JDU MLC नीरज कुमार ने शुक्रवार को पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिस परिवार के पास सिर्फ पटना में 468 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति है, वह बिहार को दिवालिया बताने का भ्रम फैला रहा है। नीरज कुमार ने दावा किया कि वर्तमान बाजार मूल्य के अनुसार यह संपत्ति और अधिक हो सकती है। उन्होंने कहा कि लालू यादव के जन्मदिन पर उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना है, लेकिन उसी दिन तेजस्वी यादव ने तथ्यों के विपरीत बयान देकर जनता को गुमराह करने का प्रयास किया। VVIP शौचालय पर तेजस्वी के दावे को बताया गलत नीरज कुमार ने कहा कि तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर आरोप लगाया था कि प्रगति यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री के एक घंटे के कार्यक्रम के लिए 7.41 लाख रुपए की लागत से एक अस्थायी VVIP शौचालय बनाया गया। जबकि वास्तविकता यह है कि एक नहीं बल्कि चार अस्थायी शौचालय बनाए गए थे और कुल खर्च करीब 4 लाख रुपए हुआ था। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव बिना पूरी जानकारी के बयान दे रहे हैं। अगर उन्हें तथ्यों की जानकारी नहीं है तो पहले उसे समझना चाहिए। समाधान यात्रा का भी दिया उदाहरण JDU नेता ने कहा कि महागठबंधन सरकार के दौरान आयोजित समाधान यात्रा में एक शौचालय के निर्माण पर 1.73 लाख रुपए खर्च किए गए थे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि एकादशी जैसे पवित्र दिन पर भी तेजस्वी यादव ने झूठ बोलने से परहेज नहीं किया। बिहार के दिवालिया होने के दावे पर पलटवार नीरज कुमार ने कहा कि तेजस्वी यादव ने बिहार को दिवालिया होने के कगार पर बताया है, जबकि यह दावा पूरी तरह भ्रामक है। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन के भुगतान के लिए आकस्मिकता निधि से राशि निकालना पूरी तरह वैधानिक प्रक्रिया है और इसका अर्थ वित्तीय दिवालियापन नहीं होता। उन्होंने कहा कि आकस्मिकता निधि का उपयोग सरकार जरूरत पड़ने पर कर सकती है। इसे वित्तीय संकट बताना केवल राजनीतिक बयानबाजी है। लालू-राबड़ी शासनकाल की दिलाई याद नीरज कुमार ने लालू-राबड़ी शासनकाल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पशुपालन विभाग में 69 करोड़ रुपए का आवंटन था, लेकिन 129 करोड़ रुपए की निकासी कर ली गई थी। बाद में यही मामला चारा घोटाले के रूप में सामने आया। उन्होंने कहा कि जनता सब जानती है और इतिहास को भुलाया नहीं जा सकता। 24 घंटे में माफी मांगने की मांग नीरज कुमार ने तेजस्वी यादव से 24 घंटे के भीतर सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव सोशल मीडिया पर लिखकर स्वीकार करें कि उन्होंने गलत जानकारी साझा की है। उन्होंने कहा, “हम पूरे आंकड़ों और दस्तावेजों के साथ बात कर रहे हैं। यदि हमारी जानकारी गलत है तो हमें कानूनी नोटिस भेजा जाए। हम हर तथ्य का जवाब देने के लिए तैयार हैं।”
नालंदा के सरमेरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ससौर गांव में गुरुवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। साइकिल न देने के मामूली विवाद में 14 साल के नाबालिग को चाकू मारकर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया गया। घायल की पहचान ससौर गांव के रहने वाले विनय चौधरी के बेटे शिवम कुमार के रूप में हुई है। घटना के तुरंत बाद लहुलूहान स्थिति में नाबालिग को स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से सरमेरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए बिहार शरीफ मॉडल अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल मॉडल अस्पताल में किशोर का इलाज चल रहा है। साइकिल मांगने को लेकर हुआ था विवाद अस्पताल में इलाज के दौरान नाबालिग किशोर शिवम कुमार ने बताया कि घटना का कारण बेहद मामूली था। पड़ोस में रहने वाले कारू चौधरी के बेटे जितेन्द्र कुमार (उर्फ जीतू चौधरी) ने उससे चलाने के लिए साइकिल मांगी थी। शिवम की ओर से साइकिल देने से मना करने पर जितेन्द्र ने तैश में आकर उस पर चाकू से हमला कर दिया। पीड़ित नाबालिग बोला- अक्सर चाकू लेकर घूमता था जितेंद्र पीड़ित किशोर शिवम ने बताया कि जितेंद्र ने साइकिल मांगी थी, जब उसने मना किया तो उसने चाकू से वार कर दिया। वह हमेशा अपने पास चाकू लेकर चलता है, लेकिन इससे पहले उसने कभी ऐसा नहीं किया था। वह हमारे पड़ोस में ही रहता है। इस पूरे मामले पर जब सरमेरा थाना अध्यक्ष साकेंद्र कुमार बिंद से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि फिलहाल उन्हें इस घटना की आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। हालांकि, पुलिस अपने स्तर से मामले का पता लगा रही है। परिजनों की ओर से लिखित आवेदन मिलने पर कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जहानाबाद में जन सुराज पार्टी ने शुक्रवार को एक प्रेस वार्ता आयोजित कर बिहार सरकार पर हमला बोला। इस दौरान जन सुराज अंबेडकर मंच के जिलाध्यक्ष अरविंद कुमार ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। अरविंद कुमार ने आरोप लगाया कि बिहार में अपराध की घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे आम जनता में भय का माहौल है। उन्होंने कहा कि हत्या, लूट, चोरी और महिलाओं के खिलाफ अपराधों को नियंत्रित करने में सरकार पूरी तरह विफल रही है। जनता अब मौजूदा व्यवस्था से निराश है और बदलाव चाहती है। प्रेस वार्ता में अरविंद कुमार ने एक महत्वपूर्ण राजनीतिक सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा कि जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर को आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में बांकीपुर सीट से चुनाव लड़ना चाहिए। उनके अनुसार, प्रशांत किशोर के चुनाव लड़ने से जन सुराज को नई राजनीतिक ऊर्जा मिलेगी और जनता के बीच एक सशक्त संदेश जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि बिहार की जनता अब जाति और पारंपरिक राजनीतिक समीकरणों से हटकर विकास, शिक्षा, रोजगार और बेहतर कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर आधारित राजनीति चाहती है। जन सुराज इन्हीं जनहित के मुद्दों पर लोगों से लगातार संवाद कर रही है और राज्य में एक मजबूत वैकल्पिक राजनीतिक शक्ति बनने की दिशा में काम कर रही है। इस अवसर पर जन सुराज के जिला महामंत्री अवधेश पासवान, युवा जिला अध्यक्ष प्रशांत कुमार और कार्यालय प्रभारी राहुल कुमार सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे। नेताओं ने विश्वास जताया कि आगामी चुनाव में बिहार की जनता मुद्दों के आधार पर निर्णय लेगी और राज्य को एक नई राजनीतिक दिशा प्रदान करेगी।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के दो दिवसीय दिल्ली दौरे को राज्य के विकास की भविष्य की योजनाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जहां भाजपा के शीर्ष नेताओं से मुलाकात कर संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा की, वहीं प्रधानमंत्री के साथ बैठक में बिहार के विकास मॉडल और भविष्य की रणनीति को साझा किया। इस दौरे की सबसे अहम बैठक नीति आयोग की शासी परिषद की रही। बैठक में सीएम सम्राट चौधरी ने ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य में बिहार की भूमिका को रेखांकित करते हुए राज्य के विकास का ब्लूप्रिंट पेश किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि, ‘बिहार अब केवल योजनाओं का लाभ लेने वाला राज्य नहीं है, बल्कि देश की आर्थिक प्रगति में एक मजबूत इंजन की भूमिका निभाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।’ केंद्र से 18 हजार करोड़ की विशेष सहायता की मांग नीति आयोग की बैठक में मुख्यमंत्री ने बिहार के विकास के लिए किए जा रहे कई क्षेत्रों के कार्यों को विस्तार से बताया। साथ ही बिहार के विकास के लिए केंद्र से सहयोग की मांग की। मुख्यमंत्री ने कहा कि, 'बिहार ने हर घर नल का जल योजना के माध्यम से जल जीवन मिशन का लक्ष्य हासिल कर लिया है, लेकिन कुछ कारणों से केंद्र का हिस्सा प्राप्त नहीं हो सका।' उन्होंने केंद्र सरकार से इस योजना के लिए कुल 18 हजार करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देने का अनुरोध किया। इसमें 13 हजार करोड़ रुपये पूर्व में किए गए व्यय के केंद्रांश और 5 हजार करोड़ रुपये नई योजनाओं के लिए शामिल हैं। बाल्यावस्था शिक्षा और आंगनबाड़ी व्यवस्था में सुधार पर जोर मुख्यमंत्री ने बताया कि, 'बिहार में बच्चों के पोषण और शुरुआती शिक्षा को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर कार्य किया गया है। राज्य में स्वीकृत 11,529 सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों में से 10,579 केंद्रों पर पोषण वाटिकाएं विकसित की गई हैं। हजारों आंगनबाड़ी केंद्रों को स्कूलों से जोड़ा गया है, ताकि बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा से ही बेहतर वातावरण मिल सके। इसके साथ ही 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के 40 लाख से अधिक बच्चों में करीब 70 प्रतिशत बच्चों को APAAR आईडी जारी की जा चुकी है।' स्कूलों में डिजिटल सुविधा का विस्तार मुख्यमंत्री ने कहा कि, ‘बिहार के 76 हजार से अधिक सरकारी स्कूलों में से 91 प्रतिशत विद्यालयों में इंटरनेट सुविधा उपलब्ध है। राज्य में 9 हजार से अधिक स्मार्ट क्लास संचालित हो रही हैं। सभी बालिका विद्यालयों में शौचालय की सुविधा सुनिश्चित की गई है। स्कूल से बाहर रह गए 15 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को राज्य के ओपन स्कूल बोर्ड के माध्यम से शिक्षा से जोड़ा जा रहा है।’ युवाओं के कौशल और रोजगार पर फोकस सम्राट चौधरी ने युवाओं के लिए कौशल विकास योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत 1.18 लाख कारीगरों को प्रशिक्षण दिया गया है। पटना में 640 करोड़ रुपये की लागत से आर्यभट्ट अंतरराष्ट्रीय कौशल हब बनाया जा रहा है। वहीं 75 ITI संस्थानों के आधुनिकीकरण के लिए 3,615 करोड़ रुपये की योजना पर काम चल रहा है। उन्होंने केंद्र से इंटीग्रेटेड स्किलिंग आर्किटेक्चर परियोजना के लिए 750 करोड़ रुपये, जननायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय के लिए 1,500 करोड़ रुपये और भागलपुर में NSTI स्थापना में सहयोग करने में सहयोग देने की मांग की। उच्च शिक्षा के विस्तार की योजना मुख्यमंत्री ने कहा कि, राज्य सरकार 211 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज स्थापित कर रही है, ताकि छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूर न जाना पड़े।' मुख्यमंत्री ने केंद्र से बिहार में भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER) और स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर की क्षेत्रीय शाखा खोलने का अनुरोध किया। खेल और पर्यटन को नई पहचान देने की तैयारी मुख्यमंत्री ने कहा कि, 'बिहार ने हाल के वर्षों में कई बड़े खेल आयोजनों की सफल मेजबानी की है। एशियन महिला और पुरुष हॉकी चैंपियनशिप, एशियन रग्बी चैंपियनशिप और खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 इसका उदाहरण हैं। राज्य अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी के लिए तैयार है। केंद्र सरकार से वर्ष 2028 के नेशनल यूथ गेम्स, 2030 हॉकी विश्व कप और 2031 राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी के लिए केंद्र से सहयोग मांगा। पर्यटन क्षेत्र में गया, बोधगया, राजगीर और नालंदा को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बताई गई। विष्णुपद कॉरिडोर, महाबोधि कॉरिडोर और राजगीर-नालंदा-बोधगया पर्यटन सर्किट पर काम की जानकारी दी गई। कृषि और किसानों के लिए नई पहल मुख्यमंत्री ने बताया कि, एग्री स्टैक योजना के तहत किसानों को यूनिक आईडी प्रदान की जा रही है और पीएम किसान योजना के लगभग 61 प्रतिशत लाभार्थियों का पंजीकरण पूरा हो चुका है।' उन्होंने केंद्र सरकार से राज्य में केंद्रीय उपोष्णकटिबंधीय बागवानी अनुसंधान संस्थान स्थापित करने, राष्ट्रीय मखाना बोर्ड का कार्यालय खोलने और NIFTEM संस्थान की जल्द स्थापना के लिए सहयोग देने का आग्रह किया। पर्यटन को वैश्विक पहचान दिलाने की तैयारी मुख्यमंत्री ने कहा कि, 'बिहार में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। वन स्टेट, वन ग्लोबल डेस्टिनेशन योजना के तहत गया, बोधगया, राजगीर और नालंदा को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। विष्णुपद कॉरिडोर, महाबोधि कॉरिडोर और राजगीर-नालंदा-बोधगया पर्यटन सर्किट पर तेजी से काम चल रहा है।' उन्होंने इन क्षेत्रों को अंतरराष्ट्रीय हवाई संपर्क से जोड़ने के लिए केंद्र से सहयोग मांगा। आत्मनिर्भर भारत और ओडीओपी को बढ़ावा मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के तहत सूक्ष्म उद्यमियों को 35 प्रतिशत तक पूंजी अनुदान दिया जा रहा है, जिससे उत्पादन क्षमता में 40 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि लखपति दीदी योजना के तहत 48.30 लाख महिलाओं के साथ बिहार देश में पहले स्थान पर है। राज्य सरकार तय समय से पहले अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही बिहार में राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (NID) का क्षेत्रीय केंद्र और 10 आधुनिक प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक पार्क स्थापित करने के लिए केंद्र सरकार से सहयोग का अनुरोध किया गया। ज्ञान भारतम् मिशन में बिहार आगे मुख्यमंत्री ने बताया कि, ‘राज्य में 8 लाख से अधिक पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण किया जा चुका है। इसके चलते बिहार ज्ञान भारतम् मिशन के तहत देश के शीर्ष पांच राज्यों में शामिल हो गया है। बिहार में औद्योगिकीकरण को मिशन मोड में आगे बढ़ाया जा रहा है। राज्य में 14,037 एकड़ नई औद्योगिक भूमि स्वीकृत की गई है। बिहार औद्योगिक निवेश एवं प्रोत्साहन पैकेज-2025, सेमीकंडक्टर नीति-2026, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर नीति और बिहार एआई मिशन के जरिए नई अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है। पिछले दो वर्षों में राज्य ने एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का निजी निवेश आकर्षित किया है।' इसके अलावा नियोजित शहरी विकास के लिए लगभग तीन लाख एकड़ भूमि पर 14 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना बनाई गई है।
देश के चार राज्यों में फैले साइबर ठगी के एक ऐसे शातिर तंत्र का खुलासा हुआ है, जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली को चुनौती दे दी है। इस नेटवर्क के तहत अपराधी अरुणाचल प्रदेश से फर्जी सिम कार्ड खरीदते हैं, राजस्थान के मेवात और मारवाड़ क्षेत्र को ठगी का केंद्र बनाते हैं, ठगी गई राशि बिहार के बैंक खातों में जमा की जाती है और अंत में महाराष्ट्र के एटीएम से उसे निकाल लिया जाता है। इस जटिल ‘फोर-स्टेट’ चक्रव्यूह के बावजूद प्रतापगढ़ जिला पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ एक ऐसा प्रभावी मॉडल तैयार किया है, जिसकी चर्चा पूरे प्रदेश में हो रही है। जहां पिछले तीन वर्षों में राजस्थान के लोगों से 586 करोड़ रुपए की ठगी हुई और पूरी राजस्थान पुलिस महज 26 लाख रुपए ही रिकवर कर पाई, वहीं इस कुल राशि में से 20 लाख रुपए अकेले प्रतापगढ़ जिले की साइबर सेल ने पीड़ितों को वापस दिलाकर मिसाल पेश की है। प्रदेश में 26 लाख की रिकवरी, इसमें प्रतापगढ़ का 20 लाख प्रतापगढ़ पुलिस ने बैंकिंग संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर ठगी रोकने में बड़ी सफलता हासिल की है। ठगी की सूचना मिलते ही साइबर सेल संबंधित खातों को तुरंत फ्रीज करवा देती है, जिससे रकम सुरक्षित हो जाती है। इसी सक्रियता के कारण प्रतापगढ़ राजस्थान में पीड़ितों को राशि लौटाने में अग्रणी बना है। फोर-स्टेट क्राइम मैप से समझिए ठगों के नेटवर्क को साइबर अपराधियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए राज्यों की सीमाओं का इस्तेमाल करते हुए एक ‘क्राइम रूट’ तैयार किया है। जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क की पहली कड़ी अरुणाचल प्रदेश है, जो फर्जी आईडी पर मोबाइल सिम खरीदने का मुख्य केंद्र बन चुका है। इन सिम कार्ड्स का उपयोग कर राजस्थान के मेवात क्षेत्र से ठगी की कॉल्स और मैसेज किए जाते हैं। ठगी गई धनराशि का ‘गोदाम’ बिहार के बैंक खाते बनते हैं, जिन्हें ‘ड्रॉपर’ अकाउंट कहा जाता है। अंत में, इस काले धन की अवैध निकासी महाराष्ट्र के पुणे, लातूर से की जाती है। पुलिस तत्परता से खुले ठगी के 4 बड़े मामले भास्कर इनसाइट - देश का 54.1% साइबर क्राइम मेवात कनेक्शन से गृह मंत्रालय के नेशनल साइबर कोऑर्डिनेशन सेंटर के अनुसार भारत के लगभग 54.1% साइबर अपराध राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के सीमावर्ती मेवात क्षेत्र से जुड़े हैं। राजस्थान के भरतपुर, अलवर और नवगठित डीग जिले कॉल-आधारित साइबर ठगी के प्रमुख केंद्र हैं, जहां से रोज 250 से अधिक शिकायतें दर्ज होती हैं। पहले भरतपुर की हिस्सेदारी देश के कुल साइबर अपराधों में 16–18% थी, जो ‘ऑपरेशन एंटी-वायरस’ के बाद 7% रह गई। अलवर 5.1% हिस्सेदारी के साथ देश में 7वें स्थान पर है। 1.90 लाख से अधिक संदिग्ध सिम और आईएमईआई ब्लॉक किए हैं।
बिहार सरकार के 16 अफसरों को IAS कैडर में प्रमोट कर दिया गया है। पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार ने इसे हरी झंडी दे दी है। नोटिफिकेशन जारी हो गया है। इनमें सरकार का प्रचार करने वाले से लेकर स्वास्थ्य और परिवहन को दुरुस्त करने की जिम्मेदारी उठाने वाले अफसरों के नाम शामिल हैं। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के विभाग के दो अधिकारी भी प्रमोट हुए हैं। भास्कर के एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में पढ़िए, 16 अफसरों की कहानी जो IAS बन गए। IAS बनने वाले 16 अधिकारी कौन? केंद्र सरकार के मिनिस्ट्री ऑफ पर्सनल, पब्लिक एंड पेंशन (DOPT) ने बिहार कैडर को 16 आईएएस सौंपे हैं। इन्हें आईएएस बैच 2025 अलॉट किया है। 1. डॉ. गगन: किसानों को फसलों की उचित कीमत दिलाने पर कर रहे काम डॉ. गगन अभी वेजफेड (VEGFED) में प्रबंध निदेशक हैं। इसके साथ ही नालंदा के जिला नोडल पदाधिकारी के रूप में भी काम कर रहे हैं। उन्होंने छपरा के अपर जिला दंडाधिकारी (ADM) और आपदा प्रबंधन विभाग में OSD के रूप में सेवा दी है। पहले उन्हें बिहार राज्य खाद्य निगम (SFC) के जिला प्रबंधक और क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (RTA) का प्रभार सौंपा गया था। गगन ने राज्य में आपदा जोखिम न्यूनीकरण, प्रबंधन प्रशिक्षण और नीतिगत मामलों में सक्रिय रूप से योगदान दिया है। वह बिहार में सब्जियों के उत्पादन, कोल्ड स्टोरेज और किसानों को उनकी फसल का सही दाम दिलाने में जुटे हैं। 2. अंजनी कुमार: पूर्णिया में करा रहे विकास के काम अंजनी कुमार पूर्णिया के डीडीसी हैं। पूर्णिया में तेजी से विकास के काम करा रहे हैं। पहले ग्रामीण विकास विभाग में तैनात थे। जेल आईजी कार्यालय में सेवा दी है। ग्रामीण विकास विभाग मंत्री श्रवण कुमार के पीएस के रूप में काम किया है। इन्हें ग्रामीण इलाके में विकास की योजनाओं को जमीन पर उतारने का अनुभव है। 3. सुरेंद्र राय: प्रमोशन के लिए हाईकोर्ट में लगाई थी याचिका सुरेंद्र राय स्वास्थ्य विभाग में विशेष कार्य पदाधिकारी (OSD) हैं। बिहार प्रशासनिक सेवा के 38वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा बैच से हैं। वैशाली के रहने वाले हैं। अपने प्रशासनिक करियर के दौरान सुरेंद्र ने राज्य के विभिन्न अनुमंडलों और जिलों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। मोतिहारी सदर (पूर्वी चंपारण) में अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण अधिकारी के पद पर सेवाएं दे चुके हैं। सुरेंद्र ने प्रमोशन लिस्ट पर विचार किए जाने की मांग करते हुए पटना हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। उनके वकीलों ने कोर्ट में तर्क दिया कि विभागीय जांच में सुरेंद्र को पहले ही आरोपों से दोषमुक्त किया जा चुका है। निगरानी से जुड़े पुराने मामलों की कार्यवाही पर भी कानूनी रोक लगाई गई है। इसके आधार पर आईएएस कैडर में प्रमोशन के अधिकार पर विचार किया जाए। स्वास्थ्य विभाग जैसे बड़े और सीधे जनता से जुड़े महकमे में OSD का पद बेहद महत्वपूर्ण है। राज्य की बड़ी स्वास्थ्य योजनाओं को जमीन पर उतारने का जिम्मा उनके कंधों पर है। 4. सुधांशु कुमार चौबे: कर रहे सरकारी वकीलों के कामकाज की निगरानी सुधांशु कुमार चौबे अभी गृह विभाग के विशेष सचिव, सह निदेशक अभियोजन हैं। उनपर राज्य की आपराधिक न्याय प्रणाली को मजबूत करने, अदालतों में लंबित मामलों को कम करने और त्वरित तथा निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी है। इनका काम राज्य में अदालती मामलों और सरकारी वकीलों के कामकाज की निगरानी करना है। यह किसी भी राज्य की कानून-व्यवस्था की रीढ़ होती है। सुधांशु जिला स्तर पर अभियोजन कार्यों की निरंतर समीक्षा और निरीक्षण करते रहते हैं। अपने करियर की शुरुआत जनवरी 1996 में बतौर डिप्टी कलेक्टर की थी। छपरा में भूमि सुधार उप समाहर्ता (LRDC) के रूप में काम कर चुके हैं। बिहार राज्य आवास बोर्ड के सचिव के रूप में भी सेवा दे चुके हैं। 5. मृनायक दास: स्वास्थ्य विभाग के सचिव, खेल-कूद में दिखाते हैं इंटरेस्ट मृनायक दास स्वास्थ्य विभाग में अपर सचिव हैं। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के साथ काम कर रहे हैं। बिहार के सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था सुधारने और नई स्वास्थ्य नीतियों को लागू करने का जिम्मा इनके पास है। प्रशासनिक कार्यों के अलावा, मृनायक दास खेल-कूद में काफी इंटरेस्ट दिखाते हैं। 2023 में ऑल इंडिया सिविल सर्विस क्रिकेट टूर्नामेंट के लिए चुनी गई बिहार सचिवालय क्रिकेट टीम के सदस्यों में शामिल थे। 6. मनोरंज कुमार: शिक्षा विभाग में निदेशक हैं मनोरंज कुमार इस समय शिक्षा विभाग में निदेशक प्रशासन के पद पर तैनात हैं। इससे पहले सामान्य प्रशासन जैसे अहम विभाग में सेवा दे चुके हैं। इसके अलावा बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी' (BPRMS) में भी तैनात रहें हैं। 