रामपुर जनपद के शाहबाद थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में वांछित अभियुक्त सूरज कुमार को बिहार से गिरफ्तार किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। यह मामला 23 दिसंबर 2025 को तब सामने आया, जब शाहबाद थाने में एक व्यक्ति ने तहरीर दी। तहरीर में आरोप लगाया गया था कि बिहार निवासी सूरज नामक व्यक्ति उसकी नाबालिग बहन को बहला-फुसलाकर ले गया है। इस शिकायत के आधार पर, शाहबाद थाने में मुकदमा संख्या 386/25, धारा 137(2)/87 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक रामपुर श्री विद्यासागर मिश्र ने अभियुक्त की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों के बाद, 17 जनवरी 2026 को शाहबाद पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई की। पुलिस ने वांछित अभियुक्त सूरज कुमार पुत्र कनकलाल को शाहबाद-ढकिया रोड स्थित तहसील के पास से गिरफ्तार किया। सूरज कुमार बिहार के मुंगेर जिले के संग्रामपुर थाना क्षेत्र के ग्राम दुर्गापुर का निवासी है। गिरफ्तारी के बाद, आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नाबालिगों से जुड़े मामलों में कोई लापरवाही नहीं बरती जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सब जू. राष्ट्रीय रग्बी बालिका में बिहार क्वार्टर फाइनल में
भुवनेश्वर के कलिंग स्टेडियम में आयोजित सब जूनियर राष्ट्रीय रग्बी बालिका प्रतियोगिता में बिहार की टीम शानदार प्रदर्शन करते हुए क्वार्टर फाइनल में पहुंच गई है। सबसे पहले झारखंड से मुकाबला हुआ। इसमें बिहार ने झारखंड को 67-0 से हराया। बिहार की खुशी 21 व रोशनी ने 22 स्कोर किए। दूसरा मैच मणिपुर से हुआ, जिसमें बिहार ने मणिपुर को 64-0 से हराया। प्री क्वार्टर फाइनल में झारखंड और बिहार का मुकाबला हुआ। बिहार ने झारखंड को 56-0 से हराया। खुशी ने 7, रौशनी ने 5, कोमल ने 7, खुशबू ने 7, आकांक्षा ने 10, अंगीता ने 05, स्कोर किए। इस जीत के साथ ही बिहार की टीम क्वार्टर फाइनल में पहुंच गई। क्वार्टर फाइनल शनिवार को दादर औैर नगर हवेली व दमन-दीव से होगा। ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री सह संरक्षक रग्बी फुटबॉल एसोसिएशन ऑफ बिहार के श्रवण कुमार, विधान परिषद सदस्य सह अध्यक्ष रग्बी फुटबॉल एसोसिएशन ऑफ बिहार संजय मयूख, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक सह मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवींद्रन शंकरण, बिहार राज्य पथ विकास निगम के महानिदेशक शीर्षत कपिल अशोक, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के कार्यकारी निदेशक रविंद्र नाथ चौधरी, रग्बी फुटबॉल एसोसिएशन ऑफ बिहार के सचिव पंकज कुमार ज्योति ने बधाई दी है।
बिहार सरकार के उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने आज चंद्रगुप्त इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, पटना में आयोजित नेशनल स्टार्ट-अप दिवस कार्यक्रम का उद्घाटन किया। यह कार्यक्रम बिहार 2.0 थीम के तहत बिहार सरकार और चंद्रगुप्त संस्थान के संयुक्त देखरेख में आयोजित किया गया। राज्य में स्टार्टअप को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए स्टार्टअप शुरू करने वाले 5 उद्यमियों को सरकार की ओर से आर्थिक सहायता का चेक प्रदान किया गया। मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने कहा कि बिहार अब सिर्फ कृषि और श्रम शक्ति का राज्य नहीं, बल्कि नवाचार और उद्यमिता का हब बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है। स्टार्टअप बिहार और TIE पटना के बीच हुआ MoU कार्यक्रम के दौरान स्टार्टअप बिहार और TIE (The Indus Entrepreneurs) पटना के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इससे बिहार में स्टार्टअप इकोसिस्टम को और मजबूत करने, युवाओं को मार्गदर्शन, मेंटरशिप और निवेश से जोड़ने में मदद मिलेगी। स्टार्टअप और इन्क्यूबेशन के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य के लिए आईआईटी पटना को प्रथम पुरस्कार और चंद्रगुप्त मैनेजमेंट संस्थान को द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि हर जिले में स्टार्टअप संस्कृति विकसित हो और बिहार के युवा नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें। बीएमसी चुनाव में बीजेपी की जीत को बताया ऐतिहासिक वहीं, दिलीप जायसवाल ने बीएमसी चुनाव में बीजेपी की जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो लोग क्षेत्रवाद और भाषावाद के नाम पर समाज में नफरत फैलाने का काम करेंगे, उनका हश्र ऐसा ही होगा। जनता अब सब समझ चुकी है और ऐसे लोगों को करारा जवाब देती है। डीएमके सांसद दयानिधि मारन द्वारा महिलाओं को लेकर दिए गए विवादित बयान पर दिलीप जायसवाल ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि ऐसे नेताओं को सुधारने की सख्त जरूरत है। ऐसे लोगों के लिए भारत सरकार को सुधार गृह बनाना चाहिए, जिसमें इन्हें कम से कम 3 महीने तक बंद रखकर इनके सोच को बदलने का काम किया जाए। नारी शक्ति का अपमान बर्दाश्त नहीं मंत्री ने कहा कि महिलाएं आज हर क्षेत्र में देश का नाम रोशन कर रही हैं- विज्ञान, सेना, राजनीति, प्रशासन और उद्योग हर जगह उनका योगदान है। ऐसे में इस तरह की सोच देश और समाज दोनों के लिए शर्मनाक है। बीजेपी और एनडीए सरकार नारी सम्मान और नारी सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक सोच रखने वालों को जनता सबक सिखाएगी।
पटना में 'नितीश' का हाफ- एनकाउंटर: बिहार में कटरहरा कांड का मुख्य आरोपी अब होगा सलाखों के पीछे?
पटना में नितीश के खिलाफ हाफ-एन्काउंटर, पुलिस ने घायल आरोपी को गिरफ्तार किया, हथियार बरामद, सुरक्षा बढ़ाने के लिए कार्रवाई तेज़।
हाजीपुर गैंग पर अपहरण का शक, पुलिस की दो टीमें बिहार रवाना
आदित्यपुर स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (एसिया) के उपाध्यक्ष उद्यमी देवांग गांधी के पुत्र कैरव गांधी के अपहरण के तार बिहार से जुड़ रहे हैं। इसमें हाजीपुर गैंग की संलिप्तता की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने जांच तेज करते हुए दो टीमों को बिहार रवाना कर दिया है। वहीं स्थानीय इनपुट के आधार पर एसआईटी ने गुरुवार शाम जेम्को से खट्टा बबलू को हिरासत में लिया है। यह उस गैंग के संपर्क में बताया जा रहा है। इसके अलावा पुलिस दुबई में छिपे धनबाद के अपराधी प्रिंस खान गिरोह को भी टटोल रही है। जांच में पता चला है कि अपहर्ताओं ने पुलिस की बोर्ड लगी स्कॉर्पियो (जेएच12ए 4499) से कैरव का अपहरण किया था। यह नंबर कोडरमा की एक बोलेरो गाड़ी की है। पुलिस ने उसके मालिक से भी पूछताछ की है। लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। पुलिस को पता चला है कि कैरव गांधी अक्सर घर से करीब आधा किमी दूर डीएमओ ऑफिस के पास चाय की दुकान पर दोस्तों के साथ बैठते थे। घटना सीसीटीवी फुटेज में कैद... कैरव की गाड़ी के पीछे चल रही थी स्कॉर्पियो पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद है। कदमा-सोनारी लिंक रोड पर लगे सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि 13 जनवरी को कैरव की गाड़ी दोपहर 12:52 बजे वहां से गुजर रही है। उस वक्त कार की स्पीड 60 किमी के आसपास थी। गाड़ी कैरव चला रहा था। दो मिनट बाद वही गाड़ी 109 किमी की रफ्तार से उसी रास्ते से एरोड्रम की तरफ गुजरती है। उसके पीछे स्कॉर्पियो चल रही है। दोनों गाड़ी एरोड्रम गोलचक्कर से वापस एसएसपी व डीसी आवास के सामने वाले रास्ते से सीएच एरिया गोलचक्कर, साई मंदिर होते हुए मरीन ड्राइव पहुंचती है। इसके बाद दोपहर 1:09 बजे कैरव की गाड़ी कांदरबेड़ा में मिली उसका गेट खुला था। इसी अंदाज में हुआ था कृष्णा भालोटिया का अपहरण सोनारी आशियाना गार्डेन निवासी उद्यमी कृष्णा भालोटिया का भी इसी अंदाज में अपहरण हुआ था। वे 2 सितंबर 2005 को बंगाल से लौट रहे थे, तभी कांदरबेड़ा चौक से उनका अपहरण कर लिया गया था। इस घटना को हाजीपुर के अरविंद गिरोह ने अंजाम दिया था। 14 दिन बाद पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर 16 सितंबर 2006 को उन्हें कंकड़बाग से बरामद किया था।
बॉलीवुड एक्टर आशुतोष राणा गुरुवार को पटना पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अपनी आनी वाली फिल्म ‘वन टू चा चा चा’ का प्रमोशन किया। साथ ही बिहार के लोगों की जमकर तारीफ की। आशुतोष राणा ने कहा कि देश में बिहारियों ने अपने प्रतिभा का जलवा बिखेरा है। बिहार की भाषा में एक अलग ही मिठास है। आगे कहा कि यह फिल्म हास्य और मनोरंजन से भरपूर भरा फिल्म है, जो शुक्रवार को रिलीज होगी। आशुतोष राणा ने बताया कि यह फिल्म की पृष्ठभूमि बिहार से है। आशुतोष राणा ने निजी होटल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कलाकारों और निर्माताओं ने फिल्म की कहानी के बारे में बताया। इसके हास्य से भरपूर अंदाज़ और फैमिली एंटरटेनर अपील पर खुलकर बातचीत की। टीम ने बताया कि फिल्म में कन्फ्यूजन से उपजा ह्यूमर, तेज कॉमिक टाइमिंग और अनपेक्षित मोड़ दर्शकों को हंसाने वाले हैं। फिल्म को लेकर कलाकारों में खासा उत्साह दिखा ललित प्रभाकर ने कहा, यह फिल्म खुशनुमा पागलपन से भरी है। शूटिंग के दौरान हम लगातार हंसते थे और वही एनर्जी दर्शकों तक पहुंचेगी। वहीं अनंत वी जोशी बोले, इस फिल्म में कन्फ्यूजन ही असली हीरो है, जो इसे बेहद मजेदार बनाता है। इस दौरान हिंदी फिल्म जगत के स्टार आशुतोष राणा ने अपने अलग अंदाज़ पर कहा, कॉमेडी भी उतनी ही चुनौतीपूर्ण होती है जितनी गंभीर भूमिका। इस फिल्म में दर्शक मेरा हल्का-फुल्का रूप देख पाएंगे। फिल्म की तकनीकी टीम भी मजबूत है। सिनेमैटोग्राफी अमोल गोले, प्रोडक्शन डिजाइन बिजोन दासगुप्ता, एडिटिंग रंजीत बहादुर, कोरियोग्राफी चिन्नी प्रकाश और आदिल शेख, जबकि बैकग्राउंड स्कोर नेशनल अवॉर्ड विजेता हर्षवर्धन रमेश्वर ने दिया है। निर्माता बोले- हंसी और खुशी का जश्न है ये मूवी निर्माताओं का कहना है कि ‘वन टू चा चा चा’ बड़े पर्दे पर हंसी और खुशी का जश्न है। निर्देशक द्वय ने इसे नियम तोड़ने वाली, बेफिक्र और दिल से जुड़ने वाली कॉमेडी बताया। पेलुसिडार प्रोडक्शन प्राइवेट लिमिटेड के बैनर तले बनी इस फिल्म का निर्देशन अभिषेक राज और रजनीश ठाकुर ने किया है, जबकि अमित गुप्ता सह-निर्माता हैं। फिल्म में आशुतोष राणा, अभिमन्यु सिंह, मुकेश तिवारी, हर्ष मायर, ललित प्रभाकर, अनंत वी जोशी, अशोक पाठक और नायरा एम बनर्जी जैसे कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे।
यमुनानगर में ट्रक ने बच्चे को कुचला, मौत:दोस्तों के साथ बाइक पर जा रहा था; मृतक बिहार का रहने वाला
यमुनानगर में एक दर्दनाक सड़क हादसे में 12 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। हादसा पांसरा फाटक के पास नम्बरदार धर्मकांटा के सामने हुआ, जब थर्मल प्लांट की ओर जा रही एक मोटरसाइकिल को तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी। टक्कर के बाद ट्रक चालक बच्चे को कुचलकर मौके से फरार हो गया। मृतक की पहचान विक्रम (12) निवासी वार्ड नंबर 5, तभका पछियारी पंडित टोला, थाना विभूतिपुर, जिला समस्तीपुर (बिहार) के रूप में हुई है। वर्तमान में उसके पिता राम बाबू साहनी करनाल के तरावड़ी स्थित मानसी राइस मिल में मजदूरी करते हैं, जबकि विक्रम अपनी मां शांति देवी के साथ यमुनानगर में किराये के मकान में रह रहा था। ट्रक का टायर ऊपर से गुजरा परिजनों के अनुसार, विक्रम अपने दोस्त वंश और एक अन्य साथी के साथ स्प्लेंडर प्लस बाइक पर सवार होकर जा रहा था। बाइक विक्रम चला रहा था। इसी दौरान थर्मल प्लांट की ओर से आए एक अज्ञात ट्रक ड्राइवर ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए बाइक को सीधी टक्कर मार दी। टक्कर के बाद विक्रम सड़क पर गिर गया और ट्रक का अगला टायर उसके ऊपर से गुजर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। उसके साथ मौजूद दोनों दोस्तों को भी चोटें आई हैं। हादसे के समय धुंध अधिक होने के कारण ट्रक का नंबर नोट नहीं हो सका। टक्कर के बाद ट्रक चालक मौके से फरार टक्कर के बाद ट्रक ड्राइवर वाहन समेत मौके से फरार हो गया। घायल बच्चों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि विक्रम को मृत घोषित कर दिया गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल यमुनानगर की मोर्चरी में रखवाया गया। पिता राम बाबू साहनी ने अस्पताल पहुंचकर अपने बेटे के शव की पहचान की और पुलिस को बयान दर्ज कराया। थाना सदर पुलिस ने अज्ञात ट्रक ड्राइवर के खिलाफ BNS की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर फरार ट्रक और ड्राइवर की तलाश में जुटी है। उनका कहना है कि जांच जारी है और आरोपी ड्राइवर को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
गुब्बारे बेचने वाले बिहार के दंपती ने किया था अंश-अंशिका का अपहरण
धुर्वा के मौसीबाड़ी से अपहृत अंश कुमार (5) और उसकी बहन अंशिका कुमारी (4) को बुधवार सुबह रांची पुलिस ने रामगढ़ के अहमद नगर स्थित एक घर से बरामद कर लिया। पुलिस ने दोनों के अपहरण के आरोपी नव खेरवार उर्फ सूर्या (24) और उसकी प|ी सोनी कुमारी (20) को गिरफ्तार कर लिया है। नव खेरवार बिहार के औरंगाबाद के बारून का निवासी है, जबकि सोनी कुमारी रामगढ़ के कोठार की रहने वाली है। ये दोनों धुर्वा के शालीमार बाजार में गुब्बारे बेचते थे। अंश और अंशिका 2 जनवरी को पिता से 10 रुपए लेकर घर के पास ही एक दुकान से चूड़ा खरीदने निकले थे। पांच रुपए में लॉलीपॉप खरीदकर दोपहर करीब 2:35 बजे लौट रहे थे। तभी नव खेरवार और सोनी ने दोनों को उठा लिया। दो दिन तक दोनों बच्चों को उसके घर से करीब एक किमी दायरे में ही छिपाकर रखा। फिर चुपचाप वहां से निकल गए। इधर पुलिस बच्चों की तलाश में खाक छानती रही। बुधवार सुबह सीआईडी के एडीजी मनोज कौशिक और रांची एसएसपी राकेश रंजन को बच्चों के चितरपुर के अहमद नगर में होने की सूचना मिली। इसके बाद रामगढ़ एसपी अजय कुमार ने वहां छापेमारी कर दोनों बच्चों को बरामद कर लिया और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस को पता चला है कि ये दोनों अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े हैं। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा-अपहरणकर्ताओं के चंगुल से आजाद हुई दो मासूम जिंदगियांसीएम हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर लिखा-अपहरणकर्ताओं के चंगुल से आजाद हुई दो मासूम जिंदगियां। आखिर कोई इतना कैसे गिर सकता है। व्यक्तिगत रूप से मेरे लिए पिछले कुछ दिन परेशान करने वाले रहे। शुरुआत में सफलता नहीं मिल रही थी, फिर जिस ढंग से दूसरे राज्य में हुई इसी ढंग की घटना के तार जोड़कर रांची पुलिस ने अपराधियों तक पहुंचकर बच्चों को मुक्त कराया, वह प्रशंसनीय है। मैं इस अभियान को यहीं पर नहीं छोड़ रहा। ऐसी घटनाओं की गहन पड़ताल करते हुए आपराधिक गिरोह की कमर तोड़ने की कार्रवाई करेंगे। पास, 3 दिन हटिया रेलवे स्टेशन के पास बच्चों को रखाअपहर्ताओं ने अपहरण के बाद दोनों बच्चों को दो दिन तक उसके घर से महज एक किमी दूर शालीमार बाजार के पास छुपाकर रखा। फिर ऑटो से दोनों बच्चों को लेकर हटिया स्टेशन पहुंचा। तीन दिन तक स्टेशन के पास ही बच्चों के साथ रहा। सात जनवरी को दोनों आरोपी बच्चों को लेकर ट्रेन से रामगढ़ पहुंचे। वहां से चितरपुर के अहमद नगर गए। वहां रोशन आरा के घर किराए पर कमरा लिया, जहां दोनों बच्चों के साथ रह रहे थे। बच्चे भी उनके साथ आराम से रह रहे थे, इसलिए किसी को शक नहीं हुआ। लेकिन मुखबिरों को सूचना मिल गई और वे पकड़े गए। डीजीपी बोलीं- 500 सीसीटीवी फुटेज खंगाले, 5000 वाहनों का हुआ सत्यापन डीजीपी तदाशा मिश्रा ने कहा कि बच्चों को ढूंढ़ने के लिए रांची के ग्रामीण एसपी के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई थी। इसमें सिटी एसपी व ट्रैफिक एसपी सहित 48 अधिकारी थे। इस टीम ने 500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले। 5000 से ज्यादा गाड़ियों का सत्यापन किया। बच्चों की सूचना देने वालों को चार लाख रुपए इनाम देने की भी घोषणा की गई। इस संबंध में रोजाना 1000 से ज्यादा फोन कॉल पुलिस को आए। कई राज्यों में ऐसे मामलों से संबंधित अभियुक्तों की छानबीन की गई। झारखंड में महत्वपूर्ण स्थलों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, ऑटो स्टैंड और हाट-बाजार की छानबीन की गई। पूरे मामले की निगरानी खुद सीआईडी के एडीजी मनोज कौशिक कर रहे थे। उन्होंने पूरे देश में ह्यू एंड क्राई नोटिस भी जारी किया। दो दिन शालीमार बाजार के मकान मालकिन बोलीं-गरीब जानकर किराए पर कमरा दिया पुलिस ने मकान मालिकन रोशन आरा और उनकी नतिनी से भी पूछताछ की। रोशन ने कहा-उन दोनों ने खुद को पति-प|ी बताया। कहा कि वे पटना में फेरी का काम करते थे। घर टूट जाने के कारण यहां आए हैं। उनके साथ दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। हमने गरीब समझकर उन्हें 1000 रुपए के किराए पर उन्हें कमरा दे दिया। बच्चे अपने माता-पिता के साथ अपहरण के आरोपी पुलिस ने अपहरण के आरोपी नव खेरवार और उसकी प|ी को किया गिरफ्तार
