पहाड़ी इलाकों में गुरुवार को जमकर बर्फबारी हुई है। हिमाचल, कश्मीर और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में इस सीजन की पहली बर्फबारी देखी गई है। मैदानी इलाकों के मौसम में भी खासा बदलावा हो सकता है।
नवा रायपुर में आयोजित राज्य निर्वाचन आयुक्तों की स्थायी समिति की दो दिवसीय बैठक में विभिन्न राज्यों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। बिहार को ईवीएम प्रबंधन सॉफ्टवेयर तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि गुजरात-महाराष्ट्र के प्रस्ताव पर डेटाबेस साझा करने और पश्चिम बंगाल के प्रस्ताव पर एम-3 मॉडल ईवीएम के संयुक्त उपयोग पर सहमति बनी है।
Viral News: दिल्ली में मालिक के विदेश जाते ही नौकरों ने उड़ाए गहने और लाखों रुपये, बिहार में जमीन के नीचे मिला माल
PM मोदी के जन्मदिन पर CM सम्राट चौधरी का संदेश, बोले- समृद्ध बिहार से विकसित भारत के संकल्प को करें मजबूत
कल का मौसम: 18 सितंबर को UP के 11 जिलों में बारिश; दिल्ली से लेकर बिहार तक फिर बिगड़ेगा मौसम का हाल
नई दिल्ली: 18 सितंबर को एक बार फिर से मौसम का हाल बिगड़ने वाला है। मौसम विभाग ने 18 सितंबर के लिए बारिश की चेतावनी जारी की है। विभाग का कहना है कि 18 सितंबर को दिल्ली, यूपी, बिहार, उत्तराखंड, महाराष्ट्र और गुजरात तक कई राज्यों में मूसलाधार बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने […]
बक्सर जिला नियोजनालय ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले और स्वरोजगार शुरू करने के इच्छुक युवाओं से आवेदन मांगे हैं। ये आवेदन स्टडी किट और टूल किट के लिए हैं। जिला नियोजन अधिकारी के मुताबिक, यह योजना 'नियोजन सह मार्गदर्शन' और 'नियोजन सेवा का विस्तार' कार्यक्रमों के तहत चलाई जा रही है। टूल किट के लिए आवेदन करने वालों का एनसीएस पोर्टल पर कम से कम छह महीने पहले रजिस्ट्रेशन होना चाहिए। इसके अलावा, आवेदक को इलेक्ट्रिशियन, इलेक्ट्रॉनिक, फिटर, मोबाइल रिपेयर, प्लंबर, ब्यूटीशियन, घरेलू उपकरण मरम्मत या सिलाई मशीन ऑपरेटर जैसे ट्रेड में कम से कम तीन महीने का मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण मिला हो। NCS portal पर 6 महीने पहले रजिस्ट्रेशन जरूरी आरएसईटीआई, जन शिक्षण संस्थान, पीएमकेवीवाई और डीडीयू-जीकेवाई जैसी संस्थाओं से ट्रेनिंग लेने वाले युवा भी पात्र होंगे। आरपीएल प्रमाण-पत्र वाले युवा भी आवेदन कर सकते हैं। आवेदक बिहार का निवासी होना चाहिए। उसकी उम्र 18 से 40 साल के बीच हो और परिवार की सालाना आय तीन लाख रुपये से कम हो। स्टडी किट के लिए भी एनसीएस पोर्टल पर कम से कम छह महीने पहले रजिस्ट्रेशन जरूरी है। आवेदक को यूपीएससी, बीपीएससी, अन्य लोक सेवा आयोग, एसएससी, रेलवे, बैंकिंग, नेट, जेआरएफ या शिक्षक पात्रता परीक्षा जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़े सबूत देने होंगे। बक्सर जिला नियोजनालय कार्यालय में कर सकते हैं आवेदन आवेदक बिहार का निवासी हो और उसकी पारिवारिक आय तीन लाख रुपये से कम होनी चाहिए। दोनों योजनाओं में दिव्यांग, ट्रांसजेंडर, अनुसूचित जाति-जनजाति, आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग, पिछड़ा वर्ग, अत्यंत पिछड़ा वर्ग और महिला वर्ग को प्राथमिकता मिलेगी। चयन में रजिस्ट्रेशन की वरीयता को भी महत्व दिया जाएगा। जो लोग पहले टूल किट या स्टडी किट योजना का लाभ ले चुके हैं, वे दोबारा आवेदन नहीं कर सकते। इच्छुक और पात्र उम्मीदवार अपने सभी जरूरी दस्तावेजों की सेल्फ-अटेस्टेड फोटोकॉपी के साथ बक्सर जिला नियोजनालय कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा, detjob.bihar.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन भी किया जा सकता है। आवेदन की आखिरी तारीख 30 सितंबर 2026 तय की गई है।
देश के कई राज्यों में बारिश का अलर्ट, बिहार में 50 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित; वीडियो में जाने उत्तराखंड में लैंडस्लाइड से रास्ते बंद
Bihar Government ने BIIPP 2025 के साथ Bauma CONEXPO 2026 में दिखाई अपनी औद्योगिक क्षमता
बिहार सरकार bauma CONEXPO INDIA 2026 के 8वें संस्करण में स्टेट पार्टनर के रूप में भाग लेते हुए राज्य की बढ़ती औद्योगिक क्षमता और निवेश के अवसरों को देश-विदेश के उद्योग जगत के समक्ष प्रस्तुत कर रही है। 15 से 18 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में निर्माण मशीनरी, खनन, इंजीनियरिंग और आधारभूत संरचना से जुड़े प्रमुख उद्योग समूह एवं निवेशक भाग ले रहे हैं। इसे भी पढ़ें: बिना सत्यापन असामाजिक तत्व घोषित करने पर Patna High Court सख्त, सरकार पर लगाया 2 लाख का जुर्माना बिहार के पवेलियन में बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति (BIIPP) 2025, औद्योगिक आधारभूत संरचना तथा सामान्य विनिर्माण, निर्माण एवं आधारभूत संरचना, ऑटो कंपोनेंट्स, हेवी इंजीनियरिंग और संबद्ध क्षेत्रों में उपलब्ध निवेश संभावनाओं को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जा रहा है। इसे भी पढ़ें: Shivraj Singh Chouhan ने किया Bihar Flood प्रभावित क्षेत्रों का दौरा, हर संभव केंद्रीय मदद का भरोसा दिया राज्य द्वारा औद्योगिक भूमि, निवेश प्रोत्साहन और विकसित हो रहे औद्योगिक बुनियादी ढांचे की जानकारी भी उद्योग जगत के साथ साझा की जा रही है। इसके माध्यम से बिहार में विनिर्माण एवं इंजीनियरिंग इकाइयों की स्थापना तथा मजबूत औद्योगिक वैल्यू चेन विकसित करने की संभावनाओं को रेखांकित किया जा रहा है। Bauma CONEXPO INDIA 2026 जैसे वैश्विक मंच पर बिहार की भागीदारी से राज्य को प्रमुख उद्योग समूहों और निवेशकों के साथ संवाद, साझेदारी और निवेश की संभावनाओं को आगे बढ़ाने का अवसर मिल रहा है।
गुरेज से लेकर हेमकुंड साहिब तक मौसम की पहली बर्फबारी, बिहार में बाढ़ से 50 लाख प्रभावित
Weather Update 17 September : देश में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने लगा है। जम्मू कश्मीर के गुरेज से लेकर उत्तराखंड के हेमकुंड साहिब तक मौसम की पहली बर्फबारी दर्ज की गई। बर्फबारी की वजह से तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
राहत अभियान के दौरान वीर ने बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उनकी परेशानियों को करीब से समझने की कोशिश की। उन्होंने लोगों को भोजन, रोजमर्रा की जरूरत का सामान, बच्चों के लिए पढ़ाई का सामान और परिवारों के लिए बेड सहित कई जरूरी चीजें बांटीं।
PM Kisan 24th Installment : पीएम किसान सम्मान निधि की अगली किस्त से पहले बिहार में विभाग सक्रिय
PM Kisan Samman Nidhi: दरभंगा में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की अगली किस्त पाने के लिए फार्मर रजिस्ट्री आईडी बनवाना अनिवार्य है। जिलाधिकारी ने 15 अक्टूबर तक जिले के सभी पात्र किसानों की आईडी पूरी करने का निर्देश दिया है।
ड्रोन की नजर से देखिए बिहार की खूबसूरती: 300 फीट ऊंचाई से गिरता गीता वॉटरफॉल, चारों तरफ पहाड़ों की हरियाली
बाढ़ से बिहार तबाह और 'आशीर्वाद का दीया', सम्राट चौधरी सरकार के लेटर पर पप्पू यादव भड़के
पप्पू यादव ने कहा है कि बिहार बाढ़ से तबाह है और उन्हें दीया जलाने के लिए कहा जा रहा है। यह अनुचित है।
उत्तराखंड से बिहार तक तबाही: कहीं खिसके पहाड़ तो कहीं बहीं सड़कें; राजस्थान में ओलावृष्टि के बाद 6 राज्यों को अलर्ट जारी
17 सितंबर, गुरुवार: रोहतास में पुरातत्व विभाग की अनदेखी से ऐतिहासिक रोहतासगढ़ किला खंडहर में तब्दील हो रहा है, संरक्षण के अभाव में धरोहर का स्वरूप बिगड़ रहा है, सैलानियों ने रखरखाव की मांग की।
PM मोदी का 76वां जन्मदिन आज, बिहार में शुरू होगा सेवा संकल्प अभियान; 17 अक्टूबर तक चलेंगे कार्यक्रम
PM मोदी का 76वां जन्मदिन आज, बिहार में शुरू होगा सेवा संकल्प अभियान; 17 अक्टूबर तक चलेंगे कार्यक्रम
Bihar Weather Today 17th September: मौसमविदों के मुताबिक गुरुवार को दक्षिण-मध्य, दक्षिण-पूर्व एवं उत्तर पूर्व भाग के जिलों में गरज तड़क के बादल बने हैं। शुक्रवार को औरंगाबाद और गया जिले में भारी बारिश की चेतावनी है।
Bihar News Today Live: बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 17 सितम्बर के मुख्य और ताजा समाचार
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आज का मौसम: बिहार से बंगाल तक भारी बारिश और 50 Kmph की रफ्तार से आंधी, IMD ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज 17 सितंबर को देश के पूर्वी और मध्य राज्यों के लिए मौसम का कड़ा अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खाड़ी और उससे सटे तटीय इलाकों में सक्रिय कम दबाव के क्षेत्र (Low-Pressure Area) और मॉनसून ट्रफ के प्रभाव से बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड और पूर्वोत्तर राज्यों में मौसम तेजी से बिगड़ने की संभावना है।मौसम विभाग के अनुसार, इन क्षेत्रों में बादलों की तेज गर्जना और आकाशीय बिजली चमकने के साथ-साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज गति से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। कई जिलों में मूसलाधार बारिश होने से निचले इलाकों में जलभराव, स्थानीय यातायात में बाधा और नदियों के जलस्तर में इजाफे की चेतावनी दी गई है।बिहार और पश्चिम बंगाल में अलर्ट: किन जिलों में होगी भारी बारिश?बिहार: उत्तर और पूर्वी बिहार के जिलों में मौसम विभाग ने विशेष सावधानी बरतने को कहा है। किशनगंज, अररिया, पूर्णिया, कटिहार, सुपौल और भागलपुर में भारी से बहुत भारी बारिश (Heavy to Very Heavy Rainfall) की आशंका है। इसके साथ ही पटना, गया और मुजफ्फरपुर में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है।पश्चिम बंगाल (गंगा तटीय व उप-हिमालयी क्षेत्र): कोलकाता, हावड़ा, हुगली, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, पूर्व मेदिनीपुर और नदिया में सुबह से ही घने बादल छाए रहने और मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने के आसार हैं। वहीं, उत्तरी बंगाल के दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार में मूसलाधार बारिश के चलते भूस्खलन (Landslides) का खतरा बना हुआ है। तटीय क्षेत्रों में 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंके चलने के कारण समुद्र में ऊंची लहरें उठ सकती हैं।ओडिशा, झारखंड और पूर्वोत्तर के राज्यों में भी असरओडिशा: उत्तरी और तटीय ओडिशा के मयूरभंज, क्योंझर, बालासोर और भद्रक जिलों में भारी बारिश और आंधी का येलो से ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।झारखंड: रांची, जमशेदपुर, धनबाद और देवघर समेत संताल परगना क्षेत्र में आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने की प्रबल आशंका है। खुले खेतों और ऊंचे पेड़ों से दूर रहने का परामर्श जारी किया गया है।असम और मेघालय: पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और नगालैंड में अगले 48 घंटों तक रुक-रुक कर भारी से अति भारी वर्षा का दौर बना रह सकता है।मौसम के मौजूदा हालात और चेतावनी का संक्षिप्त ब्यौराराज्य / क्षेत्रमुख्य मौसम चेतावनीहवा की अनुमानित गतिअलर्ट का स्तरपश्चिम बंगालमूसलाधार बारिश, तटीय आंधी40 - 50 kmphऑरेंज अलर्टबिहारभारी बारिश, मेघगर्जन व वज्रपात35 - 45 kmphयेलो/ऑरेंज अलर्टओडिशाभारी वर्षा, समुद्र में ऊंची लहरें45 - 50 kmphयेलो अलर्टझारखंडगरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश30 - 40 kmphयेलो अलर्टउत्तर भारत और एनसीआर के मौसम का हालपूर्वी भारत में जहां मॉनसूनी सक्रियता चरम पर है, वहीं दिल्ली-एनसीआर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और उमस भरी गर्मी रहने का अनुमान है। स्थानीय नमी के चलते कुछ इलाकों में छिटपुट बूंदाबांदी या हल्की बौछारें पड़ सकती हैं, लेकिन किसी बड़े मौसमी उलटफेर की संभावना कम है।IMD की एडवाइजरी: आकाशीय बिजली और जलभराव से रहें सतर्कमौसम विभाग ने भारी बारिश और आंधी के पूर्वानुमान को देखते हुए नागरिकों के लिए जरूरी दिशानिर्देश जारी किए हैं:वज्रपात से सुरक्षा: बारिश या बादलों की गड़गड़ाहट के समय खुले खेतों, टीन शेड या बड़े पेड़ों के नीचे शरण बिल्कुल न लें। पक्के मकानों में रहें और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें।मछुआरों को चेतावनी: बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम हिस्से में समुद्र की स्थिति बेहद अशांत रहने की संभावना है, इसलिए मछुआरों को समुद्र में जाने से बचने का निर्देश दिया गया है।यातायात सावधानी: भारी बारिश के दौरान दृश्यता (Visibility) कम हो सकती है, इसलिए वाहन धीमी गति से चलाएं और जलभराव वाले अंडरपास से गुजरने से बचें।
Bihar DGP Preeta Verma: पहली महिला IPS के हाथ में बिहार पुलिस की कमान, जानें देश में महिला पुलिसकर्मियों की स्थिति
IMD Weather Updates: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 17 सितंबर के लिए देश भर का मौसम पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक गुरुवार को देश के पूर्वी, पूर्वोत्तर, पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। दिल्ली में सुबह से दोपहर के दौरान हल्की बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है। पूर्वानुमान के मुताबिक, बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, गुजरात, तमिलनाडु और केरल के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश होगी। इसके साथ ही कई राज्यों में थंडरस्टॉर्म, आकाशीय बिजली और तेज हवाएं चलने का अलर्ट है।बिहार, बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में मूसलाधार बारिश की चेतावनीपूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश का दायरा काफी व्यापक रहेगा। बिहार में 17 सितंबर को अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, गांगेय पश्चिम बंगाल में व्यापक बारिश का अनुमान जताया गया है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के पृथक क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।अरुणाचल प्रदेश में व्यापक बारिश की संभावना है, जबकि अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में छिटपुट बौछारें गिर सकती हैं। IMD ने 17 सितंबर को अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी व्यापक बारिश के साथ अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने के आसार हैं।उत्तर और पश्चिम भारत: आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्टउत्तर और पश्चिमी भारत के हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय बनी रहेंगी। जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, पंजाब और पूर्वी राजस्थान में गरज-चमक और बिजली कड़कने के साथ व्यापक बारिश होने का अनुमान है। गुजरात के सौराष्ट्र एवं कच्छ के क्षेत्रों में व्यापक बारिश की संभावना है। यहां आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अलर्ट भी जारी किया गया है।दक्षिण भारत: तमिलनाडु और केरल में 40-50 kmph की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएंदक्षिण भारत के राज्यों में बारिश के साथ तेज हवाओं का प्रकोप देखने को मिलेगा। केरल और माहे में व्यापक बारिश की संभावना है जबकि तटीय आंध्र प्रदेश व यनम, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में छिटपुट बारिश दर्ज की जा सकती है। तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और केरल व माहे में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। इनकी स्पीड बढ़कर 60 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है।दिल्ली-NCR का मौसम: हल्की बारिश और तापमान का हालदिल्ली-एनसीआर में 17 सितंबर को आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है। सुबह से दोपहर से पहले के दौरान अलग-अलग स्थानों पर बहुत हल्की बारिश हो सकती है। दिल्ली में अधिकतम तापमान 32C से 34C और न्यूनतम तापमान 23C से 25C के बीच रहने की संभावना है। न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.6C से 3C तक कम रह सकता है, जबकि अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास बना रहेगा। उत्तर-पश्चिमी हवाएं सुबह के समय 10 किमी/घंटे और दोपहर में 15 किमी/घंटे की गति तक पहुंच सकती हैं। बाद में शाम के समय शांत हो जाएंगी।17 सितंबर के बाद कैसा रहेगा देश का मौसम?IMD के मुताबिक 17 सितंबर के बाद भी देश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। पश्चिम मध्य प्रदेश में 18 और 19 सितंबर को व्यापक बारिश होने की संभावना है। ओडिशा में 19 सितंबर से व्यापक वर्षा की शुरुआत हो सकती है। 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए स्थितियां अनुकूल बन रही हैं।उत्तरी थाईलैंड के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण 18 सितंबर के आसपास उत्तरी अंडमान सागर में उभरेगा। इसके प्रभाव से 19 सितंबर को उसी क्षेत्र में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है, जो अगले 3 से 4 दिनों के दौरान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में दक्षिण ओडिशा-उत्तरी आंध्र प्रदेश तटों की ओर बढ़ेगा।यह भी पढ़ें:Delhi NCR Weather: दिल्ली-एनसीआर में सुबह-सुबह पलटा मौसम, तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर, IMD ने दिया ये अलर्ट
