होर्मुज पर अमेरिका-ईरान फिर आमने-सामने, बिहार के युवाओं के लिए गुड न्यूज; पढ़ें शाम की बड़ी खबरें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किए नक्शे में अमेरिका का नया इलाका बताकर ईरान के साथ तनाव बढ़ा दिया है, दूसरी ओर बिहार लोक सेवा आयोग ने शिक्षक भर्ती के चौथे चरण का नोटिफिकेशन जारी कर 32388 पदों पर आवेदन आमंत्रित किए हैं।
बिहार में बड़ा IPS फेरबदल: Siwan AK-47 विवाद पर SP हटाए गए, Bhojpur SP भी नपे
मंगलवार को बिहार सरकार ने बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 18 सीनियर IPS अधिकारियों का तबादला कर दिया। इनमें भोजपुर और सिवान के SP भी शामिल हैं, जहाँ पुलिस की कार्रवाई को लेकर विवाद हुआ था। राज्य के गृह विभाग की ओर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, सरकार ने सिवान के SP पूरन कुमार झा का तबादला कर दिया है। गौरतलब है कि पूरन कुमार झा की कमान में ही 25 जुलाई को सिवान में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर AK-47 राइफल का इस्तेमाल किया गया था; उन्हें अब नई पोस्टिंग के लिए वेटिंग लिस्ट में रखा गया है। इसे भी पढ़ें: BPSC ने किया 32,388 Teacher पदों का ऐलान, Bihar में सरकारी नौकरी का बड़ा मौका! इसके अलावा, भोजपुर के SP राज का भी तबादला कर दिया गया है; वहां स्थानीय एक्टिविस्ट भरत तिवारी के एनकाउंटर को लेकर काफी हंगामा हुआ था। हृदय कांत को नालंदा का SP बनाया गया है, जबकि भरत सोनी को सिवान का SP नियुक्त किया गया है। सर्कुलर के मुताबिक, अवधेश दीक्षित भोजपुर जिले के SP बने हैं। एक और घटनाक्रम में, बिहार में शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) के चौथे चरण के समय पर आयोजन की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि परीक्षा का नोटिफिकेशन 24 घंटे के भीतर जारी किया जाए, वरना वे इस्तीफे की मांग को लेकर राज्य के शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव कर सकते हैं। ध्यान देने वाली बात है कि रिसर्च स्कॉलर्स और नौकरी के उम्मीदवार पटना के गर्दनीबाग इलाके में कई मुद्दों को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। इन मुद्दों में असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती के नए नियम और राज्य सिविल सेवा परीक्षा में गड़बड़ियां शामिल हैं। मंगलवार को टीचिंग जॉब के उम्मीदवारों ने अपना विरोध-प्रदर्शन शुरू किया। उनकी मांगों में BPSC-TRE 4 में सिंगल-टियर परीक्षा, गलत तरीकों से नौकरी पाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, BSSC भर्तियों में पारदर्शिता और परीक्षा माफिया के खिलाफ कार्रवाई शामिल है। इसे भी पढ़ें: Patna में छात्र आक्रोश: TRE-4 नोटिफिकेशन में देरी पर Bihar सरकार को अल्टीमेटम छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा कि सरकार को 24 घंटे के भीतर BPSC TRE-4 परीक्षा के लिए नोटिफिकेशन जारी करना चाहिए। ऐसा न होने पर, प्रदर्शनकारी बिहार के शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर उनके आवास का घेराव कर सकते हैं। इसके अलावा, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर तीन दिनों के भीतर मांग पूरी नहीं हुई तो वे भूख हड़ताल पर बैठेंगे। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
BPSC TRE 4 Notification 2026: बिहार में शिक्षकों के पदों पर भर्ती के लिए आंदोलनरत उम्मीदवारों को सरकार के इस फैसले से राहत मिली है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने आज, मंगलवार 18 अगस्त 2026 को शिक्षक भर्ती परीक्षा 4 (TRE 4)- 2026 की औपचारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही राज्य में 32,388 शिक्षक पदों पर भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। इस भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लेने के इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। बीपीएससी टीआरई 4 भर्ती 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया 01 सितंबर 2026 से शुरू हागी। इस भर्ती के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 30 सितंबर 2026 है। फिलहाल परीक्षा की तारीख घोषित नहीं की गई है।इसके साथ ही पटना आदि जगहों पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को राहत मिलेगी। टीआरई-4 और अन्य लंबित परीक्षाओं की मांग को लेकर छात्र कई दिनों से पटना के गर्दनीबाग में अनिश्चितकालीन ‘छात्र न्याय सत्याग्रह’ पर बैठे हैं। छात्र नेता दिलीप कुमार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र सत्याग्रह कर रहे हैं। छात्र नेता ने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने कहा था कि 24 घंटे के अंदर टीआरई-4 का नोटिफिकेशन जारी किया जाए, नहीं तो शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव किया जाएगा। इस बीच शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने मंगलवार को कहा था कि टीआरई-4 का नोटिफिकेशन जल्द जारी किया जाएगा। जितनी वैकेंसी की घोषणा की थी, इस बार उससे ज्यादा पदों पर भर्ती निकलेगी।राज्य सरकार ने भेजी थी लिस्टबिहार सरकार की तरफ से टीआरई-4 भर्ती के लिए कुल 32,388 शिक्षकों के पदों पर नियुक्ति की अधियाचना बीपीएससी को भेजी गई थी, जिसके बाद नोटिफिकेशन का इंतजार हो रहा है। सीएम सम्राट चौधरी की तरफ से इस भर्ती में कुल पदों का ऐलान किया गया था। हालांकि अभ्यर्थियों को 40 हजार से ज्यादा पदों पर भर्ती की उम्मीद थी। कुल पदों के साथ इसकी भी जानकारी दी गई थी कि कौन सी क्लास के लिए कितने टीचर्स की भर्ती की जाए।ये है कुल पदों का ब्रेकअपकक्षा 1–5: 3,847 पदकक्षा 6–8: 8,563 पदकक्षा 9–10: 3,877 पदकक्षा 11–12: 16,101पदकुल पद : 32,388इस भर्ती की एक खास बात यह बताई जा रही है कि एसटीईटी 2026 में शामिल होने वाले अभ्यर्थी भी अीआरई 4 के लिए आवेदन कर सकेंगे। ऐसे उम्मीदवारों को आवेदन करते समय अपना एसटीईटी फॉर्म आईडी नंबर दर्ज करना होगा।Haryana Court Clerk Recruitment 2026: हरियाणा हाईकोर्ट में 1265 क्लर्क भर्ती का एडमिट कार्ड जारी, जानें कैसे करना है डाउनलोड
BPSC TRE 4: चौथी बिहार शिक्षक भर्ती का नोटिफिकेशन जारी, 32,388 पदों पर होगी बहाली
BPSC TRE 4.0 Notification : बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने TRE-4.0 के तहत 32,388 शिक्षक पदों के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। ऑनलाइन आवेदन 1 सितंबर से स्वीकार किए जाएंगे।
BPSC ने किया 32,388 Teacher पदों का ऐलान, Bihar में सरकारी नौकरी का बड़ा मौका!
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने मंगलवार (18 अगस्त) को शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4.0) के चौथे चरण के लिए नोटिफिकेशन जारी किया। इस विज्ञापन के ज़रिए, आयोग ने बिहार शिक्षा विभाग के तहत शिक्षकों के 32,388 खाली पदों पर नियुक्ति के लिए योग्य भारतीय नागरिकों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। BPSC ने X पर एक पोस्ट में कहा कि बिहार शिक्षा विभाग के तहत स्कूल शिक्षकों के कुल 32,388 खाली पदों पर नियुक्ति के लिए योग्य भारतीय उम्मीदवारों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं। विस्तृत जानकारी और आवेदन से संबंधित दिशानिर्देश आधिकारिक वेबसाइट http://bpsc.bihar.gov.in पर उपलब्ध हैं। इसे भी पढ़ें: Chirag Paswan का Bihar CM को पत्र, Assistant Professor Recruitment Rules 2026 की समीक्षा की मांग BPSC TRE-4.0 2026: ज़रूरी तारीखें नोटिफिकेशन के अनुसार, BPSC TRE 4.0 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 1 सितंबर, 2026 से शुरू होगी। आयोग ने उम्मीदवारों को सलाह दी है कि वे रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू करने से पहले विस्तृत विज्ञापन, प्रॉस्पेक्टस और आवेदन से जुड़े निर्देशों को ध्यान से पढ़ें। आवेदन शुरू होने की तारीख: 1 सितंबर आवेदन का तरीका: ऑनलाइन फीस जमा करने की आखिरी तारीख: 29 सितंबर ऑनलाइन आवेदन की आखिरी तारीख: 30 सितंबर आवेदन कैसे करें आवेदन विंडो खुलने के बाद BPSC TRE 4.0 के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन होगी। उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे पात्रता मानदंडों को पूरा करते हैं और फॉर्म जमा करने से पहले सभी विवरणों की सावधानीपूर्वक जांच कर लें, क्योंकि समय सीमा के बाद सुधार के अवसर सीमित हो सकते हैं। BPSC की आधिकारिक वेबसाइट bpsc.bihar.gov.in पर जाएं। BPSC TRE 4.0 भर्ती 2026 लिंक सक्रिय होने पर उस पर क्लिक करें। एक वैध ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर का उपयोग करके पंजीकरण करें। अपनी व्यक्तिगत, शैक्षणिक और शिक्षण योग्यता का विवरण भरें। आवश्यक दस्तावेज, फोटो और हस्ताक्षर अपलोड करें। आवेदन शुल्क का भुगतान ऑनलाइन करें। आवेदन पत्र जमा करें और भविष्य के संदर्भ के लिए पुष्टि पृष्ठ डाउनलोड करें। BPSC शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE) पूरे बिहार में सरकारी स्कूलों के लिए शिक्षकों की भर्ती के लिए आयोजित की जाती है। यह परीक्षा प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों सहित विभिन्न स्तरों पर शिक्षण रिक्तियों को भरने के लिए आयोजित की जाती है।
BPSC TRE 4 LIVE Updates: BPSC TRE 4 के लिए क्या चाहिए योग्यता और कैसे होगा एग्जाम पैटर्न, जानिए यहां
Bihar Teacher Recruitment Notification OUT 2026 :बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने चौथे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE 4.0) का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. शिक्षा विभाग के अंतर्गत कुल 32,388 रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी. ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 1 सितंबर 2026 से शुरू होगी और 30 सितंबर 2026 तक चलेगी.
Chirag Paswan का Bihar CM को पत्र, Assistant Professor Recruitment Rules 2026 की समीक्षा की मांग
फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज़ के केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखकर राज्य सरकार से असिस्टेंट प्रोफ़ेसर भर्ती नियम 2026 पर फिर से विचार करने का आग्रह किया है। उन्होंने पारदर्शिता, उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और छात्रों व योग्य शिक्षकों के भविष्य को लेकर चिंता जताई है। अपने पत्र में पासवान ने बताया कि कई उम्मीदवारों और संबंधित लोगों ने भर्ती के प्रस्तावित नियमों को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने एक ऐसे संतुलित और निष्पक्ष तरीके की ज़रूरत पर ज़ोर दिया जो काबिल उम्मीदवारों, लंबे समय से काम कर रहे गेस्ट फैकल्टी और छात्रों के हितों की रक्षा करे। इसे भी पढ़ें: Patna में छात्र आक्रोश: TRE-4 नोटिफिकेशन में देरी पर Bihar सरकार को अल्टीमेटम पासवान ने इस बात पर ज़ोर दिया कि बिहार में असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती का मौका लंबे समय बाद आया है और कहा कि भर्ती प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए जो निष्पक्ष हो और इसमें शामिल सभी पक्षों को फ़ायदा पहुँचाए। उन्होंने कई प्रावधानों पर फिर से विचार करने की मांग की, जिनमें असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती के लिए UGC रेगुलेशन 2018, टेबल 3A को लागू करना और आवेदकों के लिए अधिकतम उम्र सीमा 55 साल तय करना शामिल है। उन्होंने यह भी मांग की कि बिहार के विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों को स्थायी और नियमित किया जाए और नियुक्तियों के लिए डोमिसाइल पॉलिसी लागू की जाए। इसके अलावा, पासवान ने बिहार के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों की स्वायत्तता में दखलंदाज़ी की आलोचना की। उन्होंने नई भर्ती प्रक्रिया शुरू होने से पहले, राज्य के विश्वविद्यालयों में 65 साल की उम्र तक लगातार काम करने वाले गेस्ट असिस्टेंट प्रोफेसरों को रेगुलर करने की मांग की। इसे भी पढ़ें: UP ATS ने Jaish-e-Mohammed से संबंध के आरोपी मोहम्मद जफर को किया गिरफ्तार पासवान ने कहा कि मेरा पक्का मानना है कि भर्ती प्रक्रिया का मकसद सिर्फ़ खाली पद भरना नहीं, बल्कि काबिल, अनुभवी और बेहतरीन शिक्षकों के ज़रिए बिहार के उच्च शिक्षा सिस्टम को मज़बूत बनाना होना चाहिए। उन्होंने ज़ोर दिया कि प्रस्तावित नियमों में उन युवा उम्मीदवारों के भविष्य का ध्यान रखा जाना चाहिए जो सालों से तैयारी कर रहे हैं, और उन योग्य गेस्ट टीचर्स का भी जिन्होंने लंबे समय तक सेवा दी है। पासवान ने कहा कि ऐसे अहम नियमों का बिहार के विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, उम्मीदवारों, गेस्ट टीचर्स और छात्रों के भविष्य पर सीधा असर पड़ेगा। इसलिए, इन नियमों को अंतिम रूप देने से पहले सभी संबंधित पक्षों के साथ व्यापक बातचीत करना ज़रूरी है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि नियम लागू होने के बाद एकेडमिक और रिसर्च गतिविधियों पर कोई बुरा असर न पड़े। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
BPSC ने प्रदर्शन के बीच जारी किया TRE-4 का नोटिफिकेशन, बिहार में 32388 शिक्षक पदों पर भर्ती
बिहार में जिस टीआरई-4 नोटिफिकेशन को लेकर पिछले लंबे समय से प्रदर्शन चल रहा था, उसका नोटिफिकेशन जारी हो चुका है. बीपीएससी की तरफ से ये डीटेल्ड नोटिफिकेशन जारी किया गया है.