कर्तव्य पथ पर दिखेगी बिहार की गौरवशाली लोक संस्कृति
नई दिल्ली में 26 जनवरी को होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह में इस बार बिहार की लोक संस्कृति अपनी भव्य छटा बिखेरेगी। खास यह है कि यहां सिर्फ नृत्य नहीं होगा, यहां शंकर महादेवन के स्वर में बिहार का वैभव भी गूंजेगा। गाने की बोल में नालंदा विक्रमशिला ने ज्ञान दिया...विश्व शांति का संदेश दिया...जैसी लाइन सुनाई देंगी। कर्तव्य पथ पर होने वाले राष्ट्रीय कार्यक्रम के लिए बिहार से दो प्रतिष्ठित संस्थाओं का चयन हुआ है, जो पूरे राज्य के लिए गर्व की बात है। पटना स्थित सबेरा कला केंद्र के 25 कलाकार इन दिनों नई दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड के पूर्वाभ्यास में जुटे हैं। ये कलाकार बिहार की पारंपरिक लोक विधाओं सामा-चकेवा और झिझिया की मनमोहक प्रस्तुति की तैयारी कर रहे हैं। इस दल में शिल्पी, शांभवी, राधिका, आस्था, श्रुति, प्रतीक्षा, सेजल, मयंक, सोनू, शिवम, आदित्य सहित अन्य प्रतिभाशाली कलाकार शामिल हैं, जो बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करेंगे। वहीं दूसरी ओर पूर्णिया स्थित कलाभवन के भी 25 सदस्यीय कलाकार दल का चयन हुआ है। देशभर से 1500 कलाकार आएंगे इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह की विशेष थीम “वंदे मातरम् गीत के 150 वर्ष” रखी गई है। गायक शंकर महादेवन ने लगभग 10 मिनट का नया संगीतमय संस्करण तैयार किया है, जिस पर देश के सभी राज्यों से आए कलाकार सामूहिक नृत्य पेश करेंगे। इसी गीत की धुन पर बिहार के कलाकार भी अपनी पारंपरिक लोकनृत्य शैली से मंच को जीवंत बनाएंगे। इसमें 1500 कलाकार लोक नृत्य करेंगे, जबकि 1000 कलाकार क्लासिकल नृत्य पेश करेंगे। क्लासिकल नृत्य के लिए बिहार से राजीव रंजन के नेतृत्व में 7 सदस्यीय टीम परफॉर्म करेगी। टीम की सौम्याश्री ने बताया कि सभी एक हजार कलाकार एक साथ कथक करेंगे। कर्तव्य पथ पर सामा-चकेवा और झिझिया की गूंज के साथ सबेरा कला केंद्र और कलाभवन पूर्णिया के कलाकार पूरे देश को अपनी प्रतिभा दिखाएंगे।
नीमच जिले में मानव तस्करी और जबरन शादी का मामला सामने आया है। बिहार की एक युवती करीब 10 दिन तक एक कमरे में बंद रहकर मारपीट और मानसिक प्रताड़ना सहती रही। मौका पाकर वह वहां से भागी और ग्रामीणों को आपबीती बताई। इसके बाद उसे पुलिस के हवाले किया गया। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसके ही रिश्तेदारों ने शादी के बहाने उसे बेच दिया था। पहले उसे राजस्थान के कोटा ले जाया गया, फिर जबरन नीमच जिले के सरवानिया क्षेत्र में लाकर बंद कर दिया गया। युवती का आरोप है कि जबरन शादी के लिए दबाव बनाया गया और विरोध करने पर बेल्ट से मारपीट की गई। बुधवार को भागकर पहुंची युवती को सरवानिया महाराज चौकी के जरिए महिला थाना नीमच भेजा गया है। पुलिस काउंसलर की मदद से पूछताछ कर रही है। मुझे बाहर निकलने की अनुमति नहीं थीयुवती के मुताबिक, मुझे जबरदस्ती शादी के लिए तैयार किया जा रहा था। माला पहनाने और शादी की बात तय करने के बाद मुझे फिर से कमरे में बंद कर दिया गया। मुझे बाहर निकलने की अनुमति नहीं थी। विरोध करने पर बेल्ट से मारपीट की जाती थी। मारपीट करने वालों में विजय नामक व्यक्ति, उसकी पत्नी और परिवार के अन्य सदस्य शामिल थे। युवती ने बताया कि बुधवार को अचानक मौका पाकर वह वहां से भागने में सफल हो गई। इसके बाद वह सीधे ग्रामीणों के पास पहुंची और उन्हें अपनी पूरी कहानी बताई। काउंसलर कर रहे पूछताछपुलिस अब काउंसलर के माध्यम ये युवती से गहन पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता चल सके कि उसे कहां से और किसके माध्यम से यहां लाया गया था। पुलिस इस मानव तस्करी के मामले में शामिल सभी लोगों की पहचान करने में जुटी है। पहले पकड़ा जा चुका आरोपीग्रामीणों ने बताया कि बुधवार शाम वे बाबा रामदेव मंदिर पर बैठक कर रहे थे। इसी दौरान एक युवती घबराई हुई हालत में वहां पहुंची और बोली कि उसे बस में बैठा दिया जाए। युवती की हालत देखकर ग्रामीणों को शक हुआ, जिसके बाद उन्होंने तुरंत ग्राम अध्यक्ष रूपेश जैन को सूचना दी। युवती को पहले सरवानिया महाराज चौकी ले जाया गया, जहां से उसे महिला थाने भेजा गया। ग्रामीणों ने यह भी बताया है कि आरोपी विजय पिता श्रीपाल पहले भी क्षेत्र में लोगों की शादी करवाने का काम करता था और उसके खिलाफ पूर्व में भी रतनगढ़ थाने में शिकायत दर्ज की गई थी। मां बोलीं- तीर्थ यात्रा के बहाने ले गएपुलिस ने मामले में युवती के परिजनों से बातचीत की है। युवती की मां ने फोन पर पुलिस को बताया कि पड़ोस में रहने वाली एक महिला, जिसे युवती मुंहबोली मौसी कहती थी, तीर्थ यात्रा पर साथ ले जाने की बात कहकर उसे अपने साथ ले गई थी। पुलिस ने आगे की कार्रवाई के लिए युवती के परिजनों को थाने बुलवाया है। दैनिक भास्कर ने युवती से की बातचीतयुवती ने आपबीती साझा की, धोखे से बेचने और बंधक बनाने के लगाए आरोप प्रश्न 1: आप कहां की रहने वाली हैं? उत्तर: मैं बिहार की रहने वाली हूं। प्रश्न 2: आप यहां कैसे पहुंचीं? उत्तर: मेरे ही रिश्तेदारों ने शादी कराने के बहाने मुझे यहां भेजा और बेच दिया। प्रश्न 3: क्या आपको बताया गया था कि यहां क्या होने वाला है? उत्तर: नहीं, मुझे धोखे में रखकर लाया गया। मुझे कुछ भी नहीं बताया गया था। प्रश्न 4: कितने दिनों तक आपको कमरे में बंद रखा गया? उत्तर: करीब 10 दिनों तक मुझे एक कमरे में बंद करके रखा गया था। प्रश्न 5: क्या आपके साथ मारपीट की गई? उत्तर: हां, मेरे साथ मारपीट की गई और मुझे डराया-धमकाया गया। प्रश्न 6: क्या आपको बाहर निकलने की अनुमति थी? उत्तर: नहीं, दरवाजा बाहर से बंद रहता था। मुझे कहीं जाने नहीं दिया जाता था। प्रश्न 7: आप वहां से कैसे भाग पाईं? उत्तर: मौका मिलते ही मैं किसी तरह कमरे से भागी और बाहर आकर ग्रामीणों को अपनी पूरी बात बताई। प्रश्न 8: क्या आपने पहले किसी को इसकी जानकारी देने की कोशिश की थी? उत्तर: नहीं, मुझे किसी से बात करने नहीं दी जाती थी। प्रश्न 9: क्या आपको धमकी दी गई थी? उत्तर: हां, कहा गया था कि अगर किसी को बताया तो जान से मार देंगे। प्रश्न 10: आप अभी क्या चाहती हैं? उत्तर: मैं सुरक्षित रहना चाहती हूं और अपने घर वापस जाना चाहती हूं। प्रश्न 11: क्या आप दोषियों के खिलाफ कार्रवाई चाहती हैं? उत्तर: हां, जिन्होंने मुझे बेचा और मेरे साथ गलत किया, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। प्रश्न 12: क्या आप पुलिस से मदद चाहती हैं? उत्तर: हां, मैं चाहती हूं कि पुलिस मेरी पूरी मदद करे।
बिहार की राजधानी पटना में बीजेपी कार्यालय में प्रदेशाध्यक्ष संजय सरोगी की अध्यक्षता में मकर संक्रांति पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर आरएसडब्ल्यूएम-भीलवाड़ा ग्रुप की ओर से प्रतिभा मीणा ने बिहार भाजपा कार्यालय के स्टाफ के साथ मकर संक्रांति एवं भीलवाड़ा ग्रुप के चेयरमैन रिजु झुनझुनवाला के जन्मदिन पर अपने औद्योगिक संस्थान की ओर से सौगात भेंट की। कार्यक्रम में जाले विधानसभा से विधायक जिबेश मिश्रा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर प्रतिभा मीणा ने कहा कि राजस्थान और बिहार के बीच सहयोग, सेवा और विकास का यह भाव आगे भी निरंतर बना रहेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बिहार की प्रगति एवं सामाजिक विकास में भीलवाड़ा ग्रुप महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह आयोजन सेवा, सद्भाव और आपसी सहयोग की भावना को सशक्त करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम रहा।
बिहार सरकार का 2026-27 का बजट 3 फरवरी को आने की उम्मीद है। करीब 4 लाख करोड़ रुपए का यह बजट आकार में अब तक का सबसे बड़ा हो सकता है। पिछले बजट से 83 हजार करोड़ रुपए अधिक संभव है। प्रचंड बहुमत से सरकार में लौटे नीतीश कुमार ने अपने पहले पहले बजट में युवाओं और महिलाओं पर खास फोकस किया है। इसमें 2 लाख सरकारी नौकरी और आठवें पे कमीशन का ऐलान हो सकता है। महिलाओं को 2-2 लाख रुपए देने का इंतजाम होगा। भास्कर एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में जानिए, इस बजट की 5 खास बातें 1- युवाओं के लिए खास नौकरी/रोजगार: बिहार सरकार इन्फ्रास्ट्रक्चर से ज्यादा नौकरी और रोजगार पर पैसा खर्च करेगी। सरकार का लक्ष्य अगले 5 साल में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी/रोजगार देना है। बजट में इसका असर दिखेगा। नए साल में 2.64 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी मिल सकती है। सबसे अधिक भर्ती शिक्षा, गृह और स्वास्थ्य विभाग में होगी। 1,42,041 पदों पर बहाली की प्रक्रिया शुरू हो गई है। शिक्षा विभाग में 46,000 पदों पर बहाली होगी। 36 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों की भर्ती होगी। शिक्षा: सरकार स्कूली शिक्षा और साक्षरता के लिए खर्च बढ़ाने जा रही है। इस मद में रिकॉर्ड आवंटन हो सकता है। तकनीकी शिक्षा आदि पर जोर रहेगा। क्लास 6 से कंप्यूटर की पढ़ाई अनिवार्य करने की तैयारी है। इसके लिए पैसे का इंतजाम किया जाएगा। पिछले बजट में भी शिक्षा विभाग को बजट का सबसे बड़ा हिस्सा (19.24%) मिला था। बच्चों को पढ़ाने के लिए 60,946 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई थी। 2- सरकारी कर्मचारियों के लिए खास बजट में सरकारी कर्मियों के लिए 8 वें वेतन आयोग की अनुशंसाओं को लागू करने की गुड न्यूज मिल सकती है। बिहार में सातवें वेतन आयोग की अनुशंसाएं 1 अप्रैल 2017 को प्रभावी हुई थीं। केंद्रीय कर्मियों के लिए 1 जनवरी 2026 से आठवें वेतन आयोग की अनुशंसाएं प्रभावी हो गई हैं। 3- महिलाओं के लिए खास जीविका दीदियों को 2-2 लाख: चुनाव से पहले बिहार सरकार मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना लेकर आई। करीब डेढ़ करोड़ जीविका दीदियों को 10-10 हजार रुपए दिए गए। अब कारोबार शुरू करने वाली महिलाओं को 2-2 लाख रुपए देने हैं। बजट में इसके लिए फंड की व्यवस्था होगी। बिहार की सभी जीविका दीदियों को 2-2 लाख रुपए देना सरकार के लिए बड़ी चुनौती है। इसके लिए 2.8 लाख करोड़ रुपए से अधिक जुटाने होंगे। इसे देखते हुए कारोबार शुरू करने की शर्त रखी गई है। पिंक बस सेवाओं का विस्तार: यात्रा करने में महिलाओं को सुविधा हो इसके लिए सरकार पिंक बस सेवाओं का विस्तार करने जा रही है। इस बस में सिर्फ महिलाएं यात्रा करती हैं। अभी पटना समेत 5 जिलों में पिंक बस चल रहे हैं। इसे सभी जिलों तक ले जाने की योजना है। ये बसें महिलाएं चलाएंगी। 4- बुजुर्गों के लिए क्या चुनाव से पहले सरकार ने विधवा पेंशन और वृद्धा पेंशन की राशि 400 रुपए से बढ़ाकर 1100 रुपए प्रति माह की थी। बजट में इसके लिए फंड की व्यवस्था होगी। बुजुर्गों को घर पर ही इलाज मिल सके, इसके लिए भी व्यवस्था किए जाने की उम्मीद है। 5- इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए क्या सड़क पुल-पुलिया का निर्माण: सरकार ने किसी भी जिले से पटना आने में लगने वाले समय को 4 घंटे करने का लक्ष्य रखा है। इसे 2027 तक पूरा करना है। इसके लिए सड़क, पुल और पुलिया जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश बढ़ाया जाएगा। बड़े शहरों में रिंग रोड, बाइपास, फ्लाईओवर आदि पर खर्च बढ़ेंगे। बिहार सरकार 5 नए एक्सप्रेस वे बनाने पर काम कर रही है। इसे मुंबई-पुणे एक्सप्रेस वे मॉडल पर तैयार किया जाएगा। इन सड़कों का निर्माण पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप से होगा। रोड बनाने वाली कंपनी टोल वसूलकर लागत निकालेगी। इसके बाद सड़क सरकार को देगी। बिहार में अभी केंद्र सरकार के स्तर पर चार एक्सप्रेस-वे का निर्माण चल रहा है। ये हैं पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस वे, गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे, रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस और वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेस। एयरपोर्ट: मुंगेर, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, सहरसा, बीरपुर (सुपौल) और वाल्मीकि नगर में एयरपोर्ट बनाए जाने हैं। गया एयरपोर्ट का विस्तार होगा। बिहार में एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने सिविल एविएशन डिपार्टमेंट बनाया है। लग सकते हैं ये दो बड़े झटके 1- जमीन खरीदना होगा महंगा बिहार सरकार जमीन का सर्किल रेट बढ़ाने की तैयारी कर रही है। इसे 3-4 गुना तक बढ़ाया जा सकता है। इससे जमीन खरीदने की लागत बढ़ेगी। शुल्क के रूप में सरकार को ज्यादा आमदनी होगी। सरकार ग्रामीण इलाकों में 12 साल तो शहरी इलाकों में 9 साल बाद सर्किल रेट बढ़ाने वाली है। 2- बढ़ सकती है बिजली की दरें बिजली की दरें 35 पैसा प्रति यूनिट बढ़ाई जा सकती है। अभी इसके लिए बिजली कंपनियों ने प्रस्ताव दिया है। विद्युत विनियामक आयोग द्वारा इसपर जनसुनवाई की जाएगी। इसके बाद फैसला होगा। क्या है नीतीश सरकार के बजट का आकार? बिहार सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 3.16 लाख करोड़ रुपए का मूल बजट पेश किया था। इसके बाद 57,946 करोड़ रुपए का पहला और 91,717.11 करोड़ रुपए का दूसरा सप्लीमेंट्री बजट पेश किया। तीनों को जोड़ दें तो कुल आंकड़ा 4.66 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंच जाता है। साल दर साल बजट आकार में 2016-2025 तक हुई वृद्धि को देखें तो यह औसतन करीब 10 फीसदी रहा है। 2016 में सबसे अधिक 19% वृद्धि हुई थी। सबसे कम 3 फीसदी वृद्धि 2021-22 में हुई थी। वित्त वर्ष 2026-27 में नया रिकॉर्ड बनने की संभावना है। ऑनलाइन बन रहा बजट 2026-27 बिहार सरकार हाइटेक हो गई है। 2026-27 का बजट ऑनलाइन बनाया जा रहा है। इसके लिए वित्त विभाग ने सभी विभाग के अधिकारियों को चार दिन की ट्रेनिंग दी थी।