‘मोदीजी, क्या आपका कोई करीबी दोस्त है, जिससे तनाव में बात करते हों या सलाह लेते हों?’ अंग्रेज पत्रकार एंडी मारिनो ने 2014 में ये सवाल किया। मोदी बोले- ‘संघ के दिनों में मेरे मेंटर थे- लक्ष्मणराव इनामदार। दिक्कत में उनसे खुलकर बात कर लेता था। अब मेरी सोचने की प्रक्रिया ऑटो-पायलट पर चल रही है।’ नरेंद्र मोदी के इस जवाब से पता चलता है कि वो इमोशनली कितने आत्मनिर्भर हैं। 76वें जन्मदिन पर उनकी शख्सियत के ऐसे ही 5 मनोवैज्ञानिक पहलुओं की कहानी… साल 1995, गुजरात विधानसभा चुनाव। सीएम बनने को लेकर बीजेपी के 2 कद्दावर नेता शंकर सिंह वाघेला और केशुभाई पटेल भिड़ गए। उस वक्त नरेंद्र मोदी गुजरात बीजेपी में संगठन महामंत्री थे। उन्होंने केशुभाई की मदद की। आखिरकार केशुभाई सीएम बने। हालांकि कुछ महीने बाद नाराज वाघेला ने 47 विधायकों के साथ बगावत कर दी। मसला इतना बढ़ गया कि अटल बिहारी वाजपेयी को अहमदाबाद में कैम्प करना पड़ा। 2 दिन की बातचीत के बाद वाघेला की शर्तें मान ली गईं। इसमें से एक शर्त थी- मोदी को गुजरात से हटाना। उन्हें दिल्ली में राष्ट्रीय सचिव बना दिया गया। मोदी ने इसे मौका माना और दिल्ली में पार्टी के बड़े नेताओं के करीबी बन गए। मोदी ने हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, जम्मू-कश्मीर जैसे उत्तरी राज्यों में संगठन का काम संभाला, कई देशों का दौरा किया, नई टेक्नोलॉजी-कंप्यूटर सीखे और संपर्क बढ़ाया। वो अक्सर दिल्ली के संघ मुख्यालय ‘केशव कुंज’ भी जाते। 1998 में केशुभाई और वाघेला में फिर से भिड़ंत हुई। केशुभाई सीएम बने। लेकिन बात इससे बनी नहीं और 2001 के आखिर में नए सीएम की खोज शुरू हुई। इसमें नरेंद्र मोदी के संघ, अटल और आडवाणी तीनों के पैमाने पर खरे उतरे। अटल बिहारी ने मोदी को पीएम आवास बुलाकर कहा, 'दिल्ली में पंजाबी खाना खाकर तुम काफी मोटे हो गए हो। फिर से गुजरात लौट जाओ।' आखिरकार 6 साल बाद मोदी को गुजरात वापस भेजा गया और सीधे मुख्यमंत्री बनाया गया। राजनीतिक करियर में उन्होंने कई बार ऐसी वापसी से चौंकाया है। मोदी कहते हैं, ‘मैं हमेशा मुश्किल हालात को मौके में बदलता हूं। पर्सनल लाइफ हो या पॉलिटिकल, मैं हमेशा ऐसा ही करता हूं। ‘हार’ शब्द मेरी डिक्शनरी में नहीं है। मैं कभी हार के बारे में नहीं सोचता। मैं कभी नहीं रुकता।’ कमबैक एबिलिटी से क्या फायदा? 8 नवंबर 2016, रात के 8:15 बजे। पीएम मोदी ने देश के नाम संबोधन में ऐलान किया, 'आज रात 12 बजे से 500 और 1000 के नोट लीगल टेंडर नहीं होंगे।' एक झटके में देश के 86% नोट रद्दी हो गए। पीएम मोदी ने इस फैसले को बेहद गुप्त रखा। मंत्रियों को भी उसी शाम कैबिनेट मीटिंग में इस बारे में बताया। मोदी ने कहा, 'मैंने पूरी रिसर्च की है। अगर यह नाकाम हुआ, तो मैं जिम्मेदार हूं।' दरअसल, मोदी ने इसके लिए राजस्व सचिव हसमुख अधिया समेत 6 अफसरों को चुना था। इन्हें गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। कुछ युवा रिसर्चर्स को भी टीम में जगह दी गई। ये सभी पीएम आवास से काम करते थे। एक साल की रिसर्च के बाद नोटबंदी लागू की गई। मोदी ने नवंबर 2016 से जनवरी 2017 तक दिए हर भाषण में ब्लैक मनी और नोटबंदी का जिक्र किया। इससे जनता का मिजाज संभालने में मदद मिली। किताब 'हाऊ द बीजेपी विंस: इनसाइड इंडियास ग्रेटेस्ट इलेक्शन मशीन' में सीनियर जर्नलिस्ट प्रशांत झा एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के हवाले से लिखते हैं, ‘जब वे (मोदी) बोलते थे, तो हमें कुछ हफ्तों की मोहलत और मिल जाती। अगर उनकी साख न होती, तो जनता के गुस्से और दंगों का सामना किए बिना कोई सरकारी मशीनरी इसे लागू नहीं कर पाती।' पीएम मोदी ने हर बड़े फैसले को खुद लीड किया। मसलन- 4 घंटे के नोटिस पर देश में लॉकडाउन लगाना, सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान कंट्रोल रूम से निगरानी करना। जेन-जी प्रोटेस्ट के बाद भी उन्होंने खुद इंस्टाग्राम पर सेल्फी वीडियो बनाकर पोस्ट किए। किताब 'नरेंद्र मोदी: अ पॉलिटिकल बायोग्राफी' के मुताबिक, मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बैठक में मोदी ने अधिकारियों से कहा, 'सजा की चिंता मत करो, मेरे ऑफिस में कोई सजा नहीं होगी। आपको रिस्क लेना होगा। कोई दिक्कत हुई, तो मैं जिम्मेदार हूं।' ऑलवेज इन-कमांड से क्या फायदा? 19 फरवरी 2026 को AI समिट के दौरान पीएम मोदी ने अचानक दाएं-बाएं खड़े गूगल के CEO सुंदर पिचई और OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन का हाथ पकड़ा और इशारा किया कि सब एक-दूसरे का हाथ पकड़कर ऊपर उठाएं। ज्यादातर लीडर्स समझ गए और एक-दूसरे का हाथ ऊपर उठा लिया, लेकिन अलग-बगल खड़े ऑल्टमैन और Anthropic के CEO डारियो अमोदेई थोड़ा असहज दिखे। उन्होंने एक-दूसरे का हाथ नहीं पकड़ा, सिर्फ मुट्ठी ऊपर उठाई। दोनों AI इंडस्ट्री में एक-दूसरे के प्रतिद्वंद्वी हैं। सोशल मीडिया में इसे ‘AI कोल्ड वॉर’ कहा जाने लगा। ऐसा ही कुछ दिल्ली में हुई BRICS समिट में भी दिखा। 12 सितंबर की शाम सभी 11 सदस्य देशों के लीडर ग्रुप फोटो के लिए जुटे। उनके बीच में थोड़ा गैप था। कुछ तस्वीरें खिंचने के बाद पीएम मोदी ने दाएं-बाएं खड़े रूसी राष्ट्रपति पुतिन और चीनी राष्ट्रपति का हाथ पकड़कर उन्हें पास-पास किया। फौरन सभी नेताओं ने एक-दूसरे का हाथ पकड़ लिया और गैप कम किया। सोशल बोल्डनेस से क्या फायदा? पीएम मोदी सिर्फ साढ़े 3 से 4 घंटे सोते हैं। सुबह 5 बजे उठते हैं। फिर योग, प्राणायाम और ध्यान करते हैं। हर मौसम ठंडे पानी से नहाते हैं। शाकाहार पसंद करते हैं। यानी पर्सनल लाइफ में मोदी नियमों-कायदों से रहने वाले व्यक्ति हैं और ऐसे ही वे पब्लिक लाइफ में हैं। जून 2014 में पीएम बनने 10 दिन के भीतर उन्होंने साउथ ब्लॉक का दौरा किया और दफ्तर में फैली बेतरतीबी का सिर्फ जिक्र किया। अफसर समझ गए कि वे साफ-सफाई और नियमों को लेकर सख्त हैं। मोदी ने शुरुआती मीटिंग्स में साफ कर दिया था कि भारी-भरकम शब्द, लंबी चर्चाएं और लालफीताशाही नहीं चलेगी। थ्योरी के बजाय 'टू द पॉइन्ट' एक्शन प्लान दीजिए। तैयारी से आइए और फॉलो-अप मीटिंग के लिए तैयार रहिए। मंत्री सुबह 9 बजे तक दफ्तर पहुंच जाते और साढ़े 9 बजे से बैठकें लेने लगते। हर जरूरी बैठक में पीएम खुद मौजूद रहते। अक्सर शाम तक मीटिंग्स चलतीं। सेल्फ-डिसिप्लिन से क्या फायदा? पहलगाम आतंकी हमले के दो दिन बाद, यानी 24 अप्रैल 2025। पीएम मोदी बिहार के मधुबनी पहुंचे। करीब 27 मिनट तक हिंदी में भाषण देने के बाद पीएम अचानक से अंग्रेजी में बोलने लगे और 82 सेकंड तक बोलते रहे। उन्होंने कहा, ‘Today, from the soil of Bihar, I say to the whole world- India will identify, track and punish every terrorist and their backers. We will pursue them to the ends of the earth.’ बिहार के हिंदीभाषी इलाके से अंग्रेजी में बोलकर पीएम मोदी ने दुनिया, खासकर पर पश्चिमी दुनिया को मैसेज दिया कि भारत कार्रवाई करेगा। असर्टिव कम्युनिकेशन से क्या फायदा? ******* References further readings…
एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया ने छठ पूजा के बारे में कहा है की वे इस पर्व के बारे में ज्यादा नहीं जानती थीं। लेकिन जब उन्होने अपने नए गाने 'छठी मैया' की शूटिंग की तो वे भावुक हो गईं थीं। फिल्म 'वन' (Vvan) के ट्रेलर लॉन्च इवेंट पर तमन्ना ने कहा की वे मुंबई में पली-बढ़ी हैं। जब वे जुहू बीच पर छठ पूजा की भीड़ देखती थीं, लेकिन इस त्योहार की परंपराओं के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। शूटिंग के दौरान उन्हें पता चला कि इसमें 36 घंटे का कठिन निर्जला व्रत रखा जाता है। डूबते सूरज को अर्घ्य देना बिहारी कल्चर की खूबसूरती मीडिया से बात करते हुए तमन्ना भाटिया ने कहा कि आजकल लोग ग्रैटिट्यूड (आभार) और मैनिफेस्टेशन की बहुत बातें करते हैं। यह बिहारी संस्कृति का एक बहुत सुंदर हिस्सा है। आमतौर पर हर कोई उगते हुए सूरज को प्रणाम करता है, लेकिन छठ पूजा में डूबते हुए सूरज को भी उतना ही सम्मान और महत्व दिया जाता है। एक्ट्रेस ने बताया कि जब वे इस गाने का सीक्वेंस शूट कर रही थीं, तब अपने आप उनकी आंखों में आंसू आ गए थे। 36 घंटे के निर्जला व्रत के बारे में जाना तमन्ना ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे बचपन से मुंबई में रही हैं। जुहू बीच पर छठ के मौके पर बड़ी संख्या में लोगों को जुटते हुए देखती थीं, लेकिन इसके पीछे के नियमों की जानकारी नहीं थी। इस गाने की शूटिंग के दौरान उन्हें पता चला कि लोग देवी की उपासना के लिए 36 घंटे तक बिना पानी पिए कठिन उपवास रखते हैं। उन्होंने कहा कि एक कलाकार के तौर पर वे सिर्फ एक माध्यम हैं और कुछ अहसास हमारे वश से बाहर होते हैं। सिद्धार्थ-तमन्ना की साथ में पहली फिल्म फिल्म 'वन' के जरिए सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया पहली बार एक साथ स्क्रीन शेयर कर रहे हैं। तमन्ना ने कहा कि देश में कई लोककथाएं हैं, जिन्हें बड़े पर्दे पर लाने के लिए हिम्मत, स्पष्टता और विजन की जरूरत होती है। वे इस गाने का हिस्सा बनकर खुद को खुशकिस्मत मानती हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले सालों में जब भी वे किसी को छठ मनाते देखेंगी, तो उनके दिमाग में यह गाना जरूर चलेगा। 25 सितंबर को सिनेमाघरों में होगी रिलीज 'पंचायत' सीरीज से पहचान बनाने वाले निर्देशक दीपक कुमार मिश्रा ने इस फिल्म का निर्देशन किया है। फिल्म को शोभा कपूर और एकता कपूर ने बालाजी टेलीफिल्म्स के बैनर तले प्रोड्यूस किया है। फिल्म की स्टारकास्ट में सिद्धार्थ और तमन्ना के अलावा मनीष पॉल, श्वेता तिवारी, सुनील ग्रोवर और अनूप सोनी मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह फैंटेसी और लोककथाओं पर आधारित फिल्म 25 सितंबर को बड़े पर्दे पर रिलीज की जाएगी। ये खबर भी पढ़ें सिद्धार्थ-तमन्ना की फिल्म 'वन' का ट्रेलर रिलीज:फिल्म में दिखाई गई खौफनाक जंगल की दुनिया; भूतों से मुकाबला करते नजर आए सिद्धार्थ सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की अपकमिंग फैंटेसी फिल्म 'वन' (Vvan) का ट्रेलर मेकर्स ने रिलीज कर दिया है। 2 मिनट 44 सेकंड का यह ट्रेलर एक रहस्यमयी और प्रतिबंधित जंगल की कहानी दिखाता है, जहां आस्था और लोककथाओं का मिलन होता है। पूरी खबर पढ़ें
केंद्र सरकार में कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को कहा कि हाल के वर्षों की सबसे भीषण बाढ़ से प्रभावित बिहार के लोगों के साथ केंद्र सरकार मजबूती से खड़ी है और राज्य को हर संभव सहायता दी जाएगी। चौहान ने यह बात बिहार के बाढ़ प्रभावित जिलों के दौरे के दौरान कही। केंद्र सरकार उनके आकलन के आधार पर राज्य को दी जाने वाली केंद्रीय सहायता की मात्रा तय करेगी। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, “आज बिहार में बाढ़ से हुई तबाही के बीच मैंने जमीनी स्थिति का आकलन किया और प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। राज्य सरकार पूरी तत्परता के साथ राहत कार्यों में जुटी हुई है।”उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ वैशाली, मुंगेर और भागलपुर जिलों के प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा, “केंद्र सरकार के दल भी नुकसान का आकलन कर रहे हैं। संकट की इस घड़ी में हम बिहार के लोगों के साथ मजबूती से खड़े हैं।”चौहान और मुख्यमंत्री ने पटना जिले के मनेर तथा सारण जिले के दिघवारा के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण भी किया। केंद्रीय कृषि मंत्री ने मुख्यमंत्री के साथ वैशाली जिले के तेरसिया और सरायपुर गांवों में नाव और ट्रैक्टर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया तथा प्रभावित लोगों और किसानों से बातचीत कर फसल क्षति का जायजा लिया। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, नेपाल और बिहार में हुई भारी बारिश के कारण नदियों के जलस्तर में वृद्धि से राज्य के 15 जिलों के लगभग 49.74 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया शामिल हैं। तेरसिया और सरायपुर गांवों के दौरे के बाद चौहान ने संवाददाताओं से कहा, “यह अब तक की सबसे भीषण बाढ़ है। मुझे बताया गया है कि इस बार पानी का स्तर 2016 की बाढ़ की तुलना में लगभग एक फुट अधिक है। मैंने किसानों को हुए नुकसान को भी देखा है।”उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देश पर मैं जमीनी स्थिति और नुकसान का आकलन करने आया हूं। राज्य सरकार बाढ़ प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता दे रही है।”चौहान ने कहा कि एक अन्य केंद्रीय टीम भी बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने बिहार आएगी और केंद्र सरकार राज्य को हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा, “बिहार सरकार ने हाल ही में प्रभावित परिवारों को राहत के रूप में 7,000 रुपये प्रति परिवार दिए हैं। स्थिति से निपटने में राज्य सरकार का कार्य संतोषजनक है।”बाद में चौहान और मुख्यमंत्री ने पटना में बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र यादव तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। समीक्षा बैठक के बाद चौहान ने कहा, “बिहार में 15 स्थानों पर तटबंध टूटने का खतरा था। कई इलाके अब भी जलमग्न हैं, इसलिए नुकसान का पूरा आकलन अभी नहीं हो सका है। बिहार बाढ़ और सूखे, दोनों चुनौतियों से जूझ रहा है। राज्य और केंद्र सरकार मिलकर बाढ़ की स्थायी समस्या का समाधान खोज रही हैं।”इस बीच, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राज्यसभा सदस्य मनोज झा ने चौहान के दौरे को लेकर केंद्र सरकार की “देर से प्रतिक्रिया” की आलोचना की। उन्होंने कहा, “आप बहुत देर से पहुंचे। बिहार की पीड़ा उनकी प्राथमिकता नहीं है। चार्टर्ड विमान से आने के बजाय वह धन बाढ़ पीड़ितों पर खर्च होता तो बेहतर होता।”वहीं, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने केंद्र पर निशाना साधते हुए चौहान के दौरे को “फोटो शूट” करार दिया और आरोप लगाया कि बिहार के लिए कोई विशेष पैकेज घोषित नहीं किया गया। तेजस्वी ने कहा, “केंद्र को कम से कम 5,000 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज घोषित करना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। केंद्रीय टीम का दौरा केवल फोटो शूट बनकर रह गया।”उन्होंने बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की और दावा किया कि प्रभावित परिवारों को 7,000 रुपये की राहत उनकी ओर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखे जाने के बाद दी गई।
