रीवा जिले के डभौरा रेलवे स्टेशन के पास अहमदाबाद-पटना एक्सप्रेस से गिरकर एक यात्री शनिवार को गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही जीआरपी पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को उपचार के लिए संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय रीवा पहुंचाया। घायल की पहचान बिहार के पटना निवासी करण कुमार सैनी के रूप में हुई है। वह अहमदाबाद से पटना जा रहा था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ट्रेन के कोच में यात्रा के दौरान कुछ यात्रियों के बीच विवाद हो गया था। विवाद के दौरान धक्का-मुक्की की स्थिति बनी, जिससे करण कुमार का संतुलन बिगड़ गया और वह चलती ट्रेन से नीचे गिर गया। हादसा डभौरा रेलवे स्टेशन के पास हुआ। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने इसकी सूचना रेलवे अधिकारियों और जीआरपी को दी। सूचना मिलते ही जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची और घायल यात्री को तत्काल अस्पताल भिजवाया। गंभीर चोटें आने के कारण उसे संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है, जहां उसका उपचार जारी है। घायल ने बताया कि मैं ट्रेन में बैठा हुआ था,इसी दौरान बगल में बैठे कुछ लोग झगड़ा कर रहे थे। अचानक एक व्यक्ति ने लात मारी जो मुझे लग गई और मैं सीधा ट्रेन से नीचे जा गिरा। जीआरपी पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ट्रेन में मौजूद यात्रियों से पूछताछ कर रही है और यह जानने का प्रयास कर रही है कि विवाद किस बात को लेकर हुआ था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि यात्री दुर्घटनावश गिरा या धक्का लगने के कारण ट्रेन से नीचे जा गिरा। जीआरपी अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल घायल यात्री का इलाज जारी है और उसकी स्थिति पर चिकित्सकों की निगरानी बनी हुई है। घटना के बाद ट्रेन में सफर कर रहे अन्य यात्रियों में भी चिंता का माहौल देखा गया।
सीतामढ़ी में कुख्यात अपराधियों अनवारुल और अमीर के एनकाउंटर तथा सुंदर यादव हत्याकांड के मुख्य आरोपी और शूटर की गिरफ्तारी के बाद नगर विधायक सुनील कुमार पिंटू ने बिहार पुलिस की कार्रवाई की सराहना की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपराध और अपराधियों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रही है, और अब बिहार में अपराधियों के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं बचा है। दैनिक भास्कर संवाददाता से बात करते हुए भाजपा विधायक सुनील कुमार पिंटू ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पहले के बयान का जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया था कि बिहार में अपराध और अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा था कि अपराध करने वालों को बिहार छोड़कर भागना पड़ेगा, लेकिन भागने से भी अपराधी बच नहीं पाएंगे। पुलिस अपराधियों को ढूंढकर एनकाउंटर करेगीविधायक पिंटू ने हाल ही में बिहार पुलिस द्वारा उत्तराखंड तक पहुंचकर अपराधियों के खिलाफ की गई कार्रवाई का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इससे यह साबित होता है कि पुलिस अपराधियों का पीछा करने में किसी भी हद तक जा सकती है। उन्होंने दृढ़ता से कहा, उत्तराखंड क्या, अगर अपराधी 'ऊपर के खंड' में भी छिपे होंगे और अपराध करेंगे, तो पुलिस उन्हें ढूंढ़ निकालेगी और एनकाउंटर करेगी। कुख्यात अपराधियों के खिलाफ की गई कार्रवाई सुनील पिंटू ने आगे कहा कि सुंदर यादव हत्याकांड के मुख्य आरोपी और शूटर की गिरफ्तारी, साथ ही कुख्यात अपराधियों के खिलाफ की गई कार्रवाई, यह दर्शाती है कि बिहार पुलिस संगठित अपराध और अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में राज्य में कानून का राज स्थापित करने के लिए लगातार कठोर कदम उठाए जा रहे हैं।
हिसार के पीएलए एरिया में शुक्रवार रात हुए सड़क हादसे में 19 वर्षीय युवक सोनू की मौत हो गई। तेज रफ्तार ट्रक ने उसकी स्कूटी को टक्कर मार दी थी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने ट्रक ड्राइवर के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज किया है। मृतक सोनू मूल रूप से बिहार के नालंदा जिले का निवासी था। वह हिसार के कृष्णा नगर में किराए पर रहता था और पीएलए एरिया की एक दुकान पर काम करता था। शुक्रवार रात करीब नौ बजे वह अपनी स्कूटी पर सवार होकर काम पर जा रहा था। इसी दौरान पीएलए एरिया में डाबड़ा चौक की ओर से आ रहे एक ट्रक ने उसकी स्कूटी को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि सोनू सड़क पर गिरकर बुरी तरह घायल हो गया। राहगीरों ने पहुंचाया अस्पताल आसपास के लोगों और राहगीरों ने उसे तुरंत शहर के एक निजी अस्पताल पहुंचाया। उसकी हालत नाजुक बनी हुई थी। सूचना मिलने पर परिजन भी अस्पताल पहुंचे, लेकिन देर रात उपचार के दौरान सोनू की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवाया गया। परिजनों ने हादसे के लिए जिम्मेदार ट्रक चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और ट्रक चालक की पहचान कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 साल के कार्यकाल पूरे होने पर शनिवार को मधेपुरा स्थित भाजपा कार्यालय में एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई। छातापुर विधायक नीरज कुमार सिंह बबलू ने इस दौरान कहा कि निर्वाचित प्रधानमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी का कार्यकाल सबसे लंबा रहा है, और उनके नेतृत्व में भारत ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। विधायक बबलू ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और वैश्विक मंच पर देश की प्रतिष्ठा बढ़ी है। उन्होंने दावा किया कि आतंकवाद और नक्सलवाद पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया गया है। इसके अतिरिक्त, अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण, जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाना और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचाना जैसे कार्य भी किए गए हैं। प्रतिवर्ष छह हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रहीउन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का भी जिक्र किया, जिसके तहत किसानों को प्रतिवर्ष छह हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे लाखों किसानों को लाभ मिल रहा है। बिहार में केंद्र सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए विधायक ने कहा कि वर्ष 2014 से 2024 के दौरान राज्य को लगभग 9.23 लाख करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता और विभिन्न योजनाओं का लाभ मिला है। यह राशि पूर्ववर्ती यूपीए सरकार के कार्यकाल की तुलना में चार गुना अधिक है। उन्होंने बताया कि बिहार में ग्रामीण सड़क नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है, जिसमें 100 से अधिक आबादी वाले सभी टोलों को पक्की सड़कों से जोड़ने का कार्य प्रगति पर है। राज्य में पटना-पूर्णिया, बक्सर-भागलपुर, आमस-दरभंगा, गोरखपुर-सिलीगुड़ी, रक्सौल-हल्दिया और वाराणसी-गया-कोलकाता सहित छह एक्सप्रेस-वे का निर्माण भी जारी है। फल्गु जैसी अन्य नदियों पर भी कई नए पुल बनाए गएइसके अतिरिक्त, गंगा नदी पर सात नए पुलों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि सात अन्य निर्माणाधीन हैं। कोसी, गंडक, सोन, बागमती और फल्गु जैसी अन्य नदियों पर भी कई नए पुल बनाए गए हैं। रेल और हवाई सेवाओं के संदर्भ में, विधायक बबलू ने बताया कि बिहार को रेल अवसंरचना के विकास के लिए एक लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। साथ ही, 198 रेलवे स्टेशनों का अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकास किया जा रहा है। पटना मेट्रो का कार्य शुरू हो चुका है। गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और भागलपुर मेट्रो परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई है। इसके अलावा पटना एयरपोर्ट का नया टर्मिनल बन चुका है तथा दरभंगा, गया और पूर्णिया ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट जैसी परियोजनाओं पर कार्य हो रहा है। शिक्षा व्यवस्था को लगातार सुदृढ़ किया जा रहास्वास्थ्य क्षेत्र में उन्होंने कहा कि बिहार में मेडिकल कॉलेजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। दरभंगा एम्स, मुजफ्फरपुर स्थित होमी भाभा कैंसर अस्पताल और पीएमसीएच के विस्तार जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं चल रही हैं। आयुष्मान भारत योजना के तहत चार करोड़ से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिला है। शिक्षा के क्षेत्र में बजट में वृद्धि, विद्यालयों एवं तकनीकी संस्थानों के विस्तार तथा प्रत्येक पंचायत में उच्च विद्यालय की स्थापना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है। कृषि क्षेत्र में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड, मखाना को जीआई टैग, राष्ट्रीय मखाना बोर्ड तथा कोसी-मेची सिंचाई परियोजना जैसी योजनाओं को किसानों के लिए महत्वपूर्ण बताया। वहीं औद्योगिक विकास के लिए बिहार निवेश शिखर सम्मेलन के तहत 2.3 लाख करोड़ रुपये के एमओयू, चंपारण और बक्सर में एसईजेड, मुजफ्फरपुर एवं खगड़िया में मेगा फूड पार्क तथा इथेनॉल नीति के माध्यम से निवेश बढ़ने का भी उल्लेख किया। प्रेस वार्ता में पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य स्वदेश कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक कुमार, आभाष आनंद झा सहित पार्टी के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
35 हजार रुपए दे दीजिए। ऑफिस के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। आपका काम पूरा हो जाएगा। पैसे नहीं देंगे तो ऐसे ही चक्कर काटते रह जाएंगे। कितना भी जुगाड़ लगाइएगा, लाइसेंस नहीं मिल पाएगा। पैसा दीजिएगा तभी सेटिंग होगी। आप जो पैसा दीजिएगा वह ऊपर तक जाएगा। अधिकारियों तक पैसा पहुंचते ही आपकी फाइल की रफ्तार बढ़ जाएगी। आप तो पैसा देकर निश्चिंत हो जाइए, पूरा काम हो जाएगा। सरकारी फीस के चक्कर में पड़े तो दौड़ते रह जाएंगे, काम नहीं होगा। यहां का लाइसेंस का रेट फिक्स होता है। मेडिकल स्टोर के लिए लाइसेंस की डील करती श्रेया सिस्टम की पोल खोल रही हैं। पटना के जिला औषधि प्रशासन में तैनात श्रेया डेटा ऑपरेटर हैं, लाइसेंस के लिए डील वही करती हैं। मेडिकल सेक्टर के करप्ट सिस्टम की पोल खोलने के लिए भास्कर रिपोर्टर आवेदक बनकर पहुंचे। भास्कर इन्वेस्टिगेशन में पढ़िए और देखिए बिहार में किस तरह से ड्रग लाइसेंस और फार्मासिस्ट की डिग्री बनवाई जा रही है… भास्कर इन्वेस्टिगेशन टीम मेडिकल लाइसेंस के कैंडिडेट्स बनकर राजधानी पटना के गर्दनीबाग में जिला औषधि प्रशासन कार्यालय पहुंची। रिपोर्टर सबसे पहले पटना के पॉश इलाके बोरिंग रोड के ड्रग इंस्पेक्टर से मिले। ड्रग इंस्पेक्टर ने ऑनलाइन आवेदन कर बाद में कागजात के साथ संपर्क करने को बोला। इंस्पेक्टर ने कहा, ऑनलाइन आवेदन करते ही वो मेरे पास आ जाएगा। रिपोर्टर ने जब इंस्पेक्टर से पूरी प्रकिया जाननी चाही तो उन्होंने कहा, पहले आवेदन कीजिए, उसके बाद मिलिएगा, सब काम हो जाएगा। इस दौरान ऑफिस में ही राकेश नाम का कर्मचारी मिला, उसने पूरा सिस्टम बताया। राकेश ने बताया, पहले विभाग की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। बिना ऑनलाइन आवेदन किए यहां चक्कर काटते रह जाएंगे, कुछ नहीं होगा। ऑनलाइन के बाद आवेदन ऑफिस में आ जाता है। यहां से वेरिफाई करने के लिए टीम मौके पर जाती है। आपको अपने सारे डॉक्यूमेंट्स तैयार रखने होंगे। दीवार पर चिपकाए गए एक पोस्टर की तरफ इशारा करते हुए उसने कहा कि जो डॉक्यूमेंट चाहिए, यहां सब लिखा है और पूरी प्रक्रिया भी। जब रिपोर्टर ने सवाल किया कि मेरे पास कुछ डॉक्यूमेंट की कमी है। इसलिए पहले बात हो जाती तो आगे कोई दिक्कत नहीं होती। मेरे पास कोई फार्मासिस्ट भी नहीं है। कोई उपाय आप कर दीजिए। तब राकेश ने होलसेल का ऑप्शन बताया। रिपोर्टर: लाइसेंस बनवाना था? राकेश: होलसेल का काम कीजिएगा या रिटेल शॉप खोलनी है। रिपोर्टर: रिटेल की खोलनी है। कर्मचारी: रिटेल में फार्मासिस्ट चाहिए, अगर नहीं है तो होलसेल की शॉप खोलिए। रिपोर्टर: मुझे रिटेल की ही खोलनी है। राकेश ने बातचीत के बाद लाइसेंस की डील करने वाली महिला कर्मचारी श्रेया (कम्प्युटर ऑपरेटर) की तरफ इशारा किया। जब रिपोर्टर ने राकेश से कहा कि आप संपर्क करा दीजिए तो राकेश महिला कर्मचारी के पास ले गया और सेटिंग के लिए कोडवर्ड में बात की। राकेश बोला- मैडम से बात कर लीजिए, जो बात होगी साफ-साफ बोल दीजिएगा। इस पर कंप्यूटर ऑपरेटर श्रेया ने राकेश से पूछा- आपने पूरी तहकीकात कर ली है ना? राकेश ने सिर हिलाते हुए हां का सिग्नल दे दिया। श्रेया: आपको दुकान कहां खोलनी है? रिपोर्टर: बोरिंग रोड में कृष्णा अपार्टमेंट के सामने का प्लान है। श्रेया: पेपर कंप्लीट करके लाइएगा, यहां से भी ऑनलाइन हो जाएगा। रिपोर्टर: यहां से हो जाए तो कोई समस्या नहीं होगी। श्रेया: ऑनलाइन हम कर देंगे, लाइसेंस के लिए एक बार ड्रग इंस्पेक्टर से बात करनी होगी। रिपोर्टर: इसमें कितना खर्च जा आएगा? श्रेया: ऑनलाइन आवेदन में 2 हजार खर्च आता है, बाकी अलग से 3500 का चालान कटता है। रिपोर्टर: मुझे पूरा काम कराना है, एक साथ बता दीजिए, कुल कितना खर्च आएगा? श्रेया: पूरा काम के लिए तो 35 हजार रुपए देने होंगे। रिपोर्टर: 35 हजार देने के बाद अलग से कुछ नहीं देना होगा ना? श्रेया: पूरा उसी में हो जाएगा, अपलोड के लिए और चालान के लिए अलग से नहीं देना होगा। रिपोर्टर: पहले ही पूरा क्लियर कर दीजिए, बाद में समस्या ना हो? श्रेया: ऑफिसर के लिए भी नहीं देना होगा, उसी में सबका हो जाएगा। रिपोर्टर: पैसे एक बार में देने होंगे या