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Bihar Flood: Gandak River का जलस्तर घटा, वाल्मीकि नगर बैराज से पानी का बहाव कम हुआ

नेपाल में अचानक बाढ़ आने के एक दिन बाद बिहार में उफनाई गंडक नदी का जलस्तर बृहस्पतिवार को घटने लगा, जिससे राज्य के उत्तरी हिस्से के निचले इलाकों के लोगों को राहत मिली। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, पश्चिम चंपारण जिले के वाल्मीकि नगर स्थित गंडक बैराज से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा भी नदी के जलस्तर में कमी आने के साथ घट गयी है। पश्चिम चंपारण बिहार का सबसे उत्तरी जिला है, जिसकी सीमा नेपाल से लगती है। नेपाल से आए बाढ़ के पानी के गंडक नदी में पहुंचने के बाद बुधवार को बिहार में हाई अलर्ट घोषित किया गया था। जलप्रवाह को नियंत्रित करने के लिए वाल्मीकि नगर गंडक बैराज के सभी 36 फाटक खोल दिए गए थे। वाल्मीकि नगर बैराज से छोड़ा जाने वाला पानी रात 11 बजे के 1.50 लाख क्यूसेक से घटकर बृहस्पतिवार 12 बजे तक 1.04 लाख क्यूसेक रह गया। जल संसाधन विभाग ने एक बयान में कहा, वाल्मीकि नगर गंडक बैराज पर बुधवार रात 11 बजे जलप्रवाह 1.50 लाख क्यूसेक के उच्चतम स्तर पर पहुंचा था, जिसके बाद नदी का जलस्तर घटने लगा। विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि गंडक नदी में जलस्तर घटने की प्रवृत्ति देखी गई, लेकिन नेपाल के देवघाट क्षेत्र में देर रात हुई बारिश के कारण जलस्तर में फिर हल्की बढ़ोतरी शुरू हुई। उन्होंने कहा कि अब तक तटबंधों पर किसी तरह के प्रतिकूल प्रभाव की सूचना नहीं है और जल संसाधन विभाग लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है तथा पूरी तरह सतर्क है। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि गंगा नदी का जलस्तर भी घट रहा है, हालांकि कुछ स्थानों पर एक-दो सेंटीमीटर की मामूली वृद्धि दर्ज की जा सकती है। उन्होंने कहा, विभाग स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और बाढ़ से सुरक्षा के सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की थी और आज हवाई सर्वे कर अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिया है। अधिकारी ने बताया कि सभी संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रहने, आवश्यक कदम तत्काल उठाने और स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा, इस वर्ष बैराज से सर्वाधिक 2.24 लाख क्यूसेक जल प्रवाह 14 जुलाई 2026 को दर्ज किया गया था, जबकि 28 सितंबर 2024 को 5.625 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इसलिए फिलहाल स्थिति सामान्य रहने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि बैराज, तटबंधों और नियंत्रण कक्ष में सभी टीमें अलर्ट पर हैं। विभागीय अधिकारियों को संभावित आपात स्थिति के मद्देनजर सभी तैयारियां सुनिश्चित करने, आवश्यक सामग्री का भंडारण करने तथा तटबंधों का नियमित निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है। अधिकारी ने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में जिला प्रशासन सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से समय पर लोगों को सतर्क कर रहा है। इस बीच, नेपाल पुलिस के अनुसार भोटेकोशी नदी में बुधवार को आई बाढ़ से तीन जिलों में मची तबाही में मरने वालों की संख्या 160 से अधिक हो गई है।

प्रभासाक्षी 27 Aug 2026 2:32 pm

Bihar Flood: Ganga और Kosi समेत कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर

नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक और घाघरा नदियों का जलस्तर बढ़ने से बिहार के कई जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। जल संसाधन विभाग (डब्ल्यूआरडी) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को बताया कि नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार वर्षा के कारण राज्य की कई प्रमुख नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और सीमावर्ती जिलों में कई स्थानों पर नदियां खतरे के निशान को छू चुकी हैं या उससे ऊपर बह रही हैं। विभाग की ओर से जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार गंडक, कोसी, गंगा, बूढ़ी गंडक और घाघरा नदियां राज्य के कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जबकि कुछ जगहों पर जलस्तर चेतावनी स्तर तक पहुंच गया है। बुलेटिन के मुताबिक, गोपालगंज और सिधवलिया में गंडक नदी खतरे के निशान पर पहुंच गई है। वहीं खगड़िया, कटिहार और कुरसेला में कोसी नदी खतरे के निशान को छू रही है। बूढ़ी गंडक भी खगड़िया में खतरे के निशान पर बह रही है। गंगा नदी पटना के दीघा, गांधीघाट और हथीदह तथा भागलपुर के कहलगांव में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। वहीं सिवान जिले के दरौली में घाघरा नदी का जल स्तर भी खतरे के निशान से ऊपर दर्ज किया गया है। अधिकारी ने बताया कि अब तक किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है और सभी संबंधित विभागों को सतर्क रखा गया है। मौसम विभाग के जिला-वार वर्षा बुलेटिन के अनुसार बृहस्पतिवार को पटना, पूर्णिया, भागलपुर, पश्चिम चंपारण, नालंदा और सिवान समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।

प्रभासाक्षी 27 Aug 2026 2:28 pm

Nepal Floods में फंसे भारतीय पर्यटकों को सुरक्षित लाएं, Congress ने PM Narendra Modi से की मांग

कांग्रेस ने नेपाल में विनाशकारी भीषण बाढ़ पर चिंता जताते हुए बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से आग्रह किया कि वहां फंसे भारतीय पर्यटकों की सुरक्षित वापसी के लिए सभी आवश्यक कदम तत्काल उठाए जाएं। पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि पार्टी की ओर से इस संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र भी लिखा गया है। उनका कहना है कि नेपाल में अचानक आई बाढ़ से हुई तबाही ने सभी को स्तब्ध कर दिया है और नुकसान भी व्यापक स्तर पर हुआ है। उन्होंने कहा, ‘‘सभी संभावित राहत प्रयासों को अधिक से अधिक लोगों की जान बचाने पर केंद्रित किया जाना चाहिए।’’ कांग्रेस नेता ने कहा कि नेपाल में सैकड़ों भारतीय पर्यटक फंसे हुए हैं और प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए सभी उपाय करने का आग्रह किया गया है। उन्होंने सड़क और हवाई मार्ग से निकासी के साथ-साथ आपातकालीन राहत शिविर स्थापित किए जाने की मांग की, ताकि इस त्रासदी के बीच फंसे भारतीय नागरिकों को तत्काल सहायता मिल सके। नेपाल में बुधवार को अचानक आई भीषण बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 165 से अधिक हो गई है और 300 से अधिक भारतीय पर्यटकों समेत बड़ी संख्या में लोग लापता हैं। इसे भी पढ़ें: Bihar Flood: Gandak River का जलस्तर घटा, वाल्मीकि नगर बैराज से पानी का बहाव कम हुआ बुधवार को अचानक आई बाढ़ ने नेपाल के तीन जिलों में भारी तबाही मचाई है। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने बृहस्पतिवार को कहा कि अचानक आई बाढ़ में लापता हजारों लोगों में करीब 300 भारतीय पर्यटक शामिल हैं।

प्रभासाक्षी 27 Aug 2026 2:28 pm

Nepal बाढ़ में फंसे महाराष्ट्र के नागरिकों की मदद के लिए CMO ने शुरू किया कंट्रोल रूम

नेपाल में बाढ़ के बीच महाराष्ट्र के करीब 80 पर्यटकों के फंसे होने का अनुमान है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बताया कि जानकारी जुटाने का काम जारी है और यह संख्या बदल सकती है। राज्य आपातकालीन अभियान केंद्र (एसईओसी) की बृहस्पतिवार सुबह जारी रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से 57 लोग एक टूर एजेंसी के माध्यम से गए थे, जबकि बाकी लोग स्वतंत्र रूप से यात्रा कर रहे थे। अब तक चार नागरिकों के सुरक्षित होने की सूचना मिली है। बुधवार को नेपाल के तीन जिलों में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। इसमें 165 लोगों की मौत हो गई और 300 से अधिक भारतीय पर्यटकों समेत कई लोग लापता हैं। इसे भी पढ़ें: Bihar Flood: Gandak River का जलस्तर घटा, वाल्मीकि नगर बैराज से पानी का बहाव कम हुआ यह हाल के वर्षों में नेपाल की सबसे भीषण आपदाओं में से एक है। एसईओसी ने बताया कि वह 57 लोगों की यात्रा आयोजित करने वाली ऋचा टूर्स प्राइवेट लिमिटेड के संपर्क में है। वह आगे की जानकारी के लिए नयी दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्रालय के एकीकृत नियंत्रण कक्ष-आपात प्रतिक्रिया केंद्र के साथ भी समन्वय कर रहा है। इसे भी पढ़ें: Nepal Floods में 165 लोगों की मौत, 300 से अधिक भारतीय पर्यटक लापता राज्य के अधिकारी यात्रा आयोजित करने वाली संबंधित ट्रैवल एजेंसी के साथ भी समन्वय कर रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि एसईओसी और जिला प्रशासन वहां फंसे लोगों की जानकारी जुटा रहे हैं। कुछ मामलों में नाम दोहराए जाने की बात सामने आई है और अंतिम संख्या तय करने के लिए उनका सत्यापन किया जा रहा है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से नेपाल में फंसे अपने रिश्तेदारों या अन्य लोगों की जानकारी साझा करने की अपील की है। विभाग ने एक हेल्पलाइन डेस्क भी स्थापित किया है और समन्वय एवं सहायता के लिए लोगों से विवरण उपलब्ध कराने को कहा है। एसईओसी ने लोगों की जानकारी जुटाने के लिए एक वेब आधारित लिंक तैयार किया है और इसे मीडिया के माध्यम से साझा किया है। इसे भी पढ़ें: भीषण बाढ़ पर दलाई लामा ने जताया दुख, आपदा के पीछे Climate Change का जताया अंदेशा जिला कलेक्टरों को भी जानकारी जुटाने और उसका सत्यापन करने के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने बुधवार को बताया कि मंत्रालय में 24 घंटे का नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। महाराष्ट्र के जिन लोगों को सहायता की आवश्यकता है, उनसे आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करने की अपील की गई है।

प्रभासाक्षी 27 Aug 2026 2:28 pm

Nepal Floods में फंसे तमिलनाडु के तीर्थयात्रियों की सुरक्षा पर नजर, बचाव अभियान जारी

तमिलनाडु के मंत्री ए. राजमोहन ने बृहस्पतिवार को विधानसभा को बताया कि राज्य सरकार नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के कारण फंसे राज्य के तीर्थयात्रियों के बचाव कार्य पर करीब से नजर रख रही है और चेन्नई से गए 49 अन्य लोगों की स्थिति का पता भी लगाया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि तमिलनाडु के 10 जिलों से 54 लोग और पुडुचेरी से तीन लोग तीर्थयात्रा पर गए थे। इसके अलावा सरकार को पता चला है कि चेन्नई के एक ‘टूर ऑपरेटर’ ने 49 तीर्थयात्रियों को मानसरोवर भेजा था जिससे तीर्थयात्रा पर जाने वाले लोगों की संख्या 106 हो गई है। इसे भी पढ़ें: Bihar Flood: Gandak River का जलस्तर घटा, वाल्मीकि नगर बैराज से पानी का बहाव कम हुआ विपक्ष की ओर से लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री ए. राजमोहन ने विधानसभा को बताया कि राज्य सरकार तीर्थयात्रियों के बचाव कार्य और उनकी स्थिति पर हर घंटे नजर रख रही है और बचाए गए 20 लोगों को वर्तमान में काठमांडू के रास्ते वापस लाने की कोशिशें जारी हैं। उन्होंने बताया कि इन 57 लोगों के अलावा चेन्नई की एक ट्रैवल एजेंसी 49 तीर्थयात्रियों को मानसरोवर यात्रा पर ले गई थी और अभी उनकी यात्रा योजना तथा वे कहां हैं, इस बारे में पता लगाने की कोशिशें की जा रही हैं।

प्रभासाक्षी 27 Aug 2026 2:27 pm

तेजस्वी यादव ने जताई गहरी चिंता, बिहार सरकार को दी पुख्ता एहतियाती कदम उठाने की सख्त सलाह

पड़ोसी देश नेपाल में हाल ही में मूसलाधार बारिश और बादल फटने के कारण मची भयंकर बाढ़ व तबाही ने पूरे उपमहाद्वीप में चिंता की लहर दौड़ा दी है। इस प्राकृतिक त्रासदी का सबसे गंभीर और प्रत्यक्ष प्रभाव अब भारत के पड़ोसी राज्य बिहार की नदियों, विशेषकर गंडक नदी (Gandak River) पर पड़ता हुआ साफ नजर आ रहा है। नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों से अचानक छोड़े गए भारी मात्रा में पानी और पहाड़ों से बहकर आए मलबे के कारण गंडक नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार करने की स्थिति में पहुँच गया है, जिससे नदी के तटीय इलाकों में रहने वाले लाखों लोगों की धड़कनें तेज हो गई हैं। स्थिति की नज़ाकत को देखते हुए बिहार की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में भी सरगर्मी बढ़ गई है। इस आपदा से निपटने के लिए और बिहार के निचले इलाकों को जलप्रलय से बचाने के लिए विपक्षी नेताओं ने अपनी आवाज बुलंद करनी शुरू कर दी है, ताकि समय रहते उचित प्रबंध किए जा सकें।तेजस्वी यादव ने जताई गंभीर चिंता, सरकार को दिए चेतावनी भरे सुझावबिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख नेता तेजस्वी यादव ने नेपाल की बाढ़ त्रासदी के बाद गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर और संभावित खतरे को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया और प्रेस बयानों के जरिए राज्य सरकार को आगाह करते हुए कहा है कि यदि समय रहते एहतियाती कदम नहीं उठाए गए, तो वाल्मीकि नगर बराज और उसके आसपास के जिलों में भयानक बाढ़ आ सकती है, जिससे भारी जान-माल का नुकसान हो सकता है। उन्होंने बिहार सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग को सलाह दी है कि वे केंद्र सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर नेपाल से छोड़े जाने वाले पानी के प्रवाह पर लगातार नजर रखें और संवेदनशील तटबंधों (Embankments) की निगरानी तुरंत तेज कर दें। उनका कहना है कि इस तरह की प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए कागजी दावों के बजाय जमीनी स्तर पर युद्धस्तर पर काम करने की जरूरत है।गंडक बेसिन से जुड़े तटीय जिलों में बाढ़ का मंडराता सायानेपाल में आई इस भीषण त्रासदी के बाद बिहार के पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सिवान और कुशीनगर समेत गंडक नदी के किनारे बसे दर्जनों जिलों के ग्रामीण इलाकों में भारी दहशत का माहौल बन गया है। किसानों की फसलें जो अभी पकने या तैयार होने की स्थिति में हैं, उनके डूबने का खतरा पैदा हो गया है, साथ ही निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने को कहा जाने लगा है। पिछले कुछ वर्षों में भी जब-जब नेपाल के पहाड़ों पर अत्यधिक बारिश हुई है, तब-तब गंडक और कोसी नदियों ने बिहार के उत्तरी हिस्सों में भारी तबाही मचाई है। यही कारण है कि इस बार स्थानीय प्रशासन भी किसी भी प्रकार की कोताही बरतने के मूड में नहीं दिख रहा है, और संवेदनशील तटबंधों पर इंजीनियरों की टीमों को तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।आपदा प्रबंधन और प्रशासनिक तैयारियों पर टिकी जनता की निगाहेंइस पूरी गंभीर स्थिति के बीच बिहार की जनता एक बार फिर से प्रशासनिक तैयारियों और बाढ़ नियंत्रण उपायों की तरफ उम्मीद भरी नजरों से देख रही है। तेजस्वी यादव द्वारा सरकार को दी गई सलाह के बाद अब यह देखना बेहद महत्वपूर्ण होगा कि शासन-प्रशासन इस चुनौती से निपटने के लिए कितनी तत्परता दिखाता है। बाढ़ राहत शिविरों की व्यवस्था, नावों की उपलब्धता और स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दे दिए गए हैं, लेकिन धरातल पर कितनी मुस्तैदी है, यह आने वाले कुछ घंटों और दिनों का मौसम तय करेगा। नेपाल की त्रासदी ने एक बार फिर से इस बात को साबित कर दिया है कि भारत और नेपाल के बीच जल प्रबंधन और बाढ़ नियंत्रण के क्षेत्र में एक दीर्घकालिक व स्थाई समाधान ढूंढना कितना अनिवार्य हो चुका है, ताकि हर साल आने वाली इस प्रलय से आम जनता के जीवन को बचाया जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Aug 2026 2:17 pm

Nepal-Tibet बाढ़ पर Dalai Lama की गहरी चिंता, 'जलवायु परिवर्तन' से निपटने का किया आह्वान

तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा ने नेपाल के रसुवा इलाके और तिब्बत के क्यिरोंग में भयानक बाढ़ से हुई जान-माल की भारी तबाही पर दुख जताया और बार-बार होने वाली ऐसी आपदाओं के मूल कारणों से निपटने के उपाय करने का आह्वान किया। दलाई लामा ने कहा कि मुझे नेपाल के रसुवा इलाके और तिब्बत के क्यिरोंग में आई भयानक बाढ़ के बारे में जानकर दुख हुआ है, जिसमें लोगों की जान गई और भारी नुकसान हुआ। इसे भी पढ़ें: Bihar में Nepal Flood का खतरा! CM Samrat Choudhary ने हवाई सर्वे कर दिए अहम निर्देश उन्होंने जान गंवाने वालों के लिए प्रार्थना की और पीड़ित परिवारों तथा बाढ़ से प्रभावित अन्य लोगों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। दलाई लामा ने इस क्षेत्र में प्राकृतिक आपदाओं के इतिहास का भी ज़िक्र किया और कहा कि बार-बार आने वाली ये आपदाएं पर्यावरण से जुड़ी गहरी समस्याओं या अन्य छिपे हुए कारणों का संकेत हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि चूंकि इस क्षेत्र ने पहले भी आपदाएं देखी हैं, इसलिए ये निश्चित रूप से किसी गहरे कारण का संकेत हैं - चाहे वह जलवायु परिवर्तन हो या कोई अन्य कारक। उन्होंने भविष्य में ऐसी आपदाओं के जोखिम को कम करने के लिए जहां भी संभव हो, उचित कदम उठाने का आह्वान किया। नेपाल के रसुवा इलाके और नेपाल-तिब्बत बॉर्डर के पास के इलाकों में बाढ़ से भारी तबाही के बाद बचाव और राहत का काम जारी है, और इसी दौरान उनके ये बयान आए। नेपाली अधिकारियों के मुताबिक, अचानक आई इस बाढ़ में कम से कम 165 लोगों की मौत हो गई है, जबकि सैकड़ों लोग अभी भी लापता हैं। बचाव दल प्रभावित इलाकों में तलाशी अभियान चला रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Bihar-UP को बड़ी राहत, Gandak का जलस्तर घटा, बाढ़ का तत्काल खतरा टला बुधवार को हिमालय में बर्फ और चट्टानें गिरने से पानी, कीचड़ और मलबे का भारी सैलाब ल्हेंडे नदी में आ गया, जिससे बाढ़ आ गई। यह नदी भोटेकोशी और त्रिशूली नदी प्रणालियों में मिलती है। अचानक आए इस सैलाब ने नेपाल-चीन बॉर्डर के पास की बस्तियों और मुख्य परिवहन मार्गों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे घर, सड़कें और पुल नष्ट हो गए। लगभग 40 किलोमीटर सड़कें और दर्जनों पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।

प्रभासाक्षी 27 Aug 2026 2:07 pm

Bihar में Nepal Flood का खतरा! CM Samrat Choudhary ने हवाई सर्वे कर दिए अहम निर्देश

बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को गंडक नदी का दौरा किया और पड़ोसी देश नेपाल में बाढ़ की स्थिति के बाद बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। हवाई सर्वेक्षण के दौरान, उपमुख्यमंत्री ने बगहा, वाल्मीकि नगर, बेतिया और मोतिहारी के सीमावर्ती इलाकों में स्थिति का जायजा लिया और प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों की समीक्षा की। 'X' पर एक पोस्ट में सम्राट चौधरी ने कहा कि नेपाल में बाढ़ को देखते हुए बिहार के सीमावर्ती इलाकों - बगहा, वाल्मीकि नगर, बेतिया और मोतिहारी में बाढ़ की स्थिति का सर्वेक्षण किया गया। इस दौरान संभावित प्रभावों, जरूरी एहतियाती उपायों, सुरक्षा और राहत-बचाव कार्यों को लेकर प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा की गई और संबंधित अधिकारियों को पूरी तैयारी के साथ सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए। इसे भी पढ़ें: Nepal Flood: बिहार और यूपी सीमा पर असर नहीं, NDRF की 20 टीमें तैनात मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और हर संभव मदद पहुंचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बगहा के SP राजेश कुमार ने बताया कि अभी वाल्मीकि बैराज पर हालात सामान्य हैं, हालात सामान्य हैं; कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है... हम देख रहे हैं कि पानी का स्तर सामान्य है... हमने पूरी तैयारी कर ली थी; नदी के किनारे रहने वाले सभी लोगों को सुरक्षित और उपयुक्त जगहों पर पहुंचा दिया गया था... हमने अपने स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर के मुताबिक खाने-पीने और दूसरी ज़रूरी चीज़ों का भी इंतज़ाम किया था। कोई गंभीर घटना नहीं हुई और लोग अब अपने घरों को लौट रहे हैं। भोटे कोशी नदी में ज़बरदस्त उफान के कारण नेपाल में भयानक अचानक बाढ़ (flash floods) आई, जिससे भारी जान-माल का नुकसान हुआ, लोग विस्थापित हुए और घरों, सड़कों, पुलों, पनबिजली संयंत्रों और दूसरे बुनियादी ढांचे को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा। नेपाल दूतावास के सूत्रों के अनुसार, अब तक 175 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि स्थानीय लोगों और पर्यटकों समेत 28 देशों के 476 लोग अभी भी लापता हैं। खोज और बचाव अभियान जारी है, जिसमें अधिकारी लोगों की जान बचाने, उन्हें सुरक्षित निकालने, मेडिकल मदद और राहत कार्यों को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Nepal Flash Floods | नेपाल में जलप्रलय! लापता लोगों में 300 से अधिक भारतीय शामिल, विदेश मंत्री शिशिर खनाल का बड़ा बयान नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) ने कहा कि रसुवा जिले में मरने वालों की संख्या बढ़ गई है क्योंकि और शव बरामद हो रहे हैं। सुरक्षा बलों के कई जवान, जिनमें नेपाल सेना के 44, नेपाल पुलिस के 28 और आर्म्ड पुलिस फोर्स के 13 जवान शामिल हैं, लापता बताए जा रहे हैं। नेपाल टूरिज्म बोर्ड के आंकड़ों से पता चला है कि 579 यात्री, जिनमें 466 विदेशी नागरिक और 113 नेपाली शामिल हैं, का अभी तक कोई पता नहीं चला है, जबकि तिमुरे, रसुवा से 123 लोगों को बचाया गया है। यह आपदा ल्हेन्डे खोला में मलबे वाली भारी बाढ़ के कारण आई, जो कथित तौर पर रसुवागढ़ी बॉर्डर पॉइंट के पास ग्लेशियर या बर्फ-चट्टान के गिरने से हुई थी। यह बाढ़ तिब्बत की तरफ से भोटे कोशी नदी में आई और रसुवागढ़ी, तिमुरे और स्याफ्रू बेसी जैसे इलाकों को प्रभावित करते हुए त्रिशूली नदी में मिल गई, जिससे रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा और चितवन जिले प्रभावित हुए।

प्रभासाक्षी 27 Aug 2026 1:53 pm

नेपाल बाढ़ के बाद बिहार अलर्ट, गंडक नदी से खतरा; एनडीआरएफ आईजी बोले- ‘9 टीमें तैनात, बढ़ाई गई निगरानी’

New Delhi, 27 अगस्त . राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के आईजी नरेंद्र सिंह बुंदेला ने Thursday को कहा कि नेपाल में त्रासदी के बाद बाढ़ की स्थिति को देखते हुए बिहार के संवेदनशील इलाकों में नौ टीमें तैनात की गई हैं. उन्होंने बताया कि जरूरत पड़ने पर सहायता के लिए एनडीआरएफ स्टैंडबाय पर है. ... Read more

डेली किरण 27 Aug 2026 1:43 pm

नेपाल बाढ़ के बाद बिहार अलर्ट, गंडक नदी से खतरा; NDRF आईजी बोले- '9 टीमें तैनात, बढ़ाई गई निगरानी'

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के आईजी नरेंद्र सिंह बुंदेला ने गुरुवार को कहा कि नेपाल में त्रासदी के बाद बाढ़ की स्थिति को देखते हुए बिहार के संवेदनशील इलाकों में नौ टीमें तैनात की गई हैं। उन्होंने बताया कि जरूरत पड़ने पर सहायता के लिए एनडीआरएफ स्टैंडबाय पर है।

खास खबर 27 Aug 2026 1:43 pm

नेपाल बाढ़ के बाद बिहार अलर्ट, गंडक नदी से खतरा; एनडीआरएफ आईजी बोले- '9 टीमें तैनात, बढ़ाई गई निगरानी'

नेपाल बाढ़ के बाद बिहार अलर्ट, गंडक नदी से खतरा; एनडीआरएफ आईजी बोले- '9 टीमें तैनात, बढ़ाई गई निगरानी'

समाचार नामा 27 Aug 2026 1:35 pm

Nepal Flood: बिहार और यूपी सीमा पर असर नहीं, NDRF की 20 टीमें तैनात

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने बृहस्पतिवार को कहा कि नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ से फिलहाल बिहार और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों पर कोई ‘‘प्रतिकूल’’ असर नहीं पड़ा है लेकिन दोनों राज्य सरकारों के साथ समन्वय कर स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। एनडीआरएफ के महानिरीक्षक नरेंद्र सिंह बुंदेला ने संवाददाताओं को बताया कि बिहार में नौ और उत्तर प्रदेश में 11 सहित कुल 20 दल तैनात हैं। इनका इस्तेमाल बाढ़ या जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने पर लोगों को सुरक्षित निकालने तथा राहत एवं बचाव अभियान चलाने के लिए किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इनमें से एनडीआरएफ का एक दल उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के पास कुशीनगर जिले में तैनात है। नेपाल में बुधवार को अचानक आई भीषण बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 165 हो गई है। देश में हाल के वर्षों की सबसे भीषण आपदाओं में शामिल इस बाढ़ में 300 से अधिक भारतीय पर्यटकों समेत बड़ी संख्या में लोग लापता हैं। बुंदेला ने कहा, ‘‘बिहार और उत्तर प्रदेश में अब तक बाढ़ से कोई प्रतिकूल असर नहीं है। हम दोनों राज्य सरकारों और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय कर स्थिति पर नजर रख रहे हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘केंद्रीय जल आयोग लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है और समय-समय पर जानकारी साझा कर रहा है।’’उन्होंने बताया कि बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के वाल्मीकि नगर में भारत-नेपाल सीमा पर गंडक नदी पर स्थित पहला बैराज भी निगरानी में है और वहां नेपाल में आई बाढ़ का अब तक कोई असर नहीं पड़ा है। बुंदेला ने कहा कि भारत ने बुधवार और बृहस्पतिवार को नेपाल के लिए दवाओं समेत मानवीय सहायता और आपदा राहत सामग्री की दो खेप विमान से भेजी हैं। महानिरीक्षक ने बताया कि एनडीआरएफ के बचाव दलों की चार टुकड़ियां गाजियाबाद में तैयार हैं और अगर काठमांडू भारत सरकार से अनुरोध करता है तो उन्हें हिंडन वायुसेना अड्डे से विमान के जरिए नेपाल भेजा जाएगा, जहां वे बचाव अभियान संचालित करेंगे।

प्रभासाक्षी 27 Aug 2026 1:22 pm

Viral News: दो मालिक, एक भैंस और अब DNA टेस्ट! बिहार पुलिस के सामने आया अनोखा मामला, कैसे सुलझाया?

Viral News from Bihar: बिहार के गया जिले में एक ऐसी रोचक घटना सामने आई है, जिसने पुलिस को भी असमंजस में डाल दिया है। यहां एक भैंस पर दो लोगों ने अपना मालिकाना हक जताया है। मामला इतना पेचीदा हो गया कि अब बिहार पुलिस भैंस के असली मालिक का पता लगाने के लिए DNA टेस्ट कराने पर विचार कर रही है। आमतौर पर DNA टेस्ट का इस्तेमाल इंसान के पितृत्व या रिश्तों की पुष्टि के लिए किया जाता है। लेकिन गया में इसका इस्तेमाल एक भैंस के मालिक की पहचान करने के लिए किया जा सकता है।'हिंदुस्तान टाइम्स' की रिपोर्ट के मुताबिक, यह मामला बिहार के गया जिले के सेउतर गांव का है। यहां रहने वाले सूरज यादव का दावा है कि उनकी भैंस अचानक लापता हो गई थी। सूरज के मुताबिक, काफी तलाश के बाद करीब एक सप्ताह बाद उन्हें अपनी भैंस प्रकाश मांझी के घर पर मिली। इसके बाद सूरज भैंस को अपने घर ले आए।लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। प्रकाश मांझी ने इस पर आपत्ति जताते हुए पुलिस में शिकायत कर दी। उनका कहना है कि भैंस उनकी है। उन्होंने इसे किसी व्यक्ति से कानूनी तौर पर लीज पर लिया था। इस तरह एक ही भैंस पर दो लोगों का दावा सामने आ गया।पुलिस ने निकाला देसी तरीका, लेकिन मामला और उलझ गयाविवाद सुलझाने के लिए पुलिस ने शुरुआत में एक बेहद साधारण तरीका अपनाया। पुलिस ने भैंस को दोनों पक्षों के सामने छोड़ दिया, ताकि वह खुद उस जगह चली जाए जिसे वह अपना घर समझती है। भैंस सीधे सूरज यादव के घर पहुंच गई। सूरज के लिए यह उनकी बात का सबूत था। लेकिन प्रकाश मांझी इससे संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने इसके बाद अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत शिकायत दर्ज करा दी। इसके बाद मामला केवल दो लोगों के बीच भैंस के मालिकाना हक का विवाद नहीं रहा। बल्कि इसमें राजनीतिक रंग भी आ गया।पूर्व RJD विधायक ने सूरज यादव का पक्ष रखाअटरी के पूर्व RJD विधायक अजय यादव उर्फ रंजीत यादव सोमवार 26 अगस्त को सूरज यादव के समर्थकों के साथ मगध रेंज के IG विकास वैभव से मिलने पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारी के सामने सूरज यादव की परेशानी का मुद्दा उठाया। पूर्व विधायक ने सवाल किया कि एक गरीब व्यक्ति को एक भैंस के विवाद के कारण मुकदमेबाजी में इतना पैसा खर्च करना पड़े, यह कितना उचित है। उनका तर्क था कि मुकदमे में खर्च होने वाली रकम शायद नई भैंस खरीदने से भी ज्यादा हो सकती है।अगले दिन मांझी के समर्थन में पहुंचे HAM नेतामामले ने राजनीतिक रूप से एक और मोड़ तब लिया जब हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्याम सुंदर शरण मंगलवार को इस मामले में IG से मिले। उन्होंने प्रकाश मांझी का पक्ष रखते हुए मामले में उनकी शिकायत और दावे को सामने रखा। इस तरह पुलिस के सामने चुनौती और बढ़ गई। एक तरफ यादव अपनी भैंस बता रहे हैं, तो दूसरी तरफ मांझी भी दस्तावेजों और लीज के आधार पर अपना दावा कर रहे हैं।अब DNA टेस्ट से होगा फैसला?विवाद का कोई स्पष्ट समाधान नहीं निकलने पर पुलिस ने अब DNA टेस्ट को एक विकल्प के रूप में सामने रखा है। मगध IG विकास वैभव ने बताया कि जरूरत पड़ने पर DNA टेस्ट कराया जा सकता है। पुलिस ने दोनों दावेदारों से उनकी भैंस से संबंधित रिकॉर्ड और दस्तावेज मांगे हैं। पुलिस का मानना है कि इन रिकॉर्ड में भैंस की वंशावली यानी उसके माता-पिता या अन्य पारिवारिक पशुओं से संबंधित जानकारी हो सकती है। संदिग्ध भैंस का DNA उसके कथित माता-पिता या भाई-बहन के DNA से मिलाकर यह पता लगाने की कोशिश की जा सकती है कि वह किस पक्ष की भैंस है।अपनी तरह का पहला मामलाअगर पुलिस वास्तव में DNA टेस्ट कराती है, तो गया में किसी भैंस के मालिकाना हक का फैसला करने के लिए DNA जांच का यह अपनी तरह का पहला मामला हो सकता है। फिलहाल, पांच साल की यह भैंस सूरज यादव के घर पर ही है। भैंस को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद जारी है और पुलिस दस्तावेजों की जांच कर रही है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि जिस भैंस ने खुद चलकर सूरज यादव के घर पहुंचकर विवाद को एक दिशा देने की कोशिश की, अब उसके मालिक का अंतिम फैसला DNA रिपोर्ट से हो सकता है।ये भी पढ़ें- Nepal Flash Flood: नेपाल में अचानक आई बाढ़ में 300 से अधिक भारतीय लापता, नेपाली विदेश मंत्री का बड़ा दावा

ज़ी न्यूज़ 27 Aug 2026 12:50 pm

बड़ी कार्रवाई: 105 किलो गांजे के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, बिहार से लाकर काशी में खपाने की थी तैयारी

पुलिस टीम ने सारनाथ की ओर से रिंग रोड जाने वाली सर्विस लेन पर एक सिल्वर रंग की कार खड़ी देखी।

अमर उजाला 27 Aug 2026 12:41 pm

Bihar-UP को बड़ी राहत, Gandak का जलस्तर घटा, बाढ़ का तत्काल खतरा टला

नेपाल से बिहार और उत्तर प्रदेश की ओर आने वाले बाढ़ का खतरा फिलहाल कम होता दिख रहा है। गंडक नदी का जलस्तर तेज़ी से गिर रहा है और बिहार के पश्चिमी चंपारण ज़िले में वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से पानी का बहाव घटकर लगभग 81,000 क्यूसेक रह गया है। पानी के स्तर में इस गिरावट से बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में नदी के किनारे रहने वाले लोगों को राहत मिली है। नेपाल के हिमालयी क्षेत्र में अचानक आई ज़बरदस्त बाढ़ के बाद इन इलाकों को हाई अलर्ट पर रखा गया था। इसे भी पढ़ें: Nepal Flash Floods | नेपाल में जलप्रलय! लापता लोगों में 300 से अधिक भारतीय शामिल, विदेश मंत्री शिशिर खनाल का बड़ा बयान नेपाल की त्रिशूली नदी का पानी नारायणी नदी से होते हुए आगे बढ़ गया है, जिससे गंडक सिस्टम पर दबाव कम हुआ है और राहत मिली है। इसलिए, भारतीय इलाके में पानी के अचानक तेज़ी से बढ़ने का जो तुरंत खतरा था, वह अब टल गया है, हालांकि अधिकारियों से उम्मीद है कि वे नदी पर कड़ी नज़र बनाए रखेंगे। बुधवार को तिब्बत सीमा के पास नेपाल में अचानक आई भयानक बाढ़ के बाद अलर्ट जारी किया गया था। माना जा रहा है कि यह आपदा बर्फ और चट्टानों के खिसकने या भूस्खलन की वजह से आई, जिससे पानी और मलबे का भारी सैलाब नेपाल के कई इलाकों में फैल गया और इसने घरों, सड़कों, पुलों और पनबिजली के बुनियादी ढांचे को नष्ट कर दिया। नेपाल में कम से कम 157 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि सैकड़ों लोग अभी भी लापता हैं। इस आपदा का भारत से भी गहरा संबंध है। लापता लोगों में तीर्थयात्रियों और पर्यटकों समेत कई भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। बचाव कार्य जारी रहने के बीच, नेपाल के अधिकारियों ने त्रिशूली और नारायणी जैसी नदियों के किनारे लगातार बने हुए खतरों को लेकर चेतावनी दी है। हालांकि, बिहार और यूपी के लिए बाढ़ का तत्काल खतरा कम होता दिख रहा है क्योंकि गंडक नदी का जलस्तर घट रहा है। यह घटनाक्रम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि गंडक नदी नेपाल से निकलती है और भारतीय मैदानी इलाकों में पानी लाती है, जिससे नदी के ऊपरी हिस्से में अचानक आने वाली बाढ़ निचले इलाकों के जिलों के लिए चिंता का विषय बन जाती है। इसे भी पढ़ें: Gandak Barrage से घटा पानी का बहाव, Bihar के तटवर्ती इलाकों को मिली राहत फिलहाल, नेपाल में आई आपदा एक बड़ी मानवीय आपात स्थिति बनी हुई है, लेकिन बाढ़ के पानी से सीमा पार बिहार और उत्तर प्रदेश में भी वैसी ही संकट की स्थिति पैदा होने का तत्काल खतरा कम होता दिख रहा है। फिर भी, अधिकारियों को सतर्क रहना होगा क्योंकि हिमालयी जलग्रहण क्षेत्र में हालात तेज़ी से बदल सकते हैं। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।

प्रभासाक्षी 27 Aug 2026 12:16 pm

नेपाल बाढ़ त्रासदी के बाद बिहार सरकार अलर्ट, तेजस्वी यादव ने गंडक नदी पर असर की जताई चिंता

नेपाल और तिब्बत सीमा पर अचानक आई भीषण बाढ़ से हुई तबाही के बाद बिहार में भी अलर्ट बढ़ गया है। इस आपदा को लेकर राजनीतिक दलों के नेताओं ने दुख जताते हुए अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी है।

खास खबर 27 Aug 2026 12:06 pm

बिहार: स्वाइन फ्लू की दस्तक से राज्य में चिंता, पटना में मिले दो मरीज; अस्पतालों में तैयारी अभी भी अधूरी

Bihar News: दिल्ली में स्वाइन फ्लू अलर्ट के बीच बिहार के अस्पतालों में अभी आइसोलेशन वार्ड और एंटी वायरल दवाओं की व्यवस्था नहीं है। हाल ही में पटना में दो मरीज मिले हैं। जानिए क्या है बिहार के सरकारी अस्पताल की तैयारी...

