अदालत ने बिहार के एएसआई की हत्या मामले में आठ लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई
Patna, 7 सितंबर . बिहार के मुंगेर जिले की एक अदालत ने Monday को होली के दौरान गांव में हुए विवाद को शांत कराने पहुंचे सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) संतोष कुमार सिंह की हत्या के मामले में तीन महिलाओं समेत आठ लोगों को कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई. जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश (चतुर्थ) कुमारी ... Read more
तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर बिहार को बाढ़ को 'राष्ट्रीय आपदा' घोषित करने की मांग की है.
सिंगरौली की बैंक ऑफ महाराष्ट्र में डकैती का मुख्य आरोपी फंटूस बिहार से गिरफ्तार
वारदात को अंजाम देने और घटना के बाद फरारी के रास्ते से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
Bihar Muzaffarpur Govt School Principal: कुर्सी का गंगाजल से शुद्धिकरण, हुआ एक्शन | Gyan Prakash
मुजफ्फरपुर के शिवनंदन उच्च माध्यमिक विद्यालय में प्रभारी हेडमास्टर ज्ञान प्रकाश का एक वीडियो सामने आया, जिसमें वह पदभार संभालने से पहले मंत्रोच्चारण के साथ गंगाजल से ऑफिस और कुर्सी का शुद्धिकरण करते नजर आ रहे हैं।
भारतीय सर्राफा बाजार में सप्ताह के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार, 7 सितंबर 2026 को कीमती धातुओं के कारोबार में एक बार फिर बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। सोने के बाजार में सुस्ती के बीच आज चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया है, जिससे गहने और आभूषण खरीदने की योजना बना रहे आम उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ना तय माना जा रहा है। वैश्विक स्तर पर चल रहे आर्थिक घटनाक्रमों, मजबूत होती अमेरिकी अर्थव्यवस्था और औद्योगिक क्षेत्र से मिल रही ताज़ा मांग के कारण घरेलू बुलियन मार्केट में चांदी के दाम रॉकेट की तरह ऊपर चढ़े हैं। आज राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और महाराष्ट्र के मुंबई जैसे प्रमुख महानगरों में चांदी की चमक और अधिक तेज हो गई है। निवेशकों और ग्राहकों के मन में इस समय बस यही सवाल घूम रहा है कि उनके अपने शहर में चांदी किस भाव पर बिक रही है और आने वाले दिनों में कीमती धातुओं का यह बाजार किस दिशा में आगे बढ़ने वाला है। आइए देश के प्रमुख शहरों में चांदी के ताजा खुदरा और थोक दामों के साथ-साथ इस तेजी के पीछे की पूरी आर्थिक वजहों को विस्तार से समझते हैं।सोमवार को चांदी की कीमतों में बंपर उछाल, बुलियन मार्केट में पहुंचा नया भावसप्ताह के पहले ही दिन यानी सोमवार को चांदी के हाजिर कारोबार में एक भारी-भरकम तेजी देखने को मिली है, जिससे सर्राफा कारोबारियों के बीच हलचल तेज हो गई है। आधिकारिक बाजार आंकड़ों के अनुसार, आज एक झटके में चांदी के भाव में 4,329 रुपये प्रति किलोग्राम की जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस भारी तेजी के बाद अखिल भारतीय बुलियन मार्केट में चांदी का औसत दाम बढ़कर सीधे 2,36,968 रुपये प्रति किलोग्राम के ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है। पिछले सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को मुनाफावसूली और हल्की नरमी के चलते चांदी के दामों में करीब 3,433 रुपये की गिरावट आई थी और यह 2,32,639 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी, लेकिन सोमवार के कारोबार ने उस सारी गिरावट को पीछे छोड़ते हुए कीमतों को एक नए शिखर पर पहुंचा दिया है। यदि आप आने वाले त्योहारी सीजन या शादी-ब्याह के शुभ अवसरों के लिए चांदी के सिक्के, मूर्तियां या फैशनेबल आभूषण खरीदने का मन बना रहे हैं, तो आपको अपनी जेब का बजट अब काफी और अधिक बड़ा करना होगा क्योंकि बाजार का यह रुख फिलहाल तेजी की तरफ इशारा कर रहा है।दिल्ली, यूपी और बिहार समेत देश के बड़े शहरों में क्या रहा चांदी का ताजा हालदेश की राजधानी दिल्ली में सोमवार को चांदी के दामों में भारी तेजी का असर साफ तौर पर देखने को मिला है। दिल्ली के सर्राफा बाजार में आज चांदी का भाव 4,329 रुपये महंगा होकर सीधे 2,36,000 से ऊपर यानी लगभग 2,36,968 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है। खुदरा ज्वैलरी मार्केट की बात करें तो दिल्ली में आज 10 ग्राम चांदी का खुदरा भाव करीब 2,369 रुपये और 100 ग्राम चांदी का भाव 23,000 रुपये के आसपास चल रहा है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और उसके आसपास के जनपदों में भी चांदी की चमक काफी तेज बनी हुई है। लखनऊ में आज चांदी के दाम में पूरे 4,510 रुपये की भारी तेजी दर्ज की गई है, जिसके बाद यहां चांदी का भाव लगभग 2,39,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गया है, जो देश के अन्य बड़े शहरों की तुलना में थोड़ा अधिक है। जबकि पिछले हफ्ते यूपी के बाजारों में चांदी 3,460 रुपये की गिरावट के साथ 2.34 लाख रुपये पर बंद हुई थी। बिहार की राजधानी पटना में भी चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है और यहां आज सिल्वर लगभग 4,189 रुपये महंगी होकर 2.36 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर ट्रेड कर रही है। ठीक इसी प्रकार राजस्थान के जयपुर और देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में भी चांदी के दाम 4,100 से 4,300 रुपये तक उछले हैं, जहां मुंबई में चांदी 2.37 लाख रुपये प्रति किलोग्राम और जयपुर में 2.36 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बनी हुई है।क्यों आ रही है चांदी के दाम में इतनी तेज उछाल? जानिए इसके पीछे के बड़े आर्थिक कारणकीमती धातुओं के जानकारों और बाजार विश्लेषकों का मानना है कि चांदी के दामों में आई इस अचानक और भारी तेजी के पीछे कई बड़े वैश्विक और घरेलू कारक जिम्मेदार हैं। सोना और चांदी दोनों ही पारंपरिक रूप से निवेश के सबसे सुरक्षित विकल्प माने जाते हैं, लेकिन चांदी की एक सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह केवल कीमती धातु नहीं बल्कि एक बेहद महत्वपूर्ण इंडस्ट्रियल मेटल (औद्योगिक धातु) भी है। दुनिया भर में रिन्यूएबल एनर्जी, इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs), इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर पैनल के निर्माण में चांदी का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाता है, जिसके कारण जैसे-जैसे वैश्विक स्तर पर औद्योगिक मांग बढ़ती है, वैसे-वैसे चांदी के दाम भी तेजी से ऊपर भागने लगते हैं। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की मजबूती और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव का असर भी बुलियन मार्केट पर सीधा पड़ रहा है। मजबूत डॉलर के कारण अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए कमोडिटीज महंगी हो जाती हैं, जिसका आंशिक दबाव सोने की कीमतों पर भी देखने को मिल रहा है। हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच भू-राजनीतिक तनाव तथा वैश्विक महंगाई के जोखिम अभी भी अपनी जगह कायम हैं, लेकिन बाजार का पूरा ध्यान इस समय अमेरिका से आने वाले महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों पर टिका हुआ है।महंगाई के नए आंकड़ों और अमेरिकी नीतिगत फैसलों पर टिकी है निवेशकों की निगाहेंइस सप्ताह वैश्विक वित्तीय बाजारों और कमोडिटीज ट्रेडर्स की नजर पूरी तरह से अमेरिका से जारी होने वाले महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों पर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में अमेरिका के पीपीआई (PPI) और सीपीआई (CPI) यानी उपभोक्ता और उत्पादक मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई के आंकड़े आने वाले हैं। दुनिया भर के केंद्रीय बैंक और निवेशक इन आंकड़ों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि इसी से यह तय होगा कि आने वाले समय में ब्याज दरों को लेकर फेडरल रिजर्व का अगला रुख क्या रहने वाला है। यदि महंगाई के आंकड़े उम्मीद से ज्यादा गर्म आते हैं, तो इसका सीधा असर डॉलर इंडेक्स और बुलियन मार्केट की चाल पर पड़ेगा, जिससे सोने और चांदी के भाव में और अधिक फेरबदल देखने को मिल सकता है। घरेलू बाजार के निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी प्रकार की बड़ी खरीदारी या निवेश करने से पहले अपने नजदीकी सर्राफा बाजार के अधिकृत दरों की सही जांच जरूर कर लें, क्योंकि स्थानीय टैक्स, जीएसटी (GST) और आभूषणों पर लगने वाली मेकिंग चार्ज के कारण खुदरा कीमतें हर शहर में थोड़ी अलग हो सकती हैं।
जबलपुर से बिहार के गया तक पितृपक्ष स्पेशल, तीन दिन सीधे कनेक्शन; जानें यह है शेडयूल
ट्रेन नर्मदापुरम, इटारसी, पिपरिया, नरसिंहपुर, जबलपुर, कटनी जंक्शन के रास्ते गया जाएगी। स्पेशल ट्रेनों के चलने से पितृपक्ष के दौरान भीड़ में यात्रियों की गया आवाजाही सुगम होगी।
Bihar Flood: Ganga का जलस्तर घटने से राहत, स्थिति जल्द सामान्य होने की उम्मीद
पटना, सात सितंबर बिहार के उपमुख्यमंत्री और जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने सोमवार को कहा कि गंगा का जलस्तर अपने सर्वकालिक उच्चतम स्तर से नीचे आने लगा है और यदि कोई नयी प्रतिकूल स्थिति उत्पन्न नहीं होती है तो अगले कुछ दिनों में राज्य में बाढ़ की स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। जल संसाधन विभाग के सभाकक्ष में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में चौधरी ने कहा कि फिलहाल राज्य की अधिकांश नदियों में जलस्तर घटने का रुझान है, जिससे लोगों को धीरे-धीरे राहत मिलने की संभावना है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष बिहार में बाढ़ का स्वरूप पिछले वर्षों से अलग रहा। सामान्य तौर पर नेपाल से आने वाली बागमती, कमला, कोसी और गंडक नदियों में पहले बाढ़ आती है और इसके बाद गंगा का जलस्तर बढ़ता है, लेकिन इस बार सबसे पहले गंगा में ही बाढ़ की स्थिति बनी। चौधरी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन समेत कई संभावित कारणों से गंगा ने कई स्थानों पर अपने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 50.58 मीटर तक पहुंच गया, जबकि इससे पहले का सर्वाधिक स्तर 50.52 मीटर था। उन्होंने कहा कि जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन की सतर्कता के कारण पटना शहर सुरक्षित रहा। हालांकि, गंगा के दियारा क्षेत्र के निचले इलाकों में पानी फैल गया, जहां राहत और सहायता कार्य लगातार जारी हैं। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि इस बार पुनपुन और दरधा नदियों ने भी गंभीर चुनौती पेश की। पुनपुन नदी में अब तक का सर्वाधिक जलस्तर दर्ज किया गया, जबकि दरधा नदी भी अपने उच्चतम स्तर तक पहुंच गई। उन्होंने कहा कि झारखंड में हुई भारी बारिश के कारण इन नदियों में जलप्रवाह बढ़ा। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर पुराने लघु बांध और जमींदारी बांधों के ऊपर से पानी बहा, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर रिसाव और छोटे कटाव को तत्काल नियंत्रित कर लिया। चौधरी ने कहा कि राज्य के सभी वैज्ञानिक तरीके से निर्मित विभागीय तटबंध सुरक्षित हैं और किसी भी प्रमुख आधुनिक तटबंध में बड़ा कटाव नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि भागलपुर के खरीक प्रखंड में गंगा की धारा बदलने जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न हुई थी, लेकिन अधिकारियों की दिन-रात निगरानी और लगातार प्रयासों से तटबंध को सुरक्षित रखा गया। इससे नवगछिया क्षेत्र के रिहायशी इलाकों को बड़े नुकसान से बचाया जा सका। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि फिलहाल सबसे बड़ी राहत यह है कि गंगा का जलस्तर 50.58 मीटर के उच्चतम स्तर से घटकर करीब 50.40 मीटर पर आ गया है। उन्होंने कहा कि प्रयागराज और वाराणसी की ओर भी गंगा के जलस्तर में गिरावट का रुझान है। उन्होंने कहा कि गंगा का पानी और घटने पर पुनपुन तथा दरधा जैसी नदियों की जल निकासी बेहतर होगी और उनके जलस्तर में भी तेजी से कमी आने की उम्मीद है। चौधरी ने कहा कि इस बार कोसी, गंडक और बागमती जैसी प्रमुख नदियों का जलस्तर नियंत्रित रहने से स्थिति संभालने में काफी मदद मिली। उन्होंने कहा कि यदि इन नदियों में भी सामान्य वर्षों की तरह भारी उफान आता तो हालात और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकते थे।
एक जॉइंट ऑपरेशन में, NCC पुलिस और असम राइफल्स ने पश्चिम त्रिपुरा के सालबागन इलाके से बिहार के दो लोगों को हिरासत में लिया और उनके पास से फैक्ट्री में बनी 9mm की पिस्तौल और गोला-बारूद बरामद किया। यह ऑपरेशन 6 सितंबर को NCC पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में चलाया गया था। तलाशी के दौरान, सुरक्षाकर्मियों ने संदिग्धों के पास से फैक्ट्री में बनी 9mm की दो पिस्तौल, तीन मैगज़ीन और कई ज़िंदा कारतूस बरामद किए। NCC पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कर ली गई है और ज़ब्त किए गए हथियार आगे की जांच के लिए पुलिस को सौंप दिए गए हैं। इसे भी पढ़ें: Assam में प्रणब डोले पर NSA लगाने के खिलाफ Gaurav Gogoi ने खोला मोर्चा ANI से बात करते हुए SDPO सुब्रत बर्मन ने कहा, 6 सितंबर 2026 को, वेस्ट त्रिपुरा के NCC पुलिस स्टेशन के तहत सलबागन इलाके में NCC पुलिस स्टेशन और असम राइफल्स ने एक जॉइंट ऑपरेशन चलाया। दो लोगों को पकड़ने के बाद तलाशी ली गई, जिसमें उनके पास से फैक्ट्री में बनी दो 9 mm पिस्तौल, तीन मैगज़ीन और ज़िंदा कारतूस बरामद हुए। बरामदगी के बाद, पुलिस ने हथियार और गोला-बारूद ज़ब्त कर लिए और NCC पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की। अधिकारी ने आगे बताया कि आरोपियों को आज स्थानीय अदालत में पेश किया जा रहा है, जहाँ पुलिस उनसे विस्तार से पूछताछ के लिए उनकी कस्टडी की मांग करेगी। इसे भी पढ़ें: Assam Police का बड़ा एक्शन, फर्जी पुलिसकर्मी बनकर ठगी करने वाले 330 आरोपी गिरफ्तार SDPO ने कहा, दोनों आरोपियों को आज अदालत में पेश किया जाएगा और पुलिस उनकी रिमांड की मांग करेगी। रिमांड मिलने के बाद आरोपियों से विस्तार से पूछताछ की जाएगी। शुरुआती पूछताछ में पता चला कि वे बिहार से आए थे और कथित तौर पर किसी काम के सिलसिले में अगरतला, त्रिपुरा आए थे। हथियार रखने का असली कारण, उन्हें कहाँ से मिला, वे कहाँ रुके थे, कैसे आए और कहाँ जाने वाले थे, इसका पता आगे की जांच और पूछताछ के बाद चलेगा। उन्होंने आगे कहा, पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि हथियार किस मकसद से ले जाए जा रहे थे और क्या आरोपियों का हथियारों की गैर-कानूनी खरीद-फरोख्त या आवाजाही में शामिल अन्य लोगों से कोई संबंध है।
Bihar में Ganga का रिकॉर्ड जलस्तर, फिर भी बाढ़ नियंत्रण में: Vijay Kumar Chaudhary
