Bihar Student Protest: TRE-4 समेत प्रतियोगी परीक्षाओं की मांगों को लेकर पटना में अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी
Bihar News: अंतिम सोमवारी पर बाबा हरिगिरिधाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, 2 किलोमीटर लंबी लगी कतार
Bihar News: अंतिम सोमवारी पर बाबा हरिगिरिधाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, 2 किलोमीटर लंबी लगी कतार
Bihar News: सावन की अंतिम सोमवारी पर सिंहेश्वर धाम में बेकाबू भीड़, धक्का-मुक्की से मची भगदड़ जैसी स्थिति
Bihar Expressway: बिहार का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे, भागलपुर से दिल्ली तक कनेक्टिविटी होगी आसान; 6 लेन सड़क पर 120 की रफ्तार
Bihar News Today Live: बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 24 अगस्त के मुख्य और ताजा समाचार
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सावन माह की चौथी और अंतिम सोमवारी पर मुजफ्फरपुर के प्रसिद्ध बाबा गरीबनाथ धाम में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। आधी रात 12 बजे से शुरू हुआ जलाभिषेक का सिलसिला सुबह तक जारी रहा।
Bihar News: गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर, भोजपुर के 5 सरकारी स्कूलों में 29 अगस्त तक पढ़ाई बंद
गंगा के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए भोजपुर जिला प्रशासन ने छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के लिए जिले के पांच सरकारी विद्यालयों में 24 से 29 अगस्त तक पठन-पाठन स्थगित कर दिया है।
‘इनोवेशन इन गवर्नेंस’ श्रेणी में जगह पाने वाली इस सफारी में ग्लास स्काईवॉक, सस्पेंशन ब्रिज, जिप लाइन, नेचर कैंप और प्राकृतिक वातावरण में वन्यजीव सफारी जैसी सुविधाएं पर्यटकों को आकर्षित करती हैं।
'सत्ता की मलाई खाते रहे लालू प्रसाद'; JDU ने कहा- जेल जाने के डर से बिहार के हितों की बलि चढ़ाई
जदयू ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद पर फरक्का जल समझौते में बिहार के हितों की बलि चढ़ाने का आरोप लगाया है, कहा कि उन्होंने जेल जाने के डर से ऐसा किया।
IMD Weather Update: देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता के बीच मौसम का मिजाज बिगड़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने कई राज्यों में बारिश के साथ तेज हवाओं और आंधी-तूफान को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है। दिल्ली समेत उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में बारिश और गरज-चमक का असर देखने को मिल सकता है, वहीं पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। वहीं, समुद्र से जुड़े इलाकों में तेज हवाओं चलने की संभावना है। वहीं दिल्ली और यूपी में भी तेज बारिश के आसार है। IMD ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और खुले स्थानों पर जाने से बचने को कहा है।बारिश के साथ हवाओं की भी अलर्टउत्तर प्रदेश और बिहार में 24 अगस्त को मौसम खराब रहने की संभावना है। उत्तर प्रदेश के नोएडा, गाजियाबाद, अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, कानपुर और मथुरा समेत कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है। लखनऊ में अधिकतम तापमान 33 और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। वहीं बिहार में पटना समेत गया, पश्चिमी चंपारण, समस्तीपुर, पूर्णिया, बक्सर, दरभंगा, किशनगंज, वैशाली और मधुबनी में तेज बारिश और आंधी की संभावना है। इस दौरान हवाएं 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं।कैसा होगा दिल्ली का मौसमदिल्ली में 24 अगस्त को मौसम खराब रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने राजधानी में आंधी-तूफान के साथ तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार करीब 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। दिल्ली में आज अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। पिछले कुछ दिनों से राजधानी में बारिश हो रही है, वहीं बारिश की वजह से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग ने दिल्ली-NCR में अगले 3 से 4 दिनों में मौसम में बदलाव होने की संभावना जताई है।इन राज्यों में होगी भारी बारिशमौसम विभाग ने 24 अगस्त को देश के कई हिस्सों में खराब मौसम की संभावना जताई है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, गुजरात, पश्चिम बंगाल और ओडिशा समेत 17 राज्यों में बारिश के साथ तेज हवाएं और आंधी चलने का अनुमान है। पहाड़ी राज्यों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है, इसलिए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। लोगों को मौसम खराब होने पर सावधानी बरतने और जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है।विदेशों में लहराया भारत का परचम, अब अपनी ही नागरिकता साबित करने के पड़े लाले! पूर्व राजदूत नवदीप सूरी के साथ क्या हुआ?
रियल एस्टेट में मनमानी पर लगेगी लगाम! झारखंड रेरा में लागू हो सकती है बिहार की ऑनलाइन व्यवस्था
झारखंड रेरा ने रांची में एक कार्यशाला आयोजित की, जिसमें बिहार रेरा के ऑनलाइन सिस्टम और पारदर्शिता मॉडल पर चर्चा हुई। इस कार्यशाला में रियल एस्टेट एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन, होमबायर्स के अधिकारों और ऑनलाइन प्रोजेक्ट रजिस्ट्रेशन की जानकारी दी गई।
बिहार के सारण जिले में जन्मदिन समारोह में ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रम करने के बाद लौट रही एक नर्तकी ने स्कूटी चालक पर हथियार का भय दिखाकर जबरन यौन अपराध करने का आरोप लगाया है। घटना शनिवार तड़के मशरक-तरैया मुख्य मार्ग पर सुनसान जगह की बताई जा रही है।
पटना के गर्दनीबाग में छात्रों का न्याय सत्याग्रह छठे दिन भी जारी रहा, जिसमें TRE-4 में पद बढ़ाने, एकल परीक्षा और निगेटिव मार्किंग खत्म करने जैसी कई मांगें उठाई गईं।
उत्तराखंड, यूपी और बिहार में भारी बारिश के चलते गंगा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। इस वजह से बिहार के कई इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। ऐसे में सीएम सम्राट चौधरी ने पश्चिम बंगाल सीएम से फरक्का बैजार के गेट खोलने की अपील की है।
Bihar Weather Today 24 August: बिहार में मानसून कमजोर पड़ा है। हालांकि, इसके बावजूद स्थानीय वातावरणीय प्रभावों से राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश की स्थिति है। मौसम विभाग ने सोमवार को 20 जिलों में वज्रपात, मेघ गर्जन का अलर्ट जारी किया है।
बिहार में मानसून सक्रिय है, जिससे पटना सहित कई जिलों में छिटपुट बारिश हो रही है। गया, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण में भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि पटना समेत 20 जिलों में वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है।
पीएम सूर्य घऱ योजना लागू करने में बिहार काफी पीछे हो गया है। बता दें कि आर्थिक रूप से कमजोर कुटीर ज्योति श्रेणी (बीपीएल) परिवार के घरों पर 1.1 किलोवाट का सौर ऊर्जा संयंत्र शत-प्रतिशत सब्सिडी के साथ लगाये जा रहे हैं।
अगले साल से बिहार के सभी जिलों में रोजगार मेला, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का ऐलान
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ऐलान किया है कि अगले साल से बिहार के सभी जिलों में रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। इस मेले से बिहार के कई युवाओं को रोजगार मिलने में मदद मिलेगी।
लैड पुलिंग या अधिग्रहण, बिहार में टाउनशिप के लिए जमीन लेने में सरकार किसानों को देगी चार ऑप्शन
बिहार में विकसित हो रहे टाउनशिप के लिए किसान अपनी जमीन लेने का विरोध कर रहे हैं। इस बीच सम्राट चौधरी सरकार ने अब फैसला किया है कि वो जमीन लेने से पहले किसानों को 4 विकल्प देगी।
बांग्लादेश और भारत के समझौते पर बिहार में क्यों संग्राम, फरक्का पर उलझे JDU-RJD
फरक्का संधि का मतलब भारत और पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश के बीच हुए एक जल समझौते से है। जिस पर 12 दिसंबर 1996 को दस्तखत किए गए थे। अब यह मुद्दा बिहार की राजनीति में तूल पकड़ रहा है और दो बड़े दल राजद और जदयू उलझे नजर आ रहे हैं।
मुजफ्फरपुर के 14 PHC का दो करोड़ से होगा कायाकल्प, अत्याधुनिक बनेंगे लेबर रूम व प्रसूति वार्ड
Primary Health Center Bihar:मुजफ्फरपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में 14 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का दो करोड़ रुपये की लागत से कायाकल्प किया जाएगा। इस परियोजना के तहत लेबर रूम और प्रसूति वार्डों को अत्याधुनिक बनाकर गर्भवती महिलाओं व नवजातों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
Nishant Kumar बनेंगे बिहार के अगले CM, JDU सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने जताई उम्मीद
जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता देवेश चंद्र ठाकुर ने रविवार को उम्मीद जताई कि बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत अपने पिता और पार्टी अध्यक्ष नीतीश कुमार के पदचिह्नों पर चलते हुए राज्य के मुख्यमंत्री बनेंगे। ठाकुर सीतामढ़ी में पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे। सीतामढ़ी उनका लोकसभा क्षेत्र है, जहां राज्य के स्वास्थ्य मंत्री दौरे पर थे और उन्हें जिलेभर में जदयू कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। ठाकुर ने कहा, हमारे नेता नीतीश कुमार ने बिहार के लिए बहुत कुछ किया है। मुख्यमंत्री के रूप में उनका दो दशक लंबा कार्यकाल बेजोड़ रहा है। हमें उम्मीद है कि निशांत अपने पिता के पदचिह्नों पर चलते हुए सार्वजनिक जीवन में नाम कमाएंगे। जब उनसे सीधे तौर पर पूछा गया कि क्या वह उत्तराधिकारी माने जा रहे निशांत को भविष्य के मुख्यमंत्री के तौर पर देखते हैं, तो पूर्व राज्य मंत्री और विधान परिषद के सभापति रह चुके ठाकुर ने कहा, क्यों नहीं? राजनीति संभावनाओं की कला है। वह सर्वोच्च ऊंचाइयों तक पहुंचें। निशांत कुमार (45) ने इस साल मार्च में राजनीति में कदम रखा था। इसके कुछ ही सप्ताह बाद उनके पिता ने राज्यसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया और बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में दो दशक लंबे कार्यकाल का अंत किया। विनम्र स्वभाव के लिए पहचाने जाने वाले निशांत ने शुरू में भाजपा के सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली राज्य की नयी सरकार में उपमुख्यमंत्री के रूप में शामिल होने का प्रस्ताव ठुकरा दिया था लेकिन बाद में जदयू के कार्यकर्ताओं और नेताओं के दबाव में उन्होंने मंत्रिमंडल में शामिल होने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया। जब ठाकुर से स्वास्थ्य मंत्री के रूप में निशांत के प्रदर्शन के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, इस युवा नेता ने अभी शुरुआत ही की है। इस समय ऐसा सवाल पूछना ही बचकाना है। निशांत ने मीडियाकर्मियों से कहा, सीतामढ़ी आकर मैं बहुत उत्साहित हूं। यह वह स्थान है जहां माना जाता है कि देवी सीता प्रकट हुई थीं। मैं उनसे प्रार्थना करता हूं कि मैं लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरूं और समाज के हर वर्ग, चाहे महिलाएं हों, ओबीसी हों या ईबीसी- सभी के लिए काम करूं, जैसा कि मेरे पिता ने किया। मौके पर मौजूद जदयू कार्यकर्ताओं ने कहा कि अब उन्हें भरोसा है कि नीतीश कुमार के सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने से कोई खालीपन नहीं आया है और निशांत के नेतृत्व में पार्टी सुरक्षित हाथों में है।
ट्रेनों में अटैची चोरी का ‘मास्टरमाइंड’ कौन? प्रकाश साव के गिरोह का बिहार से यूपी-झारखंड तक नेटवर्क
रेल पुलिस ने गिरफ्तार चार बदमाशों से पूछताछ के बाद प्रकाश साव के नेतृत्व वाले बड़े ट्रेन चोरी गिरोह का खुलासा किया है। यह गिरोह बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश तक फैला है और सद्भावना व पवन एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में यात्रियों को निशाना बनाता है।
नीतीश के बेटे निशांत बनेंगे बिहार के CM? चर्चा में JDU नेता का बयान
JDU के वरिष्ठ नेता देवेश चंद्र ठाकुर ने कहा है कि बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार अपने पिता नीतीश कुमार के पदचिह्न पर चलेंगे. वे भविष्य में मुख्यमंत्री बन सकते हैं. ठाकुर ने उनके कामकाज का जल्द आंकलन करने से बचने और युवा नेता को काम करने का पूरा मौका देने को कहा है.
