केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की 2029 से पहले समान नागरिक संहिता लागू करने की घोषणा पर बिहार एनडीए में मतभेद सामने आए हैं।
इंग्लैंड में तहलका मचाएगा बिहार का लाल, नॉटिंघमशायर ने दो मैचों के लिए किया टीम में शामिल
भारतीय तेज गेंदबाज मुकेश कुमार पहली बार इंग्लैंड के घरेलू क्रिकेट में खेलने जा रहे हैं। उन्होंने काउंटी चैंपियनशिप के आखिरी दो मैचों के लिए नॉटिंघमशायर के साथ करार किया है।
Bihar Flood: 15 जिलों में 49 लाख से अधिक आबादी प्रभावित, कई नदियां उफान पर
बिहार और पड़ोसी देश नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में में पिछले चार-पांच दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण राज्य में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है और 15 जिलों में करीब 50 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। वहीं, कई नदियां विभिन्न स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। आपदा प्रबंधन विभाग (डीएमडी) ने सोमवार को जारी बयान में बताया कि पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया जिलों के 88 प्रखंडों की 575 ग्राम पंचायतों के 49.36 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। एक अधिकारी ने बताया कि राज्य और पड़ोसी नेपाल में लगातार हो रही बारिश के कारण राज्य की कई नदियों और जलधाराओं का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। स्थानीय मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में सितंबर में अब तक 112.7 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से लगभग छह प्रतिशत अधिक है। बुलेटिन के अनुसार, बलतारा और कुरसेला में कोसी नदी, खगड़िया में बूढ़ी गंडक नदी, दीघा, गांधी घाट, हथीदह, भागलपुर, कहलगांव और मुंगेर में गंगा नदी, श्रीपालपुर में पुनपुन नदी, बेनीबाद में बागमती नदी तथा दरौली में घाघरा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। डीएमडी ने बताया कि बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय और अररिया शामिल हैं। सोमवार शाम छह बजे भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा 36.19 मीटर के जलस्तर पर बह रही थी, जो खतरे के निशान से 1.69 मीटर ऊपर था। अधिकारियों के मुताबिक कोसी नदी बलतारा और कुर्सेला में, बूढ़ी गंडक खगड़िया में, गंगा दीघा, गांधी घाट, हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव और मुंगेर में, पुनपुन श्रीपालपुर में, बागमती बेनीबाद में और घाघरा दरौली में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन द्वारा 1,260 सामुदायिक रसोई चलाई जा रही हैं तथा 13 राहत शिविर बनाए गए हैं। इन शिविरों में लगभग 11,060 लोगों के लिए आवास, भोजन, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, सोमवार शाम चार बजे वाल्मीकिनगर स्थित गंडक नदी के बराज से 1,09,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जबकि जलप्रवाह बढ़ने की परिपाटी बनी हुई है। संभावित बाढ़ और राहत एवं बचाव कार्यों को तेज करने के लिए राज्य के विभिन्न जिलों में राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की 27 तथा राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 10 टीम तैनात की गई हैं। वहीं, वीरपुर स्थित कोसी बराज से पानी का बहाव 1,63,315 क्यूसेक दर्ज किया गया। इसकी तुलना में इस वर्ष 20 जुलाई को यह अधिकतम 2,55,425 क्यूसेक था। इस बीच, बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोमवार को केंद्र सरकार पर बाढ़ राहत के मामले में बिहार के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि गुजरात में मामूली बाढ़ आने पर भी उदार सहायता दी जाती है, जबकि बिहार में 50 से अधिक लोगों की मौत, पशुधन की क्षति, हजारों करोड़ रुपये का नुकसान और लगभग 45 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित होने के बावजूद न तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और न ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किसी राहत पैकेज की घोषणा की है।
अमित शाह के यूसीसी बयान पर बिहार एनडीए में अलग-अलग सुर, जदयू ने जताया विरोध
Patna, 14 सितंबर . केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के वर्ष 2029 के Lok Sabha चुनाव से पहले भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए शासित 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू किए जाने के बयान के बाद बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के भीतर इस मुद्दे को लेकर अलग-अलग राय सामने आने लगी ... Read more
जहानाबाद के चार तलवारबाज बिहार राज्य ओलंपिक प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। यह प्रतियोगिता सितंबर के आखिरी हफ्ते में पहली बार आयोजित हो रही है। इन खिलाड़ियों का चयन जिले के लिए गर्व की बात है। इसी सिलसिले में सोमवार को अम्मा क्लब में चयनित खिलाड़ियों के लिए एक दिन का प्रशिक्षण कार्यक्रम रखा गया। शाम 3:30 बजे शुरू हुए इस प्रशिक्षण में खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए जरूरी तकनीक, खेल कौशल और रणनीति सिखाई गई। प्रतियोगिता में जहानाबाद का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों में कुणाल सिंह आर्य, गौरव कुमार, आशीष कुमार और राजेश दास शामिल हैं। ये सभी फेंसिंग टीम के लिए खेलेंगे। टीम के कोच अन्नू शक्ति सिंह और टीम मैनेजर राजेश कुमार होंगे। जहानाबाद तलवारबाजी संघ के सचिव अन्नू शक्ति सिंह ने बताया कि जिले से चार खिलाड़ियों का चयन होना गौरव की बात है। उन्होंने उम्मीद जताई कि खिलाड़ी प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन करेंगे। पहली बार तलवारबाजी के खिलाड़ियों को ऐसा मौका मिलने से खेल प्रेमियों में भी उत्साह है।
धमकी के बाद तेजप्रताप ने बढ़ाई सुरक्षा की मांग, अमित शाह से लेकर बिहार के DGP तक लिखी चिट्ठी
तेजप्रताप यादव ने लगातार मिल रही धमकियों के बाद अपनी सुरक्षा को लेकर केंद्र और बिहार सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बिहार के डीजीपी और गृह सचिव को पत्र लिखकर पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है और पटना में एफआईआर भी दर्ज कराई है।
यूपी सरकार में मंत्री संजय निषाद ने सोमवार को विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश सहनी पर जमकर हमला बोला। हालांकि, निषाद ने बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी का नाम नहीं लिया। कहा- कुछ “मौसमी नेता” अब तक तय नहीं कर पाए हैं कि मुंबई में व्यापार करेंगे। यहां-वहां घूमकर दूसरों की दरी बिछाएंगे या मछुआरा समाज के वोटों की दलाली करते रहेंगे। जैसा उन्होंने अपने राज्य में किया है। आजादी के बाद पहली बार यूपी में मछुआरा समुदाय राजनीतिक ताकत बनकर खड़ा हुआ है। अब विधानसभा चुनाव का मौसम शुरू हो चुका है। ऐसे में बाहर से आने वाले नेताओं से समाज को सावधान रहने की जरूरत है। जो बिहार में मछुआरा समुदाय के वोटों की खरीद-बिक्री के लिए बदनाम रहा हो। जिसने वहां मछुआरों के राजनीतिक उभार को ग्रहण लगा दिया हो। जो एक विधानसभा चुनाव तक जीतने की हैसियत नहीं रखता हो। वह जेब में नोटों की गड्डी रखकर लाल टोपी और नीली वर्दी पहनकर यूपी के निषाद समाज को गुमराह करने की राजनीति करने निकला है। संजय निषाद बोले- मछुआरा समाज बिकने वाली कौम नहीं संजय निषाद ने कहा- मछुआरा समुदाय पैसों पर बिकने वाली कौम नहीं है। यूपी के मछुआरों को राजनीति सिखाने से पहले यह समझना होगा कि राजनीति उनके खून में है। मछुआरा गरीब भले है, लेकिन गद्दार पुत्र नहीं है। अंग्रेजों और मुगलों से लड़ने वाला है। उन्हें मौत के घाट उतारने वाला, देश को आजाद कराने वाला और संविधान लिखवाने वाला है। संविधान में आरक्षण भी लिखवाने वाला है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की वजह से समाज का आरक्षण लुटा और आज भी लूटा जा रहा है। समाज को एकजुट नहीं होने दिया जा रहा है। केवट, मल्लाह, बिंद और कश्यप के नाम पर समाज में भेद पैदा किया जा रहा है। जो दूसरे दलों से पैसा लेकर समाज में बांटता है और लोगों को “बिकाऊ” या “पीआऊ” का लेबल देता है, वह सही मायने में सन ऑफ केवट नहीं बल्कि “गद्दार पुत्र” है। जानिए संजय निषाद की नाराजगी की वजह गोंडा की घटना के बाद बढ़ी तल्खी संजय निषाद के इस हमले के पीछे गोंडा में निषाद समाज के विनोद कुमार निषाद की हत्या का मामला अहम माना जा रहा है। इस मामले में मुकेश सहनी की सक्रियता से संजय निषाद नाराज बताए जा रहे हैं। सहनी ने घटना के बाद निषाद समाज के बीच पहुंचकर इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश की थी। लखनऊ में धरना देने सबसे परिवार को लेकर पहुंच गए थे। दरअसल, मुकेश सहनी पिछले कुछ समय से पूर्वांचल में निषाद समाज के बीच सक्रियता बढ़ा रहे हैं। वह लगातार मछुआरा समुदाय से जुड़े मुद्दे उठाकर यूपी में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। सपा से तालमेल की चर्चा से भी संजय बेचैन यूपी विधानसभा चुनाव- 2027 से पहले मुकेश सहनी की सक्रियता इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही, क्योंकि उनकी सपा से तालमेल की चर्चा चल रही है। सहनी की पार्टी बिहार में मछुआरा और अति पिछड़ा वोटबैंक के बीच अपनी राजनीतिक पहचान बनाने की कोशिश करती रही है। इसके अलावा, यूपी में पूर्वांचल की बड़ी संख्या में विधानसभा सीटों पर निषाद, मल्लाह, बिंद, केवट और कश्यप समुदाय की मौजूदगी है। ऐसे में सहनी की सक्रियता निषाद पार्टी के लिए सीधे राजनीतिक चुनौती बन सकती है। दूसरी ओर, संजय निषाद लंबे समय से निषाद समाज को अपने राजनीतिक आधार के तौर पर मजबूत करने में जुटे हैं। ऐसे में बाहर से आने वाले किसी नेता की ओर से इसी वोटबैंक में सेंध लगाने की कोशिश को वह अपने राजनीतिक प्रभाव के लिए चुनौती मान रहे हैं। निषाद वोट की लड़ाई अब आमने-सामने एक तरफ संजय निषाद अपनी पार्टी को भाजपा के साथ गठबंधन में निषाद समाज की सबसे बड़ी राजनीतिक आवाज के तौर पर पेश कर रहे हैं। दूसरी तरफ मुकेश सहनी पूर्वांचल में सक्रिय होकर इसी सामाजिक आधार को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में निषाद, मल्लाह, बिंद, केवट और कश्यप समुदाय के बीच दोनों नेताओं की राजनीतिक सक्रियता बढ़ सकती है। संजय निषाद का आज का बयान इसी बढ़ती राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का खुला संकेत माना जा रहा है।
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने बिना नाम लिए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए कहा कि बिहार में 3-4 युवराज हैं, जो अपने क्षेत्र में जाने के बजाय दूसरी गतिविधियों में व्यस्त हैं। उन्होंने कहा कि एक युवराज एक दिन अपने क्षेत्र गए और 5-6 घंटे बाद उनकी तबीयत खराब हो गई। अगले दिन उन्हें MLC का चयन करना था, इसलिए क्षेत्र में नहीं गए। पप्पू यादव ने तंज कसते हुए कहा कि शायद माल गिनने में समय लग गया होगा। उन्होंने चिराग पासवान पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें बिहार की जनता की चिंता नहीं है और वे मूर्ति लगवाने में व्यस्त हैं। विपक्ष का काम सिर्फ झुनझुना हिलाना नहीं पप्पू यादव ने नेता प्रतिपक्ष के उस बयान पर भी सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने बाढ़ को लेकर कहा था कि यह सत्ता पक्ष का काम है और विपक्ष अपनी ओर से जितना संभव है, उतना कर रहा है। पप्पू यादव ने कहा कि विपक्ष का काम क्या सिर्फ झुनझुना हिलाना है? उन्होंने आरोप लगाया कि नेता जनता के बीच जाने के बजाय माल कमाने और विदेश जाने में लगे हैं। उन्होंने राघोपुर और हाजीपुर नहीं जाने को लेकर भी सवाल उठाए। 56 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित होने का दावा पप्पू यादव ने कहा कि बिहार ज्ञान और साहित्य की तपोभूमि है, लेकिन आज 56 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। कोसी और गंगा के पानी के बीच लोग जिंदगी बिता रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में दवाइयां और ब्लीचिंग पाउडर तक उपलब्ध नहीं हैं। पीएम से पूछा- क्या बिहार भारत से बाहर है? पप्पू यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल करते हुए कहा कि जब राजनीति करनी होती है तो नेपाल को इतनी मदद देने की बात कही जाती है, लेकिन बिहार की बारी आने पर कुछ नहीं कहा जाता। उन्होंने पूछा कि क्या बिहार भारत से बाहर है? क्या बिहार की जनता भारत से बाहर है? उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री अमित शाह बिहार में एक चीनी मिल तक शुरू नहीं करवा पाए। अमित शाह से सवाल करते हुए उन्होंने पूछा कि बाढ़ को लेकर जो वादे किए गए थे, उनका क्या हुआ? 'चुनाव के समय हेलीकॉप्टर से सब आते थे' पप्पू यादव ने कहा कि चुनाव के समय नेता हेलीकॉप्टर से बिहार आते थे, लेकिन जब जनता की बारी आई तो हेलीकॉप्टर गायब हो गया। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोग जानवरों और कीड़ों से भी बदतर जिंदगी जीने को मजबूर हैं। सीएजी रिपोर्ट का हवाला देकर जांच की मांग पप्पू यादव ने कहा कि उनके पास CAG की पूरी रिपोर्ट है, जिसमें कब-कब कितना पैसा खर्च हुआ, इसकी जानकारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर चारों तरफ सड़कें बना दी गईं, जिससे नदियों का पानी निकलने की जगह तक नहीं बची। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में 3-4 जिलों को छोड़कर बिहार के लगभग सभी जिले बाढ़ से प्रभावित हो सकते हैं। मुख्यमंत्री के हवाई सर्वेक्षण पर भी निशाना उन्होंने मुख्यमंत्री पर भी निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सिर्फ पांच मिनट के लिए कहीं भी हवाई सर्वेक्षण करने चले जाते हैं। एक जगह लोगों के साथ खाना खाया, फोटोग्राफी हुई और काम खत्म हो गया। पप्पू यादव ने कहा कि बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति में सिर्फ हवाई सर्वेक्षण से समस्या का समाधान नहीं होगा।
बाढ़ से बेहाल बिहार के साथ केंद्र कर रहा भेदभाव, गुजरात में बारिश पर भी पैकेज : तेजस्वी यादव
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए गुजरात और बिहार के प्रति उसके रवैये में भेदभाव का आरोप लगाया है।
10-12 दिन पहले ही किराए पर रहने आया था युवक, बिहार के बांका का रहने वाला है हिरासत में लिया गया युवक
10-12 दिन पहले ही किराए पर रहने आया था युवक, बिहार के बांका का रहने वाला है हिरासत में लिया गया युवक
डूबे मकान, लापता सड़कें, राहत का इंतजार करते लोग... बाढ़ से जूझ रहे बिहार की यही है तस्वीर!
