बिहार सरकार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग (Food & Consumer Protection Department) ने राज्य के नागरिकों के लिए राशन वितरण प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बना दिया है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत रियायती या मुफ्त खाद्यान्न प्राप्त करने के लिए राशन कार्ड सबसे अहम दस्तावेज है। अक्सर नया राशन कार्ड बनने के बाद लाभार्थियों को उसकी भौतिक प्रति (Hard Copy) के लिए सरकारी कार्यालयों या प्रखंड (ब्लॉक) कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते हैं। अब बिहार सरकार के आधिकारिक ईपीडीएस (EPDS) पोर्टल और अत्याधुनिक 'Smart PDS 2.0' सिस्टम के माध्यम से कोई भी लाभार्थी घर बैठे अपने मोबाइल फोन या कंप्यूटर से नया डिजिटल राशन कार्ड पीडीएफ (PDF) प्रारूप में डाउनलोड कर सकता है। यह डिजिटल राशन कार्ड उचित मूल्य की दुकान (PDS Dealer) से राशन लेने, बैंक कार्यों और सरकारी योजनाओं के सत्यापन में पूरी तरह वैध और मान्य है।बिहार राशन कार्ड ऑनलाइन डाउनलोड करने के लिए आवश्यक विवरणपोर्टल से राशन कार्ड की डिजिटल कॉपी डाउनलोड करने या लिस्ट में नाम खोजने के लिए आपके पास निम्नलिखित जानकारियों में से कम से कम एक का होना आवश्यक है:राशन कार्ड संख्या (RC Number): यदि आपको पहले से अपना 21 अंकों का राशन कार्ड नंबर पता है।आवेदन संख्या (RTPS / Application Number): यदि आपने हाल ही में नए राशन कार्ड के लिए आवेदन किया है और उसका स्टेटस चेक करना चाहते हैं।क्षेत्रीय विवरण: आवेदक का संबंधित जिला (District), अनुमंडल (Sub-Division), प्रखंड (Block), पंचायत और गांव का नाम (सूची में नाम खोजने के लिए)।सक्रिय मोबाइल नंबर: आधार आधारित ई-केवाईसी या सिटीजन लॉगिन के सत्यापन हेतु।EPDS Bihar पोर्टल से सीधे राशन कार्ड PDF डाउनलोड करने का तरीकाखाद्य विभाग के केंद्रीय पोर्टल से बिना लॉगिन किए सीधे अपने जिले और पंचायत की सूची से राशन कार्ड निकालने का सबसे प्रचलित तरीका इस प्रकार है:सबसे पहले बिहार खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के आधिकारिक पोर्टल epds.bihar.gov.in पर जाएं।होमपेज पर बाईं ओर दिए गए मेनू में 'RCMS Report' (Ration Card Management System) विकल्प पर क्लिक करें।अब आपके सामने बिहार के सभी जिलों की सूची आएगी; ड्रॉप-डाउन मेनू से अपना जिला (District) चुनें और 'Show' पर क्लिक करें।इसके बाद स्क्रीन पर दो श्रेणियां दिखाई देंगी—Rural (ग्रामीण) और Urban (शहरी)। आप जिस क्षेत्र से आते हैं, उस संख्या पर क्लिक करें।अगले पेज पर अपने प्रखंड (Block) या नगर निकाय का चयन करें।प्रखंड चुनने के बाद अपनी ग्राम पंचायत (Panchayat) और फिर अपने गांव (Village) के नाम पर क्लिक करें।अब आपके गांव के राशन डीलर का नाम और उसके अंतर्गत आने वाले सभी राशन कार्डधारकों की पूरी सूची खुल जाएगी।सूची में परिवार के मुखिया का नाम और पिता का नाम खोजें। नाम के आगे दिए गए नीले रंग के राशन कार्ड नंबर (Ration Card Number) पर क्लिक करें।क्लिक करते ही आपका पूरा डिजिटल राशन कार्ड स्क्रीन पर आ जाएगा, जिसमें परिवार के सभी सदस्यों के नाम, आयु, संबंध और क्यूआर कोड दिखाई देगा।पेज के सबसे नीचे दिए गए 'Print Page' बटन पर क्लिक करें और 'Save as PDF' चुनकर अपने मोबाइल या कंप्यूटर में फाइल सुरक्षित कर लें।Smart PDS पोर्टल से राशन कार्ड डाउनलोड और ई-केवाईसी सत्यापनबिहार में लागू की गई 'Smart PDS 2.0' व्यवस्था के तहत राशन कार्ड से जुड़ी सभी सेवाओं को एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया गया है। इस व्यवस्था के तहत नागरिक सीधे अपने आधार से सत्यापित होकर राशन कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं:आधिकारिक पोर्टल पर जाकर 'Citizen Login' या 'Beneficiary Details' विकल्प चुनें।पोर्टल पर लॉगिन करने के बाद 'Download My Latest Ration Card' विकल्प पर क्लिक करें।यहां से डाउनलोड किए गए डिजिटल राशन कार्ड में परिवार के प्रत्येक सदस्य की 'e-KYC' और सीडिंग की स्थिति भी स्पष्ट रूप से दर्ज होती है, जिससे डीलर स्तर पर राशन प्राप्त करने में कोई विवाद नहीं होता।नए राशन कार्ड आवेदन का स्टेटस (Application Status) कैसे चेक करें?यदि आपने नए राशन कार्ड के लिए ऑनलाइन या आरटीपीएस (RTPS) काउंटर के जरिए आवेदन किया था, तो कार्ड डाउनलोड करने से पहले उसका स्वीकृत (Approved) होना जरूरी है:आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर 'RC Issue System / Application Status' लिंक खोलें।अपना जिला (District) और अनुमंडल (Sub-Division) चुनें।आवेदन रसीद पर दर्ज RTPS Application Number भरें और 'Show' बटन दबाएं।यदि स्टेटस 'Approved and Ration Card Generated' दिखता है, तो स्क्रीन पर नया राशन कार्ड नंबर आ जाएगा, जिसे ईपीडीएस पोर्टल पर डालकर तुरंत प्रिंट निकाला जा सकता है।राशन कार्ड डाउनलोड न होने या नाम न मिलने पर क्या करें?सर्च विवरण की पुनः जांच: यदि पंचायत सूची में नाम नहीं मिल रहा है, तो अपने राशन डीलर (FPS Dealer) के नाम के अनुसार सूची की जांच करें। कई बार परिसीमन के चलते गांव के कुछ वार्ड दूसरे डीलर से संबद्ध होते हैं।आधार ई-केवाईसी की अनिवार्यता: सरकार के निर्देशानुसार राशन कार्ड के सभी सदस्यों का बायोमेट्रिक ई-केवाईसी पूरा होना अनिवार्य है। यदि परिवार के सदस्यों की सीडिंग अधूरी है, तो नजदीकी डीलर के पास जाकर पॉस (PoS) मशीन पर फिंगरप्रिंट लगाकर ई-केवाईसी अपडेट कराएं।टोल-फ्री हेल्पलाइन: राशन कार्ड विवरण देखने, डाउनलोड करने या डीलर द्वारा खाद्यान्न वितरण में गड़बड़ी की स्थिति में उपभोक्ता खाद्य विभाग के आधिकारिक टोल-फ्री नंबर 1800-3456-194 या 1967 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने आगामी वार्षिक माध्यमिक (मैट्रिक) और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने वाले लाखों छात्र-छात्राओं के लिए प्रथम डमी एडमिट कार्ड (1st Dummy Admit Card) अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दिया है। बोर्ड की ओर से जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, डमी एडमिट कार्ड जारी करने का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परीक्षार्थियों के विवरण—जैसे नाम, माता-पिता का नाम, जन्मतिथि, लिंग, जाति, श्रेणी, फोटो, हस्ताक्षर और चुने गए विषयों में यदि कोई लिपिकीय त्रुटि (Spelling या Clerical Error) रह गई हो, तो उसे समय रहते सुधारा जा सके। बोर्ड ने सभी परीक्षार्थियों, अभिभावकों और शिक्षण संस्थानों के प्रधानों को 7 नवंबर तक डमी एडमिट कार्ड डाउनलोड कर विवरणों की गहनता से जांच करने और किसी भी त्रुटि की स्थिति में ऑनलाइन सुधार कराने का निर्देश दिया है।7 नवंबर तक सुधार का मौका: क्यों जरूरी है डमी एडमिट कार्ड की जांचबिहार बोर्ड परीक्षा के मूल प्रवेश पत्र (Final Admit Card) और भविष्य में मिलने वाली मूल अंकतालिका (Marksheet) व प्रमाणपत्र में वही विवरण छपकर आते हैं जो पंजीकरण के समय दर्ज होते हैं। यदि छात्र के नाम या विषय में कोई गलती रह जाती है, तो परीक्षा केंद्र पर प्रवेश से लेकर आगे उच्च शिक्षा में दाखिले तक भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसीलिए बोर्ड द्वारा डमी एडमिट कार्ड जारी कर सुधार का विशेष अवसर दिया जाता है।डमी एडमिट कार्ड डाउनलोड करने और विवरण सुधार की अंतिम तिथि 7 नवंबर तय की गई है।यदि किसी विवरण में वर्तनी (Spelling) की अशुद्धि है, तो छात्र 7 नवंबर तक अपने स्कूल या कॉलेज के माध्यम से इसे ऑनलाइन संशोधित करा सकते हैं।किन-किन जानकारियों में किया जा सकता है संशोधनडमी एडमिट कार्ड में निम्नलिखित प्रविष्टियों की जांच अनिवार्य रूप से कर लें:परीक्षार्थी का नाम: वर्तनी (Spelling) में कोई अक्षर छूटा या गलत तो नहीं है।माता एवं पिता का नाम: स्पेलिंग और टाइटल की जांच।जन्मतिथि (DOB): आधार कार्ड और विद्यालय अभिलेख के अनुसार सटीक मिलान।जाति एवं कोटि (Category): सामान्य, ओबीसी, ईबीसी, एससी या एसटी का सही अंकन।लिंग (Gender): मेल / फीमेल का सही चयन।फोटो एवं हस्ताक्षर: क्या एडमिट कार्ड पर स्वयं का फोटो और स्पष्ट हस्ताक्षर दिखाई दे रहा है या किसी अन्य छात्र की तस्वीर तो नहीं लग गई।अनिवार्य एवं ऐच्छिक विषय: मैट्रिक और इंटर के संकाय (आर्ट्स, साइंस, कॉमर्स) के अनुसार चुने गए विषयों का कोड और नाम सही है या नहीं।महत्वपूर्ण सूचना: छात्र और उनके माता-पिता के नाम में केवल मामूली वर्तनी त्रुटि (Spelling Error) का ही सुधार किया जा सकता है। पूरी तरह से नाम बदलने या छात्र की पहचान बदलने की अनुमति नहीं होगी।छात्र स्वयं मोबाइल या कंप्यूटर से ऐसे डाउनलोड करें डमी एडमिट कार्डबिहार बोर्ड ने छात्रों की सुविधा के लिए डायरेक्ट डाउनलोड लिंक सक्रिय किया है:मैट्रिक (10वीं) के छात्रों के लिए:आधिकारिक वेबसाइट secondary.biharboardonline.com पर जाएं।होमपेज पर दिए गए Click here to Download Dummy Admit Card लिंक पर क्लिक करें।नए खुले पेज पर अपना पंजीकरण संख्या (Registration Number) और जन्मतिथि (Date of Birth) दर्ज करें।'Search' बटन पर क्लिक करते ही डमी एडमिट कार्ड स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाएगा। इसे डाउनलोड कर प्रिंट निकाल लें।इंटरमीडिएट (12वीं) के छात्रों के लिए:आधिकारिक पोर्टल seniorsecondary.biharboardonline.com पर जाएं।Student Dummy Admit Card विकल्प का चयन करें।अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि दर्ज करके सबमिट करें।स्क्रीन पर प्रदर्शित एडमिट कार्ड का मिलान करें और पीडीएफ सुरक्षित कर लें।गलती होने पर सुधार की प्रक्रिया: स्कूल प्रधान के माध्यम से होगा ऑनलाइन संशोधनयदि किसी छात्र के डमी एडमिट कार्ड में कोई त्रुटि पाई जाती है, तो सुधार की प्रक्रिया इस प्रकार पूरी होगी:छात्र अपने डमी एडमिट कार्ड के प्रिंटआउट में जिस जगह गलती है, वहां लाल स्याही से सही विवरण लिखकर अपने हस्ताक्षर करें।इस हस्ताक्षरित प्रिंटआउट की एक प्रति अपने संबंधित स्कूल या कॉलेज के प्रधान (प्रधानाचार्य/प्रिंसिपल) को 7 नवंबर से पहले जमा करें।स्कूल या कॉलेज के प्रधान अपने आधिकारिक यूजर आईडी (User ID) और पासवर्ड (Password) के जरिए बिहार बोर्ड के पोर्टल पर लॉगिन करेंगे।संस्थान प्रमुख छात्र के मूल अभिलेखों से मिलान कर 7 नवंबर तक पोर्टल पर ऑनलाइन त्रुटि सुधार (Online Correction) दर्ज करेंगे।बिहार बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि 7 नवंबर के बाद किसी भी त्रुटि सुधार पर विचार नहीं किया जाएगा और डमी एडमिट कार्ड में दर्ज विवरणों के आधार पर ही अंतिम एडमिट कार्ड तैयार कर लिया जाएगा।
एसपी स्वीटी सहरावत और आशीष भारती समेत 7 पुलिस अफसरों को केंद्रीय दक्षता पदक, बिहार का बढ़ाया मान
