यूक्रेन से बिहार के गया पहुंची महिला, बोली- भारत का शुक्रिया, पूर्वजों के लिए प्रार्थना का मौका मिला
यूक्रेन से बिहार के गया पहुंची महिला, बोली- भारत का शुक्रिया, पूर्वजों के लिए प्रार्थना का मौका मिला
‘दानवीर’ से बदल सकती है पंचायतों की तस्वीर, बिहार में जिला से पंचायत स्तर तक पहुंचेगा अभियान
‘दानवीर’ पहल का विस्तार अब बिहार में भी किया जा रहा है, जिसके तहत नागरिक और संस्थान ग्राम पंचायतों व पुस्तकालयों को विभिन्न परिसंपत्तियां दान कर सकेंगे। यह अभियान जिला से पंचायत स्तर तक चलाया जाएगा।
Bihar Flood: नेपाल के असहयोग पर छलका डिप्टी सीएम का दर्द, लापरवाह अधिकारियों पर चलेगा डंडा
उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने कहा कि बिहार को बाढ़ से स्थायी समाधान के लिए नेपाल का अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है, जबकि बाढ़ का उद्गम नेपाल से होता है।
कल का मौसम, 7 अक्टूबर 2026: क्या उत्तर भारत में सर्दियों की दस्तक होने वाली है? मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है. दिल्ली, यूपी और बिहार समेत 28 राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है.
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जमुहार में युवा संवाद का उद्घाटन किया, मोदी के 'डेवलपिंग इंडिया' वादे की सराहना की और यु
'अपनी निष्पक्षता साबित करे चुनाव आयोग': पीके बोले- जनसुराज कोई खुला दरवाजा नहीं, बिहार की जनता नया विकल्प तलाश रही
उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (UPCA) ने BCCI की अंडर-19 T20 वूमेंस ट्रॉफी के लिए प्रदेश की 16 सदस्यीय महिला टीम की घोषणा की है। इस टीम में कानपुर की 4 खिलाड़ियों को जगह मिली है। उत्तर प्रदेश की टीम 9 अक्टूबर को मुंबई में बिहार के खिलाफ मैच खेलेगी। कानपुर क्रिकेट एसोसिएशन (KCA) की निशा वर्मा, नंदनी सिंह, सिद्धि मिश्रा और विदुषी मिश्रा को टीम में जगह मिली है। टीम की कप्तानी आगरा की सान्वी भाटिया को सौंपी गई है। यूपी टीम अपना पहला मुकाबला 9 अक्टूबर को बिहार के खिलाफ खेलेगी। 9 अक्टूबर को बिहार से पहला मुकाबला चयनित खिलाड़ियों में निशा वर्मा बल्लेबाज हैं, जबकि नंदनी सिंह दाएं हाथ की लेग ब्रेक गेंदबाज हैं। वहीं विदुषी मिश्रा मध्यम गति की तेज गेंदबाज और सिद्धी मिश्रा बाएं हाथ की स्पिन गेंदबाज हैं। चारों खिलाड़ी कानपुर में अलग-अलग मैदानों पर अभ्यास करती हैं। निशा वर्मा और नंदनी सिंह रोवर्स मैदान में, सिद्धी मिश्रा रतनलाल शर्मा मैदान में और विदुषी मिश्रा वीएसएसडी कॉलेज मैदान में अभ्यास करती हैं। यूपीसीए के मुताबिक, इलीट बी ग्रुप में उत्तर प्रदेश का मुकाबला पंजाब, उत्तराखंड, चंडीगढ़ और आंध्र प्रदेश की टीम से होंगे। इन शहरों के खिलाड़ी चुने गए 16 सदस्यों वाली टीम में कानपुर से चार, लखनऊ से तीन और सहारनपुर, मेरठ समेत आगरा से दो-दो खिलाड़ी शामिल हैं। इसके अलावा, मुरादाबाद और अलीगढ़ के खिलाड़ी भी टीम का हिस्सा हैं। चारों खिलाड़ियों के चयन पर यूपी टी-20 गवर्निंग काउंसिल के चेयरमैन डॉ. संजय कपूर, कानपुर क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय तिवारी और सचिव दिनेश कटियार ने बधाई दी।
औरंगाबाद जिले के बारुण प्रखंड की कोचाढ़ पंचायत स्थित केशव हाई स्कूल परिसर में मंगलवार को जनसमस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के लिए सहयोग शिविर सह सेवा सेतु शिविर-सरकार आपके द्वार का आयोजन किया गया। जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा एवं पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा की संयुक्त अध्यक्षता में आयोजित शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं से संबंधित आवेदन दिए। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय गीत एवं राष्ट्रगान के सामूहिक गायन से हुई। इसके बाद डीएम, एसपी और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर शिविर का उद्घाटन किया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों ने डीएम और एसपी को पौधा एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया। शिविर को संबोधित करते हुए डीएम अभिलाषा शर्मा ने कहा कि सहयोग शिविर का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं को पंचायत स्तर पर ही सुनना और उनका यथासंभव त्वरित एवं प्रभावी समाधान करना है। प्रशासन का प्रयास है कि ग्रामीणों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए जिला या प्रखंड कार्यालय का बार-बार चक्कर नहीं लगाना पड़े। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ लोगों को उनके घर के समीप उपलब्ध कराने की दिशा में ऐसे शिविर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। 103 आवेदन मिले, 99 का मौके पर ही किया गया निष्पादन डीएम ने बताया कि औरंगाबाद जिला जनसमस्याओं के निष्पादन के मामले में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। जिले में प्राप्त मामलों के निष्पादन की दर 98 प्रतिशत से अधिक है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल प्रशासनिक पदाधिकारियों और कर्मियों की मेहनत का परिणाम नहीं है, बल्कि इसमें आम नागरिकों का सहयोग भी महत्वपूर्ण है। कोचाढ़ पंचायत में आयोजित शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 103 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 99 आवेदनों का निष्पादन कर दिया गया। शेष आवेदनों के निष्पादन के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। डीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि शिविर में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी तरीके से निष्पादन किया जाए। किसी भी आवेदक को अनावश्यक रूप से इंतजार नहीं करना पड़े, इसका विशेष ध्यान रखने को कहा गया। शिविर में राशन कार्ड में नाम जोड़ने, मनरेगा जॉब कार्ड, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण-पत्र, प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना समेत कई सरकारी सेवाओं से संबंधित आवेदन लिए गए। ग्रामीणों को योजनाओं की पात्रता और प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई। डीएम ने कहा कि शिविर का उद्देश्य सिर्फ आवेदन लेना नहीं, बल्कि पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ना और उन्हें योजनाओं की सही एवं पूरी जानकारी उपलब्ध कराना भी है। स्वास्थ्य से लेकर पेंशन तक, लगाए गए कई विभागों के स्टॉल शिविर परिसर में विभिन्न विभागों की ओर से अलग-अलग स्टॉल लगाए गए थे। इनमें सामाजिक सुरक्षा पेंशन, मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन, दिव्यांगजन पेंशन, मनरेगा, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, नल-जल योजना, कौशल विकास योजना, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड और मुख्यमंत्री स्वयं सहायता भत्ता योजना समेत कई योजनाओं से संबंधित काउंटर शामिल थे। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना, आईसीडीएस, शिक्षा विभाग, राजस्व विभाग और जिला बाल संरक्षण इकाई की ओर से भी स्टॉल लगाए गए। इन काउंटरों पर ग्रामीणों की समस्याएं सुनी गईं और पात्र लाभुकों से आवेदन प्राप्त किए गए। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगाए गए स्वास्थ्य शिविर में ग्रामीणों को दवा वितरण के साथ नेत्र जांच, रक्त जांच और रक्तचाप जांच की सुविधा दी गई। आयुष्मान भारत कार्ड एवं यूडीआईडी कार्ड से संबंधित सेवाएं भी उपलब्ध कराई गईं। डीएम अभिलाषा शर्मा और एसपी उपेंद्रनाथ वर्मा ने शिविर में लगाए गए सभी स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों से प्राप्त आवेदनों और लोगों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की जानकारी ली। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि लोगों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ पात्र लाभुकों को उसका लाभ दिलाने की प्रक्रिया भी पूरी की जाए। लाभुकों को बांटे गए प्रमाण-पत्र, पोषण माह में हुई गोद भराई शिविर के दौरान जिला पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने लाभुकों के बीच वासगीत पर्चा, आयुष्मान कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड और जन्म प्रमाण-पत्र का वितरण किया। इससे लाभुकों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का सीधा लाभ मिला। वहीं, पोषण माह के तहत डीएम और एसपी की मौजूदगी में गोद भराई कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से पोषण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। डीएम ने ग्रामीणों से अपील की कि वे शिविर में लगाए गए सभी स्टॉलों का लाभ उठाएं और अपने आसपास के पात्र लोगों को भी सरकारी योजनाओं की जानकारी दें। उन्होंने कहा कि प्रशासन और जनता के बीच बेहतर समन्वय से ही जनसमस्याओं का प्रभावी समाधान संभव है। उन्होंने बताया कि यदि किसी नागरिक की समस्या का समाधान शिविर में तत्काल नहीं हो पाता है तो वह sahyog.bihar.gov.in के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकता है। इसके अलावा टोल-फ्री नंबर 1100 पर कॉल कर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। ग्रामीण प्रशासन को अपनी समस्या के साथ सुझाव और फीडबैक भी दे सकते हैं। डीएम ने कहा कि जिला प्रशासन का संकल्प है कि प्रशासन जनता के द्वार पहुंचे, समस्याएं सुने और उनके समाधान को सुनिश्चित करे। शिविर में जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्वेता प्रियदर्शी, बीडीओ, सीओ, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
2000 करोड़ में गंडक नदी पर बनेगा पुल, बिहार के बेतिया से यूपी के गोरखपुर-कुशीनगर की दूरी घटेगी
बिहार के बेतिया से यूपी के गोरखपुर और कुशीनगर के बीच सुगम आवागम के लिए गंडक नदी पर 2000 करोड़ रुपये की लागत से पुल बनाया जा रहा है। यह बिहार का सबसे बड़ा पुल होगा। केंद्रीय कैबिनेट से इसे जल्द मंजूरी मिलने की संभावना है।
नेपाल से उत्तर बिहार तक नशे का नेटवर्क, सात बड़े तस्करों के नाम आए सामने
Drug Trafficking Network : मुजफ्फरपुर में मनीष राज की गिरफ्तारी से नेपाल से उत्तर बिहार तक फैले नशे के नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस ने पूछताछ के आधार पर सात बड़े तस्करों की पहचान की है और उनकी तलाश में छापेमारी कर रही है।
भाई वीरेंद्र यादव के 'पति-पत्नी और राजनीति' वाले बयान से गरमाई बिहार की सियासत
बिहार की राजनीति के गलियारों से इस वक्त राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी को लेकर एक बेहद सनसनीखेज और चटपटी खबर सामने आ रही है। पार्टी के भीतर मचे घमासान और बगावत के सुरों के बीच आरजेडी के बागी या यूं कहें कि राजनीतिक बयानों के धुरंधर नेता भाई वीरेंद्र यादव ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने सूबे के सियासी पारे को अचानक सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। भाई वीरेंद्र यादव ने कुशवाहा की पार्टी में हो रही टूट और बगावत के पीछे 'पति-पत्नी और राजनीति' का एक ऐसा तंज कसा है, जिसके बाद से राजनीतिक गलियारों में कयासों का बाजार गर्म हो गया है। आखिर उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के भीतर ऐसा क्या पक रहा है और इस बयान के क्या सियासी मायने हैं, आइए इस पूरी अंदरूनी कहानी को बेहद विस्तार से समझते हैं।RLM Internal Crisis: उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा में क्यों सुलग रही है असंतोष की आगबिहार के सियासी समीकरणों में हमेशा अपनी अलग पहचान रखने वाले उपेंद्र कुशवाहा ने जब अपनी पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) का गठन किया था, तो उन्होंने यह उम्मीद जताई थी कि वे समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर एक मजबूत संगठन खड़ा करेंगे। लेकिन पिछले कुछ समय से पार्टी के भीतर जिस तरह से टिकट बंटवारे, सांगठनिक पदों और फैसलों को लेकर सीनियर नेताओं में असंतोष की सुगबुगाहट शुरू हुई थी, वह अब खुलकर सामने आने लगी है। पार्टी के कई दिग्गज और जमीनी नेता इस बात से नाराज बताए जा रहे हैं कि संगठन के भीतर आंतरिक लोकतंत्र कमजोर हो रहा है और सारे फैसले चुनिंदा लोगों के हाथ में सिमट कर रह गए हैं। इसी घुटन और असंतोष के चलते पार्टी के भीतर बगावत के सुर फूटने लगे हैं, और कार्यकर्ता खुलकर अपनी ही पार्टी की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाने लगे हैं, जिससे उपेंद्र कुशवाहा के लिए अपनी ही पार्टी को एकजुट रखना एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।Bhai Birendra Statement: भाई वीरेंद्र यादव के 'पति-पत्नी और राजनीति' वाले तंज ने खींचा सबका ध्यान, राजनीतिक हलकों में मचा बवालइस पूरे घटनाक्रम के दौरान जब विपक्षी दलों के नेताओं की प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हुईं, तो राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के विधायक और अपने बेबाक बयानों के लिए मशहूर भाई वीरेंद्र यादव ने उपेंद्र कुशवाहा पर एक तीखा और कटाक्ष भरा हमला बोल दिया। भाई वीरेंद्र यादव ने अपनी खास शैली में बयान देते हुए कहा कि जिस पार्टी में सिर्फ 'पति-पत्नी और परिवार' की राजनीति हावी हो जाएगी, वहाँ दूर-दराज से आए मेहनती और निष्ठावान कार्यकर्ताओं का दम घुटना लाजिमी है। उन्होंने सीधे तौर पर इशारा किया कि उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी में पारिवारिक दखलअंदाजी इतनी बढ़ चुकी है कि पार्टी के दूसरे नेताओं को उनकी मेहनत का हक नहीं मिल रहा है, जिसके कारण आज वहाँ बगावत की आग भड़क रही है। उनके इस 'पति-पत्नी और राजनीति' वाले तंज ने सोशल मीडिया से लेकर चाय की दुकानों तक एक नई बहस छेड़ दी है, और हर कोई इस बात पर चर्चा कर रहा है कि क्या वाकई क्षेत्रीय दलों में परिवारवाद ही उनके बिखराव का सबसे बड़ा कारण बनता जा रहा है।Family Politics in Regional Parties: क्या परिवारवाद ही बन रहा है क्षेत्रीय दलों के टूटने और बगावत का सबसे बड़ा मुख्य कारणभारतीय राजनीति और विशेषकर बिहार के क्षेत्रीय दलों के इतिहास पर अगर नजर डाली जाए, तो यह कोई पहला मौका नहीं है जब किसी पार्टी के भीतर परिवारवाद या पति-पत्नी की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के चलते बगावत हुई हो। अधिकांश छोटे और क्षेत्रीय दल जब अपनी स्थापना के बाद आगे बढ़ते हैं, तो उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती सांगठनिक विस्तार के बजाय परिवार के सदस्यों को सर्वोच्च पद दिलाने की हो जाती है। जब पार्टी का कडर यह देखता है कि सालों-साल खून-पसीना बहाने के बाद भी संगठन के शीर्ष पदों पर केवल एक ही परिवार के लोग काबिज हो रहे हैं, तो स्वाभाविक रूप से उनके भीतर निराशा और आक्रोश जन्म लेता है। उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी में उठी इस बगावत की चिंगारी को भी राजनीतिक विश्लेषक इसी परिप्रेक्ष्य में देख रहे हैं, क्योंकि यदि समय रहते असंतुष्ट नेताओं की आवाज को अनसुना किया गया, तो यह पार्टी के भविष्य के लिए एक बड़ा खतरा साबित हो सकता है।Future of RLM and Upendra Kushwaha: अब क्या कदम उठाएंगे उपेंद्र कुशवाहा, क्या बगावत के इस तूफान को थाम पाएंगे आरएलएम प्रमुखभाई वीरेंद्र यादव के इस तीखे हमले और पार्टी के भीतर सुलग रहे बगावत के सुरों के बाद अब सभी की निगाहें उपेंद्र कुशवाहा के अगले राजनीतिक कदम पर टिकी हैं। कुशवाहा को बिहार की सियासत में एक मंजे हुए और रणनीतिक खिलाड़ी के रूप में जाना जाता है, जो इससे पहले भी कई उतार-चढ़ाव देख चुके हैं। पार्टी के भीतर मचे इस घमासान को शांत करने के लिए उन्हें जल्द ही कोई कड़ा और स्पष्ट सांगठनिक निर्णय लेना होगा, जिससे नाराज नेताओं का भरोसा दोबारा जीता जा सके। यदि वे अपनों की नाराजगी को दूर करने में असफल रहते हैं, तो आगामी चुनावों से पहले यह बगावत उनकी पार्टी के लिए बहुत भारी पड़ सकती है। बहरहाल, भाई वीरेंद्र यादव के इस बयान ने जहाँ विपक्ष को एक नया राजनीतिक हथियार दे दिया है, वहीं आरएलएम प्रमुख के सामने अपने कुनबे को एकजुट रखने की सबसे बड़ी अग्निपरीक्षा खड़ी कर दी है।
दिल्ली, यूपी और बिहार समेत कई राज्यों में बदलेगा मौसम का मिजाज, IMD ने जारी किया बारिश का अलर्ट
Weather Update 6 October : मौसम विभाग ने आज उत्तर प्रदेेश, बिहार, दिल्ली, झारखंड समेत कई राज्यों में बारिश की चेतावनी दी है। इस दौरान हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।
Weather Update: यूपी के 3 जिलों में गिरे ओले, बिहार में बाढ़ से 8 लाख लोग प्रभावित; 9 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट!
