बेतिया में हर घंटे गंडक नदी के जलस्तर में हो रही वृद्धि के साथ ही निचले इलाकों में बसे लोगों की बेचैनी बढ़ गई है। रात करीब 10.30 बजे गंडक बराज से 1.47 लाख क्यूसेक पानी गंडक नदी में छोड़ा गया।
Nepal Flood के खतरे से Bihar और UP में High Alert, राहत दल तैनात किए गए
पड़ोसी देश नेपाल के कई जिलों में गंडक नदी में अचानक आई बाढ़ से भारी तबाही होने के बाद, बिहार और उत्तर प्रदेश को बुधवार को ‘हाई अलर्ट’ पर रखा गया तथा प्रशासन ने उन इलाकों से लोगों को निकालने समेत आपात कदम उठाने शुरू कर दिए जिनके बाढ़ से प्रभावित होने की आशंका है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्थिति और नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात की। शाह ने कहा, ‘‘जिन सीमावर्ती इलाकों में इसका असर पड़ने की आशंका है, वहां स्थानीय प्रशासन और राहत-बचाव दलों के साथ-साथ राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) को भी ‘हाई अलर्ट’ पर रखा गया है।’’केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के अनुसार, नेपाल की ओर स्थित जलाशयों में जलस्तर कम हो रहा है और स्थिति नियंत्रण में है। गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि घबराने जैसी कोई स्थिति पैदा नहीं हुई है। उसने बताया कि बिहार और उत्तर प्रदेश की सरकारों ने भारत-नेपाल सीमा के निकट रहने वाले स्थानीय भारतीय समुदायों की आवश्यक निकासी और उनकी सहायता के लिए अन्य कदम उठाए हैं। मंत्रालय ने कहा कि गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, जल शक्ति मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। बिहार में पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली के अलावा सीतामढ़ी और शिवहर जैसे उन जिलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं जिनके बाढ़ से प्रभावित होने की आशंका है। राज्य सरकार के अधिकारियों ने बताया कि स्थिति को नियंत्रित करने में मदद के लिए गंडक नदी पर बने बैराज के सभी 36 फाटक खोल दिए गए हैं। जल संसाधन विभाग का प्रभार भी संभाल रहे उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बैराज से दिन में करीब 86,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। उन्होंने कहा, ‘‘अधीक्षण अभियंता के नेतृत्व में एक तकनीकी दल को बैराज पर तैनात किया गया है। गंडक नदी बेसिन के सभी जिलों को भी चेतावनी जारी कर दी गई है।’’जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गंडक बैराज के सभी 36 फाटक खोलने से पानी के बहाव को सुचारू रखने और बाढ़ की स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। चौधरी ने कहा कि नेपाल में आई बाढ़ के मद्देनजर राज्य को पूरी रात सतर्क रहने की जरूरत है। जल संसाधन विभाग के सचिव चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि बुधवार रात करीब 11 बजे नदी में पानी का बहाव चरम पर पहुंचने की आशंका है और इसके बाद इसमें कमी आनी शुरू हो सकती है। गंडक बैराज बिहार के सबसे उत्तरी जिले पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर में स्थित है। यह जिला नेपाल की सीमा से लगा है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्थिति की समीक्षा के लिए मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। सभी संबंधित अधिकारियों को ‘हाई अलर्ट’ पर रहने, समय रहते सभी आवश्यक कदम उठाने और स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने का निर्देश दिया गया है। तिब्बत में अचानक आई भीषण बाढ़ की चपेट में मध्य नेपाल के कई जिले आ गए, जिससे करीब 100 लोगों की मौत हो गई और 133 भारतीय नागरिकों समेत 750 से अधिक लोग लापता हैं। अधिकारियों ने बताया कि भोटे कोशी नदी में अचानक बाढ़ आने से तिब्बत की सीमा से लगे रसुवा और धादिंग जिले प्रभावित हुए। इसके बाद बाढ़ ने नुवाकोट और चितवन जिलों को भी अपनी चपेट में ले लिया। तिब्बत से निकलने वाली भोटे कोशी नदी त्रिशूली नदी प्रणाली की ऊपरी सहायक नदी है और त्रिशूली आगे नारायणी/गंडक नदी बेसिन में मिलती है। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने 1,751 किलोमीटर लंबी भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अपनी सभी इकाइयों को सतर्क कर दिया है और राहत एवं बचाव अभियान शुरू करने के लिए 18 दल तैनात किए गए हैं। बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सीमावर्ती जिलों के जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि जिला प्रशासन को बचाव एवं राहत से जुड़ी सभी तैयारियां पूरी करने और स्थिति पर करीबी नजर रखने को कहा गया है। उन्हें जरूरत पड़ने पर लोगों को निकालने की योजना, नौकाएं, आश्रय स्थल और सामुदायिक रसोई तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। सम्राट चौधरी ने भी स्थिति की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि सभी संबंधित पक्षों को ‘हाई अलर्ट’ पर रहने, समय रहते आवश्यक कदम उठाने और स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेपाल में अचानक आई बाढ़ पर चिंता जताई और महराजगंज तथा कुशीनगर जिलों को किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि बाढ़ के कारण सीमावर्ती जिलों में गंडक और नारायणी नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है। महराजगंज में जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है और गंडक नदी पर चौबीसों घंटे नजर रखने के आदेश दिए हैं क्योंकि बढ़े जलप्रवाह की वजह से भोटे कोशी-त्रिशूली नदी प्रणाली के जरिए निचले इलाके प्रभावित हो सकते हैं। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने संबंधित एजेंसियों को निचले और नदी किनारे के इलाकों से लोगों को जरूरत पड़ने पर निकालकर सुरक्षित तथा ऊंचे स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। कुशीनगर में जिला प्रशासन ने मरचहवा, शिवपुर और अन्य गांवों से लोगों को निकालने का आदेश दिया है तथा निवासियों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील करते हुए घोषणाएं की जा रही हैं। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि सभी संबंधित विभागों को सतर्क कर दिया गया है। नेपाल में बारिश के कारण नारायणी नदी का जलस्तर प्रभावित होने की आशंका के मद्देनजर खड्डा तहसील के शिवपुर, हरिहरपुर, नारायणपुर, मरचहवा और बसंतपुर गांवों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। दोनों राज्यों के अधिकारियों ने लोगों से नहीं घबराने, सतर्क रहने, आधिकारिक परामर्श का पालन करने और अफवाहों से बचने की अपील की है। जिला प्रशासन को मीडिया को नियमित जानकारी देने और गलत सूचनाओं के प्रसार को रोकने के लिए सोशल मीडिया पर भी नजर रखने को कहा गया है। अधिकारियों ने कहा कि जरूरत के अनुसार एनडीआरएफ और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के अतिरिक्त दल, नौकाएं और अन्य संसाधन तैनात किए जाएंगे।
New Delhi, 26 अगस्त . नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ को लेकर India में भी चिंता बढ़ गई है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के Chief Minister सम्राट चौधरी और उत्तर प्रदेश के Chief Minister योगी आदित्यनाथ से बात की है. सीमावर्ती इलाकों में संभावित प्रभाव को ... Read more
Bihar Floods: सीतामढ़ी में तटबंधों को खंगाल रहे डीएम-एसपी, 2-3 दिन बहुत अहम; कंट्रोल रूम शुरू
सीतामढ़ी में डीएम तनय सुल्तानिया एवं पुलिस अधीक्षक अमित रंजन ने विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों का दौरा कर बाढ़ निरोधक कार्यों और तटबंधों की स्थिति का जायजा लिया। बताया जा रहा है कि अगले दो से तीन दिन बेहद अहम हैं।
ओवैसी की हुंकार- मुस्लिम एकजुट हों, यूपी में भी दिखे बिहार जैसी ताकत
असदुद्दीन ओवैसी ने मुसलमानों से एकजुट होकर अपनी राजनीतिक कयादत मजबूत करने की अपील की और बिहार जैसी ताकत यूपी में दिखाने का आह्वान किया।
Amit Shah ने Nepal Flood पर UP और Bihar को किया सतर्क, NDRF तैनात
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तर प्रदेश और बिहार के मुख्यमंत्रियों से बात कर दोनों राज्यों के निचले इलाकों में बाढ़ के खतरे को लेकर चर्चा की। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को यह जानकारी दी। केंद्र सरकार नेपाल में आई अचानक बाढ़ से उत्पन्न स्थिति पर कड़ी नजर रख रही है। केन्द्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) द्वारा जारी परामर्श के अनुसार, नेपाल-चीन सीमा के निकट अचानक आई बाढ़ के कारण नेपाल में भारतीय सीमा से लगभग 160 किमी दूर फुरके खोला में त्रिशूली नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया है। इस बाढ़ का असर भारत में गंडक नदी के निचले इलाकों में भी पड़ सकता है। आयोग ने कहा है कि नेपाल की ओर स्थित जलाशयों में जलस्तर कम हो रहा है और स्थिति नियंत्रण में है। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि घबराने जैसी कोई स्थिति पैदा नहीं हुई है। इसने कहा, ‘‘बाढ़ का असर भारत में गंडक नदी के निचले इलाकों तक पहुंचने की आशंका है।’’मंत्रालय ने कहा कि उत्तर प्रदेश और बिहार, दोनों को सतर्क रहने और स्थिति पर कड़ी नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि संभावित बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) को भी तैनात किया गया है। मंत्रालय ने कहा, ‘‘बिहार और उत्तर प्रदेश की राज्य सरकारों ने भारत-नेपाल सीमा के निकट रहने वाले स्थानीय भारतीय समुदायों के लिए आवश्यक निकासी और अन्य सहायता जैसे कदम उठाए हैं।’’इस आपदा में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए शाह ने ‘एक्स’ पर कहा कि संकट की इस घड़ी में भारत सरकार नेपाल के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा, ‘‘नेपाल में आई बाढ़ की विभीषिका अत्यंत दुखद है।’’शाह ने कहा, ‘‘मैंने नेपाल में आई इस आपदा को लेकर बिहार और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों से बात की है। जिन सीमावर्ती इलाकों में इसका असर पड़ने की आशंका है, वहां स्थानीय प्रशासन और राहत-बचाव दलों के साथ-साथ एनडीआरएफ को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है।’’गृह मंत्रालय ने कहा कि गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय (एमईए), जल शक्ति मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। काठमांडू में भारतीय दूतावास ने अचानक आई बाढ़ से प्रभावित भारतीय नागरिकों से जुड़ी जानकारी और मदद के लिए हेलप्लाइन नंबर जारी किए। तिब्बत की सीमा से लगे मध्य नेपाल के जिलों में बुधवार सुबह अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई और कम से कम 100 लोगों की मौत हो गई, वहीं 133 भारतीय नागरिक समेत लगभग 500 लोग लापता हैं। बाढ़ से शहरों और गांवों में तबाही हुई, पुल बह गए और कम से कम 12 जलविद्युत परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हो गईं।
नेपाल में बाढ़ के बाद ऐक्शन मोड में बिहार सरकार, मुख्य सचिव ने की तैयारियों की समीक्षा
नेपाल में आई बाढ़ के बाद बिहार के कई जिलों में हालात बिगड़ने के खतरा बढ़ गया है। ऐसे समय में राज्य सरकार ऐक्शन मोड में है। बुधवार को राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने फ्लश फ्लड और बाढ़ की स्थिति को लेकर तैयारियों की समीक्षा की।
Gandak Barrage के सभी 36 फाटक खोले, Bihar में Nepal की बाढ़ के बाद अलर्ट
बिहार सरकार ने पड़ोसी देश नेपाल के कई जिलों में बुधवार को अचानक आई बाढ़ के बाद गंडक नदी में जलप्रवाह बढ़ने की आशंका को देखते हुए पूरे तंत्र को हाई अलर्ट पर रखा है। स्थिति से निपटने के लिए वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बैराज के सभी 36 फाटक खोल दिए गए हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। बिहार के उपमुख्यमंत्री एवं जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि बुधवार दोपहर तक वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से करीब 86 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था और जलप्रवाह लगातार बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि एहतियाती कदम के तौर पर बैराज के सभी 36 फाटक खोल दिए गए हैं तथा अधीक्षण अभियंता के नेतृत्व में तकनीकी टीम तैनात की गई है। गंडक नदी के बेसिन में आने वाले सभी जिलों को भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, सभी फाटक खोलने से पानी का प्रवाह सुचारु रहेगा और बाढ़ की स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार, सभी विभागों को संभावित आपात स्थिति को देखते हुए आवश्यक सामग्री का भंडारण करने, तटबंधों का नियमित निरीक्षण करने और चौबीसों घंटे निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जल संसाधन मंत्री ने बताया कि नेपाल के देवघाट गेज स्टेशन पर नारायणी नदी का जलस्तर 4.77 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि चेतावनी स्तर 7.30 मीटर और खतरे का निशान नौ मीटर है। उन्होंने कहा कि यदि जलस्तर में तेजी से वृद्धि होती है तो करीब साढ़े तीन घंटे में उसका प्रभाव गंडक बैराज तक पहुंच सकता है। इससे पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर संबंधित जिलों में विशेष सतर्कता बरतने और सभी आवश्यक तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से गंडक नदी से जुड़े पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली सहित अन्य संवेदनशील जिलों में निगरानी बढ़ाने को कहा है। उन्होंने नेपाल से आने वाले पानी की स्थिति पर लगातार नजर रखने और संभावित प्रभावित क्षेत्रों में समय रहते एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन ध्वनि विस्तारक यंत्रों के माध्यम से लोगों को लगातार आवश्यक सूचनाएं और संभावित खतरे की चेतावनी देता रहे, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके। उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमों को तैयार रखा जाए तथा जिला प्रशासन इनके साथ समन्वय कर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्रशासनिक और तकनीकी टीमें पूरी तरह सक्रिय रहें तथा किसी भी प्रतिकूल परिस्थिति में लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। जल संसाधन विभाग के सचिव चंद्रशेखर सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि बुधवार रात करीब साढ़े आठ बजे नेपाल से बढ़ा जलप्रवाह गंडक बैराज तक पहुंच गया, जिससे जलप्रवाह में करीब 20 हजार क्यूसेक की वृद्धि दर्ज की गई। सिंह ने कहा, ‘‘जलप्रवाह के रात करीब 11 बजे चरम पर पहुंचने की संभावना है, जिसके बाद इसमें कमी आने लगेगी। अधिकतम जलप्रवाह करीब दो लाख क्यूसेक रहने का अनुमान है।’’सचिव ने बताया कि इस वर्ष अब तक का सर्वाधिक जलप्रवाह 14 जुलाई 2026 को 2.24 लाख क्यूसेक दर्ज किया गया था, जबकि 28 सितंबर 2024 को 5.625 लाख क्यूसेक का रिकॉर्ड दर्ज हुआ था। उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए स्थिति सामान्य रहने की उम्मीद है। फिर भी बैराज, तटबंधों और नियंत्रण कक्ष में सभी टीमें पूरी तरह सतर्क हैं।’’सचिव ने बताया कि विभागीय अधिकारियों को संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी तैयारियां सुनिश्चित करने, लगातार निगरानी रखने, आवश्यक सामग्री का भंडारण करने तथा तटबंधों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, संवेदनशील क्षेत्रों में जिला प्रशासन लाउडस्पीकर और माइक्रोफोन के माध्यम से समय पर लोगों को सतर्क कर रहा है। अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) ऐसी बाढ़ होती है, जो बहुत कम समय में भारी बारिश, बादल फटने, पहाड़ी क्षेत्रों से तेज जलप्रवाह या बांध से अचानक पानी छोड़े जाने के कारण आती है।
अगले 72 घंटे में गंडक नदी में आएगा भारी उफान, मुजफ्फरपुर आपदा प्रबंधन ने जारी की एडवाइजरी
Bihar Flood Advisory: नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से अत्यधिक जलप्रवाह के कारण मुजफ्फरपुर में गंडक नदी का जलस्तर अगले 2-3 दिनों में बढ़ने की संभावना है। जिला आपदा प्रबंधन विभाग ने 6 प्रखंडों के लिए विस्तृत एडवाइजरी जारी कर लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
Samrat Choudhary ने Bihar में महिला पुलिसकर्मियों को 4700 दोपहिया वाहन सौंपे