KESCO Scrap Scam: फिर पकड़ा ही क्यों था ट्रक? फिर 8 दिन बाद बिना कार्रवाई बिहार भेज दिया
केस्को में 1.52 करोड़ रुपये के स्क्रैप बिक्री घोटाले का खुलासा हुआ है, जिसमें एक्सईएन और जेई पर निर्धारित से अधिक माल बेचने का आरोप है। गुजरात जा रहे एक ट्रक में अतिरिक्त स्क्रैप मिलने के बाद जांच शुरू हुई, जबकि बिहार जा रहे दूसरे ट्रक को पकड़ने के बाद भी बिना कार्रवाई के छोड़ दिया गया।
मौसम विभाग ने दक्षिण बिहार में 24 से 26 अगस्त तक मूसलाधार बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान मोतिहारी, छपरा, बेतिया, गोपालगंज, सीवान, पटना, आरा, नालंदा समेत अन्य जगहों पर आंधी और वज्रपात की आशंका बनी रहेगी।
CRPF Jawan की Bihar के Rohtas में सड़क दुर्घटना में मौत, परिवार के 4 लोग घायल
बिहार के रोहतास जिले में रविवार को एक ऑटोरिक्शा सड़क किनारे पेड़ से टकरा गया, जिससे सीआरपीएफ के 39 वर्षीय एक जवान की मौत हो गई और उसके परिवार के चार सदस्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि दुर्घटना शनिवार को रोहतास के तिलौथू थाना क्षेत्र के निमियाडीह-तेरका के निकट हुई। थाना प्रभारी (एसएचओ) शुभम कुमार ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, सीआरपीएफ कर्मी कंचन कुमार ठाकुर अपने परिवार के सदस्यों के साथ दर्शन के लिए ताराचंडी से मां तुतला भवानी जा रहे थे, तभी ऑटोरिक्शा का संतुलन बिगड़ गया और वह पेड़ से टकरा गया। उन्होंने बताया कि ठाकुर गंभीर रूप से घायल हो गए और सासाराम के सदर अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी, बच्चा और परिवार के दो अन्य सदस्य हादसे में घायल हो गए। कुमार ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम करा लिया गया है और पुलिस को लिखित शिकायत मिली है, जिसके आधार पर यातायात थाने में प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। उन्होंने कहा, स्थानीय लोगों के अनुसार, विपरीत दिशा से आ रही एक एसयूवी से टक्कर से बचने की कोशिश में ऑटोरिक्शा चालक ने वाहन पर संतुलन खो दिया। हालांकि, जब पुलिस घटनास्थल पर पहुंची तो एसयूवी वहां नहीं थी। एसएचओ ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।
राज्य सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और जैविक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वर्मी कंपोस्ट एवं बायोगैस इकाई की स्थापना पर अनुदान के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। कृषि विभाग के अनुसार, इच्छुक किसान 30 सितंबर 2026 तक आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों का कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल पर पंजीकृत होना अनिवार्य है। किसान आधिकारिक वेबसाइट dbtagriculture.bihar.gov.in पर जाकर 'अनुदान के लिए आवेदन' मेनू में 'पक्का वर्मी कंपोस्ट अनुदान' श्रेणी का चयन कर अपना आवेदन दर्ज कर सकते हैं। सरकार पक्का वर्मी कंपोस्ट इकाई के निर्माण पर कुल लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम 5,000 रुपये प्रति इकाई का अनुदान प्रदान कर रही है। यह वित्तीय सहायता किसानों को जैविक खाद उत्पादन में मदद करेगी। यह योजना केवल नए आवेदकों के लिए है। जिन किसानों ने पिछले वर्षों में इस योजना के तहत अनुदान प्राप्त किया है, वे दोबारा आवेदन करने के पात्र नहीं होंगे। कृषि विभाग ने सभी पात्र किसानों से अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय पर ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की है। इस पहल से मिट्टी की उर्वरता में सुधार होगा और किसानों की उत्पादन लागत में भी कमी आएगी।
बिहार की राजनीतिक गलियारों में इन दिनों मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनके बेटे निशांत कुमार को लेकर चर्चाओं का बाजार बेहद गर्म है। हाल ही में सामने आए एक राजनीतिक घटनाक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने बेटे निशांत को बेहद स्नेह और भावुकता के साथ देखने के बाद उन्हें सीतामढ़ी जाने का विशेष आशीर्वाद दिया है। इस वाकये के सामने आने के बाद से पटना से लेकर दिल्ली तक के राजनीतिक विश्लेषक इसके अलग-अलग मायने निकालने में जुट गए हैं। हर कोई यह जानने को उत्सुक है कि क्या यह महज एक सामान्य पारिवारिक मुलाकात थी या इसके पीछे बिहार की आगामी राजनीति का कोई बड़ा खाका तैयार हो रहा है।पिता-पुत्र की इस मुलाकात के क्या हैं सियासी मायनेराजनीतिक जानकारों का मानना है कि नीतीश कुमार का अपने बेटे को इस तरह स्नेह देना और खास तौर पर सीतामढ़ी जैसे धार्मिक और राजनीतिक रूप से संवेदनशील जिले का दौरा करने के लिए भेजना कोई इत्तेफाक नहीं है। पिछले काफी समय से इस बात की चर्चाएं चलती रही हैं कि क्या निशांत कुमार आने वाले समय में सक्रिय राजनीति में कदम रखेंगे या पार्टी के भीतर कोई बड़ी जिम्मेदारी संभालेंगे। ऐसे समय में जब राज्य के राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं और हर दल अपनी स्थिति मजबूत करने में लगा है, इस घटना ने विपक्षी खेमे के साथ-साथ सत्ताधारी जेडीयू के भीतर भी सुगबुगाहट तेज कर दी है।सीतामढ़ी दौरे को लेकर क्यों गर्म है सियासी बाजारमाता सीता की पावन जन्मस्थली सीतामढ़ी हमेशा से बिहार की राजनीति में एक बेहद महत्वपूर्ण केंद्र रही है। यहां से किसी भी राजनीतिक संदेश या यात्रा का एक गहरा और व्यापक असर राज्य की जनता पर पड़ता है। अब जब निशांत कुमार को इस क्षेत्र में जाने का आशीर्वाद मिला है, तो स्थानीय स्तर पर यह कयास लगाए जाने लगे हैं कि वे जल्द ही वहां जनता के बीच जाकर जनसंपर्क अभियान की शुरुआत कर सकते हैं। राजनीतिक पंडितों का कहना है कि यह कदम युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने और जनता के बीच उनकी स्वीकार्यता को परखने का एक सुनियोजित प्रयास हो सकता है।कार्यकर्ताओं में उत्साह और भविष्य की राजनीतिक चालइस पूरे घटनाक्रम के बाद से पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय समर्थकों के बीच भी भारी उत्साह देखा जा रहा है। हालांकि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की ओर से अभी तक आधिकारिक तौर पर इसे लेकर कोई बड़ा बयान नहीं आया है, लेकिन दबी जुबान में भविष्य के उत्तराधिकार और नेतृत्व को लेकर बातें होने लगी हैं। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि नीतीश कुमार का यह आशीर्वाद और निशांत कुमार का संभावित दौरा बिहार की सियासत में किस प्रकार के नए समीकरणों को जन्म देता है।
Vikramshila Setu पर 29 अगस्त से शुरू होने वाला मरम्मत कार्य गंगा के बढ़ते जलस्तर और संभावित बाढ़ के कारण टाल दिया गया है। इस फैसले से पूर्वी बिहार की बड़ी आबादी को राहत मिली है, और अब नई तिथि तय होने तक पुल पर आवागमन जारी रहेगा।
किसानों के लिए बिहार सरकार का नया प्लान, खेत से बाजार तक बढ़ेगी भागीदारी; एग्रीस्टैक पर जोर
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने गया में किसानों, महिलाओं और गरीबों के कल्याण के लिए कृषि विभाग के अभियानों पर जोर दिया। उन्होंने कृषि उत्पादन बढ़ाने, आय में वृद्धि, नकली खाद पर कार्रवाई सहित कई योजनाओं की जानकारी दी।
Bihar News: बीकानेर में कांग्रेस के टिकट की मची होड़, 80 वार्डों पर 600 दावेदारों ने ठोकी ताल
बीकानेर नगर निगम चुनाव को लेकर कांग्रेस ने टिकट वितरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शनिवार को शहर कांग्रेस कार्यालय में टिकट के दावेदारों की भारी भीड़ जुटी।
देश की प्रमुख सरकारी तेल विपणन कंपनियों (Indian Oil, Bharat Petroleum, Hindustan Petroleum) ने 23 अगस्त 2026 के लिए एलपीजी गैस सिलेंडर (LPG Cylinder) के ताजा भाव जारी कर दिए हैं। त्योहारी सीजन और बदलते वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य के बीच आम उपभोक्ताओं की नजर इस बात पर टिकी है कि घरेलू रसोई गैस और व्यावसायिक सिलेंडरों के दाम में कोई फेरबदल हुआ है या नहीं। आज 23 अगस्त को 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतें देश के अधिकांश हिस्सों में स्थिर बनी हुई हैं, जिससे आम जनता के घरेलू बजट को राहत मिली है। वहीं, 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम भी अपने हालिया संशोधित स्तरों पर कारोबार कर रहे हैं।23 अगस्त को प्रमुख महानगरों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर (14.2 Kg) के रेटघरेलू उपभोक्ताओं के लिए 14.2 किलोग्राम वाले गैर-सब्सिडी रसोई गैस सिलेंडर की कीमतें महानगरों में इस प्रकार दर्ज की गई हैं:नई दिल्ली: ₹942.00 प्रति सिलेंडरमुंबई: ₹941.50 प्रति सिलेंडरकोलकाता: ₹968.00 प्रति सिलेंडरचेन्नई: ₹957.50 प्रति सिलेंडरनोएडा / ग्रेटर नोएडा: ₹939.50 प्रति सिलेंडरगुरुग्राम (हरियाणा): ₹950.50 प्रति सिलेंडरबेंगलुरु: ₹944.50 प्रति सिलेंडरहैदराबाद: ₹994.00 प्रति सिलेंडरउत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान में क्या हैं रसोई गैस के भाव?स्थानीय परिवहन शुल्क (Freight Charges) और राज्य स्तरीय टैक्स (VAT) के अंतर के कारण अलग-अलग राज्यों और जिलों में गैस सिलेंडर के खुदरा मूल्य अलग-अलग होते हैं:उत्तर प्रदेश (लखनऊ, कानपुर, वाराणसी): लखनऊ में 14.2 किलोग्राम घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत ₹979.50 पर स्थिर है। वहीं कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी में भी कीमतें ₹980 के आसपास बनी हुई हैं।बिहार (पटना, गया, मुजफ्फरपुर): बिहार की राजधानी पटना में 14.2 किलोग्राम घरेलू सिलेंडर का भाव ₹1,031.50 चल रहा है। दूरी और टैक्स के चलते बिहार में दरें देश के अन्य मैदानी राज्यों से थोड़ी अधिक रहती हैं।राजस्थान (जयपुर, जोधपुर): गुलाबी नगर जयपुर में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत ₹945.50 प्रति सिलेंडर है।मध्य प्रदेश (भोपाल, इंदौर): भोपाल और इंदौर में घरेलू रसोई गैस ₹947.50 से ₹950.00 के दायरे में उपलब्ध है।19 किलोग्राम कमर्शियल गैस सिलेंडर के ताजा दामहोटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और छोटे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल होने वाले 19 किलोग्राम नीले रंग के कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम स्थानीय बाजारों में निम्न स्तर पर हैं:नई दिल्ली: ₹2,738.00 प्रति सिलेंडरमुंबई: ₹2,691.50 प्रति सिलेंडरकोलकाता: ₹2,872.50 प्रति सिलेंडरचेन्नई: ₹2,906.00 प्रति सिलेंडरलखनऊ: ₹2,860.50 प्रति सिलेंडरपटना: ₹3,018.00 प्रति सिलेंडरएलपीजी सिलेंडर के दाम कैसे तय होते हैं?भारत में एलपीजी की कीमतें आयात समता मूल्य (Import Parity Price - IPP) के आधार पर तय होती हैं। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क जैसे सऊदी अरामको एलपीजी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस (CP), वैश्विक क्रूड ऑयल की चाल, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की विनिमय दर, समुद्री भाड़ा और रिफाइनरी प्रोसेसिंग लागत को मिलाकर आधार मूल्य निर्धारित किया जाता है। तेल विपणन कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को आधार दरों की समीक्षा करती हैं और मांग-आपूर्ति के अनुसार समय-समय पर अपडेट जारी करती हैं।घर बैठे अपने शहर का एलपीजी रेट कैसे चेक करें और बुक करें?उपभोक्ता बिना किसी परेशानी के अपने स्मार्टफोन से ताजा एलपीजी रेट जान सकते हैं और सिलेंडर बुक कर सकते हैं:आईओसीएल (Indane) ग्राहक: अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से 7718955555 पर कॉल कर सकते हैं या इंडियनऑयल वन ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं।एचपी गैस (HP Gas) ग्राहक: व्हाट्सऐप नंबर 9222201122 पर 'Hi' या 'LPG' लिखकर भेजकर बुकिंग और रेट की जानकारी पा सकते हैं।भारत गैस (Bharatgas) ग्राहक: व्हाट्सऐप पर 1800224344 पर संदेश भेजकर अथवा बीपीसीएल ऐप के माध्यम से तुरंत बुकिंग कर सकते हैं।
Bihar News: पति पर टूट पड़े बदमाश, बचाने आई पत्नी को चाकू मारा; अस्पताल पहुंचते ही मौत
खगड़िया के गोगरी थाना क्षेत्र के छोटी मालिया गांव में शनिवार रात पति-पत्नी पर तीन बदमाशों ने हमला कर दिया। बच्चों को ढूंढने निकले दंपती को श्मशान बगीचे के पास घेरकर बदमाशों ने पहले पति मोहम्मद अरशद के साथ मारपीट की और रुपये-पैसे लूट लिए।
तेजस्वी यादव के बयान के बाद बिहार की अर्थव्यवस्था (Bihar Economy) पर चर्चा तेज हो गई है, जिसमें राज्य पर प्रति व्यक्ति लगभग ₹28,000 का कर्ज और चुनावी वादों का बोझ सामने आया है।
वैशाली में कच्ची दरगाह-बिदुपुर सिक्सलेन पुल के अप्रोच रोड के गोलंबर के नीचे से बड़ी मात्रा में मिट्टी हटने की तस्वीरें सामने आने के बाद पुल की सुरक्षा और निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं।
GAD Bihar: सामान्य प्रशासन विभाग ने फिर से कई IAS अधिकारियों का तबादला कर दिया है। लिस्ट में2022, 2023 और 2024 बैच के IAS अधिकारी शामिल हैं। आइये जानते हैं किन्हें-कहां की जिम्मेदारी मिली?