घर से बुलाकर शराब पार्टी और फिर हत्या, 24 बार युवक को चाकू से गोदा; बिहार में भयानक हत्याकांड
बिहार में अपराधियों ने दिल दहला देने वाली वारदात को अंजाम दिया है। यहां अपराधियों ने एक युवक को पहले घर से बुलाया और फिर शराब पार्टी के बाद उसपर चाकू से कई वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया। इस हत्याकांड से इलाके में सनसनी फैल गई है।
सासाराम में सीएम का बड़ा दावा, नौजवान बाहर मजदूरी नहीं करेंगे, बिहार में मिलेंगी बड़ी नौकरियां
6 अक्टूबर, मंगलवार: सासाराम में सीएम ने कहा कि बिहार के नौजवान अब बाहर मजदूरी करने नहीं जाएंगे, बल्कि बड़ी नौकरियां करेंगे। उन्होंने रोडवेज में ऐतिहासिक बदलाव, पटना-सासाराम फोरलेन और 2029 तक बिहार में 10 एयरपोर्ट की बात कही।
Ticket Broker : मुजफ्फरपुर के भगवानपुर रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ ने टिकट दलाली का भंडाफोड़ किया है। एक दलाल को 10 हजार से अधिक के अवैध आरक्षित टिकटों के साथ गिरफ्तार किया गया।
आज यह सायरन क्यों?: बिहार में आज कहां-कब सुनाई देगी अलार्म की आवाज, इस ट्रायल का मतलब भी समझिए
Bihar News : कोई खतरा मंडरा रहा है क्या? पाकिस्तान से तनाव की स्थिति में सायरन बजा था। आज क्यों बजने वाला है, कहां-कब सुनाई देगी सायरन की आवाज? इस खबर में जानिए आपदा प्रबंधन की इस तैयारी के पीछे कारण।
जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर विधान परिषद चुनाव को लेकर इन दिनों पूरी तरह से एक्शन मोड में हैं। अपनी रणनीतिक तैयारियों को धार देने के लिए लगातार जिलों का दौरा कर रहे हैं। इसी कड़ी में सोमवार रात अचानक बेगूसराय पहुंचे। रतनपुर स्थित वरिष्ठ नेता अजीत गौतम के आवास पर देर रात तक बैठकों और मुलाकातों का दौर चलता रहा। इस दौरान उन्होंने जिले के प्रमुख चिकित्सकों, बुद्धिजीवियों, समाजसेवी हस्तियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया। इस अनौपचारिक सह राजनीतिक कार्यक्रम में राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज रही। प्रशांत किशोर ने जनसुराज अभियान से जुड़ रहे नए सदस्यों का गर्मजोशी से स्वागत किया। बेगूसराय के सीनियर डॉक्टर डॉ. ए.के. राय का जनसुराज में शामिल होना जिले की भावी राजनीति के लिहाज से एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। प्रशांत किशोर ने स्पष्ट किया कि समाज के प्रतिष्ठित और प्रबुद्ध वर्गों का जनसुराज के प्रति बढ़ता आकर्षण इस बात का स्पष्ट संकेत है कि बिहार की जनता अब पारंपरिक राजनीतिक ढर्रे से हटकर एक मजबूत और नया विकल्प तलाश रही है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर, शिक्षक, इंजीनियर और प्रबुद्ध नागरिक जब तक नीति-निर्धारण और राजनीति में सक्रिय भूमिका नहीं निभाएंगे, तब तक राज्य का सर्वांगीण विकास संभव नहीं है। विधान परिषद चुनाव में जनसुराज की तैयारियों और उम्मीदवार के नाम पर स्थिति साफ करते हुए प्रशांत किशोर ने बताया कि पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जनसुराज के अधिकृत प्रत्याशी अनुज सिंह हैं। अनुज सिंह पूर्व में नवादा से जनसुराज के टिकट पर विधानसभा का चुनाव लड़ चुके हैं और क्षेत्र के शिक्षित मतदाताओं के बीच उनकी बेहतर पकड़ रही है। राजनीतिक गलियारों में चल रही विभिन्न अटकलों और विपक्षी दलों के नेताओं द्वारा समर्थन दिए जाने के सवालों पर प्रशांत किशोर ने कहा कि कौन किसे समर्थन दे रहा है या किस दल में क्या बगावत चल रही है, यह संबंधित राजनीतिक दलों का अंदरूनी मामला है। 'जनसुराज कोई खुला दरवाजा नहीं है' प्रशांत किशोर ने कहा कि इससे जनसुराज का कोई लेना-देना नहीं है। लोकतंत्र में जनसुराज के सिद्धांतों से प्रभावित होकर लोग समर्थन करते हैं, लेकिन पार्टी अपनी तय प्राथमिकताओं और अनुशासन के आधार पर ही आगे बढ़ रही है। भारतीय जनता पार्टी और अन्य प्रमुख दलों के कुछ चर्चित चेहरों के जनसुराज में शामिल होने की चर्चाओं को भी प्रशांत किशोर ने खारिज किया। जनसुराज कोई ऐसा खुला दरवाजा नहीं है, जहां जिसका जब मन करे वह चला आए। संगठन में किसी भी व्यक्ति का प्रवेश उसकी सामाजिक छवि, निष्ठा और सार्वजनिक जीवन के ट्रैक रिकॉर्ड के मूल्यांकन के बाद ही तय होता है। राजनीतिक और सामाजिक शिष्टाचार के तहत होने वाली मुलाकातें एक अलग विषय हैं। कई नेताओं के परिवार के सदस्य पहले से ही जनसुराज में सक्रिय पदों पर कार्य कर रहे हैं। इसलिए ऐसी सामान्य मुलाकातों को बेवजह का राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है। बातचीत के दौरान प्रशांत किशोर ने देश की चुनावी व्यवस्था और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी तीखा हमला बोला। सुप्रीम कोर्ट की ओर से चुनाव आयोग को जारी किए गए नोटिस पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि यदि कोई संस्था गड़बड़ी करेगी तो अदालत नोटिस तो जारी करेगी ही, लेकिन सिर्फ नोटिस देने से चुनावी व्यवस्था में सुधार नहीं आने वाला। न्यायपालिका को ऐसे गंभीर मामलों में सख्त और दंडात्मक कदम उठाने चाहिए थे। 'किसी एक अधिकारी के हटने से व्यवस्था में बदलाव नहीं आता' आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की साख पर पिछले कई वर्षों से बट्टा लगा हुआ है और आम जनता का इस संवैधानिक संस्था पर से विश्वास लगातार कम होता जा रहा है। वोटर लिस्ट के निर्माण से लेकर आचार संहिता लागू करने, चुनाव की तिथियों की घोषणा करने और मतगणना तक हर चरण में गड़बड़ियां सामने आती रही हैं। दावा किया कि बिहार के चुनावों में पानी की तरह पैसा बहाकर और हजारों करोड़ रुपए खर्च करके वोटों को प्रभावित करने की कोशिश की जाती है। जबकि आचार संहिता का उल्लंघन करने वालों पर कोई कठोर कार्रवाई नहीं होती। जब तक चुनाव आयोग सत्ताधारी दल के प्रभाव से मुक्त होकर काम नहीं करेगा, तब तक लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की पवित्रता बहाल होना मुश्किल है। किसी एक अधिकारी के रहने या हटने से व्यवस्था में बदलाव नहीं आता, बल्कि चुनाव आयोग को अपनी निष्पक्षता स्वयं साबित करनी होगी। जिले में राजनीतिक हलचल तेज बेगूसराय में देर रात तक चली इस महत्वपूर्ण बैठक और प्रशांत किशोर के तेवरों ने जिले के राजनीतिक तापमान को अचानक बढ़ा दिया है। विधान परिषद के स्नातक चुनाव को लेकर जनसुराज जिस तरह से प्रबुद्ध वर्ग और स्थानीय प्रभाव वाले चेहरों को अपने पाले में लाने की रणनीति पर काम कर रहा है, उससे अन्य राजनीतिक दलों की चिंताएं बढ़ सकती है। क्योंकि जनसुराज विधान परिषद चुनाव को केवल एक साधारण चुनाव के रूप में नहीं, बल्कि आगामी राज्यस्तरीय मुकाबलों के पूर्वाभ्यास के रूप में गंभीरता से ले रहा है।
रामगढ़ की रगड़ घाटी में मंगलवार को मछली से लदा ट्रेलर (AP 39X 2789) ब्रेक फेल होने के बाद अनियंत्रित होकर पलट गया। ट्रेलर आंध्र प्रदेश से मछली लेकर बिहार के औरंगाबाद जा रहा था। घाटी में ब्रेक फेल होने के बाद चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। ट्रेलर सड़क से करीब 300 मीटर दूर जाकर पलट गया। हादसे में चालक को मामूली चोटें आईं। उसे रामगढ़ सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ट्रेलर में बड़ी मात्रा में मछली लदी थी। हादसे के बाद मछली व्यवसायी को करीब 45 लाख रुपए के नुकसान का अनुमान है। दूसरी गाड़ी में अनलोड कराई गई मछली घटना की सूचना मिलने के बाद रामगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू कराया। मछली को खराब होने से बचाने के लिए दूसरी गाड़ी मंगाकर ट्रेलर से अनलोड कराया जा रहा है। वहीं, दुर्घटनाग्रस्त ट्रेलर को हाइड्रा मशीन की मदद से उठाने का काम चल रहा है। पुलिस ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी में ब्रेक फेल होना दुर्घटना की वजह बताया जा रहा है। पुलिस वाहन की तकनीकी स्थिति समेत अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। पांच दिन पहले भी पांच वाहनों को मारी थी टक्कर रगड़ घाटी को हादसों के लिहाज से ब्लैक स्पॉट माना जाता है। यहां अक्सर वाहन अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त होते हैं। पांच दिन पहले भी इसी जगह ब्रेक फेल होने के बाद एक हाईवा ने पांच वाहनों को टक्कर मार दी थी। लगातार हादसों के बावजूद घाटी में सुरक्षा के लिए अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, दुर्घटना की आशंका वाले स्थानों पर सुरक्षा इंतजाम, गति नियंत्रण और अन्य जरूरी उपाय किए जाने की जरूरत है।
Form 6 controversy: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने फॉर्म-6 में अवैध और एकतरफा तरीके से बदलाव किए। साथ ही कांग्रेस सांसद ने कहा कि यह भारतीय जनता पार्टी (BJP) को मदद पहुंचाने के लिए अपने पद के दुरुपयोग का एक और सबूत है। हालांकि,निर्वाचन आयोग ने गांधी के इस आरोप को भ्रामक बताते हुए कहा कि बिहार में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) का आदेश 24 जून 2025 को आयोग की सर्वसम्मत मंजूरी से जारी किया गया था। इस आदेश कोसुप्रीम कोर्टने 27 मई, 2026 के अपने फैसले में बरकरार रखा है।राहुल गांधी ने 26 सितंबर के निर्वाचन आयोग के प्रेस नोट का हवाला देते हुए X पर एक पोस्ट में कहा, अब यह संदेह से परे स्थापित हो चुका है कि ज्ञानेश कुमार ने फॉर्म-6 में अवैध और एकतरफा तरीके से बदलाव किया। उन्होंने आरोप लगाया, यह भाजपा की मदद करने के लिए उनके पद का दुरुपयोग करने का एक और सबूत है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि लोकतंत्र पर इस आपराधिक हमले में शामिल ज्ञानेश कुमार और अन्य सभी लोगों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।चुनाव आयोग का जवाबहालांकि, निर्वाचन आयोग ने बाद में राहुल गांधी के आरोप को भ्रामक बताते हुए उनका फैक्ट-चेक जारी किया है। आयोग ने X पर कहा कि बिहार मेंSIR का आदेश 24 जून 2025 को निर्वाचन आयोग की सर्वसम्मत मंजूरी से जारी किया गया था। इस आदेश को उच्चतम न्यायालय ने 27 मई, 2026 के अपने फैसले में बरकरार रखा है।आयोग ने अपने 26 सितंबर 2026 के प्रेस नोट संख्या 120 के बिंदु 1(3) का हवाला देते हुए कहा कि एसआईआर के लिए फॉर्म-6 के साथ संलग्न घोषणा को भीसुप्रीम कोर्टने बरकरार रखा है। कांग्रेस नेता ने जिस प्रेस नोट का उल्लेख किया, उसमें निर्वाचन आयोग ने कहा था किSIR प्रक्रिया के दौरान फॉर्म-6 के साथ संलग्न घोषणा-पत्र को उच्चतम न्यायालय द्वारा सही ठहराया गया है।सुुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?दूसरी तरफ,चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI)सूर्यकांत ने सोमवार को स्पष्ट किया कि उच्चतम सुप्रीम कोर्ट ने विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाता सूची में नाम शामिल करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले फॉर्म-6 के किसी संशोधित संस्करण को मंजूरी नहीं दी है। उन्होंने यह टिप्पणी मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अभियोग चलाए जाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान की।