7. विकास कुमार: बाढ़ से बचाव पर कर रहे काम विकास कुमार सीवान के रहने वाले हैं। अभी मधेपुरा एडीएम आपदा प्रबंधन के पद पर तैनात हैं। कोसी क्षेत्र (मधेपुरा शामिल) बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं के लिए जाना जाता है। ऐसे में संकट के समय राहत और बचाव कार्य का पूरा जिम्मा संभालना इनके करियर का सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा है। 8. मो. ईजतबा हुसैन: संभाल रहे वित्त विभाग में अपर सचिव की जिम्मेदारी मो. ईजतबा हुसैन वर्तमान में बिहार सरकार के वित्त विभाग में अपर सचिव के पद पर तैनात हैं। इनके पास बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम लिमिटेड (BSEFCL) में महाप्रबंधक (प्रशासन) का अतिरिक्त प्रभार है। बिहार के बजट निर्माण से लेकर विभागों को फंड जारी करने तक, राज्य के आर्थिक फैसलों में इनकी अहम भूमिका रहती है। 9. रजनीश कुमार: देख रहे अफसरों की ट्रांसफर-पोस्टिंग रजनीश कुमार सामान्य प्रशासन विभाग में एडिशनल सेक्रेट्री के पद पर तैनात हैं। यह विभाग ट्रांसफर-पोस्टिंग और अफसरों के कामकाज की देखरेख करता है। इसे सरकार के सबसे पावरफुल विभागों में से एक माना जाता है। 10. बिधु भूषण चौधरी: सरकार की योजनाओं का किया प्रचार बिधु भूषण चौधरी सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (IPRD) में अपर सचिव हैं। इन्हें सरकार की योजनाओं का प्रचार-प्रसार करने में महारत हासिल है। पहले झंझारपुर, बेगूसराय और सुपौल जैसे जिलों में सेवा दे चुके हैं। सरकार की हर योजना को जनता तक पहुंचाना और मीडिया के साथ तालमेल बिठाना इनका मुख्य काम है। यानी पर्दे के पीछे रहकर सरकार की छवि चमकाने में इनका बड़ा हाथ रहता है। 11. मो. वसीम अहमद: जमीनी स्तर पर काम का है अनुभव मो. वसीम अहमद पूर्णिया के हैं। पटना, अररिया और दरभंगा जैसे जिलों में एसडीओ, एडीएम जैसे अहम पद पर रहे हैं। इन्हें जमीनी स्तर पर कानून-व्यवस्था संभालने और जनता की समस्याओं को तुरंत सुलझाने का लंबा तजुर्बा है। 12. कृत्यानंद रंजन: बना रहे आधुनिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम कृत्यानंद रंजन नवादा जिला के निवासी हैं। बिहार सरकार के परिवहन विभाग में अपर सचिव के पद पर तैनात हैं। बिहार में आधुनिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम और ट्रैफिक नियमों को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। 13. मो. राशिद आलम: संभाल रहे पंचायती राज व्यवस्था का काम मो. राशिद आलम पंचायती राज पदाधिकारी हैं। पटना जिला के प्रखंडों और ग्राम पंचायतों में पंचायती राज व्यवस्था का संचालन करा रहे हैं। उनके पास ग्रामीण विकास योजनाओं की मॉनिटरिंग और प्रशासनिक कार्यों की निगरानी की जिम्मेदारी है। 14. इबरार अहमद खान: संयुक्त सचिव के पद पर दे रहे सेवा इबरार अहमद वर्तमान में संयुक्त सचिव के पद पर कार्यरत हैं। पहले अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में सहायक निदेशक रहे हैं। सहरसा जिला के निवासी हैं। इस जिले में सहरसा में विभिन्न प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। 15. मनोज कुमार: सहकारिता विभाग में कर रहे काम मनोज कुमार इस वक्त सहकारिता विभाग में तैनात हैं। पहले जल संसाधन और वाणिज्य कर विभाग में सेवा दे चुके हैं। 16. हेमंत कुमार सिंह: अपर सचिव के पद हैं तैनात इस समय हेमंत कुमार सिंह युवा, रोजगार और कौशल विकास विभाग में अपर सचिव के पर तैनात हैं। पहले कैबिनेट सचिवालय विभाग सेवा दे चुके हैं। फील्ड पोस्टिंग के दौरान पटना जैसे ग्रेड वन डिस्ट्रिक में रहें हैं। बिहार में तय है IAS के 359 पद बिहार में आईएएस अधिकारी के कुल सेंक्शन पोस्ट 359 हैं। कुल सेक्शन पोस्ट में से 29 आईएएस अधिकारी प्रतिनियुक्ति पर गए हुए हैं। मौजूदा वक्त में 280 पदों पर ही अधिकारी तैनात हैं। इन 16 अफसरों को पोस्टिंग मिलने के बाद काम करने वाले अधिकारियों की संख्या 296 तक पहुंच जाएगी।
फरीदाबाद के सारण थाना क्षेत्र की जवाहर कॉलोनी में गुरुवार सुबह करीब 11 बजे एक युवक का शव उसके घर के अंदर मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान 28 वर्षीय जितेंद्र प्रजापति के रूप में हुई है। वह यामाहा कंपनी में प्लांट लाइनमैन के पद पर काम करता था। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए ईएसआईसी अस्पताल की मोर्चरी में भिजवा दिया। जानकारी के अनुसार, जितेंद्र प्रजापति जवाहर कॉलोनी में अपने मकान में अकेले रहता था। उसकी पत्नी और एक छोटी बेटी बिहार के सिवान जिले में रहती हैं। पड़ोसियों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से जितेंद्र दिखाई नहीं दे रहा था। किसी को अंदाजा नहीं था कि वह घर के अंदर मृत अवस्था में पड़ा हुआ है। दुर्गंध आने पर पड़ोसियों को हुआ शक बुधवार रात को आसपास रहने वाले लोगों को बदबू आने लगी थी। शुरुआत में लोगों को लगा कि बदबू नाली या सीवर से आ रही है। लेकिन गुरुवार सुबह जब दुर्गंध और ज्यादा तेज हो गई तो लोगों को शक हुआ कि कहीं आसपास कोई जानवर या चूहा मर गया है। इसी दौरान कुछ लोग जितेंद्र के घर के पास पहुंचे तो वहां से काफी तेज दुर्गंध आ रही थी। पड़ोसियों ने जितेंद्र को फोन कर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उसकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद लोगों का शक और बढ़ गया। उन्होंने तुरंत इस बारे में पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही सारण थाना पुलिस मौके पर पहुंची। घर का दरवाजा अंदर से बंद था, इसलिए पुलिस को दरवाजा तोड़कर अंदर जाना पड़ा। बेड पर उल्टे मुंह पड़ा था मृत युवक पुलिस जब कमरे के अंदर पहुंची तो देखा कि जितेंद्र बेड के पास उल्टे मुंह पड़ा हुआ था। शव काफी फूल चुका था और शरीर का रंग भी बदल गया था। गर्मी की वजह से शव से बदबू आ रही थी। पुलिस का मानना है कि युवक की मौत करीब तीन दिन पहले हुई होगी। सारण थाना प्रभारी हुकुम सिंह ने बताया कि जितेंद्र नाम का युवक अपने घर में मृत मिला है। फिलहाल उसकी मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और उसके परिजनों को भी घटना की जानकारी दे दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि युवक की मौत किस वजह से हुई। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मौसम विज्ञान केंद्र ने आज यानी गुरुवार को प्रदेश के 38 जिलों में आंधी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पटना, बक्सर, सुपौल, मधेपुरा, सीवान, बगहा, जहानाबाद, बेतिया, समस्तीपुर, बेगूसराय और छपरा समेत 11 जिलों में सुबह-सुबह आंधी के साथ बारिश हो रही है। अंधेरा छाया है। लोगों को गाड़ियों की लाइट जलाकर के चलना पड़ रहा है। खगड़िया में अकाशीय बिजली से अलग-अलग इलाके में 4 लोगों की मौत हो गई। जबकि 4 लोग झुलस गए हैं। इधर, बिहार के करीब 1 करोड़ यूजर्स के फोन पर मौसम विभाग ने सुबह-सुबह अलर्ट मैसेज भेजा है। इसमें लिखा गया कि ‘अगले 3 घंटे अरवल, भोजपुर, जहानाबाद, नालंगा, पटना, सारण, वैशाली में भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना है। इस दौरान 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है।’ मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, यह प्री-मानसून गतिविधियों का असर है, जिसके कारण राज्य के अधिकांश हिस्सों में अगले 24 घंटे तक मौसम बदला रहेगा। मौसम से जुड़े हाईलाइट्स बारिश से जुड़ी कुछ तस्वीरें देखिए मानसून को लेकर क्या कह रहे हैं विशेषज्ञ मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बिहार में फिलहाल प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और पूर्वी हवा के प्रभाव से राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश हो रही है। अगले कुछ दिनों तक यही स्थिति बनी रही तो मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल माहौल बन सकता है। हालांकि, अभी बिहार में मानसून के औपचारिक प्रवेश की घोषणा नहीं की गई है। मौसम वैज्ञानिक लगातार बंगाल की खाड़ी और पूर्वी भारत के मौसम तंत्र पर नजर बनाए हुए हैं। अगले चार दिनों का मौसम मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे के दौरान अधिकतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है। इसके बाद 12 से 15 जून के बीच राज्य के अधिकांश जिलों में बादल छाए रहने, रुक-रुककर बारिश होने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। विभाग का अनुमान है कि अगले तीन दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की क्रमिक गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। राजधानी में कैसा रहेगा मौसम पटना में गुरुवार को आंशिक रूप से बादल छाए रहने, गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने और कुछ स्थानों पर तेज हवा चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने वज्रपात को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह दी है। दिन के तापमान में हल्की गिरावट आ सकती है, लेकिन उमस बनी रह सकती है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है। किसानों और आम नागरिकों को मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है। विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक बिहार में मौसम का यही बदला हुआ मिजाज देखने को मिल सकता है। बिहार के मौसम से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
हैदराबाद: भाडे़े के गिरोह से पत्नी की हत्या करवाने वाला बिहार निवासी शख्स गिरफ्तार
साइबराबाद पुलिस ने एक महिला की हत्या के मामले को सुलझाते हुए उसके पति को गिरफ्तार किया है, जिसने बिहार के गिरोह को उसकी हत्या के लिए किराए पर लिया था।
जन-स्वास्थ्य के प्रति प्रतिबद्धता के लिए इंडियन ऑयल की बरौनी रिफाइनरी को बिहार सरकार ने टीबी मुक्त भारत के राष्ट्रीय मिशन में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से आयोजित राज्य-स्तरीय टीबी उन्मूलन सम्मेलन में असाधारण सहयोग के लिए बरौनी रिफाइनरी को सम्मान प्रदान किया गया। कार्यकारी निदेशक और रिफाइनरी प्रमुख सत्य प्रकाश ने आज पटना में बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैय्यद अता हसनैन ने स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार से यह सम्मान ग्रहण किया। बरौनी रिफाइनरी ने सरकार की टीबी उन्मूलन रणनीति में सक्रिय भूमिका निभाते हुए खुद को निक्षय मित्र के रूप में पंजीकृत कराया है। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत रिफाइनरी ने अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) पहल के तहत लगातार तीन साल में 18 हजार पोषण किट (निक्षय पोषण किट) वितरित किए हैं। इसका उद्देश्य टीबी रोगियों को न केवल पोषण प्रदान करना, बल्कि उनके जीवन में उम्मीद की एक नई किरण जगाना है। रोगियों को बेहतर स्वास्थ्य प्रदान करना मकसद इस सुविधा के साथ रोगियों को बेहतर स्वास्थ्य प्रदान करना है। पोषण संबंधी सहायता के अलावा रिफाइनरी ने छह TruNAT मशीनें उपलब्ध कराकर स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। जो बेगूसराय के स्वास्थ्य सेवा ढांचे में एक क्रांतिकारी कदम है। कॉर्पोरेट संचार अधिकारी अर्पिता पटेल ने बताया कि अपनी गति और सटीकता के लिए मशहूर ये आधुनिक डायग्नोस्टिक सिस्टम टीबी की शुरुआती पहचान और समय पर इलाज में अहम भूमिका निभाएंगे। ऐसे पहलों के माध्यम से बरौनी रिफाइनरी टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने और जनसेवा के प्रति सदैव प्रतिबद्ध है।