बिहार पुलिस के एसपी आशीष भारती, स्वीटी सहरावत समेत कुल 7 पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक से सम्मानित किया गया है।
एसपी स्वीटी सहरावत, आशीष भारती समेत बिहार के 7 पुलिस अफसरों को केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक
बिहार के 7 पुलिस अधिकारियों को अमित शाह के गृह मंत्रालय से बड़ा सम्मान मिला है। सरदार पटेल जयंती पर इन्हें केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक से सम्मानित करने की घोषणा की गई। यह सम्मान पाने वालों में एसपी स्वीटी सहरावत और आईपीएस आशीष भारती जैसे अधिकारी शामिल हैं।
BIHAR NEWS: मंडल रेल प्रबंधक अमित सरन ने सोनपुर-बरौनी, बरौनी-मुंगेर रेलखंड का निरीक्षण किया
31 अक्टूबर, शनिवार: DRM अमित सरन ने सोनपुर-बरौनी और बरौनी-मुंगेर रेलखंड का विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण किया।
आठ साल का इंतजार खत्म हुआ तो अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) का कैंपस एक बार फिर छात्रसंघ चुनाव के रंग में रंग गया। चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद से चल रही सरगर्मी अब पूरे उरूज पर है। शुक्रवार को प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी होते ही शनिवार को पूरा कैंपस पोस्टर, पंपलेट, हाथ से बने बैनर और झंडियों से पट गया। सड़कें, पेड़, बिजली के पोल और हॉल-हॉस्टलों के आसपास हर तरफ प्रत्याशियों के नाम और समर्थन में प्रचार दिखाई दिया। कहीं पैदल मार्च निकल रहा है तो कहीं बाइक रैलियां और छात्र-छात्राओं की टोलियां मतदाताओं को साधने में जुटी हैं। इस चुनाव में सिर्फ प्रत्याशियों के बीच मुकाबला नहीं है, बल्कि क्षेत्रीय लॉबियों और छात्र खेमों की गोलबंदी भी खुलकर सामने आने लगी है। अध्यक्ष पद पर बिहार लॉबी के चार दावेदारों की मौजूदगी ने इसी लॉबी के भीतर समर्थन के बंटवारे की चुनौती खड़ी कर दी है। पश्चिमी यूपी, पूर्वी यूपी और कश्मीर के दावेदार भी अपने-अपने समर्थकों को लामबंद कर रहे हैं। सीनियर छात्रों की सक्रियता बढ़ गई है। रात दो-दो बजे तक बैठकों का दौर चल रहा है। किस लॉबी का समर्थन किस प्रत्याशी के साथ जाएगा और अंतिम समय में कौन किसके साथ गठजोड़ करेगा, इसे लेकर कैंपस में चर्चाओं का बाजार गर्म है। इंतिखाब के समर्थन में निकला पैदल मार्च, पूरे कैंपस में शक्ति प्रदर्शनशनिवार को अध्यक्ष पद के दावेदार मोहम्मद इंतिखाब के समर्थन में एसएस नॉर्थ हॉल से निकला पैदल मार्च चुनावी सरगर्मी का बड़ा केंद्र रहा। इसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए। समर्थकों की टोली पूरे कैंपस में पैदल घूमी और अपने प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार किया। इसके अलावा दूसरे अध्यक्ष पद के दावेदारों के समर्थक भी अलग-अलग हॉल और हॉस्टलों में छोटी-छोटी टोलियों में प्रचार करते नजर आए। उपाध्यक्ष, मानद सचिव, कैबिनेट सदस्य और यूनिवर्सिटी कोर्ट के प्रत्याशियों ने भी प्रचार अभियान तेज कर दिया है। अलग-अलग संकायों में समूह बनाकर मतदाताओं से संपर्क किया जा रहा है। महिला कॉलेज में भी चुनावी माहौल पूरी तरह गर्म है। यहां प्रत्याशियों की टीमें छात्राओं के बीच पहुंचकर समर्थन मांग रही हैं। बिहार लॉबी में चार दावेदार, अपने ही खेमे में समर्थन के लिए मुकाबलाअध्यक्ष पद के चुनाव में इस बार सबसे ज्यादा चर्चा बिहार लॉबी की है। इस लॉबी से चार दावेदार मैदान में हैं। ऐसे में बिहार लॉबी का वोट और समर्थन एक प्रत्याशी के पीछे एकजुट होगा या अलग-अलग खेमों में बंटेगा, यह चुनावी समीकरण का अहम सवाल बन गया है।एक तरफ बिहार लॉबी के दावेदार अपने समर्थकों को एकजुट रखने में लगे हैं तो दूसरी तरफ पश्चिमी यूपी, पूर्वी यूपी और कश्मीर की लॉबियां भी अपनी ताकत और संपर्कों के आधार पर समर्थन जुटा रही हैं। किसी एक क्षेत्रीय खेमे का समर्थन दूसरे प्रत्याशी के पक्ष में जाने की संभावनाओं पर भी चर्चा हो रही है। यही वजह है कि प्रत्याशियों के साथ उनके समर्थक ही नहीं, बल्कि वरिष्ठ छात्र भी सक्रिय हो गए हैं। रात में अलग-अलग हॉल और हॉस्टलों में बैठकों का दौर चल रहा है। इन बैठकों में प्रत्याशियों के पक्ष में समर्थन जुटाने, दूसरे खेमों से संपर्क साधने और संभावित गठजोड़ पर चर्चा हो रही है। चुनाव से पहले क्षेत्रीय समीकरणों को अपने पक्ष में करने के लिए हर खेमा पूरी ताकत लगा रहा है। हालांकि, अंतिम समय में किस लॉबी का समर्थन किस प्रत्याशी को मिलेगा, इसकी तस्वीर अभी साफ नहीं है।उपाध्यक्ष पर सात प्रत्याशी, दो छात्राओं की दावेदारी भी अहमउपाध्यक्ष पद पर सात प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इनमें गाजीपुर, पूर्वी यूपी और स्थानीय लॉबी के दावेदार शामिल हैं। खास बात यह है कि इस बार इस पद पर दो छात्राएं भी मैदान में हैं। नशरा नईम और इरफा खान की उम्मीदवारी को लेकर भी कैंपस में चर्चा है। छात्राओं के बीच दोनों प्रत्याशियों का प्रचार जारी है।मानद सचिव पद पर तीन प्रत्याशी हैं। इनमें दो स्थानीय लॉबी से और एक आजमगढ़ क्षेत्र से है। इस पद पर भी मुकाबले के अपने क्षेत्रीय समीकरण हैं। कैबिनेट और यूनिवर्सिटी कोर्ट के प्रत्याशियों ने भी अपने-अपने संकायों में प्रचार की कमान संभाल रखी है।हाथ से बने पोस्टर-बैनरों से सजा कैंपसचुनाव प्रचार में विश्वविद्यालय के नियमों के कारण इस बार प्रचार सामग्री का अंदाज भी अलग है। प्रिंटिंग मशीन से छपे पोस्टर और बैनर लगाने की अनुमति नहीं है। ऐसे में प्रत्याशियों के समर्थक हाथ से लिखे और तैयार किए गए पोस्टर, बैनर तथा पंपलेट का इस्तेमाल कर रहे हैं। कैंपस में जगह-जगह पेड़ों, पोल और प्रचार के लिए निर्धारित स्थानों पर यह सामग्री दिखाई दे रही है। छात्र समूहों में पर्चे बांटकर और व्यक्तिगत संपर्क के जरिये भी मतदाताओं को साध रहे हैं।आठ साल बाद चुनाव, इसलिए हर खेमे ने झोंकी पूरी ताकतएएमयू में पिछला छात्रसंघ चुनाव 2018-19 सत्र में हुआ था। इसके बाद छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए। इस बार चुनाव की घोषणा भी करीब 19 दिन चले छात्र आंदोलन के बाद हुई। ऐसे में लंबे अंतराल के बाद लौटे चुनाव को लेकर छात्रों में खासा उत्साह है। अब चुनावी प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंचने के साथ ही प्रत्याशियों और उनके समर्थकों ने कोई कसर नहीं छोड़ी है। प्रचार, संपर्क, बैठकों और क्षेत्रीय खेमेबंदी के बीच पूरा कैंपस चुनावी गतिविधियों में व्यस्त है।इधर, एएमयू इंतजामिया और चुनाव टीम भी प्रचार गतिविधियों पर निगरानी रखे हुए हैं, ताकि किसी तरह का विवाद या टकराव न हो और मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया जा सके। तीन नवंबर को प्रत्याशियों के अंतिम भाषण होंगे और पांच नवंबर को मतदान कराया जाएगा। इसी दिन शाम छह बजे से मतगणना शुरू होगी।फैक्ट फाइल: मुख्य छात्रसंघ चुनाव की अंतिम तस्वीरपद योग्य प्रत्याशीअध्यक्ष 9उपाध्यक्ष 7मानद सचिव 3कैबिनेट सदस्य 46 अध्यक्ष पद पर एक प्रत्याशी ने नाम वापस लिया और जांच में एक प्रत्याशी अयोग्य पाया गया। कैबिनेट सदस्य पद पर सात प्रत्याशियों के नामांकन अयोग्य पाए गए। यूनिवर्सिटी कोर्ट की सदस्यता के लिए अलग-अलग संकायों से 68 प्रत्याशी योग्य पाए गए। चार ने नाम वापस लिया और चार अयोग्य घोषित हुए।-प्रो.जावेद तालिब, निर्वाचन अधिकारी अध्यक्ष पद के नौ दावेदारमोहम्मद जुहैर अहमदआमिना इरशादमोहम्मद इंतिखाबअब्दुल वहीदमोहम्मद नोमान अशरफशरजील इकबालसाहिल खानशरजील मोहम्मद खानअसमर फरीदीउपाध्यक्ष पद के सात दावेदारमोहम्मद सादानसैयद अयान अहमदअशफाक हुसैनएमन हफीज खाननशरा नईमसाकिब अली खानइरफा खानमानद सचिव पद के तीन दावेदारअहमद फराज राजीमोहम्मद हमदानमोहम्मद ओवैसमहिला कॉलेज छात्रसंघ की तस्वीरमहिला कॉलेज छात्रसंघ की मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रो. नाजिया हसन के मुताबिक जांच के बाद अध्यक्ष पद पर छह, उपाध्यक्ष पर चार, सचिव पद पर पांच और कैबिनेट सदस्य पद पर 18 प्रत्याशी योग्य पाए गए। कुल 38 नामांकन में से 33 को योग्य पाया गया।अध्यक्ष पद की छह दावेदारआयशा जमालतहूरा शकीलअनम रियाजतमन्ना मुजफ्फरमरियम नाजरुकैय्या खानउपाध्यक्ष पद की चार दावेदारआयशा खानसानिया सिराजमरियम फातिमाशमा फातिमासचिव पद की पांच दावेदारजोया रहमानमरियम जानसानिया खानरुकैया खातूनजैनबयूनिवर्सिटी कोर्ट में संकायवार दावेदारसंकाय योग्य प्रत्याशीचिकित्सा 5जीव विज्ञान 3यूनानी चिकित्सा 7वाणिज्य 6विज्ञान 5कला 8प्रबंधन अध्ययन एवं अंतरराष्ट्रीय अध्ययन 6कृषि विज्ञान एवं धर्मशास्त्र 4इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी 7विधि 4सामाजिक विज्ञान 13कुल 68चुनाव का कार्यक्रम3 नवंबर: यूनियन हॉल टेरेस से अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों के अंतिम भाषण।5 नवंबर: मतदान।5 नवंबर, शाम 6 बजे: मतगणना शुरू होगी। सभी मतों की गिनती पूरी होने के बाद परिणाम घोषित होंगे।
BIHAR NEWS: अर्नब तूफान का तीसरे दिन भी दिखा असर, सुबह से छाए रहे बादल, बारिश
31 अक्टूबर, शनिवार: अर्नब तूफान का असर तीसरे दिन भी जारी रहा, सुबह से ही बादल उमड़ते-घुमड़ते रहे और दोपहर में बारिश हुई, मौसम में बदलाव से जनजीवन प्रभावित, कई इलाकों में बादल छाए रहने की सूचना।
BIHAR NEWS: मिलर स्कूल से निकलेगी मौन संकल्प पदयात्रा, 15 सूत्री मांगों पर प्रदर्शन
31 अक्टूबर, शनिवार: लोकमंच की ओर से 15 सूत्री मांगों को लेकर रविवार को मिलर स्कूल से मौन संकल्प पदयात्रा निकाली जाएगी, संस्थापक अध्यक्ष आशीष कुमार उर्फ बब्बू झा ने बताया कि इसका उद्देश्य ब्राह्मण समाज की एकजुटता, सम्मान, अधिकार और राजनीतिक भागीदारी के मुद्दों को सरकार तक पहुंचाना है।
Chirag Paswan In Bhagalpur: केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भागलपुर में विपक्ष पर देश में अशांति और अराजकता फैलाने की साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने विपक्ष को महाभियोग लाने की चुनौती दी और कांग्रेस से बिहार में उनके आखिरी मुख्यमंत्री के बारे में सवाल किया, साथ ही ईवीएम और 'मॉक पार्लियामेंट' पर भी तंज कसा।
मनोज तिवारी जाने माने भोजपुरी सिंगर, एक्टर और राजनेता हैं, जिन्होंने कई फिल्मों के लिए गाने गाए. जबकि कई हिट भोजपुरी फिल्में दीं. लेकिन उनका एक गाना पिछले कई सालों से चर्चा का विषय बना हुआ
दीपावली और छठ पर्व पर घर आने-जाने के लिए बिहार सरकार 5 नवंबर से विशेष बसों का संचालन करेगी। इन बसों में यात्रियों को किराए में 25% तक की छूट मिल सकती है, जिसकी ऑनलाइन बुकिंग 1 नवंबर से शुरू होगी।
कल का मौसम: बिहार में आंधी-तूफान और भारी बारिश का अलर्ट
कल का मौसम: बिहार में नवंबर की शुरुआत बारिश के साथ होने की संभावना है। मौसम विभाग की ओर से शनिवार को जारी अगले सात दिनों के बारिश पूर्वानुमान के अनुसार, एक नवंबर को राज्य के लगभग सभी जिलों में बारिश होने के आसार हैं। इस दौरान राज्य के उत्तर से लेकर दक्षिण और पश्चिम से लेकर पूर्वी बिहार तक.
