राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर को एक पीजी इमारत के अचानक गिरने से बड़ा हादसा हो गया। इमारत गिरने के बाद बड़े स्तर पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है। इस घटना में अब तक एक व्यक्ति की मौत की खबर है, वहीं कई लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। बचाव दल ने अब तक छह लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी सत्य निकेतन में हुए हादसे पर चिंता जताई। वहीं BJP विधायक अनिल शर्मा भी घटनास्थल पर पहुंचे। BJP विधायक अनिल शर्मा ने बताया कि, इस बिल्डिंग में कई छात्र PG के तौर पर रह रहे थे। इस हादसे के समय कुछ स्टूडेंट्स बिल्डिंग के अंदर मौजूद थे।'अंदर से कर रहे फोन'BJP विधायक ने आगे कहा कि, फिलहाल ये बताना मुश्किल है कि इमारत के अंदर कितने लोग फंसे हुए हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान विधायक अनिल शर्मा ने बताया कि, मलबे में फंसे कुछ छात्र अभी भी फोन के जरिए संपर्क कर रहे थे। इससे आशंका है कि हादसे के बाद भी कई लोग अंदर फंसे हो सकते हैं। राहत और बचाव टीमें उनकी तलाश में जुटी हैं और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है। शर्मा ने कहा, “कुछ स्टूडेंट्स अभी भी अंदर से फोन कर रहे हैं। इससे लगता है कि कुछ और लोग मलबे में फंसे हो सकते हैं, इसलिए बचाव अभियान लगातार जारी है।” WATCH | Delhi: On the building collapse near Satya Niketan in South-West Delhi, BJP MLA Anil Sharma says, This is a deeply tragic incident; there could be nothing more heartbreaking. Students come here from various places to study and stay in PGs in this building; the structure… pic.twitter.com/fiOm2e01ff— ANI (@ANI) September 6, 2026 'छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला जाए'विधायक अनिल शर्मा ने कहा कि सरकार का पूरा ध्यान इमारत के मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालना है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने मौके पर पूरी टीम भेजी है और सरकार इस घटना को लेकर गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने कहा, “हम भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने मौके पर पूरी टीम भेजी है। पूरी सरकार इस घटना को लेकर चिंतित है और हमारा सबसे बड़ा मकसद यही है कि अंदर फंसे छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला जाए।”40-50 साल पुरानी है इमारतदिल्ली पुलिस ने बताया कि, साउथ कैंपस थाने में दोपहर करीब 1:34 बजे इमारत गिरने की सूचना मिली थी। जानकारी मिलते ही पुलिस, NDRF, दिल्ली फायर सर्विस और DDMA की टीमें फायर टेंडर और एंबुलेंस के साथ मौके पर पहुंच गईं। इसके बाद मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए तुरंत राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया। वहीं जांच के दौरान सामने आया कि सत्य निकेतन की यह इमारत करीब 40 से 50 साल पुरानी थी और इसमें बेसमेंट के अलावा पांच मंजिलें थीं। बिल्डिंग का इस्तेमाल PG के रूप में किया जा रहा था और हादसे के समय बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था।Bihar Flood Crisis: पटना में गंगा का जलस्तर बढ़ने से बिहार में हाई अलर्ट, निचले इलाकों में बाढ़ से 19 लाख लोग प्रभावित
नेपाल बाढ़ में लापता हुए बिहार के लोग, परिवार का बुरा हाल
नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ में भारत के भी कई लोग लापता हो गए. इसमें बिहार के रहने वाले लोग भी शामिल हैं.
मैहर में दर्शनार्थियों से भरी कार का टायर फटा:डिवाइडर से टकराई, चार घायल; उज्जैन से बिहार लौट रहे थे
मैहर जिले के अमरपाटन थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-30 पर रविवार सुबह एक कार हादसे का शिकार हो गई। यह कार दर्शनार्थियों से भरी थी। ग्राम बारी मोड़ के पास तेज रफ्तार कार का अचानक टायर फट गया, जिससे कार बेकाबू होकर पुल के डिवाइडर से टकरा गई। इस हादसे में कार सवार चार दर्शनार्थी घायल हो गए। जानकारी के मुताबिक, कार (BR24AN8728) में सवार सभी लोग बिहार के रोहतास जिले के रहने वाले हैं। वे उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन करने के बाद अपने घर लौट रहे थे। बारी मोड़ के पास अचानक कार का टायर फटा। टायर फटते ही ड्राइवर गाड़ी पर कंट्रोल नहीं रख पाया और कार पुल के डिवाइडर से टकरा गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों ने इसकी सूचना दी। हाईवे एंबुलेंस 1033 मौके पर पहुंची और सभी घायलों को इलाज के लिए सिविल अस्पताल अमरपाटन ले जाया गया। हादसे में ये हुए घायल घायलों की पहचान मृत्युंजय सिंह (50), नागेंद्र सिंह (43), कृष्णा शाह, अमन राज सिंह (43), कृष्णा नंदन सिंह और बलराम सिंह के रूप में हुई है। बताया गया है कि मृत्युंजय सिंह को ज्यादा चोटें आई हैं, जबकि बाकी घायलों को भी चोटें लगी हैं। प्राथमिक इलाज के बाद दो घायलों की हालत गंभीर होने पर उन्हें आगे के इलाज के लिए जिला अस्पताल सतना भेजा गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हादसे की जानकारी ली। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में हादसे की वजह कार का टायर फटना बताया जा रहा है।
Bihar Flood: 11 जिलों में गंगा का जलस्तर बढ़ा, 19.57 लाख लोग प्रभावित
पटना, छह सितंबर बिहार के 11 जिलों में 19 लाख से ज़्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर बाढ़ के महत्वपूर्ण निशान से ऊपर जाने के बाद अधिकारियों ने निचले इलाकों के लिए चेतावनी जारी की है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के बाद पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर ‘बाढ़ के उच्चतम स्तर’ (एचएफएल) से ऊपर चला गया है, इसलिए अगले एक से तीन दिनों में पटना जिले के अंतर्गत हाथीदह और उसके बाद के रेलवे स्टेशन के प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने बताया कि राज्य में कई नदियों का जलस्तर बढ़ने से पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार और अररिया सहित 11 जिलों के 330 ग्राम पंचायतों में लगभग 19.57 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। जल संसाधन विभाग (डब्ल्यूआरडी) की ओर से जारी नवीनतम परामर्श के मुताबिक, हाथीदह में गंगा का जलस्तर अपने पिछले एचएफएल को पार कर सकता है। इसके मद्देनजर बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार जिलों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। परामर्श में कहा गया, ‘‘अधिकारियों और ज़मीनी स्तर के कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि वे सतर्क रहें और जरूरत के हिसाब से सावधानी बरतते हुए जल-स्तर, तटबंधों, संवेदनशील जगहों और निचले इलाकों पर नियमित नजर रखें।’’इसमें कहा गया, ‘‘अभियंताओं से बाढ़ से निपटने से संबंधित संसाधन और मशीनरी तैयार रखने को कहा गया है। प्रभावित इलाकों के लोगों को सलाह दी गई है कि वे नदी के पास न जाएं और सतर्क रहें।’’स्थानीय प्रशासन से कहा गया है कि वे नावों के संचालन पर नजर रखें, क्षमता से अधिक लोगों को नावों पर सवार नहीं होने दें और लोगों को हालात के बारे में जानकारी देते रहें। डब्ल्यूआरडी के मुताबिक, पटना के गांधी घाट पर रविवार सुबह छह बजे गंगा का जलस्तर 50.57 मीटर था, जो 21 अगस्त 2016 को दर्ज किए गए पिछले उच्चतम जलस्तर 50.52 मीटर से 0.05 मीटर अधिक है। बयान के मुताबिक, ‘‘पटना जिले के पंडारक में सुबह छह बजे गंगा नदी का जलस्तर 43.92 मीटर था, जो 16 अगस्त 2021 को दर्ज किए गए पिछले उच्चतम जलस्तर 43.73 मीटर से 0.19 मीटर अधिक है।’’अधिकारियों ने बताया कि राज्य में गंडक नदी डुमरियाघाट और हाजीपुर में, कोसी नदी बलतारा और कुरसेला में , बूढ़ी गंडक नदी खगड़िया में , गंगा नदी हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव, बक्सर व मुंगेर में, पुनपुन नदी श्रीपालपुर में, घाघरा नदी दरौली में और बागमती नदी बेनीबाद में खतरे के निशान के ऊपर बह रही है। उन्होंने बताया कि बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए अभी अलग-अलग जिलों में कुल 110 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही है और प्रभावित इलाकों से लोगों को निकालने और आवाजाही में मदद के लिए 1,345 नावों की सेवा ली जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि इसके अलावा, अलग-अलग जिलों में राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की 27 और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 10 टीम तैनात की गई हैं। इस बीच, मध्य पूर्व रेलवे ने रविवार को कहा कि पटना-गया खंड पर पुनपुन और परसा बाजार स्टेशनों को जोड़ने वाली पुल संख्या 21 पर जलस्तर खतरनाक रूप से बढ़ जाने के कारण कुछ रेलगाड़ियों को र₨द्द कर दिया गया है या फिर उनका मार्ग बदला गया है।
बलरामपुर। महराजगंज तराई थाना पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में चार वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, ये आरोपी गोवंश पशुओं को एकांत जगहों पर इकट्ठा करते थे। फिर उन्हें पिकअप में क्रूरता से लादकर बिहार ले जाते थे। वहां वध के मकसद से बेचकर पैसे कमाते थे। रविवार शाम 4 बजे एएसपी विशाल पांडेय ने इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महराजगंज तराई थाने में अलाउद्दीन समेत छह आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की धारा 3(1) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। इसी मामले में वांछित चल रहे अलाउद्दीन (46), शमशाद (36), मंशाराम (46) और श्रवण कुमार यादव उर्फ नेता को पुलिस टीम ने रविवार को रमईडीह बाजार के पास से पकड़ा। पुलिस का आरोप है कि गैंगलीडर अलाउद्दीन, जो परसा सुकुरुल्ला, थाना उसका बाजार, सिद्धार्थनगर का रहने वाला है, अपने साथियों के साथ मिलकर गोवंश पशुओं की तस्करी करता था। वह आर्थिक फायदे के लिए यह काम करता था। पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह पशुओं को एकांत जगह पर इकट्ठा करता था। फिर उन्हें पिकअप में लादकर बिहार ले जाता था और वहां बेचकर पैसे कमाता था। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने पहले से दर्ज कई मुकदमों का भी जिक्र किया है। अलाउद्दीन और शमशाद समेत अन्य आरोपियों पर गोवध निवारण अधिनियम और पशु क्रूरता अधिनियम के मामले दर्ज हैं। अलाउद्दीन के खिलाफ सिद्धार्थनगर में भी मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि अन्य आरोपियों के खिलाफ मारपीट, सड़क दुर्घटना और आबकारी अधिनियम समेत कई धाराओं में मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। एसपी मार्तण्ड प्रकाश सिंह के निर्देश पर प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार तिवारी के नेतृत्व में टीम ने यह गिरफ्तारी की। टीम में उपनिरीक्षक राम मोहन सिंह, सुदर्शन सिंह, हेड कांस्टेबल तेरस राम यादव, रमाकान्त यादव, कांस्टेबल मुकेश कुमार गुप्ता, नीरज कुमार, दीपक कुमार गुप्ता और रिजर्व कांस्टेबल बृजेश कुमार सिंह शामिल थे।
मैनपुरी के बिछवां थाना पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक डीसीएम से हरियाणा की 23 पेटी शराब बरामद की है। शराब को बैट्री, इनवर्टर, अन्य सामान और फ्रीज के बीच छिपाकर ले जाया जा रहा था। पुलिस ने मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि शराब भेजने वाला मालिक फरार है। मुखबिर की सूचना पर रोकी डीसीएम पुलिस के मुताबिक, 5 सितंबर को मुखबिर से सूचना मिली थी कि आयशर कंपनी की डीसीएम में हरियाणा की अवैध शराब छिपाकर ले जाई जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने ग्राम खिरिया के पास जीटी रोड पर डीसीएम को रोक लिया। तलाशी लेने पर उसमें सामान के बीच शराब की पेटियां छिपी मिलीं। रॉयल स्टैग और मैजिक मोमेंट की 23 पेटियां मिलीं तलाशी के दौरान बैट्री, इनवर्टर और अन्य सामान के बीच रॉयल स्टैग और मैजिक मोमेंट ब्रांड की कुल 23 पेटियां बरामद हुईं। पुलिस ने बरामद शराब की कीमत करीब 1.80 लाख रुपये बताई है। पुलिस के अनुसार, शराब की यह खेप गाजियाबाद से बिहार के समस्तीपुर ले जाई जा रही थी। पूछताछ में मालिक का नाम बताया पुलिस ने मौके से अजीत कुमार (करीब 30 वर्ष) निवासी राजलपुर सोनई, थाना कुरावली को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसके मालिक ओम प्रकाश राठौर निवासी मुकारी, जिला बागपत ने डीसीएम संख्या यूपी 17 एटी 4615 में शराब रखवाकर भेजी थी। ओम प्रकाश अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। 700 की बोतल बिहार में 2 हजार में बिकने का दावा एसपी सिटी अरुण कुमार के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि हरियाणा में करीब 700 रुपये कीमत की शराब की बोतल बिहार में करीब 2 हजार रुपये में बेची जाती है। पुलिस इस जानकारी के आधार पर शराब तस्करी से जुड़े बड़े नेटवर्क की भी जांच कर रही है। नकदी और मोबाइल भी बरामद गिरफ्तार आरोपी के पास से 610 रुपये नकद और टेक्नो स्पार्क कंपनी का मोबाइल फोन भी मिला है। बिछवां थाने में आबकारी अधिनियम और बीएनएस की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। फरार आरोपी की तलाश जारी एसपी सिटी अरुण कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश किया जा रहा है। फरार आरोपी ओम प्रकाश राठौर की तलाश में पुलिस टीम दबिश दे रही है। यह कार्रवाई एसओ आशीष दुबे और प्रभारी मीडिया सेल निरीक्षक जितेंद्र सिंह चंदेल के नेतृत्व में बिछवां पुलिस और संबंधित टीम ने की।
Bihar Flood Crisis: बिहार के 11 जिलों में 19 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। राजधानी पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर बाढ़ के खतरे के निशान से ऊपर जाने के बाद अधिकारियों ने रविवार (6 सितंबर) को निचले इलाकों के लिए चेतावनी जारी की है। अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के बाद पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर बाढ़ के अहम हाईएस्ट फ्लड लेवल (HFL) से ऊपर चला गया है। इसलिए अगले एक से तीन दिनों में राज्य की राजधानी में हाथीदह और उसके बाद के रेलवे स्टेशन के प्रभावित होने की आशंका है।19.57 लाख लोग प्रभावितअधिकारियों ने रविवार को पत्रकारों को बताया कि राज्य में कई नदियों का जलस्तर बढ़ने से पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार और अररिया सहित 11 जिलों के 330 ग्राम पंचायतों में लगभग 19.57 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। जल संसाधन विभाग (WRD) की ओर से जारी लेटेस्ट एडवाइजरी के मुताबिक, हथीदह में गंगा का जलस्तर अपने पिछले एचएफएल को पार कर सकता है। इसके मद्देनजर बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार जिलों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।एडवाइजरी जारीसरकार की तरफ से जारी एक आधिकारिक एडवाइजरी में कहा गया है, अधिकारियों और जमीनी स्तर के कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि वे सतर्क रहें और जरूरत के हिसाब से सावधानी बरतते हुए जल-स्तर, तटबंधों, संवेदनशील जगहों और निचले इलाकों पर नियमित नजर रखें। इसमें कहा गया, इंजीनियरों से बाढ़ से निपटने से संबंधित संसाधन और मशीनरी तैयार रखने को कहा गया है। प्रभावित इलाकों के लोगों को सलाह दी गई है कि वे नदी के पास न जाएं और सतर्क रहें।पटना समेत 14 जिलों में हालात गंभीरबिहार की प्रमुख नदियों जैसे गंगा, गंडक और कोसी में पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है। पटना समेत 14 जिलों में हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। जल संसाधन विभाग के अनुसार, पटना में गंगा नदी खतरे के निशान से लगभग दो मीटर ऊपर बह रही है। विभाग ने अनुमान लगाया है कि गांधी घाट गेज साइट पर बाढ़ का नया उच्चतम स्तर दर्ज किया जा सकता है। विभाग ने संबंधित ज़िलों को बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सभी जरूरी एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।गंगा का जलस्तर कितना बढ़ा?स्थानीय प्रशासन से कहा गया है कि वे नावों के संचालन पर नजर रखें, क्षमता से अधिक लोगों को नावों पर सवार नहीं होने दें। साथ ही लोगों को हालात के बारे में जानकारी देते रहें। डब्ल्यूआरडी के मुताबिक, पटना के गांधी घाट पर रविवार सुबह छह बजे गंगा का जलस्तर 50.57 मीटर था, जो 21 अगस्त 2016 को दर्ज किए गए पिछले उच्चतम जलस्तर 50.52 मीटर से 0.05 मीटर अधिक है। बयान के मुताबिक, पटना जिले के पंडारक में रविवार सुबह छह बजे गंगा नदी का जलस्तर 43.92 मीटर था, जो 16 अगस्त 2021 को दर्ज किए गए पिछले उच्चतम जलस्तर 43.73 मीटर से 0.19 मीटर अधिक है।ये भी पढ़ें- IMD Rain Alert: यूपी-उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट, अगले 6-7 दिनों तक इन राज्यों में गरज-चमक के साथ बरसेंगे बादल
कुढ़नी में तबादले के बाद दाखिल खारिज निपटाने वाले पूर्व सीओ से डीएम ने मांगा जवाब
Bihar Land Mutation: कुढ़नी के तत्कालीन सीओ अनिल कुमार संतोषी पर तबादले के बाद भी दाखिल-खारिज आवेदनों का अवैध रूप से निष्पादन करने के आरोप में कार्रवाई हुई है। जिलाधिकारी ने जांच रिपोर्ट में अनियमितता पाए जाने के बाद उनसे स्पष्टीकरण मांगा है।
बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करे मोदी सरकार, बिहार को विशेष पैकेज दे; तेजस्वी यादव की फ्लड पॉलिटिक्स
तेजस्वी यादव ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार से बड़ी मांग कर दी है। उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार बिहार में तबाही लाने वाली बाढ़ को राष्टीय आपदा घोषित करे और इससे निपटने के लिए पांच हजार करोड़ का विशेष पैकेज सहायता के तौर पर दे।
Bihar Flood: Patna में Ganga का जलस्तर खतरे के निशान के पार, 11 जिलों के 19 लाख लोग प्रभावित