Bihar News: सारण में NIA की बड़ी कार्रवाई, मुख्य पार्षद के घर छापेमारी, बेटे को टीम अपने साथ ले गई
सारण के परसा नगर पंचायत में NIA ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य पार्षद आयशा खातून के आवास पर छापेमारी की। दिल्ली और पटना से पहुंची टीम ने करीब चार घंटे तक घर की तलाशी ली और परिवार के सदस्यों से पूछताछ की।
Bihar : थाने के गेट पर फायरिंग, पटना में 11 किलोमीटर तक पीछा कर पुलिस ने तीन आरोपियों को दबोचा
मनेर थाने के गेट के पास फायरिंग कर पुलिस को चुनौती देने वाले तीन बदमाशों को पुलिस ने करीब आधे घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। शनिवार रात बाइक से पहुंचे तीन बदमाशों में से एक ने थाने के गेट के पास गोली चलाई और तीनों दानापुर की ओर भाग गए।
Bihar News Today Live: बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 23 अगस्त के मुख्य और ताजा समाचार
Bihar Breaking News Today Live - Read latest and breaking news today in hindi at Amarujala. यहां पढ़ें, बिहार की ताजा खबरें, राजनीति, खेल, मनोरंजन, धर्म, क्राइम और शिक्षा की खबरों का लाइव अपडेशन
PhD, NET और JRF ही काफी नहीं, बिहार के कॉलेजों में पढ़ाने के लिए शिक्षकों को लेनी होगी ट्रेनिंग
बिहार के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के शिक्षकों के लिए राज्यपाल सचिवालय ने 36 घंटे का अकादमिक प्रशिक्षण अनिवार्य कर दिया है।
LPG Rate 22 August 2026:रसोई गैस यानी LPG सिलेंडर की कीमतें आम परिवारों के घरेलू बजट का एक अहम हिस्सा होती हैं। गैस के दाम बढ़ने या घटने का सीधा असर महीने के कुल खर्च पर दिखाई देता है। 23 अगस्त 2026 को घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। यानी आज उपभोक्ताओं को सिलेंडर खरीदने के लिए पहले से अधिक पैसे खर्च नहीं करने पड़ेंगे। कीमतें स्थिर रहने से परिवारों को फिलहाल राहत मिली है और उनके मासिक बजट पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ा है। हालांकि, LPG की कीमत सभी शहरों में एक समान नहीं होती।स्थानीय टैक्स, परिवहन खर्च और अन्य शुल्कों के कारण अलग-अलग क्षेत्रों में सिलेंडर के दामों में अंतर देखने को मिल सकता है। इसलिए उपभोक्ताओं के लिए जरूरी है कि वे सिलेंडर बुक करने या खरीदने से पहले अपने शहर में लागू LPG की ताजा कीमत जरूर जांच लें। इससे उन्हें सही कीमत की जानकारी मिलेगी और अनावश्यक खर्च से भी बचा जा सकेगा।आपके शहर में LPG सिलेंडर का क्या भाव है?शहर के हिसाब से LPG की कीमतों में अंतर देखने को मिलता है। स्थानीय टैक्स और अन्य लागतों की वजह से एक ही सिलेंडर के लिए अलग-अलग शहरों में ग्राहकों को अलग कीमत चुकानी पड़ सकती है। शहर घरेलू LPG (14.2 किलो) कमर्शियल LPG (19 किलो) कोलकाता ₹968.00 ₹2,872.50 मुंबई ₹941.50 ₹2,691.50 चेन्नई ₹957.50 ₹2,906.00 गुड़गांव ₹950.50 ₹2,755.00 नोएडा ₹939.50 ₹2,738.00 बैंगलोर ₹944.50 ₹2,821.00 भुवनेश्वर ₹968.00 ₹2,908.00 चंडीगढ़ ₹951.50 ₹2,760.00 हैदराबाद ₹994.00 ₹2,985.00 जयपुर ₹945.50 ₹2,765.50 लखनऊ ₹979.50 ₹2,860.50 पटना ₹1,031.50 ₹3,018.00 तिरुवनंतपुरम ₹951.00 — कमर्शियल LPG सिलेंडर महंगा क्यों?घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतें अलग होती हैं। 19 किलोग्राम का सिलेंडर मुख्य रूप से होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल किया जाता है। इसी वजह से इसकी कीमत घरेलू LPG सिलेंडर के मुकाबले अधिक रहती है और इसका खर्च कारोबार की संचालन लागत में शामिल होता है।घर बैठे ऐसे चेक करें LPG का ताजा रेटअगर आप Indane Gas का इस्तेमाल करते हैं, तो Indian Oil की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने राज्य और जिले का चयन करके LPG सिलेंडर की मौजूदा कीमत देख सकते हैं। Bharat Gas ग्राहक ebharatgas.com पर उपलब्ध ‘Quick Book & Pay’ विकल्प के जरिए सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। वहीं, HP Gas उपभोक्ता HP Pay ऐप से LPG सिलेंडर का ताजा रेट चेक कर सकते हैं। इसके अलावा, UMANG ऐप के जरिए LPG रिफिल बुक करने के साथ उसकी मौजूदा कीमत भी देखी जा सकती है।LPG की कीमतों पर रहेगी नजरफिलहाल घरेलू LPG के दाम स्थिर रहने से परिवारों के बजट पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ा है। हालांकि, आने वाले दिनों में तेल कंपनियों की ओर से कीमतों में किसी भी संभावित बदलाव पर उपभोक्ताओं की नजर बनी रहेगी।Petrol Diesel Price Today: सुबह 6 बजे अपडेट हुई कीमतें, जानिए पेट्रोल-डीजल के ताजा दाम
महाराष्ट्र के नवी मुंबई के खारघर में करोड़ों रुपये की डायमंड और गोल्ड लूट के मामले में बिहार एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने शटरकटवा गिरोह के सरगना श्रीराम साह को मोतिहारी के छतौनी इलाके से गिरफ्तार किया।
गयाजी में आयोजित कृषि जन कल्याण संवाद कार्यक्रम में किसानों की शिकायतों पर कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा का सख्त रुख देखने को मिला। किसानों ने बागवानी केंद्रों की बदहाल व्यवस्था और अधिकारियों की अनुपस्थिति की शिकायत की।
Bihar Weather Update: बिहार के कई इलाकों में बारिश के आसार, तापमान बढ़ने से उमस बढ़ाएगी परेशानी
बिहार में मानसून की सक्रियता कम होने से भारी वर्षा में कमी आई है, जिससे तापमान में वृद्धि और उमस बनी हुई है। पटना सहित 19 जिलों में तापमान बढ़ा है, हालांकि कुछ स्थानों पर छिटपुट वर्षा की संभावना है।
पटना के दानापुर में गंगा का जलस्तर बढ़ने से दियारा क्षेत्र में नदी का पानी चारों तरफ फैल चुका है। जलस्तर भी खतरे का निशान से दानापुर देवनियानाला में छूनने वाला है। कंगन घाट पर भी पानी चबूतरा तक आ चुका है।
बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने शनिवार शाम गयाजी जिला अतिथि गृह सभागार में विष्णुपद टेंपल कॉरिडोर परियोजना की विस्तृत समीक्षा की। इस बैठक में कंसलटेंट, जिलाधिकारी, नगर आयुक्त और संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल थे। बैठक के दौरान कॉरिडोर के प्रस्तावित मास्टर प्लान, निर्माण कार्यों, यातायात प्रबंधन, तीर्थयात्रियों की सुविधाओं, फल्गु नदी के घाटों के विकास और अन्य आधारभूत संरचनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। कंसलटेंट द्वारा प्रस्तुत परियोजना के अनुसार, विष्णुपद टेंपल कॉरिडोर का कुल प्रस्तावित निर्मित क्षेत्र 88,340.28 वर्गमीटर है। इस परियोजना की अनुमानित कुल लागत लगभग ₹1,531.29 करोड़ है। डॉ. प्रेम कुमार ने इस अवसर पर कहा कि विष्णुपद मंदिर केवल गया की पहचान नहीं, बल्कि देश-दुनिया के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने जोर दिया कि कॉरिडोर का विकास गयाजी की धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गरिमा के अनुरूप होना चाहिए। श्रद्धालुओं के लिए पिलग्रिम फैसिलिटेशन सेंटर बनेगा, 400 बेड की क्षमता होगी परियोजना में श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक और सुविधाजनक पिलग्रिम फैसिलिटेशन सेंटर का प्रावधान है, जिसमें 400 बेड की क्षमता होगी। इसके अतिरिक्त, लगभग 540 बेड की डॉर्मिटरी, पिंडदान की सुविधाएं, जूता और सामान रखने की सुविधा, शौचालय, प्रतीक्षालय तथा अन्य जनसुविधाएं भी शामिल की गई हैं। इन सुविधाओं से देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिलेगा। मल्टी लेवल कार पार्किंग में खड़ी की जा सकेंगी 630 कार, 14 बस और 20 मिनी बस डॉ. प्रेम कुमार ने बताया कि परियोजना में मल्टी लेवल कार पार्किंग (MLCP) की व्यवस्था की गई है, जिसमें 630 कार, 14 बस और 20 मिनी बस खड़ी की जा सकेंगी। इसमें फैसिलिटी मैनेजमेंट ऑफिस, इलेक्ट्रिक सब-स्टेशन और पार्किंग से जुड़ी अन्य सुविधाएं भी होंगी। हाईवे से MLCP तक एलिवेटेड रोड, डायरेक्ट व्हीकुलर एक्सेस लिंक, ड्रॉप-ऑफ प्लाजा और ई-कार्ट रूट विकसित करने की भी योजना है। उन्होंने कहा कि इससे मंदिर क्षेत्र में यातायात का दबाव कम होगा और श्रद्धालुओं को सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी। कॉरिडोर परियोजना में मुख्य विष्णुपद मंदिर परिसर का समग्र उन्नयन, मंदिर के आसपास स्थित चिन्हित मंदिरों का स्थानांतरण और समेकित पुनर्वास शामिल है। इसके अतिरिक्त, सूर्यकुंड का पुनर्विकास, ऐतिहासिक जल संरचनाओं का संरक्षण और मंदिर के प्रवेश क्षेत्र का विकास भी प्रस्तावित है। लगभग 2,000 वर्गमीटर क्षेत्र में एक बैंक्वेट हॉल के निर्माण का भी प्रस्ताव है। फल्गु नदी के घाटों का होगा कायाकल्प बैठक में फल्गु नदी के दोनों तटों के विकास पर भी विशेष चर्चा हुई। परियोजना के अनुसार पश्चिमी घाट लगभग 451 मीटर तथा पूर्वी घाट लगभग 410 मीटर क्षेत्र में विकसित किए जाने का प्रस्ताव है। घाटों पर छायादार प्रोमेनेड, ई-कार्ट रूट, पैदल पथ, पेयजल, सार्वजनिक शौचालय, चेंजिंग रूम, शेड एवं अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि 108 फीट ऊंची भगवान विष्णु की प्रतिमा को प्रमुख रिवरफ्रंट लैंडमार्क के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही घाट क्षेत्र में छतरी, पैदल संपर्क तथा अन्य सौंदर्यीकरण कार्य किए जाएंगे। पूर्वी तट पर टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर, घाटों का पुनर्विकास तथा फल्गु घाट से सीता कुंड तक पैदल कनेक्टिविटी विकसित करने का प्रस्ताव है। डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि इससे गयाजी आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को धार्मिक स्थलों के बीच बेहतर संपर्क मिलेगा। नाला, सीवरेज और STP की व्यवस्था पर जोर डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि गयाजी के विकास के साथ-साथ स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। परियोजना में ओपन ड्रेन रिवाइटलाइजेशन एवं STP, नाला तथा सीवरेज इंफ्रास्ट्रक्चर को भी शामिल किया गया है। उन्होंने निर्देश दिया कि शहर के नालों का पानी सीधे फल्गु नदी में जाने से रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तथा नाला पुनर्जीवन कार्य को समग्र योजना के साथ जोड़ा जाए, ताकि फल्गु नदी की स्वच्छता एवं पवित्रता बनी रहे। श्मशान एवं अन्य जनसुविधाओं का भी विकास परियोजना में क्रिमेशन फैसिलिटी एवं इलेक्ट्रिक क्रिमेशन शेड, प्रतीक्षालय, स्टोरेज शेड, सार्वजनिक सुविधाएं एवं अन्य आवश्यक संरचनाओं का प्रावधान है। डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि तीर्थयात्रियों के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सभी सुविधाओं का निर्माण किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि परियोजना के सभी घटकों के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की जाए तथा जिन कार्यों में राज्य या केंद्र सरकार के स्तर पर समन्वय की आवश्यकता है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए। बैठक में जिलाधिकारी, नगर आयुक्त, विष्णुपद कॉरिडोर के कंसलटेंट एवं संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बिहार के 25 जिलों में आज यानी रविवार को बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इन जिलों में करीब 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेगी। उत्तर बिहार के अधिकांश जिलों में बारिश की संभावना है। कुछ जगह आकाशीय बिजली भी गिर सकती है। वहीं, दक्षिण बिहार के बड़े हिस्से में फिलहाल कोई चेतावनी नहीं जारी की गई है। 