दिवाली से पहले बिहार में शराब तस्करी का बड़ा खुलासा: पानी की बोतलों के बीच छिपाकर ले जा रहे थे 300 पेटी शराब, रजौली में मिनी ट्रक 407 जब्त; ड्राइवर गिरफ्तार
PATNA NEWS: आरके सिन्हा के निधन पर विजय कुमार चौधरी का बयान, बिहार के लिए क्षति
31 अक्टूबर, शनिवार: पटना में बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने पूर्व राज्यसभा सांसद आरके सिन्हा के निधन पर शोक जताया, कहा उनके जाने से बिहार और पटना में अपूरणीय क्षति हुई है, राजनीतिक और सामाजिक जुड़ाव वाले दुर्लभ नेता के रूप में याद किया, क्षेत्र के लिए बड़ी क्षति बताया।
BPSC ने बिहार में असिस्टेंट प्रोफेसर के 1,711 पदों के लिए भर्ती रद्द की, जानें डिटेल्स
PC: Education times बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन (BPSC) ने 1,711 असिस्टेंट प्रोफेसर (स्पेशलिटी) की वैकेंसी के लिए अपने रिक्रूटमेंट एडवर्टाइजमेंट कैंसिल कर दिए हैं। अब, सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में वैकेंसी भरने के लिए रिक्रूटमेंट ड्राइव को रोक दिया गया है। रिक्रूटमेंट ड्राइव के लिए नए नोटिफिकेशन का इंतज़ार किया जा रहा है। कमीशन के मुताबिक, एक रिवाइज्ड रिक्विजिशन के आधार पर एक नया एडवर्टाइजमेंट तैयार किया जा रहा है, लेकिन इसके जारी होने की कोई तारीख अनाउंस नहीं की गई है। कमीशन ने कहा कि यह फैसला बिहार हेल्थ डिपार्टमेंट के अपॉइंटमेंट के लिए अपने रिक्विजिशन वापस लेने के बाद लिया गया है। एक ऑफिशियल नोटिस में, BPSC ने कन्फर्म किया कि एडवर्टाइजमेंट नंबर 04/2025 से 28/2025, जो 4 अप्रैल, 2025 को पब्लिश हुए थे, कैंसिल हो गए हैं। पहले के रिक्रूटमेंट ड्राइव का मकसद राज्य के मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में स्पेशलिस्ट फैकल्टी के पदों को भरना था। इस डेवलपमेंट का मतलब है कि जिन कैंडिडेट्स ने पिछले नोटिफिकेशन के तहत अप्लाई किया था, उन्हें आगे के इंस्ट्रक्शन्स का इंतज़ार करना होगा। कमीशन ने अभी तक यह साफ़ नहीं किया है कि रिवाइज़्ड रिक्रूटमेंट में सभी 1,711 वैकेंसी रहेंगी या पोस्ट की संख्या और स्पेशलिटी में उनके डिस्ट्रीब्यूशन में बदलाव होगा। हालांकि, हेल्थ डिपार्टमेंट ने अब इन अपॉइंटमेंट के लिए अपनी पहले की रिक्विज़िशन वापस ले ली हैं। इसलिए, कमीशन ने उन ज़रूरतों के लिए जारी किए गए एडवर्टाइज़मेंट कैंसल कर दिए हैं और रिवाइज़्ड रिक्विज़िशन का इस्तेमाल करके एक नया नोटिफिकेशन तैयार करेगा। यह कैंसलेशन एडवर्टाइज़मेंट नंबर 04/2025 से 28/2025 तक के लिए लागू है। इसलिए कैंडिडेट्स को पहले के नोटिस में बताई गई वैकेंसी डिटेल्स या एप्लीकेशन की शर्तों को आने वाली रिक्रूटमेंट प्रोसेस की शर्तों का कन्फर्मेशन नहीं मानना चाहिए।
इन रेलवे स्टेशनों पर छठ पूजा तक नहीं मिलेंगे प्लेटफॉर्म टिकट, बिहार के लिए खुशखबरी भी आई
छठ पूजा 2026 से पहले रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है। नासिक रोड स्टेशन पर 15 नवंबर तक प्लेटफॉर्म टिकट बंद रहेंगे। वहीं बिहार के 15 स्टेशनों पर होल्डिंग एरिया और 20 स्टेशनों पर अतिरिक्त टिकट काउंटर बनाए जाएंगे।
SASARAM NEWS: सतर्कता सप्ताह पर बिहार ग्रामीण बैंक का वॉकथॉन, भ्रष्टाचार पर वार
31 अक्टूबर, शनिवार: सासाराम में सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2026 के तहत बिहार ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जन-जागरूकता के लिए वॉकथॉन आयोजित किया, क्षेत्रीय अधिकारी अरविंद कुमार के नेतृत्व में कर्मियों ने भाग लिया, भ्रष्टाचार मुक्त समाज का संदेश दिया।
झारखंड में दारोगा के सर्टिफिकेट पर बिहार में सरकारी नौकरी, 32 साल बाद गुरुजी बर्खास्त; पूरी कहानी
बिहार के बांका में एक शिक्षक ने अपने हमनाम दारोगा के सर्टिफिटेक के आधार पर 32 सालों तक नौकरी की। जालसाजी उजागर होने के बाद उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है।
PATNA NEWS: बिहार प्रभारी बने हरीश द्विवेदी, पीएम के अंत्योदय विजन की बात कही
31 अक्टूबर, शनिवार: पटना में भाजपा के बिहार प्रभारी नियुक्त होने पर हरीश द्विवेदी ने आभार जताया, पीएम मोदी के अंत्योदय विजन को बिहार में लागू करने की बात कही, गरीब, किसान और मजदूरों के उत्थान से राज्य के विकास पर जोर दिया, सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया।
दुनिया के टॉप 100 म्यूजियम में बिहार म्यूजियम को मिला 9वां स्थान, न्यूयॉर्क-पेरिस को भी पछाड़ा!
पटना के 'बिहार म्यूजियम' ने इतिहास रच दिया है. जर्मनी के प्रतिष्ठित ट्रैवल गाइड की 2026 की सूची में इसे दुनिया का 9वां सबसे बेहतरीन म्यूजियम चुना गया है. जानिए इसकी अनोखी कलाकृतियों की पूरी कहानी.
जन्मदिन पर पिता को याद कर भावुक हुए चिराग, कहा-विकसित बिहार से ही बनेगा विकसित भारत
Patna, 31 अक्टूबर . लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख और Union Minister चिराग पासवान ने Saturday को अपना जन्मदिन मनाया. इस अवसर पर वे पार्टी कार्यालय पहुंचे,…
Bihar Electricity: घरेलू बिजली कनेक्शन के लिए अब 300 रुपये प्रति किलोवाट शुल्क, 3 किलोवाट पर देने होंगे 900 रुपये
Bihar News Today Live: बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 31 अक्टूबर के मुख्य और ताजा समाचार
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गोरखपुर के रामगढ़ताल थाना क्षेत्र में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने खुद को फौज का आदमी बताकर युवक के पिता से 11 लाख 50 हजार रुपये से ज्यादा ऐंठ लिए। फॉरेस्ट गार्ड पद के लिए ज्वाइनिंग लेटर देकर बिहार के मोतिहारी में फर्जी ऑफिस में 6 महीने तक बेगारी कराई। पीड़ित की शिकायत पर शुक्रवार की रात रामगढ़ताल पुलिस ने बाप-बेटी समेत तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। अब जानिए पूरा मामला मामला शिवपुरी नई कॉलोनी मिर्जापुर निवासी जितेन्द्र कुमार राजभर से जुड़ा है। पीड़ित ने बताया कि वह मैरिज हॉल में काम करता है। वहीं एक शादी समारोह में उनकी मुलाकात विनोद कुमार मिश्रा और उसके लड़के दीपक व लड़की पूजा से हुई। आरोपियों ने खुद को फौज का आदमी बताया और कहा कि उनकी बड़े-बड़े नामी-गिरामी लोगों से जान-पहचान है। 15 से 20 लोगों को चुटकी में नौकरी लगवा चुका हूं। आरोपियों ने कहा कि सिर्फ रुपये का इंतजाम करना होगा। लड़के दीपक और लड़की पूजा ने भी पिता की बात का समर्थन किया। झांसे में आकर जितेन्द्र ने अपने बेटे सुनील कुमार राजभर की सरकारी नौकरी के लिए पहले 50 हजार रुपये नकद दे दिए। लखनऊ में मेडिकल कराया फिर दिया ज्वाइनिंग लेटर आरोपी लड़के को मेडिकल के लिए लखनऊ ले गया। कुछ दिन बाद बेटे के मोबाइल पर वन विभाग में फॉरेस्ट गार्ड पद का ज्वाइनिंग लेटर भेजा। 4 मई 2024 को बिहार के मोतिहारी में ज्वाइन करने को कहा। बताया कि वहां स्टेशन पर उनका आदमी मिलेगा। बेटा मोतिहारी पहुंचा तो पहले कोई नहीं मिला। तीन दिन होटल में रहा फिर चंद सरैया पिपरा कोठी स्थित नवीन कुमार के यहां किराए पर कमरा लिया। वर्दी पहनाकर कराते थे काम वहां दीपक पहुंचा और मोतिहारी के एक ऑफिस में ले जाकर फर्जी आईडेंटिटी कार्ड जारी कर वर्दी पहनाकर काम पर बुलाने लगा। वहां रजिस्टर पर हस्ताक्षर करवाता रहा। इस बीच ज्वाइनिंग के नाम पर 11 लाख रुपये का और इंतजाम करने को कहा, चेतावनी दी कि पैसे नहीं दिए तो नौकरी चली जाएगी। गहने गिरवी रखकर दिए पैसे डर के मारे पिता ने पत्नी के गहने गिरवी रखकर और कर्ज लेकर दो बार में 5.50-5.50 लाख रुपये आरोपियों के लड़के-लड़की को दे दिए। इसके अलावा 10 हजार, 35 हजार, 40 हजार कर कुल 3 लाख 20 हजार 700 रुपये ऑनलाइन भी ट्रांसफर कराए। करीब 6 महीने तक बेटे से ऑफिस में काम कराया, फिर दीपक फरार हो गया और विनोद ने फोन उठाना बंद कर दिया। जांच में कॉल लेटर और आईडी कार्ड फर्जी निकले। पीड़ित ने गोरखपुर एसएसपी से शिकायत की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आदेश पर रामगढ़ताल थाने में 30 अक्टूबर की रात गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों में विनोद कुमार मिश्रा, उसका बेटा दीपक और बेटी पूजा शामिल हैं। इस संबंध में श्यामा नंद राय ने बताया कि एफआईआर कर ली गई है। इस मामले की जांच थाने की उपनिरीक्षक आरती यादव को सौंपी गई है। जांच कर साक्ष्य के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बिहार में बिजली कनेक्शन महंगा, 1 नवंबर से लागू होंगी नई दरें; पूरा रेट चार्ट यहां समझें
bihar electricity connection charges increasedबिहार में 1 नवंबर से नए बिजली कनेक्शन के लिए सर्विस कनेक्शन शुल्क की नई दरें लागू होंगी। ये दरें घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं पर लागू होंगी, जिनकी मंजूरी बिहार विद्युत विनियामक आयोग ने दी है।
Bihar Weather Today: बिहार में अर्नब का असर कमजोर, आज कई जिलों में बारिश के आसार, ठंड से बचें
अर्नब तुफान का असर बिहार में कमजोर होने लगा है।शनिवार को चंपारण, सीवान समेत कई जिलों में बारिश की चेतावनी दी गई है। मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में आसमान में बादल छाए हुए हैं।
नेपाल से नकली नोटों का कारोबार, बिहार के 2 तस्करों पर NIA का शिकंजा
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने नेपाल से बिहार में नकली भारतीय नोटों की तस्करी के मामले में दो आरोपियों, भरत महासेठ और शिव कुमार राउत के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है।
Bihar Weather Update: चक्रवाती तूफान अर्णब के प्रभाव से बिहार में शुक्रवार को तेज हवा के साथ दिनभर रुक-रुककर वर्षा हुई, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ और धान की फसल को नुकसान पहुंचा
Kolkata भगदड़: बिहार के दो मृतकों के परिजनों को बंगाल सरकार ने दिए 25-25 लाख रुपये
पश्चिम बंगाल सरकार ने 27 अक्टूबर को कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ में जान गंवाने वाले बिहार के दो लोगों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। राज्य के मंत्री उमेश राय के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुजफ्फरपुर में मृतकों के घर जाकर शोकसंतप्त परिवारों को 25-25 लाख रुपये के दो चेक सौंपे। मृतकों की पहचान अभिषेक श्रीवास्तव और उनके बेटे अयांश श्रीवास्तव के रूप में हुई है। दोनों उन 19 लोगों में शामिल थे, जिनकी चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ में मौत हो गई थी। दौरे के दौरान राय ने वीडियो कॉल के जरिये पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से परिजनों की बात कराई। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवार के सदस्यों से बात की और उन्हें राज्य सरकार की ओर से लगातार सहायता का आश्वासन दिया। अधिकारी ने बताया कि शुभेंदु ने परिवारों से कहा कि वह बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से बात करेंगे और बिहार में परिवार के किसी एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की संभावना तलाशेंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की है कि उनकी सरकार पश्चिम बंगाल के 17 मृतकों के परिजनों को रोजगार प्रदान करेगी। राज्य मंत्रिमंडल ने भी इस पर अपनी सहमति दे दी है।
क्रूज संचालक राज सिंह ने बताया कि गंगा विलास 27 अक्तूबर को विदेशी पर्यटकों के साथ रामनगर स्थित मल्टीमॉडल टर्मिनल पहुंचा था।
विरासत से बदलती पहचानः विश्व के नक्शे पर बिहार म्यूजियम
बिहार म्यूजियम को वर्ष 2026 की वर्ल्ड्स 100 बेस्ट म्यूजियम सूची में नौवां स्थान मिला है, जो एशिया में सबसे उच्च स्थान है और भारत का एकमात्र संग्रहालय है जो इस सूची में शामिल है. यह उपलब्धि बिहार की पारंपरिक छवि को बदलकर इसे इतिहास, कला और संस्कृति के वैश्विक मंच पर स्थापित करती है.