मेरठ, 18 अगस्त . यूपी एटीएस ने बिहार के रहने वाले मोहम्मद जफर को जैश-ए-मोहम्मद से संबंध होने के आरोप में हापुड़ से गिरफ्तार किया. अधिकारियों ने बताया कि वह मस्जिद बनाने के लिए चंदा इकट्ठा करता था और उस पैसे को संगठन को भेज देता था. बताया जा रहा है कि उसके मोबाइल में ... Read more
सीवान एसपी हटाए गए, रौशन छपरा के नए एसएसपी; बिहार में 18 आईपीएस और डीएसपी का ट्रांसफर
बिहार पुलिस में बड़ा फेरबदल करते हुए 18 आईपीएस और कई डीएसपी का तबादला कर दिया गया है। सीवान एसपी पूरन झा को हटा दिया गया है। छपरा में रौशन कुमार को नया एसएसपी बनाया गया है। वहीं, रोहतास, भोजपुर, और नालंदा जिले के एसपी भी बदले गए हैं।
Patna में छात्र आक्रोश: TRE-4 नोटिफिकेशन में देरी पर Bihar सरकार को अल्टीमेटम
बिहार में शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) के चौथे चरण को समय पर आयोजित करने की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार को मांग की कि परीक्षा के लिए नोटिफिकेशन 24 घंटे के भीतर जारी किया जाए, वरना वे इस्तीफे की मांग को लेकर राज्य के शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव कर सकते हैं। कई रिसर्च स्कॉलर और नौकरी के उम्मीदवार पटना के गर्दनीबाग इलाके में कई मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, जिनमें असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती के नए नियम और राज्य सिविल सेवा परीक्षा में विसंगतियां शामिल हैं। इसे भी पढ़ें: टिकट कटने से UP Prabhari बनने तक, Vinod Tawde की काबिलियत पर BJP का भरोसा, बदलेंगे UP का सियासी समीकरण? इसके अलावा, वे BPSC-TRE 4 में एक ही चरण की परीक्षा, गलत तरीकों से नौकरी पाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, BSSC भर्तियों में पारदर्शिता और परीक्षा माफिया के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग कर रहे हैं। छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा कि राज्य सरकार को 24 घंटे के भीतर BPSC TRE-4 परीक्षा के लिए नोटिफिकेशन जारी करना चाहिए। ऐसा न होने पर, वे बिहार के शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर उनके आवास का घेराव करेंगे। छात्र नेता ने यह भी धमकी दी कि अगर तीन दिनों के अंदर उनकी मांग पूरी नहीं हुई, तो वे भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे। गौरतलब है कि एक और प्रदर्शनकारी कुमुद पटेल पिछले 15 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। एक और छात्र नेता कुंदन सिंह ने बताया कि प्रदर्शनकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर और अतिरिक्त मुख्य सचिव दीपक कुमार से बातचीत की। हालांकि, उन्होंने कहा कि उन दोनों के पास छात्रों के सवालों का कोई जवाब नहीं था। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार को दिल्ली के जंतर-मंतर और झारखंड में हुए आंदोलनों से सीख लेनी चाहिए, ताकि यह विरोध प्रदर्शन और बड़ा रूप न ले ले। इसे भी पढ़ें: Shatrughan Sinha का बड़ा दावा- बेटी Sonakshi की ट्रोलिंग के पीछे BJP IT सेल का हाथ, कहा- 'सब प्रायोजित है' उन्होंने यह भी कहा कि जब शिक्षक और छात्र दोनों ही सड़कों पर हों, तो यह साफ है कि बिहार की शिक्षा नीति में कुछ गड़बड़ है। दिन की एक अहम घटना में, झारखंड में नौकरी की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर भूख हड़ताल कर रहे छह प्रदर्शनकारियों में से तीन—जिनमें JLKM नेता देवेंद्र महतो भी शामिल थे—ने अपना अनशन खत्म कर दिया। यह कदम मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा 2014 से आउटसोर्स एजेंसी के ज़रिए आयोजित सभी भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा के बाद उठाया गया। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
भोजपुर, सीवान समेत बिहार के 18 IPS अधिकारियों का तबादला किया गया है। एक IPS अधिकारी को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इनमें सबसे चर्चित नाम सीवान के SP पूरन कुमार झा का है। सीवान में स्टूडेंट प्रोटेस्ट के दौरान AK-47 से फायरिंग हुई थी। इसी घटना के बाद वह काफी चर्चा में आए थे। अब SP पूरन कुमार झा को हटा दिया गया है। उनकी जगह भारत सोनी को सीवान का नया SP बनाया गया है। 2019 बैच के IPS अधिकारी भारत सोनी पहले नालंदा में तैनात थे। पूरन कुमार झा को फिलहाल नई पोस्टिंग का इंतजार है। इससे पहले DM विवेक रंजन मैत्रेय को हटा दिया गया। वो भी वेंटिंग इन लिस्ट में हैं। वहीं, भोजपुर के SP मिस्टर राज का भी तबादला कर उन्हें रोहतास भेज दिया गया है। वे भरत तिवारी एनकाउंटर मामले के बाद चर्चा में आए थे। भरत तिवारी के भाई ने उन पर केस उठाने की धमकी देने का आरोप लगाया था। इससे पहले भोजपुर के DM का भी तबादला किया गया था। तनय सुल्तानिया की जगह मनोज कुमार मीणा को भोजपुर का नया DM बनाया गया है। भरत एनकाउंटर के बाद अवधेश दीक्षित को भोजपुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। किसे, कहां और क्या प्रभार मिला एक दिन पहले बिहार के 17 DM भी बदले गए इससे पहले सम्राट सरकार ने सोमवार देर रात बड़े स्तर पर IAS अधिकारियों के तबादले किए। सरकार ने कई विभागों के प्रधान सचिव, अपर मुख्य सचिव और सचिव स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारी बदली है। पंकज कुमार को गृह विभाग का प्रधान सचिव बनाया गया है, जबकि राजेश कुमार को पटना प्रमंडल का नया आयुक्त बनाया गया है। इसके अलावा वित्त, ग्रामीण विकास, शिक्षा, निगरानी, समाज कल्याण, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण और मद्य निषेध विभाग में भी अधिकारियों की जिम्मेदारी बदली गई है। पूरी खबर पढ़ें..
कटिहार की 16 पंचायतों में सहयोग शिविर:DM आशुतोष द्विवेदी ने इंस्पेक्शन किया, लोगों की समस्याएं सुनी
बिहार सरकार की 'सहयोग शिविर' पहल के तहत मंगलवार को कटिहार जिले की 16 पंचायतों में शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं और शिकायतों का पंचायत स्तर पर त्वरित और समयबद्ध समाधान करना है। इसे सरकार की 'सरकार आपके द्वार' अवधारणा को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने बलरामपुर प्रखंड की लोहागढ़ा पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने आम लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस अवसर पर बलरामपुर विधायक संगीता देवी भी उपस्थित थीं। 30 दिनों की डेडलाइन फिक्स की डीएम ने बताया कि इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। डीएम ने जानकारी दी कि शिविर में प्राप्त शिकायतों और आवेदनों के निष्पादन के लिए अधिकतम 30 दिनों की समय-सीमा तय की गई है। यदि निर्धारित अवधि में मामलों का समाधान नहीं होता है, तो संबंधित पदाधिकारी जिम्मेदार होंगे और उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मामलों का मौके पर समाधान डीएम ने नागरिकों से अपनी समस्याओं और शिकायतों को शिविर में दर्ज कराकर इस पहल का लाभ उठाने का आग्रह किया। शिविर में राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, पंचायती राज, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, आपूर्ति, ग्रामीण विकास, विद्युत और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया। इसके अतिरिक्त, पूर्व में प्राप्त आवेदनों के निष्पादन के बाद लाभार्थियों को जन्म प्रमाण-पत्र, राशन कार्ड, दिव्यांगता प्रमाण-पत्र और प्रपत्र-7 पर्चा जैसे विभिन्न स्वीकृतियां और प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। कैंप में लगी लोगों की भीड़ डीएम ने यह भी बताया कि नागरिक सहयोग पोर्टल (sahyog.bihar.gov.in) के माध्यम से भी ऑनलाइन आवेदन और शिकायतें दर्ज की जा सकती हैं, साथ ही आवेदन की स्थिति की जानकारी भी प्राप्त की जा सकती है। इन शिविरों में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
5 सरकारी योजनाओं की आड़ में साइबर ठगी, बिहार से तेलंगाना तक नेटवर्क; गिरफ्तार ठग का कबुलनामा
पीएम मुद्रा लोन समेत पांच सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर लोगों को ठगी करते थे। गिरोह का नेटवर्क बिहार समेत पांच राज्यों में फैला हुआ है।
TRE-4 Recruitment: बिहार में 32,388 शिक्षकों की भर्ती, आज जारी हो सकता है विज्ञापन; जानें शिक्षा मंत्री ने क्या कहा
Bihar Board Registration 2027: बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) से शैक्षिक सत्र 2026-27 में मैट्रिक (10वीं) कक्षा और इंटरमीडिएट (12वीं कक्षा) की परीक्षा देने की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बड़ा और अहम अपडेट है। बीएसईबी ने बिहार बोर्ड 2027 परीक्षा के लिए फाइनल रजिस्ट्रेशन विंडो खोल दी है। मैट्रिक और इंटरमीडिएट के छात्र 18 अगस्त से 22 अगस्त, 2026 तक पंजीकरण प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं। यह उन छात्रों के लिए खास मौका है जो पहले अपना रजिस्ट्रेशन पूरा नहीं कर पाए थे। बोर्ड ने स्कूल और कॉलेज प्रमुखों से आधिकारिक बीएसईबी पोर्टल के जरिए प्रक्रिया को पूरा करने का निर्देश दिया है। इस खास विंडो के दौरान पंजीकरण करने वाले छात्रों को लेट फीस के साथ पंजीकरण शुल्क भी देना होगा।कक्षा 10-12 के लिए बिहार बोर्ड रजिस्ट्रेशन 2027बिहार बोर्ड पंजीकरण 2027 प्रक्रिया को शैक्षिक संस्थानों के प्रमुख ऑनलाइन पूरा करेंगे। उन्हें छात्र-छात्राओं की डिटेल्स, सिग्नेचर और दूसरे जरूरी डॉक्यूमेंट्स चेक करने होंगे। इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2027 के लिए, संस्थानों को पंजीकरण पूरा करने के लिए बीएसईबी इंटरमीडिएट पोर्टल पर अपने यूजर आईटी और पासवर्ड का इस्तेमाल करना होगा। उन्हें जरूरी फीस जमा करनी होगी।इसी तरह, मान्यता प्राप्त स्कूल अपने इंस्टीट्यूशनल लॉगिन डिटेल्स का इस्तेमाल करके बीएसईबी सेकेंडरी एजुकेशन पोर्टल के जरिए कक्षा 10 या मैट्रिक पंजीकरण प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं।बिहार बोर्ड मैट्रिक रजिस्ट्रेशन 2027 फीस डिटेल्सबिहार बोर्ड मैट्रिक रजिस्ट्रेशन 2027 के लिए, नियमित श्रेणी के छात्रों के लिए कुल फीस Rs 450 है। इंडिपेंडेंट श्रेणी के छात्रों को Rs 580 देने होंगे। फीस में ऑनलाइन पंजीकरण आवेदन शुल्क, ऑनलाइन डेटा एंट्री शुल्क, पंजीकरण शुल्क और लेट फीस शामिल है। इंडिपेंडेंट कैटेगरी के छात्रों को भी Rs 130 का अनुमति शुल्क देना होगा। नीचे दी गई टेबल में फीस की डिटेल्स देखें:फीस कंपोनेंट रेगुलर कैटेगरी इंडिपेंडेंट कैटेगरी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन एप्लीकेशन फीस Rs 50 Rs 50 ऑनलाइन डेटा एंट्री फीस Rs 50 Rs 50 रजिस्ट्रेशन फीस Rs 250 Rs 250 प्रिमिशन फीस - Rs 130 लेट फीस Rs 100 Rs 100 टोटल Rs 450 Rs 580 बिहार बोर्ड डमी रजिस्ट्रेशन कार्ड 2027स्कूलों को डमी रजिस्ट्रेशन कार्ड डाउनलोड करने होंगे और छात्रों और उनके अभिभावकों या गार्जियन से सभी विवरण सत्यापित करनी होंगी। अगर कोई गलती मिलती है, तो उसे ऑनलाइन ठीक किया जाना चाहिए। साइन किया हुआ डमी रजिस्ट्रेशन कार्ड भी 22 अगस्त, 2026 तक अपलोड करना होगा।बीएसईबी ने चेतावनी दी है कि जिन छात्रों के साइन किए हुए डमी रजिस्ट्रेशन कार्ड अपलोड नहीं किए गए हैं, उन्हें बिहार बोर्ड कक्षा 10 वार्षिक परीक्षा 2027 के लिए परीक्षा आवेदन फॉर्म जमा करने या एडमिट कार्ड पाने की इजाजत नहीं दी जा सकती है।UP Board Compartment Results 2026: 10वीं-12वीं के छात्र आधिकारिक वेबसाइट पर देखें अपना स्कोरकार्ड, हाईस्कूल में 98.95% और इंटर में 79.29% छात्र हुए पास
वैशाली के लालगंज थाना क्षेत्र में सदर-2 एसडीपीओ कार्यालय में तैनात चौकीदार अशोक पासवान का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन सवालों के घेरे में है।
BPSC TRE 4 : खुशखबरी, चौथी बिहार शिक्षक भर्ती का नोटिफिकेशन आज, 32834 वैकेंसी, देखें विषयवार पद
BPSC TRE 4.0 Notification : बिहार लोक सेवा आयोग आज 18 अगस्त शाम तक चौथे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा का नोटिफिकेशन जारी कर देगा। विज्ञापन की तैयारी पूरी कर ली गई है। आज शाम तक 32834 शिक्षकों के पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी कर दिया जाएगा।
'Firing with AK-47': Bihar govt admits in Supreme Court regarding student protests; what did Delhi Police say?-छात्र आंदोलन पर सुनवाई: बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा- AK-47 से हुई फायरिंग, दिल्ली पुलिस क्या बोली?
सीवान गोलीकांड पर सुप्रीम कोर्ट में बिहार सरकार का बड़ा खुलासा, AK-47 से फायरिंग की बात कबूली
बिहार के सीवान में छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मी द्वारा AK-47 से फायरिंग किए जाने का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। 25 जुलाई को NEET-UG से जुड़े मुद्दों पर बिहार बंद के दौरान हुए प्रदर्शन में एक पुलिसकर्मी का फायरिंग करते हुए वीडियो सामने आया था। इसके बाद घटना को लेकर राजनीतिक और […] The post सीवान गोलीकांड पर सुप्रीम कोर्ट में बिहार सरकार का बड़ा खुलासा, AK-47 से फायरिंग की बात कबूली first appeared on Sanjeevni Today .