UCC पर बिहार NDA में अलग-अलग सुर: मांझी ने खोला मोर्चा, JDU बोली- पहले ड्राफ्ट देखेंगे
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने समान नागरिक संहिता (UCC) का समर्थन करते हुए इसे संविधान के अनुच्छेद 44 से जोड़ा है। वहीं, जदयू ने UCC विधेयक का मसौदा सामने आने के बाद ही उस पर विचार-विमर्श कर निर्णय लेने की बात कही है, जिससे बिहार NDA में अलग-अलग सुर दिख रहे हैं।
मुजफ्फरपुर और उत्तर बिहार में 20 सितंबर तक रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है, जिससे धान की फसल को लाभ होगा। किसानों को जल निकासी, अरहर की बुआई और फसलों की निगरानी जैसे कृषि कार्य पूरे करने की सलाह दी गई है।
शिक्षकों के लिए जरूरी खबर: बिहार में ट्रांसफर की नई तारीखों का एलान, 4 से 10 अक्टूबर तक होंगे आवेदन
बिहार के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के सामान्य स्थानांतरण की तिथि में बदलाव किया गया है। अब शिक्षक 4 से 10 अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे, जबकि विद्यालयवार संशोधित रिक्तियों का प्रकाशन 1 अक्टूबर को होगा।
जमीन दिलाने के नाम पर सेवानिवृत्त सेना जवानों सहित कई लोगों से ढाई करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने वाले 25 हजार के इनामी मुशीर अहमद को पटना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
EPFO के नए फैसले से बिहार के लाखों कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, PF कवरेज की लिमिट हुई ₹25000
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने अनिवार्य कवरेज की वेतन सीमा 15 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह कर दी है।
मुजफ्फरपुर सिविल कोर्ट परिसर में बिहार का पहला ‘मिट्टी कैफे’ शुरू किया गया है। कैफे का उद्देश्य विशेष रूप से दिव्यांग समुदाय को रोजगार, आजीविका और वित्तीय स्वतंत्रता का अवसर देना है। यहां दिव्यांग वयस्कों को काम के साथ सम्मानजनक और बेहतर माहौल उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। कैफे के उद्घाटन के मौके पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्वेता कुमारी सिंह, जिलाधिकारी कुमार गौरव, एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा समेत कई वरीय अधिकारी मौजूद रहे। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्वेता कुमारी सिंह ने बताया कि इस पहल की प्रेरणा सुप्रीम कोर्ट से ली गई है। वहां शुरू किए गए इसी तरह के प्रयास को आगे बढ़ाते हुए सिविल कोर्ट परिसर में मिट्टी कैफे शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि इसके जरिए विशेष रूप से दिव्यांग समुदाय को यहां जोड़ा जाएगा, ताकि उन्हें काम का समान अवसर मिले और वे सम्मानजनक तरीके से काम कर सकें। उन्होंने बताया कि यह पहल सिविल कोर्ट को ज्यादा समावेशी और संवेदनशील स्थान बनाने की दिशा में एक कदम है। देखिए कुछ तस्वीरें.. खाने-पीने की कई सुविधाएं मिलेंगी कैफे में सामान्य कैफे की तरह खाने-पीने की कई सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यहां मील्स, बेवरेजेस और स्नैक्स के साथ दक्षिण भारतीय, चाइनीज और भारतीय व्यंजन भी मिलेंगे। कैफे को ‘नो प्रॉफिट-नो लॉस’ के आधार पर संचालित किया जाएगा। बाहर के बाजार की तुलना में यहां कीमतें कम रखने का प्रयास किया जाएगा, ताकि लोगों को उचित दर पर खाने-पीने की चीजें उपलब्ध हो सकें। दिव्यांगों को मिलेगा काम का अवसर मिट्टी कैफे एक ऐसी कैफे श्रृंखला है, जिसका उद्देश्य शारीरिक, बौद्धिक और मानसिक रूप से दिव्यांग वयस्कों को रोजगार से जोड़ना है। इसके जरिए उन्हें आजीविका के साथ वित्तीय स्वतंत्रता और समाज में सम्मानजनक अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि कैफे में ज्यादा से ज्यादा विशेष रूप से दिव्यांग लोगों को ही काम से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। यदि पर्याप्त लोग उपलब्ध नहीं होते हैं तो अन्य विकल्पों पर भी विचार किया जाएगा। देश के कई प्रमुख स्थानों पर है मिट्टी कैफे मिट्टी कैफे देशभर में 50 से अधिक स्थानों पर संचालित होने की जानकारी दी गई। इनमें सुप्रीम कोर्ट परिसर, राष्ट्रपति भवन, मुंबई और बेंगलुरु के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के अलावा कॉरपोरेट पार्क और शैक्षणिक संस्थान भी शामिल हैं। अब मुजफ्फरपुर सिविल कोर्ट परिसर में भी इसकी शुरुआत की गई है।
DGP समेत बिहार के 3 बड़े अफसर छुट्टी पर, दारोगा भर्ती जांच के बीच BPSSC अध्यक्ष भी अवकाश पर
DGP समेत बिहार के 3 बड़े अफसर छुट्टी पर, दारोगा भर्ती जांच के बीच BPSSC अध्यक्ष भी अवकाश पर
मैं बिहार की बेटी हूं..., बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचकर अक्षरा सिंह ने बांटी राहत सामग्री
बिहार में इस समय बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य के कई जिलों में गंगा, गंडक, कोसी और दूसरी नदियों का पानी लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हुए हैं और कई लोगों को अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित जगहों या राहत शिविरों में जाना पड़ा है।
‘मैं बिहार की बेटी हूं…’, बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचकर अक्षरा सिंह ने बांटी राहत सामग्री
Patna, 16 सितंबर . भोजपुरी सिनेमा की जानी-मानी Actress और गायिका अक्षरा सिंह इन दिनों बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद करने को लेकर चर्चा में हैं. बिहार में बाढ़ का असर लगातार कई इलाकों में देखने को मिल रहा है और ऐसे में अक्षरा सिंह ने प्रभावित लोगों के बीच पहुंचकर हालात को करीब से ... Read more
'मैं बिहार की बेटी हूं...', बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचकर अक्षरा सिंह ने बांटी राहत सामग्री
पटना, 16 सितंबर (आईएएनएस)। भोजपुरी सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्री और गायिका अक्षरा सिंह इन दिनों बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद करने को लेकर चर्चा में हैं। बिहार में बाढ़ का असर लगातार कई इलाकों में देखने को मिल रहा है और ऐसे में अक्षरा सिंह ने प्रभावित लोगों के बीच पहुंचकर हालात को करीब से देखा और राहत सामग्री बांटी। अक्षरा ने अपने दौरे के दौरान खास तौर पर महिलाओं की परेशानियों का जिक्र किया और कहा कि एक महिला होने के नाते महिलाओं के लिए जो भी मदद उन्हें जरूरी लगी, उन्होंने अपनी तरफ से करने की कोशिश की।
संतकबीरनगर पुलिस ने गुम और चोरी हुए 131 एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, इनकी अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपए है। सर्विलांस टीम ने तकनीकी मदद से अलग-अलग थाना क्षेत्रों के अलावा लखनऊ, बेंगलुरु, बिहार समेत देश के कई शहरों और राज्यों से मोबाइल ट्रेस कर बरामद किए। बुधवार को पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में एसपी संदीप कुमार मीना ने मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे। लंबे समय बाद अपना मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरे पर खुशी दिखाई दी। खलीलाबाद की छात्रा सौम्या गुप्ता ने बताया कि उनका फोन ऑटो में गिर गया था। उन्होंने तुरंत पुलिस से शिकायत की थी। सौम्या ने कहा कि उनकी पढ़ाई मोबाइल से होती है और फोन जल्दी वापस मिलने से उन्हें काफी खुशी हुई। IMEI और सिम की जानकारी से तलाश शुरू की एसपी संदीप कुमार मीना के निर्देश पर गुम मोबाइलों की बरामदगी के लिए सर्विलांस टीम और थानों में CEIR पोर्टल से जुड़े कर्मचारियों को लगाया गया था। प्रभारी सर्विलांस सेल रजनीश राय के नेतृत्व में टीम ने CEIR पोर्टल और CCTNS से मिली जानकारी के आधार पर मोबाइलों की तलाश शुरू की। लखनऊ से बेंगलुरु और बिहार तक ट्रेस किए मोबाइल पुलिस टीम ने मोबाइल के IMEI नंबर, सिम की जानकारी और तकनीकी विश्लेषण के जरिए उनके इस्तेमाल और लोकेशन से जुड़े विवरण जुटाए। कई मोबाइल जिले से बाहर इस्तेमाल होते मिले। इसके बाद संबंधित राज्यों और शहरों की पुलिस से संपर्क कर लखनऊ, बेंगलुरु, बिहार समेत अलग-अलग जगहों से मोबाइल बरामद किए गए। पुलिस लाइन में मालिकों को खुद एसपी ने सौंपे फोन बरामद मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों को लौटाने के लिए पुलिस लाइन में कार्यक्रम आयोजित किया गया। एसपी संदीप कुमार मीना ने लोगों को उनके फोन अपने हाथों से सौंपे। लंबे समय बाद मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने पुलिस टीम का आभार जताया। छात्रा सौम्या ने बताया कि फोन उनकी पढ़ाई के लिए जरूरी था, इसलिए उसे वापस पाकर उन्हें काफी राहत मिली। पुलिस टीम को 25 हजार रुपए का इनाम एसपी ने मोबाइल बरामदगी में अहम भूमिका निभाने वाली सर्विलांस टीम का उत्साह बढ़ाते हुए 25 हजार रुपए के पुरस्कार की घोषणा की। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल गुम या चोरी होने पर थाने में शिकायत दर्ज कराने के साथ CEIR पोर्टल पर भी इसकी जानकारी दें। इससे मोबाइल के IMEI को ब्लॉक कराने और उसे ट्रेस करने में मदद मिल सकती है।
उत्तर बिहार उद्यमी संघ में टूट, पूर्व महासचिव ने बैठक कर की चुनाव की घोषणा
मुजफ्फरपुर में उत्तर बिहार उद्यमी संघ के चुनाव को लेकर विवाद गहरा गया है। पूर्व महासचिव विक्रम कुमार विक्की ने नए सिरे से चुनाव कराने की घोषणा की है।
प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर बिहार में 17 सितंबर को जलेगा 'आशीर्वाद का दीया’
प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर बिहार में 17 सितंबर को जलेगा 'आशीर्वाद का दीया’
कल का मौसम 17 सितंबर: दिल्ली-NCR से बिहार तक आंधी-बारिश का अलर्ट, जानिए कैसा रहेगा आपके शहर का मौसम
Weather forecast for September 17: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 17 सितंबर के लिए देश भर का मौसम पूर्वानुमान और अलर्ट जारी कर दिया है। मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा बुलेटिन के मुताबिक देश के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियों और मौसमी प्रणालियों के असर से झमाझम बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली चमकने की आशंका बनी हुई है। उत्तर भारत में दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा से लेकर पूर्व में बिहार, पश्चिम बंगाल और दक्षिण में तमिलनाडु व केरल तक मौसम का मिजाज बदला रहेगा।बिहार, बंगाल और केरल समेत इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्टमौसम विभाग के 17 सितंबर के बुलेटिन के मुताबिक देश के 8 प्रमुख राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम के साथ-साथ पूर्वोत्तर के राज्यों अरुणाचल प्रदेश और असम व मेघालय में अलग अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। दक्षिण भारत में केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल के कई हिस्सों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है।दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और झारखंड में 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी की चेतावनीउत्तर और पूर्वी भारत के मैदानी इलाकों में तेज हवाओं और आंधी-तूफान के साथ बारिश होने का पूर्वानुमान है। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और पंजाब में अलग-अलग जगहों पर थंडरस्टॉर्म के साथ आकाशीय बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। झारखंड, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में भी अलग-अलग जगहों पर 40-50 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाओं के साथ बिजली कड़कने के आसार हैं।राजस्थान, बंगाल, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में 30-40 किमी/घंटे की गति से चलेंगी हवाएंदेश के कई राज्यों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है। आंध्र प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, गांगेय पश्चिम बंगाल, आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना के अलग-अलग इलाकों में थंडरस्टॉर्म, बिजली चमकने और 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश और आंतरिक कर्नाटक मेंतेज सतही हवाएं चलने का भी अनुमान जताया गया है।यूपी, एमपी, राजस्थान और बिहार में बिजली चमकने की आशंकामौसम विभाग ने देश के 13 से अधिक राज्यों में आकाशीय बिजली कड़कने लेकर विशेष सतर्कता बरतने की हिदायत दी है। बिहार, उत्तर प्रदेश (पश्चिम राजस्थान व पूर्वी राजस्थान), मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, छत्तीसगढ़, गुजरात राज्य और लक्षद्वीप में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली चमकने की आशंका है।समुद्र में तूफानी हलचल: मछुआरों के लिए चेतावनीसमुद्री क्षेत्रों में प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों के कारण मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए अलर्ट जारी किया है। उत्तरी सोमालिया तट के साथ और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम व पश्चिम-मध्य अरब सागर के इलाकों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी, जिनके झोंके 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं। दक्षिण-पूर्व और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, दक्षिणी श्रीलंका तटों से लगे इलाकों तथा दक्षिणी अंडमान सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किमी/घंटे (झोंके 65 किमी/घंटे तक) की गति से तूफानी मौसम बना रहेगा। इसके अलावा अंडमान सागर और दक्षिण-पूर्वी व दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के अन्य हिस्सों में 40 से 50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे तक) की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान है।
UCC पर बिहार में नई सी चुप्पी, JDU ने बदला स्टैंड तो क्या बिहार की सियासत बदलेगी?
गृह मंत्री अमित शाह के यूसीसी लागू करने को लेकर दिए गए बयान के बाद सियासी घमासान मचा हुआ है. बीजेपी के कई सहयोगी दल ही अलग-अलग बयान दे रहे हैं.