इंस्टॉलमेंट में दे सकते हैं? श्रेया: जब ऑनलाइन होगा उस समय 5 हजार दीजिएगा, 10 दिन बाद 30 हजार दीजिएगा। रिपोर्टर: 35 हजार के अलावा और कुछ नहीं देना होगा ना? श्रेया: आपके पेपर सही होने चाहिए, तो इतने में सब हो जाएगा। रिपोर्टर: लाइसेंस में कितने दिन लग जाएंगे? श्रेया: पूरी प्रॉसेस होने में 25 से 30 दिन लग जाएंगे। रिपोर्टर: जो चालान के पैसे हैं, उसकी तो रसीद मिल जाएगी। बाकी जो पैसे हैं, उसका कुछ मिलेगा? श्रेया: वह कहां से मिलेगा। वह तो ऑफिसर को जाता है। रिपोर्टर: अच्छा, यह दो नंबर में जाएगा? श्रेया: हां, जो समझ लीजिए, नहीं दीजिएगा तो लाइसेंस मिलेगा ही नहीं। रिपोर्टर: मुझे लगा कि सरकारी फीस है? श्रेया: नहीं, पहले ऑनलाइन करा लीजिए, पैसे दीजिएगा तो सब काम आसान हो जाएगा। रिपोर्टर: यह सब कुछ करने के बाद मुझे क्या करना होगा? श्रेया: सर (ड्रग इंस्पेक्टर) से बात कर लीजिए, वह सब करा देंगे। श्रेया से बातचीत के बाद भास्कर रिपोर्टर ने ड्रग इंस्पेक्टर कयामुद्दीन अंसारी से डील की। अंसारी ने यह खुलासा किया कि मेडिकल स्टोर के लिए किराए पर फार्मासिस्ट के कागजात मिलते हैं। अंसारी ने सलाह दी कि आप बिहार स्टेट फार्मेसी काउंसिल जाइए, वहां पहले फार्मासिस्ट के लिए सेटिंग कर लीजिए फिर आपका काम आसान हो जाएगा। रिपोर्टर: मैं भागवत नगर से हूं, ड्रग लाइसेंस के लिए ऑफिस गया था, आपसे मुलाकात नहीं हो पाई। कयामुद्दीन: वो मेरा एरिया नहीं है, वहां के ड्रग इंस्पेक्टर संजीव से बात कर लीजिए। रिपोर्टर: कैसे काम होगा सर? कयामुद्दीन: ऑफिस में आइए, वहां सब सपोर्ट हो जाएगा। रिपोर्टर: जी सर, आप जैसा बोलिए। कयामुद्दीन: आप ऑफिस गए थे क्या, मेरा नंबर आपको किसने दिया? रिपोर्टर: भागवत नगर में एक आदमी मिला था, उसने कहा कि सर से बात कर लीजिएगा। कयामुद्दीन: आधार कार्ड, पैन कार्ड, जमीन का एग्रीमेंट और अप्लीकेशन पेपर लगेंगे। रिपार्टर: पेपर तो तैयार हैं, आप जैसा बोलिए। कयामुद्दीन: रिटेल खोलना है या होलसेल करना है? रिपोर्टर: नहीं रिटेल खोलना है। कयामुद्दीन: फार्मासिस्ट की व्यवस्था है क्या? रिपोर्टर: नहीं है सर, कोई जुगाड़ नहीं है क्या, जिससे मिल जाए? कयामुद्दीन: हमारे पास कोई जुगाड़ नहीं, बीएम दास रोड में बहुत सारे फार्मासिस्ट रजिस्ट्रेशन कराते हैं, वहां आपको मिल सकता है। आप वहां चले जाइए। रिपोर्टर: कहां है सर, समझा नहीं? कयामुद्दीन: अरे, जहां फार्मेसी रजिस्ट्रेशन होता है, वहां कोई न कोई फार्मासिस्ट मिल जाएगा। पहले फार्मासिस्ट का इंतजाम कर लीजिए, उसके बाद बाकी सब काम हो जाएगा। ड्रग इंस्पेक्टर कयामुद्दीन से बातचीत में यह साफ हो गया कि बिहार स्टेट फार्मेसी काउंसिल में रजिस्टर्ड फॉमासिस्ट की डिग्री मेडिकल लाइसेंस के लिए ठेके पर मिल जाती है। ड्रग इंस्पेक्टर कयामुद्दीन से बातचीत के बाद जब भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम पटना के बीएम दास रोड स्थित बिहार स्टेट फार्मेसी काउंसिल पहुंची तो यहां ठेके पर डिग्री का बड़ा खुलासा हुआ। यहां गार्ड से लेकर अफसर तक सब सेट हैं। इसकी पड़ताल के लिए हमने गार्ड से बातचीत की। गार्ड बोला- आप संजय सर से मिलिए, वही सारी व्यवस्था कर देते हैं। टीम ने संजय से मुलाकात की। संजय ने कहा, ऑफिस खाली होने के बाद आइए, आपका काम हो जाएगा। इसके बाद हमारी टीम वहां मौजूद अन्य लोगों के जाने का इंतजार करने लगी। शाम 6:30 बजे, जब कार्यालय पूरी तरह से खाली हो गया, तब संजय ने पूरे राज खोले। संजय ने दावा किया फार्मासिस्ट की व्यवस्था हो जाएगी, लेकिन इसके लिए पैसे खर्च करने होंगे। रिपोर्टर: फार्मासिस्ट की व्यवस्था करनी है, हो जाएगा क्या? संजय: पेपर लेकर आइए आपका काम हो जाएगा। रिपोर्टर: मेरे पास तो कोई पेपर ही नहीं है, फिर कैसे होगा? संजय: फिर कैसे होगा? रजिस्ट्रेशन के लिए आपकी डिग्री चाहिए। रिपोर्टर: आप बाहर से किसी की व्यवस्था कर दीजिए। संजय: अभी आप बैठिए, आराम से बाद में बात करते हैं, सभी लोगों को चले जाने दीजिए। रिपोर्टर: क्या खर्च होगा? संजय: करीब 80 से 90 हजार रुपए एक साल के लिए लगते हैं। रिपोर्टर: फार्मासिस्ट बैठेगा या नहीं? संजय: सिर्फ कागज देने के लिए ये पैसे देने होंगे, फार्मासिस्ट नहीं बैठेगा। रिपोर्टर: पैसे कैसे देने होंगे? संजय: पहले साल में पूरे पैसे देने होंगे, उसके बाद फार्मासिस्ट और आपके बीच सेटिंग पर निर्भर है। रिपोर्टर: फार्मासिस्ट से हमारा कोई एग्रीमेंट लेटर भी बनेगा क्या? संजय: कोई एग्रीमेंट नहीं होगा, वह आपको सिर्फ अपनी डिग्री दे देगा। रिपोर्टर: फिर कैसे होगा? संजय: यह सारा खेल आपसी ट्यूनिंग का है, ट्यूनिंग ठीक रहेगी तो आप लोगों का काम चलता रहेगा। रिपोर्टर: कितने दिन तक वैलिड रहेगा? संजय: जब तक फार्मासिस्ट चाहेगा, तब तक चलता रहेगा। जब उसकी मर्जी होगी, तब छोड़ देगा। संजय ने खोली पोल - किसी मेडिकल स्टोर पर फार्मासिस्ट नहीं बातचीत के दौरान बिहार स्टेट फार्मेसी काउंसिल के संजय ने कई बड़े खुलासे किए। पटना से लेकर बिहार में मेडिकल स्टोर का सिस्टम कैसे चल रहा है, कैसे मरीजों की जान से खेला जा रहा है। इसका भी खुलासा किया। संजय ने दावा किया कि पूरा सिस्टम फार्मासिस्ट के नाम पर खेल कर रहा है। पटना से लेकर बिहार के हर जिले में फार्मासिस्ट के कागज लग रहे हैं, किसी भी मेडिकल स्टोर पर खुद फार्मासिस्ट नहीं बैठ रहा है। जिन फार्मासिस्ट ने अपना मेडिकल स्टोर खाेला है, वही डॉक्टरों का पर्चा पढकर दवा दे रहे हैं। रिपोर्टर: क्या जरूरी है कि फार्मासिस्ट हमारी दुकान पर बैठे? संजय: पूरा पटना घूम लीजिए, किसी भी दुकान पर फार्मासिस्ट नहीं मिलेगा। लेकिन दुकानें चल रही हैं कि नहीं? यहां नियम को कौन पूछता है? दवा शीशे के अंदर रखना है, कौन रखता है? कुछ दवाइयां फ्रिज में रखनी होती हैं, कहां रखता है कोई? सब ऐसे ही चला रहे हैं, आप भी चलाओ। रिपोर्टर: ठीक है संजय: फार्मासिस्ट चाहिए तो बताइए, कॉल करके बात कर लेता हूं। आप मिलकर पैसे दे दीजिए और काम कीजिए। रिपोर्टर: कल आपसे बात करता हूं। संजय: आप जब चाहिएगा, व्यवस्था हो जाएगी। आपका काम नहीं रुकेगा। रिपोर्टर: पूरा सिस्टम ऐसे ही चल रहा है क्या? संजय: पूरे बिहार में ऐसे चल रहा है, नियम से काम कीजिएगा तो कर चुके मेडिकल स्टोर का काम। मेडिकल स्टोर पर किराए की डिग्री ड्रग लाइसेंस की पूरी चेन समझने के बाद भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम ने मेडिकल स्टोर्स की पड़ताल की। नियम से वहां फार्मासिस्ट होने चाहिए, लेकिन भास्कर की इन्वेस्टिगेशन में मेडिकल स्टोर किराए की डिग्री से चलते नजर आए। भास्कर रिपोर्टर मरीज बनकर पटना के 12 मेडिकल स्टोर पर पहुंचे। हमने इसकी पड़ताल की तो कहीं भी गाइडलाइन का पालन होते नहीं दिखा। पटना में जहां से कानून पास होता है, वहां ड्रग्स के कानून का पालन होता नहीं दिखा। रिपोर्टर एक डॉक्टर का प्रिस्क्रिप्शन लेकर पटना के पाटलिपुत्र गोलंबर स्थित आनंद मेडिकल हॉल पहुंचा, जहां उसकी मुलाकात आनंद से हुई। आनंद ने जैसे ही पर्चा देखा, तुरंत दवा देने से मना कर दिया। उन्होंने कहा, पर्ची में क्या लिखा है, कुछ समझ में नहीं आ रहा है। हमारे पास फार्मासिस्ट नहीं हैं जो इसे अच्छे से पढ़ सके। पर्चे पर कुछ भी स्पष्ट समझ नहीं है। केमिस्ट होता ताे पढ़ लेता। केमिस्ट वाली दुकान पर जाइएगा तो कुछ बात बन सकती है। यहां किसी दुकान पर ड्रगिस्ट नहीं मिल पाएंगे। अगर मिलेंगे भी तो बड़ी दुकानों पर मिलेंगे, वहां चले जाइए। आनंद मेडिकल हॉल पर डील करने के बाद रिपोर्टर पटना के इंद्रा नगर में स्थित मुस्कान मेडिकल हॉल पहुंचा। यहां दवा दुकानदार ने पर्चा देखते ही कहा, आप पढ़कर बताइए। मैं नहीं पढ़ सकता, मेरे यहां ड्रगिस्ट नहीं है। यह ड्रगिस्ट क्या है, मुझे नहीं पता। पास की ही एक और दुकान के संचालक राज से बात हुई। उसने भी बताया, हमारे पास ड्रगिस्ट या फार्मासिस्ट नहीं है। आप विक्की मेडिकल में चले जाइए या फिर बोरिंग रोड चले जाइए। वहीं ड्रगिस्ट मिल जाएंगे, वहां आपकी दवा मिल सकती है। राज मेडिकल हाल और बाकी स्टोर्स पर पड़ताल के बाद रिपोर्टर बोरिंग केनाल रोड पर बोरिंग केनाल मेडिकल स्टोर पहुंचा। यहां बड़े-बड़े अक्षरों में केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट लिखा था, लेकिन दुकान पर बैठे राजीव ने फार्मासिस्ट नहीं होने की बात कही। उसने बताया कि यहां किसी के पास स्थायी रूप से केमिस्ट या ड्रगिस्ट नहीं बैठते हैं। बातचीत के दौरान राजीव ने बताया, दुकान पर स्थायी रूप से कोई केमिस्ट मौजूद नहीं रहता। रिपोर्टर ने कहा, हमारे छपरा में तो बिना केमिस्ट के दवा दुकान चलती ही नहीं। आप बिना फार्मासिस्ट के दवा कैसे दे रहे हैं? इस पर दुकानदार ने जवाब दिया, सब जगह रखना है, लेकिन कोई परमानेंट नहीं रहता। सब ऐसे ही चलता है। अगर केमिस्ट से बात करनी है तो सोना मेडिकल में चले जाइए। बाकी कहीं भी आपको केमिस्ट नहीं मिलेंगे। केमिस्ट तो सबके यहां रखना है, लेकिन वो आते कहां हैं। कहीं पर भी नहीं मिलेगा। दुकानदार को केमिस्ट रखना ही पड़ता है, लेकिन वो स्थायी रूप से नहीं रहते हैं। ऐसे शुरू हुई इन्वेस्टिगेशन- ड्रग माफिया की सेटिंग पर भास्कर की पड़ताल 20 साल से एक्टिव बिहार के ड्रग माफिया नीरज की गिरफ्तारी के बाद बड़ा खुलासा हुआ। वो सरकारी दवाओं के रैपर बदलकर और एक्सपायर दवाओं की डेट मिटाकर नई तारीख के साथ उन्हें बाजार में बेचता था। नीरज गिरफ्तार है, दुकान से लेकर गोदाम तक सील है। नीरज के खुलासे के साथ लाइसेंस जारी करने वाला सिस्टम भी एक्सपोज हो गया है। नीरज को हाजीपुर से गिरफ्तार किया गया। इसके पहले वो कई बार पकड़ा गया और लाइसेंस भी रद्द किया गया, लेकिन हर बार उसने अलग-अलग नामों से दवा दुकान का लाइसेंस बनवा लिया। नीरज इस बार हाजीपुर से लाइसेंस लेकर सरकारी दवा के जानलेवा कारोबार की तैयारी में था। बार-बार लाइसेंस रद होने के बाद भी लाइसेंस जारी कराने वाले नीरज की सेटिंग विभाग में कितनी गहरी थी। इसे एक्सपोज करने के लिए भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम ने कैंडिडट बनकर कई दिनों तक ऑफिसों के चक्कर काटे। नेताओं और अधिकारियों की सेटिंग से नीरज का पूरा खेल सरकारी एक्सपायर दवाओं से लेकर एंटी वेनम तक में खेल करने वाला नीरज बिहार का बड़ा ड्रग माफिया है। वह नेताओं और अधिकारियों के संरक्षण में 20 साल से यह काम कर रहा था। एक्सपायर सरकारी दवाओं पर नया रैपर लगाकर दवा सप्लाई कर वह लोगों की जान से खेल रहा था। भास्कर की इन्वेस्टिगेशन में सामने आया कि नीरज जब भी पकड़ा गया वह नया आदमी खड़ा कर उसके नाम से लाइसेंस बनवा लिया। जब वह पैरवी करता था तो कोई जांच ही नहीं होती थी। बिना किसी नियम कानून के ही उसके आदमी को लाइसेंस जारी कर दिया जाता था। पटना से कई राज्यों में बड़ा नेटवर्क नीरज पटना में बैठकर बिहार समेत कई राज्यों में सरकारी दवाओं, एक्सपायर्ड मेडिसिन और नारकोटिक्स इंजेक्शन का अवैध कारोबार चलाता था। ड्रग माफिया नीरज पिछले दो दशकों से सिस्टम की कमजोरियों का फायदा उठाकर करोड़ों का नेटवर्क खड़ा कर चुका है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उस पर अब तक 8 मामले दर्ज हो हैं, लेकिन हर बार गिरफ्तारी के बाद वह नए नेटवर्क और नए लाइसेंस के सहारे फिर से कारोबार शुरू कर देता था। नीरज का यूपी, झारखंड, एमपी और बंगाल तक बड़ा नेटवर्क है। वह सरकारी दवाओं की खेप को खपाने का काम कर रहा था। पटना से बैठकर नारकोटिक्स की डील हाल के दिनों में पटना समेत बिहार के कई जिलों में नारकोटिक्स दवाओं की बड़ी खेप पकड़ी गई। इसी दौरान पटना के गोविंद मित्रा रोड स्थित एक गोदाम में छापेमारी के दौरान करीब 50 लाख रुपए की सरकारी दवाएं बरामद हुईं। इनमें लगभग 20 लाख की दवाएं एक्सपायर थीं। जांच में खुलासा हुआ कि सरकारी दवाओं पर लगे BMSCIL के लेवल हटाए जा रहे थे और एक्सपायरी डेट मिटाकर नई तारीख प्रिंट कर बाजार में सप्लाई की जा रही थी। इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। दवाओं की चोरी करने वाला बना ड्रग माफिया गोविंद मित्रा रोड के पुराने दवा कारोबारियों के अनुसार नीरज ने अपने करियर की शुरुआत एक मेडिकल स्टोर में स्टाफ के रूप में की थी। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आने वाला नीरज शुरुआत में दुकानों से पैसे और दवाएं चोरी करता था। कई दुकानों से निकाले जाने के बाद उसने अपने पिता की मदद से खुद का मेडिकल कारोबार शुरू किया। इसी दौरान उसकी नजर नारकोटिक्स इंजेक्शन ब्यूरोमॉर्फिन पर पड़ी। शुरुआत में वह इसे अलग-अलग दुकानों से खरीदकर नशे के लिए इस्तेमाल करने वालों को ऊंचे दाम पर बेचने लगा। बाद में उसने लाइसेंसधारी पार्टनरों के जरिए कंपनियों से सीधे बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित दवाएं मंगानी शुरू कर दी। 20 साल में 8 केस, बड़ा नेटवर्क तैयार किया नीरज पर पहला मामला 2005 में दर्ज हुआ था। इसके बाद 2010, 2014, 2017, 2024 और 2026 में भी अलग-अलग थानों में केस दर्ज हुए। दो बार उसकी गिरफ्तारी भी हुई, लेकिन हर बार वह जमानत पर बाहर आकर फिर से नेटवर्क खड़ा करने में सफल रहा। हर बार नाम बदलता और लाईसेंस लेकर फिर काम शुरु कर देता। 2017 में उसके ठिकाने से सरकारी, एक्सपायर्ड और प्रतिबंधित दवाओं की बड़ी खेप बरामद हुई थी। उस समय उसका लाइसेंस रद्द कर दिया गया था, लेकिन बाद में प्रभावशाली लोगों की मदद से उसे दोबारा नएाम से लाइसेंस मिलने की बात भी सामने आई।
बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। मानसून राज्य के 19 जिलों में तरह एक्टिव है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 72 घंटों में पूरे बिहार मानसून पहुंचेगा। फिलहाल, मानसून उत्तरी सीमा मुजफ्फरपुर से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग ने आज पूरे प्रदेश में बारिश का अलर्ट जारी किया है। 20 जिलों में ऑरेंज और 18 में यलो अलर्ट है। इन जिलों में 60kmph की रफ्तार से हवा चल सकती है। मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है। पिछले 24 घंटे में खगड़िया, सुपौल समेत कुछ जिलों में बादल छाए रहे। 39.9 डिग्री के साथ कैमूर सबसे गर्म जिला रहा। पटना का तापमान 35.6 डिग्री रहा। हालांकि, रात में ठंडी हवा से गर्मी से राहत मिली। 21 जिलों में मानसून सक्रिय मौसम विभाग के अनुसार, 12 जून को मानसून ने राज्य के कई नए क्षेत्रों में दस्तक दी है। फिलहाल 21 जिलों में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है, जबकि पांच अन्य जिलों के कुछ हिस्सों में इसकी एंट्री हो गई है। अगले दो से तीन दिनों में बिहार के शेष हिस्सों में मानसून पहुंच सकता है। 13 से 18 जून तक कहां होगी बारिश? पिछले 24 घंटे में का तापमान ------------------------ ये खबर भी पढ़ें… बिहार मौसम से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
JDU MLC नीरज कुमार ने शुक्रवार को पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिस परिवार के पास सिर्फ पटना में 468 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति है, वह बिहार को दिवालिया बताने का भ्रम फैला रहा है। नीरज कुमार ने दावा किया कि वर्तमान बाजार मूल्य के अनुसार यह संपत्ति और अधिक हो सकती है। उन्होंने कहा कि लालू यादव के जन्मदिन पर उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना है, लेकिन उसी दिन तेजस्वी यादव ने तथ्यों के विपरीत बयान देकर जनता को गुमराह करने का प्रयास किया। VVIP शौचालय पर तेजस्वी के दावे को बताया गलत नीरज कुमार ने कहा कि तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर आरोप लगाया था कि प्रगति यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री के एक घंटे के कार्यक्रम के लिए 7.41 लाख रुपए की लागत से एक अस्थायी VVIP शौचालय बनाया गया। जबकि वास्तविकता यह है कि एक नहीं बल्कि चार अस्थायी शौचालय बनाए गए थे और कुल खर्च करीब 4 लाख रुपए हुआ था। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव बिना पूरी जानकारी के बयान दे रहे हैं। अगर उन्हें तथ्यों की जानकारी नहीं है तो पहले उसे समझना चाहिए। समाधान यात्रा का भी दिया उदाहरण JDU नेता ने कहा कि महागठबंधन सरकार के दौरान आयोजित समाधान यात्रा में एक शौचालय के निर्माण पर 1.73 लाख रुपए खर्च किए गए थे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि एकादशी जैसे पवित्र दिन पर भी तेजस्वी यादव ने झूठ बोलने से परहेज नहीं किया। बिहार के दिवालिया होने के दावे पर पलटवार नीरज कुमार ने कहा कि तेजस्वी यादव ने बिहार को दिवालिया होने के कगार पर बताया है, जबकि यह दावा पूरी तरह भ्रामक है। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन के भुगतान के लिए आकस्मिकता निधि से राशि निकालना पूरी तरह वैधानिक प्रक्रिया है और इसका अर्थ वित्तीय दिवालियापन नहीं होता। उन्होंने कहा कि आकस्मिकता निधि का उपयोग सरकार जरूरत पड़ने पर कर सकती है। इसे वित्तीय संकट बताना केवल राजनीतिक बयानबाजी है। लालू-राबड़ी शासनकाल की दिलाई याद नीरज कुमार ने लालू-राबड़ी शासनकाल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पशुपालन विभाग में 69 करोड़ रुपए का आवंटन था, लेकिन 129 करोड़ रुपए की निकासी कर ली गई थी। बाद में यही मामला चारा घोटाले के रूप में सामने आया। उन्होंने कहा कि जनता सब जानती है और इतिहास को भुलाया नहीं जा सकता। 24 घंटे में माफी मांगने की मांग नीरज कुमार ने तेजस्वी यादव से 24 घंटे के भीतर सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव सोशल मीडिया पर लिखकर स्वीकार करें कि उन्होंने गलत जानकारी साझा की है। उन्होंने कहा, “हम पूरे आंकड़ों और दस्तावेजों के साथ बात कर रहे हैं। यदि हमारी जानकारी गलत है तो हमें कानूनी नोटिस भेजा जाए। हम हर तथ्य का जवाब देने के लिए तैयार हैं।”
नालंदा के सरमेरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ससौर गांव में गुरुवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। साइकिल न देने के मामूली विवाद में 14 साल के नाबालिग को चाकू मारकर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया गया। घायल की पहचान ससौर गांव के रहने वाले विनय चौधरी के बेटे शिवम कुमार के रूप में हुई है। घटना के तुरंत बाद लहुलूहान स्थिति में नाबालिग को स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से सरमेरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए बिहार शरीफ मॉडल अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल मॉडल अस्पताल में किशोर का इलाज चल रहा है। साइकिल मांगने को लेकर हुआ था विवाद अस्पताल में इलाज के दौरान नाबालिग किशोर शिवम कुमार ने बताया कि घटना का कारण बेहद मामूली था। पड़ोस में रहने वाले कारू चौधरी के बेटे जितेन्द्र कुमार (उर्फ जीतू चौधरी) ने उससे चलाने के लिए साइकिल मांगी थी। शिवम की ओर से साइकिल देने से मना करने पर जितेन्द्र ने तैश में आकर उस पर चाकू से हमला कर दिया। पीड़ित नाबालिग बोला- अक्सर चाकू लेकर घूमता था जितेंद्र पीड़ित किशोर शिवम ने बताया कि जितेंद्र ने साइकिल मांगी थी, जब उसने मना किया तो उसने चाकू से वार कर दिया। वह हमेशा अपने पास चाकू लेकर चलता है, लेकिन इससे पहले उसने कभी ऐसा नहीं किया था। वह हमारे पड़ोस में ही रहता है। इस पूरे मामले पर जब सरमेरा थाना अध्यक्ष साकेंद्र कुमार बिंद से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि फिलहाल उन्हें इस घटना की आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। हालांकि, पुलिस अपने स्तर से मामले का पता लगा रही है। परिजनों की ओर से लिखित आवेदन मिलने पर कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जहानाबाद में जन सुराज पार्टी ने शुक्रवार को एक प्रेस वार्ता आयोजित कर बिहार सरकार पर हमला बोला। इस दौरान जन सुराज अंबेडकर मंच के जिलाध्यक्ष अरविंद कुमार ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। अरविंद कुमार ने आरोप लगाया कि बिहार में अपराध की घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे आम जनता में भय का माहौल है। उन्होंने कहा कि हत्या, लूट, चोरी और महिलाओं के खिलाफ अपराधों को नियंत्रित करने में सरकार पूरी तरह विफल रही है। जनता अब मौजूदा व्यवस्था से निराश है और बदलाव चाहती है। प्रेस वार्ता में अरविंद कुमार ने एक महत्वपूर्ण राजनीतिक सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा कि जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर को आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में बांकीपुर सीट से चुनाव लड़ना चाहिए। उनके अनुसार, प्रशांत किशोर के चुनाव लड़ने से जन सुराज को नई राजनीतिक ऊर्जा मिलेगी और जनता के बीच एक सशक्त संदेश जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि बिहार की जनता अब जाति और पारंपरिक राजनीतिक समीकरणों से हटकर विकास, शिक्षा, रोजगार और बेहतर कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर आधारित राजनीति चाहती है। जन सुराज इन्हीं जनहित के मुद्दों पर लोगों से लगातार संवाद कर रही है और राज्य में एक मजबूत वैकल्पिक राजनीतिक शक्ति बनने की दिशा में काम कर रही है। इस अवसर पर जन सुराज के जिला महामंत्री अवधेश पासवान, युवा जिला अध्यक्ष प्रशांत कुमार और कार्यालय प्रभारी राहुल कुमार सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे। नेताओं ने विश्वास जताया कि आगामी चुनाव में बिहार की जनता मुद्दों के आधार पर निर्णय लेगी और राज्य को एक नई राजनीतिक दिशा प्रदान करेगी।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के दो दिवसीय दिल्ली दौरे को राज्य के विकास की भविष्य की योजनाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जहां भाजपा के शीर्ष नेताओं से मुलाकात कर संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा की, वहीं प्रधानमंत्री के साथ बैठक में बिहार के विकास मॉडल और भविष्य की रणनीति को साझा किया। इस दौरे की सबसे अहम बैठक नीति आयोग की शासी परिषद की रही। बैठक में सीएम सम्राट चौधरी ने ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य में बिहार की भूमिका को रेखांकित करते हुए राज्य के विकास का ब्लूप्रिंट पेश किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि, ‘बिहार अब केवल योजनाओं का लाभ लेने वाला राज्य नहीं है, बल्कि देश की आर्थिक प्रगति में एक मजबूत इंजन की भूमिका निभाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।’ केंद्र से 18 हजार करोड़ की विशेष सहायता की मांग नीति आयोग की बैठक में मुख्यमंत्री ने बिहार के विकास के लिए किए जा रहे कई क्षेत्रों के कार्यों को विस्तार से बताया। साथ ही बिहार के विकास के लिए केंद्र से सहयोग की मांग की। मुख्यमंत्री ने कहा कि, 'बिहार ने हर घर नल का जल योजना के माध्यम से जल जीवन मिशन का लक्ष्य हासिल कर लिया है, लेकिन कुछ कारणों से केंद्र का हिस्सा प्राप्त नहीं हो सका।' उन्होंने केंद्र सरकार से इस योजना के लिए कुल 18 हजार करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देने का अनुरोध किया। इसमें 13 हजार करोड़ रुपये पूर्व में किए गए व्यय के केंद्रांश और 5 हजार करोड़ रुपये नई योजनाओं के लिए शामिल हैं। बाल्यावस्था शिक्षा और आंगनबाड़ी व्यवस्था में सुधार पर जोर मुख्यमंत्री ने बताया कि, 'बिहार में बच्चों के पोषण और शुरुआती शिक्षा को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर कार्य किया गया है। राज्य में स्वीकृत 11,529 सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों में से 10,579 केंद्रों पर पोषण वाटिकाएं विकसित की गई हैं। हजारों आंगनबाड़ी केंद्रों को स्कूलों से जोड़ा गया है, ताकि बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा से ही बेहतर वातावरण मिल सके। इसके साथ ही 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के 40 लाख से अधिक बच्चों में करीब 70 प्रतिशत बच्चों को APAAR आईडी जारी की जा चुकी है।' स्कूलों में डिजिटल सुविधा का विस्तार मुख्यमंत्री ने कहा कि, ‘बिहार के 76 हजार से अधिक सरकारी स्कूलों में से 91 प्रतिशत विद्यालयों में इंटरनेट सुविधा उपलब्ध है। राज्य में 9 हजार से अधिक स्मार्ट क्लास संचालित हो रही हैं। सभी बालिका विद्यालयों में शौचालय की सुविधा सुनिश्चित की गई है। स्कूल से बाहर रह गए 15 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को राज्य के ओपन स्कूल बोर्ड के माध्यम से शिक्षा से जोड़ा जा रहा है।’ युवाओं के कौशल और रोजगार पर फोकस सम्राट चौधरी ने युवाओं के लिए कौशल विकास योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत 1.18 लाख कारीगरों को प्रशिक्षण दिया गया है। पटना में 640 करोड़ रुपये की लागत से आर्यभट्ट अंतरराष्ट्रीय कौशल हब बनाया जा रहा है। वहीं 75 ITI संस्थानों के आधुनिकीकरण के लिए 3,615 करोड़ रुपये की योजना पर काम चल रहा है। उन्होंने केंद्र से इंटीग्रेटेड स्किलिंग आर्किटेक्चर परियोजना के लिए 750 करोड़ रुपये, जननायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय के लिए 1,500 करोड़ रुपये और भागलपुर में NSTI स्थापना में सहयोग करने में सहयोग देने की मांग की। उच्च शिक्षा के विस्तार की योजना मुख्यमंत्री ने कहा कि, राज्य सरकार 211 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज स्थापित कर रही है, ताकि छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूर न जाना पड़े।' मुख्यमंत्री ने केंद्र से बिहार में भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER) और स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर की क्षेत्रीय शाखा खोलने का अनुरोध किया। खेल और पर्यटन को नई पहचान देने की तैयारी मुख्यमंत्री ने कहा कि, 'बिहार ने हाल के वर्षों में कई बड़े खेल आयोजनों की सफल मेजबानी की है। एशियन महिला और पुरुष हॉकी चैंपियनशिप, एशियन रग्बी चैंपियनशिप और खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 इसका उदाहरण हैं। राज्य अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी के लिए तैयार है। केंद्र सरकार से वर्ष 2028 के नेशनल यूथ गेम्स, 2030 हॉकी विश्व कप और 2031 राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी के लिए केंद्र से सहयोग मांगा। पर्यटन क्षेत्र में गया, बोधगया, राजगीर और नालंदा को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बताई गई। विष्णुपद कॉरिडोर, महाबोधि कॉरिडोर और राजगीर-नालंदा-बोधगया पर्यटन सर्किट पर काम की जानकारी दी गई। कृषि और किसानों के लिए नई पहल मुख्यमंत्री ने बताया कि, एग्री स्टैक योजना के तहत किसानों को यूनिक आईडी प्रदान की जा रही है और पीएम किसान योजना के लगभग 61 प्रतिशत लाभार्थियों का पंजीकरण पूरा हो चुका है।' उन्होंने केंद्र सरकार से राज्य में केंद्रीय उपोष्णकटिबंधीय बागवानी अनुसंधान संस्थान स्थापित करने, राष्ट्रीय मखाना बोर्ड का कार्यालय खोलने और NIFTEM संस्थान की जल्द स्थापना के लिए सहयोग देने का आग्रह किया। पर्यटन को वैश्विक पहचान दिलाने की तैयारी मुख्यमंत्री ने कहा कि, 'बिहार में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। वन स्टेट, वन ग्लोबल डेस्टिनेशन योजना के तहत गया, बोधगया, राजगीर और नालंदा को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। विष्णुपद कॉरिडोर, महाबोधि कॉरिडोर और राजगीर-नालंदा-बोधगया पर्यटन सर्किट पर तेजी से काम चल रहा है।' उन्होंने इन क्षेत्रों को अंतरराष्ट्रीय हवाई संपर्क से जोड़ने के लिए केंद्र से सहयोग मांगा। आत्मनिर्भर भारत और ओडीओपी को बढ़ावा मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के तहत सूक्ष्म उद्यमियों को 35 प्रतिशत तक पूंजी अनुदान दिया जा रहा है, जिससे उत्पादन क्षमता में 40 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि लखपति दीदी योजना के तहत 48.30 लाख महिलाओं के साथ बिहार देश में पहले स्थान पर है। राज्य सरकार तय समय से पहले अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही बिहार में राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (NID) का क्षेत्रीय केंद्र और 10 आधुनिक प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक पार्क स्थापित करने के लिए केंद्र सरकार से सहयोग का अनुरोध किया गया। ज्ञान भारतम् मिशन में बिहार आगे मुख्यमंत्री ने बताया कि, ‘राज्य में 8 लाख से अधिक पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण किया जा चुका है। इसके चलते बिहार ज्ञान भारतम् मिशन के तहत देश के शीर्ष पांच राज्यों में शामिल हो गया है। बिहार में औद्योगिकीकरण को मिशन मोड में आगे बढ़ाया जा रहा है। राज्य में 14,037 एकड़ नई औद्योगिक भूमि स्वीकृत की गई है। बिहार औद्योगिक निवेश एवं प्रोत्साहन पैकेज-2025, सेमीकंडक्टर नीति-2026, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर नीति और बिहार एआई मिशन के जरिए नई अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है। पिछले दो वर्षों में राज्य ने एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का निजी निवेश आकर्षित किया है।' इसके अलावा नियोजित शहरी विकास के लिए लगभग तीन लाख एकड़ भूमि पर 14 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना बनाई गई है।
