माता-पिता से नाराज होकर दिल्ली जाने के लिए निकली तीन नाबालिग लड़कियों को कानपुर में बरामद किया गया। तीनों लड़कियां बिहार से भागकर दिल्ली की ट्रेन में चढ़ गई थी। कंट्रोल रूम के जरिए नाबालिग लड़कियों की कानपुर आरपीएफ को दी गर्इ थी। नाबालिग की सूचना मिलने के बाद कानपुर में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की टीम एलर्ट हो गई और छात्राओं की खोजबीन शुरू की। जिसके बाद उन्हें सकुशल बरामद कर लिया गया। थाने में छात्राओं से पूछताछ करने के बाद बिहार पुलिस और उनके परिजनों को सूचना दी गई। स्टेशन पर घूम रही थी तीनों नाबालिग आरपीएफ इंस्पेक्टर एसएन पाटीदार ने बताया कि कंट्रोल रूम के जरिए उन्हें सूचना मिली कि बिहार से दिल्ली की ओर जाने वाली महाबोधी एक्सप्रेस में तीन नाबालिग लड़कियां सवार हैं। यह घर से भागकर आई हैं और बिहार के गया में इनकी गुमशुदगी का मुकदमा भी दर्ज किया गया है। तीनों लड़कियों की आरपीएफ को फोटो भी भेजी गई। जिसके बाद आरपीएफ की टीम महाबोधी एक्सप्रेस के कानपुर आने पर जनरल कोच में उन्हें तलाशने लगी। यात्रियों को लड़कियों की फोटो दिखाई गई, लेकिन वह नहीं मिली। जिसके बाद बिहार से उनकी लोकेशन भेजी गई। लोकेशन से सर्च करने पर तीनों छात्राएं स्टेशन पर घूमती हुई मिली। तीनों माता-पिता से थी नाराज आरपीएफ ने तीनों लड़कियों को स्टेशन के कैंट साइट टिकट घर के पास से बरामद किया। जिसके बाद उन्हें थाने लाकर पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि एक साथ पढ़ाई करती हैं। उन्होंने अपना नाम मुस्कान (14) पुत्री संतोष लोहानी, संध्या उर्फ स्नेहा (14) पुत्री संतोष पासवान और सानिया (13) पुत्री संतोष कुमार बताया। तीनों गया जिले की रहने वाली थी। घर से नाराज होकर वह निकली थी और दिल्ली जा रही थी। जिसके बाद आरपीएफ ने गया कोतवाली प्रभारी से संपर्क किया और छात्राओं की सूचना दी। जिसके बाद गया पुलिस और छात्राओं के परिजन कानपुर पहुंचे। जांच के बाद छात्राओं को बिहार पुलिस व उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। आरपीएफ थाना प्रभारी एसएन पाटीदार ने बताया कि छात्राओं को सकुशल उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। गया पुलिस से छात्राओं की सूचना मिली थी, जिसके बाद आरपीएफ ने तत्काल कार्रवाई करते हुए छात्राओं को बरामद कर लिया था।
मेरी मां को हार्ट अटैक आया था। वह दर्द से तड़प रही थी, लेकिन अस्पताल के स्टाफ पैसा लेने पर अड़े थे। बिना पैसे लिए यहां न नंबर लगता है, न बेड मिलती है।’ यह दर्द है बेगूसराय के वीरेंद्र कुमार का। वह पटना के IGIC अस्पताल में मां का इलाज करा रहे हैं। बिहार में 40 साल बाद भीषण ठंड पड़ रही है। इसके चलते हार्ट अटैक के मरीजों की संख्या तीन गुना बढ़ गई है। पटना के IGIC से लेकर IGIMS और PMCH मरीजों से भरा है। ऐसे में हम राज्य के सबसे बड़े हार्ट हॉस्पिटल IGIC पहुंचे। जाना कि यहां दिल के मरीजों का इलाज किस तरह हो रहा है। पता चला कि पर्ची कटाने से लेकर बेड पाने तक हर छोटे-बड़े काम में दलालों की जेब गर्म करनी पड़ती है। बिहार का सबसे बड़े सरकारी हार्ट हॉस्पिटल IGIC खुद कितना बीमार है। मरीजों को क्या परेशानी हो रही? स्टाफ की कितनी कमी है? पढ़ें ग्राउंड रिपोर्ट… सबसे पहले जानिए क्या कहते हैं मरीजों के परिजन मां को हार्ट अटैक आया, नंबर से लेकर बेड तक के लिए मांगते हैं पैसे हमने वीरेंद्र कुमार से बात की। बेगूसराय के रहने वाले हैं। अपनी मां मंजू देवी का इलाज कराने आए हैं। उन्हें हार्ट अटैक आया था। वीरेंद्र ने कहा, ‘मेरी मां को हार्ट अटैक आया था। बेगूसराय से यहां इमरजेंसी में लेकर आया। टोकन कैसे कटेगा पता नहीं चलता है। दलाल मिलते हैं। नंबर लगाने के लिए 200-300 रुपए लिए। अंदर गए तो एम्बुलेंस से उतारने और व्हीलचेयर पर रखने के 200-300 रुपए लिए।’ उन्होंने कहा, ‘पैसे देने पर ही वे लोग (अस्पताल के कर्मचारी) मरीज को उतारकर ले जाते हैं। 500-1000 रुपए मांगते हैं। 200-300 से नीचे बात ही नहीं करते। बेड चाहिए तो फिर दौड़ते रहिए, पैसा दीजिए। मुंह में लगाने वाले पाइप के लिए 1500 रुपए मांगते हैं। बाहर यह 60 रुपए में मिल जाता है।' प्राइवेट में 4.5 लाख रुपए लगते, यहां मुफ्त इलाज हुआ छपरा से आए शिव वचन सिंह ने कहा, ‘यहां मेरी सास पार्वती देवी की बायपास सर्जरी हुई है। मुख्यमंत्री कोष से इलाज चल रहा है। पैसे नहीं लगे। यहां 3-4 दिन रहेंगे। सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। डॉ. मोहम्मद गजनफर ने सर्जरी की। प्राइवेट में इलाज कराने पर 4.5 लाख रुपए लगते।’ मेरी सास को दो जगह ब्लॉकेज है समस्तीपुर के दलसिंहसराय से आए ऋषि ओम पटेल ने कहा, ‘मैं अपनी सास रंजू देवी का इलाज कराने आया हूं। बेड, इलाज और भोजन पर खर्च नहीं लगा। एंजियोग्राफी में 7 हजार रुपए लगे। पता चला कि दो जगह ब्लॉकेज है। दो स्टेंट फ्री में लगाया जाएगा।’ बहुत बढ़िया इलाज हो रहा, मैनेजमेंट की कमी है वैशाली के महनार से अपने चाचा लखन देव पंडित का इलाज कराने आए राजा कुमार ने कहा, ‘यहां बहुत बढ़िया इलाज हो रहा है। जो दवा नहीं मिलती उसे बाहर से लाते हैं। मैनेजमेंट की थोड़ी बहुत कमी है। दीदी लोग पैसा के लिए परेशान करती हैं। अगर अलग शिफ्ट होना है तो उसके लिए पैसा चाहिए।’ अब जानिए IGIC की सबसे बड़ी परेशानी, डॉक्टर से लेकर नर्स तक कितने स्टाफ कम IGIC की सबसे बड़ी परेशानी स्टाफ की कमी है। यहां तय क्षमता से काफी कम डॉक्टर, नर्स और बाकी टेक्निकल स्टाफ हैं। विकास चंद्र उर्फ गुड्डू बाबा को सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त आंकड़े से यह खुलासा हुआ है। अस्पताल उपाधीक्षक के दोनों पद, अस्पताल अधीक्षक के एक में एक पद, वार्ड सिस्टर/नर्सिंग सिस्टर के 12 में 12 पद खाली हैं। कैथ लैब टेक्नीशियन के 12 में 12 पद , ईसीजी टेक्नीशियन के 21 में 15 पद और ड्रेसर के 13 में 12 पद खाली हैं। संयुक्त निदेशक के दो पद हैं, दोनों रिक्त हैं। उपनिदेशक के 5 पद हैं, पांचों रिक्त हैं। सहायक निदेशक के सभी 9 पद खाली हैं। एनेस्थीसिया से जुड़े कई पद खाली हैं। ओपन हार्ट सर्जरी और बाल हृदय योजना के बच्चों की सर्जरी में एनेस्थेटिक की बड़ी भूमिका रहती है। रेडियोलॉजी में विशेषज्ञ डॉक्टर ग्रेड टू के 4 पद स्वीकृत हैं, लेकिन 2 पद खाली हैं। पेडियाट्रिक्स कार्डियोलॉजी ग्रेड 2 के 2 पद स्वीकृत हैं, 1 खाली है। निदेशक ने 3 सितंबर 2025 को इन पदों पर बहाली के लिए स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखा था। भास्कर ने आईजीआईसी के वरिष्ठ चिकित्सा पदाधिकारी सह लोक सूचना पदाधिकारी डॉ. अमिताभ से बात की। उन्होंने बताया, ‘स्वीकृत पदों पर भर्ती बिहार लोक सेवा आयोग और चयन पर्षद द्वारा की जानी है। उसकी अधिसूचना राज्य सरकार ने भेजी है। जल्द बहाली होगी। यहां डॉक्टर व अन्य स्टाफ काफी पुराने हैं। उनके अनुभव की वजह से मरीजों को परेशानी नहीं होती है।’ छठी मंजिल पर टॉयलेट की स्थिति खराब अस्पताल में मरीजों के लिए की गई व्यवस्था देखते हुए हम छठी मंजिल पर पहुंचे तो पाया कि यहां के टॉयलेट की स्थिति खराब है। गंदगी इतनी है कि इसे इस्तेमाल नहीं कर सकते। इसके बारे में डॉ. अमिताभ से सवाल किया। उन्होंने कहा, ‘BMSICL एजेंसी के जरिए काम करवाती है। उसे ठीक करवाया जा रहा है। भवन काफी समय पहले बना था, लेकिन देर से हैंडओवर किया गया। इसलिए कुछ कमियां आती हैं, जिन्हें जल्द दूर कर लिया जाता है।’ IGIC में इलाज फ्री, 2.5 लाख से अधिक आमदनी है तो 75% कम लागत डॉ. अमिताभ ने बताया IGIC में इलाज के लिए तीन सिस्टम। 97% मरीजों का इलाज मुफ्त में किया जा रहा है। 180 बेड का अस्पताल है। हार्ट अटैक के मरीज का इलाज देर से हुआ तो खतरा 70% ठंड के मौसम में दिल के मरीज बढ़ने को लेकर हमने अस्पताल के असिस्टेंट डायरेक्टर डॉ. अनूप सिंह से बात की। उन्होंने कहा, ‘ठंड के दिनों में दिल के मरीज बढ़ जाते हैं। हार्ट अटैक के अलावा चेस्ट से जुड़ी समस्या बढ़ जाती है। अभी ओपीडी में जितने मरीज आ रहे हैं, उसमें से 30% कार्डियक पेन की शिकायत करते हैं।’
राष्ट्रीय डांस चैंपियनशिप में दिखेगा बिहार का जलवा
भास्कर न्यूज | मुंगेर भारतीय पारंपरिक कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित 11वीं बैटल स्पोर्ट्स डांस नेशनल चैंपियनशिप 2025-26 में भाग लेने के लिए बैटल डांस स्पोर्ट्स एसोसिएशन ऑफ बिहार की टीम लखनऊ, उत्तर प्रदेश के लिए रवाना हो चुकी है। यह प्रतियोगिता संस्कृत पाठशाला ऑडिटोरियम, लखनऊ में आयोजित की जा रही है। एसोसिएशन के हरिमोहन सिंह ने बताया कि इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य युवाओं को भारतीय पारंपरिक नृत्य शैलियों से जोड़ना और उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहचान दिलाना है। उन्होंने कहा कि बिहार की टीम इस बार पूरे उत्साह और बेहतर तैयारी के साथ उतर रही है।
बिहार सरकार के ग्रामीण विकास एवं परिवहन विभाग के मंत्री और जनता दल (यू) के वरिष्ठ और उत्तर प्रदेश के प्रभारी श्रवण कुमार जनवरी में यूपी दौरे है। रविवार को अयोध्या पहुंचे हैं। सोमवार को राम जन्मभूमि मंदिर पहुंचकर रामलला के दर्शन-पूजन करेंगे और स्थानीय कार्यक्रमों में भी शिरकत करेंगे। नेता श्रवण कुमार ने कहा कि प्रभु श्रीराम की पावन धरती को प्रणाम कर आशीर्वाद लेना सौभाग्य की बात है। रामलला की भूमि से संगठन को नई ऊर्जा मिलती है और यहीं से सदस्यता अभियान को और तेज करने का संकल्प लिया गया है। श्रवण कुमार ने बताया कि जनता दल (यू) द्वारा उत्तर प्रदेश में प्रदेश स्तरीय बैठक आयोजित की गई है। इस बैठक में संगठन विस्तार, सदस्यता अभियान और पार्टी के ढांचे को मजबूत करने पर विस्तृत चर्चा की जा रही है। उन्होंने कहा कि योग संगठन, सदस्यता अभियान समेत अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर मंथन चल रहा है और बैठक के बाद इन मुद्दों पर और विस्तार से जानकारी दी जाएगी। मंत्री ने स्पष्ट किया कि पार्टी लगातार संगठन को मजबूत करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव की बात चुनाव के समय होगी, फिलहाल पार्टी सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय है। जनता दल (यू) बिहार में सत्ता में है, झारखंड में पार्टी के विधायक हैं और अन्य राज्यों में भी संगठन को दोबारा मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं। श्रवण कुमार ने कहा कि रामलला की धरती से संगठन विस्तार का संदेश पूरे उत्तर प्रदेश में जाएगा। पार्टी का लक्ष्य है कि सभी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर सदस्यता अभियान को मजबूती से आगे बढ़ाया जाए और जनता दल (यू) को प्रदेश में मजबूत विकल्प के रूप में स्थापित किया जाए। कल करेंगे रामलाल का दर्शन निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मंत्री श्रवण कुमार रविवार को सुबह 6 बजे पटना जंक्शन से वंदे भारत एक्सप्रेस से दोपहर 12:10 बजे अयोध्या जंक्शन पहुंचे। इसके बाद सड़क मार्ग से जिला अतिथि गृह (सर्किट हाउस) पहुंचे। 12 जनवरी सोमवार को सुबह 9 बजे मंत्री श्रवण कुमार राम जन्मभूमि मंदिर पहुंचकर रामलला का विधिवत दर्शन-पूजन करेंगे। दर्शन के उपरांत वह पुनः स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होंगे इसके बाद 5:15 बजे अयोध्या जंक्शन पहुंचकर 5:20 बजे वंदे भारत एक्सप्रेस से पटना के लिए रवाना होंगे। रात 11:51 बजे पटना जंक्शन पहुंचने का कार्यक्रम है।
हरियाणा कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व जिला पार्षद नरेंद्र राज गागड़वास ने हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) के चेयरमैन पर जुबानी हमला बोला है। वीडियो जारी कर उन्होंने कहा कि हरियाणा में बहुत कम लोगों को पता है कि एचपीएससी के चेयरमैन हरियाणा के ना होकर बिहार के है। कहा कि, केवल अकेला हरियाणा ऐसा राज्य ऐसा है, जहां एचपीएससी का चेयरमैन बाहर का है। जो दुर्भाग्य की बात है। क्या हरियाणा में ऐसा कोई पढ़ा लिखा नहीं है क्या, जो इस पद पर बैठ सके। वीडियो में कांग्रेस नेता ने कहा कि, हरियाणा में शिक्षा की कमी है क्या, जहां हमें बाहर से लाकर एचपीएससी के चेयरमैन की नियुक्ति करनी पड़ी है। जब से ये चेयरमैन आए हैं, इनके कार्यकाल में जितनी भी नौकरियां लगी है, वे चाहे ग्रुप-ए की हों या ग्रुप-बी की, सभी में 60 से 80 प्रतिशत युवा बाहर के हैं। जिन नौकरियों पर हरियाणा के युवाओं का हक था, जो बाहर के युवाओं को दिया जा रहा है। बड़े शर्म की बात है कि हरियाणा में बेरोजगारी चर्म पर है, लेकिन सरकार व मुख्यमंत्री बाहर का चेयरमैन बैठाकर नौकरियां बाहर के लोगों को दी जा रही हैं। बाहर के लोगों को दी जा रही नौकरी नरेंद्र राज गागड़वास ने कहा कि पिछले दिनों असिस्टेंट इंग्लिश प्रोफेसर भर्ती का रिजल्ट आया तो 613 पोस्ट थी। जिसमें से 151 युवाओं को भर्ती किया, जिसमें से केवल 8 प्रतिशत युवा हरियाणा के थे और अन्य बाहर के। ऊपर से एचपीएससी के चेयरमैन का बयान आता है कि हरियाणा के यूनिवर्सिटी में पढ़ाई नहीं है। उन्होंने कहा कि एचपीएससी के चेयरमैन हरियाणा के युवाओं पर टिप्पणी करना छोड़ दें। साथ ही सीएम से मांग की कि बाहर के चेयरमैन को हटाकर उनकी जगह हरियाणा का चेयरमैन लगाया जाए, ताकि हरियाणा प्रदेश के युवाओं के साथ न्याय हो सके। साथ ही जो हरियाणा की नौकरी बाहर जा रही है, वे हरियाणा के युवाओं को मिल सके।
हरियाणा के पंचकूला में भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) कुलवंत सिंह मान को ऑटो ने कुचल दिया। जिसके कारण उनकी मौत हो गई। लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) कुलवंत सिंह मान के शव को सेक्टर-6 अस्पताल में रखवाया गया है। पंचकूला मनसा देवी सेक्टर-4 निवासी कुलवंत सिंह मान 9 जनवरी की शाम को साढे 5 बजे सैर के लिए निकले थे। उन्हें डॉल्फिन चौक के पास ऑटो ने पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर के कारण वे बेहोश होकर गए। जिनके सिर व पेट से खून बह रहा था। उन्हें घायल अवस्था में पंचकूला के कमांड अस्पताल में ले जाया गया। जहां पर 10 जनवरी को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।ब्रेन पर चोट बनी मौत की वजहडॉक्टरों के अनुसार लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) कुलवंत सिंह मान को तीन जगह पर चोट लगी थी। ब्रेन पर चोट लगने के कारण ऑक्सीजन सप्लाई बंद हो गई। जो उनके मौत की वजह बनी। उनके सिर से अत्यधिक खून भी हादसे के कारण बह गया था। अंतिम संस्कार के लिए बेटे का इंतजार कर्नल कुलवंत सिंह मान की पत्नी सुखजीवन कौर के अलावा परिवार में दो बेटे हैं। उनके एक बेटे हरप्रीत मान सेना में कर्नल रहे हैं। वहीं उनके बेटे जसप्रीत मान कनाडा पुलिस में अफसर हैं। जिनके घर लौटने का इंतजार किया जा रहा है। जो 12 जनवरी को पंचकूला पहुंचने की उम्मीद है, उसके बाद ही अंतिम संस्कार किया जाएगा।बिहार 12वीं बटालियन के फर्स्ट कमांडिग अफसर भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) कुलवंत सिंह मान ने 1 जनवरी 1976 को दानापुर में 12वीं बिहार बटालियन की स्थापना की। इसके पहले कमांडिंग ऑफिसर (लेफ्टिनेंट कर्नल के रूप में) बने। उनकी विशिष्ट सैन्य सेवा के लिए उन्हें PVSM (परम विशिष्ट सेवा पदक) और AVSM (अति विशिष्ट सेवा पदक) जैसे उच्च सैन्य सम्मानों से नवाजा गया था। सेवानिवृत्ति के बाद, वे चंडीगढ़ गोल्फ क्लब के सक्रिय सदस्य थे। उनके दो बेटे हैं—एक भारतीय सेना में कर्नल के पद पर कार्यरत हैं और दूसरे कनाडाई पुलिस में सेवा दे रहे हैं।
