दिल्ली एनसीआर में रात से तेज हवाएं चल रही हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने आज के लिए देश के कई राज्यों में बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है।
Bareilly News: बिहार के मजदूरी की सड़क हादसे में मौत
फतेहगंज पूर्वी। राष्ट्रीय राजमार्ग पर हरेला चौराहे के पास मंगलवार रात टंपो की टक्कर से सड़क पार कर रहे राजदेव मुखिया (28) की मौत हो गई। वह बिहार के मधुबन के निवासी थे। हरेली स्थित प्लाई की एक फैक्टरी में मजदूरी करते थे।
त्योहारों से पहले मुजफ्फरपुर में बैंक लगातार पांच दिनों तक बंद रहेंगे, जिससे ग्राहकों और व्यापारियों को परेशानी होगी। यह बंदी चौथे शनिवार, रविवार और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के कारण है, जिससे बैंकिंग लेनदेन प्रभावित होंगे।
ओडिशा से वाराणसी तक फैले चाचा-भतीजा गैंग का सरगना बिहार से गिरफ्तार, 25 हजार था इनाम
Bihar News : बैंक में है जरूरी काम तो जल्दी कर लें, सितंबर में लगातार 5 दिन बंद रहेंगी शाखाएं
मुजफ्फरपुर में बैंक 26 से 30 सितंबर तक लगातार पांच दिनों के लिए बंद रहेंगे, जिसमें अवकाश और बैंक यूनियनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल शामिल है।
सीएम सम्राट चौधरी की गरीब परिवारों को सौगात, बिहार में बनेंगे 60 लाख नए पक्के मकान
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि अगले पांच वर्षों में बिहार में 60 लाख और गरीबों को पक्के मकान मिलेंगे। उन्होंने अभियंताओं के सम्मान समारोह में यह बात कही और राज्य के विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया।
बिहार STET आवेदन की आखिरी तारीख बढ़ी, अब 22 सितंबर तक भरें फॉर्म, नवंबर में होगी परीक्षा
Bihar STET 2026: बिहार एसटीईटी 2026 के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 22 सितंबर तक बढ़ा दी गई है। अब इच्छुक उम्मीदवार बीएसईबी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर जल्द अपना ऑनलाइन फॉर्म भरें।
छुट्टी पर गए बिहार के DGP विनय कुमार:प्रभार में रहेंगी प्रीता वर्मा, गृह विभाग ने जारी की अधिसूचना
बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार 21 दिनों की छुट्टी पर गए हैं। वह 15 सितंबर से 5 अक्टूबर 2026 तक अवकाश पर रहेंगे। गृह विभाग की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। अधिसूचना के अनुसार, DGP विनय कुमार ने छुट्टी के लिए अपरिहार्य, निजी और स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला दिया है। उनके अवकाश पर रहने के दौरान बिहार पुलिस के DGP पद का अतिरिक्त प्रभार प्रीता वर्मा को दिया गया है। प्रीता वर्मा वर्तमान में गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशमन विभाग की समादेष्टा के प्रभार में हैं। अतिरिक्त प्रभार में रहेंगी प्रीता वर्मा अब वह DGP विनय कुमार के अवकाश की अवधि में पुलिस महानिदेशक के कार्यों की भी जिम्मेदारी संभालेंगी। सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक यह व्यवस्था 15 सितंबर से 5 अक्टूबर तक प्रभावी रहेगी। इस दौरान बिहार पुलिस से जुड़े महत्वपूर्ण प्रशासनिक और विभागीय कार्यों का संचालन प्रीता वर्मा करेंगी। DGP के अवकाश पर जाने के बाद पुलिस विभाग में उनके स्थान पर अतिरिक्त प्रभार की व्यवस्था की गई है, ताकि विभागीय कामकाज में किसी तरह की रुकावट न आए। 5 अक्टूबर के बाद DGP विनय कुमार के वापस लौटने पर आगे की व्यवस्था उनके कार्यभार संभालने के अनुसार होगी।
औरंगाबाद डीएम अभिलाषा शर्मा के मार्गदर्शन में मंगलवार को 20 ग्राम पंचायतों में एक साथ ‘सहयोग शिविर’ का आयोजन किया गया। पंचायत स्तर पर आयोजित इन शिविरों का उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं को उनके गांव के नजदीक सुनना और सरकारी योजनाओं-सेवाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना रहा। शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याओं को लेकर आवेदन दिया। राजस्व, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, मनरेगा, भूमि विवाद, दाखिल-खारिज, कृषि, छात्रवृत्ति, वृद्धावस्था पेंशन और दिव्यांगजन सहायता सहित कई मामलों की सुनवाई की गई। पूर्व से लंबित कई मामलों का मौके पर ही समाधान कर ग्रामीणों को राहत दी गई। इससे लोगों को अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं के लिए प्रखंड अथवा जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने से राहत मिली। जिला प्रशासन की ओर से शिविरों को प्रभावी बनाने के लिए हर पंचायत में अधिकारियों और कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई थी। संबंधित प्रखंडों के बीडीओ, सीओ और प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारियों को व्यवस्थाओं और शिविर के सफल संचालन की जिम्मेदारी दी गई थी। मामलों के निष्पादन में औरंगाबाद का बेहतर प्रदर्शन औरंगाबाद प्रखंड की पोखराहा पंचायत के उच्च विद्यालय, जगदीशपुर परिसर में आयोजित सहयोग शिविर की संयुक्त अध्यक्षता जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा और पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा ने की। शिविर का शुभारंभ राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान के सामूहिक गायन से हुआ। इसके बाद डीएम, एसपी और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों ने डीएम-एसपी को पौधा और शॉल भेंट कर सम्मानित किया। डीएम अभिलाषा शर्मा ने कहा कि सहयोग शिविर का मुख्य उद्देश्य ‘प्रशासन को जनता के द्वार तक पहुंचाना’ है। आम लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़े, इसी उद्देश्य से पंचायत स्तर पर शिविर लगाए जा रहे हैं। सहयोग शिविर के माध्यम से प्राप्त मामलों के निष्पादन में औरंगाबाद जिला बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। जिले में सहयोग शिविर से प्राप्त मामलों के निष्पादन की दर 98 प्रतिशत से अधिक है। अलग-अलग विभागों के स्टॉल लगे थे पोखराहा पंचायत में आयोजित शिविर में विभिन्न विभागों की ओर से अलग-अलग काउंटर और स्टॉल लगाए गए थे। इन स्टॉलों पर ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ पात्र लाभुकों से आवेदन भी लिए गए। डीएम ने कहा कि राशन कार्ड में नाम जुड़वाने, मनरेगा जॉब कार्ड, जन्म-मृत्यु प्रमाण-पत्र, ई-श्रम कार्ड, प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना सहित अन्य योजनाओं से संबंधित जानकारी और सहायता लोगों को शिविर में उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं, किसानों, युवाओं, दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों से अपील की कि वे शिविर में पहुंचकर अपने लिए पात्र योजनाओं की जानकारी लें और पात्रता होने पर आवेदन जरूर करें। शिविर में सामाजिक सुरक्षा पेंशन, मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन, दिव्यांगजन पेंशन, मनरेगा, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, सात निश्चय-2 के तहत नल-जल योजना, कौशल विकास योजना, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड और मुख्यमंत्री स्वयं सहायता भत्ता योजना से संबंधित स्टॉल लगाए गए थे। स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल पर ग्रामीणों को दवा वितरण, नेत्र जांच, रक्त जांच, रक्तचाप जांच, आयुष्मान भारत कार्ड और यूडीआईडी कार्ड समेत विभिन्न स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। इसके अलावा जिला बाल संरक्षण इकाई, प्रधानमंत्री आवास योजना, आईसीडीएस, शिक्षा और राजस्व विभाग के स्टॉलों पर भी ग्रामीणों की समस्याएं सुनी गईं। लाभुकों को बांटे गए प्रमाण-पत्र, प्रशासन ने कहा- अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ सहयोग शिविर के दौरान जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा और पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा ने विभिन्न लाभुकों के बीच वासगीत पर्चा, आयुष्मान कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड और जन्म प्रमाण-पत्र का वितरण किया। वहीं, पोषण माह के तहत डीएम और एसपी की मौजूदगी में गोद भराई कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। जिला पदाधिकारी ने कहा कि शिविरों का उद्देश्य केवल आवेदन लेना नहीं, बल्कि ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं की सही जानकारी उपलब्ध कराना भी है। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि वे अपने आसपास के पात्र लोगों को भी योजनाओं की जानकारी दें, ताकि कोई व्यक्ति केवल जानकारी या प्रक्रिया के अभाव में सरकारी लाभ से वंचित न रहे। समाधान न हो तो करें शिकायत उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का संकल्प है कि प्रशासन जनता के द्वार तक पहुंचे, समस्याओं को सुने और उनके समाधान को सुनिश्चित करे। यदि किसी नागरिक की समस्या का समाधान शिविर में नहीं हो पाता है, तो वह sahyog.bihar.gov.in पर शिकायत दर्ज करा सकता है। इसके अलावा टोल-फ्री नंबर 1100 पर भी शिकायत की जा सकती है। नागरिकों से प्रशासन ने फीडबैक और सुझाव देने की भी अपील की।
चनपटिया विधायक अभिषेक रंजन ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को एक खुला पत्र लिखा है। उन्होंने बिहार में 'बिहार रत्न' सम्मान शुरू करने की मांग की है। विधायक का कहना है कि राज्य की महान हस्तियों के योगदान को सम्मान देने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए यह जरूरी है। उन्होंने कहा कि बिहार के लिए खास योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित करने के लिए राज्य में भी सर्वोच्च सम्मान होना चाहिए। पत्र में विधायक अभिषेक रंजन ने कहा कि बिहार सिर्फ एक राज्य नहीं, बल्कि ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विरासत की धरती है। ''राज्य में भी बिहार रत्न सम्मान की होनी चाहिए शुरुआत'' इस प्रदेश ने देश को कई महापुरुष, स्वतंत्रता सेनानी, समाजसेवी, साहित्यकार, कलाकार, शिक्षाविद, वैज्ञानिक, खिलाड़ी और जनसेवक दिए हैं। इन हस्तियों के योगदान से बिहार की पहचान देश-दुनिया में बनी है। उन्होंने बताया कि देश में 'भारत रत्न' सबसे बड़ा नागरिक सम्मान है। इसी तरह कई राज्यों ने अपने यहां खास योगदान देने वाले लोगों को सर्वोच्च राज्य सम्मान देना शुरू किया है। इसलिए बिहार में भी 'बिहार रत्न' सम्मान की शुरुआत होनी चाहिए। स्वतंत्रता सेनानी का दिया उदाहरण विधायक ने यह भी मांग की कि यह सम्मान सिर्फ जीवित लोगों तक सीमित न रहे। बिहार के इतिहास में अहम योगदान देने वाली दिवंगत हस्तियों को भी मरणोपरांत सम्मानित करने का नियम बनाया जाए। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी पंडित राजकुमार शुक्ल का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि चंपारण से महात्मा गांधी को लाकर आजादी के आंदोलन को नई दिशा देने वाले राजकुमार शुक्ल जैसे लोगों को सम्मानित करना गर्व की बात होगी। आवश्यक पहल करने का आग्रह उन्होंने बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह का भी जिक्र किया। उन्होंने मांग की कि राजनीति, समाजसेवा, शिक्षा, साहित्य, कला, संस्कृति, विज्ञान, खेल और दूसरे क्षेत्रों में खास योगदान देने वाले लोगों को भी इस सम्मान में शामिल किया जाए। विधायक अभिषेक रंजन ने मुख्यमंत्री से इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करते हुए ‘बिहार रत्न’ सम्मान की शुरुआत की दिशा में आवश्यक पहल करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था बिहार की गौरवशाली परंपरा को नई पहचान देने के साथ युवा पीढ़ी को अपने महान नायकों के योगदान से प्रेरणा देने का काम करेगी।
Nitish Mishra की मौजूदगी में Bihar Urban Development और CEPT के बीच हुआ अहम समझौता
बिहार में सुनियोजित, आधुनिक एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप शहरी विकास को नई दिशा देने की पहल के तहत आज मंत्री, नगर विकास एवं आवास विभाग, श्री नीतीश मिश्रा की उपस्थिति में नगर विकास एवं आवास विभाग तथा सेंटर फॉर इनवायरमेंट प्लानिंग एंड टेक्नोलॉजी एडवाइजरी फाउंडेशन (सी.ए.एफ), अहमदाबाद के बीच तकनीकी सहायता इकाई (टी.एस.यू.) की स्थापना हेतु महत्वपूर्ण समझौता किया गया। इस दौरान विभाग के प्रधान सचिव श्री विनय कुमार भी उपस्थित थे। समझौते पर नगर विकास एवं आवास विभाग के विशेष सचिव-सह-मुख्य कार्यकारी अधिकारी, बिहार नगर विकास प्राधिकरण, श्री नवल किशोर चौधरी तथा सी. ई. पी. टी. एडवाइजरी फाउंडेशन के निदेशक श्री दर्शन पारिख ने हस्ताक्षर कर औपचारिक रूप से सहयोग की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। श्री मिश्रा ने कहा कि इस तकनीकी सहयोग के माध्यम से बिहार में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के सुनियोजित एवं सतत विकास को गति मिलेगी। सी.ए.एफ. द्वारा आधुनिक शहरी नियोजन, स्थानिक विकास पहल, नीति निर्माण, भूमि उपयोग नियोजन, आधारभूत संरचना विकास तथा दीर्घकालिक शहरी विकास की रणनीति तैयार करने में तकनीकी विशेषज्ञता उपलब्ध कराई जाएगी। मंत्री श्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी के विकसित एवं समृद्ध बिहार के विज़न के अनुरूप राज्य में भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नए एवं आधुनिक शहरी क्षेत्रों का विकास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सी. ई. पी. टी. एडवाइजरी फाउंडेशन जैसी प्रतिष्ठित तकनीकी संस्था के साथ यह सहयोग बिहार में सुनियोजित, टिकाऊ और भविष्य उन्मुख शहरी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। श्री मिश्रा ने कहा कि तकनीकी सहायता इकाई विभाग को डेटा आधारित, वैज्ञानिक एवं आधुनिक शहरी नियोजन के लिए आवश्यक तकनीकी सहयोग प्रदान करेगी। इसके माध्यम से ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप को बेहतर कनेक्टिविटी, आधुनिक आधारभूत संरचना, पर्यावरणीय स्थिरता और नागरिक-केंद्रित सुविधाओं से युक्त विकसित शहरी क्षेत्र के रूप में आकार देने में सहायता मिलेगी।
बिहार में बाढ़ से बने हालात के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह...