बीजेपी भी भड़कीभारतीय जनता पार्टी (BJP) ने निर्वाचन आयोग के कुछ फैसलों से संबंधित जनहित याचिका कीसुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान हुई कार्यवाही के बारे में राहुल गांधी पर झूठ बोलने और देश को गुमराह करने का सोमवार को आरोप लगाया। सत्ताधारी पार्टी नेकहा कि कांग्रेस नेता को इसके परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।BJP प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा, भारत केचीफ जस्टिस ने यह नहीं कहा कि फॉर्म-6 अवैध है। राहुल गांधी झूठ बोल रहे हैं कि उच्चतम न्यायालय ने ऐसा कहा है। पात्रा नेआगे कहा, यह ठीक वैसा ही है, जब राहुल गांधी ने दावा किया था कि उच्चतम न्यायालय ने राफेल सौदे में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं की बात कही है। बाद में उन्हें उच्चतम न्यायालय में हलफनामा दाखिल करना पड़ा और बिना शर्त माफी मांगनी पड़ी।उन्होंने कहा, यहां भी यही होने वाला है। झूठ बोलने की सजा होती है। पात्रा ने आरोप लगाया कि गांधी मामले की उच्चतम न्यायालय में हुई सुनवाई और 26 सितंबर को निर्वाचन आयोग द्वारा जारी बयान के बारे में देश को ‘गुमराह’ करने की कोशिश कर रहे हैं।ये भी पढ़ें- सुप्रीम कोर्ट ने Form 6 को लेकर साफ किया रुख, CJI बोले- 'हमने मंजूरी नहीं दी'; CEC ज्ञानेश कुमार पर सुनवाई के बीच बढ़ा विवादBJPसांसद ने कहा, दोनों ही मामलों में राहुल गांधी लोगों को गुमराह करके देश में अराजकता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि उनकी रैलियों को कुछ मजबूती मिल सके। उन्होंने कहा, उनकीX पर की गई पोस्ट झूठ से भरी थी। एक जिम्मेदार नेता प्रतिपक्ष से इसकी उम्मीद नहीं की जाती। इस तरह झूठ का दुष्प्रचार करके देश में अराजकता पैदा करने का प्रयास करना अपराध है। Fact CheckThe statement made in this post is misleading1) The order for SIR in Bihar issued on 24 June 2025 was issued with the unanimous approval of the Commission. This order has been upheld by the Hon'ble Supreme Court of India in its judgment dated 27 May 20262) In its Press Note No. 120 dated 26 September 2026, in Point 1(iii), ECI has stated that, The declaration attached to Form 6 for SIR has been upheld by the Hon'ble Supreme Court.#ECIFactCheck— Election Commission of India (@ECISVEEP) October 5, 2026
लोकसभा में विपक्ष के नेता (LoP) राहुल गांधी द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर लगाए गए गंभीर आरोपों पर भारत के निर्वाचन आयोग (ECI) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के सोशल मीडिया दावे को पूरी तरह से गलत और गुमराह करने वाला करार देते हुए स्पष्ट किया है कि वोटर लिस्ट के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) के लिए फॉर्म 6 से जुड़ी प्रक्रिया पूरी तरह से कानूनी और सर्वसम्मति से ली गई थी। चुनाव आयोग ने X पर एक पोस्ट में कहा, बिहार में SIR के लिए 24 जून 2025 को जारी आदेश आयोग की सर्वसम्मति से जारी किया गया था। भारत के माननीय सुप्रीम कोर्ट ने 27 मई 2026 के अपने फैसले में इस आदेश को सही ठहराया है। आयोग ने आगे कहा, 26 सितंबर 2026 के अपने प्रेस नोट नंबर 120 के पॉइंट 1(iii) में, ECI ने कहा है कि SIR के लिए फॉर्म 6 के साथ लगे घोषणा-पत्र (डिक्लेरेशन) को माननीय सुप्रीम कोर्ट ने सही माना है। ज्ञानेश कुमार ने जानबूझकर और गैर-कानूनी तरीके से फॉर्म 6 बदला: राहुल गांधी इससे पहले गांधी ने आरोप लगाया था कि चुनाव आयोग के प्रमुख ज्ञानेश कुमार ने जानबूझकर और गैर-कानूनी तरीके से फॉर्म 6 बदल दिया, जिसे उन्होंने एक स्थापित तथ्य बताया। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर कहा, अब यह बिना किसी शक के साबित हो गया है कि ज्ञानेश कुमार ने गैर-कानूनी और एकतरफा तरीके से फॉर्म 6 बदला। यह इस बात का एक और सबूत है कि वे BJP की मदद करने के लिए अपने पद का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्हें और हमारी डेमोक्रेसी पर हुए इस आपराधिक हमले में शामिल सभी लोगों को जवाबदेह ठहराया जाएगा। गांधी की यह टिप्पणी तब आई जब सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार को एक याचिका पर नोटिस जारी किया। इस याचिका में कुमार के फैसलों को चुनौती दी गई थी; आरोप है कि उन्होंने ये फैसले दो चुनाव आयुक्तों - सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी - की मंज़ूरी के बिना लिए थे। चुनाव आयोग और केंद्र सरकार को जवाब देने के लिए एक हफ़्ते का समय दिया गया था। यह नोटिस तीन जजों की बेंच ने जारी किया, जिसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना शामिल थे। याचिका में कहा गया, निर्देश दिया जाए कि प्रतिवादी नंबर 3 (CEC) मौजूदा याचिका की अंतिम सुनवाई तक भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त के तौर पर काम न करें; निर्देश दिया जाए कि इस दौरान आयोग का कामकाज प्रतिवादी नंबर 4 (सुखबीर सिंह संधू) और 5 (विवेक जोशी) की सर्वसम्मति से लिए गए फैसलों से चलाया जाए; और निर्देश दिया जाए कि खाली पद पर कोई भी नियुक्ति एक ऐसी समिति की सिफारिश पर की जाए जिसमें भारत के माननीय मुख्य न्यायाधीश भी शामिल हों। Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi Fact Check ❌The statement made in this post is misleading ✅1) The order for SIR in Bihar issued on 24 June 2025 was issued with the unanimous approval of the Commission. This order has been upheld by the Hon'ble Supreme Court of India in its judgment dated 27 May 2026 ✅2) In its Press Note No. 120 dated 26 September 2026, in Point 1(iii), ECI has stated that, The declaration attached to Form 6 for SIR has been upheld by the Hon'ble Supreme Court. #ECIFactCheck — Election Commission of India (@ECISVEEP) October 5, 2026
पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में बिहार से दो हिन्दू युवक गिरफ्तार, एक बेगूसराय का
देश की खुफिया जानकारी पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं तक पहुंचाने के आरोप असम पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने बिहार के दो हिंदू युवकों को पकड़ा है। पूर्वी चंपारण के अभिषेक कुमार सिंह और बेगूसराय के रीतेश सिंह को इस सनसनीखेज मामले में पकड़ा गया है।
सेना की गजराज इंटेलिजेंस यूनिट और केंद्रीय एजेंसियों के इनपुट पर हुई कार्रवाई में उसके पास से मोबाइल फोन, कई सिम कार्ड और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील दस्तावेज बरामद होने की बात सामने आई है।
IPS प्रीता वर्मा पर सम्राट सरकार ने फिर जताया भरोसा, अगले आदेश तक बनी रहेंगी बिहार पुलिस की DGP
राज्य सरकार ने 1991 बैच की आईपीएस अधिकारी प्रीता वर्मा के बिहार के कार्यवाहक डीजीपी के अतिरिक्त प्रभार को अगले आदेश तक बढ़ा दिया है। स्थायी डीजीपी की नियुक्ति होने तक वह बिहार पुलिस की कमान संभालेंगी और अपराध नियंत्रण व कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की चुनौती का सामना करेंगी।
अवैध संबंध और शौहर का कत्ल, बिहार में बीवी का महापाप; भाई के साथ मिल रची खौफनाक साजिश
बीवी को शक था कि उसके शौहर का किसी अन्य महिला के साथ अवैध संबंध था जिसके कारण मृतक अपनी पत्नी के साथ मारपीट एवं अभद्र व्यवहार करता था। इसके बाद बीवी ने अपने भाई के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची।
कैसे मिले सरकारी नौकरी, जब नहीं हैं योग्य उम्मीदवार, बिहार में 'रिटायर' हुईं सैकड़ों वैकेंसी
बिहार में बेरोजगारी के हाहाकार के बावजूद सरकारी नौकरियों के पद खाली रह रहे हैं क्योंकि विभागों को योग्य उम्मीदवार नहीं मिल पा रहे हैं।
Weather Update: यूपी में बारिश-ओलों से फसलें प्रभावित, बिहार में 8 लाख लोग बाढ़ से घिरे; पंजाब-उत्तराखंड में अलर्ट
दुर्गापूजा में पूरे बिहार में DJ पर पूर्ण प्रतिबंध, मुख्य सचिव और DGP ने DM-SP को दिए सख्त निर्देश
दुर्गापूजा में पूरे बिहार में DJ पर पूर्ण प्रतिबंध, मुख्य सचिव और DGP ने DM-SP को दिए सख्त निर्देश
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर महागठबंधन के नेता अब बिहार में सड़क पर उतरेंगे। तेजस्वी यादव के नेतृत्व में 7 अक्टूबर को आक्रोश मार्च और 8 अक्टूबर को लोकभवन मार्च का प्लान बना है।
अब हवाई चप्पल और LED बल्ब भी बनाएंगे कैदी, बिहार की जेलों में रोजगार से जुड़ रहे अपराधी
बिहार की जेलों में कैदियों को रोजगार से जोड़ने की पहल तेज हो गई है। भागलपुर जेल में हवाई चप्पल और एलईडी बल्ब बनेंगे, जबकि गयाजी जेल में एलईडी बल्ब का उत्पादन शुरू होगा।
वकील के सीने पर बैठकर सिर में मारी गोली; बिहार में सड़क पर खूनी खेल
एसपी परिचय कुमार ने बताया कि बदमाशों ने सिर के पीछे एक गोली मारी है। घटना स्थल से एक खोखा बरामद हुआ है। बदमाश गोली मारकर पैदल आगे निकला और फिर बाइक से डीएस कॉलेज की ओर फरार हो गए।
Weather Update: बिहार में मानसून की विदाई के साथ बारिश की आशंका, 8 जिलों में मौसम विभाग का अलर्ट
बिहार से मानसून की विदाई के बाद चक्रवाती परिसंचरण और कम दबाव के क्षेत्र के कारण मौसम में बदलाव आया है।
Bihar Weather Today 06th October: बिहार के चंपारण, मधुबनी और गोपालगंज में बारिश, आगे कैसा रहेगा मौसम
Bihar Weather Today 06th October: मौसम विभाग ने गोपालगंज और शिवहर के कुछ हिस्सों में भी मध्यम दर्जे के मेघ गर्जन, वज्रपात और वर्षा का पूर्वानुमान जताया है। इसके अलावा मुधबनी, सीतामढ़ी में भी बारिश का अनुमान है।
मुजफ्फरपुर के आरडीएस कालेज में 24 को सजेगा युवा कलाकारों का मंच, 20 तक आवेदन का मौका
Bihar Youth Art Competition: मुजफ्फरपुर के आरडीएस कॉलेज में 24 अक्टूबर को जिला युवा उत्सव 2026-27 का आयोजन होगा। इच्छुक युवा कलाकार 20 अक्टूबर तक समूह लोकनृत्य, लोकगीत, चित्रकला, कविता लेखन और वक्तृता प्रतियोगिताओं के लिए आवेदन कर सकते हैं।
मुजफ्फरपुर-पटना एनएच के किनारे सरकारी जमीन का माफिया कर रहे सौदा, विभाग हुआ अलर्ट
Bihar Revenue Minister Dilip Jaiswal: मुजफ्फरपुर में भू-माफिया एनएच-22 और एनएच-28 के किनारे सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा कर निर्माण और खरीद-बिक्री कर रहे हैं। राजस्व मंत्री के निर्देश पर जिलाधिकारी ने इस गंभीर मामले की त्वरित जांच के आदेश दिए हैं।
Prayagraj News: शूटर अरमान को कड़ी सुरक्षा में कोर्ट में किया पेश, सुनवाई के बाद भेजा बिहार जेल
शूटर अरमान को कड़ी सुरक्षा में कोर्ट में किया पेश, सुनवाई के बाद भेजा बिहार जेल
Kaushambi News: शूटर अरमान को कड़ी सुरक्षा में कोर्ट में किया पेश, सुनवाई के बाद भेजा बिहार जेल
Shooter Arman produced in court under tight security; sent to a Bihar jail after the hearing.
