चोरी के डर से घर की छत पर ही चढ़ा दी Scorpio! बिहार के शख्स का अनोखा जुगाड़, वीडियो वायरल
बिहार में Mahindra Scorpio को क्रेन से घर की छत पर रखने का वीडियो वायरल हो रहा है. दावा किया जा रहा है कि Scorpio मालिक विदेश जाने से पहले SUV को सुरक्षित रखना चाहता था.
राजकीय शिक्षक पुरस्कार में शमा परवीन का चयन, बिहार के 38 शिक्षकों में बनाई जगह
सीतामढ़ी, 03 सितंबर2026 । बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित करने की तैयारी है। राजकीय शिक्षक पुरस्कार के लिए राज्य के 38 शिक्षकों का चयन किया गया है। इनमें शमा परवीन का नाम भी शामिल है। पुरस्कार मिलने की खबर के बाद उनके योगदान और उपलब्धियों को लेकर […] The post राजकीय शिक्षक पुरस्कार में शमा परवीन का चयन, बिहार के 38 शिक्षकों में बनाई जगह appeared first on Rashtriya Ujala .
Bhagalpur Municipal Corporation:भागलपुर नगर निगम ने सितंबर को 'राजस्व वसूली माह' घोषित किया है, जिसमें होल्डिंग टैक्स और अन्य शुल्कों की वसूली तेज की जा रही है। सितंबर तक भुगतान करने पर ब्याज से छूट मिलेगी, जबकि 1 अक्टूबर से बकाया राशि पर 1.5% प्रतिमाह चक्रवृद्धि ब्याज लगेगा।
बिहार की सियासत में बयानों के तीर और राजनीतिक उठापटक का सिलसिला कभी थमता नहीं है, और जब बात परिवारवाद, चुनावी सरगर्मी या जनता से जुड़े मुद्दों की हो, तो जुबानी जंग अपने चरम पर पहुंच जाती है। इन दिनों राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के गलियारों से लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और एनडीए गठबंधन के खेमे तक एक ऐसा ही सियासी तूफान खड़ा हो गया है, जिसने राज्य की हवा को पूरी तरह गर्म कर दिया है। इस बार इस राजनीतिक हलचल के केंद्र में कोई और नहीं बल्कि पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की पुत्री और राजनीति में अपने बेबाक अंदाज के लिए पहचानी जाने वाली रोहिणी आचार्य हैं। देश से कोसों दूर सिंगापुर में रहने के बावजूद रोहिणी आचार्य सोशल मीडिया और अपने तीखे बयानों के जरिए लगातार बिहार की राजनीति के हर एक पहलू पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं और सरकार पर लगातार कड़े हमले कर रही हैं। हाल ही में उन्होंने सरकार की भूमि अधिग्रहण और विकास नीतियों को लेकर एक ऐसा विस्फोटक बयान दिया है, जिसमें उन्होंने सीधे तौर पर यह आरोप लगाया है कि सरकार 'किसानों की उपजाऊ जमीन छीनने की गहरी साजिश' रच रही है। आज के इस विस्तृत और गहराई से विश्लेषण वाले लेख में हम रोहिणी आचार्य के इस सनसनीखेज बयान, बिहार की गरमाती राजनीति, भूमि अधिग्रहण के विवाद और इसके राजनीतिक प्रभावों के हर एक पहलू पर विस्तार से चर्चा करेंगे ताकि आप इस बड़ी प्रांतीय खबर से पूरी तरह वाकिफ हो सकें।क्या है पूरा मामला और क्यों सिंगापुर से सियासी खेत जोत रही हैं रोहिणी आचार्यबिहार की राजनीति में पिछले कुछ वर्षों से लालू परिवार के सदस्यों की भूमिका और उनकी सक्रियता पर लगातार बहस होती रही है। खासकर रोहिणी आचार्य ने जिस तरह से अपनी किडनी डोपा करके अपने पिता लालू यादव को नया जीवनदान दिया है, उसके बाद से राजनीतिक गलियारों में उनकी एक अलग और मजबूत छवि बनकर उभरी है। हालांकि वे व्यक्तिगत रूप से सिंगापुर में अपने परिवार के साथ निवास करती हैं, लेकिन आधुनिक संचार माध्यमों, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) और डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए वे बिहार की हर छोटी-बड़ी राजनीतिक घटना पर त्वरित प्रतिक्रिया देती रहती हैं। राजनीतिक विश्लेषक अक्सर यह कहते नजर आते हैं कि रोहिणी आचार्य भले ही भौगोलिक रूप से देश से बाहर हैं, लेकिन वे अपने शब्दों के जरिए बिहार के सियासी खेत को लगातार जोत रही हैं और विपक्षी दलों को रक्षात्मक होने पर मजबूर कर रही हैं। उनका यह ताजा बयान भी उसी राजनीतिक रणनीति का एक हिस्सा माना जा रहा है, जिसके जरिए वे सीधे तौर पर सत्ता पक्ष के फैसलों को जनता की अदालत में चुनौती दे रही हैं।रोहिणी आचार्य का तीखा हमला: 'गरीब किसानों और अन्नदाताओं को उजाड़ने की हो रही है नापाक कोशिश'अपने ताजा राजनीतिक बयान में रोहिणी आचार्य ने राज्य सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि तथाकथित विकास के नाम पर गरीबों, मजदूरों और किसानों की पुश्तैनी जमीनों को जबरन अधिग्रहित करने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने अपने संदेश में यह आरोप लगाया कि सरकार पूंजीपतियों और चुनिंदा उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए उन किसानों की जमीनों को छीनने की साजिश रच रही है, जिनका एकमात्र सहारा उनकी यही उपजाऊ मिट्टी है। रोहिणी ने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग एसी कमरों में बैठकर बड़े-बड़े फैसले ले रहे हैं, उन्हें इस बात का कोई अंदाजा नहीं है कि जब एक किसान से उसकी जमीन छिन जाती है, तो उसकी आने वाली पीढ़ियों का भविष्य कैसे अंधकारमय हो जाता है। उनके इस आक्रामक बयान के सामने आने के बाद से ही राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है और विपक्षी दल इस मुद्दे को लपककर सरकार के खिलाफ एक बड़ा जन आंदोलन खड़ा करने की तैयारियों में जुट गए हैं।सत्ता पक्ष का कड़ा पलटवार: विपक्ष पर फैलाए जा रहे भ्रम और राजनीतिक रोटियां सेकने का आरोपरोहिणी आचार्य के इस तीखे हमले के बाद सत्ता पक्ष यानी जनता दल यूनाइटेड (JDU) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने भी बिना देर किए जोरदार पलटवार करना शुरू कर दिया है। सरकार के प्रवक्ताओं और वरिष्ठ मंत्रियों ने स्पष्ट शब्दों में यह कहा है कि रोहिणी आचार्य को बिहार की जमीनी हकीकत का कोई ज्ञान नहीं है और वे विदेश में बैठकर केवल सोशल मीडिया पर झूठे और भ्रामक बयानबाजी कर रही हैं। सत्ता पक्ष का यह तर्क है कि सरकार द्वारा जो भी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, एक्सप्रेसवे या औद्योगिक गलियारे बनाए जा रहे हैं, वे पूरी तरह पारदर्शी हैं और किसानों को उनकी जमीन का बाजार भाव से कई गुना अधिक मुआवजा दिया जा रहा है। नेताओं का यह भी कहना है कि विपक्ष के पास राज्य के विकास को रोकने के अलावा और कोई मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वे ऐसे बयानों के जरिए केवल अपनी राजनीतिक जमीन तलाशने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं।बिहार की राजनीति और आगामी चुनावों पर इस बयान का क्या पड़ेगा गहरा असरबिहार का राजनीतिक इतिहास इस बात का गवाह रहा है कि भूमि अधिग्रहण, किसान के अधिकार और रोजगार जैसे मुद्दे हमेशा से यहां के चुनावों की दिशा तय करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाते आए हैं। रोहिणी आचार्य द्वारा इस संवेदनशील मुद्दे को इस तरह आक्रामक तरीके से उठाने का मुख्य उद्देश्य आरजेडी के पारंपरिक वोट बैंक यानी किसानों, पिछड़ों और वंचितों को यह संदेश देना है कि उनकी पार्टी हर परिस्थिति में उनके अधिकारों के लिए लड़ने को तैयार बैठी है। जैसे-जैसे राज्य में राजनीतिक गतिविधियां तेज होती जा रही हैं, यह साफ नजर आ रहा है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक तूल पकड़ेगा। जनता अब यह भली-भांति समझ रही है कि विकास और किसान के हक की इस लड़ाई में कौन सच बोल रहा है और कौन सिर्फ राजनीति कर रहा है। हम उम्मीद करते हैं कि यह विस्तृत रिपोर्ट आपको बिहार की राजनीति से जुड़ी इस ताजा और महत्वपूर्ण खबर से पूरी तरह अवगत कराने में सफल रही होगी और आप राज्य के हर राजनीतिक अपडेट से लगातार जुड़े रहेंगे।
Bihar Flood Situation : हिमनद के कारण आई नेपाल बाढ़ का प्रभाव अब वैसा नहीं, लेकिन पड़ोसी देश और आसपास के राज्यों में लगातार बारिश के कारण बिहार की नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। कहीं रोज घर-मकान डूब रहे, तो कहीं अंधेरा छा गया। पढ़ें अपडेट।
BiharWeather Update:भागलपुर में मानसून मेहरबान है, जहाँ एक सप्ताह में 178.8 मिमी बारिश हुई और दिन का तापमान 5 डिग्री सेल्सियस गिरा। हालांकि, सुल्तानगंज के अजगैवीनाथ धाम में भारी जलजमाव से जनजीवन अस्त-व्यस्त है, जिससे नगर परिषद के दावों की पोल खुल गई है।
Bihar में BPSC TRE 4.0 शिक्षक भर्ती 2026: आवेदन प्रक्रिया और महत्वपूर्ण जानकारी
Bihar में BPSC TRE 4.0 शिक्षक भर्ती 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया 21 सितंबर से शुरू होने की संभावना है। इस बार कुल 33,385 पदों की संख्या बढ़ाई गई है। जानें आवेदन की प्रक्रिया, योग्यता मानदंड और परीक्षा की तिथियाँ। यह जानकारी उन सभी के लिए महत्वपूर्ण है जो सरकारी शिक्षक बनने का सपना देख रहे हैं।
Bihar में BPSC TRE-4 परीक्षा अब एकल चरण में होगी
Bihar में BPSC TRE-4 परीक्षा को एकल चरण में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है, जो लाखों उम्मीदवारों के लिए राहत की खबर है। यह बदलाव सरकार द्वारा लंबे समय से चल रही मांगों के बाद किया गया है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि यह निर्णय छात्रों की मांगों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। आवेदन प्रक्रिया 21 सितंबर से शुरू होने की संभावना है। जानें इस बदलाव के पीछे की वजह और आगे की प्रक्रिया के बारे में अधिक जानकारी।
बिहार के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में बीपीएससी टीआरई 2 व 3 की भर्ती में दिव्यांग आरक्षण पर बिहार से बाहर के अभ्यर्थियों की नियुक्ति में गड़बड़ी सामने आई है। सूबे के बाहर के निवासी दिव्यांग अभ्यर्थी 82 अंक में ही विद्यालय अध्यापक बन गए।
सितंबर शुरू होते ही लोगों को एक बार फिर मौसम की मार झेलनी पड़ सकती है। कभी तेज धूप तो कभी अचानक बारिश से आम जनजीवन पहले ही प्रभावित है। अब बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के कारण देश के कई हिस्सों में मौसम फिर करवट लेने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान […]
विदेश मंत्री ने कहा है कि फरक्का जल संधि में बिहार की जरुरतों का ख्याल रखा जाएगा। बता दें कि संजय झा ने 6 अगस्त को राज्यसभा में विशेष उल्लेख के तहत बिहार के हित में यह मुद्दा उठाया। उन्होंने फरक्का जल संधि का नवीनीकरण नहीं करने और बिहार के जल हितों की रक्षा करने का अनुरोध किया था।
प्रशांत किशोर को बिहार विधानसभा में मिली जिम्मेदारी, बनाए गए पर्यटन उद्योग समिति के सदस्य
जन सुराज पार्टी के सूत्रधार और बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर को बिहार विधानसभा की पर्यटन उद्योग समिति का सदस्य बनाया गया है। यह नियुक्ति चालू वित्तीय वर्ष की शेष सात माह की अवधि के लिए है, जिसकी अध्यक्षता जदयू विधायक मनोरंजन सिंह कर रहे हैं।
IMD Heavy Rain Alert: देश भर में मानसून एक बार फिर अपने प्रचंड रूप में आ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 3 सितंबर के लिए मौसम की एक बेहद गंभीर चेतावनी जारी की है। समें देश के कई हिस्सों में आफत की बारिश का अनुमान जताया गया है। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत और पूर्वोत्तर राज्यों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बहुत ज्यादा मूसलाधार बारिश को लेकर रेड अलर्ट जैसी स्थिति बनी हुई है।पूर्वी मध्य प्रदेश में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी, पश्चिमी यूपी, विदर्भ और बंगाल भी प्रभावितमध्य भारत के इलाकों में आज बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने पूर्वी मध्य प्रदेश के अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया है। इसके अलावा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, विदर्भ और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के दूर-दराज के इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इन क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी और निचले इलाकों में जलभराव का खतरा गहरा गया है।दिल्ली-एनसीआर, बिहार, पंजाब और पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश का अलर्टदेश की राजधानी दिल्ली और आसपास के राज्यों में भी आज मौसम के कड़े तेवर देखने को मिल सकते हैं। IMD के मुताबिक हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके साथ ही पूर्वी भारत के राज्य बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी तेज बारिश की चेतावनी दी गई है। पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कई जगहों पर मध्यम से भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है।गरज-चमक के साथ तेज आंधी और आकाशीय बिजली का खतरामौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ तेज हवाओं और आकाशीय बिजली गिरने को लेकर भी लोगों को सतर्क किया है। आंध्र प्रदेश में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज झोंकेदार हवाओं के साथ आंधी और बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है। आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फरबाद के क्षेत्रों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल व सिक्किम और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आकाशीय बिजली गिरने को लेकर चेतावनी जारी की गई है। आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में मजबूत सतही हवाएं भी चल सकती हैं।तटीय इलाकों और समुद्र में मौसम रहेगा खतरनाक, मछुआरों के लिए अलर्टसमुद्री इलाकों में भी हवा का रुख बेहद उग्र रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक अरब सागर में सोमालिया तट के पास और उससे सटे पश्चिम-मध्य व दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। इनकी गति बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। बंगाल की खाड़ी में मन्नार की खाड़ी से सटे दक्षिण तमिलनाडु तट और दक्षिण श्रीलंका तट से लगे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के इलाकों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंके आने की आशंका है। IMD ने मछुआरों को इन खतरनाक समुद्री क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी है।यह भी पढ़ें:Delhi Weather Today: दिल्ली में आज फिर बरसेंगे बादल! हल्की से मध्यम बारिश के आसार, 5 सितंबर से बदलेगा मौसम