बिहार बाढ़ के बीच लोगों के जीवन की रफ्तार थम गई है. कहीं लोग सुरक्षित जगह की तलाश में हैं, तो कहीं परिवार अपने सामान और मवेशियों को बचाने में जुटे हैं. इन तस्वीरों में बाढ़ की मार झेल रहे सैंकड़ों परिवारों का दर्द साफ झलक रहा है.
अमित शाह के UCC ऐलान पर बिहार में बवंडर; LJP-RV का सपोर्ट, JDU विरोध में, RJD-कांग्रेस मजा ले रही
यूसीसी पर अमित शाह के ऐलान का लोजपा आरवी ने समर्थन किया है तो जदयू ने विरोध दर्ज कराया है। इस स्थिति पर कांग्रेस और राजद के नेता एनडीए पर तंज कस रहे हैं।
देश के कई राज्यों में कुदरत का कहर: यूपी के 26 जिलों में बाढ़ का संकट, बिहार में फ्लोटिंग अस्पताल शुरू और मुंबई में भरा पानी
क्या बिहार में भी लागू होगा यूसीसी? अमित शाह के बयान से उठे सवाल, जेडीयू ने कहा- 'NO'
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि देश में बीजेपी-एनडीए शासित राज्यों में 2029 तक समान नागरिक संहिता लागू हो जाएगी. इसके बाद बीजेपी की सहयोगी जेडीयू ने कहा है कि वो बिहार में इसे नहीं लागू होने देंगे.
गंगा में फंसा राजमहल क्रूज, 9 विदेशी पर्यटकों को निकाला गया; बिहार के 2,360 गांव बाढ़ की चपेट में, 44 लाख प्रभावित
Bihar Flood: बिहार में अभी बाढ़ का खतरा पूरी तरह से नहीं टला है। गंगा नदी अभी भी खतरे के निशान के पार बह रही है। जबकि पुनपुन और बागमती में बढ़त ने निचले इलाकों की चिंता बढ़ा दी है। फरक्का में भी गंगा 23.80 मीटर पर खतरे के निशान 22.25 मीटर से 1.55 मीटर ऊपर है।
Weather Update: देशभर में बारिश का कहर, उत्तराखंड में लैंडस्लाइड तो बिहार में बाढ़ से हाहाकार
Weather Update: देशभर में बारिश का कहर, उत्तराखंड में लैंडस्लाइड तो बिहार में बाढ़ से हाहाकार
‘नेताओं के बहकावे में न आएं, बच्चों के भविष्य की चिंता करें’, प्रशांत किशोर ने बिहार के लोगों से की अपील
Bihar News Today Live: बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 14 सितम्बर के मुख्य और ताजा समाचार
Bihar Breaking News Today Live - Read latest and breaking news today in hindi at Amarujala. यहां पढ़ें, बिहार की ताजा खबरें, राजनीति, खेल, मनोरंजन, धर्म, क्राइम और शिक्षा की खबरों का लाइव अपडेशन
छठ पर बिहार जाना है? टिकट पर जान लें अपडेट, 8 स्पेशल ट्रेनों का ऐलान
दिवाली और छठ पर घर जाने की तैयारी कर रहे बिहार के यात्रियों ने नियमित ट्रेनों की बुकिंग शुरू होते ही IRCTC ऐप और वेबसाइट पर परेशानी की शिकायत की. अब त्योहारों के दौरान बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए रेलवे ने अलग-अलग शहरों से बिहार के लिए स्पेशल ट्रेनों की घोषणा की है.
इस वारदात के बाद वहां मौजूद अन्य लोगों ने उसके घर जाकर परिजनों को जानकारी दी। उसके बाद जख्मी ने अपने चाचा को घटना की पूरी जानकारी दी व बदमाशों का नाम भी बताया जिसने उसे गोली मारी।
बिहार में मानसून की रफ्तार कमजोर, उमस से बढ़ी परेशानी; 16 जिलों में बिजली गिरने का अलर्ट
Bihar Weather News: बिहार में मानसून की गतिविधियां कम होने से भारी वर्षा में कमी आई है, जिससे उमस बढ़ गई है। मौसम विभाग ने 16 जिलों में मेघ गर्जन और वज्रपात की चेतावनी जारी की है, जबकि कुछ स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना है।
Bihar Flood: बिहार में गंगा नदी का जलस्तर घटा तो कटाव का खतरा बढ़ा, हाई अलर्ट जारी
गंगा नदी के जलस्तर में आ रही इस कमी के बीच बिहार सरकार और जल संसाधन विभाग के सामने अब एक नई और गंभीर चुनौती खड़ी हो गई है। नदी का पानी जब तेजी से पीछे हटता है तो तटबंधों और नदी के किनारों पर भीषण कटाव (इरोजन) का खतरा पैदा हो जाता है।
स्मार्ट मीटर में बार बार डिफरमेंट चार्ज कटने से हैं परेशान तो ऐसे घर बैठे बढ़ाएं बिजली लोड
Bihar Smart Meter Differment Charge: स्मार्ट मीटर में बार-बार कट रहे डिफरमेंट चार्ज से बचने के लिए उपभोक्ता अब घर बैठे ऑनलाइन बिजली लोड बढ़ा सकते हैं। सुविधा ऐप या बिजली कंपनी की वेबसाइट के माध्यम से यह प्रक्रिया आसानी से पूरी की जा सकती है।
Lucknow News: बिहार विधानसभा उपाध्यक्ष ने परखी व्यवस्था
बिहार विधानसभा उपाध्यक्ष ने परखी व्यवस्था
Prayagraj News: इविवि में बिहार के छात्रों का दबदबा, 27 राज्यों से पहुंचे विद्यार्थी
यूजी में यूपी के बाहर से दाखिला लेने वालों में बिहार के 374 छात्र, मध्य प्रदेश के 182
Azamgarh News: आज बाबा बिहारी दास मंदिर में विराजेंगे गणपति बप्पा
Today, Ganpati Bappa will be enshrined at the Baba Bihari Das Temple.
Auraiya News: ब्लॉक के चलते खड़ी हुई बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस
ब्लॉक के चलते खड़ी हुई बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस
Saharanpur News: सोनीपत में फैक्टरी, पंजाब से बिहार तक फैला नेटवर्क
Factory in Sonipat, network spanning from Punjab to Bihar.
कटिहार में नॉर्थ ईस्टर्न बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की 48वीं वार्षिक आमसभा रविवार को आयोजित हुई। कार्यक्रम का उद्घाटन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व मंत्री संजय सरावगी, पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं विधायक तारकिशोर प्रसाद समेत अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता चैंबर के निवर्तमान अध्यक्ष एवं विधान पार्षद अशोक अग्रवाल ने की। मुख्य अतिथि तारकिशोर प्रसाद रहे। देखें, मौके से आई तस्वीरें… निवेश बढ़ाने में व्यवसायियों की अहम भूमिका भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि व्यवसायियों को बिहार के संदेशवाहक के रूप में काम करना चाहिए, ताकि राज्य में अधिक से अधिक निवेश आ सके। उन्होंने कहा कि सरकार उद्योग लगाने के लिए एक रुपये में जमीन उपलब्ध करा रही है। इसके साथ ही उद्योगपतियों को स्थानीय लोगों को रोजगार देने की दिशा में भी काम करना होगा। सरकार के सामने सीधे रख सकते हैं समस्याएं सरावगी ने कहा कि व्यवसायी किसी भी सरकार को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बिहार सरकार व्यवसायियों और उद्योगपतियों के हित में काम कर रही है। व्यवसायी अपनी समस्याओं को सीधे सरकार के सामने रख सकते हैं। व्यवसायी आयोग के गठन को बताया बड़ी पहल पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि चैंबर में नेतृत्व देने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में यह पहली सरकार है, जिसने व्यवसायी आयोग का गठन किया है। हालांकि, इसमें अभी कुछ सुधार की आवश्यकता है। औद्योगिक विकास में चैंबर की अहम भूमिका कटिहार नगर निगम की महापौर उषा देवी अग्रवाल ने कहा कि चैंबर हमेशा व्यवसायियों के साथ खड़ा रहा है। कटिहार के औद्योगिक और व्यावसायिक विकास में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। नगर निगम शहर को साफ, सुंदर और विकसित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। विधायकों ने दिया चैंबर को सहयोग का भरोसा कदवा विधायक डॉ. दुलाल चंद गोस्वामी ने चैंबर के प्रस्तावों का समर्थन करते हुए उसके हित में लगातार काम करने का भरोसा दिया। प्राणपुर विधायक निशा सिंह ने व्यवसायियों से नए नेतृत्व में आगे बढ़ने की अपील की। बरारी विधायक विजय सिंह ने कहा कि चैंबर व्यवसायियों के हित में लगातार संघर्ष करता रहा है। उन्होंने कहा कि विधायक, नगर निगम और चैंबर मिलकर व्यवसायियों के हित में काम करेंगे। नए अध्यक्ष ने जताई जिम्मेदारी निभाने की प्रतिबद्धता चैंबर के नवनिर्वाचित अध्यक्ष बिमल सिंह बेंगानी ने कहा कि संस्था हमेशा व्यवसायी हित में काम करती रही है। वर्तमान में उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उस पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे। कटिहार को व्यापार जगत में आगे ले जाने पर जोर कोढ़ा विधायक कविता देवी ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष को बधाई देते हुए कहा कि व्यापार को आगे बढ़ाने के लिए सरकार पूरी ताकत लगा रही है। उन्होंने कहा कि कटिहार व्यापार जगत में और अधिक चमकेगा। जिला परिषद अध्यक्ष रश्मि सिंह ने कहा कि जिले के समग्र विकास में व्यवसायी वर्ग की अहम भूमिका है और जिला परिषद चैंबर के साथ खड़ा है। निवर्तमान अध्यक्ष ने गिनाईं चार साल की उपलब्धियां निवर्तमान अध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने अपने अध्यक्षीय भाषण में चार साल के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि कार्यकारिणी समिति ने पूरी निष्ठा, ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ संस्था के मान-सम्मान और गरिमा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उन्होंने विश्वास जताया कि नई कार्यकारिणी नई ऊर्जा और जोश के साथ चैंबर को सफलता की नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। आय-व्यय का लेखा-जोखा प्रस्तुत निवर्तमान सचिव गणेश डोकानिया ने सचिव प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। निवर्तमान कोषाध्यक्ष दिलीप बंसल ने अंकेक्षित आय-व्यय का विवरण रखा। आमसभा में अनिल यादुका ने प्रस्ताव पढ़े। प्रस्तावों पर गंभीरता से विचार करने के बाद संबंधित विभागों से पत्राचार करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। कार्यक्रम में अतिथियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। धन्यवाद ज्ञापन चैंबर के नवनिर्वाचित अध्यक्ष अजय सिंघानिया ने किया, जबकि मंच संचालन विकास खंडेलिया ने किया।
देवघर से CID की गिरफ्त में बिहार का युवक, प्रश्न-उत्तर रटवाता था; कोडरमा के युवकों से पूछताछ जारी
JSSC-CGL पेपर लीक: सीआईडी ने जेएसएससी सीजीएल पेपर लीक मामले में देवघर से सुधाकर यादव नामक संदिग्ध को रांची लाकर पूछताछ शुरू की है। उस पर कई छात्रों को प्रश्न-उत्तर रटवाने और नौकरी दिलाने में मदद करने का आरोप है।
शिव मंदिर में मटका फोड़, सलमान अली बना गोविंदा; बिहार में हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल
काराकाट नगर पंचायत स्थित शिव मंदिर परिसर में मटका फोड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें मुस्लिम युवक सलमान अली ने मटका फोड़कर अपनी टीम को जीत दिलाई।
सहरसा के राष्ट्रीय फुटबॉल कोच और मध्य विद्यालय जेल कॉलोनी के शारीरिक शिक्षा शिक्षक नीतीश मिश्रा को लगातार छठी बार बिहार फुटबॉल टीम का मैनेजर बनाया गया है। उन्हें राष्ट्रीय स्तर की सुब्रतो मुखर्जी फुटबॉल प्रतियोगिता के लिए यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रतियोगिता का आयोजन भारतीय वायु सेना की ओर से 15 से 24 सितंबर तक नई दिल्ली में किया जाएगा। बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के नेतृत्व में बिहार की टीम प्रतियोगिता में हिस्सा लेगी। देखें, मौके से आई तस्वीरें… बिहार को पदक दिलाने का लक्ष्य लगातार छठी बार मैनेजर चुने जाने पर नीतीश मिश्रा ने बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह और बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रविंद्र शंकरण का आभार जताया। उन्होंने कहा कि टीम के खिलाड़ियों के बेहतर प्रदर्शन के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। उनका लक्ष्य राष्ट्रीय प्रतियोगिता में बिहार को पदक दिलाना है। खेल दिवस पर मिला बेस्ट कोच अवार्ड फुटबॉल के क्षेत्र में नीतीश मिश्रा के योगदान को देखते हुए हाल ही में खेल दिवस के अवसर पर उन्हें बिहार के बेस्ट कोच अवार्ड से सम्मानित किया गया था। वे लंबे समय से फुटबॉल खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं और राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न प्रतियोगिताओं में बिहार का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं। किसान परिवार से निकलकर राष्ट्रीय पहचान कोसी क्षेत्र के ऐकाढ़ गांव निवासी नीतीश मिश्रा किसान परिवार से आते हैं। वे श्री भगवान मिश्र और मुन्नी देवी के सबसे छोटे पुत्र हैं। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में लगातार छठी बार बिहार टीम के मैनेजर की जिम्मेदारी मिलने से सहरसा के खेल जगत में खुशी का माहौल है। खेल पदाधिकारियों ने दी बधाई उनके चयन पर सहरसा जिला खेल पदाधिकारी सह जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग के निदेशक राजीव रंजन समेत कई अधिकारियों ने बधाई दी है। भारत खेली फुटबॉल के संस्थापक फणीभूषण, ग्रामीण, रक्त काली मंदिर एवं मत्स्यगंधा मंदिर परिवार, सहरसा जिला फुटबॉल संघ से जुड़े विभिन्न क्लबों के अध्यक्ष-सचिव और अलग-अलग खेल संघों के पदाधिकारियों ने भी उन्हें शुभकामनाएं दीं। सभी ने उम्मीद जताई कि नीतीश मिश्रा के मार्गदर्शन में बिहार टीम के खिलाड़ी शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय प्रतियोगिता में एक बार फिर पदक जीतेंगे।
13 सितंबर, रविवार: पुलिस ने शराब और गांजा के मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनके पास से 246 किलोग्राम गांजा और 1074 लीटर विदेशी शराब बरामद की गई है।
Bihar Flood: 15 जिलों में 48 लाख से अधिक लोग प्रभावित, कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर
बिहार में रविवार को 48 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित रहे, हालांकि अधिकतर नदियों का जलस्तर घटना शुरू हो गया है। हालांकि नदियों का जलस्तर अब भी खतरे के निशान से ऊपर है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि 15 जिलों के 87 प्रखंडों की 575 ग्राम पंचायतों में करीब 48.35 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। आपदा प्रबंधन विभाग (डीएमडी) के अनुसार, पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय और अररिया सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि बिहार में सितंबर में अब तक 108.8 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो सामान्य से करीब 20 प्रतिशत अधिक है। डीएमडी ने बताया कि कोसी नदी बलताड़ और कुरसेला में, बूढ़ी गंडक खगड़िया में, गंगा दीघा, गांधी घाट, हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव और मुंगेर में, पुनपुन श्रीपालपुर में, बागमती बेनीबाद में तथा घाघरा दरौली और गंगपुर सिसवन में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। विभाग ने बताया कि प्रशासन 1,251 सामुदायिक रसोई संचालित कर रहा है और बाढ़ प्रभावित इलाकों में 13 राहत शिविर बनाए गए हैं। उसने बताया कि इन शिविरों में करीब 12,260 लोगों के ठहरने, भोजन, चिकित्सा सुविधा और अन्य आवश्यक वस्तुओं की व्यवस्था की गई है। उसने बताया कि लोगों को निकालने और उनके आवागमन के लिए करीब 1,790 नौकाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 10 और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की 27 टीम विभिन्न जिलों में तैनात की गई हैं।