22 अगस्त तक बिहार में बारिश सामान्य से काफी कम रही है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार राज्य में अब तक 411.2 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य बारिश 701.5 मिमी होनी चाहिए थी। इस तरह राज्य में बारिश सामान्य से 41 फीसदी कम है। दक्षिण बिहार में सामान्य रहेगा मौसम दूसरी ओर दक्षिण बिहार के जिलों में मौसम सामान्य रहने का अनुमान है। पटना, गयाजी, नालंदा, नवादा, जहानाबाद, अरवल, औरंगाबाद, रोहतास, कैमूर, भोजपुर, बक्सर, शेखपुरा, लखीसराय, जमुई और बांका समेत कई जिलों में कहीं-कहीं बादल और हल्की बारिश की स्थिति बन सकती है। पटना में अगले 4 दिन छाए रहेंगे बादल पटना में अगले कुछ दिनों तक मौसम सुहाना रहेगा, बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक आज पटना में सामान्य रूप से बादल छाए रहेंगे और एक-दो बार बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 24 अगस्त को भी पटना में बादल छाए रहेंगे। अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। 25 अगस्त को अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री रहने का अनुमान है। वहीं, 26 अगस्त को तापमान में और गिरावट आ सकती है। इस दिन पटना का अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान जताया गया है। कैमूर सबसे ज्यादा रहा गर्म मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बिहार में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 36.3 डिग्री सेल्सियस भभुआ (कैमूर) में दर्ज किया गया। वहीं, सबसे कम न्यूनतम तापमान 25.8 डिग्री सेल्सियस वाल्मीकिनगर (पश्चिम चंपारण) में रिकॉर्ड किया गया। समस्तीपुर के कल्याणपुर में सबसे अधिक बारिश मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटे में समस्तीपुर के कल्याणपुर में सबसे अधिक 52.4 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा पश्चिम चंपारण के चनपटिया में 20.4 मिमी, गोपालगंज के मांझा में 16.8 मिमी, बांका के बौंसी में 16.6 मिमी और पूर्णिया के कृत्यानंद नगर में 14 मिमी बारिश हुई। भागलपुर के गोराडीह में 9.2 मिमी, गोपालगंज के कुचायकोट में 8.2 मिमी, वैशाली के भगवानपुर में 8.2 मिमी, शेखपुरा के घाट कुसुम्भा में 7.6 मिमी और भागलपुर के पीरपैंती में 6.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। सीतामढ़ी, अररिया-सहरसा में सबसे कम बारिश पश्चिम चंपारण में सामान्य से 87, गोपालगंज में 76, सीवान में 97 और मुजफ्फरपुर में 97 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है। वहीं, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, सुपौल, अररिया, सहरसा और कई अन्य जिलों में 100 फीसदी तक बारिश की कमी है। बिहार में बढ़ा गंगा का जलस्तर दूसरी तरफ उत्तराखंड में हो रही बारिश से बिहार में गंगा का जलस्तर बढ़ गया है। पटना में भी गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। महावीर घाट पर उफनती गंगा का पानी सड़कों पर आ गया। पिछले 24 घंटे के डाटा के मुताबिक, गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 20 सेमी ऊपर है। दीघा में खतरे का निशान 50.45 मीटर और गांधी घाट पर खतरे का निशान 48.60 मीटर है। मुंगेर में गंगा का पानी चंडिका स्थान के गर्भ गृह तक पहुंच गया है। शक्तिपीठ जलमग्न है। इधर, बक्सर में गंगा वॉर्निंग लेवल के करीब है। घाट-विवाह मंडप डूब गए हैं। खगड़िया में गंगा के बढ़ते जलस्तर से परबत्ता प्रखंड के तेमथा करारी पंचायत में बाढ़ का पानी घुस गया है। कमर भर पानी के बीच सिर पर बैग रखकर बच्चे पढ़ाई के लिए स्कूल जाने को मजबूर हैं। मौसम विभाग ने आज शनिवार को 28 जिलों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। देखें कल की मौसम से जुड़ी कुछ तस्वीरें…
जन्म से लेकर आखिरी सांस तक! मां सीता-प्रभु राम के विवाह में पहली बार बजा था बिहार का ये पंचबजना, जानें पूरी कहानी
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार : बिहार की पुष्पा प्रसाद और मध्य प्रदेश के शैलेंद्र प्रताप सिंह चयनित, बताया- 'सपने साकार हुए'
बख्तियारपुर के पुरानी बाईपास क्षेत्र में एक पार्ट्स दुकान में भीषण आग लगने से दो महिलाओं और एक छह माह की बच्ची की मौत हो गई। पुलिस और दमकल टीम ने घंटों मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, जिसके बाद घर के अंदर से तीनों शव निकाले गए।
उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों के साथ बिहार के जल-संबंधित मुद्दों पर महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में नेपाल में कोसी जलाशयों, फरक्का बराज और विराटनगर जेपीओ में बिहार की भागीदारी पर सकारात्मक चर्चा हुई।
राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने फरक्का बराज के मुद्दे पर जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार को घेरा, दावा किया कि वे बिहार के हितों के लिए हमेशा मुखर रहे जबकि नीतीश संसद में कभी नहीं बोले।
जानिए कौन हैं बिहार की टीचर पुष्पा, जिन्हें राष्ट्रपति से मिलेगा सम्मान
बिहार के गोपालगंज की शिक्षिका पुष्पा प्रसाद ने सरकारी स्कूल में पढ़ाई के तरीके में नवाचार कर अलग पहचान बनाई है. कुचायकोट के राजकीय कन्या मध्य विद्यालय में बच्चों को खेल और गतिविधियों के जरिए कठिन विषय समझाने वाली पुष्पा का चयन राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए हुआ है. देशभर के 48 शिक्षकों में शामिल पुष्पा को 5 सितंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु सम्मानित करेंगी.
गुरुग्राम के ईस्ट राजीव नगर में 13 अगस्त को हुई एक व्यक्ति की हत्या के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि ईमेल आईडी हैक करने को लेकर विवाद हुआ, जिसके चलते हत्या की गई। सेक्टर-14 थाना पुलिस ने इन दोनों को 21 अगस्त को बिहार के नवादा से पकड़ा। कोर्ट में पेशी के बाद दोनों आरोपियों को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। यह घटना 13 अगस्त को ईस्ट राजीव नगर स्थित एक मकान की दूसरी मंजिल पर हुई थी। यहां एक कमरे में सुजीत कुमार खानवर निवासी जौनपुर, उत्तर प्रदेश का खून से लथपथ शव बेड पर मिला था। किराए के कमरे में रहता था मृतक युवक मकान मालिक ने बताया कि कमरे में केशव और एक अन्य व्यक्ति किराए पर रहते थे। मकान मालिक के बिजली बिल लेने पहुंचने पर दरवाजा नहीं खुला, जिसके बाद शव का पता चला। मौके पर सीन ऑफ क्राइम और फिंगरप्रिंट टीम ने जांच की थी। पुलिस जांच के बाद केशव (30) निवासी नवादा, बिहार और राहुल (19) निवासी कोडरमा, झारखंड को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में सामने आया कि मृतक सुजीत कुमार खानवर मकान के नक्शे बनाने के साथ गार्ड की नौकरी भी करता था। आरोपी भी नक्शे बनाने का काम करते थे, जिसके कारण उनकी पहले से जान-पहचान थी। शराब पीने के दौरान हुआ विवाद पुलिस के अनुसार, एक अन्य आरोपी का मोबाइल हैक होने के बाद मृतक सुजीत पर फोन हैक करने का संदेह जताया गया था। घटना वाले दिन सभी साथ बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान एक साथी की ईमेल आईडी हैक करने को लेकर विवाद हो गया। सभी एक दूसरे पर ईमेल आईडी हैक करने का आरोप लगाने लगे। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने चाकू से गला काटकर सुजीत की हत्या कर दी। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं और घटनाक्रम के बारे में गहनता से पूछताछ की जा रही है।
कल का मौसम, 23 अगस्त: रविवार को होगी झमाझम बारिश; यूपी, बिहार समेत इन इलाकों में अलर्ट
रविवार को उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 23 से 25 अगस्त के बीच बारिश का दौर जारी रह सकता है। 23 अगस्त को पूर्वी हिस्से के कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है।
22 शनिवार, अगस्त: विश्वप्रसिद्ध श्रावणी मेले के दौरान बांका जिला प्रशासन और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से कांवरिया पथ पर विशेष प्रदर्शनी लगाई गई है। इस प्रदर्शनी के माध्यम से कांवरिया शिव भक्तों को बिहार सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।
बिहार के गोपालगंज जिले से शिक्षा जगत के लिए एक बेहद गर्वित और प्रेरणादायक खबर सामने आई है। राज्य के सुदूर इलाकों में अपनी मेहनत और लगन से बच्चों का भविष्य संवारने वाले शिक्षकों की फेरहिस्ट में अब गोपालगंज का नाम भी राष्ट्रीय फलक पर चमक उठा है। जिले के कुचायकोट स्थित राजकीय कन्या मध्य विद्यालय में अपनी समर्पित सेवाएं दे रही सहायक शिक्षिका पुष्पा प्रसाद का चयन देश के सबसे प्रतिष्ठित और सर्वोच्च 'राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार' के लिए किया गया है। उनकी इस शानदार उपलब्धि से न केवल उनके गृह जिले गोपालगंज बल्कि पूरे बिहार राज्य का सिर गर्व से ऊंचा हो गया है। शिक्षा के क्षेत्र में उनके इस उत्कृष्ट योगदान ने यह साबित कर दिया है कि यदि सच्ची निष्ठा और सेवा भाव से कार्य किया जाए, तो वह मेहनत कभी न कभी देश स्तर पर जरूर पहचानी जाती है।आगामी 5 सितंबर को नई दिल्ली में मिलेगा यह बड़ा सम्मानदेश भर में शिक्षक दिवस के रूप में मनाए जाने वाले आगामी 5 सितंबर को देश की राजधानी नई दिल्ली में एक अत्यंत भव्य और गरिमामयी राष्ट्रीय समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस खास मौके पर देश के विभिन्न राज्यों से चुने गए चुनिंदा और बेहतरीन शिक्षकों को उनके अनुकरणीय कार्यों के लिए सम्मानित किया जाएगा। इसी कड़ी में गोपालगंज की सहायक शिक्षिका पुष्पा प्रसाद को भी देश के महामहिम राष्ट्रपति के कर-कमलों द्वारा यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। यह पल उनके परिवार, विद्यालय के बच्चों और पूरे बिहार के शिक्षा विभाग के लिए बेहद ऐतिहासिक और यादगार होने वाला है। इस राष्ट्रीय सम्मान के मिलने से शिक्षकों के भीतर कुछ नया और बेहतर करने की एक अलग ही ऊर्जा का संचार होता है।राजकीय कन्या मध्य विद्यालय, कुचायकोट में खुशी की लहरपुष्पा प्रसाद गोपालगंज के कुचायकोट स्थित राजकीय कन्या मध्य विद्यालय में लंबे समय से सहायक शिक्षिका के पद पर कार्यरत हैं। विद्यालय में उनके पढ़ाने का तरीका, बच्चों के प्रति उनका स्नेह और स्कूल में शिक्षा के स्तर को ऊपर उठाने के लिए किए गए उनके नवाचार हमेशा से चर्चा का विषय रहे हैं। उन्होंने अपनी कक्षाओं में बच्चों को सिर्फ किताबी ज्ञान तक ही सीमित नहीं रखा, बल्कि उनके नैतिक विकास और जीवन कौशल पर भी पूरा जोर दिया। जब से उनके राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयनित होने की आधिकारिक घोषणा हुई है, तब से उनके स्कूल, पूरे गोपालगंज जिले और शिक्षा जगत में जश्न का माहौल है। सहकर्मी शिक्षक, स्थानीय लोग और छात्र-छात्राएं उन्हें लगातार बधाई दे रहे हैं और इस सफलता को एक बड़ी मिसाल मान रहे हैं।
चौराहे पर बांग्लादेश: बदलाव, अनिश्चितता और नई राह की तलाश
