बक्सर जिले के नया भोजपुर गांव के फुटबॉल खिलाड़ी मोहम्मद नसीम का सोमवार को डुमरांव रेलवे स्टेशन पर जोरदार स्वागत किया गया। वे छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में आयोजित स्वामी विवेकानंद अंडर-20 राष्ट्रीय पुरुष फुटबॉल चैंपियनशिप से लौटे थे। बिहार टीम के कप्तान के रूप में उन्होंने शानदार प्रदर्शन कर बक्सर जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में खेल प्रेमी, युवा और स्थानीय लोग मौजूद थे। नसीम का फूल-मालाओं, ढोल-नगाड़ों और नारों के साथ अभिनंदन किया गया। स्वागत कार्यक्रम का नेतृत्व बक्सर राजद युवा महासचिव सोनू खान और पूर्व राष्ट्रीय फुटबॉल खिलाड़ी इस्लाम अंसारी ने किया। नसीम के कोच चांद खान भी इस दौरान उपस्थित थे। दो मुकाबले ड्रॉ रहे और एक में जीत दर्ज कीछत्तीसगढ़ में हुई इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में बिहार टीम ने कुल चार मुकाबले खेले। टीम को एक मैच में हार मिली, दो मुकाबले ड्रॉ रहे और एक में जीत दर्ज की। कप्तान के तौर पर नसीम ने पूरे टूर्नामेंट में अपने खेल कौशल, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन किया। यह लगातार दूसरी बार है जब नसीम का चयन इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए हुआ है। इससे पहले भी उनका चयन इसी चैंपियनशिप के लिए हो चुका है, जो उनकी प्रतिभा और कड़ी मेहनत का प्रमाण है। पूरे बिहार के लिए गौरव का क्षण होगाखेल विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि नसीम इसी तरह लगातार बेहतर प्रदर्शन करते रहे, तो उन्हें भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिल सकता है। यह उनके परिवार, बक्सर जिले और पूरे बिहार के लिए गौरव का क्षण होगा। मोहम्मद नसीम नया भोजपुर के वार्ड संख्या-5 निवासी हैं और एक साधारण किसान परिवार से आते हैं। उनके पिता मोहम्मद कलाम खान खेती-बाड़ी करते हैं, जबकि माता फमीदा खातून गृहिणी हैं। बेहद अनुशासित और मेहनती खिलाड़ी रहे सीमित संसाधनों और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद परिवार ने नसीम की प्रतिभा को पहचाना और हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया। कठिन परिस्थितियों के बीच भी नसीम ने अपने सपनों को टूटने नहीं दिया और लगातार मेहनत करते हुए राष्ट्रीय स्तर तक का सफर तय किया। चार भाइयों में सबसे छोटे नसीम को उनके बड़े भाई नदीम, जसीम और वसीम का भी भरपूर सहयोग मिला। शिक्षा के क्षेत्र में भी वे पीछे नहीं हैं। हाल ही में उन्होंने मैट्रिक परीक्षा उत्तीर्ण की है और पढ़ाई के साथ-साथ खेल में भी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। फुटबॉल की शुरुआती ट्रेनिंग उन्होंने डुमरांव स्थित डीके कॉलेज मैदान में ली। यही मैदान उनका होम ग्राउंड रहा, जहां उन्होंने खेल की बारीकियां सीखीं और अपने हुनर को निखारा। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहींउनके कोच चांद खान ने बताया कि नसीम शुरू से ही बेहद अनुशासित और मेहनती खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी कभी अभ्यास नहीं छोड़ा और हमेशा सीखने की कोशिश की। स्थानीय लोगों ने कहा कि नसीम जैसे खिलाड़ी जिले के युवाओं के लिए प्रेरणा हैं। उनकी उपलब्धि यह साबित करती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, जरूरत सिर्फ उन्हें सही मंच और सहयोग देने की है।
चतरा पुलिस ने अफीम तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने बिहार सीमा पर एक तस्कर को गिरफ्तार कर उसके पास से करीब 17 लाख रुपए मूल्य की अवैध अफीम जब्त की है। यह अफीम झारखंड से बिहार के रास्ते दिल्ली भेजी जा रही थी। चतरा एसपी अनिमेश नैथानी ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के अनुसार, चतरा-जोरी मार्ग से एक संदिग्ध व्यक्ति सवारी टेम्पू में भारी मात्रा में अफीम लेकर बिहार के गया जिले की ओर जा रहा था। गोसाईडीह के पास सघन वाहन चेकिंग अभियान शुरू किया एसपी के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी चतरा के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए झारखंड-बिहार सीमा पर स्थित गोसाईडीह के पास सघन वाहन चेकिंग अभियान शुरू किया। चेकिंग के दौरान, चतरा की ओर से आ रहे एक सवारी टेम्पू को रुकने का इशारा किया गया। टेम्पू रुकते ही उसमें बैठा एक युवक काले रंग का बैग लेकर कूद गया और भागने लगा। पुलिसकर्मियों ने पीछा कर उसे चारों ओर से घेरकर पकड़ लिया। 2 किलो 900 ग्राम अवैध अफीम बरामद पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान चतरा सदर थाना क्षेत्र के सिक्किद गांव निवासी अनिल कुमार यादव (लगभग 28 वर्ष, पिता- स्व० भोला यादव) के रूप में हुई है। पुलिस ने अनिल यादव के काले पिट्ठू बैग की विधिवत तलाशी ली, तो उसके अंदर से 2 किलो 900 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाली अवैध अफीम बरामद हुई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस अफीम की कीमत करीब 17 लाख रुपए आंकी जा रही है। अफीम के साथ ही पुलिस ने उसके पास से तस्करी में इस्तेमाल होने वाले 2 मोबाइल फोन और 1200 रुपए नगद भी जब्त किए हैं। इस संबंध में हंटरगंज थाना में एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न सुसंगत धाराओं के तहत कांड संख्या-77/2026 दर्ज कर आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
मुजफ्फरपुर के 23 जिलों में आज से 'सहयोग शिविर' की शुरुआत हुई है। बिहार सरकार के भूमि एवं राजस्व मंत्री सह जिला प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल ने इसे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में सरकार का ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम बताया है। बाबा गरीब स्थान मंदिर में दर्शन एवं पूजा-अर्चना करने के बाद मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि अब आम जनता को अपने काम के लिए प्रखंड, अनुमंडल और जिला कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा, बल्कि सरकार खुद पंचायत स्तर तक पहुंचकर लोगों की समस्याओं का समाधान करेगी। 'सहयोग शिविर' मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सराहनीय सोच का परिणाम है, जिसके तहत पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर लोगों की समस्याओं का ऑन द स्पॉट समाधान किया जाएगा। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि एक-एक पदाधिकारी को जिम्मेदार बनाया गया है और उन्हें अपने दायित्वों का निर्वहन करना होगा। सरकार ने सख्त निर्देश दिया है कि 30 दिनों के भीतर शिकायतों का निष्पादन हर हाल में किया जाए, अन्यथा संबंधित पदाधिकारी खुद को निलंबित मानें। यह कार्यक्रम प्रशासन और आम जनता के बीच विश्वास मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा। आज 23 पंचायत में शुरू हुआ सहयोग शिविर जिले में आज 19 मई को पहले चरण में 23 पंचायतों में 'सहयोग शिविर' का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों के सफल संचालन को लेकर जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारी की है। जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने समाहरणालय सभागार में समीक्षा बैठक कर सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया है कि शिविर से पूर्व प्राप्त सभी आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित किया जाए और शिविर स्थल पर ही आवेदकों को सेवा अथवा निष्पादन की जानकारी उपलब्ध कराई जाए। 8008 आवेदन, एक भी मामला लंबित नहीं रखने का निर्देश जिले की 373 पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से सहयोग शिविर आयोजित किए जाएंगे। पहले चरण में जिले की 23 पंचायतों में शिविर लगाए जा रहे हैं, जिसके लिए अब तक 8008 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संबंधित पंचायतों का कोई भी आवेदन लंबित नहीं रहना चाहिए। इन पंचायत में आज लगाए जा रहे शिविर आज आयोजित हो रहे शिविरों में बंदरा प्रखंड का बंदरा पंचायत, गायघाट का बरूआरी, कुढ़नी के सुमेरा एवं खरौनाडीह, मीनापुर का धरमपुर, मोतीपुर के महमदपुर महमदा एवं बांस घाट, मुरौल का मीरापुर, मुसहरी के जमालाबाद एवं झपहा, कांटी का वीरपुर, पारु का चांद केवारी, साहेबगंज का अहियापुर, सरैया के मधौल एवं दातापुर पंचभरिया, बोचहा का शर्मा, औराई के अतरार एवं मथुरापुर बुजुर्ग, मरवन का बड़का गांव उत्तरी, कटरा का हथौरी तथा सकरा के बाजी बुजुर्ग एवं सरमस्तपुर पंचायत शामिल हैं। तीन जगह पर शिविर का निरीक्षण करेंगे दिलीप जायसवाल मंत्री दिलीप जायसवाल भी मैदान में उतरेंगे। वह मुसहरी प्रखंड के जमालाबाद पंचायत सरकार भवन, मीनापुर प्रखंड के धर्मपुर पंचायत सरकार भवन तथा कुढ़नी प्रखंड के खरौनाडीह पंचायत भवन में आयोजित शिविरों का निरीक्षण कर व्यवस्था एवं शिकायत निवारण की स्थिति का जायजा लेंगे। वहीं जल संसाधन विभाग के सचिव सह जिला प्रभारी सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह सकरा के बाजी बुजुर्ग, मुरौल के मीरापुर तथा कुढ़नी के सुमैरा पंचायत में आयोजित शिविरों का निरीक्षण करेंगे। जिलाधिकारी ने कहा कि ‘सहयोग शिविर’ केवल शिकायत निवारण कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच संवाद और भरोसे को मजबूत करने की पहल है। शिविर संचालन के लिए 48 विभागों के 73 अधिकारियों का यूजर आईडी बनाया गया है और सभी अधिकारियों को पोर्टल पर लॉगिन कर शिकायतों के निष्पादन की स्थिति अपलोड करने का निर्देश दिया गया है। हेल्पलाइन नंबर 1100 और पोर्टल भी सक्रिय आम नागरिकों की सुविधा के लिए ‘सहयोग हेल्पलाइन नंबर 1100’ और सहयोग पोर्टल sahyog.bihar.gov.in भी सक्रिय कर दिया गया है, जहां लोग अपनी शिकायतें, समस्याएं और सुझाव ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं। प्रशासन ने सभी शिकायतों के 30 दिनों के भीतर निष्पादन का सख्त निर्देश दिया है।