पप्पू यादव ने कृषि मंत्री शिवराज से मांगा बिहार के लिए 10000 करोड़ का बाढ़ राहत पैकेज
Patna, 16 सितंबर . यूपीआई चार्ज विवाद और पश्चिम बंगाल के नए कानून, बिहार में यूसीसी लागू करने को लेकर एनडीए में मतभेद पर निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने प्रतिक्रिया दी है. इसके साथ ही बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए Union Minister शिवराज सिंह चौहान के बिहार दौरे पर पूर्णिया के सांसद ... Read more
लखनऊ होकर बंगाल, बिहार और पंजाब के लिए 2 स्पेशल ट्रेनें चलेंगी, यात्रियों को राहत
दिवाली -दशहरा त्योहार पर यात्रियों को दिक्कत न हो इसके लिए लखनऊ होकर बंगाल, बिहार और पंजाब के लिए 2 स्पेशल ट्रेनें चलेंगी। एक ऋषिकेश और कोलकाता के बीच तो दूसरी अमृतसर और बरौनी के बीच चलेगी।
IMD Weather Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश भर का लेटेस्ट मौसम बुलेटिन जारी किया है। बुलेटिन के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में एक नया चक्रवाती सिस्टम तैयार हो रहा है। इसके असर से पूर्व, पूर्वोत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों में 22 सितंबर तक भारी बारिश और थंडरस्टॉर्म की गतिविधियां जारी रहेंगी। मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई के लिए स्थितियां अनुकूल बनती जा रही हैं।बंगाल की खाड़ी में बनेगा नया लो-प्रेशर सिस्टममौसम विभाग के मुताबिक उत्तरी थाईलैंड के ऊपर मध्य क्षोभमंडल में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है। इसके 18 सितंबर की शाम तक उत्तरी अंडमान सागर में उभरने की संभावना है। इसके असर से 19 सितंबर की शाम तक इसी क्षेत्र (उत्तरी अंडमान सागर) में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने का अनुमान है। इसके बाद यह धीरे-धीरे और मजबूत होते हुए अगले 3-4 दिनों में दक्षिण ओडिशा-उत्तरी आंध्र प्रदेश तटों की ओर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ेगा।उत्तरी गांगेय पश्चिम बंगाल से उत्तरी ओडिशा तक एक ट्रफ रेखा गुजर रही है। मध्य असम पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र मौजूद है। दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा पर भी साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है, जबकि उत्तरी आंतरिक कर्नाटक से मन्नार की खाड़ी तक एक अन्य ट्रफ रेखा बनी हुई है।पिछले 24 घंटों में कहां कितनी हुई बारिशमौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 24 घंटों के दौरान सिक्किम में बहुत भारी बारिश यानी 30 सेमी से अधिक बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा कच्छ और असम के साथ उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान, रायलसीमा, गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश में भी भारी बारिश देखने को मिली है।बिहार, झारखंड, बंगाल और ओडिशा में मूसलाधार बारिश की चेतावनीIMD के मुताबिक पूर्वी भारत के राज्यों में 22 सितंबर तक व्यापक बारिश का अलर्ट है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 16 सितंबर को अलग-अलग जगहों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। 17 सितंबर को भारी बारिश और 16-18 और 22 सितंबर को व्यापक बारिश का अनुमान है। 19 से 21 सितंबर के दौरान छिटपुट बारिश रहेगी। इसी तरह बिहार और झारखंड में 16 से 22 सितंबर तक गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। बिहार में 17 और 18 सितंबर को अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश हो सकती है।गांगेय पश्चिम बंगाल में 16 से 22 सितंबर के दौरान व्यापक वर्षा और थंडरस्टॉर्म के आसार हैं। ओडिशा में 16 सितंबर को और 18 से 20 सितंबर तक भारी बारिश की संभावना है। 19 से 22 सितंबर के बीच व्यापक बारिश होगी। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में अगले 7 दिनों (16 से 22 सितंबर) के दौरान भारी बारिश की चेतावनी है, जिसमें 18 सितंबर को बहुत भारी बारिश हो सकती है।पूर्वोत्तर राज्यों में मूसलाधार पानी बरसने के आसारपूर्वोत्तर भारत के राज्यों में 16 सितंबर को असम और मेघालय में अलग अलग जगहों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। असम और मेघालय में 17 और 19 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। 16 से 20 सितंबर तक गरज-चमक की संभावना बनी रहेगी। अरुणाचल प्रदेश में 16 और 17 सितंबर को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 16 सितंबर और 19 सितंबर को भारी वर्षा के साथ 16-18 सितंबर तक थंडरस्टॉर्म और बिजली चमकने का अलर्ट है।उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के मौसम का हालजम्मू-कश्मीर, लद्दाख और पंजाब में 16-17 सितंबर को और पूर्वी राजस्थान में 17 सितंबर को गरज-चमक के साथ व्यापक बारिश हो सकती है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 16 से 18 सितंबर और पश्चिम मध्य प्रदेश में 18-19 सितंबर को व्यापक बारिश का अनुमान है। छत्तीसगढ़ में 19 से 22 सितंबर तक व्यापक बारिश होगी। इसमें 20 से 22 सितंबर के दौरान भारी बारिश की संभावना है। विदर्भ में 22 सितंबर को बारिश बढ़ेगी। कोंकण और गोवा में 16 सितंबर को और गुजरात क्षेत्र में 17 से 19 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश हो सकती है। 16 से 18 सितंबर तक गुजरात क्षेत्र और सौराष्ट्र व कच्छ में बिजली चमकने का अलर्ट है।दक्षिण भारत: तमिलनाडु, केरल और तेलंगाना में तेज हवाओं की चेतावनीमौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण भारत के राज्यों में बारिश के साथ तेज सतही और झोंकेदार हवाएं चलेंगी। तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 16 से 20 सितंबर तक, केरल व माहे में 17 से 20 सितंबर तक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 16 सितंबर व 19-22 सितंबर को, तटीय आंध्र प्रदेश व रायलसीमा में 19 से 21 सितंबर तक और तेलंगाना में 19 से 22 सितंबर तक भारी बारिश की संभावना है।तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 16-20 सितंबर और तटीय आंध्र प्रदेश में 19-20 सितंबर के दौरान 40 से 50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे तक) की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। तटीय आंध्र प्रदेश, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 16 से 20 सितंबर तक तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है।समुद्र में तूफानी हवाएं: मछुआरों के लिए चेतावनी जारीसमुद्री क्षेत्रों में खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों को सतर्क किया गया है। उत्तरी गुजरात तटों से लगे उत्तर-पूर्वी अरब सागर में 16 सितंबर को और सोमालिया तट व उससे सटे दक्षिण-पश्चिम व पश्चिम-मध्य अरब सागर के हिस्सों में 19 सितंबर तक समुद्र में न उतरने की सलाह है। दक्षिण-पूर्व व दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तथा अंडमान सागर में 21 सितंबर तक तूफानी मौसम रहेगा। इसके अलावा 19 और 20 सितंबर को दक्षिण श्रीलंका तट से लगे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में भी मछुआरों को न जाने की हिदायत दी गई है।ये भी पढ़ें- Shahzad Bhatti Network: आतंक के खिलाफ भारत सरकार का बड़ा एक्शन! शाहजाद भट्टी नेटवर्क UAPA के तहत आतंकी संगठन घोषित
बिहार में Flood से 50 लाख लोग प्रभावित, Shivraj Singh Chouhan ने हर संभव मदद का दिया भरोसा
केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को बिहार में बाढ़ प्रभावित इलाकों का विस्तृत जायजा लिया और संकट से निपटने में राज्य की मदद के लिए केंद्र सरकार की ओर से पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया। चौहान ने हाजीपुर में ग्रामीण आजीविका को हुए भारी नुकसान का आकलन किया और पाया कि कई जगहों पर पानी का स्तर 2016 की बाढ़ के समय के स्तर से भी ऊपर चला गया है, जिससे पूरे बिहार में लगभग 50 लाख लोग विस्थापित हुए हैं। इसे भी पढ़ें: UCC पर रुख तय करने से पहले कानून की समीक्षा करेगी JD(U), Nitish Kumar ने बुलाई बैठक शिवराज ने पत्रकारों से कहा कि वे कह रहे हैं कि पानी का स्तर 2016 की बाढ़ से भी एक फ़ीट ज़्यादा था। हम देख सकते हैं कि यहाँ केले और मक्के की फ़सलें बर्बाद हो गई हैं और लगातार 10 दिनों से ज़्यादा समय तक पानी में डूबे रहने के कारण पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े—पूरे बिहार में लगभग 50 लाख (5 मिलियन) लोगों को। फ़सलों को नुकसान पहुँचा है, घरों को नुकसान पहुँचा है, और कुछ लोग मवेशियों के नुकसान की भी बात कर रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर हालात का खुद जायज़ा लेने के लिए बिहार भेजा गया था। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय टीमें पहले से ही हुए नुकसान का आकलन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि हम देख रहे हैं कि यहाँ केले और मक्के की फसल को नुकसान पहुँचा है क्योंकि वे लगातार 10 दिनों से ज़्यादा समय तक पानी में डूबी रही हैं। पूरे बिहार में लगभग 50 लाख लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा है। फसलों के साथ-साथ घरों को भी नुकसान पहुँचा है। कुछ लोगों का कहना है कि जानवरों का भी नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में राज्य सरकार लोगों को हर संभव मदद पहुँचाने में जुटी है। अभी हमने प्रति परिवार 7,000 रुपये देना शुरू कर दिया है। चौहान ने कहा कि बाढ़ की गंभीरता को देखते हुए, प्रधानमंत्री के निर्देश पर मैं भी केंद्र सरकार की ओर से यहाँ आया हूँ। आज मुख्यमंत्री के साथ हम अलग-अलग ज़िलों में ज़मीनी हालात का जायज़ा ले रहे हैं... केंद्र सरकार की ओर से मैं बिहार के लोगों को भरोसा दिलाता हूँ कि संकट तो है, लेकिन इससे निपटने के लिए हम राज्य सरकार के साथ खड़े रहेंगे। हम बिहार को हर संभव मदद देंगे। एक और केंद्रीय टीम भी आएगी, जो नुकसान का आकलन करेगी... जो भी नुकसान हुआ है, उसे देखते हुए केंद्र सरकार हर संभव मदद देगी। इसे भी पढ़ें: Vishnupad Temple Corridor और नदी जोड़ समेत Bihar Cabinet ने 17 प्रस्तावों को दी मंजूरी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि हम लोगों के साथ मिलकर हर संभव मदद देने पर लगातार चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने फसलों और सड़कों की हालत का जायजा लिया है और लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। अब हम कई और जिलों का दौरा करेंगे... राज्य सरकार की ओर से हमने लोगों को आर्थिक मदद देना शुरू कर दिया है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करता हूं क्योंकि उन्होंने एक विशेष टीम भेजी है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान आ चुके हैं, और ऐसी कई टीमें बिहार में हालात का जायजा लेने और समीक्षा करने तथा बिहार को हर संभव मदद देने के लिए आएंगी।
कौन हैं प्रीता वर्मा? बिहार की कार्यकारी DGP को मिल चुका है राष्ट्रपति पुलिस पदक, जानें पूरा करियर
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UCC पर रुख तय करने से पहले कानून की समीक्षा करेगी JD(U), Nitish Kumar ने बुलाई बैठक
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) पर किए गए ऐलान के बाद बिहार में नई राजनीतिक सरगर्मी शुरू हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और JD(U) प्रमुख नीतीश कुमार ने पार्टी के सांसदों, विधायकों और विधान परिषद के सदस्यों की बैठक बुलाई है। यह बैठक 18 सितंबर को पटना में JD(U) दफ्तर में होगी। खबरों के मुताबिक, बैठक में UCC पर चर्चा होने की उम्मीद है और एजेंडे में फरक्का जल संधि (Farakka Water Treaty) भी शामिल हो सकती है। इसे भी पढ़ें: UCC पर JDU बीजेपी के इशारे पर कर रही काम: Tejashwi Yadav यह घटनाक्रम शाह के उस बयान के कुछ दिनों बाद हुआ है जिसमें उन्होंने कहा था कि 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले BJP के नेतृत्व वाले NDA की सरकार वाले सभी 21 राज्यों में UCC लागू किया जाएगा। इस घोषणा ने नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है, खासकर JD(U) जैसे NDA सहयोगियों के बीच। यह बैठक इसलिए अहम है क्योंकि JD(U) ने अब तक UCC पर सावधानी भरा रुख अपनाया है। बिहार के डिप्टी सीएम और सीनियर JD(U) नेता विजय कुमार चौधरी ने मंगलवार को कहा कि पार्टी अपना रुख तय करने से पहले प्रस्तावित कानून की जांच करेगी। चौधरी ने कहा कि पार्टी को अभी UCC कानून की डिटेल्स के बारे में जानकारी नहीं है और वह अपनी कोई भी चिंता केंद्रीय गृह मंत्री तक पहुंचाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में जल्दबाजी करने की कोई वजह नहीं है। चौधरी ने कहा कि अगर हमें इसमें कुछ भी आपत्तिजनक नहीं लगता है, तो हम बिना किसी वजह के इसका विरोध क्यों करेंगे? और अगर चिंता की कोई बात होगी, तो उसे केंद्रीय गृह मंत्री को बताया जाएगा। इसे भी पढ़ें: Vishnupad Temple Corridor और नदी जोड़ समेत Bihar Cabinet ने 17 प्रस्तावों को दी मंजूरी JD(U) के नेशनल वर्किंग प्रेसिडेंट संजय कुमार झा ने भी संकेत दिया है कि पार्टी UCC के मुद्दे पर अमित शाह से बातचीत करेगी। JD(U), जिसके 12 लोकसभा सांसद हैं, BJP के नेतृत्व वाले NDA का एक अहम हिस्सा है और बिहार में BJP के साथ मिलकर सरकार चला रही है।
LJP(R) घर का ताला तोड़कर फिल्मी अंदाज में ले गई बिहार पुलिस, हाजीपुर मर्डर केस में जारी हुआ था वारंट
चिराग पासवान की पार्टी एलजेपीआर के नेता अंट्टू ईस्सर को STF और नगर थाने की पुलिस ने बहादुरपुर आवास से गिरफ्तार किया. पुलिस ने 3 घंटे छापेमारी के बाद दरवाजा तोडकर गिरफ्तार किया.
यूसीसी पर बिहार में बड़ा सवाल: भाजपा का एजेंडा चलेगा या सहयोगियों का मैथेमेटिक्स?
अमित शाह के यूसीसी लागू करने के ऐलान ने बिहार की भाजपा सरकार के सामने गठबंधन की पहली बड़ी राजनीतिक चुनौती खड़ी कर दी है। भाजपा यूसीसी को अपने वैचारिक एजेंडे के तौर पर आगे बढ़ाना चाहती है, पर सहयोगी दलों का सामाजिक आधार और राजनीतिक मजबूरियां अलग हैं।
Weather Forecast Today: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज यानी 16 सितंबर के लिए देश भर का मौसम पूर्वानुमान और अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के मुताबिक उत्तर भारत के मैदानी इलाकों दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा से लेकर दक्षिण के केरल व तमिलनाडु तक देश के 9 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। बिहार से लेकर पश्चिम बंगाल और झारखंड तक कई राज्यों में थंडरस्टॉर्म, आकाशीय बिजली कड़कने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और केरल समेत इन 9 राज्यों में भारी बारिश का अलर्टमौसम विभाग के 16 सितंबर के बुलेटिन के मुताबिक देश के 9 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग अलग जगहों पर भारी बारिश होने का अनुमान है। उत्तर भारत में हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली और पंजाब में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। दक्षिण भारत में केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में भारी पानी बरसने के आसार हैं। पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम के साथ-साथ पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश तथा असम व मेघालय में भारी बारिश हो सकती है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के अलग-अलग हिस्सों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी गई है।केरल, तमिलनाडु और अंडमान में 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी तेज हवाएंमौसम विभाग ने दक्षिण भारत और द्वीपीय इलाकों में तेज हवाओं और आंधी-तूफान का पूर्वानुमान जताया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, केरल व माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक और बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं।बिहार से बंगाल, ओडिशा और राजस्थान तक आंधी-तूफान की चेतावनीपूर्वी, उत्तर-पश्चिमी और दक्षिणी भारत के कई राज्यों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की आशंका है। आंध्र प्रदेश, बिहार, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, ओडिशा, राजस्थान, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में अलग-अलग जगहों पर थंडरस्टॉर्म के साथ बिजली कड़कने और 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा आंध्र प्रदेश में पृथक स्थानों पर धरातल पर तेज सतही हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।यूपी, एमपी, उत्तराखंड और दिल्ली-NCR में बिजली कड़कने का अनुमानमौसम विभाग ने देश के कई हिस्सों में आकाशीय बिजली चमकने को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की हिदायत दी है। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, पंजाब, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और लक्षद्वीप में अलग-अलग जगहों पर बिजली चमकने की आशंका है।समुद्र में तूफानी हलचल: गुजरात तट से बंगाल की खाड़ी तक अलर्टसमुद्री क्षेत्रों और तटीय इलाकों में तेज हवाओं के कारण मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए चेतावनी जारी की है। उत्तरी सोमालिया तट के साथ और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम व पश्चिम-मध्य अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। इनके झोंके 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं। उत्तर-पूर्वी अरब सागर से लगे उत्तरी गुजरात तटों पर 35 से 45 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी मौसम बना रहेगा। यहां हवा की गति 55 किमी/घंटे तक जा सकती है।दक्षिण-पूर्व और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों तथा दक्षिणी अंडमान सागर में 45 से 55 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की संभावना है, जो बढ़कर 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकती हैं। इसके अलावा अंडमान सागर और उससे लगे दक्षिण-पूर्वी व दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के अन्य इलाकों में 40 से 50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे तक) की रफ्तार से तूफानी मौसम बना रहेगा।ये भी पढ़ें- Houthi attacks Mecca: सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच घातक युद्ध! पहली बार मक्का के हवाई क्षेत्र में घुसा ड्रोन, इमरजेंसी अलर्ट