सिंचाई भवन स्थित जल संसाधन विभाग के सभागार में आज आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में माननीय उप मुख्य (जल संसाधन) मंत्री श्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि यह बाढ़ का मौसम है और चुनौती के दिन हैं। इस बार की बाढ़ की स्थिति अलग है। गंगा नदी के जलश्राव में बहुत अधिक वृद्धि हुई है, जिसके फलस्वरूप गांधीघाट पर गंगा नदी का इस वर्ष का उच्चतम जलस्तर 50.58 मीटर दर्ज किया गया, जबकि वर्ष 2016 में यह 50.52 मीटर था। उन्होंने कहा कि जल संसाधन विभाग के अधिकारियों और जिला प्रशासन की मुस्तैदी और लगातार निगरानी के कारण पटना सुरक्षित रहा है। इसे भी पढ़ें: Pitru Paksha Mela 2026: Chief Secretary का सख्त फरमान, Gaya ji में कोई चूक नहीं होगी बर्दाश्त माननीय उप मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा नदी का जलस्तर लगातार ऊँचा रहने के कारण कई स्थानों पर बैकवाटर (Back Water) का प्रभाव देखने को मिल रहा है। अन्य कई नदियाँ जिसके जलश्राव का निकास गंगा नदी में है, उन नदियों के जल का निकास सुगमता से नहीं हो पा रहा है, जिस कारण उन नदियों यथा गंडक एवं पुनपुन इत्यादि के निचले छोर में जलस्तर में वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि हाल ही में भागलपुर जिले के खरीक प्रखंड अंतर्गत गंगा नदी पर निर्मित काजीकोरैया-राघोपुर मार्जिनल बांध क्षतिग्रस्त हुआ था। विभागीय अधिकारियों एवं अभियंताओं द्वारा लगातार प्रयास करते हुए आवश्यक कार्य कराए गए, जिससे आबादी वाले क्षेत्रों में पानी के फैलाव को रोकने में सफलता मिली। वर्तमान में उक्त स्थल सुरक्षित है। माननीय उप मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा नदी के जलस्तर में अब कमी आने की उम्मीद है। जल संसाधन विभाग द्वारा राज्य के विभिन्न तटबंधों एवं संवेदनशील स्थलों की दिन-रात लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि तटबंध सुरक्षित रहते हैं तो आबादी भी सुरक्षित रहती है। इसे भी पढ़ें: Bihar में 15 अक्टूबर से शुरू होगा Sand Mining, घाटों की नए सिरे से होगी नीलामी उल्लेखनीय है कि पिछले एक सप्ताह में गंगा एवं अन्य नदियों में अत्यधिक जलश्राव एवं ऊँचे जलस्तर के बावजूद विभाग द्वारा अब तक कुल 171 स्थलों पर फ्लड फाइटिंग का कार्य कर तटबंधों को बचाया गया है। इनमें से मात्र 14 स्थलों पर तटबंधों में रिसाव या क्षतिग्रस्त हुआ, जिनमें से 11 स्थलों पर कम से कम समय में इसकी मरम्मती की गई। शेष 3 स्थलों पर भी मरम्मती करने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। अब तक का सबसे अधिक पानी आने के बावजूद स्थिति नियंत्रण में है। विभागीय अधिकारियों द्वारा लगातार तटबंधों की निगरानी की जा रही है। अगले एक से दो दिनों में स्थिति में और सुधार आने की उम्मीद है। इस अवसर पर तकनीकी परामर्शी श्री मनोज रमण, विशेष सचिव श्री के.डी.प्रौज्जवल, अभियंता प्रमुख श्री ब्रजेश मोहन सहित विभाग के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
Pitru Paksha Mela 2026: Chief Secretary का सख्त फरमान, Gaya ji में कोई चूक नहीं होगी बर्दाश्त
राज्य में 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले पितृपक्ष मेला-2026 की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। गयाजी और पुनपुन (पटना) में आयोजित होने वाले इस महामेले की तैयारियों को लेकर सोमवार को मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि पितृपक्ष मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि बिहार की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान का प्रतीक है। इसमें स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, स्वास्थ्य शिविर और सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभाग श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। इसे भी पढ़ें: Samastipur में Swatantrata Senani Express के AC कोच से 75 लीटर शराब बरामद, दो गिरफ्तार मेला पूर्व सभी तैयारियां हो रही सुनिश्चित बैठक में बताया गया कि मेले के सफल आयोजन के लिए गयाजी जिला की ओर से 4,21,74,971 रुपये और पटना जिला द्वारा 41 लाख रुपये की राशि अधियाचित की गई है। इस दौरान गयाजी के जिलाधिकारी ने यातायात प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, ठहराव स्थल, घाटों की सफाई और बुनियादी ढांचे को लेकर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। मुख्य सचिव ने गृह, पर्यटन, नगर विकास एवं आवास, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण (पीएचईडी), स्वास्थ्य, परिवहन, पथ निर्माण, ऊर्जा, आपदा प्रबंधन सहित 14 प्रमुख विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया। पिंडदानियों के लिए सुविधाएं इस दौरान मेले की स्थानीय तैयारियों, आधारभूत व्यवस्थाओं और विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियों पर विस्तृत चर्चा हुई। देश-विदेश से लाखों पिंडदानियों और श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए मुख्य सचिव ने सभी व्यवस्थाओं को ससमय पूर्ण करने का निर्देश दिया। तीर्थयात्रियों के सुगम आवागमन के लिए पूर्व मध्य रेलवे के पंडित दीन दयाल उपाध्याय मंडल के डीआरएम के साथ विशेष समन्वय स्थापित किया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अतिरिक्त ट्रेनों के परिचालन और स्टेशनों पर विशेष व्यवस्थाओं पर सहमति बनी है। इसे भी पढ़ें: Bihar: बाढ़ से 27 लाख प्रभावित, राहत शिविरों में पहुंचे सीएम सम्राट चौधरी, पीड़ितों संग खाया खाना बैठक में पुलिस महानिदेशक, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव, सभी संबंधित विभागों के प्रधान सचिव/सचिव, गयाजी एवं पटना के जिलाधिकारी तथा डीडीयू मंडल के डीआरएम सहित अन्य वरीय अधिकारी सशरीर एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।
Bihar Flood: घर की छत से महज 4 इंच नीचे पानी, वायरल पोस्ट ने खड़े किए बड़े सवाल; बिहार में बाढ़ पर सियासत तेज
बिहार बीएड नामांकन के 9वें राउंड में 1900 अभ्यर्थियों को सीट आवंटित, 10 सितंबर तक दाखिला
Bihar Bed Counseling Process: सीईटी-बीएड 2026 के 9वें राउंड में लगभग 1,900 अभ्यर्थियों को सीटें आवंटित की गई हैं, जिसके लिए 7 से 10 सितंबर 2026 तक नामांकन होगा। अभ्यर्थियों को 3,000 रुपये का सीट आरक्षण शुल्क ऑनलाइन जमा कर आवंटित कॉलेज में भौतिक रूप से उपस्थित होना होगा।
दुबई में बिहार की ग्लोबल दस्तक, AIM Congress 2026 में निवेशकों के सामने पेश हुआ नया औद्योगिक विजन
बिहार ने दुबई में आयोजित AIM कांग्रेस 2026 में अपना औद्योगिक पवेलियन उद्घाटित किया, जहाँ राज्य को एक निवेश-तैयार गंतव्य के रूप में प्रस्तुत किया गया। उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने निवेशकों को बिहार की नई नीतियों और अवसरों से अवगत कराया।
कल का मौसम: दिल्ली, यूपी बिहार समेत 16 राज्यों में भारी बारिश, MP,छत्तीसगढ़-बंगाल में IMD का अलर्ट
कल का मौसम, 8 सितंबर 2026: IMD के अनुसार, कल दिल्ली, यूपी, बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना है. जानिए आपके यहां कैसा मौसम रहेगा.
Bihar में 15 अक्टूबर से शुरू होगा Sand Mining, घाटों की नए सिरे से होगी नीलामी
पटना, सात सितंबर बिहार के खान एवं भूतत्व विभाग के मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने सोमवार को कहा कि राज्य में 15 अक्टूबर के बाद बालू खनन फिर शुरू किया जाएगा। जिन बालू घाट की पांच वर्ष की अवधि पूरी हो चुकी है, उनकी नए सिरे से नीलामी की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। पटना के विकास भवन सचिवालय स्थित विभागीय कक्ष में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि इसके लिए जिला सर्वेक्षण प्रतिवेदन (डीएसआर) तैयार किया जा रहा है। पटना, भोजपुर, रोहतास, औरंगाबाद, नवादा और जमुई समेत प्रमुख बालू उत्पादक जिलों में इसकी तैयारी चल रही है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 में अबतक विभाग ने 984 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह किया है, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में प्राप्त 725 करोड़ रुपये की तुलना में लगभग 36 प्रतिशत अधिक है। मंत्री ने कहा कि सामान्यतः खनन राजस्व में सालाना 10 से 15 प्रतिशत की वृद्धि होती है, लेकिन महज पांच महीने में 36 प्रतिशत की बढ़ोतरी विभाग की बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने इसका श्रेय विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की सक्रियता तथा राजस्व संग्रह की बेहतर व्यवस्था को दिया। उन्होंने कहा कि राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ खनन क्षेत्र में पारदर्शिता और प्रभावी निगरानी भी विभाग की प्राथमिकता है। अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष में अगस्त तक अवैध खनन के मामलों में 316 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 3,043 वाहन जब्त किए गए हैं। इसके मुकाबले 2025-26 में 233 गिरफ्तारियां हुई थीं तथा 2,425 वाहन जब्त किए गए थे। पत्थर उद्योग को बढ़ावा देने के लिए विभाग ने 30 खनन ब्लॉक की निविदा प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इनमें नवादा के आठ, शेखपुरा के 11, औरंगाबाद के तीन, गया के सात और बांका का एक ब्लॉक शामिल है। मंत्री ने बताया कि नवादा के दो पत्थर ब्लॉक की निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि अन्य जिलों में प्रक्रिया जारी है।
'गंगा का जलस्तर घटा; बिहार में बाढ़ का संकट टलने की उम्मीद', पटना में बोले डिप्टी सीएम विजय चौधरी
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि बिहार में गंगा नदी का जलस्तर घटने लगा है, जिससे बाढ़ का संकट टलने की उम्मीद है। इस बार गंगा में पहले बाढ़ आई, और पुनपुन व दरधा नदियां भी रिकॉर्ड स्तर पर रहीं, लेकिन तटबंध सुरक्षित रहे और राहत कार्य जारी हैं।
दीपाली सहायः बिहार से मुंबई में सिंगिंग करियर बनने का सफ़र ऐसा रहा
दीपाली के कई गाने लोगों को आज भी याद होंगे. जैसे- कुछ साल पहले गाया गीत- रात भर याद आती रही. कैसे आईपीएस बनने की राह में दीपाली सिंगिंग करियर की ओर बढ़ीं और सफलता पाई.
पन्ना जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत परषोत्तमपुर की रहने वाली 19 साल की युवती घर बैठे किताबें और कंटेंट लिखकर पैसे कमाने के लालच में बड़ी साइबर ठगी का शिकार हो गई। इंस्टाग्राम पर 'वर्क फ्रॉम होम' का विज्ञापन देखकर युवती से 5 लाख 87 हजार 391 रुपये ठग लिए गए। पन्ना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में राजस्थान के दौसा से इस अंतर्राज्यीय साइबर गैंग के एक नाबालिग समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। सोमवार को पुलिस ने इसका खुलासा किया। पीड़िता को 17 अगस्त 2026 को इंस्टाग्राम पर एक वीडियो विज्ञापन दिखा था। विज्ञापन के लिंक से उसने टेलीग्राम डाउनलोड किया और विश्वाबुक पब्लिकेशन नाम के ग्रुप से जुड़ गई। ठगों ने उसे घर बैठे कंटेंट और बुक राइटिंग का काम देकर 25,000 रुपए महीने देने का वादा किया था। फर्जी चार्जेस इसके बाद ठगों ने रजिस्ट्रेशन फीस, डिलीवरी चार्ज, सिक्योरिटी डिपॉजिट, विड्रॉल चार्ज और बैंक अकाउंट वेरिफिकेशन के नाम पर पैसे मांगने शुरू कर दिए। अलग-अलग क्यूआर कोड भेजकर यूपीआई और फोनपे से बार-बार पैसे ट्रांसफर करवाए गए। पूरी रकम और सैलरी वापस मिलने के झांसे में आकर युवती ने किश्तों में कुल 5,87,391 रुपए गंवा दिए। दौसा में दबिश ठगी का अहसास होने पर पीड़िता ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस और साइबर सेल की विशेष टीम ने बैंक ट्रांजैक्शन और डिजिटल फुटप्रिंट्स के जरिए राजस्थान के दौसा जिले के लालसोट इलाके में दबिश दी। पुलिस ने इन्हें पकड़ा पुलिस ने मौके से दिलखुश मीना (18 वर्ष), छोटा उर्फ हेमराज मीना (20 वर्ष), संतोष मीना (23 वर्ष), अजयकुमार मीना (20 वर्ष) और एक नाबालिग को पकड़ा। पुलिस को ठगे गए रुपयों में से 5 लाख 82 हजार मिल गए हैं। इसके अलावा 2 आईफोन और 2 एंड्रॉइड मोबाइल (कीमत 2.5 लाख) समेत कुल 8.32 लाख रुपए का सामान जब्त किया है। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे सोशल मीडिया पर 'पेंसिल पैकिंग' और 'बुक राइटिंग' के फर्जी विज्ञापन चलाकर टेलीग्राम ग्रुप के जरिए लोगों को ठगते थे। पटना-समस्तीपुर में दबिश देकर 3 युवक पकड़ाए, फर्जी सर्टिफिकेट से देते थे झांसा इसके अलावा पन्ना पुलिस ने नामी कंपनी की डिस्ट्रीब्यूटरशिप देने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले बिहार के तीन युवकों को पकड़ा है। पुलिस टीम ने पटना और समस्तीपुर में छापेमारी की। पीड़ित ने सोशल मीडिया पर 'टाटा पावर सोलर' की डिस्ट्रीब्यूटरशिप का विज्ञापन देखकर संपर्क किया था। ठगों ने कंपनी का प्रतिनिधि बनकर और फर्जी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट दिखाकर 25 साल के एग्रीमेंट के नाम पर 1,60,200 रुपए अपने खातों में ट्रांसफर करवा लिए। दोबारा पैसे मांगने पर जब पीड़ित ने कंपनी के असली कस्टमर केयर पर पता किया, तब ठगी का खुलासा हुआ। बिहार में दी दबिश साइबर सेल ने जब बैंक खातों और मोबाइल नंबरों के ट्रांजैक्शन खंगाले, तो ठगी के तार बिहार से जुड़े मिले। पुलिस टीम ने तुरंत पटना और समस्तीपुर में दबिश देकर आरोपी पीयूष कुमार, विक्की उर्फ अभय कुमार और नीरज उर्फ कृष्णा को को पकड़ा। पैसा और फोन जब्त पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे फर्जी विज्ञापन बनाकर लोगों को झांसे में लेते थे। पुलिस को आरोपियों के कब्जे से 47,000 रुपए नकद और 5 महंगे एंड्रॉइड मोबाइल मिले हैं।
Viral Video: सोशल मीडिया पर बिहार के गोपालगंज का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। यहां पर एक व्यक्ति ने अपनी नई महिंद्रा स्कॉर्पियो क्लासिक को चोरी से बचाने के लिए अनोखा जुगाड़ लगाता है। उसका ये अनोखा जुगाड़ सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। गोपालगंज के एक व्यक्ति ने अपनी नई महिंद्रा स्कॉर्पियो को चोरी से बचाने के लिए उसे घर की दूसरी मंजिल पर रखवा दिया। व्यक्ति ने क्रेन की मदद से SUV को जमीन से ऊपर उठाकर छत पर पहुंचाया। गाड़ी को क्रेन से उठाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस अनोखे तरीके को देखकर हैरान हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस दावे और वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है।सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियोसोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस 46 सेकेंड के वीडियो में महिंद्रा स्कॉर्पियो क्लासिक को क्रेन के जरिए एक घर की छत तक पहुंचाते हुए देखा गया। क्रेन से लटकी गाड़ी को धीरे-धीरे दो मंजिला मकान की छत तक पहुंचाया जाता है और फिर बेहद सावधानी से उसे छत पर खड़ा कर दिया जाता है। गाड़ी को इस तरह घर की छत पर पहुंचाने का तरीका देखकर लोग काफी हैरान हैं। इस घटना पर लोग तरह-तरह के रिएक्शन दे रहे हैं। चोरों से बचाने का ऐसा जुगाड़, SUV को ही दूसरी मंजिल पर चढ़ा दियाबिहार के गोपालगंज में कार की सुरक्षा के लिए परिवार ने क्रेन बुलाकर SUV को घर की दूसरी मंजिल पर पहुंचवा दिया। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।#Gopalganj #Bihar #SUV #ViralVideo #CarSecurity pic.twitter.com/HLwDfyyovd— PRIYA RANA (@priyarana3101) September 7, 2026 परिवार को थी गाड़ी की टेंशनबताया जा रहा है कि ये SUV मनोज यादव की है, जिन्होंने इसे कुछ समय पहले ही खरीदा था। मनोज काम के सिलसिले में इजराइल में रहते हैं और उनकी गैरमौजूदगी में कार की देखभाल एक ड्राइवर कर रहा था। बाद में ड्राइवर के वहां से चले जाने के बाद परिवार को गाड़ी की सुरक्षा की चिंता होने लगी। इसके बाद कार को चोरी से सुरक्षित रखने के लिए परिवार ने उसे घर की छत पर रखने का फैसला किया और क्रेन की मदद से SUV को ऊपर पहुंचाया गया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया है।बताया जा रहा है कि छत पर खड़ी स्कॉर्पियो को देखने के लिए आसपास के लोग भी पहुंच रहे हैं। घर की छत पर इतनी भारी SUV रखने से छत की मजबूती और सुरक्षा को लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है।(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।)
BCECE 2026: Mop-up Allotment Result Released for Admission
The Bihar Combined Entrance Competitive Examination Board (BCECEB) has announced the Mop-up Allotment Result for the BCECE 2026. This result is crucial for candidates seeking admission in various streams including engineering, medical, pharmacy, and agriculture. The application process was open from April 15 to May 13, 2026, with the examination conducted on May 30-31, 2026. Candidates can download their results from the official website. The article provides detailed information on important dates, application fees, and the procedure to access the allotment result, ensuring that all necessary information is readily available for prospective students.