गयाजी में रविवार को बराचट्टी विधायक और जीतन राम मांझी की समधन ज्योति मांझी के काफिले पर हमला हुआ था। विधायक की शिकायत में कुछ यादवों का भी नाम आया है। मामले को लेकर सोमवार को हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के फेसबुक पेज पर ज्योति मांझी के दामाद संतोष सुमन ने पोस्ट कर कहा है, ‘तेजस्वी जी अपने समर्थकों को मर्यादा में रखिए। बिहार में किसी खास जाति की दबंगई का दौर खत्म हो चुका है। अब हर समाज बराबरी, सम्मान और अधिकार के साथ जीना चाहता है। बिहार अब बदल चुका है। दलित समाज अब डरने वाला नहीं, बल्कि अपने सम्मान की रक्षा करना जानता है। अगर जीतन राम मांझी के किसी सिपाही को डराने-धमकाने की कोशिश हुई तो लोकतांत्रिक तरीके से उसी भाषा में जवाब दिया जाएगा।' गंभीरा गांव जाते वक्त गांव के युवकों ने किया था हमला दरअसल, गयाजी के मोहनुपुर प्रखंड में रविवार को विधायक ज्योति मांझी गंभीरा गांव में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बाराचट्टी से गंभीरा जा रही थीं। गंभीरा मुख्य मार्ग कच्ची और सिंगल रोड है। विधायक की गाड़ी के सामने सवारियों से भरी बोलेरो खड़ी हो गई। दोनों गाड़ियों के चालक ने एक दूसरे को किनारे होने को कहा, पर दोनों अपनी जगह पर अड़े रहे। बोलेरो सवार युवकों ने आपा खो दिया और विधायक के सुरक्षा गार्ड और बेटे रूपम से हाथापाई करने लगे। विधायक को गालियां देने लगे। विधायक को गाड़ी से उतारने की भी कोशिश की थी। इस बीच गंभीरा के लोग मौके पर पहुंचे। किसी तरह से मामला शांत कर मौके से विधायक को सुरक्षित निकाला था। इस मामले में विधायक ने लाडू गांव के युवकों के खिलाफ जनालेवा हमला ओर जाति सूचक गालियां देने का आरोप लगाते हुए मोहनपुर थाने में केस दर्ज कराया है। घटना वाले दिन की तस्वीर…
पिस्का रेलवे स्टेशन नई दिल्ली के आनंद बिहार रेलवे स्टेशन की तरह होगा। रेलवे की महत्वाकांक्षी अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत इस स्टेशन का तेजी से आधुनिकीकरण और विस्तार किया जा रहा है। रक्षा राज्यमंत्री सह रांची सांसद संजय सेठ के मुताबिक पिस्का स्टेशन आनेवाले समय में रांची रेलमंडल में रांची व हटिया के बाद तीसरा सबसे बड़ा स्टेशन होगा। यहां पैसेंजर का आना-जाना पांच गुना बढ़ेगा। अभी प्रतिदिन करीब 1400 पैसेंजर का आनाजाना है, जो बढ़कर लगभग सात हजार हो जाएगा। रांची रेल मंडल के डीआरएम ने कहा कि इस स्टेशन में तीन लाइनें और बनेंगी। इसकी स्वीकृति मिल गई है। तीन लाइन बनने से ट्रेनों की होल्डिंग बढ़ेगी। सर्कुलेटिंग एरिया भी बढ़ाया जाएगा। इससे दिल्ली, दक्षिण भारत और ओडिशा की ओर यात्रा आसान होगी। स्टेशन के विस्तार के लिए जमीन अधिग्रहण का काम जारी है। पिस्का से लोधमा तक लगभग 17 किलोमीटर लंबी नई रेलवे लाइन का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। इस परियोजना को वर्ष 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित है। पिस्का-लोधमा रेल लाइन : कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव तेजी से निर्माणाधीन पिस्का से लोधमा तक नई रेलवे लाइन रांची क्षेत्र की रेल व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाने वाली परियोजना है। इसके पूरा होने के बाद ओड़िशा की ओर से आने वाली ट्रेनें बिना रांची जंक्शन और हटिया रेलवे स्टेशन पहुंचे सीधे दिल्ली और दक्षिण भारत की ओर जा सकेंगी। इससे रांची शहर पर ट्रेनों का दबाव कम होगा। राउरकेला से आने वाली मालगाड़ियों भी इस नए रूट से बिना रुकावट संचालित हो सकेंगी। अभी जिन ट्रेनों को रांची होकर टोरी की ओर जाना पड़ता है और इंजन बदलना पड़ता है, वे अब बिना इंजन बदले सीधे इस लाइन से गुजर सकेंगी, जिससे समय और लागत दोनों की बचत होगी। यहां राजधानी एक्सप्रेस, सासाराम, चोपन और साप्ताहिक अजमेर जैसी प्रमुख ट्रेनों के ठहराव की संभावना जताई जा रही है। प्रमुख रेलवे हब के रूप में उभरेगा यह स्टेशन : डीआरएम डीआरएम करुणानिधि सिंह ने कहा कि नई लाइनों व अत्याधुनिक सुविधाओं के जुड़ने के बाद पिस्का रेलवे स्टेशन रांची के प्रमुख रेलवे हब के रूप में उभरेगा। यह स्टेशन राजधानी क्षेत्र के बड़े स्टेशनों में शुमार होगा। नई रेल लाइनें बनने का ये फायदा उद्घाटन जून में संभव: अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत बन रहे स्टेशनों में सबसे ज्यादा 21 करोड़ रुपए पिस्का स्टेशन पर खर्च किया गया है। स्टेशन परिसर में आधुनिक यात्री सुविधाएं, बेहतर पार्किंग व्यवस्था, नया फुटओवर ब्रिज, आधुनिक प्रतीक्षालय जैसी सुविधाएं विकसित की जा चुकी हैं। उद्घाटन जून में होने की संभावना है। इन क्षेत्र के लोगों को होगा लाभ पिस्का मोड़, अरगोड़ा, कटहल मोड़, रातू, ब्रांबे, मांडर, इटकी, नगड़ी, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा। इसके अलावा रांची जंक्शन और हटिया रेलवे स्टेशन पर यात्रियों का दबाव कम होने से पूरे रांची शहर को अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
पटना हाईकोर्ट ने पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव की सुरक्षा बहाल कर दी है। कोर्ट ने बिहार सरकार के उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें उनकी सुरक्षा Y+ से घटाकर Y कर दी थी। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि पप्पू यादव को फिर से Y+ श्रेणी की सुरक्षा शीघ्र बहाल की जाए। दरअसल, पप्पू यादव ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा था कि उन्हें जान का खतरा है। उन्होंने बताया था कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग और अन्य अपराधी गिरोहों से धमकियां मिल रही है। इसलिए हमारी सुरक्षा बढ़ाई जाए। इसके बाद 9 अगस्त 2025 को बिहार सरकार ने उनकी सुरक्षा बढ़ाकर Y+ कर दी थी। लेकिन करीब डेढ़ महीने बाद 23 सितंबर 2025 को सरकार ने बिना स्पष्ट कारण बताए सुरक्षा घटाकर Y कर दी थी। कोर्ट ने सरकार के फैसले पर उठाए सवाल पप्पू यादव की याचिका पर सुनवाई के दौरान जस्टिस जितेंद्र कुमार ने सरकार के फैसले को गलत और मनमाना बताया है। कोर्ट ने कहा कि सुरक्षा घटाने से पहले पप्पू यादव का पक्ष नहीं सुना गया, जो कानून के खिलाफ है। इसके अलावा उन्हें इस फैसले की जानकारी भी नहीं दी गई। कोर्ट ने यह भी पाया कि किसी सुरक्षा एजेंसी की ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं थी, जिसमें यह कहा गया हो कि पप्पू यादव पर खतरा कम हो गया है। सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट पर मुहैया कराए सुरक्षा कोर्ट ने बिहार सरकार के गृह विभाग को आदेश दिया है कि पप्पू यादव को तुरंत Y+ सुरक्षा दें। साथ ही सरकार को यह भी कहा कि भविष्य में सुरक्षा से जुड़े किसी भी फैसले से पहले सभी तथ्यों और सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट को ध्यान में रखा जाए। सांसद का पक्ष भी सुना जाए।
Bihar Politics: बेटे को मंत्री नहीं बनाने पर फूटा बाहुबली का गुस्सा, पार्टी से दे दिए बगावत के संकेत
सीतामढ़ी के डुमरा स्थित एक होटल सभागार में महाराणा प्रताप प्रतिमा अनावरण समारोह का आयोजन किया गया था। इसी कार्यक्रम में पहुंचे आनंद मोहन ने अपने संबोधन के दौरान बेहद भावुक और आक्रामक अंदाज में कई मुद्दों पर बात की।
सोनीपत शहर के पुलिस लाइन क्षेत्र के पास सोमवार सुबह एक 23 वर्षीय युवती ने दूसरी मंजिल की छत से छलांग लगाकर सुसाइड कर लिया। छलांग लगाते ही आसपास के एरिया में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत परिजनों और पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम के साथ एफएसएल टीम भी मौके पर पहुंची और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए। पुलिस युवती की मौत मामले में हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। मृतका बिहार की रहने वाली थी और 3 दिन पहले ही अपने भाइयों के पास सोनीपत आई थी। शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल भेज दिया गया है। 3 दिन पहले बिहार से आई थी ममता मृतका की पहचान बिहार के किशनगंज निवासी ममता कुमारी के रूप में हुई है। पुलिस को दी जानकारी में उसके भाई रवि ने बताया कि ममता तीन दिन पहले ही बिहार से सोनीपत आई थी। वह यहां अपने भाइयों और भाभी के साथ कुछ दिन रहने के लिए आई हुई थी। ममता बिहार में 12वीं की पढ़ाई कर रही थी। सोनीपत में मजदूरी कर रहा भाई रवि ने बताया कि उनका बड़ा भाई लक्ष्मण पिछले करीब तीन वर्षों से सोनीपत में मजदूरी का काम कर रहा है। करीब दो महीने पहले उसकी शादी हुई है। शादी के बाद वह पत्नी को साथ लेकर दोबारा सोनीपत लौट आया था। लक्ष्मण, उसकी पत्नी, रवि और सभी पुलिस लाइन के पास एक किराए के मकान में रह रहे थे और ममता कुमारी भी 3 दिन पहले आई थी। सुबह अचानक छत पर गई, कुछ देर बाद नीचे कूदी रवि ने बताया कि सोमवार सुबह ममता अचानक मकान की छत पर चली गई। कुछ देर बाद लोगों ने उसके नीचे गिरने की सूचना दी। जब परिवार के सदस्य नीचे पहुंचे तो ममता गंभीर हालत में लहूलुहान पड़ी हुई थी। उसकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी। घटना के बाद आसपास के लोग भी मौके पर एकत्रित हो गए। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने युवती को नागरिक अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। एफएसएल टीम ने भी घटनास्थल की जांच कर साक्ष्य एकत्र किए। मकान मालिक बोले- मानसिक रूप से परेशान थी नांदल जूस दुकान संचालक ने बताया कि लक्ष्मण पिछले करीब तीन साल से उनके यहां किराए पर रह रहा था। उन्होंने कहा कि परिवार मूल रूप से बिहार का रहने वाला है और 20 साल से उनका परिवार गांव रोहट में भी रहता था। कुछ सालों से परिवार बिहार चला गया। उनके अनुसार लक्ष्मण ने बताया था कि ममता मानसिक रूप से परेशान चल रही थी और उसकी दवाई भी खत्म हो गई थी। आशंका जताई जा रही है कि इसी कारण उसने दूसरी मंजिल से छलांग लगा दी। पुलिस बोली- हर एंगल से जांच जारी पुलिस का कहना है कि फिलहाल मामला संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का है। युवती के दूसरी मंजिल से गिरने के पीछे की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस आत्महत्या, मानसिक तनाव और अन्य संभावित कारणों समेत सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।
वैश्विक मंच पर बिहार के पर्यावरण प्रेमियों और युवा वैज्ञानिकों ने एक बार फिर अपनी धाक जमाई है। दुनिया के सबसे बड़े नागरिक विज्ञान उत्सव 'सिटी नेचर चैलेंज 2026' के परिणाम घोषित हो गए हैं, जिसमें बिहार ने रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन किया है। इस वैश्विक प्रतियोगिता में बिहार से 1,665 अवलोकन दर्ज किए गए, जिनमें 543 से अधिक अनूठी प्रजातियों की पहचान की गई है। इस वर्ष के वैश्विक आयोजन में दुनिया के 61 देशों से 30 लाख से अधिक अवलोकन और 76,000 से अधिक प्रजातियों को रिकॉर्ड किया गया। इस महाकुंभ में भारत के कई राज्यों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिसमें बिहार की भागीदारी बेहद खास और उत्साहजनक रही। राजगीर रहा सबसे आगे, कैमूर और भागलपुर ने भी दिखाया दम बिहार में इस अभियान का नेतृत्व मुख्य रूप से राजगीर, गोरारी, भागलपुर और कैमूर जैसे क्षेत्रों ने किया। ऐतिहासिक और प्राकृतिक रूप से समृद्ध राजगीर ने राज्य में सबसे बेहतर प्रदर्शन करते हुए सर्वाधिक अवलोकन और प्रजातियों के रिकॉर्ड दर्ज कराए। वहीं कैमूर के जंगलों और भागलपुर के गांगेय क्षेत्रों से भी दुर्लभ वनस्पतियों और जीव-जंतुओं की तस्वीरें आईनेचुरलिस्ट (iNaturalist) ऐप पर साझा की गईं। तीन सालों में दिखा अभूतपूर्व उछाल वन्यजीव विशेषज्ञ राहुल कुमार ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में बिहार से जैव विविधता के दस्तावेजीकरण में अभूतपूर्व वृद्धि देखी गई है। यह डिजिटल डेटा न केवल शोधकर्ताओं के लिए मददगार साबित होगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की योजनाओं को बनाने में भी मील का पत्थर साबित होगा। विज्ञान और प्रकृति संरक्षण से जोड़ना मुख्य लक्ष्य यह एक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता है, जहां आम नागरिक अपने आस-पास पाए जाने वाले पौधों, कीड़े-मकोड़ों, पक्षियों और जानवरों की तस्वीरें खींचकर 'आईनेचुरलिस्ट' ऐप पर अपलोड करते हैं। इसका उद्देश्य आम जनता को विज्ञान और प्रकृति संरक्षण से जोड़ना है। युवाओं की भागीदारी से सुधरेगा भविष्य इस सफलता पर पर्यावरणविदों का कहना है कि बिहार के ग्रामीण और शहरी इलाकों से आए ये आंकड़े यह साबित करते हैं कि हमारे युवाओं में प्रकृति के प्रति जागरूकता तेजी से बढ़ रही है। सामुदायिक भागीदारी और युवाओं का यह प्रयास आने वाले समय में बिहार को पर्यावरण संरक्षण के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में खड़ा करेगा।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को हाईटैक 80 फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को हरी झंडी दिखाई। CM ने विभाग को 36 स्कॉर्पियो भी दी। इस दौरान फायर फाइटर्स ने CM के सामने अपना दमखम दिखाया। गांधी मैदान में CM ने कहा, बिहार को समृद्धि के रास्ते पर ले जाना है। समृद्धि तभी आएगी जब उद्योग धंधे लगेंगे। जो लोग बाहर रह रहे हैं मैं उनसे कहूंगा, आप बिहार लौटिए। बाहर रह रहे लोग बिहार लौटेंगे और यहां उद्योग धंधे लगाएंगे तो बिहार आगे बढ़ेगा। मुझे मुख्यमंत्री बने 1 महीने 3 दिन हुआ है। जो लोग बिहार के बाहर थे वो धीरे-धीरे वापस लौट रहे हैं। हम 5 लाख करोड़ का इंवेस्टमेंट बिहार में लेकर आएंगे। बिहार सुशासन वाला राज्य है, इसलिए मैंने पुलिस के हाथ को खोला है। बिहार में कोई दूसरा व्यक्ति कानून को अपने हाथ में नहीं ले सकता। पुलिस अपना काम कर रही है और आगे भी करती रहेगी। फायर फाइटर्स ने मॉक ड्रिल की गांधी मैदान में बिल्डिंग जैसा स्ट्रक्चर तैयार किया गया। बताया गया कि इस बिल्डिंग में आग लगी है। छत पर कुछ लोग फंसे हैं। इसके बाद इसकी सूचना फायर ब्रिगेड की मिली। फायर ब्रिगेड के साथी तुरंत मौके पर पहुंचे और नीचे की आग को बुझाया। इसके बाद दूसरी टीम ने सीढ़ियों की मदद से छत पर फंसे लोगों को रेक्स्यू किया। इस दौरान महिला फाइटर्स ने भी अपना दमखम दिखाया। CM और डिप्टी CM विजय चौधरी ने फायर ब्रिगेड के इक्यूपमेंट्स की बारीकियों को समझा। पटना के गांधी मैदान में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। फायर फाइटर्स का दमखम देखिए… डिप्टी CM बोले- नीतीश के पौधे को मुख्यमंत्री बढ़ा रहे हैं डिप्टी CM विजय कुमार चौधरी ने कहा- मैं मुख्यमंत्री को बधाई देना चाहता हूं। उनके निर्देशन में आज का यह सफल कार्यक्रम है। पुलिस का गठन ही लोगों की मदद के लिए किया गया है। पुलिस विभाग का यह अंग अग्निशमन विभाग, मानवता से जुड़ा हुआ है। आप सब जानते हैं, जितने करतब दिखाए गए हैं। अब अग्निकांड से संबंधित किसी बड़ी आपदा को झेलने में सक्षम हैं। डिप्टी CM ने कहा, जिस पौधे को नीतीश कुमार ने लगाया है। इमसें पानी दाना डाल कर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इसको आगे पूरी ईमानदारी से बढ़ा रहे हैं। गांधी मैदान से आई कुछ और तस्वीरें देखिए…
क्यों मांगे नेता उधार, जब अपना नेता है तैयार… चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने इसी स्लोगन के साथ लखनऊ में पोस्टर लगाए हैं। इनमें चिराग पासवान हाथ जोड़कर खड़े दिख रहे हैं। पार्टी से जुड़े बड़े नेताओं की तस्वीरें भी इस पोस्टर पर हैं। इसको लेकर पार्टी में नंबर-2 और जमुई के सांसद अरुण भारती ने दैनिक भास्कर से कहा- बिहार के साथ हमारा फोकस यूपी पर है। हम विधानसभा चुनाव- 2027 में सभी 403 सीटों पर अपने कैंडिडेट उतारेंगे। निषाद समुदाय के हक की आवाज उठाने वाले मुकेश सहनी भी यूपी के पूर्वांचल में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। निषाद बहुल सीटों पर वह भी कैंडिडेट उतारेंगे। यूपी की सियासत में बिहार की पार्टियें की एंट्री पर खास रिपोर्ट पढ़िए… यूपी की राजनीति में बिहार की पार्टियों की चर्चा 2 घटनाओं के बाद शुरू हुई- पहली- जब लखनऊ में सीएम आवास के बाहर, विधानसभा के पास, अटल चौक और हजरतगंज में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के पोस्टर लगाए गए। इनमें चिराग पासवान हाथ जोड़कर खड़े हैं। पीछे लोगों की भीड़ है। पोस्टर में पार्टी से जुड़े बड़े नेताओं की भी तस्वीरें हैं। दूसरी- बिहार में निषाद समाज की राजनीति करने वाले मुकेश सहनी पूर्वांचल के जिलों में वीआईपी का कार्यकर्ता सम्मेलन करके अपनी जड़ मजबूत कर रहे हैं। वह पूछते हैं कि क्या निषादों को आरक्षण मिला? अगर नहीं तो संजय निषाद भाजपा से इस्तीफा क्यों नहीं दे देते? पहले बात चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी की यूपी में चुनाव लड़ने की तैयारियों की। इसको लेकर दैनिक भास्कर ने लोजपा (आर) में नंबर-2 और जमुई के सांसद अरुण भारती से बात की… सवाल- लखनऊ में चिराग पासवान के पोस्टर लगे हैं, इसके क्या मायने हैं?जवाब- पार्टी का पूरा फोकस यूपी पर है। हम यूपी में संगठन विस्तार पर काम कर रहे हैं। पार्टी को बूथ लेवल तक मजबूत किया जाएगा। प्रदेशभर में बड़े लेवल पर कार्यक्रम होंगे। सवाल- सियासत के केंद्र में क्या रहने वाला है?जवाब- पार्टी दलितों, वंचितों और कमजोर वर्गों की आवाज उठाएगी। सवाल- क्या यूपी में चुनाव लड़ेंगे? गठबंधन भी करेंगे?जवाब- यूपी में हमारा फिलहाल किसी के साथ कोई गठबंधन नहीं है। हम सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ने जा रहे हैं। सवाल- केंद्र में आपका भाजपा से गठबंधन है। क्या यूपी में ऐसा नहीं होगा?