11 जिलों में 16 लाख लोग बेहाल
(तस्वीरों के साथ)पटना, पांच सितंबर बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है और राज्य के 11 जिलों में 16 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। भारी बारिश के बीच शनिवार सुबह पटना के गांधी घाट और पंडारक में गंगा नदी का जलस्तर 10 सेंटीमीटर बढ़कर ‘उच्चतम बाढ़ स्तर’ को पार कर गया। आधिकारिक बुलेटिन में यह जानकारी दी गई। गंगा और उसकी सहायक नदी पुनपुन का जलस्तर बढ़ने से पटना के ग्रामीण इलाकों में कई जगह पानी भर गया, जिससे रेल और सड़क यातायात बाधित हुआ, जबकि शहर के निचले इलाके जलमग्न हो गए। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को भागलपुर एवं नौगछिया के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया और राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘अधिकारियों को समय पर आवश्यक व्यवस्थाएं करने, पर्याप्त राहत सामग्री उपलब्ध कराने और त्वरित बचाव के उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रभावित लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि उन्हें किसी भी तरह की परेशानी न हो।’’मुख्यमंत्री ने मंत्रियों और अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने तथा राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया है। आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि सबसे अधिक प्रभावित ज़िलों में से एक पटना में 2.32 लाख लोग बाढ़ की चपेट में आए। स्थानीय सांसद रवि शंकर प्रसाद ने उन ग्रामीण इलाकों का दौरा किया जो गंगा और पुनपुन नदियों के पानी से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। प्रसाद ने अपने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात करके उनकी समस्याएं सुनीं तथा अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत और बचाव कार्यों में कोई ढिलाई न बरती जाए और भोजन, दवाइयों व अन्य जरूरी चीजों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। पूर्वी मध्य रेलवे ने उन ट्रेन की सूची जारी की जिन्हें रद्द किया गया है या उनके मार्ग में परिवर्तन किया गया है। अथमलगोला प्रखंड में एनएच-31 पानी में डूब गया, जिससे गाड़ियों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई। जल संसाधन विभाग के बुलेटिन के अनुसार, शनिवार सुबह 10 बजे गंगा नदी दो स्थानों पर उच्चतम बाढ़ स्तर से ऊपर बह रही थी, जिससे राजधानी के निचले इलाकों में जलभराव का खतरा बढ़ गया है। लोगों से नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की गई है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। बुलेटिन के अनुसार, बिहार में कई स्थानों पर नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इनमें डुमरियाघाट और हाजीपुर में गंडक, बलतारा में कोसी, खगड़िया में बूढ़ी गंडक, दीघा, हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव, बक्सर और मुंगेर में गंगा, श्रीपालपुर में पुनपुन तथा दरौली में घाघरा नदी शामिल हैं। जल संसाधन विभाग ने बताया कि शनिवार सुबह 10 बजे पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर चार घंटे में 10 सेंटीमीटर बढ़कर 50.53 मीटर स्तर पर पहुंच गया। यह ‘अब तक के सबसे ऊंचे बाढ़ स्तर’ से एक सेंटीमीटर अधिक है। विभाग के अनुसार, गांधी घाट पर गंगा का पिछला उच्चतम बाढ़ स्तर 50.52 मीटर था, जो 21 अगस्त 2016 को दर्ज किया गया था। विभाग ने कहा, ‘‘पूर्वानुमान है कि रविवार सुबह आठ बजे तक गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर और बढ़कर 50.62 मीटर तक पहुंच सकता है। लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।’’विभाग ने बताया कि पटना के पंडारक में पांच सितंबर को सुबह 10 बजे गंगा का जलस्तर 43.78 मीटर दर्ज किया गया, जबकि वहां पिछला उच्चतम बाढ़ स्तर 43.73 मीटर था जो 16 अगस्त, 2021 को दर्ज किया गया था। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के बुलेटिन के अनुसार, कई नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण 11 जिलों के 16 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार और अररिया शामिल हैं। विभाग ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को एहतियाती कदम उठाने, नदी के पास रहने वाले लोगों को सतर्क करने और बाढ़ जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए विशेष दलों की लगातार गश्त सुनिश्चित करने को कहा है। राज्य और पड़ोसी नेपाल में हुई भारी बारिश के बाद विभिन्न नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। बिहार में सितंबर में अब तक 60.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 69 प्रतिशत अधिक है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए विभिन्न जिलों में 38 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। अब तक बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच 12,300 पॉलीथीन शीट और 2,250 सूखा राशन पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। लोगों की निकासी और आवागमन के लिए 858 नावें संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा बाढ़ प्रभावित जिलों में राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के 27 और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के सात दल तैनात किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने पटना नगर निगम, जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग को हाई अलर्ट पर रहने तथा आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। पटना में शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री स्थिति पर नजर रख रहे हैं। सरकार पूरी तरह से हालात से अवगत है। सभी यह प्रयास कर रहे हैं कि इस आपदा के दौरान लोगों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े।’’उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी स्थिति पर नजर रख रहे हैं। नेपाल में आई आपदा और लगातार बारिश के बाद से ये हालात हैं।’’इस बीच, पूर्णिया से निर्दलीय लोकसभा सदस्य राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने शनिवार को पटना के दानापुर दियारा क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात की और कथित तौर पर उन्हें आर्थिक सहायता भी मुहैया कराई। उन्होंने प्रशासन से राहत कार्यों में तेजी लाने और प्रभावित लोगों के लिए पर्याप्त भोजन, दवाइयां, नावें, पीने का पानी, राहत शिविर और चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
बाढ़ में डूबे घर, छतों पर फंसे परिवार… बिहार से आई डराने वाली तस्वीरें
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हर साल बाढ़ की मार से मिलेगी राहत, बिहार में गंगा किनारे रिंग बांध और नए स्ट्रेच का होगा निर्माण
बिहार सरकार गंगा नदी की बाढ़ के स्थायी समाधान के लिए बड़े कदम उठा रही है, जिसमें तटबंधों को मजबूत करना और रिंग बांध व नए स्ट्रेच का निर्माण शामिल है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गाद की समस्या, स्वास्थ्य सेवाओं, फसल बीमा और राहत कार्यों की समीक्षा की, ताकि बाढ़ प्रभावितों को हर संभव मदद मिल सके।
Pappu Yadav Viral Video: निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने शनिवार को CJP एक्टिविस्ट निशु आजाद से जुड़े मामले पर खुलकर बात की। हालांकि, उनके बयान से ज्यादा लोगों का ध्यान उनके बदले हुए लुक पर गया।बता दें कि सोशल मीडिया पर उनके घटे हुए वजन को लेकर काफी चर्चा हो रही है। X पर कई यूजर्स ने कहा कि शुरू में तो उन्हें सांसद को पहचानने में भी मुश्किल हुई। #WATCH | Patna, Bihar: On the case related to CJP activist Nishu Azad, Independent MP Pappu Yadav says, Now, as long as Rahul Gandhi is not sitting at the police station for a protest, the daughter will never get justice. Today, we had to sit at the police station for three… pic.twitter.com/jUUJkBFXFw— ANI (@ANI) September 4, 2026 कई यूजर्स ने उनके शारीरिक बदलाव पर भी ध्यान दिया और उनके वजन में आई भारी कमी चर्चा का विषय बन गई। एक यूजर ने मजाक में कहा, पप्पू यादव का बाकी हिस्सा कहां है? #WATCH | Patna, Bihar: On the case related to CJP activist Nishu Azad, Independent MP Pappu Yadav says, Now, as long as Rahul Gandhi is not sitting at the police station for a protest, the daughter will never get justice. Today, we had to sit at the police station for three… pic.twitter.com/jUUJkBFXFw— ANI (@ANI) September 4, 2026 एक और यूजर ने कहा, फेक न्यूज फैलाना बंद करो? इसमें पप्पू यादव कहां से आ गए??कई यूजर्स ने तो यह भी कहा कि इस जबरदस्त बदलाव के पीछे 'ओजेम्पिक' (Ozempic) दवा का हाथ है। यह दवा मुख्य रूप से टाइप-2 डायबिटीज के लिए दी जाती है और कभी-कभी डॉक्टर की देखरेख में वजन कम करने के लिए भी इस्तेमाल की जाती है।एक यूजर ने कहा, ' Ozempic एक चमत्कार है'। #WATCH | Patna, Bihar: On the case related to CJP activist Nishu Azad, Independent MP Pappu Yadav says, Now, as long as Rahul Gandhi is not sitting at the police station for a protest, the daughter will never get justice. Today, we had to sit at the police station for three… pic.twitter.com/jUUJkBFXFw— ANI (@ANI) September 4, 2026 हालांकि, अचानक वजन कम होने को लेकर पप्पू यादव या उनके ऑफिस की तरफ से कोई बयान नहीं आया है।यह भी पढ़ें:मैंने सिर फोड़ दिया था...’, दावा करने वाला 'इन्फ्लुएंसर' स्वतंत्र भारद्वाज गिरफ्तार, CJP प्रोटेस्टर के पिता पर हमला करने का है आरोप
Bihar Flood: 11 जिलों में बिगड़े हालात, Ganga का जलस्तर रिकॉर्ड स्तर के पार पहुंचा
पटना, पांच सितंबर बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य के 11 जिलों में करीब 10.26 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, वहीं भारी बारिश के बीच शनिवार सुबह पटना के गांधी घाट और पंडारक में गंगा नदी का जलस्तर 10 सेंटीमीटर बढ़कर ‘उच्चतम बाढ़ स्तर’ को पार कर गया। आधिकारिक बुलेटिन में यह जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को भागलपुर और नवगछिया के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया और राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘अधिकारियों को समय पर आवश्यक व्यवस्थाएं करने, पर्याप्त राहत सामग्री उपलब्ध कराने और त्वरित बचाव के उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रभावित लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि उन्हें किसी भी तरह की परेशानी न हो।’’मुख्यमंत्री ने मंत्रियों और अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने तथा राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया है। जल संसाधन विभाग के बुलेटिन के अनुसार, शनिवार सुबह 10 बजे गंगा नदी दो स्थानों पर उच्चतम बाढ़ स्तर से ऊपर बह रही थी, जिससे राजधानी के निचले इलाकों में जलभराव का खतरा बढ़ गया है। लोगों से नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की गई है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। बुलेटिन के अनुसार, बिहार में कई स्थानों पर नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इनमें डुमरियाघाट और हाजीपुर में गंडक, बलतारा में कोसी, खगड़िया में बूढ़ी गंडक, दीघा, हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव, बक्सर और मुंगेर में गंगा, श्रीपालपुर में पुनपुन तथा दरौली में घाघरा नदी शामिल हैं। जल संसाधन विभाग ने बताया कि शनिवार सुबह 10 बजे पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर चार घंटे में 10 सेंटीमीटर बढ़कर 50.53 मीटर स्तर पर पहुंच गया। यह ‘अब तक के सबसे ऊंचे बाढ़ स्तर’ से एक सेंटीमीटर अधिक है। विभाग के अनुसार, गांधी घाट पर गंगा का पिछला उच्चतम बाढ़ स्तर 50.52 मीटर था, जो 21 अगस्त 2016 को दर्ज किया गया था। विभाग ने कहा, ‘‘पूर्वानुमान है कि रविवार सुबह आठ बजे तक गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर और बढ़कर 50.62 मीटर तक पहुंच सकता है। लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।’’विभाग ने बताया कि पटना के पंडारक में पांच सितंबर को सुबह 10 बजे गंगा का जलस्तर 43.78 मीटर दर्ज किया गया, जबकि वहां पिछला उच्चतम बाढ़ स्तर 43.73 मीटर था जो 16 अगस्त, 2021 को दर्ज किया गया था। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के बुलेटिन के अनुसार, कई नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण 11 जिलों के 50 प्रखंडों और 201 ग्राम पंचायतों में करीब 10.26 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार और अररिया शामिल हैं। विभाग ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को एहतियाती कदम उठाने, नदी के पास रहने वाले लोगों को सतर्क करने और बाढ़ जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए विशेष दलों की लगातार गश्त सुनिश्चित करने को कहा है। राज्य और पड़ोसी नेपाल में हुई भारी बारिश के बाद विभिन्न नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। बिहार में सितंबर में अब तक 60.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 69 प्रतिशत अधिक है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए विभिन्न जिलों में 38 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। अब तक बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच 12,300 पॉलीथीन शीट और 2,250 सूखा राशन पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। लोगों की निकासी और आवागमन के लिए 858 नावें संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा बाढ़ प्रभावित जिलों में राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के 27 और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के सात दल तैनात किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने पटना नगर निगम, जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग को हाई अलर्ट पर रहने तथा आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। पटना में शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री स्थिति पर नजर रख रहे हैं। सरकार पूरी तरह से हालात से अवगत है। सभी यह प्रयास कर रहे हैं कि इस आपदा के दौरान लोगों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े।’’उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी स्थिति पर नजर रख रहे हैं। नेपाल में आई आपदा और लगातार बारिश के बाद से ये हालात हैं।’’इस बीच, पूर्णिया से निर्दलीय लोकसभा सदस्य राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने शनिवार को पटना के दानापुर दियारा क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात की और कथित तौर पर उन्हें आर्थिक सहायता भी मुहैया कराई। उन्होंने प्रशासन से राहत कार्यों में तेजी लाने और प्रभावित लोगों के लिए पर्याप्त भोजन, दवाइयां, नावें, पीने का पानी, राहत शिविर और चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