नीतीश गवर्नमेंट ने बिहार कैडर के अफसरों की सिविल लिस्ट 2026 जारी कर दी है। इसमें 316 अधिकारियों के नाम हैं। इससे बिहार के सबसे पावरफुल IAS अधिकारियों की रैंकिंग सामने आई है। पता चला है कि मुख्यमंत्री सचिवालय रिटायर और जूनियर IAS अफसर संभाल रहे हैं। वहीं, टॉप-10 सीनियर अफसरों में 6 दिल्ली डेपुटेशन पर हैं। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत IAS की टॉप 10 की लिस्ट में चौथे नंबर पर हैं। इनके ऊपर के 3 सीनियर अधिकारी दिल्ली में हैं। भास्कर की खास रिपोर्ट में जानिए, बिहार कैडर के कौन से अधिकारी टॉप 10 की लिस्ट में हैं। इसमें कितने बिहार में काम कर रहे हैं? CM नीतीश कुमार की टीम में कौन हैं? रिटायर और जूनियर IAS अफसर संभाल रहे मुख्यमंत्री सचिवालय मुख्यमंत्री सचिवालय CM नीतीश कुमार के कामों को संभालता है। बिहार सरकार में पावर सेंटर माने जाने वाले इस सचिवालय को रिटायर और जूनियर अधिकारी संभाल रहे हैं। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत IAS अफसरों की टॉप 10 लिस्ट में चौथे नंबर पर हैं। नीतीश कुमार की टीम के अन्य अधिकारी सीनियारिटी के टॉप अफसरों को बिहार पसंद नहीं बिहार कैडर के टॉप सीनियर अफसरों को बिहार पसंद नहीं है। टॉप 10 IAS में से 6 डेपुटेशन पर दिल्ली में हैं। मोदी सरकार के लिए काम कर रहे हैं। ये अधिकारी हैं… टॉप टेन के 4 आईएएस अधिकारी बिहार में तैनात सीनियर अफसर गए तब प्रत्यय अमृत बने मुख्य सचिव बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत IAS अफसरों की सीनियारिटी की टॉप 10 की लिस्ट में चौथे नंबर पर हैं। उनके ऊपर के तीन अधिकारी (आईएएस अंशुली आर्या (1989), आईएएस संजय कुमार (1990) और आईएएस केशव कुमार पाठक (केके पाठक-1990) दिल्ली गए हैं। रैंकिंग में जूनियर अधिकारी प्रत्यय अमृत को बिहार में सबसे पावरफुल पद (मुख्य सचिव) मिला है। किसे मुख्य सचिव बनाना है यह सीएम का विशेष अधिकार होता है। बिहार में बुलडोजर एक्शन के पीछे हैं ये अधिकारी ! उप-मुख्यमंत्री और गृह मंत्री सम्राट चौधरी के विभाग द्वारा पूरे बिहार में बुलडोजर एक्शन से अतिक्रमण हटाए गए। जानिए उनकी टीम में कौन से अधिकारी हैं। उप-मुख्यमंत्री विजय सिन्हा की टीम में कौन-कौन अधिकारी? सबसे नीचे 2025 बैच के आईएएस अफसर सिविल लिस्ट 2026 में सबसे निचले पायदान (316 नंबर) पर 2025 बैच के आईएएस अधिकारी दीपक कुमार हैं। इसके बाद अमित मीणा ( 315 नंबर), प्रिंस राज (314 नंबर), निलेश गोवल (313 नंबर), कल्पना रावत (312 नंबर), चेतन शुक्ला (311 नंबर) और कुमुद मिश्रा (310 नंबर) हैं। ये सभी ट्रेनिंग पर हैं। IAS सिविल लिस्ट क्या होती है? सरकार हर साल अफसरों का सिविल लिस्ट जारी करती है। यह काम साल की शुरुआत में होता है। यह सरकारी अधिकारियों, विशेषकर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारियों की ऑफिशियल लिस्ट होती है। इस लिस्ट में अधिकारियों के नाम, अलॉटमेंट वर्ष, वर्तमान पोस्टिंग, कैडर, शैक्षिक योग्यता और उनके करियर का पूरा रिकॉर्ड लिखा होता है। केंद्र सरकार का कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) हर साल इसे पब्लिश करता है। बिहार में सामान्य प्रशासन विभाग इसे जारी करता है। इस लिस्ट का इस्तेमाल प्रशासनिक कार्यों, अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग, प्रमोशन और नियुक्तियों के मैनेजमेंट में होता है। दरअसल, 'सिविल लिस्ट' शब्द ब्रिटिश शासन और राजशाही से आया है। इसमें पहले शाही परिवार के खर्चों और सरकारी कर्मचारियों के भुगतान के लिए आवंटित धन की जानकारी होती थी। 10 दिन तक आपत्तियां ली जाएंगी सरकार ने सिविल लिस्ट का फाइनल पब्लिकेशन से पहले प्रारूप जारी कर आपत्तियां मांगी है। इसके लिए 10 दिन समय दिया है। अगर किसी को कोई आपत्ति है तो वह इसे भेज सकता है।
आंध्रप्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार व झारखंड सहित पांच राज्यों की टीमें पहुंची उदयपुर
पीएम श्री फतह उच्च माध्यमिक विद्यालय में 12 जनवरी से 69 वीं राष्ट्रीय विद्यालय हॉकी (19 वर्ष छात्र) प्रतियोगिता शुरू होगी। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए शनिवार से टीमों के पहुंचने का दौर शुरू हो गया। शनिवार को सुबह से रात तक आंध्रप्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार एवं झारखंड की टीमे उदयपुर पहुंच गई हैं। परिवहन समिति के कार्मिकों ने टीमों के रेलवे स्टेशन से बस से उनके आवास स्थल सेंटर फॉर एक्सीलेंस भवन चित्रकूट नगर पहुंचाया। मुख्य नियंत्रण कक्ष में अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) मोहनलाल मेघवाल ने महत्वपूर्ण समितियों के प्रभारियों की समीक्षा बैठक ली। पीएमश्री फतह स्कूल के प्राचार्य व केंद्राध्यक्ष गजेंद्र आवोत ने बताया कि रविवार सुबह 4:00 बजे से टीमें उदयपुर पहुंचाना शुरू हो जाएगी। समीक्षा बैठक में आयोजन सचिव धर्मेंद्र सिंह शक्तावत, अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ( विद्यालयी शिक्षा) उदयपुर के जिलाध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह झाला,प्रदेश संगठन मंत्री राजेंद्र सिंह सारंगदेवोत, राजस्थान शारीरिक शिक्षक संघ के प्रदेश महामंत्री भेरूसिंह राठौड़, गोवर्धनसिंह झाला, एसडीएमसी सचिव गोपाल सिंह आसोलिया,चुन्नीलाल चंदेरिया मौजूद रहे। ये जानकारी प्रतियोगिता की मीडिया समिति के प्रभारी गोपाल मेहता मेनारिया ने आने दी। भास्कर नॉलेज... राष्ट्रीय प्रतियोगिता में मैदान 91.40 लम्बाई व 56 मीटर चौड़ाई प्लेइंग एरिया जरूरी है हॉकी के अन्तराष्ट्रीय प्रशिक्षक शकील हुसैन ने बताया कि इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए मैदान व अन्य व्यवस्थाएं अंतरराष्ट्रीय स्तर की होना जरूरी है। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता मैदान 91.40 लम्बाई व 56 मीटर चौड़ाई प्लेइंग एरिया जरूरी है। इसके साथ ही 5 मीटर का चारो ओर कवरिंग एरिया होता है। अभी उदयपुर में महाराणा प्रताप खेल गांव में एस्ट्रोटर्फ इन्हीं मापदंडों से बना हुआ है। इसमें दो रैफरी होते हैं। एक टाइम कीपर और एक स्कोरर और एक थर्ड अम्पायर होता है। पांच ऑफिशियल मिलकर यह खेल करवाते हैं। एक हॉकी मुकाबले में 15-15 मिनट के चार क्वार्टर होते है। हर क्वार्टर के बीच दो मिनट का ब्रेक रखा जाता है, ताकि खिलाड़ी रिकवर हो सके। प्रशिक्षक इसी दौरान उन्हें निर्देशित भी करता है। करीब पांच साल पहले 35-35 दो क्वार्टर होते थे, जो कुल 70 मिनट का मुकाबला होता था, जिसे अब बदल दिया गया है। इसे इसलिए बदला गया है, क्योंकि खिलाड़ी की स्पीड बनी रहे, इसलिए इसे चार हिस्सों में बांट दिया गया। फेडरेशन ऑफ इंटरनेशनल हॉकी की ओर से ये नए मापदंड तय किए गए है। 60 मिनट के बाद दोनो टीमें यदि बराबरी पर होती है तो उन्हें पांच-पांच मिनट अतिरिक्त दिए जाते हैं। इसके बाद भी परिणाम नहीं आने पर टाइब्रेकर से फैसला लेते हैं। इसमें पांच-पांच खिलाड़ी दोनो ओर से एक-एक चांस लेते हुए पैनल्टी शूट आउट लेते हैं।
गोमो में निजी बिजली मिस्त्री ने की आत्महत्या:घर में फंदे पर लटका मिला शव, परिवार बिहार में रहता है
धनबाद के गोमो स्थित हटियाटांड बिजली ऑफिस के पास एक निजी बिजली मिस्त्री रामकिशुन ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह गोमो में अकेले रहता था। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। जानकारी के अनुसार, रामकिशुन बीती रात खाना खाने के बाद अपने कमरे में सोने चला गया था। सुबह जब उसके दोस्त उसे बुलाने पहुंचे, तो दरवाजा नहीं खुला। भीतर से बंद दरवाजा देखकर दोस्तों को संदेह हुआ। उन्होंने खिड़की से झांककर देखा तो रामकिशुन पंखे से फंदे के सहारे लटका हुआ मिला। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कमरे का मुआयना किया यह दृश्य देखते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर भीड़ लगा दी और तोपचांची थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कमरे का मुआयना किया और प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि मृतक का मानसिक संतुलन पिछले कुछ समय से ठीक नहीं था, जिसके कारण उसने यह आत्मघाती कदम उठाया होगा। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है। मृतक का परिवार बिहार के गया जिले में रहता है, जिन्हें घटना की सूचना दे दी गई है। तोपचांची थाना पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर लिया है और पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) लखनऊ जोनल यूनिट ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर स्थित महुआ टोल प्लाजा के पास एक फोर्स ट्रैवलर गाड़ी से 221 किलो गांजा जब्त किया। एनसीबी की इस कार्रवाई में हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के रहने वाले 41 साल के विजय सिंह को गिरफ्तार किया गया है। एनसीबी अधिकारियों के अनुसार शुरुआती जांच में पता चला है कि यह भारी मात्रा में नशीला पदार्थ बिहार से लाया जा रहा था और इसे अंबाला, हरियाणा पहुंचाया जाना था। गाड़ी की तलाशी के दौरान गांजे की खेप सीलबंद पैकेटों में छिपाकर रखी गई थी। टीम ने मौके पर ही पंचनामा करने के बाद गांजा के साथ में वाहन को भी कब्जे में ले लिया। अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ की जा रही है। सप्लायर नेटवर्क को ध्वस्त करने की तैयारी NCB की टीम ने कहा है कि नशे के कारोबार पर नकेल कसने के लिए ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। फिलहाल एजेंसी ने बरामद गांजे को सबूत के रूप में सुरक्षित किया है और मामले की छानबीन चल रही है। एनसीबी लखनऊ जोनल यूनिट के अधिकारी आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और बड़े नामों के खुलासे की संभावना जता रहे हैं।
Bihar News: यूट्यूब पर वीडियो देखकर झोलाछाप डॉक्टर ने किया ऑपरेशन, गर्भवती महिला की मौत
घटना के बाद आक्रोशित स्वजन और ग्रामीणों ने अवैध क्लिनिक के बाहर शव रखकर जमकर हंगामा किया। मामले ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में झोलाछाप डॉक्टरों की बढ़ती गतिविधियों और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
भागलपुर में सर्दी का सितम जारी है। भीषण ठंड ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। जिले में न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। शिमला-मनाली जैसी ठंड का एहसास हो रहा है। घने कोहरे और सर्द पछिया हवा के कारण सुबह-शाम ठिठुरन बढ़ गई है। सड़कों पर आवाजाही कम रही। लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेने को मजबूर हैं। ठंड और कुहासे के बीच शहर के सैंडिस मैदान में एक अलग ही नजारा देखने को मिल रहा है। जहां आम लोग ठंड से राहत पाने के लिए घरों में दुबके हुए हैं, वहीं सैकड़ों युवा कंपकंपी भरी ठंड में पसीना बहाते नजर आ रहे हैं। सुबह छह बजे से दोपहर 12 बजे तक मैदान में बिहार पुलिस भर्ती की तैयारियों में जुटे युवाओं की भीड़ देखने को मिलती है। ठंड की परवाह नहीं खास बात यह है कि इस तैयारी में आधी आबादी की भागीदारी भी लगातार बढ़ रही है। युवकों के साथ युवतियां कंधे से कंधा मिलाकर दौड़ लगाती और अभ्यास करती नजर आती हैं। ठंड की परवाह किए बिना महिलाएं भी पूरी लगन के साथ अपने लक्ष्य की ओर कदम बढ़ा रही हैं। मैदान में मौजूद ट्रेनर युवाओं को दौड़ के साथ-साथ अलग-अलग योग और शारीरिक अभ्यास की ट्रेनिंग देते हैं। अनुशासन और टाइमिंग का सख्ती से पालन कराया जा रहा है। ठंड के बावजूद युवाओं का उत्साह और जोश कम होता नजर नहीं आ रहा है। हर चेहरे पर सरकारी नौकरी पाने और वर्दी पहनने का जुनून साफ दिखाई देता है। तैयारियों पर मौसम का असर नहीं शिल्पी ने बताया कि बिहार पुलिस में चयन होकर न सिर्फ आत्मनिर्भर बनना चाहती हैं, बल्कि समाज में महिलाओं की मजबूत मौजूदगी भी दर्ज कराना है। भीषण ठंड और कुहासे के बावजूद सैंडिस मैदान में उमड़ता यह उत्साह यह साबित करता है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और इरादे मजबूत हों, तो मौसम की मार भी हौसले को कमजोर नहीं कर सकती।
दरभंगा में 14वें राजकीय अहिल्या गौतम महोत्सव के पहले दिन संध्या कालीन सांस्कृतिक सत्र का भव्य शुभारंभ हुआ। उद्घाटन मुख्य अतिथि सह बिहार सरकार के पर्यटन मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने दीप प्रज्वलित कर किया। इससे पूर्व न्यास समिति की ओर से अतिथियों का स्वागत मिथिला की परंपरा के अनुसार अंगवस्त्र और मिथिला पाग पहनाकर किया गया। पर्यटन मंत्री ने अहिल्या भूमि को नमन करते हुए कहा कि एनडीए सरकार इस पावन स्थल के विकास के लिए सदैव प्रतिबद्ध रही है और आगे भी रहेगी। स्थानीय विधायक की ओर से दिए गए विकास प्रस्ताव अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके लिए करीब 100 करोड़ रुपए की आवश्यकता होगी। अब समय आ गया है कि अहिल्या भूमि को संवारने और संजोने का कार्य किया जाए। क्योंकि पर्यटन विभाग अब रोजगार उन्मुखी परियोजनाओं पर फोकस कर रहा है। बाबा विद्यापति स्थल और गिरिजा स्थान के विकास के लिए राशि का आवंटन कर दिया गया है। बिहार में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण पर्यटन मंत्री ने आगे कहा कि नारी कभी अधम नहीं होती। जिस समाज में नारी को सम्मान नहीं मिलता, वहां स्वयं प्रभु श्रीराम का आगमन होता है। बिहार आज नारी सशक्तीकरण का केंद्र बन चुका है। महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देकर उन्हें आगे बढ़ाने का ऐतिहासिक कार्य किया गया है। मंत्री ने स्थानीय विधायक जीवेश कुमार की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि अहिल्या स्थान ही नहीं, बल्कि संपूर्ण मिथिला क्षेत्र के विकास में उनका अहम योगदान रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि बहुत जल्द अहिल्या स्थान का सर्वांगीण विकास होगा। शंखनाद से कार्यक्रम का शुभारंभ वहीं, पूर्व बीजेपी विधायक हरिभूषण ठाकुर बचोल ने सनातन समाज के लोगों से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि एकता में ही विकास निहित है। सांस्कृतिक सत्र में विपिन मिश्रा के शंखनाद से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इसके बाद कुंज बिहारी, अमर आनंद सहित अन्य कलाकारों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बजरंग म्यूजिकल ग्रुप के रघुवीर की ओर से प्रस्तुत भक्ति गीतों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री सह स्थानीय विधायक जीवेश कुमार, पूर्व विधायक और अहिल्या स्थान न्यास समिति के संरक्षक हरिभूषण ठाकुर बचोल, दरभंगा ग्रामीण के विधायक राजेश मंडल उर्फ ईश्वर मंडल, प्रमुख फूलो बैठा, नगर पंचायत कमतौल-अहियारी के मुख्य पार्षद सह न्यास के कोषाध्यक्ष रंजित प्रसाद, श्यामा न्यास समिति के एस.एन. झा एवं कमलाकांत झा, अहिल्या स्थान न्यास के अध्यक्ष बालेश्वर ठाकुर, अपर समाहर्ता आपदा सलीम अख्तर, एसडीओ विकास कुमार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य लोग मौजू रहे।