Bihar News: अन्नू डूबा तो उज्ज्वल ने लगाई छलांग, तेज धार ने दोनों को निगला, नदी में रेस्क्यू जारी
मोतीपुर थाना क्षेत्र के अंजनाकोट गांव में भुड़कुरवा पुल के पास बूढ़ी गंडक नदी में नहाने गए पांच किशोरों में से दो गहरे पानी में डूब गए। हादसे में बथना गांव निवासी 14 वर्षीय उज्ज्वल कुमार और 15 वर्षीय अन्नू कुमार उर्फ कल्लू नदी में डूबे हैं।
छात्र प्रदर्शन में AK-47 फायरिंग मामले पर बिहार सरकार की सफाई
पटना, 18 अगस्त 2026 । छात्र प्रदर्शन के दौरान एके-47 से फायरिंग के मामले में बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखा है। राज्य सरकार की ओर से शीर्ष अदालत में हलफनामा दाखिल कर पूरे घटनाक्रम को लेकर सफाई दी गई है। इस मामले ने छात्र आंदोलनों के दौरान पुलिस कार्रवाई और […] The post छात्र प्रदर्शन में AK-47 फायरिंग मामले पर बिहार सरकार की सफाई appeared first on Rashtriya Ujala .
यूपी में विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने तैयारी तेज कर दी है। पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन ने मंगलवार को विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश का नया प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया है। जगदीश ईश्वरभाई पटेल को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा, सतीश पूनिया को पंजाब की जिम्मेदारी दी गई है। गुजरात का जिम्मा तरुण चुग को सौंपा गया है। तीनों राज्यों में अगले साल चुनाव हैं। भाजपा अध्यक्ष ने एक दिन पहले अपनी नई टीम का ऐलान किया था। इसमें शामिल 65 पदाधिकारियों में 8 चेहरे यूपी से थे। बिहार चुनाव जिताने वाले विनोद तावड़े BJP के राष्ट्रीय महामंत्री और राज्यसभा सांसद हैं। वे हरियाणा और बिहार के प्रभारी रह चुके हैं। नवंबर 2020 में उन्हें हरियाणा का प्रभारी बनाया गया था। सितंबर 2022 में उन्हें बिहार की जिम्मेदारी दी गई। 2024 में भी वे बिहार के प्रभारी रहे। पिछले दो साल से यूपी में प्रभारी का पद खाली था। विनोद तावड़े ही यह जिम्मा संभाल रहे थे। ऐसे में यूपी प्रभारी के लिए उनका नाम पहले से तय माना जा रहा था। विनोद तावड़े से पहले 2024 तक राधा मोहन सिंह यूपी के प्रभारी थे। हालांकि, लोकसभा चुनाव के बाद से उनको हटा दिया गया था। 2014 में विधायक चुने गए, 2020 में BJP के राष्ट्रीय सचिव बने विनोद तावड़े मूलरुप से मुंबई के रहने वाले हैं। महाराष्ट्र में लंबे समय तक पार्टी संगठन में सक्रिय रहे। वे महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष भी रह चुके हैं। 2026 में उन्हें केरल विधानसभा चुनाव का प्रभारी बनाया गया था। उनकी राजनीति अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से शुरू हुई। 2014 में तावड़े पहली बार महाराष्ट्र की बोरीवली सीट से विधायक चुने गए। 26 सितंबर 2020 को BJP ने उन्हें राष्ट्रीय सचिव बनाया। इसके साथ ही उनकी भूमिका महाराष्ट्र से निकलकर राष्ट्रीय संगठन में पहुंच गई। 2022 के राष्ट्रपति चुनाव में द्रौपदी मुर्मू के चुनाव प्रभारी रहे थे। उपराष्ट्रपति चुनाव में सीपी राधाकृष्णन के लिए भी ऐसी ही जिम्मेदारी दी गई। 2022 में ही बिहार का प्रभारी बनाया गया। जदयू-बीजेपी गठबंधन ने सरकार बनाई। 2024 लोकसभा चुनाव में भी एनडीए ने बिहार में अच्छा प्रदर्शन किया। 2025 में भाजपा-जदयू ने प्रचंड जीत दर्ज की। संगठन पर्व 2024 के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय सदस्यता अभियान के प्रभारी रहे। उन्होंने देश भर में 15 दिन में 5 करोड़ नए सदस्य जोड़े। भाजपा ने तावड़े को सबसे अहम राज्य क्यों दिया, इसकी वजह… अप्रैल 2026 में लखनऊ में उनकी सक्रियता ने चर्चा बढ़ाई 2027 के यूपी चुनाव के लिए BJP नेतृत्व अभी से संगठन को रीसेट करने में लगा है। नितिन नबीन ने यूपी के करीब 20 सांसदों से अलग-अलग मुलाकात कर जातीय समीकरण और कार्यकर्ताओं के मनोबल पर फीडबैक लिया है। अप्रैल में यूपी में संगठन और मंत्रिमंडल में बदलाव की चर्चाओं के बीच तावड़े ने लखनऊ में BJP के वरिष्ठ नेताओं के साथ लगातार बैठकें की थीं। यह गतिविधि 2027 से पहले संगठन को लेकर चल रही कवायद के बीच हुई थी। तावड़े की खासियत यह है कि वे महाराष्ट्र के नेता होते हुए भी यूपी की चुनावी मशीनरी में काम कर चुके हैं। जगदीश ईश्वर भाई पटेल को जानिए जगदीश ईश्वरभाई पटेल गुजरात के BJP नेता हैं। अहमदाबाद की अमराईवाड़ी विधानसभा सीट पर 2019 के उपचुनाव में जीत दर्ज कर विधानसभा पहुंचे थे। जगदीश पटेल ऐसे समय में राष्ट्रीय टीम में आए हैं, जब BJP के संगठन में गुजरात को विशेष महत्व दिया गया है। गुजरात BJP संगठन का मॉडल लंबे समय से बूथ मैनेजमेंट, पन्ना स्तर के नेटवर्क और चुनावी माइक्रो-मैनेजमेंट के लिए जाना जाता है। तीनों राज्यों में अगले साल विधानसभा चुनाव 2027 में उत्तर प्रदेश और गुजरात में BJP के सामने सत्ता बरकरार रखने, जबकि पंजाब में अपना आधार मजबूत करने की चुनौती होगी। ऐसे में इन तीन राज्यों के लिए नए प्रभारियों की नियुक्ति को BJP की शुरुआती चुनावी तैयारियों और संगठन को मजबूत करने की कवायद से जोड़कर देखा जा रहा है। ----------------------- ये खबर भी पढ़िए- राम मंदिर चढ़ावा चोरी रिपोर्ट में चंपत-मिश्रा के नाम नहीं:बाकी 8 आरोपी पहले ही जेल में; SIT ने फाइनल जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपी अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की जांच के लिए यूपी सरकार की बनाई SIT ने सोमवार रात फाइनल रिपोर्ट सौंप दी है। सूत्रों के मुताबिक, इसमें ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा का नाम नहीं है। बाकी 8 आरोपी पहले ही जेल में हैं। पूरी खबर पढ़िए
गया के डुमरिया प्रखंड में चहरा-पहरा मध्य विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने ग्रामीणों के साथ प्रखंड मुख्यालय पहुंचकर विद्यालय में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन किया।
भोजपुर के चरपोखरी प्रखंड के पसौर गांव निवासी मिथलेश सिंह उर्फ आरके सिंह को झारखंड CID की विशेष टीम ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी JPSC और JSSC से जुड़े चर्चित पेपर लीक मामले की जांच के दौरान हुई है।
छात्र आंदोलन में सीवान में चला था AK-47, SC में बिहार सरकार का कुबूलनामा
बिहार में छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है. सरकार ने बल प्रयोग के आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि कई जगह प्रदर्शन हिंसक हो गए थे. 22 से 25 जुलाई के बीच 69 FIR दर्ज हुईं और करीब 500 लोगों को गिरफ्तार किया गया.
चैनपुर निवासी प्रितम कुमार का आरोप है कि 16 अगस्त की शाम मांझी प्रखंड कार्यालय परिसर के पास पानी की टंकी के आसपास शराब पीने की सूचना देने वह अपनी पत्नी के साथ थाने पहुंचा था।
बिहार में छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कथित बर्बरता को लेकर दायर जनहित याचिकाओं पर राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर पुलिस पर ‘अनुचित बल’ के इस्तेमाल के आरोपों से इनकार किया है।
New Delhi, 18 अगस्त . बिहार में छात्र प्रदर्शन के दौरान Police की कथित बर्बरता को लेकर दायर जनहित याचिकाओं पर राज्य Government ने Supreme Court में हलफनामा दाखिल कर Police पर ‘अनुचित बल’ के इस्तेमाल के आरोपों से इनकार किया है. हलफनामे में बिहार Government ने कहा है कि कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने पर ... Read more
Bihar Weather Today: आज 10 जिलों में आंधी-पानी, मानसून फिर सक्रिय; IMD का अलर्ट जारी
आज 18 अगस्त को भी 10 जिलों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग की रिपोर्ट में कहा गया है कि इन जिलों में बारिश के साथ आंधी भी चलेगी
Bihar: ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर से टूटा जर्जर बिजली का पोल, नीचे दबकर मासूम की मौत, मचा हड़कंप
छपरा के एकमा थाना क्षेत्र के रामपुर बिंदालाल के मठिया गांव में सोमवार देर शाम दर्दनाक हादसा हो गया। सेमरिया घाट से पवित्र सरयू जल लेकर श्री ढोंढस्थान शिव मंदिर में जलाभिषेक करने जा रहे श्रद्धालुओं की ट्रैक्टर-ट्रॉली जर्जर बिजली के पोल से टकरा गई।
मुजफ्फरपुर के प्रसिद्ध बाबा गरीबनाथ मंदिर में सावन के तीसरे सोमवार पर बाबा का भव्य जलाभिषेक, विशेष पूजन और महाशृंगार किया गया। करीब 11 क्विंटल गेहूं समेत अन्य पूजन सामग्रियों से बाबा का आकर्षक शृंगार किया गया।
Bihar News Today Live: बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 18 अगस्त के मुख्य और ताजा समाचार
Bihar Breaking News Today Live - Read latest and breaking news today in hindi at Amarujala. यहां पढ़ें, बिहार की ताजा खबरें, राजनीति, खेल, मनोरंजन, धर्म, क्राइम और शिक्षा की खबरों का लाइव अपडेशन
मसूद अजहर का हिमायती, जैश का सपोर्टर बिहार से गिरफ्तार, PAK भेजता था फंड
उत्तर प्रदेश एटीएस (ATS) ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े संदिग्ध आतंकी मोहम्मद जफर को गिरफ्तार किया है. आरोपी मदरसे के नाम पर चंदा इकट्ठा कर पाकिस्तान में आतंकी संगठन को भेजता था.
बिहार के मुजफ्फरपुर के काजी मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के मिश्रा टोला में 20 वर्षीय विकास कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उसका शव कमरे में फंदे से लटका मिला।
बिहार सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। सीवान, भोजपुर, सीतामढ़ी, सीवान के जिलाधिकारी भी बदले गए हैं। आइये जानते हैं कौन-कहां गए?
Bihar News: सड़क हादसे में छात्रा की दर्दनाक मौत, परीक्षा दिलाने जा रहे पिता गंभीर रूप से घायल
मुजफ्फरपुर के कांटी थाना क्षेत्र में नेता चौक के पास अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार छात्रा जुली की मौत हो गई, जबकि उसके पिता विजय कुमार यादव गंभीर रूप से घायल हो गए।
Bihar: बिहार में बेखौफ बदमाश! दिनदहाड़े शिक्षिका के गले से सोने की चेन झपटी, इलाके में मचा हड़कंप
सीतामढ़ी के बाईपास बस स्टैंड के पास दिनदहाड़े एक शिक्षिका से 2 भर सोने की चेन झपटकर बदमाश फरार हो गए। पीड़िता ने नगर थाने में शिकायत देकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।
एक्शन मोड में बीआरए बिहार विवि, 18 महीने में 102 से ज्यादा परीक्षाओं से पटरी पर आएंगे सत्र
बीआरए बिहार विश्वविद्यालय ने अगले 18 महीनों के लिए अपना परीक्षा कैलेंडर जारी किया है, जिसमें फरवरी 2028 तक 102 से अधिक परीक्षाएं होंगी। इस कैलेंडर में स्नातक, पीजी, वोकेशनल सहित विभिन्न कोर्सों की संभावित परीक्षा और परिणाम की तिथियां शामिल हैं।
Patna News Updates: अचानक बेसमेंट में आग लगने से हड़कंप मच गया। फौरन फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। देखते ही देखते आग पूरे गोदाम में फैल गई। आइए जानते हैं पूरा मामला...
कोडरमा जिले की तिलैया पुलिस ने बैंक लूट की योजना बना रहे बिहार के चार अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से तीन पिस्टल, 15 जिंदा कारतूस और लूट में इस्तेमाल होने वाला अन्य सामान बरामद किया गया है। एसपी कुमार शिवाशीष को गुप्त सूचना मिली थी कि बिहार से आए अपराधी तिलैया थाना क्षेत्र की इंदरवा बस्ती में एक मकान में ठहरे हैं। वे बैंक लूट की तैयारी कर रहे हैं। इसके बाद तिलैया थाना प्रभारी विनय कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। सोमवार देर रात करीब तीन घंटे चली कार्रवाई के दौरान पुलिस मकान में पहुंची तो अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी और भागने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में प्रिंस पांडेय उर्फ बाबा के पैर में गोली लगी। पुलिस ने उसके तीन साथियों सन्नी, अतुल और अमन को भी मौके से गिरफ्तार कर लिया। घायल प्रिंस को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फायरिंग से बचाव के दौरान थाना प्रभारी विनय कुमार के पैर में भी चोट आई। बैंक ऑफ महाराष्ट्र को बनाना था निशाना घायल प्रिंस पांडेय ने पुलिस को बताया कि हाजीपुर के निरंतर सिंह की योजना के तहत वह अपने साथियों के साथ कोडरमा बाजार स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र में लूट करने आया था। चारों पिछले तीन दिनों से इंदरवा बस्ती में राय जी नामक व्यक्ति के मकान में किराए पर रह रहे थे और लगातार बैंक की रेकी कर रहे थे। प्रिंस के मुताबिक एक-दो दिन में बैंक लूटने की वारदात को अंजाम देने की तैयारी थी। उसने बताया कि गिरोह का मुख्य सरगना निरंतर सिंह गूगल मैप से बैंक का लोकेशन तलाशता है और इसके बाद साथियों को संबंधित जगह भेजकर रेकी कराता है। बैंक ऑफ महाराष्ट्र को इसलिए निशाना बनाया जाता है क्योंकि वहां गोल्ड लोन की सुविधा होने के कारण बड़ी मात्रा में सोना मिलने की संभावना रहती है। प्रिंस ने कहा कि वह पहली बार बैंक लूटने के इरादे से कोडरमा आया था। एसपी रात 2 बजे अस्पताल पहुंचे, ली जानकारी करीब तीन घंटे चली कार्रवाई के दौरान एसपी कुमार शिवाशीष लगातार पूरे ऑपरेशन की जानकारी लेते रहे। कार्रवाई पूरी होने के बाद रात करीब 2 बजे वे सदर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने पहले घायल तिलैया थाना प्रभारी विनय कुमार का हाल जाना और इसके बाद पूरे मामले की जानकारी ली। एसडीपीओ प्रमोद केसरी ने बताया कि चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मुठभेड़ के दौरान भागने की कोशिश कर रहे प्रिंस पांडेय को पैर में गोली लगी है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए छानबीन जारी है। बरही की बैंक लूट से भी जुड़ सकते हैं तार पुलिस को आशंका है कि गिरफ्तार अपराधियों के तार कुछ महीने पहले हजारीबाग के बरही चौक के पास बैंक ऑफ महाराष्ट्र में हुई लूट से भी जुड़े हो सकते हैं। वहां बैंक कर्मी को बंधक बनाकर सोना और नकदी लूटी गई थी। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। प्रिंस ने बताया कि वह सिवान जिले के सराय परौली का रहने वाला है। उसके पिता सवालिया पांडेय किसान हैं। उसने फार्मेसी में डिप्लोमा किया है, लेकिन निरंतर सिंह के संपर्क में आने के बाद पैसे के लालच में अपराध की राह पकड़ ली। सन्नी, अतुल और अमन से भी उसकी मुलाकात निरंतर सिंह ने ही कराई थी।
भीड़ इतनी कि दरवाजे पर लटके लोग, बिहार की ट्रेन का वीडियो वायरल
बिहार में ट्रेन में भारी भीड़ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में कई यात्री ट्रेन के दरवाजे और फुटबोर्ड पर लटक कर सफर करते दिखाई दे रहे हैं. कुछ लोगों के ट्रेन की छत पर बैठे होने का दावा भी किया जा रहा है.
