22 शनिवार, अगस्त: विश्वप्रसिद्ध श्रावणी मेले के दौरान बांका जिला प्रशासन और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से कांवरिया पथ पर विशेष प्रदर्शनी लगाई गई है। इस प्रदर्शनी के माध्यम से कांवरिया शिव भक्तों को बिहार सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।
बिहार के गोपालगंज जिले से शिक्षा जगत के लिए एक बेहद गर्वित और प्रेरणादायक खबर सामने आई है। राज्य के सुदूर इलाकों में अपनी मेहनत और लगन से बच्चों का भविष्य संवारने वाले शिक्षकों की फेरहिस्ट में अब गोपालगंज का नाम भी राष्ट्रीय फलक पर चमक उठा है। जिले के कुचायकोट स्थित राजकीय कन्या मध्य विद्यालय में अपनी समर्पित सेवाएं दे रही सहायक शिक्षिका पुष्पा प्रसाद का चयन देश के सबसे प्रतिष्ठित और सर्वोच्च 'राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार' के लिए किया गया है। उनकी इस शानदार उपलब्धि से न केवल उनके गृह जिले गोपालगंज बल्कि पूरे बिहार राज्य का सिर गर्व से ऊंचा हो गया है। शिक्षा के क्षेत्र में उनके इस उत्कृष्ट योगदान ने यह साबित कर दिया है कि यदि सच्ची निष्ठा और सेवा भाव से कार्य किया जाए, तो वह मेहनत कभी न कभी देश स्तर पर जरूर पहचानी जाती है।आगामी 5 सितंबर को नई दिल्ली में मिलेगा यह बड़ा सम्मानदेश भर में शिक्षक दिवस के रूप में मनाए जाने वाले आगामी 5 सितंबर को देश की राजधानी नई दिल्ली में एक अत्यंत भव्य और गरिमामयी राष्ट्रीय समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस खास मौके पर देश के विभिन्न राज्यों से चुने गए चुनिंदा और बेहतरीन शिक्षकों को उनके अनुकरणीय कार्यों के लिए सम्मानित किया जाएगा। इसी कड़ी में गोपालगंज की सहायक शिक्षिका पुष्पा प्रसाद को भी देश के महामहिम राष्ट्रपति के कर-कमलों द्वारा यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। यह पल उनके परिवार, विद्यालय के बच्चों और पूरे बिहार के शिक्षा विभाग के लिए बेहद ऐतिहासिक और यादगार होने वाला है। इस राष्ट्रीय सम्मान के मिलने से शिक्षकों के भीतर कुछ नया और बेहतर करने की एक अलग ही ऊर्जा का संचार होता है।राजकीय कन्या मध्य विद्यालय, कुचायकोट में खुशी की लहरपुष्पा प्रसाद गोपालगंज के कुचायकोट स्थित राजकीय कन्या मध्य विद्यालय में लंबे समय से सहायक शिक्षिका के पद पर कार्यरत हैं। विद्यालय में उनके पढ़ाने का तरीका, बच्चों के प्रति उनका स्नेह और स्कूल में शिक्षा के स्तर को ऊपर उठाने के लिए किए गए उनके नवाचार हमेशा से चर्चा का विषय रहे हैं। उन्होंने अपनी कक्षाओं में बच्चों को सिर्फ किताबी ज्ञान तक ही सीमित नहीं रखा, बल्कि उनके नैतिक विकास और जीवन कौशल पर भी पूरा जोर दिया। जब से उनके राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयनित होने की आधिकारिक घोषणा हुई है, तब से उनके स्कूल, पूरे गोपालगंज जिले और शिक्षा जगत में जश्न का माहौल है। सहकर्मी शिक्षक, स्थानीय लोग और छात्र-छात्राएं उन्हें लगातार बधाई दे रहे हैं और इस सफलता को एक बड़ी मिसाल मान रहे हैं।
चौराहे पर बांग्लादेश: बदलाव, अनिश्चितता और नई राह की तलाश
बांग्लादेश आज अपने इतिहास के एक ऐसे संवेदनशील मोड़ पर खड़ा है, जिसे कूटनीतिक और राजनीतिक विश्लेषक 'चौराहे' का नाम दे रहे हैं। सत्ता के तख्तापलट, व्यापक छात्र आंदोलनों और एक दीर्घकालिक शासन के अचानक अंत के बाद, यह दक्षिण एशियाई राष्ट्र वर्तमान में एक अभूतपूर्व परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। जब कोई देश ऐसे चौराहे पर खड़ा होता है, तो सबसे बड़ा और यक्ष प्रश्न यही उठता है कि 'जाए तो जाए कहां?' क्या यह देश एक पूर्ण, पारदर्शी और समावेशी लोकतंत्र की ओर बढ़ेगा, या फिर यह राजनीतिक अस्थिरता, आर्थिक मंदी और आंतरिक संघर्षों के एक ऐसे चक्रव्यूह में फंस जाएगा जिससे निकलना आने वाले दशकों तक मुश्किल हो जाएगा? यह संपादकीय इसी गंभीर प्रश्न के विभिन्न पहलुओं का विश्लेषण करता है, जिसमें राजनीतिक पुनर्गठन, प्रशासनिक चुनौतियां, आर्थिक संकट, सामाजिक ताना-बाना और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के जटिल समीकरण शामिल हैं। अगस्त 2024 में शेख हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग सरकार के पतन के बाद, बांग्लादेश ने नोबेल पुरस्कार विजेता डॉ. मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में एक अंतरिम सरकार की स्थापना देखी। इस बदलाव को देश की जनता, विशेषकर युवाओं ने 'दूसरा स्वतंत्रता आंदोलन' या 'सच्ची मुक्ति' का नाम दिया। छात्र आंदोलनों ने जिस तरह एक शक्तिशाली शासन को उखाड़ फेंका, उसने पूरी दुनिया को चौंका दिया। लेकिन सत्ता बदल देना जितना चुनौतीपूर्ण होता है, व्यवस्था को संभालना और एक नई पारदर्शी प्रणाली का निर्माण करना उससे कहीं अधिक जटिल होता है। शुरुआती दौर में जो उत्साह और उम्मीदें थीं, वे धीरे-धीरे प्रशासनिक और व्यावहारिक चुनौतियों के धरातल पर आकर थमती दिखाई दे रही हैं। अंतरिम सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह देश में सामान्य स्थिति कब और कैसे बहाल करे, और एक ऐसी लोकतांत्रिक प्रक्रिया की शुरुआत करे जो निष्पक्ष, पारदर्शी और सर्वस्वीकार्य हो। जब एक लंबा राजनीतिक ढांचा अचानक ढह जाता है, तो देश में एक बड़ा राजनीतिक शून्य पैदा हो जाता है। बांग्लादेश वर्तमान में इसी शून्यता से जूझ रहा है। अवामी लीग के कमजोर होने के बाद, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी और जमात-ए-इस्लामी जैसी पार्टियां राजनीतिक पटल पर फिर से सक्रिय हो गई हैं। इस चौराहे पर खड़ा बांग्लादेश अगर सही दिशा में कदम बढ़ाना चाहता है, तो उसे सबसे पहले अपनी लोकतांत्रिक संस्थाओं को पुनर्जीवित करना होगा। देश में एक ऐसे स्वतंत्र और शक्तिशाली चुनाव आयोग की आवश्यकता है, जिस पर सभी राजनीतिक दलों और आम जनता को पूरा भरोसा हो। अतीत में चुनावों की निष्पक्षता पर लगे दागों को धोना इस नए आयोग की सबसे बड़ी परीक्षा होगी। इसे भी पढ़ें: India Bangladesh Ganga Water Treaty पर Bihar से उठ रहे सवालों का जवाब Modi सरकार को देना ही होगा इसके साथ ही, केवल सरकार बदल देना काफी नहीं है। जब तक पुलिस, न्यायपालिका और नौकरशाही का राजनीतिकरण बंद नहीं होगा, तब तक किसी भी नए लोकतांत्रिक ढांचे की नींव कमजोर ही रहेगी। अंतरिम सरकार ने इसके लिए विभिन्न आयोगों का गठन किया है, लेकिन इन सुधारों को जमीन पर उतारना एक लंबी और कठिन प्रक्रिया है। देश में एक ऐसा राजनीतिक माहौल तैयार करना होगा जहां हर विचारधारा को अपनी बात रखने का मौका मिले, बशर्ते वह लोकतांत्रिक मूल्यों के दायरे में हो। प्रतिशोध की राजनीति को छोड़कर समावेशी राजनीति को अपनाना ही बांग्लादेश को इस चौराहे से सुरक्षित बाहर निकाल सकता है। राजनीतिक उथल-पुथल का सबसे सीधा और गहरा असर किसी भी देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। बांग्लादेश, जो कभी विकास दर के मामले में दक्षिण एशिया का चमकता सितारा माना जाता था, आज गंभीर आर्थिक चुनौतियों से घिरा हुआ है। लंबे समय तक चले कर्फ्यू, हड़तालों, इंटरनेट शटडाउन और कारखानों के बंद रहने के कारण देश की आर्थिक रीढ़ को भारी नुकसान पहुंचा है। बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था का मुख्य स्तंभ उसका रेडीमेड गारमेंट उद्योग है। देश के कुल निर्यात का लगभग 80 प्रतिशत से अधिक हिस्सा इसी क्षेत्र से आता है और यह लाखों लोगों, विशेषकर महिलाओं को रोजगार देता है। राजनीतिक अस्थिरता के कारण कई विदेशी खरीदारों ने अपने ऑर्डर वियतनाम, भारत और कंबोडिया जैसे देशों की तरफ मोड़ दिए हैं। अगर बांग्लादेश को अपनी अर्थव्यवस्था को बचाना है, तो उसे जल्द से जल्द इन कारखानों में पूर्ण सुरक्षा और निर्बाध उत्पादन सुनिश्चित करना होगा ताकि वैश्विक बाजारों में उसका खोया हुआ भरोसा वापस लौट सके। आर्थिक मोर्चे पर दूसरी बड़ी समस्या देश का विदेशी मुद्रा भंडार है, जो पिछले कुछ समय से लगातार दबाव में है। इसके साथ ही, बैंकिंग क्षेत्र में बड़े पैमाने पर गैर-निष्पादित आस्तियां यानी डूबता हुआ कर्ज एक गंभीर संकट बन चुका है। केंद्रीय बैंक और अंतरिम सरकार वित्तीय अनुशासन लागू करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन जब तक बैंकिंग प्रणाली से भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद को पूरी तरह खत्म नहीं किया जाता, तब तक आर्थिक स्थिरता एक दूर का सपना बनी रहेगी। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक से मिलने वाली वित्तीय सहायता इस समय देश के लिए एक संजीवनी की तरह है, लेकिन इसके साथ आने वाली शर्तें भी देश की आंतरिक नीतियों को प्रभावित कर रही हैं। आम नागरिक के लिए सबसे बड़ी समस्या रसोई का बजट और रोजगार है। आवश्यक वस्तुओं की आसमान छूती कीमतें और दैनिक जीवन का खर्च आम जनता के धैर्य की परीक्षा ले रहा है। छात्र आंदोलन की मुख्य मांग ही रोजगार के समान अवसर और कोटा प्रणाली में सुधार थी। अब जब नई व्यवस्था आ चुकी है, तो युवाओं को रोजगार के वास्तविक अवसर प्रदान करना सरकार के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि युवाओं की उम्मीदें निराशा में बदलीं, तो सामाजिक अशांति का एक नया दौर शुरू हो सकता है। किसी भी देश की प्रगति उसके सामाजिक सद्भाव और आंतरिक सुरक्षा पर टिकी होती है। सत्ता परिवर्तन के बाद के हफ्तों में बांग्लादेश ने कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर भारी शिथिलता देखी। पुलिस थानों पर हमले, पुलिसकर्मियों की अनुपस्थिति और प्रशासनिक पंगुता के कारण देश में एक प्रकार की अराजकता की स्थिति पैदा हो गई थी। हालांकि धीरे-धीरे स्थिति में सुधार हो रहा है, लेकिन पूरी तरह से सुरक्षित माहौल का निर्माण होना अभी बाकी है। इस बदलाव के दौर में बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदू समुदाय, के खिलाफ हिंसा और उनकी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं सामने आईं। हालांकि नागरिक समाज और छात्रों ने इन संपत्तियों की रक्षा के लिए मानव श्रृंखलाएं बनाईं, लेकिन इन घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बांग्लादेश की छवि को प्रभावित किया है। एक धर्मनिरपेक्ष और समावेशी बांग्लादेश का निर्माण तभी संभव है जब हर नागरिक, चाहे उसका धर्म या जाति कुछ भी हो, खुद को पूरी तरह सुरक्षित महसूस करे। इसके अलावा, अतीत के शासकों और उनके समर्थकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होना स्वाभाविक है, लेकिन यह कार्रवाई न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप होनी चाहिए, न कि प्रतिशोध की भावना से। यदि नई व्यवस्था भी वही गलतियां दोहराती है जो पुरानी व्यवस्था ने की थीं, तो देश में लोकतंत्र का आगमन केवल एक छलावा बनकर रह जाएगा। समाज में शांति और स्थिरता तभी लौट सकती है जब लोगों को यह विश्वास हो कि नई सरकार निष्पक्षता और न्याय के पथ पर चल रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बांग्लादेश एक बेहद महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक चौराहे पर खड़ा है। बंगाल की खाड़ी में अपनी रणनीतिक स्थिति के कारण बांग्लादेश हमेशा से वैश्विक शक्तियों के आकर्षण का केंद्र रहा है। भारत, चीन, संयुक्त राज्य अमेरिका और पश्चिम के देशों के साथ संबंधों को संतुलित करना अंतरिम और आने वाली चुनी हुई सरकार के लिए एक बहुत बड़ी कूटनीतिक परीक्षा होगी। भारत और बांग्लादेश का इतिहास, संस्कृति और भूगोल एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। शेख हसीना के कार्यकाल में दोनों देशों के संबंध अपने सबसे सुनहरे दौर में थे। सत्ता परिवर्तन के बाद, भारत के लिए बांग्लादेश में एक नया कूटनीतिक परिदृश्य सामने आया है। बांग्लादेश की नई सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह भारत के साथ पारस्परिक सम्मान और समानता के आधार पर मजबूत संबंध बनाए रखना चाहती है। दोनों देशों के बीच सीमा सुरक्षा, तीस्ता जल विवाद, व्यापार और पारगमन जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, जिनका समाधान परिपक्व कूटनीति के माध्यम से ही निकाला जा सकता है। भारत के लिए भी यह जरूरी है कि वह बांग्लादेश की जनता की लोकतांत्रिक आकांक्षाओं का सम्मान करे और वहां की नई व्यवस्था के साथ रचनात्मक जुड़ाव बनाए रखे। दूसरी तरफ, चीन बांग्लादेश के बुनियादी ढांचे के विकास में एक बड़ा साझेदार रहा है। वह इस बदलाव के दौर में भी अपने आर्थिक हितों को सुरक्षित रखने की कोशिश कर रहा है। इसके समानांतर, संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोपीय संघ ने बांग्लादेश में लोकतांत्रिक सुधारों और मानवाधिकारों की बहाली का पुरजोर समर्थन किया है। बांग्लादेश को इस बात का ध्यान रखना होगा कि वह महाशक्तियों की आपसी प्रतिस्पर्धा का अखाड़ा न बने, बल्कि अपनी विदेश नीति को देश के आर्थिक और रणनीतिक हितों के अनुरूप संचालित करे। किसी भी एक गुट की तरफ झुकाव देश की संप्रभुता और आर्थिक विकास के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है। चौराहे पर बांग्लादेश, जाए तो जाए कहां? इस प्रश्न का उत्तर किसी एक व्यक्ति या एक सरकार के पास नहीं है। इसका उत्तर बांग्लादेश की सामूहिक चेतना, उसके राजनीतिक दलों की परिपक्वता और उसके युवाओं के संकल्प में छिपा है। बांग्लादेश के पास इतिहास रचने और एक नए, समृद्ध व लोकतांत्रिक राष्ट्र के रूप में उभरने का यह एक अभूतपूर्व अवसर है। लेकिन इस मार्ग पर चलते हुए उसे अति-राष्ट्रवाद, प्रतिशोध की राजनीति, धार्मिक कट्टरता और आर्थिक कुप्रबंधन के गड्ढों से बचना होगा। इस चौराहे से आगे बढ़ने का केवल एक ही सही रास्ता है: एक ऐसी व्यवस्था का निर्माण करना जहां कानून का शासन सर्वोपरि हो, जहां अर्थव्यवस्था का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, और जहां हर नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सुरक्षा की गारंटी मिले। दुनिया उम्मीद और कौतूहल के साथ बांग्लादेश की ओर देख रही है, और यह समय बांग्लादेश के नेतृत्व के लिए अपनी दूरदर्शिता और दृढ़ता साबित करने का है। - अशोक भाटिया, वरिष्ठ स्वतंत्र पत्रकार, लेखक, समीक्षक एवं टिप्पणीकार
22 अगस्त, शनिवार: सीवान के बड़हरिया प्रखंड में पैक्स चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। विभिन्न पंचायतों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी नामांकन पत्र दाखिल करने प्रखंड मुख्यालय पहुंचे। चुनाव की तारीख और प्रक्रिया की जानकारी के लिए Bihar State Election Authority Portal देखें।
Protest in Patna : पटना में लोकभवन मार्च के दौरान फिर पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच झड़प की नौबत आ गई। असिस्टेंट प्रोफेसर के अभ्यर्थियों के लोकभवन मार्च के दौरान बेली रोड पर जमकर हंगामा हुआ। भारी जाम लग गया।
Thane Court ने POCSO मामले में दोषी को सुनाई 20 साल की जेल, लगाया जुर्माना
महाराष्ट्र के ठाणे जिले की एक विशेष अदालत ने 12 साल की बच्ची के यौन उत्पीड़न के मामले में एक व्यक्ति को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाते हुए कहा कि नाबालिग की सहमति का कानून के तहत कोई महत्व नहीं होता। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रेमल एस. विठलानी ने आरोपी मोहम्मद राशिद ताहिद आलम (30) को यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) की संबंधित धाराओं के तहत शुक्रवार को दोषी ठहराया। अदालत ने उसे 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाने के साथ ही उस पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। विशेष लोक अभियोजक रेखा एन. हिवराले ने आरोपी के खिलाफ आरोपों को साबित करने के लिए सात गवाहों से पूछताछ की। अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी शादी का झांसा देकर 29 जुलाई 2021 को बच्ची को ठाणे शहर के अलग-अलग स्थानों पर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। अदालत ने कहा कि भले ही यह संबंध पहली नजर में सहमति से बना हुआ प्रतीत हो रहा हो, लेकिन जब पीड़िता की उम्र 18 साल से कम होती है तो कानून की नजर में उसकी सहमति मान्य नहीं होती। इसे भी पढ़ें: Bihar के West Champaran में भीड़ में घुसी बस, 5 लोगों की मौत और कई घायल अदालत ने कहा, ‘‘जब पीड़िता की मौखिक गवाही चिकित्सकीय साक्ष्यों से समर्थित हो तो यह मानने के लिए पर्याप्त कारण हैं कि अभियोजन पक्ष ने यह साबित कर दिया है कि आरोपी ने पीड़िता के साथ कई बार यौन संबंध बनाए, भले ही यह उसकी सहमति से हुआ हो।’’अदालत ने पॉक्सो अधिनियम की धारा छह के तहत आरोपी को दोषी ठहराया। इस धारा में न्यूनतम 20 साल के कठोर कारावास और जुर्माने का प्रावधान है। हालांकि, अदालत ने आरोपी को अपहरण के आरोप से बरी कर दिया क्योंकि उसने पाया कि पीड़िता अपनी इच्छा से उसके साथ गई थी। अदालत ने पीड़िता को मुआवजा दिए जाने की राशि तय करने के लिए मामले को ठाणे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पास भेजने की भी सिफारिश की।
