भारत की जनगणना-2027 के स्व-गणना अभियान में मधुबनी जिले ने बिहार में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। जिले में अब तक 3,40,804 प्रविष्टियां दर्ज की गई हैं। यह उपलब्धि नागरिकों, प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। इस अभियान में वैशाली जिला प्रथम स्थान पर है, जबकि मधुबनी जिला बहुत कम अंतर से दूसरे स्थान पर रहा। यह दर्शाता है कि जिले में जनभागीदारी अत्यंत उत्साहजनक रही है। 33 प्रश्नों के सही उत्तर दर्ज कर स्व-गणना प्रक्रिया पूरी कर सकते जिलाधिकारी ने जिलेवासियों से अपील की है कि जो नागरिक अभी तक स्व-गणना में शामिल नहीं हो पाए हैं, वे 01 मई 2026 तक इस अवसर का लाभ उठाएं। नागरिक घर बैठे ही आधिकारिक पोर्टल https://se.census.gov.in/ पर जाकर 33 प्रश्नों के सही उत्तर दर्ज कर स्व-गणना प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना देश के विकास की आधारशिला है और इसमें प्रत्येक नागरिक की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। सही एवं सटीक जानकारी के आधार पर ही सरकार बेहतर योजनाओं का निर्माण और क्रियान्वयन कर पाती है। शेष बचे नागरिकों को स्व-गणना के लिए जागरूक करें जिला प्रशासन ने सभी प्रखंड एवं पंचायत स्तर के पदाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे शेष बचे नागरिकों को स्व-गणना के लिए जागरूक करें और अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करें। इसके लिए जागरूकता अभियान, प्रचार-प्रसार और जनसंपर्क गतिविधियों को तेज किया जा रहा है। प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से सभी नागरिकों से पुनः अपील की गई है कि वे स्व-गणना में भाग लेकर अपने जिले को प्रथम स्थान दिलाने में योगदान दें। 'आपकी भागीदारी ही सटीक जनगणना और बेहतर योजनाओं की असली ताकत है।'
सुप्रीम कोर्ट में एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने सबको चौंका दिया है। बिहार की एक महिला अफसर के खिलाफ रिश्वत लेने के मामले में सुनवाई के दौरान दलील दी गई कि घूस के नोट चूहे खा गए। इस दलील पर सुप्रीम कोर्ट ने आपत्ति जताते हुए कहा इस तरह की स्थिति से राज्य के राजस्व का भारी नुकसान हो सकता है। इस टिप्पणी के साथ ही कोर्ट ने दोषी महिला अफसर को जमानत दे दी। जस्टिस जे बी पारडीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की खंडपीठ ने कहा कि हमें यह जानकर आश्चर्य हुआ कि नोट चूहे खा गए। हम सोचते हैं कि ऐसे मामलों में बरामद कितनी रकम इसी तरह नष्ट हो जाती होगी। यह राज्य के लिए भारी राजस्व नुकसान है। महिला अफसर पर 10 हजार रिश्वत लेने का आरोप यह मामला अरुणा कुमारी से जुड़ा है, जो बिहार में चाइल्ड डेवलपमेंट प्रोग्राम ऑफिसर के पद पर कार्यरत थीं। उनपर 10 हजार रुपए घूस लेने का आरोप है। इस आरोप के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 और 13(2) के तहत केस दर्ज किया गया था। ट्रायल कोर्ट से बरी किया, पटना हाईकोर्ट ने फैसला पलटा इस मामले में ट्रायल कोर्ट ने आरोपी अरुणा कुमारी को बरी कर दिया है। लेकिन पटना हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को पलट दिया। हाईकोर्ट ने अलग‑अलग धाराओं में 4 साल और 3 साल की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने यह माना था कि रिश्वत की राशि अदालत में पेश नहीं की जा सकी। इसकी वजह है कि नोट चूहे खा गए है। हालांकि, मालखाना रजिस्टर में रिश्वत की रकम जमा होने का रिकॉर्ड मौजूद है। सिर्फ नोट न होना केस को कमजोर नहीं करता है। सुप्रीम कोर्ट ने जताई सख्त आपत्ति मामले की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश जेबी पारदीवाला और न्यायाधीश केवी विश्वनाथन की पीठ ने सख्त आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि स्पष्टीकरण भरोसेमंद नहीं लग रहा है। कोर्ट ने सबूत के आधार पर अरुणा कुमारी की सजा पर रोक लगाते हुए उन्हें जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि इस मामले की विस्तार से अंतिम सुनवाई बाद में की जाएगी।
कुपोषण मुक्त बिहार की दिशा में चलाए गए पोषण पखवाड़ा-2026 में बेगूसराय ने इतिहास रच दिया है। बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग की ओर से पटना के ज्ञान भवन में आयोजित राज्य स्तरीय समापन समारोह में बेगूसराय की तीन परियोजनाओं ने पूरे प्रदेश में शीर्ष तीन स्थानों पर कब्जा जमाकर जिला प्रशासन का मान बढ़ाया है। उपमुख्यमंत्री और सचिव ने थपथपाई पीठ पटना में आयोजित भव्य समारोह में उपमुख्यमंत्री सह समाज कल्याण मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव और विभाग की सचिव वंदना प्रेयषी ने बेगूसराय की टीम को प्रशस्ति पत्र और सम्मान देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान घोषणा की गई कि बिहार ने राष्ट्रीय स्तर पर पोषण पखवाड़ा के सफल क्रियान्वयन में प्रथम स्थान हासिल किया है, जिसमें बेगूसराय का योगदान सबसे अग्रणी रहा। सम्मानित किए गए CDPO-समन्वयक इस कामयाबी में जमीनी स्तर पर गतिविधियों का सफल संचालन रहा। प्रथम स्थान हासिल गढ़पुरा के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) अनूप जयसवाल और प्रखंड समन्वयक मो. इमरोज, द्वितीय स्थान मंसूरचक के CDPO मो. महताब ग्यास और प्रखंड समन्वयक मेघा कुमारी व तृतीय स्थान खोदावंदपुर के CDPO नीतेश कुमार और प्रखंड समन्वयक विवेक कुमार को सम्मानित किया गया। पिरामल का तकनीकी सहयोग इस सफलता की सूत्रधार जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) रश्मि कुमारी रही। जिनके नेतृत्व में जिले की सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर रिकॉर्ड गतिविधियां आयोजित की गईं। अभियान को सफल बनाने में पिरामल के दीपक मिश्रा का तकनीकी सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने आईसीडी के विभिन्न कार्यक्रम में सहयोग और मार्गदर्शन किया। जिससे बेगूसराय की रैंकिंग में निरंतर सुधार हुआ। बेगूसराय की सफलता का कारण समारोह में दी गई जानकारी के अनुसार बेगूसराय ने पोषण पखवाड़ा के दौरान बच्चों में स्क्रीन टाइम कम करने, दिव्यांगता जांच के लिए विशेष प्रोटोकॉल (DSS) का पालन करने और हमारे बच्चे, हमारा परिवार जैसे जागरूकता अभियानों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। डीपीओ ने बताया कि यह बेगूसराय के लिए गौरव की बात है। हमारी पूरी टीम ने एक लक्ष्य के साथ काम किया। कुपोषण दूर में आई कमी गढ़पुरा, मंसूरचक और खोदावंदपुर की सफलता जिले के हर कर्मी की मेहनत का फल है। रिपोर्ट के अनुसार राज्य में कुपोषण (वेस्टिंग और अंडरवेट) के आंकड़ों में भारी गिरावट आई है। सचिव वंदना प्रेयषी ने इस मौके पर घोषणा किया की दो महीनों में आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं को हाई-टेक एंड्रॉयड मोबाइल फोन दिए जाएंगे। जिससे पोषण ट्रैकर का कार्य और भी सुचारू रूप से हो सके।
बिहार किसान सभा की बैठक आज कार्यानंद भवन में आयोजित की गई। जिसमें किसानों की समस्याओं को लेकर 25 मई को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है। बैठक की अध्यक्षता किसान सभा के जिला उपाध्यक्ष मनोज यादव ने की। बैठक में सीपीआई के जिला मंत्री अवधेश राय और पूर्व विधायक रामरतन सिंह भी उपस्थित थे। बैठक को संबोधित करते हुए बिहार किसान सभा के महासचिव रामचंद्र महतो ने कहा कि राज्य के अंदर किसानों के जीवन के साथ कॉरपोरेट हित में देश और राज्य सरकार के इशारे पर खिलवाड़ कर रही है। किसानों को फसल की वाजिब कीमत नहीं मिल रही है। उनके फसल की क्षति का मुआवजा नहीं मिल रहा है। खेती में उपयोग वाले सामानों की कीमत बेतहाशा बढ़ रहा है। जिससे खेती घाटे का रोजगार बन गया है। किसान परेशान है और इसलिए बिहार राज्य किसान सभा ने 25 मई को पूरे राज्य के सभी जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करने का फैसला लिया है। इस दौरान किसान संगठन की मजबूती पर भी चर्चा किया गया। किसानों की समस्याओं की अनदेखी का लगाया आरोप सीपीआई जिला मंत्री पूर्व विधायक अवधेश कुमार राय ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार इस देश के लिए अन्न उपजाने वाले किसानों की समस्याओं की अनदेखी कर रही है। किसानों के मेहनत का इस्तेमाल कॉर्पोरेट घरानों के पक्ष में कर रही है। किसान सभा के जिला मंत्री दिनेश सिंह ने कहा कि 25 मई को होने वाले प्रदर्शन में 2500 से अधिक किसान आएंगे। इसके लिए सभी अंचलों की बैठक, सदस्यता अभियान, पंचायत की कमेटी का गठन और प्रदर्शन में आने के लिए लोगों के साथ संपर्क जोड़ेंगे की योजना बनाई गई है। बैठक को जिला सचिव मंडल सदस्य राजेंद्र चौधरी, कृष्ण कुमार, जुलुम सिंह, पवन कुमार, राजकुमार चौधरी, रामकुमार सिंह, सुधीर महतो,जितेंद्र जीतू, अशोक सिंह एवं रामचंद्र पासवान ने भी संबोधित किया।
VIDEO: वैभव सूर्यवंशी ने नेट्स में लगाया धोनी का 'हेलीकॉप्टर' शॉट, जमकर वायरल हो रहा है वीडियो
सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ अहम मुकाबले से पहलेराजस्थान रॉयल्स के युवा बैटिंग सेंसेशन वैभव सूर्यवंशी सुर्खियों में हैं।जयपुर में होने वाले इस मैच से पहले सूर्यवंशी ने जमकर पसीना बहाया औरप्रैक्टिस सेशन के दौरान एमएसधोनी के मशहूर हेलीकॉप्टर शॉट को लगाकर हर किसी का ध्यान अपनी ओेर खींच लिया। सूर्यवंशी का ये वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। इस वायरल क्लिप में देखा जा सकता है कि पहले तो सूर्यवंशी क्रीज में थोड़ा डीप जाते हैं और फिर यॉर्कर गेंद पर लेग साइड पर हेलीकॉप्टर शॉट लगा देते हैं। सूर्यवंशी के इस शॉट को देखकर फैंस को थाला की याद आ गई। उनके इस वीडियो को आप नीचे देख सकते हैं। अगर सूर्यवंशी की बात करें तो शुरुआती मैचों में बड़ी पारियां खेलने वाले सूर्यवंशी पिछले कुछ मैचों में कुछ खास नहीं कर पाए हैं औऱ उनके फ्लॉप शो के बावजूद उनकी टीम जीतने में सफल रही है। ऐसे में ये 15 वर्षीय बल्लेबाज चाहेगा कि हैदराबाद के खिलाफ होने वाले इस मैच में अपनी टीम के लिए एक बार फिर से अच्छी शुरुआत करे और एक बड़ी पारी खेले। Trust a Bihari to hit a helicopter shot pic.twitter.com/Oq50iTIW8n — Rajasthan Royals (@rajasthanroyals) April 25, 2026 Also Read: LIVE Cricket Score बता दें कि ये मुकाबला जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में खेला जाएगा जो कि एक हाई स्कोरिंग वेन्यू है। यहां पिछले सीजन कुल सात मुकाबले खेले गए थे जिसमें से चार रन चेज करने वाली टीमों ने जीते। ऐसे में ये साफ है कि यहां टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाज़ी ही करना चाहेगी। दूसरी तरफ पहले बैटिंग करने वाली टीम को कम से कम 200 रन तो स्कोर बोर्ड पर टांगने ही होंगे।