IIT : बिहार के लाल का कमाल, आईआईटी से पढ़कर अभिजीत आनंद ने खड़ी की 110 करोड़ की कंपनी
IIT धनबाद के पूर्व छात्र अभिजीत आनंद ने 8 साल की नौकरी के बाद 2022 में ‘अब कॉफी’ स्टार्टअप शुरू किया और आज कंपनी के 99 आउटलेट व करीब 110 करोड़ रुपये का कारोबार है।
देवघर में लगने वाले श्रावणी मेला को देखते हुए रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए गोरखपुर से दो अनारक्षित विशेष ट्रेनों के संचालन का फैसला किया है। इन ट्रेनों से गोरखपुर और बिहार-झारखंड के बीच यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को काफी सुविधा मिलेगी। दोनों ट्रेनें 18, 19, 25 और 26 अगस्त को चलेंगी। आसनसोल-गोरखपुर विशेष ट्रेन 03571 आसनसोल-गोरखपुर श्रावणी मेला विशेष ट्रेन 18 और 25 अगस्त को आसनसोल से सुबह 11:30 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन चित्तरंजन, मधुपुर, जसीडीह, झाझा, जमुई, किऊल, बरौनी, हाजीपुर, सोनपुर, छपरा और सीवान होते हुए अगले दिन रात 1:30 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। वापसी में 03572 गोरखपुर-आसनसोल विशेष ट्रेन 19 और 26 अगस्त को सुबह 5:15 बजे गोरखपुर से रवाना होगी। यह ट्रेन देवरिया सदर, सीवान, छपरा, हाजीपुर, बरौनी, जमुई, झाझा, जसीडीह और मधुपुर होते हुए रात 9 बजे आसनसोल पहुंचेगी। बासुकीनाथ-गोरखपुर विशेष ट्रेन 03565 बासुकीनाथ-गोरखपुर श्रावणी मेला विशेष ट्रेन 18 और 25 अगस्त को सुबह 10:30 बजे बासुकीनाथ से चलेगी। यह देवघर, झाझा, जमुई, किऊल, मोकामा, पटना, पाटलिपुत्र, छपरा, सीवान और देवरिया सदर होते हुए अगले दिन सुबह 3:30 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। वापसी में 03566 गोरखपुर-जसीडीह विशेष ट्रेन 19 और 26 अगस्त को सुबह 6:10 बजे गोरखपुर से रवाना होगी। यह चौरी चौरा, गौरी बाजार, देवरिया सदर, सीवान, छपरा, पटना, मोकामा, किऊल, जमुई और झाझा होते हुए शाम 6:45 बजे जसीडीह पहुंचेगी। दोनों ट्रेनों में 22 अनारक्षित कोच रेलवे के अनुसार, दोनों विशेष ट्रेनों में कुल 22 अनारक्षित कोच लगाए जाएंगे। इनमें सामान्य द्वितीय/शयनयान श्रेणी के 20 कोच और 2 एसएलआरडी कोच शामिल होंगे। इन ट्रेनों के संचालन से श्रावणी मेले में आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को अतिरिक्त यात्रा सुविधा मिलेगी।
हैरानी की बात यह है कि वह खुद को अजीत डोभाल का अंडरकवर एजेंट बताता था। साथ ही दावा करता था कि उसकी बात सीधे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से होती थी।
Bihar में डूबने से 6 बच्चों की मौत, Katihar और Patna में दर्दनाक हादसे
बिहार के कटिहार और पटना जिलों में सोमवार को अलग-अलग घटनाओं में नदी में डूबने से कम से कम छह बच्चों की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। पहली घटना कटिहार जिले में फलका थाना क्षेत्र की है। स्थानीय लोगों ने बताया कि सावन महीने के तीसरे सोमवार के अवसर पर पांच बच्चे अपने परिवार के सदस्यों के साथ कमला घाट पर स्नान करने गए थे तभी तीन बच्चे गहरे पानी में चले जाने के कारण डूबने लगे। स्थानीय लोगों ने दो बच्चों को बचा लिया, जबकि तीन अन्य की डूबने से मौत हो गई। मृतकों की पहचान अमन कुमार (12), प्रिंस कुमार (10) और सत्यम कुमार (13) के रूप में हुई है। कटिहार के कोढ़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की चिकित्सा पदाधिकारी पूजा कुमारी ने संवाददाताओं से कहा, “जब तीन बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।”इसी तरह की एक अन्य घटना में पटना जिले के बख्तियारपुर प्रखंड में सोमवार को गंगा नदी में नहाने के दौरान तीन बच्चे डूब गए और एक अन्य बच्चा लापता हो गया। बख्तियारपुर थाना प्रभारी देवानंद शर्मा ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘संबंधित कर्मियों ने तीन शव बरामद कर लिए हैं और एक बच्चा अब भी लापता है। लापता बच्चे की तलाश के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
नितिन नवीन की वजह से बिहार को मिली बीजेपी संगठन में खास जगह? तीन में दो को पहली बार मौका
बीजेपी की 65 सदस्यीय राष्ट्रीय कमेटी में इस बार बिहार से तीन नेताओं को जगह दी गई है। माना जा रहा है कि नितिन नवीन बिहार से हैं और इसलिए बिहार के नेताओं को तवज्जो मिली। इसमें शिवेश शहाबाद, सिद्धार्थ शंभू और ऋतुराज का नाम शामिल है।
बिहार में हर महीने के चौथे मंगलवार को लगेगा विद्यार्थी सहयोग शिविर, 30 दिनों में होगा समाधान
Vidyarthi Sahyog Shivir Bihar: बिहार सरकार ने विद्यार्थियों की शैक्षणिक समस्याओं के त्वरित समाधान और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए 'विद्यार्थी सहयोग शिविर' की शुरुआत की है। यह शिविर हर महीने के चौथे मंगलवार को राज्य के सभी सरकारी शिक्षण संस्थानों में आयोजित होगा।
Gorakhpur News: बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस को मिला दो मिनट अतिरिक्त ठहराव
Bihar Sampark Kranti Express granted an additional two-minute halt.
भारत-बांग्लादेश गंगा जल बंटवारा: क्या बिहार के हितों को ध्यान में रखकर बदलेगा 'फरक्का समझौता'?
भारत-बांग्लादेश के बीच गंगा जल बंटवारा समझौता 2026 में समाप्त हो रहा है, जिससे बिहार के हितों को नए सिरे से शामिल करने की चुनौती है, जो अपनी पानी की जरूरत और सिल्टेशन की समस्या को नए करार में शामिल करने की मांग कर रहा है।
मनेश भोजपुर, रिची बेगूसराय, विजय प्रकाश सीवान के नए डीएम; बिहार में 12 आईएएस का ट्रांसफर
बिहार के पांच जिलों में नए डीएम की तैनाती की गई है। सम्राट सरकार ने सोमवार को 12 आईएएस अधिकारियों के ट्रांसफर की सूची जारी की। ग्रामीण विकास, गृह, वित्त, निगरानी, मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन, समाज कल्याण, पीएचईडी और शिक्षा विभाग में नए अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है।
कल का मौसम: 18 अगस्त को बिहार के 10 जिलों में भारी बारिश, वज्रपात का भी अलर्ट
सावन की तीसरी सोमवारी पर पटना समेत बिहार के नौ जिलों में बारिश हुई। मौसम विभाग ने 18 अगस्त को पटना समेत 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। बक्सर, जहानाबाद, नवादा, रोहतास, औरंगाबाद व गया में ऑरेंज अलर्ट है। तेज हवा और वज्रपात की भी चेतावनी है।
गांवों में बहुमंजिला मकान बनाने के लिए करना होगा ये काम; जानें बिहार सरकार का नया नियम
बिहार के गांवों में बहुमंजिला मकान और अपार्टमेंट बनाने के लिए अब जिला स्तर पर नक्शा पास होगा। डीडीसी की अध्यक्षता वाली कमेटी अनुमति देगी। रेरा की तर्ज पर बनने वाली व्यवस्था में 500 वर्गमीटर से बड़े प्रोजेक्ट में खरीदारों की 70% राशि अलग खाते में रखना अनिवार्य होगा।
17 अगस्त, सोमवार: पटना के ज्ञान भवन में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब के कार्यक्रम में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने युवाओं से संवाद किया। उन्होंने सीतामढ़ी, वैशाली और नालंदा दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि इन यात्राओं से उन्हें बिहार को समझने में मदद मिली।
ATS ने बताया कि गिरफ्तार जफर मसूद अजहर के भाषणों से प्रभावित था. वह सोशल मीडिया के जरिए लोगों को हिंसक जिहाद के लिए उकसाता था. जफर बिहार के पूर्णिया का रहने वाला है.
आखिर जन सुराज पार्टी और लोजपा रामविलास के बीच पक रही सियासी खिचड़ी के निहितार्थ क्या हैं? समझिए
बिहार में जन सुराज पार्टी के नवनिर्वाचित विधायक प्रशांत किशोर और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के बीच जो राजनीतिक खिचड़ी पकने की चर्चा है, वह उत्तरप्रदेश की राजनीति से अभिप्रेरित है। चूंकि प्रशांत किशोर मशहूर चुनावी रणनीतिकार भी हैं और लगभग सभी प्रमुख पार्टियों के रणनीतिक घाटों की पानी का स्वाद चख चुके हैं, इसलिए उनसे जुड़ी इस आशय की चर्चा भी अनायास नहीं है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सामाजिक न्याय क्रांति और मंडल बनाम कमंडल की मतलबी राजनीति की कड़ी में जहां उत्तरप्रदेश में चार-चार बार दलित नेत्री सुश्री मायावती को मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला और उनकी बहुजन समाज पार्टी तीन बार गठबंधन के तहत और एक बार पूर्ण बहुमत से यूपी की सत्ता में आई। लेकिन बिहार में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद, जदयू के हुक्मरान नीतीश कुमार ने लोजपा के राम विलास पासवान और उनके पुत्र चिराग पासवान को कभी पूर्ण रूप से उभरने ही नहीं दिया और गठबंधन में भी कमजोर बनाए रखा। यही वजह है कि बिहार में नए जमाने की राजनीति के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने चिराग पासवान के साथ गठबंधन की सम्भवनाओं को हवा दिलवाकर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जनता दल यूनाइटेड के सुप्रीमो नीतीश कुमार और राष्ट्रीय जनता दल नेता तेजस्वी यादव के समक्ष एक तगड़ी चुनौती पेश करने की अपनी मंशा उजागर कर दी है। चिराग पासवान जिस तरह से खुद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हनुमान करार देते हैं, इससे उनकी भी बेचैनी बढ़ेगी हो। यह ठीक है कि जन सुराज पार्टी और लोजपा रामविलास के बीच किसी औपचारिक गठबंधन की सार्वजनिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। लेकिन अगस्त 2026 की ताजा राजनीतिक हलचल को देखें तो दोनों के बीच संभावित सियासी तालमेल की चर्चा को महज अफवाह मानकर खारिज करना भी जल्दबाजी होगी। क्योंकि हाल की रिपोर्टों में दोनों के करीब आने और भाजपा-राजद से अलग एक संभावित धुरी की चर्चा सामने आई है। इससे एनडीए की राजनीति में चिराग पासवान का रुतबा बढ़ना भी स्वाभाविक है। फिर भी यदि चिराग पासवान को दलित मुख्यमंत्री बनाने के स्वप्न प्रशांत किशोर यदि दिखाते हैं, या फिर उपमुख्यमंत्री पद का भी सियासी चारा डालते हैं तो मिशन 2029 के संसदीय चुनाव और 2030 के विधानसभा चुनावों को लेकर एनडीए और महागठबंधन के हाथपांव फूलना स्वाभाविक है। इसे भी पढ़ें: Prashant Kishor ने Bihar विधानसभा में ली शपथ, बोले- यह मेरे लिए गर्व और जिम्मेदारी का पल आइए अब यह समझने की कोशिश करते हैं कि आखिर इस मनोवांछित सियासी खिचड़ी में क्या-क्या पक रहा है? और इसके राजनीतिक स्वाद के मिजाज से इसके क्या क्या मायने हो सकते हैं- पहला, लोजपा युवराज चिराग पासवान के लिए यह NDA के भीतर दबाव की राजनीति हो सकती है, क्योंकि चिराग पासवान पहले भी सीट बंटवारे और NDA के भीतर अपनी राजनीतिक हैसियत को लेकर स्वतंत्र रुख दिखाते रहे हैं। 2025 में भी उनके प्रशांत किशोर से संभावित संपर्क की खबरें सामने आई थीं। इसलिए सियासत में हर खुली हुई सम्भवनाओं और उससे बनने बिगड़ने वाली हवा से इंकार नहीं किया जा सकता है। दूसरा, जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर के लिए लोजपा रामविलास प्रमुख चिराग पासवान एक महत्वपूर्ण सामाजिक-पॉलिटिकल पुल हो सकते हैं। ऐसा इसलिए कि जन सुराज अपने को BJP और RJD—दोनों से अलग विकल्प के रूप में स्थापित करना चाहता है। अब बांकीपुर में किशोर की जीत ने उन्हें सिर्फ आंदोलनकारी नहीं, बल्कि क्षेत्रीय चुनावी ताकत के रूप में भी स्थापित किया है। तीसरा, सबसे दिलचस्प संभावना है—'माइनस BJP, माइनस RJD' राजनीति। यानी कि ताजा राजनीतिक चर्चाओं में इसी तरह के पुनर्संयोजन की संभावना उठ रही है। इसका अर्थ होगा कि चिराग पासवान अपना दलित/पासवान प्रभाव और जन सुराज पार्टी अपना युवा, गैर-पारंपरिक तथा शहरी-मध्यवर्गीय आधार जोड़ने की कोशिश करे। दोनों ने यदि रणनीतिक रूप से सवर्णों को तरजीह दी तो भाजपा/कांग्रेस के लिए यह किसी झटके की तरह होगा। लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि दोनों की राजनीतिक जरूरतें अलग अलग हैं। चाहे चिराग पासवान हों या प्रशांत किशोर, दोनों अपना स्वतंत्र राजनीतिक स्पेस बढ़ाना चाहते हैं, साथ ही खुद को तीसरे विकल्प के रूप में स्थापित करना चाहते हैं। जहां चिराग पासवान NDA में रहते हुए अपना bargaining power बढ़ाना चाहते हैं, वहीं प्रशांत किशोर BJP और RJD दोनों से दूरी दिखाना चाहते हैं। इस बात में कोई दो राय नही कि उत्तरप्रदेश के जाटवों के वोट बैंक के तरह ही बिहार में भी पासवान वोट का मजबूत आधार है, जबकि प्रशांत किशोर युवा, शिक्षित और बदलाव चाहने वाले मतदाताओं पर जोर देते हैं। वह संगठन और चुनावी नेटवर्क के कार्यसाधक हैं। उनमें नया राजनीतिक नैरेटिव गढ़ने और अभियान चलाने की अद्भुत क्षमता है। लिहाजा यहीं से असली सवाल पैदा होता है—क्या चिराग NDA के भीतर रहकर जन सुराज से तालमेल करेंगे, या भविष्य में कोई व्यापक वैकल्पिक मोर्चा बनेगा? अलबत्ता, इन चर्चाओं में एक और बड़ा संकेत निहित है। वह यह कि प्रशांत किशोर अब केवल विधानसभा की राजनीति तक सीमित नहीं दिख रहे, बल्कि जन सुराज की नजर विधान परिषद के चुनावी क्षेत्रों पर भी बताई जा रही है। यानी संगठन को लगातार चुनावी मशीनरी में बदलने की कोशिश हो रही है। दूसरी ओर चिराग पासवान ने भी हाल के दिनों में ऐसे मुद्दे उठाए हैं जिन पर सरकार/NDA के भीतर असहजता पैदा हो सकती है। उदाहरण के लिए, उन्होंने गत दिनों बिहार की शराबबंदी नीति की प्रभावशीलता पर खुलकर सवाल उठाया। यानी दोनों के बीच संभावित तालमेल का आधार केवल जातीय गणित नहीं, बल्कि 'एंटी-एस्टैब्लिशमेंट' और 'नया विकल्प' का राजनीतिक नैरेटिव भी बन सकता है। मगर सबसे बड़ी अड़चन भी यही है। खासकर प्रशांत किशोर की राजनीति का मूल दावा ही है कि वे पारंपरिक राजनीतिक दलों के गठजोड़ से अलग व्यवस्था खड़ी करेंगे। 