गिरिडीह के बेंगाबाद थाना क्षेत्र में शुक्रवार को बेंगाबाद-मधुपुर मुख्य मार्ग (एनएच-114ए) पर झलकडीहा के पास एक सड़क दुर्घटना हुई। इसमें बिहार के चकाई थाना क्षेत्र के एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक की पहचान चकाई थाना क्षेत्र के एकतारा निवासी 35 वर्षीय सबस्टीन मरांडी उर्फ सुभाष के रूप में हुई है। बाइक पर सवार 26 वर्षीय महासोल मुर्मू भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों युवक शुक्रवार को बाइक पर बेंगाबाद से मधुपुर की ओर जा रहे थे। झलकडीहा के पास विपरीत दिशा से आ रही एक कार से उनकी बाइक की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइक सवार सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तत्काल दोनों घायलों को गिरिडीह सदर अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद सबस्टीन मरांडी को मृत घोषित कर दिया। महासोल मुर्मू की गंभीर हालत को देखते हुए उनका इलाज जारी है। बताया गया है कि दुर्घटनाग्रस्त कार में कांवरिया सवार थे, जो देवघर में पूजा-अर्चना के बाद रांची लौट रहे थे। हादसे की सूचना पर बेंगाबाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार और बाइक को जब्त कर थाने ले गई है और घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। सबस्टीन मरांडी विवाहित थे और उनकी दो छोटी बेटियां हैं, जिनकी उम्र लगभग तीन वर्ष और छह माह है। उनकी मृत्यु से परिवार में शोक का माहौल है।
Ranchi: हजारीबाग में पुलिस और राहुल दुबे गैंग के संदिग्धों के बीच मुठभेड़, 2 घायल; एक जंगल में फरार
Bihar News: हजारीबाग के गिद्दी थाना क्षेत्र में पुलिस और राहुल दुबे गैंग के संदिग्ध गुर्गों के बीच मुठभेड़ हुई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दो संदिग्ध घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल भेजा गया है।
Bihar: NH-22 पर हाइवा और बाइकों की भीषण टक्कर, युवक की मौके पर मौत; गुस्साए लोगों ने हाईवे किया जाम
मुजफ्फरपुर के रामपुरहरि थाना क्षेत्र में NH-22 पर तेज रफ्तार हाइवा और दो बाइकों की टक्कर में 30 वर्षीय युवक की मौके पर मौत हो गई, जबकि दो युवक गंभीर रूप से घायल हैं।
India Bangladesh Ganga Water Treaty पर Bihar से उठ रहे सवालों का जवाब Modi सरकार को देना ही होगा
1996 की भारत-बांग्लादेश गंगा जल संधि दिसंबर में समाप्त होने वाली है, ऐसे में ढाका नई संधि की मांग तेज कर रहा है और सूखे के मौसम में न्यूनतम जल प्रवाह की गारंटी जैसी शर्त जोड़ना चाहता है, मगर केंद्र और बिहार में सत्तारुढ़ एनडीए के एक प्रमुख घटक जनता दल यूनाइटेड के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने अपने लेख के माध्यम से जो सवाल उठाए हैं, उसने पूरे मामले का नया मोड़ दे दिया है। उनका संदेश साफ है कि भारत को केवल बांग्लादेश के साथ नई संधि पर विचार नहीं करना चाहिए, बल्कि उससे पहले यह तय करना होगा कि बदलती जलवायु, घटते प्रवाह और बढ़ती जरूरतों के बीच गंगा का पानी भारत के अपने राज्यों खासकर बिहार के बीच किस आधार पर बांटा जाएगा। यही वह सवाल है जो 2026 के बाद गंगा की राजनीति को केवल जल बंटवारे का मुद्दा नहीं रहने देता, बल्कि इसे राष्ट्रीय हित, सीमा सुरक्षा, क्षेत्रीय कूटनीति और सामरिक रणनीति के केंद्र में ला खड़ा करता है। दरअसल, ढाका चाहता है कि नई संधि में एक ‘गारंटी क्लॉज’ शामिल हो, जिसके तहत सूखे के मौसम में बांग्लादेश को गंगा के पानी की एक न्यूनतम मात्रा सुनिश्चित की जाए। 1977 के समझौते में इस तरह की गारंटी का प्रावधान था, लेकिन 1996 की संधि में इसे शामिल नहीं किया गया। बांग्लादेश का तर्क है कि जलवायु परिवर्तन, अनिश्चित होते सूखे मौसम के प्रवाह और पानी की घटती उपलब्धता के कारण पुराना फार्मूला अब उसकी जरूरतों और वर्तमान परिस्थितियों को प्रतिबिंबित नहीं करता। इसे भी पढ़ें: Bangladesh PM Tarique Rahman की India visit पर फैसला नहीं, ढाका ने दी सफाई लेकिन ठीक यही तर्क भारत, विशेषकर बिहार के लिए भी उतना ही महत्वपूर्ण है। संजय झा का सवाल है कि तीन दशक पुरानी गणना के आधार पर भारत खुद को एक और लंबे अंतरराष्ट्रीय दायित्व में क्यों बांधे? गंगा का अविरल प्रवाह बिहार में कई हिस्सों में टूट रहा है, नदी के चैनल बदल रहे हैं, कई इलाकों में भूजल संकट गहरा रहा है और दूसरी ओर दक्षिण बिहार के सूखा प्रभावित क्षेत्रों के साथ-साथ उत्तर बिहार के बाढ़ग्रस्त इलाके भी पानी की असमानता से जूझ रहे हैं। ऐसे में जब नदी का व्यवहार ही बदल चुका है तो 1996 के आंकड़ों और फार्मूले को भविष्य के लिए स्थायी मान लेना बिहार के हितों पर भारी पड़ सकता है। देखा जाये तो फरक्का पर विवाद इस पूरी बहस का सबसे संवेदनशील केंद्र है। बांग्लादेश लंबे समय से फरक्का बैराज को सूखे मौसम में उसके हिस्से के जल प्रवाह में कमी के लिए जिम्मेदार ठहराता रहा है। वहां की ओर से इसे लेकर तीखी भाषा भी इस्तेमाल की गई है। भारत का पक्ष अलग है। भारत फरक्का को बांध नहीं बल्कि एक डायवर्जन संरचना मानता है, जिसका उद्देश्य गंगा के पानी का एक हिस्सा हुगली नदी प्रणाली की ओर मोड़ना है, जबकि शेष प्रवाह बांग्लादेश की दिशा में आगे बढ़ता है। भारत यह भी कहता रहा है कि जल प्रवाह से जुड़ा डेटा संयुक्त नदी आयोग के माध्यम से साझा किया जाता है। लेकिन अब असली सवाल केवल फरक्का नहीं है। सवाल यह है कि गंगा पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धता तय करने से पहले भारत के भीतर गंगा बेसिन वाले राज्यों यानि उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के अधिकारों और जरूरतों का वैज्ञानिक आकलन क्यों नहीं होना चाहिए? यही वह बिंदु है जहां संजय झा की मांग बिहार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। बिहार की आबादी 1996 के मुकाबले काफी बढ़ चुकी है। पीने के पानी, सिंचाई और औद्योगिक जरूरतों का दबाव भी कई गुना बढ़ा है। राज्य को यदि अपनी कृषि, सिंचाई परियोजनाओं और जल प्रबंधन के लिए दीर्घकालिक योजना बनानी है तो उसे पहले से यह पता होना चाहिए कि गंगा बेसिन में उसका वास्तविक और न्यायसंगत हिस्सा कितना है। नई संधि से पहले भारत के भीतर वैज्ञानिक जल आवंटन बिहार के लिए सबसे बड़ा रणनीतिक लाभ हो सकता है। भारत के लिए भी यह केवल बिहार बनाम बांग्लादेश का प्रश्न नहीं है। गंगा भारत और बांग्लादेश के बीच साझा 54 प्रमुख नदियों वाले व्यापक जल संबंधों का हिस्सा है। यदि भारत बिना घरेलू जल संतुलन तय किए बांग्लादेश को न्यूनतम प्रवाह की गारंटी देता है, तो भविष्य में सूखे के गंभीर वर्षों में अपने राज्यों की जरूरतों और अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के बीच टकराव पैदा हो सकता है। इसलिए नई संधि का आधार 1950 के दशक या 1990 के दशक के आंकड़े नहीं, बल्कि वर्तमान हाइड्रोलॉजिकल डेटा, जलवायु अनुमान, वास्तविक प्रवाह और समय-समय पर समीक्षा की व्यवस्था होना चाहिए। भारत की संसदीय समिति भी इस दिशा में संकेत दे चुकी है कि संधि के नवीनीकरण पर बातचीत में बिहार और पश्चिम बंगाल की चिंताओं, अपडेटेड जल आंकड़ों और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को शामिल किया जाना चाहिए। इसका अर्थ साफ है कि नई व्यवस्था यदि बनती है तो वह पुराने अंकगणित की कॉपी नहीं हो सकती। दूसरी तरफ, मान लीजिये कि अगर संधि समाप्त हो जाती है और नई संधि नहीं हो पाती तब क्या होगा? ऐसे में संभव है कि बांग्लादेश इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाने की कोशिश कर सकता है। ढाका संयुक्त राष्ट्र समेत विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जल अधिकार और सूखे के मौसम में जल संकट का सवाल उठा सकता है। इससे भारत पर कूटनीतिक दबाव बढ़ाने की कोशिश होगी और द्विपक्षीय संबंधों में एक नया तनाव पैदा हो सकता है। बांग्लादेश घरेलू राजनीति में भी गंगा जल को एक संवेदनशील राष्ट्रवादी मुद्दे के रूप में इस्तेमाल कर सकता है। ऐसे में भारत पर इसका असर केवल कूटनीतिक छवि तक सीमित नहीं रहेगा। जल विवाद सीमा पार सहयोग, नदी प्रबंधन, व्यापार और व्यापक भारत-बांग्लादेश संबंधों को प्रभावित कर सकता है। यही कारण है कि नई दिल्ली के लिए सबसे समझदारी भरा रास्ता न तो आंख बंद करके पुरानी संधि का नवीनीकरण है और न ही जल प्रश्न को अनिश्चितता में छोड़ देना। भारत को इस मौके का इस्तेमाल एक मजबूत, आधुनिक और संतुलित जल रणनीति बनाने में करना चाहिए। पहले अपने राज्यों के हितों का वैज्ञानिक निर्धारण, फिर बांग्लादेश के साथ पारदर्शी बातचीत। नई संधि में वास्तविक प्रवाह के आधार पर आवंटन, छोटे समीक्षा चक्र, जलवायु परिवर्तन के अनुसार संशोधन और असाधारण परिस्थितियों के लिए स्पष्ट प्रावधान किए जा सकते हैं। बहरहाल, दिसंबर 2026 की समयसीमा इसलिए केवल एक संधि की समाप्ति नहीं है। यह भारत के सामने अपनी गंगा नीति को नए सिरे से लिखने का अवसर है। और अगर इस बार बिहार के हितों, बदलती जलवायु और राष्ट्रीय जल सुरक्षा को केंद्र में रखकर फैसला हुआ, तो नई व्यवस्था केवल कूटनीतिक समझौता नहीं, बल्कि भारत की दीर्घकालिक सामरिक और जल सुरक्षा की मजबूत नींव बन सकती है। -नीरज कुमार दुबे
एसटीएफ की रडार पर सुपारी किलर, 350 की लिस्ट तैयार; बिहार पुलिस का क्राइम कंट्रोल प्लान क्या है?
बिहार एसटीएफ (विशेष कार्य बल) ने रुपये लेकर हत्याएं करने वाले 350 से अधिक सुपारी किलरों की सूची तैयार की है। जुलाई तक 30 से अधिक सुपारी किलर को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
Bihar News: मुजफ्फरपुर जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र में घर के दरवाजे पर चढ़कर पट्टीदार ने मारी गोली इलाके में सनसनी, घायल ने कहा हत्या करने आया था वह; जांच में जुटी पुलिस।
मैहर में मोबाइल चोरी कर बैंक खाते से उड़ाए 90 हजार, बिहार के गया से शातिर चोर गिरफ्तार
मैहर में मोबाइल चोरी कर बैंक खाते से उड़ाए 90 हजार, बिहार के गया से शातिर चोर गिरफ्तार
मैहर में सब्जी मंडी से मोबाइल चोरी कर खाते से उड़ाए 90 हजार, बिहार के गया से आरोपी गिरफ्तार
मैहर में सब्जी मंडी से मोबाइल चोरी कर खाते से उड़ाए 90 हजार, बिहार के गया से आरोपी गिरफ्तार
Bihar News Today Live: बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 22 अगस्त के मुख्य और ताजा समाचार
Bihar Breaking News Today Live - Read latest and breaking news today in hindi at Amarujala. यहां पढ़ें, बिहार की ताजा खबरें, राजनीति, खेल, मनोरंजन, धर्म, क्राइम और शिक्षा की खबरों का लाइव अपडेशन
समस्तीपुर के बिथान थाना क्षेत्र के परड़ी गांव में सत्यनारायण पूजा का प्रसाद खाने के कुछ देर बाद 30 से अधिक लोगों की तबीयत बिगड़ गई। बच्चों और वयस्कों समेत कई लोगों को उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत हुई
देश भर में सक्रिय मानसूनी ट्रफ (Monsoon Trough) और पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव के चलते मौसम का मिजाज तेजी से बदल गया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद) के कई इलाकों में आसमान में घने काले बादल छाने के साथ तेज हवाओं और रुक-रुक कर हो रही झमाझम बारिश ने लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत दी है। वहीं, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर, मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के 17 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, आंधी-तूफान (Thunderstorm) और आकाशीय बिजली चमकने का 'ऑरेंज' और 'येलो' अलर्ट जारी किया है।दिल्ली-NCR में बदला मौसम, तापमान में 4 से 5 डिग्री की गिरावटशनिवार सुबह से ही दिल्ली-एनसीआर के कई हिस्सों में शुरू हुई तेज बारिश के बाद अधिकतम तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली के सफदरजंग, पालम, लोधी रोड और नोएडा-ग्रेटर नोएडा में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने के साथ हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। बारिश के कारण शहर की वायु गुणवत्ता (AQI) में भी सुधार देखा गया है और मौसम सुहावना बना हुआ है।यूपी, बिहार और मध्य प्रदेश में वज्रपात और आंधी-तूफान का अलर्टमौसम विभाग ने गंगा के मैदानी इलाकों में तेज चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बनने के कारण उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों के लिए चेतावनी जारी की है:उत्तर प्रदेश: लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज, बरेली, मेरठ और मुरादाबाद समेत पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी के 30 से अधिक जिलों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली (Lightning) गिरने का खतरा जताया गया है।बिहार: पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, पूर्णिया और दरभंगा में बादलों की तेज गड़गड़ाहट के साथ मध्यम से भारी बारिश का पूर्वानुमान है। प्रशासन ने किसानों और खुले मैदानों में काम करने वाले लोगों को पेड़ों के नीचे शरण न लेने की सख्त हिदायत दी है।मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़: भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा और ग्वालियर संभाग में अगले 48 घंटों के दौरान तेज बारिश और जलभराव की स्थिति बन सकती है।उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में लैंडस्लाइड का खतरा, नदियां उफान परपहाड़ी राज्यों में बारिश का सबसे भीषण असर देखने को मिल रहा है। उत्तराखंड के देहरादून, नैनीताल, चमोली, उत्तरकाशी और टिहरी में अत्यंत भारी बारिश (Heavy to Very Heavy Rain) का अलर्ट जारी किया गया है।लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी मार्गों पर भूस्खलन (Landslides) और मलबे के कारण कई संपर्क मार्ग और राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित हुए हैं। गंगा, अलकनंदा, मंदाकिनी और यमुना नदियों का जलस्तर चेतावनी निशान के करीब पहुंच गया है। हिमाचल प्रदेश के शिमला, कुल्लू, मंडी और कांगड़ा में भी नदियों और नालों के किनारे जाने पर पाबंदी लगा दी गई है।इन 17 राज्यों में अगले 48 घंटे भारी बारिश की चेतावनीआईएमडी की नवीनतम बुलेटिन के अनुसार, मानसून की सक्रियता के चलते देश के निम्नलिखित 17 राज्यों में अलर्ट प्रभावी रहेगा:दिल्ली-एनसीआरउत्तर प्रदेशबिहारउत्तराखंडहिमाचल प्रदेशमध्य प्रदेशराजस्थान (पूर्वी और उत्तरी संभाग)पंजाबहरियाणा और चंडीगढ़झारखंडपश्चिम बंगाल (उप-हिमालयी क्षेत्र)ओडिशाअसम और मेघालयअरुणाचल प्रदेशनागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरामहाराष्ट्र (कोंकण और विदर्भ)छत्तीसगढ़मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन की आम जनता से अपीलआईएमडी और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) ने नागरिकों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, जलभराव वाले निचले इलाकों से दूर रहने और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को सुरक्षित रखने की सलाह दी है। आंधी-तूफान के समय पुराने जर्जर मकानों, होर्डिंग्स और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचने की अपील की गई है।
बापूधाम मोतिहारी रेलवे स्टेशन पर मोबाइल देखने से मना किए जाने से नाराज आठवीं कक्षा की छात्रा ने वंदे भारत ट्रेन के आगे छलांग लगा दी। लोको पायलट की तत्परता से ट्रेन समय रहते रोक दी गई और छात्रा की जान बच गई।
Bihar Weather: आज से 4 दिनों तक झमाझम बारिश, कई जिलों ठनका के आसार; IMD की रिपोर्ट क्या?
अगले चार से पांच दिनों तक मानसून बिहार पर मेहरबान दिख रहा है। उत्तर से दक्षिण बिहार के जिलों में कहीं झमाझम तो कहीं मध्यम दर्जे की बारिश होने की संभावना व्यक्त की गयी है।
RJD अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने बिहार सरकार को घेरा, वित्तीय स्थिति पर उठाए सवाल
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Bihar: पैर फिसलने से नदी में डूबकर युवक की मौत, अगले दिन मिला शव; पत्नी-बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल
सारण के भेल्दी थाना क्षेत्र के जाफरपुर गांव में डबरा नदी में डूबने से 40 वर्षीय रामनाथ सिंह की मौत हो गई। गुरुवार शाम शौच के लिए नदी किनारे गए रामनाथ का पैर फिसल गया था।
दिल्ली में झमाझम बारिश से सुहाना हुआ मौसम! जानिए यूपी, बिहार और एमपी में कैसा रहेगा वेदर का मिजाज?