अमर उजाला 27 Aug 2026 11:57 am

नेपाल आपदा की वजह से बिहार में बाढ़, पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर के 6 कैलाश यात्री लापता

New Delhi, 27 अगस्त . बिहार के कई इलाकों में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है. भागलपुर के नौगछिया में गंगा नदी का तटबंध टूटने के बाद बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हुए हैं. आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से प्रभावित लोगों तक तत्काल राहत पहुंचाई जा रही है. यहां मुफ्त कम्युनिटी किचन, ... Read more

डेली किरण 27 Aug 2026 11:48 am

आज पूरी बिहार में स्टूडेंट्स मनाएंगे 'काला दिवस':कई छात्र संगठन हुए एकजुट, आंदोलन में लाठीचार्ज के खिलाफ करेंगे प्रदर्शन; मुख्यमंत्री का जलाएंगे पुतला

पटना के गर्दनीबाग में BPSC TRE-4 में PT-मेन, नेगेटिव मार्किंग हटाने और 100% डोमिसाइल सहित अन्य मांगों को लेकर छात्रों का आंदोलन 10वें दिन भी जारी है। छात्र 18 अगस्त से धरने पर हैं। प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज के खिलाफ छात्र-युवा नेता आज पूरे बिहार में ‘काला दिवस’ मनाएंगे और मुख्यमंत्री का पुतला दहन करेंगे। NSUI के राज्य उपाध्यक्ष भाग्य भारती, सोशल जस्टिस आर्मी के नेता गौतम आनंद पर हमले का भी विरोध किया जा रहा है। इस प्रदर्शन में युवा कांग्रेस, NSUI, द ग्रेट भीम आर्मी, AISA, दिशा, समाजवादी छात्र सभा, सोशल जस्टिस आर्मी, AISF, SFI, SSAI, ABSU, AIYF, DYFI, RYA आदि संगठन शामिल हैं। छात्र नेता अमन और जहान्वी का अभी भी अनशन जारी है। पटना में शाम में GPO गोलंबर पर आज फिर पुतला दहन की प्लानिंग की जा रही है। छात्रों का कहना है कि जबतक उनकी मांगें पूरी नहीं होगी, वो धरने पर बैठे रहेंगे। पटना में जलाया गया सीएम का पुतला मंगलवार को छात्र आंदोलन के दौरान लाठीचार्ज के विरोध में बुधवार को छात्रों ने पटना के इनकम टैक्स चौराहे पर छात्र-युवा संघर्ष के बैनर तले ‘काला दिवस’ के तहत मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन किया। छात्रों ने कहा कि, ‘छात्र रोजगार मांग रहे हैं और पुलिस लाठियां बरसा रही है। पुलिस ने फिर निहत्थे छात्रों पर लाठियां बरसाई है और इसमें उसने अंग्रेजी हुकूमत को भी पीछे छोड़ दिया है। सोमवार को जिला प्रशासन से वार्ता के क्रम में छात्रों ने स्पष्ट कर दिया था कि उनका मार्च डाकबंगला चौराहा तक जाएगा। बावजूद इसके प्रमुख छात्र नेताओं को साजिशन गिरफ्तार कर लिया गया।' अब जानिए मंगलवार को छात्रों के आंदोलन में क्या-क्या हुआ? मंगलवार को ऑल बिहार स्टूडेंट यूनियन (ABSU) के छात्र CM हाउस का घेराव करने निकले। छात्रों को रोकने के लिए जेपी गोलंबर पर पुलिस के साथ-साथ CRPF जवानों को भी तैनात किया गया, लेकिन छात्र बैरिकेडिंग तोड़ते हुए डाकबंगला पहुंच गए। इस दौरान छात्रों की CRPF जवानों के साथ धक्का-मुक्की हुई। प्रदर्शन के दौरान एक छात्र का सिर फट गया, जबकि एक छात्रा बेहोश हो गई। पुलिस ने छात्रों को रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। कुछ छात्रों ने पुलिस की ओर पत्थरबाजी भी की, जिसमें टाउन DSP कामाख्या नारायण सिंह घायल हो गए। कई पुलिसकर्मियों को भी चोट लगी है। हालात बिगड़ता देख पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। कुछ छात्रों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। पुलिस ने कुछ छात्रों को हिरासत में भी लिया है। छात्रों के प्रदर्शन के बीच बख्तरबंद गाड़ी भी बुलाई गई। इस गाड़ी का इस्तेमाल आमतौर पर नक्सल प्रभावित इलाकों में किया जाता है। छात्रों के CM हाउस घेराव की कुछ तस्वीरें… तेजस्वी बोले- सरकार छात्रों पर गोली छोड़ सकती, लाठीचार्ज नहीं नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और बिहार सरकार पर निशाना साधा है। तेजस्वी यादव ने तंज करते हुए कहा कि चोर चोरी से जाए, सीनाजोरी से न जाए। उन्होंने कहा, AK-47 से छात्रों पर गोलियां बरसाने वाली निरंकुश NDA सरकार चौतरफा हुए आलोचना और विपक्ष के दबाव में आकर गोलीबारी तो छोड़ सकती है, लेकिन लाठीचार्ज नहीं छोड़ सकती। इस सरकार का छात्रों के प्रति तानाशाही रवैया खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। आज फिर आंदोलनरत छात्रों पर बिहार की जुल्मी सरकार ने अत्याचार किया। 'हाथी चले बाजार..कुत्ते भौंके हजार', बयान पर BPSC ने माफी मांगी सोमवार को पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राजेश कुमार सिंह से गर्दनीबाग में छात्रों के प्रदर्शन को लेकर कहा था कि “एक कहावत आपने सुना होगा, हाथी चले बाजार तो कुत्ते भौंके हजार।” उनके इस बयान के बाद प्रदर्शन कर रहे छात्र भड़क गए। उन्होंने कहा, ‘एक बार कॉकरोच बोला गया था, तो प्रधान जी चले गए। अब सचिव की नौकरी जाएगी।’ विवाद बढ़ने के बाद BPSC एग्जाम कंट्रोलर ने वीडियो जारी कर माफी मांग ली है। वहीं, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने BPSC के एग्जाम कंट्रोलर राजेश कुमार सिंह को सस्पेंड करने के निर्देश दिए हैं।

दैनिक भास्कर 27 Aug 2026 11:17 am

भगवान का आशीर्वाद है, स्थिति सामान्य हो रही; बिहार में बाढ़ का जायजा लेकर बोले सीएम सम्राट चौधरी

बिहार में बाढ़ की स्थिति पर नजर रखने के लिए खुद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अलर्ट हैं। गंडक बराज में आज सुबह एक बार फिर जलस्तर बढ़ा है। इसके बाद अब सीएम इस बराज का हवाई सर्वे किया है। उनके साथ जल संसाधन मंत्री विजय कुमौर चौधरी भी थे।

लाइव हिन्दुस्तान 27 Aug 2026 11:01 am

नेपाल में बाढ़ से मची तबाही के बाद बिहार अलर्ट, गंडक नदी का जलस्तर फिर बढ़ा; प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी

नेपाल में बाढ़ से मची तबाही के बाद बिहार अलर्ट, गंडक नदी का जलस्तर फिर बढ़ा; प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी

समाचार नामा 27 Aug 2026 11:00 am

नेपाल त्रासदी के बाद यूपी से बिहार तक तबाही की आशंका, हाई अलर्ट जारी

नेपाल में आई बाढ़ के बीच बिहार के लिए राहत वाली खबर है. जैसी आशंका थी उस हिसाब से गंडक में पानी नहीं पहुंचा है. वाल्मिकीनगर बराज से बीती रात अधिकतम 1 लाख 50 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज हुआ. उसके बाद से पानी का डिस्चार्ज कम होने लगा. आज सुबह 6 बजे 88 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज हुआ है.

आज तक 27 Aug 2026 10:57 am

मुंबई की एंटी-नारकोटिक्स सेल ने 10 करोड़ की चरस के सप्लायर को बिहार से किया गिरफ्तार

Mumbai , 27 अगस्त . Mumbai क्राइम ब्रांच की एंटी-नारकोटिक्स सेल ने बांद्रा टर्मिनस के पास 10 करोड़ रुपए की चरस बरामदगी के मामले में मुख्य सप्लायर को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है. Mumbai Police ने Thursday को बताया कि आरोपी नेपाल भागने की तैयारी कर रहा था. Mumbai Police के अनुसार, 17 ... Read more

डेली किरण 27 Aug 2026 10:39 am

सावन 2026: यूपी के दो कांवरियों की बिहार में मौत; देवघर से लौटते समय थावे मंदिर में की पूजा, फिर संदिग्ध मौत

गोपालगंज में बैद्यनाथ धाम से जलाभिषेक कर लौट रहे उत्तर प्रदेश के कुशीनगर निवासी दो श्रद्धालुओं की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। दोनों ने थावे दुर्गा मंदिर में दर्शन-पूजन किया था।

अमर उजाला 27 Aug 2026 10:33 am

इश्क में तोड़ी मजहब की दीवार: बिहार की सोनम खातून ने किया धर्म परिवर्तन, बरेली में प्रेमी से रचाई शादी

बरेली के अगस्त्य मुनि आश्रम के आचार्य ने कराया धर्म परिवर्तन और विवाह, इंस्टाग्राम के जरिए शुरू हुई थी लव स्टोरी

अमर उजाला 27 Aug 2026 10:29 am

नेपाल की जल प्रलय पर तेजस्वी ने जताई चिंता:बोले- बिहार को सतर्क रहने की जरूरत; रक्षाबंधन पर दिल्ली गया लालू परिवार

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव आज पूरे परिवार के साथ दिल्ली रवाना हो गए। रक्षाबंधन को लेकर लालू प्रसाद यादव के साथ पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, राज्यसभा सांसद मीसा भारती और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव भी दिल्ली गए हैं। पटना से दिल्ली रवाना होने से पहले तेजस्वी यादव ने नेपाल में आई जल प्रलय को लेकर चिंता जताई और बिहार में संभावित खतरे को लेकर सतर्क रहने की बात कही। तेजस्वी ने नेपाल में जल प्रलय पर जताई चिंता तेजस्वी यादव ने नेपाल में आई बाढ़ और जल प्रलय का जिक्र करते हुए कहा, ‘यह बेहद खतरनाक हादसा है। घटना के वीडियो देखकर दहशत हो गई। बिहार की कई नदियां नेपाल से जुड़ी हुई हैं। ऐसे में नेपाल में भारी बारिश और जल प्रलय का असर बिहार में भी देखने को मिल सकता है।’ जातीय जनगणना पर केंद्र को घेरा केंद्र सरकार की ओर से देश में जातीय जनगणना कराने के फैसले को लेकर कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवाल पर भी तेजस्वी यादव ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जातीय जनगणना उनकी पार्टी की शुरू से मांग रही है। आरक्षण के मुद्दे पर भाजपा पर हमला तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में उनकी सरकार के दौरान जातीय सर्वे कराया गया और इसके आधार पर आरक्षण का दायरा बढ़ाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार ने बढ़े हुए आरक्षण के प्रावधान को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल नहीं किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी लगातार इसकी मांग करती रही है, लेकिन केंद्र सरकार ने इस दिशा में कदम नहीं उठाया।

दैनिक भास्कर 27 Aug 2026 10:10 am

Gandak Barrage से घटा पानी का बहाव, Bihar के तटवर्ती इलाकों को मिली राहत

नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में आई अचानक बाढ़ के बाद गंडक नदी में बढ़ा जलप्रवाह अब लगातार घट रहा है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। जल संसाधन विभाग (डब्ल्यूआरडी) के अनुसार, बृहस्पतिवार तड़के वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बैराज से अधिकतम 1.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिसके बाद नदी के जल प्रवाह में लगातार कमी आई। विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, रात 12 बजे बैराज से 1,50,200 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके बाद साढ़े 12 बजे यह घटकर 1,42,100 क्यूसेक, देर रात एक बजे 1,29,000 क्यूसेक और दो बजे 1,04,400 क्यूसेक रह गया। सुबह तीन बजे जलप्रवाह 88,300 क्यूसेक, चार बजे 81,400 क्यूसेक तथा पांच बजे 79,700 क्यूसेक दर्ज किया गया। हालांकि, सुबह साढ़े पांच बजे इसमें मामूली बढ़ोतरी हुई और पानी छोड़े जाने की मात्रा घटकर 81,800 क्यूसेक रह गयी। अधिकारियों के अनुसार, जलप्रवाह में आई गिरावट से तटवर्ती इलाकों में तत्काल राहत के संकेत मिले हैं। स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और गंडक नदी के किनारे बसे जिलों को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है।

प्रभासाक्षी 27 Aug 2026 9:42 am

नेपाल की तबाही का पानी भारत की ओर, बिहार में हाई अलर्ट! गंडक नदी पर बढ़ी चिंता|

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने कहा है कि नेपाल में बाढ़ के बाद गंडक के रास्ते आ रहे पानी से स्थिति नियंत्रण में है।

प्रातःकाल 27 Aug 2026 9:30 am

Bihar News Today Live: बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 27 अगस्त के मुख्य और ताजा समाचार

Bihar Breaking News Today Live - Read latest and breaking news today in hindi at Amarujala. यहां पढ़ें, बिहार की ताजा खबरें, राजनीति, खेल, मनोरंजन, धर्म, क्राइम और शिक्षा की खबरों का लाइव अपडेशन

अमर उजाला 27 Aug 2026 9:30 am

यूपी और बिहार हो जाएं अलर्ट, फिर बढ़ रहा है पानी; गंडक नदी में हो रही हलचल

नेपाल में आए जलप्रलय के बाद भारत में भी चिंता बढ़ गई थी। खासतौर से उत्तर प्रदेश और बिहार में हाई अलर्ट जारी कर दिया था। दोनों ही राज्य सरकारों के अलावा केंद्र से भी लगातार निगरानी की जा रही थी। हालांकि, फिलहाल खतरा टलता नजर आ रहा है, लेकिन फिर इजाफा दर्ज किया गया है।

लाइव हिन्दुस्तान 27 Aug 2026 9:21 am

क्या राहुल गांधी ने पकड़ ली है बीजेपी की सबसे कमजोर नस? महाराष्ट्र से बिहार तक का विश्लेषण

राहुल गांधी के तीखे सवाल और सरकार की बढ़ती बेचैनी। आखिर क्यों महाराष्ट्र से लेकर न्यूयॉर्क तक सत्ता पक्ष को मिल रही है कड़ी चुनौती? वरिष्ठ विशेषज्ञों के साथ देखिए यह खास चर्चा

हस्तक्षेप 27 Aug 2026 8:49 am

LPG Price 27 August 2026: दिल्ली से बिहार तक 14.2 किलो LPG कितने रुपये की? बुकिंग से पहले यहां चेक करें रेट

LPG Price 26 August 2026:27 अगस्त 2026, गुरूवार को घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया। Indian Oil, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum ने घरेलू गैस के नए रेट जारी कर दिए हैं। 14.2 किलो वाले सिलेंडर की कीमतें पहले जैसी ही हैं। यानी घरेलू LPG सस्ती होने का इंतजार कर रहे लोगों को इस बार भी राहत नहीं मिली। शहर के हिसाब से LPG सिलेंडर की कीमत अलग-अलग है। स्थानीय टैक्स, ढुलाई और दूसरे खर्चों की वजह से अलग-अलग जगहों पर गैस के दाम में अंतर रहता है।दिल्ली में LPG सिलेंडर ₹942जून में घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में ₹29 की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद दिल्ली में 14.2 किलो वाले सिलेंडर की कीमत ₹942 है। मुंबई में ₹941.50, कोलकाता में ₹968 और चेन्नई में ₹957.50 का रेट है।प्रमुख शहरों में घरेलू LPG के दाम शहर घरेलू LPG (14.2 किलो) कमर्शियल LPG (19 किलो) कोलकाता ₹968.00 ₹2,872.50 मुंबई ₹941.50 ₹2,691.50 चेन्नई ₹957.50 ₹2,906.00 गुड़गांव ₹950.50 ₹2,755.00 नोएडा ₹939.50 ₹2,738.00 बैंगलोर ₹944.50 ₹2,821.00 भुवनेश्वर ₹968.00 ₹2,908.00 चंडीगढ़ ₹951.50 ₹2,760.00 हैदराबाद ₹994.00 ₹2,985.00 जयपुर ₹945.50 ₹2,765.50 लखनऊ ₹979.50 ₹2,860.50 पटना ₹1,031.50 ₹3,018.00 तिरुवनंतपुरम ₹951.00 — कमर्शियल LPG सिलेंडर हुआ सस्ताघरेलू LPG की कीमत में लोगों को राहत नहीं मिली, लेकिन 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम में इस महीने की शुरुआत में बड़ी कटौती हुई थी। अलग-अलग शहरों में इसकी कीमत करीब ₹194 से ₹200 तक कम हुई। इससे होटल, रेस्टोरेंट और अन्य कारोबारियों को फायदा हुआ।अमेरिका से बढ़ रहा LPG आयातभारत अब LPG के लिए अमेरिका से ज्यादा गैस खरीद रहा है। खाड़ी क्षेत्र में तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े जोखिमों के कारण LPG सप्लाई के स्रोत में बदलाव देखने को मिल रहा है। Kpler के आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई में भारत ने अमेरिका से करीब 0.89 मिलियन टन LPG आयात की। अगस्त में अब तक करीब 0.62 मिलियन टन LPG अमेरिका से आई है। अगस्त के कुल LPG आयात में अमेरिकी गैस की हिस्सेदारी करीब 73% बताई गई है।वहीं, UAE और कतर से LPG की सप्लाई कम हुई है। अगस्त में UAE से करीब 1.40 लाख टन और कतर से करीब 60 हजार टन LPG आई। जुलाई और अगस्त दोनों महीनों में सऊदी अरब से LPG आयात नहीं हुआ।घर बैठे ऐसे चेक करें LPG का रेटअगर आप Indane Gas इस्तेमाल करते हैं, तो Indian Oil की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने राज्य और जिले के अनुसार LPG की कीमत देख सकते हैं। Bharat Gas ग्राहक ebharatgas.com के ‘Quick Book & Pay’ विकल्प से रेट चेक कर सकते हैं। HP Gas ग्राहक HP Pay ऐप पर कीमत देख सकते हैं। इसके अलावा UMANG ऐप से भी LPG की कीमत और रिफिल की जानकारी मिल सकती है।Petrol Diesel Price Today: देशभर में पेट्रोल-डीजल के ताजा भाव जारी, जानें आपके शहर में कितना है दाम

ज़ी न्यूज़ 27 Aug 2026 8:43 am

नेपाल में बाढ़ के बाद बिहार में बढ़ा गंडक का जलस्तर, फुटेज में देंखे 36 गेट खोले गए; 8 जिलों में हाईअलर्ट

नेपाल में बाढ़ के बाद बिहार में बढ़ा गंडक का जलस्तर, फुटेज में देंखे 36 गेट खोले गए; 8 जिलों में हाईअलर्ट

समाचार नामा 27 Aug 2026 8:25 am

Bihar-UP Alert:

Nepal Flood Bihar

वन इंडिया 27 Aug 2026 8:18 am

Bihar Weather Today 27th August: बिहार के भभुआ, रोहतास और सीवान में येलो अलर्ट; दक्षिण के 12 जिलों में वज्रपात

Bihar Weather Today 27th August: बिहार में मानसून की बारिश हो रही है। कई जिलों में बारिश की वजह से किसानों के चेहरे खिले हुए हैंं। पटना समेत दक्षिण मध्य भाग में आंशिक बूंदाबांदी के बीच उमस रहेगी।

लाइव हिन्दुस्तान 27 Aug 2026 8:14 am

दर्द से राहत: बिहार के इस सरकारी अस्पताल में सात नई मशीनें; सदर अस्पताल में पहली बार फिजियो के ऐसे यंत्र दिए

बिहारशरीफ सदर अस्पताल के फिजियोथेरेपी वार्ड में सात अत्याधुनिक मशीनें लगाई गई हैं। लेजर, टेकार, शॉकवेव समेत इन मशीनों से जोड़ों और मांसपेशियों के दर्द का उपचार किया जा रहा है।

अमर उजाला 27 Aug 2026 8:12 am

रक्षाबंधन 2026 : बिहार सरकार ने बहनों के लिए बसों की यात्रा फ्री की; रोडवेज बसों में 27-28 अगस्त को छूट

रक्षाबंधन के अवसर पर बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (बीएसआरटीसी) ने महिलाओं और छात्राओं को विशेष सौगात दी है। निगम की सभी संचालित बसों में 27 और 28 अगस्त 2026 को महिलाओं एवं छात्राओं को नि:शुल्क यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

अमर उजाला 27 Aug 2026 7:55 am

नेपाल की बाढ़ से UP के 4 और बिहार के 6 जिलों में हर पल चेक हो रहा नदियों का डेंजर मार्क

नेपाल में भीषण बाढ़ और नदियों का जलस्तर बढ़ने से उत्तर प्रदेश के 4 और बिहार के 6 सीमावर्ती जिलों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. बिगड़ते हालात को देखते हुए दोनों राज्यों की सरकारों ने रेड अलर्ट जारी कर गंडक व कोसी नदी के तटबंधों पर सतर्कता बढ़ा दी है.

