बिहार में मानसून के पूरी तरह मेहरबान होने के साथ ही राज्य के अधिकतर इलाकों में झमाझम बारिश का सिलसिला जारी है। बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) और दक्षिण-पूर्वी हवाओं की वजह से राज्य में मानसूनी गतिविधियां काफी तेज हो गई हैं। भारतीय मौसम विज्ञान केंद्र (IMD Patna) ने आज मंगलवार, 21 जुलाई 2026 को राजधानी पटना समेत प्रदेश के 14 जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश, बादलों की तेज गर्जना और भीषण वज्रपात (बिजली गिरने) की चेतावनी जारी की है। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो लगातार बारिश से एक तरफ जहां लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी तरफ वज्रपात के खतरे को देखते हुए ग्रामीण इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।इन 4 दक्षिणी जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट (Orange Alert)मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों में बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा:अत्यधिक भारी बारिश वाले जिले: भभुआ (कैमूर), रोहतास, गया और नवादा जिलों में अत्यधिक भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।तेज आंधी की आशंका: इन जिलों में मूसलाधार बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की प्रबल संभावना है।पटना समेत 10 जिलों में भारी वर्षा का येलो अलर्ट (Yellow Alert)येलो अलर्ट क्षेत्र: पटना, बक्सर, भोजपुर, औरंगाबाद, जहानाबाद, अरवल, वैशाली, समस्तीपुर, सिवान, गोपालगंज और पश्चिमी चंपारण में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।पटना का हाल: राजधानी पटना और आसपास के इलाकों में कल से ही रुक-रुक कर बारिश दर्ज की जा रही है, जिससे अधिकतम तापमान गिरकर 30C से 32C के बीच पहुंच गया है।नेपाल में बारिश से उफान पर कोसी-गंडक, बाढ़ का खतराउत्तरी बिहार और नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही लगातार भारी बारिश के कारण राज्य की प्रमुख नदियों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है:कोसी और गंडक में उफान: कोसी नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी को देखते हुए वीरपुर बराज के दर्जनों फाटक खोल दिए गए हैं।तटीय इलाकों में अलर्ट: सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, खगड़िया और चंपारण के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। आपदा प्रबंधन विभाग ने जिला प्रशासनों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।मौसम विभाग की चेतावनी: खेतों में काम करने वाले किसान रहें सावधानमौसम वैज्ञानिकों ने भारी बारिश और आकाशीय बिजली (Lightning Alert) के खतरे को देखते हुए लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है:खुले में न रुकें: बारिश और बादलों की कड़क के समय खुले खेतों, बड़े पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे बिल्कुल न जाएं।पक्के मकानों में लें शरण: खेत में काम कर रहे किसान मौसम खराब होते ही तुरंत नजदीकी पक्के मकान या सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।जलभराव से बचें: निचले और जलभराव वाले इलाकों में जाने से बचें और नदियों के किनारे न जाएं।
मैं जा तो रही हूं मां, लेकिन मुझे लग रहा है कि शायद अब कभी आपके पास वापस नहीं आ पाऊंगी। बिहार की भागलपुर की रितु के वे आखिरी शब्द थे, जो उसने 13 जुलाई को फरीदाबाद के लिए रवाना होते समय अपनी मां से कहे थे। चार दिन बाद, 17 जुलाई को फरीदाबाद के सेक्टर-9 स्थित ससुराल की तीसरी मंजिल से गिरने से उसकी मौत हो गई। रितु के भाई संदीप ने दैनिक भास्कर से बातचीत में आरोप लगाए कि यह हादसा नहीं, बल्कि ससुराल पक्ष ने धक्का देकर उसकी हत्या की है। रितु बिहार में सरकारी टीचर थी, जबकि उसका पति पंकज भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट है। पंकज ने ही चाइल्ड केयर लीव दिलवाकर रितु को फरीदाबाद बुलाया था, जिसके बाद यह घटना हुई। सिलसिलेवार ढंग से पूरा मामला जानिए… साल 2017 में हुई थी शादी बिहार के भागलपुर जिले की रहने वाली रितु (37) की शादी साल 2017 में भागलपुर के मकनपुर गांव निवासी पंकज शर्मा से हुई थी। दोनों की अरेंज मैरिज परिवारों की रजामंदी से हुई थी। रितु के परिजनों का आरोप है कि शादी में उन्होंने 15 लाख रुपए नकद दिए थे। रितु ने इंग्लिश में एमए की थी और शादी से पहले ही वह सरकारी स्कूल में टीचर के पद पर नियुक्त हो गई थी। शादी के बाद वह कुछ समय तक बिहार स्थित अपनी ससुराल में रही। पति 3 साल पहले बना लेफ्टिनेंट रितु के भाई संदीप ने बताया कि करीब तीन साल पहले पंकज भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्त हुआ था। फिलहाल उसकी तैनाती लद्दाख में है। दंपती के दो बच्चे हैं, जिनमें साढ़े सात साल की बेटी चेतन्या और साढ़े तीन साल का बेटा लक्ष्य है। दोनों बच्चों की देखभाल रितु ही कर रही थी। वह बिहार में अपनी ससुराल के पास किराए पर अलग कमरा लेकर दोनों बच्चों के साथ रहती थी। 5 महीने पहले बेटी को फरीदाबाद ले गया था पति संदीप के अनुसार, करीब पांच महीने पहले पंकज बिहार से अपनी बेटी चेतन्या को फरीदाबाद ले आया था, जबकि बेटा लक्ष्य रितु के पास ही रहा। पंकज ने शिक्षा विभाग से बात कर रितु को 90 दिन की चाइल्ड केयर लीव दिलवाई और उसे फरीदाबाद बुलाया। रितु फरीदाबाद नहीं आना चाहती थी, लेकिन बेटी के मोह में वह वहां चली गई। शादी के बाद से ससुराल पक्ष से था विवाद रितु के भाई का आरोप है कि शादी के बाद से ही उसकी बहन की अपने जेठ-जेठानी और अन्य ससुराल वालों से अनबन रहती थी। रितु को किसी भी पारिवारिक समारोह में अपने शादी के जेवर पहनने नहीं दिए जाते थे। जब वह इसकी शिकायत अपने पति पंकज से करती थी तो वह भी परिवार वालों का ही पक्ष लेता था। इसी वजह से रितु ससुराल छोड़कर बिहार में रहने लगी थी। 13 जुलाई को घर से निकली, 17 जुलाई को हुई मौत संदीप ने बताया कि रितु 13 जुलाई को बिहार से ट्रेन के जरिए दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। 14 जुलाई को वह फरीदाबाद के सेक्टर-9 स्थित अपनी ससुराल पहुंची। 17 जुलाई को करीब तीन बजे उसके साथ यह घटना हुई। हालांकि परिवार को उसकी मौत की सूचना रात करीब आठ बजे दी गई। भाई ने धक्का देकर हत्या करने का लगाया आरोप रितु के भाई संदीप ने आरोप लगाया कि उसके जेठ राजीव और संजीव और उनकी पत्नियां पूनम और रीना उसे लगातार प्रताड़ित करते थे। इन्हीं लोगों ने रितु को धक्का देकर नीचे गिराया। उन्होंने दावा किया कि घटना का एक सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है, जिसमें रितु नीचे गिरती हुई दिखाई दे रही है। वीडियो से स्पष्ट होता है कि उसे धक्का देकर नीचे गिराया गया। पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप संदीप का आरोप है कि पुलिस इस मामले में निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि शिकायत में सभी तथ्यों का उल्लेख करने के बावजूद पुलिस ने अब तक ससुराल पक्ष के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। पुलिस बोली- मामले की जांच जारी सेक्टर-8 थाना प्रभारी राजबीर ने बताया कि मामले में फिलहाल धारा 174 सीआरपीसी (इनक्वेस्ट) के तहत कार्रवाई की गई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। रिपोर्ट में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
यमुनानगर की रामपुरा कॉलोनी स्थित सभरवाल टायर्स शोरूम पर हुई फायरिंग और रंगदारी प्रकरण में पुलिस की जांच अब नए चरण में पहुंच गई है। बिहार और राजस्थान से गिरफ्तार किए गए दोनों शूटरों से पूछताछ के बाद जांच एजेंसियों का पूरा फोकस उस व्यक्ति की पहचान पर है, जिसने उन्हें इस वारदात को अंजाम देने का निर्देश दिया था। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि दोनों आरोपी खालिस्तानी आतंकी कुलबीर सिंह उर्फ सिद्धू के सीधे संपर्क में थे। ऐसे में पुलिस अब उस मध्यस्थ की भूमिका खंगाल रही है, जिसके जरिए पूरी साजिश को अंजाम तक पहुंचाया गया। बिहार-राजस्थान के शूटरों से चल रही पूछताछ सीआईए-2 की जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों को वारदात के लिए सीधे नहीं, बल्कि किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम से निर्देश मिले थे। जांच अधिकारी अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि यह हैंडलर किस नेटवर्क से जुड़ा है, उसका संचालन कहां से हो रहा था और क्या उसके तार किसी संगठित अपराध या आतंकी मॉड्यूल से जुड़े हैं। पुलिस का मानना है कि इस कड़ी तक पहुंचना पूरे मामले की सबसे अहम चुनौती है। अब तक की कार्रवाई में पुलिस ने बिहार के मधुबनी जिले के ठाकुर किशनपुर निवासी राजेश कुमार और राजस्थान के खैरथल-कोटपूतली जिले के खालवाड़ निवासी सरजीत को गिरफ्तार किया है। दोनों से लगातार पूछताछ की जा रही है। उनके मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड, इंटरनेट कॉलिंग, सोशल मीडिया अकाउंट और अन्य डिजिटल डाटा को खंगाला जा रहा है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि वारदात से पहले और बाद में दोनों किन-किन लोगों के संपर्क में थे। फायरिंग कर आतंकी सिद्धू के पोस्टर लगाए थे गौरतलब है कि 11 जुलाई की देर रात रामपुरा कॉलोनी स्थित सभरवाल टायर्स शोरूम पर बाइक सवार बदमाशों ने ताबड़तोड़ छह राउंड फायरिंग की थी। वारदात के बाद मौके पर कुलबीर सिद्धू के नाम से धमकी भरा पर्चा छोड़ दिया गया था। वहीं कारोबारी ईशान सभरवाल के व्हाट्सएप पर विदेशी नंबर से पहले कॉल और बाद में दो वॉइस मैसेज भेजकर रंगदारी भी मांगी गई थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल जांच का सबसे महत्वपूर्ण बिंदु आरोपियों तक निर्देश पहुंचाने वाले व्यक्ति की पहचान करना है। तकनीकी साक्ष्यों, डिजिटल ट्रेल, पूछताछ और दूसरे राज्यों से जुटाई जा रही सूचनाओं को जोड़कर पूरे नेटवर्क की परतें खोली जा रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वारदात के पीछे किस स्तर का संगठित गिरोह सक्रिय था।
बाइक-स्कूटी पर 150 की जगह 600 रुपए ट्रेड शुल्क लगेगा बिहार में नया वाहन खरीदने वाले लोगों की जेब पर अब आर्थिक बोझ पड़ने वाला है। परिवहन विभाग 23 जुलाई से सभी प्रकार के वाहनों पर लगने वाले ट्रेड टैक्स को चार गुना बढ़ाने जा रहा है। बाइक, स्कूटी, ऑटो, कार, बस और ट्रक जैसे सभी श्रेणी के वाहनों की खरीद पर अब 600 रुपए से लेकर 1000 रुपए तक का बढ़ा हुआ ट्रेड टैक्स चुकाना होगा। पहले यह महज 150 रुपए से 250 रुपए के बीच था। इसके अलावा दो पहिया वाहनों के रजिस्ट्रेशन शुल्क में 1 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। यह अतिरिक्त टैक्स सीधे तौर पर डीलरों और वाहन निर्माता कंपनियों पर लागू होगा, लेकिन बाजार विशेषज्ञों के अनुसार डीलर इस बढ़े हुए खर्च का स्थानांतरण ग्राहकों पर करेंगे, जिससे वाहनों की ऑन-रोड कीमतें बढ़ेंगी। दोपहिया और चार पहिया वाहनों की नई दरें तयपरिवहन विभाग ने नई दरों की सूची जारी की है। इसके अनुसार, बाइक और स्कूटी का ट्रेड शुल्क 150 रुपए से बढ़ाकर 600 रुपए कर दिया गया है। वहीं, कार और ऑटो के लिए ट्रेड शुल्क को 200 रुपए से बढ़ाकर 800 रुपए किया गया है। भारी कॉमर्शियल वाहनों जैसे बस और ट्रक के लिए यह शुल्क 1000 रुपए तक पहुंचेगा। साथ ही, दोपहिया वाहनों के एक्स-शोरूम मूल्य पर रजिस्ट्रेशन शुल्क जो पहले 8 से 12 प्रतिशत लगता था, वह अब बढ़कर 9 से 13 प्रतिशत हो जाएगा। ऐसे समझें...आपकी जेब पर कैसे बढ़ेगा बोझ यदि कोई ग्राहक शोरूम से 90 हजार रुपए एक्स-शोरूम कीमत वाली बाइक खरीदता है, तो पुरानी 8 प्रतिशत रजिस्ट्रेशन दर के हिसाब से उसे 7200 रुपए शुल्क देना पड़ता था। इस तरह बाइक की कुल कीमत 97,200 रुपए आती थी। अब 1 प्रतिशत वृद्धि के बाद 9 प्रतिशत निबंधन शुल्क के तहत 8100 रुपए चुकाने होंगे, जिससे बाइक की कीमत 98,100 रुपए हो जाएगी। वहीं, यदि 1 लाख रुपए एक्स-शोरूम कीमत वाली बाइक पर ट्रेड टैक्स की गणना करें, तो पहले 150 रुपए शुल्क मिलाकर कुल 1,00,150 रुपए देने पड़ते थे। नई दरों के लागू होने के बाद 600 रुपए ट्रेड शुल्क मिलाकर कुल कीमत 1,00,600 रुपए होगी। आपके डेटा के आधार पर तैयार की गई टेबल निम्नलिखित हैं: 1. ट्रेड टैक्स (रुपए में) 2. बाइक पर लगने वाला रजिस्ट्रेशन शुल्क 3. किस वर्ष में कितने वाहनों की बिक्री
