यूपी, बिहार समेत कई राज्यों में अगले 7 दिनों तक होगी भारी बारिश, जानिए कहां-कहां बरसेंगे बादल
IMD ने उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड समेत कई राज्यों में अगले 7 दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। जानिए कहां-कहां होगी मूसलाधार बारिश।
बिहार के ग्रामीण इलाकों और स्थानीय राजनीति में इस वक्त जबरदस्त खलबली मची हुई है। पटना, मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर और पूर्णिया समेत सूबे के सभी जिलों के पंचायती राज विभागों से इस वक्त की बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। यदि आपके गांव के मुखिया जी ने भी विकास कार्यों में कोई लापरवाही की है या सरकारी बजट का सही इस्तेमाल नहीं किया है, तो अब उनके लिए मुश्किलें बेहद बढ़ने वाली हैं। राज्य सरकार के सख्त आदेश के बाद अब वैसी पंचायतों की एक 'सीक्रेट लिस्ट' (Secret List) तैयार की जा रही है, जहां सरकारी योजनाओं और फंड में भारी गड़बड़ी या भ्रष्टाचार की शिकायतें मिली हैं। इस बार केवल मुखिया जी ही नहीं, बल्कि उनके इस खेल में बराबर के साझीदार रहे पंचायत सचिवों (Panchayat Secretaries) पर भी सीधा एक्शन होने जा रहा है।मुख्यमंत्री के निर्देश पर पंचायती राज विभाग हुआ बेहद सख्तदरअसल, बिहार में ग्रामीण विकास और पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर साल अरबों रुपये का बजट आवंटित किया जाता है। लेकिन धरातल पर कई जगहों से नली-गली योजना, सात निश्चय योजना और जल-जीवन-हरियाली जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं में भारी बंदरबांट की शिकायतें लगातार सरकार तक पहुंच रही थीं। इस गंभीर मामले का संज्ञान लेते हुए विभाग ने सभी जिलों के जिलाधिकारियों (DMs) और जिला पंचायती राज पदाधिकारियों (DPROs) को एक विशेष ऑडिट और जांच का जिम्मा सौंपा है। इस जांच के तहत सभी विकास कार्यों का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) कराया जा रहा है, जिससे मुखिया और सचिवों के पसीने छूट रहे हैं।मुखिया जी के साथ-साथ पंचायत सचिवों पर भी होगी बड़ी कार्रवाईअब तक के प्रशासनिक रवैये में अक्सर देखा जाता था कि वित्तीय गड़बड़ी के मामलों में केवल मुखिया पर ही गाज गिरती थी, जबकि पर्दे के पीछे खेल करने वाले सरकारी कर्मचारी यानी पंचायत सचिव बच निकलते थे। लेकिन इस बार सरकार ने अपनी रणनीति पूरी तरह बदल दी है। नए नियम और कड़े दिशा-निर्देशों के मुताबिक, यदि किसी पंचायत में वित्तीय अनियमितता पाई जाती है, तो उसके लिए मुखिया के साथ-साथ वहां तैनात पंचायत सचिव को भी समान रूप से जिम्मेदार माना जाएगा। विभाग ने साफ कर दिया है कि दोषी पाए जाने वाले सचिवों को न केवल निलंबित (Suspend) किया जाएगा, बल्कि उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई और जरूरत पड़ने पर एफआईआर (FIR) भी दर्ज कराई जाएगी।इन जिलों और ब्लॉकों में सबसे पहले शुरू हुई सीक्रेट लिस्टिंगसूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जांच की इस रडार पर सबसे पहले उन पंचायतों को रखा गया है जहां से स्थानीय ग्रामीणों ने जन शिकायत निवारण प्रणाली या सीधे विभाग को लिखित रूप से भ्रष्टाचार की शिकायतें भेजी थीं। पटना, वैशाली, सारण, दरभंगा और आरा जैसे जिलों के कई ब्लॉकों में विशेष जांच दल (SIT) गुप्त रूप से फाइलों की स्क्रूटनी कर रहे हैं। इस लिस्टिंग में योजनाओं के नाम पर बिना काम कराए ही राशि की निकासी कर लेने (Paper Work Fraud) और घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल करने वाले मामलों को सबसे ऊपर रखा गया है।ग्रामीणों में जागी उम्मीद, भ्रष्ट आचरण पर लगेगा कड़ा लगामसरकार की इस ताबड़तोड़ और सख्त कार्रवाई की खबर जैसे ही गांवों तक पहुंची है, वैसे ही आम जनता में खुशी की लहर दौड़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि धरातल पर योजनाओं का काम न के बराबर होता है और कागजों पर बड़ी-बड़ी बातें दर्ज कर ली जाती हैं। मुखिया और सचिव की इस साठगांठ के टूटने से अब गांवों में असली विकास होने की उम्मीद जगी है। फिलहाल, सभी जिलों से दागी पंचायतों और उनके जनप्रतिनिधियों व कर्मचारियों की सूची कंपाइल कर सीधे पंचायती राज विभाग के मुख्यालय पटना भेजी जा रही है, जिसके बाद किसी भी वक्त बड़े एक्शन का आधिकारिक आदेश जारी हो सकता है।
चतरा पुलिस ने गया जिले की एलएलबी छात्रा दिव्या कुमारी पासवान की हत्या के मामले में बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, दिव्या की हत्या उसके प्रेमी राहुल यादव ने कोर्ट में गवाही रोकने की साजिश के तहत की थी। इस मामले में एक आरोपी गिरफ्तार किया गया है। जबकी मुख्य आरोपी फरार है। दिव्या का शव बीते 26 जून को चतरा के हंटरगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत जजलो स्थित एक बंद पत्थर खदान से बरामद हुआ था। दिव्या ने राहुल पर किया था केस दिव्या और राहुल के बीच लंबे समय से प्रेम-प्रसंग था। राहुल द्वारा शादी से मुकरने और शारीरिक शोषण करने पर दिव्या ने शेरघाटी में केस किया था, जिसमें राहुल जेल भी गया था। मृतका के परिजनों के अनुसार, अगले सप्ताह एससी-एसटी कोर्ट में राहुल के खिलाफ दिव्या की अहम गवाही होनी थी। इसी केस को उठवाने और गवाही रोकने के लिए राहुल ने 24 जून को उसे धोखे से बुलाया, हत्या की और शव खदान में फेंक दिया। केस उठाने की धमकी का ऑडियो हुआ था वायरल एसडीपीओ सन्नी वर्धन ने बताया कि मृतका के एक वायरल ऑडियो और त्वरित जांच ने इस ब्लाइंड मर्डर केस की गुत्थी सुलझाने में मदद की। ऑडियो में राहुल द्वारा दिव्या पर केस उठाने का दबाव दिया जा रहा था। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छोपमारी जारी इस हत्याकांड में संलिप्त एक अपराधी नेपाली गंझू को बिहार के गया से गिरफ्तार किया है। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है। उसके पास से मृतका का वन-प्लस मोबाइल और कुछ नगद बरामद किया गया है। फिलहाल, झारखंड और बिहार पुलिस संयुक्त रूप से जांच कर रही है तथा मुख्य आरोपी राहुल यादव की गिरफ्तारी के लिए सघन छापेमारी जारी है।
बिहार की राजधानी पटना से एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं बल्कि राज्य की सियासत में भी भूचाल ला दिया है। पटना के कोतवाली थाना क्षेत्र के करबिगहिया से अपहृत किराना दुकानदार बंटी यादव की बेरहमी से हत्या का मामला सामने आने के बाद विपक्ष नीतीश सरकार पर हमलावर है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से लेकर जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर तक, तमाम विपक्षी नेताओं ने बिहार की कानून-व्यवस्था को पूरी तरह फेल करार दिया है। इस पूरे हत्याकांड में जिस नाम ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी हैं और जो इस साजिश के केंद्र में है, वह है 'मोनी किन्नर'। पुलिस थ्योरी के मुताबिक, मोनी किन्नर के इशारे पर ही बंटी कुमार की इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया।पुलिस की शुरुआती जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उनके अनुसार मोनी किन्नर पटना के किन्नर समुदाय से जुड़ी एक बेहद रसूखदार शख्सियत है। वह इलाके में चल रहे अवैध शराब के एक बड़े सिंडिकेट की सरगना बताई जा रही है। हालांकि, इससे पहले उसका नाम किसी भी पुलिस रिकॉर्ड या आपराधिक मामले में सामने नहीं आया था। स्थानीय स्तर पर उस पर अवैध शराब के धंधे के साथ-साथ देह व्यापार रैकेट चलाने के भी आरोप लग रहे हैं, लेकिन पुलिस ने अभी तक इस दूसरे एंगल पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।अवैध शराब में हिस्सेदारी और मुखबिरी का शक बना मौत की वजहपुलिस के आधिकारिक खुलासे के मुताबिक, बंटी यादव और मोनी किन्नर के बीच विवाद की मुख्य वजह अवैध शराब के कारोबार में हिस्सेदारी (पार्टनरशिप) को लेकर था। इस मुद्दे पर दोनों के बीच पहले भी तीखी कहासुनी हो चुकी थी। इसके अलावा, मोनी किन्नर को यह गहरा शक था कि बंटी ने ही पुलिस से मुखबिरी करके उसकी तीन सहेलियों (सहयोगियों) को जेल भिजवाया है। इस शक और रंजिश के कारण मोनी किन्नर बंटी से बेहद नाराज चल रही थी। उसने बंटी को रास्ते से हटाने के लिए अपने सबसे करीबी साथी रविश कुमार उर्फ 'बीसीया' के साथ मिलकर एक खौफनाक साजिश रची और मर्डर का पूरा प्लान तैयार किया।6 से 11 जुलाई: बंटी यादव केस का पूरा घटनाक्रमइस पूरे मामले में पुलिस की कार्यशैली से नाराज परिजनों और स्थानीय लोगों ने भारी आक्रोश जताया। जानिए किस दिन क्या-क्या हुआ:6 जुलाई: रात के वक्त बंटी के पास एक अज्ञात कॉल आई, जिसने उसे महावीर मंदिर के पास बुलाया। उसी दिन टाटा पार्क के पास से बंटी को किडनैप कर लिया गया। देर रात परेशान परिजन कोतवाली थाने पहुंचे और गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।7 जुलाई: बंटी का कोई सुराग न मिलने पर परिजन दोबारा थाने पहुंचे और स्थानीय लोगों के साथ मिलकर पुलिसिया लापरवाही के खिलाफ थाने में भारी हंगामा किया।8 जुलाई: पुलिस की धीमी कार्रवाई से गुस्साए परिजनों और स्थानीय निवासियों ने करबिगहिया मुख्य मार्ग को कई घंटों तक पूरी तरह जाम रखा।10 जुलाई: इंसाफ की मांग को लेकर लोगों ने कैंडल लाइट मार्च निकाला और जीपीओ फ्लाईओवर, चिड़ैयाटाड़ व करबिगहिया इलाके में चक्का जाम कर दिया।11 जुलाई: पटना के अथमलगोला इलाके में एक भैंस चराने वाले व्यक्ति को नदी/झाड़ियों के पास बंटी का शव दिखाई दिया, जिसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी गई।शराब पार्टी के बाद किडनैपिंग, पहचान मिटाने के लिए चेहरा कुचलागिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में जो कबूलनामा किया है, वह रोंगटे खड़े करने वाला है। आरोपियों के मुताबिक, वारदात वाले दिन उन्होंने पहले जमकर शराब पार्टी की, जिसके बाद बंटी को किडनैप किया गया। बंटी को एक सुनसान जगह ले जाकर बेरहमी से पीटा गया। उसकी पहचान पूरी तरह मिटाने के उद्देश्य से ईंट-पत्थरों और भारी हथियारों से उसके चेहरे, आंख और नाक पर ताबड़तोड़ वार किए गए ताकि शव की शिनाख्त न हो सके।जब बंटी का शव बरामद हुआ, तो उस पर हुई हैवानियत साफ दिख रही थी। उसके दाहिने हाथ की खाल पूरी तरह गायब थी और सिर्फ हड्डियां बची थीं। पूरे शरीर पर चोट के गहरे जख्म थे। हत्यारों की क्रूरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बंटी के दाहिने हाथ पर एक टैटू बना था, जिससे उसकी पहचान हो सकती थी; आरोपियों ने नुकीले हथियार से गोद-गोदकर उस टैटू को शरीर से पूरी तरह मिटा दिया था।मोनी किन्नर और रवीश उर्फ बीसीया: अवैध धंधा और इश्क का कॉकटेलइस हत्याकांड की जांच में एक बेहद चौंकाने वाला लव एंगल भी सामने आया है। मोनी किन्नर के अवैध शराब के पूरे नेटवर्क और सिंडिकेट को संभालने का काम रविश कुमार उर्फ बीसीया करता था, जो उसका सबसे खास राइट हैंड था। स्थानीय चर्चाओं और सूत्रों की मानें तो रवीश, मोनी किन्नर के प्यार में पूरी तरह पागल था और दोनों के बीच गहरे प्रेम संबंध थे। दोनों मिलकर उत्तर प्रदेश से अवैध रूप से शराब खरीदते थे और ट्रेनों के जरिए उसे बिहार (पटना) लाते थे। यहां लोकल डिलीवरी बॉयज के माध्यम से शराब की सप्लाई की जाती थी। इस अवैध धंधे की कमाई और वसूली के प्रबंधन का पूरा जिम्मा मोनी किन्नर खुद संभालती थी। जब बंटी ने इस धंधे में अपनी हिस्सेदारी मांगी और मोनी से झगड़ा किया, तो रवीश ने मोनी के दुश्मन को अपना खुद का जानी दुश्मन मान लिया।लग्जरी लाइफस्टाइल और पुलिस का अगला कदमअवैध शराब के इस काले कारोबार से मोनी किन्नर और रवीश ने चंद सालों में अकूत संपत्ति बना ली थी। दोनों बेहद आलीशान और लग्जरी लाइफस्टाइल जीते थे। रवीश को महंगी-महंगी स्पोर्ट्स बाइक्स और लग्जरी कारों में घूमने का शौक था, जबकि मोनी किन्नर भी हमेशा खुद को मेंटेन रखती थी और कीमती गाड़ियों से चलती थी। हालांकि, पुलिस का कहना है कि संपत्ति के इन दावों की अभी वित्तीय जांच की जा रही है।पटना पुलिस अब इस मामले में आर्थिक अपराध के एंगल से भी तफ्तीश कर रही है। पुलिस यह पता लगा रही है कि मोनी किन्नर के नाम पर कुल कितने मकान, फ्लैट, गाड़ियां और बैंक खाते हैं। इस अवैध नेटवर्क में कुल कितने लोग शामिल थे और इसका फायदा किन-किन सफेदपोशों को मिल रहा था। क्या इनके तार दूसरे राज्यों से भी जुड़े हैं, इस पर भी जांच जारी है। फिलहाल, पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए मुख्य शूटर रवीश कुमार उर्फ बीसीया को एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है, साथ ही शंकर कुमार, रौशन कुमार, रोहित कुमार, सोनू, सुरज और बजरंगी समेत कुल 5 से ज्यादा आरोपी दबोचे जा चुके हैं। हालांकि, मास्टरमाइंड मोनी किन्नर अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