Bihar News Today Live: बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 3 सितम्बर के मुख्य और ताजा समाचार
Bihar Breaking News Today Live - Read latest and breaking news today in hindi at Amarujala. यहां पढ़ें, बिहार की ताजा खबरें, राजनीति, खेल, मनोरंजन, धर्म, क्राइम और शिक्षा की खबरों का लाइव अपडेशन
Bihar Sand Mining: बिहार में बालू माफिया अत्याधुनिक हथियारों से लैस हैं, जबकि खनन विभाग के पास सीमित होमगार्ड और सैप जवान हैं, जिससे अवैध खनन पर रोक लगाना मुश्किल है।
Bihar Weather Today 03 September: बिहार के अलग-अलग जिलों में अभी बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग ने गुरुवार को पांच जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। पूर्णिया जिले में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
ड्रोन खरीदने पर ₹5 लाख तक सब्सिडी, एग्रीकल्चर ग्रेजुएट के लिए बिहार सरकार की योजना
बिहार सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 तक 480 किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित करेगी, जिसमें कृषि स्नातकों को ड्रोन खरीद पर ₹5 लाख तक की सब्सिडी मिलेगी।
मानसून का कहर : बिहार के 13 जिलों में बाढ़, काशी में 400 से ज्यादा परिवारों का पलायन
वाराणसी में वरुणा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण तटीय बस्तियों में पानी भर गया है। प्रशासन ने अब तक 407 परिवारों के 1,768 सदस्यों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। कुल विस्थापितों का आंकड़ा 2,910 तक पहुंच चुका है। राहत और बचाव कार्य के लिए 36 नावें तैनात की गई हैं।
सस्ती होगी चीनी: सितंबर के पहले पखवाड़े में बिहार को मिलेगी 25,665 टन चीनी, बदली आपूर्ति व्यवस्था
केंद्र सरकार ने चीनी की कीमतों पर नियंत्रण और बाजार में आपूर्ति बेहतर बनाने के लिए चीनी मिलों को मासिक की जगह पाक्षिक कोटा देना शुरू किया है। नई व्यवस्था के तहत सितंबर के पहले पखवाड़े में बिहार को 25,665 टन चीनी मिलेगी, जिसे मिलों को 7 दिन के भीतर डिस्पैच करना होगा।
बिजली क्षेत्र में बिहार बनेगा आत्मनिर्भर, अगले 5 साल में 1,38,541 करोड़ रुपये का होगा निवेश
बिहार में अगले पांच वर्षों में बिजली क्षेत्र में 1,38,541 करोड़ रुपये का निवेश होगा, जिसका प्रस्ताव भारत इलेक्ट्रिसिटी-2026 के बिहार फोकस स्टेट सेशन में रखा गया।
Railway Apprentice 2026: रेलवे के साथ काम करते हुए अनुभव पाने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए सदर्न रेलवे ने अप्रेंटिस भर्ती की घोषणा की है। दक्षिण रेलवे ने इस भर्ती के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। खास बात यह कि दक्षिण रेलवे अप्रेंटिस भर्ती के लिए उम्मीदवारों के चयन के लिए कोई लिखित परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी। योग्य उम्मीदवारों का चयन संबंधित ट्रेड में उनकी योग्यता और अनुभव के आधार पर होगा।इस भर्ती अभियान के तहत कुल 4471 अप्रेंटिस पदों को भरा जाएगा। इसमें 163 पद फ्रेशर उम्मीदवारों के लिए और 4308 पद पूर्व आईटीआई उम्मीदवारों के लिए निर्धारित किए गए हैं। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 28 अगस्त 2026 से 27 सितंबर 2026 शाम 5:00 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस भर्ती में फिटर, इलेक्ट्रिशियन, वेल्डर, COPA, पेंटर और अन्य संबंधित ट्रेडों में अप्रेंटिसशिप का अवसर दिया जाएगा।प्रशिक्षण के दौरान चयनित उम्मीदवारों को 8,200 रुपये से 9,600 रुपये प्रति माह तक स्टाइपेंड मिल सकता है। यह युवाओं के लिए दक्षिण रेलवे की विभिन्न कार्यशालाओं में व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करने का अच्छा अवसर है।दक्षिण रेलवे अप्रेंटिस भर्ती 2026: कौन कर सकता है आवेदन?शैक्षणिक योग्यता : फ्रेशर कैटेगरी में फिटर, पेंटर और वेल्डर ट्रेड के लिए उम्मीदवार का 10वीं कक्षा में कम से कम 50% अंक होना आवश्यक है। मेडिकल लैबरोटरी टेक्नीशियन (MLT) पद के लिए 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी विषयों के साथ न्यूनतम 50% अंक जरूरी हैं।पूर्व आईटीआई श्रेणी के उम्मीदवारों के पास 10वीं में कम से कम 50% अंक के साथ संबंधित ट्रेड में NCVT/SCVT मान्यता प्राप्त संस्थान से आईटीआई प्रमाणपत्र होना चाहिए। इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स और डिप्लोमा होल्डर्स इस भर्ती के लिए पात्र नहीं हैं।आयु सीमा : फ्रेशर श्रेणी के लिए न्यूनतम आयु 15 वर्ष और अधिकतम आयु 22 वर्ष निर्धारित है। वहीं पूर्व आईटीआई और एमएलटी श्रेणी के लिए अधिकतम आयु सीमा 24 वर्ष है। उम्र की गणना 27 सितंबर 2026 के आधार पर की जाएगी। एससी/एसटी, ओबीसी, दिव्यांग और एक्स सर्विसमैन उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट मिलेगी।दक्षिण रेलवे अप्रेंटिस भर्ती 2026: आवेदन प्रक्रिया और शुल्कउम्मीदवार दक्षिण रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करते समय व्यक्तिगत, शैक्षणिक और ट्रेड संबंधी जानकारी भरनी होगी तथा फोटो, हस्ताक्षर और आवश्यक प्रमाणपत्र अपलोड करने होंगे। जनरल/UR उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 100 रुपये है, जबकि SC/ST/PwD उम्मीदवारों को शुल्क में छूट दी गई है।दक्षिण रेलवे अप्रेंटिस भर्ती 2026: चयन प्रक्रियाइस भर्ती में कोई लिखित परीक्षा नहीं होगी। उम्मीदवारों का चयन 10वीं, 12वीं और ITI में प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार मेरिट लिस्ट से किया जाएगा। इसके बाद डॉक्यूमेंट वेरीफिकेशन होगा और अंतिम चयन मेडिकल फिटनेस के आधार पर किया जाएगा।Bihar Teacher Recruitment 4.0: 21 सितंबर से शुरू होंगे बिहार टीआरई 4 के लिए आवेदन? सरकार ने बढ़ाए म्यूजिक टीचर के पद
Bihar Weather Update: बिहार में मूसलाधार बारिश की चेतावनी, 6 जिलों में मौसम विभाग का ऑरेंज अलर्ट
Bihar Weather Update: बिहार में मानसून सक्रिय है और मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में छह जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की है।
बता दें कि पहले चरण में पीएम किसान सम्मान निधि के 85.53 लाख लाभुकों का पहचान पत्र बनाया जाना है। इसमें से 53.45 लाख का पहचान पत्र बन चुका है। यानी करीब 32 लाख का पहचान पत्र नहीं बना है।
Bihar Flood: सड़क बह गई और सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद, पटना में गंगा-पुनपुन लाल निशान के पार; बढ़ी आफत
गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर से पटना से सटे बख्तियारपुर के दियारा इलाके में बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। पांच पंचायतों के कई गांवों के निचले इलाकों में गंगा का पानी प्रवेश कर गया है। पानी भरने के कारण दियारा क्षेत्र के स्कूलों को बंद कर दिया गया है।
बिहार में मानसून काफी मजबूत स्थिति में है। प्रदेश के कई जिलों में बीते दो दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने आज भी 12 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पटना समेत बाकी 26 जिलों में मौसम सामान्य रहने का अनुमान है। कई जिलों में बादल छाए रह सकते हैं। इस दौरान 50Kmph की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी। इधर, बिहार की कई नदियां उफान पर हैं। पटना में गंगा खतरे के निशान से करीब 2 फीट ऊपर बह रही है। पटना सिटी के भद्रघाट और महावीर घाट की सर्विस लेन पर घुटनों तक गंगा का पानी पहुंच गया है। सोन नदी पर स्थित रोहतास के इंद्रपुरी बैराज के सभी 69 गेट खोल दिए गए हैं। बैराज से सोन नदी में 6 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनने की आशंका है। बक्सर में नेशनल हाईवे पानी में डूब गया है। बेतिया में गंडक नदी के कटाव के कारण एक पक्का घर नदी में समा गया। वहीं, कैमूर में तेलहाड़ कुंड, करकटगढ़ और बंसी खोह जलप्रपात उफान पर हैं। बिहार के 13 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। 8 नदियां उफान पर हैं। बिहार में बाढ़ की कुछ तस्वीरें देखिए…. बाढ़ की चपेट में बिहार के 13 जिले पड़ोसी राज्यों में भारी बारिश के बाद इंद्रपुरी बराज से 5.63 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण पटना में गंगा, सोन और पुनपुन नदियां उफान पर आ गई हैं। बिहार में बाढ़ का संकट गहरा गया है। राज्य की 8 नदियां-गंगा, सोन, पुनपुन, कोसी, गंडक, बुढ़ी गंडक, बागमती और घघरा खतरे के निशान से ऊपर हैं। 13 जिले इस आपदा की चपेट में हैं, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। पटना जिला प्रशासन पूरी तरह हाई अलर्ट पर है क्योंकि जिले में गंगा, सोन और पुनपुन नदियां खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं। पटना के गांधी घाट पर गंगा खतरे के निशान से 127 सेमी, दीघा घाट पर 61 सेमी और श्रीपालपुर में पुनपुन नदी 2.01 मीटर ऊपर बह रही है। इसके अलावा, इंद्रपुरी बराज से सोन नदी में 5.54 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के कारण मनेर, दानापुर, बख्तियारपुर और मोकामा के दियारा इलाकों में पानी तेजी से फैल रहा है। फंसे लोगों को निकालने के लिए 12 सरकारी नावें तैनात हैं। गंगा नदी समस्तीपुर के मोहिउद्दीननगर में खतरे के निशान से 1.50 मीटर ऊपर बह रही है। भागलपुर में राघोपुर-काजीकोरैया तटबंध पर तेज कटाव से रेलवे के टैगिंग बांध की गंभीर खतरा है, जिसे बचाने के लिए दिन-रात 200 ट्रैक्टर और 3 स्टीमर बालु की बोरियां गिराने में जुटे हैं। सोन नदी का जलस्तर बढ़ने से रोहतास के नौहट्टा में नदी के टीलों पर खेती करने वाले करीब सौ लोग फंसें हैं। अफसरों को 24 घंटे मुस्तैद रहने का निर्देश बाढ़ में घर, फसल, जनहानि पर अनुदान राज्य में बाढ़ प्रभावित परिवारों को त्वरित सहायता प्रदान करने के लिए आपदा प्रबंधन विभाग ने सूबी तैयार करने के निर्देश दिए हैं ताकि फसल, पशु और मकानों के नुकसान का अनुदान तत्काल मिल सके। बिहार में बाढ़ से जुड़े कुछ प्रमुख अपडेट्स अगले 2-3 दिन तापमान में बड़ा बदलाव नहीं पटना में आज आसमान में बादल छाए रहने और बारिश या गरज के साथ हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। 5 और 6 सितंबर को भी बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश या गरज-चमक होने के आसार हैं। बारिश के बावजूद बिहार के अधिकतर हिस्सों में अधिकतम तापमान में बड़ी गिरावट की संभावना नहीं है। अगले 2 से 3 दिनों तक अधिकतम तापमान 34 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है। इसकी वजह बारिश के साथ वातावरण में बनी रहने वाली नमी है। बादल और नमी के कारण उमस बनी रहेगी, जबकि बारिश वाले इलाकों में तापमान कुछ कम महसूस हो सकता है। क्यों बना ऐसा मौसम मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और उससे सटे क्षेत्रों में बने कम दबाव के क्षेत्र का असर बिहार समेत पूर्वी भारत के कई राज्यों पर पड़ रहा है। यह मौसम प्रणाली पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रही है। इसके अलावा झारखंड और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण बिहार में नमी वाली हवाओं का प्रवाह बढ़ गया है। इसी वजह से एक ओर दक्षिण बिहार के कुछ जिलों में तेज बारिश हो रही है, जबकि दूसरी ओर उत्तर-पूर्वी बिहार में भी भारी बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। मौसम से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए….
केंद्र सरकार ने भारत-बांग्लादेश गंगा जल बंटवारा संधि और फरक्का बांध को लेकर बिहार की चिंताओं का संज्ञान लिया है।
'राहुल गांधी ने बिहार में भी एसआईआर का विरोध किया, क्या नतीजा निकला?' उपेंद्र कुशवाहा का तंज
'राहुल गांधी ने बिहार में भी एसआईआर का विरोध किया, क्या नतीजा निकला?' उपेंद्र कुशवाहा का तंज
