दरभंगा में लाठी-डंडे से पीट-पीटकर एक युवक की हत्या कर दी गई। घर से 100 मीटर की दूरी पर खून से लथपथ बॉडी मिली है। वहीं, घटनास्थल के पास से ही गंभीर हालत में एक युवक मिला है। जिसके पेट में गोली लगी है। घायल युवक मोबिन बिहार पुलिस में है। जिसका प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा है। मृतक की पहचान सुनील सहनी(25) के तौर पर हुई है। घटना बहादुरपुर थाना क्षेत्र के ओझौल गांव की है। परिजन के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब चार बजे किसी ने फोन करके सुनील को घर से बुलाया था। कुछ देर बाद गांव में शिव मंदिर के पास उसका शव मिला। घटनास्थल पर उसकी बाइक भी खड़ी मिली। सिर पर गंभीर चोट के निशान मिले हैं। सुनील ने गांव में 2 साल पहले एक मुस्लिम लड़की के साथ लव मैरिज की थी। लड़की फिलहाल अपने मायके में है। 'गांव में मिली थी धमकी' पिता दिलीप सहनी ने सोनू, मोनू, राहुल समेत करीब 10 लोगों पर हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बेटे का पहले से गांव के कुछ युवकों से दुश्मनी चल रही थी। चार-पांच दिन पहले भी इन लोगों ने धमकी दी थी, लेकिन उस समय थाना में कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई थी। बेटा भी कबाड़ी का काम करता था। हमलावर पहले से लाठी, डंडा और धारदार हथियार लेकर घात लगाए बैठे थे। सुनील के पहुंचते ही उस पर हमला कर दिया। मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है जानकारी के अनुसार घायल मोबिन बिहार पुलिस कार्यरत है। दूसरे जिले में पोस्टिंग है। छुट्टी पर गांव आया था। इस संबंध में एसडीपीओ सदर राजीव कुमार ने कड़ी कार्रवाई की बात कही है। छानबीन में जुटी पुलिस सूत्रों के मुताबिक मोबिन पर गोली सुनील ने ही चलाई थी। हालंकि इसकी अभी पुष्टि नहीं है। वो मंदिर के पास कैसे पहुंचा, इसको लेकर अभी कुछ स्पष्ट नहीं है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
सवाई माधोपुर में रणथंभौर नेशनल पार्क के झूमर बावड़ी वन क्षेत्र में गुरुवार शाम एक युवक का शव पेड़ से फंदे पर लटका मिला। वनकर्मियों ने शव देखकर तत्काल कोतवाली थाना पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लेने के बाद शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया। घटना की जानकारी युवक के परिजनों को भी दे दी गई है। मोबाइल से हुई पहचान, नालंदा (बिहार) का था युवक कोतवाली थानाधिकारी मदनलाल मीणा ने बताया कि मृतक की पहचान दीनबंधु पासवान पुत्र विजय पासवान निवासी नालंदा (बिहार) के रूप में हुई है। युवक की जेब से मिले मोबाइल के आधार पर उसके परिजनों से संपर्क कर घटना की सूचना दी गई। पुलिस के अनुसार युवक ने काली टी-शर्ट और जींस पहन रखी थी। उसके हाथ में कलावा और कड़ा था, गले में रुद्राक्ष युक्त तुलसी की माला थी। चेहरे पर हल्की दाढ़ी-मूंछ थी, जबकि वह नंगे पैर था और उसने जूते-चप्पल नहीं पहन रखे थे। वन क्षेत्र में कैसे पहुंचा, पुलिस कर रही जांच पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि युवक झूमर बावड़ी वन क्षेत्र तक कैसे पहुंचा। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार झूमर बावड़ी गेट पर हमेशा वनकर्मी तैनात रहते हैं। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि युवक दीवार फांदकर जंगल में दाखिल हुआ होगा। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
राजस्थान में मानसून के इंतजार के बीच गुरुवार को जयपुर में तेज बारिश हुई। करीब आधे घंटे में 2 इंच बरसात से सड़कें पानी से डूब गईं। जगह-जगह गाड़ियां पानी में बंद हो गईं। दुकानों में पानी घुस गया। कोलकाता में भी कुछ ऐसा ही हाल रहा। दोपहर में करीब एक घंटे की बारिश से शहर की मुख्य सड़कों पर एक फीट तक पानी भर गया। कोलकाता के SSKM अस्पताल के अंदर तक पानी घुस गया। इससे मरीज और उनकी देखभाल करने वाले लोगों को काफी परेशानी हुई। बारिश से हादसों की आशंका को देखते हुए मध्य प्रदेश के इंदौर में 15 पर्यटन स्थलों में 22 अगस्त तक एंट्री बंद कर दी गई है। राज्य के शाजापुर में गुरुवार को बिजली गिरने से एक बुजुर्ग की मौत हो गई। मौसम विभाग ने कहा है कि अगले 2 से 4 दिनों में मानसून पूरे राज्य को कवर कर सकता है। इधर, यूपी में मानसून 8 दिन लेट है। यह आमतौर पर 20 जून तक आ जाता है लेकिन इस बार 15 दिनों से बिहार बॉर्डर पर रुका है। राज्य के 8 जिलों में गुरुवार को हीटवेव के हालात रहे। बिहार के 13 जिलों में तेज धूप के साथ गर्म हवा चली। पहले मैप में देखिए, कहां तक पहुंचा मानसून… देशभर से बारिश की 5 तस्वीरें… अगले 2 दिन के मौसम का हाल 27 जून: 28 जून:
पटना के ज्ञान भवन में भाजपा द्वारा आयोजित ‘संविधान हत्या दिवस’ कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शामिल हुए। कार्यक्रम में पूर्व राज्यपाल गंगा प्रसाद, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, वरिष्ठ भाजपा नेता राधामोहन सिंह समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम में जेपी नड्डा ने कहा, आपातकाल के दौरान लोकतंत्र का गला घोंट दिया गया था। नड्डा ने कहा कि उस दौर में बड़े पैमाने पर जबरन नसबंदी अभियान चलाया गया और लाखों लोगों को इसके लिए मजबूर किया गया। सम्राट चौधरी बोले- लोकतंत्र को मजबूत करने का संकल्प मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, आज देश और बिहार में विकास की नई तस्वीर दिखाई दे रही है। लोकतंत्र को व्यवस्थित और मजबूत बनाने का काम किया गया है। इस बात की चिंता की गई है कि भविष्य में लोकतंत्र पर कभी कोई काला अध्याय न आए। देखें कार्यक्रम की तस्वीरें… भोजपुर घटना पर क्या बोले मुख्यमंत्री भोजपुर की हालिया घटना पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई समस्या सामने आती है तो सरकार तत्काल गंभीरता से कार्रवाई करती है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए सर्वोच्च स्तर का आयोग गठित किया गया है ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके और दोषियों पर कार्रवाई हो। छूटे हुए पेंशनधारियों को जोड़ा जाएगा सम्राट चौधरी ने कहा कि जेपी नड्डा के बिहार आगमन के अवसर पर वह आश्वस्त करते हैं कि एक कमेटी बनाई जाएगी, जो पेंशन योजना से छूटे हुए लोगों को जोड़ने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष 25 जून को आयोजित होने वाले कार्यक्रम में आपातकाल के खिलाफ संघर्ष करने वाले लोगों को सम्मानित किया जाएगा। ‘सहयोग’ कार्यक्रम पर सरकार का दावा मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सहयोग’ कार्यक्रम के तहत करीब 3.50 लाख आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से लगभग 9,500 लोगों को पहला नोटिस, 3,500 लोगों को दूसरा नोटिस और केवल एक व्यक्ति को तीसरा नोटिस जारी किया गया। नड्डा ने कहा- जेपी आंदोलन की धरती है पटना केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि संविधान हत्या दिवस के अवसर पर पटना आना उनके लिए विशेष महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि देशभर में यह दिवस मनाया जा रहा है, लेकिन पटना का इससे खास ऐतिहासिक संबंध है क्योंकि जेपी आंदोलन का बीज बिहार और पटना की धरती पर ही बोया गया था। नड्डा ने कहा, “5 जून 1974 को जयप्रकाश नारायण ने संपूर्ण क्रांति का नारा दिया था। उस समय मैं मैट्रिक का छात्र था और उस आंदोलन का साक्षी रहा हूं। गफूर सरकार को बर्खास्त करने की मांग को लेकर राज्यपाल आर.डी. भंडारे को ज्ञापन सौंपने के लिए लोग गए थे। उस लोकतांत्रिक संघर्ष में शामिल होने का अवसर मुझे भी मिला था।” इमरजेंसी को बताया लोकतंत्र का काला अध्याय जेपी नड्डा ने कहा, जेपी आंदोलन के तीन सप्ताह बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल लागू कर दिया। उन्होंने दावा किया कि इमरजेंसी के दौरान 1 लाख 31 हजार से अधिक लोगों को बिना कारण जेल भेजा गया, जबकि अंग्रेजी शासन में भी इतनी बड़ी संख्या में लोगों को जेल में नहीं डाला गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि आपातकाल के दौरान लोकतंत्र का गला घोंट दिया गया था। नड्डा ने कहा कि उस दौर में बड़े पैमाने पर जबरन नसबंदी अभियान चलाया गया और लाखों लोगों को इसके लिए मजबूर किया गया। कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर साधा निशाना कांग्रेस और विपक्षी दलों पर हमला बोलते हुए नड्डा ने कहा कि आज जो दल इंडी गठबंधन के रूप में एकजुट हैं, उनकी सोच लोकतंत्र के प्रति ईमानदार नहीं रही है। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। ‘हमारी सरकार ने राष्ट्रपति शासन से परहेज किया’ नड्डा ने कहा कि वर्तमान सरकार ने जम्मू-कश्मीर और कुछ समय के लिए मणिपुर को छोड़कर कहीं भी राष्ट्रपति शासन लगाने की जरूरत नहीं समझी। उन्होंने इसे लोकतंत्र और जनादेश के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया।
भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज आकाशदीप बुधवार को काशी में शादी के बंधन में बंध गए। कार्यक्रम ताज गंगेज होटल में हुआ। आकाशदीप ने अपनी बारात में जमकर डांस किया। इस दौरान उनके दोस्त रिश्तेदार भी बैंड और डीजे पर नाचते दिखे। काशी के पंडितों ने द्वार पूजा कराई। इसके बाद आकाशदीप को अक्षिता ने वरमाला पहनाई। सिंगर पवन सिंह भी दोनों को बधाई देने पहुंचे। बिहार के एमएलसी पवन सिंह ने शादी की स्टेज पर भगवान बड़ी फुर्सत से आकाशदीप के बनवले बाड़ें। आकशदीप की पत्नी अक्षिता ने पवन सिंह का पैर छूकर आशीर्वाद लिया। आज आकाशदीप अपनी पत्नी को लेकर यूपी से अपने घर सासाराम आएंगे। शादी में बनारसी के साथ इंटरनेशनल डिशेज का इंतजाम शादी के मंडप को शिव मंदिर की थीम पर सजाया गय। आकाशदीप और अक्षिता की शादी में करीब 300 से ज्यादा मेहमान पहुंचे। सभी की होटल में एंट्री QR कोड स्कैन करने के बाद हुई। इससे पहले आकाशदीप बुधवार को शाम 7 बजकर 30 मिनट पर परिवार के साथ बिहार से होटल पहुंचे थे। शादी में मेहमानों को परोसी जाने वाली थाली की कीमत करीब 4500 रुपए बताई गई। इसमें बनारसी के साथ इंटरनेशनल डिशेज भी थीं। वहीं, दूल्हा-दुल्हन को सजाने के लिए दिल्ली से मेकअप आर्टिस्ट बुलाए गए थे। आकाशदीप ने शादी से पहले पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से वीडियो कॉल पर बात की। इससे पहले उन्होंने जगद्गुरु रामभद्राचार्य से भी वीडियो कॉल पर बात की थी। आकाशदीप और उनकी दुल्हन अक्षिता दोनों ही बिहार के सासाराम (रोहतास) के रहने वाले हैं। बिहार सरकार ने 4 दिन पहले ही आकाशदीप को DSP बनाया था। आकाशदीप की शादी से जुड़ी तस्वीरें देखिए…
बिहार में जमीनी स्तर पर खेल संस्कृति को मजबूत करने के लिए विभाग ने मेगा प्लान बनाया है। इसके तहत 2 अक्टूबर से दिसंबर तक राज्यभर में कई खेल प्रतियोगिताएं होंगी। यह अभियान पंचायत स्तर से शुरू होकर प्रखंड, जिला होते हुए राज्य स्तर तक पहुंचेगा। इसकी तैयारियों को लेकर विकास भवन में खेल निदेशक आरिफ अहसन ने बुधवार को सभी जिला खेल पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। खिलाड़ियों को खेल के अनुसार आवश्यक खेल सामग्री मिलेगी खेल निदेशक आरिफ अहसन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने क्षेत्र में नियमित फील्ड विजिट करें। पंचायत और प्रखंड स्तर पर मैदानों की वास्तविक स्थिति देखें। जहां भी खेल गतिविधियां चल रही हैं, वहां स्थानीय युवाओं को प्रोत्साहित करें। विभाग खिलाड़ियों को खेल के अनुसार आवश्यक खेल सामग्री और उचित प्रशिक्षण देकर आगे बढ़ाएगा। इन आयोजन का उद्देश्य केवल प्रतियोगिताएं कराना नहीं, बल्कि राज्य के प्रत्येक क्षेत्र में खेल वातावरण तैयार करना, स्थानीय प्रतिभाओं को पहचान देना और खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए मंच उपलब्ध कराना है। 1 जुलाई से फिर खुलेगा स्पोर्ट्स क्लब पोर्टल खेलों को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए विभाग स्पोर्ट्स क्लब पोर्टल को 1 जुलाई से 15 अगस्त तक के लिए दोबारा खोलने जा रहा है। इसके जरिए ग्राम और नगर पंचायत स्तर पर खेल क्लबों के गठन के लिए नए आवेदन लिए जाएंगे। स्पोर्ट्स क्लब के लिए 21,000 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे। इस साल की शुरुआत में चुनाव प्रक्रिया भी संपन्न कराई गई थी। अब पोर्टल को दोबारा खोलने का उद्देश्य उन क्षेत्रों और खिलाड़ियों को भी अवसर प्रदान करना है जो पहले चरण में इससे जुड़ नहीं पाए थे।
9 से ज्यादा टॉप सीनियर IAS ऑफिसरों ने बिहार का पैसा दुबई और यूरोपियन देशों में खपाया है। ये वो IAS अफसर हैं जो पिछले 20 सालों में बिहार सरकार में बड़ी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। ये जहां जिस भी विभाग में तैनात हुए हैं, वहां से ब्लैक मनी के लिए पैरलल सिस्टम तैयार कर लिया। अफसरों के इस सिस्टम को एजेंट्स हैंडल करते थे। एजेंट्स ही तय करते थे कि बिहार में किस विभाग में कौन सा काम कौन करेगा? ब्लैक मनी के लिए अफसरों ने एजेंट्स के हाथ कार्यालय का पूरा सिस्टम दे दिया था..। इतना ही नहीं एजेंट्स पर अफसरों की गर्लफ्रेंड्स के गिफ्ट की भी जिम्मेदारी थी। फ्लैट से लेकर गाड़ियां भी एजेंट्स गिफ्ट करते थे। जो पैसा बिहार के विकास में लगना था, उससे दुबई में रिसॉर्ट और बिजनेंस में लगा दिया गया। पढ़िए और देखिए बिहार सरकार को कर्ज में डालकर विकास के पैसों को ब्लैक मनी में कनवर्ट कर दुबई और यूरोपियन देशों में निवेश करने वाले बिहार के सीनियर IAS अफसराें की ब्लैक मनी की कहानी..। IAS अफसरों की ब्लैक मनी का किंगपिन रिशुश्री बिहार के दर्जनों सीनियर IAS अफसरों की ब्लैक मनी विदेशों में एडजेस्ट कराने वाला किंगपिन रिशुश्री है। एसयूवी ने 27 मई को रिशुश्री के कई ठिकानों पर छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया था। रिशुश्री की गिरफ्तारी के बाद बिहार में विकास के पैसों को ब्लैेकमनी में कनवर्ट कर विदेशों में खपाने वाले अफसरों के नाम का खुलासा हुआ। रिशुश्री के ठिकानों से कई ऐसे डिजिटल गैजेट्स मिले, जिससे बिहार के पैसों को विदेशों में खपाने वाला कनेक्शन सामने आया है। रिपोर्ट जिसने खोला IAS अफसरों का दुबई कनेक्शन 30 अप्रैल 2025 को एसवीयू के डीएसपी लव कुमार की स्पेशल विजलेंस युनिट के एसपी को भेजी गई रिपोर्ट में कई खुलासे किए हैं। इसी रिपोर्ट के बाद रिशुश्री पर जांच एजेंसियों को शिकंजा कसा और अब बिहार के कई सीनियर IAS अधिकारियों के फॉरेन में निवेश की फंडिंग की पोल खुली। रिपोर्ट में डीएसपी लव कुमार ने लिखा है, सीनियर ऑफिसर के निर्देश पर मैंने प्रवर्तन निदेशालय (ED) पटना की रिपोर्ट का सत्यापन किया, जो प्रवर्तन निदेशालय पटना के संयुक्त निदेशक सत्यकाम दत्ता द्वारा ECIR/PTZO/04/2024, दिनांक 25 फरवरी 2025 के माध्यम से पेश की गई थी। रिपोर्ट में बिहार सरकार के विभिन्न विभागों के सरकारी टेंडरों में हेरफेर किए जाने का मामला है। संबंधित विभागों के कर्मचारियों और अधिकारियों को लाभ पहुंचाने के साथ टेंडरों से जुड़ी अहम जानकारी पहले से लीक हो जाती थी। इसके बाद रिशुश्री अपने नेटवर्क से जुड़ी कंपनियों के लिए सरकारी ठेके दिलाता था। यह पूरा खेल बिहार कैडर और जल संसाधन विभाग के तत्कालीन सचिव IAS संजीव हंस के साथ बिहार सरकार के अन्य सीनियर ऑफिसर्स की मिलीभगत से किया जाता था। अफसरों की सेटिंग से टेंडर मैनेज का खेल रिशुश्री टेंडरों में हेरफेर करता था। अपनी कंपनी और सहयोगी संस्थाओं के पक्ष में टेंडर मैनेज कराने के लिए वह अपने हिसाब से पूरा प्लान तैयार कराता था। इस तरह जब बिहार सरकार के विभाग टेंडर जारी करते थे, तो रिशुश्री के माध्यम से आने वाली कंपनियां पात्र घोषित हो जाती थीं और ठेका हासिल कर लेती थीं। ठेका मैनेज कराने के नाम पर रिशुश्री को ठेके की कुल राशि का लगभग 8 से 10 प्रतिशत कमीशन फिक्स होता था। इस कमीशन का एक बड़ा हिस्सा संबंधित विभागों के सीनियर अफसरों को भी जाता था। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रिपोर्ट में इसका खुलासा किया गया है। टेंडर पास कराकर खुद बन जाता था सब कॉन्ट्रैक्टर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रिपोर्ट में यह भी है कि पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी दिखाने के लिए रिशुश्री अपनी कंपनियों को टेंडर में पास होने वाली कंपनियों का उप-ठेकेदार (सब-कॉन्ट्रैक्टर) बना लेता था। इसके बाद समय-समय पर बढ़े हुए बिल जारी करवाता था, ताकि कमीशन और रिश्वत की राशि सामान्य लेन-देन में मिल जाए और अलग से दिखाई न दे। रिशुश्री की उंगली पर नाचते थे अफसर रिशुश्री अपनी सेटिंग और अफसरों को इतना लाभ पहुंचाता था कि वह उसकी उंगलियों में नाचते थे।ED की रिपोर्ट में इसका भी खुलासा किया गया है कि वह अफसरों को कमीशन का खुला ऑफर देता था, इसलिए वह जिस कंपनी को चाहता था उसको टेंडर मिलता था। जल संसाधन विभाग द्वारा सुपौल के बीरपुर में एक फिजिकल मॉडलिंग सेंटर बनाने के लिए लगभग 125 करोड़ रुपए की लागत वाला टेंडर जारी किया गया था। छापेमारी में हुआ था बड़ा खुलासा जांच के दौरान ED ने 16 जुलाई 2024 को पटना के एस.के. विहार स्थित शांति कुंज में मातृस्वा इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के कार्यालय पर छापेमारी की थी जिसमें कंपनी बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग की एक उप-ठेकेदार (सब-कॉन्ट्रैक्टर) कंपनी बताई गई है। छापेमारी के दौरान ED को पवन कुमार नामक व्यक्ति मिला, जो मातृस्वा इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड में निदेशक के रूप में काम कर रहा था। तलाशी के दौरान कंपनी के कार्यालय से कई दस्तावेज और कागजात जब्त किए गए थे। मातृस्वा इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के कार्यालय से बरामद दस्तावेजों में कथित कमीशन (किकबैक) से जुड़े लेन-देन का लेखा जोखा पाया गया। मातृस्वा इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक पवन कुमार से उन दस्तावेजों में दर्ज “S Sir” नाम के सामने लेन-देन की डिटेल दर्ज की गई है। अफसरों की महिला मित्रों को गिफ्ट में फ्लैट और गाड़ी जांच में यह भी सामने आया कि रिशु श्री कथित तौर पर IAS अधिकारियों को प्रभावित करने के लिए उनकी महिला मित्रों को फ्लैट और गाड़ियां तक उपहार में देता था। ED की जांच के अनुसार, IAS अधिकारी संजीव हंस की कथित महिला मित्र गायत्री कुमारी को भी रिशु श्री की ओर से उपहार दिए गए थे। ED ने जब गायत्री कुमारी और सुनील सिन्हा के बैंक खातों की जांच की, तो पाया कि सुनील सिन्हा और उससे संबंधित संस्थाओं के खातों में जमा 90 लाख रुपये में से 20 लाख रुपये 19 फरवरी 2022 को रिलायबल इंफ्रा सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के खाते से ट्रांसफर किए गए थे। जांच एजेंसी के अनुसार, यह खाता रिशु श्री का था, जो केनरा बैंक में संचालित होता था। ED की जांच में यह भी सामने आया कि रिशु श्री अपनी विभिन्न कंपनियों के माध्यम से बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग (WRD) में सरकारी ठेकों का काम कर रहा था। यह उस अवधि की बात है, जब संजीव हंस विभाग के सचिव थे। जांच में यह भी आरोप सामने आया कि जिन विभागों में रिशु श्री की कंपनियां कार्य कर रही थीं, वहां के कुछ अधिकारियों को कथित तौर पर मोटा कमीशन दिया जाता था। जांच के दौरान रिशु श्री के ठिकानों पर छापेमारी में कई अहम दस्तावेज बरामद हुए थे। इनमें विभिन्न परियोजनाओं से संबंधित वित्तीय लेनदेन और आर्थिक लेखा-जोखा दर्ज था। दस्तावेजों में प्रतिशत के आधार पर दर्शाए गए कुछ भुगतानों को जांच रिपोर्ट में कथित रिश्वत के रूप में उल्लेखित किया गया है। इसके अलावा, रिलायबल इंफ्रा सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के कार्यालय से जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों से प्राप्त डेटा में भी प्रतिशत के आधार पर दर्ज कुछ राशियों का उल्लेख मिला। जांच एजेंसी ने इन्हें कथित रिश्वत संबंधी भुगतान से जोड़कर देखा है। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और अदालत के फैसले के बाद ही होगी। अफसरों को कमीशन देने का खुलासा रिपोर्ट में रिशुश्री ने डिजिटल उपकरणों से प्राप्त दस्तावेजों और कागजात के हवाले से बताया गया है कि उसने बिहार सरकार के शहरी विकास एवं आवास विभाग के विभिन्न अधिकारियों को कमीशन का भुगतान किया था। इसमें भवन निर्माण विभाग के अधिकारी भी शामिल बताए गए हैं, जो शहरी विकास मंत्रालय के अधीन आता है। 33 ड्रेन बायो-रिमेडिएशन परियोजना, बिहारशरीफ STFएवं सीवरेज नेटवर्क परियोजना, मुजफ्फरपुर STF एवं सीवरेज नेटवर्क परियोजना और बिहारशरीफ स्मार्ट रोड परियोजना में बड़ी गड़बड़ी की आशंका बताई गई है। रिपोर्ट में एडवांस और अन्य व्यय में शीर्षक के अंतर्गत बड़ी रकम का उल्लेख किया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि बिलों के समय दिखाए गए ये खर्च वास्तव में सीनियर और जूनियर अधिकारियों को दिए जाने वाले कथित रिश्वत भुगतान की प्रकृति के थे। तलाशी अभियान के दौरान मातृस्वा कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों में से एक तथा रिशु श्री के करीबी सहयोगी संतोष कुमार ने 28 जनवरी 2025 को दिए गए अपने बयान में फर्जी अथवा बढ़ा-चढ़ाकर दिखाए गए खर्चों के माध्यम से कैश की व्यवस्था करने की बात स्वीकार किया है। कैश की व्यवस्था रिश्वत के लिए ही की जाती थी। कैश का इस्तेमाल अचल संपत्तियों की खरीद के लिए भी किया जाता था। मोबाइल और गैजेट्स से बड़ा खुलासा 16 जुलाई 2024 को रिशुश्री के ठिकानों से जब्त किए गए मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच में विभिन्न दस्तावेजों की तस्वीरें प्राप्त हुईं। इनमें नोटशीटें और ऐसे दस्तावेज शामिल थे, जिनमें सरकारी निर्णयों तथा सरकारी टेंडरों से संबंधित गोपनीय जानकारी दर्ज थी। रिपोर्ट के अनुसार, ऐसे दस्तावेजों को कानूनी रूप से अपने पास रखने का अधिकार रिशुश्री को नहीं था। इन दस्तावेजों को ED की रिपोर्ट में एक्ज़िबिट-बी के रूप में शामिल किया गया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि उसके डिजिटल उपकरणों से ऐसे सरकारी दस्तावेजों की बरामदगी न केवल आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, 1923 के उल्लंघन का मामला बनती है, बल्कि यह सीनियर सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिलीभगत का खुलासा करती है। 8 साल में ब्लैक मनी से बनाई संपत्ति, दिल्ली एनसीआर में निवेश रिपोर्ट के मुताबिक भ्रष्ट एवं अवैध गतिविधियों में शामिल होकर और अत्यधिक लाभ लेकर रिशुश्री ने पिछले 7 से 8 सालों में बड़ी संपत्ति बनाई है। ED की कार्रवाई के दौरान 16 जुलाई 2024 को रिशुश्री के ठिकानों से बरामद 61 सेल डीड को इसका आधार बताया गया है, जिनका सर्किल रेट के अनुसार कुल मूल्य लगभग 58.58 करोड़ रुपए है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि रिशुश्री ने दिल्ली-एनसीआर में रियल एस्टेट में बड़े निवेश किए हैं। हाजीपुर और पटना में दो पेट्रोल पंप भी लगाए हैं। ब्लैक मनी से करोड़ों की गाड़ियां अधिकारियों की सेटिंग से रिशुश्री ने बड़ी सम्पत्ति बनाई है। देश विदेश में इन्वेस्ट करने के साथ ही उसने मंहगी गाड़ियां भी खरीदी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक दो साल में उसने कई महंगी गाड़ियां खरीदी हैं। इसमें पोर्शे मैकन, BMW, डिस्कवरी स्पोर्ट 2.0, टोयोटा लैंड क्रूजर, बीएमडब्ल्यू आर नाइन टी स्क्रैम्बलर के साथ अन्य कई महंगी गाड़ियां शामिल हैं। बिहार के सीनियर IAS की ब्लैक मनी को एडजेस्ट कराता था रिशु बिहार के सीनियर आईएएस अफसरों की ब्लैक मनी को एडजेस्ट कराने में रिशुश्री का बड़ा रोल था। जांच रिपोर्ट में ED का दावा है कि उसे ऐसी खुफिया जानकारी प्राप्त हुई है, जिससे संकेत मिलता है कि रिशुश्री बिहार सरकार के अलग-अलग सीनियर अधिकारियों की ओर से भारत और विदेशों में संपत्तियों की व्यवस्था करता था और उसकी देखरेख भी करता था। यह भी सामने आया कि वह रियल एस्टेट में निवेश के माध्यम से भ्रष्टाचार से प्राप्त कैश ब्लैक मनी को को छिपाने से लेकर उसे निवेश कराने का भी काम करता था। रिशुश्री के मोबाइल और गैजेट्स के साथ अन्य सोर्स से मिली जानकारी के हवाले से कहा गया है कि ED को पता चला कि पिछले 5 सालों में उसकी विदेश यात्राओं की संख्या में असामान्य रूप से वृद्धि हुई है। हाल के वर्षों में दुबई तथा अन्य यूरोपीय देशों में उसकी बार-बार यात्राएं और लंबे समय तक वहां रहना संदिग्ध है। इससे यह आशंका जताई गई है कि रिशुश्री बिहार सरकार के विभिन्न सीनियर अधिकारियों की ब्लैक मनी को बड़े पैमाने पर विदेशों में एडजेस्ट कराता था। इसी रिपोर्ट के आधार पर बीएनएस की धाराओं में केस करने की बात कही गई थी, जिसके बाद रिशुश्री के साथ बिहार के 9 सीनियर आईएएस अफसरों की मुश्किलें बढ गईं। संजीव हंस ने खोला मुंह - 4 पेज का सफाईनामा टेंडर घोटाला मामले में विशेष निगरानी इकाई (SVU) की कार्रवाई के बीच फरार चल रहे पूर्व IAS अधिकारी संजीव हंस का चार पन्नों का पत्र सामने आया है। पहली बार आरोपों पर उन्होंने अपनी सफाई दी है। हालांकि यह पत्र उन्होंने तब दिया है जब SVU उनकी तलाश कर रही है, वह फरार बताए जा रहे हैं। दो डीएसपी समेत पांच सदस्यीय टीम लगातार दो दिनों तक उनके आवास पर पहुंची, लेकिन वे नहीं मिले। इसी बीच संजीव हंस ने SVU के ADG पंकज दराद को पत्र लिखकर अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पहली बार संजीव हंस ने दावा किया है कि उन्हें बिना पर्याप्त साक्ष्य और बिना किसी प्रारंभिक जांच के आरोपी बनाया गया है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ दर्ज SVU थाना कांड संख्या 05/2025 उन्हीं तथ्यों पर आधारित है, जिनसे जुड़े रूपसपुर थाना कांड संख्या 18/2023 को पटना हाईकोर्ट पहले ही रद्द कर चुका है। बाद में इस मामले से संबंधित अपील को भी सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था। संजीव हंस ने कहा पुराने आरोपों को दोहराकर एफआईआर दर्ज कर दी गई है। टेंडर प्रक्रिया से लेकर रिशुश्री से संबंधों को भी उन्होंने खारिज किया है। उन्होंने जांच एजेंसियों के हर आरोपों को खारिज किया है जिसमें साक्ष्य के आधार पर जांच रिपोर्ट दी गई है। IAS संजीव हंस पर दोहरा शिकंजा कसा सीनियर आईएएस संजीव हंस पर दोहर शिकंजा कसता जा रहा है। एक तरफ जहां SVU संजीव हंस की तलाश कर रही है वहीं संजीव हंस की लिव इन पार्टनर गायत्री कुमारी ने नवंबर 2025 में प्रयागराज फेमिलीकोर्ट में मेंटिनेंस केस किया है। भास्कर की इन्वेस्टिवेशन में पता चला कि कोर्ट से प्रापर्टी की जांच की मांग की हैं, उन्होंने कहा है कि देश विदेश में प्रापर्टी है, इसकी जांच कराकर उस हिसाब से मेंटिनेंस दिया जाए। गायत्री का कहना है कि उनके बेटे आर्यन और उन्हें मेंटिनेंस चाहिए। इस लिए लड़ रही हैं, भास्कर की इन्वेस्टिगेशन में पता चला कि गायत्री के मेंटिनेंस केस में लगातार कोर्ट नोटिस दे रहा है लेकिन संजीव हंस कोर्ट में पेश नहीं हो रहे हैं। जब इस मामले में एडवोकेट गायत्री से बात की गई तो पता चला कि संजीव हंस बीमारी और सर्जरी का बहाना कर कोर्ट में पेश नहीं हो रहे थे। अब उनके वकील ने अपना पक्ष रखा है। गायत्री ने बताया कि संजीव हंस के बेटे आर्यन के मेंटिनेंस मामले में इलाहाबाद व्यवहार न्यायालय ने संजीव हंस के गंभीर नहीं होने समस्या आ रही है। लिव इन पार्टनर रही गायत्री कुमारी ने बताया कि अब वह कोर्ट को संजीव हंस से जड़े सारे एविडेंस देंगी। जैसे संजीव हंस ने उन्हें घर दिलाया और अपना आधार कार्ड देकर बर्थ सर्टिफिकेट बनवाया। इसके साथ ही मंथली खर्चे का भी वादा किया था जिसका ऑडियो वीडियाे कोर्ट को देंगी। कोर्ट में वह घर का कागजात भी जमा करेंगी। गायत्री का कहना है कि वह अपना केस खुद लड़ रही हैं। हर माह में डेट पड़ रही थी, लेकिन संजीव हंस के वकील ने 16 जून को पक्ष रखा। इसके पूर्व गायत्री से भीED और SVUपूछताछ कर चुकी है।
री-नीट फर्जीवाड़े की परतें जैसे-जैसे खुल रही हैं, एक ऐसे सॉल्वर सिंडिकेट का चेहरा सामने आ रहा है, जिसे MBBS के छात्र चला रहे थे। केंद्र सरकार ने सख्ती बरतकर पेपर लीक तो रोक दिया, लेकिन बिहार में मेडिकल के छात्रों ने NTA के सुरक्षा चक्र में सेंध लगा दी। सॉल्वर गैंग का सरगना मुजफ्फरपुर का अर्पित यादव है। उसने कोटा में पढ़ाई के दौरान तीन दोस्तों के साथ मिलकर गिरोह बनाया था। री-नीट-यूजी 2026 में बिहार में करीब 200 फर्जी परीक्षार्थियों के बैठाने की प्लानिंग थी। ये मेडिकल स्टूडेंट्स 8 राज्यों से बिहार बुलाए गए। जिनकी जगह पर पेपर देना था उन कैंडिडेट्स से करीब 50 करोड़ रुपए तक की डील हुई। औसतन हर कैंडिडेट से 40 लाख रुपए लेना था। ये चौंकाने तथ्य लोकल पुलिस, EOU और अन्य जांच एजेंसियों की रिपोर्ट से सामने आए हैं। री-नीट-यूजी 2026 में सॉल्वर गैंग ने कैसे फर्जीवाड़ा किया? किस तरह फर्जी परीक्षार्थी बैठाए? गैंग में कौन से लोग शामिल हैं? पढ़िए स्पेशल रिपोर्ट मेडिकल की तैयारी करने कोटा गया, बनाया सॉल्वर गैंग अर्पित ने राजस्थान के कोटा में सॉल्वर गैंग शुरू किया था। वह मेडिकल की तैयारी करने गया था। कोचिंग में उसकी दोस्ती, मयंक कुमार (अश्विनी कुमार), रंजीत कुमार और रवि शंकर से हुई। चारों ने मिलकर फर्जी परीक्षार्थी बैठाने का खेल शुरू किया। अपने गिरोह से कोटा में कई कोचिंग में पढ़ने वाले छात्रों को जोड़ लिया। खुद मेडिकल की तैयारी करने और MBBS का छात्र होने के चलते इन्हें आसानी से सॉल्वर मिल गए। फर्जी निकला अर्पित यादव का पता अर्पित यादव ने खुद को भगवानपुर थाना क्षेत्र के यादव नगर के पवन कुमार सिंह का बेटा बताया है। हालांकि, पुलिस जांच में उसका पता और पिता का नाम दस्तावेजों से मेल नहीं खाया। पता फर्जी निकला है। री-नीट-यूजी 2026, गिरोह ने बुलाए 200 फर्जी परीक्षार्थी री-नीट फर्जीवाड़ा की जांच आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) और पुलिस कर रही है। सूत्रों के अनुसार पता चला है कि सॉल्वर गैंग ने बिहार में करीब 200 फर्जी परीक्षार्थियों को बुलाया था। इनमें से 9 परीक्षा के दौरान लखीसराय में पकड़े गए। एक हाजीपुर में पकड़ा गया। मेडिकल कॉलेजों में पढ़ने वाले कुल 12 छात्र पकड़े गए हैं। नालंदा मेडिकल कॉलेज से दो छात्र गायब, अन्य की भी तलाश जांच में सामने आया है कि बिहार के नालंदा मेडिकल कॉलेज से दो छात्र गायब हैं। इसके अलावा अन्य मेडिकल कॉलेज से भी कुछ छात्रों के भी पेपर के दिन से अनुपस्थित होने की सूचना मिल रही है। पुलिस उनको तलाश रही है। उनसे पूछताछ करेगी। 8 राज्यों में फैला है गिरोह का नेटवर्क अब तक की जांच से पता चला है कि सॉल्वर गैंग का नेटवर्क आठ राज्यों में फैला है। बिहार, मध्य प्रदेश, ओडिशा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और झारखंड में पढ़ रहे मेडिकल के छात्रों से इस गिरोह के शातिर संपर्क में हैं। इसमें अधिकतर बिहार के छात्र हैं। कुछ सॉल्वर दूसरे राज्यों के भी हैं। पुलिस को शक है कि यह गिरोह बीते तीन साल से मेडिकल की परीक्षा में फर्जी परीक्षार्थी बैठा रहा है। 50 करोड़ से अधिक की डील, सॉल्वर को देते थे 15-20 लाख जांच के क्रम में पता चला है कि सॉल्वर गैंग ने परीक्षार्थियों से नीट-यूजी 2026 की परीक्षा पास कराने के लिए 30-40 लाख रुपए लिए। पैसे छात्र की आर्थिक क्षमता के अनुसार कम या अधिक भी होते थे। गिरोह ऐसे परीक्षार्थियों को टारगेट करता है जो पैसे वाले घर से हैं। एक दो बार खुद परीक्षा दे चुके हैं, लेकिन एडमिशन नहीं मिला। गिरोह के लोग असली परीक्षार्थी की जगह फर्जी परीक्षार्थी या सॉल्वर को बैठाते थे। उन्हें एक बार परीक्षा में बैठने पर 15-20 लाख रुपए मिलते थे। सूत्रों के अनुसार इस बार की परीक्षा में बिहार में सॉल्वर गैंग ने 50 करोड़ रुपए से अधिक का खेल किया था। क्यों दूसरे की जगह परीक्षा देने को तैयार हो गए MBBS के छात्र? पकड़े गए फर्जी परीक्षार्थियों में से ज्यादातर सरकारी मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाले MBBS छात्र हैं। अब इनके डॉक्टर बनने का सपना टूटता दिख रहा है। ऐसे में सवाल है कि MBBS के छात्र गिरोह के जाल में कैसे फंस जाते हैं? इन चारों ने बनाया सॉल्वर गैंग 1- अर्पित सिंह: मुजफ्फरपुर का अर्पित सिंह पूरा नेटवर्क संभाल रहा था। असली परीक्षार्थियों से संपर्क करने, पैसे लेने, सॉल्वर चुनने और बायोमेट्रिक जांच एजेंसी को सेट करने में इसकी बड़ी भूमिका है। पुलिस ने मगध मेडिकल कॉलेज स्थिति हॉस्टल में अर्पित के रूम में छापेमारी की है। यहां से एक टैब मिला है। इसकी जांच की जा रही है। 