मुंगेर में चल रहे 65वें राज्य सुब्रतो मुखर्जी राज्य स्तरीय फुटबॉल कप 2026 (अंडर-15) का सोमवार को समापन हो गया। फाइनल मुकाबले में पश्चिमी चंपारण की टीम ने मुंगेर को 3-0 से हराकर नेशनल टीम में जगह बनाई। अब यह टीम बिहार का प्रतिनिधित्व करते हुए बेंगलुरु में मैच खेलेगी। पोलो मैदान में खेले गए इस निर्णायक मैच में मुंगेर और पश्चिमी चंपारण के बीच कड़ा मुकाबला हुआ। 60 मिनट के इस खेल में पश्चिमी चंपारण ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मुंगेर पर तीन गोल की बढ़त बनाई और जीत हासिल की। खेल से जुड़ी PHOTOS उपविजेता टीमों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया खेल समापन के बाद जिला प्रशासन के अधिकारियों और जिला खेल पदाधिकारी कमल किशोर सहित अन्य अतिथियों ने विजेता और उपविजेता टीमों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। जिला खेल पदाधिकारी ने बताया कि इस चार दिवसीय टूर्नामेंट की शुरुआत 17 जुलाई को हुई थी, जिसका उद्घाटन डीएम निखिल धनराज ने किया था। रविवार को हुए सेमीफाइनल मैचों में मुंगेर और पश्चिमी चंपारण की टीमों ने फाइनल में अपनी जगह पक्की की थी। पश्चिमी चंपारण की टीम ने सभी बाधाओं को पार करते हुए नेशनल टीम में स्थान बनाया है। इस राज्य स्तरीय टूर्नामेंट में बिहार के लगभग 20 जिलों से खिलाड़ियों ने मुंगेर आकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया था।
उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र को विकास की एक नई रफ्तार देने और बिहार के साथ कनेक्टिविटी को बेहद मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) जल्द ही महत्वाकांक्षी 'गाजीपुर-बलिया-मांझीघाट एक्सप्रेसवे' (Ghazipur-Ballia-Manjhighat Expressway) का निर्माण शुरू करने जा रहा है। यह नया ग्रीनफील्ड कॉरिडोर न केवल पूर्वांचल के सुदूर इलाकों को सीधे जोड़कर व्यापार के नए रास्ते खोलेगा, बल्कि यूपी और बिहार सीमा पर स्थित मांझीघाट तक का सफर बेहद आसान और आरामदायक बना देगा। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यह इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट आने वाले समय में पूर्वी उत्तर प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक परिदृश्य को पूरी तरह से बदलने की क्षमता रखता है।यूपी से बिहार का सफर अब मिनटों में होगा पूराइस नए एक्सप्रेसवे के निर्माण का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि यह गाजीपुर में पहले से मौजूद पूर्वांचल एक्सप्रेसवे (Purvanchal Expressway) को सीधे बिहार की सीमा से जोड़ देगा। पंचांग की तरह तय समय सीमा में काम पूरा करने के लक्ष्य के साथ:दूरी और समय की बचत: वर्तमान में गाजीपुर से बलिया होते हुए बिहार सीमा तक जाने वाले पारंपरिक रास्तों पर भारी ट्रैफिक जाम और खराब सड़कों के कारण घंटों का समय बर्बाद होता है। इस नए फोर-लेन (भविष्य में सिक्स-लेन) एक्सप्रेसवे के बनने से यात्रा का समय आधा से भी कम रह जाएगा।बिहार से सीधा जुड़ाव: मांझीघाट पहुंचने के बाद यह एक्सप्रेसवे बिहार के छपरा, हाजीपुर और राजधानी पटना जाने वाले वाहनों को एक निर्बाध और बिना रुकावट वाला मार्ग प्रदान करेगा।इन प्रमुख क्षेत्रों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेसवे का रूटएनएचएआई (NHAI) के डिजाइन और सर्वे मैप के अनुसार, इस ग्रीनफील्ड कॉरिडोर को इस तरह प्लान किया गया है कि यह कम से कम कृषि भूमि को प्रभावित करते हुए अधिक से अधिक आबादी को लाभ पहुंचा सके:प्रारंभिक बिंदु: यह एक्सप्रेसवे गाजीपुर जिले के जंगीपुर या उसके पास से शुरू होकर सीधे बलिया जिले के मुख्य रिहायशी और औद्योगिक क्षेत्रों के समानांतर आगे बढ़ेगा।मुख्य जंक्शन: बलिया शहर के पास एक बड़ा इंटरचेंज बनाया जाएगा, जिससे स्थानीय लोग भी आसानी से एक्सप्रेसवे पर चढ़ और उतर सकें।अंतिम छोर: यह मार्ग सीधे बलिया के मांझीघाट पर समाप्त होगा, जहां घाघरा नदी पर बने मौजूदा पुल के पास इसे बिहार के सड़क नेटवर्क से लिंक कर दिया जाएगा।पूर्वांचल के किसानों और व्यापारियों को मिलेगा बड़ा बाजारइस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य सिर्फ यात्रा सुगम बनाना नहीं, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को बूस्ट देना है। एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ औद्योगिक गलियारे (Industrial Corridors) विकसित किए जाएंगे, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।बलिया और गाजीपुर के सब्जी उत्पादक किसानों को अपनी उपज चंद घंटों के भीतर पटना, वाराणसी या लखनऊ की बड़ी मंडियों तक पहुंचाने की सुविधा मिलेगी, जिससे उनकी आय में भारी बढ़ोतरी होगी। इसके अलावा, लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई की लागत कम होने से पूर्वांचल में नए उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा, जो अब तक बेहतर ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी न होने के कारण पिछड़े हुए थे। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को लेकर स्थानीय प्रशासन और एनएचएआई के अधिकारी तेजी से काम कर रहे हैं।
बिहार विधान मंडल का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है। ये सत्र 24 जुलाई तक चलेगा। पांच दिवसीय सत्र सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार का पहला मानसून सत्र होगा। सुबह 11 बजे से विधान सभा की बैठक शुरू होगी। सत्र में मुख्य रुप से वित्त मंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट पेश करेंगे। विभिन्न विभागों की अनुदान मांगों और विधायी कार्यों पर भी चर्चा होगी। सत्र के हंगामेदार होने के आसार हैं। हालांकि शुरू होने से पहले विधान सभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने सर्वदलीय बैठक कर प्रश्न काल को बाधित नहीं करने की अपील सदस्यों से की है। सत्र में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव शामिल होंगे या नहीं इसको लेकर काफी चर्चा है। आरजेडी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, तेजस्वी यादव मानसून सत्र में उपस्थित रहेंगे। सभी दिन उपस्थित रहेंगे कि नहीं इस पर जरूर संशय है। सत्र के दौरान पूरे हो रहे सम्राट सरकार के 100 दिन सम्राट सरकार के 100 दिन इसी मानसून सत्र के समय पूरे हो रहे हैं। 15 अप्रैल को सम्राट चौधरी ने शपथ ली थी। विपक्ष की तैयारी विभिन्न मुद्दों पर सम्राट सरकार को घेरने की है। खास तौर से लॉ एंड ऑर्डर, भरत तिवारी एनकाउटर, बेरोजगारी, विकास योजनाओं, रिशु श्री मामले को विपक्ष ताकतवर तरीके से उठा सकता है। सरकार के पास गिनाने के लिए कई विकासपरक योजनाएं हैं, जिसे गिना सकती है। महालेखापरीक्षक से प्राप्त रिपोर्ट भी सदन के पटल पर रखा जाएगा। 50 हजार करोड़ का पहला अनुपूरक बजट होगा पेश चालू वित्तीय वर्ष में पहला अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा। इसके जरिए सरकार विभिन्न विकास योजनाओं के लिए अतिरिक्त फंड की मंजूरी देगी। वित्त विभाग के सूत्रों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट करीब 50 हजार करोड़ रुपए का हो सकता है। शिक्षा और स्वास्थ्य सेक्टर पर विशेष राशि दी जाएगी। मानसून सत्र के दौरान क्या होगा? 20 जुलाई 2026: बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र के पहले दिन दिवंगत सदस्यों (MLA/MLC) को श्रद्धांजलि दी जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, पहले दिन वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रथम अनुपूरक बजट सदन के पटल पर रखा जा सकता है। 21-22 जुलाई: इन दो दिनों में राजकीय कार्य निपटाए जा सकते हैं। विधेयकों पर चर्चा होगी। 23 जुलाई: प्रथम अनुपूरक व्यय विवरणी पर चर्चा होगी। सरकार की ओर से जवाब आएगा। विनियोग विधेयक पेश किया जाएगा। 24 जुलाई (अंतिम दिन): सत्र के अंतिम दिन गैर-सरकारी संकल्पों पर चर्चा होगी। अन्य विधायी कार्य निपटाए जाएंगे।
IMD Weather Alert: दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, जम्मू-कश्मीर समेत 22 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट। कई इलाकों में तेज हवाएं, बिजली गिरने और भूस्खलन की चेतावनी जारी।
बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने कोडरमा में बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने जिले के फुलवरिया बैंक ऑफ इंडिया शाखा के कर्मी अरविंद कुमार को अरेस्ट कर अपने साथ ले गई है। मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी कर्मी पर साल वर्ष 2016 की नोटबंदी के दौरान कथित वित्तीय अनियमितता का आरोप है। ईओयू के अनुसार, नोटबंदी के समय अरविंद कुमार गया शाखा में पदस्थ था। उसी दौरान उस पर अवैध वित्तीय लेनदेन में संलिप्त होने का आरोप है। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई लंबे समय से चल रही जांच के बाद की गई है। जांच के दौरान कई संदिग्ध बैंकिंग लेनदेन सामने आए थे। आरोपी अरविंद कुमार बिहार के दानापुर स्थित पंचवटी नगर का निवासी है। खाते का दुरुपयोग कर लाखों का ट्रांजैक्शन मामले की शुरुआत गया निवासी राजेश कुमार की शिकायत से हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके बैंक खाते का उपयोग उनकी जानकारी के बिना किया गया और इसके जरिए लाखों रुपए का लेनदेन किया गया। इस संबंध में गया के सिविल लाइन थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। प्रारंभिक जांच में मामला गंभीर पाया गया, जिसके बाद इसे आर्थिक अपराध इकाई को सौंप दिया गया। जांच के दौरान ईओयू ने बैंकिंग दस्तावेजों, खातों के विवरण और संदिग्ध ट्रांजैक्शन की गहन पड़ताल की। इसी क्रम में अरविंद कुमार की भूमिका संदिग्ध पाई गई। उसके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य जुटाए गए। लंबे समय से फरार था आरोपी ईओयू ने साक्ष्य मिलने के बाद निगरानी अदालत से गिरफ्तारी वारंट प्राप्त किया था। इसके बाद से ही आरोपी की तलाश की जा रही थी, लेकिन वह लगातार फरार चल रहा था। अंततः ईओयू की टीम को उसके कोडरमा में होने की जानकारी मिली। टीम ने शुक्रवार-शनिवार को कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को पटना ले जाया गया है। एजेंसी इस मामले से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है। बताया जा रहा है कि टीम यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि नोटबंदी के दौरान इस तरह के संदिग्ध लेनदेन का दायरा कितना बड़ा था और इसमें कितने लोग शामिल थे।
एमपीयूएटी पहुंचे बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार, बोले- प्राकृतिक खेती को जनआंदोलन बनाना होगा
