Bihar News LIVE: आगामी 21 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित वैशाली आगमन को लेकर प्रशानिक तैयारियां जोरों पर हैं। एनडीए के सभी दल कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जुट गए हैं। मोकामा विधायक अनंत सिंह प्रयागराज जा रहे हैं। सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक कार्यक्रम और रूट मैप जारी किया गया है।
वैभव के बिना बिहार बेहाल! कप्तान बदला पर नहीं थमा हार का सिलसिला
लगातार चार हार के बाद बिहार की टीम के सामने अब अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में सुधार करने की चुनौती है. वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा खिलाड़ी की गैरमौजूदगी के बीच टीम के अन्य खिलाड़ियों को आगे आकर जिम्मेदारी उठानी होगी.
अमृतसर कोलकाता और मुंबई से बिहार के लिए स्पेशल ट्रेनों की अवधि बढ़ी, मुजफ्फरपुर रूट को भी राहत
Chhath Special Trains: दीपावली और छठ पर्व के बाद यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रेलवे ने कई स्पेशल ट्रेनों के परिचालन की अवधि बढ़ा दी है। इससे मुजफ्फरपुर सहित बिहार के यात्रियों को नवंबर अंत तक लंबी दूरी की यात्रा में बड़ी राहत मिलेगी।
मोकामा में राजेंद्र सेतु के समानांतर गंगा नदी पर बने नए डबल ट्रैक रेल ब्रिज पर ट्रेनों का परिचालन शुरू होने के साथ ही उत्तर बिहार से दक्षिण बिहार होते यूपी और दिल्ली रूट पर ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की तैयारी तेज हो गई है। रेलवे की योजना के अनुसार, वर्ष 2027 तक मिथिलांचल से मगध होते दिल्ली के बीच नई अमृत भारत ट्रेन चलाई जाएगी। इसके अलावा अगले दो-तीन वर्षों में इस नए ट्रैक से वंदे भारत समेत तीन-चार अतिरिक्त एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों के परिचालन की रूपरेखा तैयार की गई है। पुराना राजेंद्र सेतु सिंगल ट्रैक होने और सुरक्षा कारणों से ट्रेनों की गति महज 50 किमी प्रति घंटे तक सीमित थी। क्रॉसिंग के लिए ट्रेनों को घंटों आउटर सिग्नल पर रुकना पड़ता था। नए डबल-ट्रैक ब्रिज के चालू होने से अब दोनों दिशाओं में ट्रेनें 100 से 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से निर्बाध दौड़ रही हैं। ट्रैक क्षमता बढ़ने से ट्रेनों की लेटलतीफी खत्म हुई है और नए रूटों के विस्तार का रास्ता साफ हो गया है। बिहार में गंगा नदी पर रेल ब्रिज डबल ट्रैक ब्रिज से फायदे
Ghazipur News: अगले साल बिहार तक फर्राटा भरने में होगी सहूलियत
Next year, it will be easier to travel to Bihar.
Bijnor News: पंजाब से बिहार जा रही 30 लाख की शराब पकड़ी, दो गिरफ्तार
Liquor worth ₹30 lakh, being transported from Punjab to Bihar, seized; two arrested
बिहार के सरकारी स्कूलों में रील्स बनाने पर रोक, शिक्षकों के लिए नए सोशल मीडिया दिशानिर्देश जारी
Bihar Teachers Reels Ban: बिहार शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और कर्मियों द्वारा रील्स बनाने और सोशल मीडिया पर अपलोड करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह कदम बच्चों की निजता और सरकारी छवि को बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
मुजफ्फरपुर में कार्यपालक पदाधिकारी के ठिकानों पर निगरानी की छापेमारी, आय से अधिक संपत्ति का खुलासा
Bihar Vigilance Bureau Action: मुजफ्फरपुर में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने माधोपुर सुस्ता नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी सुशील कुमार के तीन ठिकानों पर छापेमारी की है। उन पर एक करोड़ रुपये से अधिक की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।
Bihar CM Samrat Choudhary के Crime वाले बयान पर Prashant Kishor, Tej Pratap Yadav ने लिए मजे
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक ऐसा बयान दिया, जिस पर अब सियासी तंज शुरू हो गए हैं. उन्होंने कहा कि बिहार में क्राइम हो सकता है, लेकिन अपराध नहीं. उनके इस बयान पर जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर के साथ-साथ तमाम बिहार के नेताओं ने ना सिर्फ सवाल उठाए हैं बल्कि, सीएम को घेर भी लिया है
Bhupender Yadav ने कहा, Bihar की अटकी परियोजनाओं को पर्यावरण मंजूरी पर मंत्रालय देगा ध्यान
पटना, पांच नवंबर केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने बृहस्पतिवार को कहा कि बिहार में पर्यावरणीय मंजूरी के अभाव में लंबित विकास एवं बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के प्रस्तावों पर उनका मंत्रालय गौर करेगा और इनके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाएगा। ‘पीटीआई-भाषा’ द्वारा बिहार की उन विभिन्न परियोजनाओं के बारे में पूछे जाने पर, जिनका काम पर्यावरणीय मंजूरी नहीं मिलने के कारण अटका हुआ है, यादव ने कहा, “हम इन पर ध्यान देंगे। मेरे निजी सचिव बिहार कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। मैं उनसे इस मामले को देखने के लिए कहूंगा।”अधिकारियों के अनुसार, बिहार में पांच हजार एकड़ से अधिक वन भूमि के गैर-वानिकी उपयोग से जुड़े प्रस्ताव केंद्रीय मंत्रालय में लंबित हैं। राज्य की करीब 5,778.62 एकड़ वन भूमि के अपवर्तन की मंजूरी नहीं मिलने के कारण कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है। इस सिलसिले में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस सप्ताह की शुरुआत में नयी दिल्ली में भूपेंद्र यादव से मुलाकात कर विभिन्न विकास एवं बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से संबंधित लंबित प्रस्तावों को जल्द मंजूरी देने का अनुरोध किया था। लंबित प्रस्तावों में गया जी में चिड़ियाघर का निर्माण, जमुई में सौर ऊर्जा परियोजनाओं एवं इस्पात उद्योगों का विकास, डोभी में औद्योगिक विनिर्माण क्लस्टर की स्थापना और भीमबांध सहित विभिन्न पर्यटन स्थलों पर ईको-टूरिज्म सुविधाओं का विकास शामिल है। गया जी में करीब 45.9 हेक्टेयर वन भूमि पर चिड़ियाघर बनाने की योजना है। इसके लिए केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडए) और पर्यावरण मंत्रालय की मंजूरी का इंतजार है। वहीं, जमुई में सौर ऊर्जा एवं इस्पात उद्योगों के विकास के लिए वन भूमि के उपयोग संबंधी प्रस्ताव भी लंबित हैं। इसके अलावा, डोभी में औद्योगिक निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से प्रस्तावित विनिर्माण क्लस्टर तथा भीमबांध समेत अन्य पर्यटन स्थलों पर सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत ईको-टूरिज्म सुविधाएं विकसित करने की योजनाओं को भी मंजूरी मिलनी बाकी है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में सड़क, पुल और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए भी वन भूमि के अपवर्तन की आवश्यकता है। इनसे संबंधित प्रस्ताव मंत्रालय में जांच और समीक्षा के विभिन्न चरणों में हैं। सूत्रों के मुताबिक, इन परियोजनाओं को मंजूरी मिलने से औद्योगिक विकास, निवेश, पर्यटन और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, सड़क एवं अन्य बुनियादी ढांचे के विस्तार में भी तेजी आएगी।
बिहार क्रिकेट एसोसिएशन ने सैयद मुश्ताक अली टी-20 ट्रॉफी की तैयारियों के मद्देनजर अंतिम चयन ट्रायल के लिए 43 खिलाड़ियों को आमंत्रित किया है।
बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश कुमार ने स्कूलों में रील्स और वीडियो बनाने वाले शिक्षकों को कड़ी चेतावनी दी है.
दीपावली और छठ पर बिहार के अस्पताल अलर्ट मोड में, स्वास्थ्यकर्मियों के अवकाश पर रोक
Patna, 5 नवंबर . बिहार में दीपावली और छठ महापर्व के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को निर्बाध बनाए रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सभी Governmentी अस्पतालों को अलर्ट…
विशेष निगरानी इकाई ने पथ निर्माण अंचल के अधीक्षण अभियंता विजय कुमार को नोटिस भेजा है।
Bihar BPSC TRE-4 भर्ती में अभूतपूर्व प्रतिस्पर्धा, 10 लाख से अधिक आवेदन
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा आयोजित TRE-4 शिक्षक भर्ती में अभूतपूर्व प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है, जिसमें 10 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने आवेदन किया है। इस भर्ती में 33,320 पदों के लिए लगभग 30 उम्मीदवारों के बीच मुकाबला होगा। पिछले भर्ती अभियानों की तुलना में यह संख्या काफी अधिक है। परीक्षा में महत्वपूर्ण बदलाव भी किए गए हैं, जैसे कि गलत उत्तर पर अंक काटना और OMR पैटर्न में नया विकल्प शामिल करना। जानें इस भर्ती के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में।
गाजियाबाद में 8वीं वाहिनी एनडीआरएफ परिसर में आयोजित द्वितीय राष्ट्रीय एसडीआरएफ सीबीआरएन प्रतियोगिता-2026 का गुरुवार को समापन हुआ। तीन दिन चली प्रतियोगिता में तमिलनाडु की टीम पहले, उत्तराखंड दूसरे और बिहार तीसरे स्थान पर रही। समापन समारोह में एनडीआरएफ के महानिदेशक पीयूष आनंद मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। प्रतियोगिता 2 से 4 नवंबर तक हुई। इसका उद्देश्य रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल और परमाणु (सीबीआरएन) आपात स्थितियों से निपटने के लिए एसडीआरएफ जवानों की तैयारी और काम करने की क्षमता परखना था। प्रतियोगिता में जवानों की तकनीकी जानकारी, तुरंत कार्रवाई और बचाव दलों के बीच तालमेल को बेहतर बनाने पर भी ध्यान दिया गया। राष्ट्रीय प्रतियोगिता के क्षेत्रीय चरण में 19 राज्यों की एसडीआरएफ टीमों ने हिस्सा लिया था। इनमें से राजस्थान, बिहार, हरियाणा, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और गुजरात की टीमों को अंतिम चरण के लिए चुना गया। तीन दिन तक टीमों ने अलग-अलग परिस्थितियों में बचाव कार्यों का अभ्यास किया। उनके प्रदर्शन के आधार पर शीर्ष तीन टीमों को विजेता घोषित किया गया। पहले स्थान पर रही तमिलनाडु एसडीआरएफ टीम को एक लाख रुपये और ट्रॉफी दी गई। उत्तराखंड एसडीआरएफ को 75 हजार रुपये और ट्रॉफी, जबकि बिहार एसडीआरएफ को 50 हजार रुपये और ट्रॉफी मिली। पीयूष आनंद ने समापन समारोह में कहा कि एनडीआरएफ और एसडीआरएफ का उद्देश्य लोगों की जान बचाना और आपदा के समय उनकी सुरक्षा करना है। उन्होंने कहा कि सभी आपदा मोचन बल एक टीम की तरह काम करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे संयुक्त अभ्यास से जवानों को एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने और अपनी कमियां दूर करने का मौका मिलता है। उन्होंने कहा कि सीबीआरएन आपदाओं में खतरे का शुरुआती संकेत आसानी से दिखाई नहीं देता। ऐसे में जवानों को नियमित अभ्यास और प्रशिक्षण की जरूरत है, ताकि आपात स्थिति में वे बिना देरी किए सुरक्षित तरीके से बचाव कार्य कर सकें। कार्यक्रम में एनडीआरएफ के महानिरीक्षक नरेंद्र सिंह बुंदेला सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी, जवान और मीडिया प्रतिनिधि मौजूद रहे।
5 नवंबर, गुरुवार: दरभंगा में राजद नेता तेजस्वी यादव ने बिहार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए अपराध बढ़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य में हत्या और दुष्कर्म की घटनाएं लगातार हो रही हैं और पुलिस से आम लोग परेशान हैं।
Bhupender Yadav का विपक्ष पर हमला, Bihar SIR पर 60 हजार BLA ने दीं महज 2 आपत्तियां