लुधियाना के बस्ती जोधेवाल स्थित राहों रोड पर शुक्रवार देर रात सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार पिकअप ट्रक ने साइकिल सवार व्यक्ति को टक्कर मार दी। खून से लथपथ व्यक्ति के चेहरे पर गाड़ी का टायर गुजरा, जिस कारण उसकी मौत हुई है। बताया जा रहा है कि हादसे के बाद ड्राइवर वाहन छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने वाहन कब्जे में ले लिया है। देर रात असंख्य लोगों ने थाना मेहरबान के बाहर इक्ट्ठे होकर प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की। चेहरे पर चोट आने के कारण तोड़ा दम मृतक की पहचान मोहम्मद मुस्तकीम (50) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार का रहने वाला था और लुधियाना में दर्जी का काम करता था। जानकारी के अनुसार, देर रात मुस्तकीम राहों रोड पर काम से वापस घर जा रहा था, तभी तेज रफ्तार से आ रही पिकअप गाड़ी ने उसे टक्कर मार दी। मृतक के चेहरे पर आई चोटें टक्कर इतनी जोरदार थी कि मुस्तकीम के चेहरे पर गंभीर चोटें आईं और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद आसपास के लोगों ने तुरंत थाना मेहरबान की पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पिकअप गाड़ी को कब्जे में ले लिया। हालांकि, हादसे के बाद ड्राइवर मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस ने देर रात शव को सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां पोस्टमार्टम के लिए उसे मोर्चरी में रखवा दिया गया। थाना मेहरबान पुलिस मामले की जांच कर रही है। जल्द मृतक का पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों के सुपुर्द किया जाएगा।
गयाजी के अल्पसंख्यक तालीमी इदारे मिर्जा ग़ालिब कॉलेज में तरक़्क़ी का नया सफर शुरू हो गया है। सालों पुरानी जर्जर इमारत को डिमॉलिश कर दिया गया। उसी जगह शुक्रवार को नई, आलीशान और मॉडर्न बिल्डिंग की बुनियाद रखी गई। इस अहम मौके पर कॉलेज के प्रिंसिपल, शासी निकाय के सदर प्रोफेसर हफ़िजूर रहमान व सचिव शबी आरफीन शमशी ने शिलान्यास किया। कार्यक्रम के बाद पूरे कैंपस में खुशी का माहौल दिखा। कॉलेज इंतेजामिया का कहना है कि यह सिर्फ इमारत नहीं, बल्कि आने वाले कल की मजबूत बुनियाद है। नई बिल्डिंग में तालीम के तमाम आधुनिक साधन मुहैया कराए जाएंगे। स्मार्ट क्लास, बेहतर क्लासरूम और टेक्निकल सुविधाएं छात्रों को मिलेंगी। इससे पढ़ाई का माहौल और बेहतर होगा। प्रबंधन ने बताया कि मिर्जा ग़ालिब कॉलेज की बुनियाद 1969 में रखी गई थी। शहर के मशहूर शिक्षाविदों और समाज के जिम्मेदार लोगों की कोशिशों से यह इदारा खड़ा हुआ। शुरुआती दौर में कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन कॉलेज ने हर मुश्किल को पार करते हुए अपनी एक अलग पहचान बनाई। आज यह मगध विश्वविद्यालय के बेहतरीन कॉलेजों में शुमार है। बिहार का इकलौता माइनॉरिटी कॉलेज कॉलेज में 18 स्नातक और 18 स्नातकोत्तर कोर्स चल रहे हैं। खास बात यह है कि यह बिहार का इकलौता माइनॉरिटी कॉलेज है, जहां तमाम विषयों में पीजी की पढ़ाई होती है। करीब 10 हजार छात्र-छात्राएं यहां तालीम हासिल कर रहे हैं। कॉलेज के स्टूडेंट्स लगातार यूनिवर्सिटी में टॉपर बनते रहे हैं। पिछले कुछ सालों में कॉलेज ने तेज़ी से तरक़्क़ी की है। 2018 में मगध विश्वविद्यालय के करीब 2.87 एकड़ जमीन खरीदी गई। NAAC से ग्रेड-B की मान्यता मिली। 2022 में नया वोकेशनल भवन तैयार हुआ। पूरा सिस्टम कैशलेस किया गया। डिजिटल लाइब्रेरी और मॉडर्न लैब भी स्थापित की गई। कॉलेज में 60 क्लासरूम और 7 स्मार्ट क्लास मौजूद हैं। 25 हजार से ज्यादा किताबों से लैस डिजिटल लाइब्रेरी छात्रों के लिए उपलब्ध है। वोकेशनल और स्किल बेस्ड कोर्स पर खास तवज्जो दी जा रही है। ताकि छात्रों को रोजगार के बेहतर मौके मिल सकें। कॉलेज इंतेजामिया का कहना है कि नई बिल्डिंग बनने से इंफ्रास्ट्रक्चर और मजबूत होगा। डिजिटल कैंपस का ख्वाब भी जल्द पूरा होगा। इस मौके पर अल्लामा गालिब की कालेज कैम्पस में एक अदना सा भी स्टैच्यू नहीं होने से जुड़े सवाल के जवाब में प्रबंधन ने कहा कि पूर्व में हमारे पास जगह नहीं थी। लेकिन अब हमें जगह मिली है। निश्चित तौर पर देश की हसीन शख्सियत मिर्जा गालिब का स्टैच्यू होगा। क्योंकि कालेज ही उनके नाम से है। इंतेजामिया को उम्मीद है कि यह नया कदम कॉलेज को कामयाबी की नई बुलंदियों तक ले जाएगा। नई इमारत को उसी दिशा में एक अहम मील का पत्थर माना जा रहा है।
Bihar Politics : 2030 से पहले नीतीश को खत्म कर देगी BJP विधानसभा में तेजस्वी के भाषण पर भारी हंगामा
मुख्यमंत्री द्वारा विश्वास मत हासिल करने के मद्देनजर बिहार विधानसभा का आज विशेष सत्र होगा आयोजित
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार शुक्रवार को बिहार विधानसभा के विशेष सत्र में विश्वास मत हासिल करने का प्रयास करेगी
गुरुग्राम जिले में पुलिस ने जीरो टॉलरेंस नीति के तहत भूमि माफियाओं और आदतन अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। इसी क्रम में सेक्टर-21 क्षेत्र में सरकारी जमीन पर बने अवैध कब्जों को ध्वस्त किया गया। सूचना के आधार पर पुलिस और संबंधित विभाग की टीम ने अवैध झुग्गियों को पूरी तरह गिरा दिया, जिसके बाद सरकारी भूमि को उसके मूल स्वरूप में बहाल कर लिया गया। जांच के दौरान इस मामले में 2 महिला आरोपियों की पहचान हुई है। इनमें पश्चिम बंगाल निवासी अनीता और छपरा जिले के दमदुमा गांव निवासी सुनीता शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, ये दोनों महिलाएं अवैध रूप से नशीले पदार्थों की बिक्री में शामिल थीं। इनके खिलाफ थाना पालम विहार, गुरुग्राम में एनडीपीएस एक्ट के तहत पहले से एक मामला दर्ज है। सरकारी जमीन पर बनाई थीं झुग्गियां पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि इन आरोपियों ने सरकारी जमीन पर जो झुग्गियां बनाई थीं, उनका इस्तेमाल संगठित आपराधिक गतिविधियों को संचालित करने और उनका विस्तार करने के लिए किया जा रहा था। ये झुग्गियां केवल अवैध कब्जे का प्रतीक नहीं थीं, बल्कि यहां से नशे का अवैध कारोबार भी चलाया जा रहा था, जिससे क्षेत्र में अपराध बढ़ रहा था। पुलिस बल की मौजूदगी में हुई कार्रवाई यह पूरी कार्रवाई गुरुग्राम की अपराध शाखा पालम विहार ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) के साथ मिलकर की। पुलिस की कड़ी निगरानी में इस अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया और पूरे समय कानून व्यवस्था बनाए रखी गई। अधिकारी बोले- ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे गुरुग्राम पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक भूमि की सुरक्षा, कानून व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों को शोषण से बचाने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे। पुलिस का कहना है कि खुफिया सूचना के आधार पर भविष्य में और भी तेज और सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि शहर को अपराध मुक्त और सुरक्षित बनाया जा सके।
अररिया में बिहार रक्षा वाहिनी चुनाव परिणाम जारी:स्वयंसेवक संघ के 11 पदों पर हुए चुनाव के नतीजे आए
अररिया जिले में बिहार रक्षा वाहिनी स्वयंसेवक संघ के जिला स्तरीय चुनाव की मतगणना गुरुवार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। कृषि बाजार उत्पादन समिति प्रांगण में सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक वोटों की गिनती चली, जिसके बाद विभिन्न पदों के परिणाम घोषित किए गए। संघ के कुल 11 पदों के लिए चुनाव आयोजित किया गया था। इनमें से अध्यक्ष पद पर अभय कुमार उर्फ बबलू झा पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके थे। शेष पदों के लिए बुधवार को मतदान हुआ था, जिसमें कुल 822 मतदाताओं में से 670 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। उपाध्यक्ष पद पर उमानंद पासवान और भरत मंडल ने जीत दर्ज की गुरुवार को घोषित परिणामों के अनुसार, सचिव पद पर जय मोद मंडल विजयी रहे। उपाध्यक्ष पद पर उमानंद पासवान और भरत मंडल ने जीत दर्ज की। कोषाध्यक्ष पद पर पप्पू विश्वास निर्वाचित हुए, जबकि उपसचिव पद पर प्रमोद मंडल को सफलता मिली। संगठन के अन्य महत्वपूर्ण पदों में अमरनाथ यादव, चंदन मंडल, गनौरी बाहरदार और शाहिद इमाम निर्वाचित हुए हैं। इसके अलावा, कार्यालय सचिव पद पर राजेंद्र मंडल और भक्ति राम मंडल ने जीत हासिल की। संगठन के विकास के लिए मिलकर काम करने की अपील की चुनाव प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद, नव निर्वाचित जिला अध्यक्ष अभय कुमार उर्फ पप्पू ने अपनी प्राथमिकताएं बताईं। उन्होंने कहा कि संगठन को मजबूत करना और उसे आगे बढ़ाना उनका मुख्य लक्ष्य रहेगा। उन्होंने सभी निर्वाचित पदाधिकारियों और स्वयंसेवकों से संगठन के विकास के लिए मिलकर काम करने की अपील की।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई केबिनेट की पहली बैठक ने युवाओं और फैशन जगत में करियर बनाने की चाहत रखने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी दी है। सरकार ने बेगूसराय में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (NIFT) की स्थापना का रास्ता साफ कर दिया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बरौनी अंचल के मल्हीपुर मौजा में स्थित 20 एकड़ जमीन को उद्योग विभाग को नि:शुल्क और स्थायी रूप से हस्तांतरित करने की स्वीकृति दे दी। गिरिराज सिंह इस पर कहा है कि नई ऊंचाइयों को छूने के लिए शहर तैयार है। शिक्षा से बिहार समृद्ध हो रहा है। होगा मुफ्त हस्तांतरण जारी आदेश के अनुसार बेगूसराय जिला के बरौनी अंचल के मल्हीपुर मौजा में स्थित खाता संख्या-261 और खेसरा संख्या-890 की जमीन को इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के लिए चुना गया है। यह जमीन गैरमजरूआ खास श्रेणी की है। आमतौर पर ऐसी बेशकीमती जमीनों के हस्तांतरण में लंबी प्रक्रिया और भारी शुल्क शामिल होता है, लेकिन शिक्षा और औद्योगिक विकास को प्राथमिकता देते हुए बिहार सरकार ने इसके नि:शुल्क स्थायी हस्तांतरण की मंजूरी दी। स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार अब यह जमीन राजस्व विभाग से सीधे उद्योग विभाग बिहार के पास चली जाएगी, जो इस संस्थान के निर्माण की नोडल एजेंसी है। पटना के बाद बेगूसराय में NIFT का आना जिले की प्रोफाइल को पूरी तरह बदल देगा। यह न केवल बेगूसराय बल्कि उत्तर बिहार के फैशन डिजाइनर बनने वाले छात्रों के लिए एक बड़ा केंद्र बनेगा। कैंपस के निर्माण और उसके संचालन से स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। बिहार का दूसरा NIFT होगा बिहार की सिल्क और टेक्सटाइल विरासत को इस संस्थान के माध्यम से नई पहचान मिलेगी। छात्र स्थानीय कला को वैश्विक मंच पर ले जा सकेंगे। फिलहाल बिहार में NIFT का एकमात्र कैंपस पटना के मीठापुर में स्थित है। बेगूसराय में इसकी स्थापना से राज्य में फैशन टेक्नोलॉजी की पढ़ाई के लिए सीटें बढ़ेंगी। बरौनी की भौगोलिक स्थिति रेलवे और रोड कनेक्टिविटी इसे इस संस्थान के लिए एक आदर्श जगह बनाती है। BIADA को मिल सकती है बनाने की जिम्मेदारी मल्हीपुर में प्रस्तावित 20 एकड़ की जमीन पर अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस स्मार्ट कैंपस बनाने की तैयारी है। उद्योग विभाग के सूत्रों के अनुसार बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (BIADA) को निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। शुरुआती बुनियादी ढांचे के लिए करोड़ों का निवेश प्रस्तावित है, जिसमें केंद्र और राज्य दोनों की भागीदारी होगी। हॉस्टल, डिजाइन स्टूडियो, अत्याधुनिक लैब और एक विशाल ऑडिटोरियम