IMD Weather Forecast:
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए 48 टीचरों का चयन, यूपी के 3 और बिहार से 2 अध्यापक, देखें पूरी लिस्ट
National Teachers Awards 2026 List: सरकार ने 48 शिक्षकों के नाम राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए घोषित किए। 48 अवॉर्ड पाने वालों में से उत्तर प्रदेश से कुल 3 शिक्षक, बिहार, राजस्थान, एमपी से दो दो शिक्षकों का चयन हुआ है।
झारखंड विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी, बिहार में मिला मोबाइल का लोकेशन
झारखंड विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी मिली है, जिसके बाद प्रभारी सचिव रंजीत कुमार की शिकायत पर पुलिस जांच में जुट गई है।
केंद्र सरकार की मदद से सम्राट सरकार बिहार के छोटे-छोटे शहरों को एयर कनेक्टिविटी से जोड़ रही है। 2030 तक बिहार में 13 एयरपोर्ट काम करने लगेंगे। यहां से आपको दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े शहरों के लिए फ्लाइट मिलेगी। गोपालगंज और किशनगंज से फ्लाइट के लिए पटना या बागडोगरा नहीं जाना पड़ेगा। बिहार में अभी चार एयरपोर्ट (पटना, गया, दरभंगा और पूर्णिया) काम कर रहे हैं। पहले चरण में 6 शहरों में एयरपोर्ट विकसित करने की योजना है। इसके बाद दूसरे चरण में गोपालगंज, किशनगंज और सोनपुर में एयरपोर्ट तैयार किया जाएगा। बिहार में एयर कनेक्टिविटी की क्या स्थिति है? कितने यात्री हर साल यात्रा करते हैं? कहां नए एयरपोर्ट बनेंगे? इससे क्या फायदा होगा? पढ़िए रिपोर्ट..। फेज 1 में 6 शहरों में बनेंगे एयरपोर्ट केंद्र सरकार की उड़ान योजना के तहत फेज वन में बिहार के 6 शहरों (बीरपुर, सहरसा, मुंगेर, वाल्मीकिनगर, मधुबनी और मुजफ्फरपुर) में एयरपोर्ट विकसित किए जाएंगे। इसके लिए बिहार सरकार और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के बीच जून 2025 में समझौता हुआ था। 1. नेपाल से सटे बीरपुर एयरपोर्ट पर उतरेंगे फाइटर जेट्स सुपौल जिले के बीरपुर एयरपोर्ट को विकसित किया जा रहा है। इसके लिए 88.83 एकड़ अतिरिक्त भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। 2. सहरसा से उड़ान भरेंगे 20 सीटर विमान सहरसा एयरपोर्ट को 35.14 करोड़ रुपए की लागत से अपग्रेड किया जा रहा है। यहां नया टर्मिनल भवन बनेगा। 3. मुंगेर के साफियाबाद में तैयार हो रहा एयरपोर्ट सीएम सम्राट के गृह क्षेत्र मुंगेर में साफियाबाद के पास ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाया जा रहा है। इसके लिए 1720.11 एकड़ जमीन का अधिग्रहण होगा। मुआवजे के लिए सरकार ने 773.46 करोड़ रुपए खर्च की मंजूरी दी है। वर्तमान में साफियाबाद एयरपोर्ट का रनवे 758 मीटर लंबा और 25 मीटर चौड़ा है। इसे बढ़ाकर कम से कम 1200 मीटर लंबा और 70 मीटर चौड़ा किया जाना है। योजना उड़ान के तहत यहां के लिए पहले 19 सीटर विमान की सेवा शुरू होगी। इस एयरपोर्ट पर विमान रात में भी लैंडिंग कर पाएंगे। 4. वाल्मीकिनगर एयरपोर्ट से बढ़ेगा पर्यटन नेपाल की सीमा से लगे वाल्मीकिनगर में 38.64 करोड़ रुपए की लागत से नया एयरपोर्ट बनेगा। यहां बिहार का एकमात्र वाल्मीकि टाइगर रिजर्व है। एयरपोर्ट बनने से यहां पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। वाल्मीकिनगर एयरपोर्ट बन जाने के बाद बेतिया, मोतिहारी समेत उत्तर बिहार के नेपाल सीमा पर स्थित लोगों को हवाई यात्रा करने में सुविधा मिलेगी। अभी इस इलाके के विमान यात्री दरभंगा या पटना एयरपोर्ट से आवाजाही करते हैं। एयरपोर्ट से छोटे आकार के विमानों का ऑपरेशन होगा 5. मधुबनी में बनेगा हेलीपोर्ट मधुबनी में एयरपोर्ट की जगह हेलीपोर्ट बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है। दरभंगा एयरपोर्ट से मधुबनी की दूरी करीब 30-40 km है। भारतमाला प्रोजेक्ट और नई सड़क कनेक्टिविटी बनने के बाद लोगों के लिए दरभंगा पहुंचना और भी आसान हो जाएगा। 6. मुजफ्फरपुर के पताही एयरपोर्ट से उड़ान भरेंगे 19 सीटर विमान मुजफ्फरपुर के पताही एयरपोर्ट को विकसित किया जा रहा है। पहले चरण में लगभग 23.47 करोड़ रुपए की लागत से टर्मिनल भवन, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) और फायर स्टेशन का निर्माण किया जा रहा है। इस एयरपोर्ट से 19 सीटर विमान ऑपरेट होंगे। पताही एयरपोर्ट करीब 101 एकड़ में फैला है। इसके रनवे की लंबाई करीब 1050 मीटर है। पहले रनवे की लंबाई बढ़ाने की योजना थी। स्थानीय लोगों के विरोध के कारण इसे रोक दिया गया है। दूसरे चरण में गोपालगंज, किशनगंज और सोनपुर में बनेंगे एयरपोर्ट 1- द्वितीय विश्वयुद्ध में अंग्रेजों ने किया था गोपालगंज के एयरपोर्ट का इस्तेमाल गोपालगंज के हथुआ प्रखंड में स्थित सबेया एयरपोर्ट को विकसित किया जाएगा। इसका निर्माण 1868 में अंग्रेजों ने कराया था। द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान ब्रिटिश आर्मी ने सबेया एयरपोर्ट का इस्तेमाल किया था। आजादी के बाद रक्षा मंत्रालय ने इस एयरपोर्ट को ओवरटेक कर लिया। अब इस एयरपोर्ट को छोटे विमानों के उड़ान भरने और लैंडिंग करने लायक बनाया जाएगा। 2- चीन सीमा के पास स्थित किशनगंज से उड़ान भरेंगे फाइटर जेट्स किशनगंज जिले के खगड़ा स्थित एयरपोर्ट को विकसित किया जा रहा है। इसके रनवे की लंबाई बढ़ाई जा रही है। इसके लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। किशनगंज एयरपोर्ट चीन से लगी सीमा से करीब 175 किलोमीटर दूर है। सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकन नेक कॉरिडोर) के पास स्थिति होने के चलते भी इसका बहुत अधिक रणनीतिक महत्व है। एयरपोर्ट के मौजूदा रनवे की लंबाई लगभग 900 मीटर है। बड़े विमानों के संचालन के लिए सरकार ने इस रनवे की लंबाई को बढ़ाकर लगभग 2.5 किलोमीटर (2500 मीटर) करने का प्रस्ताव मंजूर किया है। इतने लंबे रनवे से लड़ाकू विमान भी टेकऑफ और लैंडिंग कर पाएंगे। 3. सोनपुर एयरपोर्ट पर उतर पाएगा एयरबस A380 पटना से करीब 25 किलोमीटर दूर सारण जिले के सोनपुर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनेगा। 4,228 एकड़ में फैला यह एयरपोर्ट आकार में भारत का तीसरा सबसे बड़ा हवाई अड्डा होगा। रनवे की लंबाई 4.2 km होगी। दो रनवे बनाए जाएंगे ताकि अधिक विमानों को संभाला जा सके। यहां दुनिया का सबसे बड़ा यात्री विमान एयरबस A380 उतर पाएगा। अब जानिए बिहार में काम कर रहे एयरपोर्ट की स्थिति बिहार में फिलहाल 4 एयरपोर्ट (पटना, गया, दरभंगा और पूर्णिया) काम कर रहे हैं। रोज करीब 15-16 हजार यात्रियों की आवाजाही होती है। 1- पटना एयरपोर्ट: सालभर में 43.86 लाख लोगों ने भरी उड़ान वित्त वर्ष 2025-26 में पटना एयरपोर्ट से करीब 43.86 लाख यात्रियों ने सफर किया। यानी औसतन हर दिन करीब 12 हजार यात्री। पटना एयरपोर्ट पर यात्रियों का दबाव कम करने के लिए बिहटा एयरपोर्ट को विकसित किया जा रहा है। पटना के बिहटा में इंडियन एयरफोर्स का एयरबेस है। आने वाले दिनों में यहां से नागरिक विमानों का संचालन होगा। पटना से करीब 25 km दूर सोनपुर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाया जाएगा। इसके साथ ही बिहार सरकार छोटे-छोटे शहरों को एयर कनेक्टिविटी से जोड़ रही है ताकि लोगों को फ्लाइट के लिए पटना नहीं आना पड़े। वे अपने घर पास के एयरपोर्ट से ही उड़ान भर सकें। 2- गया एयरपोर्ट: सालभर में आए 3.20 लाख यात्री गयाजी में बिहार का एकमात्र इंटरनेशनल एयरपोर्ट है। बड़ी संख्या में बौद्ध श्रद्धालु बोधगया और बिहार में मौजूद अन्य धर्मस्थलों की यात्रा के लिए इस एयरपोर्ट से आते-जाते हैं। पिछले साल गया एयरपोर्ट से कुल 3,20,295 यात्रियों ने हवाई सफर किया। इसमें करीब 2,15,506 घरेलू और 1,04,789 अंतरराष्ट्रीय यात्री थे। 3- दरभंगा में बढ़ा दबाव, यात्रियों की संख्या में 57% उछाल दरभंगा एयरपोर्ट पर नवंबर 2020 में विमान सेवा शुरू हुई थी। यह एयरपोर्ट लगातार यात्रियों की पसंद बनता गया। नागरिक उड्डयन के आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2025-26 में फरवरी तक दरभंगा एयरपोर्ट से 7.11 लाख यात्रियों ने सफर किया। पिछले वित्तीय वर्ष में यह संख्या करीब 4.52 लाख थी। यानी एक साल में करीब 2.58 लाख यात्रियों की बढ़ोतरी हुई। यात्रियों की संख्या में करीब 57% की वृद्धि दर्ज की गई। पैसेंजर ग्रोथ के मामले में दरभंगा एयरपोर्ट प्रदेश में सबसे आगे रहा। हालांकि, वित्तीय वर्ष 2024-25 के पूरे साल का आंकड़ा करीब 5.22 लाख यात्री रहा था। यानी साल बढ़ने के साथ दरभंगा में हवाई यात्रा की रफ्तार और तेज हुई है। बढ़ते दबाव के बाद टर्मिनल भी बड़ा होगा यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए दरभंगा एयरपोर्ट पर नया सिविल एन्क्लेव और बड़ा टर्मिनल बनाया जा रहा है। करीब 643 करोड़ रुपए की लागत से 62,800 वर्ग मीटर में नया टर्मिनल भवन तैयार किया जा रहा है। इसकी सालाना यात्री क्षमता करीब 30 लाख होगी। इसमें 40 चेक-इन काउंटर और 5 एयरोब्रिज समेत कई आधुनिक सुविधाएं होंगी। 4- पूर्णिया में सेवा शुरू होते ही बढ़ी भीड़ सीमांचल में पूर्णिया एयरपोर्ट ने भी हवाई यात्रा की मांग की तस्वीर बदल दी है। सितंबर 2025 में व्यावसायिक उड़ान शुरू होने के बाद कुछ ही महीनों में यहां यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ी। एयरपोर्ट अथॉरिटी के मुताबिक, सितंबर 2025 से अगस्त 2026 तक करीब 2.90 लाख से ज्यादा यात्रियों ने पूर्णिया एयरपोर्ट का इस्तेमाल किया है। सितंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच ही करीब एक लाख यात्रियों ने सफर किया था। इसके बाद भी यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ती गई। 2028 तक बनेगा नया टर्मिनल यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पूर्णिया एयरपोर्ट पर नया टर्मिनल बनाया जाएगा। यह करीब 20,250 वर्ग मीटर में फैला होगा। इसके लिए टेंडर जारी किया जा चुका है और एजेंसी को 2028 तक काम पूरा करना है। एयरपोर्ट पर करीब 515 वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था होगी। 5 से 7 पार्किंग स्टैंड भी तैयार किए जा रहे हैं। पूर्णिया की तस्वीर बताती है कि सीमांचल के लोग अब पटना या दूसरे बड़े एयरपोर्ट तक लंबी सड़क यात्रा करने के बजाय अपने इलाके से ही प्लेन पकड़ना चाहते हैं।
रक्षाबंधन से पहले उत्तर बिहार में भारी बारिश का पूर्वानुमान, 25- 26 के लिए अलर्ट जारी
Bihar Weather Forecast 26 August:मौसम विभाग ने रक्षाबंधन से पहले 25 और 26 अगस्त को उत्तर बिहार में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। किसानों को फसलों की निगरानी और कीट नियंत्रण के लिए विशेष सलाह है।
पटना से भागीं, खगड़िया में कर ली शादी… बिहार में दो लड़कियों की लव मैरिज से सनसनी, कोर्ट ने सुनाया ये फैसला
Bijendra Yadav ने फिजूलखर्ची रोकने पर दिया जोर, Bihar SDG Conclave में बताईं विकास की प्राथमिकताएं
बिहार के उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने शुक्रवार को कहा कि राज्य ने वित्तीय क्षेत्र में उल्लेखनीय काम किया है, लेकिन विकास को गति देने के लिए संसाधनों के अपव्यय पर नियंत्रण और प्रत्येक व्यय को परिणामदायी बनाना आवश्यक है। यादव यहां ‘बिहार सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) कॉन्क्लेव-2026’ के दो दिवसीय समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि समय के साथ लोगों की आवश्यकताएं बदलती हैं, इसलिए तकनीक और बदलती परिस्थितियों के अनुरूप कार्यप्रणाली में भी बदलाव जरूरी है। उन्होंने कहा कि विकास एक सतत प्रक्रिया है, जिसके लिए विवेकपूर्ण व्यय, नई तकनीक और प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार मौसम सेवा केंद्रों के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में है तथा पंचायत स्तर तक मौसम पूर्वानुमान उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से ज्ञान, विज्ञान और ईमानदारी के साथ कार्य करने का आह्वान किया। ‘विकसित बिहार-2047 की दिशा में तीव्र प्रगति’ विषय पर आयोजित कॉन्क्लेव में आर्थिक परिवर्तन, समावेशी विकास, जिला आधारित योजना, एसडीजी के स्थानीयकरण तथा विकसित बिहार-2047 की प्राथमिकताओं पर मंथन किया गया। नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि दुनिया की लगभग 55 प्रतिशत आबादी शहरों में रहती है और शहरी क्षेत्रों का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 80 प्रतिशत से अधिक योगदान है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार बिहार के 12 शहरों में आधुनिक टाउनशिप विकसित करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है, जहां बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, इंटरनेट, गुणवत्तापूर्ण सड़क, पार्क, शिक्षा, खेल और पर्यावरण संरक्षण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव एन. विजयलक्ष्मी ने कहा कि बिहार के विकास के बिना भारत का समग्र विकास संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि स्वच्छ जल एवं स्वच्छता श्रेणी में बिहार 98 अंकों के साथ देश में तीसरे स्थान पर है। इस क्षेत्र में सितंबर 2025 तक 26,960.3 करोड़ रुपये खर्च किए गए तथा 1.75 करोड़ ग्रामीणों को नल जल कनेक्शन उपलब्ध कराया गया। उन्होंने कहा कि नीति आयोग के अनुसार वर्ष 2015-16 से 2019-21 के बीच बिहार में बहुआयामी गरीबी 51.8 प्रतिशत से घटकर 33.7 प्रतिशत रह गई और इस अवधि में लगभग 2.25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले। विजयलक्ष्मी ने बताया कि वर्ष 2024-25 में बिहार की सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) वृद्धि दर 13.2 प्रतिशत रही, जो राष्ट्रीय औसत 9.8 प्रतिशत से अधिक है। नीति आयोग के सदस्य के. वी. राजू ने कहा कि कॉन्क्लेव के दौरान मिले सुझावों पर आयोग गंभीरता से विचार करेगा, बशर्ते उन्हें योजना एवं विकास विभाग के माध्यम से औपचारिक रूप से प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने डेटा संग्रहण तथा पंचायत स्तर पर सूचकांक विकसित कर योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने पर बल दिया।
कल का मौसम, 22 अगस्त: शनिवार को यूपी, बिहार समेत इन इलाकों में होगी भारी बारिश, IMD अलर्ट
22 अगस्त को उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 22 से 24 अगस्त के बीच कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। शनिवार को राज्य के पूर्वी हिस्सों मेंभारी बारिश हो सकती है।
'4 लाख तक की मदद...', स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड पर तेजस्वी ने घेरा तो बिहार सरकार ने दी सफाई
बिहार सरकार ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में बदलाव किया है. इस पर तेजस्वी यादव ने सरकार को घेरा था. इस पर सफाई देते हुए बिहार सरकार ने कहा कि अब छात्रों को 4 लाख रुपये तक की शिक्षा सहायता उपलब्ध रहेगी. 2 लाख रुपये तक का लोन बिहार स्टेट एजुकेशन फाइनेंस कॉरपोरेशन देगा और 2 लाख से ऊपर की राशि बैंकों से मिलेगी. सरकार ने स्पष्ट किया कि कुल लोन सीमा कम नहीं की गई है.