केंद्र सरकार बिहार के बाढ़ पीड़ितों के साथ, पीएम मोदी के निर्देश पर केंद्रीय मंत्री करेंगे समीक्षा
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान 16 सितंबर को बिहार के एक दिवसीय सघन प्रवास पर रहेंगे
Vishnupad Temple Corridor और नदी जोड़ समेत Bihar Cabinet ने 17 प्रस्तावों को दी मंजूरी
बिहार मंत्रिमंडल ने मंगलवार को गया जी के विष्णुपद मंदिर क्षेत्र के समग्र विकास, सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना और जलस्रोत पुनर्स्थापन एवं गाद प्रबंधन नीति, 2026 समेत 17 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के बाद सूचना भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विष्णुपद मंदिर क्षेत्र का विकास काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर किया जाएगा, जिसके लिए 2,520 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। अधिकारी ने बताया कि योजना के तहत मंदिर परिसर का पुनर्विकास, मल्टीलेवल पार्किंग, एलीवेटेड पथ, घाट, डोरमेट्री, कैंटीन, पैदल पुल और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। चौधरी ने बताया कि सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना के लिए 996.05 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं और इसके तहत सोन नदी का पानी उत्तर कोयल नहर के जरिए फल्गु नदी तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने बताया कि योजना के तहत मोरहर नदी पर करीब 10 मिलियन घन मीटर क्षमता का कृत्रिम जलाशय भी बनाया जाएगा। अधिकारी ने बताया कि जलवायु परिवर्तन के कारण अनियमित वर्षा और औसत वर्षापात में कमी को देखते हुए सरकार ने बिहार जलस्रोत पुनर्स्थापन एवं गाद प्रबंधन नीति, 2026 को मंजूरी दी। नीति के तहत नदियों, बराजों और जलाशयों से गाद निकालकर उनकी जलधारण और जलवहन क्षमता बहाल की जाएगी। उन्होंने बताया कि निकाली गई गाद का इस्तेमाल सड़क, रेलवे, सिंचाई, बाढ़ सुरक्षा और भवन निर्माण कार्यों में भराई के लिए किया जाएगा, जिससे उपजाऊ मिट्टी के उपयोग में कमी आएगी।
क्या UCC बिगाड़ेगा बिहार NDA का गणित? JDU नेताओं संग नीतीश की महाबैठक, 'ना' के मूड में दिखे सहयोगी दल
BRICS सम्मेलन की वेलकम किट में बिहार का मखाना-सत्तू, वैश्विक मंच पर फिर छाया उत्तर बिहार का स्वाद
BRICS सम्मेलन की वेलकम किट में बिहार का मखाना-सत्तू, वैश्विक मंच पर फिर छाया उत्तर बिहार का स्वाद
भोजपुर के शाहपुर प्रखंड के ज्वइनिया गांव में मंगलवार को भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री की स्टार अभिनेत्री अक्षरा सिंह बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचीं। विस्थापित परिवारों से उन्होंने मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। इसके बाद अक्षरा सिंह ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच राहत सामग्री का वितरण किया। अभिनेत्री के पहुंचने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। सैकड़ों की संख्या में मौजूद बाढ़ पीड़ितों और ग्रामीणों ने उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं। ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि कई दिनों से बाढ़ के पानी से घिरे होने के कारण रोजमर्रा की जरूरतों के साथ भोजन, पीने के पानी और अन्य जरूरी सामान के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है। जिसके बाद अक्षरा सिंह ने साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया। कुछ तस्वीरें… बिलौटी गांव के टाड़ पर शरण लिए हैं बाढ़ पीड़ित भोजपुर में बाढ़ में घर-बार छोड़कर बिलौटी गांव के टाड़ पर पीड़ित शरण लेने को मजबूर हैं। शाहपुर प्रखंड के बिलौटी गांव के टाड़ पर पिछले कई दिनों से छेड़ नदी के बाढ़ के पानी के कारण ज्वइनिया के बड़ी संख्या में परिवार विस्थापित होकर रह रहे हैं। बाढ़ का पानी बढ़ने के बाद इन परिवारों को अपना घर और सामान को पानी डूबे देखकर काफी दुखित है। विस्थापितों के सामने खाना-पानी जुटाने की चुनौती टाड़ पर रह रहे विस्थापितों के सामने सबसे बड़ी परेशानी भोजन की है। कई दिनों से पानी से घिरे होने के कारण रोजमर्रा की जरूरतों का सामान जुटाना मुश्किल हो गया है। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्थायी ठिकानों में रहने वाले परिवारों को खाना, पीने का पानी और जरूरी सामान के लिए दूसरों की मदद का इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसे में अक्षरा सिंह के पहुंचने और राहत सामग्री बांटने की खबर से विस्थापित परिवारों में उम्मीद जगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाढ़ ने उनकी जिंदगी पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दी है। अब राहत सामग्री मिलने से कम से कम कुछ दिनों के लिए भोजन और जरूरी सामान की चिंता कम होगी। 11 सितंबर को अक्षरा सिंह ने बाढ़ प्रभावितों को लेकर जारी किया था वीडियो भोजपुरी अभिनेत्री अक्षरा सिंह ने 11 सितंबर को सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया था। उन्होंने बिहार, नेपाल और असम में आई भीषण बाढ़ और उससे प्रभावित लोगों पर गहरी चिंता जताई थी। अक्षरा ने कहा था कि पहले असम, फिर नेपाल और अब हमारा बिहार... लगातार बाढ़ की ये तस्वीरें देखकर मन बहुत व्यथित है। कई घर डूब गए हैं, परिवार बेघर हैं और लोग सुरक्षित जगहों और मदद का इंतजार कर रहे हैं। खुद को 'बिहार की बेटी' बताते हुए उन्होंने कहा कि वे सिर्फ चिंता जताने के लिए नहीं, बल्कि खुद भी अपनी क्षमता अनुसार मदद करने के लिए आगे आ रही हैं। उन्होंने सभी समर्थ लोगों से पीड़ितों की सहायता का आग्रह किया। उन्होंने अपील की कि लोग सोशल मीडिया पर केवल सही और सत्यापित जानकारी ही शेयर करें ताकि वास्तविक जरूरतमंदों तक समय पर राहत पहुंच सके। प्रभावित परिवारों के लिए प्रार्थना करते हुए अक्षरा ने कहा, “हम साथ मिलकर इस मुश्किल घड़ी से निकल जाएंगे। मुश्किल बड़ी जरूर है, लेकिन बिहार का हौसला उससे भी बड़ा है।” Pls help come forward @BiharGovt pic.twitter.com/eRDb0h1hkV— AKSHARA SINGH (@AKSHARASINGH1) September 10, 2026 बाढ़ पीड़ितों को सरकार ने दिए 7-7 हजार बिहार में बाढ़ की स्थिति अब भी बनी हुई है। 15 जिलों के 575 पंचायतों में करीब 49.67 लाख की आबादी अभी भी बाढ़ के पानी से घिरी हुई है। इनमें पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अरवल जिले शामिल हैं। इस बीच बिहार सरकार ने बाढ़ पीड़ितों को आर्थिक मदद देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मंगलवार यानी आज 8 लाख 27 हजार 472 बाढ़ पीड़ित परिवारों को सात-सात हजार रुपए उनके बैंक खाते में डीबीटी के जरिए भेज हैं। कार्यक्रम के दौरान सीएम ने कहा कि जब तक स्थिति नहीं सुधरती है, कम्यूनिटी किचन और बाकी राहत-बचाव कार्य जारी रहेगा। बिहार में बाढ़ की क्या है स्थिति, जानिए… बिहार में बाढ़ की स्थिति अब भी बनी हुई है। 15 जिलों के 2,360 गांवों में करीब 49 लाख की आबादी अभी भी बाढ़ के पानी से घिरी हुई है। वहीं, प्रदेश की 5 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। बिहार में इस मानसून सीजन में अब तक बारिश की कमी बनी हुई है। राज्य में अब तक 883 MM बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन 571.9 MM बारिश ही हुई है। यह औसत से 35% कम है। पिछले 24 घंटे में किशनगंज में 75 MM, कटिहार में 38 MM, बांका में 36.6 MM, पूर्णिया में 29 MM और मुंगेर में 26 MM बारिश रिकॉर्ड की गई है। बिहार में बाढ़ की तस्वीरे देखिए… 5 नदियां लाल निशान से ऊपर उत्तर बिहार में नदियां लाल निशान से ऊपर बह रही हैं। कोसी खगड़िया के बलतारा में 114 सेमी और कटिहार के कुरसेला में 125 सेमी, बागमती मुजफ्फरपुर के बेनीबाद में 31 सेमी, बूढ़ी गंडक खगड़िया में 134 सेमी, घाघरा सीवान के दरौली में 34 सेमी खतरे के निशान से ऊपर है।
Bihar Flood छोड़ PM Modi के Birthday पर दीये जलाएंगे Nitin Nabin? Yogi से आगे निकलने की होड़?
बिहार में कागजों पर 'सुपर स्पेशलिटी' निकले सरकारी अस्पताल, 75 की जगह हो रहे सिर्फ 45 ऑपरेशन
हेडलाइन: बिहार में कागजों पर 'सुपर स्पेशलिटी' निकले सरकारी अस्पताल, 75 की जगह हो रहे सिर्फ 45 ऑपरेशन, भड़के निशांत ने बुलाई आपात बैठक!मेटा डिस्क्रिप्शन: बिहार के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं के दावों की पोल खुल गई है। सुपर स्पेशलिटी का दर्जा प्राप्त अस्पतालों में 75 स्वीकृत सर्जरीज की जगह सिर्फ 45 प्रकार के ही ऑपरेशन हो पा रहे हैं। इस प्रशासनिक नाकामी पर स्वास्थ्य विभाग के शीर्ष अधिकारी निशांत ने समीक्षा बैठक बुलाई है।एसईओ एवं एआई सर्च कीवर्ड्स (हिंदी और English): Bihar Health Department News, Bihar Government Hospital Reality, Super Speciality Hospital Bihar, Bihar Hospital Operation Deficit, Nishant Health Meeting Bihar, Bihar Medical Infrastructure News, PMCH NMCH Hospital Patna, Bihar Health System Reality Check, बिहार स्वास्थ्य विभाग समाचार, बिहार सरकारी अस्पताल हकीकत, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल बिहार, बिहार अस्पताल ऑपरेशन विवाद, निशांत स्वास्थ्य विभाग बैठक, पटना मेडिकल कॉलेज खबर, बिहार स्वास्थ्य ढांचा रिपोर्ट, बिहार अस्पताल धांधलीबिहार के सरकारी अस्पतालों का 'कागजी सच': सुपर स्पेशलिटी का बोर्ड, पर इलाज अधूराबिहार के स्वास्थ्य महकमे से एक बड़ा और चौंकाने वाला मामला उजागर हुआ है, जिसने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था और बड़े-बड़े सरकारी दावों की पोल खोलकर रख दी है। करोड़ों रुपये खर्च करके राज्य के प्रमुख सरकारी अस्पतालों को 'सुपर स्पेशलिटी' का दर्जा तो दे दिया गया, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग नजर आ रही है। कागजों में जिन अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और दर्जनों जटिल सर्जरीज का वादा किया गया था, वे असल में मरीजों को मिल ही नहीं पा रही हैं। इस बड़े प्रशासनिक ढुलमुल रवैये के सामने आने के बाद मरीजों और उनके परिजनों में गहरा आक्रोश है, क्योंकि गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को आज भी मजबूरी में महंगे निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।75 प्रकार की सर्जरीज का था दावा, लेकिन केवल 45 तरह के ही हो पा रहे हैं ऑपरेशनस्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी मानकों और स्वीकृत दिशा-निर्देशों के अनुसार, इन सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों में न्यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स और यूरोलॉजी जैसी 75 विभिन्न प्रकार की जटिल सर्जरीज (ऑपरेशन) की सुविधा पूरी तरह उपलब्ध होनी चाहिए थी। हालांकि, हाल ही में किए गए आंतरिक ऑडिट और जमीनी समीक्षा रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि अस्पतालों में सिर्फ 45 तरह के ही ऑपरेशन किए जा रहे हैं। यानी 30 से अधिक महत्वपूर्ण और जीवनरक्षक सर्जरीज के लिए अस्पतालों में सुविधाएं या तो ठप पड़ी हैं या फिर संबंधित विशेषज्ञ डॉक्टर ही नदारद हैं। इसका सीधा नुकसान राज्य के गरीब और मध्यमवर्गीय मरीजों को उठाना पड़ रहा है, जिन्हें समय पर सही इलाज नहीं मिल पा रहा।मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारी निशांत ने बुलाई हाई-लेवल इमरजेंसी मीटिंगअस्पतालों की इस निराशाजनक कार्यप्रणाली और स्वीकृत मानकों के खुले उल्लंघन की बात सामने आते ही स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले को संज्ञान में लेते हुए वरिष्ठ अधिकारी निशांत ने स्वास्थ्य विभाग के तमाम उच्च अधिकारियों, मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों और अस्पताल अधीक्षकों की एक आपातकालीन समीक्षा बैठक (High-Level Review Meeting) बुला ली है। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में इस बात का कड़ा हिसाब मांगा जाएगा कि बजट और संसाधनों का पूरा आवंटन होने के बावजूद 75 स्वीकृत सर्जरीज की सेवाएं शुरू क्यों नहीं की जा सकीं। माना जा रहा है कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और डॉक्टरों पर गाज गिरना तय है।मशीनों की धूल फांकती परतें और विशेषज्ञों की भारी कमी बनी मुख्य वजहअस्पतालों में सुविधाओं के इस अभाव के पीछे का मुख्य कारण आधुनिक मेडिकल उपकरणों का सही तरीके से रखरखाव न होना और विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी बताया जा रहा है। कई सरकारी मेडिकल कॉलेजों में करोड़ों रुपये की लागत से खरीदी गई वेंटिलेटर, एमआरआई और एडवांस्ड सर्जिकल मशीनें तकनीशियनों के अभाव में कमरों में बंद धूल फांक रही हैं। वहीं, कई सुपर-स्पेशलिस्ट डॉक्टर सरकारी अस्पतालों में ड्यूटी देने के बजाय निजी प्रैक्टिस में अधिक समय बिता रहे हैं, जिसके कारण ओपीडी से लेकर ऑपरेशन थियेटर तक की व्यवस्थाएं पूरी तरह ध्वस्त नजर आ रही हैं।पीएमसीएच, एनएमसीएच समेत राज्य के बड़े अस्पतालों पर उठे तीखे सवालराजधानी पटना के प्रतिष्ठित पीएमसीएच (PMCH), एनएमसीएच (NMCH) और दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गया के क्षेत्रीय मेडिकल कॉलेजों को मॉडल अस्पताल बनाने का दावा किया गया था। लेकिन जब सुपर स्पेशलिटी विभागों में ही मरीजों को पूरा इलाज नहीं मिल पा रहा, तो ग्रामीण इलाकों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। आम जनता का कहना है कि सरकार सिर्फ नई इमारतों का निर्माण कर रही है, लेकिन उनके भीतर गुणवत्तापूर्ण इलाज की समुचित व्यवस्था करने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है।एआईओ और आधुनिक सर्च ट्रेंड्स के अनुसार स्वास्थ्य सेवाओं का बदलता परिदृश्यगूगल और बिंग के आधुनिक जनरेटिव एआई (AEO) सर्च ट्रेंड्स के मुताबिक, अब यूजर्स केवल सरकारी योजनाओं की घोषणाओं में रुचि नहीं रखते, बल्कि वे जमीनी हकीकत और सेवाओं की उपलब्धता से जुड़े सवालों के जवाब खोज रहे हैं। 'बिहार में बेहतर इलाज कहाँ मिलेगा' या 'सरकारी अस्पताल में कौन-कौन से ऑपरेशन होते हैं' जैसे सर्च प्रश्नों पर यह खुलासा राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सीधे सवाल खड़े कर रहा है। एआई सर्च इंजन भी अब इस तरह की खोजी रिपोर्टों को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिससे प्रशासनिक तंत्र पर व्यवस्थाएं सुधारने का सीधा दबाव बन रहा है।बैठक में कड़े फैसले लेने की उम्मीद, क्या सुधरेगी बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था?अधिकारी निशांत द्वारा बुलाई गई इस उच्च स्तरीय बैठक पर अब पूरे प्रदेश की निगाहें टिकी हुई हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि इस बैठक के बाद अस्पतालों में बंद पड़ी सर्जरीज को तुरंत शुरू करने के सख्त निर्देश जारी किए जाएंगे और रोस्टर प्रणाली के तहत डॉक्टरों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा, बंद पड़े उपकरणों की मरम्मत और नए सर्जनों की संविदा आधारित नियुक्ति की प्रक्रिया को भी तेजी से आगे बढ़ाया जा सकता है ताकि 'सुपर स्पेशलिटी' का टैग केवल कागजों तक सीमित न रहकर आम जनता के लिए जीवनदायिनी साबित हो सके।
2 बार बीपीएससी क्रैक, पास कर चुके हैं UPSC मेंस, प्रेरित करती है बिहार के नीतीश की स्टोरी