रेवाड़ी नगर परिषद का कार्यकाल इसी माह पूरा हो जाएगा। चेयरमैन पद किस वर्ग के लिए आरक्षित होगा, इसके लिए ड्रा 22 जनवरी को होगा। भाजपा ने उससे पहले ही जमीनी स्तर पर चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। चेयरमैन पद के लिए उम्मीदवार का नाम फाइनल करने से पहले पार्टी ने बिहार की सर्वे टीम को मैदान में उतार दिया है। टीम गुपचुप तरीके से लोगों के बीच जाकर चेयरमैन पद के लिए संभावित चेहरों का फीडबैक लेकर उनकी रिपोर्ट पार्टी को सौंपेगी। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह और प्रदेश सरकार के मंत्री राव नरबीर सिंह समर्थकों में से किसको टिकट मिलेगी या कोई तीसरा बाजी मारेगा, अभी यह सभी के लिए जिज्ञासा बनी हुई है। वार्डों का पहले ही हो चुका आरक्षणरेवाड़ी नगर परिषद 32 वार्ड हैं। इस साल फरवरी में होने वाले चुनाव के लिए वार्डों की संख्या 31 से बढ़ाकर 32 की गई है। वार्ड संख्या 3, 24, 27, 28, 30 और 32 एससी वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं। जिनमें से एससी महिला के लिए 27 और 30 वार्ड आरक्षित किए गए हैं।इसी प्रकार से बीसीए के लिए वार्ड संख्या 9,13,16 और बीसीबी के लिए 11, 20, 25 और 26 आरक्षित किए गए हैं। बीसीए की महिला के लिए वार्ड 13 और बीसीबी की महिला के लिए 11 और 20 आरक्षित किए गए हैं।अब तक राव इंद्रजीत का दबदबारेवाड़ी, महेद्रगढ़ और गुरुग्राम में पार्टी राव इंद्रजीत सिंह की पसंद को प्राथमिकता देती रही है। राव नरवीर सिंह को मनोहर लाल सरकार पार्ट वन में पॉवरफुल मंत्री माना जाता था। 2019 में कई नेता राव नरबीर का साथ पाकर टिकट पाना चाहते थे और राव नरबीर ह बादशाहपुर से खुद की टिकट भी नहीं बचा पाए थे। हालांकि 2024 में राव इंद्रजीत सिंह राव नरबीर सिंह को टिकट पाने और नायब मंत्रीमंडल का चेहरा बनने से रोकने में सफल नहीं हो पाए।पूनम यादव राव इंद्रजीत सिंह की पंसद2020 के नगर परिषद चुनाव में कई दिग्गज टिकट पाने के लिए आकाओं की प्रक्रिमा की। पार्टी ने राव इंद्रजीत सिंह की पसंद पर पूनम यादव को अपना उम्मीदवार बनाया। धारूहेड़ा में निर्दलीय चुनाव जीते कंवर को शपथ लेने से पहले राव इंद्रजीत सिंह की शरण लेने के लिए विवश होना पड़ा था। हालांकि चुनाव में मिली जीत के बाद कंवर सिंह ने चंडीगढ़ पहुंचकर तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल सहित कई नेताओं से मुलाकात की थी। बावजूद इसके कई माह तक उनकी शपथ नहीं हो पाई थी। राव इंद्रजीत समर्थक उत्साहित, लेकिन उनमें बेचैनी भीराव इंद्रजीत सिंह ने 2019 में रेवाड़ी से सुनील मुसेपुर और कोसली से लक्ष्मण सिंह यादव के रूप में नए चेहरों को विधानसभा का टिकट दिलवाया। सुनील मुसेपुर को हार और लक्ष्मण सिंह को जीत मिली। 2024 में लक्ष्मण सिंह को कोसली से रेवाड़ी शिफ्ट किया और कोसली से अनिल यादव और बावल से डा. कृष्ण कुमार को टिकट दिलवाई और दोनों चुनाव जीत गए। बावल से मनोहर लाल सरकार वन और टू में मंत्री रहे डॉ. बनवारी को राव इंद्रजीत सिंह की नाराजगी के चलते टिकट से हाथ धोना पड़ा। ऐसे में राव इंद्रजीत सिंह समर्थक उत्साहित तो हैं, परंतु पार्टी की रणनीति से बेचैनी भी है। स्टेट कोऑर्डिनेटर का दावा परिवार पहचान प्राधिकरण के स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला ने दावा है कि नप चुनाव में कमल का फूल ही जीतेगा। चेयरमैन उम्मीदवार के लिए पार्टी अंदरूनी सर्वे करवा रही है। जिससे जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने वाले उम्मीदवार को टिकट दिया जा सके। पार्टी का लक्ष्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि ऐसे प्रतिनिधि चुनना है जो जनसेवा को प्राथमिकता दें। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी छवि एक जननेता के रूप में स्थापित की है।
23 दिसंबर की बात है। गाजियाबाद में कौशाम्बी थाने के SHO अजय शर्मा बिहारी मार्केट की झुग्गियों में पहुंचे। उनके साथ लोकल पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवान भी थे। अजय शर्मा टीम के साथ वहां रहने वालों की नागरिकता चेक करने लगे। SHO ने झुग्गी में रहने वाले 52 साल के मोहम्मद कैसर आलम से कागज दिखाने को कहा। पूछ कि कहां के रहने वाले हो, बांग्लादेशी तो नहीं हो। फिर बोले कि मशीन लगाओ इनकी पीठ पर। फिर उन्होंने मोहम्मद कैसर की पीठ की ओर हाथ किया, जैसे कुछ चेक कर रहे हों। फिर बोले, 'ये तो बता रही है कि तुम बांग्लादेशी हो।' घटना का वीडियो वायरल हुआ और पहचान के इस तरीके पर सवाल उठने लगे। SHO अजय शर्मा ने सफाई दी कि वे मजाक कर रहे थे। वहीं कैसर आलम इस तरह पूछताछ से परेशान हैं। वे कहते हैं, 'हमने बताया कि हम बिहारी हैं, लेकिन पुलिसवाले घर आकर आधार कार्ड, पहचान पत्र और बाकी कागजात मांगने लगे।' यूपी में पुलिस 'ऑपरेशन टॉर्च' चला रही है। इसके तहत पुलिस अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई कर रही है। दिल्ली में भी बांग्लादेशियों की धरपकड़ की जा रही है। पिछले साल दिल्ली और आस-पास के इलाकों में 2200 से ज्यादा बांग्लादेशी पकड़े गए हैं। गाजियाबाद पुलिस के पास स्कैन करके नागरिकता पहचानने वाली कौन सी मशीन है, 23 दिसंबर को चेकिंग के दौरान क्या हुआ था, वीडियो में दिख रहे कैसर आलम और बस्ती वालों से पुलिस ने क्या पूछताछ की, हमने ग्राउंड पर पहुंचकर जाना। बाढ़ से परेशान होकर बिहार छोड़ा, दिल्ली आकर बसेहम गाजियाबाद के वैशाली सेक्टर-3 में बने बिहारी मार्केट की झुग्गी में पहुंचे। ये इलाका कौशाम्बी थाना क्षेत्र में आता है। दिल्ली नगर निगम ने करीब 15 साल पहले बिहारी मार्केट के लिए 4 बाई 4 और 5 बाई 5 की करीब 30 दुकानें बनवाई थीं। इन्हीं में लोग बस्ती बसाकर रहने लगे। इनमें ज्यादातर मुस्लिम हैं। बस्ती के हाल बहुत अच्छे नहीं हैं। झुग्गियों के बाहर मिट्टी का चूल्हे बने है। नहाने और शौच के लिए पब्लिक टॉयलेट है, जहां रोज के 30 रुपए देने होते हैं। बस्ती में रहने वाले 52 साल के मोहम्मद कैसर आलम के पिता बिहार के अररिया जिले के जोकीहाट से काम की तलाश में दिल्ली आए और यहीं बस गए। कैसर बीते 25 साल से पेंटर का काम कर रहे हैं। वायरल वीडियो को लेकर कैसर दावा करते हैं कि सिर्फ उनकी बस्ती में ही जांच की गई। आसपास की बस्तियों में नहीं हुई। वीडियो भी पुलिसवालों ने ही बनाया। पुलिस ने सबके कागजात चेक किए और फिर चले गए। पुलिसवालों ने ऐसा नहीं कहा कि तुम बांग्लादेशी हो, यहां मत रहो। सब जानते हैं कि हम बिहार से हैं। अररिया में आज भी मोहम्मद कैसर का मकान है। इसी पते पर उनका आधार कार्ड बना है। वे बिहार छोड़कर दिल्ली आने की वजह बाढ़ को बताते हैं। कैसर कहते हैं, ‘वहां हर साल बाढ़ से फसल बर्बाद हो जाती है। साल भर की मेहनत पानी में बह जाती है। फिर यहां मजदूरी करके बाल-बच्चों का गुजारा करते हैं। अभी दो बेटियों की शादी की तो बहुत कर्ज हो गया। काम भी बंद है।’ वायरल वीडियो में आधार कार्ड दिखा रही महिला मोहम्मद कैसर की साली रोशनी खातून हैं। 22 साल की रोशनी भी बिहारी मार्केट की झुग्गी में पति और दो बच्चों के साथ रहती हैं। रोशनी कहती हैं कि हम सभी अररिया जिले से हैं। आधार और पैन कार्ड सब बिहार के एड्रेस पर हैं। 23 दिसंबर की घटना याद कर रोशनी बताती हैं, ‘मैं सामान लेने बाहर जा रही थी, तभी पुलिस वाले आ गए। बोले- आईडी दिखाओ। मैंने फोन पर दिखाई कि तभी जीजा जी (कैसर आलम) आ गए। उनसे भी आईडी मांगी। वो निकालने लगे तो पुलिस वाले बोले कि सही-सही बताओ कि कहां के रहने वाले हो।‘ ‘फिर पुलिसवाले कहने लगे कि उनके पास मशीन है, जिसे शरीर पर लगाते ही पता चल जाएगा कि बांग्लादेशी हो या बिहारी। एक पुलिस वाले ने जीजा जी के कंधे पर मशीन लगा दी। मशीन में बोला कि तुम बांग्लादेशी हो। पता नहीं कौन सी मशीन थी।‘ 'यहां कोई बांग्लादेशी नहीं, पहले ऐसी जांच नहीं हुई'38 साल के मोहम्मद दिलबर भी बिहारी मार्केट की झुग्गियों में रहते हैं। वे कहते हैं, ‘यहां पहले कभी ऐसी जांच नहीं हुई। हालांकि हमारी बस्ती में सभी बिहार से हैं, कोई बांग्लादेशी नहीं है। बिहार और बांग्लादेश के लोग अलग दिख जाते हैं। हमारी भाषा से ही पता चल जाता है।' 'अधिकारी पढ़े-लिखे हैं, वे दो मिनट में सब पकड़ लेते हैं। उन्होंने कोई जबरदस्ती नहीं की। इससे पहले भी पुलिस ने कभी बेवजह परेशान नहीं किया। वीडियो वायरल होने के बाद भी कोई दिक्कत नहीं हुई। पुलिस दोबारा बस्ती में नहीं आई।‘ 'लोग पहचान जानने आए, बस्ती का हाल कोई नहीं देखता'बिहारी मार्केट के पास ही रहने वाले तालिफ कॉन्ट्रैक्टर हैं। रंगाई-पुताई का काम करवाते हैं। वे खुद को मोहम्मद कैसर का रिश्तेदार बताते हैं। तालिफ कहते हैं, ‘पुलिस आईडी चेक कर रही थी और खुद ही वीडियो बना रही थी। वीडियो 23 दिसंबर को वायरल नहीं हुआ। 4-5 दिन बाद हुआ, तब लोगों ने देखा। हमने प्रूफ दिखा दिया, तो पुलिस चली गई। कोई दिक्कत नहीं हुई।‘ ‘वीडियो वायरल होने के बाद यहां काफी लोग आ चुके हैं, लेकिन किसी को बस्ती का हाल नहीं नजर आया। यहां कितनी गरीबी है, पढ़ाई-लिखाई की सुविधा तक नहीं है। गंदगी से बच्चे बीमार पड़ जाते हैं।‘ यहां सरकार से राशन या बाकी कोई मदद नहीं मिलती है। अब बांग्लादेशियों की जांच हुई, तब यहां पुलिस और मीडिया आई है। पहले तो कोई पूछने तक नहीं आता था। बस्ती के हालात से लोग नाराजरोशनी भी घटना के साथ ही बस्ती के खराब हालात का जिक्र करती हैं। वे कहती हैं, ‘बस्ती में संकरी गलियां हैं, छोटे-छोटे घरों में चार-पांच लोग मुश्किलों में रह रहे हैं। ज्यादातर लोग दिहाड़ी पर काम करते हैं। आसपास अस्पताल न होने और गरीबी की वजह से बच्चों की डिलीवरी घर पर ही होती है। इसलिए उनका बर्थ सर्टिफिकेट नहीं बन पा रहा। सरकारी स्कूल में एडमिशन नहीं मिल रहा। पुलिसवाले जांच करने तो झुग्गी में आ गए, लेकिन हमारी मदद करने कोई नहीं आता है।‘ मोहम्मद कैसर भी बस्ती की हालत पर चिंता जताते हुए कहते हैं, ‘30-35 झुग्गियां हैं। हर झुग्गी में 4 से 5 लोग रहते हैं। ऐसे में बच्चे पढ़ाई कहां और कैसे करें। इतनी कम कमाई में किसी एक बच्चे का एडमिशन ही करा पाते हैं, बाकी अनपढ़ रह जाते हैं। हमारे चारों बच्चे अनपढ़ हैं। हम भी पढ़ाना चाहते थे, लेकिन हालात ऐसे नहीं थे कि पढ़ा पाएं। हमारा बस एक ही काम है कि दिन भर मेहनत करके शाम को दो वक्त की रोटी खाओ।‘ सफाई में बोले SHO- कोई मशीन नहीं है, मजाक किया था5 जनवरी को हम कौशांबी थाना पहुंचे। SHO अजय शर्मा ने हमसे बात करने से मना कर दिया। हालांकि 2 जनवरी को उन्होंने दैनिक भास्कर से ही बात करते हुए घटना पर सफाई दी थी। तब उन्होंने कहा था, ‘झुग्गियों में लोगों का सत्यापन किया जा रहा था। मेरा मकसद सिर्फ इतना था कि तलाशी के दौरान ये लोग सच बोलें। इलाके में पहले भी 5 बांग्लादेशी गिरफ्तार हो चुके हैं। कौशाम्बी थाने में FIR भी दर्ज है। जो भी झुग्गी झोपड़ी में रह रहा है, उनकी जांच के लिए ऊपर से निर्देश हैं। सत्यापन जरूरी है।‘ क्या आपके पास कोई ऐसी मशीन है, जो नागरिकता चेक कर सकती है? इस सवाल पर अजय शर्मा कहते हैं, ‘मेरे पास ऐसी कोई मशीन नहीं है। मैंने ये गलत तरीके से नहीं कहा था। मजाकिया अंदाज में बोल रहा था कि आप कहां के रहने वाले हो, सही बताओ नहीं तो मशीन बता देगी। मेरा मकसद सिर्फ सच जानना था।‘ बांग्लादेशी कहने के सवाल पर अजय शर्मा कहते हैं कि मेरी मंशा सिर्फ इतनी थी कि वो लोग सच बोलें। मैं उनसे कोई जबरदस्ती नहीं कर रहा था। SHO को वॉर्निंग मिली, पहले भी रहे हैं विवादों मेंACP इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि अपराध रोकने के लिए पुलिस समय-समय पर झुग्गी-झोपड़ी और अस्थायी बस्तियों में रहने वाले लोगों से पूछताछ करती है। उनकी जांच करती है। ऐसे ही कौशाम्बी पुलिस ने लोगों की पहचान के लिए उनके दस्तावेज देखे। वीडियो वायरल हुआ, तब SHO अजय शर्मा को डिपार्टमेंट से चेतावनी दी गई कि ऐसा व्यवहार दोबारा ना हो। सभी तथ्यों की जांच कर एक्शन लिया जा रहा है।’ अजय शर्मा का नाम पहले भी विवादों में रहा है। जून, 2022 में मेरठ के पल्लवपुरम थाने में उनके खिलाफ एक रेप केस दर्ज हुआ था। तब वे दरोगा हुआ करते थे। बाद में आरोप सही नहीं पाए गए और इस केस में एफिडेविट लगा दिया गया। अवैध नागरिकों को वापस भेजने की प्रोसेस मुश्किलअवैध तरीके से भारत में रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों को वापस भेजने की प्रोसेस बहुत मुश्किल है। इसमें सिक्योरिटी, कानून और डिप्लोमेसी शामिल होते हैं। भारत में इस प्रोसेस को डिपोर्टेशन या पुश बैक कहते हैं। पूरी प्रोसेस 5 स्टेप में होती है। 1. पहचान करके हिरासत में लेनापुलिस या खुफिया एजेंसियां संदिग्धों की पहचान करती हैं। इसके लिए अक्सर झुग्गी बस्तियों में छापेमारी होती है। अगर पकड़े गए संदिग्ध के पास भारतीय नागरिकता का सबूत जैसे- वोटर आईडी या पासपोर्ट नहीं मिलता तो उसे विदेशी नागरिक अधिनियम 1946 के तहत हिरासत में लिया जाता है। डिपोर्ट करने की प्रोसेस पूरी होने तक उसे जेल की बजाय डिटेंशन सेंटर में रखा जाता है। 2. दूतावास को खबर देनाहिरासत में लेने के बाद विदेश मंत्रालय बांग्लादेश हाई कमीशन को खबर देता है। बांग्लादेश के अधिकारी हिरासत में लिए गए शख्स से मिलते हैं और यह कंफर्म करते हैं कि क्या वो सच में बांग्लादेश का नागरिक है। 3. नागरिकता का वेरिफिकेशनये सबसे मुश्किल स्टेज है। बांग्लादेश के अधिकारी उस शख्स के बताए पते की जांच करवाते हैं। अक्सर अवैध प्रवासी गलत पता बताते हैं या बांग्लादेश सरकार उन्हें अपना नागरिक मानने से इनकार कर देती है। ऐसा होने पर भारत उन्हें वापस नहीं भेज सकता। 4. ट्रैवल परमिट जारी करनाएक बार नागरिकता की पुष्टि हो जाने पर बांग्लादेश हाई कमीशन ट्रैवल परमिट जारी करता है। ये एक तरह का अस्थायी पासपोर्ट होता है। ये परमिट सिर्फ एक बार यात्रा के लिए होती है ताकि कोई सीमा पार कर सके। 5. हैंडओवरपरमिट मिलने के बाद BSF और पुलिस उस व्यक्ति को भारत-बांग्लादेश सीमा पर ले जाती है। वहां फ्लैग मीटिंग होती है और कागजी कार्रवाई के बाद व्यक्ति को बॉर्डर गार्ड्स बांग्लादेश को सौंप दिया जाता है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक, किसी को भी सिर्फ शक के आधार पर विदेशी बताकर डिपोर्ट नहीं किया जा सकता। इसके लिए फॉरेनर ट्रिब्यूनल या कानूनी प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है। बिना साबित हुए किसी को बांग्लादेशी कहना मानहानि और मानवाधिकार उल्लंघन का मामला बन सकता है।.................ये खबर भी पढ़ें... ‘4500 टका दिए, एजेंट ने भारत पहुंचा दिया’ दलाल के जरिए भारत आए। आधार कार्ड से लेकर वोटर आईडी तक बनवा ली। एक तो पश्चिम बंगाल पुलिस में सिपाही बन गया। ये कहानी उन बांग्लादेशियों की है, जो अवैध तरीके से भारत में घुसे हैं। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR में पश्चिम बंगाल से करीब 58 लाख लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाने के लिए आइडेंटिफाई किए गए हैं। पूरी खबर पढ़ें...
तेजस्वी के 20 विधायक किसके संपर्क में:खरमास के बाद खेला करेंगे नेताजी, बिहार पुलिस का योगी वाला मॉडल
बात खरी है... इसमें आप देखेंगे बिहार के नेताओं और अफसरों के बीच अंदरखाने क्या चल रहा है, और दिनभर की ऐसी बड़ी हलचल जो आपको हंसाएगी भी और जिम्मेदारों को आइना भी दिखाएंगी। ऊपर VIDEO पर क्लिक करें...