बांग्लादेश आज अपने इतिहास के एक ऐसे संवेदनशील मोड़ पर खड़ा है, जिसे कूटनीतिक और राजनीतिक विश्लेषक 'चौराहे' का नाम दे रहे हैं। सत्ता के तख्तापलट, व्यापक छात्र आंदोलनों और एक दीर्घकालिक शासन के अचानक अंत के बाद, यह दक्षिण एशियाई राष्ट्र वर्तमान में एक अभूतपूर्व परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। जब कोई देश ऐसे चौराहे पर खड़ा होता है, तो सबसे बड़ा और यक्ष प्रश्न यही उठता है कि 'जाए तो जाए कहां?' क्या यह देश एक पूर्ण, पारदर्शी और समावेशी लोकतंत्र की ओर बढ़ेगा, या फिर यह राजनीतिक अस्थिरता, आर्थिक मंदी और आंतरिक संघर्षों के एक ऐसे चक्रव्यूह में फंस जाएगा जिससे निकलना आने वाले दशकों तक मुश्किल हो जाएगा? यह संपादकीय इसी गंभीर प्रश्न के विभिन्न पहलुओं का विश्लेषण करता है, जिसमें राजनीतिक पुनर्गठन, प्रशासनिक चुनौतियां, आर्थिक संकट, सामाजिक ताना-बाना और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के जटिल समीकरण शामिल हैं। अगस्त 2024 में शेख हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग सरकार के पतन के बाद, बांग्लादेश ने नोबेल पुरस्कार विजेता डॉ. मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में एक अंतरिम सरकार की स्थापना देखी। इस बदलाव को देश की जनता, विशेषकर युवाओं ने 'दूसरा स्वतंत्रता आंदोलन' या 'सच्ची मुक्ति' का नाम दिया। छात्र आंदोलनों ने जिस तरह एक शक्तिशाली शासन को उखाड़ फेंका, उसने पूरी दुनिया को चौंका दिया। लेकिन सत्ता बदल देना जितना चुनौतीपूर्ण होता है, व्यवस्था को संभालना और एक नई पारदर्शी प्रणाली का निर्माण करना उससे कहीं अधिक जटिल होता है। शुरुआती दौर में जो उत्साह और उम्मीदें थीं, वे धीरे-धीरे प्रशासनिक और व्यावहारिक चुनौतियों के धरातल पर आकर थमती दिखाई दे रही हैं। अंतरिम सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह देश में सामान्य स्थिति कब और कैसे बहाल करे, और एक ऐसी लोकतांत्रिक प्रक्रिया की शुरुआत करे जो निष्पक्ष, पारदर्शी और सर्वस्वीकार्य हो। जब एक लंबा राजनीतिक ढांचा अचानक ढह जाता है, तो देश में एक बड़ा राजनीतिक शून्य पैदा हो जाता है। बांग्लादेश वर्तमान में इसी शून्यता से जूझ रहा है। अवामी लीग के कमजोर होने के बाद, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी और जमात-ए-इस्लामी जैसी पार्टियां राजनीतिक पटल पर फिर से सक्रिय हो गई हैं। इस चौराहे पर खड़ा बांग्लादेश अगर सही दिशा में कदम बढ़ाना चाहता है, तो उसे सबसे पहले अपनी लोकतांत्रिक संस्थाओं को पुनर्जीवित करना होगा। देश में एक ऐसे स्वतंत्र और शक्तिशाली चुनाव आयोग की आवश्यकता है, जिस पर सभी राजनीतिक दलों और आम जनता को पूरा भरोसा हो। अतीत में चुनावों की निष्पक्षता पर लगे दागों को धोना इस नए आयोग की सबसे बड़ी परीक्षा होगी। इसे भी पढ़ें: India Bangladesh Ganga Water Treaty पर Bihar से उठ रहे सवालों का जवाब Modi सरकार को देना ही होगा इसके साथ ही, केवल सरकार बदल देना काफी नहीं है। जब तक पुलिस, न्यायपालिका और नौकरशाही का राजनीतिकरण बंद नहीं होगा, तब तक किसी भी नए लोकतांत्रिक ढांचे की नींव कमजोर ही रहेगी। अंतरिम सरकार ने इसके लिए विभिन्न आयोगों का गठन किया है, लेकिन इन सुधारों को जमीन पर उतारना एक लंबी और कठिन प्रक्रिया है। देश में एक ऐसा राजनीतिक माहौल तैयार करना होगा जहां हर विचारधारा को अपनी बात रखने का मौका मिले, बशर्ते वह लोकतांत्रिक मूल्यों के दायरे में हो। प्रतिशोध की राजनीति को छोड़कर समावेशी राजनीति को अपनाना ही बांग्लादेश को इस चौराहे से सुरक्षित बाहर निकाल सकता है। राजनीतिक उथल-पुथल का सबसे सीधा और गहरा असर किसी भी देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। बांग्लादेश, जो कभी विकास दर के मामले में दक्षिण एशिया का चमकता सितारा माना जाता था, आज गंभीर आर्थिक चुनौतियों से घिरा हुआ है। लंबे समय तक चले कर्फ्यू, हड़तालों, इंटरनेट शटडाउन और कारखानों के बंद रहने के कारण देश की आर्थिक रीढ़ को भारी नुकसान पहुंचा है। बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था का मुख्य स्तंभ उसका रेडीमेड गारमेंट उद्योग है। देश के कुल निर्यात का लगभग 80 प्रतिशत से अधिक हिस्सा इसी क्षेत्र से आता है और यह लाखों लोगों, विशेषकर महिलाओं को रोजगार देता है। राजनीतिक अस्थिरता के कारण कई विदेशी खरीदारों ने अपने ऑर्डर वियतनाम, भारत और कंबोडिया जैसे देशों की तरफ मोड़ दिए हैं। अगर बांग्लादेश को अपनी अर्थव्यवस्था को बचाना है, तो उसे जल्द से जल्द इन कारखानों में पूर्ण सुरक्षा और निर्बाध उत्पादन सुनिश्चित करना होगा ताकि वैश्विक बाजारों में उसका खोया हुआ भरोसा वापस लौट सके। आर्थिक मोर्चे पर दूसरी बड़ी समस्या देश का विदेशी मुद्रा भंडार है, जो पिछले कुछ समय से लगातार दबाव में है। इसके साथ ही, बैंकिंग क्षेत्र में बड़े पैमाने पर गैर-निष्पादित आस्तियां यानी डूबता हुआ कर्ज एक गंभीर संकट बन चुका है। केंद्रीय बैंक और अंतरिम सरकार वित्तीय अनुशासन लागू करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन जब तक बैंकिंग प्रणाली से भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद को पूरी तरह खत्म नहीं किया जाता, तब तक आर्थिक स्थिरता एक दूर का सपना बनी रहेगी। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक से मिलने वाली वित्तीय सहायता इस समय देश के लिए एक संजीवनी की तरह है, लेकिन इसके साथ आने वाली शर्तें भी देश की आंतरिक नीतियों को प्रभावित कर रही हैं। आम नागरिक के लिए सबसे बड़ी समस्या रसोई का बजट और रोजगार है। आवश्यक वस्तुओं की आसमान छूती कीमतें और दैनिक जीवन का खर्च आम जनता के धैर्य की परीक्षा ले रहा है। छात्र आंदोलन की मुख्य मांग ही रोजगार के समान अवसर और कोटा प्रणाली में सुधार थी। अब जब नई व्यवस्था आ चुकी है, तो युवाओं को रोजगार के वास्तविक अवसर प्रदान करना सरकार के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि युवाओं की उम्मीदें निराशा में बदलीं, तो सामाजिक अशांति का एक नया दौर शुरू हो सकता है। किसी भी देश की प्रगति उसके सामाजिक सद्भाव और आंतरिक सुरक्षा पर टिकी होती है। सत्ता परिवर्तन के बाद के हफ्तों में बांग्लादेश ने कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर भारी शिथिलता देखी। पुलिस थानों पर हमले, पुलिसकर्मियों की अनुपस्थिति और प्रशासनिक पंगुता के कारण देश में एक प्रकार की अराजकता की स्थिति पैदा हो गई थी। हालांकि धीरे-धीरे स्थिति में सुधार हो रहा है, लेकिन पूरी तरह से सुरक्षित माहौल का निर्माण होना अभी बाकी है। इस बदलाव के दौर में बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदू समुदाय, के खिलाफ हिंसा और उनकी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं सामने आईं। हालांकि नागरिक समाज और छात्रों ने इन संपत्तियों की रक्षा के लिए मानव श्रृंखलाएं बनाईं, लेकिन इन घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बांग्लादेश की छवि को प्रभावित किया है। एक धर्मनिरपेक्ष और समावेशी बांग्लादेश का निर्माण तभी संभव है जब हर नागरिक, चाहे उसका धर्म या जाति कुछ भी हो, खुद को पूरी तरह सुरक्षित महसूस करे। इसके अलावा, अतीत के शासकों और उनके समर्थकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होना स्वाभाविक है, लेकिन यह कार्रवाई न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप होनी चाहिए, न कि प्रतिशोध की भावना से। यदि नई व्यवस्था भी वही गलतियां दोहराती है जो पुरानी व्यवस्था ने की थीं, तो देश में लोकतंत्र का आगमन केवल एक छलावा बनकर रह जाएगा। समाज में शांति और स्थिरता तभी लौट सकती है जब लोगों को यह विश्वास हो कि नई सरकार निष्पक्षता और न्याय के पथ पर चल रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बांग्लादेश एक बेहद महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक चौराहे पर खड़ा है। बंगाल की खाड़ी में अपनी रणनीतिक स्थिति के कारण बांग्लादेश हमेशा से वैश्विक शक्तियों के आकर्षण का केंद्र रहा है। भारत, चीन, संयुक्त राज्य अमेरिका और पश्चिम के देशों के साथ संबंधों को संतुलित करना अंतरिम और आने वाली चुनी हुई सरकार के लिए एक बहुत बड़ी कूटनीतिक परीक्षा होगी। भारत और बांग्लादेश का इतिहास, संस्कृति और भूगोल एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। शेख हसीना के कार्यकाल में दोनों देशों के संबंध अपने सबसे सुनहरे दौर में थे। सत्ता परिवर्तन के बाद, भारत के लिए बांग्लादेश में एक नया कूटनीतिक परिदृश्य सामने आया है। बांग्लादेश की नई सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह भारत के साथ पारस्परिक सम्मान और समानता के आधार पर मजबूत संबंध बनाए रखना चाहती है। दोनों देशों के बीच सीमा सुरक्षा, तीस्ता जल विवाद, व्यापार और पारगमन जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, जिनका समाधान परिपक्व कूटनीति के माध्यम से ही निकाला जा सकता है। भारत के लिए भी यह जरूरी है कि वह बांग्लादेश की जनता की लोकतांत्रिक आकांक्षाओं का सम्मान करे और वहां की नई व्यवस्था के साथ रचनात्मक जुड़ाव बनाए रखे। दूसरी तरफ, चीन बांग्लादेश के बुनियादी ढांचे के विकास में एक बड़ा साझेदार रहा है। वह इस बदलाव के दौर में भी अपने आर्थिक हितों को सुरक्षित रखने की कोशिश कर रहा है। इसके समानांतर, संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोपीय संघ ने बांग्लादेश में लोकतांत्रिक सुधारों और मानवाधिकारों की बहाली का पुरजोर समर्थन किया है। बांग्लादेश को इस बात का ध्यान रखना होगा कि वह महाशक्तियों की आपसी प्रतिस्पर्धा का अखाड़ा न बने, बल्कि अपनी विदेश नीति को देश के आर्थिक और रणनीतिक हितों के अनुरूप संचालित करे। किसी भी एक गुट की तरफ झुकाव देश की संप्रभुता और आर्थिक विकास के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है। चौराहे पर बांग्लादेश, जाए तो जाए कहां? इस प्रश्न का उत्तर किसी एक व्यक्ति या एक सरकार के पास नहीं है। इसका उत्तर बांग्लादेश की सामूहिक चेतना, उसके राजनीतिक दलों की परिपक्वता और उसके युवाओं के संकल्प में छिपा है। बांग्लादेश के पास इतिहास रचने और एक नए, समृद्ध व लोकतांत्रिक राष्ट्र के रूप में उभरने का यह एक अभूतपूर्व अवसर है। लेकिन इस मार्ग पर चलते हुए उसे अति-राष्ट्रवाद, प्रतिशोध की राजनीति, धार्मिक कट्टरता और आर्थिक कुप्रबंधन के गड्ढों से बचना होगा। इस चौराहे से आगे बढ़ने का केवल एक ही सही रास्ता है: एक ऐसी व्यवस्था का निर्माण करना जहां कानून का शासन सर्वोपरि हो, जहां अर्थव्यवस्था का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, और जहां हर नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सुरक्षा की गारंटी मिले। दुनिया उम्मीद और कौतूहल के साथ बांग्लादेश की ओर देख रही है, और यह समय बांग्लादेश के नेतृत्व के लिए अपनी दूरदर्शिता और दृढ़ता साबित करने का है। - अशोक भाटिया, वरिष्ठ स्वतंत्र पत्रकार, लेखक, समीक्षक एवं टिप्पणीकार
22 अगस्त, शनिवार: सीवान के बड़हरिया प्रखंड में पैक्स चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। विभिन्न पंचायतों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी नामांकन पत्र दाखिल करने प्रखंड मुख्यालय पहुंचे। चुनाव की तारीख और प्रक्रिया की जानकारी के लिए Bihar State Election Authority Portal देखें।
Protest in Patna : पटना में लोकभवन मार्च के दौरान फिर पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच झड़प की नौबत आ गई। असिस्टेंट प्रोफेसर के अभ्यर्थियों के लोकभवन मार्च के दौरान बेली रोड पर जमकर हंगामा हुआ। भारी जाम लग गया।
Thane Court ने POCSO मामले में दोषी को सुनाई 20 साल की जेल, लगाया जुर्माना