(तस्वीरों के साथ)पटना, छह सितंबर बिहार के 11 जिलों में 19 लाख से ज़्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर बाढ़ के ख़तरे के निशान से ऊपर जाने के बाद अधिकारियों ने निचले इलाकों के लिए चेतावनी जारी की है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के बाद पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर ‘बाढ़ के सर्वोच्च बिंदु’ (एचएफएल) से ऊपर चला गया है, इसलिए अगले एक से तीन दिनों में राज्य की राजधानी में हाथीदह और उसके बाद के रेलवे स्टेशन के प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने बताया कि राज्य में कई नदियों का जलस्तर बढ़ने से पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार और अररिया सहित 11 जिलों के 330 ग्राम पंचायतों में लगभग 19.57 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। जल संसाधन विभाग (डब्ल्यूआरडी) की ओर से जारी नवीनतम परामर्श के मुताबिक, हथीदह में गंगा का जलस्तर अपने पिछले एचएफएल को पार कर सकता है। इसके मद्देनजर बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार जिलों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। परामर्श में कहा गया, ‘‘अधिकारियों और ज़मीनी स्तर के कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि वे सतर्क रहें और जरूरत के हिसाब से सावधानी बरतते हुए जल-स्तर, तटबंधों, संवेदनशील जगहों और निचले इलाकों पर नियमित नजर रखें।’’इसमें कहा गया, ‘‘अभियंताओं से बाढ़ से निपटने से संबंधित संसाधन और मशीनरी तैयार रखने को कहा गया है। प्रभावित इलाकों के लोगों को सलाह दी गई है कि वे नदी के पास न जाएं और सतर्क रहें।’’स्थानीय प्रशासन से कहा गया है कि वे नावों के संचालन पर नजर रखें, क्षमता से अधिक लोगों को नावों पर सवार नहीं होने दें और लोगों को हालात के बारे में जानकारी देते रहें। डब्ल्यूआरडी के मुताबिक, पटना के गांधी घाट पर रविवार सुबह छह बजे गंगा का जलस्तर 50.57 मीटर था, जो 21 अगस्त 2016 को दर्ज किए गए पिछले उच्चतम जलस्तर 50.52 मीटर से 0.05 मीटर अधिक है। बयान के मुताबिक, ‘‘पटना जिले के पंडारक में सुबह छह बजे गंगा नदी का जलस्तर 43.92 मीटर था, जो 16 अगस्त 2021 को दर्ज किए गए पिछले उच्चतम जलस्तर 43.73 मीटर से 0.19 मीटर अधिक है।
आरा में महानंदा एक्सप्रेस के 2 डिब्बे पटरी से उतरे, कम स्पीड के चलते टला बड़ा हादसा
बिहार के आरा जंक्शन पर रविवार सुबह दिल्ली जा रही सिक्किम महानंदा एक्सप्रेस के दो डिब्बे पटरी से उतर गए। ये हादसा सुबह करीब 4 बजे हुआ। राहत की बात है कि घटना में किसी यात्री के घायल होने या मौत की सूचना नहीं है। PTI के अनुसार, ट्रेन के आरा जंक्शन से रवाना होने के कुछ देर बाद ही इसके दो डिब्बे पटरी से उतर गए। हादसे के कारण इस रूट पर ट्रेनों की आवाजाही कुछ समय के लिए प्रभावित हुई। शुरुआती जांच में रेड सिग्नल पार करना हादसे की वजह बताई जा रही है, हालांकि इसकी पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही होगी।काफी कम थी ट्रेन की स्पीडईस्ट सेंट्रल रेलवे के चीफ पब्लिक रिलेशन्स ऑफिसर (CPRO) सरस्वती चंद्र ने बताया कि, हादसे के वक्त ट्रेन की रफ्तार काफी कम थी। उन्होंने कहा कि, 'यह घटना सुबह उस समय हुई, जब ट्रेन आरा जंक्शन से कुछ ही देर पहले रवाना हुई थी। ट्रेन की कम स्पीड और रेलवे के फेलसेफ सिस्टम की वजह से किसी की मौत या घायल होने की सूचना नहीं है।' घटना के बाद जरूरी प्रक्रिया पूरी कर सिक्किम महानंदा एक्सप्रेस को आगे रवाना कर दिया गया और ट्रेन सुबह करीब 7:23 बजे आरा जंक्शन से चली।रेल यातायात पर पड़ा असरमौके पर पहुंचने के बाद अधिकारियों ने देखा कि ट्रेन के दो वैगन पटरी से उतर गए थे और दोनों के दो-दो पहिए ट्रैक से बाहर आ गए थे। ईस्ट सेंट्रल रेलवे के CPRO सरस्वती चंद्र ने बताया कि, हादसे के कारण रेल यातायात पर कुछ असर पड़ा, लेकिन डाउनलाइन पर ट्रेनों की आवाजाही सामान्य रही। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि ट्रेन के रेड सिग्नल पार करने के बाद यह हादसा हुआ। News Alert 2 bogies of Delhi-bound Sikkim Mahananda Express derail in Bihar's Ara; no injuries reported, rail traffic partially impacted: Official. pic.twitter.com/V4HJSLuOZJ— Press Trust of India (@PTI_News) September 6, 2026 रेड सिग्रल की वजह से पटरी से उतरी ट्रेनPTI के मुताबिक, CPRO ने बताया कि शुरुआती जांच में ट्रेन के पटरी से उतरने की वजह ड्राइवर की गलती सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि ड्राइवर ने कथित तौर पर रेड सिग्नल पार कर लिया था। लेकिन, हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और इसकी सही वजह क्या थी, यह विस्तृत जांच के बाद ही साफ हो पाएगा। रेलवे अधिकारी ने साफ किया कि अभी जो जानकारी सामने आई है, वह शुरुआती जांच पर आधारित है। हादसे की पूरी और सही वजह विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।JNU में प्रोफेसर पर गंभीर आरोप! 10 छात्राओं ने की यौन उत्पीड़न की शिकायत; ICC ने शुरू की जांच
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दैनिक जागरण द्वारा प्रकाशित पुस्तक 'स्वाद बिहार का' का विमोचन किया, जिसका उद्देश्य बिहार के समृद्ध खान-पान को वैश्विक पहचान दिलाना है। उन्होंने पुस्तक की सराहना की।
Bihar Flood: गंगा नदी का जलस्तर अब उच्चतम लेवल पर; लखीसराय-मुंगेर समेत कई जिलों में विशेष निगरानी
गंगा नदी का जलस्तर उच्चतम लेवल को पार कर चुका है। जलस्तर बढ़ने से डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में बाढ़ आने की आशंका है। इसके बाद कई जिलों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।
Bihar Weather News Updates: बिहार कई जिलों में नदियां उफान पर है। कई इलाके बाढ़ की चपेट में हैं। इस बीच मौसम विभाग ने आज भी बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। एक दिन पहले पटना में झमाझम बारिश हुई।
Bihar Flood: भागलपुर जिले में पिछले 48 घंटे के अंदर गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। सुल्तानगंज, भागलपुर और कहलगांव में गंगा का पानी खतरे के निशान को पार कर एचएफएल के नजदीक पहुंच रहा है।
बिहार के मौसम में एक बार फिर बड़ा और व्यापक बदलाव देखने को मिल रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना (IMD Patna) और राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने राज्य भर में अगले 72 घंटों (अगले 3 दिनों) के लिए मूसलाधार बारिश, तेज आंधी और आकाशीय बिजली (वज्रपात/ठनका) की गंभीर चेतावनी जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने गहरे निम्न दबाव के क्षेत्र और उत्तर बिहार से होकर गुजर रही सक्रिय मानसूनी ट्रफ लाइन के चलते वातावरण में नमी का भारी जमावड़ा हुआ है। इसके साथ ही नेपाल की तराई और पूर्वी हिमालयी क्षेत्रों से आने वाली नमी युक्त ठंडी हवाओं का बिहार के मैदानी इलाकों में टकराव हो रहा है, जिससे घने क्यूम्युलोनिम्बस बादलों का निर्माण हुआ है। इस मौसमी तंत्र के प्रभाव से 6 सितंबर से 8 सितंबर 2026 के दौरान उत्तर बिहार के अधिकांश जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि आज विशेष रूप से उत्तर बिहार के जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं (Gusty Winds) चलेंगी और आकाशीय बिजली गिरने का सबसे अधिक खतरा बना रहेगा।उत्तर बिहार के इन जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट: चंपारण से पूर्णिया तक तेज आंधी और झमाझम बारिशमौसम विज्ञान केंद्र पटना द्वारा जारी विशेष बुलेटिन के अनुसार, उत्तर बिहार के तराई और सीमावर्ती जनपदों में बारिश और आंधी का सबसे प्रचंड रूप देखने को मिलेगा। विभाग ने पश्चिमी चंपारण (बेतिया), पूर्वी चंपारण (मोतिहारी), गोपालगंज, सीवान और सारण (छपरा) जिलों के लिए बारिश का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। इन जिलों में कुछ स्थानों पर बादलों की भयंकर गर्जना के साथ 115 मिमी से अधिक की अत्यधिक भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है। वहीं सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, सुपौल, अररिया, किशनगंज, मधेपुरा, सहरसा, पूर्णिया और कटिहार जनपदों में मध्यम से भारी दर्जे की वर्षा का 'येलो अलर्ट' प्रभावी है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इन इलाकों में गरज-चमक के साथ अचानक चलने वाली 50 किमी प्रति घंटे तक की तूफानी हवाएं कच्चे मकानों, टीन शेड, पेड़ों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। लगातार बारिश के चलते सीमांचल और मिथिलांचल के कई निचले शहरी व ग्रामीण इलाकों में जलभराव की स्थिति विकराल हो सकती है।आकाशीय बिजली (ठनका) का जानलेवा साया: किसानों और ग्रामीणों के लिए विशेष रेड वार्निंगबिहार में मानसून के दौरान आकाशीय बिजली (वज्रपात/ठनका) सबसे जानलेवा प्राकृतिक आपदा साबित होती रही है। मौसम विभाग ने आज उत्तर बिहार के किसानों और खुले में काम करने वाले मजदूरों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। वायुमंडल में नमी का स्तर 90 प्रतिशत से ऊपर पहुंच जाने और दोपहर के समय तापमान में मामूली वृद्धि होने से स्थानीय स्तर पर अत्यधिक भारी गरज वाले बादलों का निर्माण हो रहा है, जो चंद मिनटों में भीषण वज्रपात का कारण बनते हैं। आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत स्तर पर चेतावनी प्रसारित कराएं। किसानों से साफ कहा गया है कि जब तक आसमान में बादलों की गड़गड़ाहट शांत न हो, तब तक वे धान के खेतों में पानी निकालने, मवेशी चराने या कृषि कार्यों के लिए बाहर न निकलें। आपदा विशेषज्ञों का कहना है कि वज्रपात के समय किसी भी हाल में अकेले खड़े बड़े पेड़ या बिजली के खंभे के नीचे शरण न लें, क्योंकि सबसे ज्यादा मौतें पेड़ों के नीचे खड़े होने के कारण ही दर्ज की जाती हैं।उफान पर कोसी, गंडक और बागमती: नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश से बाढ़ का खतरा गहरायाउत्तर बिहार के लिए यह बारिश केवल जलभराव ही नहीं, बल्कि बाढ़ का दोहरा संकट लेकर आई है। नेपाल के पहाड़ी इलाकों और जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते बिहार की प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। गंडक, बूढ़ी गंडक, कोसी, बागमती, कमला बलान, अधवारा समूह और महानंदा नदियां कई स्थानों पर खतरे के निशान के करीब या उसके पार बह रही हैं। वाल्मीकिनगर बराज और कोसी बराज (बीरपुर) से लाखों क्यूसेक अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के कारण पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सुपौल, सहरसा और खगड़िया के तटीय इलाकों और दियारा क्षेत्र में बाढ़ का पानी फैलने लगा है। जल संसाधन विभाग ने सभी तटबंधों पर 24 घंटे पेट्रोलिंग और सतत निगरानी के आदेश दिए हैं। बाढ़ नियंत्रण प्रभाग के इंजीनियरों को संवेदनशील बांधों पर फ्लड फाइटिंग सामग्री (बालू की बोरियां, बोल्डर) तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।दक्षिण बिहार और राजधानी पटना का हाल: गंगा के जलस्तर पर नजर, उमस से मिलेगी राहतउत्तर बिहार में जहां आंधी और भारी बारिश का तांडव रहेगा, वहीं दक्षिण बिहार के जिलों—राजधानी पटना, गया, नालंदा, नवादा, जहानाबाद, औरंगाबाद, रोहतास, कैमूर, बक्सर, भोजपुर, मुंगेर, जमुई और बांका में भी मौसम का मिजाज बदला रहेगा। राजधानी पटना में आज दिनभर आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और दोपहर से शाम के बीच तेज गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश के कई स्पेल देखने को मिल सकते हैं। बारिश के चलते पटना में अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जाएगा, जिससे पिछले कई दिनों से पड़ रही चिपचिपी उमस भरी गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि, बक्सर से लेकर पटना, मोकामा और भागलपुर तक गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। गंगा के तटीय घाटों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और लोगों को गहरे पानी में स्नान करने से रोकने के लिए चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं।आपदा प्रबंधन विभाग और मौसम केंद्र की सुरक्षा एडवाइजरी: क्या करें और क्या न करें?आगामी 3 दिनों के खराब मौसम को देखते हुए बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (BSDMA) ने नागरिकों की सुरक्षा के लिए जरूरी गाइडलाइंस जारी की हैं:दामिनी ऐप का उपयोग करें: ग्रामीण और शहरी नागरिक अपने मोबाइल फोन में भारत सरकार का 'दामिनी' (DAMINI) ऐप या 'मौसम' ऐप डाउनलोड करें, जो आपके इलाके में आकाशीय बिजली गिरने से 20 से 30 मिनट पहले ऑडियो और टेक्स्ट चेतावनी देता है।पक्के मकान में ही शरण लें: तेज मेघगर्जन के समय यदि आप सड़क या खेत में हैं, तो तुरंत किसी पक्के मकान या सुरक्षित शेल्टर में चले जाएं। टिन शेड, कच्ची झोपड़ी या लोहे की रेलिंग से दूर रहें।इलेक्ट्रिक गैजेट्स से दूरी: घर के भीतर रहने पर भी बिजली के भारी उपकरणों (टीवी, कंप्यूटर, फ्रिज) के स्विच बंद कर दें। तार वाले टेलीफोन या चार्जिंग पर लगे मोबाइल का उपयोग बिल्कुल न करें।सड़क यात्रा में सावधानी: भारी बारिश के कारण दृश्यता कम होने और सड़कों पर जलभराव के चलते गड्ढे न दिखने का जोखिम रहता है। दोपहिया वाहन चालक धीमी गति से चलें और उफनते कॉजवे या पुलियों को पार करने की कोशिश बिल्कुल न करें।किसानों के लिए जरूरी सलाह: आगामी 72 घंटों तक खेतों में किसी भी प्रकार के कीटनाशक या उर्वरक का छिड़काव न करें। फसलों के खेतों में जल निकासी की व्यवस्था सुचारु रखें ताकि पानी जमा न हो पाए।
नालंदा के स्पोर्ट्स ट्रेनर और इंटरनेशनल रेफरी रेंसी राकेश राज 24वीं अंडर-21 एवं जूनियर एशियाई कराटे चैंपियनशिप में रेफरी है। जॉर्डन के अम्मान में 7 से 10 सितंबर 2026 तक चैंपियनशिप खेली जाएगी। महाद्वीपीय प्रतियोगिता के लिए पूरे बिहार से मात्र दो रेफरियों का चयन किया गया है, जिनमें नालंदा से राकेश राज और पटना से शिहान हर्ष कुमार शामिल हैं। नालंदा के खेल इतिहास में ये पहला अवसर है, जब किसी खेल विशेषज्ञ को एशियाई कराटे चैंपियनशिप में निर्णायक की भूमिका मिली है। खिलाड़ी से अंतरराष्ट्रीय रेफरी तक का सफर राकेश राज की यह यात्रा नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए बड़ी प्रेरणा है। उन्होंने अपने खेल जीवन की शुरुआत एक खिलाड़ी के रूप में की और राज्य व राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में दर्जनों पदक जीते। इसके बाद उन्होंने कोचिंग की दुनिया में कदम रखा। खिलाड़ी से कोच और अब अंतरराष्ट्रीय रेफरी बनने तक का उनका यह सफर कड़े अनुशासन, मेहनत और खेल के प्रति निष्ठा की मिसाल है। सैकड़ों खिलाड़ियों को तराशा, सरकारी सेवाओं तक पहुंचाया वर्तमान में रेंसी राकेश राज जिले के शीर्ष खेल प्रशिक्षकों में गिने जाते हैं। उनके मार्गदर्शन में कराटे, पेंचक सिलाट और रग्बी के अनगिनत खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल हासिल किए हैं। उनके द्वारा प्रशिक्षित कई प्रतिभावान खिलाड़ी खेल कोटे से केंद्र और बिहार सरकार के विभिन्न विभागों में सरकारी नौकरी भी हासिल कर चुके हैं। खेल संवर्धन में इस अद्वितीय योगदान के लिए उन्हें राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर कई बार सम्मानित किया जा चुका है। खेल जगत और जनप्रतिनिधियों ने दी बधाई इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बिहार सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, कराटे इंडिया ऑर्गेनाइजेशन के अध्यक्ष हंशी भरत शर्मा, महासचिव संजीव जांगड़ा, स्टेट कराटे एसोसिएशन ऑफ बिहार के अध्यक्ष अभय अतुल, महासचिव पंकज कांबली, रग्बी फुटबॉल एसोसिएशन ऑफ बिहार के महासचिव डॉ. पंकज ज्योति, पेंचक सिलाट एसोसिएशन ऑफ नालंदा के अध्यक्ष डॉ. रविचंद्र कुमार और उपाध्यक्ष संजय कुशवाहा सहित जिले के खेल प्रेमियों ने उन्हें बधाई दी है। सभी ने विश्वास व्यक्त किया है कि वे अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी निष्पक्ष व सटीक निर्णय क्षमता से देश और राज्य का मान बढ़ाएंगे।
बैतूल में ट्रेन से गिरकर गंभीर रूप से घायल हुए बिहार के 40 वर्षीय यात्री की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक की पहचान भोला पासवान निवासी बीघा गांव, जिला नालंदा के रूप में हुई है। वह ट्रेन नंबर 19622 से दानापुर से बेंगलुरु जा रहा था। बाथरूम से लौटते समय गेट के पास गिरा भोला पासवान ट्रेन के जनरल कोच में सफर कर रहा था। बाथरूम से लौटते समय वह ट्रेन के गेट के पास पहुंचा। इसी दौरान धाराखोह-मरामझिरी के बीच खंभा नंबर 838/2 के पास वह डाउन ट्रैक पर गिर गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। जीआरपी आरक्षक ने रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया हादसे की सूचना मिलने के बाद जीआरपी आरक्षक दिलीप नरवरे मौके पर पहुंचे और घायल यात्री को रेस्क्यू कर जिला अस्पताल पहुंचाया। गंभीर हालत को देखते हुए उसे आईसीयू में भर्ती किया गया था। रात में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। भतीजा भी साथ कर रहा था यात्रा भोला पासवान के साथ उसका भतीजा भी यात्रा कर रहा था। हादसे के बाद से पुलिस उसके परिजनों के पहुंचने का इंतजार कर रही है। बताया गया कि भतीजे का मोबाइल फोन बंद आ रहा है। परिजनों के आने के बाद होगा पोस्टमार्टम अस्पताल पुलिस चौकी के अनुसार, परिजनों के पहुंचने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पुलिस मृतक के परिजनों से संपर्क करने का प्रयास कर रही है। फिलहाल परिजनों के नहीं पहुंचने के कारण मृतक की फोटो और अन्य जानकारी उपलब्ध नहीं हो सकी है।
बिहारी स्टाइल में बनाएं बैंगन बड़ी की चटपटी सब्जी, रेसिपी है आसान
Bihari Style Baingan Badi Sabji Recipe: अगर आप रोज-रोज एक जैसी सब्जी खाकर हो गए हैं बोर तो और कुछ अलग खाना चाहते हैं तो इस बार ट्राई करें बिहारी स्टाइल बैंगन बड़ी की चटपटी सब्जी. बैंगन और उड़द दाल की बड़ी से बनने वाली यह सब्जी सरसों के तेल और मसालों की वजह से स्वाद में बेहद खास लगती है.