Weather Update: देश भर में मानसून की चाल एक बार फिर बेहद तेज हो गई है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 6 सितंबर के मौसम को लेकर ताजा अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान समेत देश के कम से कम 13 राज्यों में कल मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है. इसके साथ ही कई इलाकों में तेज आंधी, बादलों की भीषण गर्जना और आकाशीय बिजली चमकने को लेकर चेतावनी जारी की गई है.दिल्ली-एनसीआर, यूपी, पंजाब और हरियाणा में बारिश का अलर्टउत्तर भारत के मैदानी इलाकों में 6 सितंबर को मानसूनी बारिश का असर देखने को मिलेगा. मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ के अलग-अलग स्थानों पर कल भारी बारिश होने की संभावना है. इसके साथ ही उत्तर प्रदेश (पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश) और पंजाब में भी अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश दर्ज की जा सकती है. पंजाब, हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने और बिजली कड़कने की भी आशंका है.बिहार, एमपी, राजस्थान और उत्तराखंड में ऐसा रहेगा मौसममध्य और पूर्वी भारत के राज्यों में मानसूनी गतिविधियां काफी मजबूत रहेंगी. बिहार और मध्य प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में 6 सितंबर को भारी बारिश की संभावना जताई गई है. इसके साथ ही पूर्वी राजस्थान और पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान के अलग अलग हिस्सों में बारिश के दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चल सकती हैं और बादलों की गर्जना के साथ बिजली गिरने की आशंका बनी रहेगी. उत्तराखंड में भी कई जगहों पर आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट है.पूर्वोत्तर भारत और बंगाल-सिक्किम का हालपूर्वोत्तर भारत और पूर्वी भारत के पहाड़ी व मैदानी राज्यों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कल अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने का अनुमान है. गांगेय पश्चिम बंगाल में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आंधी-तूफान आने की संभावना है. इसके अलावा झारखंड और छत्तीसगढ़ में आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है.पूर्वोत्तर के सभी राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 6 सितंबर को अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की पूरी संभावना है. इन राज्यों में दिनभर बिजली कड़कने और आंधी-तूफान की स्थितियां बनी रहेंगी.दक्षिण भारत में तेज हवाओं का प्रकोप और समुद्र की स्थितिदक्षिण भारत के राज्यों में बारिश से ज्यादा तेज रफ्तार हवाओं का असर देखने को मिलेगा. तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अलग-अलग स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने, हवा के तेज झोंके आने और बिजली चमकने का अलर्ट है. आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु में दिनभर तेज सतही हवाएं चलेंगी. आंतरिक कर्नाटक और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में भी 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान है.उधर समुद्री इलाकों में मौसम खराब रहेगा. सोमालिया तट से सटे पश्चिम-मध्य और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. मौसम विभाग ने मछुआरों को इन इलाकों में समुद्र में न जाने की सलाह दी है.यह भी पढ़ें:दिल्ली-NCR में भारी बारिश का कहर! सड़कें और IGI टर्मिनल-3 जलमग्न, IMD ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट
दिल्ली में Orange-Red Alert! वीकेंड की बारिश से राजधानी में जलभराव, ट्रैफिक जाम
शनिवार को दिल्ली और गुरुग्राम में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ, जिससे कई सड़कें जलमग्न हो गईं और ट्रैफिक की रफ्तार धीमी पड़ गई। दिल्ली में सुबह के समय ज़ोरदार बारिश हुई, जिससे कई निचले इलाके पानी में डूब गए। सफदरजंग में सुबह 8:30 बजे से 11:30 बजे के बीच 22 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि पालम में 25.2 मिमी और लोधी रोड पर 24.4 मिमी बारिश हुई। शनिवार सुबह 8:30 बजे तक दिल्ली में 804.7mm बारिश दर्ज की गई, जो भारतीय मौसम विभाग (IMD) के 774.4mm के सालाना औसत (लंबे समय के औसत) से ज़्यादा है। इसे भी पढ़ें: Delhi Weather: बारिश से गिरा पारा, IMD ने जारी किया Yellow-Orange Alert शहर ने शुक्रवार को ही यह आंकड़ा पार कर लिया था, जब शाम 5:30 बजे तक 32.6mm बारिश हुई और कुल बारिश का आंकड़ा लगभग 800mm तक पहुँच गया। IMD के सफदरजंग मौसम केंद्र में दर्ज बारिश को शहर की कुल बारिश का प्रतिनिधि माना जाता है और इसका इस्तेमाल दिल्ली में महीने भर की बारिश के आंकड़े तय करने के लिए किया जाता है। IMD ने पूरे दिन भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश के कई दौर होने की उम्मीद है, साथ ही सुबह के समय कुछ अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश हो सकती है; वहीं दोपहर और शाम के समय ज़्यादातर जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है। दिल्ली के कई इलाकों में शुक्रवार देर रात और शनिवार सुबह हल्की बारिश हुई। IMD के मुताबिक, शनिवार सुबह से 10:30 बजे तक नारायणा में 12.5mm बारिश दर्ज की गई, इसके बाद सफदरजंग (10.6mm), प्रगति मैदान (9.6mm), लोधी रोड (7.5mm) और मयूर विहार SPS (5mm) में बारिश हुई। सुबह करीब 10:20 बजे, IMD ने दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सबसे पश्चिमी हिस्से को छोड़कर लगभग पूरे शहर के लिए रेड अलर्ट जारी किया। विभाग ने कहा कि शहर के पश्चिमी आधे हिस्से को छोड़कर दिल्ली में मध्यम से भारी बारिश और बिजली के साथ मध्यम आंधी (हवा की गति 50-60 किमी प्रति घंटा) की बहुत अधिक संभावना है, और पूर्वी आधे हिस्से के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसे भी पढ़ें: North India में भारी बारिश से Delhi-NCR में भरा पानी, UP और Bihar में बाढ़ का संकट IMD ने अब तक सिर्फ़ रविवार को बहुत हल्की से हल्की बारिश की संभावना जताई है, जबकि सोमवार से बारिश की कोई उम्मीद नहीं है। IMD 15.5mm तक की बारिश को हल्की, 15.6mm से 64.4mm के बीच की बारिश को मध्यम, 64.5mm से 115.5mm के बीच की बारिश को भारी और 115.6mm से 204.4mm के बीच की बारिश को बहुत भारी मानता है। मौसम की वजह से शहर की हवा भी साफ़ रही है; सुबह 11:05 बजे एयर क्वालिटी इंडेक्स 58 दर्ज किया गया, जो संतोषजनक श्रेणी में आता है। बारिश के कारण, आज अधिकतम तापमान 29C से 31C के बीच रहने की उम्मीद है, जबकि IMD के अनुसार 3 से 7 सितंबर के लिए सामान्य अधिकतम तापमान 34.1C होता है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
bihar: गंगा का जलस्तर बढ़ने से हाजीपुर-महनार मार्ग पर चढ़ा बाढ़ का पानी
5 सितंबर, शनिवार: गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से हाजीपुर-महनार मुख्य मार्ग पर बाढ़ का पानी चढ़ गया है। सहदेई बुजुर्ग के नयागंज चौक से पूरब सड़क पर पानी का बहाव शुरू हो गया और मार्ग पार कर उत्तर दिशा में बह रहा है।
Bihar Weather Today: बिहार के 12 जिलों में आज बारिश का अलर्ट, 5 जिलों में ऑरेंज अलर्ट; तेज हवा और ठनका का खतरा
राजस्थान-MP-UP में बारिश-बाढ़ से बिगड़े हालात, वीडियो में जाने 19 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; बिहार में भी 5 लाख लोग प्रभावित
Bihar Flood: Patna के गांधी घाट पर गंगा ने तोड़ा उच्चतम जलस्तर का रिकॉर्ड, 11 जिलों में संकट
पटना, पांच सितंबर बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य के 11 जिलों में करीब 10.26 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, वहीं भारी बारिश के बीच शनिवार सुबह पटना के गांधी घाट पर गंगा नदी का जलस्तर 10 सेंटीमीटर बढ़कर ‘उच्चतम बाढ़ स्तर’ को पार कर गया। आधिकारिक बुलेटिन में यह जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंत्रियों और अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने तथा राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में रहकर राहत कार्यों की निगरानी करने को कहा गया है, क्योंकि गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। जल संसाधन विभाग के बुलेटिन के अनुसार, शनिवार सुबह 10 बजे गंगा उच्चतम बाढ़ स्तर से एक सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी, जिससे राजधानी के निचले इलाकों में जलभराव का खतरा बढ़ गया है। लोगों से नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की गई है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। बुलेटिन के अनुसार, बिहार में कई स्थानों पर नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इनमें डुमरियाघाट और हाजीपुर में गंडक, बलतारा में कोसी, खगड़िया में बूढ़ी गंडक, दीघा, हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव, बक्सर और मुंगेर में गंगा, श्रीपालपुर में पुनपुन तथा दरौली में घाघरा नदी शामिल हैं। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के बुलेटिन के अनुसार, कई नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण 11 जिलों के 50 प्रखंडों और 201 ग्राम पंचायतों में करीब 10.26 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार और अररिया शामिल हैं। जल संसाधन विभाग ने बताया कि पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर शनिवार सुबह 10 बजे 50.53 मीटर दर्ज किया गया, जो पिछले चार घंटे में 10 सेंटीमीटर की वृद्धि है और यह उच्चतम बाढ़ स्तर 50.52 मीटर से एक सेंटीमीटर अधिक है। इससे पहले यह स्तर 21 अगस्त 2016 को दर्ज किया गया था। विभाग ने अनुमान जताया है कि गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर रविवार सुबह आठ बजे तक बढ़कर 50.62 मीटर तक पहुंच सकता है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। पटना के पंडारक में भी गंगा का जलस्तर शनिवार सुबह 10 बजे 43.78 मीटर दर्ज किया गया, जबकि यहां पिछला उच्चतम बाढ़ स्तर 43.73 मीटर था, जो 16 अगस्त 2021 को दर्ज किया गया था। विभाग ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को एहतियाती कदम उठाने, तटबंधों के नदी की ओर रहने वाले लोगों को सतर्क करने और बाढ़ जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए विशेष दलों की लगातार गश्त सुनिश्चित करने को कहा है। राज्य और पड़ोसी नेपाल में हुई भारी बारिश के बाद विभिन्न नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। बिहार में सितंबर में अब तक 60.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 69 प्रतिशत अधिक है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए विभिन्न जिलों में 38 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। अब तक बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच 12,300 पॉलीथीन शीट और 2,250 सूखा राशन पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। लोगों की निकासी और आवागमन के लिए 858 नावें संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा बाढ़ प्रभावित जिलों में राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की 27 टीम और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के सात दल तैनात किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने पटना नगर निगम, जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग को हाई अलर्ट पर रहने तथा आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। पटना में शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री स्थिति पर नजर रख रहे हैं। सरकार पूरी तरह से हालात से अवगत है। सभी यह प्रयास कर रहे हैं कि इस आपदा के दौरान लोगों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े।’’उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी स्थिति पर नजर रख रहे हैं। नेपाल में आई आपदा और लगातार बारिश के बाद से ये हालात हैं।
कैथल पुलिस ने बिहार का नशा तस्कर पकड़ा:गांजा बरामद; बंद मकान के बाहर बेचने की फिराक में खड़ा था
कैथल में गुहला पुलिस की CIA द्वारा थाना चीका क्षेत्र से एक नशा तस्कर को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के कब्जे से 1 किलो 322 ग्राम गांजा बरामद हुई है। पकड़े गए आरोपी की पहचान बिहार के सुपौल निवासी अमित कुमार के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, आरोपी एक राइस मिल के पास बंद मकान के बाहर नशा लेकर ग्राहकों के आने का इंतजार कर रहा था। CIA गुहला की टीम अपराधों व नशीले पदार्थों की रोकथाम के संबंध में उधम सिंह चौक चीका से पुरानी अनाज मंडी चीका के पास पहुंची थी। जहां पुलिस टीम को जानकारी मिली कि बिहार निवासी अमित कुमार कैथल रोड स्थित राइस मिल में मजदूरी का काम करता है और मजदूरी के साथ-साथ नशीला पदार्थ गांजा बेचने का काम करता है। जो इस समय अमरनाथ राइस मिल के साथ लगते बंद पड़े मकान के बाहर ग्राहकों के इंतजार में गांजा बेचने के लिए खड़ा है। भागने की कोशिश, तलाशी में नशा बरामद पुलिस टीम द्वारा उक्त स्थान पर दबिश दी गई। जहां एक संदिग्ध व्यक्ति पुलिस टीम को देखकर भागने लगा जिसे पुलिस टीम द्वारा मौके पर ही काबू कर लिया गया। उसकी पहचान वार्ड नंबर 6 बनैली पट्टी जिला सुपौल बिहार निवासी अमित कुमार के रूप में हुई। पुलिस सूचना उपरांत मौके पर पहुंचे एईटीओ कैथल रोहित कुमार के समक्ष ली गई तलाशी के दौरान आरोपी अमित कुमार के कब्जे में एक पॉलिथीन से 1 किलो 322 ग्राम गांजा फूल पत्ती बरामद हुआ। पुलिस प्रवक्ता प्रवीन श्योकंद ने बताया कि इस बारे में आरोपी के खिलाफ थाना चीका में मामला दर्ज कर मौके पर पहुंचे एसआई रामफल द्वारा आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
Bihar Flood: CM Samrat Chaudhary का हवाई सर्वेक्षण, Ganga किनारे 13 ज़िले हाई अलर्ट पर
बिहार सरकार ने बक्सर से कटिहार तक गंगा नदी के किनारे बसे 13 ज़िलों में राहत और बचाव कार्यों की निगरानी और तेज़ करने के निर्देश दिए हैं। प्रभारी मंत्रियों और प्रभारी सचिवों को निर्देश दिया गया है कि वे नदी किनारे बसे इन ज़िलों का दौरा करें, बाढ़ से प्रभावित इलाकों में कैंप करें और चल रहे कार्यों की देखरेख करें। इस निर्देश के दायरे में आने वाले ज़िलों में बक्सर, भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, बेगूसराय, समस्तीपुर, लखीसराय, खगड़िया, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार शामिल हैं। इसे भी पढ़ें: Kharge विवाद में Zero FIR दर्ज, BJP ने Congress पर ओछी राजनीति का लगाया आरोप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बढ़ते जलस्तर, खासकर पटना शहरी इलाके में, कड़ी निगरानी रखने पर ज़ोर दिया है। पटना शहरी सुरक्षा तटबंध के आस-पास के इलाकों पर खास ध्यान दिया जाएगा। पटना नगर निगम, ज़िला प्रशासन और जल संसाधन विभाग को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। शनिवार को मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया; वे हेलीकॉप्टर से राज्य के हैंगर से भागलपुर के लिए रवाना हुए। दोपहर लगभग 1:15 बजे भागलपुर हवाई अड्डे पहुँचने के बाद, उन्होंने ज़मीनी हालात का जायज़ा लेने के लिए कोजिकोरिया तटबंध, राधाईपुर और नौगछिया इलाकों का सड़क मार्ग से निरीक्षण किया। बिहार के मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि बिहार के कई ज़िले बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। जान-माल का भी नुकसान हुआ है। उप-मुख्यमंत्री ने हवाई सर्वेक्षण के ज़रिए वहाँ के हालात का जायज़ा भी लिया है। उन्होंने बताया कि प्रभावित लोगों के लिए राशन और पशु आश्रय की व्यवस्था की जा रही है, और सरकार राहत कार्यों को कुशलतापूर्वक चलाने के लिए प्रयास कर रही है। इससे पहले, पटना के गांधी घाट पर गंगा नदी के खतरे के निशान से ऊपर पहुँचने के बाद जल संसाधन विभाग ने चेतावनी जारी की थी। इसे भी पढ़ें: सोनिया गांधी की किताब Belonging: A Journey of Love पर विवाद खत्म! पेंगुइन के इनकार के बाद अब HarperCollins India छापेगा संस्मरण शनिवार सुबह 10 बजे जलस्तर 50.53 मीटर दर्ज किया गया—जो 48.60 मीटर के खतरे के निशान से 1.93 मीटर ऊपर था। यह स्तर 50.52 मीटर के 'अधिकतम बाढ़ स्तर' (Highest Flood Level) के करीब पहुँच रहा है, और अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि एक नया रिकॉर्ड बन सकता है। विभाग ने ज़िला अधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है, खासकर नदियों के किनारे वाले दियारा इलाकों में। उन्हें ज़रूरी सावधानियां बरतने को कहा गया है, जैसे कि तटबंधों के पास रहने वाले लोगों को सूचित करना और बाढ़ प्रबंधन टीमों से लगातार गश्त करवाना। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
CBI को बिहार में जांच के लिए लेनी होगी परमिशन, एक छूट; क्या है ‘जनरल कंसेंट’?