आगरा से बिहार जाने वालों के लिए राहत, चार स्पेशल ट्रेनों का बढ़ा संचालन।
UCC पर बिहार में सियासी संग्राम के बीच मांझी का दांव, तीन तलाक और धारा 370 पर भी साफ किया रुख
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने बिहार में समान नागरिक संहिता (UCC) का समर्थन किया है, इसे संवैधानिक समानता के अधिकार से जोड़ा है। उन्होंने तीन तलाक और धारा 370 हटाने के केंद्र सरकार के फैसलों का भी समर्थन किया।
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विष्कर्मा पूजा 2026: बिहार और झारखंड में स्कूलों की छुट्टी की जानकारी
विष्कर्मा पूजा 2026 में 17 सितंबर को मनाई जाएगी। इस दिन बिहार और झारखंड में स्कूलों की छुट्टी की स्थिति को लेकर छात्रों और अभिभावकों में जिज्ञासा है। झारखंड में सरकारी स्कूलों के लिए छुट्टी की पुष्टि हो चुकी है, जबकि बिहार में इसे 'प्रतिबंधित छुट्टी' के रूप में वर्गीकृत किया गया है। जानें इस पूजा के पीछे की धार्मिक मान्यता और इस दिन की विशेषता के बारे में।
पितृ पक्ष, आगामी शारदीय नवरात्र, करवाचौथ और धनतेरस-दीपावली जैसे बड़े पर्वों की आहट के साथ ही देश भर के करोड़ों परिवारों की रसोई में पकवानों की तैयारी शुरू हो चुकी है। ऐसे में हर गृहिणी और आम उपभोक्ता के मासिक बजट का सबसे बड़ा हिस्सा रसोई गैस (LPG) के खर्च पर निर्भर करता है। तेल विपणन कंपनियों—इंडियन ऑयल (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL)—ने आज 16 सितंबर 2026 को देश भर के सभी प्रमुख शहरों के लिए एलपीजी सिलेंडर के ताजा भाव अपडेट कर दिए हैं। राहत की बात यह है कि त्योहारों से ठीक पहले घरेलू रसोई गैस (14.2 किलोग्राम) के दाम पूरी तरह स्थिर बने हुए हैं और आम उपभोक्ताओं की जेब पर कोई नया बोझ नहीं डाला गया है। वहीं, होटल, रेस्टोरेंट और हलवाई कारोबारियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले 19 किलोग्राम के नीले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतें भी महीने की पहली तारीख को हुए आंशिक संशोधन के बाद अपने तय स्तरों पर बनी हुई हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से लेकर मुंबई, लखनऊ, पटना, कानपुर और जयपुर तक सिलेंडर बुक करने से पहले अपनी जेब का सही हिसाब लगाना बेहद जरूरी है।दिल्ली से पटना तक: देश के प्रमुख शहरों में 14.2 kg और 19 kg एलपीजी की पूरी रेट लिस्टदेश के अलग-अलग राज्यों में स्थानीय वैट (VAT), राज्य टैक्स और ट्रांसपोर्टेशन लॉजिस्टिक्स के आधार पर गैस सिलेंडरों के खुदरा भाव में थोड़ा अंतर देखने को मिलता है। 16 सितंबर 2026 को प्रमुख महानगरों और राज्य की राजधानियों में बिना सब्सिडी वाले 14.2 किलो घरेलू सिलेंडर और 19 किलो कमर्शियल सिलेंडर के आधिकारिक भाव इस प्रकार दर्ज किए गए हैं:शहर / राज्य (City)घरेलू सिलेंडर (14.2 Kg)कमर्शियल सिलेंडर (19 Kg)प्रमुख श्रेणी / वितरण कंपनीनई दिल्ली (New Delhi)₹942.00₹2,747.50राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र मानक दरमुंबई (Mumbai)₹941.50₹2,701.00पश्चिमी भारत की सबसे किफायती दरकोलकाता (Kolkata)₹968.00₹2,884.00पूर्वी महानगर दरचेन्नई (Chennai)₹957.50₹2,916.50दक्षिणी महानगर दरनोएडा / ग्रेटर नोएडा (UP)₹939.50₹2,738.00पश्चिमी यूपी एनसीआर दरगुरुग्राम / फरीदाबाद (Haryana)₹950.50₹2,755.00हरियाणा एनसीआर दरलखनऊ (Lucknow, UP)₹979.50₹2,860.50उत्तर प्रदेश राजधानी दरपटना (Patna, Bihar)₹1,031.50₹3,018.00बिहार राजधानी दरजयपुर (Jaipur, Rajasthan)₹945.50₹2,765.50राजस्थान राज्य दरबेंगलुरु (Bengaluru, Karnataka)₹944.50₹2,821.00कर्नाटक आईटी हब दरहैदराबाद (Hyderabad, Telangana)₹994.00₹2,985.00तेलंगाना राजधानी दरचंडीगढ़ (Chandigarh)₹951.50₹2,760.00पंजाब-हरियाणा संयुक्त दर14.2 किलोग्राम घरेलू गैस सिलेंडर: करोड़ों परिवारों के मासिक बजट को बड़ी राहतघरेलू उपभोक्ताओं के लिए सबसे बड़ा सुकून यह है कि 14.2 किलोग्राम वाले सामान्य रसोई गैस सिलेंडर के दाम जून के बाद से अपरिवर्तित बने हुए हैं। दिल्ली में यह ₹942 और मुंबई में ₹941.50 पर उपलब्ध है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल (Brent Crude) और सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस (Saudi CP) में उतार-चढ़ाव के बावजूद केंद्र सरकार और सरकारी तेल कंपनियों ने आम नागरिकों पर कोई अतिरिक्त मूल्य वृद्धि नहीं थोपी है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ में यह ₹979.50 और बिहार के पटना में दूरी व परिवहन लागत के चलते ₹1,031.50 प्रति सिलेंडर पर मिल रहा है। मध्यवर्गीय परिवारों के लिए यह स्थिरता इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि आने वाले त्योहारों के दौरान रसोई गैस की खपत सामान्य दिनों के मुकाबले 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ जाती है।19 किलोग्राम कमर्शियल सिलेंडर का गणित: रेस्टोरेंट, मिष्ठान भंडार और कैटरिंग पर असरव्यावसायिक प्रतिष्ठानों, मिठाई की दुकानों, ढाबों और छोटे फूड स्टॉल्स के लिए 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की दरें सीधी लागत से जुड़ी होती हैं। तेल कंपनियों ने 1 सितंबर को कमर्शियल सिलेंडर के भाव में ₹9.50 से ₹11.50 प्रति सिलेंडर की मामूली वृद्धि की थी, जिसके बाद दिल्ली में इसका भाव ₹2,747.50 प्रति सिलेंडर है। चूंकि त्योहारों में खोया, पनीर, मिठाइयों और नमकीन का थोक उत्पादन शुरू हो जाता है, इसलिए कैटरर्स और हलवाईयों के लिए कमर्शियल गैस की मांग चरम पर रहती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामूली वृद्धि होटल या रेस्टोरेंट के मेन्यू की कीमतों पर कोई खास नकारात्मक असर नहीं डालेगी, जिससे आम ग्राहकों को बाहर खाना खाने या त्योहारी मिठाइयां खरीदने में महंगाई का अतिरिक्त झटका नहीं लगेगा।प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY): ₹300 की सीधी सब्सिडी, ₹642 में मिल रहा सिलेंडरगरीब और ग्रामीण महिलाओं के लिए केंद्र सरकार की फ्लैगशिप 'प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना' (PMUY) एक बड़ा वित्तीय सुरक्षा कवच बनी हुई है। सरकार द्वारा उज्ज्वला योजना के 10 करोड़ से अधिक लाभार्थी परिवारों को प्रति सिलेंडर ₹300 की सीधी सब्सिडी (Targeted Direct Subsidy) उनके बैंक खातों में डीबीटी (DBT) के जरिए भेजी जा रही है।उज्ज्वला लाभार्थियों के लिए प्रभावी लागत का हिसाब:दिल्ली में 14.2 किलो सिलेंडर की सामान्य कीमत: ₹942केंद्र सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी: ₹300 प्रति सिलेंडरलाभार्थी को पड़ने वाली वास्तविक प्रभावी लागत: मात्र ₹642 प्रति सिलेंडरउज्ज्वला योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को वित्तीय वर्ष में अधिकतम 12 सिलेंडरों पर यह ₹300 की सब्सिडी मिलती है। इस सब्सिडी का लाभ उठाने के लिए लाभार्थी महिला का बैंक खाता उसके आधार कार्ड से लिंक और एनपीसीआई (NPCI) मैपर पर एक्टिव होना अनिवार्य है।घर बैठे 1 मिनट में गैस सिलेंडर बुक करने के 4 आसान और सुपरफास्ट डिजिटल तरीकेअब गैस एजेंसी के दफ्तर जाकर लाइन में लगने या बार-बार फोन लगाने के दिन लद चुके हैं। उपभोक्ता अपने मोबाइल से बिना किसी अतिरिक्त चार्ज के तुरंत बुकिंग कर सकते हैं:WhatsApp द्वारा बुकिंग:Indane (इंडियन ऑयल): अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से 7588888824 पर वॉट्सऐप पर REFILL लिखकर भेजें।Bharat Gas (बीपीसीएल): वॉट्सऐप नंबर 1800224344 पर Hi या Book लिखकर मैसेज करें।HP Gas (एचपीसीएल): वॉट्सऐप नंबर 9222201122 पर चैट शुरू करके बुकिंग करें।मिस्ड कॉल सुविधा (Missed Call Booking):इंडेन ग्राहक अपने रजिस्टर्ड नंबर से 8454955555 पर मिस्ड कॉल देकर तुरंत सिलेंडर बुक करा सकते हैं।भारत गैस के उपभोक्ता 7710955555 पर मिस्ड कॉल दे सकते हैं।एलपीजी वितरक मोबाइल ऐप्स और उमंग (UMANG): इंडियन ऑयल वन (IndianOil ONE), भारत कनेक्ट (Bharat Connect), या एचपी पे (HP Pay) ऐप के जरिए ऑनलाइन यूपीआई पेमेंट करके बुकिंग की जा सकती है, जहां कई बैंक ₹25 से ₹50 तक का इंस्टेंट कैशबैक भी देते हैं।आईवीआरएस (IVRS) टोल-फ्री कॉलिंग: अपने रजिस्टर्ड फोन से कंपनी के 24x7 आईवीआर नंबर पर कॉल करके अपनी क्षेत्रीय भाषा का चयन करें और स्वचालित वॉयस प्रॉम्प्ट के जरिए बुकिंग पूरी करें।LPG बायोमैट्रिक e-KYC और PNG का नया नियम: इन 2 बातों की अनदेखी पड़ सकती है भारीपेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने गैस सब्सिडी और आपूर्ति की पारदर्शिता के लिए कुछ बेहद कड़े नियम लागू किए हैं, जिनका पालन हर उपभोक्ता के लिए अनिवार्य है:बायोमैट्रिक ई-केवाईसी (Biometric e-KYC): फर्जी और दोहरे गैस कनेक्शनों को समाप्त करने के लिए सरकार ने सभी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बायोमैट्रिक ई-केवाईसी अनिवार्य कर रखी है। यदि आपने अभी तक अपनी संबंधित गैस एजेंसी पर जाकर फिंगरप्रिंट या आइरिस (आंखों की पुतली) स्कैन कराकर ई-केवाईसी पूरा नहीं कराया है, तो आपकी सब्सिडी रुक सकती है। हालांकि, कंपनियां स्पष्ट कर चुकी हैं कि ई-केवाईसी न होने पर भी सामान्य सिलेंडर की डिलीवरी नहीं रोकी जाएगी।PNG बनाम LPG नियम: यदि आपके घर में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) का एक्टिव पाइपलाइन कनेक्शन लग चुका है, तो मंत्रालय के संशोधित सुरक्षा नियमों के अनुसार आप एक ही परिसर में एलपीजी सिलेंडर का कनेक्शन नहीं रख सकते। ऐसे उपभोक्ताओं को अपना एलपीजी सिलेंडर सरेंडर करना होगा, ताकि देश में गैस आयात के दबाव को कम किया जा सके और पाइपलाइन वाले शहरों में गैस की निर्बाध आपूर्ति बनी रहे।सिलेंडर की डिलीवरी लेते समय डिलीवरीमैन के सामने सील की जांच अवश्य करें और वजन मापने वाले कांटे से सिलेंडर का कुल वजन (सिलेंडर का वजन + 14.2 किलो गैस) तौलवाने का अपना उपभोक्ता अधिकार जरूर इस्तेमाल करें।
देश के कई राज्यों में मानसून के सक्रिय रुख के चलते बाढ़ और भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। उत्तर प्रदेश और बिहार में नदियां उफान पर हैं, जिससे लाखों लोग विस्थापित होने को मजबूर हैं। वहीं, पंजाब, राजस्थान और गुजरात में भी मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी है।
Bihar Panchayat Election: जनगणना के आधार पर कुल आबादी में जितनी आबादी एससी और एसटी की होगी, इन वर्ग को उतना प्रतिशत आरक्षण देना है। इसके बाद ही ईबीसी को आरक्षण दिया जा सकेगा। बीते पंचायत चुनाव में पिछड़ा वर्ग को 20% आरक्षण मिला था।
दिल्ली, यूपी, बिहार समेत 10 राज्यों में भारी बारिश, IMD ने जारी किया हाई अलर्ट!
दिल्ली, यूपी, बिहार समेत 10 राज्यों में भारी बारिश, IMD ने जारी किया हाई अलर्ट!
क्या आप जमीन खरीदने जा रहे ? पूरी जिंदगी की कमाई लगाने से पहले जरूर कर लें ऑनलाइन जांच
Land Buying Precautions Bihar:बिहार में जमीन खरीदने से पहले ऑनलाइन जांच करना बेहद जरूरी है ताकि भविष्य में होने वाले विवादों से बचा जा सके।
शिवराज सिंह बाढ़ पीड़ितों के लिए सहयोग लेकर आ रहे या फोटो खिंचाने, बिहार दौरे से पहले तेजस्वी का तंज
बिहार में आई बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह की अध्यक्षता में एक टीम आज बिहार पहुंचेगी। इस टीम के बिहार आने से पहले राज्य के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने टीम के सदस्यों पर तंज कसा है।
दिल्ली एनसीआर में रात से तेज हवाएं चल रही हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने आज के लिए देश के कई राज्यों में बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है।
Bareilly News: बिहार के मजदूरी की सड़क हादसे में मौत
फतेहगंज पूर्वी। राष्ट्रीय राजमार्ग पर हरेला चौराहे के पास मंगलवार रात टंपो की टक्कर से सड़क पार कर रहे राजदेव मुखिया (28) की मौत हो गई। वह बिहार के मधुबन के निवासी थे। हरेली स्थित प्लाई की एक फैक्टरी में मजदूरी करते थे।
त्योहारों से पहले मुजफ्फरपुर में बैंक लगातार पांच दिनों तक बंद रहेंगे, जिससे ग्राहकों और व्यापारियों को परेशानी होगी। यह बंदी चौथे शनिवार, रविवार और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के कारण है, जिससे बैंकिंग लेनदेन प्रभावित होंगे।
ओडिशा से वाराणसी तक फैले चाचा-भतीजा गैंग का सरगना बिहार से गिरफ्तार, 25 हजार था इनाम
सीएम सम्राट चौधरी की गरीब परिवारों को सौगात, बिहार में बनेंगे 60 लाख नए पक्के मकान
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि अगले पांच वर्षों में बिहार में 60 लाख और गरीबों को पक्के मकान मिलेंगे। उन्होंने अभियंताओं के सम्मान समारोह में यह बात कही और राज्य के विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया।
पत्नी को किसी और के साथ देख भड़का पति.. चाकुओं से गोदकर की हत्या, बिहार का आरोपी
जीपीएम जिले के गौरेला थाना अंतर्गत ग्राम अंजनी की झाड़ियों में मिली बिहार निवासी लक्ष्मी कुमारी की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। आरोपी पति सुमित कुमार यादव ने 9 सितंबर की रात अपनी पत्नी को परिचित के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देखने के बाद चाकू से गला रेतकर उसकी हत्या कर दी थी।
बिहार STET आवेदन की आखिरी तारीख बढ़ी, अब 22 सितंबर तक भरें फॉर्म, नवंबर में होगी परीक्षा
Bihar STET 2026: बिहार एसटीईटी 2026 के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 22 सितंबर तक बढ़ा दी गई है। अब इच्छुक उम्मीदवार बीएसईबी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर जल्द अपना ऑनलाइन फॉर्म भरें।
छुट्टी पर गए बिहार के DGP विनय कुमार:प्रभार में रहेंगी प्रीता वर्मा, गृह विभाग ने जारी की अधिसूचना
बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार 21 दिनों की छुट्टी पर गए हैं। वह 15 सितंबर से 5 अक्टूबर 2026 तक अवकाश पर रहेंगे। गृह विभाग की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। अधिसूचना के अनुसार, DGP विनय कुमार ने छुट्टी के लिए अपरिहार्य, निजी और स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला दिया है। उनके अवकाश पर रहने के दौरान बिहार पुलिस के DGP पद का अतिरिक्त प्रभार प्रीता वर्मा को दिया गया है। प्रीता वर्मा वर्तमान में गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशमन विभाग की समादेष्टा के प्रभार में हैं। अतिरिक्त प्रभार में रहेंगी प्रीता वर्मा अब वह DGP विनय कुमार के अवकाश की अवधि में पुलिस महानिदेशक के कार्यों की भी जिम्मेदारी संभालेंगी। सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक यह व्यवस्था 15 सितंबर से 5 अक्टूबर तक प्रभावी रहेगी। इस दौरान बिहार पुलिस से जुड़े महत्वपूर्ण प्रशासनिक और विभागीय कार्यों का संचालन प्रीता वर्मा करेंगी। DGP के अवकाश पर जाने के बाद पुलिस विभाग में उनके स्थान पर अतिरिक्त प्रभार की व्यवस्था की गई है, ताकि विभागीय कामकाज में किसी तरह की रुकावट न आए। 5 अक्टूबर के बाद DGP विनय कुमार के वापस लौटने पर आगे की व्यवस्था उनके कार्यभार संभालने के अनुसार होगी।