लालू परिवार की संपत्तियां बिहार के सरकारी खजाने की लूट का परिणाम : डॉ. धर्मशीला गुप्ता
भास्कर न्यूज| दरभंगा भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद डॉ. धर्मशीला गुप्ता ने लैंड फॉर जॉब मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट की ओर से लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और मीसा भारती पर आरोप तय किए जाने के आदेश को राजद की परिवारवादी और भ्रष्ट राजनीति के अंत की शुरुआत बताया है। डॉ. गुप्ता ने कहा कि लालू यादव का पूरा परिवार वर्षों से पॉलिटिकल-क्रिमिनल सिंडिकेट की तरह काम करता रहा है और अदालत के इस निर्णय से यह पूरी तरह साबित हो गया है। कोर्ट का यह निर्णय राजद के तथाकथित सामाजिक न्याय के खोखले दावों को बेनकाब करती है। उन्होंने कहा कि इस परिवार ने राजनीति को जनसेवा नहीं, बल्कि भ्रष्ट आचरण के जरिये अकूत संपत्ति बनाने का टूल बना लिया। सत्ता में रहते हुए रेलवे और बिहार सरकार जैसी संस्थाओं को निजी जागीर समझकर इस्तेमाल किया गया। नौकरी के बदले जमीन लेकर गरीबों, बेरोजगार युवाओं और मजबूर लोगों का शोषण किया गया। डॉ. धर्मशीला गुप्ता ने आरोप लगाया कि पूरे देश में फैली लालू परिवार की संपत्तियां बिहार के सरकारी खजाने की लूट का परिणाम हैं। बिहार की गरीब जनता को लूटकर इस परिवार ने अपने लिए संपत्ति का साम्राज्य खड़ा किया, जबकि राज्य को पिछड़ेपन और अराजकता में झोंक दिया गया।
पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय +2 उवि. में नामांकन प्रक्रिया शुरू
भास्कर न्यूज|सीतामढ़ी पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, बिहार सरकार ने राज्य के सभी जिलों में संचालित 39 अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय +2 उच्च विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नामांकन प्रक्रिया की घोषणा कर दी है। इन विद्यालयों में पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग की छात्राओं को निःशुल्क आवासन एवं शिक्षण की सुविधा प्रदान की जाती है। इस सत्र में प्रदेश के सभी विद्यालयों में कक्षा छह में 1560 सीटें, कक्षा सात में 336 सीटें, कक्षा आठ में 114 सीटें एवं कक्षा नवम् में 149 सीटें रिक्त हैं। इच्छुक छात्राएं विभागीय वेबसाइट bcebconline.bihar.go v.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। किसी भी कठिनाई की स्थिति में आवेदक अपने जिले के जिला पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण कार्यालय में संपर्क कर सहयोग प्राप्त कर सकते हैं। विभाग द्वारा स्पष्ट किया है कि परीक्षा एवं नामांकन पूरी तरह निःशुल्क है। अधिक जानकारी के लिए विभाग की वेबसाइट या संबंधित जिला पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है। आवेदिका की पात्रता में उसके माता, पिता या अभिभावक की वार्षिक आय अधिकतम 3 लाख रुपये होनी चाहिए तथा उनका आयु सीमा 1 अप्रैल 2026 को वर्ग छह के लिए 10-13 वर्ष, कक्षा सात के लिए 11-14 वर्ष, कक्षा आठ के लिए 12-15 वर्ष एवं कक्षा नवम् के लिए 13-16 वर्ष निर्धारित है। नामांकन के लिए छात्राओं का चयन वस्तुनिष्ठ परीक्षा के आधार पर किया जाएगा। यह परीक्षा 2 घंटे की होगी और इसमें कुल 100 अंकों के प्रश्न (हिन्दी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान) से 20-20 अंक के होंगे। पूछे जाएंगे।
कैमूर जिले के भभुआ के निजी कार्यक्रम में पहुंचे बिहार सरकार के पूर्व मंत्री संतोष सिंह ने बताया दुर्घटना में घायल मरीजों को अस्पताल पहुंचाने वालों को पहले ₹10000 की राशि दी जाती थी लेकिन अब सरकार ने प्रावधान कर दिया है कि राशि 10000 से बढ़कर ₹25000 कर दी गई है। जिससे मरीजों की जान बचाने वाले लोग और आगे आएंगे और लोगों को सही समय पर उचित उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया जा सकेगा। बिहार सरकार के परिवहन विभाग ने सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 'अच्छा समरिटन योजना' को अधिक प्रभावी बनाने का निर्णय लिया है। इस योजना के तहत, दुर्घटना स्थल पर घायल व्यक्ति को तुरंत अस्पताल पहुंचाने या प्राथमिक उपचार देने वाले व्यक्ति को अब 25,000 रुपए का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। पहले यह राशि 10,000 रुपए थी। लोगों में मदद की भावना को प्रोत्साहित करना उद्देश्य इस निर्णय का मुख्य लक्ष्य 'गोल्डन आवर' में घायलों की जान बचाना और लोगों में मदद की भावना को प्रोत्साहित करना है। परिवहन विभाग ने योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए सभी जिलों में विशेष जागरूकता टीमें गठित करने के निर्देश जारी किए हैं। प्रभावी माध्यमों से प्रचार करने का स्पष्ट दिशा-निर्देश दिया गया ये टीमें ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में लोगों को योजना की जानकारी देकर अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करेंगी। विभागीय अधिकारियों को होर्डिंग, बैनर, पोस्टर, स्थानीय समाचार पत्र, रेडियो, सोशल मीडिया तथा अन्य प्रभावी माध्यमों से प्रचार करने का स्पष्ट दिशा-निर्देश दिया गया है। विभाग का मानना है कि इनाम राशि में वृद्धि से दुर्घटना के समय लोग बिना किसी हिचकिचाहट के आगे आएंगे और अनावश्यक मौतों की संख्या में कमी आएगी। यह कदम सड़क सुरक्षा, मानवीय संवेदना और त्वरित राहत को बढ़ावा देने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है।
मधुबनी जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने निजी विद्यालयों में कमजोर वर्ग एवं अलाभकारी समूह के छात्रों के ऑनलाइन नामांकन को लेकर आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। यह प्रक्रिया शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए ज्ञानदीप पोर्टल के माध्यम से संचालित की जाएगी। शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 12(1)(c) के तहत मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में इन छात्रों का प्रवेश अनिवार्य है। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को ज्ञानदीप पोर्टल को 'गो लाइव' करने के संबंध में निर्देश दिए हैं। 02 जनवरी 2026 को 'गो लाइव' किया गया शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए ज्ञानदीप पोर्टल को 02 जनवरी 2026 को 'गो लाइव' किया गया है। इसके तहत छात्र पंजीकरण 02 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक होगा। पंजीकृत छात्रों का सत्यापन 03 जनवरी 2026 से 02 फरवरी 2026 तक किया जाएगा। ऑनलाइन स्कूल आवंटन 06 फरवरी 2026 को होगा सत्यापित छात्रों को ऑनलाइन स्कूल आवंटन 06 फरवरी 2026 को होगा, जबकि चयनित छात्रों का विद्यालय में प्रवेश 07 फरवरी 2026 से 21 फरवरी 2026 तक चलेगा। शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 12(1)(c) के तहत प्रवेश की ऑनलाइन प्रणाली के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए http://gyaodei.rte.bihar.gov.in/ लिंक के माध्यम से निर्देशित समय सारणी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
सोमनाथ मंदिर पर हुए आक्रमण के 1000 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का देश भर में आयोजन किया जा रहा है। इसे लेकर भारतीय जनता पार्टी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने देशवासियों से भावनात्मक अपील की है। उन्होंने लोगों से इस राष्ट्रीय अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया। नया भारत अपने इतिहास और आत्मसम्मान के साथ आगे बढ़ रहा है संजय सरावगी ने कहा कि नया भारत अब अपने गौरवशाली इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और आत्मसम्मान को स्मरण करते हुए आगे बढ़ने का संकल्प ले रहा है। सोमनाथ मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक चेतना, आस्था और स्वाभिमान का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सदियों तक भारत की सांस्कृतिक पहचान को मिटाने के प्रयास हुए, लेकिन देश की आत्मा कभी नहीं टूटी। जिन प्रतीकों को भुलाया गया, आज उन्हें मिल रहा सम्मान प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि NDA सरकार के नेतृत्व में आज देश उन सांस्कृतिक और ऐतिहासिक प्रतीकों को पुनः सम्मान दे रहा है, जिन्हें दशकों तक उपेक्षित रखा गया था। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व उसी सांस्कृतिक पुनर्जागरण की एक मजबूत कड़ी है, जो देश को अपनी जड़ों से जोड़ने का काम करेगा। 8 से 11 जनवरी 2026 तक देशभर में होंगे कार्यक्रम संजय सरावगी ने जानकारी दी कि 8 से 10 जनवरी 2026 तक देशभर में राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से सांस्कृतिक चेतना, राष्ट्रीय गौरव और ऐतिहासिक स्मृति को सशक्त किया जाएगा। वहीं 10 जनवरी 2026 को देशभर के सभी प्रमुख शिवालयों में दीप प्रज्वलन, ओंकार जप का आयोजन किया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि 11 जनवरी 2026 को प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सोमनाथ मंदिर से एक भव्य संकल्प यात्रा निकाली जाएगी। इसी के साथ सोमनाथ स्वाभिमान पर्व की औपचारिक शुरुआत होगी। यह यात्रा देश को आत्मगौरव, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रबोध के सूत्र में बांधने का कार्य करेगी।
दरभंगा में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने लैंड फॉर जॉब मामले में बयान दिया है। इन्होंने कहा है कि अदालत के फैसले से यह साफ हो गया है कि कानून से कोई ऊपर नहीं है। कोर्ट ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटा तेज प्रताप यादव, तेजस्वी, बेटी मीसा भारती, हेमा यादव समेत कुल 41 लोगों पर आरोप तय किए हैं। इन सभी आरोपियों पर अब नियमित रूप से कोर्ट में मुकदमा चलेगा। वहीं, इस मामले में अदालत ने 52 लोगों को बड़ी राहत देते हुए बरी कर दिया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यह मामला गरीबों और युवाओं के हक से जुड़ा है, जिनके साथ नौकरी के बदले जमीन लेकर अन्याय किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सालों तक सत्ता में रह कर लालू परिवार ने अपने पद का दुरुपयोग किया, जिसकी अब कानूनी प्रक्रिया के तहत जवाबदेही तय हो रही है। जनता के साथ विश्वासघात हुआ संजय सरावगी ने कहा कि कोर्ट का आरोप तय करना इस बात का प्रमाण है कि वो कई घोटाले के आरोपी है। नौकरी दिलाने के बदले जमीन लिखवाने का यह मामला बिहार की जनता के साथ किए गए गंभीर विश्वासघात को दर्शाता है। संजय सरावगी ने आरोप लगाया कि राजनीति को माध्यम बनाकर लालू परिवार ने साल तक लूट की है। चाहे पशुपालन घोटाला हो या अन्य भ्रष्टाचार के मामले, हर जगह उनके शासनकाल में लूट की कहानी सामने आई। नौकरी के नाम पर गरीबों से जमीन लिखवाना अत्यंत अमानवीय कृत्य था, जिसकी पोल अब कोर्ट ने खोलकर रख दी है। आने वाले समय में इस मामले में और भी पुख्ता सबूत सामने आएंगे और अदालत दोषियों को सजा देगी। संजय सरावगी ने पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के योगदान को याद करते हुए कहा कि पशुपालन घोटाले सहित लालू परिवार से जुड़े विभिन्न घोटालों को सामने लाने में उनकी बड़ी भूमिका रही है।उन्होंने अंत में कहा कि चाहे कांग्रेस हो, राजद हो या उनके समर्थक अन्य दल—इस बार बिहार की जनता ने सभी को सिरे से नकार दिया है और आने वाले चुनावों में भी जनता का फैसला साफ नजर आएगा।
राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल ग्रामीण सोलर लाइट परियोजना अब अपने चौथे चरण में प्रवेश करने जा रही है। सोमवार से शुरू होने वाले इस नए चरण में जिले भर के गांवों में 4450 सोलर लाइटें स्थापित की जाएंगी, जो ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की समस्या के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। जिला पंचायती राज पदाधिकारी (डीपीआरओ) मनोहर कुमार साहू के अनुसार, इस चरण में उन पंचायतों को प्राथमिकता दी जाएगी जहां वार्डों की संख्या 12 से अधिक है। योजना के तहत प्रत्येक वार्ड में 10 सोलर लाइटें लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। विशेष परिस्थितियों में मुखिया की अनुशंसा पर लाइटों की संख्या बढ़ाने का प्रावधान भी रखा गया है। तैयारियां पूर्ण, 32 हजार पोल चिन्हित योजना को सफलतापूर्वक क्रियान्वित करने के लिए जमीनी स्तर पर तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई है। गांवों में सोलर लाइट लगाने के लिए 32 हजार से अधिक पोलों की पहचान की जा चुकी है। राज्य सरकार ने बिहार एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (ब्रेडा) को इन लाइटों की स्थापना और निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी है, जो यह सुनिश्चित करेगी कि योजना का लाभ सभी पात्र क्षेत्रों तक पहुंचे। आधुनिक तकनीक से लैस होंगी लाइटें इस योजना की सबसे बड़ी खासियत इसमें इस्तेमाल होने वाली आधुनिक तकनीक है। प्रत्येक पोल पर 20 वाट क्षमता की सोलर लाइट लगाई जाएगी, जो काफी दूर तक रोशनी प्रदान करने में सक्षम होगी। इन लाइटों की बैटरी एक बार पूर्ण रूप से चार्ज हो जाने पर 24 घंटे तक रोशनी दे सकती है, भले ही सूर्य की रोशनी उपलब्ध न हो। यह विशेषता बरसात और ठंड के मौसम में विशेष रूप से उपयोगी साबित होगी, जब सूर्य की रोशनी अक्सर कम मिल पाती है। लाइटों में स्वचालित टाइमर की व्यवस्था है, जो दिन के समय इन्हें अपने आप बंद कर देता है, जिससे ऊर्जा की बचत होती है। जनता भी कर सकेगी निगरानी योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक अनूठी व्यवस्था की गई है। ब्रेडा के सीएमएस कार्यपालक सहायक रामलाल ने बताया कि आम जनता भी अपने क्षेत्र में स्थापित सोलर लाइटों की जानकारी ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए ब्रेडा की वेबसाइट पर जाकर संबंधित प्रखंड का यूजरनेम और पासवर्ड डालना होगा। उदाहरण के तौर पर, बिहारशरीफ प्रखंड की जानकारी के लिए यूजरनेम probiharsharif@gmail.com और पासवर्ड amnex@123 का प्रयोग किया जा सकता है। अन्य प्रखंडों के लिए भी इसी प्रकार की व्यवस्था है।
गैंग ने बिहार-झारखंड में 400 युवाओं को बनाया अपना शिकार रेलवे, आयकर, पोस्टल, बिहार सरकार से लेकर केंद्रीय और राज्य सेवाओं में नौकरी दिलाने के नाम पर चल रहे घपले को लेकर ईडी ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने बिहार में मुजफ्फरपुर, मोतिहारी के अलावा गुजरात, बंगाल, केरल, यूपी और तमिलनाडु स्थित 13 शहरों के 15 ठिकानों पर छापेमारी की। इन ठिकानों से केंद्रीय एजेंसी को इस घपले-घोटाले को लेकर ईमेल ट्रेल, फर्जी लेटरहेड, अकाउंट डिटेल और नकली जॉब ऑफर से जुड़े कई अहम कागजात के अलावा इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स आदि मिले हैं। गिरोह ने बेतिया, मुजफ्फरपुर समेत बिहार व झारखंड के 400 से अधिक युवाओं को अपनी ठगी का शिकार बनाया है। यह घोटाला शुरू में रेलवे के नाम पर सामने आया था, लेकिन जांच में पता चला कि यह 40 से अधिक अन्य सरकारी संगठनों और विभागों तक फैला हुआ है। इसमें वन विभाग, रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी), इंडिया पोस्ट, आयकर विभाग, कुछ उच्च न्यायालय, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), बिहार सरकार, दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए), राजस्थान सचिवालय और अन्य विभाग व संस्थान शामिल हैं। ईडी की जांच में पाया गया कि गिरोह ने सरकारी डोमेन से मिलती-जुलती फर्जी ईमेल आईडी बनाकर इनसे ज्वॉइनिंग लेटर भेजा था। डाक से भेजता था नियुक्ति पत्र, सैलरी भी देते थे गिरोह युवकों को ट्रेनिंग के बाद डाक से ज्वाइनिंग लेटर भेजता था। फिर पहले माह का सैलरी भी उनके खाते में जमा कराता था। दीपक और सक्षम ट्रेनिंग सेंटर चलाते थे। आंध्रप्रदेश, यूपी, राजस्थान व गुजरात के युवकों को ठगी का शिकार बनाकर ट्रेनिंग देता था। नंदनी नाम की महिला इन राज्यों से युवकों को मोतिहारी लाकर ट्रेनिंग दिलवाती थी। नंदनी, दीपक के सीधे संपर्क में रहती थी। बाद में मोतिहारी का प्रिंस भी गिरोह से जुड़ गया था। यहां हुई छापेमारी... बिहार- मोतिहारी, मुजफ्फरपुर बंगाल- कोलकाता केरल- एर्नाकुलम, पांडलम, अडूर और कोडूर तमिलनाडु- चेन्नई गुजरात - राजकोट उत्तर प्रदेश- गोरखपुर, प्रयागराज और लखनऊ
बरनाला में ऑनलाइन ठग गिरोह का भंडाफोड़:7 गिरफ्तार, 6 बिहार और एक कर्नाटक का, 23 लाख रुपए फ्रीज करवाए
पंजाब के बरनाला जिले में साइबर क्राइम पुलिस ने ऑनलाइन ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से 6 बिहार के और एक कर्नाटक का रहने वाला है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस गिरोह ने अब तक लोगों से 58 लाख रुपए की ठगी की है। यह गिरोह लोगों को बड़ी कंपनियों की फ्रेंचाइजी दिलाने, ऑनलाइन लोन देने, ऑनलाइन सामान बेचने, सीमेंट और होटल बुकिंग करने का झांसा देकर ठगी करता था। आरोपी पीड़ितों को फोन करके अपने जाल में फंसाते थे। डीएसपी सिटी सतवीर सिंह ने बताया कि फ्रेंचाइजी देने के नाम पर 7 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने पहले बिहार निवासी अशोक कुमार और श्याम सुंदर को गिरफ्तार किया। उनसे पूछताछ के आधार पर राहुल कुमार, उत्तम, विशाल, अभिषेक कुमार, रोशन कुमार (सभी बिहार निवासी) और दयानंद (कर्नाटक निवासी) को भी गिरफ्तार किया गया। कई राज्यों में की ठगी जांच में पता चला है कि इस गिरोह ने केवल पंजाब ही नहीं, बल्कि इलाहाबाद, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, बिहार, महाराष्ट्र, ओडिशा, तेलंगाना, हरियाणा, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और केरल सहित कई अन्य राज्यों में भी लोगों को ठगा है। देश के अन्य हिस्सों में इन्होंने करोड़ों रुपए की ठगी की है। इन पर अब तक 6 मामले दर्ज हो चुके हैं और देश भर में कई शिकायतें लंबित हैं। 23 लाख रुपए फ्रीज करवाए साइबर क्राइम सेल की टीम ने इस बड़े गिरोह को पकड़ने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपियों से कुल 23 लाख रुपए फ्रीज करवाए हैं, जिनमें से 20 लाख रुपए विभिन्न खाताधारकों को उनके खातों में वापस कर दिए गए हैं। पुलिस को इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।
गुरुग्राम पुलिस ने सोहना रोड स्थित एरिया मॉल को नुकसान पहुंचाने की धमकी देने के मामले में एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। थाना बादशाहपुर प्रभारी विजय पाल ने बताया कि 6 जनवरी को पुलिस को एक शिकायत मिली थी। शिकायत में कहा गया था कि एरिया मॉल के अधिकृत वॉट्सऐप नंबर पर एक अज्ञात मोबाइल नंबर से धमकी भरा संदेश भेजा गया है। संदेश में मॉल को अगले दिन नुकसान पहुंचाने की बात कही गई थी। आरोपी ने 5 लाख की मांगी फिरौती जब मॉल प्रबंधन ने उस नंबर पर संपर्क किया, तो आरोपी ने खुद को अपराधों में सक्रिय और प्रभावशाली व्यक्ति बताते हुए 5 लाख रुपए की फिरौती की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए गुरुग्राम पुलिस ने तुरंत संज्ञान लिया और जांच शुरू की। मोबाइल सर्विलांस की सहायता से गिरफ्तार जांच के बाद अज्ञात आरोपी के खिलाफ पुलिस थाना बादशाहपुर में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल सर्विलांस और डिजिटल फुटप्रिंटस के आधार पर कार्रवाई करते हुए 7 जनवरी को बेगमपुर खटोला, गुरुग्राम से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। डिलीवरी बॉय का काम करता है आरोपी गिरफ्तार आरोपी की पहचान बासु (उम्र 29 वर्ष) के रूप में हुई है, जो भागलपुर, बिहार का रहने वाला है और वर्तमान में बेगमपुर खटोला, गुरुग्राम में किराए पर रहता है। शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी जोमैटो में डिलीवरी बॉय के रूप में काम करता है।आरोपी के खिलाफ बिहार राज्य में चोरी, मारपीट और धमकी से संबंधित कई आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। गैंगस्टरों से संपर्क की कोशिश पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से कुख्यात गैंगस्टरों की जानकारी जुटाने और उनसे संपर्क बनाने की कोशिश करता था। वॉट्सऐप पर भेजा गया धमकी भरा संदेश भी सोशल मीडिया ऐप्स की मदद से तैयार किया गया था, ताकि वह खुद को किसी आपराधिक गिरोह से जुड़ा हुआ दिखा सके।