जवाब- लोजपा का भाजपा के साथ केंद्र में गठबंधन है, यूपी लेवल पर नहीं। हालांकि, अंतिम समय में NDA के साथ सीट शेयरिंग पर बातचीत हो सकती है। वो हम बाद में देखेंगे। बिहार में किंगमेकर है चिराग पासवान की पार्टी चिराग पासवान की पार्टी बिहार में काफी मजबूत है। वो खुद केंद्र सरकार में फूड प्रोसेसिंग मंत्री हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में NDA गठबंधन से चिराग पासवान की पार्टी को बिहार में 5 सीटें मिली थीं। चिराग की पार्टी ने 100% स्ट्राइक रेट से सभी सीटों पर जीत दर्ज की थी। हाजीपुर से खुद चिराग और जमुई से अरुण भारती जीते थे। इससे साबित हो गया था कि बिहार का 'पासवान/दुसाध' वोटबैंक पूरी तरह चिराग के साथ है। ये कुल वोटबैंक का 5-6% है। नवंबर- 2025 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में भी लोजपा (आर) का परफॉर्मेंस बेहतरीन रहा। पार्टी ने NDA गठबंधन से मिली 29 में से 19 सीटें जीत लीं। आज बिहार में जेडीयू-भाजपा के बाद चिराग की पार्टी तीसरी सबसे बड़ी ताकत बन गई है। यूपी के कई जिलों को टारगेट करेंगे ‘चिराग’ यूपी में अनुसूचित जाति (SC) की कुल आबादी लगभग 21% है। यह करीब 4.13 करोड़ है। इनमें सबसे बड़ा हिस्सा लगभग 54-56% जाटव/चमार समाज का है। दूसरा सबसे बड़ा हिस्सा लगभग 16% पासी समाज का है। इसके अलावा धोबी, कोरी, वाल्मीकि और धानुक आदि जातियां भी इनमें शामिल हैं। चिराग पासवान की पार्टी लोजपा (आर) पॉलिटिक्स के लिए इन्हीं को अपना बेस बनाएगी। लोजपा (आर) का मुख्य फोकस पूर्वांचल और बिहार बॉर्डर से सटे जिलों पर है। जहां दलित (विशेषकर पासी और गैर-जाटव समुदाय) और पिछड़ों की आबादी ज्यादा है। क्या ये नेशनल पार्टी बनाने का खेल या संगठन का विस्तार चिराग पासवान अपनी पार्टी को सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं रखना चाहते। वे इसे नेशनल पार्टी का दर्जा दिलाना चाहते हैं। यही वजह है कि वे दूसरे राज्यों में भी एक्टिव हो रहे हैं। उनकी पार्टी यूपी के अलावा झारखंड, जम्मू-कश्मीर, और नगालैंड में भी चुनाव लड़ चुकी है। चुनाव आयोग के मुताबिक, किसी दल को नेशनल पार्टी बनने के लिए इनमें से कोई एक शर्त पूरी करनी होगी। यूपी की सियासत के समीकरण कैसे बदलेंगे यूपी की सियासत में दलित (SC) और निषाद (OBC) वोटबैंक हमेशा से गेमचेंजर रहे हैं। ऐसे में चिराग पासवान और मुकेश सहनी के आने से सूबे के समीकरण बदल सकते हैं। चिराग पासवान दलित (खासकर पासवान) वोटर पर फोकस करेंगे। युवा छवि का भी फायदा मिलेगा। ऐसे में बसपा के पारंपरिक दलित वोट में सेंध लग सकती है। वहीं, मुकेश सहनी की VIP पार्टी निषाद, मल्लाह, कश्यप और बिंद समाज के हक की बात करती है। यूपी में निषाद-मल्लाह समाज की सियासत संजय निषाद करते हैं। वह इस वक्त योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। 2022 के चुनाव में निषाद पार्टी ने भाजपा के साथ गठबंधन में 11 से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ा। 6 सीटों पर सीधे अपने सिंबल (भोजन की थाली) पर जीत दर्ज की थी। इन सीटों में मिर्जापुर की मझवां, भदोही की ज्ञानपुर, अंबेडकरनगर की कटेहरी और कुशीनगर की तुमकुही राज शामिल हैं। अब VIP भी इन्हीं सीटों पर संजय निषाद के सामने नजर आ सकती है। क्योंकि, संजय निषाद भाजपा के गठबंधन से चुनाव लड़ेंगे। ऐसे में माना जा रहा है कि समाजवादी पार्टी, बिहार की VIP पार्टी को सपोर्ट कर सकती है। ---------------------------- यह खबर भी पढ़ें… क्या बसपा राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा खो देगी?, बंगाल-तमिलनाडु-केरल में 1% वोट नहीं मिले देश में इस वक्त 6 नेशनल पार्टियां हैं। इनमें भाजपा, कांग्रेस, बसपा, सीपीआई (एम), आप और एनपीपी शामिल हैं। लेकिन, अब बसपा की नेशनल पार्टी के दर्जे पर संकट है। बसपा को बंगाल, तमिलनाडु और केरल विधानसभा चुनाव में 1% वोट भी नहीं मिले। लोकसभा में एक भी सांसद नहीं है। राज्यसभा में सिर्फ एक सांसद है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…
देश के कई राज्य भीषण गर्मी से तप रहे हैं। उत्तर प्रदेश का बांदा रविवार को 46.4C तापमान के साथ देश का सबसे गर्म शहर रहा। झांसी में 44.6C और प्रयागराज में 44.5C पारा रिकॉर्ड हुआ। राजधानी लखनऊ में 41.6C तापमान रहा, जो सामान्य से 1.4 डिग्री ज्यादा है। मध्य प्रदेश के 15 और राजस्थान के 7 शहरों में पारा 43C के ऊपर रहा। MP में खंडवा 44.5C के साथ राज्य में सबसे गर्म रहा। मौसम विभाग के अनुसार, राजस्थान में इस हफ्ते तापमान 2 से 3C तक बढ़ सकता है। कुछ इलाकों में पारा 45 डिग्री तक पहुंच सकता है। इधर, बिहार में दो तरह का मौसम है। कई जिलों में उमस भरी गर्मी से लोग परेशान हैं, वहीं कुछ जगह बारिश हो रही है। शेखपुरा के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में शनिवार शाम प्रेयर के दौरान 27 छात्राएं बेहोश होकर गिर पड़ीं। सभी को शेखपुरा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अगले दो दिन के मौसम का हाल 19 मई: 20 मई: देशभर में मौसम की 5 तस्वीरें…
जहानाबाद जिले से आज शाम रविवार को एक गर्व का क्षण है कि मध्य प्रदेश के वीर सावरकर खेल मैदान में आयोजित होने वाली 19वीं सीनियर नेशनल डॉजबॉल चैंपियनशिप 2026 (पुरुष एवं महिला वर्ग) में भाग लेने वाली बिहार टीम में जिले के 7 खिलाड़ियों का चयन हुआ है। सभी चयनित खिलाड़ी मोहनपुर स्थित आकाश स्पोर्टिंग क्लब से जुड़े हैं। पुरुष वर्ग में दीपक कुमार, राजीव कुमार, पीयूष कुमार और मनीष कुमार को टीम में जगह मिली है। वहीं, महिला वर्ग में नंदनी कुमारी, निशा कुमारी और निधि कुमारी का चयन हुआ है। खिलाड़ियों के इस चयन से जिले में खुशी और उत्साह का माहौल है। अविनाश कुमार, रंजीत कुमार, मिथुन कुमार, राजेश कुमार और निवास कुमार सहित कई खेल प्रेमियों तथा खेल पदाधिकारियों ने खिलाड़ियों को उनकी जीत के लिए अग्रिम शुभकामनाएं दी हैं। शारीरिक शिक्षक गजेंद्र कुमार और आनंद कुमार ने इस उपलब्धि को खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत और लगन का परिणाम बताया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बिहार टीम चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन कर राज्य और जिले का नाम रोशन करेगी। राष्ट्रीय स्तर पर जिले के खिलाड़ियों की भागीदारी से स्थानीय युवाओं में भी खेल के प्रति उत्साह बढ़ा है।
शिवहर के पूरनहिया प्रखंड स्थित श्री राम जानकी बड़ी मठ को उत्तर बिहार में श्रीराम कथा एवं संस्कार शिक्षा का मुख्य प्रशिक्षण केंद्र बनाया जाएगा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक और एकल अभियान के संस्थापक श्याम जी गुप्त ने रविवार को मठ में पूजा-अर्चना के बाद इसकी घोषणा की। श्याम जी गुप्त ने बताया कि पूरनहिया बाजार स्थित इस मठ में प्रतिवर्ष लगभग 6 हजार स्वयंसेवकों को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षित किया जाएगा। इन प्रशिक्षित स्वयंसेवकों को बाद में गांवों में स्थापित किया जाएगा। यह केंद्र उत्तर बिहार में संस्कार, नैतिक शिक्षा और भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार का एक प्रमुख माध्यम बनेगा। 60 प्रशिक्षण शिविर पहले से संचालित मठ के महंत प्रभु शरण दास और एकल अभियान बिहार प्रभारी तथा विश्व हिंदू परिषद के संरक्षक राकेश तिवारी ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हरिद्वार, अयोध्या और वृंदावन सहित देशभर में 60 प्रशिक्षण शिविर पहले से संचालित हैं। अब जून माह से शिवहर के पूरनहिया में भी स्वयंसेवकों के लिए प्रशिक्षण शिविर शुरू होगा। इस संस्कार साधक प्रशिक्षण केंद्र का मुख्य उद्देश्य बच्चों और युवाओं को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों, योग, ध्यान और जीवन जीने की कला का प्रशिक्षण देना है। यहां 25 वर्ष तक के बच्चों और युवाओं को सत्यनिष्ठा, सेवा भाव, करुणा, बड़ों के प्रति सम्मान और भारतीय परंपराओं की शिक्षा दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, योगासन और प्राणायाम के माध्यम से उनके मानसिक एवं शारीरिक विकास पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। 'हनुमान परिवार' बनाने का चलेगा अभियान एकल अभियान के मीडिया प्रभारी अगिनेत्र कुमार ने इस पहल को शिवहर जिले के लिए गौरवपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इसके तहत गांव-गांव में 'हनुमान परिवार' बनाने का अभियान भी चलाया जाएगा। अगिनेत्र कुमार ने यह भी बताया कि वर्तमान में देशभर में एक लाख एकल विद्यालय संचालित हैं, जिनका लगातार विस्तार किया जा रहा है। इस अवसर पर विनोद कुमार शर्मा, राधेश्याम शर्मा, अशोक उपाध्याय, संजय सिंह, कमलाकांत झा, राकेश सिंह और सुरेश प्रसाद सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