पूर्वी चंपारण के जीके मेमोरियल स्कूल ने शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। आईडीआईआरएफ (IDIRF) इंडिपेंडेंट स्कूल रैंकिंग 2026 में विद्यालय को बिहार के सभी निजी स्कूलों में पहला स्थान मिला है। राष्ट्रीय स्तर पर भी इसने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए देशभर के निजी विद्यालयों में 39वीं रैंक प्राप्त की है। इस उपलब्धि से पूर्वी चंपारण सहित पूरे बिहार में खुशी और गर्व का माहौल है। विद्यालय की इस सफलता ने जिले और राज्य का नाम रोशन किया है। विद्यालय परिसर में कार्यक्रम का आयोजन इस ऐतिहासिक अवसर पर विद्यालय परिसर में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें प्रबंधन समिति के सदस्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं और अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने एक-दूसरे को बधाई दी और इस सफलता को सामूहिक प्रयास का परिणाम बताया। विद्यालय के निदेशक अमरेंद्र प्रताप ने इस अवसर पर कहा कि यह उपलब्धि केवल जीके मेमोरियल स्कूल की नहीं, बल्कि पूरे पूर्वी चंपारण और बिहार के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने बताया कि विद्यालय का लक्ष्य केवल अच्छे परीक्षा परिणाम प्राप्त करना नहीं है, बल्कि छात्रों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना है। नवाचार और नैतिक मूल्यों को विशेष महत्व निदेशक ने आगे कहा कि विद्यालय में अनुशासन, आधुनिक शिक्षण पद्धति, नवाचार और नैतिक मूल्यों को विशेष महत्व दिया जाता है। इससे विद्यार्थियों का समग्र व्यक्तित्व विकसित हो पाता है। उन्होंने इस सफलता को शिक्षकों की मेहनत, विद्यार्थियों के समर्पण और अभिभावकों के सहयोग का संयुक्त परिणाम बताया। गौरतलब है कि आईडीआईआरएफ स्कूल रैंकिंग केवल परीक्षा परिणामों पर आधारित नहीं होती। इसमें शिक्षा की गुणवत्ता, शिक्षण प्रक्रिया, नवाचार, अधोसंरचना, संस्थागत सुशासन और विद्यार्थियों के समग्र विकास जैसे कई महत्वपूर्ण मानकों को ध्यान में रखा जाता है। विद्यालय ने भविष्य में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन जारी रखने का संकल्प लिया है। जीके मेमोरियल स्कूल की यह सफलता अन्य शैक्षणिक संस्थानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है। यह दर्शाता है कि बेहतर दृष्टिकोण और समर्पण के बल पर उच्च मानक स्थापित किए जा सकते हैं।छोटे शहरों के विद्यालय भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में पूर्णिया जिले का नवाचार अब पूरे बिहार के लिए एक मॉडल बनने जा रहा है। 'पूर्णिया लाइव क्लासेस' की सफलता को देखते हुए, इसे अब पूरे राज्य में 'बिहार लाइव क्लासेस' के रूप में विस्तारित किया जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने गुरुवार को पूर्णिया लाइव क्लासेस का डेमो देखा। इससे प्रभावित होकर मुख्यमंत्री ने इसे 15 अगस्त तक सम्पूर्ण बिहार के सभी स्कूलों में लागू करने का निर्देश दिया है। पहले चरण में पूर्णिया स्थित अत्याधुनिक हब स्टूडियो से लाइव कक्षाओं का प्रसारण पटना जिले के 150 सरकारी विद्यालयों में किया गया। आने वाले समय में इसे राज्य के सभी जिलोंके सरकारी स्कूलों तक पहुंचाने की योजना है। इसका उद्देश्य सरकारीविद्यालयों के विद्यार्थियों को विषय विशेषज्ञ शिक्षकों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। हजारों छात्रों को मिल रही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार ने बताया कि वर्तमान में पूर्णिया के 265 विद्यालय इस व्यवस्था से जुड़े हुए हैं। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से कक्षा 9, 10 और 12वीं के विद्यार्थियों के साथ-साथ आईआईटी (IIT) और नीट (NEET) जैसी कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कराई जा रही है। इस पहल का परिणाम वर्ष 2024 की परीक्षाओं में साफ दिखा है। पूर्णिया के छात्रों ने न केवल बोर्ड और इंटर की परीक्षाओं में बिहार टॉपर बनकर जिले का नाम रोशन किया, बल्कि मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में भी उत्कृष्ट सफलता हासिल की है। जिला स्कूल परिसर में नए पुस्तकालय का निर्माण लाइव क्लासेस के निरीक्षण के बाद, जिलाधिकारी ने जिला स्कूल परिसर में निर्माणाधीन पुस्तकालय के कार्यों का जायजा लिया। काम की गति और गुणवत्ता को देखते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए । पुस्तकालय का उद्घाटन आगामी 25 जुलाई 2026 को किया जाएगा । पुस्तकालय में छात्रों के लिए सभी आवश्यक संसाधनों की सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें अध्ययन के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेन्द्र कुमार ने बुधवार को विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला की तैयारियों का जायजा लेने के लिए भागलपुर में अजगैबीनाथ धाम सुल्तानगंज का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मसदी पंचायत स्थित डाक बंगला निरीक्षण भवन में पुल निर्माण और पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर मेला से संबंधित विकास काम की प्रगति की जानकारी ली। नगर परिषद सभागार में आयोजित बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, वार्ड पार्षदों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ श्रावणी मेला क्षेत्र में चल रहे काम और व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। 22 जुलाई तक काम पूरा करने का आदेश मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े सभी काम हर हाल में 22 जुलाई तक पूरा कर लिए जाएं, ताकि श्रावणी मेला में आने वाले लाखों कांवरियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। समीक्षा बैठक के बाद मंत्री ने अजगैबीनाथ गंगा घाट, नमामि गंगे घाट और कच्ची कांवरिया पथ का स्थल निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस अवसर पर मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि श्रावणी मेला बिहार की पहचान है और सरकार श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मेला की तैयारियों को लेकर अधिकारियों, वार्ड पार्षदों और प्रबुद्ध नागरिकों से सुझाव लिए गए हैं और सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया गया है। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी स्वयं श्रावणी मेला की तैयारियों पर नजर रखे हुए हैं और श्रद्धालुओं की सुविधा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। फोरलेन सड़क में उद्घाटन से पहले आई दरार के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मामले की जांच कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक मरम्मत एवं सुधार के निर्देश दिए जाएंगे। बैठक और निरीक्षण कार्यक्रम में विधायक प्रो. ललित नारायण मंडल, एसडीओ धनंजय कुमार, कार्यपालक पदाधिकारी अभिषेक आनंद सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बिहार सरकार की ओर से हर साल श्रावणी मेला का आयोजन किया जाता है। इस साल भी पर्यटन विभाग तैयारियों में लगा हुआ है। श्रावणी मेला 2026 को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए बिहार सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पर्यटन विभाग ने 'एक इंफ्लुएंसर की नजर से' नाम से विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत श्रावणी मेले की आस्था, संस्कृति और पर्यटन को दर्शाने वाले श्रेष्ठ कंटेंट के लिए 3 लाख रुपये तक के नकद पुरस्कार दिए जाएंगे। इसमें देशभर के कंटेंट क्रिएटर, ट्रैवल ब्लॉगर, फोटोग्राफर, वीडियोग्राफर और रील मेकर भाग ले सकते हैं। कांवड़ यात्रा से लेकर बाबाधाम मंदिर की दिखेगी झलक पर्यटन विभाग की ओर से जारी विज्ञापन में प्रतिभागियों से कहा गया है कि वे कांवड़ यात्रा, बाबाधाम मंदिर, धार्मिक परंपराएं, सेवा शिविर, लोक संस्कृति, प्राकृतिक सुंदरता और श्रद्धालुओं की आस्था को रचनात्मक तरीके से अपने कंटेंट में दिखाएं। बिहार टूरिज्म की वेबसाइट पर जाकर रजिस्टर करके अपलोड करना होगा। इस प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को नकद पुरस्कार दिया जाएगा। पर्यटन विभाग चाहता है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए श्रावणी मेले की भव्यता अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे। बांका जिले को मिलेगा अधिक लाभ इस पहल का सबसे अधिक लाभ बांका जिले के कंटेंट क्रिएटर्स और स्थानीय लोगों को मिलने की उम्मीद है। सुल्तानगंज से देवघर तक करीब 105 किलोमीटर लंबी कांवड़ यात्रा में लगभग 55 किलोमीटर का रास्ता बांका जिले से होकर गुजरता है। अमरपुर, शंभूगंज, कटोरिया, बेलहर और चांदन जैसे क्षेत्रों में हर साल लाखों कांवरिये पहुंचते हैं। यहां की प्राकृतिक सुंदरता, सेवा शिविर और हर-हर महादेव के जयकारे श्रद्धालुओं को खास अनुभव देते हैं।
कोडरमा रेलवे स्टेशन पर देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब लूप लाइन में खड़ी कोयला लदी एक मालगाड़ी के डिब्बे से अचानक धुआं उठने लगा। यह घटना धनबाद-गया रेल खंड पर हुई। जहां बड़काकाना से कोयला लोड कर बिहार के बाढ़ स्थित एनटीपीसी जा रही मालगाड़ी को स्टेशन पर रोका गया था। कुछ ही देर बाद एक डिब्बे से धुआं निकलते देख आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल रेलवे अधिकारियों को इसकी सूचना दी, जिसके बाद मौके पर हलचल तेज हो गई। स्थिति को संभालने के प्रयास शुरू कर दिए गए। आधे घंटे तक करना पड़ा इंतजार घटना की सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारियों ने अग्निशमन विभाग को बुलाया और दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंच गई। लेकिन ट्रेन के ऊपर से गुजर रही हाई टेंशन बिजली लाइन चालू होने के कारण दमकल कर्मियों को तुरंत कार्रवाई शुरू करने में परेशानी हुई। सुरक्षा कारणों से उन्हें करीब आधे घंटे से अधिक समय तक इंतजार करना पड़ा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, उस समय कई विशेष और मुख्य ट्रेनें आसपास के स्टेशनों और घाट सेक्शन से गुजर रही थीं। ऐसे में बिजली आपूर्ति बाधित करने से ट्रेनों का परिचालन प्रभावित होता। इसी वजह से लाइन काटने में देरी हुई। सतर्कता से टला बड़ा खतरा जैसे ही बिजली लाइन को बंद किया गया, अग्निशमन विभाग के कर्मी तुरंत सक्रिय हो गए। वे डिब्बे पर चढ़े और करीब 15 मिनट की मशक्कत के बाद धुएं पर पूरी तरह काबू पा लिया। राहत की बात यह रही कि समय रहते स्थिति नियंत्रित कर ली गई। किसी तरह की बड़ी आग या विस्फोट की घटना नहीं हुई। रेलवे और अग्निशमन विभाग की तत्परता से एक संभावित बड़े हादसे को टाल दिया गया। घटना के बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली। आग कैसे लगी इसकी जांच शुरू कर दी गई है।
बेगूसराय में बुधवार को दैनिक भास्कर की ओर से मेधावी प्रतिभा सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस गौरवमयी समारोह में शैक्षणिक स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिले के 350 मेधावी छात्र-छात्राओं को उनकी कड़ी मेहनत और सफलता के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मगध रेंज के आईजी विकास वैभव, मेयर पिंकी देवी, पूर्व मेयर संजय कुमार, शिक्षाविद शिवप्रकाश भारद्वाज, अभिषेक सिंह, राजेश कुमार, मोनू कुमार, जीपी सिंह और नवाज शरीफ ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. कुंदन कुमार ने किया। दैनिक भास्कर के जिला ब्यूरो चीफ कुमार भवेश ने अतिथियों, शिक्षकों और बच्चों का हार्दिक स्वागत किया। इस अवसर पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। गणेश वंदना से शुरू कार्यक्रम में आरसी एकेडमी की छात्राओं ने जय-जय शंकरा और लोकनृत्य झिझिया की मंत्रमुग्ध कर देने वाली सामूहिक प्रस्तुति दी। बिहार की सबसे बड़ी चुनौती- ऊर्जा की बर्बादी समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता आईजी विकास वैभव ने युवाओं और समाज के सामने एक यक्ष प्रश्न रखा। उन्होंने कहा कि जिस बिहार ने संपूर्ण विश्व को ज्ञान की राजधानी नालंदा दी, नीति और राष्ट्र-निर्माण का पाठ पढ़ाने वाले आचार्य चाणक्य दिए, वैशाली जैसा दुनिया का पहला गणराज्य दिया। बिहार की सबसे बड़ी समस्या प्रतिभा अथवा संसाधनों की कमी नहीं है। हमारी सबसे बड़ी चुनौती यह है कि हमारे समाज और युवाओं की अपार ऊर्जा विकास, नवाचार, उद्यम और शिक्षा की ओर जाने के बजाय जातीय खांचों, आपसी कलह और विभाजनकारी राजनीति में नष्ट हो रही है। अगर हमारी यह ऊर्जा रचनात्मक निर्माण में लग जाए, तो अगले 20 वर्षों में बिहार की पूरी तस्वीर बदल जाएगी। आर्थिक स्थिति का यथार्थ और आंकड़ों का आईना आईजी विकास वैभव ने आंकड़ों के माध्यम से बिहार की वर्तमान आर्थिक स्थिति का गंभीर विश्लेषण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बिहार की कुल आबादी लगभग 14 करोड़ है, जिसमें से 9 करोड़ से अधिक युवा 30 वर्ष से कम आयु वर्ग के हैं। इतनी विशाल युवा जनशक्ति होने के बाद भी बिहार में प्रति व्यक्ति औसत मासिक आय बेहद चिंताजनक स्तर पर है। प्रति व्यक्ति आय दिल्ली में 46000 प्रति माह, कर्नाटक एवं तेलंगाना में 36000 प्रति माह, अन्य अग्रणी राज्य में 25 हजार से 32 हजार प्रति माह है। लेकिन बिहार केवल 6374 प्रति माह पर अटका हुआ है। यह मामूली आंकड़ा बिहार की क्षमता का नहीं, बल्कि हमारी वर्तमान निष्क्रियता और भटकाव का प्रमाण है। जिस भूमि ने सदियों पूर्व वैश्विक शिक्षा के केंद्र खड़े किए, वह राज्य आज विकास के हर पैमाने पर सबसे पीछे खड़ा रहने को विवश है। मूल चेतना को पुनः जगाने की आवश्यकता प्राचीन भारतीय दर्शन का उल्लेख करते हुए आईजी वैभव ने उपनिषदों के प्रसिद्ध 'श्वेतकेतु प्रसंग' की चर्चा की। उन्होंने कहा कि उपनिषद् हमें 'तत् त्वम् असि', 'अहं ब्रह्मास्मि', 'अयमात्मा ब्रह्म' और 'प्रज्ञानं ब्रह्म' जैसे महावाक्यों के माध्यम से यह सिखाते हैं कि हर मनुष्य के भीतर अनंत और समान ऊर्जा समाहित है। अगर हम इस वेदांत दर्शन को अपने व्यावहारिक जीवन में उतार लें, तो जाति, धर्म, संप्रदाय और लिंग के आधार पर किए जाने वाले तुच्छ भेदभाव स्वतः समाप्त हो जाएंगे। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि आज चुनाव से लेकर प्रशासनिक नियुक्तियों तक में योग्यता के स्थान पर पहले जाति को प्राथमिकता दी जाती है। तर्क दिया कि यदि ऐसी ही संकीर्ण सोच प्राचीन मगध में होती, तो आचार्य चाणक्य कभी एक साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले चंद्रगुप्त मौर्य का चयन नहीं करते और न ही भारत को अखंड बनाने वाला मौर्य साम्राज्य अस्तित्व में आता। आगे बढ़ने के लिए हमें हर हाल में योग्यता (मेरिट) को सर्वोपरि मानना ही होगा। युवाओं के नाम संदेश- अपनी मिट्टी का कर्ज चुकाएं मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रेरित करते हुए विकास वैभव ने कहा कि स्वयं को अक्षम या कमजोर मानना ही संसार का सबसे बड़ा महापाप है। लोग अपनी असफलताओं के कारण पीछे नहीं हटते, बल्कि राह में आने वाली कठिनाइयों को देखकर हिम्मत हार जाते हैं। इतिहास वही रचते हैं जो संघर्षों की परवाह किए बिना निरंतर आगे बढ़ते रहते हैं। उन्होंने बेगूसराय के बच्चों से भावुक अपील करते हुए कहा कि आप अपनी योग्यता के बल पर दुनिया के किसी भी कोने में जाकर नौकरी या व्यवसाय करें, लेकिन अपनी मिट्टी और अपने गांव को कभी न भूलें। विकसित भारत का सपना केवल महानगरों से नहीं, बल्कि आपके अपने गांवों के विकास से साकार होगा।