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रक्षाबंधन से पहले बुधवार को बेटियों और महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा, सशक्तीकरण एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में तीन नई योजनाओं की शुरुआत की। इन योजनाओं में मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप योजना, बिहार की बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना और पुलिस दीदी (अभय ब्रिगेड) के लिए दोपहिया वाहन वितरण शामिल हैं। पटना के ज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप योजना की शुरुआत करते हुए कहा कि इसके तहत लगभग 1,000 छात्राओं को चार वर्षों तक 10,000 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि बेटियों को उच्च शिक्षा और शोध के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार मुख्यमंत्री ने बिहार की बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना की भी शुरुआत की। बयान के अनुसार इसके अंतर्गत महिला उद्यमियों को अपने नवाचार और उद्यम को आगे बढ़ाने के लिए 50,000 रुपये से 2 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता मिलेगी। इस योजना से 2,100 महिलाओं को लाभ होगा। बयान के अनुसार मुख्यमंत्री ने पुलिस दीदी (अभय ब्रिगेड) के लिए 4,700 दोपहिया वाहनों का लोकार्पण किया और झंडी दिखाकर रवाना किया। बयान के अनुसार मौके पर अभय ब्रिगेड की महिला पुलिसकर्मियों ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी। उन्होंने कहा कि यह पहल बेटियों और बहनों की सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूटर और मोटरसाइकिल मिलने से महिला पुलिसकर्मी स्कूल-कॉलेज में पढ़ने वाली छात्राओं की सुरक्षा और महिला सुरक्षा से जुड़े कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित कर सकेंगी। उन्होंने बताया कि बिहार में करीब 40 हजार महिला पुलिसकर्मी कार्यरत हैं, जो देश के किसी भी राज्य से अधिक हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की 43 लाख जीविका दीदियों में से 59 प्रतिशत महिलाएं जनप्रतिनिधि बन चुकी हैं और सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में एक करोड़ महिलाओं को जीविका, दुग्ध उत्पादन, पशुपालन तथा स्वरोजगार से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि आपातकालीन सेवा 112 का प्रतिक्रिया समय घटकर 10 मिनट से कम हो गया है और इसे 5–7 मिनट तक लाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि साथ ही सरकार युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर सरकारी नौकरी और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए भी प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, बिजेंद्र प्रसाद यादव, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर, मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी और पुलिस महानिदेशक विनय कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर में ज्वेलरी दुकान का शटर तोड़कर लाखों रुपए के जेवर चोरी करने वाले आरोपियों को पुलिस ने बिहार से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने रोहतास के 6 आरोपियों और चोरी के जेवर खरीदने वाले एक सुनार को पकड़ा है। उनके पास से करीब 39 लाख रुपए की चांदी बरामद की गई है। 16-17 अगस्त की दरम्यानी रात अज्ञात चोरों ने वाड्रफनगर में संचालित अरविंद ज्वेलर्स दुकान का शटर तोड़ा और अंदर घुसकर लाखों रुपए के सोने-चांदी के ज्वेलरी की चोरी कर फरार हो गए थे। पुलिस मोबाइल लोकेशन को ट्रेस कर आरोपियों तक पहुंच गई। जानकारी के मुताबिक, वाड्रफनगर में संचालित अरविंद ज्वेलर्स दुकान में घटना की रात आरोपी शटर तोड़कर घुसे थे। आरोपियों ने दुकान से नगदी और ज्वेलरी की चोरी की और डीवीआर भी खोलकर ले गए थे। दुकान के संचालक अरविंद सोनी ने करीब 20 किलो चांदी के जेवर, सोने का मंगलसूत्र सहित अन्य जेवर 50 ग्राम और नगदी चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मोबाइल लोकेशन से मिला आरोपियों का सुराग मामले का खुलासा करते हुए बलरामपुर SP वैभव बैंकर ने बताया कि पुलिस मामले में साइबर सेल के साथ पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर आरोपियों की खोजबीन की जा रही थी। पुलिस ने घटना की रात ज्वेलरी दुकान के क्षेत्र में सक्रिय मोबाइल नंबरों को ट्रेस किया। इसमें संदेहियों का मोबाइल लोकेशन घटनाक्षेत्र में होना पाया गया। पुलिस ने आरोपियों की पड़ताल शुरू की और रोहतास से सोनू कुमार चौधरी (21 वर्ष), शंकर चौधरी (55 वर्ष), नरेन्द्र चौधरी (40 वर्ष) लीलू चौधरी (19 वर्ष), राजकुमार चौधरी (20 वर्ष) अंगद चौधरी (24 वर्ष) को गिरफ्तार किया। आरोपियों की निशानदेही पर दिनारा, रोहतास से ज्वेलरी दुकान संचालक सुनील कुमार सोनी (38 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सुनील कुमार सोनी के पास से गलाई गई चांदी 14.175 किलो बरामद किया है। चोरी में प्रयुक्त पिकअप वाहन एवं बाइक को भी पुलिस ने जब्त किया है। जब्त चांदी की कीमत 39 लाख रुपये बताई गई है। उत्तरप्रदेश के रास्ते भागे थे आरोपी बलरामपुर SP ने बताया कि चोरी करने के लिए पकड़े गए 6 आरोपी पिकअप में सवार होकर आए थे और वे पिकअप में ही एक बाइक भी साथ लेकर पहुंचे थे। पिकअप वाहन को चोरों ने बाहर जंगल किनारे खड़ा कर दिया था। वे बाइक से बारी-बारी से वाड्रफनगर के ज्वेलरी दुकान के पास पहुंचे। शटर तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम देने के बाद वे बाइक से ही वापस पिकअप तक पहुंचे और रघुनाथगर से बैढ़न होते हुए उत्तरप्रदेश पहुंचे। वहां से वे रोहतास तक पहुंचे थे। आरोपियों ने चोरी की ज्वलेरी सोनार को बेच दी थी। नगद पैसा मिलने पर वे घूमने निकल गए थे। नागरिकों ने किया पुलिस का सम्मान बलरामपुर पुलिस की इस सफलता के लिए वाड्रफनगर के नगरवासी एवं व्यवसाययों ने एसपी वैभव बैंकर, एएसपी विश्व दीपक त्रिपाठी सहित सभी पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को पुष्प गुच्छ एवं मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। मामले की जांच में बसंतपुर थाना प्रभारी जितेन्द्र सोनी, थाना प्रभारी चलगली एवं साइबर सेल की संयुक्त टीम जुटी थी।
बलिया जीआरपी थाना पुलिस ने बलिया रेलवे स्टेशन से एक कोच अटेंडेंट को अवैध शराब की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी ट्रेन के जरिए उत्तर प्रदेश से शराब लेकर बिहार जा रहा था। तलाशी के दौरान उसके पास से विभिन्न ब्रांड की 30 शीशी अंग्रेजी शराब बरामद हुई। पुलिस ने बरामद शराब की कीमत करीब 4,850 रुपये बताई है। प्लेटफॉर्म नंबर एक से पकड़ा गया आरोपी जीआरपी थाना बलिया की टीम ने रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक के पश्चिमी छोर पर संदिग्ध अवस्था में एक व्यक्ति को पकड़ा। पूछताछ में उसकी पहचान राहुल कुमार राम पुत्र राजकिशोर राम निवासी ग्राम कुमादपुर, थाना रंगड़ा, जिला भागलपुर, बिहार के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार, राहुल कुमार राम ट्रेन संख्या 15116 गरीब नवाज एक्सप्रेस में कोच अटेंडेंट के रूप में काम करता है। बैग से मिलीं शराब की 30 शीशियां तलाशी के दौरान आरोपी के पास से एक पिट्ठू बैग बरामद हुआ। इसमें 180 एमएल की 10 शीशी मैकडॉवल नंबर-1, 13 शीशी 8 पीएम ब्लैक व्हिस्की और सात शीशी ऑफिसर्स च्वाइस व्हिस्की मिलीं। कुल 30 शीशियों में करीब 5.4 लीटर शराब बरामद हुई। बिहार में दोगुने दाम पर बेचने का आरोप पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह उत्तर प्रदेश से शराब खरीदकर बिहार ले जाता था और वहां इसे दोगुने दाम पर बेचता था। इससे मिलने वाले पैसे से वह अपना खर्च चलाता था। पुलिस के मुताबिक, शराब लेकर बिहार जाने की तैयारी में था, तभी उसे पकड़ लिया गया। आबकारी अधिनियम में मुकदमा दर्ज जीआरपी थाना बलिया में आरोपी के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 57/26 के तहत धारा 60(1) आबकारी अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपी के खिलाफ आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
प्रशांत किशोर ने बिहार में बाढ़, छात्र आंदोलन और आगामी एमएलसी चुनाव को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने बाढ़ को हर साल की समस्या बताया और छात्रों की जायज मांगों को मानने की अपील की, साथ ही जन सुराज के एमएलसी चुनाव लड़ने की घोषणा की।
नेपाल के पहाड़ी और तराई क्षेत्रों में लगातार हो रही विनाशकारी मानसूनी बारिश का सीधा और घातक असर उत्तर बिहार के सीमावर्ती इलाकों पर दिखने लगा है। पड़ोसी देश के जलग्रहण क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने से गंडक, कोसी, बागमती और कमला बलान जैसी प्रमुख सीमावर्ती नदियां रौद्र रूप धारण कर रही हैं। खासकर गंडक नदी के तेजी से बढ़ते जलस्तर ने पश्चिम चंपारण जिले में भारी संकट की स्थिति पैदा कर दी है।नदी के उफान को देखते हुए इंडो-नेपाल सीमा पर स्थित वाल्मीकिनगर बराज के सभी फाटकों के संचालन पर तकनीकी दल चौबीसों घंटे नजर रखे हुए हैं। बराज से रिकॉर्ड मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण डाउनस्ट्रीम के दर्जनों गांव सीधे तौर पर बाढ़ के मुहाने पर आ खड़े हुए हैं।बेतिया जिला प्रशासन हाई अलर्ट मोड पर: अधिकारियों की छुट्टियां रद्दगंभीर खतरे को भांपते हुए बेतिया (पश्चिमी चंपारण) जिला प्रशासन पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने जिले में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। तटवर्ती प्रखंडों—बगहा, पिपरासी, मधुबनी, भितहा, ठकराहा, बैरिया, नौतन और मझौलिया—के अंचलाधिकारी और प्रखंड विकास अधिकारियों को 24 घंटे फील्ड में रहकर निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।तटबंधों की सुरक्षा को लेकर जल संसाधन विभाग के इंजीनियरों की टीम लगातार गश्त कर रही है। जिन स्थानों पर नदी का दबाव अधिक है, वहां बोल्डर क्रेटिंग, बालू से भरे जियो-बैग्स और स्पर की सुरक्षा के लिए आपातकालीन कटाव निरोधक कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिए गए हैं। प्रशासनिक मशीनरी किसी भी प्रकार की कोताही से बचने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।गंडक के निचले इलाकों से ऊंचे स्थानों पर जाने की सार्वजनिक मुनादीनदी के बढ़ते जलस्तर और संभावित कटान को देखते हुए प्रशासन ने दियारा और निचले इलाकों में बसे ग्रामीणों के लिए स्पष्ट चेतावनी जारी की है। माइकिंग और लाउडस्पीकर के जरिए स्थानीय लोगों से अपील की जा रही है कि वे अपने जरूरी सामान, मवेशी और बच्चों के साथ सुरक्षित ऊंचे स्थानों, स्कूलों, पंचायत भवनों और राहत शिविरों की ओर तत्काल रुख करें।नदी के कैचमेंट एरिया में जल प्रवाह की गति इतनी तेज है कि कुछ ही घंटों में जलस्तर कई फीट तक बढ़ सकता है। प्रशासन ने लोगों को आगाह किया है कि वे जलस्तर घटने के भ्रम में न रहें और रात होने से पहले ही सुरक्षित शरणस्थलों पर पहुंच जाएं। नावों और मोटरबोट्स को चिन्हित कर स्टैंडबाय पर रखा गया है, ताकि पानी घुसने की स्थिति में ग्रामीणों को बिना देर किए सुरक्षित निकाला जा सके।एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात: राहत शिविरों की तैयारी तेजकिसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की विशेष रेस्क्यू टीमों को बेतिया और बगहा के संवेदनशील इलाकों में तैनात कर दिया गया है। इन टीमों के पास अत्याधुनिक इन्फ्लेटेबल बोट्स, लाइफ जैकेट्स और गोताखोर उपकरण मौजूद हैं।इसके साथ ही, स्वास्थ्य विभाग को शुद्ध पेयजल की गोलियां, ओआरएस के पैकेट, सांप काटने के इलाज के लिए एंटी-स्नेक वेनम और आवश्यक जीवनरक्षक दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। पशुपालन विभाग ने भी बाढ़ में मवेशियों के चारे और टीकाकरण की व्यवस्था शुरू कर दी है, ताकि जलभराव के दौरान पशुओं में महामारी न फैले।तटबंधों पर चौबीसों घंटे पहरा: अफवाहों से बचने की सख्त हिदायतगंडक के बाएं और दाएं मुख्य तटबंधों पर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। स्थानीय चौकीदारों और ग्राम रक्षा दलों के साथ विभागीय इंजीनियर तटबंधों के एक-एक हिस्से की सघन निगरानी कर रहे हैं।जिला प्रशासन ने आम जनता से यह भी अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक और डराने वाली अफवाहों पर ध्यान न दें। किसी भी आपात स्थिति या सहायता के लिए जिला नियंत्रण कक्ष (डिस्ट्रिक्ट कंट्रोल रूम) के आधिकारिक नंबरों पर तुरंत संपर्क करें। प्रशासनिक तंत्र चौबीसों घंटे स्थिति को नियंत्रित करने और जान-माल के नुकसान को शून्य स्तर पर रखने के लिए सक्रिय है।
वाड्रफनगर ज्वेलरी शॉप चोरी का बड़ा खुलासा, बिहार के अंतरराज्यीय गिरोह के छह आरोपी गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर स्थित अरविंद ज्वेलर्स में हुई लाखों की चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। बिहार के रोहतास जिले के अंतरराज्यीय गिरोह के छह सदस्यों और चोरी का सामान खरीदने वाले एक सराफा कारोबारी को गिरफ्तार किया गया है।
मध्य प्रदेश क्रिकेट संगठन (एमपीसीए) का वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह बुधवार को ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया गया। समारोह में प्रदेश के पुरुष और महिला क्रिकेटरों को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए 2.94 करोड़ रुपये से ज्यादा की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। कार्यक्रम में पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर और आईसीसी मैच रेफरी जवागल श्रीनाथ तथा केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया मुख्य रूप से मौजूद रहे। एमपीसीए की ओर से हर साल विभिन्न आयु वर्ग और श्रेणियों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया जाता है। इस बार गत सत्र में खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर पुरस्कार वितरित किए गए। समारोह में प्रदेश के बड़ी संख्या में पूर्व और वर्तमान क्रिकेटर, एमपीसीए पदाधिकारी और सदस्य शामिल हुए। सभी खिलाड़ी एमपी के हैं। इनमें वरिष्ठ क्रिकेटर, कोच व जूनियर खिलाड़ी भी शामिल हैं। बीसीसीआई के साथ एमपीसीए भी देता है पुरस्कार बीसीसीआई के टूर्नामेंट में खिलाड़ियों और टीम के प्रदर्शन के आधार पर बोर्ड की ओर से पुरस्कार राशि दी जाती है। इसी तरह एमपीसीए भी अपनी ओर से खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि देता है। पुरस्कार की राशि टीम और व्यक्तिगत प्रदर्शन के आधार पर तय की जाती है। गत सत्र में मध्यप्रदेश की टीम कूच बिहार ट्रॉफी की विजेता रही थी, जबकि महिला सीनियर टीम उपविजेता रही। इन उपलब्धियों के आधार पर बीसीसीआई की ओर से भी मध्यप्रदेश को करीब 50 लाख रुपये की पुरस्कार राशि मिली थी। एमपीसीए की ओर से इस बार कुल 2.94 करोड़ रुपए से अधिक की राशि खिलाड़ियों को प्रदान की गई। समारोह के दौरान खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। एमपीसीए पदाधिकारियों ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए भविष्य में भी प्रदेश के क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की उम्मीद जताई। पुरस्कारों में वरिष्ठ खिलाड़ियों से लेकर जूनियर क्रिकेटरों तक को नकद राशि और सिल्वर प्लाक दिए गए। सबसे बड़े व्यक्तिगत पुरस्कारों में माधवराव सिंधिया लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड प्रशांत मेहता और सी.टी. सरवटे लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड आनंद पटेल को दिया गया। दोनों को 5-5 लाख रुपए और सिल्वर प्लाक प्रदान किए गए।
राहुल गांधी ने बिहार में बीपीएससी परीक्षा विवाद और छात्र आंदोलन को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने छात्रों पर पुलिस कार्रवाई की जवाबदेही तय करने और भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी पर जवाब मांगा है।
सितंबर में 8 दिन बंद रहेंगे बैंक, 11 को देशव्यापी हड़ताल; बिहार की 7 हजार शाखाओं पर असर
सितंबर में बिहार की करीब सात हजार बैंक शाखाएं छुट्टियों और बैंककर्मियों की हड़ताल के कारण आठ दिन प्रभावित रहेंगी। यूएफबीयू ने 11 सितंबर को देशव्यापी हड़ताल बुलाई है, साथ ही 5-दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग की है।
नेपाल की बाढ़ का बिहार पर दिखने लगा असर! 6 जिलों में लोगों को निकालने की तैयारी
मध्य नेपाल के कई जिले बुधवार को तिब्बत में अचानक आई भीषण बाढ़ की चपेट में आ गए, जिससे कम से कम 46 लोगों की मौत हो गई और 105 भारतीयों समेत करीब 500 लोग लापता हैं।
नेपाल बाढ़: गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका के चलते बिहार हाई अलर्ट पर
नेपाल में गंडक नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में अचानक बाढ़ (फ्लैश-फ्लड) आने की चेतावनी के बाद बिहार सरकार ने नदी के किनारे बसे जिलों में बाढ़ से निपटने की तैयारियों को...