आज तक 27 Aug 2026 7:55 am

Nepal Bihar Flood LIVE: गंडक बराज में फिर बढ़ने लगा जलप्रवाह, नेपाल में बाढ़ के बाद बिहार सतर्क

Nepal Bihar Flood LIVE: नेपाल में बाढ़ की त्रासदी ने सबको हतप्रभ कर दिया है। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि नेपाल में आई बाढ़ के बाद बिहार में अगले 5-6 घंटे से लेकर पूरी रात अलर्ट रहने की जरूरत है। समस्या पहले से बड़ी है। गंडक पर दबाव बढ़ने की उम्मीद है।

लाइव हिन्दुस्तान 27 Aug 2026 7:27 am

मुजफ्फरपुर में रक्षाबंधन की धूम, 28 अगस्त को उदयकाल से पूरे दिन बांधा जा सकेगा रक्षासूत्र

Raksha Bandhan News Bihar: मुजफ्फरपुर में 28 अगस्त को रक्षाबंधन का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा, बाजारों में राखियों और मिठाइयों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। इस वर्ष भद्रा का साया न होने के कारण उदयकाल से सूर्यास्त तक पूरे दिन रक्षासूत्र बांधना शुभ रहेगा, जिसमें सोने-चांदी की राखियों की भी मांग है।

जागरण 27 Aug 2026 7:00 am

रक्षाबंधन पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार के बहनों को दिए 3 तोहफे, 2 लाख तक की मिलेगी सहायता

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राखी से पहले बिहार की महिलाओं के लिए कई बड़े ऐलान किए हैं। सीएम ने स्टार्टअप चैलेंज, बालिका पीएचडी फेलोशिप और स्कूल-कॉलेज के पास पुलिस दीदी की तैनाती का शुभारंभ किया।

लाइव हिन्दुस्तान 27 Aug 2026 6:02 am

6 बिहार बटालियन में रक्षाबंधन, बहनों ने बांधी राखियां:कमांडिंग ऑफिसर बोले- राखी सिर्फ प्रेम नहीं, विश्वास और जिम्मेदारी का प्रतीक

गयाजी में 6 बिहार बटालियन एनसीसी में बुधवार को रक्षाबंधन का पर्व मनाया गया। इस अवसर पर बहनों और बच्चों ने देश की सुरक्षा में तैनात जवानों की कलाइयों पर राखियां बांधीं। कार्यक्रम का शुभारंभ मातृशक्ति दुर्गावाहिनी की बहनों और दो निजी स्कूलों के बच्चों ने किया। उन्होंने सबसे पहले 6 बिहार बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल पंकज कुमार की कलाई पर राखी बांधी। इसके बाद अन्य बहनों और बच्चों ने बटालियन के अधिकारियों और जवानों को राखियां पहनाईं। राखी बांधते समय बहनों ने जवानों के सुरक्षित रहने और उनकी निरंतर सफलता की कामना की। । कमांडिंग ऑफिसर कर्नल पंकज कुमार ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह विश्वास, सुरक्षा और जिम्मेदारी के संकल्प को भी दर्शाता है। सैनिक देश की सीमाओं और आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाते हुए राष्ट्र की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। ऐसे आयोजनों से सैनिकों का मनोबल बढ़ता है, क्योंकि उन्हें यह अहसास होता है कि देश की जनता उनके साथ खड़ी है। सैनिकों के लिए रक्षाबंधन भावनात्मक रूप से विशेष महत्व रखता कर्नल कुमार ने आगे कहा कि परिवार से दूर रहकर देश की सेवा करने वाले सैनिकों के लिए रक्षाबंधन जैसे कार्यक्रम भावनात्मक रूप से विशेष महत्व रखते हैं। बहनों की ओर से बांधी गई राखी उनके लिए स्नेह, सम्मान और सामाजिक समर्थन का संदेश लेकर आती है। कर्नल पंकज कुमार ने एनसीसी के उद्देश्यों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एनसीसी का लक्ष्य युवाओं में केवल अनुशासन विकसित करना नहीं है, बल्कि उनमें देशभक्ति, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्रसेवा की भावना को भी मजबूत करना है। जवानों ने भी बच्चों को स्नेह दिया कार्यक्रम के दौरान जवानों और बच्चों के बीच खास आत्मीयता देखने को मिली। बच्चों ने उत्साह के साथ जवानों की कलाइयों पर राखी बांधी और उनके साथ रक्षाबंधन की खुशियां साझा कीं। जवानों ने भी बच्चों को स्नेह दिया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस दौरान मौजूद बहनों ने कहा कि देश की रक्षा करने वाले जवानों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का इससे बेहतर अवसर नहीं हो सकता।

दैनिक भास्कर 27 Aug 2026 6:00 am

मुजफ्फरपुर में चीनी का भाव 18 फीसदी गिरा, थोक बाजार में नरमी के बाद खुदरा में कमी का इंतजार

Bihar Commodity Market: सरकार के सख्त कदमों के बाद मुजफ्फरपुर में चीनी के थोक भाव में 18% तक की गिरावट आई है, जिससे खुदरा बाजार में भी जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। प्रशासन की निगरानी और स्टॉक सीमा लागू होने से सट्टेबाजी पर अंकुश लगा है।

जागरण 27 Aug 2026 5:55 am

Nepal Bihar Flood: नेपाल में बाढ़ के बाद बिहार में तटबंधों की 24 घंटे निगरानी शुरू, गंडक बराज में घटा जलप्रवाह

नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद बिहार में तटबंधों की 24 घंटे निगरानी शुरू कर दी गई है। निर्देश दिया गया है कि गंडक नदी से जुड़े पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर एवं वैशाली जिलों में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहें।

लाइव हिन्दुस्तान 27 Aug 2026 5:48 am

Nepal Flood से Bihar में अलर्ट, गंडक बैराज के सभी 36 फाटक खोले गए

बिहार सरकार ने पड़ोसी देश नेपाल के कई जिलों में बुधवार को अचानक आई बाढ़ के बाद गंडक नदी में जलप्रवाह बढ़ने की आशंका को देखते हुए पूरे तंत्र को हाई अलर्ट पर रखा है। स्थिति से निपटने के लिए वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बैराज के सभी 36 फाटक खोल दिए गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। हालांकि, गंडक नदी में जलप्रवाह अब स्थिर हो गया है। जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, रात 11 से 12 बजे तक गंडक बैराज से 1,50,200 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है,जो बुधवार का सर्वाधिक जलप्रवाह है। अधिकारियों के अनुसार, अब नदी का जलस्तर और प्रवाह धीरे-धीरे कम होने की संभावना है। रात 11 बजे और रात 12 बजे तक जल प्रवाह स्थिर रहा। गंडक बैराज पश्चिम चंपारण जिले के वाल्मीकिनगर में स्थित है, जो बिहार का सबसे उत्तरी जिला है और नेपाल की सीमा से सटा हुआ है। बिहार के उपमुख्यमंत्री एवं जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि बुधवार दोपहर तक वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से करीब 86 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था और जलप्रवाह लगातार बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि एहतियाती कदम के तौर पर बैराज के सभी 36 फाटक खोल दिए गए हैं तथा अधीक्षण अभियंता के नेतृत्व में तकनीकी टीम तैनात की गई है। गंडक नदी के बेसिन में आने वाले सभी जिलों को भी अलर्ट कर दिया गया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, सभी फाटक खोलने से पानी का प्रवाह सुचारु रहेगा और बाढ़ की स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार, सभी विभागों को संभावित आपात स्थिति को देखते हुए आवश्यक सामग्री का भंडारण करने, तटबंधों का नियमित निरीक्षण करने और चौबीसों घंटे निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जल संसाधन मंत्री ने बताया कि नेपाल के देवघाट गेज स्टेशन पर नारायणी नदी का जलस्तर 4.77 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि चेतावनी स्तर 7.30 मीटर और खतरे का निशान नौ मीटर है। उन्होंने कहा कि यदि जलस्तर में तेजी से वृद्धि होती है तो करीब साढ़े तीन घंटे में उसका प्रभाव गंडक बैराज तक पहुंच सकता है। इससे पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर संबंधित जिलों में विशेष सतर्कता बरतने और सभी आवश्यक तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से गंडक नदी से जुड़े पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली सहित अन्य संवेदनशील जिलों में निगरानी बढ़ाने को कहा है। उन्होंने नेपाल से आने वाले पानी की स्थिति पर लगातार नजर रखने और संभावित प्रभावित क्षेत्रों में समय रहते एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन ध्वनि विस्तारक यंत्रों के माध्यम से लोगों को लगातार आवश्यक सूचनाएं और संभावित खतरे की चेतावनी देता रहे, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके। उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमों को तैयार रखा जाए तथा जिला प्रशासन इनके साथ समन्वय कर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्रशासनिक और तकनीकी टीमें पूरी तरह सक्रिय रहें तथा किसी भी प्रतिकूल परिस्थिति में लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। जल संसाधन विभाग के सचिव चंद्रशेखर सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि बुधवार रात करीब साढ़े आठ बजे नेपाल से बढ़ा जलप्रवाह गंडक बैराज तक पहुंच गया, जिससे जलप्रवाह में करीब 20 हजार क्यूसेक की वृद्धि दर्ज की गई। सिंह ने कहा, ‘‘जलप्रवाह के रात करीब 11 बजे चरम पर पहुंचने की संभावना है, जिसके बाद इसमें कमी आने लगेगी। अधिकतम जलप्रवाह करीब दो लाख क्यूसेक रहने का अनुमान है।’’सचिव ने बताया कि इस वर्ष अब तक का सर्वाधिक जलप्रवाह 14 जुलाई 2026 को 2.24 लाख क्यूसेक दर्ज किया गया था, जबकि 28 सितंबर 2024 को 5.625 लाख क्यूसेक का रिकॉर्ड दर्ज हुआ था। उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए स्थिति सामान्य रहने की उम्मीद है। फिर भी बैराज, तटबंधों और नियंत्रण कक्ष में सभी टीमें पूरी तरह सतर्क हैं।’’सचिव ने बताया कि विभागीय अधिकारियों को संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी तैयारियां सुनिश्चित करने, लगातार निगरानी रखने, आवश्यक सामग्री का भंडारण करने तथा तटबंधों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, संवेदनशील क्षेत्रों में जिला प्रशासन लाउडस्पीकर और माइक्रोफोन के माध्यम से समय पर लोगों को सतर्क कर रहा है। अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) ऐसी बाढ़ होती है, जो बहुत कम समय में भारी बारिश, बादल फटने, पहाड़ी क्षेत्रों से तेज जलप्रवाह या बांध से अचानक पानी छोड़े जाने के कारण आती है।

प्रभासाक्षी 27 Aug 2026 5:12 am

नेपाल में तबाही, पानी बिहार क्यों पहुंचेगा:36 फाटक खोले, त्रिशूली-भोटेकोशी का पानी किन जिलों तक पहुंचेगा, समझिए पूरा कनेक्शन

बिहार से करीब 300 किलोमीटर दूर नेपाल में तिब्बत से आई अचानक बाढ़ ने तबाही मचा दी है। भोटेकोशी और त्रिशूली नदी के पानी ने रसुवा, टिमुरे और स्याब्रुबेसी इलाके को तहस-नहस कर दिया है। गांव के गांव बह गए, बाजार तबाह हो गए, पुल टूट गए और सड़कें कट गईं। नेपाल में आई तबाही पर बिहार सरकार अलर्ट है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से गृह मंत्री अमित शाह ने बात की है और NDRF की टीम को सीमावर्ती जिलों में तैनात कर दिया है। नेपाल में आई तबाही से बिहार को खतरा क्यों, क्या यहां भी तबाही मचेगी, समझेंगे; बूझे की नाही में...। सवाल-1: नेपाल के रसुवा में बाढ़ और तबाही कैसे आई है? जवाबः 26 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे नेपाल के रसुवा और नुवाकोट जिले में भोटेकोशी और त्रिशूली नदी में अचानक बहुत तेज पानी आया। पानी तिब्बत की तरफ से आया और कुछ ही समय में घर, सड़क, पुल और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट बहा ले गया। उस समय रसुवा में ऐसी भारी स्थानीय बारिश की सूचना नहीं थी, इसलिए सामान्य बारिश से आई बाढ़ की संभावना कम मानी जा रही है। कैसे हुआ? कितना नुकसान? नेपाल पुलिस के मुताबिक, अब तक 95 लोगों के मौत की खबर है। नेपाल के पर्यटन विभाग के मुताबिक 500 से ज्यादा लोगों का पता नहीं चल रहा है। इनमें 133 भारतीय समेत 300 से ज्यादा विदेशी पर्यटक हैं। सवाल-2: भोटेकोशी और त्रिशूली नदी में आई तबाही से बिहार को खतरा क्यों? जवाबः नेपाल में आई तबाही से बिहार के खतरों को समझने के लिए भोट कोशी और त्रिशूली नदियों के तंत्रों को समझना होगा… त्रिशूली नदी के पानी से 5 जिलों को खतरा रसुवा नेपाल का उत्तरी, हिमालयी जिला है और चीन के तिब्बत से लगा है। टिमुरे/रसुवागढ़ी और स्याब्रुबेसी इसी क्षेत्र में हैं। यहां की नदियां ऊंचे हिमालय से निकलकर बहुत तेज ढाल वाले एरिया में नीचे उतरती हैं। इसी क्षेत्र में त्रिशूली नदी का डिस्चार्ज अचानक बढ़ता है तो पानी तेजी से नीचे आता है। भोटेकोशी से कोसी इलाके में खतरा भोटेकोशी नेपाल के उत्तरी हिस्से में चीन-तिब्बत सीमा से निकलने वाली हिमालयी नदी है। यह सिंधुपालचोक क्षेत्र से होकर बहती है। हालांकि, अबकी बार 2008 वाले हालात नहीं सवाल-3: कितना नुकसान हो सकता है, बिहार सरकार क्या कर रही है? जवाबः अभी नुकसान का आकलन करना जल्दीबाजी होगी। गंडक और कोसी बेसिन की नदियों में पानी बढ़ना चालू है। लेकिन गति सामान्य है। CM सम्राट चौधरी ने मुख्य सचिव, आपदा प्रबंधन और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की। डिप्टी CM और जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि लोग सतर्क रहें, घबराएं नहीं। अगले 24 घंटे अलर्ट रहने की जरूरत है। समस्या पहले से बड़ी है, लेकिन फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। गंडक नदी पर दबाव बढ़ने की आशंका है। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से बाढ़ राहत के लिए अतिरिक्त टीमों की तैनाती की गई है। राहत एवं बचाव के लिए जरूरी सामग्री भी उपलब्ध कराई गई है। सरकार अलर्ट, बोली-डरे नहीं सवाल-4ः नेपाल की नदियों से बिहार में क्यों आती है बाढ़? जवाबः नेपाल बिहार से करीब 400 फीट ऊंचाई (समुंद्र तल से) पर स्थित है। नेपाल में भारी बारिश होती है तो पानी ऊपर से नीचे की तरफ नेचुरल ग्रेविटी के कारण आता है। नेपाल में कोई बड़ा डैम नहीं है। जिससे पानी को कंट्रोल किया जा सके। नेपाल हिमालय पर बसा है। इसका करीब 75% हिस्सा पहाड़ी क्षेत्र है। कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती, कमला बलान, महानंदा और अधवारा नदियों का समूह यहां से निकलता है। नेपाल में बारिश होने पर पानी इन्हीं नदियों के रास्ते गंगा नदी तक पहुंचता है। 129 साल से चल रही हाई डैम बनाने की बात उत्तर बिहार को बाढ़ से मुक्ति दिलाने के लिए 1897 से ही भारत और नेपाल की सरकारों के बीच सप्तकोशी नदी पर बांध की बात चल रही है। इसे लेकर आजादी से पहले और बाद में दोनों देशों की सरकारों के बीच कई बार वार्ताएं हुईं। आखिरकार 1991 में दोनों देशों के बीच इसे लेकर एक समझौता भी हुआ। 2004 में इस प्रस्तावित बांध की संभावनाओं को तलाशने के लिए नेपाल के धरान में एक संयुक्त परियोजना कार्यालय भी बना है। मगर 129 साल से अधिक समय बीतने के बावजूद आज तक नेपाल के बराह क्षेत्र से 1.6 किमी उत्तर की दिशा में प्रस्तावित इस बांध के निर्माण को लेकर सहमति नहीं बन पाई है। 21 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बैठक की। इसके बाद वित्त मंत्री ने कोसी-मेची परियोजना के पहले चरण की राशि जारी करने और दूसरे चरण की तकनीकी मंजूरी देने का निर्देश जल शक्ति मंत्रालय को दिया है। CM सम्राट चौधरी ने कहा कि बाढ़ के स्थायी समाधान के लिए कोसी नदी पर उच्च बांध की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट जल्द बनेगी। JDU नेता संजय झा ने बताया, 'नेपाल में हाई डैम का निर्माण एकमात्र समाधान है, जिसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) 2028 तक बन जाएगी।'

दैनिक भास्कर 27 Aug 2026 4:55 am

सपा ने हमेशा शिक्षकों के हित में किया ऐतिहासिक कार्य : लालबिहारी

SP has always undertaken historic work in the interest of teachers: Lalbihari

अमर उजाला 27 Aug 2026 2:17 am

Bihar Floods: बेतिया में हर घंटे चढ़ रहा गंडक का जल स्तर, निचले इलाकों में बढ़ रही बेचैनी; DM ऐक्शन में

बेतिया में हर घंटे गंडक नदी के जलस्तर में हो रही वृद्धि के साथ ही निचले इलाकों में बसे लोगों की बेचैनी बढ़ गई है। रात करीब 10.30 बजे गंडक बराज से 1.47 लाख क्यूसेक पानी गंडक नदी में छोड़ा गया।