महाराष्ट्र के ठाणे जिले की एक विशेष अदालत ने 12 साल की बच्ची के यौन उत्पीड़न के मामले में एक व्यक्ति को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाते हुए कहा कि नाबालिग की सहमति का कानून के तहत कोई महत्व नहीं होता। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रेमल एस. विठलानी ने आरोपी मोहम्मद राशिद ताहिद आलम (30) को यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) की संबंधित धाराओं के तहत शुक्रवार को दोषी ठहराया। अदालत ने उसे 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाने के साथ ही उस पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। विशेष लोक अभियोजक रेखा एन. हिवराले ने आरोपी के खिलाफ आरोपों को साबित करने के लिए सात गवाहों से पूछताछ की। अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी शादी का झांसा देकर 29 जुलाई 2021 को बच्ची को ठाणे शहर के अलग-अलग स्थानों पर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। अदालत ने कहा कि भले ही यह संबंध पहली नजर में सहमति से बना हुआ प्रतीत हो रहा हो, लेकिन जब पीड़िता की उम्र 18 साल से कम होती है तो कानून की नजर में उसकी सहमति मान्य नहीं होती। इसे भी पढ़ें: Bihar के West Champaran में भीड़ में घुसी बस, 5 लोगों की मौत और कई घायल अदालत ने कहा, ‘‘जब पीड़िता की मौखिक गवाही चिकित्सकीय साक्ष्यों से समर्थित हो तो यह मानने के लिए पर्याप्त कारण हैं कि अभियोजन पक्ष ने यह साबित कर दिया है कि आरोपी ने पीड़िता के साथ कई बार यौन संबंध बनाए, भले ही यह उसकी सहमति से हुआ हो।’’अदालत ने पॉक्सो अधिनियम की धारा छह के तहत आरोपी को दोषी ठहराया। इस धारा में न्यूनतम 20 साल के कठोर कारावास और जुर्माने का प्रावधान है। हालांकि, अदालत ने आरोपी को अपहरण के आरोप से बरी कर दिया क्योंकि उसने पाया कि पीड़िता अपनी इच्छा से उसके साथ गई थी। अदालत ने पीड़िता को मुआवजा दिए जाने की राशि तय करने के लिए मामले को ठाणे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पास भेजने की भी सिफारिश की।
गिरिडीह के बेंगाबाद थाना क्षेत्र में शुक्रवार को बेंगाबाद-मधुपुर मुख्य मार्ग (एनएच-114ए) पर झलकडीहा के पास एक सड़क दुर्घटना हुई। इसमें बिहार के चकाई थाना क्षेत्र के एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक की पहचान चकाई थाना क्षेत्र के एकतारा निवासी 35 वर्षीय सबस्टीन मरांडी उर्फ सुभाष के रूप में हुई है। बाइक पर सवार 26 वर्षीय महासोल मुर्मू भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों युवक शुक्रवार को बाइक पर बेंगाबाद से मधुपुर की ओर जा रहे थे। झलकडीहा के पास विपरीत दिशा से आ रही एक कार से उनकी बाइक की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइक सवार सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तत्काल दोनों घायलों को गिरिडीह सदर अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद सबस्टीन मरांडी को मृत घोषित कर दिया। महासोल मुर्मू की गंभीर हालत को देखते हुए उनका इलाज जारी है। बताया गया है कि दुर्घटनाग्रस्त कार में कांवरिया सवार थे, जो देवघर में पूजा-अर्चना के बाद रांची लौट रहे थे। हादसे की सूचना पर बेंगाबाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार और बाइक को जब्त कर थाने ले गई है और घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। सबस्टीन मरांडी विवाहित थे और उनकी दो छोटी बेटियां हैं, जिनकी उम्र लगभग तीन वर्ष और छह माह है। उनकी मृत्यु से परिवार में शोक का माहौल है।
Ranchi: हजारीबाग में पुलिस और राहुल दुबे गैंग के संदिग्धों के बीच मुठभेड़, 2 घायल; एक जंगल में फरार
Bihar News: हजारीबाग के गिद्दी थाना क्षेत्र में पुलिस और राहुल दुबे गैंग के संदिग्ध गुर्गों के बीच मुठभेड़ हुई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दो संदिग्ध घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल भेजा गया है।
Bihar: NH-22 पर हाइवा और बाइकों की भीषण टक्कर, युवक की मौके पर मौत; गुस्साए लोगों ने हाईवे किया जाम
मुजफ्फरपुर के रामपुरहरि थाना क्षेत्र में NH-22 पर तेज रफ्तार हाइवा और दो बाइकों की टक्कर में 30 वर्षीय युवक की मौके पर मौत हो गई, जबकि दो युवक गंभीर रूप से घायल हैं।
India Bangladesh Ganga Water Treaty पर Bihar से उठ रहे सवालों का जवाब Modi सरकार को देना ही होगा
1996 की भारत-बांग्लादेश गंगा जल संधि दिसंबर में समाप्त होने वाली है, ऐसे में ढाका नई संधि की मांग तेज कर रहा है और सूखे के मौसम में न्यूनतम जल प्रवाह की गारंटी जैसी शर्त जोड़ना चाहता है, मगर केंद्र और बिहार में सत्तारुढ़ एनडीए के एक प्रमुख घटक जनता दल यूनाइटेड के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने अपने लेख के माध्यम से जो सवाल उठाए हैं, उसने पूरे मामले का नया मोड़ दे दिया है। उनका संदेश साफ है कि भारत को केवल बांग्लादेश के साथ नई संधि पर विचार नहीं करना चाहिए, बल्कि उससे पहले यह तय करना होगा कि बदलती जलवायु, घटते प्रवाह और बढ़ती जरूरतों के बीच गंगा का पानी भारत के अपने राज्यों खासकर बिहार के बीच किस आधार पर बांटा जाएगा। यही वह सवाल है जो 2026 के बाद गंगा की राजनीति को केवल जल बंटवारे का मुद्दा नहीं रहने देता, बल्कि इसे राष्ट्रीय हित, सीमा सुरक्षा, क्षेत्रीय कूटनीति और सामरिक रणनीति के केंद्र में ला खड़ा करता है। दरअसल, ढाका चाहता है कि नई संधि में एक ‘गारंटी क्लॉज’ शामिल हो, जिसके तहत सूखे के मौसम में बांग्लादेश को गंगा के पानी की एक न्यूनतम मात्रा सुनिश्चित की जाए। 1977 के समझौते में इस तरह की गारंटी का प्रावधान था, लेकिन 1996 की संधि में इसे शामिल नहीं किया गया। बांग्लादेश का तर्क है कि जलवायु परिवर्तन, अनिश्चित होते सूखे मौसम के प्रवाह और पानी की घटती उपलब्धता के कारण पुराना फार्मूला अब उसकी जरूरतों और वर्तमान परिस्थितियों को प्रतिबिंबित नहीं करता। इसे भी पढ़ें: Bangladesh PM Tarique Rahman की India visit पर फैसला नहीं, ढाका ने दी सफाई लेकिन ठीक यही तर्क भारत, विशेषकर बिहार के लिए भी उतना ही महत्वपूर्ण है। संजय झा का सवाल है कि तीन दशक पुरानी गणना के आधार पर भारत खुद को एक और लंबे अंतरराष्ट्रीय दायित्व में क्यों बांधे? गंगा का अविरल प्रवाह बिहार में कई हिस्सों में टूट रहा है, नदी के चैनल बदल रहे हैं, कई इलाकों में भूजल संकट गहरा रहा है और दूसरी ओर दक्षिण बिहार के सूखा प्रभावित क्षेत्रों के साथ-साथ उत्तर बिहार के बाढ़ग्रस्त इलाके भी पानी की असमानता से जूझ रहे हैं। ऐसे में जब नदी का व्यवहार ही बदल चुका है तो 1996 के आंकड़ों और फार्मूले को भविष्य के लिए स्थायी मान लेना बिहार के हितों पर भारी पड़ सकता है। देखा जाये तो फरक्का पर विवाद इस पूरी बहस का सबसे संवेदनशील केंद्र है। बांग्लादेश लंबे समय से फरक्का बैराज को सूखे मौसम में उसके हिस्से के जल प्रवाह में कमी के लिए जिम्मेदार ठहराता रहा है। वहां की ओर से इसे लेकर तीखी भाषा भी इस्तेमाल की गई है। भारत का पक्ष अलग है। भारत फरक्का को बांध नहीं बल्कि एक डायवर्जन संरचना मानता है, जिसका उद्देश्य गंगा के पानी का एक हिस्सा हुगली नदी प्रणाली की ओर मोड़ना है, जबकि शेष प्रवाह बांग्लादेश की दिशा में आगे बढ़ता है। भारत यह भी कहता रहा है कि जल प्रवाह से जुड़ा डेटा संयुक्त नदी आयोग के माध्यम से साझा किया जाता है। लेकिन अब असली सवाल केवल फरक्का नहीं है। सवाल यह है कि गंगा पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धता तय करने से पहले भारत के भीतर गंगा बेसिन वाले राज्यों यानि उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के अधिकारों और जरूरतों का वैज्ञानिक आकलन क्यों नहीं होना चाहिए? यही वह बिंदु है जहां संजय झा की मांग बिहार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। बिहार की आबादी 1996 के मुकाबले काफी बढ़ चुकी है। पीने के पानी, सिंचाई और औद्योगिक जरूरतों का दबाव भी कई गुना बढ़ा है। राज्य को यदि अपनी कृषि, सिंचाई परियोजनाओं और जल प्रबंधन के लिए दीर्घकालिक योजना बनानी है तो उसे पहले से यह पता होना चाहिए कि गंगा बेसिन में उसका वास्तविक और न्यायसंगत हिस्सा कितना है। नई संधि से पहले भारत के भीतर वैज्ञानिक जल आवंटन बिहार के लिए सबसे बड़ा रणनीतिक लाभ हो सकता है। भारत के लिए भी यह केवल बिहार बनाम बांग्लादेश का प्रश्न नहीं है। गंगा भारत और बांग्लादेश के बीच साझा 54 प्रमुख नदियों वाले व्यापक जल संबंधों का हिस्सा है। यदि भारत बिना घरेलू जल संतुलन तय किए बांग्लादेश को न्यूनतम प्रवाह की गारंटी देता है, तो भविष्य में सूखे के गंभीर वर्षों में अपने राज्यों की जरूरतों और अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के बीच टकराव पैदा हो सकता है। इसलिए नई संधि का आधार 1950 के दशक या 1990 के दशक के आंकड़े नहीं, बल्कि वर्तमान हाइड्रोलॉजिकल डेटा, जलवायु अनुमान, वास्तविक प्रवाह और समय-समय पर समीक्षा की व्यवस्था होना चाहिए। भारत की संसदीय समिति भी इस दिशा में संकेत दे चुकी है कि संधि के नवीनीकरण पर बातचीत में बिहार और पश्चिम बंगाल की चिंताओं, अपडेटेड जल आंकड़ों और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को शामिल किया जाना चाहिए। इसका अर्थ साफ है कि नई व्यवस्था यदि बनती है तो वह पुराने अंकगणित की कॉपी नहीं हो सकती। दूसरी तरफ, मान लीजिये कि अगर संधि समाप्त हो जाती है और नई संधि नहीं हो पाती तब क्या होगा? ऐसे में संभव है कि बांग्लादेश इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाने की कोशिश कर सकता है। ढाका संयुक्त राष्ट्र समेत विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जल अधिकार और सूखे के मौसम में जल संकट का सवाल उठा सकता है। इससे भारत पर कूटनीतिक दबाव बढ़ाने की कोशिश होगी और द्विपक्षीय संबंधों में एक नया तनाव पैदा हो सकता है। बांग्लादेश घरेलू राजनीति में भी गंगा जल को एक संवेदनशील राष्ट्रवादी मुद्दे के रूप में इस्तेमाल कर सकता है। ऐसे में भारत पर इसका असर केवल कूटनीतिक छवि तक सीमित नहीं रहेगा। जल विवाद सीमा पार सहयोग, नदी प्रबंधन, व्यापार और व्यापक भारत-बांग्लादेश संबंधों को प्रभावित कर सकता है। यही कारण है कि नई दिल्ली के लिए सबसे समझदारी भरा रास्ता न तो आंख बंद करके पुरानी संधि का नवीनीकरण है और न ही जल प्रश्न को अनिश्चितता में छोड़ देना। भारत को इस मौके का इस्तेमाल एक मजबूत, आधुनिक और संतुलित जल रणनीति बनाने में करना चाहिए। पहले अपने राज्यों के हितों का वैज्ञानिक निर्धारण, फिर बांग्लादेश के साथ पारदर्शी बातचीत। नई संधि में वास्तविक प्रवाह के आधार पर आवंटन, छोटे समीक्षा चक्र, जलवायु परिवर्तन के अनुसार संशोधन और असाधारण परिस्थितियों के लिए स्पष्ट प्रावधान किए जा सकते हैं। बहरहाल, दिसंबर 2026 की समयसीमा इसलिए केवल एक संधि की समाप्ति नहीं है। यह भारत के सामने अपनी गंगा नीति को नए सिरे से लिखने का अवसर है। और अगर इस बार बिहार के हितों, बदलती जलवायु और राष्ट्रीय जल सुरक्षा को केंद्र में रखकर फैसला हुआ, तो नई व्यवस्था केवल कूटनीतिक समझौता नहीं, बल्कि भारत की दीर्घकालिक सामरिक और जल सुरक्षा की मजबूत नींव बन सकती है। -नीरज कुमार दुबे
एसटीएफ की रडार पर सुपारी किलर, 350 की लिस्ट तैयार; बिहार पुलिस का क्राइम कंट्रोल प्लान क्या है?