Nepal Flood Updates: 22 की मौत, सैकड़ों लापता; नेपाल दूतावास ने जारी किया बयान
नेपाल में बुधवार सुबह अचानक आई बाढ़ ने कई इलाकों में भारी तबाही मचा दी। तिब्बत की ओर से आई बाढ़ का सबसे ज्यादा असर रसुवा जिले में देखने को मिला। नदी किनारे बसे इलाकों में पानी भरने से घर, सड़कें, पुल और दूसरी जरूरी सुविधाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। बाढ़ की चपेट में आने से कम से कम 22 लोगों की मौत की खबर है, जबकि बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता हैं। इस बीच, भारत में नेपाल के दूतावास का बयान भी आ गया है। नेपाल दूतावास ने जारी किया बयान भारत में नेपाल के दूतावास ने बाढ़ को लेकर ताजा बयान जारी किया है। दूतावास ने कहा कि नेपाल में सुबह आई बेहद गंभीर अचानक बाढ़ से लोगों की जान गई है, कई लोग लापता हैं और घरों, सड़कों, पुलों, जलविद्युत परियोजनाओं समेत कई जरूरी ढांचों को भारी नुकसान पहुंचा है। दूतावास के मुताबिक, नेपाल की सुरक्षा एजेंसियों, आपदा प्रबंधन टीमों, स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह राहत और बचाव के काम में लगाया गया है। लोगों को सुरक्षित निकालने, तलाशी और बचाव अभियान चलाने, जरूरी चिकित्सा सहायता देने और राहत पहुंचाने का काम जारी है। Embassy of Nepal in India says - Nepal was struck by a severe and unprecedented flash flood this morning, resulting in the tragic loss of lives, reports of missing persons and extensive damage to homes, roads, bridges, hydropower facilities and other infrastructure in the… pic.twitter.com/hcCN2aCG3x — ANI (@ANI) August 26, 2026 इसे भी पढ़ें: Bihar Flood Alert: Gandak Barrage के सभी 36 फाटक खोले गए, नेपाल में बाढ़ के बाद सतर्कता निचले इलाकों में भी खतरे पर नजर नेपाल के अधिकारी नदियों के जलस्तर और निचले इलाकों में आगे बाढ़ के खतरे पर लगातार नजर रख रहे हैं। दूतावास ने कहा कि फिलहाल हालात तेजी से बदल रहे हैं। ऐसे में मृतकों, लापता लोगों और नुकसान से जुड़ी पूरी जानकारी की पुष्टि की जा रही है। नेपाल सरकार ने दूसरे देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों की ओर से मिल रहे मदद के प्रस्तावों का स्वागत किया है। दूतावास के मुताबिक, अगर विदेशी मदद की जरूरत पड़ती है तो नेपाल सरकार काठमांडू से इसे तय और समन्वित करेगी। भारत में नेपाल का दूतावास भी नेपाल सरकार के संपर्क में है और जरूरत पड़ने पर भारत सरकार के साथ समन्वय में मदद के लिए तैयार है। दूतावास ने कहा है कि जैसे-जैसे पक्की जानकारी सामने आएगी, उसके आधार पर आगे की जानकारी साझा की जाएगी। 291 विदेशी पर्यटकों का पता नहीं नेपाल पर्यटन विभाग के मुताबिक, बाढ़ के बाद 291 विदेशी पर्यटकों का अब तक पता नहीं चल पाया है। इनमें 105 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि लापता लोगों और बाढ़ से हुए नुकसान की जानकारी जुटाई जा रही है और आंकड़ों की पुष्टि की जा रही है। इसे भी पढ़ें: पड़ोसी Nepal के Flood संकट में भारत साथ खड़ा, PM Modi ने Balen Shah से की बात, दिया हर संभव मदद का भरोसा तिब्बत की ओर से अचानक बढ़ा नदी का पानी अधिकारियों के मुताबिक, स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 9 बजे भोटे कोशी नदी में अचानक पानी बढ़ गया। इसके बाद रसुवा और धादिंग के साथ-साथ नुवाकोट जिले के कई इलाके प्रभावित हुए। रसुवा और धादिंग तिब्बत की सीमा के पास स्थित हैं, जबकि नुवाकोट काठमांडू के दक्षिण-पश्चिम में है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, रसुवा में आई बाढ़ स्थानीय इलाके में हुई बारिश की वजह से नहीं आई। माना जा रहा है कि तिब्बत की ओर हुई भारी बारिश या हिमस्खलन के कारण नदी में अचानक पानी बढ़ा होगा। हालांकि, बाढ़ की सही वजह अभी साफ नहीं हुई है और इसकी जांच की जा रही है। कई जलविद्युत परियोजनाओं को भारी नुकसान अचानक आई बाढ़ ने नेपाल की जलविद्युत परियोजनाओं को भी बड़ा नुकसान पहुंचाया है। कम से कम एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाएं बाढ़ की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त या तबाह हो गई हैं। इसके अलावा कई घरों, सड़कों और पुलों को भी नुकसान पहुंचा है।
नेपाल में भीषण बाढ़ से तबाही, 55 लोगों की मौत, सैकड़ों लापता, बिहार में भी दहशत
Nepal Floods Disaster: भारत के पड़ोसी देश नेपाल में मूसलाधार बारिश, भीषण बाढ़ और विनाशकारी भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। कुदरत के इस कहर के कारण नेपाल में अब तक 55 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 400 से ज्यादा लोग लापता है। इनमें 133 भारतीय शामिल ...
नेपाल में बाढ़ से हाहाकार: 105 भारतीय लापता, 55 की मौत… बिहार में हाई अलर्ट; पढ़ें शाम की बड़ी खबरें
नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ ने रसुवा जिले को तहस-नहस कर दिया। तिब्बत से आने वाली नदी में उफान के कारण 22 लोगों की मौत हो गई, जबकि 105 भारतीय समेत सैकड़ों पर्यटक लापता हैं। इस आपदा का असर भारत के बिहार तक पहुंच गया है, जहां हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
कल का मौसम: दिल्ली, यूपी, बिहार में भारी बारिश, MP-राजस्थान समेत 18 राज्यों में अलर्ट
कल का मौसम, 27 अगस्त 2026: IMD ने कल 18 राज्यों में बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है. उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी है.
Nepal Flash Flood: नेपाल और चीन के सीमावर्ती इलाकों में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद दोनों देशों के कूटनीतिक संबंधों में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। तिब्बत की तरफ से आई इस अचानक बाढ़ ने नेपाल के सीमावर्ती गांवों में भारी तबाही मचाई है। इस भीषण आपदा के बीच नेपाल के एक प्रमुख पत्रकार ने बीजिंग पर समय रहते अर्ली वार्निंग न देने का आरोप लगाते हुए कड़ा हमला बोला है। उन्होंने सवाल उठाया है कि आखिर काठमांडू को चीन के साथ अपने संबंधों में इस एकतरफा प्यार का खामियाजा क्यों भुगतना पड़ रहा है।नेपाली पत्रकार का बीजिंग पर सीधा निशानाविदेश और सामरिक मामलों के वरिष्ठ नेपाली पत्रकार परशुराम काफ्ले ने बीजिंग द्वारा पूर्व चेतावनी न दिए जाने पर अप्रत्यक्ष लेकिन बेहद तीखा हमला बोला है। उन्होंने चीन का नाम लिए बिना उसे नेपाल का उत्तरी पड़ोसी कहकर संबोधित किया और आरोप लगाया कि समय पर अलर्ट न भेजकर उसने नेपाल की स्थिति को गंभीर रूप से कमजोर किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए काफ्ले ने लिखा कि 'नेपाल अपने पड़ोसियों की जायज सुरक्षा चिंताओं का लगातार समाधान करता रहा है। हालांकि बेहद दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि हमारे उत्तरी पड़ोसी ने हमें काफी नुकसान पहुंचाया है। इतनी बड़ी आपदा की समय पर पूर्व चेतावनी न देकर उन्होंने हमारे यहां बड़े पैमाने पर जन-धन की हानि की वजह तैयार की।'एकतरफा प्यार की कीमत अकेला नेपाल क्यों चुकाए?अपनी पोस्ट में काफ्ले ने नेपाल और चीन के बीच के इस द्विपक्षीय रिश्ते के स्वरूप पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चीनी क्षेत्र से उत्पन्न होने वाले संकटों का सामना नेपाल को बार-बार करना पड़ता है जबकि काठमांडू बीजिंग की हर छोटी-बड़ी मांग और चिंताओं का ख्याल रखता है। काफ्ले ने आगे लिखा कि 'हम लगातार उनके क्षेत्र (चीन) से शुरू होने वाले संकटों का सामना करते आ रहे हैं जबकि हम उनकी सभी जरूरतों और अनावश्यक-आवश्यक चिंताओं को पूरा करते रहते हैं। आखिर इस एकतरफा प्यार की कीमत अकेले नेपाल को ही क्यों चुकानी पड़े?'सीमा पर भारी तबाही, भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ायह विवाद उस समय शुरू हुआ जब बुधवार सुबह तिब्बत सीमा से लगे नेपाल के रसुवा जिले में अचानक विनाशकारी बाढ़ आ गई। तिब्बती क्षेत्र से अचानक पानी के भारी सैलाब ने करीब सुबह 9 बजे नेपाल की भोटेकोशी नदी में प्रवेश किया। इस जल प्रलय के चलते सीमावर्ती टिमुरे और स्याप्रु बेसी इलाकों में तबाही देखने को मिली। नदी के तेज बहाव ने कई रिहायशी बस्तियों, इंफ्रास्ट्रक्चर, गाड़ियों और सड़कों को अपनी चपेट में ले लिया और भारी नुकसान पहुंचाया।सेना और पुलिस के साथ युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशनआपदा की गंभीरता को देखते हुए नेपाल सरकार ने तुरंत राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने प्रभावित इलाकों में तुरंत राहत कार्य चलाने और खोज अभियान को गति देने के निर्देश दिए हैं। आधिकारिक बयानों के मुताबिक प्रभावित बस्तियों में राहत पहुंचाने और लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि नुकसान का आकलन अभी किया जा रहा है और हताहतों व मौतों की सटीक संख्या अभी स्पष्ट होना बाकी है।क्रॉस-बॉर्डर अर्ली वार्निंग सिस्टम पर उठे सवालइस भीषण बाढ़ ने दो पड़ोसी देशों के बीच सीमा पार सूचना साझा करने के तंत्रकी पोल खोलकर रख दी है। संवेदनशील और आपदा-संभावित सीमावर्ती क्षेत्रों में अचानक जलस्तर बढ़ने जैसी आपदाओं की जानकारी साझा करना बेहद जरूरी माना जाता है। इस घटना ने काठमांडू और बीजिंग के बीच कूटनीतिक और सामरिक विश्वास पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।यह भी पढ़ें:Bihar Flood Risk: नेपाल में आई बाढ़ से बिहार में हाई अलर्ट, जानें- क्यों रखी जा रही है बारीकी से नजर
दरभंगा पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल, एसएसपी ने 13 दारोगा का किया तबादला, लिस्ट जारी
Bihar Police Transfer: दरभंगा के एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत करने के लिए जिले के 13 दारोगा का तबादला किया है। इसके तहत पुलिस केंद्र में प्रतीक्षारत चार दारोगा को भी नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।
Nepal बाढ़ के खतरे पर Bihar CM का एक्शन! NDRF-SDRF टीमें तैनात, तैयारी युद्धस्तर पर
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे हाई अलर्ट पर रहें, क्योंकि नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में अचानक आई बाढ़ से गंडक नदी का जलस्तर बढ़ सकता है। 26 अगस्त को पटना के संकल्प ऑडिटोरियम में हुई एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक में, मुख्यमंत्री ने बाढ़ से प्रभावित या बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों के ज़िला अधिकारियों को सतर्क रहने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। उन्होंने गंडक नदी के संदर्भ में विशेष रूप से पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुज़फ़्फरपुर और वैशाली ज़िलों का ज़िक्र किया। इसे भी पढ़ें: राहुल गांधी का BJP सरकार पर हमला, बोले - लाठियों से सवाल नहीं दबेंगे, Bihar के BPSC छात्रों को न्याय दो अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे तटबंधों की मजबूती और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियमित रूप से उनका निरीक्षण करें। चौधरी ने किसी भी आपात स्थिति को रोकने के लिए बांधों और तटबंधों की लगातार निगरानी करने और रात में गश्त करने का आदेश दिया। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को यह भी निर्देश दिया कि वे संवेदनशील इलाकों में लाउडस्पीकर और माइक्रोफोन के ज़रिए समय पर चेतावनी जारी करें, ताकि लोगों को बाढ़ से जुड़े खतरों के बारे में जानकारी मिलती रहे। उन्होंने पुष्टि की कि इमरजेंसी रिस्पॉन्स के लिए नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) और स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) की टीमों को तैनात किया गया है और तेज़ी से राहत कार्यों के लिए अधिकारियों और बचाव टीमों के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर ज़ोर दिया। इंसानी जान बचाने को सबसे ज़रूरी बताते हुए, चौधरी ने अधिकारियों के बीच लगातार तैयारी और आपसी सहयोग के महत्व पर ज़ोर दिया। इसे भी पढ़ें: Nepal Flood: बिहार में हाई अलर्ट, अमित शाह ने CM सम्राट से की बात, PM Modi की भी नजर बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
नेपाल में बाढ़ के बाद बिहार में हाई अलर्ट, 6 जिलों में बढ़ाई गई सर्तकता
नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद अब बिहार सरकार अलर्ट पर है. गंडक नदी में फ्लैश फ्लड का अलर्ट है. बिहार के 6 जिलों में सतर्कता बढ़ा दी गई है. फ्लैश फ्लड की स्थिति को देखते हुए बिहार में अलर्ट जारी किया गया है. गंडक नदी में अचानक पानी बढ़ने और करीब 3 मीटर तक ऊंची फ्लैश फ्लड के खतरे की आशंका है. इसे देखते हुए पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली में विशेष सतर्कता बरती जा रही है.
सरकारी नौकरी की तैयारी करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। दरअसल, बिहार खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की तरफ से लेखपाल, सहायक प्रबंधक, सहायक लेखा पदधिकारी समेत कई पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इच्छुक उम्मीदवार नौकरी के लिए ऑनलाइन आवेदन जल्द करें। अलग-अलग पदों पर आवेदन करनी की अंतिम तारीख 24 सितंबर, 2026 निर्धारित की है। इसके अतिरिक्त, उम्मीदवारों को 26 सितंबर से लेकर 29 सितंबर के बीच फॉर्म में सुधार करने का मौका दिया जाएगा। आवेदन करने के लिए जरूरी योग्यता इन भार्तियों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को भारत के किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से स्नातक पूरा किया जा सकता है। इसके साथ ही उम्मीदवारों के पास अन्य निर्धारित पात्रताएं होना जरुरी है। भर्ती की संबंधित विवरण इस भर्ती के जरिए कुल 259 उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। सहायक प्रबंधक के कुल 81 पद, सहायक लेखा पदाधिकारी के कुल 06 पद, लेखपाल के कुल 11 पद, गुणवत्ता नियंत्रक के कुल 38 पद और निम्नवर्गीय लिपिक के कुल 123 पद आरक्षित किए गए हैं। जानें आयु-सीमा विभिन्न पदों की भर्ती के लिए आयु की गणना 01 जनवरी, 2026 के आधार पर होगी। इसलिए उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 21 वर्ष निर्धारित है। इसके अतिरिक्त, आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को आयु-सीमा में छूट दी जाएगी। अनारक्षित पुरुष उम्मीदवारों की अधिकतम आयु 37 वर्ष, पिछड़ा वर्ग और अनारक्षित महिला उम्मीदवारों की अधिकतम आयु 40 वर्ष और एससी एवं एसटी उम्मीदवारों की अधिकतम आयु 42 वर्ष निर्धारित है। इस तरह से करें आवेदन - सबसे पहले आप ऑफिशियल वेबसाइट bceceboard.bihar.gov.in पर विजिट करें। - इसके बाद वेबसाइट के होमपेज पर Online Portal of Food & Civil Supplies Corporation Ltd पर क्लिक करें और अब आप Apply Online लिंक पर क्लिक करें। - इसके बाद मांगी गई सभी जरुरी डिटेल को ध्यानपूर्वक दर्ज करें। - फॉर्म भरने के बाद मांगी गई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की स्कैन कॉपी को अपलोड करें। - आखिर में इसका एक प्रिंट आउट निकालकर भविष्य के लिए अपने पास रख लें।
Nepal Bihar Flood LIVE: पड़ोसी देश नेपाल में तबाही मचाने के बाद बाढ़ बिहार तक पहुंच गया है। आज की रात रात बिहार पर भारी है। इसे देखते हुए सीएम सम्राट चौधरी ने संबंधित जिलों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया है। गंडक बैराज के सभी गेट खोल दिए गए हैं।
Bihar Flood Risk: नेपाल में आई बाढ़ से बिहार में हाई अलर्ट, जानें- क्यों रखी जा रही है बारीकी से नजर