बिहार में 40 साल बाद भीषण ठंड पड़ रही है। पछुआ हवा के चलते रात में हड्डी भेद देने और खून जमा देने वाली ठंड महसूस हो रही है। हजारों लोग ऐसे में भी खुले आसमान के नीचे सोने को मजबूर हैं। ओढ़ने को कंबल नहीं, जलाने को लकड़ी नहीं। कोई चट्टी का बोरा ओढ़े हुए है तो कोई प्लास्टिक। इसके नीचे फटे-पुराने चद्दरों से किसी तरह जान बचाने की कोशिश। घुटने छाती से लगाकर सोते हैं ताकि गर्मी बनी रहे, लेकिन रात कांपते हुए कटती है। आधी रात में तापमान 4 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है। लोगों ने कहा कि ऐसी सर्दी कभी नहीं देखी। दैनिक भास्कर की टीम ने बिहार के सबसे ठंडे 5 शहरों में देर रात से सुबह तक सड़कों पर घूमकर देखा कि लोग किस तरह सर्दी की रात काट रहे हैं। पढ़िए रिपोर्ट… गयाजी: ओढ़ने को कंबल नहीं, कांपते हुए कटती है रात रात 10.00 बजे, गांधी मैदान, गया रविवार रात हमने गया शहर के प्रमुख इलाकों में घूमकर बेघर लोगों की स्थिति देखी। सबसे पहले हम डीएम ऑफिस पहुंचे। परिसर के बाहर रैन बसेरा का बोर्ड लगा दिखा। पास गए तो देखा कि रैन बसेरा के गेट पर ताला लगा है। आसपास के लोगों से पूछा तो पता चला कि यहां अब रैन बसेरा नहीं है। रैन बसेरा का ऑफिस है। दिन में खुलता है। इसके बाद रात करीब 10 बजे हम गांधी मैदान पहुंचे। यहां 4 रैन बसेरा हैं। देखा कि रैन बसेरा संख्या 2 में 12 बेड लगे हैं। बेड पर एक आदमी सत्येंद्र यादव लेटे हैं। रैन बसेरा की देखरेख करने वाले छोटू ने बताया, ‘आज 7 लोगों ने बुक कराया है। 6 लोग बाहर आग ताप रहे हैं। यहां कंबल की कमी है। एक आदमी को 1 कंबल दे पाता हूं।’ सत्येंद्र यादव ने बताया, ‘शेरघाटी का रहने वाला हूं। यहां गाड़ी चलाता हूं। 1 कंबल से ठंड नहीं जाती। रात को काफी ठंड लगती है। 40 साल में ऐसी सर्दी कभी नहीं देखी।’ इसके बाद हम रैन बसेरा संख्या 3 पहुंचे। देखा कि सभी बेड फुल हैं। देखरेख करने वाले प्रकाश ने कहा, ‘एक आदमी को दो कंबल देने का आदेश है। हमारे पास पर्याप्त कंबल हैं। सभी को 2-2 कंबल दिए हैं।’ कंबल लपेट कर रात गुजारने को मजबूर थे लोग इसके बाद हम गयाजी रेलवे स्टेशन पहुंचे। देखा कि टिकट काउंटर के बाहर खुले आसमान के नीचे एक महिला और एक पुरुष सोए हैं। एक ने कंबल ओढ़ा था, दूसरे ने बोरा। गद्दर नाम के युवक ने कहा, ‘समस्तीपुर से आया हूं। काम करने मानिकपुर जाना है।’ स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर हमें 3 लड़के कंबल में लिपटे मिले। केबिन नाम के लड़के ने बताया, ‘खुले में सोना हमारी मजबूरी है। घर नहीं है। पिता नहीं हैं। मां दिमाग से हल्की हैं। ठंड लगती है, लेकिन क्या करें।’ कैमरा बंद होते ही उसने कहा, ‘साहब कंबल है क्या? एक कंबल दिला दीजिए। बहुत ठंड लगती है।’ इसके बाद हमारी नजर स्टेशन पर एक पेड़ के नीचे बैठे बुजुर्ग पर पड़ी। वे ठंड से कांप रहे थे। हमने पूछा कि यहां सोते हैं क्या बाबा? इस पर वह कुछ नहीं बोले। पास मौजूद दुकानदार ने बताया, ‘ये भीख मांगते हैं। रात में यहीं सोते हैं।’ इसके बाद हम बाटा मोड़ चौराहा पहुंचे। यहां एक मंदिर की ओट में अलाव के पास कुछ लोग सोए मिले। इसके बाद हम रेलवे स्टेशन के दूसरे गेट के पास पहुंचे। यहां दुकान के बाहर कुछ लोग सोए मिले। रिक्शा चालक राजेंद्र चौधरी ने कहा, ‘कोंच का रहने वाला हूं। रिक्शा चलाता हूं। रात में दुकान के बाहर सोता हूं। कमाई इतनी नहीं कि किराया का कमरा ले सकूं। कंबल नहीं, बोरा ओढ़कर किसी तरह गुजारा करता हूं। कांपते हुए रात कटती है।’ यहां, शेरघाटी के श्याम मांझी एक पतला सा कंबल ओढ़े कांपते मिले। बोले, ‘ठंड लगती है, लेकिन क्या करें। हमारी मजबूरी है। बर्दाश्त नहीं होता तो उठ कर बैठ जाते हैं। थोड़ी देर चलते है ताकि शरीर में गर्मी आए फिर सोते हैं।’ समस्तीपुर: बोरी ओढ़कर रात काटते हैं रात 9 बजे, बहादुरपुर झुग्गी बस्ती समस्तीपुर में लोग किस तरह ठंड में जी रहे हैं। यह जानने के लिए रात में हम झुग्गी बस्ती, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अस्पताल गए। रात 9 बजे बहादुरपुर में एक झुग्गी के बाहर खुले आसमान के नीचे राहुल कुमार बैठे मिले। पास में उनकी पत्नी राघनी देवी मिट्टी के चूल्हे पर खाना पका रही थीं। दोनों के 5 बच्चे जाग रहे थे। राहुल ने कहा, ‘बैलून बेचता हूं। हमारे पास ओढ़ने के लिए कंबल नहीं है। चट्टी के बोरे ओढ़कर किसी तरह रात काटता हूं। पत्नी जलावन चुनती है तो खाना बनता है। नेता वोट मांगने आते हैं, लेकिन ठंड में देखने नहीं आते। इस झुग्गी में करीब हजार लोग हैं। सबकी कमोबेश यही स्थिति है।’ रात के 11 बजे हम कर्पूरी बस स्टैंड में बनाए गए आश्रय स्थल पहुंचे। देखा कि 30 चौकी पर बिछावन की व्यवस्था की गई है। चार लोग बेड पर लेटकर मोबाइल देख रहे थे। पूछने पर बताया कि सभी बस ड्राइवर हैं। आश्रय स्थल के केयर टेकर मिथिलेश कुमार ने कहा, ‘यहां सभी बेड पर कंबल और मच्छरदानी की व्यवस्था की गई है। नगर निगम की ओर से रोज 5 लोगों को मुफ्त में खाना की व्यवस्था होती है। इसके बाद कोई आता है तो उसे खाने की व्यवस्था खुद करनी होती है। आज रजिस्टर में 15 लोगों ने बुक कराया है। लोग सामान रख कर कहीं गए हैं। अंदर अलाव की भी व्यवस्था की गई है।’ रात करीब 12 बजे हम समस्तीपुर जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर एक पर पहुंचे। एक कंबल में अपनी पत्नी और छोटी बच्ची के साथ सो रहे युवक ने बताया, ‘मेरा नाम उदय महतो है। नेपाल घर है। गुवाहाटी जाना है। सुबह में ट्रेन है। वेटिंग रूम में कमरे का प्रयास किया, लेकिन नहीं मिला।’ रात करीब 3 बजे हम समस्तीपुर सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड पहुंचे। अभिषेक कुमार ने बताया, ‘अपनी मां का इलाज कराने आया हूं। अस्पताल के कर्मी ने बेड पर बिछाने के लिए एक चादर दिया है। कंबल नहीं मिला। ठंड से बचने के लिए घर से कंबल मंगाए हैं। वार्ड में हीटर नहीं है। ठंड से लोग कंपकंपा रहे हैं।’ सुबह 5 बजे हम माल गोदाम चौक पहुंचे। यहां बंजारा लोग स्क्रेप डिपो के गेट के बाहर खुले आसमान के नीचे सोते दिखे। कुछ ने ओस से बचने के लिए मच्छरदानी के ऊपर कंबल लगा रखा था। मुजफ्फरपुर: बच्चे कांप रहे हैं, ठंड से बचने का इंतजाम नहीं रात 10 बजे बैरिया बस स्टैंड मुजफ्फरपुर में कड़ाके की ठंड में लोग कैसे जी रहे हैं। यह देखने के लिए रात के 10 बजे से सुबह के 3 बजे तक हम बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अस्पतालों में गए। जमीनी हकीकत देखी। रात करीब 10 बजे हम मुजफ्फरपुर के बैरिया बस स्टैंड पहुंचे। कुछ लोग खुले आसमान के नीचे बस का इंतजार करते दिखे। मुजफ्फरपुर स्मार्ट सिटी योजना के तहत आधुनिक बस स्टैंड का निर्माण कार्य चल रहा है। इसके चलते पुराने मुसाफिरखाने को तोड़ दिया गया है। बस स्टैंड पर यात्री सुविधाएं लगभग खत्म हो गई हैं। न बैठने की व्यवस्था है, न ठंड से बचाव के लिए अलाव और न रात्रि विश्राम की जगह। सुपौल जाने के लिए दो घंटे से बस का इंतजार कर रहे अमरनाथ तिवारी ने बताया, ‘गोपालगंज से आया हूं। ठंड बहुत है, लेकिन यहां कोई व्यवस्था नहीं है। कम से कम अलाव तो होना चाहिए।’ पंजाब से जोगबनी (नेपाल बॉर्डर) जा रहीं प्रिया कुमारी ने बताया, ‘ट्रेन लेट होने के कारण बस से जाना पड़ रहा है। यहां न बैठने की व्यवस्था है न सुरक्षा।’ दिल्ली से आई शीला आचार्य ने कहा, ‘रास्ते में मेरे साथ ठगी हुई। अब दो घंटे से बस स्टैंड पर खड़ी हूं।’ जोगबनी जाने के लिए बस का इंतजार कर रही कमल काकी ने कहा, ‘ठंड में बाहर खड़े रहना मजबूरी है।’ किशनगंज में स्वास्थ्य विभाग में काम करने वाली मुजफ्फरपुर के कमलपूरा गांव की अंजू देवी ने कहा, ‘रात में सफर करना महिलाओं के लिए बेहद मुश्किल हो गया है।’ बस स्टैंड पर हमें पत्नी और दो बच्चों के साथ यात्रा कर राजा मिले। दिल्ली से आए हैं, अररिया जाना है। उन्होंने कहा, ‘बच्चे ठंड से कांप रहे हैं, लेकिन बस स्टैंड पर कोई सुविधा नहीं है। क्या करूं समझ नहीं आ रहा है।’ रात करीब 11:30 बजे हम रेलवे स्टेशन पहुंचे। पता चला कि मुसाफिरखाना में जगह नहीं है। यात्री खुले में रात बिताने को मजबूर हैं। हमें कुछ यात्री प्लेटफॉर्म और सीढ़ियों पर चादर बिछाकर सोते मिले। कई छोटे बच्चे कांप रहे थे। रात के 1:30 बजे हम सदर अस्पताल पहुंचे। यहां हमें मरीज और परिजनों को ठंड से राहत दिलाने की व्यवस्था नहीं दिखी। हमने बैरिया स्थित आश्रय गृह जाकर देखा। पता चला कि बेड, कंबल और पानी की व्यवस्था है। अलाव की सुविधा नहीं है। दरभंगा: DMCH के इमरजेंसी वार्ड के बाहर अलाव, बस स्टैंड पर व्यवस्था नहीं रात 10 बजे, DMCH गरीब और यात्रा या इलाज के चलते घर से बाहर निकले लोग किस तरह ठंड में रात काट रहे हैं? यह देखने के लिए हम रात 10 बजे से सुबह के 5 बजे तक शहर के कई इलाकों में गए। रात के 10 बजे DMCH पहुंचे। वार्ड के बाहर दर्जनों लोग फर्श पर प्लास्टिक बिछाकर, कंबल ओढ़े नजर आए। इमरजेंसी वार्ड के पास अलाव की व्यवस्था थी। आग सेक रहे लोगों ने बताया कि नगर निगम की ओर से सिर्फ 10kg लकड़ी मिली है। हम रात 11:30 बजे नगर निगम ऑफिस के सामने स्थित रैन बसेरा पहुंचे। देखा कि यहां ताला लगा है। रात के 12 बजे लहेरियासराय के हाजमा चौराहा पहुंचे। देखा कि ऑटो और रिक्शा चालक सवारी का इंतजार कर रहे हैं। कुछ तो ठंड से कांप रहे हैं। चालकों ने बताया कि शाम में अलाव जला था, लेकिन देर रात कोई व्यवस्था नहीं है। दारू भट्टी चौक पर रात 1 बजे दो मजदूर गैस पाइपलाइन का काम करते मिले। उत्तर प्रदेश के रहने वाले इन मजदूरों ने बताया कि दिन में ट्रैफिक के कारण काम संभव नहीं। इसलिए ठंड के बाद भी रात में काम होता है। रात के 2 बजे हम लहेरियासराय बस स्टैंड पहुंचे। देखा कि कुछ लोग फर्श पर कंबल ओढ़कर सो रहे हैं। दरभंगा रेलवे स्टेशन पर सुबह 3 बजे दर्जनों यात्री प्लेटफॉर्म और वेटिंग रूम में प्लास्टिक बिछाकर सोते दिखे। सुबह 4 बजे हम उर्दू बाजार, नीम चौक, सीएम कॉलेज, गुदरी बाजार होते हुए दरभंगा टावर पहुंचे। पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा था। सुबह 5 बजे एनएच-27 के किनारे स्थित दिल्ली मोड़ पर कुछ ऑटो चालक ठंड से कांपते मिले। उन्होंने बताया कि यहां ठंड से बचाव के लिए अलाव की व्यवस्था नहीं है। हमलोग कांपते हुए पूरी रात सवारी का इंतजार करते हैं। भागलपुर: रेलवे स्टेशन पर ठंड से बचाव के इंतजाम नहीं रात 11 बजे, रेलवे स्टेशन भागलपुर के लोग ठंड में किस तरह रात काट रहे हैं। जानने के लिए हम रात के 11 बजे से सुबह तक कई इलाकों में गए। सबसे पहले हम रेलवे स्टेशन पहुंचे। यहां यात्रियों की भीड़ थी। लोग अपनी ट्रेनों का इंतजार कर रहे थे। ठंड से बचाव के इंतजाम नदारद थे। टिकट काउंटर परिसर, प्लेटफॉर्म और वेटिंग एरिया में दर्जनों यात्री फर्श पर चादर या कंबल बिछाकर सोते नजर आए। कई यात्री तो बिना बिस्तर के ही सीधे ठंडे फर्श पर सिकुड़कर रात गुजारने को मजबूर थे। यात्री सुधीर ने बताया, ‘स्टेशन पर पर्याप्त मात्रा में अलाव नहीं जलाए गए हैं। कुछ जगहों पर अलाव जलाया गया था, लेकिन भीड़ के मुकाबले वह नाकाफी साबित हो रहा था।’ स्टेशन के बाहर हमें रिक्शा चालक महेश दास ठिठुरते हुए दिखे। कहा, ‘जो व्यवस्था की गई है, वह ऊंट के मुंह में जीरा जैसी है। ठंड से जूझने वालों की संख्या बहुत ज्यादा है। कई जगह अलाव तो है, लेकिन लकड़ी इतनी कम कि कुछ घंटों में ही आग बुझ जाती है।’ गयाजी से दीपेश, समस्तीपुर से मोहन, मुजफ्फरपुर से धीरज, दरभंगा से राजन और भागलपुर से अमरजीत की रिपोर्ट।
उत्तर बिहार के जिलों में रात व सुबह में हल्का से मध्यम कुहासा रहेगा
सिटी रिपोर्टर| बेगूसराय लगातार ठंड के तापमान में उतार चढ़ाव के साथ मंगलवार को सुबह से ही धूप निकलने से लोगों को कुछ राहत मिली। वहीं शाम होते ही पछुआ हवा के कारण व न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री सेल्सियस होने के कारण लोगों ठंड का एहसास कुछ ज्यादा मिल रहा था। डा. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा मौसम विभाग के अनुसार उत्तर बिहार के जिलों में आसमान साफ रहने की सम्भावना है। रात्रि एवं सुबह में हल्की से मध्यम कुहासा छा सकता है। दिन में मौसम साफ रहने की संभावना है। पूर्वानुमान की अवधि में दिन तथा रात के तापमान में बढ़ोत्तरी हो सकती है। इस अवधि में अधिकतम तापमान 21 से 22 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 8 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। वहीं पूर्वानुमानित अवधि में पछिया हवा चलने का अनुमान है। औसतन 6-8 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। इस बीच सापेक्ष आर्द्रता सुबह में 85 से 95 प्रतिशत तथा दोपहर में 35 से 45 प्रतिशत रहने की संभावना है। वहीं मंगलवार का अधिकतम 22.8 और न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। पिछले तीन दिनों का औसत अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान क्रमशः 17.6 एवं 4.7 डिग्री सेल्सियस रहा। औसत सापेक्ष आर्द्रता 99.0 प्रतिशत सुबह में एवं दोपहर में 71.0 प्रतिशत, हवा की औसत गति 11.0 किमी प्रति घंटा रहा। सूर्य प्रकाश अवधि औसतन 3.1 घंटा प्रति दिन रिकार्ड किया गया तथा 5 सेमी की गहराई पर भूमि का औसत तापमान सुबह में 12.0 एवं दोपहर में 18.9 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
गोरखपुर में मकर संक्रांति के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में लगने वाले खिचड़ी मेला को सकुशल संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और यातायात पुलिस ने ट्रैफिक डायवर्जन एवं पार्किंग व्यवस्था लागू कर दिया है। यह व्यवस्था 14 जनवरी बुधवार से मेला समाप्ति तक प्रभावी रहेगी। इस दौरान महानगर क्षेत्र में कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। वहीं नेपाल, बिहार और अन्य जिलों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए रूटवार पार्किंग बनाई गई है। जहां श्रद्धालु अपनी गाड़ियां खड़ी कर सकेंगे। इस तरह रहेगा डायवर्जन- तरंग ओवरब्रिज से हुमायूंपुर चौराहा होते हुए गोरखनाथ मंदिर की ओर दो, तीन और चार पहिया वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसी प्रकार रामलीला मैदान से मानसरोवर मंदिर होकर झूलेलाल मंदिर की ओर तथा रामलीला मैदान से पुराना गोरखपुर होते हुए झव्या गली मार्ग से गोरखनाथ मंदिर जाने वाले सभी प्रकार के वाहनों पर रोक रहेगी। दशहरी बाग तिराहा, कौड़ियहवा मोड़ और जाहिदाबाद तिराहा से भी मंदिर की ओर किसी भी प्रकार के वाहन नहीं जा सकेंगे। - जेपी अस्पताल से ओवरब्रिज होकर गोरखनाथ मंदिर की ओर तीन और चार पहिया वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। वहीं धर्मशाला चौराहा से गोरखनाथ मंदिर की ओर ऑटो, ई-रिक्शा, मैजिक और लोडर प्रतिबंधित रहेंगे। इन वाहनों को जटाशंकर, गंगेज चौराहा, दुर्गाबाड़ी तिराहा, सूरजकुंड ओवरब्रिज और सुभाष चंद्र बोस कॉलोनी होते हुए अपने गंतव्य की ओर भेजा जाएगा। - यातायात तिराहा से डायवर्जन के बाद छोटे वाहन रेलवे स्टेशन, रेलवे अंडरपास, विछिया, कौवाबाग, असुरन और खजांची चौराहा होकर गंतव्य की ओर जाएंगे। फर्टिलाइजर फैक्टरी से निकलने वाले भारी वाहनों को झुंगिया, गुलरिहा, भटहट, सोनबरसा और महुआतर होते हुए जंगल कौड़िया की ओर भेजा जाएगा। - भारी वाहनों के लिए भी विशेष डायवर्जन लागू किया गया है। वाराणसी और लखनऊ की ओर से सोनौली, सिद्धार्थनगर, फरेन्दा और महराजगंज जाने वाले भारी वाहन (श्रद्धालुओं के वाहनों को छोड़कर) कालेसर फोरलेन, जंगल कौड़िया और चिउटहा मार्ग से जाएंगे। इसी प्रकार इन क्षेत्रों से लखनऊ व वाराणसी की ओर जाने वाले वाहन भी इसी रूट का प्रयोग करेंगे। सिद्धार्थनगर, सोनौली और फरेंदा से गोरखपुर आने वाले भारी वाहन बरगदवा से आगे प्रतिबंधित रहेंगे। रूटवार पार्किंग तय, पार्क होंगे अलग-अलग मार्गों से आने वाले वाहनगोरखनाथ मंदिर में लगने वाले खिचड़ी मेला के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और वाहनों के दबाव को देखते हुए जिला प्रशासन व यातायात पुलिस ने रूटवार पार्किंग व्यवस्था लागू की है। अलग-अलग दिशाओं से आने वाले वाहनों के लिए पार्किंग स्थल चिन्हित किए गए हैं। ताकि यातायात सुचारु रहे और मेला क्षेत्र में जाम की स्थिति न बने। रूट नंबर 1 : बिहार, बलिया, देवरिया, वाराणसी, आजमगढ़, मऊ, कुशीनगर, जौनपुर, लखनऊ, बस्ती और संतकबीर नगर मार्ग की ओर से आने वाले वाहनों के लिए पार्किंग भगवती महिला महाविद्यालय परिसर और गोरखनाथ ओवरब्रिज चढ़ने से पहले दक्षिणी छोर स्थित आरपीएफ ग्राउंड में बनाई गई है। रूट नंबर 2 : सिद्धार्थनगर, फरेन्दा, नेपाल, सोनौली, महराजगंज, पीपीगंज, कैम्पियरगंज, पिपराइच, भटहट, गुलरिहा और चिलुआताल मार्ग से आने वाले वाहनों की पार्किंग लेबर तिराहा से रामनगर तिराहा, नथमलपुर बगीचा पार्किंग, औद्यौगिक क्षेत्र मोड़ से रामनगर तिराहा तक सड़क के दोनों तरफ और स्प्रिंगर स्कूल मोड़ रोड के दोनों पटरियों पर बनाई गई है। रूट नंबर 3 : शहर क्षेत्र राजघाट, कोतवाली, तिवारीपुर, सूरजकुंड कॉलोनी मार्ग से आने वाले वाहनों के लिए रामलीला मैदान अंधियारी बाग रामलीला मैदान और मौलाना आजाद गर्ल्स इंटर कॉलेज परिसर में पार्किंग की व्यवस्था रहेगी। रूट नंबर 4 : ग्रीन सिटी, डोमिनगढ़ और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले वाहनों को शान्तिवरन मैरेज लॉन तथा कौड़िहवा मोड़ स्थित नवनिर्मित एस्प्रा कॉम्प्लेक्स में पार्क कराया जाएगा। रूट नंबर 5 : शाहपुर, असुरन, एचएन सिंह मार्ग और हड़हवा फाटक की ओर से आने वाले वाहनों की पार्किंग अंसारी रोड गोरखनाथ स्थित दीपू पासवान और बकार हुसैन की जमीन पर की जाएगी। प्रशासन-पुलिस वाहन पार्किंग : ड्यूटी में लगे पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों के वाहनों की पार्किंग मेवालाल गुरुकुल स्कूल, गोरखनाथ मंदिर गेट नंबर–4 (निकास द्वार) के पास निर्धारित की गई है। भीड़ नियंत्रण के लिए होल्डिंग एरिया: खिचड़ी मेला के दौरान भीड़ प्रबंधन को लेकर विशेष होल्डिंग एरिया भी बनाए गए हैं। झूलेलाल मंदिर के पास स्थित रैन बसेरा (चैत्र दीप मैरेज लॉन के निकट) में 500 लोगों, महायोगी गोरखनाथ कॉम्प्लेक्स में 500 लोगों तथा इस्लामिया गर्ल्स इंटर कॉलेज में 400 लोगों के ठहराव की व्यवस्था की गई है।