बिहार सरकार के कृषि मंत्री एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शनिवार को महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमपीयूएटी) का दौरा किया। दोपहर 3 से शाम 5 बजे तक चले भ्रमण में उन्होंने विश्वविद्यालय की शिक्षण, अनुसंधान और विस्तार गतिविधियों का अवलोकन किया तथा वैज्ञानिकों से संवाद किया। सिन्हा ने वैज्ञानिकों से विकसित तकनीकों को प्रभावी तरीके से किसानों तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों व कीटनाशकों पर निर्भरता कम कर देशी गोवंश आधारित कम लागत वाली प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया। मंत्री ने प्रौद्योगिकी एवं अभियांत्रिकी महाविद्यालय (सीटीएई) के फार्म मशीनरी एवं पावर इंजीनियरिंग विभाग की प्रयोगशालाओं में कृषि यंत्रीकरण, कृषि उपकरणों के डिजाइन एवं विकास, मशीन परीक्षण, ऊर्जा दक्षता और आधुनिक कृषि मशीनों पर हो रहे अनुसंधान का अवलोकन किया। विभागाध्यक्ष डॉ. सांवल सिंह मीणा ने विकसित कृषि यंत्रों, अनुसंधान परियोजनाओं और विद्यार्थियों के व्यावहारिक प्रशिक्षण की जानकारी दी। सिन्हा ने कृषि यंत्रीकरण को श्रम लागत घटाने, उत्पादकता बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि का प्रभावी माध्यम बताया। नवीकरणीय ऊर्जा इंजीनियरिंग विभाग में उन्होंने सौर ऊर्जा, बायोगैस, बायोमास, ऊर्जा संरक्षण और कृषि में स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग से जुड़ी तकनीकों का अवलोकन किया। विभागाध्यक्ष डॉ. नारायण लाल पंवार ने सौर सिंचाई प्रणालियों, कृषि अपशिष्ट से ऊर्जा उत्पादन, ऊर्जा दक्ष उपकरणों तथा किसानों और विद्यार्थियों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी दी। राजस्थान कृषि महाविद्यालय में मंत्री ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर पौधारोपण किया। अधिष्ठाता डॉ. मनोज कुमार महला ने महाविद्यालय की गतिविधियों की जानकारी दी। मशरूम उत्पादन एवं अनुसंधान इकाई में प्रभारी डॉ. नारायण लाल मीणा और जैविक इकाई में क्षेत्रीय निदेशक (अनुसंधान) एवं इकाई प्रभारी डॉ. रविकांत शर्मा ने अपने-अपने डिपार्टमेंट के अनुसंधान और नवाचार की जानकारी दी। कृषि संग्रहालय में निदेशक डॉ. रामेश्वर लाल सोनी ने राजस्थान की कृषि विरासत, विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और विस्तार कार्यक्रमों की जानकारी दी। संग्रहालय के नोडल अधिकारी डॉ. राजीव बैराठी ने बताया कि यहां 34 आधुनिक कृषि पद्धतियां प्रदर्शित हैं और हर वर्ष 1800 से 2500 किसान एवं विद्यार्थी भ्रमण करते हैं। कुलगुरु डॉ. प्रताप सिंह धाकड़ ने पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिह्न भेंट कर उनका स्वागत किया और विश्वविद्यालय के शैक्षणिक, अनुसंधान एवं विस्तार कार्यों, कृषि-प्रौद्योगिकी क्षेत्र के नवाचारों तथा किसानों के हित में संचालित कार्यक्रमों की जानकारी दी। कार्यक्रम में कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. सुधीर वर्मा, कुलसचिव अशोक कुमार सहित विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता, निदेशक, विभागाध्यक्ष, वैज्ञानिक एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
बिहार की सियासत में मानसून सत्र से पहले ही गर्मी का पारा अपने चरम पर है। आगामी 20 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र के ठीक पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है। सत्ताधारी एनडीए (BJP-JDU) गठबंधन ने तेजस्वी यादव के सत्र से पहले राज्य में न होने या सक्रियता न दिखाने पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष के इस प्रमुख चेहरे की चुप्पी और अनुपस्थिति पर सत्ता पक्ष ने इसे जनता से दूरी और जिम्मेदारी से भागने के तौर पर पेश करना शुरू कर दिया है, जिससे सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही राजनीतिक गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।सत्ता पक्ष का हमला, 'विपक्ष का नेता ही गायब'बीजेपी और जेडीयू के नेताओं ने इसे बड़ा मुद्दा बनाते हुए कहा है कि मानसून सत्र जैसे महत्वपूर्ण समय में जब राज्य बाढ़, विकास और कानून-व्यवस्था जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा करने वाला है, तब विपक्ष का चेहरा ही नदारद है। एनडीए प्रवक्ताओं का कहना है कि तेजस्वी यादव अपनी राजनीतिक जिम्मेदारियों को छोड़कर विदेश यात्रा पर हैं या निजी व्यस्तताओं में हैं, जो साफ तौर पर बिहार की जनता की अनदेखी को दर्शाता है। बीजेपी का दावा है कि विपक्ष के पास सदन में चर्चा के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं है, इसलिए वे सत्र के माहौल को भांपकर ही भागने की कोशिश कर रहे हैं।आरजेडी का पलटवार, कहा- 'राजनीति चमकाने का काम न करें'दूसरी ओर, आरजेडी के नेताओं ने इन दावों को पूरी तरह से सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि तेजस्वी यादव की पूर्व निर्धारित व्यस्तताएं हैं और वे सत्र के दौरान सदन में पूरी मजबूती के साथ मौजूद रहेंगे। आरजेडी का आरोप है कि सरकार अपने नाकामियों को छिपाने के लिए विपक्ष पर बेबुनियाद सवाल उठा रही है ताकि ध्यान भटकाया जा सके। पार्टी ने पलटवार करते हुए कहा कि सरकार को इस बात की चिंता करनी चाहिए कि कैसे वह इस बार बाढ़ पीड़ितों के लिए काम करेगी, न कि इस बात पर कि विपक्ष का नेता कब और कहां है।मानसून सत्र में क्या होगा बड़ा धमाका?20 जुलाई से शुरू होने वाला यह मानसून सत्र बिहार के लिए काफी अहम माना जा रहा है। इसमें बिहार की वर्तमान आर्थिक स्थिति, शिक्षा विभाग के नए नियम, और हालिया अपराध की घटनाओं को लेकर सदन में हंगामे के पूरे आसार हैं। जानकार मान रहे हैं कि तेजस्वी यादव की वापसी के साथ ही विपक्ष सरकार को घेरने की कोई बड़ी रणनीति तैयार कर चुका है। एनडीए और आरजेडी दोनों के बीच जारी इस वार-पलटवार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इस बार बिहार विधानसभा का सत्र हंगामेदार और चुनौतीपूर्ण होने वाला है, जिसमें आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति की आग और भड़क सकती है।
कोडरमा जिले में मानसून की शुरुआत के साथ ही जलप्रपातों पर रौनक लौट आई है। पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश के कारण यहां के विभिन्न झरने और झीलें आकर्षक दिख रही हैं। जिले के दो प्रमुख जलप्रपात, सदर प्रखंड के जरगा पंचायत में स्थित वृन्दाहा जलप्रपात और सतगांवां प्रखंड में झारखंड-बिहार सीमा पर स्थित पेट्रो जलप्रपात, पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण बन गए हैं। आसपास के जिलों से भी लोग पहुंच रहे इन दोनों जलप्रपातों की प्राकृतिक सुंदरता इतनी मनमोहक है कि इन्हें देखने के लिए न केवल कोडरमा जिले से, बल्कि आसपास के अन्य जिलों और पड़ोसी राज्य बिहार से भी बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। सतगांवां प्रखंड के घने जंगलों के बीच स्थित पेट्रो जलप्रपात अपनी प्राकृतिक सुंदरता और ठंडे पानी के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है। यह प्राकृतिक झरना जिला मुख्यालय से लगभग 70 किलोमीटर दूर है। यहां स्थानीय निवासियों के साथ-साथ पड़ोसी जिलों और बिहार से भी पर्यटक आते हैं। पर्यटक कुंडों में स्नान कर गर्मी से राहत महसूस करते हैं पेट्रो जलप्रपात की एक प्रमुख विशेषता यहां बने सात प्राकृतिक कुंड हैं। पहाड़ों से गिरता पानी इन कुंडों में जमा होकर एक मनमोहक दृश्य बनाता है। पर्यटक इन कुंडों में स्नान कर गर्मी से राहत महसूस करते हैं। आसपास की हरियाली, ठंडी हवा और पानी की कल-कल ध्वनि इस स्थान को एक आदर्श पिकनिक स्पॉट बनाती है। यही वजह है कि छुट्टियों और सप्ताहांत में यहां पर्यटकों की भारी भीड़ देखी जा रही है। पर्यटन स्थलों में अपनी पहचान बना चुका है यहां आने वाले पर्यटक इस स्थान की प्राकृतिक सुंदरता से प्रभावित होते हैं। ठंडे पानी की फुहारें और शांत वातावरण उन्हें सुकून का अनुभव कराते हैं। कई लोग अपने परिवार और दोस्तों के साथ यहां आकर यादगार पल बिताते हैं। हालांकि, कुछ पर्यटकों ने जलप्रपात स्थल पर साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता भी व्यक्त की है। प्राकृतिक सौंदर्य और रोमांच का अनूठा संगम प्रस्तुत करता पेट्रो जलप्रपात आज कोडरमा जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी पहचान बना चुका है। जरूरत है तो बस इसे सुरक्षित और स्वच्छ बनाए रखने की। ताकि आने वाले समय में भी यह स्थल सैलानियों को इसी तरह आकर्षित करता रहे और प्रकृति की यह अनमोल धरोहर सुरक्षित रह सके। झरने का पानी काफी मीठा स्थानीय पूर्व पंचायत समिति सदस्य नियाज अंसारी ने बताया कि यहां झरने से गिरने वाले पानी का अलग ही महत्व है। उन्होंने बताया कि यहां पिकनिक मनाने वाले लोग अपने साथ पानी का जार तो लाते हैं, लेकिन वे उस पानी को बिना उपयोग ही वापस ले जाते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि पेट्रो जलप्रपात से गिरने वाला झरने का पानी काफी मीठा होने के साथ साथ सुपाच्य भी है। ऐसा माना जाता है कि यहां के पानी से पकने वाले खाने में एक अलग स्वाद आता है। वहीं यहां का पानी पीते ही खाना काफी जल्दी पच जाता है। वृंदाहा जल प्रपात दो ऊंची पहाडों के बीच से गिरती है इधर, सदर प्रखण्ड के वृन्दाहा जलप्रपात की बात करें तो इसे जिले का कश्मीर कहना गलत नहीं होगा। वृंदाहा जल प्रपात दो ऊंची पहाडों के बीच से कल कल कर गिरती है। यहां की प्राकृतिक सौंदर्य भी लुभावन है। चारों ओर घने जंगल से घिरा यह प्राकृतिक जल प्रपात लोगों के बीच कौतुहल का विषय बना है। 40 फीट की उंचाई से जल नीचे गिरता है यह जल प्रपात कोडरमा स्टेशन से करीब 10 किलोमीटर दूर कोडरमा प्रखंड के जरगा पंचायत में अवस्थित है। प्रकृति की हसीन वादियों में बहती वृंदाहा जल प्रपात दो ऊंची पहाड़ी के बीच से होकर गुजरती है, फिर करीब 40 फीट की उंचाई से जल नीचे गिरता है। जहां जलाशय में स्नान कर लोग आनंद की अनुभूति प्राप्त करते है। जंगल, पहाड़, झरने व नदियों से सराबोर यह जल प्रपात आदिम काल से मानव को अपनी ओर मोहित करते आ रहा है। हर साल यहां हजारों पर्यटक दूसरे प्रदेशों से देखने आते है और यहां की वादियों में सैर करते है। इसकी खास विशेषता यह है कि इस जल प्रपात से एक नदी निकलती है जो जंगल व पत्थरों से बीच से बहते बिहार की सीमा तक जाती है, जहां हल्दिया डैम अवस्थित है। यहां का दृश्य अदभुत व दर्शनीय है। यहां पिकनिक मनाने वाले लोग बताते है कि जल प्रपात का पानी बहुत ही स्वच्छ है। सुरक्षा को लेकर बनाई गई है समिति इधर, इन जलप्रपातों में सुरक्षा को लेकर प्रशासन सजग है। जिला पर्यटन पदाधिकारी तुषार रॉय ने बताया कि जलप्रपातों में पहुंचने वाले सैलानियों के सुरक्षा तथा अन्य व्यवस्थाओं को सुगम बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा स्थानीय ग्रामीणों के साथ एक बैठक की गई है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को इन जगहों पर नाश्ते की दुकान लगाने के साथ-साथ यहां पहुंचने वाले सैलानियों की सुरक्षा की जिम्मेवारी दी गई है। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर के साथ-साथ सुरक्षा भी सुनिश्चित की गई है। शराब सेवन पर रोक और गंदगी फैलाने वालों पर जुर्माना की मांग हालांकि बढ़ती लोकप्रियता के साथ कुछ चिंताएं भी सामने आ रही हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि झरने के आसपास पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। फिसलन भरे पत्थर और गहरे कुंड अनजान पर्यटकों के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं। ऐसे में प्रशासन से यहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की जा रही है। इसके अलावा कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा शराब सेवन और कचरा फैलाने की घटनाएं भी देखी जा रही हैं। इससे इस प्राकृतिक स्थल की सुंदरता प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने मांग की है कि झरना क्षेत्र में शराब सेवन पर सख्ती से रोक लगाई जाए और गंदगी फैलाने वालों पर जुर्माना लगाया जाए। उनका मानना है कि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो यह प्राकृतिक धरोहर अपनी पहचान खो सकती है।