बिहार की राजनीति से इस वक्त एक बहुत बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों और राजनीतिक दलों के कान खड़े कर दिए हैं। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्र सरकार में मंत्री चिराग पासवान को अज्ञात लोगों द्वारा जान से मारने की धमकी दी गई है। यह धमकी किसी सामान्य संदेश के जरिए नहीं, बल्कि डाक के माध्यम से आए एक अनाम पत्र के जरिए दी गई है। पत्र में जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया गया है और आतंकवादियों का हवाला देते हुए जल्द ही खत्म करने की बात कही गई है, उसने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। घटना के सामने आते ही पटना से लेकर दिल्ली तक प्रशासनिक अमला पूरी तरह सक्रिय हो गया है और इस बात की गहनता से जांच की जा रही है कि आखिर इस खतरनाक साजिश के पीछे किसका हाथ हो सकता है।डाक से आए खत में लिखा था गंभीर संदेश, मंत्रालय से लेकर गृह सचिव तक तक पहुंची बातप्राप्त जानकारी के अनुसार, केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान के आधिकारिक पते पर एक गुमनाम पत्र प्राप्त हुआ था। जब इस पत्र को खोला गया तो उसमें अंग्रेजी में सीधे तौर पर जान से मारने की धमकी लिखी हुई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत उनके कार्यालय और मंत्रालय स्तर पर सख्त कदम उठाए गए। मंत्री के अतिरिक्त निजी सचिव की तरफ से केंद्रीय गृह सचिव को आधिकारिक पत्र लिखकर इस पूरे मामले की विस्तृत और उच्चस्तरीय जांच कराने का अनुरोध किया गया। इसके साथ ही इस गंभीर सुरक्षा खतरे की जानकारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, दिल्ली पुलिस कमिश्नर, सीआरपीएफ के महानिदेशक और बिहार के पुलिस महानिदेशक को भी आधिकारिक तौर पर दी गई ताकि समय रहते सभी जरूरी और एहतियाती कदम उठाए जा सकें।लोजपा (रामविलास) का सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बिहार डीजीपी से मिलाइस पूरी घटना के बाद से बिहार में पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में भारी रोष और चिंता का माहौल है। इसी कड़ी में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) का एक सात सदस्यीय उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में बिहार के पुलिस महानिदेशक यानी डीजीपी से मिलने पहुंचा। इस प्रतिनिधिमंडल ने डीजीपी से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा और मांग की कि केंद्रीय मंत्री की मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था की नए सिरे से समीक्षा की जाए और उसमें तुरंत बढ़ोतरी की जाए। नेताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि चिराग पासवान लगातार जनता के बीच रहकर जनसंपर्क और राजनीतिक दौरे करते हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोताही या चूक बर्दाश्त नहीं की जा सकती है। पार्टी ने पुलिस प्रशासन से यह भी मांग की कि पत्र में जिन मोबाइल नंबरों का जिक्र किया गया है या जहां से यह पत्र भेजा गया है, उसका जल्द से जल्द पर्दाफाश किया जाए।पुलिस प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और सर्विलांस पर रखे गए संदिग्ध मोबाइल नंबरलोजपा नेताओं के साथ हुई इस उच्चस्तरीय बैठक के बाद पुलिस महकमे ने भी स्पष्ट कर दिया है कि वे इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रहे हैं। बिहार के डीजीपी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि राज्य पुलिस इस मामले पर पूरी मुस्तैदी के साथ काम कर रही है। शुरुआती तकनीकी जांच के दौरान पुलिस को धमकी भरे पत्र में कुछ मोबाइल नंबर हाथ लगे हैं, जिन्हें तुरंत प्रभाव से सर्विलांस पर डाल दिया गया है। साइबर सेल और स्थानीय खुफिया एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर इस खत को भेजने वाला मुख्य शख्स कौन है और क्या इसके पीछे कोई सोची-समझी राजनीतिक या आपराधिक साजिश काम कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर बहुत जल्द आरोपियों की पहचान कर ली जाएगी और कानून के मुताबिक उनके खिलाफ सबसे कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।सुरक्षा घेरे और आगामी राजनीतिक दौरों को लेकर बढ़ाई गई चौकसीवर्तमान में चिराग पासवान को देश में वीआईपी सुरक्षा का एक मजबूत दायरा मिला हुआ है, लेकिन इस ताजा धमकी के सामने आने के बाद उनके सुरक्षा इंतजामों को और अधिक चाक-चौबंद करने की मांग जोर पकड़ चुकी है। चूंकि उनकी पार्टी आगामी समय में विभिन्न राज्यों में अपने सांगठनिक विस्तार और चुनावी रणनीतियों पर काम कर रही है, इसलिए उनके सार्वजनिक कार्यक्रमों और दौरों के दौरान सुरक्षा के अति-रिक्त प्रोटोकॉल लागू करने पर विचार किया जा रहा है। इस घटना ने एक बार फिर नेताओं की सुरक्षा और खुफिया तंत्र की सक्रियता को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। बहरहाल, पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक अपने नेता की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं और प्रशासन से यह उम्मीद लगाए बैठे हैं कि इस धमकी के पीछे छिपे असली चेहरे जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे।
भारी बारिश के बाद बिहार में कई नदियों का बढ़ा जलस्तर, सोन बराज के 69 गेट खुले
बिहार में बीते 24 घंटों की मूसलाधार बारिश से कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है, जिससे बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।
बिहार में सरकारी शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) और शिक्षा विभाग की ओर से बड़ी अपडेट सामने आई है। चौथे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा यानी BPSC TRE 4.0 (विज्ञापन संख्या 14/2026) के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया अब 21 सितंबर 2026 से शुरू होने की प्रबल संभावना है। इससे पहले आयोग द्वारा आवेदन प्रक्रिया को 1 सितंबर से शुरू करने की योजना बनाई गई थी, लेकिन तकनीकी व प्रक्रियात्मक संशोधनों और अभ्यर्थियों की आपत्तियों के समाधान के चलते इसे स्थगित कर दिया गया था। इसके साथ ही, राज्य सरकार ने अभ्यर्थियों की मांग पर कक्षा 9-10 के लिए म्यूजिक टीचर (संगीत शिक्षक) के पदों में भी बढ़ोतरी कर दी है।1 सितंबर की जगह 21 सितंबर से क्यों शुरू होंगे आवेदन?बीपीएससी के आधिकारिक सूत्रों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जारी स्पष्टीकरण के अनुसार, भर्ती विज्ञापन और ऑनलाइन आवेदन प्रणाली में कुछ आवश्यक सुधार किए जा रहे हैं।संशोधित विज्ञापन जारी करने की तैयारी: आयोग ऑनलाइन पोर्टल पर पदों के आरक्षण रोस्टर, विषयवार पात्रता और नए नियमों को इंटीग्रेट कर रहा है।एकल चरण परीक्षा (Single-Phase Exam): अभ्यर्थियों की मांग और आंदोलन के बाद सरकार ने यह निर्णय लिया है कि परीक्षा को कई चरणों में उलझाने के बजाय सिंगल फेज में सुव्यवस्थित तरीके से आयोजित किया जाएगा।आयोग 21 सितंबर को संशोधित अधिसूचना (Revised Notification) के साथ ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन का सीधा लिंक एक्टिव करेगा।म्यूजिक टीचर के पद बढ़े: अब कुल पदों की संख्या 33 हजार के पारमूल रूप से BPSC TRE 4.0 के तहत प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कुल 32,388 शिक्षकों के पदों पर भर्ती का ऐलान किया गया था। हालांकि, संगीत शिक्षक अभ्यर्थियों द्वारा पटना के गर्दनीबाग में किए गए विरोध प्रदर्शन और रिक्तियों की मांग के बाद सरकार ने पदों में इजाफा किया है:कक्षा 9 और 10 (माध्यमिक स्तर) के लिए विशेष रूप से 111 अतिरिक्त म्यूजिक टीचर पदों को मंजूरी दी गई है।इसके साथ ही चौथे चरण में कुल विज्ञापित रिक्तियों की संख्या संशोधित होकर 33,385 के आसपास पहुंचने की रिपोर्ट है।अंतिम पद-वार और कोटिवार विवरण संशोधित विज्ञापन के साथ आधिकारिक रूप से अपलोड किया जाएगा।वर्गवार रिक्तियों का वर्तमान प्रारूप (32,388 पद)आयोग द्वारा जारी प्रारंभिक विवरण के अनुसार विभिन्न स्तरों पर शिक्षकों के पदों का बंटवारा इस प्रकार है:शिक्षक वर्ग (Teacher Level)विज्ञापित कुल पद (Vacancies)प्राथमिक शिक्षक (कक्षा 1 से 5)3,847मध्य विद्यालय शिक्षक (कक्षा 6 से 8)8,563माध्यमिक शिक्षक (कक्षा 9 और 10)3,877 (म्यूजिक पद जुड़ने से बढ़ेंगे)उच्च माध्यमिक शिक्षक (कक्षा 11 और 12)16,101कुल मूल पद32,388(नोट: बिहार की मूल निवासी महिला अभ्यर्थियों के लिए सभी श्रेणियों में नियमानुसार 35% क्षैतिज आरक्षण लागू रहेगा।)आवेदन प्रक्रिया: 21 सितंबर से ऐसे भर सकेंगे ऑनलाइन फॉर्मआयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर पोर्टल खुलते ही उम्मीदवार इन आसान चरणों का पालन करके अपना फॉर्म भर सकते हैं:बीपीएससी के आधिकारिक पोर्टल bpsc.bihar.gov.in पर जाएं।होमपेज पर 'Apply Online' टैब पर क्लिक करके पहले One-Time Registration (OTR) पूरा करें।जनरेट हुए क्रेडेंशियल्स के साथ लॉगिन करें और 'BPSC TRE 4.0 Recruitment' लिंक चुनें।अपनी व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक योग्यता (CTET/STET, B.Ed/D.El.Ed) और पसंदीदा पद का चयन करें।जरूरी प्रमाणपत्र, स्कैन की गई फोटो और हस्ताक्षर अपलोड करें।निर्धारित आवेदन शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करें और सबमिट कर कन्फर्मेशन पेज डाउनलोड कर सुरक्षित रख लें।संशोधित तिथियों के अनुसार परीक्षा के विस्तृत शेड्यूल की घोषणा भी नए विज्ञापन के साथ ही की जाएगी।आवेदन प्रक्रिया की नई तारीखों और फॉर्म भरने के महत्वपूर्ण दिशा-निर्देशों को विस्तार से समझने के लिए BPSC TRE 4.0 Application New Date Update देखें। यह वीडियो बिहार टीआरई 4.0 के 21 सितंबर से शुरू होने वाले आवेदन और नियमों की पूरी जानकारी स्पष्ट करता है।
‘कुछ दिनों तक मछली खाने में सावधानी बरतें’, नेपाल में आई त्रासदी के बाद बिहार सरकार की लोगों से अपील
Patna, 2 सितंबर . नेपाल में आई बाढ़ और भारी तबाही के बीच बिहार की नदियों में असामान्य और विशाल आकार की मछलियां बहकर पहुंचने की खबरों को लेकर राज्य Government ने लोगों से कुछ दिनों तक मछली का सेवन नहीं करने या सावधानी बरतने की अपील की है. Government की ओर से लोगों को ... Read more
'कुछ दिनों तक मछली खाने में सावधानी बरतें', नेपाल में आई त्रासदी के बाद बिहार सरकार की लोगों से अपील
'कुछ दिनों तक मछली खाने में सावधानी बरतें', नेपाल में आई त्रासदी के बाद बिहार सरकार की लोगों से अपील
HUDCO Share:सरकारी कंपनी Housing and Urban Development Corporation Ltd (HUDCO) ने बिहार सरकार के साथ एक बड़ा समझौता किया है। इसके तहत HUDCO राज्य में इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए ₹25,000 करोड़ तक की फाइनेंशियल मदद देगी।पांच साल में मिलेगी फंडिंगयह रकम एक साथ जारी नहीं होगी। अगले पांच साल में जरूरत के हिसाब से अलग-अलग चरणों में फंड दिया जाएगा।इस पैसे का इस्तेमाल बिहार में इंडस्ट्रियल पार्क बनाने में होगा। इसमें जमीन खरीदना और उद्योगों के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना शामिल है।25 साल तक के लिए मिल सकता है लोनHUDCO राज्य सरकार की ओर से तय की गई एक संस्था को ₹25,000 करोड़ तक के टर्म लोन देगी। फंडिंग अलग-अलग चरणों में होगी।लोन की शर्तें भी लचीली होंगी। मोरेटोरियम की सुविधा मिल सकती है। लोन चुकाने के लिए 25 साल तक का समय दिया जा सकता है। समय से पहले लोन चुकाने का विकल्प भी होगा।IDA को जिम्मेदारी मिलीबिहार सरकार ने राज्य के Infrastructure Development Authority को इन प्रोजेक्ट्स की जिम्मेदारी दी है। यह संस्था इंडस्ट्रियल पार्क के लिए जमीन खरीद और डेवलप कर सकती है।यहां उद्योगों के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार किया जाएगा। हर प्रोजेक्ट के लिए अलग समझौता होगा। उसमें फंडिंग की शर्तें और प्रोजेक्ट का दायरा तय किया जाएगा।तुरंत नहीं मिलेंगे ₹25,000 करोड़यह MoU ₹25,000 करोड़ तुरंत जारी करने का करार नहीं है। यह सिर्फ फंडिंग के लिए एक फ्रेमवर्क है। जरूरत के हिसाब से पांच साल में फंड जारी होगा। MoU तीन साल तक वैध रहेगा। इसकी हर साल समीक्षा की जाएगी।बुधवार को HUDCO का शेयर 0.11% की मामूली गिरावट के साथ ₹178.38 पर बंद हुआ।GDP Growth: सरकार ने 2.6% GDP ग्रोथ के दावे को खारिज किया, 7.8% को सटीक बतायाDisclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
फुलवारी शरीफ में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहां पत्नियों की पढ़ाई और नौकरी में पति के सहयोग के बाद रिश्ते में दूरी बढ़ गई, जिससे विवाद पंचायत और शरिया अदालत तक पहुंच गए।
बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार 3 सितंबर को मुजफ्फरपुर के श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (SKMCH) का दौरा करेंगे। उनका कार्यक्रम दोपहर करीब 2 बजे शुरू होगा। इस दौरे के लिए जिला प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मंत्री अस्पताल परिसर में लगभग 2 घंटे रुकेंगे और शाम 4 बजे तक कई कार्यक्रमों में शामिल होंगे। SKMCH के अधीक्षक डॉ. महेश प्रसाद ने स्वास्थ्य मंत्री के दौरे की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि उनके आने का पूरा कार्यक्रम तय हो चुका है। मंत्री के दौरे को देखते हुए अस्पताल परिसर में तेजी से रंग-रोगन, मरम्मत और साफ-सफाई का काम किया जा रहा है। अतिक्रमण को भी हटाया गया। स्वास्थ्य मंत्री SKMCH में बने 30 बेड वाले नए ICU का उद्घाटन करेंगे। इस नई सुविधा से उत्तर बिहार के गंभीर मरीजों को फायदा मिलने की उम्मीद है। उद्घाटन के बाद वे परिसर में ही 'टाटा मेमोरियल' की ओर से चलाए जा रहे कैंसर अस्पताल का जायजा लेंगे। वे वहां इलाज की सुविधाओं और व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे। इमरजेंसी वार्ड से लेकर सामान्य वार्डों का भी निरीक्षण करेंगे मंत्री इमरजेंसी वार्ड से लेकर सामान्य वार्डों का भी निरीक्षण करेंगे। इसका मकसद मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं का सीधा आकलन करना है। निरीक्षण के आखिर में स्वास्थ्य मंत्री SKMCH के लेक्चर थिएटर में डॉक्टरों, मेडिकल कॉलेज के शिक्षकों और स्वास्थ्य कर्मियों के साथ बातचीत करेंगे। स्वास्थ्य मंत्री के आगमन पर मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। बुधवार को SKMCH परिसर और उसके आसपास की मुख्य सड़कों से अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की गई। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए एसडीओ (पूर्वी) आनंद उत्सव ने बताया कि वीआईपी दौरे और आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अतिक्रमण रोधी अभियान चलाया गया है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री के कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। साथ ही, मेडिकल कॉलेज मार्ग पर यातायात बाधित न हो, इसके लिए पुलिस बल की तैनाती के साथ ट्रैफिक व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
अगस्त में GST से बिहार ने की बंपर कमाई, तिजोरी में आए ₹13870 करोड़, 8% बढ़ा रेवेन्यू
चालू वित्तीय वर्ष में अप्रैल से अगस्त तक बिहार को जीएसटी से 13870 करोड़ रुपये मिले हैं, जो पिछले साल की समान अवधि से 8% अधिक है।
फरक्का जल संधि पर बिहार के हितों की गारंटी, एस जयशंकर ने संजय झा को दिया क्या भरोसा?