भारत को दुनिया भर में केवल सांस्कृतिक या भाषाई विविधताओं के लिए ही नहीं, बल्कि एक 'उपमहाद्वीप' (Subcontinent) का दर्जा इसीलिए दिया जाता है क्योंकि इसका भूगोल किसी एक देश जैसा नहीं, बल्कि पूरे महाद्वीप जैसा है। अक्सर ऐसा देखने को मिलता है कि जब कश्मीर के गुलमर्ग, सोनमर्ग या पहलगाम की ऊंची चोटियों पर ताजा बर्फबारी के चलते पारा शून्य के करीब पहुंच जाता है, ठीक उसी समय देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर के इलाके बादलों की गड़गड़ाहट और मूसलाधार बारिश से तरबतर हो रहे होते हैं। वहीं चंद सौ किलोमीटर पूर्व की ओर बढ़ें, तो बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के मैदान उफनती नदियों की बाढ़, 40 डिग्री जैसी चुभने वाली गर्मी और 85 से 90 प्रतिशत की दमघोंटू उमस (Humidity) से जूझ रहे होते हैं। पहली नजर में यह विरोधाभास किसी कुदरती करिश्मे जैसा लगता है, लेकिन मौसम विज्ञान और भौतिक भूगोल (Physical Geography) के चश्मे से देखें तो यह भारत की विशिष्ट भू-आकृति, वायुमंडलीय दबाव और मानसूनी पवन तंत्र का एक पूरी तरह सुनियोजित वैज्ञानिक संतुलन है।अक्षांशीय विस्तार और समुद्र से दूरी: उष्णकटिबंध से शीतोष्ण कटिबंध का सफरभारत के मौसम में इस भारी अंतर की पहली बुनियादी वजह इसका विशाल अक्षांशीय फैलाव (Latitudinal Extent) है। भारत दक्षिण में 84' उत्तरी अक्षांश (कन्याकुमारी) से शुरू होकर उत्तर में 376' उत्तरी अक्षांश (कश्मीर और लद्दाख) तक लगभग 3,214 किलोमीटर के दायरे में फैला हुआ है। कर्क रेखा (Tropic of Cancer) देश के ठीक बीचों-बीच से होकर गुजरती है, जो भारत को दो अलग-अलग जलवायु कटिबंधों में बांट देती है। देश का दक्षिणी और मध्य हिस्सा उष्णकटिबंधीय (Tropical Zone) है, जहां सालभर तेज सौर ऊर्जा और भारी तापमान रहता है, जबकि उत्तरी भाग उपोष्ण और शीतोष्ण (Sub-Tropical and Temperate Zone) क्षेत्र में आता है। इसके अलावा, समुद्र से दूरी (Continentality) का प्रभाव भी मौसम को बदलता है। समुद्र के करीब स्थित तटीय इलाकों में समुद्री हवाओं के कारण तापमान का उतार-चढ़ाव संतुलित रहता है, जबकि देश के भीतरी मैदानी और पर्वतीय हिस्से समुद्र से हजारों किलोमीटर दूर होने के कारण महाद्वीपीय जलवायु का सामना करते हैं, जहां मौसमी चरम सीमाएं (Extreme Weather Events) देखने को मिलती हैं।ऊंचाई का नियम (Lapse Rate): कश्मीर की वादियों में क्यों जमती है बर्फ?कश्मीर और लद्दाख में समय से पहले होने वाली बर्फबारी या कड़ाके की ठंड का सबसे बड़ा कारण भूभौतिकी का 'नॉर्मल लैप्स रेट' (Normal Lapse Rate) है। विज्ञान का यह सीधा नियम कहता है कि समुद्र तल से जैसे-जैसे ऊंचाई बढ़ती है, वायुमंडलीय दबाव कम होता जाता है और प्रति 1,000 मीटर (1 किलोमीटर) की चढ़ाई पर तापमान औसतन 6.5 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है। दिल्ली और पटना जहां समुद्र तल से मात्र 150 से 210 मीटर की ऊंचाई पर मैदानी बेसिन में स्थित हैं, वहीं कश्मीर घाटी की औसत ऊंचाई 1,600 से 2,200 मीटर है, जबकि इसके आसपास की पीर पंजाल और जांस्कर पर्वत श्रृंखलाएं 3,500 से 5,000 मीटर से भी अधिक ऊंची हैं। जब भूमध्य सागर से उठने वाला कोई पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) या मानसूनी नमी की ठंडी धाराएं इन ऊंची पहाड़ियों से टकराकर ऊपर उठती हैं, तो वहां मौजूद अत्यंत कम तापमान के कारण जलवाष्प पानी की बूंदों के बजाय सीधे हिम कणों (Snow Crystals) में संघनित (Condense) हो जाती है, जिसे पर्वतीय वर्षा या स्नोफॉल कहा जाता है।मानसूनी ट्रफ की धुरी: दिल्ली-एनसीआर में कैसे होती है मूसलाधार बारिश?राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उत्तर-पश्चिम भारत में होने वाली जोरदार बारिश के पीछे मानसूनी ट्रफ (Monsoon Trough) का सीधा हाथ होता है। मानसूनी ट्रफ वास्तव में कम हवा के दबाव (Low Pressure) की एक लंबी अदृश्य पट्टी होती है, जो पाकिस्तान के थार रेगिस्तान से लेकर बंगाल की खाड़ी तक फैली होती है। यह ट्रफ हमेशा स्थिर नहीं रहती, बल्कि उत्तर और दक्षिण की ओर दोलन (Oscillate) करती रहती है। जब भी बंगाल की खाड़ी या मध्य भारत से कोई डिप्रेशन (निम्न दबाव का चक्रवात) उत्तर भारत की ओर बढ़ता है, तो यह मानसूनी ट्रफ को खींचकर दिल्ली-हरियाणा के ठीक ऊपर ला खड़ा करता है। इस स्थिति में अरब सागर से आने वाली नमी भरी पश्चिमी हवाएं और बंगाल की खाड़ी से आने वाली पूर्वी पुरवैया हवाएं दिल्ली के आकाश पर आपस में टकराती हैं। हवाओं के इस शक्तिशाली अभिसरण (Convergence) के चलते घने क्यूम्युलोनिम्बस (Cumulonimbus) बादल बनते हैं, जो कुछ ही घंटों में दिल्ली-एनसीआर की सड़कों को जलमग्न कर देने वाली तेज बौछारें बरसाते हैं।नेपाल की पहाड़ियां और बंगाल की खाड़ी का प्रभाव: बिहार में बाढ़ और उमस का दोहरा वारबिहार की स्थिति देश के अन्य राज्यों से पूरी तरह अलग और भौगोलिक रूप से अत्यंत संवेदनशील है। बिहार एक कटोरेनुमा मैदानी क्षेत्र है, जिसके उत्तर में नेपाल का विशाल हिमालयी जलग्रहण क्षेत्र (Catchment Area) मौजूद है। जब मानसून सक्रिय होता है, तो बंगाल की खाड़ी से चलने वाली नम हवाएं सबसे पहले बिना किसी बड़ी रुकावट के गंगा के मैदानों से होते हुए बिहार और नेपाल की तलहटी (तराई) से टकराती हैं। नेपाल के पहाड़ी इलाकों में जब भीषण बारिश होती है, तो वहां की ढलानों से लाखों क्यूसेक पानी तेज गति से बहते हुए कोसी, गंडक, बागमती, कमला बलान और बूढ़ी गंडक जैसी नदियों के जरिए सीधे उत्तरी बिहार के मैदानी इलाकों में प्रवेश कर जाता है। मैदानी ढलान बहुत कम होने के कारण यह पानी तेजी से आगे नहीं निकल पाता और विशाल बाढ़ का रूप ले लेता है। वहीं दूसरी ओर, बिहार में बाढ़ के पानी और नदी बेसिन से उठने वाली लगातार नमी जब 35 से 38 डिग्री की धूप के संपर्क में आती है, तो हवा में सापेक्ष आर्द्रता (Relative Humidity) 85 से 95 प्रतिशत के पार पहुंच जाती है। यही कारण है कि वहां हवा का चलना रुकते ही शरीर से पसीना सूखना बंद हो जाता है और असहनीय, चिपचिपी उमस का माहौल बन जाता है।वायुमंडलीय प्रणालियों का महा-टकराव: भारत की विविधता ही उसकी पहचान हैभारत का मौसम विज्ञान इस बात का सटीक उदाहरण है कि कैसे तीन अलग-अलग वायुमंडलीय प्रणालियां एक ही समय में एक ही भूभाग पर सक्रिय रह सकती हैं। उत्तर में हिमालय एक विशाल प्राकृतिक दीवार की तरह खड़ा है, जो साइबेरिया से आने वाली बर्फीली हवाओं को रोककर उत्तर भारत के मैदानों को अत्यधिक जमने से बचाता है और साथ ही मानसूनी बादलों को देश से बाहर जाने से रोककर भरपूर पानी बरसाने पर मजबूर करता है। वहीं, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आने वाली दोहरी समुद्री शाखाएं देश के पूर्वी और पश्चिमी छोरों को अलग-अलग समय पर नमी देती हैं। यही जटिल भौगोलिक ताना-बाना तय करता है कि एक ही दिन भारत का एक नागरिक कश्मीर में गर्म फेरन और कांगड़ी का सहारा ले रहा होता है, दिल्ली का मुसाफिर छाता और रेनकोट संभाल रहा होता है, और बिहार का किसान अपनी नाव पर बैठकर उमस भरे बादलों से थोड़ी राहत की उम्मीद कर रहा होता है। यह विविधता किसी मौसम की विसंगति नहीं, बल्कि प्रकृति द्वारा भारत के नक्शे पर खींचा गया एक अनूठा और संतुलित चक्र है।
गूगल इंडिया अब बिहार के सरकारी शिक्षकों को सिखाएगा AI, सरकार और कंपनी के बीच हुआ समझौता
गूगल इंडिया अब बिहार के सरकारी शिक्षकों को सिखाएगा AI, सरकार और कंपनी के बीच हुआ समझौता
नेपाल में एक बार फिर भूस्खलन से हड़कंप है। गंडक सहित उत्तर बिहार की अन्य नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है। इसलिए आने वाले खतरे से निपटने के लिए तैयार रहने की व्यवस्था की जा रही है। तटबंधों पर और अधिक चौकसी बढ़ी है।
देश भर के करोड़ों राशन कार्डधारकों और गरीब परिवारों के लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील फैसला लागू किया है। अब तक की व्यवस्था में परिवार के मुख्य कार्डधारक (मुखिया) की आकस्मिक मृत्यु हो जाने की दशा में राशन कार्ड को निरस्त (Cancel) मान लिया जाता था या कोटेदार द्वारा राशन वितरण रोक दिया जाता था। इसके बाद आश्रित परिजनों को नया राशन कार्ड बनवाने के लिए सरकारी दफ्तरों, तहसील और जनसेवा केंद्रों के महीनों चक्कर काटने पड़ते थे, जिससे कई बार पात्र परिवारों का महीनों तक मुफ्त व सस्ता राशन बंद हो जाता था।खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय तथा राज्य सरकारों के खाद्य रसद विभागों ने इस जटिल व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। नए नियमों के तहत परिवार के मुखिया की मृत्यु होने पर राशन कार्ड स्वतः निरस्त नहीं होगा, बल्कि उसी पुराने राशन कार्ड नंबर पर परिवार के अन्य पात्र सदस्य का नाम बतौर 'नया मुखिया' (New Head of Family) दर्ज कर दिया जाएगा। इससे परिवार की यूनिट संख्या सुरक्षित रहेगी और राशन वितरण प्रणाली (PDS) के तहत मिलने वाले खाद्यान्न की आपूर्ति में एक दिन का भी व्यवधान नहीं आएगा।किसे मिलेगा नया मुखिया बनने का अधिकार? राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) का महिला सशक्तिकरण नियमराशन कार्ड में नए मुखिया का चयन मनमाने ढंग से नहीं होता, बल्कि इसके लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA 2013) के स्पष्ट दिशा-निर्देश तय हैं:परिवार की सबसे वरिष्ठ महिला को पहली प्राथमिकता: खाद्य सुरक्षा कानून के तहत महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राशन कार्ड में परिवार की 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की सबसे वरिष्ठ महिला सदस्य को ही मुखिया बनाया जाता है। यदि मृत मुखिया पहले से महिला थीं, तो उनके बाद परिवार की दूसरी वरिष्ठतम महिला सदस्य (जैसे बहू, बेटी या बहन) स्वतः मुखिया पद के लिए पात्र होंगी।यदि परिवार में कोई वयस्क महिला न हो: यदि मृतक के परिवार में 18 वर्ष से अधिक आयु की कोई महिला सदस्य मौजूद नहीं है, तो परिवार के सबसे वरिष्ठ पुरुष सदस्य को नया मुखिया बनाया जाएगा।महिला सदस्य के वयस्क होने पर स्वतः बदलाव: यदि वर्तमान में परिवार में केवल नाबालिग बेटियां या बच्चे हैं, तो उस स्थिति में जब तक सबसे बड़ी कन्या 18 वर्ष की आयु पूरी नहीं कर लेती, तब तक किसी वयस्क पुरुष अभिभावक के नाम पर कार्ड संचालित होगा और 18 वर्ष पूरे होते ही मुखिया का अधिकार स्वतः उस युवती के नाम स्थानांतरित करने का विकल्प मिलेगा।सदस्य का नाम पहले से कार्ड में दर्ज होना अनिवार्य: नया मुखिया बनने के लिए सबसे जरूरी शर्त यह है कि उस व्यक्ति का नाम पहले से उसी राशन कार्ड की परिवार सूची (Family Unit List) में सक्रिय सदस्य के रूप में दर्ज होना चाहिए।राशन कार्ड में मुखिया का नाम ट्रांसफर कराने के लिए आवश्यक दस्तावेज (Documents Checklist)खाद्य विभाग के पोर्टल पर नाम ट्रांसफर की अर्जी देने से पहले आवेदक को निम्नलिखित वैध दस्तावेजों की स्पष्ट प्रतियां तैयार रखनी होंगी:मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate): मृत मुखिया का नगर निगम, नगर पालिका या ग्राम पंचायत द्वारा जारी आधिकारिक मृत्यु प्रमाण पत्र (मूल एवं स्व-प्रमाणित कॉपी)।मूल राशन कार्ड: मौजूदा राशन कार्ड की छायाप्रति जिसमें सभी पारिवारिक यूनिट्स का विवरण हो।प्रस्तावित नए मुखिया का आधार कार्ड: नया मुखिया बनने वाले सदस्य का आधार कार्ड (जिसमें नाम, जन्मतिथि और पता सही हो)।आधार से लिंक सक्रिय मोबाइल नंबर: आवेदन सत्यापन और ओटीपी (OTP) आधारित ऑथेंटिकेशन के लिए चालू मोबाइल नंबर।बैंक पासबुक की कॉपी: नए मुखिया के नाम पर सक्रिय राष्ट्रीयकृत या ग्रामीण बैंक खाते की पासबुक का पहला पन्ना या कैंसिल्ड चेक (डीबीटी और सब्सिडी के लिए)।पारिवारिक सहमति पत्र / स्व-घोषणा: ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम प्रधान/सचिव या शहरी क्षेत्रों में सभासद/वार्ड पार्षद द्वारा सत्यापित पारिवारिक सहमति प्रपत्र।घर बैठे ऑनलाइन कैसे करें नाम ट्रांसफर? स्टेप-बाय-स्टेप पूरी डिजिटल प्रक्रियाडिजिटल इंडिया और खाद्य सुरक्षा पोर्टल्स के आधुनिकीकरण के चलते अब नागरिक घर बैठे या नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC / सहज जन सेवा केंद्र) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं:राज्य के आधिकारिक खाद्य पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले अपने राज्य के खाद्य एवं रसद विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (जैसे उत्तर प्रदेश के लिए fcs.up.gov.in, बिहार के लिए epds.bihar.gov.in, या राष्ट्रीय पोर्टल nfsa.gov.in) पर जाएं।सिटिजन कॉर्नर में लॉगिन करें: पोर्टल पर दिए गए 'राशन कार्ड संशोधन / नागरिक सेवाएं' (Citizen Services) विकल्प पर क्लिक करें और अपने राशन कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर के जरिए ओटीपी दर्ज कर लॉगिन करें।'मुखिया परिवर्तन / संशोधन' विकल्प चुनें: डैशबोर्ड पर आपको 'राशन कार्ड में संशोधन' या 'मृतक मुखिया के स्थान पर नए मुखिया का चयन' का विकल्प दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें।मृतक का विवरण और कारण भरें: मृत मुखिया का नाम चुनकर 'मृत्यु' (Death) का कारण सेलेक्ट करें और नगर निकाय/पंचायत द्वारा जारी मृत्यु प्रमाण पत्र की क्रम संख्या व तारीख दर्ज कर उसकी स्कैन कॉपी अपलोड करें।नए मुखिया का चयन और विवरण अपडेट: परिवार के मौजूदा सदस्यों की सूची में से उस वरिष्ठ महिला या सदस्य को चुनें जिसे नया मुखिया बनाना है। इसके बाद नए मुखिया का बैंक खाता संख्या, आईएफएससी कोड और आधार विवरण सत्यापित करें।ओटीपी से फाइनल सबमिट: नए मुखिया के आधार से लिंक मोबाइल पर आए ओटीपी को दर्ज कर फॉर्म को अंतिम रूप से सबमिट करें।रसीद सुरक्षित रखें: फॉर्म सबमिट होते ही एक 12 या 14 अंकों का 'आवेदन संदर्भ संख्या' (Application Reference Number) जनरेट होगा, जिसे डाउनलोड कर प्रिंट निकाल लें ताकि भविष्य में स्टेटस ट्रैक किया जा सके।ऑफलाइन प्रक्रिया: तहसील या पूर्ति निरीक्षक (Supply Inspector) कार्यालय से ऐसे कराएं कामयदि किसी क्षेत्र में इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या है या ऑनलाइन आवेदन में तकनीकी अड़चन आ रही है, तो ऑफलाइन माध्यम से भी यह कार्य आसानी से कराया जा सकता है:आवेदक अपने क्षेत्र के उचित दर विक्रेता (राशन डीलर) अथवा ब्लॉक/तहसील स्थित क्षेत्रीय खाद्य एवं आपूर्ति कार्यालय (ARO / Supply Office) से 'प्रपत्र-ख' (संशोधन आवेदन पत्र) प्राप्त करें।फॉर्म में मृत मुखिया का नाम, नए मुखिया का नाम और पारिवारिक सदस्यों का विवरण स्पष्ट अक्षरों में भरें।फॉर्म के साथ मृत्यु प्रमाण पत्र, राशन कार्ड की कॉपी और नए मुखिया के आधार कार्ड व बैंक पासबुक की स्व-प्रमाणित प्रति संलग्न करें।भरे हुए आवेदन पत्र को अपने नजदीकी क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक (Supply Inspector) या जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) के कार्यालय में जमा कराएं और वहां से आधिकारिक प्राप्ति रसीद (Acknowledgement Receipt) प्राप्त करें।पूर्ति निरीक्षक द्वारा आवेदन को अपने विभागीय पोर्टल पर दो कार्यदिवसों में ऑनलाइन दर्ज किया जाता है, जिसके बाद ग्रामीण क्षेत्र में खंड विकास अधिकारी (BDO) और शहरी क्षेत्र में अधिशासी अधिकारी (EO) द्वारा स्थलीय सत्यापन (Physical Verification) कर रिपोर्ट जिला पूर्ति अधिकारी को भेजी जाती है।समयसीमा और निस्तारण: कितने दिनों में बन जाता है नया कार्ड?खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा सेवा का अधिकार कानून के तहत इस संपूर्ण प्रक्रिया के लिए अधिकतम 15 से 21 कार्यदिवसों की समयसीमा निर्धारित की गई है। जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) द्वारा रिपोर्ट का अनुमोदन किए जाने के 3 दिनों के भीतर नए मुखिया के नाम के साथ डिजिटल हस्ताक्षरित संशोधित राशन कार्ड सिस्टम में अपडेट हो जाता है।कार्डधारक अपने मोबाइल से ही 'मेरा राशन' (Mera Ration) मोबाइल ऐप या राज्य के पोर्टल से ई-राशन कार्ड की प्रति तुरंत डाउनलोड कर सकते हैं। इसके बाद संबंधित राशन डीलर को सूचित कर उसी महीने से निर्बाध रूप से खाद्यान्न प्राप्त किया जा सकता है।मृतक का नाम न कटवाना पड़ सकता है भारी: आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कानूनी चेतावनीकई मामलों में देखा जाता है कि परिवार के किसी सदस्य या मुखिया की मृत्यु हो जाने के बाद भी परिजन लंबे समय तक विभाग को इसकी सूचना नहीं देते और मृतक के नाम पर मिलने वाले 5 किलो अतिरिक्त अनाज या अंत्योदय कोटे का लाभ उठाते रहते हैं।खाद्य विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि किसी भी मृत व्यक्ति के नाम पर सस्ता या मुफ्त खाद्यान्न उठाना आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) और पीडीएस कंट्रोल ऑर्डर के तहत एक संज्ञेय और गैर-कानूनी अपराध है। आधार बेस्ड ई-केवाईसी (e-KYC) और बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान यदि किसी मृतक के नाम पर खाद्यान्न आहरण का मामला पकड़ा जाता है, तो:राशन कार्ड को तत्काल प्रभाव से ब्लॉक या ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा।मृत्यु की तारीख से लेकर अब तक उठाए गए संपूर्ण राशन की बाजार दर (Market Price) पर चक्रवृद्धिय वसूली की जाएगी।दोषी परिजनों के खिलाफ धोखाधड़ी की सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर कानूनी दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।इसलिए परिवार के मुखिया या किसी भी सदस्य की मृत्यु होने पर परिजनों को चाहिए कि वे 30 दिनों के भीतर पोर्टल पर मृत्यु प्रमाण पत्र अपलोड कर नाम कटवाने या मुखिया ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि परिवार के अन्य सदस्यों का वैध हक बिना किसी रुकावट के सुरक्षित रहे।
Bihar News Today Live: बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 6 सितम्बर के मुख्य और ताजा समाचार
Bihar Breaking News Today Live - Read latest and breaking news today in hindi at Amarujala. यहां पढ़ें, बिहार की ताजा खबरें, राजनीति, खेल, मनोरंजन, धर्म, क्राइम और शिक्षा की खबरों का लाइव अपडेशन
पटना में टूटा 2016 का रिकॉर्ड, खतरे के निशान से ऊपर गंगा, बिहार के 11 जिलों में बाढ़ का खतरा
बिहार के 11 जिलों में बाढ़ से 16.85 लाख लोग प्रभावित हैं. पटना में गंगा 2016 का रिकॉर्ड तोड़कर बह रही है, जबकि सात प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर हैं.