औरंगाबाद डीएम अभिलाषा शर्मा के मार्गदर्शन में मंगलवार को 20 ग्राम पंचायतों में एक साथ ‘सहयोग शिविर’ का आयोजन किया गया। पंचायत स्तर पर आयोजित इन शिविरों का उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं को उनके गांव के नजदीक सुनना और सरकारी योजनाओं-सेवाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना रहा। शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याओं को लेकर आवेदन दिया। राजस्व, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, मनरेगा, भूमि विवाद, दाखिल-खारिज, कृषि, छात्रवृत्ति, वृद्धावस्था पेंशन और दिव्यांगजन सहायता सहित कई मामलों की सुनवाई की गई। पूर्व से लंबित कई मामलों का मौके पर ही समाधान कर ग्रामीणों को राहत दी गई। इससे लोगों को अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं के लिए प्रखंड अथवा जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने से राहत मिली। जिला प्रशासन की ओर से शिविरों को प्रभावी बनाने के लिए हर पंचायत में अधिकारियों और कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई थी। संबंधित प्रखंडों के बीडीओ, सीओ और प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारियों को व्यवस्थाओं और शिविर के सफल संचालन की जिम्मेदारी दी गई थी। मामलों के निष्पादन में औरंगाबाद का बेहतर प्रदर्शन औरंगाबाद प्रखंड की पोखराहा पंचायत के उच्च विद्यालय, जगदीशपुर परिसर में आयोजित सहयोग शिविर की संयुक्त अध्यक्षता जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा और पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा ने की। शिविर का शुभारंभ राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान के सामूहिक गायन से हुआ। इसके बाद डीएम, एसपी और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों ने डीएम-एसपी को पौधा और शॉल भेंट कर सम्मानित किया। डीएम अभिलाषा शर्मा ने कहा कि सहयोग शिविर का मुख्य उद्देश्य ‘प्रशासन को जनता के द्वार तक पहुंचाना’ है। आम लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़े, इसी उद्देश्य से पंचायत स्तर पर शिविर लगाए जा रहे हैं। सहयोग शिविर के माध्यम से प्राप्त मामलों के निष्पादन में औरंगाबाद जिला बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। जिले में सहयोग शिविर से प्राप्त मामलों के निष्पादन की दर 98 प्रतिशत से अधिक है। अलग-अलग विभागों के स्टॉल लगे थे पोखराहा पंचायत में आयोजित शिविर में विभिन्न विभागों की ओर से अलग-अलग काउंटर और स्टॉल लगाए गए थे। इन स्टॉलों पर ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ पात्र लाभुकों से आवेदन भी लिए गए। डीएम ने कहा कि राशन कार्ड में नाम जुड़वाने, मनरेगा जॉब कार्ड, जन्म-मृत्यु प्रमाण-पत्र, ई-श्रम कार्ड, प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना सहित अन्य योजनाओं से संबंधित जानकारी और सहायता लोगों को शिविर में उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं, किसानों, युवाओं, दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों से अपील की कि वे शिविर में पहुंचकर अपने लिए पात्र योजनाओं की जानकारी लें और पात्रता होने पर आवेदन जरूर करें। शिविर में सामाजिक सुरक्षा पेंशन, मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन, दिव्यांगजन पेंशन, मनरेगा, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, सात निश्चय-2 के तहत नल-जल योजना, कौशल विकास योजना, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड और मुख्यमंत्री स्वयं सहायता भत्ता योजना से संबंधित स्टॉल लगाए गए थे। स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल पर ग्रामीणों को दवा वितरण, नेत्र जांच, रक्त जांच, रक्तचाप जांच, आयुष्मान भारत कार्ड और यूडीआईडी कार्ड समेत विभिन्न स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। इसके अलावा जिला बाल संरक्षण इकाई, प्रधानमंत्री आवास योजना, आईसीडीएस, शिक्षा और राजस्व विभाग के स्टॉलों पर भी ग्रामीणों की समस्याएं सुनी गईं। लाभुकों को बांटे गए प्रमाण-पत्र, प्रशासन ने कहा- अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ सहयोग शिविर के दौरान जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा और पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा ने विभिन्न लाभुकों के बीच वासगीत पर्चा, आयुष्मान कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड और जन्म प्रमाण-पत्र का वितरण किया। वहीं, पोषण माह के तहत डीएम और एसपी की मौजूदगी में गोद भराई कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। जिला पदाधिकारी ने कहा कि शिविरों का उद्देश्य केवल आवेदन लेना नहीं, बल्कि ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं की सही जानकारी उपलब्ध कराना भी है। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि वे अपने आसपास के पात्र लोगों को भी योजनाओं की जानकारी दें, ताकि कोई व्यक्ति केवल जानकारी या प्रक्रिया के अभाव में सरकारी लाभ से वंचित न रहे। समाधान न हो तो करें शिकायत उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का संकल्प है कि प्रशासन जनता के द्वार तक पहुंचे, समस्याओं को सुने और उनके समाधान को सुनिश्चित करे। यदि किसी नागरिक की समस्या का समाधान शिविर में नहीं हो पाता है, तो वह sahyog.bihar.gov.in पर शिकायत दर्ज करा सकता है। इसके अलावा टोल-फ्री नंबर 1100 पर भी शिकायत की जा सकती है। नागरिकों से प्रशासन ने फीडबैक और सुझाव देने की भी अपील की।
चनपटिया विधायक अभिषेक रंजन ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को एक खुला पत्र लिखा है। उन्होंने बिहार में 'बिहार रत्न' सम्मान शुरू करने की मांग की है। विधायक का कहना है कि राज्य की महान हस्तियों के योगदान को सम्मान देने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए यह जरूरी है। उन्होंने कहा कि बिहार के लिए खास योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित करने के लिए राज्य में भी सर्वोच्च सम्मान होना चाहिए। पत्र में विधायक अभिषेक रंजन ने कहा कि बिहार सिर्फ एक राज्य नहीं, बल्कि ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विरासत की धरती है। ''राज्य में भी बिहार रत्न सम्मान की होनी चाहिए शुरुआत'' इस प्रदेश ने देश को कई महापुरुष, स्वतंत्रता सेनानी, समाजसेवी, साहित्यकार, कलाकार, शिक्षाविद, वैज्ञानिक, खिलाड़ी और जनसेवक दिए हैं। इन हस्तियों के योगदान से बिहार की पहचान देश-दुनिया में बनी है। उन्होंने बताया कि देश में 'भारत रत्न' सबसे बड़ा नागरिक सम्मान है। इसी तरह कई राज्यों ने अपने यहां खास योगदान देने वाले लोगों को सर्वोच्च राज्य सम्मान देना शुरू किया है। इसलिए बिहार में भी 'बिहार रत्न' सम्मान की शुरुआत होनी चाहिए। स्वतंत्रता सेनानी का दिया उदाहरण विधायक ने यह भी मांग की कि यह सम्मान सिर्फ जीवित लोगों तक सीमित न रहे। बिहार के इतिहास में अहम योगदान देने वाली दिवंगत हस्तियों को भी मरणोपरांत सम्मानित करने का नियम बनाया जाए। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी पंडित राजकुमार शुक्ल का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि चंपारण से महात्मा गांधी को लाकर आजादी के आंदोलन को नई दिशा देने वाले राजकुमार शुक्ल जैसे लोगों को सम्मानित करना गर्व की बात होगी। आवश्यक पहल करने का आग्रह उन्होंने बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह का भी जिक्र किया। उन्होंने मांग की कि राजनीति, समाजसेवा, शिक्षा, साहित्य, कला, संस्कृति, विज्ञान, खेल और दूसरे क्षेत्रों में खास योगदान देने वाले लोगों को भी इस सम्मान में शामिल किया जाए। विधायक अभिषेक रंजन ने मुख्यमंत्री से इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करते हुए ‘बिहार रत्न’ सम्मान की शुरुआत की दिशा में आवश्यक पहल करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था बिहार की गौरवशाली परंपरा को नई पहचान देने के साथ युवा पीढ़ी को अपने महान नायकों के योगदान से प्रेरणा देने का काम करेगी।
Nitish Mishra की मौजूदगी में Bihar Urban Development और CEPT के बीच हुआ अहम समझौता
बिहार में सुनियोजित, आधुनिक एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप शहरी विकास को नई दिशा देने की पहल के तहत आज मंत्री, नगर विकास एवं आवास विभाग, श्री नीतीश मिश्रा की उपस्थिति में नगर विकास एवं आवास विभाग तथा सेंटर फॉर इनवायरमेंट प्लानिंग एंड टेक्नोलॉजी एडवाइजरी फाउंडेशन (सी.ए.एफ), अहमदाबाद के बीच तकनीकी सहायता इकाई (टी.एस.यू.) की स्थापना हेतु महत्वपूर्ण समझौता किया गया। इस दौरान विभाग के प्रधान सचिव श्री विनय कुमार भी उपस्थित थे। समझौते पर नगर विकास एवं आवास विभाग के विशेष सचिव-सह-मुख्य कार्यकारी अधिकारी, बिहार नगर विकास प्राधिकरण, श्री नवल किशोर चौधरी तथा सी. ई. पी. टी. एडवाइजरी फाउंडेशन के निदेशक श्री दर्शन पारिख ने हस्ताक्षर कर औपचारिक रूप से सहयोग की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। श्री मिश्रा ने कहा कि इस तकनीकी सहयोग के माध्यम से बिहार में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के सुनियोजित एवं सतत विकास को गति मिलेगी। सी.ए.एफ. द्वारा आधुनिक शहरी नियोजन, स्थानिक विकास पहल, नीति निर्माण, भूमि उपयोग नियोजन, आधारभूत संरचना विकास तथा दीर्घकालिक शहरी विकास की रणनीति तैयार करने में तकनीकी विशेषज्ञता उपलब्ध कराई जाएगी। मंत्री श्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी के विकसित एवं समृद्ध बिहार के विज़न के अनुरूप राज्य में भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नए एवं आधुनिक शहरी क्षेत्रों का विकास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सी. ई. पी. टी. एडवाइजरी फाउंडेशन जैसी प्रतिष्ठित तकनीकी संस्था के साथ यह सहयोग बिहार में सुनियोजित, टिकाऊ और भविष्य उन्मुख शहरी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। श्री मिश्रा ने कहा कि तकनीकी सहायता इकाई विभाग को डेटा आधारित, वैज्ञानिक एवं आधुनिक शहरी नियोजन के लिए आवश्यक तकनीकी सहयोग प्रदान करेगी। इसके माध्यम से ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप को बेहतर कनेक्टिविटी, आधुनिक आधारभूत संरचना, पर्यावरणीय स्थिरता और नागरिक-केंद्रित सुविधाओं से युक्त विकसित शहरी क्षेत्र के रूप में आकार देने में सहायता मिलेगी।
बिहार में बाढ़ से बने हालात के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह...
Vishnupad Temple Corridor और नदी जोड़ समेत Bihar Cabinet ने 17 प्रस्तावों को दी मंजूरी
बिहार मंत्रिमंडल ने मंगलवार को गया जी के विष्णुपद मंदिर क्षेत्र के समग्र विकास, सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना और जलस्रोत पुनर्स्थापन एवं गाद प्रबंधन नीति, 2026 समेत 17 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के बाद सूचना भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विष्णुपद मंदिर क्षेत्र का विकास काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर किया जाएगा, जिसके लिए 2,520 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। अधिकारी ने बताया कि योजना के तहत मंदिर परिसर का पुनर्विकास, मल्टीलेवल पार्किंग, एलीवेटेड पथ, घाट, डोरमेट्री, कैंटीन, पैदल पुल और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। चौधरी ने बताया कि सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना के लिए 996.05 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं और इसके तहत सोन नदी का पानी उत्तर कोयल नहर के जरिए फल्गु नदी तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने बताया कि योजना के तहत मोरहर नदी पर करीब 10 मिलियन घन मीटर क्षमता का कृत्रिम जलाशय भी बनाया जाएगा। अधिकारी ने बताया कि जलवायु परिवर्तन के कारण अनियमित वर्षा और औसत वर्षापात में कमी को देखते हुए सरकार ने बिहार जलस्रोत पुनर्स्थापन एवं गाद प्रबंधन नीति, 2026 को मंजूरी दी। नीति के तहत नदियों, बराजों और जलाशयों से गाद निकालकर उनकी जलधारण और जलवहन क्षमता बहाल की जाएगी। उन्होंने बताया कि निकाली गई गाद का इस्तेमाल सड़क, रेलवे, सिंचाई, बाढ़ सुरक्षा और भवन निर्माण कार्यों में भराई के लिए किया जाएगा, जिससे उपजाऊ मिट्टी के उपयोग में कमी आएगी।
Bihar Flood Crisis पर बड़ा एक्शन: Samrat Choudhary ने जारी किए 579 करोड़ के Relief Funds
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 15 सितंबर को पब्लिक सर्वेंट्स रेजिडेंस के ‘संकल्प’ ऑडिटोरियम में बाढ़ पीड़ितों को राहत राशि बांटने के कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस दौरान बाढ़ से प्रभावित 8,27,472 परिवारों के बैंक खातों में सीधे ₹579.23 करोड़ ट्रांसफर किए गए। हर परिवार को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के ज़रिए 7,000 मिले। यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित किया गया था, जहाँ आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्लय ने बाढ़ से प्रभावित इलाकों, चल रहे राहत और बचाव कार्यों, और प्रभावित लोगों को दी जा रही सुविधाओं के बारे में विस्तृत रिपोर्ट पेश की। इसे भी पढ़ें: UCC पर Home Minister Amit Shah से मिलेंगे JDU नेता, Sanjay Jha के बयान से बढ़ी हलचल वहाँ मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए चौधरी ने ज़ोर देकर कहा कि बाढ़ की गंभीर स्थिति में राज्य सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता प्रभावित परिवारों को तुरंत राहत, मदद और सुरक्षा पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ बाढ़ से प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है। राहत और बचाव कार्यों में कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने बताया कि बाढ़ से 21 शहरों के 136 वार्ड, 2,642 गाँव, 575 ग्राम पंचायत, 88 ब्लॉक और 15 ज़िलों में लगभग 50 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। बाढ़ के पानी से लगभग 55,000 हेक्टेयर ज़मीन और फ़सलें बर्बाद हो गई हैं। सभी स्तरों पर राहत और बचाव कार्य चल रहे हैं। चौधरी ने बताया कि 1,200 से ज़्यादा कम्युनिटी किचन चल रहे हैं, जिनसे प्रभावित लोगों को लगभग 1.28 करोड़ बार खाना खिलाया गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित इलाकों में खाना, पीने का पानी, दवाइयाँ और दूसरी ज़रूरी चीज़ों की लगातार सप्लाई सुनिश्चित की जाए। बिहार के मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) और स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) की 21 टीमें राहत और बचाव कार्यों में सक्रिय रूप से जुटी हुई हैं। चौधरी ने भरोसा दिलाया कि हालात सामान्य होने तक मदद जारी रहेगी और इस बात पर ज़ोर दिया कि प्रभावित लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। इसे भी पढ़ें: Bihar Flood: 8.27 लाख परिवारों को DBT से मिले 579.23 करोड़ रुपये, CM ने जारी की राहत राशि उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे पात्र लाभार्थियों की पहचान और सत्यापन में पारदर्शिता बनाए रखें। उन्होंने कहा कि अगर कोई पात्र परिवार छूट गया है, तो उसे एक हफ़्ते के भीतर राहत सूची में शामिल किया जाए ताकि किसी भी ज़रूरतमंद व्यक्ति को मदद से वंचित न रहना पड़े। इसके अलावा, चौधरी ने पहले से बेहतर पुनर्निर्माण (Build Back Better Than Before) के सिद्धांत के तहत रिकवरी और पुनर्निर्माण के कामों में तेज़ी लाने का आह्वान किया। इसमें परिवारों और किसानों के लिए कृषि इनपुट सब्सिडी, सड़कों की मरम्मत और अन्य ज़रूरी मदद को एक महीने के भीतर पूरा करना शामिल है।