बांका में पूर्वी बिहार के सबसे बड़े मंदर महोत्सव सह बौंसी मेला 2026 को लेकर मंगलवार की संध्या जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला ने जिला प्रशासन के साथ संयुक्त ब्रीफिंग की। अधिकारियों ने बताया कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा, यातायात और व्यवस्थापन की व्यापक तैयारियां की गई हैं। मेला का शुभारंभ और आयोजन स्थल इस वर्ष 14 जनवरी से मंदार महोत्सव 2026 का शुभारंभ किया जा रहा है।जिला प्रशासन ने बेहतर निगरानी के लिए जिला नियंत्रण कक्ष/मेला थाना, मेला ग्राउंड और पापहरणी तालाब में अलग-अलग नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं। इन नियंत्रण कक्षों में प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस बल और अग्निशमन दस्ता तैनात रहेंगे। सुरक्षा और व्यवस्थापन पूरे मेला क्षेत्र में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, सशस्त्र बल, लाठी बल और महिला सुरक्षा बल द्वारा नियमित गश्ती की जाएगी। असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी ताकि श्रद्धालु और पर्यटक सुरक्षित वातावरण में मेला का आनंद ले सकें। सांस्कृतिक और खेल कार्यक्रम इस बार महोत्सव में कृषि प्रदर्शनी मेला प्रमुख आकर्षण होगी, जिसमें जिले के किसान अपनी-अपनी फसलें प्रदर्शित करेंगे।साथ ही सीएनडी मैदान में खेल प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। 16 जनवरी को बॉलीवुड पार्श्व गायक एवं इंडियन आइडल फेम कलाकार शाम 7 से रात 10 बजे तक प्रदर्शन करेंगे। यातायात और पार्किंग व्यवस्था प्रशासन ने विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं: भोजन और स्वास्थ्य सुरक्षा मेला क्षेत्र में चार हाई मास्ट चेक टावर लगाए गए हैं। फूड इंस्पेक्टर और मजिस्ट्रेट को निर्देश, दुकानों में श्रद्धालुओं को शुद्ध और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना है। प्रशासनिक सहभागिता ब्रीफिंग में उपस्थित अधिकारी जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला, एसडीएम अविनाश कुमार, राजकुमार, ट्रेकिफ एसडीपीओ नीरज कुमार, एसडीपीओ इंद्रजीत बैठा, थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर राजरतन कुमार, अंचलाधिकारी कुमार रविसाथ ही विभिन्न विभागों के पदाधिकारी भी मौजूद थे।
सीनियर जर्नलिस्ट और लेखक अरविंद मोहन की 2 किताबें लॉन्च हुई हैं। ये बुक्स बिहार की विशेषता और संस्कृति को बताने वाली हैं। इसमें एक बुक का नाम यह जो बिहार है और दूसरे का नाम हमार चंपारण है। यह जो बिहार है बिहार के स्वभाव, बुनियादी चरित्र, ताक़त और कमजोरियों को रेखांकित करती हुई किताब है। इसमें बिहार के लोगों, देश के अन्य लोगों को यह बताने का प्रयास किया जा रहा कि बिहार वास्तव में है क्या, क्यों किसी बिहारी को इस पर गर्व करना चाहिए। यह किताब इन सब बातों की चर्चा करते हुए उस बिहार पर भी विचार करती है जो आज है- विकास के लगभग सभी पैमानों पर एकदम आखिरी, स्कूल-कॉलेज, अस्पताल, परिवहन तंत्र और नागरिक सुविधाओं आदि के मामले में पिछड़ा, जहां से लाखों लोग हर साल मजदूरों के रूप में पलायन करते हैं। जहां के लोगों को लोग बिहारी कहकर जैसे नीचा दिखाने की कोशिश करते हैं। वरिष्ठ पत्रकार अरविन्द मोहन ने अलग-अलग समय पर दोनों किताबें लिखी हैं। यह किताब बिहार को एक नई समझ से देखने की वजहें उपलब्ध कराती है। हमर चंपारण जिले की विशेषता को दर्शाती है इसके अलावा 'हमर चम्पारण' इस जिले के जीवन, स्वभाव, इतिहास के कुछ महत्त्वपूर्ण पड़ावों और इसकी आर्थिक सामाजिक स्थिति को दिखाता है। 'कुछ अपनी' और 'कुछ पराई' शीर्षक दो भागों में संयोजित इस किताब के पहले भाग में लेखक चम्पारण से अपनी भावनात्मक तारतम्यता को बनाए रखते हुए उसके ऐतिहासिक और भौगोलिक परिचय देते हैं। 2 भागों में कई मैसेज वहीं चम्पारण सत्याग्रह, ध्रुपद की परम्परा, वहां की चीनी मिलों और गन्ने की खेती आदि विभिन्न विषयों पर लिखे गए अपने शोधपरक आलेखों में चम्पारण का एक वृहत्तर चित्र पाठक के सामने रखते हैं। जिसमें गांधी, नील की खेती, निलहों का जुल्म और चम्पारण के लोगों का संघर्ष खासतौर पर दिखाई देता है। दूसरे भाग में कुछ ऐसे आलेख भी हैं, जो उन लोगों ने लिखे थे जिन्होंने बहुत गहराई से यहां के जीवन, आबोहवा और विडम्बना को देखा था। इनमें जॉन बीम्स, नगेन्द्रनाथ गुप्त, राजेन्द्र प्रसाद, पीर मुहम्मद मूनिस, शम्भुनाथ मिश्र और महात्मा गांधी के लेख उल्लेखनीय हैं।
बांका में पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा संचालित अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय +2 उच्च विद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नामांकन प्रक्रिया 10 जनवरी 2026 से शुरू हो रही है। जिला कल्याण पदाधिकारी ने यह जानकारी दी। इच्छुक और पात्र छात्राएं 10 जनवरी 2026 से 9 फरवरी 2026 तक विभागीय वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगी। जिला कल्याण पदाधिकारी के अनुसार, ऑनलाइन प्रवेश पत्र 15 फरवरी 2026 से 22 फरवरी 2026 तक डाउनलोड किए जा सकेंगे। प्रवेश परीक्षा 1 मार्च 2026 (रविवार) को होगी, जिसके परिणाम 13 मार्च 2026 को घोषित किए जाएंगे। शैक्षणिक गतिविधियां 1 अप्रैल 2026 से शुरू होंगीचयनित छात्राओं का नामांकन 16 मार्च 2026 से 23 मार्च 2026 तक होगा। विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियां 1 अप्रैल 2026 से शुरू होंगी। प्रत्येक प्रश्न एक अंक का होगानामांकन कक्षा 6 से 9 तक के लिए लिखित वस्तुनिष्ठ परीक्षा के आधार पर होगा। यह परीक्षा कुल 100 अंकों की होगी, जिसमें 100 प्रश्न शामिल होंगे और प्रत्येक प्रश्न एक अंक का होगा। प्रश्नपत्र में हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान से 20-20 अंकों के प्रश्न पूछे जाएंगे। परीक्षा की अवधि दो घंटे निर्धारित की गई है। विद्यालय में उपलब्ध सीटों का विवरण इस प्रकार है: कक्षा 6वीं में 40 सीटें, कक्षा 7वीं में 6 सीटें, कक्षा 8वीं में 4 सीटें और कक्षा 9वीं में 4 सीटें। 6वीं के लिए आयु 10 से 13 वर्षविभागीय नियमों के अनुसार, अभ्यर्थियों की आयु 1 अप्रैल 2026 को निर्धारित सीमा के भीतर होनी चाहिए। कक्षा 6वीं के लिए आयु 10 से 13 वर्ष, कक्षा 7वीं के लिए 11 से 14 वर्ष, कक्षा 8वीं के लिए 12 से 15 वर्ष और कक्षा 9वीं के लिए 13 से 16 वर्ष निर्धारित की गई है। निर्धारित आयु सीमा से बाहर के आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। ऑनलाइन आवेदन के समय अभ्यर्थियों को कुछ आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। इनमें जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र (वार्षिक आय तीन लाख रुपये से कम), आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो और वर्तमान विद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारा जारी जन्मतिथि एवं कक्षा का प्रमाण पत्र शामिल हैं। ऑनलाइन आवेदन केवल विभागीय वेबसाइट https://bcebconline.bihar.gov.in के माध्यम से ही किया जाएगा।
पंजाब के लुधियाना में आम आदमी पार्टी के विधायक दलजीत सिंह ग्रेवाल भोला ने नशा बेचने वालों के खिलाफ अभियान चलाया हुआ है। भोला ने हलका पूर्वी के अलग-अलग इलाकों में नशा बेचने वालों पर शिकंजा कसा है। इसका एक वीडियो सामने आया है जिसमें विधायक भोला द्वारा एक खोखे पर रेड की गई। विधायक ने नशे का सामान बेचने वाले व्यक्ति की जमकर क्लास लगाई। लोगों ने खोखे से नशे में इस्तेमाल होने वाले पेपर भी बरामद किए। भोला ने इलाका पुलिस को सख्त आदेश दिए कि वह नशा तस्करों के बड़े मगरमच्छों को पकड़ने ना की छोटी मछलियों को। भोला ने पुलिस को कहा कि खोखे वाले से सख्ती से पूछा जाए कि वह नशे में इस्तेमाल होने वाला सामान कहां से लाता है कौन इसे सप्लाई करता है। उन्होंने पुलिस से कहां कि इलाके में नशा कही बिकना चाहिए। बच्चे खराब हो रहे है मैं ये सहन नहीं करूंगा। एसएचओ से भी कह दिया है कि प्रत्येक खोखे वाले को अच्छे से चेक करें। अब पढ़िए वीडियो में विधायक भोला ने क्या बोला MLA भोला- तुम ने तीन लोगों को क्या बेचा। जो बेचा वो दिखाओ। अगर अपने आप दिखाओगे तो ठीक है नहीं तो जेल भी जाओगे और खोखा भी बंद करवाओगे। खोखे वाला- मैं चिट्टा नहीं बेचता मैं सिर्फ पेपर बेचता हूं। MLA भोला- कहां के रहने वाले हो। खोखे वाला- बिहार का रहने वाला हूं। MLA भोला- बिहार से आकर पंजाबियों को मारने लगे हो।
बिहार सरकार के उद्योग एवं पथ निर्माण मंत्री दिलीप जायसवाल सोमवार को दरभंगा पहुंचे। इस दौरान पार्टी के कार्यकर्ताओं से मिले। मुख्यमंत्री की आगामी समृद्धि यात्रा, राज्य में औद्योगिक विकास, निवेश, भूमि अधिग्रहण और युवाओं के रोजगार से जुड़े कई अहम बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी दी। मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पिछले 20 वर्षों से लगातार जनता के सुख-दुख को समझने और शासन तंत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से जिलों का दौरा करते रहे हैं। अब 'विकसित बिहार' के सपने को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री एक बार फिर यात्रा पर निकल रहे हैं। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले भी प्रगति यात्रा की थी, जिसमें उन्होंने प्रत्येक जिले की जरूरतों को अपनी आंखों से देखा और जनता की समस्याओं को अपने कानों से सुना। प्रगति यात्रा के दौरान जिन जिलों में मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, औद्योगिक क्षेत्र, लैंड बैंक जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी थी, वहां योजनाएं तय की गईं। इसके बाद महज 15 दिनों के भीतर कैबिनेट की बैठक बुलाकर वित्तीय स्वीकृति दी गई। सभी योजनाओं के टेंडर पूरे किए गए और आज वे योजनाएं धरातल पर उतरती दिख रही हैं। प्रगति यात्रा के दौरान किए गए लगभग सभी वादे अब पूरे होने की कगार पर हैं। 37 बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं पर काम उद्योग मंत्री ने कहा कि सरकार का फोकस शासन व्यवस्था को और मजबूत करने पर है। यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री को हर जिले की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिलती है, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और गति आती है। लगभग 26 हजार करोड़ रुपए की लागत से राज्य में भूमि अधिग्रहण कर लैंड बैंक तैयार किया जा रहा है। कई जिलों में जमीन खरीदी जा चुकी है। बिहार में करीब 37 बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं पर काम चल रहा है। अडानी समूह की एसीसी सीमेंट फैक्ट्री लगभग तैयार है। इसके अलावा जेके सीमेंट, कोका-कोला और अशोक लेलैंड जैसी कंपनियां भी बिहार में निवेश कर रही हैं। इससे राज्य में औद्योगिक माहौल मजबूत हुआ है और रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। युवाओं को दी जा रही है ट्रेनिंग मंत्री दिलीप जायसवाल ने युवाओं के लिए सरकार की योजनाओं पर विशेष जोर देते हुए कहा कि राज्य सरकार केवल बड़े उद्योगों को ही नहीं, बल्कि लघु, कुटीर और घरेलू उद्योगों को भी बढ़ावा दे रही है। पहले स्टार्टअप के लिए युवाओं को 10 लाख रुपए तक की सहायता दी जाती थी, जिसे अब और बढ़ाने की तैयारी है। सरकार चाहती है कि युवा नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बने। 21 जिलों में यह तय किया जा रहा है कि किस क्षेत्र में कौन सा उद्योग लगाया जा सकता है, उसका मार्केटिंग कैसे होगा और कच्चा माल कहां से आएगा। इसके लिए युवाओं को प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की गई है। आईआईटी पटना, चाणक्य लॉ यूनिवर्सिटी, चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान, विभिन्न इंजीनियरिंग कॉलेजों और सबौर कृषि विश्वविद्यालय, पूसा एग्रीकल्चर विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों को इनक्यूबेशन सेंटर के रूप में विकसित किया गया है, जहां युवाओं को उद्योग लगाने से जुड़ी पूरी जानकारी और ट्रेनिंग दी जा रही है। रोजगार और सुशासन के क्षेत्र में नई पहचान मंत्री ने कहा कि आजादी के 78 वर्षों में जितने उद्योग बिहार में नहीं लगे, उससे कहीं ज्यादा उद्योग आने वाले पांच वर्षों में लगने की संभावना है। सरकार का लक्ष्य है कि हर घर में छोटा उद्योग पहुंचे, जिससे आत्मनिर्भर बिहार का सपना साकार हो सके। बिहार में एनडीए सरकार भारी बहुमत से बनी है। देश और दुनिया को यह संदेश गया है कि बिहार की जनता 'जंगल राज' नहीं, बल्कि कानून के राज और सुशासन को पसंद करती है। एनडीए सरकार की दो प्राथमिकताएं स्पष्ट हैं, कानून का राज और युवाओं को रोजगार। इसी कारण निवेशकों के बीच बिहार को लेकर विश्वास बढ़ा है और वे यहां निवेश के लिए आगे आ रहे हैं। 14 जनवरी के बाद खेल होगा, इस सवाल पर मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि वे किसी खेल को नहीं जानते। सिर्फ काम करना जानते हैं और अपनी जिम्मेदारी निभाना जानते हैं। सरकार जनता से किए गए वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले समय में जो 78 सालों मे नही हुआ वो बिहार औद्योगिक विकास, रोजगार और सुशासन के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाएगा।