बिहार सरकार ने CBI जांच को लेकर नया नियम लागू किया है। अब राज्य सरकार के अधिकारियों-कर्मचारियों से जुड़े मामलों की जांच से पहले CBI को बिहार सरकार की पूर्व अनुमति लेनी होगी। जानें नोटिफिकेशन में और क्या प्रावधान हैं।
भारत के पूर्व राष्ट्रपति और महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर आज राष्ट्रीय शिक्षक दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में राज्यस्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय और अभूतपूर्व योगदान देने वाले राज्य के 38 सरकारी शिक्षकों को 'राजकीय शिक्षक पुरस्कार 2026' से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने चयनित शिक्षकों को मंच पर मेडल, प्रशस्ति पत्र और सम्मान राशि देकर सम्मानित किया। समारोह के दौरान पूरे हॉल में शिक्षकों के सम्मान और उनके योगदान को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। बिहार के सभी 38 जिलों से चुना गया एक-एक उत्कृष्ट शिक्षक इस वर्ष बिहार शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी 38 जिलों से एक-एक उत्कृष्ट सरकारी शिक्षक का चयन किया था। शैक्षणिक योगदान, नवाचार, विद्यार्थियों के प्रति समर्पण और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों को आधार षिक्षकों का चयन किया गया। 38 शिक्षकों में 17 महिला शिक्षिकाएं शामिल सम्मानित होने वाले 38 शिक्षकों में 17 महिला शिक्षिकाएं भी शामिल हैं। इसे शिक्षा के क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूरदराज के इलाकों में बालिकाओं की शिक्षा को आगे बढ़ाने में महिला शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका के रूप में देखा जा रहा है। चयनित शिक्षकों में पटना जिले के पालीगंज की प्रधान शिक्षिका अपराजिता कुमारी, गया की गुड्डी कुमारी, नालंदा के सौरभ कुमार और पूर्वी चंपारण के मोहम्मद नूरुल होदा सहित अन्य शिक्षकों को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया। शिक्षकों के सम्मान के साथ बिहार की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा समारोह के दौरान बिहार शिक्षा विभाग और गूगल इंडिया के बीच एक महत्वपूर्ण सहमति पत्र यानी MoU पर हस्ताक्षर किए गए। इसका उद्देश्य राज्य के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक डिजिटल तकनीकों के उपयोग के लिए प्रशिक्षित और सक्षम बनाना है। इस पहल के बाद बिहार के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को आधुनिक तकनीकी उपकरणों और एआई आधारित शैक्षणिक संसाधनों से जोड़ने की दिशा में काम किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि शिक्षक नई तकनीक का उपयोग कर बच्चों को बदलते समय और वैश्विक जरूरतों के अनुरूप बेहतर शिक्षा उपलब्ध करा सकें। अब AI और डिजिटल टूल्स से लैस होंगे सरकारी स्कूलों के शिक्षक शिक्षा विभाग और गूगल इंडिया के बीच हुए समझौते को बिहार की शिक्षा व्यवस्था में तकनीकी बदलाव की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते उपयोग के दौर में शिक्षकों को भी आधुनिक तकनीक से जोड़ने की योजना बनाई गई है। इसका उद्देश्य शिक्षकों को ऐसे डिजिटल टूल्स से परिचित कराना है, जिनकी मदद से पढ़ाई को अधिक प्रभावी, रोचक और विद्यार्थियों की जरूरतों के अनुरूप बनाया जा सके। आने वाले समय में एआई आधारित तकनीक शिक्षकों को पाठ्य सामग्री तैयार करने, विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता को समझने और पढ़ाई के नए तरीकों को अपनाने में भी मददगार हो सकती है। CM सम्राट बोले- शिक्षक ही बदलते हैं समाज की तस्वीर समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिक्षकों की भूमिका को समाज और राष्ट्र निर्माण का सबसे महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा, ‘शिक्षक केवल बच्चों को पाठ्यक्रम की शिक्षा नहीं देते, बल्कि उनके व्यक्तित्व, सोच और भविष्य को भी आकार देते हैं। बिहार की ऐतिहासिक ज्ञान और शिक्षा की परंपरा को फिर से मजबूत करने में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।' बिहार के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, यही लक्ष्य- सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री ने आगे कहा, ‘राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार की कोशिश है कि बिहार के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराया जा सके।’ TRE-4 के जरिए 32 हजार से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, ‘चौथे चरण की शिक्षक बहाली यानी TRE-4 के माध्यम से 32 हजार से अधिक नए शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है।’ उन्होंने कहा, ‘बड़ी संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति से सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ेगी और बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सकेगा।’ शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर सरकार का फोकस मुख्यमंत्री सम्राट ने कहा, ‘बिहार सरकार शिक्षा के क्षेत्र में बुनियादी ढांचे से लेकर मानव संसाधन और आधुनिक तकनीक तक सभी स्तरों पर सुधार करने की दिशा में काम कर रही है। स्कूलों में बेहतर सुविधाएं, शिक्षकों की नियुक्ति, प्रशिक्षण और डिजिटल संसाधनों की उपलब्धता सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।’ उनका मानना है कि बदलते समय के साथ शिक्षा व्यवस्था में भी बदलाव जरूरी है। बच्चों को केवल पारंपरिक पढ़ाई तक सीमित रखने के बजाय उन्हें आधुनिक तकनीक, डिजिटल संसाधनों और भविष्य की जरूरतों के अनुसार तैयार करना होगा। इसी उद्देश्य से शिक्षकों को भी तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में पहल की जा रही है।
बंगाल के बाद बिहार ने बढ़ाई बांग्लादेश की टेंशन, क्या करेंगे तारिक? मोदी सरकार के पाले में गेंद
गंगा जल संधि के नवीनीकरण से पहले बिहार की आपत्ति ने बांग्लादेश की चिंता बढ़ा दी है। विदेश मंत्री ने बिहार के हितों का ध्यान रखने का भरोसा दिया है। जानिए 1996 की संधि, बिहार की मांग और तारिक रहमान के सामने चुनौती क्या है।
bihar:एनएच-19 पर बढ़ा बाढ़ का पानी, तेज बहाव से आवागमन को लेकर बढ़ी चिंता
5 सितंबर, शनिवार: छपरा में पटना-सारण को जोड़ने वाले एनएच-19 पर बाढ़ के पानी का दबाव बढ़ गया है। शुक्रवार रात सड़क पर पानी चढ़ना शुरू हुआ और शनिवार सुबह बहाव तेज हो गया। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
Patna, 5 सितंबर . जनता दल (यूनाइटेड) ने फरक्का जल संधि और बिहार के जल संसाधनों से जुड़े मुद्दों को लेकर राज्य में जनजागरूकता अभियान शुरू करने का ऐलान किया है. जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद संजय कुमार झा ने कहा कि पार्टी ‘नीतीश संवाद’ कार्यक्रम के तहत 12 जिलों की यात्रा करेगी. ... Read more
पटना में गांधीघाट पर गंगा नदी के जलस्तर में मात्र चार घंटे में 10 सेंटीमीटर की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गयी है। अन्य जिलों की स्थिति के मद्देनजर सभी जिलों के डीएम और एसपी को अलर्ट किया गया है।
गुरुवार रात अचानक जलवृद्धि के बाद स्थिति और विकट हो गई है, जिससे शहर के कई नए इलाके जलमग्न हो गए हैं। बिहार इंजीनियरिंग कॉलेज और तिलका मांझी यूनिवर्सिटी कैंपस में पानी घुस गया है। छात्रावासों को खाली करा लिया गया है।
Bihar Rain : पटना समेत बिहार के 18 जिलों में बाढ़ का असर लगातार बढ़ रहा है। गंगा समेत 9 नदियां खतरे के निशान से ऊपर हैं। बाढ़ से 6.65 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव के लिए 27 एसडीआरएफ और 9 एनडीआरएफ की टीमें ...
Bihar Weather Today: 5 जिलों में ऑरेंज तो 7 में बारिश का येलो अलर्ट; आंधी और ठनका की चेतावनी
Bihar Weather Today: मौसम विभाग ने रिपोर्ट में बताया है कि राज्य के 12 जिलों में आज बारिश होगी। सात जिलों के लिए येलो अलर्ट तो पांच जिलों के लिए बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बारिश के साथ तेज हवाएं और ठनका की भी आशंका है।
Bihar News Today Live: बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 5 सितम्बर के मुख्य और ताजा समाचार
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PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana Bihar: केंद्र सरकार की 'पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना' बिहार में लोकप्रिय हो रही है, जिससे उपभोक्ताओं को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली और ₹98,000 तक की सब्सिडी मिल रही है। यह योजना बिजली बिल के तनाव से मुक्ति दिलाकर ऊर्जा आत्मनिर्भरता प्रदान करती है।
बिहार में कमजोर हुआ मानसून, अब उमस बढ़ने के आसार; पूर्वी और पश्चिमी चंपारण में बारिश का अलर्ट
Bihar Weather Update: बिहार में मानसून की गतिविधियां कमजोर होने से उमस बढ़ गई है, हालांकि कुछ स्थानों पर छिटपुट वर्षा हुई है। पूर्वी व पश्चिमी चंपारण में भारी वर्षा की चेतावनी है, जबकि 11 जिलों में मेघ गर्जन और वज्रपात का अनुमान है।
हादसों से जूझते बिहार को 'ट्रामा कवच', 20 केंद्रों से मिलेगी गोल्डन आवर में जिंदगी बचाने की उम्मीद
बिहार में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं के मद्देनजर घायलों को समय पर इलाज देने के लिए ट्रामा सेंटर का नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। पीएमसीएच सहित 20 से अधिक नए ट्रामा सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि 'गोल्डन आवर' में जान बचाई जा सके।
Bihar News : जनगणना में पूछे जाएंगे 40 सवाल, धर्म-जाति के साथ देनी होगी कई महत्वपूर्ण जानकारियां
गृह मंत्रालय ने जनगणना-2027 के लिए 40 सवालों की सूची जारी की है, जिसमें राष्ट्रीयता, धर्म, जाति, बैंक खाते और कोविड-19 टीकाकरण की जानकारी शामिल है। यह कार्य फरवरी से ऑनलाइन शुरू होगा, जिसमें जनगणना कर्मी घर-घर जाकर ऐप पर डेटा अपडेट करेंगे।
CBI को लेकर बिहार सरकार का नया आदेश, अब किसकी जांच के लिए लेनी होगी इजाजत? स्पष्ट हुआ दायरा
बिहार सरकार ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की राज्य में जांच के अधिकार और दायरे को लेकर नया आदेश जारी किया है। अब राज्य सरकार के काम से संबंधित लोकसेवकों और विभागों से जुड़ी कार्रवाई के लिए सीबीआई को बिहार सरकार की अनुमति लेनी होगी।
दरभंगा के बिरौल प्रखंड के फकीरना प्राइमरी स्कूल के हेडमास्टर कुमार प्रशांत का चयन राजकीय शिक्षक सम्मान-2026 के लिए किया गया है। शिक्षक दिवस के अवसर पर आज पटना में आयोजित होने वाले राजकीय समारोह में उन्हें सम्मानित किया जाएगा। शिक्षा में इनोवेशन, डिजिटल तकनीक के यूज, साइंस बेस्ड गतिविधियों और बच्चों की प्रतिभा को मंच देने के लिए कुमार प्रशांत को सम्मानित किया जाएगा। कुमार प्रशांत ने साल 2014 में शिक्षक के रूप में अपनी सेवा शुरू की। उन्होंने लंबे समय तक मध्य विद्यालय पोखराम उत्तरी में शिक्षक के रूप में कार्य करते हुए मैथ्स और साइंस सब्जेक्ट को गतिविधि एवं प्रयोग आधारित तरीके से पढ़ाने पर जोर दिया। करीब 11 साल की टीचिंग जर्नी में उन्होंने बच्चों को केवल सिलेबस तक सीमित रखने के बजाय विज्ञान, गणित, प्रोजेक्ट आधारित लर्निंग (PBL), टीएलएम, डिजिटल शिक्षा, इंस्पायर अवार्ड, बाल विज्ञान शोध, विज्ञान संगोष्ठी और विभिन्न प्रतियोगिताओं से जोड़ा। उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने जिला से लेकर राज्य स्तर तक कई उपलब्धियां हासिल की हैं। इलेक्ट्रॉनिक से मास्टर डिग्री के बाद चुना शिक्षक का पेशा कुमार प्रशांत का शैक्षणिक जीवन भी अलग रहा है। उन्होंने एमटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद बच्चों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के उद्देश्य से शिक्षक का पेशा चुना। उनका मानना है कि शिक्षक की भूमिका केवल किताब पढ़ाने तक सीमित नहीं है। शिक्षक बच्चों में जिज्ञासा, वैज्ञानिक सोच, आत्मविश्वास, रचनात्मकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का काम करता है। उनका पैतृक गांव दरभंगा जिला के बिरौल प्रखंड पटनियां पंचायत के नारायणपुर है। उनके पिता का नाम जटा शंकर लाल दास और माता का नाम पुष्पा देवी है। चार भाइयों में वे सबसे बड़े हैं। उनके एक भाई पटना मेट्रो में कार्यरत हैं, जबकि दूसरे भाई कॉम्फेड (सुधा) में इंजीनियर हैं। एक भाई प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। उनकी पत्नी कुमारी गिन्नी भी शिक्षिका हैं और मध्य विद्यालय खिलासिन, कुशेश्वरस्थान पूर्वी में कार्यरत हैं। कुमार प्रशांत की 2014 में शुरू हुई टीचिंग जर्नी 21 अक्टूबर 2014 को साल 2011 की शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के आधार पर कुमार प्रशांत ने मध्य विद्यालय पोखराम उत्तरी में शिक्षक के रूप में योगदान दिया। यहां उन्होंने कक्षा 6 से 8 तक गणित एवं विज्ञान विषय का दायित्व संभाला। उन्होंने स्थानीय संसाधनों, मॉडल और प्रयोगों के माध्यम से विज्ञान को बच्चों के लिए सरल एवं रोचक बनाने की पहल शुरू की। साल 2015-16 में उन्होंने गतिविधि आधारित