नीतीश की कहानी यहीं समाप्त नहीं होती है। उनका अगला लक्ष्य आईएएस बनना है। इसके लिए यूपीएससी का एग्जाम देते हैं। खबर के मुताबिक, उन्होंने प्रीलिम्स निकाल लिया है और मेंस की परीक्षा भी पास कर ली है। चलिए आज इनकी सक्सेस स्टोरी जानते हैं।
UCC पर बिहार NDA में दरार! अमित शाह के बयान से JDU नाराज, चिराग बोले- पहले ड्राफ्ट आए
UCC पर बिहार NDA में दरार! अमित शाह के बयान से JDU नाराज, चिराग बोले- पहले ड्राफ्ट आए
Bihar Police SI Exam रद्द करने की मांग को लेकर Patna में छात्रों का प्रदर्शन, पुलिस से झड़प
मंगलवार को बिहार की राजधानी पटना में कॉम्पिटिटिव एग्ज़ाम की तैयारी कर रहे बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतर आए। वे हाल ही में हुई बिहार पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को रद्द करने और कई अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। मिली जानकारी के अनुसार, यह प्रदर्शन गांधी मैदान के पास शुरू हुआ और जेपी गोलंबर के पास और तेज़ हो गया, जहाँ प्रदर्शनकारियों की पुलिसकर्मियों के साथ झड़प की भी खबर है। छात्र खास तौर पर सब-इंस्पेक्टर के 1,799 पदों पर भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा को लेकर नाराज़ हैं। उनकी मांग है कि परीक्षा रद्द की जाए और इसे पारदर्शी तरीके से दोबारा आयोजित किया जाए। इसे भी पढ़ें: Bihar Flood: 8.27 लाख परिवारों को DBT से मिले 579.23 करोड़ रुपये, CM ने जारी की राहत राशि विरोध कर रहे उम्मीदवारों ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में उम्मीदवारों के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और परीक्षा प्रक्रिया में ज़्यादा पारदर्शिता की मांग की। छात्रों का आरोप था कि 1,799 दारोगा पदों के लिए हाल ही में हुई परीक्षा को रद्द कर दिया जाना चाहिए और एक पारदर्शी प्रक्रिया के ज़रिए इसे दोबारा आयोजित किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि नई परीक्षा से उनकी चिंताओं का समाधान होगा और यह सुनिश्चित होगा कि सभी उम्मीदवारों को समान अवसर मिले। बिहार पुलिस SI परीक्षा के अलावा, प्रदर्शनकारियों ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा को रद्द करने की भी मांग की। अपने विरोध प्रदर्शन के तहत सड़कों पर उतरने से पहले, कई छात्र संगठनों की अगुवाई में बड़ी संख्या में छात्र जेपी गोलंबर के पास जमा हुए। प्रदर्शन के दौरान, प्रदर्शनकारियों ने जेपी गोलंबर और रामगुलाम चौक के बीच मुख्य सड़क को जाम कर दिया। सड़क जाम होने से इलाके में ट्रैफिक पर असर पड़ा और आने-जाने वालों व पैदल चलने वालों को परेशानी हुई। इस विरोध प्रदर्शन का असर अशोक राजपथ और आसपास के इलाकों की दूसरी मुख्य सड़कों पर भी पड़ा। इसे भी पढ़ें: Bihar Flood: 15 जिलों में 49 लाख से अधिक आबादी प्रभावित, कई नदियां उफान पर प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवारों ने घोषणा की है कि वे बिहार दारोगा मुख्य परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करेंगे और उसका घेराव करेंगे। पटना में कई छात्र अपनी मांगों को लेकर पिछले कुछ दिनों से विरोध प्रदर्शन और भूख हड़ताल कर रहे हैं। गांधी मैदान में हालिया प्रदर्शन, भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं पर कार्रवाई की मांग कर रहे उम्मीदवारों के बढ़ते आंदोलन का ही एक हिस्सा है।
Bihar Flood: 8.27 लाख परिवारों को DBT से मिले 579.23 करोड़ रुपये, CM ने जारी की राहत राशि
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से बाढ़ प्रभावित 8,27,472 परिवारों के बैंक खातों में अनुग्रह राहत (जीआर) की राशि हस्तांतरित की। मुख्यमंत्री ने सत्यापित बाढ़ प्रभावित परिवारों को प्रति परिवार 7,000 रुपये की दर से कुल 579.23 करोड़ रुपये उनके बैंक खातों में भेजे। अधिकारियों के अनुसार, डीबीटी प्रणाली के जरिए 15 जिलों—पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया—के 8,27,472 बाढ़ प्रभावित परिवारों के खातों में यह राशि सीधे हस्तांतरित की गई। यह राशि पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जारी की गई। आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा मंगलवार को जारी बयान के अनुसार, पिछले दो-तीन दिनों में हुई मूसलाधार बारिश के कारण कई नदियों के उफान पर होने से राज्य के 15 जिलों में लगभग 49.72 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों को बुधवार को केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रस्तावित दौरे से पहले अपने-अपने क्षेत्रों में बाढ़ से हुए नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बिहार की बाढ़ समस्या के स्थायी समाधान के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में एक केंद्रीय दल बुधवार को बिहार का दौरा कर बाढ़ की स्थिति और इससे हुए नुकसान का आकलन करेगा।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा 2029 तक देश के सभी 21 एनडीए शासित राज्यों में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) लागू करने की बात के बाद, बिहार एनडीए के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ गए। जदयू ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया। बीजेपी इसके समर्थन में हैैं, बाकी सहयोगी पार्टियां वेट एंड वॉच की स्थिति में हैं। इस बीच राजद ने जदयू को साथ आने का न्योता देकर बिहार की राजनीति हलचल बढ़ा दी है। RJD विधायक भाई वीरेंद्र ने UCC का विरोध करते हुए JDU को गठबंधन का न्योता दिया है। उन्होंने RJD के साथ मिलकर सरकार बनाने की बात कही है। इन हलचलों के बीच केंद्रीय मंत्री और जदयू के सीनियर लीडर ललन सिंह ने नीतीश कुमार से मुलाकात भी की है। चिराग बोले- ड्राफ्ट देखेंगे, कुशवाहा मौन जदयू विधायक श्याम रजक ने कह दिया है कि यूसीसी को बिहार में लागू नहीं होने देंगे। इसके बारे में पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा जल्द अमित शाह से बात करेंगे। लोजपा (रामविलास) ने सर्वानुमति की शर्त रखी। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान बोले-पहले ड्राफ्ट आए। इसमें सभी पक्षों के हित शामिल रहें। रालोमो की भी कमोबेश यही राय रही। हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) का स्टैंड पॉजिटिव दिख रहा है। शाह बोले- बीजेपी-एनडीए शासित 21 राज्यों में UCC लागू की जाएगी बता दें कि गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को मुंबई में कहा कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी-एनडीए शासित 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर दी जाएगी। शाह मुंबई में भाजपा के सेवा संकल्प अभियान की लॉन्चिंग के लिए पहुंचे थे। यहां उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की। फिलहाल देश में 22 राज्यों में NDA की सरकार है। इनमें उत्तराखंड में जनवरी 2025 से UCC लागू है। यानी बाकी 21 राज्यों में इसे लागू करने का लक्ष्य है। गुजरात, असम और मध्य प्रदेश में UCC लागू करने का प्रस्ताव विधानसभा से पारित हो चुका है। अब इन राज्यों में राष्ट्रपति की मंजूरी और अधिसूचना जारी होने का इंतजार है। महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ ने UCC का कानून तैयार करने के लिए समितियां गठित की हैं। 12 साल पहले 7 राज्यों में थी NDA , आज 22 राज्यों में 2014 में बीजेपी-एनडीए की सरकारें 7 राज्यों में थीं। 2018 तक यह संख्या बढ़कर 21 राज्यों तक पहुंच गई। 2019 के बाद कुछ राज्यों में सत्ता गंवाने से संख्या घटकर लगभग 16–17 रह गई। 2024–2026 के बीच महाराष्ट्र, बिहार, असम और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में सत्ता वापसी हुई। 2026 में बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए 22 राज्यों में सरकार चला रहा है।
Kerala MDMA Case Bihar bhagalpur three interstate smugglers arrested sit transit remand- केरल ड्रग्स केस: 13 किलो से अधिक एमडीएमए की बरामदगी मामले में बिहार के भागलपुर पहुंची जांच, तीन आरोपी गिरफ्तार
गोल्फ कोर्स रोड पर एक महिला बाइकर को तेज रफ्तार कार से टक्कर मारने के हाई-प्रोफाइल मामले में गुरुग्राम पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने आरोपी कार चालक कल्याण बैंसला को राजस्थान के दौसा से हिरासत में ले लिया है। पुलिस की तीन विशेष टीमें आरोपी की तलाश में जुटी थीं, जिनमें से एक टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को धर दबोचा। यह घटना तब और गंभीर हो गई जब सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो वायरल होने के बाद गुरुग्राम पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसमें 'हत्या की कोशिश' की सख्त धाराएं जोड़ दीं। पुलिस ने कहा कि अब उसे गुरुग्राम लाया जाएगा। यह कार्रवाई तब हुई जब पुलिस ने गोल्फ कोर्स रोड पर महिला बाइकर को कार से टक्कर मारने के मामले में हत्या की कोशिश का आरोप जोड़ा। यह कदम सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो वायरल होने के बाद उठाया गया, जिसके बाद पुलिस ने मामले का स्वतः संज्ञान लिया। इसे भी पढ़ें: Gurugram Hit and Run | गुरुग्राम हिट-एंड-रन केस की पीड़ित महिला बाइकर सिया का पलटवार, कहा- 'सहानुभूति का नाटक न करे आरोपी' पुलिस ने बताया कि शुरुआत में सेक्टर 56 पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था और विस्तृत जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान, जांचकर्ताओं ने इलाके के CCTV फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया और इसके बाद मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 (हत्या की कोशिश से संबंधित) जोड़ी। पुलिस के अनुसार, इस प्रावधान के तहत 10 साल तक की जेल की सजा हो सकती है। गौरतलब है कि पीड़िता की पहचान सिया के तौर पर हुई है, जिसकी टू-व्हीलर को रविवार सुबह गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स रोड पर पीछे से एक कार ने टक्कर मारी थी। CCTV फुटेज से सख्त आरोप लगा गुरुग्राम पुलिस ने कहा कि हत्या की कोशिश का आरोप जोड़ने का फैसला घटना से जुड़े CCTV फुटेज की विस्तृत जांच के बाद लिया गया। इससे पहले, सिया के परिवार ने मांग की थी कि पुलिस FIR में हत्या की कोशिश का आरोप जोड़े, क्योंकि उनका आरोप था कि आरोपी ने जानबूझकर कार का इस्तेमाल हथियार के तौर पर किया। परिवार ने पुलिस जांच पर असंतोष जताया था और दावा किया था कि घटना के 48 घंटे बाद भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर FIR में मांगे गए आरोप नहीं जोड़े गए, तो वे कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। इसे भी पढ़ें: Bihar Flood से 50 लाख लोग प्रभावित, Mallikarjun Kharge और Rahul Gandhi ने राहत कार्य में जुटने की अपील की गुरुग्राम पुलिस ने क्या कहा? गुरुग्राम पुलिस ने कानून तोड़ने की कोशिशों के खिलाफ कड़ी चेतावनी जारी की और कहा कि ऐसे व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस ने कहा, कानून के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गुरुग्राम पुलिस आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है। पुलिस ने फिर से कहा है कि उपलब्ध सबूतों की जांच के बाद ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी। यहां यह ध्यान देना ज़रूरी है कि गुरुग्राम पुलिस ने गोल्फ़ कोर्स रोड की घटना का स्वतः संज्ञान लिया था। 14 सितंबर को सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को पुलिस के सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल द्वारा देखे जाने के बाद गुरुग्राम के सेक्टर-56 पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई थी। गुरुग्राम पुलिस ने पहले कहा था कि पीड़ित की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है और वायरल वीडियो के आधार पर उन्होंने कार्रवाई शुरू की।
उत्तर बंगाल से दक्षिण बंगाल जाने वाले लोगों को अब बिहार के किशनगंज से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा। केंद्र सरकार ने करीब 25 किलोमीटर लंबे फोरलेन किशनगंज ग्रीनफील्ड बाइपास के निर्माण को मंजूरी दे दी है। मंजूरी मिलने के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने का काम शुरू कर दिया है। बाइपास बनने के बाद पश्चिम बंगाल के एक हिस्से से दूसरे हिस्से में जाने वाले वाहनों को बिहार में घुसे बिना सीधा रास्ता मिल जाएगा। यह प्रस्तावित बाइपास किशनगंज से करीब आठ किलोमीटर दूर पश्चिम बंगाल के हैटवार से शुरू होकर करीब पांच किलोमीटर दूर घरढ़पा तक बनेगा। घरढ़पा के पास यह रास्ता राष्ट्रीय राजमार्ग-27 से जुड़ेगा, जहां से वाहन सीधे सिलीगुड़ी जा सकेंगे। इससे रायगंज, इस्लामपुर, चोपड़ा समेत उत्तर बंगाल के कई इलाकों से सिलीगुड़ी जाने वाले वाहनों को किशनगंज के करीब तीन किलोमीटर हिस्से से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा। उत्तर बंगाल-दक्षिण बंगाल के बीच आवागमन होगी आसान अभी उत्तर बंगाल के कई हिस्सों से सिलीगुड़ी जाने वाले वाहनों को पहले पश्चिम बंगाल से निकलकर बिहार के किशनगंज में घुसना पड़ता है। एनएच-27 के करीब तीन किलोमीटर हिस्से को पार करने के बाद उन्हें फिर से पश्चिम बंगाल में घुसना होता है। प्रस्तावित बाइपास बनने के बाद वाहन सीधे हैटवार से बाइपास पर चढ़ेंगे और घरढ़पा के पास निकलकर एनएच-27 के रास्ते सिलीगुड़ी की ओर बढ़ेंगे। इससे उत्तर बंगाल और दक्षिण बंगाल के बीच आना-जाना पहले से ज्यादा आसान और तेज होने की उम्मीद है। लोगों को जांचों का नहीं करना पड़ेगा सामना किशनगंज होकर बंगाल आने-जाने वाले वाहनों को बिहार-पश्चिम बंगाल सीमा पर नियमित जांच प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। बिहार में शराबबंदी लागू होने के कारण उत्पाद विभाग और पुलिस एनएच-27 पर लगातार नाका जांच और वाहन जांच अभियान चलाते हैं। इस दौरान शराब से जुड़े मामलों में कार्रवाई भी की जाती है। बंगाल के एक हिस्से से दूसरे हिस्से में जाने वाले यात्रियों को भी किशनगंज के इस हिस्से से गुजरने के कारण इन जांचों का सामना करना पड़ता है। बाइपास बनने के बाद ऐसे यात्रियों को काफी राहत मिलने की संभावना है। किशनगंज ग्रीनफील्ड बाइपास का लाभ केवल पश्चिम बंगाल के यात्रियों तक सीमित नहीं रहेगा। कोसी और सीमांचल क्षेत्र के लोगों को भी इससे सीधा फायदा मिलेगा। इन क्षेत्रों से सिलीगुड़ी और उत्तर बंगाल की ओर जाने वाले वाहन पश्चिम बंगाल में प्रवेश करने के बाद इसी बाइपास मार्ग का उपयोग कर सकेंगे। इससे यात्रा समय में कमी आएगी और यातायात अधिक सुगम होगा। इसके अलावा किशनगंज शहर और एनएच-27 पर वाहनों का दबाव भी कम होगा। वर्तमान में बड़ी संख्या में मालवाहक और लंबी दूरी के वाहन शहर के आसपास से गुजरते हैं, जिससे कई बार जाम की स्थिति बन जाती है। बाइपास बनने के बाद भारी वाहनों का एक बड़ा हिस्सा वैकल्पिक मार्ग पर स्थानांतरित हो जाएगा, जिससे स्थानीय यातायात व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। केंद्र सरकार के सामने उठाया था बाइपास निर्माण का मुद्दा रायगंज के सांसद ने किशनगंज बाइपास निर्माण का मुद्दा केंद्र सरकार के समक्ष