रक्षाबंधन पर बिहार की बेटियों को CM सम्राट का तोहफा, छात्राओं को हर महीने मिलेंगे 10000 रुपये
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रक्षाबंधन पर बिहार में बेटियों और बहनों के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए तीन नई योजनाओं की शुरुआत की।
VIDEO: बिहार के सुपौल में सड़क पर दौड़ी मौत, बेकाबू कार ने 6 को कुचला; 4 मरे, 2 की हालत गंभीर
झूलन समारोह को लेकर कटैया चौक पर एनएच किनारे स्थित बजरंग बली मंदिर के समीप दर्जनों लोग कीर्तन कर रहे थे। पिपरा से सुपौल की ओर से जा रही एक तेज रफ्तार अनियंत्रित कार ने कीर्तन में शामिल 6 लोगों को कुचल डाला।
रक्षा बंधन पर बिहार की बेटियों को सम्राट चौधरी का नायाब तोहफा, क्या है मुख्यमंत्री का प्लान?
मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप के तहत 1,000 योग्य छात्राओं को चार सालों तक दस हजार रुपए प्रतिमाह की सहायता दी जाएगी। पुलिस दीदी के लिए 4,700 स्कूटर एवं मोटरसाइकिल का लोकार्पण किया जाएगा। बिहार की बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना का शुभारंभ किया जाएगा
न ट्रैफिक सिग्नल, न रेलवे क्रॉसिंग, न कट और न ही यू-टर्न. कारें 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी और कई घंटों का सफर मिनटों में सिमट जाएगा. बक्सर-भागलपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को लेकर जो जानकारी सामने आई है, वह बिहार के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती है.
उत्तर बिहार में 27-28 को बरसेंगे बदरा, बारिश की चेतावनी के बीच किसानों के लिए एडवाइजरी जारी
मुजफ्फरपुर में बादलों और तेज धूप के कारण उमस बढ़ी है, वहीं अगले पांच दिनों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। किसानों को फसलों और पशुओं की बीमारियों से बचाव के लिए कृषि मौसम विभाग ने सलाह जारी की है।
भभुआ में एनीमिया मुक्त बिहार अभियान शुरू, हर प्रखंड में रोज 250 लोगों की होगी हीमोग्लोबिन जांच
25 अगस्त, मंगलवार: भभुआ में एनीमिया मुक्त बिहार अभियान का उद्घाटन कार्यक्रम हुआ। अभियान के तहत हर प्रखंड में रोज 250 लोगों की हीमोग्लोबिन जांच का लक्ष्य है। 30 नवंबर तक चलने वाले अभियान में बच्चों, किशोरों, गर्भवती महिलाओं और अन्य लोगों की एनीमिया जांच की जाएगी।
30 साल तक झेला दर्द...अब भारत-बांग्लादेश गंगा संधि पर 'संकट'; समझिए बिहार की चिंता की वजह
1996 में भारत और बांग्लादेश के बीच हुई गंगा जल बंटवारा संधि 12 दिसंबर 2026 को समाप्त हो रही है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे जल विवाद को सुलझाने के उद्देश्य से बनी इस संधि को बिहार में राजनयिक सफलता नहीं, बल्कि जल संकट, गाद जमाव और विनाशकारी बाढ़ का मुख्य स्रोत माना जा रहा है।
UPSC के तर्ज पर Pre और Mains, यूपी से लेकर बिहार तक क्यों बदल रहे हैं परीक्षाओं के नियम?
UPSC की तरह Pre और Mains परीक्षा मॉडल को यूपी से बिहार तक कई राज्य अपना रहे हैं. जानिए राधाकृष्णन कमेटी और EOU की सिफारिशों के बाद भर्ती परीक्षाओं के नियम क्यों बदल रहे हैं और इससे छात्रों को क्या फायदे-नुकसान होंगे.
कल का मौसम: 26 अगस्त को दिल्ली, यूपी, बिहार समेत 17 राज्यों में भारी बारिश, MP-केरल में अलर्ट
कल का मौसम 26 अगस्त 2026: IMD ने कल देश के 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. जानिए आपके यहां कैसा मौसम रहेगा.
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को पत्रकार अभिषेक उपाध्याय को गिरफ़्तारी से अंतरिम सुरक्षा दी। उपाध्याय ने अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले दान में कथित गड़बड़ियों पर रिपोर्ट की थी। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की बेंच ने उत्तर प्रदेश पुलिस को निर्देश दिया कि वे उपाध्याय को FIR की कॉपी सौंपें। कोर्ट ने उनसे यह भी कहा कि वे FIR को रद्द कराने और दूसरी उचित राहत पाने के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट जाएं। उपाध्याय ने गाज़ियाबाद पुलिस द्वारा सड़क पर हुई एक कथित मारपीट की घटना (रोड-रेज) के सिलसिले में दर्ज FIR को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था। उनकी याचिका के अनुसार, यह FIR इन आरोपों पर दर्ज की गई थी कि उन्होंने सड़क पर हुई मारपीट की घटना के बाद एक व्यक्ति के साथ मारपीट की और उसे धमकाया था। उपाध्याय का आरोप है कि यह मामला मनगढ़ंत आरोपों पर आधारित था और इसका मकसद उनके स्वतंत्र पत्रकारिता के काम की वजह से उन्हें परेशान और डराना-धमकाना था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि अनुरोध करने के बावजूद उन्हें FIR की कॉपी नहीं दी गई। इसे भी पढ़ें: Banke Bihari Temple Management को SC का निर्देश, भक्तों का Donation सीधे खजाने में जाए, 'Golak' चोरी के आरोपों पर जताई नाराजगी पत्रकार ने यह भी दावा किया है कि पुलिस आस-पास के दुकानदारों पर उस समय का CCTV फुटेज डिलीट करने का दबाव डाल रही थी, जब कथित घटना हुई थी। उन्होंने FIR को रद्द करने या फिर जांच को उत्तर प्रदेश पुलिस के अलावा किसी दूसरी एजेंसी को सौंपने की मांग की है। उपाध्याय की यह याचिका अयोध्या में राम मंदिर के लिए चंदा इकट्ठा करने और उसके प्रबंधन में कथित गड़बड़ियों पर उनकी रिपोर्टिंग के संदर्भ में आई है। मंदिर के चंदे से जुड़े आरोपों का मामला सुप्रीम कोर्ट में भी उठा है, जहां श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़ी कथित वित्तीय गड़बड़ियों की स्वतंत्र जांच की मांग करने वाली याचिकाएं दायर की गई हैं। डोनेशन से जुड़े मामलों पर दायर याचिकाओं में भक्तों से मिले फंड के मैनेजमेंट, अकाउंटिंग और इस्तेमाल को लेकर आरोप लगाए गए हैं और CBI जैसी किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच की मांग की गई है। साथ ही, इन याचिकाओं में वित्तीय और अन्य संबंधित रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने और उनकी जांच करने की भी मांग की गई है। इसे भी पढ़ें: Shehbaz Sharif सरकार की बढ़ेगी मुश्किल? Imran Khan को अस्पताल न भेजने पर PTI ने फिर खटखटाया SC का दरवाजा उपाध्याय का आरोप है कि उनके खिलाफ दर्ज FIR को इन मुद्दों पर उनकी रिपोर्टिंग के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। इसलिए, उन्होंने सख्त कार्रवाई से सुरक्षा और उत्तर प्रदेश पुलिस से स्वतंत्र जांच की मांग की है।
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को आदेश दिया कि यूपी के वृंदावन में बांके बिहारी मंदिर को दान में मिलने वाला सारा पैसा - चाहे वह दान पेटी के ज़रिए हो या ऑनलाइन - सीधे मंदिर के खजाने में जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि सेवकों या किसी और की तरफ़ से इसमें कोई भी रुकावट डालने को बहुत गंभीरता से लिया जाएगा। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मैनेजमेंट कमेटी को गड़बड़ियों को रोकने के लिए एक पारदर्शी सिस्टम लागू करने का निर्देश दिया। इस मामले की सुनवाई CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने की। इसे भी पढ़ें: RBI के लिए Digital Payments के बीच नकदी की मांग का अनुमान कठिन: SC Murmu वकील गोस्वामी ने मंदिर के फंड में गड़बड़ी का आरोप लगाया सुनवाई के दौरान, वकील एनके गोस्वामी ने आरोप लगाया कि मंदिर के फंड में वित्तीय गड़बड़ी हुई है और करोड़ों रुपये का गबन किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने वृंदावन के श्री बांके बिहारी मंदिर में दान की रकम के गबन के आरोपों को गंभीरता से लिया और कहा इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए, और हम निर्देश देते हैं कि दान का एक-एक पैसा दान-पात्रों या मंदिर के ऑनलाइन खजाने में ही जमा होना चाहिए। 'सेवायत' या किसी अन्य व्यक्ति द्वारा इसमें कोई भी बाधा डालने को बहुत गंभीरता से लिया जाएगा। प्रबंधन समिति को मंदिर के खजाने के लिए एक पारदर्शी व्यवस्था लागू करनी होगी। सुप्रीम कोर्ट ने सीनियर एडवोकेट मनिंदर सिंह की दलीलों पर ध्यान दिया। इसे भी पढ़ें: Allahabad High Court ने कहा, सिर्फ जाति का नाम लेने से SC ST Act के तहत अपराध नहीं बनता चीफ़ जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी मोहना की बेंच ने सीनियर एडवोकेट मनिंदर सिंह की दलीलों पर ध्यान दिया। उन्होंने मंदिर के कामकाज की देखरेख करने वाली हाई-पावर्ड कमेटी की एक स्टेटस रिपोर्ट पेश की। सिंह ने तस्वीरें पेश कीं और कहा कि मामले बहुत गंभीर हैं और इसमें तुरंत कार्रवाई की ज़रूरत है। उन्होंने कहा एक वीडियो है। तीन लोग 'गोलक' (पारंपरिक दान पेटी) के सामने खड़े हैं, भक्तों से पैसे इकट्ठा कर रहे हैं और उन्हें अपनी पॉलीथीन की थैलियों में डाल रहे हैं।
India Defense Sector: भारत में हथियार मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में आत्मनिर्भर बनने की ओर एक अहम कदम बढ़ाते हुए सरकार ने 25 अगस्त को एक बड़ा ऐलान किया है। रक्षा मंत्रालय ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित सभी पारंपरिक मिसाइल टेक्नोलॉजी को देश के भीतर ही उत्पादन के लिए घरेलू उद्योग को ट्रांसफर करने की मंजूरी दे दी है। सरकार के इस फैसले का मुख्य उद्देश्य भारतीय कंपनियों की रक्षा क्षेत्र में भागीदारी को बढ़ावा देना और देश के भीतर डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी मंजूरी, आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मील का पत्थरहथियारों के इंपोर्ट पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से रक्षा मंत्रालय ने इस फैसले का आधिकारिक ऐलान किया। रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी शेयर करते हुए कहा कि रक्षा में आत्मनिर्भरता के दृष्टिकोण को हासिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय उद्योगों को देश के भीतर उत्पादन के लिए DRDO विकसित सभी पारंपरिक मिसाइल प्रणालियों की तकनीकों के हस्तांतरण (ToT) को मंजूरी दे दी है। In a significant step towards achieving the vision of Aatmanirbharta in defence, Raksha Mantri Shri @rajnathsingh has approved the transfer of DRDO-developed technologies of all conventional missile systems to Indian industries for production within the country. This Transfer of…— रक्षा मंत्री कार्यालय/ RMO India (@DefenceMinIndia) August 25, 2026 मंत्रालय का कहना है कि यह टेक्नोलॉजी ट्रांसफर (ToT) भारतीय उद्योगों को जरूरी क्वॉलिफिकेशन, सर्टिफिकेशन और रेग्युलेटरी जरूरतों के मुताबिक स्वदेशी उत्पादन करने में सक्षम बनाएगा। इससे भारतीय डिफेंस इकोसिस्टम में घरेलू कंपनियों की भागीदारी को एक बड़ा बूस्ट मिलेगा।एमएसएमई और टेक पार्टनर्स के लिए खुलेंगे नए रास्तेइस बड़े फैसले से भारत रूस सहित अन्य देशों से होने वाले हथियारों के आयात पर अपनी निर्भरता घटाना चाहता है और देश के भीतर एक मजबूत डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री खड़ा करना चाहता है। मंत्रालय का कहना है कि सरकार डोमेस्टिक मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री की क्षमताओं को बढ़ाने, रक्षा औद्योगिक आधार को मजबूत करने और सप्लाई चेन में एमएसएमई (MSMEs) और दूसरे टेक पार्टनर्स की भागीदारी को सक्षम बनाने का प्रयास कर रही है।इस नए प्रावधान से मिसाइल प्रणाली के विकास का औद्योगिक उत्पादन किया जाना अब संभव हो पाएगा। यह हाई एंड डिफेंस सिस्टम के डेवलपमेंट और इन्हें बनाने के लिए भारतीय उद्योग की क्षमताओं का लाभ उठाने की एक बड़ी कवायद है। DRDO इस दिशा में लगातार कोशिशें कर रहा है और ये बड़ा डेवलपमेंट इसी का नतीजा है।प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी और स्पेयर पार्ट्स में स्वदेशीकरणइससे पहले की रिपोर्टों में यह बात सामने आई थी कि DRDO ने भविष्य के डेवलपमेंट और प्रोडक्शन से जुड़े कॉन्ट्रैक्ट्स में हिस्सेदारी के लिए प्राइवेट कंपनियों को आमंत्रित कर रहा है। इसके अलावा न्यूज18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय वायु सेना ने पिछले पांच वर्षों में अपने द्वारा अक्सर इस्तेमाल किए जाने वाले 97 प्रतिशत ऑपरेशनल फाइटर स्पेयर पार्ट्स का स्वदेशीकरण कर लिया है।पिछले हफ्ते ही रक्षा मंत्रालय ने 405 रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रक्षा वस्तुओं को कवर करने वाली एक स्वदेशीकरण सूची जारी की थी। इन डिफेंस आइटम को टोटैलिटी में देखें तो करीब 3000 करोड़ रुपये का बिजनेस पोटेंशियल भी इसमें शामिल है।ये भी पढ़ें- Shri Banke Bihari Mandir: 'चढ़ावे में हेराफेरी नहीं होने देंगे'; श्री बांके बिहारी मंदिर में दान पर सुप्रीम कोर्ट सख्त! गड़बड़ी पर दी कड़ी चेतावनी