इस कैंपस का मुख्य आकर्षण होंगे। सिल्क सिटी के रूप में उभरेगा बेगूसराय NIFT का यहां आना केवल एक संस्थान का खुलना नहीं है, बल्कि बेगूसराय को भागलपुर की तर्ज पर सिल्क सिटी के रूप में विकसित करने की एक बड़ी योजना का हिस्सा है। संस्थान का मुख्य ध्यान हैंडीक्राफ्ट, हैंडलूम और एग सिल्क (Egg Silk) उद्योग पर होगा। इससे स्थानीय बुनकरों और कारीगरों को वैश्विक डिजाइन के साथ जुड़ने का मौका मिलेगा। स्थानीय छात्रों के लिए अब दिल्ली या पटना जैसे शहरों का रुख करना अनिवार्य नहीं होगा। दो साल तक हर्ल टाउनशिप में होगा संचालन लक्ष्य है कि 2028 तक छात्र अपने स्थायी परिसर में शिफ्ट हो सके। जब तक मल्हीपुर में NIFT का अपना भव्य स्थायी कैंपस बनकर तैयार नहीं होता, तब तक इसकी शैक्षणिक और प्रशासनिक गतिविधियां HURL (हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड) टाउनशिप से संचालित की जाएगी। अगले दो साल के लिए यहीं से प्रशिक्षण और शॉर्ट-टर्म कोर्स शुरू करने की योजना है। इसके लिए करीब 90 हजार वर्ग फुट जगह चिन्हित किया गया है। गिरिराज सिंह ने कहा- साबित होगा विकास में मील का पत्थर स्थानीय सांसद और केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा है कि मल्हीपुर में NIFT की स्थापना राज्य के शैक्षिक और औद्योगिक विकास में एक मील का पत्थर है। यह केंद्र और राज्य सरकार के दूरदर्शी नेतृत्व और मजबूत समन्वय का परिणाम है। डबल इंजन की सरकार जनहित और समावेशी विकास के लिए पूरी तरह संकल्पित है। प्रतिभाशाली बच्चों को अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय कौशल निखारने और करियर बनाने का सुनहरा अवसर मिलेगा। शिक्षा और नवाचार से समृद्ध होता बिहार, अब नई ऊंचाइयों को छूने के लिए पूरी तरह तैयार है।
छत्तीसगढ़ में एमएसपी खरीद बढ़ी, बिहार में पहली बार दाल की संगठित खरीद शुरू: केंद्र
केंद्र सरकार ने गुरुवार को बताया कि छत्तीसगढ़ में एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर खरीद को काफी बढ़ाया गया है। साथ ही, बिहार में 'आत्मनिर्भर दलहन मिशन' के तहत पहली बार दाल की संगठित खरीद शुरू की गई है।
बिहार सरकार ने राज्य में शहरीकरण को नई दिशा देने और अनियोजित विकास पर अंकुश लगाने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। नगर विकास एवं आवास विभाग ने मुजफ्फरपुर, पटना और गयाजी सहित प्रदेश के 11 जिलों के चिन्हित विशेष और कोर क्षेत्रों में भूमि की खरीद-बिक्री, हस्तांतरण और किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यह कदम इन क्षेत्रों में अत्याधुनिक सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना का हिस्सा है। यह प्रतिबंध इन जिलों के विशेष और कोर क्षेत्रों पर लागू होगा, जिसमें जमीन की खरीद-बिक्री, हस्तांतरण और किसी भी तरह का निर्माण शामिल है। सरकार का उद्देश्य इन क्षेत्रों में व्यवस्थित शहरी विकास सुनिश्चित करना है, ताकि भविष्य में शहरों के विस्तार में कोई बाधा न आए। जमीन की रजिस्ट्री-निर्माण पर रोक सरकार की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, यह कार्रवाई 'बिहार शहरी आयोजना तथा विकास अधिनियम, 2012' की धारा-9(7) के तहत की गई है। इस निर्णय का मुख्य लक्ष्य इन शहरों के लिए एक सुव्यवस्थित मास्टर प्लान और जोनल प्लान तैयार करना है। अधिकारियों का मानना है कि बिना योजना के हो रहे निर्माण से शहरी विस्तार में दिक्कतें आ सकती हैं, जिसे रोकने के लिए यह 'फ्रीज' (रोक) लगाया गया है। विभाग ने इस रोक के लिए दो अलग-अलग समय सीमाएं निर्धारित की हैं। पटना, सोनपुर, गयाजी, दरभंगा, सहरसा, पूर्णिया और मुंगेर के चिन्हित क्षेत्रों में मास्टर प्लान और जोनल प्लान अधिसूचित होने तक, यानी 31 मार्च 2027 तक जमीन की रजिस्ट्री-निर्माण पर रोक रहेगी। वहीं, मुजफ्फरपुर, छपरा, भागलपुर और सीतामढ़ी (सीतापुरम) के विशेष क्षेत्रों के लिए यह पाबंदी 30 जून 2027 तक प्रभावी रहेगी। रोजगार के अवसर बढ़ेंगे सरकार के प्रधान सचिव विनय कुमार की ओर से जारी हस्ताक्षरित आदेश में कहा गया है कि इन 11 टाउनशिप के विकास से राज्य की अर्थव्यवस्था में संरचनात्मक परिवर्तन आएगा। सैटेलाइट टाउनशिप बनने से नए आर्थिक केंद्र बनेंगे, रोजगार के अवसर सृजित होंगे और मौजूदा बड़े शहरों पर आबादी का बोझ कम होगा। इससे नागरिकों को उच्च गुणवत्ता वाली शहरी सुविधाएं मिलेंगी और नियोजित विकास के कारण निजी तथा संस्थागत निवेश में भी वृद्धि की उम्मीद है।
गुजरात: बिहार से फरार हत्या के आरोपी को गिरफ्तार किया गया
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के अंतरराज्यीय समन्वय के नेतृत्व में चलाए गए अभियान के परिणामस्वरूप बिहार के औरंगाबाद जिले में दर्ज हत्या के मामले में फरार आरोपी को गिरफ्तार किया गया है
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज भी जनता दरबार लगाएंगे। पूरे राज्य से लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचेंगे। सीएम एक-एक कर सभी की परेशानियां सुनेंगे। मुख्यमंत्री बनने के महज 2 दिन बाद ही सम्राट चौधरी ने जनता दरबार शुरू कर दिया था। यह पहल सरकार की ‘डायरेक्ट कनेक्ट’ रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके जरिए आम लोगों की शिकायतों का तुरंत समाधान करने पर जोर है। इसके अलावा सीएम सम्राट अधिकारियों के साथ कई विभागों की समीक्षा बैठक भी कर सकते हैं। जिसमें विभागों के कामकाज की प्रगति, लंबित योजनाओं और भविष्य की रणनीति पर चर्चा होगी। इससे पहले भी सम्राट चौधरी कई विभागों की समीक्षा कर चुके हैं और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दे चुके हैं कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दिल्ली से आते ही सीएम सम्राट ने नीतीश से मुलाकात की थी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बुधवार को दिल्ली से पटना आते ही सीधे नीतीश कुमार से मिलने पहुंचे। दोनों की मुलाकात की तस्वीरें भी सामने आई हैं। इसमें नीतीश सम्राट के कंधे पर हाथ रखे दिख रहे हैं। CM सिर झुकाकर उन्हें प्रणाम करते दिख रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बुधवार को दिल्ली में राधामोहन सिंह और गिरिराज सिंह से भी मुलाकात की। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी दिल्ली दौरे से लौटने के बाद पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर पटना पहुंचे सीएम ने आते ही प्रशासनिक और राजनीतिक गतिविधियों को तेज कर दिया है। बुधवार को कैबिनेट की बैठक भी की थी। 22 एजेंडों पर मुहर लगी थी। 21 अप्रैल को PM मोदी से मिले थे सम्राट मंगलवार को CM सम्राट चौधरी ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले थे। CM ने प्रधानमंत्री से मिलने के बाद X पर लिखा- राज्य के समग्र विकास और जनकल्याण के विषय पर मार्गदर्शन मिला। प्रधानमंत्री जी का स्नेह और सहयोग बिहार की प्रगति को नई गति प्रदान करेगा। PM से मिलने के बाद सम्राट RSS दफ्तर भी पहुंचे। यहां उन्होंने संघ नेताओं से मुलाकात की। प्रधानमंत्री से मिलने के पहले सम्राट चौधरी BJP हेडक्वार्टर में नितिन नवीन से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब 5 मिनट चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि यहां मंत्रिमंडल में नामों की लिस्ट फाइनल की गई। केंद्र से हर संभव मदद का भरोसा सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री ने बिहार में उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने के लिए सक्रियता बढ़ाने की सलाह दी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य में किसी भी बड़ी योजना या निवेश परियोजना के लिए केंद्र सरकार पूरा सहयोग देने को तैयार है। यह भी संकेत मिले हैं कि आने वाले समय में निवेश को लेकर कुछ बड़े फैसले लिए जा सकते हैं, जिससे बिहार के औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान आज हो रहा है। इसे लेकर बंगाल की सीमा से सटे बिहार के तीन जिलों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार में हाई अलर्ट जारी किया है। बताया जा रहा है कि इन जिलों में रहने वाले बड़ी संख्या में लोगों के नाम पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची में शामिल हैं। ये लोग रोजी-रोटी, कारोबार या पारिवारिक कारणों से बिहार में रहते हैं और आज वोट डालने बंगाल जाएंगे। ऐसे में सीमा से जुड़ी हर गतिविधि का सीधा असर मतदान के माहौल पर पड़ सकता है। इसी वजह से मतदान से 48 घंटे पहले करीब 285KM सीमा को सील कर दिया गया है। पूरे सीमांचल इलाके में चौकसी बढ़ा दी गई है। चेकपोस्टों पर वाहनों की तलाशी और हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। फर्जी वोटरों की एंट्री, कैश और शराब की तस्करी, हथियारों की आवाजाही और बाहरी तत्वों की घुसपैठ को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। किशनगंज से पश्चिम बंगाल बॉर्डर की तस्वीरें… बिहार-पश्चिम बंगाल सीमा कितने KM तक सीमित किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार पश्चिम बंगाल की सीमा से सटे जिले हैं। किशनगंज का पूर्वी हिस्सा पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले से जुड़ा है, जबकि इसके उत्तरी भाग की सीमा दार्जिलिंग जिले से भी मिलती है। वहीं, पूर्णिया और कटिहार जिले भी पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर और मालदा जिलों से सटे हुए हैं। यह पूरा इलाका भारत के ‘चिकन नेक’ (सिलीगुड़ी कॉरिडोर) का हिस्सा माना जाता है। बिहार और पश्चिम बंगाल के बीच कुल सीमा लगभग 285 किलोमीटर लंबी है। इस दौरान किशनगंज के ठाकुरगंज से पश्चिम बंगाल के लिए विशेष ट्रेन चलाई जा रही है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग वोट देने के लिए जा रहे हैं। किशनगंज में 10 मिरर चेकपोस्ट लगाए गए प्रशासन ने किशनगंज की अंतरराज्यीय सीमा पर विशेष चौकसी बरतते हुए कुल 10 मिरर चेकपोस्ट स्थापित किए हैं। वहीं, कटिहार और पूर्णिया में भी 5-5 चेकपोस्ट बनाए गए हैं, जो जिलों के प्रमुख एंट्री पॉइंट हैं। इन चेकपोस्टों पर आने-जाने वाले सभी वाहनों और व्यक्तियों की सघन जांच की जा रही है। चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। 