वैशाली में बाढ़ पीड़ित महिलाओं ने कहा- बिहार सरकार से मिल रही मदद
वैशाली, 7 सितंबर . बिहार के Chief Minister सम्राट कुमार ने Monday को वैशाली और सारण जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों में Government की ओर से किए गए राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया गया. बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर उन्होंने राहत शिविरों का निरीक्षण किया और प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं ... Read more
पहाड़ों पर बर्फबारी, मैदानों में बाढ़ का कहर: उत्तराखंड की चोटियां सफेद हुईं, वीडियो में जाने बिहार के 12 जिलों में 22 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित
Chhath Puja Bihar Train Ticket: छठ महापर्व और दिवाली के लिए बिहार जाने वाले यात्रियों को ट्रेन टिकट बुकिंग की तारीखें अभी से नोट कर लेनी चाहिए। 7 नवंबर की यात्रा के लिए 8 सितंबर और 8 नवंबर की यात्रा के लिए 9 सितंबर से बुकिंग शुरू होगी, ताकि कन्फर्म टिकट मिल सके।
Bihar: बाढ़ से 27 लाख प्रभावित, राहत शिविरों में पहुंचे सीएम सम्राट चौधरी, पीड़ितों संग खाया खाना
बिहार में नदियों का पानी ओवरफ़्लो होने से 13 ज़िलों में बाढ़ आ गई है, जिससे लगभग 27 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य तेज़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने वैशाली और भागलपुर में बाढ़ पीड़ितों के लिए चल रही कम्युनिटी किचन्स का निरीक्षण भी किया। अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ प्रभावित अलग-अलग ज़िलों में 190 कम्युनिटी किचन्स चलाई जा रही हैं, जबकि राहत और बचाव कार्यों के लिए 1,429 नावें लगाई गई हैं। इसे भी पढ़ें: Delhi IMD Weather Alert | देशभर में बदला मौसम का मिजाज! IMD ने दिल्ली, UP, बिहार समेत कई राज्यों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उनके डिप्टी विजय कुमार चौधरी ने वैशाली और भागलपुर में कम्युनिटी किचन्स का निरीक्षण किया और स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे लगातार नदी के तटबंधों की निगरानी करें और संवेदनशील इलाकों पर कड़ी नज़र रखें। उन्होंने सारण में भी कम्युनिटी किचन्स का निरीक्षण किया और लोगों को अपने हाथों से भोजन परोसा। इस दौरान सीएम ने बाढ़ प्रभावित लोगों के साथ खुद भी भोजन किया। उन्होंने एक्स पर लिखा कि हर समस्या, हर कदम पर जनता के साथ हूँ! उन्होंने कहा कि वैशाली एवं सारण के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर हाजीपुर एवं सोनपुर के राहत शिविरों का निरीक्षण किया। राहत शिविर में लोगों से संवाद कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया, स्वयं भोजन परोसा और उनके साथ भोजन भी किया। आपदा पीड़ितों को सहायता राशि भी दी गई एवं प्रभावित किसानों को फसल क्षति का समुचित मुआवजा दिया जाएगा। आमजन की सुरक्षा और राहत कार्यों में कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। इसे भी पढ़ें: Bihar Flood: Patna के Gandhi Ghat पर गंगा का जलस्तर HFL पार, 11 जिलों में 19 लाख लोग प्रभावित पटना में गांधी घाट और हाथीदह पर गंगा नदी के जलस्तर के बाढ़ के उच्चतम स्तर तक पहुँचने के बाद अधिकारियों ने नदी के निचले इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के कारण नदियाँ उफान पर हैं और बिहार के 13 ज़िलों में बाढ़ आ गई है, जिससे 27 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। सितंबर में अब तक राज्य में 69.1 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से 55 प्रतिशत ज़्यादा है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
Kal Ka Mausam: बिहार के 4 जिलों में 8 अगस्त को होगी मूसलाधार बारिश, IMD ने जारी की चेतावनी
Bihar Kal Ka Mausam: मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार, उत्तर प्रदेश में बने कम दबाव के कारण बिहार में मॉनसून सक्रिय है।
दिल्ली में गैस सिलेंडर विस्फोट में 3 सितंबर को जीजा-साले की मौत हुई थी। इलाज के दौरान 6 सितंबर को उनकी मौत हो गई थी। मृतकों में साला पंकज कुमार (32) और उनके जीजा राजेंद्र राम (38) हैं। पंकज की डेड बॉडी 7 सितंबर को एंबुलेंस से इमामगंज के अलीगनर गांव लाई गईं, जबकि जीजा राजेंद्र राम की लाश को उनके घर पलामू ले जाया गया है। दोनों दिल्ली एयरपोर्ट पर स्वीपर का काम करते थे। पंकज के पिता परमेश्वर दास कहते हैं बिहार में अगर जॉब होता तो बेटा रोजगार के लिए बाहर नहीं जाता और न उसकी मौत होती। कमरे में गैस रिसाव के बाद हुआ था विस्फोट परिजनों के अनुसार, 3 सितंबर को पंकज कुमार और उनके जीजा राजेंद्र राम दिल्ली में ड्यूटी से लौटे थे। दोनों कमरे पर पहुंचे। खाना बनाया। खाना खाने के बाद दोनों सो गए।कमरे में गैस का रिसाव हुआ। इसके बाद आग लग गई। गैस सिलेंडर में विस्फोट हो गया। कमरे में सो रहे दोनों गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। किसी तरह दोनों को बाहर निकाला गया। इसके बाद इलाज के लिए दिल्ली एम्स में भर्ती कराया गया। दोनों की हालत गंभीर बनी हुई थी, इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। रोजगार की तलाश में गया था, बेटा अभ कभी नहीं लौटेगा- पिता पंकज कुमार की मौत से उनके पिता परमेश्वर दास पूरी तरह टूट चुके हैं। उन्होंने कहा कि बेटा अब इस दुनिया में नहीं रहा। परिवार के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि सरकार को गांव और आसपास रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने चाहिए। स्थानीय स्तर पर काम मिलेगा तो गरीब परिवारों के युवाओं को रोजगार के लिए दिल्ली और दूसरे राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा। रोजगार की तलाश में बेटा घर से निकला था। जो अब कभी वापस नहीं आएगा। पंकज की मां लकवाग्रस्तपंकज कुमार की मां पहले से ही गंभीर परेशानी से जूझ रही हैं। उन्हें लकवा मार चुका है। वह बोल भी नहीं पाती हैं। ऐसे में जवान बेटे की मौत ने परिवार का दर्द और बढ़ा दिया है। जिस घर में बेटे के लौटने का इंतजार रहता था, वहां अब उसकी अर्थी पहुंची है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। राजेंद्र तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर थेदूसरी तरफ जीजा राजेंद्र राम पलामू के रहने वाले थे। पिता जगलाल दास हैं। वह तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर थे। दिल्ली में रहकर काम करते थे। हादसे में उनकी मौत की खबर मिलते ही पलामू स्थित उनके घर में भी मातम छा गया। जीजा-साले की एक साथ मौत ने दोनों परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। गांव के लोगों का कहना है कि दोनों रोजी-रोटी के लिए घर से दूर दिल्ली गए थे। किसी ने नहीं सोचा था कि वहां से दोनों के शव वापस आएंगे।
Neha Jha Samastipur: शराब तस्करी के आरोप में First AC कोच से पकड़ी गई, तेवर देख Bihar Police भी दंग
Neha Jha Samastipur: शराब तस्करी के आरोप में First AC कोच से पकड़ी गई, तेवर देख Bihar Police भी दंग फर्स्ट AC कोच... लग्जरी सूटकेस... सामने बैठी एक बेहद कॉन्फिडेंट युवती... और बैग के अंदर छिपी शराब की ऐसी खेप, जिसने रेलवे स्टेशन पर मौजूद अधिकारियों को भी चौंका दिया... बिहार में शराबबंदी लागू है…
7 सितंबर, सोमवार: नवादा में बिहार राज्य राजपत्रित कर्मचारी महासंगठन का जिला सम्मेलन आयोजित हुआ। संगठन के नेताओं ने कहा कि कर्मचारियों के हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर अब जिला स्तर पर आंदोलन को और मजबूती दी जाएगी।
रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ, पश्चिम रेलवे की शारीरिक दक्षता परीक्षा में फर्जी अभ्यर्थी बनकर दौड़ लगाने पहुंचे बिहार निवासी युवक को रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ के कर्मचारियों ने पकड़कर जीआरपी चौकी रेलवे कॉलोनी के सुपुर्द किया।
Bihar MLC Election: Anant Singh अब Neeraj Kumar की MLC सीट पर Prashant Kishor के साथ | Anuj Singh
Bihar MLC Election 2026 को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर जल्द चुनाव होने वाला है और इसी बीच मोकामा के JDU विधायक Anant Singh के एक बयान ने Patna Graduate Seat पर सियासी पारा चढ़ा दिया है।
पूनम सिन्हा की दोबारा नियुक्ति पर बिहार कैबिनेट में घमासान, डिप्टी सीएम और कृषि मंत्री आमने-सामने
पटना, 07 सितंबर2026 । बिहार में रिटायर अधिकारी पूनम सिन्हा की संविदा पर दोबारा नियुक्ति का मामला राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया है। कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को लेकर कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सवाल उठाए और इसका विरोध किया। मामला इतना गरमा गया कि डिप्टी सीएम बिजेंद्र यादव और कृषि मंत्री […] The post पूनम सिन्हा की दोबारा नियुक्ति पर बिहार कैबिनेट में घमासान, डिप्टी सीएम और कृषि मंत्री आमने-सामने appeared first on Rashtriya Ujala .