कैचमेंट एरिया में लगातार मूसलाधार बारिश के चलते बयाना स्थित ऐतिहासिक बंध बारैठा डैम का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया, जिसके बाद बांध के दो गेट खोलकर कुकुन्द नदी में जल निकासी शुरू की गई।
बिहार में शिक्षा और रोजगार के मुद्दों को लेकर रविवार को पटना के एसके मेमोरियल हॉल में छात्र-युवा संसद का आयोजन किया जा रहा है। AISA की ओर से आयोजित कार्यक्रम का नाम ‘बिहार में गूंजेगी Gen-Z की आवाज’ रखा गया है। इसमें राज्यभर से छात्र-युवा जुटेंगे। बदहाल शिक्षा व्यवस्था, बढ़ती बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली, फीस वृद्धि, विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता पर हमले और छात्रों-युवाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों समेत कई मुद्दों पर चर्चा होगी। AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष कॉमरेड नेहा बोरा होंगी शामिल इस कार्यक्रम में जंतर-मंतर आंदोलन की चर्चित नेता और AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष कॉमरेड नेहा बोरा सहित देशभर के छात्र-युवा आंदोलनों के प्रतिनिधि और दमन के शिकार छात्र-युवा शामिल होंगे। वहीं, कार्यक्रम में CPI(ML) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, विधायक संदीप सौरभ, झारखंड के JSSC आंदोलन की मुखर आवाज हबीबा, जंतर-मंतर आंदोलन की चर्चित आवाज इरफान और प्रोफेसर एवं व्यंग्यकार डॉ. मेडुसा सहित कई लोग मौजूद रहेंगे। BPSC, BELTRON, दरोगा भर्ती में धांधली रोकने पर चर्चा होगी “स्कूल ठीक करो, शिक्षा सुधारो” के नारे के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में बिहार की शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने, भर्तियों में धांधली रोकने और BPSC, BELTRON, दरोगा भर्ती सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और बहालियों के संघर्षरत छात्रों के न्याय के मुद्दों पर चर्चा होगी। बिहार में शिक्षा और रोजगार का संकट लगातार गहराया- AISA AISA नेताओं ने कहा कि बिहार में शिक्षा और रोजगार का संकट लगातार गहराता जा रहा है। पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितता, बेरोजगारी, सरकारी स्कूलों की बदहाली और उच्च शिक्षा पर बढ़ते नियंत्रण ने लाखों छात्र-युवाओं के भविष्य को गंभीर संकट में डाल दिया है। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से बिहार विश्वविद्यालय एक्ट, 1976 को खत्म करने की कोशिश बंद करने, फीस वृद्धि वापस लेने, 7.5 CGPA की बाध्यता खत्म करने, स्कूल मर्जर बंद करने, सभी रिक्त पदों पर स्थायी बहाली सुनिश्चित करने, ठेका-पट्टा पर बहाली बंद करने और 70वीं BPSC को रद्द करने की मांग उठाई जाएगी। ‘Gen-Z Rising : बिहार चैप्टर’ के तहत हो रहा कार्यक्रम ‘शिक्षा सुधारो और स्कूल-कॉलेजों को ठीक करो’ का सवाल अब बिहार के हर हिस्से में उठ रहा है। Gen-Z के साथ Gen-Alpha भी सरकारी स्कूलों की बदहाली और शिक्षा व्यवस्था की कुव्यवस्था पर सवाल उठा रहा है। AISA और RYA का ‘Gen-Z Rising : बिहार चैप्टर’ राज्य के विभिन्न जिलों तक पहुंच रहा है। विश्वविद्यालय केंद्रों पर छात्र युवा संसद आयोजित की गई हैं तथा शिक्षा, परीक्षा, रोजगार और स्कूलों की बदहाली के सवालों पर संघर्ष खड़े किए जा रहे हैं।
Bihar's GST Compensation: जीएसटी क्षतिपूर्ति के अंतिम आंकड़ों से पता चला है कि बिहार को 26,970 करोड़ रुपये मिले, जबकि महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों को कहीं अधिक हिस्सेदारी मिली। य
Bihar Weather Update: बिहार में बाढ़ के खतरे के बीच मौसम का सितम, 4 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
शनिवार को पटना समेत बिहार के कई जिलों में हुई बारिश से उमस और गर्मी से राहत मिली, जिससे मौसम सुहाना हो गया। रविवार को चार जिलों में भारी बारिश और 21 जिलों में मेघ गर्जन व वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है।
Bihar Weather Today 06 September: मौसम विभाग ने रविवार को अररिया, कटिहार, किशनगंज,प. चंपारण में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जबकि 21 जिलों में मेघ गर्जन और वज्रपात के आसार हैं। पूर्णिया में भी आज बारिश की संभावना है।
दिल्ली-UP से लेकर बिहार और राजस्थान तक भारी बारिश और आंधी का अलर्ट, IMD ने किया सावधान
दिल्ली में आज तेज आंधी और बारिश की संभावना है। उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश हो सकती है।
दूसरे राज्यों में बैंक-सोना लूट, बिहार में ठिकाना; 113 अपराधी गिरफ्तार, 8.84 किलो सोना बरामद
बिहार एसटीएफ ने अंतरराज्यीय बैंक और ज्वेलरी लूट गिरोह के 113 अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में 8.84 किलो सोना, 44 किलो चांदी और 11.97 लाख रुपये नकद बरामद किए गए।
दीवारों पर जन्मी कला अब बाजार की शान, बिहार के हुनर ने पकड़ी करोड़ों की उड़ान
बिहार की लोक कलाएं अब घरों की दीवारों से निकलकर बाजारों और संग्रहालयों तक पहुंच गई हैं, जिससे कलाकारों को आजीविका और करोड़ों का कारोबार मिल रहा है।
गोरखपुर की आरपीएफ की नारकोटिक्स टास्क टीम ने ट्रेन में अवैध शराब ले जा रहे एक युवक को गिरफ्तार किया है। टीम ने युवक के पास से अंग्रेजी शराब की आठ बोतलें बरामद की हैं। बरामद शराब की कुल कीमत 6,050 रुपये बताई गई है। कार्रवाई के बाद आरोपी के खिलाफ जीआरपी गोरखपुर थाने में आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। 5 सितंबर को वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त/लखनऊ के निर्देशन में नारकोटिक्स टास्क टीम ने यह कार्रवाई की। टीम का नेतृत्व उप निरीक्षक सुनील कुमार कसाना कर रहे थे। टीम को ट्रेन में अवैध शराब की तस्करी की सूचना मिली थी। इसके बाद टीम ने गाड़ी संख्या 14674 की जांच शुरू की। जांच के दौरान ट्रेन के कोच संख्या B-1 में बर्थ नंबर 10 पर यात्रा कर रहे एक युवक को रोका गया। पूछताछ और तलाशी के दौरान उसके पास से आठ बोतल अंग्रेजी शराब बरामद हुई। इसके बाद युवक को गिरफ्तार कर लिया गया। मुजफ्फरपुर का रहने वाला है आरोपी गिरफ्तार युवक की पहचान बिहार के मुजफ्फरपुर जिला के दुबहा गाँव के मुकुंद कुमार सिंह रूप में हुई है। उसकी उम्र 19 वर्ष बताई गई है। टीम ने उसे करीब 12:45 बजे गिरफ्तार किया। आरपीएफ के अनुसार, युवक के पास से कुल आठ बोतल शराब मिली। इनमें दो बोतल रॉयल स्टैग 750 एमएल, दो बोतल ऑफिसर्स च्वाइस 750 एमएल, दो बोतल आइकोनिक व्हाइट 750 एमएल और दो बोतल ग्रैंड अफेयर 750 एमएल शामिल हैं। बरामद शराब की कुल कीमत करीब 6,050 रुपये बताई गई है। जीआरपी थाने में मुकदमा दर्ज शराब बरामद होने के बाद आरोपी मुकुंद कुमार सिंह के खिलाफ जीआरपी गोरखपुर थाने में मुकदमा अपराध संख्या 143/26 दर्ज किया गया है। उसके खिलाफ धारा 60 आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। मामले की जांच उप निरीक्षक अर्जुन सिंह, जीआरपी गोरखपुर द्वारा की जा रही है। इस कार्रवाई में नारकोटिक्स टास्क टीम के उप निरीक्षक सुनील कुमार कसाना के साथ सहायक उप निरीक्षक रामानन्द यादव, कांस्टेबल अमरजीत यादव, दुर्गेश प्रसाद, धर्मेंद्र यादव, अमरनाथ, अनिरुद्ध कुमार मौर्य, महेंद्र सिंह, रामहरि यादव और अरविंद सिंह यादव शामिल रहे। सुरक्षा बल पोस्ट गोरखपुर से सहायक उप निरीक्षक विश्वनाथ यादव और जीआरपी गोरखपुर से कांस्टेबल मुन्ना यादव भी कार्रवाई में शामिल रहे।
Bihar Flood: गंगा नदी में उफान के बीच आरा और हाजीपुर के शहरी इलाकों में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। हाजीपुर शहर के आठ वार्ड जलमग्न हैं जबकि आरा शहर के छह वार्डों में बाढ़ का पानी पसर जाने से लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है।
देशभर में 11 तक भारी बारिश की आशंका: बिहार में बाढ़ से 16 लाख प्रभावित; आईएमडी का पूर्वानुमान क्या?
देशभर में 11 तक भारी बारिश की आशंका: बिहार में बाढ़ से 16 लाख प्रभावित; आईएमडी का पूर्वानुमान क्या?- Heavy rain expected across country until11th 1.6 million affected by floods in Bihar what is IMD forecast
Neha Bora Patna Visit: Bihar फिर क्यों जा रही AISA की नेहा, जान लीजिए आज ही प्लान| Samrat Chaudhary
Neha Bora Patna Visit: Bihar फिर क्यों जा रही AISA की नेहा, जान लीजिए आज ही प्लान| Samrat Chaudhary
CBI के अधिकारों में किसी तरह का बदलाव नहीं, बिहार पुलिस मुख्यालय ने किया क्लीयर
पुलिस मुख्यालय ने गृह विभाग की सीबीआई अधिकारों संबंधी अधिसूचना पर स्पष्टीकरण दिया है।
बाढ़ में डूबे घर, छतों पर फंसे परिवार… बिहार से आई डराने वाली तस्वीरें
बाढ़ में डूबे घर, छतों पर फंसे परिवार… बिहार से आई डराने वाली तस्वीरें
चिराग को CM बनाने का संकल्प, LJP-R का मिशन तैयार; पांच प्वाइंट में समझिए बिहार की सियासत का नया दांव
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को बिहार का मुख्यमंत्री बनाने का लक्ष्य सार्वजनिक किया है। पार्टी 2029-30 के चुनावों में नंबर वन बनने और संगठन को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
हर साल बाढ़ की मार से मिलेगी राहत, बिहार में गंगा किनारे रिंग बांध और नए स्ट्रेच का होगा निर्माण
बिहार सरकार गंगा नदी की बाढ़ के स्थायी समाधान के लिए बड़े कदम उठा रही है, जिसमें तटबंधों को मजबूत करना और रिंग बांध व नए स्ट्रेच का निर्माण शामिल है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गाद की समस्या, स्वास्थ्य सेवाओं, फसल बीमा और राहत कार्यों की समीक्षा की, ताकि बाढ़ प्रभावितों को हर संभव मदद मिल सके।
Pappu Yadav Viral Video: निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने शनिवार को CJP एक्टिविस्ट निशु आजाद से जुड़े मामले पर खुलकर बात की। हालांकि, उनके बयान से ज्यादा लोगों का ध्यान उनके बदले हुए लुक पर गया।बता दें कि सोशल मीडिया पर उनके घटे हुए वजन को लेकर काफी चर्चा हो रही है। X पर कई यूजर्स ने कहा कि शुरू में तो उन्हें सांसद को पहचानने में भी मुश्किल हुई। #WATCH | Patna, Bihar: On the case related to CJP activist Nishu Azad, Independent MP Pappu Yadav says, Now, as long as Rahul Gandhi is not sitting at the police station for a protest, the daughter will never get justice. Today, we had to sit at the police station for three… pic.twitter.com/jUUJkBFXFw— ANI (@ANI) September 4, 2026 कई यूजर्स ने उनके शारीरिक बदलाव पर भी ध्यान दिया और उनके वजन में आई भारी कमी चर्चा का विषय बन गई। एक यूजर ने मजाक में कहा, पप्पू यादव का बाकी हिस्सा कहां है? #WATCH | Patna, Bihar: On the case related to CJP activist Nishu Azad, Independent MP Pappu Yadav says, Now, as long as Rahul Gandhi is not sitting at the police station for a protest, the daughter will never get justice. Today, we had to sit at the police station for three… pic.twitter.com/jUUJkBFXFw— ANI (@ANI) September 4, 2026 एक और यूजर ने कहा, फेक न्यूज फैलाना बंद करो? इसमें पप्पू यादव कहां से आ गए??कई यूजर्स ने तो यह भी कहा कि इस जबरदस्त बदलाव के पीछे 'ओजेम्पिक' (Ozempic) दवा का हाथ है। यह दवा मुख्य रूप से टाइप-2 डायबिटीज के लिए दी जाती है और कभी-कभी डॉक्टर की देखरेख में वजन कम करने के लिए भी इस्तेमाल की जाती है।एक यूजर ने कहा, ' Ozempic एक चमत्कार है'। #WATCH | Patna, Bihar: On the case related to CJP activist Nishu Azad, Independent MP Pappu Yadav says, Now, as long as Rahul Gandhi is not sitting at the police station for a protest, the daughter will never get justice. Today, we had to sit at the police station for three… pic.twitter.com/jUUJkBFXFw— ANI (@ANI) September 4, 2026 हालांकि, अचानक वजन कम होने को लेकर पप्पू यादव या उनके ऑफिस की तरफ से कोई बयान नहीं आया है।यह भी पढ़ें:मैंने सिर फोड़ दिया था...’, दावा करने वाला 'इन्फ्लुएंसर' स्वतंत्र भारद्वाज गिरफ्तार, CJP प्रोटेस्टर के पिता पर हमला करने का है आरोप
Bihar Flood: 11 जिलों में बिगड़े हालात, Ganga का जलस्तर रिकॉर्ड स्तर के पार पहुंचा
पटना, पांच सितंबर बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य के 11 जिलों में करीब 10.26 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, वहीं भारी बारिश के बीच शनिवार सुबह पटना के गांधी घाट और पंडारक में गंगा नदी का जलस्तर 10 सेंटीमीटर बढ़कर ‘उच्चतम बाढ़ स्तर’ को पार कर गया। आधिकारिक बुलेटिन में यह जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को भागलपुर और नवगछिया के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया और राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘अधिकारियों को समय पर आवश्यक व्यवस्थाएं करने, पर्याप्त राहत सामग्री उपलब्ध कराने और त्वरित बचाव के उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रभावित लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि उन्हें किसी भी तरह की परेशानी न हो।’’मुख्यमंत्री ने मंत्रियों और अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने तथा राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया है। जल संसाधन विभाग के बुलेटिन के अनुसार, शनिवार सुबह 10 बजे गंगा नदी दो स्थानों पर उच्चतम बाढ़ स्तर से ऊपर बह रही थी, जिससे राजधानी के निचले इलाकों में जलभराव का खतरा बढ़ गया है। लोगों से नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की गई है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। बुलेटिन के अनुसार, बिहार में कई स्थानों पर नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इनमें डुमरियाघाट और हाजीपुर में गंडक, बलतारा में कोसी, खगड़िया में बूढ़ी गंडक, दीघा, हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव, बक्सर और मुंगेर में गंगा, श्रीपालपुर में पुनपुन तथा दरौली में घाघरा नदी शामिल हैं। जल संसाधन विभाग ने बताया कि शनिवार सुबह 10 बजे पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर चार घंटे में 10 सेंटीमीटर बढ़कर 50.53 मीटर स्तर पर पहुंच गया। यह ‘अब तक के सबसे ऊंचे बाढ़ स्तर’ से एक सेंटीमीटर अधिक है। विभाग के अनुसार, गांधी घाट पर गंगा का पिछला उच्चतम बाढ़ स्तर 50.52 मीटर था, जो 21 अगस्त 2016 को दर्ज किया गया था। विभाग ने कहा, ‘‘पूर्वानुमान है कि रविवार सुबह आठ बजे तक गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर और बढ़कर 50.62 मीटर तक पहुंच सकता है। लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।’’विभाग ने बताया कि पटना के पंडारक में पांच सितंबर को सुबह 10 बजे गंगा का जलस्तर 43.78 मीटर दर्ज किया गया, जबकि वहां पिछला उच्चतम बाढ़ स्तर 43.73 मीटर था जो 16 अगस्त, 2021 को दर्ज किया गया था। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के बुलेटिन के अनुसार, कई नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण 11 जिलों के 50 प्रखंडों और 201 ग्राम पंचायतों में करीब 10.26 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार और अररिया शामिल हैं। विभाग ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को एहतियाती कदम उठाने, नदी के पास रहने वाले लोगों को सतर्क करने और बाढ़ जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए विशेष दलों की लगातार गश्त सुनिश्चित करने को कहा है। राज्य और पड़ोसी नेपाल में हुई भारी बारिश के बाद विभिन्न नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। बिहार में सितंबर में अब तक 60.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 69 प्रतिशत अधिक है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए विभिन्न जिलों में 38 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। अब तक बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच 12,300 पॉलीथीन शीट और 2,250 सूखा राशन पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। लोगों की निकासी और आवागमन के लिए 858 नावें संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा बाढ़ प्रभावित जिलों में राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के 27 और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के सात दल तैनात किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने पटना नगर निगम, जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग को हाई अलर्ट पर रहने तथा आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। पटना में शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री स्थिति पर नजर रख रहे हैं। सरकार पूरी तरह से हालात से अवगत है। सभी यह प्रयास कर रहे हैं कि इस आपदा के दौरान लोगों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े।’’उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी स्थिति पर नजर रख रहे हैं। नेपाल में आई आपदा और लगातार बारिश के बाद से ये हालात हैं।’’इस बीच, पूर्णिया से निर्दलीय लोकसभा सदस्य राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने शनिवार को पटना के दानापुर दियारा क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात की और कथित तौर पर उन्हें आर्थिक सहायता भी मुहैया कराई। उन्होंने प्रशासन से राहत कार्यों में तेजी लाने और प्रभावित लोगों के लिए पर्याप्त भोजन, दवाइयां, नावें, पीने का पानी, राहत शिविर और चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