बिहार : ‘जदयू मतलब नीतीश कुमार’ से गरमाई बिहार की सियासत
Patna, 13 सितंबर . जनता दल (यूनाइटेड) के नाम में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के पूर्व Chief Minister नीतीश कुमार का नाम जोड़ने की मांग ने अब बिहार की सियासत को गरमा दिया है. जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा की ओर से उठी इस मांग को प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह ... Read more
बिहार : 'जदयू मतलब नीतीश कुमार’ से गरमाई बिहार की सियासत
बिहार : 'जदयू मतलब नीतीश कुमार’ से गरमाई बिहार की सियासत
बिहार में फरक्का जल संधि को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने भारत-बांग्लादेश के बीच गंगा जल बंटवारे की मौजूदा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए इसे बिहार के हितों के खिलाफ बताया है। JDU विधायक पंकज मिश्रा ने कहा कि फरक्का जल संधि बिहार के लिए किसी अभिशाप से कम नहीं है। उन्होंने केंद्र सरकार से बिहार के हितों को ध्यान में रखते हुए इस पर जल्द फैसला लेने की मांग की है। पानी की कमी और बाढ़-सूखे का उठाया मुद्दा पंकज मिश्रा का कहना है कि फरक्का जल संधि के मौजूदा स्वरूप के कारण बिहार को पानी की कमी के साथ-साथ बाढ़ और सूखे जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि इसके चलते राज्य में करीब 75 प्रतिशत तक सूखे की स्थिति बनने का खतरा रहता है। 12 दिसंबर को खत्म होगी 30 साल की संधि भारत और बांग्लादेश के बीच गंगा जल बंटवारे को लेकर 12 दिसंबर 1996 को फरक्का जल संधि हुई थी। यह समझौता 30 साल की अवधि के लिए था। इसकी अवधि 12 दिसंबर 2026 को समाप्त होने वाली है। ऐसे में संधि को लेकर बिहार में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। मौजूदा स्वरूप में आगे बढ़ाने का विरोध JDU का कहना है कि वह फरक्का जल संधि को मौजूदा स्वरूप में आगे बढ़ाने के पक्ष में नहीं है। पार्टी के अनुसार फरक्का बैराज और पानी के बंटवारे की वर्तमान व्यवस्था से बिहार में गंगा में गाद जमने, बाढ़ और पानी से जुड़ी दूसरी समस्याएं बढ़ी हैं। गंगा किनारे 12 जिलों में जागरूकता अभियान JDU इस मुद्दे को बिहार के लोगों के बीच ले जाने की तैयारी में है। पार्टी की ओर से गंगा किनारे बसे बिहार के 12 जिलों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसके जरिए फरक्का जल संधि के प्रभाव और बिहार के हितों से जुड़े मुद्दों को लोगों के सामने रखा जा रहा है। केंद्र से जल्द फैसला लेने की मांग विधायक पंकज मिश्रा ने कहा कि अब समय आ गया है कि बिहार के हितों को प्राथमिकता देते हुए फरक्का जल संधि पर दोबारा विचार किया जाए। उन्होंने केंद्र सरकार से संधि को लेकर जल्द निर्णय लेने और बिहार के हितों की रक्षा करने की अपील की है। बिहार के जल हित पर बढ़ी राजनीतिक बहस संधि की अवधि समाप्त होने से पहले JDU का विरोध बिहार के जल अधिकार और गंगा के प्रबंधन को लेकर नई राजनीतिक बहस को हवा दे रहा है। पार्टी अब इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाकर केंद्र पर बिहार के हित में निर्णय लेने का दबाव बनाने की कोशिश कर रही है।
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार में आई बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की है। उन्होंने इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि बिहार को विशेष पैकेज दिया जाना चाहिए। तेजस्वी यादव ने कहा, 2007 में जब बाढ़ आई थी, तब केंद्र में UPA की सरकार थी। तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी बिहार आए थे। बाढ़ राहत के लिए आर्थिक मदद भी दी गई थी। लालू प्रसाद यादव उन्हें बिहार लेकर आए थे। नेता प्रतिपक्ष ने कहा, “बिहार में बाढ़ की स्थिति भयावह है, लेकिन डबल इंजन की सरकार राहत पहुंचाने में विफल है। बिहार में डबल इंजन की सरकार है, लेकिन दोनों इंजनों में आग लगी हुई है। राज्य सरकार का खजाना खाली हो चुका है और इमरजेंसी फंड से पैसे निकाले जा रहे हैं।” प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी की बड़ी बातें… बिहार को केंद्र से मदद नहीं मिल रही बिहार को विशेष मदद देने की मांग को लेकर तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। तेजस्वी ने गुजरात का उदाहरण देते हुए कहा, ‘क्या प्रधानमंत्री बिहार को देश से अलग समझते हैं। बिहार में इतनी बड़ी आपदा के बावजूद केंद्र की ओर से अपेक्षित मदद नहीं मिल रही है। बिहार में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए हमने केंद्र सरकार से इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और विशेष पैकेज देने की मांग की है। इसको लेकर प्रधानमंत्री को पत्र भी लिखा है, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और सांसदों का कोई काम नहीं मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री कोई काम के नहीं हैं। बिहार के सांसद और केंद्रीय मंत्री कोई काम का नहीं है। बिहार के 30 से ज्यादा सांसद, 7 केंद्रीय मंत्री, फिर भी मदद नहीं मिली- तेजस्वी यादव केंद्रीय मंत्रियों पर तंज कसते हुए तेजस्वी ने कहा, ‘बिहार के 30 से ज्यादा सांसद हैं और 7 केंद्रीय मंत्री हैं। इनमें एक कपड़ा वाले मंत्री हैं और एक भेड़ चलाने वाले मंत्री हैं। किसी में इतनी हैसियत नहीं है कि बिहार के लिए सहायता लेकर आएं।’
पचास लाख तैयार रखो... सारा गोली शरीर में उतार देंगे, बिहार के इस स्कूल पर 18 राउंड फायरिंग
मुजफ्फरपुर के कांटी में एक निजी स्कूल के संचालक से पचास लाख की रंगदारी की मांग की गई है। बदमाशों ने स्कूल की दीवार पर 18 राउंड गोलियां चलाई गईं।
पानीपत सड़क हादसे में 14 साल के बच्चे की मौत:वाहन ने मारी टक्कर; बिहार से मामा के घर आया था
पानीपत जिले के ग्वालडा गांव के पास एक अनजान वाहन की चपेट में आने से 14 साल के बच्चे बादल की मौत हो गई। यह हादसा 11 सितंबर को हुआ था और बादल ने 12 सितंबर को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वह बिहार से अपने मामा के घर घूमने आया था। बिरजू राम, जो पानीपत में पीओपी का काम करते हैं, उन्होंने पुलिस को बताया कि उनका भांजा बादल एक महीने पहले बिहार से उनके पास आया था। बिरजू राम ने ग्वालडा के पास एक फैक्ट्री में पीओपी का ठेका लिया हुआ था। 11 सितंबर को बादल भी फैक्ट्री में आ गया था। रोहतक पीजीआई में तोड़ा दम रात करीब 8 बजे बादल फैक्ट्री से बाहर घूमने निकला, तभी एक अनजान वाहन ने उसे टक्कर मार दी। वह बुरी तरह घायल हो गया। फैक्ट्री के अन्य कर्मचारियों ने तुरंत बिरजू राम को सूचना दी और घायल बादल को एनसी मेडिकल कॉलेज में दाखिल कराया। बादल की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया था। ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज अगले दिन, यानी 12 सितंबर को, इलाज के दौरान बादल की मौत हो गई। पुलिस ने बिरजू राम की शिकायत पर अनजान वाहन ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब वाहन और उसके चालक की तलाश कर रही है।
बिहार के कारोबारी और औद्योगिक क्षेत्र में 22 सितंबर को एक नई पहल की शुरुआत होने जा रही है। किशनगंज के होटल दफ्तरी पैलेस में JITO (जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन) के बिहार चैप्टर का शुभारंभ होगा। समारोह में देशभर से जैन समाज के कारोबारी, उद्यमी और प्रोफेशनल्स शामिल होंगे। संगठन के बिहार चैप्टर की शुरुआत को राज्य के जैन कारोबारी समुदाय को एक साझा नेटवर्क और नए कारोबारी अवसरों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कम समय में बिहार चैप्टर की शुरुआत JITO ईस्ट जोन की चेयरपर्सन कल्पना बैद और चीफ सेक्रेटरी पंकज मालू ने बताया कि राजकरण दफ्तरी, अमित नहाटा, नेमीचंद बैद और भास्कर आनंद के प्रयासों से कम समय में बिहार चैप्टर की शुरुआत संभव हो सकी है। फाउंडर मेंबर राजकरण दफ्तरी और अमित नहाटा के अनुसार, शुभारंभ समारोह में JITO अपैक्स के प्रेसिडेंट विजय भंडारी, जनरल सेक्रेटरी ललित डांगी, सेक्रेटरी श्रीपाल बच्छावत, कमलेश सुरजातिया समेत अपैक्स के कई सदस्य मौजूद रहेंगे। क्या है JITO, किसके लिए करता है काम JITO मूल रूप से जैन समुदाय के व्यापारियों, उद्यमियों और प्रोफेशनल्स का संगठन है। इसका उद्देश्य कारोबारी समुदाय के सदस्यों को नेटवर्किंग, ज्ञान, मार्गदर्शन और व्यावसायिक अवसरों से जोड़ना है। संगठन की योजनाओं और गतिविधियों का प्रत्यक्ष लाभ मुख्य रूप से जैन समुदाय के सदस्यों को मिलता है। बिहार चैप्टर शुरू होने के बाद राज्य के जैन कारोबारी और उद्यमी देशभर में मौजूद संगठन के नेटवर्क से जुड़ सकेंगे। इससे कारोबार से संबंधित अनुभव साझा करने, नए संपर्क बनाने और संभावित कारोबारी साझेदारी के अवसर मिलने की उम्मीद है। बिहार में निवेश और कारोबार बढ़ाने की संभावना JITO का बिहार चैप्टर सीधे तौर पर राज्य के सभी कारोबारियों के लिए कोई सरकारी निवेश योजना नहीं है। इसका मूल उद्देश्य जैन कारोबारी समुदाय को संगठित नेटवर्क उपलब्ध कराना है। हालांकि, मजबूत कारोबारी नेटवर्क के जरिए बिहार में नए निवेश और व्यवसायों के लिए संभावनाएं बन सकती हैं। अगर संगठन से जुड़े उद्यमी बिहार में नए उद्योग या कारोबार शुरू करते हैं अथवा राज्य में निवेश लाते हैं तो इसका असर केवल संबंधित कारोबार तक सीमित नहीं रहेगा। नए उद्योगों और व्यावसायिक गतिविधियों से परिवहन, लॉजिस्टिक्स, निर्माण, बैंकिंग, होटल, रिटेल और सेवा क्षेत्र में भी गतिविधियां बढ़ सकती हैं। नए कारोबार से रोजगार के अवसर भी बन सकते हैं किसी नए उद्योग या कारोबारी इकाई की स्थापना के साथ प्रत्यक्ष रोजगार के अलावा उससे जुड़े कई सहायक क्षेत्रों में भी काम के अवसर पैदा होते हैं। सप्लाई चेन, परिवहन, पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स और अन्य सेवाओं में स्थानीय स्तर पर मांग बढ़ सकती है। इसी तरह कारोबारी गतिविधियों के विस्तार से बाजार में लेन-देन बढ़ने और औपचारिक आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलने की संभावना रहती है। इससे लंबे समय में राज्य के आर्थिक ढांचे पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है। असली सफलता नए अवसर पैदा होने से तय होगी 22 सितंबर को होने वाला शुभारंभ फिलहाल इस पहल की शुरुआत है। बिहार चैप्टर की वास्तविक सफलता इस बात से तय होगी कि आने वाले समय में इससे राज्य के जैन उद्यमियों को कितने नए कारोबारी अवसर मिलते हैं। इसके साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि JITO के नेटवर्क के जरिए बिहार में नए निवेश, उद्योग और व्यवसाय कितनी संख्या में आते हैं और उनका स्थानीय रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों पर कितना असर पड़ता है। किशनगंज में होने वाला यह शुभारंभ इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि यह बिहार के जैन कारोबारी समुदाय को राष्ट्रीय स्तर के कारोबारी नेटवर्क से जोड़ने का औपचारिक मंच तैयार करेगा। अब नजर इस बात पर होगी कि यह नेटवर्क बिहार के कारोबारी माहौल में कितने नए अवसर पैदा कर
13 सितंबर, रविवार: हाजीपुर में हिंदू पुत्र संगठन के संयोजक राजीव ब्राह्मसी पर बाइक सवार अपराधियों ने 8 से 10 राउंड फायरिंग की, जिसमें वह बाल-बाल बच गए।
यूपी: आगरा के जवान की बिहार में माैत, सशस्त्र सीमा बल में ले रहे थे प्रशिक्षण; परिवार में मचा कोहराम
आगरा के बमरौली अहीर गांव के जवान अभिषेक यादव पुत्र प्रमोद यादव की सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) में प्रशिक्षण के दौरान बिहार के पटना में माैत हो गई।
13 सितंबर, रविवार: कैमूर के चैनपुर थाना क्षेत्र के मथुरा गांव में पिता के बच्ची को छोड़कर भागने के बाद ग्रामीण महिला नन्ही जान को लेकर भगवान थाना पहुंची।
एयरटेल के 700 से ज्यादा सिम साइबर ठगों को बेच डाला, सीबीआई ने बिहार के वैशाली से वितरक को पकड़ा
सीबीआई ने यह कार्रवाई सिम बॉक्स से साइबर ठगी मामले की जांच के दौरान मिले साक्ष्य के आधार पर की। वैशाली जिले से एयरटेल के डिस्ट्रीब्यूटर को पकड़ा गया है। उसपर 700 से ज्यादा सिम बेचने का आऱोप है।
Bihar: चैनपुर के मझिगावां में युवती पर हमला, घायल होने के बाद भभुआ सदर अस्पताल में भर्ती
13 सितंबर, रविवार: कैमूर के चैनपुर के मझिगावां में युवती पर हमला किए जाने से घायल होने के बाद शनिवार को भभुआ के सदर अस्पताल में भर्ती कर इलाज किया गया।
Bihar: सड़क हादसे में मौत के बाद भभुआ सदर अस्पताल में शवों का पोस्टमार्टम कराने पहुंचे परिजन
13 सितंबर, रविवार: सड़क दुर्घटना में मौत के बाद शनिवार को कैमूर के भभुआ सदर अस्पताल में शवों का पोस्टमार्टम कराने पहुंचे परिजन।
रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म तीन से बिहार के एक व्यापारी को जीआरपी और आरपीएफ की टीम ने 18 लाख रुपये नगद के साथ पकड़ा है।
फरक्का जल संधि को लेकर बिहार के सियासी दलों के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है। अब जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने बिना नाम लिए पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव पर निशाना साधा है। उन्होंने कई गंभीर आरोप लगाए। आइये जानते हैं, उन्होंने क्या कहा?