राज्य सरकारों की जनकल्याणकारी योजनाओं और पोर्टल्स पर हैकर्स के बड़े साइबर हमले हो रहे हैं। हैकर्स आम लोगों और लाभार्थियों का डेटा डार्क-वेब पर बेच रहे हैं। इसका खुलासा तब हुआ जब भास्कर टीम ने 5 आईटी एक्सपर्ट्स के साथ मिलकर 100 घंटे तक इन्वेस्टिगेशन की। इस पड़ताल में सामने आया कि भारत के नागरिकों का डेटा डार्क-वेब के जरिए रूस के साइबर बाजारों में खुलेआम बिक रहा है। सरकारी पोर्टल्स के लॉगिन आईडी और पासवर्ड की कीमत महज 10 डॉलर (लगभग 930 रुपए) रखी गई है। डार्क-वेब पर ‘बिग ब्रदर’ नाम के एक पेज पर देश के 17 महत्वपूर्ण सरकारी विभागों का डेटा बिक्री के लिए उपलब्ध है। इनमें छत्तीसगढ़, केरल, बिहार, महाराष्ट्र वन विभाग, कोल इंडिया और राष्ट्रीय आयुष मिशन जैसे संवेदनशील विभाग शामिल हैं। पड़ताल में यह भी सामने आया कि देश में जितने म्यूल अकाउंट और फर्जी पहचान के मामले आ रहे हैं, उनके लिए डेटा यहीं से खरीदा जा रहा है। जब टीम भास्कर ने डार्क-वेब और इससे जुड़े टेलीग्राम के ‘स्लम फ्री’ चैनल पर पड़ताल शुरू की, तो हैकर्स ने टीम के सिस्टम पर भी वायरस फाइलों के जरिए जवाबी हमला कर दिया। हैकर्स का मकसद सिस्टम में घुसकर फेसबुक प्रोफाइल और तस्वीरों सहित सभी निजी जानकारियां चुराना था। भास्कर एक्सपर्ट अभिषेक त्रिपाठी, साइबर एक्सपर्ट लापरवाही पर 1 करोड़ तक जुर्माना अपराधी डार्क-वेब से नागरिकों के सरकारी दस्तावेज और निजी डेटा खरीदकर फर्जी आईडी बनाते हैं। इसका उपयोग ‘म्यूल अकाउंट’ खोलने व वित्तीय धोखाधड़ी में किया जाता है। यदि हैकर्स के हाथ ‘सुपर यूजर’ या एडमिन अकाउंट लग जाता है, तो वे सीधे लाभार्थियों को मिलने वाली सरकारी सहायता को किसी अन्य फर्जी खाते में ट्रांसफर कर सकते हैं। नवंबर 2027 से देश में डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट लागू होगा। तब सरकारी विभाग से लोगों का डेटा लीक होने पर संबंधित विभाग पर 1 करोड़ रुपए तक जुर्माना लग सकेगा। साइबर हमलों की स्थिति… जांच में सामने आया कि हैकर्स ने मुख्य रूप से ‘वाइडर’, ‘रंधामाइट्स’और ‘लूमा सी-2’ जैसे खतरनाक वायरस का इस्तेमाल करके डेटा चुराया है 1. राजस्थान (पोर्टल: sso.rajasthan.gov.in और janadhar.rajasthan.gov.in) 2. मध्य प्रदेश (राजस्व विभाग पोर्टल: saara.mp.gov.in) वाइडर वायरस से प्रभावित मिला 3. बिहार (पोर्टल: sspmis.bihar.gov.in और 7-निश्चय पोर्टल), ये एक्रीड वायरस प्रभावित
मौसम विभाग ने 16 और 17 जुलाई को किशनगंज, कटिहार, पश्चिम चंपारण और अररिया में भारी बारिश की संभावना जताई है। वहीं सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, सुपौल समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट है। इस दौरान राज्य के कई हिस्सों में 30 से 40Kmph की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। वहीं, पटना समेत दक्षिण बिहार में बादल छाए रहेंगे। कुछ इलाकों में हल्की बारिश की संभावना है। बिहार में मानसून की रफ्तार धीमी है। दक्षिण बिहार के कई जिले सूखे जैसी स्थिति का सामना कर रहे हैं, जबकि उत्तर बिहार में लगातार बारिश हो रही है। 14 जुलाई तक राज्य में सामान्य से 41% कम बारिश दर्ज की गई है। बीते 24 घंटे में कैसा रहा मौसम बिहार में बुधवार को बिजली गिरने से एक बच्चा समेत 3 लोगों की मौत हो गई। गयाजी में स्कूल जा रहे 3 छात्रों पर आकाशीय बिजली गिरी। इसमें एक की मौत हो गई है। 2 छात्रों की हालत गंभीर है। दोनों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं, समस्तीपुर में दो अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली की चपेट में आने से महिला समेत दो की मौत हो गई। घटना में एक बच्चा गंभीर रूप से झुलस है। घटना सरायरंजन प्रखंड के लगमा और रायपुर बुजुर्ग गांव की है। बुधवार को पटना, बगहा, पूर्वी चंपारण, बेगूसराय, समस्तीपुर, गयाजी,जहानाबाद, सीतामढ़ी, पूर्णिया में सुबह तेज बारिश हुई। वहीं, 37.3 डिग्री के साथ कैमूर सबसे गर्म जिला रहा। पटना का तापमान 35 डिग्री दर्ज किया गया। इधर, नेपाल में हो रही बारिश के कारण बिहार की कई नदियां उफान पर हैं। कोसी, गंडक, कमला सहित कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। मंगलवार को इस साल का सबसे अधिक पानी इन नदियों में रिकॉर्ड किया गया। पटना में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। वाल्मीकिनगर गंडक बराज के भी सभी 36 फाटक आंशिक रूप से खोल दिए गए और बराज से 1 लाख 75,000 लाख क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया। इससे वाल्मीकिनगर जंगल समेत आसपास के निचले इलाकों में पानी फैल गया। बुधवार की सुबह पटना में बारिश हुई। वहीं, बेगूसराय, पूर्णिया और जहानाबाद में दोपहर के बाद मौसम बदला और तेज बारिश हुई। बिहार के प्रमुख जिलों का तापमान… आगे कैसा रहेगा मौसम बिहार के कई जिलों में अगले 7 दिन भारी बारिश का अलर्ट है। 16 से 20 जुलाई तक अररिया, किशनगंज, कटिहार, पूर्वी-पश्चिमी चंपारण, भागलपुर और जमुई में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। राजधानी में गुरुवार को दिनभर आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ एक-दो दौर की बारिश या गरज के साथ बौछार पड़ सकती है।
सुपौल के छातापुर मुख्यालय स्थित सुरपत सिंह उच्च प्लस टू विद्यालय भवन में संचालित राजकीय डिग्री कॉलेज का बुधवार को विधिवत शुभारंभ किया गया। स्थानीय विधायक नीरज कुमार सिंह बबलू ने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के लाइव संबोधन के बाद अतिथियों के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर कॉलेज का उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने प्रशासनिक भवन का फीता काटकर उद्घाटन भी किया। नेता, छात्र-छात्राएं और अभिभावक मौजूद रहे कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. मो. तबरेज आलम की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में त्रिवेणीगंज एसडीएम अभिषेक कुमार, सुपौल नगर परिषद के मुख्य पार्षद राघवेंद्र झा 'राघव', प्रखंड प्रमुख आशिया देवी, वरिष्ठ नेता शालीग्राम पांडेय, मुखिया संघ के अध्यक्ष किशोर कुमार मुन्ना सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, भाजपा एवं एनडीए के नेता-कार्यकर्ता, छात्र-छात्राएं और अभिभावक मौजूद रहे। राज्य में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम समारोह को संबोधित करते हुए विधायक नीरज बबलु ने कहा कि यह दिन केवल छातापुर ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार के लिए ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए एक साथ 211 राजकीय डिग्री कॉलेजों का शुभारंभ किया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूर-दराज के शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। उन्नत शिक्षा से उज्ज्वल भविष्य विधायक ने पढ़ेगा बिहार तो बढ़ेगा बिहार और उन्नत शिक्षा से उज्ज्वल भविष्य जैसे नारों के साथ शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बिना शिक्षा के जीवन में आगे बढ़ना संभव नहीं है। किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल करने के लिए गुणवत्तापूर्ण और संपूर्ण शिक्षा आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से कॉलेज भेजें, ताकि वे शिक्षित होकर अपने परिवार, समाज और राज्य का नाम रोशन कर सकें। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा के विस्तार और युवाओं के भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में सरकार की पहल की सराहना की गई। समारोह का समापन अतिथियों के सम्मान और कॉलेज परिसर के निरीक्षण के साथ हुआ।
बिहार की राजनीति में इन दिनों 'जन सुराज' से बीजेपी की ओर पलायन का सिलसिला चर्चा का विषय बना हुआ है। हालिया राजनीतिक घटनाक्रम में प्रशांत किशोर की पार्टी 'जन सुराज' को एक बड़ा झटका लगा है, जब उनके तीन दिग्गज नेताओं ने भाजपा का दामन थाम लिया है। इसमें दीघा विधानसभा क्षेत्र से पूर्व प्रत्याशी रहे बिट्टू सिंह और मनेर विधानसभा के पूर्व उम्मीदवार गोपाल सिंह के अलावा गणितज्ञ और शिक्षाविद प्रोफेसर के.सी. सिन्हा का नाम शामिल है। इन नेताओं का भाजपा में शामिल होना प्रशांत किशोर के लिए एक बड़ी राजनीतिक चुनौती माना जा रहा है।कौन हैं ये दिग्गज नेता और क्यों छोड़ी 'जन सुराज'?भाजपा में शामिल हुए नेताओं में सबसे चर्चित नाम प्रोफेसर के.सी. सिन्हा का है, जो नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति रह चुके हैं और जन सुराज अभियान की शुरुआत से ही इसके सक्रिय सदस्य थे। 2025 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने कुम्हरार सीट से पार्टी के टिकट पर चुनाव भी लड़ा था। वहीं, बिट्टू सिंह और गोपाल सिंह जैसे नेताओं का अपने क्षेत्रों में मजबूत जनाधार रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इन नेताओं का पार्टी छोड़ना जन सुराज के संगठनात्मक ढांचे के लिए एक बड़ा नुकसान है।बीजेपी की 'मिशन मोड' रणनीतिआगामी चुनावों को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने अपनी रणनीति को पूरी तरह 'टीम वर्क' पर केंद्रित कर दिया है। हाल ही में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की अध्यक्षता में एनडीए के घटक दलों की एक अहम बैठक हुई, जिसमें संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है। भाजपा इन नेताओं को शामिल कर न केवल अपना कुनबा बढ़ा रही है, बल्कि प्रशांत किशोर की पार्टी को उसी के गढ़ में कमजोर करने की कोशिश कर रही है।क्या कहते हैं राजनीतिक समीकरण?एआई-आधारित सर्च ट्रेंड्स (AI Search) और स्थानीय राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रशांत किशोर के लिए अपने कार्यकर्ताओं को एकजुट रखना एक बड़ी परीक्षा बन गई है। पहले भी कई मौकों पर जन सुराज के प्रत्याशियों के भाजपा में शामिल होने की खबरें आती रही हैं, जो सीधे तौर पर चुनावी समीकरणों को प्रभावित करती हैं। दीघा और कुम्हरार जैसे क्षेत्रों में इन नेताओं की स्विचिंग से एनडीए का पलड़ा भारी होता दिख रहा है।जन सुराज का भविष्य और प्रशांत किशोर की राहप्रशांत किशोर ने जिस तरह से बिहार की बदहाली और पलायन जैसे मुद्दों पर 'जन सुराज' की नींव रखी थी, उसे जनता का समर्थन मिल रहा था, लेकिन लगातार हो रही 'दलबदल' की राजनीति ने पार्टी के सामने संकट पैदा कर दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रशांत किशोर अपने संगठन में हो रही इस टूट को कैसे रोकते हैं और क्या वे आने वाले दिनों में नए चेहरों के दम पर अपनी पकड़ बनाए रख पाएंगे।
बिहार के कई जिलों में रह-रह कर हो रही मानसूनी बारिश से लोगों को चिलचिलाती गर्मी से खासी राहत मिली है। आज सुबह के वक्त राजधानी पटना और भोजपुर समेत आसपास के इलाकों में मौसम सुहाना बना रहा और हल्की फुहारें भी पड़ीं। हालांकि, मौसम विभाग (IMD) ने बुधवार (15 जुलाई 2026) को राज्य के अररिया और किशनगंज जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की आशंका को देखते हुए 'ऑरेंज अलर्ट' (Orange Alert) जारी किया है और स्थानीय प्रशासन व लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। इसके अलावा कटिहार, मधुबनी, पूर्णिया और सुपौल जिलों में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है।वज्रपात और 40 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएंमौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बिहार के उत्तरी और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों के जिलों में गरज-चमक (मेघगर्जन) के साथ आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने का बड़ा खतरा बना हुआ है। इस दौरान इन इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी-हवाएं चलने की भी संभावना है। राहत की बात यह है कि अगले दो से तीन दिनों तक पूरे राज्य में मौसम सामान्य बना रहेगा, जिससे अधिकतम और न्यूनतम तापमान में किसी बड़े उतार-चढ़ाव या उमस में वृद्धि की उम्मीद नहीं है।चनपटिया में रिकॉर्ड 141.2 मिमी बारिश; कैमूर रहा सबसे गर्मबीते 24 घंटों की बात करें तो उत्तर और पूर्वी बिहार के पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, वैशाली, कटिहार, सारण, मधेपुरा और मधुबनी के कई इलाकों में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई। राज्य में सबसे ज्यादा 141.2 मिमी बारिश पश्चिम चंपारण के चनपटिया में रिकॉर्ड की गई। वहीं, इसके उलट मंगलवार को पटना समेत राज्य के 23 जिलों में धूप खिली रहने से पारे में 0.1 से 5.8 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी देखी गई। कल बिहार का सबसे गर्म इलाका कैमूर रहा, जहां अधिकतम तापमान 38.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान वैशाली में 23.9 डिग्री सेल्सियस रहा। सबसे तेज हवा मोतिहारी में 39 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दर्ज की गई।पटना समेत इन 14 जिलों के हिस्से आएगी सिर्फ नाम मात्र की बारिशबिहार के मौसम में इस समय बड़ा विरोधाभास देखने को मिल रहा है। जहां उत्तर बिहार के जिलों में झमाझम बारिश हो रही है, वहीं दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-मध्य बिहार के लोग केवल बादलों की आवाजाही और मामूली बूंदाबांदी से संतोष कर रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार:नाम मात्र की बारिश (2.4 मिमी तक): पटना, गयाजी, जहानाबाद, नालंदा, लखीसराय, नवादा, शेखपुरा समेत 14 जिलों में आज सिर्फ नाम मात्र की फुहारें पड़ सकती हैं।हल्की बारिश (2.5 से 15.5 मिमी तक): भागलपुर, मुजफ्फरपुर, जमुई, मुंगेर, बांका, खगड़िया, वैशाली, सीतामढ़ी, शिवहर, दरभंगा, समस्तीपुर, मधुबनी, गोपालगंज, सीवान, सारण, पश्चिमी चंपारण और पूर्वी चंपारण में हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना है।बिहार में सामान्य से 133 मिमी कम बरसा है मानसूनसूखे के हालात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले 24 घंटों के दौरान पटना, जहानाबाद, अरवल, समस्तीपुर, लखीसराय, मुंगेर, बांका, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और शेखपुरा जैसे जिलों में सामान्य के मुकाबले 69 से 99 प्रतिशत तक कम पानी गिरा है। वहीं गयाजी, कैमूर, बक्सर, रोहतास, भोजपुर, औरंगाबाद, नालंदा, नवादा और जमुई में बारिश की मात्रा बिल्कुल शून्य रही। आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में अब तक की सामान्य बारिश (324 मिमी) की तुलना में 133 मिमी की भारी कमी दर्ज की गई है और अब तक केवल 191.4 मिमी बारिश ही हो सकी है। राजधानी पटना में बीते दिन अधिकतम तापमान 35.3 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