बिहार एसटीएफ (विशेष कार्य बल) ने रुपये लेकर हत्याएं करने वाले 350 से अधिक सुपारी किलरों की सूची तैयार की है। जुलाई तक 30 से अधिक सुपारी किलर को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
Bihar News: मुजफ्फरपुर जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र में घर के दरवाजे पर चढ़कर पट्टीदार ने मारी गोली इलाके में सनसनी, घायल ने कहा हत्या करने आया था वह; जांच में जुटी पुलिस।
मैहर में मोबाइल चोरी कर बैंक खाते से उड़ाए 90 हजार, बिहार के गया से शातिर चोर गिरफ्तार
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मैहर में सब्जी मंडी से मोबाइल चोरी कर खाते से उड़ाए 90 हजार, बिहार के गया से आरोपी गिरफ्तार
मैहर में सब्जी मंडी से मोबाइल चोरी कर खाते से उड़ाए 90 हजार, बिहार के गया से आरोपी गिरफ्तार
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समस्तीपुर के बिथान थाना क्षेत्र के परड़ी गांव में सत्यनारायण पूजा का प्रसाद खाने के कुछ देर बाद 30 से अधिक लोगों की तबीयत बिगड़ गई। बच्चों और वयस्कों समेत कई लोगों को उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत हुई
देश भर में सक्रिय मानसूनी ट्रफ (Monsoon Trough) और पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव के चलते मौसम का मिजाज तेजी से बदल गया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद) के कई इलाकों में आसमान में घने काले बादल छाने के साथ तेज हवाओं और रुक-रुक कर हो रही झमाझम बारिश ने लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत दी है। वहीं, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर, मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के 17 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, आंधी-तूफान (Thunderstorm) और आकाशीय बिजली चमकने का 'ऑरेंज' और 'येलो' अलर्ट जारी किया है।दिल्ली-NCR में बदला मौसम, तापमान में 4 से 5 डिग्री की गिरावटशनिवार सुबह से ही दिल्ली-एनसीआर के कई हिस्सों में शुरू हुई तेज बारिश के बाद अधिकतम तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली के सफदरजंग, पालम, लोधी रोड और नोएडा-ग्रेटर नोएडा में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने के साथ हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। बारिश के कारण शहर की वायु गुणवत्ता (AQI) में भी सुधार देखा गया है और मौसम सुहावना बना हुआ है।यूपी, बिहार और मध्य प्रदेश में वज्रपात और आंधी-तूफान का अलर्टमौसम विभाग ने गंगा के मैदानी इलाकों में तेज चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बनने के कारण उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों के लिए चेतावनी जारी की है:उत्तर प्रदेश: लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज, बरेली, मेरठ और मुरादाबाद समेत पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी के 30 से अधिक जिलों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली (Lightning) गिरने का खतरा जताया गया है।बिहार: पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, पूर्णिया और दरभंगा में बादलों की तेज गड़गड़ाहट के साथ मध्यम से भारी बारिश का पूर्वानुमान है। प्रशासन ने किसानों और खुले मैदानों में काम करने वाले लोगों को पेड़ों के नीचे शरण न लेने की सख्त हिदायत दी है।मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़: भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा और ग्वालियर संभाग में अगले 48 घंटों के दौरान तेज बारिश और जलभराव की स्थिति बन सकती है।उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में लैंडस्लाइड का खतरा, नदियां उफान परपहाड़ी राज्यों में बारिश का सबसे भीषण असर देखने को मिल रहा है। उत्तराखंड के देहरादून, नैनीताल, चमोली, उत्तरकाशी और टिहरी में अत्यंत भारी बारिश (Heavy to Very Heavy Rain) का अलर्ट जारी किया गया है।लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी मार्गों पर भूस्खलन (Landslides) और मलबे के कारण कई संपर्क मार्ग और राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित हुए हैं। गंगा, अलकनंदा, मंदाकिनी और यमुना नदियों का जलस्तर चेतावनी निशान के करीब पहुंच गया है। हिमाचल प्रदेश के शिमला, कुल्लू, मंडी और कांगड़ा में भी नदियों और नालों के किनारे जाने पर पाबंदी लगा दी गई है।इन 17 राज्यों में अगले 48 घंटे भारी बारिश की चेतावनीआईएमडी की नवीनतम बुलेटिन के अनुसार, मानसून की सक्रियता के चलते देश के निम्नलिखित 17 राज्यों में अलर्ट प्रभावी रहेगा:दिल्ली-एनसीआरउत्तर प्रदेशबिहारउत्तराखंडहिमाचल प्रदेशमध्य प्रदेशराजस्थान (पूर्वी और उत्तरी संभाग)पंजाबहरियाणा और चंडीगढ़झारखंडपश्चिम बंगाल (उप-हिमालयी क्षेत्र)ओडिशाअसम और मेघालयअरुणाचल प्रदेशनागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरामहाराष्ट्र (कोंकण और विदर्भ)छत्तीसगढ़मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन की आम जनता से अपीलआईएमडी और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) ने नागरिकों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, जलभराव वाले निचले इलाकों से दूर रहने और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को सुरक्षित रखने की सलाह दी है। आंधी-तूफान के समय पुराने जर्जर मकानों, होर्डिंग्स और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचने की अपील की गई है।
बापूधाम मोतिहारी रेलवे स्टेशन पर मोबाइल देखने से मना किए जाने से नाराज आठवीं कक्षा की छात्रा ने वंदे भारत ट्रेन के आगे छलांग लगा दी। लोको पायलट की तत्परता से ट्रेन समय रहते रोक दी गई और छात्रा की जान बच गई।
Bihar Weather: आज से 4 दिनों तक झमाझम बारिश, कई जिलों ठनका के आसार; IMD की रिपोर्ट क्या?
अगले चार से पांच दिनों तक मानसून बिहार पर मेहरबान दिख रहा है। उत्तर से दक्षिण बिहार के जिलों में कहीं झमाझम तो कहीं मध्यम दर्जे की बारिश होने की संभावना व्यक्त की गयी है।
RJD अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने बिहार सरकार को घेरा, वित्तीय स्थिति पर उठाए सवाल
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Bihar: पैर फिसलने से नदी में डूबकर युवक की मौत, अगले दिन मिला शव; पत्नी-बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल
सारण के भेल्दी थाना क्षेत्र के जाफरपुर गांव में डबरा नदी में डूबने से 40 वर्षीय रामनाथ सिंह की मौत हो गई। गुरुवार शाम शौच के लिए नदी किनारे गए रामनाथ का पैर फिसल गया था।
दिल्ली में झमाझम बारिश से सुहाना हुआ मौसम! जानिए यूपी, बिहार और एमपी में कैसा रहेगा वेदर का मिजाज?
IMD Weather Forecast:
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए 48 टीचरों का चयन, यूपी के 3 और बिहार से 2 अध्यापक, देखें पूरी लिस्ट
National Teachers Awards 2026 List: सरकार ने 48 शिक्षकों के नाम राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए घोषित किए। 48 अवॉर्ड पाने वालों में से उत्तर प्रदेश से कुल 3 शिक्षक, बिहार, राजस्थान, एमपी से दो दो शिक्षकों का चयन हुआ है।
झारखंड विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी, बिहार में मिला मोबाइल का लोकेशन
झारखंड विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी मिली है, जिसके बाद प्रभारी सचिव रंजीत कुमार की शिकायत पर पुलिस जांच में जुट गई है।
केंद्र सरकार की मदद से सम्राट सरकार बिहार के छोटे-छोटे शहरों को एयर कनेक्टिविटी से जोड़ रही है। 2030 तक बिहार में 13 एयरपोर्ट काम करने लगेंगे। यहां से आपको दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े शहरों के लिए फ्लाइट मिलेगी। गोपालगंज और किशनगंज से फ्लाइट के लिए पटना या बागडोगरा नहीं जाना पड़ेगा। बिहार में अभी चार एयरपोर्ट (पटना, गया, दरभंगा और पूर्णिया) काम कर रहे हैं। पहले चरण में 6 शहरों में एयरपोर्ट विकसित करने की योजना है। इसके बाद दूसरे चरण में गोपालगंज, किशनगंज और सोनपुर में एयरपोर्ट तैयार किया जाएगा। बिहार में एयर कनेक्टिविटी की क्या स्थिति है? कितने यात्री हर साल यात्रा करते हैं? कहां नए एयरपोर्ट बनेंगे? इससे क्या फायदा होगा? पढ़िए रिपोर्ट..। फेज 1 में 6 शहरों में बनेंगे एयरपोर्ट केंद्र सरकार की उड़ान योजना के तहत फेज वन में बिहार के 6 शहरों (बीरपुर, सहरसा, मुंगेर, वाल्मीकिनगर, मधुबनी और मुजफ्फरपुर) में एयरपोर्ट विकसित किए जाएंगे। इसके लिए बिहार सरकार और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के बीच जून 2025 में समझौता हुआ था। 1. नेपाल से सटे बीरपुर एयरपोर्ट पर उतरेंगे फाइटर जेट्स सुपौल जिले के बीरपुर एयरपोर्ट को विकसित किया जा रहा है। इसके लिए 88.83 एकड़ अतिरिक्त भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। 2. सहरसा से उड़ान भरेंगे 20 सीटर विमान सहरसा एयरपोर्ट को 35.14 करोड़ रुपए की लागत से अपग्रेड किया जा रहा है। यहां नया टर्मिनल भवन बनेगा। 3. मुंगेर के साफियाबाद में तैयार हो रहा एयरपोर्ट सीएम सम्राट के गृह क्षेत्र मुंगेर में साफियाबाद के पास ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाया जा रहा है। इसके लिए 1720.11 एकड़ जमीन का अधिग्रहण होगा। मुआवजे के लिए सरकार ने 773.46 करोड़ रुपए खर्च की मंजूरी दी है। वर्तमान में साफियाबाद एयरपोर्ट का रनवे 758 मीटर लंबा और 25 मीटर चौड़ा है। इसे बढ़ाकर कम से कम 1200 मीटर लंबा और 70 मीटर चौड़ा किया जाना है। योजना उड़ान के तहत यहां के लिए पहले 19 सीटर विमान की सेवा शुरू होगी। इस एयरपोर्ट पर विमान रात में भी लैंडिंग कर पाएंगे। 4. वाल्मीकिनगर एयरपोर्ट से बढ़ेगा पर्यटन नेपाल की सीमा से लगे वाल्मीकिनगर में 38.64 करोड़ रुपए की लागत से नया एयरपोर्ट बनेगा। यहां बिहार का एकमात्र वाल्मीकि टाइगर रिजर्व है। एयरपोर्ट बनने से यहां पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। वाल्मीकिनगर एयरपोर्ट बन जाने के बाद बेतिया, मोतिहारी समेत उत्तर बिहार के नेपाल सीमा पर स्थित लोगों को हवाई यात्रा करने में सुविधा मिलेगी। अभी इस इलाके के विमान यात्री दरभंगा या पटना एयरपोर्ट से आवाजाही करते हैं। एयरपोर्ट से छोटे आकार के विमानों का ऑपरेशन होगा 5. मधुबनी में बनेगा हेलीपोर्ट मधुबनी में एयरपोर्ट की जगह हेलीपोर्ट बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है। दरभंगा एयरपोर्ट से मधुबनी की दूरी करीब 30-40 km है। भारतमाला प्रोजेक्ट और नई सड़क कनेक्टिविटी बनने के बाद लोगों के लिए दरभंगा पहुंचना और भी आसान हो जाएगा। 6. मुजफ्फरपुर के पताही एयरपोर्ट से उड़ान भरेंगे 19 सीटर विमान मुजफ्फरपुर के पताही एयरपोर्ट को विकसित किया जा रहा है। पहले चरण में लगभग 23.47 करोड़ रुपए की लागत से टर्मिनल भवन, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) और फायर स्टेशन का निर्माण किया जा रहा है। इस एयरपोर्ट से 19 सीटर विमान ऑपरेट होंगे। पताही एयरपोर्ट करीब 101 एकड़ में फैला है। इसके रनवे की लंबाई करीब 1050 मीटर है। पहले रनवे की लंबाई बढ़ाने की योजना थी। स्थानीय लोगों के विरोध के कारण इसे रोक दिया गया है। दूसरे चरण में गोपालगंज, किशनगंज और सोनपुर में बनेंगे एयरपोर्ट 1- द्वितीय विश्वयुद्ध में अंग्रेजों ने किया था गोपालगंज के एयरपोर्ट का इस्तेमाल गोपालगंज के हथुआ प्रखंड में स्थित सबेया एयरपोर्ट को विकसित किया जाएगा। इसका निर्माण 1868 में अंग्रेजों ने कराया था। द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान ब्रिटिश आर्मी ने सबेया एयरपोर्ट का इस्तेमाल किया था। आजादी के बाद रक्षा मंत्रालय ने इस एयरपोर्ट को ओवरटेक कर लिया। अब इस एयरपोर्ट को छोटे विमानों के उड़ान भरने और लैंडिंग करने लायक बनाया जाएगा। 