नीतीश सरकार बिहार में हाईवे के बाद अब एक्सप्रेस वे का नया नेटवर्क तैयार करेगी। ये एक्सप्रेस वे राज्य सरकार के होंगे। शुरुआत में 5 नए एक्सप्रेस वे का निर्माण किया जाएगा। इसका प्रपोजल तैयार कर CM के पास भेजा गया है। वहां से स्वीकृति मिलते ही इसके एलाइनमेंट और डीपीआर बनाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। मुंबई-पुणे एक्सप्रेस वे के आधार पर बिहार में नए एक्सप्रेस वे बनेंगे। इनपर गाड़ियां 100km/h की रफ्तार से दौड़ेंगी। इन्हें बनाने के लिए पैसे जुटाने का तरीका मुंबई-पुणे एक्सप्रेस वे जैसा होगा। इसकी तैयारी शुरू हो गई है। इन पर चलने के लिए आम लोगों को ज्यादा पैसे देने होंगे। इससे सड़क बनाने की लागत वसूल होगी। एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में पढ़िए, बिहार में एक्सप्रेस-वे का नेटवर्क तैयार करने की दिशा में सरकार कौन सी नई पहल कर रही है। सबसे पहले समझिए, मुंबई-पुणे एक्सप्रेस वे का मॉडल बिहार में क्यों? दरअसल मुंबई-पुणे एक्सप्रेस वे देश का पहला सिक्स लेन एक्सप्रेस वे है। लगभग 95km लंबी इस सड़क का निर्माण 1994 में शुरू हुआ था। 2002 में काम पूरा हुआ। तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इसका उद्घाटन किया था। इसे बनाने का श्रेय मौजूदा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को जाता है। सबसे बड़ी खासियत इसे बनाने में होने वाला खर्च है। देश की पहली हाई स्पीड सड़क का निर्माण BOT (बिल्ड ऑपरेट ट्रांसफर) मॉडल के तहत कराया गया था। निजी भागीदारी के तहत सड़क बनाने के इस मॉडल में सरकार को निर्माण के लिए बेहद कम राशि देनी होती है। इसे बनाने की पूरी जिम्मेदारी निर्माण कंपनी की होती है। कंपनी अपनी लागत और प्रॉफिट तय समय में टॉल टैक्स वसूलकर निकालती है। पहले से तय पैसा मिलने के बाद सड़क सरकार को ट्रांसफर कर देती है। सड़क बनाने से लेकर मरम्मत तक की जिम्मेदारी कंपनी की होगी बिहार सरकार यही BOT मॉडल एक्सप्रेस वे निर्माण के लिए लागू कर सकती है। यह पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल है। इसके तहत रोड बनाने के लिए निर्माण कंपनी बैंक से लोन लेती है। सड़क बन जाने के बाद सरकार एक निश्चित समय के लिए कंपनी को इस पर टोल लगाने देगी। सड़क की मरम्मत और इसके संचालन की जिम्मेदारी उसी कंपनी की होगी। इसका फायदा यह होगा कि सड़क बनाने के लिए सरकार को बहुत अधिक पैसा निवेश नहीं करना होगा। मुंबई-पुणे एक्सप्रेस वे के साथ दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे का निर्माण भी इसी मॉडल के तहत किया गया है। बिहार में बनेंगे 5 नए एक्सप्रेस वे 7 निश्चय योजना के तहत बिहार में 5 नए एक्सप्रेस वे बनेंगे। पथ निर्माण मंत्री दिलीप जायसवाल ने भास्कर को बताया, ‘मुख्यमंत्री का फोकस राज्य में कनेक्टिविटी बेहतर बनाने पर है। सरकार की कोशिश है कि राज्य के किसी भी जिले से 5 घंटे के भीतर पटना पहुंचा जा सके। एक्सप्रेस वे कई जिलों को एक साथ बेहतर कनेक्टिविटी दे इसका ध्यान रखा जा रहा है।’ जहां ज्यादा एक्सप्रेस वे वहां की स्टडी करेगी टीम एक्सप्रेस वे निर्माण प्रक्रिया समझने के लिए बिहार सरकार ने एक हाई लेवल कमेटी का गठन किया है। इसमें पथ निर्माण विभाग के सचिव, बिहार राज्य पथ विकास निगम (BSRDC) के महाप्रबंधक और विभाग के मुख्य कार्यपालक अभियंता शामिल हैं। कमेटी के लोग पहले उन राज्यों में जाएंगे जहां सबसे ज्यादा एक्सप्रेस वे हैं। कमेटी के सदस्य मुख्य तौर पर महाराष्ट्र, गुजरात और यूपी का दौरा करेंगे। इन राज्यों में सबसे ज्यादा एक्सप्रेस वे का निर्माण हुआ है या हो रहा है। महाराष्ट्र में अभी 11 एक्सप्रेस वे परियोजनाएं चल रही हैं। यूपी में इनकी संख्या 12 और गुजरात में 7 है। कमेटी एक्सप्रेस वे निर्माण की स्टडी करेगी। टेक्निकल से लेकर फाइनेंस और सोशल इम्पैक्ट तक, हर तरह के असर को समझेगी। इसी आधार पर अपनी रिपोर्ट देगी। रिपोर्ट के आधार पर सरकार बिहार में एक्सप्रेस वे निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी। एक्सप्रेस वे अथॉरिटी का गठन कर सकती है सरकार एक्सप्रेस वे का निर्माण तय समय से हो, इसकी निगरानी की जा सके। इसके लिए बिहार सरकार अलग से एक अथॉरिटी बना सकती है। यह उत्तर प्रदेश की 'उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA)' के मॉडल पर होगा। इसका उद्देश्य नई अथॉरिटी से निजी भागीदारी (PPP मॉडल) के जरिए एक्सप्रेस वे का निर्माण और भूमि अधिग्रहण करना है। पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पहले भी बिहार में सड़क निर्माण के लिए अलग से निगम का गठन हो चुका है। बिहार में केंद्र की मदद से बन रहे 4 एक्सप्रेस-वे बिहार में अभी केंद्र सरकार के स्तर पर चार एक्सप्रेस-वे का निर्माण प्रस्तावित है। ये हैं… 2006 से ADB से लोन लेकर बिहार की सड़क बेहतर बना रही सरकार 2006 से बिहार सरकार ADB (एशियन डेवलपमेंट बैंक) से लोन लेकर राज्य की सड़कों को बेहतर बना रही है। 2026 की बात करें तो 6 जिलों से गुजरने वाली ये 5 अहम सड़कें दो लेन चौड़ी होंगी। इसके लिए बिहार सरकार एडीबी से लोन लेगी। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और डीईए (डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक अफेयर) की मंजूरी की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। सरकार एडीबी से 251 मिलियन डॉलर (2263 करोड़ रुपए) लोन लेगी। यह पूरी परियोजना की कुल लागत का करीब 70 फीसदी है। पूरी परियोजना की कुल लागत 3645 करोड़ रुपए है। पथ निर्माण विभाग की एजेंसी BSRDC ये सड़कें बनाएगी। इन 5 परियोजनाओं के लिए करीब 110 एकड़ जमीन का अधिग्रहण होगा। BSRDC इनमें 3 परियोजनाओं गणपतगंज-प्रतापगंज-परवाहा रोड, मधुबनी-राजनगर-बाबूबरही-खुटौना रोड और सीतामढ़ी-पुपरी-घोघराहा-बेनीपट्टी रोड का अभी डीपीआर बना रही है। ब्रह्मपुर-इटाढ़ी-सरेंजा-जालीपुर रोड (बक्सर-समधा रोड की कनेक्टिविटी भी) का एस्टीमेट फाइनल किया जा रहा है। अतरबेल-जैली-घोघराचट्टी रोड की प्रशासनिक स्वीकृति ली जा रही है।
बिहार में बर्फीली और पछुआ हवा के चलते अभी ठंड से राहत मिलने वाली नहीं है। बिहार के 10 जिलों का तापमान 8 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। मौसम विभाग ने सीतामढ़ी, मधुबनी समेत 8 जिलों में कोल्ड डे का अलर्ट जारी किया है। 20 जनवरी के बाद बिहार के कई जिलों में बारिश का भी अनुमान है। इधर, मौसम विभाग ने आज 8 जिलों में हल्के कोहरे का यलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में आज विजिबिलिटी कम रहने की संभावना है। राज्य के उत्तरी भाग में कोल्ड-डे जैसी स्थिति हो सकती है। उत्तर और दक्षिण-पूर्व इलाके में घना कोहरा छाने की संभावना है। वहीं, पटना में आज भी दिनभर अच्छी धूप निकलने से अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, 17 जनवरी को एक पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना है। 20 से 21 जनवरी तक प्रदेश में इसका असर दिखेगा। उत्तर बिहार से सटे इलाकों में बूंदाबांदी हो सकती है। तेज पछुआ हवा चलने से ठंड बढ़ने की संभावना है। धूप निकली, लेकिन कनकनी से राहत नहीं बीते 24 घंटे में सुबह-सुबह मुजफ्फरपुर समेत कुछ जिलों में घना कुहासा रहा। विजिबिलिटी न के बराबर दिखी। 4.6 डिग्री न्यूनतम तापमान के साथ समस्तीपुर का पूसा सबसे ठंडा रहा। वहीं, पटना समेत प्रदेश के कई जिलों में सोमवार को घने कुहासे के बाद दिनभर धूप खिली रही। इससे ठंड से राहत जरूर मिली, लेकिन पछुआ हवा के चलते शाम में कनकनी बढ़ गई। मौसम से जुड़ी तस्वीरें देखें... 24 जिलों में 11 से नीचे गया तापमान राज्य के कुल 24 जिले ऐसे रहे, जहां न्यूनतम तापमान 11 से नीचे दर्ज किया गया। कई इलाकों में तापमान एकल अंक में पहुंचने से ठिठुरन बढ़ गई। सबसे कम तापमान समस्तीपुर में 4.6 दर्ज किया गया। कुछ जिलों में तापमान दो अंकों के करीब रहा, जहां रोहतास के डेहरी और मुजफ्फरपुर में 10, सासाराम और नालंदा (राजगीर) में 10.2, पटना में 10.7 और अरवल में 10.9 न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। आगे कैसा रहेगा मौसम मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले 6 दिनों तक राज्य में धूप निकलने की संभावना है। इससे धीरे-धीरे कुहासा कम होगा। दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है, जिससे खासकर दोपहर में ठंड से राहत मिलेगी। हालांकि रात और सुबह के समय कंपकंपाती ठंड का असर बना रहेगा। वहीं, पश्चिमी विक्षोभ के कारण 20 और 21 जनवरी को बारिश की संभावना है। इस दौरान तापमान में 1 से 2 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इस दौरान पटना में बादल छाए रह सकते हैं। हालांकि, 24 जनवरी से पूरे बिहार में मौसम साफ होगा और ठंड से राहत मिलेगी।
अब दो लेन की होंगी बिहार की ग्रामीण सड़कें : अशोक
बिहार की ग्रामीण सड़कें अब दो लेन की होंगी। यह काम 7 निश्चय-3 के तहत होगा। ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि बीते 20 वर्षों में बिहार ने ग्रामीण सड़कों के निर्माण का रिकॉर्ड बनाया। पक्की सड़कों से 120876 टोला-बसावट जोड़े गए। 119915 किलोमीटर सड़कें व 2750 पुल बने। मंत्री, सोमवार को मीडिया से मुखातिब थे। बोले- बिहार के विकास के उछाल में ग्रामीण सड़कों का बड़ा योगदान है। गांवों में रहने वालों का चौतरफा विकास हुआ। मंत्री के अनुसार, ग्रामीण सड़कों को दो लेन बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। प्रखंड, अनुमंडल व जिला मुख्यालय से एसएच (राज्य उच्च पथ) व एनएच (राष्ट्रीय उच्च पथ) को जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण सड़कों को चिह्नित करने का काम शुरू है। एक सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा-वित्तीय वर्ष 2024-25 व 2025-26 में कुल 18166 ग्रामीण सड़कों के निर्माण की स्वीकृति दी गई। इसकी कुल लंबाई 30965 किमी है। सुलभ संपर्कता योजना के तहत अब तक 65 योजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। 356.431 करोड़ मंजूर हुए। 13 योजनाओं का निर्माण शुरू हो चुका है। इस दौरान विभाग के प्रधान सचिव देवेश सेहरा, अपर सचिव अभय झा व संजय कुमार, अभियंता प्रमुख निर्मल कुमार भी मौजूद थे। इस वर्ष 909 पुल बनेंगे नए वर्ष में 909 पुल बनने हैं। 670 पुलों के निर्माण का कार्यादेश जारी कर दिया गया है। 239 पुलों का निर्माण टेंडर की प्रक्रिया में है।
पूर्वोत्तर तक फास्ट कॉरिडोर... मुंबई-पुणे मॉडल पर बिहार में 5 एक्सप्रेस-वे बनेंगे
बिहार में सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर को नई रफ्तार देने की तैयारी है। पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने कहा कि राज्य में मुंबई-पुणे की तर्ज पर एक्सप्रेस-वे बनाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस-वे को केंद्र सरकार की हरी झंडी मिल चुकी है, जबकि अन्य कॉरिडोर के लिए प्रस्ताव भेजे जा रहे हैं। कुल पांच एक्सप्रेस-वे बिहार के रोड नेटवर्क को नया आकार देंगे। उन्होंने कहा- बिहार में रोड मेंटनेंस पॉलिसी तैयार की गई है। प्रत्येक चौराहे पर एक मोबाइल नंबर लिखा होगा। इस दौरान यदि सड़क में गड्ढा है या सड़क क्षतिग्रस्त है, तो उसकी तस्वीर खींचकर मोबाइल नंबर पर भेजना होगा। जिसके आधार पर सड़क की मरम्मत की जाएगी। रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस-वे इसका प्रस्ताव भी तैयार किया गया है। इसकी शुरुआत रक्सौल (भारत-नेपाल सीमा) से होगी। यह हल्दिया बंदरगाह (पश्चिम बंगाल) तक जाएगा। यह बिहार और नेपाल को सीधे समुद्री बंदरगाह से जोड़ने वाला कॉरिडोर होगा। इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार को रफ्तार मिलेगी। गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे इसका प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसकी शुरुआत उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से होगी और यह पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक जाएगा। इसे उत्तर बिहार को पूर्वोत्तर भारत से सीधा कनेक्शन मिलेगा। साथ ही सीमावर्ती जिलों में व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस-वे इसे केंद्र सरकार से सैद्धांतिक स्वीकृति मिल चुकी है। इसे पटना से पूर्णिया तक बनाया जाएगा। इससे उत्तर और दक्षिण बिहार की दूरी घटेगी। मिथिला-सीमांचल को राजधानी से सीधा हाई-स्पीड लिंक मिलेगा। कृषि और फूड प्रोसेसिंग उत्पादों को बड़ा बाजार मिलेगा। इंटर स्टेट कनेक्टिविटी मजबूत होगी : इनके अलावा चौथे एक्सप्रेस-वे का निर्माण औद्योगिक और लॉजिस्टिक क्षेत्रों को जोड़ने के लिए किया जाएगा। यह माल ढुलाई के लिए फास्ट कॉरिडोर होगा। इससे उद्योगों को गति मिलेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। पांचवें एक्सप्रेस-वे का उपयोग इंटर स्टेट कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए किया जाएगा। साथ ही नेशनल हाईवे नेटवर्क से फास्ट लिंक विकसित होगा। इससे ट्रैफिक दबाव घटेगा और रोड सेफ्टी बढ़ेगी
फरीदकोट जिले की थाना बाजाखाना पुलिस ने वाहनों से तेल चोरी कर उसे आगे बेचने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान गांव वाड़ा भाईका के ढाबे पर कार्यरत बिहार के पूर्णिया जिले के गांव आमना निवासी मोहम्मद अकबर आलम के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी से तेल से भरे चार बड़े ड्रम, एक 20 लीटर की कैनी,19 खाली ड्रम, 2 खाली कैनियां व एक मोटर बरामद की है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ढाबे पर काम करने के दौरान वहां आने वाले वाहनों से तेल चोरी करता था और उसे सस्ते दामों पर आगे बेच देता था। पुलिस के अनुसार,एसएसपी डॉ. प्रज्ञा जैन के दिशा निर्देश पर असमाजिक तत्वों के खिलाफ मुहिम के तहत थाना बाजाखाना के एसएचओ सुखविंदर सिंह की निगरानी में हवलदार वरिंदर सिंह पुलिस पार्टी के साथ संदिग्ध व्यक्तियों की जांच के सिलसिले में गांव वाड़ा भाईका बस स्टैंड पर मौजूद थे। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि मोहम्मद अकबर आलम ढाबे पर काम करता है और चोरी का तेल बेचने का आदी है। सूचना के आधार पर पुलिस ने तुरंत मौके पर छापेमारी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इस संबंध में उसके खिलाफ थाना बाजाखाना में केस दर्ज किया गया है। इस मामले में एसपी जोगेश्वर सिंह गोराया ने बताया कि अब गिरफ्तार आरोपी का अदालत में पेश कर रिमांड हासिल किया जाएगा, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अवैध गतिविधि में उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं। पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।
राजनांदगांव में 69वीं राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ हो गया है। प्रतियोगिता के पहले ही दिन दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) राजनांदगांव की बालक बास्केटबॉल टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बिहार को 22-15 के स्कोर से हराया। स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया और स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह प्रतियोगिता 11 जनवरी से 15 जनवरी 2026 तक दिग्विजय स्टेडियम, राजनांदगांव में आयोजित की जा रही है। प्रतियोगिता में बास्केटबॉल के 17 वर्ष आयु वर्ग के बालक और बालिका वर्ग के मुकाबले खेले जा रहे हैं। इसमें देश के 27 राज्यों और 9 शैक्षणिक संस्थानों सहित कुल 36 टीमें भाग ले रही हैं। 1006 प्रतिभागियों की सहभागिता प्रतियोगिता में कुल 1006 प्रतिभागी शामिल हैं, जिनमें 429 बालक खिलाड़ी, 402 बालिका खिलाड़ी और 175 कोच शामिल हैं। आयोजन के सफल संचालन के लिए विभिन्न समितियों का गठन किया गया है। ‘कला, कलम और कलाई की नगरी है राजनांदगांव’ – कलेक्टर इस अवसर पर कलेक्टर जितेंद्र यादव ने कहा कि राजनांदगांव को हमेशा से कला, कलम और कलाई की नगरी कहा जाता है। उन्होंने बताया कि यह प्रतियोगिता जिले के लिए एक नए रत्न के समान है। कलेक्टर ने जिले के खिलाड़ियों की ओर से हॉकी, बास्केटबॉल, बैडमिंटन सहित अन्य खेलों में किए गए उत्कृष्ट प्रदर्शन का उल्लेख किया। खेल अधोसंरचना को मिल रही मजबूती कलेक्टर ने जानकारी दी कि जिले में बैडमिंटन अकादमी की स्थापना और सीएसआर के तहत टेनिस खेल को स्वीकृति मिल चुकी है। साथ ही जल्द ही बॉक्स क्रिकेट की भी शुरुआत की जाएगी, जिससे खिलाड़ियों को और बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। CBSE नेशनल चैंपियन होने का मिला फायदा 69वीं जूनियर स्कूल नेशनल बास्केटबॉल प्रतियोगिता के लीग मैच में DPS राजनांदगांव (CBSE) की टीम ने बिहार को 22-15 से हराया। DPS राजनांदगांव की टीम CBSE नेशनल बास्केटबॉल प्रतियोगिता की स्वर्ण पदक विजेता रह चुकी है, जिसके चलते उसे इस स्कूल नेशनल प्रतियोगिता में सीधे प्रवेश मिला। चमकते सितारे बने जीत के हीरो टीम की जीत में हिमांशु सिंह, चिराग चंदेल, सजल, धरम और व्ही यशवंत ने अहम भूमिका निभाई। ये सभी खिलाड़ी रेवाडीह स्थित सर्वज्ञ राव बास्केटबॉल एकेडमी में नियमित अभ्यास करते हैं।