बिहार के साथ ही नेपाल में हो रही बारिश के कारण बिहार की कई नदियां उफान पर हैं। कोसी, गंडक, कमला सहित कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। मंगलवार को इस साल का सबसे अधिक पानी इन नदियों में रिकॉर्ड किया गया। वाल्मीकिनगर गंडक बराज के भी सभी 36 फाटक आंशिक रूप से खोल दिए गए और बराज से 1 लाख 75,000 लाख क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया। इससे वाल्मीकिनगर जंगल समेत आसपास के निचले इलाकों में पानी फैल गया। जल संसाधन विभाग के अनुसार कोसी के बराहक्षेत्र में एक लाख 26 हजार क्यूसेक से अधिक पानी रिकार्ड किया गया जो इस साल का सर्वाधिक है। मौसम विभाग ने बिहार के कई जिलों में अगले 7 दिन भारी बारिश का अलर्ट है। 15 जुलाई को किशनगंज, पश्चिम चंपारण और अररिया में अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। बीते 24 घंटे में कैसा रहा मौसम… मंगलवार को रक्सौल, खगड़िया, कटिहार और पटना के कुछ इलाकों में सुबह बारिश हुई। वहीं, दोपहर बाद मधेपुरा में तेज बारिश हुई। रक्सौल में बारिश के बाद जलजमाव की स्थिति बन गई। गली-मोहल्ले में 2 से 3 फीट तक पानी भर गया। वहीं बीते 24 घंटे के दौरान 38.7 डिग्री के साथ सबसे गर्म रहा। वहीं बक्सर में 36.7 जबकि दरभंगा का तापमान 35 डिग्री दर्ज किया गया। पटना में तेज धूप और छांव का सिलसिला जारी रहा। उमस भरी गर्मी से लोग परेशान दिखे। गंगा-बागमती का जलस्तर बढ़ा इधर, नेपाल में बारिश से मुजफ्फरपुर में बागमती नदी का जलस्तर बढ़ गया है। जिससे औराई को कटरा ब्लॉक से जोड़ने वाला कटरा पीपा पुल डूब गया। वही, पटना में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। मुंगेर में भी गंगा खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। कई खेतों में पानी भर चुके हैं। दियारा इलाके में कटाव हो रहा है। आगे कैसा रहेगा मौसम… मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक बिहार के कई हिस्सों में बादल छाए रहेंगे। राज्य के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ जगहों पर भारी बारिश भी हो सकती है। फिलहाल व्यापक स्तर पर किसी बड़े मौसम बदलाव की संभावना नहीं है, इसलिए बारिश का स्वरूप स्थान-स्थान पर अलग रहेगा। कई जिलों में उमस भी बनी रहेगी और गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। बिहार के मौसम से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
जहां एक ओर ग्लोबल टेंशन के चलते पूरी दुनिया पर महंगाई का साया मंडरा रहा है और भारत में भी थोक महंगाई जून में बढ़कर 9.87 प्रतिशत हो गई है, वहीं इन सब के बीच बिहार के प्रॉपर्टी बाजार से बेहद चौंकाने वाले आंकड़े सामने आ रहे हैं। राज्य में लोग धड़ल्ले से जमीन और मकानों की खरीदारी कर रहे हैं। बीते 3 सालों में प्रदेश में स्टांप शुल्क और रजिस्ट्रेशन से मिलने वाले राजस्व (रेवेन्यू) में रिकॉर्ड तोड़ तेजी दर्ज की गई है। इसी तेजी को देखते हुए बिहार सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 में सिर्फ स्टांप ड्यूटी और निबंधन शुल्क से ₹10,000 करोड़ की बंपर कमाई का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।बजटीय आंकड़ों में बड़ी छलांग: 2 साल में 21% से ज्यादा की वृद्धिबिहार सरकार को संपत्ति बाजार में आई इस तेजी से अपने खजाने को भरने की पूरी उम्मीद है। वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में तय किया गया ₹10,000 करोड़ का यह लक्ष्य, साल 2025-26 के संशोधित अनुमान (₹8,250 करोड़) से करीब 21 फीसदी ज्यादा है। अगर हम साल 2024-25 के आंकड़ों को देखें, तो उस दौरान इस मद से ₹7,976 करोड़ की वास्तविक कमाई हुई थी। ये लगातार बढ़ते आंकड़े साफ दर्शाते हैं कि राज्य में संपत्तियों की रजिस्ट्री का सिलसिला बेहद मजबूत बना हुआ है।अनुमान से 476 करोड़ रुपये ज्यादा बटोर चुकी है सरकारसरकार का यह भरोसा केवल कागजी उम्मीदों पर नहीं है, बल्कि पिछले सालों के प्रदर्शन पर आधारित है। वित्त वर्ष 2024-25 के बजट में सरकार ने स्टांप ड्यूटी से ₹7,500 करोड़ जुटाने का अनुमान लगाया था, लेकिन जब वास्तविक आंकड़े आए तो खजाने में ₹7,976 करोड़ जमा हुए। यानी सरकार को उम्मीद से 6 फीसदी ज्यादा और करीब ₹476 करोड़ का अतिरिक्त मुनाफा हुआ, जो यह साबित करता है कि बिहार में रियल एस्टेट मार्केट की रफ्तार अपेक्षा से कहीं अधिक तेज है।भूमि राजस्व से भी होगी ₹800 करोड़ की तगड़ी कमाईसिर्फ जमीनों की रजिस्ट्री से ही नहीं, बल्कि डायरेक्ट लैंड रेवेन्यू (भूमि राजस्व) के जरिए भी बिहार सरकार अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत कर रही है। नए बजट 2026-27 में भूमि राजस्व के तहत ₹800 करोड़ जुटाने का टारगेट फिक्स किया गया है, जो पिछले साल के संशोधित अनुमान (₹700 करोड़) से 14 प्रतिशत अधिक है। वहीं, साल 2024-25 में यह कमाई महज ₹571 करोड़ थी। यह क्रमिक विकास दिखाता है कि सरकार जमीन से जुड़े राजस्व स्रोतों का दायरा बढ़ाने की ठोस रणनीति पर काम कर रही है।अगस्त से पूरी तरह पेपरलेस और डिजिटल होगी रजिस्ट्री प्रक्रियाजमीन की खरीद-बिक्री में होने वाले फर्जीवाड़े को रोकने और प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार प्रशासनिक सुधार भी कर रही है। आगामी अगस्त 2026 से बिहार में जमीन, फ्लैट और मकानों की रजिस्ट्री चरणबद्ध तरीके से पूरी तरह पेपरलेस और डिजिटल होने जा रही है। इसकी शुरुआत 11 जुलाई को हाजीपुर जिला निबंधन कार्यालय से की जा चुकी है। बिहार निबंधन नियमावली 2026 के पहले चरण में 10 कार्यालयों को डिजिटल किया जा रहा है, जिसमें हाजीपुर के बाद 18 जुलाई से 9 और कार्यालय जुड़ जाएंगे। इसके बाद लोगों को मोटी फाइलें लेकर दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे।सर्किल रेट 100% तक बढ़ा; जेब पर पड़ेगा सीधा असरराजस्व को दोगुनी रफ्तार से बढ़ाने के लिए सरकार ने जमीन के मूल्यांकन और सरकारी दरों में भारी बढ़ोतरी कर दी है। नई व्यवस्था के तहत शहरी क्षेत्रों में जमीन की न्यूनतम कीमत यानी सर्किल रेट में 100 फीसदी तक का इजाफा किया गया है। वहीं, ग्रामीण और पेरिफेरल (अर्ध-शहरी) इलाकों में सर्किल रेट को 1.6 गुना तक बढ़ा दिया गया है। इसके अलावा, स्टांप शुल्क को भी 7% से बढ़ाकर 8% कर दिया गया है, जबकि 2% का निबंधन शुल्क पहले की तरह लागू रहेगा। रक्सौल जैसे कई सीमावर्ती इलाकों में सरकारी दरें बढ़ने से अब सीधे तौर पर खरीदारों की जेब पर भार बढ़ेगा और सरकार का रेवेन्यू भी इसी अनुपात में बढ़ेगा।विपक्ष के आर्थिक दावों के बीच सरकार की दोहरी रणनीतिपिछले कुछ समय से बिहार की वित्तीय स्थिति और राजकोषीय घाटे को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर रहा है। ऐसे में आर्थिक मोर्चे पर खुद को साबित करने के लिए सरकार दोहरी रणनीति अपना रही है। एक तरफ निवेश बढ़ाने के लिए औद्योगिक परियोजनाओं को लीज पर जमीनें दी जा रही हैं, हाईवे पर टोल टैक्स और पंचायतों में कर संग्रह मजबूत किया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ, रजिस्ट्री को डिजिटल कर जनता को सुविधा देने के साथ-साथ बढ़े हुए सर्किल रेट और स्टांप ड्यूटी के जरिए सरकारी खजाने को रिकॉर्ड स्तर पर ले जाने की तैयारी पूरी हो चुकी है।
राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (RLJP) के बिहार प्रदेश उपाध्यक्ष पिंटू तिवारी ने बिहार की शराबबंदी नीति को लेकर बड़ा बयान दिया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस के करीबी माने जाने वाले तिवारी ने कहा कि राज्य में शराबबंदी नीति पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। पिंटू तिवारी का कहना है कि शराबबंदी लागू होने के बावजूद बिहार में सूखा नशा और अन्य अवैध मादक पदार्थों का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि बड़ी संख्या में युवा इन नशीले पदार्थों की चपेट में आ रहे हैं, जो समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है। 'युवा खतरनाक नशे की ओर बढ़ रहे' आरएलजेपी नेता के अनुसार, युवाओं का रुझान अब शराब के बजाय अधिक खतरनाक सूखे नशों की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने सरकार से शराबबंदी नीति की समीक्षा करने और अवैध नशे के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए नई रणनीति बनाने की मांग की। 'शराबबंदी से राजस्व पर पड़ा असर' पिंटू तिवारी ने यह भी दावा किया कि शराबबंदी के कारण राज्य के राजस्व पर नकारात्मक असर पड़ा है। उनके अनुसार, यदि शराब की बिक्री से मिलने वाले राजस्व का उपयोग किया जाए तो राज्य के विकास कार्यों और सरकारी खजाने को मजबूती मिल सकती है। सरकार से नीति की समीक्षा की अपील पिंटू तिवारी ने राज्य सरकार से मौजूदा परिस्थितियों का गंभीरता से आकलन करने और शराबबंदी नीति पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ऐसा निर्णय लिया जाना चाहिए जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत हो और युवाओं को अवैध एवं सूखे नशे की गिरफ्त से बाहर निकालने में मदद मिल सके।
करनाल जिले के मूनक थाना क्षेत्र के गांव कुताना के बस स्टैंड के पास मंगलवार शाम एक व्यक्ति का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया। प्रारंभिक जांच में मृतक की पहचान नहीं हो पाई थी, लेकिन बाद में कपड़ों से मिले दस्तावेजों के आधार पर उसकी पहचान कर ली गई। फिलहाल पुलिस मौत के कारणों की जांच कर रही है और परिजनों से संपर्क करने का प्रयास जारी है। दस्तावेजों से हुई पहचान पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान 42 वर्षीय सोमारी राम निवासी गांव बरावा, बिहार के रूप में हुई है, जो मजदूरी करता था। घटना के समय वह अर्धनग्न अवस्था में मिला। शव पड़े होने की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर इकट्ठा हो गए और पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों से पूछताछ की, लेकिन किसी को भी मृतक के बारे में जानकारी नहीं थी। इसके बाद कपड़ों की तलाशी लेने पर मिले दस्तावेजों से उसकी पहचान संभव हो पाई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार जांच अधिकारी संदीप ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर मोर्च्युरी हाउस में रखवाया गया है और पोस्टमार्टम कराया जाएगा। प्राथमिक तौर पर मौत का कारण शराब का सेवन माना जा रहा है, लेकिन असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और मृतक के परिजनों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
बिहार के जहानाबाद जिले के शकूराबाद निवासी रोहित कुमार ने जूनियर राष्ट्रीय रग्बी फुटबॉल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता है। हैदराबाद में आयोजित इस प्रतियोगिता में रोहित के शानदार प्रदर्शन से बिहार टीम को यह सफलता मिली, जिससे जिले और राज्य का नाम रोशन हुआ है। यह राष्ट्रीय प्रतियोगिता 9 से 11 जुलाई तक हैदराबाद के जीएमसी बालयोगी एथलेटिक्स स्टेडियम में आयोजित की गई थी। जहानाबाद जिला रग्बी संघ के सह सचिव प्रदीप प्रकाश ने बताया कि रोहित कुमार का चयन बिहार टीम में हुआ था। पूरे टूर्नामेंट के दौरान रोहित ने बेहतरीन खेल, अनुशासन और टीम भावना का प्रदर्शन करते हुए बिहार को स्वर्ण पदक दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रोहित की इस उपलब्धि पर जिले में खुशी का माहौल है। रेलवे स्टेशन पहुंचने पर खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों और स्थानीय लोगों ने फूल-मालाओं से उनका भव्य स्वागत किया और मिठाई खिलाकर जीत का जश्न मनाया। रोहित की सफलता पर बिहार रग्बी एसोसिएशन के सचिव डॉ. पंकज कुमार ज्योति, जहानाबाद रग्बी एसोसिएशन के अध्यक्ष सचिन कुमार, सचिव गौतम कुमार, सह सचिव प्रदीप प्रकाश, कोच विकास कुमार, प्रकाश कुमार, विक्रम कुमार, आकाश कुमार सहित कई खेल पदाधिकारियों और खिलाड़ियों ने उन्हें बधाई दी। रेलवे स्टेशन पर भाजपा के जिला अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में लोग भी मौजूद थे। कोच विकास कुमार ने बताया कि रोहित ने कड़ी मेहनत और नियमित अभ्यास के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभा की कमी न होने पर जोर दिया, लेकिन आर्थिक संसाधनों और आधुनिक खेल सुविधाओं के अभाव को खिलाड़ियों के लिए बड़ी चुनौती बताया। कोच ने जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और समाज से सहयोग की अपील की, ताकि जहानाबाद के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकें। रोहित कुमार की इस ऐतिहासिक सफलता ने जिले के युवाओं में खेल के प्रति नया उत्साह और आत्मविश्वास पैदा किया है। उनकी यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।