गाली देने से रोका तो चाकू से महिला की आंख फोड़ दी, बिहार के चंपारण में खून-खराबा
बिहार के पश्चिम चंपारण में अपराधियों ने खुलेआम खून-खराबा मचाया। यहां एक महिला की आंख अपराधियों ने इस फोड़ दी क्योंकि उन्होंने बदमाशों को गाली देने से रोका था। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है।
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बिहार के गयाजी जिले में एक लड़की ने आत्महत्या कर ली है। परिजनों का आऱोप है कि टीचर की प्रताड़ना से तंग आकर उनसे आत्महत्या की है। टीचर पर छात्रा के यौन शोषण का आरोप लगा है।
Bihar Weather Today 13 Septmebter: बिहार के भागलपुर समेत दक्षिण बिहार के जिलों में आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज हवा चलने एवं हल्की से मध्यम वर्षा होने तक का अनुमान है।
दिल्ली, UP, बिहार समेत देश के 25 राज्यों में IMD ने जारी किया मूसलाधार बारिश का हाई अलर्ट
दिल्ली, UP, बिहार समेत देश के 25 राज्यों में IMD ने जारी किया मूसलाधार बारिश का हाई अलर्ट
बिहार एसटीईटी 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया जल्द समाप्त होने वाली है। शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे पात्र उम्मीदवार अंतिम तिथि से पहले ऑनलाइन आवेदन कर लें। आवेदन करने से पहले योग्यता और जरूरी शर्तें जरूर जांच लें।
बिहार के खगड़िया में SP पद पर तैनात IPS अधिकारी भानुप्रताप सिंह और उनकी पत्नी पूजा के बीच चल रहा पारिवारिक विवाद अब राजस्थान के भरतपुर के मथुरा गेट थाने तक पहुंच गया है। IPS की पत्नी पूजा ने थाने पहुंचकर पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ शिकायत दी। उनका आरोप है कि पति उनकी छह साल की बेटी को उनसे दूर करना चाहते हैं। पुलिस ने मामले को पारिवारिक विवाद बताते हुए तत्काल कार्रवाई से इनकार कर दिया। इसके बाद पूजा देर रात तक थाने में बैठी रहीं। पूजा का कहना है कि मैं उनके संघर्ष में उनके साथ थी, तो आज वह भी मेरे संघर्ष में मेरे साथ रहें। मुझे यह सब नहीं करना है। मुझे तो एक नॉर्मल जिंदगी जीनी है, जिसमें मैं, मेरी बच्ची और मेरा पति तीनों साथ रहें। मेरी बच्ची मेरे लिए रोती है, लेकिन भानु मुझसे उसकी बात तक नहीं करा रहे हैं। मुझे अपनी बेटी से मिले और उसे देखे हुए 16 दिन हो गए हैं। भानुप्रताप सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फतेहपुर सीकरी के रहने वाले हैं। उनका परिवार भरतपुर शहर की गीता कॉलोनी में किराए के मकान में रहता है। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से भानुप्रताप सिंह अपनी छह साल की बेटी के साथ भरतपुर में ही थे। इसी दौरान उनकी पत्नी पूजा बिहार से भरतपुर पहुंचीं। पत्नी के पहुंचने की जानकारी के बाद भानुप्रताप सिंह भरतपुर से निकल गए। पूजा ने बताया कि जब मैं भरतपुर पहुंचीं तो उनके साथ छह लोगों को सुरक्षा में भेजा गया था। इनमें एक महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं। इसके बाद वह अपने ससुराल पहुंचीं, लेकिन वहां उन्हें घर में प्रवेश नहीं करने दिया गया। पहले ससुराल पहुंचीं, फिर ननद के घर गईंपूजा ने पुलिस को बताया कि वह सबसे पहले गीता कॉलोनी स्थित ससुराल पहुंचीं। करीब एक घंटे तक दरवाजा खुलवाने की कोशिश की, लेकिन किसी ने गेट नहीं खोला। इसके बाद वह विजय नगर स्थित अपनी ननद के घर पहुंचीं। वहां भी दरवाजा नहीं खोला गया। परेशान होकर पूजा मथुरा गेट थाने पहुंचीं और पुलिस से मदद मांगी। थाने में एसएचओ ने भानुप्रताप सिंह से फोन पर बातचीत की। इसके बाद पुलिस ने मामले को पारिवारिक विवाद बताते हुए तत्काल कोई कार्रवाई करने से इनकार कर दिया। इसके बाद पूजा देर रात तक थाने में ही बैठी रहीं। अब जानिए कैसे शुरू हुई थी दोनों की लव स्टोरी पूजा बताती हैं, ‘भानु के पिता फौज में थे और मेरे मौसा जी भी फौज में थे। भानु मेरे मौसा के दोस्त का बेटा है। साल 2015 में पहली बार हमलोग कोलकाता में एक फैमिली पार्टी में मिले और वह पहली नजर में ही मुझे पसंद करने लगे। फिर हमारी बातचीत शुरू हुई। कई दिनों तक हम लोग एक दूसरे से बातचीत करते रहे। उन्होंने मुझे फोन पर कई बार कहा कि मुझे पसंद करते हैं। बातचीत का सिलिसला इतना आगे बढ़ा कि हम दोनों एक-दूसरे से प्यार करने लगे। हमने जब अपने घर वालों को बताया तो उन्होंने विरोध करना शुरू कर दिया। भानु के घर वाले भी राजी नहीं थे। हम लोग लगातार घर वालों को मनाने की कोशिश कर रहे थे।’ मेरा रिश्ता डॉक्टर से कराना चाहते थे घरवाले पूजा ने बताया ‘एक दिन मेरे भैया के ससुराल पक्ष से मेरे लिए रिश्ता आया। लड़का बंगलौर से मुझे देखने आने वाला था। मैंने भानु को बताया तो उन्होंने कहा कि अभी तो मैं तैयारी ही कर रहा हूं मेरे जॉब का भी पता नहीं कब तक लगेगी। मैंने कहा कि मेरे परिवार वाले मुझपर दबाव डाल रहे है कि लड़का डॉक्टर है, अच्छे परिवार से है शादी कर लो। भानु ने कहा कि “पूजा अगर तुम किसी और से शादी कर लोगी तो मैं तुम्हारे बिना कैसे रहूंगा? हम शादी जरूर करेंगे, अगर घर वाले नहीं मान रहे तो तुम ट्रेन पकड़ कर मेरे पास आ जाओ।” अब जानिए कब दोनों ने शादी की…घर से झूठ बोलकर भरतपुर पहुंच गई पूजा पूजा उन दिनों को याद कर बताती हैं, ‘फिर मैं रात को हावड़ा जोधपुर ट्रेन पकड़ कर भानु के पास जाने के लिए निकल गई। मैंने इस बारे में अपने घर वालों को नहीं बताया। उनको बताया कि एक दोस्त की पार्टी में जा रही हूं। मुझे आने में थोड़ा वक्त लग जाएगा। मैंने भरतपुर पहुंचकर मम्मी को फोन किया और सारी बातें बताई। उस वक्त भानु ने मेरी मां से बात की। उनको बताया कि आप पूजा की चिंता मत कीजिए। मैं उसको कभी दुख नहीं दूंगा और उसका साथ कभी नहीं छोड़ूंगा। 16 जनवरी 2017 को हमारी शादी हुई। उस वक्त मेरे घर से सिर्फ मेरी मां और मौसी का परिवार आया था। भानु के घर से सब लोग आए थे। उस वक्त उन्हें ऐसा लगता था कि भानु की नौकरी मेरी वजह से लगी है। पूजा ने बताया कि भानु अक्सर कहा करते थे कि “मैं आज जो भी बना हूं वह पूजा की वजह से बना हूं।” घर चलाने के लिए स्कूल में करती थी नौकरी पूजा अपने स्ट्रगल के दिनों को याद करते हुए पूजा कहती हैं, ‘भानु राजस्थान के भरतपुर में रहकर आईपीएस बनने की तैयारी कर रहे थे। उनकी बहन की शादी भी भरतपुर में ही हुई है। पूजा और भानु वहीं कमरा लेकर रहते थे।’ पूजा ने बताया कि मैं स्कूल में नौकरी करने लगी। वह पढ़ाई करते थे इसलिए मैं घर चलाने के लिए संत पीटर्स स्कूल में नौकरी करने लगी। मुझे उस वक्त 17 हजार रुपए सैलरी मिलती थी। उसी में हम अपना गुजारा करते थे। हम बहुत खुश थे। एक साथ सामान खरीदने जाते थे। वो मुझसे कभी अपना हाईलाइटर मंगाते थे तो कभी किताबें। मैं सुबह चार बजे उठकर घर का सारा काम करती थी। उनके लिए खाना बनाकर स्कूल जाती थी। स्कूल से आने के बाद खाना बनाती थी फिर कपड़े धोती थी। सारे काम मैं खुद करती थी ताकि भानु पढ़ाई कर सकें।’ हमेशा से साथ में जिम जाते थे भानु और पूजा पूजा कहती हैं, वो पढ़ने में बहुत होशियार थे। दिन-रात पढ़ते रहते थे। वो कहते थे कि एक दिन आईपीएस बन जाऊंगा तो हमारी सारी टेंशन दूर हो जाएगी। मुझे जिम जाना बहुत पसंद था तो मैं भानु को भी कहती थी कि जब तक तुम जिम नहीं जाओगे तब तक अच्छे आईपीएस कैसे दिखोगे। तब से वह भी मेरे साथ जिम जाने लगे। हम दोनों साथ में जिम जाते थे। इस बीच भरतपुर से भानु आईपीएस की तैयारी करने मुखर्जी नगर चले गए। उस वक्त हमारे पास बहुत पैसे नहीं थे। भानु बेहद गरीब घर के लड़के थे। उनकी लैंग्वेज में भी प्रॉब्लम थी। वह कहते थे कि पूजा इतना मेहनत करने के बाद भी मैं इंटरव्यू में ही रह जा रहा हूं। मैंने उनसे कहा कि आप एक काम कीजिए इंटरव्यू देने जाइए। मैं अपना गोल्ड बेच दूंगी जो मम्मी ने शादी में दी थी। मुझे इन सारी चीजों का शौक भी नहीं है तो आप ये ले जाइए। आप जब आईपीएस बन जाएंगे तो फिर से हम बनवा लेंगे।’ मुखर्जी नगर पहुंचते ही चोरी हो गया भानु प्रताप का फोन पूजा बताती हैं, ‘भानु मुखर्जी नगर गए पहुंचते ही जूस पीने गए। जहां पर उनका फोन चोरी हो गया। मुझे स्कूल में फोन आया कि मेरे घर से फोन आया है। मैं टेंशन में आ गई। भानु ने दूसरे के नंबर से कॉल कर बताया कि पूजा मेरा मोबाइल फोन चोरी हो गया है। फिर उन्होंने एफआईआर किया, लेकिन फोन नहीं मिला। वह 6 लड़कों के साथ एक कमरे में रहने लगे। मैं उनके दोस्तों को फोन करके उनके बारे में पूछती थी। फिर एक दिन भानु का मैसेज आया कि उनका सिलेक्शन IPS में हो गया है। उस वक्त हमलोग बहुत खुश हुए थे। मीडिया वाले घर भी आए थे। हमलोग खुशी से रोने लगे थे।’ वर्ष 2020 में हुआ आईपीएस में सिलेक्शन पूजा बताती हैं, ‘जब 2020 में मेरी गुड़िया का जन्म हुआ तब इनका सेलेक्शन आईपीएस में हुआ। फिर मैंने अपनी नौकरी भी छोड़ दी। क्योंकि बेटी को फीडिंग करना था और उसका ख्याल रखना था। भानु 2020 में ट्रेनिंग के लिए शिमला चले गए। फिर मैं अपनी बेटी को लेकर अपनी मां के पास चली गई। वह रोज वीडियो कॉल करते थे। फिर 1 साल 7 दिन के बाद हम मिले। जब हमारी बेटी भी एक साल की हो गई। वो सारी यादें मैं भूल नहीं पाती हूं। अब जानिए पति से विवाद पर क्या कहती हैं पूजा पति के साथ हुए विवाद को लेकर पूजा कहती हैं कि आज भी मुझे यकीन हैं कि मेरा पति ईमानदार है। मैं उसकी बहुत इज्जत करती हूं। ये ऐसा क्यों कर रहे हैं वह मुझे समझ नहीं आ रहा। उन्हें भी पता है कि मैं उनके बिना नहीं रह सकती। आज तक मैंने एफआईआर नहीं किया। मैं उनके खिलाफ नहीं जाना चाहती हूं। मेरे आगे पीछे बस वहीं एक इंसान हैं। मुझे बस अपना परिवार चाहिए। मैं बस उसी की लड़ाई लड़ रही हूं। मेरे घर वाले भी आज बहुत खुश हैं जब भानु मेरे साथ ये सब कर रहे। उनका कहना है कि जिसके चक्कर में पूजा ने हमें छोड़ा आज उसी ने छोड़ दिया। ये बातें मैंने भानु को भी बताई कि ये जो काम अभी आप मेरे साथ कर रहे हैं ये आप नौकरी से पहले कर लेते। अभी मुझे बीच रास्ते में क्यों छोड़ रहे? भानु नहीं समझे इसलिए मैंने जहर पी लिया। मैं हताश हो गई थी, जिसके लिए सब कुछ छोड़ा और घर वालों के खिलाफ तक गई आज वहीं मुझे छोड़ रहा है। भानु ने मुझे घर तक से धक्का दिया है। आज भानु बेटी को भी मुझसे दूर ले गए। खगड़िया एसपी आवास में मुझे बंद कर दिया। मुझे उससे मिलने नहीं दे रहे। जब मैं अस्पताल से आई तब मेरी बेटी मेरे पास तक नहीं आई। मेरी बेटी ने मुझसे कहा कि पापा कहते हैं कि मम्मी तुम्हें जहर देकर मार देगी। मैंने अपनी बेटी को गले लगाना चाहा लेकिन वह अपने पापा के पीछे छिप गई। भानु के घर वाले कहते हैं कि एक करोड़ रुपए लो और मेरे बेटे को छोड़ दो। मुझे बस ये जानना है कि मैं क्यों छोड़ूं? मेरी उनसे शादी हुई है तो मैं उनको कैसे छोड़ दूं। मुझे बस ये चिंता है कि मेरी बेटी कैसे अकेली रहेगी और वो बड़ी होगी तो उस पर क्या बीतेगा। मेरे पापा नहीं हैं। मेरे बड़े भैया हैं। उन्होंने सबसे ज्यादा विरोध किया। मेरे भाई ने आज तक मुझसे कांटेक्ट नहीं किया। वह आज भी मुझसे बात नहीं करते। उन्हें ऐसा लगता है कि एक लड़के के चक्कर में मैंने उनकी इज्जत गंवा दी है।’
केंद्रीय मंत्री ललन सिंह का फर्जी खत बिहार सरकार को किसने भेजा, FIR का आदेश
केंद्रीय मंत्री ललन सिंह का एक फर्जी लेटर बिहार सरकार को मिला है। इस खत के सामन आने के बाद सनसनी फैल गई है। अब इस मामले में केस दर्ज करने के आदेश दे दिए गए हैं।
बिहार सरकार के उद्योग विभाग और एआईएम ग्लोबल फाउंडेशन ने दुबई में बिहार में एक समर्पित खाद्य प्रसंस्करण पार्क स्थापित करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
Kushinagar News: यूपी, बिहार ही नहीं झारखंड और हरियाणा तक फैला है विनोद का नेटवर्क
पिट एनडीपीएस की कार्रवाई की जद में आया मादक पदार्थ तस्करी का सरगना विनोद साहनी का नेटवर्क यूपी-बिहार तक ही नहीं, हरियाणा और झारखंड तक फैला है।