प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने बताया कि रायगंज, इस्लामपुर और चोपड़ा जैसे क्षेत्रों के लोगों को अपने ही राज्य के विभिन्न हिस्सों में जाने के लिए बीच में बिहार के किशनगंज से होकर गुजरना पड़ता था। इससे उन्हें सीमा जांच समेत कई प्रशासनिक प्रक्रियाओं का सामना करना पड़ता था। सांसद ने कहा कि क्षेत्र की जनता की लंबे समय से चली आ रही परेशानी को देखते हुए उन्होंने केंद्र सरकार से ग्रीनफील्ड बाइपास निर्माण की मांग की थी। केंद्र सरकार ने इस मांग को स्वीकार करते हुए परियोजना को मंजूरी प्रदान की है। उनके अनुसार सड़क निर्माण पूरा होने के बाद उत्तर बंगाल और दक्षिण बंगाल के बीच कनेक्टिविटी और मजबूत होगी तथा पश्चिम बंगाल के लोगों को राज्य के एक हिस्से से दूसरे हिस्से में जाने के लिए बिहार में प्रवेश नहीं करना पड़ेगा। किशनगंज ग्रीनफील्ड बाइपास को सीमांचल और उत्तर बंगाल क्षेत्र की महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजनाओं में माना जा रहा है। इसके निर्माण से न केवल यातायात व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि क्षेत्रीय संपर्क, व्यापार और परिवहन को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मंगलवार (15 सितंबर) को पश्चिम बंगाल की दो महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों—नंदीग्राम और रेजीनगर—पर होने वाले आगामी उपचुनाव के लिए अपने प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर दी है। यह उपचुनाव आगामी 6 अक्टूबर को आयोजित होंगे और मतों की गिनती 9 अक्टूबर को की जाएगी। बीजेपी ने इस उपचुनाव में एक बड़ा भावनात्मक और रणनीतिक दांव खेलते हुए नंदीग्राम सीट से हासिरानी रथ को अपना प्रत्याशी बनाया है। हासिरानी रथ बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के दिवंगत सहयोगी/PA चंद्रनाथ रथ की माता हैं। चंद्रनाथ रथ की पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणाम घोषित होने के ठीक दो दिन बाद गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वहीं, पार्टी ने मुर्शिदाबाद जिले की रेजीनगर विधानसभा सीट से सखाराव सरकार पर अपना भरोसा जताते हुए उन्हें मैदान में उतारा है। कौन हैं हसीरानी रथ? 62 वर्षीय रथ पूर्वी मेदिनीपुर के चांदीपुर इलाके के कुलुप गांव की रहने वाली हैं। वह स्थानीय राजनीति में सक्रिय रही हैं और पंचायत स्तर पर जन-प्रतिनिधि के तौर पर काम कर चुकी हैं। शुरुआत में वह तृणमूल कांग्रेस (TMC) से जुड़ी थीं। बाद में, जब सुवेंदु अधिकारी ने TMC छोड़कर BJP का दामन थामा, तो रथ भी दिसंबर 2020 में अपने परिवार के साथ BJP में शामिल हो गईं। रथ परिवार और अधिकारी परिवार के बीच लंबे समय से राजनीतिक और व्यक्तिगत संबंध रहे हैं - यह रिश्ता दो दशकों से भी पुराना है। रथ परिवार सुवेंदु अधिकारी के राजनीतिक उदय के शुरुआती दिनों से ही उनके साथ खड़ा रहा है। रथ के पति का निधन 2024 में हो गया था। 2013 से 2018 तक, उन्होंने चांदीपुर पंचायत समिति में बाल एवं महिला विकास विभाग की कर्माध्यक्ष (चेयरपर्सन) के तौर पर काम किया। हालांकि वह कभी TMC से जुड़ी थीं, लेकिन बाद में सुवेंदु अधिकारी के साथ करीबी राजनीतिक संबंधों के कारण वह BJP में सक्रिय हो गईं। हालांकि, रथ ने खुद कुछ समय पहले कहा था कि वह 1998 से राजनीति में सक्रिय हैं। नंदीग्राम उपचुनाव: मैदान में पांच उम्मीदवार नंदीग्राम में रथ का मुकाबला ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस (TMC) गुट की संचिता प्रधान (डे) से होगा, जबकि रीताब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी TMC गुट ने मोहम्मद एतेशामुल हक को उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस ने मिलन प्रधान को मैदान में उतारा है, जबकि कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPI) ने शांति गोपाल गिरी को उम्मीदवार बनाया है। इस लड़ाई में नंदीग्राम काफ़ी अहम है। यह सीट ज़मीन अधिग्रहण विरोधी आंदोलन का केंद्र थी, जिसने 2011 में TMC को सत्ता में लाने में मदद की थी। बाद में, यही सीट BJP नेता सुवेंदु अधिकारी के साथ कड़े चुनावी मुक़ाबले का गवाह बनी। अधिकारी ने 2016 के विधानसभा चुनावों में नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से चुनाव लड़ा था और दोनों पर जीत हासिल की थी। बाद में उन्होंने नंदीग्राम सीट छोड़ दी, जिसके कारण वहाँ उपचुनाव कराना पड़ा।इसे भी पढ़ें: Bihar Flood से 50 लाख लोग प्रभावित, Mallikarjun Kharge और Rahul Gandhi ने राहत कार्य में जुटने की अपील की रेजीनगर उपचुनाव रेजीनगर में, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले TMC गुट ने उपचुनाव के लिए पूर्व विधायक रबीउल आलम चौधरी को उम्मीदवार बनाया है, जबकि रिताब्रता बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी TMC गुट ने सफीउद्दीन शेख (सफीउज़्ज़मान शेख) को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। मौजूदा विधायक और आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के संस्थापक हुमायूँ कबीर ने इस सीट से अपने बेटे गुलाम नबी आज़ाद (रॉबिन) को मैदान में उतारने का फ़ैसला किया है, जबकि कांग्रेस ने मो. अब्दुल्लाहिल काफ़ी की उम्मीदवारी को मंज़ूरी दी है। CPI(M) के नेतृत्व वाले लेफ्ट फ्रंट ने रेजीनगर विधानसभा सीट के उपचुनाव के लिए सैयद असद अली को उम्मीदवार बनाया है।इसे भी पढ़ें: UCC पर Sanjay Jha जल्द मिलेंगे Amit Shah से, 14 सितंबर की रात तक की मुख्य खबरें हुमायूँ कबीर के रेजीनगर सीट छोड़ने के बाद यह सीट भी खाली हो गई थी; उन्होंने रेजीनगर और नौदा दोनों सीटों से जीत हासिल की थी। वोटों की गिनती 9 अक्टूबर को होगी।
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बीटेक की पढ़ाई, पहले प्रयास में फेल; फिर बिहार का लाल 2 बार UPSC क्रैक कर बने IPS
हाल ही में मध्य प्रदेश में पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया। राज्य शासन ने 10 IPS समेत कई अफसरों के तबादले किए हैं। इनमें से एक नाम 2023 बैच के आईपीएस अधिकारी वैभव प्रिय का नाम भी शामिल है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बिहार में बाढ़ से हुए जानमाल के नुकसान पर मंगलवार को दुख जताया तथा पार्टी के कार्यकर्ताओं से प्रभावित लोगों की मदद के लिए हाथ बढ़ाने अपील की। कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, बिहार में बाढ़ से हुई जनहानि अत्यंत पीड़ादायक है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। उन्होंने कहा कि 15 जिलों में करीब 50 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं और हजारों गांवों में जनजीवन अस्त-व्यस्त है। खरगे ने इस बात पर जोर दिया कि संकट की इस घड़ी में सरकार की प्राथमिकता हर प्रभावित परिवार तक राहत और सहायता पहुंचाने की होनी चाहिए। उन्होंने कहा, सरकार और प्रशासन राहत, बचाव, चिकित्सा सहायता और पुनर्वास कार्यों में कोई कसर न छोड़ें तथा प्रभावित परिवारों तक सहायता अविलंब पहुंचाएं। खरगे ने कहा, कांग्रेस के सभी कार्यकर्ताओं से अपील है कि वे प्रभावित क्षेत्रों में आगे बढ़कर लोगों की हर संभव मदद करें। पूरा देश इस कठिन समय में बिहार के साथ खड़ा है। राहुल गांधी ने सरकार तथा प्रशासन से राहत एवं बचाव अभियान पूरी तत्परता से चलाकर प्रभावित परिवारों तक आवश्यक सहायता जल्द पहुंचाने का आग्रह भी किया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘बिहार में आई विनाशकारी बाढ़ से हुई जनहानि अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है।’’उन्होंने कहा, ‘‘इस आपदा में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। त्रासदी से प्रभावित सभी लोगों के साथ मेरी सहानुभूति है।’’कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील है कि वो आगे बढ़कर प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद करें।’’उनका कहना है कि सरकार और प्रशासन से अपेक्षा है कि वो राहत एवं बचाव कार्यों को पूरी तत्परता के साथ चलाकर प्रभावित परिवारों तक आवश्यक सहायता जल्द से जल्द पहुंचाए। बिहार और पड़ोसी देश नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में पिछले चार-पांच दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण राज्य में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है और 15 जिलों में करीब 50 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। वहीं, कई नदियां विभिन्न स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। आपदा प्रबंधन विभाग (डीएमडी) ने सोमवार को जारी बयान में बताया कि पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया जिलों के 88 प्रखंडों की 575 ग्राम पंचायतों के 49.36 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।
Bihar News Today Live: बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 15 सितम्बर के मुख्य और ताजा समाचार
Bihar Breaking News Today Live - Read latest and breaking news today in hindi at Amarujala. यहां पढ़ें, बिहार की ताजा खबरें, राजनीति, खेल, मनोरंजन, धर्म, क्राइम और शिक्षा की खबरों का लाइव अपडेशन
ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान गुजरात सचिवालय को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले को पुलिस ने भागलपुर से पकड़ा है। युवक का नाम रोशन कुमार बताया जा रहा है। जांच में उसके बांग्लादेश कनेक्शन का खुलासा हुआ है।
Bihar Flood News: पटना में नदियों का जलस्तर घटा, गंगा-पुनपुन अब भी खतरनाक
राजधानी पटना में गंगा और पुनपुन नदियों का जलस्तर घट रहा है, लेकिन दोनों अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। प्रशासन ने तेज जलप्रवाह के कारण लोगों को नदियों के पास जाने या स्नान करने से मना किया है।
Aaj Ka Mausam News: देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता बनी हुई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार (15 सितंबर) को कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक, कोंकण और गोवा, गुजरात रीजन तथा सौराष्ट्र-कच्छ में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है।इसके अलावा हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, बिहार, ओडिशा, तेलंगाना, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल और माहे समेत कई इलाकों मेंमूसलाधार बारिश की संभावना है। बारिश के साथ कई राज्यों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी दी गई है।दिल्ली-NCR में बारिश और आंधी का अलर्टदिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में मंगलवार को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज के साथ बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने की भीआशंका है। IMD के अनुसार, 16 और 17 सितंबर को हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में कई स्थानों पर बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। ऐसे में दिल्ली-NCR के लोगों को अगले दो दिनों के दौरान मौसम में बदलाव के लिए तैयार रहने की सलाह दी गई है।ओडिशा में भारी बारिश का अलर्ट ओडिशा में मंगलवार को कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक बारिश का दौर 17 सितंबर तक जारी रह सकता है। राज्य के कई हिस्सों में व्यापक बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने कीआशंका भी जताई गई है। ऐसे में संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम विभाग के अलर्ट पर नजर रखने की सलाह दी गई है। उत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसम? IMD के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में मंगलवार को कई स्थानों पर बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है। इसके अलावा हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं, पूर्वी राजस्थान में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है। मध्य भारत में भी बारिश के आसार पश्चिमी मध्य प्रदेश में मंगलवार को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। छत्तीसगढ़ में कई इलाकों में बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने कीआशंका है। विदर्भ में भी कई स्थानों पर बारिश और आंधी-तूफान जैसी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। बिहार, झारखंड और पूर्वोत्तर में भी बारिश बिहार में मंगलवार को कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने कीआशंका है। ओडिशा में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। झारखंड में कुछ स्थानों पर बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिर सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। पूर्वोत्तर राज्यों की बात करें तो अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कई हिस्सों में बारिश हो सकती है। अरुणाचल प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है। असम और मेघालय में भी भारी बारिश हो सकती है। गुजरात और महाराष्ट्र में बहुत भारी बारिश की चेतावनी पश्चिम भारत में भी मौसम खराब रहने की आशंका है। IMD ने मंगलवार को गुजरात, कोंकण और गोवा तथा सौराष्ट्र-कच्छ में कई स्थानों पर बारिश का अनुमान जताया है। इनमें कोंकण और गोवा, गुजरात रीजन तथा सौराष्ट्र-कच्छ में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। मध्य महाराष्ट्र में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। गुजरात और सौराष्ट्र-कच्छ के कुछ हिस्सों में गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है। दक्षिण भारत में भी बारिश का दौर दक्षिण भारत में रायलसीमा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में बारिश होने की संभावना है। केरल और माहे में कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। जबकि लक्षद्वीप में भी मौसम नम रहने का अनुमान है। तेलंगाना में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और केरल-माहे में भी भारी बारिश की संभावना है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में गरज-चमक, बिजली और तेज हवाएं चल सकती हैं। अगले कुछ दिनों तक सक्रिय रहेगा मौसम IMD के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक देश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर सक्रिय रहने की संभावना है। उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी, पूर्वोत्तर, पश्चिमी और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। बारिश के साथ कई राज्यों में थंडरस्टॉर्म, बिजली गिरने और तेज हवाओं की गतिविधियां भी जारी रह सकती हैं।
बिहार में ट्रेनों की बढ़ती संख्या के बावजूद रेल पुलिस का सुरक्षा कवच अपर्याप्त है, जिसके चलते पुलिस मुख्यालय ने सभी ट्रेनों में स्कॉट उपलब्ध कराने के लिए 5,392 नए पदों के सृजन का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा है।
देश के कई राज्यों में बारिश बनी आफत, दो मिनट के वीडियो में जानें उत्तराखंड में लैंडस्लाइड से बुजुर्ग की मौत, बिहार में 14 जिलों में बाढ़
Bihar Weather Update: हल्की बारिश और तेज धूप ने बढ़ाई उमस, आज कैसा रहेगा बिहार का मौसम?