बिहार सरकार ने आम लोगों की शिकायतों के समाधान के लिए राज्य स्तरीय 'सहयोग कार्यक्रम' शुरू करने का फैसला किया है। कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया। प्रोग्राम पटना स्थित संवाद, मुख्यमंत्री सचिवालय (4 देशरत्न मार्ग) में है। इस मौके पर दोनों उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव भी विशेष अतिथि के रूप में मौजूद हैं। राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम अब हर महीने के दूसरे मंगलवार को पटना में आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य ऐसे लोगों की शिकायतों का समाधान करना है, जिनकी समस्याओं का जिलास्तर पर निपटारा नहीं हो पाया है। इन मामलों की सुनवाई सीधे मुख्यमंत्री के स्तर पर की जाएगी, ताकि लोगों को जल्द न्याय मिल सके। इस कार्यक्रम में वही लोग आवेदन कर सकेंगे, जिनकी शिकायत पहले जिलास्तर पर दर्ज हो चुकी है, लेकिन उसका समाधान नहीं हुआ है। ऐसे आवेदकों को राज्य स्तरीय सुनवाई का अवसर मिलेगा। सरकार का कहना है कि इससे लंबित मामलों का तेजी से निपटारा होगा और लोगों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। ऐसे करें आवेदन राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आवेदकों को सहयोग पोर्टल पर आवेदन करना होगा। आवेदन के दौरान पहले से दर्ज शिकायत का रेफरेंस नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज कर ओटीपी के जरिए सत्यापन करना होगा। सत्यापन पूरा होने के बाद पुराने आवेदन का पूरा विवरण अपने आप सामने आ जाएगा। इसके बाद चयनित आवेदकों को कार्यक्रम की तारीख, समय और अन्य जरूरी जानकारी एसएमएस के माध्यम से भेजी जाएगी। हेल्पलाइन और पोर्टल की सुविधा कार्यक्रम से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए सरकार ने 24 घंटे चलने वाली हेल्पलाइन 1100 जारी की है। इसके अलावा सहयोग पोर्टल (sahyog.bihar.gov.in) के माध्यम से भी आवेदन और अन्य जानकारी प्राप्त की जा सकती है। सरकार का दावा है कि इस नई व्यवस्था से शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, आसान और प्रभावी बनेगी।
“अपने बैंक खाते में अरबों रुपए की बात सुन ऐसा लगा, जैसे भगवान की कृपा हो गई है। 1100 रुपए निकालने के बाद खाते में 759 करोड़ रुपए बचे, ये सुनकर तो मेरा शरीर कांपने लगा। मेरे अकाउंट में अचानक 750 करोड़ रुपए आए, रातों-रात गायब भी हो गए, कमजोर दिल की होती तो मुझे हार्टअटैक ही आ जाता।” मुजफ्फरपुर, गयाजी, समस्तीपुर, नवादा और किशनगंज के बुजुर्गों ने दैनिक भास्कर से बातचीत में ये बातें कही। दरअसल, इन पांच जिलों के बुजुर्गों के अकाउंट में शनिवार को वृद्धा पेंशन के 1100-1100 रुपए आने का मैसेज आया। ये बुजुर्ग आधारकार्ड लेकर जब ग्राहक सेवा केंद्र (CSP) पहुंचे। 1100 रुपए निकालने के बाद उन्होंने बची हुई राशि के बारे में पूछा। जब CSP संचालक ने अमाउंट के बारे में बताया तो इनके होश उड़ गए। आखिर बुजुर्गों के अकाउंट में 750 करोड़ रुपए की आने की कहानी क्या है? जिन बुजुर्गों के अकाउंट में 750 करोड़ रुपए आए, उनका क्या कहना है? 750 करोड़ रुपए की रकम बुजुर्गों के अकाउंट में कैसे क्रेडिट हो गए? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले मुजफ्फरपुर के बुजुर्ग कामेश्वर मिश्र उर्फ 'घूमकर' की कहानी मुजफ्फरपुर के सकरा प्रखंड के थतिया सिहो गांव निवासी कामेश्वर मिश्र उर्फ 'घूमकर' रविवार 1100 रुपए की वृद्धावस्था पेंशन निकालने गांव के ग्राहक सेवा केंद्र पहुंचे थे। बैंक खाते में अचानक 7 अरब 59 करोड़ 69 लाख 51 हजार 951 रुपए का बैलेंस दिखाई देने लगा। कुछ मिनटों के लिए पूरा ग्राहक सेवा केंद्र (CSP) और आसपास के लोग हैरान रह गए। हालांकि, करीब 10 मिनट बाद दोबारा बैलेंस चेक करने पर खाते में सामान्य राशि दिखाई दी और पलभर में अरबपति बनने का सपना टूट गया। ‘ऐसा लगा, जैसे नाग से उसकी नागमणि वापस ले ली गई’ कामेश्वर मिश्र उर्फ 'घूमकर' ने बताया कि मैं CSP सेंटर गया था। 1100 रुपए पेंशन के रूप में आया था। पैसे निकालने के बाद मैंने बाकी बचे हुए रुपए के बारे में पूछा। जब बैंक अकाउंट में बाकी रकम को CSP सेंटर वाले ने देखा, वो पूरी रकम बता भी नहीं पाया, परेशान हो गया, मेरा चेहरा देखने लगा। CSP सेंटर वाले ने तत्काल बचे हुए अमाउंट की तस्वीर खींच ली। मुझे बताया कि आपके अकाउंट में 7 अरब, 59 करोड़, 69 लाख, 51 हजार रुपए थे। थोड़ी ही देर में पैसे गायब हो गए। जब मुझे इतने पैसे के बारे में जानकारी हुई तो मैंने सोचा कि भगवान की मुझ पर कृपा हुई है। मैं पेशे से कवि हूं, मैंने 60 साल से देशभक्ति कविताएं लिखी है, मुझे लगा कि सरकार की ओर से मुझे इसका इनाम मिला है, लेकिन जब पैसे वापस चले गए तो मुझे ऐसा लगा जैसे नाग से उसकी नागमणि वापस ले ली गई हो। मेरे साथ जिसने भी ऐसा किया, उसने ठीक नहीं किया। अब गयाजी के ई-रिक्शा चलाने वाले बुजुर्ग की कहानी ग्राहक सेवा केंद्र (CSP) से 1100 रुपए निकालने गए ई-रिक्शा चलाने वाले शिव कुमार के होश तब उड़ गए, जब उन्होंने अपने खाते में 759 करोड़ रुपए देखे। जब उन्होंने फिर से अपना बैलेंस चेक किया तो उनके खाते में ₹7,59,69,51,951.16 दिखाई दे रहे थे। शिव कुमार ने कहा, “मैंने जिंदगी में कभी इतना बड़ा अमाउंट नहीं देखा। इतनी बड़ी रकम देखकर मैं घबरा गया।” उन्होंने बताया कि मुझे वृद्धा पेंशन मिलता है, तो शनिवार को मैं पेंशन की राशि निकालने गया था। शुक्रवार को पैसा आने का मोबाइल में मैसेज आया था। शनिवार को मैं 1100 रुपए निकालने पहुंच गया। साइबर कैफे वाले ने बताया कि आपके अकाउंट में तो करोड़ों रुपए जमा हैं। साइबर कैफे वाले ने बताया कि आपके अकाउंट में 7 अरब, 59 करोड़, 69 लाख, 56 हजार कुछ रुपए हैं। ‘अब मेरे अकाउंट में मात्र 5 रुपए बचे हुए हैं’ मैंने तत्काल मोबाइल में तस्वीर खींच ली। इसके बाद मैंने बैंक मैनेजर को इसकी जानकारी दी। मैंने बताया कि इतने करोड़ रुपए हैं, मुझे नहीं पता कि इतने पैसा कहां से आ गया। बैंक मैनेजर ने कहा कि किसी को मत बताना, सोमवार को आकर मुझसे बैंक आकर मिल लीजिए। मेरे अकाउंट में पैसे नहीं रहते हैं। जो पेंशन की राशि आती है, वही रहता है। मुझे नहीं पता कि इतनी राशि कहां से और कैसे आई। मैंने तो शुरुआत में कुछ लोगों को बताया था, लेकिन बाद में मुझे लगा कि इसकी जानकारी किसी को नहीं देनी चाहिए। अब मेरे अकाउंट में मात्र 5 रुपए बचे हुए हैं। शिव कुमार ने बताया कि मेरे बैंक अकाउंट में करोड़ों रुपए आने की खबर की भनक लगी तो जिन लोगों ने मुझे कर्ज दिया था, वे लोग मेरे घर आ गए और अपने पैसे मांगने लगे। कर्ज देने वाला एक शख्स 20 हजार तो दूसरा 40 हजार मांगने पहुंच गया। लेकिन जब उन्हें दोपहर को सच्चाई पता चली तो वे बैरंग लौट गए। नवादा की महिला बोली- हार्ट अटैक आ जाता तो बच्चों को कौन देखता नवादा की रहने वाली रेखा देवी ने बताया कि मैं आठ साल से वृद्धा पेंशन उठा रही हूं। मैं 10 या फिर 11 तारीख तक पेंशन की रकम निकाल लेती हूं। 10 जुलाई को पेंशन की रकम आई, मैसेज आया, फिर मैंने सोचा कि शाम तक पेंशन के 1100 रुपए निकाल लूंगी। आधार कार्ड ले गई थी। अंगूठा लगाकर पेंशन की राशि निकाल ली। इसके बाद मैंने पूछा कि मेरे अकाउंट में कितने रुपए बचे हुए हैं। मुझे बताया गया कि आपके अकाउंट में 7 करोड़ कुछ रुपए हैं, ये सुनकर मैं हंसने लगी, मुझे लगा कि मजाक कर रहा है। मैंने कहा कि मजाक क्यों उड़ा रहे हैं। CSP सेंटर वाले ने दो से तीन लोगों को इकट्ठा कर लिया और मेरे बैंक अकाउंट में बची राशि को दिखाने लगा। उसने लोगों से कहा कि देखिए ये महिला करोड़पति है, लेकिन हम लोगों से झूठ बोल रही है। तब मुझे विश्वास हुआ कि सच में मेरे अकाउंट में 700 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि है। रेखा देवी ने बताया कि मैंने सोचा कि ये पैसा कहां से मेरे अकाउंट में आया है, रातों-रात पैसा भी कट गया। सुबह मैंने दोबारा अकाउंट चेक कराया तो सिर्फ 10 रुपए बचे थे। 700 करोड़ रुपए आए और वापस चले गए, इससे मैं टेंशन में आ गई थी। मुझे रातभर नींद नहीं आई। कमजोर दिल की होती तो हार्ट अटैक से मेरी मौत ही हो जाती। मैं मर जाती तो मेरे बच्चों का क्या होता, इसकी जिम्मेदारी कौन लेता। 'मेरे अकाउंट में जमा करीब 13000 रुपए भी गायब हो गए' किशनगंज के कोचाधामन की रहने वाली महिला अरसदी बेगम ने बताया कि मैं अपने बैंक अकाउंट से पैसे निकालने बैंक गई थी। अरसदी ने बताया कि मेरे सेंट्रल बैंक खाते में पहले करीब 23 हजार रुपए थे, लेकिन अचानक खाते में 740 करोड़ रुपये दिखाई देने लगे। इतनी बड़ी रकम देखकर वह खुद भी हैरान रह गईं। महिला का कहना है कि बैंक में मौजूद लोगों ने उन्हें खाते से पैसे निकालने की बात कही, लेकिन मैंने ऐसा नहीं किया। मैंने केवल अपनी जरूरत के मुताबिक 10 हजार रुपए ही निकाले। अरसदी बेगम ने बताया कि मेरे चार बेटे हैं और मैं साधारण परिवार से हूं। अचानक जब बैंक अकाउंट में इतनी बड़ी रकम होने की बात सुनी, तो मुझे कुछ समझ नहीं आया। अरसदी ने बताया कि एक बार को तो मैं सन्न रह गई कि इतने पैसे आखिर कहां से आए, मेरी तबीयत भी खराब होने लगी। लेकिन रातों-रात करोड़पति होने की खुशी ज्यादा देर तक नहीं रह पाई। जब मैं सोमवार को बैंक गई तो कर्मचारियों ने बताया कि आपके बैंक अकाउंट में एक भी रुपए नहीं बचे हैं। अरसदी ने बताया कि मेरे अकाउंट में 23 हजार रुपए थे, 10 हजार रुपए निकाले थे, अब बाकी के 13000 रुपए भी गायब है। बैंक वाले बता रहे हैं कि आपके अकाउंट में एक भी रुपए नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मुझे करोड़ों रुपए नहीं चाहिए, मुझे बस मेरे बाकी के 13000 रुपए मिल जाएं। समस्तीपुर के बुजुर्ग बोले- रकम सुनकर शरीर कांपने लगा था समस्तीपुर के सरायरंजन प्रखंड के नौआचक गांव के गावपुर मोहल्ले के रहने वाले भरत ईश्वर अपनी वृद्धापेंशन के 1100 रुपए निकालने ग्राहक सेवा केंद्र गए थे। रुपए निकालने के बाद जब उन्होंने अपने खाते का बैलेंस चेक कराया तो केंद्र के संचालक ने उनसे कहा दादा तू त अरब पति हो गईल। खाते में 7 अरब 40 करोड़ 68 लाख 72 हजार 895.78 रुपए बैलेंस दिख रहा। ये सुनकर ईश्शर का शरीर कांपने लगा। आसपास मौजूद लोग भी हैरान होकर ईश्शर का चेहरा देखने लगे। ईश्शर तुरंत घर पहुंचे और बेटे को बैंक भेजा। बांक मैं शाखा प्रबंधक ने कहा कि आपकी खाते की राशि 500 रुपए है। तकनीकी खराबी की वजह से पहले अरबों रुपए दिखे थे। बुजुर्ग भरत ईश्वर ने बताया कि अब काम करने की उनकी उम्र नहीं है। फिर भी खेत जाते हैं। बेटा इधर-उधर मजदूरी कर रुपए कमाता है तो उससे घर चलता है। 1100 रुपए ऐसे ही खत्म हो जाते हैं। अब जानिए, आखिर बुजुर्गों के बैंक अकाउंट में इतने रुपए कैसे आ गए? समस्तीपुर में एक बैंक के ब्रांच मैनेजर प्रबंधक रोहित कुमार ने बताया कि तकनीकी गड़बड़ी से इस तरह की समस्या हो जाती है। उन्होंने बताया कि इसकी सूचना रीजनल मैनेजर को दी गई है। उन्होंने कहा कि CSP संचालक की ओर से खाते की राशि की रसीद लाभुक बुजुर्गों को दी गई थी। रसीद के मुताबिक, बुजुर्गों के खाते में 7 अरब 40 करोड़ 68 लाख 72 हजार 895.78 रुपए बैलेंस दिख रहा था। ये एक तकनीकी समस्या है।