कैथल में पुलिस की स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट की टीम ने एक आरोपी को लाखों रुपए की अफीम सहित काबू कर लिया। आरोपी के कब्जे से 704 ग्राम अफीम बरामद हुई। जिसे वह बिहार के गया क्षेत्र से लेकर आया था। इस अफीम को वह कैथल में ग्राहकों को सप्लाई करने के लिए आया हुआ था। पकड़े गए आरोपी की पहचान जगधर टिकारी गया बिहार निवासी राजीव रंजन के रूप में हुई है। वहीं बरामद नशे की अनुमानित कीमत 1.40 लाख रुपए है। अफीम लेकर पुल के पास खड़ा था बता दें कि पुलिस की टीम को गश्त के दौरान सूचना मिली कि ढांड से चंदलाना रोड पर नेशनल हाईवे 152 डी के पुल पर एक व्यक्ति अफीम लिए हुए खड़ा है। वह इसे कैथल क्षेत्र में सप्लाई करने वाला है। पुलिस की टीम ने रीडिंग पार्टी का गठन किया और मौके पर जाकर उस व्यक्ति को काबू कर लिया। तलाशी में मिला नशा पूछताछ के दौरान जब आरोपी की तलाशी ली गई तो उसके कब्जे से एक प्लास्टिक की थैली में 704 ग्राम अफीम बरामद हुई। बाजार में इस अफीम की कीमत करीब 1.40 लाख रुपए है। पुलिस ने तुरंत आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस प्रवक्ता प्रवीन श्योकंद ने बताया कि इस संबंध में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ ढांड थाना में केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। साथ ही आरोपी से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में जो बातें सामने आएंगी, उन्हीं के आधार पर पुलिस द्वारा आगामी कार्रवाई की जाएगी।
नालंदा जिले में पिछड़ा और अति पिछड़ा वर्ग (बीसी-ईबीसी) की बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर आया है। सिलाव प्रखंड के सब्बैत में स्थित राजकीय अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय +2 विद्यालय में सत्र 2026-27 के लिए दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अभिभावकों के पास अभी भी लगभग एक माह का समय है। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 9 फरवरी निर्धारित की गई है। 47 सीटों के लिए होगी कड़ी प्रतिस्पर्धा विद्यालय प्रशासन के अनुसार, कक्षा 6 से 9 तक कुल 47 रिक्त सीटों पर नामांकन लिया जाएगा। इनमें सर्वाधिक 40 सीटें कक्षा 6 में उपलब्ध है, जबकि कक्षा 7 में 4, 8 में 2 और कक्षा 9 में मात्र 1 सीट रिक्त है। इन सीटों के लिए चयन 1 मार्च को आयोजित होने वाली प्रवेश परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। विद्यालय के प्राचार्य ओम प्रकाश चौबे ने बताया कि यह संस्थान आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के लिए वरदान साबित हो रहा है। हम यहाँ केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि संपूर्ण विकास के अवसर प्रदान करते हैं। परीक्षा का पैटर्न और पाठ्यक्रम प्रवेश परीक्षा दो घंटे की होगी, जिसमें कुल 100 अंकों के ऑब्जेक्टिव प्रश्न पूछे जाएंगे। परीक्षा में हिन्दी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान प्रत्येक विषय से 20-20 अंकों के प्रश्न शामिल होंगे। एडमिट कार्ड 15 से 22 फरवरी के बीच विभागीय वेबसाइट से डाउनलोड कर सकेंगे। परीक्षा परिणाम 13 मार्च को घोषित किया जाएगा, जबकि चयनित छात्राओं का नामांकन 16 से 23 मार्च तक होगा। निशुल्क मिलेंगी सभी सुविधाएं इस आवासीय विद्यालय की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां छात्राओं को सभी सुविधाएं निशुल्क प्रदान की जाती हैं। स्मार्ट क्लासरूम से लेकर सुसज्जित पुस्तकालय और आधुनिक प्रयोगशाला तक, सभी शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध हैं। इसके अलावा रहने, खाने-पीने, वर्दी और पठन-पाठन की समस्त सामग्री भी बिना किसी शुल्क के दी जाती है। यह व्यवस्था उन परिवारों के लिए राहत है जो आर्थिक तंगी के कारण अपनी बेटियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं दिला पाते। पात्रता मानदंड और आवश्यक दस्तावेज आवेदन के लिए परिवार की वार्षिक आय 3 लाख रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए। छात्राओं को अंचल कार्यालय की ओर से जारी जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और आवासीय प्रमाण पत्र के साथ हालिया फोटो और हस्ताक्षर अपलोड करने होंगे। आयु प्रमाण के लिए शैक्षणिक प्रमाण पत्र या स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट मान्य होगा। आयु सीमा की गणना 1 अप्रैल 2026 को आधार पर की जाएगी। कक्षा 6 के लिए 10-13 वर्ष, कक्षा 7 के लिए 11-14 वर्ष, कक्षा 8 के लिए 12-15 वर्ष तथा कक्षा 9 के लिए 13-16 वर्ष की आयु सीमा निर्धारित है। ऑनलाइन आवेदन में सहायता उपलब्ध आवेदन विभागीय वेबसाइट bcebconline.bihar.gov.in पर ऑनलाइन किया जाना है। जिन अभिभावकों को ऑनलाइन आवेदन भरने में कठिनाई हो, वे बिहारशरीफ स्थित जिला पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण कार्यालय में संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं। प्रवेश कार्यक्रम की महत्वपूर्ण डेट ऑनलाइन आवेदन- 10 जनवरी से 9 फरवरी तक एडमिट कार्ड डाउनलोड- 15 से 22 फरवरी प्रवेश परीक्षा- 1 मार्च (रविवार) परिणाम घोषणा- 13 मार्च नामांकन प्रक्रिया- 16 से 23 मार्च कक्षाओं का शुभारंभ- 1 अप्रैल से
माता-पिता से नाराज होकर दिल्ली जाने के लिए निकली तीन नाबालिग लड़कियों को कानपुर में बरामद किया गया। तीनों लड़कियां बिहार से भागकर दिल्ली की ट्रेन में चढ़ गई थी। कंट्रोल रूम के जरिए नाबालिग लड़कियों की कानपुर आरपीएफ को दी गर्इ थी। नाबालिग की सूचना मिलने के बाद कानपुर में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की टीम एलर्ट हो गई और छात्राओं की खोजबीन शुरू की। जिसके बाद उन्हें सकुशल बरामद कर लिया गया। थाने में छात्राओं से पूछताछ करने के बाद बिहार पुलिस और उनके परिजनों को सूचना दी गई। स्टेशन पर घूम रही थी तीनों नाबालिग आरपीएफ इंस्पेक्टर एसएन पाटीदार ने बताया कि कंट्रोल रूम के जरिए उन्हें सूचना मिली कि बिहार से दिल्ली की ओर जाने वाली महाबोधी एक्सप्रेस में तीन नाबालिग लड़कियां सवार हैं। यह घर से भागकर आई हैं और बिहार के गया में इनकी गुमशुदगी का मुकदमा भी दर्ज किया गया है। तीनों लड़कियों की आरपीएफ को फोटो भी भेजी गई। जिसके बाद आरपीएफ की टीम महाबोधी एक्सप्रेस के कानपुर आने पर जनरल कोच में उन्हें तलाशने लगी। यात्रियों को लड़कियों की फोटो दिखाई गई, लेकिन वह नहीं मिली। जिसके बाद बिहार से उनकी लोकेशन भेजी गई। लोकेशन से सर्च करने पर तीनों छात्राएं स्टेशन पर घूमती हुई मिली। तीनों माता-पिता से थी नाराज आरपीएफ ने तीनों लड़कियों को स्टेशन के कैंट साइट टिकट घर के पास से बरामद किया। जिसके बाद उन्हें थाने लाकर पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि एक साथ पढ़ाई करती हैं। उन्होंने अपना नाम मुस्कान (14) पुत्री संतोष लोहानी, संध्या उर्फ स्नेहा (14) पुत्री संतोष पासवान और सानिया (13) पुत्री संतोष कुमार बताया। तीनों गया जिले की रहने वाली थी। घर से नाराज होकर वह निकली थी और दिल्ली जा रही थी। जिसके बाद आरपीएफ ने गया कोतवाली प्रभारी से संपर्क किया और छात्राओं की सूचना दी। जिसके बाद गया पुलिस और छात्राओं के परिजन कानपुर पहुंचे। जांच के बाद छात्राओं को बिहार पुलिस व उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। आरपीएफ थाना प्रभारी एसएन पाटीदार ने बताया कि छात्राओं को सकुशल उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। गया पुलिस से छात्राओं की सूचना मिली थी, जिसके बाद आरपीएफ ने तत्काल कार्रवाई करते हुए छात्राओं को बरामद कर लिया था।
मेरी मां को हार्ट अटैक आया था। वह दर्द से तड़प रही थी, लेकिन अस्पताल के स्टाफ पैसा लेने पर अड़े थे। बिना पैसे लिए यहां न नंबर लगता है, न बेड मिलती है।’ यह दर्द है बेगूसराय के वीरेंद्र कुमार का। वह पटना के IGIC अस्पताल में मां का इलाज करा रहे हैं। बिहार में 40 साल बाद भीषण ठंड पड़ रही है। इसके चलते हार्ट अटैक के मरीजों की संख्या तीन गुना बढ़ गई है। पटना के IGIC से लेकर IGIMS और PMCH मरीजों से भरा है। ऐसे में हम राज्य के सबसे बड़े हार्ट हॉस्पिटल IGIC पहुंचे। जाना कि यहां दिल के मरीजों का इलाज किस तरह हो रहा है। पता चला कि पर्ची कटाने से लेकर बेड पाने तक हर छोटे-बड़े काम में दलालों की जेब गर्म करनी पड़ती है। बिहार का सबसे बड़े सरकारी हार्ट हॉस्पिटल IGIC खुद कितना बीमार है। मरीजों को क्या परेशानी हो रही? स्टाफ की कितनी कमी है? पढ़ें ग्राउंड रिपोर्ट… सबसे पहले जानिए क्या कहते हैं मरीजों के परिजन मां को हार्ट अटैक आया, नंबर से लेकर बेड तक के लिए मांगते हैं पैसे हमने वीरेंद्र कुमार से बात की। बेगूसराय के रहने वाले हैं। अपनी मां मंजू देवी का इलाज कराने आए हैं। उन्हें हार्ट अटैक आया था। वीरेंद्र ने कहा, ‘मेरी मां को हार्ट अटैक आया था। बेगूसराय से यहां इमरजेंसी में लेकर आया। टोकन कैसे कटेगा पता नहीं चलता है। दलाल मिलते हैं। नंबर लगाने के लिए 200-300 रुपए लिए। अंदर गए तो एम्बुलेंस से उतारने और व्हीलचेयर पर रखने के 200-300 रुपए लिए।’ उन्होंने कहा, ‘पैसे देने पर ही वे लोग (अस्पताल के कर्मचारी) मरीज को उतारकर ले जाते हैं। 500-1000 रुपए मांगते हैं। 200-300 से नीचे बात ही नहीं करते। बेड चाहिए तो फिर दौड़ते रहिए, पैसा दीजिए। मुंह में लगाने वाले पाइप के लिए 1500 रुपए मांगते हैं। बाहर यह 60 रुपए में मिल जाता है।' प्राइवेट में 4.5 लाख रुपए लगते, यहां मुफ्त इलाज हुआ छपरा से आए शिव वचन सिंह ने कहा, ‘यहां मेरी सास पार्वती देवी की बायपास सर्जरी हुई है। मुख्यमंत्री कोष से इलाज चल रहा है। पैसे नहीं लगे। यहां 3-4 दिन रहेंगे। सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। डॉ. मोहम्मद गजनफर ने सर्जरी की। प्राइवेट में इलाज कराने पर 4.5 लाख रुपए लगते।’ मेरी सास को दो जगह ब्लॉकेज है समस्तीपुर के दलसिंहसराय से आए ऋषि ओम पटेल ने कहा, ‘मैं अपनी सास रंजू देवी का इलाज कराने आया हूं। बेड, इलाज और भोजन पर खर्च नहीं लगा। एंजियोग्राफी में 7 हजार रुपए लगे। पता चला कि दो जगह ब्लॉकेज है। दो स्टेंट फ्री में लगाया जाएगा।’ बहुत बढ़िया इलाज हो रहा, मैनेजमेंट की कमी है वैशाली के महनार से अपने चाचा लखन देव पंडित का इलाज कराने आए राजा कुमार ने कहा, ‘यहां बहुत बढ़िया इलाज हो रहा है। जो दवा नहीं मिलती उसे बाहर से लाते हैं। मैनेजमेंट की थोड़ी बहुत कमी है। दीदी लोग पैसा के लिए परेशान करती हैं। अगर अलग शिफ्ट होना है तो उसके लिए पैसा चाहिए।’ अब जानिए IGIC की सबसे बड़ी परेशानी, डॉक्टर से लेकर नर्स तक कितने स्टाफ कम IGIC की सबसे बड़ी परेशानी स्टाफ की कमी है। यहां तय क्षमता से काफी कम डॉक्टर, नर्स और बाकी टेक्निकल स्टाफ हैं। विकास चंद्र उर्फ गुड्डू बाबा को सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त आंकड़े से यह खुलासा हुआ है। अस्पताल उपाधीक्षक के दोनों पद, अस्पताल अधीक्षक के एक में एक पद, वार्ड सिस्टर/नर्सिंग सिस्टर के 12 में 12 पद खाली हैं। कैथ लैब टेक्नीशियन के 12 में 12 पद , ईसीजी टेक्नीशियन के 21 में 15 पद और ड्रेसर के 13 में 12 पद खाली हैं। संयुक्त निदेशक के दो पद हैं, दोनों रिक्त हैं। उपनिदेशक के 5 पद हैं, पांचों रिक्त हैं। सहायक निदेशक के सभी 9 पद खाली हैं। एनेस्थीसिया से जुड़े कई पद खाली हैं। ओपन हार्ट सर्जरी और बाल हृदय योजना के बच्चों की सर्जरी में एनेस्थेटिक की बड़ी भूमिका रहती है। रेडियोलॉजी में विशेषज्ञ डॉक्टर ग्रेड टू के 4 पद स्वीकृत हैं, लेकिन 2 पद खाली हैं। पेडियाट्रिक्स कार्डियोलॉजी ग्रेड 2 के 2 पद स्वीकृत हैं, 1 खाली है। निदेशक ने 3 सितंबर 2025 को इन पदों पर बहाली के लिए स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखा था। भास्कर ने आईजीआईसी के वरिष्ठ चिकित्सा पदाधिकारी सह लोक सूचना पदाधिकारी डॉ. अमिताभ से बात की। उन्होंने बताया, ‘स्वीकृत पदों पर भर्ती बिहार लोक सेवा आयोग और चयन पर्षद द्वारा की जानी है। उसकी अधिसूचना राज्य सरकार ने भेजी है। जल्द बहाली होगी। यहां डॉक्टर व अन्य स्टाफ काफी पुराने हैं। उनके अनुभव की वजह से मरीजों को परेशानी नहीं होती है।’ छठी मंजिल पर टॉयलेट की स्थिति खराब अस्पताल में मरीजों के लिए की गई व्यवस्था देखते हुए हम छठी मंजिल पर पहुंचे तो पाया कि यहां के टॉयलेट की स्थिति खराब है। गंदगी इतनी है कि इसे इस्तेमाल नहीं कर सकते। इसके बारे में डॉ. अमिताभ से सवाल किया। उन्होंने कहा, ‘BMSICL एजेंसी के जरिए काम करवाती है। उसे ठीक करवाया जा रहा है। भवन काफी समय पहले बना था, लेकिन देर से हैंडओवर किया गया। इसलिए कुछ कमियां आती हैं, जिन्हें जल्द दूर कर लिया जाता है।’ IGIC में इलाज फ्री, 2.5 लाख से अधिक आमदनी है तो 75% कम लागत डॉ. अमिताभ ने बताया IGIC में इलाज के लिए तीन सिस्टम। 97% मरीजों का इलाज मुफ्त में किया जा रहा है। 180 बेड का अस्पताल है। हार्ट अटैक के मरीज का इलाज देर से हुआ तो खतरा 70% ठंड के मौसम में दिल के मरीज बढ़ने को लेकर हमने अस्पताल के असिस्टेंट डायरेक्टर डॉ. अनूप सिंह से बात की। उन्होंने कहा, ‘ठंड के दिनों में दिल के मरीज बढ़ जाते हैं। हार्ट अटैक के अलावा चेस्ट से जुड़ी समस्या बढ़ जाती है। अभी ओपीडी में जितने मरीज आ रहे हैं, उसमें से 30% कार्डियक पेन की शिकायत करते हैं।’
बिहार सरकार के ग्रामीण विकास एवं परिवहन विभाग के मंत्री और जनता दल (यू) के वरिष्ठ और उत्तर प्रदेश के प्रभारी श्रवण कुमार जनवरी में यूपी दौरे है। रविवार को अयोध्या पहुंचे हैं। सोमवार को राम जन्मभूमि मंदिर पहुंचकर रामलला के दर्शन-पूजन करेंगे और स्थानीय कार्यक्रमों में भी शिरकत करेंगे। नेता श्रवण कुमार ने कहा कि प्रभु श्रीराम की पावन धरती को प्रणाम कर आशीर्वाद लेना सौभाग्य की बात है। रामलला की भूमि से संगठन को नई ऊर्जा मिलती है और यहीं से सदस्यता अभियान को और तेज करने का संकल्प लिया गया है। श्रवण कुमार ने बताया कि जनता दल (यू) द्वारा उत्तर प्रदेश में प्रदेश स्तरीय बैठक आयोजित की गई है। इस बैठक में संगठन विस्तार, सदस्यता अभियान और पार्टी के ढांचे को मजबूत करने पर विस्तृत चर्चा की जा रही है। उन्होंने कहा कि योग संगठन, सदस्यता अभियान समेत अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर मंथन चल रहा है और बैठक के बाद इन मुद्दों पर और विस्तार से जानकारी दी जाएगी। मंत्री ने स्पष्ट किया कि पार्टी लगातार संगठन को मजबूत करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव की बात चुनाव के समय होगी, फिलहाल पार्टी सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय है। जनता दल (यू) बिहार में सत्ता में है, झारखंड में पार्टी के विधायक हैं और अन्य राज्यों में भी संगठन को दोबारा मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं। श्रवण कुमार ने कहा कि रामलला की धरती से संगठन विस्तार का संदेश पूरे उत्तर प्रदेश में जाएगा। पार्टी का लक्ष्य है कि सभी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर सदस्यता अभियान को मजबूती से आगे बढ़ाया जाए और जनता दल (यू) को प्रदेश में मजबूत विकल्प के रूप में स्थापित किया जाए। कल करेंगे रामलाल का दर्शन निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मंत्री श्रवण कुमार रविवार को सुबह 6 बजे पटना जंक्शन से वंदे भारत एक्सप्रेस से दोपहर 12:10 बजे अयोध्या जंक्शन पहुंचे। इसके बाद सड़क मार्ग से जिला अतिथि गृह (सर्किट हाउस) पहुंचे। 12 जनवरी सोमवार को सुबह 9 बजे मंत्री श्रवण कुमार राम जन्मभूमि मंदिर पहुंचकर रामलला का विधिवत दर्शन-पूजन करेंगे। दर्शन के उपरांत वह पुनः स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होंगे इसके बाद 5:15 बजे अयोध्या जंक्शन पहुंचकर 5:20 बजे वंदे भारत एक्सप्रेस से पटना के लिए रवाना होंगे। रात 11:51 बजे पटना जंक्शन पहुंचने का कार्यक्रम है।