सिहोरा बैंक डकैती के मास्टरमाइंड बिहार के रहने वाले सुनील पासवान की गिरफ्तारी के बाद उसके काले साम्राज्य के चौंकाने वाले राज सामने आ रहे हैं। बैंक लूट की रकम से उसने रिश्तेदारों के नाम पर ट्रक और लग्जरी वाहन खरीदे, खुद की फर्म बनाकर कोल माइंस में कारोबार शुरू किया और पत्नी को मामूली नौकरी पर रखकर हर महीने लाखों रुपए भेजता रहा। अब 11 महीने बाद गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसकी अवैध संपत्तियों और आर्थिक नेटवर्क की पड़ताल में जुट गई है। 11 अगस्त 2025 को जबलपुर जिले के सिहोरा स्थित इंसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक में दिनदहाड़े हुई 14.5 करोड़ रुपए के सोने और 5 लाख रुपए की नकदी की सनसनीखेज डकैती के मास्टरमाइंड सुनील पासवान को आखिरकार 11 महीने बाद पुलिस ने गिरफ्तार किया। 16 जुलाई 2026 की तड़के जबलपुर क्राइम ब्रांच और बिहार एसटीएफ की संयुक्त टीम ने उसे बिहार के नक्सल प्रभावित बांके बाजार क्षेत्र के एक गांव से उस समय दबोचा, जब वह नग्न हालत में सो रहा था। पुलिस को देखते ही उसने चादर लपेटकर छत के रास्ते भागने की कोशिश की, लेकिन घेराबंदी के चलते पकड़ा गया। महज 18 मिनट में लूटा था बैंक जबलपुर में संभवतः पहली बार दिनदहाड़े बैंक में इतनी बड़ी डकैती हुई थी। 11 अगस्त 2025 को पांच हथियारबंद बदमाशों ने महज 18 मिनट में इंसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक से करीब 14.5 करोड़ रुपए मूल्य का सोना और 5 लाख रुपए नकद लूट लिया था। वारदात के बाद पुलिस ने 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और जांच के दौरान गैंग के अधिकांश सदस्य गिरफ्तार कर लिए, लेकिन मास्टरमाइंड सुनील पासवान लगातार फरार रहा। उस पर मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड पुलिस ने कुल ₹1 लाख का इनाम घोषित कर रखा था। ऐसे रची थी सिहोरा बैंक डकैती की साजिश पुलिस के अनुसार बिहार से मध्यप्रदेश आने के बाद सुनील की मुलाकात राजेश दास से हुई। दोनों ने सिहोरा क्षेत्र की तीन बैंकों की रेकी की। इंसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक में सुरक्षा गार्ड नहीं होने के कारण उसे निशाना बनाया गया। गैंग ने करीब 10 दिन तक रेकी की, मझौली क्षेत्र में फेरीवाले के नाम पर किराये का मकान लिया और जबलपुर से मोटरसाइकिल खरीदकर वारदात को अंजाम दिया। नक्सल प्रभावित जंगल में छिपा था एएसपी जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में जबलपुर क्राइम ब्रांच की तीन टीमों ने बिहार एसटीएफ के साथ मिलकर करीब 120 घंटे लगातार निगरानी की। पुलिस को सूचना मिली कि सुनील बांके बाजार के नक्सल प्रभावित जंगल क्षेत्र के तिलैया गांव में छिपा है और जल्द ही ठिकाना बदलने वाला है। 16 जुलाई की रात करीब 2 बजे पुलिस ने उसके ठिकाने पर दबिश दी। वह नग्न अवस्था में सो रहा था। पुलिस को देखते ही भागने की कोशिश की, लेकिन मौके पर ही पकड़ लिया गया। उसके कब्जे से करीब एक करोड़ रुपए मूल्य का सोना भी बरामद किया गया। पत्नी से करवाता 5 हजार की नौकरी करोड़ों रुपए बैंक डकैती से लूटने के बाद भी डकैत सुनील पासवान पत्नी ममता पासवान से नौकरी करवाता था। पुलिस को शक ना हो इसके लिए झारखंड के धनबाद में इसने एक बूटिक सेंटर में पत्नी की नौकरी लगवा रखी थी। दो बेटे भी साथ में रहे थे। पत्नी ममता को हर माह 5 हजार रुपए मिलते थे, जो कि सिर्फ दिखावे के लिए थे। रिश्तेदारों के नाम पर लग्जरी वाहन सुनील पत्नी को हर माह 50 हजार से 1 लाख रुपए भेजा करता था। यह बच्चों की पढ़ाई और घर के कामों में खर्च होता था। रिश्तेदारों के नाम ट्रक-लग्जरी कार बैंक में डैकती डालने के बाद जितना भी गोल्ड या फिर केस मिलता था, उसे वह इनवेस्ट कर दिया करता था। सुनील ने चार से अधिक बड़े ट्रक, 2 लग्जरी कार खरीदी थी। सुनील ने अपनी एक फर्म बना रखी थी। कोल माइंस में गाड़िया लगा रखी थी, जो कि रिश्तेदारों के नाम पर थी, इसके लिए टैक्स और फर्म की जीएसटी फीस सुनील ही भरा किया करता था। चार दिन में बदला करता था ठिकाना एएसपी जितेंद्र सिंह ने बताया कि सुनील पासवान बहुत ही शातिर किस्म का अपराधी था। पुलिस से बचने के लिए यह हर चार दिन में अपना ठिकाना बदल दिया करता था। जिस दिन इसे पकड़ा गया है, उसी सुबह चार बजे वह दूसरे स्थान पर जाने की तैयारी कर रहा था, पर उससे ठीक दो घंटे पहले पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। सुनील पासवान इतना शातिर था कि वह स्मार्ट फोन नहीं बल्कि की-पेड मोबाइल का उपयोग किया करता था। समय-समय पर सिम भी बदल लिया करता था। भागने के लिए लग्जरी कार ना लेकर होंडा हॉर्नेट रेसिंग बाइक का उपयोग किया करता था। 2023 में भी कर चुका है बड़ी बैंक डकैती पुलिस जांच में सामने आया कि सुनील पासवान लंबे समय से अंतरराज्यीय बैंक डकैत गिरोह का सरगना है। उसने 19 सितंबर 2023 को छत्तीसगढ़ के रायगढ़ स्थित एक्सिस बैंक में करीब ₹5.62 करोड़ (₹4.19 करोड़ नकद और ₹1.43 करोड़ का सोना) की डकैती डाली थी। इस मामले में उसके कई साथी गिरफ्तार हुए, लेकिन वह फरार हो गया था। इसके बाद उसने बिहार और झारखंड में भी बैंक लूट और फायरिंग जैसी वारदातों को अंजाम दिया। यह खबरें भी पढ़ें... ESAF बैंक डकैती- दो आरोपी गिरफ्तार, 750 ग्राम सोना बरामद जबलपुर के खितौला स्थित ESAF स्मॉल फाइनेंस बैंक में 14 किलो 800 ग्राम सोने की डकैती के मामले में जबलपुर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। क्राइम ब्रांच और खितौला पुलिस ने शुक्रवार को बिहार के गया जिले से मुख्य आरोपी सुनील पासवान और उसके साथी चंचल पासवान को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों के कब्जे से करीब 750 ग्राम सोना बरामद किया है, जिसकी कीमत करीब सवा करोड़ रुपए है। सुनील पासवान मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ में बैंक डकैती व लूट के मामलों में वांछित था।पूरी खबर पढ़ें एमपी में 14 करोड़ का सोना लूटा, बिहार में छिपाया जबलपुर के सिहोरा में इसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक में 14 करोड़ का सोना और 5 लाख कैश लूटने के मामले का खुलासा हो गया। रविवार को पुलिस ने 4 आरोपियों को दमोह से गिरफ्तार कर लिया। पूरी खबर यहां पढ़ें...
बिहार में पंचायत चुनाव अक्टूबर-नवंबर 2026 की जगह जुलाई-अगस्त 2027 में होने जा रहे हैं। पंचायती राज संस्थाओं के नए सिरे से परिसीमन कराने के चलते चुनाव में देर होगी। इसमें पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद शामिल हैं। परिसीमन का मकसद आबादी के अनुसार संतुलित प्रतिनिधित्व देना है। इससे मुखिया-सरपंच के पदों की संख्या 8041 से बढ़कर 12500 (55% अधिक) हो जाएगी। परिसीमन के बाद जनप्रतिनिधियों को मानदेय देने में बिहार सरकार पर 550 करोड़ रुपए का बोझ बढ़ेगा। 2011 की जनगणना के अनुसार बिहार की जनसंख्या 8 करोड़ 28 लाख है। इसी के आधार पर ग्राम पंचायत के मुखिया, वार्ड सदस्य, सरपंच, पंच, पंचायत समिति सदस्यों और जिला परिषद सदस्यों का निर्वाचन क्षेत्र तय होगा। इससे पहले 1991 की जनगणना के अनुसार 1993-94 में परिसीमन किया गया था। भास्कर की खास रिपोर्ट में पढ़िए, पंचायतों का परिसीमन करने से क्या असर होगा? बिहार सरकार पर कितना बोझ पड़ेगा? पहले जानिए क्या है पंचायतों की वर्तमान स्थितिअभी बिहार में ग्राम पंचायतों की संख्या 8041 है, यानी इतनी ही संख्या मुखिया और सरपंच की है। परिसीमन के बाद पंचायत 8041 से बढ़कर 12,500 हो जाएंगे परिसीमन के बाद वार्ड की संख्या बढ़ जाएगी। मानक के अनुसार 500 की जनसंख्या पर एक वार्ड होंगे। वार्ड की संख्या 1,09,310 से बढ़कर 1,76,000 हो जाएगी। इसका बड़ा असर जनप्रतिनिधियों के मानदेय पर पड़ना तय है। सूत्र के अनुसार जनप्रतिनिधियों को मानदेय देने में 330 करोड़ रुपए की जगह 550 करोड़ रुपए सालाना खर्च होंगे। अभी इन प्रतिनिधियों को मानदेय राज्य वित्त आयोग की अनुदान राशि से दी जाती है। नए परिसीमन के बाद 4500 पंचायत भवन और बनाने होंगे परिसीमन का असर पंचायत में होने वाले विकास कार्यों पर भी पड़ने वाला है। इसके लिए पैसे केन्द्रीय वित्त आयोग और राज्य वित्त आयोग से अनुदान के रूप में मिलते हैं। इसके अलावा स्टेट प्लान से भी विकास योजनाओं के लिए पैसे दिए जाते हैं। परिसीमन के बाद 4500 पंचायत भवन और बनाने होंगे। कन्या विवाह मंडपों का निर्माण कराना होगा। अभी 8041 पंचायतों में तीन हजार पंचायत भवन तैयार हैं, बाकी पर काम चल रहा है। एक पंचायत भवन बनाने में 2-3 करोड़ रुपए लागत आती है। 2025 में नीतीश कुमार ने एक हजार कन्या विवाह भवन का शिलान्यास किया था। एक कन्या भवन के निर्माण में 50 लाख रुपए खर्च होते हैं। अभी कन्या भवनों का निर्माण पूरा नहीं हुआ है। तय समय पर चुनाव नहीं हुए तो ये बड़ा असर तय समय के अनुसार बिहार में पंचायत चुनाव दिसंबर 2026 तक होना था। परिसीमन की वजह से देर तय है। केंद्रीय वित्त आयोग की शर्त है कि तय समय पर चुनाव के बाद ही पैसे मिलेंगे। चुनाव में देर होने से राशि भी एक वर्ष देर से आएगी। इसका असर पंचायतों के विकास कार्यों पर पड़ेगा। हमारी कोशिश है कि चुनाव समय पर हों: दीपक प्रकाश, पंचायती राज मंत्री परिसीमन की वजह से पंचायत चुनाव में देरी के विषय में भास्कर रिपोर्टर ने पंचायती राज विभाग के मंत्री दीपक प्रकाश से बात की। उन्होंने कहा, ‘कैबिनेट का फैसला है कि परिसीमन कराया जाएगा। इससे पंचायत, जिला परिषद आदि के क्षेत्र में बदलाव होगा।’ ‘आरक्षण का रोस्टर 10 साल में बदलना होता है। इसे बदलने का समय हो गया है। निर्वाचन आयोग इसपर काम कर रहा है। परिसीमन के बाद आरक्षण वाला काम होगा। निर्वाचन आयोग मानक के अनुसार परिसीमन करेगा। इसको लेकर कई तरह के प्रस्ताव हैं। उसे फाइनल करने की जरूरत है कि किस-किस रूप में यह होगा।’ ‘पूर्व के क्षेत्र को मानक के अनुसार यथावत रखा जाएगा या व्यापक स्तर पर परिसीमन किया जाएगा इस पर निर्णय हो जाएगा। पूरे राज्य में परिसीमन होना है।’ देर से चुनाव होने पर भी मानदेय मिलता रहेगा इसकी चर्चा काफी है कि अगर समय से पंचायत चुनाव नहीं हुआ तो क्या जनप्रतिनिधि सस्पेंड हो जाएंगे? अगर हुए तो सरकार से मानदेय मिलेगा या नहीं? इस पर मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा, ‘देर से चुनाव होने की स्थिति में किसी पदाधिकारी को प्रशासक बनाया जाता है और बाकी मुखिया, वार्ड सदस्यों की एक समिति बना दी जाती है। ऐसे में इन जनप्रतिनिधियों को मानदेय मिलता रहता है।’ क्यों पंचायत चुनाव को लेकर रहता है आकर्षण? बिहार में पंचायत चुनाव को लेकर बड़ा आकर्षण रहता है। वजह इसके पॉलिटिक्स में एंट्री की न्यूनतम सीढ़ी होना है। ये जनप्रतिनिधि बिहार विधान परिषद के 24 विधान पार्षदों को चुनते हैं।