2- अश्विनी कुमार उर्फ मयंक: अश्विनी पीएमसीएच में MBBS का छात्र है। पता चला है कि इसने गिरोह को कुछ अभ्यर्थी भी लाकर दिए थे। इसके लिए प्रति अभ्यर्थी 60 लाख रुपए में डील की थी। 25 लाख रुपए खुद लिए थे। अश्विनी लखीसराय के एक सेंटर में बायोमेट्रिक कर्मी बनकर घुसा था। फर्जी अभ्यर्थियों को प्रवेश दिलाने में अहम भूमिका निभाई। अंदर बैठे परीक्षार्थियों की मदद कर रहा था। 3. रविशंकर: अर्पित के कहने पर काम करता था। इसने 2025 में नीट में अपनी पत्नी की जगह सॉल्वर को बैठाया, लेकिन वह पकड़ी गई। इस साल भी रविशंकर ने पत्नी की जगह सॉल्वर के रूप में पूनम को परीक्षा देने भेजा, लेकिन वह पकड़ी गई। 4. रंजीत कुमार: सॉल्वर गैंग के शुरुआती लोगों में से एक है। इसने अपने भाई संजीत कुमार की जगह मंतोष को सॉल्वर के रूप में परीक्षा केंद्र भेजा। पश्चिम बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाला मंतोष 21 जून को लखीसराय में परीक्षा केंद्र से गिरफ्तार हुआ। 20-20 हजार में बिक गए बायोमेट्रिक एजेंसी के लोग सॉल्वर गैंग ने बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन में सेंध लगाकर असली अभ्यर्थियों की जगह दूसरे लोगों को बैठाने की कोशिश की। लखीसराय में 18 बायोमेट्रिक कर्मी गिरफ्तार किए गए हैं। छात्रों के बायोमेट्रिक जांच के लिए लगाए गए कई कर्मी 400 रुपए रोज के भुगतान पर रखे गए थे। सॉल्वर गैंग ने इन्हें प्रति फर्जी परीक्षार्थी 20-20 हजार रुपए दिए। ब्लैकलिस्ट कंपनी को मिला ठेका एनटीए ने री-नीट परीक्षा के लिए बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन का ठेका ईडीसीआईएल को दिया था। ईडीसीआईएल ने यह काम ‘इनोवेटिव व्यू’ कंपनी को सौंप दिया। झारखंड और तमिलनाडु सरकार ने 2025 में और यूपी सरकार ने 2022 में ‘इनोवेटिव व्यू’ को बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के लिए ब्लैकलिस्ट किया था। इसके बाद भी बिहार में इस कंपनी को काम मिला। जांच के क्रम में पता चला है कि गिरोह ने बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन एजेंसी को ही सेट कर लिया था। जांच में नालंदा के प्रमोद कुमार की भूमिका सामने आई है। उसने ‘इनोवेटिव व्यू’ एजेंसी के माध्यम से लखीसराय के तीनों परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक सत्यापन का टेंडर लिया था। लखीसराय पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। पुलिस के अनुसार रविशंकर ने प्रमोद यादव से संपर्क कर पूरी व्यवस्था तैयार की थी। प्रमोद यादव ने अपने भरोसेमंद लोगों को बायोमेट्रिक कर्मी और सुपरवाइजर के रूप में तैनात किया था। रविशंकर ने मूल परीक्षार्थियों के एडमिट कार्ड पर तस्वीरों में छेड़छाड़ की थी। गिरफ्तार सुपरवाइजर विशाल कुमार और बादल कुमार ने पूछताछ में बताया कि प्रमोद यादव ने पहले ही निर्देश दिया था कि यदि किसी सॉल्वर का फिंगरप्रिंट या डेटा मूल परीक्षार्थी से मेल नहीं खाए, तब भी उसे सत्यापित दिखाकर परीक्षा कक्ष में प्रवेश दे दिया जाए। ऐसे रची गई बायोमेट्रिक हैक की साजिश
दिबियापुर नगर में बुधवार देर शाम भरत भूषण तिवारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर कैंडल मार्च निकाला गया। बिहार के भोजपुर निवासी तिवारी के एनकाउंटर के विरोध में नगरवासियों ने यह मार्च निकाला। यह मार्च बाबा परमहंस बगिया से शुरू होकर फफूंद चौराहे तक पहुंचा। प्रदर्शनकारियों ने बिहार सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। इस कैंडल मार्च में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव अंशू तिवारी, अरुण त्रिपाठी, सभासद राहुल दीक्षित, गिरीश तिवारी, ब्रज नारायण अवस्थी और गोविंद द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में नगरवासी शामिल हुए। उपस्थित लोगों ने आरोप लगाया कि भरत भूषण तिवारी का एनकाउंटर नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हत्या की गई है। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। मार्च के समापन पर प्रदर्शनकारियों ने थाना प्रभारी को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में भरत भूषण तिवारी की मौत की सीबीआई जांच कराने की मांग की गई है। इसके साथ ही, दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर उन्हें कठोर सजा देने की भी मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने भरत भूषण तिवारी के माता-पिता को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की भी मांग की। इसके अतिरिक्त, उनके भाई को सरकारी नौकरी और उनके गांव में उनके नाम पर एक स्मारक बनवाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल थी। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक भरत भूषण तिवारी को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक उनका यह संघर्ष जारी रहेगा।
बेगूसराय में महिला के साथ हुए गैंगरेप को लेकर राजनीतिक सरगर्मी लगातार तेज हो रही है। बुधवार को मुकेश सहनी पीड़िता से मिलने पहुंचे। इनसे पहले आज राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल सदर अस्पताल पहुंचा। जहां उन्होंने पीड़िता से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। मुकेश सहनी ने कहा है कि पुलिस प्रशासन की लापरवाही इस घटना में स्पष्ट दिख रही है। पहली बार जब इसके साथ घटना हुई और अपराधी पर कड़ी कार्रवाई की जाती, तो आज ऐसी घटना नहीं होती। इलाज में भी लापरवाही बरती गई। अस्पताल में एडमिट होना, सही से जानकारी नहीं मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है। सहनी बोले- बिहार का स्वास्थ्य विभाग भगवान भरोसे अस्पताल के सभी लोगों की जानकारी में है कि हम आ रहे हैं, लेकिन डॉक्टर और कोई वरीय अधिकारियों उपस्थित नहीं होना, अपने आप में दर्शाता है कि बिहार का स्वास्थ्य विभाग भगवान भरोसे चल रहा है। पीड़िता का सही से इलाज नहीं हो रहा है । सरकार और जिला प्रशासन से आग्रह करता हूं कि पांच डॉक्टरों का बोर्ड बनाकर इस गरीब परिवार का सही से इलाज कराया जाए। यदि सही से इलाज नहीं कर सकते हैं, तो फिर परिवार को हम लोगों के हवाले कर दिया जाए, हम लोग प्राइवेट हॉस्पिटल में उसका इलाज कराएंगे। प्रशासन से अनुरोध है कि जिन लोगों ने ये किया है, उन लोगों को कड़ी सजा दिलाया जाए। उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार करें, जो पुलिसकर्मी ने लापरवाही दिखाई, उनको सस्पेंड कर दिया गया है। लेकिन, उन पर कार्रवाई हो, जिससे कि भविष्य में इस तरह की किसी भी घटना को कोई पदाधिकारी हल्के में नहीं ले। सही से जांच करें, कार्रवाई करें। मुकेश सहनी ने कहा कि भरत तिवारी का जो एनकाउंटर हुआ, उसमें भी सरकार के लोग अलग-अलग स्टेटमेंट देकर भटका रहे हैं। फर्जी एनकाउंटर बिहार में हो रहा है। 3 महीने पहले मुजफ्फरपुर में पप्पू सहनी का फर्जी एनकाउंटर किया गया। हम लोग सड़क पर उतरे थे, कमेटी बनाकर अगर सही तरीके से कार्रवाई होती, तो आज भरत तिवारी की हत्या नहीं होती। सामान्य वर्ग के लोग बधाई के पात्र हैं कि वह जिंदा हैं और अपने अधिकार के लिए बिहार में हड़कंप मचा दिया है। जाति देख कर गोली मारी जा रही सरकार और विपक्ष सब लोग देख रहे हैं। यहां पर जाति देखकर गोली मारी जा रही है, फेक एनकाउंटर हो रहा है। एससी, एसटी, ओबीसी, अल्पसंख्यक समाज को टारगेट किया जा रहा है। सभी लोगों को जागने की आवश्यकता है। भरत तिवारी की हत्या के लिए आर्डर देने वाला दोषी है, सरकार और प्रशासन सामने आए और बताए, अगर पिस्तौल फेंक दिया, समर्पण कर दिया, तो फिर उनका हत्या कैसे हो गई। मुकेश सहनी ने राजगीर में दो लोगों की पीट पर हत्या पर कहा कि 2000 साल से दलित के साथ ऐसा हो रहा है। सामने आ गया, तो सवाल कर रहे हैं। पूरे बिहार में ऐसा हो रहा है, कोई ऐसा पंचायत और ब्लॉक नहीं है, जहां एससी, एसटी, ओबीसी के साथ अन्याय नहीं हो रहा है। समाज को अपने अधिकार के लिए लड़ने की जरूरत है राजद की टीम पीड़िता के घर भी गई मुकेश सहनी से पहले राजद की 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल पीड़िता से मिलने पहुंचा। इसमें बिहार सरकार के पूर्व मंत्री आलोक कुमार मेहता, राजद पिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद कुमार सहनी और राजद महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष अनीता भारती सहित कई स्थानीय नेता शामिल थे। सदर अस्पताल आने से पहले टीम पीड़िता के घर भी गई थी। पत्रकारों से बातचीत करते हुए आलोक कुमार मेहता ने कहा कि सूबे में शासन नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। ऐसा लगता है कि वर्तमान सरकार में न तो अति पिछड़ों के प्रति कोई संवेदनशीलता बची है और न ही महिलाओं के प्रति। मुख्यमंत्री बार-बार सुशासन का दावा करते हैं, लेकिन राज्य के हालात कुछ और ही बयां कर रहे हैं। पुलिस-प्रशासन और सरकार की नियत ठीक नहीं भोजपुर में भरत तिवारी का एनकाउंटर बिगड़ती कानून व्यवस्था का उदाहरण है। राजगीर में एक मंदिर के महाभोज (भंडारे) में दलित समाज के दो बच्चे खाना खाने बैठ गए, तो उन्हें पीट-पीटकर मार डाला गया। इन घटनाओं से साफ है कि पुलिस-प्रशासन और सरकार की नियत ठीक नहीं है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस पीड़ित महिला को जल्द से जल्द बड़ी से बड़ी राशि मुआवजे और आर्थिक सहायता के तौर पर दी जाए। यह परिवार अत्यंत गरीब और मजदूर वर्ग से आता है, जिसके साथ यह घोर अत्याचार हुआ है। प्रशासन अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करे और पीड़िता को न्याय दिलाए। बिहार में सुशासन नहीं, राक्षस राज है- अनीता भारती राजद महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष अनीता भारती ने घटना पर दुख और रोष व्यक्त करते हुए कहा कि बिहार में प्रतिदिन महिलाओं के साथ अमानवीय व्यवहार और इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। सरकार और प्रशासन का कोई भी नुमाइंदा इन पीड़ितों से मिलने या सुध लेने तक नहीं आता। इस गरीब और मजदूर परिवार की महिला के साथ यह वारदात पहली बार नहीं, बल्कि दूसरी बार की गई है, जो बेहद शर्मनाक और असहनीय है। बिहार के जो हालात आज बन चुके हैं, उसे देखकर ऐसा लगता है जैसे राज्य में सुशासन नहीं, बल्कि राक्षस राज' आ गया है। राजद इस पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। इलाजरत गैंगरेप पीड़िता से मिलने आज प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष ऋषिकांत पहुंचे। साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव-सह-अवर न्यायाधीश करुणानिधि प्रसाद आर्य अस्पताल पहुंचे। जज ने पीड़िता और उसके परिजनों से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना। राहत- 3 लाख का वाउचर परिजनों को सौंपा जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) की ओर से कार्रवाई करते हुए पीड़िता के खाते में 3 लाख रुपए की अंतरिम राहत (इंटरिम रिलीफ) राशि ट्रांसफर की। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने इस राशि का वाउचर पीड़िता के परिजनों को सौंपा। परिजनों से बात करते हुए जज ऋषिकांत ने विशेष हिदायत दी है। गैंगरेप पीड़िता की तबीयत फिर से बिगड़ गई है। उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसस पहले सदर अस्पताल से डॉक्टर दो बार घर भेज चुके थे, लेकिन उसकी तबीयत ठीक नहीं हुई। बताया जा रहा कि मंगलवार को उसे काफी ब्लीडिंग होने लगी थी। जिसके बाद परिजन ने चकिया थाने को सूचना दी। रात करीब 9 बजे केस की आईओ और चकिया थाने की पुलिस पीड़िता के घर पहुंची और पीड़िता को सदर अस्पताल में भर्ती कराया। डीएसपी ने अस्पताल पहुंचकर हालचाल पूछा मामले की जानकारी मिलते ही सदर-टू डीएसपी कुमारी दुर्गा शक्ति भी सदर अस्पताल पहुंची और पीड़िता-डॉक्टर से बात कर हालात की जानकारी ली। अब एक बार फिर पीड़िता के हालत बिगड़ने पर लोग सदर अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।
बहुचर्चित रूपम गोल्ड ज्वेलर्स लूटकांड के मास्टरमाइंड सूरज कुमार सिंह उर्फ सन्नी सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने लूट के माल में से 30 लाख रुपए बरामद किए हैं। मामले में अब तक कुल सात आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जानकारी के अनुसार, 23 अगस्त 2023 की सुबह कांकरोली निवासी आर्यन सोनी की रूपम गोल्ड ज्वेलर्स शोरूम पर दो बाइक पर सवार हथियारबंद बदमाशों ने फिल्मी स्टाइल में लूट की वारदात को अंजाम दिया था। बदमाशों ने हथियार दिखाकर दुकान से करीब डेढ़ किलो सोना, डेढ़ किलो चांदी और 18 लाख रुपए नकद लूट लिए थे। इसके बाद मौके से फरार हो गए थे। घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। जांच में बिहार के वैशाली जिले से जुड़े एक संगठित गिरोह का खुलासा हुआ। पुलिस के अनुसार यह गिरोह देशभर में इसी तरह से लूट की वारदातों को अंजाम देता था। अब पढ़िए... कैसे हुई आरोपियों की गिरफ्तारी 1500 किलोमीटर दूर से बरामद किया लूट का सामानपुलिस के अनुसार, मुख्य सरगना सूरज उर्फ सन्नी सिंह की निशानदेही पर बिहार से लूट का माल बरामद किया गया है। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि आरोपी राजसमंद से करीब 1500 से 1600 किलोमीटर दूर बिहार के रहने वाले थे और वारदात के बाद झारखंड, पश्चिम बंगाल और उत्तराखंड सहित कई राज्यों में छिपते रहे। आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस टीम को कई बार दूसरे राज्यों में जाना पड़ा। थानाप्रभारी और डीएसपी का रहा खास योगदानमामले के खुलासे में कांकरोली थाना प्रभारी सरोज बैरवा, साइबर सेल के डीएसपी दुर्गाप्रसाद दाधीच, नाथद्वारा एवं श्रीनाथजी थाना पुलिस, साइबर टीम के अधिकारियों और जवानों की खास भूमिका रही।
पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. जगन्नाथ मिश्रा की 89वीं जयंती के अवसर पर मुजफ्फरपुर शहर के एलेन मिश्रा कॉलेज ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट में बुधवार को “ ट्रांसफॉर्मिंग बिहार थ्रू AI: ड्राइविंग सस्टेनेबल डेवलपमेंट एंड इनोवेशन” विषय पर विशेष सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नीतीश मिश्रा ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को बिहार के विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। सेमिनार का उद्घाटन करते हुए मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आज दुनिया की सबसे चर्चित और प्रभावशाली तकनीकों में से एक है। यह केवल सरकारी कार्यप्रणाली तक सीमित नहीं है, बल्कि आम लोगों के जीवन में भी तेजी से प्रवेश कर चुकी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और प्रशासनिक क्षेत्रों में एआई के प्रभावी उपयोग से बिहार को नई दिशा और नई गति मिल सकती है। बिहार सरकार ला रही AI पॉलिसी नीतीश मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बिहार सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बढ़ावा देने के लिए एक व्यापक एआई पॉलिसी तैयार कर रही है। सरकार की कोशिश है कि बिहार की पहचान केवल राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एआई, रिसर्च और इनोवेशन के क्षेत्र में स्थापित हो। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। आने वाले समय में पॉलिटेक्निक संस्थानों, सरकारी कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों के छात्रों को एआई आधारित प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वे आधुनिक तकनीक के अनुरूप खुद को तैयार कर सकें। टेक स्टार्टअप्स को मिलेगा बढ़ावा मंत्री ने कहा कि देश में स्टार्टअप इकोसिस्टम तेजी से विकसित हो रहा है और तकनीक आधारित स्टार्टअप्स इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। बिहार के युवाओं को भी टेक्नोलॉजी आधारित नवाचार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत है। सरकार ऐसे प्रयासों को प्रोत्साहित करने के लिए कई योजनाओं पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि एआई के क्षेत्र में स्किल डेवलपमेंट और नवाचार को बढ़ावा देकर बिहार के युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं। विशेषज्ञों ने बताई AI की संभावनाएं कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में वित्ती रिसर्च फाउंडेशन, नवी मुंबई के संस्थापक निदेशक और अध्यक्ष कुन्दन के लाल ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की संभावनाओं, चुनौतियों और इसके सामाजिक-आर्थिक प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि एआई आने वाले वर्षों में विकास की दिशा और गति दोनों को बदलने की क्षमता रखता है। डॉ. जगन्नाथ मिश्रा को दी श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. जगन्नाथ मिश्रा के योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा और विकास के क्षेत्र में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षक, छात्र-छात्राएं, शिक्षाविद् और बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सेमिनार में बिहार के सतत विकास, तकनीकी नवाचार और युवाओं की भूमिका पर सार्थक चर्चा हुई।