हरियाणा कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व जिला पार्षद नरेंद्र राज गागड़वास ने हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) के चेयरमैन पर जुबानी हमला बोला है। वीडियो जारी कर उन्होंने कहा कि हरियाणा में बहुत कम लोगों को पता है कि एचपीएससी के चेयरमैन हरियाणा के ना होकर बिहार के है। कहा कि, केवल अकेला हरियाणा ऐसा राज्य ऐसा है, जहां एचपीएससी का चेयरमैन बाहर का है। जो दुर्भाग्य की बात है। क्या हरियाणा में ऐसा कोई पढ़ा लिखा नहीं है क्या, जो इस पद पर बैठ सके। वीडियो में कांग्रेस नेता ने कहा कि, हरियाणा में शिक्षा की कमी है क्या, जहां हमें बाहर से लाकर एचपीएससी के चेयरमैन की नियुक्ति करनी पड़ी है। जब से ये चेयरमैन आए हैं, इनके कार्यकाल में जितनी भी नौकरियां लगी है, वे चाहे ग्रुप-ए की हों या ग्रुप-बी की, सभी में 60 से 80 प्रतिशत युवा बाहर के हैं। जिन नौकरियों पर हरियाणा के युवाओं का हक था, जो बाहर के युवाओं को दिया जा रहा है। बड़े शर्म की बात है कि हरियाणा में बेरोजगारी चर्म पर है, लेकिन सरकार व मुख्यमंत्री बाहर का चेयरमैन बैठाकर नौकरियां बाहर के लोगों को दी जा रही हैं। बाहर के लोगों को दी जा रही नौकरी नरेंद्र राज गागड़वास ने कहा कि पिछले दिनों असिस्टेंट इंग्लिश प्रोफेसर भर्ती का रिजल्ट आया तो 613 पोस्ट थी। जिसमें से 151 युवाओं को भर्ती किया, जिसमें से केवल 8 प्रतिशत युवा हरियाणा के थे और अन्य बाहर के। ऊपर से एचपीएससी के चेयरमैन का बयान आता है कि हरियाणा के यूनिवर्सिटी में पढ़ाई नहीं है। उन्होंने कहा कि एचपीएससी के चेयरमैन हरियाणा के युवाओं पर टिप्पणी करना छोड़ दें। साथ ही सीएम से मांग की कि बाहर के चेयरमैन को हटाकर उनकी जगह हरियाणा का चेयरमैन लगाया जाए, ताकि हरियाणा प्रदेश के युवाओं के साथ न्याय हो सके। साथ ही जो हरियाणा की नौकरी बाहर जा रही है, वे हरियाणा के युवाओं को मिल सके।
हरियाणा के पंचकूला में भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) कुलवंत सिंह मान को ऑटो ने कुचल दिया। जिसके कारण उनकी मौत हो गई। लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) कुलवंत सिंह मान के शव को सेक्टर-6 अस्पताल में रखवाया गया है। पंचकूला मनसा देवी सेक्टर-4 निवासी कुलवंत सिंह मान 9 जनवरी की शाम को साढे 5 बजे सैर के लिए निकले थे। उन्हें डॉल्फिन चौक के पास ऑटो ने पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर के कारण वे बेहोश होकर गए। जिनके सिर व पेट से खून बह रहा था। उन्हें घायल अवस्था में पंचकूला के कमांड अस्पताल में ले जाया गया। जहां पर 10 जनवरी को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।ब्रेन पर चोट बनी मौत की वजहडॉक्टरों के अनुसार लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) कुलवंत सिंह मान को तीन जगह पर चोट लगी थी। ब्रेन पर चोट लगने के कारण ऑक्सीजन सप्लाई बंद हो गई। जो उनके मौत की वजह बनी। उनके सिर से अत्यधिक खून भी हादसे के कारण बह गया था। अंतिम संस्कार के लिए बेटे का इंतजार कर्नल कुलवंत सिंह मान की पत्नी सुखजीवन कौर के अलावा परिवार में दो बेटे हैं। उनके एक बेटे हरप्रीत मान सेना में कर्नल रहे हैं। वहीं उनके बेटे जसप्रीत मान कनाडा पुलिस में अफसर हैं। जिनके घर लौटने का इंतजार किया जा रहा है। जो 12 जनवरी को पंचकूला पहुंचने की उम्मीद है, उसके बाद ही अंतिम संस्कार किया जाएगा।बिहार 12वीं बटालियन के फर्स्ट कमांडिग अफसर भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) कुलवंत सिंह मान ने 1 जनवरी 1976 को दानापुर में 12वीं बिहार बटालियन की स्थापना की। इसके पहले कमांडिंग ऑफिसर (लेफ्टिनेंट कर्नल के रूप में) बने। उनकी विशिष्ट सैन्य सेवा के लिए उन्हें PVSM (परम विशिष्ट सेवा पदक) और AVSM (अति विशिष्ट सेवा पदक) जैसे उच्च सैन्य सम्मानों से नवाजा गया था। सेवानिवृत्ति के बाद, वे चंडीगढ़ गोल्फ क्लब के सक्रिय सदस्य थे। उनके दो बेटे हैं—एक भारतीय सेना में कर्नल के पद पर कार्यरत हैं और दूसरे कनाडाई पुलिस में सेवा दे रहे हैं।
दरभंगा में चौदहवें अहिल्या-गौतम राजकीय महोत्सव के दूसरे दिन संध्या कालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन राज्यसभा सांसद धर्मशीला गुप्ता, पूर्व मंत्री सह स्थानीय विधायक जीवेश कुमार, गौतम न्यास समिति के उपाध्यक्ष बमबम, गंगेश्वर स्थान न्यास समिति के मुख्य डॉ. राम प्रवेश ठाकुर और अहल्या स्थान न्यास समिति के अध्यक्ष बालेश्वर ठाकुर ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। सोमनाथ मंदिर विध्वंस को 1000 साल पूरे- धर्मशीला गुप्ता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यसभा सांसद धर्मशीला गुप्ता ने कहा कि, आज सोमनाथ मंदिर विध्वंस को 1000 साल पूरे हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक हजार वर्ष पूर्व लुटेरों ने सोमनाथ मंदिर को ध्वस्त कर तीन दिनों तक लूटपाट की थी। इसी क्रम में उन्होंने अहल्या स्थान को पांच पवित्र शक्तिपीठों में से एक बताते हुए कहा कि यहां चौदहवां राजकीय महोत्सव मनाया जाना गर्व का विषय है। बिहार के सर्वांगीण विकास के लिए प्रयासरत- धर्मशीला गुप्ता उन्होंने स्थानीय विधायक जीवेश कुमार की सराहना करते हुए कहा कि वे क्षेत्र के निरंतर विकास के लिए सदैव प्रयत्नशील रहते हैं, जिसका परिणाम आज अहल्या-स्थान आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को मिल रही सुविधाओं में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि बिहार के सर्वांगीण विकास के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री और गृह मंत्री निरंतर प्रयासरत हैं। इसका उदाहरण सीतामढ़ी के पुनौरा धाम में देखने को मिलता है, जहां लगभग एक हजार करोड़ रुपए की लागत से माता सीता मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही अहल्या स्थान के विकास के लिए 36 करोड़ रुपए की लागत से कई निर्माण कार्य शुरू किए गए हैं। सामूहिक रूप से ‘ॐ’ का उच्चारण किया गया कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन करते हुए विधायक जीवेश कुमार ने कहा कि, उनके कार्यकाल में अब तक 425 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण कराया गया है और आगे भी यह विकास कार्य अनवरत जारी रहेगा। इस अवसर पर सोमनाथ मंदिर के विध्वंस के एक हजार वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सामूहिक रूप से ‘ॐ’ का उच्चारण किया गया। महोत्सव के दूसरे दिन की सांस्कृतिक संध्या में श्रद्धालुओं और दर्शकों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। मैथिली भक्ति गीत और हिंदी ग़ज़लों की प्रस्तुति देर रात तक राष्ट्रीय स्तर के कलाकार कुमार सत्यम और मिथिलांचल प्रसिद्ध कलाकार रामबाबू झा सहित अन्य दर्जनों कलाकारों का कार्यक्रम कार्यक्रम चलता रहा। अहिल्या गौतम महोत्सव के दूसरे दिन शनिवार की संध्या स्थानीय बजरंग म्यूजिकल ग्रुप के लोक गायक ठाकुर रघुवीर की भावपूर्ण प्रस्तुति से पूरा पंडाल भक्तिरस में डूब गया। माता अहिल्या के उद्धार प्रसंग पर आधारित भजन “प्रभु जी युगल छविय अभिलाषी” की सशक्त प्रस्तुति ने महोत्सव में उपस्थित श्रोताओं का मन मोह लिया। “मिथिला के माटि से जनमली हे जगजननी सिया” गीत सुनकर झूमे लोग ठाकुर रघुवीर ने एक से बढ़कर एक मैथिली भक्ति गीत और हिंदी ग़ज़लों की प्रस्तुति दी। “मिथिला के माटि से जनमली हे जगजननी सिया”, “ए पहुना एही मिथिले में रह ना”, “हमरी आटा याद याद बस याद रह जाती है” और “सांसों की माला पे सिमरू मैं पी का नाम” जैसे गीतों पर श्रोता झूमते नजर आए, जिससे पूरे आयोजन में आध्यात्मिक वातावरण बन गया। वहीं, डॉली सिंह की प्रस्तुति “हमरा मम्मी के रे दुलरुआ दामाद राजाजी”, “रंगबाज राजा जी”, “ओ धोखेबाज राजा जी” ने दर्शकों को खूब आनंदित किया। इसके अलावा रामबाबू झा और डॉली सिंह द्वारा प्रस्तुत गीत “कनी हसिअउ नई सजनी गुलाब कहई या” तथा “हे ये लाल भौजी लजाई छी किया” को भी श्रोताओं ने खूब सराहा और तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। ओडिशा और मध्यप्रदेश के लोक नृत्यों की दी प्रस्तुति अहिल्या गौतम महोत्सव के अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में सृष्टि फाउंडेशन के कलाकारों ने लोक नृत्यों की शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत विभिन्न राज्यों के लोक नृत्यों के समन्वय से हुई, जिसमें भारत की विविधता में एकता की झलक साफ दिखाई दी। सृष्टि फाउंडेशन के संस्थापक एवं गुरु जयप्रकाश पाठक के निर्देशन में कलाकारों ने बिहार की लोक संस्कृति और मिथिलांचल के प्रसिद्ध झिझिया नृत्य की सशक्त प्रस्तुति दी, जिसे साक्षी कुमारी और वर्षा कुमारी ने मंच पर जीवंत किया। ओडिशा के संबलपुरी नृत्य को जयश्री जयंती और सोनाक्षी प्रिया ने प्रस्तुत किया, जबकि मध्यप्रदेश के लोक नृत्य को श्रुति सिंह और माही गुप्ता ने दर्शकों के समक्ष उतारा। राजस्थान के प्रसिद्ध घूमर नृत्य ने लूटी वाहवाही राजस्थान के प्रसिद्ध घूमर नृत्य की प्रस्तुति साक्षी कुमारी, वर्षा कुमारी और निशा सिंह ने दी, वहीं उत्तर प्रदेश की कृष्ण-राधा की मनमोहक झांकी सत्यम झा और खुशी कुमारी ने प्रस्तुत कर खूब वाहवाही लूटी। हरियाणा की लोक प्रस्तुति वर्षा कुमारी और गुरु जयप्रकाश पाठक द्वारा दी गई, जिसने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।लोक गायन और लोक नृत्य की इन शानदार प्रस्तुतियों ने अहिल्या गौतम महोत्सव के दूसरे दिन को यादगार बना दिया और देर शाम तक दर्शक कार्यक्रम से जुड़े रहे।
नीतीश गवर्नमेंट ने बिहार कैडर के अफसरों की सिविल लिस्ट 2026 जारी कर दी है। इसमें 316 अधिकारियों के नाम हैं। इससे बिहार के सबसे पावरफुल IAS अधिकारियों की रैंकिंग सामने आई है। पता चला है कि मुख्यमंत्री सचिवालय रिटायर और जूनियर IAS अफसर संभाल रहे हैं। वहीं, टॉप-10 सीनियर अफसरों में 6 दिल्ली डेपुटेशन पर हैं। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत IAS की टॉप 10 की लिस्ट में चौथे नंबर पर हैं। इनके ऊपर के 3 सीनियर अधिकारी दिल्ली में हैं। भास्कर की खास रिपोर्ट में जानिए, बिहार कैडर के कौन से अधिकारी टॉप 10 की लिस्ट में हैं। इसमें कितने बिहार में काम कर रहे हैं? CM नीतीश कुमार की टीम में कौन हैं? रिटायर और जूनियर IAS अफसर संभाल रहे मुख्यमंत्री सचिवालय मुख्यमंत्री सचिवालय CM नीतीश कुमार के कामों को संभालता है। बिहार सरकार में पावर सेंटर माने जाने वाले इस सचिवालय को रिटायर और जूनियर अधिकारी संभाल रहे हैं। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत IAS अफसरों की टॉप 10 लिस्ट में चौथे नंबर पर हैं। नीतीश कुमार की टीम के अन्य अधिकारी सीनियारिटी के टॉप अफसरों को बिहार पसंद नहीं बिहार कैडर के टॉप सीनियर अफसरों को बिहार पसंद नहीं है। टॉप 10 IAS में से 6 डेपुटेशन पर दिल्ली में हैं। मोदी सरकार के लिए काम कर रहे हैं। ये अधिकारी हैं… टॉप टेन के 4 आईएएस अधिकारी बिहार में तैनात सीनियर अफसर गए तब प्रत्यय अमृत बने मुख्य सचिव बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत IAS अफसरों की सीनियारिटी की टॉप 10 की लिस्ट में चौथे नंबर पर हैं। उनके ऊपर के तीन अधिकारी (आईएएस अंशुली आर्या (1989), आईएएस संजय कुमार (1990) और आईएएस केशव कुमार पाठक (केके पाठक-1990) दिल्ली गए हैं। रैंकिंग में जूनियर अधिकारी प्रत्यय अमृत को बिहार में सबसे पावरफुल पद (मुख्य सचिव) मिला है। किसे मुख्य सचिव बनाना है यह सीएम का विशेष अधिकार होता है। बिहार में बुलडोजर एक्शन के पीछे हैं ये अधिकारी ! उप-मुख्यमंत्री और गृह मंत्री सम्राट चौधरी के विभाग द्वारा पूरे बिहार में बुलडोजर एक्शन से अतिक्रमण हटाए गए। जानिए उनकी टीम में कौन से अधिकारी हैं। उप-मुख्यमंत्री विजय सिन्हा की टीम में कौन-कौन अधिकारी? सबसे नीचे 2025 बैच के आईएएस अफसर सिविल लिस्ट 2026 में सबसे निचले पायदान (316 नंबर) पर 2025 बैच के आईएएस अधिकारी दीपक कुमार हैं। इसके बाद अमित मीणा ( 315 नंबर), प्रिंस राज (314 नंबर), निलेश गोवल (313 नंबर), कल्पना रावत (312 नंबर), चेतन शुक्ला (311 नंबर) और कुमुद मिश्रा (310 नंबर) हैं। ये सभी ट्रेनिंग पर हैं। IAS सिविल लिस्ट क्या होती है? सरकार हर साल अफसरों का सिविल लिस्ट जारी करती है। यह काम साल की शुरुआत में होता है। यह सरकारी अधिकारियों, विशेषकर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारियों की ऑफिशियल लिस्ट होती है। इस लिस्ट में अधिकारियों के नाम, अलॉटमेंट वर्ष, वर्तमान पोस्टिंग, कैडर, शैक्षिक योग्यता और उनके करियर का पूरा रिकॉर्ड लिखा होता है। केंद्र सरकार का कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) हर साल इसे पब्लिश करता है। बिहार में सामान्य प्रशासन विभाग इसे जारी करता है। इस लिस्ट का इस्तेमाल प्रशासनिक कार्यों, अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग, प्रमोशन और नियुक्तियों के मैनेजमेंट में होता है। दरअसल, 'सिविल लिस्ट' शब्द ब्रिटिश शासन और राजशाही से आया है। इसमें पहले शाही परिवार के खर्चों और सरकारी कर्मचारियों के भुगतान के लिए आवंटित धन की जानकारी होती थी। 10 दिन तक आपत्तियां ली जाएंगी सरकार ने सिविल लिस्ट का फाइनल पब्लिकेशन से पहले प्रारूप जारी कर आपत्तियां मांगी है। इसके लिए 10 दिन समय दिया है। अगर किसी को कोई आपत्ति है तो वह इसे भेज सकता है।
आंध्रप्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार व झारखंड सहित पांच राज्यों की टीमें पहुंची उदयपुर
पीएम श्री फतह उच्च माध्यमिक विद्यालय में 12 जनवरी से 69 वीं राष्ट्रीय विद्यालय हॉकी (19 वर्ष छात्र) प्रतियोगिता शुरू होगी। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए शनिवार से टीमों के पहुंचने का दौर शुरू हो गया। शनिवार को सुबह से रात तक आंध्रप्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार एवं झारखंड की टीमे उदयपुर पहुंच गई हैं। परिवहन समिति के कार्मिकों ने टीमों के रेलवे स्टेशन से बस से उनके आवास स्थल सेंटर फॉर एक्सीलेंस भवन चित्रकूट नगर पहुंचाया। मुख्य नियंत्रण कक्ष में अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) मोहनलाल मेघवाल ने महत्वपूर्ण समितियों के प्रभारियों की समीक्षा बैठक ली। पीएमश्री फतह स्कूल के प्राचार्य व केंद्राध्यक्ष गजेंद्र आवोत ने बताया कि रविवार सुबह 4:00 बजे से टीमें उदयपुर पहुंचाना शुरू हो जाएगी। समीक्षा बैठक में आयोजन सचिव धर्मेंद्र सिंह शक्तावत, अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ( विद्यालयी शिक्षा) उदयपुर के जिलाध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह झाला,प्रदेश संगठन मंत्री राजेंद्र सिंह सारंगदेवोत, राजस्थान शारीरिक शिक्षक संघ के प्रदेश महामंत्री भेरूसिंह राठौड़, गोवर्धनसिंह झाला, एसडीएमसी सचिव गोपाल सिंह आसोलिया,चुन्नीलाल चंदेरिया मौजूद रहे। ये जानकारी प्रतियोगिता की मीडिया समिति के प्रभारी गोपाल मेहता मेनारिया ने आने दी। भास्कर नॉलेज... राष्ट्रीय प्रतियोगिता में मैदान 91.40 लम्बाई व 56 मीटर चौड़ाई प्लेइंग एरिया जरूरी है हॉकी के अन्तराष्ट्रीय प्रशिक्षक शकील हुसैन ने बताया कि इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए मैदान व अन्य व्यवस्थाएं अंतरराष्ट्रीय स्तर की होना जरूरी है। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता मैदान 91.40 लम्बाई व 56 मीटर चौड़ाई प्लेइंग एरिया जरूरी है। इसके साथ ही 5 मीटर का चारो ओर कवरिंग एरिया होता है। अभी उदयपुर में महाराणा प्रताप खेल गांव में एस्ट्रोटर्फ इन्हीं मापदंडों से बना हुआ है। इसमें दो रैफरी होते हैं। एक टाइम कीपर और एक स्कोरर और एक थर्ड अम्पायर होता है। पांच ऑफिशियल मिलकर यह खेल करवाते हैं। एक हॉकी मुकाबले में 15-15 मिनट के चार क्वार्टर होते है। हर क्वार्टर के बीच दो मिनट का ब्रेक रखा जाता है, ताकि खिलाड़ी रिकवर हो सके। प्रशिक्षक इसी दौरान उन्हें निर्देशित भी करता है। करीब पांच साल पहले 35-35 दो क्वार्टर होते थे, जो कुल 70 मिनट का मुकाबला होता था, जिसे अब बदल दिया गया है। इसे इसलिए बदला गया है, क्योंकि खिलाड़ी की स्पीड बनी रहे, इसलिए इसे चार हिस्सों में बांट दिया गया। फेडरेशन ऑफ इंटरनेशनल हॉकी की ओर से ये नए मापदंड तय किए गए है। 60 मिनट के बाद दोनो टीमें यदि बराबरी पर होती है तो उन्हें पांच-पांच मिनट अतिरिक्त दिए जाते हैं। इसके बाद भी परिणाम नहीं आने पर टाइब्रेकर से फैसला लेते हैं। इसमें पांच-पांच खिलाड़ी दोनो ओर से एक-एक चांस लेते हुए पैनल्टी शूट आउट लेते हैं।
ललित सुरजन की कलम से - बिहार के बाद क्या?