नमस्कार, आज की सबसे बड़ी खबर पटना से है। यहां बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए तेजप्रताप की पार्टी की उम्मीदवार वीणा मानवी ने नामांकन दाखिल किया। नामांकन के बाद जैसे ही वह बाहर निकलीं, पटना पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने पहुंच गई। वहीं आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले में आज मोकामा विधायक अनंत सिंह और भोजपुरी सिंगर गुंजन सिंह गोपालगंज सिविल कोर्ट पहुंचे और बेल बॉन्ड दाखिल किया। चलिए सिलसिलेवार पढ़ते हैं, बिहार दिनभर में क्या कुछ खास रहा… 01- बांकीपुर उपचुनाव: नामांकन के बाद JJD कैंडिडेट गिरफ्तार पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए तेजप्रताप की पार्टी की उम्मीदवार वीणा मानवी ने नामांकन दाखिल किया। नामांकन के बाद जैसे ही वह बाहर निकलीं, पटना पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने पहुंच गई। पुलिस को देखते ही वीणा मानवी भागने लगीं। इस दौरान पटना DM कार्यालय के बाहर कुछ देर तक हंगामा हुआ। हालांकि, कुछ देर बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पूरी खबर पढ़ें 02- आर्म्स एक्ट मामले में अनंत सिंह ने कोर्ट में भरा बेल बॉन्ड आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले में सोमवार को मोकामा विधायक अनंत सिंह और भोजपुरी सिंगर गुंजन सिंह गोपालगंज सिविल कोर्ट पहुंचे। दोनों ने कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए बेल बॉन्ड दाखिल किया। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों अदालत से बाहर निकल गए। कोर्ट परिसर से बाहर आते ही अनंत सिंह ने समर्थकों के साथ केक काटा। उन्होंने कहा, “मुझे राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया था।” पूरी खबर पढ़ें 03- ब्लैक सूट, काले चश्मे में विंबलडन मैच देखने पहुंचे वैभव भारतीय क्रिकेट टीम के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पहली बार विंबलडन के सेंटर कोर्ट पर पुरुष सिंग्ल्स फाइनल देखने पहुंचे। ब्लैक सूट और आंखों पर काला चश्मा लगाए उनका अंदाज किसी हॉलीवुड स्टार से कम नहीं लग रहा था। उनके 'जेंटलमैन' लुक ने सोशल मीडिया पर भी फैंस का ध्यान खींच लिया। पूरी खबर पढ़ें 04- संयुक्त सचिव की गाड़ी से शराब तस्करी का खुलासा पटना में सरकारी अधिकारियों के नाम और पद का इस्तेमाल कर शराब तस्करी करने के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं। दीदारगंज में मद्य निषेध विभाग ने कृषि विभाग के आयुक्त का बोर्ड लगी गाड़ी से विदेशी शराब बरामद की। वहीं, परसा बाजार थाना पुलिस ने भी संयुक्त सचिव का बोर्ड लगी कार से 560 लीटर देसी महुआ शराब जब्त की है। दोनों मामलों में पुलिस जांच कर रही है। पूरी खबर पढ़ें 05- 21 सौ में हेलीकॉप्टर से देखिए पटना का एरियल व्यू अब पर्यटक हेलिकॉप्टर से बिहार में भ्रमण कर सकते हैं। सीएम सम्राट चौधरी ने आज मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना 2026 का शुभारंभ किया है। इसके तहत 13 जुलाई से बुकिंग शुरू हो रही है। बिहार पर्यटन विभाग के ऑनलाइन पोर्टल www.tourism.bihar.gov.in पर इसकी बुकिंग लोग आज से कर सकते हैं। हालांकि, 18 जुलाई से हेली टूरिज्म योजना की औपचारिक रूप से शुरूआत हो जाएगी। पूरी खबर पढ़ें 06- आर्मी जवान की हत्या करने वाले आरोपी का एनकाउंटर वैशाली में डबल मर्डर के आरोपी के साथ पुलिस की मुठभेड़ हुई है। एनकाउंटर में आरोपी जगदीश राय के पैर में दो गोली लगी है। जगदीश राय को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जगदीश राय ने रविवार की सुबह रास्ते के विवाद में सेना के एक जवान और उनके पिता की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मृतकों की पहचान मुनारिक राय (60) और उनके बेटे जितेंद्र कुमार (35) के रूप में हुई थी। पूरी खबर पढ़ें 07- ट्रैफिक इंस्पेक्टर पर महिला दरोगा से अफेयर का आरोप बिहार पुलिस के एक ट्रैफिक सार्जेंट मेजर पर उनकी पत्नी नीतू ने घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना और जान से मारने की धमकी समेत कई गंभीर आरोप लगाए हैं। पत्नी का दावा है कि पति ने उन्हें रिश्ता खत्म करने के एवज में 10 लाख रुपए देने की बात की थी। इस बात से इनकार करने के बाद पटना में पोस्टेड ट्रैफिक इंस्पेक्टर पति ने मानसिक और शारीरिक प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। महिला ने अपने पति पर जानलेवा हमले के भी आरोप लगाए हैं। पूरी खबर पढ़ें 08 -PMCH में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने किया हंगामा पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) में सोमवार को आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने वेतन भुगतान की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें पिछले छह महीने से वेतन नहीं मिला है। इस प्रदर्शन के कारण अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो गई हैं। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने बताया, वे लंबे समय से 'फ्रंटलाइन कंपनी' के माध्यम से PMCH में कार्यरत हैं। उन्हें पिछले छह माह से वेतन नहीं मिला है। पूरी खबर पढ़ें 09- प्रेमी से शादी की जिद, टावर पर चढ़ी नाबालिक प्रेमिका पटना के नौबतपुर में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब 17 वर्षीय एक लड़की प्रखंड परिसर के पास स्थित करीब 150 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गई। लड़की अपने प्रेमी से शादी कराने की मांग पर अड़ी रही। लगभग 4 घंटे के बाद जब लड़की का प्रेमी मौके पर पहुंचा तो प्रेमी के देखते ही लड़की टावर से नीचे उतरी और ग्रस्त खाकर गिर पड़ी। पूरी खबर पढ़ें 10. बिहार के 10 जिलों में कल बारिश का अलर्ट बिहार के खगड़िया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, वैशाली समेत 10 जिलों में बारिश को लेकर मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं बाकी जिलों में मौसम सामान्य बना रहेगा। लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ेगा।
जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने सोमवार को बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। नामांकन से पहले उन्होंने स्काउट एवं गाइड मैदान से समाहरणालय तक पदयात्रा निकाली, जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, समर्थक और स्थानीय लोग शामिल हुए।
हैहैदराबाद के गाचीबोवली स्टेडियम में आयोजित जूनियर राष्ट्रीय बालक रग्बी चैंपियनशिप में बिहार ने अपनी धाक जमाते हुए खिताब पर कब्जा कर लिया है। शनिवार को खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में बिहार की टीम ने महाराष्ट्र को 37-05 के बड़े अंतर से करारी शिकस्त दी। इस जीत के साथ ही राष्ट्रीय चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। क्वार्टर फाइनल में केरल को 42-00 के एकतरफा मुकाबले में हराने के बाद, सेमीफाइनल में बिहार ने उड़ीसा को 12-07 से शिकस्त देकर फाइनल का टिकट पक्का किया था। फाइनल में महाराष्ट्र के खिलाफ खिलाड़ियों ने आक्रामक खेल दिखाते हुए एकतरफा जीत दर्ज की। 6 जुलाई से 11 जुलाई तक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। बजरंगी का संघर्ष और कमाल इस ऐतिहासिक जीत के नायक रहे नालंदा के बजरंगी कुमार। बजरंगी ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन आक्रामक खेल दिखाया और निर्णायक मुकाबलों में महत्वपूर्ण 'ट्राई' (गोल) कर टीम को जीत दिलाई। बजरंगी की यह उपलब्धि बेहद प्रेरणादायक है। नालंदा मोड़ निवासी बजरंगी के पिता इस दुनिया में नहीं हैं। परिवार ने बेहद कठिन दौर देखा है। उनकी माता सोना देवी और बड़े भाई आज भी नालंदा मोड़ पर चाऊमीन, रोल और चाय का ठेला लगाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। आर्थिक तंगहाली को पीछे छोड़ते हुए बजरंगी ने अपने खेल के प्रति समर्पण और कठिन परिश्रम के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रोशन किया है। कोच सौरभ की रणनीति का मिला फल बिहार टीम की इस सफलता के पीछे टीम के मुख्य कोच सौरभ कुमार की कुशल रणनीति का बड़ा हाथ रहा। नालंदा जिला खेल कार्यालय में कार्यरत सौरभ कुमार ने टीम को तकनीकी रूप से तैयार किया, जिसका परिणाम स्वर्ण पदक के रूप में सामने आया। दिग्गजों ने दी बधाई इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर ग्रामीण विकास मंत्री सह संरक्षक (रग्बी फुटबॉल एसोसिएशन ऑफ बिहार) श्रवण कुमार, अध्यक्ष संजय प्रकाश मयूख, सचिव पंकज ज्योति और जिला खेल पदाधिकारी आलोक चंद चौधरी सहित खेल जगत के अनेक हस्तियों ने बजरंगी कुमार और कोच सौरभ कुमार को बधाई दी है। नालंदा रग्बी एसोसिएशन के महासचिव रेंशी राकेश राज ने कहा कि बजरंगी की यह सफलता राज्य के अन्य खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
राहुल गांधी की गैरमौजूदगी पर बिहार के मंत्रियों का तंज, बोले- देश को जवाब दे कांग्रेस
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे वाणिज्यिक जहाजों पर गोलीबारी की है
हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के कनीना के गांव भड़फ की बनी में रविवार देर शाम एक युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। सूचना मिलने पर सदर कनीना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को उपचार के लिए उप नागरिक अस्पताल कनीना पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में रखवाकर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक का परिजनों के बयान लेकर सोमवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा। सूचना मिलते पहुंची पुलिस जांच अधिकारी कृष्ण कुमार ने बताया कि रविवार शाम करीब छह बजे पुलिस को सूचना मिली थी कि भड़फ की बनी में एक व्यक्ति घायल अवस्था में पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायल को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मधुमक्खी पालक था प्रारंभिक जांच में मृतक की पहचान बिहार निवासी सुमन कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार सुमन कुमार भड़फ क्षेत्र में मधुमक्खी पालन का कार्य करता था और वहीं उसने मधुमक्खियों के कई छत्ते लगा रखे थे। घटना के समय वह किस परिस्थिति में वहां पहुंचा और उसकी मौत कैसे हुई, इसका अभी पता नहीं चल पाया है। पुलिस कर रही परिजनों से संपर्क पुलिस का कहना है कि मृत्यु के कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हैं। मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। साथ ही मृतक के परिजनों से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा सके। जांच में जुटी पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा हो सकेगा। रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस इसे संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत मानकर जांच कर रही है।
राजकीय श्रावणी मेला 2026 को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए झारखंड और बिहार पुलिस प्रशासन ने संयुक्त रूप से सुरक्षा व ट्रैफिक प्लान तैयार किया है। बिहार के बांका जिला अंतर्गत चांदन थाना में हुई हाई-लेवल इंटर-स्टेट ट्रैफिक कोआर्डिनेशन मीटिंग में यह निर्णय लिया गया है कि अगर देवघर में भीड़ का दबाव बढ़ता है और झारखंड में बनाए गए 5 प्रमुख होल्डिंग पॉइंट्स वाहनों से पूरी तरह भर जाते हैं, तो बिहार से आने वाले श्रद्धालुओं और उनके वाहनों को बिहार की सीमा व विभिन्न जिलों में ही रोक (होल्ड कर) दिया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी इस अंतर-राज्यीय समन्वय बैठक में दोनों राज्यों के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बेलहर (बिहार), अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर देवघर (झारखंड), अंचल निरीक्षक बांका (बिहार), थाना प्रभारी, चांदन (बिहार), थाना प्रभारी, जसीडीह (झारखंड), थाना प्रभारी, रिखिया (झारखंड), थाना प्रभारी, कटोरिया (बिहार), थाना प्रभारी, बेलहर (बिहार) को दी गई है। बिहार में रूट-वाइज वाहनों को रोकने व डाइवर्ट करने की प्लानिंगझारखंड के ये हैं प्रमुख होल्डिंग पॉइंट्सदुम्मा बॉर्डर (झारखंड-बिहार प्रवेश द्वार): बिहार से झारखंड सीमा में प्रवेश करने वाले वाहनों की पहली चेकिंग और होल्डिंग यहीं होगी।बीएड कॉलेज ग्राउंड (देवघर): देवघर शहर के भीतर प्रवेश करने वाले बड़े व छोटे वाहनों के लिए सबसे मुख्य होल्डिंग पॉइंट।कुमैठा स्टेडियम / टेंट सिटी एरिया: बाबा मंदिर की तरफ बढ़ने वाली भीड़ और वाहनों को नियंत्रित करने के लिए बैकअप होल्डिंग जोन।सरासनी (दुमका-देवघर मार्ग): बासुकीनाथ और दुमका की ओर से आने व जाने वाले वाहनों के लिए होल्डिंग व डायवर्जन पॉइंट। बैठक में तय रणनीति के अनुसार, जैसे ही झारखंड के उपरोक्त 5 होल्डिंग पॉइंट्स फुल होंगे, बिहार पुलिस अपने इन प्रमुख रूट्स पर वाहनों को होल्ड करेगी। बिहार के भागलपुर और सुल्तानगंज से बांका होते हुए आने वाले वाहनों को बांका के चांदन, इनारावरण और कटोरिया के पास बने होल्डिंग एरिया में रोक दिया जाएगा। जमुई और सिकंदरा के रास्ते आने वाले वाहनों को जमुई जिला सीमा के भीतर ही सुरक्षित स्थानों पर होल्ड किया जाएगा। दुम्मा बॉर्डर, चांदन, कटोरिया और बेलहर थानों के बीच 24 घंटे का वायरलेस और व्हाट्सएप समन्वय रहेगा। जैसे ही देवघर से नो एंट्री का सिग्नल मिलेगा, बिहार पुलिस गाड़ियों के फ्लो को धीमा कर देगी। बिहार से आने वाली डबल और ट्रिपल डेकर वाहनों पर पूरी तरह रहेगी रोकबिहार के विभिन्न जिलों से खुलने वाली डबल/ट्रिपल डेकर वाहन जिसमें क्षमता से अधिक यात्रा करने वाले श्रद्धालु बैठाए जाते है उन्हें उनके गृह जिलों या भागलपुर-मुंगेर की सीमा में ही रोक दिया जाएगा। 34 सूचना सह सहायता केंद्र व 10 मातृत्व विश्राम गृह भी तैयार हो रहेमेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए 34 केंद्रों को आधुनिक और हाईटेक रूप दिया जा रहा है। वही महिला श्रद्धालुओं और बच्चों की विशेष सुविधा के लिए 10 मातृत्व विश्राम गृह बनाए जा रहे हैं।
बिहार के मुंगेर जिले के शिक्षक पंकज कुमार ने राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में 5 जुलाई को आयोजित मिस्टर एंड मिसेज इंडिया इंटरनेशनल प्रतियोगिता में ‘फर्स्ट इंडिया इंटरनेशनल मिस्टर वर्ल्ड’ का प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम किया। आरके फैशन एंड इवेंट्स द्वारा आयोजित इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता के आयोजक केयारा शर्मा और रोहन कर्णवाल थे। पंकज कुमार राय ने अपने आत्मविश्वास, व्यक्तित्व और प्रतिभा के दम पर निर्णायकों को प्रभावित करते हुए यह उपलब्धि हासिल की। कार्यक्रम से जुड़ी 2 तस्वीरें… ‘मिस्टर बंगाल एंटरप्रेन्योर ऑफ द ईयर’ का खिताब भी जीतापंकज पेशे से शिक्षक हैं और मुंगेर स्थित अवधूत अकादमी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। शिक्षा के क्षेत्र में भी उन्होंने उल्लेखनीय पहचान बनाई है। उन्हें वर्ष 2023 और 2025 में पटना में आयोजित सीबीएसई सहोदया कार्यक्रम में श्रेष्ठ शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है। वहीं वर्ष 2024 में उन्होंने आईग्लेम द्वारा आयोजित ‘मिस्टर बंगाल एंटरप्रेन्योर ऑफ द ईयर’ का खिताब भी जीता था। पंकज की इस उपलब्धि से मुंगेर सहित पूरे बिहार में खुशी का माहौल है। उनके परिवार, मित्रों, छात्रों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई दी है। पंकज ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, परिवार, गुरुओं और छात्रों को दिया। उन्होंने कहा कि वे आगे भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बिहार और मुंगेर का नाम गौरवान्वित करने का प्रयास करते रहेंगे।