लाइव हिन्दुस्तान 26 Aug 2026 11:32 pm

Nepal Flood के खतरे से Bihar और UP में High Alert, राहत दल तैनात किए गए

पड़ोसी देश नेपाल के कई जिलों में गंडक नदी में अचानक आई बाढ़ से भारी तबाही होने के बाद, बिहार और उत्तर प्रदेश को बुधवार को ‘हाई अलर्ट’ पर रखा गया तथा प्रशासन ने उन इलाकों से लोगों को निकालने समेत आपात कदम उठाने शुरू कर दिए जिनके बाढ़ से प्रभावित होने की आशंका है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्थिति और नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात की। शाह ने कहा, ‘‘जिन सीमावर्ती इलाकों में इसका असर पड़ने की आशंका है, वहां स्थानीय प्रशासन और राहत-बचाव दलों के साथ-साथ राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) को भी ‘हाई अलर्ट’ पर रखा गया है।’’केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के अनुसार, नेपाल की ओर स्थित जलाशयों में जलस्तर कम हो रहा है और स्थिति नियंत्रण में है। गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि घबराने जैसी कोई स्थिति पैदा नहीं हुई है। उसने बताया कि बिहार और उत्तर प्रदेश की सरकारों ने भारत-नेपाल सीमा के निकट रहने वाले स्थानीय भारतीय समुदायों की आवश्यक निकासी और उनकी सहायता के लिए अन्य कदम उठाए हैं। मंत्रालय ने कहा कि गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, जल शक्ति मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। बिहार में पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली के अलावा सीतामढ़ी और शिवहर जैसे उन जिलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं जिनके बाढ़ से प्रभावित होने की आशंका है। राज्य सरकार के अधिकारियों ने बताया कि स्थिति को नियंत्रित करने में मदद के लिए गंडक नदी पर बने बैराज के सभी 36 फाटक खोल दिए गए हैं। जल संसाधन विभाग का प्रभार भी संभाल रहे उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बैराज से दिन में करीब 86,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। उन्होंने कहा, ‘‘अधीक्षण अभियंता के नेतृत्व में एक तकनीकी दल को बैराज पर तैनात किया गया है। गंडक नदी बेसिन के सभी जिलों को भी चेतावनी जारी कर दी गई है।’’जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गंडक बैराज के सभी 36 फाटक खोलने से पानी के बहाव को सुचारू रखने और बाढ़ की स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। चौधरी ने कहा कि नेपाल में आई बाढ़ के मद्देनजर राज्य को पूरी रात सतर्क रहने की जरूरत है। जल संसाधन विभाग के सचिव चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि बुधवार रात करीब 11 बजे नदी में पानी का बहाव चरम पर पहुंचने की आशंका है और इसके बाद इसमें कमी आनी शुरू हो सकती है। गंडक बैराज बिहार के सबसे उत्तरी जिले पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर में स्थित है। यह जिला नेपाल की सीमा से लगा है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्थिति की समीक्षा के लिए मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। सभी संबंधित अधिकारियों को ‘हाई अलर्ट’ पर रहने, समय रहते सभी आवश्यक कदम उठाने और स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने का निर्देश दिया गया है। तिब्बत में अचानक आई भीषण बाढ़ की चपेट में मध्य नेपाल के कई जिले आ गए, जिससे करीब 100 लोगों की मौत हो गई और 133 भारतीय नागरिकों समेत 750 से अधिक लोग लापता हैं। अधिकारियों ने बताया कि भोटे कोशी नदी में अचानक बाढ़ आने से तिब्बत की सीमा से लगे रसुवा और धादिंग जिले प्रभावित हुए। इसके बाद बाढ़ ने नुवाकोट और चितवन जिलों को भी अपनी चपेट में ले लिया। तिब्बत से निकलने वाली भोटे कोशी नदी त्रिशूली नदी प्रणाली की ऊपरी सहायक नदी है और त्रिशूली आगे नारायणी/गंडक नदी बेसिन में मिलती है। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने 1,751 किलोमीटर लंबी भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अपनी सभी इकाइयों को सतर्क कर दिया है और राहत एवं बचाव अभियान शुरू करने के लिए 18 दल तैनात किए गए हैं। बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सीमावर्ती जिलों के जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि जिला प्रशासन को बचाव एवं राहत से जुड़ी सभी तैयारियां पूरी करने और स्थिति पर करीबी नजर रखने को कहा गया है। उन्हें जरूरत पड़ने पर लोगों को निकालने की योजना, नौकाएं, आश्रय स्थल और सामुदायिक रसोई तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। सम्राट चौधरी ने भी स्थिति की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि सभी संबंधित पक्षों को ‘हाई अलर्ट’ पर रहने, समय रहते आवश्यक कदम उठाने और स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेपाल में अचानक आई बाढ़ पर चिंता जताई और महराजगंज तथा कुशीनगर जिलों को किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि बाढ़ के कारण सीमावर्ती जिलों में गंडक और नारायणी नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है। महराजगंज में जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है और गंडक नदी पर चौबीसों घंटे नजर रखने के आदेश दिए हैं क्योंकि बढ़े जलप्रवाह की वजह से भोटे कोशी-त्रिशूली नदी प्रणाली के जरिए निचले इलाके प्रभावित हो सकते हैं। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने संबंधित एजेंसियों को निचले और नदी किनारे के इलाकों से लोगों को जरूरत पड़ने पर निकालकर सुरक्षित तथा ऊंचे स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। कुशीनगर में जिला प्रशासन ने मरचहवा, शिवपुर और अन्य गांवों से लोगों को निकालने का आदेश दिया है तथा निवासियों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील करते हुए घोषणाएं की जा रही हैं। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि सभी संबंधित विभागों को सतर्क कर दिया गया है। नेपाल में बारिश के कारण नारायणी नदी का जलस्तर प्रभावित होने की आशंका के मद्देनजर खड्डा तहसील के शिवपुर, हरिहरपुर, नारायणपुर, मरचहवा और बसंतपुर गांवों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। दोनों राज्यों के अधिकारियों ने लोगों से नहीं घबराने, सतर्क रहने, आधिकारिक परामर्श का पालन करने और अफवाहों से बचने की अपील की है। जिला प्रशासन को मीडिया को नियमित जानकारी देने और गलत सूचनाओं के प्रसार को रोकने के लिए सोशल मीडिया पर भी नजर रखने को कहा गया है। अधिकारियों ने कहा कि जरूरत के अनुसार एनडीआरएफ और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के अतिरिक्त दल, नौकाएं और अन्य संसाधन तैनात किए जाएंगे।

प्रभासाक्षी 26 Aug 2026 11:32 pm

नेपाल बाढ़ त्रासदी: गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार और यूपी के सीएम से की बात, अलर्ट पर राहत-बचाव एजेंसियां

New Delhi, 26 अगस्त . नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ को लेकर India में भी चिंता बढ़ गई है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के Chief Minister सम्राट चौधरी और उत्तर प्रदेश के Chief Minister योगी आदित्यनाथ से बात की है. सीमावर्ती इलाकों में संभावित प्रभाव को ... Read more

डेली किरण 26 Aug 2026 11:23 pm

Bihar Floods: सीतामढ़ी में तटबंधों को खंगाल रहे डीएम-एसपी, 2-3 दिन बहुत अहम; कंट्रोल रूम शुरू

सीतामढ़ी में डीएम तनय सुल्तानिया एवं पुलिस अधीक्षक अमित रंजन ने विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों का दौरा कर बाढ़ निरोधक कार्यों और तटबंधों की स्थिति का जायजा लिया। बताया जा रहा है कि अगले दो से तीन दिन बेहद अहम हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 26 Aug 2026 11:10 pm

ओवैसी की हुंकार- मुस्लिम एकजुट हों, यूपी में भी दिखे बिहार जैसी ताकत

असदुद्दीन ओवैसी ने मुसलमानों से एकजुट होकर अपनी राजनीतिक कयादत मजबूत करने की अपील की और बिहार जैसी ताकत यूपी में दिखाने का आह्वान किया।

खबर इंडिया टीवी 26 Aug 2026 11:09 pm

Amit Shah ने Nepal Flood पर UP और Bihar को किया सतर्क, NDRF तैनात

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तर प्रदेश और बिहार के मुख्यमंत्रियों से बात कर दोनों राज्यों के निचले इलाकों में बाढ़ के खतरे को लेकर चर्चा की। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को यह जानकारी दी। केंद्र सरकार नेपाल में आई अचानक बाढ़ से उत्पन्न स्थिति पर कड़ी नजर रख रही है। केन्द्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) द्वारा जारी परामर्श के अनुसार, नेपाल-चीन सीमा के निकट अचानक आई बाढ़ के कारण नेपाल में भारतीय सीमा से लगभग 160 किमी दूर फुरके खोला में त्रिशूली नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया है। इस बाढ़ का असर भारत में गंडक नदी के निचले इलाकों में भी पड़ सकता है। आयोग ने कहा है कि नेपाल की ओर स्थित जलाशयों में जलस्तर कम हो रहा है और स्थिति नियंत्रण में है। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि घबराने जैसी कोई स्थिति पैदा नहीं हुई है। इसने कहा, ‘‘बाढ़ का असर भारत में गंडक नदी के निचले इलाकों तक पहुंचने की आशंका है।’’मंत्रालय ने कहा कि उत्तर प्रदेश और बिहार, दोनों को सतर्क रहने और स्थिति पर कड़ी नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि संभावित बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) को भी तैनात किया गया है। मंत्रालय ने कहा, ‘‘बिहार और उत्तर प्रदेश की राज्य सरकारों ने भारत-नेपाल सीमा के निकट रहने वाले स्थानीय भारतीय समुदायों के लिए आवश्यक निकासी और अन्य सहायता जैसे कदम उठाए हैं।’’इस आपदा में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए शाह ने ‘एक्स’ पर कहा कि संकट की इस घड़ी में भारत सरकार नेपाल के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा, ‘‘नेपाल में आई बाढ़ की विभीषिका अत्यंत दुखद है।’’शाह ने कहा, ‘‘मैंने नेपाल में आई इस आपदा को लेकर बिहार और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों से बात की है। जिन सीमावर्ती इलाकों में इसका असर पड़ने की आशंका है, वहां स्थानीय प्रशासन और राहत-बचाव दलों के साथ-साथ एनडीआरएफ को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है।’’गृह मंत्रालय ने कहा कि गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय (एमईए), जल शक्ति मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। काठमांडू में भारतीय दूतावास ने अचानक आई बाढ़ से प्रभावित भारतीय नागरिकों से जुड़ी जानकारी और मदद के लिए हेलप्लाइन नंबर जारी किए। तिब्बत की सीमा से लगे मध्य नेपाल के जिलों में बुधवार सुबह अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई और कम से कम 100 लोगों की मौत हो गई, वहीं 133 भारतीय नागरिक समेत लगभग 500 लोग लापता हैं। बाढ़ से शहरों और गांवों में तबाही हुई, पुल बह गए और कम से कम 12 जलविद्युत परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हो गईं।

प्रभासाक्षी 26 Aug 2026 10:52 pm

भीषण गर्मी में बिहार संपर्क क्रांति का एसी बंद, नल में पानी नहीं, यात्री ने किया एक्स पर पोस्ट

Bihar Sampark Kranti Express: दरभंगा से नई दिल्ली जाने वाली बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के यात्रियों को भीषण गर्मी में एसी बंद होने, पानी न आने और अधूरे बेडरोल किट के कारण भारी परेशानी हुई।

जागरण 26 Aug 2026 10:37 pm

Gandak Barrage के सभी 36 फाटक खोले, Bihar में Nepal की बाढ़ के बाद अलर्ट

बिहार सरकार ने पड़ोसी देश नेपाल के कई जिलों में बुधवार को अचानक आई बाढ़ के बाद गंडक नदी में जलप्रवाह बढ़ने की आशंका को देखते हुए पूरे तंत्र को हाई अलर्ट पर रखा है। स्थिति से निपटने के लिए वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बैराज के सभी 36 फाटक खोल दिए गए हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। बिहार के उपमुख्यमंत्री एवं जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि बुधवार दोपहर तक वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से करीब 86 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था और जलप्रवाह लगातार बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि एहतियाती कदम के तौर पर बैराज के सभी 36 फाटक खोल दिए गए हैं तथा अधीक्षण अभियंता के नेतृत्व में तकनीकी टीम तैनात की गई है। गंडक नदी के बेसिन में आने वाले सभी जिलों को भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, सभी फाटक खोलने से पानी का प्रवाह सुचारु रहेगा और बाढ़ की स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार, सभी विभागों को संभावित आपात स्थिति को देखते हुए आवश्यक सामग्री का भंडारण करने, तटबंधों का नियमित निरीक्षण करने और चौबीसों घंटे निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जल संसाधन मंत्री ने बताया कि नेपाल के देवघाट गेज स्टेशन पर नारायणी नदी का जलस्तर 4.77 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि चेतावनी स्तर 7.30 मीटर और खतरे का निशान नौ मीटर है। उन्होंने कहा कि यदि जलस्तर में तेजी से वृद्धि होती है तो करीब साढ़े तीन घंटे में उसका प्रभाव गंडक बैराज तक पहुंच सकता है। इससे पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर संबंधित जिलों में विशेष सतर्कता बरतने और सभी आवश्यक तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से गंडक नदी से जुड़े पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली सहित अन्य संवेदनशील जिलों में निगरानी बढ़ाने को कहा है। उन्होंने नेपाल से आने वाले पानी की स्थिति पर लगातार नजर रखने और संभावित प्रभावित क्षेत्रों में समय रहते एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन ध्वनि विस्तारक यंत्रों के माध्यम से लोगों को लगातार आवश्यक सूचनाएं और संभावित खतरे की चेतावनी देता रहे, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके। उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमों को तैयार रखा जाए तथा जिला प्रशासन इनके साथ समन्वय कर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्रशासनिक और तकनीकी टीमें पूरी तरह सक्रिय रहें तथा किसी भी प्रतिकूल परिस्थिति में लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। जल संसाधन विभाग के सचिव चंद्रशेखर सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि बुधवार रात करीब साढ़े आठ बजे नेपाल से बढ़ा जलप्रवाह गंडक बैराज तक पहुंच गया, जिससे जलप्रवाह में करीब 20 हजार क्यूसेक की वृद्धि दर्ज की गई। सिंह ने कहा, ‘‘जलप्रवाह के रात करीब 11 बजे चरम पर पहुंचने की संभावना है, जिसके बाद इसमें कमी आने लगेगी। अधिकतम जलप्रवाह करीब दो लाख क्यूसेक रहने का अनुमान है।’’सचिव ने बताया कि इस वर्ष अब तक का सर्वाधिक जलप्रवाह 14 जुलाई 2026 को 2.24 लाख क्यूसेक दर्ज किया गया था, जबकि 28 सितंबर 2024 को 5.625 लाख क्यूसेक का रिकॉर्ड दर्ज हुआ था। उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए स्थिति सामान्य रहने की उम्मीद है। फिर भी बैराज, तटबंधों और नियंत्रण कक्ष में सभी टीमें पूरी तरह सतर्क हैं।’’सचिव ने बताया कि विभागीय अधिकारियों को संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी तैयारियां सुनिश्चित करने, लगातार निगरानी रखने, आवश्यक सामग्री का भंडारण करने तथा तटबंधों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, संवेदनशील क्षेत्रों में जिला प्रशासन लाउडस्पीकर और माइक्रोफोन के माध्यम से समय पर लोगों को सतर्क कर रहा है। अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) ऐसी बाढ़ होती है, जो बहुत कम समय में भारी बारिश, बादल फटने, पहाड़ी क्षेत्रों से तेज जलप्रवाह या बांध से अचानक पानी छोड़े जाने के कारण आती है।

प्रभासाक्षी 26 Aug 2026 10:32 pm

अगले 72 घंटे में गंडक नदी में आएगा भारी उफान, मुजफ्फरपुर आपदा प्रबंधन ने जारी की एडवाइजरी

Bihar Flood Advisory: नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से अत्यधिक जलप्रवाह के कारण मुजफ्फरपुर में गंडक नदी का जलस्तर अगले 2-3 दिनों में बढ़ने की संभावना है। जिला आपदा प्रबंधन विभाग ने 6 प्रखंडों के लिए विस्तृत एडवाइजरी जारी कर लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

जागरण 26 Aug 2026 10:19 pm

Samrat Choudhary ने Bihar में महिला पुलिसकर्मियों को 4700 दोपहिया वाहन सौंपे

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रक्षाबंधन से पहले बुधवार को बेटियों और महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा, सशक्तीकरण एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में तीन नई योजनाओं की शुरुआत की। इन योजनाओं में मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप योजना, बिहार की बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना और पुलिस दीदी (अभय ब्रिगेड) के लिए दोपहिया वाहन वितरण शामिल हैं। पटना के ज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप योजना की शुरुआत करते हुए कहा कि इसके तहत लगभग 1,000 छात्राओं को चार वर्षों तक 10,000 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि बेटियों को उच्च शिक्षा और शोध के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार मुख्यमंत्री ने बिहार की बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना की भी शुरुआत की। बयान के अनुसार इसके अंतर्गत महिला उद्यमियों को अपने नवाचार और उद्यम को आगे बढ़ाने के लिए 50,000 रुपये से 2 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता मिलेगी। इस योजना से 2,100 महिलाओं को लाभ होगा। बयान के अनुसार मुख्यमंत्री ने पुलिस दीदी (अभय ब्रिगेड) के लिए 4,700 दोपहिया वाहनों का लोकार्पण किया और झंडी दिखाकर रवाना किया। बयान के अनुसार मौके पर अभय ब्रिगेड की महिला पुलिसकर्मियों ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी। उन्होंने कहा कि यह पहल बेटियों और बहनों की सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूटर और मोटरसाइकिल मिलने से महिला पुलिसकर्मी स्कूल-कॉलेज में पढ़ने वाली छात्राओं की सुरक्षा और महिला सुरक्षा से जुड़े कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित कर सकेंगी। उन्होंने बताया कि बिहार में करीब 40 हजार महिला पुलिसकर्मी कार्यरत हैं, जो देश के किसी भी राज्य से अधिक हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की 43 लाख जीविका दीदियों में से 59 प्रतिशत महिलाएं जनप्रतिनिधि बन चुकी हैं और सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में एक करोड़ महिलाओं को जीविका, दुग्ध उत्पादन, पशुपालन तथा स्वरोजगार से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि आपातकालीन सेवा 112 का प्रतिक्रिया समय घटकर 10 मिनट से कम हो गया है और इसे 5–7 मिनट तक लाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि साथ ही सरकार युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर सरकारी नौकरी और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए भी प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, बिजेंद्र प्रसाद यादव, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर, मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी और पुलिस महानिदेशक विनय कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

प्रभासाक्षी 26 Aug 2026 9:42 pm

ज्वलेरी दुकान से चोरी के 7 आरोपी बिहार से पकड़ाए:39 लाख रुपये की चांदी जब्त, उत्तरप्रदेश के रास्ते से हुए थे फरार

बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर में ज्वेलरी दुकान का शटर तोड़कर लाखों रुपए के जेवर चोरी करने वाले आरोपियों को पुलिस ने बिहार से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने रोहतास के 6 आरोपियों और चोरी के जेवर खरीदने वाले एक सुनार को पकड़ा है। उनके पास से करीब 39 लाख रुपए की चांदी बरामद की गई है। 16-17 अगस्त की दरम्यानी रात अज्ञात चोरों ने वाड्रफनगर में संचालित अरविंद ज्वेलर्स दुकान का शटर तोड़ा और अंदर घुसकर लाखों रुपए के सोने-चांदी के ज्वेलरी की चोरी कर फरार हो गए थे। पुलिस मोबाइल लोकेशन को ट्रेस कर आरोपियों तक पहुंच गई। जानकारी के मुताबिक, वाड्रफनगर में संचालित अरविंद ज्वेलर्स दुकान में घटना की रात आरोपी शटर तोड़कर घुसे थे। आरोपियों ने दुकान से नगदी और ज्वेलरी की चोरी की और डीवीआर भी खोलकर ले गए थे। दुकान के संचालक अरविंद सोनी ने करीब 20 किलो चांदी के जेवर, सोने का मंगलसूत्र सहित अन्य जेवर 50 ग्राम और नगदी चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मोबाइल लोकेशन से मिला आरोपियों का सुराग मामले का खुलासा करते हुए बलरामपुर SP वैभव बैंकर ने बताया कि पुलिस मामले में साइबर सेल के साथ पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर आरोपियों की खोजबीन की जा रही थी। पुलिस ने घटना की रात ज्वेलरी दुकान के क्षेत्र में सक्रिय मोबाइल नंबरों को ट्रेस किया। इसमें संदेहियों का मोबाइल लोकेशन घटनाक्षेत्र में होना पाया गया। पुलिस ने आरोपियों की पड़ताल शुरू की और रोहतास से सोनू कुमार चौधरी (21 वर्ष), शंकर चौधरी (55 वर्ष), नरेन्द्र चौधरी (40 वर्ष) लीलू चौधरी (19 वर्ष), राजकुमार चौधरी (20 वर्ष) अंगद चौधरी (24 वर्ष) को गिरफ्तार किया। आरोपियों की निशानदेही पर दिनारा, रोहतास से ज्वेलरी दुकान संचालक सुनील कुमार सोनी (38 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सुनील कुमार सोनी के पास से गलाई गई चांदी 14.175 किलो बरामद किया है। चोरी में प्रयुक्त पिकअप वाहन एवं बाइक को भी पुलिस ने जब्त किया है। जब्त चांदी की कीमत 39 लाख रुपये बताई गई है। उत्तरप्रदेश के रास्ते भागे थे आरोपी बलरामपुर SP ने बताया कि चोरी करने के लिए पकड़े गए 6 आरोपी पिकअप में सवार होकर आए थे और वे पिकअप में ही एक बाइक भी साथ लेकर पहुंचे थे। पिकअप वाहन को चोरों ने बाहर जंगल किनारे खड़ा कर दिया था। वे बाइक से बारी-बारी से वाड्रफनगर के ज्वेलरी दुकान के पास पहुंचे। शटर तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम देने के बाद वे बाइक से ही वापस पिकअप तक पहुंचे और रघुनाथगर से बैढ़न होते हुए उत्तरप्रदेश पहुंचे। वहां से वे रोहतास तक पहुंचे थे। आरोपियों ने चोरी की ज्वलेरी सोनार को बेच दी थी। नगद पैसा मिलने पर वे घूमने निकल गए थे। नागरिकों ने किया पुलिस का सम्मान बलरामपुर पुलिस की इस सफलता के लिए वाड्रफनगर के नगरवासी एवं व्यवसाययों ने एसपी वैभव बैंकर, एएसपी विश्व दीपक त्रिपाठी सहित सभी पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को पुष्प गुच्छ एवं मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। मामले की जांच में बसंतपुर थाना प्रभारी जितेन्द्र सोनी, थाना प्रभारी चलगली एवं साइबर सेल की संयुक्त टीम जुटी थी।