बिहार में बादलों की आवाजाही और छिटपुट वर्षा के बावजूद उमस बनी हुई है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में पटना समेत 22 जिलों में मेघ गर्जन, वज्रपात और वर्षा की संभावना जताई है, जबकि 17 सितंबर को कुछ जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट है।
दिल्ली, यूपी, बिहार समेत 22 राज्यों में होगी भारी बारिश, IMD ने जारी किया हाई अलर्ट!
दिल्ली, यूपी, बिहार समेत 22 राज्यों में होगी भारी बारिश, IMD ने जारी किया हाई अलर्ट!
पितृपक्ष मेला-2026 के दौरान गयाजी आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम ने विशेष पिंडदान पर्यटन पैकेज जारी किए हैं। गयाजी में पितृपक्ष मेला 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक आयोजित होगा। श्रद्धालु अपनी सुविधा और बजट के अनुसार एक-दिवसीय और एक रात्रि-दो दिवसीय पैकेज का चयन कर सकेंगे। पर्यटन विभाग के निर्देश पर जारी इन पैकेजों में पिंडदान अनुष्ठान, धार्मिक स्थलों के दर्शन, परिवहन, आवास, भोजन, पंडा-पुजारी की सेवाएं और आवश्यक पूजन सामग्री शामिल की गई है। पैकेज की ऑनलाइन बुकिंग बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम की वेबसाइट पर की जा सकती है। पटना से गयाजी और राजगीर-नालंदा तक के लिए पैकेज पैकेज-A : पटना–पुनपुन घाट–गयाजी–पटना यह एक-दिवसीय पैकेज है। इसमें पटना शहर के 10 किलोमीटर क्षेत्र, रेलवे स्टेशन या हवाई अड्डे से पिकअप और ड्रॉप की सुविधा होगी। श्रद्धालुओं को पुनपुन घाट, फल्गु नदी, विष्णुपद मंदिर और अक्षयवट पर पिंडदान कराया जाएगा। इसमें पूजन सामग्री, पिंडदान शुल्क, आवास और शाकाहारी दोपहर का भोजन शामिल है। होटल श्रेणी और एक से चार यात्रियों की संख्या के अनुसार पैकेज की कीमत 14,550 से 30,650 रुपये तक है। पैकेज-B : पटना–पुनपुन घाट–गयाजी–नालंदा–राजगीर–पटना यह एक रात्रि-दो दिवसीय पैकेज है। इसमें पटना से परिवहन, पुनपुन घाट और गयाजी में पिंडदान, पूजन सामग्री, आवास और शाकाहारी नाश्ता, दोपहर व रात का भोजन शामिल है। श्रद्धालुओं को राजगीर के विश्व शांति स्तूप और नालंदा के प्राचीन अवशेषों का भ्रमण कराया जाएगा। स्मारकों और पर्यटन स्थलों के प्रवेश टिकट पैकेज में शामिल नहीं हैं। इसकी कीमत 18,850 से 40,700 रुपये तक है। पैकेज-C : गयाजी एक-दिवसीय पिंडदान पैकेज इस पैकेज में गयाजी रेलवे स्टेशन, हवाई अड्डे या 15 किलोमीटर के दायरे में स्थित पूजा स्थल से पिकअप और ड्रॉप की सुविधा होगी। फल्गु नदी पर तर्पण, विष्णुपद मंदिर और अक्षयवट पर पिंडदान, पंडाजी की सेवा, पूजन सामग्री, आवास और शाकाहारी दोपहर का भोजन शामिल है। इसकी दर 11,250 से 25,250 रुपये तक निर्धारित की गई है। पैकेज-D : गयाजी एक रात्रि-दो दिवसीय पिंडदान पैकेज यह पैकेज देर रात, सुबह या शाम पिंडदान करने वाले श्रद्धालुओं के लिए तैयार किया गया है। इसमें परिवहन, आवास, दोपहर और रात का भोजन तथा फल्गु नदी, विष्णुपद मंदिर और अक्षयवट पर पिंडदान की सुविधा होगी। इसकी कीमत 16,000 से 39,500 रुपये तक है। पैकेज-E : गयाजी–राजगीर–नालंदा इस एक रात्रि-दो दिवसीय पैकेज में गयाजी से परिवहन, पिंडदान संबंधी सेवाएं, पूजन सामग्री, आवास और भोजन शामिल है। श्रद्धालुओं को राजगीर के विश्व शांति स्तूप और नालंदा के प्राचीन अवशेषों का भ्रमण भी कराया जाएगा। स्मारकों के प्रवेश टिकट अलग से देना होगा। पैकेज की कीमत 16,550 से 32,850 रुपये तक है। 23 हजार रुपये में ऑनलाइन ई-पिंडदान जो श्रद्धालु गयाजी नहीं आ सकते, उनके लिए ऑनलाइन ई-पिंडदान की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इसकी दर जीएसटी सहित 23,000 रुपये है। इसमें विष्णुपद मंदिर, अक्षयवट और फल्गु नदी पर पिंडदान या तर्पण, पुरोहित की सेवा, पूजन सामग्री, दक्षिणा, अनुष्ठान की वीडियो रिकॉर्डिंग और उसकी पेन ड्राइव शामिल है। पुरोहित द्वारा तीनों प्रमुख स्थलों पर विधि-विधान से अनुष्ठान कराया जाएगा। मंत्रोच्चार, दान-दक्षिणा और पूजन सामग्री सहित पूरी प्रक्रिया की रिकॉर्डिंग श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराई जाएगी। श्रद्धालु बुकिंग और जानकारी के लिए https://bstdc.bihar.gov.in/Pitripaksha/ पर जा सकते हैं। इसके अलावा 8544418408 और 8294307690 पर संपर्क किया जा सकता है। पैकेज की दरों और उपलब्धता की पुष्टि बुकिंग से पहले कर लेना उपयोगी होगा।
मुजफ्फरपुर समेत उत्तर बिहार में मौसम में बदलाव के संकेत हैं, अगले दो दिनों में हल्की बारिश की संभावना है। इससे उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी और धान की फसल को भी लाभ होगा, किसानों को कृषि कार्य सावधानी से करने की सलाह दी गई है।
बिहार की छात्राओं और SC ST छात्रों को बड़ी राहत, स्नातक व पीजी में नहीं लगेगा नामांकन शुल्क
Admission Fee Waived Bihar: मुजफ्फरपुर के बीआरए बिहार विश्वविद्यालय ने सभी छात्राओं और एससी-एसटी वर्ग के छात्रों के लिए स्नातक व पीजी पाठ्यक्रमों में नामांकन शुल्क माफ कर दिया है। यह कदम उच्च शिक्षा में मुफ्त शिक्षा सुनिश्चित करेगा।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की 2029 से पहले समान नागरिक संहिता लागू करने की घोषणा पर बिहार एनडीए में मतभेद सामने आए हैं।
इंग्लैंड में तहलका मचाएगा बिहार का लाल, नॉटिंघमशायर ने दो मैचों के लिए किया टीम में शामिल
भारतीय तेज गेंदबाज मुकेश कुमार पहली बार इंग्लैंड के घरेलू क्रिकेट में खेलने जा रहे हैं। उन्होंने काउंटी चैंपियनशिप के आखिरी दो मैचों के लिए नॉटिंघमशायर के साथ करार किया है।
अमित शाह के यूसीसी बयान पर बिहार एनडीए में अलग-अलग सुर, जदयू ने जताया विरोध
Patna, 14 सितंबर . केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के वर्ष 2029 के Lok Sabha चुनाव से पहले भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए शासित 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू किए जाने के बयान के बाद बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के भीतर इस मुद्दे को लेकर अलग-अलग राय सामने आने लगी ... Read more
जहानाबाद के चार तलवारबाज बिहार राज्य ओलंपिक प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। यह प्रतियोगिता सितंबर के आखिरी हफ्ते में पहली बार आयोजित हो रही है। इन खिलाड़ियों का चयन जिले के लिए गर्व की बात है। इसी सिलसिले में सोमवार को अम्मा क्लब में चयनित खिलाड़ियों के लिए एक दिन का प्रशिक्षण कार्यक्रम रखा गया। शाम 3:30 बजे शुरू हुए इस प्रशिक्षण में खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए जरूरी तकनीक, खेल कौशल और रणनीति सिखाई गई। प्रतियोगिता में जहानाबाद का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों में कुणाल सिंह आर्य, गौरव कुमार, आशीष कुमार और राजेश दास शामिल हैं। ये सभी फेंसिंग टीम के लिए खेलेंगे। टीम के कोच अन्नू शक्ति सिंह और टीम मैनेजर राजेश कुमार होंगे। जहानाबाद तलवारबाजी संघ के सचिव अन्नू शक्ति सिंह ने बताया कि जिले से चार खिलाड़ियों का चयन होना गौरव की बात है। उन्होंने उम्मीद जताई कि खिलाड़ी प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन करेंगे। पहली बार तलवारबाजी के खिलाड़ियों को ऐसा मौका मिलने से खेल प्रेमियों में भी उत्साह है।
धमकी के बाद तेजप्रताप ने बढ़ाई सुरक्षा की मांग, अमित शाह से लेकर बिहार के DGP तक लिखी चिट्ठी
तेजप्रताप यादव ने लगातार मिल रही धमकियों के बाद अपनी सुरक्षा को लेकर केंद्र और बिहार सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बिहार के डीजीपी और गृह सचिव को पत्र लिखकर पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है और पटना में एफआईआर भी दर्ज कराई है।
बिहार NDA में UCC पर घमासान, अमित शाह के दावे के बाद JDU में असंतोष
Bihar UCC controversy: समान नागरिक संहिता को लेकर केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बयान को लेकर बिहार में सत्तारूढ़ एनडीए के दलों में ही घमासान शुरू हो गया है। दरअसल, शाह ने कहा था कि भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की 21 ...