पटना, पांच नवंबर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने बृहस्पतिवार को बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विपक्ष के आरोपों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष एसआईआर की आड़ में हंगामा कर सत्ता परिवर्तन की कोशिश कर रहा है। यादव दरभंगा में भाजपा की ओर से आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ मार्च’ में शामिल होने के बाद पटना पहुंचे। उन्होंने यहां संवाददाता सम्मेलन में विपक्षी गठबंधन की राजनीतिक रणनीति और उसके थिंक टैंक पर सवाल उठाए। केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों की रणनीति तैयार करने वाले समूहों का आम जनता से सीधा जुड़ाव नहीं है। उन्होंने राजद के थिंक टैंक में आइसा के पूर्व नेतृत्व, कांग्रेस के युवा नेतृत्व में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के प्रभाव और समाजवादी पार्टी के रणनीतिक समूह में जामिया के पूर्व नेतृत्व का उल्लेख किया। यादव ने कहा कि विपक्ष लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने बिहार में एसआईआर का उल्लेख करते हुए कहा, “ राज्य में 12 राजनीतिक दलों के कुल एक लाख 60 हजार बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त थे। इनमें विपक्षी दलों के 60 हजार से अधिक बीएलए शामिल थे, लेकिन पुनरीक्षण के दौरान उनकी ओर से महज दो आपत्तियां दर्ज कराई गईं। ”उन्होंने सवाल किया कि जब विपक्ष मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का आरोप लगा रहा था, तो उसके प्रतिनिधियों ने आपत्तियां दर्ज कराने में सक्रियता क्यों नहीं दिखाई? केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एसआईआर कोई नई या असंवैधानिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि मतदाता सूची को शुद्ध और त्रुटिरहित बनाने के लिए अपनाई जाने वाली संवैधानिक प्रक्रिया है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 324 और 326 तथा जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 21 का उल्लेख करते हुए कहा कि निर्वाचन आयोग को मतदाता सूची के पुनरीक्षण का अधिकार प्राप्त है और देश में इससे पहले भी 10 बार विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। यादव ने बताया कि बिहार में घर-घर सत्यापन के दौरान 21 लाख 53 हजार नए मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़े गए। उन्होंने कहा, “वहीं, 25 लाख मृत मतदाता, 36 लाख स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके मतदाता और सात लाख दोहरे नाम वाले मतदाता चिह्नित किए गए। ’’केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बीएलओ को मतदाताओं के घर तीन बार जाकर सत्यापन करने का निर्देश दिया गया था और इस प्रक्रिया में राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों की भूमिका भी सुनिश्चित की गई थी। यादव ने ईवीएम और चुनावी नतीजों पर विपक्ष की ओर से उठाए जाने वाले सवालों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनाव में हार के बाद विपक्ष चुनावी व्यवस्था पर सवाल उठाने लगता है, जबकि लोकतंत्र में जनता का फैसला सर्वोपरि होता है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बिहार लोकतांत्रिक चेतना और जन आंदोलनों की ऐतिहासिक भूमि रहा है। जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में लोकतंत्र की रक्षा के लिए हुए आंदोलन का उल्लेख करते हुए उन्होंने ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ के संकल्प को दोहराया। यादव ने विधान परिषद के दो निर्दलीय सदस्यों को भाजपा में शामिल कराने से संबंधित सवाल पर कहा कि इस मामले में विधान परिषद के सभापति निर्णय लेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों विधान पार्षदों ने केवल भाजपा को समर्थन दिया है, पार्टी की सदस्यता ग्रहण नहीं की है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और जन सुराज ने निर्दलीय सदस्यों बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज की सदस्यता समाप्त करने की मांग की है। दोनों पर भाजपा में शामिल होने का आरोप लगाते हुए राजद और ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं ने विधान परिषद के सभापति को ज्ञापन सौंपा था।
Gaya में खेत बचाओ अभियान की शुरुआत, Vijay Kumar Sinha ने प्राकृतिक खेती अपनाने पर दिया जोर
आज गया जी जिले में ‘खेत बचाओ अभियान’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर किसानों को संबोधित करते हुए माननीय कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार कृषि भूमि के संरक्षण, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और किसानों की खुशहाली एवं समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए संकल्पित है। इस अवसर पर माननीय बिहार विधान सभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, माननीय विधान सभा सदस्य श्रीमती ज्योति देवी, रोमित कुमार, जिलाधिकारी शशांक शुभंकर, अध्यक्ष जिला परिषद श्रीमती नैना कुमारी उपस्थित रहीं। ‘खेत बचाओ–जीवन बचाओ’ के मूल संकल्प के साथ इस अभियान का उद्देश्य किसानों को जागरूक एवं प्रेरित कर खेतों की उर्वरता एवं सेहत में सुधार करना, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना, मृदा एवं प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना तथा कृषि को अधिक टिकाऊ, लाभकारी और समृद्ध बनाना है। यह अभियान न केवल खेतों की सुरक्षा और मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य और किसानों की खुशहाली सुनिश्चित करने का भी एक सशक्त संकल्प है। इसे भी पढ़ें: बिहार में Renewable Energy सेक्टर में 2.57 लाख करोड़ के Investment की उम्मीद विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि प्रकृति के जितना निकट हम रहेंगे, उसके संसाधनों और उपहारों का उतना ही अधिक लाभ प्राप्त करेंगे। प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर खेती करना ही टिकाऊ कृषि का आधार है। प्राकृतिक खेती अपनाकर हम मिट्टी की उर्वरता, पर्यावरण का संतुलन और किसानों का भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं। कृषि मंत्री ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के असंतुलित एवं अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की प्राकृतिक उर्वरा शक्ति लगातार प्रभावित हो रही है। इसका प्रतिकूल प्रभाव न केवल कृषि उत्पादन एवं पर्यावरण पर पड़ रहा है, बल्कि हमारे स्वास्थ्य पर भी इसके दुष्परिणाम देखने को मिल रहे हैं। इसलिए किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग और प्राकृतिक खेती की ओर प्रेरित करना समय की आवश्यकता है। सिन्हा ने युवा साथियों से अपील करते हुए कहा कि वे प्राकृतिक खेती को अपनाने के साथ-साथ इसे जन-जन तक पहुंचाने में भी अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। युवा शक्ति नवाचार और जागरूकता के माध्यम से कृषि को टिकाऊ, पर्यावरण अनुकूल एवं लाभकारी बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है। इसे भी पढ़ें: Bihar में नशीले पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, पुलिस ने 46,549 किलो Ganja और हेरोइन पकड़ी कृषि मंत्री ने कहा कि महिला किसानों को केवल खेती तक सीमित न रहकर कृषि उद्यमी के रूप में भी अपनी पहचान स्थापित करनी चाहिए। महिला किसानों को कृषि आधारित स्वरोजगार, प्रसंस्करण, खाद्य उत्पाद निर्माण एवं विपणन से जोड़कर आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि हम सभी को प्राकृतिक खेती की परंपरा, मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरण के संतुलन को हर हाल में संरक्षित करना है। हमारा संकल्प है कि प्राकृतिक खेती को अपनाकर खेतों की सेहत बचाएंगे, किसानों को समृद्ध बनाएंगे और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित करेंगे।
Kal Ka Mausam 6 November: धनतेरस के दिन कैसा रहेगा उत्तर बिहार का मौसम? पूर्वानुमान जारी
Bihar Weather IMD Forecast:उत्तर बिहार में धनतेरस (6 नवंबर) को मौसम साफ रहेगा और बारिश की कोई संभावना नहीं है। अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम 16 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है, सुबह हल्का कोहरा छा सकता है।
राजनांदगांव पुलिस की बिहार में कार्रवाई, टाटा पावर सोलर के नाम पर ठगी के दो आरोपी गिरफ्तार
राजनांदगांव पुलिस ने इंस्टाग्राम पर टाटा पावर सोलर कंपनी का फर्जी विज्ञापन दिखाकर ग्यारह लाख रुपये से अधिक की ऑनलाइन ठगी करने वाले बिहार के दो साइबर ठगों को पकड़ा।
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर विपक्ष के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने बताया कि विपक्ष के 1.60 लाख बीएलए ने केवल दो आपत्तियां दर्ज कराईं।
BIHAR NEWS: राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर निकला प्रचार रथ
5 गुरुवार, नवंबर: राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर प्रचार रथ निकला, जो गांव-गांव जाकर लोगों को लोक अदालत के लाभों के बारे में जागरूक करेगा।
खेत बेचने को तैयार थे पिता, बेटी बनीं बिहार टॉपर; अब IAS बनने दिल्ली पहुंची गया की निशु
खिजरसराय की निशु कुमारी ने बिहार इंटरमीडिएट कला संकाय में 479 अंक हासिल कर प्रदेश में टॉप किया है। अब वह दिल्ली में रहकर स्नातक की पढ़ाई के साथ यूपीएससी की तैयारी कर रही हैं, जो ग्रामीण बेटियों के लिए प्रेरणा बनी हैं।
Delhi to Bihar Diwali Chhath Special Trains: त्योहारों पर दिल्ली से बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल जाने वाले प्रवासियों के लिए भारतीय रेलवे ने 2 नई स्पेशल ट्रेनें चलाने का ऐलान किया है. जानिए इन स्पेशल ट्रेनों के संचालन की तारीखें, रूट और स्टॉपेज से जुड़ी पूरी रिपोर्ट.
लालू परिवार की वह सबसे चर्चित शादी जिसने बढ़ाई थी बिहार की सियासत
बिहार की राजनीति में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सर्वोच्च नेता लालू प्रसाद यादव का परिवार हमेशा से देश की मीडिया और राजनीतिक गलियारों की सुर्खियों में बना रहता है। लेकिन बिहार के सियासी इतिहास के पन्नों को पलटा जाए तो एक ऐसा भी अध्याय सामने आता है जब लालू परिवार में हुई एक शादी केवल भव्यता या व्यंजनों के लिए नहीं, बल्कि देश की सबसे बड़ी केंद्रीय जांच एजेंसियों के भारी शिकंजे के लिए याद की जाती है। यह कहानी है उस ऐतिहासिक और चर्चित विवाह समारोह की जिसने पूरे देश के राजनीतिक और प्रशासनिक तंत्र में भूचाल ला दिया था। इस भव्य आयोजन के बाद आयकर विभाग (Income Tax Department) ने ऐसी अभूतपूर्व कार्रवाई की कि एक-दो नहीं, बल्कि देश भर के करीब 125 बड़े दिग्गजों और राजनेताओं को सीधे कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी कर दिया गया था। उस दौर में इस कानूनी और राजनीतिक कार्रवाई ने न केवल बिहार बल्कि पूरी दिल्ली की राजनीति का तापमान चरम पर पहुंचा दिया था।#1 क्या था लालू परिवार की उस सबसे चर्चित और बहुचर्चित शादी का पूरा मामला?बात उस दौर की है जब बिहार में लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की सत्ता का दौर हुआ करता था। लालू परिवार में विवाह का यह भव्य आयोजन पटना में बेहद शाही अंदाज में आयोजित किया गया था। इस शादी में देश भर के कई राज्यों से वीवीआईपी मेहमान, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, सांसद, विधायक और दिग्गज उद्योगपति शरीक होने के लिए पहुंचे थे। शादी में की गई सजावट, मेहमानों के स्वागत के लिए बनाए गए विशाल पंडाल, गाड़ियों के लंबे काफिले और भव्य खान-पान का नजारा किसी सपने जैसा नजर आ रहा था। लेकिन जैसे ही यह शादी समारोह संपन्न हुआ, शादी पर हुए बेहिसाब खर्च, महंगे उपहारों और वित्तीय लेन-देन की खबरें मीडिया की मुख्य सुर्खियां बन गईं। इस बेहिसाब खर्च को लेकर आयकर विभाग और वित्त मंत्रालय की निगाहें तुरंत इस आयोजन पर टिक गईं।