Weather Update: देश भर में मानसून की चाल एक बार फिर बेहद तेज हो गई है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 6 सितंबर के मौसम को लेकर ताजा अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान समेत देश के कम से कम 13 राज्यों में कल मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है. इसके साथ ही कई इलाकों में तेज आंधी, बादलों की भीषण गर्जना और आकाशीय बिजली चमकने को लेकर चेतावनी जारी की गई है.दिल्ली-एनसीआर, यूपी, पंजाब और हरियाणा में बारिश का अलर्टउत्तर भारत के मैदानी इलाकों में 6 सितंबर को मानसूनी बारिश का असर देखने को मिलेगा. मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ के अलग-अलग स्थानों पर कल भारी बारिश होने की संभावना है. इसके साथ ही उत्तर प्रदेश (पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश) और पंजाब में भी अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश दर्ज की जा सकती है. पंजाब, हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने और बिजली कड़कने की भी आशंका है.बिहार, एमपी, राजस्थान और उत्तराखंड में ऐसा रहेगा मौसममध्य और पूर्वी भारत के राज्यों में मानसूनी गतिविधियां काफी मजबूत रहेंगी. बिहार और मध्य प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में 6 सितंबर को भारी बारिश की संभावना जताई गई है. इसके साथ ही पूर्वी राजस्थान और पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान के अलग अलग हिस्सों में बारिश के दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चल सकती हैं और बादलों की गर्जना के साथ बिजली गिरने की आशंका बनी रहेगी. उत्तराखंड में भी कई जगहों पर आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट है.पूर्वोत्तर भारत और बंगाल-सिक्किम का हालपूर्वोत्तर भारत और पूर्वी भारत के पहाड़ी व मैदानी राज्यों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कल अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने का अनुमान है. गांगेय पश्चिम बंगाल में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आंधी-तूफान आने की संभावना है. इसके अलावा झारखंड और छत्तीसगढ़ में आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है.पूर्वोत्तर के सभी राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 6 सितंबर को अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की पूरी संभावना है. इन राज्यों में दिनभर बिजली कड़कने और आंधी-तूफान की स्थितियां बनी रहेंगी.दक्षिण भारत में तेज हवाओं का प्रकोप और समुद्र की स्थितिदक्षिण भारत के राज्यों में बारिश से ज्यादा तेज रफ्तार हवाओं का असर देखने को मिलेगा. तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अलग-अलग स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने, हवा के तेज झोंके आने और बिजली चमकने का अलर्ट है. आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु में दिनभर तेज सतही हवाएं चलेंगी. आंतरिक कर्नाटक और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में भी 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान है.उधर समुद्री इलाकों में मौसम खराब रहेगा. सोमालिया तट से सटे पश्चिम-मध्य और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. मौसम विभाग ने मछुआरों को इन इलाकों में समुद्र में न जाने की सलाह दी है.यह भी पढ़ें:दिल्ली-NCR में भारी बारिश का कहर! सड़कें और IGI टर्मिनल-3 जलमग्न, IMD ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट
दिल्ली में Orange-Red Alert! वीकेंड की बारिश से राजधानी में जलभराव, ट्रैफिक जाम
शनिवार को दिल्ली और गुरुग्राम में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ, जिससे कई सड़कें जलमग्न हो गईं और ट्रैफिक की रफ्तार धीमी पड़ गई। दिल्ली में सुबह के समय ज़ोरदार बारिश हुई, जिससे कई निचले इलाके पानी में डूब गए। सफदरजंग में सुबह 8:30 बजे से 11:30 बजे के बीच 22 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि पालम में 25.2 मिमी और लोधी रोड पर 24.4 मिमी बारिश हुई। शनिवार सुबह 8:30 बजे तक दिल्ली में 804.7mm बारिश दर्ज की गई, जो भारतीय मौसम विभाग (IMD) के 774.4mm के सालाना औसत (लंबे समय के औसत) से ज़्यादा है। इसे भी पढ़ें: Delhi Weather: बारिश से गिरा पारा, IMD ने जारी किया Yellow-Orange Alert शहर ने शुक्रवार को ही यह आंकड़ा पार कर लिया था, जब शाम 5:30 बजे तक 32.6mm बारिश हुई और कुल बारिश का आंकड़ा लगभग 800mm तक पहुँच गया। IMD के सफदरजंग मौसम केंद्र में दर्ज बारिश को शहर की कुल बारिश का प्रतिनिधि माना जाता है और इसका इस्तेमाल दिल्ली में महीने भर की बारिश के आंकड़े तय करने के लिए किया जाता है। IMD ने पूरे दिन भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश के कई दौर होने की उम्मीद है, साथ ही सुबह के समय कुछ अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश हो सकती है; वहीं दोपहर और शाम के समय ज़्यादातर जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है। दिल्ली के कई इलाकों में शुक्रवार देर रात और शनिवार सुबह हल्की बारिश हुई। IMD के मुताबिक, शनिवार सुबह से 10:30 बजे तक नारायणा में 12.5mm बारिश दर्ज की गई, इसके बाद सफदरजंग (10.6mm), प्रगति मैदान (9.6mm), लोधी रोड (7.5mm) और मयूर विहार SPS (5mm) में बारिश हुई। सुबह करीब 10:20 बजे, IMD ने दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सबसे पश्चिमी हिस्से को छोड़कर लगभग पूरे शहर के लिए रेड अलर्ट जारी किया। विभाग ने कहा कि शहर के पश्चिमी आधे हिस्से को छोड़कर दिल्ली में मध्यम से भारी बारिश और बिजली के साथ मध्यम आंधी (हवा की गति 50-60 किमी प्रति घंटा) की बहुत अधिक संभावना है, और पूर्वी आधे हिस्से के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसे भी पढ़ें: North India में भारी बारिश से Delhi-NCR में भरा पानी, UP और Bihar में बाढ़ का संकट IMD ने अब तक सिर्फ़ रविवार को बहुत हल्की से हल्की बारिश की संभावना जताई है, जबकि सोमवार से बारिश की कोई उम्मीद नहीं है। IMD 15.5mm तक की बारिश को हल्की, 15.6mm से 64.4mm के बीच की बारिश को मध्यम, 64.5mm से 115.5mm के बीच की बारिश को भारी और 115.6mm से 204.4mm के बीच की बारिश को बहुत भारी मानता है। मौसम की वजह से शहर की हवा भी साफ़ रही है; सुबह 11:05 बजे एयर क्वालिटी इंडेक्स 58 दर्ज किया गया, जो संतोषजनक श्रेणी में आता है। बारिश के कारण, आज अधिकतम तापमान 29C से 31C के बीच रहने की उम्मीद है, जबकि IMD के अनुसार 3 से 7 सितंबर के लिए सामान्य अधिकतम तापमान 34.1C होता है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
Bihar Weather Today: बिहार के 12 जिलों में आज बारिश का अलर्ट, 5 जिलों में ऑरेंज अलर्ट; तेज हवा और ठनका का खतरा
राजस्थान-MP-UP में बारिश-बाढ़ से बिगड़े हालात, वीडियो में जाने 19 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; बिहार में भी 5 लाख लोग प्रभावित
खेल विभाग, बिहार सरकार और बिहार राज्य खेल प्राधिकरण, पटना ने एकलव्य प्रशिक्षण केंद्रों के लिए राज्यभर से खिलाड़ियों का चयन किया है। बांका जिले से कुल 22 लड़के और लड़कियों को चुना गया है। इनमें से 21 खिलाड़ी तीरंदाजी के हैं, जबकि एक खिलाड़ी बैडमिंटन के लिए चुना गया है। जिला खेल संयोजक प्रदीप कुमार ने बताया कि 19 अगस्त को बांका के इंडोर स्टेडियम में दक्षिणी बिहार के तीरंदाजी खिलाड़ियों के लिए चयन शिविर हुआ था। इसमें बांका के खिलाड़ियों ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। राज्यभर के खिलाड़ियों में बांका से तीरंदाजी में सबसे ज्यादा 21 खिलाड़ियों का चयन एकलव्य प्रशिक्षण केंद्र के लिए हुआ है। 12 प्लेयर्स एकलव्य प्रशिक्षण केंद्र के लिए सेलेक्ट उन्होंने बताया कि तीरंदाजी के लड़के वर्ग के 9 खिलाड़ियों को गोपालगंज और भागलपुर स्थित एकलव्य प्रशिक्षण केंद्र में ट्रेनिंग दी जाएगी। वहीं, लड़की वर्ग की 12 खिलाड़ियों को पूर्णिया स्थित एकलव्य प्रशिक्षण केंद्र के लिए चुना गया है। बैडमिंटन में आराध्या पीहू का चयन हुआ है। तीरंदाजी में शोभा कुमारी, पूजा कुमारी, आरुषि मिश्रा, लवली टुडू, सृष्टि कुमारी, मानसी कश्यप, आरती कुमारी, लक्ष्मी कुमारी, नीलम कुमारी, ब्यूटी कुमारी, वेदिका, जूही कुमारी, रमेश किस्कू, प्रिंस मुर्मू, ऋषभ सिंह, आसमा चावला, सत्यम कुमार, चमकलाल हांसदा, गौरव कुमार, अंकित कुमार और अंशु कुमार चुने गए हैं। प्लेयर्स को स्पेशल स्पोर्ट्स ट्रेनिंग और शिक्षा शारीरिक शिक्षा अधीक्षक ने सभी चुने गए खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बताया कि एकलव्य प्रशिक्षण केंद्र में चुने गए खिलाड़ियों को सरकार की ओर से खास खेल ट्रेनिंग और शिक्षा दी जाती है। साथ ही, खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स किट और भारतीय खेल प्राधिकरण के मानकों के हिसाब से अच्छी क्वालिटी का खाना भी मुफ्त में मिलता है। जिले से एक साथ 21 तीरंदाजों का चयन खेल प्रतिभाओं के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
Bihar Flood: Patna के गांधी घाट पर गंगा ने तोड़ा उच्चतम जलस्तर का रिकॉर्ड, 11 जिलों में संकट
पटना, पांच सितंबर बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य के 11 जिलों में करीब 10.26 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, वहीं भारी बारिश के बीच शनिवार सुबह पटना के गांधी घाट पर गंगा नदी का जलस्तर 10 सेंटीमीटर बढ़कर ‘उच्चतम बाढ़ स्तर’ को पार कर गया। आधिकारिक बुलेटिन में यह जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंत्रियों और अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने तथा राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में रहकर राहत कार्यों की निगरानी करने को कहा गया है, क्योंकि गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। जल संसाधन विभाग के बुलेटिन के अनुसार, शनिवार सुबह 10 बजे गंगा उच्चतम बाढ़ स्तर से एक सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी, जिससे राजधानी के निचले इलाकों में जलभराव का खतरा बढ़ गया है। लोगों से नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की गई है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। बुलेटिन के अनुसार, बिहार में कई स्थानों पर नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इनमें डुमरियाघाट और हाजीपुर में गंडक, बलतारा में कोसी, खगड़िया में बूढ़ी गंडक, दीघा, हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव, बक्सर और मुंगेर में गंगा, श्रीपालपुर में पुनपुन तथा दरौली में घाघरा नदी शामिल हैं। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के बुलेटिन के अनुसार, कई नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण 11 जिलों के 50 प्रखंडों और 201 ग्राम पंचायतों में करीब 10.26 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार और अररिया शामिल हैं। जल संसाधन विभाग ने बताया कि पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर शनिवार सुबह 10 बजे 50.53 मीटर दर्ज किया गया, जो पिछले चार घंटे में 10 सेंटीमीटर की वृद्धि है और यह उच्चतम बाढ़ स्तर 50.52 मीटर से एक सेंटीमीटर अधिक है। इससे पहले यह स्तर 21 अगस्त 2016 को दर्ज किया गया था। विभाग ने अनुमान जताया है कि गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर रविवार सुबह आठ बजे तक बढ़कर 50.62 मीटर तक पहुंच सकता है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। पटना के पंडारक में भी गंगा का जलस्तर शनिवार सुबह 10 बजे 43.78 मीटर दर्ज किया गया, जबकि यहां पिछला उच्चतम बाढ़ स्तर 43.73 मीटर था, जो 16 अगस्त 2021 को दर्ज किया गया था। विभाग ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को एहतियाती कदम उठाने, तटबंधों के नदी की ओर रहने वाले लोगों को सतर्क करने और बाढ़ जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए विशेष दलों की लगातार गश्त सुनिश्चित करने को कहा है। राज्य और पड़ोसी नेपाल में हुई भारी बारिश के बाद विभिन्न नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। बिहार में सितंबर में अब तक 60.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 69 प्रतिशत अधिक है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए विभिन्न जिलों में 38 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। अब तक बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच 12,300 पॉलीथीन शीट और 2,250 सूखा राशन पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। लोगों की निकासी और आवागमन के लिए 858 नावें संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा बाढ़ प्रभावित जिलों में राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की 27 टीम और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के सात दल तैनात किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने पटना नगर निगम, जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग को हाई अलर्ट पर रहने तथा आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। पटना में शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री स्थिति पर नजर रख रहे हैं। सरकार पूरी तरह से हालात से अवगत है। सभी यह प्रयास कर रहे हैं कि इस आपदा के दौरान लोगों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े।’’उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी स्थिति पर नजर रख रहे हैं। नेपाल में आई आपदा और लगातार बारिश के बाद से ये हालात हैं।
कैथल पुलिस ने बिहार का नशा तस्कर पकड़ा:गांजा बरामद; बंद मकान के बाहर बेचने की फिराक में खड़ा था
कैथल में गुहला पुलिस की CIA द्वारा थाना चीका क्षेत्र से एक नशा तस्कर को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के कब्जे से 1 किलो 322 ग्राम गांजा बरामद हुई है। पकड़े गए आरोपी की पहचान बिहार के सुपौल निवासी अमित कुमार के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, आरोपी एक राइस मिल के पास बंद मकान के बाहर नशा लेकर ग्राहकों के आने का इंतजार कर रहा था। CIA गुहला की टीम अपराधों व नशीले पदार्थों की रोकथाम के संबंध में उधम सिंह चौक चीका से पुरानी अनाज मंडी चीका के पास पहुंची थी। जहां पुलिस टीम को जानकारी मिली कि बिहार निवासी अमित कुमार कैथल रोड स्थित राइस मिल में मजदूरी का काम करता है और मजदूरी के साथ-साथ नशीला पदार्थ गांजा बेचने का काम करता है। जो इस समय अमरनाथ राइस मिल के साथ लगते बंद पड़े मकान के बाहर ग्राहकों के इंतजार में गांजा बेचने के लिए खड़ा है। भागने की कोशिश, तलाशी में नशा बरामद पुलिस टीम द्वारा उक्त स्थान पर दबिश दी गई। जहां एक संदिग्ध व्यक्ति पुलिस टीम को देखकर भागने लगा जिसे पुलिस टीम द्वारा मौके पर ही काबू कर लिया गया। उसकी पहचान वार्ड नंबर 6 बनैली पट्टी जिला सुपौल बिहार निवासी अमित कुमार के रूप में हुई। पुलिस सूचना उपरांत मौके पर पहुंचे एईटीओ कैथल रोहित कुमार के समक्ष ली गई तलाशी के दौरान आरोपी अमित कुमार के कब्जे में एक पॉलिथीन से 1 किलो 322 ग्राम गांजा फूल पत्ती बरामद हुआ। पुलिस प्रवक्ता प्रवीन श्योकंद ने बताया कि इस बारे में आरोपी के खिलाफ थाना चीका में मामला दर्ज कर मौके पर पहुंचे एसआई रामफल द्वारा आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
Bihar Flood: CM Samrat Chaudhary का हवाई सर्वेक्षण, Ganga किनारे 13 ज़िले हाई अलर्ट पर
बिहार सरकार ने बक्सर से कटिहार तक गंगा नदी के किनारे बसे 13 ज़िलों में राहत और बचाव कार्यों की निगरानी और तेज़ करने के निर्देश दिए हैं। प्रभारी मंत्रियों और प्रभारी सचिवों को निर्देश दिया गया है कि वे नदी किनारे बसे इन ज़िलों का दौरा करें, बाढ़ से प्रभावित इलाकों में कैंप करें और चल रहे कार्यों की देखरेख करें। इस निर्देश के दायरे में आने वाले ज़िलों में बक्सर, भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, बेगूसराय, समस्तीपुर, लखीसराय, खगड़िया, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार शामिल हैं। इसे भी पढ़ें: Kharge विवाद में Zero FIR दर्ज, BJP ने Congress पर ओछी राजनीति का लगाया आरोप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बढ़ते जलस्तर, खासकर पटना शहरी इलाके में, कड़ी निगरानी रखने पर ज़ोर दिया है। पटना शहरी सुरक्षा तटबंध के आस-पास के इलाकों पर खास ध्यान दिया जाएगा। पटना नगर निगम, ज़िला प्रशासन और जल संसाधन विभाग को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। शनिवार को मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया; वे हेलीकॉप्टर से राज्य के हैंगर से भागलपुर के लिए रवाना हुए। दोपहर लगभग 1:15 बजे भागलपुर हवाई अड्डे पहुँचने के बाद, उन्होंने ज़मीनी हालात का जायज़ा लेने के लिए कोजिकोरिया तटबंध, राधाईपुर और नौगछिया इलाकों का सड़क मार्ग से निरीक्षण किया। बिहार के मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि बिहार के कई ज़िले बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। जान-माल का भी नुकसान हुआ है। उप-मुख्यमंत्री ने हवाई सर्वेक्षण के ज़रिए वहाँ के हालात का जायज़ा भी लिया है। उन्होंने बताया कि प्रभावित लोगों के लिए राशन और पशु आश्रय की व्यवस्था की जा रही है, और सरकार राहत कार्यों को कुशलतापूर्वक चलाने के लिए प्रयास कर रही है। इससे पहले, पटना के गांधी घाट पर गंगा नदी के खतरे के निशान से ऊपर पहुँचने के बाद जल संसाधन विभाग ने चेतावनी जारी की थी। इसे भी पढ़ें: सोनिया गांधी की किताब Belonging: A Journey of Love पर विवाद खत्म! पेंगुइन के इनकार के बाद अब HarperCollins India छापेगा संस्मरण शनिवार सुबह 10 बजे जलस्तर 50.53 मीटर दर्ज किया गया—जो 48.60 मीटर के खतरे के निशान से 1.93 मीटर ऊपर था। यह स्तर 50.52 मीटर के 'अधिकतम बाढ़ स्तर' (Highest Flood Level) के करीब पहुँच रहा है, और अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि एक नया रिकॉर्ड बन सकता है। विभाग ने ज़िला अधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है, खासकर नदियों के किनारे वाले दियारा इलाकों में। उन्हें ज़रूरी सावधानियां बरतने को कहा गया है, जैसे कि तटबंधों के पास रहने वाले लोगों को सूचित करना और बाढ़ प्रबंधन टीमों से लगातार गश्त करवाना। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
CBI को बिहार में जांच के लिए लेनी होगी परमिशन, एक छूट; क्या है ‘जनरल कंसेंट’?