Bihar Flood Risk:उत्तरी नेपाल के रसुवा जिले में अचानक आई जबरदस्त बाढ़ के कारण बिहार में खास सतर्कता बरती जा रही है, क्योंकि नेपाल में गंडक नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में अचानक बाढ़ की स्थिति बन गई है और पानी के बहाव में अचानक तेजी आने की आशंका है। हालांकि, अभी तक बाढ़ के सटीक कारण का पता नहीं चल पाया है, लेकिन पिछले साल इसी नदी में आई ऐसी ही अचानक बाढ़ का कारण बाद में एक ग्लेशियर झील का पानी निकलना बताया गया था।नेपाल पर्यटन बोर्ड को ताजा जानकारी के अनुसार, नेपाल के नुवाकोट और धाडिंग जिलों में भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़ के बाद कम से कम 105 भारतीय लापता हैं।बता दें कि बुधवार को नेपाल में आई जबरदस्त बाढ़ में कम से कम 8 लोगों की मौत हो गई। वहीं, चीन के सरकारी मीडिया ने बताया कि दोनों देशों की सीमा पर चीन की तरफ तिब्बत के एक व्यापारिक केंद्र पर मडस्लाइड (कीचड़ और मलबे का बहाव) हुआ, जिसकी चपेट में आने से काफ़ी लोग हताहत हुए हैं।बिहार में क्यों बढ़ाई गई निगरानी?नेपाल में बाढ़ के हालात को देखते हुए बिहार के अधिकारियों ने गंडक नदी में पानी का स्तर बढ़ने की आशंका के चलते हाई अलर्ट जारी किया है।बिहार प्रशासन ने पश्चिमी चंपारण के बगहा इलाके, खासकर वाल्मीकिनगर बैराज के आसपास निगरानी बढ़ा दी है। उन्हें चिंता है कि नेपाल से बहकर आने वाला अतिरिक्त पानी दो से तीन घंटे में गंडक नदी तक पहुंच सकता है।गंडक नदी के किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को भी सावधानी बरतने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।बता दें कि भोटे कोशी नदी तिब्बत से निकलती है और नेपाल की त्रिशूली नदी में मिलती है, जो आगे चलकर भारत में गंडक नदी के रूप में प्रवेश करती है।न्यूज एजेंसी ANI ने बिहार में आपदा प्रबंधन अधिकारियों के हवाले से बताया कि गंडक नदी के किनारे बसे जिलों में बाढ़ की संभावित स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी तैयारियां की जा रही हैं।ANI ने अधिकारियों के हवाले से बताया, नेपाल के रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा, लमजुंग और तनहुं जिलों (गंडक कैचमेंट एरिया) और दोलखा और सिंधुपालचोक जिलों (कोसी कैचमेंट एरिया) में अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का ज्यादा खतरा होने का अनुमान है।फरक्का बैराज क्यों एक नया विवाद का मुद्दा बन गया है?जैसे-जैसे गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है और राज्य में बाढ़ का खतरा गहराता जा रहा है, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पश्चिम बंगाल के अपने समकक्ष सुवेंदु अधिकारी से फरक्का बैराज के सभी गेट खोलने का आग्रह किया है। उनका तर्क है कि बहाव बढ़ने से पूर्वी राज्य में बाढ़ का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।यह अनुरोध ऐसे समय में आया है जब 1996 की भारत-बांग्लादेश गंगा जल बंटवारा संधि—जो फरक्का में नदी के कम बहाव वाले मौसम में पानी के बंटवारे को नियंत्रित करती है—इस साल दिसंबर में अपनी 30 साल की अवधि पूरी करने के बाद समाप्त होने वाली है। पटना लगातार इस बात पर जोर दे रहा है कि बांग्लादेश के साथ भविष्य में पानी के बंटवारे की किसी भी व्यवस्था में उसके हितों का ध्यान रखा जाए।मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने राज्य को आश्वासन दिया है कि नवीनीकरण प्रक्रिया के दौरान फरक्का बैराज और भारत-बांग्लादेश जल बंटवारा संधि को लेकर उसकी चिंताओं पर विचार किया जाएगा।पटना की सबसे बड़ी चिंता क्या है?हालांकि, अभी सबसे बड़ी चिंता गंगा नदी के जलस्तर का बढ़ना है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस साल राज्य में सामान्य से कम बारिश होने के बावजूद, पटना और बक्सर समेत बिहार के कुछ हिस्सों में नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चला गया है।पटना के लिए अभी जरूरी है कि बैराज से और पानी छोड़ा जाए ताकि ऊपरी हिस्से (अपस्ट्रीम) का दबाव कम हो सके। हालांकि, बैराज से जुड़ा कोई भी फैसला पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के साथ पानी के बंटवारे को लेकर भारत की प्रतिबद्धताओं पर भी असर डाल सकता है।यह भी पढ़ें:Nepal Flood: नेपाल में अचानक आई बाढ़ ने मचाई तबाही, 105 भारतीय पर्यटकों समेत 291 विदेशी लापता
नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में फ्लैश फ्लड की स्थिति और गंडक नदी में अचानक जलप्रवाह बढ़ने की आशंका को देखते हुए बिहार सरकार ने संबंधित जिलों में विशेष सतर्कता बढ़ा दी है।
Rajat Sharma's Blog | बिहार छात्र आंदोलन: सारी मांगें जायज़ नहीं
बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन ने साफ कह दिया है कि इस तरह की मांगें मानना संभव नहीं हैं। छात्र बात करना चाहते हैं, तो सरकार तैयार है। छात्रों की जायज मांगों पर सरकार विचार कर सकती है लेकिन इस तरह सड़क पर उतर कर सरकार को झुकाया नहीं जा सकता।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार (26 अगस्त) को नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से बात की और पड़ोसी देश में विनाशकारी बाढ़ से हुई जान-माल की हानि पर शोक व्यक्त किया। पीएम मोदी ने शाह को भारत के पूर्ण समर्थन का आश्वासन भी दिया और संकट से निपटने में नेपाल की मदद के लिए हर संभव मानवीय और राहत सहायता की पेशकश की। इसे भी पढ़ें: Nepal Flood: बिहार में हाई अलर्ट, अमित शाह ने CM सम्राट से की बात, PM Modi की भी नजर X पर एक पोस्ट में, पीएम मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री बालेन शाह से बात की और नेपाल में बाढ़ के कारण हुई जान-माल की हानि पर शोक व्यक्त किया। इस कठिन समय में भारत के लोग नेपाल में अपने भाइयों और बहनों के साथ एकजुटता से खड़े हैं। भारत नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है। हमारी टीमें बचाव और राहत कार्यों पर निकटता से समन्वय कर रही हैं। सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारत पड़ोसी देश में विनाशकारी बाढ़ के बाद जल्द से जल्द नेपाल को राहत सामग्री भेजने की तैयारी कर रहा है। बुधवार को मध्य नेपाल में अचानक आई ज़बरदस्त बाढ़ से अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है और नदी के किनारे बसे इलाकों में भारी तबाही हुई है। अधिकारियों के मुताबिक, बाढ़ से कम से कम एक दर्जन पनबिजली परियोजनाओं को भी नुकसान पहुँचा है। स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 9 बजे भोटे कोशी नदी में बाढ़ का पानी तेज़ी से बढ़ा; बताया जा रहा है कि यह पानी तिब्बत की तरफ से आया था। इस आपदा से तिब्बत की सीमा से लगे रसुवा और धाडिंग ज़िलों के साथ-साथ काठमांडू के दक्षिण-पश्चिम में स्थित नुवाकोट ज़िला भी प्रभावित हुआ। इसे भी पढ़ें: Nepal Flash Flood: जलप्रलय से कई लोगों की मौत, 105 Kailash Mansarovar Yatri लापता, Bihar में बाढ़ का अलर्ट नेपाल सेना ने एक बयान में कहा कि नदी के जलस्तर में अचानक हुई बढ़ोतरी से रसुवा ज़िले के तिमुरे और पास के स्याफ्रुबेसी इलाके में भारी नुकसान हुआ, जहाँ गाड़ियाँ, सामान और अन्य संपत्तियाँ बह गईं। रसुवा ज़िला काठमांडू के उत्तर-पूर्व में और तिब्बत सीमा से लगभग 125 किलोमीटर दूर स्थित है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
नेपाल में अचानक आई बाढ़ से मची तबाही के बीच, भारत में तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
नेपाल में जल प्रलय से बिहार में हाई अलर्ट, शाह से सम्राट की बात, बाढ़ को लेकर सरकार चौकन्नी
नेपाल में भीषण जल प्रलय के बाद बिहार में बाढ़ से तबाही का हाई अलर्ट जारी किया गया है। तीन लाख क्यूसेक से अधिक पानी डिस्चार्ज होने की संभावना के बीच पूरे उत्तर बिहार पर भीषण बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। गृह मंत्री अमित शाह ने सीएम सम्राट चौधरी से बात कर सभी प्रकार की सहायता का आश्वासन दिया है।
नेपाल में बाढ़ से भारत में अलर्ट, बिहार के कई जिलों में तैयारी बढ़ाई गई
Patna, 26 अगस्त . नेपाल में अचानक आई बाढ़ से मची तबाही के बीच, India में तैयारियां तेज कर दी गई हैं. Wednesday को नेपाल के रसुवा जिले में भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़ से कम से कम सात लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोगों के लापता होने की खबर ... Read more
Bihar BPSC Student Protest: प्रदर्शन में छा गया 6 साल का बच्चा, बोला- Samrat Choudhary दे इस्तीफा
की राजधानी पटना में प्रदर्शनकारी छात्र सड़कों पर उतरे. 70वीं BPSC परीक्षा को लेकर छात्र परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन हुआ. लेकिन इस प्रदर्शन में एक 6 साल बच्चा छा गया. इस बच्चे ने सीधा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का इस्तीफा मांग लिया. क्या बोला देखिए इस वीडियो में
नेपाल के हिमालयी सीमावर्ती जिले रसुवा में आज सुबह आई अचानक और भीषण बाढ़ ने तबाही की ऐसी तस्वीर पेश की है, जिसने नेपाल के साथ-साथ भारत की चिंता भी कई गुना बढ़ा दी है। चीन की सीमा और तिब्बत की दिशा से भोटेकोशी नदी में अचानक आए उफान ने देखते ही देखते बस्तियों, बाजारों, पुलों, वाहनों, सीमा व्यापार ढांचे और जलविद्युत परियोजनाओं को अपनी चपेट में ले लिया। दर्जनों लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है जबकि बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं। सबसे गंभीर खबर यह है कि लापता लोगों की प्रारंभिक सूची में 105 भारतीय नागरिक शामिल हैं, जिनमें बड़ी संख्या कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं की बताई जा रही है। साथ ही यह भी बताया जा रहा है कि नेपाल में आई आपदा के चलते बिहार के कम से कम आधा दर्जन जिलों पर खतरा मंडरा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, बाढ़ का सबसे विनाशकारी असर रसुवागढ़ी-तिमुरे क्षेत्र में सुबह करीब नौ बजे दिखाई दिया। भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक असामान्य रूप से बढ़ा और पानी का तेज बहाव तिमुरे तथा स्याफ्रुबेसी क्षेत्रों में फैल गया। नेपाल सेना के अनुसार, इस अचानक आई जलप्रलय ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई। वाहन, व्यापारिक सामान और अन्य संपत्तियां बह गईं। सीमा शुल्क परिसर में खड़े वाहन और वहां रखा सामान भी पानी की भेंट चढ़ गया, जबकि हाल ही में बनाया गया एक पुल तक बह गया। धादिंग जिले के गजुरी में भी एक पुल के बहने की खबर है। इसे भी पढ़ें: Gandak नदी का जलस्तर बढ़ा, Bihar में बाढ़ का खतरा; CS ने की आपात बैठक रसुवा जिला प्रशासन ने शुरुआत में ही स्वीकार किया कि तिमुरे और स्याफ्रुबेसी समेत बाजार और आवासीय क्षेत्रों में भारी नुकसान हुआ है। आपदा की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रसुवा के अलावा नुवाकोट और धादिंग के निचले इलाकों तक खतरा फैल गया। बाढ़ से प्रभावित बस्तियों में स्याफ्रुबेसी, बेत्रावती, मैलुंग, सल्लेतार, शांतिबाजार, पैरेबेसी, खाल्टी बस्ती, सोले, त्रिशूली और बत्तार जैसे क्षेत्र शामिल हैं। वहीं इस आपदा ने कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकले लोगों को लेकर सबसे बड़ी चिंता पैदा की है। नेपाल पर्यटन बोर्ड द्वारा तैयार की गई प्रारंभिक सूची के अनुसार, 384 यात्री लापता बताए गए हैं, जिनमें 291 विदेशी और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। विदेशी यात्रियों में 105 भारतीय हैं। सूची में ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड, अमेरिका, मलेशिया, ब्रिटेन और दक्षिण अफ्रीका के नागरिकों के नाम भी शामिल हैं। हालांकि नेपाल पर्यटन बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यह सूची प्रारंभिक है और ट्रैवल एजेंसियों, गाइडों, स्थानीय प्रशासन तथा सुरक्षा एजेंसियों के साथ इसका सत्यापन किया जा रहा है। बताया गया है कि बुधवार को करीब 390 यात्रियों को तिब्बत सीमा पार करनी थी। इनमें 93 नेपाली नागरिक भी शामिल थे। दोपहर तक अधिकांश यात्रियों से संपर्क स्थापित नहीं हो सका था। इसीलिए 105 भारतीयों के लापता होने की सूचना ने भारत में उनके परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस को बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव कार्य में लगाया गया है। हेलीकॉप्टरों की मदद से दुर्गम इलाकों में खोज अभियान चलाया जा रहा है। कई रिपोर्टों के अनुसार हेलीकॉप्टर, ड्रोन और खोजी कुत्तों की मदद ली जा रही है। उधर, बाढ़ की प्रकृति ने इस आपदा को और रहस्यमय तथा चिंताजनक बना दिया है। नेपाल के जल एवं मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि रसुवा में हुई बारिश इस बाढ़ का कारण नहीं थी। यानी पानी का यह प्रचंड सैलाब स्थानीय वर्षा से पैदा नहीं हुआ। शुरुआती संकेत बताते हैं कि घटना का स्रोत तिब्बत की ओर हो सकता है। आशंका जताई जा रही है कि वहां भूस्खलन से किसी नदी का प्रवाह अस्थायी रूप से रुक गया और बाद में जमा पानी अचानक टूटकर नेपाल की ओर बह निकला। ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट यानी हिमनदीय झील के अचानक फटने की संभावना भी जांच के दायरे में है। हालांकि अभी तक वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। देखा जाये तो यह आशंका इसलिए भी गंभीर है क्योंकि पिछले वर्ष भी इसी भोटेकोशी नदी में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ में कम से कम 10 लोगों की मौत हुई थी। उस समय जांच में सामने आया था कि एक पहले से पहचानी न गई ‘सुप्राग्लेशियल’ झील के अचानक खाली होने से बाढ़ आई थी। अब एक बार फिर बिना स्थानीय बारिश के नदी का अचानक उफान इस पूरे हिमालयी क्षेत्र में बदलते जलवायु पैटर्न, ग्लेशियरों की अस्थिरता और सीमा पार से आने वाले जल खतरों की ओर इशारा कर रहा है। इस आपदा का आर्थिक असर भी गहरा है। रसुवा और नुवाकोट क्षेत्र की आठ चालू जलविद्युत परियोजनाएं, जिनकी कुल उत्पादन क्षमता 354 मेगावाट है, प्रभावित हुई हैं। इनमें 111 मेगावाट की रसुवागढ़ी जलविद्युत परियोजना, 78 मेगावाट की संजेन खोला परियोजना और 60 मेगावाट की अपर त्रिशूली-3ए परियोजना प्रमुख हैं। इसके अलावा पांच निर्माणाधीन परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचने की सूचना है। नेपाल के लिए यह केवल प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि ऊर्जा ढांचे और सीमा व्यापार पर सीधा प्रहार है। रसुवागढ़ी सीमा चौकी, जो नेपाल और चीन के बीच एक महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग है, उसका बुनियादी ढांचा भी प्रभावित हुआ है। भारत की दृष्टि से सबसे बड़ा और तात्कालिक संकट 105 भारतीय नागरिकों की सुरक्षा है। कैलाश मानसरोवर यात्रा धार्मिक आस्था से जुड़ी है और हर वर्ष बड़ी संख्या में भारतीय श्रद्धालु नेपाल के रास्ते तिब्बत पहुंचते हैं। ऐसे में यात्रियों का संपर्क टूटना, सीमावर्ती मार्गों का बह जाना और संचार व्यवस्था का प्रभावित होना भारत के लिए बड़ी चुनौती है। भारतीय नागरिकों की सही स्थिति का जल्द पता लगाने के प्रयास शुरू हो गये हैं तथा नेपाल प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है और आवश्यकता पड़ने पर बचाव और निकासी में सहयोग करने की तैयारी भी तेज हो गयी है। इस पूरे घटनाक्रम का एक चिंताजनक पहलू सीमा पार जल आपदाओं का भी है। यदि बाढ़ का वास्तविक स्रोत तिब्बत में भूस्खलन, ग्लेशियल झील का फटना या किसी नदी का अवरुद्ध होकर अचानक टूटना साबित होता है, तो यह पूरे हिमालयी क्षेत्र के लिए चेतावनी है। हिमालय में बनने वाली ऐसी झीलें, अचानक भूस्खलन और जल प्रवाह में अवरोध केवल नेपाल तक सीमित खतरा नहीं हैं। नेपाल की नदियां अंततः भारत की विशाल नदी प्रणालियों से जुड़ती हैं। इसलिए ऊपरी हिमालय में किसी भी बड़े जल विस्फोट का प्रभाव नीचे बसे भारतीय क्षेत्रों तक पहुंच सकता है। उधर, नेपाल की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण ने रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, चितवन और गोरखा जिलों में नदी किनारे रहने वाले लोगों को हाई अलर्ट पर रहने को कहा है। लेकिन असली सवाल इससे आगे का है। सवाल यह है कि क्या हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियल झीलों, भूस्खलन से बनने वाली अस्थायी झीलों और सीमा पार जल प्रवाह की निगरानी पर्याप्त है? भोटेकोशी की यह त्रासदी एक बार फिर बता रही है कि हिमालय में आपदा की चेतावनी केवल मौसम पूर्वानुमान से नहीं मिल सकती। फिलहाल राहत और बचाव अभियान जारी है, मृतकों और लापता लोगों की संख्या बदल सकती है तथा 105 भारतीयों की सूची का सत्यापन अभी जारी है। लेकिन इतना स्पष्ट है कि रसुवा की यह जलप्रलय केवल नेपाल की एक स्थानीय आपदा नहीं है। यह भारत, नेपाल और पूरे हिमालयी क्षेत्र के सामने खड़े उस नए खतरे की चेतावनी है, जिसमें पिघलते ग्लेशियर, अस्थिर पर्वत, अचानक बनने वाली झीलें और सीमा पार से आने वाला अनियंत्रित जल प्रवाह किसी भी समय हजारों लोगों की जिंदगी और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को संकट में डाल सकता है। भोटेकोशी का उफान थम भी जाए, लेकिन इसके पीछे उठे सवाल अब लंबे समय तक शांत नहीं होंगे।