मुरादाबाद में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव अचानक पहुंचे। नैनीताल से लौटते समय उन्होंने पाकबड़ा रोड स्थित एक होटल में ठहराव किया, जहां स्थानीय लोगों और बिहार के पूर्णिया जिले से ताल्लुक रखने वाले लोगों ने उनसे मुलाकात की। मुरादाबाद में तेजस्वी यादव ने लोगों से अनौपचारिक बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान लोगों ने उनके साथ तस्वीरें और सेल्फी भी लीं। हालांकि यह दौरा निजी और अल्पकालिक था, लेकिन तेजस्वी यादव की मुरादाबाद में मौजूदगी को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गईं। इस दौरान बिहार से आए लोगों ने अपने क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं और मुद्दों को भी उनके सामने रखा। तेजस्वी यादव ने सभी की बातों को ध्यानपूर्वक सुना और संवाद किया।इस मौके पर बड़ी संख्या में लोगों ने तेजस्वी यादव के साथ तस्वीरें और सेल्फी भी लीं। लोगों में उनके अचानक सामने आ जाने को लेकर खासा उत्साह देखा गया। होटल परिसर में कुछ देर तक राजनीतिक चर्चा और मुलाकातों का सिलसिला चलता रहा। हालांकि यह दौरा पूरी तरह निजी और अल्पकालिक बताया जा रहा है, लेकिन तेजस्वी यादव की मुरादाबाद में मौजूदगी को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चाएं तेज हो गईं। कुछ समय रुकने के बाद तेजस्वी यादव अपने अगले गंतव्य की ओर रवाना हो गए।
कार की डिग्गी में शराब की तस्करी:चंदौली में 6 शराब तस्कर गिरफ्तार, बिहार ले जाने की तैयारी में थे
चंदौली जिले में पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सदर कोतवाली और बलुआ थाना पुलिस ने अलग-अलग अभियानों में कुल 6 शराब तस्करों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 67.625 लीटर अवैध शराब बरामद की गई, जिसे बिहार राज्य ले जाने की तैयारी थी। सदर कोतवाली पुलिस टीम ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर जांच के दौरान एक लग्जरी कार को रोका। तलाशी में कार की डिग्गी से विभिन्न ब्रांडों की 52 लीटर से अधिक अवैध अंग्रेजी शराब मिली। पुलिस ने कार में सवार चार तस्करों को तुरंत हिरासत में ले लिया। इनकी पहचान बिहार के रोहतास जिले के चेनारी गांव निवासी शंभु कुमार, शिवम, श्यामबाबू साह और सुनील कुमार के रूप में हुई है। इसी क्रम में, बलुआ थाना पुलिस ने भी दो अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की। लक्ष्मगढ़ गांव के गेट के पास से एक आरोपी को लगभग छह लीटर अवैध शराब के साथ पकड़ा गया, जबकि पूरे रजई गांव के पास से एक अन्य आरोपी के पास से छह लीटर अवैध शराब बरामद हुई। इन आरोपियों की पहचान रमदत्तपुर के सुरेश चंद्र जायसवाल और लक्ष्मगढ़ गांव के संतोष यादव के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे अपने महंगे शौक पूरे करने और अधिक मुनाफा कमाने के लिए शराब की तस्करी करते हैं। वे सरकारी दुकानों से फुटकर शराब खरीदकर इकट्ठा करते थे और फिर उसे बिहार राज्य भेज देते थे। पुलिस टीम अब इन आरोपियों के नेटवर्क को खंगाल रही है और आगे की जांच जारी है।
झज्जर में कमरे में मिला व्यक्ति का शव:बाहर से कुंडी लगी थी, फोन बंद था; मृतक बिहार का रहने वाला
झज्जर जिले के गांव जाखौदा स्थित एक किराए के मकान में व्यक्ति का शव मिलने का मामला सामने आया है। व्यक्ति का कई दिन पुराना सड़ा-गला शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मृतक के परिजनों ने इसे हत्या का शक जताया है और पुलिस को शिकायत दी है। गांव के पूर्व सरपंच की सूचना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए नागरिक अस्पताल झज्जर भिजवाया। मृतक की पहचान बिहार के समस्तीपुर जिले के गांव सिंघिया निवासी 40 वर्षीय मोहम्मद कुर्बान के रूप में हुई है। मृतक जाखौदा में अपने साथी अजय के साथ किराए के मकान में रहता था और बहादुरगढ़ के सेक्टर-17 स्थित एक निजी कंपनी में पैकिंग ठेकेदार के तौर पर काम करता था। फिलहाल पुलिस पोस्टमॉर्टम की कागजी कार्रवाई में जुटी हुई है। कई दिन से आ रहा था फोन बंदमृतक के भाई मोहम्मद रिजवान ने बताया कि वे कुर्बान से लगातार संपर्क करने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन एक जनवरी के बाद से उसका फोन बंद आ रहा था। कई दिनों तक संपर्क न हो पाने पर उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। बुधवार शाम करीब 4:30 बजे जब वे जाखौदा स्थित कमरे पर पहुंचे तो देखा कि कमरे की कुंडी बाहर से बंद थी और अंदर से तेज दुर्गंध आ रही थी। शक होने पर उन्होंने तुरंत आसौदा थाना पुलिस को सूचना दी। पूर्व सरपंच ने दी पुलिस को सूचना गांव के पूर्व सरपंच जगबीर ने पुलिस को सूचना दी और पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस और एफएसएल टीम ने मौके पर पहुंच कर मौके से सबूत जुटाए और शव को कब्जे में लिया। वहीं आसौदा थाना एसएचओ राजेश कुमार ने बताया कि गांव के पूर्व सरपंच ने पुलिस को सूचना दी थी। फिलहाल शव का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है और रिपोर्ट के बाद ही जांच कार्रवाई की जाएगी। कमरे के बाहर लगी थी कुंडी परिजनों के अनुसार कमरे के बाहर कुंडी लगी हुई थी जबकि पुलिस का कहना है कि वे मौके पर पहुंचे तब तक कमरा खुला हुआ था। कमरे के अंदर मोहम्मद कुर्बान का शव गली-सड़ी अवस्था में पड़ा हुआ मिला। कमरे में शव के पास शराब की खाली बोतल और खाने-पीने का सामान भी बरामद हुआ है। परिजनों ने जताया हत्या का शक परिजनों का कहना है कि कमरा बाहर से बंद था और कुर्बान के साथ रहने वाला साथी अजय भी लापता बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में हत्या के स्पष्ट साक्ष्य सामने नहीं आए हैं। हालांकि, मौत की असली वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। उन्होंने बताया कि मृतक के साथी की तलाश जारी है।
गुरुग्राम में एक निर्माणाधीन सिग्नेचर ग्लोबल दक्षिण सोसाइटी के बाहर स्विफ्ट कार में खतरनाक तरीके से स्टंट करने वाले तीन युवकों को पकड़ लिया गया है। भौंडसी थाना पुलिस ने स्टंटबाजी में प्रयोग की गई स्विफ्ट कार भी बरामद कर ली है। ये युवक अपने मकान मालिक की कार मांगकर लाए थे। आरोपियों की पहचान विवेक कुमार (20) निवासी चकलाजुदिन, जिला गाजीपुर (उत्तर-प्रदेश), मोहमद सनम (20) निवासी सिहिमा खुर्द, जिला समस्तीपुर (बिहार) व दुर्गेश (23), निवासी कमंडलपुर, जिला कानपुर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई। पुलिस ने वायरल वीडियो पर संज्ञान लिया तीन दिन पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था। जिसमें आरोपी थाना भौंडसी के अंतर्गत सिग्नेचर ग्लोबल दक्षिण के पास एक्सप्रेस-वे पर एक कार में सवार होकर खिड़कियों से बाहर निकलकर जानलेवा स्टंट करते हुए दिखाई दे रहे थे। सोशल मीडिया वीडियो पर संज्ञान लेते हुए गाड़ी ड्राइवर द्वारा स्वयं व अन्य राहगीरों की जान जोखिम में डालने की गंभीर लापरवाही के मद्देनजर थाना भौंडसी में केस दर्ज किया गया। गुरुवार को पुलिस ने तीनों आरोपियों को पकड़ लिया। दो बेरोजगार, एक मोबाइल शॉप चलाता है आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि आरोपी दुर्गेश की सरस्वती इनक्लेव में मोबाइल की दुकान है और आरोपी विवेक कुमार एवं मोहम्मद सनम 11वीं कक्षा तक पढ़ने के बाद कोई काम नहीं करते हैं। ये तीनों सरस्वती इनक्लेव में किराए के कमरे में रहते हैं। आरोपियों ने अपने मकान मालिक से उसकी स्विफ्ट कार मांगकर स्टंटबाजी करने की वारदात को अंजाम दिया था। स्टंटबाजी पर सख्त कार्रवाई कर रही पुलिस पुलिस प्रवक्ता अशोक कुमार ने बताया कि सड़क पर किसी भी प्रकार की लापरवाही एवं स्टंटबाजी न करें। ऐसे कृत्य न केवल स्वयं के लिए बल्कि अन्य लोगों के जीवन के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न करते हैं। कानून का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध पुलिस द्वारा त्वरित सख्त कार्रवाई की जा रही है।
बिहार प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आकर्षित करने में काफी बुरे हाल में है। भारत सरकार के उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग के हालिया आंकड़ों ने स्पष्ट किया है कि बिहार निवेश खींचने में देश के अन्य राज्यों से बहुत पीछे है, यहां तक कि पड़ोसी राज्य झारखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल भी हमसे कहीं आगे हैं। बिहार देश के 29 राज्यों में 25वें नंबर पर है। नागालैंड, मणिपुर, लद्दाख और जम्मू-कश्मीर ही केवल बिहार से आगे हैं। भारत सरकार के सितंबर 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में देशभर में 3 लाख 84 हजार 369 करोड़ का विदेशी निवेश हुआ। इसमें बिहार के हिस्से इसमें केवल 6 करोड़ 9 लाख आया। बिहार से ही अलग हुआ पड़ोसी झारखंड भी 85 करोड़ 90 लाख के प्रत्यक्ष विदेशी निवेशी के साथ हमसे आगे है। यहां तक कि दूसरे पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल भी विदेशी निवेशी आकर्षित करने के मामले में बिहार से काफी अच्छी स्थिति में हैं। इस दौरान उत्तर प्रदेश ने 7078 करोड़ और पश्चिम बंगाल ने 2463 करोड़ का विदेशी निवेश अपने यहां हासिल करने में सफलता पाई है। बिहार में 2025 में आए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के तहत जापान की रिब्राइट पार्टनर इन्वेस्टमेंट लिमिटेड ने नालंदा में अंडा उत्पादन की इकाई में निवेश किया है। जिला निवेशनालंदा 4.05 करोड़गया 1.35 करोड़पटना 0.45 करोड़बेगूसराय 0.17 करोड़नवादा 0.08 करोड़ 3.60 लाख करोड़ का विदेशी निवेश 2025 में देश में आया 2024 में ही 1.81 लाख करोड़ के निवेश के लिए समझौता हुआ है l 56 हजार करोड़ का काम शुरू हो चुका है। 76 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियां पिछले 3 महीने में बिहार में निवेश के लिए तैयार हुई हैं। बिहार सरकार राष्ट्रीय के साथ अंतरराष्ट्रीय कंपनियों से भी बात कर रही है। कुछ महीनों में इसका रिजल्ट दिखाई देगा। -डॉ. दिलीप जायसवाल, उद्योग मंत्री, बिहार सरकार बिहार की परचेजिंग कैपेसिटी राष्ट्रीय औसत से काफी नीचे है। इस कारण लोकल मार्केट में खरीदारी कम है। यहां तीन महीने पहले कोई ड्राई पोर्ट तक नहीं था। प्रदेश कहीं भी समुद्र से नहीं जुड़ा है। इस कारण यहां उत्पादित माल के निर्यात में भी काफी कठिनाई है। लॉ एंड ऑर्डर काफी सुधर जाने के बावजूद विदेशियों को भरोसा नहीं हो रहा है। परंतु, हाल के दिनों में बिहार सरकार की ओर से उठाए गए कदमों से आने वाले दिनों में बेहतर परिणाम की उम्मीद है। केपीएस केसरी, पूर्व अध्यक्ष, बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन बिहार की निवेश ग्रहण क्षमता को भले ही विदेशियों ने ठीक से अभी एक्सप्लोर नहीं किया है, लेकिन यहां 75 करोड़ लोगों का बाजार बनने की क्षमता है। बिहार की 14 करोड़ आबादी के साथ ही नेपाल, बांग्लादेश, भूटान और म्यांमार जैसे देशों की बड़ी खरीदारी बिहार में आकर्षित की जा सकती है। इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और झारखंड के बडे़ हिस्से के लिए बिहार आज भी उपभोग और रोजगार का बाजार है। संरचनागत विकास से बिहार के इस स्ट्रेटजिक लोकेशन का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के लिए उपयोग किया जा सकता है। बिहार सरकार को इसके लिए अपनी धरती की ब्रांडिंग करनी होगी। निवेशकों के शहरों और विदेशी व्यापार मेलों में जाकर यह घोषित करना होगा कि बिहार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की जमीन पूरी तरह से तैयार है।
बिहारकेसर्राफाबाजारमेंबुर्का, नकाबयामास्कपहनकरनहींखरीदपाएंगेसोना-चांदीपाबंदीसेमचासियासीबवाल
पटना. बिहारकेसर्राफाबाजारसे एकऐसाफरमाननिकलाहैजिसनेनकेवलव्यापारिकगलियारोंमेंहलचलपैदाकरदीहै, बल्किराज्यकीराजनीतिमेंभीएकनयाध्रुवीकरणखड़ाकरदियाहै. ऑलइंडियाज्वैलर्सएंडगोल्डफेडरेशन (AIJGF) कीबिहारइकाईनेबुधवार, 7 जनवरी 2026 कोएकबड़ाऐलानकरतेहुएस्पष्टकियाहैकिअबराज्यकीआभूषणदुकानोंमेंबुर्का, नकाब, हिजाब, मास्कयाहेलमेटपहनकरचेहराढकेहुएग्राहकोंकोप्रवेशनहींदियाजाएगा. फेडरेशनकातर्कहैकिसोनेऔरचांदीकीआसमानछूतीकीमतोंकेबीचदुकानोंकीसुरक्षासर्वोपरिहै, लेकिनविपक्षीदलोंनेइसेसीधेतौरपरएकखाससमुदायकोलक्षितकरनेवालाऔरअसंवैधानिककदमकरारदियाहै. राजधानीपटनामेंमीडियासेमुखातिबहोतेहुएफेडरेशनकेप्रदेशअध्यक्षअशोककुमारवर्मानेसाफलहजेमेंकहाकिखरीदारीकेसमयपहचानसुनिश्चितकरनेकेलिएग्राहककाचेहरादिखनाअनिवार्यहै, अन्यथाउन्हेंदुकानकेभीतरएंट्रीनहींमिलेगी. इसनिर्णयकीपृष्ठभूमिमेंफेडरेशननेहालकेदिनोंमेंहुईलूटपाटऔरचोरीकीसिलसिलेवारघटनाओंकाहवालादियाहै. अशोकवर्माकेमुताबिक, आजजब 10 ग्रामसोनेकीकीमतलगभग 1.40 लाखरुपएऔरएककिलोग्रामचांदी 2.5 लाखरुपएकेस्तरकोछूरहीहै, तबसर्राफाव्यापारियोंकीसुरक्षादांवपरलगीहै. उन्होंनेआरोपलगायाकिनकाबपोशअपराधी, जिनमेंपुरुषऔरमहिलाएंदोनोंशामिलहोतेहैं, समूहबनाकरदुकानोंमेंघुसतेहैंऔरअपनीपहचानछिपाकरबड़ीवारदातोंकोअंजामदेतेहैं. फेडरेशनकादावाहैकियहनिर्देशकिसीविशेषधर्मयासमुदायकेखिलाफनहींहै, बल्कियहउनपुरुषोंपरभीसमानरूपसेलागूहोताहैजोहेलमेटयास्कार्फसेचेहराढककरआतेहैं. हालांकि, 'बुर्का' और'नकाब' जैसेशब्दोंकेइस्तेमालनेइसपूरेमामलेकोधार्मिकरंगदेदियाहै, जिसेलेकरअबबिहारकीसियासतमेंउबालआगयाहै. राज्यकीमुख्यविपक्षीपार्टीराष्ट्रीयजनतादल (RJD) नेइसफैसलेपरतत्कालऔरतीखीप्रतिक्रियाव्यक्तकीहै. आरजेडीकेप्रदेशप्रवक्ताएजाजअहमदनेइसेभारतकीधर्मनिरपेक्षपरंपराओंऔरसंवैधानिकस्वतंत्रतापरसीधाहमलाबतायाहै. अहमदकाकहनाहैकिकिसीभीनिजीसंस्थायाफेडरेशनकोयहअधिकारनहींहैकिवहकिसीनागरिककेपहनावेकेआधारपरउसकीधार्मिकस्वतंत्रताकोसीमितकरे. आरजेडीनेइसकदमकेपीछेभारतीयजनतापार्टीऔरआरएसएसकीविचारधाराकाहाथहोनेकाआरोपलगायाहै. विपक्षीनेताओंकातर्कहैकिसुरक्षाकेनामपरकिसीमहिलाकाबुर्कायाहिजाबहटानेकीजिदकरनानकेवलअपमानजनकहै, बल्कियहदेशकेसामाजिकताने-बानेकोछिन्न-भिन्नकरनेकीएकसोची-समझीसाजिशहै. उनकाकहनाहैकिसुरक्षाकेलिएसीसीटीवीऔरमेटलडिटेक्टरजैसेआधुनिकउपकरणोंकासहारालियाजानाचाहिए, नकिकिसीकीधार्मिकपहचानपरचोटकीजानीचाहिए. दूसरीओर, सर्राफाव्यापारियोंकासंगठनअपनीबातपरअडिगहैऔरउनकाकहनाहैकिउन्होंनेइससंबंधमेंपटनाकेवरिष्ठपुलिसअधिकारियोंसेभीचर्चाकीहै, जिन्होंनेसुरक्षाकेदृष्टिकोणसेइसनियमपरकोईआपत्तिनहींजताईहै. फेडरेशननेस्पष्टकियाहैकिवेहिजाबयाबुर्केपरप्रतिबंधनहींलगारहेहैं, बल्किकेवललेनदेनऔरप्रवेशकेवक्तचेहरादिखानेका'अनुरोध' कररहेहैं. बिहारदेशकापहलाऐसाराज्यबनगयाहैजहाँपूरेप्रदेशमेंइसतरहकानिर्देशप्रभावीरूपसेलागूकरनेकीघोषणाकीगईहै. इसघोषणाकेबादसेहीपटनासमेतकईजिलोंकेआभूषणशोरूम्सकेबाहरसुरक्षाप्रोटोकॉलकेबोर्डलगनेशुरूहोगएहैं. अबदेखनायहहोगाकियहविवादकेवलबयानोंतकसीमितरहताहैयासड़कऔरअदालततकपहुँचताहै, क्योंकिएकतरफव्यापारियोंकीजान-मालकीसुरक्षाकासवालहै, तोदूसरीतरफनागरिकअधिकारोंऔरमजहबीरवायतोंकीरक्षाकीदुहाईदीजारहीहै. इससमयपूराप्रदेशइसबातकोलेकरबंटाहुआनजरआरहाहैकिक्यासुरक्षाकेनामपरव्यक्तिगतपहचानकोसार्वजनिककरनाअनिवार्यकियाजासकताहै, याफिरयहफैसलाकिसीगहरेराजनीतिकएजेंडेकाहिस्साहै. इससंवेदनशीलऔरचर्चितविषयपरसोशलमीडियापरजुड़ावबढ़ानेकेलिएआपनिम्नलिखितपोलऔरचर्चाकेप्रश्नइस्तेमालकरसकतेहैं: सोशलमीडियापोल प्रश्न: क्यासर्राफादुकानोंकीसुरक्षाकेलिए'चेहरादिखाने' कानियमसहीहै? हाँ, सुरक्षाजरूरीहै. नहीं, यहनिजीस्वतंत्रताहै. विकल्प 2 (Twitter/X केलिए): प्रश्न: बिहारज्वैलर्सफेडरेशनके'नोफेसकवर' नियमकोआपकैसेदेखतेहैं? पूरीतरहसुरक्षात्मककदम धार्मिकस्वतंत्रतामेंदखल केवलअपराधियोंकेलिएहो राजनीतिसेप्रेरित चर्चाकेलिएमुख्यप्रश्न क्याआधुनिकसीसीटीवीऔरतकनीककेयुगमेंकिसीकाचेहरादिखानाअनिवार्यकरनाहीसुरक्षाकाएकमात्रउपायहै? अपनीरायदें. फेडरेशनकाकहनाहैकियहनियमहेलमेटऔरमास्कपहननेवालेपुरुषोंपरभीलागूहै. क्याआपकोलगताहैकिइसेधार्मिकचश्मेसेदेखाजानागलतहै? क्याविपक्षीदलोंद्वाराइसव्यावसायिकसुरक्षानियमको'असंवैधानिक' बतानासहीहै, यायहकेवलराजनीतिहै? क्याआपनेकभीकिसीशोरूममेंसुरक्षाकेकारणपहचानदिखानेमेंअसहजतामहसूसकीहै? #GoldSecurity #BiharNews
बिहार विधानसभा 2025 चुनाव में जीत के बाद सीएम नीतीश कुमार एक्टिव दिख रहे हैं। 14 जनवरी के बाद वो एक बार फिर से बिहार की यात्रा पर निकल सकते हैं। इसके साथ ही भूमि विवाद शून्य करने को लेकर विजय सिन्हा भी एक्टिव हैं। इधर, तेजप्रताप यादव लालू यादव की राह पर चल रहे हैं। उन्होंने मगर संक्रांति पर अपने आवास पर दही-चूड़ा की पार्टी रखी है। इस भोज में उन्होंने अपने बड़े भाई तेजस्वी यादव समेत मुख्यमंत्री को भी न्योता देने की बात कही है। पढ़िए बिहार की सियासी खबरें कांग्रेस बोली- 10-10 हजार वाली योजना बंद कांग्रेस ने बुधवार को X पर पोस्ट कर लिखा है कि, 'BJP-JDU सरकार ने चुनाव के दौरान बिहार की महिलाओं के खाते में 10-10 हजार रुपए भेजे थे। लेकिन जैसे ही चुनाव खत्म हुआ, सरकार ने इस योजना को बंद कर दिया और पोर्टल भी बंद हो गया। BJP ने एक बार फिर से जनता को धोखा दिया है, उन्हें ठगा है। नरेंद्र मोदी सिर्फ छलावे की राजनीति करते हैं। बिहार की जनता इस ठगी के लिए मोदी-नीतीश को कभी माफ नहीं करेगी।' आपको बता दें कि बिहार चुनाव में NDA को प्रचंड बहुमत दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाली मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की नई एंट्री अब बंद कर दी गई है। अब तक 1 करोड़ 56 लाख महिलाओं के खाते में 10-10 हजार रुपए की राशि भेजी गई है। उसके बाद से 19 लाख आवेदन आए हैं। आवेदन के लिए जारी पोर्टल भी अब बंद कर दिया गया है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत आवेदन करने वाली महिलाओं को 10-10 हजार रुपए दिए जाने हैं। इस योजना के तहत चयनित महिलाओं को रोजगार के लिए बाद में 2-2 लाख रुपए भी दिए जाने का प्रावधान है। अब तक एक करोड़ 56 लाख महिलाओं को 10 हजार की राशि दी जा चुकी है। विपक्ष का कहना है कि सरकार ने सिर्फ चुनावी फायदे के लिए ही यह योजना शुरू की थी लिहाजा चुनाव बाद यह योजना अब बंद कर दी गई है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना में एक करोड़ 56 लाख महिलाओं को 10-10 हजार का भुगतान करने के बाद 19 लाख और महिलाओं ने आवेदन किया है और इसके बाद ही पोर्टल पर आवेदनों की एंट्री बंद कर दी गई है। CM नीतीश खरमास बाद बिहार की यात्रा करेंगे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खरमास (14 जनवरी) के बाद बिहार की यात्रा पर निकलेंगे। तारीख अभी तय नहीं हुई है। इस दौरान वे विकास योजनाओं का जायजा लेंगे। लोगों से मिलेंगे। सरकारी सिस्टम से लेकर कल्याणकारी व विकास की योजनाओं के बारे में पब्लिक का फीडबैक लेंगे। उनकी यात्रा वाल्मीकि नगर से शुरू हो सकती है। मुख्यमंत्री के नाम यात्राओं का रिकॉर्ड है। 2005 में उन्होंने पहली बार न्याय यात्रा निकाली थी। 2025 विधानसभा चुनाव से पहले वो प्रगति यात्रा पर निकले थे। मंत्री दीपक प्रकाश को तेजप्रताप ने दिया न्योता बिहार में दही-चूड़ा भोज के बहाने सियासत गरमाने लगी है। जनशक्ति जनता दल के मुखिया और लालूप्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने मकर संक्रांति पर दही-चूड़ा भोज का ऐलान किया है। तेजप्रताप यादव इस भोज में आने के लिए कई मेहमानों को लगातार आमंत्रित कर रहे हैं। तेजप्रताप यादव ने बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात कर उन्हें दही-चूड़ा भोज में आने का न्योता दिया। खास बात यह है कि तेजप्रताप ने खुद कहा है कि वो इस भोज में अपने भाई तेजस्वी यादव को भी आमंत्रित करेंगे। इस भोज में सीएम नीतीश कुमार को भी बुलाने की बात तेजप्रताप यादव ने कही है। रोहिणी बोलीं- बेटियों की बोली लगाने वाले गलत लोग उत्तराखंड सरकार में मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू ने बीते दिनों कहा था कि, बिहार में लड़की 20-25 हजार में मिल जाती है। इस पर रोहिणी आचार्य ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने एक्स पर लिखा है कि, हाल ही में बिहार की बेटियों की कीमत -बोली लगाने वाला एक अतिनिंदनीय, दुर्भाग्यपूर्ण बयान सामने आया। ऐसे बयानों से यही साबित होता है कि बेटियों के प्रति समाज और लोगों की सोच में अभी भी बड़े सुधार और बदलाव की जरूरत है। बिहार की पॉलिटिकल खबरों के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए...