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती के लिए 8 से 10 जून तक परीक्षा आयोजित हो रही है। वाराणसी के 50 केंद्रों पर आज बुधवार को अंतिम दिन परीक्षा है। यहां परीक्षा केंद्रों पर जो अभ्यर्थी परीक्षा देने आ रहे हैं उनमें यूपी से कहीं ज्यादा बिहार के अभ्यर्थी देखे जा रहे हैं। यही कारण है कि वाराणसी जंक्शन से बिहार जाने वाली ट्रेनों में सबसे ज्यादा भीड़ हो रही है। बिहार वाली ट्रेनें हाउसफुल चल रही है। पिछले दिनों से यही स्थिति हो रही है। बिहार से परीक्षा देने आए अभ्यर्थियों में सिर्फ पुरूष अभ्यर्थी ही नहीं बल्कि महिला अभ्यर्थियों की संख्या भी ज्यादा है। इन अभ्यर्थियों का कहना है, बिहार में कई परीक्षाएं देने के बाद जब सफलता नहीं मिली तो UP में प्रयास कर रहे हैं। बिहार के बक्सर जिले से वाराणसी में पुलिस परीक्षा देने आए विपुल कुमार पांडेय ने बताया, पिछले 60 हजार वाली भर्ती में भी हमने परीक्षा दी थी लेकिन मेरिट में नाम नहीं आया। बिहार आने के सवाल पर विपुल कहते हैं, बिहार तो यूपी से सटा है। यहां नौकरी मिल जाएगी तो यहां रहकर नौकरी कर लूंगा। बिहार से आईं आरती कुमार कहती हैं, तीन बार बिहार पुलिस के लिए भर्ती परीक्षा दे चुकी हूं लेकिन नहीं हो सका। कहीं न कहीं, सिस्टम पर भी सवाल उठता है। यूपी में भर्ती परीक्षाएं पारदर्शिता के साथ होती है इस उम्मीद से यहां आई हूं कि शायद यहां पर सफलता मिल जाए। बिहार के आरा से आए सुभाष कुमार ने कहा, यूपी में पहली बार परीक्षा देने आया हूं। परीक्षा अच्छा हुआ है, उम्मीद है कि सफलता मिल जाए। 30% से ज्यादा अभ्यर्थी छोड़ दे रहे परीक्षा उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा का आज बुधवार को तीसरा दिन है। परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में परीक्षा आयोजित हो रही है। पहली पाली की परीक्षा सुबह 10 बजे से 12 बजे तक होगी जबकि दूसरी पाली की परीक्षा तीन बजे से शाम पांच बजे तक हो रही है। पहले दिन (आठ जून) की परीक्षा में करीब 29% अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। जारी आंकड़ों के अनुसार, पहली पाली की परीक्षा में 22032 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। यहां 6560 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। यानी पहली पाली में 15472 परीक्षार्थी परीक्षा दिए। इसी तरह दूसरी पाली की परीक्षा में 22032 परीक्षार्थी पंजीकृत रहे जिसमें 15339 परीक्षार्थी शामिल रहे। दोनों पाली की परीक्षा में करीब 70% परीक्षार्थी शामिल हुए। दूसरे दिन मंगलवार को पहली पाली में 22032 के सापेक्ष 15587 अभ्यर्थी उपस्थित रहे। 29.26% अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। इसी तरह दूसरी पाली में 28.68% अनुपस्थिति दर्ज की गई।
बिहार होमगार्ड में क्लर्क के पद पर नियुक्ति के लिए आज दरभंगा के 17 सेंटर्स पर एग्जाम आयोजित किए जाएंगे। परीक्षा एक पाली में सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगी। परीक्षा के शांतिपूर्ण, कदाचारमुक्त और सफल संचालन को लेकर प्रशासन ने व्यापक तैयारी की है। जिलाधिकारी कौशल कुमार के निर्देश पर सदर एसडीओ विकास कुमार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 की धारा-163 के तहत सभी परीक्षा केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू करने का आदेश जारी किया है। एग्जाम के लिए बनाए गए ये 18 सेंटर सुबह 7 से शाम 6 बजे तक लाउडस्पीकर के यूज पर रोक प्रशासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार, परीक्षा केंद्रों के आसपास पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एक साथ खड़े होने, घातक हथियार या विस्फोटक सामग्री लेकर चलने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक लाउडस्पीकर के यूज पर भी रोक लगाई गई है। एग्जाम सेंटर के अंदर परीक्षार्थियों एवं परीक्षा कार्य में शामिल व्यक्तियों को मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, वाई-फाई गैजेट, इलेक्ट्रॉनिक पेन, पेजर, व्हाइटनर, इरेजर, ब्लेड, सेल्युलर फोन तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने की अनुमति नहीं होगी। आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि यह प्रतिबंध परीक्षा ड्यूटी में प्रतिनियुक्त अधिकारियों, पुलिस एवं सुरक्षा बलों के जवानों, प्रशासन द्वारा जारी पासधारकों, शवयात्रा, धार्मिक जुलूस तथा शादी-विवाह जैसे कार्यक्रमों में शामिल लोगों पर लागू नहीं होगा। प्रशासन ने सभी अभ्यर्थियों से निर्धारित समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने तथा परीक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है, ताकि परीक्षा का संचालन सुचारू एवं निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराया जा सके।
पानीपत में करीब चार महीने पहले होली के दिन हुए अरुण हत्याकांड के पांचवें आरोपी चिंटू को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने उसके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद किया है। आरोपी की पहचान बिहार के बेगूसराय स्थित चित्तौरा निवासी चिंटू के रूप में हुई है। सीआईए-वन प्रभारी फूल कुमार ने बताया कि आरोपी चिंटू ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि उसने अपने तीन नाबालिग साथियों, बिहार के देवरा पटना निवासी सन्नी जो कृष्णपुरा में रहता है और एक अन्य फरार साथी के साथ मिलकर अरुण की हत्या की थी। पुलिस ने चिंटू को एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। चिंटू ने पुलिस को बताया कि फरवरी में उसकी अरुण से किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। इसी पुरानी रंजिश के चलते उसने होली के दिन अपने साथियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद वह बिहार और पश्चिम बंगाल में छिपकर फरारी काट रहा था। पुलिस ने आरोपी चिंटू को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। क्या था पूरा मामला मामले के अनुसार, अशोक पुत्र श्यामलाल ने किशनपुरा चौकी में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनका बेटा अरुण 4 मार्च 2026 की शाम करीब 6 बजे अपने दोस्त पिंडी के साथ शमशान घाट रोड की तरफ जा रहा था। जब वे गुप्ता फैक्ट्री के पास पहुंचे, तो चिंटू, अजय और मिंटू ने अपने 10-12 अन्य साथियों के साथ मिलकर उनका रास्ता रोका और अरुण पर हमला कर दिया। आरोपियों ने तेजधार हथियारों से अरुण पर हमला किया, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। राहगीरों की मदद से अरुण को इलाज के लिए पानीपत के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया, लेकिन परिजनों ने उसे पानीपत के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। 9 मार्च को इलाज के दौरान अरुण की मौत हो गई थी। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों को पकड़ने की कार्रवाई शुरू की थी।
बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के उन लाभार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना जारी की गई है, जिन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी कर ली है और जिनके ऋण अदायगी का समय शुरू हो चुका है। ऐसे लाभार्थी जिन्हें अभी तक रोजगार नहीं मिला है और वे ऋण चुकाने में असमर्थ हैं, उन्हें 15 जून से 30 जून के बीच शपथ-पत्र (एफिडेविट) जमा करना होगा। शपथ-पत्र में यह उल्लेख करना होगा कि लाभार्थी वर्तमान में बेरोजगार हैं और ऋण अदायगी करने में सक्षम नहीं हैं। इसे बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के कार्यालय में जमा करना अनिवार्य है। यदि निर्धारित अवधि के भीतर शपथ-पत्र जमा नहीं किया गया तो संबंधित लाभार्थी के खिलाफ सर्टिफिकेट केस दर्ज किया जा सकता है। छह माह तक मिलेगी राहतबिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के सहायक प्रबंधक (योजना) रवि राज ने बताया कि शपथ-पत्र जमा करने के बाद लाभार्थियों से अगले छह माह तक शिक्षा ऋण की वसूली स्थगित कर दी जाएगी। इससे बेरोजगार युवाओं को अस्थायी राहत मिलेगी और उन्हें रोजगार तलाशने के लिए अतिरिक्त समय मिल सकेगा। अररिया में हजारों लाभार्थी हैं पात्र रवि राज ने बताया कि अररिया जिले में लगभग 3,500 से 4,000 लाभार्थी ऐसे हैं, जो शपथ-पत्र जमा करने के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी लाभार्थी को प्रक्रिया से संबंधित किसी प्रकार की परेशानी होती है, तो वे बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के अररिया जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र स्थित कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। ऐसे बनाएं और जमा करें शपथ-पत्रशपथ-पत्र बनाने के लिए लाभार्थियों को सबसे पहले सात निश्चय पोर्टल yuvaupmission.bihar.gov.in पर जाकर अपने यूजर आईडी और पासवर्ड से लॉगिन करना होगा। इसके बाद Request for Affidavit विकल्प पर क्लिक कर अपनी ईमेल आईडी दर्ज कर सबमिट करना होगा। सबमिट करने के बाद एफिडेविट का फॉर्मेट ईमेल पर प्राप्त होगा, जिसे डाउनलोड किया जा सकता है। डाउनलोड किए गए एफिडेविट फॉर्मेट को 100 रुपये के नॉन-ज्यूडिशियल स्टाम्प पेपर पर प्रिंट कराना होगा। इसके बाद एफिडेविट को नोटरी से प्रमाणित (नोटराइज) कराना आवश्यक होगा। एफिडेविट पूरी तरह तैयार होने के बाद उसकी मूल प्रति बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम, अररिया कार्यालय में जमा करनी होगी। साथ ही, पोर्टल पर अपलोड करने के तीन से चार दिनों के भीतर मूल प्रति जमा करना अनिवार्य होगा।
पूर्णिया के महानंदा सभागार में बैठक:10 जून से खनिज परिवहन के लिए ISTP अनिवार्य
बिहार सरकार के खान एवं भूतत्व विभाग ने एक महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी की है। इसके तहत, 10 जून 2026 से राज्य में अन्य राज्यों से प्रवेश करने वाले लघु खनिज (जैसे बालू, पत्थर) लदे सभी वाहनों के लिए इंटर स्टेट ट्रांजिट पास (ISTP) अनिवार्य कर दिया गया है। इस कदम का उद्देश्य अवैध खनिज परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। इस नई व्यवस्था के संबंध में 8 जून 2026 को पूर्णिया के महानंदा सभागार में एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की संयुक्त अध्यक्षता जिला खनन पदाधिकारी श्री शिलिमा कुमारी और जिला परिवहन पदाधिकारी श्री शंकर शरण ओमी ने की। इसमें विभिन्न विभागों के संवेदकों, ट्रांसपोर्टरों, वाहन मालिकों और उनके प्रतिनिधियों को नई प्रणाली के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिहार में अन्य राज्यों से लघु खनिज लाने वाले सभी वाहनों का ISTP पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। वाहन मालिकों को अपने वाहनों का पंजीकरण istp.bihar.gov.in पर कराना होगा। पंजीकरण के बाद प्राप्त लॉगिन आईडी और पासवर्ड का उपयोग करके पोर्टल पर लॉगिन किया जा सकेगा। खनिज स्रोत से परिवहन चालान जारी होने के 6 घंटे के भीतर ट्रांजिट पास लेना अनिवार्य होगा। ट्रांजिट पास शुल्क का भुगतान केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किया जाएगा। ट्रांजिट पास की वैधता खनिज परिवहन चालान की वैधता के अनुरूप होगी। परिवहन के दौरान वाहन चालकों को ट्रांजिट पास और मूल खनिज परिवहन चालान दोनों साथ रखना अनिवार्य होगा। यह सुनिश्चित करना होगा कि दोनों दस्तावेज हर समय उपलब्ध रहें। जांच के दौरान यदि इन दोनों दस्तावेजों में से कोई एक भी नहीं मिलता है, तो वाहन को जब्त कर लिया जाएगा। बिहार खनिज नियमावली, 2019 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। जब्त किए गए वाहनों को जुर्माना भुगतान के बाद ही मुक्त किया जा सकेगा। ट्रांजिट पास शुल्क खनिज की मात्रा के आधार पर निर्धारित किया गया है। यदि खनिज की मात्रा वजन (मीट्रिक टन) में दर्ज है, तो 60 रुपये प्रति मीट्रिक टन शुल्क लगेगा। यदि मात्रा आयतन (घनमीटर) में दर्ज है, तो 85 रुपये प्रति घनमीटर शुल्क देय होगा। जिला प्रशासन ने सभी वाहन मालिकों, चालकों, ट्रांसपोर्टरों और संवेदकों से इस नई व्यवस्था का पालन सुनिश्चित करने की अपील की है। यह पहल राज्य में खनिज संसाधनों के अवैध परिवहन को रोकने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए की गई है।