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जदयू नेता संजय झा को आश्वासन दिया है कि फरक्का जल संधि के भविष्य पर फैसले लेते समय बिहार के पेयजल और औद्योगिक हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
Bihar Floods: रोहतास में नाव से 100 लोगों का रेस्क्यू, सोन नदी में उफान से कई गांव जलमग्न
सोन नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी से रोहतास जिले के तिलौथू प्रखंड में बाढ़ आ गई है। सरैयां समेत आसपास के कई गांव जलमग्न हो गए हैं। कई घरों में पानी घुसने के बाद बुधवार को 100 लोगों का नाव से रेस्क्यू किया गया।
Bihar में शुरू हुआ 'आपके दरवाजे पर दवा' अभियान, 6 करोड़ लोगों की होगी Health Screening
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 2 सितंबर को जांच और इलाज – आपके दरवाजे पर दवा अभियान की शुरुआत की। इस अभियान का मकसद लगभग छह करोड़ लोगों की जांच करना और हर नागरिक का डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड बनाना है। यह अभियान 30 नवंबर तक चलेगा और इसका उद्घाटन पटना के राजवंशी नगर स्थित एनर्जी ऑडिटोरियम में किया गया। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, इस अभियान के तहत सभी 38 जिलों में जागरूकता रथ भेजे गए। इसे भी पढ़ें: राहुल गांधी के खिलाफ FIR लोकतंत्र पर हमला: DK Shivakumar बोले- LoP को दलितों के लिए आवाज उठाने का हक मुख्यमंत्री चौधरी ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे इस अभियान पर बारीकी से नज़र रखें और इसे सफलतापूर्वक लागू करना सुनिश्चित करें। उन्होंने समय पर जांच के महत्व पर ज़ोर देते हुए कहा कि समय पर जांच से बीमारी का पता लगाना और बेहतर इलाज संभव हो पाता है; स्वस्थ परिवार ही समृद्ध बिहार की नींव हैं। CMO ने बताया कि ज़िला अस्पतालों में 45 तरह की सर्जरी शुरू हो गई हैं, जिससे ज़िला अस्पतालों से बड़े अस्पतालों में मरीज़ों को रेफर करने की संख्या में कमी आई है। सर्जरी की संख्या में काफ़ी बढ़ोतरी हुई है; जून में यह संख्या 2,428 थी, जो इस महीने बढ़कर 8,000 से ज़्यादा हो गई है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने मिशन कायाकल्प शुरू करने की घोषणा की। यह प्रोग्राम राज्य भर में स्वास्थ्य संस्थानों को बेहतर और मज़बूत बनाने के लिए बनाया गया है। इस अभियान का मकसद लोगों के घर के पास स्वास्थ्य जांच और इलाज की सुविधाएँ पहुँचाना और बिहार की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को मज़बूत करना है। 1 सितंबर को चौधरी ने घोषणा की कि मोतिहारी में बंद पड़ी चीनी मिल को फिर से शुरू करने का काम जल्द ही शुरू होगा, साथ ही पूर्वी चंपारण ज़िले के लिए कई विकास परियोजनाएँ भी शुरू की जाएँगी। मोतिहारी में बापूधाम महोत्सव के दौरान, उन्होंने ज़िले के लिए 285 करोड़ रुपये की लागत वाली 145 विकास योजनाओं का शिलान्यास या उद्घाटन किया। इसे भी पढ़ें: Mehbooba Mufti ने प्रशासन पर साधा निशाना, NC और BJP के प्रदर्शनों पर उठाए सवाल CMO के अनुसार, योजनाओं में बरियारपुर में एक मेडिकल कॉलेज बनाना और मोतिहारी में एक तारामंडल (प्लेनेटेरियम) का काम शुरू करना शामिल है। इसके अलावा, लोगों की मांग को देखते हुए, पिपराकोठी के लिए पहले प्रस्तावित केंद्रीय विद्यालय को अब बरियारपुर में स्थापित किया जाएगा। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
Bihar Mystery Fish: नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद बिहार की नदियों में सीमा पार से बहकर आ रही अज्ञात और अजीब किस्म की मछलियों ने हड़कंप मचा दिया है। बाढ़ के पानी के साथ आई इन मछलियों को खाने के बाद लोगों के बीमार पड़ने की खबरें सामने आ रही हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बिहार सरकार के पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग ने अडवाइजरी जारी कर लोगों को ऐसी मछलियों को खाने से से बचने की सख्त हिदायत दी है।मछलियां क्यों बन रही हैं खतरनाक और बीमारी की क्या है वजह?मत्स्य विभाग के मुताबिक बाढ़ के दौरान मछलियां तालाबों, झीलों, नदियों और जलाशयों से निकलकर पानी के तेज बहाव के साथ लंबी दूरी तय करती हैं। इस दौरान ये मछलियां कीचड़, गंदे नाले, सड़े-गले शवों और दूसरे हानिकारक प्रदूषकों के लगातार संपर्क में रहती हैं। इस वजह से ये मछलियां हानिकारक बैक्टीरिया, वायरस, फंगी और खतरनाक केमिकल से संक्रमित हो जाती हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जब तक पर्यावरण सामान्य न हो जाए और साफ मछलियां उपलब्ध न हों, तब तक बाढ़ के पानी से पकड़ी गई मछलियों का सेवन बिल्कुल नहीं किया जाना चाहिए।सरकार की अपील और लक्षण दिखने पर क्या करें?बिहार सरकार के पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग ने नागरिकों से सुरक्षा के मद्देनजर कई दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। कहा गया है कि किसी भी अनजानी या अजीब दिखने वाली मछली को खाने के लिए इस्तेमाल न करें। बाढ़ के पानी से पकड़ी गई मछलियों को न खरीदें, न बेचें और न ही भोजन के रूप में इस्तेमाल करें। बिना विभागीय जांच और वेरिफिकेशन के किसी भी अनजान मछली को खाने लायक न समझें।अगर ऐसी मछली खाने के बाद उल्टी, दस्त/डायरिया, पेट दर्, चक्कर आना या सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं हो रही हैं तो तुरंत अस्पताल जाएं या डॉक्टर की सलाह लें। साथ ही ये भी कहा गया है कि ऐसी असामान्य मछलियां दिखने पर तुरंत जिला मत्स्य अधिकारी या स्थानीय प्रशासन को इसकी सूचना दें और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें।पश्चिमी चंपारण में जागरूकता अभियानअनजान मछलियों के खतरे को देखते हुए प्रशासन सक्रिय हो गया है। एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिमी चंपारण की जिला मत्स्य अधिकारी नूतन ने बताया कि क्षेत्र में व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि नेपाल की बाढ़ से आ रही मछलियां अत्यधिक संक्रामक हैं और इनमें कई बीमारियां फैली हुई हैं। इनको खाने से पेट में तेज दर्द, उल्टी और पेचिश जैसे गंभीर लक्षण उभर रहे हैं। प्रशासन की ओर से विक्रेताओं को ऐसी मछलियां न बेचने और आम जनता को इन्हें न खरीदने व न खाने की सलाह दी जा रही है।उधर नेपाल पुलिस ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आधिकारिक निर्देश जारी कर अपने नागरिकों से बाढ़ के पानी में बहकर आई मछलियों और अन्य नदी आधारित खाद्य पदार्थों का सेवन न करने का अनुरोध किया है।नेपाल में बाढ़ से 1127 लोगों की मौत, बिहार में अलर्टनेपाल पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ की वजह से नेपाल में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1127 हो गई है। शवों के बरामद होने का सिलसिला अभी भी जारी है। नेपाल की नदियों में जलस्तर बढ़ने की वजह से निचले इलाकों में स्थित बिहार में हाई अलर्ट जारी है।यह भी पढ़ें:राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO बने रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा, ऑपरेशन सिंदूर से भी रहा है नाता
Bihar Politics : प्रशांत किशोर ने भाजपा को दिया झटका, डा. सुरेंद्र राय जन सुराज में शामिल
भाजपा के पूर्व नेता और दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से रनर-अप रहे डॉ. सुरेंद्र प्रसाद राय जन सुराज में शामिल हो गए हैं। प्रशांत किशोर ने दरभंगा में पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक कर आगामी विधान परिषद चुनावों की रणनीति पर चर्चा की।
देश के कई राज्यों में मानसून एक बार फिर आफत बन गया है। उत्तराखंड से लेकर बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश तक भारी बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। कहीं नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं तो कहीं सड़कें और बाजार पानी में डूब गए हैं। उत्तराखंड में 12 लोगों की मौत, 172 सड़कें बंद। बिहार में गंगा उफान पर, पटना में बाढ़ का खतरा। यूपी में गंगा एक्सप्रेसवे पर 7 फीट गहरा गड्ढा। चित्रकूट में मंदाकिनी का रौद्र रूप, 400 दुकानें डूबीं।
उत्तर भारत में बारिश का कहर: उत्तराखंड में 12 मौतें, वीडियो में जाने बिहार में बाढ़ का खतरा बढ़ा; यूपी-एमपी में भी हालात बिगड़े
Bihar Teacher Recruitment 4.0: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने जल्द ही स्कूल शिक्षक भर्ती परीक्षा के चौथे चरण (TRE-4.0) की शुरुआत कर सकता है। आयोग ने मंगलवार शाम को बताया कि चौथे चरण की स्कूल शिक्षक भर्ती परीक्षा के लिए आवेदन 21 सितंबर से शुरू हो सकता है। बिहार टीआरई 4.0 के लिए आवेदन की शुरुआत एक औपचारिक संशोधित विज्ञापन जारी होने और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में जरूरी बदलावों के बाद हो सकता है।यह अपडेट बीपीएससी के आधिकारिक एक्स हैंडल पर उपलब्ध था। ट्वीट में लिखा है, एडवरटाइजमेंट नंबर-14/2026, चौथे फेज के स्कूल टीचर रिक्रूटमेंट एग्जामिनेशन (TRE-4.0) के तहत, स्कूल टीचर के पदों पर नियुक्ति के लिए आवेदन प्रक्रिया, संशोधित विज्ञापन और ऑनलाइन आवेदन में जरूरी बदलावों के बाद, तारीख-21.09.2026 से शुरू होने की संभावना है।बीपीएससी टीआरई भर्ती प्रक्रिया में अलग-अलग स्कूल स्तर पर 32388 टीचिंग पद शामिल होंगे। कुल वैकेंसी में से, क्लास 1 से 5 के लिए 3,847 पोस्ट, क्लास 6 से 8 के लिए 8,563, क्लास 9 और 10 के लिए 3,877, और क्लास 11 और 12 के लिए 16,101 पोस्ट तय की गई हैं। विज्ञापन संख्या-14/2026, चतुर्थ चरण के विद्यालय अध्यापक भर्ती परीक्षा (TRE-4.0) के तहत विद्यालय अध्यापक के पदों पर नियुक्ति हेतु संशोधित विज्ञापन एवं ऑनलाइन आवेदन में आवश्यक संशोधनोपरान्त विद्यालय अध्यापक के पदों पर नियुक्ति हेतु आवेदन प्रक्रिया दिनांक-21.09.2026 से प्रारंभ होने… pic.twitter.com/5eEoBGjVBj— Bihar Public Service Commission (@BPSCOffice) September 1, 2026 राज्य भर के सरकारी स्कूलों में 32,388 टीचर पदों को भरने के उद्देश्य से बीपीएससी टीआरई 4.0 आयोजित करने की तैयारी कर रहा है। इससे पहले, 31 अगस्त को, बीपीएससी ने टीआरई 4.0 के लिए आवेदन प्रक्रिया को टालने का ऐलान किया था। जबकि आवेदन प्रक्रिया 1 सितंबर से शुरू होने वाला था।आधिकारिक रिलीज में कहा गया था, शिक्षा विभाग, बिहार के अंतर्गत 1 सितंबर से शुरू होने वाले चौथे चरण के स्कूल शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4.0) के तहत स्कूल शिक्षकों के कुल 32,388 खाली पदों पर नियुक्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रोसेस में बदलाव की वजह से टाल दिए गए हैं। इस विज्ञापन से जुड़ी तारीख की घोषणा जल्द ही की जाएगी। शिक्षा के क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक राज्य के ढेरों उम्मीदवार कई मुख्य मांगों को लेकर विरोध कर रहे थे। इसमें एग्जाम पैटर्न में बदलाव और नेगेटिव मार्किंग लागू करना शामिल था। विरोध कर रहे उम्मीदवारों से बातचीत के बाद, राज्य सरकार ने हाल ही में घोषणा की कि टीआरई 4.0 एक ही चरण में आयोजित किया जाएगा।टीआरई 4.0 की वैकेंसी बढ़ाई गईराज्य सरकार ने उम्मीदवारों की म्यूजिक टीचर के पदों की संख्या बढ़ाने की मांग के बाद, पदों की संख्या 111 बढ़ा दी।IBPS RRB Recruitment 2026: 13000 से ज्यादा पदों पर भर्ती के लिए आईबीपीएस ने जारी किया नोटिफिकेशन, आधिकारिक वेबसाइट पर आवेदन शुरू
Bihar no eating fish alert: नेपाल में हाल ही में आई प्रलयंकारी बाढ़ और लैंडस्लाइड के बाद इसका सीधा असर भारत के सीमावर्ती राज्य बिहार पर दिखाई दे रहा है। नेपाल की नदियों से बहकर विशालकाय और असामान्य वजन वाली मछलियां उत्तर बिहार की गंडक (Gandak River) ...
26 अगस्त को इलाके में आई भयानक बाढ़ से बच निकले एक वर्कर के मुताबिक, नेपाल के त्रिशूली-3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में काम करने वाला एक चीनी सुपरवाइज़र टनल के अंदर मिली अचानक चेतावनी की जांच करने के लिए बाहर गया था, लेकिन कभी वापस नहीं लौटा। टनल नंबर 3 से बच निकलने वाले कर्मचारियों में से एक, राज छेत्री ने बताया कि जब यह हादसा हुआ, तो अंदर करीब 265 लोग काम कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि ज़बरदस्त बाढ़ आने से कुछ देर पहले ही कर्मचारियों को कुछ गड़बड़ होने का एहसास हो गया था। इसे भी पढ़ें: UNGA जाएंगे PM Balen Shah: विनाशकारी बाढ़ के लिए भारत-चीन से मांगा Climate Damages छेत्री ने बताया कि अचानक टनल के अंदर ज़ोरदार आवाज़ हुई, जिससे ऐसा माहौल बन गया जैसे कोई बहुत तेज़ तूफ़ान आ गया हो। उन्होंने तुरंत चीनी सुपरवाइज़र को आगाह किया और बाहर जाने की इजाज़त मांगी। छेत्री के मुताबिक, सुपरवाइज़र ने कर्मचारियों से काम जारी रखने को कहा और कहा कि वह बाहर जाकर देखेंगे कि क्या हो रहा है। इसके बाद सुपरवाइज़र टनल से बाहर चले गए और, जैसा कि छेत्री ने आरोप लगाया, वे कभी वापस नहीं लौटे। इसे भी पढ़ें: Nepal से Bihar पहुंची 'Viral Fish', खाने से खतरा! Health Alert जारी त्रिशूली टनल में आई आफ़त से मची तबाही छेत्री ने बताया कि कुछ देर बाद ही टनल के ऊपर से पानी और मलबे का ज़बरदस्त बहाव नीचे आने लगा। खतरा भांपते ही, वे और उनके साथी बचने के लिए टनल के एंट्री गेट की तरफ़ भागे। चार वर्कर उनके साथ एंट्री गेट तक पहुँच पाए, लेकिन छेत्री ने बताया कि उनमें से दो अभी भी लापता हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर खतरे का पता चलते ही वर्करों को बाहर निकलने का आदेश दिया गया होता, तो कई जानें बचाई जा सकती थीं। छेत्री ने बताया कि बाढ़ के बाद टनल के अंदर कई लाशें पड़ी थीं, जबकि बाहर मौजूद वर्करों को कुछ आवाज़ें भी सुनाई दे रही थीं, जिनसे लग रहा था कि कुछ लोग अभी भी ज़िंदा हैं। उन्होंने हालात को बेहद दुखद बताया और कहा कि जो लोग बच पाए, उनके सामने एक मुश्किल चुनाव था - या तो वे दूसरों को बचाने की कोशिश करते या फिर अपनी जान बचाते।
pc: kalinga tv बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन (BPSC) ने राज्य भर के सरकारी स्कूलों में 32,388 खाली टीचरों की भर्ती की घोषणा की है, एप्लीकेशन प्रोसेस 21 सितंबर से शुरू हो चुका है। यह भर्ती बिहार के एजुकेशन डिपार्टमेंट के तहत चौथा फेज़ है क्योंकि म्यूज़िक टीचर की खाली सीटों की संख्या बढ़ाने की मांग की जा रही थी। खास टीचर की पोस्ट बढ़कर 111 हो गई है। पहले यह भर्ती 1 सितंबर को होनी थी, लेकिन बाद में यह घोषणा की गई कि भर्ती का एप्लीकेशन प्रोसेस टाल दिया जाएगा। भर्ती का एडवर्टाइजमेंट अभी जारी नहीं हुआ है, कहा जा रहा है कि यह जल्द ही आ जाएगा। एग्जाम पैटर्न में बदलाव और नेगेटिव मार्किंग शुरू करने जैसी कई खास मांगों को लेकर टीचर बनने के इच्छुक उम्मीदवारों के विरोध के कारण रजिस्ट्रेशन प्रोसेस टाल दिया गया था।
UNGA जाएंगे PM Balen Shah: विनाशकारी बाढ़ के लिए भारत-चीन से मांगा Climate Damages
नेपाल ने चीन, भारत और अमेरिका को दुनिया में ग्रीनहाउस गैसें सबसे ज़्यादा उत्सर्जित करने वाले देशों में शामिल किया है। साथ ही, उसने बागमती प्रांत के कई ज़िलों में भारी तबाही मचाने वाली भोटकोशी की हालिया जानलेवा बाढ़ के लिए जलवायु मुआवज़े की मांग की है। नेपाल-चीन सीमा के पास चट्टान और बर्फ़ के बड़े हिमस्खलन से आई इस बाढ़ में कम से कम 1,127 लोगों की मौत हो गई है और लगभग 3,900 लोग लापता हैं। काठमांडू इस मामले में इतना दृढ़ है कि वह मुआवज़े की मांग को ज़ोर-शोर से उठाने के लिए प्रधानमंत्री बालेन्द्र 'बालेन' शाह को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) भेजने की योजना बना रहा है। इसे भी पढ़ें: Nepal से Bihar पहुंची 'Viral Fish', खाने से खतरा! Health Alert जारी नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा कि तीनों देशों की यह ज़िम्मेदारी है कि वे उन कमज़ोर देशों को मुआवज़ा दें जो ऐसे उत्सर्जन का नतीजा भुगत रहे हैं, जिसमें उनका योगदान बहुत कम रहा है। काठमांडू ने तुरंत आर्थिक मदद के लिए UN के 'लॉस एंड डैमेज फंड' (नुकसान और क्षति से निपटने के लिए फंड) से औपचारिक रूप से संपर्क किया है। खबरों के मुताबिक, वे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस आपदा और जलवायु न्याय की अपनी मांग को उठाने की तैयारी भी कर रहे हैं। कांतिपुर टीवी को दिए एक इंटरव्यू में खनाल ने कहा, हम अपने कूटनीतिक ढांचे को मदद से बदलकर न्याय और मुआवज़े की ओर ले जा रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Bihar के MP Devesh Thakur ने फडणवीस से मराठी में बात कर जीता दिल, Viral हुआ वीडियो हालांकि पश्चिमी देश कुल कार्बन उत्सर्जन के लिए भारत को दोषी ठहराना पसंद करते हैं, लेकिन विकसित देशों की तुलना में भारत का प्रति व्यक्ति और ऐतिहासिक योगदान बहुत कम है। 26 अगस्त को भोटेकोशी नदी बेसिन में आई विनाशकारी बाढ़ ने नेपाल के रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग ज़िलों के कुछ हिस्सों को तबाह कर दिया। नेपाल ने इसे हिमालयी सुनामी कहा है; इसमें घर, सड़कें, पुल और पनबिजली परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हो गई हैं और हज़ारों लोग विस्थापित हो गए हैं। वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले ने पिछले हफ़्ते समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि बाढ़ से हुई तबाही की भरपाई के लिए नेपाल को शायद 4-5 अरब डॉलर की ज़रूरत पड़ सकती है, जो उसकी अर्थव्यवस्था का लगभग 10% है।
मराठी में बोलते दिखे बिहार के सांसद, फडणवीस से बातचीत का वीडियो वायरल
सोशल मीडिया पर बिहार के एक सांसद का वीडियो वायरल हो रहा है, जो मराठी में बात कर रहे हैं. उनका फडणवीस से बातचीत का वीडियो वायरल है.