बिहार सरकार ने CBI जांच को लेकर नया नियम लागू किया है। अब राज्य सरकार के अधिकारियों-कर्मचारियों से जुड़े मामलों की जांच से पहले CBI को बिहार सरकार की पूर्व अनुमति लेनी होगी। जानें नोटिफिकेशन में और क्या प्रावधान हैं।
भारत के पूर्व राष्ट्रपति और महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर आज राष्ट्रीय शिक्षक दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में राज्यस्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय और अभूतपूर्व योगदान देने वाले राज्य के 38 सरकारी शिक्षकों को 'राजकीय शिक्षक पुरस्कार 2026' से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने चयनित शिक्षकों को मंच पर मेडल, प्रशस्ति पत्र और सम्मान राशि देकर सम्मानित किया। समारोह के दौरान पूरे हॉल में शिक्षकों के सम्मान और उनके योगदान को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। बिहार के सभी 38 जिलों से चुना गया एक-एक उत्कृष्ट शिक्षक इस वर्ष बिहार शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी 38 जिलों से एक-एक उत्कृष्ट सरकारी शिक्षक का चयन किया था। शैक्षणिक योगदान, नवाचार, विद्यार्थियों के प्रति समर्पण और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों को आधार षिक्षकों का चयन किया गया। 38 शिक्षकों में 17 महिला शिक्षिकाएं शामिल सम्मानित होने वाले 38 शिक्षकों में 17 महिला शिक्षिकाएं भी शामिल हैं। इसे शिक्षा के क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूरदराज के इलाकों में बालिकाओं की शिक्षा को आगे बढ़ाने में महिला शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका के रूप में देखा जा रहा है। चयनित शिक्षकों में पटना जिले के पालीगंज की प्रधान शिक्षिका अपराजिता कुमारी, गया की गुड्डी कुमारी, नालंदा के सौरभ कुमार और पूर्वी चंपारण के मोहम्मद नूरुल होदा सहित अन्य शिक्षकों को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया। शिक्षकों के सम्मान के साथ बिहार की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा समारोह के दौरान बिहार शिक्षा विभाग और गूगल इंडिया के बीच एक महत्वपूर्ण सहमति पत्र यानी MoU पर हस्ताक्षर किए गए। इसका उद्देश्य राज्य के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक डिजिटल तकनीकों के उपयोग के लिए प्रशिक्षित और सक्षम बनाना है। इस पहल के बाद बिहार के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को आधुनिक तकनीकी उपकरणों और एआई आधारित शैक्षणिक संसाधनों से जोड़ने की दिशा में काम किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि शिक्षक नई तकनीक का उपयोग कर बच्चों को बदलते समय और वैश्विक जरूरतों के अनुरूप बेहतर शिक्षा उपलब्ध करा सकें। अब AI और डिजिटल टूल्स से लैस होंगे सरकारी स्कूलों के शिक्षक शिक्षा विभाग और गूगल इंडिया के बीच हुए समझौते को बिहार की शिक्षा व्यवस्था में तकनीकी बदलाव की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते उपयोग के दौर में शिक्षकों को भी आधुनिक तकनीक से जोड़ने की योजना बनाई गई है। इसका उद्देश्य शिक्षकों को ऐसे डिजिटल टूल्स से परिचित कराना है, जिनकी मदद से पढ़ाई को अधिक प्रभावी, रोचक और विद्यार्थियों की जरूरतों के अनुरूप बनाया जा सके। आने वाले समय में एआई आधारित तकनीक शिक्षकों को पाठ्य सामग्री तैयार करने, विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता को समझने और पढ़ाई के नए तरीकों को अपनाने में भी मददगार हो सकती है। CM सम्राट बोले- शिक्षक ही बदलते हैं समाज की तस्वीर समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिक्षकों की भूमिका को समाज और राष्ट्र निर्माण का सबसे महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा, ‘शिक्षक केवल बच्चों को पाठ्यक्रम की शिक्षा नहीं देते, बल्कि उनके व्यक्तित्व, सोच और भविष्य को भी आकार देते हैं। बिहार की ऐतिहासिक ज्ञान और शिक्षा की परंपरा को फिर से मजबूत करने में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।' बिहार के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, यही लक्ष्य- सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री ने आगे कहा, ‘राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार की कोशिश है कि बिहार के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराया जा सके।’ TRE-4 के जरिए 32 हजार से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, ‘चौथे चरण की शिक्षक बहाली यानी TRE-4 के माध्यम से 32 हजार से अधिक नए शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है।’ उन्होंने कहा, ‘बड़ी संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति से सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ेगी और बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सकेगा।’ शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर सरकार का फोकस मुख्यमंत्री सम्राट ने कहा, ‘बिहार सरकार शिक्षा के क्षेत्र में बुनियादी ढांचे से लेकर मानव संसाधन और आधुनिक तकनीक तक सभी स्तरों पर सुधार करने की दिशा में काम कर रही है। स्कूलों में बेहतर सुविधाएं, शिक्षकों की नियुक्ति, प्रशिक्षण और डिजिटल संसाधनों की उपलब्धता सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।’ उनका मानना है कि बदलते समय के साथ शिक्षा व्यवस्था में भी बदलाव जरूरी है। बच्चों को केवल पारंपरिक पढ़ाई तक सीमित रखने के बजाय उन्हें आधुनिक तकनीक, डिजिटल संसाधनों और भविष्य की जरूरतों के अनुसार तैयार करना होगा। इसी उद्देश्य से शिक्षकों को भी तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में पहल की जा रही है।
bihar:एनएच-19 पर बढ़ा बाढ़ का पानी, तेज बहाव से आवागमन को लेकर बढ़ी चिंता
5 सितंबर, शनिवार: छपरा में पटना-सारण को जोड़ने वाले एनएच-19 पर बाढ़ के पानी का दबाव बढ़ गया है। शुक्रवार रात सड़क पर पानी चढ़ना शुरू हुआ और शनिवार सुबह बहाव तेज हो गया। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
Patna, 5 सितंबर . जनता दल (यूनाइटेड) ने फरक्का जल संधि और बिहार के जल संसाधनों से जुड़े मुद्दों को लेकर राज्य में जनजागरूकता अभियान शुरू करने का ऐलान किया है. जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद संजय कुमार झा ने कहा कि पार्टी ‘नीतीश संवाद’ कार्यक्रम के तहत 12 जिलों की यात्रा करेगी. ... Read more
Bihar Police CSBC Constable GD PST/DV Admit Card 2026 जारी
बिहार पुलिस केंद्रीय चयन बोर्ड (CSBC) ने कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी क्लोज कैडर) के लिए PST/DV एडमिट कार्ड जारी किया है। यह भर्ती 83 पदों के लिए है, और आवेदन 06 फरवरी से 05 मार्च 2026 तक स्वीकार किए गए थे। PST/DV परीक्षा 12 सितंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। उम्मीदवार अपने एडमिट कार्ड को CSBC की आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं। इस लेख में महत्वपूर्ण तिथियों, आवेदन शुल्क, आयु सीमा, और चयन प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई है।
पटना में गांधीघाट पर गंगा नदी के जलस्तर में मात्र चार घंटे में 10 सेंटीमीटर की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गयी है। अन्य जिलों की स्थिति के मद्देनजर सभी जिलों के डीएम और एसपी को अलर्ट किया गया है।
गुरुवार रात अचानक जलवृद्धि के बाद स्थिति और विकट हो गई है, जिससे शहर के कई नए इलाके जलमग्न हो गए हैं। बिहार इंजीनियरिंग कॉलेज और तिलका मांझी यूनिवर्सिटी कैंपस में पानी घुस गया है। छात्रावासों को खाली करा लिया गया है।
Bihar Rain : पटना समेत बिहार के 18 जिलों में बाढ़ का असर लगातार बढ़ रहा है। गंगा समेत 9 नदियां खतरे के निशान से ऊपर हैं। बाढ़ से 6.65 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव के लिए 27 एसडीआरएफ और 9 एनडीआरएफ की टीमें ...
Bihar Weather Today: 5 जिलों में ऑरेंज तो 7 में बारिश का येलो अलर्ट; आंधी और ठनका की चेतावनी
Bihar Weather Today: मौसम विभाग ने रिपोर्ट में बताया है कि राज्य के 12 जिलों में आज बारिश होगी। सात जिलों के लिए येलो अलर्ट तो पांच जिलों के लिए बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बारिश के साथ तेज हवाएं और ठनका की भी आशंका है।
Bihar News Today Live: बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 5 सितम्बर के मुख्य और ताजा समाचार
Bihar Breaking News Today Live - Read latest and breaking news today in hindi at Amarujala. यहां पढ़ें, बिहार की ताजा खबरें, राजनीति, खेल, मनोरंजन, धर्म, क्राइम और शिक्षा की खबरों का लाइव अपडेशन
बिहार में कमजोर हुआ मानसून, अब उमस बढ़ने के आसार; पूर्वी और पश्चिमी चंपारण में बारिश का अलर्ट
Bihar Weather Update: बिहार में मानसून की गतिविधियां कमजोर होने से उमस बढ़ गई है, हालांकि कुछ स्थानों पर छिटपुट वर्षा हुई है। पूर्वी व पश्चिमी चंपारण में भारी वर्षा की चेतावनी है, जबकि 11 जिलों में मेघ गर्जन और वज्रपात का अनुमान है।
हादसों से जूझते बिहार को 'ट्रामा कवच', 20 केंद्रों से मिलेगी गोल्डन आवर में जिंदगी बचाने की उम्मीद
बिहार में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं के मद्देनजर घायलों को समय पर इलाज देने के लिए ट्रामा सेंटर का नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। पीएमसीएच सहित 20 से अधिक नए ट्रामा सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि 'गोल्डन आवर' में जान बचाई जा सके।
छाता रेनकोट रखें तैयार, मुजफ्फरपुर समेत उत्तर बिहार में 5 और 6 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट
Bihar Rain Alert: मुजफ्फरपुर सहित उत्तर बिहार में 5 से 9 सितंबर 2026 तक मौसम में बदलाव आएगा, जिसमें 5 और 6 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है। इससे उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी और धान की फसल को लाभ होगा।
Bihar News : जनगणना में पूछे जाएंगे 40 सवाल, धर्म-जाति के साथ देनी होगी कई महत्वपूर्ण जानकारियां
गृह मंत्रालय ने जनगणना-2027 के लिए 40 सवालों की सूची जारी की है, जिसमें राष्ट्रीयता, धर्म, जाति, बैंक खाते और कोविड-19 टीकाकरण की जानकारी शामिल है। यह कार्य फरवरी से ऑनलाइन शुरू होगा, जिसमें जनगणना कर्मी घर-घर जाकर ऐप पर डेटा अपडेट करेंगे।
CBI को लेकर बिहार सरकार का नया आदेश, अब किसकी जांच के लिए लेनी होगी इजाजत? स्पष्ट हुआ दायरा
बिहार सरकार ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की राज्य में जांच के अधिकार और दायरे को लेकर नया आदेश जारी किया है। अब राज्य सरकार के काम से संबंधित लोकसेवकों और विभागों से जुड़ी कार्रवाई के लिए सीबीआई को बिहार सरकार की अनुमति लेनी होगी।
दरभंगा के बिरौल प्रखंड के फकीरना प्राइमरी स्कूल के हेडमास्टर कुमार प्रशांत का चयन राजकीय शिक्षक सम्मान-2026 के लिए किया गया है। शिक्षक दिवस के अवसर पर आज पटना में आयोजित होने वाले राजकीय समारोह में उन्हें सम्मानित किया जाएगा। शिक्षा में इनोवेशन, डिजिटल तकनीक के यूज, साइंस बेस्ड गतिविधियों और बच्चों की प्रतिभा को मंच देने के लिए कुमार प्रशांत को सम्मानित किया जाएगा। कुमार प्रशांत ने साल 2014 में शिक्षक के रूप में अपनी सेवा शुरू की। उन्होंने लंबे समय तक मध्य विद्यालय पोखराम उत्तरी में शिक्षक के रूप में कार्य करते हुए मैथ्स और साइंस सब्जेक्ट को गतिविधि एवं प्रयोग आधारित तरीके से पढ़ाने पर जोर दिया। करीब 11 साल की टीचिंग जर्नी में उन्होंने बच्चों को केवल सिलेबस तक सीमित रखने के बजाय विज्ञान, गणित, प्रोजेक्ट आधारित लर्निंग (PBL), टीएलएम, डिजिटल शिक्षा, इंस्पायर अवार्ड, बाल विज्ञान शोध, विज्ञान संगोष्ठी और विभिन्न प्रतियोगिताओं से जोड़ा। उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने जिला से लेकर राज्य स्तर तक कई उपलब्धियां हासिल की हैं। इलेक्ट्रॉनिक से मास्टर डिग्री के बाद चुना शिक्षक का पेशा कुमार प्रशांत का शैक्षणिक जीवन भी अलग रहा है। उन्होंने एमटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद बच्चों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के उद्देश्य से शिक्षक का पेशा चुना। उनका मानना है कि शिक्षक की भूमिका केवल किताब पढ़ाने तक सीमित नहीं है। शिक्षक बच्चों में जिज्ञासा, वैज्ञानिक सोच, आत्मविश्वास, रचनात्मकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का काम करता है। उनका पैतृक गांव दरभंगा जिला के बिरौल प्रखंड पटनियां पंचायत के नारायणपुर है। उनके पिता का नाम जटा शंकर लाल दास और माता का नाम पुष्पा देवी है। चार भाइयों में वे सबसे बड़े हैं। उनके एक भाई पटना मेट्रो में कार्यरत हैं, जबकि दूसरे भाई कॉम्फेड (सुधा) में इंजीनियर हैं। एक भाई प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। उनकी पत्नी कुमारी गिन्नी भी शिक्षिका हैं और मध्य विद्यालय खिलासिन, कुशेश्वरस्थान पूर्वी में कार्यरत हैं। कुमार प्रशांत की 2014 में शुरू हुई टीचिंग जर्नी 21 अक्टूबर 2014 को साल 2011 की शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के आधार पर कुमार प्रशांत ने मध्य विद्यालय पोखराम उत्तरी में शिक्षक के रूप में योगदान दिया। यहां उन्होंने कक्षा 6 से 8 तक गणित एवं विज्ञान विषय का दायित्व संभाला। उन्होंने स्थानीय संसाधनों, मॉडल और प्रयोगों के माध्यम से विज्ञान को बच्चों के लिए सरल एवं रोचक बनाने की पहल शुरू की। साल 2015-16 में उन्होंने गतिविधि आधारित और बाल-केंद्रित शिक्षण को आगे बढ़ाया। विद्यालय अवधि के बाद भी जरूरतमंद विद्यार्थियों को निःशुल्क अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग दिया। साल 2017 से 2019 के बीच उन्होंने PTEC पोखरौरा, मुजफ्फरपुर से दो वर्षीय इन-सर्विस प्रशिक्षण पूरा किया। इसी दौरान विद्यालय में बाल संसद, खेल आधारित शिक्षण, लर्निंग कॉर्नर और नेतृत्व विकास जैसी गतिविधियों का विस्तार किया। विद्यार्थियों को NMMS परीक्षा की तैयारी कराने के लिए विशेष कक्षाएं भी शुरू कीं। निष्ठा कार्यक्रम में रिसोर्स पर्सन, बच्चों ने राज्य स्तर पर बनाई पहचान साल 2019 में SCERT एवं NCERT के निष्ठा (NISHTHA) कार्यक्रम में कुमार प्रशांत का चयन रिसोर्स पर्सन के रूप में हुआ। उन्होंने बिरौल, बेनीपुर और दरभंगा नगर के शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया। इसी वर्ष उन्होंने विद्यार्थियों के लिए व्हाट्सएप अध्ययन समूह बनाकर डिजिटल माध्यम से पढ़ाई को बढ़ावा दिया। उनके मार्गदर्शन में छात्र आयुष चौधरी ने राज्य स्तरीय विज्ञान संगोष्ठी में द्वितीय स्थान प्राप्त किया। जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत वृक्षारोपण और जिला स्तरीय प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। विद्यालय में मधुबनी चित्रकला को बढ़ावा देने के साथ एक विद्यार्थी का INSPIRE MANAK में चयन भी हुआ। कोरोना काल में भी जारी रखा ऑनलाइन शिक्षण वर्ष 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान जब विद्यालय बंद थे, तब कुमार प्रशांत ने Teachers of Bihar के साथ जुड़कर School on Mobile अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों को ऑनलाइन शिक्षा से जोड़े रखा। उन्होंने डिजिटल माध्यम से बच्चों के साथ लगातार शैक्षणिक संपर्क बनाए रखा। वर्ष 2021 में उन्होंने अपने व्यक्तिगत संसाधनों से लैपटॉप और प्रोजेक्टर की व्यवस्था कर विद्यालय में डिजिटल कक्षाओं की शुरुआत की। कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षण से जोड़ने का प्रयास किया। इसके साथ ही योग, व्यायाम, स्वास्थ्य जागरूकता, सुरक्षित शनिवार और आपदा प्रबंधन जागरूकता कार्यक्रम चलाए। चेतना सत्र में बच्चों का जन्मदिन मनाने की पहल भी शुरू की। WASH से लेकर FLN तक प्रशिक्षण वर्ष 2022 में उन्होंने यूनिसेफ एवं बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के अंतर्गत WASH मास्टर ट्रेनर का प्रशिक्षण प्राप्त किया। कक्षा 3 से 5 तथा कक्षा 6 से 8 में विज्ञान शिक्षण का दायित्व संभाला। स्वच्छ एवं हरित विद्यालय अभियान में मार्गदर्शन और मूल्यांकन की भूमिका निभाई। उन्होंने SCERT पटना से FLN के ‘चहक’ मेंटर प्रशिक्षण प्राप्त किया। राष्ट्रीय आविष्कार अभियान में उनके मार्गदर्शन में छात्र अमृत राज ने जिला स्तर की विज्ञान प्रदर्शनी में प्रथम स्थान तथा गणित क्विज में द्वितीय स्थान प्राप्त किया। PBL और TLM को बनाया शिक्षण का हिस्सा वर्ष 2023 में कुमार प्रशांत ने टीएलएम, प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग (PBL) और अनुभवात्मक शिक्षण को विद्यालय की नियमित शिक्षण प्रक्रिया का हिस्सा बनाया। इसका उद्देश्य बच्चों को केवल किताबों के माध्यम से पढ़ाने के बजाय उन्हें गतिविधियों, प्रयोगों और वास्तविक जीवन से जोड़कर सीखने का अवसर देना था। उनके प्रयासों से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता, समस्या समाधान की क्षमता और सहयोगात्मक अधिगम को बढ़ावा मिला। 2024 में मिले कई महत्वपूर्ण सम्मान वर्ष 2024 कुमार प्रशांत के लिए उपलब्धियों से भरा रहा। शिक्षक दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी, दरभंगा द्वारा उन्हें बेस्ट ICT टीचर के रूप में सम्मानित किया गया। स्वतंत्रता दिवस पर अनुमंडल पदाधिकारी, बिरौल द्वारा भी सम्मानित किया गया। उनके मार्गदर्शन में छात्रा प्रियंका गर्ग ने राज्य स्तरीय विज्ञान संगोष्ठी में प्रथम स्थान प्राप्त किया। राज्य स्तरीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी में मार्गदर्शक शिक्षक के रूप में उन्हें SCERT द्वारा सम्मानित किया गया। दिसंबर 2024 में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव एस. सिद्धार्थ एवं निदेशक, शिक्षा विभाग द्वारा उन्हें Teacher of the Month सम्मान प्रदान किया गया। इसी वर्ष INSPIRE MANAK में तीन विद्यार्थियों का चयन हुआ। बाल विज्ञान शोध कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने जिला स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया तथा छात्रा प्रियंका कुमारी का राज्य स्तर के लिए चयन हुआ। उन्होंने DIET सुपौल से FLN प्रशिक्षण भी पूरा किया। 2025 में भी उपलब्धियों का सिलसिला जारी जून 2025 में कुमार प्रशांत को दोबारा टीचर ऑफ मंथ का सम्मान मिला। PBL में मार्गदर्शक शिक्षक के रूप में SCERT द्वारा सम्मानित किए गए। उनके मार्गदर्शन में छात्राओं रेखा एवं सुधा कुमारी ने जिला स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया। बिहार दिवस 2025 के अवसर पर उन्हें जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, दरभंगा द्वारा सम्मानित किया गया। स्काउट शिक्षक के रूप में उन्होंने विद्यार्थियों का राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में नेतृत्व किया। TLM प्रतियोगिता में भी विद्यालय को जिला स्तर तक सफलता मिली। इसी दौरान उन्होंने समावेशी शिक्षा प्रशिक्षण, PBL तकनीकी सदस्य, INSPIRE और ECO Club के प्रखंड स्तरीय दायित्वों का निर्वहन किया। BPSC के माध्यम से प्रधान शिक्षक के रूप में प्राथमिक विद्यालय फकीरना, बिरौल में योगदान दिया। विद्यालय स्वास्थ्य एवं आरोग्य राजदूत का प्रशिक्षण प्राप्त करने के साथ IGNOU से B.Ed. भी पूरा किया। 