देश के चार राज्यों में फैले साइबर ठगी के एक ऐसे शातिर तंत्र का खुलासा हुआ है, जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली को चुनौती दे दी है। इस नेटवर्क के तहत अपराधी अरुणाचल प्रदेश से फर्जी सिम कार्ड खरीदते हैं, राजस्थान के मेवात और मारवाड़ क्षेत्र को ठगी का केंद्र बनाते हैं, ठगी गई राशि बिहार के बैंक खातों में जमा की जाती है और अंत में महाराष्ट्र के एटीएम से उसे निकाल लिया जाता है। इस जटिल ‘फोर-स्टेट’ चक्रव्यूह के बावजूद प्रतापगढ़ जिला पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ एक ऐसा प्रभावी मॉडल तैयार किया है, जिसकी चर्चा पूरे प्रदेश में हो रही है। जहां पिछले तीन वर्षों में राजस्थान के लोगों से 586 करोड़ रुपए की ठगी हुई और पूरी राजस्थान पुलिस महज 26 लाख रुपए ही रिकवर कर पाई, वहीं इस कुल राशि में से 20 लाख रुपए अकेले प्रतापगढ़ जिले की साइबर सेल ने पीड़ितों को वापस दिलाकर मिसाल पेश की है। प्रदेश में 26 लाख की रिकवरी, इसमें प्रतापगढ़ का 20 लाख प्रतापगढ़ पुलिस ने बैंकिंग संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर ठगी रोकने में बड़ी सफलता हासिल की है। ठगी की सूचना मिलते ही साइबर सेल संबंधित खातों को तुरंत फ्रीज करवा देती है, जिससे रकम सुरक्षित हो जाती है। इसी सक्रियता के कारण प्रतापगढ़ राजस्थान में पीड़ितों को राशि लौटाने में अग्रणी बना है। फोर-स्टेट क्राइम मैप से समझिए ठगों के नेटवर्क को साइबर अपराधियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए राज्यों की सीमाओं का इस्तेमाल करते हुए एक ‘क्राइम रूट’ तैयार किया है। जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क की पहली कड़ी अरुणाचल प्रदेश है, जो फर्जी आईडी पर मोबाइल सिम खरीदने का मुख्य केंद्र बन चुका है। इन सिम कार्ड्स का उपयोग कर राजस्थान के मेवात क्षेत्र से ठगी की कॉल्स और मैसेज किए जाते हैं। ठगी गई धनराशि का ‘गोदाम’ बिहार के बैंक खाते बनते हैं, जिन्हें ‘ड्रॉपर’ अकाउंट कहा जाता है। अंत में, इस काले धन की अवैध निकासी महाराष्ट्र के पुणे, लातूर से की जाती है। पुलिस तत्परता से खुले ठगी के 4 बड़े मामले भास्कर इनसाइट - देश का 54.1% साइबर क्राइम मेवात कनेक्शन से गृह मंत्रालय के नेशनल साइबर कोऑर्डिनेशन सेंटर के अनुसार भारत के लगभग 54.1% साइबर अपराध राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के सीमावर्ती मेवात क्षेत्र से जुड़े हैं। राजस्थान के भरतपुर, अलवर और नवगठित डीग जिले कॉल-आधारित साइबर ठगी के प्रमुख केंद्र हैं, जहां से रोज 250 से अधिक शिकायतें दर्ज होती हैं। पहले भरतपुर की हिस्सेदारी देश के कुल साइबर अपराधों में 16–18% थी, जो ‘ऑपरेशन एंटी-वायरस’ के बाद 7% रह गई। अलवर 5.1% हिस्सेदारी के साथ देश में 7वें स्थान पर है। 1.90 लाख से अधिक संदिग्ध सिम और आईएमईआई ब्लॉक किए हैं।
बिहार सरकार के 16 अफसरों को IAS कैडर में प्रमोट कर दिया गया है। पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार ने इसे हरी झंडी दे दी है। नोटिफिकेशन जारी हो गया है। इनमें सरकार का प्रचार करने वाले से लेकर स्वास्थ्य और परिवहन को दुरुस्त करने की जिम्मेदारी उठाने वाले अफसरों के नाम शामिल हैं। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के विभाग के दो अधिकारी भी प्रमोट हुए हैं। भास्कर के एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में पढ़िए, 16 अफसरों की कहानी जो IAS बन गए। IAS बनने वाले 16 अधिकारी कौन? केंद्र सरकार के मिनिस्ट्री ऑफ पर्सनल, पब्लिक एंड पेंशन (DOPT) ने बिहार कैडर को 16 आईएएस सौंपे हैं। इन्हें आईएएस बैच 2025 अलॉट किया है। 1. डॉ. गगन: किसानों को फसलों की उचित कीमत दिलाने पर कर रहे काम डॉ. गगन अभी वेजफेड (VEGFED) में प्रबंध निदेशक हैं। इसके साथ ही नालंदा के जिला नोडल पदाधिकारी के रूप में भी काम कर रहे हैं। उन्होंने छपरा के अपर जिला दंडाधिकारी (ADM) और आपदा प्रबंधन विभाग में OSD के रूप में सेवा दी है। पहले उन्हें बिहार राज्य खाद्य निगम (SFC) के जिला प्रबंधक और क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (RTA) का प्रभार सौंपा गया था। गगन ने राज्य में आपदा जोखिम न्यूनीकरण, प्रबंधन प्रशिक्षण और नीतिगत मामलों में सक्रिय रूप से योगदान दिया है। वह बिहार में सब्जियों के उत्पादन, कोल्ड स्टोरेज और किसानों को उनकी फसल का सही दाम दिलाने में जुटे हैं। 2. अंजनी कुमार: पूर्णिया में करा रहे विकास के काम अंजनी कुमार पूर्णिया के डीडीसी हैं। पूर्णिया में तेजी से विकास के काम करा रहे हैं। पहले ग्रामीण विकास विभाग में तैनात थे। जेल आईजी कार्यालय में सेवा दी है। ग्रामीण विकास विभाग मंत्री श्रवण कुमार के पीएस के रूप में काम किया है। इन्हें ग्रामीण इलाके में विकास की योजनाओं को जमीन पर उतारने का अनुभव है। 3. सुरेंद्र राय: प्रमोशन के लिए हाईकोर्ट में लगाई थी याचिका सुरेंद्र राय स्वास्थ्य विभाग में विशेष कार्य पदाधिकारी (OSD) हैं। बिहार प्रशासनिक सेवा के 38वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा बैच से हैं। वैशाली के रहने वाले हैं। अपने प्रशासनिक करियर के दौरान सुरेंद्र ने राज्य के विभिन्न अनुमंडलों और जिलों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। मोतिहारी सदर (पूर्वी चंपारण) में अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण अधिकारी के पद पर सेवाएं दे चुके हैं। सुरेंद्र ने प्रमोशन लिस्ट पर विचार किए जाने की मांग करते हुए पटना हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। उनके वकीलों ने कोर्ट में तर्क दिया कि विभागीय जांच में सुरेंद्र को पहले ही आरोपों से दोषमुक्त किया जा चुका है। निगरानी से जुड़े पुराने मामलों की कार्यवाही पर भी कानूनी रोक लगाई गई है। इसके आधार पर आईएएस कैडर में प्रमोशन के अधिकार पर विचार किया जाए। स्वास्थ्य विभाग जैसे बड़े और सीधे जनता से जुड़े महकमे में OSD का पद बेहद महत्वपूर्ण है। राज्य की बड़ी स्वास्थ्य योजनाओं को जमीन पर उतारने का जिम्मा उनके कंधों पर है। 4. सुधांशु कुमार चौबे: कर रहे सरकारी वकीलों के कामकाज की निगरानी सुधांशु कुमार चौबे अभी गृह विभाग के विशेष सचिव, सह निदेशक अभियोजन हैं। उनपर राज्य की आपराधिक न्याय प्रणाली को मजबूत करने, अदालतों में लंबित मामलों को कम करने और त्वरित तथा निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी है। इनका काम राज्य में अदालती मामलों और सरकारी वकीलों के कामकाज की निगरानी करना है। यह किसी भी राज्य की कानून-व्यवस्था की रीढ़ होती है। सुधांशु जिला स्तर पर अभियोजन कार्यों की निरंतर समीक्षा और निरीक्षण करते रहते हैं। अपने करियर की शुरुआत जनवरी 1996 में बतौर डिप्टी कलेक्टर की थी। छपरा में भूमि सुधार उप समाहर्ता (LRDC) के रूप में काम कर चुके हैं। बिहार राज्य आवास बोर्ड के सचिव के रूप में भी सेवा दे चुके हैं। 5. मृनायक दास: स्वास्थ्य विभाग के सचिव, खेल-कूद में दिखाते हैं इंटरेस्ट मृनायक दास स्वास्थ्य विभाग में अपर सचिव हैं। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के साथ काम कर रहे हैं। बिहार के सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था सुधारने और नई स्वास्थ्य नीतियों को लागू करने का जिम्मा इनके पास है। प्रशासनिक कार्यों के अलावा, मृनायक दास खेल-कूद में काफी इंटरेस्ट दिखाते हैं। 2023 में ऑल इंडिया सिविल सर्विस क्रिकेट टूर्नामेंट के लिए चुनी गई बिहार सचिवालय क्रिकेट टीम के सदस्यों में शामिल थे। 6. मनोरंज कुमार: शिक्षा विभाग में निदेशक हैं मनोरंज कुमार इस समय शिक्षा विभाग में निदेशक प्रशासन के पद पर तैनात हैं। इससे पहले सामान्य प्रशासन जैसे अहम विभाग में सेवा दे चुके हैं। इसके अलावा बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी' (BPRMS) में भी तैनात रहें हैं। 7. विकास कुमार: बाढ़ से बचाव पर कर रहे काम विकास कुमार सीवान के रहने वाले हैं। अभी मधेपुरा एडीएम आपदा प्रबंधन के पद पर तैनात हैं। कोसी क्षेत्र (मधेपुरा शामिल) बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं के लिए जाना जाता है। ऐसे में संकट के समय राहत और बचाव कार्य का पूरा जिम्मा संभालना इनके करियर का सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा है। 8. मो. ईजतबा हुसैन: संभाल रहे वित्त विभाग में अपर सचिव की जिम्मेदारी मो. ईजतबा हुसैन वर्तमान में बिहार सरकार के वित्त विभाग में अपर सचिव के पद पर तैनात हैं। इनके पास बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम लिमिटेड (BSEFCL) में महाप्रबंधक (प्रशासन) का अतिरिक्त प्रभार है। बिहार के बजट निर्माण से लेकर विभागों को फंड जारी करने तक, राज्य के आर्थिक फैसलों में इनकी अहम भूमिका रहती है। 9. रजनीश कुमार: देख रहे अफसरों की ट्रांसफर-पोस्टिंग रजनीश कुमार सामान्य प्रशासन विभाग में एडिशनल सेक्रेट्री के पद पर तैनात हैं। यह विभाग ट्रांसफर-पोस्टिंग और अफसरों के कामकाज की देखरेख करता है। इसे सरकार के सबसे पावरफुल विभागों में से एक माना जाता है। 10. बिधु भूषण चौधरी: सरकार की योजनाओं का किया प्रचार बिधु भूषण चौधरी सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (IPRD) में अपर सचिव हैं। इन्हें सरकार की योजनाओं का प्रचार-प्रसार करने में महारत हासिल है। पहले झंझारपुर, बेगूसराय और सुपौल जैसे जिलों में सेवा दे चुके हैं। सरकार की हर योजना को जनता तक पहुंचाना और मीडिया के साथ तालमेल बिठाना इनका मुख्य काम है। यानी पर्दे के पीछे रहकर सरकार की छवि चमकाने में इनका बड़ा हाथ रहता है। 11. मो. वसीम अहमद: जमीनी स्तर पर काम का है अनुभव मो. वसीम अहमद पूर्णिया के हैं। पटना, अररिया और दरभंगा जैसे जिलों में एसडीओ, एडीएम जैसे अहम पद पर रहे हैं। इन्हें जमीनी स्तर पर कानून-व्यवस्था संभालने और जनता की समस्याओं को तुरंत सुलझाने का लंबा तजुर्बा है। 12. कृत्यानंद रंजन: बना रहे आधुनिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम कृत्यानंद रंजन नवादा जिला के निवासी हैं। बिहार सरकार के परिवहन विभाग में अपर सचिव के पद पर तैनात हैं। बिहार में आधुनिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम और ट्रैफिक नियमों को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। 13. मो. राशिद आलम: संभाल रहे पंचायती राज व्यवस्था का काम मो. राशिद आलम पंचायती राज पदाधिकारी हैं। पटना जिला के प्रखंडों और ग्राम पंचायतों में पंचायती राज व्यवस्था का संचालन करा रहे हैं। उनके पास ग्रामीण विकास योजनाओं की मॉनिटरिंग और प्रशासनिक कार्यों की निगरानी की जिम्मेदारी है। 14. इबरार अहमद खान: संयुक्त सचिव के पद पर दे रहे सेवा इबरार अहमद वर्तमान में संयुक्त सचिव के पद पर कार्यरत हैं। पहले अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में सहायक निदेशक रहे हैं। सहरसा जिला के निवासी हैं। इस जिले में सहरसा में विभिन्न प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। 15. मनोज कुमार: सहकारिता विभाग में कर रहे काम मनोज कुमार इस वक्त सहकारिता विभाग में तैनात हैं। पहले जल संसाधन और वाणिज्य कर विभाग में सेवा दे चुके हैं। 16. हेमंत कुमार सिंह: अपर सचिव के पद हैं तैनात इस समय हेमंत कुमार सिंह युवा, रोजगार और कौशल विकास विभाग में अपर सचिव के पर तैनात हैं। पहले कैबिनेट सचिवालय विभाग सेवा दे चुके हैं। फील्ड पोस्टिंग के दौरान पटना जैसे ग्रेड वन डिस्ट्रिक में रहें हैं। बिहार में तय है IAS के 359 पद बिहार में आईएएस अधिकारी के कुल सेंक्शन पोस्ट 359 हैं। कुल सेक्शन पोस्ट में से 29 आईएएस अधिकारी प्रतिनियुक्ति पर गए हुए हैं। मौजूदा वक्त में 280 पदों पर ही अधिकारी तैनात हैं। इन 16 अफसरों को पोस्टिंग मिलने के बाद काम करने वाले अधिकारियों की संख्या 296 तक पहुंच जाएगी।
अररिया के 40 थांग-ता खिलाड़ी लखीसराय रवाना:6वीं बिहार राज्य प्रतियोगिता में दिखाएंगे अपना टैलेंट