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड की राशि घटी, स्कॉलरशिप बंद हो रही, बिहार भारी कर्ज में: तेजस्वी यादव
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने एक बार फिर दावा किया है कि बिहार का सरकारी खजाना खाली है। राज्य भारी वित्तीय संकट से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना की राशि घटा दी। छात्रवृति भी बंद की जा रही है।
सासाराम में बिहार ग्रामीण बैंक का आउटरीच कार्यक्रम, ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी
21 शुक्रवार, अगस्त: सासाराम में बिहार ग्रामीण बैंक ने मुखिया आउटरीच सह समन्वय कार्यक्रम आयोजित किया। किसानों, छोटे व्यवसायियों, महिला समूहों और ग्रामीण उद्यमियों को ऋण, बीमा, पेंशन व अन्य योजनाओं की जानकारी दी गई।
बिहार में पहली बार AI से होगा खरीफ फसल सर्वे, मुजफ्फरपुर के 9 लाख प्लाट पर लगेगी फर्जीवाड़े पर रोक
AI Crop Survey Bihar: बिहार कृषि विभाग ने खरीफ फसल के सटीक आकलन और धोखाधड़ी रोकने के लिए पहली बार एआई आधारित ऐप से सर्वे शुरू किया है। मुजफ्फरपुर में 9.34 लाख प्लाटों का एक माह में सर्वे कर किसानों का पंजीकरण भी किया जाएगा।
निर्मला सीतारमण और जयशंकर से मिले सम्राट चौधरी, नेपाल के पानी और बिहार के बजट पर हुई बात
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की। उन्होंने बिहार के विकास से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा की। भारत-नेपाल जल और बांध परियोजनाएं, बजट से जुड़े मामले और पर्यटन विकास आदि पर बात हुई।
सीएम सम्राट चौधरी ने वित्त मंत्री और विदेश मंत्री से की मुलाकात, बिहार के विकास पर हुई बात
कर्तव्य भवन में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और केंद्रीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की। इस दौरान बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी और जदयू के राज्यसभा सदस्य संजय झा भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमें नेपाल से जुड़ी बाढ़ नियंत्रण, बिहार के विकास और वित्तीय जरूरतों पर चर्चा हुई। यह दौरा बांकीपुर उपचुनाव के बाद हुआ और इसमें बिहार के प्रशासनिक व राजनीतिक मुद्दों पर गहन मंथन किया गया।
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में 2 लाख से ज्यादा एजुकेशन लोन भी मिलेगा, बिहार सरकार ने तरीका बदला
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम की ओर से अब 2 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन ही उपलब्ध कराया जाएगा। हालांकि, स्टूडेंट्स को अगर 2 लाख से ज्यादा का लोन चाहिए तो उन्हें दूसरा तरीका अपनाना होगा।
Bihar Student Credit Card Scheme:
बिहार, BSEFC के माध्यम से ₹2 लाख और बैंकों के माध्यम से ₹2-4 लाख, साथ ही विद्या लक्ष्मी के माध्यम से ₹10 लाख तक के अधिक ऋण विकल
उत्तर बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राशि स्वीकृत की है। विभिन्न हाईवे परियोजनाओं के लिए कुल 13041 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसमें मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी फोरलेन परियोजना के लिए सर्वाधिक 3591 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस स्वीकृति पर सीतामढ़ी के सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के प्रति आभार व्यक्त किया है। सांसद ठाकुर ने बताया कि मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी फोरलेन सड़क के लिए वह सांसद बनने के बाद से लगातार प्रयासरत थे। उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर इस सड़क पर लगातार हो रही दुर्घटनाओं से अवगत कराया था। सांसद ने कहा कि इस मार्ग पर आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं, ऐसे में फोरलेन का निर्माण अत्यंत आवश्यक था। सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने की संभावना लगभग 83 किलोमीटर लंबी मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी सड़क के फोरलेन बनने से यातायात सुगम होगा। उम्मीद है कि निर्माण कार्य लगभग छह महीने के भीतर शुरू हो जाएगा। फोरलेन बनने के बाद सीतामढ़ी और मुजफ्फरपुर के बीच यात्रा का समय कम होगा और सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आने की संभावना है। सांसद ने कहा कि केंद्र सरकार की इस पहल से उत्तर बिहार के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से व्यापार, आवागमन और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। इसके साथ ही अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
Tejashwi Yadav ने Bihar के बढ़ते कर्ज पर उठाए सवाल, वित्तीय कुप्रबंधन का लगाया आरोप
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि बिहार की वित्तीय स्थिति गंभीर चिंता का विषय बन गई है तथा राज्य पर सार्वजनिक कर्ज तेजी से बढ़ा है। उन्होंने कहा कि 2025-26 में राजकोषीय घाटा सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के 5.8 प्रतिशत तक पहुंच गया, जो प्रमुख राज्यों में सबसे अधिक है। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यादव ने इसे ‘गंभीर वित्तीय संकट’ करार देते हुए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार पर भ्रष्टाचार और वित्तीय कुप्रबंधन का आरोप लगाया। इसे भी पढ़ें: आजकल सब डायबिटीज के शिकार हो रहे हैं...चीनी की बढ़ती कीमतों पर बिहार सरकार के मंत्री का ये बयान सुना आपने? उन्होंने दावा किया कि सरकार राज्य की बढ़ती वित्तीय चुनौतियों से निपटने में पूरी तरह विफल रही है। यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, “बिहार की वित्तीय स्थिति गंभीर चिंता का विषय बन गई है। राज्य पर सार्वजनिक कर्ज तेजी से बढ़ रहा है और 2025-26 में राजकोषीय घाटा जीएसडीपी के 5.8 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो प्रमुख राज्यों में सर्वाधिक है। बिहार गंभीर वित्तीय संकट से गुजर रहा है।” उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनधारकों के वेतन एवं पेंशन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, ठेकेदारों के भुगतान तथा विकास योजनाओं के लिए समय पर धन उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि ‘स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड’ योजना के लिए बजटीय आवंटन घटाया गया है और छात्रवृत्तियों में कटौती की जा रही है। तेजस्वी ने कहा कि बढ़ते कर्ज के साथ-साथ राज्य का राजस्व घाटा भी बढ़ रहा है। इसे भी पढ़ें: Patna में BPSC TRE 4 अभ्यर्थियों और PhD धारकों का आंदोलन जारी, विभिन्न मांगों पर अड़े उन्होंने आरोप लगाया कि राजग सरकार के पास राजस्व संग्रह बढ़ाने, बजट प्रबंधन को मजबूत करने और राजकोषीय घाटे पर नियंत्रण के लिए कोई दीर्घकालिक रणनीति नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार ने रिकॉर्ड स्तर पर कर्ज लिया, जिससे राजकोष पर भारी दबाव बना हुआ है। उन्होंने सार्वजनिक धन के उपयोग पर भी सवाल उठाया।
देशभर में अमृत भारत एक्सप्रेस का जाल मजबूती से फैल रहा है. दिल्ली से लेकर यूपी, मुंबई, गुजरात, बिहार तक ट्रेन सेवाएं शुरू होने जा रही हैं. इससे न सिर्फ रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी बल्कि यात्रियों को शानदार सफर का अनुभव भी मिलेगा.
बिहार में महंगाई की मार अब रसोई के मीठे स्वाद पर भी भारी पड़ने लगी है। एलपीजी और पेट्रोल-डीजल की महंगाई से जूझ रही जनता के लिए चीनी के बढ़े दामों ने घरेलू बजट को पूरी तरह बिगाड़ दिया है। महज दो हफ्तों के भीतर चीनी की कीमतें करीब 48-50 रुपये प्रति किलो से उछलकर 65 रुपये के पार पहुंच गई हैं। बढ़ते दामों और जमाखोरी को रोकने के लिए सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। तय सीमा से अधिक चीनी का स्टॉक रखने वाले कारोबारियों पर मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। चीनी मिल मालिकों के लिए भी नियम कड़े कर दिए गए हैं। वे अपने गोदामों में एक हफ्ते से अधिक समय तक चीनी का स्टॉक जमा नहीं रख सकेंगे। गन्ना मंत्री संजय कुमार ने राज्य भर में चीनी के स्टॉक की सघन जांच करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इसे भी पढ़ें: Samrat Choudhary की उपस्थिति में Bihar को मिला PMAY-G के तहत 11.18 लाख नए घरों का लक्ष्य मंत्री के बयान पर विवाद एक तरफ जहां लोग महंगाई से परेशान हैं, वहीं दूसरी तरफ बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार का एक बयान चर्चा में आ गया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में वे यह कहते नजर आ रहे हैं कि अधिकतर लोग डायबिटीज के शिकार हो रहे हैं, इसलिए चीनी की कीमतें बढ़ने से कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा। जनता के बीच इस बयान की काफी आलोचना हो रही है। सोशल मीडिया पर बिहार के मंत्री का यह बयान वायरल है। दरअसल गुरुवार को पटना में मीडिया ने बिहार के मंत्री श्रवण कुमार से चीनी की बढ़ती कीमत को लेकर सवाल पूछा था। जिस पर उन्होंने कहा कि चीनी की कीमतों को लेकर कोई चिंता की बात नहीं है। ऐसे भी चीनी कम खा रहे हैं लोग, सबको आजकल बीमारी हो गया। मिठाई-ओठाई कौन खाता है, आजकल। इसे भी पढ़ें: Patna में BPSC TRE 4 अभ्यर्थियों और PhD धारकों का आंदोलन जारी, विभिन्न मांगों पर अड़े नोटिफिकेशन में क्या निर्देश कंज्यूमर अफेयर्स मिनिस्ट्री के डेटा के अनुसार, 18 अगस्त को खुदरा चीनी की कीमतें सालाना आधार पर लगभग 13 प्रतिशत बढ़कर 52.30 रुपये प्रति किलो हो गईं, जो एक साल पहले 46.34 रुपये थीं। आमतौर पर अगस्त और नवंबर के बीच चीनी की मांग बढ़ जाती है, क्योंकि इस दौरान देश में गणेश चतुर्थी, दशहरा और दिवाली जैसे बड़े त्योहार मनाए जाते हैं। नए आदेश के तहत, हर मिल से थोक खरीदार को बेची जाने वाली चीनी की मासिक मात्रा (चाहे सीधे बेची जाए या डीलरों के ज़रिए) की जांच की जाएगी। चीनी के लिए लागू HSN कोड का इस्तेमाल करते हुए, विक्रेताओं और/या खरीदारों द्वारा फाइल किए गए GST रिटर्न के आधार पर खपत तय की जाएगी। थोक खरीदार का मतलब है - कन्फेक्शनर (मिठाई/बेकरी उत्पाद बनाने वाला), सॉफ्ट ड्रिंक बनाने वाली कंपनी, फूड प्रोसेसिंग यूनिट, मिठाई विक्रेता या कोई अन्य संस्थागत खरीदार, जिसकी पिछले एक साल (मौजूदा महीने को छोड़कर) में औसत मासिक खपत 10 टन से कम न रही हो। यह आदेश केंद्र या राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन या स्थानीय निकायों से जुड़ी संस्थाओं पर लागू नहीं होता है। स्टॉक रखने के कड़े नियम 1 अक्टूबर से शुरू होने वाले 2026-27 सीज़न के लिए चीनी की उपलब्धता को लेकर चिंताओं के बीच लाए गए हैं। शुगर हो रहा है चीनी की कीमत बढ़ने से फर्क नहीं पड़ता.... कोलेस्ट्रॉल - फैट्स बढ़ रहा कुकिंग ऑयल की कीमत बढ़ने से फर्क नहीं पड़ता.... चावल - आटा खाने से भी बहुत कुछ बढ़ता है उसकी कीमत बढ़ने से भी फर्क नहीं पड़ता... लोग मोटे और अनफिट हो रहे हैं, डीजल - पेट्रोल की कीमत बढ़ने से फर्क… pic.twitter.com/A4WYhXWxid — Garima Bharti (@GarimaBharti19) August 20, 2026
CBSE Class 10 Compartment Result 2026: सीबीएसई बोर्ड के 10वीं कक्षा की कंपार्टमेंट परीक्षा दे चुके छात्र बेसब्री से अपने रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने अभी तक सीबीएसई कक्षा 10 कंपार्टमेंट रिजल्ट 2026 की घोषणा नहीं की है। न ही बोर्ड ने के लिए कोई ऑफिशियल तारीख या समय जारी किया है। छात्र कक्षा 10 कंपार्टमेंट परीक्षा के रिजल्ट के लिए बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए हुए हैं।एक बार जारी होने के बाद छात्र यहां रिजल्ट देख सकते हैं और अपना स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। ध्यान रहे, सीबीएसई रिजल्ट की तारीख पहले से घोषित नहीं करता है। रिजल्ट का लिंक सीधे पोर्टल पर एक्टिवेट किया जा सकता है। इसलिए छात्रों को ताजा अपडेट के लिए बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर रखनी चाहिए। लिंक एक्टिव होने के बाद छात्र और स्कूल अपने रोल नंबर और एडमिट कार्ड पर दी गई दूसरी जानकारी की मदद से सीबीएसई कक्षा 10 रिजल्ट 2026 ऑनलाइन चेक कर सकते हैं।परिणाम जारी होने की अनुमानित तारीख और समयज्यादा जानकारी के लिए नीचे दी गई टेबल देखें:इवेंट डिटेल्सअनुमानित तारीख : अगस्त 2026 के बीच से आखिर तकअनुमानित समय : घोषणा की जाएगीआधिकारिक वेबसाइट : cbse.gov.inआधिकारिक घोषणा : सीबीएसई रिजल्ट की तारीख पहले से घोषित नहीं करता है। रिजल्ट का लिंक सीधे पोर्टल पर एक्टिवेट किया जा सकता है।सीबीएसई कक्षा 10 कंपार्टमेंट रिजल्ट 2026 कैसे चेक करें?छात्र अपने रोल नंबर और अपने एडमिट कार्ड पर दी गई दूसरी जानकारी का इस्तेमाल करके सीबीएसई कक्षा 10 रिजल्ट 2026 ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें। ऑफिशियल सीबीएसई रिजल्ट्स पोर्टल या सीबीएसई ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं। कक्षा 10 कंपार्टमेंट या दूसरे बोर्ड एग्जाम रिजल्ट के लिए लिंक पर क्लिक करें। अपना रोल नंबर, स्कूल नंबर और एडमिट कार्ड ID टाइप करें। अपनी डिजिटल मार्कशीट देखने और सेव करने के लिए सबमिट पर क्लिक करें। सीबीएसई क्लास 10 रिजल्ट 2026 चेक करने के दूसरे तरीकेसीबीएसई कक्षा 10th रिजल्ट के दिन, कैंडिडेट्स को ज्यादा ट्रैफिक के कारण ऑफिशियल वेबसाइट एक्सेस करने में दिक्कत हो सकती है। ऐसे में, ऑफिशियल रिजल्ट नीचे दिए गए तरीकों से चेक करेंडिजिलॉकर (results.digilocker.gov.in)UMANG ऐपसीबीएसई कक्षा 10 रिजल्ट 2026 पर दी गई डिटेल्सऑनलाइन जारी की गई सीबीएसई कक्षा 10 मार्कशीट में उम्मीदवारों के विषयवार मार्क्स के साथ क्वालिफाइंग स्टेटस पास या फेल दिखेगा। मार्कशीट पर प्रिंटेड नीचे दी गई डिटेल्स चेक करें। स्टूडेंट का नाम रोल नंबर जन्म तिथि स्कूल का नाम और कोड सब्जेक्ट के हिसाब से मिले मार्क्स मिले ग्रेड रिजल्ट स्टेटस (पास/कम्पार्टमेंट) CGPA/परसेंटेज इंटरनल असेसमेंट मार्क्स Bihar Board Class 10 Compartment: बिहार बोर्ड ने 10वीं कक्षा का कंपार्टमेंट की मार्कशीट जारी, छात्रों को स्कूल से मिलेंगे स्कोरकार्ड
मुजफ्फरपुर में स्कूल से पंखा व मोटर चोरी पर भड़कीं छात्राएं, सड़क जाम कर पुलिस के खिलाफ की नारेबाजी
Bihar School Theft Incident: मुजफ्फरपुर के महिला शिल्प कला मध्य विद्यालय की छात्राओं ने पंखे और पेयजल की किल्लत व लगातार चोरी से नाराज होकर सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस के त्वरित कार्रवाई के आश्वासन के बाद छात्राओं ने जाम हटाया।
पुंछ में बाबाबुड्ढाअमरनाथ यात्रा के दौरान बिहार के 68 वर्षीय तीर्थयात्री दिनेश प्रसाद की हार्ट अटैक से मौत हो गई। दशनामी अखाड़ा आवास केंद्र में तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन बचाया नहीं जा सका।
Bihar Government Scheme: वीडियो बनाने पर सम्राट सरकार देगी 1 लाख रुपये, जानें कैसे
बिहार की सम्राट चौधरी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। ये फैसला कैबिनेट बैठक में लिया गया है। जिसमें कहा गया है कि बिहार के कंटेंट क्रिएटर्स को सरकार 1 लाख रुपये तक देगी
Bihar News : बिहार पुलिस के खिलाफ अब स्कूली बच्चे सड़क पर उतरे; रोड जाम कर बोले- हम चोरों से परेशान
मुजफ्फरपुर के नगर थाना क्षेत्र स्थित राजकीय मध्य विद्यालय महिला शिल्प कला भवन में लगातार तीन दिनों से हो रही चोरी की घटनाओं से नाराज सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने शुक्रवार को बनारस बैंक रोड-गोला रोड को जाम कर प्रदर्शन किया।
मेटल डिटेक्टर से आवाज आने के बाद आरपीएफ ने इलाके को घेरकर यात्रियों की आवाजाही रोक दी और एहतियातन प्लेटफॉर्म संख्या एक से ट्रेनों का परिचालन कुछ समय के लिए बंद कराया गया।
मॉडल बनने निकली छात्रा शातिरों के चंगुल में फंसी, सड़क पर लाश मिली; बिहार से उत्तराखंड आया था परिवार
अपने परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक करने के लिए 19 साल की छात्रा मॉडल बनने का सपना लेकर कुछ शातिरों के चंगुल में फंस गई। अगले दिन उसकी सड़क पर लाश मिली है। परिवार बिहार से उत्तराखंड आकर बसा था।
Bihar Board Class 10 Compartment: बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) से बिहार बोर्ड कक्षा 10 कंपार्टमेंट परीक्षा और मध्यमा स्पेशल एग्जाम देने वाले छात्र अपने मार्कशीट और अन्य दस्तावेज जारी होने का इंतजार कर रहे हैं। बीएसईबी ने मैट्रिक कंपार्टमेंट परीक्षा 2026 का रिजल्ट 23 मई 2026 को घोषित किया था।इसके बाद से छात्रों को मूल मार्कशीट नहीं मिली है। अब बीएसईबी ने मैट्रिक कंपार्टमेंट परीक्षा के छात्रों के लिए एक जरूरी नोटिस जारी किया है।नोटिस के अनुसार बीएसईबी मैट्रिक कंपार्टमेंट परीक्षा 2026 की मार्कशीट, प्रोविजनल सर्टिफिकेट और दूसरे संबंधित डॉक्यूमेंट अब लेने के लिए उपलब्ध हैं। स्कूल अधिकारी संबंधित डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर (DEO) के ऑफिस से डॉक्यूमेंट ले सकते हैं। इन्हें मिलने के बाद, स्कूल योग्य छात्रों को बिहार बोर्ड कक्षा 10 कंपार्टमेंट मार्कशीट और सर्टिफिकेट बांटेंगे। ऑफिशियल नोटिफिकेशन के अनुसार, डॉक्यूमेंट 20 अगस्त, 2026 से संबंधित डीईओ ऑफिस में उपलब्ध होंगे।बिहार बोर्ड 10वीं कंपार्टमेंट मार्कशीट 2026 कैसे लें?स्टूडेंट्स को सीधे डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर के ऑफिस जाने की जरूरत नहीं है। उन्हें यह जानने के लिए अपने संबंधित स्कूलों से संपर्क कर जानना होगा कि मार्कशीट और सर्टिफिकेट कब बांटे जाएंगे। इसकी प्रक्रिया यह है : स्कूल हेड संबंधित डीईओ ऑफिस से डॉक्यूमेंट लेंगे। स्कूलों को बिहार बोर्ड क्लास 10 कंपार्टमेंट मार्कशीट और प्रोविजनल सर्टिफिकेट मिलेंगे। इसके बाद स्टूडेंट्स अपने संबंधित स्कूलों से अपने डॉक्यूमेंट ले सकते हैं। बिहार बोर्ड मैट्रिक कम्पार्टमेंट एग्जाम 2026 रिजल्ट डिटेल्सबिहार बोर्ड ने उन विद्यार्थियों के लिए कक्षा 10 कम्पार्टमेंट और विशेष परीक्षा कराई थी, जिन्हें विषय क्लियर करने या अपना प्रदर्शन सुधारने के लिए एक और मौका चाहिए था। कम्पार्टमेंट परीक्षा में योग्य छात्र ज्यादा से ज्यादा दो विषयों की परीक्षा दे सकते थे। बीएसईबी मैट्रिक कम्पार्टमेंट रिजल्ट 2026, 23 मई, 2026 को घोषित किया गया था।बिहार बोर्ड कक्षा 10 की कम्पार्टमेंट परीक्षा 2 मई से 6 मई 2026 तक दो शिफ्ट में निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थीं। 20 अगस्त 2026 से छात्रों के अंकपत्र उनके संबंधित स्कूलों में उपलब्ध करा दिए गए हैं।मौजूद डॉक्यूमेंट्स में बिहार बोर्ड कक्षा 10 कम्पार्टमेंट मार्कशीट, प्रोविजनल सर्टिफिकेट और दूसरे जरूरी रिकॉर्ड शामिल हैं। कुछ छात्रों के स्कोर भी स्क्रूटनी प्रक्रिया के बाद संशोधित किए गए थे। उनकी मार्कशीट भी कलेक्ट करने के लिए उपलब्ध हैं।MPPSC Manoj Pal success story: 12वीं में 50% और 40 प्रतियोगी परीक्षाओं की असफलता भी नहीं तोड़ पाई मनोज का हौसला, आखिर फतह किया एमपीपीएससी
रेल यात्रियों से लूटपाट और डकैती के मामलों में फरार चल रहे मो. एजाज उर्फ नाढ़ा मियां ने गुरुवार को भागलपुर रेलवे न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, उसके खिलाफ भागलपुर के कई थानों में आपराधिक मामले दर्ज हैं।
सावन के अंतिम दिनों में भी असरगंज के कच्ची कांवरिया पथ पर शिवभक्तों की आस्था चरम पर है। पश्चिम बंगाल से 22 श्रद्धालुओं का जत्था करीब 144 किलो की अनोखी रावण कांवड़ लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम जा रहा है।
बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर गांजा तस्करी के खिलाफ जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए एक महिला और पुरुष को गिरफ्तार किया है। दोनों के पास से दो बैग में 21.058 किलो गांजा बरामद हुआ है। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत करीब 10 लाख 50 हजार रुपए बताई गई है। जीआरपी को मुखबिर से सूचना मिली थी कि प्लेटफार्म नंबर 4-5 के हावड़ा छोर स्थित ओवरब्रिज के नीचे एक महिला और पुरुष गांजे की खेप लेकर मौजूद हैं। सूचना मिलते ही जीआरपी और आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया। 2 बैग से मिले गांजे के 10 पैकेट पूछताछ में आरोपियों की पहचान संगीता मिश्रा (43) और सुशील मिश्रा (45) के रूप में हुई। दोनों बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बगहा थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। पुलिस ने उनके पास मौजूद काले रंग के बैग और लाल रंग के ट्रॉली बैग की तलाशी ली। दोनों बैग से गांजे के 10 पैकेट बरामद हुए। इलेक्ट्रॉनिक तराजू से तौलने पर गांजे का कुल वजन 21.058 किलो निकला। एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई जीआरपी ने गांजा जब्त कर दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत केस दर्ज किया। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। हावड़ा-अहमदाबाद एक्सप्रेस से पहुंचे थे शुरुआती पूछताछ में पता चला कि दोनों आरोपी हावड़ा-अहमदाबाद एक्सप्रेस से गांजे की खेप लेकर बिलासपुर पहुंचे थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गांजा कहां से लाया गया था और इसे बिलासपुर या आसपास के इलाकों में कहां सप्लाई किया जाना था। तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। जीआरपी-आरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक विष्णु प्रसाद यादव सहित जीआरपी और रेल सुरक्षा बल बिलासपुर की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। रेल पुलिस ने कहा कि ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों के जरिए गांजा व अन्य मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
टीआरई-4 अभ्यर्थी सम्राट सरकार से टकराव के मूड में , बिहार बंद की चेतावनी; क्या है उनकी मांगें?