39 स्थानों पर मजिस्ट्रेट की तैनाती जिलाधिकारी विशाल राज ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष निगरानी के लिए 39 स्थानों पर मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। सभी चेकपोस्टों पर पुलिस बल के साथ दंडाधिकारी मौजूद रहेंगे और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखेंगे। उन्होंने कहा कि बंगाल की ओर जाने वाले वाहनों की विशेष रूप से तलाशी ली जा रही है, ताकि अवैध नकदी, शराब या अन्य आपत्तिजनक सामग्री की आवाजाही पर रोक लगाई जा सके। प्रशासन की ओर से सुबह 6 बजे से ही विशेष तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है। इस दौरान दोपहिया और चारपहिया वाहनों के साथ-साथ बसों और मालवाहक वाहनों की भी जांच की जा रही है। चेकपोस्टों पर बैरिकेडिंग कर वाहनों को रोककर दस्तावेजों की जांच की जा रही है और संदिग्ध लोगों से पूछताछ भी की जा रही है। क्यों अहम है बिहार के ये तीन जिले? पश्चिम बंगाल की सीमा से सटे किशनगंज, कटिहार और पूर्णिया भगौलिक रूप से रणनीतिक जिले माने जाते हैं। यहां से सड़क, ट्रेन, ऑटो के रास्ते बिहार से बंगाल और बंगाल से बिहार लोग करते हैं। यहां तक की किशनगंज में करीब 2 लाख से ज्यादा वोर्टस बंगाल के हैं। चुनाव के समय इन रास्तों का इस्तेमाल नकदी, शराब, प्रचार सामग्री या असामाजिक तत्वों की आवाजाही के लिए होने की आशंका रहती है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, सीमावर्ती इलाकों में एक राज्य की गतिविधियों का असर दूसरे राज्य के चुनावी माहौल पर पड़ सकता है। इसी वजह से बिहार के इन जिलों में चौकसी बढ़ाई गई है। बिहार सरकार के अधिकारियों ने की मीटिंग बंगाल चुनाव को लेकर किशनगंज में मंगलवार को बिहार सरकार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने करीब 4 घंटे तक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने बिहार-बंगाल और भारत-नेपाल बॉर्डर को लेकर कई अहम बातें कीं। किस तरह से बॉर्डर ड्रग्स तस्करी के मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई? फर्जी आधार कार्ड केंद्र का क्या पैटर्न है? बॉर्डर पर नो मेंस लैंड पर अवैध अतिक्रमण को हटाने को लेकर क्या किया गया? बैठक में किशनगंज-अररिया के DM, सीमावर्ती जिलों के अधिकारी, पुलिस प्रशासन और सीमा सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक का मुख्य फोकस चुनाव के दौरान सीमावर्ती इलाकों को सुरक्षित रखना था। भारत-नेपाल सीमा पर नहीं रहेगा विवाद जानकारी के अनुसार, भारत सरकार के गृह मंत्रालय और नेपाल के गृह मंत्रालय द्वारा ‘इंडो-नेपाल बॉर्डर रेफरेंस फ्रेम’ के तहत सीमा से जुड़े मुद्दों को सुलझाने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच सीमा से जुड़े किसी भी प्रकार के विवाद को समाप्त करना है। इसके तहत सीमा पर पुराने, क्षतिग्रस्त और गायब पिलरों की पहचान कर उन्हें दोबारा स्थापित किया जाएगा, ताकि वास्तविक सीमा रेखा स्पष्ट हो सके। अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से भविष्य में सीमा विवाद, अतिक्रमण और भ्रम की स्थिति कम होगी। 8,553 बॉर्डर पिलरों का होगा सर्वे भारत-नेपाल सीमा पर कुल 8,553 बॉर्डर पिलर मौजूद हैं। इनमें से 1,325 पिलर गायब बताए गए हैं, जबकि 1,956 पिलर क्षतिग्रस्त स्थिति में हैं। इन सभी पिलरों की मरम्मत, रिकंस्ट्रक्शन और पुनर्स्थापन पर दोनों देशों के अधिकारियों के बीच सहमति बनी है। परियोजना के तहत दोनों देशों की सरकारें संयुक्त रूप से निगरानी करेगी। सीमा पर चिन्हित स्थानों पर सर्वे काम भी कराया जाएगा। GPS तकनीक से तय होगी सीमा की सटीक स्थिति वहीं, टेक्निकल एक्सपर्ट ई.हेमकांत कश्यप के अनुसार GPS रिसीवर की मदद से किसी स्थान की सटीक स्थिति नक्शे पर देखी जा सकती है। ये डिवाइस सैटेलाइट से संकेत प्राप्त कर लैटिट्यूड, लॉन्गिट्यूड और ऊंचाई का डिटरमेशन करता है। सीमा पिलरों पर जीपीएस तकनीक लगाने से उनकी सटीक लोकेशन दर्ज होगी। इससे सीमा रेखा को लेकर भ्रम खत्म होगा। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रहेगी। अधिकारियों का मानना है कि मॉडर्न टेक्नोलॉजी से निगरानी आसान होगी। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सीमा क्षेत्रों में पुलिस और एसएसबी के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए। संयुक्त अभियान चलाकर किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जाए। सीमावर्ती गांवों के विकास की भी समीक्षा बैठक में सीमावर्ती गांवों के विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और संचार सुविधाओं को मजबूत बनाना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित विभागों को लंबित योजनाओं को तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया, ताकि सीमा क्षेत्र में रहने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। चौकसी बढ़ाने और सूचना तंत्र मजबूत करने का निर्देश बैठक में सीमा पर चौकसी बढ़ाने, संवेदनशील स्थानों की पहचान कर विशेष निगरानी रखने और सूचना तंत्र को और मजबूत करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि स्थानीय प्रशासन, पुलिस और एसएसबी के बीच नियमित समन्वय बैठक हो, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। मुख्य सचिव की बैठक का क्या असर पड़ेगा? मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में हुई बैठक में सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय, संवेदनशील इलाकों की पहचान, संयुक्त चेकिंग अभियान और तुरंत सूचना तंत्र पर जोर दिया गया। सूत्रों के मुताबिक, बैठक के बाद कई स्तरों पर असर दिखेगा। सीमाई क्षेत्रों में पुलिस और केंद्रीय बलों की संयुक्त पेट्रोलिंग बढ़ेगी। पश्चिम बंगाल जाने वाले मार्गों पर सघन वाहन जांच होगी। संदिग्ध लोगों की पहचान और आवाजाही पर निगरानी रखी जाएगी। नकदी, शराब, ड्रग्स और हथियारों की तस्करी रोकने के लिए स्पेशल टीम सक्रिय रहेगी। चुनाव अवधि में प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। बॉर्डर पर किस तरह तैनात हैं जवान? सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा के लिए सशस्त्र सीमा बल (SSB), बिहार पुलिस, जिला पुलिस और खुफिया इकाइयों को एक्टिव मोड पर रखा गया है। नेपाल और बंगाल से जुड़े कॉरिडोर पर अतिरिक्त बल लगाए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था इस तरह की गई है- नेपाल बॉर्डर भी फोकस में क्यों? किशनगंज और अररिया क्षेत्र नेपाल सीमा से भी प्रभावित इलाका माना जाता है। चुनाव के समय आशंका रहती है कि तस्कर या असामाजिक तत्व अंतरराष्ट्रीय सीमा के रूट का इस्तेमाल कर सकते हैं, इसलिए भारत-नेपाल सीमा पर भी सतर्कता बढ़ाई गई है। SSB और स्थानीय पुलिस को संयुक्त निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। नो-मेंस लैंड, पिलर क्षेत्र और अनौपचारिक आवाजाही वाले रास्तों पर विशेष नजर रखी जा रही है। स्थानीय लोगों पर क्या असर? सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को चुनाव अवधि में ज्यादा जांच और आवाजाही प्रतिबंध का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, प्रशासन का कहना है कि आम नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा दोनों का संतुलन रखा जाएगा। व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों को वैध कागजात साथ रखने की सलाह दी गई है। स्थानीय लोगों से भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने को कहा गया है।
मुंबई पुलिस ने मोबाइल हैक कर ऑनलाइन ठगी के आरोप में तीन आरोपियों को बिहार से किया गिरफ्तार
मुंबई पुलिस ने ऑनलाइन ठगी करने के आरोप में तीन लोगों को बिहार से गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने गैस की कमी के दौरान लोगों का फायदा उठाया और एपीके फाइल भेजकर उनके साथ धोखाधड़ी की।
रामगढ़ शहर के गोलपार इलाके में एक बंद घर से चोरों ने लगभग 12 लाख रुपए की संपत्ति चुरा ली। कपड़ा व्यवसायी रामप्रवेश साव अपने परिवार के साथ एक शादी समारोह में शामिल होने बिहार गए हुए थे, तभी चोरों ने उनके घर को निशाना बनाया। इस घटना से क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, चोरों ने घर के दो कमरों की अलमारी और बक्सों के ताले तोड़ दिए। उन्होंने घर में रखे लाखों के जेवरात और नकदी लेकर फरार हो गए। घर के मालिक अभिषेक कुमार ने बताया कि कुल मिलाकर 12 लाख रुपए की चोरी हुई है। लगभग 1.20 लाख रुपए नकद की भी चोरी पीड़ित परिवार के मुताबिक, चोरों ने करीब 6 से 7 लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवरात, लगभग 1.20 लाख रुपए नकद और बिक्री के लिए रखी गई नई कीमती साड़ियां चुरा लीं। इस संबंध में घर के मालिक ने रामगढ़ थाना में एक आवेदन दिया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि क्षेत्र में पुलिस गश्त लगभग ठप हो चुकी है, जिसका फायदा उठाकर अपराधी लगातार वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। इधर, सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।
Bihar Politics : बिहार की सियासत में आधी रात का महाधमाका प्रशांत किशोर से मिले तेज प्रताप यादव
राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) आज बिहार के सभी जिला मुख्यालयों में ‘धिक्कार मार्च’ निकाल रही है। संसद में संवैधानिक अधिकार, परिसीमन सुधार और महिला आरक्षण विधेयक के पास नहीं होने पर पार्टी ने यह बड़ा कदम उठाया है। पार्टी का आरोप है कि कांग्रेस समेत महागठबंधन की पार्टियों ने लोकसभा में इन अहम विधेयकों के खिलाफ वोट देकर महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित किया है। RLM का कहना है कि इस विरोध के चलते महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण मिलने का रास्ता रुक गया। उपेंद्र कुशवाहा के नेतृत्व में आंदोलन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद उपेंद्र कुशवाहा के नेतृत्व में यह विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। कुशवाहा ने कल प्रेस वार्ता कर बताया कि वह लगातार परिसीमन सुधार और संवैधानिक अधिकारों के मुद्दे को उठाते रहे हैं, लेकिन विपक्ष के रुख के कारण यह प्रयास सफल नहीं हो पाया। उपेंद्र कुशवाहा ने बताया कि, ‘अगर यह बिल पास हो जाता तो बिहार में लोकसभा और विधानसभा सीटों की संख्या करीब डेढ़ गुना तक बढ़ सकती थी। इससे ज्यादा लोगों को प्रतिनिधित्व मिलता। साथ ही लोकतंत्र और मजबूत होता।’ जिला मुख्यालयों में कार्यकर्ता करेंगे प्रदर्शन आज राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता जुट रहे हैं। हाथों में बैनर-पोस्टर लेकर कार्यकर्ता महागठबंधन के खिलाफ नारेबाजी करेंगे और अपना विरोध दर्ज कराएंगे। कई जगहों पर जुलूस और सभा का भी आयोजन किया गया है। धिक्कार मार्च को देखते हुए प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क है। जिला मुख्यालयों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था की स्थिति न बने। पार्टी का मकसद क्या है RLM का कहना है कि इस ‘धिक्कार मार्च’ के जरिए वे आम जनता तक यह संदेश पहुंचाना चाहते हैं कि किस तरह संसद में महिलाओं के अधिकार और प्रतिनिधित्व से जुड़े मुद्दों को रोका गया। पार्टी इसे जनजागरूकता अभियान के रूप में भी देख रही है।
झारखंड के बिल्डरों से बिहार में निवेश करने की अपील की
बिहार भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) के अध्यक्ष विवेक सिंह ने झारखंड में काम कर रहे बिल्डरों से बिहार में निवेश की अपील की है। रेरा बिहार द्वारा रांची में आयोजित कार्यक्रम में विवेक बोल रहे थे। इस कार्यक्रम का आयोजन बिहार के भू-संपदा प्रक्षेत्र में ‘ईज आफ डूइंग बिजनस’ से अवगत कराना था। कार्यक्रम में झारखंड के विकास आयुक्त अजय कु. सिंह, झारखंड रेरा के अध्यक्ष बीरेंद्र भूषण भी मौजूद थे।
सांसद जी ने खाया 500 का ऑमलेट!:मुकेश सहनी की क्लास में मोदी की पाठशाला, बिहार के बनियान वाले दरोगा
बात खरी है... इसमें आप देखेंगे बिहार के नेताओं और अफसरों के बीच अंदरखाने क्या चल रहा है, और दिनभर की ऐसी बड़ी हलचल जो आपको हंसाएगी भी और जिम्मेदारों को आइना भी दिखाएंगी। ऊपर VIDEO पर क्लिक करें...
बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने दरभंगा में मंगलवार को कहा कि इस बार बंगाल से ममता बनर्जी की विदाई और भाजपा की सरकार बनना तय है। सरावगी पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि भाजपा बंगाल में कितनी सीटें जीतेगी, इस सवाल के जबाव में उन्होंने दोहराते हुए कहा कि बंगाल में इस बार भाजपा सरकार तय है। सरावगी ने कहा कि चुनाव के पहले चरण के प्रचार के अंतिम दिन बंगाल में भाजपा के पक्ष में बेहतर माहौल देखने को मिल रहा है। लोगों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि मतदाता बिना किसी डर के अपने मताधिकार का प्रयोग करें। उनका कहना था कि पहले की तरह इस बार तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता उत्पात नहीं मचा पाएंगे, क्योंकि इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया ने पूरे राज्य में केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की है। सरावगी बोले- टीएमसी सरकार से बंगाल के लोग परेशान हैं ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए संजय सरावगी ने आरोप लगाया कि राज्य की जनता उनकी सरकार से त्रस्त है और इस बार सत्ता परिवर्तन तय है। उन्होंने यह भी कहा कि टीएमसी सरकार के कथित ‘कट मनी’ सिस्टम से व्यापारी वर्ग परेशान होकर राज्य छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने घुसपैठ और बांग्लादेशी नागरिकों को संरक्षण देने का आरोप भी राज्य सरकार पर लगाया। हालांकि, सीटों की संख्या को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने स्पष्ट जवाब नहीं दिया, लेकिन दोहराया कि बंगाल में भाजपा की सरकार बनना निश्चित है। ‘बांग्लादेशी व रोहिंग्या घुसपैठियों को संरक्षण देकर बसाया गया’ संजय सरावगी ने आरोप लगाया कि टीएमसी शासन में गुंडागर्दी चरम पर रही है और बांग्लादेशी व रोहिंग्या घुसपैठियों को संरक्षण देकर बसाया गया, जिससे कई जिलों की जनसांख्यिकी प्रभावित हुई। उन्होंने कहा कि आम जनता इस सरकार से त्रस्त है और बदलाव चाहती है। ममता बनर्जी के “खेला होबे” बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि ये उनकी बौखलाहट को दर्शाता है। उनके अनुसार चुनाव से पहले हार की आशंका में इस तरह की भाषा सामने आ रही है और जनता इस बार बदलाव का मन बना चुकी है।
सिक्किम से देवघर तक विश्व शांति और मानव कल्याण का संदेश लेकर पदयात्रा पर निकले शाहिल कार्की इन दिनों बिहार के विभिन्न क्षेत्रों से गुजर रहे हैं। उन्होंने 7 अप्रैल को सिक्किम से अपनी यात्रा शुरू की थी और पिछले 15 दिनों से लगातार पैदल चल रहे हैं। उनका लक्ष्य झारखंड स्थित प्रसिद्ध तीर्थ स्थल बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचना है। नेपाली मूल के शाहिल कार्की अपनी इस पदयात्रा के माध्यम से जन-जन तक विश्व शांति का संदेश पहुंचा रहे हैं। वे प्रतिदिन कई किलोमीटर की दूरी तय करते हुए लोगों को आपसी भाईचारा, प्रेम और सद्भाव का महत्व बता रहे हैं। भोजन और अन्य आवश्यक सहायता प्रदान कर रहेबिहार में प्रवेश करने के बाद से उनकी यात्रा को लोगों का जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। राहगीर उन्हें पानी, भोजन और अन्य आवश्यक सहायता प्रदान कर रहे हैं। इसी क्रम में कटिहार जिले के समेली प्रखंड अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग-31 स्थित डूमर चौक पर स्थानीय युवाओं ने उनका स्वागत किया। युवाओं ने माला पहनाकर उनका सम्मान किया और उनकी पहल की सराहना की। लोगों को एकजुट करने का काम करती हैस्थानीय निवासियों का कहना है कि इस तरह की पहल समाज में सकारात्मक संदेश देती है और लोगों को एकजुट करने का काम करती है। शाहिल कार्की की यह पदयात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह सामाजिक एकता और विश्व शांति का भी प्रेरणादायक उदाहरण बन रही है। शाहिल ने बताया कि उनका उद्देश्य किसी एक धर्म या समुदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि वे पूरी मानवता के लिए शांति और सद्भावना का संदेश लेकर चल रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि रास्ते में मिल रहे लोगों का प्यार और सहयोग ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
CM के बेटे निशांत कुमार 3 मई से बिहार यात्रा पर निकलेंगे। मंगलवार को JDU ऑफिस में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक के बाद निशांत ने ये ऐलान किया है। निशांत ने कहा, इस यात्रा में संजय अंकल समेत पार्टी के कार्यकर्ता मेरे साथ रहेंगे। JDU के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने कहा, ‘अभी वे खुद पार्टी के जिलाध्यक्षों से मिल रहे हैं। आने वाले समय में बिहार में उनकी यात्रा भी होगी। आगे क्या होना है ये पार्टी बैठ कर तय तरेगी।’ इधर, नालंदा MLA श्रवण कुमार जदयू विधायक दल के नेता चुने गए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मंजूरी के बाद उनके नाम को विधानसभा भेजा गया। इसके बाद विधानसभा की ओर से नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। दरअसल, नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद विधायक दल के नेता का पद खाली था। इसको लेकर रविवार को सीएम हाउस में जदयू नेताओं की बैठक हुई थी। बताया जा रहा है कि श्रवण कुमार को जदयू विधायकों ने पहले ही नेता चुन लिया था। इसके बाद पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने भी इस फैसले पर मुहर लगा दी। बता दें 3 दिन पहले बिहार सरकार ने पूर्व मंत्री श्रवण कुमार की सुरक्षा को बढ़ाते हुए उन्हें Y+ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की है। JDU ने 2030 में 200 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा सीएम हाउस में रविवार को जदयू विधायकों की बैठक हुई। यह बैठक पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई, जिसमें 2030 तक 200 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा गया। 90 मिनट चली बैठक में नीतीश कुमार ने कहा, “मैं पूरे बिहार का दौरा करूंगा। आप लोग चिंता मत कीजिए, सब अच्छा होगा। मैं जैसे पहले काम करता था, वैसे ही काम करता रहूंगा।” हालांकि निशांत कुमार को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई। बैठक के बाद अनंत सिंह ने बताया, “मीटिंग में नीतीश कुमार ने विधायकों से अपने-अपने क्षेत्र में सक्रिय रहकर काम करने को कहा है। उन्होंने अगली बार 200 सीटें जीतने का लक्ष्य रखकर मेहनत करने को कहा है।” JDU विधायक दल के मीटिंग में 3 प्रस्ताव श्रवण कुमार ने कहा, “मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर बैठक में चर्चा हुई है। हम लोगों से कहा गया है कि पिछली बार की तुलना में इस बार पार्टी से अधिक संख्या में मंत्री बनाए जाएंगे। बैठक में तीन प्रस्ताव लाए गए।” JDU विधायक बोले- निशांत अब पार्टी को लीड करें मीटिंग से पहले जदयू विधायक महेश्वर हजारी ने कहा, ‘निशांत के हिसाब से अब पार्टी चलेगी। वो जनता के बीच आएं। जैसे नीतीश कुमार को लोगों ने पसंद किया, निशांत को भी करेंगे।’ जदयू विधायक दल की बैठक से पहले एक पोस्टर के जरिए सियासी संदेश दिया गया है। पोस्टर में Next CM of Bihar का नारा, राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। पटना की सड़कों पर बड़े-बड़े बैनर-पोस्टर देखने को मिल रहा है, जो युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने का संदेश है। पोस्टरों में ‘नीतीश जी का मिशन अधूरा, निशांत जी ही अब करेंगे पूरा’ का नारा दिया गया है। साथ ही लोकनायक और अनुभवी सहयोगियों का जिक्र कर भरोसा दिखाने की कोशिश की गई है। निशांत कुमार के नाम की प्रमुखता, विकसित बिहार जैसे विजन के साथ भविष्य की राजनीति का संकेत भी दिख रहा है। पोस्टर में कई नेताओं की तस्वीरें भी हैं, जिससे संगठनात्मक एकजुटता दिखाने की कोशिश की गई है। राहगीरों और स्थानीय लोगों के बीच पोस्टर चर्चा का विषय बना हुआ है।
राष्ट्रीय लोक जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने सोमवार को अपने आवास पर पीसी की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की आधी आबादी यानी महिलाओं को उनका अधिकार देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया था। हमारी पार्टी भी इस बात की पक्षधर है कि लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को उनका उचित प्रतिनिधित्व मिले। पार्टी सामाजिक न्याय के सिद्धांत पर कायम है और महिलाओं के साथ-साथ एससी, एसटी और ओबीसी वर्गों को भी बराबरी का हक मिलना चाहिए। कुशवाहा ने कहा कि वर्तमान बिल में ओबीसी वर्ग के लिए स्पष्ट प्रावधान नहीं था, लेकिन उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि इस मुद्दे को बहाना बनाकर महिला आरक्षण बिल का विरोध किया गया। केंद्र सरकार भविष्य में इस दिशा में काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। अभी जातिगत गणना की प्रक्रिया चल रही है और रिपोर्ट आने के बाद ओबीसी वर्ग को लेकर ठोस निर्णय लिया जाएगा। विपक्ष इस तथ्य को समझने में असफल रहा और जल्दबाजी में विरोध कर दिया, जिससे बिल पारित नहीं हो सका। कुशवाहा ने घोषणा की कि उनकी पार्टी 22 अप्रैल को पूरे बिहार में “धिक्कार मार्च” निकालेगी। यह मार्च राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में आयोजित किया जाएगा। इस मार्च के जरिए जनता के बीच जाकर