Bankey Bihari Temple: वृंदावन के श्री बांके बिहारी मंदिर में कथित तौर पर चढ़ावे के गबन के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (25 अगस्त) को कड़ा रुख अपनाते हुए निर्देश दिया कि एक-एक पैसा दान पेटियों में या मंदिर के ऑनलाइन कोष में जमा होना चाहिए। शीर्ष अदालत ने मंदिर की देखरेख करने वाली प्रबंधन समिति को दान लेने के लिए एक पारदर्शी व्यवस्था लागू करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने साफ किया कि हर दान मंदिर के खजाने में ही पहुंचना चाहिए। अयोध्या राम मंदिर में कथित चंदा चोरी का मामला आने के बाद वृंदावन में मंदिर प्रशासन अलर्ट है।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने मंदिर के कामकाज की निगरानी कर रही उच्चस्तरीय समिति की स्थिति रिपोर्ट पर दी गईं वरिष्ठ वकील मनिंदर सिंह की दलीलों पर गौर किया। सिंह ने तस्वीरें अदालत के सामने रखते हुए कहा कि बहुत गंभीर समस्याएं हैं। इस मामले में तुरंत कार्रवाई की जरूरत है। पीठ ठाकुर श्री बांके बिहारी जी महाराज मंदिर की प्रबंधन समिति की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक उन्होंने कहा, एक वीडियो है। तीन लोग पारंपरिक दान पेटी के सामने खड़े हैं और श्रद्धालुओं से पैसे लेकर उन्हें अपनी पॉलीथिन की थैलियों में डाल रहे हैं। इस दलील पर कड़ा रुख अपनाते हुए पीठ ने कहा, इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए। हम निर्देश देते हैं कि दान का एक-एक पैसा मंदिर की दान पेटियों में या ऑनलाइन कोष में जमा होना चाहिए। 'सेवायत' या कोई और इसमें कोई बाधा पैदा करते हैं तो इसे बहुत गंभीरता से लिया जाएगा। प्रबंधन समिति मंदिर के खजाने के लिए पारदर्शी व्यवस्था लागू करे।दान पेटी और ऑनलाइन भुगतान से होगी व्यवस्थासुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि मंदिर में मिलने वाला हर दान या तो दान पेटियों में डाला जाए या ऑनलाइन सीधे मंदिर की तिजोरी/कोष में जमा किया जाए। अदालत का जोर इस बात पर है कि दान की रकम का पूरा रिकॉर्ड रहे। यह स्पष्ट हो कि भगवान के नाम पर कितनी रकम आई और उसका इस्तेमाल कहां हुआ। इससे मंदिर में चढ़ावे की रकम को लेकर पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।मंदिर के पैसे से प्रॉपर्टी खरीदने पर भी सवालसुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ वकील श्याम दीवान ने मंदिर के फंड से होने वाले खर्च को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर की रकम का इस्तेमाल कुछ संपत्तियां खरीदने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ऐसी संपत्तियों की खरीद मंदिर की प्रबंधन समिति के अधिकार क्षेत्र में आती है। खासकर तब जब अदालत की ओर से बनाई गई अंतरिम समिति मंदिर का प्रबंधन संभाल रही है। संबंधित कानून को चुनौती देने वाली याचिका अभी लंबित है।ये भी पढ़ें- LPG e-KYC Deadline: LPG ग्राहकों के लिए बड़ी खबर! e-KYC की डेडलाइन बढ़ी, 31 अगस्त तक निपटा लें ये काम, वरना महंगा पड़ सकता है सिलेंडरCJI ने यह भी सवाल किया कि अगर मंदिर के विकास के लिए मेडिकल क्लिनिक जैसी सुविधाएं बनाई जानी हैं, तो उनके लिए धन कहां से आएगा। अदालत ने संकेत दिया कि मंदिर के फंड से प्रस्तावित संपत्ति खरीद के मामलों को अंतिम लेन-देन से पहले उसके सामने लाया जाना चाहिए। सुनवाई के दौरान मंदिर में दर्शन की व्यवस्था का मुद्दा भी उठा। वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान ने पहले हो चुकी भगदड़ का हवाला देते हुए श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने की जरूरत बताई।
कैथल में चाकू घोंपकर युवक की हत्या:शराब पीते समय हुआ झगड़ा, दोनों साथ काम करते थे; बिहार के रहने वाले
कैथल जिले के पूंडरी थाना के तहत आने वाले गांव बरसाना में एक व्यक्ति ने अपने एक साथी की चाकू मारकर हत्या कर दी। आरोपी ने उसकी छाती में चाकू घोंप दिया, जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई। हत्या से पहले दोनों इकट्ठे बैठकर शराब पी रहे थे। इस दौरान आपसी कहासुनीं हो गई और दोनों का झगड़ा हो गया। दोनों बिहार के रहने वाले थे और यहां काम करते थे। इस पर आरोपी ने पास पड़ा चाकू उठाया और मजदूरी की छाती में घोंप दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना पाकर पूंडरी पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और मृतक के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला नागरिक अस्पताल में पहुंचाया। वहां मृतक के शव का पोस्टमॉर्टम करवा कर परिजनों को सौंप दिया। आरोपी अभी चल रहा फरार मृतक की पहचान बिहार के गांव तरियानी छपरा, जिला शिवहर के रहने वाले सुबोध के रूप में हुई है। वहीं चाकू मारने वाला आरोपी उसी का साथी है, जिसका नाम विजय है। हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया, जिसकी पुलिस द्वारा तलाश की जा रही है। मृतक शादीशुदा था, वह 3 बेटों का पिता था। पूंडरी थाना में हत्या का केस दर्ज पूंडरी थाना से मौके पर पहुंचे जांच अधिकारी नरेंद्र ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि गांव बरसाना में दो युवकों की आपस में कुछ कहासुनी हो गई, जिसके बाद एक मजदूर की हत्या कर दी गई। उनकी टीम मौके पर पहुंच गई। वहां पर सुबोध मृत अवस्था में पड़ा था। पुलिस मौके पर पहुंचकर सारे सबूत जुटाकर जांच में जुट गई है। आरोपी के खिलाफ पूंडरी थाना में हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि आरोपी अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बिहार की सियासत में इन दिनों बयानों के तीखे तीर और राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर है। राज्य के राजनीतिक गलियारों में उस वक्त हलचल और अधिक तेज हो गई जब राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मौजूदा सरकार और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर एक बेहद आक्रामक और बड़ा सियासी दावा कर दिया। पटना में मीडिया से मुखातिब होते हुए और विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखते हुए तेजस्वी यादव ने तीखे तेवर दिखाए। उन्होंने हालिया प्रशासनिक बयानों और व्यवस्था की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए दो टूक शब्दों में कहा कि सत्ता पक्ष के लोगों को यह नहीं भूलना चाहिए कि वे किस अहंकार में जी रहे हैं, क्योंकि ये लोग कब जाएंगे, यह हमको अच्छी तरह से पता है। उनके इस तीखे बयान के सामने आने के बाद से राज्य के राजनीतिक तापमान में भारी उछाल आ गया है और सत्ताधारी दल तथा विपक्ष के बीच जुबानी जंग एक बार फिर से तेज हो गई है।छात्रों के आंदोलन और अधिकारियों की कार्यशैली पर खड़े किए गंभीर सवालतेजस्वी यादव ने अपने संबोधन के दौरान मुख्य रूप से युवाओं, छात्रों के भविष्य और प्रतियोगी परीक्षाओं में आ रही बाधाओं को लेकर सरकार को आड़े हाथ लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार हो रहे पेपर लीक और परीक्षाओं के बार-बार रद्द होने से राज्य के लाखों युवाओं का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है। छात्रों के चल रहे आंदोलन और उनकी मांगों पर बात करते हुए उन्होंने शासन-प्रशासन के रवैये की कड़ी निंदा की। उनका कहना था कि जब जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग और अधिकारी जनता या आंदोलनरत छात्रों के प्रति संवेदनशील होने के बजाय लापरवाह और अहंकारी भाषा का इस्तेमाल करते हैं, तो इससे लोकतंत्र की मूल भावना को गहरी ठेस पहुंचती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वर्तमान व्यवस्था में जिस तरह की भाषा का प्रयोग किया जा रहा है, वह आम जनता के अधिकारों के प्रति सरकार की उदासीनता को साफ तौर पर उजागर करता है।युवाओं के भविष्य और रोजगार के मुद्दों पर सरकार को घेराबिहार के युवाओं और छात्र वर्ग की समस्याओं को उठाते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि रोजगार और शिक्षा जैसे गंभीर विषयों पर सरकार पूरी तरह विफल साबित हो रही है। एक तरफ जहां युवा अपनी जायज मांगों को लेकर सड़कों पर संघर्ष कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक स्तर पर उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन पर सवाल उठाए जा रहे हैं। तेजस्वी यादव ने जोर देकर कहा कि राज्य के नौजवानों के साथ हो रहे इस खिलवाड़ को किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा और उनकी पार्टी हर मोर्चे पर छात्रों के हक की लड़ाई पूरी मजबूती के साथ लड़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि जिन उम्मीदों के साथ जनता ने बदलाव चाहा था, आज वही जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है और राज्य के विकास के दावे सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गए हैं।प्रशासनिक व्यवस्था और वित्तीय मोर्चे पर भी उठाए गए कड़े सवालकेवल राजनीतिक बयानों तक ही सीमित न रहते हुए, आरजेडी नेता ने पिछले कुछ समय से राज्य की वित्तीय स्थिति, औद्योगिक निवेश के दावों और प्रशासनिक कसावट पर भी लगातार सवाल उठाए हैं। इससे पहले भी उन्होंने सरकार की आर्थिक नीतियों और विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट पर खुलकर असंतोष जताया था। उनका यह नया बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य में विभिन्न मुद्दों को लेकर राजनीतिक पारा पहले से ही गर्म चल रहा है। तेजस्वी के इस दावे के बाद राजनीतिक विश्लेषक इसके दूरगामी परिणाम तलाशने में जुट गए हैं, क्योंकि आने वाले दिनों में यह मुद्दा बिहार की राजनीति में और अधिक तूल पकड़ सकता है।जनता के बीच बढ़ती चर्चाएं और राजनीतिक भविष्य के समीकरणतेजस्वी यादव के इस आक्रामक तेवर और बड़े दावे के बाद राज्य की आम जनता के बीच भी इन बातों की चर्चाएं जोरों पर हैं। विपक्षी दल लगातार सरकार को घेरने के लिए नई रणनीतियां तैयार कर रहे हैं। देखना यह होगा कि सत्ता पक्ष की ओर से इस तीखे हमले का किस प्रकार का पलटवार किया जाता है और आने वाले दिनों में बिहार की सियासत कौन सा नया मोड़ लेती है।