Bihar Teachers Demand 7th Pay Commission बिहार के 5.5 लाख राज्यकर्मी शिक्षक अब 7वें वेतनमान की मांग कर रहे हैं, जिससे उनकी मासिक आय में ₹15 हजार तक की वृद्धि हो सकती है।
कोडरमा जिले में रांची-पटना मुख्य मार्ग पर सोमवार दोपहर एक ट्रक पलट गया। यह दुर्घटना एनएच 20 पर कोडरमा घाटी के जमसोती नाला के पास हुई। ट्रक में लदा मुर्गी का दाना सड़क पर बिखर गया। इस घटना में ट्रक चालक बाल-बाल बच गया। ट्रक चालक मोमिनुल इस्लाम ने बताया कि वह असम से मुर्गी का दाना लेकर बिहार जा रहा था। कोडरमा घाटी में जमसोती नाला के पास एक तीखे मोड़ पर सामने से आ रहे ट्रक ने उसे चकमा दे दिया। सामने से आ रहे ट्रक से बचने के लिए उसने अपना ट्रक सड़क किनारे उतारा। वहां दलदल होने के कारण ट्रक का चक्का फंस गया और ट्रक सड़क पर ही पलट गया। मोमिनुल इस्लाम ने सूझबूझ दिखाते हुए ट्रक से कूदकर अपनी जान बचाई। ट्रक पलटने से उसमें लदा सारा मुर्गी का दाना सड़क पर फैल गया। इस दुर्घटना के कारण मुख्य मार्ग पर यातायात रुक गया और लंबा जाम लग गया। घटना की सूचना मिलते ही कोडरमा थाने की पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची। पुलिस सड़क पर फैले मलबे को हटाने में जुट गई है। पुलिस ने थाने में क्रेन भेजने की सूचना दी है, ताकि ट्रक को सड़क से हटाया जा सके और यातायात सामान्य हो। घाटी में जाम होने के कारण क्रेन को घटनास्थल तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है। जाम में फंसे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कैमूर जिले के मोहनिया थाना क्षेत्र में पुलिस ने मवेशी तस्करी के खिलाफ कार्रवाई की है। मोहनिया टोल प्लाजा के पास एक संदिग्ध कंटेनर से 29 मवेशी बरामद किए गए। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की। पुलिस ने मौके से तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के मुसाबुल (पिता: महबूब), मो. वारिस (पिता: मो. दुल्हा) और मुस्तबीन (पिता: मो. शकील) के रूप में हुई है। मोहनिया थानाध्यक्ष आलोक कुमार ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी। इसमें बताया गया था कि एक कंटेनर में अवैध रूप से मवेशियों को ले जाया जा रहा है। मवेशियों को UP के उन्नाव ले जा रहे थे सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने टोल प्लाजा के पास वाहन जांच अभियान चलाया। इसी दौरान संदिग्ध कंटेनर को रोककर तलाशी ली गई और मवेशी बरामद हुए। शुरुआती पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि मवेशियों को बिहार के बारुण से उत्तर प्रदेश के उन्नाव ले जाया जा रहा था। तस्करों ने कंटेनर में एक और सहयोगी के छिपा होने की बात भी बताई है, जिसकी तलाश जारी है। बरामद सभी मवेशियों को नुआंव मेला भेज दिया गया है। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
Bihar Ganga River Embankment Four Lane Road:बिहार सरकार गंगा नदी के दोनों किनारों पर विशाल तटबंध और फोरलेन सड़क बनाने की महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रही है। यह परियोजना बाढ़ और कटाव से मुक्ति दिलाने के साथ-साथ औद्योगिक गलियारे विकसित कर रोजगार के अवसर भी पैदा करेगी।
देश के कई राज्यों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 7 सितंबर को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और पहाड़ी राज्यों समेत देश के बड़े हिस्से में बारिश, आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की चेतावनी जारी की है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग ने बारिश के दौरान मैदानी इलाकों में जलभराव और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन (landslides) और अचानक बाढ़ (flash floods) की आशंका जताई है। नदियों का जलस्तर बढ़ने से मैदानी इलाकों में भी समस्याएँ हो सकती हैं। दिल्ली के मौसम का हाल: बारिश और तेज़ हवाओं की संभावना 7 सितंबर को दिल्ली में मौसम सुहावना और थोड़ा परेशानी भरा भी हो सकता है। राजधानी के कई हिस्सों में आंधी-तूफान के साथ मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान हवा की रफ़्तार 50 किमी/घंटा तक पहुँच सकती है, जिससे कुछ इलाकों में ट्रैफ़िक और बाहरी गतिविधियों पर असर पड़ सकता है। इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu Assembly में भारी हंगामा! कानून-व्यवस्था पर विपक्ष के तेवरों के बीच बोले CM विजय- 'पुलिस को पावर सेंटर नहीं, रक्षक बनना चाहिए' UP और बिहार में बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट उत्तर प्रदेश में अगले दो दिनों तक मौसम का असर बने रहने की उम्मीद है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 7 सितंबर को बारिश हो सकती है, जबकि राज्य के पूर्वी हिस्सों में 7 और 8 सितंबर को बारिश होने की संभावना है। कई इलाकों में आंधी-तूफान, तेज़ हवाएँ और बिजली गिरने की भी आशंका है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे आंधी-तूफान के दौरान सावधानी बरतें और अकेले खड़े पेड़ों के नीचे शरण लेने या खुली जगहों पर रहने से बचें। बिहार में भी 7 सितंबर को कई जगहों पर बारिश और आंधी-तूफान की संभावना है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे बिजली कड़कने और तेज़ हवाओं के दौरान घर के अंदर ही रहें। पहाड़ी राज्यों में बारिश से मुश्किलें बढ़ सकती हैं उत्तराखंड में 7 सितंबर को बारिश होने की संभावना है, साथ ही 10 से 12 सितंबर के बीच बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने का एक और दौर हो सकता है। पहाड़ी राज्य में भारी बारिश से भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है और पहाड़ी सड़कों पर ट्रैफ़िक बाधित हो सकता है। संवेदनशील इलाकों में अचानक बाढ़ (flash floods) का भी खतरा है। हिमाचल प्रदेश में भी 7 सितंबर को बारिश होने की उम्मीद है। मध्य भारत में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा मध्य प्रदेश पर सक्रिय मौसम प्रणाली का असर बने रहने की संभावना है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 7 सितंबर को बारिश हो सकती है, जबकि राज्य के पूर्वी हिस्सों में 7 और 8 सितंबर के साथ-साथ 11 और 12 सितंबर को भी बारिश होने की संभावना है। छत्तीसगढ़ में 8 से 12 सितंबर के बीच कई इलाकों में आंधी-तूफान और बिजली कड़कने के साथ बारिश हो सकती है। इसे भी पढ़ें: Prabhasakshi NewsRoom: Secret Airbase बनाने में तेजी से जुटा है China, सैटेलाइट तस्वीरों ने Lop Nur में बन रहे खतरनाक मिलिट्री टेस्ट बेस का किया खुलासा गुजरात से गोवा तक बारिश की संभावना पश्चिमी भारत के कई हिस्सों में भी बारिश होने की उम्मीद है। कोंकण और गोवा में 7 से 12 सितंबर के बीच कई जगहों पर बारिश हो सकती है। इसी दौरान गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में भी अलग-अलग जगहों पर बारिश होने की संभावना है। पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा पर IMD की नज़र मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों में उत्तरी ओडिशा और झारखंड होते हुए पश्चिम बंगाल की ओर कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इस सिस्टम से पूर्वी भारत के कई हिस्सों में बारिश बढ़ सकती है। पश्चिम बंगाल में 7 से 10 सितंबर के बीच बारिश होने की संभावना है। झारखंड में 8 से 11 सितंबर तक बारिश हो सकती है, जबकि ओडिशा में 10 से 12 सितंबर के बीच बारिश की उम्मीद है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी 7 से 12 सितंबर के बीच बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में 7 और 8 सितंबर के साथ-साथ 11 और 12 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। पूर्वोत्तर भारत में बारिश जारी रहेगी पूर्वोत्तर में भी बारिश का दौर जारी रहने की उम्मीद है। अरुणाचल प्रदेश में 7 से 12 सितंबर के बीच कई जगहों पर बारिश हो सकती है। इस दौरान नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी व्यापक बारिश होने की संभावना है। असम और मेघालय में 9 और 10 सितंबर को कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। दक्षिणी राज्यों में मानसून सक्रिय रहेगा 7 से 12 सितंबर के बीच कई दक्षिणी राज्य भी बारिश से प्रभावित हो सकते हैं। इस दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, कर्नाटक, केरल, तेलंगाना, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के अलग-अलग इलाकों में बारिश होने की उम्मीद है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 7 से 10 सितंबर के बीच आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना है। वहीं, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 11 और 12 सितंबर को कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है।
गोवा के वास्को द गामा स्थित रवींद्र भवन में ‘लेट्स इंस्पायर बिहार’ की ओर से ‘विकसित बिहार-विकसित भारत 2047’ विषय पर बिहार विकास सम्मेलन 2026 का आयोजन किया गया।
Bihar Flood: भागलपुर-सुल्तानगंज फोरलेन पर गंगा नदी, हर घंटे बढ़ रहा पानी; शुरू हो गया पलायन
Bihar Flood: भागलपुर के मोहिउद्दीननगर प्रखंड में गंगा और वाया नदी के जलस्तर में वृद्धि से बाढ़ की स्थिति विकराल हो गई है। प्रखंड की 11 पंचायतें जलमग्न हैं और करीब 25 हजार आबादी छतों, ऊंचे स्थानों और सड़कों पर तिरपाल लगाकर रहने को मजबूर है।
Neha Aisa ने दिया Bihar Viral boy Aditya का साथ, क्यों वायरल | Samrat Choudhary | Gen-Z | Alpha
Neha Aisa ने दिया Bihar Viral boy Aditya का साथ, क्यों वायरल | Samrat Choudhary | Gen-Z | Alpha 6 साल का आदित्य राज उस वक्त चर्चा में आया, जब पटना के डाकबंगला चौराहे पर BPSC छात्र आंदोलन के दौरान हाथ में तिरंगा लेकर उसने सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए.
मैं मायके नहीं जाऊंगी : शादी के एक साल बाद ससुराल की दहलीज पर यह आंदोलन क्यों? बिहार की रोचक खबर
कैमूर के मोहनियां में शादी के बाद मायके गई नवविवाहिता निधि सिंह के ससुराल वालों द्वारा उसे वापस नहीं बुलाने का मामला सामने आया है। काफी इंतजार के बाद निधि अपने परिजनों के साथ ससुराल पहुंचीं, लेकिन आरोप है कि ससुराल वालों ने दरवाजा बंद कर दिया।
UP में जीत के लिए बिहार जैसी बिसात बिछा रहे तावड़े, BJP का ब्लूप्रिंट तैयार
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने अभी से बिसात बिछाना शुरू कर दिया है. यूपी प्रभारी विनोद तावड़े ने अपने दो दिवसीय दौरे में संगठन को चुस्त-दुरुस्त करने, हर बूथ को मजबूत करने और सपा के 'PDA' का तोड़ निकालने के लिए ठोस रणनीतिक ब्लूप्रिंट तैयार किया है.
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Bihar Weather Today 07 September: बिहार के कई जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। सोमवार को उत्तर बिहार के 19 जिलों में गरज तड़क और वज्रपात का अलर्ट है। पटना सहित दक्षिण बिहार में उमस भरी गर्मी रहेगी।
Bihar News : पुलिस 112 की जबरदस्त मुस्तैदी का दावा कर रही है और लड़कियां सड़क पर सुरक्षित नहीं हैं। तीन युवकों ने एक नाबालिग किशोर को अगवा कर दुष्कर्म किया, लेकिन दो दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। जांच, पूछताछ ही चल रही है।
Bihar News : बिहार में पिछले दिनों जब प्लास्टर की जगह गत्ता लगाए मरीज की तस्वीर सामने आई तो सरकारी सिस्टम ने आननफानन में कार्रवाई की। लेकिन, इसका भी असर दूसरे सरकारी अस्पतालों तक नहीं हुआ। फिर ऐसी ही तस्वीर सामने आई है।
रेलवे अपडेट! बिहार में आज रद्द रहेंगी ये 10 ट्रेनें, 10 का रूट डायवर्ट
बिहार में भारी बारिश और बढ़ते जलस्तर का असर अब रेल यातायात पर भी दिखने लगा है. पटना में पुनपुन नदी के उफान के चलते पुनपुन और परसा बाजार के बीच ब्रिज नंबर-21 पर ट्रेनों की आवाजाही रोक दी गई है. इसके कारण 7 सितंबर को पटना-गया रूट की 10 ट्रेनें रद्द और 10 ट्रेनों को डायवर्ट किया गया है.
Bihar News : बिहार में रविवार की रात एक हादसे ने फिर दिखा दिया कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश राज्य में आकर निष्प्रभावी हो गया है। प्रभावी होता तो इस तरह एक युवक की जान नहीं जाती। पुलिस इसे हादसा कहेगी, लेकिन देखा जाए तो यह सरकारी लापरवाही में जान लेना है।
जदयू की झोली में जाएगा बिहार विधान परिषद सभापति का पद, बीजेपी से बन गई सहमति
भाजपा के अवधेश नारायण सिंह के पहले जदयू एमएलसी देवेश चन्द्र ठाकुर करीब दो साल विधान परिषद के सभापति रहे हैं। लोकसभा चुनाव जीतने के बाद उन्होंने विधान परिषद की सदस्यता तथा सभापति का पद छोड़ा।
Bihar Flood: बिहार में 12 जिलों के 70 प्रखंडों की 368 पंचायतों की 22.42 लाख आबादी बाढ़ से घिरी है। गंगा किनारे बसे पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार और लखीसराय के निचले इलाकों में स्थिति ज्यादा गंभीर है।
Gorakhpur News: तीन गोवंश बरामद, घाघरा पार कर बिहार ले जाने की थी तैयारी
Three cattle recovered; preparations were underway to transport them across the Ghaghara River into Bihar.
Srinagar News: बिहार के गवर्नर सैयद अता हसनैन ने श्रीनगर में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात की
jammu and kashmir news
SSB में 10 बार हुआ फेल, फिर लेफ्टिनेंट बनकर ही माना बिहार का लड़का, हार को जीत में कैसे बदला?
बिहार के नवादा जिले के रहने वाले विजेता विशाल ने लगातार 10 बार SSB इंटरव्यू में असफल होने के बाद भी हिम्मत नहीं हारी. 11वें प्रयास में सफलता हासिल कर वह भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बने और अपने पिता का सेना अधिकारी बनने का अधूरा सपना पूरा किया.
Bihar Flood: Patna में Ganga का जलस्तर रिकॉर्ड स्तर पार, 12 जिलों में 22 लाख लोग प्रभावित
(तस्वीरों के साथ)पटना, छह सितंबर बिहार और पड़ोसी राज्य झारखंड में भारी बारिश के बाद नदियों में बढ़े जलस्तर से बिहार के 12 जिलों में 22 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। पटना में रविवार को गंगा नदी का जलस्तर बाढ़ के उच्चतम स्तर को पार कर गया, जिसके बाद अधिकारियों ने अलर्ट जारी किया है। मध्य पूर्व रेलवे ने एक अधिसूचना जारी कर कहा कि पटना-गया खंड पर पुनपुन और परसा बाजार स्टेशनों को जोड़ने वाली पुल संख्या 21 पर जलस्तर खतरनाक रूप से बढ़ जाने के कारण कुछ रेलगाड़ियों को रद्द कर दिया गया है या फिर उनका मार्ग बदला गया है। अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए अभी अलग-अलग जिलों में कुल 190 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही है और प्रभावित इलाकों से लोगों को निकालने और आवाजाही में मदद के लिए 1,429 नावों की सेवा ली जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि इसके अलावा, अलग-अलग जिलों में राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की 27 और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 10 टीम तैनात की गई हैं। अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के बाद पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर ‘बाढ़ के उच्चतम स्तर’ (एचएफएल) से ऊपर चला गया है। डब्ल्यूआरडी के मुताबिक, पटना के गांधी घाट पर रविवार सुबह छह बजे गंगा का जलस्तर 50.57 मीटर था, जो 21 अगस्त 2016 को दर्ज किए गए पिछले उच्चतम जलस्तर 50.52 मीटर से 0.05 मीटर अधिक है। बयान के मुताबिक, ‘‘पटना जिले के पंडारक में सुबह छह बजे गंगा नदी का जलस्तर 43.92 मीटर था, जो 16 अगस्त 2021 को दर्ज किए गए पिछले उच्चतम जलस्तर 43.73 मीटर से 0.19 मीटर अधिक है।’’अधिकारियों ने बताया कि राज्य में गंडक नदी डुमरियाघाट और हाजीपुर में, कोसी नदी बलतारा और कुरसेला में, बूढ़ी गंडक नदी खगड़िया में, गंगा नदी बक्सर, हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव एवं मुंगेर में, पुनपुन नदी श्रीपालपुर में, घाघरा नदी दरौली में और बागमती नदी बेनीबाद में खतरे के निशान के ऊपर बह रही है। अधिकारियों ने बताया कि यह स्थिति राज्य और पड़ोसी राज्य झारखंड में हुई भारी बारिश के कारण उत्पन्न हुई है। उन्होंने बताया कि सितंबर में अब तक राज्य में 69.1 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से 55 प्रतिशत अधिक है। अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के बाद पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर उच्च बाढ़ स्तर से ऊपर चला गया है, जिससे अगले एक से तीन दिनों में राज्य की राजधानी में हाथीदह और अन्य स्टेशनों पर असर पड़ने की आशंका है। उन्होंने बताया कि कई नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय और अरवल में लगभग 22.42 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। जल संसाधन विभाग (डब्ल्यूआरडी) की ओर से जारी नवीनतम परामर्श के मुताबिक, हाथीदह में गंगा का जलस्तर अपने पिछले एचएफएल को पार कर सकता है। इसके मद्देनजर बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार जिलों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। परामर्श में कहा गया, ‘‘अधिकारियों और जमीनी स्तर के कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि वे सतर्क रहें और जरूरत के हिसाब से सावधानी बरतते हुए जलस्तर, तटबंधों, संवेदनशील जगहों और निचले इलाकों पर नियमित नजर रखें।’’