पहले तो लोग इस बात पर माथापच्ची करते रहे कि बिहार में विधानसभा चुनावों के नतीजे क्या होंगे। जिस दिन मतदान का आखिरी चरण सम्पन्न हुआ उस दिन तमाम विशेषज्ञ एक्जिट पोलों की चीर-फाड़ में लग गए
अगर बिहार नहीं जीतते तो क्या दूसरे राज्यों में एसआईआर होता?
एसआईआर ( मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण) से अगर बिहार में सफलता नहीं मिलती तो क्या उसे दूसरे राज्यों में लागू किया जाता
Fact check: क्या कन्हैया कुमार ने दिल्ली और बिहार में 'डबल वोटिंग' की? नहीं
बूम ने पाया कि वायरल तस्वीर कन्हैया कुमार के दिल्ली में एक मतदान केंद्र विजिट करने की है. वह 2024 में उत्तर पूर्वी दिल्ली सीट से लोकसभा चुनाव लड़ रहे थे जबकि उन्होंने अपना मतदान अपने होम टाउन बेगूसराय में ही किया था.
आसान नहीं बिहार का मैदान भाजपा के लिए
बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के लिए प्रचार खत्म हो गया है और गुरुवार, 6 नवंबर को 121 सीटों पर मतदान होगा
क्या बिहार से लेफ्ट एकता की राह पकड़ेगा?
बिहार के विधानसभा चुनाव के बहुत सारे पहलू हैं। और इनमें से ज्यादातर पर लिखा जा रहा है
2015 की तरह इस बार भी बिहार में आरक्षण सबसे बड़ा मुद्दा
बिहार चुनाव की घोषणा होने वाली है। वहां यह मुद्दा सबसे बड़ा बनने जा रहा है। सोशल मीडिया पर इसकी शुरुआत हो गई है
पीएम उषा अभियान के तहत बिहार को 600 करोड़ रुपए देगी मोदी सरकार, नीतीश कैबिनेट ने खोला बंद रास्ता
बिहार में पीएम उषा अभियान को लागू करने के प्रस्ताव को नीतीश कुमार सरकार की मंजूरी के बाद राज्य में उच्च शिक्षा के विकास के लिए केंद्र से अगले दो साल में 600 करोड़ रुपए मिलने का रास्ता खुल गया है।
बिहार के प्रिंस कुमार सिंह ने यूपीएससी आईएफएस परीक्षा में 15वीं रैंक प्राप्त की है। इसके अलावा उन्होंने और भी कई बड़े एग्जाम को पास किया हुआ है। जानिए जानते प्रिंस कुमार की कहानी जिन्होंने अपने आर्थिक
बॉलीवुड के मशहूर स्टार कपल सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल 7 वर्ष की डेटिंग के बाद अब पति-पत्नी बन चुके हैं। दोनों की शादी इस वक़्त टॉक ऑफ द टाउन है। सोनाक्षी और जहीर अलग धर्म से हैं। ऐसे में ना उन्होंने निकाह किया तथा ना ही फेरे लिए, बल्कि सादगी से रजिस्टर मैरिज की एवं फिर रिसेप्शन पार्टी रखी। अलग धर्म में शादी करने पर सोनाक्षी एवं जहीर को जमकर ट्रोल किया जा रहा है। ट्रोलिंग के कारण दोनों को अपने वेडिंग पोस्ट का कमेंट सेक्शन तक बंद करना पड़ा। मगर बात तब हद से ज्यादा तब बढ़ गई, जब इंटरफेथ मैरिज करने पर सोनाक्षी एवं जहीर के खिलाफ बिहार के गांव में प्रोटेस्ट मार्च निकाले गए। रिपोर्ट के अनुसार, सोनाक्षी के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन 'हिंदू शिव भवानी सेना' नाम की एक संगठन द्वारा आयोजित किया गया था। जहीर संग शादी पर बेटी सोनाक्षी की हो रही ट्रोलिंग पर अब शत्रुघ्न सिन्हा ने चुप्पी तोड़ी है तथा हेटर्स को जवाब दिया है। अपने एक इंटरव्यू के चलते शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा- आनंद बक्शी साहब ने इस तरह के प्रोफेशनल प्रोटेस्टर्स के बारे में लिखा है- कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना। इसमें आगे जोड़ना चाहूंगा कि कहने वाले अगर बेकार, बेकाम-काज के हों तो बोलना ही उनका काम बन जाता है। मेरी बेटी ने कुछ भी ऐसा नहीं किया जो गैरकानूनी एवं संविधान के खिलाफ है। सोनाक्षी-जहीर की शादी पर शत्रुघ्न सिन्हा ने आगे कहा- शादी दो लोगों के बीच का एक बहुत ही व्यक्तिगत फैसला है। इसमें किसी को भी बीच में दखल देने या कमेंट करने का हक नहीं होता। विरोध प्रदर्शन करने वालों को मैं यही बोलना चाहता हूं- अपनी जिंदगी पर ध्यान दो। जिंदगी में कुछ अच्छा करो। इससे ज्यादा और कुछ नहीं कहना। बता दें कि शत्रुघ्न सिन्हा ने खुशी-खुशी अपनी इकलौती बेटी की शादी की है। उन्होंने दामाद जहीर को भी अपना आशीर्वाद दिया है। रिलीज हुआ श्रद्धा कपूर-राजकुमार राव की स्त्री 2 का टीजर, इस अवतार में नजर आए स्टार्स किशोर कुमार के गानों पर बैन, मनोज कुमार-देव आनंद की फिल्मों पर रोक..! बॉलीवुड पर भी पड़ा था 'इमरजेंसी' का बुरा असर सामने आई कंगना रनौत की इमरजेंसी की रिलीज डेट, जानिए किस दिन आ रही है इंदिरा गांधी की बायोपिक?
फिल्म रैप में जानिए कि रविवार को एंटरटेनमेंट की दुनिया में क्या खास हुआ. 9 जून 2024 का दिन एतिहासिक रहा. पीएम नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार पीएम बनने की शपथ ली. इस दौरान शाहरुख खान से लेकर अक्षय कुमार भी मौजूद रहे.
बिहार सीईटी बीएड : पांच साल में सबसे ज्यादा आवेदन आए, इस तारीख से आएंगे एडमिट कार्ड
Bihar CET B.Ed:महिलाओं के लिए अलग एवं पुरुषों के लिए अलग परीक्षा केंद्र होंगे। अभ्यर्थी 17 जून से अपना एडमिट कार्ड वेबसाइटwww. biharcetbed- lnmu. inपर लॉगइन कर डाउनलोड कर सकेंगे।
बीएसईबी बिहार बोर्ड से संबद्ध और एनसीटीई से मान्यता प्राप्त डीएलएड संस्थानों की सूची जारी
Bihar D.El.Ed: बिहार बोर्ड ने डीएलएड प्रवेश परीक्षा 2024 की आंसर की जारी करने के एक दिन बाद अब राज्य में मौजूद सरकारी व निजी डीएलएड प्रशिक्षण संस्थानों की सूची भी जारी कर दी है। डीएलएड में दाखिला लेने
Bihar DElEd Answer Key 2024: आंसर की जारी, ऐसे दर्ज करें ऑब्जेक्शन, देखें डायरेक्ट लिंक
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने बिहार डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (DElEd) परीक्षा 2024 की आंसर की जारी की। जो उम्मीदवार परीक्षा में उपस्थित हुए हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट- biharboardonline.b
Bihar STET: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने शनिवार को माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (एसटीईटी)-2024 (प्रथम) परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया है। पेपर-1 के विभिन्न विषयों की परीक्षा 18 से 29 मई तक होगी।
CSBC Bihar Police Constable Exam: क्या जारी हो चुकी हैं रिवाइज्ड तारीखें, पढ़ें अपडेट
CSBC Bihar Police Constable exam dates: बिहार पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा की नई तारीखों का इंतजार है। परीक्षाएं 1, 7 और 15 अक्टूबर को निर्धारित की गई थीं, जिन्हें रद्द व स्थगित कर दिया गया था। आइए
बॉलीवुड अभिनेत्री नेहा शर्मा की हाल ही में बिहार में एक रोड शो में भागीदारी ने इंटरनेट पर तूफान ला दिया है। क्रुक और तुम बिन 2 जैसी फिल्मों में अपनी भूमिकाओं के लिए मशहूर सुश्री शर्मा को अपने पिता अजीत शर्मा का समर्थन करते देखा गया, जो कांग्रेस के टिकट पर भागलपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। यह रोड शो उन अफवाहों के बीच हुआ कि अभिनेता राजनीति में प्रवेश कर सकते हैं। हालाँकि, अब यह स्पष्ट हो गया है कि वह सिर्फ अपने पिता के लिए प्रचार कर रही थीं। नेहा शर्मा ने इंस्टाग्राम पर बांका, किशनगंज, कटिहार और पूर्णिया सहित बिहार के विभिन्न जिलों की अपनी यात्रा दिखाते हुए एक वीडियो साझा किया। वह पारंपरिक सलवार कमीज पहने हुए थीं और जनता का अभिवादन करती और उन्हें वोट डालने के लिए प्रोत्साहित करती नजर आईं। इसे भी पढ़ें: AR Rahman ने नए एल्बम के रिलीज पर Taylor Swift को बधाई दी, नेटिजन ने कहा 'महान कला, महान कला को पहचानती है' View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial) इसे भी पढ़ें: Tamannaah Bhatia Summoned by cyber cell | 'अवैध' IPL Streaming ऐप मामले में तमन्ना भाटिया को साइबर सेल ने तलब किया रोड शो के दौरान पीरपैंती और कहलगांव में भारी भीड़ ने अभिनेता का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने कैप्शन में लिखा “वे कहते हैं कि जब कोई आपको अपने दिल में जगह देता है, तो आप हमेशा के लिए वहीं रहते हैं। आपने मुझे जो प्यार और समर्थन दिया है, उससे मेरा दिल भर गया है। पीरपैंती और कहलगांव में गर्मजोशी से स्वागत के लिए धन्यवाद। आपका प्यार सारी आँखों पर। सदा आभारी। ऑनलाइन प्रसारित हो रहे एक अन्य वीडियो में अभिनेत्री को भागलपुर में अपने पिता के चुनाव अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेते हुए दिखाया गया है। भागलपुर लोकसभा सीट पर दूसरे चरण में 26 अप्रैल को चुनाव होना है। इस सीट पर कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करने वाले अजीत शर्मा का मुकाबला जेडीयू के अजय कुमार मंडल से है। पहले ऐसी अफवाह थी कि सुश्री शर्मा राजनीति में प्रवेश कर सकती हैं। हालाँकि, कई रिपोर्टों ने स्पष्ट किया है कि वह अभी चुनावी शुरुआत नहीं कर रही हैं। रिपोर्टों के अनुसार, उनके पिता अजीत शर्मा ने उन्हें राजनीति में शामिल होने का अवसर दिया, शर्मा वर्तमान में अपने अभिनय करियर पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। Bihar, Bhagalpur: Bollywood actress Neha Sharma campaigns for Congress leader and father Ajeet Sharma in the Lok Sabha elections, participates in a roadshow. pic.twitter.com/yEhb4XoQQL — IANS (@ians_india) April 23, 2024 View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial) View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial)
सलमान के घर फायरिंग से पहले शूटर्स ने बिहार में की हथियारों की प्रैक्टिस, फार्म हाउस की हुई थी रेकी
14 अप्रैल को, सुबह 4.50 बजे सलमान के बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर, अज्ञात हमलावरों ने पांच राउंड फायरिंग की थी. पुलिस ने सलमान के घर पर फायरिंग करने के मामले में विक्की गुप्ता (24 साल) और सागर पाल (21 साल) नाम के दो लड़कों को गिरफ्तार किया था. अब इससे जुड़ा एक बड़ा अपडेट सामने आया है.
Manisha और Elvish के बीच लगी दुश्मनी की आग हुई और तेज, बिहार की बेटी नेसरेआम बना दिया'राव साहब' का मजाक ?
बिहार में जेईई और नीट की फ्री कोचिंग, रहने-खाने की भी रहेगी मुफ्त व्यवस्था, ऐसे करें अप्लाई
Bihar Board Jee and Neet Free Coaching : विद्यार्थी समिति द्वारा संचालित engineering (jee) औरmedical (neet) की नि:शुल्क तैयारी हेतु BSEB SUPER-50 आवासीय शिक्षण में पढ़ने हेतु आवेदन कर सकत हैं।
Bihar 10th Board 2024: टॉप 5 में इन 10 छात्रों ने बनाई जगह, जानें नाम और मार्क्स
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड ने दसवी का रिजल्ट bsebmatric.org और results.biharboardonline.com पर जारी कर दिया है। इस साल टॉप 10 की लिस्ट ने 51 छात्रों ने अपनी जगह बनाई है। टॉप 5 की लिस्ट में 10 छ
Bihar Board BSEB 2024 Matrci Result Today:बिहार बोर्ड 10वीं का रिजल्ट biharboardonline.bihar.gov.in व biharboardonline.com , onlinebseb.in पर जल्दजारी कर दिया जाएगा।
BSEB: क्लास 10वीं के रिजल्ट से पहले जानें ये 10 जरूरी बातें, मार्कशीट मिलने में मिलेगी मदद
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड अब कभी भी वेबसाइट biharboardonline.gov.in पर कक्षा 10वीं के रिजल्ट अपलोड कर सकता है। एक बार रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र यहां से डाउनलोड कर सकते हैं।
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (बीएसईबी) मैट्रिक यानी कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट अब कभी भी biharboardonline.bihar.gov.in पर जारी हो सकता है, जो छात्र परीक्षा में शामिल हुए हैं, वे जान लें, रिजल्
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने इंटर में एडमिशन को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। इस बाबत समिति ने सभी सरकारी, गैर सरकारी विद्यालय, इंटर कॉलेजों की सूची ofssbihar.in पर अपलोड कर दी है।
बीएसईबी मैट्रिक रिजल्ट की घोषणा जल्द की जाएगी। हालांकि अभी तक रिजल्ट की टाइमिंग और तारीख के बारे में कोई जानकारी शेयर नहीं की गई है, लेकिन उम्मीद है नतीजे 31 मार्च तक आधिकारिक वेबसाइट biharboardonlin
BSEB Bihar 10th Board: प्रेस कॉन्फ्रेंस में शेयर की जाएंगी ये 5 डिटेल्स, यहां पढ़ें
छात्र आधिकारिक वेबसाइट्स से बीएसईबी 10वीं स्कोरकार्ड 2024 डाउनलोड कर सकेंगे। रिजल्ट वाले दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। जिसमें बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं की परीक्षा से जुड़ी कई डिटेल्स शेयर की जाएगी। आइए ज
इस साल का रिजल्ट पिछले 5 साल की तुलना में सबसे बेहतर, 87.21 प्रतिशत विद्यार्थी हुए पास
BSEB Bihar Board 12th Result : हार बोर्ड ने आज 12वीं के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस वर्ष का रिजल्ट पिछले 5 सालों की तुलना में सबसे बेहतर रहा है। इस साल इंटर का रिजल्ट 87.21 फीसदी रहा।
बिहार बोर्ड ने 12वीं यानी इंटर परीक्षा का रिजल्ट अब जारी कर दिया है। टॉपर्स के नाम भी सामने आ गए हैं। आइए जानते हैं साइंस, कॉमर्स, आर्ट्स स्ट्रीम के टॉपर्स ने किन स्कूलों से पढ़ाई की है। यहां देखें न
BSEB : बारहवीं कक्षा के छात्रों को इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी के लिए फ्री में कोचिंग देती है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) गरीब विद्यार्थियों को JEE और NEET की मुफ्त कोचिंग कराती है।
BSEB Bihar Board: बिहार बोर्ड इंटर छात्र जानें टॉप 10 इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज
NIRF यानी राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क। इस रैंकिंग को शिक्षा मंत्रालय जारी करता है। एनआईआरएफ रैंकिंग में देश के टॉप इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज और यूनिवर्सिटी की रैंकिंग जारी की जाती है।
बीएसईबी 12वीं के परिणाम के साथ टॉपर्स की लिस्ट भी शेयर करेगा। जो छात्र परीक्षा में शामिल हुए हैं, वे जान लें, पिछले 7 सालों में आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस स्ट्रीम में किसने किया था टॉप। यहां पढ़ें पूरी
Bihar 12th Board 2024: रिजल्ट जारी होने की तारीख और समय के बारे में यहां मिलेगी जानकारी
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (बीएसईबी) जल्द ही इंटरमीडिएट या कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा 2024 के परिणाम घोषित करेगा। वहीं बोर्ड परिणाम के समय की घोषणा पहले कर दी जाएगी। आइए जानते हैं, आप कहां कर सकें