Nepal से Bihar पहुंची 'Viral Fish', खाने से खतरा! Health Alert जारी
बिहार सरकार ने एक हेल्थ एडवाइज़री जारी की है। इसमें लोगों से कहा गया है कि वे नेपाल से बाढ़ के पानी के साथ राज्य के कुछ हिस्सों में बहकर आई अनजान या अजीब दिखने वाली मछलियों को न खाएं, न खरीदें और न ही बेचें। यह एडवाइज़री सोमवार को डेयरी, मत्स्य पालन और पशु संसाधन विभाग के मत्स्य पालन डिवीज़न ने जारी की। यह कदम तब उठाया गया जब ऐसी मछलियां खाने से कुछ लोगों के बीमार पड़ने की खबरें सामने आईं। इसे भी पढ़ें: Bihar के MP Devesh Thakur ने फडणवीस से मराठी में बात कर जीता दिल, Viral हुआ वीडियो अधिकारियों ने कहा कि बाढ़ मछलियों को तालाबों, नदियों, झीलों और पानी के अन्य स्रोतों से बाहर निकालकर दूर तक ले जा सकती है। इस दौरान, मछलियाँ प्रदूषित नालियों, मरे हुए जानवरों और दूसरी दूषित चीज़ों के संपर्क में आ सकती हैं, जिससे उनमें बैक्टीरिया, वायरस और फंगस के संपर्क में आने का खतरा बढ़ जाता है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अनजान मछलियों को खाने के लिए सुरक्षित न मानें, जब तक कि संबंधित अधिकारियों ने उनकी सही पहचान न कर ली हो और उन्हें मंज़ूरी न दे दी हो। एडवाइजरी में लोगों से खास तौर पर कहा गया है कि वे बाढ़ के पानी से पकड़ी गई मछलियाँ न खाएँ और अनजान किस्म की मछलियाँ खरीदने या बेचने से बचें। ऐसी मछली खाने के बाद अगर किसी को उल्टी, दस्त, पेट दर्द, चक्कर आना या साँस लेने में तकलीफ़ जैसे लक्षण दिखें, तो उन्हें सलाह दी गई है कि वे तुरंत नज़दीकी हेल्थ सेंटर या अस्पताल जाकर डॉक्टर को दिखाएँ। लोगों से यह भी कहा गया है कि अगर उन्हें कोई अजीब मछली दिखे, तो वे इसकी जानकारी अपने ज़िले के फ़िशरीज़ ऑफ़िसर या स्थानीय प्रशासन को दें। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर भरोसा न करें और अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें। इसे भी पढ़ें: SC Hearing on CJP: महाराष्ट्र और बिहार समेत 4 राज्यों ने मिलाया हाथ, प्रदर्शनकारियों की FIR पर बड़ी राहत नेपाल से बहकर आए पानी की वजह से आई भारी बाढ़ के बाद गंडक नदी और उसके बाढ़ वाले इलाकों में अनजान मछलियाँ देखे जाने की खबर के बाद यह चेतावनी जारी की गई है। हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर असामान्य रूप से बड़ी कैटफ़िश के वीडियो वायरल हुए हैं। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
Bihar Flood: गंडक घर लील गई, गंगा गांवों में घुसी; बिहार की बाढ़ में रतजगा कर रहे लोग
Bihar Flood: पश्चिम चंपारण में गंडक नदी तबाही मचा रही है। कटाव की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नदी की धारा अब कई घरों से महज पांच कदम की दूरी तक पहुंच गई है। कटाव की जद में आए करीब दो दर्जन और घरों पर खतरा मंडरा रहा है।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का बेहद नजदीक आ चुकी है। कान्हा के जन्मोत्सव के लिए लोग बड़े बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। वहीं, मथुरा-वृंदावन में ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में भगवान श्री कृष्ण के जन्म के बाद होने वाली मंगला आरती को लेकर तैयारियां शुरु हो गई हैं। इस बार 4 और 5 सितंबर की मध्यरात्रि रात 1:45 बजे मंगला आरती होगी। गौरतलब है कि इस विशेष आरती के दर्शन के लिए देशभर से श्रद्धालुओं के वृंदावन पहुंचने की उम्मीद है। मंदिर समिति के अनुसार, इस बार भी मंदिर में सिर्फ 600 श्रद्धालुओं को ही प्रवेश दिया जाएगा। इससे संबंधित हाई पावर कमेटी की तरफ से पास जारी किए जाएंगे। सुबह करीब 5:30 बजे मंदिर के पट बंद किए जाएंगे जब मंगला आरती संपन्न हो जाएगी तो आम श्रद्धालुओं के लिए मंदिर में दर्शन खोल दिए जाएंगे। ठाकुर बांके बिहारी जी पूरी रात भक्तों को दर्शन देंगे। सुबह करीब 5.30 बजे मंदिर के पट बंद किए जाएंगे। फिर नियमित समय-सारिणी के अनुसार मंदिर में दर्शन होंगे। जन्माष्टमी के मौके पर वृंदावन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिलती है। बैठक में सेवायतों ने पिछली मंगला आरती के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया है। सेवायतों ने बताया कि पिछली बार मंदिर के अंदर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी नजर आएं थे। इस कारण आरती के समय पुलिसकर्मियों की मौजूदगी भी चर्चा का विषय बन गया था। व्यवस्था में बदलाव होगा मंदिर के हाई पावर कमेटी के अध्यक्ष अशोक कुमार ने कहा कि इस बार व्यवस्था में कुछ बदलाव किया जाएगा। मंदिर के अंदर पुलिसकर्मियों और सुरक्षा में तैनात सिक्योरिटी गार्ड की संख्या सीमित रखी जाएगी। जरुरत के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए मंदिर परिसर में विशेष निगरानी रखी जाएगी। बैठक में मुख्यमंत्री के आगमन पर मंदिर की व्यवस्थाओं पर भी चर्चा की गई। इस दौरान कमेटी के सदस्य सेवानिवृत जिला जज मुकेश मिश्रा, सेवायत हिमांशु गोस्वामी, रजत गोस्वामी, शैलेंद्र गोस्वामी, शैंकी गोस्वामी और मंदिर प्रबंधक मुनीश शर्मा आदि मौजूद रहे। सेवायत और यजमान भी पास से कर सकेंगे प्रवेश जन्माष्टमी के मौके पर मंगला आरती की व्यवस्था को लेकर हुई हाईपावर्ड कमेटी की बैठक में प्रवेश व्यवस्था पर विशेष चर्चा हुई। तय किया गया कि मंगला आरती में शामिल होने वालों को कमेटी की तरफ से पास जारी किए जाएंगे। इसमें मंदिर के सेवायतों के साथ उनके यजमान भी शामिल रहेंगे। बिना पास के किसी भी मंगला आरती के दौरान मंदिर में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। वहीं, मंगला आरती की कवरेज के लिए मंदिर पहुंचने वाले मीडिया कर्मियों के लिए भी पास की व्यवस्था लागू रहेगी।
बिहार में साइबर ठग शेयर बाजार में निवेश के नाम पर ठगी कर कर रहे हैं। ठगों ने नामी कंपनियों के नाम पर फर्जी ऐप और वेबसाइट बना रखा है। हैरानी की बात यह भी है कि पुलिस ने इस संबंध में केस तो दर्ज किया है लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
झारखंड-बिहार के बीच 25 साल पुराना जल विवाद खत्म, सोन नदी के पानी का बंटवारा तय; झारखंड को 2 और बिहार को 5.75 MAF पानी
निवेशकों को लुभाने में बिहार सबसे पीछे, पेटेंट में भी फिसड्डी; नीति आयोग की रिपोर्ट ने खोली विकास की पोल
Bihar News Today Live: बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 2 सितम्बर के मुख्य और ताजा समाचार
Bihar Breaking News Today Live - Read latest and breaking news today in hindi at Amarujala. यहां पढ़ें, बिहार की ताजा खबरें, राजनीति, खेल, मनोरंजन, धर्म, क्राइम और शिक्षा की खबरों का लाइव अपडेशन
Bihar Monsoon: बिहार में इस साल मानसून में बारिश भले ही कम हुई है लेकिन वज्रपात काफी ज्यादा हुआ है। वज्रपात को लेकर जागरुकता चलाने के बावजूद भी लोगों के मरने का सिलसिला नहीं थम रहा है।
गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से पटना से सटे मनेर की चार पंचायतों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। प्रखंड की किता चौहत्तर पूर्वी, पश्चिमी, मध्य एवं मगरपाल पंचायत के एक दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है।
राज्य में बारिश से जुड़े हादसों में 11 लोगों की जान चली गई है। मौसम विभाग की भारी बारिश की चेतावनी के मद्देनजर नैनीताल, अल्मोड़ा और बागेश्वर जिलों में सभी स्कूल एवं आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। हल्द्वानी में गौला नदी पूरे उफान पर है।
Bihar News: पटना में चार युवकों की मौत जहरीली शराब नहीं हुई, बल्कि साजिशन जहर दिया गया- 'अमर उजाला' ने पहले ही बताया था। अब सामने वही बात आ रही है, लेकिन केस की गवाही नहीं बल्कि प्रेम प्रसंग का एंगल पुलिस ने सामने रखा है। इसका विरोध भी हो रहा।
रायगढ़ में एक युवक पर 17 साल की नाबालिग को शादी का झांसा देकर बहला-फुसलाकर घर से भगाने और उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप है। आरोपी की नाबालिग से इंस्टाग्राम के जरिए दोस्ती हुई थी। इसके बाद वह उसे रायगढ़ से बिहार ले गया, जहां करीब 6-7 महीने तक साथ रखा। बाद में दोनों ओडिशा और फिर सारंगढ़ आकर रहने लगे। इस दौरान आरोपी ने शादी का झांसा देकर नाबालिग के साथ रेप किया। शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामला चक्रधरनगर थाना क्षेत्र का है। 25 जनवरी को घर से लापता हुई नाबालिग दरअसल, 17 मार्च 2025 को नाबालिग के पिता ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि बेटी 25 जनवरी 2025 को दोपहर में घर से बिना बताए कहीं चली गई थी। परिजनों और रिश्तेदारों के यहां तलाश करने के बाद भी उसका पता नहीं चला। जिस पर पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी पहचान जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि नाबालिग की पहचान इंस्टाग्राम के माध्यम से दिलेश्वर चौहान नामक युवक से हुई थी। दोनों के बीच कई महीनों तक इंस्टाग्राम पर मैसेज के जरिए बातचीत होती रही थी। पुलिस ने तलाश करते हुए नाबालिग को सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में आरोपी दिलेश्वर चौहान के पास से बरामद किया। पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि 25 जनवरी को युवक ने उसे मिलने के लिए बुलाया था। इसके बाद वह केवड़ाबाड़ी बस स्टैंड पहुंची, जहां दिलेश्वर मिला। युवक ने शादी करने की बात कहकर उसे अपने साथ ले लिया। बिहार ले जाकर साथ रखा आरोपी नाबालिग को बस से बिहार के गया ले गया, जहां उसके माता-पिता ईंट भट्ठे में काम करते थे। इसके बाद करीब 6-7 महीने तक दोनों बिहार में रहे। बाद में दोनों सारंगढ़ क्षेत्र में लौट आए और साथ रहने लगे। इसके बाद आरोपी मजदूरी के लिए ओडिशा चला गया, जहां नाबालिग भी उसके साथ रहने लगी। बाद में दोनों आरोपी के सारंगढ़ स्थित गांव में आकर रहने लगे। नाबालिग ने पुलिस को बताया कि इस दौरान आरोपी ने शादी का प्रलोभन देकर उसके साथ रेप किया। आरोपी गिरफ्तार, जेल भेजा मामले में पुलिस ने आरोपी दिलेश्वर चौहान के खिलाफ धारा 87, 65(1) बीएनएस और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत कार्रवाई की। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
Bihar Weather Today 2nd September: बिहार के पटना, बक्सर समेत कई जिलों में आज बारिश; मौसम का हाल
Bihar Weather Today 2nd September: बिहार में बारिश का दौर जारी है। राज्य के कई जिलों में बरस रही बारिश की बूंदों से फसलों को भी फायदा पहुंचा है। आज 12 जिलों में बारिश का अनुमान है।
सुब्रत के स्वदेशी जेट इंजन को सम्राट सरकार की हरी झंडी, बिहार में खुल सकेगी देश की पहली फैक्ट्री
सम्राट चौधरी सरकार ने नालंदा के रहटने वाले सुब्रत के स्वदेशी जेट इंजन को हरी झंडी दी है। अब अगर प्रोटोटाइप का परीक्षण सफल हुआ, तो वृहत पैमाने पर उत्पादन के लिए बिहार में देश की पहली जेट इंजन निर्माण फैक्ट्री लगाने का सपना पूरा हो सकेगा।
निवेशकों को आकर्षित करने में बिहार सबसे पीछे, नीति आयोग की रिपोर्ट से खुलासा; क्या बोले एक्सपर्ट
नीति आयोग ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि बिहार निवेशकों को लुभाने के मामले में सबसे पीछे हैं। इसी तरह पेटेंट के मामले में भी बिहार फिसड्डी रहा है। रैकिंग रिपोर्ट में बिहार 17वें स्थान पर है।
Nepal Tragedy : बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद ने नेपाल में बाढ़ से हुई त्रासदी पर भारत के रुख को 'संकटमोचक बताया है। पर्षद अध्यक्ष प्रो. रणवीर नंदन ने भारत के प्रयासों पर पीएम मोदी की सराहना की है।
बिहार में मानसून के तीन महीने बीतने के बाद बारिश का आंकड़ा सामान्य से काफी पीछे है। 31 अगस्त तक राज्य में 775.7mm बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन 469.3 mm बारिश हुई। यानी सामान्य से करीब 40% कम बारिश दर्ज की गई। इस साल मानसून की शुरुआत सामान्य समय के आसपास हुई, लेकिन इसके बाद लगातार कमजोर गतिविधि के कारण कम बारिश हुई। अब मानसून के अंतिम महीने सितंबर में भी बहुत बड़े सुधार के संकेत नहीं हैं। मानसून के 12 दिन पहले विदा होने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिक आनंद शंकर के मुताबिक, वैश्विक मौसमी परिस्थितियां इस बार मानसून के लिए ज्यादा अनुकूल नहीं रहीं। इस वजह से बिहार में मानसून कमजोर बना रहा। सितंबर में भी राज्य में बारिश का वितरण एक जैसा नहीं रहेगा। दक्षिण बिहार में सामान्य से ज्यादा, जबकि उत्तर बिहार में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। भास्कर की रिपोर्ट में जानिए, बीते तीन महीने में बारिश का ट्रेंड कैसा रहा? सितंबर में मौसम का मिजाज कैसा रहेगा? मानसून कमजोर रहने के 3 बड़े कारण क्या हैं? कम बारिश का खेती पर कितना असर पड़ा है? 