स्थानीय पुलिस केंद्र, सीवान के परेड मैदान में बुधवार को भोजपुर जिला बल के 255 प्रशिक्षु सिपाहियों का दीक्षांत पारण परेड समारोह पूरे अनुशासन, गरिमा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। महीनों तक चले कठिन शारीरिक, मानसिक एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद नवप्रशिक्षित जवानों ने शानदार कदमताल, आकर्षक परेड और अनुशासित प्रदर्शन से उपस्थित अधिकारियों, अभिभावकों तथा अतिथियों का मन मोह लिया। देखें, मौके से आई तस्वीरें… अधिकारियों ने परेड का निरीक्षण किया समारोह के मुख्य अतिथि सारण क्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक नीलेश कुमार रहे। उनके साथ जिला पदाधिकारी विवेक रंजन मैत्रये तथा पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा भी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने खुली जीप में सवार होकर परेड की विभिन्न टुकड़ियों का निरीक्षण किया और प्रशिक्षुओं की तैयारी, अनुशासन तथा कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की। इसके बाद जवानों ने सलामी देकर राष्ट्रसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की। निष्पक्ष-सम्मानजनक व्यवहार रखने का आह्वान अपने संबोधन में एसपी पूरन कुमार झा ने कहा कि पुलिस केवल कानून लागू करने वाली संस्था नहीं, बल्कि समाज में न्याय, सुरक्षा और विश्वास की सबसे मजबूत कड़ी है। उन्होंने नवप्रशिक्षित सिपाहियों से आम जनता के प्रति संवेदनशील, निष्पक्ष और सम्मानजनक व्यवहार रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्दी का सम्मान तभी कायम रहेगा जब पुलिसकर्मी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ करेंगे। पुलिस की वर्दी समाज के प्रति जिम्मेदारी मुख्य अतिथि डीआईजी नीलेश कुमार ने सभी प्रशिक्षुओं को राष्ट्रहित, कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी को सर्वोपरि रखते हुए सेवा करने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि पुलिस की वर्दी केवल अधिकार का प्रतीक नहीं, बल्कि जनता के विश्वास और समाज के प्रति जिम्मेदारी का भी प्रतीक है। उन्होंने जवानों से संविधान और कानून की मर्यादा के भीतर रहकर सत्य, न्याय और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का आह्वान किया। समारोह के दौरान प्रशिक्षण अवधि में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को सम्मानित भी किया गया। पुरस्कार प्राप्त करने वाले जवानों के चेहरे पर सफलता की चमक साफ दिखाई दे रही थी। वहीं बड़ी संख्या में पहुंचे अभिभावकों ने अपने बेटों को वर्दी में देखकर गर्व महसूस किया। पूरे पुलिस लाइन परिसर में उत्साह, गौरव और राष्ट्रभक्ति का माहौल देखने को मिला। गूंजते कदमों की थाप और देशभक्ति के नारों के बीच संपन्न यह भव्य पासिंग आउट परेड न केवल 255 युवाओं के कठिन प्रशिक्षण की सफल पूर्णता का प्रतीक बनी, बल्कि बिहार पुलिस को नई ऊर्जा, नई जिम्मेदारी और नए जोश से लैस जवानों की एक सशक्त टोली भी सौंप गई।
बिहार में प्रशासनिक सुधार और कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के इरादे से सूबे की सम्राट सरकार ने एक बहुत बड़ी और कड़क कार्रवाई की है। सरकार ने पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल करते हुए भोजपुर जिले के अंतर्गत आने वाले महत्वपूर्ण अनुमंडल जगदीशपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) राजेश शर्मा को उनके पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। सरकार के गृह विभाग द्वारा जारी इस औचक फैसले ने पुलिस बेड़े में हड़कंप मचा दिया है। राजेश शर्मा को हटाए जाने के साथ ही सरकार ने बिना कोई वक्त गंवाए तेजतर्रार और कड़क छवि के पुलिस अधिकारी पंकज मिश्रा को जगदीशपुर एसडीपीओ (Jagdishpur SDPO New Update) के पद पर तैनात कर दिया है। सरकार की इस बड़ी और त्वरित कार्रवाई को राज्य में अपराध नियंत्रण और स्थानीय पुलिसिंग को अधिक पारदर्शी बनाने के एक बड़े प्रशासनिक मास्टरस्ट्रोक के रूप में देखा जा रहा है।जगदीशपुर एसडीपीओ राजेश शर्मा पर अचानक क्यों गिरी गाज? जानिए इसके पीछे की वजह प्रशासनिक सूत्रों से मिल रही इनसाइड जानकारी के अनुसार, जगदीशपुर अनुमंडल में पिछले कुछ समय से स्थानीय स्तर पर कानून व्यवस्था को लेकर शिकायतें मिल रही थीं। सम्राट सरकार के उच्च अधिकारियों द्वारा किए गए आंतरिक मूल्यांकन और रीयल-टाइम परफॉर्मेंस ऑडिट में पाया गया कि क्षेत्र में अपराध नियंत्रण और जन-शिकायतों के निपटारे की रफ्तार संतोषजनक नहीं थी। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार के शीर्ष नेतृत्व ने कड़ा रुख अपनाया और राजेश शर्मा को पद से मुक्त करने का फैसला किया। इस कड़े कदम के जरिए सरकार ने राज्य के अन्य प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को भी एक बेहद साफ और कड़ा संदेश दे दिया है कि काम में किसी भी तरह की ढिलाई या लापरवाही को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।पंकज मिश्रा को सौंपी गई जगदीशपुर की कमान, अपराधियों पर नकेल कसना होगी मुख्य चुनौती जगदीशपुर के नए एसडीपीओ के रूप में कमान संभालने जा रहे पंकज मिश्रा को पुलिसिंग का एक लंबा और बेहतरीन अनुभव रहा है। उनकी गिनती राज्य के उन अधिकारियों में होती है जो अपराधियों के खिलाफ बेहद सख्त और जीरो-टॉलरेंस की नीति के लिए जाने जाते हैं। पदभार संभालते ही पंकज मिश्रा के सामने जगदीशपुर अनुमंडल में स्थानीय गैंग्स, अवैध बालू खनन और जमीन विवादों से जुड़े अपराधों पर पूरी तरह से नकेल कसने की एक बहुत बड़ी और गंभीर चुनौती होगी। इसके साथ ही आम जनता के बीच पुलिस के प्रति विश्वास को और ज्यादा मजबूत करना उनकी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर रहने वाला है।भोजपुर, आरा और जगदीशपुर के स्थानीय इलाकों में बढ़ी भारी प्रशासनिक सुगबुगाहट इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल की खबर सार्वजनिक होते ही भोजपुर जिले के मुख्यालय आरा के साथ-साथ जगदीशपुर, पीरो, शाहपुर और आसपास के तमाम प्रमुख भौगोलिक व रणनीतिक क्षेत्रों (Geographical Local Areas) में भारी सुगबुगाहट शुरू हो गई है। स्थानीय बाजारों, चौपालों और राजनीतिक दफ्तरों में अब नए एसडीपीओ पंकज मिश्रा की कार्यशैली और आगामी रणनीतियों को लेकर चर्चाओं का दौर बेहद गर्म है। स्थानीय नागरिक और व्यापारी वर्ग इस नई तैनाती का स्वागत कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें उम्मीद है कि एक कड़क अधिकारी के आने से क्षेत्र में अमन-चैन का माहौल और ज्यादा बेहतर होगा। इस स्थानीय ऑप्टिमाइजेशन ने जिले के समूचे पुलिस तंत्र को भी पूरी तरह से अलर्ट मोड पर ला दिया है।डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और आधुनिक एआई सर्च इंजनों पर टॉप ट्रेंड बना बिहार का यह पुलिस फेरबदल आज के इस आधुनिक जनरेटिव एआई (Generative Engine Optimization) और डिजिटल युग में, बिहार की राजनीति और प्रशासनिक बदलावों से जुड़ी खबरें इंटरनेट पर बहुत तेजी से वायरल और सर्च की जाती हैं। जैसे ही सम्राट सरकार के इस बड़े फैसले की आधिकारिक अधिसूचना जारी हुई, वैसे ही गूगल और बिंग जैसे आधुनिक सर्च इंजनों पर लोग लगातार 'बिहार पुलिस ट्रांसफर लिस्ट ताजा समाचार', 'जगदीशपुर नए एसडीपीओ पंकज मिश्रा', और 'सम्राट सरकार प्रशासनिक कार्रवाई बिहार' जैसे विषयों पर रीयल-टाइम सर्च कर रहे हैं। एआई-संचालित सर्च रिजल्ट्स और गूगल डिस्कवर फीड्स पर यह प्रशासनिक ब्रेकिंग न्यूज़ इस समय बिहार और उत्तर भारत की सबसे बड़ी ट्रेंडिंग स्टोरीज में शामिल होकर लगातार टॉप पर बनी हुई है।
बिहार के लोग लद्दाख की खूबसूरत वादियों के बीच आराम से घूम सकते हैं। इसके लिए बिहार सरकार पैसे देगी। बीते दिन कैबिनेट बैठक में 'सिंधु दर्शन तीर्थयात्रा वित्तीय सहायता योजना 2026' को मंजूरी दी गई। इसके तहत बिहार के मूल निवासी यात्रियों को सिंधु दर्शन के लिए 20 हज़ार तक रुपये दिए जाएंगे। हर साल अधिकतम 100 तीर्थयात्रियों को ही इस योजना के तहत अनुदान दिया जाएगा, यानी अधिकतम 20 लाख रूपये प्रत्येक वित्तीय वर्ष खर्च किया जाएगा। लद्दाख की यात्रा काफी खर्चीली मानी जाती है। ऐसे में कई लोग आर्थिक कारणों से सिंधु दर्शन नहीं कर पाते हैं। इसलिए यह फैसला लिया गया है। अब जानिए किसे देना होगा आवेदन, कब मिलेंगे पैसे। इस योजना का लाभ लेने के लिए क्या करना होगा इस योजना का लाभ लेने के लिए पर्यटकों को एक आवेदन पत्र पर्यटन निदेशालय के आवेदन निदेशक को जमा करना होगा। इस आवेदन में सारी जानकारियां और डॉक्युमेंट्स होने चाहिए। आधार, पैन, स्थायी निवास प्रमाण-पत्र और यात्रा खर्च के संबंध में अंडरटेकिंग की कॉपी भी जमा करना होगा। 'पहले आओ पहले पाओ' के आधार पर ही 100 तीर्थ यात्रियों का चयन कर अनुदान दिया जाएगा। यात्रा खत्म होने के बाद मिलेंगे पैसे इस योजना के तहत बिहार के मूल निवासी लद्दाख जाकर सिंधु नदी की यात्रा करने के बाद सरकार से वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकेंगे। इस अनुदान का लाभ तीर्थयात्रा पूरा करने के बाद मिलेगा। आवेदकों को इस संबंध में यात्रा पूरा करने संबंधित प्रमाण या यात्रा खर्च से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा। सरकार यात्रा पर हुए खर्च का 50 प्रतिशत या अधिकतम 20 हजार रुपये प्रति व्यक्ति तक सहायता राशि देगी। दोनों में जो राशि कम होगी, वही सहायता के रूप में दी जाएगी। अनुदान की राशि सीधे तीर्थ यात्रियों के खाते में DBT के माध्यम से ट्रांसफर की जायेगी। गंगा और सिंधु नदियां भारत की सांस्कृतिक एकता का प्रतीक पर्यटन विभाग के अनुसार, बिहार भारतीय सभ्यता के प्रमुख केन्द्रों में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। गंगा नदी इस सभ्यता का एक महत्वपूर्ण अंग है। गंगा और सिंधु दोनों नदियां भारत की सांस्कृतिक एकता की प्रतीक हैं। इस आधार पर राज्य के निवासियों की धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक भावनाओं के दृष्टिगत सिंधु-दर्शन तीर्थयात्रा का बहुत महत्व है। बिहार के स्थायी निवासियों को लद्दाख स्थित सिंधु नदी के दर्शन और भारतीय सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने के उद्देश्य से इस सिंधु दर्शन तीर्थ यात्रा योजना को शुरु की जा रही है।
मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपी-पीएससी) की परीक्षाओं में फर्जी अभ्यर्थियों को रोकने के लिए जिस एजेंसी को बायोमेट्रिक सत्यापन व थ्री-लेयर सिक्योरिटी का जिम्मा दिया गया है, वह सवालों के घेरे में है। इनोवेटिव व्यू कंपनी यूपी, तमिलनाडु और झारखंड में ब्लैकलिस्ट हो चुकी है। हाल ही में बिहार में री-नीट परीक्षा के दौरान पकड़े गए सॉल्वर गैंग मामले में भी बायोमेट्रिक सत्यापन से जुड़े कर्मचारियों की भूमिका सामने आने के बाद कंपनी पर नए सवाल खड़े हो गए हैं। दरअसल, 21 जून को हुई री-नीट के दौरान बिहार के लखीसराय में एक अंतरराज्यीय सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़ हुआ था। जांच में बायोमेट्रिक सत्यापन से जुड़े कर्मचारियों की भूमिका भी सामने आई। री-नीट में बायोमेट्रिक सत्यापन का ठेका ईडीसीआईएल के पास था, जिसने यह काम इनोवेटिव व्यू कंपनी को सौंपा था। इधर, पीएससी प्रशासन का कहना है कि एजेंसी का चयन पूरी प्रक्रिया का पालन करते हुए किया गया है। कोई नई जानकारी सामने आती है तो जरूरी कदम उठाए जाएंगे। 14 परीक्षाएं सामने, अगले 4 साल तक परीक्षा सुरक्षा इसी एजेंसी के जिम्मे Q. थ्री-लेयर सिक्योरिटी क्या है?- एमपीपीएससी ने इस साल से नई सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। इसमें अभ्यर्थी की पहचान तीन स्तरों पर सत्यापित की जाती है। प्रवेश पत्र पर मौजूद क्यूआर कोड को बायोमेट्रिक सिस्टम से जोड़ा गया है। परीक्षा केंद्र पर फिंगरप्रिंट और आइरिस स्कैनिंग के जरिए यह सुनिश्चित किया जाता है कि परीक्षा वही व्यक्ति दे रहा है, जिसने आवेदन किया है। Q. इसमें सुरक्षा एजेंसी क्या करती है?- एजेंसी ही परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक सत्यापन, फिंगरप्रिंट मिलान, आइरिस स्कैनिंग और अभ्यर्थियों की पहचान से जुड़ी व्यवस्था संचालित करती है। Q. यह मामला महत्वपूर्ण क्यों है?- एमपीपीएससी ने 26 अप्रैल को हुई राज्य सेवा एवं वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 से इसी व्यवस्था को लागू किया है। 156 पदों के लिए हुई इस परीक्षा में एक लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। यही एजेंसी चार वर्षों तक आयोग की परीक्षाएं देखेगी। Q. आगे की परीक्षाओं पर कितना असर?- 12 जुलाई, 2 अगस्त और 30 अगस्त को सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा व अक्टूबर में एडीपीओ सहित कुल 14 बड़ी परीक्षाएं इसी साल हैं। एमपीपीएससी हर वर्ष औसतन 25 परीक्षाएं आयोजित करता है।
देश के मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली में प्री-मानसून बारिश हो रही है। मध्य प्रदेश के 17 जिलों में मंगलवार को प्री-मानसून बारिश हो रही है। बिहार में बिजली गिरने से 3 लोगों की मौत हो गई। राजस्थान में 1 से 21 जून तक राज्य में सामान्य से 41 प्रतिशत ज्यादा बारिश हो चुकी है। इस दौरान सामान्य बारिश 28MM होती है, जबकि इस सीजन में अब तक 39.3MM औसत बारिश हो चुकी है। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में मंगलवार दोपहर को धूल भरी आंधी चली। इससे कुछ देर के लिए दिन में ही अंधेरा छा गया। यूपी के 6 शहरों में 60kmph की रफ्तार से धूर भरी आंधी चली। हालांकि पूर्वी यूपी में तेज धूप है और उमस हो रही है। मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण पश्चिम मानसून तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कुछ इलाकों में आगे बढ़ गया है। अगले 2-3 दिनों में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और गुजरात में पहुंच सकता है। मानसून 13 दिन की देरी के बाद मंगलवार को मुबंई पहुंच गया है। आमतौर पर मानसून 10 जून तक मुंबई पहुंच जाता है। मानसून के पहुंचते ही शहर के कई इलाकों में झमाझम बारिश हो रही है। पहले मैप में देखिए, कहां तक पहुंचा मानसून… देशभर से मौसम की तस्वीरें… 7 राज्यों में गर्मी का असर, पारा 40C पार मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, बिहार और गुजरात के कई शहरों में बुधवार को पारा 40C से ज्यादा रहा। देश में सबसे ज्यादा पारा उत्तर प्रदेश के बांदा में 43.3C दर्ज किया गया। वहीं बिहार के बौधगया में 40.8C, राजस्थान के बीकानेर, जैसलमेर और बाड़मेर में 40.8C, झारखंड के डाल्टनगंज में 41.2C, गुजरात के राजकोट में 40.5C और एमपी के खजुराहो 40.4C रहा। अगले 2 दिन के मौसम का हाल25 जून: 26 जून:
बिहार के प्रशासनिक और शैक्षणिक गलियारों से इस वक्त की एक बेहद बड़ी, सनसनीखेज और सुधारवादी खबर सामने आ रही है। राज्य की सरकारी शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से दुरुस्त करने और भ्रष्टाचार व लापरवाही के खिलाफ जीरो टॉलरेंस (Zero Tolerance) की नीति अपनाते हुए बिहार के शिक्षा मंत्री ने एक बहुत बड़ा और कड़क एक्शन लिया है। विभाग में लंबे समय से चल रही अनियमिताओं और कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही बरतने के गंभीर आरोपों में कुल छह बड़े शिक्षा अधिकारियों पर एक साथ गाज गिरी है। इस बड़ी कार्रवाई के तहत एक ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया गया है, जबकि अन्य दागी और लापरवाह अधिकारियों की सीधे नौकरी से बर्खास्तगी (Dismissal) के लिए सक्षम प्राधिकार को कड़ी सिफारिश भेज दी गई है। एक वरिष्ठ प्रशासनिक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो इस ऐतिहासिक कार्रवाई ने पूरे सूबे के शिक्षा महकमे में हड़कंप मचा दिया है और कामचोर कर्मचारियों के हौसले पूरी तरह पस्त हो गए हैं।औचक निरीक्षण में खुली पोल: गायब मिले साहब और फाइलों में मिली भारी गड़बड़ीइस पूरे हाई-प्रोफाइल प्रशासनिक एक्शन की इनसाइड स्टोरी को समझें तो शिक्षा मंत्री के निर्देश पर विभाग की उच्च स्तरीय टीमों ने राज्य के विभिन्न जिलों और प्रखंडों (ब्लॉक्स) के शिक्षा कार्यालयों और सरकारी स्कूलों का अचानक औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) किया था। इस विशेष चेकिंग अभियान के दौरान कई चौंकाने वाली हकीकतें सामने आईं। जांच टीम को पता चला कि कई अधिकारी बिना किसी पूर्व सूचना या आधिकारिक छुट्टी के अपने दफ्तरों से गायब थे, जिससे आम जनता और शिक्षकों के जरूरी काम हफ्तों से लटके पड़े थे। इसके अतिरिक्त, जब कार्यालयों के वित्तीय रिकॉर्ड, छात्रवृत्ति वितरण और मिड-डे मील से जुड़ी महत्वपूर्ण फाइलों को खंगाला गया, तो उनमें व्यापक स्तर पर वित्तीय अनियमितताएं और गंभीर कमियां पाई गईं। इसी पुख्ता जांच रिपोर्ट के आधार पर शिक्षा मंत्री ने सीधे एक्शन की फाइल पर अपनी मुहर लगा दी।एक बीईओ तत्काल प्रभाव से निलंबित, बाकी अधिकारियों को नौकरी से हटाने की पुरजोर तैयारीशिक्षा विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के मुताबिक, कर्तव्य में लापरवाही बरतने, वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने और अपने कार्यक्षेत्र में लगातार अनुपस्थित रहने के ठोस सबूत मिलने पर संबंधित ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) को तुरंत सस्पेंड कर विभागीय मुख्यालय से अटैच कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनके खिलाफ विस्तृत विभागीय जांच (Departmental Inquiry) भी चलाई जाएगी। वहीं, अन्य पांच अधिकारियों का मामला इससे भी अधिक गंभीर पाया गया है। इन अधिकारियों पर सरकारी धन के दुरुपयोग, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और लंबे समय से बिना किसी वैध कारण के ड्यूटी से नदारद रहने (Long Absenteeism) के संगीन आरोप सिद्ध हुए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा मंत्री ने इन्हें सेवा से पूरी तरह बर्खास्त करने की अंतिम सिफारिश सामान्य प्रशासन विभाग और मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज दी है।बिहार की भौगोलिक और सुदूर ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था को सुधारने की बड़ी कवायदभौगोलिक और स्थानीय (Geographical Optimization) दृष्टिकोण से देखा जाए तो बिहार के सुदूर ग्रामीण इलाकों जैसे उत्तर बिहार और सीमांचल के जिलों में शिक्षा व्यवस्था की स्थिति हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है। प्रखंड स्तर के अधिकारियों (BEO) और जिला शिक्षा कार्यालयों की सुस्ती के कारण पटना मुख्यालय से जारी होने वाली जनकल्याणकारी योजनाएं धरातल पर सही समय से नहीं पहुंच पाती हैं। शिक्षा मंत्री की इस कड़क कार्रवाई का सीधा असर ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों पर पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर इस कड़े संदेश से यह साफ हो गया है कि अब पटना से दूर बैठे अधिकारी भी अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। राज्य सरकार ने सभी जिलाधिकारियों (DM) को भी निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में शिक्षा विभाग के कार्यों की नियमित समीक्षा करें और गड़बड़ी मिलने पर तुरंत रिपोर्ट भेजें।आधुनिक एआई सर्च और प्रशासनिक पारदर्शिता के लिहाज से क्यों महत्वपूर्ण है यह कदमआधुनिक जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI सर्च) और डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स के लिहाज से 'Bihar Education Department Action' इस वक्त इंटरनेट पर तेजी से सर्च किया जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार राज्य में सुशासन और प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर लगातार कड़े कदम उठा रही है। शिक्षा मंत्री के इस हालिया फैसले को राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के स्तर को सुधारने और शिक्षकों व अधिकारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के एक बड़े अभियान के रूप में देखा जा रहा है। शिक्षाविदों और आम जनता ने सरकार के इस साहसिक कदम का स्वागत किया है। अब देखना यह होगा कि इस कड़े हंटर के बाद बिहार की चरमराई शिक्षा व्यवस्था की रफ्तार में कितना बड़ा और सकारात्मक बदलाव देखने को मिलता है।
बेगूसराय के चकिया थाना क्षेत्र में एक महिला के साथ हुए गैंगरेप को लेकर राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज है। घटना के विरोध में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जिला मुख्यालय में कैंडल मार्च निकाला। राजद जिलाध्यक्ष मोहित यादव के नेतृत्व में आयोजित इस मार्च में बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। कैंडल मार्च जिला मुख्यालय के कैंटीन चौक से शुरू हुआ। इसके बाद कार्यकर्ता सरकार विरोधी नारे लगाते हुए नवाब चौक, नगर निगम चौक, हड़ताली चौक, थाना चौक और कचहरी चौक से होते हुए कैंटीन चौक पहुंचे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बोले- बेगूसराय की घटना ने पूरे बिहार को शर्मसार किया प्रदर्शनकारियों ने बलात्कारियों को संरक्षण देने वाली सरकार इस्तीफा दो, गैंग रेप पीड़िता को न्याय दो, दुष्कर्मियों को फांसी दो जैसे नारे बुलंद किए। मौके पर जिलाध्यक्ष मोहित यादव ने कहा कि इस घटना ने बेगूसराय सहित पूरे बिहार को शर्मसार कर दिया। वर्तमान सरकार में बहू-बेटियों को सुरक्षित बचाना मुश्किल हो गया है। बिहार में इस समय अपराधियों का शासन चल रहा है। दुष्कर्म पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए राजद लगातार आंदोलन चलाएगा। स्पीडी ट्रायल कराकर दोषियों को फांसी की सजा देने तक राजद का प्रदर्शन रुकने वाला नहीं है। राजद नेता बोलीं- एनडीए सरकार में महिलाएं असुरक्षित राजद नेत्री रानी राउत ने कहा कि वर्तमान सरकार में महिलाएं बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस राज्य के मुख्यमंत्री स्वयं कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल हों, वहां महिलाओं का सुरक्षित रहना असंभव है। सरस्वती देवी ने कहा कि बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ का नारा पूरी तरह से झूठा साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान के लिए पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने हमेशा लड़ाई लड़ी है। उन्हीं के आह्वान पर सभी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे हैं। महिलाओं के सम्मान की यह लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। कैंडल मार्च में किसान सेल के जिलाध्यक्ष त्रिभुवन कुमार पिंटू, प्रखंड अध्यक्ष कैलाश यादव एवं प्रखंड अध्यक्ष सहजानंद यादव सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।
प्रतापगढ़ में लालगंज के युवा इंजीनियर अभिनव मिश्रा ने बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की परीक्षा में सफलता हासिल कर डीएसपी पद पर चयन प्राप्त किया है। आयोग द्वारा जारी परिणाम में उन्हें 17वीं रैंक मिली है। सोमवार को घर पहुंचने पर अभिनव का स्वागत किया गया। पिता प्रधानाध्यापक, मां भी शिक्षा विभाग से जुड़ीं अभिनव मिश्रा लालगंज नगर पंचायत में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के सामने रहते हैं। उनके पिता सुधीर कुमार मिश्रा बेसिक शिक्षा विभाग में प्रधानाध्यापक हैं, जबकि माता कविता मिश्रा शिक्षा से जुड़े कार्यों का प्रबंधन करती हैं। यह परिवार मूल रूप से लक्ष्मणपुर ब्लॉक के चंदापुर गांव का निवासी है। अभिनव ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा लालगंज से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने कानपुर के सीएम इंटर कॉलेज, काकादेव से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। उन्होंने एमएनआईटी इलाहाबाद से बीटेक की डिग्री हासिल की। इंजीनियरिंग के बाद अभिनव ने सिविल सेवा की तैयारी शुरू की और निरंतर प्रयास से यह मुकाम पाया। परिवार सहित गांव के लोगों ने दी बधाई अभिनव की इस उपलब्धि पर परिवार के साथ-साथ क्षेत्र के गणमान्य लोगों और मित्रों ने भी उन्हें शुभकामनाएं दीं। उनके चयन से लालगंज और प्रतापगढ़ का गौरव बढ़ा है। यह सफलता प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है। अभिनव ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के आशीर्वाद, समयबद्ध अध्ययन और निरंतर परिश्रम को दिया। उन्होंने कहा कि कोई भी लक्ष्य कठिन हो सकता है, लेकिन असंभव नहीं। नियमित पढ़ाई और धैर्य के साथ किया गया प्रयास सफलता तक जरूर पहुंचाता है। अभिनव की सफलता पर परिवार के साथ-साथ क्षेत्र के लोगों ने भी खुशी जाहिर की। इस अवसर पर उनके चाचा अवनींद्र कुमार मिश्रा, ज्ञानेंद्र कुमार मिश्रा, जितेंद्र कुमार मिश्रा, चाची नीलम मिश्रा, संगीता मिश्रा, बड़े भाई इंजीनियर संदीप कुमार मिश्रा, भाभी डॉ. प्रतिमा मिश्रा, बहन डॉ. प्रिया मिश्रा, तनीषी मिश्रा, शुभम मिश्रा, सौरभ मिश्रा, डॉ. जातिन मिश्रा, ज्योति मिश्रा, शालिनी मिश्रा, मुकुंद मिश्रा एवं अर्चना शुक्ला उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त शुभकामनाएं देने वालों में अजीत शुक्ला, अभिषेक पांडेय, पंकज मिश्रा एडवोकेट, सोमनाथ मिश्रा एडवोकेट, अंजनी कुमार मिश्रा एडवोकेट, सुधाकर शुक्ला, चंद्र प्रकाश मिश्रा, राजकुमार सिंह, राजेश मिश्रा, सूर्य प्रकाश मिश्रा, अभिषेक शुक्ला, अभिषेक सिंह, मनोज तिवारी सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, शुभचिंतक एवं मित्रगण मौजूद रहे।
जयपुर में रोड किनारे पड़ा मिला शव:25 फीट की ऊंचाई से गिरने से मौत की आशंका, बिहार का रहने वाला था
जयपुर में सोमवार सुबह एक व्यक्ति का शव मिलने से सनसनी फैल गई। 25 फीट ऊंची दीवार के पास सड़क किनारे उसका शव पड़ा मिला। जयसिंहपुरा खोर थाना पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के लिए शव को एसएमएस (SMS) हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया है। पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि करीब 25 फीट की ऊंचाई से नीचे गिरने के कारण उसकी मौत हुई है। थानाधिकारी (SHO) मुकेश कुमार ने बताया कि मृतक की पहचान बिहार के वैशाली निवासी अरविंद कुमार ठाकुर (45) के रूप में हुई है। वह ब्रह्मपुरी इलाके में रहकर मजदूरी करता था और नशा करने का आदी था। रविवार को वह मजदूरी करने गया था, जिसके बाद वापस घर नहीं लौटा। सोमवार सुबह करीब 7 बजे मानबाग चौराहा स्थित सुंदर नर्सरी के पास सड़क किनारे उसका शव मिला। एक राहगीर से सूचना मिलने पर जयसिंहपुरा खोर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मौका-मुआयना कर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। पुलिस का अनुमान है कि मानबाग चौराहे से ऊपर चढ़ते समय रात के अंधेरे में अरविंद को रास्ता नजर नहीं आया और वह 25 फीट ऊंची दीवार से नीचे गिर गया। नीचे पड़े पत्थरों पर गिरने से आई गंभीर चोटों के कारण उसकी मौत हो गई।
बिहार में इस साल मानसून सामान्य से 4 दिन पहले आया। मानसून के बादलों ने 15 जून की जगह 11 जून को ही दस्तक दे दी, लेकिन इसके बाद 10 दिन से यह ठहरा हुआ है। कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, गया, अरवल, भोजपुर, बक्सर, सारण, सीवान, गोपालगंज और पटना, नालंदा, जहानाबाद, नवादा और जमुई में एंट्री नहीं हुई है। कई जगह पारा 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। मौसम विज्ञान केन्द्र पटना के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आनंद शंकर ने बताया है कि 25 जून से बिहार में झमाझम बारिश होने की उम्मीद है। सैटेलाइट से ली गई तस्वीरों में दिखा है कि बादल घिरने लगे हैं। 23 जून के आसपास मानसून बिहार में आगे बढ़ सकता है। बिहार में मानसून की बारिश कब शुरू होगी? क्यों मानसून अटका हुआ है? हीटवेव से सेहत पर क्या असर पड़ रहा है? पढ़िए रिपोर्ट…। क्यों 10 दिन से अटका है मानसून? मौसम वैज्ञानिक आनंद शंकर ने कहा कि बिहार में मानसून समय पर आ गया, लेकिन पूरे राज्य को कवर नहीं कर पाया। उन्होंने कहा, ‘मानसून का प्रभाव आइसोट्रोपिक (सभी दिशाओं में एक समान) नहीं रहता। वह रेगुलर तरीके से नहीं बढ़ता है। मानसून के आगे बढ़ने या नहीं बढ़ने के पीछे कई कारण होते हैं। आनंद शंकर ने कहा, ‘मेडागास्कर के पास बना हाई प्रेशर मानसून को प्रभावित कर रहा है। तिब्बतियन एंटी साइक्लोन की पोजीशन और उष्णकटिबंधीय पूर्वी जेट स्ट्रीम जैसी बातें भी असर डाल रही हैं।’ ‘थार रेगिस्तान में बनने वाली हीट और मानसून टर्फ भी जिम्मेदार है। ये सारे कंडीशन फेवरेबल नहीं बन रहे हैं। इसके चलते मानसून का जैसा प्रभाव बिहार में दिखना चाहिए नहीं दिख रहा।’ अब इन वेदर सिस्टम को जानिए मेडागास्कर हाई प्रेशर: मेडागास्कर हिंद महासागर में अफ्रीका के पूर्वी तट के पास स्थित विशाल द्वीपीय देश है। यहां बनने वाला हाई प्रेशर एक प्रमुख एंटी साइक्लोनिक वेदर सिस्टम है। यह दक्षिणी हिंद महासागर में मेडागास्कर द्वीप के ऊपर या उसके आसपास स्थित होती है। इसके कारण हिंद महासागर में उच्च वायुदाब बनता है। ये हवाएं भूमध्य रेखा को पार करके दक्षिण-पश्चिम मानसून के रूप में भारत की ओर मुड़ती हैं और भारत में बारिश लाती हैं। तिब्बतियन एंटी साइक्लोन: यह गर्म और उच्च वायुदाब प्रणाली है। गर्मियों के महीनों में तिब्बती पठार तेजी से गर्म हो जाता है। इससे पठार के ऊपर की हवा गर्म होकर ऊपर उठती है और ऊपरी क्षोभमंडल में फैल जाती है। इसके चलते हवा का भारी दबाव बनता है। तिब्बती एंटीसाइक्लोन के कारण उष्णकटिबंधीय पूर्वी जेट स्ट्रीम पैदा होती है। यह जेट स्ट्रीम भारतीय उपमहाद्वीप के निचले वायुमंडल में हवाओं को तेजी से खींचने में मदद करती है। इससे दक्षिण-पश्चिम मानसून भारत की ओर आकर्षित और मजबूत होता है। थार रेगिस्तान में हीट टर्फ: राजस्थान के थार रेगिस्तान में गर्मी के दिनों में यह स्थिति बनती है। इसमें रेत बहुत अधिक गर्म होकर पास की हवा को गर्म करती है। गर्म हवा ऊपर उठती है और बहुत अधिक कम दबाव वाला क्षेत्र बनाती है। यह टर्फ भारतीय मानसून की हवाओं को अपनी ओर खींचने और उन्हें भारत की ओर मोड़ने में मदद करती है। बिहार में कब होगी बारिश? डॉ. आनंद शंकर ने कहा, ‘अभी बारिश की स्थिति की बात करें तो नॉर्थ बिहार और ईस्ट बिहार के जिलों में एक दिन छोड़ एक दिन बारिश हो रही है।’ ‘साउथ बिहार के जिलों में बारिश रुक गई है। मानसून की प्रोग्रेस थमने के चलते कैमूर, रोहतास, बक्सर जैसे जिलों में हीट वेव की स्थिति अधिक देखने को मिल रही है।’ आनंद कहते हैं, ‘25, 26 और 27 जून को दक्षिण बिहार में अच्छी बारिश हो सकती है। थंडर की स्थिति दिख सकती है। लोगों को दो से तीन दिनों में गर्मी से थोड़ी राहत मिल जाएगी, पांच से छह दिन में पूरे बिहार में टेंपरेचर अधिक डाउन होगा।’ उन्होंने कहा, ‘अभी मानसून की लाइन मधुबनी, मुंगेर के आसपास से पास कर रही है। ईस्ट बिहार कवर कर रही है।’ मुंबई में हुई बारिश, बढ़ रहा बादलों का दायरा रविवार को मुंबई में सीजन की पहली अच्छी बारिश हुई। इस महीने की शुरुआत में मानसून दक्षिण कोंकण तक पहुंच गया था, लेकिन 8 जून से सोलापुर के पास रुका था। IMD ने कहा है कि 23 जून के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून के महाराष्ट्र और इससे आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, 23 जून के आसपास मानसून महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ सकता है। 21 से 26 जून के बीच मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में बारिश हो सकती है। सैटेलाइट तस्वीरों में भी अब बादलों का दायरा बढ़ता दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में मानसून को आगे बढ़ाने वाले सिस्टम एक्टिव हो गए हैं। अल नीनो फैक्टर से भी कम होगी बारिश मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अल नीनो के चलते इस साल मानसून की बारिश कम होने वाली है। बिहार में मानसून की सामान्य बारिश 991.7 mm है। इस बार इससे कम वर्षा होने की संभावना है। अल नीनो मौसम संबंधी ग्लोबल कंडीशन है। इसमें प्रशांत महासागर का पानी गर्म हो जाता है। इसके चलते हवाओं की दिशा प्रभावित होती है। यह दुनिया भर के मौसम, बारिश और तापमान के पैटर्न में बदलाव लाता है। अल नीनो के ये कंडिशन मानसून के लिए फेवरेबल नहीं हैं। क्यों आता है अल नीनो? प्रशांत महासागर के भूमध्यरेखीय क्षेत्र में जब समुद्री हवाएं कमजोर पड़ती हैं तो दक्षिण अमेरिकी तट का पानी असामान्य रूप से गर्म होने लगता है। इसके चलते अल नीनो नाम का वेदर पैटर्न बनता है। यह वैश्विक हवाओं और बादलों के पैटर्न को बदल देता है। अल-नीनो एक्टिव होने पर प्रशांत महासागर से भारत की तरफ आने वाली मानसूनी हवाओं को रोक देगा। इससे बारिश पर असर पड़ेगा। शुरुआती 15 दिन में मानसून कितना कमजोर रहा?IMD ने 4 जून को मानसूनी हवाओं के केरल तट पर टकराने की घोषणा की। शुरुआती मानसून के चलते 1 से 17 जून तक देश में औसत से 38% कम बारिश हुई। यानी सामान्य 80.6 मिमी बारिश के मुकाबले 48.5 मिमी बारिश हुई। मानसून की बारिश कम हुई तो धान की फसल होगी खराब बिहार में धान की फसल मानसून की बारिश पर निर्भर है। बारिश कम हुई तो धान की फसल खराब होगी। इसका सीधा असर किसानों पर दिखेगा। मानसून की कम बारिश से सर्दी के मौसम के फसल भी प्रभावित होते हैं। बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर के मुख्य वैज्ञानिक डॉ एमडी ओझा ने बताया कि देर से बारिश होने पर धान की खेती सबसे अधिक प्रभावित होगी। धान की नर्सरी देर से तैयार होगी। इससे रोपनी में 10–20 दिन या उससे अधिक की देरी हो सकती है। हीटवेव के चलते गाढ़ा हो रहा खून, बढ़ गए ब्रेन स्ट्रोक के मरीज मानसून की बारिश में देरी और भीषण गर्म के चलते बिहार के कई जिलों में हीटवेव की स्थिति है। इसका असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। भास्कर ने पटना के सीनियर फिजिशियन डॉ. दिवाकर तेजस्वी से बात की। उन्होंने कहा, ‘हीट स्ट्रोक की वजह से लोगों को पसीना बहुत निकल रहा है। खून गाढ़ा हो जा रहा है। इससे ब्रेन स्ट्रोक और कार्डियक अरेस्ट के पेशेंट अधिक आ रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘खाना जल्द खराब हो रहा है। अनजाने में ऐसे भोजन खाने से डायरिया, डिसेंट्री, उल्टी हो रही है। लोगों के शरीर में नमक की कमी होने से चक्कर आ रहे हैं। हाथ पैर में खिंचाव हो रहा है। सिर दर्द की शिकायत हो रही है और फंगल इंफेक्शन हो रहा है जिसमें नोचनी, खुजली, दाद बीमारियां हो रही हैं।
राजगीर में चोरी के शक में मॉब लिंचिंग के शिकार हुए दो दलित युवकों पिंटू और श्रवण के परिजनों से आज पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने मुलाकात की। दीपनगर थाना क्षेत्र के गंजपर गांव पहुंचे पप्पू यादव ने पीड़ित परिवारों से मिलकर दुख साझा किया और राज्य की कानून व्यवस्था पर जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने इस दोहरे हत्याकांड को लेकर सरकार और प्रशासन को कटघरे में खड़ा करते हुए सवाल किया कि क्या बिहार में दलित, पासवान या यादव होना कोई गुनाह है? 'जाति पूछकर की जा रही है हत्या' सांसद पप्पू यादव ने कहा कि आज भी गरीबों और दलितों को सही मायने में आजादी नहीं मिली है। राजगीर और नगर नौसा की घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में लोगों को उनकी जाति पूछकर मारा जा रहा है। उन्होंने आक्रोश जताते हुए कहा कि अगर भूख मिटाने के लिए किसी ने चोरी कर भी ली, तो क्या किसी को उसे पीट-पीटकर मार डालने का अधिकार मिल जाता है? दलित समाज अपना वोट भाजपा और जदयू को देता है, लेकिन बदले में उन्हें न्याय नहीं मिलता। भीड़ में 15 लोग शामिल थे, लेकिन पुलिस ने मात्र 4 लोगों को पकड़ा है। 'सिस्टम हो चुका है कोलैप्स, कोई सुनने वाला नहीं' कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि बिहार का सिस्टम पूरी तरह कोलैप्स (ध्वस्त) कर चुका है और हर तरफ गुंडाराज कायम है। आरा के भरत तिवारी एनकाउंटर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस मामले में पूरी बीजेपी मैदान में उतर गई है, लेकिन जब दलित, यादव या मुसलमानों के एनकाउंटर होते हैं, तो कोई कुछ नहीं बोलता। महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचारों पर भी उन्होंने पुलिस-प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। आर्थिक मदद और न्याय की लड़ाई का ऐलान सांसद ने अपनी ओर से दोनों मृतक युवकों के परिजनों को तत्काल 25-25 हजार रुपये की नकद आर्थिक सहायता दी। इसके साथ ही, उन्होंने एक मृतक की बच्ची की जीवन भर की पढ़ाई और उसकी शादी का पूरा खर्च उठाने का ऐलान किया। पप्पू यादव ने चेतावनी दी कि अगर पीड़ित परिवार को इंसाफ नहीं मिला, तो वे सड़क पर उतरकर जोरदार धरना-प्रदर्शन करेंगे और जरूरत पड़ने पर न्याय के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएंगे।
किशनगंज शहर के खगड़ा स्थित स्टेडियम में रविवार को 2025 बैच के प्रशिक्षु सिपाहियों का दीक्षांत समारोह सह पासिंग आउट परेड आयोजित किया जा रहा है। नौ माह के कठिन प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद कुल 206 प्रशिक्षु सिपाही अब बिहार पुलिस का हिस्सा बनेंगे। पासिंग आउट परेड के बाद सभी नवप्रशिक्षित जवानों को उनके नामित जिलों में तैनात किया जाएगा। वहां वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण और आम लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाएंगे। नौ माह के प्रशिक्षण के बाद मिलेगा पूर्ण पुलिस का दर्जा प्रशिक्षण पूरा करने वाले जवानों के लिए यह दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दीक्षांत समारोह के बाद उन्हें पूर्ण पुलिसकर्मी का दर्जा प्रदान किया जाएगा। पिछले नौ महीनों के दौरान प्रशिक्षु सिपाहियों को पुलिस सेवा से जुड़े विभिन्न विषयों की गहन जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में जिला पुलिस बल और बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस बल के प्रशिक्षकों ने जवानों को तैयार किया। पासिंग आउट परेड से जुड़ी तस्वीरें देखिए… खगड़ा स्टेडियम में तैयारियां पूरी दीक्षांत समारोह को लेकर जिला पुलिस प्रशासन की ओर से व्यापक तैयारियां की गई हैं। खगड़ा स्टेडियम को आकर्षक तरीके से सजाया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ अन्य सभी तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया है। सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ-1) खुसरू सिराज ने स्वयं स्टेडियम पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। वरिष्ठ अधिकारी होंगे शामिल दीक्षांत समारोह में पूर्णिया प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक, जिला पदाधिकारी विशाल राज, पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद रहेंगे। समारोह के दौरान प्रशिक्षु सिपाही अनुशासन, परेड और प्रशिक्षण के दौरान सीखे गए कौशल का प्रदर्शन करेंगे। कानून से लेकर हथियार संचालन तक दी गई ट्रेनिंग प्रशिक्षण के दौरान जवानों को पुलिस सेवा के हर पहलू की जानकारी दी गई। इसमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए), कंप्यूटर ज्ञान, सोशल मीडिया का उपयोग, यातायात प्रबंधन, हथियार संचालन और पुलिस नियमों की जानकारी शामिल रही। इसके अलावा ड्रिल, दौड़, फील्ड क्राफ्ट, बैटल क्राफ्ट, अग्निशमन, प्राथमिक उपचार, दंगा नियंत्रण, पीटी, परेड और ड्यूटी के दौरान अनुशासन व व्यवहार संबंधी प्रशिक्षण भी दिया गया। जिम्मेदारी संभालने को तैयार नए जवान पासिंग आउट परेड के बाद ये सभी जवान अपने-अपने तैनाती वाले जिलों में योगदान देंगे। पुलिस विभाग को नए प्रशिक्षित जवान मिलने से कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने में मदद मिलेगी। प्रशासन का कहना है कि आधुनिक प्रशिक्षण से लैस ये जवान जनता की सेवा और सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव आज बेगूसराय सदर अस्पताल पहुंचे। यहां उन्होंने गैंगरेप पीड़िता से मुलाकात की, पीड़िता और उसके परिजनों से घटनाक्रम की पूरी जानकारी ली। इसके बाद संबंधित डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और सिविल सर्जन से भी पूरी घटना के संबंध में जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए। पत्रकारों से बात करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि नेता गरीबों को कुत्ता समझते है। 5 किलो अनाज देकर गरीबों का रेप हो रहा है। पहले थानेदार को सस्पेंड क्यों नहीं किया गया। आरा में गलक तरीके से भरत तिवारी का एनकाउंटर हुआ। इसको लेकर हम बिहार बंद करेंगे। सांसद ने कहा है कि यह घटना निर्भया और मणिपुर सहित सभी घटनाओं से अधिक शर्मशार करने वाली है। देशभर के एक्टिविस्ट को इस बच्ची के लिए आना चाहिए। दिल्ली में बैठे बड़े-बड़े यूट्यूबर और मालिक हैं, यहां नहीं आने वाले ऐसे लोगों को चुल्लू भर पानी में डूब कर मर जाना चाहिए। देश से बहुत पहले खत्म हुई इंसानियत पप्पू यादव ने कहा कि देश तो बहुत पहले गुलाम हो चुका है। 1 साल के बाद देश में संविधान न बचेगा न मानवता बचेगा, ना अधिकार बचेगा और न ही विचार बचेगा। इंसानियत तो बहुत पहले ही इस देश के लिए खत्म हो चुकी है। मात्र एक प्रतिशत लोगों के लिए आजादी है। भारत के आजादी का मतलब बचा है सिर्फ सांस लेना। सांस लेना ही हमारी आजादी है। गरीब तो 100 साल पहले से मुर्दा है, 72 करोड़ लोगों के शरीर पर कपड़ा नहीं है। दलित, गरीब, ईबीसी, निषाद, पासवान, राम को कोई देखने वाला नहीं है। इसकी बात कोई नहीं करता है। राजगीर में मंदिर में चोरी के नाम पर पासवान के इकलौते बेटे को मार दिया गया, इस पर कोई नहीं बोलने वाला है। माफिया चलाते हैं थाना, गरीब को नहीं मिलता है न्याय कभी नहीं सुना है कि इस देश में गरीबों को न्याय मिला है। गरीबों को तो नेता कुत्ता की तरह समझते हैं, चार रोटी दे दो, कह दो कि तुम्हारी जिंदगी का मतलब सिर्फ चार रोटी है। तुमको हम 5 किलो अनाज दे रहे हैं, तुम बलात्कार करवाते रहो, यह क्रिमिनल का जन्मसिद्ध अधिकार है, नेताओं और माफियाओं का अधिकार है। 3 महीना पहले बेगूसराय की इस बेटी के साथ बलात्कार किया गया। पांच बार थाना में आवेदन दिया गया। थानेदार को गांजा, ड्रग्स, जमीन माफिया, बालू माफिया से फुर्सत ही नहीं है। यह लोग पैसा वसूली करते हैं। सभी लोग थाना में पैसा लेकर ऊपर तक पहुंचाते हैं, बिना पैसा दिए कोई नहीं आएगा। जमीन माफिया, बालू माफिया, ड्रग्स माफिया, दवाई माफिया मिल करके थाना चलाते हैं। पहले क्यों नहीं सस्पेंड किए गए थानेदार थाना में कभी न्याय नहीं मिलेगा, थाना में माफिया और दादा को न्याय मिलता है, गरीब को न्याय नहीं मिलता है। गरीब को उजाड़ दो, घर तोड़ दो, बेघर कर दो, फुटपाथ पर ला दो, जिंदगी छीन लो, कुत्ता-बिल्ली की तरह सांप की तरह रेंगते रहे, कोई बोलने वाला नहीं है, यही सिस्टम है। जिस थानेदार ने यह गलती की है, उसे पहले सस्पेंड क्यों नहीं किया गया। 3 महीने तक कार्रवाई नहीं की, उस समय क्यों नहीं सस्पेंड किया गया। दूसरी बार बलात्कार किया गया है। इस तरह की घटना कभी नहीं सुनी था कि बलात्कार करने के बाद लकड़ी और गोली डाल दे। अस्पताल आने के बाद एक दिन में छुट्टी मिल जाए। सरकारी अस्पताल में होती है सिर्फ डिलीवरी कोई मां-बाप नहीं है, अस्पताल का मतलब सिर्फ डिलीवरी रह गया है। 40 साल पहले कौन सी महिला अस्पताल जाती थी डिलीवरी के लिए। आज डिलीवरी के बाद क्यों तुरंत बच्चों को आईसीयू में डाल दिया जाता है, सिर्फ पैसा के लिए और कुछ नहीं है। 40 साल पहले गांव में ही पर प्रसव हो जाया करता था। बस डायलोना, क्रोसीन और पेरासिटामोल मिलता है। अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन नहीं मिलता है। तुरंत प्राइवेट डॉक्टर के यहां रेफर कर दो। हमारी यह बेटी कहती रही कि दर्द हो रहा है, लेकिन कहा गया कि बलात्कार हुआ है, थोड़ी देर में ठीक हो जाएगा। अपनी मां के पीड़ा से समझना चाहिए कि दर्द क्या होता है। क्या यह लोग मां की पीड़ा को भी याद नहीं करते हैं। मुर्दा हो चुका है समाज आखिर ऐसे मामले में बेगूसराय का खून क्यों नहीं खौला। मैं तो कहता हूं कि समाज मुर्दा हो चुका है। समाज 10 हजार ले लेता है। एमएलए-एमपी 100 करोड़ लेंगे, 10 करोड़ में राज्यसभा और एमएलसी के चुनाव में बिक जाता है, और पब्लिक बिक जाती है, सिर्फ 10 हजार में। इन नेताओं से अच्छा पब्लिक है बेचारा गरीब 10 हजार में ही बिक रहा है और कोई बोलने वाला नहीं है। बिहार बंद करेंगे, अभी जो एनकाउंटर हुआ है, उसमें सरकार से पूछना चाहता हूं कि 3 महीने के अंदर 350 सबसे अधिक बलात्कार की घटना हुई, कितने लोगों को जेल भेजा है। बलात्कार का मतलब जिंदा रहने का अधिकार नहीं है। स्पीडी ट्रायल नहीं हो रहा है। आरोपियों को मिले फांसी की सजा सरकार को चाहिए कि अविलंब इनको फांसी दे। इस परिवार को कम से कम 20 लाख रुपया मुआवजा मिले। हमारी बेटी यहां पेरासिटामोल और क्रोसिन के लिए भर्ती नहीं है। सिर्फ थानेदार को सस्पेंड कर देना उपलब्धि नहीं है। हमाम में सब नंगे हैं, हर डाल पर उल्लू बैठा है, तो अंजाम गुलिस्ता क्या होगा। ऊपर से नीचे तक के सब गंदे हैं। 3 दिन पहले एक एक्टिविस्ट लड़के को मार दिया गया, गलत तरीके से मारा। न वह गैंगस्टर था, न वह गैंग चलाता था, न उसकी कोई अपराधिक हिस्ट्री थी। पहले क्यों नहीं बोले मंत्री कल गए थे, घर की स्थिति अच्छी नहीं है। मंत्री लोग बोल रहे हैं, इससे पहले दलित, ईवीसी, माइनॉरिटी, यादव को गलत तरीके से मारा गया। तब एक भी मंत्री नहीं बोले। आज बीजेपी के सभी मंत्री बोल रहे हैं। जब गरीब मर गया तब क्यों नहीं बोले, इस मल्लाह की बेटी के साथ इतनी बड़ी घटना हो गई, कोई क्यों नहीं बोला। पासवान के बच्चे को पीट-पीट कर मार दिया गया, तब कोई मंत्री क्यों नहीं बोला। नालंदा में कॉलेज की मांग के लिए प्रदर्शन हो रहा था, तो पुलिस ने गुंडाराज की तरह वहां की बेटी-मां को साड़ी खोल करके मारा। मैं मानता हूं कि भरत तिवारी का एनकाउंटर बिल्कुल गलत था। भरत तिवारी परिवार को मिले 1 करोड़ मुआवजा अभी तक एक करोड़ रूपया क्यों नहीं मुआवजा दिया गया। वोट का डर हुआ, तब जाकर सरकार कहती है कि हम रिटायर्ड जज से जांच कराएंगे। अगर मान लिया कि गलत हुआ तो FIR कीजिए, गलत करने वालों को जेल भेजिए। रिशु श्री के मामले में आईएएस पर FIR नहीं किया। धर्मेंद्र और आनंद किशोर जैसे लोगों को पोस्टिंग दे दिया। आनंद किशोर और धर्मेंद्र को पोस्टिंग क्यों दे दिया। जबकि धर्मेंद्र ने मेडिकल में 8 करोड़ रूपया लिया है टेंडर देने के लिए। अब उसको पूल निगम दे दिया गया है। बलात्कारी बक्शे जायेंगे, गरीब पर जुल्म होता तो उसको कुछ नहीं होगा। गैंगरेप पीड़िता को मिले 20 लाख का मुआवजा बिहार की जनता को लूटो, उसको कुछ नहीं होगा। बस जाति के आधार पर कभी नीला को गाली दो, कभी किसी और को गाली दो। आज अपने पर पड़ी तो सब कह रहे हैं कि परशुराम हो गए। परशुराम तो हम भी हैं, हम हिंदुस्तान में सबके लिए जीते हैं। परशुराम सबके लिए लड़े थे, बनो परशुराम, इस बिहार में परशुराम की जरूरत है। सभी जातियों के लिए भेदभाव बंद करो। इसलिए इस घटना के आरोपियों को अविलंब 20 लाख रुपया मुआवजा और सुरक्षा दिया जाए। SIT की अच्छे से जांच हो, इसमें कौन-कौन लोग इंवॉल्व हैं, उन्हें सस्पेंड नहीं किया जाए, बल्कि नौकरी से बर्खास्त करके जेल भेज दिया जाए।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर बिहार में योग का उत्साह