अररिया जिले के 40 थांग-ता खिलाड़ी गुरुवार को लखीसराय के लिए रवाना हो गए। ये खिलाड़ी 6वीं बिहार राज्य थांग-ता प्रतियोगिता में भाग लेंगे, जिसका आयोजन अररिया जिला थांग-ता संघ के तत्वावधान में किया जा रहा है।यह प्रतियोगिता लखीसराय के खेल भवन में 12 से 14 जून तक आयोजित होगी। अररिया का दल सब-जूनियर, जूनियर और सीनियर तीनों वर्गों में अपना प्रदर्शन करेगा।थांग-ता, मणिपुर की एक पारंपरिक मार्शल आर्ट है, जो अब बिहार में तेजी से लोकप्रिय हो रही है। अररिया के इन खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता के लिए लंबे समय तक कड़ी मेहनत और नियमित अभ्यास किया है। ''खिलाड़ियों ने बेहद अनुशासन के साथ तैयारी की'' संघ के महासचिव सह मुख्य कोच संतोष कुमार ने बताया, हमारे खिलाड़ियों ने बेहद अनुशासन के साथ तैयारी की है। वे न सिर्फ पदक जीतने के लिए तैयार हैं, बल्कि जिले का नाम रोशन करने के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।इस दल में विभिन्न वर्गों के खिलाड़ी शामिल हैं, जिन्होंने अपनी-अपनी श्रेणियों में प्रतिनिधित्व करने के लिए कड़ी मेहनत की है। सब-जूनियर वर्ग में आदर्श आनंद, अतीफ नवाज, विनायक झा, ओम पांडे, असद नवाज, रुद्र ओझा, समर्थ आनंद, बिदया कुमारी, अनाया आनंद, अनाया हेफाज, सावनी गुप्ता, राधिका रानी, अप्रिता पांडे, सावनी सिंह, शिवांश झा, रौनक गुप्ता और आसना इजहार शामिल हैं। जूनियर वर्ग में जिगर कुमार, लक्की कुमार, प्रांशु प्रीत, रौनक गुप्ता, खुशी कुमारी, आंचल कुमारी, आस्था कुमारी, कृतिका गुप्ता, जियाना परवीन और निधि कुमारी प्रतिस्पर्धा करेंगी। सीनियर वर्ग में विकास कुमार, राही कुमार, दिवाकर कुमार, सुमित कुमार, सगुण श्रीवास्तव, ज्योति कुमारी, फिजा खान, जानवी, लक्षदीप कुशवाहा, ईशिका कुमारी, ईशा कुमारी, खुशबू कुमारी और रुनक कुमारी अपना दमखम दिखाएंगी। पदक जीतने और जिले का मान बढ़ाने का भरोसा जताया कला, संस्कृति एवं युवा विभाग सह प्रभारी जिला खेल पदाधिकारी सान्याल ने सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए उन्हें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। संघ के अध्यक्ष डॉ. मुकेश कुमार सिन्हा, उपाध्यक्ष कन्हैया मिश्रा और एसडीपीओ सुशील कुमार ने भी अररिया के इन खिलाड़ियों पर पदक जीतने और जिले का मान बढ़ाने का भरोसा जताया। खेल प्रेमी और अभिभावक भी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य और उनकी सफलता की कामना कर रहे हैं। थांग-ता जैसी प्राचीन कला को बढ़ावा देने में अररिया जिला थांग-ता संघ की यह पहल सराहनीय है। स्थानीय स्तर पर ऐसे आयोजन न सिर्फ युवाओं को शारीरिक रूप से मजबूत बनाते हैं, बल्कि अनुशासन, एकाग्रता और सांस्कृतिक गौरव की भावना भी विकसित करते हैं। प्रतियोगिता के दौरान अररिया जिले की टीम के प्रदर्शन पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। डिजिटल मीडिया और खेल प्रेमी खिलाड़ियों के अच्छे प्रदर्शन की लगातार अपडेट की उम्मीद कर रहे हैं।
फरीदाबाद के सारण थाना क्षेत्र की जवाहर कॉलोनी में गुरुवार सुबह करीब 11 बजे एक युवक का शव उसके घर के अंदर मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान 28 वर्षीय जितेंद्र प्रजापति के रूप में हुई है। वह यामाहा कंपनी में प्लांट लाइनमैन के पद पर काम करता था। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए ईएसआईसी अस्पताल की मोर्चरी में भिजवा दिया। जानकारी के अनुसार, जितेंद्र प्रजापति जवाहर कॉलोनी में अपने मकान में अकेले रहता था। उसकी पत्नी और एक छोटी बेटी बिहार के सिवान जिले में रहती हैं। पड़ोसियों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से जितेंद्र दिखाई नहीं दे रहा था। किसी को अंदाजा नहीं था कि वह घर के अंदर मृत अवस्था में पड़ा हुआ है। दुर्गंध आने पर पड़ोसियों को हुआ शक बुधवार रात को आसपास रहने वाले लोगों को बदबू आने लगी थी। शुरुआत में लोगों को लगा कि बदबू नाली या सीवर से आ रही है। लेकिन गुरुवार सुबह जब दुर्गंध और ज्यादा तेज हो गई तो लोगों को शक हुआ कि कहीं आसपास कोई जानवर या चूहा मर गया है। इसी दौरान कुछ लोग जितेंद्र के घर के पास पहुंचे तो वहां से काफी तेज दुर्गंध आ रही थी। पड़ोसियों ने जितेंद्र को फोन कर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उसकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद लोगों का शक और बढ़ गया। उन्होंने तुरंत इस बारे में पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही सारण थाना पुलिस मौके पर पहुंची। घर का दरवाजा अंदर से बंद था, इसलिए पुलिस को दरवाजा तोड़कर अंदर जाना पड़ा। बेड पर उल्टे मुंह पड़ा था मृत युवक पुलिस जब कमरे के अंदर पहुंची तो देखा कि जितेंद्र बेड के पास उल्टे मुंह पड़ा हुआ था। शव काफी फूल चुका था और शरीर का रंग भी बदल गया था। गर्मी की वजह से शव से बदबू आ रही थी। पुलिस का मानना है कि युवक की मौत करीब तीन दिन पहले हुई होगी। सारण थाना प्रभारी हुकुम सिंह ने बताया कि जितेंद्र नाम का युवक अपने घर में मृत मिला है। फिलहाल उसकी मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और उसके परिजनों को भी घटना की जानकारी दे दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि युवक की मौत किस वजह से हुई। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
हैदराबाद: भाडे़े के गिरोह से पत्नी की हत्या करवाने वाला बिहार निवासी शख्स गिरफ्तार
साइबराबाद पुलिस ने एक महिला की हत्या के मामले को सुलझाते हुए उसके पति को गिरफ्तार किया है, जिसने बिहार के गिरोह को उसकी हत्या के लिए किराए पर लिया था।
जन-स्वास्थ्य के प्रति प्रतिबद्धता के लिए इंडियन ऑयल की बरौनी रिफाइनरी को बिहार सरकार ने टीबी मुक्त भारत के राष्ट्रीय मिशन में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से आयोजित राज्य-स्तरीय टीबी उन्मूलन सम्मेलन में असाधारण सहयोग के लिए बरौनी रिफाइनरी को सम्मान प्रदान किया गया। कार्यकारी निदेशक और रिफाइनरी प्रमुख सत्य प्रकाश ने आज पटना में बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैय्यद अता हसनैन ने स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार से यह सम्मान ग्रहण किया। बरौनी रिफाइनरी ने सरकार की टीबी उन्मूलन रणनीति में सक्रिय भूमिका निभाते हुए खुद को निक्षय मित्र के रूप में पंजीकृत कराया है। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत रिफाइनरी ने अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) पहल के तहत लगातार तीन साल में 18 हजार पोषण किट (निक्षय पोषण किट) वितरित किए हैं। इसका उद्देश्य टीबी रोगियों को न केवल पोषण प्रदान करना, बल्कि उनके जीवन में उम्मीद की एक नई किरण जगाना है। रोगियों को बेहतर स्वास्थ्य प्रदान करना मकसद इस सुविधा के साथ रोगियों को बेहतर स्वास्थ्य प्रदान करना है। पोषण संबंधी सहायता के अलावा रिफाइनरी ने छह TruNAT मशीनें उपलब्ध कराकर स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। जो बेगूसराय के स्वास्थ्य सेवा ढांचे में एक क्रांतिकारी कदम है। कॉर्पोरेट संचार अधिकारी अर्पिता पटेल ने बताया कि अपनी गति और सटीकता के लिए मशहूर ये आधुनिक डायग्नोस्टिक सिस्टम टीबी की शुरुआती पहचान और समय पर इलाज में अहम भूमिका निभाएंगे। ऐसे पहलों के माध्यम से बरौनी रिफाइनरी टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने और जनसेवा के प्रति सदैव प्रतिबद्ध है।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती के लिए 8 से 10 जून तक परीक्षा आयोजित हो रही है। वाराणसी के 50 केंद्रों पर आज बुधवार को अंतिम दिन परीक्षा है। यहां परीक्षा केंद्रों पर जो अभ्यर्थी परीक्षा देने आ रहे हैं उनमें यूपी से कहीं ज्यादा बिहार के अभ्यर्थी देखे जा रहे हैं। यही कारण है कि वाराणसी जंक्शन से बिहार जाने वाली ट्रेनों में सबसे ज्यादा भीड़ हो रही है। बिहार वाली ट्रेनें हाउसफुल चल रही है। पिछले दिनों से यही स्थिति हो रही है। बिहार से परीक्षा देने आए अभ्यर्थियों में सिर्फ पुरूष अभ्यर्थी ही नहीं बल्कि महिला अभ्यर्थियों की संख्या भी ज्यादा है। इन अभ्यर्थियों का कहना है, बिहार में कई परीक्षाएं देने के बाद जब सफलता नहीं मिली तो UP में प्रयास कर रहे हैं। बिहार के बक्सर जिले से वाराणसी में पुलिस परीक्षा देने आए विपुल कुमार पांडेय ने बताया, पिछले 60 हजार वाली भर्ती में भी हमने परीक्षा दी थी लेकिन मेरिट में नाम नहीं आया। बिहार आने के सवाल पर विपुल कहते हैं, बिहार तो यूपी से सटा है। यहां नौकरी मिल जाएगी तो यहां रहकर नौकरी कर लूंगा। बिहार से आईं आरती कुमार कहती हैं, तीन बार बिहार पुलिस के लिए भर्ती परीक्षा दे चुकी हूं लेकिन नहीं हो सका। कहीं न कहीं, सिस्टम पर भी सवाल उठता है। यूपी में भर्ती परीक्षाएं पारदर्शिता के साथ होती है इस उम्मीद से यहां आई हूं कि शायद यहां पर सफलता मिल जाए। बिहार के आरा से आए सुभाष कुमार ने कहा, यूपी में पहली बार परीक्षा देने आया हूं। परीक्षा अच्छा हुआ है, उम्मीद है कि सफलता मिल जाए। 30% से ज्यादा अभ्यर्थी छोड़ दे रहे परीक्षा उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा का आज बुधवार को तीसरा दिन है। परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में परीक्षा आयोजित हो रही है। पहली पाली की परीक्षा सुबह 10 बजे से 12 बजे तक होगी जबकि दूसरी पाली की परीक्षा तीन बजे से शाम पांच बजे तक हो रही है। पहले दिन (आठ जून) की परीक्षा में करीब 29% अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। जारी आंकड़ों के अनुसार, पहली पाली की परीक्षा में 22032 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। यहां 6560 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। यानी पहली पाली में 15472 परीक्षार्थी परीक्षा दिए। इसी तरह दूसरी पाली की परीक्षा में 22032 परीक्षार्थी पंजीकृत रहे जिसमें 15339 परीक्षार्थी शामिल रहे। दोनों पाली की परीक्षा में करीब 70% परीक्षार्थी शामिल हुए। दूसरे दिन मंगलवार को पहली पाली में 22032 के सापेक्ष 15587 अभ्यर्थी उपस्थित रहे। 29.26% अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। इसी तरह दूसरी पाली में 28.68% अनुपस्थिति दर्ज की गई।
बिहार होमगार्ड में क्लर्क के पद पर नियुक्ति के लिए आज दरभंगा के 17 सेंटर्स पर एग्जाम आयोजित किए जाएंगे। परीक्षा एक पाली में सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगी। परीक्षा के शांतिपूर्ण, कदाचारमुक्त और सफल संचालन को लेकर प्रशासन ने व्यापक तैयारी की है। जिलाधिकारी कौशल कुमार के निर्देश पर सदर एसडीओ विकास कुमार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 की धारा-163 के तहत सभी परीक्षा केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू करने का आदेश जारी किया है। एग्जाम के लिए बनाए गए ये 18 सेंटर सुबह 7 से शाम 6 बजे तक लाउडस्पीकर के यूज पर रोक प्रशासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार, परीक्षा केंद्रों के आसपास पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एक साथ खड़े होने, घातक हथियार या विस्फोटक सामग्री लेकर चलने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक लाउडस्पीकर के यूज पर भी रोक लगाई गई है। एग्जाम सेंटर के अंदर परीक्षार्थियों एवं परीक्षा कार्य में शामिल व्यक्तियों को मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, वाई-फाई गैजेट, इलेक्ट्रॉनिक पेन, पेजर, व्हाइटनर, इरेजर, ब्लेड, सेल्युलर फोन तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने की अनुमति नहीं होगी। आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि यह प्रतिबंध परीक्षा ड्यूटी में प्रतिनियुक्त अधिकारियों, पुलिस एवं सुरक्षा बलों के जवानों, प्रशासन द्वारा जारी पासधारकों, शवयात्रा, धार्मिक जुलूस तथा शादी-विवाह जैसे कार्यक्रमों में शामिल लोगों पर लागू नहीं होगा। प्रशासन ने सभी अभ्यर्थियों से निर्धारित समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने तथा परीक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है, ताकि परीक्षा का संचालन सुचारू एवं निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराया जा सके।
पानीपत में करीब चार महीने पहले होली के दिन हुए अरुण हत्याकांड के पांचवें आरोपी चिंटू को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने उसके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद किया है। आरोपी की पहचान बिहार के बेगूसराय स्थित चित्तौरा निवासी चिंटू के रूप में हुई है। सीआईए-वन प्रभारी फूल कुमार ने बताया कि आरोपी चिंटू ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि उसने अपने तीन नाबालिग साथियों, बिहार के देवरा पटना निवासी सन्नी जो कृष्णपुरा में रहता है और एक अन्य फरार साथी के साथ मिलकर अरुण की हत्या की थी। पुलिस ने चिंटू को एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। चिंटू ने पुलिस को बताया कि फरवरी में उसकी अरुण से किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। इसी पुरानी रंजिश के चलते उसने होली के दिन अपने साथियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद वह बिहार और पश्चिम बंगाल में छिपकर फरारी काट रहा था। पुलिस ने आरोपी चिंटू को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। क्या था पूरा मामला मामले के अनुसार, अशोक पुत्र श्यामलाल ने किशनपुरा चौकी में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनका बेटा अरुण 4 मार्च 2026 की शाम करीब 6 बजे अपने दोस्त पिंडी के साथ शमशान घाट रोड की तरफ जा रहा था। जब वे गुप्ता फैक्ट्री के पास पहुंचे, तो चिंटू, अजय और मिंटू ने अपने 10-12 अन्य साथियों के साथ मिलकर उनका रास्ता रोका और अरुण पर हमला कर दिया। आरोपियों ने तेजधार हथियारों से अरुण पर हमला किया, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। राहगीरों की मदद से अरुण को इलाज के लिए पानीपत के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया, लेकिन परिजनों ने उसे पानीपत के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। 9 मार्च को इलाज के दौरान अरुण की मौत हो गई थी। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों को पकड़ने की कार्रवाई शुरू की थी।
बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के उन लाभार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना जारी की गई है, जिन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी कर ली है और जिनके ऋण अदायगी का समय शुरू हो चुका है। ऐसे लाभार्थी जिन्हें अभी तक रोजगार नहीं मिला है और वे ऋण चुकाने में असमर्थ हैं, उन्हें 15 जून से 30 जून के बीच शपथ-पत्र (एफिडेविट) जमा करना होगा। शपथ-पत्र में यह उल्लेख करना होगा कि लाभार्थी वर्तमान में बेरोजगार हैं और ऋण अदायगी करने में सक्षम नहीं हैं। इसे बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के कार्यालय में जमा करना अनिवार्य है। यदि निर्धारित अवधि के भीतर शपथ-पत्र जमा नहीं किया गया तो संबंधित लाभार्थी के खिलाफ सर्टिफिकेट केस दर्ज किया जा सकता है। छह माह तक मिलेगी राहतबिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के सहायक प्रबंधक (योजना) रवि राज ने बताया कि शपथ-पत्र जमा करने के बाद लाभार्थियों से अगले छह माह तक शिक्षा ऋण की वसूली स्थगित कर दी जाएगी। इससे बेरोजगार युवाओं को अस्थायी राहत मिलेगी और उन्हें रोजगार तलाशने के लिए अतिरिक्त समय मिल सकेगा। अररिया में हजारों लाभार्थी हैं पात्र रवि राज ने बताया कि अररिया जिले में लगभग 3,500 से 4,000 लाभार्थी ऐसे हैं, जो शपथ-पत्र जमा करने के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी लाभार्थी को प्रक्रिया से संबंधित किसी प्रकार की परेशानी होती है, तो वे बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के अररिया जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र स्थित कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। ऐसे बनाएं और जमा करें शपथ-पत्रशपथ-पत्र बनाने के लिए लाभार्थियों को सबसे पहले सात निश्चय पोर्टल yuvaupmission.bihar.gov.in पर जाकर अपने यूजर आईडी और पासवर्ड से लॉगिन करना होगा। इसके बाद Request for Affidavit विकल्प पर क्लिक कर अपनी ईमेल आईडी दर्ज कर सबमिट करना होगा। सबमिट करने के बाद एफिडेविट का फॉर्मेट ईमेल पर प्राप्त होगा, जिसे डाउनलोड किया जा सकता है। डाउनलोड किए गए एफिडेविट फॉर्मेट को 100 रुपये के नॉन-ज्यूडिशियल स्टाम्प पेपर पर प्रिंट कराना होगा। इसके बाद एफिडेविट को नोटरी से प्रमाणित (नोटराइज) कराना आवश्यक होगा। एफिडेविट पूरी तरह तैयार होने के बाद उसकी मूल प्रति बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम, अररिया कार्यालय में जमा करनी होगी। साथ ही, पोर्टल पर अपलोड करने के तीन से चार दिनों के भीतर मूल प्रति जमा करना अनिवार्य होगा।
बिहार सरकार के सूचना प्रावैधिकी (आईटी) विभाग ने दुनिया भर में बसे बिहारियों को राज्य के विकास से जोड़ने के लिए एक नई पहल शुरू की है। आईटी मंत्री नीतीश मिश्रा ने एक विशेष डिजिटल प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया। यह प्लेटफॉर्म देश और विदेश में रहने वाले बिहार मूल के लोगों को बिहार में निवेश, रोजगार, स्टार्टअप, शिक्षा और विकास से जुड़ी जानकारियों से जोड़ेगा। दुनियाभर के बिहारियों को एक मंच पर लाने की कोशिश मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा, आज लाखों बिहारी देश और विदेश के अलग-अलग हिस्सों में रहकर विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। कई लोग बड़े उद्योगों, तकनीकी कंपनियों, शिक्षा, चिकित्सा और शोध के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। सरकार चाहती है कि उनका अनुभव और ज्ञान बिहार के काम आए। इसी उद्देश्य से यह डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है। बिहार में निवेश के अवसरों की मिलेगी जानकारी इस प्लेटफॉर्म के जरिए प्रवासी बिहारियों को राज्य में उपलब्ध निवेश और कारोबार के अवसरों की जानकारी मिलेगी। जो लोग बिहार में उद्योग लगाना चाहते हैं या किसी परियोजना में निवेश करना चाहते हैं, उन्हें जरूरी जानकारी और सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे बिहार में नए उद्योग लगेंगे, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और राज्य के आर्थिक विकास को मजबूती मिलेगी। युवाओं को मिलेगा विशेषज्ञों का मार्गदर्शन मंत्री ने कहा कि दुनिया के अलग-अलग देशों और शहरों में काम कर रहे बिहारी विशेषज्ञ अपने अनुभव और ज्ञान को बिहार के युवाओं के साथ साझा कर सकेंगे। इससे छात्रों, स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं और नए उद्यमियों को काफी फायदा होगा। यह मंच शिक्षा, तकनीक, कौशल विकास और नवाचार के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने का काम करेगा। स्टार्टअप और नए उद्यमों को होगा लाभ नीतीश मिश्रा ने कहा कि बिहार सरकार स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। नए डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से बिहार के स्टार्टअप्स को देश-विदेश के विशेषज्ञों और निवेशकों से जुड़ने का मौका मिलेगा। इससे नए विचारों को आगे बढ़ाने और व्यवसाय का विस्तार करने में मदद मिलेगी। ऑनलाइन पंजीकरण की होगी सुविधा इस प्लेटफॉर्म पर बिहार मूल के लोग ऑनलाइन पंजीकरण करा सकेंगे। पंजीकरण के दौरान वे अपने काम, अनुभव और विशेषज्ञता की जानकारी साझा करेंगे। इसके आधार पर उन्हें राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों से जोड़ा जाएगा। मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि बिहार के लोगों ने पूरी दुनिया में अपनी पहचान बनाई है। यदि उनके अनुभव, ज्ञान और संसाधनों को राज्य के विकास से जोड़ा जाए तो बिहार को नई दिशा और नई गति मिल सकती है। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म उसी सोच का हिस्सा है।
पूर्णिया के महानंदा सभागार में बैठक:10 जून से खनिज परिवहन के लिए ISTP अनिवार्य
बिहार सरकार के खान एवं भूतत्व विभाग ने एक महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी की है। इसके तहत, 10 जून 2026 से राज्य में अन्य राज्यों से प्रवेश करने वाले लघु खनिज (जैसे बालू, पत्थर) लदे सभी वाहनों के लिए इंटर स्टेट ट्रांजिट पास (ISTP) अनिवार्य कर दिया गया है। इस कदम का उद्देश्य अवैध खनिज परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। इस नई व्यवस्था के संबंध में 8 जून 2026 को पूर्णिया के महानंदा सभागार में एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की संयुक्त अध्यक्षता जिला खनन पदाधिकारी श्री शिलिमा कुमारी और जिला परिवहन पदाधिकारी श्री शंकर शरण ओमी ने की। इसमें विभिन्न विभागों के संवेदकों, ट्रांसपोर्टरों, वाहन मालिकों और उनके प्रतिनिधियों को नई प्रणाली के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिहार में अन्य राज्यों से लघु खनिज लाने वाले सभी वाहनों का ISTP पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। वाहन मालिकों को अपने वाहनों का पंजीकरण istp.bihar.gov.in पर कराना होगा। पंजीकरण के बाद प्राप्त लॉगिन आईडी और पासवर्ड का उपयोग करके पोर्टल पर लॉगिन किया जा सकेगा। खनिज स्रोत से परिवहन चालान जारी होने के 6 घंटे के भीतर ट्रांजिट पास लेना अनिवार्य होगा। ट्रांजिट पास शुल्क का भुगतान केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किया जाएगा। ट्रांजिट पास की वैधता खनिज परिवहन चालान की वैधता के अनुरूप होगी। परिवहन के दौरान वाहन चालकों को ट्रांजिट पास और मूल खनिज परिवहन चालान दोनों साथ रखना अनिवार्य होगा। यह सुनिश्चित करना होगा कि दोनों दस्तावेज हर समय उपलब्ध रहें। जांच के दौरान यदि इन दोनों दस्तावेजों में से कोई एक भी नहीं मिलता है, तो वाहन को जब्त कर लिया जाएगा। बिहार खनिज नियमावली, 2019 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। जब्त किए गए वाहनों को जुर्माना भुगतान के बाद ही मुक्त किया जा सकेगा। ट्रांजिट पास शुल्क खनिज की मात्रा के आधार पर निर्धारित किया गया है। यदि खनिज की मात्रा वजन (मीट्रिक टन) में दर्ज है, तो 60 रुपये प्रति मीट्रिक टन शुल्क लगेगा। यदि मात्रा आयतन (घनमीटर) में दर्ज है, तो 85 रुपये प्रति घनमीटर शुल्क देय होगा। जिला प्रशासन ने सभी वाहन मालिकों, चालकों, ट्रांसपोर्टरों और संवेदकों से इस नई व्यवस्था का पालन सुनिश्चित करने की अपील की है। यह पहल राज्य में खनिज संसाधनों के अवैध परिवहन को रोकने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए की गई है।
चांदपुरा पंचायत के 7 युवा बिहार पुलिस में चयनित:मुखिया ने समारोह में अंगवस्त्र देकर किया सम्मानित
बेगूसराय सदर प्रखंड की चांदपुरा पंचायत में बिहार पुलिस में चयनित छह युवकों और एक युवती को सम्मानित किया गया। चांदपुरा पंचायत के मुखिया अरविंद कुमार साह के नेतृत्व में सोमवार को +2 उच्च विद्यालय चांदपुरा परिसर में यह समारोह आयोजित हुआ। सभी सफल अभ्यर्थियों को अंगवस्त्र, बैग और पुष्पमाला देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अभिभावक, ग्रामीण, महिलाएं, छात्र-छात्राएं एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे। सम्मानित होने वालों में अकिता कुमारी, सुजीत कुमार, गौरव कुमार, प्रदूम कुमार, हरेराम कुमार, निशांत कुमार और प्रीतम कुमार शामिल हैं। इन सभी ने कठिन परिस्थितियों, आर्थिक तंगी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बावजूद कड़ी मेहनत और लगन से बिहार पुलिस में सफलता प्राप्त की है। एकमात्र महिला अभ्यर्थी अकिता कुमारी ने ट्यूशन पढ़ाकर अपनी पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी का खर्च उठाया। वहीं, सुजीत कुमार दिन में टेंट हाउस में मजदूरी करते थे और रात में पढ़ाई करते थे। गौरव कुमार ने कई असफलताओं के बावजूद हार नहीं मानी और अंततः सफलता हासिल की। कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब आया जब हरेराम कुमार ने अपने संघर्ष की कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी संभालते हुए वे दिन में सब्जी बेचते और रात में पढ़ाई करते थे। कई बार असफल होने के बावजूद, मां के प्रोत्साहन और अपने दृढ़ संकल्प के बल पर उन्होंने बिहार पुलिस में स्थान प्राप्त किया। उनकी बातों ने उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक अशोक निषाद ने किया। सरपंच कृष्ण कुमार ने कहा कि इन युवाओं की सफलता पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है और उनकी संघर्षपूर्ण यात्रा अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगी। मुखिया अरविंद कुमार साह ने ऐसे सम्मान समारोहों का उद्देश्य सफल युवाओं का मनोबल बढ़ाना तथा अन्य युवाओं को अपने लक्ष्य के प्रति प्रेरित करना बताया। उन्होंने सभी चयनित अभ्यर्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
सीतामढ़ी के दो मोस्ट वांटेड अपराधी वसीम और अकरम का उत्तराखंड के ऋषिकेश में एनकाउंटर हो गया है। दोनों को हत्याकांड के एक मामले में बिहार और उत्तराखंड पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पकड़ा गया। पुलिस की गोली लगने से दोनों घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दोनों सीतामढ़ी जिले के नानपुर थाना क्षेत्र के महुआगाछी की है। घटना से जुड़ी तस्वीरें… पूर्व मुखिया के भतीजे की गोली मारकर की थी हत्या 18 मई 2026 को सीएसपी संचालक और पूर्व मुखिया के भतीजे सुंदर यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में वसीम और अकरम का नाम सामने आया था, जिसके बाद से वे फरार चल रहे थे। पुलिस लगातार उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि दोनों अपराधी उत्तराखंड के ऋषिकेश में छिपे हुए हैं। सूचना के आधार पर बिहार पुलिस और उत्तराखंड की धून पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया। इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करायासंयुक्त कार्रवाई के दौरान दोनों अपराधियों का एनकाउंटर हुआ। बताया जा रहा है कि पुलिस की गोली दोनों बदमाशों के पैर में लगी है। घायल अवस्था में वसीम और अकरम को पुलिस ने हिरासत में लेकर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है। सीतामढ़ी एसपी अमित रंजन ने इस मामले पर पुष्टि करते हुए बताया कि वसीम और अकरम सीतामढ़ी में सीएसपी संचालक की हत्या के मामले में वांछित थे।
स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के तहत आम लोगों से उनके शहर की साफ-सफाई की व्यवस्था पर फीडबैक लिया जा रहा है। पटना शहर सिटिजन फीडबैक में देशभर में तीसरे स्थान पर है। रविवार दोपहर तक के आंकड़ों के मुताबिक, पटना के 7,05,036 लोगों ने ऑनलाइन माध्यम से अपना फीडबैक दर्ज कराया है। सबसे अधिक 9,03,240 सिटिजन फीडबैक के साथ लखनऊ पहले स्थान पर है। दूसरे स्थान पर इंदौर है, जहां से 8,63,752 लोगों ने अपनी राय दी है। टॉप-300 शहरों में पटना अकेला शहर टॉप -300 शहरों में पटना अकेला शहर है, जिसने ये भागीदारी दर्ज कराई है। यह उपलब्धि शहर की साफ-सफाई और नागरिक सुविधाओं पर लोगों की सक्रिय भागीदारी को दर्शाती है। बिहार के अन्य तीन स्मार्ट सिटी इस मामले में काफी पीछे दिखाई दे रहे हैं। मुजफ्फरपुर को अब तक केवल 6,003 फीडबैक मिले हैं। भागलपुर में यह संख्या 4,828 रही, जबकि बिहारशरीफ की स्थिति सबसे कमजोर दिखी और वहां केवल 901 लोगों ने फीडबैक दिया। 12,500 अंकों पर होगा मूल्यांकन स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के अंतर्गत निकायों का मूल्यांकन कुल 12,500 अंकों के आधार पर किया जाएगा। सर्टिफिकेशन (ODF, Water Plus, Garbage Free City) में 2000 अंक, ऑन-ग्राउंड असेसमेंट में 9500 अंक और सिटीजन फीडबैक में 1000 अंक शामिल हैं। शहर की साफ-सफाई को लेकर पूछे 13 सवाल स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के तहत नागरिकों से शहर की साफ-सफाई, कचरा प्रबंधन और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े 13 सवाल पूछे जा रहे हैं। इन सवालों में घर-दुकान से कचरा उठाव, सूखा-गीला कचरा सेग्रेगेशन, नियमित सफाई, सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता, सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति, RRR सेंटर की जानकारी, शिकायत निवारण व्यवस्था, आदि विषय शामिल हैं। कैसे दें फीडबैक? नागरिक फीडबैक के लिए ऑनलाइन पोर्टल cf.sbmurban.org तैयार किया गया है। नागरिक अपने मोबाइल नंबर से लॉग इन कर पूछे गए सवालों का जवाब भर सकते हैं और ओटीपी वेरीफिकेशन के बाद अपना फीडबैक सबमिट कर सकते हैं। एक फोन नंबर से एक ही फीडबैक दर्ज किया जा सकता है। केंद्रीय टीम द्वारा ऑन-फील्ड वेरिफिकेशन के दौरान भी शहरवासियों से यही प्रश्न पूछे जाएंगे और उनके अंक स्वच्छ सर्वेक्षण के कुल स्कोर में जोड़े जाएंगे।