11 जून को बिहार पहुंचा था मानसून इस बार बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 11 जून 2026 को दस्तक दी थी। समय से 4 दिन पहले मानसून बिहार पहुंचा था। शुरुआत के बाद कुछ समय तक बारिश की गतिविधियां बनी रहीं, लेकिन पूरे राज्य में लगातार और समान रूप से बारिश नहीं हो सकी। नतीजा जून से अगस्त तक बारिश सामान्य आंकड़े से काफी नीचे चली गई। IMD के अनुसार मानसून की वापसी सामान्य तौर पर सितंबर के बाद शुरू होती है और देश से पूरी तरह वापसी अक्टूबर के बाद होती है। तीन महीने में 40% कम बारिश बिहार में 1 जून से 31 अगस्त तक सामान्य बारिश 775.7mm होनी चाहिए थी। इसके मुकाबले सिर्फ 469.3mm बारिश दर्ज की गई। यानी राज्य में करीब 306.4 mm बारिश की कमी रही। सितंबर में उत्तर-दक्षिण बिहार का मौसम अलग रहेगा मौसम वैज्ञानिक आनंद शंकर के मुताबिक सितंबर में बिहार में मानसून की स्थिति बहुत मजबूत रहने की उम्मीद नहीं है। हालांकि राज्य के सभी हिस्सों में एक जैसा मौसम नहीं रहेगा। दक्षिण बिहार: सामान्य से ज्यादा बारिश के आसार हैं। इसमें 18 जिले (बक्सर, भोजपुर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, अरवल, पटना, गया, नालंदा, नवादा, जहानाबाद, शेखपुरा, लखीसराय, मुंगेर, जमुई, बांका, भागलपुर और बेगूसराय) शामिल हैं। उत्तर बिहार: सामान्य से कम बारिश की संभावना है। इसमें 20 जिले (पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा, सहरसा और खगड़िया) शामिल हैं। उत्तर बिहार में सितंबर में भी बारिश का वितरण असमान रहने की संभावना है। यानी किसी इलाके में अच्छी बारिश हो सकती है, जबकि कुछ जिलों में बारिश का इंतजार बना रह सकता है। मानसून कमजोर रहने के 4 बड़े कारण 1. अल नीनो का असर प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी हिस्से में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से ज्यादा रहने पर अल नीनो की स्थिति बनी। इसका असर भारत की मानसूनी हवाओं पर पड़ता है। इससे बारिश कम होती है। इस साल IMD ने भी मानसून के दौरान अल नीनो के और मजबूत होने का अनुमान जताया था। 2. मानसून के पक्ष में नहीं रहे ग्लोबल कंडीशन सिर्फ अल नीनो ही नहीं, बल्कि कई वैश्विक समुद्री और वायुमंडलीय परिस्थितियां इस साल मानसून के लिए ज्यादा अनुकूल नहीं रहीं। इससे मानसून की सक्रियता और बारिश वाले सिस्टम की ताकत प्रभावित हुई। 3. बारिश कराने वाले सिस्टम लगातार सक्रिय नहीं रहे बिहार में अच्छी बारिश के लिए निम्न दबाव क्षेत्र और मानसून ट्रफ जैसे सिस्टम का मजबूत रहना जरूरी है। इस बार ये सिस्टम लगातार सक्रिय नहीं रहे। इसलिए बारिश के बीच कई दिनों के लंबे गैप आए और मानसून कमजोर पड़ता गया। 4. बारिश का वितरण असमान रहा बारिश हुई भी तो पूरे बिहार में समान रूप से नहीं हुई। कुछ जिलों में अच्छी बारिश हुई, जबकि कई जिले लगातार कमी में रहे। जहां जरूरत थी, वहां पर्याप्त बारिश नहीं हुई। जहां हुई, वो भी राज्य के औसत आंकड़े को संभालने के लिए पर्याप्त नहीं रही। इसी वजह से 31 अगस्त तक बिहार में सामान्य से करीब 40% कम बारिश दर्ज हुई। कम बारिश का सबसे बड़ा असर किसानों पर कम बारिश का सीधा असर खरीफ फसल पर पड़ा है। धान, मक्का समेत खरीफ फसलों को जिस समय पर्याप्त नमी और पानी की जरूरत होती है, उस दौरान बारिश कम होने से सिंचाई का खर्च बढ़ा। बारिश की कमी ज्यादा लंबी चली तो उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है। कम बारिश से भूजल पर निर्भरता बढ़ी। खेतों की सिंचाई के लिए किसानों ने ज्यादा ट्यूबवेल और पंप का इस्तेमाल किया। इससे भूजल स्तर पर दबाव बढ़ा है। कम बारिश से ये 3 बड़े नुकसान 1- किसानों को नुकसान: पर्याप्त बारिश नहीं होने के चलते धान की फसल प्रभावित हुई है। धान के पौधों को बढ़ने के लिए ज्यादा पानी चाहिए। सिंचाई का खर्च बढ़ा है। 2- पानी का संकट: बारिश कम होने से जमीन में पानी का रिचार्ज कम होगा। इसका असर आगे चलकर भूजल और पेयजल उपलब्धता पर पड़ सकता है। 3- प्रदूषण बढ़ने का खतरा: बारिश वातावरण की धूल और कई प्रदूषकों को साफ करने में मदद करती है। लंबे समय तक बारिश कम होने पर धूल और प्रदूषण की समस्या बढ़ सकती है। अब जानिए किस जिले में कितनी कम हुई बारिश जहानाबाद सबसे ज्यादा प्रभावित जहानाबाद में सामान्य 647.8 mm बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन सिर्फ 250.7 mm हुई। यानी 61% (397.1 mm) कम बारिश हुई। वहीं, किशनगंज में बिहार के जिलों में सबसे ज्यादा 942.2 mm बारिश हुई, फिर भी सामान्य 1391.7 mm के मुकाबले 32% कमी रही। दोनों जिलों में बारिश का अंतर 691.5 mm रहा। यह उत्तर-पूर्वी और दक्षिण बिहार के बीच बारिश के बड़े क्षेत्रीय अंतर को दिखाता है। पटना में सामान्य से करीब 50% कम बारिश बिहार में कमजोर मानसून का असर राजधानी पटना में भी साफ दिखाई दे रहा है। पटना में सामान्य तौर पर 683.6 mm बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन 31 अगस्त तक 345.1 mm बारिश हुई है। यानी सामान्य के मुकाबले करीब 338.5 mm कम बारिश दर्ज की गई है। पटना में इस बार सामान्य बारिश की करीब आधी यानी 50.5% बारिश ही हुई, जबकि बारिश में करीब 49.5% की कमी रही। राजधानी का यह आंकड़ा बताता है कि राज्य में मानसून की स्थिति कितनी कमजोर रही है।
आरक्षण के मौजूदा प्रावधानों की समीक्षा हो या नहीं, इस पर बिहार में सियासी तकरार बढ़ गई है। चिराग पासवान और जीतन राम मांझी दलित कोटे में कोटा पर आमने-सामने हैं तो BJP के मंत्री लखेंद्र पासवान ने दोनों पर निशाना साधा है। वहीं, तेजस्वी यादव ने दोनों को जनरल सीट से चुनाव लड़ने का चैलेंज दे दिया है। जबकि, उनकी पार्टी RJD के बिहार अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल ने रिजर्वेशन में रिव्यू की मांग की है। रिजर्वेशन पर बढ़ते तकरार के बीच आज बूझे की नाही में…जानिए, दलित और OBC के बनने और देश में रिजर्वेशन लागू होने की कहानी…। 7 अगस्त 1990। दोपहर का वक्त। लोकसभा में तत्कालीन प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह (वीपी सिंह) अपना भाषण देने के लिए खड़ा हुए। उन्होंने भाषण की शुरुआत में ही अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए केंद्रीय नौकरियों में 27% आरक्षण लागू करने का ऐलान कर दिया। सीनियर जर्नलिस्ट नीरजा चौधरी की 'हाउ प्राइम मिनिस्टर्स डिसाइड' और रामचंद्र गुहा की 'इंडिया आफ्टर गांधी' किताब के मुताबिक… 'गोपालगंज टू रायसीना: माई पॉलिटिकल जर्नी' में RJD सुप्रीमो लालू यादव ने लिखा है... संकर्षन ठाकुर अपनी किताब 'Subaltern Saheb: Bihar and the Making of Laloo Yadav' में लिखते हैं, ‘उस वक्त वीपी सिंह की सरकार में शरद यादव कपड़ा प्रसंस्करण मंत्री तथा राम विलास पासवान श्रम एवं कल्याण मंत्री थे। दोनों लगातार सरकार पर मंडल कमीशन की रिपोर्ट लागू करने का दबाव बना रहे थे। जब देवी लाल ने सरकार से अलग होकर रैली का ऐलान किया, तो दोनों नेताओं ने वीपी सिंह को यह अहसास कराया कि मंडल कमीशन की रिपोर्ट लागू करने से उन्हें पिछड़े वर्गों का अटूट समर्थन मिलेगा, जिससे देवी लाल का दबदबा खत्म हो जाएगा।’ देशभर में हुआ विरोध, लेकिन नहीं झुकी सरकार 1989 लोकसभा चुनाव में मंडल कमीशन की सिफारिशें लागू करने का वादा करके सत्ता में आए वीपी सिंह ने जैसे ही इसे लागू किया पूरे देश में विरोध शुरू हो गया, लेकिन सरकार नहीं झुकी और 13 अगस्त को इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी। इसके बाद पूरे देश में आरक्षण विरोधी आंदोलन और तेज हो गए। वीपी सिंह के लिए लगने वाले नारे, 'राजा नहीं फकीर है, देश की तकदीर है' अब 'राजा नहीं रंक है, देश का कलंक है', में बदल चुके थे। एक विरोध प्रदर्शन में दिल्ली यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट राजीव गोस्वामी ने खुद को आग लगा ली। 16 नवंबर 1992 को सुप्रीम कोर्ट की 9 जजों की बेंच ने सरकार के इस फैसले पर मुहर लगा दी, जिसके बाद इसे पूरी तरह से लागू कर दिया गया। दरअसल… पूर्व राष्ट्रपति अपनी किताब 'द कोएलिशन इयर्स' में लिखते हैं… मंडल कमीशन ने दिसंबर 1980 में अपनी रिपोर्ट पेश की। इसमें विभिन्न धर्मों से करीब साढ़े तीन हजार पिछड़े समूह चिह्नित किए गए। कमीशन ने सरकारी नौकरियों में इन्हें 27% आरक्षण देने की सिफारिश की। अभिनव चंद्रचूड़ अपनी किताब 'दीज सीट्स आर रिजर्व्ड: कास्ट, कोट्स एंड द कॉन्स्टिट्यूशन ऑफ इंडिया' में लिखते हैं... कमेटी ने किसी जाति को पिछड़े वर्ग से हटाने की भी व्यवस्था दी। इसके लिए पिछड़ा वर्ग बोर्ड बनाने के लिए 3 शर्तें रखी गईं.. बॉम्बे सरकार ने मई 1933 में कमेटी की सिफारिशें लागू कर दीं। पिछड़े वर्ग को 1945-46 तक मुख्यतः 4 लाभ दिए गए... साल 1934 में संबंधित विभाग की सालाना रिपोर्ट में शोषित वर्ग के लिए पहली बार 'अनुसूचित वर्ग' शब्द का इस्तेमाल किया गया। इसके बाद भारत सरकार अधिनियम, 1935 में 'शोषित (अछूत) वर्ग' को 'अनुसूचित जाति' कहा गया। साथ ही अनुसूचित जातियों के लिए प्रांतीय विधान परिषदों में कुल 151 सीटें (पूना समझौते से तीन अधिक) और केंद्रीय विधायिका की 25 सीटें आरक्षित कर दी गईं। सरकारी नौकरियों में मुसलमानों के लिए 25% सीटें पहले से ही आरक्षित थीं। ऐसे में योग्यता के आधार पर अनुसूचित जातियों को सरकारी नौकरियों में आरक्षण भी तय हुआ। …जब दलितों पर भिड़े गांधी और अंबेडकर दलितों को रिजर्वेशन देने के फैसले से पहले एक दिलचस्प वाक्या हुआ था। दरअसल, ब्रिटिश सरकार ने 16 अगस्त 1932 को दलितों को लिए अलग निर्वाचन मंडल की घोषणा की थी। इसके विरोध में महात्मा गांधी ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री रैमसे मैक्डोनाल्ड को लिखी चिट्टी में कहा कि वे अपनी जान देकर भी इसका विरोध करेंगे। आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की मांग बड़ी लंबी रही है। मंडल आयोग ने भी इसकी अनुशंसा की थी। 2019 में आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू होने से पहले 21 बार प्राइवेट मेंबर बिल लाया जा चुका था। नरसिम्हा राव सरकार ने भी 1992 में इसके लिए नोटिफिकेशन जारी किया था, लेकिन संविधान में आर्थिक आधार पर आरक्षण का प्रावधान न होने से सुप्रीम कोर्ट ने इसे निरस्त कर दिया था। मोदी सरकार ने इसके लिए 2019 में 103वां संविधान संशोधन किया। इससे संविधान में आर्टिकल 15(6) जोड़कर राज्य को आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए कानून बनाने का अधिकार दिया गया। वहीं, आर्टिकल 16 (6) जोड़कर EWS को 10% आरक्षण देने का प्रावधान किया गया। सरकार के इस फैसले के खिलाफ भी सुप्रीम कोर्ट में 40 से अधिक याचिकाएं दाखिल हुईं। दलील दी गई कि EWS आरक्षण संविधान के मूल ढांचे के खिलाफ है, लेकिन नवंबर 2022 में फैसला सुनाते हुए संविधान पीठ ने इसे वैध घोषित कर दिया। 1947 में देश की आजादी के बाद भी आरक्षण की कहानी जारी रही। संविधान सभा में सवाल उठा कि आजादी के बाद आरक्षण की जरूरत क्या है? सभी देशवासी मिलकर देश चलाएंगे। आरक्षण के विरोध में उठते स्वरों को देख एक सलाहकार समिति गठित की गई। समिति ने विधानसभाओं में अनुसूचित जातियों को आरक्षण दिए जाने की सिफारिश की। चर्चा के दौरान मद्रास से निर्वाचित एस. नागप्पा ने कहा, 'मैं आरक्षण खत्म के लिए तैयार हूं, बशर्ते हरिजन परिवारों को 10 एकड़ दलदली और 20 एकड़ सूखी जमीन मिले। हरिजन बच्चों को यूनिवर्सिटी स्तर तक की शिक्षा फ्री हो। सिविल और सेना में प्रमुख पदों का पांचवां हिस्सा उन्हें दिया जाए।' संविधान सभा में आरक्षण देने के आधार पर भी बहस हुई। केएम मुंशी ने शैक्षणिक और सामाजिक रूप से पिछड़े लोगों को इसमें शामिल करने की मांग की। इन सबके बाद भी लंबी बहस चली और अंत में तय हुआ कि आर्थिक आधार पर आरक्षण देना ठीक नहीं है क्योंकि इसका उद्देश्य गरीबी हटाना नहीं बल्कि छुआछूत जैसे भेदभाव को खत्म करना है। संविधान सभा में तय हुआ कि जातियों को उनके सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ेपन के आधार पर आरक्षण दिया जाएगा। अब सवाल था कि आरक्षण कब तक दिया जाना चाहिए? इस पर संविधान सभा के सदस्य हृदयनाथ कुंजरू ने कहा कि संविधान लागू होने के बाद 10 साल तक आरक्षण देने में कोई बाधा नहीं होगी, लेकिन ये प्रावधान हमेशा के लिए नहीं लागू होने चाहिए। समय-समय पर इसकी जांच होनी चाहिए कि पिछड़े तबके की स्थिति में बदलाव आ रहा है या नहीं। कुछ अन्य सदस्यों ने इस पर सहमति जताई। साथ ही राय दी कि जरूरत पड़ने पर इस अवधि को आगे बढ़ाने का भी प्रावधान हो। वहीं, कुछ सदस्यों का मत था कि आरक्षण हमेशा के लिए लागू किया जाए। डॉ. भीमराव अंबेडकर ने इस पर अपना पक्ष रखते हुए कहा, 'मुसलमानों को 1892 से और ईसाईयों को 1920 से सुविधाएं मिली हुई हैं। अनुसूचित जाति को 1937 से ही कुछ लाभ मिल रहे हैं। इसलिए उन्हें ज्यादा लंबे वक्त सुविधाएं दी जानी चाहिए। चूंकि एक बार में 10 साल तक के लिए रिजर्वेशन का प्रस्ताव पास हो चुका है, तो मैं इसे स्वीकार करता हूं। हालांकि इसे बढ़ाने का ऑप्शन हमेशा रहना चाहिए।' इस तरह तय हुआ कि हर 10 साल बाद रिजर्वेशन की समीक्षा होगी और तय होगा कि इसे आगे जारी रखना है या नहीं। गौरतलब है कि 10 साल की यह व्यवस्था सिर्फ राजनीतिक आरक्षण यानी संसद और विधानसभा सीटों के लिए निर्धारित की गई है। नौकरी और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण की समय सीमा का उल्लेख संविधान में नहीं है।
मध्य प्रदेश के चित्रकूट में मंदाकिनी खतरे के निशान से करीब 2 मीटर ऊपर बह रही है। रामघाट में करीब 400 दुकानें और 20-25 होटल डूब गए हैं। 36 गांवों को अलर्ट किया गया है। यूपी में सहारनपुर में भारी बारिश से बरसाती नदी में सैलाब आ गया। पुल और सड़कें डूब गईं। वहीं, चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का पानी घुटनों से ऊपर बह रहा है। 500 दुकानों और 20-25 होटलों में पानी भर गया है। बिहार के पटना में मंगलवार को हुई तेज बारिश से कई इलाकों में पानी भर गया। मौसम विभाग ने पटना समेत प्रदेश के 14 जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। उत्तराखंड में मंगलवार को बारिश से जुड़ी घटनाओं में 11 लोगों की मौत हो गई। भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए नैनीताल, अल्मोड़ा और बागेश्वर में आज सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे। सैटेलाइट मैप में देखें मानसूनी बादलों की स्थिति देशभर से मौसम की तस्वीरें
नेपाल की बाढ़ से बिहार में आ पहुंची खतरनाक मछलियां, सरकार ने जारी की चेतावनी!