विपक्ष की “वास्तविक मंशा” को उजागर किया जाएगा और यह बताया जाएगा कि किस तरह महत्वपूर्ण मुद्दों पर राजनीति की गई। जातीय गणना के बाद होगा बड़ा फैसला कुशवाहा ने कहा कि जब जनगणना और जातीय सर्वेक्षण की पूरी रिपोर्ट सामने आएगी, तब सभी वर्गों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। इसके आधार पर ओबीसी को प्रतिनिधित्व देने का रास्ता भी तय किया जाएगा। यह एक प्रक्रिया है और सरकार इसे चरणबद्ध तरीके से लागू करना चाहती है, लेकिन विपक्ष ने राजनीतिक लाभ के लिए इसे बाधित किया। परिसीमन का समर्थन, बढ़ सकती थीं सीटें कुशवाहा ने परिसीमन का खुलकर समर्थन करते हुए कहा कि उनकी पार्टी लंबे समय से इसकी मांग करती रही है। उन्होंने कहा कि संविधान ने यह अधिकार दिया है, इसलिए इसे लागू होना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि अगर परिसीमन लागू होता तो बिहार में लोकसभा सीटों की संख्या 40 से बढ़कर 60 हो सकती थी, वहीं विधानसभा सीटें भी बढ़कर लगभग 365 तक पहुंच सकती थीं। उनके अनुसार, इससे महिलाओं को भी अधिक प्रतिनिधित्व मिलता, लेकिन विपक्ष ने इस प्रक्रिया को भी बाधित कर दिया। विपक्ष पर ‘अन्याय’ का आरोप कुशवाहा ने विपक्षी दलों पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने महिलाओं और वंचित वर्गों के साथ अन्याय किया है। विपक्ष की मंशा साफ नहीं है और वह सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए जरूरी विधेयकों का विरोध करता है। टाइमिंग और मंशा को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए गए सवाल सिर्फ जनता को भ्रमित करने के लिए हैं।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने JEE मेन 2026 (सेशन-1 और सेशन-2) का संयुक्त रिजल्ट जारी कर दिया है। संयुक्त प्रवेश परीक्षा (मुख्य) में गयाजी शुभम कुमार ने बिहार टॉप किया है। शुभम कुमार ने 100 पर्सेंटाइल के साथ पूरे देश में छठा स्थान हासिल किया है। इस बार देशभर में कुल 26 कैंडिडेट्स ने 100 पर्सेंटाइल हासिल किया है। जिसमें शुभम भी शामिल है। खास बात यह है कि पहले सेशन में भी उनका प्रदर्शन बेहद शानदार रहा था। अब फाइनल रिजल्ट में कमाल किया है। शुभम कुमार अब अगले लक्ष्य संयुक्त प्रवेश परीक्षा(एडवांस्ड) की तैयारी में जुट गए हैं। गयाजी के ब्रिटिश इंग्लिश स्कूल के छात्र रहे हैं। उनका सपना भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस में दाखिला लेना है। अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों और संस्थान के मार्गदर्शन को दिया। परिवार का बहुत सहयोग मिला शुभम ने बताया कि रिजल्ट देखने के बाद सबसे पहले यह खुशखबरी अपने माता-पिता को दी। उनके पिता शिव कुमार हार्डवेयर व्यवसाय से जुड़े हैं, जबकि मां कंचन देवी गृहिणी हैं। परिवार का भरोसा और सहयोग ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रहा। उन्होंने अपनी तैयारी को पूरी तरह कॉन्सेप्ट आधारित बताया। नियमित टाइम-टेबल के अनुसार पढ़ाई करते थे और कमजोर विषयों पर विशेष ध्यान देते थे। तैयारी के दौरान मॉक टेस्ट और लगातार रिवीजन उनकी रणनीति रही। रोजाना 10 से 12 घंटे पढ़ाई करते थे। 24 घंटे पढ़ने की जरूरत नहीं होती, बल्कि सही रणनीति और निरंतर अभ्यास जरूरी है। बीच-बीच में ब्रेक लेकर खुद को तरोताजा रखते थे, ताकि पढ़ाई में निरंतरता बनी रहे। शुभम को कोचिंग संस्थान की ओर से 100 प्रतिशत स्कॉलरशिप भी मिली थी। एनटीए स्कोर के आधार पर रिजल्ट एनटीए के अनुसार, पेपर-1 के लिए कुल 16,04,854 अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जिनमें से 15,38,468 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। एनटीए ने जेईई मेन के फाइनल रिजल्ट के साथ ही जेईई एडवांस्ड-2026 के लिए कैटेगरी-वाइज कट-ऑफ जारी कर दी है। दोनों सेशन में शामिल अभ्यर्थियों के बेस्ट एनटीए स्कोर के आधार पर रिजल्ट तैयार किया गया है। कट-ऑफ के मुताबिक सामान्य वर्ग के लिए 93.41 पर्सेंटाइल तय की गई है। इस आधार पर 96,873 अभ्यर्थी एडवांस्ड के लिए योग्य घोषित किए गए हैं। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) में 82.41 पर्सेंटाइल पर 25,009, ओबीसी वर्ग में 80.92 पर्सेंटाइल पर 67,597 अभ्यर्थियों ने क्वालिफाई किया है। एससी वर्ग के लिए 63.91 पर्सेंटाइल पर 37,522 और एसटी वर्ग के लिए 52.01 पर्सेंटाइल पर 18,790 अभ्यर्थी सफल हुए हैं। दिव्यांग श्रेणी में 0.0023 पर्सेंटाइल के साथ 4,391 अभ्यर्थियों को पात्र माना गया है। सभी श्रेणियों को मिलाकर कुल 2,50,182 अभ्यर्थी जेईई एडवांस्ड 2026 के लिए योग्य घोषित किए गए हैं। एनटीए ने साफ किया है कि तय कट-ऑफ के भीतर आने वाले अभ्यर्थी ही एडवांस्ड परीक्षा के लिए आवेदन कर सकेंगे। एडवांस्ड में सफल होने वाले अभ्यर्थियों को मेरिट के आधार पर देश के प्रमुख भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) में दाखिला मिलेगा।
‘ऐसा लगता है कि CBI ने आदेश के बावजूद जानबूझकर चार्जशीट फाइल नहीं की। 10 अप्रैल को समय सीमा के अंदर जांच पूरी करने या स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया था, जिसका पालन नहीं हुआ। यह कोर्ट के आदेश का खुला उल्लंघन है।’ कोर्ट ने यह टिप्पणी NEET छात्रा मामले में करते हुए आरोपी मनीष रंजन को जमानत दे दी। जमानत की खबर मिलते ही छात्रा की मां की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें PMCH में भर्ती कराया गया। यह हाल है देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी CBI और बिहार पुलिस का…। उस सरकार का जो जंगलराज का खौफ दिखाकर 20 साल से सत्ता में बनी हुई है। आंखों में डॉक्टर बनने का सपना लेकर जहानाबाद से पटना आई NEET स्टूडेंट को मरे 100 दिन हो गए। उसकी पोस्टमॉर्टम और FSL रिपोर्ट चीख-चीखकर बोल रही है कि ये क्रूर रेप और मर्डर है। पूरी बॉडी पर चोटें, प्राइवेट पार्ट्स पर गंभीर इंजरी, फटे कपड़े, खून के छींटे, अंडरगारमेंट पर 18-21 साल के दरिंदे का स्पर्म… मिला। पर बिहार पुलिस अपनी ही थ्योरी पर अड़ी रही। पहले दिन से सुसाइड का ढोंग रचा। स्लीपिंग पिल्स और टाइफाइड का बहाना बनाया। परिवार को धमकाया। सुसाइड मानने को मजबूर किया। पुलिस और SIT 20 दिन तक सबूत मिटाती और छिपाती रही। CCTV गायब कर दिए। कपड़े देर से FSL को भेजे। परिवार ने DGP से रो-रोकर न्याय मांगा तो सुसाइड मानने की सलाह और धमकी दी गई। परिजन चीख-चीखकर बोल रहे हैं कि पुलिस ‘सुसाइड एंगल’ मान लेने का दबाव बना रही है। अगर यह आरोप सच हैं, तो ये सिर्फ लापरवाही नहीं… जांच की दिशा मोड़ने की कोशिश है। सवाल सीधा है- पुलिस का काम सच ढूंढना है या थ्योरी तय करके उसे साबित करना? अब तो हद ही हो गई है। सारे सबूत मिटाने के बाद मामले को CBI को ट्रांसफर कर दिया गया और CBI जांच की तो पूछिए ही मत। वह तारीख दर तारीख कोर्ट में डांट खाती रही, लेकिन मजाल की कोई ठीक से जांच कर दे। CBI ने जांच में क्या-क्या ग्राफिक के जरिए समझिए… दरअसल, लोग भूल गए थे कि बिहार में CBI ने क्या कमाल किया है? याद तो है ना… नवरुणा हत्याकांड: मुजफ्फरपुर में 14 वर्षीय लड़की का अपहरण-हत्या। CBI ने केस 2014 में टेक ओवर किया। कुछ गिरफ्तारियां कीं। 6 साल जांच के बाद 2020 में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी। सबूत न मिलने का हवाला दिया। किसी को कोई सजा नहीं मिली। यानी नवरुणा को किसी ने नहीं मारा। ब्रह्मेश्वर मुखिया हत्याकांडः 2012 में ब्रह्मेश्वर मुखिया की हत्या गोली मारकर कर दी गई। पुलिस ने जांच की। फिर मामला CBI को ट्रांसफर कर दिया गया। जांच लंबी खिंची। 2023 में पूर्व MLC हुलास पांडे सहित अन्य के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हुई, लेकिन बुलेट्स और खोखा में मिसमैच है। अभी मामला पेंडिंग ही चल रहा है। शिल्पी-गौतम मर्डरः शिल्पी जैन और गौतम सिंह के नग्न शव गैरेज में खड़ी कार में मिले। पोस्टमॉर्टम में जहर, मल्टीपल रेप के संकेत मिले। कपड़े पर कई लोगों के स्पर्म मिले। NEET छात्रा केस की तरह पुलिस ने पहले सुसाइड की थ्योरी रची, फिर सेक्स के दौरान दम घुटने से मौत बताया। अंत में मामला CBI ने 1999 में टेकओवर किया, लेकिन 2003 में डबल सुसाइड बताकर क्लोज कर दिया गया। मंत्री ने मानी हत्या, पुलिस ने क्यों नहीं? तत्कालीन गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने 31 जनवरी को X पर पोस्ट लिखकर कहा था- ‘NEET स्टूडेंट की हत्या मामले को CBI को ट्रांसफर कर दिया गया है।’ वहीं, पुलिस सुसाइड मानने की बातें कह रही है। मामले की जांच के लिए IG जितेंद्र राणा की निगरानी में SIT बनी। मतलब IG लेवल के अफसर भी फेल हो गए हैं। ये सिर्फ एक केस नहीं है। यह बिहार के हर उस मां-बाप का डर है जो अपने बच्चे को पढ़ने के लिए घर से दूर भेजते हैं। उन्हें कानून पर भरोसा चाहिए… कहानी नहीं। जांच चाहिए… बहाना नहीं। न्याय चाहिए…सिस्टम की ढाल नहीं। अब निगाहें CBI पर हैं, लेकिन उससे भी बड़ा सवाल है- क्या न्याय सबूतों से तय होगा… या सिस्टम की सुविधा से? भास्कर के CBI और सरकार से 6 सवाल… बेटी को न्याय दिलाने की पुकार लगाते-लगाते मां ने खो दिया मानसिक संतुलन छात्रा की मां बेटी को न्याय दिलाने की पुकार लगाते-लगाते अपना मानसिक संतुलन खो चुकी हैं। उनकी सेहत भी ठीक नहीं। 