दैनिक भास्कर 26 Aug 2026 9:33 pm

कोच अटेंडेंट निकला शराब तस्कर:गरीब नवाज एक्सप्रेस से बिहार ले जा रहा था अवैध शराब, बैग से मिलीं 30 शीशियां

बलिया जीआरपी थाना पुलिस ने बलिया रेलवे स्टेशन से एक कोच अटेंडेंट को अवैध शराब की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी ट्रेन के जरिए उत्तर प्रदेश से शराब लेकर बिहार जा रहा था। तलाशी के दौरान उसके पास से विभिन्न ब्रांड की 30 शीशी अंग्रेजी शराब बरामद हुई। पुलिस ने बरामद शराब की कीमत करीब 4,850 रुपये बताई है। प्लेटफॉर्म नंबर एक से पकड़ा गया आरोपी जीआरपी थाना बलिया की टीम ने रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक के पश्चिमी छोर पर संदिग्ध अवस्था में एक व्यक्ति को पकड़ा। पूछताछ में उसकी पहचान राहुल कुमार राम पुत्र राजकिशोर राम निवासी ग्राम कुमादपुर, थाना रंगड़ा, जिला भागलपुर, बिहार के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार, राहुल कुमार राम ट्रेन संख्या 15116 गरीब नवाज एक्सप्रेस में कोच अटेंडेंट के रूप में काम करता है। बैग से मिलीं शराब की 30 शीशियां तलाशी के दौरान आरोपी के पास से एक पिट्ठू बैग बरामद हुआ। इसमें 180 एमएल की 10 शीशी मैकडॉवल नंबर-1, 13 शीशी 8 पीएम ब्लैक व्हिस्की और सात शीशी ऑफिसर्स च्वाइस व्हिस्की मिलीं। कुल 30 शीशियों में करीब 5.4 लीटर शराब बरामद हुई। बिहार में दोगुने दाम पर बेचने का आरोप पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह उत्तर प्रदेश से शराब खरीदकर बिहार ले जाता था और वहां इसे दोगुने दाम पर बेचता था। इससे मिलने वाले पैसे से वह अपना खर्च चलाता था। पुलिस के मुताबिक, शराब लेकर बिहार जाने की तैयारी में था, तभी उसे पकड़ लिया गया। आबकारी अधिनियम में मुकदमा दर्ज जीआरपी थाना बलिया में आरोपी के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 57/26 के तहत धारा 60(1) आबकारी अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपी के खिलाफ आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।

दैनिक भास्कर 26 Aug 2026 9:29 pm

बाढ़, छात्र आंदोलन और MLC चुनाव पर प्रशांत किशोर का हमला, बोले- बिहार में बाढ़ आना वैसा ही, जैसे रोज पूर्व से उगता है सूर्य

प्रशांत किशोर ने बिहार में बाढ़, छात्र आंदोलन और आगामी एमएलसी चुनाव को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने बाढ़ को हर साल की समस्या बताया और छात्रों की जायज मांगों को मानने की अपील की, साथ ही जन सुराज के एमएलसी चुनाव लड़ने की घोषणा की।

जागरण 26 Aug 2026 9:17 pm

नेपाल में मूसलाधार बारिश से बिहार में बाढ़ का विकराल खतरा: बेतिया में हाई अलर्ट जारी, गंडक के तटवर्ती इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर पलायन की अपील

नेपाल के पहाड़ी और तराई क्षेत्रों में लगातार हो रही विनाशकारी मानसूनी बारिश का सीधा और घातक असर उत्तर बिहार के सीमावर्ती इलाकों पर दिखने लगा है। पड़ोसी देश के जलग्रहण क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने से गंडक, कोसी, बागमती और कमला बलान जैसी प्रमुख सीमावर्ती नदियां रौद्र रूप धारण कर रही हैं। खासकर गंडक नदी के तेजी से बढ़ते जलस्तर ने पश्चिम चंपारण जिले में भारी संकट की स्थिति पैदा कर दी है।नदी के उफान को देखते हुए इंडो-नेपाल सीमा पर स्थित वाल्मीकिनगर बराज के सभी फाटकों के संचालन पर तकनीकी दल चौबीसों घंटे नजर रखे हुए हैं। बराज से रिकॉर्ड मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण डाउनस्ट्रीम के दर्जनों गांव सीधे तौर पर बाढ़ के मुहाने पर आ खड़े हुए हैं।बेतिया जिला प्रशासन हाई अलर्ट मोड पर: अधिकारियों की छुट्टियां रद्दगंभीर खतरे को भांपते हुए बेतिया (पश्चिमी चंपारण) जिला प्रशासन पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने जिले में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। तटवर्ती प्रखंडों—बगहा, पिपरासी, मधुबनी, भितहा, ठकराहा, बैरिया, नौतन और मझौलिया—के अंचलाधिकारी और प्रखंड विकास अधिकारियों को 24 घंटे फील्ड में रहकर निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।तटबंधों की सुरक्षा को लेकर जल संसाधन विभाग के इंजीनियरों की टीम लगातार गश्त कर रही है। जिन स्थानों पर नदी का दबाव अधिक है, वहां बोल्डर क्रेटिंग, बालू से भरे जियो-बैग्स और स्पर की सुरक्षा के लिए आपातकालीन कटाव निरोधक कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिए गए हैं। प्रशासनिक मशीनरी किसी भी प्रकार की कोताही से बचने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।गंडक के निचले इलाकों से ऊंचे स्थानों पर जाने की सार्वजनिक मुनादीनदी के बढ़ते जलस्तर और संभावित कटान को देखते हुए प्रशासन ने दियारा और निचले इलाकों में बसे ग्रामीणों के लिए स्पष्ट चेतावनी जारी की है। माइकिंग और लाउडस्पीकर के जरिए स्थानीय लोगों से अपील की जा रही है कि वे अपने जरूरी सामान, मवेशी और बच्चों के साथ सुरक्षित ऊंचे स्थानों, स्कूलों, पंचायत भवनों और राहत शिविरों की ओर तत्काल रुख करें।नदी के कैचमेंट एरिया में जल प्रवाह की गति इतनी तेज है कि कुछ ही घंटों में जलस्तर कई फीट तक बढ़ सकता है। प्रशासन ने लोगों को आगाह किया है कि वे जलस्तर घटने के भ्रम में न रहें और रात होने से पहले ही सुरक्षित शरणस्थलों पर पहुंच जाएं। नावों और मोटरबोट्स को चिन्हित कर स्टैंडबाय पर रखा गया है, ताकि पानी घुसने की स्थिति में ग्रामीणों को बिना देर किए सुरक्षित निकाला जा सके।एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात: राहत शिविरों की तैयारी तेजकिसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की विशेष रेस्क्यू टीमों को बेतिया और बगहा के संवेदनशील इलाकों में तैनात कर दिया गया है। इन टीमों के पास अत्याधुनिक इन्फ्लेटेबल बोट्स, लाइफ जैकेट्स और गोताखोर उपकरण मौजूद हैं।इसके साथ ही, स्वास्थ्य विभाग को शुद्ध पेयजल की गोलियां, ओआरएस के पैकेट, सांप काटने के इलाज के लिए एंटी-स्नेक वेनम और आवश्यक जीवनरक्षक दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। पशुपालन विभाग ने भी बाढ़ में मवेशियों के चारे और टीकाकरण की व्यवस्था शुरू कर दी है, ताकि जलभराव के दौरान पशुओं में महामारी न फैले।तटबंधों पर चौबीसों घंटे पहरा: अफवाहों से बचने की सख्त हिदायतगंडक के बाएं और दाएं मुख्य तटबंधों पर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। स्थानीय चौकीदारों और ग्राम रक्षा दलों के साथ विभागीय इंजीनियर तटबंधों के एक-एक हिस्से की सघन निगरानी कर रहे हैं।जिला प्रशासन ने आम जनता से यह भी अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक और डराने वाली अफवाहों पर ध्यान न दें। किसी भी आपात स्थिति या सहायता के लिए जिला नियंत्रण कक्ष (डिस्ट्रिक्ट कंट्रोल रूम) के आधिकारिक नंबरों पर तुरंत संपर्क करें। प्रशासनिक तंत्र चौबीसों घंटे स्थिति को नियंत्रित करने और जान-माल के नुकसान को शून्य स्तर पर रखने के लिए सक्रिय है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Aug 2026 9:05 pm

रक्षाबंधन में फ्री बस ... बेटियों को पीएचडी के लिए हर महीने 10 हजार, बिहार सरकार का बड़ा तोहफा

रक्षाबंधन के अवसर पर बिहार सरकार ने बेटियों और महिलाओं के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं.

NDTV इंडिया 26 Aug 2026 8:50 pm

MPCA ने क्रिकेटरों को बांटे ₹2.94 करोड़:इंदौर में BCCI ने भी दिए ₹50 लाख, कूच बिहार ट्रॉफी जीती; महिला टीम रही रनर-अप

मध्य प्रदेश क्रिकेट संगठन (एमपीसीए) का वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह बुधवार को ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया गया। समारोह में प्रदेश के पुरुष और महिला क्रिकेटरों को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए 2.94 करोड़ रुपये से ज्यादा की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। कार्यक्रम में पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर और आईसीसी मैच रेफरी जवागल श्रीनाथ तथा केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया मुख्य रूप से मौजूद रहे। एमपीसीए की ओर से हर साल विभिन्न आयु वर्ग और श्रेणियों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया जाता है। इस बार गत सत्र में खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर पुरस्कार वितरित किए गए। समारोह में प्रदेश के बड़ी संख्या में पूर्व और वर्तमान क्रिकेटर, एमपीसीए पदाधिकारी और सदस्य शामिल हुए। सभी खिलाड़ी एमपी के हैं। इनमें वरिष्ठ क्रिकेटर, कोच व जूनियर खिलाड़ी भी शामिल हैं। बीसीसीआई के साथ एमपीसीए भी देता है पुरस्कार बीसीसीआई के टूर्नामेंट में खिलाड़ियों और टीम के प्रदर्शन के आधार पर बोर्ड की ओर से पुरस्कार राशि दी जाती है। इसी तरह एमपीसीए भी अपनी ओर से खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि देता है। पुरस्कार की राशि टीम और व्यक्तिगत प्रदर्शन के आधार पर तय की जाती है। गत सत्र में मध्यप्रदेश की टीम कूच बिहार ट्रॉफी की विजेता रही थी, जबकि महिला सीनियर टीम उपविजेता रही। इन उपलब्धियों के आधार पर बीसीसीआई की ओर से भी मध्यप्रदेश को करीब 50 लाख रुपये की पुरस्कार राशि मिली थी। एमपीसीए की ओर से इस बार कुल 2.94 करोड़ रुपए से अधिक की राशि खिलाड़ियों को प्रदान की गई। समारोह के दौरान खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। एमपीसीए पदाधिकारियों ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए भविष्य में भी प्रदेश के क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की उम्मीद जताई। पुरस्कारों में वरिष्ठ खिलाड़ियों से लेकर जूनियर क्रिकेटरों तक को नकद राशि और सिल्वर प्लाक दिए गए। सबसे बड़े व्यक्तिगत पुरस्कारों में माधवराव सिंधिया लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड प्रशांत मेहता और सी.टी. सरवटे लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड आनंद पटेल को दिया गया। दोनों को 5-5 लाख रुपए और सिल्वर प्लाक प्रदान किए गए।

दैनिक भास्कर 26 Aug 2026 8:28 pm

BPSC विवाद पर राहुल गांधी का बिहार सरकार पर हमला, बोले- सवाल लाठी से नहीं रुकेंगे; छात्रों की मांगों का जवाब दें

राहुल गांधी ने बिहार में बीपीएससी परीक्षा विवाद और छात्र आंदोलन को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने छात्रों पर पुलिस कार्रवाई की जवाबदेही तय करने और भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी पर जवाब मांगा है।

जागरण 26 Aug 2026 8:18 pm

सितंबर में 8 दिन बंद रहेंगे बैंक, 11 को देशव्यापी हड़ताल; बिहार की 7 हजार शाखाओं पर असर

सितंबर में बिहार की करीब सात हजार बैंक शाखाएं छुट्टियों और बैंककर्मियों की हड़ताल के कारण आठ दिन प्रभावित रहेंगी। यूएफबीयू ने 11 सितंबर को देशव्यापी हड़ताल बुलाई है, साथ ही 5-दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग की है।

जागरण 26 Aug 2026 8:01 pm

नेपाल की बाढ़ का बिहार पर दिखने लगा असर! 6 जिलों में लोगों को निकालने की तैयारी

मध्य नेपाल के कई जिले बुधवार को तिब्बत में अचानक आई भीषण बाढ़ की चपेट में आ गए, जिससे कम से कम 46 लोगों की मौत हो गई और 105 भारतीयों समेत करीब 500 लोग लापता हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 26 Aug 2026 7:48 pm

नेपाल बाढ़: गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका के चलते बिहार हाई अलर्ट पर

नेपाल में गंडक नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में अचानक बाढ़ (फ्लैश-फ्लड) आने की चेतावनी के बाद बिहार सरकार ने नदी के किनारे बसे जिलों में बाढ़ से निपटने की तैयारियों को...

खास खबर 26 Aug 2026 7:46 pm

Nepal Flood Updates: 22 की मौत, सैकड़ों लापता; नेपाल दूतावास ने जारी किया बयान

नेपाल में बुधवार सुबह अचानक आई बाढ़ ने कई इलाकों में भारी तबाही मचा दी। तिब्बत की ओर से आई बाढ़ का सबसे ज्यादा असर रसुवा जिले में देखने को मिला। नदी किनारे बसे इलाकों में पानी भरने से घर, सड़कें, पुल और दूसरी जरूरी सुविधाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। बाढ़ की चपेट में आने से कम से कम 22 लोगों की मौत की खबर है, जबकि बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता हैं। इस बीच, भारत में नेपाल के दूतावास का बयान भी आ गया है। नेपाल दूतावास ने जारी किया बयान भारत में नेपाल के दूतावास ने बाढ़ को लेकर ताजा बयान जारी किया है। दूतावास ने कहा कि नेपाल में सुबह आई बेहद गंभीर अचानक बाढ़ से लोगों की जान गई है, कई लोग लापता हैं और घरों, सड़कों, पुलों, जलविद्युत परियोजनाओं समेत कई जरूरी ढांचों को भारी नुकसान पहुंचा है। दूतावास के मुताबिक, नेपाल की सुरक्षा एजेंसियों, आपदा प्रबंधन टीमों, स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह राहत और बचाव के काम में लगाया गया है। लोगों को सुरक्षित निकालने, तलाशी और बचाव अभियान चलाने, जरूरी चिकित्सा सहायता देने और राहत पहुंचाने का काम जारी है। Embassy of Nepal in India says - Nepal was struck by a severe and unprecedented flash flood this morning, resulting in the tragic loss of lives, reports of missing persons and extensive damage to homes, roads, bridges, hydropower facilities and other infrastructure in the… pic.twitter.com/hcCN2aCG3x — ANI (@ANI) August 26, 2026 इसे भी पढ़ें: Bihar Flood Alert: Gandak Barrage के सभी 36 फाटक खोले गए, नेपाल में बाढ़ के बाद सतर्कता निचले इलाकों में भी खतरे पर नजर नेपाल के अधिकारी नदियों के जलस्तर और निचले इलाकों में आगे बाढ़ के खतरे पर लगातार नजर रख रहे हैं। दूतावास ने कहा कि फिलहाल हालात तेजी से बदल रहे हैं। ऐसे में मृतकों, लापता लोगों और नुकसान से जुड़ी पूरी जानकारी की पुष्टि की जा रही है। नेपाल सरकार ने दूसरे देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों की ओर से मिल रहे मदद के प्रस्तावों का स्वागत किया है। दूतावास के मुताबिक, अगर विदेशी मदद की जरूरत पड़ती है तो नेपाल सरकार काठमांडू से इसे तय और समन्वित करेगी। भारत में नेपाल का दूतावास भी नेपाल सरकार के संपर्क में है और जरूरत पड़ने पर भारत सरकार के साथ समन्वय में मदद के लिए तैयार है। दूतावास ने कहा है कि जैसे-जैसे पक्की जानकारी सामने आएगी, उसके आधार पर आगे की जानकारी साझा की जाएगी। 291 विदेशी पर्यटकों का पता नहीं नेपाल पर्यटन विभाग के मुताबिक, बाढ़ के बाद 291 विदेशी पर्यटकों का अब तक पता नहीं चल पाया है। इनमें 105 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि लापता लोगों और बाढ़ से हुए नुकसान की जानकारी जुटाई जा रही है और आंकड़ों की पुष्टि की जा रही है। इसे भी पढ़ें: पड़ोसी Nepal के Flood संकट में भारत साथ खड़ा, PM Modi ने Balen Shah से की बात, दिया हर संभव मदद का भरोसा तिब्बत की ओर से अचानक बढ़ा नदी का पानी अधिकारियों के मुताबिक, स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 9 बजे भोटे कोशी नदी में अचानक पानी बढ़ गया। इसके बाद रसुवा और धादिंग के साथ-साथ नुवाकोट जिले के कई इलाके प्रभावित हुए। रसुवा और धादिंग तिब्बत की सीमा के पास स्थित हैं, जबकि नुवाकोट काठमांडू के दक्षिण-पश्चिम में है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, रसुवा में आई बाढ़ स्थानीय इलाके में हुई बारिश की वजह से नहीं आई। माना जा रहा है कि तिब्बत की ओर हुई भारी बारिश या हिमस्खलन के कारण नदी में अचानक पानी बढ़ा होगा। हालांकि, बाढ़ की सही वजह अभी साफ नहीं हुई है और इसकी जांच की जा रही है। कई जलविद्युत परियोजनाओं को भारी नुकसान अचानक आई बाढ़ ने नेपाल की जलविद्युत परियोजनाओं को भी बड़ा नुकसान पहुंचाया है। कम से कम एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाएं बाढ़ की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त या तबाह हो गई हैं। इसके अलावा कई घरों, सड़कों और पुलों को भी नुकसान पहुंचा है।

प्रभासाक्षी 26 Aug 2026 7:18 pm

नेपाल में भीषण बाढ़ से तबाही, 55 लोगों की मौत, सैकड़ों लापता, बिहार में भी दहशत

Nepal Floods Disaster: भारत के पड़ोसी देश नेपाल में मूसलाधार बारिश, भीषण बाढ़ और विनाशकारी भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। कुदरत के इस कहर के कारण नेपाल में अब तक 55 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 400 से ज्यादा लोग लापता है। इनमें 133 भारतीय शामिल ...