एकल परीक्षा कराने और निगेटिव मार्किंग खत्म करने की मांग को लेकर जारी TRE-4 अभ्यर्थियों के आंदोलन को महिला अभ्यर्थियों का भी समर्थन मिलने लगा है। आंदोलनकारियों ने बिहार बंद की चेतावनी दी है।
तकनीकी जांच के दौरान ट्रक के फास्टैग से जुड़े मोबाइल नंबर से मिले सुराग के आधार पर मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मोहनपुर रोड स्थित एक प्लाईवुड कंपनी में कार्रवाई की गई।
राजद नेता तेजस्वी यादव ने दरभंगा पहुंचकर यामाहा शोरूम के मैनेजर फैज के परिजनों से मुलाकात की और बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला।
बिहार सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए 551 अधिकारियों को एक-एक मॉडल स्कूल की जिम्मेदारी सौंपी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक सुविधाओं और बेहतर शैक्षणिक परिणामों पर जोर दिया।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय) पुलिस ने 11 साल से फरार चल रहे 50 हजार रुपए के इनामी अपहरण आरोपी को गिरफ्तार किया है। मुगलसराय पुलिस और सर्विलांस टीम ने आरोपी को बिहार के दानापुर, पटना से पकड़ा। आरोपी वर्ष 2015 में हुए पीयूष भारूका अपहरण और फिरौती मांगने के मामले में लंबे समय से फरार चल रहा था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी दिलीप कुमार सिंह पर अपहरण और फिरौती मांगने के मामले में मुकदमा दर्ज था। मामले में पांच आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है और उनके खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र भी दाखिल किया जा चुका है। फरार चल रहे दिलीप पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। मामला वर्ष 2015 का है। मैनाताली निवासी पवन कुमार भारूका ने मुगलसराय थाने में सूचना दी थी कि उनका 24 वर्षीय बेटा पीयूष भारूका घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। तलाश के दौरान उसकी स्कूटी केंद्रीय विद्यालय मानसनगर के गेट के पास चाबी लगी अवस्था में लावारिस मिली थी। इसके बाद परिजनों के मोबाइल पर पीयूष के नंबर से ही फिरौती के लिए फोन आया। फोन करने वाले ने पीयूष को सकुशल छोड़ने के बदले रुपए की मांग की थी। साथ ही रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई थी। 364-ए और 506 में दर्ज हुआ था केस परिजनों की सूचना पर मुगलसराय थाने में मुकदमा अपराध संख्या 43/2015 दर्ज किया गया था। इसमें धारा 364-ए और 506 आईपीसी के तहत कार्रवाई की गई थी। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर जांच आगे बढ़ाई और अपहृत पीयूष भारूका को सकुशल बरामद कर लिया था। मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। विवेचना पूरी करने के बाद न्यायालय में आरोप पत्र भी दाखिल कर दिया गया था। हालांकि, आरोपी दिलीप कुमार सिंह लगातार फरार चल रहा था। दानापुर में छिपकर रह रहा था आरोपी फरार आरोपी दिलीप कुमार सिंह पुत्र नागेंद्र सिंह, ग्राम बनखारा, थाना राजापाकर, जिला वैशाली, बिहार का निवासी है। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर की सूचना के आधार पर उसकी लोकेशन ट्रेस की। इसके बाद थानाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में टीम ने 19 अगस्त 2026 को दानापुर, पटना में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। सर्विलांस टीम की मदद से गिरफ्तारी गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। पुलिस का कहना है कि लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में थानाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह, सर्विलांस प्रभारी उपनिरीक्षक आशीष मिश्रा, जलीलपुर चौकी प्रभारी अजय कुमार, उपनिरीक्षक बांकेलाल, कांस्टेबल अभिषेक दूबे और कांस्टेबल राकेश यादव शामिल रहे।
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Bihar News: रामनरेश राय हत्याकांड का खुलासा, 5 लाख में रची गई थी हत्या की साजिश, दो शूटर गिरफ्तार
एसपी शुभांक मिश्रा के मुताबिक, हत्या की साजिश मुजफ्फरपुर में रची गई थी और वारदात को अंजाम देने के लिए पांच लाख रुपये में सौदा तय हुआ था, जिसमें एक लाख रुपये एडवांस दिए गए थे।
सारण जिले के सोनपुर प्रखंड के शिकारपुर गांव निवासी सेना के जवान नवीन कुमार सिंह का आकस्मिक निधन हो गया। जम्मू-कश्मीर में ड्यूटी के दौरान सीने में तेज दर्द के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई थी।
बिहार के ग्रामीण इलाकों में पक्के मकान की उम्मीद लगाए बैठे लाखों गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा वित्तीय पैकेज जारी किया है। पटना में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय कृषि, किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिहार को 11 लाख 18 हजार 937 नए पक्के मकान बनाने की मंजूरी दे दी गई है। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से कुल ₹13,427 करोड़ की भारी-भरकम वित्तीय सहायता स्वीकृत की गई है। इस फैसले से राज्य के सुदूर गांवों में कच्चे और जर्जर मकानों में रहने वाले परिवारों को बुनियादी सुविधाओं से युक्त सुरक्षित आशियाना मिलेगा।बिहार को मिला सबसे बड़ा आवास पैकेज: 2 वर्षों में 24.30 लाख मकान स्वीकृतराजधानी पटना में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बिहार सरकार को इस योजना का आधिकारिक स्वीकृति पत्र सौंपा। मंच पर मौजूद गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में उन्होंने 2.35 लाख से अधिक नवनिर्मित मकानों के लाभार्थियों का गृह प्रवेश कराया और उन्हें चाबियां सौंपीं।केंद्रीय मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने पिछले दो वर्षों के दौरान अकेले बिहार के लिए कुल 24 लाख 30 हजार 327 मकानों की स्वीकृति दी है, जिस पर कुल ₹29,164 करोड़ की राशि आवंटित की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि पक्का मकान केवल ईंट और सीमेंट से बना ढांचा नहीं होता, बल्कि यह किसी भी गरीब परिवार के आत्मसम्मान, सामाजिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की सबसे बड़ी नींव है।पात्रता नियमों में दी गई बड़ी छूट: अब इन्हें भी मिलेगा पक्का घरनए सर्वेक्षण के अंतर्गत केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्रता नियमों (Eligibility Criteria) में बड़ा संशोधन करते हुए कई पुरानी पाबंदियों को खत्म कर दिया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा ग्रामीण परिवार इसका लाभ ले सकें:दोपहिया वाहन रखने वालों को राहत: नए नियमों के अनुसार, अब परिवार में टू-व्हीलर (मोटरसाइकिल या स्कूटर) होने पर उसे योजना से बाहर (Ineligible) नहीं किया जाएगा।मासिक आय सीमा में बढ़ोतरी: लाभार्थी परिवार की मासिक आय की अधिकतम सीमा को ₹10,000 से बढ़ाकर ₹15,000 प्रति माह कर दिया गया है।कृषि भूमि धारकों को भी मौका: 5 एकड़ तक असिंचित (Unirrigated) या 2.5 एकड़ तक सिंचित कृषि भूमि वाले किसान परिवार भी अब पक्के मकान के लिए पात्र माने जाएंगे।भूमिहीन और जर्जर मकानों के लिए अतिरिक्त सहायता: जिन लाभार्थियों के पास अपना घर बनाने के लिए जमीन नहीं है, उन्हें भूमि खरीदने के लिए ₹1 लाख की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी। इसके अलावा पुराने और अत्यधिक जर्जर मकानों की मरम्मत या पुनर्निर्माण के लिए ₹80,000 तक की विशेष वित्तीय मदद का प्रावधान रखा गया है।वित्तीय मॉडल और लाभार्थी को मिलने वाली राशिप्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत मैदानी क्षेत्रों में प्रति मकान निर्माण के लिए ₹1.20 लाख की सीधी वित्तीय सहायता डीबीटी (DBT) के माध्यम से किस्तों में दी जाती है। इसके अलावा:मनरेगा के तहत मजदूरी: मकान निर्माण के दौरान लाभार्थी को मनरेगा (MGNREGS) योजना के तहत 90 से 95 दिनों की अकुशल मजदूरी राशि दी जाती है।शौचालय निर्माण अनुदान: स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत शौचालय निर्माण के लिए ₹12,000 की अतिरिक्त राशि अलग से प्रदान की जाती है।बुनियादी सुविधाएं: हर नए आवास को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (गैस कनेक्शन), सौभाग्य योजना (बिजली कनेक्शन) और जल जीवन मिशन (नल से जल) से सीधे जोड़ा जाता है।किसानों और ग्रामीण महिलाओं के लिए अन्य बड़े ऐलानइस कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों के सशक्तिकरण से जुड़े कई अन्य अहम मुद्दों पर भी बात की:पीएम फसल बीमा योजना: बिहार में किसानों को प्राकृतिक आपदाओं (बाढ़, सूखा और ओलावृष्टि) से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को पूरी मजबूती से लागू करने पर जोर दिया गया।'शी-मार्ट' (She-Marts) की स्थापना: ग्रामीण स्वयं सहायता समूहों (SHGs) और 'जीविका दीदियों' द्वारा तैयार स्थानीय उत्पादों को बड़ा बाजार दिलाने के लिए बिहार के प्रत्येक जिले में आधुनिक 'शी-मार्ट' खोले जाएंगे।डिजिटल फार्मर आईडी: कृषि योजनाओं में पूर्ण पारदर्शिता लाने के लिए बिहार में अब तक 53 लाख 83 हजार से अधिक किसानों की डिजिटल 'फार्मर आईडी' बनाई जा चुकी है।पारदर्शिता और आवेदन प्रक्रिया की निगरानीइस योजना के तहत सभी नए आवासों का आवंटन 'आवास+' (Awaas+) ऐप और आधुनिक जियो-टैगिंग (Geo-Tagging) तकनीक के माध्यम से किया जा रहा है, ताकि बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह खत्म हो सके और वास्तविक पात्र लाभार्थियों को ही सरकारी सहायता मिले। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इस वित्तीय वर्ष के दौरान निर्माण कार्य को तेजी से पूरा कराने की दिशा में काम कर रही हैं।
मधुबनी के रामपट्टी मंडल कारा में परकौली निवासी रोशन यादव की मौत का मामला लगातार राजनीतिक तूल पकड़ रहा है। गुरुवार को बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने परकौली पहुंचकर मृतक के परिजनों से मुलाकात की और घटना की जानकारी ली।
Bihar News: महिला शिक्षिका से बदसलूकी का आरोप, विरोध करने पर मारपीट की कोशिश; हेडमास्टर सस्पेंड
मध्य विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक मोहम्मद मिर्जा गालिब को एक महिला शिक्षिका के साथ कथित अमर्यादित व्यवहार, मानसिक प्रताड़ना, मारपीट की कोशिश और धमकी के आरोप में जिला शिक्षा पदाधिकारी ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
गाड़ी संख्या 19423/19424 भागलपुर-अहमदाबाद-भागलपुर अमृत भारत एक्सप्रेस का परिचालन अहमदाबाद से 26 अगस्त 2026 से प्रत्येक बुधवार और भागलपुर से 28 अगस्त 2026 से प्रत्येक शुक्रवार को होगा।
Bihar Weather Update: 21 अगस्त को बिहार में बरसेंगे बदरा, 18 जिलों में बिजली गिरने का अलर्ट
बिहार में मौसम का मिजाज बदल गया है, जहां बादलों की आवाजाही और उमस के साथ अगले 24 घंटों में छिटपुट बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने 18 जिलों में मेघ गर्जन और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है, जबकि 22 से 26 अगस्त तक भारी बारिश की चेतावनी भी दी गई है।
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुरुवार रात दरभंगा पहुंचे। शहर के वार्ड नंबर 25 स्थित पुरानी मुंशफी मोहल्ला में यामाहा शोरूम के मैनेजर मो. फैज के परिजनों से मुलाकात की। 2 महीने पहले लोहे की रॉड से पीट-पीटकर फैज की हत्या कर दी गई थी। तेजस्वी यादव ने परिवार से घटना की जानकारी ली और उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और राजद कार्यकर्ता उनके साथ मौजूद रहे। नेता प्रतिपक्ष ने मो. फैज हत्याकांड को लेकर बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस परिवार से उनका पुराना संबंध रहा है। जिस तरह हत्या की गई, उसका सीसीटीवी फुटेज बेहद दर्दनाक था। अभी तक सिर्फ एक आरोपी की गिरफ्तारी हुई है, लेकिन साजिश में शामिल एक-दो अन्य लोगों की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुई है। इस मामले को लेकर वह डीजीपी से बात करेंगे। मांग करेंगे कि हत्याकांड में शामिल कोई भी दोषी बचना नहीं चाहिए। इसके बाद तेजस्वी यादव स्वर्ण कारोबारी राहुल कुमार साह के परिजनों से मिलने पहुंचे। गोली मारकर राहुल की हत्या हुई थी। परिजनों से मुलाकात कर उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया। उन्होंने लॉ एंड ऑर्डर के सवाल पर कहा कि बिहार में अपराध का रिकॉर्ड बन गया है। जब सीएम पर ही आपराधिक मामले चल रहे हों, तो उनसे क्या उम्मीद की जा सकती है। दावा किया कि बिहार में अपराध की स्थिति बेहद गंभीर है। आए दिन हत्या और गोलीबारी की घटनाएं हो रही हैं। अखबार खोलने पर ऐसा लगता है कि अखबारों का रंग लाल हो चुका है। पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी लगातार सवाल उठ रहे हैं। आम लोग भय के माहौल में जी रहे हैं। मंत्री मदन सहनी के बयान पर सरकार को घेरा नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मंत्री मदन सहनी के बयान पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि राज्य के मंत्री ही सरकार और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं, तो फिर मंत्री पद पर रहने का क्या फायदा है। उन्हें यह बताना चाहिए कि कौन लोग अवैध वसूली कर रहे हैं और कौन घूस ले रहा है। उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। केवल बैठकर झाल बजाने से काम नहीं चलेगा। वंदे मातरम के नाम पर हो रही राजनीति को लेकर भाजपा पर बांटने की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश में बेरोजगारी, महंगाई और गरीबी से लोग परेशान हैं। पेपर लीक के मामलों को लेकर छात्र-छात्राएं परेशान हैं, लेकिन इन मुद्दों पर सभी लोग मौन हैं। बिहार में एके-47 से गोलियां चल रही हैं, लेकिन इस पर भी लोग चुप हैं। डस्टबिन घोटाले और 71 हजार करोड़ रुपए के कथित हिसाब-किताब का भी जिक्र करते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। तेजस्वी यादव ने दावा किया कि सरकार की एजेंसियों के दुरुपयोग से जनता परेशान है और आने वाले दिनों में भाजपा के प्रति लोगों का गुस्सा दिखाई देगा। चीन के मुद्दे पर भी केंद्र को घेरा अरुणाचल प्रदेश में चीन के कथित कब्जे के मुद्दे पर भी तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि चीन हिंदुस्तान में घुसकर जमीन कब्जा कर रहा है, लेकिन इस मुद्दे पर कोई बात नहीं कर रहा है। देश के वास्तविक मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय भाजपा लोगों को बांटने की राजनीति कर रही है। तेजस्वी यादव का भव्य स्वागत दरभंगा पहुंचने पर नेता प्रतिपक्ष का पार्टी के नेताओं और कर्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। सिमरी में पूर्व विधायक डॉ. फराज फातमी सहित स्थानीय कार्यकर्ताओं ने मिथिला परंपरा के अनुसार पाग-चादर देकर स्वागत किया। केवटी प्रखंड के पाराडीह में स्वागत समारोह की अगुवाई पन्ना यादव कर रहे थे। इस दौरान राजद नेता सुवंश यादव, रवि यादव, जगदीर यादव, रामदेव पासवान सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। तेजस्वी यादव के काफिले के आगे बढ़ने के दौरान भी कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। उनके साथ राजद प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल, पूर्व विधायक ललित यादव, भोला यादव, राकेश नायक, पूर्व केंद्रीय मंत्री अली अशरफ फातमी, डॉ. फराज फातमी,धर्मवीर यादव, शक्ति यादव, गोपाल मंडल सहित कई नेता मौजूद थे।