बिहार के ग्रामीण इलाकों और स्थानीय राजनीति में इस वक्त जबरदस्त खलबली मची हुई है। पटना, मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर और पूर्णिया समेत सूबे के सभी जिलों के पंचायती राज विभागों से इस वक्त की बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। यदि आपके गांव के मुखिया जी ने भी विकास कार्यों में कोई लापरवाही की है या सरकारी बजट का सही इस्तेमाल नहीं किया है, तो अब उनके लिए मुश्किलें बेहद बढ़ने वाली हैं। राज्य सरकार के सख्त आदेश के बाद अब वैसी पंचायतों की एक 'सीक्रेट लिस्ट' (Secret List) तैयार की जा रही है, जहां सरकारी योजनाओं और फंड में भारी गड़बड़ी या भ्रष्टाचार की शिकायतें मिली हैं। इस बार केवल मुखिया जी ही नहीं, बल्कि उनके इस खेल में बराबर के साझीदार रहे पंचायत सचिवों (Panchayat Secretaries) पर भी सीधा एक्शन होने जा रहा है।मुख्यमंत्री के निर्देश पर पंचायती राज विभाग हुआ बेहद सख्तदरअसल, बिहार में ग्रामीण विकास और पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर साल अरबों रुपये का बजट आवंटित किया जाता है। लेकिन धरातल पर कई जगहों से नली-गली योजना, सात निश्चय योजना और जल-जीवन-हरियाली जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं में भारी बंदरबांट की शिकायतें लगातार सरकार तक पहुंच रही थीं। इस गंभीर मामले का संज्ञान लेते हुए विभाग ने सभी जिलों के जिलाधिकारियों (DMs) और जिला पंचायती राज पदाधिकारियों (DPROs) को एक विशेष ऑडिट और जांच का जिम्मा सौंपा है। इस जांच के तहत सभी विकास कार्यों का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) कराया जा रहा है, जिससे मुखिया और सचिवों के पसीने छूट रहे हैं।मुखिया जी के साथ-साथ पंचायत सचिवों पर भी होगी बड़ी कार्रवाईअब तक के प्रशासनिक रवैये में अक्सर देखा जाता था कि वित्तीय गड़बड़ी के मामलों में केवल मुखिया पर ही गाज गिरती थी, जबकि पर्दे के पीछे खेल करने वाले सरकारी कर्मचारी यानी पंचायत सचिव बच निकलते थे। लेकिन इस बार सरकार ने अपनी रणनीति पूरी तरह बदल दी है। नए नियम और कड़े दिशा-निर्देशों के मुताबिक, यदि किसी पंचायत में वित्तीय अनियमितता पाई जाती है, तो उसके लिए मुखिया के साथ-साथ वहां तैनात पंचायत सचिव को भी समान रूप से जिम्मेदार माना जाएगा। विभाग ने साफ कर दिया है कि दोषी पाए जाने वाले सचिवों को न केवल निलंबित (Suspend) किया जाएगा, बल्कि उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई और जरूरत पड़ने पर एफआईआर (FIR) भी दर्ज कराई जाएगी।इन जिलों और ब्लॉकों में सबसे पहले शुरू हुई सीक्रेट लिस्टिंगसूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जांच की इस रडार पर सबसे पहले उन पंचायतों को रखा गया है जहां से स्थानीय ग्रामीणों ने जन शिकायत निवारण प्रणाली या सीधे विभाग को लिखित रूप से भ्रष्टाचार की शिकायतें भेजी थीं। पटना, वैशाली, सारण, दरभंगा और आरा जैसे जिलों के कई ब्लॉकों में विशेष जांच दल (SIT) गुप्त रूप से फाइलों की स्क्रूटनी कर रहे हैं। इस लिस्टिंग में योजनाओं के नाम पर बिना काम कराए ही राशि की निकासी कर लेने (Paper Work Fraud) और घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल करने वाले मामलों को सबसे ऊपर रखा गया है।ग्रामीणों में जागी उम्मीद, भ्रष्ट आचरण पर लगेगा कड़ा लगामसरकार की इस ताबड़तोड़ और सख्त कार्रवाई की खबर जैसे ही गांवों तक पहुंची है, वैसे ही आम जनता में खुशी की लहर दौड़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि धरातल पर योजनाओं का काम न के बराबर होता है और कागजों पर बड़ी-बड़ी बातें दर्ज कर ली जाती हैं। मुखिया और सचिव की इस साठगांठ के टूटने से अब गांवों में असली विकास होने की उम्मीद जगी है। फिलहाल, सभी जिलों से दागी पंचायतों और उनके जनप्रतिनिधियों व कर्मचारियों की सूची कंपाइल कर सीधे पंचायती राज विभाग के मुख्यालय पटना भेजी जा रही है, जिसके बाद किसी भी वक्त बड़े एक्शन का आधिकारिक आदेश जारी हो सकता है।
चतरा पुलिस ने गया जिले की एलएलबी छात्रा दिव्या कुमारी पासवान की हत्या के मामले में बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, दिव्या की हत्या उसके प्रेमी राहुल यादव ने कोर्ट में गवाही रोकने की साजिश के तहत की थी। इस मामले में एक आरोपी गिरफ्तार किया गया है। जबकी मुख्य आरोपी फरार है। दिव्या का शव बीते 26 जून को चतरा के हंटरगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत जजलो स्थित एक बंद पत्थर खदान से बरामद हुआ था। दिव्या ने राहुल पर किया था केस दिव्या और राहुल के बीच लंबे समय से प्रेम-प्रसंग था। राहुल द्वारा शादी से मुकरने और शारीरिक शोषण करने पर दिव्या ने शेरघाटी में केस किया था, जिसमें राहुल जेल भी गया था। मृतका के परिजनों के अनुसार, अगले सप्ताह एससी-एसटी कोर्ट में राहुल के खिलाफ दिव्या की अहम गवाही होनी थी। इसी केस को उठवाने और गवाही रोकने के लिए राहुल ने 24 जून को उसे धोखे से बुलाया, हत्या की और शव खदान में फेंक दिया। केस उठाने की धमकी का ऑडियो हुआ था वायरल एसडीपीओ सन्नी वर्धन ने बताया कि मृतका के एक वायरल ऑडियो और त्वरित जांच ने इस ब्लाइंड मर्डर केस की गुत्थी सुलझाने में मदद की। ऑडियो में राहुल द्वारा दिव्या पर केस उठाने का दबाव दिया जा रहा था। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छोपमारी जारी इस हत्याकांड में संलिप्त एक अपराधी नेपाली गंझू को बिहार के गया से गिरफ्तार किया है। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है। उसके पास से मृतका का वन-प्लस मोबाइल और कुछ नगद बरामद किया गया है। फिलहाल, झारखंड और बिहार पुलिस संयुक्त रूप से जांच कर रही है तथा मुख्य आरोपी राहुल यादव की गिरफ्तारी के लिए सघन छापेमारी जारी है।
बिहार की राजधानी पटना से एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं बल्कि राज्य की सियासत में भी भूचाल ला दिया है। पटना के कोतवाली थाना क्षेत्र के करबिगहिया से अपहृत किराना दुकानदार बंटी यादव की बेरहमी से हत्या का मामला सामने आने के बाद विपक्ष नीतीश सरकार पर हमलावर है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से लेकर जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर तक, तमाम विपक्षी नेताओं ने बिहार की कानून-व्यवस्था को पूरी तरह फेल करार दिया है। इस पूरे हत्याकांड में जिस नाम ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी हैं और जो इस साजिश के केंद्र में है, वह है 'मोनी किन्नर'। पुलिस थ्योरी के मुताबिक, मोनी किन्नर के इशारे पर ही बंटी कुमार की इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया।पुलिस की शुरुआती जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उनके अनुसार मोनी किन्नर पटना के किन्नर समुदाय से जुड़ी एक बेहद रसूखदार शख्सियत है। वह इलाके में चल रहे अवैध शराब के एक बड़े सिंडिकेट की सरगना बताई जा रही है। हालांकि, इससे पहले उसका नाम किसी भी पुलिस रिकॉर्ड या आपराधिक मामले में सामने नहीं आया था। स्थानीय स्तर पर उस पर अवैध शराब के धंधे के साथ-साथ देह व्यापार रैकेट चलाने के भी आरोप लग रहे हैं, लेकिन पुलिस ने अभी तक इस दूसरे एंगल पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।अवैध शराब में हिस्सेदारी और मुखबिरी का शक बना मौत की वजहपुलिस के आधिकारिक खुलासे के मुताबिक, बंटी यादव और मोनी किन्नर के बीच विवाद की मुख्य वजह अवैध शराब के कारोबार में हिस्सेदारी (पार्टनरशिप) को लेकर था। इस मुद्दे पर दोनों के बीच पहले भी तीखी कहासुनी हो चुकी थी। इसके अलावा, मोनी किन्नर को यह गहरा शक था कि बंटी ने ही पुलिस से मुखबिरी करके उसकी तीन सहेलियों (सहयोगियों) को जेल भिजवाया है। इस शक और रंजिश के कारण मोनी किन्नर बंटी से बेहद नाराज चल रही थी। उसने बंटी को रास्ते से हटाने के लिए अपने सबसे करीबी साथी रविश कुमार उर्फ 'बीसीया' के साथ मिलकर एक खौफनाक साजिश रची और मर्डर का पूरा प्लान तैयार किया।6 से 11 जुलाई: बंटी यादव केस का पूरा घटनाक्रमइस पूरे मामले में पुलिस की कार्यशैली से नाराज परिजनों और स्थानीय लोगों ने भारी आक्रोश जताया। जानिए किस दिन क्या-क्या हुआ:6 जुलाई: रात के वक्त बंटी के पास एक अज्ञात कॉल आई, जिसने उसे महावीर मंदिर के पास बुलाया। उसी दिन टाटा पार्क के पास से बंटी को किडनैप कर लिया गया। देर रात परेशान परिजन कोतवाली थाने पहुंचे और गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।7 जुलाई: बंटी का कोई सुराग न मिलने पर परिजन दोबारा थाने पहुंचे और स्थानीय लोगों के साथ मिलकर पुलिसिया लापरवाही के खिलाफ थाने में भारी हंगामा किया।8 जुलाई: पुलिस की धीमी कार्रवाई से गुस्साए परिजनों और स्थानीय निवासियों ने करबिगहिया मुख्य मार्ग को कई घंटों तक पूरी तरह जाम रखा।10 जुलाई: इंसाफ की मांग को लेकर लोगों ने कैंडल लाइट मार्च निकाला और जीपीओ फ्लाईओवर, चिड़ैयाटाड़ व करबिगहिया इलाके में चक्का जाम कर दिया।11 जुलाई: पटना के अथमलगोला इलाके में एक भैंस चराने वाले व्यक्ति को नदी/झाड़ियों के पास बंटी का शव दिखाई दिया, जिसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी गई।शराब पार्टी के बाद किडनैपिंग, पहचान मिटाने के लिए चेहरा कुचलागिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में जो कबूलनामा किया है, वह रोंगटे खड़े करने वाला है। आरोपियों के मुताबिक, वारदात वाले दिन उन्होंने पहले जमकर शराब पार्टी की, जिसके बाद बंटी को किडनैप किया गया। बंटी को एक सुनसान जगह ले जाकर बेरहमी से पीटा गया। उसकी पहचान पूरी तरह मिटाने के उद्देश्य से ईंट-पत्थरों और भारी हथियारों से उसके चेहरे, आंख और नाक पर ताबड़तोड़ वार किए गए ताकि शव की शिनाख्त न हो सके।जब बंटी का शव बरामद हुआ, तो उस पर हुई हैवानियत साफ दिख रही थी। उसके दाहिने हाथ की खाल पूरी तरह गायब थी और सिर्फ हड्डियां बची थीं। पूरे शरीर पर चोट के गहरे जख्म थे। हत्यारों की क्रूरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बंटी के दाहिने हाथ पर एक टैटू बना था, जिससे उसकी पहचान हो सकती थी; आरोपियों ने नुकीले हथियार से गोद-गोदकर उस टैटू को शरीर से पूरी तरह मिटा दिया था।मोनी किन्नर और रवीश उर्फ बीसीया: अवैध धंधा और इश्क का कॉकटेलइस हत्याकांड की जांच में एक बेहद चौंकाने वाला लव एंगल भी सामने आया है। मोनी किन्नर के अवैध शराब के पूरे नेटवर्क और सिंडिकेट को संभालने का काम रविश कुमार उर्फ बीसीया करता था, जो उसका सबसे खास राइट हैंड था। स्थानीय चर्चाओं और सूत्रों की मानें तो रवीश, मोनी किन्नर के प्यार में पूरी तरह पागल था और दोनों के बीच गहरे प्रेम संबंध थे। दोनों मिलकर उत्तर प्रदेश से अवैध रूप से शराब खरीदते थे और ट्रेनों के जरिए उसे बिहार (पटना) लाते थे। यहां लोकल डिलीवरी बॉयज के माध्यम से शराब की सप्लाई की जाती थी। इस अवैध धंधे की कमाई और वसूली के प्रबंधन का पूरा जिम्मा मोनी किन्नर खुद संभालती थी। जब बंटी ने इस धंधे में अपनी हिस्सेदारी मांगी और मोनी से झगड़ा किया, तो रवीश ने मोनी के दुश्मन को अपना खुद का जानी दुश्मन मान लिया।लग्जरी लाइफस्टाइल और पुलिस का अगला कदमअवैध शराब के इस काले कारोबार से मोनी किन्नर और रवीश ने चंद सालों में अकूत संपत्ति बना ली थी। दोनों बेहद आलीशान और लग्जरी लाइफस्टाइल जीते थे। रवीश को महंगी-महंगी स्पोर्ट्स बाइक्स और लग्जरी कारों में घूमने का शौक था, जबकि मोनी किन्नर भी हमेशा खुद को मेंटेन रखती थी और कीमती गाड़ियों से चलती थी। हालांकि, पुलिस का कहना है कि संपत्ति के इन दावों की अभी वित्तीय जांच की जा रही है।पटना पुलिस अब इस मामले में आर्थिक अपराध के एंगल से भी तफ्तीश कर रही है। पुलिस यह पता लगा रही है कि मोनी किन्नर के नाम पर कुल कितने मकान, फ्लैट, गाड़ियां और बैंक खाते हैं। इस अवैध नेटवर्क में कुल कितने लोग शामिल थे और इसका फायदा किन-किन सफेदपोशों को मिल रहा था। क्या इनके तार दूसरे राज्यों से भी जुड़े हैं, इस पर भी जांच जारी है। फिलहाल, पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए मुख्य शूटर रवीश कुमार उर्फ बीसीया को एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है, साथ ही शंकर कुमार, रौशन कुमार, रोहित कुमार, सोनू, सुरज और बजरंगी समेत कुल 5 से ज्यादा आरोपी दबोचे जा चुके हैं। हालांकि, मास्टरमाइंड मोनी किन्नर अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