Patna, 26 अगस्त . बिहार के Chief Minister सम्राट चौधरी ने Wednesday को रक्षाबंधन से पहले बिहार की बेटियों और बहनों की सुरक्षा, शिक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए तीन महत्वपूर्ण योजनाओं की शुरुआत की. Patna के ज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में Chief Minister ने ‘Police दीदी (अभया ब्रिगेड)’ के लिए ... Read more
Nepal में भीषण Flood, 105 Indian समेत 400 लोग Missing, चारों ओर तबाही
बुधवार को नेपाल के उत्तरी रसुवा ज़िले (तिब्बत सीमा के पास) में आए ज़बरदस्त अचानक बाढ़ के कारण लगभग 400 लोग लापता हैं, जिनमें कम से कम 105 भारतीय शामिल हैं। साथ ही 16 लोगों की मौत की भी खबर है। इस बाढ़ ने घर, गाड़ियाँ, पुल और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट की साइट्स को बहा दिया है। बाढ़ का पानी नीचे की ओर बढ़ रहा है, जिससे नेपाल से सटी सीमा वाले राज्य बिहार में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। इसे भी पढ़ें: Tejashwi Yadav ने PMCH में घायल छात्रों से की मुलाकात, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप अधिकारियों के मुताबिक, सुबह करीब 9 बजे तिब्बत की तरफ से भोटे कोशी नदी में पानी का तेज़ बहाव आया, जिससे तिमुरे और स्याप्रु बेसी बुरी तरह प्रभावित हुए। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने बताया कि ग्यिरोंग बॉर्डर क्रॉसिंग के पास तिब्बत में भी मडस्लाइड (कीचड़ का बहाव) हुई, जिसमें कुछ लोगों की मौत हो गई और कई लोग लापता हो गए। अचानक आई इस बाढ़ की वजह अभी साफ नहीं है। नेपाल के बाढ़ पूर्वानुमान विभाग का कहना है कि रसुवा में भारी बारिश के कारण ऐसा होने की संभावना कम है, जबकि सैटेलाइट तस्वीरों में तिब्बत की तरफ काफी बारिश दिखाई दी है। 'द काठमांडू पोस्ट' की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारी ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) की संभावना की जांच कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में इलाके की नदियों में उफान दिखाई दे रहा है; एक वीडियो में बाढ़ का पानी एक पुल को बहा ले जाता हुआ दिख रहा है। एक और वीडियो में एक घर ताश के पत्तों की तरह ढहता हुआ दिख रहा है, जबकि बैकग्राउंड में लोग चीखते-चिल्लाते और घबराहट में भागते हुए नज़र आ रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Gandak नदी का जलस्तर बढ़ा, Bihar में बाढ़ का खतरा; CS ने की आपात बैठक नेपाल सरकार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में बचाव अभियान शुरू किया, लेकिन जिन जगहों पर बाढ़ का पानी बहुत ज़्यादा था, वहाँ हेलीकॉप्टर नहीं उतर पाए। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने तिब्बत में लापता लोगों की पूरी ताकत से खोज करने और दूसरी आपदाओं को रोकने के लिए बेहतर निगरानी और समय रहते चेतावनी देने वाले सिस्टम बनाने का निर्देश दिया।
बखरी में बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन का रक्तदान शिविर, SDO ने किया उद्घाटन
26 बुधवार, अगस्त :बेगूसराय के बखरी में बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्घाटन एसडीओ सन्नी कुमार सौरव और मुख्य पार्षद गीता कुशवाहा ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान 60 से अधिक लोगों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान कर समाज के सामने एक अनूठी मिसाल पेश की।
बिना प्रीमियम, पूरा फायदा: बिहार में किसानों को खरीफ फसल के लिए मिलेगा सहायता योजना का लाभ
बिहार सरकार की 'बिहार राज्य फसल सहायता योजना' के तहत खरीफ फसलों के लिए आवेदन शुरू हो गए हैं। किसान 31 अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और फसल क्षति पर प्रति हेक्टेयर 10,000 रुपये तक सहायता मिलेगी।
Nepal Flash Flood News: तिब्बत की ओर से नेपाल की भोटे कोशी नदी में आई अचानक बाढ़ की एक बड़ी लहर आने की खबर ने भारत की चिंता बढ़ा दी है। बाढ़ से हुई भारी तबाही के बाद त्रिशूली नदी बेसिन में अलर्ट की स्थिति बनी हुई है। भोटे कोशी आगे चलकर त्रिशूली नदी का हिस्सा बनती है। त्रिशूली आगे नारायणी/गंडक नदी के रूप में बहती है। यह अंततः बिहार से होकर गंगा नदी में मिलती है। ऐसे में नेपाल में आई इस बाढ़ का असर नदी के बहाव और जलस्तर के आधार परबिहार के सीमावर्ती इलाकों में भी पड़ सकता है।खास तौर पर बिहार के पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण और वैशाली जिलों को सतर्क रहने की जरूरत है। इन इलाकों में प्रशासन और स्थानीय लोगों को नदियों के जलस्तर और संभावित बढ़ते प्रवाह पर नजर बनाए रखनी चाहिए। हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि नेपाल से आई यह बाढ़ की लहर बिहार में बड़ी बाढ़ का रूप लेगी। इसका वास्तविक असर नेपाल में पानी के प्रवाह, नदी के जलस्तर और आगे आने वाले घंटों में स्थिति पर निर्भर करेगा।बगहा में बाढ़ आने की चेतावनीइस बीच, पश्चिमी चंपारण (बगहा) के SP ने एक बयान जारी कर कहा है कि नेपाल की त्रिशूल नदी में भूस्खलन हुआ है। इसके कारण बगहा में गंडक नदी किनारे बसे गांवों में अगले 2 घंटे में बाढ़ आने की संभावना है।एसपी ने जो चेतावनी दी है उसमें लिखा है, प्राप्त सूचनानुसार नेपाल के त्रिशुल नदी में भूस्खलन हो गया है, जिसके कारण बगहा मे गंडक के किनारे बसे गाँव में 02 घंटे के भीतर बाढ़ आने की प्रबल संभावना है।इसमें आगे कहा गया है, सभी थानाध्यक्ष/पुलिस निरीक्षक/अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बगहा जिला को निर्देशित किया जाता है कि अपने-अपने क्षेत्र में सभी आम जनता को जानमाल की सुरक्षा हेतु लाउडस्पीकर के माध्यम से सूचित करेंगे ताकि किसी आपदा से निपटा जा सकें। फिलहाल विशेषज्ञों और प्रशासन के लिए सबसे जरूरी बात सतर्कता है। नदी किनारे रहने वाले लोगों को किसी भी अचानक बढ़ते जलस्तर की स्थिति में प्रशासन की चेतावनियों का पालन करना चाहिए। न्यूज 18 ने बताया कि नेपाल में आई बाढ़ के बाद बिहार के मुख्य सचिव ने एक हाईलेवल मीटिंग की है। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। साथ नेपाल से सटे जिलों में लोगों को आगाह कर दिया गया है।अधिकारियों ने बताया कि बुधवार सुबह उत्तरी नेपाल में अचानक और बहुत बड़ी बाढ़ आ गई। इससे बॉर्डर पर बसी बस्तियों को बहुत नुकसान हुआ। कई निचले इलाकों के जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। बाढ़ सुबह करीब 9 बजे (लोकल टाइम) भोटे कोशी नदी में आई। बताया जा रहा है कि यह तिब्बत की तरफ से आ रही थी।1,000 लोगों के बहने की आशंकानेपाल की सेना ने एक बयान में बताया कि पानी के अचानक बढ़ने से रसुवा जिले के तिमुरे और समीपवर्ती स्याफ्रुबेसी इलाके में भारी नुकसान हुआ। वाहन, सामान और अन्य संपत्ति बह गई। आशंका है कि इस कुदरती आपदा में 1,000 से अधिक लोग बाढ़ के पानी में बह गए हैं। न्यूज 18 के मुताबिक, अब तक 13 शवों को निकाला जा चुका है। राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं। रसुवा जिला काठमांडू के उत्तर-पूर्व में स्थित है। यह जिला तिब्बत सीमा से करीब 125 किलोमीटर दूर है।नेपाल के नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) ने रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, चितवन और गोरखा के नदी किनारे रहने वाले लोगों से अगले आदेश तक अत्यधिक सर्तक रहने और सुरक्षा उपाय करने की अपील की है। रसुवा के सहायक मुख्य जिला अधिकारी ध्रुव प्रसाद अधिकारी ने कहा कि बाढ़ का स्तर असामान्य रूप से अधिक था। दोनों बस्तियों को काफी नुकसान हुआ है।वाहन और सामान पानी में बह गएरसुवा के मुख्य सीमा शुल्क अधिकारी राजेंद्र ढुंगाना ने बताया कि सीमा शुल्क परिसर में रखे कई वाहन और सामान पानी में बह गए। हाल में बनाया गया एक पुल भी बह गया। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO Nepal) ने बताया कि भीषण बाढ़ को देखते हुए बचाव और राहत अभियान तेज करने के लिए रसुवा और आसपास के इलाकों में नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है। This is heavens unleashing hell on earth. A half built dam washed aside like cardboard boxes in seconds.Furious Bhote Koshi river boils over in Tibet and spreads ruin in areas along Nepal's Trishuli river.Homes and infrastructure projects in areas of Syapru Besi and Timure in…— Rahul Shrivastava (@Rahulshrivstv) August 26, 2026 नेपाल सरकार ने बुलाई उच्च स्तरीय बैठकप्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, बाढ़ के बाद की स्थिति पर चर्चा करने और उससे निपटने के लिए जरूरी कदम उठाने को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई जा रही है। नेपाल सेना ने त्रिशूली नदी के आसपास के इलाकों में खोज एवं बचाव अभियान चलाने के लिए दो हेलीकॉप्टर भेजे हैं। सेना ने एक बयान में बताया कि एक एमआई-17 हेलीकॉप्टर को त्रिशूली स्थित जिला अस्पताल की ओर रवाना किया गया है। VIDEO | Nepal: Devastating flash flood causes major damage to markets and hydropower projects in Rasuwa region. More details are awaited.#NepalNews #NepalFlashFlood(Source: Third Party)(Full video available on PTI Videos - https://t.co/d8jp61yd2p) pic.twitter.com/QQmU1advuw— Press Trust of India (@PTI_News) August 26, 2026 हालांकि, नेपाल सेना ने कहा कि भीषण बाढ़ से हुए नुकसान का पूरा ब्योरा अभी उपलब्ध नहीं हुआ है। नुकसान से संबंधित आंकड़े जुटाने का काम जारी है। ठीक एक साल पहले भोटेकोशी में आई बाढ़ में भारी तबाही हुई थी। रसुवा में कम से कम 10 लोगों की मौत हुई थी।ये भी पढ़ें- Nepal Flood: नेपाल में तिब्बत से आई अचानक बाढ़ से भारी तबाही! सैलाब में बह गए 1000 लोग, रसुवा में हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स भी तबाह, देखें- खौफनाक Video
सुरक्षा और आत्मनिर्भरता पर राज्य सरकार के ज़ोर को रेखांकित करते हुए, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को महिलाओं के सशक्तिकरण और सुरक्षा के उद्देश्य से तीन प्रमुख योजनाओं की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि पंचायतों से लेकर प्रशासन तक महिलाओं की भागीदारी बिहार में समाज की बदलती तस्वीर को दर्शाती है। हाल ही में शुरू किए गए 'पुलिस दीदी' अभियान के तहत, लड़कियों और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों में महिला पुलिस कर्मियों को तैनात किया जाएगा। इसे भी पढ़ें: Punjab में 'Mission 117' पर BJP, Satish Poonia बोले - ड्रग्स से मुक्ति दिलाएंगे फील्ड ड्यूटी के दौरान उनकी आवाजाही को आसान बनाने के लिए महिला कर्मियों को लगभग 2,700 स्कूटी और 2,000 से अधिक मोटरसाइकिलें उपलब्ध कराई जा रही हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि वर्तमान में राज्य पुलिस बल में लगभग 40,000 महिला पुलिस कर्मी कार्यरत हैं। उन्होंने यह भी बताया कि 'डायल 112' हेल्पलाइन के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया समय (रिस्पॉन्स टाइम) घटकर 10 मिनट से कम हो गया है, और प्रशासन का लक्ष्य इसे और कम करके 5-7 मिनट तक लाना है। आर्थिक आत्मनिर्भरता पर ज़ोर देते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में 1.81 करोड़ महिलाएं 'जीविका' (JEEViKA) पहल से जुड़ी हैं, जिनमें से 70 लाख से अधिक 'जीविका दीदियां' सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। उन्होंने बताया कि 43 लाख महिलाएं पहले ही 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं, और अगले दो वर्षों में एक लाख और महिलाओं को इस श्रेणी में लाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि जब महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनती हैं, तो पूरा परिवार आर्थिक रूप से मजबूत होता है। उन्होंने जोर दिया कि महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा और आत्मनिर्भरता एक नए और समृद्ध बिहार की पहचान बनेगी। 2047 तक 'विकसित भारत' के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लक्ष्य का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी इस विजन को और मजबूत करेगी। इसे भी पढ़ें: बीजेपी संसदीय बोर्ड में बड़ा फेरबदल संभव, 4 CMs को मिलेगी जगह; Modi-Nabin के अलावा कौन-कौन? बिहार में बेहतर सड़क नेटवर्क और कनेक्टिविटी का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने सुधा मूर्ति की राज्य यात्रा का भी जिक्र किया और बताया कि उन्होंने बिहार की सड़कों और यात्रा से जुड़ी सुविधाओं की तारीफ की। इससे पहले मंगलवार को चौधरी ने छात्रों की शिकायतों, समस्याओं और सुझावों के तुरंत समाधान के लिए स्टूडेंट सपोर्ट कैंप पहल शुरू करने की घोषणा की। X पर एक पोस्ट में मुख्यमंत्री ने कहा कि ये कैंप हर महीने के चौथे मंगलवार को शिक्षण संस्थानों में आयोजित किए जाएंगे, जिससे छात्र सीधे सरकार और संबंधित अधिकारियों के सामने अपनी बात रख सकेंगे। उन्होंने कहा कि छात्र स्टूडेंट सपोर्ट पोर्टल और हेल्पलाइन 1100 के जरिए ऑनलाइन अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे और अपनी शिकायतों की स्थिति भी जान सकेंगे। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
नेपाल में बाढ़ से तबाही, कोसी-गंडक-गंगा से सटे बिहार के 6 जिलों में खौफ
नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ के बाद बिहार में हाई अलर्ट जारी किया गया है. नेपाल-चीन सीमा के पास त्रिशूली नदी में अचानक बढ़े जलस्तर के बाद गंडक नदी में बाढ़ की लहर आने की आशंका है. बिहार-यूपी के सीमावर्ती जिलों को सतर्क रहने और गंडक बैराज के गेट सावधानी से संचालित करने की सलाह दी गई है. नेपाल के रसुवा में भी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है.
VIDEO: नेपाल में अचानक कैसे आई इतनी भयानक बाढ़, उजड़े गांव; बिहार तक पहुंचेगा पानी?