बिहार सरकार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा मंगलवार को पूरे परिवार के साथ मुजफ्फरपुर के प्रसिद्ध बाबा गरीबनाथ मंदिर पहुंचे। सावन के विशेष अवसर पर उन्होंने दर्शन-पूजन किया और गर्भगृह में जलाभिषेक कर भगवान शिव का आशीर्वाद लिया। करीब 45 मिनट तक मंदिर परिसर में रहे। बिहार में अमन-चैन, खुशहाली और समृद्धि की कामना की। मंदिर पहुंचने पर मंत्री ने बाबा गरीबनाथ के दरबार में माथा टेका। इसके बाद पुरोहित पंडित विनय पाठक ने विधि-विधान से उनका पूजन कराया। मंत्री ने गर्भगृह में जलाभिषेक करने के साथ बाबा की पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर में मौजूद अन्य देवी-देवताओं के भी दर्शन किए। देखिए मंदिर में पूजा अर्चना की कुछ तस्वीरें… बोले- गरीबों के नाथ हैं बाबा गरीबनाथ पूजा के बाद मीडिया से बात करते हुए विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि बाबा गरीबनाथ गरीबों के नाथ हैं। सावन के पावन महीने में बाबा के दरबार में आकर दर्शन-पूजन करने का अवसर मिला है। बाबा की कृपा बिहारवासियों पर बनी रहे और प्रदेश लगातार विकास के रास्ते पर आगे बढ़े। उन्होंने बिहार में शांति, सौहार्द और खुशहाली की कामना करते हुए कहा कि राज्य के सभी लोगों के जीवन में सुख-समृद्धि आए। साथ ही उन्होंने बाबा से बिहार की निरंतर तरक्की और प्रदेशवासियों के कल्याण की प्रार्थना की। मंदिर परिसर में रही श्रद्धालुओं की भीड़ मंत्री के मंदिर पहुंचने के दौरान परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ मौजूद रही। सावन के कारण बाबा गरीबनाथ मंदिर में सुबह से ही भक्तों की आवाजाही बनी हुई थी। पूजा के बाद मंदिर के पुरोहित पंडित विनय पाठक ने मंत्री को शॉल प्रदान कर सम्मानित किया। इस दौरान भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी प्रभात मालाकार, मुजफ्फरपुर की मेयर निर्मला साहू, भाजपा पूर्वी क्षेत्र के जिलाध्यक्ष विवेक कुमार, भाजपा पश्चिमी जिला अध्यक्ष हरिमोहन चौधरी समेत कई भाजपा नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
Bihar News: ‘विवेक से शादी कराओ’... टावर पर चढ़कर युवती ने मचाया हंगामा, पुलिस ने घंटों समझाकर उतारा
पूर्वी चंपारण के रक्सौल स्थित हरैया थाना क्षेत्र के परेउआ गांव में मंगलवार सुबह प्रेम प्रसंग को लेकर हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। एक युवती अपने प्रेमी विवेक से शादी करने की मांग को लेकर ऊंचे टावर पर चढ़ गई।
सावन की अंतिम सोमवारी पर असरगंज के कच्चे कांवरिया पथ पर आस्था की अनोखी तस्वीर देखने को मिली। बांका के फुल्लीडुमर की सोनी कुमारी अपने पति मंटू कुमार और 11 वर्षीय बेटे अंकुश के साथ बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए दंडवत यात्रा कर रही हैं।
Bihar News: वैशाली में थाने से 300 मीटर दूर ATM पर चोरों का धावा, मशीन तोड़ी; एक संदिग्ध हिरासत में
वैशाली के करताहां थाना क्षेत्र में अज्ञात चोरों ने थाना परिसर से महज 300 मीटर दूर स्थित SBI ATM को निशाना बनाया। बदमाशों ने ATM का शटर और मशीन क्षतिग्रस्त कर दी।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में फिल्म सिटी बनाने का ऐलान किया है। उन्होंने भोजपुरी फिल्म जगत के कलाकारों से फिल्म सिटी के लिए उपयुक्त जगह चिन्हित करने में सहयोग करने की अपील की।
Bihar News: बिहार की विरासत देख मंत्रमुग्ध हुए सांसद, सुधा मूर्ति बोलीं- 2-3 दिन लेकर आइए
पटना में बिहार म्यूजियम और खुदा बख्श लाइब्रेरी का भ्रमण करने पहुंचे 18 सांसदों ने बिहार की समृद्ध कला, संस्कृति और हजारों साल पुराने इतिहास की जमकर सराहना की।
Bihar News Today Live: बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 25 अगस्त के मुख्य और ताजा समाचार
Bihar Breaking News Today Live - Read latest and breaking news today in hindi at Amarujala. यहां पढ़ें, बिहार की ताजा खबरें, राजनीति, खेल, मनोरंजन, धर्म, क्राइम और शिक्षा की खबरों का लाइव अपडेशन
Bihar: जिसे बचाने का कानून, उसका ही शिकार! कोसी में डॉल्फिन पकड़ी, घर ले जाकर तेल निकालने की तैयारी
सहरसा जिले में कोसी नदी के पास गांगेय डॉल्फिन के अवैध शिकार का मामला सामने आया है। डरहार गांव के पास मछुआरों ने कथित तौर पर डॉल्फिन को जाल में फंसाकर नाव से घर पहुंचाया।
Bihar: घर बनाने निकले सुरेंद्र, बिजली के तार ने छीन ली जिंदगी; कफन में लौटा 52 साल का राजमिस्त्री
निर्माणाधीन मकान में रड का काम करते समय ऊपर से गुजर रहे 11 हजार वोल्ट के बिजली तार के संपर्क में रड आ गया, जिससे सुरेंद्र करंट की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गए।
Bihar Weather Today 25th August: बिहार के कई जिलों में आज बारिश का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि गोपालगंज में भारी बारिश हो सकती है। पूर्णिया जिले में दो दिनों का येलो अलर्ट भी है।
परिवहन, पर्यटन एवं संस्कृति संबंधी संसदीय स्थायी समिति (पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी ऑन ट्रांसपोर्ट, टूरिज्म एंड कल्चर) के सदस्य आज नालंदा दौरे पर रहेंगे। राजगीर के ऐतिहासिक और विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों का भ्रमण करेंगे। बिहार की संस्कृति और विरासत को जानेंगे। राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा की अध्यक्षता वाली इस 31 सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति में सांसद सुधा मूर्ति, इमरान प्रतापगढ़ी, जी बाबूराव, मोहम्मद नदीमुल हक, जागेश के झाला, एस कल्याणासुंदरम, एस फांगनोन कोन्याक और सुरेंद्र सिंह नागर समेत दोनों सदनों के प्रमुख सदस्य शामिल हैं। यह केंद्रीय टीम भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के अधीन आने वाली धरोहरों, पर्यटन सुविधाओं तथा विकास कार्यों का जमीनी स्तर पर निरीक्षण व समीक्षा करेगी। विश्वविद्यालय के नए परिसर से प्राचीन भग्नावशेष तक का मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम तय कार्यक्रम के अनुसार, संसदीय समिति सुबह 11:00 बजे गया जी से सड़क मार्ग (NH-120) द्वारा राजगीर के लिए प्रस्थान करेगी। दोपहर 1:00 बजे समिति नालंदा विश्वविद्यालय के नए अंतरराष्ट्रीय परिसर पहुंचेगी, जहां परिसर के अवलोकन के बाद दोपहर भोज का आयोजन होगा। इसके बाद दोपहर 3:00 बजे टीम प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के भग्नावशेष (विश्व धरोहर स्थल) के लिए रवाना होगी और 3:30 बजे से प्राचीन धरोहर का अवलोकन करेगी। शाम 4:00 बजे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर (राजगीर) में 'हाई टी' प्रस्तावित है, जिसके बाद शाम 5:00 बजे समिति NH-20 एवं NH-31 के रास्ते सड़क मार्ग से पटना के लिए प्रस्थान कर जाएगी। गयाजी सीमा से पटना सीमा तक 58 स्थानों पर कड़ी चौकसी समिति के दौरे को लेकर नालंदा जिला प्रशासन और पुलिस महकमा पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। विधि-व्यवस्था और सुगम यातायात के लिए जिला सीमा राजगीर (वनगंगा) से लेकर बख्तियारपुर मार्ग (धोवापुल, हरनौत) तक 58 प्रमुख स्थलों पर दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों और पुलिस बल की संयुक्त तैनाती की गई है। वनगंगा, जरादेवी मंदिर, छबिलापुर मोड़, सिलाव बाजार, पावापुरी मोड़, दीपनगर, कोसुक पुल, कारगिल चौक और भागनबिगहा जैसे संवेदनशील बिंदुओं पर विशेष निगरानी रहेगी। सभी प्रतिनियुक्त अधिकारियों को वीआईपी काफिले के पहुंचने से दो घंटे पहले ही ड्यूटी स्थल पर मुस्तैद रहने का निर्देश दिया गया है। एंटी-सबोटाज चेकिंग, मेडिकल टीम और फायर ब्रिगेड सक्रिय सुरक्षा व्यवस्था के तहत विशेष शाखा द्वारा सभी भ्रमण स्थलों तथा रूट में पड़ने वाले पुल-पुलियों की एंटी-सबोटाज जांच कराई जा रही है। नालंदा विश्वविद्यालय, भग्नावशेष और कन्वेंशन सेंटर में सुरक्षा जांच के लिए डीएफएमडी और सीआईएटी बल तैनात रहेंगे। आपात स्थिति से निपटने के लिए मॉडल अस्पताल बिहारशरीफ, विम्स पावापुरी और अनुमंडलीय अस्पताल राजगीर में ऑपरेशन थिएटर तैयार रखने के साथ-साथ जीवन रक्षक दवाओं से लैस एंबुलेंस को कारकेड के साथ शामिल किया गया है।
Bihar News: अतिक्रमण हटाने पर बवाल! वार्ड पार्षद को घेरकर पीटा, पिस्टल के बट से किया हमला
मुजफ्फरपुर के सिकंदरपुर थाना क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के बाद विवाद बढ़ गया। सोडा गोदाम रोड के पास नगर निगम वार्ड नंबर 45 के पार्षद शिवशंकर महतो पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया। आरोप है कि पिस्टल के बट से सिर पर वार करने से पार्षद घायल हो गए।
Bihar News : बिहार में नौकरियों की परीक्षाएं कम हो रहीं, आंदोलन ज्यादा हो रहा है। इस समय विधानमंडल सत्र भी नहीं, फिर भी धरना-प्रदर्शन से पटना के लोग परेशान हैं। आज देखना है कि कितना बड़ा हंगामा होता है। गर्दनीबाग में भीड़ जुट रही है।
जिले के 54 प्रमुख सरकारी डिग्री कॉलेजों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों, मेडिकल एवं तकनीकी संस्थानों और कल्याण छात्रावासों में हर महीने के चौथे मंगलवार को ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ लगाया जाएगा।
गया के अध्ययन भ्रमण पर पहुंची संसदीय स्थायी समिति (परिवहन, पर्यटन एवं संस्कृति) के सदस्यों ने बोधगया में महाबोधि मंदिर के दर्शन किए और पवित्र बोधि वृक्ष का अवलोकन किया।
Bihar Weather Update: बिहार के तीन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, 20 जगहों पर बिजली गिरने का अलर्ट
बिहार में कमजोर मानसून के बावजूद स्थानीय प्रभावों से छिटपुट वर्षा जारी है। औरंगाबाद, बक्सर और सिवान में भारी बारिश की चेतावनी के साथ 20 जिलों में बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है।
BPSC ADEO : बिहार एईडीओ भर्ती परीक्षा में आवेदन को दोबारा खुलेगा पोर्टल, अब होगी दो परीक्षा
BPSC ADEO Vacancy: बीपीएससी (एईडीओ) का विज्ञापन फिर से जारी करेगा। इसकी भी अब दो परीक्षा होगी। आयोग इसका फिर से पोर्टल खोलेगा। वैसे अभ्यर्थी जो नए हैं वे आवेदन कर सकते हैं।
गंडक के कटान से भारत-नेपाल सीमा की पहचान पर संकट, SSB डीजी ने सरकार को लिखा पत्र
Bihar Chief Secretary Meeting: भारत-नेपाल सीमा पर सुस्ता गांव के पास गंडक नदी के कटान से भारतीय क्षेत्र में खतरा बढ़ गया है, जिसके बाद एसएसबी महानिदेशक ने बिहार सरकार को पत्र लिखा है।
BSEB Bihar Board Exam 2027: बिहार बोर्ड 10वीं 12वीं परीक्षा 2027 फॉर्म आज से भरें, जानें नियम
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट परीक्षा 2027 के लिए परीक्षा फॉर्म 25 अगस्त से 16 सितंबर 2026 तक भरे जाएंगे। विद्यार्थियों का ऑनलाइन परीक्षा फॉर्म शिक्षण संस्थानों के प्रधान द्वारा भरा जाएगा।