सबसे पहले 3 बड़े बयान… विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस और RJD के बीच पैदा हुई तल्खी बढ़ रही है। मनरेगा वापसी की मांग को लेकर 8 जनवरी से शुरू हो रहे राज्यव्यापी आंदोलन में भी कांग्रेस RJD को छोड़कर सड़क पर उतरने की तैयारी कर चुकी है। मतलब बिहार में गठबंधन टूट रहा है। खास बात है कि दोनों पार्टियों की रिश्तों में कड़वाहट प्रशांत किशोर और प्रियंका गांधी की मुलाकात के बाद दिख रही है। क्या कांग्रेस बिहार में एकला चलो की राह पर है। RJD-कांग्रेस के अलग होने के पीछे प्रशांत किशोर हैं। कांग्रेस क्या नया समीकरण बना सकती है। जानेंगे आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाही में…। 4 पॉइंट में कांग्रेस नेता क्यों RJD से गठबंधन तोड़ना चाहते हैं… 1. बिहार कांग्रेस की राय- गठबंधन से कोई फायदा नहीं बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार को लेकर कांग्रेस लगातार रिव्यू मीटिंग कर रही है। इसमें प्रदेश स्तर के नेताओं ने ग्राउंड से फीडबैक लेकर बताया कि RJD के साथ गठबंधन से कोई फायदा नहीं है। दिल्ली में हुई कांग्रेस की रिव्यू मीटिंग में भी बिहार के नेताओं ने राहुल गांधी के सामने इस बात को दोहराया। आंकड़ों भी बता रहे हैं कि कांग्रेस को RJD के साथ रहने से कोई फायदा नहीं हुआ है। इसे ऐसे समझिए… 8 जनवरी से मनरेगा आंदोलन में कांग्रेस के ‘एकला चलो’ की राह बढ़ने से यह तय हो गया है कि बिहार में महागठबंधन के खत्म होने की केवल औपचारिक घोषणा मात्र बची रह गई है। 2. लालू परिवार के कारण नए वोटर नहीं जुड़ पा रहे राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के बाद कांग्रेस ने अपनी रणनीति को बदला। पार्टी दलित और OBC-EBC वोटरों को साधने के लिए अभियान से लेकर मेनिफेस्टो तक जारी किया। बिहार में EBC को लेकर खासा वादा किया गया, लेकिन चुनाव के रिजल्ट बता रहे हैं कि इससे कांग्रेस को कोई फायदा नहीं हुआ। पार्टी के कुछ नेताओं का मानना है कि बिहार में लालू यादव सत्ता जाने के 20 साल बाद भी एक फैक्टर हैं। विरोधी इसका फायदा उठाते हैं और सरकार से नाराजगी के बाद भी लोग हमें वोट नहीं देते। नए वोटरों के नहीं जुड़ने का सबसे बड़ा कारण लालू यादव का चेहरा है। 3. पुराने समीकरण पर लौटना चाहती है कांग्रेस 27 नवंबर को दिल्ली में हुई रिव्यू मीटिंग में कांग्रेस की टॉप लीडरशिप ने सभी हारे हुए कैंडिडेट से बंद कमरे में मुलाकात की। बैठक में इस बात पर लगभग सहमति बनी कि बिहार में EBC-OBC वर्ग का लोभ छोड़कर पार्टी को अपने पुराने और आधार वोट वर्ग पर ही काम करना चाहिए। इस चुनाव में EBC को साधने की रणनीति से फायदा की जगह नुकसान हुआ है। बैठक में टॉप लीडरशिप ने इस बात के संकेत दिए हैं कि पार्टी अपने पुराने समीकरण मुस्लिम, दलित और भूमिहार, ब्राह्मण पर फोकस करे। पॉलिटिकल एनालिस्ट संजय सिंह कहते हैं, ‘अगर पार्टी पुराने समीकरण पर लौटना चाहती है तो इसका सीधा मतलब है कि वह लालू यादव से दूरी बढ़ा सकती है। अगर RJD के साथ रहकर पुराने समीकरण पर लौटना चाहेगी तो सफलता मिलना मुश्किल है।’ पुराने समीकरण पर लौटने का मतलब… 4. प्रशांत किशोर भी एक फैक्टर RJD-कांग्रेस के रिश्तों में कड़वाहट तब सामने आ रही है जब नवंबर के आखिरी और दिसबंर के पहले सप्ताह में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी और जनसुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर की मुलाकात हुई। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, प्रियंका और प्रशांत किशोर के बीच दिल्ली में बंद कमरे में करीब 2 घंटे बातें हुईं। प्रशांत किशोर की प्रियंका गांधी से बिहार और देश में विपक्ष की राजनीति पर बातें हुईं है।
आयकर विभाग ने भेजा नोटिस, 2552 निबंधन रिजेक्टउत्तर बिहार में 95% ज़मीन रजिस्ट्री कैश में हो रही है। इसमें बड़े पैमाने पर कालाधन खपाने की आशंका पर आयकर विभाग ने उत्तर बिहार के 57 सब रजिस्ट्रार को नोटिस भेजा है। निबंधन कार्यालय की ओर से ज़मीन रजिस्ट्री में सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का पालन नहीं किए जाने का भी मामला सामने आया है। पैन कार्ड व फॉर्म-60 के बगैर ज़मीन रजिस्ट्री पर आयकर विभाग को अंधेरे में रखकर कालेधन को खपाने के इनपुट मिले हैं। इसके बाद आयकर विभाग ने कार्यवाही शुरू करते हुए मुजफ्फरपुर, पारू, कटरा, कांटी व मोतीपुर समेत उत्तर बिहार के 11 जिलों के 57 निबंधन कार्यालय के सब रजिस्ट्रार को नोटिस भेजा है। आयकर के फॉर्म 60 का उपयोग बिना पैन नंबर वाले लोग निबंधन में करते हैं। बिना पैन वालों के लिए बैंक अकाउंट खोलना, निवेश या ज़मीन व प्रॉपर्टी खरीदने में इस फॉर्म को अनिवार्य बनाया गया है। यह फॉर्म नहीं भरे जाने से विभाग के पास क्रेता व विक्रेता के संबंध में रिपोर्ट नहीं मिल पाती है। वहीं, कालाधन खपाने वाले लोग बिना पैन या पैन नंबर गलत अंकित कर ज़मीन की रजिस्ट्री करा रहे हैं। पैन नंबर गलत अंकित कर आयकर विभाग को अंधेरे में रखा जा रहा है।
नमस्कार, आज की सबसे बड़ी खबर भोजपुरी स्टार पवन सिंह को लेकर है, जिनकी सोशल मीडिया पर एक वीडियो हो रहा है। वहीं, IRCTC घोटाले में तेजस्वी की याचिका पर कोर्ट ने CBI को नोटिस भेजा है। इधर, गयाजी, नालंदा और औरंगाबाद मे शिमला जैसी ठंड महसूस की जा रही है। चलिए सिलसिलेवार पढ़ते हैं, बिहार दिनभर में क्या कुछ खास रहा... टॉप 15 खबरें... 1. पवन सिंह के फैन को पुलिस ने स्टेज से फेंका भोजपुरी के पावर स्टार पवन सिंह सोमवार को 40 साल के हो गए हैं। रविवार की रात लखनऊ में पवन सिंह ने बर्थडे पार्टी दी थी। इस पार्टी में जमकर बवाल हुआ। पवन सिंह के स्टेज पर पहुंचने से पहले फैंस बेकाबू हो गए। एक युवक स्टेज पर चढ़ गया। जिसके बाद पवन सिंह की Y श्रेणी की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने युवक को स्टेज से नीचे धकेल दिया, जिसके बाद हाथापाई हो गई। वहां मौजूद लोगों ने किसी तरह मामला शांत कराया। हंगामे के थोड़ी देर बाद पवन सिंह पहुंचे। पूरी खबर पढ़ें 2. IRCTC घोटाले में तेजस्वी की याचिका पर CBI को नोटिस IRCTC घोटाला मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने तेजस्वी यादव की याचिका पर CBI को नोटिस जारी किया है। तेजस्वी ने IRCTC घोटाले में ट्रायल कोर्ट के आरोप तय किए जाने को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने CBI को नोटिस जारी किया है। अब इस मामले में 14 जनवरी को अगली सुनवाई होगी। इससे पहले लालू यादव को हाईकोर्ट से झटका लगा है। दिल्ली हाईकोर्ट में लालू यादव ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी। पूरी खबर पढ़ें 3. गयाजी, नालंदा और औरंगाबाद में शिमला जैसी ठंडे बिहार में ठंड बढ़ता ही जा रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, 14 जनवरी से पहले ठंड से राहत मिलने की संभावना नहीं है। पटना समेत कई जिलों के तापमान 1 से 2 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इस बीच मौसम विभाग ने आज यानी मंगलवार को 30 जिलों में कोल्ड-डे को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। आठ जनवरी से मौसम फिर बिगड़ सकता है। इस दौरान घना कुहासा छाएगा। ठंड और बढ़ेगी। पटना, बेगूसराय, दरभंगा समेत 10 जिलों में सुबह-सुबह घना कोहरा दिखाई दिया। विजिबिलिटी जीरो थी। गयाजी का तापमान 5.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है पूरी खबर पढ़ें 4. अमन शुक्ला हत्याकांड में पत्नी से पूछताछ पटना में सोमवार देर रात बैंक से 52 लाख लूटने वाले आरोपी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस इस मामले में मृतक अमन शुक्ला की पत्नी से पूछताछ कर रही है। पुलिस को शक है कि अफेयर में अमन की हत्या हुई है। अमन शुक्ला हत्याकांड का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। इसमें दिख रहा है कि, अमन बाइक पर अपनी पत्नी और बच्चे के साथ जा रहा है। उसके पीछे से भी एक बाइक वाला तेजी से अमन को ओवरटेक करने की कोशिश करता है। पूरी खबर पढ़ें 5. तेजस्वी यादव के चश्मे पर मीम, प्राइस 24 हजार बिहार बीजेपी ने एक बार फिर तेजस्वी यादव को लेकर पोस्ट डाला है। जिसमें तंज कसा गया है। इस बार मुद्दा बना है नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का चश्मा। बिहार बीजेपी ने तेजस्वी यादव के चश्मे को लेकर सोशल मीडिया पर एक मीम शेयर किया है, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है। इसी मीम के साथ बीजेपी ने तंज भरे शब्दों में लिखा, 'बाप नंबरी, बेटा 10 नंबरी।' बीजेपी ने मीम में तेजस्वी यादव को चश्मा पहने हुए दिखाया गया है। मीम में चश्मे का 'प्राइस चेक' किया गया है, जिसमें उसकी कीमत 24,000 रुपए बताई गई है। इसके बाद एक 'शॉक्ड' एक्सप्रेशन वाला मीम लगाया गया है। पूरी खबर पढ़ें 6. कांग्रेस कार्यालय में भिड़े कार्यकर्ताओं के दो गुट, जमकर लाठी-डंडे चले बिहार विधानसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस कारणों का पता लगाने में जुटी है। हार की समीक्षा के लिए प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम और कांग्रेस विधायक दल के पूर्व नेता शकील अहमद खान मंगलवार को मधुबनी पहुंचे थे। इसी दौरान कांग्रेस कार्यालय में दो गुटों के बीच जमकर मारपीट हुई है। बैठक में टिकट बंटवारे में अनियमितता का आरोप लगाते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं के दो गुट आपस में भिड़ गए और दोनों में जमकर लाठी-डंडे चले। नेता कार्यकर्ताओं को समझाते रहे, लेकिन वे नहीं माने और मारपीट होती रही। पूरी खबर पढ़ें 7. शराब के पैसों के विवाद में 2 दोस्तों की हत्या दरभंगा में न्यू ईयर पार्टी के बाद 2 दोस्तों की हत्या मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिसकी पहचान भैरोपट्टी निवासी छोटू कुमार और बाजितपुर मिल्की के नवरत्न कुमार सरकार के तौर पर हुई है। हत्याकांड में फरार 6 अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। अवैध शराब कारोबार से जुड़े पैसों के विवाद को लेकर वारदात को अंजाम दिया था। न्यू ईयर के पहले दिन गुरुवार की रात मुन्ना महतो और बादल मंडल अपने दोस्तों के साथ पार्टी में शामिल हुए थे। इसके बाद से वे लापता थे। पूरी खबर पढ़ें 8. पुलिस ने धक्का देकर गिराया, फिर जूतों से पीटा मधुबनी में पुलिस वालों ने चेकिंग के दौरान पूर्व वार्ड पार्षद को बाइक से गिराकर लात-घूंसे से पीटा है। इसका वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में पांच पुलिस वाले बीच सड़क पर वार्ड पार्षद को पीटते दिख रहे हैं। घटना 31 दिसंबर की बताई जा रही है। इस मामले में 2 पुलिस वालों को सस्पेंड कर दिया गया है। 31 दिसंबर की रात नगर थाना के ठीक सामने पुलिस वाले गाड़ी चेकिंग कर रहे थे। पूर्व वार्ड पार्षद उदगार यादव उसी सड़क से कहीं जा रहे थे। पूरी खबर पढ़ें 9. पूर्व DGP आलोक राज ने BSSC से दिया इस्तीफा बिहार के पूर्व DGP सीनियर IPS अधिकारी आलोक राज ने बिहार कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने 2 दिन पहले बिहार कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाली थी। अब आलोक राज ने निजी कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बिहार के DGP रहे सीनियर IPS अधिकारी आलोक राज को बीते 31 दिसंबर के दिन ही नीतीश सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी थी। आलोक राज को बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। पूरी खबर पढ़ें 10. दुनिया का सबसे ऊंचा शिवलिंग रामायण मंदिर पहुंचा दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग पूर्वी चम्पारण के जानकीपुर में बन रहे विराट रामायण मंदिर पहुंच गया है। यहीं पर 17 जनवरी को 5 नदियों के जल से अभिषेक किया जाएगा। हरिद्वार, प्रयागराज, गंगोत्री, कैलाश मानसरोवर, सोनपुर आदि के जल से शिवलिंग का अभिषेक होगा।हेलिकॉप्टर से फूल बरसाए जाएंगे। इधर, सोमवार को विराट शिवलिंग जैसे ही पूर्वी चंपारण की धरती पर पहुंचा, श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। स्थापना से 12 दिन पहले श्रद्धालुओं ने शिवलिंग का भव्य स्वागत किया। पूरी खबर पढ़ें 11. 130 की स्पीड में ब्लॉगर ने युवक को मारी टक्कर पूर्णिया में ब्लॉगिंग के चक्कर में दर्दनाक हादसा हुआ है। केटीएम बाइक रेसर और ब्लॉगर ने रोड क्रॉस कर रहे युवक को जोरदार टक्कर मारी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि युवक खून से लथपथ जमीन पर गिर पड़ा। जबकि बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद लोग मौके पर जुट गए। भाग रहे ब्लॉगर को पकड़ लिया। घायल युवक को तुरंत GMCH पहुंचाया। इस दौरान ब्लॉगर जख्मी का इलाज कराने के बजाए उसे मरने के हाल पर छोड़कर अस्पताल से भाग निकला। घायल की पहचान रामबाग निवासी धीरेंद्र चौधरी के रूप में हुई है। पूरी खबर पढ़ें 12. म्यांमार से बिहार लौटे युवक बोला- नशे की सुई देकर काम करवाते अररिया का रहने वाला मुन्ना ऊर्फ जमशेद 13 साल बाद अपने घर लौटा। उसने बताया कि, उसके गांव के तीन लोग उसे 2012 में बहला फुसलाकर घर से ले गए और म्यांमार में 16 लाख में बेच दिया। वहां सरिया बनाने की एक कंपनी में मुझसे काम करवाया गया। कंपनी के लोग इंजेक्शन से खून निकालते थे। काम करने पर जब हमलोग थकते थे, तो नशे का इंजेक्शन लगाते थे और काम करवाते थे। मुन्ना ने बताया कि, मेरी मां ने मेरे लिए 13 साल कोर्ट में लड़ाई लड़ी। तब जाकर मैं अपने घर वापस आ पाया। पूरी खबर पढ़ें 13. बिहार के तीन युवकों की नेपाल में मौत नए साल के मौके पर नेपाल के पशुपतिनाथ दर्शन करने गए बिहार के 3 लोगों की सड़क हादसे में मौत हो गई। मृतकों में दो बेगूसराय जिले के बलिया थाना क्षेत्र के, जबकि एक पटना जिला के बाढ़ के रहने वाला था। लेकिन वो भी बलिया में ही घर बना कर रहता था। घटना 4 जनवरी की रात की बताई जा रही है। तीनों लोग 2 जनवरी की रात को नेपाल के लिए निकले थे। परिजन को हादसे की जानकारी मंगलवार यानी 3 दिन बाद मिली। तीनों के परिजन लाश को लेने के लिए नेपाल रवाना हो गए हैं। पूरी खबर पढ़ें अब वो खबर जो हटकर है 14. लालू-राबड़ी के नाती लेंगे 2 साल की मिलिट्री ट्रेनिंग राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म 'एक्स' पर एक पोस्ट कर जानकारी दी है कि उनका बेटा आदित्य 2 साल की बेसिक मिलिट्री ट्रेनिंग के लिए गया है। रोहिणी ने अपने पोस्ट में लिखा है- 'आज मेरा दिल गर्व से भरा हुआ है, आज अपनी प्री - यूनिवर्सिटी ( Pre - University ) की पढ़ाई पूरी करने के बाद 18 साल की उम्र में हमारा बड़ा बेटा आदित्य 2 साल की Basic Military Training के लिए गया है।' वहीं, दूसरे पोस्ट में रोहिणी ने लिखा है कि गलत पहचान की नजर भी दुरुस्त है और निशाना भी। पूरी खबर पढ़ें अब चलते-चलते एक नजर कल के मौसम पर 15. 22 जिलों में कल कोल्ड डे का ऑरेंज अलर्ट बिहार में ठंड बढ़ता ही जा रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, 14 जनवरी से पहले ठंड से राहत मिलने की संभावना नहीं है। पटना समेत कई जिलों के तापमान 1 से 2 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है। कल यानी बुधवार को प्रदेश के 22 जिलों में कोल्ड डे को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
बिहार के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य सरकार पूरी मजबूती से किसानों के हित में काम कर रही है। सरकार की प्राथमिकता है कि किसानों को किसी भी तरह की परेशानी न हो और वे खेती के काम पर पूरी तरह फोकस कर सकें। खाद में गड़बड़ी और तस्करी की मिली थी शिकायत राम कृपाल यादव ने बताया कि जब उन्होंने विभाग का कार्यभार संभाला। तभी उन्हें खाद की कालाबाजारी और तस्करी से जुड़ी शिकायतें मिली थीं। कुछ जगहों पर अनियमितता की सूचना मिलने के बाद विभाग ने इसे गंभीरता से लिया। निगरानी के लिए बनाया गया फ्लाइंग स्क्वॉड खाद की कालाबाजारी और गड़बड़ी पर रोक लगाने के लिए विभाग की ओर से एक फ्लाइंग स्क्वॉड का गठन किया गया है, जो पूरे राज्य में खाद की आपूर्ति और वितरण व्यवस्था पर नजर रखेगा। कृषि मंत्री ने दो टूक कहा कि जो भी अधिकारी या कारोबारी इन गड़बड़ी में दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जो भी लोग खाद की कालाबाजारी या तस्करी में शामिल हैं, वे सावधान हो जाएं, सरकार उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने जा रही है। बीज और खाद सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता कृषि मंत्री ने कहा कि इस समय सरकार का मुख्य फोकस बीज और खाद की उपलब्धता पर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में खाद का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और बिहार के किसी भी जिले में इसकी कोई कमी नहीं है। किसानों की शिकायत के लिए बना स्पेशल सेल और हेल्पलाइन उन्होंने बताया कि किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए एक स्पेशल सेल का गठन किया गया है। साथ ही किसानों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं, ताकि वे सीधे अपनी शिकायत दर्ज करा सकें। उन्होंने किसानों से अपील किया कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी समस्या की स्थिति में सीधे विभाग या प्रशासन से संपर्क करें।