नेपाल में भोटेकोशी नदी में अचानक आई भीषण बाढ़ से तबाही मच गई है। तिब्बत से आए पानी ने नेपाल में अलर्ट बढ़ा दिया है। जानिए भोटेकोशी-त्रिशूली-नारायणी से गंडक तक कैसे जुड़ा है नदी तंत्र और बिहार पर नजर जरूरी है।
नीतीश कुमार के हवाई सर्वे के बाद केंद्र पर तीखा हमला, कहा- बिहार को बर्बाद कर रही यह नीति
बिहार की राजनीति और जल संसाधनों के प्रबंधन को लेकर एक बार फिर से केंद्र और राज्य के बीच तल्खियां बढ़ती हुई नजर आ रही हैं। जनता दल यूनाइटेड (JDU) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय झा ने दशकों पुरानी फरक्का बराज संधि (Farakka Barrage Treaty) को लेकर केंद्र सरकार पर बेहद तीखा और आक्रामक हमला बोला है। कुछ समय पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के बाढ़ प्रभावित गंगा बेसिन और कटाव वाले क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण (Aerial Survey) किया था, जिसके बाद से पार्टी का नेतृत्व इस मुद्दे पर पूरी तरह आक्रामक मुद्रा में आ गया है। संजय झा ने दो टूक शब्दों में कहा कि फरक्का संधि के गलत प्रावधानों और कुप्रबंधन के कारण आज बिहार को हर साल भीषण बाढ़, भयंकर नदी कटाव और गाद (Silt Accumulation) की विकराल समस्या झेलनी पड़ रही है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था और उपजाऊ जमीन तबाह हो रही है। जेडीयू के इस कड़े रुख के बाद राष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर से अंतरराज्यीय जल बंटवारे और बराज नीतियों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।क्या है फरक्का संधि का इतिहास और क्यों बिहार के लिए यह बना जी का जंजाल?फरक्का बराज का निर्माण पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में गंगा नदी पर किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य कलकत्ता बंदरगाह (वर्तमान में श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट) में नौवहन और जल प्रवाह को बनाए रखना था। इसके लिए वर्ष 1996 में भारत और बांग्लादेश के बीच फरक्का जल संधि पर हस्ताक्षर किए गए थे। हालांकि, इस संधि और बराज के संचालन के शुरुआती दिनों से ही बिहार के नेता और जल विशेषज्ञ यह चेतावनी देते आ रहे हैं कि इसके कारण गंगा नदी का प्राकृतिक प्रवाह बाधित हो रहा है। नदी में भारी मात्रा में सिल्ट (गाद) जमा होने के कारण तलहटी उथली हो गई है, जिसकी वजह से मानसून के मौसम में जरा सी बारिश या पानी छोड़े जाने पर गंगा का पानी अपने किनारों को तोड़कर रिहायशी इलाकों और उपजाऊ खेतों में तबाही मचा देता है। जेडीयू नेताओं का यह कहना है कि फरक्का बराज ने बिहार के लिए वरदान बनने के बजाय एक स्थायी अभिशाप का रूप ले लिया है, जिसका खामियाजा यहां के करोड़ों किसानों और आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हवाई सर्वे और जमीनी हकीकत का आकलनबिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हमेशा से गंगा नदी की गाद (Silt Management) और बाढ़ नियंत्रण को लेकर गंभीर रहे हैं। उनका यह स्पष्ट मानना है कि जब तक केंद्र सरकार गंगा नदी के मैदानी इलाकों में गाद के प्रबंधन और फरक्का बराज की तकनीकी कमियों को दूर करने के लिए कोई राष्ट्रीय नीति नहीं बनाती, तब तक बिहार को बाढ़ और कटाव से पूरी तरह सुरक्षित नहीं किया जा सकता। इसी विजन के तहत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल ही में गंगा नदी के तटीय इलाकों और कटाव से प्रभावित संवेदनशील क्षेत्रों का खुद हवाई सर्वे किया था। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि जिन इलाकों में नदियां तेजी से जमीन काट रही हैं, वहां सुरक्षात्मक कार्य युद्ध स्तर पर किए जाएं। हवाई सर्वे के दौरान सामने आई इस भयानक तसवीर ने राज्य सरकार और जेडीयू नेतृत्व को झकझोर कर रख दिया, जिसके बाद संजय झा ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर पूरी ताकत से उठाते हुए केंद्र सरकार से इस संधि पर पुनर्विचार करने की मांग कर दी है।संजय झा का केंद्र पर बड़ा प्रहार: 'बिहार की उपेक्षा और आर्थिक नुकसान अब बर्दाश्त नहीं'प्रेस कांफ्रेंस और राजनीतिक मंचों के माध्यम से केंद्र सरकार को घेरते हुए संजय झा ने कहा कि बिहार ने हमेशा देश के विकास में अपना योगदान दिया है, लेकिन ऐतिहासिक रूप से जल प्रबंधन की गलत नीतियों के कारण इस राज्य को हमेशा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने कहा कि फरक्का बराज की वजह से गंगा के इकोसिस्टम को जो भारी नुकसान पहुंचा है, उसकी भरपाई की जानी चाहिए। जेडीयू नेता ने दो टूक कहा कि केवल बराज बना देने से समस्याओं का समाधान नहीं होता, बल्कि यदि उससे किसी दूसरे राज्य की जनता तबाह हो रही है, तो सरकार को उस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। इस बयान के बाद से राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा शुरू हो गई है कि क्या एनडीए गठबंधन के भीतर जल और नीतिगत मामलों को लेकर आने वाले दिनों में और अधिक राजनीतिक खींचतान देखने को मिल सकती है।भविष्य की चुनौतियां और राष्ट्रीय जल नीति पर उठ रहे बड़े सवालफरक्का संधि को लेकर जेडीयू का यह मुखर विरोध इस बात का संकेत है कि क्षेत्रीय दल अब अपने राज्य के संसाधनों और भौगोलिक सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार का समझौता करने के मूड में नहीं हैं। बिहार जैसे राज्य के लिए जहां हर साल बाढ़ और कटाव से हजारों परिवार बेघर हो जाते हैं, यह जीवन और मरण का प्रश्न बन चुका है। विशेषज्ञों का भी यह मानना है कि केंद्र सरकार और राज्य सरकारों को मिलकर एक ऐसी वैज्ञानिक और दीर्घकालिक राष्ट्रीय जल नीति (National Water Policy) बनानी चाहिए जिसमें सिल्ट मैनेजमेंट को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। आने वाले समय में जब यह मामला संसद से लेकर राजनीतिक मंचों तक गूंजेगा, तो केंद्र सरकार पर भी इस पुरानी संधि के प्रभावों की समीक्षा करने का भारी दबाव बनेगा। बिहार की जनता और किसान अब यह उम्मीद लगाए बैठे हैं कि उनके इस दर्द को राष्ट्रीय स्तर पर सुना जाएगा और स्थायी समाधान निकाला जाएगा।
नेपाल में बाढ़ का कहर, बिहार तक पहुंचा खतरा, गंडक-बूढ़ी गंडक को लेकर अलर्ट - Jagran
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लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने राष्ट्रीय संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित की है। सुरेंद्र विवेक को बिहार प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी ने कई राज्यों में नए प्रदेश अध्यक्ष भी नियुक्त किए हैं।
Bihar Politics: पटना में RJD का पोस्टर वार, पेपर लीक पर निशांत मंडल ने सरकार पर साधा निशाना
26 अगस्त, बुधवार: पटना में RJD कार्यालय के बाहर पेपर लीक मामले को लेकर विवादित पोस्टर लगाया गया। RJD नेता निशांत मंडल ने सरकार पर छात्रों के साथ सख्ती का आरोप लगाते हुए तंज कसा। बयान के बाद बिहार की सियासत गरमा गई।
पहले डॉल्फिन को साइकिल से बांधा, फिर बनाने लगा रील! वायरल वीडियो ने सोशल मीडिया पर मचा दिया बवाल
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। वीडियो में एक शख्स कथित तौर पर गंगा नदी की डॉल्फिन को साइकिल से बांधकर उसके साथ रील बनाता नजर आ रहा है। फुटेज सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। कई यूजर्स ने इस घटना को बेहद शर्मनाक बताते हुए वन्यजीवों के साथ इस तरह के व्यवहार पर सवाल उठाए हैं। दावा किया जा रहा है कि मामला बिहार का है और वीडियो में दिख रहा व्यक्ति डॉल्फिन के साथ रील बना रहा था। घटना से जुड़े एक अन्य वीडियो को लेकर डॉल्फिन के मृत होने की बात भी कही जा रही है।हालांकि, वायरल वीडियो और उससे जुड़े सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। लोगों ने संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच करने और आरोप सही पाए जाने पर जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।पहले जिंदा नजर आई डॉल्फिनवायरल पोस्ट में दो वीडियो का जिक्र है। पहले फुटेज में डॉल्फिन जिंदा दिखाई देती है और कथित तौर पर उसे साइकिल से बांधा गया है। इसके बाद सामने आए दूसरे वीडियो में वही जानवर मृत नजर आने का दावा किया गया है। इस दौरान शख्स के उसके साथ रील बनाने की बात कही जा रही है।तेल निकालने के लिए पकड़ने का भी दावासोशल मीडिया पोस्ट्स में दावा किया गया है कि यह घटना बिहार की है और इसमें नेटालाल कुमार नाम के एक व्यक्ति का कथित तौर पर शामिल होना बताया जा रहा है। पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि डॉल्फिन को कथित रूप से उसका तेल निकालने के लिए पकड़ा गया था और बाद में घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाला गया।‘रील के लिए लुप्तप्राय जीव को क्यों बनाया कंटेंट?’वीडियो सामने आने के बाद यूजर्स ने सवाल उठाया कि सोशल मीडिया पर कुछ सेकेंड की लोकप्रियता के लिए किसी दुर्लभ वन्यजीव के साथ इस तरह का व्यवहार कैसे किया जा सकता है। कई लोगों ने बिहार पुलिस और वन विभाग से मामले की जांच कर दोष साबित होने पर सख्त कार्रवाई की मांग की। Only about 5,000 Ganga river dolphins are left in the world.This guy caught and killed one and is now making reels about it.Absolutely shameful.Bihar Govt must take strict action. Endangered wildlife is not content for social media. pic.twitter.com/RSQJxPmZgJ— Gems (@gemsofbabus_) August 25, 2026 Man, what are these people even up to? They are literally killing and harassing Ganges river dolphins, which are an endangered species.All this just to make Reels and Shorts? This is so sad. pic.twitter.com/3RZLt0dY77— Gems (@gemsofbabus_) August 25, 2026 गंगा डॉल्फिन को लेकर क्यों बढ़ी चिंता?गंगा नदी की डॉल्फिन एक लुप्तप्राय प्रजाति है और इसके संरक्षण को लेकर लंबे समय से प्रयास किए जा रहे हैं। वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि दुनिया में इनकी संख्या करीब 5,000 ही रह गई है। ऐसे में एक डॉल्फिन की कथित मौत ने संरक्षण को लेकर चिंता और बढ़ा दी है।यूजर्स ने पुलिस और वन विभाग को किया टैगमामले को लेकर कई सोशल मीडिया यूजर्स ने बिहार पुलिस, पर्यावरण मंत्रालय और वन्यजीव संरक्षण संगठनों को टैग किया। एक यूजर ने मांग की कि अगर किसी व्यक्ति ने जानबूझकर संरक्षित जीव को नुकसान पहुंचाया है, तो उसके खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।कानूनी कार्रवाई की उठी मांगकुछ यूजर्स ने दावा किया कि भारत में गंगा डॉल्फिन को कानूनी संरक्षण प्राप्त है और इसे नुकसान पहुंचाने पर जेल व जुर्माने का प्रावधान है। हालांकि, वायरल वीडियो से जुड़े दावों की आधिकारिक पुष्टि स्वतंत्र रूप से नहीं हुई है। इसलिए घटना की वास्तविक परिस्थितियों और जिम्मेदार व्यक्ति की भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।Kriti Sanon Raksha Bandhan Ad Row: रक्षाबंधन के ऐड पर मचा बवाल! तो ज्वेलरी ब्रांड GIVA ने हटाया विज्ञापन, कृति सेनन के बचाव में उतरे राहुल गांधी
चिराग पासवान ने अपनी पार्टी लोजपा (रामविलास) के बिहार और झारखंड सहित कई राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष बदल दिए हैं। राजू तिवारी से अब बिहार की कमान ले ली गई है। एलजेपी (आर) ने सुरेंद्र विवेक को अब बिहार प्रदेश का नया अध्यक्ष बनाया है। सुरेंद्र विवेक बेगूसराय के साहेबपुर कमाल विधानसभा क्षेत्र से 2 बार पार्टी के कैंडिडेट रह चुके हैं। ये भूमिहार समाज से आते हैं। राजू तिवारी को राष्ट्रीय कार्यसमिति में महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गयी है। देश के 8 राज्यों में आने वाले समय में चुनाव से पहले चिराग पासवान ने ये बदलाव किया है। सुरेंद्र विवेक इससे पहले प्रदेश प्रवक्ता और प्रदेश कोषाध्यक्ष की भूमिका निभा चुके हैं। बेगूसराय जिले में इनकी पहचान एक सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर रही है। कुछ साल पहले सुरेंद्र विवेक को पार्टी ने बिहार चुनाव अभियान का प्रमुख भी बनाया था। नई कार्यकारिणी में युवाओं, महिलाओं और जमीनी स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं को खास प्रतिनिधित्व दिया गया है। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि संगठन में उन कार्यकर्ताओं पर भरोसा जताया गया है, जिन्होंने लगातार जमीन पर काम कर पार्टी को मजबूत करने में भूमिका निभाई है। चिराग पासवान राष्ट्रीय अध्यक्ष, केंद्रीय संसदीय बोर्ड के चेयरमैन भी चिराग पासवान को राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय संसदीय बोर्ड का चेयरमैन बनाया गया है। उनके साथ ललित कुमार गौतम, हरमीत सिंह और एडवोकेट सरदार तारा सिंह को स्थायी आमंत्रित सदस्य बनाया गया है। राष्ट्रीय उपाध्यक्षों की जिम्मेदारी मनीषंकर पांडेय, मोहम्मद शमीम एम. हवा, वीरेंद्र प्रधान, कुंवर आसिम खान, डॉ. सत्यनंद शर्मा और डॉ. कामला कुमारी को दी गई है। वहीं, अब्दुल खालिक को राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त किया गया है। राजेश वर्मा, सांसद को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। राष्ट्रीय महासचिव के तौर पर मिथिलेश कुमार सिंह, राजू तिवारी, वीणा देवी, अजय कुमार, पंकज अरोड़ा, डॉ. केपी चौधरी, वीरेंद्र बिधूड़ी, डॉ. सुखातो ए. सेमा, धीरेंद्र कुमार सिन्हा ‘मुन्ना’, अशरफ अंसारी, अरविंद कुमार सिंह और सी. विद्याधरन को जिम्मेदारी मिली है। झारखंड में जनार्दन पासवान को कमान राज्य अध्यक्षों की सूची में बिहार से सुरेंद्र विवेक को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा अंडमान-निकोबार में जी. नागेंद्रन, आंध्र प्रदेश में सत्यनारायण चंदोलू, असम में अहमद अली अय्यूबी, छत्तीसगढ़ में शरत चंद पांडेय, दिल्ली में प्रणब कुमार को अस्थायी प्रभार, दादरा एवं नगर हवेली और दमन-दीव में राजन सोलंकी, गुजरात में आशीष कुमार पटेल को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। इसकेअलावा हरियाणा में प्रवीण सबरवाल, हिमाचल प्रदेश में नितिन चौहान, जम्मू-कश्मीर में रफीक मलिक, झारखंड में जनार्दन पासवान, कर्नाटक में एम.एस. जगन्नाथ, केरल में अरुण केवी, मध्य प्रदेश में अब्दुल खालिक को अस्थायी प्रभार, महाराष्ट्र में प्रमोद मनोहर कुडाले और मणिपुर में खोइराम डीपू सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। बिहार के चार सांसदों को राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जगह नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी में बिहार के चार सांसदों को भी शामिल किया गया है। इनमें जमुई के सांसद अरुण भारती, वैशाली की सांसद वीणा देवी, समस्तीपुर की सांसद शांभवी चौधरी और खगड़िया के सांसद राजेश वर्मा शामिल हैं। पार्टी ने बिहार के कई विधायकों और विधान पार्षदों को भी राष्ट्रीय संगठन में जगह दी है। नागालैंड से डॉ. सुखातो ए. सेमा और नैबा कोन्याक तथा झारखंड से जनार्दन पासवान को भी कार्यकारिणी में जगह दी गई है। चिराग पासवान बोले- पद नहीं, बड़ी जिम्मेदारी नई कार्यकारिणी की घोषणा के बाद चिराग पासवान ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा, ‘संगठन में मिला कोई भी पद केवल पद नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी है।' पार्टी नेतृत्व के मुताबिक, स्वर्गीय पद्म भूषण रामविलास पासवान की सोच थी कि संगठन समाज का दर्पण होना चाहिए। नई कार्यकारिणी में युवाओं, महिलाओं और विभिन्न सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देकर इसी सोच को आगे बढ़ाने की कोशिश की गई है।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की पार्टी एलजेपी (आर) ने कई राज्यों में अपने प्रदेश अध्यक्ष का चेहरा बदल दिया है। बिहार प्रदेश अध्यक्ष पद से राजू तिवारी की भी छुट्टी हो गई है। सुरेंद्र विवेक को नया स्टेट चीफ बनाया गया है।
गोबर-तुलसी से बना रहीं इको-फ्रेंडली राखियां, बिहार तक मांग, रेशम, मोती और कुंदन से तैयार स्वदेशी राखियों के सामने फीकी पड़ीं चाइनीज राखियां।
वाराणसी/पटना/भोपाल: उत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों में कुदरत का कहर जारी है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और नदियों के उफान ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। उत्तर प्रदेश के काशी में गंगा के रौद्र रूप से सभी प्रमुख घाट जलमग्न हो चुके हैं, तो वहीं बिहार में बाढ़ […] The post यूपी से बिहार तक बाढ़ का कोहराम: काशी में 84 घाट डूबे और 5 हजार दुकानें बंद, बिहार में 50 हजार लोग फंसे; MP में भारी बारिश का अलर्ट first appeared on Sanjeevni Today .
अनूठा विवाद : बिहार में अब एक भैंस की डीएनए जांच हो रही; आदेश आ गया, कारण जानकर चौंक जाएंगे
Bihar News: संतान का विवाद खूब सुना होगा आपने। ऐसे विवादों में डीएनए जांच के बारे में भी खबरें आती रहती हैं। लेकिन, बिहार से यह खबर एक भैंस के मालिकाना हक पर विवाद के बाद चर्चित आईपीएस के आदेश से निकली है।
Bihar News: Supaul में रफ्तार का कहर, कीर्तन कर रहे 6 लोगों को कार ने कुचला | Supaul Road Accident
Bihar News: Supaul में रफ्तार का कहर, कीर्तन कर रहे 6 लोगों को कार ने कुचला | Supaul Road Accident
Bihar News Today Live: बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 26 अगस्त के मुख्य और ताजा समाचार
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ऐतिहासिक और धार्मिक पर्यटन के लिए विश्व विख्यात नालंदा जिला अब पर्यावरण और रोमांचक पर्यटन (इको-टूरिज्म) का भी सबसे प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। राजगीर की पंच पहाड़ियों और मनोरम वादियों के बीच स्थित 'नेचर सफारी' पर्यटकों को खूब लुभा रही है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, राजगीर नेचर सफारी में आने वाले सैलानियों की संख्या में पिछले दो वर्षों के दौरान दोगुना उछाल दर्ज किया गया है। वर्ष 2022-23 में जहां 1.59 लाख पर्यटक यहां पहुंचे थे, वहीं 2024-25 में यह संख्या बढ़कर करीब तीन लाख के पार पहुंच गई है। प्रकृति और रोमांच का अनोखा संगम राजगीर नेचर सफारी में प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ आधुनिक एडवेंचर स्पोर्ट्स का बेहतरीन तालमेल देखने को मिल रहा है। यहां का सबसे बड़ा मुख्य आकर्षण अत्याधुनिक ‘ग्लास स्काईवॉक’ है, जहां खड़े होकर गहरी खाई और हरियाली को निहारना पर्यटकों के लिए यादगार अनुभव साबित हो रहा है। इसके अलावा हवा में तैरती जिपलाइन, स्काई साइकिलिंग और झूलता सस्पेंशन ब्रिज युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। बच्चों और पारिवारिक पर्यटकों के लिए तीरंदाजी, राइफल शूटिंग, ट्रैंपोलिन और वॉल क्लाइंबिंग जैसी रोमांचक सुविधाएं भी मौजूद हैं, जो इसे पूरे परिवार के लिए एक संपूर्ण हॉलिडे डेस्टिनेशन बनाती हैं। बिहार भर में 36 फीसदी बढ़े इको-पर्यटक राजगीर की इस कामयाबी का सीधा असर पूरे सूबे के पर्यटन पर पड़ा है। बिहार के प्रमुख इको-टूरिज्म केंद्रों पर पिछले दो वर्षों में पर्यटकों की संख्या में 36 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2022-23 में पूरे राज्य में 55.20 लाख पर्यटक पहुंचे थे, जो 2024-25 में बढ़कर 74.90 लाख हो गए। यानी महज दो साल के भीतर 20 लाख से अधिक नए पर्यटक राज्य के प्राकृतिक स्थलों से जुड़े हैं। राजगीर के साथ-साथ कैमूर के करमचट डैम में पर्यटकों की संख्या तीन गुना (46 हजार से बढ़कर 1.49 लाख) और मुंगेर के भीमबांध में ढाई गुना (35 हजार से 85 हजार) हो गई है। वहीं, बांका का मंदार हिल और जमुई की नागी-नकटी बर्ड सेंचुरी भी सैलानियों के पसंदीदा ठिकाने बन चुके हैं। पीपीपी मॉडल पर संवरेंगे 276 नए पर्यटन केंद्र राज्य सरकार अब इको-टूरिज्म के दायरे को और अधिक विस्तार देने की योजना पर काम कर रही है। पर्यटन विभाग ने पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत 276 नई परियोजनाओं को चिन्हित किया है, जिनमें 29 बड़े जलाशय तथा 247 तालाब, झीलें और आर्द्रभूमियां शामिल हैं। इन स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए निजी निवेशकों को 30 साल की लीज पर दिया जाएगा। इससे राज्य में पर्यटन का बुनियादी ढांचा तो मजबूत होगा ही, साथ ही स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
UP से बिहार शराब ले जाकर सप्लाई करता था कोच अटेंडेंट, पुलिस ने दबोचा
बलिया रेलवे स्टेशन पर GRP ने गरीब नवाज एक्सप्रेस के कोच अटेंडेंट राहुल कुमार राम को शराब तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया है. बिहार के भागलपुर निवासी 28 वर्षीय राहुल के बैग से चेकिंग के दौरान दो दर्जन से अधिक शराब की बोतलें बरामद हुईं.