इसमें कहा गया, ‘‘अभियंताओं से बाढ़ से निपटने से संबंधित संसाधन और मशीनरी तैयार रखने को कहा गया है। प्रभावित इलाकों के लोगों को सलाह दी गई है कि वे नदी के पास न जाएं और सतर्क रहें।’’स्थानीय प्रशासन से कहा गया है कि वे नावों के संचालन पर नजर रखें, क्षमता से अधिक लोगों को नावों पर सवार नहीं होने दें और लोगों को हालात के बारे में जानकारी देते रहें। स्थानीय मौसम विज्ञान कार्यालय के अधिकारी ने अगले दो दिनों के दौरान राज्य में कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश और कुछ जगहों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। इस बीच, विपक्ष ने बिहार में आई बाढ़ को ‘राष्ट्रीय आपदा’ घोषित करने की मांग की है। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने दावा किया कि बिहार का 76 प्रतिशत इलाका बाढ़ से प्रभावित है और 19 जिलों के 20 लाख लोग इसकी चपेट में हैं। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर की गई पोस्ट में कहा, “बीस लाख से अधिक लोग इस आपदा में फंसे हुए हैं, पशुपालकों के मवेशी पानी में डूबकर बह गए हैं। सार्वजनिक ढांचे को भारी नुकसान हुआ है। हजारों करोड़ के जान-माल की क्षति हुई है।”तेजस्वी ने आरोप लगाया, “दिवालिया हो चुकी बिहार सरकार बाढ़ पीड़ितों की सहायता करने में उदासीन है।”राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा, “केंद्र सरकार बिहार की विनाशकारी बाढ़ को ‘राष्ट्रीय आपदा’ घोषित करते हुए तत्काल बेहाल बिहार की मदद के लिए पांच हजार करोड़ रुपये की विशेष वित्तीय सहायता राशि प्रदान करें तथा बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों के लिए वायुसेना के हेलीकॉप्टर का सहयोग सुनिश्चित करे।”उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अनुरोध किया कि वह अविलंब बिहार का दौरा कर यथास्थिति का सर्वेक्षण कर तत्काल राहत पहुंचाएं।
पुल के गिरते ही गिट्टी से भरा ट्रक नदी में समा गया। समय रहते और ट्रक ड्राइवर और कंडक्टर ने किसी तरह पानी से निकल कर अपनी जान बचाई। मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जमा हो गए।
बाल-बाल बची महानंदा एक्सप्रेस, बिहार के आरा में दो कोच पटरी से उतरे; स्टेशन प्रबंधक सस्पेंड
दानापुर-पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन रेलखंड पर आरा जंक्शन के पास अलीपुरद्वार जंक्शन से दिल्ली जा रही 15483 महानंदा एक्सप्रेस के एक जनरल और एक एसी कोच पटरी से उतर गए।
बिहार में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की रणनीति के तहत लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने संगठन में बड़ा फेरबदल किया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के निर्देश पर नीतीश कुमार मिश्रा उर्फ निशांत मिश्रा को बिहार प्रदेश मीडिया प्रभारी मनोनीत किया गया है। इस संबंध में राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी धीरेंद्र कुमार मुन्ना की ओर से आधिकारिक पत्र जारी किया गया है। नई जिम्मेदारी के साथ ही पार्टी को उम्मीद है कि बिहार में उसका मीडिया नेटवर्क और अधिक मजबूत होगा और संगठन की गतिविधियों और नीतियों को प्रभावी ढंग से आम लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। नीतीश कुमार मिश्रा को मिली बिहार मीडिया विंग की जिम्मेदारी राष्ट्रीय अध्यक्ष सह केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के निर्देशानुसार नीतीश कुमार मिश्रा (निशांत मिश्रा) को बिहार प्रदेश मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी धीरेंद्र कुमार मुन्ना ने उम्मीद जताई है कि नीतीश कुमार मिश्रा के नेतृत्व में पार्टी का मीडिया विंग और अधिक सशक्त होगा। साथ ही संगठन की नीतियों, कार्यक्रमों और जनहित से जुड़े मुद्दों को मीडिया के माध्यम से प्रभावी तरीके से जनता तक पहुंचाया जाएगा। चिराग पासवान ने जारी की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी नीतीश कुमार मिश्रा की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब चिराग पासवान ने पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी और विभिन्न राज्यों के संगठनात्मक पदों में व्यापक बदलाव किया है। नई टीम में पार्टी ने अनुभवी नेताओं के साथ-साथ युवाओं और महिलाओं को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी हैं। माना जा रहा है कि संगठन के विस्तार और विभिन्न सामाजिक वर्गों तक पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से नई टीम तैयार की गई है। अब्दुल खालिक फिर बने राष्ट्रीय प्रधान महासचिव इसके पहले पार्टी की नई राष्ट्रीय टीम में अब्दुल खालिक को एक बार फिर राष्ट्रीय प्रधान महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, सांसद राजेश वर्मा को पार्टी का राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा बिहार के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी और राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी धीरेंद्र कुमार मुन्ना को राष्ट्रीय महासचिव की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन नियुक्तियों के जरिए पार्टी ने अनुभवी नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी भूमिका देते हुए संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की कोशिश की है। बिहार प्रदेश अध्यक्ष बदले, सुरेंद्र विवेक को कमान बिहार संगठन में भी बड़ा बदलाव किया गया है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी की जगह सुरेंद्र विवेक को लोजपा (रामविलास) बिहार का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। राजू तिवारी को राष्ट्रीय स्तर पर महासचिव की जिम्मेदारी दिए जाने के बाद बिहार प्रदेश संगठन की कमान सुरेंद्र विवेक को सौंपी गई है। इसे बिहार में संगठनात्मक गतिविधियों को नई गति देने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। युवा, छात्र और महिला विंग में नए चेहरे पार्टी ने अपने विभिन्न प्रकोष्ठों और विंग्स में भी नए नेतृत्व को जिम्मेदारी दी है। युवा और छात्र राजनीति में पार्टी की पकड़ मजबूत करने के लिए सांसद शांभवी चौधरी को छात्र प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, प्रणब कुमार को युवा प्रकोष्ठ का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है। महिला संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी चंद्रप्रभा भाटिया को दी गई है, जिन्हें महिला प्रकोष्ठ का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
बाप ने किया दिव्यांग बेटे का खून, कुल्हाड़ी से मार कर मर्डर; बिहार के मुंगेर में सनसनीखेज वारदात
पारिवारिक विवाद में एक पिता ने अपने ही बेटे की हत्या कर दी। सोते हुए बेटे को कुल्हाड़ी से मार डाला।
Bihar Flood: Patna के Gandhi Ghat पर गंगा का जलस्तर HFL पार, 11 जिलों में 19 लाख लोग प्रभावित
पटना, छह सितंबर बिहार के 11 जिलों में 19 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर बाढ़ के महत्वपूर्ण निशान से ऊपर जाने के बाद अधिकारियों ने निचले इलाकों के लिए चेतावनी जारी की है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के बाद पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर ‘बाढ़ के उच्चतम स्तर’ (एचएफएल) से ऊपर चला गया है, इसलिए अगले एक से तीन दिनों में पटना जिले के अंतर्गत हाथीदह और उसके बाद के रेलवे स्टेशन के प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने बताया कि राज्य में कई नदियों का जलस्तर बढ़ने से पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार और अररिया सहित 11 जिलों के 330 ग्राम पंचायतों में लगभग 19.57 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। जल संसाधन विभाग (डब्ल्यूआरडी) की ओर से जारी नवीनतम परामर्श के मुताबिक, हाथीदह में गंगा का जलस्तर अपने पिछले एचएफएल को पार कर सकता है। इसके मद्देनजर बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार जिलों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। परामर्श में कहा गया, ‘‘अधिकारियों और जमीनी स्तर के कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि वे सतर्क रहें और जरूरत के हिसाब से सावधानी बरतते हुए जल-स्तर, तटबंधों, संवेदनशील जगहों और निचले इलाकों पर नियमित नजर रखें।’’इसमें कहा गया, ‘‘अभियंताओं से बाढ़ से निपटने से संबंधित संसाधन और मशीनरी तैयार रखने को कहा गया है। प्रभावित इलाकों के लोगों को सलाह दी गई है कि वे नदी के पास न जाएं और सतर्क रहें।’’स्थानीय प्रशासन से कहा गया है कि वे नावों के संचालन पर नजर रखें, क्षमता से अधिक लोगों को नावों पर सवार नहीं होने दें और लोगों को हालात के बारे में जानकारी देते रहें। डब्ल्यूआरडी के मुताबिक, पटना के गांधी घाट पर रविवार सुबह छह बजे गंगा का जलस्तर 50.57 मीटर था, जो 21 अगस्त 2016 को दर्ज किए गए पिछले उच्चतम जलस्तर 50.52 मीटर से 0.05 मीटर अधिक है। बयान के मुताबिक, ‘‘पटना जिले के पंडारक में सुबह छह बजे गंगा नदी का जलस्तर 43.92 मीटर था, जो 16 अगस्त 2021 को दर्ज किए गए पिछले उच्चतम जलस्तर 43.73 मीटर से 0.19 मीटर अधिक है।’’अधिकारियों ने बताया कि राज्य में गंडक नदी डुमरियाघाट और हाजीपुर में, कोसी नदी बलतारा और कुरसेला में, बूढ़ी गंडक नदी खगड़िया में, गंगा नदी हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव, बक्सर व मुंगेर में, पुनपुन नदी श्रीपालपुर में, घाघरा नदी दरौली में और बागमती नदी बेनीबाद में खतरे के निशान के ऊपर बह रही है। उन्होंने बताया कि बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए अभी अलग-अलग जिलों में कुल 110 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही है और प्रभावित इलाकों से लोगों को निकालने और आवाजाही में मदद के लिए 1,345 नावों की सेवा ली जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि इसके अलावा, अलग-अलग जिलों में राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की 27 और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 10 टीम तैनात की गई हैं। इस बीच, मध्य पूर्व रेलवे ने रविवार को कहा कि पटना-गया खंड पर पुनपुन और परसा बाजार स्टेशनों को जोड़ने वाली पुल संख्या 21 पर जलस्तर खतरनाक रूप से बढ़ जाने के कारण कुछ रेलगाड़ियों को र₨द्द कर दिया गया है या फिर उनका मार्ग बदला गया है। इस बीच, विपक्ष ने बिहार में आई बाढ़ को ‘राष्ट्रीय आपदा’ घोषित करने की मांग की है। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने दावा किया कि बिहार का 76 प्रतिशत इलाका बाढ़ से प्रभावित है और 19 जिलों के 20 लाख लोग इसकी चपेट में हैं। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर की गई पोस्ट में कहा, “20 लाख से अधिक लोग इस आपदा में फंसे हुए हैं, पशुपालकों के मवेशी पानी में डूबकर बह गए है। सार्वजनिक ढांचे को भारी नुकसान हुआ है। हजारों करोड़ के जान-माल की क्षति हुई है।”तेजस्वी ने आरोप लगाया, “दिवालिया हो चुकी बिहार सरकार बाढ़ पीड़ितों की सहायता करने में उदासीन है।”राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा, “केंद्र सरकार बिहार की विनाशकारी बाढ़ को ‘राष्ट्रीय आपदा’ घोषित करते हुए तत्काल बेहाल बिहार की मदद के लिए पांच हजार करोड़ की विशेष वित्तीय सहायता राशि प्रदान करें तथा बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों के लिए वायुसेना के हेलीकॉप्टर का सहयोग सुनिश्चित करे।”उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अनुरोध किया कि वह अविलंब बिहार का दौरा कर यथास्थिति का सर्वेक्षण कर तत्काल राहत पहुंचाएं।
बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में छठे सेमेस्टर की परीक्षा कल से, एडमिट कार्ड न मिलने से छात्र परेशान
Bihar University Admit Card: बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में स्नातक छठे सेमेस्टर की परीक्षाएं सोमवार से शुरू हो रही हैं, जिसमें 90 हजार से अधिक छात्र शामिल होंगे। हालांकि, कई छात्रों को अभी तक एडमिट कार्ड नहीं मिल पाए हैं।
राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर को एक पीजी इमारत के अचानक गिरने से बड़ा हादसा हो गया। इमारत गिरने के बाद बड़े स्तर पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है। इस घटना में अब तक एक व्यक्ति की मौत की खबर है, वहीं कई लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। बचाव दल ने अब तक छह लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी सत्य निकेतन में हुए हादसे पर चिंता जताई। वहीं BJP विधायक अनिल शर्मा भी घटनास्थल पर पहुंचे। BJP विधायक अनिल शर्मा ने बताया कि, इस बिल्डिंग में कई छात्र PG के तौर पर रह रहे थे। इस हादसे के समय कुछ स्टूडेंट्स बिल्डिंग के अंदर मौजूद थे।'अंदर से कर रहे फोन'BJP विधायक ने आगे कहा कि, फिलहाल ये बताना मुश्किल है कि इमारत के अंदर कितने लोग फंसे हुए हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान विधायक अनिल शर्मा ने बताया कि, मलबे में फंसे कुछ छात्र अभी भी फोन के जरिए संपर्क कर रहे थे। इससे आशंका है कि हादसे के बाद भी कई लोग अंदर फंसे हो सकते हैं। राहत और बचाव टीमें उनकी तलाश में जुटी हैं और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है। शर्मा ने कहा, “कुछ स्टूडेंट्स अभी भी अंदर से फोन कर रहे हैं। इससे लगता है कि कुछ और लोग मलबे में फंसे हो सकते हैं, इसलिए बचाव अभियान लगातार जारी है।” WATCH | Delhi: On the building collapse near Satya Niketan in South-West Delhi, BJP MLA Anil Sharma says, This is a deeply tragic incident; there could be nothing more heartbreaking. Students come here from various places to study and stay in PGs in this building; the structure… pic.twitter.com/fiOm2e01ff— ANI (@ANI) September 6, 2026 'छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला जाए'विधायक अनिल शर्मा ने कहा कि सरकार का पूरा ध्यान इमारत के मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालना है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने मौके पर पूरी टीम भेजी है और सरकार इस घटना को लेकर गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने कहा, “हम भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने मौके पर पूरी टीम भेजी है। पूरी सरकार इस घटना को लेकर चिंतित है और हमारा सबसे बड़ा मकसद यही है कि अंदर फंसे छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला जाए।”40-50 साल पुरानी है इमारतदिल्ली पुलिस ने बताया कि, साउथ कैंपस थाने में दोपहर करीब 1:34 बजे इमारत गिरने की सूचना मिली थी। जानकारी मिलते ही पुलिस, NDRF, दिल्ली फायर सर्विस और DDMA की टीमें फायर टेंडर और एंबुलेंस के साथ मौके पर पहुंच गईं। इसके बाद मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए तुरंत राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया। वहीं जांच के दौरान सामने आया कि सत्य निकेतन की यह इमारत करीब 40 से 50 साल पुरानी थी और इसमें बेसमेंट के अलावा पांच मंजिलें थीं। बिल्डिंग का इस्तेमाल PG के रूप में किया जा रहा था और हादसे के समय बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था।Bihar Flood Crisis: पटना में गंगा का जलस्तर बढ़ने से बिहार में हाई अलर्ट, निचले इलाकों में बाढ़ से 19 लाख लोग प्रभावित
नेपाल बाढ़ में लापता हुए बिहार के लोग, परिवार का बुरा हाल
नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ में भारत के भी कई लोग लापता हो गए. इसमें बिहार के रहने वाले लोग भी शामिल हैं.