आजमगढ़ में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर शनिवार को तेज रफ्तार स्विफ्ट डिजायर खड़े ट्रेलर में जा घुसी। कार की स्पीड करीब 135 किमी प्रति घंटा थी। हादसे में कार के परखच्चे उड़ गए। कार सवार 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। ये सभी लोग बिहार के सीवान के सिसवन थाना क्षेत्र के ग्यासपुर के रहने वाले थे। मृतक की पहचान मनीष कुमार श्रीवास्तव (43), कंचन देवी (40) पत्नी मनीष कुमार श्रीवास्तव, आस्था कुमारी (16) पुत्री मनीष कुमार श्रीवास्तव, अदिति (11) पुत्री मनीष कुमार श्रीवास्तव रूप में की गई है। हालांकि, एक शव की पहचान नहीं हुई है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। सभी शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिए गए हैं। मृतकों की शिनाख्त कराने की कोशिश की जा रही है। हादसा दोपहर करीब 3 बजे कंधरापुर थाना क्षेत्र में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के माइलस्टोन 238 के पास हुआ। हादसे की 3 तस्वीरें देखिए… मरने वालों में 2 बच्चियां और एक महिला मरने वालों में 2 पुरुष, एक महिला और 2 बच्चियां शामिल हैं। पुलिस को मौके से मनीष श्रीवास्तव नाम की एक आईडी मिली है। इसमें एक पता हरियाणा के फरीदाबाद, जबकि दूसरा बिहार के सीवान जिले का है। पुलिस जब फरीदाबाद वाले पते पर पहुंची, तो घर पर ताला लगा मिला। वहीं, मृतकों की पहचान के लिए आजमगढ़ पुलिस सीवान पुलिस से संपर्क कर रही है। जानकारी के मुताबकि कार में सवार सभी लोग बिहार के सीवान में तेरहवीं कार्यक्रम में शामिल होने आए थे और आज सभी लोग फरीदाबाद लौट रहे थे। इसी दौरान पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर राजस्थान नंबर की ट्रेलर से टक्कर हो गई। क्रेन से हटाई गई कार हादसे में सफेद रंग की स्विफ्ट डिजायर कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। कार का अगला हिस्सा और छत बुरी तरह पिचक गई। अंदर की दोनों सीटें और पूरा केबिन भी पूरी तरह तबाह हो गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि गाड़ी का ढांचा पूरी तरह टूट गया। जिस ट्रेलर से कार टकराई, उस पर राजस्थान नंबर दर्ज है। हादसे के बाद क्षतिग्रस्त कार को हाईवे से हटाने के लिए बड़ी क्रेन मंगानी पड़ी। एसपी ट्रैफिक पंकज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि डायल-112 पर सूचना मिली थी कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के 238 माइलस्टोन पर खड़े ट्रेलर में स्विफ्ट डिजायर कार घुस गई। सूचना मिलते ही थाना कंधरापुर थाना पुलिस, सीओ सिटी, फायर टीम, एम्बुलेंस और वह खुद मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि सभी मृतकों को तत्काल एम्बुलेंस से मोर्चरी भिजवाया गया। मृतकों के परिजनों से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है।
पानीपत जिले में शनिवार को यमुना नदी में स्नान करते वक्त पिता-पुत्री की डूबने से मौत हो गई। दरअसल, परिवार की सबसे छोटी बेटी नहाते वक्त पानी में डूब रही थी। जिसे बचाते हुए पिता का संतुलन बिगड़ गया। इसके बाद असंतुलित पिता को बचाने के लिए बड़ी बेटी भी संतुलन खो बैठी। इसके बाद दोनों पानी में डूब गए। जिन्हें करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद पानी से बाहर निकाला। आनन-फानन में दोनों को वहां से सिविल अस्पताल ले जाया गया। जहां चेकअप के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद दोनों के शवों का पंचनामा भरवा कर शवगृह में रखवा दिया गया। पुलिस मामले की आगामी कार्रवाई कर रही है। बिहार का रहने वाला है पीड़ित परिवार जानकारी के अनुसार, मृतक मनोज (45) मूल रूप से पटना, बिहार के रहने वाले थे। वह पिछले कई सालों से अपने परिवार के साथ पानीपत में रह रहे थे। मनोज और उनके परिवार के अन्य वयस्क सदस्य पानीपत की ही एक निजी कंपनी में काम कर अपना गुजारा करते थे। शनिवार को छुट्टी होने के चलते परिवार के सभी सदस्य एक साथ समय बिताने और स्नान करने के लिए यमुना नदी के तट पर पहुंचे थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह पिकनिक कुछ ही समय में मातम में बदल जाएगी। छोटी बेटी को बचाने में बिगड़ा पिता का संतुलन प्रत्यक्षदर्शियों और पारिवारिक के लोगों के अनुसार, यमुना नदी में नहाते समय अचानक पानी की गहराई का अंदाजा न होने के कारण मनोज की छोटी बेटी कैरा (6 वर्ष) डूबने लगी। बेटी को पानी में डूबता और मदद के लिए चिल्लाता देख पिता मनोज ने बिना अपनी जान की परवाह किए नदी में छलांग लगा दी। मनोज ने बेहद सूझबूझ और बहादुरी का परिचय देते हुए किसी तरह अपनी छोटी मासूम बेटी कैरा को पानी से बाहर निकाला और सुरक्षित किनारे पर पहुंचा दिया। लेकिन, अपनी लाडली की जान बचाते-बचाते मनोज खुद बुरी तरह थक चुके थे और किनारे के पास आते ही अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया। वह खुद को संभाल नहीं पाए और तेज बहाव के कारण गहरे पानी की तरफ खींचते चले गए। पिता को डूबता देख बड़ी बेटी ने लगाई छलांग, दोनों डूबे अपने पिता को पानी में संघर्ष करते और डूबते देख किनारे पर खड़ी उनकी बड़ी बेटी चांदनी (13 वर्ष) से रहा नहीं गया। वह अपने पिता को बचाने के लिए तुरंत नदी में आगे बढ़ी। चांदनी तैरकर अपने पिता तक पहुंच भी गई और उन्हें पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन पानी का बहाव तेज और गहराई बहुत ज्यादा थी। वहां उन दोनों का संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया। पिता को बचाने की कोशिश में 13 साल की मासूम चांदनी भी पानी के भंवर में फंस गई और देखते ही देखते दोनों पिता-पुत्री आंखों के सामने गहरे पानी में विलीन हो गए। दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मिले शव हादसे के बाद मौके पर मौजूद परिवार के अन्य सदस्यों और राहगीरों में चीख-पुकार मच गई। तुरंत स्थानीय पुलिस और प्रशासन को मामले की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही गोताखोरों की विशेष टीमों को मौके पर बुलाया गया। गोताखोरों ने तुरंत यमुना नदी के गहरे पानी में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। करीब दो घंटे की बेहद कड़ी मशक्कत और तलाश के बाद गोताखोरों की टीम दोनों पिता-पुत्री को पानी के भीतर से बाहर निकालने में कामयाब रही। अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया नदी से बाहर निकालने के तुरंत बाद पुलिस और परिजनों की मदद से दोनों को अचेत अवस्था में पानीपत के सिविल अस्पताल (सामान्य अस्पताल) ले जाया गया। वहां एमरजेंसी वार्ड में तैनात डॉक्टरों की टीम ने दोनों का गहन स्वास्थ्य परीक्षण किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
मुजफ्फरपुर के सदर थाना क्षेत्र के रहने वाले एक युवक की उत्तर प्रदेश में ट्रक ड्राइवर से हुए विवाद में चाकू गोदकर हत्या कर दी गई। घटना गुरुवार की बताई जा रही है, जबकि शुक्रवार देर रात शव गांव पहुंचते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। बताया जा रहा है कि सड़क किनारे पंचर की दुकान चलाने वाले युवक की मजदूरी मांगने को लेकर ट्रक ड्राइवर से कहासुनी हो गई, जिसके बाद से उस पर ताबड़तोड़ चाकू से हमला कर दिया। युवक की मौके पर ही मौत हो गई है। घटना मुरादाबाद-संभल रोड के पास की है। पांच साल से चला रहा था पंचर की दुकान मृतक की पहचान 28 वर्षीय इस्तेखार आलम उर्फ सोनल के रूप में हुई है, जो मुजफ्फरपुर जिले के सदर थाना क्षेत्र का निवासी था। वह पिछले करीब पांच वर्षों से डींगरपुर में सड़क किनारे टायर पंचर की दुकान चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहा था।और उसके साथ में उसके गांव के कुछ लोग रहते थे। 500 मजदूरी मांगने पर हुआ विवाद परिजन के अनुसार में सोनल सड़क किनारे टायर पंचर की दुकान चलाता था। काम करने के बाद पैसे मांगने को लेकर ट्रक चालक से विवाद हो गया। इसी दौरान आरोपी ने गुस्से में आकर कई बार चाकू से हमला कर दिया। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी की जमकर पिटाई कर दी और पुलिस के हवाले किया। देर रात को शव पहुंचते ही गांव में पसरा मातम यूपी में पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार की देर रात युवक का शव गांव लाया गया। शव पहुंचते ही पूरे गांव में मातम का माहौल छा गया। इस दौरान परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया गया कि तीन वर्ष पहले ही इस्तेखार की शादी हुई थी और उसकी एक छोटी बेटी भी है। पति की मौत की खबर सुनकर पत्नी बेसुध पड़ी हुई है। इसी माह की बकरीद में घर आने की थी तैयारी मृतक के चाचा मोहम्मद नबी ने बताया कि इस्तेखार परिवार का सबसे बड़ा बेटा था और बकरीद में घर आने की तैयारी कर रहा था। किसी को अंदाजा नहीं था कि वह जिंदा नहीं, बल्कि उसकी लाश गांव पहुंचेगी। परिजनों ने कहा कि मेहनत की मजदूरी मांगने की उसे इतनी बड़ी सजा मिली है।
सुपौल में शुक्रवार को बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री के आगमन पर जदयू कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया। इस दौरान आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत, समर्पण और जनता के विश्वास की बदौलत ही उन्हें बिहार का उपमुख्यमंत्री बनने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि जदयू संगठन की मजबूती और कार्यकर्ताओं की सक्रियता के कारण ही सुपौल समेत पूरे बिहार में विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बिहार सरकार गांव-गांव तक विकास पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई और रोजगार के क्षेत्र में व्यापक स्तर पर योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनका सीधा लाभ आम लोगों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाना है और इसमें कार्यकर्ताओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। जनकल्याणकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने की अपील अपने संबोधन में उन्होंने जदयू कार्यकर्ताओं से आगामी दिनों में संगठन को और मजबूत बनाने तथा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता ही पार्टी की असली ताकत हैं और जनता के बीच जाकर सरकार की उपलब्धियों को बताना उनकी जिम्मेदारी है। उपमुख्यमंत्री का फूल-मालाओं से स्वागत किया कार्यक्रम के दौरान नेताओं और कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह देखने को मिला। मौजूद नेताओं ने उपमुख्यमंत्री का फूल-मालाओं से स्वागत किया और संगठन की मजबूती को लेकर चर्चा की। मौके पर सुपौल सांसद दिलेश्वर कामैत, निर्मली विधायक अनिरुद्ध प्रसाद यादव, पिपरा विधायक रामविलास कामत, जदयू जिला अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद यादव, जगदीश यादव, नंदकिशोर प्रसाद सिंह, गगन ठाकुर, राजा हुसैन, ओम प्रकाश यादव समेत बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और नेता उपस्थित रहे। उपमुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान कार्यकर्ताओं ने विकास और संगठन के समर्थन में जमकर नारेबाजी की, जिससे पूरे परिसर में राजनीतिक माहौल गर्म रहा।