देश के कई हिस्सों में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मौसम विभाग ने 26 अगस्त को यूपी, दिल्ली समेत 19 राज्यों में बारिश, तेज आंधी और बिजली गिरने की आशंका जताई है। कुछ जगहों पर हवा की रफ्तार 70 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। पूर्वी राज्यों में गरज-चमक के साथ वज्रपात का खतरा रहेगा। वहीं कई इलाकों में बारिश के साथ ओले पड़ने की संभावना भी जताई गई है। मौसम में बदलाव के पीछे कई मौसमी सिस्टम सक्रिय हैं। पश्चिम बंगाल के तटीय क्षेत्र के पास ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके अलावा दक्षिण असम और आसपास के इलाकों में भी ऐसा ही मौसम सिस्टम सक्रिय है, जिसके कारण आने वाले समय में कुछ क्षेत्रों में बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।तेज बारिश का अलर्टमौसम विभाग ने 26 अगस्त को देश के कई हिस्सों में खराब मौसम को लेकर अलर्ट जारी किया है। यूपी, दिल्ली, बिहार, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर समेत 19 राज्यों में तेज बारिश और आंधी की संभावना है। पूर्वी भारत में बिजली गिरने और वज्रपात का खतरा है। कुछ जगहों पर 70-75 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।दिल्ली में आज भी होगी बारिशराजधानी दिल्ली समेत आसपास के इलाकों में 26 अगस्त को मौसम बदल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, आज कई इलाकों में मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। इस दौरान हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। बारिश और बादलों के कारण मौसम सुहाना रह सकता है। वहीं इस दौरान शहर के दिन में अधिकतम तापमान 33 डिग्री और रात में न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।कैसा होगा यूपी-बिहार का मौसमउत्तर प्रदेश और बिहार में 26 अगस्त को मौसम खराब रहने की संभावना है। यूपी के मेरठ, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, कानपुर, प्रयागराज, गोरखपुर और देवरिया समेत कई जिलों में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं, जिसे देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, बिहार के पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा,भागलपुर समेत कई जिलों में तेज बारिश और आंधी की आशंका है। यहां हवा की रफ्तार करीब 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है और बिजली गिरने का भी खतरा रहेगा। पटना में अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
Bihar Weather Today 26th August: मौसम विभाग ने बिहार के कई जिलों में आज बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा गोपालगंज, सीवान और बक्सर में भारी बारिश होने का पूर्वानुमान भी जताया गया है।
भैंस मालिक का पता लगाने के लिए डीएनए जांच, बिहार में आईजी ने जारी किया फरमान
बिहार में मगध प्रक्षेत्र के आईजी विकास वैभव ने भैंस के असली मालिक का पता लगाने के लिए डीएनए टेस्ट कराए जाने का फरमान जारी किया है। एसपी को इसकी जिम्मेदारी दी गई है।
रक्षाबंधन पर बिहार की बेटियों को CM सम्राट का तोहफा, छात्राओं को हर महीने मिलेंगे 10000 रुपये
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रक्षाबंधन पर बिहार में बेटियों और बहनों के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए तीन नई योजनाओं की शुरुआत की।
VIDEO: बिहार के सुपौल में सड़क पर दौड़ी मौत, बेकाबू कार ने 6 को कुचला; 4 मरे, 2 की हालत गंभीर
झूलन समारोह को लेकर कटैया चौक पर एनएच किनारे स्थित बजरंग बली मंदिर के समीप दर्जनों लोग कीर्तन कर रहे थे। पिपरा से सुपौल की ओर से जा रही एक तेज रफ्तार अनियंत्रित कार ने कीर्तन में शामिल 6 लोगों को कुचल डाला।
रक्षा बंधन पर बिहार की बेटियों को सम्राट चौधरी का नायाब तोहफा, क्या है मुख्यमंत्री का प्लान?
मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप के तहत 1,000 योग्य छात्राओं को चार सालों तक दस हजार रुपए प्रतिमाह की सहायता दी जाएगी। पुलिस दीदी के लिए 4,700 स्कूटर एवं मोटरसाइकिल का लोकार्पण किया जाएगा। बिहार की बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना का शुभारंभ किया जाएगा
न ट्रैफिक सिग्नल, न रेलवे क्रॉसिंग, न कट और न ही यू-टर्न. कारें 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी और कई घंटों का सफर मिनटों में सिमट जाएगा. बक्सर-भागलपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को लेकर जो जानकारी सामने आई है, वह बिहार के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती है.
उत्तर बिहार में 27-28 को बरसेंगे बदरा, बारिश की चेतावनी के बीच किसानों के लिए एडवाइजरी जारी
मुजफ्फरपुर में बादलों और तेज धूप के कारण उमस बढ़ी है, वहीं अगले पांच दिनों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। किसानों को फसलों और पशुओं की बीमारियों से बचाव के लिए कृषि मौसम विभाग ने सलाह जारी की है।
Bihar CM Samrat Choudhary ने शुरू किया विद्यार्थी सहयोग शिविर, 30 दिनों में होगा शिकायतों का निपटारा
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को वैशाली जिले के एक सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज में ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ का उद्घाटन किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थानों में विद्यार्थियों की शिकायतों का प्रभावी और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) की ओर से जारी बयान के अनुसार, चौधरी ने ‘सात निश्चय-3’ कार्यक्रम के तहत वैशाली के बिदुपुर स्थित बिहार इंजीनियरिंग कॉलेज में विद्यार्थी सहयोग शिविर की शुरुआत की। बयान के मुताबिक, हर महीने के चौथे मंगलवार को शैक्षणिक संस्थानों में आयोजित होने वाले इन शिविरों में शैक्षणिक व्यवस्था, परीक्षाओं, छात्रावास, पेयजल, शौचालय, कैंटीन तथा विद्यार्थियों से जुड़े अन्य मुद्दों पर शिकायतें तथा सुझाव सुने जाएंगे व उनका समाधान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता है। विद्यार्थी सहयोग शिविर के माध्यम से छात्रों को संबंधित अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं सीधे रखने का अवसर मिलेगा।’’उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राप्त शिकायतों का अधिकतम 30 दिनों के भीतर अंतिम निस्तारण सुनिश्चित किया जाए और उनके समाधान की प्रभावी निगरानी भी की जाए। बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने कॉलेज के संकाय कक्ष में स्थापित सूचना एवं सहायता काउंटर का निरीक्षण किया और विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं एवं सेवाओं की जानकारी ली। उन्होंने कॉलेज में निर्बाध इंटरनेट कनेक्टिविटी और निरंतर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। अधिकारियों ने बताया कि विद्यार्थियों के अनुरोध पर मुख्यमंत्री ने कॉलेज परिसर के निकट प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोलने के लिए उपयुक्त स्थान चिह्नित करने का निर्देश दिया, ताकि छात्रों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी इसका लाभ मिल सके। बयान के अनुसार, यह शिविर हर महीने के चौथे मंगलवार को राज्य के शिक्षण संस्थानों में आयोजित किया जाएगा। बयान में बताया गया कि शिविर में विद्यार्थी अपनी शिकायतें, समस्याएं और सुझाव सीधे संबंधित अधिकारियों तथा सरकार के समक्ष रख सकेंगे। शिकायतों के निस्तारण के लिए समयबद्ध व्यवस्था भी लागू की गई है। इसके साथ ही विद्यार्थियों के लिए ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ और हेल्पलाइन नंबर 1100 भी शुरू किया गया है। इन माध्यमों से छात्र-छात्राएं अपनी शिकायतें ऑनलाइन दर्ज करा सकेंगे और उनके निस्तारण की स्थिति की जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों की समस्याओं को सीधे सुनना और उनके समाधान की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाना है। इससे पहले बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखकर छात्रों और अभ्यर्थियों की मांगों पर गंभीरता से ध्यान देने की अपील की थी। तेजस्वी यादव ने अपने पत्र में भर्ती परीक्षाओं में देरी, पेपर लीक की घटनाओं, परीक्षाओं के रद्द होने तथा परिणाम जारी करने में विलंब जैसे मुद्दे उठाते हुए कहा था कि इन परिस्थितियों से छात्रों और अभ्यर्थियों में व्यापक असंतोष और चिंता का माहौल है। उन्होंने सरकार से इन समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की थी।
30 साल तक झेला दर्द...अब भारत-बांग्लादेश गंगा संधि पर 'संकट'; समझिए बिहार की चिंता की वजह
1996 में भारत और बांग्लादेश के बीच हुई गंगा जल बंटवारा संधि 12 दिसंबर 2026 को समाप्त हो रही है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे जल विवाद को सुलझाने के उद्देश्य से बनी इस संधि को बिहार में राजनयिक सफलता नहीं, बल्कि जल संकट, गाद जमाव और विनाशकारी बाढ़ का मुख्य स्रोत माना जा रहा है।
UPSC के तर्ज पर Pre और Mains, यूपी से लेकर बिहार तक क्यों बदल रहे हैं परीक्षाओं के नियम?
UPSC की तरह Pre और Mains परीक्षा मॉडल को यूपी से बिहार तक कई राज्य अपना रहे हैं. जानिए राधाकृष्णन कमेटी और EOU की सिफारिशों के बाद भर्ती परीक्षाओं के नियम क्यों बदल रहे हैं और इससे छात्रों को क्या फायदे-नुकसान होंगे.
कल का मौसम: 26 अगस्त को दिल्ली, यूपी, बिहार समेत 17 राज्यों में भारी बारिश, MP-केरल में अलर्ट
कल का मौसम 26 अगस्त 2026: IMD ने कल देश के 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. जानिए आपके यहां कैसा मौसम रहेगा.
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को पत्रकार अभिषेक उपाध्याय को गिरफ़्तारी से अंतरिम सुरक्षा दी। उपाध्याय ने अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले दान में कथित गड़बड़ियों पर रिपोर्ट की थी। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की बेंच ने उत्तर प्रदेश पुलिस को निर्देश दिया कि वे उपाध्याय को FIR की कॉपी सौंपें। कोर्ट ने उनसे यह भी कहा कि वे FIR को रद्द कराने और दूसरी उचित राहत पाने के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट जाएं। उपाध्याय ने गाज़ियाबाद पुलिस द्वारा सड़क पर हुई एक कथित मारपीट की घटना (रोड-रेज) के सिलसिले में दर्ज FIR को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था। उनकी याचिका के अनुसार, यह FIR इन आरोपों पर दर्ज की गई थी कि उन्होंने सड़क पर हुई मारपीट की घटना के बाद एक व्यक्ति के साथ मारपीट की और उसे धमकाया था। उपाध्याय का आरोप है कि यह मामला मनगढ़ंत आरोपों पर आधारित था और इसका मकसद उनके स्वतंत्र पत्रकारिता के काम की वजह से उन्हें परेशान और डराना-धमकाना था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि अनुरोध करने के बावजूद उन्हें FIR की कॉपी नहीं दी गई। इसे भी पढ़ें: Banke Bihari Temple Management को SC का निर्देश, भक्तों का Donation सीधे खजाने में जाए, 'Golak' चोरी के आरोपों पर जताई नाराजगी पत्रकार ने यह भी दावा किया है कि पुलिस आस-पास के दुकानदारों पर उस समय का CCTV फुटेज डिलीट करने का दबाव डाल रही थी, जब कथित घटना हुई थी। उन्होंने FIR को रद्द करने या फिर जांच को उत्तर प्रदेश पुलिस के अलावा किसी दूसरी एजेंसी को सौंपने की मांग की है। उपाध्याय की यह याचिका अयोध्या में राम मंदिर के लिए चंदा इकट्ठा करने और उसके प्रबंधन में कथित गड़बड़ियों पर उनकी रिपोर्टिंग के संदर्भ में आई है। मंदिर के चंदे से जुड़े आरोपों का मामला सुप्रीम कोर्ट में भी उठा है, जहां श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़ी कथित वित्तीय गड़बड़ियों की स्वतंत्र जांच की मांग करने वाली याचिकाएं दायर की गई हैं। डोनेशन से जुड़े मामलों पर दायर याचिकाओं में भक्तों से मिले फंड के मैनेजमेंट, अकाउंटिंग और इस्तेमाल को लेकर आरोप लगाए गए हैं और CBI जैसी किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच की मांग की गई है। साथ ही, इन याचिकाओं में वित्तीय और अन्य संबंधित रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने और उनकी जांच करने की भी मांग की गई है। इसे भी पढ़ें: Shehbaz Sharif सरकार की बढ़ेगी मुश्किल? Imran Khan को अस्पताल न भेजने पर PTI ने फिर खटखटाया SC का दरवाजा उपाध्याय का आरोप है कि उनके खिलाफ दर्ज FIR को इन मुद्दों पर उनकी रिपोर्टिंग के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। इसलिए, उन्होंने सख्त कार्रवाई से सुरक्षा और उत्तर प्रदेश पुलिस से स्वतंत्र जांच की मांग की है।
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को आदेश दिया कि यूपी के वृंदावन में बांके बिहारी मंदिर को दान में मिलने वाला सारा पैसा - चाहे वह दान पेटी के ज़रिए हो या ऑनलाइन - सीधे मंदिर के खजाने में जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि सेवकों या किसी और की तरफ़ से इसमें कोई भी रुकावट डालने को बहुत गंभीरता से लिया जाएगा। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मैनेजमेंट कमेटी को गड़बड़ियों को रोकने के लिए एक पारदर्शी सिस्टम लागू करने का निर्देश दिया। इस मामले की सुनवाई CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने की। इसे भी पढ़ें: RBI के लिए Digital Payments के बीच नकदी की मांग का अनुमान कठिन: SC Murmu वकील गोस्वामी ने मंदिर के फंड में गड़बड़ी का आरोप लगाया सुनवाई के दौरान, वकील एनके गोस्वामी ने आरोप लगाया कि मंदिर के फंड में वित्तीय गड़बड़ी हुई है और करोड़ों रुपये का गबन किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने वृंदावन के श्री बांके बिहारी मंदिर में दान की रकम के गबन के आरोपों को गंभीरता से लिया और कहा इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए, और हम निर्देश देते हैं कि दान का एक-एक पैसा दान-पात्रों या मंदिर के ऑनलाइन खजाने में ही जमा होना चाहिए। 'सेवायत' या किसी अन्य व्यक्ति द्वारा इसमें कोई भी बाधा डालने को बहुत गंभीरता से लिया जाएगा। प्रबंधन समिति को मंदिर के खजाने के लिए एक पारदर्शी व्यवस्था लागू करनी होगी। सुप्रीम कोर्ट ने सीनियर एडवोकेट मनिंदर सिंह की दलीलों पर ध्यान दिया। इसे भी पढ़ें: Allahabad High Court ने कहा, सिर्फ जाति का नाम लेने से SC ST Act के तहत अपराध नहीं बनता चीफ़ जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी मोहना की बेंच ने सीनियर एडवोकेट मनिंदर सिंह की दलीलों पर ध्यान दिया। उन्होंने मंदिर के कामकाज की देखरेख करने वाली हाई-पावर्ड कमेटी की एक स्टेटस रिपोर्ट पेश की। सिंह ने तस्वीरें पेश कीं और कहा कि मामले बहुत गंभीर हैं और इसमें तुरंत कार्रवाई की ज़रूरत है। उन्होंने कहा एक वीडियो है। तीन लोग 'गोलक' (पारंपरिक दान पेटी) के सामने खड़े हैं, भक्तों से पैसे इकट्ठा कर रहे हैं और उन्हें अपनी पॉलीथीन की थैलियों में डाल रहे हैं।