2025 में उन्होंने चिराग के साथ गठबंधन की संभावना को सार्वजनिक रूप से नकारते हुए कहा था कि उनका गठबंधन जनता के साथ है। इसलिए यदि आज दोनों के बीच नजदीकी बढ़ती है, तो इसे सीधा चुनावी गठबंधन मानने के बजाय 'रणनीतिक संवाद' समझना ज्यादा उचित होगा। मेरी नजर में असली खेल के दृष्टिगत 2026 का गठबंधन कम और 2029–30 की जमीन तैयार करने की कवायद ज्यादा हो सकती है। वाकई यदि चिराग + जन सुराज साथ आते हैं तो बिहार में तीन ध्रुव उभर सकते हैं:- पहला, NDA बनाम RJD; दूसरा, महागठबंधन बनाम जन सुराज–LJP(RV जैसा वैकल्पिक ध्रुव। और यदि इस तीसरे ध्रुव में पप्पू यादव, उपेंद्र कुशवाहा या दूसरे छोटे सामाजिक आधार वाले नेता भी किसी रूप में जुड़ते हैं, तो बिहार की पारंपरिक दो-ध्रुवीय राजनीति के लिए यह गंभीर चुनौती बन सकती है। इस परिस्थिति में सामान्य जातियों के वोटबैंक का महत्व और अधिक बढ़ जाएगा। क्योंकि यूपी में भी ओबीसी सियासत से ब्राह्मण परेशान होकर मायावती के साथ हो लिए थे। कुछ ऐसा ही उभार बिहार में भी नजर आ रहा है, खासकर सोशल मीडिया पर सवर्ण विरोधी पोस्टों की बाढ़। फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण संकेत यही है कि दोनों की तरफ से औपचारिक गठबंधन की घोषणा नहीं हुई है। इसलिए 'खिचड़ी पक रही है' कहना राजनीतिक संकेतों के लिहाज से उचित है, लेकिन 'खिचड़ी तैयार हो गई है' कहना अभी तथ्यात्मक रूप से जल्दबाजी होगी। शायद वह बीरबल की खिचड़ी न बन जाए। - कमलेश पांडेय वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक
कल का मौसम: दिल्ली, यूपी, बिहार समेत 14 राज्यों में भारी बारिश, ओडिशा-झारखंड में रेड अलर्ट
कल का मौसम,18 अगस्त 2026: IMD ने कल14 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. ओडिशा के कई जिलों में रेड अलर्ट घोषित किया गया.
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने संगठनात्मक ढांचे को और अधिक धारदार, युवा और ऊर्जावान बनाने के लिए अपनी नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी टीम का ऐलान कर दिया है। इस नई राष्ट्रीय सूची में देश भर के विभिन्न राज्यों से कई नए और प्रतिभाशाली चेहरों को शामिल किया गया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा बिहार के कोटे से आए तीन खास नामों को लेकर हो रही है। पार्टी नेतृत्व ने बिहार से आने वाले युवा और जुझारू नेताओं—सिद्धार्थ शंभू, ऋतुराज सिन्हा और शिवेश राम को राष्ट्रीय स्तर पर संगठन में बहुत बड़ी और अहम जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इन तीनों नेताओं का राजनीतिक सफर, उनकी कार्यशैली और संघ तथा पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा ने शीर्ष नेतृत्व का ध्यान अपनी ओर खींचा है। आगामी विधानसभा चुनावों और बिहार के राजनीतिक समीकरणों को साधने के लिहाज से बीजेपी का यह कदम बेहद रणनीतिक और दूरदर्शी माना जा रहा है। आइए आज के इस विस्तृत और रोचक लेख में गहराई से जानते हैं कि आखिर ये तीनों युवा चेहरे कौन हैं, इनका अब तक का राजनीतिक बैकग्राउंड कैसा रहा है और पार्टी ने इन्हें राष्ट्रीय टीम में शामिल करके क्या बड़ा संदेश दिया है।सिद्धार्थ शंभू: छात्र राजनीति से लेकर राष्ट्रीय फलक तक का शानदार सफरबिहार की राजनीति में अपनी बौद्धिक क्षमता, बेबाक वक्ता और मजबूत वैचारिक पकड़ के लिए जाने जाने वाले सिद्धार्थ शंभू का नाम आज किसी परिचय का मोहताज नहीं है। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और छात्र राजनीति के जरिए की थी, जहां उन्होंने युवाओं के बीच अपनी गहरी पैठ बनाई। पढ़ाई लिखाई के साथ-साथ वैचारिक स्पष्टता और सांगठनिक सूझबूझ के मामले में वे हमेशा आगे रहे हैं। पार्टी के भीतर विभिन्न मंचों पर उन्होंने अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है और एक कुशल रणनीतिकार के रूप में अपनी पहचान बनाई है। अब जब उन्हें नितिन नवीन के नेतृत्व वाली नई राष्ट्रीय टीम में शामिल किया गया है, तो इसे उनके अब तक के राजनीतिक संघर्ष और निष्ठा का एक बड़ा पुरस्कार माना जा रहा है। उनकी यह नियुक्ति न केवल बिहार के युवाओं के लिए प्रेरणादायक है, बल्कि यह पार्टी के उस दृष्टिकोण को भी दर्शाती है जहां जमीनी और पढ़े-लिखे युवाओं को आगे बढ़ने का पूरा अवसर दिया जाता है।ऋतुराज सिन्हा: कॉर्पोरेट अनुभव से राजनीति में आकर संगठन को दी नई धारबिहार के राजनीतिक और व्यावसायिक हलकों में ऋतुराज सिन्हा एक जाना-माना और प्रभावशाली नाम हैं। देश के जाने-माने उद्योगपति आर.के. सिन्हा के परिवार से ताल्लुक रखने वाले ऋतुराज सिन्हा ने अपनी पेशेवर सफलता और कॉर्पोरेट अनुभव को छोड़कर पूरी तरह से जनसेवा और संगठन के लिए खुद को समर्पित कर दिया है। वे अपनी बेहतरीन प्रबंधकीय क्षमता (Management Skills), आधुनिक सोच और आर्थिक मामलों की गहरी समझ के लिए जाने जाते हैं। इससे पहले भी उन्होंने पार्टी संगठन के भीतर कई राष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारियों को बेहद कुशलता के साथ निभाया है। जब भी पार्टी को किसी रणनीतिक योजना, डेटा मैनेजमेंट या आधुनिक चुनावी अभियान के संचालन की आवश्यकता होती है, तो ऋतुराज सिन्हा का नाम सबसे आगे आता है। राष्ट्रीय टीम में उनकी निरंतर मौजूदगी और बढ़ता कद इस बात का प्रमाण है कि बीजेपी अब आधुनिक तकनीक, प्रबंधन और जमीनी राजनीति के बेहतरीन तालमेल पर काम कर रही है।शिवेश राम: दलित और पिछड़ों की आवाज, जमीनी संघर्ष के धनी नेताबिहार के सुदूर और सामाजिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों से आने वाले शिवेश राम एक ऐसे नेता हैं जिन्होंने अपनी मेहनत और जनता के बीच रहकर अपनी मजबूत राजनीतिक जमीन तैयार की है। उनके पिता ने भी समाज सेवा और राजनीति में लंबा वक्त बिताया है, और शिवेश राम ने उसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए समाज के वंचित, शोषित, दलित और पिछड़े वर्गों की आवाज को हमेशा बुलंद किया है। सादगी भरा जीवन, कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद और हर परिस्थिति में पार्टी के साथ चट्टान की तरह खड़े रहना उनकी सबसे बड़ी खूबी है। जब उन्हें नई राष्ट्रीय टीम में जगह दी गई है, तो इससे राज्य के ग्रामीण और कस्बों स्तर के कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला है। उनका यह प्रमोशन इस बात का संदेश देता है कि पार्टी में केवल बड़े घरानों या शहरी चेहरों को ही नहीं, बल्कि जमीन से जुड़े उन नेताओं को भी पूरा सम्मान मिलता है जो अपनी माटी से जुड़े रहकर पार्टी के लिए खून-पसीना बहाते हैं।बिहार की राजनीति में इसके क्या होंगे दूरगामी सियासी मायने?राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी का यह फैसला महज कुछ पदों का वितरण नहीं है, बल्कि इसके पीछे बिहार की आगामी चुनावी राजनीति को साधने की एक गहरी और सोची-समझी रणनीति छिपी है। बिहार में आने वाले दिनों में सियासी समीकरण तेजी से बदल रहे हैं, और ऐसे में पार्टी अपने संगठन को एक तरफ अनुभवी दिग्गजों के साए में और दूसरी तरफ ऊर्जावान युवाओं के कंधों पर आगे बढ़ाना चाहती है। सिद्धार्थ शंभू, ऋतुराज सिन्हा और शिवेश राम—ये तीनों नेता अपने-अपने क्षेत्र में अलग पहचान रखते हैं। एक तरफ जहां वैचारिक और बौद्धिक वर्ग का प्रतिनिधित्व मजबूत होता है, वहीं दूसरी तरफ कॉर्पोरेट प्रबंधन और जमीनी सामाजिक संतुलन भी सध जाता है। इन तीनों को राष्ट्रीय टीम में शामिल करने से दिल्ली और पटना के बीच समन्वय और अधिक बेहतर होगा, जिससे पार्टी आगामी चुनावों में विपक्ष के हर हमले का आक्रामक और प्रभावी तरीके से जवाब देने में पूरी तरह सक्षम होगी। कार्यकर्ताओं में इस बात को लेकर खासा जोश है कि पार्टी अब सही और कर्मठ लोगों को सही समय पर उनकी मेहनत का फल दे रही है।
भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में बिहार के 3 नेताओं को जगह, शिवेश कुमार राम बने SC मोर्चा अध्यक्ष
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US-Iran संकट और Crude Oil की चुनौती, Indian Market में निवेशकों की सतर्कता
US-Iran तनाव को लेकर लगातार अनिश्चितता और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने की दिशा में कोई खास प्रगति न होने के कारण, उतार-चढ़ाव भरे सेशन के बाद बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी आज गिरावट के साथ बंद हुए। 30 शेयरों वाला BSE सेंसेक्स 281.09 अंक या 0.36 प्रतिशत गिरकर 77,728.16 पर बंद हुआ। दिन के दौरान, बेंचमार्क इंडेक्स 77,928.68 के उच्चतम और 77,453.75 के निचले स्तर तक गया, जिसमें 474.93 अंकों का उतार-चढ़ाव देखा गया। इसे भी पढ़ें: Fujiyama Power Systems Q1 Profit: 57.8 करोड़ रहा नेट लाभ, Ratlam में शुरू हुआ नया Manufacturing Plant इसी तरह, 50 शेयरों वाला NSE निफ्टी 78.35 अंक या 0.32 प्रतिशत गिरकर 24,287.65 पर बंद हुआ। हालांकि, व्यापक बाजार (broader market) मिला-जुला रहा। जहां BSE मिडकैप सेलेक्ट इंडेक्स 20.19 अंक या 0.11 प्रतिशत गिरा, वहीं BSE स्मॉलकैप सेलेक्ट इंडेक्स में 34.70 अंक या 0.38 प्रतिशत की बढ़त हुई। सेक्टर के इंडेक्स में, Nifty IT और Nifty FMCG में सबसे ज़्यादा गिरावट आई; ये क्रमशः 1.75% और 1.05% गिरे। वहीं, Nifty Realty में 1.46% की बढ़त हुई। HST वेल्थ के फाउंडर और CEO हरिसेलवन राधाकृष्णन ने कहा कि बाज़ार का मूड अभी भी सतर्क है। हालांकि अमेरिका के कमज़ोर आर्थिक आंकड़ों से फेडरल रिज़र्व के कम सख़्त रुख अपनाने की उम्मीदें बढ़ी हैं, लेकिन खाड़ी क्षेत्र में अनसुलझे टकराव की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेज़ी भारतीय इक्विटी के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। तेल का बड़ा आयातक होने के नाते, भारत ऊर्जा की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से सबसे ज़्यादा प्रभावित होता है। ऐसे में, जब बेंचमार्क इंडेक्स अहम टेक्निकल लेवल के करीब पहुंच रहे हैं, तो निवेशक सतर्क बने हुए हैं। इसे भी पढ़ें: Bihar में फिर दौड़ेगी Sugar Mill की चाशनी, 'सुधा' की तर्ज पर Vegfed Booth भी खुलेंगे सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से टाटा स्टील, एक्सिस बैंक, रिलायंस, BEL और HDFC बैंक के शेयरों में बढ़त देखी गई; टाटा स्टील के शेयर आज 1.47% चढ़े। दूसरी ओर, इन्फोसिस, HCL टेक, सन फार्मा, TCS और टेक महिंद्रा के शेयरों में गिरावट रही। इन्फोसिस के शेयर आज 2.66% गिरे। आज सेंसेक्स की 30 में से 7 कंपनियों के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि बाकी 23 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। वहीं, निफ्टी 50 की 50 में से 18 कंपनियों के शेयर भी बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि बाकी 31 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। सेशन के आखिर में एक स्टॉक की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ।
बिहार के किसान बनेंगे स्मार्ट, सीखेंगे उन्नत खेती के गुर, उत्कृष्ट कृषि स्थलों पर कराया जाएगा भ्रमण
Bihar FPO Processing Units: मुजफ्फरपुर के किसानों को आधुनिक खेती के गुर सिखाने के लिए उत्कृष्ट कृषि स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। यह पहल केंद्रीय कृषि मंत्रालय के निर्देश पर बामेती द्वारा की जा रही है ताकि किसान नवाचार आधारित खेती सीख सकें।
बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में स्नातक नामांकन: 22 हजार छात्रों ने बदले विकल्प, छठी मेधा सूची जल्द
BRABU Admission Update: बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में स्नातक नामांकन के लिए 22 हजार विद्यार्थियों ने अपने आवेदन में त्रुटियां सुधारी हैं। अब जल्द ही छठी मेधा सूची जारी होगी, जिसके बाद कोई और सूची नहीं आएगी और ऑन-स्पॉट नामांकन पर विचार नहीं।
बिहार के लखीसराय के अशोक धाम मंदिर में भगदड़ में 7 लोगों की मौत
बिहार के लखीसराय के अशोक धाम मंदिर में भगदड़ में 7 लोगों की मौत lakhisaray,ashokdhammandir,bhagdar,bihar,samratchoudharyबिहार के लखीसराय के अशोक धाम मंदिर में भगदड़ में 7 लोगों की मौत बिहार के लखीसराय जिले के अशोक धाम मंदिर में हुई भगदड़ में सात महिला श्रद्धालुओं की मृत्यु हो गई। सावन माह के तीसरे सोमवार को जलाभिषेक के […]
चिदंबरम के बाद केजरीवाल ने भी खुद को बताया 'दिमागी नक्सली': जो लोग विकसित भारत चाहते हैं...