‘खान सर बिहार का बड़ा माफिया बन गया है। हमें तो लगता है कि पटना में बगल वाली कोचिंग के संचालक को फंसाने के लिए उसने खुद ही गोली चलवाई है। खान सर के साथ जो हो रहा है, अच्छा हो रहा है। पाप का घड़ा भर जाता है तो टूटता जरूर है। उसका सच सामने आ रहा है।’ ये कहना है कि यूपी के देवरिया में रहने वाले इमरान खान का…। वो खुद को फैजल खान (खान सर) का चाचा बताते हैं। खान सर की देवरिया के भाटपाररानी कस्बे में आलीशान कोठी है। गांव में उनके पटीदार-रिश्तेदार रहते हैं। 2 जून की रात पटना स्थित खान सर की कोचिंग पर हमला हुआ था। घटना के दौरान उनके बॉडीगार्ड्स के फायरिंग किए जाने का वीडियो सामने आया था। मामले में पुलिस पहले ही दोनों बॉडीगार्ड्स को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है और खान सर से भी पूछताछ की जा चुकी है। इसके बाद से खान सर विवादों में घर गए हैं। भास्कर टीम देवरिया में खान सर के पैतृक गांव पहुंची। पढ़िए रिपोर्ट… पहले 3 तस्वीरें देखिए… भाटपाररानी नगर पंचायत में बने तीन मकानदेवरिया मुख्यालय से करीब 45 किमी दूर भाटपाररानी नगर पंचायत है। यहां मदन मोहन मालवीय डिग्री कॉलेज के पास गुदरी बाजार वार्ड–11 में करीब 1000 स्क्वॉयर फीट में खान सर का एक मंजिला पैतृक घर है। इसी मकान में खान सर का बचपन बीता। बताया जाता है कि पैतृक आवास में आपसी विवाद के बाद परिवार ने 2021 में कोरोना काल के दौरान वार्ड संख्या–7 रानी पोखरा में दूसरा मकान बनवाया। फिर वहीं रहने लगे। इसके बाद वार्ड–एक लखना उर्फ डोमडीह में खान सर ने आलीशान कोठी बनवाई। पड़ोसी बोले– गोंडा से देवरिया आए थे खान सर के बाबागुदरी बाजार में खान सर के पड़ोसी छोटू खान का कहना है– खान सर के दादा इकबाल खान मूल रूप से यूपी में गोंडा के दशरथपुर गांव के रहने वाले थे। वे वहां से निकलकर देवरिया के भाटपाररानी आए थे। बाद में यहीं स्थायी निवास बना लिया। इकबाल खान के तीन पुत्र थे। बशीर खान, नईम खान और सईद खान। इनमें बशीर खान का परिवार भाटपाररानी में रह रहा है, जबकि नईम और शाहिद के बारे में कोई जानकारी नहीं है। छोटू ने बताया– बशीर खान के तीन बेटों में सबसे बड़े फैजल खान उर्फ खान सर और दूसरे भाई फैसल खान बिहार में रहते हैं। जबकि तीसरा भाई सैफ खान भाटपाररानी में रहकर शिवम साइंस कॉलेज से हाईस्कूल की पढ़ाई कर रहा है। देवरिया में बीएससी तक पढ़ाई कीछोटू खान कहते हैं- यहां परमार मिशन स्कूल में खान सर ने कक्षा 8 तक पढ़ाई की है। इसी स्कूल में इनके बाबा शिक्षक थे। इसके बाद पकड़ी बाबू गांव के राम मनोहर लोहिया इंटर कॉलेज से हाई स्कूल किया। फिर सिद्दीकी अहमद इंटर कॉलेज से इंटर और इसी कॉलेज की शाखा से बीएससी पास की। बीएससी के बाद वो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रयागराज चले गए। वहां से बिहार जाकर कांचिंग चलाने लगे। कोरोना काल में ऑनलाइन पढ़ाई के दौर ने जोर पकड़ा तो खान सर अपने वीडियो यूट्यूब समेत तमाम सोशल मीडिया पर डालने लगे। जिससे उन्हें देशभर में लोकप्रियता मिली। बिहार जाने के बाद खान सर अक्सर देवरिया आते रहे। 2021 से लेकर 2025 तक 5 साल के अदंर खान सर ने भाटपाररानी के वार्ड–1 लखना उर्फ डोमडीह में 500 मीटर की दूरी पर एक आलीशान कोठी और एक छोटा मकान बनवाया। मई 2025 में इस कोठी में गृह प्रवेश किया। इसके बाद एएस खान से शादी करने के बाद बाद खान सर दो दिन इसी कोठी में परिवार के साथ रहे। इसके बाद वो पटना चले गए। अब इस कोठी में उनके पिता, मां और छोटा भाई रहता है। सभाषद बोले– खान सर ने अपनी कोठी के लिए नाली का काम रुकवायावार्ड-1 के सभाषद आदित्य सिंह उर्फ मोनू का आरोप है कि जब खान सर की कोठी का निर्माण चल रहा था तो उनके घर के पास एक नाली का निर्माण भी होना था। इसको लेकर विवाद हुआ और खान सर ने अपना रौब दिखाते हुए नाली का निर्माण रुकवा दिया था। पटना से एक कॉल पर लेखपाल और एसडीएम समेत तमाम अफसरों ने काम रुकवा दिया, जो आजतक रुका हर पड़ा है। नाली न बनने से वहां सड़क भी नहीं बन पाई है। सभाषद का कहना है कि आज तक खान सर ने भाटपार रानी का नाम तक नहीं लिया। कुछ लोग खान सर को भाटपाररानी का गौरव बताते हैं, जबकि उसने कहीं भी अपनी जन्मभूमि का नाम तक नहीं लिया। भाटपाररानी को छोड़िए देवरिया और उत्तर प्रदेश का नाम भी नहीं लेते हैं। पुस्तैनी मकान को लेकर भी चल रहा विवादभाटपाररानी के वार्ड नंबर–11 गुदरी बाजार में खान सर के पैतृक घर और उसके सामने के 1500 स्क्वायर फीट के प्लॉट को लेकर विवाद चला आ रहा है। रिश्ते में खुद को खान सर के चचेरे चाचा बताने वाले इमरान अहमद खान कहते हैं कि खान सर के बाबा इकबाल खान और मेरे पिता ने कई जगह साथ में प्रॉपर्टी खरीदी थी। लेकिन खान सर ने हम लोगों के साथ हमेशा बेईमानी की। हमारी पैतृक संपत्ति को वो हड़पना चाहते हैं। इमरान ने कहा, साजिश करके खान सर ने जिला न्यायालय की दीवानी कोर्ट में मुकदमा कर रखा था। वहां से मुकदमा हार गए तो हाईकोर्ट चले गए। ये लोग हम लोगों को प्रताड़ित करके पूरी प्रॉपर्टी कब्जाना चाहते हैं। जबकि वो जमीन हमारी पुस्तैनी है। पड़ोसी बोले- खान सर खुद को सेलिब्रिटी समझते हैंवार्ड-1 में खान सर के पड़ोसी राजू मिश्रा कहते हैं- खान सर ने अपने भाई फैसल खान की शादी के लिए हम लोगों से फंक्शन के लिए हमारा खेत मांगा था। हमने मना कर दिया तो हम पर दबाव डालकर धमकाने लगे। लेकिन हम लोग नहीं डरे। खान सर शिक्षक नहीं हो सकते। शिक्षक सामान्य होता है जो छात्रों और समाज के लिए सरल होता है। खान सर खुद को बहुत बड़ा सेलिब्रिटी समझते हैं। ----- ये खबर भी पढ़ें फायरिंग मामले में खान सर ने दायर की जमानत याचिका:गार्ड्स की बेल पर सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित; अपोजिशन के वकील बोले- जानबूझकर गोली चलवाई फायरिंग मामले में खान सर ने पटना सिविल कोर्ट में सोमवार को अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। कल यानी मंगलवार को इस पर सुनवाई होगी। गोली चलाने वाले दोनों गार्ड्स की बेल के लिए भी आज अप्लाई किया गया है। कोर्ट में गार्ड्स की जमानत को लेकर ज्ञान बिंदु के वकील की ओर से विरोध किया गया। ज्ञान बिंदु के वकील की ओर से कहा गया है कि इरदातन गोली चलवाई गई थी। भीड़ हटाने के लिए फायरिंग नहीं हुई थी। पूरी खबर पढ़ें
चांदपुरा पंचायत के 7 युवा बिहार पुलिस में चयनित:मुखिया ने समारोह में अंगवस्त्र देकर किया सम्मानित
बेगूसराय सदर प्रखंड की चांदपुरा पंचायत में बिहार पुलिस में चयनित छह युवकों और एक युवती को सम्मानित किया गया। चांदपुरा पंचायत के मुखिया अरविंद कुमार साह के नेतृत्व में सोमवार को +2 उच्च विद्यालय चांदपुरा परिसर में यह समारोह आयोजित हुआ। सभी सफल अभ्यर्थियों को अंगवस्त्र, बैग और पुष्पमाला देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अभिभावक, ग्रामीण, महिलाएं, छात्र-छात्राएं एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे। सम्मानित होने वालों में अकिता कुमारी, सुजीत कुमार, गौरव कुमार, प्रदूम कुमार, हरेराम कुमार, निशांत कुमार और प्रीतम कुमार शामिल हैं। इन सभी ने कठिन परिस्थितियों, आर्थिक तंगी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बावजूद कड़ी मेहनत और लगन से बिहार पुलिस में सफलता प्राप्त की है। एकमात्र महिला अभ्यर्थी अकिता कुमारी ने ट्यूशन पढ़ाकर अपनी पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी का खर्च उठाया। वहीं, सुजीत कुमार दिन में टेंट हाउस में मजदूरी करते थे और रात में पढ़ाई करते थे। गौरव कुमार ने कई असफलताओं के बावजूद हार नहीं मानी और अंततः सफलता हासिल की। कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब आया जब हरेराम कुमार ने अपने संघर्ष की कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी संभालते हुए वे दिन में सब्जी बेचते और रात में पढ़ाई करते थे। कई बार असफल होने के बावजूद, मां के प्रोत्साहन और अपने दृढ़ संकल्प के बल पर उन्होंने बिहार पुलिस में स्थान प्राप्त किया। उनकी बातों ने उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक अशोक निषाद ने किया। सरपंच कृष्ण कुमार ने कहा कि इन युवाओं की सफलता पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है और उनकी संघर्षपूर्ण यात्रा अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगी। मुखिया अरविंद कुमार साह ने ऐसे सम्मान समारोहों का उद्देश्य सफल युवाओं का मनोबल बढ़ाना तथा अन्य युवाओं को अपने लक्ष्य के प्रति प्रेरित करना बताया। उन्होंने सभी चयनित अभ्यर्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
सीतामढ़ी के दो मोस्ट वांटेड अपराधी वसीम और अकरम का उत्तराखंड के ऋषिकेश में एनकाउंटर हो गया है। दोनों को हत्याकांड के एक मामले में बिहार और उत्तराखंड पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पकड़ा गया। पुलिस की गोली लगने से दोनों घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दोनों सीतामढ़ी जिले के नानपुर थाना क्षेत्र के महुआगाछी की है। घटना से जुड़ी तस्वीरें… पूर्व मुखिया के भतीजे की गोली मारकर की थी हत्या 18 मई 2026 को सीएसपी संचालक और पूर्व मुखिया के भतीजे सुंदर यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में वसीम और अकरम का नाम सामने आया था, जिसके बाद से वे फरार चल रहे थे। पुलिस लगातार उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि दोनों अपराधी उत्तराखंड के ऋषिकेश में छिपे हुए हैं। सूचना के आधार पर बिहार पुलिस और उत्तराखंड की धून पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया। इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करायासंयुक्त कार्रवाई के दौरान दोनों अपराधियों का एनकाउंटर हुआ। बताया जा रहा है कि पुलिस की गोली दोनों बदमाशों के पैर में लगी है। घायल अवस्था में वसीम और अकरम को पुलिस ने हिरासत में लेकर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है। सीतामढ़ी एसपी अमित रंजन ने इस मामले पर पुष्टि करते हुए बताया कि वसीम और अकरम सीतामढ़ी में सीएसपी संचालक की हत्या के मामले में वांछित थे।