मैहर में दर्शनार्थियों से भरी कार का टायर फटा:डिवाइडर से टकराई, चार घायल; उज्जैन से बिहार लौट रहे थे
मैहर जिले के अमरपाटन थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-30 पर रविवार सुबह एक कार हादसे का शिकार हो गई। यह कार दर्शनार्थियों से भरी थी। ग्राम बारी मोड़ के पास तेज रफ्तार कार का अचानक टायर फट गया, जिससे कार बेकाबू होकर पुल के डिवाइडर से टकरा गई। इस हादसे में कार सवार चार दर्शनार्थी घायल हो गए। जानकारी के मुताबिक, कार (BR24AN8728) में सवार सभी लोग बिहार के रोहतास जिले के रहने वाले हैं। वे उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन करने के बाद अपने घर लौट रहे थे। बारी मोड़ के पास अचानक कार का टायर फटा। टायर फटते ही ड्राइवर गाड़ी पर कंट्रोल नहीं रख पाया और कार पुल के डिवाइडर से टकरा गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों ने इसकी सूचना दी। हाईवे एंबुलेंस 1033 मौके पर पहुंची और सभी घायलों को इलाज के लिए सिविल अस्पताल अमरपाटन ले जाया गया। हादसे में ये हुए घायल घायलों की पहचान मृत्युंजय सिंह (50), नागेंद्र सिंह (43), कृष्णा शाह, अमन राज सिंह (43), कृष्णा नंदन सिंह और बलराम सिंह के रूप में हुई है। बताया गया है कि मृत्युंजय सिंह को ज्यादा चोटें आई हैं, जबकि बाकी घायलों को भी चोटें लगी हैं। प्राथमिक इलाज के बाद दो घायलों की हालत गंभीर होने पर उन्हें आगे के इलाज के लिए जिला अस्पताल सतना भेजा गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हादसे की जानकारी ली। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में हादसे की वजह कार का टायर फटना बताया जा रहा है।
बलरामपुर। महराजगंज तराई थाना पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में चार वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, ये आरोपी गोवंश पशुओं को एकांत जगहों पर इकट्ठा करते थे। फिर उन्हें पिकअप में क्रूरता से लादकर बिहार ले जाते थे। वहां वध के मकसद से बेचकर पैसे कमाते थे। रविवार शाम 4 बजे एएसपी विशाल पांडेय ने इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महराजगंज तराई थाने में अलाउद्दीन समेत छह आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की धारा 3(1) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। इसी मामले में वांछित चल रहे अलाउद्दीन (46), शमशाद (36), मंशाराम (46) और श्रवण कुमार यादव उर्फ नेता को पुलिस टीम ने रविवार को रमईडीह बाजार के पास से पकड़ा। पुलिस का आरोप है कि गैंगलीडर अलाउद्दीन, जो परसा सुकुरुल्ला, थाना उसका बाजार, सिद्धार्थनगर का रहने वाला है, अपने साथियों के साथ मिलकर गोवंश पशुओं की तस्करी करता था। वह आर्थिक फायदे के लिए यह काम करता था। पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह पशुओं को एकांत जगह पर इकट्ठा करता था। फिर उन्हें पिकअप में लादकर बिहार ले जाता था और वहां बेचकर पैसे कमाता था। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने पहले से दर्ज कई मुकदमों का भी जिक्र किया है। अलाउद्दीन और शमशाद समेत अन्य आरोपियों पर गोवध निवारण अधिनियम और पशु क्रूरता अधिनियम के मामले दर्ज हैं। अलाउद्दीन के खिलाफ सिद्धार्थनगर में भी मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि अन्य आरोपियों के खिलाफ मारपीट, सड़क दुर्घटना और आबकारी अधिनियम समेत कई धाराओं में मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। एसपी मार्तण्ड प्रकाश सिंह के निर्देश पर प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार तिवारी के नेतृत्व में टीम ने यह गिरफ्तारी की। टीम में उपनिरीक्षक राम मोहन सिंह, सुदर्शन सिंह, हेड कांस्टेबल तेरस राम यादव, रमाकान्त यादव, कांस्टेबल मुकेश कुमार गुप्ता, नीरज कुमार, दीपक कुमार गुप्ता और रिजर्व कांस्टेबल बृजेश कुमार सिंह शामिल थे।
मैनपुरी के बिछवां थाना पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक डीसीएम से हरियाणा की 23 पेटी शराब बरामद की है। शराब को बैट्री, इनवर्टर, अन्य सामान और फ्रीज के बीच छिपाकर ले जाया जा रहा था। पुलिस ने मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि शराब भेजने वाला मालिक फरार है। मुखबिर की सूचना पर रोकी डीसीएम पुलिस के मुताबिक, 5 सितंबर को मुखबिर से सूचना मिली थी कि आयशर कंपनी की डीसीएम में हरियाणा की अवैध शराब छिपाकर ले जाई जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने ग्राम खिरिया के पास जीटी रोड पर डीसीएम को रोक लिया। तलाशी लेने पर उसमें सामान के बीच शराब की पेटियां छिपी मिलीं। रॉयल स्टैग और मैजिक मोमेंट की 23 पेटियां मिलीं तलाशी के दौरान बैट्री, इनवर्टर और अन्य सामान के बीच रॉयल स्टैग और मैजिक मोमेंट ब्रांड की कुल 23 पेटियां बरामद हुईं। पुलिस ने बरामद शराब की कीमत करीब 1.80 लाख रुपये बताई है। पुलिस के अनुसार, शराब की यह खेप गाजियाबाद से बिहार के समस्तीपुर ले जाई जा रही थी। पूछताछ में मालिक का नाम बताया पुलिस ने मौके से अजीत कुमार (करीब 30 वर्ष) निवासी राजलपुर सोनई, थाना कुरावली को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसके मालिक ओम प्रकाश राठौर निवासी मुकारी, जिला बागपत ने डीसीएम संख्या यूपी 17 एटी 4615 में शराब रखवाकर भेजी थी। ओम प्रकाश अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। 700 की बोतल बिहार में 2 हजार में बिकने का दावा एसपी सिटी अरुण कुमार के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि हरियाणा में करीब 700 रुपये कीमत की शराब की बोतल बिहार में करीब 2 हजार रुपये में बेची जाती है। पुलिस इस जानकारी के आधार पर शराब तस्करी से जुड़े बड़े नेटवर्क की भी जांच कर रही है। नकदी और मोबाइल भी बरामद गिरफ्तार आरोपी के पास से 610 रुपये नकद और टेक्नो स्पार्क कंपनी का मोबाइल फोन भी मिला है। बिछवां थाने में आबकारी अधिनियम और बीएनएस की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। फरार आरोपी की तलाश जारी एसपी सिटी अरुण कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश किया जा रहा है। फरार आरोपी ओम प्रकाश राठौर की तलाश में पुलिस टीम दबिश दे रही है। यह कार्रवाई एसओ आशीष दुबे और प्रभारी मीडिया सेल निरीक्षक जितेंद्र सिंह चंदेल के नेतृत्व में बिछवां पुलिस और संबंधित टीम ने की।
7 सितंबर को रद्द रहेंगी बिहार की ये 10 ट्रेनें, पुनपुन नदी का जलस्तर बढ़ने से बंद किया गया रेल ब्रिज
7 सितंबर को रद्द की जाने वाली सभी ट्रेनें पुनपुन और परसा बाजार रेलवे स्टेशन के बीच ब्रिज नंबर-21 से होकर गुजरती हैं।
Bihar Flood Crisis: बिहार के 11 जिलों में 19 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। राजधानी पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर बाढ़ के खतरे के निशान से ऊपर जाने के बाद अधिकारियों ने रविवार (6 सितंबर) को निचले इलाकों के लिए चेतावनी जारी की है। अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के बाद पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर बाढ़ के अहम हाईएस्ट फ्लड लेवल (HFL) से ऊपर चला गया है। इसलिए अगले एक से तीन दिनों में राज्य की राजधानी में हाथीदह और उसके बाद के रेलवे स्टेशन के प्रभावित होने की आशंका है।19.57 लाख लोग प्रभावितअधिकारियों ने रविवार को पत्रकारों को बताया कि राज्य में कई नदियों का जलस्तर बढ़ने से पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार और अररिया सहित 11 जिलों के 330 ग्राम पंचायतों में लगभग 19.57 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। जल संसाधन विभाग (WRD) की ओर से जारी लेटेस्ट एडवाइजरी के मुताबिक, हथीदह में गंगा का जलस्तर अपने पिछले एचएफएल को पार कर सकता है। इसके मद्देनजर बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार जिलों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।एडवाइजरी जारीसरकार की तरफ से जारी एक आधिकारिक एडवाइजरी में कहा गया है, अधिकारियों और जमीनी स्तर के कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि वे सतर्क रहें और जरूरत के हिसाब से सावधानी बरतते हुए जल-स्तर, तटबंधों, संवेदनशील जगहों और निचले इलाकों पर नियमित नजर रखें। इसमें कहा गया, इंजीनियरों से बाढ़ से निपटने से संबंधित संसाधन और मशीनरी तैयार रखने को कहा गया है। प्रभावित इलाकों के लोगों को सलाह दी गई है कि वे नदी के पास न जाएं और सतर्क रहें।पटना समेत 14 जिलों में हालात गंभीरबिहार की प्रमुख नदियों जैसे गंगा, गंडक और कोसी में पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है। पटना समेत 14 जिलों में हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। जल संसाधन विभाग के अनुसार, पटना में गंगा नदी खतरे के निशान से लगभग दो मीटर ऊपर बह रही है। विभाग ने अनुमान लगाया है कि गांधी घाट गेज साइट पर बाढ़ का नया उच्चतम स्तर दर्ज किया जा सकता है। विभाग ने संबंधित ज़िलों को बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सभी जरूरी एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।गंगा का जलस्तर कितना बढ़ा?स्थानीय प्रशासन से कहा गया है कि वे नावों के संचालन पर नजर रखें, क्षमता से अधिक लोगों को नावों पर सवार नहीं होने दें। साथ ही लोगों को हालात के बारे में जानकारी देते रहें। डब्ल्यूआरडी के मुताबिक, पटना के गांधी घाट पर रविवार सुबह छह बजे गंगा का जलस्तर 50.57 मीटर था, जो 21 अगस्त 2016 को दर्ज किए गए पिछले उच्चतम जलस्तर 50.52 मीटर से 0.05 मीटर अधिक है। बयान के मुताबिक, पटना जिले के पंडारक में रविवार सुबह छह बजे गंगा नदी का जलस्तर 43.92 मीटर था, जो 16 अगस्त 2021 को दर्ज किए गए पिछले उच्चतम जलस्तर 43.73 मीटर से 0.19 मीटर अधिक है।ये भी पढ़ें- IMD Rain Alert: यूपी-उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट, अगले 6-7 दिनों तक इन राज्यों में गरज-चमक के साथ बरसेंगे बादल
कुढ़नी में तबादले के बाद दाखिल खारिज निपटाने वाले पूर्व सीओ से डीएम ने मांगा जवाब
Bihar Land Mutation: कुढ़नी के तत्कालीन सीओ अनिल कुमार संतोषी पर तबादले के बाद भी दाखिल-खारिज आवेदनों का अवैध रूप से निष्पादन करने के आरोप में कार्रवाई हुई है। जिलाधिकारी ने जांच रिपोर्ट में अनियमितता पाए जाने के बाद उनसे स्पष्टीकरण मांगा है।
बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करे मोदी सरकार, बिहार को विशेष पैकेज दे; तेजस्वी यादव की फ्लड पॉलिटिक्स
तेजस्वी यादव ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार से बड़ी मांग कर दी है। उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार बिहार में तबाही लाने वाली बाढ़ को राष्टीय आपदा घोषित करे और इससे निपटने के लिए पांच हजार करोड़ का विशेष पैकेज सहायता के तौर पर दे।
Bihar Flood: Patna में Ganga का जलस्तर खतरे के निशान के पार, 11 जिलों के 19 लाख लोग प्रभावित
(तस्वीरों के साथ)पटना, छह सितंबर बिहार के 11 जिलों में 19 लाख से ज़्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर बाढ़ के ख़तरे के निशान से ऊपर जाने के बाद अधिकारियों ने निचले इलाकों के लिए चेतावनी जारी की है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के बाद पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर ‘बाढ़ के सर्वोच्च बिंदु’ (एचएफएल) से ऊपर चला गया है, इसलिए अगले एक से तीन दिनों में राज्य की राजधानी में हाथीदह और उसके बाद के रेलवे स्टेशन के प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने बताया कि राज्य में कई नदियों का जलस्तर बढ़ने से पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार और अररिया सहित 11 जिलों के 330 ग्राम पंचायतों में लगभग 19.57 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। जल संसाधन विभाग (डब्ल्यूआरडी) की ओर से जारी नवीनतम परामर्श के मुताबिक, हथीदह में गंगा का जलस्तर अपने पिछले एचएफएल को पार कर सकता है। इसके मद्देनजर बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार जिलों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। परामर्श में कहा गया, ‘‘अधिकारियों और ज़मीनी स्तर के कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि वे सतर्क रहें और जरूरत के हिसाब से सावधानी बरतते हुए जल-स्तर, तटबंधों, संवेदनशील जगहों और निचले इलाकों पर नियमित नजर रखें।’’इसमें कहा गया, ‘‘अभियंताओं से बाढ़ से निपटने से संबंधित संसाधन और मशीनरी तैयार रखने को कहा गया है। प्रभावित इलाकों के लोगों को सलाह दी गई है कि वे नदी के पास न जाएं और सतर्क रहें।’’स्थानीय प्रशासन से कहा गया है कि वे नावों के संचालन पर नजर रखें, क्षमता से अधिक लोगों को नावों पर सवार नहीं होने दें और लोगों को हालात के बारे में जानकारी देते रहें। डब्ल्यूआरडी के मुताबिक, पटना के गांधी घाट पर रविवार सुबह छह बजे गंगा का जलस्तर 50.57 मीटर था, जो 21 अगस्त 2016 को दर्ज किए गए पिछले उच्चतम जलस्तर 50.52 मीटर से 0.05 मीटर अधिक है। बयान के मुताबिक, ‘‘पटना जिले के पंडारक में सुबह छह बजे गंगा नदी का जलस्तर 43.92 मीटर था, जो 16 अगस्त 2021 को दर्ज किए गए पिछले उच्चतम जलस्तर 43.73 मीटर से 0.19 मीटर अधिक है।
आरा में महानंदा एक्सप्रेस के 2 डिब्बे पटरी से उतरे, कम स्पीड के चलते टला बड़ा हादसा
बिहार के आरा जंक्शन पर रविवार सुबह दिल्ली जा रही सिक्किम महानंदा एक्सप्रेस के दो डिब्बे पटरी से उतर गए। ये हादसा सुबह करीब 4 बजे हुआ। राहत की बात है कि घटना में किसी यात्री के घायल होने या मौत की सूचना नहीं है। PTI के अनुसार, ट्रेन के आरा जंक्शन से रवाना होने के कुछ देर बाद ही इसके दो डिब्बे पटरी से उतर गए। हादसे के कारण इस रूट पर ट्रेनों की आवाजाही कुछ समय के लिए प्रभावित हुई। शुरुआती जांच में रेड सिग्नल पार करना हादसे की वजह बताई जा रही है, हालांकि इसकी पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही होगी।काफी कम थी ट्रेन की स्पीडईस्ट सेंट्रल रेलवे के चीफ पब्लिक रिलेशन्स ऑफिसर (CPRO) सरस्वती चंद्र ने बताया कि, हादसे के वक्त ट्रेन की रफ्तार काफी कम थी। उन्होंने कहा कि, 'यह घटना सुबह उस समय हुई, जब ट्रेन आरा जंक्शन से कुछ ही देर पहले रवाना हुई थी। ट्रेन की कम स्पीड और रेलवे के फेलसेफ सिस्टम की वजह से किसी की मौत या घायल होने की सूचना नहीं है।' घटना के बाद जरूरी प्रक्रिया पूरी कर सिक्किम महानंदा एक्सप्रेस को आगे रवाना कर दिया गया और ट्रेन सुबह करीब 7:23 बजे आरा जंक्शन से चली।रेल यातायात पर पड़ा असरमौके पर पहुंचने के बाद अधिकारियों ने देखा कि ट्रेन के दो वैगन पटरी से उतर गए थे और दोनों के दो-दो पहिए ट्रैक से बाहर आ गए थे। ईस्ट सेंट्रल रेलवे के CPRO सरस्वती चंद्र ने बताया कि, हादसे के कारण रेल यातायात पर कुछ असर पड़ा, लेकिन डाउनलाइन पर ट्रेनों की आवाजाही सामान्य रही। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि ट्रेन के रेड सिग्नल पार करने के बाद यह हादसा हुआ। News Alert 2 bogies of Delhi-bound Sikkim Mahananda Express derail in Bihar's Ara; no injuries reported, rail traffic partially impacted: Official. pic.twitter.com/V4HJSLuOZJ— Press Trust of India (@PTI_News) September 6, 2026 रेड सिग्रल की वजह से पटरी से उतरी ट्रेनPTI के मुताबिक, CPRO ने बताया कि शुरुआती जांच में ट्रेन के पटरी से उतरने की वजह ड्राइवर की गलती सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि ड्राइवर ने कथित तौर पर रेड सिग्नल पार कर लिया था। लेकिन, हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और इसकी सही वजह क्या थी, यह विस्तृत जांच के बाद ही साफ हो पाएगा। रेलवे अधिकारी ने साफ किया कि अभी जो जानकारी सामने आई है, वह शुरुआती जांच पर आधारित है। हादसे की पूरी और सही वजह विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।JNU में प्रोफेसर पर गंभीर आरोप! 10 छात्राओं ने की यौन उत्पीड़न की शिकायत; ICC ने शुरू की जांच
Bihar Flood: गंगा नदी का जलस्तर अब उच्चतम लेवल पर; लखीसराय-मुंगेर समेत कई जिलों में विशेष निगरानी
गंगा नदी का जलस्तर उच्चतम लेवल को पार कर चुका है। जलस्तर बढ़ने से डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में बाढ़ आने की आशंका है। इसके बाद कई जिलों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।
Bihar Weather News Updates: बिहार कई जिलों में नदियां उफान पर है। कई इलाके बाढ़ की चपेट में हैं। इस बीच मौसम विभाग ने आज भी बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। एक दिन पहले पटना में झमाझम बारिश हुई।
बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 2016 के पुराने उच्चतम बाढ़ स्तर का रिकॉर्ड पार कर गया है। 6 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक गंगा का जलस्तर 50.57 मीटर तक पहुंच गया, जबकि 2016 में यहां अधिकतम स्तर 50.52 मीटर दर्ज […] The post पटना में गंगा ने तोड़ा 2016 का रिकॉर्ड! खतरे के निशान से ऊपर पानी, बिहार के 11 जिलों में बाढ़ का खतरा first appeared on Sanjeevni Today .