आजमगढ़ की पुलिस ने जिले में अवैध गांजे के विरुद्ध अभियान चलाया हुआ है। इस अभियान के तहत जिले के जहानागंज थाना क्षेत्र में पुलिस ने दो अंतर्जनपदीय गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार गांजा तस्करों के कब्जे से लगभग 21 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया है। जिसकी कीमत ₹300000 से अधिक की बताई जा रही है। पुलिस को या सफलता उसे समय मिला जब सब इंस्पेक्टर लवकुश कुमार चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि गांजा तस्करी करने वाले दो लोग अकबरपुर जहानागंज जाने वाले मार्ग पर खड़े हुए हैं। इस सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपियों का पीछा किया और दोनों को लेकर जब तलाशी ली तो उनके कब्जे से पांच बंडल गांजा बरामद किया गया है। बिहार और कुशीनगर के रहने वाले हैं आरोपी पुलिस पूछताछ में यह बात सामने आएगी आरोपी ताहिर हुसैन बिहार राज्य के चंपारण का रहने वाला है। जबकि मेहताब कुशीनगर का रहने वाला है। पुलिस आरोपियों से इस बात को भी जानने का प्रयास कर रही है कि आरोपी गांजा कहां से लाते थे और किन लोगों को सप्लाई करते थे। इस गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं। उनकी भी तलाश की जा रही है। जिससे जल्द से जल्द उन्हें भी गिरफ्तार करके उनके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
अशोकनगर की देहात थाना पुलिस ने एक 14 वर्षीय अपहृत बालिका को बिहार के पटना जिले से सुरक्षित बरामद कर लिया है। पुलिस ने रविवार को इस मामले में आरोपी को भी गिरफ्तार किया है। पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराएं बढ़ाई गई हैं। पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा के निर्देश पर देहात थाना प्रभारी उप निरीक्षक भुवनेश शर्मा के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। 4 जून को देहात थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने अपनी 14 वर्षीय बेटी के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान, पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और साइबर विश्लेषण का उपयोग किया। इससे पता चला कि संदिग्ध युवक बिहार की ओर गया है। सूचना मिलते ही एक विशेष टीम को तुरंत बिहार के लिए रवाना किया गया। पुलिस टीम ने लगभग 2000 किलोमीटर की दूरी तय की और लगातार प्रयासों के बाद पटना जिले के दनियाबा थाना क्षेत्र के ग्राम दनियाबा से नाबालिग बालिका को सुरक्षित दस्तयाब किया। पुलिस ने संदेही पिंटू बंजारा को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पीड़िता के कथनों के आधार पर आरोपी पिंटू बंजारा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 87 और 64(2एम) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 5/6 जोड़ी गईं। इसके बाद आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी भुवनेश शर्मा, एएसआई आमोद तिवारी, आरक्षक दिवेश बैरागी, महिला आरक्षक संध्या रघुवंशी, साइबर सेल के एएसआई संजय गुप्ता, एएसआई अभिजीत सिंह और आरक्षक प्रशांत भदौरिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
बक्सर के डुमरांव में रविवार को बिहार सरकार के योजना एवं आवास विभाग के मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा का नागरिक अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। मंत्री बनने के बाद डुमरांव में उनके पहले आगमन को लेकर एनडीए कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखा गया। इस कार्यक्रम में सैकड़ों नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। समारोह स्थल पर पहुंचने पर मंत्री कुशवाहा का फूल-मालाओं और गमछा पहनाकर स्वागत किया गया। शहर के विभिन्न स्थानों पर भी कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से अभिनंदन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जदयू नेता श्रीकांत सिंह कुशवाहा ने की, जबकि संचालन जदयू के पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह ने किया। मौके पर जदयू के वर्तमान जिलाध्यक्ष राजकुमार शर्मा सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। कुछ दलों ने राजनीति को परिवार तक सीमित किया अपने संबोधन के दौरान मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने विपक्ष, विशेषकर राजद सुप्रीमो लालू यादव पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवारवाद ने बिहार की राजनीति को काफी नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि कुछ दलों ने राजनीति को परिवार तक सीमित कर दिया है, जहां एक के बाद एक रिश्तेदारों को टिकट दिए जाते हैं। बेटा, बहू के बाद साली को राजनीति में बढ़ाने की कोशिश मंत्री कुशवाहा ने तंज कसते हुए कहा कि अब स्थिति यह हो गई है कि बेटा, बहू के बाद साली तक को राजनीति में आगे बढ़ाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने आगे कहा कि बिहार में अब राजनीति का स्वरूप बदल रहा है। मंत्री ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व और वर्तमान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मार्गदर्शन में राज्य तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाने का काम जारीइस मौके पर प्रदेश प्रवक्ता अंजुम आरा, जिलाध्यक्ष राजकुमार शर्मा और पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह ने दावा किया कि सरकार ने जातिगत भेदभाव को कम करने और समाज के सभी वर्गों को समान अवसर देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार का मुख्य उद्देश्य गरीबों, वंचितों और पिछड़े वर्गों के अधिकारों की रक्षा करना है। योजनाओं के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाने का काम किया जा रहा है। मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार की प्राथमिकता रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत संरचना को मजबूत करना है। जदयू नेता श्रीकांत सिंह कुशवाहा ने कहा कि सरकार ने अपराधियों पर लगाम लगाकर बिहार में बहार लाया है। आज पूरा बिहार एनडीए की कार्यशैली से खुश है। जनता संतुष्ट महसूस कर रही है। क्षेत्र में चल रही योजनाओं और विकास की जानकारी दीइस मौके पर जदयू के प्रखंड अध्यक्ष अजय चंद लोदी, नगर अध्यक्ष गोपाल प्रसाद गुप्ता, आयोध्या केशरी, नथुनी खरवार, लालजी चौधरी, लक्ष्मण चौधरी, संत गोंड, लक्ष्मण कुशवाहा, नंदलाल कुशवाहा, विशोका चंद, संजय सिंह, सुरेंद्र सिंह, राजेश कुशवाहा, संतोष चौधरी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम में भाग लिया। समारोह के दौरान योजना विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने क्षेत्र में चल रही योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी साझा की। कार्यक्रम के अंत में मंत्री ने कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता के विश्वास और समर्थन से ही विकास कार्यों को गति मिलती है। यह नागरिक अभिनंदन समारोह राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण रहा, जहां एक ओर मंत्री का जोरदार स्वागत हुआ, वहीं दूसरी ओर उन्होंने विपक्ष पर तीखा हमला कर आगामी राजनीतिक समीकरणों के संकेत भी दिए।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत रविवार को बिहार की राजधानी पटना पहुंचे। जहां एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सहित कई अन्य लोगों ने उनका स्वागत किया। मोहन भागवत पटना से मुंगेर जाएंगे, जहां वे आरएसएस तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर वर्ग में कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे।
गाजीपुर में होटल कारोबारी विनीत राय हत्याकांड के आरोपी कमलेश चौधरी उर्फ कमलेश बिंद के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। गाजीपुर के सांसद अफजाल अंसारी ने रविवार को कमलेश बिंद के परिजनों से मुलाकात की और पूरे मामले पर सवाल खड़े करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। मीडिया से बातचीत में अफजाल अंसारी ने दावा किया कि कमलेश बिंद को बिहार से पकड़कर लाया गया था और बाद में फर्जी मुठभेड़ दिखाकर उसकी हत्या कर दी गई। उन्होंने कहा कि यदि परिजन हिरासत में लेकर मारपीट करने और बाद में एनकाउंटर किए जाने का आरोप लगा रहे हैं, तो इन आरोपों की गंभीरता से जांच होनी चाहिए। भाई की तहरीर पर मुकदमा दर्ज करने की मांग सांसद ने कहा कि कमलेश बिंद के भाई की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। उन्होंने होटल कारोबारी विनीत राय हत्याकांड, पुलिस मुठभेड़ और गांव में हुई कथित पुलिस कार्रवाई, तीनों मामलों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग की। अफजाल अंसारी का कहना था कि केवल औपचारिक मजिस्ट्रियल जांच से लोगों का भरोसा नहीं बनेगा। निष्पक्ष जांच के जरिए ही पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सकती है। गांव में पुलिस कार्रवाई पर भी उठाए सवाल सांसद ने आरोप लगाया कि एनकाउंटर के बाद पुलिस ने गांव में घरों में घुसकर महिलाओं के साथ मारपीट की और घरेलू सामान को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने दावा किया कि कमलेश की पत्नी, मां और दादी के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया। उन्होंने कहा कि यदि ऐसे आरोप सामने आ रहे हैं तो उनकी भी स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जा सके। हत्या और जांच के तरीकों पर भी सवाल अफजाल अंसारी ने होटल कारोबारी विनीत राय हत्याकांड की जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि जिस होटल में हत्या हुई, वहां सीसीटीवी कैमरे क्यों नहीं लगे थे और पुलिस को घटना से पहले कोई खुफिया सूचना क्यों नहीं मिली। उन्होंने कथित कटरा गैंग के अस्तित्व पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि ऐसा कोई संगठित गिरोह सक्रिय था, तो पुलिस और खुफिया एजेंसियों को इसकी जानकारी पहले क्यों नहीं थी। कानून के तहत हो कार्रवाई: अफजाल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए सांसद ने कहा कि प्रदेश में अपराध की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जबकि पुलिस मुठभेड़ों को ही समाधान के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी आरोपी को सजा देने का अधिकार न्यायपालिका के पास है और कानून के दायरे में रहकर ही कार्रवाई होनी चाहिए। सांसद ने मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि सभी तथ्यों को सामने लाकर लोगों के बीच पैदा हुए सवालों का जवाब दिया जा सके।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत तीन दिवसीय दौरे पर बिहार पहुंचे हैं। पटना एयरपोर्ट पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उनका स्वागत किया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर में शताब्दी वर्ष समारोह मना रहा है। इसी कड़ी में संघ प्रमुख मोहन भागवत का बिहार दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संघ विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से स्वयंसेवकों और समाज के विभिन्न वर्गों तक अपनी विचारधारा और संगठनात्मक गतिविधियों को पहुंचाने में जुटा है। आज शाम मुंगेर पहुंचेंगे मोहन भागवत पटना पहुंचने के बाद मोहन भागवत आज शाम बिहार के ऐतिहासिक शहर मुंगेर पहुंचेंगे। उनका यह प्रवास 7 जून से 9 जून 2026 तक रहेगा। इस दौरान वे कई संगठनात्मक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे और स्वयंसेवकों के साथ संवाद करेंगे। मुंगेर के सरस्वती विद्या मंदिर, पुरानीगंज परिसर में आयोजित संघ शिक्षा वर्ग कार्यक्रम में मोहन भागवत शामिल होंगे। यहां वे करीब 700 स्वयंसेवकों का मार्गदर्शन करेंगे। राष्ट्र निर्माण और संगठन विस्तार पर रहेगा फोकस अपने प्रवास के दौरान मोहन भागवत स्वयंसेवकों को संघ की विचारधारा, शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका के बारे में संबोधित करेंगे। साथ ही संगठन को और मजबूत बनाने तथा समाज के विभिन्न क्षेत्रों में स्वयंसेवकों की भागीदारी बढ़ाने पर भी चर्चा करेंगे। राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से अहम दौरा बिहार की मौजूदा राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों के बीच संघ प्रमुख का यह मुंगेर प्रवास बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे समय में उनका यह दौरा संगठनात्मक गतिविधियों के साथ-साथ राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
Fact Check: क्या बिहार के शिक्षा मंत्री ने कहा लड़कियों को शिक्षा की जरूरत नहीं? सच जानिए
बूम ने पाया कि बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने Agitation शब्द का इस्तेमाल किया था जिसे एजुकेशन समझकर गलत दावा किया जा रहा है.