स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के तहत आम लोगों से उनके शहर की साफ-सफाई की व्यवस्था पर फीडबैक लिया जा रहा है। पटना शहर सिटिजन फीडबैक में देशभर में तीसरे स्थान पर है। रविवार दोपहर तक के आंकड़ों के मुताबिक, पटना के 7,05,036 लोगों ने ऑनलाइन माध्यम से अपना फीडबैक दर्ज कराया है। सबसे अधिक 9,03,240 सिटिजन फीडबैक के साथ लखनऊ पहले स्थान पर है। दूसरे स्थान पर इंदौर है, जहां से 8,63,752 लोगों ने अपनी राय दी है। टॉप-300 शहरों में पटना अकेला शहर टॉप -300 शहरों में पटना अकेला शहर है, जिसने ये भागीदारी दर्ज कराई है। यह उपलब्धि शहर की साफ-सफाई और नागरिक सुविधाओं पर लोगों की सक्रिय भागीदारी को दर्शाती है। बिहार के अन्य तीन स्मार्ट सिटी इस मामले में काफी पीछे दिखाई दे रहे हैं। मुजफ्फरपुर को अब तक केवल 6,003 फीडबैक मिले हैं। भागलपुर में यह संख्या 4,828 रही, जबकि बिहारशरीफ की स्थिति सबसे कमजोर दिखी और वहां केवल 901 लोगों ने फीडबैक दिया। 12,500 अंकों पर होगा मूल्यांकन स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के अंतर्गत निकायों का मूल्यांकन कुल 12,500 अंकों के आधार पर किया जाएगा। सर्टिफिकेशन (ODF, Water Plus, Garbage Free City) में 2000 अंक, ऑन-ग्राउंड असेसमेंट में 9500 अंक और सिटीजन फीडबैक में 1000 अंक शामिल हैं। शहर की साफ-सफाई को लेकर पूछे 13 सवाल स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के तहत नागरिकों से शहर की साफ-सफाई, कचरा प्रबंधन और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े 13 सवाल पूछे जा रहे हैं। इन सवालों में घर-दुकान से कचरा उठाव, सूखा-गीला कचरा सेग्रेगेशन, नियमित सफाई, सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता, सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति, RRR सेंटर की जानकारी, शिकायत निवारण व्यवस्था, आदि विषय शामिल हैं। कैसे दें फीडबैक? नागरिक फीडबैक के लिए ऑनलाइन पोर्टल cf.sbmurban.org तैयार किया गया है। नागरिक अपने मोबाइल नंबर से लॉग इन कर पूछे गए सवालों का जवाब भर सकते हैं और ओटीपी वेरीफिकेशन के बाद अपना फीडबैक सबमिट कर सकते हैं। एक फोन नंबर से एक ही फीडबैक दर्ज किया जा सकता है। केंद्रीय टीम द्वारा ऑन-फील्ड वेरिफिकेशन के दौरान भी शहरवासियों से यही प्रश्न पूछे जाएंगे और उनके अंक स्वच्छ सर्वेक्षण के कुल स्कोर में जोड़े जाएंगे।
आजमगढ़ की पुलिस ने जिले में अवैध गांजे के विरुद्ध अभियान चलाया हुआ है। इस अभियान के तहत जिले के जहानागंज थाना क्षेत्र में पुलिस ने दो अंतर्जनपदीय गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार गांजा तस्करों के कब्जे से लगभग 21 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया है। जिसकी कीमत ₹300000 से अधिक की बताई जा रही है। पुलिस को या सफलता उसे समय मिला जब सब इंस्पेक्टर लवकुश कुमार चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि गांजा तस्करी करने वाले दो लोग अकबरपुर जहानागंज जाने वाले मार्ग पर खड़े हुए हैं। इस सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपियों का पीछा किया और दोनों को लेकर जब तलाशी ली तो उनके कब्जे से पांच बंडल गांजा बरामद किया गया है। बिहार और कुशीनगर के रहने वाले हैं आरोपी पुलिस पूछताछ में यह बात सामने आएगी आरोपी ताहिर हुसैन बिहार राज्य के चंपारण का रहने वाला है। जबकि मेहताब कुशीनगर का रहने वाला है। पुलिस आरोपियों से इस बात को भी जानने का प्रयास कर रही है कि आरोपी गांजा कहां से लाते थे और किन लोगों को सप्लाई करते थे। इस गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं। उनकी भी तलाश की जा रही है। जिससे जल्द से जल्द उन्हें भी गिरफ्तार करके उनके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
अशोकनगर की देहात थाना पुलिस ने एक 14 वर्षीय अपहृत बालिका को बिहार के पटना जिले से सुरक्षित बरामद कर लिया है। पुलिस ने रविवार को इस मामले में आरोपी को भी गिरफ्तार किया है। पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराएं बढ़ाई गई हैं। पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा के निर्देश पर देहात थाना प्रभारी उप निरीक्षक भुवनेश शर्मा के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। 4 जून को देहात थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने अपनी 14 वर्षीय बेटी के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान, पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और साइबर विश्लेषण का उपयोग किया। इससे पता चला कि संदिग्ध युवक बिहार की ओर गया है। सूचना मिलते ही एक विशेष टीम को तुरंत बिहार के लिए रवाना किया गया। पुलिस टीम ने लगभग 2000 किलोमीटर की दूरी तय की और लगातार प्रयासों के बाद पटना जिले के दनियाबा थाना क्षेत्र के ग्राम दनियाबा से नाबालिग बालिका को सुरक्षित दस्तयाब किया। पुलिस ने संदेही पिंटू बंजारा को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पीड़िता के कथनों के आधार पर आरोपी पिंटू बंजारा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 87 और 64(2एम) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 5/6 जोड़ी गईं। इसके बाद आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी भुवनेश शर्मा, एएसआई आमोद तिवारी, आरक्षक दिवेश बैरागी, महिला आरक्षक संध्या रघुवंशी, साइबर सेल के एएसआई संजय गुप्ता, एएसआई अभिजीत सिंह और आरक्षक प्रशांत भदौरिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
बक्सर के डुमरांव में रविवार को बिहार सरकार के योजना एवं आवास विभाग के मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा का नागरिक अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। मंत्री बनने के बाद डुमरांव में उनके पहले आगमन को लेकर एनडीए कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखा गया। इस कार्यक्रम में सैकड़ों नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। समारोह स्थल पर पहुंचने पर मंत्री कुशवाहा का फूल-मालाओं और गमछा पहनाकर स्वागत किया गया। शहर के विभिन्न स्थानों पर भी कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से अभिनंदन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जदयू नेता श्रीकांत सिंह कुशवाहा ने की, जबकि संचालन जदयू के पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह ने किया। मौके पर जदयू के वर्तमान जिलाध्यक्ष राजकुमार शर्मा सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। कुछ दलों ने राजनीति को परिवार तक सीमित किया अपने संबोधन के दौरान मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने विपक्ष, विशेषकर राजद सुप्रीमो लालू यादव पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवारवाद ने बिहार की राजनीति को काफी नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि कुछ दलों ने राजनीति को परिवार तक सीमित कर दिया है, जहां एक के बाद एक रिश्तेदारों को टिकट दिए जाते हैं। बेटा, बहू के बाद साली को राजनीति में बढ़ाने की कोशिश मंत्री कुशवाहा ने तंज कसते हुए कहा कि अब स्थिति यह हो गई है कि बेटा, बहू के बाद साली तक को राजनीति में आगे बढ़ाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने आगे कहा कि बिहार में अब राजनीति का स्वरूप बदल रहा है। मंत्री ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व और वर्तमान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मार्गदर्शन में राज्य तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाने का काम जारीइस मौके पर प्रदेश प्रवक्ता अंजुम आरा, जिलाध्यक्ष राजकुमार शर्मा और पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह ने दावा किया कि सरकार ने जातिगत भेदभाव को कम करने और समाज के सभी वर्गों को समान अवसर देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार का मुख्य उद्देश्य गरीबों, वंचितों और पिछड़े वर्गों के अधिकारों की रक्षा करना है। योजनाओं के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाने का काम किया जा रहा है। मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार की प्राथमिकता रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत संरचना को मजबूत करना है। जदयू नेता श्रीकांत सिंह कुशवाहा ने कहा कि सरकार ने अपराधियों पर लगाम लगाकर बिहार में बहार लाया है। आज पूरा बिहार एनडीए की कार्यशैली से खुश है। जनता संतुष्ट महसूस कर रही है। क्षेत्र में चल रही योजनाओं और विकास की जानकारी दीइस मौके पर जदयू के प्रखंड अध्यक्ष अजय चंद लोदी, नगर अध्यक्ष गोपाल प्रसाद गुप्ता, आयोध्या केशरी, नथुनी खरवार, लालजी चौधरी, लक्ष्मण चौधरी, संत गोंड, लक्ष्मण कुशवाहा, नंदलाल कुशवाहा, विशोका चंद, संजय सिंह, सुरेंद्र सिंह, राजेश कुशवाहा, संतोष चौधरी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम में भाग लिया। समारोह के दौरान योजना विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने क्षेत्र में चल रही योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी साझा की। कार्यक्रम के अंत में मंत्री ने कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता के विश्वास और समर्थन से ही विकास कार्यों को गति मिलती है। यह नागरिक अभिनंदन समारोह राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण रहा, जहां एक ओर मंत्री का जोरदार स्वागत हुआ, वहीं दूसरी ओर उन्होंने विपक्ष पर तीखा हमला कर आगामी राजनीतिक समीकरणों के संकेत भी दिए।
गाजीपुर में होटल कारोबारी विनीत राय हत्याकांड के आरोपी कमलेश चौधरी उर्फ कमलेश बिंद के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। गाजीपुर के सांसद अफजाल अंसारी ने रविवार को कमलेश बिंद के परिजनों से मुलाकात की और पूरे मामले पर सवाल खड़े करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। मीडिया से बातचीत में अफजाल अंसारी ने दावा किया कि कमलेश बिंद को बिहार से पकड़कर लाया गया था और बाद में फर्जी मुठभेड़ दिखाकर उसकी हत्या कर दी गई। उन्होंने कहा कि यदि परिजन हिरासत में लेकर मारपीट करने और बाद में एनकाउंटर किए जाने का आरोप लगा रहे हैं, तो इन आरोपों की गंभीरता से जांच होनी चाहिए। भाई की तहरीर पर मुकदमा दर्ज करने की मांग सांसद ने कहा कि कमलेश बिंद के भाई की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। उन्होंने होटल कारोबारी विनीत राय हत्याकांड, पुलिस मुठभेड़ और गांव में हुई कथित पुलिस कार्रवाई, तीनों मामलों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग की। अफजाल अंसारी का कहना था कि केवल औपचारिक मजिस्ट्रियल जांच से लोगों का भरोसा नहीं बनेगा। निष्पक्ष जांच के जरिए ही पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सकती है। गांव में पुलिस कार्रवाई पर भी उठाए सवाल सांसद ने आरोप लगाया कि एनकाउंटर के बाद पुलिस ने गांव में घरों में घुसकर महिलाओं के साथ मारपीट की और घरेलू सामान को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने दावा किया कि कमलेश की पत्नी, मां और दादी के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया। उन्होंने कहा कि यदि ऐसे आरोप सामने आ रहे हैं तो उनकी भी स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जा सके। हत्या और जांच के तरीकों पर भी सवाल अफजाल अंसारी ने होटल कारोबारी विनीत राय हत्याकांड की जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि जिस होटल में हत्या हुई, वहां सीसीटीवी कैमरे क्यों नहीं लगे थे और पुलिस को घटना से पहले कोई खुफिया सूचना क्यों नहीं मिली। उन्होंने कथित कटरा गैंग के अस्तित्व पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि ऐसा कोई संगठित गिरोह सक्रिय था, तो पुलिस और खुफिया एजेंसियों को इसकी जानकारी पहले क्यों नहीं थी। कानून के तहत हो कार्रवाई: अफजाल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए सांसद ने कहा कि प्रदेश में अपराध की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जबकि पुलिस मुठभेड़ों को ही समाधान के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी आरोपी को सजा देने का अधिकार न्यायपालिका के पास है और कानून के दायरे में रहकर ही कार्रवाई होनी चाहिए। सांसद ने मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि सभी तथ्यों को सामने लाकर लोगों के बीच पैदा हुए सवालों का जवाब दिया जा सके।