Bihar Flood: भागलपुर जिले में पिछले 48 घंटे के अंदर गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। सुल्तानगंज, भागलपुर और कहलगांव में गंगा का पानी खतरे के निशान को पार कर एचएफएल के नजदीक पहुंच रहा है।
बिहार के मौसम में एक बार फिर बड़ा और व्यापक बदलाव देखने को मिल रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना (IMD Patna) और राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने राज्य भर में अगले 72 घंटों (अगले 3 दिनों) के लिए मूसलाधार बारिश, तेज आंधी और आकाशीय बिजली (वज्रपात/ठनका) की गंभीर चेतावनी जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने गहरे निम्न दबाव के क्षेत्र और उत्तर बिहार से होकर गुजर रही सक्रिय मानसूनी ट्रफ लाइन के चलते वातावरण में नमी का भारी जमावड़ा हुआ है। इसके साथ ही नेपाल की तराई और पूर्वी हिमालयी क्षेत्रों से आने वाली नमी युक्त ठंडी हवाओं का बिहार के मैदानी इलाकों में टकराव हो रहा है, जिससे घने क्यूम्युलोनिम्बस बादलों का निर्माण हुआ है। इस मौसमी तंत्र के प्रभाव से 6 सितंबर से 8 सितंबर 2026 के दौरान उत्तर बिहार के अधिकांश जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि आज विशेष रूप से उत्तर बिहार के जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं (Gusty Winds) चलेंगी और आकाशीय बिजली गिरने का सबसे अधिक खतरा बना रहेगा।उत्तर बिहार के इन जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट: चंपारण से पूर्णिया तक तेज आंधी और झमाझम बारिशमौसम विज्ञान केंद्र पटना द्वारा जारी विशेष बुलेटिन के अनुसार, उत्तर बिहार के तराई और सीमावर्ती जनपदों में बारिश और आंधी का सबसे प्रचंड रूप देखने को मिलेगा। विभाग ने पश्चिमी चंपारण (बेतिया), पूर्वी चंपारण (मोतिहारी), गोपालगंज, सीवान और सारण (छपरा) जिलों के लिए बारिश का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। इन जिलों में कुछ स्थानों पर बादलों की भयंकर गर्जना के साथ 115 मिमी से अधिक की अत्यधिक भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है। वहीं सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, सुपौल, अररिया, किशनगंज, मधेपुरा, सहरसा, पूर्णिया और कटिहार जनपदों में मध्यम से भारी दर्जे की वर्षा का 'येलो अलर्ट' प्रभावी है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इन इलाकों में गरज-चमक के साथ अचानक चलने वाली 50 किमी प्रति घंटे तक की तूफानी हवाएं कच्चे मकानों, टीन शेड, पेड़ों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। लगातार बारिश के चलते सीमांचल और मिथिलांचल के कई निचले शहरी व ग्रामीण इलाकों में जलभराव की स्थिति विकराल हो सकती है।आकाशीय बिजली (ठनका) का जानलेवा साया: किसानों और ग्रामीणों के लिए विशेष रेड वार्निंगबिहार में मानसून के दौरान आकाशीय बिजली (वज्रपात/ठनका) सबसे जानलेवा प्राकृतिक आपदा साबित होती रही है। मौसम विभाग ने आज उत्तर बिहार के किसानों और खुले में काम करने वाले मजदूरों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। वायुमंडल में नमी का स्तर 90 प्रतिशत से ऊपर पहुंच जाने और दोपहर के समय तापमान में मामूली वृद्धि होने से स्थानीय स्तर पर अत्यधिक भारी गरज वाले बादलों का निर्माण हो रहा है, जो चंद मिनटों में भीषण वज्रपात का कारण बनते हैं। आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत स्तर पर चेतावनी प्रसारित कराएं। किसानों से साफ कहा गया है कि जब तक आसमान में बादलों की गड़गड़ाहट शांत न हो, तब तक वे धान के खेतों में पानी निकालने, मवेशी चराने या कृषि कार्यों के लिए बाहर न निकलें। आपदा विशेषज्ञों का कहना है कि वज्रपात के समय किसी भी हाल में अकेले खड़े बड़े पेड़ या बिजली के खंभे के नीचे शरण न लें, क्योंकि सबसे ज्यादा मौतें पेड़ों के नीचे खड़े होने के कारण ही दर्ज की जाती हैं।उफान पर कोसी, गंडक और बागमती: नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश से बाढ़ का खतरा गहरायाउत्तर बिहार के लिए यह बारिश केवल जलभराव ही नहीं, बल्कि बाढ़ का दोहरा संकट लेकर आई है। नेपाल के पहाड़ी इलाकों और जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते बिहार की प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। गंडक, बूढ़ी गंडक, कोसी, बागमती, कमला बलान, अधवारा समूह और महानंदा नदियां कई स्थानों पर खतरे के निशान के करीब या उसके पार बह रही हैं। वाल्मीकिनगर बराज और कोसी बराज (बीरपुर) से लाखों क्यूसेक अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के कारण पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सुपौल, सहरसा और खगड़िया के तटीय इलाकों और दियारा क्षेत्र में बाढ़ का पानी फैलने लगा है। जल संसाधन विभाग ने सभी तटबंधों पर 24 घंटे पेट्रोलिंग और सतत निगरानी के आदेश दिए हैं। बाढ़ नियंत्रण प्रभाग के इंजीनियरों को संवेदनशील बांधों पर फ्लड फाइटिंग सामग्री (बालू की बोरियां, बोल्डर) तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।दक्षिण बिहार और राजधानी पटना का हाल: गंगा के जलस्तर पर नजर, उमस से मिलेगी राहतउत्तर बिहार में जहां आंधी और भारी बारिश का तांडव रहेगा, वहीं दक्षिण बिहार के जिलों—राजधानी पटना, गया, नालंदा, नवादा, जहानाबाद, औरंगाबाद, रोहतास, कैमूर, बक्सर, भोजपुर, मुंगेर, जमुई और बांका में भी मौसम का मिजाज बदला रहेगा। राजधानी पटना में आज दिनभर आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और दोपहर से शाम के बीच तेज गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश के कई स्पेल देखने को मिल सकते हैं। बारिश के चलते पटना में अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जाएगा, जिससे पिछले कई दिनों से पड़ रही चिपचिपी उमस भरी गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि, बक्सर से लेकर पटना, मोकामा और भागलपुर तक गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। गंगा के तटीय घाटों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और लोगों को गहरे पानी में स्नान करने से रोकने के लिए चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं।आपदा प्रबंधन विभाग और मौसम केंद्र की सुरक्षा एडवाइजरी: क्या करें और क्या न करें?आगामी 3 दिनों के खराब मौसम को देखते हुए बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (BSDMA) ने नागरिकों की सुरक्षा के लिए जरूरी गाइडलाइंस जारी की हैं:दामिनी ऐप का उपयोग करें: ग्रामीण और शहरी नागरिक अपने मोबाइल फोन में भारत सरकार का 'दामिनी' (DAMINI) ऐप या 'मौसम' ऐप डाउनलोड करें, जो आपके इलाके में आकाशीय बिजली गिरने से 20 से 30 मिनट पहले ऑडियो और टेक्स्ट चेतावनी देता है।पक्के मकान में ही शरण लें: तेज मेघगर्जन के समय यदि आप सड़क या खेत में हैं, तो तुरंत किसी पक्के मकान या सुरक्षित शेल्टर में चले जाएं। टिन शेड, कच्ची झोपड़ी या लोहे की रेलिंग से दूर रहें।इलेक्ट्रिक गैजेट्स से दूरी: घर के भीतर रहने पर भी बिजली के भारी उपकरणों (टीवी, कंप्यूटर, फ्रिज) के स्विच बंद कर दें। तार वाले टेलीफोन या चार्जिंग पर लगे मोबाइल का उपयोग बिल्कुल न करें।सड़क यात्रा में सावधानी: भारी बारिश के कारण दृश्यता कम होने और सड़कों पर जलभराव के चलते गड्ढे न दिखने का जोखिम रहता है। दोपहिया वाहन चालक धीमी गति से चलें और उफनते कॉजवे या पुलियों को पार करने की कोशिश बिल्कुल न करें।किसानों के लिए जरूरी सलाह: आगामी 72 घंटों तक खेतों में किसी भी प्रकार के कीटनाशक या उर्वरक का छिड़काव न करें। फसलों के खेतों में जल निकासी की व्यवस्था सुचारु रखें ताकि पानी जमा न हो पाए।
नालंदा के स्पोर्ट्स ट्रेनर और इंटरनेशनल रेफरी रेंसी राकेश राज 24वीं अंडर-21 एवं जूनियर एशियाई कराटे चैंपियनशिप में रेफरी है। जॉर्डन के अम्मान में 7 से 10 सितंबर 2026 तक चैंपियनशिप खेली जाएगी। महाद्वीपीय प्रतियोगिता के लिए पूरे बिहार से मात्र दो रेफरियों का चयन किया गया है, जिनमें नालंदा से राकेश राज और पटना से शिहान हर्ष कुमार शामिल हैं। नालंदा के खेल इतिहास में ये पहला अवसर है, जब किसी खेल विशेषज्ञ को एशियाई कराटे चैंपियनशिप में निर्णायक की भूमिका मिली है। खिलाड़ी से अंतरराष्ट्रीय रेफरी तक का सफर राकेश राज की यह यात्रा नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए बड़ी प्रेरणा है। उन्होंने अपने खेल जीवन की शुरुआत एक खिलाड़ी के रूप में की और राज्य व राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में दर्जनों पदक जीते। इसके बाद उन्होंने कोचिंग की दुनिया में कदम रखा। खिलाड़ी से कोच और अब अंतरराष्ट्रीय रेफरी बनने तक का उनका यह सफर कड़े अनुशासन, मेहनत और खेल के प्रति निष्ठा की मिसाल है। सैकड़ों खिलाड़ियों को तराशा, सरकारी सेवाओं तक पहुंचाया वर्तमान में रेंसी राकेश राज जिले के शीर्ष खेल प्रशिक्षकों में गिने जाते हैं। उनके मार्गदर्शन में कराटे, पेंचक सिलाट और रग्बी के अनगिनत खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल हासिल किए हैं। उनके द्वारा प्रशिक्षित कई प्रतिभावान खिलाड़ी खेल कोटे से केंद्र और बिहार सरकार के विभिन्न विभागों में सरकारी नौकरी भी हासिल कर चुके हैं। खेल संवर्धन में इस अद्वितीय योगदान के लिए उन्हें राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर कई बार सम्मानित किया जा चुका है। खेल जगत और जनप्रतिनिधियों ने दी बधाई इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बिहार सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, कराटे इंडिया ऑर्गेनाइजेशन के अध्यक्ष हंशी भरत शर्मा, महासचिव संजीव जांगड़ा, स्टेट कराटे एसोसिएशन ऑफ बिहार के अध्यक्ष अभय अतुल, महासचिव पंकज कांबली, रग्बी फुटबॉल एसोसिएशन ऑफ बिहार के महासचिव डॉ. पंकज ज्योति, पेंचक सिलाट एसोसिएशन ऑफ नालंदा के अध्यक्ष डॉ. रविचंद्र कुमार और उपाध्यक्ष संजय कुशवाहा सहित जिले के खेल प्रेमियों ने उन्हें बधाई दी है। सभी ने विश्वास व्यक्त किया है कि वे अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी निष्पक्ष व सटीक निर्णय क्षमता से देश और राज्य का मान बढ़ाएंगे।
बैतूल में ट्रेन से गिरकर गंभीर रूप से घायल हुए बिहार के 40 वर्षीय यात्री की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक की पहचान भोला पासवान निवासी बीघा गांव, जिला नालंदा के रूप में हुई है। वह ट्रेन नंबर 19622 से दानापुर से बेंगलुरु जा रहा था। बाथरूम से लौटते समय गेट के पास गिरा भोला पासवान ट्रेन के जनरल कोच में सफर कर रहा था। बाथरूम से लौटते समय वह ट्रेन के गेट के पास पहुंचा। इसी दौरान धाराखोह-मरामझिरी के बीच खंभा नंबर 838/2 के पास वह डाउन ट्रैक पर गिर गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। जीआरपी आरक्षक ने रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया हादसे की सूचना मिलने के बाद जीआरपी आरक्षक दिलीप नरवरे मौके पर पहुंचे और घायल यात्री को रेस्क्यू कर जिला अस्पताल पहुंचाया। गंभीर हालत को देखते हुए उसे आईसीयू में भर्ती किया गया था। रात में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। भतीजा भी साथ कर रहा था यात्रा भोला पासवान के साथ उसका भतीजा भी यात्रा कर रहा था। हादसे के बाद से पुलिस उसके परिजनों के पहुंचने का इंतजार कर रही है। बताया गया कि भतीजे का मोबाइल फोन बंद आ रहा है। परिजनों के आने के बाद होगा पोस्टमार्टम अस्पताल पुलिस चौकी के अनुसार, परिजनों के पहुंचने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पुलिस मृतक के परिजनों से संपर्क करने का प्रयास कर रही है। फिलहाल परिजनों के नहीं पहुंचने के कारण मृतक की फोटो और अन्य जानकारी उपलब्ध नहीं हो सकी है।
बिहारी स्टाइल में बनाएं बैंगन बड़ी की चटपटी सब्जी, रेसिपी है आसान
Bihari Style Baingan Badi Sabji Recipe: अगर आप रोज-रोज एक जैसी सब्जी खाकर हो गए हैं बोर तो और कुछ अलग खाना चाहते हैं तो इस बार ट्राई करें बिहारी स्टाइल बैंगन बड़ी की चटपटी सब्जी. बैंगन और उड़द दाल की बड़ी से बनने वाली यह सब्जी सरसों के तेल और मसालों की वजह से स्वाद में बेहद खास लगती है.
गूगल इंडिया अब बिहार के सरकारी शिक्षकों को सिखाएगा AI, सरकार और कंपनी के बीच हुआ समझौता
गूगल इंडिया अब बिहार के सरकारी शिक्षकों को सिखाएगा AI, सरकार और कंपनी के बीच हुआ समझौता
नेपाल में एक बार फिर भूस्खलन से हड़कंप है। गंडक सहित उत्तर बिहार की अन्य नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है। इसलिए आने वाले खतरे से निपटने के लिए तैयार रहने की व्यवस्था की जा रही है। तटबंधों पर और अधिक चौकसी बढ़ी है।
भारी बारिश का कहर: बिहार-पूर्वोत्तर में ट्रेनें रद्द, रूट बदले; यात्रा से पहले देखें ये अपडेट
Heavy rain in Bihar and Northeast India has disrupted rail services, leading to cancellations and diversions.