वेब दुनिया 26 Aug 2026 7:06 pm

Bihar Flood Alert: Gandak Barrage के सभी 36 फाटक खोले गए, नेपाल में बाढ़ के बाद सतर्कता

बिहार सरकार ने पड़ोसी देश नेपाल के कई जिलों में बुधवार को अचानक आयी बाढ़ के बाद गंडक नदी में जलप्रवाह अचानक बढ़ने की आशंका को देखते हुए पूरे तंत्र को हाई अलर्ट पर रखा है। स्थिति से निपटने के लिए वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज के सभी 36 फाटक खोल दिए गए हैं। यह जानकारी अधिकारियों ने दी। बिहार के उपमुख्यमंत्री एवं जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि बुधवार दोपहर तक वाल्मीकिनगर गंडक बराज से लगभग 86 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था और जलप्रवाह लगातार बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि एहतियाती कदम के तौर पर बराज के सभी 36 फाटक खोल दिए गए हैं तथा अधीक्षण अभियंता के नेतृत्व में तकनीकी टीम तैनात की गई है। उन्होंने कहा कि गंडक नदी के बेसिन में आने वाले सभी जिलों को भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सभी फाटक खोलने से पानी का प्रवाह सुचारु रहेगा और बाढ़ की स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार, सभी विभागों को संभावित आपात स्थिति के मद्देनजर आवश्यक सामग्री का भंडारण, तटबंधों का नियमित निरीक्षण तथा चौबीसों घंटे निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। जल संसाधन मंत्री ने बताया कि नेपाल के देवघाट गेज स्टेशन पर नारायणी नदी का जलस्तर 4.77 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि चेतावनी स्तर 7.30 मीटर और खतरे का निशान 9 मीटर है। उन्होंने कहा कि यदि जलस्तर में तेजी से वृद्धि होती है तो लगभग साढ़े तीन घंटे में उसका प्रभाव गंडक बराज तक पहुंच सकता है। इससे पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक करके संबंधित जिलों में विशेष सतर्कता बरतने और सभी आवश्यक तैयारियां पूरी रखने का निर्देश दिया। उल्लेखनीय है कि अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) ऐसी बाढ़ होती है जो बहुत कम समय में भारी बारिश, बादल फटने, पहाड़ी क्षेत्रों से तेज जलप्रवाह या बांध से अचानक पानी छोड़े जाने के कारण आती है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री चौधरी ने विशेष रूप से गंडक नदी से जुड़े पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली सहित अन्य संवेदनशील जिलों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि नेपाल से आने वाले पानी की स्थिति पर सतत नजर रखी जाए और संभावित प्रभावित क्षेत्रों में समय रहते एहतियाती कदम उठाए जाएं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि संवेदनशील क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन ध्वनि विस्तारक यंत्र के माध्यम से लोगों को लगातार आवश्यक सूचनाएं और संभावित खतरे की चेतावनी देता रहे, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीम तैनात रखी जाएं तथा जिला प्रशासन इनके साथ समन्वय स्थापित करके तत्काल राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्रशासनिक और तकनीकी टीम पूरी तरह सक्रिय रहें तथा किसी भी प्रतिकूल परिस्थिति में लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

प्रभासाक्षी 26 Aug 2026 6:59 pm

कल का मौसम: दिल्ली, यूपी, बिहार में भारी बारिश, MP-राजस्थान समेत 18 राज्यों में अलर्ट

कल का मौसम, 27 अगस्त 2026: IMD ने कल 18 राज्यों में बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है. उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी है.

NDTV इंडिया 26 Aug 2026 6:38 pm

Nepal Flash Flood: नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ चीन से किए गए एकतरफा प्यार का नतीजा! लोकल पत्रकार ने किया सनसनीखेज दावा

Nepal Flash Flood: नेपाल और चीन के सीमावर्ती इलाकों में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद दोनों देशों के कूटनीतिक संबंधों में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। तिब्बत की तरफ से आई इस अचानक बाढ़ ने नेपाल के सीमावर्ती गांवों में भारी तबाही मचाई है। इस भीषण आपदा के बीच नेपाल के एक प्रमुख पत्रकार ने बीजिंग पर समय रहते अर्ली वार्निंग न देने का आरोप लगाते हुए कड़ा हमला बोला है। उन्होंने सवाल उठाया है कि आखिर काठमांडू को चीन के साथ अपने संबंधों में इस एकतरफा प्यार का खामियाजा क्यों भुगतना पड़ रहा है।नेपाली पत्रकार का बीजिंग पर सीधा निशानाविदेश और सामरिक मामलों के वरिष्ठ नेपाली पत्रकार परशुराम काफ्ले ने बीजिंग द्वारा पूर्व चेतावनी न दिए जाने पर अप्रत्यक्ष लेकिन बेहद तीखा हमला बोला है। उन्होंने चीन का नाम लिए बिना उसे नेपाल का उत्तरी पड़ोसी कहकर संबोधित किया और आरोप लगाया कि समय पर अलर्ट न भेजकर उसने नेपाल की स्थिति को गंभीर रूप से कमजोर किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए काफ्ले ने लिखा कि 'नेपाल अपने पड़ोसियों की जायज सुरक्षा चिंताओं का लगातार समाधान करता रहा है। हालांकि बेहद दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि हमारे उत्तरी पड़ोसी ने हमें काफी नुकसान पहुंचाया है। इतनी बड़ी आपदा की समय पर पूर्व चेतावनी न देकर उन्होंने हमारे यहां बड़े पैमाने पर जन-धन की हानि की वजह तैयार की।'एकतरफा प्यार की कीमत अकेला नेपाल क्यों चुकाए?अपनी पोस्ट में काफ्ले ने नेपाल और चीन के बीच के इस द्विपक्षीय रिश्ते के स्वरूप पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चीनी क्षेत्र से उत्पन्न होने वाले संकटों का सामना नेपाल को बार-बार करना पड़ता है जबकि काठमांडू बीजिंग की हर छोटी-बड़ी मांग और चिंताओं का ख्याल रखता है। काफ्ले ने आगे लिखा कि 'हम लगातार उनके क्षेत्र (चीन) से शुरू होने वाले संकटों का सामना करते आ रहे हैं जबकि हम उनकी सभी जरूरतों और अनावश्यक-आवश्यक चिंताओं को पूरा करते रहते हैं। आखिर इस एकतरफा प्यार की कीमत अकेले नेपाल को ही क्यों चुकानी पड़े?'सीमा पर भारी तबाही, भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ायह विवाद उस समय शुरू हुआ जब बुधवार सुबह तिब्बत सीमा से लगे नेपाल के रसुवा जिले में अचानक विनाशकारी बाढ़ आ गई। तिब्बती क्षेत्र से अचानक पानी के भारी सैलाब ने करीब सुबह 9 बजे नेपाल की भोटेकोशी नदी में प्रवेश किया। इस जल प्रलय के चलते सीमावर्ती टिमुरे और स्याप्रु बेसी इलाकों में तबाही देखने को मिली। नदी के तेज बहाव ने कई रिहायशी बस्तियों, इंफ्रास्ट्रक्चर, गाड़ियों और सड़कों को अपनी चपेट में ले लिया और भारी नुकसान पहुंचाया।सेना और पुलिस के साथ युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशनआपदा की गंभीरता को देखते हुए नेपाल सरकार ने तुरंत राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने प्रभावित इलाकों में तुरंत राहत कार्य चलाने और खोज अभियान को गति देने के निर्देश दिए हैं। आधिकारिक बयानों के मुताबिक प्रभावित बस्तियों में राहत पहुंचाने और लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि नुकसान का आकलन अभी किया जा रहा है और हताहतों व मौतों की सटीक संख्या अभी स्पष्ट होना बाकी है।क्रॉस-बॉर्डर अर्ली वार्निंग सिस्टम पर उठे सवालइस भीषण बाढ़ ने दो पड़ोसी देशों के बीच सीमा पार सूचना साझा करने के तंत्रकी पोल खोलकर रख दी है। संवेदनशील और आपदा-संभावित सीमावर्ती क्षेत्रों में अचानक जलस्तर बढ़ने जैसी आपदाओं की जानकारी साझा करना बेहद जरूरी माना जाता है। इस घटना ने काठमांडू और बीजिंग के बीच कूटनीतिक और सामरिक विश्वास पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।यह भी पढ़ें:Bihar Flood Risk: नेपाल में आई बाढ़ से बिहार में हाई अलर्ट, जानें- क्यों रखी जा रही है बारीकी से नजर

ज़ी न्यूज़ 26 Aug 2026 6:15 pm

दरभंगा पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल, एसएसपी ने 13 दारोगा का किया तबादला, लिस्ट जारी

Bihar Police Transfer: दरभंगा के एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत करने के लिए जिले के 13 दारोगा का तबादला किया है। इसके तहत पुलिस केंद्र में प्रतीक्षारत चार दारोगा को भी नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।

जागरण 26 Aug 2026 6:14 pm

Nepal बाढ़ के खतरे पर Bihar CM का एक्शन! NDRF-SDRF टीमें तैनात, तैयारी युद्धस्तर पर

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे हाई अलर्ट पर रहें, क्योंकि नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में अचानक आई बाढ़ से गंडक नदी का जलस्तर बढ़ सकता है। 26 अगस्त को पटना के संकल्प ऑडिटोरियम में हुई एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक में, मुख्यमंत्री ने बाढ़ से प्रभावित या बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों के ज़िला अधिकारियों को सतर्क रहने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। उन्होंने गंडक नदी के संदर्भ में विशेष रूप से पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुज़फ़्फरपुर और वैशाली ज़िलों का ज़िक्र किया। इसे भी पढ़ें: राहुल गांधी का BJP सरकार पर हमला, बोले - लाठियों से सवाल नहीं दबेंगे, Bihar के BPSC छात्रों को न्याय दो अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे तटबंधों की मजबूती और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियमित रूप से उनका निरीक्षण करें। चौधरी ने किसी भी आपात स्थिति को रोकने के लिए बांधों और तटबंधों की लगातार निगरानी करने और रात में गश्त करने का आदेश दिया। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को यह भी निर्देश दिया कि वे संवेदनशील इलाकों में लाउडस्पीकर और माइक्रोफोन के ज़रिए समय पर चेतावनी जारी करें, ताकि लोगों को बाढ़ से जुड़े खतरों के बारे में जानकारी मिलती रहे। उन्होंने पुष्टि की कि इमरजेंसी रिस्पॉन्स के लिए नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) और स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) की टीमों को तैनात किया गया है और तेज़ी से राहत कार्यों के लिए अधिकारियों और बचाव टीमों के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर ज़ोर दिया। इंसानी जान बचाने को सबसे ज़रूरी बताते हुए, चौधरी ने अधिकारियों के बीच लगातार तैयारी और आपसी सहयोग के महत्व पर ज़ोर दिया। इसे भी पढ़ें: Nepal Flood: बिहार में हाई अलर्ट, अमित शाह ने CM सम्राट से की बात, PM Modi की भी नजर बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।

प्रभासाक्षी 26 Aug 2026 6:10 pm

नेपाल में बाढ़ के बाद बिहार में हाई अलर्ट, 6 जिलों में बढ़ाई गई सर्तकता

नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद अब बिहार सरकार अलर्ट पर है. गंडक नदी में फ्लैश फ्लड का अलर्ट है. बिहार के 6 जिलों में सतर्कता बढ़ा दी गई है. फ्लैश फ्लड की स्थिति को देखते हुए बिहार में अलर्ट जारी किया गया है. गंडक नदी में अचानक पानी बढ़ने और करीब 3 मीटर तक ऊंची फ्लैश फ्लड के खतरे की आशंका है. इसे देखते हुए पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली में विशेष सतर्कता बरती जा रही है.

आज तक 26 Aug 2026 6:03 pm

Bihar BSFC Recruitment 2026: बिहार में 259 पदों पर निकली बंपर वैकेंसी, जानें Eligibility और Selection Process

सरकारी नौकरी की तैयारी करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। दरअसल, बिहार खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की तरफ से लेखपाल, सहायक प्रबंधक, सहायक लेखा पदधिकारी समेत कई पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इच्छुक उम्मीदवार नौकरी के लिए ऑनलाइन आवेदन जल्द करें। अलग-अलग पदों पर आवेदन करनी की अंतिम तारीख 24 सितंबर, 2026 निर्धारित की है। इसके अतिरिक्त, उम्मीदवारों को 26 सितंबर से लेकर 29 सितंबर के बीच फॉर्म में सुधार करने का मौका दिया जाएगा। आवेदन करने के लिए जरूरी योग्यता इन भार्तियों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को भारत के किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से स्नातक पूरा किया जा सकता है। इसके साथ ही उम्मीदवारों के पास अन्य निर्धारित पात्रताएं होना जरुरी है। भर्ती की संबंधित विवरण इस भर्ती के जरिए कुल 259 उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। सहायक प्रबंधक के कुल 81 पद, सहायक लेखा पदाधिकारी के कुल 06 पद, लेखपाल के कुल 11 पद, गुणवत्ता नियंत्रक के कुल 38 पद और निम्नवर्गीय लिपिक के कुल 123 पद आरक्षित किए गए हैं। जानें आयु-सीमा विभिन्न पदों की भर्ती के लिए आयु की गणना 01 जनवरी, 2026 के आधार पर होगी। इसलिए उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 21 वर्ष निर्धारित है। इसके अतिरिक्त, आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को आयु-सीमा में छूट दी जाएगी। अनारक्षित पुरुष उम्मीदवारों की अधिकतम आयु 37 वर्ष, पिछड़ा वर्ग और अनारक्षित महिला उम्मीदवारों की अधिकतम आयु 40 वर्ष और एससी एवं एसटी उम्मीदवारों की अधिकतम आयु 42 वर्ष निर्धारित है। इस तरह से करें आवेदन - सबसे पहले आप ऑफिशियल वेबसाइट bceceboard.bihar.gov.in पर विजिट करें। - इसके बाद वेबसाइट के होमपेज पर Online Portal of Food & Civil Supplies Corporation Ltd पर क्लिक करें और अब आप Apply Online लिंक पर क्लिक करें। - इसके बाद मांगी गई सभी जरुरी डिटेल को ध्यानपूर्वक दर्ज करें। - फॉर्म भरने के बाद मांगी गई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की स्कैन कॉपी को अपलोड करें। - आखिर में इसका एक प्रिंट आउट निकालकर भविष्य के लिए अपने पास रख लें।

प्रभासाक्षी 26 Aug 2026 5:51 pm

Nepal Bihar Flood LIVE: नेपाल में तबाही मचाकर बिहार पहुंची बाढ़, गंडक बैराज के सारे गेट खोले गए, आज रात भारी

Nepal Bihar Flood LIVE: पड़ोसी देश नेपाल में तबाही मचाने के बाद बाढ़ बिहार तक पहुंच गया है। आज की रात रात बिहार पर भारी है। इसे देखते हुए सीएम सम्राट चौधरी ने संबंधित जिलों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया है। गंडक बैराज के सभी गेट खोल दिए गए हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 26 Aug 2026 5:48 pm

कल का मौसम: नेपाल में विनाशकारी सैलाब के बीच 27 अगस्त को UP, बिहार संग कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने दी ये चेतावनी

India Weather Update: पड़ोसी देश नेपाल में भारी बारिश के कारण मची तबाही और विनाशकारी सैलाब के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 27 अगस्त के लिए मौसम का ताजा बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक 27 अगस्त को उत्तर प्रदेश और बिहार समेत देश के 13 राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है।इसके साथ ही पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत के कई हिस्सों में तेज आंधी, वज्रपात और गर्जना को लेकर चेतावनी जारी की गई है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में तूफानी हवाएं चलने की आशंका है जबकि तटीय क्षेत्रों में समुद्र में उथल-पुथल को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।उत्तर भारत का मौसम: यूपी और उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश का अनुमान, पूर्वी राजस्थान में भी चेतावनीउत्तर भारत के मैदानी व पहाड़ी इलाकों में मानसून की सक्रियता बनी हुई है। मौसम विभाग के मुताबिक 27 अगस्त को उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। नेपाल से सटे इलाकों और यूपी के मैदानी भागों में बारिश की वजह से नदियों के जलस्तर पर असर पड़ सकता है।पर्वतीय राज्य उत्तराखंड और पूर्वी राजस्थान में अलग-अलग जगहों पर गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने और गिरने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड, बंगाल और ओडिशा में भारी बारिश और आंधी का संकटआईएमडी के मुताबिक 27 अगस्त को बिहार, झारखंड, ओडिशा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश होने का पूर्वानुमान दिया गया है। बारिश के साथ-साथ इन पूर्वी राज्यों में मौसम काफी खराब रह सकता है। बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में अलग-अलग जगहों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने, बिजली कड़कने और आंधी-तूफान आने की संभावना है।पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय और अरुणाचल समेत सभी 7 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्टपूर्वोत्तर भारत में मानसून का प्रकोप लगातार जारी है। मौसम विभाग के अलर्ट के मुताबिक 27 अगस्त को अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। इसके साथ ही नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार बारिश दर्ज की जा सकती है।इन सभी पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश के साथ-साथ तेज गर्जना होने और आकाशीय बिजली चमकने को लेकर भी चेतावनी जारी की गई है। पूर्वोत्तर के राज्यों में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।मध्य और दक्षिण भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और केरल में होगी भारी बारिशमध्य भारत के इलाकों में भी मानसून अपनी पूरी ताकत दिखा रहा है। 27 अगस्त को मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया है। इसके साथ ही दोनों राज्यों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की गतिविधि भी देखने को मिल सकती है।दक्षिण भारत की बात करें तो केरल और माहे में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग जगहों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने का अलर्ट है। इसके अलावा, आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में तेज सतह हवाएं चलने का भी अनुमान है।अंडमान में तूफानी हवाओं का अलर्ट, समंदर में मछुआरों के लिए चेतावनीमौसम विभाग ने द्वीपीय क्षेत्रों और समुद्री सीमाओं पर खराब मौसम को लेकर विशेष अलर्ट जारी किया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 27 अगस्त को 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने की आशंका है।समुद्री स्थिति पर नजर डालें तो अरब सागर में सोमालिया और ओमान तटों के साथ-साथ उत्तर, पूर्व-मध्य और पश्चिम-मध्य अरब सागर के कई हिस्सों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं, जो बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।ये भी पढ़ें- Nepal Flood Video: नेपाल में अचानक आई बाढ़ में 291 विदेशी लापता, 105 भारतीय पर्यटक भी सैलाब में गायबवहीं, बंगाल की खाड़ी में दक्षिण तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन क्षेत्र और श्रीलंका तट से सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में भी 45 से 55 किमी प्रति घंटे से लेकर 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान है। मौसम विभाग ने मछुआरों को इन खतरनाक समुद्री क्षेत्रों में न जाने की सख्त हिदायत दी है।

ज़ी न्यूज़ 26 Aug 2026 5:40 pm

नेपाल में फ्लैश फ्लड के खतरे को लेकर बिहार में अलर्ट, सीएम सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को सतर्क रहने के दिए निर्देश

नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में फ्लैश फ्लड की स्थिति और गंडक नदी में अचानक जलप्रवाह बढ़ने की आशंका को देखते हुए बिहार सरकार ने संबंधित जिलों में विशेष सतर्कता बढ़ा दी है।

खास खबर 26 Aug 2026 5:28 pm

Rajat Sharma's Blog | बिहार छात्र आंदोलन: सारी मांगें जायज़ नहीं

बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन ने साफ कह दिया है कि इस तरह की मांगें मानना संभव नहीं हैं। छात्र बात करना चाहते हैं, तो सरकार तैयार है। छात्रों की जायज मांगों पर सरकार विचार कर सकती है लेकिन इस तरह सड़क पर उतर कर सरकार को झुकाया नहीं जा सकता।

खबर इंडिया टीवी 26 Aug 2026 5:17 pm

पड़ोसी Nepal के Flood संकट में भारत साथ खड़ा, PM Modi ने Balen Shah से की बात, दिया हर संभव मदद का भरोसा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार (26 अगस्त) को नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से बात की और पड़ोसी देश में विनाशकारी बाढ़ से हुई जान-माल की हानि पर शोक व्यक्त किया। पीएम मोदी ने शाह को भारत के पूर्ण समर्थन का आश्वासन भी दिया और संकट से निपटने में नेपाल की मदद के लिए हर संभव मानवीय और राहत सहायता की पेशकश की। इसे भी पढ़ें: Nepal Flood: बिहार में हाई अलर्ट, अमित शाह ने CM सम्राट से की बात, PM Modi की भी नजर X पर एक पोस्ट में, पीएम मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री बालेन शाह से बात की और नेपाल में बाढ़ के कारण हुई जान-माल की हानि पर शोक व्यक्त किया। इस कठिन समय में भारत के लोग नेपाल में अपने भाइयों और बहनों के साथ एकजुटता से खड़े हैं। भारत नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है। हमारी टीमें बचाव और राहत कार्यों पर निकटता से समन्वय कर रही हैं। सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारत पड़ोसी देश में विनाशकारी बाढ़ के बाद जल्द से जल्द नेपाल को राहत सामग्री भेजने की तैयारी कर रहा है। बुधवार को मध्य नेपाल में अचानक आई ज़बरदस्त बाढ़ से अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है और नदी के किनारे बसे इलाकों में भारी तबाही हुई है। अधिकारियों के मुताबिक, बाढ़ से कम से कम एक दर्जन पनबिजली परियोजनाओं को भी नुकसान पहुँचा है। स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 9 बजे भोटे कोशी नदी में बाढ़ का पानी तेज़ी से बढ़ा; बताया जा रहा है कि यह पानी तिब्बत की तरफ से आया था। इस आपदा से तिब्बत की सीमा से लगे रसुवा और धाडिंग ज़िलों के साथ-साथ काठमांडू के दक्षिण-पश्चिम में स्थित नुवाकोट ज़िला भी प्रभावित हुआ। इसे भी पढ़ें: Nepal Flash Flood: जलप्रलय से कई लोगों की मौत, 105 Kailash Mansarovar Yatri लापता, Bihar में बाढ़ का अलर्ट नेपाल सेना ने एक बयान में कहा कि नदी के जलस्तर में अचानक हुई बढ़ोतरी से रसुवा ज़िले के तिमुरे और पास के स्याफ्रुबेसी इलाके में भारी नुकसान हुआ, जहाँ गाड़ियाँ, सामान और अन्य संपत्तियाँ बह गईं। रसुवा ज़िला काठमांडू के उत्तर-पूर्व में और तिब्बत सीमा से लगभग 125 किलोमीटर दूर स्थित है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।