Bareilly News: बिहार पुलिस का छापा, एक आरोपी को ले गई टीम
बरेली। बारादरी थाना क्षेत्र के तिरंगा होटल के पास रहने वाले आकाश मौर्य के घर बिहार पुलिस की टीम ने छापा मारा। यहां आकाश मौर्य, उसके पिता तुलसीराम, चाचा नंद किशोर से पूछताछ की।
आनंद महिंद्रा को बिहार से न्योता; सम्राट ने हाई टी पर बुलाया, संजय झा ने कहा- मिथिला हाट आइए
उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने बिहार संग्रहालय के एशिया में नंबर वन बनने पर सराहना की तो मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उन्हें म्यूजियम घूमने का न्योता देकर हाई टी पर संवाद का न्योता दिया। वहीं, जेडीयू नेता संजय झा ने महिंद्रा से बिहार आकर मिथिला हाट देखने की सलाह दी है।
2005 से बिहार में न्याय के साथ विकास और सुशासन, कार्यकर्ता ही जेडीयू की असली ताकत : निशांत कुमार
2005 से बिहार में न्याय के साथ विकास और सुशासन, कार्यकर्ता ही जेडीयू की असली ताकत : निशांत कुमार
अर्नब से बिहार में बिगड़े मौसम से 5000 करोड़ की फसलें बर्बाद, सम्राट का किसानों को मुआवजे का ऐलान
बिहार में अर्नब चक्रवात के चलते बिगड़े मौसम की वजह से राज्य भर में लगभग 5000 करोड़ रुपये की फसलें बर्बाद होने का अनुमान है। सबसे ज्यादा क्षति धान की फसल की हुई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दो दिनों में किसानों को हुए फसल नुकसान का मुआवजा देने की घोषणा की है।
सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्तियों, आरक्षण और प्रतियोगी परीक्षाओं के फॉर्म भरने के लिए जाति प्रमाण पत्र सबसे अनिवार्य दस्तावेजों में से एक है। बिहार सरकार ने लोक सेवाओं के अधिकार अधिनियम (RTPS) के तहत इस पूरी व्यवस्था को पूरी तरह से डिजिटल और पारदर्शी बना दिया है। अब राज्य के किसी भी नागरिक को जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए प्रखंड (ब्लॉक) या अंचल कार्यालय की लंबी कतारों में खड़े होने या बिचौलियों के चक्कर लगाने की कतई जरूरत नहीं है। आप अपने स्मार्टफोन से ही सर्विस प्लस (Service Plus) पोर्टल के माध्यम से राजस्व अधिकारी (RO) स्तर का डिजिटल हस्ताक्षरित जाति प्रमाण पत्र निःशुल्क बनवा सकते हैं। यह ऑनलाइन प्रमाण पत्र कानूनी रूप से पूरी तरह मान्य होता है और तय समयसीमा (10 कार्य दिवस) के भीतर बनकर सीधे आपके फोन पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध हो जाता है।RTPS पोर्टल से ऑनलाइन जाति प्रमाण पत्र बनवाने के मुख्य लाभबिहार सरकार द्वारा संचालित आरटीपीएस पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था शुरू होने से नागरिकों का समय और पैसा दोनों बच रहा है। सबसे बड़ा फायदा यह है कि आवेदन करने से लेकर प्रमाण पत्र डाउनलोड करने तक का सारा काम 100% पेपरलेस और घर बैठे हो जाता है। जारी होने वाले प्रमाण पत्र पर डिजिटल हस्ताक्षर (Digital Signature) और एक विशिष्ट बारकोड/क्यूआर कोड होता है, जिससे किसी भी कार्यालय में इसकी प्रामाणिकता की तत्काल जांच की जा सकती है। इस प्रमाण पत्र की कोई तय समाप्ति तिथि नहीं होती, यानी जब तक नियमों में कोई बदलाव न हो, यह जीवनभर वैध रहता है। इसके अतिरिक्त, आवेदन की हर स्थिति (Status) की जानकारी आवेदक को पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस (SMS) और ईमेल के माध्यम से लगातार मिलती रहती है।आवेदन से पहले तैयार रखें ये जरूरी दस्तावेज और पात्रता शर्तेंऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू करने से पहले कुछ जरूरी दस्तावेजों की डिजिटल कॉपी अपने मोबाइल में सुरक्षित रख लें ताकि फॉर्म भरते समय कोई रुकावट न आए। आवेदक का बिहार का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है और वह जिस जाति का दावा कर रहा है, वह राज्य सरकार की आधिकारिक जाति सूची (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अत्यंत पिछड़ा वर्ग, पिछड़ा वर्ग या सामान्य) में दर्ज होनी चाहिए। दस्तावेजों की बात करें तो आवेदक का आधार कार्ड सबसे प्रमुख पहचान प्रमाण है। यदि आधार कार्ड मोबाइल नंबर से लिंक है, तो ओटीपी आधारित सत्यापन सीधे हो जाता है। यदि आधार से मोबाइल लिंक नहीं है, तो पहचान प्रमाण के तौर पर वोटर आईडी, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट की स्कैन कॉपी अपलोड की जा सकती है। इसके साथ ही आवेदक की एक हालिया पासपोर्ट साइज फोटो (350 KB से कम साइज में) होना अनिवार्य है।मोबाइल से RTPS पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करने का पूरा स्टेप-बाय-स्टेप तरीकाघर बैठे मोबाइल से आवेदन करने के लिए सबसे पहले अपने फोन के ब्राउज़र में आधिकारिक वेबसाइट (serviceonline.bihar.gov.in या rtps.bihar.gov.in) खोलें। यदि आपके पास पहले से 'मेरी पहचान' (Jan Parichay) का लॉगिन है तो लॉगिन करें, अन्यथा आप बिना लॉगिन किए भी सीधे होमपेज से आवेदन कर सकते हैं। होमपेज पर बाईं तरफ 'लोक सेवाओं का अधिकार की सेवाएं' (RTPS Services) अनुभाग में जाएं और 'सामान्य प्रशासन विभाग' (General Administration Department) पर क्लिक करें। इसके बाद ड्रॉप-डाउन मेनू से 'जाति प्रमाण पत्र का निर्गमन' (Issuance of Caste Certificate) चुनें और उसमें 'राजस्व अधिकारी स्तर' (Revenue Officer Level) पर क्लिक करें। अब स्क्रीन पर फॉर्म-1 (अनुसूचित जाति/जनजाति/पिछड़ा वर्ग हेतु जाति प्रमाण पत्र आवेदन पत्र) खुल जाएगा।फॉर्म में विवरण दर्ज करना, फोटो अपलोड और फाइनल सबमिशनफॉर्म खुलने के बाद सबसे पहले आवेदक का लिंग (पुरुष/महिला/अन्य) और अभिवादन चुनें। इसके बाद आवेदक का नाम अंग्रेजी और हिंदी दोनों में टाइप करें; मोबाइल कीबोर्ड से स्पेस दबाते ही अंग्रेजी नाम का स्वतः हिंदी अनुवाद हो जाता है। इसी तरह पिता का नाम, माता का नाम और विवाहित महिलाओं के मामले में पति का नाम दर्ज करें। अपना वैध 10-अंकों का मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी अवश्य भरें क्योंकि सर्टिफिकेट का लिंक इन्हीं पर भेजा जाता है। इसके बाद स्थायी पता अनुभाग में जिला, अनुमंडल, प्रखंड, ग्राम पंचायत/नगर निकाय, वार्ड संख्या, गांव/मोहल्ला, पोस्ट ऑफिस, थाना और पिन कोड का चयन करें। वर्तमान पता भी स्थायी पते के समान है तो 'Same as Above' पर टिक करें। इसके बाद अपनी पासपोर्ट साइज फोटो अपलोड करें, पेशा (विद्यार्थी, सरकारी सेवा, निजी सेवा, व्यापार आदि) चुनें और अपनी वर्ग श्रेणी व विशिष्ट जाति का चयन करें। अंत में कैप्चा कोड डालकर 'Proceed' पर क्लिक करें। यदि ओटीपी विकल्प नहीं चुना है, तो अगले पेज पर 'Attach Annexure' पर क्लिक कर आधार कार्ड की कॉपी अपलोड करें और 'Submit' बटन दबा दें। सबमिट होते ही आपको पावती रसीद (Acknowledgement Slip) मिल जाएगी, जिसे पीडीएफ के रूप में सहेज लें।जाति प्रमाण पत्र का स्टेटस चेक करना और डिजिटल सर्टिफिकेट डाउनलोड करने की प्रक्रियाआवेदन जमा होने के बाद सामान्यतः 10 कार्य दिवसों (Working Days) के भीतर सेवा प्रदान की जाती है। यदि आप अपने आवेदन की स्थिति देखना चाहते हैं, तो RTPS के होमपेज पर 'नागरिक अनुभाग' (Citizen Section) में जाकर 'आवेदन की स्थिति देखें' (Track Application Status) पर क्लिक करें। वहां अपनी आवेदन संदर्भ संख्या (Application Reference Number) और आवेदन की तारीख दर्ज कर ओटीपी सत्यापन के जरिए स्टेटस देख सकते हैं। जब प्रमाण पत्र बनकर तैयार हो जाता है, तो आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर डाउनलोड लिंक का एसएमएस आता है। इसके अलावा, आप पोर्टल के होमपेज पर 'सर्टिफिकेट डाउनलोड करें' (Download Certificate) विकल्प पर जाकर अपनी संदर्भ संख्या और नाम दर्ज कर एक क्लिक में मूल डिजिटल हस्ताक्षरित जाति प्रमाण पत्र पीडीएफ फॉर्मेट में डाउनलोड कर सकते हैं, जिसे सीधे प्रिंट कराकर किसी भी सरकारी कार्य में इस्तेमाल किया जा सकता है।
BRABU के नए पीजी पाठ्यक्रम में शोध प्रकाशन पर मिलेंगे 100 अंक और दो क्रेडिट, व्यवस्था अगले साल से
Bra Bihar University:बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के नए पीजी पाठ्यक्रम में शोध प्रकाशन को अनिवार्य किया गया है, जिसके लिए छात्रों को 100 अंक और दो क्रेडिट मिलेंगे।
रांची सिविल कोर्ट ने सड़क दुर्घटना मुआवजे का भुगतान न करने पर बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की एक बस जब्त कर ली है।
बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में पीजी शुल्क एकरूपता पर बड़ा फैसला, बनेगी विशेष समिति
Brabu Pg Fee Structure:बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में पीजी पाठ्यक्रमों की शुल्क संरचना में एकरूपता लाने के लिए एक विशेष समिति का गठन किया जाएगा। यह समिति राजभवन के निर्देशों और वर्तमान विसंगतियों पर विचार कर अंतिम निर्णय लेगी।
किसानों को तकनीक और आर्थिक मदद से सशक्त बना रही केंद्र सरकार: बिहार के मंत्री
किसानों को तकनीक और आर्थिक मदद से सशक्त बना रही केंद्र सरकार: बिहार के मंत्री
Bihar के 629 स्कूलों में खुलेंगी मिनी मिट्टी जांच लैब, कृषि मंत्री ने दी जानकारी
बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शुक्रवार को कहा कि मिट्टी का स्वस्थ रहना कृषि, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए बेहद जरूरी है। खेतों की उर्वरता और मिट्टी के प्राकृतिक स्वास्थ्य का संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें किसानों और आम लोगों की भागीदारी भी आवश्यक है। खेत बचेंगे, तभी जीवन बचेगा और मिट्टी बचेगी, तभी किसान समृद्ध होंगे। सिन्हा ने पटना के ज्ञान भवन में आयोजित खेत बचाओ अभियान सह कृषि जन कल्याण संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। कृषि मंत्री ने कहा कि नयी पीढ़ी को मिट्टी संरक्षण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से वित्त वर्ष 2026-27 में राज्य के सभी 38 जिलों के 629 पीएम श्री और राजकीय विद्यालयों में मिनी मिट्टी जांच प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। इससे विद्यार्थी वैज्ञानिक तरीके से मिट्टी की गुणवत्ता को समझ सकेंगे। उन्होंने बताया कि राज्य के 160 पीएम श्री उच्च विद्यालयों में पहले ही ऐसी प्रयोगशालाएं स्थापित की जा चुकी हैं। उन्होंने बताया कि खरीफ मौसम में राज्यभर में आयोजित 7,275 किसान बैठकों में कुल 6,19,436 किसानों ने भाग लिया, जिनमें 2,12,610 महिला किसान शामिल थीं। रबी मौसम 2026-27 में इस अभियान को सभी 534 प्रखंडों तक पहुंचाने और 15 से 16 लाख किसानों को जागरूक करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मंत्री ने कहा कि देशव्यापी खेत बचाओ अभियान की शुरुआत 22 अक्टूबर को हुई है। बिहार में इसे जनभागीदारी के माध्यम से गांव-गांव तक पहुंचाया जा रहा है। यह अभियान 30 नवंबर 2026 तक चलेगा। इस कार्यक्रम के दौरान कृषि मंत्री और विभागीय अधिकारियों ने किसानों से सीधा संवाद कर विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन और उनकी समस्याओं की जानकारी ली। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इस दौरान फार्मर आईडी, डिजिटल क्रॉप सर्वे और कृषि यांत्रीकरण सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में सुधार लाने और किसानों को समय पर उनका लाभ उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। इस कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में खेतों और मिट्टी की उर्वरता को बचाना एक बड़ी चुनौती बन गई है। बिहार में वर्ष 2005 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार बनने के बाद वर्ष 2008 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में कृषि रोड मैप लागू किया गया था। इसके तहत विभिन्न विभागों को जोड़कर कृषि क्षेत्र के समग्र विकास का प्रयास किया गया, जिससे कृषि उत्पादन और किसानों की आय में वृद्धि हुई। उन्होंने कहा कि खेतों की उर्वरता बनाए रखना, मिट्टी का स्वास्थ्य सुधारना और खेती की लागत कम करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाने और खेत बचाओ अभियान को जनआंदोलन बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकारी प्रयास तभी सफल होंगे, जब किसान और आम लोग इसमें सक्रिय भागीदारी निभाएंगे। वहीं, लघु जल संसाधन विभाग के मंत्री संतोष कुमार सुमन ने कहा कि किसान जन कल्याण संवाद के माध्यम से किसानों की समस्याओं की जानकारी लेकर उनका तकनीकी एवं व्यावहारिक समाधान किया जाएगा, ताकि कृषि उत्पादन और उसकी गुणवत्ता में सुधार हो सके। उन्होंने कहा कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाना उनके विभाग का प्रमुख दायित्व है। सिंचाई के बिना हरियाली और कृषि का विकास संभव नहीं है। खेतों की उर्वरता और स्वास्थ्य बेहतर बनाने तथा कृषि संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए सभी विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने भविष्य में भी इस तरह के संवाद कार्यक्रम आयोजित करने पर जोर दिया।
30 अक्टूबर, शुक्रवार: गोपालगंज में नशामुक्त बिहार अभियान के प्रथम चरण 'नगर की प्रतिज्ञा' के तहत जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। मीरगंज, खजुरवानी, आंबेडकर चौक, बरौली समेत कई प्रमुख स्थानों पर एलईडी वैन के जरिए लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया गया।
दुनिया में नौवीं रैंक के बाद बिहार संग्रहालय का अगला लक्ष्य, अब AI से बदलेगा इतिहास देखने का अंदाज
बिहार संग्रहालय, जो दुनिया के शीर्ष 100 में नौवें और एशिया में पहले स्थान पर है, अब वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान मजबूत करने की तैयारी में है। इसके लिए एआई और अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है।
BIHAR NEWS: अर्नब तूफान का असर, तीसरे दिन भी बारिश से जनजीवन प्रभावित
30 अक्टूबर, शुक्रवार: चक्रवाती तूफान अर्नब के असर से तीसरे दिन भी रुक-रुककर बारिश हुई, जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया, तापमान में गिरावट आई, कई मोहल्लों में जलजमाव हुआ, लोग छाता और बरसाती लेकर निकले।
Kal Ka Mausam 31 October: उत्तर बिहार में चक्रवात का असर जारी, शनिवार को वज्रपात और बारिश के आसार
Imd Forecast, Bihar Rain:उत्तर बिहार में चक्रवात 'अर्णब' के अवशेषों के कारण 31 अक्टूबर को भी मौसम खराब रहेगा। हल्की से मध्यम बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं के साथ कुछ इलाकों में अचानक बाढ़ का खतरा है।
कल का मौसम: चक्रवाती तूफान 'अर्णब' के अवशेषों के कारण बिहार का मौसम बदल गया है, जिससे राज्य में बारिश और तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
BPSC Assistant Professor Recruitment 2025: बिहार में 1711 पदों पर असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती रद्द, जानें अब क्या होगा?