पटना, 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बिहार के विभिन्न जिलों में बड़े उत्साह के साथ योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। नेताओं, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और आम लोगों ने योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन, मानसिक शांति और समग्र कल्याण का संदेश दिया।
बीपीएससी की परीक्षा में नालंदा के सिलाव प्रखंड के लक्ष्मीपुर के मूल निवासी रजनीश कुमार ने सफलता का परचम लहराया है। इन्होंने रेवेन्यू ऑफिसर का पद हासिल किया है। रजनीश की इस सफलता से उनके पैतृक गांव सिलाव थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर और वर्तमान निवास स्थान कपटिया (नालंदा) सहित पूरे जिले में उल्लास का माहौल है। परिजनों, ग्रामीणों और दोस्तों की ओर से रजनीश को बधाइयां देने का तांता लगा हुआ है। बिहार की सेवा करने का था जज्बा नेतरहाट विद्यालय के पूर्व छात्र रहे रजनीश कुमार शुरू से ही मेधावी रहे हैं। इससे पहले उनका चयन यूपीएससी की ओर से आयोजित असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर भी हो चुका था। इसके बावजूद, गृह राज्य बिहार में रहकर प्रशासनिक क्षेत्र में जमीनी स्तर पर बेहतर काम करने की इच्छा के कारण उन्होंने बीपीएससी को चुना। रजनीश ने बताया कि मैं हमेशा से चाहता था कि बिहार में रहकर ही जनता की सेवा करूं। बीपीएससी के माध्यम से मुझे यह बेहतरीन अवसर मिला है। हालांकि, उनकी यात्रा यहीं खत्म नहीं हुई है; उनका अंतिम लक्ष्य यूपीएससी क्रैक कर देश की सर्वोच्च सेवा में जाना है, जिसके लिए वे अपनी तैयारी आगे भी जारी रखेंगे। सफलता का श्रेय माता-पिता और दोस्तों को दिया अपनी इस शानदार सफलता पर रजनीश कुमार ने अपने माता-पिता के त्याग और दोस्तों के सहयोग को याद किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में रहकर सिविल सर्विसेज की तैयारी के दौरान उन्हें परिवार से भरपूर आर्थिक और भावनात्मक सहयोग मिला। सफल अभ्यर्थियों और भविष्य के छात्रों को गुरुमंत्र देते हुए रजनीश ने कहा कि परीक्षा में सफलता के लिए सबसे पहले सिलेबस को अच्छी तरह समझें और प्रीवियस ईयर क्वेश्चन का बारीकी से अध्ययन करें, उसी के अनुसार अपनी रणनीति बनाएं। सेवानिवृत्त सब-इंस्पेक्टर पिता और मां को बेटे पर है गर्व रजनीश के पिता महेश कुमार, जो पुलिस विभाग में सब-इनस्पेक्टर के पद से सेवानिवृत्त हैं, बेटे की कामयाबी पर फूले नहीं समा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें पूरा विश्वास है कि वह आगे चलकर यूपीएससी की परीक्षा भी पास करेगा। हमने हमेशा उसे सिर्फ एक ही सीख दी—कड़ा परिश्रम करो। वहीं, रजनीश की माता सरोज देवी ने कहा कि उन्होंने बचपन से ही बच्चों की पढ़ाई-लिखाई पर पूरा ध्यान दिया। उन्होंने अन्य अभिभावकों को भी संदेश दिया कि वे अपने बच्चों पर धैर्य रखें और उनकी क्षमताओं पर पूरा भरोसा करें। पांच भाई-बहनों में सबसे छोटे हैं रजनीश घर में सबसे छोटे भाई की इस उपलब्धि पर उनकी बड़ी बहन रीना कुमारी (बीएड) ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि पूरा परिवार हमेशा रजनीश की पढ़ाई के लिए समर्पित रहा। माता-पिता ने पढ़ाई के खर्च में कभी कोई कमी नहीं होने दी और सभी भाई-बहनों ने उसे आगे बढ़ने के लिए लगातार प्रेरित किया, जिसका मीठा फल आज सबके सामने है।
आज 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर मुंगेर का बिहार स्कूल ऑफ योग विशेष चर्चा में है, जिसने योग के विश्वव्यापी प्रचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। परमहंस स्वामी निरंजनानंद सरस्वती ने चार साल की आयु में मुंगेर पहुंचकर अपनी आध्यात्मिक यात्रा शुरू की और बिहार योग को वैश्विक पटल पर पहुंचाया। स्वामी निरंजनानंद सरस्वती का जन्म 14 फरवरी 1960 को छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में हुआ था। साल 1964 में, जब मुंगेर में बिहार स्कूल ऑफ योग की स्थापना हुई, उसी साल चार वर्षीय निरंजनानंद सरस्वती ने यहां अपनी आध्यात्मिक यात्रा प्रारंभ की। उनका जीवन उनके गुरु स्वामी सत्यानंद सरस्वती के मार्गदर्शन में आगे बढ़ा। 1971 में दशनामी संन्यास परंपरा में किया दीक्षित मुंगेर योगाश्रम से जुड़े कुमार कृष्ण के अनुसार, स्वामी सत्यानंद सरस्वती ने उन्हें योगनिद्रा और आध्यात्मिक साधना के माध्यम से प्रशिक्षित किया। उनकी प्रतिभा इतनी विकसित हो चुकी थी कि वर्ष 1971 में उन्हें दशनामी संन्यास परंपरा में दीक्षित किया गया और योग प्रचार के लिए तैयार किया गया। प्रशिक्षण के उपरांत स्वामी निरंजनानंद को विदेशों में योग केंद्रों की स्थापना का महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया। उन्होंने अमेरिका से लेकर ऑस्ट्रेलिया तक योग का व्यापक प्रचार-प्रसार किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न देशों की संस्कृतियों को समझते हुए मानवता को जोड़ने वाले योगिक सूत्रों की खोज पर भी ध्यान केंद्रित किया। विदेश प्रवास के दौरान, उन्होंने नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक डॉ. जो कामिया के साथ ध्यान और प्राणायाम पर शोध कार्य किया। सैन फ्रांसिस्को के ग्लैडमैन मेमोरियल सेंटर के जापानी शोधकर्ता डॉ. टॉड मिकुरिया ने भी उन पर ध्यान संबंधी अध्ययन किए। स्वामी निरंजनानंद को 1993 में स्वामी सत्यानंद का उत्तराधिकारी बनाया गया और 2017 में उन्हें पद्मभूषण से सम्मानित किया गया। फ्रांस में 77 हजार योग शिक्षक थे कार्यरत कुमार कृष्ण के अनुसार, उस समय स्वामी सत्यानंद के योग आंदोलन का प्रभाव इतना व्यापक हो चुका था कि केवल फ्रांस में ही 77 हजार पंजीकृत योग शिक्षक कार्यरत थे। उस दौर में बिहार योग पद्धति के तहत शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाता था, जो बाद में अपने-अपने विद्यालयों में विद्यार्थियों को योग सिखाते थे। यही अभियान आगे चलकर रिसर्च ऑन योगा इन एजुकेशन के रूप में दुनिया भर में फैल गया। इसके परिणामस्वरूप अनेक देशों की शिक्षा प्रणाली में बिहार योग पद्धति को शामिल किया गया। फ्रांस में किंडरगार्टन से लेकर स्नातकोत्तर स्तर तक योग शिक्षा का समावेश इसका प्रमुख उदाहरण है।स्वामी निरंजनानंद वर्ष 1983 तक विदेशों में योग का संदेश देते रहे। मात्र 23 वर्ष की आयु में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग का प्रचार करने के बाद वे अपने गुरु के आदेश पर मुंगेर लौट आए। भारत वापसी के बाद उन्होंने बिहार स्कूल ऑफ योग, शिवानंद मठ और योग अनुसंधान संस्थान की गतिविधियों का संचालन संभाला।वर्ष 1993 में उन्हें स्वामी सत्यानंद सरस्वती का आध्यात्मिक उत्तराधिकारी घोषित किया गया। वहीं 1995 के शतचंडी महायज्ञ में गुरु ने अपनी आध्यात्मिक शक्ति हस्तांतरित कर उन्हें परंपरा के गुरु और परमाचार्य पद पर प्रतिष्ठित किया। उनके नेतृत्व में बिहार स्कूल ऑफ योग को वैश्विक पहचान मिली। बाल योग मित्र मंडल की हुई स्थापना इसी क्रम में 1993 के विश्व योग सम्मेलन के बाद गंगा दर्शन परिसर में बाल योग मित्र मंडल की स्थापना की गई। इसकी शुरुआत मुंगेर के सात बच्चों से हुई थी। आज केवल मुंगेर में ही पांच हजार से अधिक प्रशिक्षित बाल योग शिक्षक हैं, जबकि मंडल की सदस्य संख्या जिले में 35 हजार और देशभर में करीब डेढ़ लाख तक पहुंच चुकी है।बाल योग मित्र मंडल के तीन प्रमुख लक्ष्य स्वामी निरंजनानंद सरस्वती के अनुसार बाल योग मित्र मंडल का उद्देश्य बच्चों में संस्कार, स्वावलंबन और संस्कृति के प्रति सम्मान विकसित करना है। योग के माध्यम से बच्चों को ऐसा व्यक्तित्व प्रदान करना, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें और राष्ट्र निर्माण में अपनी सकारात्मक भूमिका निभा सकें। बाल योग मित्र मंडल के कार्यों की प्रशंसा देश के सर्वोच्च पदों पर आसीन व्यक्तियों ने भी की है। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम दो बार मुंगेर आकर बच्चों के कार्यक्रमों में शामिल हुए और उन्होंने मुंगेर को योग नगरी की संज्ञा दी। वहीं पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बिहार योग विद्यालय के दौरे के दौरान कहा था कि मुंगेर केवल भारत की योग नगरी नहीं, बल्कि पूरे विश्व की योग राजधानी है।स्वामी निरंजनानंद ने 1994 में विश्व के प्रथम योग विश्वविद्यालय बिहार योग भारती की स्थापना की तथा वर्ष 2000 में योग पब्लिकेशन ट्रस्ट की शुरुआत की। वर्ष 2009 में उन्होंने गुरु के निर्देशानुसार अपने संन्यास जीवन के नए अध्याय की शुरुआत की। योग के बारे में उनका स्पष्ट संदेश है कि यदि व्यक्ति अपने जीवन को बेहतर बनाना चाहता है तो उसे सकारात्मक विचारों और गुणों को अपनाना होगा। सकारात्मक सोच ही योगिक परिवर्तन का पहला कदम है। योग और आध्यात्म के क्षेत्र में उनके विशिष्ट योगदान के लिए भारत सरकार ने वर्ष 2017 में उन्हें पद्मभूषण से सम्मानित किया।आज भी स्वामी निरंजनानंद सरस्वती देशभर में यात्रा कर योग के मूल स्वरूप को पुनर्स्थापित करने का संदेश दे रहे हैं। भागलपुर, पटना, दिल्ली, इंदौर, धनबाद सहित अनेक शहरों में वे योग आधारित जीवनशैली का प्रचार कर रहे हैं। विश्व में 21 जून को योग दिवस मनाए जाने से बहुत पहले बिहार योग परंपरा में स्वामी सत्यानंद सरस्वती के जन्मोत्सव को योग पूर्णिमा के रूप में मनाने की परंपरा स्थापित हो चुकी थी, जो आज भी योग आंदोलन की जीवंत पहचान बनी हुई है।
किसानों के चेहरे की खुशहाली ही बिहार की समृद्धि का द्वार खोलेगा: सम्राट चौधरी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पटना स्थित बिहार कृषि प्रबंधन विस्तार प्रशिक्षण संस्थान (बामेती) सभागार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री किसान उत्सव दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए
रेलवे ट्रैक पर मिली लाश की गुत्थी सुलझी:मोहाली में बिहार के युवक ने ट्रेन के आगे कूदकर दी थी जान
मोहाली के घग्गर और दप्पर रेलवे स्टेशन के बीच बंकरपुर गांव के पास ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या करने वाले युवक की पहचान हो गई है। मृतक की पहचान 25 वर्षीय राजा कुमार के रूप में हुई है, जो बिहार के पूर्वी चंपारण जिले का निवासी था और वर्तमान में डेराबस्सी के कुड़ावाला स्थित मधुकर कॉलोनी में किराए पर रह रहा था। पुलिस के अनुसार, यह घटना 19 जून की शाम करीब सात बजे रेलवे किलोमीटर नंबर 225/25-27 अप के पास घग्गर-दप्पर रेलवे स्टेशन के बीच हुई थी। एक अज्ञात युवक ने ट्रेन नंबर 12057 अप के आगे आकर अपनी जान दे दी थी। घटना की सूचना मिलने पर रेलवे पुलिस और स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवाया पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पहचान के लिए सिविल अस्पताल डेराबस्सी की मोर्चरी में रखवाया था। पुलिस जांच के दौरान, मृतक की पहचान सुंदरम कुमार राय पुत्र अनुरुद्ध राय ने अपने साले राजा कुमार के रूप में की। सुंदरम कुमार राय मधुकर कॉलोनी, कुड़ावाला में रहते हैं। इसके बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की। पुलिस ने शनिवार को बीएनएसएस की धारा 194 के तहत कार्रवाई करते हुए शव का पोस्टमार्टम करवाया। पोस्टमार्टम के बाद शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया। फिलहाल, युवक द्वारा आत्महत्या किए जाने के कारणों का पता नहीं चल सका है। जांच अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए परिजनों और परिचितों से भी पूछताछ की जा रही है।
NEET-UG रि-एग्जाम को लेकर बिहार में व्यापक तैयारी की गई है। परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) और राज्य प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। पेपर लीक के कारण प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए आयोजित इस री-एग्जाम से पहले राज्यभर के परीक्षा केंद्रों पर मॉक ड्रिल और ट्रायल रन कराया गया। NEET-UG री-एग्जाम कल रविवार को दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित होगा। अभ्यर्थियों को अंतिम एंट्री 1.30 बजे तक दी जाएगी। परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश से पहले सघन जांच की जाएगी। पटना के एग्जाम सेंटर्स पर मॉकड्रिल की तस्वीरें, देखिए… बिहार के 35 शहरों में 331 परीक्षा केंद्र री-एग्जाम के लिए बिहार के 35 शहरों में 331 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। सभी केंद्रों पर सुरक्षा, निगरानी और परीक्षा सामग्री को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है। बिहार में होने वाले NEET-UG 2026 री-एग्जाम में कुल 1,56,061 परीक्षार्थी शामिल होंगे। इनमें 81,165 छात्र और 74,896 छात्राएं हैं। पटना में 95 केंद्रों पर 46 हजार से अधिक परीक्षार्थी राजधानी पटना में 95 परीक्षा केंद्रों पर 46,029 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। कुम्हरार स्थित बापू परीक्षा परिसर सहित कई प्रमुख केंद्रों पर आज शनिवार को मॉक ड्रिल आयोजित की गई। परीक्षा सामग्री की डिलीवरी, सुरक्षा व्यवस्था और अभ्यर्थियों के प्रवेश की प्रक्रिया का भी ट्रायल रन किया गया। परीक्षार्थियों को मिलेगी मुफ्त बस यात्रा राज्य सरकार ने अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था की है। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की करीब 1500 बसों में परीक्षार्थियों को निःशुल्क यात्रा की सुविधा मिलेगी। एसी, नॉन-एसी, डीलक्स, लग्जरी, इलेक्ट्रिक और पिंक बसों में यात्रा करने वाले अभ्यर्थियों को केवल अपना एडमिट कार्ड दिखाना होगा। बस कंडक्टर उन्हें शून्य रुपये का टिकट जारी करेंगे। हालांकि साथ आने वाले परिजनों को सामान्य किराया देना होगा। परीक्षा के दिन बंद रहेंगे कोचिंग संस्थान पटना जिला प्रशासन ने परीक्षा के दिन शहर के सभी कोचिंग संस्थानों को बंद रखने का निर्णय लिया है। जिलाधिकारी ने एसडीओ और एसडीपीओ को कोचिंग संस्थानों की गतिविधियों पर नजर रखने का निर्देश दिया है। सोशल मीडिया की भी विशेष निगरानी की जाएगी। किसी प्रकार की अफवाह फैलाने या परीक्षा को प्रभावित करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। परीक्षा केंद्रों पर विशेष सुविधाएं सभी परीक्षा केंद्रों पर शुद्ध पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। अभिभावकों के लिए परीक्षा केंद्रों से 100 मीटर की दूरी पर छायादार प्रतीक्षा स्थल बनाने का निर्देश दिया गया है। NEET परीक्षा को लेकर पटना की ट्राफिक रूट बदली 16 को पटना पहुंचा था क्वेश्चन पेपर नीट की फिर से होने वाली परीक्षा के लिए प्रश्न पत्र वायु सेना के विशेष विमान से 16 जून को पटना एयरपोर्ट पहुंचा था। पटना एयरपोर्ट आने के बाद वायु सेना का विमान ने प्रश्नपत्र दिया। उसके दरभंगा और फिर गयाजी एयरपोर्ट में प्रश्न पत्र अधिकारियों के हवाले कर दिया। नीट की परीक्षा पटना समेत बिहार के कई जिलों में 21 जून को होगी। यह एग्जाम 3 जून को ही हुआ था पर पेपर लीक होने की वजह से रद्द कर दिया गया। केंद्र सरकार और NTA पूरी तरह अलर्ट
फैक्ट चेक: ट्रेन के अंदर परीक्षार्थी की मौत के दावे का वीडियो बिहार का नहीं है
वायरल वीडियो को शूट करने वाले मुबारक हुसैन ने बूम को बताया कि घटना 11 जून को आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम स्टेशन के पास की है.