Deoria News: बिहार में पकड़ी गई कोडीनयुक्त सिरप
Codeine-laced syrup seized in Bihar
बिहार में बाढ़ पीड़ितों को अब जलजनित बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे लगभग 47.92 लाख लोग प्रभावित हैं।
बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर महागठबंधन में मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं।
दरभंगा के केवटी प्रखंड के पाराडीह ब्रह्मस्थान मैदान में शनिवार को हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (से) की ओर से गरीब चौपाल यात्रा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह राज्य सरकार के मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से पार्टी को मजबूत करने और अधिक से अधिक लोगों को सदस्यता अभियान से जोड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि बिहार में HAM के वर्तमान में पांच विधायक हैं और दरभंगा व केवटी विधानसभा क्षेत्र में भी पार्टी के बड़ी संख्या में समर्थक हैं। डॉ. संतोष सुमन ने कहा कि गरीब चौपाल के जरिए पार्टी गांव-गांव पहुंचकर गरीब और जरूरतमंद लोगों की समस्याएं सुन रही है। उन्होंने दावा किया कि शनिवार के कार्यक्रम में करीब 4 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं। इन आवेदनों को देखा जाएगा और संबंधित अधिकारियों से बात कर समस्याओं के समाधान का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दरभंगा में यह गरीब चौपाल का 14वां कार्यक्रम है। रविवार को मधुबनी में चौपाल का आयोजन होगा। इसके बाद दूसरे प्रखंडों में भी कार्यक्रम किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जब तक गरीब जागरूक नहीं होंगे और अपने अधिकारों को नहीं समझेंगे, तब तक पार्टी का यह अभियान जारी रहेगा। 'गरीब हमारी ताकत हैं' डॉ. सुमन ने कहा कि गरीबों की वजह से ही वह आज इस मुकाम तक पहुंचे हैं। गरीब उनकी ताकत हैं और उनका उद्देश्य गरीबों के चेहरे पर मुस्कान लाना है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के कई लोग अपनी समस्याओं को लेकर पटना नहीं पहुंच पाते हैं। इसलिए पार्टी खुद गांव और चौपाल तक पहुंच रही है। लोग अपनी समस्याएं लिखकर दें, जिन्हें संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाकर समाधान का प्रयास किया जाएगा। मांझी सरकार के 34 एजेंडों का किया जिक्र मंत्री ने जीतन राम मांझी के मुख्यमंत्री रहने के दौरान पारित 34 एजेंडों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पार्टी आज भी इन एजेंडों को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा गरीब और शोषित लोगों को अपनी बात रखने का मंच देता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पार्टी को मजबूत करने की अपील करते हुए कहा कि पार्टी जितनी मजबूत होगी, जीतन राम मांझी और उनका हाथ उतना ही मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि इसके बाद बिहार के हर जिले में HAM का विधायक होगा। डॉ. सुमन ने अभिभावकों से बच्चों को शिक्षा दिलाने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षा के जरिए ही समाज के बच्चे आगे बढ़ सकते हैं। 'चुनाव नहीं, लोगों को जागरूक करने पहुंचे' पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री राजेश पांडेय ने कहा कि अभी चुनाव का समय नहीं है। पार्टी के नेता और कार्यकर्ता लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से उनके बीच पहुंच रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपनी ताकत को समझने और एकजुट होकर पार्टी की सदस्यता लेने की अपील की। आरक्षण और चिराग पासवान के सवाल पर भी जवाब आरक्षण के मुद्दे पर पूछे गए सवाल के जवाब में डॉ. संतोष सुमन ने कहा कि कुछ वर्गों और जातियों के संबंध में विचार करने की जरूरत है। वहीं चिराग पासवान द्वारा इस्तीफे की मांग को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि इस विषय पर वह काफी बोल चुके हैं और फिलहाल गरीबों की समस्याओं पर बात करने आए हैं। कई लोगों ने ली पार्टी की सदस्यता जिलाध्यक्ष आरके दत्ता की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में कुटुंबा विधायक ललन राम, प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार सिंह, इजहार अहमद, पार्टी प्रवक्ता राजेश कुमार पांडेय, महादलित आयोग के सदस्य मकेश मांझी, प्रदेश सचिव कारी गामी, अजय कर्ण, हीरालाल गुप्ता, संजय सदा, सुमित्रा देवी, रामदुलारी देवी, संजीवन सदा, सुमन सिंह, ज्योति देवी और चंदन ऋषिदेव सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया। कार्यक्रम के दौरान कई लोगों ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इससे पहले कार्यकर्ताओं ने मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन और अन्य अतिथियों का फूल-माला, पाग और चादर देकर स्वागत किया। कार्यक्रम में दरभंगा, मधुबनी, सुपौल और सहरसा सहित विभिन्न क्षेत्रों से पार्टी के नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
SKMCH को मिले 25 शल्य कक्ष सहायक व 3 ईसीजी टेक्नीशियन, 17 वर्ष बाद पदस्थापना
Bihar Technical Services Commission: श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SKMCH), मुजफ्फरपुर में 17 साल के लंबे इंतजार के बाद 25 शल्य कक्ष सहायकों और 3 ईसीजी टेक्नीशियन की नियुक्ति हुई है। यह पदस्थापना स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के दौरे के बाद पैरामेडिकल स्टाफ की कमी के मुद्दे पर त्वरित कार्रवाई का परिणाम है।
भारतीय रेल नेटवर्क को आधुनिक युग में ले जाने के लिए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (Bullet Train Projects) पर काम तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। पश्चिमी भारत में मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के बाद अब पूर्वी भारत, विशेषकर बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल के रेल यात्रियों के लिए सबसे बड़ी सौगात का खाका तैयार हो चुका है। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) की प्रस्तावित योजना के तहत वाराणसी-पटना-हावड़ा हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (Varanasi–Howrah HSR Corridor) के जरिए लगभग 760 किलोमीटर का लंबा सफर महज 3 से 3.5 घंटे में पूरा किया जा सकेगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण हिस्सा बिहार से होकर गुजरेगा, जहां राजधानी पटना सहित प्रमुख धार्मिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक केंद्रों पर आधुनिक बुलेट ट्रेन स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।350 किमी प्रति घंटे की रफ्तार: सफर का समय होगा एक-तिहाईवर्तमान समय में वाराणसी से पटना और हावड़ा (कोलकाता) के बीच चलने वाली सबसे प्रीमियम ट्रेनें (जैसे वंदे भारत, राजधानी या दुरंतो एक्सप्रेस) भी 700 से 750 किलोमीटर की इस दूरी को तय करने में 11 से 14 घंटे का समय लेती हैं। बुलेट ट्रेन परियोजना के शुरू होने के बाद यह यात्रा बेहद सुगम और संक्षिप्त हो जाएगी:डिजाइन और ऑपरेशनल स्पीड: इस ट्रैक को 350 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार के लिए डिजाइन किया जा रहा है। वहीं ट्रेनों की सामान्य संचालन गति (Operational Speed) 320 किमी/घंटा और औसत गति लगभग 250 किमी/घंटा रहेगी।जापानी 'शिन्कान्सेन' तकनीक: इस पूरे कॉरिडोर पर जापान की अत्याधुनिक शिन्कान्सेन (Shinkansen) बुलेट ट्रेन तकनीक और बिना गिट्टी वाले कंक्रीट स्लैब ट्रैक (Ballastless Track) का उपयोग किया जाएगा।एलिवेटेड ट्रैक: सुरक्षा के कड़े मानकों को पूरा करने और मवेशियों या इंसानों के ट्रैक पर आने से रोकने के लिए बिहार में लगभग 260 किलोमीटर का पूरा रेल खंड जमीन से ऊपर यानी पूरी तरह एलिवेटेड (Elevated) खंभों पर तैयार किया जाएगा।बिहार के इन जिलों और स्टेशनों से गुजरेगी बुलेट ट्रेनविस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) और प्रस्तावित अलाइनमेंट के अनुसार, यह हाई-स्पीड कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के वाराणसी से निकलकर सीधे बिहार में प्रवेश करेगा। बिहार में बुलेट ट्रेन के प्रमुख ठहराव और रूट इस प्रकार तय किए गए हैं:1. बक्सर (Buxar): यूपी सीमा से प्रवेश करते ही बिहार का पहला बुलेट ट्रेन स्टेशन बक्सर में प्रस्तावित है। यहां गंगा किनारे नए एलिवेटेड स्टेशन का निर्माण किया जाएगा।2. आरा / भोजपुर (Arrah): बक्सर के बाद ट्रेन भोजपुर जिले के आरा से होकर गुजरेगी, जिससे शाहाबाद क्षेत्र के लाखों यात्रियों को सीधे कनेक्टिविटी मिलेगी।3. पटना (Patna): बिहार की राजधानी पटना इस पूरे कॉरिडोर का सबसे मुख्य हब बनेगा। पटना और आसपास के सैटेलाइट टाउन (जैसे बिहटा या दानापुर के आउटर एरिया) में एक अत्याधुनिक विश्वस्तरीय टर्मिनल स्टेशन बनाया जाएगा, ताकि शहर के भीतर भारी ट्रैफिक दबाव न बने।4. जहानाबाद / नवादा (Nawada / Jehanabad): पटना से दक्षिण की ओर बढ़ते हुए यह ट्रैक जहानाबाद या नवादा के रास्ते गुजरेगा, जहां तकनीकी व यात्री ठहराव के लिए स्टेशन प्रस्तावित है।5. गया (Gaya Junction): अंतरराष्ट्रीय बौद्ध पर्यटन स्थल और मोक्ष की भूमि गया में इस रूट का एक और भव्य स्टेशन बनेगा। गया स्टेशन को पहले से ही अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और महाबोधि मंदिर की कनेक्टिविटी के मद्देनजर बड़े पैमाने पर री-डेवलप किया जा रहा है।गया के बाद यह हाई-स्पीड ट्रैक झारखंड की सीमा में प्रवेश कर जाएगा, जहां यह कोडरमा, हजारीबाग और धनबाद होते हुए पश्चिम बंगाल के आसनसोल, दुर्गापुर, बर्धमान और अंत में हावड़ा (कोलकाता) पहुंचेगा।दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर से भी जुड़ेगा नेटवर्कइसके अलावा, रेल मंत्रालय द्वारा तैयार किए जा रहे बड़े मास्टर प्लान में दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर का भी प्रावधान है, जिसका अहम पड़ाव पटना होगा। इस रूट के तहत पटना से आगे बढ़कर बुलेट ट्रेन बेगूसराय, खगड़िया, भागलपुर और कटिहार-पूर्णिया के रास्ते सिलीगुड़ी (उत्तर-पूर्व का प्रवेश द्वार) तक जाएगी। इससे भविष्य में बिहार न केवल पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश से जुड़ेगा, बल्कि देश की राजधानी नई दिल्ली तक का सफर भी मात्र 5 से 6 घंटे में तय हो सकेगा।जमीन अधिग्रहण, हवाई सर्वे और निर्माण कार्य का स्टेटसवाराणसी-हावड़ा हाई स्पीड रेल प्रोजेक्ट को लेकर शुरुआती तकनीकी अध्ययन काफी आगे बढ़ चुके हैं:LiDAR सर्वे और मिट्टी परीक्षण: रूट के अलाइनमेंट और भौगोलिक संरचना का सटीक खाका तैयार करने के लिए हेलीकॉप्टर व ड्रोन के जरिए लाइट डिटेक्शन एंड रेंजिंग (LiDAR) तकनीक से हवाई सर्वेक्षण और रिफ्रेक्शन टोपोग्राफी का कार्य पूरा कर लिया गया है।पर्यावरण और सामाजिक प्रभाव अध्ययन: कॉरिडोर के निर्माण से प्रभावित होने वाली कृषि भूमि और बस्तियों का सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट (SIA) और एन्वायरमेंटल इम्पैक्ट असेसमेंट (EIA) तैयार किया जा रहा है।टाइमलाइन: डीपीआर को केंद्रीय कैबिनेट से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद भूमि अधिग्रहण और सिविल निर्माण के टेंडर जारी किए जाएंगे। इस मेगा प्रोजेक्ट को 2030-2031 तक चरणबद्ध तरीके से धरातल पर उतारने का लक्ष्य रखा गया है।बिहार की अर्थव्यवस्था और रोजगार को मिलेगा जबरदस्त बूस्टबुलेट ट्रेन कॉरिडोर केवल तेज रफ्तार यात्रा का माध्यम नहीं होगा, बल्कि यह बिहार के लिए एक विशाल इकोनॉमिक कॉरिडोर (Economic Corridor) साबित होगा।पर्यटन में क्रांतिकारी उछाल: बोधगया, राजगीर, नालंदा और पटना साहिब आने वाले देश-विदेश के तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए आवागमन बेहद आसान हो जाएगा।व्यापार और उद्योग: कोलकाता और दिल्ली जैसे महानगरों की सीधी और सुपरफास्ट कनेक्टिविटी मिलने से बिहार के स्थानीय उत्पादों, मखाना, लीची और हथकरघा उद्योग को बड़े बाजारों तक सीधी पहुंच मिलेगी।रोजगार के अवसर: एलिवेटेड ट्रैक्स, स्टेशनों के निर्माण और उनके संचालन से राज्य में इंजीनियरिंग, कंस्ट्रक्शन और सर्विस सेक्टर में हजारों प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे।