पूर्वी चंपारण के जीके मेमोरियल स्कूल ने शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। आईडीआईआरएफ (IDIRF) इंडिपेंडेंट स्कूल रैंकिंग 2026 में विद्यालय को बिहार के सभी निजी स्कूलों में पहला स्थान मिला है। राष्ट्रीय स्तर पर भी इसने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए देशभर के निजी विद्यालयों में 39वीं रैंक प्राप्त की है। इस उपलब्धि से पूर्वी चंपारण सहित पूरे बिहार में खुशी और गर्व का माहौल है। विद्यालय की इस सफलता ने जिले और राज्य का नाम रोशन किया है। विद्यालय परिसर में कार्यक्रम का आयोजन इस ऐतिहासिक अवसर पर विद्यालय परिसर में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें प्रबंधन समिति के सदस्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं और अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने एक-दूसरे को बधाई दी और इस सफलता को सामूहिक प्रयास का परिणाम बताया। विद्यालय के निदेशक अमरेंद्र प्रताप ने इस अवसर पर कहा कि यह उपलब्धि केवल जीके मेमोरियल स्कूल की नहीं, बल्कि पूरे पूर्वी चंपारण और बिहार के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने बताया कि विद्यालय का लक्ष्य केवल अच्छे परीक्षा परिणाम प्राप्त करना नहीं है, बल्कि छात्रों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना है। नवाचार और नैतिक मूल्यों को विशेष महत्व निदेशक ने आगे कहा कि विद्यालय में अनुशासन, आधुनिक शिक्षण पद्धति, नवाचार और नैतिक मूल्यों को विशेष महत्व दिया जाता है। इससे विद्यार्थियों का समग्र व्यक्तित्व विकसित हो पाता है। उन्होंने इस सफलता को शिक्षकों की मेहनत, विद्यार्थियों के समर्पण और अभिभावकों के सहयोग का संयुक्त परिणाम बताया। गौरतलब है कि आईडीआईआरएफ स्कूल रैंकिंग केवल परीक्षा परिणामों पर आधारित नहीं होती। इसमें शिक्षा की गुणवत्ता, शिक्षण प्रक्रिया, नवाचार, अधोसंरचना, संस्थागत सुशासन और विद्यार्थियों के समग्र विकास जैसे कई महत्वपूर्ण मानकों को ध्यान में रखा जाता है। विद्यालय ने भविष्य में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन जारी रखने का संकल्प लिया है। जीके मेमोरियल स्कूल की यह सफलता अन्य शैक्षणिक संस्थानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है। यह दर्शाता है कि बेहतर दृष्टिकोण और समर्पण के बल पर उच्च मानक स्थापित किए जा सकते हैं।छोटे शहरों के विद्यालय भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में पूर्णिया जिले का नवाचार अब पूरे बिहार के लिए एक मॉडल बनने जा रहा है। 'पूर्णिया लाइव क्लासेस' की सफलता को देखते हुए, इसे अब पूरे राज्य में 'बिहार लाइव क्लासेस' के रूप में विस्तारित किया जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने गुरुवार को पूर्णिया लाइव क्लासेस का डेमो देखा। इससे प्रभावित होकर मुख्यमंत्री ने इसे 15 अगस्त तक सम्पूर्ण बिहार के सभी स्कूलों में लागू करने का निर्देश दिया है। पहले चरण में पूर्णिया स्थित अत्याधुनिक हब स्टूडियो से लाइव कक्षाओं का प्रसारण पटना जिले के 150 सरकारी विद्यालयों में किया गया। आने वाले समय में इसे राज्य के सभी जिलोंके सरकारी स्कूलों तक पहुंचाने की योजना है। इसका उद्देश्य सरकारीविद्यालयों के विद्यार्थियों को विषय विशेषज्ञ शिक्षकों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। हजारों छात्रों को मिल रही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार ने बताया कि वर्तमान में पूर्णिया के 265 विद्यालय इस व्यवस्था से जुड़े हुए हैं। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से कक्षा 9, 10 और 12वीं के विद्यार्थियों के साथ-साथ आईआईटी (IIT) और नीट (NEET) जैसी कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कराई जा रही है। इस पहल का परिणाम वर्ष 2024 की परीक्षाओं में साफ दिखा है। पूर्णिया के छात्रों ने न केवल बोर्ड और इंटर की परीक्षाओं में बिहार टॉपर बनकर जिले का नाम रोशन किया, बल्कि मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में भी उत्कृष्ट सफलता हासिल की है। जिला स्कूल परिसर में नए पुस्तकालय का निर्माण लाइव क्लासेस के निरीक्षण के बाद, जिलाधिकारी ने जिला स्कूल परिसर में निर्माणाधीन पुस्तकालय के कार्यों का जायजा लिया। काम की गति और गुणवत्ता को देखते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए । पुस्तकालय का उद्घाटन आगामी 25 जुलाई 2026 को किया जाएगा । पुस्तकालय में छात्रों के लिए सभी आवश्यक संसाधनों की सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें अध्ययन के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेन्द्र कुमार ने बुधवार को विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला की तैयारियों का जायजा लेने के लिए भागलपुर में अजगैबीनाथ धाम सुल्तानगंज का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मसदी पंचायत स्थित डाक बंगला निरीक्षण भवन में पुल निर्माण और पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर मेला से संबंधित विकास काम की प्रगति की जानकारी ली। नगर परिषद सभागार में आयोजित बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, वार्ड पार्षदों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ श्रावणी मेला क्षेत्र में चल रहे काम और व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। 22 जुलाई तक काम पूरा करने का आदेश मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े सभी काम हर हाल में 22 जुलाई तक पूरा कर लिए जाएं, ताकि श्रावणी मेला में आने वाले लाखों कांवरियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। समीक्षा बैठक के बाद मंत्री ने अजगैबीनाथ गंगा घाट, नमामि गंगे घाट और कच्ची कांवरिया पथ का स्थल निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस अवसर पर मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि श्रावणी मेला बिहार की पहचान है और सरकार श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मेला की तैयारियों को लेकर अधिकारियों, वार्ड पार्षदों और प्रबुद्ध नागरिकों से सुझाव लिए गए हैं और सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया गया है। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी स्वयं श्रावणी मेला की तैयारियों पर नजर रखे हुए हैं और श्रद्धालुओं की सुविधा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। फोरलेन सड़क में उद्घाटन से पहले आई दरार के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मामले की जांच कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक मरम्मत एवं सुधार के निर्देश दिए जाएंगे। बैठक और निरीक्षण कार्यक्रम में विधायक प्रो. ललित नारायण मंडल, एसडीओ धनंजय कुमार, कार्यपालक पदाधिकारी अभिषेक आनंद सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बिहार सरकार की ओर से हर साल श्रावणी मेला का आयोजन किया जाता है। इस साल भी पर्यटन विभाग तैयारियों में लगा हुआ है। श्रावणी मेला 2026 को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए बिहार सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पर्यटन विभाग ने 'एक इंफ्लुएंसर की नजर से' नाम से विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत श्रावणी मेले की आस्था, संस्कृति और पर्यटन को दर्शाने वाले श्रेष्ठ कंटेंट के लिए 3 लाख रुपये तक के नकद पुरस्कार दिए जाएंगे। इसमें देशभर के कंटेंट क्रिएटर, ट्रैवल ब्लॉगर, फोटोग्राफर, वीडियोग्राफर और रील मेकर भाग ले सकते हैं। कांवड़ यात्रा से लेकर बाबाधाम मंदिर की दिखेगी झलक पर्यटन विभाग की ओर से जारी विज्ञापन में प्रतिभागियों से कहा गया है कि वे कांवड़ यात्रा, बाबाधाम मंदिर, धार्मिक परंपराएं, सेवा शिविर, लोक संस्कृति, प्राकृतिक सुंदरता और श्रद्धालुओं की आस्था को रचनात्मक तरीके से अपने कंटेंट में दिखाएं। बिहार टूरिज्म की वेबसाइट पर जाकर रजिस्टर करके अपलोड करना होगा। इस प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को नकद पुरस्कार दिया जाएगा। पर्यटन विभाग चाहता है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए श्रावणी मेले की भव्यता अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे। बांका जिले को मिलेगा अधिक लाभ इस पहल का सबसे अधिक लाभ बांका जिले के कंटेंट क्रिएटर्स और स्थानीय लोगों को मिलने की उम्मीद है। सुल्तानगंज से देवघर तक करीब 105 किलोमीटर लंबी कांवड़ यात्रा में लगभग 55 किलोमीटर का रास्ता बांका जिले से होकर गुजरता है। अमरपुर, शंभूगंज, कटोरिया, बेलहर और चांदन जैसे क्षेत्रों में हर साल लाखों कांवरिये पहुंचते हैं। यहां की प्राकृतिक सुंदरता, सेवा शिविर और हर-हर महादेव के जयकारे श्रद्धालुओं को खास अनुभव देते हैं।
कोडरमा रेलवे स्टेशन पर देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब लूप लाइन में खड़ी कोयला लदी एक मालगाड़ी के डिब्बे से अचानक धुआं उठने लगा। यह घटना धनबाद-गया रेल खंड पर हुई। जहां बड़काकाना से कोयला लोड कर बिहार के बाढ़ स्थित एनटीपीसी जा रही मालगाड़ी को स्टेशन पर रोका गया था। कुछ ही देर बाद एक डिब्बे से धुआं निकलते देख आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल रेलवे अधिकारियों को इसकी सूचना दी, जिसके बाद मौके पर हलचल तेज हो गई। स्थिति को संभालने के प्रयास शुरू कर दिए गए। आधे घंटे तक करना पड़ा इंतजार घटना की सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारियों ने अग्निशमन विभाग को बुलाया और दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंच गई। लेकिन ट्रेन के ऊपर से गुजर रही हाई टेंशन बिजली लाइन चालू होने के कारण दमकल कर्मियों को तुरंत कार्रवाई शुरू करने में परेशानी हुई। सुरक्षा कारणों से उन्हें करीब आधे घंटे से अधिक समय तक इंतजार करना पड़ा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, उस समय कई विशेष और मुख्य ट्रेनें आसपास के स्टेशनों और घाट सेक्शन से गुजर रही थीं। ऐसे में बिजली आपूर्ति बाधित करने से ट्रेनों का परिचालन प्रभावित होता। इसी वजह से लाइन काटने में देरी हुई। सतर्कता से टला बड़ा खतरा जैसे ही बिजली लाइन को बंद किया गया, अग्निशमन विभाग के कर्मी तुरंत सक्रिय हो गए। वे डिब्बे पर चढ़े और करीब 15 मिनट की मशक्कत के बाद धुएं पर पूरी तरह काबू पा लिया। राहत की बात यह रही कि समय रहते स्थिति नियंत्रित कर ली गई। किसी तरह की बड़ी आग या विस्फोट की घटना नहीं हुई। रेलवे और अग्निशमन विभाग की तत्परता से एक संभावित बड़े हादसे को टाल दिया गया। घटना के बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली। आग कैसे लगी इसकी जांच शुरू कर दी गई है।
राज्य सरकारों की जनकल्याणकारी योजनाओं और पोर्टल्स पर हैकर्स के बड़े साइबर हमले हो रहे हैं। हैकर्स आम लोगों और लाभार्थियों का डेटा डार्क-वेब पर बेच रहे हैं। इसका खुलासा तब हुआ जब भास्कर टीम ने 5 आईटी एक्सपर्ट्स के साथ मिलकर 100 घंटे तक इन्वेस्टिगेशन की। इस पड़ताल में सामने आया कि भारत के नागरिकों का डेटा डार्क-वेब के जरिए रूस के साइबर बाजारों में खुलेआम बिक रहा है। सरकारी पोर्टल्स के लॉगिन आईडी और पासवर्ड की कीमत महज 10 डॉलर (लगभग 930 रुपए) रखी गई है। डार्क-वेब पर ‘बिग ब्रदर’ नाम के एक पेज पर देश के 17 महत्वपूर्ण सरकारी विभागों का डेटा बिक्री के लिए उपलब्ध है। इनमें छत्तीसगढ़, केरल, बिहार, महाराष्ट्र वन विभाग, कोल इंडिया और राष्ट्रीय आयुष मिशन जैसे संवेदनशील विभाग शामिल हैं। पड़ताल में यह भी सामने आया कि देश में जितने म्यूल अकाउंट और फर्जी पहचान के मामले आ रहे हैं, उनके लिए डेटा यहीं से खरीदा जा रहा है। जब टीम भास्कर ने डार्क-वेब और इससे जुड़े टेलीग्राम के ‘स्लम फ्री’ चैनल पर पड़ताल शुरू की, तो हैकर्स ने टीम के सिस्टम पर भी वायरस फाइलों के जरिए जवाबी हमला कर दिया। हैकर्स का मकसद सिस्टम में घुसकर फेसबुक प्रोफाइल और तस्वीरों सहित सभी निजी जानकारियां चुराना था। भास्कर एक्सपर्ट अभिषेक त्रिपाठी, साइबर एक्सपर्ट लापरवाही पर 1 करोड़ तक जुर्माना अपराधी डार्क-वेब से नागरिकों के सरकारी दस्तावेज और निजी डेटा खरीदकर फर्जी आईडी बनाते हैं। इसका उपयोग ‘म्यूल अकाउंट’ खोलने व वित्तीय धोखाधड़ी में किया जाता है। यदि हैकर्स के हाथ ‘सुपर यूजर’ या एडमिन अकाउंट लग जाता है, तो वे सीधे लाभार्थियों को मिलने वाली सरकारी सहायता को किसी अन्य फर्जी खाते में ट्रांसफर कर सकते हैं। नवंबर 2027 से देश में डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट लागू होगा। तब सरकारी विभाग से लोगों का डेटा लीक होने पर संबंधित विभाग पर 1 करोड़ रुपए तक जुर्माना लग सकेगा। साइबर हमलों की स्थिति… जांच में सामने आया कि हैकर्स ने मुख्य रूप से ‘वाइडर’, ‘रंधामाइट्स’और ‘लूमा सी-2’ जैसे खतरनाक वायरस का इस्तेमाल करके डेटा चुराया है 1. राजस्थान (पोर्टल: sso.rajasthan.gov.in और janadhar.rajasthan.gov.in) 2. मध्य प्रदेश (राजस्व विभाग पोर्टल: saara.mp.gov.in) वाइडर वायरस से प्रभावित मिला 3. बिहार (पोर्टल: sspmis.bihar.gov.in और 7-निश्चय पोर्टल), ये एक्रीड वायरस प्रभावित