16 अप्रैल को मनीष रंजन को जमानत दिए जाने की खबर सुनकर वह बेहोश हो गईं। परिजनों ने उन्हें PMCH में एडमिट कराया। डॉक्टरों ने जांच की तो पता चला कि ब्लड प्रेशर हाई है। हेल्थ से जुड़ी दूसरी परेशानियां भी हैं। उन्हें ICU में रखना पड़ा। 17 अप्रैल की सुबह छुट्टी दी गई। इसके बाद परिजन उन्हें दिमागी इलाज के लिए एक निजी क्लिनिक में ले गए। न्याय दिलाने की बातें कहने वाले खामोश हुए नीट छात्रा रेप-मर्डर केस सामने आने के बाद पटना में जमकर विरोध प्रदर्शन हुए। सड़क पर लोग उतरे। न्याय दिलाने की मांग की गई, लेकिन अब वे शांत नजर आ रहे हैं। इनमें प्रमुख हैं.. पप्पू यादव: सांसद पप्पू यादव ने छात्रा के परिजनों को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। एक नर्स के साथ बातचीत का ऑडियो जारी कर बड़े-बड़े दावे किए। इलाज करने वाले डॉक्टर्स पर गंभीर आरोप लगाए। सड़क पर उतरे। दिल्ली के जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन की तैयारी की। इस बीच पुलिस ने दूसरे केस में गिरफ्तार कर लिया। जेल से बाहर आने के बाद शांत हो गए। NGO और छात्र संगठनों के लोग: छात्रा की मौत के बाद उसे न्याय दिलाने के लिए कई NGO और छात्र संगठनों के लोग सड़कों पर उतरे। धरना-प्रदर्शन किया। नारे लगाए। लेकिन वक्त बीतने के साथ वे भी शांत पड़ते दिख रहे हैं। समाज के लोग: छात्रा के साथ जब ये घटना हुई तो सोशल मीडिया पर मानो गुस्से का उबाल सा आ गया। पूरे मामले को जातीय चश्मे से देखा जाने लगा। बेटी की जाति के लोग उग्र हुए सरकार को पूरी तरह घेरने लगे। लेकिन अब पता नहीं क्या हुआ कि वो भी शांत बैठ गए। सोशल मीडिया पर युद्ध भी कमजोर हो गया।
करनाल पुलिस ने दो नशा तस्करों को पकड़ा:गांजा बरामद, पीछा कर गिरफ्तार किया, बिहार के रहने वाले
करनाल जिले में नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत हरियाणा स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की करनाल यूनिट ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया। टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर रेड कर आरोपियों के कब्जे से 2 किलो 960 ग्राम गांजा बरामद किया। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। यूनिट प्रभारी इंस्पेक्टर ऋषिपाल कुमार ने बताया कि एएसआई उपकार को सूचना मिली थी कि मन्नु पुत्र रमेश यादव और कृष्ण पुत्र शंकर पासवान तरावड़ी में गुरुद्वारा के पास दादा खेड़े के सामने गली में गांजा बेचने की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही टीम ने तुरंत रेड कर दोनों आरोपियों को मौके से काबू कर लिया। तलाशी में मिला गांजा तलाशी लेने पर आरोपियों के पास से कुल 2 किलो 960 ग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने दोनों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मन्नु निवासी खेड़ा थाना सोरवाला जिला सारसा बिहार, वर्तमान पता तरावड़ी और कृष्ण निवासी शेखपुरा थाना नाकोठी जिला बेगुसराय बिहार, हाल गणेश फूड सौकड़ा रोड तरावड़ी के रूप में हुई है। रिमांड पर लेकर होगी पूछताछ पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया है। अब उनसे नशा तस्करी के नेटवर्क और अन्य साथियों के बारे में पूछताछ की जा रही है। यह कार्रवाई ब्यूरो प्रमुख एवं अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक संजय कुमार और पुलिस अधीक्षक मोहित हांडा के निर्देशों पर की गई। अधिकारियों ने साफ कहा है कि नशे की जड़ों को खत्म करना प्राथमिकता है। लोगों से सहयोग की अपील पुलिस ने आमजन से अपील की है कि नशा तस्करी की सूचना टोल फ्री नंबर 1933, ऑनलाइन पोर्टल या हेल्पलाइन 90508-91508 पर दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
गयाजी जिले के अतरी विधानसभा क्षेत्र से हम (हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा) के विधायक रोमित कुमार सोमवार को मुजफ्फरपुर के खबरा स्थित मंदिर में परशुराम जयंती महोत्सव में शामिल होने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में बिहार की नई सरकार, मुख्यमंत्री पद पर बदलाव और शराबबंदी जैसे मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी। शराबबंदी को लेकर उन्होंने कहा कि यह कानून अपने आप में अच्छा है, लेकिन इसके क्रियान्वयन पर गंभीरता से पुनर्विचार करने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि वर्तमान स्थिति में बड़े कारोबारी और स्मगलर आसानी से बच जाते हैं, जबकि गरीब तबके के लोग ही अधिकतर गिरफ्तार होते हैं। ऐसे लोगों के लिए भारी जुर्माना और जमानत की प्रक्रिया बेहद कठिन हो जाती है। ‘शराबबंदी के कारण पर्यटकों की संख्या प्रभावित हो रही’ रोमित कुमार ने खास तौर पर टूरिज्म पर इसके प्रभाव को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि गया और बोधगया जैसे क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय पर्यटन के बड़े केंद्र हैं, जहां हर साल बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक आते हैं। लेकिन शराबबंदी के कारण इन पर्यटकों की संख्या प्रभावित हो रही है। उनके मुताबिक, “विदेशी सैलानियों के लिए शराब सामान्य चीज है, और जब ऐसे इंटरनेशनल टूरिस्ट स्पॉट पर यह पूरी तरह प्रतिबंधित होती है, तो इसका सीधा असर पर्यटन पर पड़ता है।” उन्होंने कहा कि बोधगया जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल का डाउनफॉल भी इसी वजह से देखने को मिल रहा है। इसलिए सरकार को इस कानून की समीक्षा करनी चाहिए, ताकि पर्यटन उद्योग को बढ़ावा मिल सके और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले। ‘20 वर्षों में नीतीश कुमार ने बिहार के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई’ नई सरकार और नेतृत्व परिवर्तन पर बोलते हुए रोमित कुमार ने कहा कि पिछले 20 वर्षों में नीतीश कुमार ने बिहार के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने सुशासन और समृद्ध बिहार की नींव रखी है। उन्होंने भरोसा जताया कि नए नेतृत्व में भी उसी रोडमैप पर काम जारी रहेगा। सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने पर उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उन्होंने डिप्टी सीएम रहते हुए अपनी जिम्मेदारियों को अच्छे से निभाया है और अब मुख्यमंत्री के रूप में भी वे बेहतर काम करेंगे। अंत में उन्होंने दोहराया कि शराबबंदी कानून को पूरी तरह खत्म करने की बजाय उसकी समीक्षा करना ज्यादा जरूरी है, ताकि इसके नकारात्मक प्रभावों को कम किया जा सके और बिहार के टूरिज्म सेक्टर को फिर से मजबूती मिल सके।
पीएम उषा अभियान के तहत बिहार को 600 करोड़ रुपए देगी मोदी सरकार, नीतीश कैबिनेट ने खोला बंद रास्ता
बिहार में पीएम उषा अभियान को लागू करने के प्रस्ताव को नीतीश कुमार सरकार की मंजूरी के बाद राज्य में उच्च शिक्षा के विकास के लिए केंद्र से अगले दो साल में 600 करोड़ रुपए मिलने का रास्ता खुल गया है।
बिहार के प्रिंस कुमार सिंह ने यूपीएससी आईएफएस परीक्षा में 15वीं रैंक प्राप्त की है। इसके अलावा उन्होंने और भी कई बड़े एग्जाम को पास किया हुआ है। जानिए जानते प्रिंस कुमार की कहानी जिन्होंने अपने आर्थिक
बॉलीवुड के मशहूर स्टार कपल सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल 7 वर्ष की डेटिंग के बाद अब पति-पत्नी बन चुके हैं। दोनों की शादी इस वक़्त टॉक ऑफ द टाउन है। सोनाक्षी और जहीर अलग धर्म से हैं। ऐसे में ना उन्होंने निकाह किया तथा ना ही फेरे लिए, बल्कि सादगी से रजिस्टर मैरिज की एवं फिर रिसेप्शन पार्टी रखी। अलग धर्म में शादी करने पर सोनाक्षी एवं जहीर को जमकर ट्रोल किया जा रहा है। ट्रोलिंग के कारण दोनों को अपने वेडिंग पोस्ट का कमेंट सेक्शन तक बंद करना पड़ा। मगर बात तब हद से ज्यादा तब बढ़ गई, जब इंटरफेथ मैरिज करने पर सोनाक्षी एवं जहीर के खिलाफ बिहार के गांव में प्रोटेस्ट मार्च निकाले गए। रिपोर्ट के अनुसार, सोनाक्षी के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन 'हिंदू शिव भवानी सेना' नाम की एक संगठन द्वारा आयोजित किया गया था। जहीर संग शादी पर बेटी सोनाक्षी की हो रही ट्रोलिंग पर अब शत्रुघ्न सिन्हा ने चुप्पी तोड़ी है तथा हेटर्स को जवाब दिया है। अपने एक इंटरव्यू के चलते शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा- आनंद बक्शी साहब ने इस तरह के प्रोफेशनल प्रोटेस्टर्स के बारे में लिखा है- कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना। इसमें आगे जोड़ना चाहूंगा कि कहने वाले अगर बेकार, बेकाम-काज के हों तो बोलना ही उनका काम बन जाता है। मेरी बेटी ने कुछ भी ऐसा नहीं किया जो गैरकानूनी एवं संविधान के खिलाफ है। सोनाक्षी-जहीर की शादी पर शत्रुघ्न सिन्हा ने आगे कहा- शादी दो लोगों के बीच का एक बहुत ही व्यक्तिगत फैसला है। इसमें किसी को भी बीच में दखल देने या कमेंट करने का हक नहीं होता। विरोध प्रदर्शन करने वालों को मैं यही बोलना चाहता हूं- अपनी जिंदगी पर ध्यान दो। जिंदगी में कुछ अच्छा करो। इससे ज्यादा और कुछ नहीं कहना। बता दें कि शत्रुघ्न सिन्हा ने खुशी-खुशी अपनी इकलौती बेटी की शादी की है। उन्होंने दामाद जहीर को भी अपना आशीर्वाद दिया है। रिलीज हुआ श्रद्धा कपूर-राजकुमार राव की स्त्री 2 का टीजर, इस अवतार में नजर आए स्टार्स किशोर कुमार के गानों पर बैन, मनोज कुमार-देव आनंद की फिल्मों पर रोक..! बॉलीवुड पर भी पड़ा था 'इमरजेंसी' का बुरा असर सामने आई कंगना रनौत की इमरजेंसी की रिलीज डेट, जानिए किस दिन आ रही है इंदिरा गांधी की बायोपिक?