और बाल-केंद्रित शिक्षण को आगे बढ़ाया। विद्यालय अवधि के बाद भी जरूरतमंद विद्यार्थियों को निःशुल्क अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग दिया। साल 2017 से 2019 के बीच उन्होंने PTEC पोखरौरा, मुजफ्फरपुर से दो वर्षीय इन-सर्विस प्रशिक्षण पूरा किया। इसी दौरान विद्यालय में बाल संसद, खेल आधारित शिक्षण, लर्निंग कॉर्नर और नेतृत्व विकास जैसी गतिविधियों का विस्तार किया। विद्यार्थियों को NMMS परीक्षा की तैयारी कराने के लिए विशेष कक्षाएं भी शुरू कीं। निष्ठा कार्यक्रम में रिसोर्स पर्सन, बच्चों ने राज्य स्तर पर बनाई पहचान साल 2019 में SCERT एवं NCERT के निष्ठा (NISHTHA) कार्यक्रम में कुमार प्रशांत का चयन रिसोर्स पर्सन के रूप में हुआ। उन्होंने बिरौल, बेनीपुर और दरभंगा नगर के शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया। इसी वर्ष उन्होंने विद्यार्थियों के लिए व्हाट्सएप अध्ययन समूह बनाकर डिजिटल माध्यम से पढ़ाई को बढ़ावा दिया। उनके मार्गदर्शन में छात्र आयुष चौधरी ने राज्य स्तरीय विज्ञान संगोष्ठी में द्वितीय स्थान प्राप्त किया। जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत वृक्षारोपण और जिला स्तरीय प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। विद्यालय में मधुबनी चित्रकला को बढ़ावा देने के साथ एक विद्यार्थी का INSPIRE MANAK में चयन भी हुआ। कोरोना काल में भी जारी रखा ऑनलाइन शिक्षण वर्ष 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान जब विद्यालय बंद थे, तब कुमार प्रशांत ने Teachers of Bihar के साथ जुड़कर School on Mobile अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों को ऑनलाइन शिक्षा से जोड़े रखा। उन्होंने डिजिटल माध्यम से बच्चों के साथ लगातार शैक्षणिक संपर्क बनाए रखा। वर्ष 2021 में उन्होंने अपने व्यक्तिगत संसाधनों से लैपटॉप और प्रोजेक्टर की व्यवस्था कर विद्यालय में डिजिटल कक्षाओं की शुरुआत की। कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षण से जोड़ने का प्रयास किया। इसके साथ ही योग, व्यायाम, स्वास्थ्य जागरूकता, सुरक्षित शनिवार और आपदा प्रबंधन जागरूकता कार्यक्रम चलाए। चेतना सत्र में बच्चों का जन्मदिन मनाने की पहल भी शुरू की। WASH से लेकर FLN तक प्रशिक्षण वर्ष 2022 में उन्होंने यूनिसेफ एवं बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के अंतर्गत WASH मास्टर ट्रेनर का प्रशिक्षण प्राप्त किया। कक्षा 3 से 5 तथा कक्षा 6 से 8 में विज्ञान शिक्षण का दायित्व संभाला। स्वच्छ एवं हरित विद्यालय अभियान में मार्गदर्शन और मूल्यांकन की भूमिका निभाई। उन्होंने SCERT पटना से FLN के ‘चहक’ मेंटर प्रशिक्षण प्राप्त किया। राष्ट्रीय आविष्कार अभियान में उनके मार्गदर्शन में छात्र अमृत राज ने जिला स्तर की विज्ञान प्रदर्शनी में प्रथम स्थान तथा गणित क्विज में द्वितीय स्थान प्राप्त किया। PBL और TLM को बनाया शिक्षण का हिस्सा वर्ष 2023 में कुमार प्रशांत ने टीएलएम, प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग (PBL) और अनुभवात्मक शिक्षण को विद्यालय की नियमित शिक्षण प्रक्रिया का हिस्सा बनाया। इसका उद्देश्य बच्चों को केवल किताबों के माध्यम से पढ़ाने के बजाय उन्हें गतिविधियों, प्रयोगों और वास्तविक जीवन से जोड़कर सीखने का अवसर देना था। उनके प्रयासों से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता, समस्या समाधान की क्षमता और सहयोगात्मक अधिगम को बढ़ावा मिला। 2024 में मिले कई महत्वपूर्ण सम्मान वर्ष 2024 कुमार प्रशांत के लिए उपलब्धियों से भरा रहा। शिक्षक दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी, दरभंगा द्वारा उन्हें बेस्ट ICT टीचर के रूप में सम्मानित किया गया। स्वतंत्रता दिवस पर अनुमंडल पदाधिकारी, बिरौल द्वारा भी सम्मानित किया गया। उनके मार्गदर्शन में छात्रा प्रियंका गर्ग ने राज्य स्तरीय विज्ञान संगोष्ठी में प्रथम स्थान प्राप्त किया। राज्य स्तरीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी में मार्गदर्शक शिक्षक के रूप में उन्हें SCERT द्वारा सम्मानित किया गया। दिसंबर 2024 में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव एस. सिद्धार्थ एवं निदेशक, शिक्षा विभाग द्वारा उन्हें Teacher of the Month सम्मान प्रदान किया गया। इसी वर्ष INSPIRE MANAK में तीन विद्यार्थियों का चयन हुआ। बाल विज्ञान शोध कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने जिला स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया तथा छात्रा प्रियंका कुमारी का राज्य स्तर के लिए चयन हुआ। उन्होंने DIET सुपौल से FLN प्रशिक्षण भी पूरा किया। 2025 में भी उपलब्धियों का सिलसिला जारी जून 2025 में कुमार प्रशांत को दोबारा टीचर ऑफ मंथ का सम्मान मिला। PBL में मार्गदर्शक शिक्षक के रूप में SCERT द्वारा सम्मानित किए गए। उनके मार्गदर्शन में छात्राओं रेखा एवं सुधा कुमारी ने जिला स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया। बिहार दिवस 2025 के अवसर पर उन्हें जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, दरभंगा द्वारा सम्मानित किया गया। स्काउट शिक्षक के रूप में उन्होंने विद्यार्थियों का राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में नेतृत्व किया। TLM प्रतियोगिता में भी विद्यालय को जिला स्तर तक सफलता मिली। इसी दौरान उन्होंने समावेशी शिक्षा प्रशिक्षण, PBL तकनीकी सदस्य, INSPIRE और ECO Club के प्रखंड स्तरीय दायित्वों का निर्वहन किया। BPSC के माध्यम से प्रधान शिक्षक के रूप में प्राथमिक विद्यालय फकीरना, बिरौल में योगदान दिया। विद्यालय स्वास्थ्य एवं आरोग्य राजदूत का प्रशिक्षण प्राप्त करने के साथ IGNOU से B.Ed. भी पूरा किया। 2026 में राज्य स्तरीय TLM तक पहुंची उपलब्धि वर्ष 2026 में उनकी उपलब्धियों का सिलसिला जारी रहा। TLM प्रतियोगिता में उनका चयन राज्य स्तर तक हुआ। स्काउट शिक्षक के रूप में बिहार दिवस की राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में विद्यार्थियों का नेतृत्व किया। भारत निर्वाचन आयोग के अंतर्गत असेंबली लेवल मास्टर ट्रेनर के रूप में उन्होंने BLO एवं पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण दिया। इसके लिए उन्होंने IIIDEM, नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण भी प्राप्त किया। उन्होंने विद्यालय में ‘बाल संवाद’ के माध्यम से बच्चों को अपनी बात रखने और अभिव्यक्ति का अवसर दिया। सामाजिक दायित्व के तहत रेडक्रॉस के माध्यम से रक्तदान भी किया। करीब 50 विद्यार्थी NMMS के लिए चयनित कुमार प्रशांत के अनुसार अब तक उनके मार्गदर्शन में करीब 50 विद्यार्थी NMMS छात्रवृत्ति के लिए चयनित हो चुके हैं। कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षण से जोड़ने के साथ कक्षा 1 से 5 में TLM आधारित आनंददायक शिक्षण और कक्षा 6 से 8 में PBL को प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। विज्ञान संगोष्ठी, बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी, PBL, TLM, INSPIRE MANAK सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने जिला और राज्य स्तर पर सफलता हासिल की है। विद्यालय में नवाचार, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नेतृत्व विकास, डिजिटल शिक्षा और सामुदायिक सहभागिता का मॉडल विकसित करने का प्रयास किया गया है। कई प्रशिक्षण और जिम्मेदारियां कुमार प्रशांत ने राज्य एवं प्रखंड स्तर पर विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों में प्रशिक्षक की भूमिका भी निभाई है। इनमें निष्ठा प्रशिक्षण, WASH, प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग, INSPIRE MANAK, ECO Club, समावेशी शिक्षा, स्वच्छ एवं हरित विद्यालय अभियान और मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम ‘सुरक्षित शनिवार’ प्रमुख हैं। जिला स्तर पर स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार तथा प्रखंड स्तर पर PBL, ECO Club, INSPIRE और NCERT निष्ठा प्रशिक्षण से जुड़े दायित्वों का भी उन्होंने निर्वहन किया है। वर्तमान में वे स्वच्छ एवं हरित विद्यालय पुरस्कार से संबंधित गतिविधियों में भी सक्रिय हैं। बोले- शिक्षा का उद्देश्य सिर्फ परीक्षा में सफलता नहीं कुमार प्रशांत कहते हैं कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में सफलता दिलाना नहीं, बल्कि प्रत्येक बच्चे को जिज्ञासु, वैज्ञानिक दृष्टिकोण से युक्त, संवेदनशील, आत्मविश्वासी और जिम्मेदार नागरिक बनाना है। इसी उद्देश्य से वे निरंतर नवाचार, समर्पण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास कर रहे हैं। राजकीय शिक्षक सम्मान के लिए उनके चयन पर बीईओ मणिशंकर कुमार सिंह, भुवन कुमार दास, एमडीएम आरपी प्रभात कुमार, लेखापाल सूरज कुमार, प्रतिमा कुमारी, कुमारी गिन्नी, नरेश कुमार दास, रौशन कुमार कर्ण सहित बड़ी संख्या में शिक्षकों एवं शुभचिंतकों ने बधाई दी है।
राज्य में ट्रेनों पर फेसबुक-इंस्टाग्राम रील बनाने के लिए पत्थरबाजी की घटनाओं में वृद्धि हुई है, जिसके चलते बिहार पुलिस मुख्यालय ने 12 जिलों को हॉटस्पॉट के रूप में चिह्नित किया है। विशेष अभियान के तहत पांच दिनों में 134 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
SCERT Bihar Teacher Guide: भागलपुर की डॉ. शैल प्रज्ञा को बिहार के शिक्षकों के लिए 'शिक्षक संदर्शिका' बनाने वाली राज्य स्तरीय टीम में चुना गया है। वे कला और डिजिटल तकनीकों से विज्ञान को आसान बनाने का नया तरीका पूरे बिहार के शिक्षकों को सिखाएंगी।
छठ पर बिहार से नई दिल्ली आने-जाने वालों को मिली राहत, दरभंगा स्पेशल ट्रेन के 88 फेरे बढ़े
Bihar Festive Special Train:रेलवे ने दशहरा, दीपावली और छठ महापर्व के लिए दरभंगा-नई दिल्ली स्पेशल ट्रेन की परिचालन अवधि बढ़ा दी है। इससे त्योहारी सीजन में मिथिलांचल के यात्रियों को लंबी प्रतीक्षा सूची से राहत मिलेगी।
5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। शिक्षक दिवस के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 48 स्कूल टीचर्स को राष्ट्रीय पुरस्कार देंगी। इन टीचर्स में केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल, आदर्श जनजातीय स्कूल और पीएम श्री स्कूलों समेत कई संस्थानों के शिक्षक शामिल हैं। इनमें 26 पुरुष और 22 महिला टीचर हैं। उत्तर प्रदेश से तीन, बिहार और एमपी से दो-दो टीचर्स चुने गए हैं। इन्हीं टीचर्स में लातूर के नवोदय विद्यालय में गणित के टीचर वैभव वसंतराव कुलकर्णी को नेशनल टीचर्स अवॉर्ड 2026 के लिए चुना गया है। कुलकर्णी को तीन दशक से ज्यादा का अनुभव है। उन्होंने गणित के कॉन्सेप्ट समझने में मदद करने के लिए पढ़ाने के नए तरीके और कम लागत वाले लर्निंग एड्स विकसित किए हैं। 27 राज्यों, 7 केंद्र शासित प्रदेशों से टीचर्स चुने गए जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर हुआ चयन मंत्रालय के अनुसार, 48 शिक्षकों का चयन स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने तीन चरणों में किया है। यह प्रक्रिया जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पूरी की गई। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कारों का उद्देश्य देश के कुछ बेहतरीन शिक्षकों के विशेष योगदान को सामने लाना है। इसके साथ ही उन शिक्षकों को सम्मानित करना है, जिन्होंने अपनी प्रतिबद्धता और मेहनत से स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर की और छात्रों का जीवन समृद्ध बनाया। 1958 में शुरू हुआ था यह अवॉर्ड नेशनल टीचर्स अवॉर्ड की शुरुआत 1958 में हुई थी। इसका उद्देश्य बेहतरीन और समर्पित शिक्षकों को सार्वजनिक रूप से सम्मान देना और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को पहचानना था। यह अवॉर्ड किन टीचर्स को दिया जाता है- पीएम चयनित टीचर्स से बातचीत करते हैं, पिछली 2 मुलाकातें साल 2024: मोदी तमिलनाडु टीचर से बोले- सभी को भ्रम है, वहां सब इंग्लिश जानते हैं पीएम मोदी ने 2024 में नेशनल टीचर्स अवॉर्ड विनर्स से मुलाकात की थी। तब 82 शिक्षकों को यह अवॉर्ड दिया गया था। इस दौरान तमिलनाडु से आई एक टीचर ने बताया कि, उनके इलाके में कई लोग लोकल लैंग्वेज में पढ़ना चाहते हैं। इस पर पीएम ने कहा- हमारे बीच तो यही भ्रम है कि तमिलनाडु में सब इंग्लिश जानते होंगे। इसीलिए नई शिक्षा नीति में मातृ भाषा पर जोर दिया गया है। साल 2025: मोदी बोले-कांग्रेस बच्चों की टॉफी पर भी टैक्स लेती थी पीएम मोदी ने पिछले साल टीचर्स डे से एक दिन पहले दिल्ली में राष्ट्रीय पुरस्कार पाने वाले 45 शिक्षकों से मुलाकात की थी। मोदी ने करीब 35 मिनट तक संबोधित किया। इस दौरान पीएम ने जीएसटी में सुधार, ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े कानून और आत्मनिर्भर भारत पर चर्चा की।
बात खरी है... इसमें आप देखेंगे बिहार के नेताओं और अफसरों के बीच अंदरखाने क्या चल रहा है, और दिनभर की ऐसी बड़ी हलचल जो आपको हंसाएगी भी और जिम्मेदारों को आइना भी दिखाएंगी। ऊपर VIDEO पर क्लिक करें...