अररिया जिला प्रशासन ने जिले के सभी होटल, लॉज, गेस्ट हाउस, अस्पताल, निजी नर्सिंग होम और अन्य सार्वजनिक संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है। यह कार्रवाई बिहार अग्निशमन सेवा अधिनियम, 2014 और बिहार अग्निशमन सेवा नियमावली, 2021 के प्रावधानों के तहत की जा रही है। विभागीय निर्देशों के अनुसार, जिन होटलों, अस्पतालों और अन्य संस्थानों का अब तक अग्नि सुरक्षा ऑडिट नहीं हुआ है, उनका आगामी 48 घंटे के भीतर ऑडिट कराना अनिवार्य होगा। संबंधित संस्थानों के संचालकों को ऑडिट टीम के साथ पूर्ण सहयोग करने का निर्देश दिया गया है। 7 दिनों में कमियों को दूर करने का निर्देश जिन संस्थानों का ऑडिट पहले ही किया जा चुका है, उन्हें 7 दिनों के भीतर सभी कमियों का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। यदि निर्धारित अवधि में अग्नि सुरक्षा संबंधी कमियों का निराकरण नहीं किया जाता है, तो संबंधित संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी। प्रशासन ने यह भी निर्णय लिया है कि जिन संस्थानों का ऑडिट अभी तक नहीं हुआ है, उन्हें 48 घंटे के भीतर ऑडिट कराने के बाद अनुपालन के लिए एक सप्ताह का समय दिया जाएगा। इसके बाद भी यदि निर्धारित मानकों का पालन नहीं होता है, तो अगले 15 दिनों के भीतर अनुपालन सुनिश्चित करने का अंतिम अवसर प्रदान किया जाएगा। इसके बावजूद अनुपालन न होने की स्थिति में, संबंधित संस्थानों को सील करने की कार्रवाई शुरू करने के लिए मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा जाएगा। अग्निशमन विभाग NOC का करेगा जांच अग्निशमन विभाग द्वारा विशेष रूप से कई बिंदुओं की जांच की जाएगी। इनमें फायर सेफ्टी प्रमाणपत्र (NOC) की स्थिति, अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता और कार्यशीलता, तथा आपातकालीन निकास मार्गों की स्थिति और उनकी अवरोधमुक्त व्यवस्था शामिल है। इसके अतिरिक्त, विद्युत अधिभार, शॉर्ट सर्किट और अन्य संभावित अग्नि जोखिमों की जांच की जाएगी। एलपीजी सिलेंडरों का सुरक्षित भंडारण और उपयोग, बेसमेंट, सीढ़ियों, गलियारों और निकास मार्गों में अवैध भंडारण की स्थिति, और फायर टेंडर की पहुंच हेतु मार्ग की उपलब्धता भी निरीक्षण के प्रमुख बिंदु होंगे।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत तीन दिवसीय दौरे पर बिहार पहुंचे हैं। पटना एयरपोर्ट पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उनका स्वागत किया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर में शताब्दी वर्ष समारोह मना रहा है। इसी कड़ी में संघ प्रमुख मोहन भागवत का बिहार दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संघ विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से स्वयंसेवकों और समाज के विभिन्न वर्गों तक अपनी विचारधारा और संगठनात्मक गतिविधियों को पहुंचाने में जुटा है। आज शाम मुंगेर पहुंचेंगे मोहन भागवत पटना पहुंचने के बाद मोहन भागवत आज शाम बिहार के ऐतिहासिक शहर मुंगेर पहुंचेंगे। उनका यह प्रवास 7 जून से 9 जून 2026 तक रहेगा। इस दौरान वे कई संगठनात्मक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे और स्वयंसेवकों के साथ संवाद करेंगे। मुंगेर के सरस्वती विद्या मंदिर, पुरानीगंज परिसर में आयोजित संघ शिक्षा वर्ग कार्यक्रम में मोहन भागवत शामिल होंगे। यहां वे करीब 700 स्वयंसेवकों का मार्गदर्शन करेंगे। राष्ट्र निर्माण और संगठन विस्तार पर रहेगा फोकस अपने प्रवास के दौरान मोहन भागवत स्वयंसेवकों को संघ की विचारधारा, शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका के बारे में संबोधित करेंगे। साथ ही संगठन को और मजबूत बनाने तथा समाज के विभिन्न क्षेत्रों में स्वयंसेवकों की भागीदारी बढ़ाने पर भी चर्चा करेंगे। राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से अहम दौरा बिहार की मौजूदा राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों के बीच संघ प्रमुख का यह मुंगेर प्रवास बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे समय में उनका यह दौरा संगठनात्मक गतिविधियों के साथ-साथ राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
नारनौल पोल फैक्ट्री में बिहार के मजदूर की मौत:बेटे ने लगाया हत्या का आरोप; 6 लोगों पर केस दर्ज
हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के निजामपुर थाना क्षेत्र के गांव सरेली स्थित एक सीमेंट पोल फैक्ट्री में काम करने वाले बिहार निवासी मजदूर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में पुलिस ने हत्या सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। मृतक के बेटे ने फैक्ट्री परिसर में घुसकर मारपीट करने और उसके पिता की हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस को दी शिकायत में बिहार के बांका जिले के गांव लखपुरा निवासी समर यादव ने बताया कि उसके पिता मिलु यादव गांव सरेली स्थित एनबीआरपी एंटरप्राइजेज नामक सीमेंट पोल फैक्ट्री में मजदूरी करते थे। उनके साथ मुकेश यादव और अजय कुमार भी फैक्ट्री में कार्यरत थे। फैक्ट्री में घुसकर मारा समर यादव के अनुसार उसे मुकेश यादव ने फोन कर बताया कि बीती रात करीब 9:30 बजे गांव सरेली निवासी मनीश, अजय, दीपक, विनोद, जयप्रकाश और दिनेश फैक्ट्री के अंदर घुस आए और खाना बना रहे उसके पिता तथा अन्य मजदूरों के साथ झगड़ा व मारपीट शुरू कर दी। कई जगह चोट के निशान आरोप है कि मारपीट के दौरान मिलु यादव की ठोड़ी और शरीर के अन्य हिस्सों पर चोटें लगीं, जिसके कारण उनकी मौत हो गई। शिकायत मिलने के बाद समर यादव आज शनिवार को सरकारी अस्पताल नारनौल पहुंचा, जहां उसने मोर्चरी में रखे अपने पिता के शव की पहचान की। इसके बाद उसने पुलिस को लिखित शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बोहेश मिला था पुलिस को डायल-112 पर सूचना मिली थी कि सरेली गांव स्थित पोल फैक्ट्री में एक व्यक्ति बेहोशी की हालत में पड़ा हुआ है। सूचना मिलने पर पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंची तथा घायल व्यक्ति को उपचार के लिए नागरिक अस्पताल नारनौल ले जाया गया। हालांकि उस समय मौके पर कोई शिकायतकर्ता या प्रत्यक्षदर्शी नहीं मिला था। बेटे की शिकायत पर जांच शुरू बाद में अस्पताल से पुलिस को मृतक संबंधी सूचना प्राप्त हुई। मृतक के परिजनों के नहीं पहुंचने के कारण तत्काल कानूनी कार्रवाई नहीं हो सकी। 6 जून को मृतक के बेटे द्वारा शिकायत देने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। निजामपुर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 190, 191(2), 103(1) और 333 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने घटनास्थल की जांच के लिए सीन ऑफ क्राइम टीम को भी बुलाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज खेल विभाग की समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्तर्राष्ट्रीय खेलों को बिहार में ओलम्पिक स्तर की सुविधाएं दी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने राजगीर में बन रहे अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण को 31 दिसंबर तक पूरा करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा कहा कि पटना के डुमरी खेल परिसर में सभी खेलों के लिए अलग-अलग अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम का निर्माण कराया जाए। 'मेडल लाओ नौकरी पाओ' योजना के तहत प्रोत्साहित किया जा रहा सीएम ने कहा कि राज्य में खेल को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। राज्य में विश्वस्तरीय खेल अवसंरचनाओं का निर्माण चरणबद्ध ढंग से किया जा रहा है। युवा-प्रतिभावान खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धि हासिल करने पर उन्हें सम्मानित किया जा रहा है। बेहतर खेल प्रदर्शन के लिए खिलाड़ियों को सुविधाएं देने के साथ-साथ उन्हें 'मेडल लाओ नौकरी पाओ' योजना के तहत प्रोत्साहित किया जा रहा है। 5266 में खेल मैदान का निर्माण पूरा सीएम ने कहा कि राज्य के कुल 8053 ग्राम पंचायतों में से 4700 ग्राम पंचायतों में कुल 5266 में खेल मैदान का निर्माण पूर्ण हो गया है। शेष खेल मैदानों का निर्माण कार्य जल्द पूरा करने को कहा। ग्राम पंचायतों में VB-G RAM G (विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन, ग्रामीण) के माध्यम से खेल मैदानों के निर्माण के लिए कहा है। मोइनुल हक स्टेडियम के पुनर्विकास कार्य में तेजी लाए मुख्यमंत्री ने कहा कि पटना स्थित मोइनुल हक स्टेडियम के पुनर्विकास कार्य में तेजी लाने के लिए BCCI और BCA के साथ समन्वय स्थापित करें। मोइनुल हक स्टेडियम तक बेहतर सड़क और परिवहन कनेक्टिविटी करें ताकि खेल के आयोजन के दौरान भीड़ की स्थिति न बने। उन्होंने कहा कि बिहार खेल विश्वविद्यालय, राजगीर में ऐसे पाठ्यक्रमों को प्राथमिकता दी जाए जिनमें नवाचार, देशस्तर पर उपयोगिता और रोजगार की अधिक संभावनाएं हों। जिला स्तरीय खेल भवन-सह-व्यायामशालाओं के निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए और इनके संचालन और रख-रखाव के लिए PPP मॉडल की संभावनाओं का आकलन किया जाए। पंचायत स्तर पर नियमित खेल उत्सवों का आयोजन हो मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत स्तर पर नियमित खेल उत्सवों और खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन कर ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित किया जाए। पंचायत खेल क्लबों से पुराने खिलाड़ियों, युवाओं और स्थानीय नागरिकों को जोड़कर खेल संस्कृति को विकसित किया जाए। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, खेल उपकरण, कोचिंग और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराएं। जिला और प्रखंड स्तर पर खेल सुविधाओं का विस्तार कर ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर दिया जाए।
Fact Check: क्या बिहार के शिक्षा मंत्री ने कहा लड़कियों को शिक्षा की जरूरत नहीं? सच जानिए
बूम ने पाया कि बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने Agitation शब्द का इस्तेमाल किया था जिसे एजुकेशन समझकर गलत दावा किया जा रहा है.