नेपाल की बाढ़ से बिहार में आ पहुंची खतरनाक मछलियां, सरकार ने जारी की चेतावनी!
Mau-Phephna National Highway will be connected to the Greenfield Expressway
नेपाल की बाढ़ ने बढ़ाई बिहार की चिंता, शव-मलबा और दूषित पानी के साथ मंडराया महामारी का खतरा
बिहार में गंडक और कोसी नदियों के बढ़ते जलस्तर के साथ दूषित मलबा, मृत जीव और गंदगी आने से जलजनित व संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है.
BPSC TRE 4 Vacancy: चौथी बिहार शिक्षक भर्ती के लिए नया अपडेट, 21 सितंबर से शुरू हो सकता है आवेदन
BPSC TRE 4 Vacancy: BPSC द्वारा चौथी चरण शिक्षक भर्ती (TRE-4.0) के तहत संशोधित नोटिफिकेशन और आवश्यक संशोधनों के बाद आवेदन प्रक्रिया 21 सितंबर 2026 से शुरू होने की संभावना जताई गई है।
बीसी राय ट्रॉफी: राजस्थान ने बिहार को 7-1 से हराया, हर्षवर्धन की हैट्रिक
नारायणपुर में आयोजित नेशनल जूनियर फुटबॉल चैंपियनशिप के पहले मैच में राजस्थान ने दबदबा बनाते हुए शानदार जीत के साथ अभियान शुरू किया।
महिला ने दिल्ली से 3 साल के बच्चे को किया अगवा, बिहार से ढूंढ लाई पुलिस
दिल्ली पुलिस ने 3 साल के लापता बच्चे को बिहार के मुंगेर से बरामद किया है. सीसीटीवी के आधार पर पुलिस ने जांच की और आरोपी महिला को बच्चे समेत पकड़ लिया. महिला ने पूछताछ में बताया कि उसने बेटे की चाह में बच्चे को किडनैप कर लिया था. महिला ने बताया कि 6 बेटियों के बाद वो संतान पैदा नहीं कर पा रही थी जिसके बाद उसने ये कदम उठाया.
भागलपुर जिले के राघोपुर में गंगा के भीषण कटाव से मंगलवार को दुर्गा मंदिर नदी में समा गया। यहां गंगा नदी अंदर ही अंदर कटाव कर रही है। स्थिति भयावह बनी हुई है। डिप्टी सीएम विजय चौधरी दिल्ली में बैठक बीच में ही छोड़ बिहार लौट गए हैं।
Kal Ka Mausam 2 September: बिहार के 7 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, बिजली गिरने की भी चेतावनी
Kal Ka Mausam: बिहार में मानसून सक्रिय है और अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।
Weather update for September 2nd: देश के अलग अलग इलाकों में मानसून के एक्टिव होने की वजह से भारी बारिश का दौर देखने को मिल रहा है। इसी बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 2 सितंबर के लिए मौसम का ताजा पूर्वानुमान जारी किया है। IMD ने देश के 15 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मध्यम से मूसलाधार बारिश का अलर्ट दिया है। कम दबाव के क्षेत्र और सक्रिय मानसूनी प्रणालियों के चलते देश के मैदानी, पहाड़ी और तटीय इलाकों में 2 सितंबर को बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली कड़कने का खतरा बना रहेगा।उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश की चेतावनीमौसम विभाग के मुताबिक 2 सितंबर को उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का प्रकोप सबसे अधिक रहेगा। IMD ने इन तीनों राज्यों में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही इन क्षेत्रों में बिजली कड़कने और गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है। इसे देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।दिल्ली, यूपी, बिहार और झारखंड समेत मैदानी राज्यों का हालदिल्ली समेत उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भी 2 सितंबर को बारिश की गतिविधियां तेजी पकड़ेंगी। मौसम विभाग ने दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, विदर्भ और पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। इसके अलावा बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल और पूर्वी राजस्थान में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की आशंका व्यक्त की गई है।पहाड़ी राज्यों और पूर्वोत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसमपहाड़ी क्षेत्रों की बात करें तो उत्तराखंड के अलावा हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के इलाकों में भारी बारिश के साथ-साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है। वहीं पूर्वोत्तर भारत में भी मानसूनी बारिश का तांडव जारी रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक का दौर बना रहेगा।तटीय क्षेत्रों में तूफानी हवाओं की चेतावनी और समुद्र का हालदक्षिण भारत और तटीय इलाकों में भी मौसम का मिजाज बदला रहेगा। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, ओडिशा और रायलसीमा में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और आकाशीय बिजली कड़कने का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और मजबूत सतही हवाएं चलने का अनुमान है।समुद्री गतिविधियों को लेकर IMD ने बताया है कि अरब सागर में सोमालिया व ओमान के तटों के साथ-साथ पश्चिम-मध्य, दक्षिण-पश्चिम और उत्तर व पूर्व-मध्य अरब सागर में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं, जो बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। इसी तरह बंगाल की खाड़ी में दक्षिण तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी और दक्षिण श्रीलंका से सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में भी 45 से 55 किमी प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने मछुआरों को इन तटीय और समुद्री क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी है।
अयोध्या मछली भोज विवाद: CM Yogi के बयान पर Ajay Rai ने किया मानहानि का केस, गरमाई UP की सियासत
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ लखनऊ के सिविल कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर किया है। अजय राय ने योगी के उस बयान को आधार बनाया है, जिसमें अयोध्या में आयोजित निषाद सम्मेलन के दौरान उनके मछली खाने को लेकर टिप्पणी की गई थी। अयोध्या में निषाद समुदाय के एक कार्यक्रम में मछली पकाए जाने का एक कथित वीडियो विवाद का केंद्र बन गया था। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य कांग्रेस प्रमुख अजय राय पर दावत में शामिल होने का आरोप लगाया था, जबकि विपक्ष के नेता ने उन्हें इसका सबूत दिखाने की चुनौती दी थी। इसे भी पढ़ें: UPA के 'Fragile Five' से 7.8% GDP ग्रोथ तक: Ravi Shankar Prasad ने PM Modi के आर्थिक प्रबंधन को सराहा राय पर दो तरह से हमला किया गया। पहला यह कि रविवार को हुई दावत अयोध्या में थी, जहाँ राम मंदिर के 15 किलोमीटर के दायरे में मांसाहारी भोजन पर रोक है। दूसरा यह कि यह हिंदू पवित्र महीने श्रावण (या सावन) के दौरान हुआ, जब कई श्रद्धालु मांस नहीं खाते हैं। राय ने हनुमानगढ़ी मंदिर के दर्शन किए और हनुमान चालीसा का पाठ किया। इसके बाद उन्होंने राम मंदिर में पूजा की और अयोध्या जिले में ही लगभग 30 किलोमीटर दूर तरुन गए, जहाँ स्थानीय निषाद समुदाय की बैठक हो रही थी। इसे भी पढ़ें: SP MLC Lal Bihari Yadav के 'कुत्ते' वाले बयान पर UP Politics में बवाल, BJP ने लोकतंत्र का अपमान बताया रायबरेली में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आदित्यनाथ ने राय पर निशाना साधा और कहा कि आपने कल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष का व्यवहार देखा। वे दर्शन के लिए हनुमानगढ़ी जाते हैं और बाहर आकर मछली की दावत का आनंद लेते हैं और फिर 'राम-राम' का नारा लगाते हैं। बेशर्मी की भी एक हद होती है। आपको मंदिर जाने के लिए किसने कहा? आप अयोध्या के बाहर जो चाहें खा सकते थे। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के व्यवहार से गिरगिट भी शर्मिंदा हो जाएगा। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की फिल्म द वन की कहानी बिहार के एक पुराने मंदिर पर बेस्ड है। जानें इस मंदिर के बारे में ऐसी बातें जिन्हें पढ़कर आप भी हैरान हो जाएंगे।
Who is Subrat Shandilya: बिहार के युवा इंजीनियर सुब्रत शांडिल्य 2 किलो न्यूटन क्षमता का स्वदेशी व किफायती कॉम्पैक्ट जेट इंजन बना रहे हैं। चयन होने पर बिहार में देश का पहला जेट इंजन निर्माण कारखाना बनेगा।
तेजस्वी का सरकार पर हमला; बिहार में पुलिस राज का आरोप, आरक्षण को लेकर मांझी, चिराग पर साधा निशाना
Patna, 1 सितंबर . राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने Tuesday को एनडीए Government पर बिहार में Policeिया अत्याचार बढ़ने और आरक्षण के मुद्दे पर पिछड़े, दलित एवं वंचित वर्गों के साथ न्याय नहीं करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि बिहार को Police राज्य बनाने ... Read more
जमुई में मंगलवार को एक दिवसीय जिला स्तरीय नियोजन-सह-व्यावसायिक मार्गदर्शन मेले का आयोजन किया गया। युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के तत्वावधान में जिला नियोजनालय, जमुई द्वारा आयोजित इस मेले का उद्घाटन जिलाधिकारी नवीन ने किया। इसका उद्देश्य जिले के बेरोजगार युवक-युवतियों को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और विभिन्न रोजगारपरक योजनाओं की जानकारी देना है। आयोजकों ने मेले में करीब 750 अभ्यर्थियों के चयन का लक्ष्य रखा है। रोजगार मेले से जुड़ी तस्वीरें देखिए…. मौके पर ही ऑफर लेटर देने की व्यवस्था मेले में 26 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं। इनमें विभिन्न कंपनियों और संस्थानों द्वारा तकनीकी एवं गैर-तकनीकी क्षेत्र, सेल्स, मार्केटिंग, मैन्युफैक्चरिंग सहित कई अलग-अलग पदों पर युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी नवीन ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं को रोजगार मिलने से जमुई और बिहार की आर्थिक प्रगति होगी। जिला नियोजनालय के अनुसार, मेले में देश और राज्य की कई प्रतिष्ठित नियोजक कंपनियां भाग ले रही हैं। अभ्यर्थियों का चयन संबंधित नियोजकों द्वारा निर्धारित मापदंडों और साक्षात्कार के आधार पर किया जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों को मौके पर ही ऑफर लेटर देने की व्यवस्था भी की गई है। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं अभ्यर्थी मेले में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को अपने साथ शैक्षणिक एवं अन्य प्रमाण-पत्र, बायोडाटा और पासपोर्ट साइज फोटो लाने को कहा गया है। रोजगार मेले में भाग लेने के लिए बिहार रोजगार सेवा पोर्टल पर निबंधन की सुविधा भी उपलब्ध है। इच्छुक अभ्यर्थी https://detjob.bihar.gov.in/registration पर ऑनलाइन निबंधन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, रोजगार मेले में बिहार सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा संचालित महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी देने के लिए भी स्टॉल लगाए गए हैं। अधिकारियों ने युवाओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में मेले में पहुंचकर उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाएं। जिला नियोजनालय ने स्पष्ट किया है कि यह रोजगार मेला पूर्णतः निःशुल्क है।
गोपालगंज में गुड़ उद्योग को बढ़ावा देने के लिए 'बिहार राज्य गुड़ उद्योग प्रोत्साहन कार्यक्रम' शुरू किया गया है। इसके तहत जिले के चार प्रमुख प्रखंडों के चयनित गांवों में नई गुड़ उत्पादन इकाइयां स्थापित करने वाले निवेशकों को पूंजी लागत पर 50 प्रतिशत तक की वित्तीय सब्सिडी दी जाएगी। इस पहल का उद्देश्य गन्ना किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करना है। 0.5 से 20 TCD क्षमता वाली इकाई पर 6 लाख तक अनुदान योजना के तहत गुड़ उत्पादन इकाइयों को उनकी पेराई क्षमता (TCD) के आधार पर दो श्रेणियों में बांटा गया है। लघु गुड़ इकाई की क्षमता 0.5 से 20 TCD तक होगी। ऐसी इकाइयों को कुल पूंजी लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम 6 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा। 21 से 40 TCD की इकाई पर 15 लाख तक सब्सिडी दूसरी श्रेणी में मध्यम गुड़ इकाई को रखा गया है, जिसकी क्षमता 21 से 40 TCD होगी। इन इकाइयों को कुल पूंजी लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम 15 लाख रुपये तक का अनुदान प्रदान किया जाएगा। गोपालगंज के इन 4 प्रखंडों में लागू होगी योजना यह योजना गोपालगंज जिले के चार प्रखंडों के चयनित गांवों में लागू की गई है। इनमें भोरे, कटेया, विजयीपुर और पंचदेवरी शामिल हैं। इन क्षेत्रों में गुड़ उत्पादन इकाइयां स्थापित होने से स्थानीय स्तर पर गन्ने की खपत बढ़ने की उम्मीद है। ऑनलाइन करना होगा आवेदन, प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी अपलोड करनी होगी इच्छुक निवेशक और उद्यमी गन्ना विकास विभाग के आधिकारिक पोर्टल CCS.bihar.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए 'गुड़ उद्योग प्रोत्साहन कार्यक्रम' के तहत नया पंजीकरण करना होगा। आवेदन के दौरान आवश्यक जानकारी, भूमि संबंधी दस्तावेज और प्रोजेक्ट रिपोर्ट अपलोड करनी होगी। विभागीय समीक्षा के बाद आवेदन प्रक्रिया पूरी की जाएगी। किसानों को बेहतर मूल्य और युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर गोपालगंज के गन्ना उत्पादक क्षेत्रों में गुड़ इकाइयों की स्थापना से किसानों को गन्ने का बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है। साथ ही, स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। इच्छुक उद्यमी समय रहते ऑनलाइन आवेदन कर योजना का लाभ उठा सकते हैं।
नेपाल की बाढ़ से बिहार पहुंची अजीब मछलियां, खाने से बीमार पड़ने का खतरा; जानें लक्षण
प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि बाढ़ के पानी में बहकर आईं अनजान या संदिग्ध दिखने वाली मछलियों को न पकड़ें, न खरीदें-बेचें और न ही उनका सेवन करें।