BPSC TRE-4: बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलिश तिवारी ने टीआरई-4 को लेकर अहम जानकारी दी है। शिक्षा मंत्री ने कहा है कि 886 नए पदों की अधियाचना भेजी गई है। अब कुल 33274 शिक्षकों की नियुक्ति होगी।
Bihar Flood: बिहार के भागलपुर-बेगूसराय में बांध टूटे, कई गांवों में बाढ़; पटना में गंगा से हाहाकार
बिहार के अलग-अलग जिलों में बाढ़ ने तबाही मचाई है। भागलपुर में अचानक आई बाढ़ से 50 हजार की आबादी प्रभावित हो गई। बेगूसराय में बांध टूट गया है। मोकामा, मनेर और दानापुर दियारा वासियों के लिए मुश्किलें खड़ी हो गई हैं।
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने बाबा गरीबनाथ धाम में की पूजा, बिहार के विकास की कामना की
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने सावन की चौथी सोमवारी पर मुजफ्फरपुर के बाबा गरीबनाथ मंदिर में जलाभिषेक कर बिहार की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने अगले माह जिले के अस्पतालों का औचक निरीक्षण करने की घोषणा की।
Bihar Police Intelligence: 35 जिलों में खुला IB कार्यालय, सीमावर्ती इलाकों पर खास नजर
बिहार में पुलिस के आसूचना तंत्र को मजबूत करने के लिए 35 जिलों में इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) कार्यालय शुरू किए गए हैं। इन कार्यालयों का मुख्य ध्यान सीमावर्ती इलाकों, खासकर नेपाल सीमा पर होने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना है।
समस्तीपुर मंडल में 37 ROB को रेलवे बोर्ड की हरी झंडी, खुद जमीन अधिग्रहण करेगा रेलवे
Bihar Railway Projects: समस्तीपुर रेल मंडल में 37 समपार फाटकों पर रोड ओवरब्रिज (आरओबी) का निर्माण कराया जाएगा, जिसे 'विशेष रेल परियोजना' घोषित किया गया है। रेलवे अब भूमि अधिग्रहण का काम खुद करेगा, जिससे परियोजना समय पर पूरी होगी और भीषण जाम से मुक्ति मिलेगी।
फरक्का पर बिहार की बड़ी जीत, 30 साल के इतिहास में पहली बार 24 घंटे के अंदर खुला बराज
बिहार के अनुरोध पर बंगाल सरकार ने 24 घंटे के भीतर फरक्का बराज के गेट खोल दिए, जिससे गंगा के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ के खतरे से जूझ रहे बिहार को बड़ी राहत मिली है।
विद्यार्थियों को सीएम सम्राट का गिफ्ट: बिहार विद्या साथी ऐप पर 75 हजार टीचर 24 घंटे ऑनलाइन पढ़ाएंगे
राज्य के 700 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए इंटरैक्टिव ऐप ‘बिहार विद्या साथी’ का शुभारंभ किया। इस ऐप से 24 घंटे और सातों दिन (24x7) पढ़ाई की सुविधा मिलेगी।
मछली-भात पर अयोध्या से लेकर बिहार बंगाल में भी मचा है हंगामा
Ajay Rai Fish Controversyसावन के महीने में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के स्वागत में निषाद समाज की बैठक के दौरान मछली-भात परोसा गया.इसके बाद सवाल उठे कि क्या सावन में ऐसा आयोजन उचित था? सावन के महीने में जैसे ही किसी नेता की थाली में माछ-भात, मटन भात , चिकन पहुंचता है हिंदू लोग धर्म, महीना याद दिलाने लगते हैं.
₹4 लाख के एजुकेशन लोन पर बड़ा अपडेट! जानिए बिहार के छात्रों के लिए क्या बोले सीएम सम्राट चौधरी
Bihar Student Credit Card Scheme: बिहार में उच्च शिक्षा हासिल करने का सपना देख रहे छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। बीते कुछ दिनों से स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को लेकर चल रही तरह-तरह की अफवाहों और संशय की स्थिति पर विराम लगाते हुए सरकार ने स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है।मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया है कि उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को दी जाने वाली ₹4 लाख तक की आर्थिक सहायता पहले की तरह ही जारी रहेगी। सीएम ने कहा है कि राज्य के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और पढ़ाई के रास्ते में पैसों की तंगी को कभी बाधा नहीं बनने दिया जाएगा।₹4 लाख तक का एजुकेशन लोन रहेगा बरकरारबिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत कॉलेज और यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले छात्रों को ₹4 लाख तक का शिक्षा ऋण दिया जाता है। छात्र इस राशि का उपयोग अपनी फीस, किताबों और रहने-खाने से जुड़े खर्चों को पूरा करने के लिए आसानी से कर सकते हैं।पिछले कुछ समय से लोन की सीमा घटाने को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं, जिस पर विराम लगाते हुए सरकार ने अभिभावकों और छात्रों को चिंता न करने की सलाह दी है।शिक्षा ऋण का दायरा घटा नहीं, बल्कि और बढ़ाशिक्षा विभाग ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा कि योजना को सीमित करने की खबरें पूरी तरह से बेबुनियाद हैं। वास्तव में छात्रों के लिए उच्च शिक्षा पाना अब और भी आसान हो गया है।अब स्टूडेंट अपनी जरूरत और पात्रता के आधार पर बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम, बैंकों और 'पीएम विद्यालक्ष्मी योजना' के जरिए भी लोन ले सकते हैं। सरकार का मकसद हर जरूरतमंद छात्र तक संस्थागत वित्तीय मदद पहुंचाना है, ताकि कोई भी प्रतिभाशाली युवा पैसों के अभाव में पढ़ाई न छोड़े।बिहार सरकार के इस स्पष्टीकरण से हजारों छात्रों और उनके परिजनों ने राहत की सांस ली है। अगर आप भी बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत ₹4 लाख तक के लोन का लाभ उठाना चाहते हैं, तो बिना किसी हिचकिचाहट के आवेदन कर सकते हैं और अपने बेहतर करियर के सपने को पूरा कर सकते हैं।
उत्पाद विभाग की टीम ने मोहनिया चेकपोस्ट पर सघन वाहन जांच अभियान के दौरान सवा करोड़ रुपये की अवैध विदेशी शराब जब्त की है। शराब आलू की बोरियों के नीचे छिपाकर पंजाब से बिहार लाई जा रही थी। मामले में दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। उत्पाद विभाग के मोहनिया चेकपोस्ट प्रभारी संतोष श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के अनुसार पंजाब से बिहार में अवैध शराब की बड़ी खेप आने वाली थी। इसके बाद चेकपोस्ट पर विशेष टीम गठित कर वाहनों की सघन जांच शुरू की गई। आलू की बोरियों के नीचे छिपी थी शराब जांच के दौरान पंजाब की ओर से आ रहे एक संदिग्ध ट्रक को रोका गया। प्रारंभिक जांच में ट्रक के ऊपर आलू लदा हुआ मिला। हालांकि, स्कैनर मशीन से जांच और गहन तलाशी के बाद आलू की बोरियों के नीचे भारी मात्रा में विदेशी शराब छिपाकर रखी गई थी। 937 पेटी में मिली 8,347 लीटर शराब उत्पाद विभाग के अनुसार, जब्त शराब कुल 937 पेटी है, जिसकी मात्रा करीब 8,347 लीटर है। इसकी बाजार में अनुमानित कीमत लगभग सवा करोड़ रुपये बताई जा रही है। चालक और उपचालक गिरफ्तार मौके से ट्रक चालक बादल सिंह और उपचालक शमशेर सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों पंजाब के निवासी बताए गए हैं। पूछताछ के दौरान आरोपी शराब से संबंधित कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके। मामले में आगे की कार्रवाई शुरू उत्पाद विभाग ने शराब और ट्रक को जब्त कर लिया है। आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि शराब की खेप बिहार में कहां पहुंचाई जानी थी और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।
पीएम सूर्य घर योजना में बिहार पिछड़ा, लक्ष्य से काफी दूर; अब हर दिन 2 हजार घरों में लगाना होगा सोलर प्लांट
Gaya और Bangkok के बीच IndiGo की सीधी उड़ानें, बिहार में बढ़ेगा पर्यटन और विकास
इंडिगो 26 अक्टूबर से बिहार के गया और बैंकॉक के बीच नॉन-स्टॉप, हफ़्ते में दो बार चलने वाली उड़ानें शुरू करेगी। इस नए रूट का मकसद भारत और थाईलैंड के बीच एयरलाइन के बढ़ते नेटवर्क को और बेहतर बनाना है। साथ ही, यह गया और बैंकॉक के बीच सीधा हवाई संपर्क भी देगा; ये दोनों शहर ऐतिहासिक रूप से बौद्ध विरासत से जुड़े रहे हैं। इस सेवा से बिहार से अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी बेहतर होने की भी उम्मीद है, जिससे इस इलाके में पर्यटन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। इसे भी पढ़ें: Alaska Plane Crash | अमेरिका के अलास्का में बड़ा हादसा! 8 लोगों को ले जा रहा विशेष विमान दुर्घटनाग्रस्त, तलाश अभियान जारी इसी से जुड़ी एक और खबर है कि भारत की घरेलू एयरलाइंस ने जनवरी से मई 2026 के बीच 729.40 लाख यात्रियों को यात्रा कराई। यह पिछले साल इसी अवधि में 715.70 लाख यात्रियों की तुलना में 1.91 प्रतिशत की सालाना बढ़ोतरी है। अकेले मई महीने में एयरलाइंस ने 153.90 लाख यात्रियों को यात्रा कराई, जो पिछले महीने की तुलना में 9.49 प्रतिशत ज़्यादा है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, इंडिगो ने मई में 99.91 लाख यात्रियों को यात्रा कराकर 64.9 प्रतिशत के साथ मार्केट में अपनी बढ़त बनाए रखी। इसके बाद एयर इंडिया ग्रुप का नंबर रहा, जिसकी हिस्सेदारी 25.6 प्रतिशत (39.33 लाख यात्री) थी, जबकि आकासा एयर की हिस्सेदारी 5.8 प्रतिशत (8.90 लाख यात्री) रही। बाकी हिस्सेदारी स्पाइसजेट, स्टार एयर, फ्लाई91, अलायंस एयर और इंडियावन एयर की रही। मई में पैसेंजर लोड फ़ैक्टर में अच्छी परफ़ॉर्मेंस दिखी; अकासा एयर 92.5% के साथ सबसे आगे रही, इसके बाद स्पाइसजेट (87.4%), इंडिगो (86.4%) और एयर इंडिया ग्रुप (83.5%) का नंबर रहा। एलायंस एयर का आंकड़ा 61.2% और इंडियावन एयर का 53.5% रहा। इसे भी पढ़ें: Delhi की Heavy Rain से बिगड़े हालात, 15 Flights Jaipur समेत अन्य शहरों में डायवर्ट कुल कैंसिलेशन रेट कम रहा, जो 0.55% था। अकासा एयर का कैंसिलेशन रेट सबसे कम 0.14% था, जबकि इंडियावन एयर का सबसे ज़्यादा 5.58% था। उड़ानें मुख्य रूप से तकनीकी दिक्कतों (45.1%), ऑपरेशनल कारणों (26.6%) और मौसम की स्थिति (15.3%) के कारण रद्द हुईं। दस प्रमुख एयरपोर्ट—बेंगलुरु, दिल्ली, हैदराबाद, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, अहमदाबाद, कोचीन, गुवाहाटी और लखनऊ—पर समय पर उड़ान भरने (OTP) के मामले में काफ़ी अंतर देखा गया। प्रमुख एयरलाइंस में इंडिगो ने सबसे अच्छा OTP (82.8%) हासिल किया, इसके बाद अकासा एयर (78.3%) और एयर इंडिया ग्रुप (74.5%) रहे। स्पाइसजेट का OTP सबसे कम 26.5% दर्ज किया गया।
इंडिगो ने 26 अक्टूबर 2026 से गया और बैंकॉक के बीच सीधी उड़ानें शुरू की हैं, जो हफ्ते में दो बार चलेंगी। यह सेवा बिहार से अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी बढ़ाएगी और पर्यटन व सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देगी, जिसका किराया ₹15,576 से शुरू है।
उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक और न्यायिक हलकों में उस वक्त हड़कंप मच गया जब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीनियर IAS अधिकारी और देवीपाटन मंडल की कमिश्नर दुर्गा शक्ति नागपाल के रवैये पर कड़ा रुख अपनाया। हाईकोर्ट ने एक निचली अदालत की महिला जज को फोन कर कथित रूप से प्रभावित करने और डराने-धमकाने के मामले को आपराधिक अवमानना (Criminal Contempt) के तहत सुनवाई के लिए संबंधित पीठ को सौंपने का निर्देश दिया है। जस्टिस सैयद कमर हसन रिज़वी की पीठ ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि कथित टेलीफोनिक बातचीत की भाषा और लहजे से प्रथम दृष्टया यह साफ आभास होता है कि अदालत के पीठासीन अधिकारी को प्रभावित करने का प्रयास किया गया था। अदालत ने इसे 'चौंकाने वाला' करार दिया कि कोई प्रशासनिक अधिकारी किसी लंबित मुकदमे के सिलसिले में सीधे जज से फोन पर संपर्क करे। इसे भी पढ़ें: Ayodhya Fish Feast पर सियासत गरम! Pawan Khera बोले, BJP ने 'पेपर लीक' से ध्यान भटकाने के लिए मुद्दा उछाला अदालत ने इसे 'चौंकाने वाला' भी बताया कि कोई पक्षकार/राज्य किसी लंबित मामले के संदर्भ में इस तरह के फोन कॉल के ज़रिए अदालत से संपर्क कर सकता है। ये टिप्पणियां 1997 के एक मुकदमे से जुड़ी ट्रांसफर अर्ज़ी पर की गईं, जो लगभग तीन दशकों से गोंडा के सिविल जज (सीनियर डिवीज़न) के पास लंबित था। मामले का संक्षिप्त विवरण: बेंच गोंडा के संबंधित सिविल जज (सीनियर डिवीज़न) से 1997 के मुकदमे को किसी अन्य सक्षम अदालत में ट्रांसफर करने की अर्ज़ी पर सुनवाई कर रही थी। 1997 से लंबित इस मुकदमे में सरकारी ज़मीन से जुड़ा विवाद शामिल था। 2018 में मुद्दे तय किए गए थे और मामला अभी सबूतों के चरण में है। अदालत ने कहा कि देवीपाटन मंडल की कमिश्नर और सीनियर IAS अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल द्वारा सिविल जज को फोन करके उन पर डाला गया कथित दबाव, प्रथम दृष्टया न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है और न्याय प्रशासन में बाधा डालता है। हाई कोर्ट ने कहा कि इस मामले पर आपराधिक अवमानना के तहत विचार किया जाना चाहिए। अदालत ने निर्देश दिया कि मुख्य न्यायाधीश या वरिष्ठ न्यायाधीश से ज़रूरी निर्देश प्राप्त करने के बाद मामले को उचित अदालत के समक्ष लाया जाए। यह मामला देवीपाटन मंडल के कमिश्नर के नाम दर्ज नज़ूल ज़मीन के कई टुकड़ों से संबंधित था। हाई कोर्ट ने आदेश दिया, उपरोक्त को देखते हुए, यह अदालत प्रथम दृष्टया पाती है कि इस मामले में आपराधिक अवमानना से जुड़े मामलों को देखने वाली अदालत के हस्तक्षेप की आवश्यकता है। माननीय मुख्य न्यायाधीश/माननीय वरिष्ठ न्यायाधीश से निर्देश लेने के बाद मामले को अवमानना मामलों को देखने वाली उचित अदालत के समक्ष रखा जाए। इसे भी पढ़ें: Bihar सरकार का संकल्प: युवाओं की शिक्षा में वित्तीय बाधा नहीं, CM सम्राट चौधरी ने Student Credit Card पर दिया भरोसा क्या है पूरा मामला? यह विवाद गोंडा की सिविल जज (सीनियर डिवीजन) सबीना खान की अदालत में 1997 से लंबित एक सिविल मुकदमे से जुड़ा है। ज़मीन का विवाद: यह मामला गोंडा में नजूल ज़मीन (सरकारी ज़मीन) के कुछ हिस्सों से संबंधित है, जो कमिश्नर कार्यालय के निर्माण के लिए आरक्षित बताई जाती है। अदालत में स्थिति: लगभग तीन दशकों से लंबित इस मुकदमे में साल 2018 में मुद्दे तय (Issues Frame) किए गए थे और फिलहाल मामला साक्ष्य (Evidence) के चरण में है। ट्रांसफर अर्जी की सुनवाई: हाईकोर्ट 1997 के इस मुकदमे को गोंडा की सिविल जज की अदालत से किसी अन्य सक्षम अदालत में ट्रांसफर करने की अर्ज़ी पर सुनवाई कर रहा था। महिला जज का सनसनीखेज पत्र: क्या लगाए गए थे आरोप? मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट को अवगत कराया गया कि सिविल जज (सीनियर डिवीजन) सबीना खान ने 4 अगस्त, 2026 को गोंडा के जिला जज को एक आधिकारिक पत्र भेजा था। पत्र में आरोप लगाया गया कि: 15 जुलाई, 2026 की कॉल: जब महिला जज लंबी छुट्टी पर थीं, तब कमिश्नर दुर्गा शक्ति नागपाल ने उन्हें फोन किया और पूछा कि वह छुट्टी से कब वापस आ रही हैं। बदतमीजी और धमकी का आरोप: पत्र के मुताबिक, कमिश्नर ने कथित तौर पर कहा, मैं सीनियर IAS ऑफिसर हूँ और आपने मेरा फोन न उठाकर बदतमीजी की है... अच्छा हुआ कि आपने मुझसे बात कर ली, नहीं तो मैं आपकी शिकायत हाईकोर्ट में करने वाली थी। पद का दुरुपयोग: जज ने आरोप लगाया कि कमिश्नर ने उनके न्यायिक आचरण पर सवाल उठाते हुए कहा, आपके व्यवहार से मुझे ऐसा लगा कि आप ज्यूडिशियल ऑफिसर हैं भी या नहीं। दबाव बनाने का प्रयास: महिला जज ने जिला जज के सामने शिकायत दर्ज कराई कि आईएएस अधिकारी ने पद का इस्तेमाल कर उन्हें डराने, हाईकोर्ट में शिकायत की धमकी देने और अनुचित दबाव (Undue Pressure) डालने की कोशिश की। कमिश्नर दुर्गा शक्ति नागपाल का पक्ष राज्य सरकार और कमिश्नर नागपाल की ओर से फोन कॉल किए जाने से इनकार नहीं किया गया, लेकिन उसकी वजह अलग बताई गई: चार्ज और जांच: कमिश्नर ने बताया कि उन्होंने अप्रैल 2026 में ही देवीपाटन मंडल का प्रभार संभाला था। जांच के दौरान उन्हें पता चला कि कमिश्नर कार्यालय की आरक्षित नजूल ज़मीन से जुड़ा मामला लगभग 30 वर्षों से अदालत में अटका हुआ है। सामान्य पूछताछ का दावा: उन्होंने सरकारी वकीलों को प्रभावी पैरवी का निर्देश दिया था। जब पता चला कि पीठासीन अधिकारी लंबी छुट्टी पर हैं, तो 15 जुलाई को उन्होंने केवल यह जानने के लिए फोन किया था कि जज कब लौटेंगी। मामले पर चर्चा से इनकार: कमिश्नर का कहना था कि फोन कॉल पर लंबित मुकदमे के गुण-दोष (Merits) पर कोई चर्चा नहीं हुई थी और बाद में उन्होंने केवल जिला जज से जल्द सुनवाई का अनुरोध किया था। हाईकोर्ट की कड़ी टिप्पणियां और आपराधिक अवमानना का आदेश जस्टिस रिज़वी की पीठ ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद साफ किया कि अदालत किसी न्यायिक अधिकारी द्वारा लगाए गए इन गंभीर आरोपों से अपनी आंखें नहीं मूंद सकती। कोर्ट के फैसले के प्रमुख बिंदु: न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर हमला: हाईकोर्ट ने माना कि किसी आईएएस अधिकारी द्वारा न्यायिक अधिकारी पर फोन के जरिए दबाव डालना प्रथम दृष्टया न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है और यह न्याय प्रशासन में बाधा पहुंचाता है। जजों को संरक्षण देना हाईकोर्ट का फर्ज: कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले (इन री: अजय कुमार पांडे 1996) का हवाला देते हुए कहा कि जजों को बिना किसी डर के काम करने की आजादी होनी चाहिए। जज को शिकायत की धमकी देना न्याय प्रशासन में हस्तक्षेप के समान है। ट्रांसफर अर्जी निष्प्रभावी: चूंकि जिला जज गोंडा ने पहले ही इस केस को सिविल जज सबीना खान की अदालत से हटाकर 'सिविल जज (सीनियर डिवीजन)/FTC/ACJM गोंडा' की अदालत में ट्रांसफर कर दिया था, इसलिए हाईकोर्ट ने ट्रांसफर अर्जी को तो बेअसर मानते हुए निस्तारित कर दिया। अवमानना पीठ को भेजा मामला: हालांकि, कमिश्नर के आचरण को प्रथम दृष्टया आपराधिक अवमानना मानते हुए हाईकोर्ट ने चीफ जस्टिस के निर्देशानुसार मामले को क्रिमिनल कंटेंप्ट (Criminal Contempt) की सुनवाई करने वाली उचित पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करने का आदेश दिया।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को फिर से कहा कि राज्य भर के छात्रों और अभिभावकों को भरोसा दिलाते हुए, उच्च शिक्षा के लिए 4 लाख रुपये तक की स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना उपलब्ध रहेगी। यह बात बिहार सरकार द्वारा उन खबरों को गलत बताए जाने के बाद कही गई है जिनमें दावा किया गया था कि बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत छात्रों को मिलने वाले शिक्षा ऋण में कटौती की गई है। इसे भी पढ़ें: Singheshwar Temple Stampede | सावन के अंतिम सोमवार पर मधेपुरा के सिंगेश्वर मंदिर में मची भगदड़! बैरिकेड टूटने से आधा दर्जन लोग घायल एक X पोस्ट में, मुख्यमंत्री चौधरी ने युवाओं के लिए बेहतर शिक्षा सुनिश्चित करने के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को लेकर छात्रों और अभिभावकों के मन में कोई संदेह नहीं होना चाहिए। उच्च शिक्षा के लिए 4 लाख रुपये तक का स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड उपलब्ध है और यह सुविधा पहले की तरह ही जारी रहेगी। बिहार सरकार युवाओं की शिक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। शिक्षा के रास्ते में कभी भी वित्तीय संसाधनों को बाधा नहीं बनने दिया जाएगा। एक विज्ञप्ति के अनुसार, राज्य सरकार ने उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों के लिए आर्थिक सहायता का दायरा और बढ़ा दिया है। उच्च शिक्षा विभाग के सचिव के मुताबिक, अब बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के ज़रिए 2 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण दिया जाएगा। वहीं, 2 लाख से 4 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों के ज़रिए उपलब्ध कराई जाएगी। पहले, 4 लाख रुपये तक की पूरी राशि सिर्फ़ बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के ज़रिए ही दी जाती थी। इसे भी पढ़ें: Nishant Kumar बनेंगे बिहार के अगले CM, JDU सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने जताई उम्मीद प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन योजना, पीएम विद्यालक्ष्मी पोर्टल और बैंकों के साथ जोड़ने का मकसद ज़्यादा से ज़्यादा छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए संस्थागत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। इसके अलावा, छात्र पीएम विद्यालक्ष्मी योजना के ज़रिए 10 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण ले सकेंगे। इस तरह, अब छात्रों के पास पहले की तुलना में उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता के ज़्यादा विकल्प मौजूद हैं। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
बिहार में स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड से 4 लाख का लोन ही मिलेगा। CM सम्राट चौधरी ने X पर पोस्ट लिखा है कि 'स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के संबंध में विद्यार्थियों और अभिभावकों के मन में किसी भी प्रकार का संशय नहीं रहना चाहिए। उच्च शिक्षा के लिए ₹4 लाख तक का स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड मिल रहा है और यह सुविधा आगे भी पूर्ववत ही जारी रहेगी। बिहार सरकार युवाओं की शिक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। शिक्षा के रास्ते में आर्थिक संसाधन को कभी भी बाधा नहीं बनने दिया जाएगा।' इस ऐलान के बीच CM सम्राट चौधरी ने आज राज्यपाल से मुलाकात की है। 4 दिन के अंदर मुख्यमंत्री की गवर्नर से ये दूसरी मुलाकात है। 4 दिन पहले शिक्षा विभाग ने इसे घटाकर 2 लाख किया था 4 दिन पहले नीतीश कुमार की 7 निश्चय योजना के तहत शुरू हुए स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में सम्राट सरकार ने बदलाव किया था। इसमें बताया गया था कि छात्रों को स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 4 लाख की जगह 2 लाख ही मिलेंगे। सरकार के फैसले पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सवाल उठाए थे। उन्होंने X पर पोस्ट किया था- ‘सरकार का खजाना खाली है। बिहार में उच्च घाटे के साथ-साथ भारी कर्ज का बोझ अत्यधिक चिंता का विषय है। खर्च के अनुपात में राज्य की अपनी कोई राजस्व प्राप्ति नहीं है।’ इधर, पूरे मामले पर सरकार ने सफाई देते हुए कहा था कि राशि घटाने की बात सही नहीं है। पहले 4 लाख बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के जरिए मिलते थे, अभ 2 लाख मिलेंगे बाकी की राशि बैंक के जरिए मिल पाएगी। सरकार ने कहा था- राशि घटाई नहीं, लोन के दायरे को बढ़ाया पूरे मामले पर सरकार ने अपना पक्ष रखा था। सरकार ने बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत विद्यार्थियों को मिलने वाले शिक्षा ऋण में कमी किए जाने की खबर सही नहीं है। राज्य सरकार ने विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता के दायरे को और बढ़ाया है। उच्च शिक्षा विभाग के सचिव के अनुसार अब 2 लाख रुपए तक का लोन बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं 2 लाख से 4 लाख तक की वित्तीय सहायता बैंकों के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। इससे पहले बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से ही 4 लाख तक की राशि उपलब्ध कराई जाती थी। बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन योजना, पीएम विद्यालक्ष्मी पोर्टल और बैंकों से जोड़ने का उद्देश्य अधिक से अधिक विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए संस्थागत वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है। इसके पहले 4 और फैसलों पर बैकफुट पर आ चुकी है सरकार फैसला- 1 गांव के लोगों से टैक्स वसूली बिहार सरकार ने गांव की सरकार को वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाने और राज्य का खजाना भरने के लिए 15 जुलाई को कैबिनेट की बैठक में ‘बिहार ग्राम पंचायत (कर, दर एवं शुल्क) नियमावली-2026’ को मंजूरी दी। इसके अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में घरों और दुकानों आदि पर 50 से 5000 रुपए तक टैक्स लगेंगे। जल्द ही पंचायती राज विभाग इस संबंध में आदेश जारी करेगा और वसूली की प्रक्रिया शुरू होगी। मकान, दुकान और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर शुल्क वार्षिक जबकि जलापूर्ति शुल्क मासिक देना होगा। गांव के लोगों पर लगाए जाएंगे ये बड़े टैक्स होल्डिंग (संपत्ति) टैक्स- नगर निकाय क्षेत्र की तरह अब पंचायत क्षेत्र में भी होल्डिंग टैक्स वसूली होगी। पंचायत सालाना ग्रामीणों से यह टैक्स वसूल करेंगी। आवासीय मकान, कमर्शियल बिल्डिंग और जमीन, दुकान, गोदाम और अन्य स्थायी भवन पर यह लागू होगा। हाट, बाजार और मेला शुल्क- गांव के हाट, बाजार और मेला में सामान बेचने वालों के टैक्स वसूला जाएगा। इसके लिए पंचायत सरकार टेंडर जारी करेगी। जलापूर्ति एवं स्वच्छता सेवा शुल्क- पंचायत की सरकार हर घर नल का जल के तहत पीने का पानी आपूर्ति करने और कूड़ा उठाव के लिए ग्रामीणों से पैसे लेगी। मंदिर-मस्जिद और मठ पर टैक्स- पंचायत मंदिर-मस्जिद और मठ से पैसे वसूलेंगी। गांव में यह पहली बार देखा जाएगा। बूचड़खाना- बूचड़खाना संचालक से टैक्स लिया जाएगा। लघु उद्योग, मिल, गैर कृषि उद्योग और विज्ञापन शुल्क- गांव में छोटा उद्योग चलाने वालों, चावल मिल, तेल मिल और आटा चक्की वालों से टैक्स लिया जाएगा। विज्ञापन लगाने पर टैक्स- गांव में विज्ञापन (होर्डिंग) लगाने पर साल में एक बार टैक्स देना होगा। ईट भट्ठा, पेट्रोल पम्प, गैस एजेंसी- गांव में ईट भट्ठा चलाने वालों और पेट्रोल पम्प व गैस एजेंसी के मालिक को टैक्स देना होगा। मैरिज हॉल- गांव में चलने वाले मैरिज हॉल पर टैक्स का बोझ डाला गया है। बस-ऑटो स्टैंड- बस, ऑटो और तीन पहिया गाड़ियों के ठहराव स्थल से पैसे वसूल किए जाएंगे। इन करों की वसूली का मुद्दा उठाते हुए विधान परिषद में राजद के सुनील कुमार सिंह ने कहा कि सरकार अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में 5 हजार रुपए तक होल्डिंग टैक्स लगा रही है। चवन्नी-अठन्नी वसूल रही है। ये अंग्रेजों का कानून है। सम्राट चौधरी ने जवाब दिया कि होर्डिंग पर टैक्स लगाने की बात है। समय के अनुसार नियमों में बदलाव करेंगे। गरीबों से टैक्स नहीं लिया जाएगा। कचरा प्रबंधन और नल जल के लिए 30-30 रुपए पहले से लिए जा रहे हैं। फैसला- 2 स्टेट हाईवे पर टोल वसूली बिहार सरकार स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स वसूली को लेकर बैकफुट पर आई। 6 जुलाई 2026 को बिहार सरकार ने राज्य की सड़कों और पुलों के लिए नई टोल नीति की अधिसूचना जारी की। नई नीति में सरकार ने दोपहिया, तिपहिया, ट्रैक्टर और कंबाइन हार्वेस्टर जैसे वाहनों को टोल टैक्स से मुक्त रखा। आम लोगों में संदेश गया कि अब निजी कार, जीप और अन्य प्राइवेट वाहनों को भी स्टेट हाईवे पर चलने के लिए टोल देना होगा। 7 जुलाई को सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि स्टेट हाईवे पर सिर्फ कमर्शियल वाहनों पर टोल टैक्स लगेगा, प्राइवेट गाड़ियों को नहीं। फैसला- 3 सैटेलाइट टाउनशिप की जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक 22 अप्रैल 2026 को सम्राट कैबिनेट ने 11 सेटेलाइट टाउनशिप विकसित करने को मंजूरी दी। इन 11 स्थानों पर जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी। बाद में एक और शहर जोड़ा गया। मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, भागलपुर और छपरा के पास 30 जून 2027 तक और पटना, सोनपुर, गया, दरभंगा, सहरसा, पूर्णिया और मुंगेर के पास 31 मार्च 2027 तक जमीन खरीदने बेचने पर पाबंदी लगाई गई। किसान जरूरत पड़ने पर अपनी जमीन बेच नहीं पा रहे थे। शादी, इलाज और पढ़ाई जैसे जरूरी काम के लिए पैसे का इंतजाम नहीं हो पा रहा था। इसके चलते सरकार के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन हुए। मामला बढ़ने पर 17 जून को सरकार ने सैटेलाइट टाउनशिप इलाके के जमीन मालिकों को जमीन बेचने की अनुमति शर्त के साथ दी। कहा कि गंभीर बीमारी, शादी या आपात स्थिति में बिहार राज्य आवास बोर्ड किसानों की जमीन खरीदेगा। शहरों में सर्किल रेट का दोगुना और गांवों में चार गुना पैसा दिया जाएगा। इसके अलावा बिहार भूमि क्रय नीति-2026 के तहत 10 फीसदी प्रोत्साहन राशि अलग से मिलेगी। बिहार विधान परिषद में 22 जुलाई को नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि सैटेलाइट टाउनशिप के लिए जमीन देने के इच्छुक 750 लोगों ने आवेदन किया है। सरकार जबरदस्ती जमीन नहीं ले रही है। यदि किसी भूस्वामी को शादी, बीमारी या अन्य कार्यों के लिए जमीन बेचने की जरूरत है, तो वे बिहार राज्य आवास बोर्ड में आवेदन कर सकते हैं। उन्हें एक महीने के भीतर भुगतान किया जाएगा। फैसला- 4 पहले सीएम आवास में 5 देशरत्न मार्ग बंगला जोड़ा फिर अलग किया 30 अप्रैल 2026 को सम्राट सरकार ने 5 देश रत्न मार्ग बंगले को लोक सेवक आवास, 1 अन्ने मार्ग (सीएम हाउस) के विस्तारित अंश के रूप में शामिल किया। फैसला ऐसे वक्त लिया गया जब राबड़ी देवी से 10 सर्कुलर रोड बंगला खाली करने के लिए कहा जा रहा था। राजद के नेताओं ने सवाल उठाया कि सीएम हाउस में आसपास के बंगले जोड़े जा रहे हैं। दूसरी ओर सरकार विपक्ष की नेता को आवास खाली करने के लिए कह रही है। विवाद बढ़ने पर 4 जून 2026 को 5 देश रत्न मार्ग बंगले को मुख्यमंत्री आवास से अलग कर दिया गया है।
मुजफ्फरपुर के नगर थाना क्षेत्र के बड़ी करबला में घर के बाहर खेल रहे चार साल के बच्चे पर आवारा कुत्ते ने अचानक हमला कर दिया। कुत्ते ने बच्चे के सिर, हाथ और कंधे को बुरी तरह नोच लिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
गया के वजीरगंज बाजार में बारिश के दौरान सोशल मीडिया के लिए रील बना रहे तीन बच्चे उस समय बाल-बाल बच गए, जब अचानक घर की छत पर आकाशीय बिजली गिर गई।
Bihar: दानापुर में लड़की पर फायरिंग, बचने के लिए दुकान में छिपी; पीछा कर आए बदमाशों ने फिर मारी गोली
पटना के दानापुर थाना क्षेत्र के आर्य समाज रोड में रविवार शाम बदमाशों ने एक लड़की को निशाना बनाकर फायरिंग की। लड़की रैपिडो से जा रही थी, इसी दौरान हुई फायरिंग में रैपिडो चालक को गोली लग गई।
Bihar Student Protest: TRE-4 समेत प्रतियोगी परीक्षाओं की मांगों को लेकर पटना में अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी
Bihar News: अंतिम सोमवारी पर बाबा हरिगिरिधाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, 2 किलोमीटर लंबी लगी कतार
Bihar News: अंतिम सोमवारी पर बाबा हरिगिरिधाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, 2 किलोमीटर लंबी लगी कतार
Bihar News: छपरा-मुजफ्फरपुर एनएच पर भीषण हादसा, हाइवा ने टोटो को रौंदा; चार की मौत, तीन घायल
छपरा-मुजफ्फरपुर एनएच-722 पर भेल्दी थाना क्षेत्र के टोल प्लाजा के पास तेज रफ्तार और अनियंत्रित 18 चक्का हाइवा ने सामने से आ रहे टोटो को रौंद दिया।
औरंगाबाद शहर के वास्तु विहार सोसाइटी स्थित बिहार कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम के बंद घर में चोरी हुई है। मामले की सूचना पर कांग्रेस नेता सूरज राय मौके पर पहुंचे। घर के अंदर जाकर देखा तो मुख्य दरवाजे का ताला टूटा हुआ था। हालांकि आवास से क्या-क्या सामान चोरी हुआ है, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। राजेश राम एक दिन पहले ही अपने घर में ताला बंद कर पटना के लिए रवाना हुए थे। औरंगाबाद पहुंचने के बाद उनके आवास से चोरी हुए सामान की पूरी जानकारी सामने आने की उम्मीद है। चार लोग बाउंड्री फांदकर घुसते दिखे आवास की देखरेख के लिए कर्मा रोड निवासी केयरटेकर जितन रहते थे। रविवार की शाम वह भी ताला लगाकर अपने गांव चला गया था। इसी दौरान चोरों ने वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली है। फुटेज में चार संदिग्ध बाउंड्री फांदकर सोसाइटी के अंदर प्रवेश करते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि करीब एक घंटे तक चोर सोसाइटी के अंदर रहे। इसके बाद चोरी की वारदात को अंजाम देकर उसी रास्ते से बाउंड्री फांदकर बाहर निकल गए। पुलिस फुटेज के आधार पर चोरों की पहचान करने में जुटी है। कानून-व्यवस्था पर उठाया सवाल वहीं, इस घटना के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि उनके घर से क्या चोरी हुआ, यह महत्वपूर्ण नहीं है। महत्वपूर्ण यह है कि बिहार में कोई भी सुरक्षित नहीं है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। तीन और घरों में चोरी राजेश राम के घर के साथ-साथ तीन अन्य बंद घरों में भी चोरी की। सबसे बड़ी घटना संतोष सिंह के घर में हुई, जहां से करीब 20 लाख रुपए के सोने-चांदी के आभूषण चोरी होने की बात सामने आई है। जानकारी के अनुसार संतोष सिंह फिलहाल देवघर गए हुए हैं, जबकि उनकी पत्नी बेटे के साथ कर्मा रोड स्थित अपनी बहन के घर गई थी। सुबह जब वह वास्तु विहार स्थित आवास पहुंची तो मुख्य गेट का ताला टूटा मिला। अंदर जाने पर अलमारी भी टूटी हुई थी और उसमें रखे लाखों रुपए के सोने-चांदी के आभूषण गायब थे। इसके अलावा चोरों ने प्रदीप सिंह और बृजेश कुमार के बंद मकानों का भी ताला तोड़ा। इन दोनों घरों से कितने सामान की चोरी हुई है, इसका आकलन फिलहाल किया जा रहा है। मुफस्सिल थाना पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। 14 महीने पहले भी हुई थी चोरी वास्तु विहार सोसाइटी में चोरी की यह पहली घटना नहीं है। करीब 14 महीने पहले भी चोरों ने सोसाइटी के फेज-1 और फेज-2 में चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया था। उस समय भी पुलिस ने मामले की जांच की थी, लेकिन अब तक चोरों तक पहुंचने में सफलता नहीं मिलने की बात स्थानीय लोगों ने कही है। एक बार फिर एक ही रात में चार घरों में चोरी होने के बाद सोसाइटी के लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। शहर में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं को लेकर स्थानीय लोग पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि बंद मकानों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, लेकिन चोरों में पुलिस का कोई खौफ नजर नहीं आ रहा है। वहीं, पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज के साथ पूर्व में हुई घटनाओं के रिकॉर्ड को भी खंगाल रही है।