पश्चिमी विक्षोभ ला रहा आंधी-तूफान, दिल्ली से लेकर बिहार तक झमाझम बारिश
मई के महीन में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की वजह से मौसम ठंडा हो गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिन बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। तेज हवाओं के साथ रिमझिम बारिश से तापमान सामान्य से कम रहेगा।
पीएम उषा अभियान के तहत बिहार को 600 करोड़ रुपए देगी मोदी सरकार, नीतीश कैबिनेट ने खोला बंद रास्ता
बिहार में पीएम उषा अभियान को लागू करने के प्रस्ताव को नीतीश कुमार सरकार की मंजूरी के बाद राज्य में उच्च शिक्षा के विकास के लिए केंद्र से अगले दो साल में 600 करोड़ रुपए मिलने का रास्ता खुल गया है।
बिहार के प्रिंस कुमार सिंह ने यूपीएससी आईएफएस परीक्षा में 15वीं रैंक प्राप्त की है। इसके अलावा उन्होंने और भी कई बड़े एग्जाम को पास किया हुआ है। जानिए जानते प्रिंस कुमार की कहानी जिन्होंने अपने आर्थिक
बॉलीवुड के मशहूर स्टार कपल सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल 7 वर्ष की डेटिंग के बाद अब पति-पत्नी बन चुके हैं। दोनों की शादी इस वक़्त टॉक ऑफ द टाउन है। सोनाक्षी और जहीर अलग धर्म से हैं। ऐसे में ना उन्होंने निकाह किया तथा ना ही फेरे लिए, बल्कि सादगी से रजिस्टर मैरिज की एवं फिर रिसेप्शन पार्टी रखी। अलग धर्म में शादी करने पर सोनाक्षी एवं जहीर को जमकर ट्रोल किया जा रहा है। ट्रोलिंग के कारण दोनों को अपने वेडिंग पोस्ट का कमेंट सेक्शन तक बंद करना पड़ा। मगर बात तब हद से ज्यादा तब बढ़ गई, जब इंटरफेथ मैरिज करने पर सोनाक्षी एवं जहीर के खिलाफ बिहार के गांव में प्रोटेस्ट मार्च निकाले गए। रिपोर्ट के अनुसार, सोनाक्षी के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन 'हिंदू शिव भवानी सेना' नाम की एक संगठन द्वारा आयोजित किया गया था। जहीर संग शादी पर बेटी सोनाक्षी की हो रही ट्रोलिंग पर अब शत्रुघ्न सिन्हा ने चुप्पी तोड़ी है तथा हेटर्स को जवाब दिया है। अपने एक इंटरव्यू के चलते शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा- आनंद बक्शी साहब ने इस तरह के प्रोफेशनल प्रोटेस्टर्स के बारे में लिखा है- कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना। इसमें आगे जोड़ना चाहूंगा कि कहने वाले अगर बेकार, बेकाम-काज के हों तो बोलना ही उनका काम बन जाता है। मेरी बेटी ने कुछ भी ऐसा नहीं किया जो गैरकानूनी एवं संविधान के खिलाफ है। सोनाक्षी-जहीर की शादी पर शत्रुघ्न सिन्हा ने आगे कहा- शादी दो लोगों के बीच का एक बहुत ही व्यक्तिगत फैसला है। इसमें किसी को भी बीच में दखल देने या कमेंट करने का हक नहीं होता। विरोध प्रदर्शन करने वालों को मैं यही बोलना चाहता हूं- अपनी जिंदगी पर ध्यान दो। जिंदगी में कुछ अच्छा करो। इससे ज्यादा और कुछ नहीं कहना। बता दें कि शत्रुघ्न सिन्हा ने खुशी-खुशी अपनी इकलौती बेटी की शादी की है। उन्होंने दामाद जहीर को भी अपना आशीर्वाद दिया है। रिलीज हुआ श्रद्धा कपूर-राजकुमार राव की स्त्री 2 का टीजर, इस अवतार में नजर आए स्टार्स किशोर कुमार के गानों पर बैन, मनोज कुमार-देव आनंद की फिल्मों पर रोक..! बॉलीवुड पर भी पड़ा था 'इमरजेंसी' का बुरा असर सामने आई कंगना रनौत की इमरजेंसी की रिलीज डेट, जानिए किस दिन आ रही है इंदिरा गांधी की बायोपिक?
फिल्म रैप में जानिए कि रविवार को एंटरटेनमेंट की दुनिया में क्या खास हुआ. 9 जून 2024 का दिन एतिहासिक रहा. पीएम नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार पीएम बनने की शपथ ली. इस दौरान शाहरुख खान से लेकर अक्षय कुमार भी मौजूद रहे.
परेशान होकर छोड़ी इंडस्ट्री, सालों बाद किया कमबैक, बिहार की लड़की कैसे बनी हीरोइन?
टेलीविजन के पॉपुलर शो उडारियां 15 साल का लीप लेने जा रहा है. लीप के बाद शो एक नई कहानी और स्टारकास्ट के साथ दर्शकों को एंटरटेन करने आ रहा है. लीप से पहले उडारियां में आशमा का रोल निभाने वाली अदिति भगत ने आजतक संग बातचीत की और शो को लेकर कई सारी बातें शेयर कीं.
बीएसईबी बिहार बोर्ड से संबद्ध और एनसीटीई से मान्यता प्राप्त डीएलएड संस्थानों की सूची जारी
Bihar D.El.Ed: बिहार बोर्ड ने डीएलएड प्रवेश परीक्षा 2024 की आंसर की जारी करने के एक दिन बाद अब राज्य में मौजूद सरकारी व निजी डीएलएड प्रशिक्षण संस्थानों की सूची भी जारी कर दी है। डीएलएड में दाखिला लेने
Bihar DElEd Answer Key 2024: आंसर की जारी, ऐसे दर्ज करें ऑब्जेक्शन, देखें डायरेक्ट लिंक
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने बिहार डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (DElEd) परीक्षा 2024 की आंसर की जारी की। जो उम्मीदवार परीक्षा में उपस्थित हुए हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट- biharboardonline.b
Bihar STET: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने शनिवार को माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (एसटीईटी)-2024 (प्रथम) परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया है। पेपर-1 के विभिन्न विषयों की परीक्षा 18 से 29 मई तक होगी।
CSBC Bihar Police Constable Exam: क्या जारी हो चुकी हैं रिवाइज्ड तारीखें, पढ़ें अपडेट
CSBC Bihar Police Constable exam dates: बिहार पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा की नई तारीखों का इंतजार है। परीक्षाएं 1, 7 और 15 अक्टूबर को निर्धारित की गई थीं, जिन्हें रद्द व स्थगित कर दिया गया था। आइए
बॉलीवुड अभिनेत्री नेहा शर्मा की हाल ही में बिहार में एक रोड शो में भागीदारी ने इंटरनेट पर तूफान ला दिया है। क्रुक और तुम बिन 2 जैसी फिल्मों में अपनी भूमिकाओं के लिए मशहूर सुश्री शर्मा को अपने पिता अजीत शर्मा का समर्थन करते देखा गया, जो कांग्रेस के टिकट पर भागलपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। यह रोड शो उन अफवाहों के बीच हुआ कि अभिनेता राजनीति में प्रवेश कर सकते हैं। हालाँकि, अब यह स्पष्ट हो गया है कि वह सिर्फ अपने पिता के लिए प्रचार कर रही थीं। नेहा शर्मा ने इंस्टाग्राम पर बांका, किशनगंज, कटिहार और पूर्णिया सहित बिहार के विभिन्न जिलों की अपनी यात्रा दिखाते हुए एक वीडियो साझा किया। वह पारंपरिक सलवार कमीज पहने हुए थीं और जनता का अभिवादन करती और उन्हें वोट डालने के लिए प्रोत्साहित करती नजर आईं। इसे भी पढ़ें: AR Rahman ने नए एल्बम के रिलीज पर Taylor Swift को बधाई दी, नेटिजन ने कहा 'महान कला, महान कला को पहचानती है' View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial) इसे भी पढ़ें: Tamannaah Bhatia Summoned by cyber cell | 'अवैध' IPL Streaming ऐप मामले में तमन्ना भाटिया को साइबर सेल ने तलब किया रोड शो के दौरान पीरपैंती और कहलगांव में भारी भीड़ ने अभिनेता का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने कैप्शन में लिखा “वे कहते हैं कि जब कोई आपको अपने दिल में जगह देता है, तो आप हमेशा के लिए वहीं रहते हैं। आपने मुझे जो प्यार और समर्थन दिया है, उससे मेरा दिल भर गया है। पीरपैंती और कहलगांव में गर्मजोशी से स्वागत के लिए धन्यवाद। आपका प्यार सारी आँखों पर। सदा आभारी। ऑनलाइन प्रसारित हो रहे एक अन्य वीडियो में अभिनेत्री को भागलपुर में अपने पिता के चुनाव अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेते हुए दिखाया गया है। भागलपुर लोकसभा सीट पर दूसरे चरण में 26 अप्रैल को चुनाव होना है। इस सीट पर कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करने वाले अजीत शर्मा का मुकाबला जेडीयू के अजय कुमार मंडल से है। पहले ऐसी अफवाह थी कि सुश्री शर्मा राजनीति में प्रवेश कर सकती हैं। हालाँकि, कई रिपोर्टों ने स्पष्ट किया है कि वह अभी चुनावी शुरुआत नहीं कर रही हैं। रिपोर्टों के अनुसार, उनके पिता अजीत शर्मा ने उन्हें राजनीति में शामिल होने का अवसर दिया, शर्मा वर्तमान में अपने अभिनय करियर पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। Bihar, Bhagalpur: Bollywood actress Neha Sharma campaigns for Congress leader and father Ajeet Sharma in the Lok Sabha elections, participates in a roadshow. pic.twitter.com/yEhb4XoQQL — IANS (@ians_india) April 23, 2024 View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial) View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial)
सलमान के घर फायरिंग से पहले शूटर्स ने बिहार में की हथियारों की प्रैक्टिस, फार्म हाउस की हुई थी रेकी
14 अप्रैल को, सुबह 4.50 बजे सलमान के बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर, अज्ञात हमलावरों ने पांच राउंड फायरिंग की थी. पुलिस ने सलमान के घर पर फायरिंग करने के मामले में विक्की गुप्ता (24 साल) और सागर पाल (21 साल) नाम के दो लड़कों को गिरफ्तार किया था. अब इससे जुड़ा एक बड़ा अपडेट सामने आया है.
Manisha और Elvish के बीच लगी दुश्मनी की आग हुई और तेज, बिहार की बेटी नेसरेआम बना दिया'राव साहब' का मजाक ?
Bihar Board: जानें-10वीं की मार्कशीट में लिखी U/R,B और C जैसी शॉर्ट फॉर्म का क्या मतलब है?
बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं का रिजल्ट 31 मार्च को जारी कर दिया गया था। छात्र अपनी ओरिजनल मार्कशीट स्कूल से ले सकते हैं। आइए जानते हैं मार्कशीट में लिखी शॉर्ट फॉर्म की फुलफॉर्म क्या है।
Bihar 10th Board 2024: टॉप 5 में इन 10 छात्रों ने बनाई जगह, जानें नाम और मार्क्स
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड ने दसवी का रिजल्ट bsebmatric.org और results.biharboardonline.com पर जारी कर दिया है। इस साल टॉप 10 की लिस्ट ने 51 छात्रों ने अपनी जगह बनाई है। टॉप 5 की लिस्ट में 10 छ
Bihar Board BSEB 2024 Matrci Result Today:बिहार बोर्ड 10वीं का रिजल्ट biharboardonline.bihar.gov.in व biharboardonline.com , onlinebseb.in पर जल्दजारी कर दिया जाएगा।
BSEB: क्लास 10वीं के रिजल्ट से पहले जानें ये 10 जरूरी बातें, मार्कशीट मिलने में मिलेगी मदद
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड अब कभी भी वेबसाइट biharboardonline.gov.in पर कक्षा 10वीं के रिजल्ट अपलोड कर सकता है। एक बार रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र यहां से डाउनलोड कर सकते हैं।
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (बीएसईबी) मैट्रिक यानी कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट अब कभी भी biharboardonline.bihar.gov.in पर जारी हो सकता है, जो छात्र परीक्षा में शामिल हुए हैं, वे जान लें, रिजल्
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने इंटर में एडमिशन को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। इस बाबत समिति ने सभी सरकारी, गैर सरकारी विद्यालय, इंटर कॉलेजों की सूची ofssbihar.in पर अपलोड कर दी है।
बीएसईबी मैट्रिक रिजल्ट की घोषणा जल्द की जाएगी। हालांकि अभी तक रिजल्ट की टाइमिंग और तारीख के बारे में कोई जानकारी शेयर नहीं की गई है, लेकिन उम्मीद है नतीजे 31 मार्च तक आधिकारिक वेबसाइट biharboardonlin
BSEB Bihar 10th Board: प्रेस कॉन्फ्रेंस में शेयर की जाएंगी ये 5 डिटेल्स, यहां पढ़ें
छात्र आधिकारिक वेबसाइट्स से बीएसईबी 10वीं स्कोरकार्ड 2024 डाउनलोड कर सकेंगे। रिजल्ट वाले दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। जिसमें बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं की परीक्षा से जुड़ी कई डिटेल्स शेयर की जाएगी। आइए ज
Bihar 12th Board: किसान की बेटी बनीं कॉमर्स की टॉपर, अब बनना चाहती हैं प्रोफेसर, करेंगी PhD
बिहार बोर्ड 12वीं की कॉमर्स स्ट्रीम में खुशी कुमारी को जिले में सेकंड रैंक मिली है। उनके पिता किसान हैं। उन्होंने कहा, मेरे पिता ने हमेशा शिक्षा को महत्व दिया है, इसलिए भविष्य में मैं शिक्षा के क्षेत
बिहार बोर्ड ने 12वीं यानी इंटर परीक्षा का रिजल्ट अब जारी कर दिया है। टॉपर्स के नाम भी सामने आ गए हैं। आइए जानते हैं साइंस, कॉमर्स, आर्ट्स स्ट्रीम के टॉपर्स ने किन स्कूलों से पढ़ाई की है। यहां देखें न
BSEB : बारहवीं कक्षा के छात्रों को इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी के लिए फ्री में कोचिंग देती है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) गरीब विद्यार्थियों को JEE और NEET की मुफ्त कोचिंग कराती है।
BSEB Bihar Board: बिहार बोर्ड इंटर छात्र जानें टॉप 10 इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज
NIRF यानी राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क। इस रैंकिंग को शिक्षा मंत्रालय जारी करता है। एनआईआरएफ रैंकिंग में देश के टॉप इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज और यूनिवर्सिटी की रैंकिंग जारी की जाती है।
बीएसईबी 12वीं के परिणाम के साथ टॉपर्स की लिस्ट भी शेयर करेगा। जो छात्र परीक्षा में शामिल हुए हैं, वे जान लें, पिछले 7 सालों में आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस स्ट्रीम में किसने किया था टॉप। यहां पढ़ें पूरी
Bihar 12th Board 2024: रिजल्ट जारी होने की तारीख और समय के बारे में यहां मिलेगी जानकारी
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (बीएसईबी) जल्द ही इंटरमीडिएट या कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा 2024 के परिणाम घोषित करेगा। वहीं बोर्ड परिणाम के समय की घोषणा पहले कर दी जाएगी। आइए जानते हैं, आप कहां कर सकें