#1 आयकर विभाग का बड़ा एक्शन: 125 राजनेताओं को एक साथ जारी हुआ कारण बताओ नोटिसविवाह समारोह की भव्यता और उसमें हुए कथित बेहिसाब वित्तीय खर्चों की शुरुआती पड़ताल के बाद आयकर विभाग ने बेहद आक्रामक और सख्त रुख अपनाया। जांच एजेंसी ने शादी में शामिल हुए उन तमाम रसूखदार मेहमानों और राजनेताओं की सूची तैयार की जिन्होंने इस शादी के आयोजन में महंगे उपहार (Gifts), चांदी-सोने के आभूषण या वित्तीय योगदान दिया था। देखते ही देखते आयकर विभाग ने देश के अलग-अलग राज्यों से इस शादी में शामिल हुए लगभग 125 वरिष्ठ राजनेताओं, विधायकों और राजनीतिक हस्तियों को नोटिस थमा दिए। नोटिस में उन सभी से शादी में दिए गए उपहारों के स्रोत, उनकी मौद्रिक कीमत और अपने आयकर विवरण (IT Return) में उनके उल्लेख को लेकर कड़े सवाल पूछे गए थे। एक साथ 125 दिग्गजों को मिले इस नोटिस ने पूरे देश की राजनीति में खलबली मचा दी थी।#1 राजनीतिक गलियारों में मची थी भारी हलचल और वित्तीय जांच का दायराजब 125 राजनेताओं को आयकर विभाग के नोटिस मिलने की खबर सार्वजनिक हुई, तो लालू परिवार और उनके सहयोगी दलों में हड़कंप मच गया। विपक्षी दलों ने उस समय की सरकार और लालू प्रसाद यादव पर सत्ता के दुरुपयोग और काले धन के इस्तेमाल के गंभीर आरोप लगाए थे। वहीं दूसरी ओर, राजद और उनके समर्थकों ने इस पूरी कार्रवाई को केंद्र सरकार द्वारा संचालित राजनीतिक बदले की भावना और बदले की कार्रवाई करार दिया था। जांच अधिकारियों ने शादी का ठेका लेने वाले टेंट हाउस मालिकों, कैटरिंग सर्विस प्रोवाइडरों, आभूषण विक्रेताओं और अन्य इवेंट आयोजकों के खातों की भी गहनता से जांच की थी ताकि शादी में खर्च हुई असली राशि का सटीक ब्योरा निकाला जा सके।#1 भारतीय राजनीति और जांच एजेंसियों के इतिहास में दर्ज हुई यह अनोखी घटनालालू परिवार की इस शादी के बाद हुई आयकर विभाग की यह कार्रवाई भारतीय राजनीति के इतिहास में एक अनोखी मिसाल मानी जाती है। आमतौर पर किसी शादी समारोह में शिरकत करने वाले मेहमानों या गिफ्ट देने वालों पर इस तरह इतने बड़े पैमाने पर आयकर विभाग की गाज गिरना बहुत दुर्लभ माना जाता है। इस घटना ने यह साबित कर दिया था कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं के व्यक्तिगत और पारिवारिक आयोजन भी कड़े वित्तीय मानकों और जांच एजेंसियों की पैनी नजर से बाहर नहीं हैं। आज इतने वर्षों के बाद भी जब भी बिहार के सियासी इतिहास या हाई-प्रोफाइल राजनीतिक शादियों के खर्चों का जिक्र होता है, तो 125 नेताओं को मिले इस आयकर नोटिस का किस्सा प्रमुखता से याद किया जाता है।
PATNA NEWS: बिहार में अपराध और अग्निवीर पर मनोज झा ने NDA को घेरा
5 गुरुवार, नवंबर: पटना में राजद सांसद मनोज झा ने राहुल गांधी के दावे, मधुबनी घटना, बिहार में अपराध पर सम्राट चौधरी के बयान, अग्निवीर कार्यकाल बढ़ाने और भाजपा की पदयात्रा पर एनडीए सरकार पर जमकर निशाना साधा।
Bihar Weather Update: अररिया में ठंड के साथ बढ़ा कोहरे का असर, सुबह 9 बजे तक सड़कों पर छाई रही धुंध
अररिया में ठंड के साथ कोहरे का असर बढ़ने लगा है। गुरुवार सुबह जिला मुख्यालय और आसपास के इलाकों में घनी धुंध छाई रही। कम दृश्यता के कारण वाहन चालक हेडलाइट जलाकर चलते दिखे। सुबह करीब 9 बजे कोहरा छंटने के बाद लोगों को राहत मिली।
शराब कंपनियों पर ऐक्शन नहीं ले रहे अफसर , बिहार के मद्य निषेध मंत्री ने की सम्राट चौधरी से शिकायत
बिहार में मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन मंत्री अपने ही विभाग के अफसरों की कार्यशैली से नाखुश हैं। मंत्री का कहना है कि विभाग के अफसर शराब जब्त होने के बाद शराब कंपनियों पर ऐक्शन लेने में हिचक रहे हैं।
बिहार में शिक्षकों के लिए सोशल मीडिया गाइडलाइन जारी, अनुमति लेकर खास मौकों पर ही बना सकेंगे रील्स
Bihar Teachers Social Media Guidelines : शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों और कार्यालय परिसरों में रील्स व वीडियो बनाने पर सख्ती की है। बिना सक्षम प्राधिकार की अनुमति के सरकारी परिसर में वीडियो अपलोड करने पर रोक लगाई गई है।
टोल प्लाजा पर लाइन में लगने का झंझट होगा खत्म; एनएचएआई ला रहा नया सिस्टम, बिहार से शुरुआत
अब सड़कों के ऊपर गेंट्री पोल्स और ओवरहेड सेंसर्स लगाए जा रहे हैं। वर्तमान व्यवस्था में फास्टैग होने के बावजूद कई बार स्कैनर की धीमी गति या वाहनों की अधिकता के कारण टोल पर रुकना पड़ता है। नई तकनीक में इन समस्याओं को दूर कर दिया जाएगा।
केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत संचालित 'प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना' (PM-GKAY) देश के गरीब, मजदूर और वंचित तबके के लिए सबसे बड़ी जीवन रेखा साबित हो रही है। केंद्र सरकार ने इस योजना की समय-सीमा को दिसंबर 2028 तक विस्तार दिया है, जिससे देशभर के 81.35 करोड़ से अधिक पात्र लाभार्थियों को मुफ्त खाद्यान्न (चावल, गेहूं व मोटे अनाज) का निरंतर लाभ दिया जा रहा है। पहले जहां सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत ₹1 से ₹3 प्रति किलो की रियायती दर पर अनाज उपलब्ध कराया जाता था, वहीं अब इस एकीकृत योजना के तहत शत-प्रतिशत मुफ्त अनाज दिया जा रहा है, यानी उचित मूल्य की दुकान (कोटेदार) पर लाभार्थी को ₹0 भुगतान करना होता है। राशन वितरण की प्रणाली में अक्सर लोगों के मन में यह भ्रम रहता है कि 35 किलो राशन किसे मिलता है और प्रति यूनिट 5 किलो का क्या नियम है। खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के नियमों के अनुसार राशन कार्ड धारकों को दो मुख्य श्रेणियों में विभाजित किया गया है, जिसके आधार पर मासिक अनाज का कोटा तय होता है। जो परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर हैं और अभी तक राशन कार्ड नहीं बनवा पाए हैं, वे राज्य सरकारों के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति पोर्टल के जरिए नया डिजिटल राशन कार्ड बनवाकर इस योजना का सीधा लाभ ले सकते हैं।35 किलो प्रति माह बनाम 5 किलो प्रति यूनिट: जानिए राशन वितरण का आधिकारिक गणितमुफ्त राशन योजना के तहत खाद्यान्न का आवंटन कार्ड की श्रेणी और परिवार के सदस्यों की संख्या के आधार पर कड़ाई से लागू किया गया है:अंत्योदय अन्न योजना (AAY - पीला/गुलाबी राशन कार्ड): यह कार्ड समाज के सबसे निर्धन और असहाय परिवारों (Poorest of the Poor) को जारी किया जाता है। इस श्रेणी के अंतर्गत पंजीकृत प्रत्येक परिवार को परिवार के सदस्यों की संख्या चाहे जो भी हो, प्रति माह एकमुश्त 35 किलोग्राम मुफ्त खाद्यान्न (सामान्यतः 21 किलो चावल और 14 किलो गेहूं अथवा क्षेत्रीय उपलब्धता के अनुसार मोटा अनाज) प्रदान किया जाता है।प्राथमिकता वाले परिवार (PHH - सफेद/खाकी राशन कार्ड): गरीबी रेखा से नीचे (BPL) जीवन यापन करने वाले अन्य पात्र परिवारों को पीएचएच श्रेणी में रखा जाता है। इस कार्ड पर परिवार के प्रति सदस्य (प्रति यूनिट) के हिसाब से 5 किलोग्राम मुफ्त अनाज प्रति माह आवंटित किया जाता है। उदाहरण के लिए, यदि किसी परिवार में 6 सदस्य दर्ज हैं, तो उन्हें हर महीने कुल 30 किलोग्राम अनाज पूरी तरह मुफ्त मिलेगा।35 किलो राशन के लिए कौन हैं पात्र? अंत्योदय कार्ड की प्रमुख शर्तेंअंत्योदय राशन कार्ड का आवंटन बेहद सख्त सामाजिक व आर्थिक मानकों के आधार पर किया जाता है ताकि केवल वास्तविक जरूरतमंदों को ही इसका लाभ मिले। निम्नलिखित श्रेणियों में आने वाले परिवार अंत्योदय कार्ड के लिए पात्र माने जाते हैं:ऐसे भूमिहीन खेतिहर मजदूर, सीमांत किसान, ग्रामीण कारीगर (जैसे कुम्हार, बुनकर, बढ़ई, मोची) और झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले दिहाड़ी मजदूर जिनकी कोई निश्चित मासिक आय नहीं है।ऐसे परिवार जिनका संचालन 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्ग, विधवा महिलाएं अथवा गंभीर रूप से दिव्यांग व्यक्ति कर रहे हों और उनके पास भरण-पोषण का कोई अन्य नियमित वित्तीय सहारा न हो।आदिम और घुमंतू जनजातीय समुदाय (Primitive Tribal Households) के परिवार।एचआईवी/एड्स या अन्य गंभीर असाध्य बीमारियों से पीड़ित व्यक्ति जो मजदूरी करने में पूरी तरह असमर्थ हैं।जिन परिवारों की वार्षिक आय राज्य सरकार द्वारा निर्धारित अति-गरीबी सीमा (सामान्यतः ₹15,000 से ₹25,000 वार्षिक) के नीचे दर्ज है। (अपात्रता नियम: यदि परिवार का कोई सदस्य सरकारी सेवा में कार्यरत है, आयकर दाखिल करता है, परिवार के पास चार पहिया वाहन, ट्रैक्टर अथवा पांच एकड़ से अधिक सिंचित कृषि भूमि है, तो वह अंत्योदय या बीपीएल राशन कार्ड के लिए पात्र नहीं होगा।)नया राशन कार्ड बनवाने के लिए आवश्यक दस्तावेजों की चेकलिस्टनए राशन कार्ड के लिए आवेदन करते समय परिवार के सभी सदस्यों के वैध दस्तावेज संलग्न करना आवश्यक है:मुखिया की जानकारी: परिवार की सबसे वरिष्ठ महिला (18 वर्ष या उससे अधिक आयु) को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत परिवार का कानूनी मुखिया माना जाता है। मुखिया की तीन हालिया पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो।पहचान व पते का प्रमाण: परिवार के सभी वयस्क व नाबालिग सदस्यों के पहचान पत्र (नागरिक पहचान पत्र) की प्रमाणित प्रति।निवास प्रमाण पत्र: बिजली का बिल, पानी का बिल, गैस कनेक्शन पासबुक या स्थानीय निकाय द्वारा जारी निवास प्रमाण।आय प्रमाण पत्र: तहसील के राजस्व अधिकारी (तहसीलदार/एसडीएम) द्वारा जारी चालू वर्ष का वैध आय प्रमाण पत्र।बैंक खाता पासबुक: परिवार की मुखिया महिला के बैंक खाते का विवरण और आईएफएससी कोड (डीबीटी सक्षम)।शपथ पत्र: इस आशय का स्व-घोषणा पत्र कि परिवार के पास पहले से देश के किसी अन्य राज्य या जिले में राशन कार्ड नहीं बना हुआ है।नया राशन कार्ड कैसे बनवाएं? ऑनलाइन व ऑफलाइन आवेदन की पूरी प्रक्रियाराशन कार्ड जारी करने और उसकी सूची संकलित करने का संवैधानिक अधिकार संबंधित राज्य सरकारों के पास होता है। नागरिक अपनी सुविधा के अनुसार दोनों माध्यमों से आवेदन कर सकते हैं:1. राज्य खाद्य पोर्टल के जरिए ऑनलाइन आवेदनकेंद्र सरकार के राष्ट्रीय खाद्य पोर्टल (nfsa.gov.in) पर जाएं अथवा अपने राज्य के खाद्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (जैसे fcs.up.gov.in, epds.bihar.gov.in आदि) खोलें।होमपेज पर 'Citizen Services' सेक्शन में जाकर 'Apply for New Ration Card' विकल्प का चयन करें।अपना मोबाइल नंबर दर्ज करके ओटीपी सत्यापन के जरिए पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करें।आवेदन फॉर्म में अपने जिले, ब्लॉक/तहसील, ग्राम पंचायत या वार्ड और नजदीकी उचित मूल्य दुकान (राशन कोटेदार) का चयन करें।परिवार की मुखिया महिला का व्यक्तिगत विवरण और बैंक खाता संख्या भरें।'Add Family Member' विकल्प पर क्लिक करके परिवार के अन्य सभी सदस्यों के नाम, उम्र, लिंग और पहचान पत्र विवरण सही-सही जोड़ें।सभी आवश्यक दस्तावेजों की स्पष्ट स्कैन कॉपी (पीडीएफ या जेपीजी फॉर्मेट में) अपलोड करें।फॉर्म सबमिट करते ही स्क्रीन पर एक एप्लीकेशन रेफरेंस नंबर जारी होगा। इस रसीद का प्रिंटआउट निकाल लें।2. कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या खाद्य आपूर्ति कार्यालय से ऑफलाइन आवेदनग्रामीण या सुदूर इलाकों के नागरिक अपने नजदीकी जनसेवा केंद्र (CSC) पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भरवा सकते हैं। इसके अलावा, ब्लॉक या तहसील स्थित आपूर्ति निरीक्षक (Supply Inspector) अथवा क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी के कार्यालय से निःशुल्क राशन कार्ड आवेदन प्रपत्र प्राप्त कर सकते हैं। फॉर्म को साफ अक्षरों में भरकर सभी दस्तावेजों की स्व-प्रमाणित प्रतियों के साथ कार्यालय में जमा करें और पावती रसीद अवश्य प्राप्त करें।सत्यापन और 'वन नेशन वन राशन कार्ड' (Mera Ration) की सुविधाआवेदन जमा होने के बाद खाद्य विभाग के क्षेत्रीय लेखपाल या आपूर्ति निरीक्षक द्वारा आवेदक के घर और आय का भौतिक सत्यापन किया जाता है। सत्यापन रिपोर्ट सकारात्मक पाए जाने पर 15 से 30 कार्य दिवसों के भीतर राशन कार्ड स्वीकृत कर दिया जाता है और डिजिटल राशन कार्ड पोर्टल पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध हो जाता है। इसके अलावा, केंद्र सरकार की 'वन नेशन वन राशन कार्ड' (ONORC) प्रणाली के तहत यदि कोई कार्डधारक रोजी-रोटी के सिलसिले में अपने गृह राज्य से किसी दूसरे राज्य में प्रवास करता है, तो उसे नया कार्ड बनवाने की कोई आवश्यकता नहीं है। लाभार्थी गूगल प्ले स्टोर से 'Mera Ration' आधिकारिक मोबाइल ऐप डाउनलोड करके अपने आधार या राशन नंबर से नजदीकी राशन डीलर का पता लगा सकते हैं और बायोमेट्रिक ई-पॉस (e-PoS) मशीन पर फिंगरप्रिंट लगाकर देश के किसी भी कोने में अपने हिस्से का मुफ्त राशन प्राप्त कर सकते हैं। राशन प्राप्त करने में किसी भी अनियमितता या डीलर द्वारा पैसे मांगने की स्थिति में राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1967 पर तुरंत शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