मुजफ्फरपुर के बाढ़ पीड़ितों को मिलेगी सहायता राशि, फसल और मकान क्षति का होगा सर्वे
Bihar Flood Damage Assessment: डीएम कुमार गौरव ने मुजफ्फरपुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फसल और मकान क्षति का आकलन कर नियमानुसार सहायता राशि देने के निर्देश दिए हैं।
मुजफ्फरपुर में डिग्री कॉलेजों में प्रतिनियुक्त 12 प्रभारी प्राचार्य वापस, राजभवन के आदेश पर बदलाव
Bihar University Principal Appointment News: बीआरए बिहार विश्वविद्यालय ने राजभवन के आदेश पर डिग्री कॉलेजों में प्रतिनियुक्त 12 प्रभारी प्राचार्यों को उनके मूल विभाग में वापस भेज दिया है। अब इन कॉलेजों का अतिरिक्त प्रभार नजदीकी अंगीभूत कॉलेजों के प्राचार्यों को सौंपा जाएगा।
भभुआ में बिहार राज्य अमीन संघ का धरना, पदनाम परिवर्तन और सेवा सम्पुष्टि समेत कई मांगें
5 अक्टूबर, सोमवार: भभुआ में बिहार राज्य अमीन संघ के बैनर तले अमीनों ने लंबित मांगों और समस्याओं को लेकर धरना दिया। अमीनों ने बायोमेट्रिक हाजिरी से छूट, स्थानांतरण-प्रोन्नति, लेवल-6 वेतनमान, पदनाम परिवर्तन, सेवा सम्पुष्टि और वाहन-यात्रा भत्ता जैसी सुविधाओं की मांग की।
पूर्णिया में प्रशांत किशोर का बड़ा दावा, बोले- बिहार में 50 लाख लोग बाढ़ में फंसे
5 अक्टूबर, सोमवार: पूर्णिया में कोसी स्नातक निर्वाचन के जनसुराज प्रत्याशी के नामांकन में पहुंचे प्रशांत किशोर ने दावा किया कि बिहार में 50 लाख लोग बाढ़ में फंसे हैं। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर बाढ़ पीड़ितों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए सरकार को जवाबदेह बनाने की अपील की।
ग्रामीणों को बिहार सरकार की बड़ी राहत: घरों पर नहीं लगेगा प्रॉपर्टी टैक्स, नई नियमावली तैयार
पंचायती राज विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति कर वसूली नियमावली में संशोधन किया है। अब गांवों में आवासीय घरों पर सीधे संपत्ति कर नहीं लगेगा, बल्कि पंचायतों की आय के लिए अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर कर लगाया जाएगा।
6 अक्टूबर को स्कूल बंद रहेंगे या नहीं? दिल्ली-एनसीआर, यूपी और राजस्थान सहित अधिकांश राज्यों में स्कूल सामान्य रूप से खुलेंगे। छात्र अपने स्कूल के सर्कुलर को चेक करें।
भारतीय क्रिकेट टीम ने हाल ही में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली गई तीन मैचों की रोमांचक वनडे सीरीज का समापन किया है, जिसका आखिरी मुकाबला 3 अक्टूबर को खेला गया था। वनडे सीरीज के शानदार मुकाबलों के बाद अब क्रिकेट प्रेमियों की नजरें भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाली आगामी टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज पर टिकी हैं।भारतीय दौरे पर आई कैरेबियाई टीम अब वनडे के बाद टी20 फॉर्मेट में टीम इंडिया को कड़ी टक्कर देने के लिए मैदान पर उतरेगी। दोनों टीमों के बीच कुल 5 टी20 मैचों की सीरीज खेली जानी है, जिसका आगाज बेहद रोमांचक अंदाज में होने जा रहा है।कब और कहां खेला जाएगा पहला टी20 मुकाबलाभारत और वेस्टइंडीज के बीच इस टी20 सीरीज का पहला मुकाबला 6 अक्टूबर (मंगलवार) को खेला जाएगा। यह मैच उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के ऐतिहासिक इकाना क्रिकेट स्टेडियम (Bharat Ratna Shri Atal Bihari Vajpayee Ekana Cricket Stadium) में आयोजित किया जाएगा।घरेलू मैदान पर खेल रही भारतीय टीम के समर्थन में स्टेडियम खचाखच भरने की उम्मीद है। भारतीय समयानुसार इस मुकाबले की शुरुआत शाम 7:00 बजे से होगी, जबकि टॉस मैच से आधे घंटे पहले यानी शाम 6:30 बजे फेंका जाएगा।भारत बनाम वेस्टइंडीज T20 सीरीज का पूरा शेड्यूलदोनों टीमों के बीच होने वाले पांचों टी20 मुकाबलों की तारीख और वेन्यू की पूरी सूची इस प्रकार है:पहला टी20 मैच: 6 अक्टूबर (मंगलवार), लखनऊदूसरा टी20 मैच: 9 अक्टूबर (शुक्रवार), रांचीतीसरा टी20 मैच: 11 अक्टूबर (रविवार), इंदौरचौथा टी20 मैच: 14 अक्टूबर (बुधवार), हैदराबादपाँचवा टी20 मैच: 17 अक्टूबर (शनिवार), बेंगलुरुहेड-टू-हेड आंकड़े: किसका पलड़ा है भारीटी20 फॉर्मेट में भारत और वेस्टइंडीज के बीच अब तक के क्रिकेट इतिहास पर नजर डालें, तो आंकड़ों के लिहाज से टीम इंडिया का पलड़ा काफी भारी नजर आता है। दोनों टीमों के बीच अब तक कुल 31 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले जा चुके हैं।इन मुकाबलों में भारतीय टीम ने अपनी शानदार क्षमता का प्रदर्शन करते हुए 20 मैचों में जीत दर्ज की है, जबकि वेस्टइंडीज की टीम को 10 मैचों में सफलता मिली है। इसके अलावा 1 मुकाबला बिना किसी नतीजे के समाप्त हुआ था। आगामी सीरीज में भी फैंस उम्मीद कर रहे हैं कि भारतीय टीम अपने इस बेहतरीन रिकॉर्ड को और मजबूत करेगी।दोनों टीमों का स्क्वॉडभारतीय टी20 स्क्वॉड: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, इशान किशन, संजू सैमसन, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, नितीश कुमार रेड्डी, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव और मयंक यादव।वेस्टइंडीज टी20 स्क्वॉड: शाइ होप (कप्तान/विकेटकीपर), अकील हुसैन, रोस्टन चेज, गुडाकेश मोती, शिमरोन हेटमायर, कीमो पॉल, शमर स्प्रिंगर, रोवमैन पॉवेल, रोमारियो शेफर्ड, शेरफेन रदरफोर्ड, मैथ्यू फोर्ड, कामिल पूरन, क्वेंटिन सैम्पसन, ज्वेल एंड्रयू (विकेटकीपर), शमर जोसेफ और अमीर जंगू।
पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में असम पुलिस ने बिहार के दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें भारतीय सेना का एक रिटायर्ड जवान भी शामिल है, जो रिटायरमेंट के बाद कॉन्ट्रैक्ट पर सेना में काम कर रहा था। आरोपी की पहचान मोतिहारी के रहने वाले 31 साल के अभिषेक कुमार सिंह के रूप में हुई है। आरोप है कि वह गुवाहाटी में रहकर भारतीय सेना से जुड़ी खुफिया जानकारी पाकिस्तान के हैंडलर्स को भेज रहा था। पुलिस ने उसके पास से पाकिस्तान से जुड़े कई संदिग्ध सामान भी बरामद किए हैं। वहीं, दूसरे आरोपी रितेश कुमार (39) को गुवाहाटी के सतगांव इलाके में किराए के मकान से गिरफ्तार किया गया है। वह बेगूसराय का रहने वाला है। पाकिस्तान के PIO के निर्देश पर काम कर रहे थे दोनों पुलिस के मुताबिक, NIA को इनपुट मिला था कि असम में रहकर अभिषेक भारतीय सेना से जुड़ी खुफिया जानकारी पाकिस्तान के आतंकी संगठन को भेज रहा है। भारतीय सेना की गजराज कोर और असम पुलिस रितेश की कथित गतिविधियों की जांच कर रही थी। इसी दौरान शनिवार-रविवार की रात जासूसी के आरोप में अभिषेक को गिरफ्तार किया गया। जांच के दौरान अभिषेक के पास से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, पाकिस्तान से जुड़े कुछ दस्तावेज और अन्य संदिग्ध सामान बरामद हुए। अभिषेक की गिरफ्तारी के बाद STF ने मामले की जांच आगे बढ़ाई। इसी जांच के दौरान पुलिस रितेश कुमार सिंह तक पहुंची। आरोप है कि रितेश पाकिस्तान के एक इंटेलिजेंस ऑपरेटिव (PIO) के कहने पर काम कर रहा था। पुलिस के मुताबिक, उसने अभिषेक की मदद भी की थी। अभिषेक का मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि वह कितने समय से इस गतिविधि में शामिल था और उसके संपर्क में कौन-कौन लोग थे। असम के CM ने भी की पुष्टि असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि केंद्रीय जांच एजेंसी (NIA) से मिले इनपुट के आधार पर असम पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आगे की जांच के लिए आरोपियों को केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा जाएगा। मुख्यमंत्री के मुताबिक, शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपियों को कथित तौर पर हनी ट्रैप के जरिए संवेदनशील जानकारी हासिल करने के लिए निशाना बनाया गया था। मोतिहारी पुलिस भी जुटा रही जानकारी खबर सामने आने के बाद मोतिहारी पुलिस भी मामले को लेकर अलर्ट हो गई है। मोतिहारी एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि अभिषेक के बारे में जानकारी मिली है। वह जिले के किस थाना क्षेत्र का रहने वाला है, इसकी जांच की जा रही है। फिलहाल उसके स्थानीय पते का सत्यापन कराया जा रहा है। एसपी ने कहा कि मोतिहारी पुलिस असम पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के संपर्क में है। पूरी जानकारी मिलने के बाद ही मामले में स्पष्ट रूप से कुछ कहा जा सकेगा। स्थानीय स्तर पर भी अभिषेक के परिवार और उसकी पृष्ठभूमि की जानकारी जुटाई जा रही है।
नवादा में बिहार राज्य अमीन संघ का प्रदर्शन, योग्यता के अनुसार पदोन्नति समेत कई मांगों की आवाज बुलंद
5 अक्टूबर, सोमवार: नवादा में बिहार राज्य अमीन संघ ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने योग्यता के अनुसार पदोन्नति सहित कई मांगों को लेकर आवाज बुलंद की और सरकार से जल्द कार्रवाई की मांग की।
यूपी में बारिश नहीं, वीडियो में देंखे फिर भी 11 जिलों में 10 नदियां खतरे के निशान से ऊपर; बिहार में 8 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित
काले चने से बनता है बिहार का कुरकुरा भभरा, नोट करें आसान रेसिपी
Chana Bhabra Recipe: नाश्ते में कुछ हेल्दी, टेस्टी और नया खाना चाहते हैं तो बिहार का फेमस डिश चना भभरा बना सकते हैं. काले चने, बेसन और चावल के आटे से बना यह क्रिस्पी डिस खाने में बेहद टेस्टी लगता है. आज हम आपको इसे बनाने की आसान रेसिपी बताएंगे.