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को कहा कि जो व्यक्ति भारतीय जनता पार्टी (BJP) और केंद्र सरकार से सवाल करेगा और पूरे भारत में बेहतर सुविधाओं की मांग करेगा, उसे 'दिमागी नक्सल' कहा जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 15 अगस्त के बयान पर तंज कसते हुए यह बात कही। माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर एक छोटे से वीडियो में, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर भगत सिंह और भीमराव रामजी अंबेडकर आज जीवित होते, तो प्रधानमंत्री उन्हें भी 'दिमागी नक्सल' कहते। उन्होंने खुद को भी 'दिमागी नक्सल' बताया और कहा कि उन्हें इस बात पर गर्व है क्योंकि वह एक सच्चे देशभक्त हैं। इसे भी पढ़ें: Vande Mataram विवाद पर बोले Imran Masood, अल्लाह के सिवा किसी की इबादत नहीं, ये मेरा संवैधानिक अधिकार केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री के अनुसार, 'दिमागी नक्सल' वह व्यक्ति है जो सवाल उठाता है और शिक्षा प्रणाली में बदलाव लाना चाहता है। उनके अनुसार, जो लोग अस्पताल और सड़कों जैसी अच्छी सुविधाएं चाहते हैं, वे 'दिमागी नक्सल' हैं। जो लोग उनसे और BJP से नहीं डरते और 'विकसित भारत' चाहते हैं, वे 'दिमागी नक्सल' हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि हाँ। मैं दिमाग़ी नक्सल हूँ। क्योंकि मैं देशभक्त हूँ। और मुझे इस पर गर्व है। शनिवार को लाल किले की प्राचीर से 80वें स्वतंत्रता दिवस पर बोलते हुए, पीएम मोदी ने 'दिमागी नक्सलियों' की पहचान करने और उन्हें अलग-थलग करने का आह्वान किया - एक ऐसा शब्द जिसके बारे में उन्होंने ज़्यादा विस्तार से नहीं बताया। उनकी इस टिप्पणी से विवाद खड़ा हो गया; कांग्रेस ने उन पर और बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के अनुसार, केंद्र का विरोध करने वाला कोई भी व्यक्ति 'दिमागी नक्सली' है। इसे भी पढ़ें: Prashant Kishor ने Bihar विधानसभा में ली शपथ, बोले- यह मेरे लिए गर्व और जिम्मेदारी का पल जब बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी था, तब पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि उन्हें 'दिमागी नक्सली' होने पर गर्व है। उनकी इस टिप्पणी की आलोचना बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने की, जिन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के 2006 के उस बयान का ज़िक्र किया जिसमें उन्होंने नक्सलवाद को भारत के लिए आंतरिक सुरक्षा की सबसे बड़ी चुनौती बताया था। बीजेपी के राज्यसभा सदस्य ने दिन में एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि पीएम मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर 'दिमागी नक्सली' का एक बहुत महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। हमें हैरानी है कि इसके 24 घंटे के भीतर ही कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने कहा है कि उन्हें 'दिमागी नक्सली' होने पर गर्व है... मैं कांग्रेस से पूछना चाहता हूँ - कौन सही था, डॉ. मनमोहन सिंह या पी. चिदंबरम? देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर। हाँ। मैं दिमाग़ी नक्सल हूँ। क्योंकि मैं देशभक्त हूँ। और मुझे इस पर गर्व है। pic.twitter.com/ADE3YRfvSJ — Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) August 17, 2026
70वीं BPSC को रद्द कराने की मांग के लेकर पटना यूनिवर्सिटी के छात्रों ने भी अभ्यर्थियों का समर्थन किया है। पटना यूनिवर्सिटी छात्र संघ के अध्यक्ष शांतनु शेखर गर्दनीबाग धरना स्थल पर हड़ताल पर बैठे थे। उन्होंने सरकार को चेताया कि अगर मांगे पूरी नहीं होती है तो फिर से बिहार बंद होगा। पटना के गर्दनीबाग में 'ऑल Ph.D. होल्डर एंड रिसर्च स्कॉलर एसोसिएशन ऑफ बिहार' के बैनर तले कैंडिडेट्स पिछले 13 दिनों से अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठे हैं। सहायक प्राध्यापक बहाली में UGC Regulation 2018 के Table 3A लागू करने, बिहार में डोमिसाइल नीति प्रभावी करने और 70वीं BPSC परीक्षा निरस्त करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर उपवास कर रहे हैं। सरकार को इस पर अकाउंटिबिलिटी लेनी चाहिए- शांतनु शेखर पटना यूनिवर्सिटी के छात्र संघ अध्यक्ष शांतनु शेखर ने कहा,' सभी लोग जानते हैं कि पटना के गर्दनीबाग में हमारे साथी लगातार भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। सरकार को इस पर अकाउंटिबिलिटी लेनी चाहिए। हमारी लड़ाई यूं ही जारी रहेगी। आपके सहयोग से ही लिए लड़ाई मजबूत होगी और बिहार सरकार को झुकना होगा। 70वीं BPSC को रद्द करने को लेकर हमारी मांगे पूरी करनी होगी।' छात्रों के भविष्य के साथ किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं- शांतनु शेखर शांतनु शेखर ने कहा, '70वीं BPSC सहित प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता और छात्रों के अधिकारों के लिए आवाज़ उठाने वाले हर संघर्ष के साथ हम खड़े हैं। शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर बिहारी सोनम वांगचुक जो कि पिछले 14 दिन से भूख हड़ताल और उनके आंदोलन, उनके संघर्ष को सभी PhD धारकों एवं शोधार्थियों की ओर से हमारा पूर्ण समर्थन है।'
बंद कमरे में 3 लाश; बिहार के नवादा में मां और 2 बेटियों की सनसनीखेज मौत का क्या है रहस्य?
महिला की पहचान 25 वर्षीया निदा के रूप में की गई है। उसकी शादी चार साल पहले हुई थी। मृत दोनों बच्चियों की पहचान शाहिदा और सिदरा के रूप में हुई है। उनकी उम्र एक से तीन साल के बीच होगी।
Bihar STET 2026: बिहार STET 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू, जानें परीक्षा पैटर्न और पासिंग मार्क्स
BSEB Bihar STET 2026: बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने STET 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया आज 17 अगस्त से शुरू कर दी है। अभ्यर्थी 31 अगस्त तक आधिकारिक वेबसाइट bsebstet.org पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं।
CM Vijay के 100 दिन: Udhayanidhi Stalin बोले - Drugs ने लीं जानें, Law and Order फेल
तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने सोमवार को राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर सरकार की आलोचना की और आरोप लगाया कि हाल ही में राज्य में हुई हिंसा की कई घटनाओं के पीछे ड्रग्स की समस्या है। यह बात मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के कार्यकाल के 100 दिन पूरे होने पर कही गई। तमिलनाडु विधानसभा में बोलते हुए, स्टालिन ने कोयंबटूर में 19 साल के अमूधन की हत्या का मुद्दा उठाया और कहा कि इस घटना को गैंगवार के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। इसे भी पढ़ें: Vande Mataram विवाद पर बोले Imran Masood, अल्लाह के सिवा किसी की इबादत नहीं, ये मेरा संवैधानिक अधिकार स्टालिन ने कहा कि कोयंबटूर में 19 साल के अमूधन की बेरहमी से हत्या कर दी गई। यह गैंग वॉर नहीं, बल्कि हत्या है। वह SC समुदाय से थे। उन्होंने आरोप लगाया कि ड्रग्स से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी देने के बाद अमूधन की हत्या कर दी गई और कहा कि उसके माता-पिता ने भी यही आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि ड्रग्स ज़ब्त किए जाने चाहिए थे। अमूधन की मौत की मुख्य वजह ड्रग्स ही हैं। उसके माता-पिता ने मुझसे बात की; उन्होंने कहा कि अमूधन की हत्या इसलिए की गई क्योंकि उसने ड्रग्स की समस्या के बारे में जानकारी दी थी। स्टालिन ने आगे कहा कि अपनी पार्टी के नेता के आदेश पर, कल्लाकुरिची ज़िला पार्टी यूनिट ने इस मामले में न्याय की मांग करते हुए एक प्रदर्शन आयोजित किया था। उन्होंने कहा कि हमारे नेता के आदेश पर, हमने कल्लाकुरिची में एक बड़ा प्रदर्शन किया। हम इसे सिर्फ़ एक और हत्या मानकर नज़रअंदाज़ नहीं कर सकते; हमें दोषियों को सज़ा दिलानी होगी। उन्होंने चेन्नई के तिरुवोट्टियूर में 12वीं कक्षा के छात्र धनुष की हत्या का भी ज़िक्र किया और आरोप लगाया कि छात्र ने ड्रग्स बेचने वाले एक गिरोह से सवाल किया था। इसे भी पढ़ें: Prashant Kishor ने Bihar विधानसभा में ली शपथ, बोले- यह मेरे लिए गर्व और जिम्मेदारी का पल स्टालिन ने कहा कि कोयंबटूर की तरह ही चेन्नई में भी 12वीं कक्षा के छात्र धनुष की बेरहमी से हत्या कर दी गई, क्योंकि उसने जानकारी दी थी। सरकार कहती है कि वह ड्रग्स के ख़िलाफ़ है, लेकिन हत्याएं हो रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि तमिलनाडु के दूसरे हिस्सों में भी ऐसी ही घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि मैं ये सभी बातें सरकार के ध्यान में ला रहा हूं। ये सभी घटनाएं पिछले एक हफ्ते में हुई हैं। राज्य में सिर्फ़ हत्याएं ही नहीं, बल्कि यौन उत्पीड़न की कई घटनाएं भी हुई हैं। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
कुशीनगर में तमकुहीराज क्षेत्र में नेशनल हाईवे पर दुर्घटना में पिता सुरेश सिंह और उनके सेना में जवान बेटे सुधांशु शेखर सिंह की मौत हो गई। वहीं हादसे में घायल दूसरे बेटे हिमांशु शेखर सिंह को इलाज के बाद सोमवार भोर करीब 4 बजे गोरखपुर मेडिकल कॉलेज से छुट्टी मिल गई। अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद उन्हें परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। टक्कर के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। हादसे में सुरेश सिंह और उनके बेटे सुधांशु शेखर सिंह की जान चली गई, जबकि हिमांशु शेखर सिंह घायल हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोगों ने राहत-बचाव शुरू किया। घायल हिमांशु को पहले स्थानीय स्तर पर इलाज दिलाया गया। हालत को देखते हुए उन्हें देर रात गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। भोर 4 बजे अस्पताल से मिली छुट्टी, परिजन साथ लेकर लौटे गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में उपचार के बाद हिमांशु की हालत में सुधार हुआ। पारिवारिक जानकारी के अनुसार सोमवार भोर करीब 4 बजे डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी। इसके बाद परिजन उन्हें अपने साथ लेकर लौट आए। दूसरी ओर, मृत पिता-पुत्र के शव जिला मुख्यालय स्थित पोस्टमार्टम हाउस लाए गए। यहां परिवार के अन्य सदस्य भी पहुंचते रहे। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के बाद शव परिजनों को सौंपे जाने की तैयारी चलती रही। छपरा के बंगरा से बेतिया तक कारोबार ने बनाया नया ठिकाना परिवार के सदस्य अमित कुमार सिंह ने पोस्टमार्टम हाउस पर घटना की जानकारी देते हुए बताया कि परिवार मूल रूप से बिहार के छपरा जिले के दाउदपुर थाना क्षेत्र के बंगरा गांव का रहने वाला है। पिछले काफी समय से परिवार अपने कारोबार के सिलसिले में बिहार के बेतिया में रह रहा था। परिवार का ट्रांसपोर्ट और हार्डवेयर का कारोबार है। पिता सुरेश सिंह मुख्य रूप से कारोबार संभालते थे। परिवार के लोगों के मुताबिक, उनका ज्यादातर समय व्यवसाय से जुड़े कामों में ही गुजरता था। एक बेटा सेना में जवान, दूसरा कर रहा इंटर की पढ़ाई हादसे में जान गंवाने वाले सुधांशु शेखर सिंह सेना में जवान थे। परिवार को उनसे काफी उम्मीदें थीं। वहीं घायल हिमांशु शेखर सिंह अभी इंटर की पढ़ाई कर रहे हैं। एक ही हादसे में पिता और जवान बेटे की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। एक तरफ जवान बेटे को खोने का गम है, तो दूसरी तरफ परिवार के मुखिया सुरेश सिंह की मौत ने कारोबार और परिवार दोनों को गहरा झटका दिया है। घायल हिमांशु के अस्पताल से लौटने के बाद अब परिजनों का पूरा ध्यान अंतिम संस्कार और परिवार को संभालने पर है।
बिहार में शिक्षकों के ट्रांसफर-पोस्टिंग पर लगी रोक, हाईकोर्ट ने दिया आदेश
Bihar Teachers Transfer Stay: ट्रांसफर प्रक्रिया में कई तरह की गड़बड़ियों की शिकायत की गई थी, जिसे लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई और अब यथास्थिति बनाए रखने का आदेश जारी हुआ है.