देश भर के करोड़ों राशन कार्डधारकों और गरीब परिवारों के लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील फैसला लागू किया है। अब तक की व्यवस्था में परिवार के मुख्य कार्डधारक (मुखिया) की आकस्मिक मृत्यु हो जाने की दशा में राशन कार्ड को निरस्त (Cancel) मान लिया जाता था या कोटेदार द्वारा राशन वितरण रोक दिया जाता था। इसके बाद आश्रित परिजनों को नया राशन कार्ड बनवाने के लिए सरकारी दफ्तरों, तहसील और जनसेवा केंद्रों के महीनों चक्कर काटने पड़ते थे, जिससे कई बार पात्र परिवारों का महीनों तक मुफ्त व सस्ता राशन बंद हो जाता था।खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय तथा राज्य सरकारों के खाद्य रसद विभागों ने इस जटिल व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। नए नियमों के तहत परिवार के मुखिया की मृत्यु होने पर राशन कार्ड स्वतः निरस्त नहीं होगा, बल्कि उसी पुराने राशन कार्ड नंबर पर परिवार के अन्य पात्र सदस्य का नाम बतौर 'नया मुखिया' (New Head of Family) दर्ज कर दिया जाएगा। इससे परिवार की यूनिट संख्या सुरक्षित रहेगी और राशन वितरण प्रणाली (PDS) के तहत मिलने वाले खाद्यान्न की आपूर्ति में एक दिन का भी व्यवधान नहीं आएगा।किसे मिलेगा नया मुखिया बनने का अधिकार? राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) का महिला सशक्तिकरण नियमराशन कार्ड में नए मुखिया का चयन मनमाने ढंग से नहीं होता, बल्कि इसके लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA 2013) के स्पष्ट दिशा-निर्देश तय हैं:परिवार की सबसे वरिष्ठ महिला को पहली प्राथमिकता: खाद्य सुरक्षा कानून के तहत महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राशन कार्ड में परिवार की 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की सबसे वरिष्ठ महिला सदस्य को ही मुखिया बनाया जाता है। यदि मृत मुखिया पहले से महिला थीं, तो उनके बाद परिवार की दूसरी वरिष्ठतम महिला सदस्य (जैसे बहू, बेटी या बहन) स्वतः मुखिया पद के लिए पात्र होंगी।यदि परिवार में कोई वयस्क महिला न हो: यदि मृतक के परिवार में 18 वर्ष से अधिक आयु की कोई महिला सदस्य मौजूद नहीं है, तो परिवार के सबसे वरिष्ठ पुरुष सदस्य को नया मुखिया बनाया जाएगा।महिला सदस्य के वयस्क होने पर स्वतः बदलाव: यदि वर्तमान में परिवार में केवल नाबालिग बेटियां या बच्चे हैं, तो उस स्थिति में जब तक सबसे बड़ी कन्या 18 वर्ष की आयु पूरी नहीं कर लेती, तब तक किसी वयस्क पुरुष अभिभावक के नाम पर कार्ड संचालित होगा और 18 वर्ष पूरे होते ही मुखिया का अधिकार स्वतः उस युवती के नाम स्थानांतरित करने का विकल्प मिलेगा।सदस्य का नाम पहले से कार्ड में दर्ज होना अनिवार्य: नया मुखिया बनने के लिए सबसे जरूरी शर्त यह है कि उस व्यक्ति का नाम पहले से उसी राशन कार्ड की परिवार सूची (Family Unit List) में सक्रिय सदस्य के रूप में दर्ज होना चाहिए।राशन कार्ड में मुखिया का नाम ट्रांसफर कराने के लिए आवश्यक दस्तावेज (Documents Checklist)खाद्य विभाग के पोर्टल पर नाम ट्रांसफर की अर्जी देने से पहले आवेदक को निम्नलिखित वैध दस्तावेजों की स्पष्ट प्रतियां तैयार रखनी होंगी:मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate): मृत मुखिया का नगर निगम, नगर पालिका या ग्राम पंचायत द्वारा जारी आधिकारिक मृत्यु प्रमाण पत्र (मूल एवं स्व-प्रमाणित कॉपी)।मूल राशन कार्ड: मौजूदा राशन कार्ड की छायाप्रति जिसमें सभी पारिवारिक यूनिट्स का विवरण हो।प्रस्तावित नए मुखिया का आधार कार्ड: नया मुखिया बनने वाले सदस्य का आधार कार्ड (जिसमें नाम, जन्मतिथि और पता सही हो)।आधार से लिंक सक्रिय मोबाइल नंबर: आवेदन सत्यापन और ओटीपी (OTP) आधारित ऑथेंटिकेशन के लिए चालू मोबाइल नंबर।बैंक पासबुक की कॉपी: नए मुखिया के नाम पर सक्रिय राष्ट्रीयकृत या ग्रामीण बैंक खाते की पासबुक का पहला पन्ना या कैंसिल्ड चेक (डीबीटी और सब्सिडी के लिए)।पारिवारिक सहमति पत्र / स्व-घोषणा: ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम प्रधान/सचिव या शहरी क्षेत्रों में सभासद/वार्ड पार्षद द्वारा सत्यापित पारिवारिक सहमति प्रपत्र।घर बैठे ऑनलाइन कैसे करें नाम ट्रांसफर? स्टेप-बाय-स्टेप पूरी डिजिटल प्रक्रियाडिजिटल इंडिया और खाद्य सुरक्षा पोर्टल्स के आधुनिकीकरण के चलते अब नागरिक घर बैठे या नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC / सहज जन सेवा केंद्र) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं:राज्य के आधिकारिक खाद्य पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले अपने राज्य के खाद्य एवं रसद विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (जैसे उत्तर प्रदेश के लिए fcs.up.gov.in, बिहार के लिए epds.bihar.gov.in, या राष्ट्रीय पोर्टल nfsa.gov.in) पर जाएं।सिटिजन कॉर्नर में लॉगिन करें: पोर्टल पर दिए गए 'राशन कार्ड संशोधन / नागरिक सेवाएं' (Citizen Services) विकल्प पर क्लिक करें और अपने राशन कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर के जरिए ओटीपी दर्ज कर लॉगिन करें।'मुखिया परिवर्तन / संशोधन' विकल्प चुनें: डैशबोर्ड पर आपको 'राशन कार्ड में संशोधन' या 'मृतक मुखिया के स्थान पर नए मुखिया का चयन' का विकल्प दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें।मृतक का विवरण और कारण भरें: मृत मुखिया का नाम चुनकर 'मृत्यु' (Death) का कारण सेलेक्ट करें और नगर निकाय/पंचायत द्वारा जारी मृत्यु प्रमाण पत्र की क्रम संख्या व तारीख दर्ज कर उसकी स्कैन कॉपी अपलोड करें।नए मुखिया का चयन और विवरण अपडेट: परिवार के मौजूदा सदस्यों की सूची में से उस वरिष्ठ महिला या सदस्य को चुनें जिसे नया मुखिया बनाना है। इसके बाद नए मुखिया का बैंक खाता संख्या, आईएफएससी कोड और आधार विवरण सत्यापित करें।ओटीपी से फाइनल सबमिट: नए मुखिया के आधार से लिंक मोबाइल पर आए ओटीपी को दर्ज कर फॉर्म को अंतिम रूप से सबमिट करें।रसीद सुरक्षित रखें: फॉर्म सबमिट होते ही एक 12 या 14 अंकों का 'आवेदन संदर्भ संख्या' (Application Reference Number) जनरेट होगा, जिसे डाउनलोड कर प्रिंट निकाल लें ताकि भविष्य में स्टेटस ट्रैक किया जा सके।ऑफलाइन प्रक्रिया: तहसील या पूर्ति निरीक्षक (Supply Inspector) कार्यालय से ऐसे कराएं कामयदि किसी क्षेत्र में इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या है या ऑनलाइन आवेदन में तकनीकी अड़चन आ रही है, तो ऑफलाइन माध्यम से भी यह कार्य आसानी से कराया जा सकता है:आवेदक अपने क्षेत्र के उचित दर विक्रेता (राशन डीलर) अथवा ब्लॉक/तहसील स्थित क्षेत्रीय खाद्य एवं आपूर्ति कार्यालय (ARO / Supply Office) से 'प्रपत्र-ख' (संशोधन आवेदन पत्र) प्राप्त करें।फॉर्म में मृत मुखिया का नाम, नए मुखिया का नाम और पारिवारिक सदस्यों का विवरण स्पष्ट अक्षरों में भरें।फॉर्म के साथ मृत्यु प्रमाण पत्र, राशन कार्ड की कॉपी और नए मुखिया के आधार कार्ड व बैंक पासबुक की स्व-प्रमाणित प्रति संलग्न करें।भरे हुए आवेदन पत्र को अपने नजदीकी क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक (Supply Inspector) या जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) के कार्यालय में जमा कराएं और वहां से आधिकारिक प्राप्ति रसीद (Acknowledgement Receipt) प्राप्त करें।पूर्ति निरीक्षक द्वारा आवेदन को अपने विभागीय पोर्टल पर दो कार्यदिवसों में ऑनलाइन दर्ज किया जाता है, जिसके बाद ग्रामीण क्षेत्र में खंड विकास अधिकारी (BDO) और शहरी क्षेत्र में अधिशासी अधिकारी (EO) द्वारा स्थलीय सत्यापन (Physical Verification) कर रिपोर्ट जिला पूर्ति अधिकारी को भेजी जाती है।समयसीमा और निस्तारण: कितने दिनों में बन जाता है नया कार्ड?खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा सेवा का अधिकार कानून के तहत इस संपूर्ण प्रक्रिया के लिए अधिकतम 15 से 21 कार्यदिवसों की समयसीमा निर्धारित की गई है। जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) द्वारा रिपोर्ट का अनुमोदन किए जाने के 3 दिनों के भीतर नए मुखिया के नाम के साथ डिजिटल हस्ताक्षरित संशोधित राशन कार्ड सिस्टम में अपडेट हो जाता है।कार्डधारक अपने मोबाइल से ही 'मेरा राशन' (Mera Ration) मोबाइल ऐप या राज्य के पोर्टल से ई-राशन कार्ड की प्रति तुरंत डाउनलोड कर सकते हैं। इसके बाद संबंधित राशन डीलर को सूचित कर उसी महीने से निर्बाध रूप से खाद्यान्न प्राप्त किया जा सकता है।मृतक का नाम न कटवाना पड़ सकता है भारी: आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कानूनी चेतावनीकई मामलों में देखा जाता है कि परिवार के किसी सदस्य या मुखिया की मृत्यु हो जाने के बाद भी परिजन लंबे समय तक विभाग को इसकी सूचना नहीं देते और मृतक के नाम पर मिलने वाले 5 किलो अतिरिक्त अनाज या अंत्योदय कोटे का लाभ उठाते रहते हैं।खाद्य विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि किसी भी मृत व्यक्ति के नाम पर सस्ता या मुफ्त खाद्यान्न उठाना आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) और पीडीएस कंट्रोल ऑर्डर के तहत एक संज्ञेय और गैर-कानूनी अपराध है। आधार बेस्ड ई-केवाईसी (e-KYC) और बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान यदि किसी मृतक के नाम पर खाद्यान्न आहरण का मामला पकड़ा जाता है, तो:राशन कार्ड को तत्काल प्रभाव से ब्लॉक या ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा।मृत्यु की तारीख से लेकर अब तक उठाए गए संपूर्ण राशन की बाजार दर (Market Price) पर चक्रवृद्धिय वसूली की जाएगी।दोषी परिजनों के खिलाफ धोखाधड़ी की सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर कानूनी दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।इसलिए परिवार के मुखिया या किसी भी सदस्य की मृत्यु होने पर परिजनों को चाहिए कि वे 30 दिनों के भीतर पोर्टल पर मृत्यु प्रमाण पत्र अपलोड कर नाम कटवाने या मुखिया ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि परिवार के अन्य सदस्यों का वैध हक बिना किसी रुकावट के सुरक्षित रहे।
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पटना में टूटा 2016 का रिकॉर्ड, खतरे के निशान से ऊपर गंगा, बिहार के 11 जिलों में बाढ़ का खतरा
बिहार के 11 जिलों में बाढ़ से 16.85 लाख लोग प्रभावित हैं. पटना में गंगा 2016 का रिकॉर्ड तोड़कर बह रही है, जबकि सात प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर हैं.
कैचमेंट एरिया में लगातार मूसलाधार बारिश के चलते बयाना स्थित ऐतिहासिक बंध बारैठा डैम का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया, जिसके बाद बांध के दो गेट खोलकर कुकुन्द नदी में जल निकासी शुरू की गई।
बिहार में शिक्षा और रोजगार के मुद्दों को लेकर रविवार को पटना के एसके मेमोरियल हॉल में छात्र-युवा संसद का आयोजन किया जा रहा है। AISA की ओर से आयोजित कार्यक्रम का नाम ‘बिहार में गूंजेगी Gen-Z की आवाज’ रखा गया है। इसमें राज्यभर से छात्र-युवा जुटेंगे। बदहाल शिक्षा व्यवस्था, बढ़ती बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली, फीस वृद्धि, विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता पर हमले और छात्रों-युवाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों समेत कई मुद्दों पर चर्चा होगी। AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष कॉमरेड नेहा बोरा होंगी शामिल इस कार्यक्रम में जंतर-मंतर आंदोलन की चर्चित नेता और AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष कॉमरेड नेहा बोरा सहित देशभर के छात्र-युवा आंदोलनों के प्रतिनिधि और दमन के शिकार छात्र-युवा शामिल होंगे। वहीं, कार्यक्रम में CPI(ML) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, विधायक संदीप सौरभ, झारखंड के JSSC आंदोलन की मुखर आवाज हबीबा, जंतर-मंतर आंदोलन की चर्चित आवाज इरफान और प्रोफेसर एवं व्यंग्यकार डॉ. मेडुसा सहित कई लोग मौजूद रहेंगे। BPSC, BELTRON, दरोगा भर्ती में धांधली रोकने पर चर्चा होगी “स्कूल ठीक करो, शिक्षा सुधारो” के नारे के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में बिहार की शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने, भर्तियों में धांधली रोकने और BPSC, BELTRON, दरोगा भर्ती सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और बहालियों के संघर्षरत छात्रों के न्याय के मुद्दों पर चर्चा होगी। बिहार में शिक्षा और रोजगार का संकट लगातार गहराया- AISA AISA नेताओं ने कहा कि बिहार में शिक्षा और रोजगार का संकट लगातार गहराता जा रहा है। पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितता, बेरोजगारी, सरकारी स्कूलों की बदहाली और उच्च शिक्षा पर बढ़ते नियंत्रण ने लाखों छात्र-युवाओं के भविष्य को गंभीर संकट में डाल दिया है। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से बिहार विश्वविद्यालय एक्ट, 1976 को खत्म करने की कोशिश बंद करने, फीस वृद्धि वापस लेने, 7.5 CGPA की बाध्यता खत्म करने, स्कूल मर्जर बंद करने, सभी रिक्त पदों पर स्थायी बहाली सुनिश्चित करने, ठेका-पट्टा पर बहाली बंद करने और 70वीं BPSC को रद्द करने की मांग उठाई जाएगी। ‘Gen-Z Rising : बिहार चैप्टर’ के तहत हो रहा कार्यक्रम ‘शिक्षा सुधारो और स्कूल-कॉलेजों को ठीक करो’ का सवाल अब बिहार के हर हिस्से में उठ रहा है। Gen-Z के साथ Gen-Alpha भी सरकारी स्कूलों की बदहाली और शिक्षा व्यवस्था की कुव्यवस्था पर सवाल उठा रहा है। AISA और RYA का ‘Gen-Z Rising : बिहार चैप्टर’ राज्य के विभिन्न जिलों तक पहुंच रहा है। विश्वविद्यालय केंद्रों पर छात्र युवा संसद आयोजित की गई हैं तथा शिक्षा, परीक्षा, रोजगार और स्कूलों की बदहाली के सवालों पर संघर्ष खड़े किए जा रहे हैं।
Bihar's GST Compensation: जीएसटी क्षतिपूर्ति के अंतिम आंकड़ों से पता चला है कि बिहार को 26,970 करोड़ रुपये मिले, जबकि महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों को कहीं अधिक हिस्सेदारी मिली। य
Bihar Weather Update: बिहार में बाढ़ के खतरे के बीच मौसम का सितम, 4 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
शनिवार को पटना समेत बिहार के कई जिलों में हुई बारिश से उमस और गर्मी से राहत मिली, जिससे मौसम सुहाना हो गया। रविवार को चार जिलों में भारी बारिश और 21 जिलों में मेघ गर्जन व वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है।
Bihar Weather Today 06 September: मौसम विभाग ने रविवार को अररिया, कटिहार, किशनगंज,प. चंपारण में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जबकि 21 जिलों में मेघ गर्जन और वज्रपात के आसार हैं। पूर्णिया में भी आज बारिश की संभावना है।
दिल्ली में आज तेज आंधी और बारिश की संभावना है। उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश हो सकती है।