BPSC TRE : बिहार शिक्षक भर्ती में चयनित 12 से अधिक महिला टीचरों की जाएगी नौकरी
आरक्षित पद पर भर्ती हुईं बिहार के बाहर की एक दर्जन से अधिक शिक्षकों की छुट्टी होगी। आरक्षित पद पर बिहार के बाहर की महिलाओं की नियुक्ति मामले में कार्रवाई शुरू की गई है। मुजफ्फरपुर जिले की एक दर्जन से अधिक महिला शिक्षकों की नौकरी जाएगी।
Bihar में विशेष TB अभियान के दौरान मिले 87,623 नए मरीज, 2.36 करोड़ की हुई जांच
बिहार में दो जुलाई से 14 अगस्त तक चलाए गए गहन राज्यव्यापी जांच अभियान के दौरान तपेदिक (टीबी) के 87,600 से अधिक नए मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अभियान के दौरान एक करोड़ लोगों की जांच के लक्ष्य के मुकाबले 2.36 करोड़ लोगों की जांच की गई। राज्य स्वास्थ्य सोसायटी की अतिरिक्त कार्यकारी निदेशक अनुपमा सिंह ने बृहस्पतिवार को जारी एक बयान में कहा, ‘‘जांच और परीक्षण अभियान के दौरान टीबी के 87,623 से अधिक मामले सामने आए। इनमें 21,550 ऐसे लोग भी शामिल हैं, जिनमें बीमारी के कोई स्पष्ट लक्षण नहीं थे।’’उन्होंने बताया कि यह विशेष अभियान दो जुलाई से शुरू होकर 14 अगस्त तक चला। राज्य में टीबी की पहचान और निदान के लिए स्वास्थ्य ढांचे को लगातार मजबूत किया जा रहा है। सिंह ने बताया कि बिहार में वर्तमान में 491 डिजिटल एक्स-रे मशीनें उपलब्ध हैं, जिनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित 140 पोर्टेबल हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनें भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के जांच नेटवर्क में 768 बाइनोकुलर माइक्रोस्कोप, 89 कार्ट्रिज आधारित न्यूक्लिक एसिड एम्प्लीफिकेशन टेस्ट (सीबीएनएएटी) मशीनें और 562 ट्रूनेट मशीनें शामिल हैं। इसके अलावा लाइन प्रोब एसे (एलपीए) और कल्चर ड्रग सेंसिटिविटी टेस्टिंग (सीडीएसटी) की प्रयोगशाला सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा, ‘‘टीबी की प्राथमिकता के आधार पर पहचान के लिए 11,055 उच्च जोखिम वाले गांवों की पहचान की गई है, जबकि 24 मार्च, 2026 से अब तक 5.4 लाख से अधिक शिविर आयोजित किए जा चुके हैं।’’सिंह ने कहा कि राज्यपाल के सहयोग और मार्गदर्शन में टीबी मुक्त पंचायतों और वार्डों के लक्ष्य को हासिल करने के लिए राजनीतिक एवं प्रशासनिक प्रतिबद्धता को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भी नियमित रूप से कार्यक्रम की समीक्षा करते हैं, जबकि मुख्य सचिव हर सप्ताह इसकी समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश देते हैं। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान सामने आए 87,623 टीबी मरीजों में से 74,871 यानी 85 प्रतिशत मरीजों का विभेदित टीबी देखभाल के लिए आकलन किया जा चुका है। सिंह ने कहा कि बिहार में वर्ष 2024 में टीबी उपचार की सफलता दर 88 प्रतिशत रही। वहीं, टीबी से अनुमानित मृत्यु दर वर्ष 2023 में प्रति लाख आबादी पर 21 से घटकर वर्ष 2024 में 20 रह गई। उन्होंने बताया कि ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ के तहत बिहार की 547 पंचायतों ने केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा निर्धारित सभी छह मानदंडों को पूरा करते हुए टीबी मुक्त पंचायत का दर्जा हासिल किया है। राज्य सरकार नए संक्रमण को रोकने के लिए टीबी निवारक उपचार (टीपीटी) पर भी विशेष ध्यान दे रही है। यह पहल बिहार के सभी 38 जिलों में लागू की जा रही है।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बिहार पुलिस एसटीएफ और मुजफ्फरपुर जिला पुलिस के साथ मिलकर AK-47 राइफल-कारतूस बरामदगी मामले में फरार आरोपी भैरव त्रिपाठी को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र में हुई। गिरफ्तार आरोपी मुजफ्फरपुर जिले के ब्रह्मपुरा थाना अंतर्गत अहियापुर का निवासी है। भैरव त्रिपाठी पर नागालैंड से आधुनिक हथियारों की तस्करी का आरोप है। यह मामला केस संख्या RC-11/2024/NIA/DLI के तहत दर्ज किया गया है। नागालैंड से बिहार में प्रतिबंधित बोर के हथियारों का लाने का आरोप जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी भैरव त्रिपाठी सह-अभियुक्तों के साथ मिलकर नागालैंड से बिहार में प्रतिबंधित बोर के हथियारों और राइफलों की तस्करी की साजिश में शामिल था। इस तस्करी का मुख्य उद्देश्य शांति-सुरक्षा को भंग करना और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालना था। आरोपी के खिलाफ NIA दिल्ली और बिहार के विभिन्न थानों में हत्या का प्रयास, एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) और आर्म्स एक्ट सहित कुल 8 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। मामला मूल रूप से 7 मई 2024 को मुजफ्फरपुर के फकुली थाना क्षेत्र स्थित मुरघटिया पुल से जुड़ा है। फकुली पुलिस ने मौके से लेंस लगी एक AK-47 राइफल और जिंदा कारतूस बरामद कर 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए NIA ने 5 अगस्त 2024 को केस दर्ज कर इसकी जांच अपने हाथ में ली थी। NIA इस मामले में अब तक तीन पूरक आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है पहला पूरक आरोप पत्र (8 मई 2025): 4 आरोपी विकास कुमार, सत्यम कुमार, देवमणि राय और अहमद अंसारी के खिलाफ IPC की धारा 120B और UA (P) एक्ट की धारा 13 व 18 के तहत दायर। दूसरा पूरक आरोप पत्र (20 फरवरी 2026): आरोपी मंजूर खान के खिलाफ IPC, आर्म्स एक्ट (धारा 25(1AA), 26, 35) और UA (P) एक्ट के तहत दायर। तीसरा पूरक आरोप पत्र (15 अप्रैल 2026): आरोपी कुंदन कुमार उर्फ कुंदन भगत के खिलाफ आर्म्स एक्ट और UA (P) एक्ट की धाराओं में दाखिल।
‘यहां नौकरी तो दे रहे हैं, लेकिन पैसा सही नहीं है। 15-16 हजार रुपए की सैलरी पर चेन्नई भेज रहे हैं। इतने में आदमी क्या खाएगा-क्या बचाएगा।’ यह कहना है कि पटना के ज्ञान भवन में आयोजित रोजगार मेला में आए मुन्ना का। उनके चेहरे पर नई नौकरी का उत्साह कम, मायूसी ज्यादा है। बताते हैं, ‘मैं यहां जॉब की तलाश में आया था। मेडिकल लाइन की कंपनी के लोगों ने कहा कि अगले महीने इंटरव्यू का डेट मिलेगा। क्या काम करना है यह नहीं बताया गया है।’ यह कहानी सिर्फ मुन्ना की नहीं। ज्ञान भवन में 19 से 23 अगस्त तक बिहार सरकार के श्रम संसाधन विभाग की ओर से जॉब फेयर आयोजित किया जा रहा है। दो दिन में करीब 10 हजार युवाओं ने आवेदन किया है। दावा रोजगार उपलब्ध कराने का है, लेकिन कंपनियों की ओर से दिए जा रहे ऑफर ने मेले की व्यवस्था और रोजगार की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए हैं। जॉब फेयर में युवाओं को कितना वेतन ऑफर किया जा रहा है? किस तरह के काम मिल रहे है? पढ़िए ग्राउंड रिपोर्ट..। 10 से 15 हजार की नौकरी करने बाहर जाने की मजबूरी जॉब फेयर में 112 कंपनियां पहुंची हैं। इनमें बिहार की मात्र 6 हैं। ऐसे में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के दावे पर सवाल उठ रहे हैं। अधिकांश कंपनियां युवाओं को बिहार से बाहर नौकरी का ऑफर दे रही हैं। मुंबई, चेन्नई, हरियाणा, कोलकाता और दिल्ली में काम करने के लिए आवेदन लिए जा रहे हैं। जॉब फेयर में युवाओं को मिलने वाले ज्यादातर ऑफर 10 से 15 हजार रुपए मासिक वेतन के आसपास हैं। कुछ कंपनियां 25 से 30 हजार रुपए तक का पैकेज भी दे रही हैं, लेकिन इन नौकरियों के लिए भी युवाओं को दूसरे राज्यों में जाना होगा। युवाओं का कहना है कि दूसरे शहर में रहने, खाने और आने-जाने का खर्च निकालने के बाद इतनी कम आमदनी से परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल है। युवाओं का सवाल- नौकरी या मजदूरी? मेले में पहुंचे कई युवाओं का कहना है कि वे तकनीकी और अच्छी नौकरी की उम्मीद लेकर आए थे। यहां मिलने वाले अधिकांश ऑफर सामान्य मजदूरी, सेल्स, डिलीवरी और दूसरे कम वेतन वाले कामों से जुड़े हैं। अगर नौकरी के लिए बाहर जाना है और वेतन 10-15 हजार रुपए तो इसे कैसे रोजगार का बेहतर अवसर मानें? एक युवक ने कहा कि बिहार में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के बजाय युवाओं को दूसरे राज्यों में भेजने पर ज्यादा जोर दिख रहा है। कंपनियां बड़ी संख्या में आवेदन और बायोडाटा ले रही हैं, लेकिन असल में कितने लोगों को काम मिलेगा पता नहीं चल रहा है। नौकरी के नाम पर डाटा कलेक्शन का आरोप जॉब फेयर में पहुंचे कुछ युवाओं ने आरोप लगाया कि कंपनियां बड़ी संख्या में युवाओं का बायोडाटा जमा कर रही हैं। इनकी जानकारी जुटा रही है। आवेदन लेने और इंटरव्यू की प्रक्रिया तो हो रही है, लेकिन नौकरी की शर्तों, पोस्टिंग और वेतन को लेकर पूरी जानकारी नहीं दी जा रही। इससे आशंका पैदा हो रही है कि कहीं जॉब फेयर सिर्फ डाटा कलेक्शन तक सीमित न रह जाए। बिहार में रोजगार के अवसर पर उठे सवाल जॉब फेयर में बिहार की सिर्फ 6 कंपनियों की मौजूदगी की भी चर्चा है। बेरोजगार युवाओं की मांग है कि अगर सरकार रोजगार मेले का आयोजन कर रही है तो बिहार में ही पर्याप्त रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने वाली कंपनियों को प्राथमिकता दी जाए। दूसरे राज्यों में 10-15 हजार रुपए की नौकरी दिलाने के बजाय सरकार को बिहार में उद्योग और निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर देना चाहिए। एयरटेल में 18 हजार की नौकरी, लेकिन टारगेट की परेशानी जमुई से आए जैनेंद्र कुमार ने बताया, ‘मेरी बात एयरटेल कंपनी के अधिकारी से हुई। जमुई में साउंड बॉक्स लगाने का ऑफर मिला। 18 हजार रुपए मासिक वेतन और लगाए गए प्रति साउंड बॉक्स 125 रुपए इंसेंटिव देने की बात कही गई है। कंपनी ने 30 दिन में कम से कम 20 साउंड बॉक्स लगाने का टारगेट दिया है। अभी जॉइनिंग लेटर नहीं मिला है।’ बता दें कि एयरटेल साउंड बॉक्स एयरटेल पेमेंट्स बैंक द्वारा दुकानदारों और व्यापारियों के लिए UPI QR कोड से होने वाले भुगतानों की तुरंत ऑडियो मैसेज देने वाला डिजिटल डिवाइस है। भीड़ के कारण नौकरी छोड़कर लौटे सत्यम, बी-फार्मा के बाद भी रोजगार की तलाश सत्यम कुमार ने कहा, ‘जॉब फेयर में बहुत भीड़ है। दोपहर तक केवल एक राउंड ही अंदर जा पाया। मेरा नंबर आने तक शाम हो जाता और परीक्षा छूट जाती, इसलिए लौट रहा हूं।’ ‘मैंने बी-फार्मा किया है। अस्पताल या फार्मेसी में नौकरी चाहता हूं। बिहार में नौकरी नहीं मिलने के कारण जॉब फेयर से काफी उम्मीद थी, लेकिन लंबी कतार के कारण आवेदन करना मुश्किल हो रहा है।’ TVS में 20 हजार की नौकरी, लेकिन बेंगलुरु में पोस्टिंग कुंदन कुमार ने बताया, ‘मेरी बात टीवीएस कंपनी के अधिकारी से हुई। 20 हजार रुपए महीना पर जॉब ऑफर किया गया, लेकिन काम करने बेंगलुरु जाना होगा। मैं बेंगलुरु नहीं जाना चाहता। बिहार में ही नौकरी तलाश रहा हूं। सैलरी उम्मीद के मुताबिक नहीं है। जॉइन करने से पहले घर के लोगों से बात करूंगा।’ निखिल ने कहा, ‘मैंने ब्लिंकिट में पैकेजिंग के काम के लिए आवेदन किया है। कंपनी की ओर से 18 हजार रुपए सीटीसी और 15,600 रुपए इन हैंड देने की बात कही गई है। काम मुंबई में करना है। 10 तारीख तक ऑफर लेटर मिलेगा। 15 हजार में मुंबई जैसे शहर में रहना मुश्किल होगा। इसलिए मैं दूसरी कंपनियों में भी नौकरी तलाश रहा हूं। टीसीआई में 14 हजार की नौकरी, अतुल ने कहा- इतनी सैलरी में क्या होगा अतुल ने बताया, ‘मुझे टीसीआई कंपनी ने जॉइनिंग लेटर देने की बात कही है। सभी डॉक्यूमेंट्स जमा कर लिए गए हैं। कंपनी में गाड़ी लोड-अनलोड करने की ड्यूटी दी जाएगी। फिलहाल जॉब लोकेशन नहीं बताई गई है। 14 हजार रुपए वेतन है। इतने कम पैसे में गुजारा करना मुश्किल है। जिस उम्मीद से जॉब फेयर में आया था वैसा रोजगार नहीं मिला।’ मो. फैजल अंसारी ने बताया, ‘मैंने एविएशन और दूसरे क्षेत्र की एक कंपनी में आवेदन किया है। कंपनी ने पूछा कि अंग्रेजी बोलना आता है। मैंने कहा कि हल्की-फुल्की अंग्रेजी आती है। कंपनी ने 9 महीने की ट्रेनिंग देने की बात कही है। कंपनी के अनुसार पहले से स्किल्ड उम्मीदवारों को 30 से 40 हजार रुपए तक की सैलरी मिल सकती है। फ्रेशर की जॉब 15 हजार रुपए से शुरू होगी।’ दिव्यांग युवाओं ने उठाए सवाल, सौरभ बोले- हर बार बाहर जाने को कहा जाता है जॉब फेयर में पहुंचे दिव्यांग पप्पू कुमार ने बताया, ‘मुझे कंपनी के लोगों ने कहा है कि थोड़ा इंतजार करना होगा। नौकरी का आश्वासन दिया है। बिहार से बाहर दूसरे राज्यों में नौकरी देने की बात कही जा रही है। मेरे जैसे दिव्यांग व्यक्ति के लिए दूसरे राज्य में जाकर नौकरी करना मुश्किल है। कंपनी 10 हजार रुपए वेतन ऑफर कर रही है। इतने में परिवार का खर्च कैसे चलेगा।’ दिव्यांग सौरभ कुमार ने कहा, ‘पटना में कई बार जॉब फेयर आयोजित हो चुके हैं। दिव्यांगों के लिए सीटें खाली रह जाती हैं। मैं पिछले 11 बार से जॉब फेयर में आ रहा हूं। दिव्यांग लोगों को अक्सर दूसरे राज्यों में जाकर नौकरी करने के लिए कहा जाता है।’ उन्होंने कहा, ‘कई बार ऑफर लेटर मिलने के बाद भी स्किल डेवलपमेंट की ट्रेनिंग नहीं होने पर वापस भेज दिया जाता है। जॉब फेयर में सिर्फ भीड़ दिखाई जाती है। युवाओं का डेटा जुटाया जाता है।’ सोनाटा माइक्रो क्रेडिट में बिहार के लिए 100 पद, 12वीं पास कर सकते हैं आवेदन बीएसएस सोनाटा माइक्रो क्रेडिट के एचआर मोहित कुमार सिंह ने बताया कि कंपनी बिहार में 100 पदों पर भर्ती कर रही है। इसके लिए न्यूनतम योग्यता 12वीं पास है। पुरुष और महिला दोनों आवेदन कर सकते हैं। महिलाओं को स्थानीय स्तर पर नौकरी मिलेगी। पुरुषों को उनके घर से कम से कम 40 किलोमीटर की दूरी पर पोस्टिंग दी जा सकती है। कंपनी में ट्रेनी रिलेशनशिप ऑफिसर के पद पर भर्ती की जा रही है। इसके लिए 15 हजार रुपए सीटीसी पर नौकरी ऑफर की जा रही है। बिहार से बाहर नौकरी के लिए 10वीं से बीटेक तक के युवाओं की भर्ती, 29 हजार तक इन हैंड सैलरी डिजिटल लेबर मार्केटप्लेस और ब्लू-कॉलर जॉब मैच-मेकिंग प्लेटफॉर्म आमधनई प्राइवेट लिमिटेड के देवेश कुमार पांडेय ने कहा, ‘दिल्ली, हरियाणा, कोलकाता और गुजरात की कई कंपनियां युवाओं की भर्ती कर रही हैं।’ ‘मैन्युफैक्चरिंग और मेंटेनेंस के पदों पर 10वीं पास से लेकर बीटेक तक के उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। कंपनी के अनुसार 12 घंटे काम करने पर उम्मीदवार को 29 हजार रुपए तक इन हैंड सैलरी मिल सकती है। उम्मीदवारों की काउंसलिंग के बाद ऑफर दिया जाएगा।’