पश्चिमी विक्षोभ ला रहा आंधी-तूफान, दिल्ली से लेकर बिहार तक झमाझम बारिश
मई के महीन में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की वजह से मौसम ठंडा हो गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिन बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। तेज हवाओं के साथ रिमझिम बारिश से तापमान सामान्य से कम रहेगा।
पीएम उषा अभियान के तहत बिहार को 600 करोड़ रुपए देगी मोदी सरकार, नीतीश कैबिनेट ने खोला बंद रास्ता
बिहार में पीएम उषा अभियान को लागू करने के प्रस्ताव को नीतीश कुमार सरकार की मंजूरी के बाद राज्य में उच्च शिक्षा के विकास के लिए केंद्र से अगले दो साल में 600 करोड़ रुपए मिलने का रास्ता खुल गया है।
बॉलीवुड के मशहूर स्टार कपल सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल 7 वर्ष की डेटिंग के बाद अब पति-पत्नी बन चुके हैं। दोनों की शादी इस वक़्त टॉक ऑफ द टाउन है। सोनाक्षी और जहीर अलग धर्म से हैं। ऐसे में ना उन्होंने निकाह किया तथा ना ही फेरे लिए, बल्कि सादगी से रजिस्टर मैरिज की एवं फिर रिसेप्शन पार्टी रखी। अलग धर्म में शादी करने पर सोनाक्षी एवं जहीर को जमकर ट्रोल किया जा रहा है। ट्रोलिंग के कारण दोनों को अपने वेडिंग पोस्ट का कमेंट सेक्शन तक बंद करना पड़ा। मगर बात तब हद से ज्यादा तब बढ़ गई, जब इंटरफेथ मैरिज करने पर सोनाक्षी एवं जहीर के खिलाफ बिहार के गांव में प्रोटेस्ट मार्च निकाले गए। रिपोर्ट के अनुसार, सोनाक्षी के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन 'हिंदू शिव भवानी सेना' नाम की एक संगठन द्वारा आयोजित किया गया था। जहीर संग शादी पर बेटी सोनाक्षी की हो रही ट्रोलिंग पर अब शत्रुघ्न सिन्हा ने चुप्पी तोड़ी है तथा हेटर्स को जवाब दिया है। अपने एक इंटरव्यू के चलते शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा- आनंद बक्शी साहब ने इस तरह के प्रोफेशनल प्रोटेस्टर्स के बारे में लिखा है- कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना। इसमें आगे जोड़ना चाहूंगा कि कहने वाले अगर बेकार, बेकाम-काज के हों तो बोलना ही उनका काम बन जाता है। मेरी बेटी ने कुछ भी ऐसा नहीं किया जो गैरकानूनी एवं संविधान के खिलाफ है। सोनाक्षी-जहीर की शादी पर शत्रुघ्न सिन्हा ने आगे कहा- शादी दो लोगों के बीच का एक बहुत ही व्यक्तिगत फैसला है। इसमें किसी को भी बीच में दखल देने या कमेंट करने का हक नहीं होता। विरोध प्रदर्शन करने वालों को मैं यही बोलना चाहता हूं- अपनी जिंदगी पर ध्यान दो। जिंदगी में कुछ अच्छा करो। इससे ज्यादा और कुछ नहीं कहना। बता दें कि शत्रुघ्न सिन्हा ने खुशी-खुशी अपनी इकलौती बेटी की शादी की है। उन्होंने दामाद जहीर को भी अपना आशीर्वाद दिया है। रिलीज हुआ श्रद्धा कपूर-राजकुमार राव की स्त्री 2 का टीजर, इस अवतार में नजर आए स्टार्स किशोर कुमार के गानों पर बैन, मनोज कुमार-देव आनंद की फिल्मों पर रोक..! बॉलीवुड पर भी पड़ा था 'इमरजेंसी' का बुरा असर सामने आई कंगना रनौत की इमरजेंसी की रिलीज डेट, जानिए किस दिन आ रही है इंदिरा गांधी की बायोपिक?
फिल्म रैप में जानिए कि रविवार को एंटरटेनमेंट की दुनिया में क्या खास हुआ. 9 जून 2024 का दिन एतिहासिक रहा. पीएम नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार पीएम बनने की शपथ ली. इस दौरान शाहरुख खान से लेकर अक्षय कुमार भी मौजूद रहे.
परेशान होकर छोड़ी इंडस्ट्री, सालों बाद किया कमबैक, बिहार की लड़की कैसे बनी हीरोइन?
टेलीविजन के पॉपुलर शो उडारियां 15 साल का लीप लेने जा रहा है. लीप के बाद शो एक नई कहानी और स्टारकास्ट के साथ दर्शकों को एंटरटेन करने आ रहा है. लीप से पहले उडारियां में आशमा का रोल निभाने वाली अदिति भगत ने आजतक संग बातचीत की और शो को लेकर कई सारी बातें शेयर कीं.
बिहार सीईटी बीएड : पांच साल में सबसे ज्यादा आवेदन आए, इस तारीख से आएंगे एडमिट कार्ड
Bihar CET B.Ed:महिलाओं के लिए अलग एवं पुरुषों के लिए अलग परीक्षा केंद्र होंगे। अभ्यर्थी 17 जून से अपना एडमिट कार्ड वेबसाइटwww. biharcetbed- lnmu. inपर लॉगइन कर डाउनलोड कर सकेंगे।
बीएसईबी बिहार बोर्ड से संबद्ध और एनसीटीई से मान्यता प्राप्त डीएलएड संस्थानों की सूची जारी
Bihar D.El.Ed: बिहार बोर्ड ने डीएलएड प्रवेश परीक्षा 2024 की आंसर की जारी करने के एक दिन बाद अब राज्य में मौजूद सरकारी व निजी डीएलएड प्रशिक्षण संस्थानों की सूची भी जारी कर दी है। डीएलएड में दाखिला लेने
Bihar DElEd Answer Key 2024: आंसर की जारी, ऐसे दर्ज करें ऑब्जेक्शन, देखें डायरेक्ट लिंक
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने बिहार डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (DElEd) परीक्षा 2024 की आंसर की जारी की। जो उम्मीदवार परीक्षा में उपस्थित हुए हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट- biharboardonline.b
Bihar STET: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने शनिवार को माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (एसटीईटी)-2024 (प्रथम) परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया है। पेपर-1 के विभिन्न विषयों की परीक्षा 18 से 29 मई तक होगी।
CSBC Bihar Police Constable Exam: क्या जारी हो चुकी हैं रिवाइज्ड तारीखें, पढ़ें अपडेट
CSBC Bihar Police Constable exam dates: बिहार पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा की नई तारीखों का इंतजार है। परीक्षाएं 1, 7 और 15 अक्टूबर को निर्धारित की गई थीं, जिन्हें रद्द व स्थगित कर दिया गया था। आइए
सलमान के घर फायरिंग से पहले शूटर्स ने बिहार में की हथियारों की प्रैक्टिस, फार्म हाउस की हुई थी रेकी
14 अप्रैल को, सुबह 4.50 बजे सलमान के बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर, अज्ञात हमलावरों ने पांच राउंड फायरिंग की थी. पुलिस ने सलमान के घर पर फायरिंग करने के मामले में विक्की गुप्ता (24 साल) और सागर पाल (21 साल) नाम के दो लड़कों को गिरफ्तार किया था. अब इससे जुड़ा एक बड़ा अपडेट सामने आया है.
Manisha और Elvish के बीच लगी दुश्मनी की आग हुई और तेज, बिहार की बेटी नेसरेआम बना दिया'राव साहब' का मजाक ?
Bihar Board: जानें-10वीं की मार्कशीट में लिखी U/R,B और C जैसी शॉर्ट फॉर्म का क्या मतलब है?
बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं का रिजल्ट 31 मार्च को जारी कर दिया गया था। छात्र अपनी ओरिजनल मार्कशीट स्कूल से ले सकते हैं। आइए जानते हैं मार्कशीट में लिखी शॉर्ट फॉर्म की फुलफॉर्म क्या है।
बिहार में जेईई और नीट की फ्री कोचिंग, रहने-खाने की भी रहेगी मुफ्त व्यवस्था, ऐसे करें अप्लाई
Bihar Board Jee and Neet Free Coaching : विद्यार्थी समिति द्वारा संचालित engineering (jee) औरmedical (neet) की नि:शुल्क तैयारी हेतु BSEB SUPER-50 आवासीय शिक्षण में पढ़ने हेतु आवेदन कर सकत हैं।
Bihar 10th Board 2024: टॉप 5 में इन 10 छात्रों ने बनाई जगह, जानें नाम और मार्क्स
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड ने दसवी का रिजल्ट bsebmatric.org और results.biharboardonline.com पर जारी कर दिया है। इस साल टॉप 10 की लिस्ट ने 51 छात्रों ने अपनी जगह बनाई है। टॉप 5 की लिस्ट में 10 छ
Bihar Board BSEB 2024 Matrci Result Today:बिहार बोर्ड 10वीं का रिजल्ट biharboardonline.bihar.gov.in व biharboardonline.com , onlinebseb.in पर जल्दजारी कर दिया जाएगा।
BSEB: क्लास 10वीं के रिजल्ट से पहले जानें ये 10 जरूरी बातें, मार्कशीट मिलने में मिलेगी मदद
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड अब कभी भी वेबसाइट biharboardonline.gov.in पर कक्षा 10वीं के रिजल्ट अपलोड कर सकता है। एक बार रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र यहां से डाउनलोड कर सकते हैं।
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (बीएसईबी) मैट्रिक यानी कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट अब कभी भी biharboardonline.bihar.gov.in पर जारी हो सकता है, जो छात्र परीक्षा में शामिल हुए हैं, वे जान लें, रिजल्
बीएसईबी मैट्रिक रिजल्ट की घोषणा जल्द की जाएगी। हालांकि अभी तक रिजल्ट की टाइमिंग और तारीख के बारे में कोई जानकारी शेयर नहीं की गई है, लेकिन उम्मीद है नतीजे 31 मार्च तक आधिकारिक वेबसाइट biharboardonlin
BSEB Bihar 10th Board: प्रेस कॉन्फ्रेंस में शेयर की जाएंगी ये 5 डिटेल्स, यहां पढ़ें
छात्र आधिकारिक वेबसाइट्स से बीएसईबी 10वीं स्कोरकार्ड 2024 डाउनलोड कर सकेंगे। रिजल्ट वाले दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। जिसमें बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं की परीक्षा से जुड़ी कई डिटेल्स शेयर की जाएगी। आइए ज
Bihar 12th Board: किसान की बेटी बनीं कॉमर्स की टॉपर, अब बनना चाहती हैं प्रोफेसर, करेंगी PhD
बिहार बोर्ड 12वीं की कॉमर्स स्ट्रीम में खुशी कुमारी को जिले में सेकंड रैंक मिली है। उनके पिता किसान हैं। उन्होंने कहा, मेरे पिता ने हमेशा शिक्षा को महत्व दिया है, इसलिए भविष्य में मैं शिक्षा के क्षेत
इस साल का रिजल्ट पिछले 5 साल की तुलना में सबसे बेहतर, 87.21 प्रतिशत विद्यार्थी हुए पास
BSEB Bihar Board 12th Result : हार बोर्ड ने आज 12वीं के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस वर्ष का रिजल्ट पिछले 5 सालों की तुलना में सबसे बेहतर रहा है। इस साल इंटर का रिजल्ट 87.21 फीसदी रहा।
बिहार बोर्ड ने 12वीं यानी इंटर परीक्षा का रिजल्ट अब जारी कर दिया है। टॉपर्स के नाम भी सामने आ गए हैं। आइए जानते हैं साइंस, कॉमर्स, आर्ट्स स्ट्रीम के टॉपर्स ने किन स्कूलों से पढ़ाई की है। यहां देखें न
BSEB : बारहवीं कक्षा के छात्रों को इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी के लिए फ्री में कोचिंग देती है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) गरीब विद्यार्थियों को JEE और NEET की मुफ्त कोचिंग कराती है।
BSEB Bihar Board: बिहार बोर्ड इंटर छात्र जानें टॉप 10 इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज
NIRF यानी राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क। इस रैंकिंग को शिक्षा मंत्रालय जारी करता है। एनआईआरएफ रैंकिंग में देश के टॉप इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज और यूनिवर्सिटी की रैंकिंग जारी की जाती है।
बीएसईबी 12वीं के परिणाम के साथ टॉपर्स की लिस्ट भी शेयर करेगा। जो छात्र परीक्षा में शामिल हुए हैं, वे जान लें, पिछले 7 सालों में आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस स्ट्रीम में किसने किया था टॉप। यहां पढ़ें पूरी