Bihar News: सावन की अंतिम सोमवारी पर सिंहेश्वर धाम में बेकाबू भीड़, धक्का-मुक्की से मची भगदड़ जैसी स्थिति
सावन की अंतिम सोमवारी पर देशभर के शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी है। बिहार के सिंहेश्वर नाथ मंदिर में भीड़ की वजह से अफरातफरी की स्थिति हो गई। इस दौरान कुछ श्रद्धालुओं को चोट भी आई है।
Bihar Expressway: बिहार का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे, भागलपुर से दिल्ली तक कनेक्टिविटी होगी आसान; 6 लेन सड़क पर 120 की रफ्तार
श्रावणी मेला अब अंतिम पड़ाव पर है और सावन की चौथी व अंतिम सोमवारी पर बाबा बैद्यनाथ धाम में भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। देवघर प्रशासन के अनुमान के अनुसार करीब तीन से सवा तीन लाख श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंच सकते हैं।
बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने देर रात सीतामढ़ी सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने इमरजेंसी सहित अस्पताल के विभिन्न विभागों का जायजा लिया और मरीजों व उनके परिजनों से स्वास्थ्य सुविधाओं का सीधा फीडबैक लिया।
Bihar: रिश्तों को शर्मसार करने वाला मामला, नाबालिग से डेढ़ साल तक दुष्कर्म का आरोप; पिता गिरफ्तार
मुजफ्फरपुर के सरैया थाना क्षेत्र के एक गांव में नाबालिग बेटी से करीब डेढ़ साल तक जबरन शारीरिक संबंध बनाने के आरोप में 46 वर्षीय पिता को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
Bihar News Today Live: बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 24 अगस्त के मुख्य और ताजा समाचार
Bihar Breaking News Today Live - Read latest and breaking news today in hindi at Amarujala. यहां पढ़ें, बिहार की ताजा खबरें, राजनीति, खेल, मनोरंजन, धर्म, क्राइम और शिक्षा की खबरों का लाइव अपडेशन
सावन माह की चौथी और अंतिम सोमवारी पर मुजफ्फरपुर के प्रसिद्ध बाबा गरीबनाथ धाम में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। आधी रात 12 बजे से शुरू हुआ जलाभिषेक का सिलसिला सुबह तक जारी रहा।
पेपर लीक, मानव तस्करी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान; बिहार में किस-किस अपराध पर लगेगा सीसीए
बिहार सरकार ने अपराधियों पर लगाम कसने के लिए बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत अब राज्य में मानव तस्करी, पेपर लीक और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान कई अन्य अपराधों में शामिल लोगों को सीसीए के दायरे में लाया जा सकेगा।
Bihar News: गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर, भोजपुर के 5 सरकारी स्कूलों में 29 अगस्त तक पढ़ाई बंद
गंगा के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए भोजपुर जिला प्रशासन ने छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के लिए जिले के पांच सरकारी विद्यालयों में 24 से 29 अगस्त तक पठन-पाठन स्थगित कर दिया है।
‘इनोवेशन इन गवर्नेंस’ श्रेणी में जगह पाने वाली इस सफारी में ग्लास स्काईवॉक, सस्पेंशन ब्रिज, जिप लाइन, नेचर कैंप और प्राकृतिक वातावरण में वन्यजीव सफारी जैसी सुविधाएं पर्यटकों को आकर्षित करती हैं।
'सत्ता की मलाई खाते रहे लालू प्रसाद'; JDU ने कहा- जेल जाने के डर से बिहार के हितों की बलि चढ़ाई
जदयू ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद पर फरक्का जल समझौते में बिहार के हितों की बलि चढ़ाने का आरोप लगाया है, कहा कि उन्होंने जेल जाने के डर से ऐसा किया।
IMD Weather Update: देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता के बीच मौसम का मिजाज बिगड़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने कई राज्यों में बारिश के साथ तेज हवाओं और आंधी-तूफान को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है। दिल्ली समेत उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में बारिश और गरज-चमक का असर देखने को मिल सकता है, वहीं पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। वहीं, समुद्र से जुड़े इलाकों में तेज हवाओं चलने की संभावना है। वहीं दिल्ली और यूपी में भी तेज बारिश के आसार है। IMD ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और खुले स्थानों पर जाने से बचने को कहा है।बारिश के साथ हवाओं की भी अलर्टउत्तर प्रदेश और बिहार में 24 अगस्त को मौसम खराब रहने की संभावना है। उत्तर प्रदेश के नोएडा, गाजियाबाद, अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, कानपुर और मथुरा समेत कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है। लखनऊ में अधिकतम तापमान 33 और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। वहीं बिहार में पटना समेत गया, पश्चिमी चंपारण, समस्तीपुर, पूर्णिया, बक्सर, दरभंगा, किशनगंज, वैशाली और मधुबनी में तेज बारिश और आंधी की संभावना है। इस दौरान हवाएं 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं।कैसा होगा दिल्ली का मौसमदिल्ली में 24 अगस्त को मौसम खराब रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने राजधानी में आंधी-तूफान के साथ तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार करीब 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। दिल्ली में आज अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। पिछले कुछ दिनों से राजधानी में बारिश हो रही है, वहीं बारिश की वजह से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग ने दिल्ली-NCR में अगले 3 से 4 दिनों में मौसम में बदलाव होने की संभावना जताई है।इन राज्यों में होगी भारी बारिशमौसम विभाग ने 24 अगस्त को देश के कई हिस्सों में खराब मौसम की संभावना जताई है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, गुजरात, पश्चिम बंगाल और ओडिशा समेत 17 राज्यों में बारिश के साथ तेज हवाएं और आंधी चलने का अनुमान है। पहाड़ी राज्यों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है, इसलिए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। लोगों को मौसम खराब होने पर सावधानी बरतने और जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है।विदेशों में लहराया भारत का परचम, अब अपनी ही नागरिकता साबित करने के पड़े लाले! पूर्व राजदूत नवदीप सूरी के साथ क्या हुआ?
बिहार के सारण जिले में जन्मदिन समारोह में ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रम करने के बाद लौट रही एक नर्तकी ने स्कूटी चालक पर हथियार का भय दिखाकर जबरन यौन अपराध करने का आरोप लगाया है। घटना शनिवार तड़के मशरक-तरैया मुख्य मार्ग पर सुनसान जगह की बताई जा रही है।
पटना के गर्दनीबाग में छात्रों का न्याय सत्याग्रह छठे दिन भी जारी रहा, जिसमें TRE-4 में पद बढ़ाने, एकल परीक्षा और निगेटिव मार्किंग खत्म करने जैसी कई मांगें उठाई गईं।
उत्तराखंड, यूपी और बिहार में भारी बारिश के चलते गंगा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। इस वजह से बिहार के कई इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। ऐसे में सीएम सम्राट चौधरी ने पश्चिम बंगाल सीएम से फरक्का बैजार के गेट खोलने की अपील की है।
Bihar News: एनएच-722 पर मौत का कहर, अनियंत्रित हाइवा ने टोटो को रौंदा, ससुर-पतोहू की मौके पर मौत
छपरा के भेल्दी थाना क्षेत्र में एनएच-722 पर टोल प्लाजा के पास रविवार रात तेज रफ्तार 18 चक्का हाइवा ने बैटरी चालित टोटो को सामने से जोरदार टक्कर मार दी।
Bihar Weather Today 24 August: बिहार में मानसून कमजोर पड़ा है। हालांकि, इसके बावजूद स्थानीय वातावरणीय प्रभावों से राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश की स्थिति है। मौसम विभाग ने सोमवार को 20 जिलों में वज्रपात, मेघ गर्जन का अलर्ट जारी किया है।
बिहार में मानसून सक्रिय है, जिससे पटना सहित कई जिलों में छिटपुट बारिश हो रही है। गया, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण में भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि पटना समेत 20 जिलों में वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है।
पीएम सूर्य घऱ योजना लागू करने में बिहार काफी पीछे हो गया है। बता दें कि आर्थिक रूप से कमजोर कुटीर ज्योति श्रेणी (बीपीएल) परिवार के घरों पर 1.1 किलोवाट का सौर ऊर्जा संयंत्र शत-प्रतिशत सब्सिडी के साथ लगाये जा रहे हैं।
अगले साल से बिहार के सभी जिलों में रोजगार मेला, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का ऐलान
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ऐलान किया है कि अगले साल से बिहार के सभी जिलों में रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। इस मेले से बिहार के कई युवाओं को रोजगार मिलने में मदद मिलेगी।
बांग्लादेश और भारत के समझौते पर बिहार में क्यों संग्राम, फरक्का पर उलझे JDU-RJD
फरक्का संधि का मतलब भारत और पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश के बीच हुए एक जल समझौते से है। जिस पर 12 दिसंबर 1996 को दस्तखत किए गए थे। अब यह मुद्दा बिहार की राजनीति में तूल पकड़ रहा है और दो बड़े दल राजद और जदयू उलझे नजर आ रहे हैं।
मुजफ्फरपुर के 14 PHC का दो करोड़ से होगा कायाकल्प, अत्याधुनिक बनेंगे लेबर रूम व प्रसूति वार्ड
Primary Health Center Bihar:मुजफ्फरपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में 14 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का दो करोड़ रुपये की लागत से कायाकल्प किया जाएगा। इस परियोजना के तहत लेबर रूम और प्रसूति वार्डों को अत्याधुनिक बनाकर गर्भवती महिलाओं व नवजातों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
Nishant Kumar बनेंगे बिहार के अगले CM, JDU सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने जताई उम्मीद
जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता देवेश चंद्र ठाकुर ने रविवार को उम्मीद जताई कि बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत अपने पिता और पार्टी अध्यक्ष नीतीश कुमार के पदचिह्नों पर चलते हुए राज्य के मुख्यमंत्री बनेंगे। ठाकुर सीतामढ़ी में पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे। सीतामढ़ी उनका लोकसभा क्षेत्र है, जहां राज्य के स्वास्थ्य मंत्री दौरे पर थे और उन्हें जिलेभर में जदयू कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। ठाकुर ने कहा, हमारे नेता नीतीश कुमार ने बिहार के लिए बहुत कुछ किया है। मुख्यमंत्री के रूप में उनका दो दशक लंबा कार्यकाल बेजोड़ रहा है। हमें उम्मीद है कि निशांत अपने पिता के पदचिह्नों पर चलते हुए सार्वजनिक जीवन में नाम कमाएंगे। जब उनसे सीधे तौर पर पूछा गया कि क्या वह उत्तराधिकारी माने जा रहे निशांत को भविष्य के मुख्यमंत्री के तौर पर देखते हैं, तो पूर्व राज्य मंत्री और विधान परिषद के सभापति रह चुके ठाकुर ने कहा, क्यों नहीं? राजनीति संभावनाओं की कला है। वह सर्वोच्च ऊंचाइयों तक पहुंचें। निशांत कुमार (45) ने इस साल मार्च में राजनीति में कदम रखा था। इसके कुछ ही सप्ताह बाद उनके पिता ने राज्यसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया और बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में दो दशक लंबे कार्यकाल का अंत किया। विनम्र स्वभाव के लिए पहचाने जाने वाले निशांत ने शुरू में भाजपा के सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली राज्य की नयी सरकार में उपमुख्यमंत्री के रूप में शामिल होने का प्रस्ताव ठुकरा दिया था लेकिन बाद में जदयू के कार्यकर्ताओं और नेताओं के दबाव में उन्होंने मंत्रिमंडल में शामिल होने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया। जब ठाकुर से स्वास्थ्य मंत्री के रूप में निशांत के प्रदर्शन के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, इस युवा नेता ने अभी शुरुआत ही की है। इस समय ऐसा सवाल पूछना ही बचकाना है। निशांत ने मीडियाकर्मियों से कहा, सीतामढ़ी आकर मैं बहुत उत्साहित हूं। यह वह स्थान है जहां माना जाता है कि देवी सीता प्रकट हुई थीं। मैं उनसे प्रार्थना करता हूं कि मैं लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरूं और समाज के हर वर्ग, चाहे महिलाएं हों, ओबीसी हों या ईबीसी- सभी के लिए काम करूं, जैसा कि मेरे पिता ने किया। मौके पर मौजूद जदयू कार्यकर्ताओं ने कहा कि अब उन्हें भरोसा है कि नीतीश कुमार के सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने से कोई खालीपन नहीं आया है और निशांत के नेतृत्व में पार्टी सुरक्षित हाथों में है।
बिहार की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं। जदयू सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने रविवार को सीतामढ़ी में दावा किया कि निशांत कुमार भविष्य में बिहार के मुख्यमंत्री बन सकते हैं। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में नई बहस शुरू हो गई है। प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम में पहुंचे थे निशांत निशांत कुमार सीतामढ़ी के बाजपट्टी और परिहार में आयोजित प्रतिमा अनावरण कार्यक्रमों में शामिल होने पहुंचे थे। बाजपट्टी में उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी अमर शहीद रामफल मंडल की प्रतिमा का अनावरण किया। वहीं, परिहार में शिक्षाविद इंदल सिंह नवीन की प्रतिमा का अनावरण किया गया। देवेश चंद्र ठाकुर ने जताई मुख्यमंत्री बनने की संभावना इसी दौरान देवेश चंद्र ठाकुर ने निशांत कुमार के राजनीतिक भविष्य को लेकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि निशांत कुमार पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र हैं, जिन्हें पूरे देश में जाना जाता है। उन्होंने संभावना जताई कि आने वाले समय में निशांत कुमार बिहार के मुख्यमंत्री भी बन सकते हैं। बयान के बाद राजनीतिक मायने निकाले जा रहे देवेश चंद्र ठाकुर के नीतीश कुमार के साथ करीबी संबंध माने जाते हैं। ऐसे में उनके द्वारा निशांत कुमार को लेकर दिए गए इस बयान को बिहार की राजनीति में अहम माना जा रहा है। निशांत कुमार भी हाल के दिनों में बिहार के अलग-अलग जिलों में विभिन्न कार्यक्रमों में नजर आ रहे हैं।
ट्रेनों में अटैची चोरी का ‘मास्टरमाइंड’ कौन? प्रकाश साव के गिरोह का बिहार से यूपी-झारखंड तक नेटवर्क
रेल पुलिस ने गिरफ्तार चार बदमाशों से पूछताछ के बाद प्रकाश साव के नेतृत्व वाले बड़े ट्रेन चोरी गिरोह का खुलासा किया है। यह गिरोह बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश तक फैला है और सद्भावना व पवन एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में यात्रियों को निशाना बनाता है।
नीतीश के बेटे निशांत बनेंगे बिहार के CM? चर्चा में JDU नेता का बयान
JDU के वरिष्ठ नेता देवेश चंद्र ठाकुर ने कहा है कि बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार अपने पिता नीतीश कुमार के पदचिह्न पर चलेंगे. वे भविष्य में मुख्यमंत्री बन सकते हैं. ठाकुर ने उनके कामकाज का जल्द आंकलन करने से बचने और युवा नेता को काम करने का पूरा मौका देने को कहा है.
KESCO Scrap Scam: फिर पकड़ा ही क्यों था ट्रक? फिर 8 दिन बाद बिना कार्रवाई बिहार भेज दिया
केस्को में 1.52 करोड़ रुपये के स्क्रैप बिक्री घोटाले का खुलासा हुआ है, जिसमें एक्सईएन और जेई पर निर्धारित से अधिक माल बेचने का आरोप है। गुजरात जा रहे एक ट्रक में अतिरिक्त स्क्रैप मिलने के बाद जांच शुरू हुई, जबकि बिहार जा रहे दूसरे ट्रक को पकड़ने के बाद भी बिना कार्रवाई के छोड़ दिया गया।
मौसम विभाग ने दक्षिण बिहार में 24 से 26 अगस्त तक मूसलाधार बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान मोतिहारी, छपरा, बेतिया, गोपालगंज, सीवान, पटना, आरा, नालंदा समेत अन्य जगहों पर आंधी और वज्रपात की आशंका बनी रहेगी।
CRPF Jawan की Bihar के Rohtas में सड़क दुर्घटना में मौत, परिवार के 4 लोग घायल
बिहार के रोहतास जिले में रविवार को एक ऑटोरिक्शा सड़क किनारे पेड़ से टकरा गया, जिससे सीआरपीएफ के 39 वर्षीय एक जवान की मौत हो गई और उसके परिवार के चार सदस्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि दुर्घटना शनिवार को रोहतास के तिलौथू थाना क्षेत्र के निमियाडीह-तेरका के निकट हुई। थाना प्रभारी (एसएचओ) शुभम कुमार ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, सीआरपीएफ कर्मी कंचन कुमार ठाकुर अपने परिवार के सदस्यों के साथ दर्शन के लिए ताराचंडी से मां तुतला भवानी जा रहे थे, तभी ऑटोरिक्शा का संतुलन बिगड़ गया और वह पेड़ से टकरा गया। उन्होंने बताया कि ठाकुर गंभीर रूप से घायल हो गए और सासाराम के सदर अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी, बच्चा और परिवार के दो अन्य सदस्य हादसे में घायल हो गए। कुमार ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम करा लिया गया है और पुलिस को लिखित शिकायत मिली है, जिसके आधार पर यातायात थाने में प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। उन्होंने कहा, स्थानीय लोगों के अनुसार, विपरीत दिशा से आ रही एक एसयूवी से टक्कर से बचने की कोशिश में ऑटोरिक्शा चालक ने वाहन पर संतुलन खो दिया। हालांकि, जब पुलिस घटनास्थल पर पहुंची तो एसयूवी वहां नहीं थी। एसएचओ ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।
राज्य सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और जैविक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वर्मी कंपोस्ट एवं बायोगैस इकाई की स्थापना पर अनुदान के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। कृषि विभाग के अनुसार, इच्छुक किसान 30 सितंबर 2026 तक आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों का कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल पर पंजीकृत होना अनिवार्य है। किसान आधिकारिक वेबसाइट dbtagriculture.bihar.gov.in पर जाकर 'अनुदान के लिए आवेदन' मेनू में 'पक्का वर्मी कंपोस्ट अनुदान' श्रेणी का चयन कर अपना आवेदन दर्ज कर सकते हैं। सरकार पक्का वर्मी कंपोस्ट इकाई के निर्माण पर कुल लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम 5,000 रुपये प्रति इकाई का अनुदान प्रदान कर रही है। यह वित्तीय सहायता किसानों को जैविक खाद उत्पादन में मदद करेगी। यह योजना केवल नए आवेदकों के लिए है। जिन किसानों ने पिछले वर्षों में इस योजना के तहत अनुदान प्राप्त किया है, वे दोबारा आवेदन करने के पात्र नहीं होंगे। कृषि विभाग ने सभी पात्र किसानों से अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय पर ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की है। इस पहल से मिट्टी की उर्वरता में सुधार होगा और किसानों की उत्पादन लागत में भी कमी आएगी।
बिहार की राजनीतिक गलियारों में इन दिनों मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनके बेटे निशांत कुमार को लेकर चर्चाओं का बाजार बेहद गर्म है। हाल ही में सामने आए एक राजनीतिक घटनाक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने बेटे निशांत को बेहद स्नेह और भावुकता के साथ देखने के बाद उन्हें सीतामढ़ी जाने का विशेष आशीर्वाद दिया है। इस वाकये के सामने आने के बाद से पटना से लेकर दिल्ली तक के राजनीतिक विश्लेषक इसके अलग-अलग मायने निकालने में जुट गए हैं। हर कोई यह जानने को उत्सुक है कि क्या यह महज एक सामान्य पारिवारिक मुलाकात थी या इसके पीछे बिहार की आगामी राजनीति का कोई बड़ा खाका तैयार हो रहा है।पिता-पुत्र की इस मुलाकात के क्या हैं सियासी मायनेराजनीतिक जानकारों का मानना है कि नीतीश कुमार का अपने बेटे को इस तरह स्नेह देना और खास तौर पर सीतामढ़ी जैसे धार्मिक और राजनीतिक रूप से संवेदनशील जिले का दौरा करने के लिए भेजना कोई इत्तेफाक नहीं है। पिछले काफी समय से इस बात की चर्चाएं चलती रही हैं कि क्या निशांत कुमार आने वाले समय में सक्रिय राजनीति में कदम रखेंगे या पार्टी के भीतर कोई बड़ी जिम्मेदारी संभालेंगे। ऐसे समय में जब राज्य के राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं और हर दल अपनी स्थिति मजबूत करने में लगा है, इस घटना ने विपक्षी खेमे के साथ-साथ सत्ताधारी जेडीयू के भीतर भी सुगबुगाहट तेज कर दी है।सीतामढ़ी दौरे को लेकर क्यों गर्म है सियासी बाजारमाता सीता की पावन जन्मस्थली सीतामढ़ी हमेशा से बिहार की राजनीति में एक बेहद महत्वपूर्ण केंद्र रही है। यहां से किसी भी राजनीतिक संदेश या यात्रा का एक गहरा और व्यापक असर राज्य की जनता पर पड़ता है। अब जब निशांत कुमार को इस क्षेत्र में जाने का आशीर्वाद मिला है, तो स्थानीय स्तर पर यह कयास लगाए जाने लगे हैं कि वे जल्द ही वहां जनता के बीच जाकर जनसंपर्क अभियान की शुरुआत कर सकते हैं। राजनीतिक पंडितों का कहना है कि यह कदम युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने और जनता के बीच उनकी स्वीकार्यता को परखने का एक सुनियोजित प्रयास हो सकता है।कार्यकर्ताओं में उत्साह और भविष्य की राजनीतिक चालइस पूरे घटनाक्रम के बाद से पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय समर्थकों के बीच भी भारी उत्साह देखा जा रहा है। हालांकि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की ओर से अभी तक आधिकारिक तौर पर इसे लेकर कोई बड़ा बयान नहीं आया है, लेकिन दबी जुबान में भविष्य के उत्तराधिकार और नेतृत्व को लेकर बातें होने लगी हैं। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि नीतीश कुमार का यह आशीर्वाद और निशांत कुमार का संभावित दौरा बिहार की सियासत में किस प्रकार के नए समीकरणों को जन्म देता है।
Vikramshila Setu पर 29 अगस्त से शुरू होने वाला मरम्मत कार्य गंगा के बढ़ते जलस्तर और संभावित बाढ़ के कारण टाल दिया गया है। इस फैसले से पूर्वी बिहार की बड़ी आबादी को राहत मिली है, और अब नई तिथि तय होने तक पुल पर आवागमन जारी रहेगा।