Mirzapur News: 154 बोतल शराब के साथ बिहार के चार आरोपी गिरफ्तार
Four accused arrested in Bihar with 154 bottles of liquor.
Ballia News: सुरेमनपुर स्टेशन पर शराब की खेप के साथ बिहार के चार युवक गिरफ्तार
Four youths from Bihar arrested with a consignment of liquor at Suremanpur station.
Ghazipur News: बिहार और प. बंगाल भेजे रहे 4 पशु बरामद, 4 तस्कर गिरफ्तार
4 animals being transported to Bihar and West Bengal recovered; 4 smugglers arrested.
North India में भारी बारिश से Delhi-NCR में भरा पानी, UP और Bihar में बाढ़ का संकट
नयी दिल्ली, चार सितंबर उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में शुक्रवार को भारी बारिश हुई और भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अगले कुछ दिनों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान जताया है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में दिल्ली और गुरुग्राम की कई सड़कों पर पानी भर गया, जिससे प्रमुख स्थानों पर यातायात जाम की स्थिति पैदा हो गई। दिल्ली में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास भारी जलभराव के कारण उड़ान सेवाएं प्रभावित हुईं और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। विमानन कंपनी इंडिगो ने यात्रियों के लिए परामर्श जारी करते हुए कहा कि दिल्ली में खराब मौसम के कारण घरेलू उड़ानों के संचालन पर असर पड़ा है। कंपनी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, हम मौसम पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और आपको सुरक्षित और आसानी से आपकी मंजिल तक पहुंचाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। बारिश से कनॉट प्लेस और लुटियन दिल्ली के कुछ हिस्से भी प्रभावित हुए। गुरुग्राम में भारी बारिश के बाद साइबर सिटी वाणिज्यिक हब, शंकर चौक और शीतला माता रोड पर भारी जलभराव हो गया। उत्तर प्रदेश में कम से कम एक तिहाई जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। राज्य में सुल्तानपुर में सबसे अधिक 16.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके बाद गोरखपुर में 10.4 मिमी, अलीगढ़ में 9.4 मिमी और शाहजहांपुर में 8.6 मिमी बारिश दर्ज की गई। स्थानीय मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश में और बारिश तथा गरज के साथ छींटे पड़ने का अनुमान जताया है। विभाग के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अधिक बारिश और गरज-चमक के साथ छीटें पड़ने का अनुमान है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश अपेक्षाकृत छिटपुट रह सकती है। यह पूर्वानुमान राज्य में जारी बाढ़ की स्थिति के बीच आया है। राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार, 26 जिलों में करीब 3.53 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। अधिकारियों के अनुसार, प्रमुख नदियां उफान पर हैं। वाराणसी में गंगा नदी चेतावनी स्तर को पार कर चुकी है, जबकि बलिया में घाघरा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। हिमाचल प्रदेश में बारिश के कारण 102 सड़कें बंद हो गईं। मौसम विभाग ने शनिवार के लिए राज्य के कुछ इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। पंजाब और हरियाणा के कई हिस्सों में मध्यम बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री कम 31 डिग्री सेल्सियस रहा। हरियाणा में अंबाला, नारनौल, पंचकूला, करनाल और यमुनानगर में बारिश हुई। वहीं, पंजाब में अमृतसर, पटियाला, फतेहगढ़ साहिब, पठानकोट, श्री आनंदपुर साहिब, फिरोजपुर, गुरदासपुर, होशियारपुर और रूपनगर में भारी बारिश दर्ज की गई। राजस्थान में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। पिछले 24 घंटे में शुक्रवार सुबह तक सवाई माधोपुर के खंडार में सबसे अधिक 130 मिमी बारिश दर्ज की गई। अलवर, भरतपुर, डीग, दौसा, धौलपुर, जयपुर, सीकर, भीलवाड़ा, अजमेर, करौली, टोंक, बारां, कोटा और झालावाड़ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। मौसम विभाग ने शुक्रवार और शनिवार को पूर्वी तथा दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया है। बिहार में लगातार बारिश के कारण पांच जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। नेपाल और पड़ोसी झारखंड में हुई लगातार बारिश के बाद कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, बागमती, पुनपुन और घाघरा नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई इलाकों में पानी भर गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की। पटना, वैशाली, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, भोजपुर, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा, सहरसा और कटिहार जिलों के निचले इलाकों में शुक्रवार को बाढ़ जैसी स्थिति देखी गई। जल संसाधन विभाग के अनुसार, लगभग सभी नदियों का जलस्तर बढ़ने का रुख बना हुआ है।
Flood News:बिहार में शुक्रवार को भी हाई अलर्ट जारी रहा क्योंकि नेपाल और पड़ोसी राज्य झारखंड में हुई भारी बारिश के बाद गंगा समेत कई नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इसके कारण राज्य के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया और बचाव, राहत और तटबंधों की सुरक्षा के इंतजामों का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा रहा है।जल संसाधन विभाग के मुताबिक, गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, बागमती, पुनपुन और घाघरा समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। वहीं, पटना में दीघा घाट, गांधी घाट, हथिदह और मनेर के अलावा बक्सर, मुंगेर, भागलपुर और कहलगांव में गंगा का पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है।गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 1 सितंबर की सुबह 49.40 मीटर था, जो 2 सितंबर की शाम बढ़कर 49.98 मीटर और 3 सितंबर की सुबह 50.18 मीटर हो गया। गुरुवार दोपहर तक जलस्तर 50.25 मीटर पहुंच गया था, जो खतरे के निशान से करीब 1.65 मीटर ऊपर है। विभाग ने अनुमान जताया था कि गुरुवार रात गांधी घाट पर गंगा का पानी सबसे ऊंचे बाढ़ स्तर (HFL) को पार कर सकता है। वहीं, मोकामा के हथिदह में शुक्रवार दोपहर तक यह स्तर पार होने की आशंका जताई गई थी।News 18 की एक रिपोर्ट के अनुसार, बाढ़ जैसे हालात ने पटना, वैशाली, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, भोजपुर, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा, सहरसा और कटिहार के निचले इलाकों को प्रभावित किया है। इसके अलावा, आठ जिलों - भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, नालंदा, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद - को हाई अलर्ट पर रखा गया है और अधिकारियों को संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को चेतावनी देने का निर्देश दिया गया है।मुंगेर में, गंगा का जलस्तर 39.33 मीटर के चेतावनी स्तर को पार करते हुए 39.36 मीटर (खतरे का निशान) तक पहुंच गया, जिससे सात पंचायतें जलमग्न हो गईं और घरों में पानी घुस गया। News 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, समस्तीपुर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से लगभग 1.95 मीटर ऊपर पहुंचने के बाद 15 पंचायतों में बाढ़ का पानी घुस गया।अरवल में भी हालात गंभीर बताए गए, जहां पुनपुन नदी के पानी से कुर्था और बंसी ब्लॉक के लगभग 30 गांव डूब गए, जिससे सड़क संपर्क टूट गया और बंसी पुलिस स्टेशन में भी पानी भर गया। सारण में सोनपुर, छपरा सदर, दिघा और रेवेलगंज को संवेदनशील इलाकों के तौर पर चिह्नित किया गया।अमर उजाला के अनुसार, बेगूसराय के मटिहानी ब्लॉक में बाढ़ का पानी 17 सरकारी स्कूलों तक पहुंच गया, जबकि गया के मानपुर ब्लॉक में पेमार नदी के पानी ने अमरी और बरसाना गांवों तक जाने वाली सड़क को डुबो दिया।अधिकारियों ने प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर, मेडिकल सुविधाएं, पीने का पानी, भोजन और दूसरी जरूरी चीजों की व्यवस्था की है। बचाव कार्य के लिए SDRF और NDRF की टीमें, गोताखोर और नावें तैनात की गई हैं। विस्थापित परिवारों के लिए सामुदायिक रसोई भी शुरू की जा रही हैं।सोनपुर में 25 नावें चल रही हैं। इसके अलावा वहां 1,000 पॉलीथिन शीट भेजी गई हैं, जबकि 500 पॉलीथिन शीट दीघा भेजी गई हैं।पटना में, शहर की सुरक्षा दीवार के पास 108 जगहों को सील किया गया, 13 स्लुइस-गेट के लीकेज को ठीक किया गया और पंपिंग स्टेशनों को तैयार रखा गया। पुनपुन नदी पर बना एक रिंग तटबंध भी टूट गया, जिससे मुख्य बांध को खतरा पैदा हो गया।आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों को सलाह दी कि वे नदियों, घाटों, तटबंधों और पानी से भरे इलाकों में बेवजह न जाएं। साथ ही, बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगों को ऐसी जगहों से दूर रखने की अपील की। विभाग ने नदियों के पास तैरने, बेवजह नाव की सवारी करने और सेल्फी लेने के खिलाफ भी चेतावनी दी।विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने NDA सरकार पर बाढ़ से निपटने की अपर्याप्त तैयारी और राहत कार्यों में कमी का आरोप लगाया और कहा कि 15 से ज्यादा जिले प्रभावित हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कटाव और बाढ़ से मक्का और सब्जियों की फसलें बर्बाद हो गईं, जबकि बिजली कटौती, पीने के पानी की कमी और कनेक्टिविटी बाधित होने से ग्रामीणों को जरूरी चीजों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने दियारा इलाकों को बाढ़ प्रभावित घोषित करने की भी मांग की।केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेश यात्रा से लौटने के बाद चौधरी के साथ हालात का जायजा लिया और केंद्र व बिहार सरकार युद्ध स्तर पर काम कर रही हैं।भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों में और बारिश व गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान जताया है। इससे नदियों का जलस्तर और बढ़ने की चिंता बढ़ गई है। बिहार के पटना, गया, मुजफ्फरपुर और भागलपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इन इलाकों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। वहीं, गुरुवार को देश के करीब 20 राज्यों में बारिश और आंधी-तूफान को लेकर चेतावनी जारी की गई थी।यह भी पढ़ें:Viral Video: मानसिक रूप से बीमार महिला के साथ गलत हरकत करने पहुंचा था शख्स फिर स्ट्रीट डॉग्स ने उसे खदेड़ा!
नेपाल से बाढ़ के बाद बिहार पहुंची ये विचित्र मछलियां
जानकारों ने भी चेतावनी दी है कि इन मछलियों का सेवन जानलेवा भी साबित हो सकता है.
वित्तीय वर्ष 2025-26 में अररिया ने ₹1,594.60 करोड़ का निर्यात किया है। जिला-वार निर्यात आंकड़ों के अनुसार, अररिया बिहार में तीसरे स्थान पर है। इस उपलब्धि पर सांसद प्रदीप कुमार सिंह ने जिले के किसानों, उद्यमियों, व्यापारियों और आम लोगों को बधाई दी है। सांसद प्रदीप सिंह ने कहा कि यह आंकड़ा दिखाता है कि अररिया अब सिर्फ एक सीमावर्ती जिला नहीं है। यह कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और निर्यात के क्षेत्र में तेजी से उभरता आर्थिक केंद्र बन रहा है। उन्होंने बताया कि अररिया की पहचान खास तौर पर मखाना जैसे कृषि उत्पादों से जुड़ रही है। मेहनत का नतीजा है यह आंकड़ा - सांसद सांसद ने यह भी कहा कि चावल, मक्का और अन्य कृषि एवं खाद्य प्रसंस्कृत उत्पादों में भी जिले में बड़ी संभावनाएं हैं। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण जोगबनी-नेपाल व्यापार मार्ग अररिया की निर्यात क्षमता को नई दिशा दे सकता है। नेपाल समेत पड़ोसी बाजारों तक अच्छी कनेक्टिविटी का फायदा स्थानीय उत्पादकों और व्यापारियों को मिल सकता है। सांसद के अनुसार, ₹1,594.60 करोड़ का निर्यात सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है। यह जिले के किसानों, छोटे-बड़े उद्यमियों और व्यापारिक समुदाय की मेहनत का नतीजा है। स्थानीय स्तर पर भी बढ़ेंगे रोजगार के मौके अब जरूरत है कि स्थानीय उत्पादों को बेहतर प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग, कोल्ड चेन और स्टोरेज की सुविधाएं मिलें। इससे उन्हें देश और विदेश के बड़े बाजारों तक पहुंचाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि मखाना समेत अन्य कृषि उत्पादों की गुणवत्ता और उपयोगिता बढ़ाने पर खास ध्यान देना चाहिए। उनके निर्यात को बढ़ावा देने से किसानों को बेहतर दाम मिलेंगे और स्थानीय स्तर पर रोजगार के मौके भी बढ़ेंगे। उपलब्धि नई संभावनाओं की शुरुआत सांसद ने बताया कि वे अररिया को सीमांचल का प्रमुख निर्यात केंद्र और फूड प्रोसेसिंग हब बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के स्तर पर कोशिशें जारी रखेंगे। आधुनिक प्रसंस्करण इकाइयां, निर्यात सुविधाएं, अच्छी लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी और व्यापारिक ढांचे को मजबूत करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने आखिर में कहा कि अररिया की यह उपलब्धि नई संभावनाओं की शुरुआत है। आने वाले वर्षों में लक्ष्य केवल निर्यात बढ़ाना नहीं, बल्कि जिले के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत ब्रांड पहचान दिलाना होना चाहिए।
हम बिहार के हैं, यह हमारी जन्मभूमि है और हम यहीं मरेंगे: तेजस्वी यादव
बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने जनता दल (यूनाइटेड) के सांसद संजय झा के एनआरआई नेता वाले बयान पर पलटवार किया...