Bihar Weather Update: अगले छह दिनों तक शुष्क रहेगा बिहार का मौसम, सुबह-रात में हल्की ठंड
बिहार में अगले छह दिनों तक मौसम शुष्क और सामान्य रहेगा, सुबह-रात में हल्की ठंड महसूस होगी। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात मुरासु का प्रदेश पर विशेष प्रभाव नहीं पड़ेगा, तापमान में खास बदलाव नहीं होगा।
Bihar News LIVE: धारदार हथियार से मां-बेटे की हत्या, बिहार का इंजीनियर धनकुबेर; बड़ी खबरें
Bihar News LIVE: बिहार में निगरानी विभाग ने भ्रष्ट इंजीनियर विजय कुमार के ठिकानों पर रेड डाली है। जांच टीम को लाखों रुपये कैश मिले हैं। इधर बिहार सरकार राज्य के टीचरों के सर्टिफिकेट की जांच करेगी।
नौकरी का झांसा देकर बिहार से लाए 12 बच्चे, जननायक एक्सप्रेस से रेस्क्यू
भास्कर न्यूज | अम्बाला जननायक एक्सप्रेस से हरियाणा में मजदूरी के लिए लाए जा रहे बिहार के 12 बच्चों को अम्बाला कैंट रेलवे स्टेशन पर संयुक्त टीम ने रेस्क्यू किया। ट्रेन संख्या 15211 के रात करीब 9:55 बजे स्टेशन पहुंचने पर पुलिस और संबंधित विभागों की टीम ने चेकिंग अभियान चलाया। शुरुआती पूछताछ में सामने आया कि ठेकेदारों ने बच्चों को नौकरी का झांसा देकर बुलाया था। उन्हें भिवानी की फीड फैक्ट्री, बठिंडा की कंपनी और हरियाणा के ईंट भट्ठों पर काम के लिए ले जाने की तैयारी थी। पूछताछ में चार बच्चों ने बताया कि उन्हें भिवानी की फीड फैक्ट्री में काम के लिए बुलाया गया था। ठेकेदार ने 5 हजार रुपए एडवांस, रहने-खाने की सुविधा और 15 हजार रुपए मासिक वेतन देने की बात कही थी। दो बच्चों ने बठिंडा की कंपनी में काम के लिए जाने की जानकारी दी। वहीं, तीन बच्चों को हरियाणा के ईंट भट्ठों पर मजदूरी के लिए बुलाया गया था। उन्हें 9 हजार रुपए एडवांस और 15 हजार रुपए मासिक वेतन देने का वादा किया गया था। बच्चों के अनुसार, उनसे सुबह 8 से रात 8 बजे तक काम करवाया जाना था। बाकी तीन बच्चे भी अन्य स्थानों पर काम के लिए जा रहे थे। बच्चों की सुरक्षा और पुनर्वास प्राथमिकता : जिला युवा विकास संगठन के प्रधान परमजीत सिंह बडोला ने कहा कि बाल तस्करी गंभीर अपराध है। इसे रोकने के लिए सभी विभागों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच समन्वय जरूरी है। सूचना मिलते ही संबंधित विभागों को अवगत कराया गया, जिसके बाद संयुक्त कार्रवाई में 12 बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। टोल फ्री नंबर पर मिली सूचना, टीम ने चलाया अभियान जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन अलायंस के टोल फ्री नंबर 1800-102-7222 पर सूचना मिली थी कि जननायक एक्सप्रेस से बच्चों को मजदूरी के लिए ले जाया जा रहा है। इसकी जानकारी जिला युवा विकास संगठन के प्रधान परमजीत सिंह बडोला को दी गई। उनके निर्देश पर स्टेट प्रोग्राम मैनेजर अजय तिवारी ने महिला एवं बाल विकास विभाग हरियाणा, बाल कल्याण समिति अम्बाला, जिला बाल संरक्षण इकाई, जीआरपी, आरपीएफ, सीआईबी/यूएमबी और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट को ईमेल से सूचना दी। इसके बाद सभी विभागों ने मिलकर स्टेशन पर जांच अभियान चलाया। बाल कल्याण समिति ने बच्चों को ओपन शेल्टर होम भेजा : रेस्क्यू किए गए बच्चों की प्राथमिक पूछताछ और काउंसलिंग की गई। उनके परिजनों की पहचान कर संपर्क करने की प्रक्रिया जारी है। आवश्यक डीडीआर और मेडिकल प्रक्रिया पूरी करने के बाद बच्चों को बाल कल्याण समिति अम्बाला की चेयरपर्सन रंजीता सचदेवा के समक्ष पेश किया गया। समिति ने विचार-विमर्श के बाद बच्चों को देखभाल और संरक्षण के लिए ओपन शेल्टर होम भेजने के निर्देश दिए। वहां उनकी काउंसलिंग और देखभाल की जाएगी।
एनआईए ने औरंगाबाद के जाली भारतीय नोट तस्करी मामले में बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। एजेंसी ने बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में कुल 8 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। तलाशी के दौरान डिजिटल उपकरण, आपत्तिजनक दस्तावेज और बांग्लादेशी मुद्रा जब्त की गई। एनआईए की टीमों ने बिहार के औरंगाबाद में 2 और गयाजी में 3 ठिकानों पर छापेमारी की। वहीं, झारखंड के हजारीबाग में 2 और पश्चिम बंगाल के मालदा में 1 जगह तलाशी ली गई। हजारीबाग के सदर थाना क्षेत्र के बड़ा बाजार ओपी अंतर्गत हुरहुरू बाबा पथ स्थित शहीद सुभाष बारला मार्ग में दो घरों की घेराबंदी की गई। यहां प्रदीप साव और उदय साव के घर पर छापेमारी हुई। दोनों जाली नोट के कारोबार से जुड़े मामले में आरोपी हैं। दोनों ममेरे भाई हैं और बिहार के गया जिले के बाराचट्टी के रहने वाले हैं।
बिहार में अब दो से ज्यादा बच्चे वाले भी मेयर और वार्ड पार्षद बन सकेंगे। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद उम्मीद जग गई है। बिहार के किन-किन चुनावों में दो से ज्यादा बच्चे वालों के लड़ने पर रोक है, सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा, कब से प्रतिबंध खत्म हो सकता है, जानेंगे; आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाही में…। सवाल-1ः दो से ज्यादा बच्चों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा? जवाबः सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने महाराष्ट्र की पूर्व सरपंच मंगला भीमराव की याचिका पर सुनवाई की। 4 नवंबर 2026 को कोर्ट ने भीमराव को राहत देते हुए कहा, 'दो से ज्यादा बच्चे होने पर चुनाव लड़ने से रोकने वाले कानून अब प्रासंगिक नहीं रह गए हैं।' कोर्ट ने बताया कि भारत की कुल प्रजनन दर 2003 में 3 थी, जो अब घटकर 1.9 रह गई है। 2.1 की प्रजनन दर को रिप्लेसमेंट रेट माना जाता है। इससे कम प्रजनन दर का मतलब है कि एक पीढ़ी अपनी जगह अगली पीढ़ी को पूरी तरह नहीं ले पाएगी। कोर्ट ने कहा कि प्रजनन दर में गिरावट से बुजुर्गों की आबादी बढ़ सकती है और कामकाजी लोगों की संख्या घट सकती है। इन बदलावों को नजरअंदाज करने के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इस टिप्पणी के साथ बेंच ने 2003 के उस फैसले पर दोबारा विचार के लिए मामला बड़ी बेंच के पास भेज दिया, जिसमें दो बच्चों की शर्त को सही ठहराया गया था। ‘मौजूदा कानून राजनीतिक अधिकारों से वंचित करते हैं’ बेंच ने कहा कि दो से ज्यादा बच्चे होने पर चुनाव लड़ने से रोकने वाले कानून नागरिकों के एक पूरे वर्ग को राजनीतिक प्रतिनिधित्व से बाहर कर देते हैं। इसका किसी व्यक्ति की सार्वजनिक पद संभालने की क्षमता से कोई खास संबंध नहीं है। कोर्ट के मुताबिक, ऐसे कानून लोगों को बच्चे पैदा करने या लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हिस्सा लेने में से किसी एक को चुनने के लिए मजबूर करते हैं। इससे संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिले प्रजनन से जुड़े फैसले लेने की आजादी के अधिकार का उल्लंघन होता है। सवाल-2ः …तो क्या दो से ज्यादा बच्चे वाले चुनाव लड़ पाएंगे? जवाबः अभी सुप्रीम कोर्ट ने कोई स्पष्ट फैसला नहीं दिया है। सिर्फ मंगला भीमाराव को राहत देते हुए कोर्ट ने मामले को बड़ी बेंच के पास 2003 के अपने फैसले पर पुनर्विचार के लिए भेज दिया। दो जजों की बेंच ने पुराने फैसले पर पुनर्विचार करने के पक्ष में अपनी राय भी दी है। चूंकि, 2003 में जावेद बनाम हरियाणा राज्य मामले में सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच ने हरियाणा पंचायती राज अधिनियम, 1994 में दो बच्चों की शर्त को संवैधानिक रूप से सही ठहराया था। इस कानून के तहत दो से ज्यादा जीवित बच्चे होने पर कोई व्यक्ति स्थानीय निकाय का चुनाव नहीं लड़ सकता था। तब से यह नियम बिहार सहित देश के कई राज्यों में लागू है। कानून के जानकारों के मुताबिक, चूंकि यह आदेश 2003 में तीन जजों की बेंच ने फैसला सुनाया था। अभी की मौजूदा बेंच सिर्फ दो जजों वाली थी। इसलिए कोर्ट ने फैसला ना सुनाते हुए टिप्पणी करके बड़ी बेंच को भेज दिया। अब बड़ी बेंच इस मामले पर सुनवाई करेगी और अंतिम फैसला देगी। सवाल-3ः नियम बदलने से बिहार में किसे फायदा हो सकता है? जवाबः इसका सीधे तौर पर 3 तरह के लोगों को फायदा होगा। चूंकि, 2007 में नीतीश सरकार ने नगर निकाय (नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत) के चुनाव में 2 से अधिक जीवित बच्चे वाले उम्मीदवारों के चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी थी। 5 अप्रैल 2007 को बिहार नगर पालिका अधिनियम-2007 लागू किया गया। अधिनियम की धारा 18(1)(m) में स्पष्ट कहा गया है कि यदि किसी व्यक्ति के दो से अधिक जीवित बच्चे हैं तो वह नगर निकाय चुनाव नहीं लड़ सकता है। अधिनियम लागू होने 5 अप्रैल 2007 से एक साल की छूट दी गई थी। यानी 5 अप्रैल 2008 की कट-ऑफ तिथि के बाद यदि किसी व्यक्ति का तीसरा जीवित बच्चा पैदा हुआ है, तो वह चुनाव नहीं लड़ सकता। इसी नियम के आधार पर राज्य में 2012, 2017 और 2022 नगर निकाय चुनाव हुए। बच्चे को गोद दिया तब भी अयोग्य 2022 नगर निकाय चुनाव के समय बच्चे को गोद देने का मामला सामने आया। चुनाव से पूर्व उम्मीदवारों ने तर्क दिया था कि यदि वे अपने तीसरे बच्चे को किसी रिश्तेदार या अन्य व्यक्ति को कानूनी रूप से गोद दे देते हैं, तो उनके जीवित बच्चों की संख्या दो रह जाएगी। ऐसा ही केस पटना हाईकोर्ट पहुंचा। भोला प्रसाद बनान बिहार सरकार केस में 4 अक्टूबर 2022 को पटना हाईकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए राज्य निर्वाचन आयोग के पत्र/निर्देश को बरकरार रखा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बच्चे को गोद दे देने से जैविक माता-पिता का नाता खत्म नहीं होता। ऐसे उम्मीदवार को अयोग्य ही माना जाएगा। छपरा मेयर राखी गुप्ता की चली गई थी कुर्सी सवाल-4ः क्या दो से ज्यादा बच्चे वाले पंचायत चुनाव लड़ सकते हैं? जवाबः बिल्कुल, लड़ सकते हैं। अभी तक बिहार में पंचायत चुनाव लड़ने वालों पर ऐसी कोई रोक नहीं है। अब तक दो से ज्यादा बच्चे वाले भी चुनाव लड़ रहे हैं। हालांकि, 2021 में तत्कालीन पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी ने पंचायत चुनाव में भी दो से ज्यादा बच्चे वाले पैरेंट्स के चुनाव लड़ने पर रोक लगाने की बातें कही थी। लेकिन नियम लागू नहीं हो सका।
Varanasi News: काशी विद्यापीठ ने साउथ बिहार को दोगुने से भी ज्यादा अंतर से हराया
Kashi Vidyapith defeated South Bihar by a margin of more than double.