प्रभासाक्षी 26 Aug 2026 5:05 pm

नेपाल में बाढ़ से तबाही : 105 भारतीय पर्यटक लापता,भारत में अलर्ट, बिहार के कई जिलों में तैयारी बढ़ाई गई

नेपाल में अचानक आई बाढ़ से मची तबाही के बीच, भारत में तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

खास खबर 26 Aug 2026 5:02 pm

नेपाल में जल प्रलय से बिहार में हाई अलर्ट, शाह से सम्राट की बात, बाढ़ को लेकर सरकार चौकन्नी

नेपाल में भीषण जल प्रलय के बाद बिहार में बाढ़ से तबाही का हाई अलर्ट जारी किया गया है। तीन लाख क्यूसेक से अधिक पानी डिस्चार्ज होने की संभावना के बीच पूरे उत्तर बिहार पर भीषण बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। गृह मंत्री अमित शाह ने सीएम सम्राट चौधरी से बात कर सभी प्रकार की सहायता का आश्वासन दिया है।

लाइव हिन्दुस्तान 26 Aug 2026 4:54 pm

नेपाल में बाढ़ से भारत में अलर्ट, बिहार के कई जिलों में तैयारी बढ़ाई गई

Patna, 26 अगस्त . नेपाल में अचानक आई बाढ़ से मची तबाही के बीच, India में तैयारियां तेज कर दी गई हैं. Wednesday को नेपाल के रसुवा जिले में भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़ से कम से कम सात लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोगों के लापता होने की खबर ... Read more

डेली किरण 26 Aug 2026 4:43 pm

Bihar BPSC Student Protest: प्रदर्शन में छा गया 6 साल का बच्चा, बोला- Samrat Choudhary दे इस्तीफा

की राजधानी पटना में प्रदर्शनकारी छात्र सड़कों पर उतरे. 70वीं BPSC परीक्षा को लेकर छात्र परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन हुआ. लेकिन इस प्रदर्शन में एक 6 साल बच्चा छा गया. इस बच्चे ने सीधा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का इस्तीफा मांग लिया. क्या बोला देखिए इस वीडियो में

लाइव हिन्दुस्तान 26 Aug 2026 4:42 pm

Nepal Flood: बिहार में हाई अलर्ट, अमित शाह ने CM सम्राट से की बात, PM Modi की भी नजर

नेपाल में भारी बारिश के कारण बिहार में बाढ़ के खतरे को देखते हुए, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से फ़ोन पर बात की। गृह मंत्री ने राज्य सरकार को संभावित संकट से निपटने के लिए हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) को तैनात किया जा रहा है। बिहार CMO का कहना है है कि एक हाई-लेवल मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नेपाल से बिहार में बाढ़ का पानी आने की आशंका को देखते हुए संबंधित जिलों में खास सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। जिला अधिकारियों को स्थिति पर कड़ी नज़र रखने के लिए कहा गया है। इसे भी पढ़ें: Tejashwi Yadav ने PMCH में घायल छात्रों से की मुलाकात, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप इसमें यह भी कहा गया है कि सभी तटबंधों की मज़बूती और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उनकी लगातार निगरानी की जानी चाहिए। बांधों और तटबंधों की चौबीसों घंटे निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें रात में गश्त पर खास ज़ोर दिया गया है। जोखिम वाले और प्रभावित इलाकों में लाउडस्पीकर या माइक्रोफ़ोन का इस्तेमाल करके लोगों तक ज़रूरी जानकारी और चेतावनी लगातार पहुँचाने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए NDRF और SDRF की टीमें तैनात की गई हैं। केंद्रीय राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि बिहार में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए, प्रधानमंत्री मोदी की सरकार देश के किसी भी राज्य की मदद के लिए तैयार है, जहां ऐसी स्थिति पैदा हो। मॉनसून से पहले ही, गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। बाढ़ का सामना कर रहे किसी भी राज्य या इलाके की मदद की जाएगी। NDRF की टीम स्टैंडबाय पर है और बाढ़ प्रभावित इलाकों में टीमें पहले ही भेजी जा चुकी हैं। आपदा प्रबंधन विभाग के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, नेपाल में गंडक नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में अचानक बाढ़ (flash flood) का खतरा पैदा होने और पानी के बहाव में अचानक तेज़ी आने की संभावना को देखते हुए बिहार में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। अधिकारियों ने बताया है कि गंडक नदी के किनारे बसे ज़िलों में बाढ़ की संभावित स्थिति से निपटने के लिए सभी ज़रूरी तैयारियाँ की जा रही हैं। इसे भी पढ़ें: Bihar में Samrat Choudhary का बड़ा ऐलान: 3 नई योजनाओं से महिलाएं बनेंगी 'लखपति दीदी', सशक्त होगा बिहार पूर्वानुमान में नेपाल के गंडक जलग्रहण क्षेत्र में आने वाले रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा, लमजुंग और तनहुँ ज़िलों के साथ-साथ कोसी जलग्रहण क्षेत्र के दोलखा और सिंधुपालचोक ज़िलों में भी अचानक बाढ़ का ज़्यादा खतरा होने की चेतावनी दी गई है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल समीक्षा बैठक हुई, जिसमें प्रभावित जिलों के जिला मजिस्ट्रेट, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और पुलिस अधीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए शामिल हुए। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।

प्रभासाक्षी 26 Aug 2026 4:27 pm

Nepal Flash Flood: जलप्रलय से कई लोगों की मौत, 105 Kailash Mansarovar Yatri लापता, Bihar में बाढ़ का अलर्ट

नेपाल के हिमालयी सीमावर्ती जिले रसुवा में आज सुबह आई अचानक और भीषण बाढ़ ने तबाही की ऐसी तस्वीर पेश की है, जिसने नेपाल के साथ-साथ भारत की चिंता भी कई गुना बढ़ा दी है। चीन की सीमा और तिब्बत की दिशा से भोटेकोशी नदी में अचानक आए उफान ने देखते ही देखते बस्तियों, बाजारों, पुलों, वाहनों, सीमा व्यापार ढांचे और जलविद्युत परियोजनाओं को अपनी चपेट में ले लिया। दर्जनों लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है जबकि बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं। सबसे गंभीर खबर यह है कि लापता लोगों की प्रारंभिक सूची में 105 भारतीय नागरिक शामिल हैं, जिनमें बड़ी संख्या कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं की बताई जा रही है। साथ ही यह भी बताया जा रहा है कि नेपाल में आई आपदा के चलते बिहार के कम से कम आधा दर्जन जिलों पर खतरा मंडरा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, बाढ़ का सबसे विनाशकारी असर रसुवागढ़ी-तिमुरे क्षेत्र में सुबह करीब नौ बजे दिखाई दिया। भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक असामान्य रूप से बढ़ा और पानी का तेज बहाव तिमुरे तथा स्याफ्रुबेसी क्षेत्रों में फैल गया। नेपाल सेना के अनुसार, इस अचानक आई जलप्रलय ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई। वाहन, व्यापारिक सामान और अन्य संपत्तियां बह गईं। सीमा शुल्क परिसर में खड़े वाहन और वहां रखा सामान भी पानी की भेंट चढ़ गया, जबकि हाल ही में बनाया गया एक पुल तक बह गया। धादिंग जिले के गजुरी में भी एक पुल के बहने की खबर है। इसे भी पढ़ें: Gandak नदी का जलस्तर बढ़ा, Bihar में बाढ़ का खतरा; CS ने की आपात बैठक रसुवा जिला प्रशासन ने शुरुआत में ही स्वीकार किया कि तिमुरे और स्याफ्रुबेसी समेत बाजार और आवासीय क्षेत्रों में भारी नुकसान हुआ है। आपदा की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रसुवा के अलावा नुवाकोट और धादिंग के निचले इलाकों तक खतरा फैल गया। बाढ़ से प्रभावित बस्तियों में स्याफ्रुबेसी, बेत्रावती, मैलुंग, सल्लेतार, शांतिबाजार, पैरेबेसी, खाल्टी बस्ती, सोले, त्रिशूली और बत्तार जैसे क्षेत्र शामिल हैं। वहीं इस आपदा ने कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकले लोगों को लेकर सबसे बड़ी चिंता पैदा की है। नेपाल पर्यटन बोर्ड द्वारा तैयार की गई प्रारंभिक सूची के अनुसार, 384 यात्री लापता बताए गए हैं, जिनमें 291 विदेशी और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। विदेशी यात्रियों में 105 भारतीय हैं। सूची में ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड, अमेरिका, मलेशिया, ब्रिटेन और दक्षिण अफ्रीका के नागरिकों के नाम भी शामिल हैं। हालांकि नेपाल पर्यटन बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यह सूची प्रारंभिक है और ट्रैवल एजेंसियों, गाइडों, स्थानीय प्रशासन तथा सुरक्षा एजेंसियों के साथ इसका सत्यापन किया जा रहा है। बताया गया है कि बुधवार को करीब 390 यात्रियों को तिब्बत सीमा पार करनी थी। इनमें 93 नेपाली नागरिक भी शामिल थे। दोपहर तक अधिकांश यात्रियों से संपर्क स्थापित नहीं हो सका था। इसीलिए 105 भारतीयों के लापता होने की सूचना ने भारत में उनके परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस को बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव कार्य में लगाया गया है। हेलीकॉप्टरों की मदद से दुर्गम इलाकों में खोज अभियान चलाया जा रहा है। कई रिपोर्टों के अनुसार हेलीकॉप्टर, ड्रोन और खोजी कुत्तों की मदद ली जा रही है। उधर, बाढ़ की प्रकृति ने इस आपदा को और रहस्यमय तथा चिंताजनक बना दिया है। नेपाल के जल एवं मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि रसुवा में हुई बारिश इस बाढ़ का कारण नहीं थी। यानी पानी का यह प्रचंड सैलाब स्थानीय वर्षा से पैदा नहीं हुआ। शुरुआती संकेत बताते हैं कि घटना का स्रोत तिब्बत की ओर हो सकता है। आशंका जताई जा रही है कि वहां भूस्खलन से किसी नदी का प्रवाह अस्थायी रूप से रुक गया और बाद में जमा पानी अचानक टूटकर नेपाल की ओर बह निकला। ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट यानी हिमनदीय झील के अचानक फटने की संभावना भी जांच के दायरे में है। हालांकि अभी तक वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। देखा जाये तो यह आशंका इसलिए भी गंभीर है क्योंकि पिछले वर्ष भी इसी भोटेकोशी नदी में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ में कम से कम 10 लोगों की मौत हुई थी। उस समय जांच में सामने आया था कि एक पहले से पहचानी न गई ‘सुप्राग्लेशियल’ झील के अचानक खाली होने से बाढ़ आई थी। अब एक बार फिर बिना स्थानीय बारिश के नदी का अचानक उफान इस पूरे हिमालयी क्षेत्र में बदलते जलवायु पैटर्न, ग्लेशियरों की अस्थिरता और सीमा पार से आने वाले जल खतरों की ओर इशारा कर रहा है। इस आपदा का आर्थिक असर भी गहरा है। रसुवा और नुवाकोट क्षेत्र की आठ चालू जलविद्युत परियोजनाएं, जिनकी कुल उत्पादन क्षमता 354 मेगावाट है, प्रभावित हुई हैं। इनमें 111 मेगावाट की रसुवागढ़ी जलविद्युत परियोजना, 78 मेगावाट की संजेन खोला परियोजना और 60 मेगावाट की अपर त्रिशूली-3ए परियोजना प्रमुख हैं। इसके अलावा पांच निर्माणाधीन परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचने की सूचना है। नेपाल के लिए यह केवल प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि ऊर्जा ढांचे और सीमा व्यापार पर सीधा प्रहार है। रसुवागढ़ी सीमा चौकी, जो नेपाल और चीन के बीच एक महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग है, उसका बुनियादी ढांचा भी प्रभावित हुआ है। भारत की दृष्टि से सबसे बड़ा और तात्कालिक संकट 105 भारतीय नागरिकों की सुरक्षा है। कैलाश मानसरोवर यात्रा धार्मिक आस्था से जुड़ी है और हर वर्ष बड़ी संख्या में भारतीय श्रद्धालु नेपाल के रास्ते तिब्बत पहुंचते हैं। ऐसे में यात्रियों का संपर्क टूटना, सीमावर्ती मार्गों का बह जाना और संचार व्यवस्था का प्रभावित होना भारत के लिए बड़ी चुनौती है। भारतीय नागरिकों की सही स्थिति का जल्द पता लगाने के प्रयास शुरू हो गये हैं तथा नेपाल प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है और आवश्यकता पड़ने पर बचाव और निकासी में सहयोग करने की तैयारी भी तेज हो गयी है। इस पूरे घटनाक्रम का एक चिंताजनक पहलू सीमा पार जल आपदाओं का भी है। यदि बाढ़ का वास्तविक स्रोत तिब्बत में भूस्खलन, ग्लेशियल झील का फटना या किसी नदी का अवरुद्ध होकर अचानक टूटना साबित होता है, तो यह पूरे हिमालयी क्षेत्र के लिए चेतावनी है। हिमालय में बनने वाली ऐसी झीलें, अचानक भूस्खलन और जल प्रवाह में अवरोध केवल नेपाल तक सीमित खतरा नहीं हैं। नेपाल की नदियां अंततः भारत की विशाल नदी प्रणालियों से जुड़ती हैं। इसलिए ऊपरी हिमालय में किसी भी बड़े जल विस्फोट का प्रभाव नीचे बसे भारतीय क्षेत्रों तक पहुंच सकता है। उधर, नेपाल की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण ने रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, चितवन और गोरखा जिलों में नदी किनारे रहने वाले लोगों को हाई अलर्ट पर रहने को कहा है। लेकिन असली सवाल इससे आगे का है। सवाल यह है कि क्या हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियल झीलों, भूस्खलन से बनने वाली अस्थायी झीलों और सीमा पार जल प्रवाह की निगरानी पर्याप्त है? भोटेकोशी की यह त्रासदी एक बार फिर बता रही है कि हिमालय में आपदा की चेतावनी केवल मौसम पूर्वानुमान से नहीं मिल सकती। फिलहाल राहत और बचाव अभियान जारी है, मृतकों और लापता लोगों की संख्या बदल सकती है तथा 105 भारतीयों की सूची का सत्यापन अभी जारी है। लेकिन इतना स्पष्ट है कि रसुवा की यह जलप्रलय केवल नेपाल की एक स्थानीय आपदा नहीं है। यह भारत, नेपाल और पूरे हिमालयी क्षेत्र के सामने खड़े उस नए खतरे की चेतावनी है, जिसमें पिघलते ग्लेशियर, अस्थिर पर्वत, अचानक बनने वाली झीलें और सीमा पार से आने वाला अनियंत्रित जल प्रवाह किसी भी समय हजारों लोगों की जिंदगी और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को संकट में डाल सकता है। भोटेकोशी का उफान थम भी जाए, लेकिन इसके पीछे उठे सवाल अब लंबे समय तक शांत नहीं होंगे।

प्रभासाक्षी 26 Aug 2026 4:24 pm

बिहार की बहनें बदलेंगी तकदीर; सुरक्षित, शिक्षित और आत्मनिर्भर महिलाओं से बनेगा समृद्ध बिहार : सीएम सम्राट

Patna, 26 अगस्त . बिहार के Chief Minister सम्राट चौधरी ने Wednesday को रक्षाबंधन से पहले बिहार की बेटियों और बहनों की सुरक्षा, शिक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए तीन महत्वपूर्ण योजनाओं की शुरुआत की. Patna के ज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में Chief Minister ने ‘Police दीदी (अभया ब्रिगेड)’ के लिए ... Read more

डेली किरण 26 Aug 2026 4:23 pm

Nepal में भीषण Flood, 105 Indian समेत 400 लोग Missing, चारों ओर तबाही

बुधवार को नेपाल के उत्तरी रसुवा ज़िले (तिब्बत सीमा के पास) में आए ज़बरदस्त अचानक बाढ़ के कारण लगभग 400 लोग लापता हैं, जिनमें कम से कम 105 भारतीय शामिल हैं। साथ ही 16 लोगों की मौत की भी खबर है। इस बाढ़ ने घर, गाड़ियाँ, पुल और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट की साइट्स को बहा दिया है। बाढ़ का पानी नीचे की ओर बढ़ रहा है, जिससे नेपाल से सटी सीमा वाले राज्य बिहार में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। इसे भी पढ़ें: Tejashwi Yadav ने PMCH में घायल छात्रों से की मुलाकात, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप अधिकारियों के मुताबिक, सुबह करीब 9 बजे तिब्बत की तरफ से भोटे कोशी नदी में पानी का तेज़ बहाव आया, जिससे तिमुरे और स्याप्रु बेसी बुरी तरह प्रभावित हुए। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने बताया कि ग्यिरोंग बॉर्डर क्रॉसिंग के पास तिब्बत में भी मडस्लाइड (कीचड़ का बहाव) हुई, जिसमें कुछ लोगों की मौत हो गई और कई लोग लापता हो गए। अचानक आई इस बाढ़ की वजह अभी साफ नहीं है। नेपाल के बाढ़ पूर्वानुमान विभाग का कहना है कि रसुवा में भारी बारिश के कारण ऐसा होने की संभावना कम है, जबकि सैटेलाइट तस्वीरों में तिब्बत की तरफ काफी बारिश दिखाई दी है। 'द काठमांडू पोस्ट' की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारी ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) की संभावना की जांच कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में इलाके की नदियों में उफान दिखाई दे रहा है; एक वीडियो में बाढ़ का पानी एक पुल को बहा ले जाता हुआ दिख रहा है। एक और वीडियो में एक घर ताश के पत्तों की तरह ढहता हुआ दिख रहा है, जबकि बैकग्राउंड में लोग चीखते-चिल्लाते और घबराहट में भागते हुए नज़र आ रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Gandak नदी का जलस्तर बढ़ा, Bihar में बाढ़ का खतरा; CS ने की आपात बैठक नेपाल सरकार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में बचाव अभियान शुरू किया, लेकिन जिन जगहों पर बाढ़ का पानी बहुत ज़्यादा था, वहाँ हेलीकॉप्टर नहीं उतर पाए। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने तिब्बत में लापता लोगों की पूरी ताकत से खोज करने और दूसरी आपदाओं को रोकने के लिए बेहतर निगरानी और समय रहते चेतावनी देने वाले सिस्टम बनाने का निर्देश दिया।

प्रभासाक्षी 26 Aug 2026 4:23 pm

बखरी में बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन का रक्तदान शिविर, SDO ने किया उद्घाटन

26 बुधवार, अगस्त :बेगूसराय के बखरी में बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्घाटन एसडीओ सन्नी कुमार सौरव और मुख्य पार्षद गीता कुशवाहा ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान 60 से अधिक लोगों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान कर समाज के सामने एक अनूठी मिसाल पेश की।

लाइव हिन्दुस्तान 26 Aug 2026 4:03 pm