Bihar MLC Election Result: दरभंगा में अनिल झा की जीत, RJD को खुशी के साथ टेंशन क्यों? BJP। Jan Suraj
Bihar MLC Election Result: दरभंगा में अनिल झा की जीत, RJD को खुशी के साथ टेंशन क्यों? BJP। Jan Suraj
चक्रवात अर्नब का बिहार में तांडव: खेतों में बिछी धान की खड़ी फसलें
बंगाल की खाड़ी से उठे खतरनाक चक्रवाती तूफान 'अर्नब' (Cyclone Arnab) का असर अब पड़ोसी राज्यों के साथ-साथ बिहार के कई जिलों में भी पूरी तरह से दिखने लगा है। चक्रवात के प्रभाव से राज्य के दर्जनों जिलों में लगातार हो रही झमाझम बारिश और तेज ठंडी हवाओं ने आम जनजीवन के साथ-साथ कृषि जगत को झकझोर कर रख दिया है। खेतों में इस समय धान की फसल पूरी तरह पककर तैयार खड़ी थी और कटाई का दौर चल रहा था, लेकिन अचानक आए इस मौसम के बदलाव और तेज आंधी-तूफान के कारण बड़े पैमाने पर धान की खड़ी फसलें जमीन पर गिरकर बर्बाद हो गई हैं। इस प्राकृतिक आपदा के चलते बिहार के अन्नदाताओं के माथे पर चिंता की गहरी लकीरें खींच दी हैं, क्योंकि महीनों की मेहनत और पूंजी एक ही झटके में बर्बाद होती नजर आ रही है। इसके साथ ही बेमौसम बारिश और ठंडी हवाओं के अचानक प्रवेश से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे राज्य में समय से पहले ही कड़ाके की ठंड ने दस्तक दे दी है।धान की पकी हुई फसलें खेतों में बिछीं, अन्नदाताओं के सामने रोजी-रोटी का संकटबिहार के ग्रामीण इलाकों में किसानों के लिए यह साल का वह समय होता है जब वे अपनी सालभर की मेहनत का फल यानी धान की फसल को घर लाने की तैयारी करते हैं। लेकिन चक्रवात 'अर्नब' के असर से हुई मूसलाधार बारिश और तेज हवा के थपेड़ों ने किसानों के सपनों पर पानी फेर दिया है। कई जिलों में खेतों में लहलहाती धान की बालियां पानी में डूब चुकी हैं और भारी वजन तथा हवा के कारण पौधे जमीन पर पूरी तरह लेट गए हैं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि जो फसलें पानी में डूब गई हैं, उनके दाने काले पड़ने लगेंगे और उनमें अंकुरण होने की आशंका बढ़ जाएगी, जिससे पैदावार की गुणवत्ता और मात्रा दोनों पर बहुत बुरा असर पड़ेगा। जिन किसानों ने कर्ज लेकर या साहूकारों से ब्याज पर पैसे लेकर खेती की थी, उनके सामने अब बैंक का कर्ज चुकाने और परिवार का भरण-पोषण करने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।मौसम में अचानक आए बदलाव से बढ़ी कड़ाके की ठंड और कंपकंपीअक्टूबर के आखिरी दिनों में सामान्यतः हल्की गुलाबी ठंड का अहसास होता है, लेकिन चक्रवाती तूफान के कारण हुई लगातार बारिश और उत्तर दिशा से आ रही सर्द हवाओं ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। दिन के समय भी सूर्यदेव के दर्शन दुर्लभ हो गए हैं और आसमान में काले बादलों का डेरा जमा हुआ है। तापमान में अचानक 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट आने के कारण लोगों को अपने बक्से से गर्म स्वेटर, जैकेट और रजाई निकालने पर मजबूर होना पड़ा है। सुबह और शाम के समय चलने वाली ठंडी हवाओं ने लोगों की कंपकंपी छुड़ा दी है, जिससे विशेष रूप से बुजुर्गों और छोटे बच्चों को मौसमी बीमारियों, सर्दी-खांसी और वायरल फीवर से बचने के लिए खास एहतियात बरतने की सलाह दी जा रही है।आपदा प्रबंधन विभाग और मौसम केंद्र की चेतावनी, किसानों के लिए विशेष एडवाइजरी जारीस्थिति की गंभीरता को देखते हुए बिहार के आपदा प्रबंधन विभाग और मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी कर दिया है। प्रशासन लगातार यह अपील कर रहा है कि किसान इस खराब मौसम के दौरान खुले खेतों में न जाएं और वज्रपात (आकाशीय बिजली) से अपना बचाव करें। कृषि विभाग की ओर से किसानों को सलाह दी गई है कि जिन क्षेत्रों में कटाई हो चुकी है, वे अपनी कटी हुई फसल को तुरंत सुरक्षित स्थानों या पक्के शेड के नीचे ढंककर रखें ताकि और अधिक नुकसान से बचा जा सके। सरकार और जिला प्रशासन के अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे जल्द से जल्द जमीनी स्तर पर हुए फसल नुकसान का आकलन (Crop Loss Survey) कराएं ताकि प्रभावित किसानों को नियमानुसार उचित मुआवजा और राहत पहुंचाई जा सके।संकट की इस घड़ी में सरकार से मदद की आस लगाए बैठे हैं बिहार के किसानप्रकृति के इस कहर ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि किस तरह अनियोजित और अचानक आने वाले चक्रवाती तूफान ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गहरी चोट पहुंचाते हैं। बिहार के अन्नदाता एक बार फिर कुदरत की मार के आगे लाचार नजर आ रहे हैं, जिनकी निगाहें अब सरकार और प्रशासन की तरफ टिकी हैं। किसानों की मांग है कि विशेष सर्वे कराकर उन्हें जल्द से जल्द आर्थिक सहायता दी जाए ताकि वे इस भारी नुकसान के उबर सकें। इस बीच, आम नागरिकों को भी इस बदलते और सर्द मौसम में अपनी सेहत का विशेष ख्याल रखने और अनावश्यक यात्राओं से बचने की सलाह दी गई है ताकि इस आपदा के दौर में सुरक्षित रहा जा सके।
नीतीश कुमार बिहार का चुनावी चेहरा, JDU की 2 सीटों पर निर्दलीय से हार
बिहार की सियासत हमेशा से अपने अनूठे समीकरणों, उतार-चढ़ाव और चौंकाने वाले चुनावी परिणामों के लिए देश भर में जानी जाती है। हाल ही में संपन्न हुए राजनीतिक घटनाक्रमों और विधानसभा उप-चुनावों या स्थानीय चुनावों के जो नतीजे सामने आए हैं, उन्होंने एक बार फिर राजनीतिक विश्लेषकों को गहराई से सोचने पर मजबूर कर दिया है। राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व और उनके राजनीतिक चेहरे पर एक बार फिर मुहर तो लग गई है, लेकिन इन परिणामों के बीच जनता दल यूनाइटेड (JDU) के अंदरखाने की जमीनी हकीकत ने कई गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं। पार्टी को कुछ चुनिंदा सीटों पर जहां बागी या निर्दलीय प्रत्याशियों के हाथों करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है, वहीं एक सीट पर पार्टी चौथे पायदान तक फिसलती नजर आई। इसके बावजूद, राजनीतिक गलियारों में इन हार से ज्यादा एक खास और रणनीतिक जीत की चर्चा सबसे ज्यादा हो रही है, जिसने तमाम विरोधियों के समीकरणों को धड़ाम कर दिया है। आइए विस्तार से जानते हैं कि बिहार के इस सियासी दंगल में जेडीयू के प्रदर्शन के क्या रहे हैं असली मायने और क्यों हो रही है इस एक जीत की सबसे ज्यादा चर्चा।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का राजनीतिक कद और एनडीए गठबंधन में उनकी अनिवार्यताबिहार की राजनीति का जब भी जिक्र होता है, तो सुशासन बाबू के नाम से मशहूर नीतीश कुमार का नाम सबसे पहले लिया जाता है। विपक्षी दलों द्वारा समय-समय पर उनके स्वास्थ्य, उनकी कार्यशैली और उनके नेतृत्व क्षमता को लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं, लेकिन हर चुनाव यह साबित कर देता है कि बिहार के चुनावी मैदान में आज भी एनडीए का सबसे प्रमुख और भरोसेमंद चेहरा नीतीश कुमार ही हैं। हालिया परिणामों के बाद पार्टी के भीतर और बाहर यह साफ हो गया है कि आगामी बड़े विधानसभा चुनावों में भी जेडीयू पूरी तरह से नीतीश कुमार के नाम और उनके विकास कार्यों के एजेंडे पर ही चुनाव लड़ेगी। हालांकि, मुख्यमंत्री के नेतृत्व पर जनता का भरोसा कायम रहने के बावजूद जमीनी स्तर पर संगठन को लेकर कुछ ऐसी कमजोरियां सामने आई हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, खासकर तब जब पार्टी को अपने ही गढ़ में स्थानीय स्तर पर असंतोष का सामना करना पड़ा हो।दो सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों से हार और एक सीट पर चौथी पोजीशन का हैरान करने वाला सचराजनीतिक विश्लेषक भले ही बड़ी जीत का जश्न मना रहे हों, लेकिन जेडीयू के लिए आत्ममंथन करने वाले बिंदु भी इन नतीजों में साफ छिपे हैं। पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों को दो महत्वपूर्ण सीटों पर बागी या मजबूत निर्दलीय उम्मीदवारों के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी। स्थानीय मतदाताओं की नाराजगी और भीतरघात के चलते पार्टी का वो वोट बैंक खिसका जो पारंपरिक रूप से जेडीयू के पक्ष में मतदान करता रहा है। इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात यह रही कि एक अन्य सीट पर तमाम दावों के बावजूद जेडीयू का उम्मीदवार चौथे पायदान पर सिमट गया, जहां मुकाबला मुख्य विपक्षी दलों के साथ था। इन परिणामों ने पार्टी के जिला स्तरीय नेतृत्व और बूथ मैनेजमेंट की पोल खोलकर रख दी है, जिससे यह संदेश गया है कि यदि समय रहते कार्यकर्ताओं के असंतोष को दूर नहीं किया गया, तो आने वाले समय में यह पार्टी के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।इन तमाम झटकों के बावजूद क्यों हो रही है सिर्फ और सिर्फ उस एक धमाकेदार जीत की चर्चा?राजनीति की अपनी एक अलग विडंबना और रणनीति होती है, जहां कई कमजोरियों के बीच एक बड़ी सफलता सारे गम भुला देती है। जेडीयू को भले ही कुछ सीटों पर अप्रत्याशित हार का सामना करना पड़ा हो, लेकिन जिस एक सीट पर पार्टी ने बेहद नाटकीय अंदाज में शानदार जीत दर्ज की है, उसने विपक्षी खेमे में खलबली मचा दी है। इस एक सीट पर जीत हासिल करने के लिए जेडीयू ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की साख दांव पर लगी थी। इस मुकाबले में न केवल विपक्षी दलों के चक्रव्यूह को भेदा गया, बल्कि जातिगत समीकरणों और तमाम अंदरूनी विरोध को दरकिनार करते हुए पार्टी ने भगवा और अपने गठबंधन के समन्वय से एक मजबूत संदेश दिया। यही वजह है कि मीडिया से लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक चौपालों पर हार के छोटे आंकड़ों की बजाय इसी एक भव्य और रणनीतिक जीत की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है।आगामी चुनावों के लिए जेडीयू का नया रोडमैप और संगठन को मजबूत करने की चुनौतीइन चुनावी परिणामों से सबक लेते हुए जनता दल यूनाइटेड (JDU) अब पूरी तरह से अपनी कमियों को दूर करने में जुट गई है। पार्टी आलाकमान ने उन तमाम विधानसभा क्षेत्रों की विशेष समीक्षा रिपोर्ट तलब की है जहां पार्टी को अप्रत्याशित हार का सामना करना पड़ा या जहां पार्टी चौथे स्थान पर पहुंच गई। जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की नाराजगी को दूर करने, युवाओं और महिलाओं को पार्टी से जोड़ने तथा सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को हर घर तक पहुंचाने के लिए एक नया सांगठनिक अभियान शुरू करने की तैयारी है। पार्टी जानती है कि आगामी चुनावों में सफलता हासिल करने के लिए केवल बड़े चेहरो के सहारे नहीं बल्कि मजबूत बूथ कमेटियों के साथ उतरना होगा।
Bihar Teacher News: बिहार के पुराने टीचर्स को भी देना होगा एग्जाम, तभी बचेगी नौकरी
बिहार के सरकारी स्कूलों में कार्यरत पुराने शिक्षकों को अब सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) देनी पड़ सकती है। शिक्षा विभाग इस स्पेशल टीईटी के स्वरूप, पात्रता और नियमों पर विचार कर रहा है, जो शिक्षकों की नौकरी और पदोन्नति को प्रभावित करेगा।
एनआईए ने एके-47 तस्करी और हथियारों की आपूर्ति के मामले में बिहार से एक वकील को गिरफ्तार किया
Patna, 30 अक्टूबर . राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बिहार के वैशाली जिले के हाजीपुर में आधी रात को चलाए गए एक ऑपरेशन के दौरान एक वकील को…
IMD Weather Update: चक्रवाती तूफान अर्णब का असर खत्म होने के बाद अब बंगाल की खाड़ी में एक और नया मौसमी तंत्र आकार ले रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा 30 अक्टूबर को जारी ताजा बुलेटिन के मुताबिक, दक्षिण अंडमान सागर और उससे सटे अंडमान व निकोबार द्वीप समूह के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि यह सिस्टम शनिवार 31 अक्टूबर को दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के ऊपर मजबूत होकर डिप्रेशन में बदल जाएगा। इसके बाद यह अगले दो दिनों के दौरान आंध्र प्रदेश तट की तरफ बढ़ेगा।मौसम विभाग की ओर से अलग अलग मौसमी प्रणालियों और अन्य वायुमंडलीय विक्षोभों के मिले-जुले प्रभाव से शुक्रवार 30 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।बीते 24 घंटों में रिकॉर्ड मूसलाधार बारिशमौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटों के दौरान देश के अलग अलग राज्यों में भारी से बेहद भारी बारिश दर्ज की गई है। छत्तीसगढ़ और ओडिशा में भारी बारिश देखने को मिली है। इसी तरह गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, उत्तराखंड, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और तटीय आंध्र प्रदेश में भारी बारिश (7 से 11 सेमी) रिकॉर्ड की गई।यूपी, बिहार, झारखंड और उत्तराखंड में आज भारी बारिश का अलर्टमौसम विभाग के मुताबिक चक्रवात अर्णब के अवशेष और अन्य चक्रवाती परिसंचरण की वजह से उत्तर भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश का दौर जारी रहेगा। उत्तर प्रदेश और बिहार के अलग-अलग स्थानों पर 30 अक्टूबर को भारी बारिश दर्ज की जाएगी। इसके साथ ही 30 से 40 किमी/घंटे की गति से तेज झोंकेदार हवाएं चलेंगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 31 अक्टूबर से 2 नवंबर के दौरान भी हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने का अनुमान है। उत्तराखंड, झारखंड और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 30 अक्टूबर को भारी बारिश होगी। उत्तराखंड में तेज हवाएं और बादलों की गड़गड़ाहट बनी रहेगी। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली-NCR में 30 अक्टूबर को 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट है।31 अक्टूबर को डिप्रेशन बनने से दक्षिण भारत में बढ़ेगी बारिशबंगाल की खाड़ी में 31 अक्टूबर को बनने वाले 'डिप्रेशन' का सबसे अधिक असर तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण भारतीय राज्यों पर देखने को मिलेगा। आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में 2 और 3 नवंबर को भारी से बहुत भारी बारिश होगी। 1 नवंबर और 4 नवंबर को भी पृथक स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। केरल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा और तमिलनाडु में 1 से 5 नवंबर के दौरान भारी बारिश और 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी।मध्य और पूर्वोत्तर भारत के मौसम का हालछत्तीसगढ़ में 30 और 31 अक्टूबर को अधिकांश स्थानों पर बारिश होगी, जबकि 2 नवंबर को भारी बारिश और 50 से 60 किमी/घंटे की गति से हवाएं चलने का अनुमान है। पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 30 और 31 अक्टूबर को 30 से 40 किमी/घंटे की गति से हवाएं चलेंगी। अरुणाचल प्रदेश में 31 अक्टूबर और 1 नवंबर को भारी बारिश होगी। असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 30 अक्टूबर से 5 नवंबर तक हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और गुजरात क्षेत्र में 30 और 31 अक्टूबर के दौरान हल्की बारिश दर्ज हो सकती है।मछुआरों के लिए चेतावनी और समुद्र की स्थितिबंगाल की खाड़ी में मौसम के उग्र होने के कारण IMD ने तटीय सुरक्षा चेतावनियां जारी की हैं। अंडमान सागर और दक्षिण-पूर्वी व पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर 1 नवंबर तक समुद्र में स्थिति बेहद खराब रहने का अनुमान है।1 नवंबर से 4 नवंबर के बीच पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी से सटे आंध्र प्रदेश तट पर तेज हवाएं और ऊंची लहरें उठेंगी। मौसम विभाग ने मछुआरों को सलाह दी है कि वे 1 नवंबर तक अंडमान सागर व बंगाल की खाड़ी के संबंधित हिस्सों में और 1 से 4 नवंबर के दौरान आंध्र प्रदेश के तटीय समुद्री क्षेत्रों में जाने से बचें।
पीएम किसान योजना की 24वीं किस्त जारी, बिहार के 73 लाख किसानों के खातों में पहुंचे 1476 करोड़ रुपये
बिहार के 73 लाख किसानों के खातों में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त के रूप में 1,476 करोड़ रुपये सीधे हस्तांतरित किए गए। यह राशि रबी फसलों की तैयारी के लिए किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करेगी, जिससे उन्हें बीज और खाद खरीदने में मदद मिलेगी।
Bihar MLC Election: बिहार एमएलसी चुनाव में तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जदयू समर्थित प्रत्याशी अभिषेक झा ने अपनी हार पर दर्द बयां किया है। उन्होंने एनडीए के भीतर चक्रव्यूह में फंसने और 4700 वोटों के रद्द होने का आरोप लगाया है।
BPSC की एक और भर्ती हुई रद्द, स्वास्थ्य विभाग में 1711 पदों पर निकली थी वैकेंसी
Bihar Assistant Professor Recruitment Cancelled: बिहार के स्वास्थ्य विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती निकाली गई थी, जिसे रद्द कर दिया गया है. फिलहाल आयोग की तरफ से नए नोटिफिकेशन की कोई जानकारी नहीं दी गई है.
चक्रवाती तूफान का असर: दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम सहित उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब और हरियाणा के कई जिलों में रात से ही रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी है जिससे तापमान तेजी से गिर गया है और ठंडक काफी बढ़ गई है।
Bihar: सम्राट चौधरी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दी ये दलीलें और फंस गए मोकामा विधायक अनंत सिंह
दुलारचंद यादव हत्याकांड में अनंत सिंह को पटना हाईकोर्ट से जमानत मिली थी। इसके खिलाफ मृतक के पोते नीरज कुमार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उनकी याचिका में दलील दी गई कि हाईकोर्ट ने 19 मार्च को जमानत देते समय अनंत सिंह के आपराधिक इतिहास पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया।
राजधानी पटना स्थित अत्याधुनिक ‘बिहार म्यूजियम’ (Bihar Museum) ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का परचम लहराया है। जर्मनी आधारित प्रतिष्ठित ट्रेवल पब्लिकेशन ‘वर्थ अ जर्नी’ (Worth a Journey) की ओर से जारी ‘विश्व के 100 सर्वश्रेष्ठ संग्रहालय’ की रैंकिंग में बिहार म्यूजियम को दुनिया में 9वां स्थान मिला है। इसके साथ ही यह पूरे एशिया […]
पटना नगर निगम ने जारी किया 200 करोड़ का म्युनिसिपल बांड, बिहार का पहला नगर निकाय बना
पटना नगर निगम ने 200 करोड़ रुपये का म्युनिसिपल बांड जारी किया है, जिससे शहर में 18 विकास कार्य होंगे। इनमें 12 वेंडिंग जोन और 2 मैरिज हॉल का निर्माण शामिल है, जो नागरिकों को सुविधा और निगम को आय प्रदान करेंगे।
चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण बिहार के दो जिलों में ‘रेड अलर्ट’, अन्य के लिए भी चेतावनी जारी
Patna, 30 अक्टूबर . चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव के चलते भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने Friday को बिहार के कई जिलों के लिए मौसम संबंधी चेतावनी जारी…
पटना के आगे तो पेरिस भी पड़ा फीका, ऐसा है बिहार म्यूजियम; टॉप 10 में आया
Worth a Journey एक ट्रैवल गाइड है, जिसने साल 2026 के लिए दुनिया के टॉप 100 संग्रहालयों की लिस्ट जारी की है। इस सूची में बिहार को 9वां स्थान मिला है, जो अमेरिका के मेट्स से भी आगे है। वहीं, फ्रांस का लूव भी इसके पीछे है।
चक्रवात 'अर्नब' के कारण बिहार के दो जिलों में 'रेड अलर्ट', अन्य के लिए भी चेतावनी जारी
चक्रवात 'अर्नब' के कारण बिहार के दो जिलों में 'रेड अलर्ट', अन्य के लिए भी चेतावनी जारी
बिहार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है। पटना स्थित बिहार म्यूजियम को वर्ष 2026 के दुनिया के 100 सर्वश्रेष्ठ संग्रहालयों की सूची में नौवां स्थान मिला है।
Bihar MLC Election Result: दरभंगा में BJP के सर्वेश कुमार हारे, RJD के अनिल झा की जीत
दरभंगा में BJP के सर्वेश कुमार हारे, RJD के अनिल झा की जीत करीब 35 घंटे तक चली काउंटिंग... शुरुआत से बीजेपी उम्मीदवार सर्वेश कुमार बढ़त बनाए हुए थे... जीत की तस्वीर भी लगभग साफ नजर आ रही थी... लेकिन फिर आया आखिरी राउंड... और पूरा चुनावी गणित पलट गया... जिस सीट पर बीजेपी की जीत तय मानी जा रही थी
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बिहार में सरकारी मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी बनने और चिकित्सा क्षेत्र में उच्च पद की तैयारी कर रहे योग्य डॉक्टरों व विशेषज्ञों के लिए एक बड़ी और निराशाजनक खबर सामने आई है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत विभिन्न राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों एवं अस्पतालों में सहायक प्राध्यापक (Assistant Professor - Specialty) के कुल 1,711 रिक्त पदों पर चल रही नियमित भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह रद्द कर दिया है। आयोग द्वारा इस संबंध में औपचारिक अधिसूचना जारी करते हुए विज्ञापन संख्या 04/2025 से 28/2025 तक के सभी 25 विज्ञापनों को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की घोषणा कर दी गई है।इस भर्ती के तहत अप्रैल-मई के दौरान आवेदन मंगाए गए थे और सैकड़ों चिकित्सा विशेषज्ञ साक्षात्कार तथा परिणाम का इंतजार कर रहे थे। अचानक पूरी प्रक्रिया के निरस्त होने से अभ्यर्थियों में गहरा असंतोष है, क्योंकि वे लंबे समय से इस नियमित बहाली की प्रतीक्षा कर रहे थे।भर्ती रद्द होने की असली वजह क्या है?बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा जारी आधिकारिक नोटिस के अनुसार, इस भर्ती को रद्द करने का कारण आयोग का कोई आंतरिक फैसला नहीं बल्कि बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग का प्रशासनिक निर्णय है।स्वास्थ्य विभाग ने वापस ली अधियाचना (Requisition Withdrawn): स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल कॉलेजों में 1,711 सहायक प्राध्यापक पदों पर नियमित नियुक्ति के लिए पूर्व में भेजी गई अपनी मूल अधियाचना को औपचारिक रूप से वापस (Withdraw) ले लिया है। चूंकि भर्ती कराने वाली एजेंसी के पास विभाग की आधिकारिक मांग ही नहीं बची, इसलिए नियमानुसार BPSC को संबंधित विज्ञापन रद्द करने पड़े।रोस्टर और पद संरचना में बदलाव: प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, राज्य के नए व पुराने मेडिकल कॉलेजों में पदों के पुनर्गठन, विशेषज्ञ संकायों की संशोधित आवश्यकता और आरक्षण रोस्टर के अद्यतनीकरण (Roster Updation) के चलते पुरानी अधियाचना में खामियों को दूर करने का फैसला लिया गया है।पात्रता व सेवा शर्तों के नए नियम: राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) के नए मानकों और राज्य चिकित्सा शिक्षा सेवा संवर्ग नियमावली में किए जा रहे नीतिगत सुधारों को शामिल करने के लिए पुराने विज्ञापनों को वापस लेकर नए सिरे से प्रक्रिया शुरू करने की योजना बनाई गई है।किन-किन प्रमुख विभागों में होनी थी ये 1,711 नियुक्तियां?यह भर्ती अभियान बिहार के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सुपर-स्पेशियलिटी और ब्रॉड-स्पेशियलिटी विभागों में डॉक्टरों व प्रोफेसरों की भारी कमी को दूर करने के लिए शुरू किया गया था। इसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित विभाग शामिल थे:जनरल मेडिसिन एवं जनरल सर्जरीस्त्री एवं प्रसूति रोग (Gynecology & Obstetrics)बाल रोग (Pediatrics)निश्चेतना (Anesthesiology)पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी और बायोकेमिस्ट्रीरेडियोलॉजी और रेडियोथेरेपीएनाटॉमी, फिजियोलॉजी और फार्माकोलॉजीऑर्थोपेडिक्स, नेत्र रोग और ईएनटी विभागBPSC सहायक प्राध्यापक भर्ती का पूरा घटनाक्रम एक नजर मेंपैरामीटर / विवरणआधिकारिक स्थितिभर्ती संस्थाबिहार लोक सेवा आयोग (BPSC)संबंधित विभागस्वास्थ्य विभाग, बिहार सरकारपद का नामसहायक प्राध्यापक (स्पेशलिटी संकाय)कुल रिक्त पद1,711 पदविज्ञापन संख्याविज्ञापन सं. 04/2025 से 28/2025वर्तमान स्थितिआधिकारिक रूप से रद्द (Cancelled)रद्द होने का मुख्य कारणस्वास्थ्य विभाग द्वारा पूर्व अधियाचना वापस लेनाआगे की प्रक्रियासंशोधित रोस्टर के साथ नया विज्ञापन जारी करने की तैयारीक्या दोबारा निकलेगी यह भर्ती? अभ्यर्थियों के लिए आगे क्या है रास्ता?अभ्यर्थियों के लिए राहत की बात यह है कि राज्य के मेडिकल कॉलेजों में सहायक प्राध्यापकों की रिक्तियां समाप्त नहीं की गई हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार:संशोधित अधियाचना की तैयारी: स्वास्थ्य विभाग द्वारा नए आरक्षण रोस्टर, संशोधित अर्हता और रिक्तियों के ताजा आकलन के साथ एक नया और अद्यतन प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।नया विज्ञापन होगा प्रकाशित: अद्यतन अधियाचना मिलते ही बीपीएससी अपनी आधिकारिक वेबसाइट (bpsc.bihar.gov.in) पर नए सिरे से विज्ञापन प्रकाशित करेगा।आयु सीमा और अनुभव में छूट की उम्मीद: चूंकि पुराने विज्ञापन को रद्द किया गया है, इसलिए उम्मीद जताई जा रही है कि नए विज्ञापन में उन पूर्व आवेदकों को अधिकतम आयु सीमा में विशेष छूट दी जाएगी जिन्होंने पुराने विज्ञापन के तहत अर्हता पूरी कर आवेदन किया था।कागजात तैयार रखें: चिकित्सा अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) व राज्य मेडिकल काउंसिल का पंजीकरण, पोस्ट-ग्रेजुएशन (MD/MS/DNB) की डिग्री और शिक्षण/अनुभव प्रमाणपत्र अपडेट रखें ताकि नई अधिसूचना आते ही वे बिना किसी विलंब के पुनः आवेदन कर सकें।