Bihar Farmer Modern Technology Training: मुजफ्फरपुर में किसानों और ग्रामीण युवाओं को आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़ने के लिए एक एकीकृत कृषि केंद्र स्थापित किया जा रहा है। यह केंद्र कृषि यांत्रिकीकरण प्रशिक्षण, मरम्मत और लघु खाद्य प्रसंस्करण इकाई के साथ आय बढ़ाएगा।
BRABU में विद्यार्थियों से शुल्क लेकर जमा नहीं करने वाले 16 कालेजों पर होगी कार्रवाई
BRA Bihar University Action: बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में 16 कॉलेजों ने छात्रों से परीक्षा शुल्क वसूल कर विश्वविद्यालय के खाते में जमा नहीं किया। इस गंभीर वित्तीय लापरवाही पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने संबंधित कॉलेजों पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी की है।
मुजफ्फरपुर के MIT में मारपीट मामले की सुनवाई, बुआ और भाभी को साथ लेकर पहुंचे छात्र
Ragging Action Bihar: मुजफ्फरपुर एमआईटी में छात्रों के बीच हुई मारपीट की सुनवाई में अनुशासन समिति ने कई छात्रों को अभिभावक के बजाय रिश्तेदारों के साथ उपस्थित होने पर आपत्ति जताई।
Bihar Board 10th Dummy Admit Card 2027: नाम, जन्मतिथि और फोटो में गलती? ऐसे कराएं ऑनलाइन सुधार
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा मैट्रिक वार्षिक परीक्षा 2027 में शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं के लिए डमी एडमिट कार्ड जारी करने की व्यवस्था एक अनिवार्य प्रक्रिया है। इसका मुख्य उद्देश्य परीक्षा फॉर्म और पंजीकरण रिकॉर्ड में दर्ज विवरणों का सत्यापन कराना होता है। कई बार साइबर कैफे या विद्यालय स्तर पर परीक्षा फॉर्म भरते समय लिपिकीय भूल (Clerical Error) के कारण छात्र का नाम, माता या पिता के नाम की स्पेलिंग, जन्मतिथि (DOB), लिंग, जाति कोटि या फोटो और हस्ताक्षर में गंभीर गलतियां दर्ज हो जाती हैं।यदि इन गलतियों को डमी एडमिट कार्ड चरण के दौरान ठीक नहीं कराया जाता है, तो वही अशुद्धियां छात्र के मुख्य प्रवेश पत्र (Final Admit Card), अंकपत्र (Marksheet) और मूल प्रमाण पत्र (Original Certificate) में दर्ज हो जाती हैं। आगे चलकर उच्च कक्षाओं में प्रवेश, सरकारी नौकरियों के सत्यापन और पासपोर्ट जैसे जरूरी दस्तावेज बनवाते समय प्रमाण पत्रों में दर्ज गलत नाम या जन्मतिथि के कारण कानूनी अड़चनों का सामना करना पड़ता है। इसलिए डमी एडमिट कार्ड मिलते ही उसकी एक-एक प्रविष्टि का बारीकी से मिलान करना प्रत्येक परीक्षार्थी के लिए बेहद जरूरी है।नाम और माता-पिता के नाम की स्पेलिंग में सुधार की प्रक्रियाडमी एडमिट कार्ड में सबसे ज्यादा गलतियां विद्यार्थियों और उनके माता-पिता के नाम के अक्षरों (Spelling) में देखने को मिलती हैं। बिहार बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुसार, नाम में केवल स्पेलिंग की गलतियों को ठीक करने की अनुमति दी जाती है; किसी छात्र के स्थान पर किसी दूसरे छात्र का पूरा नाम बदलने (पूर्ण प्रतिस्थापन) की अनुमति बिल्कुल नहीं होती।यदि आपके नाम, माता के नाम या पिता के नाम में कोई अक्षर गलत है, तो सुधार कराने की विधि इस प्रकार है:डमी एडमिट कार्ड का प्रिंट निकालें: बोर्ड के आधिकारिक पोर्टल से अपने डमी एडमिट कार्ड की दो साफ प्रतियां (Photocopies) निकालें।गलती को चिह्नित करें: जहां अशुद्ध नाम मुद्रित है, उस हिस्से को पेन से रेखांकित (Underline) या हल्के हाथ से काटें और उसके ठीक सामने साफ अक्षरों में अंग्रेजी के कैपिटल लेटर्स (Capital Letters) में सही नाम लिखें।सहायक दस्तावेज संलग्न करें: सुधार के प्रमाण के रूप में अपने 9वीं कक्षा के रजिस्ट्रेशन कार्ड (Registration Slip), स्कूल एडमिशन रजिस्टर (SR) की प्रति या पूर्व में जारी वैध पहचान पत्र की स्व-प्रमाणित फोटोकॉपी संलग्न करें।प्रार्थना पत्र लिखें: अपने विद्यालय प्रधान (Headmaster/Principal) के नाम एक औपचारिक आवेदन लिखें, जिसमें रजिस्ट्रेशन नंबर और रोल कोड का हवाला देते हुए नाम की सही स्पेलिंग दर्ज करने का अनुरोध करें।जन्मतिथि (Date of Birth) में विसंगति को कैसे ठीक कराएं?मैट्रिक के प्रमाण पत्र में दर्ज जन्मतिथि को ही जीवनभर के लिए आधिकारिक आयु प्रमाण माना जाता है। यदि डमी एडमिट कार्ड पर आपकी जन्मतिथि गलत अंकित हो गई है, तो इसे सुधारने के लिए बोर्ड के नियम काफी सख्त हैं क्योंकि जन्मतिथि में मनमाना बदलाव स्वीकार्य नहीं होता।आवश्यक प्रमाण: जन्मतिथि में संशोधन के लिए विद्यालय के एडमिशन रजिस्टर (स्कॉलर रजिस्टर) की प्रमाणित प्रति, आठवीं कक्षा की टीसी (Transfer Certificate) या नगर निगम/ग्राम पंचायत द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate) अनिवार्य रूप से संलग्न करना होता है।प्रक्रिया: छात्र को आवेदन के साथ जन्म प्रमाण पत्र की छायाप्रति संलग्न कर विद्यालय में प्रस्तुत करना होता है। विद्यालय प्रधान स्कूल रिकॉर्ड (SR Book) से उस तारीख का मिलान करेंगे। यदि स्कूल रिकॉर्ड और डमी कार्ड में अंतर पाया जाता है, तो प्रधान अपने स्तर से बोर्ड पोर्टल पर जन्मतिथि में तत्काल संशोधन दर्ज करेंगे।धुंधली, कटी हुई या गलत फोटो और हस्ताक्षर को बदलने का तरीकाकई परीक्षार्थियों के डमी एडमिट कार्ड पर फोटो बिल्कुल काली, अत्यधिक धुंधली या किसी अन्य छात्र की फोटो छप जाती है। इसी प्रकार हस्ताक्षर (Signature) के स्थान पर खाली जगह छूट जाना या किसी दूसरे का साइन प्रदर्शित होना एक आम तकनीकी समस्या है। परीक्षा केंद्र पर प्रवेश के समय बायोमेट्रिक और फोटो मिलान किया जाता है, इसलिए गलत फोटो होने पर केंद्र में प्रवेश से रोका जा सकता है।फोटो और हस्ताक्षर में सुधार कराने का क्रम इस प्रकार है:नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटो: छात्र अपनी दो हालिया पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो (सफेद या हल्के पृष्ठभूमि वाली) तैयार रखें।हस्ताक्षर का नमूना: एक सादे सफेद कागज पर काले या नीले बॉल पेन से स्पष्ट हस्ताक्षर करें।विद्यालय प्रधान द्वारा सत्यापन: आवेदन पत्र और डमी कार्ड की प्रति पर नई फोटो चिपकाएं। विद्यालय प्रधान उस फोटो पर अपनी मुहर और हस्ताक्षर करके उसे सत्यापित (Attest) करेंगे।ऑनलाइन पोर्टल पर री-अपलोड: विद्यालय के कंप्यूटर ऑपरेटर या प्रधान अपने आधिकारिक पोर्टल लॉगिन के जरिए छात्र के प्रोफाइल में जाकर पुरानी अमान्य फोटो और हस्ताक्षर की जगह नई स्कैन की गई फाइल (तय जेपीजी/पीएनजी साइज में) अपलोड कर देंगे।स्कूल स्तर से बोर्ड पोर्टल पर ऑनलाइन करेक्शन: छात्र स्वयं क्यों नहीं कर सकते?बिहार बोर्ड के स्पष्ट नियमों के तहत, डमी एडमिट कार्ड केवल छात्र स्वयं डाउनलोड करके देख सकते हैं, लेकिन पोर्टल पर संशोधन (Correction) करने का डिजिटल अधिकार केवल संबंधित विद्यालय के प्रधान के पास ही सुरक्षित होता है।संशोधन प्रक्रिया: छात्र द्वारा भौतिक रूप से जमा किए गए संशोधित आवेदन के आधार पर विद्यालय प्रधान बोर्ड के माध्यमिक परीक्षा पोर्टल (secondary.biharboardonline.com) पर अपने आधिकारिक यूजर आईडी (User ID) और पासवर्ड की मदद से लॉगिन करते हैं।पोर्टल के 'Correction Panel' में जाकर छात्र का यूनिक रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज किया जाता है।इसके बाद स्क्रीन पर छात्र का डिजिटल फॉर्म खुल जाता है, जहां नाम, जन्मतिथि, जाति, लिंग या फोटो में वांछित बदलाव करके 'Save & Submit' कर दिया जाता है।पावती रसीद (Receiving): आवेदन जमा करते समय छात्र को अपने आवेदन की दूसरी प्रति पर स्कूल की मुहर और हस्ताक्षर युक्त रिसीविंग अवश्य लेनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई तकनीकी चूक होने पर आपके पास ठोस साक्ष्य मौजूद रहे।सुधार के बाद 2nd और 3rd डमी एडमिट कार्ड का मिलान जरूर करेंबोर्ड द्वारा निर्धारित करेक्शन विंडो समाप्त होने के बाद विद्यालय द्वारा भेजे गए संशोधित डेटा के आधार पर द्वितीय डमी एडमिट कार्ड (2nd Dummy Admit Card) जारी किया जाता है।छात्रों की यह जिम्मेदारी होती है कि वे दोबारा पोर्टल पर जाकर अपना दूसरा डमी एडमिट कार्ड डाउनलोड करें और यह सुनिश्चित करें कि उनके द्वारा दिए गए संशोधन (नाम, जन्मतिथि या फोटो) सिस्टम में पूरी तरह अपडेट हो चुके हैं या नहीं। यदि द्वितीय डमी कार्ड में भी कोई त्रुटि रह जाती है, तो बोर्ड द्वारा दिए गए अंतिम अवसर (3rd Dummy Card) के दौरान तुरंत प्रधानाध्यापक से मिलकर उसे दुरुस्त कराया जा सकता है। तय समय सीमा बीत जाने के बाद मुख्य एडमिट कार्ड जारी होने पर किसी भी प्रकार का बदलाव संभव नहीं होता।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2027 में सम्मिलित होने वाले छात्र-छात्राओं के लिए डमी एडमिट कार्ड जारी करने का मुख्य उद्देश्य परीक्षा फॉर्म और रजिस्ट्रेशन में दर्ज विवरणों की जांच करना होता है। बोर्ड की आधिकारिक गाइडलाइंस के अनुसार, डमी एडमिट कार्ड कोई अंतिम प्रवेश पत्र नहीं होता, बल्कि यह परीक्षार्थियों को अपनी व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारियों—विशेष रूप से नाम, माता-पिता का नाम, जन्मतिथि, लिंग, जाति, फोटो, हस्ताक्षर और विषयों की जांच करने का एक अवसर प्रदान करता है।इंटरमीडिएट परीक्षा में सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा विद्यार्थी के चयनित विषय होते हैं। कई बार फॉर्म भरते समय ऑनलाइन ऑपरेटर या विद्यालय स्तर पर मानवीय भूल के कारण आर्ट्स, साइंस या कॉमर्स संकाय (Faculty) के अनिवार्य (Compulsory), ऐच्छिक (Elective) अथवा अतिरिक्त/ऐच्छिक 6ठे विषय (Additional Subject) में गलती दर्ज हो जाती है। यदि समय रहते डमी एडमिट कार्ड में इस गलती को ठीक नहीं कराया गया, तो मुख्य एडमिट कार्ड और मार्कशीट में वही गलत विषय मुद्रित हो जाएंगे, जिससे परीक्षा के दिन केंद्र पर प्रश्नपत्र मिलने में गंभीर समस्या खड़ी हो सकती है।Arts, Science और Commerce: संकाय के अनुसार किन विषयों में हो सकती है गलती?इंटर परीक्षा प्रणाली में तीनों संकायों के लिए कुल 500 अंकों के मुख्य विषय और 100 अंकों का एक अतिरिक्त विषय निर्धारित होता है। डमी एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के बाद छात्रों को अपने संकाय के अनुसार निम्नलिखित विषयों का मिलान अवश्य करना चाहिए:अनिवार्य भाषा विषय (Compulsory Language Subjects - कुल 200 अंक):भाषा 1 (Language 1 - 100 अंक): सामान्यतः हिंदी या अंग्रेजी।भाषा 2 (Language 2 - 100 अंक): पहली भाषा से भिन्न कोई अन्य भाषा (जैसे इंग्लिश, हिंदी, उर्दू, मैथिली, संस्कृत आदि)।अक्सर होने वाली गलती: छात्र ने पहली भाषा के रूप में हिंदी और दूसरी भाषा अंग्रेजी चुनी थी, लेकिन डमी कार्ड में दोनों जगह एक ही भाषा या कोई अन्य क्षेत्रीय भाषा दर्ज हो जाती है।ऐच्छिक विषय (Elective Subjects - कुल 300 अंक):Science (विज्ञान संकाय): फिजिक्स (Physics) और केमिस्ट्री (Chemistry) अनिवार्य होते हैं, जबकि तीसरे विषय में मैथमेटिक्स (Mathematics) या बायोलॉजी (Biology) का चयन होता है। कई बार छात्र बायोलॉजी मुख्य रखना चाहते हैं, लेकिन उनका गणित मुख्य विषय बन जाता है।Commerce (वाणिज्य संकाय): बिजनेस स्टडीज (Business Studies) और अकाउंटेंसी (Accountancy) मुख्य होते हैं, जबकि तीसरे विषय में इकोनॉमिक्स (Economics) या एंटरप्रेन्योरशिप (Entrepreneurship) में बदलाव की आवश्यकता हो सकती है।Arts (कला संकाय): इतिहास (History), राजनीति विज्ञान (Political Science), भूगोल (Geography), अर्थशास्त्र (Economics), मनोविज्ञान (Psychology), समाजशास्त्र (Sociology) या गृह विज्ञान (Home Science) जैसे विषयों में से किन्हीं तीन का चयन होता है। यहां गलत विषय कोड डलने की संभावना सबसे अधिक रहती है।अतिरिक्त विषय (Additional / 6th Subject - 100 अंक):यदि किसी छात्र ने अतिरिक्त विषय (जैसे साइंस में मैथ्स के साथ बायो या कंप्यूटर साइंस) नहीं चुना था, फिर भी कार्ड में शो हो रहा है, या चुना था और कार्ड से गायब है, तो इसमें तत्काल सुधार आवश्यक होता है।डमी एडमिट कार्ड में विषय सुधार की पूरी ऑफलाइन व ऑनलाइन प्रक्रियाबिहार बोर्ड के नियमों के मुताबिक, डमी एडमिट कार्ड केवल छात्र स्वयं डाउनलोड कर सकते हैं, लेकिन उसमें सुधार करने का सीधा ऑनलाइन अधिकार केवल संबंधित विद्यालय या इंटर कॉलेज के प्रधान (Principal) के पास होता है। छात्र व्यक्तिगत स्तर पर पोर्टल पर लॉगिन करके सीधे डेटा एडिट नहीं कर सकते। सुधार कराने की चरणबद्ध प्रक्रिया इस प्रकार है:डमी एडमिट कार्ड का प्रिंटआउट निकालें: सबसे पहले बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट (seniorsecondary.biharboardonline.com) से अपना डमी एडमिट कार्ड डाउनलोड करें और उसकी दो साफ फोटोकॉपी (प्रिंटआउट) कराएं।