रणजी ट्रॉफी के आगामी सत्र में एलीट ग्रुप की चुनौती के लिए बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (BCA) ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। पुरुष सीनियर चयन समिति ने 2026-27 घरेलू सत्र के लिए फिटनेस एंड स्किल कैंप के लिए 57 खिलाड़ियों की पहली सूची जारी की थी। इन सभी खिलाड़ियों को आज सुबह 10 बजे बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के ऑफिस में डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए पहुंचना होगा। खिलाड़ियों को सभी आवश्यक मूल डॉक्यूमेंट साथ लाने होंगे। इस लिस्ट में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी भी शामिल हैं। 22 अगस्त से शुरू होगा कैंप वेरिफिकेशन के बाद पात्र खिलाड़ियों को पटना के मोइन-उल-हक स्टेडियम में रिपोर्ट करना होगा। फिटनेस एंड स्किल कैंप 22 अगस्त 2026 से शुरू होगा। कैंप में खिलाड़ियों के लिए बीसीसीआई के निर्धारित मानकों के अनुसार फिटनेस टेस्ट देना अनिवार्य होगा। टेस्ट में सफल होने वाले खिलाड़ियों को आगे की तैयारी में शामिल किया जाएगा। प्लेट ग्रुप में चैंपियन बनने के बाद बढ़ी चुनौती पिछले रणजी सत्र में बिहार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्लेट ग्रुप का खिताब अपने नाम किया था। इस सफलता के बाद टीम को आगामी सत्र में एलीट ग्रुप में खेलने का मौका मिला है। यहां बिहार का सामना देश की मजबूत और अनुभवी टीमों से होगा। कई टीमों में अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और आईपीएल स्तर पर खेल चुके खिलाड़ी शामिल होंगे। फिटनेस और तकनीक पर रहेगा जोर एलीट ग्रुप की चुनौती को देखते हुए बीसीए ने खिलाड़ियों की तैयारी समय से शुरू कर दी है। कैंप में खिलाड़ियों की फिटनेस, तकनीक, खेल कौशल, अनुशासन और मानसिक मजबूती पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। खिलाड़ियों को उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना कैंप का प्रमुख उद्देश्य है। एलीट ग्रुप में खुद को साबित करने का मौका प्लेट ग्रुप में चैंपियन बनने के बाद बिहार के सामने अब बड़ी चुनौती है। मजबूत टीमों और अनुभवी खिलाड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए टीम को फिटनेस के साथ तकनीकी और मानसिक रूप से भी मजबूत होना होगा। बीसीए का यह कैंप आगामी रणजी सत्र के लिए बिहार की तैयारियों की दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
साल 2024। वैज्ञानिकों की एक टीम सोशल मीडिया पर वीडियो स्क्रॉल कर रही थी कि अचानक टिकटॉक के एक शॉर्ट क्लिप ने उनकी नजरें अटका दीं। वीडियो भारत-नेपाल सीमा का था। एक बोरवेल से पानी बह रहा था और उसी धारा के साथ बाहर निकल आई एक बेहद अजीबोगरीब जीव। पतली, बिना रंग की और केंचुए जैसी बलखाती हुई, जिसकी आंखें नाममात्र की थीं। पहली नजर में वह कोई मामूली जलजीव लग सकती थी, लेकिन वैज्ञानिकों की आंखों ने ताड़ लिया कि यह प्रकृति का कोई गहरा रहस्य है। गंगा के विशाल मैदानी इलाकों के नीचे 30-35 फीट की अथाह गहराइयों में, जहां सूरज की एक किरण तक नहीं पहुंचती वहां एक गुमनाम दुनिया सांस ले रही है। उस एक वीडियो ने वैज्ञानिकों को लैब से निकालकर बिहार के सुदूर गांवों में पहुंचा दिया। बूझे की नाही में कहानी….गंगा की गहराइयों में मिली ऐसी मछली कि जिसकी आंखें नहीं, शरीर भी पारदर्शी। साल 2024 और 2025 के बीच ठाकरे वाइल्डलाइफ फाउंडेशन के शोधकर्ता अक्षय खांडेकर और उनकी टीम ने बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बालगंगवा गांव और नेपाल के नवलपरासी (त्रिवेणी) इलाके में डेरा डाल दिया। 11 किलोमीटर का यह इलाका उनका सर्च जोन था। मिशन आसान नहीं था। जमीन के नीचे छिपे इस जीव को बाहर लाने का एक ही तरीका था-बोरवेल। वैज्ञानिकों की टीम ने गांवों के 15 से भी ज्यादा हैंडपंपों और बोरवेलों को लगातार 7 दिनों तक चलाया। आखिरकार, दो बोरवेलों से 2,000 लीटर पानी निकालने के बाद जमीन की गहराई से दो जीव बाहर निकले। लेकिन दोनों मर गए। जिंदा जीव की तलाश में वैज्ञानिकों ने फिर से पानी निकालना शुरू किया। करीब 500 लीटर पानी और निकला तब तीसरा जीव मिला…वह जिंदा था। पानी के बर्तन में हल्के गुलाबी रंग की एक पतली सी ईल जैसी मछली तैर रही थी। वैज्ञानिकों ने नाम दिया 'गंगाचथिस इंडोनेपालिकस' लैब में जब इस जीव की जांच शुरू हुई तो वैज्ञानिक हैरान रह गए। हाई-रिजॉल्यूशन माइक्रो-CT स्कैन से हड्डियों का 3D एक्स-रे किया गया और DNA टेस्ट (माइटोकॉन्ड्रियल CO1 और RAG1 जीन) चलाए गए। अंधी, शरीर पारदर्शी और पसलियां भी नहीं लाखों सालों तक जमीन के नीचे 10 मीटर की गहराई में बिना धूप के रहने के कारण 40 मिलीमीटर यानी 1.6 इंच लंबी इस मछली का शरीर अनोखे रूप से ढल चुका था… जब इसके DNA की तुलना इसके परिवार की सबसे करीबी प्रजातियों (Chaudhuria caudata और Pillaia indica) से की गई, तो उसमें 20% से 22% से भी ज्यादा का अंतर मिला। जेनेटिक्स के इस बड़े अंतर के कारण वैज्ञानिकों ने इसे अर्थवर्म ईल परिवार का नया वंश माना। वैज्ञानिक बोले- हमारी आंखों से ओझल है एक विशाल जैव-विविधता अब तक भारत में जमीन के नीचे रहने वाली अंधी मछलियों का मुख्य केंद्र केवल दक्षिण भारत के केरलम को माना जाता था। लेकिन इस खोज ने 'चौधुरिडे' परिवार के भौगोलिक दायरे को 500 किलोमीटर पश्चिम की ओर खिसका दिया। और यह साबित कर दिया कि उत्तर भारत के मैदानी इलाकों के नीचे भी जीवन का एक अनूठा 'पाताल लोक' बसा हुआ है। नीचे की दो ग्राफिक से जानिए, भारत की जमीन के अंदर का रहस्य
तेजस्वी यादव का सरकार पर निशाना, बोले- बिहार को पुलिस स्टेट नहीं बनने देंगे
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मौत भी हार गई! सांप के काटने से मरे लड़के के 12 साल बाद लौटने का दावा, बिहार की घटना ने चौंकाया
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने AK-47 राइफल बरामदगी मामले में फरार आरोपी भैरव त्रिपाठी को गिरफ्तार किया है। उस परनगालैंड से बिहार हथियार लाने की साजिश रचने का आरोप है और मामले की जांच जारी है।
Muzaffarpur Weather Update : उत्तर बिहार पर फिर मेहरबान होंगे बादल, कई जिलों में बारिश के आसार
उत्तर बिहार को अगले दो दिनों में उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, जहां कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। कुछ स्थानों पर गरज के साथ बिजली चमकने और मध्यम से भारी वर्षा भी हो सकती है।
विद्यार्थियों की शैक्षणिक-संस्थागत समस्याओं के समाधान के लिए बिहार सरकार की ओर से ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ शुरू किया गया है। वहीं, संत रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर जिले में ‘श्री गुरु संत रविदास जी समरसता संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा। दोनों पहलों को लेकर गुरुवार को जिलाधिकारी कौशल कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित उनके कार्यालय कक्ष में पीसी की गई। डीएम कौशल कुमार ने बताया कि विद्यार्थी सहयोग पोर्टल का उद्देश्य राज्य के छात्र-छात्राओं की शैक्षणिक समस्याओं का समाधान करना और शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधार के लिए विद्यार्थियों से सुझाव प्राप्त करना है। पोर्टल के माध्यम से विद्यार्थी अपनी समस्याओं और सुझावों को सीधे ऑनलाइन दर्ज करा सकेंगे। डीएम ने बताया कि कक्षाओं का समय पर संचालन नहीं होने, शिक्षकों या प्राध्यापकों के समय पर कक्षा में नहीं पहुंचने या अनुपस्थित रहने, परीक्षा समय पर नहीं होने, परीक्षा परिणाम समय पर जारी नहीं होने और अनधिकृत शुल्क वसूली जैसी शिकायतें पोर्टल पर दर्ज की जा सकेंगी।इसके अलावा कक्षा में बिजली और बैठने की व्यवस्था, प्रयोगशाला, पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई, कोचिंग व्यवस्था समेत अन्य शैक्षणिक और संस्थागत समस्याओं की भी शिकायत की जा सकेगी। विद्यार्थी अपनी शिकायत या सुझाव sahyog.bihar.gov.in पर दर्ज करा सकते हैं। पोर्टल के दायरे में ये संस्थान पोर्टल के दायरे में विश्वविद्यालय, अंगीभूत महाविद्यालय, अभियंत्रण एवं चिकित्सा महाविद्यालय, पॉलिटेक्निक, आईटीआई, पैरा मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग स्कूल, सिमुलतला आवासीय विद्यालय सहित विभिन्न सरकारी शैक्षणिक संस्थानों और छात्रावासों को शामिल किया गया है।इसके अलावा पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के छात्रावास, कस्तूरबा गांधी छात्रावास और समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित नेत्रहीन और मूकबधिर विद्यालय भी पोर्टल के दायरे में हैं। 27 अगस्त से हर गुरुवार लगेगा संत रविदास विकास शिविरडीएम ने बताया कि संत रविदास जी की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर जिले में सामाजिक समरसता, समानता, भाईचारा और जनकल्याण की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से ‘समरसता संकल्प अभियान’ चलाया जा रहा है।इसके तहत अनुसूचित जाति बहुल टोलों में 27 अगस्त से 15 फरवरी 2027 तक हर गुरुवार ‘संत रविदास विकास शिविर’ का आयोजन किया जाएगा। शिविर में विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभुकों तक पहुंचाने के साथ मौके पर लोगों की समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया जाएगा। इन योजनाओं से जुड़े मामलों का होगा समाधानशिविर में राशन कार्ड, उज्ज्वला योजना, विद्यालयों में नामांकन, आंगनबाड़ी, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड, कुशल युवा कार्यक्रम, मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना, आयुष्मान कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, पास भूमि, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और बुनियाद केंद्र से संबंधित मामलों का समाधान किया जाएगा।इसके अलावा हर घर नल का जल, मुख्यमंत्री ग्रामीण पक्की गली-नाली योजना, जॉब कार्ड, प्रधानमंत्री जन-धन योजना, बिजली कनेक्शन और जीविका समूह से संबंधित आवेदन भी प्राप्त किए जाएंगे।
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव गुरुवार को मधुबनी पहुंचे। अतिथि गृह में प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने जिला अधिकारी और जनप्रतिनिधियों के बीच फोन नहीं उठाने से जुड़े सवाल पर सरकार पर जमकर हमला बोला। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि बिहार में न किसी मंत्री की कोई वैल्यू है और न ही किसी जनप्रतिनिधि की। उन्होंने कहा कि राज्य में पूरी तरह अफसरशाही हावी है। आरजेडी लंबे समय से बिहार में अफसरशाही बढ़ने का आरोप लगाती रही है। ‘कितने विधायक-सांसद पीड़ितों से मिलने जाते हैं?’ उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि कितने लोगों के फोन उठाते होंगे। राज्य में लगातार हादसे और अपराध हो रहे हैं, जिससे लोग परेशान हैं। इसके बावजूद कितने विधायक और सांसद पीड़ितों से मिलने तक जाते हैं। तेजस्वी ने कहा कि बिहार में अफसरशाही अपने चरम पर है। ‘क्या आरोपी को जेल में ही मरवा दिया जाएगा?’ पकरौली गांव निवासी रौशन यादव की मौत के मामले में वायरल वीडियो और आरजेडी नेताओं के उसके घर पहुंचने को लेकर पूछे गए सवाल पर तेजस्वी यादव ने कहा, “क्या किसी आरोपी को जेल में ही मरवा दिया जाएगा?” अपराधियों को संरक्षण के आरोप पर सीएम पर पलटवार विपक्ष द्वारा आरजेडी पर अपराधियों को संरक्षण देने के आरोप पर तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर पलटवार किया। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री पर ही हत्या के सात मामले दर्ज हैं। तेजस्वी ने कहा कि जब बिहार का मुख्यमंत्री ही ऐसा हो तो वे क्या कर सकते हैं।
मंत्री श्रवण कुमार ने चीनी की बढ़ती कीमतों पर कहा कि इससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि देश में डायबिटीज के मरीज अधिक हैं। वहीं, बिहार सरकार ने 400 टन से अधिक चीनी रखने वालों के खिलाफ जमाखोरी और कालाबाजारी की जांच के आदेश दिए हैं।
चीनी के स्टॉक पर नजर, सरकार ने अपने नोटिफिकेशन में क्या निर्देश दिए हैं?