Fact Check: क्या बिहार के शिक्षा मंत्री ने कहा लड़कियों को शिक्षा की जरूरत नहीं? सच जानिए
बूम ने पाया कि बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने Agitation शब्द का इस्तेमाल किया था जिसे एजुकेशन समझकर गलत दावा किया जा रहा है.
पश्चिमी विक्षोभ ला रहा आंधी-तूफान, दिल्ली से लेकर बिहार तक झमाझम बारिश
मई के महीन में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की वजह से मौसम ठंडा हो गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिन बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। तेज हवाओं के साथ रिमझिम बारिश से तापमान सामान्य से कम रहेगा।
पीएम उषा अभियान के तहत बिहार को 600 करोड़ रुपए देगी मोदी सरकार, नीतीश कैबिनेट ने खोला बंद रास्ता
बिहार में पीएम उषा अभियान को लागू करने के प्रस्ताव को नीतीश कुमार सरकार की मंजूरी के बाद राज्य में उच्च शिक्षा के विकास के लिए केंद्र से अगले दो साल में 600 करोड़ रुपए मिलने का रास्ता खुल गया है।
बिहार के प्रिंस कुमार सिंह ने यूपीएससी आईएफएस परीक्षा में 15वीं रैंक प्राप्त की है। इसके अलावा उन्होंने और भी कई बड़े एग्जाम को पास किया हुआ है। जानिए जानते प्रिंस कुमार की कहानी जिन्होंने अपने आर्थिक
बॉलीवुड के मशहूर स्टार कपल सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल 7 वर्ष की डेटिंग के बाद अब पति-पत्नी बन चुके हैं। दोनों की शादी इस वक़्त टॉक ऑफ द टाउन है। सोनाक्षी और जहीर अलग धर्म से हैं। ऐसे में ना उन्होंने निकाह किया तथा ना ही फेरे लिए, बल्कि सादगी से रजिस्टर मैरिज की एवं फिर रिसेप्शन पार्टी रखी। अलग धर्म में शादी करने पर सोनाक्षी एवं जहीर को जमकर ट्रोल किया जा रहा है। ट्रोलिंग के कारण दोनों को अपने वेडिंग पोस्ट का कमेंट सेक्शन तक बंद करना पड़ा। मगर बात तब हद से ज्यादा तब बढ़ गई, जब इंटरफेथ मैरिज करने पर सोनाक्षी एवं जहीर के खिलाफ बिहार के गांव में प्रोटेस्ट मार्च निकाले गए। रिपोर्ट के अनुसार, सोनाक्षी के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन 'हिंदू शिव भवानी सेना' नाम की एक संगठन द्वारा आयोजित किया गया था। जहीर संग शादी पर बेटी सोनाक्षी की हो रही ट्रोलिंग पर अब शत्रुघ्न सिन्हा ने चुप्पी तोड़ी है तथा हेटर्स को जवाब दिया है। अपने एक इंटरव्यू के चलते शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा- आनंद बक्शी साहब ने इस तरह के प्रोफेशनल प्रोटेस्टर्स के बारे में लिखा है- कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना। इसमें आगे जोड़ना चाहूंगा कि कहने वाले अगर बेकार, बेकाम-काज के हों तो बोलना ही उनका काम बन जाता है। मेरी बेटी ने कुछ भी ऐसा नहीं किया जो गैरकानूनी एवं संविधान के खिलाफ है। सोनाक्षी-जहीर की शादी पर शत्रुघ्न सिन्हा ने आगे कहा- शादी दो लोगों के बीच का एक बहुत ही व्यक्तिगत फैसला है। इसमें किसी को भी बीच में दखल देने या कमेंट करने का हक नहीं होता। विरोध प्रदर्शन करने वालों को मैं यही बोलना चाहता हूं- अपनी जिंदगी पर ध्यान दो। जिंदगी में कुछ अच्छा करो। इससे ज्यादा और कुछ नहीं कहना। बता दें कि शत्रुघ्न सिन्हा ने खुशी-खुशी अपनी इकलौती बेटी की शादी की है। उन्होंने दामाद जहीर को भी अपना आशीर्वाद दिया है। रिलीज हुआ श्रद्धा कपूर-राजकुमार राव की स्त्री 2 का टीजर, इस अवतार में नजर आए स्टार्स किशोर कुमार के गानों पर बैन, मनोज कुमार-देव आनंद की फिल्मों पर रोक..! बॉलीवुड पर भी पड़ा था 'इमरजेंसी' का बुरा असर सामने आई कंगना रनौत की इमरजेंसी की रिलीज डेट, जानिए किस दिन आ रही है इंदिरा गांधी की बायोपिक?
फिल्म रैप में जानिए कि रविवार को एंटरटेनमेंट की दुनिया में क्या खास हुआ. 9 जून 2024 का दिन एतिहासिक रहा. पीएम नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार पीएम बनने की शपथ ली. इस दौरान शाहरुख खान से लेकर अक्षय कुमार भी मौजूद रहे.
बिहार सीईटी बीएड : पांच साल में सबसे ज्यादा आवेदन आए, इस तारीख से आएंगे एडमिट कार्ड
Bihar CET B.Ed:महिलाओं के लिए अलग एवं पुरुषों के लिए अलग परीक्षा केंद्र होंगे। अभ्यर्थी 17 जून से अपना एडमिट कार्ड वेबसाइटwww. biharcetbed- lnmu. inपर लॉगइन कर डाउनलोड कर सकेंगे।
बीएसईबी बिहार बोर्ड से संबद्ध और एनसीटीई से मान्यता प्राप्त डीएलएड संस्थानों की सूची जारी
Bihar D.El.Ed: बिहार बोर्ड ने डीएलएड प्रवेश परीक्षा 2024 की आंसर की जारी करने के एक दिन बाद अब राज्य में मौजूद सरकारी व निजी डीएलएड प्रशिक्षण संस्थानों की सूची भी जारी कर दी है। डीएलएड में दाखिला लेने
Bihar DElEd Answer Key 2024: आंसर की जारी, ऐसे दर्ज करें ऑब्जेक्शन, देखें डायरेक्ट लिंक
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने बिहार डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (DElEd) परीक्षा 2024 की आंसर की जारी की। जो उम्मीदवार परीक्षा में उपस्थित हुए हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट- biharboardonline.b
Bihar STET: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने शनिवार को माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (एसटीईटी)-2024 (प्रथम) परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया है। पेपर-1 के विभिन्न विषयों की परीक्षा 18 से 29 मई तक होगी।
CSBC Bihar Police Constable Exam: क्या जारी हो चुकी हैं रिवाइज्ड तारीखें, पढ़ें अपडेट
CSBC Bihar Police Constable exam dates: बिहार पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा की नई तारीखों का इंतजार है। परीक्षाएं 1, 7 और 15 अक्टूबर को निर्धारित की गई थीं, जिन्हें रद्द व स्थगित कर दिया गया था। आइए
बॉलीवुड अभिनेत्री नेहा शर्मा की हाल ही में बिहार में एक रोड शो में भागीदारी ने इंटरनेट पर तूफान ला दिया है। क्रुक और तुम बिन 2 जैसी फिल्मों में अपनी भूमिकाओं के लिए मशहूर सुश्री शर्मा को अपने पिता अजीत शर्मा का समर्थन करते देखा गया, जो कांग्रेस के टिकट पर भागलपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। यह रोड शो उन अफवाहों के बीच हुआ कि अभिनेता राजनीति में प्रवेश कर सकते हैं। हालाँकि, अब यह स्पष्ट हो गया है कि वह सिर्फ अपने पिता के लिए प्रचार कर रही थीं। नेहा शर्मा ने इंस्टाग्राम पर बांका, किशनगंज, कटिहार और पूर्णिया सहित बिहार के विभिन्न जिलों की अपनी यात्रा दिखाते हुए एक वीडियो साझा किया। वह पारंपरिक सलवार कमीज पहने हुए थीं और जनता का अभिवादन करती और उन्हें वोट डालने के लिए प्रोत्साहित करती नजर आईं। इसे भी पढ़ें: AR Rahman ने नए एल्बम के रिलीज पर Taylor Swift को बधाई दी, नेटिजन ने कहा 'महान कला, महान कला को पहचानती है' View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial) इसे भी पढ़ें: Tamannaah Bhatia Summoned by cyber cell | 'अवैध' IPL Streaming ऐप मामले में तमन्ना भाटिया को साइबर सेल ने तलब किया रोड शो के दौरान पीरपैंती और कहलगांव में भारी भीड़ ने अभिनेता का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने कैप्शन में लिखा “वे कहते हैं कि जब कोई आपको अपने दिल में जगह देता है, तो आप हमेशा के लिए वहीं रहते हैं। आपने मुझे जो प्यार और समर्थन दिया है, उससे मेरा दिल भर गया है। पीरपैंती और कहलगांव में गर्मजोशी से स्वागत के लिए धन्यवाद। आपका प्यार सारी आँखों पर। सदा आभारी। ऑनलाइन प्रसारित हो रहे एक अन्य वीडियो में अभिनेत्री को भागलपुर में अपने पिता के चुनाव अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेते हुए दिखाया गया है। भागलपुर लोकसभा सीट पर दूसरे चरण में 26 अप्रैल को चुनाव होना है। इस सीट पर कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करने वाले अजीत शर्मा का मुकाबला जेडीयू के अजय कुमार मंडल से है। पहले ऐसी अफवाह थी कि सुश्री शर्मा राजनीति में प्रवेश कर सकती हैं। हालाँकि, कई रिपोर्टों ने स्पष्ट किया है कि वह अभी चुनावी शुरुआत नहीं कर रही हैं। रिपोर्टों के अनुसार, उनके पिता अजीत शर्मा ने उन्हें राजनीति में शामिल होने का अवसर दिया, शर्मा वर्तमान में अपने अभिनय करियर पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। Bihar, Bhagalpur: Bollywood actress Neha Sharma campaigns for Congress leader and father Ajeet Sharma in the Lok Sabha elections, participates in a roadshow. pic.twitter.com/yEhb4XoQQL — IANS (@ians_india) April 23, 2024 View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial) View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial)
सलमान के घर फायरिंग से पहले शूटर्स ने बिहार में की हथियारों की प्रैक्टिस, फार्म हाउस की हुई थी रेकी
14 अप्रैल को, सुबह 4.50 बजे सलमान के बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर, अज्ञात हमलावरों ने पांच राउंड फायरिंग की थी. पुलिस ने सलमान के घर पर फायरिंग करने के मामले में विक्की गुप्ता (24 साल) और सागर पाल (21 साल) नाम के दो लड़कों को गिरफ्तार किया था. अब इससे जुड़ा एक बड़ा अपडेट सामने आया है.
Manisha और Elvish के बीच लगी दुश्मनी की आग हुई और तेज, बिहार की बेटी नेसरेआम बना दिया'राव साहब' का मजाक ?
बिहार में जेईई और नीट की फ्री कोचिंग, रहने-खाने की भी रहेगी मुफ्त व्यवस्था, ऐसे करें अप्लाई
Bihar Board Jee and Neet Free Coaching : विद्यार्थी समिति द्वारा संचालित engineering (jee) औरmedical (neet) की नि:शुल्क तैयारी हेतु BSEB SUPER-50 आवासीय शिक्षण में पढ़ने हेतु आवेदन कर सकत हैं।
Bihar 10th Board 2024: टॉप 5 में इन 10 छात्रों ने बनाई जगह, जानें नाम और मार्क्स
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड ने दसवी का रिजल्ट bsebmatric.org और results.biharboardonline.com पर जारी कर दिया है। इस साल टॉप 10 की लिस्ट ने 51 छात्रों ने अपनी जगह बनाई है। टॉप 5 की लिस्ट में 10 छ
Bihar Board BSEB 2024 Matrci Result Today:बिहार बोर्ड 10वीं का रिजल्ट biharboardonline.bihar.gov.in व biharboardonline.com , onlinebseb.in पर जल्दजारी कर दिया जाएगा।
BSEB: क्लास 10वीं के रिजल्ट से पहले जानें ये 10 जरूरी बातें, मार्कशीट मिलने में मिलेगी मदद
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड अब कभी भी वेबसाइट biharboardonline.gov.in पर कक्षा 10वीं के रिजल्ट अपलोड कर सकता है। एक बार रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र यहां से डाउनलोड कर सकते हैं।
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (बीएसईबी) मैट्रिक यानी कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट अब कभी भी biharboardonline.bihar.gov.in पर जारी हो सकता है, जो छात्र परीक्षा में शामिल हुए हैं, वे जान लें, रिजल्
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने इंटर में एडमिशन को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। इस बाबत समिति ने सभी सरकारी, गैर सरकारी विद्यालय, इंटर कॉलेजों की सूची ofssbihar.in पर अपलोड कर दी है।
बीएसईबी मैट्रिक रिजल्ट की घोषणा जल्द की जाएगी। हालांकि अभी तक रिजल्ट की टाइमिंग और तारीख के बारे में कोई जानकारी शेयर नहीं की गई है, लेकिन उम्मीद है नतीजे 31 मार्च तक आधिकारिक वेबसाइट biharboardonlin
BSEB Bihar 10th Board: प्रेस कॉन्फ्रेंस में शेयर की जाएंगी ये 5 डिटेल्स, यहां पढ़ें
छात्र आधिकारिक वेबसाइट्स से बीएसईबी 10वीं स्कोरकार्ड 2024 डाउनलोड कर सकेंगे। रिजल्ट वाले दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। जिसमें बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं की परीक्षा से जुड़ी कई डिटेल्स शेयर की जाएगी। आइए ज
इस साल का रिजल्ट पिछले 5 साल की तुलना में सबसे बेहतर, 87.21 प्रतिशत विद्यार्थी हुए पास
BSEB Bihar Board 12th Result : हार बोर्ड ने आज 12वीं के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस वर्ष का रिजल्ट पिछले 5 सालों की तुलना में सबसे बेहतर रहा है। इस साल इंटर का रिजल्ट 87.21 फीसदी रहा।
बिहार बोर्ड ने 12वीं यानी इंटर परीक्षा का रिजल्ट अब जारी कर दिया है। टॉपर्स के नाम भी सामने आ गए हैं। आइए जानते हैं साइंस, कॉमर्स, आर्ट्स स्ट्रीम के टॉपर्स ने किन स्कूलों से पढ़ाई की है। यहां देखें न
BSEB : बारहवीं कक्षा के छात्रों को इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी के लिए फ्री में कोचिंग देती है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) गरीब विद्यार्थियों को JEE और NEET की मुफ्त कोचिंग कराती है।
BSEB Bihar Board: बिहार बोर्ड इंटर छात्र जानें टॉप 10 इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज
NIRF यानी राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क। इस रैंकिंग को शिक्षा मंत्रालय जारी करता है। एनआईआरएफ रैंकिंग में देश के टॉप इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज और यूनिवर्सिटी की रैंकिंग जारी की जाती है।
बीएसईबी 12वीं के परिणाम के साथ टॉपर्स की लिस्ट भी शेयर करेगा। जो छात्र परीक्षा में शामिल हुए हैं, वे जान लें, पिछले 7 सालों में आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस स्ट्रीम में किसने किया था टॉप। यहां पढ़ें पूरी
Bihar 12th Board 2024: रिजल्ट जारी होने की तारीख और समय के बारे में यहां मिलेगी जानकारी
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (बीएसईबी) जल्द ही इंटरमीडिएट या कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा 2024 के परिणाम घोषित करेगा। वहीं बोर्ड परिणाम के समय की घोषणा पहले कर दी जाएगी। आइए जानते हैं, आप कहां कर सकें