गोपालगंज में बिहार पुलिस ड्राइवर भर्ती अभ्यर्थी की पिटाई, पटना प्रदर्शन में जा रहा था
5 अक्टूबर, सोमवार: गोपालगंज के मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के मंगोलपुर गांव में बिहार पुलिस ड्राइवर भर्ती के एक अभ्यर्थी की पिटाई कर दी गई। घायल अभ्यर्थी को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया गया कि वह पटना में हो रहे प्रदर्शन में शामिल होने जा रहा था।
बिहार एमएलसी चुनाव से पहले उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी RLM में पड़ी बड़ी फूट
बिहार की सियासत में विधान परिषद यानी एमएलसी चुनाव (Bihar MLC Elections) की सरगर्मी जैसे-जैसे तेज हो रही है, वैसे-वैसे राजनीतिक दलों के भीतर चल रही कलह और असंतोष खुलकर सामने आने लगे हैं. राज्य के राजनीतिक गलियारों में उस वक्त भूचाल आ गया जब एनडीए (NDA) गठबंधन के प्रमुख घटक दल और पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) पार्टी में एक बहुत बड़ी टूट और बगावत की खबर सामने आई. आगामी एमएलसी चुनावों की रणनीतिक तैयारियों और सीटों के बंटवारे के बीच आरएलएम के भीतर चल रहा अंतर्कलह अब सतह पर आ गया है, जहां पार्टी के तीन प्रमुख विधायकों और वरिष्ठ नेताओं ने बगावत का झंडा बुलंद करते हुए अपने तीखे तेवर दिखा दिए हैं. चुनाव के ठीक मुहाने पर हुए इस बड़े सियासी घटनाक्रम ने न केवल उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के लिए अस्तित्व का संकट खड़ा कर दिया है, बल्कि नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) और पूरे एनडीए गठबंधन के चुनावी समीकरणों को भी बुरी तरह से उलझा कर रख दिया है. सत्ता पक्ष के भीतर इस तरह की फूट का फायदा उठाने के लिए विपक्षी महागठबंधन (Mahagathbandhan) पूरी तरह से सक्रिय हो गया है और लगातार सरकार पर निशाना साधते हुए यह दावा कर रहा है कि एनडीए गठबंधन भीतर से पूरी तरह बिखर चुका है.उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी RLM में अचानक क्यों फूटा विधायकों का यह गुस्सा?पिछले कुछ महीनों से उपेंद्र कुशवाहा लगातार एनडीए गठबंधन के भीतर अपनी पार्टी की राजनीतिक हिस्सेदारी, संगठन के विस्तार और सम्मानजनक सीटों की मांग को लेकर मुखर रहे हैं, लेकिन लगता है कि पार्टी के भीतर जमीनी स्तर पर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा था. एमएलसी चुनाव के लिए उम्मीदवारों के चयन, टिकट वितरण की प्रक्रिया और पार्टी संगठन में लगातार हो रही उपेक्षा को लेकर विधायकों के भीतर लंबे समय से सुलग रही नाराजगी अब अचानक एक बड़े विस्फोट के रूप में बाहर आ गई है. आरएलएम के इन तीनों असंतुष्ट विधायकों ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के एकाधिकार और कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए यह आरोप लगाया है कि पार्टी कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों की भावनाओं की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिससे कार्यकर्ताओं में भारी निराशा व्याप्त है. इन बागी नेताओं ने पार्टी लाइन से हटकर अपने समर्थकों के साथ गुप्त और खुली बैठकें शुरू कर दी हैं, जिससे यह साफ संकेत मिल गया है कि वे आने वाले समय में कोई बड़ा और स्वतंत्र राजनीतिक कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि छोटे दलों के लिए इस तरह की बगावत उनके राजनीतिक भविष्य के लिए बहुत बड़ा झटका साबित होती है, और उपेंद्र कुशवाहा के सामने इस अंदरूनी कलह को संभालना किसी बड़ी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है.जेडीयू और एनडीए के लिए क्यों चिंता का सबब बनी है आरएलएम की यह अंदरूनी कलह?बिहार की राजनीति में विधान परिषद के चुनाव पूरी तरह से संख्याबल और हर एक विधायक या जनप्रतिनिधि के अमूल्य वोट पर टिके होते हैं, ऐसे में मतदान से ठीक पहले सहयोगी दल के भीतर इस तरह की बगावत होना एनडीए के रणनीतिकारों के लिए गहरी सिरदर्द बन गया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बीजेपी नेतृत्व की यह हमेशा से कोशिश रही है कि चुनाव से पहले गठबंधन के सभी छोटे-बड़े दलों को एकजुट रखा जाए ताकि किसी भी प्रकार की क्रॉस-वोस्टिंग या अप्रत्याशित हार से बचा जा सके. लेकिन उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के इन तीन बागी विधायकों के बागी रुख ने सत्ता पक्ष की उस एकजुटता के दावे पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है. यदि समय रहते इन असंतुष्ट विधायकों को मनाया नहीं गया और डैमेज कंट्रोल नहीं किया गया, तो इसका सीधा और नकारात्मक असर मतदान के आंकड़ों पर पड़ेगा, जिसका सीधा लाभ विपक्ष उठाने की पूरी फिराक में है. राजनीतिक जानकारों का कहना है कि बिहार के इस सियासी रण में जरा सी भी चूक गठबंधन की पूरी रणनीति को धाराशायी कर सकती है, और इसीलिए एनडीए के शीर्ष नेता इस पूरे घटनाक्रम पर बेहद बारीकी से नजर बनाए हुए हैं ताकि समय रहते आग को बुझाया जा सके.आगामी चुनावों से पहले उपेंद्र कुशवाहा के राजनीतिक कौशल और नेतृत्व की कड़ी परीक्षाबिहार के सबसे अनुभवी और चतुर राजनेताओं में शुमार किए जाने वाले उपेंद्र कुशवाहा के लिए यह राजनीतिक संकट एक बहुत बड़ी और कठिन चुनौती बनकर सामने आया है, जहां उन्हें एक तरफ अपनी पार्टी को टूटने से बचाना है तो वहीं दूसरी तरफ एनडीए गठबंधन के भीतर अपनी साख और राजनीतिक कद को भी मजबूत बनाए रखना है. एमएलसी चुनाव की प्रक्रिया जैसे-जैसे अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है, वैसे-वैसे राज्य का तापमान लगातार हाई होता जा रहा है और सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कुशवाहा इस बगावत से कैसे पार पाते हैं. क्या वे अपने बागी विधायकों को मनाने में सफल हो पाएंगे या फिर यह टूट आने वाले समय में आरएलएम के राजनीतिक पतन की इबारत लिखेगी, यह तो आने वाले कुछ दिनों में होने वाले घटनाक्रम ही तय करेंगे. फिलहाल, इस पूरे प्रकरण ने यह साबित कर दिया है कि बिहार की राजनीति में कब कौन सा पासा पलट जाए और अपनों के तेवर कब बदल जाएं, इसका अंदाजा लगाना नामुमकिन होता है, और राजनेताओं के लिए चुनाव के वक्त अपने कुनबे को जोड़े रखना ही सबसे बड़ी और कठिन चुनौती होती है.
Bihar News : अनंत सिंह के बागी रुख पर विजय चौधरी का बड़ा बयान, बोले पार्टी सब देख रही है
एनडीए प्रत्याशी अभिषेक झा के नामांकन के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने अनंत सिंह के बागी तेवर पर पार्टी की नजर होने की बात कही। संजय झा ने राजद पर शिक्षा को लेकर हमला बोला और एनडीए सरकार की उपलब्धियों के साथ फरक्का संधि का मुद्दा उठाया।
Bihar News : किसानों के अनाज का पहरेदार बनेगा AI, खराब होने से पहले मोबाइल पर मिलेगी चेतावनी
AI Grain Storage : डा. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा ने एआई, आईओटी और स्मार्ट सेंसर आधारित एक नई तकनीक विकसित की है। यह तकनीक अनाज खराब होने या कीड़ा लगने से पहले ही मोबाइल पर चेतावनी भेजकर किसानों और गोदाम प्रभारियों को सूचित करेगी।
ट्रिपल मर्डर से दहला बिहार का सारण. चाकू मारकर 3 लोगों की हत्या
बिहार के सारण के परसा गांव में दो गुटों की झड़प में चाकू से हमला कर तीन लोगों की हत्या कर दिए जाने से सनसनी फैल गई, जबकि एक शख्स घायल है. पुलिस ने इस मामले में 6 लोगों को हिरासत में लिया है. पढ़ें इस खूनी कांड की सनसनीखेज कहानी.
चंदौली में 1.50 करोड़ की अवैध शराब बरामद, हरियाणा से बिहार जा रहा ट्रक जब्त
लकड़ी के बुरादे के नीचे छिपाकर लाई जा रही 1185 पेटी शराब पुलिस ने चेकिंग के दौरान पकड़ी, राजस्थान निवासी आरोपी गिरफ्तार।
देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज अलग-अलग नजर आ रहा है। कहीं तेज बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं तो कहीं तापमान में बढ़ोतरी से गर्मी का असर देखने को मिल रहा है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बारिश के बाद कई इलाकों में पानी भरने से जनजीवन प्रभावित […] The post मौसम का बड़ा अलर्ट: लखनऊ के 40 हजार घरों में पानी घुसा, बिहार के 466 गांव बाढ़ से प्रभावित; MP में 7 अक्टूबर से बारिश, राजस्थान में 41C first appeared on Sanjeevni Today .
Bihar के Saran में बाढ़ पीड़ितों पर Pistol तानने वाले Maker SHO Sangram Singh सस्पेंड
बिहार के सारण ज़िले के माकेर पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफ़िसर को राहत सामग्री बांटने के दौरान बाढ़ पीड़ितों पर पिस्तौल तानने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया। सोशल मीडिया पर घटना का एक वीडियो वायरल होने के बाद यह कार्रवाई की गई। रविवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि यह घटना पहली नज़र में ड्यूटी में भारी लापरवाही, अनुशासनहीनता और मनमानी को दर्शाती है। इसे भी पढ़ें: Social Media ट्रायल बड़ी वजह? आखिर Jantar Mantar पर Delhi Police के जवानों की वर्दी से क्यों गायब है नेम टैग? सारण SSP कार्यालय से जारी बयान में कहा गया कि मेकर SHO संग्राम कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे इलाके में बाढ़ राहत सामग्री बांटते समय लोगों की ओर पिस्तौल तानते हुए दिख रहे थे। बयान में आगे कहा गया कि सस्पेंशन की अवधि के दौरान नियमों के अनुसार सिंह को निर्वाह भत्ता (subsistence allowance) मिलेगा। इसे भी पढ़ें: Odisha में अगले तीन साल नहीं खुलेगी कोई शराब की दुकान, CM Mohan Majhi ने की घोषणा सितंबर के आखिरी हफ़्ते में नेपाल और आस-पास के इलाकों में हुई भारी बारिश के कारण बिहार के छह ज़िलों के 30 ब्लॉक में 169 ग्राम पंचायतों के लगभग 9.87 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। प्रभावित ज़िले सारण, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, दरभंगा और मुज़फ़्फ़रपुर हैं।
कोई चुनौती नहीं है…, बिहार MLC चुनाव में नामांकन से पहले बोले नीरज कुमार; अनंत सिंह पर भी दिया जवाब
जब नीरज कुमार से पूछा गया कि आप ही की पार्टी की एक शक्ति इस चुनाव में अलग राह पर है? इसपर नीरज कुमार ने कहा कि एक ही शक्ति है औऱ वो हैं नीतीश कुमार। पावर सेंटर वही हैं।
बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (BCA) ने रणजी ट्रॉफी सहित विभिन्न आयु वर्गों में टीमों के चयन ट्रायल के तारीख की घोषणा की है। सभी खिलाड़ियों को निर्धारित तारीख, समय और स्थान पर रिपोर्ट करना होगा। एडमिनिस्ट्रेटर से मंजूरी मिलने के बाद BCCI द्वारा आयोजित आगामी क्रिकेट सत्र के लिए विभिन्न आयु वर्गों और टीमों के चयन ट्रायल को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। रणजी ट्रॉफी चयन ट्रायल 6 अक्टूबर को बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के रणजी ट्रॉफी कैंप 2026-27 में शामिल सभी खिलाड़ियों को सूचित किया गया है कि वे 6 अक्टूबर 2026 को सुबह 8:00 बजे पटना के मोइन-उल-हक स्टेडियम में आयोजित होने वाले रणजी ट्रॉफी चयन ट्रायल के लिए रिपोर्ट करें। एसोसिएशन ने सभी संबंधित खिलाड़ियों से निर्धारित समय पर पहुंचकर चयन ट्रायल में भाग लेने का अनुरोध किया है। रणजी कैंप के अंडर-23 योग्य खिलाड़ियों का चयन ट्रायल रणजी ट्रॉफी कैंप 2026-27 में शामिल और अंडर-23 आयु वर्ग में खेलने के योग्य खिलाड़ियों के लिए चयन ट्रायल 5 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12:00 बजे मोइन-उल-हक स्टेडियम, पटना में आयोजित किया जाएगा। सभी पात्र खिलाड़ियों को निर्धारित समय पर ट्रायल स्थल पर उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। पुरुष अंडर-23 कर्नल सी.के. नायडू ट्रॉफी कैंप पुरुष अंडर-23 कर्नल सी.के. नायडू ट्रॉफी कैंप के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए सभी खिलाड़ियों को चयन ट्रायल में भाग लेने के लिए 5 अक्टूबर 2026 को दोपहर 1:00 बजे तक मोइन-उल-हक स्टेडियम, पटना में रिपोर्ट करना होगा। महिला अंडर-19 चयन ट्रायल बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के घरेलू टूर्नामेंट सत्र 2025-26 में भाग लेने वाली सभी महिला अंडर-19 खिलाड़ियों को 5 अक्टूबर 2026 को सुबह 9:00 बजे मोइन-उल-हक स्टेडियम, पटना में आयोजित होने वाले अंडर-19 महिला चयन ट्रायल के लिए रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया है। महिला सीनियर, अंडर-23 वनडे और टी-20 ट्रॉफी के खिलाड़ियों का चयन ट्रायल बिहार क्रिकेट एसोसिएशन की महिला सीनियर एवं अंडर-23 वनडे और टी-20 ट्रॉफी (2025-26) में भाग लेने वाली सभी खिलाड़ियों के लिए चयन ट्रायल 6 अक्टूबर 2026 को सुबह 8:00 बजे मोइन-उल-हक स्टेडियम, पटना में आयोजित किया जाएगा। विशेष जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट www.biharcricketassociation.in लॉगिन कर देख सकते हैं।