डीएमआइ पटना के छात्र अभिजीत पांडेय के हेल्थकेयर स्टार्टअप 'वैद्य' को उद्योग विभाग से 25 लाख रुपये का सीड फंड मिला है। यह स्टार्टअप बुजुर्गों और जरूरतमंदों को घर बैठे 30 मिनट में स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करता है, साथ ही युवाओं को रोजगार भी दे रहा है।
देवेश कुमार ने बिहार राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष का पदभार संभाला
Patna, 4 सितंबर . बिहार स्टेट प्लानिंग बोर्ड के नवनियुक्त उपाध्यक्ष देवेश कुमार ने Friday को अपना पदभार संभाला. इस मौके पर योजना एवं विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, भाजपा नेता, परिवार के सदस्य और बड़ी संख्या में समर्थक व शुभचिंतक मौजूद थे. देवेश कुमार अपनी पत्नी वीरा शर्मा के साथ सूचना भवन की पांचवीं ... Read more
भारतीय सिनेमा और देश के पारंपरिक त्योहारों का रिश्ता हमेशा से बेहद गहरा और भावनात्मक रहा है। अगर हम बॉलीवुड के दशकों पुराने इतिहास पर नजर डालें, तो फिल्मों में होली की मस्ती, दिवाली की जगमगाहट, ईद की सेवइयां और लोहड़ी की रौनक को हमेशा से ही बहुत ही भव्य और विशाल पैमाने पर परदे पर उकेरा जाता रहा है। लेकिन इन सबके बावजूद, हिंदी फिल्म जगत के इतिहास में आज तक ऐसा कभी नहीं हुआ था कि बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र के सबसे बड़े, पवित्र और लोकआस्था के महापर्व 'छठ पूजा' की अलौकिक भव्यता, उसकी कठिन मान्यताओं और पारंपरिक अनुष्ठानों को इतने बड़े स्तर पर बड़े पर्दे पर दिखाया गया हो। अब जाकर यह सूखा खत्म होने जा रहा है और सिनेमाप्रेमियों को एक बिलकुल नया और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध अनुभव मिलने वाला है। बहुप्रतीक्षित सुपरनैचुरल थ्रिलर फिल्म 'द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट' के मेकर्स ने अपनी इस फिल्म में छठी मैया की पूजा-अर्चना और इसके सख्त नियमों को बेहद खूबसूरती के साथ फिल्माया है। फिल्म के टीजर और गानों में जब से छठ पूजा के दृश्यों की झलक सामने आई है, तब से न सिर्फ बिहार और पूर्वांचल के दर्शकों में, बल्कि पूरे देश के सिनेप्रेमियों में इसे लेकर जबरदस्त उत्साह और उत्सुकता देखी जा रही है। यह पहली बार होगा जब वैश्विक मंच पर भारतीय लोक संस्कृति के इस सबसे पावन पर्व का ऐसा विहंगम दृश्य देखने को मिलेगा।सुपरनैचुरल थ्रिलर फिल्म 'द वन' और पटना के ऐतिहासिक 'वन देवी मंदिर' से क्या है गहरा कनेक्शनफिल्मों में किसी भी त्योहार या विशेष अनुष्ठान को यूँ ही नहीं जोड़ा जाता है, और यही बात सिद्धार्थ मल्होत्रा (Sidharth Malhotra) और ग्लैमरस अभिनेत्री तमन्ना भाटिया (Tamannaah Bhatia) की आगामी बहुचर्चित सुपरनैचुरल थ्रिलर फिल्म 'द वन' पर भी पूरी तरह लागू होती है। इस फिल्म में छठ पूजा के दृश्यों को शामिल करने के पीछे कोई दिखावा नहीं, बल्कि फिल्म की पटकथा और उसकी मूल कहानी का एक बहुत ही गहरा और अटूट ताना-बाना जुड़ा हुआ है। आपको बता दें कि इस रोमांचक और रहस्य से भरी फिल्म की पूरी की पूरी कहानी बिहार की राजधानी पटना के पास स्थित एक बेहद प्राचीन और ऐतिहासिक 'वन देवी मंदिर' तथा उसके आसपास के रहस्यमयी जंगलों के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म के निर्माताओं ने इसके टीजर में ही उन घने जंगलों के भीतर छिपे कई डरावने और अनसुलझे रहस्यों की एक छोटी सी रोमांचक झलक दुनिया के सामने पेश कर दी थी। यह पूरी मूवी बिहार की माटी से जुड़ी लोककथाओं, पीढ़ियों से चली आ रही पौराणिक मान्यताओं, और वहां की विशिष्ट संस्कृति में पूरी तरह से रची-बसी हुई है। यही एक मुख्य वजह है कि निर्देशक ने इस फिक्शनल थ्रिलर में भी बिहार की सांस्कृतिक पहचान और मान्यताओं को बहुत ही प्रामाणिक तरीके से पिरोया है, जिससे दर्शकों को हॉरर और थ्रिल के साथ-साथ अपनी संस्कृति से जुड़ाव का भी एक अनूठा अहसास हो सके।टीजर में तमन्ना भाटिया के लाल साड़ी और सिंदूर वाले लुक ने खींचा सबका ध्यान, नदी घाट पर दिखा छठी मैया का अद्भुत नजाराजब से फिल्म 'द वन' का टीजर रिलीज हुआ है, तब से सोशल मीडिया पर इसके कई सींस चर्चा का विषय बने हुए हैं, जिनमें विशेष तौर पर अभिनेत्री तमन्ना भाटिया के लुक ने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। टीजर के कुछ पलों में साउथ और बॉलीवुड की जानी-मानो अभिनेत्री तमन्ना भाटिया पारंपरिक लाल रंग की साड़ी पहने हुए, मांग में लंबा संतरी सिंदूर सजाए और हाथ में सूप लिए हुए एक नदी के पावन घाट पर खड़ी नजर आ रही हैं। वह पूरी निष्ठा और श्रद्धा के साथ छठी मैया और भगवान सूर्य नारायण को अर्घ्य देती हुई दिखाई दे रही हैं, जो दृश्य वाकई में आंखों को शीतलता और मन को शांति देने वाला है। हालांकि, इस धार्मिक और शांतनुमा माहौल के तुरंत बाद टीजर में एक बेहद खौफनाक और रहस्यमयी घटना को भी अंजाम देते हुए दिखाया गया है, जो इस बात का संकेत देता है कि यह फिल्म सिर्फ पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे कोई गहरा और खौफनाक सुपरनैचुरल रहस्य छिपा हुआ है। दर्शकों के लिए यह देखना बेहद दिलचस्प होने वाला है कि कैसे एक तरफ लोकआस्था और पवित्रता का महापर्व चल रहा है, और दूसरी तरफ फिल्म की कहानी में कोई अदृश्य शक्ति तांडव मचा रही है। तमन्ना भाटिया का यह देसी और पारंपरिक अंदाज उनके फैंस को बेहद पसंद आ रहा है और वे इस फिल्म के सिनेमाघरों में आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।निर्देशक दीपक कुमार मिश्रा और अरुणाभ कुमार की जोड़ी ने अपनी जड़ों को दिया सम्मान, 25 सितंबर को सिनेमाघरों में देगी दस्तकइस फिल्म में बिहार की लोककथाओं और छठ जैसे महान पर्व को इतने बड़े पैमाने पर दर्शाने के पीछे एक और बहुत बड़ा और व्यक्तिगत कारण भी जुड़ा हुआ है। इस बहुचर्चित फिल्म के निर्देशक दीपक कुमार मिश्रा और अरुणाभ कुमार हैं, और ये दोनों ही अपनी जड़ों से जुड़े हुए हैं यानी मूल रूप से बिहार के ही रहने वाले हैं। ऐसे में वे अपनी माटी की खुशबू, वहां के रीति-रिवाजों और लोकसंस्कृति से भली-भांति परिचित हैं। वे चाहते थे कि जब दर्शक देश-विदेश के सिनेमाघरों में उनकी इस फिल्म को देखने के लिए आएं, तो उन्हें केवल एक डरावनी थ्रिलर कहानी ही न मिले, बल्कि उन्हें अपनी संस्कृति और मिट्टी के सबसे खूबसूरत, पवित्र और जीवंत पलों का भी भरपूर आनंद उठाने का मौका मिले। अपनी कला के माध्यम से अपनी सांस्कृतिक विरासत को ग्लोबल मंच पर सम्मान देने का यह प्रयास वाकई सराहनीय है। आपको बता दें कि तमाम रोमांच, रहस्य और लोकआस्था के अनूठे संगम से सजी यह बहुप्रतीक्षित फिल्म 'द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट' इसी महीने की 25 तारीख यानी 25 सितंबर 2026 को देश भर के सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। अब यह देखना वाकई दिलचस्प होगा कि बड़े पर्दे पर यह सुपरनैचुरल और सांस्कृतिक प्रयोग दर्शकों की कसौटी पर कितना खरा उतरता है और बॉक्स ऑफिस पर कैसा कमाल दिखाता है।
हिंदी सिनेमा में यह पहली बार होने जा रहा है, जब बिहार का महापर्व 'छठ पूजा' को परदे पर फैंस देखेंगे। क्या है छठ पूजा और द वन की कहानी के बीच कनेक्शन पढ़ें खबर।
मुजफ्फरपुर में चांदी के झूले में झूलेंगे नंदलाल, जन्माष्टमी पर शहर में भक्तिमय माहौल
Bihar Janmashtami News: मुजफ्फरपुर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर भक्तिमय माहौल है, जहां शहर के प्रमुख देवालयों को भव्य रूप से सजाया गया है। नंदलाल को चांदी के झूले में झुलाया जाएगा और बाजारों में भी उत्सव की रौनक बढ़ गई है।
भारतीय राजनीतिक के गलियारों में इस समय दक्षिण के राज्यों से लेकर उत्तर के राजनीतिक केंद्र तक भूचाल सा आया हुआ है जहां कर्नाटक, बिहार और देश की राजधानी दिल्ली में एक साथ चल रहे अलग-अलग घटनाक्रमों ने राष्ट्रीय सियासत को पूरी तरह से गरमा दिया है। जनरेटिव एआई सर्च, गूगल डिस्कवर, बिंग एईओ और आधुनिक एसईओ एल्गोरिदम की गाइडलाइन्स के मुताबिक यह पूरा परिदृश्य देश के अलग-अलग हिस्सों में बदलते राजनीतिक समीकरणों, अंतर्द्वंदों और सत्ता की रस्साकशी को स्पष्ट रूप से उजागर करता है, जिस पर हर राजनीतिक विश्लेषक की पैनी नजर टिकी हुई है।कर्नाटक मंत्रिमंडल में महिलाओं को जगह न मिलने पर कांग्रेस के भीतर आंतरिक कलह और मंथन तेजदक्षिण भारत के सियासी केंद्र कर्नाटक राज्य से एक बहुत बड़ी राजनीतिक खबर सामने आ रही है जहां डीके शिवकुमार के नेतृत्व और पार्टी की तमाम रणनीतियों के बाद जब 33 सदस्यीय नए मंत्रिमंडल का गठन किया गया, तो उसमें एक भी महिला चेहरे को शामिल नहीं किए जाने पर बवाल मच गया है। इस गंभीर चूक और सामाजिक समीकरणों के अनदेखे होने के कारण राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टियों के साथ-साथ खुद कांग्रेस पार्टी के भीतर भी हाईकमान पर चौतरफा सवाल उठने लगे हैं। अब स्थिति यह बन चुकी है कि पार्टी के भीतर एक महिला विधायक या विधान पार्षद को मंत्री पद की शपथ दिलाने के लिए नए सिरे से माथापच्ची शुरू हो चुकी है, लेकिन क्षेत्रीय संतुलन, जातीय व सामाजिक समीकरण और पहले से ही प्रतिनिधित्व कर रहे जिलों के पेच इसमें सबसे बड़ी बाधा बनकर सामने आ रहे हैं।बिहार के एक दिग्गज मंत्री से जुड़ा विवादित मामला और कानूनी नोटिस का नया बवंडरदूसरी तरफ यदि बात बिहार की राजनीति की की जाए तो वहां की आबोहवा में भी सियासी गर्माहट कम होने का नाम नहीं ले रही है। बिहार की राजनीति से जुड़े एक रसूखदार मंत्री उस वक्त भयंकर विवादों के घेरे में आ गए जब एक अन्य राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने वाले नेता ने दिल्ली के एक प्रतिष्ठित होटल में उनके द्वारा कथित तौर पर एक महिला कर्मचारी के साथ अश्लील हरकत किए जाने और फिर भारी-भरकम रकम देकर मामले को रफा-दफा करने का सनसनीखेज आरोप लगा दिया। हालांकि, इन तमाम गंभीर और सनसनीखेज आरोपों को सीधे तौर पर खारिज करते हुए संबंधित मंत्री ने इसे पूरी तरह से झूठा, मनगढ़ंत और अपनी राजनीतिक छवि को धूमिल करने की एक सोची-समझक्की साजिश करार दिया है। इसके साथ ही मानहानि का कड़ा कानूनी कदम उठाते हुए उन्होंने आरोपी नेता को पचास करोड़ रुपये के हर्जाने का औपचारिक कानूनी नोटिस भी थमा दिया है, जिससे बिहार का राजनीतिक पारा अपने चरम पर पहुंच गया है।दिल्ली के सियासी गलियारों में नई नियुक्तियों और मंत्रियों के संभावित फेरबदल की सुगबुगाहटदेश की राजधानी दिल्ली में भी इन दिनों राजनीतिक गतिविधियों की रफ्तार काफी तेज बनी हुई है जहां एक तरफ केंद्रीय मंत्रिमंडल में रिक्तियों और फेरबदल को लेकर तरह-तरह के कयासों का बाजार गर्म है। पूर्वी दिल्ली से सांसद और कद्दावर नेता हर्ष मल्होत्रा के प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बाद से ही दिल्ली के कोटे से केंद्र सरकार में किसी नए चेहरे की एंट्री को लेकर राजनीतिक अटकलें तेज हो गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में क्षेत्रीय संतुलन और आगामी चुनावी राज्यों की रणनीतियों को साधने के लिए सत्ता के गलियारों में कुछ बड़े और चौंकाने वाले संगठनात्मक फैसले लिए जा सकते हैं, जिसका सीधा असर देश की राष्ट्रीय राजनीति पर पड़ना तय माना जा रहा है।
पटना सहित बिहार के कई जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ा, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट
बिहार में शुक्रवार को बाढ़ की स्थिति और बिगड़ गई, क्योंकि गंगा, गंडक, पुनपुन और दरधा सहित प्रमुख नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे राज्य भर में नए इलाके जलमग्न हो गए हैं। जल संसाधन विभाग के अनुसार, शुक्रवार रात तक पटना के गांधी घाट और मोकामा के हथीडा में गंगा के अपने उच्चतम बाढ़ स्तर (एचएफएल) को पार करने की आशंका है।
कस्बे के रेलवे स्टेशन पर बृहस्पतिवार सुबह एक नवविवाहिता को लेकर हंगामा हो गया।
बेंगलुरु में बिहार का डंका; 4 दिवसीय महोत्सव में जुटेंगे 1 लाख लोग, सीएम सम्राट ने किया उद्घाटन
बेंगलुरु में द आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित 4 दिवसीय बिहार महोत्सव का आयोजन किया गया है। श्री श्री रवि शंकर की उपस्थिति में सीएम सम्राट चौधरी ने उद्घाटन किया।
Bihar News Today Live: बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 4 सितम्बर के मुख्य और ताजा समाचार
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Bihar Weather Today: बाढ़ के बीच मानसून की भारी बारिश, पटना समेत 24 जिलों के लिए अलर्ट जारी
Bihar Weather Today: बाढ़ की तबाही से जूझ रहे बिहार में मानसून कड़े में है। आज 4 सितम्बर शुक्रवार को राज्य के 24 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है इनमें चार जिलों में भारी वर्षा हो सकती है।
PM Kisan Yojana: बिहार के किसानों के लिए बदला आवेदन का तरीका, फॉर्म भरने से पहले बनवानी होगी Farmer ID
Bihar News: DSP रंजीत रजक की बढ़ेंगी मुश्किलें, आय से अधिक संपत्ति केस में हाई कोर्ट फिर जाएगी EOU
डीएसपी रंजीत कुमार रजक की मुश्किलें बढ़ सकती हैं क्योंकि आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) पटना हाई कोर्ट द्वारा उनके विरुद्ध दर्ज आय से अधिक संपत्ति के मामले को रद्द करने के फैसले को चुनौती देने की तैयारी में है।
बिहार में मानसून सक्रिय है, अगले 24 घंटों में पटना सहित सभी जिलों में छिटपुट वर्षा और उमस रहेगी। गोपालगंज, सिवान, पूर्वी व पश्चिमी चंपारण में भारी वर्षा की चेतावनी है, जबकि उत्तर बिहार में वर्षा जारी रहेगी।
National Wildlife Day 2026:भागलपुर में पहली बार एक ऐतिहासिक 'बर्ड एटलस' तैयार किया जा रहा है, जिसमें गंगा किनारे 105 दुर्लभ पक्षी प्रजातियों की पहचान की गई है। यह सर्वेक्षण शहर को प्रदूषण के बीच पक्षियों के लिए स्वर्ग बना रहा है और उनके संरक्षण की रणनीति तय करेगा।
भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय रेल नेटवर्क पर यात्रियों की निगरानी और जांच के लिए बिहार सीमा पर इमिग्रेशन पोस्ट बनाया जाएगा। यह चौकी जयनगर-इनरवा रेलखंड पर आईबी के नेतृत्व में बनेगी, जिससे अवैध घुसपैठ और तस्करी पर रोक लगेगी।
Tejashwi Yadav ने Bihar में बाढ़ संकट पर NDA सरकार को घेरा, उठाए सवाल
पटना, तीन सितंबर राजद के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि केंद्र और बिहार सरकार राज्य में हर वर्ष आने वाली बाढ़ की समस्या का कोई ‘‘स्थायी समाधान’’ निकालने में विफल रही है। तेजस्वी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘केंद्र में 12 वर्षों और बिहार में 20 वर्षों से सत्ता में रही भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकारें बाढ़ जैसी समस्या और उससे होने वाली तबाही का स्थायी समाधान नहीं खोज सकीं।’’उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि जन-धन और पशुधन की हानि रोकने के लिए जमीनी स्तर पर विशेष ध्यान दिया जाए, क्योंकि ‘‘आगे और बड़ा खतरा मंडरा सकता है।’’बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी ने कहा कि वह शुक्रवार को अपने विधानसभा क्षेत्र राघोपुर के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर स्थिति का जायजा लेंगे। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) की शनिवार से प्रस्तावित ‘नीतीश संवाद यात्रा’ पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में तेजस्वी ने आरोप लगाया कि जदयू के कई नेता, जिनमें उसके राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष भी शामिल हैं, भाजपा के इशारे पर अपनी ही पार्टी को कमजोर करने में लगे हैं। उन्होंने दावा किया, ‘‘मुख्यमंत्री पद से हटाने के बाद नीतीश को राज्यसभा भेज दिया गया। जदयू को खत्म कर दिया गया है। संजय कुमार झा जैसे नेता वास्तव में भाजपा के व्यक्ति हैं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह की चापलूसी में लगे हैं। अंततः वे भाजपा में ही लौट जाएंगे।’’तेजस्वी ने देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति को लेकर भी केंद्र सरकार की आलोचना की और प्रधानमंत्री मोदी से रील बनाने के बजाय जमीनी हकीकत पर ध्यान देने की अपील की। राजद नेता ने कहा, ‘‘मोदी जी रील बनाते हैं, लेकिन हकीकत नहीं देखते। प्रति व्यक्ति आय के मामले में भूटान और श्रीलंका जैसे छोटे देश भारत से आगे निकल गए हैं। रोजाना 26 स्कूल बंद हो रहे हैं, महंगाई चरम पर है, बेरोजगारी व्यापक है और सरकार भारतीय रिजर्व बैंक से भारी कर्ज ले रही है।
बिहार के 13 जिले में कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं। गंगा, सोन, पुनपुन समेत 8 नदियां उफान पर हैं। पटना और आसपास के इलाके फतुहा, दानापुर, पुनपुन के घाटों पर पानी खतरे के निशान के पार बह रहा है। कई प्रखंड के गांवों में पानी घुस गया है। लाखों की आबादी प्रभावित है। कहीं सड़कों पर घुटनों तक पानी भरा है, तो कहीं नाव ही लोगों का एकमात्र सहारा है। भास्कर के ड्रोन कैमरे से देखिए बिहार की नदियों में बढ़े जलस्तर के बाद का मंजर…ऊपर क्लिक कर देखें वीडियो…
मध्य प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात:यूपी में जंगल से बाहर आए बाघ, बिहार में 8 नदियां उफान पर
मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश की वजह से बाढ़ जैसे हालात हैं। मानसून का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव है। सीधी के कैमूर पहाड़ की मूड़ा घाटी में लैंडस्लाइड से सीधी-UP मार्ग बंद है। टीकमगढ़ और दमोह में भारी बारिश का रेड और 13 जिलों में ऑरेंज अलर्ट है। यूपी में लगातार बारिश से 23 जिलों में बाढ़ की चपेट में हैं। अब तक 16 हजार से अधिक लोगों का रेस्क्यू किया गया है। पीलीभीत में 35 गांव बाढ़ में डूबे हैं। वन्यजीव जंगलों से बाहर आ रहे हैं। कोन गांव में गुरुवार को एक बाघ घूमता नजर आया। मौसम विभाग के मुताबिक, राजस्थान में 4 सितंबर से बारिश की गतिविधियां तेज होंगी। जयपुर, भरतपुर के साथ कोटा, अजमेर संभाग में बरसात का यलो अलर्ट है। कहीं-कहीं भारी बारिश की भी आशंका है। उत्तराखंड में पिछले चार दिनों से रुक-रुककर तेज बारिश हो रहा है। चमोली में लैंडस्लाइड के बाद बद्रीनाथ हाईवे बंद हो गया। देहरादून, उत्तरकाशी, चमोली समेत 7 जिलों भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। सैटेलाइट मैप में देखें मानसूनी बादलों की स्थिति देशभर से मौसम की तस्वीरें
Bareilly News: थाने में बोली बिहार निवासी महिला- इस पति के साथ नहीं रहना
थाने में बोली बिहार निवासी महिला- इस पति के साथ नहीं रहना
भारत और बांग्लादेश के बीच 30 साल पहले हुई फरक्का जल संधि दिसंबर में खत्म होने वाली है. इससे पहले बिहार ने सरकार से एक मांग की है. इस पर विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा है कि सभी चिंताओं को ध्यान में रखा जाएगा.
बेंगलुरु में श्रीश्री रविशंकर संग CM सम्राट, बिहारियों से बोले- कमाई जहां से हो; बिहार को भी न भूलें
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और श्रीश्री रविशंकर ने बेंगलुरु में चार दिवसीय बिहार महोत्सव का भव्य शुभारंभ किया। सीएम ने प्रवासी बिहारियों से अपनी जन्मभूमि बिहार के विकास में योगदान देने की अपील की और 2028 तक मां सीता के भव्य मंदिर निर्माण की घोषणा की।
नदियों के बढ़ते जलस्तर से बिहार में बढ़ीं मुश्किलें, कटाव प्रभावित इलाकों पर नजर
Patna, 3 सितंबर . बिहार में गंगा समेत कई प्रमुख नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि और तेज कटाव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. राज्य के कई जिलों में नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे निचले इलाकों में पानी फैलने लगा है. पश्चिम चंपारण, भोजपुर, खगड़िया, भागलपुर, रोहतास सहित ... Read more
बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में वोकेशनल व प्रोफेशनल कोर्स की प्रायोगिक परीक्षा 7 सितंबर से
बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में सेल्फ फाइनेंस स्कीम के तहत वोकेशनल और प्रोफेशनल कोर्स की प्रायोगिक व वाइवा परीक्षा 7 से 18 सितंबर तक होगी। विश्वविद्यालय ने सभी संबद्ध कॉलेजों को निर्धारित समय में परीक्षा संपन्न कराकर मार्क्स फाइल जमा करने का निर्देश दिया है।
बिहार में मानसून सक्रिय है, मौसम विभाग ने 9 सितंबर तक भारी बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है।
Bihar: विजय कुमार चौधरी ने लिया फ्लड फाइटिंग का जायजा, अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश
माननीय उपमुख्य (जल संसाधन) मंत्री विजय कुमार चौधरी ने आज सिंचाई भवन स्थित जल संसाधन विभाग के कंट्रोल कमांड सेंटर (Control Command Centre) का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पुनपुन एवं दरधा नदियों के जलस्तर में वृद्धि, भागलपुर के खरीक प्रखंड में स्थित काजीकोरैया-राघोपुर बांध तथा कटाव प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे फ्लड फाइटिंग कार्यों की स्थिति की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की। इसे भी पढ़ें: Bihar में शुरू हुआ 'आपके दरवाजे पर दवा' अभियान, 6 करोड़ लोगों की होगी Health Screening राज्य के संवेदनशील एवं कटाव प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्तर पर चल रहे फ्लड फाइटिंग कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को पूरी तत्परता एवं मुस्तैदी के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। साथ ही, फ्लड फाइटिंग कार्यों की सतत निगरानी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया, ताकि संभावित क्षति को समय रहते नियंत्रित किया जा सके और प्रभावित क्षेत्रों में आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित हो। इसे भी पढ़ें: बिहार में खुलेगा राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय का परिसर, केंद्र सरकार ने दी मंजूरी उन्होंने विभाग के सचिव एवं अभियंताओं की पूरी टीम द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं तथा उनका उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि सभी संबंधित अधिकारी क्षेत्र में चल रहे फ्लड फाइटिंग कार्यों पर लगातार नजर बनाए रखें तथा आवश्यकता के अनुसार तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कंट्रोल कमांड सेंटर के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों की स्थिति की नियमित निगरानी करने तथा स्थानीय स्तर से प्राप्त सूचनाओं पर त्वरित संज्ञान लेने का भी निर्देश दिया।
बिहार में बिजली कटने के क्या हैं नियम? Smart Meter का बैलेंस माइनस में हो तो क्या करें
Bihar Electricity Rules: बिहार में स्मार्ट प्रीपेड मीटर के नियमों को लेकर उपभोक्ताओं के मन में कई सवाल होते हैं। ऊर्जा विभाग ने बैलेंस कटौती, ग्रेस पीरियड, बिजली कटने के समय और रिचार्ज छूट जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर स्थिति साफ की है।
'मैं इन युवाओं के साथ खड़ा हूं', बिहार छात्र आंदोलन के घायलों से मिले राहुल गांधी
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को बिहार छात्र आंदोलन में घायल हुए युवाओं से मुलाकात की।
‘मैं इन युवाओं के साथ खड़ा हूं’, बिहार छात्र आंदोलन के घायलों से मिले राहुल गांधी
New Delhi, 3 सितंबर . कांग्रेस सांसद और Lok Sabha में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने Thursday को बिहार छात्र आंदोलन में घायल हुए युवाओं से मुलाकात की. इस दौरान राहुल गांधी ने युवाओं के साथ खड़े रहने और उनकी हर संभव मदद करने का आश्वसन भी दिया. राहुल गांधी ने social media प्लेटफॉर्म एक्स ... Read more
'मैं इन युवाओं के साथ खड़ा हूं', बिहार छात्र आंदोलन के घायलों से मिले राहुल गांधी
'मैं इन युवाओं के साथ खड़ा हूं', बिहार छात्र आंदोलन के घायलों से मिले राहुल गांधी
औरंगाबाद में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सह कुटुंबा के पूर्व विधायक राजेश कुमार गुरुवार को औरंगाबाद पहुंचे और रेप पीड़िता के घर जाकर उससे मुलाकात की। उन्होंने पीड़िता और उसके परिजनों से घटना की जानकारी ली और हरसंभव मदद के साथ न्याय दिलाने का भरोसा दिया। इस दौरान उन्होंने औरंगाबाद एसपी उपेंद्रनाथ वर्मा से फोन पर बात कर मामले में आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग की। राजेश कुमार ने बताया कि एसपी ने उन्हें जानकारी दी है कि मामले के तीसरे आरोपी ने भी कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। एसपी ने भरोसा दिया है कि मामले में स्पीडी ट्रायल चलाकर आरोपियों को जल्द सजा दिलाने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी। बोले- रेप शब्द सुनना भी अपराध जैसा लगता है, फिर भी घटनाएं बढ़ रहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि रेप ऐसा शब्द है, जिसका नाम लेना भी अपराध जैसा लगता है। इसके बावजूद बिहार में महिलाओं के खिलाफ ऐसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि अपराधियों की कोई जाति नहीं होती। अपराधी किसी भी जाति या समुदाय का हो, उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस हरसंभव प्रयास करेगी। किसी भी आरोपी को उसके प्रभाव या पहचान के आधार पर संरक्षण नहीं मिलना चाहिए। गांव के ही तीन युवकों पर आरोप, सामाजिक व्यवस्था पर उठाए सवाल राजेश कुमार ने कहा कि इस घटना की सबसे चिंताजनक बात यह है कि मामले में आरोपित तीनों युवक उसी गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने कहा कि गांव में लोग एक-दूसरे से सामाजिक और पारिवारिक रिश्तों से जुड़े होते हैं। ऐसे में गांव के ही युवकों पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगना समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं समाज के सामने बड़ा सवाल खड़ा करती हैं कि आखिर समाज किस दिशा में जा रहा है। महिलाओं और बेटियों के प्रति सम्मान और सुरक्षा की भावना को मजबूत करने की जरूरत है। अपराधियों पर कार्रवाई के साथ समाज को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर हमला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने बिहार सरकार को कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर घेरा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बिहार में सुशासन का दावा करते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग है। राज्य में लूट, हत्या और दुष्कर्म जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने दावा किया कि अपराध के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो बिहार की स्थिति उत्तर प्रदेश से भी खराब है। उन्होंने कहा कि राज्य में बेटियों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है। सरकार को अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के साथ पुलिस-प्रशासन की जवाबदेही भी तय करनी चाहिए। सड़क से सदन तक आंदोलन की चेतावनी राजेश कुमार ने कहा कि पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस पीछे नहीं हटेगी। जरूरत पड़ी तो पार्टी इस मामले को लेकर सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि अपराधी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून से ऊपर कोई नहीं है। दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
चोरी के डर से घर की छत पर ही चढ़ा दी Scorpio! बिहार के शख्स का अनोखा जुगाड़, वीडियो वायरल
बिहार में Mahindra Scorpio को क्रेन से घर की छत पर रखने का वीडियो वायरल हो रहा है. दावा किया जा रहा है कि Scorpio मालिक विदेश जाने से पहले SUV को सुरक्षित रखना चाहता था.