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भोजपुर के शाहपुर प्रखंड के ज्वइनिया गांव में मंगलवार को भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री की स्टार अभिनेत्री अक्षरा सिंह बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचीं। विस्थापित परिवारों से उन्होंने मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। इसके बाद अक्षरा सिंह ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच राहत सामग्री का वितरण किया। अभिनेत्री के पहुंचने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। सैकड़ों की संख्या में मौजूद बाढ़ पीड़ितों और ग्रामीणों ने उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं। ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि कई दिनों से बाढ़ के पानी से घिरे होने के कारण रोजमर्रा की जरूरतों के साथ भोजन, पीने के पानी और अन्य जरूरी सामान के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है। जिसके बाद अक्षरा सिंह ने साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया। कुछ तस्वीरें… बिलौटी गांव के टाड़ पर शरण लिए हैं बाढ़ पीड़ित भोजपुर में बाढ़ में घर-बार छोड़कर बिलौटी गांव के टाड़ पर पीड़ित शरण लेने को मजबूर हैं। शाहपुर प्रखंड के बिलौटी गांव के टाड़ पर पिछले कई दिनों से छेड़ नदी के बाढ़ के पानी के कारण ज्वइनिया के बड़ी संख्या में परिवार विस्थापित होकर रह रहे हैं। बाढ़ का पानी बढ़ने के बाद इन परिवारों को अपना घर और सामान को पानी डूबे देखकर काफी दुखित है। विस्थापितों के सामने खाना-पानी जुटाने की चुनौती टाड़ पर रह रहे विस्थापितों के सामने सबसे बड़ी परेशानी भोजन की है। कई दिनों से पानी से घिरे होने के कारण रोजमर्रा की जरूरतों का सामान जुटाना मुश्किल हो गया है। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्थायी ठिकानों में रहने वाले परिवारों को खाना, पीने का पानी और जरूरी सामान के लिए दूसरों की मदद का इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसे में अक्षरा सिंह के पहुंचने और राहत सामग्री बांटने की खबर से विस्थापित परिवारों में उम्मीद जगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाढ़ ने उनकी जिंदगी पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दी है। अब राहत सामग्री मिलने से कम से कम कुछ दिनों के लिए भोजन और जरूरी सामान की चिंता कम होगी। 11 सितंबर को अक्षरा सिंह ने बाढ़ प्रभावितों को लेकर जारी किया था वीडियो भोजपुरी अभिनेत्री अक्षरा सिंह ने 11 सितंबर को सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया था। उन्होंने बिहार, नेपाल और असम में आई भीषण बाढ़ और उससे प्रभावित लोगों पर गहरी चिंता जताई थी। अक्षरा ने कहा था कि पहले असम, फिर नेपाल और अब हमारा बिहार... लगातार बाढ़ की ये तस्वीरें देखकर मन बहुत व्यथित है। कई घर डूब गए हैं, परिवार बेघर हैं और लोग सुरक्षित जगहों और मदद का इंतजार कर रहे हैं। खुद को 'बिहार की बेटी' बताते हुए उन्होंने कहा कि वे सिर्फ चिंता जताने के लिए नहीं, बल्कि खुद भी अपनी क्षमता अनुसार मदद करने के लिए आगे आ रही हैं। उन्होंने सभी समर्थ लोगों से पीड़ितों की सहायता का आग्रह किया। उन्होंने अपील की कि लोग सोशल मीडिया पर केवल सही और सत्यापित जानकारी ही शेयर करें ताकि वास्तविक जरूरतमंदों तक समय पर राहत पहुंच सके। प्रभावित परिवारों के लिए प्रार्थना करते हुए अक्षरा ने कहा, “हम साथ मिलकर इस मुश्किल घड़ी से निकल जाएंगे। मुश्किल बड़ी जरूर है, लेकिन बिहार का हौसला उससे भी बड़ा है।” Pls help come forward @BiharGovt pic.twitter.com/eRDb0h1hkV— AKSHARA SINGH (@AKSHARASINGH1) September 10, 2026 बाढ़ पीड़ितों को सरकार ने दिए 7-7 हजार बिहार में बाढ़ की स्थिति अब भी बनी हुई है। 15 जिलों के 575 पंचायतों में करीब 49.67 लाख की आबादी अभी भी बाढ़ के पानी से घिरी हुई है। इनमें पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अरवल जिले शामिल हैं। इस बीच बिहार सरकार ने बाढ़ पीड़ितों को आर्थिक मदद देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मंगलवार यानी आज 8 लाख 27 हजार 472 बाढ़ पीड़ित परिवारों को सात-सात हजार रुपए उनके बैंक खाते में डीबीटी के जरिए भेज हैं। कार्यक्रम के दौरान सीएम ने कहा कि जब तक स्थिति नहीं सुधरती है, कम्यूनिटी किचन और बाकी राहत-बचाव कार्य जारी रहेगा। बिहार में बाढ़ की क्या है स्थिति, जानिए… बिहार में बाढ़ की स्थिति अब भी बनी हुई है। 15 जिलों के 2,360 गांवों में करीब 49 लाख की आबादी अभी भी बाढ़ के पानी से घिरी हुई है। वहीं, प्रदेश की 5 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। बिहार में इस मानसून सीजन में अब तक बारिश की कमी बनी हुई है। राज्य में अब तक 883 MM बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन 571.9 MM बारिश ही हुई है। यह औसत से 35% कम है। पिछले 24 घंटे में किशनगंज में 75 MM, कटिहार में 38 MM, बांका में 36.6 MM, पूर्णिया में 29 MM और मुंगेर में 26 MM बारिश रिकॉर्ड की गई है। बिहार में बाढ़ की तस्वीरे देखिए… 5 नदियां लाल निशान से ऊपर उत्तर बिहार में नदियां लाल निशान से ऊपर बह रही हैं। कोसी खगड़िया के बलतारा में 114 सेमी और कटिहार के कुरसेला में 125 सेमी, बागमती मुजफ्फरपुर के बेनीबाद में 31 सेमी, बूढ़ी गंडक खगड़िया में 134 सेमी, घाघरा सीवान के दरौली में 34 सेमी खतरे के निशान से ऊपर है।
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बिहार में कागजों पर 'सुपर स्पेशलिटी' निकले सरकारी अस्पताल, 75 की जगह हो रहे सिर्फ 45 ऑपरेशन
हेडलाइन: बिहार में कागजों पर 'सुपर स्पेशलिटी' निकले सरकारी अस्पताल, 75 की जगह हो रहे सिर्फ 45 ऑपरेशन, भड़के निशांत ने बुलाई आपात बैठक!मेटा डिस्क्रिप्शन: बिहार के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं के दावों की पोल खुल गई है। सुपर स्पेशलिटी का दर्जा प्राप्त अस्पतालों में 75 स्वीकृत सर्जरीज की जगह सिर्फ 45 प्रकार के ही ऑपरेशन हो पा रहे हैं। इस प्रशासनिक नाकामी पर स्वास्थ्य विभाग के शीर्ष अधिकारी निशांत ने समीक्षा बैठक बुलाई है।एसईओ एवं एआई सर्च कीवर्ड्स (हिंदी और English): Bihar Health Department News, Bihar Government Hospital Reality, Super Speciality Hospital Bihar, Bihar Hospital Operation Deficit, Nishant Health Meeting Bihar, Bihar Medical Infrastructure News, PMCH NMCH Hospital Patna, Bihar Health System Reality Check, बिहार स्वास्थ्य विभाग समाचार, बिहार सरकारी अस्पताल हकीकत, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल बिहार, बिहार अस्पताल ऑपरेशन विवाद, निशांत स्वास्थ्य विभाग बैठक, पटना मेडिकल कॉलेज खबर, बिहार स्वास्थ्य ढांचा रिपोर्ट, बिहार अस्पताल धांधलीबिहार के सरकारी अस्पतालों का 'कागजी सच': सुपर स्पेशलिटी का बोर्ड, पर इलाज अधूराबिहार के स्वास्थ्य महकमे से एक बड़ा और चौंकाने वाला मामला उजागर हुआ है, जिसने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था और बड़े-बड़े सरकारी दावों की पोल खोलकर रख दी है। करोड़ों रुपये खर्च करके राज्य के प्रमुख सरकारी अस्पतालों को 'सुपर स्पेशलिटी' का दर्जा तो दे दिया गया, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग नजर आ रही है। कागजों में जिन अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और दर्जनों जटिल सर्जरीज का वादा किया गया था, वे असल में मरीजों को मिल ही नहीं पा रही हैं। इस बड़े प्रशासनिक ढुलमुल रवैये के सामने आने के बाद मरीजों और उनके परिजनों में गहरा आक्रोश है, क्योंकि गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को आज भी मजबूरी में महंगे निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।75 प्रकार की सर्जरीज का था दावा, लेकिन केवल 45 तरह के ही हो पा रहे हैं ऑपरेशनस्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी मानकों और स्वीकृत दिशा-निर्देशों के अनुसार, इन सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों में न्यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स और यूरोलॉजी जैसी 75 विभिन्न प्रकार की जटिल सर्जरीज (ऑपरेशन) की सुविधा पूरी तरह उपलब्ध होनी चाहिए थी। हालांकि, हाल ही में किए गए आंतरिक ऑडिट और जमीनी समीक्षा रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि अस्पतालों में सिर्फ 45 तरह के ही ऑपरेशन किए जा रहे हैं। यानी 30 से अधिक महत्वपूर्ण और जीवनरक्षक सर्जरीज के लिए अस्पतालों में सुविधाएं या तो ठप पड़ी हैं या फिर संबंधित विशेषज्ञ डॉक्टर ही नदारद हैं। इसका सीधा नुकसान राज्य के गरीब और मध्यमवर्गीय मरीजों को उठाना पड़ रहा है, जिन्हें समय पर सही इलाज नहीं मिल पा रहा।मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारी निशांत ने बुलाई हाई-लेवल इमरजेंसी मीटिंगअस्पतालों की इस निराशाजनक कार्यप्रणाली और स्वीकृत मानकों के खुले उल्लंघन की बात सामने आते ही स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले को संज्ञान में लेते हुए वरिष्ठ अधिकारी निशांत ने स्वास्थ्य विभाग के तमाम उच्च अधिकारियों, मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों और अस्पताल अधीक्षकों की एक आपातकालीन समीक्षा बैठक (High-Level Review Meeting) बुला ली है। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में इस बात का कड़ा हिसाब मांगा जाएगा कि बजट और संसाधनों का पूरा आवंटन होने के बावजूद 75 स्वीकृत सर्जरीज की सेवाएं शुरू क्यों नहीं की जा सकीं। माना जा रहा है कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और डॉक्टरों पर गाज गिरना तय है।मशीनों की धूल फांकती परतें और विशेषज्ञों की भारी कमी बनी मुख्य वजहअस्पतालों में सुविधाओं के इस अभाव के पीछे का मुख्य कारण आधुनिक मेडिकल उपकरणों का सही तरीके से रखरखाव न होना और विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी बताया जा रहा है। कई सरकारी मेडिकल कॉलेजों में करोड़ों रुपये की लागत से खरीदी गई वेंटिलेटर, एमआरआई और एडवांस्ड सर्जिकल मशीनें तकनीशियनों के अभाव में कमरों में बंद धूल फांक रही हैं। वहीं, कई सुपर-स्पेशलिस्ट डॉक्टर सरकारी अस्पतालों में ड्यूटी देने के बजाय निजी प्रैक्टिस में अधिक समय बिता रहे हैं, जिसके कारण ओपीडी से लेकर ऑपरेशन थियेटर तक की व्यवस्थाएं पूरी तरह ध्वस्त नजर आ रही हैं।पीएमसीएच, एनएमसीएच समेत राज्य के बड़े अस्पतालों पर उठे तीखे सवालराजधानी पटना के प्रतिष्ठित पीएमसीएच (PMCH), एनएमसीएच (NMCH) और दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गया के क्षेत्रीय मेडिकल कॉलेजों को मॉडल अस्पताल बनाने का दावा किया गया था। लेकिन जब सुपर स्पेशलिटी विभागों में ही मरीजों को पूरा इलाज नहीं मिल पा रहा, तो ग्रामीण इलाकों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। आम जनता का कहना है कि सरकार सिर्फ नई इमारतों का निर्माण कर रही है, लेकिन उनके भीतर गुणवत्तापूर्ण इलाज की समुचित व्यवस्था करने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है।एआईओ और आधुनिक सर्च ट्रेंड्स के अनुसार स्वास्थ्य सेवाओं का बदलता परिदृश्यगूगल और बिंग के आधुनिक जनरेटिव एआई (AEO) सर्च ट्रेंड्स के मुताबिक, अब यूजर्स केवल सरकारी योजनाओं की घोषणाओं में रुचि नहीं रखते, बल्कि वे जमीनी हकीकत और सेवाओं की उपलब्धता से जुड़े सवालों के जवाब खोज रहे हैं। 'बिहार में बेहतर इलाज कहाँ मिलेगा' या 'सरकारी अस्पताल में कौन-कौन से ऑपरेशन होते हैं' जैसे सर्च प्रश्नों पर यह खुलासा राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सीधे सवाल खड़े कर रहा है। एआई सर्च इंजन भी अब इस तरह की खोजी रिपोर्टों को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिससे प्रशासनिक तंत्र पर व्यवस्थाएं सुधारने का सीधा दबाव बन रहा है।बैठक में कड़े फैसले लेने की उम्मीद, क्या सुधरेगी बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था?अधिकारी निशांत द्वारा बुलाई गई इस उच्च स्तरीय बैठक पर अब पूरे प्रदेश की निगाहें टिकी हुई हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि इस बैठक के बाद अस्पतालों में बंद पड़ी सर्जरीज को तुरंत शुरू करने के सख्त निर्देश जारी किए जाएंगे और रोस्टर प्रणाली के तहत डॉक्टरों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा, बंद पड़े उपकरणों की मरम्मत और नए सर्जनों की संविदा आधारित नियुक्ति की प्रक्रिया को भी तेजी से आगे बढ़ाया जा सकता है ताकि 'सुपर स्पेशलिटी' का टैग केवल कागजों तक सीमित न रहकर आम जनता के लिए जीवनदायिनी साबित हो सके।
2 बार बीपीएससी क्रैक, पास कर चुके हैं UPSC मेंस, प्रेरित करती है बिहार के नीतीश की स्टोरी
नीतीश की कहानी यहीं समाप्त नहीं होती है। उनका अगला लक्ष्य आईएएस बनना है। इसके लिए यूपीएससी का एग्जाम देते हैं। खबर के मुताबिक, उन्होंने प्रीलिम्स निकाल लिया है और मेंस की परीक्षा भी पास कर ली है। चलिए आज इनकी सक्सेस स्टोरी जानते हैं।
Bihar Police SI Exam रद्द करने की मांग को लेकर Patna में छात्रों का प्रदर्शन, पुलिस से झड़प
मंगलवार को बिहार की राजधानी पटना में कॉम्पिटिटिव एग्ज़ाम की तैयारी कर रहे बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतर आए। वे हाल ही में हुई बिहार पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को रद्द करने और कई अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। मिली जानकारी के अनुसार, यह प्रदर्शन गांधी मैदान के पास शुरू हुआ और जेपी गोलंबर के पास और तेज़ हो गया, जहाँ प्रदर्शनकारियों की पुलिसकर्मियों के साथ झड़प की भी खबर है। छात्र खास तौर पर सब-इंस्पेक्टर के 1,799 पदों पर भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा को लेकर नाराज़ हैं। उनकी मांग है कि परीक्षा रद्द की जाए और इसे पारदर्शी तरीके से दोबारा आयोजित किया जाए। इसे भी पढ़ें: Bihar Flood: 8.27 लाख परिवारों को DBT से मिले 579.23 करोड़ रुपये, CM ने जारी की राहत राशि विरोध कर रहे उम्मीदवारों ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में उम्मीदवारों के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और परीक्षा प्रक्रिया में ज़्यादा पारदर्शिता की मांग की। छात्रों का आरोप था कि 1,799 दारोगा पदों के लिए हाल ही में हुई परीक्षा को रद्द कर दिया जाना चाहिए और एक पारदर्शी प्रक्रिया के ज़रिए इसे दोबारा आयोजित किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि नई परीक्षा से उनकी चिंताओं का समाधान होगा और यह सुनिश्चित होगा कि सभी उम्मीदवारों को समान अवसर मिले। बिहार पुलिस SI परीक्षा के अलावा, प्रदर्शनकारियों ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा को रद्द करने की भी मांग की। अपने विरोध प्रदर्शन के तहत सड़कों पर उतरने से पहले, कई छात्र संगठनों की अगुवाई में बड़ी संख्या में छात्र जेपी गोलंबर के पास जमा हुए। प्रदर्शन के दौरान, प्रदर्शनकारियों ने जेपी गोलंबर और रामगुलाम चौक के बीच मुख्य सड़क को जाम कर दिया। सड़क जाम होने से इलाके में ट्रैफिक पर असर पड़ा और आने-जाने वालों व पैदल चलने वालों को परेशानी हुई। इस विरोध प्रदर्शन का असर अशोक राजपथ और आसपास के इलाकों की दूसरी मुख्य सड़कों पर भी पड़ा। इसे भी पढ़ें: Bihar Flood: 15 जिलों में 49 लाख से अधिक आबादी प्रभावित, कई नदियां उफान पर प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवारों ने घोषणा की है कि वे बिहार दारोगा मुख्य परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करेंगे और उसका घेराव करेंगे। पटना में कई छात्र अपनी मांगों को लेकर पिछले कुछ दिनों से विरोध प्रदर्शन और भूख हड़ताल कर रहे हैं। गांधी मैदान में हालिया प्रदर्शन, भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं पर कार्रवाई की मांग कर रहे उम्मीदवारों के बढ़ते आंदोलन का ही एक हिस्सा है।
मुजफ्फरनगर में नई मंडी इलाके के सैनिक बिहार की मंदिर वाली गली के लोगों का गुस्सा अब स्थानीय व्यवस्था को लेकर खुलकर सामने आने लगा है। मंगलवार सुबह करीब 11 बजे क्षेत्रवासियों ने प्रदर्शन करते हुए आरोप लगाया कि आसपास की कई सड़कों और गलियों का निर्माण हो चुका है, लेकिन उनकी गली को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। गली की बदहाल स्थिति के चलते लोगों को जलभराव, गंदगी और गड्ढों के बीच आवागमन करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों के मुताबिक, थोड़ी सी बारिश होते ही पूरी गली में पानी भर जाता है। जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों के घरों के आसपास भी पानी जमा रहता है। गंदगी और जमा पानी के चलते मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि गली में सांप और अन्य कीड़े निकलने की समस्या भी बनी रहती है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों को खास तौर पर परेशानी होती है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि सड़क और नाली की समस्या को लेकर उन्होंने वर्तमान सभासद/वार्ड मेंबर बबली से कई बार शिकायत की और फोन के जरिए भी समस्या बताई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का कहना है कि उन्हें हर बार आश्वासन देकर टाल दिया जाता है। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि चुनाव के दौरान वोट मांगने के लिए जनप्रतिनिधि उनके बीच पहुंचते हैं, लेकिन समस्या सामने आने के बाद मौके पर दिखाई नहीं देते। लोगों का कहना है कि यदि गली में लगातार जलभराव और गंदगी बनी रही तो आने वाले दिनों में बीमारी फैलने का खतरा बढ़ सकता है। स्थानीय निवासी ने कहा कि बारिश के दौरान हालात इतने खराब हो जाते हैं कि घर से बाहर निकलना तक मुश्किल हो जाता है। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और रोजाना काम पर जाने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है।क्षेत्रवासियों ने नगर पालिका और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। लोगों की मांग है कि मंदिर वाली गली में सड़क और नाली का निर्माण कराया जाए, जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त हो और नियमित सफाई कराई जाए।
Bihar Flood: 8.27 लाख परिवारों को DBT से मिले 579.23 करोड़ रुपये, CM ने जारी की राहत राशि