सेवा संकल्प अभियान के तहत निकली वडनगर-वाराणसी सेवा यात्रा सोमवार को झारखंड की सीमा से बिहार में प्रवेश करेगी। यात्रा में शामिल करीब 25 बाइकर्स संडा के रास्ते बिहार में प्रवेश करेंगे। यात्रा के स्वागत को लेकर संडा से लेकर अंबा और औरंगाबाद तक व्यापक तैयारियां की गई हैं। जगह-जगह तोरण द्वार बनाए गए हैं और कार्यकर्ता गाजे-बाजे के साथ स्वागत के लिए तैनात हैं। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, संगठन महामंत्री भिखूभाई दलसानिया, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, बिहार सरकार की मंत्री श्रेयसी सिंह और मंत्री राम निषाद के शामिल होने की जानकारी दी गई है। संडा बॉर्डर पर जेसीबी से होगी फूलों की वर्षा यात्रा के बिहार में प्रवेश करते ही संडा बॉर्डर पर भव्य स्वागत की तैयारी है। एमएलसी दिलीप कुमार सिंह रविवार को ही सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ संडा बॉर्डर पर पहुंचकर तैयारियों में जुटे रहे। यहां यात्रा में शामिल बाइक सवारों पर जेसीबी मशीन से फूलों की वर्षा कर स्वागत किया जाएगा। कार्यकर्ताओं ने स्वागत के लिए गाजे-बाजे और अन्य व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं। रास्ते में भी कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं की ओर से स्वागत की तैयारी की गई है। भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं में यात्रा को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। सतबहिनी मंदिर में होगा अभिनंदन, खिलाड़ियों का सम्मान संडा से निकलने के बाद यात्रा अंबा स्थित सतबहिनी मंदिर पहुंचेगी। यहां भाजपा नेता रणविजय सिंह के नेतृत्व में यात्रा में शामिल लोगों का अभिनंदन किया जाएगा। मंदिर परिसर में स्वागत कार्यक्रम के साथ खिलाड़ियों को सम्मानित करने की भी तैयारी है। कार्यक्रम को लेकर रविवार को अधिकारियों ने स्थल का निरीक्षण किया। प्रशासन ने यातायात व्यवस्था, सुरक्षा, साफ-सफाई और लोगों के ठहराव समेत अन्य इंतजामों की जानकारी ली। प्रखंड 20 सूत्री अध्यक्ष सह भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रवीण कुमार ने बताया कि यात्रा के स्वागत को लेकर कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह है और प्रशासन के सहयोग से कार्यक्रम को व्यवस्थित तरीके से आयोजित किया जा रहा है। औरंगाबाद में बाईपास से सिंह कोठी तक होगा स्वागत अंबा के बाद यात्रा औरंगाबाद के लिए रवाना होगी। शहर के बाईपास के समीप भाजपा नेता सतीश कुमार सिंह के नेतृत्व में यात्रा का स्वागत किया जाएगा। इसके बाद यात्रा का अगला पड़ाव पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह का आवास सिंह कोठी होगा। यहां भी यात्रा में शामिल लोगों का अभिनंदन किया जाएगा। यात्रा के स्वागत को लेकर शहर और आसपास के इलाकों में कई जगह तोरण द्वार बनाए गए हैं। कार्यकर्ताओं की ओर से जगह-जगह स्वागत की तैयारी की गई है। प्रशासन ने कार्यक्रम के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारू रखने और भीड़ को नियंत्रित करने को लेकर भी आवश्यक निर्देश दिए हैं। बारुण से रोहतास में प्रवेश करेगी यात्रा सिंह कोठी से निकलने के बाद यात्रा बारुण स्थित केशव महाविद्यालय पहुंचेगी। यह औरंगाबाद जिले में यात्रा का अंतिम पड़ाव होगा। यहां स्वागत-अभिनंदन कार्यक्रम के बाद यात्रा को अगले पड़ाव के लिए विदा किया जाएगा। इसके बाद यात्रा रोहतास जिले में प्रवेश करेगी।
लकड़ी के बुरादे की आड़ में बिहार जा रही थी डेढ़ करोड़ की शराब; VIDEO
लकड़ी के बुरादे की आड़ में बिहार जा रही थी डेढ़ करोड़ की शराब; VIDEO
MLC Election Bihar News : जनता दल यूनाईटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने आखिरी दांव खेल दिया है। इसके बाद भी जदयू प्रत्याशी नीरज कुमार के खिलाफ जदयू विधायक अनंत सिंह की बगावत नहीं खत्म हुई तो बड़ी खबर निकलेगी। आज नीरज का नामांकन है।
पटना। बिहार की कई महिलाओं ने जीविका से जुड़कर अपने हुनर को कमाई का जरिया बना लिया है। कभी घर और परिवार तक सीमित रहने वाली ये महिलाएं आज अपना कारोबार चला रही हैं और अच्छी कमाई कर रही हैं। किसी ने कपड़ों पर पेंटिंग की, तो किसी ने ज्वेलरी, अचार, मूर्तियां और अगरबत्ती बनाकर अपनी पहचान बनाई। जीविका से इन महिलाओं को काम शुरू करने के लिए ट्रेनिंग, आर्थिक मदद और बाजार तक पहुंचने का मौका मिला। छोटे स्तर से शुरू हुआ इनका काम आज धीरे-धीरे बड़ा कारोबार बन गया है। पटना की प्रिया रंजन को पेंटिंग का शौक था। शादी और बेटी होने के बाद भी उन्होंने अपना यह हुनर नहीं छोड़ा। करीब चार साल पहले उन्होंने सिर्फ दो साड़ियों से आर्टलेट बाय प्रिया के नाम से काम शुरू किया।आज उनके पास 100 से ज्यादा साड़ियां और करीब 250 सूट हैं। उनकी 15 लोगों की टीम है। सोशल मीडिया और मेलों के जरिए उनके डिजाइन लोगों तक पहुंचे और अब वह अपने ब्रांड को पूरे देश में ले जाना चाहती हैं।रेशम के धागे से बनाई ज्वेलरी और मूर्ति बनाने की कला पालीगंज के मुंगिला गांव की अपर्णा पहले अपने लिए रेशम के धागे से बैंगल बनाती थीं। करीब तीन साल पहले उन्होंने इसे कारोबार बना लिया। अब वह सिल्क थ्रेड ज्वेलरी, मधुबनी पेंटिंग वाले आभूषण और जूट के सामान बनाती हैं। 150 रुपये के बैंगल से शुरू हुआ काम अब सालाना 8 से 10 लाख रुपये की बिक्री तक पहुंच गया है। उनके साथ 6-7 लोग काम करते हैं। सोशल मीडिया, मेलों और थोक ऑर्डर से उनके सामान दूसरे इलाकों तक भी पहुंच रहे हैं।गया के पत्थरकट्टी गांव की रुकमणि कुमारी ने शादी के बाद पति से पत्थर तराशना सीखा। अब वह गणेश, हनुमान, महादेव और बुद्ध की मूर्तियां बनाती हैं और उनकी बिक्री में भी पति का साथ देती हैं। बोधगया में उनकी अपनी दुकान है और दूसरे शहरों से भी ऑर्डर आते हैं। करीब 2014 में जीविका से जुड़ने के बाद उन्हें 10 हजार रुपये की मदद मिली थी, जिसे उन्होंने कारोबार बढ़ाने में लगाया।दादी-नानी की रेसिपी से बनाया अचार का कारोबार पूर्वी चंपारण की किरण देवी ने 2022 में आम के अचार से काम शुरू किया था। आज वह आम, कटहल, सहजन, करैला, मिर्च और आंवला समेत 20 से 22 तरह के अचार बनाती हैं। इसके साथ बिहारी स्नैक्स भी तैयार करती हैं। किरण अपने अचार मटके में पुराने तरीके से तैयार करती हैं। जीविका से जुड़ने के बाद उन्हें अपने सामान की बिक्री के लिए मंच मिला। अब वह सरस मेले जैसे आयोजनों में भी अपने प्रोडक्ट बेचती हैं और सालाना लाखों रुपये का कारोबार कर रही हैं।पति के साथ हुए हादसे के बाद उन्होंने शुरू किया अगरबत्ती का काम बेगूसराय की प्रेमलता कुमारी के पति हादसे में अपना हाथ गंवा बैठे थे। इसके बाद परिवार की जिम्मेदारी संभालने के लिए उन्होंने काम शुरू किया। 2017 में जीविका से जुड़कर उन्होंने अगरबत्ती और धूप बनाने की ट्रेनिंग ली और 40 हजार रुपये की मदद से काम शुरू किया।पहले बरामदे से शुरू हुआ काम अब घर की छत तक पहुंच गया है। वह छह तरह की खुशबू वाली अगरबत्ती और धूप बनाती हैं। उनके साथ पांच लोग काम करते हैं और रोज करीब 40 किलो सामान तैयार होता है। रोज 8 से 10 हजार रुपये तक की बिक्री होती है।पटना से सच्चिदानंद की रिपोर्ट
वाटरवर्क्स चौराहे पर पकड़ी 55 लाख की चरस, दो गिरफ्तार।
बिहार के बांका जिले में एक नाबालिग लड़की से छेड़खानी का मामला सामने आया है। आऱोप लड़की के ही जीजा और उसके दोस्तों पर है। यह भी आरोप है कि जबरन लड़की की मांग में सिंदूर भी डाल दिया गया।
Bihar News Today Live: बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 5 अक्टूबर के मुख्य और ताजा समाचार
Bihar Breaking News Today Live - Read latest and breaking news today in hindi at Amarujala. यहां पढ़ें, बिहार की ताजा खबरें, राजनीति, खेल, मनोरंजन, धर्म, क्राइम और शिक्षा की खबरों का लाइव अपडेशन
<
'तब आऊंगा जब आपके राष्ट्रपति बुलाएंगे', बिहार के छात्र ने छोड़ा अमेरिका, फिर सच कर दिखाया सपना
“मेरे अंदर के बिहारी ने कहा, ‘मैं तब वापस आऊंगा जब आपके राष्ट्रपति मुझे बुलाएंगे’”: जब शरद सागर ने भारत में काम करने के लिए अमेरिका छोड़ा, तो लोग हंसे, लेकिन उन्होंने भविष्य को सच कर दिखाया।
प्रयागराज के उमेश पाल हत्याकांड के आरोपी और 5 लाख के इनामी शूटर अरमान को पुलिस सोमवार को जिला कोर्ट में पेश करेगी। बिहार के गया सेंट्रल जेल से सोमवार सुबह ट्रांजिट रिमांड पर उसे प्रयागराज लाया गया है। अरमान को पुलिस ने किसी सुरक्षित स्थान पर रखा है। धूमनगंज थाना पुलिस अरमान को सुबह 10 बजे एडीजे एससी-एसटी कोर्ट में पेश करेगी। इसी कोर्ट में अधिवक्ता उमेश पाल और उनके दो सरकारी गनर की हत्या के मामले का ट्रायल चल रहा है। पेशी के दौरान कोर्ट परिसर में सुरक्षा कड़ी रहेगी। पुलिस अरमान की कस्टडी की अर्जी भी दाखिल कर सकती है। कस्टडी मिलने पर पुलिस उससे उमेश पाल हत्याकांड को लेकर पूछताछ करेगी। शूटर अरमान की 2 तस्वीरें… अतीक का शूटर बताया गया है अरमान पुलिस के मुताबिक, अरमान माफिया अतीक अहमद का शूटर था। उमेश पाल हत्याकांड में उसकी भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस उससे हत्याकांड से जुड़े मामलों में पूछताछ करेगी। हत्याकांड के बाद से अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन और अशरफ की पत्नी जैनब फातिमा फरार हैं। पुलिस अरमान से पूछताछ के दौरान इनके संपर्क में रहने, संभावित ठिकानों और इनके बारे में किसी अन्य जानकारी का पता लगाने का प्रयास करेगी। परिवार बोला था- पुलिस ने हमें जानकारी नहीं दी अरमान को यूपी ले जाने की सूचना के बाद उसके पिता शमीम और मां असगरी खातून को एनकाउंटर का डर सता रहा था। उनका कहना था कि यूपी ले जाते ही उनके बेटे का एनकाउंटर हो सकता है। अरमान के पिता ने गया कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। इसमें उन्होंने अरमान को यूपी पुलिस के हवाले न करने की मांग की थी। उनका कहना था कि अगर पुलिस को पूछताछ करनी है, तो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की जाए। मां ने कहा था- उसे बलि का बकरा बनाया जा रहा आरोपी अरमान के पिता शमीम ने कहा था कि उमेश पाल हत्याकांड के ज्यादातर आरोपी पुलिस मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं। अरमान का भी हथियार बरामदगी के नाम पर एनकाउंटर किया जा सकता है। मां असगरी खातून ने कहा था कि मेरे बेटे को बलि का बकरा बनाया जा रहा है। हमारा परिवार बहुत गरीब है। हमारे पास रहने के लिए अपना पक्का मकान तक नहीं है। उन्होंने बताया कि अरमान पहले प्रयागराज में रहकर छोटा-मोटा काम करता था। वह कोई पेशेवर अपराधी या बड़ा शूटर नहीं है। वह पिछले 3 साल से जेल में बंद है। उन्होंने सीएम योगी और प्रशासन से अरमान की सुरक्षा की गुहार लगाई थी। अरमान के छोटे भाई इमरान ने कहा था कि पहले भी हम आशंका जता चुके हैं कि भाई की जान को खतरा है। अब यूपी पुलिस उसे प्रयागराज ले गई है। डर है कि अरमान के साथ भी कोई अनहोनी न हो जाए। अदालत का जो भी फैसला होगा, परिवार उसे स्वीकार करेगा। लेकिन, अरमान को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। अरमान के वकील बोले- जेल प्रशासन और पुलिस की मिलीभगत गया के मजिस्ट्रेट सौरभ कुमार की कोर्ट में अरमान के माता-पिता की अर्जी पर 1 अक्टूबर को सुनवाई हुई थी। कोर्ट ने अरमान के घरवालों और वकील की अर्जी को खारिज कर दिया था। अरमान के वकील ललित कुमार गुप्ता ने इस बात की पुष्टि की थी। वकील ने पुलिस और जेल प्रशासन पर आरोप लगाए। कहा था- अरमान की जान को खतरा है। यूपी में अरमान की हत्या हो सकती है। यूपी पुलिस और गयाजी सेंट्रल जेल प्रशासन की मिलीभगत से मोहम्मद अरमान की हत्या करने की साजिश रची जा रही है। हमने कोर्ट में सुरक्षा कारणों का हवाला देकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी की मांग की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। अरमान 27 फरवरी, 2023 से गया जेल में बंद है। उसे यूपी के मामले में जानबूझकर फंसाया जा रहा है। अब जानिए कैसे गयाजी जेल तक पहुंची यूपी पुलिस यूपी पुलिस पिछले 3 साल से अरमान की तलाश कर रही थी। इसी दौरान पता चला कि वह गयाजी सेंट्रल जेल में बंद है। सूचना मिलने के बाद प्रयागराज के धूमनगंज थाने की पुलिस 30 सितंबर को गयाजी जेल पहुंची। वहां पुलिस ने अरमान की ताजा तस्वीर ली और सादे कागज पर उसके अंगूठे के निशान लिए। कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद पुलिस प्रयागराज लौट आई। इसके बाद 1 अक्टूबर को गया कोर्ट में ट्रांजिट रिमांड के लिए अर्जी दाखिल की। गुड्डू मुस्लिम के साथ गोलीबारी करते दिखा था अरमान 24 फरवरी 2023 को प्रयागराज में उमेश पाल और उनके दो सरकारी गनर की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था। फुटेज में एक बाइक सवार नजर आया था। पुलिस के मुताबिक, बाइक अरमान चला रहा था और पीछे गुड्डू मुस्लिम बैठा था। अरमान ही गुड्डू मुस्लिम को बाइक से घटनास्थल तक लेकर आया था। बाइक रुकते ही गुड्डू मुस्लिम ने फायरिंग शुरू कर दी। अरमान ने भी गोलियां चलाईं। वारदात के बाद दोनों बाइक से मौके से फरार हो गए थे। ……………………. ये खबर भी पढ़िए… अखिलेश सपा सांसदों के साथ चुनाव आयोग को घेरेंगे:6 अक्टूबर को दिल्ली मार्च में शामिल होंगे, INDIA गठबंधन की बैठक में नहीं जाने से उठे थे सवाल सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, डिंपल यादव समेत पार्टी के सभी 37 सांसद 6 अक्टूबर को दिल्ली में चुनाव आयोग का घेराव करेंगे। अखिलेश ने अपने सभी सांसदों को इंडिया गठबंधन के मार्च में शामिल होने के लिए कहा है। पढ़ें पूरी खबर….