मौसम विभाग ने 16 और 17 जुलाई को किशनगंज, कटिहार, पश्चिम चंपारण और अररिया में भारी बारिश की संभावना जताई है। वहीं सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, सुपौल समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट है। इस दौरान राज्य के कई हिस्सों में 30 से 40Kmph की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। वहीं, पटना समेत दक्षिण बिहार में बादल छाए रहेंगे। कुछ इलाकों में हल्की बारिश की संभावना है। बिहार में मानसून की रफ्तार धीमी है। दक्षिण बिहार के कई जिले सूखे जैसी स्थिति का सामना कर रहे हैं, जबकि उत्तर बिहार में लगातार बारिश हो रही है। 14 जुलाई तक राज्य में सामान्य से 41% कम बारिश दर्ज की गई है। बीते 24 घंटे में कैसा रहा मौसम बिहार में बुधवार को बिजली गिरने से एक बच्चा समेत 3 लोगों की मौत हो गई। गयाजी में स्कूल जा रहे 3 छात्रों पर आकाशीय बिजली गिरी। इसमें एक की मौत हो गई है। 2 छात्रों की हालत गंभीर है। दोनों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं, समस्तीपुर में दो अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली की चपेट में आने से महिला समेत दो की मौत हो गई। घटना में एक बच्चा गंभीर रूप से झुलस है। घटना सरायरंजन प्रखंड के लगमा और रायपुर बुजुर्ग गांव की है। बुधवार को पटना, बगहा, पूर्वी चंपारण, बेगूसराय, समस्तीपुर, गयाजी,जहानाबाद, सीतामढ़ी, पूर्णिया में सुबह तेज बारिश हुई। वहीं, 37.3 डिग्री के साथ कैमूर सबसे गर्म जिला रहा। पटना का तापमान 35 डिग्री दर्ज किया गया। इधर, नेपाल में हो रही बारिश के कारण बिहार की कई नदियां उफान पर हैं। कोसी, गंडक, कमला सहित कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। मंगलवार को इस साल का सबसे अधिक पानी इन नदियों में रिकॉर्ड किया गया। पटना में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। वाल्मीकिनगर गंडक बराज के भी सभी 36 फाटक आंशिक रूप से खोल दिए गए और बराज से 1 लाख 75,000 लाख क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया। इससे वाल्मीकिनगर जंगल समेत आसपास के निचले इलाकों में पानी फैल गया। बुधवार की सुबह पटना में बारिश हुई। वहीं, बेगूसराय, पूर्णिया और जहानाबाद में दोपहर के बाद मौसम बदला और तेज बारिश हुई। बिहार के प्रमुख जिलों का तापमान… आगे कैसा रहेगा मौसम बिहार के कई जिलों में अगले 7 दिन भारी बारिश का अलर्ट है। 16 से 20 जुलाई तक अररिया, किशनगंज, कटिहार, पूर्वी-पश्चिमी चंपारण, भागलपुर और जमुई में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। राजधानी में गुरुवार को दिनभर आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ एक-दो दौर की बारिश या गरज के साथ बौछार पड़ सकती है।
सुपौल के छातापुर मुख्यालय स्थित सुरपत सिंह उच्च प्लस टू विद्यालय भवन में संचालित राजकीय डिग्री कॉलेज का बुधवार को विधिवत शुभारंभ किया गया। स्थानीय विधायक नीरज कुमार सिंह बबलू ने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के लाइव संबोधन के बाद अतिथियों के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर कॉलेज का उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने प्रशासनिक भवन का फीता काटकर उद्घाटन भी किया। नेता, छात्र-छात्राएं और अभिभावक मौजूद रहे कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. मो. तबरेज आलम की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में त्रिवेणीगंज एसडीएम अभिषेक कुमार, सुपौल नगर परिषद के मुख्य पार्षद राघवेंद्र झा 'राघव', प्रखंड प्रमुख आशिया देवी, वरिष्ठ नेता शालीग्राम पांडेय, मुखिया संघ के अध्यक्ष किशोर कुमार मुन्ना सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, भाजपा एवं एनडीए के नेता-कार्यकर्ता, छात्र-छात्राएं और अभिभावक मौजूद रहे। राज्य में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम समारोह को संबोधित करते हुए विधायक नीरज बबलु ने कहा कि यह दिन केवल छातापुर ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार के लिए ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए एक साथ 211 राजकीय डिग्री कॉलेजों का शुभारंभ किया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूर-दराज के शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। उन्नत शिक्षा से उज्ज्वल भविष्य विधायक ने पढ़ेगा बिहार तो बढ़ेगा बिहार और उन्नत शिक्षा से उज्ज्वल भविष्य जैसे नारों के साथ शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बिना शिक्षा के जीवन में आगे बढ़ना संभव नहीं है। किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल करने के लिए गुणवत्तापूर्ण और संपूर्ण शिक्षा आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से कॉलेज भेजें, ताकि वे शिक्षित होकर अपने परिवार, समाज और राज्य का नाम रोशन कर सकें। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा के विस्तार और युवाओं के भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में सरकार की पहल की सराहना की गई। समारोह का समापन अतिथियों के सम्मान और कॉलेज परिसर के निरीक्षण के साथ हुआ।
भागलपुर से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को बिहार के 211 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज की शुरुआत की। काशील गांव में मंच से CM ने लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा, ये आजादी के बाद सबसे बड़ा कदम है। इन डिग्री कॉलेजों की लगातार मॉनिटरिंग होगी। अगले 1 साल में नई जगह पर विक्रमशिला यूनिवर्सिटी की स्थापना की जाएगी। भागलपुर में AI और कंप्यूटर साइंड के लिए एक और कॉलेज खोलेंगे। मुख्यमंत्री ने बिहार से बाहर रह रहे लोगों से लौटने की अपील की। CM ने अपराधियों को चेतावनी देते हुए कहा कि आप लोगों के लिए एक ही ऑप्शन है भागलपुर जेल या बिहार छोड़कर चले जाइए। CM की स्पीच की 8 बड़ी बातें किराए के या खाली सरकारी भवनों में बने डिग्री कॉलेज नए कॉलेजों में अब तक 60 हजार से अधिक छात्रों का नामांकन हुआ है। सबसे अधिक नामांकन मुंगेर विश्वविद्यालय के तहत आने वाले 40 से अधिक कॉलेजों में हुए हैं। विषयों की बात करें तो छात्रों ने सबसे ज्यादा रुचि हिंदी और इतिहास में दिखाई है। एक डिग्री कॉलेज बनाने का कुल बजट लगभग 15 करोड़ रुपए है। पहले फेज में इन्हें किराए के या खाली सरकारी भवनों में शुरू किया गया है। पुराने भवनों की मरम्मत और फर्नीचर पर प्रति कॉलेज 50 लाख रुपए खर्च किए गए हैं। जो जमीन देगा उसी के नाम पर होगा कॉलेज कॉलेज निर्माण के लिए ग्रामीण क्षेत्र में 5 एकड़ और शहरी क्षेत्र में 2.5 एकड़ जमीन ली जा रही है। जमीन दान देने वालों के नाम पर ही कॉलेज का नाम रखा जाएगा। अभी विश्वविद्यालय के शिक्षकों को इन कॉलेजों में प्रतिनियुक्त किया गया है।
1.5 करोड़ में बिक रहा था TET का पेपर! बिहार से हरियाणा तक फैला सॉल्वर गैंग का जाल
देश के लाखों युवाओं के भविष्य और शिक्षक बनने के सपने के साथ खिलवाड़ करने वाले एक बहुत बड़े सॉल्वर गैंग और पेपर लीक माफिया का भंडाफोड़ हुआ है। साल 2026 की शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टीईटी (TET Paper Leak 2026) का प्रश्नपत्र परीक्षा से ठीक पहले लीक करने और उसे मोटी रकम में बेचने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जांच एजेंसियों की शुरुआती कार्रवाई में यह खुलासा हुआ है कि इस बार के टीईटी पेपर को लीक करने के लिए माफियाओं के बीच पूरे 1.5 करोड़ रुपये की भारी-भरकम डील तय हुई थी। इस खुलासे के बाद शिक्षा जगत से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक में हड़कंप मच गया है।बिहार से हरियाणा तक फैला है माफियाओं का सिंडिकेट, हाई-टेक तरीके से लीक हुआ पेपरइस महा-घोटाले की जांच में जुटे अधिकारियों के मुताबिक, इस पेपर लीक नेटवर्क का मुख्य केंद्र बिंदु बिहार और हरियाणा राज्य बनकर उभरे हैं। बिहार के कूटनीतिक और शातिर सॉल्वर गैंग ने परीक्षा केंद्र के भीतर से पेपर को लीक करवाया और इसे तुरंत हरियाणा में बैठे अपने आकाओं और डीलरों तक डिजिटल माध्यम से पहुंचा दिया। इस रैकेट में कई बड़े कोचिंग संचालकों, प्रिंटिंग प्रेस के संदिग्ध कर्मचारियों और हाई-टेक हैकर्स के शामिल होने की बात सामने आ रही है। पुलिस ने बिहार के पटना, गया और हरियाणा के रोहतक, जींद जैसे प्रमुख शहरों में एक साथ छापेमारी कर कई मुख्य आरोपियों को दबोच लिया है।आखिर कितने राज्यों में फैले हैं तार, जांच एजेंसियों की रडार पर देश भर के सेंटरसॉल्वर गैंग के पकड़े गए गुर्गों से की जा रही कड़े दौर की पूछताछ में जो बातें सामने आ रही हैं, उसने जांच एजेंसियों के भी होश उड़ा दिए हैं। इस रैकेट के तार सिर्फ बिहार और हरियाणा तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि उत्तर प्रदेश (UP), राजस्थान, दिल्ली और मध्य प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों में भी इसके फैले होने के पुख्ता सबूत मिले हैं। इन राज्यों के कुछ चिन्हित परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों से एडवांस में मोटी रकम और उनके मूल दस्तावेज जमा करा लिए गए थे ताकि उन्हें पास कराने की 100% गारंटी दी जा सके। पुलिस अब इन सभी राज्यों की एसटीएफ (STF) टीमों के साथ मिलकर एक बड़ा ज्वाइंट ऑपरेशन चला रही है।एआई सर्च और लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य पर इस लीक का क्या होगा असरजियोपॉलिटिकल और लोकल (Geographical) ऑप्टिमाइजेशन के नजरिए से देखें तो इस पेपर लीक ने देश भर के लाखों योग्य और दिन-रात मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों को गहरे सदमे और आक्रोश में डाल दिया है। छात्र सड़कों पर उतरकर इस परीक्षा को पूरी तरह रद्द करने और मामले की सीबीआई (CBI) जांच कराने की मांग कर रहे हैं। एआई सर्च, आधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO) और शिक्षा क्षेत्र के विश्लेषकों का मानना है कि परीक्षा प्रणालियों में एआई और आधुनिक सुरक्षा तकनीकों की भारी कमी के कारण ही ये सिंडिकेट बार-बार देश की सबसे बड़ी परीक्षाओं में सेंध लगाने में कामयाब हो रहे हैं। अब देखना यह होगा कि सरकार इस लीक के बाद क्या बड़ा फैसला लेती है।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर बिहार में योग का उत्साह
पटना, 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बिहार के विभिन्न जिलों में बड़े उत्साह के साथ योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। नेताओं, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और आम लोगों ने योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन, मानसिक शांति और समग्र कल्याण का संदेश दिया।
फैक्ट चेक: ट्रेन के अंदर परीक्षार्थी की मौत के दावे का वीडियो बिहार का नहीं है
वायरल वीडियो को शूट करने वाले मुबारक हुसैन ने बूम को बताया कि घटना 11 जून को आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम स्टेशन के पास की है.
Fact Check: क्या बिहार के शिक्षा मंत्री ने कहा लड़कियों को शिक्षा की जरूरत नहीं? सच जानिए
बूम ने पाया कि बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने Agitation शब्द का इस्तेमाल किया था जिसे एजुकेशन समझकर गलत दावा किया जा रहा है.