यूपी सरकार में मंत्री संजय निषाद ने सोमवार को विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश सहनी पर जमकर हमला बोला। हालांकि, निषाद ने बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी का नाम नहीं लिया। कहा- कुछ “मौसमी नेता” अब तक तय नहीं कर पाए हैं कि मुंबई में व्यापार करेंगे। यहां-वहां घूमकर दूसरों की दरी बिछाएंगे या मछुआरा समाज के वोटों की दलाली करते रहेंगे। जैसा उन्होंने अपने राज्य में किया है। आजादी के बाद पहली बार यूपी में मछुआरा समुदाय राजनीतिक ताकत बनकर खड़ा हुआ है। अब विधानसभा चुनाव का मौसम शुरू हो चुका है। ऐसे में बाहर से आने वाले नेताओं से समाज को सावधान रहने की जरूरत है। जो बिहार में मछुआरा समुदाय के वोटों की खरीद-बिक्री के लिए बदनाम रहा हो। जिसने वहां मछुआरों के राजनीतिक उभार को ग्रहण लगा दिया हो। जो एक विधानसभा चुनाव तक जीतने की हैसियत नहीं रखता हो। वह जेब में नोटों की गड्डी रखकर लाल टोपी और नीली वर्दी पहनकर यूपी के निषाद समाज को गुमराह करने की राजनीति करने निकला है। संजय निषाद बोले- मछुआरा समाज बिकने वाली कौम नहीं संजय निषाद ने कहा- मछुआरा समुदाय पैसों पर बिकने वाली कौम नहीं है। यूपी के मछुआरों को राजनीति सिखाने से पहले यह समझना होगा कि राजनीति उनके खून में है। मछुआरा गरीब भले है, लेकिन गद्दार पुत्र नहीं है। अंग्रेजों और मुगलों से लड़ने वाला है। उन्हें मौत के घाट उतारने वाला, देश को आजाद कराने वाला और संविधान लिखवाने वाला है। संविधान में आरक्षण भी लिखवाने वाला है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की वजह से समाज का आरक्षण लुटा और आज भी लूटा जा रहा है। समाज को एकजुट नहीं होने दिया जा रहा है। केवट, मल्लाह, बिंद और कश्यप के नाम पर समाज में भेद पैदा किया जा रहा है। जो दूसरे दलों से पैसा लेकर समाज में बांटता है और लोगों को “बिकाऊ” या “पीआऊ” का लेबल देता है, वह सही मायने में सन ऑफ केवट नहीं बल्कि “गद्दार पुत्र” है। जानिए संजय निषाद की नाराजगी की वजह गोंडा की घटना के बाद बढ़ी तल्खी संजय निषाद के इस हमले के पीछे गोंडा में निषाद समाज के विनोद कुमार निषाद की हत्या का मामला अहम माना जा रहा है। इस मामले में मुकेश सहनी की सक्रियता से संजय निषाद नाराज बताए जा रहे हैं। सहनी ने घटना के बाद निषाद समाज के बीच पहुंचकर इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश की थी। लखनऊ में धरना देने सबसे परिवार को लेकर पहुंच गए थे। दरअसल, मुकेश सहनी पिछले कुछ समय से पूर्वांचल में निषाद समाज के बीच सक्रियता बढ़ा रहे हैं। वह लगातार मछुआरा समुदाय से जुड़े मुद्दे उठाकर यूपी में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। सपा से तालमेल की चर्चा से भी संजय बेचैन यूपी विधानसभा चुनाव- 2027 से पहले मुकेश सहनी की सक्रियता इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही, क्योंकि उनकी सपा से तालमेल की चर्चा चल रही है। सहनी की पार्टी बिहार में मछुआरा और अति पिछड़ा वोटबैंक के बीच अपनी राजनीतिक पहचान बनाने की कोशिश करती रही है। इसके अलावा, यूपी में पूर्वांचल की बड़ी संख्या में विधानसभा सीटों पर निषाद, मल्लाह, बिंद, केवट और कश्यप समुदाय की मौजूदगी है। ऐसे में सहनी की सक्रियता निषाद पार्टी के लिए सीधे राजनीतिक चुनौती बन सकती है। दूसरी ओर, संजय निषाद लंबे समय से निषाद समाज को अपने राजनीतिक आधार के तौर पर मजबूत करने में जुटे हैं। ऐसे में बाहर से आने वाले किसी नेता की ओर से इसी वोटबैंक में सेंध लगाने की कोशिश को वह अपने राजनीतिक प्रभाव के लिए चुनौती मान रहे हैं। निषाद वोट की लड़ाई अब आमने-सामने एक तरफ संजय निषाद अपनी पार्टी को भाजपा के साथ गठबंधन में निषाद समाज की सबसे बड़ी राजनीतिक आवाज के तौर पर पेश कर रहे हैं। दूसरी तरफ मुकेश सहनी पूर्वांचल में सक्रिय होकर इसी सामाजिक आधार को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में निषाद, मल्लाह, बिंद, केवट और कश्यप समुदाय के बीच दोनों नेताओं की राजनीतिक सक्रियता बढ़ सकती है। संजय निषाद का आज का बयान इसी बढ़ती राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का खुला संकेत माना जा रहा है।
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने बिना नाम लिए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए कहा कि बिहार में 3-4 युवराज हैं, जो अपने क्षेत्र में जाने के बजाय दूसरी गतिविधियों में व्यस्त हैं। उन्होंने कहा कि एक युवराज एक दिन अपने क्षेत्र गए और 5-6 घंटे बाद उनकी तबीयत खराब हो गई। अगले दिन उन्हें MLC का चयन करना था, इसलिए क्षेत्र में नहीं गए। पप्पू यादव ने तंज कसते हुए कहा कि शायद माल गिनने में समय लग गया होगा। उन्होंने चिराग पासवान पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें बिहार की जनता की चिंता नहीं है और वे मूर्ति लगवाने में व्यस्त हैं। विपक्ष का काम सिर्फ झुनझुना हिलाना नहीं पप्पू यादव ने नेता प्रतिपक्ष के उस बयान पर भी सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने बाढ़ को लेकर कहा था कि यह सत्ता पक्ष का काम है और विपक्ष अपनी ओर से जितना संभव है, उतना कर रहा है। पप्पू यादव ने कहा कि विपक्ष का काम क्या सिर्फ झुनझुना हिलाना है? उन्होंने आरोप लगाया कि नेता जनता के बीच जाने के बजाय माल कमाने और विदेश जाने में लगे हैं। उन्होंने राघोपुर और हाजीपुर नहीं जाने को लेकर भी सवाल उठाए। 56 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित होने का दावा पप्पू यादव ने कहा कि बिहार ज्ञान और साहित्य की तपोभूमि है, लेकिन आज 56 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। कोसी और गंगा के पानी के बीच लोग जिंदगी बिता रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में दवाइयां और ब्लीचिंग पाउडर तक उपलब्ध नहीं हैं। पीएम से पूछा- क्या बिहार भारत से बाहर है? पप्पू यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल करते हुए कहा कि जब राजनीति करनी होती है तो नेपाल को इतनी मदद देने की बात कही जाती है, लेकिन बिहार की बारी आने पर कुछ नहीं कहा जाता। उन्होंने पूछा कि क्या बिहार भारत से बाहर है? क्या बिहार की जनता भारत से बाहर है? उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री अमित शाह बिहार में एक चीनी मिल तक शुरू नहीं करवा पाए। अमित शाह से सवाल करते हुए उन्होंने पूछा कि बाढ़ को लेकर जो वादे किए गए थे, उनका क्या हुआ? 'चुनाव के समय हेलीकॉप्टर से सब आते थे' पप्पू यादव ने कहा कि चुनाव के समय नेता हेलीकॉप्टर से बिहार आते थे, लेकिन जब जनता की बारी आई तो हेलीकॉप्टर गायब हो गया। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोग जानवरों और कीड़ों से भी बदतर जिंदगी जीने को मजबूर हैं। सीएजी रिपोर्ट का हवाला देकर जांच की मांग पप्पू यादव ने कहा कि उनके पास CAG की पूरी रिपोर्ट है, जिसमें कब-कब कितना पैसा खर्च हुआ, इसकी जानकारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर चारों तरफ सड़कें बना दी गईं, जिससे नदियों का पानी निकलने की जगह तक नहीं बची। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में 3-4 जिलों को छोड़कर बिहार के लगभग सभी जिले बाढ़ से प्रभावित हो सकते हैं। मुख्यमंत्री के हवाई सर्वेक्षण पर भी निशाना उन्होंने मुख्यमंत्री पर भी निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सिर्फ पांच मिनट के लिए कहीं भी हवाई सर्वेक्षण करने चले जाते हैं। एक जगह लोगों के साथ खाना खाया, फोटोग्राफी हुई और काम खत्म हो गया। पप्पू यादव ने कहा कि बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति में सिर्फ हवाई सर्वेक्षण से समस्या का समाधान नहीं होगा।
बाढ़ से बेहाल बिहार के साथ केंद्र कर रहा भेदभाव, गुजरात में बारिश पर भी पैकेज : तेजस्वी यादव
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए गुजरात और बिहार के प्रति उसके रवैये में भेदभाव का आरोप लगाया है।
10-12 दिन पहले ही किराए पर रहने आया था युवक, बिहार के बांका का रहने वाला है हिरासत में लिया गया युवक
10-12 दिन पहले ही किराए पर रहने आया था युवक, बिहार के बांका का रहने वाला है हिरासत में लिया गया युवक
अमित शाह के UCC ऐलान पर बिहार में बवंडर; LJP-RV का सपोर्ट, JDU विरोध में, RJD-कांग्रेस मजा ले रही
यूसीसी पर अमित शाह के ऐलान का लोजपा आरवी ने समर्थन किया है तो जदयू ने विरोध दर्ज कराया है। इस स्थिति पर कांग्रेस और राजद के नेता एनडीए पर तंज कस रहे हैं।
देश के कई राज्यों में कुदरत का कहर: यूपी के 26 जिलों में बाढ़ का संकट, बिहार में फ्लोटिंग अस्पताल शुरू और मुंबई में भरा पानी
क्या बिहार में भी लागू होगा यूसीसी? अमित शाह के बयान से उठे सवाल, जेडीयू ने कहा- 'NO'
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि देश में बीजेपी-एनडीए शासित राज्यों में 2029 तक समान नागरिक संहिता लागू हो जाएगी. इसके बाद बीजेपी की सहयोगी जेडीयू ने कहा है कि वो बिहार में इसे नहीं लागू होने देंगे.
यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान के बाद बिहार में सियासत गरमा गई है। अमित शाह ने दावा किया है कि 2029 से पहले बीजेपी और NDA की सरकार वाले सभी 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता लागू करने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि देश के कई राज्यों में UCC लागू हो चुका है। शाह के इस बयान के बाद बिहार NDA में खींचतान शुरू हो गई है। JDU ने साफ तौर पर कहा है कि UCC बिहार में लागू नहीं होगा। विधायक श्याम रजक ने कहा, ‘जब यह बिल संसद में आया था, तब हमारे नेता (नीतीश कुमार) ने साफ कहा था कि मैं बिल का समर्थन करता हूं, लेकिन अपने राज्य में इसे लागू नहीं होने दूंगा। हम उस बात पर कायम हैं।’ वहीं HAM पार्टी के अध्यक्ष संतोष सुमन ने गृह मंत्री के बयान का समर्थन किया है। उन्होंने कहा, ‘यह मामला किसी पक्ष-विपक्ष का नहीं है। एक सरकार का मामला है। सरकार को लागू करना है तो गठबंधन के सभी दलों के साथ कॉर्डिनेशन कर उनसे बात की जाएगी। उसमें जो बाते होंगी, उसे फिर हम आपके सामने रखेंगे।’ संतोष सुमन बोले- एक व्यक्ति का बोलना, पूरे पार्टी का बयान नहीं UCC बिल को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री के बयान पर मंत्री संतोष सुमन ने कहा, 'इसकी जानकारी मुझे नहीं है और हम लोगों के संज्ञान में यह मामला नहीं आया है। ऐसी कोई बात होगी तो NDA के सभी घटक दलों के नेताओं को कॉन्फिडेंस में लिया जाएगा। उनसे बात होगी। अभी इस पर कुछ भी बोलना विवाद बढ़ाना है।' श्याम रजक के बयान पर संतोष सुमन ने कहा, ‘एक व्यक्ति का बोलना, पूरे पार्टी का बयान नहीं होता है। इस मुद्दे पर मेरा व्यक्तिगत राय रखना अभी सही नहीं होगा। NDA में कोई घमासान नहीं है। हम सभी घटक दल मिलकर इस पर विचार करेंगे, फिर फैसला होगा। सीएम से हम लोग बात करेंगे और यदि बिल में कोई गलती, कोई गड़बड़ी नहीं है तो UCC निश्चित तौर पर लागू होगी। गिरिराज सिंह ने किया समर्थन UCC पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा है कि दुर्भाग्य है देश का, आजादी के बाद ही नेहरू जी को लागू करना चाहिए थाा। लेकिन वोट बैंक की राजनीति ने बहुत नुकसान पहुंचाया है। अमित शाह ने कहा है कि यूसीसी देश के 21 राज्यों में होगा, इस पर राहुल गांधी से पूछना चाहिए। हम तो 21 राज्यों में लगा देंगे, राहुल गांधी कांग्रेस शासित राज्यों में लाएंगे या नहीं ये बोलिए। वहीं बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक ने कहा, 'UCC हमारे संविधान को अपनाए जाने के समय से ही इसके 'नीति-निर्देशक सिद्धांतों' (Directive Principles) का हिस्सा रहा है, लेकिन इसे कभी लागू नहीं किया गया। अजय आलोक ने कहा कि लगभग 70 साल बाद, हम आखिरकार इसे लागू करने की दिशा में कदम उठा रहे हैं। RJD बोली- NDA के दल अपनी राय बताएं RJD ने बीजेपी के सहयोगी दलों से UCC को लेकर अपना स्टैंड क्लियर करने की मांग की है। RJD प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि भाजपा अपने एजेंडे वाली राजनीति कर रही है। उन्होंने NDA के सहयोगी दलों से सवाल किया कि UCC को लेकर उनकी क्या राय है। भाजपा के घटक दलों को स्पष्ट करना चाहिए कि वे इस एजेंडे के साथ हैं या नहीं। शाह बोले- बीजेपी-एनडीए शासित 21 राज्यों में UCC लागू की जाएगी बता दें कि गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को मुंबई में कहा कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी-एनडीए शासित 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर दी जाएगी। शाह मुंबई में भाजपा के सेवा संकल्प अभियान की लॉन्चिंग के लिए पहुंचे थे। यहां उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की। फिलहाल देश में 22 राज्यों में NDA की सरकार है। इनमें उत्तराखंड में जनवरी 2025 से UCC लागू है। यानी बाकी 21 राज्यों में इसे लागू करने का लक्ष्य है। गुजरात, असम और मध्य प्रदेश में UCC लागू करने का प्रस्ताव विधानसभा से पारित हो चुका है। अब इन राज्यों में राष्ट्रपति की मंजूरी और अधिसूचना जारी होने का इंतजार है। महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ ने UCC का कानून तैयार करने के लिए समितियां गठित की हैं। 12 साल पहले 7 राज्यों में थी NDA , आज 22 राज्यों में 2014 में बीजेपी-एनडीए की सरकारें 7 राज्यों में थीं। 2018 तक यह संख्या बढ़कर 21 राज्यों तक पहुंच गई। 2019 के बाद कुछ राज्यों में सत्ता गंवाने से संख्या घटकर लगभग 16–17 रह गई। 2024–2026 के बीच महाराष्ट्र, बिहार, असम और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में सत्ता वापसी हुई। 2026 में बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए 22 राज्यों में सरकार चला रहा है।
गंगा में फंसा राजमहल क्रूज, 9 विदेशी पर्यटकों को निकाला गया; बिहार के 2,360 गांव बाढ़ की चपेट में, 44 लाख प्रभावित
Bihar Flood: बिहार में अभी बाढ़ का खतरा पूरी तरह से नहीं टला है। गंगा नदी अभी भी खतरे के निशान के पार बह रही है। जबकि पुनपुन और बागमती में बढ़त ने निचले इलाकों की चिंता बढ़ा दी है। फरक्का में भी गंगा 23.80 मीटर पर खतरे के निशान 22.25 मीटर से 1.55 मीटर ऊपर है।
Weather Update: देशभर में बारिश का कहर, उत्तराखंड में लैंडस्लाइड तो बिहार में बाढ़ से हाहाकार
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‘नेताओं के बहकावे में न आएं, बच्चों के भविष्य की चिंता करें’, प्रशांत किशोर ने बिहार के लोगों से की अपील
छठ पर बिहार जाना है? टिकट पर जान लें अपडेट, 8 स्पेशल ट्रेनों का ऐलान
दिवाली और छठ पर घर जाने की तैयारी कर रहे बिहार के यात्रियों ने नियमित ट्रेनों की बुकिंग शुरू होते ही IRCTC ऐप और वेबसाइट पर परेशानी की शिकायत की. अब त्योहारों के दौरान बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए रेलवे ने अलग-अलग शहरों से बिहार के लिए स्पेशल ट्रेनों की घोषणा की है.