Bihar Weather Today 05th October: बिहार में मौसम रंग बदलने लगा है। मौसम विभाग ने आज गोपालगंज, सीवान समेत कई जिलों में बारिश की आशंका जताई है। छह से नौ अक्टूबर के बीच तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।
Weather Update: बिहार में कल से फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, गरज-चमक के साथ बारिश के आसार
बिहार से मानसून की विदाई के बाद मौसम में बदलाव आ रहा है। 6 से 9 अक्टूबर के बीच उत्तरी बिहार के कई जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश की संभावना है।
सहरसा की कौशिकी महिला दूध उत्पादक कंपनी से जुड़कर 49 हजार से अधिक जीविका दीदियों ने डेयरी व्यवसाय को करोड़ों का कारोबार बना दिया है।
Bihar News : भारत-नेपाल सीमा पर अब नहीं चलेगी मनमानी, बाहरी व्यक्ति नहीं कर सकेंगे निर्माण
बिहार सरकार ने भारत-नेपाल सीमा पर स्थित भिखनाठोरी और सीमाई क्षेत्रों में बाहरी व्यक्तियों द्वारा बिना अनुमति के निर्माण या बसावट पर रोक लगा दी है। यह कदम अतिक्रमण और भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए उठाया गया है।
बिहार के बिजली उपभोक्ताओं को राहत, बकाये का 24 महीने की किस्तों में कर सकेंगे भुगतान
Bihar Power Consumer Relief: बिहार के बिजली उपभोक्ताओं को पुराने बिल के बकाये का भुगतान अब 12 से 24 महीने की आसान किस्तों में करने की सुविधा मिलेगी।
Bihar Polytechnic College News: मुजफ्फरपुर महिला पॉलीटेक्निक में छात्राओं के लिए 13.30 करोड़ रुपये की लागत से नया आधुनिक छात्रावास बन रहा है, जो अगले 15 महीनों में बनकर तैयार हो जाएगा। यह चार मंजिला हॉस्टल 200 बेड क्षमता का होगा।
जुलाई में यूपी की राजधानी लखनऊ के चौक-चौहारों पर पोस्टर लगे। इसमें बिहार के नेता चिराग पासवान की बड़ी सी तस्वीर थी। नारा था, 'क्यों मांगे उधार अब अपना नेता है तैयार।' यह UP चुनाव में चिराग पासवान की दस्तक थी। पिछले 4 महीनों से वे लगातार संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं। संगठन को धार देने के बाद अब चिराग ने राज्यव्यापी रैली का आगाज किया है। 27 सितंबर को उन्होंने प्रयागराज में ‘यूथ बोले तो’ कार्यक्रम किया। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए चिराग पासवान की क्या तैयारी है? इनके चुनाव लड़ने का क्या असर होगा? भाजपा को नुकसान होगा या फायदा। पढ़िए खास रिपोर्ट…। पहली बार बिहार की जगह UP में रामविलास पासवान की पुण्यतिथि पर आयोजन चिराग पासवान की पार्टी LJPR 8 अक्टूबर को लखनऊ में अपने संस्थापक नेता रामविलास पासवान की पुण्यतिथि मनाएगी। कार्यक्रम में राज्य भर के लोगों को लाने की तैयारी है। पहली बार रामविलास की पुण्यतिथि बिहार में नहीं मनाकर चिराग यूपी में मनाएंगे। अगले साल UP में विधानसभा चुनाव होना है। चिराग ने ऐलान किया है कि उनकी पार्टी यहां की सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। चिराग के अलावा बिहार में NDA के सहयोगी JDU और महागठबंधन में शामिल VIP भी UP चुनाव में अपनी जमीन तलाश रहे हैं। चिराग कैसे बिहार वाला फॉर्मूला यूपी में लगा रहे हैं, 3 पॉइंट में समझिए 1- बिहार फर्स्ट की जगह यूपी फर्स्ट का नारा चिराग पासवान 2025 का विधानसभा चुनाव लड़ने बिहार आए तब उनके पास खोने के लिए कुछ नहीं था। भले उनके पास लोकसभा में 5 सीटें थी, लेकिन बिहार में उनकी पार्टी शून्य पर खड़ी थी। उन्होंने नारा दिया, 'बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट'। इसी थीम पर पूरे चुनाव में उनका कैंपेन चला और लोगों को आकर्षित किया। अब UP चुनाव में भी चिराग ने इसी नारे से शुरुआत की है। उन्होंने नारा दिया, ‘यूपी फर्स्ट, यूपी वाले फर्स्ट’। इस नारे के साथ चिराग पासवान की तस्वीर लगाई गई है। यानि यूपी विधानसभा चुनाव में भी उनका चुनावी कैंपेन इसी नारे के इर्द-गिर्द चलेगा। 2- केवल दलित चेहरा नहीं युवा नेता की छवि चिराग भले दलित सियासत के सिंबल हैं। भले उनके पिता रामविलास पासवान को दलित आइकॉन के रूप में माना जाता है। लेकिन, चिराग खुद को जाति के नेता से ऊपर युवा नेता के तौर स्थापित करने में जुटे हैं। बिहार लोकसभा और विधानसभा चुनाव के दौरान कैंडिडेट सिलेक्शन को देखें तो जाति से ऊपर उठकर इन्होंने युवाओं को तवज्जो दी। 3- यूपी में पासवान और पासी का गठजोड़ तैयार करेंगे बिहार चुनाव के दौरान सबसे ज्यादा 186 रैली चिराग पासवान ने की थी। चिराग का यही अंदाज यूपी में भी दिख सकता है। इसकी शुरुआत वे प्रयागराज से कर चुके हैं। 8 अक्टूबर को लखनऊ में कार्यक्रम करेंगे। दुर्गापूजा के बाद यूपी के किसी बड़े शहर में यूथ बोले तो कार्यक्रम करने की तैयारी है। बिहार की तर्ज पर चुनाव से पहले यूपी में भी चिराग सभी 18 मंडल (कमिश्नरी) में नव संकल्प बदलाव सभा आयोजित करेंगे। चुनाव की घोषणा के बाद LJP(R) की तरफ से चुनावी रैली का आयोजन किया जाएगा। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और जमुई सांसद अरुण भारती ने बताया, 'पार्टी पिछले छह महीनों से उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में सक्रिय है। इस दौरान पार्टी ने अपना आधार मजबूत करने के लिए 'दलित चौपाल', 'चाणक्य चौपाल' और 'प्रबुद्ध सम्मेलनों' का लगातार आयोजन कर रही।’ अब जानिए, चिराग के चुनाव लड़ने से किसे फायदा किसे नुकसान क्या UP दलित स्पेस में जगह बनाना चाहते हैं चिराग? इस सवाल पर पॉलिटिकल एनालिस्ट केके लाल ने कहा, ‘चिराग पासवान युवा हैं। लंबा राजनीतिक सफर है। उनके पिता दिवंगत रामविलास पासवान की पकड़ बिहार की राजनीति पर थी। उनकी पहचान दलितों के राष्ट्रीय स्तर के नेता की थी।’ क्या चुनाव लड़कर चिराग BJP को फायदा पहुंचा सकते हैं? चिराग पासवान के UP में चुनाव लड़ने के पीछे BJP की स्ट्रेटजी होने की संभावना है। दरअसल, BJP को दलित वोटरों के मायावती, सपा-कांग्रेस की तरफ जाने की आशंका है। 2024 लोकसभा चुनाव का रिजल्ट इसका उदाहरण है… JDU ने भी शुरू की तैयारी, सभा करेंगे निशांत LJP के अलावा बिहार में NDA की सहयोगी JDU भी UP में चुनव लड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। चुनाव से 6 महीने पहले पार्टी अपने संगठन को मजबूत बना रही है। पहली बार किसी राज्य के विधानसभा के चुनाव की कमान नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार संभालेंगे। VIP भी UP में तलाश रही अपनी जमीन विकासशील इंसान पार्टी भी UP में अपनी जमीन तलाश रही है। बिहार चुनाव में हार के बाद से ही मुकेश सहनी UP में एक्टिव हो गए हैं। वे लगातार वहां रैली और यात्रा का आयोजन कर रहे हैं। इसके साथ ही निषाद समाज के नेताओं को भी अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। 2002 के विधानसभा चुनाव में मुकेश सहनी की पार्टी VIP चिराग पासवान की तरह बिहार में NDA गठबंधन का हिस्सा रहते हुए यूपी में 105 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ी थी। पार्टी का पूरा फोकस पूर्वांचल की सीटों पर था, एक भी सीट जीतने में सफल नहीं हो पाई। यूपी चुुनाव के बाद बीजेपी ने उनके बिहार में सभी तीन विधायकों को अपने साथ मिला लिया था। गठबंधन तोड़कर मुकेश सहनी से मंत्रीपद भी छीन ली थी। जबकि जदयू 16 सीटों पर चुनाव लड़कर 2 सीट जीतने में सफल रही थी।
केंद्र सरकार क्या बिहार के साथ नाइंसाफी कर रही? हालिया दो बड़े फैसलों ने इस सवाल को बल दिया है। दोनों फैसले क्या हैं, क्या वाकई बिहार की हकमारी हो रही, सांसद-मंत्री क्या कर रहे, जानेंगे; बूझे की नाही में…। फैसला-1ः 466 गांव डूबे, फूटी कौड़ी नहीं मिली, गुजरात को 1,277 करोड़ नेपाल में मूसलाधार बारिश के बाद बिहार की गंडक उफना गई हैं। इससे कई जगह तटबंध, जमींदारी बांध और सुरक्षात्मक तटबंध टूट गए हैं। नासा ने सैलेटाइल तस्वीरों और रिपोर्ट में भी विकराल बाढ़ की पुष्टि की है। नासा ने 20 सितंबर और 29 सितंबर 2026 को ली गई सैटेलाइट तस्वीरों के अध्ययन से बाढ़ के विस्तार का स्पष्ट वैज्ञानिक प्रमाण मिला है। इन सबके बावजूद केंद्र सरकार ने 4 अक्टूबर तक बिहार के लिए किसी राहत पैकेज का ऐलान नहीं किया है। यहां तक कि केंद्र ने SDRF (राज्य आपदा मोचन निधि) के तहत अलॉट अपने हिस्से के 1971 करोड़ रुपए में से एक रुपए भी बिहार को नहीं दिया है। 16 सितंबर 2026 को केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान बाढ़ का मुआयना करने आए। गए। लेकिन केंद्र ने अब तक आर्थिक मदद नहीं की है। जबकि… PIB की प्रेस रिलीज के मुताबिक, केंद्र सरकार ने 1 अगस्त 2026 को अरुणाचल प्रदेश को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए SDRF के केंद्रीय हिस्से की पहली किस्त 44.55 करोड़, असम को 379.35 करोड़ और गुजरात को 500 करोड़ रुपए जारी किए। महाराष्ट्र को 500 करोड़ और ओडिशा को दूसरी किस्त के दौर पर 500 करोड़ देने का ऐलान किया। फैसला-2ः बिहार की ‘पाली’ भाषा, ओडिशा में सेंटर फॉर एक्सीलेंस खुलेगा 1 अक्टूबर 2026 को भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने पांच शास्त्रीय भाषाओं- असमिया, बंगाली, पाली, मराठी और प्राकृत के संरक्षण के लिए 'सेंटर फॉर एक्सीलेंस' बनाने की मंजूरी दी। इसका मकसद इसका संरक्षण, रिसर्च और डिजिटलीकरण को बढ़ावा देना। मंत्रालय के नोटिफिकेशन के मुताबिक, असम की तेजपुर यूनिवर्सिटी में असमिया, बंगाल के विश्व भारती विश्वविद्यालय में बंगाली, ओडिशा सेंट्रल यूनिवर्सिटी में पाली, गुजरात सेंट्रल यूनिवर्सिटी में प्राकृत और महाराष्ट्र के पुणे स्थित डेक्कन कॉलेज पोस्ट ग्रेजुएट एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट में मराठी भाषा का सेंटर फॉर एक्सीलेंस खुलेगा। जबकि… सर्वविदित है कि भगवान बुद्ध बिहार के बोधगया से पाली भाषा में उपदेश देते थे। पाली भाषा की उत्पत्ति बिहार के मगध से मानी जाती है। इसका उल्लेख इतिहास की किताबों के साथ-साथ भारत सरकार के डॉक्यूमेंट में भी है। मोदी सरकार ने 3 अक्टूबर 2024 में मराठी, पाली, प्राकृत, असमिया और बंगाली को शास्त्रीय भाषा की मान्यता दी। 4 अक्टूबर 2024 को भारत सरकार के जारी डॉक्यूमेंट और प्रेस रिलीज में कहा है... 3 अक्टूबर 2024 को जारी भारत सरकार के प्रेस रिलीज में साफ कहा गया है कि बिहार सरकार ने पाली को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने का प्रस्ताव दिया था। इस मांग को लेकर कमेटी बनाई गई थी। 42 सांसद, 8 मंत्री, फिर कर क्या रहे हैं? इस वक्त केंद्र की मोदी सरकार में बिहार के 42 सांसद (30 लोकसभा, 12 राज्यसभा) और 8 मंत्री शामिल हैं। 14 सांसद (10 लोकसभा, 4 राज्यसभा) विपक्ष में हैं। इसके बावजूद बिहार में अब तक कोई बड़ा निवेश नहीं आया है। इसके 2 बड़े कारण हैं… 1. ना विजन, ना एरिया में खास पकड़, सिर्फ सामाजिक समीकरण पॉलिटिकल एनालिस्ट संजय सिंह कहते हैं, ‘बिहार के सांसदों में विजन की साफ कमी झलकती है। यहां के सांसद दिल्ली में अपने राज्य के लिए लॉबी नहीं कर पाते हैं। जबकि, साउथ के सांसद दिल्ली-नोएडा में डेरा डाले रहते हैं। वह किसी ना किसी तरह अपने एरिया में बड़ा प्रोजेक्ट ले जाने की कोशिश करते हैं।’ ताजा उदाहरण ही देख लीजिए, सितंबर में दिल्ली में सेमीकंडक्टर 2.0 मिशन शुरू हुआ। इसमें साउथ के सांसदों ने जमकर लॉबिंग की। अपने यहां प्रोजेक्ट लेकर गए। बिहार के सांसद बयानबाजी और जातीय समीकरण साधने में रह गए। 2. अधिकतर सांसद अपने अधिकार को ही नहीं जानते PRS लेजिस्लेटिव रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार के 80% से अधिक सांसद अपने पूरे 5 साल के कार्यकाल में एक भी प्राइवेट मेंबर बिल पेश नहीं करते। अधिकतर सांसद या तो इसकी जटिल प्रक्रिया/ड्राफ्टिंग की जानकारी न होने के कारण बिल पेश नहीं कर पाते, या इसे अपनी प्राथमिकता में शामिल ही नहीं करते। केवल 2-3 अपवाद सांसद (जैसे नालंदा या नवादा के सांसद) ही ऐसे रहे हैं जिन्होंने कई बिल पेश किए। पॉलिटिकल एनालिस्ट केके लाल कहते हैं, ‘हकीकत तो है कि यहां के सांसदों को अपने पूरे अधिकार का पता ही नहीं है। उनको हॉस्पिटलों में मरीज को एडमिट करा देना, रेलवे टिकट कंफर्म करा देना, पर्व-त्योहार में स्पेशल ट्रेन चलवा देना बड़ा काम लगता है।’
दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) की तरह बिहार में भी रैपिड ट्रांजिट ट्रेन चलने वाली है। सम्राट सरकार बिहार में रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम डेवलप कर रही है। इसके तहत पटना शहरी क्षेत्र के विस्तार को देखते हुए राज्य में 4 कॉरिडोर बनाए जाएंगे। यह सेमी हाई-स्पीड यात्री ट्रेन सेवा होगी। इससे दो शहरों के बीच कम समय में यात्रा होगी। पटना के आसपास चार रैपिड ट्रांजिट सिस्टम कॉरिडोर बनाए जाएंगे। इससे नौकरी, कारोबार या पढ़ाई जैसे काम के लिए लोगों को पटना आने-जाने में सुविधा होगी। मंडे स्पेशल में पढ़िए, पटना से किन शहरों के बीच रीजनल रैपिड ट्रांजिट ट्रेन चलेंगे? इनकी रफ्तार क्या होगी? क्या फायदे होंगे? इस मेगा प्रोजेक्ट पर कितना काम हुआ है? पटना के आसपास विकसित होंगे चार RRTS पटना से गया की दूरी 92 km है। अभी सबसे तेज ट्रेन वंदे भारत को यह दूरी तय करने में 75 मिनट लगते हैं। मेमू ट्रेन से जाने में दो से तीन घंटे लगते हैं। पटना से आरा की दूरी 50 km है। ट्रेन से जाने में एक घंटा लगता है। पटना के नजदीक के जिलों जिसमें गयाजी, बेगूसराय, मुजफ्फरपुर और आरा खास हैं। यहां से हर दिन डेली पैसेंजर के रूप में हजारों यात्री नौकरी, बिजनेस आदि के लिए आते-जाते हैं, लेकिन ट्रेन से समय अधिक लगने की वजह से परेशानी होती है। ऐसे यात्रियों को रैपिड ट्रांजिट ट्रेन से फायदा होगा। इसके लिए चार कॉरिडोर विकसित होंगे। DPR तैयार करने में खर्च होंगे 31.59 करोड़ रुपए राज्य सरकार ने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी DPR तैयार करने के लिए राज्य के 31.59 करोड़ रुपए स्वीकृत किया है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) को यह काम सौंपा गया है। पटना से गयाजी और पटना से मुजफ्फरपुर कॉरिडोर पर सर्वे चल रहा है। नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा कहते हैं कि चार कॉरिडोर में से पटना-गयाजी में सर्वे का काम किया जा रहा है। डीपीआर बनने में छह माह का समय लगेगा। सर्वे में इसका आकलन किया जा रहा है कि किन रूटों पर कौन सा सिस्टम अधिक किफायती रहेगा। कहां पटरियां अंडरग्राउंड की जाएं और कहां एलिवेटेड। अभी पटना-गयाजी के बीच चलने वाले रैपिड ट्रांजिट ट्रेन कॉरिडोर के सर्वे का काम चल रहा है। इसके आधार पर डीपीआर तैयार होगा। डीपीआर बनने में छह माह का समय लगेगा। इस सुविधा से कई स्तरों पर लोगों को फायदा होगा।- नीतीश मिश्रा, नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री क्या हैं रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के फायदे? 100 km/h रफ्तार, कम समय में तय होगी दूरी- RRTS की पहली बड़ी खासियत ट्रेन की रफ्तार है। इस सेमी हाई स्पीड ट्रेन सेवा से एक शहर से दूसरे शहर जाने में लगने वाला समय घटेगा। इसे दिल्ली के उदाहरण से समझें तो नमो भारत रीजनल रेल सिस्टम की डिजाइन स्पीड 180 km/h और औसत स्पीड 100 km/h है। ट्रेन 160 km/h की रफ्तार से दौड़ती है। बिहार में भी इसी तर्ज पर ट्रेन दौडे़गी। इससे आसपास के जिलों से पटना आने वाले लोगों का समय बचेगा। पटना में जॉब करने वाले लोगों को ऑफिस आने जाने में कम समय लगेगा। पटना में ट्रैफिक का दबाव कम होगा- गयाजी, बेगूसराय, मुजफ्फरपुर और आरा से पटना आना-जाना तेज होगा। जॉब, बिजनेस, इलाज, पढ़ाई, खरीददारी समेत अन्य काम से पटना आने-जाने वाले लोगों को काफी सुविधा होगी। पटना में रहना महंगा है। रैपिड ट्रांजिट सिस्टम वाले इलाके के लोग अपने घर से भी पटना आकर नौकरी और कारोबार कर पाएंगे। राजधानी के पास वाले शहर विकसित होंगे- पटना के पास वाले शहरों का बेहतर आर्थिक विकास होगा। आरा, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर, गया, बेगूसराय के आसपास व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। उद्योग और सर्विस सेक्टर को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। व्यापार तेज होगा। इसका असर लोगों की आय पर भी पड़ेगा। रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। रहन-सहन का स्तर बढ़ेगा। एयरपोर्ट, बस और रेलवे नेटवर्क से कनेक्टिविटी- RRTS को एयरपोर्ट, रेलवे, मेट्रो, बस टर्मिनल और अन्य सार्वजनिक परिवहन से जोड़ने पर भी फोकस है। इससे पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा मिलेगा। सर्वे में किन बातों पर फोकस अभी पटना से गयाजी के बीच सर्वे का काम चल रहा है। इसके बाद अन्य तीनों रूट पर सर्वे किया जाएगा। इसके बाद डीपीआर तैयार होगा। सर्वे में इन बातों पर फोकस किया जा रहा है… उपयुक्त रास्ता: सबसे उपयुक्त रास्ता कौन सा होगा। इसकी तकनीकी जांच की जा रही है। जरूरत पड़ी तो वर्तमान के सड़क-रेल कॉरिडोर के साथ ही अलग एलाइनमेंट के विकल्प तलाशे जाएंगे। यात्री संख्या और डिमांड: हर दिन कितने यात्री इस रूट पर आते-जाते हैं। पीक आवर में क्या स्थिति रहती है। भविष्य में यात्रियों की संख्या कितनी बढ़ सकती है। स्टेशन कहां बनाए जाएं: मकसद सिर्फ पटना से शहरों को जोड़ना नहीं, बल्कि यह भी देखना है कि किस स्थान पर स्टेशन बनाए जाएं कि यात्रियों को ज्यादा फायदा हो। कनेक्टिविटी: एयरपोर्ट, मेट्रो और बस स्टैंड से कैसे जोड़ा जाए। जमीन की जरूरत: जहां जमीन पर निर्माण की जरूरत होगी वहां जमीन की उपलब्धता कैसी है। क्या वहां घनी आबादी है? जमीन के अधिग्रहण की जरूरत पड़ी तो वह कैसे पूरी होगी। लागत और फायदा: पटना से गयाजी के साथ ही अन्य कॉरिडोर पर कितनी लागत आएगी, निर्माण का मॉडल क्या होगा? यानी तकनीकी और आर्थिक नजरिए से इसका सर्वे किया जा रहा है। अब देश के पहले RRTS कॉरिडोर को जानिए नमो भारत देश की पहली रीजनल रेल है जो हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के जरिए नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) के मुख्य शहरी इलाकों को जोड़ती है।
Chandauli News: बुरादे की बोरियों के नीचे छिपाकर बिहार ले जा रहा था डेढ़ करोड़ की शराब
Liquor worth 1.5 crore was being smuggled to Bihar, hidden beneath sacks of sawdust.
गंडक नदी में रिकॉर्ड जलस्राव के दौरान तटबंधों की सुरक्षा में लापरवाही बरतने पर जल संसाधन विभाग के आठ अभियंताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई है।
युवाओं ने आपस में चंदा जुटाकर सीमेंट, बालू और गिट्टी की व्यवस्था की और श्रमदान करते हुए NH 31 सड़क पर बने गड्ढे को भरकर उसकी मरम्मत की. युवाओं के इस कदम से राहगीरों को तत्काल राहत मिली है.
शिक्षा विभाग पटना के बुद्ध मार्ग स्थित टेक्स्ट बुक परिसर में 'विद्या भवन' नामक बहुमंजिला इमारत का निर्माण करेगा। यह भवन विभाग के सभी कार्यालयों और निदेशालयों को एक छत के नीचे लाकर प्रशासनिक कार्यों को केंद्रीकृत करेगा और आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा।
मोकामा विधायक अनंत सिंह ने पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र चुनाव में जदयू प्रत्याशी नीरज के खिलाफ मोर्चा खोलने का ऐलान किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यक्तिगत रूप से वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का सम्मान करते हैं, लेकिन नीरज का विरोध जारी रहेगा।
Bihar news: स्कूल बस और चालकों की जानकारी देने वाला पोर्टल तैयार, वाहनों की होगी रियल टाइम निगरानी
बिहार परिवहन विभाग ने स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए एक नया डिजिटल पोर्टल तैयार किया है। यह पोर्टल निजी स्कूलों के वाहनों और चालकों की जानकारी संग्रहीत करेगा, जिससे वास्तविक समय में निगरानी और दस्तावेजों की वैधता सुनिश्चित हो सकेगी।
Bihar: एलएस कॉलेज के ड्यूक हॉस्टल को खुलवाने के लिए छात्रों ने निकाला मशाल जुलूस, भूख हड़ताल जारी
4 अक्टूबर, रविवार: मुजफ्फरपुर एलएस कॉलेज के ड्यूक हॉस्टल को खुलवाने के लिए छात्रों ने मशाल जुलूस निकाला, 5 दिन से भूख हड़ताल जारी।
4 अक्टूबर, रविवार: बक्सर में रामलीला उद्घाटन में पहुंचे शिक्षा मंत्री ने कहा बक्सर श्रीराम की शिक्षास्थली है, जब बुलाएंगे आऊंगा।
Bihar: मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर भाकपा ने निकाला प्रतिरोध मार्च, पुतला दहन
4 अक्टूबर, रविवार: खगड़िया में भाकपा ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रतिरोध मार्च निकाला और पुतला दहन किया।
Bihar: सेवा संकल्प अभियान के तहत मंत्री दिलीप जायसवाल ने किया पौधरोपण, दिया संदेश
4 अक्टूबर, रविवार: किशनगंज में सेवा संकल्प अभियान के तहत मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
Bihar: लेटी में 5.10 ग्राम स्मैक के साथ नेपाली तस्कर गिरफ्तार, बाइक की हेडलाइट में छिपाया था
4 अक्टूबर, रविवार: अररिया में भारत-नेपाल सीमा पर लेटी के पास 5.10 ग्राम स्मैक के साथ नेपाली तस्कर गिरफ्तार, बाइक जब्त।
Bihar: सदर अस्पताल में ऑपरेशन के बाद प्रसूता की मौत, परिजनों ने शव रखकर किया हंगामा
4 अक्टूबर, रविवार: जमुई सदर अस्पताल में ऑपरेशन के 14 घंटे बाद प्रसूता की मौत, परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया।
Bihar: 45 घरों वाले बवरिया टोला में नहीं पहुंची पक्की सड़क, बारिश में टूट जाता है संपर्क
4 अक्टूबर, रविवार: मधुबनी प्रखंड के बवरिया टोला में 45 घरों के बावजूद पक्की सड़क नहीं, बारिश में संपर्क टूट जाता है।