India Defense Sector: भारत में हथियार मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में आत्मनिर्भर बनने की ओर एक अहम कदम बढ़ाते हुए सरकार ने 25 अगस्त को एक बड़ा ऐलान किया है। रक्षा मंत्रालय ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित सभी पारंपरिक मिसाइल टेक्नोलॉजी को देश के भीतर ही उत्पादन के लिए घरेलू उद्योग को ट्रांसफर करने की मंजूरी दे दी है। सरकार के इस फैसले का मुख्य उद्देश्य भारतीय कंपनियों की रक्षा क्षेत्र में भागीदारी को बढ़ावा देना और देश के भीतर डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी मंजूरी, आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मील का पत्थरहथियारों के इंपोर्ट पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से रक्षा मंत्रालय ने इस फैसले का आधिकारिक ऐलान किया। रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी शेयर करते हुए कहा कि रक्षा में आत्मनिर्भरता के दृष्टिकोण को हासिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय उद्योगों को देश के भीतर उत्पादन के लिए DRDO विकसित सभी पारंपरिक मिसाइल प्रणालियों की तकनीकों के हस्तांतरण (ToT) को मंजूरी दे दी है। In a significant step towards achieving the vision of Aatmanirbharta in defence, Raksha Mantri Shri @rajnathsingh has approved the transfer of DRDO-developed technologies of all conventional missile systems to Indian industries for production within the country. This Transfer of…— रक्षा मंत्री कार्यालय/ RMO India (@DefenceMinIndia) August 25, 2026 मंत्रालय का कहना है कि यह टेक्नोलॉजी ट्रांसफर (ToT) भारतीय उद्योगों को जरूरी क्वॉलिफिकेशन, सर्टिफिकेशन और रेग्युलेटरी जरूरतों के मुताबिक स्वदेशी उत्पादन करने में सक्षम बनाएगा। इससे भारतीय डिफेंस इकोसिस्टम में घरेलू कंपनियों की भागीदारी को एक बड़ा बूस्ट मिलेगा।एमएसएमई और टेक पार्टनर्स के लिए खुलेंगे नए रास्तेइस बड़े फैसले से भारत रूस सहित अन्य देशों से होने वाले हथियारों के आयात पर अपनी निर्भरता घटाना चाहता है और देश के भीतर एक मजबूत डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री खड़ा करना चाहता है। मंत्रालय का कहना है कि सरकार डोमेस्टिक मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री की क्षमताओं को बढ़ाने, रक्षा औद्योगिक आधार को मजबूत करने और सप्लाई चेन में एमएसएमई (MSMEs) और दूसरे टेक पार्टनर्स की भागीदारी को सक्षम बनाने का प्रयास कर रही है।इस नए प्रावधान से मिसाइल प्रणाली के विकास का औद्योगिक उत्पादन किया जाना अब संभव हो पाएगा। यह हाई एंड डिफेंस सिस्टम के डेवलपमेंट और इन्हें बनाने के लिए भारतीय उद्योग की क्षमताओं का लाभ उठाने की एक बड़ी कवायद है। DRDO इस दिशा में लगातार कोशिशें कर रहा है और ये बड़ा डेवलपमेंट इसी का नतीजा है।प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी और स्पेयर पार्ट्स में स्वदेशीकरणइससे पहले की रिपोर्टों में यह बात सामने आई थी कि DRDO ने भविष्य के डेवलपमेंट और प्रोडक्शन से जुड़े कॉन्ट्रैक्ट्स में हिस्सेदारी के लिए प्राइवेट कंपनियों को आमंत्रित कर रहा है। इसके अलावा न्यूज18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय वायु सेना ने पिछले पांच वर्षों में अपने द्वारा अक्सर इस्तेमाल किए जाने वाले 97 प्रतिशत ऑपरेशनल फाइटर स्पेयर पार्ट्स का स्वदेशीकरण कर लिया है।पिछले हफ्ते ही रक्षा मंत्रालय ने 405 रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रक्षा वस्तुओं को कवर करने वाली एक स्वदेशीकरण सूची जारी की थी। इन डिफेंस आइटम को टोटैलिटी में देखें तो करीब 3000 करोड़ रुपये का बिजनेस पोटेंशियल भी इसमें शामिल है।ये भी पढ़ें- Shri Banke Bihari Mandir: 'चढ़ावे में हेराफेरी नहीं होने देंगे'; श्री बांके बिहारी मंदिर में दान पर सुप्रीम कोर्ट सख्त! गड़बड़ी पर दी कड़ी चेतावनी
Bankey Bihari Temple: वृंदावन के श्री बांके बिहारी मंदिर में कथित तौर पर चढ़ावे के गबन के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (25 अगस्त) को कड़ा रुख अपनाते हुए निर्देश दिया कि एक-एक पैसा दान पेटियों में या मंदिर के ऑनलाइन कोष में जमा होना चाहिए। शीर्ष अदालत ने मंदिर की देखरेख करने वाली प्रबंधन समिति को दान लेने के लिए एक पारदर्शी व्यवस्था लागू करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने साफ किया कि हर दान मंदिर के खजाने में ही पहुंचना चाहिए। अयोध्या राम मंदिर में कथित चंदा चोरी का मामला आने के बाद वृंदावन में मंदिर प्रशासन अलर्ट है।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने मंदिर के कामकाज की निगरानी कर रही उच्चस्तरीय समिति की स्थिति रिपोर्ट पर दी गईं वरिष्ठ वकील मनिंदर सिंह की दलीलों पर गौर किया। सिंह ने तस्वीरें अदालत के सामने रखते हुए कहा कि बहुत गंभीर समस्याएं हैं। इस मामले में तुरंत कार्रवाई की जरूरत है। पीठ ठाकुर श्री बांके बिहारी जी महाराज मंदिर की प्रबंधन समिति की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक उन्होंने कहा, एक वीडियो है। तीन लोग पारंपरिक दान पेटी के सामने खड़े हैं और श्रद्धालुओं से पैसे लेकर उन्हें अपनी पॉलीथिन की थैलियों में डाल रहे हैं। इस दलील पर कड़ा रुख अपनाते हुए पीठ ने कहा, इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए। हम निर्देश देते हैं कि दान का एक-एक पैसा मंदिर की दान पेटियों में या ऑनलाइन कोष में जमा होना चाहिए। 'सेवायत' या कोई और इसमें कोई बाधा पैदा करते हैं तो इसे बहुत गंभीरता से लिया जाएगा। प्रबंधन समिति मंदिर के खजाने के लिए पारदर्शी व्यवस्था लागू करे।दान पेटी और ऑनलाइन भुगतान से होगी व्यवस्थासुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि मंदिर में मिलने वाला हर दान या तो दान पेटियों में डाला जाए या ऑनलाइन सीधे मंदिर की तिजोरी/कोष में जमा किया जाए। अदालत का जोर इस बात पर है कि दान की रकम का पूरा रिकॉर्ड रहे। यह स्पष्ट हो कि भगवान के नाम पर कितनी रकम आई और उसका इस्तेमाल कहां हुआ। इससे मंदिर में चढ़ावे की रकम को लेकर पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।मंदिर के पैसे से प्रॉपर्टी खरीदने पर भी सवालसुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ वकील श्याम दीवान ने मंदिर के फंड से होने वाले खर्च को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर की रकम का इस्तेमाल कुछ संपत्तियां खरीदने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ऐसी संपत्तियों की खरीद मंदिर की प्रबंधन समिति के अधिकार क्षेत्र में आती है। खासकर तब जब अदालत की ओर से बनाई गई अंतरिम समिति मंदिर का प्रबंधन संभाल रही है। संबंधित कानून को चुनौती देने वाली याचिका अभी लंबित है।ये भी पढ़ें- LPG e-KYC Deadline: LPG ग्राहकों के लिए बड़ी खबर! e-KYC की डेडलाइन बढ़ी, 31 अगस्त तक निपटा लें ये काम, वरना महंगा पड़ सकता है सिलेंडरCJI ने यह भी सवाल किया कि अगर मंदिर के विकास के लिए मेडिकल क्लिनिक जैसी सुविधाएं बनाई जानी हैं, तो उनके लिए धन कहां से आएगा। अदालत ने संकेत दिया कि मंदिर के फंड से प्रस्तावित संपत्ति खरीद के मामलों को अंतिम लेन-देन से पहले उसके सामने लाया जाना चाहिए। सुनवाई के दौरान मंदिर में दर्शन की व्यवस्था का मुद्दा भी उठा। वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान ने पहले हो चुकी भगदड़ का हवाला देते हुए श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने की जरूरत बताई।
BPSC TRE-4: बिहार में शिक्षक भर्ती का रास्ता साफ, अब 33,274 पदों पर होगी नियुक्ति
BPSC TRE-4: बिहार में शिक्षक भर्ती का रास्ता साफ, अब 33,274 पदों पर होगी नियुक्ति
बिहार की सियासत में इन दिनों बयानों के तीखे तीर और राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर है। राज्य के राजनीतिक गलियारों में उस वक्त हलचल और अधिक तेज हो गई जब राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मौजूदा सरकार और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर एक बेहद आक्रामक और बड़ा सियासी दावा कर दिया। पटना में मीडिया से मुखातिब होते हुए और विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखते हुए तेजस्वी यादव ने तीखे तेवर दिखाए। उन्होंने हालिया प्रशासनिक बयानों और व्यवस्था की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए दो टूक शब्दों में कहा कि सत्ता पक्ष के लोगों को यह नहीं भूलना चाहिए कि वे किस अहंकार में जी रहे हैं, क्योंकि ये लोग कब जाएंगे, यह हमको अच्छी तरह से पता है। उनके इस तीखे बयान के सामने आने के बाद से राज्य के राजनीतिक तापमान में भारी उछाल आ गया है और सत्ताधारी दल तथा विपक्ष के बीच जुबानी जंग एक बार फिर से तेज हो गई है।छात्रों के आंदोलन और अधिकारियों की कार्यशैली पर खड़े किए गंभीर सवालतेजस्वी यादव ने अपने संबोधन के दौरान मुख्य रूप से युवाओं, छात्रों के भविष्य और प्रतियोगी परीक्षाओं में आ रही बाधाओं को लेकर सरकार को आड़े हाथ लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार हो रहे पेपर लीक और परीक्षाओं के बार-बार रद्द होने से राज्य के लाखों युवाओं का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है। छात्रों के चल रहे आंदोलन और उनकी मांगों पर बात करते हुए उन्होंने शासन-प्रशासन के रवैये की कड़ी निंदा की। उनका कहना था कि जब जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग और अधिकारी जनता या आंदोलनरत छात्रों के प्रति संवेदनशील होने के बजाय लापरवाह और अहंकारी भाषा का इस्तेमाल करते हैं, तो इससे लोकतंत्र की मूल भावना को गहरी ठेस पहुंचती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वर्तमान व्यवस्था में जिस तरह की भाषा का प्रयोग किया जा रहा है, वह आम जनता के अधिकारों के प्रति सरकार की उदासीनता को साफ तौर पर उजागर करता है।युवाओं के भविष्य और रोजगार के मुद्दों पर सरकार को घेराबिहार के युवाओं और छात्र वर्ग की समस्याओं को उठाते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि रोजगार और शिक्षा जैसे गंभीर विषयों पर सरकार पूरी तरह विफल साबित हो रही है। एक तरफ जहां युवा अपनी जायज मांगों को लेकर सड़कों पर संघर्ष कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक स्तर पर उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन पर सवाल उठाए जा रहे हैं। तेजस्वी यादव ने जोर देकर कहा कि राज्य के नौजवानों के साथ हो रहे इस खिलवाड़ को किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा और उनकी पार्टी हर मोर्चे पर छात्रों के हक की लड़ाई पूरी मजबूती के साथ लड़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि जिन उम्मीदों के साथ जनता ने बदलाव चाहा था, आज वही जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है और राज्य के विकास के दावे सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गए हैं।प्रशासनिक व्यवस्था और वित्तीय मोर्चे पर भी उठाए गए कड़े सवालकेवल राजनीतिक बयानों तक ही सीमित न रहते हुए, आरजेडी नेता ने पिछले कुछ समय से राज्य की वित्तीय स्थिति, औद्योगिक निवेश के दावों और प्रशासनिक कसावट पर भी लगातार सवाल उठाए हैं। इससे पहले भी उन्होंने सरकार की आर्थिक नीतियों और विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट पर खुलकर असंतोष जताया था। उनका यह नया बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य में विभिन्न मुद्दों को लेकर राजनीतिक पारा पहले से ही गर्म चल रहा है। तेजस्वी के इस दावे के बाद राजनीतिक विश्लेषक इसके दूरगामी परिणाम तलाशने में जुट गए हैं, क्योंकि आने वाले दिनों में यह मुद्दा बिहार की राजनीति में और अधिक तूल पकड़ सकता है।जनता के बीच बढ़ती चर्चाएं और राजनीतिक भविष्य के समीकरणतेजस्वी यादव के इस आक्रामक तेवर और बड़े दावे के बाद राज्य की आम जनता के बीच भी इन बातों की चर्चाएं जोरों पर हैं। विपक्षी दल लगातार सरकार को घेरने के लिए नई रणनीतियां तैयार कर रहे हैं। देखना यह होगा कि सत्ता पक्ष की ओर से इस तीखे हमले का किस प्रकार का पलटवार किया जाता है और आने वाले दिनों में बिहार की सियासत कौन सा नया मोड़ लेती है।
बिहार सरकार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा मंगलवार को पूरे परिवार के साथ मुजफ्फरपुर के प्रसिद्ध बाबा गरीबनाथ मंदिर पहुंचे। सावन के विशेष अवसर पर उन्होंने दर्शन-पूजन किया और गर्भगृह में जलाभिषेक कर भगवान शिव का आशीर्वाद लिया। करीब 45 मिनट तक मंदिर परिसर में रहे। बिहार में अमन-चैन, खुशहाली और समृद्धि की कामना की। मंदिर पहुंचने पर मंत्री ने बाबा गरीबनाथ के दरबार में माथा टेका। इसके बाद पुरोहित पंडित विनय पाठक ने विधि-विधान से उनका पूजन कराया। मंत्री ने गर्भगृह में जलाभिषेक करने के साथ बाबा की पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर में मौजूद अन्य देवी-देवताओं के भी दर्शन किए। देखिए मंदिर में पूजा अर्चना की कुछ तस्वीरें… बोले- गरीबों के नाथ हैं बाबा गरीबनाथ पूजा के बाद मीडिया से बात करते हुए विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि बाबा गरीबनाथ गरीबों के नाथ हैं। सावन के पावन महीने में बाबा के दरबार में आकर दर्शन-पूजन करने का अवसर मिला है। बाबा की कृपा बिहारवासियों पर बनी रहे और प्रदेश लगातार विकास के रास्ते पर आगे बढ़े। उन्होंने बिहार में शांति, सौहार्द और खुशहाली की कामना करते हुए कहा कि राज्य के सभी लोगों के जीवन में सुख-समृद्धि आए। साथ ही उन्होंने बाबा से बिहार की निरंतर तरक्की और प्रदेशवासियों के कल्याण की प्रार्थना की। मंदिर परिसर में रही श्रद्धालुओं की भीड़ मंत्री के मंदिर पहुंचने के दौरान परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ मौजूद रही। सावन के कारण बाबा गरीबनाथ मंदिर में सुबह से ही भक्तों की आवाजाही बनी हुई थी। पूजा के बाद मंदिर के पुरोहित पंडित विनय पाठक ने मंत्री को शॉल प्रदान कर सम्मानित किया। इस दौरान भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी प्रभात मालाकार, मुजफ्फरपुर की मेयर निर्मला साहू, भाजपा पूर्वी क्षेत्र के जिलाध्यक्ष विवेक कुमार, भाजपा पश्चिमी जिला अध्यक्ष हरिमोहन चौधरी समेत कई भाजपा नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
Bihar News: ‘विवेक से शादी कराओ’... टावर पर चढ़कर युवती ने मचाया हंगामा, पुलिस ने घंटों समझाकर उतारा
पूर्वी चंपारण के रक्सौल स्थित हरैया थाना क्षेत्र के परेउआ गांव में मंगलवार सुबह प्रेम प्रसंग को लेकर हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। एक युवती अपने प्रेमी विवेक से शादी करने की मांग को लेकर ऊंचे टावर पर चढ़ गई।
सावन की अंतिम सोमवारी पर असरगंज के कच्चे कांवरिया पथ पर आस्था की अनोखी तस्वीर देखने को मिली। बांका के फुल्लीडुमर की सोनी कुमारी अपने पति मंटू कुमार और 11 वर्षीय बेटे अंकुश के साथ बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए दंडवत यात्रा कर रही हैं।
Bihar News: वैशाली में थाने से 300 मीटर दूर ATM पर चोरों का धावा, मशीन तोड़ी; एक संदिग्ध हिरासत में
वैशाली के करताहां थाना क्षेत्र में अज्ञात चोरों ने थाना परिसर से महज 300 मीटर दूर स्थित SBI ATM को निशाना बनाया। बदमाशों ने ATM का शटर और मशीन क्षतिग्रस्त कर दी।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में फिल्म सिटी बनाने का ऐलान किया है। उन्होंने भोजपुरी फिल्म जगत के कलाकारों से फिल्म सिटी के लिए उपयुक्त जगह चिन्हित करने में सहयोग करने की अपील की।
Bihar News: बिहार की विरासत देख मंत्रमुग्ध हुए सांसद, सुधा मूर्ति बोलीं- 2-3 दिन लेकर आइए
पटना में बिहार म्यूजियम और खुदा बख्श लाइब्रेरी का भ्रमण करने पहुंचे 18 सांसदों ने बिहार की समृद्ध कला, संस्कृति और हजारों साल पुराने इतिहास की जमकर सराहना की।
Bihar News Today Live: बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 25 अगस्त के मुख्य और ताजा समाचार
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बाढ़ से बिहार का हाल बेहाल, काशी के घाट और मंदिर अब भी डूबे
देश के दूसरे हिस्से बाढ़ की वजह से परेशान हैं.. खास तौर पर उत्तर प्रदेश और बिहार. बिहार में तो लगातार गंगा का जलस्तर बढ़ने से कम से कम 6 जिले बाढ़ की चपेट में है.. आज बिहार के मुख्यमंत्री ने इन बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे भी किया... उधर वाराणसी में गंगा का जलस्तर कम हो रहा है लेकिन अभी भी तमाम घाट और उनके किनारों के मंदिर डूबे हुए है.
Bihar: जिसे बचाने का कानून, उसका ही शिकार! कोसी में डॉल्फिन पकड़ी, घर ले जाकर तेल निकालने की तैयारी
सहरसा जिले में कोसी नदी के पास गांगेय डॉल्फिन के अवैध शिकार का मामला सामने आया है। डरहार गांव के पास मछुआरों ने कथित तौर पर डॉल्फिन को जाल में फंसाकर नाव से घर पहुंचाया।
Bihar: घर बनाने निकले सुरेंद्र, बिजली के तार ने छीन ली जिंदगी; कफन में लौटा 52 साल का राजमिस्त्री
निर्माणाधीन मकान में रड का काम करते समय ऊपर से गुजर रहे 11 हजार वोल्ट के बिजली तार के संपर्क में रड आ गया, जिससे सुरेंद्र करंट की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गए।