Sitamarhi Murder News: सीतामढ़ी में हत्या के बाद भीड़ ने SP की गाड़ी तोड़ी, पुलिस को दौड़ाया | Bihar
Sitamarhi Murder News: सीतामढ़ी में हत्या के बाद भीड़ ने SP की गाड़ी तोड़ी, पुलिस को दौड़ाया | Bihar बिहार के सीतामढ़ी जिले के डुमरा थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह एक बड़ी आपराधिक वारदात से सनसनी फैल गई।
पानी कम हो रहा, तो कटाव तेज होगा; बाढ़ के बीच बिहार सरकार ने जिलों को भेजा अलर्ट
बिहार सरकार ने सभी जिलों को चेतावनी दी है कि नदियों के जलस्तर में कमी आ रही है। इससे कटाव का खतरा बढ़ गया है। जल संसाधन विभाग ने कहा कि जलस्तर में कमी आने के दौरान तटीय इलाकों और तटबंधों पर कटाव तेजी से होता है।
New Delhi, 12 सितंबर . साइबर धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने Saturday को बिहार के वैशाली जिले और Odisha के जगतसिंहपुर जिले में 10 जगहों पर तलाशी ली. इसके बाद, डिजिटल अरेस्ट और वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े अवैध सिम बॉक्स ऑपरेशन के मामले में एक टेलीकॉम कंपनी ... Read more
'डिजिटल अरेस्ट' मामले में सीबीआई की कार्रवाई, सिम बॉक्स धोखाधड़ी के आरोप में टेलीकॉम कंपनी के बिहार डिस्ट्रीब्यूटर गिरफ्तार
Bihar Flood: पटना के Satellite City में बाढ़ का ऐसा हाल, घरों की पहली मंजिल तक पहुंचा पानी
Bihar Flood: पटना के Satellite City में बाढ़ का ऐसा हाल, घरों की पहली मंजिल तक पहुंचा पानी
Er Kumar Shailendra ने अफसरों को दिए निर्देश, तय समय और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरी हों Road Projects
पटना । माननीय पथ निर्माण विभाग के मंत्री ई. कुमार शैलेन्द्र की अध्यक्षता में आज बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (BSRDCL) की परियोजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की गई। समीक्षा बैठक के दौरान राज्य में चल रही विभिन्न महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना, फ्लाईओवर, आरओबी (ROB) और ब्रिज परियोजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति का विस्तृत समीक्षा की गई। मंत्री महोदय ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि राज्य की बुनियादी ढांचा (इन्फ्रास्ट्रक्चर) परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए ताकि राज्य की जनता को निर्बाध यातायात और सुगम कनेक्टिविटी का लाभशीघ्र मिल सके। इसे भी पढ़ें: Engineering और Polytechnic संस्थानों में हुआ 98 प्रतिशत Admission, मंत्री शीला कुमारी ने दी जानकारी मेगा परियोजनाओं की भौतिक स्थिति :- कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6 लेन गंगा पुल परियोजना (ADB Funded): परियोजना की भौतिक प्रगति करीब 100 % हासिल कर ली गई है। टोल प्लाजा का सिविल वर्क पूरा हो चुका है। यह सिक्स-लेन पुल, जो कि पटना के सबलपुर को एनएच-103 (बिदुपुर) से जोड़ता है, पटना-बख्तियारपुर बाईपास (एनएच-30) से सीधे जुड़ा होगा। कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6 लेन गंगा पुल परियोजना के पूर्ण होने से इस क्षेत्र के लोगों को राजधानी पटना से निर्बाध सड़क सम्पर्कता मिलेगी। >मीठापुर-सिपारा एवं माहुली-पुनपुन (फेज-2):- 4.3 किमी लंबे इस प्रोजेक्ट में 2.1 किमी एलिवेटेड रोड का उद्घाटन माननीय मुख्यमंत्री द्वारा 28.08.2026 को किया जा चुका है। सिपारा आरओबी के शेष कार्य में रेलवे से ट्रैफिक/पावर ब्लॉक प्राप्त कर शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया गया। >बख्तियारपुर-ताजपुर गंगा ब्रिज : परियोजना की कुल भौतिक प्रगति लगभग 70% है। ताजपुर-चकलालशाही सेक्शन पूरा हो चुका है। चकलालशाही-डुमरी सेक्शन एवं बहादुरपुर से करजान सेक्शन दिसंबर, 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। माननीय मंत्री ने शेष सेक्शनों के कार्य में गति लाने का सख्त निर्देश दिया। >दीघा से कोइलवर विस्तार (35.65 किमी - HAM मोड):- इस हाइब्रिड एन्यूटी मोड परियोजना के तहत विभिन्न विभागों से आवश्यक अनापत्तियों (NOC) एवं भू-अर्जन प्रक्रिया को तेजी से निपटाने का निर्देश दिया गया। >मुंगेर (सफीयाबाद)-सुलतानगंज (42 किमी) एवं सुलतानगंज-भागलपुर-सबौर (40.8 किमी) गंगा पथ:-इन परियोजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति, संवेदक करार और भूमि अधिग्रहण की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) वित्तपोषित परियोजनाएं (BSHP-III एवं IV):- BSHP-III (Phase-2):- इसके तहत 6 राज्य उच्च पथों (SH-95, 98, 99, 101, 103 एवं 105) के सुदृढ़ीकरण और चौड़ीकरण का कार्य प्रगति पर है। माननीय मंत्री ई कुमार शैलेन्द्र ने लंबित भू-अर्जन एवं वन विभाग की अनापत्ति से जुड़े मामलों को त्वरित निष्पादित करने का निर्देश दिया। SH105 बेतिया नरकटियागंज को नवंबर तक कंप्लीट करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें की ड्रेन वर्क भी शामिल है। BSHP-IV (Phase-1):- इसके तहत 4 सड़कें और 1 उच्चस्तरीय पुल (225.47 किमी) शामिल हैं। BSHP-IV (Phase-2) के तहत 266.17 किमी लंबी 5 प्रस्तावित सड़क परियोजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति के उपरांत प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। इसे भी पढ़ें: Bihar Flood: 15 जिलों में विकराल हुई बाढ़, 48 लाख लोग प्रभावित अन्य आधारभूत संरचना परियोजनाएं:- >दरभंगा एलिवेटेड कॉरिडोर (13.17 किमी):- दरभंगा स्टेशन से आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे तक बन रहे इस एलिवेटेड कॉरिडोर की समीक्षा की गई। >गया में फ्लाईओवर:- घुघरीटांड़ 4-लेन फ्लाईओवर और जगजीवन कॉलेज से मानपुर ब्लॉक ऑफिस/फल्गु ब्रिज तक 2-लेन एलिवेटेड फ्लाईओवर का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। >पटना शहर की कनेक्टिविटी:- पटेल गोलंबर से अटल पथ (सर्पेंटाइन नाला), भद्र घाट से दीदारगंज (4-लेन), मंदिरी नाला से जे.पी. गंगा पथ कनेक्टिविटी और पाटलि पथ से नेहरू पथ कनेक्टिविटी जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए गए। समीक्षा के क्रम में माननीय मंत्री ने निर्देश दिया कि भू-अर्जन, वन एवं पर्यावरण स्वीकृति तथा रेलवे/बिजली बोर्ड से जुड़ी बाधाओं को दूर करने के लिए संबंधित जिला प्रशासन एवं अंतर-विभागीय अधिकारियों के साथ निरंतर समन्वय स्थापित किया जाए। अभियन्ताओं को उच्च गुणवत्ता मानक को ध्यान में रखते हुए निर्धारित टाइमलाइन में परियोजनाओं को पूर्ण करने का निदेश दिया गया। माननीय मंत्री ई. कुमार शैलेंद्र ने कहा कि राज्य में सड़कों और पुलों का जाल बिछाकर दूर-दराज के क्षेत्रों को राजधानी से जोड़ना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उक्त बैठक में विभाग के अभियंता प्रमुख, BSRDCL के मुख्य महाप्रबंधक सहित वरीय पदाधिकारियों, अभियंतागण एवं परियोजनाओं के संवेदक उपस्थित रहें।
Engineering और Polytechnic संस्थानों में हुआ 98 प्रतिशत Admission, मंत्री शीला कुमारी ने दी जानकारी
विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग राज्य में गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा, अनुसंधान और कौशल विकास के लिए दूरगामी कदम उठा रहा है। विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्राथमिकताओं, अनुसंधान, अवसंरचना और नए पाठ्यक्रमों को लेकर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। इसी को लेकर विभाग की माननीय मंत्री श्रीमती शीला कुमारी ने राज्य के सभी राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेजों के प्राचार्यों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य के इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक संस्थानों में कुल क्षमता के विरुद्ध 98 प्रतिशत नामांकन का लक्ष्य हासिल किया गया है। यह सत्र 2022-23 की तुलना में बड़ी बढ़ोतरी है। इसे भी पढ़ें: Bihar Flood: RJD नेता Tejashwi Yadav ने पीड़ितों के लिए मांगा स्पेशल पैकेज, लगाया भेदभाव का आरोप साथ ही उन्होंने बताया कि राज्य के 11 राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों की 20 शाखाओं को एनबीए यानी नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रेडिटेशन की मान्यता मिल चुकी है। इसके अलावा 32 संस्थानों के 42 कार्यक्रमों का मूल्यांकन प्रक्रियाधीन है। इस दौरान माननीय मंत्री शीला कुमारी ने कहा कि इंजीनियरिंग कॉलेजों में शोध संस्कृति के लिए रिसर्च फंड को 2-3 लाख रुपये से बढ़ाकर 20-30 लाख रुपये प्रति परियोजना करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। एआई, डेटा साइंस, जीआईएस, रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर और ग्रीन एनर्जी जैसे आधुनिक विषयों को शोध में शामिल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उच्च प्रदर्शन करने वाले कॉलेजों को विश्वविद्यालय में रूपांतरित करने की दिशा में मुजफ्फरपुर में शहीद जुब्बा साहनी आर्किटेक्चरल एवं सिविल विश्वविद्यालय और भागलपुर में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड कंप्यूटर साइंस विश्वविद्यालय की स्थापना की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए गूगल और एआई पाठ्यक्रम डिजाइन के लिए माइक्रोसॉफ्ट के साथ समन्वय अंतिम चरण में है। छात्रों को विदेश में रोजगार के अवसरों के लिए जर्मन, फ्रेंच और जापानी भाषा का प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर विजिट कराई जाएगी। इसे भी पढ़ें: Ram Vilas Paswan की आदमकद प्रतिमा लगाने के लिए Tejashwi Yadav ने सरकार को लिखा पत्र केंद्र को भेजा गया नए तारामंडल बनाने का प्रस्ताव उन्होंने बताया कि प्रमंडल स्तर पर पूर्णिया, मोतिहारी और जमुई में नए तारामंडल के प्रस्ताव केंद्र को भेजे गए हैं। रिमोट सेंसिंग सेंटर, बायोटेक्नोलॉजी, नैनोटेक्नोलॉजी और स्पेस पॉलिसी पर भी काम चल रहा है। विभाग में यंग प्रोफेशनल्स की नियुक्ति के लिए बेल्ट्रॉन के माध्यम से बहाली शुरू होगी। माननीया मंत्री ने कहा कि बैठक में शिक्षकों-छात्रों की उपस्थिति और सुविधाओं पर भी चर्चा हुई। जहां छात्रावास नहीं है, वहां सरकार किराए पर मकान लेकर छात्रावास की सुविधा देगी। उन्होंने बताया कि मधुबनी पॉलिटेक्निक में शत-प्रतिशत प्लेसमेंट हुआ है और अन्य संस्थानों में भी प्लेसमेंट बढ़ाने के लिए मिशन मोड में काम हो रहा है।
Bihar Flood: RJD नेता Tejashwi Yadav ने पीड़ितों के लिए मांगा स्पेशल पैकेज, लगाया भेदभाव का आरोप