इस वारदात के बाद वहां मौजूद अन्य लोगों ने उसके घर जाकर परिजनों को जानकारी दी। उसके बाद जख्मी ने अपने चाचा को घटना की पूरी जानकारी दी व बदमाशों का नाम भी बताया जिसने उसे गोली मारी।
बिहार में मानसून की रफ्तार कमजोर, उमस से बढ़ी परेशानी; 16 जिलों में बिजली गिरने का अलर्ट
Bihar Weather News: बिहार में मानसून की गतिविधियां कम होने से भारी वर्षा में कमी आई है, जिससे उमस बढ़ गई है। मौसम विभाग ने 16 जिलों में मेघ गर्जन और वज्रपात की चेतावनी जारी की है, जबकि कुछ स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना है।
विश्वविद्यालय परिसर में इस बार स्नातक स्तर के 19 पाठ्यक्रमों में प्रवेश हुआ है। आंकड़ों से स्पष्ट है कि इविवि के स्नातक पाठ्यक्रमों में दूसरे प्रदेशों के विद्यार्थियों की रुचि बनी हुई है।
Bihar Flood: बिहार में गंगा नदी का जलस्तर घटा तो कटाव का खतरा बढ़ा, हाई अलर्ट जारी
गंगा नदी के जलस्तर में आ रही इस कमी के बीच बिहार सरकार और जल संसाधन विभाग के सामने अब एक नई और गंभीर चुनौती खड़ी हो गई है। नदी का पानी जब तेजी से पीछे हटता है तो तटबंधों और नदी के किनारों पर भीषण कटाव (इरोजन) का खतरा पैदा हो जाता है।
स्मार्ट मीटर में बार बार डिफरमेंट चार्ज कटने से हैं परेशान तो ऐसे घर बैठे बढ़ाएं बिजली लोड
Bihar Smart Meter Differment Charge: स्मार्ट मीटर में बार-बार कट रहे डिफरमेंट चार्ज से बचने के लिए उपभोक्ता अब घर बैठे ऑनलाइन बिजली लोड बढ़ा सकते हैं। सुविधा ऐप या बिजली कंपनी की वेबसाइट के माध्यम से यह प्रक्रिया आसानी से पूरी की जा सकती है।
Lucknow News: बिहार विधानसभा उपाध्यक्ष ने परखी व्यवस्था
बिहार विधानसभा उपाध्यक्ष ने परखी व्यवस्था
Prayagraj News: इविवि में बिहार के छात्रों का दबदबा, 27 राज्यों से पहुंचे विद्यार्थी
यूजी में यूपी के बाहर से दाखिला लेने वालों में बिहार के 374 छात्र, मध्य प्रदेश के 182
Auraiya News: ब्लॉक के चलते खड़ी हुई बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस
ब्लॉक के चलते खड़ी हुई बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस
Saharanpur News: सोनीपत में फैक्टरी, पंजाब से बिहार तक फैला नेटवर्क
Factory in Sonipat, network spanning from Punjab to Bihar.
कटिहार में नॉर्थ ईस्टर्न बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की 48वीं वार्षिक आमसभा रविवार को आयोजित हुई। कार्यक्रम का उद्घाटन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व मंत्री संजय सरावगी, पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं विधायक तारकिशोर प्रसाद समेत अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता चैंबर के निवर्तमान अध्यक्ष एवं विधान पार्षद अशोक अग्रवाल ने की। मुख्य अतिथि तारकिशोर प्रसाद रहे। देखें, मौके से आई तस्वीरें… निवेश बढ़ाने में व्यवसायियों की अहम भूमिका भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि व्यवसायियों को बिहार के संदेशवाहक के रूप में काम करना चाहिए, ताकि राज्य में अधिक से अधिक निवेश आ सके। उन्होंने कहा कि सरकार उद्योग लगाने के लिए एक रुपये में जमीन उपलब्ध करा रही है। इसके साथ ही उद्योगपतियों को स्थानीय लोगों को रोजगार देने की दिशा में भी काम करना होगा। सरकार के सामने सीधे रख सकते हैं समस्याएं सरावगी ने कहा कि व्यवसायी किसी भी सरकार को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बिहार सरकार व्यवसायियों और उद्योगपतियों के हित में काम कर रही है। व्यवसायी अपनी समस्याओं को सीधे सरकार के सामने रख सकते हैं। व्यवसायी आयोग के गठन को बताया बड़ी पहल पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि चैंबर में नेतृत्व देने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में यह पहली सरकार है, जिसने व्यवसायी आयोग का गठन किया है। हालांकि, इसमें अभी कुछ सुधार की आवश्यकता है। औद्योगिक विकास में चैंबर की अहम भूमिका कटिहार नगर निगम की महापौर उषा देवी अग्रवाल ने कहा कि चैंबर हमेशा व्यवसायियों के साथ खड़ा रहा है। कटिहार के औद्योगिक और व्यावसायिक विकास में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। नगर निगम शहर को साफ, सुंदर और विकसित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। विधायकों ने दिया चैंबर को सहयोग का भरोसा कदवा विधायक डॉ. दुलाल चंद गोस्वामी ने चैंबर के प्रस्तावों का समर्थन करते हुए उसके हित में लगातार काम करने का भरोसा दिया। प्राणपुर विधायक निशा सिंह ने व्यवसायियों से नए नेतृत्व में आगे बढ़ने की अपील की। बरारी विधायक विजय सिंह ने कहा कि चैंबर व्यवसायियों के हित में लगातार संघर्ष करता रहा है। उन्होंने कहा कि विधायक, नगर निगम और चैंबर मिलकर व्यवसायियों के हित में काम करेंगे। नए अध्यक्ष ने जताई जिम्मेदारी निभाने की प्रतिबद्धता चैंबर के नवनिर्वाचित अध्यक्ष बिमल सिंह बेंगानी ने कहा कि संस्था हमेशा व्यवसायी हित में काम करती रही है। वर्तमान में उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उस पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे। कटिहार को व्यापार जगत में आगे ले जाने पर जोर कोढ़ा विधायक कविता देवी ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष को बधाई देते हुए कहा कि व्यापार को आगे बढ़ाने के लिए सरकार पूरी ताकत लगा रही है। उन्होंने कहा कि कटिहार व्यापार जगत में और अधिक चमकेगा। जिला परिषद अध्यक्ष रश्मि सिंह ने कहा कि जिले के समग्र विकास में व्यवसायी वर्ग की अहम भूमिका है और जिला परिषद चैंबर के साथ खड़ा है। निवर्तमान अध्यक्ष ने गिनाईं चार साल की उपलब्धियां निवर्तमान अध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने अपने अध्यक्षीय भाषण में चार साल के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि कार्यकारिणी समिति ने पूरी निष्ठा, ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ संस्था के मान-सम्मान और गरिमा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उन्होंने विश्वास जताया कि नई कार्यकारिणी नई ऊर्जा और जोश के साथ चैंबर को सफलता की नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। आय-व्यय का लेखा-जोखा प्रस्तुत निवर्तमान सचिव गणेश डोकानिया ने सचिव प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। निवर्तमान कोषाध्यक्ष दिलीप बंसल ने अंकेक्षित आय-व्यय का विवरण रखा। आमसभा में अनिल यादुका ने प्रस्ताव पढ़े। प्रस्तावों पर गंभीरता से विचार करने के बाद संबंधित विभागों से पत्राचार करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। कार्यक्रम में अतिथियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। धन्यवाद ज्ञापन चैंबर के नवनिर्वाचित अध्यक्ष अजय सिंघानिया ने किया, जबकि मंच संचालन विकास खंडेलिया ने किया।
सोलर सब्सिडी के नाम पर ₹1.15 लाख की ठगी:हांसी पुलिस ने आरोपी किया गिरफ्तार; बिहार का रहने वाला
हांसी में सोलर प्लेट पर सब्सिडी दिलाने का झांसा देकर एक व्यक्ति से 1 लाख 15 हजार 260 रुपए की ठगी हुई है। मामले में साइबर थाना पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान बिहार के पटना निवासी सन्नी पुत्र संजय प्रसाद के रूप में हुई है। साइबर थाना पुलिस के उप निरीक्षक रविंद्र कुमार ने बताया कि सदर थाना क्षेत्र निवासी प्रीतम ने शिकायत दी थी। प्रीतम को सोलर प्लेट पर सब्सिडी दिलाने के नाम पर एक फोन आया था। कॉल करने वाले साइबर ठगों ने सब्सिडी दिलाने के लिए अलग-अलग बहाने बनाए। उन्होंने प्रीतम से ऑनलाइन कुल 1,15,260 रुपए अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए। लेन-देन से जुड़े तथ्यों की हुई जांच कुछ समय बाद प्रीतम को अपने साथ हुई ठगी का पता चला। इसके बाद उसने पुलिस को शिकायत दी। शिकायत के आधार पर साइबर अपराध थाना हांसी में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने बैंक खातों और लेनदेन से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की। इसके बाद पुलिस ने आरोपी सन्नी को गिरफ्तार कर लिया। हांसी पुलिस की आमजन से अपील पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोलर सब्सिडी या किसी सरकारी योजना का लाभ दिलाने के नाम पर आने वाली अनजान कॉल पर भरोसा न करें। किसी भी व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक की जानकारी, यूपीआई पिन या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। अनजान व्यक्ति के कहने पर किसी खाते में पैसे भी ट्रांसफर न करें। साइबर ठगी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें।
देवघर से CID की गिरफ्त में बिहार का युवक, प्रश्न-उत्तर रटवाता था; कोडरमा के युवकों से पूछताछ जारी
JSSC-CGL पेपर लीक: सीआईडी ने जेएसएससी सीजीएल पेपर लीक मामले में देवघर से सुधाकर यादव नामक संदिग्ध को रांची लाकर पूछताछ शुरू की है। उस पर कई छात्रों को प्रश्न-उत्तर रटवाने और नौकरी दिलाने में मदद करने का आरोप है।
शिव मंदिर में मटका फोड़, सलमान अली बना गोविंदा; बिहार में हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल
काराकाट नगर पंचायत स्थित शिव मंदिर परिसर में मटका फोड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें मुस्लिम युवक सलमान अली ने मटका फोड़कर अपनी टीम को जीत दिलाई।
सहरसा के राष्ट्रीय फुटबॉल कोच और मध्य विद्यालय जेल कॉलोनी के शारीरिक शिक्षा शिक्षक नीतीश मिश्रा को लगातार छठी बार बिहार फुटबॉल टीम का मैनेजर बनाया गया है। उन्हें राष्ट्रीय स्तर की सुब्रतो मुखर्जी फुटबॉल प्रतियोगिता के लिए यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रतियोगिता का आयोजन भारतीय वायु सेना की ओर से 15 से 24 सितंबर तक नई दिल्ली में किया जाएगा। बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के नेतृत्व में बिहार की टीम प्रतियोगिता में हिस्सा लेगी। देखें, मौके से आई तस्वीरें… बिहार को पदक दिलाने का लक्ष्य लगातार छठी बार मैनेजर चुने जाने पर नीतीश मिश्रा ने बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह और बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रविंद्र शंकरण का आभार जताया। उन्होंने कहा कि टीम के खिलाड़ियों के बेहतर प्रदर्शन के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। उनका लक्ष्य राष्ट्रीय प्रतियोगिता में बिहार को पदक दिलाना है। खेल दिवस पर मिला बेस्ट कोच अवार्ड फुटबॉल के क्षेत्र में नीतीश मिश्रा के योगदान को देखते हुए हाल ही में खेल दिवस के अवसर पर उन्हें बिहार के बेस्ट कोच अवार्ड से सम्मानित किया गया था। वे लंबे समय से फुटबॉल खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं और राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न प्रतियोगिताओं में बिहार का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं। किसान परिवार से निकलकर राष्ट्रीय पहचान कोसी क्षेत्र के ऐकाढ़ गांव निवासी नीतीश मिश्रा किसान परिवार से आते हैं। वे श्री भगवान मिश्र और मुन्नी देवी के सबसे छोटे पुत्र हैं। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में लगातार छठी बार बिहार टीम के मैनेजर की जिम्मेदारी मिलने से सहरसा के खेल जगत में खुशी का माहौल है। खेल पदाधिकारियों ने दी बधाई उनके चयन पर सहरसा जिला खेल पदाधिकारी सह जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग के निदेशक राजीव रंजन समेत कई अधिकारियों ने बधाई दी है। भारत खेली फुटबॉल के संस्थापक फणीभूषण, ग्रामीण, रक्त काली मंदिर एवं मत्स्यगंधा मंदिर परिवार, सहरसा जिला फुटबॉल संघ से जुड़े विभिन्न क्लबों के अध्यक्ष-सचिव और अलग-अलग खेल संघों के पदाधिकारियों ने भी उन्हें शुभकामनाएं दीं। सभी ने उम्मीद जताई कि नीतीश मिश्रा के मार्गदर्शन में बिहार टीम के खिलाड़ी शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय प्रतियोगिता में एक बार फिर पदक जीतेंगे।
13 सितंबर, रविवार: पुलिस ने शराब और गांजा के मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनके पास से 246 किलोग्राम गांजा और 1074 लीटर विदेशी शराब बरामद की गई है।
बिहार : ‘जदयू मतलब नीतीश कुमार’ से गरमाई बिहार की सियासत
Patna, 13 सितंबर . जनता दल (यूनाइटेड) के नाम में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के पूर्व Chief Minister नीतीश कुमार का नाम जोड़ने की मांग ने अब बिहार की सियासत को गरमा दिया है. जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा की ओर से उठी इस मांग को प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह ... Read more
बिहार : 'जदयू मतलब नीतीश कुमार’ से गरमाई बिहार की सियासत
बिहार : 'जदयू मतलब नीतीश कुमार’ से गरमाई बिहार की सियासत