2026 में राज्य स्तरीय TLM तक पहुंची उपलब्धि वर्ष 2026 में उनकी उपलब्धियों का सिलसिला जारी रहा। TLM प्रतियोगिता में उनका चयन राज्य स्तर तक हुआ। स्काउट शिक्षक के रूप में बिहार दिवस की राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में विद्यार्थियों का नेतृत्व किया। भारत निर्वाचन आयोग के अंतर्गत असेंबली लेवल मास्टर ट्रेनर के रूप में उन्होंने BLO एवं पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण दिया। इसके लिए उन्होंने IIIDEM, नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण भी प्राप्त किया। उन्होंने विद्यालय में ‘बाल संवाद’ के माध्यम से बच्चों को अपनी बात रखने और अभिव्यक्ति का अवसर दिया। सामाजिक दायित्व के तहत रेडक्रॉस के माध्यम से रक्तदान भी किया। करीब 50 विद्यार्थी NMMS के लिए चयनित कुमार प्रशांत के अनुसार अब तक उनके मार्गदर्शन में करीब 50 विद्यार्थी NMMS छात्रवृत्ति के लिए चयनित हो चुके हैं। कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षण से जोड़ने के साथ कक्षा 1 से 5 में TLM आधारित आनंददायक शिक्षण और कक्षा 6 से 8 में PBL को प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। विज्ञान संगोष्ठी, बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी, PBL, TLM, INSPIRE MANAK सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने जिला और राज्य स्तर पर सफलता हासिल की है। विद्यालय में नवाचार, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नेतृत्व विकास, डिजिटल शिक्षा और सामुदायिक सहभागिता का मॉडल विकसित करने का प्रयास किया गया है। कई प्रशिक्षण और जिम्मेदारियां कुमार प्रशांत ने राज्य एवं प्रखंड स्तर पर विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों में प्रशिक्षक की भूमिका भी निभाई है। इनमें निष्ठा प्रशिक्षण, WASH, प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग, INSPIRE MANAK, ECO Club, समावेशी शिक्षा, स्वच्छ एवं हरित विद्यालय अभियान और मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम ‘सुरक्षित शनिवार’ प्रमुख हैं। जिला स्तर पर स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार तथा प्रखंड स्तर पर PBL, ECO Club, INSPIRE और NCERT निष्ठा प्रशिक्षण से जुड़े दायित्वों का भी उन्होंने निर्वहन किया है। वर्तमान में वे स्वच्छ एवं हरित विद्यालय पुरस्कार से संबंधित गतिविधियों में भी सक्रिय हैं। बोले- शिक्षा का उद्देश्य सिर्फ परीक्षा में सफलता नहीं कुमार प्रशांत कहते हैं कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में सफलता दिलाना नहीं, बल्कि प्रत्येक बच्चे को जिज्ञासु, वैज्ञानिक दृष्टिकोण से युक्त, संवेदनशील, आत्मविश्वासी और जिम्मेदार नागरिक बनाना है। इसी उद्देश्य से वे निरंतर नवाचार, समर्पण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास कर रहे हैं। राजकीय शिक्षक सम्मान के लिए उनके चयन पर बीईओ मणिशंकर कुमार सिंह, भुवन कुमार दास, एमडीएम आरपी प्रभात कुमार, लेखापाल सूरज कुमार, प्रतिमा कुमारी, कुमारी गिन्नी, नरेश कुमार दास, रौशन कुमार कर्ण सहित बड़ी संख्या में शिक्षकों एवं शुभचिंतकों ने बधाई दी है।
राज्य में ट्रेनों पर फेसबुक-इंस्टाग्राम रील बनाने के लिए पत्थरबाजी की घटनाओं में वृद्धि हुई है, जिसके चलते बिहार पुलिस मुख्यालय ने 12 जिलों को हॉटस्पॉट के रूप में चिह्नित किया है। विशेष अभियान के तहत पांच दिनों में 134 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
SCERT Bihar Teacher Guide: भागलपुर की डॉ. शैल प्रज्ञा को बिहार के शिक्षकों के लिए 'शिक्षक संदर्शिका' बनाने वाली राज्य स्तरीय टीम में चुना गया है। वे कला और डिजिटल तकनीकों से विज्ञान को आसान बनाने का नया तरीका पूरे बिहार के शिक्षकों को सिखाएंगी।
5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। शिक्षक दिवस के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 48 स्कूल टीचर्स को राष्ट्रीय पुरस्कार देंगी। इन टीचर्स में केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल, आदर्श जनजातीय स्कूल और पीएम श्री स्कूलों समेत कई संस्थानों के शिक्षक शामिल हैं। इनमें 26 पुरुष और 22 महिला टीचर हैं। उत्तर प्रदेश से तीन, बिहार और एमपी से दो-दो टीचर्स चुने गए हैं। इन्हीं टीचर्स में लातूर के नवोदय विद्यालय में गणित के टीचर वैभव वसंतराव कुलकर्णी को नेशनल टीचर्स अवॉर्ड 2026 के लिए चुना गया है। कुलकर्णी को तीन दशक से ज्यादा का अनुभव है। उन्होंने गणित के कॉन्सेप्ट समझने में मदद करने के लिए पढ़ाने के नए तरीके और कम लागत वाले लर्निंग एड्स विकसित किए हैं। 27 राज्यों, 7 केंद्र शासित प्रदेशों से टीचर्स चुने गए जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर हुआ चयन मंत्रालय के अनुसार, 48 शिक्षकों का चयन स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने तीन चरणों में किया है। यह प्रक्रिया जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पूरी की गई। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कारों का उद्देश्य देश के कुछ बेहतरीन शिक्षकों के विशेष योगदान को सामने लाना है। इसके साथ ही उन शिक्षकों को सम्मानित करना है, जिन्होंने अपनी प्रतिबद्धता और मेहनत से स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर की और छात्रों का जीवन समृद्ध बनाया। 1958 में शुरू हुआ था यह अवॉर्ड नेशनल टीचर्स अवॉर्ड की शुरुआत 1958 में हुई थी। इसका उद्देश्य बेहतरीन और समर्पित शिक्षकों को सार्वजनिक रूप से सम्मान देना और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को पहचानना था। यह अवॉर्ड किन टीचर्स को दिया जाता है- पीएम चयनित टीचर्स से बातचीत करते हैं, पिछली 2 मुलाकातें साल 2024: मोदी तमिलनाडु टीचर से बोले- सभी को भ्रम है, वहां सब इंग्लिश जानते हैं पीएम मोदी ने 2024 में नेशनल टीचर्स अवॉर्ड विनर्स से मुलाकात की थी। तब 82 शिक्षकों को यह अवॉर्ड दिया गया था। इस दौरान तमिलनाडु से आई एक टीचर ने बताया कि, उनके इलाके में कई लोग लोकल लैंग्वेज में पढ़ना चाहते हैं। इस पर पीएम ने कहा- हमारे बीच तो यही भ्रम है कि तमिलनाडु में सब इंग्लिश जानते होंगे। इसीलिए नई शिक्षा नीति में मातृ भाषा पर जोर दिया गया है। साल 2025: मोदी बोले-कांग्रेस बच्चों की टॉफी पर भी टैक्स लेती थी पीएम मोदी ने पिछले साल टीचर्स डे से एक दिन पहले दिल्ली में राष्ट्रीय पुरस्कार पाने वाले 45 शिक्षकों से मुलाकात की थी। मोदी ने करीब 35 मिनट तक संबोधित किया। इस दौरान पीएम ने जीएसटी में सुधार, ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े कानून और आत्मनिर्भर भारत पर चर्चा की।
बात खरी है... इसमें आप देखेंगे बिहार के नेताओं और अफसरों के बीच अंदरखाने क्या चल रहा है, और दिनभर की ऐसी बड़ी हलचल जो आपको हंसाएगी भी और जिम्मेदारों को आइना भी दिखाएंगी। ऊपर VIDEO पर क्लिक करें...
मध्य प्रदेश में शुक्रवार को भी बारिश का दौर जारी है। भोपाल में इस सीजन में पहली बार भदभदा डैम का एक गेट खोला गया है। कई जिलों में नदी-नाले उफान पर हैं। सतना के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बिहार के 16 जिलों में बाढ़ से करीब 5 लाख लोग प्रभावित हैं। गंगा समेत 8 प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। आपदा विभाग के मुताबिक, पटना में गंगा का जलस्तर अब तक के हाइएस्ट फ्लड लेवल को पार कर सकता है। यूपी में गंगा-यमुना समेत 10 से ज्यादा नदियां उफान पर हैं। 26 जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। कानपुर में पांडु नदी का पानी कई बस्तियों में घुस गया। यहां 150 से ज्यादा घरों में 6 से 7 फीट तक पानी भर गया है। उत्तराखंड के केदारनाथ में भारी बारिश हो रही है, जिसके चलते यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया है। वहीं, चमोली में लगातार हो रही बारिश के कारण बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवाजाही प्रभावित हो गई है। सैटेलाइट मैप में देखें मानसूनी बादलों की स्थिति देशभर से मौसम की तस्वीरें
Mirzapur News: 154 बोतल शराब के साथ बिहार के चार आरोपी गिरफ्तार
Four accused arrested in Bihar with 154 bottles of liquor.
Ballia News: सुरेमनपुर स्टेशन पर शराब की खेप के साथ बिहार के चार युवक गिरफ्तार
Four youths from Bihar arrested with a consignment of liquor at Suremanpur station.
Ghazipur News: बिहार और प. बंगाल भेजे रहे 4 पशु बरामद, 4 तस्कर गिरफ्तार
4 animals being transported to Bihar and West Bengal recovered; 4 smugglers arrested.
North India में भारी बारिश से Delhi-NCR में भरा पानी, UP और Bihar में बाढ़ का संकट
नयी दिल्ली, चार सितंबर उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में शुक्रवार को भारी बारिश हुई और भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अगले कुछ दिनों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान जताया है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में दिल्ली और गुरुग्राम की कई सड़कों पर पानी भर गया, जिससे प्रमुख स्थानों पर यातायात जाम की स्थिति पैदा हो गई। दिल्ली में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास भारी जलभराव के कारण उड़ान सेवाएं प्रभावित हुईं और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। विमानन कंपनी इंडिगो ने यात्रियों के लिए परामर्श जारी करते हुए कहा कि दिल्ली में खराब मौसम के कारण घरेलू उड़ानों के संचालन पर असर पड़ा है। कंपनी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, हम मौसम पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और आपको सुरक्षित और आसानी से आपकी मंजिल तक पहुंचाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। बारिश से कनॉट प्लेस और लुटियन दिल्ली के कुछ हिस्से भी प्रभावित हुए। गुरुग्राम में भारी बारिश के बाद साइबर सिटी वाणिज्यिक हब, शंकर चौक और शीतला माता रोड पर भारी जलभराव हो गया। उत्तर प्रदेश में कम से कम एक तिहाई जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। राज्य में सुल्तानपुर में सबसे अधिक 16.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके बाद गोरखपुर में 10.4 मिमी, अलीगढ़ में 9.4 मिमी और शाहजहांपुर में 8.6 मिमी बारिश दर्ज की गई। स्थानीय मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश में और बारिश तथा गरज के साथ छींटे पड़ने का अनुमान जताया है। विभाग के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अधिक बारिश और गरज-चमक के साथ छीटें पड़ने का अनुमान है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश अपेक्षाकृत छिटपुट रह सकती है। यह पूर्वानुमान राज्य में जारी बाढ़ की स्थिति के बीच आया है। राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार, 26 जिलों में करीब 3.53 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। अधिकारियों के अनुसार, प्रमुख नदियां उफान पर हैं। वाराणसी में गंगा नदी चेतावनी स्तर को पार कर चुकी है, जबकि बलिया में घाघरा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। हिमाचल प्रदेश में बारिश के कारण 102 सड़कें बंद हो गईं। मौसम विभाग ने शनिवार के लिए राज्य के कुछ इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। पंजाब और हरियाणा के कई हिस्सों में मध्यम बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री कम 31 डिग्री सेल्सियस रहा। हरियाणा में अंबाला, नारनौल, पंचकूला, करनाल और यमुनानगर में बारिश हुई। वहीं, पंजाब में अमृतसर, पटियाला, फतेहगढ़ साहिब, पठानकोट, श्री आनंदपुर साहिब, फिरोजपुर, गुरदासपुर, होशियारपुर और रूपनगर में भारी बारिश दर्ज की गई। राजस्थान में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। पिछले 24 घंटे में शुक्रवार सुबह तक सवाई माधोपुर के खंडार में सबसे अधिक 130 मिमी बारिश दर्ज की गई। अलवर, भरतपुर, डीग, दौसा, धौलपुर, जयपुर, सीकर, भीलवाड़ा, अजमेर, करौली, टोंक, बारां, कोटा और झालावाड़ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। मौसम विभाग ने शुक्रवार और शनिवार को पूर्वी तथा दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया है। बिहार में लगातार बारिश के कारण पांच जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। नेपाल और पड़ोसी झारखंड में हुई लगातार बारिश के बाद कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, बागमती, पुनपुन और घाघरा नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई इलाकों में पानी भर गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की। पटना, वैशाली, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, भोजपुर, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा, सहरसा और कटिहार जिलों के निचले इलाकों में शुक्रवार को बाढ़ जैसी स्थिति देखी गई। जल संसाधन विभाग के अनुसार, लगभग सभी नदियों का जलस्तर बढ़ने का रुख बना हुआ है।
Flood News:बिहार में शुक्रवार को भी हाई अलर्ट जारी रहा क्योंकि नेपाल और पड़ोसी राज्य झारखंड में हुई भारी बारिश के बाद गंगा समेत कई नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इसके कारण राज्य के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया और बचाव, राहत और तटबंधों की सुरक्षा के इंतजामों का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा रहा है।जल संसाधन विभाग के मुताबिक, गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, बागमती, पुनपुन और घाघरा समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। वहीं, पटना में दीघा घाट, गांधी घाट, हथिदह और मनेर के अलावा बक्सर, मुंगेर, भागलपुर और कहलगांव में गंगा का पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है।गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 1 सितंबर की सुबह 49.40 मीटर था, जो 2 सितंबर की शाम बढ़कर 49.98 मीटर और 3 सितंबर की सुबह 50.18 मीटर हो गया। गुरुवार दोपहर तक जलस्तर 50.25 मीटर पहुंच गया था, जो खतरे के निशान से करीब 1.65 मीटर ऊपर है। विभाग ने अनुमान जताया था कि गुरुवार रात गांधी घाट पर गंगा का पानी सबसे ऊंचे बाढ़ स्तर (HFL) को पार कर सकता है। वहीं, मोकामा के हथिदह में शुक्रवार दोपहर तक यह स्तर पार होने की आशंका जताई गई थी।News 18 की एक रिपोर्ट के अनुसार, बाढ़ जैसे हालात ने पटना, वैशाली, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, भोजपुर, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा, सहरसा और कटिहार के निचले इलाकों को प्रभावित किया है। इसके अलावा, आठ जिलों - भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, नालंदा, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद - को हाई अलर्ट पर रखा गया है और अधिकारियों को संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को चेतावनी देने का निर्देश दिया गया है।मुंगेर में, गंगा का जलस्तर 39.33 मीटर के चेतावनी स्तर को पार करते हुए 39.36 मीटर (खतरे का निशान) तक पहुंच गया, जिससे सात पंचायतें जलमग्न हो गईं और घरों में पानी घुस गया। News 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, समस्तीपुर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से लगभग 1.95 मीटर ऊपर पहुंचने के बाद 15 पंचायतों में बाढ़ का पानी घुस गया।अरवल में भी हालात गंभीर बताए गए, जहां पुनपुन नदी के पानी से कुर्था और बंसी ब्लॉक के लगभग 30 गांव डूब गए, जिससे सड़क संपर्क टूट गया और बंसी पुलिस स्टेशन में भी पानी भर गया। सारण में सोनपुर, छपरा सदर, दिघा और रेवेलगंज को संवेदनशील इलाकों के तौर पर चिह्नित किया गया।अमर उजाला के अनुसार, बेगूसराय के मटिहानी ब्लॉक में बाढ़ का पानी 17 सरकारी स्कूलों तक पहुंच गया, जबकि गया के मानपुर ब्लॉक में पेमार नदी के पानी ने अमरी और बरसाना गांवों तक जाने वाली सड़क को डुबो दिया।अधिकारियों ने प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर, मेडिकल सुविधाएं, पीने का पानी, भोजन और दूसरी जरूरी चीजों की व्यवस्था की है। बचाव कार्य के लिए SDRF और NDRF की टीमें, गोताखोर और नावें तैनात की गई हैं। विस्थापित परिवारों के लिए सामुदायिक रसोई भी शुरू की जा रही हैं।सोनपुर में 25 नावें चल रही हैं। इसके अलावा वहां 1,000 पॉलीथिन शीट भेजी गई हैं, जबकि 500 पॉलीथिन शीट दीघा भेजी गई हैं।पटना में, शहर की सुरक्षा दीवार के पास 108 जगहों को सील किया गया, 13 स्लुइस-गेट के लीकेज को ठीक किया गया और पंपिंग स्टेशनों को तैयार रखा गया। पुनपुन नदी पर बना एक रिंग तटबंध भी टूट गया, जिससे मुख्य बांध को खतरा पैदा हो गया।आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों को सलाह दी कि वे नदियों, घाटों, तटबंधों और पानी से भरे इलाकों में बेवजह न जाएं। साथ ही, बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगों को ऐसी जगहों से दूर रखने की अपील की। विभाग ने नदियों के पास तैरने, बेवजह नाव की सवारी करने और सेल्फी लेने के खिलाफ भी चेतावनी दी।विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने NDA सरकार पर बाढ़ से निपटने की अपर्याप्त तैयारी और राहत कार्यों में कमी का आरोप लगाया और कहा कि 15 से ज्यादा जिले प्रभावित हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कटाव और बाढ़ से मक्का और सब्जियों की फसलें बर्बाद हो गईं, जबकि बिजली कटौती, पीने के पानी की कमी और कनेक्टिविटी बाधित होने से ग्रामीणों को जरूरी चीजों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने दियारा इलाकों को बाढ़ प्रभावित घोषित करने की भी मांग की।केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेश यात्रा से लौटने के बाद चौधरी के साथ हालात का जायजा लिया और केंद्र व बिहार सरकार युद्ध स्तर पर काम कर रही हैं।भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों में और बारिश व गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान जताया है। इससे नदियों का जलस्तर और बढ़ने की चिंता बढ़ गई है। बिहार के पटना, गया, मुजफ्फरपुर और भागलपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इन इलाकों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। वहीं, गुरुवार को देश के करीब 20 राज्यों में बारिश और आंधी-तूफान को लेकर चेतावनी जारी की गई थी।यह भी पढ़ें:Viral Video: मानसिक रूप से बीमार महिला के साथ गलत हरकत करने पहुंचा था शख्स फिर स्ट्रीट डॉग्स ने उसे खदेड़ा!