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने शनिवार को बिहार में बाढ़ पीड़ितों के लिए एक स्पेशल पैकेज की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार राज्य के साथ भेदभाव कर रही है और राज्य का खजाना खाली है। पत्रकारों से बात करते हुए यादव ने कहा, सरकार को बाढ़ पीड़ितों के लिए एक स्पेशल पैकेज देना चाहिए। केंद्र सरकार बिहार के साथ भेदभाव कर रही है। बिहार का सरकारी खजाना खाली है। उन्होंने आगे कहा कि वह और उनकी पार्टी के कार्यकर्ता लगातार बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं, जहां लोगों को पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। हम लगातार बाढ़ पीड़ितों के बीच जा रहे हैं और उन्हें कोई सुविधा नहीं मिल रही है... बातचीत में शामिल हों। इसे भी पढ़ें: Bihar Floods Update | भागलपुर में तटबंध टूटने से बढ़ी मुश्किलें, बिहार के 15 जिलों में बाढ़ पीड़ितों के लिए 1194 सामुदायिक रसोई शुरू आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, 14 ज़िलों के 84 ब्लॉक में 514 पंचायतों के 40 लाख से ज़्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। हालाँकि गंगा और दूसरी बड़ी नदियों के बेसिन में बाढ़ का पानी कम होने लगा है, फिर भी प्रभावित इलाकों में राहत और मेडिकल ऑपरेशन तेज़ कर दिए गए हैं। भागलपुर सबसे ज़्यादा प्रभावित ज़िलों में से एक है, जहाँ 6.4 लाख से ज़्यादा लोग और लगभग 1.5 लाख परिवार प्रभावित हुए हैं। ज़िले में बाढ़ से प्रभावित पंचायतों की संख्या 82 से बढ़कर 92 हो गई है, जबकि प्रभावित गाँवों की संख्या 269 से बढ़कर 376 हो गई है। कुल 710 ज़िला परिषद वार्ड भी प्रभावित हुए हैं।
बक्सर में एसजेवीएन की चौसा ताप विद्युत परियोजना की दोनों इकाइयां अब पूरी तरह व्यावसायिक रूप से चालू हो गई हैं। शनिवार को परियोजना की दूसरी 660 मेगावाट क्षमता वाली इकाई ने 12 सितंबर 2026 को सफलतापूर्वक व्यावसायिक संचालन शुरू कर दिया। इसके साथ ही 1320 मेगावाट क्षमता वाली यह परियोजना पूरी तरह से काम करने लगी है। इस परियोजना को बनाने में करीब 13,756.56 करोड़ रुपये लगे हैं। पूरी 1320 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता उपलब्ध इसके पूरी तरह चालू होने से बिहार की बिजली व्यवस्था को मजबूती मिलने की संभावना है। एसजेवीएन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, चौसा में बनी इस परियोजना में 660-660 मेगावाट की दो इकाइयां हैं। दूसरी इकाई के चालू होने के बाद अब प्लांट की पूरी 1320 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता उपलब्ध हो गई है। परियोजना से पैदा होने वाली बिजली का 85 प्रतिशत हिस्सा लंबे समय के लिए बिजली खरीद समझौते के तहत बिहार को मिलेगा। प्रधानमंत्री ने 22 अगस्त 2025 को किया था वर्चुअल उद्घाटन इससे राज्य में बिजली की उपलब्धता बढ़ेगी और ज्यादा मांग वाले समय में भी बिजली की सप्लाई में मदद मिलेगी। एसजेवीएन के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक भूपेन्द्र गुप्ता ने बताया कि दूसरी इकाई ने 12 सितंबर को सफलतापूर्वक व्यावसायिक संचालन हासिल किया है। इसके साथ ही बक्सर ताप विद्युत परियोजना एसजेवीएन की पहली ऐसी परियोजना बन गई है, जिसकी दोनों इकाइयां पूरी तरह से व्यावसायिक रूप से काम कर रही हैं। परियोजना की पहली 660 मेगावाट इकाई का वर्चुअल उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 अगस्त 2025 को किया था। इसके बाद पहली इकाई ने 14 नवंबर 2025 को व्यावसायिक संचालन शुरू किया था। करीब दस महीने बाद अब दूसरी इकाई के भी व्यावसायिक रूप से चालू होने के साथ पूरा प्लांट 1320 मेगावाट क्षमता के साथ संचालित हो गया है। सालाना 9,828.72 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन एसजेवीएन के अनुसार परियोजना के 85 प्रतिशत प्लांट लोड फैक्टर पर सालाना करीब 9,828.72 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन की संभावना है। परियोजना में अत्याधुनिक सुपरक्रिटिकल तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। साथ ही उन्नत उत्सर्जन नियंत्रण प्रणाली लगाए जाने की बात कंपनी ने कही है। परियोजना के निर्माण के दौरान करीब 65 हजार श्रमिकों को रोजगार मिला। कंपनी के अनुसार संचालन शुरू होने के बाद भी चौसा और आसपास के क्षेत्रों में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार तथा आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। पूर्वी क्षेत्र की ऊर्जा जरूरतों को भी मिलेगी मजबूती एसजेवीएन की ओर से परियोजना क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पेयजल, महिला सशक्तीकरण और सामाजिक-आर्थिक विकास से जुड़ी गतिविधियां संचालित किए जाने की भी जानकारी दी गई है। कंपनी का कहना है कि परियोजना के पूरी क्षमता से संचालन में आने से बिहार के साथ पूर्वी क्षेत्र की ऊर्जा जरूरतों को भी मजबूती मिलेगी। एसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भूपेन्द्र गुप्ता ने परियोजना की इस उपलब्धि के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार, विद्युत मंत्रालय सहित संबंधित विभागों, कर्मचारियों और सभी हितधारकों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि दोनों इकाइयों का वाणिज्यिक संचालन कंपनी के साथ बिहार के ऊर्जा क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
चाशनी के बाजार में गोल मटोल पिड़िकिया, गोपालगंज के थावे धाम के व्यंजन को तिमुल देगा बाजार
Timul Dairy Products Bihar: तिमुल गोपालगंज के प्रसिद्ध थावे पिड़िकिया मिठाई को बड़े बाजार तक पहुंचाने की तैयारी कर रहा है। कम्फेड की मंजूरी के बाद अगले साल से इसकी पैकेजिंग और कीमत तय कर इसे बाजार में उतारा जाएगा।
Bihar Food Safety Action: मिलावटखोरों पर Health Department का शिकंजा, Patna से Darbhanga तक Raid
राज्य में लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने मिलावट एवं खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। स्वास्थ्य सचिव-सह-खाद्य संरक्षा आयुक्त कुमार रवि के निर्देश पर राज्यभर में खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच, छापेमारी, नमूना संग्रहण और प्रयोगशाला परीक्षण की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में हाजीपुर, दरभंगा और पटना जिले में खाद्य सुरक्षा की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक्सपायर्ड, खराब एवं मानकों के विपरीत पाए गए खाद्य पदार्थों को नष्ट कराया। वहीं, फतुहा क्षेत्र में दूध के नमूने में फॉर्मेलिन पाए जाने के बाद करीब 126 लीटर दूध नष्ट कराया गया। जबकि, पटना शहर स्थित संतुष्टि स्वीट्स और उसकी विनिर्माण इकाई में खाद्य सुरक्षा टीम द्वारा औचक निरीक्षण एवं सघन जांच की गई, साथ ही साफ-सफाई और स्वच्छता बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए गए। इसे भी पढ़ें: Bihar Flood: 15 जिलों में विकराल हुई बाढ़, 48 लाख लोग प्रभावित हाजीपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग का एक्शन, मिलावटी पनीर नष्ट वैशाली जिले के हाजीपुर स्थित स्टेशन रोड में खाद्य सुरक्षा टीम द्वारा मिलावटी पनीर के खिलाफ कार्रवाई की गई। सुधीर किराना दुकान से 14 किलोग्राम पनीर जब्त किया गया, जिसमें स्टार्च की मिलावट पाई गई, जिसे मौके पर ही नष्ट करा दिया गया। वहीं, श्री गणेश पनीर हाउस से 58 किलोग्राम पनीर में स्टार्च की मिलावट पाए जाने पर उसे भी विनष्ट कराया गया। साथ ही, नमूना लेकर जांच के लिए लैब भेजा गया है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। दरभंगा के बेनीपुर में एक्सपायर्ड दूध-पनीर पर कार्रवाई दरभंगा जिले के बेनीपुर स्थित आशापुर चौक के सुधा मिल्क पार्लर में खाद्य संरक्षा अधिकारी द्वारा निरीक्षण एवं जांच की गई। जांच के दौरान पार्लर में 21 लीटर एक्सपायर्ड सुधा मिल्क और 18 किलोग्राम खराब पनीर पाया गया। खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों खाद्य सामग्रियों को मौके पर ही नष्ट कराया गया। जांच के दौरान खाद्य पदार्थों के नमूने भी संग्रहित किए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए लैब भेजा गया है। प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। पटना के फतुहा में दूध में फॉर्मेलिन की पुष्टि, करीब 126 लीटर दूध नष्ट पटना जिले के सबलपुर फतुहा क्षेत्र में भी खाद्य सुरक्षा टीम ने बड़ी कार्रवाई की। अभिहित पदाधिकारी एवं चिकित्सा पदाधिकारी-सह-खाद्य संरक्षा अधिकारी की उपस्थिति में सबलपुर, फतुहा टेढ़ी पुल के निकट स्थित राजीव डेयरी में दूध एवं पनीर की जांच की गई। जांच में दूध के नमूने में फॉर्मेलिन की उपस्थिति पाई गई। इसके बाद करीब 126 लीटर दूध को नष्ट कराया गया। आवश्यक नमूने भी संग्रहित किए गए हैं और जांच के निष्कर्षों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। Food Supplements के ठिकाने पर संयुक्त छापेमारी, 6 नमूने जांच के लिए भेजे जाएंगे फतुहा थाना क्षेत्र के बाजितपुर स्थित Alexa Foods and Supplements, Barishpur, Fatuha, Patna में भी संयुक्त टीम द्वारा निरीक्षण एवं छापेमारी की गई। इस संयुक्त कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा विभाग, औषधि निरीक्षक, आयुष निदेशालय एवं पुलिस पदाधिकारियों की टीम शामिल रही। निरीक्षण के दौरान परिसर में Food Supplements, Raw Materials तथा निर्माण में प्रयुक्त Manufacturing Equipment पाए गए। परिसर में कुछ निर्मित तथा कुछ अर्द्धनिर्मित Food Supplements भी पाए गए। नियमानुसार जांच एवं विश्लेषण के लिए कुल 06 नमूने संग्रहित किए गए हैं, जिन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच के लिए भेजा जा रहा है। निरीक्षण के दौरान Food Supplements के अतिरिक्त कोई अन्य औषधि नहीं पाई गई तथा किसी आपत्तिजनक अथवा संदिग्ध पदार्थ की पुष्टि नहीं हुई। संस्थान के स्वाधिकारी द्वारा Food Supplements के निर्माण एवं संबंधित खाद्य विनिर्माण अनुज्ञप्ति उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है। दस्तावेजों एवं जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसे भी पढ़ें: Ram Vilas Paswan की आदमकद प्रतिमा लगाने के लिए Tejashwi Yadav ने सरकार को लिखा पत्र जनता की थाली से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं, जांच और कार्रवाई रहेगी जारी स्वास्थ्य सचिव-सह-खाद्य संरक्षा आयुक्त श्री कुमार रवि ने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और लोगों के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। खाद्य कारोबारियों को निर्देश दिया गया है कि वे लोगों को केवल सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और निर्धारित मानकों के अनुरूप खाद्य सामग्री उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि एक्सपायर्ड, खराब, मिलावटी अथवा असुरक्षित खाद्य सामग्री का भंडारण, उपयोग या बिक्री किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
12 सितंबर, शनिवार: नवादा में BPA के तत्वावधान में मगध प्रमंडल की बैठक एक होटल में हुई, जिसमें 30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक ज्ञान भवन में आयोजित होने वाले बिहार फोटो वीडियो एक्सपो पर विस्तार से चर्चा हुई और पोस्टर का विमोचन किया गया।
नूंह जिले की पिनगवां थाना पुलिस ने 25 हजार रुपए के इनामी आरोपी मुजेब उर्फ मुजीम को गिरफ्तार किया है। वह एटीएम काटकर चोरी करने के कई मामलों में वांछित चल रहा था। आरोपी बुबलहेड़ी का रहने वाला है। वह बिहार के मोतिहारी जिले में साल 2024 के एटीएम चोरी से जुड़े मामलों में भी वांछित था। पुलिस के मुताबिक, मुजेब के खिलाफ मोतिहारी जिले के मुफस्सिल और तुरकौलिया थाना क्षेत्रों में केस दर्ज हैं। बिहार पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी। उसकी गिरफ्तारी पर बिहार पुलिस ने 25 हजार रुपए का इनाम रखा था। आगे की कार्रवाई के लिए बिहार पुलिस को सौंपा बिहार पुलिस ने आरोपी के बारे में नूंह पुलिस से संपर्क किया था। इसके बाद पिनगवां थाना पुलिस ने मुजेब की तलाश शुरू की। थाना प्रभारी निखिल कुमार की टीम को आरोपी के बारे में जानकारी मिली। इसी जानकारी के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपी एटीएम काटकर चोरी करने की कई घटनाओं में शामिल रहा है। वह बिहार में दर्ज मामलों में काफी समय से फरार चल रहा था। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की गई। बाद में उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए बिहार पुलिस को सौंप दिया गया। नूंह पुलिस ने बताया कि जिले में वांछित और फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए अभियान जारी है। इसी अभियान के तहत पिनगवां थाना पुलिस ने यह गिरफ्तारी की है।