Bihar News: पिता की मौत, बेटे ने भी तोड़ा दम... कुशीनगर हादसे ने परिवार को दिया जिंदगी भर का दर्द
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर के पास नेशनल हाईवे पर रविवार देर शाम हुए भीषण सड़क हादसे में सारण के दाउदपुर थाना क्षेत्र के बंगरा गांव निवासी सुरेश सिंह और उनके सेना में तैनात बेटे सुधांशु शेखर सिंह की मौत हो गई।
'वंदे मातरम' विवाद में फंसी Congress! Sonia-Rahul पर अपमान का आरोप, Delhi Police कर रही जांच
दिल्ली पुलिस ने एक शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। इस शिकायत में कांग्रेस के सीनियर नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ़ FIR दर्ज करने की मांग की गई है। आरोप है कि स्वतंत्रता दिवस पर ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) हेडक्वार्टर में 'वंदे मातरम' गाए जाने के दौरान उन्होंने बाधा डाली थी। यह शिकायत 15 अगस्त को नई दिल्ली स्थित कांग्रेस हेडक्वार्टर में हुए स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम से जुड़ी है। इसे भी पढ़ें: Prashant Kishor ने Bihar विधानसभा में ली शपथ, बोले- यह मेरे लिए गर्व और जिम्मेदारी का पल शिकायत के मुताबिक, सोनिया गांधी ने कथित तौर पर ऐसे इशारे किए और वहां मौजूद लोगों से इस तरह बात की, जिसे शिकायत करने वाले ने राष्ट्रीय गीत को जारी रखने का विरोध माना। इसमें यह भी आरोप लगाया गया है कि राहुल गांधी को यह कहते हुए सुना गया, हम वंदे मातरम नहीं गा रहे हैं। ये दावे शिकायत का हिस्सा हैं और पुलिस ने इनकी पुष्टि नहीं की है। दिल्ली पुलिस अभी इस शिकायत की जांच कर रही है ताकि कथित तौर पर हुई बाधा के पीछे के हालात का पता लगाया जा सके। यह शिकायत घटना के अगले दिन, यानी 16 अगस्त को दर्ज कराई गई थी। सुप्रीम कोर्ट के वकील शुभ शर्मा ने इस मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि 'राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026' को राष्ट्रपति की मंज़ूरी मिल चुकी है और अब यह लागू हो चुका है। उन्होंने कहा कि हां, यह (राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026) पहले से ही लागू है; इसे राष्ट्रपति की मंज़ूरी मिली हुई है। अब 'वंदे मातरम' का दर्जा भी हमारे राष्ट्रगान के बराबर है। इसलिए, यह कानून अब सोनिया गांधी समेत हर व्यक्ति पर लागू होता है। इसे भी पढ़ें: दिमागी नक्सल पर Modi के बयान से सियासी घमासान, BJP ने P Chidambaram पर साधा निशाना शर्मा ने वरिष्ठ नेताओं की ज़िम्मेदारी पर आगे कहा कि आप एक बहुत वरिष्ठ नेता हैं। आपके हर काम का असर करोड़ों लोगों पर पड़ता है। अगर आप इस तरह सार्वजनिक रूप से वंदे मातरम का विरोध करते हैं, तो देश इसे बर्दाश्त नहीं कर पाएगा। इस घटना ने बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं पर राष्ट्रगीत का अनादर करने का आरोप लगाया है, जबकि कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कार्यक्रम के दौरान हुई गतिविधियों के लिए एक अलग स्पष्टीकरण दिया है। बीजेपी ने सोनिया गांधी की आलोचना तेज़ कर दी है और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस मामले पर कांग्रेस की निंदा की है। वहीं, कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर दूसरे मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
Bihar News: गोपालगंज में मस्जिद के अंदर कत्ल! मौलवी की चाकू मारकर हत्या से मचा हड़कंप
गोपालगंज के उचकागांव थाना क्षेत्र के अरना बाजार स्थित मस्जिद में मौलवी शफीक अहमद की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। समय पर अजान नहीं होने पर स्थानीय लोगों को शक हुआ और मस्जिद के अंदर उनका खून से लथपथ शव मिला।
Prashant Kishor ने Bihar विधानसभा में ली शपथ, बोले- यह मेरे लिए गर्व और जिम्मेदारी का पल
जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने सोमवार को बिहार विधानसभा में स्पीकर प्रेम कुमार की मौजूदगी में बांकीपुर विधायक के तौर पर शपथ ली। शपथ लेने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि जिस सदन में कृष्ण सिन्हा, कर्पूरी ठाकुर, अनुग्रह नारायण सिन्हा, नीतीश कुमार, लालू प्रसाद यादव, केदार पांडे, राम विलास पासवान और सुशील कुमार मोदी जैसे लोगों ने सेवा की है, उसका सदस्य बनना मेरे लिए गर्व की बात है। इसे भी पढ़ें: Ashokdham Temple Stampede | बिहार के लखीसराय में अशोकधाम मंदिर में बड़ा हादसा, बिजली का तार गिरने के बाद मची भगदड़ में 7 श्रद्धालुओं की मौत प्रशांत किशोर ने कहा कि समाज और राज्य की बेहतरी के लिए अपनी ज़िंदगी के कीमती साल समर्पित करने वाले सैकड़ों विधायकों की तरह काम करना उनके लिए एक बड़ी ज़िम्मेदारी भी है। किशोर ने 3 अगस्त को ऐतिहासिक चुनावी शुरुआत की; उन्होंने बिहार के प्रतिष्ठित बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र का उपचुनाव जीता और BJP को बड़ा झटका दिया, जिसके पास तीन दशकों से यह सीट थी। उन्होंने 64,151 वोट हासिल करके BJP के नीरज कुमार को 19,324 वोटों के अंतर से हराया। कुमार को 44,827 वोट मिले। यह उपचुनाव इसलिए कराना पड़ा क्योंकि BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद यह सीट खाली हो गई थी। बांकीपुर तीन दशकों से BJP का गढ़ रहा है; नवीन और उनके दिवंगत पिता नवीन चंद्र सिन्हा 1995 से लगातार इस सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। खबर यह भी है कि प्रशांत किशोर सितंबर में बिहार का राज्यव्यापी दौरा करेंगे। इसका मकसद ग्रेजुएट और टीचर निर्वाचन क्षेत्रों से होने वाले आगामी विधान परिषद चुनावों से पहले पार्टी के जमीनी संगठन को मजबूत करना है। इसे भी पढ़ें: Ayodhya में Sawan Jhula Mela हुआ शुरू, 10 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान JSP के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने कहा कि पार्टी जमीनी स्तर पर अपने संगठनात्मक नेटवर्क को बढ़ाने पर ध्यान दे रही है और इसके लिए पूरे राज्य में कई कार्यक्रम और जनसभाएं आयोजित की जाएंगी। उम्मीद है कि संगठनात्मक विस्तार अभियान के तहत किशोर कई जिलों का दौरा करेंगे। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
Bihar : मृतक के परिजन को चार लाख अनुदान; PM मोदी और CM सम्राट चौधरी ने अशोक धाम हादसे पर क्या कहा?
बिहार के लखीसराय स्थित प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर के पास सोमवार सुबह भगदड़ में कम से कम सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 14 लोग घायल हुए हैं। हादसा अशोकधाम हॉल्ट रेलवे स्टेशन के पास भारी भीड़ के बीच बैरिकेडिंग टूटने के बाद हुआ।
PK बन गए ऑफिशियली 'विधायक जी', बिहार विधानसभा स्पीकर ने दिलाई शपथ
जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर आज से ऑफिशियली विधायक बन गए हैं. बिहार विधानसभा के स्पीकर डॉ. प्रेम कुमार ने प्रशांत किशोर को शपथ दिलाई.
बिहार सरकार ने सोमवार को लखीसराय के अशोक धाम मंदिर में भगदड़ में मारे गए लोगों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। वहीं, इस घटना पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत एनडीए के कई नेताओं ने दुख जताया है।
Bihar News: कमला नदी का गहरा पानी बना काल! सात बच्चे डूबे, चार बचाए गए, तीन की मौत
: कटिहार के फलका थाना क्षेत्र में सावन की तीसरी सोमवारी पर कमला नदी में नहाने के दौरान सात बच्चे गहरे पानी में डूब गए। ग्रामीणों ने चार बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जबकि तीन बच्चों की मौत हो गई।
औरैया में ट्रेन से गिरकर बिहार के युवक की मौत, अछल्दा के पास मिला क्षत-विक्षत शव
औरैया में ट्रेन से गिरकर बिहार के युवक की मौत, अछल्दा के पास मिला क्षत-विक्षत शव
Nag Bihari temple: मथुरा का नाग बिहारी मंदिर बहुत खास है। नाग पंचमी पर यहां कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए पूजा होती है। आइए जानें क्यों इंद्र से इसका संबंध है।
मिथिलांचल के मखाना की खुशबू अब सात समंदर पार पहुंचने लगी है। दरभंगा के बेनीपुर प्रखंड के धरौड़ा गांव से रविवार को करीब 4 मीट्रिक टन मखाना की खेप दुबई के लिए रवाना की गई। करीब 45 लाख रुपये मूल्य की इस खेप को शक्ति नेचुरल एक्सपोर्ट, गयाजी के माध्यम से भेजा जा रहा है। इसे बेनीपुर से ट्रक के जरिए कोलकाता बंदरगाह ले जाया जाएगा, जहां से समुद्री मार्ग से दुबई के जावेद अली पोर्ट भेजा जाएगा। ग्रामीण इलाके से इतने बड़े पैमाने पर मखाना की पहली खेप यूएई भेजे जाने से स्थानीय किसानों, मखाना कारोबारियों, प्रसंस्करण से जुड़े लोगों और ग्रामीण महिलाओं में उत्साह है। कारोबारियों को उम्मीद है कि विदेश में मखाना का सैंपल और गुणवत्ता पसंद आने के बाद नियमित निर्यात का रास्ता खुल सकता है। इससे मिथिला के मखाना को अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर किसानों को बेहतर बाजार और कीमत मिलने की संभावना बढ़ेगी। मखाना की खेप को हरी झंडी दिखाकर कियारवाना मखाना की खेप को शक्ति नेचुरल एक्सपोर्ट के प्रोपराइटर अमिताभ सिन्हा और लक्ष्मी गुलाब मखाना के प्रोपराइटर भोलानाथ झा और रुपेश मिश्रा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर लक्ष्मी गुलाब मखाना में कार्यरत महिला कर्मियों को भोलानाथ झा की ओर से उपहार देकर सम्मानित भी किया गया। शक्ति नेचुरल एक्सपोर्ट के संचालक अमिताभ सिन्हा ने कहा, ‘बेनीपुर से मखाना की खेप का UAE जाना पूरी टीम के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। स्थानीय स्तर पर तैयार मखाना को सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की यह पहल किसानों और कारोबारियों के लिए नई संभावनाओं का संकेत है।’ उन्होंने लक्ष्मी गुलाब मखाना के संचालक भोलानाथ झा और उनकी पूरी टीम के सहयोग के लिए आभार जताया। सेना से सेवानिवृत्ति के बाद शुरू किया कारोबार भोलानाथ झा ने देश की सेवा की। सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें नौकरी का अवसर भी मिला, लेकिन उन्होंने नौकरी करने के बजाय अपने गांव लौटकर स्थानीय लोगों को रोजगार देने का निर्णय लिया। इसी सोच के साथ उन्होंने मखाना कारोबार की शुरुआत की। उन्होंने बताया कि शुरुआती दौर में काम को आगे बढ़ाना आसान नहीं था और कभी-कभी मजदूरों की कमी के कारण कारोबार भी प्रभावित होता था। इसके बावजूद मैंने कारोबार जारी रखा। धीरे-धीरे मखाना के काम का विस्तार हुआ। माता-पिता के नाम पर रखा कंपनी का नाम भोलानाथ झा ने बताया, 'कंपनी का नाम उनके माता-पिता के नाम पर रखा गया है। मेरा उद्देश्य कारोबार के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र में लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा, ‘स्थानीय स्तर पर तैयार मखाना को दुबई तक पहुंचाना मेरे लिए बड़ी उपलब्धि है। आने वाले समय में कारोबार का विस्तार कर अधिक लोगों को रोजगार से जोड़ने और मखाना की खेती को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।’ मिथिला मखाना का दुनिया में बड़ा योगदान रुपेश मिश्रा ने कहा, ‘मिथिलांचल लंबे समय से मखाना उत्पादन का प्रमुख केंद्र रहा है। दरभंगा, मधुबनी, सहरसा, सुपौल, कटिहार और पूर्णिया समेत आसपास के जिलों में बड़े पैमाने पर मखाना का उत्पादन होता है। उनके अनुसार, दुनिया के मखाना उत्पादन में मिथिलांचल की हिस्सेदारी काफी महत्वपूर्ण है।’ उन्होंने कहा, ‘पहले दरभंगा में मुख्य रूप से तालाबों में मखाना उत्पादन किया जाता था, लेकिन अब नई तकनीक के कारण किसान खेतों में भी मखाना की खेती करने लगे हैं। इससे मखाना की खेती का दायरा लगातार बढ़ रहा है। बेनीपुर, बिरौल सहित आसपास के दर्जनों गांवों में किसान पारंपरिक फसलों के साथ मखाना की खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं।’ उन्होंने बताया, 'मिथिला मखाना को GI टैग मिलने से भी इस उत्पाद की पहचान को मजबूती मिली है। मखाना की मांग देश के साथ-साथ विदेशों में भी बढ़ रही है। ऐसे में स्थानीय स्तर से सीधे निर्यात की शुरुआत किसानों और कारोबारियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। खेत से अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचेगा उत्पाद चार मैट्रिक्स टन मखाना की मौजूदा खेप बेनीपुर से ट्रक के जरिए कोलकाता बंदरगाह पहुंचेगी। वहां इसे समुद्री जहाज के माध्यम से दुबई भेजा जाएगा। कारोबारियों के अनुसार, यह प्रक्रिया स्थानीय उत्पाद को अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन से जोड़ने की दिशा में अहम कदम है। स्थानीय कारोबारियों का कहना है कि विदेश में भेजी जा रही मौजूदा खेप के सैंपल और गुणवत्ता को लेकर मिलने वाली प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी। यदि वहां मखाना की मांग और बाजार को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलती है तो भविष्य में बेनीपुर और आसपास के क्षेत्रों से नियमित रूप से मखाना का निर्यात किया जा सकता है। 