गलत विषय को पेन से चिह्नित करें: डमी एडमिट कार्ड पर जहां विषय की सूची छपी है, वहां गलत विषय के नाम को लाल या काले पेन से काटें (स्ट्राइक करें) और उसके ठीक सामने या ऊपर सही विषय का नाम और उसका आधिकारिक सब्जेक्ट कोड (Subject Code) साफ अक्षरों में लिखें।प्रधानाचार्य के नाम औपचारिक आवेदन लिखें: अपने स्कूल या कॉलेज के प्रधान के नाम एक सादे कागज पर औपचारिक प्रार्थना पत्र लिखें। इसमें अपना नाम, रोल कोड, रजिस्ट्रेशन नंबर, संकाय (Arts/Science/Commerce) और किस विषय के स्थान पर कौन सा विषय बदलना है, इसका स्पष्ट उल्लेख करें।हस्ताक्षर कर कार्यालय में जमा करें: आवेदन पत्र के साथ मार्क की गई डमी एडमिट कार्ड की प्रति संलग्न करें। उस पर अपने और अपने अभिभावक के हस्ताक्षर करवाएं। विद्यालय कार्यालय या परीक्षा प्रभारी के पास यह दस्तावेज जमा करें और दूसरी प्रति पर रिसीविंग (पावती मुहर व हस्ताक्षर) अवश्य ले लें।स्कूल स्तर से बोर्ड पोर्टल पर ऑनलाइन अपडेशन: विद्यालय प्रधान अपने आधिकारिक यूजर आईडी और पासवर्ड के जरिए बिहार बोर्ड के सेकेंडरी/सीनियर सेकेंडरी पोर्टल पर लॉगिन करेंगे। वहां 'Student Correction' सेक्शन में जाकर छात्र का रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर त्रुटिपूर्ण विषय को हटाकर सही विषय कोड को ऑनलाइन अपडेट कर देंगे।सुधार करते समय इन महत्वपूर्ण नियमों और सीमाओं का रखें ध्यानसंकाय (Stream/Faculty) परिवर्तन की अनुमति नहीं: डमी एडमिट कार्ड चरण में केवल संकाय के भीतर के विषयों में संशोधन संभव होता है। यदि कोई छात्र साइंस से आर्ट्स या कॉमर्स में पूरी स्ट्रीम बदलना चाहता है, तो बोर्ड के नियमों के तहत रजिस्ट्रेशन अवधि समाप्त होने के बाद स्ट्रीम परिवर्तन की अनुमति सामान्यतः नहीं दी जाती।समय-सीमा (Correction Window): बोर्ड द्वारा डमी एडमिट कार्ड सुधार के लिए एक सीमित समय सीमा (आमतौर पर 7 से 10 दिन) तय की जाती है। निर्धारित अंतिम तिथि के बाद पोर्टल बंद हो जाता है और विद्यालय प्रधान भी कोई बदलाव नहीं कर पाते।2nd और 3rd डमी एडमिट कार्ड: पहले चरण में सुधार दर्ज होने के बाद बोर्ड संशोधित डेटा के साथ 'द्वितीय डमी एडमिट कार्ड' (2nd Dummy Admit Card) जारी करता है। छात्रों को उसे दोबारा डाउनलोड करके यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके द्वारा दिया गया विषय सुधार पोर्टल पर सफलतापूर्वक दर्ज हो चुका है।यदि किसी छात्र के विषय में त्रुटि रह जाती है और वह सुधार नहीं करवाता, तो उसे परीक्षा में उसी गलत विषय की परीक्षा देनी पड़ सकती है, जिससे उसका पूरा शैक्षणिक वर्ष प्रभावित होने का खतरा रहता है। इसलिए डमी एडमिट कार्ड आते ही बिना देरी किए अपने स्कूल या कॉलेज से संपर्क करके सुधार की प्रक्रिया पूरी कर लें।
त्रिपुरा निकाय चुनाव से पहले हथियारों की खेप बरामद, बिहार के दो आरोपी गिरफ्तार
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धनतेरस, दीपावली, भाईदूज और छठ पूजा पर घर जाने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने 86 स्पेशल ट्रेन सेवाओं का प्लान तैयार किया है। मुरादाबाद रेल मंडल ने 19 नियमित ट्रेन सेवाओं में अतिरिक्त कोच लगाने की भी तैयारी की है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त रैक से नई ट्रेनें चलाई जा सकेंगी। त्योहारों पर दिल्ली, पंजाब और उत्तराखंड से बड़ी संख्या में लोग बरेली और पूर्वांचल के रास्ते बिहार व पूर्वी उत्तर प्रदेश जाते हैं। यात्रियों के लिए आनंद विहार, दिल्ली, अमृतसर, चंडीगढ़, हरिद्वार और योगनगरी ऋषिकेश से पटना, मुजफ्फरपुर, गोरखपुर और वाराणसी समेत कई शहरों के लिए स्पेशल ट्रेनें तय की गई हैं। इनमें से कई ट्रेनें बरेली, मुरादाबाद और शाहजहांपुर से होकर गुजरेंगी। भीड़ कम करने के लिए प्रमुख स्टेशनों पर आरक्षित और अनारक्षित टिकट काउंटर बढ़ाए जाएंगे। ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीनों और मोबाइल अनारक्षित टिकटिंग की सुविधा भी मिलेगी। RailOne एप के लिए क्यूआर कोड लगाए जाएंगे। प्लेटफॉर्म, फुटओवर ब्रिज और स्टेशन परिसर में आरपीएफ, जीआरपी और डॉग स्क्वाड तैनात रहेंगे। यात्रियों की मदद के लिए हेल्प डेस्क और मेडिकल बूथ भी बनाए जाएंगे। मंडल नियंत्रण कक्ष में 24 घंटे वार रूम चलेगा। यहां से स्टेशनों पर भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी जाएगी। डीआरएम विनीता श्रीवास्तव तैयारियों की समीक्षा कर रही हैं। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक महेश यादव के मुताबिक, रेलवे का उद्देश्य त्योहारों पर यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक सफर देना है।
एसपी भानु प्रताप सिंह हटाए गए, शैलेंद्र को शिवहर से खगड़िया भेजा; बिहार में IPS ट्रांसफर
पत्नी से विवाद के चलते सुर्खियों बने हुए खगड़िया के एसपी भानु प्रताप सिंह को बिहार सरकार ने पद से हटा दिया है। उनकी जगह शिवहर के पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह को खगड़िया का नया एसपी बनाया गया है। छपरा में भी नए सिटी एसपी की तैनाती की गई है।
IPS Transfer Bihar: भानु प्रताप सिंह को खगड़िया SP पद से हटाया, पत्नी से विवाद के कारण चर्चा में
बिहार सरकार ने पांच आईपीएस अधिकारियों के तबादले का आदेश जारी किया है. खगड़िया के एसपी भानु प्रताप सिंह को पुलिस मुख्यालय पटना बुलाया गया है. पत्नी के आरोपों और धरने को लेकर चर्चा में रहे अधिकारी की जगह शैलेन्द्र सिंह को खगड़िया का नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया है.
पत्नी से विवाद के कारण चर्चा में रहे खगड़िया एसपी भानु प्रताप सिंह को पद से हटा दिया गया है। बिहार गृह विभाग ने चार आईपीएस समेत पांच पुलिस अधिकारियों का तबादला किया है, जिसमें शैलेंद्र सिंह खगड़िया के नए एसपी बने।
Bihar में नशीले पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, पुलिस ने 46,549 किलो Ganja और हेरोइन पकड़ी
पटना, चार नवंबर बिहार में इस साल के दौरान मादक पदार्थों की जब्ती में भारी वृद्धि दर्ज की गई है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने 27 अक्टूबर तक 46,549 किलोग्राम से अधिक गांजा, 149.696 किलोग्राम हेरोइन और 11.56 लाख से अधिक मादक टैबलेट एवं कैप्सूल जब्त किए हैं। अधिकारियों के अनुसार मादक पदार्थों की जब्ती के मामले में अररिया, सुपौल और मधुबनी जिले सबसे आगे रहे, जबकि हेरोइन की बरामदगी में पटना और पूर्णिया शीर्ष पर रहे। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में बुधवार को हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत कुल 4,232 मामले दर्ज किए गए और 6,104 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में 2,583 मामले दर्ज हुए थे और 3,562 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी। इस दौरान राज्य पुलिस ने 4.92 लाख मादक पदार्थों के इंजेक्शन और कोडीन युक्त कफ सिरप की 5.11 लाख से अधिक बोतलें भी जब्त कीं। जब्त मादक पदार्थों को नष्ट करने की कार्रवाई में भी पिछले वर्ष की तुलना में 10.1 गुना वृद्धि हुई है। वर्ष 2026 में अब तक 25,247 किलोग्राम जब्त मादक पदार्थों को नष्ट किया गया है। जिलावार आंकड़ों के अनुसार, गांजे की सबसे अधिक जब्ती अररिया में 10,573 किलोग्राम, सुपौल में 8,813 किलोग्राम और मधुबनी में 4,483 किलोग्राम दर्ज की गई। वहीं, हेरोइन की बरामदगी में पटना 24.1 किलोग्राम के साथ पहले और पूर्णिया 20 किलोग्राम के साथ दूसरे स्थान पर रहा। बैठक में अफीम की अवैध खेती के खिलाफ की गई कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। वर्ष 2025-26 के फसल चक्र के दौरान कुल 512.235 एकड़ में फैली अवैध अफीम की फसल को नष्ट किया गया। इसमें अकेले गया जिले में 508.755 एकड़ में फैली फसल शामिल है। अधिकारियों के अनुसार, वर्ष 2021 से अगस्त 2026 के बीच अदालतों ने एनडीपीएस अधिनियम से जुड़े 1,652 मामलों में दोषसिद्धि की है, जिसके परिणामस्वरूप 2,225 आरोपियों को सजा सुनाई गई। राज्य में फिलहाल 10 विशेष अदालतें काम कर रही हैं। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने, मामलों में प्रभावी अभियोजन सुनिश्चित करने और पुलिसकर्मियों के प्रशिक्षण को और सुदृढ़ करने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी मेडिकल कॉलेजों एवं अस्पतालों में नशामुक्ति के लिए विशेष वार्ड स्थापित करने को भी कहा। राज्य में 27 अक्टूबर से 26 नवंबर तक नशामुक्त बिहार अभियान-2026 चलाया जा रहा है। इसके तहत शैक्षणिक संस्थानों के 500 मीटर के दायरे में आने वाले क्षेत्रों को नशामुक्त क्षेत्र घोषित करने का निर्देश दिया गया है। बैठक में पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा, गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार, पुलिस महानिदेशक (विधि-व्यवस्था) रत्ना संजय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
Viral Video: बिहार के ASI को ब्लैक कॉफी पीने का शौक पड़ा भारी, महिला के घर आने-जाने की चर्चा से मचा हड़कंप
अलकतरा घोटाले के ट्रायल में देरी पर झारखंड हाई कोर्ट ने सीबीआई को लगाई फटकार, एकीकृत बिहार का मामला
झारखंड हाई कोर्ट ने एकीकृत बिहार के अलकतरा घोटाले के ट्रायल में देरी पर सीबीआई की कार्यशैली पर कड़ी नाराजगी जताई है। अदालत ने सीबीआई को गवाहों को अदालत में तेजी से पेश करने का निर्देश दिया, क्योंकि 32 में से 12 आरोपी सुनवाई के दौरान ही मर चुके हैं।
बिहार में मानसून की वापसी के बाद मौसम पूरी तरह साफ और शुष्क बना हुआ है, अगले सात दिनों तक बारिश की कोई संभावना नहीं है।
Dr N Vijayalakshmi ने की समीक्षा, Bihar के विकास मॉडल को NITI Aayog से जोड़ेगा SDG फ्रेमवर्क
योजना एवं विकास विभाग, बिहार सरकार द्वारा यूनिसेफ के तकनीकी सहयोग से SDG नोडल पदाधिकारियों के लिए एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया। आयोजन का शुभारंभ योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉo एनo विजयलक्ष्मी एवं सचिव श्री कॅवल तनुज के करकमलों संपन्न हुआ। कार्यशाला का उद्देश्य सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की प्राप्ति हेतु विभागीय समन्वय को मजबूत करना तथा राज्य संकेतक रूपरेखा (State Indicator Framework-SIF) की समीक्षा एवं अद्यतन करना था। इसे भी पढ़ें: Valmiki Tiger Reserve और गयाजी चिड़ियाघर के लिए भूपेंद्र यादव से मिले Samrat Chaudhary अपने संबोधन में अपर मुख्य सचिव महोदया ने कहा कि वर्ष 2030 तक SDGs की प्राप्ति में प्रत्येक विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन Indicators में सकारात्मक प्रगति एवं Growth परिलक्षित हो रही है, उनसे संबंधित विभाग Success Stories तैयार कर उपलब्ध कराएँ, ताकि उन्हें नीति आयोग (NITI Aayog) के साथ साझा किया जा सके। इसे भी पढ़ें: ASI के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज, गिरफ्तारी में सहयोग करने वाले को मिलेगा ₹25 हजार का इनाम उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि बिहार की अंतर्देशीय मत्स्यपालन (Inland Fisheries) के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अच्छी स्थिति को देखते हुए SDG-14 (Life Below Water) से संबंधित उपयुक्त Indicators को भी State Indicator Framework में शामिल करने की संभावना पर विचार किया जाए। तकनीकी सत्रों में विभागवार Indicators की प्रासंगिकता, मापनीयता एवं डेटा उपलब्धता की समीक्षा की गई तथा आवश्यकतानुसार नए Indicators जोड़ने, संशोधन करने एवं अनुपयोगी Indicators को हटाने के संबंध में सुझाव प्राप्त किए गए। कार्यशाला में विभिन्न विभागों के SDG नोडल पदाधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी की। यूनिसेफ की टीम ने तकनीकी सहयोग एवं विशेषज्ञ सुझाव प्रदान किए। कार्यशाला का समापन विभागों से प्राप्त सुझावों के आधार पर समयबद्ध कार्रवाई एवं नियमित अनुश्रवण सुनिश्चित करने के संकल्प के साथ हुआ।
Ranji Trophy में विदर्भ ने मध्यप्रदेश को तो गोवा ने बिहार को थामाई पारी से हार
पार्थ रेखड़े और हर्ष दुबे (पांच-पांच विकेट) के बेहतरीन गेंदबाजी प्रदर्शन की बदौलत विदर्भ ने बुधवार को रणजी ट्रॉफी एलीट ग्रुप ए मुकाबले के तीसरे दिन मध्यप्रदेश को पारी और 20 रनों से करारी शिकस्त दी। इस मुकाबले में हर्ष दुबे ने कुल 14 विकेट झटके और ...