प्रधानमंत्री की 'फ्यूल सेविंग' की अपील पर बिहार में 'नो व्हीकल डे' मनाया गया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल और डीजल के उपयोग को कम करने की अपील का असर अब बिहार के राजनीतिक परिदृश्य में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। यहां कई नेता 'फ्यूल सेविंग' को बढ़ावा देने के लिए परिवहन के वैकल्पिक साधनों को अपना रहे हैं।
रेवाड़ी जीआरपी ने ट्रेन में मोबाइल चोरी कर खाते से 1.04 लाख रुपए ट्रांसफर करने के आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने चोरी किए गए मोबाइल की सिम अपने फोन में एक्टिवेट की। इसके बाद पिता को बीमार बताकर पहले बेटे से खाते में 500 रुपए ट्रांसफर करवाए। जिसके बाद खाते से 1.04 लाख रुपए अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए। पुलिस ने बल्लभगढ़ के प्रहलादपुर माजरा निवासी लक्की ठाकुर को गिरफ्तार कर उसके पास से 69 हजार रुपए बरामद कर लिए। जीआरपी एसएचओ कृष्ण कुमार ने पत्रकार वार्ता कर यह जानकारी दी। खाटू श्याम जाते समय वारदात बिहार के यशवंतपुर निवासी पप्पू पासवान ने 17 दिसंबर को जीरो एफआईआर दर्ज करवाई। जिसमें बताया कि वह खाटू श्याम जाने के लिए रेवाड़ी स्टेशन से ट्रेन में सवार हुआ था। ट्रेन में सवार होते समय किसी ने उसका की-पैड मोबाइल चोरी कर लिया। जिसके बाद सिम दूसरे फोन में डालकर उसके बेटे के पास फोन किया। फोन पर बेटे को मुझे बीमार बताकर खाते में 500 रुपए ट्रांसफर कर लिए। खाता एक्सेस कर ट्रांसफर की राशि बेटे से 500 रुपए ट्रांसफर करवाने के बाद आरोपी ने मेरा खाता एक्सेस किया। मेरे खाते से अपने खाते में 1.04 लाख रुपए ट्रांसफर कर लिए। जीआरपी ने जीरो एफआईआर के आधार पर मामले की जांच शुरू की। जांच में पता चला कि राशि बल्लभगढ़ के प्रहलादपुर माजरा निवासी लक्की ठाकुर के खाते में ट्रांसफर हुई थी। आरोपी राजस्थान के भिवाड़ी में किराए के कमरे में रह रहा था। गुप्त सूचना के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने मोबाइल चुराने और अपने खाते में पैसे ट्रांसफर करने की बात स्वीकारी। पुलिस ने आरोपी से 69 हजार रुपए बरामद कर लिए।
गैंग का नेटवर्क बिहार तक, पटना व बेतिया में 3 संदिग्धों से पूछताछ
भांकरोटा इलाके में बुजुर्ग दंपती को प्रॉपर्टी खरीदने के बहाने विला में बंधक बना ~48 लाख लूटने वाली गैंग के तार बिहार तक पहुंच गए हैं। पुलिस ने पटना और बेतिया में छापेमारी कर 3 संदिग्धों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ कर तस्दीक की जा रही है। उदयपुर सहित कई जिलों में भी टेक्निकल इनपुट के आधार पर दबिश दी जारी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अब तक गिरोह के सरगना का सुराग नहीं लग है। पुलिस 30 से ज्यादा मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल और 100 से अधिक सीसीटीवी का विश्लेषण कर चुकी है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण ने 10 से ज्यादा टीमें गठित की हैं। गौरतलब है कि वैशालीनगर निवासी पीड़ित महिला ने दो दिन पहले भांकरोटा थाने में रिपोर्ट दी थी। महिला ने बताया कि उन्होंने मकान बेचने के लिए 4 फरवरी को ऑनलाइन विज्ञापन दिया। अखिल अग्रवाल ने उनसे संपर्क किया। 2 मई की सुबह 10 बजे आरोपी गाड़ी से उनके घर आया और पेपर ट्रांसफर कराने के बहाने दंपती को चौरड़िया सिटी स्थित एक विला में ले गया। वहां पहले से मौजूद लोगों ने उनको बंधक बना लिया।
पटना समेत बिहार के 6 जिलों में गुरुवार को सायरन बजते ही अंधेरा छा गया। शाम 7 बजे सायरन की आवाज के साथ ही बिजली की सप्लाई रोक दी गई। 7 बजकर 15 मिनट पर इसे फिर से बहाल कर दिया गया। इस दौरान लोगों ने घरों, दुकानों और ऑफिस की लाइटें बंद कर दी। शहरों में अंधेरा छा गया। सड़कों पर भी लोग गाड़ियों को बंद कर के खड़े हो गए। पटना स्थित महावीर मंदिर भी पूरा ब्लैकआउट हो गया, सिर्फ गर्भ गृह में रोशनी रहीं। वहीं पटना जंक्शन पर लाइटें जलती रहीं। 15 मिनट बाद लाइट आते ही राजधानी की सड़कों पर लंबा ट्रैफिक देखने को मिला। पटना के अलावा पूर्णिया, बेगूसराय, कटिहार, किशनगंज और अररिया में भी ब्लैकआउट किया गया। भारत सरकार के निर्देश पर 6 शहरों में ये सिविल डिफेंस मॉकड्रिल की गई। राज्य सरकार के मुताबिक, ये किसी खतरे की स्थिति नहीं बल्कि नागरिक सुरक्षा व्यवस्था, आपदा प्रबंधन क्षमता और प्रशासनिक तैयारियों को परखने के लिए की जा रही प्रैक्टिस है। प्रशासन ने लोगों से घबराने की बजाए सहयोग करने की अपील की है। अब ब्लैक आउट की तस्वीरें देखिए… महावीर मंदिर पटना जंक्शन सड़कों का हाल अब देखिए ब्लैक आउट के दौरान की अन्य तस्वीरें पटना में एयर स्ट्राइक से बचने के लिए मॉक ड्रिल हुई राजधानी पटना में एयर स्ट्राइक से बचने के लिए मॉक ड्रिल की गई। दोपहर 3 बजे पटना के DM ऑफिस और बिस्कोमान भवन में मॉक ड्रिल शुरू हुई। 40 से 45 मिनट चली मॉक ड्रिल में सुरक्षा की जांच की गई। ADM आपदा ने वॉकी-टॉकी पर कहा कि पटना DM ऑफिस और बिस्कोमान भवन पर एयर स्टाइक हुई है। जल्दी मदद भेजिए। उनके ये कहते ही 2 मिनट में मौके पर NDRF और SDRF टीमें पहुंच गईं। एंबुलेंस भी घायलों को लेने के लिए मौके पर पहुंची। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। फायर फाइटर्स की मदद से पटना DM ऑफिस और बिस्कोमान भवन में लगी आग को बुझाया गया। बिल्डिंग के ऊपरी हिस्सों में फंसे लोगों को बड़ी और लंबी क्रेन की मदद से रेस्क्यू किया गया। घायलों को पटना के IGIMS लाया गया। अस्पताल के इंतजामों को भी टीम ने परखा। पटना DM ऑफिस और बिस्कोमान भवन में मॉक ड्रिल की तस्वीरें… अब बरौनी NTPC में मॉक ड्रिल की तस्वीरें…
दिल्ली में फिर निर्भया जैसा कांड हुआ है, जहां एक चलती स्लीपर बस में महिला से दो घंटे दरिंदगी हुई। फिर सड़क पर फेंक कर भाग गए। जिस प्राइवेट बस में वारदात हुई वो बिहार की है। जो दिल्ली से बिहार के रूट पर चलती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, महिला ने बताया कि आरोपी वारदात के बाद उसे सुनसान इलाके में फेंककर भाग गए। किसी तरह पीड़िता ने पुलिस को फोन करके पूरी घटना की जानकारी दी। जिसके बाद रानीबाग थाना पुलिस ने आसपास लगे CCTV फुटेज को खंगाला और बस की पहचान की। इसके बाद बस को जब्त करके ड्राइवर और कंडक्टर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है और मामले की जांच जारी है। सिलसिलेवार तरीके से जानिए कैसे हुई पूरी वारदात… चलती बस में महिला को खींचा 11 मई की रात को महिला रोज़ की तरह काम करके अपने घर लौट रही थी, तभी सरस्वती विहार के बस स्टॉप पर एक स्लीपर बस आकर रुकी। बताया जाता है कि महिला ने बस के दरवाजे पर खड़े एक व्यक्ति से समय पूछा, उसने समय बताने की बजाए महिला को जबरन अंदर खींच लिया। जिसके बाद आरोपी फिर बस को नांगलोई की ओर ले गए, जहां कथित तौर पर यौन उत्पीड़न हुआ। चलती बस में दो लोगों ने बारी-बारी से महिला के साथ दुष्कर्म किया। करीब 7 KM तक चलती बस में वो गैंगरेप करते रहे। रात करीब 2 बजे आरोपी उसे सड़क पर उतारकर फरार हो गए। बस का ड्राइवर-कंडक्टर गिरफ्तारपुलिस की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता को रानी बाग इलाके से बस में जबरन बैठाया गया था। फिर आरोपी उसे नांगलोई के इलाके में ले गए और वहां जाकर उसके साथ रेप किया। घटना को लेकर दिल्ली पुलिस ने रानी बाग पुलिस स्टेशन में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, महिला के साथ गैंगरेप की ये वारदात 2 दिन पहले हुई है। पीड़िता महिला शादीशुदा है और उसके 3 बच्चे हैं। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल करवाने के बाद FIR दर्ज की है। पुलिस ने महिला की शिकायत पर मामला दर्ज किया है और उसके बाद फौरन एक्शन लेते हुए बस के ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई बस को भी जब्त किया है। पर्दे लगे होने के कारण किसी को पता नहीं चला शुरुआती जांच में सामने आया है कि बस के अंदर पर्दे लगे हुए थे, जिससे बाहर से कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। AC बस होने के कारण उसमें बंद शीशे हैं, जिससे ना तो पीड़िता की चीखें बाहर निकलीं और पर्दे लगे होने की वजह से संभवत: सड़क पर चल रहे दूसरे लोगों को वारदात का अहसास तक नहीं हुआ। बस के अंदर से सबूत इकट्ठा करने के लिए एक फोरेंसिक टीम को बुलाया गया। गोपालगंज RTO में रजिस्टर्ड है बस वारदात में इस्तेमाल बस का नंबर BR-28P 3949 है, जो बिहार के गोपालगंज RTO में रजिस्टर्ड है। और रॉयल ट्रैवल्स एंड कारगो कंपनी द्वारा संचालित की जाती है। यह बस दिल्ली-बिहार रूट पर चलती है। दिल्ली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर बस को जब्त कर लिया है। पुलिस ने बस के ड्राइवर (उमेश) और हेल्पर (रामेंद्र) को गिरफ्तार कर लिया है। महिला झोंपड़ी में रहती है। पति और 3 बेटियां हैं। पुलिस ने चोटें देखकर जब उसे हॉस्पिटल में भर्ती कराने के लिए कहा तो महिला ने यह कहकर मना कर दिया कि घर में खाना कौन बनाएगा? फिलहाल झोंपड़ी में ही महिला का इलाज चल रहा है। 14 साल बाद फिर निर्भया जैैसा कांड यह घटना 2012 के दिल्ली बस गैंगरेप मामले की याद दिलाती है, जिसमें 23 साल की पैरामेडिक छात्रा, जिसे बाद में निर्भया के नाम से जाना गया, के साथ 16-17 दिसंबर की रात को दक्षिण दिल्ली में चलती बस के अंदर छह लोगों ने बेरहमी से बलात्कार किया था। उसे बाद में सड़क पर फेंक दिया गया था। बाद में 29 दिसंबर को सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में चोटों के कारण उसकी मृत्यु हो गई। मामले के सभी 4 दोषियों को 20 मार्च 2020 को तिहाड़ जेल में फांसी दी गई। ---------- इसे भी पढ़ेंः प्राइवेट पार्ट में खून, 3 उंगलियां काटीं; पसलियां तोड़ीं:मुजफ्फरपुर में 2 बच्चियों की रेप के बाद मर्डर की आशंका; पुलिस की थ्योरी-डूबने से मौत मुजफ्फरपुर में 11 मई को लापता बहनों की लाश बुधवार(13 मई) को ईंट भट्ठे के पास मिली थी। मौत कैसे हुई इसको लेकर अभी जांच चल रही है। लेकिन परिवार वालों का दावा है कि बच्चियों के साथ रेप करने के बाद उनकी बेरहमी से हत्या की गई है। मृतकों की उम्र 7 और 12 साल है। वहीं, पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टर्स के मुताबिक हत्या 11 मई को ही की गई है। पूरी खबर पढ़ें।
छत्तीसगढ़ से होकर चलने वाली 77 ट्रेनों को कैंसिल कर दिया है। ये ट्रेनें 8 जून से 19 जून के बीच अलग-अलग तारीखों में नहीं चलेंगी। इनमें 65 एक्सप्रेस और 12 पैसेंजर ट्रेनें शामिल हैं। वहीं 8 ट्रेनें रूट बदलकर चलेंगी, 6 ट्रेनें डेस्टिनेशन से पहले ही खत्म कर दी जाएंगी और 5 ट्रेनें अपने तय समय से देर से चलेंगी। यह फैसला बिलासपुर रेल मंडल के चांपा स्टेशन में चौथी रेल लाइन के काम के कारण लिया गया है। इस वजह से पश्चिम-बंगाल, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्यप्रदेश समेत 7 राज्यों के यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। समर सीजन में ट्रेनें रद्द होने से झारखंड, नागपुर, बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, हैदराबाद, बिहार, MP, बंगाल, ओडिशा, पंजाब जाने वाले यात्री परेशान होंगे। पैसेंजर बनकर चलेगी हसदेव एक्सप्रेस इस दौरान यात्रियों को कम परेशानी हो, इसके लिए रेलवे प्रशासन ने हसदेव एक्सप्रेस को बिलासपुर और कोरबा के बीच पैसेंजर ट्रेन बनाकर चलाने का फैसला किया है। रेलवे के आदेश के अनुसार, 8 से 19 जून तक 18250/18249 और 18252/18251 कोरबा-रायपुर-कोरबा हसदेव एक्सप्रेस केवल कोरबा-बिलासपुर-कोरबा के बीच पैसेंजर ट्रेन के रूप में चलेगी। बदले हुए रूट से चलने वाली ट्रेनें डेस्टिनेशन से पहले समाप्त होने वाली गाड़ियां देरी से चलेंगी ये ट्रेनें तीसरी और चौथी रेल लाइन का काम जारी दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में विकास के लिए कई परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इसी के तहत बिलासपुर-झारसुगुड़ा के बीच तीसरी और चौथी रेलवे लाइन बिछाई जा रही है। यह रूट काफी व्यस्त है और उत्तर भारत को दक्षिण भारत से जोड़ता है। रेल प्रशासन का कहना है कि नई लाइन बनने से ट्रेनों की आवाजाही आसान हो जाएगी, नई ट्रेनें चलाने का मौका मिलेगा और यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी। साथ ही ट्रेनें समय पर चलेंगी और देरी भी कम होगी। 180 किलोमीटर से ज्यादा काम पूरा रेलवे प्रशासन ने बताया है कि बिलासपुर से झारसुगुड़ा के बीच 206 किलोमीटर लंबी चौथी रेल लाइन का निर्माण किया जा रहा है। इसमें अब तक 180 किलोमीटर से ज्यादा काम पूरा हो चुका है। इस परियोजना के तहत बिलासपुर-झारसुगुड़ा सेक्शन के चांपा स्टेशन को भी चौथी रेल लाइन से जोड़ा जाएगा। 7 से 19 जून तक होगा काम यह काम 7 जून से 19 जून के बीच अलग-अलग तारीखों में किया जाएगा। चांपा स्टेशन को चौथी रेल लाइन से जोड़ने का कार्य इसी अवधि में पूरा होगा। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए यह काम सावधानी से किया जा रहा है। ………………….. इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… बिलासपुर जोन की 18 ट्रेनें 19 दिन कैंसिल: 20 गाड़ियां शॉर्ट टर्मिनेट, 2 के रूट बदले गए, MP-नागपुर, झारखंड जाने वाले यात्री परेशान होंगे बिलासपुर (SECR) जोन की 18 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। इनमें रायपुर मंडल की 8 पैसेंजर ट्रेनें और नागपुर मंडल की 10 ट्रेनें शामिल है। ये ट्रेनें 3 मई से 22 मई के बीच अलग-अलग तारीखों में नहीं चलेंगी। वहीं, 2 गाड़ियों के रूट बदले गए हैं, जबकि 20 ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट किया गया है। पढ़ें पूरी खबर
Fact Check: क्या बिहार के शिक्षा मंत्री ने कहा लड़कियों को शिक्षा की जरूरत नहीं? सच जानिए
बूम ने पाया कि बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने Agitation शब्द का इस्तेमाल किया था जिसे एजुकेशन समझकर गलत दावा किया जा रहा है.
पश्चिमी विक्षोभ ला रहा आंधी-तूफान, दिल्ली से लेकर बिहार तक झमाझम बारिश
मई के महीन में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की वजह से मौसम ठंडा हो गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिन बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। तेज हवाओं के साथ रिमझिम बारिश से तापमान सामान्य से कम रहेगा।
पीएम उषा अभियान के तहत बिहार को 600 करोड़ रुपए देगी मोदी सरकार, नीतीश कैबिनेट ने खोला बंद रास्ता
बिहार में पीएम उषा अभियान को लागू करने के प्रस्ताव को नीतीश कुमार सरकार की मंजूरी के बाद राज्य में उच्च शिक्षा के विकास के लिए केंद्र से अगले दो साल में 600 करोड़ रुपए मिलने का रास्ता खुल गया है।
बिहार के प्रिंस कुमार सिंह ने यूपीएससी आईएफएस परीक्षा में 15वीं रैंक प्राप्त की है। इसके अलावा उन्होंने और भी कई बड़े एग्जाम को पास किया हुआ है। जानिए जानते प्रिंस कुमार की कहानी जिन्होंने अपने आर्थिक
बॉलीवुड के मशहूर स्टार कपल सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल 7 वर्ष की डेटिंग के बाद अब पति-पत्नी बन चुके हैं। दोनों की शादी इस वक़्त टॉक ऑफ द टाउन है। सोनाक्षी और जहीर अलग धर्म से हैं। ऐसे में ना उन्होंने निकाह किया तथा ना ही फेरे लिए, बल्कि सादगी से रजिस्टर मैरिज की एवं फिर रिसेप्शन पार्टी रखी। अलग धर्म में शादी करने पर सोनाक्षी एवं जहीर को जमकर ट्रोल किया जा रहा है। ट्रोलिंग के कारण दोनों को अपने वेडिंग पोस्ट का कमेंट सेक्शन तक बंद करना पड़ा। मगर बात तब हद से ज्यादा तब बढ़ गई, जब इंटरफेथ मैरिज करने पर सोनाक्षी एवं जहीर के खिलाफ बिहार के गांव में प्रोटेस्ट मार्च निकाले गए। रिपोर्ट के अनुसार, सोनाक्षी के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन 'हिंदू शिव भवानी सेना' नाम की एक संगठन द्वारा आयोजित किया गया था। जहीर संग शादी पर बेटी सोनाक्षी की हो रही ट्रोलिंग पर अब शत्रुघ्न सिन्हा ने चुप्पी तोड़ी है तथा हेटर्स को जवाब दिया है। अपने एक इंटरव्यू के चलते शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा- आनंद बक्शी साहब ने इस तरह के प्रोफेशनल प्रोटेस्टर्स के बारे में लिखा है- कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना। इसमें आगे जोड़ना चाहूंगा कि कहने वाले अगर बेकार, बेकाम-काज के हों तो बोलना ही उनका काम बन जाता है। मेरी बेटी ने कुछ भी ऐसा नहीं किया जो गैरकानूनी एवं संविधान के खिलाफ है। सोनाक्षी-जहीर की शादी पर शत्रुघ्न सिन्हा ने आगे कहा- शादी दो लोगों के बीच का एक बहुत ही व्यक्तिगत फैसला है। इसमें किसी को भी बीच में दखल देने या कमेंट करने का हक नहीं होता। विरोध प्रदर्शन करने वालों को मैं यही बोलना चाहता हूं- अपनी जिंदगी पर ध्यान दो। जिंदगी में कुछ अच्छा करो। इससे ज्यादा और कुछ नहीं कहना। बता दें कि शत्रुघ्न सिन्हा ने खुशी-खुशी अपनी इकलौती बेटी की शादी की है। उन्होंने दामाद जहीर को भी अपना आशीर्वाद दिया है। रिलीज हुआ श्रद्धा कपूर-राजकुमार राव की स्त्री 2 का टीजर, इस अवतार में नजर आए स्टार्स किशोर कुमार के गानों पर बैन, मनोज कुमार-देव आनंद की फिल्मों पर रोक..! बॉलीवुड पर भी पड़ा था 'इमरजेंसी' का बुरा असर सामने आई कंगना रनौत की इमरजेंसी की रिलीज डेट, जानिए किस दिन आ रही है इंदिरा गांधी की बायोपिक?
फिल्म रैप में जानिए कि रविवार को एंटरटेनमेंट की दुनिया में क्या खास हुआ. 9 जून 2024 का दिन एतिहासिक रहा. पीएम नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार पीएम बनने की शपथ ली. इस दौरान शाहरुख खान से लेकर अक्षय कुमार भी मौजूद रहे.