Bhagalpur Municipal Corporation:भागलपुर नगर निगम ने सितंबर को 'राजस्व वसूली माह' घोषित किया है, जिसमें होल्डिंग टैक्स और अन्य शुल्कों की वसूली तेज की जा रही है। सितंबर तक भुगतान करने पर ब्याज से छूट मिलेगी, जबकि 1 अक्टूबर से बकाया राशि पर 1.5% प्रतिमाह चक्रवृद्धि ब्याज लगेगा।
बिहार की सियासत में बयानों के तीर और राजनीतिक उठापटक का सिलसिला कभी थमता नहीं है, और जब बात परिवारवाद, चुनावी सरगर्मी या जनता से जुड़े मुद्दों की हो, तो जुबानी जंग अपने चरम पर पहुंच जाती है। इन दिनों राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के गलियारों से लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और एनडीए गठबंधन के खेमे तक एक ऐसा ही सियासी तूफान खड़ा हो गया है, जिसने राज्य की हवा को पूरी तरह गर्म कर दिया है। इस बार इस राजनीतिक हलचल के केंद्र में कोई और नहीं बल्कि पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की पुत्री और राजनीति में अपने बेबाक अंदाज के लिए पहचानी जाने वाली रोहिणी आचार्य हैं। देश से कोसों दूर सिंगापुर में रहने के बावजूद रोहिणी आचार्य सोशल मीडिया और अपने तीखे बयानों के जरिए लगातार बिहार की राजनीति के हर एक पहलू पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं और सरकार पर लगातार कड़े हमले कर रही हैं। हाल ही में उन्होंने सरकार की भूमि अधिग्रहण और विकास नीतियों को लेकर एक ऐसा विस्फोटक बयान दिया है, जिसमें उन्होंने सीधे तौर पर यह आरोप लगाया है कि सरकार 'किसानों की उपजाऊ जमीन छीनने की गहरी साजिश' रच रही है। आज के इस विस्तृत और गहराई से विश्लेषण वाले लेख में हम रोहिणी आचार्य के इस सनसनीखेज बयान, बिहार की गरमाती राजनीति, भूमि अधिग्रहण के विवाद और इसके राजनीतिक प्रभावों के हर एक पहलू पर विस्तार से चर्चा करेंगे ताकि आप इस बड़ी प्रांतीय खबर से पूरी तरह वाकिफ हो सकें।क्या है पूरा मामला और क्यों सिंगापुर से सियासी खेत जोत रही हैं रोहिणी आचार्यबिहार की राजनीति में पिछले कुछ वर्षों से लालू परिवार के सदस्यों की भूमिका और उनकी सक्रियता पर लगातार बहस होती रही है। खासकर रोहिणी आचार्य ने जिस तरह से अपनी किडनी डोपा करके अपने पिता लालू यादव को नया जीवनदान दिया है, उसके बाद से राजनीतिक गलियारों में उनकी एक अलग और मजबूत छवि बनकर उभरी है। हालांकि वे व्यक्तिगत रूप से सिंगापुर में अपने परिवार के साथ निवास करती हैं, लेकिन आधुनिक संचार माध्यमों, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) और डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए वे बिहार की हर छोटी-बड़ी राजनीतिक घटना पर त्वरित प्रतिक्रिया देती रहती हैं। राजनीतिक विश्लेषक अक्सर यह कहते नजर आते हैं कि रोहिणी आचार्य भले ही भौगोलिक रूप से देश से बाहर हैं, लेकिन वे अपने शब्दों के जरिए बिहार के सियासी खेत को लगातार जोत रही हैं और विपक्षी दलों को रक्षात्मक होने पर मजबूर कर रही हैं। उनका यह ताजा बयान भी उसी राजनीतिक रणनीति का एक हिस्सा माना जा रहा है, जिसके जरिए वे सीधे तौर पर सत्ता पक्ष के फैसलों को जनता की अदालत में चुनौती दे रही हैं।रोहिणी आचार्य का तीखा हमला: 'गरीब किसानों और अन्नदाताओं को उजाड़ने की हो रही है नापाक कोशिश'अपने ताजा राजनीतिक बयान में रोहिणी आचार्य ने राज्य सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि तथाकथित विकास के नाम पर गरीबों, मजदूरों और किसानों की पुश्तैनी जमीनों को जबरन अधिग्रहित करने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने अपने संदेश में यह आरोप लगाया कि सरकार पूंजीपतियों और चुनिंदा उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए उन किसानों की जमीनों को छीनने की साजिश रच रही है, जिनका एकमात्र सहारा उनकी यही उपजाऊ मिट्टी है। रोहिणी ने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग एसी कमरों में बैठकर बड़े-बड़े फैसले ले रहे हैं, उन्हें इस बात का कोई अंदाजा नहीं है कि जब एक किसान से उसकी जमीन छिन जाती है, तो उसकी आने वाली पीढ़ियों का भविष्य कैसे अंधकारमय हो जाता है। उनके इस आक्रामक बयान के सामने आने के बाद से ही राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है और विपक्षी दल इस मुद्दे को लपककर सरकार के खिलाफ एक बड़ा जन आंदोलन खड़ा करने की तैयारियों में जुट गए हैं।सत्ता पक्ष का कड़ा पलटवार: विपक्ष पर फैलाए जा रहे भ्रम और राजनीतिक रोटियां सेकने का आरोपरोहिणी आचार्य के इस तीखे हमले के बाद सत्ता पक्ष यानी जनता दल यूनाइटेड (JDU) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने भी बिना देर किए जोरदार पलटवार करना शुरू कर दिया है। सरकार के प्रवक्ताओं और वरिष्ठ मंत्रियों ने स्पष्ट शब्दों में यह कहा है कि रोहिणी आचार्य को बिहार की जमीनी हकीकत का कोई ज्ञान नहीं है और वे विदेश में बैठकर केवल सोशल मीडिया पर झूठे और भ्रामक बयानबाजी कर रही हैं। सत्ता पक्ष का यह तर्क है कि सरकार द्वारा जो भी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, एक्सप्रेसवे या औद्योगिक गलियारे बनाए जा रहे हैं, वे पूरी तरह पारदर्शी हैं और किसानों को उनकी जमीन का बाजार भाव से कई गुना अधिक मुआवजा दिया जा रहा है। नेताओं का यह भी कहना है कि विपक्ष के पास राज्य के विकास को रोकने के अलावा और कोई मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वे ऐसे बयानों के जरिए केवल अपनी राजनीतिक जमीन तलाशने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं।बिहार की राजनीति और आगामी चुनावों पर इस बयान का क्या पड़ेगा गहरा असरबिहार का राजनीतिक इतिहास इस बात का गवाह रहा है कि भूमि अधिग्रहण, किसान के अधिकार और रोजगार जैसे मुद्दे हमेशा से यहां के चुनावों की दिशा तय करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाते आए हैं। रोहिणी आचार्य द्वारा इस संवेदनशील मुद्दे को इस तरह आक्रामक तरीके से उठाने का मुख्य उद्देश्य आरजेडी के पारंपरिक वोट बैंक यानी किसानों, पिछड़ों और वंचितों को यह संदेश देना है कि उनकी पार्टी हर परिस्थिति में उनके अधिकारों के लिए लड़ने को तैयार बैठी है। जैसे-जैसे राज्य में राजनीतिक गतिविधियां तेज होती जा रही हैं, यह साफ नजर आ रहा है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक तूल पकड़ेगा। जनता अब यह भली-भांति समझ रही है कि विकास और किसान के हक की इस लड़ाई में कौन सच बोल रहा है और कौन सिर्फ राजनीति कर रहा है। हम उम्मीद करते हैं कि यह विस्तृत रिपोर्ट आपको बिहार की राजनीति से जुड़ी इस ताजा और महत्वपूर्ण खबर से पूरी तरह अवगत कराने में सफल रही होगी और आप राज्य के हर राजनीतिक अपडेट से लगातार जुड़े रहेंगे।
Bihar Flood Situation : हिमनद के कारण आई नेपाल बाढ़ का प्रभाव अब वैसा नहीं, लेकिन पड़ोसी देश और आसपास के राज्यों में लगातार बारिश के कारण बिहार की नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। कहीं रोज घर-मकान डूब रहे, तो कहीं अंधेरा छा गया। पढ़ें अपडेट।
BiharWeather Update:भागलपुर में मानसून मेहरबान है, जहाँ एक सप्ताह में 178.8 मिमी बारिश हुई और दिन का तापमान 5 डिग्री सेल्सियस गिरा। हालांकि, सुल्तानगंज के अजगैवीनाथ धाम में भारी जलजमाव से जनजीवन अस्त-व्यस्त है, जिससे नगर परिषद के दावों की पोल खुल गई है।
MP से छोड़ा गया पानी, बिहार में बढ़ी टेंशन : सोन नदी में 5.25 लाख क्यूसेक का रिकॉर्ड बहाव
मध्य प्रदेश के बाणसागर बांध से छोड़ा गया पानी बिहार पहुंचने के बाद सोन नदी में इस साल का सबसे बड़ा, 5.25 लाख क्यूसेक जलप्रवाह दर्ज हुआ. बढ़ते दबाव के कारण इंद्रपुरी बैराज के 69 गेट खोलने पड़े. रोहतास, भोजपुर, औरंगाबाद और पटना समेत कई इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है.
Bihar में BPSC TRE 4.0 शिक्षक भर्ती 2026: आवेदन प्रक्रिया और महत्वपूर्ण जानकारी
Bihar में BPSC TRE 4.0 शिक्षक भर्ती 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया 21 सितंबर से शुरू होने की संभावना है। इस बार कुल 33,385 पदों की संख्या बढ़ाई गई है। जानें आवेदन की प्रक्रिया, योग्यता मानदंड और परीक्षा की तिथियाँ। यह जानकारी उन सभी के लिए महत्वपूर्ण है जो सरकारी शिक्षक बनने का सपना देख रहे हैं।
Bihar में BPSC TRE-4 परीक्षा अब एकल चरण में होगी
Bihar में BPSC TRE-4 परीक्षा को एकल चरण में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है, जो लाखों उम्मीदवारों के लिए राहत की खबर है। यह बदलाव सरकार द्वारा लंबे समय से चल रही मांगों के बाद किया गया है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि यह निर्णय छात्रों की मांगों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। आवेदन प्रक्रिया 21 सितंबर से शुरू होने की संभावना है। जानें इस बदलाव के पीछे की वजह और आगे की प्रक्रिया के बारे में अधिक जानकारी।
बिहार के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में बीपीएससी टीआरई 2 व 3 की भर्ती में दिव्यांग आरक्षण पर बिहार से बाहर के अभ्यर्थियों की नियुक्ति में गड़बड़ी सामने आई है। सूबे के बाहर के निवासी दिव्यांग अभ्यर्थी 82 अंक में ही विद्यालय अध्यापक बन गए।
सितंबर शुरू होते ही लोगों को एक बार फिर मौसम की मार झेलनी पड़ सकती है। कभी तेज धूप तो कभी अचानक बारिश से आम जनजीवन पहले ही प्रभावित है। अब बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के कारण देश के कई हिस्सों में मौसम फिर करवट लेने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान […]
विदेश मंत्री ने कहा है कि फरक्का जल संधि में बिहार की जरुरतों का ख्याल रखा जाएगा। बता दें कि संजय झा ने 6 अगस्त को राज्यसभा में विशेष उल्लेख के तहत बिहार के हित में यह मुद्दा उठाया। उन्होंने फरक्का जल संधि का नवीनीकरण नहीं करने और बिहार के जल हितों की रक्षा करने का अनुरोध किया था।
प्रशांत किशोर को बिहार विधानसभा में मिली जिम्मेदारी, बनाए गए पर्यटन उद्योग समिति के सदस्य
जन सुराज पार्टी के सूत्रधार और बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर को बिहार विधानसभा की पर्यटन उद्योग समिति का सदस्य बनाया गया है। यह नियुक्ति चालू वित्तीय वर्ष की शेष सात माह की अवधि के लिए है, जिसकी अध्यक्षता जदयू विधायक मनोरंजन सिंह कर रहे हैं।
IMD Heavy Rain Alert: देश भर में मानसून एक बार फिर अपने प्रचंड रूप में आ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 3 सितंबर के लिए मौसम की एक बेहद गंभीर चेतावनी जारी की है। समें देश के कई हिस्सों में आफत की बारिश का अनुमान जताया गया है। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत और पूर्वोत्तर राज्यों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बहुत ज्यादा मूसलाधार बारिश को लेकर रेड अलर्ट जैसी स्थिति बनी हुई है।पूर्वी मध्य प्रदेश में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी, पश्चिमी यूपी, विदर्भ और बंगाल भी प्रभावितमध्य भारत के इलाकों में आज बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने पूर्वी मध्य प्रदेश के अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया है। इसके अलावा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, विदर्भ और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के दूर-दराज के इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इन क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी और निचले इलाकों में जलभराव का खतरा गहरा गया है।दिल्ली-एनसीआर, बिहार, पंजाब और पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश का अलर्टदेश की राजधानी दिल्ली और आसपास के राज्यों में भी आज मौसम के कड़े तेवर देखने को मिल सकते हैं। IMD के मुताबिक हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके साथ ही पूर्वी भारत के राज्य बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी तेज बारिश की चेतावनी दी गई है। पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कई जगहों पर मध्यम से भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है।गरज-चमक के साथ तेज आंधी और आकाशीय बिजली का खतरामौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ तेज हवाओं और आकाशीय बिजली गिरने को लेकर भी लोगों को सतर्क किया है। आंध्र प्रदेश में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज झोंकेदार हवाओं के साथ आंधी और बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है। आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फरबाद के क्षेत्रों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल व सिक्किम और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आकाशीय बिजली गिरने को लेकर चेतावनी जारी की गई है। आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में मजबूत सतही हवाएं भी चल सकती हैं।तटीय इलाकों और समुद्र में मौसम रहेगा खतरनाक, मछुआरों के लिए अलर्टसमुद्री इलाकों में भी हवा का रुख बेहद उग्र रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक अरब सागर में सोमालिया तट के पास और उससे सटे पश्चिम-मध्य व दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। इनकी गति बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। बंगाल की खाड़ी में मन्नार की खाड़ी से सटे दक्षिण तमिलनाडु तट और दक्षिण श्रीलंका तट से लगे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के इलाकों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंके आने की आशंका है। IMD ने मछुआरों को इन खतरनाक समुद्री क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी है।यह भी पढ़ें:Delhi Weather Today: दिल्ली में आज फिर बरसेंगे बादल! हल्की से मध्यम बारिश के आसार, 5 सितंबर से बदलेगा मौसम