2- चीन सीमा के पास स्थित किशनगंज से उड़ान भरेंगे फाइटर जेट्स किशनगंज जिले के खगड़ा स्थित एयरपोर्ट को विकसित किया जा रहा है। इसके रनवे की लंबाई बढ़ाई जा रही है। इसके लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। किशनगंज एयरपोर्ट चीन से लगी सीमा से करीब 175 किलोमीटर दूर है। सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकन नेक कॉरिडोर) के पास स्थिति होने के चलते भी इसका बहुत अधिक रणनीतिक महत्व है। एयरपोर्ट के मौजूदा रनवे की लंबाई लगभग 900 मीटर है। बड़े विमानों के संचालन के लिए सरकार ने इस रनवे की लंबाई को बढ़ाकर लगभग 2.5 किलोमीटर (2500 मीटर) करने का प्रस्ताव मंजूर किया है। इतने लंबे रनवे से लड़ाकू विमान भी टेकऑफ और लैंडिंग कर पाएंगे। 3. सोनपुर एयरपोर्ट पर उतर पाएगा एयरबस A380 पटना से करीब 25 किलोमीटर दूर सारण जिले के सोनपुर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनेगा। 4,228 एकड़ में फैला यह एयरपोर्ट आकार में भारत का तीसरा सबसे बड़ा हवाई अड्डा होगा। रनवे की लंबाई 4.2 km होगी। दो रनवे बनाए जाएंगे ताकि अधिक विमानों को संभाला जा सके। यहां दुनिया का सबसे बड़ा यात्री विमान एयरबस A380 उतर पाएगा। अब जानिए बिहार में काम कर रहे एयरपोर्ट की स्थिति बिहार में फिलहाल 4 एयरपोर्ट (पटना, गया, दरभंगा और पूर्णिया) काम कर रहे हैं। रोज करीब 15-16 हजार यात्रियों की आवाजाही होती है। 1- पटना एयरपोर्ट: सालभर में 43.86 लाख लोगों ने भरी उड़ान वित्त वर्ष 2025-26 में पटना एयरपोर्ट से करीब 43.86 लाख यात्रियों ने सफर किया। यानी औसतन हर दिन करीब 12 हजार यात्री। पटना एयरपोर्ट पर यात्रियों का दबाव कम करने के लिए बिहटा एयरपोर्ट को विकसित किया जा रहा है। पटना के बिहटा में इंडियन एयरफोर्स का एयरबेस है। आने वाले दिनों में यहां से नागरिक विमानों का संचालन होगा। पटना से करीब 25 km दूर सोनपुर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाया जाएगा। इसके साथ ही बिहार सरकार छोटे-छोटे शहरों को एयर कनेक्टिविटी से जोड़ रही है ताकि लोगों को फ्लाइट के लिए पटना नहीं आना पड़े। वे अपने घर पास के एयरपोर्ट से ही उड़ान भर सकें। 2- गया एयरपोर्ट: सालभर में आए 3.20 लाख यात्री गयाजी में बिहार का एकमात्र इंटरनेशनल एयरपोर्ट है। बड़ी संख्या में बौद्ध श्रद्धालु बोधगया और बिहार में मौजूद अन्य धर्मस्थलों की यात्रा के लिए इस एयरपोर्ट से आते-जाते हैं। पिछले साल गया एयरपोर्ट से कुल 3,20,295 यात्रियों ने हवाई सफर किया। इसमें करीब 2,15,506 घरेलू और 1,04,789 अंतरराष्ट्रीय यात्री थे। 3- दरभंगा में बढ़ा दबाव, यात्रियों की संख्या में 57% उछाल दरभंगा एयरपोर्ट पर नवंबर 2020 में विमान सेवा शुरू हुई थी। यह एयरपोर्ट लगातार यात्रियों की पसंद बनता गया। नागरिक उड्डयन के आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2025-26 में फरवरी तक दरभंगा एयरपोर्ट से 7.11 लाख यात्रियों ने सफर किया। पिछले वित्तीय वर्ष में यह संख्या करीब 4.52 लाख थी। यानी एक साल में करीब 2.58 लाख यात्रियों की बढ़ोतरी हुई। यात्रियों की संख्या में करीब 57% की वृद्धि दर्ज की गई। पैसेंजर ग्रोथ के मामले में दरभंगा एयरपोर्ट प्रदेश में सबसे आगे रहा। हालांकि, वित्तीय वर्ष 2024-25 के पूरे साल का आंकड़ा करीब 5.22 लाख यात्री रहा था। यानी साल बढ़ने के साथ दरभंगा में हवाई यात्रा की रफ्तार और तेज हुई है। बढ़ते दबाव के बाद टर्मिनल भी बड़ा होगा यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए दरभंगा एयरपोर्ट पर नया सिविल एन्क्लेव और बड़ा टर्मिनल बनाया जा रहा है। करीब 643 करोड़ रुपए की लागत से 62,800 वर्ग मीटर में नया टर्मिनल भवन तैयार किया जा रहा है। इसकी सालाना यात्री क्षमता करीब 30 लाख होगी। इसमें 40 चेक-इन काउंटर और 5 एयरोब्रिज समेत कई आधुनिक सुविधाएं होंगी। 4- पूर्णिया में सेवा शुरू होते ही बढ़ी भीड़ सीमांचल में पूर्णिया एयरपोर्ट ने भी हवाई यात्रा की मांग की तस्वीर बदल दी है। सितंबर 2025 में व्यावसायिक उड़ान शुरू होने के बाद कुछ ही महीनों में यहां यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ी। एयरपोर्ट अथॉरिटी के मुताबिक, सितंबर 2025 से अगस्त 2026 तक करीब 2.90 लाख से ज्यादा यात्रियों ने पूर्णिया एयरपोर्ट का इस्तेमाल किया है। सितंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच ही करीब एक लाख यात्रियों ने सफर किया था। इसके बाद भी यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ती गई। 2028 तक बनेगा नया टर्मिनल यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पूर्णिया एयरपोर्ट पर नया टर्मिनल बनाया जाएगा। यह करीब 20,250 वर्ग मीटर में फैला होगा। इसके लिए टेंडर जारी किया जा चुका है और एजेंसी को 2028 तक काम पूरा करना है। एयरपोर्ट पर करीब 515 वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था होगी। 5 से 7 पार्किंग स्टैंड भी तैयार किए जा रहे हैं। पूर्णिया की तस्वीर बताती है कि सीमांचल के लोग अब पटना या दूसरे बड़े एयरपोर्ट तक लंबी सड़क यात्रा करने के बजाय अपने इलाके से ही प्लेन पकड़ना चाहते हैं।
रक्षाबंधन से पहले उत्तर बिहार में भारी बारिश का पूर्वानुमान, 25- 26 के लिए अलर्ट जारी
Bihar Weather Forecast 26 August:मौसम विभाग ने रक्षाबंधन से पहले 25 और 26 अगस्त को उत्तर बिहार में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। किसानों को फसलों की निगरानी और कीट नियंत्रण के लिए विशेष सलाह है।
पटना से भागीं, खगड़िया में कर ली शादी… बिहार में दो लड़कियों की लव मैरिज से सनसनी, कोर्ट ने सुनाया ये फैसला
Bijendra Yadav ने फिजूलखर्ची रोकने पर दिया जोर, Bihar SDG Conclave में बताईं विकास की प्राथमिकताएं
बिहार के उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने शुक्रवार को कहा कि राज्य ने वित्तीय क्षेत्र में उल्लेखनीय काम किया है, लेकिन विकास को गति देने के लिए संसाधनों के अपव्यय पर नियंत्रण और प्रत्येक व्यय को परिणामदायी बनाना आवश्यक है। यादव यहां ‘बिहार सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) कॉन्क्लेव-2026’ के दो दिवसीय समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि समय के साथ लोगों की आवश्यकताएं बदलती हैं, इसलिए तकनीक और बदलती परिस्थितियों के अनुरूप कार्यप्रणाली में भी बदलाव जरूरी है। उन्होंने कहा कि विकास एक सतत प्रक्रिया है, जिसके लिए विवेकपूर्ण व्यय, नई तकनीक और प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार मौसम सेवा केंद्रों के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में है तथा पंचायत स्तर तक मौसम पूर्वानुमान उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से ज्ञान, विज्ञान और ईमानदारी के साथ कार्य करने का आह्वान किया। ‘विकसित बिहार-2047 की दिशा में तीव्र प्रगति’ विषय पर आयोजित कॉन्क्लेव में आर्थिक परिवर्तन, समावेशी विकास, जिला आधारित योजना, एसडीजी के स्थानीयकरण तथा विकसित बिहार-2047 की प्राथमिकताओं पर मंथन किया गया। नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि दुनिया की लगभग 55 प्रतिशत आबादी शहरों में रहती है और शहरी क्षेत्रों का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 80 प्रतिशत से अधिक योगदान है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार बिहार के 12 शहरों में आधुनिक टाउनशिप विकसित करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है, जहां बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, इंटरनेट, गुणवत्तापूर्ण सड़क, पार्क, शिक्षा, खेल और पर्यावरण संरक्षण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव एन. विजयलक्ष्मी ने कहा कि बिहार के विकास के बिना भारत का समग्र विकास संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि स्वच्छ जल एवं स्वच्छता श्रेणी में बिहार 98 अंकों के साथ देश में तीसरे स्थान पर है। इस क्षेत्र में सितंबर 2025 तक 26,960.3 करोड़ रुपये खर्च किए गए तथा 1.75 करोड़ ग्रामीणों को नल जल कनेक्शन उपलब्ध कराया गया। उन्होंने कहा कि नीति आयोग के अनुसार वर्ष 2015-16 से 2019-21 के बीच बिहार में बहुआयामी गरीबी 51.8 प्रतिशत से घटकर 33.7 प्रतिशत रह गई और इस अवधि में लगभग 2.25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले। विजयलक्ष्मी ने बताया कि वर्ष 2024-25 में बिहार की सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) वृद्धि दर 13.2 प्रतिशत रही, जो राष्ट्रीय औसत 9.8 प्रतिशत से अधिक है। नीति आयोग के सदस्य के. वी. राजू ने कहा कि कॉन्क्लेव के दौरान मिले सुझावों पर आयोग गंभीरता से विचार करेगा, बशर्ते उन्हें योजना एवं विकास विभाग के माध्यम से औपचारिक रूप से प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने डेटा संग्रहण तथा पंचायत स्तर पर सूचकांक विकसित कर योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने पर बल दिया।
कल का मौसम, 22 अगस्त: शनिवार को यूपी, बिहार समेत इन इलाकों में होगी भारी बारिश, IMD अलर्ट
22 अगस्त को उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 22 से 24 अगस्त के बीच कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। शनिवार को राज्य के पूर्वी हिस्सों मेंभारी बारिश हो सकती है।
'4 लाख तक की मदद...', स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड पर तेजस्वी ने घेरा तो बिहार सरकार ने दी सफाई
बिहार सरकार ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में बदलाव किया है. इस पर तेजस्वी यादव ने सरकार को घेरा था. इस पर सफाई देते हुए बिहार सरकार ने कहा कि अब छात्रों को 4 लाख रुपये तक की शिक्षा सहायता उपलब्ध रहेगी. 2 लाख रुपये तक का लोन बिहार स्टेट एजुकेशन फाइनेंस कॉरपोरेशन देगा और 2 लाख से ऊपर की राशि बैंकों से मिलेगी. सरकार ने स्पष्ट किया कि कुल लोन सीमा कम नहीं की गई है.
भारतीय रेलवे ने अहमदाबाद और भागलपुर के बीच नई वीकली अमृत भारत एक्सप्रेस की बुकिंग शुरू कर दी है। ट्रेन की टिकट पीआरएस काउंटर और आईआरसीटीसी वेबसाइट पर उपलब्ध हो गई है।
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड की राशि घटी, स्कॉलरशिप बंद हो रही, बिहार भारी कर्ज में: तेजस्वी यादव
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने एक बार फिर दावा किया है कि बिहार का सरकारी खजाना खाली है। राज्य भारी वित्तीय संकट से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना की राशि घटा दी। छात्रवृति भी बंद की जा रही है।
सासाराम में बिहार ग्रामीण बैंक का आउटरीच कार्यक्रम, ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी
21 शुक्रवार, अगस्त: सासाराम में बिहार ग्रामीण बैंक ने मुखिया आउटरीच सह समन्वय कार्यक्रम आयोजित किया। किसानों, छोटे व्यवसायियों, महिला समूहों और ग्रामीण उद्यमियों को ऋण, बीमा, पेंशन व अन्य योजनाओं की जानकारी दी गई।
बिहार में पहली बार AI से होगा खरीफ फसल सर्वे, मुजफ्फरपुर के 9 लाख प्लाट पर लगेगी फर्जीवाड़े पर रोक
AI Crop Survey Bihar: बिहार कृषि विभाग ने खरीफ फसल के सटीक आकलन और धोखाधड़ी रोकने के लिए पहली बार एआई आधारित ऐप से सर्वे शुरू किया है। मुजफ्फरपुर में 9.34 लाख प्लाटों का एक माह में सर्वे कर किसानों का पंजीकरण भी किया जाएगा।