बिहार में फरक्का जल संधि को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने भारत-बांग्लादेश के बीच गंगा जल बंटवारे की मौजूदा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए इसे बिहार के हितों के खिलाफ बताया है। JDU विधायक पंकज मिश्रा ने कहा कि फरक्का जल संधि बिहार के लिए किसी अभिशाप से कम नहीं है। उन्होंने केंद्र सरकार से बिहार के हितों को ध्यान में रखते हुए इस पर जल्द फैसला लेने की मांग की है। पानी की कमी और बाढ़-सूखे का उठाया मुद्दा पंकज मिश्रा का कहना है कि फरक्का जल संधि के मौजूदा स्वरूप के कारण बिहार को पानी की कमी के साथ-साथ बाढ़ और सूखे जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि इसके चलते राज्य में करीब 75 प्रतिशत तक सूखे की स्थिति बनने का खतरा रहता है। 12 दिसंबर को खत्म होगी 30 साल की संधि भारत और बांग्लादेश के बीच गंगा जल बंटवारे को लेकर 12 दिसंबर 1996 को फरक्का जल संधि हुई थी। यह समझौता 30 साल की अवधि के लिए था। इसकी अवधि 12 दिसंबर 2026 को समाप्त होने वाली है। ऐसे में संधि को लेकर बिहार में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। मौजूदा स्वरूप में आगे बढ़ाने का विरोध JDU का कहना है कि वह फरक्का जल संधि को मौजूदा स्वरूप में आगे बढ़ाने के पक्ष में नहीं है। पार्टी के अनुसार फरक्का बैराज और पानी के बंटवारे की वर्तमान व्यवस्था से बिहार में गंगा में गाद जमने, बाढ़ और पानी से जुड़ी दूसरी समस्याएं बढ़ी हैं। गंगा किनारे 12 जिलों में जागरूकता अभियान JDU इस मुद्दे को बिहार के लोगों के बीच ले जाने की तैयारी में है। पार्टी की ओर से गंगा किनारे बसे बिहार के 12 जिलों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसके जरिए फरक्का जल संधि के प्रभाव और बिहार के हितों से जुड़े मुद्दों को लोगों के सामने रखा जा रहा है। केंद्र से जल्द फैसला लेने की मांग विधायक पंकज मिश्रा ने कहा कि अब समय आ गया है कि बिहार के हितों को प्राथमिकता देते हुए फरक्का जल संधि पर दोबारा विचार किया जाए। उन्होंने केंद्र सरकार से संधि को लेकर जल्द निर्णय लेने और बिहार के हितों की रक्षा करने की अपील की है। बिहार के जल हित पर बढ़ी राजनीतिक बहस संधि की अवधि समाप्त होने से पहले JDU का विरोध बिहार के जल अधिकार और गंगा के प्रबंधन को लेकर नई राजनीतिक बहस को हवा दे रहा है। पार्टी अब इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाकर केंद्र पर बिहार के हित में निर्णय लेने का दबाव बनाने की कोशिश कर रही है।
जबलपुर क्राइम ब्रांच और मदन महल पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 10 किलो 168 ग्राम अवैध गांजे के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जब्त गांजे की कीमत करीब 5 लाख 8 हजार 400 रुपए बताई गई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी बिहार का रहने वाला है और ओडिशा में रह रहा था। मॉडल रोड पर दो बैग लेकर उतरा था आरोपी पुलिस के मुताबिक, 12 सितंबर की रात क्राइम ब्रांच को मुखबिर से सूचना मिली थी कि मॉडल रोड पर लॉयड गैलरी के सामने एक संदिग्ध व्यक्ति दो बैग लेकर बस से उतरा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और संदिग्ध को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी की पहचान 50 वर्षीय रवि कुमार के रूप में हुई। वह इस्माईलपुर, जिला अरवल, बिहार का रहने वाला है और वर्तमान में झारसुगुड़ा, ओडिशा में रह रहा था। दो बैगों से मिले गांजे के 10 पैकेट पुलिस ने आरोपी के नीले और हरे रंग के बैगों की तलाशी ली। इनमें गांजे के 10 पैकेट मिले। इसके अलावा एक एंड्रॉइड मोबाइल भी जब्त किया गया। एनडीपीएस एक्ट के तहत गांजे का वजन कराया गया, जिसमें कुल वजन 10 किलो 168 ग्राम निकला। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत करीब 5 लाख 8 हजार 400 रुपए बताई गई है। साथी मलखान पहले ही बस से उतर गया पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह पाटन रोड के पास रहने वाले मलखान के साथ बस से जबलपुर आया था। आरोपी के मुताबिक, मलखान ने तीन पत्ती बस स्टैंड पर मिलने की बात कही थी और वह पहले ही रास्ते में बस से उतर गया। मदन महल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब फरार साथी मलखान की तलाश कर रही है।
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार में आई बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की है। उन्होंने इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि बिहार को विशेष पैकेज दिया जाना चाहिए। तेजस्वी यादव ने कहा, 2007 में जब बाढ़ आई थी, तब केंद्र में UPA की सरकार थी। तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी बिहार आए थे। बाढ़ राहत के लिए आर्थिक मदद भी दी गई थी। लालू प्रसाद यादव उन्हें बिहार लेकर आए थे। नेता प्रतिपक्ष ने कहा, “बिहार में बाढ़ की स्थिति भयावह है, लेकिन डबल इंजन की सरकार राहत पहुंचाने में विफल है। बिहार में डबल इंजन की सरकार है, लेकिन दोनों इंजनों में आग लगी हुई है। राज्य सरकार का खजाना खाली हो चुका है और इमरजेंसी फंड से पैसे निकाले जा रहे हैं।” प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी की बड़ी बातें… बिहार को केंद्र से मदद नहीं मिल रही बिहार को विशेष मदद देने की मांग को लेकर तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। तेजस्वी ने गुजरात का उदाहरण देते हुए कहा, ‘क्या प्रधानमंत्री बिहार को देश से अलग समझते हैं। बिहार में इतनी बड़ी आपदा के बावजूद केंद्र की ओर से अपेक्षित मदद नहीं मिल रही है। बिहार में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए हमने केंद्र सरकार से इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और विशेष पैकेज देने की मांग की है। इसको लेकर प्रधानमंत्री को पत्र भी लिखा है, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और सांसदों का कोई काम नहीं मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री कोई काम के नहीं हैं। बिहार के सांसद और केंद्रीय मंत्री कोई काम का नहीं है। बिहार के 30 से ज्यादा सांसद, 7 केंद्रीय मंत्री, फिर भी मदद नहीं मिली- तेजस्वी यादव केंद्रीय मंत्रियों पर तंज कसते हुए तेजस्वी ने कहा, ‘बिहार के 30 से ज्यादा सांसद हैं और 7 केंद्रीय मंत्री हैं। इनमें एक कपड़ा वाले मंत्री हैं और एक भेड़ चलाने वाले मंत्री हैं। किसी में इतनी हैसियत नहीं है कि बिहार के लिए सहायता लेकर आएं।’
पचास लाख तैयार रखो... सारा गोली शरीर में उतार देंगे, बिहार के इस स्कूल पर 18 राउंड फायरिंग
मुजफ्फरपुर के कांटी में एक निजी स्कूल के संचालक से पचास लाख की रंगदारी की मांग की गई है। बदमाशों ने स्कूल की दीवार पर 18 राउंड गोलियां चलाई गईं।
पानीपत सड़क हादसे में 14 साल के बच्चे की मौत:वाहन ने मारी टक्कर; बिहार से मामा के घर आया था
पानीपत जिले के ग्वालडा गांव के पास एक अनजान वाहन की चपेट में आने से 14 साल के बच्चे बादल की मौत हो गई। यह हादसा 11 सितंबर को हुआ था और बादल ने 12 सितंबर को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वह बिहार से अपने मामा के घर घूमने आया था। बिरजू राम, जो पानीपत में पीओपी का काम करते हैं, उन्होंने पुलिस को बताया कि उनका भांजा बादल एक महीने पहले बिहार से उनके पास आया था। बिरजू राम ने ग्वालडा के पास एक फैक्ट्री में पीओपी का ठेका लिया हुआ था। 11 सितंबर को बादल भी फैक्ट्री में आ गया था। रोहतक पीजीआई में तोड़ा दम रात करीब 8 बजे बादल फैक्ट्री से बाहर घूमने निकला, तभी एक अनजान वाहन ने उसे टक्कर मार दी। वह बुरी तरह घायल हो गया। फैक्ट्री के अन्य कर्मचारियों ने तुरंत बिरजू राम को सूचना दी और घायल बादल को एनसी मेडिकल कॉलेज में दाखिल कराया। बादल की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया था। ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज अगले दिन, यानी 12 सितंबर को, इलाज के दौरान बादल की मौत हो गई। पुलिस ने बिरजू राम की शिकायत पर अनजान वाहन ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब वाहन और उसके चालक की तलाश कर रही है।
बिहार के कारोबारी और औद्योगिक क्षेत्र में 22 सितंबर को एक नई पहल की शुरुआत होने जा रही है। किशनगंज के होटल दफ्तरी पैलेस में JITO (जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन) के बिहार चैप्टर का शुभारंभ होगा। समारोह में देशभर से जैन समाज के कारोबारी, उद्यमी और प्रोफेशनल्स शामिल होंगे। संगठन के बिहार चैप्टर की शुरुआत को राज्य के जैन कारोबारी समुदाय को एक साझा नेटवर्क और नए कारोबारी अवसरों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कम समय में बिहार चैप्टर की शुरुआत JITO ईस्ट जोन की चेयरपर्सन कल्पना बैद और चीफ सेक्रेटरी पंकज मालू ने बताया कि राजकरण दफ्तरी, अमित नहाटा, नेमीचंद बैद और भास्कर आनंद के प्रयासों से कम समय में बिहार चैप्टर की शुरुआत संभव हो सकी है। फाउंडर मेंबर राजकरण दफ्तरी और अमित नहाटा के अनुसार, शुभारंभ समारोह में JITO अपैक्स के प्रेसिडेंट विजय भंडारी, जनरल सेक्रेटरी ललित डांगी, सेक्रेटरी श्रीपाल बच्छावत, कमलेश सुरजातिया समेत अपैक्स के कई सदस्य मौजूद रहेंगे। क्या है JITO, किसके लिए करता है काम JITO मूल रूप से जैन समुदाय के व्यापारियों, उद्यमियों और प्रोफेशनल्स का संगठन है। इसका उद्देश्य कारोबारी समुदाय के सदस्यों को नेटवर्किंग, ज्ञान, मार्गदर्शन और व्यावसायिक अवसरों से जोड़ना है। संगठन की योजनाओं और गतिविधियों का प्रत्यक्ष लाभ मुख्य रूप से जैन समुदाय के सदस्यों को मिलता है। बिहार चैप्टर शुरू होने के बाद राज्य के जैन कारोबारी और उद्यमी देशभर में मौजूद संगठन के नेटवर्क से जुड़ सकेंगे। इससे कारोबार से संबंधित अनुभव साझा करने, नए संपर्क बनाने और संभावित कारोबारी साझेदारी के अवसर मिलने की उम्मीद है। बिहार में निवेश और कारोबार बढ़ाने की संभावना JITO का बिहार चैप्टर सीधे तौर पर राज्य के सभी कारोबारियों के लिए कोई सरकारी निवेश योजना नहीं है। इसका मूल उद्देश्य जैन कारोबारी समुदाय को संगठित नेटवर्क उपलब्ध कराना है। हालांकि, मजबूत कारोबारी नेटवर्क के जरिए बिहार में नए निवेश और व्यवसायों के लिए संभावनाएं बन सकती हैं। अगर संगठन से जुड़े उद्यमी बिहार में नए उद्योग या कारोबार शुरू करते हैं अथवा राज्य में निवेश लाते हैं तो इसका असर केवल संबंधित कारोबार तक सीमित नहीं रहेगा। नए उद्योगों और व्यावसायिक गतिविधियों से परिवहन, लॉजिस्टिक्स, निर्माण, बैंकिंग, होटल, रिटेल और सेवा क्षेत्र में भी गतिविधियां बढ़ सकती हैं। नए कारोबार से रोजगार के अवसर भी बन सकते हैं किसी नए उद्योग या कारोबारी इकाई की स्थापना के साथ प्रत्यक्ष रोजगार के अलावा उससे जुड़े कई सहायक क्षेत्रों में भी काम के अवसर पैदा होते हैं। सप्लाई चेन, परिवहन, पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स और अन्य सेवाओं में स्थानीय स्तर पर मांग बढ़ सकती है। इसी तरह कारोबारी गतिविधियों के विस्तार से बाजार में लेन-देन बढ़ने और औपचारिक आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलने की संभावना रहती है। इससे लंबे समय में राज्य के आर्थिक ढांचे पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है। असली सफलता नए अवसर पैदा होने से तय होगी 22 सितंबर को होने वाला शुभारंभ फिलहाल इस पहल की शुरुआत है। बिहार चैप्टर की वास्तविक सफलता इस बात से तय होगी कि आने वाले समय में इससे राज्य के जैन उद्यमियों को कितने नए कारोबारी अवसर मिलते हैं। इसके साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि JITO के नेटवर्क के जरिए बिहार में नए निवेश, उद्योग और व्यवसाय कितनी संख्या में आते हैं और उनका स्थानीय रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों पर कितना असर पड़ता है। किशनगंज में होने वाला यह शुभारंभ इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि यह बिहार के जैन कारोबारी समुदाय को राष्ट्रीय स्तर के कारोबारी नेटवर्क से जोड़ने का औपचारिक मंच तैयार करेगा। अब नजर इस बात पर होगी कि यह नेटवर्क बिहार के कारोबारी माहौल में कितने नए अवसर पैदा कर
13 सितंबर, रविवार: हाजीपुर में हिंदू पुत्र संगठन के संयोजक राजीव ब्राह्मसी पर बाइक सवार अपराधियों ने 8 से 10 राउंड फायरिंग की, जिसमें वह बाल-बाल बच गए।
यूपी: आगरा के जवान की बिहार में माैत, सशस्त्र सीमा बल में ले रहे थे प्रशिक्षण; परिवार में मचा कोहराम
आगरा के बमरौली अहीर गांव के जवान अभिषेक यादव पुत्र प्रमोद यादव की सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) में प्रशिक्षण के दौरान बिहार के पटना में माैत हो गई।
13 सितंबर, रविवार: कैमूर के चैनपुर थाना क्षेत्र के मथुरा गांव में पिता के बच्ची को छोड़कर भागने के बाद ग्रामीण महिला नन्ही जान को लेकर भगवान थाना पहुंची।
एयरटेल के 700 से ज्यादा सिम साइबर ठगों को बेच डाला, सीबीआई ने बिहार के वैशाली से वितरक को पकड़ा
सीबीआई ने यह कार्रवाई सिम बॉक्स से साइबर ठगी मामले की जांच के दौरान मिले साक्ष्य के आधार पर की। वैशाली जिले से एयरटेल के डिस्ट्रीब्यूटर को पकड़ा गया है। उसपर 700 से ज्यादा सिम बेचने का आऱोप है।