पटना नगर निगम सहित पूरे बिहार के सफाई कर्मी आज अपने निगम मुख्यालय का घेराव करेंगे। पूरे बिहार के नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत कर्मी अपने-अपने निकाय पर प्रदर्शन करेंगे। सफाईकर्मियों ने 3 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का आह्वान किया है। दरअसल, 6 अगस्त को हड़ताल समाप्त होने के बाद विभाग के मंत्री की ओर से मांगों को जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया गया था। मगर अब 2 महीने बीत गए हैं और अभी तक समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है। इससे सफाई कर्मियों में काफी आक्रोश है। इसलिए फिर से आंदोलन कर रहे हैं। नगर निकाय प्रबंधन से बैठक आयोजित करने की मांग संयुक्त संघर्ष मोर्चा के प्रवक्ता जितेन्द्र कुमार ने कहा कि बिहार लोकल बॉडिज कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने स्थायी, दैनिक पारिश्रमिक, संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मियों की लंबित समस्याओं को लेकर विभागीय स्तर पर कार्रवाई की मांग की है। मोर्चा का कहना है कि कर्मचारियों की समस्याओं और पूर्व में लिए गए निर्णयों का समाधान नहीं होने से उनमें असंतोष बढ़ रहा है। मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन तेज होने की आशंका है। मोर्चा ने नगर निकाय प्रबंधन से कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ नियमित बैठक आयोजित करने की मांग की है। संगठन के अनुसार, संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान किया जा सकता है और प्रशासन तथा कर्मचारियों के बीच बेहतर समन्वय कायम रखा जा सकता है। आठ दिवसीय हड़ताल के फैसलों पर उठाए सवाल मोर्चा ने 30 जुलाई से 6 अगस्त 2026 तक चली आठ दिवसीय हड़ताल का मुद्दा उठाया है। संगठन का आरोप है कि हड़ताल समाप्त कराने के दौरान नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री की उपस्थिति में हुई बैठक में लिए गए निर्णयों और विभागीय निर्देशों का अब तक पूरी तरह अनुपालन नहीं हुआ है। मोर्चा ने हड़ताल अवधि को उपस्थिति मानकर वेतन भुगतान करने, काटी गई राशि वापस करने और आंदोलन के कारण की गई दंडात्मक कार्रवाई वापस लेने की मांग की है। वेतन भुगतान में देरी और PF-ESI पर नाराजगी कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में दैनिक और आउटसोर्सिंग कर्मियों को हर महीने समय पर वेतन देना शामिल है। मोर्चा ने वेतन भुगतान में देरी के लिए जवाबदेही तय करने की भी मांग की है। इसके अलावा, कर्मचारियों के वेतन से काटी गई भविष्य निधि (PF) और कर्मचारी राज्य बीमा (ESI) की राशि समय पर संबंधित खातों में जमा कराने की मांग की गई है। संगठन ने बकाया अंशदान की जांच, कर्मचारियों को अद्यतन विवरण उपलब्ध कराने और PF-ESI संबंधी लाभ दिलाने के नाम पर कथित अवैध शुल्क वसूली की शिकायतों की निष्पक्ष जांच करने की मांग भी रखी है। अनुकंपा नियुक्ति और पेंशन के मामले निपटाने की मांग मोर्चा ने अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति के लिए लंबित मामलों की समीक्षा कर पात्र आवेदकों को नियमानुसार नियुक्ति देने की मांग की है। साथ ही निगम कर्मियों के बकाया पेंशन, वेतन और अन्य देय राशि के अंतर का सत्यापन कर भुगतान करने की मांग उठाई गई है। संगठन ने पात्र कर्मचारियों के लिए राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) में स्थानीय निकाय के अंशदान को मौजूदा 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत करने की कार्रवाई की भी मांग की है। इसके साथ ही दैनिक और संविदा कर्मियों के सेवा अभिलेख तैयार करने तथा उन्हें सुरक्षित रखने पर जोर दिया गया है। 11 मांगों में स्थानांतरण नीति भी शामिल मोर्चा ने विभाग की ओर से मांगे गए कर्मचारियों के नाम, पदनाम, कार्यावधि, शैक्षणिक योग्यता और अन्य विवरणों की समेकित सूची उपलब्ध कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि इससे कर्मचारियों से जुड़े नीतिगत और सेवा संबंधी फैसलों में देरी कम होगी। इसके अलावा, मृत और सेवानिवृत्त दैनिक कर्मियों के लंबित PF-ESI दावों का निपटारा करने तथा मृत कर्मियों के पात्र आश्रितों को नियमानुसार लाभ दिलाने की मांग की गई है। संगठन ने तीन साल से अधिक समय से एक ही स्थान या पद पर तैनात कर्मचारियों की समीक्षा करने और लागू सेवा नियमों के अनुसार स्थानांतरण की प्रक्रिया अपनाने की भी मांग की है। साथ ही वार्ड स्तर पर पक्षपात, अनुचित प्रभाव और हितों के टकराव से जुड़ी शिकायतों की निष्पक्ष जांच करने की बात कही है। संवाद नहीं होने से बढ़ रहा असंतोष मोर्चा का कहना है कि वेतन, सामाजिक सुरक्षा, पेंशन और सेवा अभिलेख जैसे मुद्दे बड़ी संख्या में कर्मचारियों की आजीविका और अधिकारों से जुड़े हैं। संगठन ने आरोप लगाया है कि नियमित बैठकें नहीं होने और पुरानी मांगों पर ठोस कार्रवाई के अभाव में कर्मचारियों के सामने आंदोलन का रास्ता चुनने की स्थिति बन रही है।
Today Weather Alert: बंगाल की खाड़ी से उठे अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान अर्नब का असर कमजोर पड़ने के बावजूद थमता नजर नहीं आ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा 30 अक्टूबर को जारी ताजा बुलेटिन के मुताबिक तूफान अब उत्तर छत्तीसगढ़ और आसपास के इलाकों में एक सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र के रूप में सक्रिय है। इसके असर और दूसरी मौसमी हलचलों की वजह से आज देश के कई राज्यों में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि का प्रचंड दौर देखने को मिलेगा।मौसम विभाग ने बिहार के कई जिलों में मूसलाधार बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा दिल्ली, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पूर्वी राजस्थान में ओले गिरने और तेज तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।बिहार, पूर्वी यूपी और बंगाल में मूसलाधार बारिश का अलर्टपूर्व और मध्य भारत के राज्यों में आज बारिश की तीव्रता काफी अधिक रहने का अनुमान है। बिहार में 30 अक्टूबर को मौसम का सबसे उग्र रूप देखने को मिल सकता है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा होने की प्रबल संभावना है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और बिजली चमकने का अलर्ट है।पूर्वी उत्तर प्रदेश तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के अलग-अलग इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। झारखंड और उत्तराखंड के पृथक इलाकों में मध्यम से भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है।दिल्ली-NCR, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में ओलावृष्टि व थंडरस्क्वाल की चेतावनीउत्तर-पश्चिम भारत में मौसमी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से आंधी-तूफान का दौर बना रहेगा। IMD ने दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पूर्वी राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में आज गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि की सख्त चेतावनी जारी की है।हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली-NCR में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। पंजाब, उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के इलाकों में आकाशीय बिजली कड़कने के साथ 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है। पश्चिमी राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में 30 से 40 किमी/घंटे की गति से हवाएं चलेंगी।पूर्वोत्तर, पहाड़ी राज्यों और दक्षिण भारत का मौसमपहाड़ी व पूर्वोत्तर राज्य: हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, असम और मेघालय में गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। आंध्र प्रदेश के मैदानी इलाकों में तेज सतही हवाएं चलेंगी। इसके अलावा आंध्र प्रदेश, ओडिशा, गांगेय पश्चिम बंगाल और विदर्भ के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक और बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी।बंगाल की खाड़ी और समुद्र में तूफानी स्थितिमौसम विभाग ने तटीय इलाकों और समुद्री क्षेत्रों में भी सतर्कता बरतने की सलाह दी है। पूर्व-मध्य और दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों तथा अंडमान सागर में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान है, जिनकी रफ्तार 60 किमी/घंटे तक पहुंच सकती है। अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ 50 से 60 किमी/घंटे की तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।
चोरों ने वारदात के दौरान उन्हें केमिकल का स्प्रे किया और 12 लाख की संपत्ति चुरा ले गए। घटना रात एक से तीन बजे के बीच की बताई जा रही है।
चक्रवाती तूफान अर्णब के प्रभाव से बिहार में मौसम का मिजाज बदल गया है, जिससे पटना सहित कई जिलों में वर्षा और ठंड बढ़ गई है। मौसम विभाग ने मधुबनी और सीतामढ़ी के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जबकि पटना का अधिकतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस गिर गया है।
नेपाल से बिहार पहुंचे 500 के खास नकली नोट, पाकिस्तान में छपी करेंसी की NIA कर रही तलाश
नेपाल बॉर्डर के रास्ते लाई गई नकली नोट खुदरा बाजारों में खपाए जाने की आशंका है। पुलिस ने लोगों से ओएसएस सीरीज के 500 या 6एफके सीरीज के 100 के नोट आने पर तुरंत इसकी सूचना देने की अपील की है।
20 घंटे की ड्यूटी और प्रेग्नेंसी, कांस्टेबल से DSP बनीं बिहार की बबली कुमारी
बिहार की बबली कुमारी ने 20 घंटे की पुलिस ड्यूटी, शादी, गर्भावस्था और शुरुआती असफलताओं को पछाड़ते हुए BPSC में 208वीं रैंक हासिल की और महिला कांस्टेबल से सीधे DSP का पद हासिल किया।
नई दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में 23 से 28 अक्टूबर तक आयोजित राष्ट्रीय विद्यालय रग्बी खेल प्रतियोगिता (2026-27) में बिहार की अंडर-17 बालिका टीम ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया है। राज्य की इस बड़ी कामयाबी में नालंदा जिले की दो सगी बहन कोमल कुमारी और प्रियांशु कुमारी ने अपने शानदार खेल कौशल और रणनीतिक सूझबूझ से अहम भूमिका निभाई। राष्ट्रीय पटल पर दोनों बहनों के इस प्रदर्शन से पूरे जिले के खेल प्रेमियों में उत्साह की लहर है। स्टेडियम में दिखा बेटियों का दम प्रतियोगिता के दौरान बिहार की खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा, कड़ी मेहनत और उत्कृष्ट टीम भावना का परिचय देते हुए फाइनल तक का सफर तय किया। नालंदा की कोमल और प्रियांशु ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन तालमेल और आक्रामक खेल का संतुलन बनाए रखा, जिससे टीम को कई महत्वपूर्ण मुकाबलों में बढ़त मिली। ग्रामीण प्रतिभाओं के लिए प्रेरणा बनीं दोनों बहनें रग्बी फुटबॉल एसोसिएशन ऑफ नालंदा के महासचिव रेंसी राकेश राज ने टीम और दोनों बहनों को बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्रीय मंच पर बिहार की बेटियों का यह मुकाम पूरे सूबे के लिए गौरव की बात है। कोमल और प्रियांशु का समर्पण ग्रामीण क्षेत्रों की उन तमाम बालिकाओं के लिए एक बड़ा प्रेरणास्रोत बनेगा जो खेलों में अपना भविष्य तलाश रही हैं। खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं और नियमित विशेष प्रशिक्षण शिविर उपलब्ध कराने के लिए रग्बी फुटबॉल एसोसिएशन ऑफ बिहार के महासचिव डॉ. पंकज ज्योति के प्रयासों की सराहना की। खेल जगत और प्रशासनिक अधिकारियों ने दी बधाई बिहार टीम की इस सफलता और कोमल-प्रियांशु के उम्दा प्रदर्शन पर जिले के प्रशासनिक अधिकारियों, खेल संघों और प्रबुद्धजनों ने हर्ष व्यक्त किया है। बधाई देने वालों में रग्बी फुटबॉल एसोसिएशन ऑफ बिहार के महासचिव डॉ. पंकज ज्योति, जेल अधीक्षक अभिषेक कुमार पांडेय, जिला परिवहन पदाधिकारी सह खेल पदाधिकारी रवि रंजन कुमार, नालंदा संघ के अध्यक्ष मुन्नालाल, कोषाध्यक्ष ऋषिकेश कुमार, जदयू नेता धनंजय देव, खेल निदेशक संजय कुशवाहा, डॉ. राजीव कुमार रंजन, डॉ. निर्जल नाथ, कोच सौरभ कुमार, सुबोध कुमार, विपिन कुमार, सूरज कुमार, दल प्रभारी विवेक कुमार, रितेश रंजन, शेखर कुमार और चुनचुन कुमारी सहित कई गणमान्य लोग शामिल हैं। सभी ने खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
बस में क्लास, मिड डे मिल, पोशाक और अन्य सुविधाएं; बिहार के इन 5 जिलों में स्कूल ऑन व्हील्स जल्द
जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा प्रदान करने को लेकर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। बिहार के पांच जिलों भागलपुर, पटना, मुजफ्फरपुर, गया और दरभंगा को स्कूल ऑन व्हील्स शुरू करने के लिए चयनित किया है।
कंफर्म टिकट के साथ दिल्ली-हरियाणा से बिहार आना आसान, छठ पर 5 से चल सकतीं इंटर स्टेट बसें
Bihar Inter State Bus Service: दीपावली और छठ के दौरान दिल्ली व हरियाणा से बिहार आने-जाने वाले यात्रियों के लिए खुशखबरी है। 5 नवंबर से बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की अनुबंधित बसें चलेंगी, जिससे कंफर्म टिकट के साथ यात्रा आसान होगी।
दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम सहित उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कई जिलों में रात से ही रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी है। ठंडी हवाओं के चलने से अधिकतम और न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों ने अलमारी से गर्म कपड़े निकाल लिए हैं।
Bihar Weather Today: बिहार में अर्नब तूफान से तबाही; आज 32 जिलों में आंधी, बारिश, ठनका की चेतावनी
Bihar Weather Today: मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के निदेशक आशीष कुमार ने बताया कि शुक्रवार सुबह 8:30 बजे से शनिवार सुबह 8:30 बजे तक अधिकांश जिलों में बारिश और कम दृश्यता की स्थिति रहेगी। राज्य भर में वज्रपात और आंधी (40-50 किमी/घंटा) की चेतावनी है।
Panipat News: बिहार जाने वाली ट्रेनों में सीटें फुल, यात्री परेशान
बिहार जाने वाली ट्रेनों में सीटें फुल, यात्री परेशान
IAS संजय कुमार सिंह कौन? बिहार लौटने की तैयारी, नीतीश के बाद अब सम्राट चौधरी के साथ नई पारी
बैंक में नौकरी और विश्वविद्यालय में अध्यापन से करियर शुरू करने वाले 1997 बैच के आईएएस संजय कुमार सिंह की बिहार वापसी चर्चा में है. उड़ीसा कैडर के इस वरिष्ठ अधिकारी को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का प्रधान सचिव बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है.