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से बाढ़ प्रभावित 8,27,472 परिवारों के बैंक खातों में अनुग्रह राहत (जीआर) की राशि हस्तांतरित की। मुख्यमंत्री ने सत्यापित बाढ़ प्रभावित परिवारों को प्रति परिवार 7,000 रुपये की दर से कुल 579.23 करोड़ रुपये उनके बैंक खातों में भेजे। अधिकारियों के अनुसार, डीबीटी प्रणाली के जरिए 15 जिलों—पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया—के 8,27,472 बाढ़ प्रभावित परिवारों के खातों में यह राशि सीधे हस्तांतरित की गई। यह राशि पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जारी की गई। आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा मंगलवार को जारी बयान के अनुसार, पिछले दो-तीन दिनों में हुई मूसलाधार बारिश के कारण कई नदियों के उफान पर होने से राज्य के 15 जिलों में लगभग 49.72 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों को बुधवार को केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रस्तावित दौरे से पहले अपने-अपने क्षेत्रों में बाढ़ से हुए नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बिहार की बाढ़ समस्या के स्थायी समाधान के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में एक केंद्रीय दल बुधवार को बिहार का दौरा कर बाढ़ की स्थिति और इससे हुए नुकसान का आकलन करेगा।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा 2029 तक देश के सभी 21 एनडीए शासित राज्यों में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) लागू करने की बात के बाद, बिहार एनडीए के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ गए। जदयू ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया। बीजेपी इसके समर्थन में हैैं, बाकी सहयोगी पार्टियां वेट एंड वॉच की स्थिति में हैं। इस बीच राजद ने जदयू को साथ आने का न्योता देकर बिहार की राजनीति हलचल बढ़ा दी है। RJD विधायक भाई वीरेंद्र ने UCC का विरोध करते हुए JDU को गठबंधन का न्योता दिया है। उन्होंने RJD के साथ मिलकर सरकार बनाने की बात कही है। इन हलचलों के बीच केंद्रीय मंत्री और जदयू के सीनियर लीडर ललन सिंह ने नीतीश कुमार से मुलाकात भी की है। चिराग बोले- ड्राफ्ट देखेंगे, कुशवाहा मौन जदयू विधायक श्याम रजक ने कह दिया है कि यूसीसी को बिहार में लागू नहीं होने देंगे। इसके बारे में पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा जल्द अमित शाह से बात करेंगे। लोजपा (रामविलास) ने सर्वानुमति की शर्त रखी। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान बोले-पहले ड्राफ्ट आए। इसमें सभी पक्षों के हित शामिल रहें। रालोमो की भी कमोबेश यही राय रही। हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) का स्टैंड पॉजिटिव दिख रहा है। शाह बोले- बीजेपी-एनडीए शासित 21 राज्यों में UCC लागू की जाएगी बता दें कि गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को मुंबई में कहा कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी-एनडीए शासित 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर दी जाएगी। शाह मुंबई में भाजपा के सेवा संकल्प अभियान की लॉन्चिंग के लिए पहुंचे थे। यहां उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की। फिलहाल देश में 22 राज्यों में NDA की सरकार है। इनमें उत्तराखंड में जनवरी 2025 से UCC लागू है। यानी बाकी 21 राज्यों में इसे लागू करने का लक्ष्य है। गुजरात, असम और मध्य प्रदेश में UCC लागू करने का प्रस्ताव विधानसभा से पारित हो चुका है। अब इन राज्यों में राष्ट्रपति की मंजूरी और अधिसूचना जारी होने का इंतजार है। महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ ने UCC का कानून तैयार करने के लिए समितियां गठित की हैं। 12 साल पहले 7 राज्यों में थी NDA , आज 22 राज्यों में 2014 में बीजेपी-एनडीए की सरकारें 7 राज्यों में थीं। 2018 तक यह संख्या बढ़कर 21 राज्यों तक पहुंच गई। 2019 के बाद कुछ राज्यों में सत्ता गंवाने से संख्या घटकर लगभग 16–17 रह गई। 2024–2026 के बीच महाराष्ट्र, बिहार, असम और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में सत्ता वापसी हुई। 2026 में बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए 22 राज्यों में सरकार चला रहा है।
Kerala MDMA Case Bihar bhagalpur three interstate smugglers arrested sit transit remand- केरल ड्रग्स केस: 13 किलो से अधिक एमडीएमए की बरामदगी मामले में बिहार के भागलपुर पहुंची जांच, तीन आरोपी गिरफ्तार
गोल्फ कोर्स रोड पर एक महिला बाइकर को तेज रफ्तार कार से टक्कर मारने के हाई-प्रोफाइल मामले में गुरुग्राम पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने आरोपी कार चालक कल्याण बैंसला को राजस्थान के दौसा से हिरासत में ले लिया है। पुलिस की तीन विशेष टीमें आरोपी की तलाश में जुटी थीं, जिनमें से एक टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को धर दबोचा। यह घटना तब और गंभीर हो गई जब सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो वायरल होने के बाद गुरुग्राम पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसमें 'हत्या की कोशिश' की सख्त धाराएं जोड़ दीं। पुलिस ने कहा कि अब उसे गुरुग्राम लाया जाएगा। यह कार्रवाई तब हुई जब पुलिस ने गोल्फ कोर्स रोड पर महिला बाइकर को कार से टक्कर मारने के मामले में हत्या की कोशिश का आरोप जोड़ा। यह कदम सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो वायरल होने के बाद उठाया गया, जिसके बाद पुलिस ने मामले का स्वतः संज्ञान लिया। इसे भी पढ़ें: Gurugram Hit and Run | गुरुग्राम हिट-एंड-रन केस की पीड़ित महिला बाइकर सिया का पलटवार, कहा- 'सहानुभूति का नाटक न करे आरोपी' पुलिस ने बताया कि शुरुआत में सेक्टर 56 पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था और विस्तृत जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान, जांचकर्ताओं ने इलाके के CCTV फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया और इसके बाद मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 (हत्या की कोशिश से संबंधित) जोड़ी। पुलिस के अनुसार, इस प्रावधान के तहत 10 साल तक की जेल की सजा हो सकती है। गौरतलब है कि पीड़िता की पहचान सिया के तौर पर हुई है, जिसकी टू-व्हीलर को रविवार सुबह गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स रोड पर पीछे से एक कार ने टक्कर मारी थी। CCTV फुटेज से सख्त आरोप लगा गुरुग्राम पुलिस ने कहा कि हत्या की कोशिश का आरोप जोड़ने का फैसला घटना से जुड़े CCTV फुटेज की विस्तृत जांच के बाद लिया गया। इससे पहले, सिया के परिवार ने मांग की थी कि पुलिस FIR में हत्या की कोशिश का आरोप जोड़े, क्योंकि उनका आरोप था कि आरोपी ने जानबूझकर कार का इस्तेमाल हथियार के तौर पर किया। परिवार ने पुलिस जांच पर असंतोष जताया था और दावा किया था कि घटना के 48 घंटे बाद भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर FIR में मांगे गए आरोप नहीं जोड़े गए, तो वे कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। इसे भी पढ़ें: Bihar Flood से 50 लाख लोग प्रभावित, Mallikarjun Kharge और Rahul Gandhi ने राहत कार्य में जुटने की अपील की गुरुग्राम पुलिस ने क्या कहा? गुरुग्राम पुलिस ने कानून तोड़ने की कोशिशों के खिलाफ कड़ी चेतावनी जारी की और कहा कि ऐसे व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस ने कहा, कानून के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गुरुग्राम पुलिस आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है। पुलिस ने फिर से कहा है कि उपलब्ध सबूतों की जांच के बाद ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी। यहां यह ध्यान देना ज़रूरी है कि गुरुग्राम पुलिस ने गोल्फ़ कोर्स रोड की घटना का स्वतः संज्ञान लिया था। 14 सितंबर को सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को पुलिस के सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल द्वारा देखे जाने के बाद गुरुग्राम के सेक्टर-56 पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई थी। गुरुग्राम पुलिस ने पहले कहा था कि पीड़ित की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है और वायरल वीडियो के आधार पर उन्होंने कार्रवाई शुरू की।
उत्तर बंगाल से दक्षिण बंगाल जाने वाले लोगों को अब बिहार के किशनगंज से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा। केंद्र सरकार ने करीब 25 किलोमीटर लंबे फोरलेन किशनगंज ग्रीनफील्ड बाइपास के निर्माण को मंजूरी दे दी है। मंजूरी मिलने के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने का काम शुरू कर दिया है। बाइपास बनने के बाद पश्चिम बंगाल के एक हिस्से से दूसरे हिस्से में जाने वाले वाहनों को बिहार में घुसे बिना सीधा रास्ता मिल जाएगा। यह प्रस्तावित बाइपास किशनगंज से करीब आठ किलोमीटर दूर पश्चिम बंगाल के हैटवार से शुरू होकर करीब पांच किलोमीटर दूर घरढ़पा तक बनेगा। घरढ़पा के पास यह रास्ता राष्ट्रीय राजमार्ग-27 से जुड़ेगा, जहां से वाहन सीधे सिलीगुड़ी जा सकेंगे। इससे रायगंज, इस्लामपुर, चोपड़ा समेत उत्तर बंगाल के कई इलाकों से सिलीगुड़ी जाने वाले वाहनों को किशनगंज के करीब तीन किलोमीटर हिस्से से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा। उत्तर बंगाल-दक्षिण बंगाल के बीच आवागमन होगी आसान अभी उत्तर बंगाल के कई हिस्सों से सिलीगुड़ी जाने वाले वाहनों को पहले पश्चिम बंगाल से निकलकर बिहार के किशनगंज में घुसना पड़ता है। एनएच-27 के करीब तीन किलोमीटर हिस्से को पार करने के बाद उन्हें फिर से पश्चिम बंगाल में घुसना होता है। प्रस्तावित बाइपास बनने के बाद वाहन सीधे हैटवार से बाइपास पर चढ़ेंगे और घरढ़पा के पास निकलकर एनएच-27 के रास्ते सिलीगुड़ी की ओर बढ़ेंगे। इससे उत्तर बंगाल और दक्षिण बंगाल के बीच आना-जाना पहले से ज्यादा आसान और तेज होने की उम्मीद है। लोगों को जांचों का नहीं करना पड़ेगा सामना किशनगंज होकर बंगाल आने-जाने वाले वाहनों को बिहार-पश्चिम बंगाल सीमा पर नियमित जांच प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। बिहार में शराबबंदी लागू होने के कारण उत्पाद विभाग और पुलिस एनएच-27 पर लगातार नाका जांच और वाहन जांच अभियान चलाते हैं। इस दौरान शराब से जुड़े मामलों में कार्रवाई भी की जाती है। बंगाल के एक हिस्से से दूसरे हिस्से में जाने वाले यात्रियों को भी किशनगंज के इस हिस्से से गुजरने के कारण इन जांचों का सामना करना पड़ता है। बाइपास बनने के बाद ऐसे यात्रियों को काफी राहत मिलने की संभावना है। किशनगंज ग्रीनफील्ड बाइपास का लाभ केवल पश्चिम बंगाल के यात्रियों तक सीमित नहीं रहेगा। कोसी और सीमांचल क्षेत्र के लोगों को भी इससे सीधा फायदा मिलेगा। इन क्षेत्रों से सिलीगुड़ी और उत्तर बंगाल की ओर जाने वाले वाहन पश्चिम बंगाल में प्रवेश करने के बाद इसी बाइपास मार्ग का उपयोग कर सकेंगे। इससे यात्रा समय में कमी आएगी और यातायात अधिक सुगम होगा। इसके अलावा किशनगंज शहर और एनएच-27 पर वाहनों का दबाव भी कम होगा। वर्तमान में बड़ी संख्या में मालवाहक और लंबी दूरी के वाहन शहर के आसपास से गुजरते हैं, जिससे कई बार जाम की स्थिति बन जाती है। बाइपास बनने के बाद भारी वाहनों का एक बड़ा हिस्सा वैकल्पिक मार्ग पर स्थानांतरित हो जाएगा, जिससे स्थानीय यातायात व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। केंद्र सरकार के सामने उठाया था बाइपास निर्माण का मुद्दा रायगंज के सांसद ने किशनगंज बाइपास निर्माण का मुद्दा केंद्र सरकार के समक्ष प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने बताया कि रायगंज, इस्लामपुर और चोपड़ा जैसे क्षेत्रों के लोगों को अपने ही राज्य के विभिन्न हिस्सों में जाने के लिए बीच में बिहार के किशनगंज से होकर गुजरना पड़ता था। इससे उन्हें सीमा जांच समेत कई प्रशासनिक प्रक्रियाओं का सामना करना पड़ता था। सांसद ने कहा कि क्षेत्र की जनता की लंबे समय से चली आ रही परेशानी को देखते हुए उन्होंने केंद्र सरकार से ग्रीनफील्ड बाइपास निर्माण की मांग की थी। केंद्र सरकार ने इस मांग को स्वीकार करते हुए परियोजना को मंजूरी प्रदान की है। उनके अनुसार सड़क निर्माण पूरा होने के बाद उत्तर बंगाल और दक्षिण बंगाल के बीच कनेक्टिविटी और मजबूत होगी तथा पश्चिम बंगाल के लोगों को राज्य के एक हिस्से से दूसरे हिस्से में जाने के लिए बिहार में प्रवेश नहीं करना पड़ेगा। किशनगंज ग्रीनफील्ड बाइपास को सीमांचल और उत्तर बंगाल क्षेत्र की महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजनाओं में माना जा रहा है। इसके निर्माण से न केवल यातायात व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि क्षेत्रीय संपर्क, व्यापार और परिवहन को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मंगलवार (15 सितंबर) को पश्चिम बंगाल की दो महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों—नंदीग्राम और रेजीनगर—पर होने वाले आगामी उपचुनाव के लिए अपने प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर दी है। यह उपचुनाव आगामी 6 अक्टूबर को आयोजित होंगे और मतों की गिनती 9 अक्टूबर को की जाएगी। बीजेपी ने इस उपचुनाव में एक बड़ा भावनात्मक और रणनीतिक दांव खेलते हुए नंदीग्राम सीट से हासिरानी रथ को अपना प्रत्याशी बनाया है। हासिरानी रथ बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के दिवंगत सहयोगी/PA चंद्रनाथ रथ की माता हैं। चंद्रनाथ रथ की पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणाम घोषित होने के ठीक दो दिन बाद गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वहीं, पार्टी ने मुर्शिदाबाद जिले की रेजीनगर विधानसभा सीट से सखाराव सरकार पर अपना भरोसा जताते हुए उन्हें मैदान में उतारा है। कौन हैं हसीरानी रथ? 62 वर्षीय रथ पूर्वी मेदिनीपुर के चांदीपुर इलाके के कुलुप गांव की रहने वाली हैं। वह स्थानीय राजनीति में सक्रिय रही हैं और पंचायत स्तर पर जन-प्रतिनिधि के तौर पर काम कर चुकी हैं। शुरुआत में वह तृणमूल कांग्रेस (TMC) से जुड़ी थीं। बाद में, जब सुवेंदु अधिकारी ने TMC छोड़कर BJP का दामन थामा, तो रथ भी दिसंबर 2020 में अपने परिवार के साथ BJP में शामिल हो गईं। रथ परिवार और अधिकारी परिवार के बीच लंबे समय से राजनीतिक और व्यक्तिगत संबंध रहे हैं - यह रिश्ता दो दशकों से भी पुराना है। रथ परिवार सुवेंदु अधिकारी के राजनीतिक उदय के शुरुआती दिनों से ही उनके साथ खड़ा रहा है। रथ के पति का निधन 2024 में हो गया था। 2013 से 2018 तक, उन्होंने चांदीपुर पंचायत समिति में बाल एवं महिला विकास विभाग की कर्माध्यक्ष (चेयरपर्सन) के तौर पर काम किया। हालांकि वह कभी TMC से जुड़ी थीं, लेकिन बाद में सुवेंदु अधिकारी के साथ करीबी राजनीतिक संबंधों के कारण वह BJP में सक्रिय हो गईं। हालांकि, रथ ने खुद कुछ समय पहले कहा था कि वह 1998 से राजनीति में सक्रिय हैं। नंदीग्राम उपचुनाव: मैदान में पांच उम्मीदवार नंदीग्राम में रथ का मुकाबला ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस (TMC) गुट की संचिता प्रधान (डे) से होगा, जबकि रीताब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी TMC गुट ने मोहम्मद एतेशामुल हक को उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस ने मिलन प्रधान को मैदान में उतारा है, जबकि कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPI) ने शांति गोपाल गिरी को उम्मीदवार बनाया है। इस लड़ाई में नंदीग्राम काफ़ी अहम है। यह सीट ज़मीन अधिग्रहण विरोधी आंदोलन का केंद्र थी, जिसने 2011 में TMC को सत्ता में लाने में मदद की थी। बाद में, यही सीट BJP नेता सुवेंदु अधिकारी के साथ कड़े चुनावी मुक़ाबले का गवाह बनी। अधिकारी ने 2016 के विधानसभा चुनावों में नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से चुनाव लड़ा था और दोनों पर जीत हासिल की थी। बाद में उन्होंने नंदीग्राम सीट छोड़ दी, जिसके कारण वहाँ उपचुनाव कराना पड़ा।इसे भी पढ़ें: Bihar Flood से 50 लाख लोग प्रभावित, Mallikarjun Kharge और Rahul Gandhi ने राहत कार्य में जुटने की अपील की रेजीनगर उपचुनाव रेजीनगर में, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले TMC गुट ने उपचुनाव के लिए पूर्व विधायक रबीउल आलम चौधरी को उम्मीदवार बनाया है, जबकि रिताब्रता बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी TMC गुट ने सफीउद्दीन शेख (सफीउज़्ज़मान शेख) को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। मौजूदा विधायक और आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के संस्थापक हुमायूँ कबीर ने इस सीट से अपने बेटे गुलाम नबी आज़ाद (रॉबिन) को मैदान में उतारने का फ़ैसला किया है, जबकि कांग्रेस ने मो. अब्दुल्लाहिल काफ़ी की उम्मीदवारी को मंज़ूरी दी है। CPI(M) के नेतृत्व वाले लेफ्ट फ्रंट ने रेजीनगर विधानसभा सीट के उपचुनाव के लिए सैयद असद अली को उम्मीदवार बनाया है।इसे भी पढ़ें: UCC पर Sanjay Jha जल्द मिलेंगे Amit Shah से, 14 सितंबर की रात तक की मुख्य खबरें हुमायूँ कबीर के रेजीनगर सीट छोड़ने के बाद यह सीट भी खाली हो गई थी; उन्होंने रेजीनगर और नौदा दोनों सीटों से जीत हासिल की थी। वोटों की गिनती 9 अक्टूबर को होगी।
UCC पर Nitish Kumar का BJP को बड़ा झटका! Bihar में लागू क्यों नहीं होने देंगे?
भारतीय डाक से शराब : झारखंड से बिहार आकर कहां डाक पार्सल वैन में शराब की खेप पकड़ी गई? एक गिरफ्तार
बेगूसराय के साहेबपुरकमाल थाना क्षेत्र में पुलिस ने एनएच-333बी स्थित हीरा टोल जीरोमाइल चौक के पास एक डाक पार्सल पिकअप से 1,186.92 लीटर विदेशी शराब बरामद की। पुलिस के अनुसार शराब की खेप झारखंड के दुमका से मुंगेर पुल के रास्ते बिहार लाई जा रही थी।
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