वित्तीय वर्ष 2025-26 में अररिया ने ₹1,594.60 करोड़ का निर्यात किया है। जिला-वार निर्यात आंकड़ों के अनुसार, अररिया बिहार में तीसरे स्थान पर है। इस उपलब्धि पर सांसद प्रदीप कुमार सिंह ने जिले के किसानों, उद्यमियों, व्यापारियों और आम लोगों को बधाई दी है। सांसद प्रदीप सिंह ने कहा कि यह आंकड़ा दिखाता है कि अररिया अब सिर्फ एक सीमावर्ती जिला नहीं है। यह कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और निर्यात के क्षेत्र में तेजी से उभरता आर्थिक केंद्र बन रहा है। उन्होंने बताया कि अररिया की पहचान खास तौर पर मखाना जैसे कृषि उत्पादों से जुड़ रही है। मेहनत का नतीजा है यह आंकड़ा - सांसद सांसद ने यह भी कहा कि चावल, मक्का और अन्य कृषि एवं खाद्य प्रसंस्कृत उत्पादों में भी जिले में बड़ी संभावनाएं हैं। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण जोगबनी-नेपाल व्यापार मार्ग अररिया की निर्यात क्षमता को नई दिशा दे सकता है। नेपाल समेत पड़ोसी बाजारों तक अच्छी कनेक्टिविटी का फायदा स्थानीय उत्पादकों और व्यापारियों को मिल सकता है। सांसद के अनुसार, ₹1,594.60 करोड़ का निर्यात सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है। यह जिले के किसानों, छोटे-बड़े उद्यमियों और व्यापारिक समुदाय की मेहनत का नतीजा है। स्थानीय स्तर पर भी बढ़ेंगे रोजगार के मौके अब जरूरत है कि स्थानीय उत्पादों को बेहतर प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग, कोल्ड चेन और स्टोरेज की सुविधाएं मिलें। इससे उन्हें देश और विदेश के बड़े बाजारों तक पहुंचाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि मखाना समेत अन्य कृषि उत्पादों की गुणवत्ता और उपयोगिता बढ़ाने पर खास ध्यान देना चाहिए। उनके निर्यात को बढ़ावा देने से किसानों को बेहतर दाम मिलेंगे और स्थानीय स्तर पर रोजगार के मौके भी बढ़ेंगे। उपलब्धि नई संभावनाओं की शुरुआत सांसद ने बताया कि वे अररिया को सीमांचल का प्रमुख निर्यात केंद्र और फूड प्रोसेसिंग हब बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के स्तर पर कोशिशें जारी रखेंगे। आधुनिक प्रसंस्करण इकाइयां, निर्यात सुविधाएं, अच्छी लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी और व्यापारिक ढांचे को मजबूत करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने आखिर में कहा कि अररिया की यह उपलब्धि नई संभावनाओं की शुरुआत है। आने वाले वर्षों में लक्ष्य केवल निर्यात बढ़ाना नहीं, बल्कि जिले के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत ब्रांड पहचान दिलाना होना चाहिए।
हम बिहार के हैं, यह हमारी जन्मभूमि है और हम यहीं मरेंगे: तेजस्वी यादव
बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने जनता दल (यूनाइटेड) के सांसद संजय झा के एनआरआई नेता वाले बयान पर पलटवार किया...
बिहार में कुल 13 आईपीएस एवं बीपीएस अधिकारियों का ट्रांसफर हुआ है। पटना ग्रामीण एसपी बदल दिया गया है। सीवान एसपी पद से हटाए गए पूरन झा को नई पोस्टिंग मिल गई है। मुजफ्फरपुर, भागलपुर, जहानाबाद समेत अन्य कई जिलों में नए एसडीपीओ (अनुमंडलीय पुलिस पदाधिकारी) की तैनाती हुई है।
डीएमआइ पटना के छात्र अभिजीत पांडेय के हेल्थकेयर स्टार्टअप 'वैद्य' को उद्योग विभाग से 25 लाख रुपये का सीड फंड मिला है। यह स्टार्टअप बुजुर्गों और जरूरतमंदों को घर बैठे 30 मिनट में स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करता है, साथ ही युवाओं को रोजगार भी दे रहा है।
देवेश कुमार ने बिहार राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष का पदभार संभाला
Patna, 4 सितंबर . बिहार स्टेट प्लानिंग बोर्ड के नवनियुक्त उपाध्यक्ष देवेश कुमार ने Friday को अपना पदभार संभाला. इस मौके पर योजना एवं विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, भाजपा नेता, परिवार के सदस्य और बड़ी संख्या में समर्थक व शुभचिंतक मौजूद थे. देवेश कुमार अपनी पत्नी वीरा शर्मा के साथ सूचना भवन की पांचवीं ... Read more
भारतीय सिनेमा और देश के पारंपरिक त्योहारों का रिश्ता हमेशा से बेहद गहरा और भावनात्मक रहा है। अगर हम बॉलीवुड के दशकों पुराने इतिहास पर नजर डालें, तो फिल्मों में होली की मस्ती, दिवाली की जगमगाहट, ईद की सेवइयां और लोहड़ी की रौनक को हमेशा से ही बहुत ही भव्य और विशाल पैमाने पर परदे पर उकेरा जाता रहा है। लेकिन इन सबके बावजूद, हिंदी फिल्म जगत के इतिहास में आज तक ऐसा कभी नहीं हुआ था कि बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र के सबसे बड़े, पवित्र और लोकआस्था के महापर्व 'छठ पूजा' की अलौकिक भव्यता, उसकी कठिन मान्यताओं और पारंपरिक अनुष्ठानों को इतने बड़े स्तर पर बड़े पर्दे पर दिखाया गया हो। अब जाकर यह सूखा खत्म होने जा रहा है और सिनेमाप्रेमियों को एक बिलकुल नया और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध अनुभव मिलने वाला है। बहुप्रतीक्षित सुपरनैचुरल थ्रिलर फिल्म 'द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट' के मेकर्स ने अपनी इस फिल्म में छठी मैया की पूजा-अर्चना और इसके सख्त नियमों को बेहद खूबसूरती के साथ फिल्माया है। फिल्म के टीजर और गानों में जब से छठ पूजा के दृश्यों की झलक सामने आई है, तब से न सिर्फ बिहार और पूर्वांचल के दर्शकों में, बल्कि पूरे देश के सिनेप्रेमियों में इसे लेकर जबरदस्त उत्साह और उत्सुकता देखी जा रही है। यह पहली बार होगा जब वैश्विक मंच पर भारतीय लोक संस्कृति के इस सबसे पावन पर्व का ऐसा विहंगम दृश्य देखने को मिलेगा।सुपरनैचुरल थ्रिलर फिल्म 'द वन' और पटना के ऐतिहासिक 'वन देवी मंदिर' से क्या है गहरा कनेक्शनफिल्मों में किसी भी त्योहार या विशेष अनुष्ठान को यूँ ही नहीं जोड़ा जाता है, और यही बात सिद्धार्थ मल्होत्रा (Sidharth Malhotra) और ग्लैमरस अभिनेत्री तमन्ना भाटिया (Tamannaah Bhatia) की आगामी बहुचर्चित सुपरनैचुरल थ्रिलर फिल्म 'द वन' पर भी पूरी तरह लागू होती है। इस फिल्म में छठ पूजा के दृश्यों को शामिल करने के पीछे कोई दिखावा नहीं, बल्कि फिल्म की पटकथा और उसकी मूल कहानी का एक बहुत ही गहरा और अटूट ताना-बाना जुड़ा हुआ है। आपको बता दें कि इस रोमांचक और रहस्य से भरी फिल्म की पूरी की पूरी कहानी बिहार की राजधानी पटना के पास स्थित एक बेहद प्राचीन और ऐतिहासिक 'वन देवी मंदिर' तथा उसके आसपास के रहस्यमयी जंगलों के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म के निर्माताओं ने इसके टीजर में ही उन घने जंगलों के भीतर छिपे कई डरावने और अनसुलझे रहस्यों की एक छोटी सी रोमांचक झलक दुनिया के सामने पेश कर दी थी। यह पूरी मूवी बिहार की माटी से जुड़ी लोककथाओं, पीढ़ियों से चली आ रही पौराणिक मान्यताओं, और वहां की विशिष्ट संस्कृति में पूरी तरह से रची-बसी हुई है। यही एक मुख्य वजह है कि निर्देशक ने इस फिक्शनल थ्रिलर में भी बिहार की सांस्कृतिक पहचान और मान्यताओं को बहुत ही प्रामाणिक तरीके से पिरोया है, जिससे दर्शकों को हॉरर और थ्रिल के साथ-साथ अपनी संस्कृति से जुड़ाव का भी एक अनूठा अहसास हो सके।टीजर में तमन्ना भाटिया के लाल साड़ी और सिंदूर वाले लुक ने खींचा सबका ध्यान, नदी घाट पर दिखा छठी मैया का अद्भुत नजाराजब से फिल्म 'द वन' का टीजर रिलीज हुआ है, तब से सोशल मीडिया पर इसके कई सींस चर्चा का विषय बने हुए हैं, जिनमें विशेष तौर पर अभिनेत्री तमन्ना भाटिया के लुक ने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। टीजर के कुछ पलों में साउथ और बॉलीवुड की जानी-मानो अभिनेत्री तमन्ना भाटिया पारंपरिक लाल रंग की साड़ी पहने हुए, मांग में लंबा संतरी सिंदूर सजाए और हाथ में सूप लिए हुए एक नदी के पावन घाट पर खड़ी नजर आ रही हैं। वह पूरी निष्ठा और श्रद्धा के साथ छठी मैया और भगवान सूर्य नारायण को अर्घ्य देती हुई दिखाई दे रही हैं, जो दृश्य वाकई में आंखों को शीतलता और मन को शांति देने वाला है। हालांकि, इस धार्मिक और शांतनुमा माहौल के तुरंत बाद टीजर में एक बेहद खौफनाक और रहस्यमयी घटना को भी अंजाम देते हुए दिखाया गया है, जो इस बात का संकेत देता है कि यह फिल्म सिर्फ पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे कोई गहरा और खौफनाक सुपरनैचुरल रहस्य छिपा हुआ है। दर्शकों के लिए यह देखना बेहद दिलचस्प होने वाला है कि कैसे एक तरफ लोकआस्था और पवित्रता का महापर्व चल रहा है, और दूसरी तरफ फिल्म की कहानी में कोई अदृश्य शक्ति तांडव मचा रही है। तमन्ना भाटिया का यह देसी और पारंपरिक अंदाज उनके फैंस को बेहद पसंद आ रहा है और वे इस फिल्म के सिनेमाघरों में आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।निर्देशक दीपक कुमार मिश्रा और अरुणाभ कुमार की जोड़ी ने अपनी जड़ों को दिया सम्मान, 25 सितंबर को सिनेमाघरों में देगी दस्तकइस फिल्म में बिहार की लोककथाओं और छठ जैसे महान पर्व को इतने बड़े पैमाने पर दर्शाने के पीछे एक और बहुत बड़ा और व्यक्तिगत कारण भी जुड़ा हुआ है। इस बहुचर्चित फिल्म के निर्देशक दीपक कुमार मिश्रा और अरुणाभ कुमार हैं, और ये दोनों ही अपनी जड़ों से जुड़े हुए हैं यानी मूल रूप से बिहार के ही रहने वाले हैं। ऐसे में वे अपनी माटी की खुशबू, वहां के रीति-रिवाजों और लोकसंस्कृति से भली-भांति परिचित हैं। वे चाहते थे कि जब दर्शक देश-विदेश के सिनेमाघरों में उनकी इस फिल्म को देखने के लिए आएं, तो उन्हें केवल एक डरावनी थ्रिलर कहानी ही न मिले, बल्कि उन्हें अपनी संस्कृति और मिट्टी के सबसे खूबसूरत, पवित्र और जीवंत पलों का भी भरपूर आनंद उठाने का मौका मिले। अपनी कला के माध्यम से अपनी सांस्कृतिक विरासत को ग्लोबल मंच पर सम्मान देने का यह प्रयास वाकई सराहनीय है। आपको बता दें कि तमाम रोमांच, रहस्य और लोकआस्था के अनूठे संगम से सजी यह बहुप्रतीक्षित फिल्म 'द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट' इसी महीने की 25 तारीख यानी 25 सितंबर 2026 को देश भर के सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। अब यह देखना वाकई दिलचस्प होगा कि बड़े पर्दे पर यह सुपरनैचुरल और सांस्कृतिक प्रयोग दर्शकों की कसौटी पर कितना खरा उतरता है और बॉक्स ऑफिस पर कैसा कमाल दिखाता है।
हिंदी सिनेमा में यह पहली बार होने जा रहा है, जब बिहार का महापर्व 'छठ पूजा' को परदे पर फैंस देखेंगे। क्या है छठ पूजा और द वन की कहानी के बीच कनेक्शन पढ़ें खबर।
मुजफ्फरपुर में चांदी के झूले में झूलेंगे नंदलाल, जन्माष्टमी पर शहर में भक्तिमय माहौल
Bihar Janmashtami News: मुजफ्फरपुर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर भक्तिमय माहौल है, जहां शहर के प्रमुख देवालयों को भव्य रूप से सजाया गया है। नंदलाल को चांदी के झूले में झुलाया जाएगा और बाजारों में भी उत्सव की रौनक बढ़ गई है।
भारतीय राजनीतिक के गलियारों में इस समय दक्षिण के राज्यों से लेकर उत्तर के राजनीतिक केंद्र तक भूचाल सा आया हुआ है जहां कर्नाटक, बिहार और देश की राजधानी दिल्ली में एक साथ चल रहे अलग-अलग घटनाक्रमों ने राष्ट्रीय सियासत को पूरी तरह से गरमा दिया है। जनरेटिव एआई सर्च, गूगल डिस्कवर, बिंग एईओ और आधुनिक एसईओ एल्गोरिदम की गाइडलाइन्स के मुताबिक यह पूरा परिदृश्य देश के अलग-अलग हिस्सों में बदलते राजनीतिक समीकरणों, अंतर्द्वंदों और सत्ता की रस्साकशी को स्पष्ट रूप से उजागर करता है, जिस पर हर राजनीतिक विश्लेषक की पैनी नजर टिकी हुई है।कर्नाटक मंत्रिमंडल में महिलाओं को जगह न मिलने पर कांग्रेस के भीतर आंतरिक कलह और मंथन तेजदक्षिण भारत के सियासी केंद्र कर्नाटक राज्य से एक बहुत बड़ी राजनीतिक खबर सामने आ रही है जहां डीके शिवकुमार के नेतृत्व और पार्टी की तमाम रणनीतियों के बाद जब 33 सदस्यीय नए मंत्रिमंडल का गठन किया गया, तो उसमें एक भी महिला चेहरे को शामिल नहीं किए जाने पर बवाल मच गया है। इस गंभीर चूक और सामाजिक समीकरणों के अनदेखे होने के कारण राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टियों के साथ-साथ खुद कांग्रेस पार्टी के भीतर भी हाईकमान पर चौतरफा सवाल उठने लगे हैं। अब स्थिति यह बन चुकी है कि पार्टी के भीतर एक महिला विधायक या विधान पार्षद को मंत्री पद की शपथ दिलाने के लिए नए सिरे से माथापच्ची शुरू हो चुकी है, लेकिन क्षेत्रीय संतुलन, जातीय व सामाजिक समीकरण और पहले से ही प्रतिनिधित्व कर रहे जिलों के पेच इसमें सबसे बड़ी बाधा बनकर सामने आ रहे हैं।बिहार के एक दिग्गज मंत्री से जुड़ा विवादित मामला और कानूनी नोटिस का नया बवंडरदूसरी तरफ यदि बात बिहार की राजनीति की की जाए तो वहां की आबोहवा में भी सियासी गर्माहट कम होने का नाम नहीं ले रही है। बिहार की राजनीति से जुड़े एक रसूखदार मंत्री उस वक्त भयंकर विवादों के घेरे में आ गए जब एक अन्य राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने वाले नेता ने दिल्ली के एक प्रतिष्ठित होटल में उनके द्वारा कथित तौर पर एक महिला कर्मचारी के साथ अश्लील हरकत किए जाने और फिर भारी-भरकम रकम देकर मामले को रफा-दफा करने का सनसनीखेज आरोप लगा दिया। हालांकि, इन तमाम गंभीर और सनसनीखेज आरोपों को सीधे तौर पर खारिज करते हुए संबंधित मंत्री ने इसे पूरी तरह से झूठा, मनगढ़ंत और अपनी राजनीतिक छवि को धूमिल करने की एक सोची-समझक्की साजिश करार दिया है। इसके साथ ही मानहानि का कड़ा कानूनी कदम उठाते हुए उन्होंने आरोपी नेता को पचास करोड़ रुपये के हर्जाने का औपचारिक कानूनी नोटिस भी थमा दिया है, जिससे बिहार का राजनीतिक पारा अपने चरम पर पहुंच गया है।दिल्ली के सियासी गलियारों में नई नियुक्तियों और मंत्रियों के संभावित फेरबदल की सुगबुगाहटदेश की राजधानी दिल्ली में भी इन दिनों राजनीतिक गतिविधियों की रफ्तार काफी तेज बनी हुई है जहां एक तरफ केंद्रीय मंत्रिमंडल में रिक्तियों और फेरबदल को लेकर तरह-तरह के कयासों का बाजार गर्म है। पूर्वी दिल्ली से सांसद और कद्दावर नेता हर्ष मल्होत्रा के प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बाद से ही दिल्ली के कोटे से केंद्र सरकार में किसी नए चेहरे की एंट्री को लेकर राजनीतिक अटकलें तेज हो गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में क्षेत्रीय संतुलन और आगामी चुनावी राज्यों की रणनीतियों को साधने के लिए सत्ता के गलियारों में कुछ बड़े और चौंकाने वाले संगठनात्मक फैसले लिए जा सकते हैं, जिसका सीधा असर देश की राष्ट्रीय राजनीति पर पड़ना तय माना जा रहा है।
पटना सहित बिहार के कई जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ा, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट
बिहार में शुक्रवार को बाढ़ की स्थिति और बिगड़ गई, क्योंकि गंगा, गंडक, पुनपुन और दरधा सहित प्रमुख नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे राज्य भर में नए इलाके जलमग्न हो गए हैं। जल संसाधन विभाग के अनुसार, शुक्रवार रात तक पटना के गांधी घाट और मोकामा के हथीडा में गंगा के अपने उच्चतम बाढ़ स्तर (एचएफएल) को पार करने की आशंका है।
कस्बे के रेलवे स्टेशन पर बृहस्पतिवार सुबह एक नवविवाहिता को लेकर हंगामा हो गया।
सहरसा में 5 सितंबर को लगेगा रोजगार मेला:5000 पदों पर भर्ती, 30 से ज्यादा निजी कंपनियां होंगी शामिल
सहरसा के बेरोजगार युवक-युवतियों के लिए अच्छी खबर है। आगामी 5 सितंबर (शनिवार) को जिला स्कूल, सहरसा के परिसर में एक दिवसीय जिला स्तरीय नियोजन-सह-व्यावसायिक मार्गदर्शन मेले का आयोजन किया जा रहा है। इसको लेकर कोशी प्रमंडल सहरसा के सहायक निदेशक अमित कुमार ने जानकारी दी। दरअसल, श्रम संसाधन विभाग के नियोजन एवं प्रशिक्षण निदेशालय (बिहार, पटना) के निर्देश पर आयोजित होने वाले इस मेले में 5000 से अधिक रिक्तियों पर भर्ती की जाएगी। सहायक निदेशक (नियोजन), कोशी प्रमंडल अमित कुमार ने बताया कि इस रोजगार मेले में देश व राज्य की 30 से अधिक नामी निजी क्षेत्र की कंपनियां शिरकत करेंगी और विभिन्न पदों के लिए युवाओं का चयन करेंगी। रोजगार सेतु पोर्टल पर निबंधन अनिवार्य नियोजन मेले में भाग लेने के इच्छुक शिक्षित बेरोजगार युवक-युवतियों का श्रम संसाधन विभाग के 'बिहार रोजगार सेतु पोर्टल' (detjob.bihar.gov.in) पर जॉबसीकर (Job Seeker) के रूप में पंजीकृत होना जरूरी है। जो अभ्यर्थी पहले से पंजीकृत नहीं हैं, वे पोर्टल पर अपना निबंधन कराकर मेले में भाग ले सकते हैं। सरकारी योजनाओं की भी मिलेगी जानकारी निजी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ मेले में विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा स्टॉल भी लगाए जाएंगे। इन स्टॉलों के माध्यम से युवाओं को बिहार सरकार की कल्याणकारी योजनाओं, स्वरोजगार के अवसरों और कौशल विकास कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें।