कैथल में थाना साइबर क्राइम पुलिस ने 11 लाख 17 हजार की ठगी करने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने एक व्यक्ति से म्यूचुअल फंड में निवेश का झांसा देकर रुपए हड़पे थे। पकड़े गए आरोपियों की पहचान नया गांव जिला पटना, बिहार निवासी मुन्ना कुमार व संदलपुर जिला पटना, बिहार निवासी अश्वनी कुमार के रूप में हुई है। सेक्टर-20 कैथल निवासी रोहताश कुमार की शिकायत अनुसार 17 मार्च 2025 को उसे वॉट्सऐप ग्रुप आईसीआईसीआई सिक्योरिटी वाई-4 में जोड़ा गया। ग्रुप में लगातार म्यूचुअल फंड में निवेश से भारी मुनाफे के मैसेज भेजे जाते थे और आईसी डायरेक्ट नामक एप डाउनलोड करने को कहा गया। जिससे उसने एप डाउनलोड करने के बाद 19 मार्च 2025 को सबसे पहले 10 हजार रुपए बैंक खाता में ट्रांसफर किए। अलग-अलग समय में रुपए लिए इसके बाद 24 मार्च 2025 को भरोसा दिलाने के लिए ठगों ने उसके खाते में 10,650 रुपए वापस भेज दिए। 26 मार्च 2025 को पीड़ित ने दोबारा 10,000 रुपए और फिर 50,000 रुपए निवेश किए। 28 मार्च 2025 को उसने 34,000 रुपए और 50,000 रुपए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किए। 5 अप्रैल 2025 को 50,000 रुपए उसके खाता में भेजे। इसके बाद जब पीड़ित ने रकम निकालने की कोशिश की तो ठगों ने टैक्स के नाम पर और पैसे मांगे। 28 अप्रैल 2025 को पीड़ित ने 3 लाख 85 हजार 200 रुपए टैक्स के नाम पर जमा करवा दिए। पैसे न देने पर ग्रुप से हटाया 8 मई 2025 को आईसीआईसीआई सिक्योरिटी लिमिटेड की मोहर लगे फर्जी पत्र दिखाकर उससे 3,79,327 रुपए यूको बैंक खाते में ट्रांसफर करवा लिए। इसके बाद ठगों ने और 8 लाख 50 हजार रुपए की मांग की। पैसे न देने पर पीड़ित को वॉट्सऐप ग्रुप से हटा दिया गया। तभी उसे ठगी का एहसास हुआ। कुल मिलाकर उसके साथ से 11 लाख 17 हजार 527 रुपए की साइबर ठगी की गई। पुलिस प्रवक्ता प्रवीन श्योकंद ने बताया कि साइबर ठगी में दोनों आरोपियों के बैंक खाते प्रयोग किए गए थे। दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में भेज दिए गए हैं।
जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव ने मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित होने वाले चूड़ा-दही भोज को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि इस भोज में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को भी पार्टी की ओर से औपचारिक रूप से निमंत्रण दिया जाएगा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राज्यपाल और उप मुख्यमंत्रियों को भी कार्यक्रम का आमंत्रण भेजा जाएगा। तेज प्रताप ने स्पष्ट किया कि यह आयोजन सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ा है, जिसमें सभी वर्गों के लोगों को शामिल किया जाएगा। तेज प्रताप यादव ने बताया, 'हिंदू कैलेंडर के अनुसार मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाई जाती है और इसी दिन जनशक्ति जनता दल की ओर से चूड़ा-दही भोज का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति का पर्व परंपरागत रूप से गुड़, तिलकुट, चूड़ा और दही के साथ मनाया जाता है। इसी परंपरा को निभाते हुए पार्टी की तरफ से यह भोज रखा गया है। तेज प्रताप ने कहा, “हमारी पार्टी की ओर से सभी लोगों को निमंत्रण कार्ड दिए जा रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को भी कार्ड दिया जाएगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी न्योता दिया जाएगा, राज्यपाल को भी आमंत्रण भेजा जाएगा। डिप्टी सीएम को भी कार्ड दिया जाएगा। पूरे बिहार से जो भी लोग आना चाहते हैं, वे इसमें शामिल हो सकते हैं।' महिलाओं का अपमान करने वालों को समाज में रहने का अधिकारी नहीं इस दौरान तेज प्रताप यादव ने उत्तराखंड की एक मंत्री के पति गिरधारी लाल साहू द्वारा बिहार की बेटियों को लेकर की गई कथित अभद्र टिप्पणी पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना बेहद निंदनीय है और यह कुछ लोगों की फितरत बन चुकी है। तेज प्रताप ने कहा कि महिलाओं का अपमान करने वालों को समाज में रहने का कोई अधिकार नहीं है। बीजेपी की ओर से मांगी गई माफी पर सवाल उठाते हुए तेज प्रताप यादव ने कहा कि केवल माफी मांग लेने से मामला खत्म नहीं होता। उन्होंने कहा, “क्या बिहार की बेटियों ने उन्हें माफ कर दिया है?” तेज प्रताप ने आगे कहा कि अगर वास्तव में उन्हें अपनी गलती का अहसास है, तो उन्हें बिहार की धरती पर आकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने दो टूक कहा कि बिहार की बेटियों के सम्मान से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा।
अररिया का रहने वाला मुन्ना ऊर्फ जमशेद 13 साल बाद अपने घर लौटा। उसने बताया कि, उसके गांव के तीन लोग उसे 2012 में बहला फुसलाकर घर से ले गए और म्यांमार में 16 लाख में बेच दिया। वहां सरिया बनाने की एक कंपनी में मुझसे काम करवाया गया। कंपनी के लोग इंजेक्शन से खून निकालते थे। काम करने पर जब हमलोग थकते थे, तो नशे का इंजेक्शन लगाते थे और काम करवाते थे। मुन्ना ने बताया कि, मेरी मां ने मेरे लिए 13 साल कोर्ट में लड़ाई लड़ी। तब जाकर मैं अपने घर वापस आ पाया। मैं जज साहब का शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने ऐसा फैसला दिया जिसकी वजह से मैं अपनी मां से मिल पाया। पढ़िए, बिहार के नौजवान को कैसे म्यांमार में बेचा गया, वहां कितनी तकलीफें हुईं और कोर्ट का एक फैसला जिसने मां और बच्चे को मिलाया। कहानी आज से 13 साल पहले शुरू होती है। मुन्ना की उम्र उस वक्त 13 साल की थी। उसके पिता गुजर गए थे। मां पर परवरिश का जिम्मा था। गांव के 3 लोगों ने कहा कि, मुन्ना को हमारे साथ बनारस भेज दीजिए। वो वहां मदरसे में पढ़ेगा और कुछ-कुछ काम भी सीख लेगा। मुन्ना की मां जरीना खातून इसके लिए राजी हो गई। मुन्ना 10 दिन तक बनारस में रहा, फिर उसे म्यांमार में बेच दिया गया। समुद्र के बीच में रखते थे कंपनी वाले मुन्ना ने बताया कि, म्यांमार में मुझे एक सरिया की कंपनी में काम करने को कहा गया। ऐसी जगह रखा जाता था जहां चारों तरफ समुद्र और ऊंची दीवारें थीं। बीच में एक कंपनी थी, जहां लोहे की रॉड बनाया जाता था। पूरे परिसर में तीन गेट थे और हर गेट पर हथियारबंद गार्ड तैनात रहते थे। चारों ओर कैमरों से निगरानी की जाती थी, ताकि कोई भाग न सके। जमशेद ने बताया कि वहां मजदूरों को जानवरों से भी बदतर हालात में रखा जाता था। जब वह घर जाने की बात करता तो उसके साथ बेरहमी से मारपीट की जाती थी। एक बार उसने भागने की कोशिश की, लेकिन पकड़े जाने के बाद उसकी इतनी पिटाई की गई कि शरीर में तीन जगह टांके लगाने पड़े। उसे साफ-साफ बताया गया कि उसे 16 लाख रुपए में बेच दिया गया है और जब तक यह रकम वसूल नहीं हो जाती, तब तक उसे घर जाने की इजाजत नहीं मिलेगी। अब पढ़िए जमशेद की मां का बेटे के लिए संघर्ष 2012 में जमशेद के गायब होने के बाद उसकी मां जरीना खातून ने बौसी थाने में 3 लोगों के खिलाफ केस किया। मामला कोर्ट पहुंचा। कोर्ट के दबाव में पुलिस ने जावेद नाम के एक आरोपी को 2025 में पकड़ा। अदालत ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मुन्ना ऊर्फ जमशेद को कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया। इसके लिए अररिया कोर्ट ने आरोपी को 3 महीने का वक्त दिया। कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर जमशेद वापस नहीं आया तो सभी आरोपियों की जमीन जायदाद जब्त कर ली जाए। नागालैंड के रास्ते भारत लाया गया अदालत की इस सख्ती का असर आखिरकार दिखा। भारी दबाव के बाद दलालों ने म्यांमार से जमशेद को को नागालैंड के रास्ते भारत लाया गया। उसके बाद अररिया तक लाने के लिए रास्ते में बस, टैंकर, लॉरी और अन्य साधनों का इस्तेमाल किया गया, ताकि किसी को भनक न लगे। आखिर में 4 जनवरी को जमशेद को अररिया रेलवे स्टेशन पर एक ऑटो में बैठाकर घर की ओर भेज दिया गया। काउंसलिंग के बाद परिजन को सौंपा गया बच्चा दलालों ने लड़के को अररिया रेलवे स्टेशन (आरएस) पर छोड़ा, जहां से उसे एक ऑटो में बिठाकर आरोपी के गांव ले जाया गया। बौसी पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए लड़के को बरामद कर लिया। पुलिस ने हिरासत में लेकर बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया। सीडब्ल्यूसी ने बच्चे की काउंसलिंग की और उसे परिजनों को सौंप दिया।
पश्चिमी विक्षोभ के उत्तरी भारत के ऊपर से गुजरने के चलते पहाड़ों पर बर्फबारी हुई है। इससे मैदानी इलाकों में सर्दी बढ़ गई है। पाकिस्तान से आ रही ठंडी हवाओं से बिहार में कड़ाके की ठंडी पड़ रही है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, इस सप्ताह बहुत ज्यादा ठंड पड़ेगी। पटना, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, सहरसा और गयाजी में 10 जनवरी तक कोल्ड डे जैसी स्थिति रह सकती है। बिहार में 40 साल बाद इतनी लंबी सर्दी पड़ रही है। 15 जनवरी से पहले राहत की उम्मीद नहीं है। बिहार में जनवरी में मौसम कैसा रहेगा? ठंड बढ़ने से सेहत पर क्या असर पड़ रहा है? सरकार क्या कर रही है? इन सवालों को लेकर भास्कर ने मौसम वैज्ञानिक, आपदा विभाग और डॉक्टरों से बात की। पढ़ें रिपोर्ट… जनवरी में कैसा रहेगा मौसम? मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, पूरे जनवरी ठंड अधिक रहेगी। अगले 5 दिनों में अधिकतम तापमान में बहुत बदलाव नहीं होगा। न्यूनतम तापमान 2-4 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। 14-15 जनवरी तक बहुत अधिक ठंड रहेगी। पश्चिमी बिहार के 11 जिलों (पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीवान, छपरा, गोपालगंज, बक्सर, भोजपुर, रोहतास, भभुआ, औरंगाबाद और अरवल) में शीतलहर ज्यादा दिनों तक रह सकता है। 15 जनवरी के बाद मौसम साफ रहने की उम्मीद है। इससे थोड़ी राहत मिलेगी। रात में अधिक ठंड पड़ेगी। न्यूनतम तापमान गिरेगा। दिन में धूप निकलेगी। दिसंबर में 6 दिन रहे भीषण शीत दिवस दिसंबर 2025 में बिहार में कहीं बारिश नहीं हुई। 6 दिन भीषण शीत दिवस (Severe Cold day) और 11 दिन शीत दिवस (Cold day) रहा। 14 दिसंबर को सर्वाधिक तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस मोतिहारी में रिकॉर्ड किया गया। 31 दिसंबर को गया में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस रहा। यह महीने का सबसे ठंडा दिन रहा। दिसंबर में पटना का औसत अधिकतम तापमान 21.1 डिग्री सेल्सियस और औसत न्यूनतम तापमान 13.1 डिग्री सेल्सियस रहा। दिसंबर से जनवरी तक 22 दिन कोल्ड डे रहा है। यह सामान्य से 8 दिन अधिक है। बिहार में 40 साल बाद इतनी लंबी सर्दी पड़ रही है। मौसम विभाग के अनुसार 3 जनवरी को समस्तीपुर में न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लगा जैसे 1998 वाली सर्दी वापस आ गई है। 27 साल पहले न्यूनतम तापमान इतना कम हुआ था। अगले दो दिनों तक रहेगा कोल्ड डे मौसम वैज्ञानिक डॉ. आशीष कुमार ने बताया कि अगले दो दिनों तक बिहार में कोल्ड डे रहने की संभावना है। इसके बाद न्यूनतम तापमान बढ़ेगा। पछुआ हवा चलने के चलते ऐसी स्थिति है। यह हवा पाकिस्तान से चलकर जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा व राजस्थान होते हुए बिहार आ रही है। आने वाले 2-3 दिनों तक घना कोहरा छाने की संभावना है। क्या है कोल्ड डे? मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार कोल्ड डे तब माना जाता है जब मैदानी इलाकों के लिए असल न्यूनतम तापमान 10C या उससे कम हो और पहाड़ी इलाकों के लिए 0C या उससे कम हो। इसके साथ ही अधिकतम तापमान में 4.5C-6.4C तक गिरावट आ जाए। अगर अधिकतम तापमान में गिरावट 6.4C से भी अधिक हो तो ऐसे दिन को भीषण शीत दिवस कहते हैं। शीतलहर क्या है? शीतलहर हवा के तापमान की एक ऐसी स्थिति है जो इंसानी शरीर के लिए जानलेवा हो सकती है। हवा की गति के कारण शीतलहर का असर और बढ़ जाता है। इसे विंड चिल इफेक्ट कहा जाता है। शीतलहर तब मानी जाती है जब किसी जगह का न्यूनतम तापमान मैदानी इलाकों के लिए 10C या उससे कम और पहाड़ी इलाकों के लिए 0C या उससे कम हो जाता है। हार्ट अटैक, ब्रेन हेमरेज के मामले बढ़े, हॉस्पिटल भरे बिहार में ठंड बढ़ने से हर्ट अटैक और ब्रेन हेमरेज की घटनाएं 30-35% बढ़ गईं हैं। बीते 3 दिन में 2 दर्जन से अधिक लोग इसके चलते मरे हैं। अस्पतालों के ICU और इमरजेंसी में जगह की कमी हो गई है। डॉक्टरों के अनुसार ठंड की वजह से ऐसी स्थिति है। बीपी के मरीजों को खासतौर से दिक्कत हो रही है। फिजिशियन डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि बच्चों और बुजुर्गों पर ठंड का ज्यादा असर हो रहा है। PMCH सहित सभी अस्पतालों में बीपी, हर्ट और ब्रेन स्ट्रोक से जुड़े मरीजों की संख्या बढ़ गई है। सांस से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। उन्होंने कहा, ‘बहुत अधिक ठंड बुजुर्गों के लिए खतरनाक है। वे घर में रहें। मॉर्निंग वाक कुछ दिन स्थगित रखें। कमरे के अंदर लकड़ी आदि न जलाएं। उसके धुएं से सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। गर्म कपड़े ठीक से पहनें और गुनगुना पानी पिएं। खाना भी गर्म खाएं। सांस से जुड़ी कठिनाई जैसे कि दमा आदि की शिकायत है तो भाप लें या नेबुलाइजर का इस्तेमाल करें। बच्चों को भी ठंड से बचा कर रखें।’ क्या है पश्चिमी विक्षोभ, किस तरह डालता है असर? पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) महत्वपूर्ण वेदर सिस्टम है। यह भूमध्य सागर के क्षेत्र में बनता और पूरब की ओर बढ़ता है। इससे उत्तर-पश्चिमी भारतीय उपमहाद्वीप (जैसे भारत, पाकिस्तान, अफगानिस्तान) में सर्दियों में बारिश और बर्फबारी होती है। यह बारिश सर्दियों की फसलों के लिए फायदेमंद होती है। पश्चिमी विक्षोभ के चलते हिमालय के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी हुई है। यहां से ठंडी हवा बिहार आ रही है, जिससे तापमान गिरा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पछुआ हवा अभी जारी रहेगी, जिससे आने वाले कुछ दिनों में ठंड से राहत की उम्मीद नहीं है। सुबह-शाम दिख रहा घना कोहरा, डाल रहा क्या असर? ठंडी हवा की वजह से रात के समय कम तापमान और अधिक सतही नमी की वजह से सुबह और शाम को कोहरा दिख रहा है। कोहरा सूरज की धूप को रोक रहा है। इससे दिन में भी सूरज की तपिश जमीन तक नहीं आ रही। नतीजा सूरज निकलने के बावजूद दिन में तापमान कम बढ़ता है। धूप नहीं मिलने से कनकनी ज्यादा महसूस हो रही है। कोहरे की वजह से हवा गर्म होकर ऊपर की ओर नहीं उठ पा रही है, इससे पॉल्यूशन हट नहीं रहा। कोहरे के चलते यात्रा करना मुश्किल कोहरे के चलते यात्रा करना मुश्किल हो गया है। सड़क हादसे बढ़े हैं। फ्लाइट से लेकर ट्रेन तक लेट चल रही हैं। ट्रेनें लगातार लेट चल रही हैं। रविवार को तेजस राजधानी, संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस सहित 16 ट्रेनें लेट रहीं। दिल्ली अमृत भारत 4 घंटे, इंदौर-पटना 4 घंटे, साउथ बिहार एक्सप्रेस 2 घंटे, मगध एक्सप्रेस 7 घंटे और दानापुर इंटरसिटी, इस्लामपुर-हटिया, डीडीयू-पटना मेमू, फरक्का एक्सप्रेस, वैशाली फास्ट मेमू, बिक्रमशिला एक्सप्रेस, विभूति एक्सप्रेस, आरा कैपिटल एक्सप्रेस एवं बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस 1-1 घंटा लेट रही। रविवार काे इंडिगो की दिल्ली की एक फ्लाइट रद्द हाे गई। विजिबिलिटी कम रहने से 14 जोड़ी विमान लेट रहे। पटना एयरपोर्ट पर पहली फ्लाइट कोलकाता से इंडिगो की 6E6348 समय से 9 मिनट पहले 11:11 बजे आई। शेड्यूल के मुताबिक, पहली फ्लाइट एअर इंडिया की एआई 1749 सुबह 9:40 बजे है, लेकिन यह 1 घंटे 37 मिनट देर से आई। दिल्ली-पटना की 6 जोड़ी, बेंगलुरु-पटना की 2 जोड़ी, हैदराबाद-पटना की 2 जोड़ी, मुंबई-पटना की 2 जोड़ी, रांची-पटना की 1 जोड़ी और कोलकाता-पटना की 1 जोड़ी फ्लाइट लेट रही। विमानों के लेट हाेने से टर्मिनल भवन में यात्रियों की भारी भीड़ थी। ठंड से हो रही परेशानी पर क्या कहते हैं पटना के लोग? ठंड बढ़ने से किस तरह की परेशानी हो रही है। इस संबंध में हमने पटना के लोगों से बात की। कपिल शाह ने कहा, 'मुझे दिमाग की बीमारी है। दवा खाता हूं। ठंड के चलते बहुत परहेज रख रहा हूं। सुबह खाना खाकर वापस बिस्तर में चला जाता हूं। शाम को अलाव जलाकर खुद को गर्म रखने की कोशिश करता हूं।' हमें अलाव के पास बैठी पूजा यादव मिलीं। गोद में अपने बच्चे के लिए हुईं थी। उन्होंने कहा, 'इतना अधिक ठंड है कि पूरा दिन रूम में बंद होकर रहती हूं। छोटा बच्चा है। इसे बहुत अधिक कपड़े पहनाकर रखती हूं।' आग के सामने बैठीं सविता देवी ने कहा, 'बहुत ठंड है। घर से निकलने का मन नहीं करता है। बहुत परेशानी है। किसी तरह घर के काम करती हूं।' लोगों को सर्दी से राहत दिलाने के लिए सरकार क्या कर रही? भास्कर ने राज्य आपातकालीन संचालन केन्द्र के प्रभारी डॉ. उमेश सिंह से बात की। उन्होंने कहा, ‘पंचायत स्तर पर अलाव जलाए जा रहे हैं। 3 जनवरी 2026 तक राज्य में 5733 जगहों पर अलाव जलाए गए। 1250130 किलो लकड़ियां जलाई गईं। 85 (अधिक पटना में 26) रैन बसेरा बनाए गए हैं। यहां 16038 लोग आए हैं। सरकार ने 33941 कंबल बांटे हैं। फसलों में बीमारी, पशुओं में दूध की कमी, उपाय जानिए अधिक ठंड और पाला पड़ने के चलते गाजर, मटर, टमाटर, धनिया, लहसुन सहित अन्य रबी फसलों में झुलसा रोग तेजी से फैल सकता है। इस रोग में पौधे की पत्तियां पीली होकर सूख जाती हैं। यह पत्तियों के किनारे से शुरू होकर पूरे पौधे में फैलता है। सबौर कृषि विश्वविद्यालय की सलाह के अनुसार इससे बचाव के लिए डाइथेन-ऐम- 45 फफूंदनाशक दवा 2.5 ग्राम प्रति लीटर पानी की दर से घोल बनाकर 10 दिन के अंतराल पर 2-3 छिड़काव करें। ठंड बढ़ने से दुधारू पशुओं के दूध कम जाते हैं। ऐसे में हरे और सूखे चारे के मिश्रण के साथ नियमित रूप से 50 ग्राम नमक, 50-100 ग्राम खनिज मिश्रण को प्रति पशु दें। पशुओं के लिए बिछावन में सूखी घास का उपयोग करें।