बिहार सीईटी बीएड : पांच साल में सबसे ज्यादा आवेदन आए, इस तारीख से आएंगे एडमिट कार्ड
Bihar CET B.Ed:महिलाओं के लिए अलग एवं पुरुषों के लिए अलग परीक्षा केंद्र होंगे। अभ्यर्थी 17 जून से अपना एडमिट कार्ड वेबसाइटwww. biharcetbed- lnmu. inपर लॉगइन कर डाउनलोड कर सकेंगे।
बीएसईबी बिहार बोर्ड से संबद्ध और एनसीटीई से मान्यता प्राप्त डीएलएड संस्थानों की सूची जारी
Bihar D.El.Ed: बिहार बोर्ड ने डीएलएड प्रवेश परीक्षा 2024 की आंसर की जारी करने के एक दिन बाद अब राज्य में मौजूद सरकारी व निजी डीएलएड प्रशिक्षण संस्थानों की सूची भी जारी कर दी है। डीएलएड में दाखिला लेने
Bihar DElEd Answer Key 2024: आंसर की जारी, ऐसे दर्ज करें ऑब्जेक्शन, देखें डायरेक्ट लिंक
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने बिहार डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (DElEd) परीक्षा 2024 की आंसर की जारी की। जो उम्मीदवार परीक्षा में उपस्थित हुए हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट- biharboardonline.b
Bihar STET: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने शनिवार को माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (एसटीईटी)-2024 (प्रथम) परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया है। पेपर-1 के विभिन्न विषयों की परीक्षा 18 से 29 मई तक होगी।
CSBC Bihar Police Constable Exam: क्या जारी हो चुकी हैं रिवाइज्ड तारीखें, पढ़ें अपडेट
CSBC Bihar Police Constable exam dates: बिहार पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा की नई तारीखों का इंतजार है। परीक्षाएं 1, 7 और 15 अक्टूबर को निर्धारित की गई थीं, जिन्हें रद्द व स्थगित कर दिया गया था। आइए
बॉलीवुड अभिनेत्री नेहा शर्मा की हाल ही में बिहार में एक रोड शो में भागीदारी ने इंटरनेट पर तूफान ला दिया है। क्रुक और तुम बिन 2 जैसी फिल्मों में अपनी भूमिकाओं के लिए मशहूर सुश्री शर्मा को अपने पिता अजीत शर्मा का समर्थन करते देखा गया, जो कांग्रेस के टिकट पर भागलपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। यह रोड शो उन अफवाहों के बीच हुआ कि अभिनेता राजनीति में प्रवेश कर सकते हैं। हालाँकि, अब यह स्पष्ट हो गया है कि वह सिर्फ अपने पिता के लिए प्रचार कर रही थीं। नेहा शर्मा ने इंस्टाग्राम पर बांका, किशनगंज, कटिहार और पूर्णिया सहित बिहार के विभिन्न जिलों की अपनी यात्रा दिखाते हुए एक वीडियो साझा किया। वह पारंपरिक सलवार कमीज पहने हुए थीं और जनता का अभिवादन करती और उन्हें वोट डालने के लिए प्रोत्साहित करती नजर आईं। इसे भी पढ़ें: AR Rahman ने नए एल्बम के रिलीज पर Taylor Swift को बधाई दी, नेटिजन ने कहा 'महान कला, महान कला को पहचानती है' View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial) इसे भी पढ़ें: Tamannaah Bhatia Summoned by cyber cell | 'अवैध' IPL Streaming ऐप मामले में तमन्ना भाटिया को साइबर सेल ने तलब किया रोड शो के दौरान पीरपैंती और कहलगांव में भारी भीड़ ने अभिनेता का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने कैप्शन में लिखा “वे कहते हैं कि जब कोई आपको अपने दिल में जगह देता है, तो आप हमेशा के लिए वहीं रहते हैं। आपने मुझे जो प्यार और समर्थन दिया है, उससे मेरा दिल भर गया है। पीरपैंती और कहलगांव में गर्मजोशी से स्वागत के लिए धन्यवाद। आपका प्यार सारी आँखों पर। सदा आभारी। ऑनलाइन प्रसारित हो रहे एक अन्य वीडियो में अभिनेत्री को भागलपुर में अपने पिता के चुनाव अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेते हुए दिखाया गया है। भागलपुर लोकसभा सीट पर दूसरे चरण में 26 अप्रैल को चुनाव होना है। इस सीट पर कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करने वाले अजीत शर्मा का मुकाबला जेडीयू के अजय कुमार मंडल से है। पहले ऐसी अफवाह थी कि सुश्री शर्मा राजनीति में प्रवेश कर सकती हैं। हालाँकि, कई रिपोर्टों ने स्पष्ट किया है कि वह अभी चुनावी शुरुआत नहीं कर रही हैं। रिपोर्टों के अनुसार, उनके पिता अजीत शर्मा ने उन्हें राजनीति में शामिल होने का अवसर दिया, शर्मा वर्तमान में अपने अभिनय करियर पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। Bihar, Bhagalpur: Bollywood actress Neha Sharma campaigns for Congress leader and father Ajeet Sharma in the Lok Sabha elections, participates in a roadshow. pic.twitter.com/yEhb4XoQQL — IANS (@ians_india) April 23, 2024 View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial) View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial)
सलमान के घर फायरिंग से पहले शूटर्स ने बिहार में की हथियारों की प्रैक्टिस, फार्म हाउस की हुई थी रेकी
14 अप्रैल को, सुबह 4.50 बजे सलमान के बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर, अज्ञात हमलावरों ने पांच राउंड फायरिंग की थी. पुलिस ने सलमान के घर पर फायरिंग करने के मामले में विक्की गुप्ता (24 साल) और सागर पाल (21 साल) नाम के दो लड़कों को गिरफ्तार किया था. अब इससे जुड़ा एक बड़ा अपडेट सामने आया है.
Manisha और Elvish के बीच लगी दुश्मनी की आग हुई और तेज, बिहार की बेटी नेसरेआम बना दिया'राव साहब' का मजाक ?
बिहार में जेईई और नीट की फ्री कोचिंग, रहने-खाने की भी रहेगी मुफ्त व्यवस्था, ऐसे करें अप्लाई
Bihar Board Jee and Neet Free Coaching : विद्यार्थी समिति द्वारा संचालित engineering (jee) औरmedical (neet) की नि:शुल्क तैयारी हेतु BSEB SUPER-50 आवासीय शिक्षण में पढ़ने हेतु आवेदन कर सकत हैं।
Bihar 10th Board 2024: टॉप 5 में इन 10 छात्रों ने बनाई जगह, जानें नाम और मार्क्स
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड ने दसवी का रिजल्ट bsebmatric.org और results.biharboardonline.com पर जारी कर दिया है। इस साल टॉप 10 की लिस्ट ने 51 छात्रों ने अपनी जगह बनाई है। टॉप 5 की लिस्ट में 10 छ
Bihar Board BSEB 2024 Matrci Result Today:बिहार बोर्ड 10वीं का रिजल्ट biharboardonline.bihar.gov.in व biharboardonline.com , onlinebseb.in पर जल्दजारी कर दिया जाएगा।
BSEB: क्लास 10वीं के रिजल्ट से पहले जानें ये 10 जरूरी बातें, मार्कशीट मिलने में मिलेगी मदद
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड अब कभी भी वेबसाइट biharboardonline.gov.in पर कक्षा 10वीं के रिजल्ट अपलोड कर सकता है। एक बार रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र यहां से डाउनलोड कर सकते हैं।
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (बीएसईबी) मैट्रिक यानी कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट अब कभी भी biharboardonline.bihar.gov.in पर जारी हो सकता है, जो छात्र परीक्षा में शामिल हुए हैं, वे जान लें, रिजल्
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने इंटर में एडमिशन को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। इस बाबत समिति ने सभी सरकारी, गैर सरकारी विद्यालय, इंटर कॉलेजों की सूची ofssbihar.in पर अपलोड कर दी है।
बीएसईबी मैट्रिक रिजल्ट की घोषणा जल्द की जाएगी। हालांकि अभी तक रिजल्ट की टाइमिंग और तारीख के बारे में कोई जानकारी शेयर नहीं की गई है, लेकिन उम्मीद है नतीजे 31 मार्च तक आधिकारिक वेबसाइट biharboardonlin
BSEB Bihar 10th Board: प्रेस कॉन्फ्रेंस में शेयर की जाएंगी ये 5 डिटेल्स, यहां पढ़ें
छात्र आधिकारिक वेबसाइट्स से बीएसईबी 10वीं स्कोरकार्ड 2024 डाउनलोड कर सकेंगे। रिजल्ट वाले दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। जिसमें बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं की परीक्षा से जुड़ी कई डिटेल्स शेयर की जाएगी। आइए ज
इस साल का रिजल्ट पिछले 5 साल की तुलना में सबसे बेहतर, 87.21 प्रतिशत विद्यार्थी हुए पास
BSEB Bihar Board 12th Result : हार बोर्ड ने आज 12वीं के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस वर्ष का रिजल्ट पिछले 5 सालों की तुलना में सबसे बेहतर रहा है। इस साल इंटर का रिजल्ट 87.21 फीसदी रहा।
बिहार बोर्ड ने 12वीं यानी इंटर परीक्षा का रिजल्ट अब जारी कर दिया है। टॉपर्स के नाम भी सामने आ गए हैं। आइए जानते हैं साइंस, कॉमर्स, आर्ट्स स्ट्रीम के टॉपर्स ने किन स्कूलों से पढ़ाई की है। यहां देखें न
BSEB : बारहवीं कक्षा के छात्रों को इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी के लिए फ्री में कोचिंग देती है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) गरीब विद्यार्थियों को JEE और NEET की मुफ्त कोचिंग कराती है।
BSEB Bihar Board: बिहार बोर्ड इंटर छात्र जानें टॉप 10 इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज
NIRF यानी राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क। इस रैंकिंग को शिक्षा मंत्रालय जारी करता है। एनआईआरएफ रैंकिंग में देश के टॉप इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज और यूनिवर्सिटी की रैंकिंग जारी की जाती है।
बीएसईबी 12वीं के परिणाम के साथ टॉपर्स की लिस्ट भी शेयर करेगा। जो छात्र परीक्षा में शामिल हुए हैं, वे जान लें, पिछले 7 सालों में आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस स्ट्रीम में किसने किया था टॉप। यहां पढ़ें पूरी
Bihar 12th Board 2024: रिजल्ट जारी होने की तारीख और समय के बारे में यहां मिलेगी जानकारी
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (बीएसईबी) जल्द ही इंटरमीडिएट या कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा 2024 के परिणाम घोषित करेगा। वहीं बोर्ड परिणाम के समय की घोषणा पहले कर दी जाएगी। आइए जानते हैं, आप कहां कर सकें