परेशान होकर छोड़ी इंडस्ट्री, सालों बाद किया कमबैक, बिहार की लड़की कैसे बनी हीरोइन?
टेलीविजन के पॉपुलर शो उडारियां 15 साल का लीप लेने जा रहा है. लीप के बाद शो एक नई कहानी और स्टारकास्ट के साथ दर्शकों को एंटरटेन करने आ रहा है. लीप से पहले उडारियां में आशमा का रोल निभाने वाली अदिति भगत ने आजतक संग बातचीत की और शो को लेकर कई सारी बातें शेयर कीं.
बिहार सीईटी बीएड : पांच साल में सबसे ज्यादा आवेदन आए, इस तारीख से आएंगे एडमिट कार्ड
Bihar CET B.Ed:महिलाओं के लिए अलग एवं पुरुषों के लिए अलग परीक्षा केंद्र होंगे। अभ्यर्थी 17 जून से अपना एडमिट कार्ड वेबसाइटwww. biharcetbed- lnmu. inपर लॉगइन कर डाउनलोड कर सकेंगे।
बीएसईबी बिहार बोर्ड से संबद्ध और एनसीटीई से मान्यता प्राप्त डीएलएड संस्थानों की सूची जारी
Bihar D.El.Ed: बिहार बोर्ड ने डीएलएड प्रवेश परीक्षा 2024 की आंसर की जारी करने के एक दिन बाद अब राज्य में मौजूद सरकारी व निजी डीएलएड प्रशिक्षण संस्थानों की सूची भी जारी कर दी है। डीएलएड में दाखिला लेने
Bihar DElEd Answer Key 2024: आंसर की जारी, ऐसे दर्ज करें ऑब्जेक्शन, देखें डायरेक्ट लिंक
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने बिहार डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (DElEd) परीक्षा 2024 की आंसर की जारी की। जो उम्मीदवार परीक्षा में उपस्थित हुए हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट- biharboardonline.b
Bihar STET: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने शनिवार को माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (एसटीईटी)-2024 (प्रथम) परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया है। पेपर-1 के विभिन्न विषयों की परीक्षा 18 से 29 मई तक होगी।
CSBC Bihar Police Constable Exam: क्या जारी हो चुकी हैं रिवाइज्ड तारीखें, पढ़ें अपडेट
CSBC Bihar Police Constable exam dates: बिहार पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा की नई तारीखों का इंतजार है। परीक्षाएं 1, 7 और 15 अक्टूबर को निर्धारित की गई थीं, जिन्हें रद्द व स्थगित कर दिया गया था। आइए
बॉलीवुड अभिनेत्री नेहा शर्मा की हाल ही में बिहार में एक रोड शो में भागीदारी ने इंटरनेट पर तूफान ला दिया है। क्रुक और तुम बिन 2 जैसी फिल्मों में अपनी भूमिकाओं के लिए मशहूर सुश्री शर्मा को अपने पिता अजीत शर्मा का समर्थन करते देखा गया, जो कांग्रेस के टिकट पर भागलपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। यह रोड शो उन अफवाहों के बीच हुआ कि अभिनेता राजनीति में प्रवेश कर सकते हैं। हालाँकि, अब यह स्पष्ट हो गया है कि वह सिर्फ अपने पिता के लिए प्रचार कर रही थीं। नेहा शर्मा ने इंस्टाग्राम पर बांका, किशनगंज, कटिहार और पूर्णिया सहित बिहार के विभिन्न जिलों की अपनी यात्रा दिखाते हुए एक वीडियो साझा किया। वह पारंपरिक सलवार कमीज पहने हुए थीं और जनता का अभिवादन करती और उन्हें वोट डालने के लिए प्रोत्साहित करती नजर आईं। इसे भी पढ़ें: AR Rahman ने नए एल्बम के रिलीज पर Taylor Swift को बधाई दी, नेटिजन ने कहा 'महान कला, महान कला को पहचानती है' View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial) इसे भी पढ़ें: Tamannaah Bhatia Summoned by cyber cell | 'अवैध' IPL Streaming ऐप मामले में तमन्ना भाटिया को साइबर सेल ने तलब किया रोड शो के दौरान पीरपैंती और कहलगांव में भारी भीड़ ने अभिनेता का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने कैप्शन में लिखा “वे कहते हैं कि जब कोई आपको अपने दिल में जगह देता है, तो आप हमेशा के लिए वहीं रहते हैं। आपने मुझे जो प्यार और समर्थन दिया है, उससे मेरा दिल भर गया है। पीरपैंती और कहलगांव में गर्मजोशी से स्वागत के लिए धन्यवाद। आपका प्यार सारी आँखों पर। सदा आभारी। ऑनलाइन प्रसारित हो रहे एक अन्य वीडियो में अभिनेत्री को भागलपुर में अपने पिता के चुनाव अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेते हुए दिखाया गया है। भागलपुर लोकसभा सीट पर दूसरे चरण में 26 अप्रैल को चुनाव होना है। इस सीट पर कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करने वाले अजीत शर्मा का मुकाबला जेडीयू के अजय कुमार मंडल से है। पहले ऐसी अफवाह थी कि सुश्री शर्मा राजनीति में प्रवेश कर सकती हैं। हालाँकि, कई रिपोर्टों ने स्पष्ट किया है कि वह अभी चुनावी शुरुआत नहीं कर रही हैं। रिपोर्टों के अनुसार, उनके पिता अजीत शर्मा ने उन्हें राजनीति में शामिल होने का अवसर दिया, शर्मा वर्तमान में अपने अभिनय करियर पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। Bihar, Bhagalpur: Bollywood actress Neha Sharma campaigns for Congress leader and father Ajeet Sharma in the Lok Sabha elections, participates in a roadshow. pic.twitter.com/yEhb4XoQQL — IANS (@ians_india) April 23, 2024 View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial) View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial)
सलमान के घर फायरिंग से पहले शूटर्स ने बिहार में की हथियारों की प्रैक्टिस, फार्म हाउस की हुई थी रेकी
14 अप्रैल को, सुबह 4.50 बजे सलमान के बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर, अज्ञात हमलावरों ने पांच राउंड फायरिंग की थी. पुलिस ने सलमान के घर पर फायरिंग करने के मामले में विक्की गुप्ता (24 साल) और सागर पाल (21 साल) नाम के दो लड़कों को गिरफ्तार किया था. अब इससे जुड़ा एक बड़ा अपडेट सामने आया है.
Bihar Board: जानें-10वीं की मार्कशीट में लिखी U/R,B और C जैसी शॉर्ट फॉर्म का क्या मतलब है?
बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं का रिजल्ट 31 मार्च को जारी कर दिया गया था। छात्र अपनी ओरिजनल मार्कशीट स्कूल से ले सकते हैं। आइए जानते हैं मार्कशीट में लिखी शॉर्ट फॉर्म की फुलफॉर्म क्या है।
बिहार में जेईई और नीट की फ्री कोचिंग, रहने-खाने की भी रहेगी मुफ्त व्यवस्था, ऐसे करें अप्लाई
Bihar Board Jee and Neet Free Coaching : विद्यार्थी समिति द्वारा संचालित engineering (jee) औरmedical (neet) की नि:शुल्क तैयारी हेतु BSEB SUPER-50 आवासीय शिक्षण में पढ़ने हेतु आवेदन कर सकत हैं।
Bihar 10th Board 2024: टॉप 5 में इन 10 छात्रों ने बनाई जगह, जानें नाम और मार्क्स
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड ने दसवी का रिजल्ट bsebmatric.org और results.biharboardonline.com पर जारी कर दिया है। इस साल टॉप 10 की लिस्ट ने 51 छात्रों ने अपनी जगह बनाई है। टॉप 5 की लिस्ट में 10 छ
Bihar Board BSEB 2024 Matrci Result Today:बिहार बोर्ड 10वीं का रिजल्ट biharboardonline.bihar.gov.in व biharboardonline.com , onlinebseb.in पर जल्दजारी कर दिया जाएगा।
BSEB: क्लास 10वीं के रिजल्ट से पहले जानें ये 10 जरूरी बातें, मार्कशीट मिलने में मिलेगी मदद
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड अब कभी भी वेबसाइट biharboardonline.gov.in पर कक्षा 10वीं के रिजल्ट अपलोड कर सकता है। एक बार रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र यहां से डाउनलोड कर सकते हैं।
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (बीएसईबी) मैट्रिक यानी कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट अब कभी भी biharboardonline.bihar.gov.in पर जारी हो सकता है, जो छात्र परीक्षा में शामिल हुए हैं, वे जान लें, रिजल्
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने इंटर में एडमिशन को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। इस बाबत समिति ने सभी सरकारी, गैर सरकारी विद्यालय, इंटर कॉलेजों की सूची ofssbihar.in पर अपलोड कर दी है।
बीएसईबी मैट्रिक रिजल्ट की घोषणा जल्द की जाएगी। हालांकि अभी तक रिजल्ट की टाइमिंग और तारीख के बारे में कोई जानकारी शेयर नहीं की गई है, लेकिन उम्मीद है नतीजे 31 मार्च तक आधिकारिक वेबसाइट biharboardonlin
Bihar 12th Board: किसान की बेटी बनीं कॉमर्स की टॉपर, अब बनना चाहती हैं प्रोफेसर, करेंगी PhD
बिहार बोर्ड 12वीं की कॉमर्स स्ट्रीम में खुशी कुमारी को जिले में सेकंड रैंक मिली है। उनके पिता किसान हैं। उन्होंने कहा, मेरे पिता ने हमेशा शिक्षा को महत्व दिया है, इसलिए भविष्य में मैं शिक्षा के क्षेत
इस साल का रिजल्ट पिछले 5 साल की तुलना में सबसे बेहतर, 87.21 प्रतिशत विद्यार्थी हुए पास
BSEB Bihar Board 12th Result : हार बोर्ड ने आज 12वीं के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस वर्ष का रिजल्ट पिछले 5 सालों की तुलना में सबसे बेहतर रहा है। इस साल इंटर का रिजल्ट 87.21 फीसदी रहा।
बिहार बोर्ड ने 12वीं यानी इंटर परीक्षा का रिजल्ट अब जारी कर दिया है। टॉपर्स के नाम भी सामने आ गए हैं। आइए जानते हैं साइंस, कॉमर्स, आर्ट्स स्ट्रीम के टॉपर्स ने किन स्कूलों से पढ़ाई की है। यहां देखें न
BSEB : बारहवीं कक्षा के छात्रों को इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी के लिए फ्री में कोचिंग देती है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) गरीब विद्यार्थियों को JEE और NEET की मुफ्त कोचिंग कराती है।
BSEB Bihar Board: बिहार बोर्ड इंटर छात्र जानें टॉप 10 इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज
NIRF यानी राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क। इस रैंकिंग को शिक्षा मंत्रालय जारी करता है। एनआईआरएफ रैंकिंग में देश के टॉप इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज और यूनिवर्सिटी की रैंकिंग जारी की जाती है।
बीएसईबी 12वीं के परिणाम के साथ टॉपर्स की लिस्ट भी शेयर करेगा। जो छात्र परीक्षा में शामिल हुए हैं, वे जान लें, पिछले 7 सालों में आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस स्ट्रीम में किसने किया था टॉप। यहां पढ़ें पूरी
Bihar 12th Board 2024: रिजल्ट जारी होने की तारीख और समय के बारे में यहां मिलेगी जानकारी
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (बीएसईबी) जल्द ही इंटरमीडिएट या कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा 2024 के परिणाम घोषित करेगा। वहीं बोर्ड परिणाम के समय की घोषणा पहले कर दी जाएगी। आइए जानते हैं, आप कहां कर सकें