बिहार के सबसे बड़े सरकारी मेडिकल संस्थान पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) में एमबीबीएस की 50 अतिरिक्त सीटों को राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) से मंजूरी मिल गई है। अब एक शैक्षणिक सत्र में कुल 250 छात्रों का नामांकन हो सकेगा। इसे बिहार में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। अतिरिक्त सीटों की मंजूरी से सरकारी मेडिकल कॉलेजों में अभ्यर्थियों प्रवेश के अवसर बढ़ेंगे। विशेष रूप से बिहार के उन छात्रों को इसका बड़ा लाभ मिलेगा, जो सरकारी मेडिकल कॉलेजों में दाखिले का सपना देखते हैं। बिहार को मिलेंगे अधिक डॉक्टर विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में इससे राज्य में प्रशिक्षित डॉक्टरों की संख्या में वृद्धि होगी। यह सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगा और मरीजों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने में सहायक होगा। 50 नई सीटों की स्वीकृति मिलने के बाद पीएमसीएच अब बिहार के उन चुनिंदा मेडिकल कॉलेजों में शामिल हो गया है, जहां एक ही शैक्षणिक सत्र में 250 एमबीबीएस छात्रों का नामांकन होगा। NMC के निर्देशों पर तेजी से होगा काम पीएमसीएच की प्राचार्य प्रो. गीता सिन्हा ने बताया, ‘राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) से अतिरिक्त सीटों की अनुमति मिलना संस्थान के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।’ 90 दिनों में भेजी जाएगी अनुपालन रिपोर्ट प्राचार्य ने बताया, 'बैठक में प्रत्येक विभाग की कमियों का विस्तृत आकलन किया जाएगा और उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर दूर करने की रणनीति तैयार की जाएगी। उन्होंने भरोसा जताया कि एनएमसी द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का पालन करते हुए 90 दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट आयोग को भेज दी जाएगी। संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की तैयारी पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया, 'सीट वृद्धि के अनुरूप अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। जिन विभागों में फैकल्टी की कमी है, वहां नियुक्ति और प्रतिनियुक्ति की प्रक्रिया तेज करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय किया जा रहा है। इसके अलावा प्रयोगशालाओं, कक्षाओं और अन्य शैक्षणिक सुविधाओं को भी आवश्यकतानुसार सुदृढ़ किया जाएगा। एनएमसी मानकों के पालन पर रहेगा फोकस अधीक्षक ने कहा, ‘संस्थान का उद्देश्य आयोग के सभी निर्धारित मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करना है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की प्रशासनिक या शैक्षणिक बाधा का सामना न करना पड़े।’ चिकित्सा शिक्षा को मिलेगा नया विस्तार विशेषज्ञों का मानना है कि पीएमसीएच में सीटों की बढ़ोतरी केवल छात्रों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए सकारात्मक कदम है। अधिक संख्या में मेडिकल छात्र तैयार होने से भविष्य में राज्य को अधिक डॉक्टर मिलेंगे, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आने की उम्मीद है। सरकार की ओर से चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की दिशा में यह निर्णय बिहार के मेडिकल सेक्टर के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
मधेपुरा में बिहार पुलिस एसोसिएशन चुनाव संपन्न:समरजीत पासवान अध्यक्ष, संतोष कुमार सिंह सचिव निर्वाचित
मधेपुरा में बिहार पुलिस एसोसिएशन की जिला शाखा के कार्यकारिणी एवं पदाधिकारियों का चुनाव शनिवार को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चुनाव में सभी प्रमुख पदों पर निर्विरोध निर्वाचन हुआ। समरजीत पासवान को अध्यक्ष (सभापति), संतोष कुमार सिंह को मंत्री (सचिव), राजेश कुमार झा को कोषाध्यक्ष, शंभू कुमार को उपाध्यक्ष (उपसभापति) तथा स्वीटी सोरेन को संयुक्त मंत्री (संयुक्त सचिव) निर्वाचित घोषित किया गया। चुनाव प्रक्रिया सुपौल जिला शाखा के सचिव योगेंद्र पासवान एवं संयुक्त सचिव अनिल कुमार की देखरेख में संपन्न हुई। निर्वाचन परिणाम की सूचना बिहार पुलिस एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष एवं महामंत्री को भेज दी गई है। इसकी प्रति पुलिस अधीक्षक और बिहार पुलिस एसोसिएशन की जिला शाखा, मधेपुरा को आवश्यक कार्रवाई एवं अभिलेख के लिए प्रेषित की गई है। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद समाजसेवी ध्यानी यादव समेत कई लोगों ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी। संगठन के सदस्यों ने नई कार्यकारिणी से पुलिसकर्मियों के हितों की रक्षा, उनकी समस्याओं के समाधान और संगठन को अधिक मजबूत बनाने की उम्मीद जताई। पुलिसकर्मियों के कल्याण, सेवा और सुविधाओं का विस्तार नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे पुलिसकर्मियों के कल्याण, सेवा-सुविधाओं के विस्तार और संगठन की गरिमा बनाए रखने के लिए पूरी निष्ठा एवं पारदर्शिता के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने संगठन की एकजुटता बनाए रखने और पुलिसकर्मियों के हित में सामूहिक प्रयास करने की भी अपील की।
चतरा पुलिस ने संगठित अपराध और रंगदारी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। दुबई से सक्रिय भगोड़े गैंगस्टर प्रिंस खान के गिरोह के दो मुख्य सहयोगियों को बिहार के भोजपुर जिले से गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी एक पत्थर व्यवसायी और लोजपा (आर) नेता से दो करोड़ रुपए की फिरौती मांगने के मामले में हुई है। छह महीने पहले, हंटरगंज के पिण्डरा निवासी प्रेमचंद सिंह को प्रिंस खान ने व्हाट्सएप पर मैसेज भेजकर 2 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। रंगदारी न देने पर उसने प्रेमचंद सिंह को जान से मारने और परिवार को खत्म करने की धमकी दी थी। गैंगस्टर ने यह भी कहा था कि फिरौती न मिलने पर वह उनके पोते का मुंह भी नहीं देखने देगा।इस मामले में हंटरगंज थाने में त्वरित प्राथमिकी दर्ज की गई थी। टीम ने बिहार के भोजपुर में सघन छापेमारी कर मोहम्मद अस्फाक आलम और सद्दाब अंसारी को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, ये दोनों प्रिंस खान के लिए काम करते थे। इनका मुख्य काम शूटरों तक पैसा पहुंचाना, रेकी करना और हवाला के जरिए विदेशों से आर्थिक लेन-देन करना था। इनके पास से एक मोबाइल और पैसों के ट्रांजेक्शन के पुख्ता सुबूत मिले हैं। गिरफ्तार सद्दाब अंसारी का पहले से ही लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। उस पर धनबाद में हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के संगीन मामले दर्ज हैं।
ट्रेन हादसे में बिहार के युवक की मौत:हरदोई में परिजनों के पहुंचने पर दूसरे दिन हुआ पोस्टमार्टम
हरदोई में लखनऊ-दिल्ली रेल मार्ग पर संडीला-बालामऊ के बीच ट्रेन से गिरकर बिहार के एक युवक की मौत हो गई। पुलिस ने शनिवार को करीब 1:30 परिजनों के पहुंचने के बाद शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया। मृतक की पहचान मोहसिन (26) के रूप में हुई है। बिहार राज्य के किशनगंज जनपद के धापर बस्ती निवासी मोहसिन पठानकोट में मजदूरी करते थे। मोहसिन के जीजा दिलशाद ने बताया कि मोहसिन दो माह पहले ही अपने गांव आए थे। बृहस्पतिवार रात को वह किशनगंज से अजमेर गरीब नवाज एक्सप्रेस में सवार हुए थे। उन्हें अजमेर से पठानकोट के लिए दूसरी ट्रेन पकड़नी थी। युवक की जेब से मिला परिजनों का पता शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे संडीला-बालामऊ रेल मार्ग के बीच ट्रेन के दरवाजे पर खड़े मोहसिन का संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे गिर गए। इस हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आईं। स्थानीय लोगों और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने घायल मोहसिन को तुरंत कछौना सीएचसी पहुंचाया। उनकी नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, जहां सुबह 9:21 बजे डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पुलिस को मृतक की जेब से मिले पहचान पत्र से परिजनों का संपर्क नंबर मिला। तुरंत उनके गांव सूचना भेजी गई। शनिवार दोपहर करीब 1:30 बजे बिहार से परिजन मेडिकल कॉलेज पहुंचे। इसके बाद शहर कोतवाली पुलिस ने पंचनामा भरा और दोपहर करीब 3:30 बजे शव का पोस्टमार्टम कराया। मोहसिन अपने पीछे पत्नी दिलफरोज और एक मासूम पुत्री महक नाज को छोड़ गए हैं। शहर कोतवाल संजय त्यागी ने बताया कि सभी विधिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
1.5 करोड़ में बिक रहा था TET का पेपर! बिहार से हरियाणा तक फैला सॉल्वर गैंग का जाल
देश के लाखों युवाओं के भविष्य और शिक्षक बनने के सपने के साथ खिलवाड़ करने वाले एक बहुत बड़े सॉल्वर गैंग और पेपर लीक माफिया का भंडाफोड़ हुआ है। साल 2026 की शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टीईटी (TET Paper Leak 2026) का प्रश्नपत्र परीक्षा से ठीक पहले लीक करने और उसे मोटी रकम में बेचने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जांच एजेंसियों की शुरुआती कार्रवाई में यह खुलासा हुआ है कि इस बार के टीईटी पेपर को लीक करने के लिए माफियाओं के बीच पूरे 1.5 करोड़ रुपये की भारी-भरकम डील तय हुई थी। इस खुलासे के बाद शिक्षा जगत से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक में हड़कंप मच गया है।बिहार से हरियाणा तक फैला है माफियाओं का सिंडिकेट, हाई-टेक तरीके से लीक हुआ पेपरइस महा-घोटाले की जांच में जुटे अधिकारियों के मुताबिक, इस पेपर लीक नेटवर्क का मुख्य केंद्र बिंदु बिहार और हरियाणा राज्य बनकर उभरे हैं। बिहार के कूटनीतिक और शातिर सॉल्वर गैंग ने परीक्षा केंद्र के भीतर से पेपर को लीक करवाया और इसे तुरंत हरियाणा में बैठे अपने आकाओं और डीलरों तक डिजिटल माध्यम से पहुंचा दिया। इस रैकेट में कई बड़े कोचिंग संचालकों, प्रिंटिंग प्रेस के संदिग्ध कर्मचारियों और हाई-टेक हैकर्स के शामिल होने की बात सामने आ रही है। पुलिस ने बिहार के पटना, गया और हरियाणा के रोहतक, जींद जैसे प्रमुख शहरों में एक साथ छापेमारी कर कई मुख्य आरोपियों को दबोच लिया है।आखिर कितने राज्यों में फैले हैं तार, जांच एजेंसियों की रडार पर देश भर के सेंटरसॉल्वर गैंग के पकड़े गए गुर्गों से की जा रही कड़े दौर की पूछताछ में जो बातें सामने आ रही हैं, उसने जांच एजेंसियों के भी होश उड़ा दिए हैं। इस रैकेट के तार सिर्फ बिहार और हरियाणा तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि उत्तर प्रदेश (UP), राजस्थान, दिल्ली और मध्य प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों में भी इसके फैले होने के पुख्ता सबूत मिले हैं। इन राज्यों के कुछ चिन्हित परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों से एडवांस में मोटी रकम और उनके मूल दस्तावेज जमा करा लिए गए थे ताकि उन्हें पास कराने की 100% गारंटी दी जा सके। पुलिस अब इन सभी राज्यों की एसटीएफ (STF) टीमों के साथ मिलकर एक बड़ा ज्वाइंट ऑपरेशन चला रही है।एआई सर्च और लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य पर इस लीक का क्या होगा असरजियोपॉलिटिकल और लोकल (Geographical) ऑप्टिमाइजेशन के नजरिए से देखें तो इस पेपर लीक ने देश भर के लाखों योग्य और दिन-रात मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों को गहरे सदमे और आक्रोश में डाल दिया है। छात्र सड़कों पर उतरकर इस परीक्षा को पूरी तरह रद्द करने और मामले की सीबीआई (CBI) जांच कराने की मांग कर रहे हैं। एआई सर्च, आधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO) और शिक्षा क्षेत्र के विश्लेषकों का मानना है कि परीक्षा प्रणालियों में एआई और आधुनिक सुरक्षा तकनीकों की भारी कमी के कारण ही ये सिंडिकेट बार-बार देश की सबसे बड़ी परीक्षाओं में सेंध लगाने में कामयाब हो रहे हैं। अब देखना यह होगा कि सरकार इस लीक के बाद क्या बड़ा फैसला लेती है।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर बिहार में योग का उत्साह
पटना, 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बिहार के विभिन्न जिलों में बड़े उत्साह के साथ योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। नेताओं, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और आम लोगों ने योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन, मानसिक शांति और समग्र कल्याण का संदेश दिया।
फैक्ट चेक: ट्रेन के अंदर परीक्षार्थी की मौत के दावे का वीडियो बिहार का नहीं है
वायरल वीडियो को शूट करने वाले मुबारक हुसैन ने बूम को बताया कि घटना 11 जून को आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम स्टेशन के पास की है.
Fact Check: क्या बिहार के शिक्षा मंत्री ने कहा लड़कियों को शिक्षा की जरूरत नहीं? सच जानिए
बूम ने पाया कि बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने Agitation शब्द का इस्तेमाल किया था जिसे एजुकेशन समझकर गलत दावा किया जा रहा है.