बेलसंड से लोजपा (रामविलास) के विधायक अमित रानू ने आर्थिक रूप से संपन्न लोगों से 125 यूनिट मुफ्त बिजली की सुविधा स्वेच्छा से छोड़ने की अपील की है। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की इस अपील का समर्थन करते हुए कहा कि आर्थिक रूप से सक्षम लोगों को बिहार के विकास में अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। संपन्न लोगों से की सहयोग की अपील अमित रानू ने कहा कि मुख्यमंत्री ने संपन्न और आयकर देने वाले लोगों से स्वेच्छा से मुफ्त बिजली का लाभ छोड़ने की अपील की है। वे मुख्यमंत्री की इस सोच से सहमत हैं। बिहार हम सभी का है और राज्य को आगे बढ़ाने के लिए आर्थिक रूप से मजबूत लोगों को भी योगदान देना चाहिए। रानू ने कहा, “मैं बिहार के सभी संपन्न लोगों से अपील करता हूं कि वे 125 यूनिट मुफ्त बिजली की सुविधा छोड़ दें। इससे सरकार पर सब्सिडी का बोझ कम होगा और बिहार की तरक्की के लिए संसाधन बचेंगे। हमें राज्य के विकास में भागीदारी निभानी चाहिए।” बाढ़ के दौरान एक महीने का वेतन दिया था विधायक ने बाढ़ के दौरान जनप्रतिनिधियों की भूमिका का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बाढ़ से भारी नुकसान होने पर मुख्यमंत्री ने विधायकों और सांसदों से मुख्यमंत्री राहत कोष में सहयोग करने की अपील की थी। इसके बाद उन्होंने अपना एक महीने का वेतन राहत कोष में दिया था। रानू ने कहा कि बिहार के विकास और जरूरतमंदों की मदद के लिए सभी को सामूहिक जिम्मेदारी निभानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने एक नवंबर को की थी अपील मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक नवंबर को पटना में आयोजित पाटलिपुत्र राष्ट्रीय युवा संसद-2.0 में आर्थिक रूप से संपन्न और आयकरदाताओं से 125 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ स्वेच्छा से छोड़ने की अपील की थी। उन्होंने बताया था कि राज्य सरकार बिजली सब्सिडी पर सालाना करीब 23 हजार करोड़ रुपये खर्च कर रही है।
बालगृहों के बच्चों को हुनरमंद बनाएगी बिहार सरकार, सीतामढ़ी में खुला दूसरा प्रशिक्षण केंद्र
बिहार सरकार बालगृहों के बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष आवासीय प्रशिक्षण केंद्र खोल रही है। पटना के बाद सीतामढ़ी में दूसरा केंद्र शुरू हुआ, जिसका उद्देश्य बच्चों को हुनरमंद बनाकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है।
बाढ़ से बचाएगी नदी की गाद! बिहार में मिट्टी से बनेंगी सड़कें, CM का प्लान
बिहार में हर साल बाढ़ से होने वाली तबाही रोकने के लिए सम्राट चौधरी सरकार ने नई गाद प्रबंधन नीति 2026 लागू की है. इसके तहत नदियों, बैराजों और जलाशयों से गाद निकालकर सड़क, राष्ट्रीय राजमार्ग और तटबंध निर्माण में इस्तेमाल किया जाएगा. इस योजना को लेकर बिहार सरकार और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के बीच MoU हुआ है.
वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने बिहार में करीब डेढ़ लाख करोड़ रुपये तक निवेश करने की इच्छा जताई है, जिसमें एल्युमिनियम और कॉपर की बड़ी फैक्ट्री स्थापित करने की योजना है। उनका विजन झारखंड से कच्चा माल लाकर बिहार में औद्योगिक विकास और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है, साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण पर भी जोर दिया जाएगा।
New Delhi, 4 नवंबर . बिहार के पूर्णिया में भाजपा ने Wednesday को ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा का आयोजन किया. इस कार्यक्रम में असम के Chief Minister…
बिहार के पूर्णिया में भाजपा ने बुधवार को 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने हिस्सा लिया। उनके साथ बिहार सरकार के मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल और रत्नेश सदा, कई भाजपा नेता और पार्टी कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
'मैं उन्हें बांग्लादेश भेज दूंगा, वहां चुनाव जीतते रहो', बिहार के पूर्णिया से मुख्यमंत्री सरमा का करारा तंज
वोट नहीं मोदी दिल चोरी कर रहे; बिहार में बोले असम के सीएम हिमंता- राहुल को बांग्लादेश भेज देंगे
असम के सीएम ने हिमंता बिस्वा सरमा ने पूर्णिया में कहा कि कांग्रेस कहती है कि ईवीएम से चुनाव खराब है। तब तो पप्पू यादव को इस्तीफा देना चाहिए। पप्पू यादव ईवीएम से चुनाव जीते हैं या बैलेट से। राहुल गांधी भी तो ईवीएम से ही जीते हैं। अरे, आप जीतते हैं तो अच्छा है और हम जीतते हैं तो खराब हैं।
Bihar E-Shikshakosh Teacher Attendance Report: ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर डिजिटल हाजिरी दर्ज न कराने वाले 48,050 शिक्षक शिक्षा विभाग के निशाने पर आ गए हैं। भागलपुर और बांका सहित राज्य भर के इन शिक्षकों पर जल्द ही अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
4 नवंबर, बुधवार: बिहार के पूर्णिया में नशामुक्त बिहार अभियान के तहत मद्य निषेध विभाग ने ड्रोन से अवैध शराब ठिकानों की निगरानी और छापेमारी की। कसबा क्षेत्र के कजरा, संथाली टोला, सिंघिया और बनेडीह समेत कई जगहों से चुलाई शराब व जावा गुड़-महुआ बरामद कर नष्ट किया गया।
Bihar Madhubani News: Balirajgarh गांव में ASI गोलीकांड के बाद DM पर भड़की महिलाएं। Tejashwi Yadav
Madhubani Viral Video में बिहार के मधुबनी से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां गुस्साई महिला ने डीएम आनंद शर्मा का कॉलर पकड़ लिया।
दीपावली और छठ पूजा के दौरान ट्रेनों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए रायपुर रेल मंडल ने यात्रियों की सुविधा के लिए खास व्यवस्था की है। इसके तहत बिहार की ओर जाने वाली 3 प्रमुख ट्रेनों के प्लेटफॉर्म में अस्थायी बदलाव किया गया है। ये ट्रेनें 4 से 14 नवंबर तक रायपुर स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-7 से रवाना होंगी। यात्री गुढ़ियारी साइड के प्रवेश द्वार से सीधे प्लेटफॉर्म-7 पर पहुंच सकेंगे। इन 3 ट्रेनों के प्लेटफॉर्म बदले रेलवे के अनुसार, 4 से 14 नवंबर तक रायपुर स्टेशन से रवाना होने वाली इन ट्रेनों का संचालन प्लेटफॉर्म नंबर-7 से होगा। भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त व्यवस्था त्योहारी सीजन में बिहार जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ने से रेलवे स्टेशनों पर भीड़ बढ़ जाती है। इसे देखते हुए रेल प्रशासन ने यात्रियों के सुचारु आवागमन और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ जरूरी यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी तैयारी की गई है। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि इन तीनों ट्रेनों से यात्रा करने वाले यात्री निर्धारित अवधि में प्लेटफॉर्म नंबर-7 पर समय से पहुंचें।
बिहार: नीतीश कमार से मिलने क्यों पहुंचे सम्राट चौधरी, बताया किनके सहयोग से बिहार को बनाएंगे विकसित?
बिहार विधान परिषद चुनाव के बाद सीएम सम्राट चौधरी आज जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार से मिलने पहुंचे। एक दिन बाद जनता दल यूनाईटेड की बैठक है।
बिहार में अगले चार दिन सुबह छाएगा कोहरा, दिन में साफ रहेगा आसमान; पटना में कैसा रहेगा मौसम?
Bihar Weather Update: बिहार में मौसम का मिजाज फिलहाल शुष्क बना हुआ है। सुबह के समय कुछ जिलों में हल्के से मध्यम स्तर का कोहरा छाने की संभावना है। जानिए अगले चार दिनों तक कहां का मौसम कैसा रहेगा?
इलेक्ट्रिक बाइक से अपराधियों को पकड़ेगी बिहार पुलिस, दिया तगड़ा ऑर्डर
Revolt RV BlazeX में कंपनी ने 3.24 kWh क्षमता का निकल मैग्नीज कोबॉल्ट (NMC) लिथियम-आयन बैटरी पैक दिया है. यह बैटरी IP67 रेटिंग के साथ आती है. कंपनी का दावा है कि, ये बाइक सिंगल चार्ज में 150 किलोमीटर तक की ड्राइविंग रेंज दे सकती है.
कैथल में सिविल लाइन थाना क्षेत्र की एक कॉलोनी से 16 वर्षीय किशोरी घर से लापता हो गई। घटना 3 नवंबर की है। उस समय परिवार के सभी सदस्य अपने-अपने काम से बाहर गए हुए थे। पिता के अनुसार, किशोरी घर में रखे 30 हजार रुपए, सोने-चांदी के गहने और जरूरी दस्तावेज भी साथ ले गई। परिवार के लौटने पर वह घर पर नहीं मिली। इसके बाद पिता ने पुलिस को शिकायत दी। पिता ने आशंका जताई है कि कोई व्यक्ति किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। उन्होंने बताया कि किशोरी पहले भी घर से लापता हुई थी और पुलिस ने उसे बिहार से बरामद किया था। पुलिस ने गुमशुदगी का केस दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है। परिवार के सदस्य गए थे बाहर कॉलोनी निवासी व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि उसकी 16 वर्षीय बेटी शहर के सरकारी स्कूल में 10वीं कक्षा में पढ़ती है। 3 नवंबर को परिवार के सभी सदस्य अपने-अपने काम से बाहर गए हुए थे। इसी दौरान किशोरी घर से बिना बताए चली गई। पिता के मुताबिक, वह अलमारी में रखे 30 हजार रुपए, 2 अंगूठियां, एक कड़ा, झुमके और अन्य सोने-चांदी के आभूषण के साथ जरूरी दस्तावेज भी ले गई। पहले भी बिहार में मिली थी किशोरी पिता ने बताया कि किशोरी पहले भी घर से लापता हो गई थी। उस समय शिकायत देने पर पुलिस ने उसे बिहार से बरामद किया था। इस बार भी पिता ने किसी के बहला-फुसलाकर ले जाने की आशंका जताते हुए कार्रवाई और बेटी की बरामदगी की मांग की है। पुलिस ने दर्ज किया केस, तलाश जारी सिविल लाइन थाना की जांच अधिकारी संतोष ने बताया कि शिकायत के आधार पर पुलिस ने गुमशुदगी का केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
बिहार MLC चुनाव रिजल्ट के बाद NDA में रार, सांसद राजीव प्रताप रूडी के बयान से गरमाई बिहार की सियासत
विधान परिषद चुनाव परिणामों के बाद एनडीए में आंतरिक कलह बढ़ गई है, खासकर जदयू की हार और भाजपा द्वारा निर्दलीय विजेताओं को शामिल करने के प्रयासों से।
Bihar News Today Live: बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 4 नवम्बर के मुख्य और ताजा समाचार
Bihar Breaking News Today Live - Read latest and breaking news today in hindi at Amarujala. यहां पढ़ें, बिहार की ताजा खबरें, राजनीति, खेल, मनोरंजन, धर्म, क्राइम और शिक्षा की खबरों का लाइव अपडेशन
BIHAR NEWS: पूर्णाहुति पर डॉ केएन सिन्हा ने लगाया निशुल्क स्वास्थ्य शिविर, दी निशुल्क दवा
4 बुधवार, नवंबर: चतुर्मास महायज्ञ की पूर्णाहुति पर भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के डॉ केएन सिन्हा की ओर से निशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगा, जिसमें सैकड़ों मरीजों की जांच और निशुल्क दवा दी गई।
भागलपुर पुलिस ने बंगाल से अपहृत कारोबारी राजेश सरकार को बाथ थाना क्षेत्र के देवधा गांव से सकुशल बरामद कर लिया है।
बिहार के मंत्री संतोष कुमार सुमन ने आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग (EWS) के छात्रों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा में व्यापक वित्तीय सहायता की मांग की है। उन्होंने UPSC, BPSC, NEET, JEE के आवेदन शुल्क में छूट और कॉलेज फीस व छात्रवृत्ति की वकालत की, ताकि आर्थिक तंगी प्रतिभा के आड़े न आए।
Fake TTE in Train Viral Video: रात 2 बजे फर्जी TTE को यात्रियों ने कैसे भगाया। Maharashtra to Bihar
Fake TTE in Train Viral Video: रात 2 बजे फर्जी TTE को यात्रियों ने कैसे भगाया। Maharashtra to Bihar महाराष्ट्र से बिहार जा रही एक ट्रेन में खुद को TTE बताकर यात्रियों के टिकट चेक कर रही महिला का वीडियो वायरल है।
Bihar Weather 04 November: हफ्ते भर में दो चक्रवातों के सक्रिय होने से ठंड की दस्तक में आंशिक देरी हो रही है। इधर, हफ्ते भर की तेजी के बाद प्रदेश में न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे गिरावट का दौर शुरू हो गया है। तापमान गिरने से लोगों को सुबह और रात के वक्त हल्की ठंड का एहसास हो रहा है।
नदियों की गाद से बनेंगी सड़कें, बाढ़ से निपटने के लिए केंद्र और बिहार सरकार के बीच बड़ा समझौता