परीक्षा व्यवस्था पर सवाल:झारखंड में ब्लैकलिस्टेड कंपनी को बिहार में ऑनलाइन एग्जाम कराने का ठेका
झारखंड में 2025 को हुई परीक्षा में धांधली की शिकायत पर लगाया गया था बैनबिहार विद्यालय परीक्षा समिति के कुम्हरार स्थित बापू परीक्षा केंद्र में ऑनलाइन परीक्षाएं शुरू हो गई हैं। ऑनलाइन परीक्षा कराने का ठेका इन्नोवेटिवव्यू इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया है। कंपनी को बापू परीक्षा केंद्र में 3000 सीटों पर ऑनलाइन परीक्षा कराने का ठेका मिला है। यही कंपनी झारखंड सरकार द्वारा दो साल के लिए ब्लैकलिस्टेड की गई है। अगस्त 2025 में झारखंड सेवा आयोग की ओर से जारी पत्र में कहा गया था कि मई 2025 में दंत चिकित्सा पदाधिकारी नियुक्ति परीक्षा में परीक्षा केंद्रों पर लापरवाही हुई। इस पर आयोग ने कंपनी से स्पष्टीकरण मांगा था। कंपनी का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद आयोग ने कंपनी को दो साल के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया। बापू परीक्षा केंद्र में कई परीक्षाएं करा चुकी है इन्नोवेटिवव्यूदिसंबर 2024 में कंपनी को ठेका मिला था। इसके बाद बापू परीक्षा केंद्र में कई परीक्षाएं कराई गईं। इनमें एलआईसी, बीआरएलपीएस जीविका, आरआरबी एनटीपीसी ग्रेजुएट और अंडर ग्रेजुएट, एसटीईटी और सक्षमता परीक्षा चतुर्थ शामिल हैं। 24 सितंबर 2025 से अब तक ये परीक्षाएं हुई हैं। जानकारों के अनुसार एसएससी की परीक्षाएं भी अब बापू परीक्षा केंद्र में हो सकती हैं। विवाद: निजी ऑनलाइन परीक्षा केंद्र नाराजचार महीने से देशभर में एसएससी की ऑनलाइन परीक्षाएं चल रही हैं। बिहार में ये परीक्षाएं निजी ऑनलाइन केंद्रों पर हो रही थीं। रविवार को बिहार ऑनलाइन एग्जामिनेशन एसोसिएशन ने नाराजगी जताई। एसएससी की अधिकृत कंपनी ने बिहार में 30 कंपनियों का चयन किया था। चार महीने तक 30 केंद्रों पर परीक्षाएं आयोजित हुईंएसएससी के नियमों के अनुसार इन केंद्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर बदला गया। 4 महीने तक 30 केंद्रों पर परीक्षाएं हुईं। अब कंपनी मार्च तक की परीक्षाएं बापू परीक्षा केंद्र में कराना चाहती है। निजी केंद्रों को प्रति कंप्यूटर तीन शिफ्ट के लिए 115 रुपए मिलते हैं। जबकि बापू परीक्षा केंद्र में 300 रुपए दिए जाएंगे। क्या कहते हैं जिम्मेवारबिहार बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने कहा कि बापू परीक्षा भवन में ऑनलाइन परीक्षा के लिए टेंडर निकाला गया था। इसी प्रक्रिया के तहत इन्नोवेटिवव्यू को छह साल का ठेका मिला। उन्होंने कहा कि कंपनी के ब्लैकलिस्टेड होने की कोई जानकारी नहीं है। आगे ऑनलाइन केंद्र का विस्तार किया जा रहा है। उसमें इन्नोवेटिवव्यू को अलग रखा जाएगा। ताकि दूसरी कंपनियों को भी मौका मिल सके।
रैयत शुक्रवार तक मुआवजा के लिए आवेदन दे सकेंगेपटना शहर को उत्तर बिहार से जोड़ने वाले नए जेपी सेतु की अप्रोच सड़क बनाने के लिए 22 एकड़ जमीन का अधिग्रहण होगा। इसकी लंबाई 2.50 किमी है। इस जमीन के अलाइनमेंट में सरकारी के साथ-साथ आम रैयतों की भी जमीन है। सारण जिला प्रशासन ने कैंप लगाकर रैयतों को मुआवजा देने के लिए शुक्रवार तक आवेदन मांगा है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, कैंप में आवेदन देने वाले रैयतों के दस्तावेजों की जांच कर तत्काल मुआवजे का भुगतान किया जाएगा, ताकि अप्रोच सड़क का निर्माण तेजी से हो सके। बारिश से पहले अप्रोच सड़क का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य है। नए जेपी सेतु की कुल लंबाई 10 किमी है। इसमें सारण की ओर 2.50 किमी की अप्रोच सड़क है। यह जमीन रैयती और सरकारी है। वहीं, पटना की ओर 3 किमी की अप्रोच सड़क होगी। यह पूरी तरह सरकारी जमीन है। वहीं पुल की लंबाई 4586 मीटर है। यह सिक्स लेन का है। इसके लिए कुल 39 पाये बनने हैं। इसमें से 31 पाये बन चुके हैं। अब तक 10 प्रतिशत काम पूरा हुआ है। इसके निर्माण पर 3000 करोड़ रुपए खर्च हाेंगे। इसको नवंबर 2027 में चालू करने का लक्ष्य है। 16 लेन का पुल 2027 तक मिल सकेगापटना शहर काे उत्तर बिहार से जोड़ने के लिए 16 लेन पुल का निर्माण साल 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसमें 8 लेन जेपी सेतु और 8 लेन महात्मा गांधी सेतु होगा। इसके बाद उत्तर बिहार से पटना आने-जाने वाले लोग जाम मुक्त सफर कर सकेंगे। वर्तमान समय में चार लेन महात्मा गांधी सेतु और दो लेन जेपी सेतु है। पीक ऑवर में गाड़ियों का दबाव बढ़ने पर जाम की समस्या उत्पन्न होती है। खासकर, त्योहार के दौरान जाम से ज्यादा परेशानी होती है। नया महात्मा गांधी सेतु की स्थिति
ललित सुरजन की कलम से - बिहार के बाद क्या?
पहले तो लोग इस बात पर माथापच्ची करते रहे कि बिहार में विधानसभा चुनावों के नतीजे क्या होंगे। जिस दिन मतदान का आखिरी चरण सम्पन्न हुआ उस दिन तमाम विशेषज्ञ एक्जिट पोलों की चीर-फाड़ में लग गए
अगर बिहार नहीं जीतते तो क्या दूसरे राज्यों में एसआईआर होता?
एसआईआर ( मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण) से अगर बिहार में सफलता नहीं मिलती तो क्या उसे दूसरे राज्यों में लागू किया जाता
ललित सुरजन की कलम से - बिहार चुनाव : कुछ अन्य बातें
'बिहार में महागठबंधन की अभूतपूर्व जीत के बारे में टीकाकारों के अपने-अपने विश्लेषण हैं
आसान नहीं बिहार का मैदान भाजपा के लिए
बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के लिए प्रचार खत्म हो गया है और गुरुवार, 6 नवंबर को 121 सीटों पर मतदान होगा
क्या बिहार से लेफ्ट एकता की राह पकड़ेगा?
बिहार के विधानसभा चुनाव के बहुत सारे पहलू हैं। और इनमें से ज्यादातर पर लिखा जा रहा है
2015 की तरह इस बार भी बिहार में आरक्षण सबसे बड़ा मुद्दा
बिहार चुनाव की घोषणा होने वाली है। वहां यह मुद्दा सबसे बड़ा बनने जा रहा है। सोशल मीडिया पर इसकी शुरुआत हो गई है
पीएम उषा अभियान के तहत बिहार को 600 करोड़ रुपए देगी मोदी सरकार, नीतीश कैबिनेट ने खोला बंद रास्ता
बिहार में पीएम उषा अभियान को लागू करने के प्रस्ताव को नीतीश कुमार सरकार की मंजूरी के बाद राज्य में उच्च शिक्षा के विकास के लिए केंद्र से अगले दो साल में 600 करोड़ रुपए मिलने का रास्ता खुल गया है।
बिहार के प्रिंस कुमार सिंह ने यूपीएससी आईएफएस परीक्षा में 15वीं रैंक प्राप्त की है। इसके अलावा उन्होंने और भी कई बड़े एग्जाम को पास किया हुआ है। जानिए जानते प्रिंस कुमार की कहानी जिन्होंने अपने आर्थिक
बॉलीवुड के मशहूर स्टार कपल सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल 7 वर्ष की डेटिंग के बाद अब पति-पत्नी बन चुके हैं। दोनों की शादी इस वक़्त टॉक ऑफ द टाउन है। सोनाक्षी और जहीर अलग धर्म से हैं। ऐसे में ना उन्होंने निकाह किया तथा ना ही फेरे लिए, बल्कि सादगी से रजिस्टर मैरिज की एवं फिर रिसेप्शन पार्टी रखी। अलग धर्म में शादी करने पर सोनाक्षी एवं जहीर को जमकर ट्रोल किया जा रहा है। ट्रोलिंग के कारण दोनों को अपने वेडिंग पोस्ट का कमेंट सेक्शन तक बंद करना पड़ा। मगर बात तब हद से ज्यादा तब बढ़ गई, जब इंटरफेथ मैरिज करने पर सोनाक्षी एवं जहीर के खिलाफ बिहार के गांव में प्रोटेस्ट मार्च निकाले गए। रिपोर्ट के अनुसार, सोनाक्षी के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन 'हिंदू शिव भवानी सेना' नाम की एक संगठन द्वारा आयोजित किया गया था। जहीर संग शादी पर बेटी सोनाक्षी की हो रही ट्रोलिंग पर अब शत्रुघ्न सिन्हा ने चुप्पी तोड़ी है तथा हेटर्स को जवाब दिया है। अपने एक इंटरव्यू के चलते शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा- आनंद बक्शी साहब ने इस तरह के प्रोफेशनल प्रोटेस्टर्स के बारे में लिखा है- कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना। इसमें आगे जोड़ना चाहूंगा कि कहने वाले अगर बेकार, बेकाम-काज के हों तो बोलना ही उनका काम बन जाता है। मेरी बेटी ने कुछ भी ऐसा नहीं किया जो गैरकानूनी एवं संविधान के खिलाफ है। सोनाक्षी-जहीर की शादी पर शत्रुघ्न सिन्हा ने आगे कहा- शादी दो लोगों के बीच का एक बहुत ही व्यक्तिगत फैसला है। इसमें किसी को भी बीच में दखल देने या कमेंट करने का हक नहीं होता। विरोध प्रदर्शन करने वालों को मैं यही बोलना चाहता हूं- अपनी जिंदगी पर ध्यान दो। जिंदगी में कुछ अच्छा करो। इससे ज्यादा और कुछ नहीं कहना। बता दें कि शत्रुघ्न सिन्हा ने खुशी-खुशी अपनी इकलौती बेटी की शादी की है। उन्होंने दामाद जहीर को भी अपना आशीर्वाद दिया है। रिलीज हुआ श्रद्धा कपूर-राजकुमार राव की स्त्री 2 का टीजर, इस अवतार में नजर आए स्टार्स किशोर कुमार के गानों पर बैन, मनोज कुमार-देव आनंद की फिल्मों पर रोक..! बॉलीवुड पर भी पड़ा था 'इमरजेंसी' का बुरा असर सामने आई कंगना रनौत की इमरजेंसी की रिलीज डेट, जानिए किस दिन आ रही है इंदिरा गांधी की बायोपिक?
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बॉलीवुड अभिनेत्री नेहा शर्मा की हाल ही में बिहार में एक रोड शो में भागीदारी ने इंटरनेट पर तूफान ला दिया है। क्रुक और तुम बिन 2 जैसी फिल्मों में अपनी भूमिकाओं के लिए मशहूर सुश्री शर्मा को अपने पिता अजीत शर्मा का समर्थन करते देखा गया, जो कांग्रेस के टिकट पर भागलपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। यह रोड शो उन अफवाहों के बीच हुआ कि अभिनेता राजनीति में प्रवेश कर सकते हैं। हालाँकि, अब यह स्पष्ट हो गया है कि वह सिर्फ अपने पिता के लिए प्रचार कर रही थीं। नेहा शर्मा ने इंस्टाग्राम पर बांका, किशनगंज, कटिहार और पूर्णिया सहित बिहार के विभिन्न जिलों की अपनी यात्रा दिखाते हुए एक वीडियो साझा किया। वह पारंपरिक सलवार कमीज पहने हुए थीं और जनता का अभिवादन करती और उन्हें वोट डालने के लिए प्रोत्साहित करती नजर आईं। इसे भी पढ़ें: AR Rahman ने नए एल्बम के रिलीज पर Taylor Swift को बधाई दी, नेटिजन ने कहा 'महान कला, महान कला को पहचानती है' View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial) इसे भी पढ़ें: Tamannaah Bhatia Summoned by cyber cell | 'अवैध' IPL Streaming ऐप मामले में तमन्ना भाटिया को साइबर सेल ने तलब किया रोड शो के दौरान पीरपैंती और कहलगांव में भारी भीड़ ने अभिनेता का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने कैप्शन में लिखा “वे कहते हैं कि जब कोई आपको अपने दिल में जगह देता है, तो आप हमेशा के लिए वहीं रहते हैं। आपने मुझे जो प्यार और समर्थन दिया है, उससे मेरा दिल भर गया है। पीरपैंती और कहलगांव में गर्मजोशी से स्वागत के लिए धन्यवाद। आपका प्यार सारी आँखों पर। सदा आभारी। ऑनलाइन प्रसारित हो रहे एक अन्य वीडियो में अभिनेत्री को भागलपुर में अपने पिता के चुनाव अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेते हुए दिखाया गया है। भागलपुर लोकसभा सीट पर दूसरे चरण में 26 अप्रैल को चुनाव होना है। इस सीट पर कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करने वाले अजीत शर्मा का मुकाबला जेडीयू के अजय कुमार मंडल से है। पहले ऐसी अफवाह थी कि सुश्री शर्मा राजनीति में प्रवेश कर सकती हैं। हालाँकि, कई रिपोर्टों ने स्पष्ट किया है कि वह अभी चुनावी शुरुआत नहीं कर रही हैं। रिपोर्टों के अनुसार, उनके पिता अजीत शर्मा ने उन्हें राजनीति में शामिल होने का अवसर दिया, शर्मा वर्तमान में अपने अभिनय करियर पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। Bihar, Bhagalpur: Bollywood actress Neha Sharma campaigns for Congress leader and father Ajeet Sharma in the Lok Sabha elections, participates in a roadshow. pic.twitter.com/yEhb4XoQQL — IANS (@ians_india) April 23, 2024 View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial) View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial)
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14 अप्रैल को, सुबह 4.50 बजे सलमान के बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर, अज्ञात हमलावरों ने पांच राउंड फायरिंग की थी. पुलिस ने सलमान के घर पर फायरिंग करने के मामले में विक्की गुप्ता (24 साल) और सागर पाल (21 साल) नाम के दो लड़कों को गिरफ्तार किया था. अब इससे जुड़ा एक बड़ा अपडेट सामने आया है.
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Bihar Board: जानें-10वीं की मार्कशीट में लिखी U/R,B और C जैसी शॉर्ट फॉर्म का क्या मतलब है?
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BSEB: क्लास 10वीं के रिजल्ट से पहले जानें ये 10 जरूरी बातें, मार्कशीट मिलने में मिलेगी मदद
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड अब कभी भी वेबसाइट biharboardonline.gov.in पर कक्षा 10वीं के रिजल्ट अपलोड कर सकता है। एक बार रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र यहां से डाउनलोड कर सकते हैं।
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (बीएसईबी) मैट्रिक यानी कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट अब कभी भी biharboardonline.bihar.gov.in पर जारी हो सकता है, जो छात्र परीक्षा में शामिल हुए हैं, वे जान लें, रिजल्
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने इंटर में एडमिशन को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। इस बाबत समिति ने सभी सरकारी, गैर सरकारी विद्यालय, इंटर कॉलेजों की सूची ofssbihar.in पर अपलोड कर दी है।
बीएसईबी मैट्रिक रिजल्ट की घोषणा जल्द की जाएगी। हालांकि अभी तक रिजल्ट की टाइमिंग और तारीख के बारे में कोई जानकारी शेयर नहीं की गई है, लेकिन उम्मीद है नतीजे 31 मार्च तक आधिकारिक वेबसाइट biharboardonlin
BSEB Bihar 10th Board: प्रेस कॉन्फ्रेंस में शेयर की जाएंगी ये 5 डिटेल्स, यहां पढ़ें
छात्र आधिकारिक वेबसाइट्स से बीएसईबी 10वीं स्कोरकार्ड 2024 डाउनलोड कर सकेंगे। रिजल्ट वाले दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। जिसमें बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं की परीक्षा से जुड़ी कई डिटेल्स शेयर की जाएगी। आइए ज
Bihar 12th Board: किसान की बेटी बनीं कॉमर्स की टॉपर, अब बनना चाहती हैं प्रोफेसर, करेंगी PhD
बिहार बोर्ड 12वीं की कॉमर्स स्ट्रीम में खुशी कुमारी को जिले में सेकंड रैंक मिली है। उनके पिता किसान हैं। उन्होंने कहा, मेरे पिता ने हमेशा शिक्षा को महत्व दिया है, इसलिए भविष्य में मैं शिक्षा के क्षेत
बिहार बोर्ड ने 12वीं यानी इंटर परीक्षा का रिजल्ट अब जारी कर दिया है। टॉपर्स के नाम भी सामने आ गए हैं। आइए जानते हैं साइंस, कॉमर्स, आर्ट्स स्ट्रीम के टॉपर्स ने किन स्कूलों से पढ़ाई की है। यहां देखें न
BSEB : बारहवीं कक्षा के छात्रों को इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी के लिए फ्री में कोचिंग देती है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) गरीब विद्यार्थियों को JEE और NEET की मुफ्त कोचिंग कराती है।
BSEB Bihar Board: बिहार बोर्ड इंटर छात्र जानें टॉप 10 इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज
NIRF यानी राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क। इस रैंकिंग को शिक्षा मंत्रालय जारी करता है। एनआईआरएफ रैंकिंग में देश के टॉप इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज और यूनिवर्सिटी की रैंकिंग जारी की जाती है।
बीएसईबी 12वीं के परिणाम के साथ टॉपर्स की लिस्ट भी शेयर करेगा। जो छात्र परीक्षा में शामिल हुए हैं, वे जान लें, पिछले 7 सालों में आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस स्ट्रीम में किसने किया था टॉप। यहां पढ़ें पूरी
Bihar 12th Board 2024: रिजल्ट जारी होने की तारीख और समय के बारे में यहां मिलेगी जानकारी
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (बीएसईबी) जल्द ही इंटरमीडिएट या कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा 2024 के परिणाम घोषित करेगा। वहीं बोर्ड परिणाम के समय की घोषणा पहले कर दी जाएगी। आइए जानते हैं, आप कहां कर सकें