40 से अधिक लोगों को मिल रहा रोजगार लक्ष्मी गुलाब मखाना में फिलहाल करीब 40 महिला एवं पुरुष कर्मी काम कर रहे हैं। खासकर ग्रामीण महिलाओं को गांव में ही प्रसंस्करण कार्य से रोजगार मिलने से उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है। मखाना के प्रसंस्करण, सफाई, ग्रेडिंग और पैकिंग से स्थानीय स्तर पर रोजगार की नई संभावनाएं बनी हैं। किसानों को मिलेगा बेहतर बाजार चार मैट्रिक टन मखाना की यह खेप यूएई भेजे जाने से स्थानीय किसानों को भी उम्मीद जगी है। निर्यात का बाजार मजबूत होने पर मखाना उत्पादकों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर खरीदार और उचित कीमत मिलने की संभावना है। कारोबारियों का मानना है कि यदि निर्यात नियमित हुआ तो मखाना की मांग बढ़ेगी, जिससे किसान अधिक क्षेत्र में इसकी खेती के लिए प्रोत्साहित होंगे। मखाना कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के साथ उत्पादन बढ़ाने, आधुनिक प्रसंस्करण व्यवस्था विकसित करने, गुणवत्ता बनाए रखने और निर्यात के मानकों का पालन करने पर ध्यान देना होगा। इससे मिथिला के मखाना कारोबार को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूती मिल सकती है। ग्रामीण क्षेत्र से दुबई तक पहुंचा मिथिला का स्वाद बेनीपुर के धरौड़ा जैसे ग्रामीण इलाके से चार टन मखाना का दुबई के लिए रवाना होना स्थानीय उद्यमिता और रोजगार की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। सेना से सेवानिवृत्ति के बाद गांव लौटकर भोलानाथ झा ने जिस छोटे स्तर के कारोबार की शुरुआत तीन महिला मजदूरों के साथ की थी, वह अब 40 से अधिक लोगों को रोजगार देने के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच बना रहा है। मिथिलांचल के मखाना कारोबार को मलेगी नई गति अब इस खेप की सफलता पर कारोबारियों और किसानों की नजर है। यदि दुबई में मखाना की मांग बढ़ती है और नियमित ऑर्डर मिलने लगते हैं, तो बेनीपुर समेत पूरे मिथिलांचल के मखाना कारोबार को नई गति मिल सकती है। इससे स्थानीय उत्पादन, प्रसंस्करण, पैकेजिंग, रोजगार और निर्यात सहित सभी क्षेत्रों में विस्तार की संभावनाएं बनेंगी।
Auraiya: एक्सप्रेस ट्रेन से गिरकर बिहार के युवक की मौत, रेलवे ट्रैक पर क्षत-विक्षत मिला शव
औरैया के अछल्दा स्टेशन के पास श्रम शक्ति एक्सप्रेस से गिरने की आशंका में बिहार निवासी 23 वर्षीय युवक की मौत हो गई। ट्रैक पर शव मिलने के बाद आधार कार्ड से पहचान हुई।
बिहार के लखीसराय स्थित प्रसिद्ध श्री इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर, अशोकधाम के पास सोमवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। अशोकधाम हॉल्ट पर एक साथ दोनों दिशाओं से ट्रेनें आने के बाद अफरा-तफरी मची।
Bihar: गंगा में डूबीं सात बच्चियां, तीन के शव मिले; एक की तलाश जारी, सावन की सोमवारी पर मचा कोहराम
पटना के बाढ़ अनुमंडल के बख्तियारपुर थाना क्षेत्र में सावन की सोमवारी पर गंगा स्नान के दौरान सात बच्चियां डूब गईं। स्थानीय लोगों ने तीन बच्चियों को बचा लिया था, जबकि चार लापता थीं।
Maharashtra hostel: महाराष्ट्र के अमरावती जिले में प्रशासन एक असाधारण संकट से जूझ रहा है। यहां एक सरकारी रेजिडेंशियल स्कूल के हॉस्टल को छोड़कर करीब 600 आदिवासी छात्र चले गए हैं। उनका दावा है कि कुछ छात्राओं पर भूत-प्रेत का साया है। अधिकारियों के अनुसार, इस घटना की शुरुआत 22 जुलाई को तब हुई, जब चार छात्राओं ने अचानक अजीब व्यवहार करना शुरू कर दिया। वे बेकाबू होकर रोने और हंसने लगीं। आशंका है कि यह स्थिति मानसिक तनाव से जुड़ी हो सकती है।600 छात्रों ने 'भूतिया' हॉस्टल को कहा अलविदाअधिकारियों ने रविवार (16 अगस्त) को बताया कि मुंबई से 700 किलोमीटर से अधिक दूरी पर स्थित उत्तरी महाराष्ट्र के आदिवासी बहुल मेलघाट क्षेत्र के चिखलदरा तहसील के डोमा गांव में इस आदिवासी रेजिडेंशियल स्कूल में 810 छात्र-छात्राएं रहते हैं। अधिकारियों ने बताया कि जल्द ही यह अफवाह फैल गई कि छात्राएं ऊपरी साये के असर में हैं, जिसके कारण कुछ ही दिनों के भीतर करीब 600 छात्रों ने इस कथित 'भूतिया' हॉस्टल को छोड़ दिया। यह हॉस्टल आदिवासी विकास विभाग द्वारा चलाया जाता है।हॉस्टल के एक सूत्र के अनुसार, कुछ छात्राओं ने घुंघरुओं के खनकने की आवाजें सुनाई देने का भी दावा किया था। आदिवासी विकास विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि स्वास्थ्य विशेषज्ञों के एक दल ने डोमा आवासीय विद्यालय का दौरा किया है। अधिकारी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा, इन लक्षणों का किसी भी अलौकिक या अंधविश्वास वाली गतिविधि से कोई लेना-देना नहीं है। यह मानसिक तनाव से जुड़ी एक चुनिंदा हिस्टीरिया (मिरगी जैसा मानसिक दौरा) जैसी स्थिति हो सकती है।अजीब व्यवहार के बाद डर का सायाप्रशासन द्वारा तैयार की गई एक मनोवैज्ञानिक रिपोर्ट के अनुसार, कुछ छात्राओं के इस अजीब व्यवहार के बाद कई तरह की बातें सामने आने लगीं। रिपोर्ट में कहा गया है कि बाद में गांव की कुछ महिलाओं में भी इसी तरह के मानसिक लक्षण विकसित हो गए। रिपोर्ट में कहा गया है कि छात्रों और स्थानीय लोगों के बीच एक धारणा यह फैली कि जहां आश्रम स्कूल बना है, वहां पहले 'महुआ' का एक पेड़ हुआ करता था, जिस पर आत्माओं का वास था। बताया जा रहा है कि स्कूल प्रबंधन ने उस पेड़ को काट दिया, जिससे गुस्सा होकर आत्माएं छात्रों को परेशान कर रही हैं।एक और कारण यह बताया गया कि आश्रम स्कूल के पीछे स्थित स्थानीय आदिवासियों के देवता का मंदिर विद्यालय के नाले के कारण प्रभावित या अतिक्रमित हो गया था, जिससे देवता नाराज हो गए थे। वहीं, तीसरे कारण के रूप में यह अफवाह फैली कि स्कूल के पास के खेत में एक आदिवासी युवक की मौत हो गई थी, जिसकी आत्मा भूत बनकर वहां भटक रही है। आदिवासी विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि स्वास्थ्य विशेषज्ञों की एक टीम ने डोमा रेजिडेंशियल स्कूल का दौरा किया। एक अधिकारी ने कहा कि यह मानसिक तनाव से जुड़ी हिस्टीरिया जैसी स्थिति हो सकती है।अंधविश्वास, डर या तनाव?रिपोर्ट में इस असामान्य स्थिति का मुख्य कारण अंधविश्वास, डर, तनाव और आत्माओं के संबंध में स्थानीय मान्यताओं को बताया गया है। अधिकारी ने बताया कि अंधविश्वास उन्मूलन के लिए काम करने वाली संस्था 'महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति' के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भी छात्रों से मुलाकात कर उन्हें समझाया। समिति ने लोगों से अपील की है कि वे अंधविश्वासों के बहकावे में न आएं और इस घटना को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें।ये भी पढ़ें- Bihar Temple Stampede: बिहार के लखीसराय में अशोकधाम मंदिर में भगदड़! 7 लोगों की मौत, बिजली का तार गिरने से एक दर्जन से ज्यादा श्रद्धालु घायलअमरावती से सांसद बलवंत वानखेड़े ने भी छात्रों से न डरने और दोबारा स्कूल जाना शुरू करने की अपील की है। स्कूल के हेडमास्टर संजय चौधरी ने बताया कि छात्राओं को समझाने और उन्हें वापस स्कूल लाने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा, कुछ विद्यार्थी वापस लौट आए हैं।
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Bihar News: Ashok Dham में करंट के बाद मची चीख-पुकार, कई लोगों की मौत! Lakhisarai
Bihar News: Ashok Dham में करंट के बाद मची चीख-पुकार, कई लोगों की मौत! Lakhisarai
Patna, 17 अगस्त . पवित्र सावन महीने के तीसरे Monday के दिन बिहार के अलग-अलग शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है. लोग आस्था और उत्साह के साथ मंदिरों में दर्शन पूजन के लिए पहुंचे हैं. कांवड़िए भी अलग-अलग स्थानों से कांवड़ लेकर मंदिरों में जलाभिषेक कर रहे हैं. बांका में Monday ... Read more
Bihar Temple Stampede: बिहार के लखीसराय में स्थित प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर में नाग पंचमी औरसावन के तीसरे सोमवार के अवसर पर 17 अगस्त की सुबह बड़ा हादसा हो गया। मंदिर में भारी भीड़ के बीच भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई, जिसमें कम से कम 7 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। 'न्यूज 18' के मुताबिक, इस हादसे में एक दर्जन से ज्यादा श्रद्धालु घायल बताए जा रहे हैं। घायलों में सभी महिलाएं होने की जानकारी सामने आई है।हादसे के वक्त मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक करने और पूजा-अर्चना के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, करीब 50 हजार श्रद्धालु मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में मौजूद थे।बताया जा रहा है कि वहां बिजली का एक खंभा गिर गया। इससे लोग बिजली की चपेट में आ गए, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।लखीसराय के DM शैलेंद्र कुमार ने न्यूज एजेंसी ANI से कहा, भीड़ बहुत ज्यादा बढ़ गई थी। सुबह करीब 6.30-6.45 बजे दो ट्रेनें आईं, जिससे भीड़ और बढ़ गई। हमने भीड़ का अंदाजा लगाते हुए इंतजाम किए थे। फिर हमें पता चला कि भीड़ की वजह से एक तरफ की बैरिकेडिंग टूट गई और लोग एक-दूसरे पर गिर पड़े। हमने तुरंत 10-15 लोगों को यहां भेजा।7 लोगों की मौत की पुष्टिमंदिर में हुए हादसे पर SDPO शिवम कुमार ने न्यूज एजेंसी ANI को बताया, सात लोगों की मौत की खबर है। बताया जा रहा है कि वहां बिजली का एक खंभा गिर गया और लोग बिजली की चपेट में आ गए, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। हम पूरी जांच-पड़ताल के बाद ही सही वजह बता पाएंगे। घायलों को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया है। उनका इलाज जारी है।बिजली के खंभे की अफवाह से मची भगदड़?स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, हादसा अशोक धाम रेलवे स्टेशन से मंदिर की ओर जाने वाली सड़क पर हुआ। बताया जा रहा है कि रात के दौरान इस रास्ते पर एक बिजली का खंभा गिर गया था। सोमवार सुबह भीड़ के बीच अचानक यह अफवाह फैल गई कि गिरे हुए बिजली के खंभे में करंट दौड़ रहा है।इस खबर से श्रद्धालुओं में घबराहट फैल गई और लोग अचानक इधर-उधर भागने लगे। देखते ही देखते रास्ते पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। भीड़ में कई लोग एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े और अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और दूसरे श्रद्धालुओं ने भीड़ में फंसे लोगों को बाहर निकालने और घायलों की मदद करने की कोशिश की।सभी घायल महिलाएं, कई की हालत गंभीरहादसे में घायल हुए सभी श्रद्धालुओं के महिला होने की जानकारी सामने आई है। इनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को इलाज के लिए लखीसराय सदर अस्पताल ले जाया गया है, जहां उनका उपचार किया जा रहा है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुंचकर राहत और चिकित्सा व्यवस्था में जुट गईं।मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासन की टीमहादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। स्वास्थ्य विभाग और राहत-बचाव दलों को भी घटनास्थल पर लगाया गया है। अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।सावन की तीसरी सोमवारी पर उमड़ी थी भारी भीड़सोमवार को सावन की तीसरी सोमवारी और नागपंचमी होने के कारण अशोक धाम मंदिर में सुबह से ही भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे थे। भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए दूर-दूर से लोग आए थे। भारी भीड़ के बीच बिजली के खंभे को लेकर फैली अफवाह ने अचानक लोगों में डर पैदा कर दिया। इस दौरान देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई। बिहार प्रशासन की ओर से फिलहाल घटना की डिटेल्स जांच की जा रही है। हादसे के सही कारण और मृतकों एवं घायलों की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है।ये भी पढ़ें- Iran-US War Update: ईरान ने अमेरिकी सैनिक को मारने या पकड़ने पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित किया, महिलाओं को देगा दोगुनी रकम
सावन का तीसरा: बिहार के शिव मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़, 'बोल बम' जयघोष के साथ जलाभिषेक