नेपाल में आई बाढ़ का असर भारत के कुछ राज्यों में भी दिखाई दे रहा है। बिहार के बगहा में बाढ़ के बाद प्रशासन ने लोगों को अनजान मछलियों से दूर रहने की सलाह दी है। ये मछलियों नेपाल से बाढ़ के पानी के साथ बहकर आई है। बाढ़ के पानी के साथ कुछ अनजान मछलियां स्थानीय तालाबों और दूसरे जलस्रोतों में पहुंच गई हैं। प्रशासन ने इन मछलियों को खाने से मना किया है। बिहार के पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग ने लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ये सलाह जारी की है। ऐसी मछलियों को खाने के बाद कुछ लोगों के बीमार होने की शिकायत सामने आई है।नेपाल से आने वाली नदियों में पानी बढ़ने के कारण बगहा के कुछ इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने और बाढ़ के पानी के साथ आई अनजान मछलियों को खाने से बचने की अपील की है।SDM ने जारी की एडवाइजरीबगहा की SDM चांदनी कुमारी ने ऐसी मछलियों को लेकर लोगों को सावधान किया है। यह चेतावनी उन खबरों के बाद जारी की गई, जिनमें इन मछलियों को खाने के बाद कुछ लोगों के बीमार होने की जानकारी सामने आई थी। प्रभात खबर की एक रिपोर्ट के मुताबिक SDM ने कहा, बाढ़ के पानी के साथ कुछ ऐसी मछलियां भी स्थानीय तालाबों और जलस्रोतों में पहुंच गई हैं, जो वहां आमतौर पर नहीं मिलतीं। अधिकारियों के अनुसार, इन मछलियों को खाने के बाद कुछ लोगों की तबीयत खराब होने की शिकायत सामने आई है। इसके बाद प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और बिना पहचान वाली मछलियों का सेवन न करने की सलाह दी है।क्यों नहीं खाना चाहिएअधिकारियों के मुताबिक, बाढ़ के तेज पानी में मछलियां तालाब, नदी और झील जैसे अपने सामान्य स्थानों से दूर चली जाती हैं। इस दौरान उनका संपर्क गंदे नालों, मरे हुए जानवरों और अन्य दूषित चीजों से हो सकता है, जिससे उनमें हानिकारक बैक्टीरिया और दूसरे संक्रमण फैलाने वाले जीव मौजूद हो सकते हैं। इसलिए प्रशासन ने लोगों से बाढ़ के पानी से पकड़ी गई मछलियों को खाने मना किया है। विभाग के मुताबिक, जब तक बाढ़ का पानी पूरी तरह उतर नहीं जाता और इलाके के हालात सामान्य नहीं हो जाते, तब तक ऐसी मछलियों से दूरी बनाना ही सुरक्षित है।इन समस्याओं को नजरअंदाज ना करेंप्रशासन ने लोगों से अनजान मछलियां दिखने पर खुद कार्रवाई करने के बजाय इसकी सूचना मत्स्य अधिकारी या स्थानीय प्रशासन को देने की अपील की है। साथ ही, अफवाहों से बचने और बाढ़ के पानी से मिली चीजें खाने में सावधानी बरतने को कहा है। प्रशासन ने लोगों से कहा कि अगर अनजान मछली खाने के बाद उल्टी, दस्त, पेट में दर्द, चक्कर या सांस लेने में परेशानी जैसी शिकायत हो, तो इसे नजरअंदाज न करें। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर घर पर ठीक होने का इंतजार करने के बजाय तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल जाकर डॉक्टर से सलाह लें।
BPSC TRE 4.0: बिहार में शिक्षक भर्ती परीक्षा 4.0 (TRE 4.0) के लिए अवेदन प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद लगाए उम्मीदवारों के लिए यह खबर बड़ा झटका है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने टीआरई 4.0 के लिए आवेदन प्रकिया स्थगित कर दी है। 1 सितंबर से शुरू होने वाली शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया को बीपीएससी ने प्रोसिजरल बदलावों का हवाला देते हुए स्थगित कर दिया है। बीपीएससी टीआरई 4.0 के माध्यम से बिहार के स्कूलों में 32,388 शिक्षकों की भर्ती होनी है।आयोग ने अभी आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के लिए नई तारीख नहीं बताई है। आयोग की ओर से जारी आधिकारिक नोटिस में कहा गया है कि बीपीएएसी टीआरई 4.0 भर्ती 2026 के लिए आवेदन की नई तारीखें जल्द ही घोषित की जाएंगी। उम्मीदवारों को अपडेट के लिए आयोग की आधिकारिक वेबसाइट bpsc.bihar.gov.in देखते रहना चाहिए। उम्मीद है कि आयोग अपने आधिकारिक भर्ती नोटिस के जरिए बदली हुई तारीखों की घोषणा करेगा। कैंडिडेट्स को अपने आवेदन जमा करने या भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी दूसरी तैयारी करने से पहले अपडेट के लिए बीपीएससी वेबसाइट देखते रहना चाहिए। ताजा नोटिस 31 अगस्त, 2026 का है, और इसे बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन, पटना के एग्जामिनेशन कंट्रोलर ने जारी किया है। विज्ञापन सं.-14/2026, चतुर्थ चरण के विद्यालय अध्यापक भर्ती परीक्षा (TRE-4.0) के तहत शिक्षा विभाग, बिहार के अन्तर्गत विद्यालय अध्यापक के कुल- 32,388 रिक्त पदों पर नियुक्ति हेतु ऑनलाइन आवेदन करने की निर्धारित प्रक्रिया, जो दिनांक - 01.09.2026 से प्रस्तावित है, प्रक्रियात्मक बदलाव… pic.twitter.com/PhjJT9dCZV— Bihar Public Service Commission (@BPSCOffice) August 31, 2026 22 सितंबर को शुरू होनी थी परीक्षाबिहार लोक सेवा आयोग ने पहले बताया था कि टीआरई 4.0 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 1 सितंबर से शुरू होगी और 30 सितंबर 2026 अंतिम तिथि होगी। फीस पेमेंट विंडो एक दिन पहले, 29 सितंबर 2026 को बंद होने वाली थी। लिखित परीक्षा का आयोजन 22 से 27 सितंबर 2026 के बीच किया जाना था। आवेदन प्रक्रिया स्थगित करने के बाद अब पूरा शेड्यूल बदलेगा।क्या है बीपीएससी टीआरई 4.0?बीपीएससी टीआरई बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा का चौथा चरण है। इसे बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा बिहार सरकार के शिक्षा विभाग के तहत शिक्षक पदों को भरने के लिए आयोजित किया जाता है। इस भर्ती में कक्ष 1 से कक्षा 12 तक के शिक्षक पद शामिल हैं। आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को जरूरी एकेडमिक क्वालिफिकेशन के साथ वैलिड सीटीईटी, बीटीईटी, या एसटीईअी सर्टिफिकेट की जरूरत होती है।IOB SO Recruitment 2026: आईओबी करेगा जनरलिस्ट और स्पेशलिस्ट ऑफिसर के बंपर पदों पर भर्ती, जानें कैसे करना है आवेदन
समाजवादी पार्टी के MLC लाल बिहारी यादव की पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के बारे में की गई एक विवादित टिप्पणी से उत्तर प्रदेश में राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। उनके बयान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला सामने आया। एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यादव ने कहा कि हालात चाहे जैसे भी हों, वोटर्स को अखिलेश यादव का समर्थन करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा इससे कोई फर्क नहीं पड़ता; अगर वह किसी कुत्ते के गले में भी घंटी बांध दें, तब भी आपको उन्हें ही वोट देना होगा, क्योंकि वही आपकी समस्याओं का समाधान करेंगे। उस व्यक्ति के बारे में भूल जाइए, वह व्यक्ति बहुत महान है। इन बयानों पर राजनीतिक पार्टियों की तीखी प्रतिक्रिया आई है; बीजेपी ने एसपी नेता पर लोकतंत्र का अपमान करने का आरोप लगाया है, जबकि समाजवादी पार्टी ने इस विवाद से खुद को अलग करने की कोशिश की है। इसे भी पढ़ें: Akhilesh Yadav का UP STF पर बड़ा हमला: बोले- यह 'स्वजातीय टॉर्चर फ़ोर्स' है बीजेपी नेता आलोक अवस्थी ने इस बयान को लेकर एसपी एमएलसी पर तीखा हमला बोला। अवस्थी ने कहा जल्द ही, सभी कुत्ते पट्टे बंधे हुए एसपी दफ्तर के बाहर खड़े होंगे। इससे ज़्यादा लोकतंत्र का अपमान कोई नहीं कर सकता। जनता हमें चुनावों में जवाब देगी। वहीं, एसपी नेता दीपक रंजन ने इस विवाद को ज़्यादा तूल नहीं दिया और कहा कि इस बयान को ज़रूरी नहीं कि पार्टी से ही जोड़ा जाए। रंजन ने कहा लोकतंत्र में जनता के पास रिकॉर्ड होता है कि कौन जीतता है, और हमें इस बात पर नहीं पड़ना चाहिए कि उन्होंने क्या कहा या क्या नहीं; ये उनके निजी बयान हो सकते हैं। इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने इस बयान पर बीजेपी की आपत्ति पर सवाल उठाए। इसे भी पढ़ें: यूपी में राजनीतिक इतिहास की सबसे भ्रष्ट सरकार चल रही है: अखिलेश यादव राजपूत ने कहा, बीजेपी को इस बयान से क्या दिक्कत है? वे आपस में बात कर रहे हैं। आपके नेताओं को ठाकुरों और पंडितों के दलित बनने से कोई दिक्कत नहीं है। बीजेपी को दूसरे नेताओं से दिक्कत है। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब अखिलेश यादव ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले बूथ-स्तर पर अभियान शुरू किया है। वे बीजेपी सरकार पर तीखे हमले कर रहे हैं और इसे राज्य के इतिहास की सबसे भ्रष्ट सरकार बता रहे हैं। समाजवादी पार्टी (SP), जिसने 2022 के विधानसभा चुनावों में 111 सीटें जीती थीं, 2024 के लोकसभा चुनावों में मिली सफलता को आगे बढ़ाना चाहती है। लोकसभा चुनावों में पार्टी 37 सीटों के साथ उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ग्रेटर नोएडा से दिल्ली जा रही एक स्लीपर बस में 17 साल की लड़की के साथ कथित गैंगरेप की घटना को लेकर केंद्र, दिल्ली और उत्तर प्रदेश सरकारों की आलोचना की। गांधी ने इस बात पर पुलिस की नाकामी की आलोचना की कि स्लीपर बर्थ पर पर्दे लगे होने के बावजूद बस को किसी भी चेकपॉइंट पर नहीं रोका गया। उन्होंने इसे दिल्ली में 2012 के निर्भया मामले के बाद भी महिलाओं की सुरक्षा करने में सरकार की अक्षमता का सबूत बताया। इसे भी पढ़ें: SP MLC Lal Bihari Yadav के 'कुत्ते' वाले बयान पर UP Politics में बवाल, BJP ने लोकतंत्र का अपमान बताया X पर एक पोस्ट में गांधी ने लिखा कि दिल्ली-NCR महिलाओं के लिए इतना असुरक्षित हो गया है कि ग्रेटर नोएडा से दिल्ली आ रही एक स्लीपर बस में एक नाबालिग लड़की के साथ 47 किलोमीटर तक गैंगरेप हुआ। हैरानी की बात है कि न तो दिल्ली पुलिस और न ही नोएडा पुलिस को इसकी ज़रा भी भनक लगी। यह बस नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, दिल्ली की रिंग रोड और बॉर्डर से गुज़री, लेकिन किसी भी चेकपॉइंट पर इसे एक बार भी नहीं रोका गया। उन्होंने बताया कि बस की सीटों पर पर्दे लगे हुए थे ताकि अंदर क्या हो रहा है, यह कोई देख न सके। उन्होंने आगे कहा कि और अपराधियों को प्रशासन का ज़रा भी डर नहीं था। निर्भया कांड के इतने सालों बाद और ऐसी कई घटनाओं के बावजूद, ऐसी बसों की चेकिंग और निगरानी के नियमों का पालन क्यों नहीं किया जा रहा है? वे पर्दे सिर्फ़ उस एक बस में नहीं लगे थे – वे सरकार द्वारा प्रशासन की नाकामियों पर साल-दर-साल डाले गए पर्दों का नतीजा हैं, जिसकी वजह से महिलाएं देश की राजधानी में सुरक्षित सफ़र भी नहीं कर पा रही हैं। अधिकारियों की जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए उन्होंने पूछा कि केंद्र और राज्य सरकारों के इस सिस्टम को ठीक करने से पहले और कितनी महिलाओं और लड़कियों को यह सब सहना पड़ेगा? क्या अमित शाह के अंडर दिल्ली पुलिस या आदित्यनाथ के अंडर यूपी पुलिस की कोई जवाबदेही तय होगी? बिल्कुल नहीं — इस अपराध पर भी बस पर्दा डाल दिया जाएगा। 17 साल की लड़की ने आरोप लगाया कि 4 अगस्त की रात उत्तर प्रदेश के मैनपुरी से नोएडा जाते समय बस के अंदर उसके साथ गैंगरेप किया गया। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में बस ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार कर लिया है। इसे भी पढ़ें: Nepal Flood में साड़ी बनी की लाइफलाइन, 21 कैलाश मानसरोवर तीर्थयात्रियों की ऐसे बचाई जान नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट के डिप्टी कमिश्नर ऑफ़ पुलिस (DCP) निहारिका भट्ट ने बताया कि आरोपी ने लड़की को रिंग रोड पर उतार दिया था, जिसके बाद वह कश्मीरी गेट ISBT पुलिस स्टेशन पहुँची। बताया जा रहा है कि स्लीपर बस में चढ़ने से पहले, भारी बारिश और अंधेरे के कारण वह ग्रेटर नोएडा के परी चौक के पास उतर गई थी। बाद में लड़की को दिल्ली में कश्मीरी गेट बस टर्मिनल के पास छोड़ दिया गया। भट्ट ने कहा कि पूछताछ के दौरान पता चला कि वह यूपी के मैनपुरी से नोएडा के सेक्टर 63 में अपने एक रिश्तेदार के घर जा रही थी। रेप की घटना परी चौक (ग्रेटर नोएडा) और नोएडा के सेक्टर 63 के बीच रास्ते में हुई। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर। दिल्ली NCR महिलाओं के लिए इतना असुरक्षित हो चुका है कि एक नाबालिग बच्ची के साथ एक स्लीपर बस में 47 किलोमीटर तक गैंगरेप हुआ - ग्रेटर नोएडा से दिल्ली तक। हैरानी की बात है कि पूरी दिल्ली या नोएडा पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। यह बस नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, दिल्ली का रिंग… pic.twitter.com/VqL9Xo264j — Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 1, 2026
महाराष्ट्र, असम, पश्चिम बंगाल और बिहार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। उन्होंने जुलाई में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों के सिलसिले में दर्ज आपराधिक मामलों को रद्द करने की मंज़ूरी मांगी। इन राज्यों ने आंदोलन से जुड़ी आपराधिक कार्यवाही को खत्म करने के केंद्र के कदम का समर्थन किया है। केंद्र की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत के सामने अर्जियां पेश कीं। उन्होंने कहा कि चार राज्यों की ओर से अलग-अलग अर्जियां दाखिल की गई हैं, जिनमें विरोध-प्रदर्शनों से जुड़ी FIR को रद्द करने की मांग की गई है। इसे भी पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट का CJP March पर रोक से इनकार, Delhi Police और केंद्र को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश मेहता ने कहा हमने उन अलग-अलग राज्यों के लिए भी चार अलग-अलग अर्जियां दाखिल की हैं, जहां FIR रद्द करने की ज़रूरत है। अगर कागजात मंगवा लिए जाएं और सभी मामलों को दोपहर 2 बजे लिस्ट कर दिया जाए। इस मामले की बेंच के हेड, CJI ने सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करने पर सहमति जताई, लेकिन राज्यों से कहा कि वे यह पक्का करें कि याचिकाओं में कोई कमी न हो। CJI कांत ने कहा, ठीक है! हम इन पर एक साथ सुनवाई करेंगे। कृपया पक्का करें कि याचिकाओं में कोई कमी न हो। इसे भी पढ़ें: Success के बावजूद गिर रहा था CJP Leaders का हौसला, Sonam Wangchuk ने खोली आंदोलन की पोल यह घटनाक्रम केंद्र सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में 13 FIR को रद्द करने की मांग वाली याचिका दायर करने के एक दिन बाद हुआ है। ये FIR 20 से 25 जुलाई के बीच दिल्ली के जंतर-मंतर और राजधानी के अन्य हिस्सों में CJP के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों के सिलसिले में दर्ज की गई थीं। केंद्र ने दिल्ली पुलिस के ज़रिए 2,873 लोगों के खिलाफ एक नई FIR दर्ज करने का प्रस्ताव भी दिया है, जिनके बारे में शुरुआती तौर पर पता चला है कि उनका गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड रहा है; और उनकी अलग-अलग भूमिकाओं की जांच की जाएगी।
Bihar Police : पटना में एक साथ चार युवकों की मौत की जांच पुलिस के लिए एक तरफ कुआं और दूसरी तरफ खाई वाली स्थिति में है। शराब जहरीली थी तो आई कहां से? अगर, नहीं तो जहर देकर चार को किसने मारा? जांच के सारे पहलुओं को छू रही रिपोर्ट पढ़ें।