पीएम उषा अभियान के तहत बिहार को 600 करोड़ रुपए देगी मोदी सरकार, नीतीश कैबिनेट ने खोला बंद रास्ता
बिहार में पीएम उषा अभियान को लागू करने के प्रस्ताव को नीतीश कुमार सरकार की मंजूरी के बाद राज्य में उच्च शिक्षा के विकास के लिए केंद्र से अगले दो साल में 600 करोड़ रुपए मिलने का रास्ता खुल गया है।
बिहार के प्रिंस कुमार सिंह ने यूपीएससी आईएफएस परीक्षा में 15वीं रैंक प्राप्त की है। इसके अलावा उन्होंने और भी कई बड़े एग्जाम को पास किया हुआ है। जानिए जानते प्रिंस कुमार की कहानी जिन्होंने अपने आर्थिक
बॉलीवुड के मशहूर स्टार कपल सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल 7 वर्ष की डेटिंग के बाद अब पति-पत्नी बन चुके हैं। दोनों की शादी इस वक़्त टॉक ऑफ द टाउन है। सोनाक्षी और जहीर अलग धर्म से हैं। ऐसे में ना उन्होंने निकाह किया तथा ना ही फेरे लिए, बल्कि सादगी से रजिस्टर मैरिज की एवं फिर रिसेप्शन पार्टी रखी। अलग धर्म में शादी करने पर सोनाक्षी एवं जहीर को जमकर ट्रोल किया जा रहा है। ट्रोलिंग के कारण दोनों को अपने वेडिंग पोस्ट का कमेंट सेक्शन तक बंद करना पड़ा। मगर बात तब हद से ज्यादा तब बढ़ गई, जब इंटरफेथ मैरिज करने पर सोनाक्षी एवं जहीर के खिलाफ बिहार के गांव में प्रोटेस्ट मार्च निकाले गए। रिपोर्ट के अनुसार, सोनाक्षी के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन 'हिंदू शिव भवानी सेना' नाम की एक संगठन द्वारा आयोजित किया गया था। जहीर संग शादी पर बेटी सोनाक्षी की हो रही ट्रोलिंग पर अब शत्रुघ्न सिन्हा ने चुप्पी तोड़ी है तथा हेटर्स को जवाब दिया है। अपने एक इंटरव्यू के चलते शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा- आनंद बक्शी साहब ने इस तरह के प्रोफेशनल प्रोटेस्टर्स के बारे में लिखा है- कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना। इसमें आगे जोड़ना चाहूंगा कि कहने वाले अगर बेकार, बेकाम-काज के हों तो बोलना ही उनका काम बन जाता है। मेरी बेटी ने कुछ भी ऐसा नहीं किया जो गैरकानूनी एवं संविधान के खिलाफ है। सोनाक्षी-जहीर की शादी पर शत्रुघ्न सिन्हा ने आगे कहा- शादी दो लोगों के बीच का एक बहुत ही व्यक्तिगत फैसला है। इसमें किसी को भी बीच में दखल देने या कमेंट करने का हक नहीं होता। विरोध प्रदर्शन करने वालों को मैं यही बोलना चाहता हूं- अपनी जिंदगी पर ध्यान दो। जिंदगी में कुछ अच्छा करो। इससे ज्यादा और कुछ नहीं कहना। बता दें कि शत्रुघ्न सिन्हा ने खुशी-खुशी अपनी इकलौती बेटी की शादी की है। उन्होंने दामाद जहीर को भी अपना आशीर्वाद दिया है। रिलीज हुआ श्रद्धा कपूर-राजकुमार राव की स्त्री 2 का टीजर, इस अवतार में नजर आए स्टार्स किशोर कुमार के गानों पर बैन, मनोज कुमार-देव आनंद की फिल्मों पर रोक..! बॉलीवुड पर भी पड़ा था 'इमरजेंसी' का बुरा असर सामने आई कंगना रनौत की इमरजेंसी की रिलीज डेट, जानिए किस दिन आ रही है इंदिरा गांधी की बायोपिक?
फिल्म रैप में जानिए कि रविवार को एंटरटेनमेंट की दुनिया में क्या खास हुआ. 9 जून 2024 का दिन एतिहासिक रहा. पीएम नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार पीएम बनने की शपथ ली. इस दौरान शाहरुख खान से लेकर अक्षय कुमार भी मौजूद रहे.
परेशान होकर छोड़ी इंडस्ट्री, सालों बाद किया कमबैक, बिहार की लड़की कैसे बनी हीरोइन?
टेलीविजन के पॉपुलर शो उडारियां 15 साल का लीप लेने जा रहा है. लीप के बाद शो एक नई कहानी और स्टारकास्ट के साथ दर्शकों को एंटरटेन करने आ रहा है. लीप से पहले उडारियां में आशमा का रोल निभाने वाली अदिति भगत ने आजतक संग बातचीत की और शो को लेकर कई सारी बातें शेयर कीं.
बिहार सीईटी बीएड : पांच साल में सबसे ज्यादा आवेदन आए, इस तारीख से आएंगे एडमिट कार्ड
Bihar CET B.Ed:महिलाओं के लिए अलग एवं पुरुषों के लिए अलग परीक्षा केंद्र होंगे। अभ्यर्थी 17 जून से अपना एडमिट कार्ड वेबसाइटwww. biharcetbed- lnmu. inपर लॉगइन कर डाउनलोड कर सकेंगे।
बीएसईबी बिहार बोर्ड से संबद्ध और एनसीटीई से मान्यता प्राप्त डीएलएड संस्थानों की सूची जारी
Bihar D.El.Ed: बिहार बोर्ड ने डीएलएड प्रवेश परीक्षा 2024 की आंसर की जारी करने के एक दिन बाद अब राज्य में मौजूद सरकारी व निजी डीएलएड प्रशिक्षण संस्थानों की सूची भी जारी कर दी है। डीएलएड में दाखिला लेने
Bihar DElEd Answer Key 2024: आंसर की जारी, ऐसे दर्ज करें ऑब्जेक्शन, देखें डायरेक्ट लिंक
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने बिहार डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (DElEd) परीक्षा 2024 की आंसर की जारी की। जो उम्मीदवार परीक्षा में उपस्थित हुए हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट- biharboardonline.b
CSBC Bihar Police Constable Exam: क्या जारी हो चुकी हैं रिवाइज्ड तारीखें, पढ़ें अपडेट
CSBC Bihar Police Constable exam dates: बिहार पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा की नई तारीखों का इंतजार है। परीक्षाएं 1, 7 और 15 अक्टूबर को निर्धारित की गई थीं, जिन्हें रद्द व स्थगित कर दिया गया था। आइए
बॉलीवुड अभिनेत्री नेहा शर्मा की हाल ही में बिहार में एक रोड शो में भागीदारी ने इंटरनेट पर तूफान ला दिया है। क्रुक और तुम बिन 2 जैसी फिल्मों में अपनी भूमिकाओं के लिए मशहूर सुश्री शर्मा को अपने पिता अजीत शर्मा का समर्थन करते देखा गया, जो कांग्रेस के टिकट पर भागलपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। यह रोड शो उन अफवाहों के बीच हुआ कि अभिनेता राजनीति में प्रवेश कर सकते हैं। हालाँकि, अब यह स्पष्ट हो गया है कि वह सिर्फ अपने पिता के लिए प्रचार कर रही थीं। नेहा शर्मा ने इंस्टाग्राम पर बांका, किशनगंज, कटिहार और पूर्णिया सहित बिहार के विभिन्न जिलों की अपनी यात्रा दिखाते हुए एक वीडियो साझा किया। वह पारंपरिक सलवार कमीज पहने हुए थीं और जनता का अभिवादन करती और उन्हें वोट डालने के लिए प्रोत्साहित करती नजर आईं। इसे भी पढ़ें: AR Rahman ने नए एल्बम के रिलीज पर Taylor Swift को बधाई दी, नेटिजन ने कहा 'महान कला, महान कला को पहचानती है' View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial) इसे भी पढ़ें: Tamannaah Bhatia Summoned by cyber cell | 'अवैध' IPL Streaming ऐप मामले में तमन्ना भाटिया को साइबर सेल ने तलब किया रोड शो के दौरान पीरपैंती और कहलगांव में भारी भीड़ ने अभिनेता का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने कैप्शन में लिखा “वे कहते हैं कि जब कोई आपको अपने दिल में जगह देता है, तो आप हमेशा के लिए वहीं रहते हैं। आपने मुझे जो प्यार और समर्थन दिया है, उससे मेरा दिल भर गया है। पीरपैंती और कहलगांव में गर्मजोशी से स्वागत के लिए धन्यवाद। आपका प्यार सारी आँखों पर। सदा आभारी। ऑनलाइन प्रसारित हो रहे एक अन्य वीडियो में अभिनेत्री को भागलपुर में अपने पिता के चुनाव अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेते हुए दिखाया गया है। भागलपुर लोकसभा सीट पर दूसरे चरण में 26 अप्रैल को चुनाव होना है। इस सीट पर कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करने वाले अजीत शर्मा का मुकाबला जेडीयू के अजय कुमार मंडल से है। पहले ऐसी अफवाह थी कि सुश्री शर्मा राजनीति में प्रवेश कर सकती हैं। हालाँकि, कई रिपोर्टों ने स्पष्ट किया है कि वह अभी चुनावी शुरुआत नहीं कर रही हैं। रिपोर्टों के अनुसार, उनके पिता अजीत शर्मा ने उन्हें राजनीति में शामिल होने का अवसर दिया, शर्मा वर्तमान में अपने अभिनय करियर पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। Bihar, Bhagalpur: Bollywood actress Neha Sharma campaigns for Congress leader and father Ajeet Sharma in the Lok Sabha elections, participates in a roadshow. pic.twitter.com/yEhb4XoQQL — IANS (@ians_india) April 23, 2024 View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial) View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial)
सलमान के घर फायरिंग से पहले शूटर्स ने बिहार में की हथियारों की प्रैक्टिस, फार्म हाउस की हुई थी रेकी
14 अप्रैल को, सुबह 4.50 बजे सलमान के बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर, अज्ञात हमलावरों ने पांच राउंड फायरिंग की थी. पुलिस ने सलमान के घर पर फायरिंग करने के मामले में विक्की गुप्ता (24 साल) और सागर पाल (21 साल) नाम के दो लड़कों को गिरफ्तार किया था. अब इससे जुड़ा एक बड़ा अपडेट सामने आया है.
Manisha और Elvish के बीच लगी दुश्मनी की आग हुई और तेज, बिहार की बेटी नेसरेआम बना दिया'राव साहब' का मजाक ?
Bihar Board: जानें-10वीं की मार्कशीट में लिखी U/R,B और C जैसी शॉर्ट फॉर्म का क्या मतलब है?
बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं का रिजल्ट 31 मार्च को जारी कर दिया गया था। छात्र अपनी ओरिजनल मार्कशीट स्कूल से ले सकते हैं। आइए जानते हैं मार्कशीट में लिखी शॉर्ट फॉर्म की फुलफॉर्म क्या है।
बिहार में जेईई और नीट की फ्री कोचिंग, रहने-खाने की भी रहेगी मुफ्त व्यवस्था, ऐसे करें अप्लाई
Bihar Board Jee and Neet Free Coaching : विद्यार्थी समिति द्वारा संचालित engineering (jee) औरmedical (neet) की नि:शुल्क तैयारी हेतु BSEB SUPER-50 आवासीय शिक्षण में पढ़ने हेतु आवेदन कर सकत हैं।
Bihar 10th Board 2024: टॉप 5 में इन 10 छात्रों ने बनाई जगह, जानें नाम और मार्क्स
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड ने दसवी का रिजल्ट bsebmatric.org और results.biharboardonline.com पर जारी कर दिया है। इस साल टॉप 10 की लिस्ट ने 51 छात्रों ने अपनी जगह बनाई है। टॉप 5 की लिस्ट में 10 छ
Bihar Board BSEB 2024 Matrci Result Today:बिहार बोर्ड 10वीं का रिजल्ट biharboardonline.bihar.gov.in व biharboardonline.com , onlinebseb.in पर जल्दजारी कर दिया जाएगा।
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (बीएसईबी) मैट्रिक यानी कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट अब कभी भी biharboardonline.bihar.gov.in पर जारी हो सकता है, जो छात्र परीक्षा में शामिल हुए हैं, वे जान लें, रिजल्
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने इंटर में एडमिशन को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। इस बाबत समिति ने सभी सरकारी, गैर सरकारी विद्यालय, इंटर कॉलेजों की सूची ofssbihar.in पर अपलोड कर दी है।
बीएसईबी मैट्रिक रिजल्ट की घोषणा जल्द की जाएगी। हालांकि अभी तक रिजल्ट की टाइमिंग और तारीख के बारे में कोई जानकारी शेयर नहीं की गई है, लेकिन उम्मीद है नतीजे 31 मार्च तक आधिकारिक वेबसाइट biharboardonlin
BSEB Bihar 10th Board: प्रेस कॉन्फ्रेंस में शेयर की जाएंगी ये 5 डिटेल्स, यहां पढ़ें
छात्र आधिकारिक वेबसाइट्स से बीएसईबी 10वीं स्कोरकार्ड 2024 डाउनलोड कर सकेंगे। रिजल्ट वाले दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। जिसमें बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं की परीक्षा से जुड़ी कई डिटेल्स शेयर की जाएगी। आइए ज
Bihar 12th Board: किसान की बेटी बनीं कॉमर्स की टॉपर, अब बनना चाहती हैं प्रोफेसर, करेंगी PhD
बिहार बोर्ड 12वीं की कॉमर्स स्ट्रीम में खुशी कुमारी को जिले में सेकंड रैंक मिली है। उनके पिता किसान हैं। उन्होंने कहा, मेरे पिता ने हमेशा शिक्षा को महत्व दिया है, इसलिए भविष्य में मैं शिक्षा के क्षेत
इस साल का रिजल्ट पिछले 5 साल की तुलना में सबसे बेहतर, 87.21 प्रतिशत विद्यार्थी हुए पास
BSEB Bihar Board 12th Result : हार बोर्ड ने आज 12वीं के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस वर्ष का रिजल्ट पिछले 5 सालों की तुलना में सबसे बेहतर रहा है। इस साल इंटर का रिजल्ट 87.21 फीसदी रहा।
बिहार बोर्ड ने 12वीं यानी इंटर परीक्षा का रिजल्ट अब जारी कर दिया है। टॉपर्स के नाम भी सामने आ गए हैं। आइए जानते हैं साइंस, कॉमर्स, आर्ट्स स्ट्रीम के टॉपर्स ने किन स्कूलों से पढ़ाई की है। यहां देखें न
BSEB : बारहवीं कक्षा के छात्रों को इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी के लिए फ्री में कोचिंग देती है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) गरीब विद्यार्थियों को JEE और NEET की मुफ्त कोचिंग कराती है।
बीएसईबी 12वीं के परिणाम के साथ टॉपर्स की लिस्ट भी शेयर करेगा। जो छात्र परीक्षा में शामिल हुए हैं, वे जान लें, पिछले 7 सालों में आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस स्ट्रीम में किसने किया था टॉप। यहां पढ़ें पूरी
Bihar 12th Board 2024: रिजल्ट जारी होने की तारीख और समय के बारे में यहां मिलेगी जानकारी
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (बीएसईबी) जल्द ही इंटरमीडिएट या कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा 2024 के परिणाम घोषित करेगा। वहीं बोर्ड परिणाम के समय की घोषणा पहले कर दी जाएगी। आइए जानते हैं, आप कहां कर सकें