पश्चिमी विक्षोभ ला रहा आंधी-तूफान, दिल्ली से लेकर बिहार तक झमाझम बारिश
मई के महीन में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की वजह से मौसम ठंडा हो गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिन बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। तेज हवाओं के साथ रिमझिम बारिश से तापमान सामान्य से कम रहेगा।
बिहार के प्रिंस कुमार सिंह ने यूपीएससी आईएफएस परीक्षा में 15वीं रैंक प्राप्त की है। इसके अलावा उन्होंने और भी कई बड़े एग्जाम को पास किया हुआ है। जानिए जानते प्रिंस कुमार की कहानी जिन्होंने अपने आर्थिक
बॉलीवुड के मशहूर स्टार कपल सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल 7 वर्ष की डेटिंग के बाद अब पति-पत्नी बन चुके हैं। दोनों की शादी इस वक़्त टॉक ऑफ द टाउन है। सोनाक्षी और जहीर अलग धर्म से हैं। ऐसे में ना उन्होंने निकाह किया तथा ना ही फेरे लिए, बल्कि सादगी से रजिस्टर मैरिज की एवं फिर रिसेप्शन पार्टी रखी। अलग धर्म में शादी करने पर सोनाक्षी एवं जहीर को जमकर ट्रोल किया जा रहा है। ट्रोलिंग के कारण दोनों को अपने वेडिंग पोस्ट का कमेंट सेक्शन तक बंद करना पड़ा। मगर बात तब हद से ज्यादा तब बढ़ गई, जब इंटरफेथ मैरिज करने पर सोनाक्षी एवं जहीर के खिलाफ बिहार के गांव में प्रोटेस्ट मार्च निकाले गए। रिपोर्ट के अनुसार, सोनाक्षी के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन 'हिंदू शिव भवानी सेना' नाम की एक संगठन द्वारा आयोजित किया गया था। जहीर संग शादी पर बेटी सोनाक्षी की हो रही ट्रोलिंग पर अब शत्रुघ्न सिन्हा ने चुप्पी तोड़ी है तथा हेटर्स को जवाब दिया है। अपने एक इंटरव्यू के चलते शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा- आनंद बक्शी साहब ने इस तरह के प्रोफेशनल प्रोटेस्टर्स के बारे में लिखा है- कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना। इसमें आगे जोड़ना चाहूंगा कि कहने वाले अगर बेकार, बेकाम-काज के हों तो बोलना ही उनका काम बन जाता है। मेरी बेटी ने कुछ भी ऐसा नहीं किया जो गैरकानूनी एवं संविधान के खिलाफ है। सोनाक्षी-जहीर की शादी पर शत्रुघ्न सिन्हा ने आगे कहा- शादी दो लोगों के बीच का एक बहुत ही व्यक्तिगत फैसला है। इसमें किसी को भी बीच में दखल देने या कमेंट करने का हक नहीं होता। विरोध प्रदर्शन करने वालों को मैं यही बोलना चाहता हूं- अपनी जिंदगी पर ध्यान दो। जिंदगी में कुछ अच्छा करो। इससे ज्यादा और कुछ नहीं कहना। बता दें कि शत्रुघ्न सिन्हा ने खुशी-खुशी अपनी इकलौती बेटी की शादी की है। उन्होंने दामाद जहीर को भी अपना आशीर्वाद दिया है। रिलीज हुआ श्रद्धा कपूर-राजकुमार राव की स्त्री 2 का टीजर, इस अवतार में नजर आए स्टार्स किशोर कुमार के गानों पर बैन, मनोज कुमार-देव आनंद की फिल्मों पर रोक..! बॉलीवुड पर भी पड़ा था 'इमरजेंसी' का बुरा असर सामने आई कंगना रनौत की इमरजेंसी की रिलीज डेट, जानिए किस दिन आ रही है इंदिरा गांधी की बायोपिक?
फिल्म रैप में जानिए कि रविवार को एंटरटेनमेंट की दुनिया में क्या खास हुआ. 9 जून 2024 का दिन एतिहासिक रहा. पीएम नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार पीएम बनने की शपथ ली. इस दौरान शाहरुख खान से लेकर अक्षय कुमार भी मौजूद रहे.
परेशान होकर छोड़ी इंडस्ट्री, सालों बाद किया कमबैक, बिहार की लड़की कैसे बनी हीरोइन?
टेलीविजन के पॉपुलर शो उडारियां 15 साल का लीप लेने जा रहा है. लीप के बाद शो एक नई कहानी और स्टारकास्ट के साथ दर्शकों को एंटरटेन करने आ रहा है. लीप से पहले उडारियां में आशमा का रोल निभाने वाली अदिति भगत ने आजतक संग बातचीत की और शो को लेकर कई सारी बातें शेयर कीं.
बिहार सीईटी बीएड : पांच साल में सबसे ज्यादा आवेदन आए, इस तारीख से आएंगे एडमिट कार्ड
Bihar CET B.Ed:महिलाओं के लिए अलग एवं पुरुषों के लिए अलग परीक्षा केंद्र होंगे। अभ्यर्थी 17 जून से अपना एडमिट कार्ड वेबसाइटwww. biharcetbed- lnmu. inपर लॉगइन कर डाउनलोड कर सकेंगे।
बीएसईबी बिहार बोर्ड से संबद्ध और एनसीटीई से मान्यता प्राप्त डीएलएड संस्थानों की सूची जारी
Bihar D.El.Ed: बिहार बोर्ड ने डीएलएड प्रवेश परीक्षा 2024 की आंसर की जारी करने के एक दिन बाद अब राज्य में मौजूद सरकारी व निजी डीएलएड प्रशिक्षण संस्थानों की सूची भी जारी कर दी है। डीएलएड में दाखिला लेने
Bihar DElEd Answer Key 2024: आंसर की जारी, ऐसे दर्ज करें ऑब्जेक्शन, देखें डायरेक्ट लिंक
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने बिहार डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (DElEd) परीक्षा 2024 की आंसर की जारी की। जो उम्मीदवार परीक्षा में उपस्थित हुए हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट- biharboardonline.b
Bihar STET: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने शनिवार को माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (एसटीईटी)-2024 (प्रथम) परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया है। पेपर-1 के विभिन्न विषयों की परीक्षा 18 से 29 मई तक होगी।
बॉलीवुड अभिनेत्री नेहा शर्मा की हाल ही में बिहार में एक रोड शो में भागीदारी ने इंटरनेट पर तूफान ला दिया है। क्रुक और तुम बिन 2 जैसी फिल्मों में अपनी भूमिकाओं के लिए मशहूर सुश्री शर्मा को अपने पिता अजीत शर्मा का समर्थन करते देखा गया, जो कांग्रेस के टिकट पर भागलपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। यह रोड शो उन अफवाहों के बीच हुआ कि अभिनेता राजनीति में प्रवेश कर सकते हैं। हालाँकि, अब यह स्पष्ट हो गया है कि वह सिर्फ अपने पिता के लिए प्रचार कर रही थीं। नेहा शर्मा ने इंस्टाग्राम पर बांका, किशनगंज, कटिहार और पूर्णिया सहित बिहार के विभिन्न जिलों की अपनी यात्रा दिखाते हुए एक वीडियो साझा किया। वह पारंपरिक सलवार कमीज पहने हुए थीं और जनता का अभिवादन करती और उन्हें वोट डालने के लिए प्रोत्साहित करती नजर आईं। इसे भी पढ़ें: AR Rahman ने नए एल्बम के रिलीज पर Taylor Swift को बधाई दी, नेटिजन ने कहा 'महान कला, महान कला को पहचानती है' View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial) इसे भी पढ़ें: Tamannaah Bhatia Summoned by cyber cell | 'अवैध' IPL Streaming ऐप मामले में तमन्ना भाटिया को साइबर सेल ने तलब किया रोड शो के दौरान पीरपैंती और कहलगांव में भारी भीड़ ने अभिनेता का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने कैप्शन में लिखा “वे कहते हैं कि जब कोई आपको अपने दिल में जगह देता है, तो आप हमेशा के लिए वहीं रहते हैं। आपने मुझे जो प्यार और समर्थन दिया है, उससे मेरा दिल भर गया है। पीरपैंती और कहलगांव में गर्मजोशी से स्वागत के लिए धन्यवाद। आपका प्यार सारी आँखों पर। सदा आभारी। ऑनलाइन प्रसारित हो रहे एक अन्य वीडियो में अभिनेत्री को भागलपुर में अपने पिता के चुनाव अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेते हुए दिखाया गया है। भागलपुर लोकसभा सीट पर दूसरे चरण में 26 अप्रैल को चुनाव होना है। इस सीट पर कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करने वाले अजीत शर्मा का मुकाबला जेडीयू के अजय कुमार मंडल से है। पहले ऐसी अफवाह थी कि सुश्री शर्मा राजनीति में प्रवेश कर सकती हैं। हालाँकि, कई रिपोर्टों ने स्पष्ट किया है कि वह अभी चुनावी शुरुआत नहीं कर रही हैं। रिपोर्टों के अनुसार, उनके पिता अजीत शर्मा ने उन्हें राजनीति में शामिल होने का अवसर दिया, शर्मा वर्तमान में अपने अभिनय करियर पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। Bihar, Bhagalpur: Bollywood actress Neha Sharma campaigns for Congress leader and father Ajeet Sharma in the Lok Sabha elections, participates in a roadshow. pic.twitter.com/yEhb4XoQQL — IANS (@ians_india) April 23, 2024 View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial) View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial)
सलमान के घर फायरिंग से पहले शूटर्स ने बिहार में की हथियारों की प्रैक्टिस, फार्म हाउस की हुई थी रेकी
14 अप्रैल को, सुबह 4.50 बजे सलमान के बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर, अज्ञात हमलावरों ने पांच राउंड फायरिंग की थी. पुलिस ने सलमान के घर पर फायरिंग करने के मामले में विक्की गुप्ता (24 साल) और सागर पाल (21 साल) नाम के दो लड़कों को गिरफ्तार किया था. अब इससे जुड़ा एक बड़ा अपडेट सामने आया है.
Manisha और Elvish के बीच लगी दुश्मनी की आग हुई और तेज, बिहार की बेटी नेसरेआम बना दिया'राव साहब' का मजाक ?
Bihar Board: जानें-10वीं की मार्कशीट में लिखी U/R,B और C जैसी शॉर्ट फॉर्म का क्या मतलब है?
बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं का रिजल्ट 31 मार्च को जारी कर दिया गया था। छात्र अपनी ओरिजनल मार्कशीट स्कूल से ले सकते हैं। आइए जानते हैं मार्कशीट में लिखी शॉर्ट फॉर्म की फुलफॉर्म क्या है।
बिहार में जेईई और नीट की फ्री कोचिंग, रहने-खाने की भी रहेगी मुफ्त व्यवस्था, ऐसे करें अप्लाई
Bihar Board Jee and Neet Free Coaching : विद्यार्थी समिति द्वारा संचालित engineering (jee) औरmedical (neet) की नि:शुल्क तैयारी हेतु BSEB SUPER-50 आवासीय शिक्षण में पढ़ने हेतु आवेदन कर सकत हैं।
Bihar 10th Board 2024: टॉप 5 में इन 10 छात्रों ने बनाई जगह, जानें नाम और मार्क्स
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड ने दसवी का रिजल्ट bsebmatric.org और results.biharboardonline.com पर जारी कर दिया है। इस साल टॉप 10 की लिस्ट ने 51 छात्रों ने अपनी जगह बनाई है। टॉप 5 की लिस्ट में 10 छ
Bihar Board BSEB 2024 Matrci Result Today:बिहार बोर्ड 10वीं का रिजल्ट biharboardonline.bihar.gov.in व biharboardonline.com , onlinebseb.in पर जल्दजारी कर दिया जाएगा।
BSEB: क्लास 10वीं के रिजल्ट से पहले जानें ये 10 जरूरी बातें, मार्कशीट मिलने में मिलेगी मदद
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड अब कभी भी वेबसाइट biharboardonline.gov.in पर कक्षा 10वीं के रिजल्ट अपलोड कर सकता है। एक बार रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र यहां से डाउनलोड कर सकते हैं।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने इंटर में एडमिशन को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। इस बाबत समिति ने सभी सरकारी, गैर सरकारी विद्यालय, इंटर कॉलेजों की सूची ofssbihar.in पर अपलोड कर दी है।
बीएसईबी मैट्रिक रिजल्ट की घोषणा जल्द की जाएगी। हालांकि अभी तक रिजल्ट की टाइमिंग और तारीख के बारे में कोई जानकारी शेयर नहीं की गई है, लेकिन उम्मीद है नतीजे 31 मार्च तक आधिकारिक वेबसाइट biharboardonlin
BSEB Bihar 10th Board: प्रेस कॉन्फ्रेंस में शेयर की जाएंगी ये 5 डिटेल्स, यहां पढ़ें
छात्र आधिकारिक वेबसाइट्स से बीएसईबी 10वीं स्कोरकार्ड 2024 डाउनलोड कर सकेंगे। रिजल्ट वाले दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। जिसमें बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं की परीक्षा से जुड़ी कई डिटेल्स शेयर की जाएगी। आइए ज
Bihar 12th Board: किसान की बेटी बनीं कॉमर्स की टॉपर, अब बनना चाहती हैं प्रोफेसर, करेंगी PhD
बिहार बोर्ड 12वीं की कॉमर्स स्ट्रीम में खुशी कुमारी को जिले में सेकंड रैंक मिली है। उनके पिता किसान हैं। उन्होंने कहा, मेरे पिता ने हमेशा शिक्षा को महत्व दिया है, इसलिए भविष्य में मैं शिक्षा के क्षेत
इस साल का रिजल्ट पिछले 5 साल की तुलना में सबसे बेहतर, 87.21 प्रतिशत विद्यार्थी हुए पास
BSEB Bihar Board 12th Result : हार बोर्ड ने आज 12वीं के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस वर्ष का रिजल्ट पिछले 5 सालों की तुलना में सबसे बेहतर रहा है। इस साल इंटर का रिजल्ट 87.21 फीसदी रहा।
बिहार बोर्ड ने 12वीं यानी इंटर परीक्षा का रिजल्ट अब जारी कर दिया है। टॉपर्स के नाम भी सामने आ गए हैं। आइए जानते हैं साइंस, कॉमर्स, आर्ट्स स्ट्रीम के टॉपर्स ने किन स्कूलों से पढ़ाई की है। यहां देखें न
BSEB : बारहवीं कक्षा के छात्रों को इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी के लिए फ्री में कोचिंग देती है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) गरीब विद्यार्थियों को JEE और NEET की मुफ्त कोचिंग कराती है।
BSEB Bihar Board: बिहार बोर्ड इंटर छात्र जानें टॉप 10 इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज
NIRF यानी राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क। इस रैंकिंग को शिक्षा मंत्रालय जारी करता है। एनआईआरएफ रैंकिंग में देश के टॉप इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज और यूनिवर्सिटी की रैंकिंग जारी की जाती है।
Bihar 12th Board 2024: रिजल्ट जारी होने की तारीख और समय के बारे में यहां मिलेगी जानकारी
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (बीएसईबी) जल्द ही इंटरमीडिएट या कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा 2024 के परिणाम घोषित करेगा। वहीं बोर्ड परिणाम के समय की घोषणा पहले कर दी जाएगी। आइए जानते हैं, आप कहां कर सकें