चीनी की कीमतें नई ऊंचाई पर पहुंचने के बाद, केंद्र सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए चीनी के बड़े उपभोक्ताओं पर स्टॉक रखने की सीमा तय कर दी है। इस सख़्त कार्रवाई के तहत सरकार ने सभी मिलों को यह आदेश भी दिया कि वे 17-19 अगस्त, 2026 के बीच बेची गई चीनी की मिल-वार और खरीदार-वार जानकारी दें। खाद्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सोशल मीडिया पर घोषणा की कि जो बड़े उपभोक्ता महीने में 10 टन से ज़्यादा चीनी का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें 15 दिनों की खपत से ज़्यादा स्टॉक रखने की इजाज़त नहीं होगी। खाद्य मंत्रालय ने 'चीनी (बड़े उपभोक्ताओं के लिए स्टॉक रखने की सीमा) आदेश, 2026' जारी किया है, जिसमें कन्फेक्शनर, सॉफ्ट ड्रिंक बनाने वाली कंपनियाँ, फ़ूड प्रोसेसिंग यूनिट, मिठाई विक्रेता और दूसरे संस्थागत खरीदार शामिल हैं। यह आदेश 1 सितंबर से लागू होगा और 30 नवंबर तक प्रभावी रहेगा। इसे भी पढ़ें: Bihar में फिर दौड़ेगी Sugar Mill की चाशनी, 'सुधा' की तर्ज पर Vegfed Booth भी खुलेंगे चीनी मिलों से मांगा बिक्री का पूरा ब्योरा चीनी कंपनियों के शेयरों में तेज़ी आई है। इसकी वजह है केंद्र सरकार का स्टॉक रखने की सीमा को सख्त करना और घरेलू व ग्लोबल मार्केट में चीनी की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी। गुरुवार का यह आदेश पहले के उस आदेश के बाद आया है, जो 1 अगस्त से 30 नवंबर तक लागू था। उस आदेश में चीनी डीलरों के लिए स्टॉक की सीमा 30 दिनों के लिए 4,000 क्विंटल तय की गई थी। ये पाबंदियां चीनी की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के बीच लगाई गई हैं। 2026-27 सीज़न से पहले शुरुआती स्टॉक कम होने की वजह से मिल से निकलने वाली चीनी की कीमतें (एक्स-मिल रेट) रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। एक इंडस्ट्री बॉडी के अनुसार, मंगलवार को पूरे देश में चीनी की औसत एक्स-मिल कीमत बढ़कर 5,400-5,500 रुपये प्रति क्विंटल हो गई, जो एक साल पहले 3,900 रुपये थी। NCDEX के डेटा से पता चलता है कि 19 अगस्त, 2026 को भारत के प्रमुख बाजारों में चीनी की स्पॉट कीमतें 16 साल के उच्चतम स्तर 5,530 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गईं। इसे भी पढ़ें: क्या आप नहीं चाहते कि लोग स्वस्थ रहें? फूड पैकेट पर सुप्रीम कोर्ट से FSSAI को फटकार नोटिफिकेशन में क्या निर्देश कंज्यूमर अफेयर्स मिनिस्ट्री के डेटा के अनुसार, 18 अगस्त को खुदरा चीनी की कीमतें सालाना आधार पर लगभग 13 प्रतिशत बढ़कर 52.30 रुपये प्रति किलो हो गईं, जो एक साल पहले 46.34 रुपये थीं। आमतौर पर अगस्त और नवंबर के बीच चीनी की मांग बढ़ जाती है, क्योंकि इस दौरान देश में गणेश चतुर्थी, दशहरा और दिवाली जैसे बड़े त्योहार मनाए जाते हैं। नए आदेश के तहत, हर मिल से थोक खरीदार को बेची जाने वाली चीनी की मासिक मात्रा (चाहे सीधे बेची जाए या डीलरों के ज़रिए) की जांच की जाएगी। चीनी के लिए लागू HSN कोड का इस्तेमाल करते हुए, विक्रेताओं और/या खरीदारों द्वारा फाइल किए गए GST रिटर्न के आधार पर खपत तय की जाएगी। थोक खरीदार का मतलब है - कन्फेक्शनर (मिठाई/बेकरी उत्पाद बनाने वाला), सॉफ्ट ड्रिंक बनाने वाली कंपनी, फूड प्रोसेसिंग यूनिट, मिठाई विक्रेता या कोई अन्य संस्थागत खरीदार, जिसकी पिछले एक साल (मौजूदा महीने को छोड़कर) में औसत मासिक खपत 10 टन से कम न रही हो। यह आदेश केंद्र या राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन या स्थानीय निकायों से जुड़ी संस्थाओं पर लागू नहीं होता है। स्टॉक रखने के कड़े नियम 1 अक्टूबर से शुरू होने वाले 2026-27 सीज़न के लिए चीनी की उपलब्धता को लेकर चिंताओं के बीच लाए गए हैं। थर्ड-पार्टी के स्रोतों से इथेनॉल खरीदने पर साफ तौर पर रोक इंडस्ट्री का अनुमान है कि नए सीज़न के लिए शुरुआती स्टॉक 4-4.2 मिलियन टन होगा, जबकि कुछ रिसर्च करने वालों का अनुमान इससे कम, यानी 3.2-3.5 मिलियन टन है - ये दोनों ही अनुमानित घरेलू ज़रूरत (लगभग 5-6 मिलियन टन) से कम हैं। इसी से जुड़ी एक और बात यह है कि भारत की सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने एक कड़ा निर्देश जारी किया है। इसके तहत सभी इथेनॉल सप्लायर्स के लिए यह ज़रूरी कर दिया गया है कि वे खुद के रजिस्टर्ड डिस्टिलरी यूनिट चलाने वाले घरेलू निर्माता हों। IOCL, BPCL, HPCL, MRPL और NRL जैसी बड़ी सरकारी ईंधन रिटेल कंपनियों के समूह की ओर से भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) द्वारा जारी इस नोटिस में तीसरे पक्ष (थर्ड-पार्टी) के स्रोतों से इथेनॉल खरीदने पर साफ तौर पर रोक लगा दी गई है।
Gen Z के बदलते सोशल मीडिया ट्रेंड के कारण सरकारी कामकाज और संवाद का तरीका बदल रहा है। अब सरकार इंस्टाग्राम और टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर रील और शॉर्ट वीडियो के जरिए युवाओं तक अपनी बात पहुंचाएगी।
जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर एक बार फिर बिहार यात्रा पर निकलने वाले हैं। सितंबर महीने से वह पार्टी को मजबूत करने के लिए सभी जिलों का दौरा करेंगे। बांकीपुर उपचुनाव जीतकर विधायक बने पीके की आगामी चुनावों पर नजरें टिकी हुई हैं।
‘मिर्जापुर द मूवी’ के लिए कालीन भैया उर्फ पंकज त्रिपाठी जाएंगे पटना, बिहार में दिखाएंगे भौकाल
‘मिर्जापुर: द मूवी’ को लेकर फैंस के बीच एक्साइटमेंट लगातार बढ़ती जा रही है। 11 अगस्त को रिलीज हुए फिल्म के मच अवेटेड ट्रेलर को दर्शकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। ट्रेलर में बड़े भौकाल, गद्दी की जंग और ‘मिर्जापुर’ की दमदार दुनिया की झलक देखने के बाद अब फिल्म को लेकर बज और भी बढ़ गया है।ट्रेलर को मिले इस शानदार रिस्पॉन्स के बीच फिल्म की स्टारकास्ट 22 अगस्त को लखनऊ पहुंची। अली फजल, दिव्येंदु शर्मा और जितेंद्र कुमार ने शहर में फिल्म का प्रमोशन किया और मीडिया से बातचीत की।‘मिर्जापुर’ की कहानी और इसकी दुनिया का उत्तर प्रदेश से खास कनेक्शन रहा है। ऐसे में लखनऊ में फिल्म का प्रमोशन करना टीम के लिए भी खास रहा। जिसके बाद अब ‘मिर्जापुर: द मूवी’ के स्टार्स पंकज त्रिपाठी, अली फजल, दिव्येंदु शर्मा और जितेंद्र कुमार 22 अगस्त 2026 को पटना का दौरा करेंगे। ट्रेलर और पहले गाने ‘दो नंबरी’ को मिले शानदार रिस्पॉन्स के बाद अब फिल्म की रिलीज को लेकर दर्शकों की एक्साइटमेंट अपने चरम पर है।फिल्म की स्टारकास्ट में अली फज़ल, पंकज त्रिपाठी, दिव्येंदु शर्मा, अभिषेक बनर्जी, रसिका दुगल, मोहित मलिक, शीबा चड्ढा, राजेश तैलंग, प्रमोद पाठक, श्रिया पिलगांवकर, हर्षिता शेखर गौर, श्वेता त्रिपाठी और सोनल एस. चौहान भी शामिल हैं।‘मिर्जापुर: द मूवी’ का निर्देशन गुरमीत सिंह ने किया है और इसकी कहानी पुनीत कृष्णा ने लिखी है। फिल्म को अमेज़न MGM स्टूडियोज और एक्सेल एंटरटेनमेंट प्रस्तुत कर रहे हैं। रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर ने इसे एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले प्रोड्यूस किया है। फिल्म 4 सितंबर 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में हिंदी और तेलुगु में रिलीज होगी।
पटना में सहायक प्राध्यापक बहाली समेत विभिन्न मांगों को लेकर शोधार्थियों का अनिश्चितकालीन आमरण अनशन 17वें दिन भी जारी है। आंदोलनकारियों ने 22 अगस्त को लोकभवन मार्च का एलान किया है, जबकि उनके नेता कुमुद पटेल की तबीयत बिगड़ रही है।
जहानाबाद में बिहार ग्रामीण बैंक का जनप्रतिनिधि समन्वय सम्मेलन, पंचायत प्रतिनिधियों का किया सम्मान
जहानाबाद में बिहार ग्रामीण बैंक का जनप्रतिनिधि समन्वय सम्मेलन, पंचायत प्रतिनिधियों का किया सम्मान
मंत्री नीतीश मिश्रा के झंझारपुर विधानसभा से निर्वाचन को पटना हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। चुनावी हलफनामे में आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाने के आरोप पर हाईकोर्ट ने जवाब मांगा है।
जालंधर के CT इंस्टीट्यूट के शाहपुर कैंपस में बिहार और कश्मीर के छात्रों के बीच झगड़ा हो गया। जिसके बाद दोनों गुटों में जमकर डंडे-बैट चले। होस्टल में तोड़फोड़ की गई। जिससे कमरों में कांच फैल गया। जिसके वीडियो भी सामने आए हैं। झगड़े में बिहार के 5 से 6 स्टूडेंट घायल हुए हैं, जिसमें अधिकतर नाबालिग हैं। इनमें एक के सिर पर चोट लगी है, वह गमछा बांधकर सिर पकड़े दिखाई दिया, जबकि एक छात्र का पैर टूट गया। विवाद के बाद कैंपस में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई, जिसके बाद प्रबंधन ने गेट बंद कर पुलिस को सूचना दी। हालांकि थाना-5 पुलिस ने डंडे-बैट से हमले की बात से इनकार किया है। पुलिस ने कहा कि छात्रों में खाने में टेबलेट निकलने पर विवाद हुआ था, जिसे मौके पर पहुंचकर शांत करा दिया गया। एडीसीपी सिटी-2 माधवी शर्मा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। थाना-5 के SHO यादविंदर सिंह ने बताया- विवाद कैंटीन में खाने को लेकर हुआ था। कुछ छात्रों ने मामले को धार्मिक रंग देने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने समय रहते स्थिति संभाल ली। सभी फर्स्ट इयर के स्टूडेंट्स हैं। जिनकी 16-17 साल उम्र है। छात्रों के बीच हथियार नहीं चले हैं इधर, देर शाम झगड़े के बाद CT इंस्टीट्यूट में बजरंग दल और हिंदू नेता पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें गेट पर ही रोक लिया और अंदर नहीं जाने दिया। इसके बाद एक हिंदू नेता ने छात्र को कॉल किया, तो उसने बताया कि- अंदर बाउंसरों ने रोक लिया है। बाहर नहीं आने दे रहे हैं। वहीं, पंजाब बंद के चलते कल इंस्टीट्यूट बंद रहेगा। प्रबंधन की ओर से इस संबंध में एक मैसेज जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि जरूरी कामों के लिए केवल ड्यूटी पर तैनात स्टाफ ही इंस्टीट्यूट में मौजूद रहेगा। झगड़े से जुड़े PHOTOS देखिए…. कश्मीरी छात्रों पर गोली देने का आरोप बिहार के छात्रों का आरोप है कि दो दिन पहले उनके खाने में टेबलेट और टेलबट का रैपर मिला था। उन्होंने इसकी शिकायत इंस्टीट्यूट प्रशासन और कैंटीन संचालक से की थी। इसके बाद छात्र दो दिन से प्रदर्शन कर रहे थे और उनकी मांग थी कि उन्हें सही खाना दिया जाए। झगड़े में घायल बिहार के छात्र ने कहा- पहले कश्मीरी छात्र ने गाली दी। इसके बाद सीनियर में झगड़ा शुरू हुआ। कश्मीरी छात्रों ने अल्लाह हू अकबर कहते हुए हमला करना शुरू कर दिया। झगड़े के दौरान मैं अंदर छिप गया था। सिर पर कपड़ा ले रखा था। इस दौरान एक हाथ में भी चोट लग गई। पुलिस के सामने पत्थर और ईंटें चले झगड़े का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पुलिस बिहार के छात्रों को समझाती नजर आ रही है। इसी दौरान नीचे की तरफ से कश्मीरी छात्रों की ओर से पत्थर और ईंटें फेंकते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में एक बिहार का छात्र पुलिस से कहता सुनाई देता है कि, ‘देखो सर, आपके सामने ईंटें चला रहे हैं।’ इंस्टीट्यूट में टूटीं कांच की खिड़कियां वीडियो में इंस्टीट्यूट के अंदर छात्रों के बीच झगड़ा और कांच की खिड़कियां टूटी हुई दिखाई दे रही हैं। एक हॉस्टल रूम में भी चारों तरफ कांच बिखरा नजर आता है। वीडियो में एक छात्र यह कहते हुए दिखाई देता है कि ‘देखो, अब कश्मीरी भाग गए। वीडियो में छात्र बैट और रॉड लिए दिखे वीडियो में कुछ युवक बैट और लोहे की रॉड हाथ में लिए नजर आ रहे हैं। एक छात्र के मुताबिक, पुलिस की मौजूदगी में भी कश्मीरी छात्रों की ओर से झगड़ा किया गया। छात्र का दावा है कि जब पुलिस को बताया गया कि उनके सामने ईंटें फेंकी जा रही हैं, तो पुलिसकर्मियों ने कहा कि ‘हमारे हाथ बंधे हुए हैं।’ छात्रों के मुताबिक, झगड़े में 5 से 6 स्टूडेंट घायल हुए हैं। इनमें एक छात्र के सिर पर चोट लगी है। खबर से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए..
बिहार में जन्मे एक एंटरप्रेन्योर की कहानी इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गई है। उनकी कहानी उनके जीजाजी ने X (पहले ट्विटर) पर शेयर की है। इस कहानी में IIT दिल्ली से पढ़ाई और टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री में 10 साल के करियर के बाद मेक्सिको में चार बिजनेस चलाने तक का सफर शामिल है।पटना के रहने वाले 33 साल के विजीत सुमन ने Uber में अपनी कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ने के बाद फ़ूड, वेलनेस, सॉफ़्टवेयर और फ़्रॉड प्रिवेंशन (धोखाधड़ी रोकने) के क्षेत्र में बिजनेस शुरू किए। हाल ही में उनके जीजाजी राहुल राज ने X पर उनकी उपलब्धियों के बारे में पोस्ट किया, जिससे उनका यह अनोखा करियर सफर वायरल हो गया और लोगों का ध्यान इस ओर गया।IIT दिल्ली से लेकर टेक्नोलॉजी सेक्टर में 10 साल का सफरटेक्नोलॉजी सेक्टर में अपना करियर शुरू करने से पहले सुमन ने IIT दिल्ली से टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी की पढ़ाई की थी। उन्होंने पेमेंट और फ़्रॉड प्रिवेंशन के क्षेत्र में 10 साल से ज़्यादा समय तक काम किया और कंपनियों को अरबों डॉलर से जुड़े फाइनेंशियल क्राइम से निपटने में मदद की। उनके प्रोफेशनल सफर में ऐसी कंपनियों में काम करना भी शामिल है, जिन्हें बाद में दूसरी कंपनियों ने खरीद लिया था, जैसे Falabella द्वारा Linio और Uber द्वारा Cornershop का अधिग्रहण।लेकिन कॉर्पोरेट दुनिया में कई साल बिताने के बाद, सुमन ने एक अलग रास्ता चुनने का फ़ैसला किया। उन्होंने एंटरप्रेन्योरशिप की दुनिया में पहला कदम तब रखा जब वे टेक सेक्टर में काम कर रहे थे। Brother-in-law is a serial entrepreneur. After graduating from IIT D, he shifted to Mexico to join Uber. He left UBER to start a fin-tech business.Apart from this he launched a restaurant chain which serves Indian food. Yesterday, the current Ambassador of India to Mexico and… pic.twitter.com/7SUKDDi1qu— Rahul Raj (@x_rahulraj) August 13, 2026 इसकी शुरुआत मैक्सिको में भारतीय खाने से हुई2023 में, सुमन और उनके बिज़नेस पार्टनर अर्पित खुराना ने मैक्सिको सिटी में 'अरोमा करी' (Aroma Curry) शुरू किया। यह आइडिया विदेश में रहने वाले भारतीयों की एक आम समस्या से आया: घर जैसा स्वाद वाला खाना मिलना। न तो सुमन और न ही खुराना को रेस्टोरेंट चलाने का कोई अनुभव था, लेकिन जल्द ही उनके बिज़नेस को शादियों और दूसरे इवेंट्स में कैटरिंग के लिए रिक्वेस्ट मिलने लगीं।जो एक रेस्टोरेंट के तौर पर शुरू हुआ था, वह आगे चलकर कई बिज़नेस में से पहला बिज़नेस बन गया। 2024 तक, सुमन ने पूरी तरह से एंटरप्रेन्योरशिप पर ध्यान देने के लिए उबर (Uber) छोड़ दिया। वे एक बिज़नेस से चार बिज़नेस तक पहुंचे।कॉर्पोरेट दुनिया छोड़ने के बाद, सुमन ने मैक्सिको सिटी में 'संतुलन' (Santulan) नाम का एक योग स्टूडियो शुरू किया।शुरुआत में यह स्टूडियो एक छोटा सा वेंचर था, लेकिन जल्द ही कस्टमर्स ने पिलेट्स रिफॉर्मर क्लास की मांग की। बिज़नेस का विस्तार हुआ और सुमन के अनुसार, दो साल के भीतर यह मैक्सिको सिटी के सबसे ज़्यादा रेटिंग वाले स्टूडियो में से एक बन गया। उनकी तीसरी कंपनी एक और समस्या के समाधान के तौर पर शुरू हुई, जिसका सामना उन्हें स्टूडियो चलाते समय करना पड़ा था।बिज़नेस को मैनेज करने के लिए सही सॉफ़्टवेयर न मिलने पर, सुमन ने अपना खुद का सॉफ़्टवेयर बनाया। बाद में दूसरे स्टूडियो मालिकों ने भी इस सिस्टम में दिलचस्पी दिखाई, जिससे 'क्लासियस' (Klasius) बना - यह स्टूडियो मैनेजमेंट पर केंद्रित एक सॉफ़्टवेयर बिज़नेस है।अपने चौथे वेंचर के साथ वे उस फील्ड में वापस लौटे जिसे वे सबसे अच्छी तरह जानते थे।सुमन और उनके तीन दोस्तों ने 'फोर्टिफाई' (Fortify) नाम का एक प्लेटफ़ॉर्म शुरू किया, जो धोखाधड़ी रोकने पर केंद्रित था। एंटरप्रेन्योर के अनुसार, कंपनी अब मेक्सिको की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों में से एक के साथ पायलट प्रोग्राम चला रही है। इस तरह सुमन अलग-अलग इंडस्ट्रीज़ — इंडियन फ़ूड, वेलनेस, सॉफ़्टवेयर और फ़ाइनेंशियल टेक्नोलॉजी — में चार बिज़नेस चला रहे थे।300 मेहमानों वाली शादी एक टर्निंग पॉइंट साबित हुईइस सफ़र के सबसे यादगार पलों में से एक तब आया जब 'अरोमा करी' (Aroma Curry) ने 300 से ज़्यादा मेहमानों वाली एक शादी में कैटरिंग की। उस स्तर पर यह टीम का पहला बड़ा इवेंट था। कैटरिंग के इस सफल काम से बिज़नेस का कॉन्फिडेंस काफ़ी बढ़ा, खासकर तब जब मेहमानों ने टीम से कहा कि खाने ने उन्हें दिल्ली की याद दिला दी।भारत से हज़ारों किलोमीटर दूर शुरू किए गए बिज़नेस के लिए, लोगों की इस प्रतिक्रिया ने 'अरोमा करी' को शुरू करने के मूल मकसद को और मज़बूत किया। फिर उनके जीजाजी ने उनके बारे में पोस्ट किया। जब सुमन के जीजा राहुल राज ने X पर उनकी कहानी शेयर की, तो यह बहुत से लोगों तक पहुंची।इस पोस्ट में बताया गया कि कैसे वे IIT दिल्ली के पूर्व छात्र और टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल से मैक्सिको में कई बिज़नेस चलाने वाले एंटरप्रेन्योर बने। सुमन के अनुसार, इस पोस्ट ने तेज़ी से लोगों का ध्यान खींचा और इसे 1,00,000 से ज़्यादा बार देखा गया। उन्होंने बताया कि इस अचानक मिली चर्चा की वजह से उन्हें ऐसे लोगों के मैसेज भी मिले जिनसे उन्होंने कॉलेज के बाद से बात नहीं की थी। इस अप्रत्याशित वायरल मोमेंट ने परिवार के एक सदस्य की पोस्ट को उनके अनोखे करियर सफ़र के बारे में एक बड़ी चर्चा में बदल दिया।
Tata Power ने Bihar में शुरू किया 'हर घर सोलर' अभियान, 5 लाख छतों पर लगेंगे प्लांट
बिहार में रूफटॉप सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड (टीपीआरईएल) ने बृहस्पतिवार को ‘हर घर सोलर’ कार्यक्रम की शुरुआत की। कंपनी ने अगले तीन वर्षों में राज्य के पांच लाख घरों में छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने में सहयोग करने का लक्ष्य रखा है। पटना में आयोजित कार्यक्रम में बिहार ऊर्जा विभाग के सचिव अजय यादव, टाटा पावर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एवं प्रबंध निदेशक (एमडी) प्रवीर सिन्हा तथा टीपीआरईएल के सीईओ एवं एमडी संजय बांगा की उपस्थिति में इसकी शुरुआत की। प्रवीर सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार के सहयोग से शुरू की गई यह पहल बिहार में सौर ऊर्जा क्रांति लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि बिहार मंत्रिमंडल ने हाल ही में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत प्रति किलोवाट 10,000 रुपये की अतिरिक्त राज्य सब्सिडी को मंजूरी दी है। इसके बाद एक किलोवाट प्रणाली पर कुल केंद्रीय एवं राज्य सब्सिडी 40,000 रुपये, दो किलोवाट पर 80,000 रुपये तथा तीन किलोवाट या उससे अधिक क्षमता पर 98,000 रुपये हो गई है। प्रवीर सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार के सहयोग से शुरू की गई यह पहल बिहार में सौर ऊर्जा क्रांति लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि बिहार मंत्रिमंडल ने हाल ही में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत प्रति किलोवाट 10,000 रुपये की अतिरिक्त राज्य सब्सिडी को मंजूरी दी है। इसके बाद एक किलोवाट प्रणाली पर कुल केंद्रीय एवं राज्य सब्सिडी 40,000 रुपये, दो किलोवाट पर 80,000 रुपये तथा तीन किलोवाट या उससे अधिक क्षमता पर 98,000 रुपये हो गई है। सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना शुरू होने के बावजूद बिहार अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पाया है और ‘हर घर सोलर’ अभियान इस अंतर को दूर करने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और उपभोक्ताओं के लिए दीर्घकालिक आर्थिक लाभ सुनिश्चित करने में भी सहायक होगी। टीपीआरईएल के प्रमुख संजय बांगा ने कहा कि महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की तुलना में बिहार सौर ऊर्जा अपनाने में पीछे है, जबकि यहां बिजली की दरें 7.5 से 8 रुपये प्रति यूनिट हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में मुख्य चुनौती वहनीयता नहीं, बल्कि जागरूकता की कमी है।