Kal Ka Mausam: बिहार में धीमा पड़ा मानसून, 13 सितंबर को बारिश से मिलेगी राहत; बिजली गिरने का अलर्ट
Bihar Kal Ka Mausam: बिहार में मानसून की गतिविधियां धीमी पड़ गई हैं, हालांकि राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।
Bihar Flood: 15 जिलों में विकराल हुई बाढ़, 48 लाख लोग प्रभावित
बिहार में बाढ़ की स्थिति शनिवार को और गंभीर हो गई। राज्य के 15 जिलों में बाढ़ से प्रभावित लोगों की संख्या बढ़कर करीब 48 लाख हो गई है। वहीं, गंगा समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। जल संसाधन विभाग (डब्ल्यूआरडी) ने अचानक और तेजी से नदी किनारे कटाव की आशंका को देखते हुए अधिकारियों को संवेदनशील स्थानों पर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया है। आपदा प्रबंधन विभाग ने शनिवार को जारी एक बयान में कहा, कई नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण 15 जिलों के 87 प्रखंडों की 575 ग्राम पंचायतों में करीब 47.92 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। बाढ़ प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया शामिल हैं। शुक्रवार शाम तक बाढ़ प्रभावित लोगों की संख्या 47.33 लाख थी। राज्य सरकार ने अधिकारियों को कटाव की किसी भी घटना की तत्काल सूचना देने और संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त संसाधन उपलब्ध रखने का निर्देश दिया है। अधिकारियों ने बताया कि बिहार में लगातार हो रही बारिश और नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण कई नदियों और नाले उफना गए हैं। उन्होंने बताया कि सितंबर में अब तक राज्य में 104.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से करीब 27 प्रतिशत अधिक है। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, भागलपुर के सुल्तानगंज में शनिवार सुबह छह बजे गंगा का जलस्तर 36.48 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 1.98 मीटर ऊपर है। हालांकि, यहां जलस्तर में कमी आ रही है। जल संसाधन विभाग ने बताया कि डुमरियाघाट में गंडक, बलतारा और कुर्सेला में कोसी, खगड़िया में बूढ़ी गंडक, दीघा, गांधी घाट, हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव और मुंगेर में गंगा, श्रीपालपुर में पुनपुन, बेनीबाद में बागमती तथा दरौली और गंगपुर सिसवान में घाघरा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इसमें कहा गया है कि पानी के स्तर में अचानक कमी से नदी के किनारों के कटाव का खतरा बढ़ सकता है, जिससे नदी के किनारों और तटबंधों के संवेदनशील हिस्सों को खतरा हो सकता है। विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अचानक कटाव, तटबंध टूटने वाले स्थानों का तुरंत निरीक्षण करें और बिना देरी के जरूरी रोकथाम एवं सुरक्षा उपाय शुरू करें। आपदा प्रबंधन विभाग ने कहा, बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए विभिन्न जिलों में कुल 1,245 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा 13 राहत शिविर भी चालू हैं। इन केंद्रों में 12,260 बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए रहने, भोजन, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। विभाग ने बताया कि लोगों को सुरक्षित निकालने और परिवहन के लिए कुल 1,840 नावें चलाई जा रही हैं। इसके अलावा अब तक 11,204 क्विंटल पशु चारा वितरित किया गया है। बाढ़ को देखते हुए त्वरित राहत एवं बचाव अभियान सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न जिलों में राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की 27 और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 10 टीम तैनात की गई हैं। बिहार मौसम केंद्र ने अगले दो दिनों के दौरान राज्य के ज्यादातर हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है।
उत्तराखंड: देश के कई हिस्सों में भारी बारिश और बाढ़ ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उत्तराखंड में तेज बहाव के चलते पुल बहने की घटना सामने आई है, वहीं छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा में हसदेव नदी में बहे तीन कॉलेज छात्रों में से एक का शव बरामद किया गया है, जबकि दो अब भी लापता हैं। […] The post बारिश-बाढ़ का कहर! उत्तराखंड में 170 फीट लंबा पुल बहा, छत्तीसगढ़ में 3 छात्र नदी में लापता, बिहार में 47 लाख प्रभावित first appeared on Sanjeevni Today .
IIT BHU से पढ़ाई, मां के निधन के बाद नहीं मानी हार, 22 की उम्र में बनें बिहार के सबसे युवा SDM
कहते हैं कि अगर ईमानदारी से मेहनत की जाए, तो मंजिल हासिल करने में ज्यादा देर नहीं लगती है। एक ऐसी ही कहानी है बिहार के युवा एसडीएम नसीन कुमार निशांत की। जिन्होंने कई चुनौतियों का सामना किया।
फरक्का जल संधि को लेकर बिहार में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। जेडीयू ने 1996 में भारत और बांग्लादेश के बीच हुई फरक्का जल संधि के नवीनीकरण का खुलकर विरोध किया है। पार्टी ने इसे बिहार के हितों के खिलाफ बताया है। किशनगंज में विधायक गोपाल अग्रवाल ने इस संधि को रद्द करने की मांग की। गोपाल अग्रवाल ने कहा कि फरक्का जल संधि के कारण गंगा के पानी के बंटवारे में बिहार को नुकसान हो रहा है। इससे उत्तर बिहार के कई इलाकों में गाद जमने, बाढ़ और गर्मी के मौसम में पानी की कमी जैसी दिक्कतें बढ़ी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस संधि की वजह से बिहार के कई जिलों में सूखे जैसे हालात भी बनते हैं। उन्होंने साफ कहा कि 1996 की फरक्का जल संधि बिहार के हित में नहीं है और इसे खत्म किया जाना चाहिए। पानी की जरूरतों का रखना होगा ध्यान उन्होंने बताया कि पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने भी संसद के मानसून सत्र में इस मुद्दे को राज्यसभा में जोरदार तरीके से उठाया है और संधि के नवीनीकरण का विरोध किया है। विधायक ने कहा कि यदि भविष्य में कोई नई जल संधि होती है, तो उसमें वर्ष 2050 तक बिहार की पानी की जरूरतों का ध्यान रखना होगा। उन्होंने राजद पर भी निशाना साधा और कहा कि जब 1996 में यह संधि हुई थी, तब बिहार में लालू प्रसाद यादव की सरकार थी, लेकिन बिहार के हितों को लेकर तब कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। गोपाल अग्रवाल ने आरोप लगाया कि विपक्ष को बिहार के हितों की चिंता नहीं है और वह केवल संसद की कार्यवाही रोककर राजनीति करना चाहता है। फरक्का जल संधि को खत्म करने की मांग वहीं, नप अध्यक्ष इंद्रदेव पासवान ने फरक्का जल संधि के लिए उस समय की कांग्रेस सरकार की सोच को जिम्मेदार ठहराते हुए इसे खत्म करने की मांग की। जिला अध्यक्ष फैसल अहमद ने बताया कि 5 सितंबर से फरक्का जल संधि को लेकर 'नीतीश संवाद' कार्यक्रम चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में भी इस मुद्दे को लेकर कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
VIDEO: बिहार में समाजसेवी की हत्या पर सड़क पर बवाल, आगजनी; ड्रग्स का विरोध जानलेवा हुआ
भोजपुर के गड़हनी बाजार में ड्रग्स के धंधे का विरोध कर रहे युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। विरोध में सड़क पर आग जलाकर प्रदर्शन किया गया। संभालने में पुलिस के पसीने छूट गए।
भागलपुर में जनसुराज के सूत्रधार और बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के ‘बेचारा’ वाले बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने मुझे ‘बेचारा’ कहा है, तो पहली बार मैं मुख्यमंत्री के किसी बयान से सहमत हूं। प्रशांत किशोर ने कहा कि मुख्यमंत्री को शायद ‘बेचारा’ का शाब्दिक अर्थ ही नहीं बताया गया है। प्रशांत किशोर ने कहा कि ‘बेचारा’ का मतलब होता है, जिसके पास कोई चारा नहीं हो। उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर ही नहीं, बल्कि जनसुराज के साथियों के पास भी कोई दूसरा चारा नहीं है। हम बिहार को अनपढ़ और अपराधियों के हाथों में छोड़कर नहीं जा सकते। बिहार को सुधारने के अलावा हमारे पास कोई चारा नहीं है। जब तक बिहार में सुधार नहीं होगा, तब तक हम लगे रहेंगे। प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए उन्हें भाजपा का ‘अनपढ़ और अपराधी मुख्यमंत्री’ बताया। उन्होंने कहा कि बिहार को ऐसे लोगों के हाथ में नहीं सौंपा जा सकता। उन्होंने कहा कि बिहार में शिक्षा, बदलाव और रोजगार को लेकर नया राजनीतिक नरेटिव बन चुका है। प्रशांत किशोर बोले- JDU को अमित शाह चला रहे हैं JDU को ‘जनता दल नीतीश’ नाम दिए जाने के संजय झा के प्रस्ताव पर भी प्रशांत किशोर ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जनता दल यूनाइटेड हो या जनता दल नीतीश, उसे चलाने वाले अमित शाह ही हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि नीचे दो ‘बनडमरू’ लोग हैं, जो अमित शाह के कहने के मुताबिक चलेंगे। प्रशांत किशोर ने दावा किया कि नीतीश कुमार अब जनता दल यूनाइटेड नहीं चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि खबर यही है कि JDU को अमित शाह चला रहे हैं। हालांकि, ये प्रशांत किशोर के राजनीतिक आरोप हैं। ‘बिहार का नरेटिव पहले ही बदल चुका है’ प्रशांत किशोर इन दिनों विधान परिषद चुनाव को लेकर जनसुराज के कार्यकर्ताओं से संवाद कर रहे हैं। उम्मीदवारों के चयन के लिए सर्वे और बैठकों का दौर चल रहा है। इसी क्रम में वह शुक्रवार को भागलपुर पहुंचे, जहां उन्होंने उम्मीदवारों के चयन को लेकर कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने सरकार और विपक्ष पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि बिहार का नरेटिव पहले ही बदल चुका है। उनके अनुसार, 2025 में सरकार ने नरेटिव बदलने के लिए 10-10 हजार रुपए में वोट खरीदे। उन्होंने कहा कि अब बिहार में शिक्षा, बदलाव और रोजगार का नरेटिव है। प्रशांत किशोर ने कहा कि चुनाव जीतने के बाद चार-पांच महीने तक भाजपा ने इस नरेटिव को पीछे कर दिया था और एनकाउंटर, जाति और हत्या जैसे मुद्दों की चर्चा शुरू हो गई थी। उन्होंने कहा कि बांकीपुर में भाजपा को हराने के बाद जनसुराज ने फिर से राजनीतिक नरेटिव को शिक्षा और रोजगार की ओर मोड़ा है। उन्होंने कहा कि विधायक किसी भी दल का हो, पूरे बिहार में अब यही सवाल रहेगा कि शिक्षा और रोजगार कौन देगा। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में बिहार की राजनीति का मुख्य मुद्दा शिक्षा और रोजगार ही होगा।
मुख्य सचिव पंकज कुमार नियुक्ति रिपोर्ट, रोस्टरिंग और विज्ञापन की स्थिति को समेकित करने की समीक्षा की अध्यक्षता कर
Bihar MLC Election: बिहार एमएलसी चुनाव को लेकर सियासत गरमाई गई है। एक दिन पहले राष्ट्रीय जनता दल ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा की तो लालू परिवार के भीतर का कलह एक बार फिर सामने आ गया।
NEET UG 2026: बिहार में MBBS-BDS की 1295 सीटों पर आज से काउंसिलिंग, 2 नए मेडिकल कॉलेज भी हुए शामिल
Medical Admission 2026 : बिहार में नीट यूजी 2026 (NEET UG 2026) के लिए UGMAC राउंड-2 की काउंसिलिंग प्रोसेस आज से शुरू हो गई है. इस में MBBS, BDS समेत विभिन्न कोर्सों की 1,295 सीटों पर एडमिशन होगा.
नवादा: फरक्का जल संधि के नवीनीकरण के विरोध में जदयू ने उठाई आवाज, कहा- बिहार के हक पर समझौता नहीं
12 सितंबर, शनिवार: नवादा जदयू कार्यालय में जिला अध्यक्ष राजकिशोर प्रसाद दांगी ने फरक्का जल संधि के मौजूदा स्वरूप में नवीनीकरण का विरोध किया, कहा बिहार के पानी और हक पर कोई समझौता नहीं होगा।