दिवाली और छठ के मौके पर दिल्ली समेत पांच राज्यों से बिहार के विभिन्न शहरों के बीच स्पेशल बसें चलाई जाएंगी। इनकी ऑनलाइन बुकिंग 1 नवंबर को शुरू होगी। रूट की जानकारी जल्द ही बिहार परिवहन विभाग जारी करेगा।
MLC चुनाव नतीजे: यूपी और बिहार की किस सीट पर किसने मारी बाजी?
उत्तर प्रदेश और बिहार में हुए विधान परिषद (एमएलसी) चुनावों के नतीजे सामने आ रहे हैं. लखनऊ स्नातक सीट पर समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी कांति सिंह ने शानदार जीत दर्ज की है. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी अवनीश कुमार सिंह को 17,225 वोटों से हराकर छह साल पुरानी हार का बदला ले लिया. बिहार की 8 एमएलसी सीटों में से 7 के नतीजे घोषित हो चुके हैं. इनमें भाजपा को दो, जदयू को एक, राजद को एक, जन सुराज पार्टी को एक और दो सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों को जीत मिली है. दरभंगा स्नातक सीट का परिणाम आना अभी बाकी है, जहाँ भाजपा के सर्वेश कुमार आगे चल रहे हैं. बैलेट पेपर और दूसरी वरीयता के वोटों की गिनती के कारण परिणाम में देरी हो रही है.
बिहार विधान परिषद शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव परिणाम घोषित हो गए हैं। एनडीए ने तीन और महागठबंधन ने दो सीटें जीती हैं।
राजद ने विधान परिषद की दरभंगा (स्नातक) और पटना (शिक्षक) सीटें जीतकर विधानसभा चुनाव की हार की पीड़ा को कम किया है। महागठबंधन में दोस्ताना संघर्ष के बावजूद राजद को दो सीटों पर जीत मिली, जिसमें भाजपा की पारंपरिक पटना सीट भी शामिल है।
रणजी ट्रॉफी: मुंबई, बंगाल और कर्नाटक ने अपने-अपने मुकाबले जीते, मध्य प्रदेश ने बिहार को रौंदा
मुंबई, बंगाल और कर्नाटक ने गुरुवार को राणजी ट्रॉफी टूर्नामेंट के अपने-अपने मुकाबलों में जीत दर्ज की। वहीं मध्य प्रदेश और सौराष्ट्र ने बड़ी जीत हासिल की।
Bihar में Sewa Sankalp के तहत 1.65 लाख कार्यों पर खर्च होंगे 6654 करोड़ रुपये
पटना, 29 अक्टूबर। बिहार में सरकारी संस्थानों और सार्वजनिक परिसंपत्तियों को अधिक सुदृढ़, सुव्यवस्थित एवं जनोपयोगी बनाने के उद्देश्य से संचालित ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प’ कार्यक्रम के तहत राज्यभर में चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह की अध्यक्षता में बैठक की गई। विभिन्न विभागों के अंतर्गत चिह्नित कार्यों की वर्तमान स्थिति, तकनीकी एवं प्रशासनिक स्वीकृति की प्रक्रिया तथा कार्यों के समयबद्ध क्रियान्वयन से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई। लंबित प्रक्रियाओं में तेजी लाने और विभागीय समन्वय को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। इसे भी पढ़ें: चार राज्यों के विधान परिषद चुनावों के मिले-जुले परिणामों के महत्वपूर्ण सियासी संदेश कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य के 38 जिलों की 8,051 पंचायतों में कुल 1,65,021 कार्य चिह्नित किए गए हैं। इन कार्यों की अनुमानित लागत ₹6,654.59 करोड़ है। इनमें मौजूदा सार्वजनिक परिसंपत्तियों की मरम्मत एवं उन्नयन के साथ-साथ आवश्यकतानुसार नई संरचनाओं का निर्माण भी शामिल है। कुल चिह्नित कार्यों में 1,14,133 कार्य मरम्मत एवं उन्नयन तथा 50,816 कार्य नई संरचनाओं के निर्माण से संबंधित हैं। इस पहल का उद्देश्य सरकारी भवनों और सार्वजनिक सुविधाओं की स्थिति में सुधार करते हुए उन्हें नागरिकों की जरूरतों के अनुरूप बनाना है। शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष ध्यान विभागवार आंकड़ों के अनुसार, शिक्षा विभाग के अंतर्गत सर्वाधिक 77,473 कार्य चिह्नित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त पंचायती राज विभाग के 31,941, ग्रामीण विकास विभाग के 17,213, समाज कल्याण विभाग (आईसीडीएस) के 15,014 तथा स्वास्थ्य विभाग के 12,946 कार्य शामिल हैं। शेष कार्य नगर विकास एवं आवास, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण तथा विभिन्न कल्याण विभागों से संबंधित हैं। शिक्षा विभाग के अंतर्गत विद्यालय भवनों एवं कक्षाओं की मरम्मत और रंगाई-पुताई के 53,529 कार्य चिह्नित किए गए हैं। इसके साथ ही 4,632 चहारदीवारी निर्माण, 3,397 पेयजल एवं विद्युत सुविधाओं को क्रियाशील बनाने, 3,239 रसोई शेड के रखरखाव, 2,819 नए शौचालयों तथा 2,002 अतिरिक्त कक्षाओं के निर्माण से जुड़े कार्य शामिल हैं। इन प्रयासों से विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने और विद्यार्थियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित एवं सुविधाजनक वातावरण तैयार करने में मदद मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत स्वास्थ्य संस्थानों की मरम्मत, रंगाई-पुताई एवं रखरखाव के 8,647 कार्य चिह्नित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त सफाई एवं रखरखाव के 2,324 कार्य और 571 नए स्वास्थ्य उपकेंद्रों के निर्माण से जुड़े कार्य शामिल हैं। पेयजल, शौचालय, संकेतक, मरीजों के बैठने की व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इससे स्वास्थ्य संस्थानों की आधारभूत संरचना को मजबूत करने और मरीजों को अधिक सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। लंबित स्वीकृतियों के निष्पादन और समयबद्ध पूर्णता पर जोर 28 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार, 29,864 कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है, जबकि 4,753 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। वहीं, 57,972 कार्य तकनीकी स्वीकृति तथा 21,060 कार्य प्रशासनिक स्वीकृति की प्रतीक्षा में दर्ज हैं। इन आंकड़ों के आधार पर लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। समीक्षा में इस बात पर जोर दिया गया कि संबंधित विभाग स्वीकृति की प्रक्रिया में आ रही बाधाओं की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करें। स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के साथ निर्माण एवं मरम्मत की गुणवत्ता सुनिश्चित करना भी आवश्यक है। सार्वजनिक परिसंपत्तियों को अधिक उपयोगी बनाने की पहल ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प’ कार्यक्रम का व्यापक उद्देश्य केवल भवनों का निर्माण या मरम्मत करना नहीं, बल्कि विद्यालयों, स्वास्थ्य संस्थानों और अन्य सरकारी परिसंपत्तियों को बेहतर स्थिति में लाकर उनकी उपयोगिता बढ़ाना है। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण नागरिकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने और सार्वजनिक संसाधनों के प्रभावी उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। विकास आयुक्त ने संबंधित विभागों से अपेक्षा की कि वे आपसी समन्वय के साथ कार्यों के क्रियान्वयन में तेजी लाएं तथा गुणवत्ता, समयबद्ध पूर्णता और नियमित अनुश्रवण को प्राथमिकता दें। कार्यक्रम की सफलता का वास्तविक आकलन इस आधार पर होना चाहिए कि चिह्नित कार्य कितनी तेजी और गुणवत्ता के साथ पूरे होते हैं तथा उनसे आम नागरिकों को कितना प्रत्यक्ष लाभ मिलता है।
कल का मौसम 30 अक्टूबर: बिहार से लेकर दिल्ली, हरियाणा और यूपी तक मौसम के तीखे तेवर
कल का मौसम 30 अक्टूबर: कल का मौसम 30 अक्टूबर, मौसम ब्रेकिंग (नई दिल्ली): देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है और 30 अक्टूबर को उत्तर, पूर्व और मध्य भारत में मौसम के उग्र तेवर देखने को मिलेंगे। IMD के मुताबिक बिहार में मूसलाधार बारिश तथा दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है।
बिहार में चक्रवात अर्णब का असर, उत्तर बिहार में अत्यंत भारी बारिश का पूर्वानुमान
बिहार मौसम: चक्रवात अर्णब के अवशेषों और सक्रिय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से बिहार में मौसम का मिजाज बदल गया है, जिसके चलते उत्तर बिहार के कई हिस्सों में आंधी-तूफान के साथ अत्यंत भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है।
कल का मौसम, 30 अक्टूबर 2026: IMD ने कल देश के 12 राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. कई राज्यों में आंधी-तूफान की संभावना है.चक्रवात अर्नब का असर जारी है. जानिए आपके यहां कैसा मौसम रहेगा.
देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है और शुक्रवार 30 अक्टूबर को उत्तर, पूर्व और मध्य भारत के कई राज्यों में मौसम के उग्र तेवर देखने को मिलेंगे। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 30 अक्टूबर को बिहार के कई इलाकों में मूसलाधार बारिश के साथ बेहद बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में तेज हवाओं, बादलों की गड़गड़ाहट और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है।बिहार में मूसलाधार बारिश का अलर्टमौसम विभाग के मुताबिक 30 अक्टूबर को पूर्वी भारत के बिहार राज्य में मौसमी गतिविधियों का सबसे ज्यादा असर रहेगा। बिहार के अलग-अलग जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज होगी, वहीं कुछ जगहों पर बेहद भारी बारिश होने की प्रबल संभावना जताई गई है। इसके अलावा राज्य में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलेंगी और आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट भी जारी किया गया है।दिल्ली-NCR, हरियाणा, पंजाब और यूपी में ओले गिरने व आंधी की चेतावनीउत्तर-पश्चिम भारत में मौसमी हलचलों की वजह से आंधी और ओलावृष्टि का खतरा बना हुआ है। 30 अक्टूबर को दिल्ली-NCR, हरियाणा और चंडीगढ़ में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाएं यानी थंडरस्क्वाल तबाही मचा सकती हैं। इसके साथ ही इन इलाकों में कई जगहों पर ओले गिरने की भी सख्त चेतावनी दी गई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि होने का अनुमान है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा और भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।उत्तराखंड और पूर्वी राजस्थान के कई इलाकों में आंधी-तूफान के साथ ओलावृष्टि का अलर्ट दिया गया है। पंजाब और उत्तराखंड में 40 से 50 किमी/घंटे की गति से तेज हवाएं चलेंगी। उत्तराखंड और झारखंड के कुछ हिस्सों में भारी बारिश दर्ज होने का अनुमान है।बंगाल, असम और पहाड़ी राज्यों का हालपूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी मौसमी गतिविधियां सक्रिय रहेंगी। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 30 अक्टूबर को भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। गांगेय पश्चिम बंगाल के मैदानी क्षेत्रों में 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में बिजली चमकने और 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। असम और मेघालय में बादलों की कड़क के साथ बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी।मध्य, पश्चिम और दक्षिण भारत में कैसा रहेगा मौसम?मध्य प्रदेश और पश्चिमी राजस्थान में 30 से 40 किमी/घंटे की गति से हवाएं चलेंगी। छत्तीसगढ़ और विदर्भ में आकाशीय बिजली चमकने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। आंध्र प्रदेश के मैदानी इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी। इसके अलावा आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में बिजली कड़कने और 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में तूफानी मौसम का अलर्टमौसम विभाग ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा उसके आसपास के समुद्री इलाकों में बेहद खराब मौसम की चेतावनी दी है। अंडमान-निकोबार में 30 अक्टूबर को भारी से बहुत भारी बारिश होगी।इस दौरान 50 से 60 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी। दक्षिण अंडमान सागर और दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी से सटे अंडमान व निकोबार तटों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलने वाली तूफानी हवाओं के झोंके 60 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं। IMD ने संबंधित तटीय इलाकों में सुरक्षा बरतने की सलाह दी है।