नदियों की गाद से बनेंगी सड़कें, बाढ़ से निपटने के लिए केंद्र और बिहार सरकार के बीच बड़ा समझौता
चलती ट्रेन में यात्रियों से जबरन वसूली और मारपीट के आरोप में रेल पुलिस ने पांच मंगलामुखी को गिरफ्तार किया है।
Bihar Air Pollution:दीपावली से पहले बिहार के कई शहरों, खासकर पटना में वायु प्रदूषण बढ़ने लगा है।
Weather Update: बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान मुरासु का बिहार के मौसम पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा।
10 प्लॉट, लाखों नगद और गहने; बिहार की भ्रष्ट डीपीओ रूबी कुमारी धनकुबेर निकली; EOU को क्या-क्या मिला
शिक्षा विभाग की डीपीओ रूबी कुमारी और उनके पति पर ईओयू का शिकंजा कस चुका है। ईओयू की टीम ने उनके किशनगंज एवं कटिहार स्थित ठिकानों को खंगाला है। इस दौरान करीब तीन करोड़ रुपये मूल्य के 10 भूखंड, 2.84 लाख रुपये नकद और छह लाख रुपये के आभूषण के दस्तावेज बरामद हुए हैं।
चौथी बिहार शिक्षक भर्ती में 33320 पदों के लिए रिकॉर्ड 10 लाख आवेदन, प्राइमरी पर टूट पड़े यूपी वाले
बीपीएससी टीआरई-4.0 में अब तक की परीक्षाओं में सबसे अधिक आवेदन चौथे चरण की शिक्षक भर्ती के लिए प्राप्त हुआ है। चौथे चरण में लगभग 9.95 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है।
बिहार में ठंड की दस्तक के बीच मौसम फिलहाल स्थिर रहेगा। नवंबर के पहले सप्ताह में लोगों को दिन में धूप और रात में हल्की ठंड का सामना करना पड़ेगा। दक्षिण भारत में चक्रवाती तूफान मुरासु की गतिविधियों के बीच बिहार के मौसम को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या इसका असर बहार में भी देखने को क मिलेगा। हालांकि, मौसम विभाग के पूर्वानुमान से फिलहाल राज्य में बारिश की संभावना नहीं दिख रही है। आज 4 नवंबर को सभी जिलों में मौसम साफ और शुष्क रहने का अनुमान है। हालांकि सुबह-शाम हल्की ठंड महसूस हो सकती है। IMD के मुताबिक, अगले कुछ दिनों तक बिहार के तापमान में भी कोई बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को नहीं मिलेगा। सुबह के वक्त कुछ इलाकों में कोहरा रह सकता है, लेकिन दिन में धूप निकलने से मौसम गर्म बना रहेगा। रात के समय तापमान में कमी के कारण हल्की ठंड महसूस होगी। पटना में 32 डिग्री तक पहुंचेगा तापमान राजधानी में बारिश के आसार नहीं हैं। यहां दिन के समय धूप निकलने और मौसम शुष्क रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, जबकि रात में पारा 20 से 22 डिग्री तक रहने का अनुमान है। सुबह हल्की ठंड के साथ कुछ जगहों पर कोहरा भी देखने को मिल सकता है। पटना के अलावा गया, नालंदा, जहानाबाद, नवादा और बेगूसराय में भी तापमान का यही रुख रहने की संभावना है। इन जिलों में अधिकतम पारा 30 से 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 20 से 22 डिग्री के आसपास रह सकता है। उत्तर बिहार में 28 से 32 डिग्री के बीच रहेगा पारा उत्तर बिहार के जिलों में भी मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान और सारण में अधिकतम तापमान 28 से 30 डिग्री के बीच रह सकता है। इन जगहों पर न्यूनतम तापमान 20 से 22 डिग्री रहने की संभावना है। वहीं, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, वैशाली और सीतामढ़ी में दिन का तापमान 30 से 32 डिग्री तक पहुंच सकता है। रात में तापमान 20 से 22 डिग्री के आसपास रहने का पूर्वानुमान है। सुबह कोहरे का दिखेगा असर, दिन में बनी रहेगी गर्मी नवंबर के शुरुआती दिनों में बिहार में दिन और रात के मौसम में अंतर बना रहेगा। सुबह कुछ स्थानों पर हल्के से मध्यम स्तर का कोहरा छाने की संभावना है। इसका असर सुबह के समय सड़कों पर दृश्यता पर पड़ सकता है। हालांकि, सूरज निकलने के बाद मौसम साफ होगा और धूप के कारण दोपहर में गर्मी महसूस होगी। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 4 से 5 दिनों में अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं। यानी फिलहाल दिन के तापमान में अचानक गिरावट की संभावना नहीं है। रात में हल्की ठंड का सिलसिला जारी रह सकता है। मुरासु तूफान का बिहार में नहीं दिखेगा सीधा असर दक्षिण भारत में चक्रवाती तूफान मुरासु के कारण मौसम में बदलाव की आशंका के बीच बिहार के लिए राहत की बात है। IMD के पूर्वानुमान में राज्य में इस तूफान के सीधे प्रभाव के संकेत नहीं हैं। 4 नवंबर के लिए बिहार के किसी भी जिले में बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है। इस तरह अगले कुछ दिनों तक बिहार में बारिश की जगह शुष्क मौसम रहने का अनुमान है। सुबह और रात में हल्की ठंड रहेगी, जबकि दोपहर में धूप के कारण लोगों को गर्मी का एहसास होता रहेगा।
Bihar News LIVE: स्वास्थ्य विभाग में 11 हजार पदों पर बहाली, सम्राट चौधरी का ऐलान- गयाजी में बनेगा जू
Bihar News LIVE: बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि राज्य स्वास्थ्य समिति के माध्यम से स्टाफ नर्स के 3954, लैब टेक्नीशियन के 1000 एवं सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी के पांच हजार एवं अन्य पदों पर बहाली की प्रक्रिया शुरू होगी।
टेलीमेडिसिन सेवा में औरंगाबाद लगातार दूसरे दिन बिहार में अव्वल
सिटी रिपोर्टर |औरंगाबाद टेलीमेडिसिन सेवा के प्रभावी क्रियान्वयन में औरंगाबाद जिला बिहार में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी टेली-कंसल्टेशन जिला रैंकिंग में औरंगाबाद ने लगातार दूसरे दिन राज्य में पहला स्थान हासिल किया है। 31 अक्टूबर को जिले में कुल 33,595 टेली-कंसल्टेशन दर्ज किए गए। इस उपलब्धि के साथ औरंगाबाद ने पटना और पूर्णिया जैसे जिलों को पीछे छोड़ दिया है। स्वास्थ्य विभाग की रैंकिंग के अनुसार, 31 अक्टूबर को 33,595 टेली-कंसल्टेशन के साथ औरंगाबाद पहले स्थान पर रहा। वहीं, 33,123 टेली-कंसल्टेशन के साथ पटना दूसरे और 29,888 के साथ पूर्णिया तीसरे स्थान पर रहा। इससे एक दिन पहले यानी 30 अक्टूबर को भी औरंगाबाद 32,548 टेली-कंसल्टेशन के साथ राज्य में पहले स्थान पर था। महज 24 घंटे के भीतर जिले में टेली-कंसल्टेशन की संख्या में 1,047 की वृद्धि दर्ज की गई। इसके तहत ग्रामीण और सुदूरवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को टेलीमेडिसिन के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है।
बिहार में एग्रो-बेस्ड इंडस्ट्रीज को बढ़ावा देने के लिए सीतामढ़ी और मुजफ्फरपुर में अत्याधुनिक फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाई जाएंगी। दोनों जिलों में मिठाई, नमकीन, बेकरी, बिस्कुट और अन्य रेडी-टू-ईट व पैकेज्ड खाद्य पदार्थों का बड़े पैमाने पर निर्माण होगा। यहां सामान्य खाद्य उत्पादों के साथ हेल्थ-कॉन्शियस उत्पाद भी तैयार किए जाएंगे। इनमें डायबिटीज और मोटापे से पीड़ित लोगों की जरूरतों का ध्यान रखा जाएगा। इस परियोजना पर 37 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इससे 450 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। इसके अलावा करीब 8 हजार लोगों को अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। इनमें पैकेजिंग सामग्री के सप्लायर, ट्रांसपोर्टर, डिलीवरी वेंडर, छोटे डिस्ट्रीब्यूटर, थोक और खुदरा व्यापारी शामिल हैं। 450 को रोजगार, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को फायदा डेयरी किसानों को नया बाजार: मिठाई, बेकरी और बिस्कुट निर्माण में दूध, खोया, मक्खन और घी की मांग बढ़ेगी। सुधा, सहकारी डेयरियों, निजी दुग्ध उत्पादकों और पशुपालकों को फायदा होगा।फ्लोर मिलों को नियमित ऑर्डर: बिस्कुट और नमकीन निर्माण में आटा, सूजी, मैदा और बेसन की खपत बढ़ेगी। इससे उत्तर बिहार की फ्लोर मिलों को कारोबार मिलेगा और उत्पादन क्षमता बढ़ेगी।किसानों को खेती के नए विकल्प: गेहूं और धान के साथ किसान मोटे अनाज, सरसों, मूंगफली, चना, उड़द और मसालों की खेती कर सकेंगे। इससे उनकी आय बढ़ाने के अवसर मिलेंगे। वैश्विक मानकों के आधार पर होगा फैक्ट्री का डिजाइनफैक्ट्रियों का डिजाइन वैश्विक मानकों के आधार पर तैयार होगा। सामग्री की मिक्सिंग, शेपिंग, बेकिंग और पैकेजिंग तक की अधिकांश प्रक्रियाएं स्वचालित मशीनों से होंगी। कारखानों में एफएसएसएआई, आईएसओ व एचएसीसीपी के नियमों का पालन होगा। बिहार में हर जिले में औद्योगिक क्षेत्र विकसित हो रहा है। स्थानीय उत्पादन के साथ ब्रांडेड सामग्री का निर्माण भी अलग-अलग जिलों के औद्योगिक क्षेत्रों में होगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के साधन उपलब्ध होंगे। फैक्ट्रियों के निर्माण से अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी विकास होगा।- कुंदन कुमार, सचिव, उद्योग विभाग
‘मेरा घर कंकड़बाग और ऑफिस डाक बंगला चौराहा के पास है। ऑफिस जाने में 25 मिनट लगते हैं। भारी ट्रैफिक रहता है। सरकार अंडरग्राउंड सड़क बनाने जा रही है। उम्मीद है कि इससे बहुत फायदा होगा।’ पटना के विक्की कुमार बड़े उत्साह से प्रस्तावित अंडरग्राउंड रोड कॉरिडोर के फायदे गिनाते हैं। कहते हैं कि इससे ऑफिस जाने में समय कम लगेगा। विक्की अकेले नहीं हैं, पटना में रोज सड़क जाम की समस्या से परेशान होने वाले लाखों लोगों को नए अंडरग्राउंड रोड से बड़ी उम्मीदें हैं। यह बिहार की पहली अंडरग्राउंड रोड होगी, जिसे गाड़ियों के चलने के लिए बनाया जाएगा। भास्कर की ग्राउंड रिपोर्ट में पढ़िए, पटना में अंडरग्राउंड रोड से क्या फायदा होगा? ये सड़क किन इलाकों में रहने वाले लोगों को तेज कनेक्टिविटी की सुविधा देंगे? पहले जानिए कौन से दो अंडरग्राउंड रोड बनने वाले हैं राजधानी पटना के व्यस्त इलाकों में तेज रोड कनेक्टिविटी के लिए सीएम सम्राट चौधरी की सरकार ने दो अंडरग्राउंड रोड बनाने का फैसला किया है। 1- आर ब्लॉक चौराहा से कंकड़बाग 2- डाकबंगला चौराहा से पटना वीमेंस कॉलेज सम्राट सरकार ने इन दोनों अंडरग्राउंड रोड के फिजिबिलिटी स्टडी के लिए 18.21 करोड़ रुपए खर्च की स्वीकृत दी है। 1- आर ब्लॉक से कंकड़बाग अंडरग्राउंड रोड, 30 की जगह 10 मिनट में पूरा होगा सफर आर ब्लॉक से कंकड़बाग की दूरी करीब 6 किलोमीटर है। भारी ट्रैफिक के चलते यह दूरी तय करने में 30 मिनट से भी अधिक समय लग जाता है। अंडरग्राउंड रोड बनने से करीब 10 मिनट में यह दूरी तय हो सकेगी। 2- डाक बंगला चौराहा से पटना वीमेंस कॉलेज, 4 km जाने में लगते हैं 20 मिनट डाक बंगला पटना का प्रमुख चौराहा है। यहां से फ्रेजर रोड, एग्जीबिशन रोड और पटना स्टेशन की तरफ जाने वाली सड़कें मिलती हैं। डाक बंगला, फ्रेजर रोड और आसपास के इलाकों में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, होटल, बैंक व ऑफिस की वजह से आवाजाही ज्यादा रहती है। अब जानिए क्या कहते हैं पटना के लोग भास्कर ने कंकड़बाग के लोगों से बात कर जाना कि अंडरग्राउंड रोड बनने से क्या फायदे होंगे। विक्की कुमार कहते हैं, ‘अंडरग्राउंड सड़क बनने से काफी फायदा होगा। मैं कंकड़बाग में रहता हूं। वहां से डाकबंगला चौक स्थित अपने ऑफिस तक आने में मुझे 25 मिनट लग जाते हैं।’ ‘जाम की वजह से कंकड़बाग कॉलोनी मोड़, चिड़ियाटांड पुल, एग्जीबिशन रोड और डाकबंगला पर काफी समय लगता है।’ कंकड़बाग में रहने वाले विनोद अनुपम इंजीनियर रह चुके हैं। वे कहते हैं, ‘सड़क की जरूरत तो है ही, लेकिन पटना में जितने अंडरग्राउंड बाईपास बने हैं उनमें से कितने काम कर रहे हैं इसपर भी विचार करना होगा। देखना होगा कि अंडरग्राउंड सड़कें कितनी सफल हो सकेंगी।’ ‘पूरे पटना में जिस तरह से फ्लाईओवर बने और एक से दूसरे जुड़ते चले गए यह दर्शाता है कि पटना के विकास में प्लानिंग की कमी रही। शहर का वेल प्लांड तरीके से विकास होना चाहिए था, वह नहीं हुआ।’
Ballia News: यूपी-बिहार के बार्डर भरौली गोलंबर पर 12 घंटे जाम, तीन मार्गों पर थमे वाहनों के पहिये
12-hour traffic jam at the Bharauli roundabout on the UP-Bihar border
Chandauli News: पर्स और कपड़ों में छिपाकर बिहार ले जाते थे शराब, 18 महिलाओं समेत 33 तस्कर गिरफ्तार
Liquor was being smuggled into Bihar, hidden inside handbags and clothing; 33 smugglers, including 18 women, have been arrested.

