बाढ़ में बिहार के एक ही परिवार के 5 लोग लापता, अपनों की आस में बैठे परिजन
नेपाल में आई बाढ़ के बाद बिहार के पूर्वी चंपारण के 12 लोग लापता बताए जा रहे हैं. राहत-बचाव टीमें बचाव अभियान में लगी हैं, लेकिन अब तक इन लोगों का कोई पता नहीं चल पाया है.
बिहार में 21 हजार आशा कार्यकर्ताओं की बंपर भर्ती: स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा नया बल
बिहार के ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। बिहार स्वास्थ्य विभाग और राज्य स्वास्थ्य समिति (SHSB) ने प्रदेश भर में रिक्त पड़े लगभग 21,000 आशा कार्यकर्ताओं (Accredited Social Health Activist - ASHA) के पदों पर नई बहाली शुरू करने की आधिकारिक तैयारी तेज कर दी है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी 38 जिलों के सिविल सर्जनों (Civil Surgeons) और जिला स्वास्थ्य समितियों को निर्देश जारी कर ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर पर रिक्त पदों का अंतिम रोस्टर और सत्यापन रिपोर्ट तत्काल मुख्यालय भेजने को कहा है, जिसके बाद आधिकारिक भर्ती विज्ञापन जारी किया जाएगा।स्वास्थ्य विभाग का निर्देश: जिलों से मांगा गया पंचायतवार और वार्डवार ब्योरास्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी परिपत्र के अनुसार, राज्य के कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC), अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (APHC) और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स के अंतर्गत आशा कार्यकर्ताओं के पद लंबे समय से रिक्त हैं।रोस्टर क्लीयरेंस और सत्यापन: सभी जिलों को निर्देश दिया गया है कि वे अपनी संबंधित ग्राम पंचायतों और शहरी वार्डों में जनसंख्या के अनुपात (1000 की आबादी पर एक आशा कार्यकर्ता) के आधार पर रिक्तियों की सही संख्या का मिलान करें।समयबद्ध विज्ञापन: जिला स्तर से रोस्टर क्लीयरेंस मिलने के बाद राज्य स्वास्थ्य समिति की आधिकारिक वेबसाइट (statehealthsocietybihar.org) और जिला स्तरीय पोर्टल पर ऑनलाइन/ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया की तिथि घोषित की जाएगी।पात्रता मानदंड: शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा और स्थानीय निवासी नियमबिहार में आशा कार्यकर्ता भर्ती के लिए निर्धारित मुख्य नियम इस प्रकार हैं:शैक्षणिक योग्यता: अभ्यर्थी का किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से न्यूनतम 10वीं (मैट्रिक) पास होना अनिवार्य है।आयु सीमा: न्यूनतम आयु 25 वर्ष और अधिकतम आयु 45 वर्ष निर्धारित की गई है।स्थानीय निवासी की प्राथमिकता: आवेदिका का संबंधित ग्राम पंचायत/वार्ड का स्थायी निवासी और विवाहित/विधवा/तलाकशुदा महिला होना जरूरी है, ताकि वह स्थानीय समुदाय से बेहतर संवाद स्थापित कर सके।संवाद कौशल: आवेदिका में स्थानीय भाषा/बोली की समझ और समुदाय के बीच काम करने की तत्परता होनी चाहिए।चयन प्रक्रिया: ग्राम सभा और जिला स्वास्थ्य समिति के जरिए पारदर्शी चयनआशा कार्यकर्ताओं का चयन मेरिट और स्थानीय समुदाय की सहमति के आधार पर किया जाता है:आवेदन जमा करना: निर्धारित तिथि के भीतर उम्मीदवार संबंधित प्रखंड विकास अधिकारी (BDO) कार्यालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) या संबंधित पंचायत कार्यालय में आवेदन जमा करेंगे।ग्राम सभा में सत्यापन: प्राप्त आवेदनों की स्क्रूटनी के बाद संबंधित पंचायत की 'आम सभा' या 'ग्राम सभा' में योग्य उम्मीदवारों की सूची रखी जाती है।अंतिम अनुमोदन: ग्राम सभा और प्रखंड स्वास्थ्य समिति की अनुशंसा के बाद जिला स्वास्थ्य समिति (Civil Surgeon Office) द्वारा चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र और बुनियादी प्रशिक्षण के लिए भेजा जाता है।आशा कार्यकर्ताओं के मुख्य कार्य और देय मानदेय/प्रोत्साहन राशिआशा कार्यकर्ता ग्रामीण स्वास्थ्य प्रणाली की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनके प्रमुख दायित्वों में गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीकरण, संस्थागत प्रसव (Institutional Delivery) के लिए अस्पताल ले जाना, नवजात शिशुओं का पूर्ण टीकाकरण, परिवार नियोजन की जानकारी देना और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों (जैसे टीबी, एनीमिया नियंत्रण) में सहयोग करना शामिल है। राज्य और केंद्र सरकार द्वारा आशा कार्यकर्ताओं को निर्धारित मासिक मानदेय के अलावा विभिन्न स्वास्थ्य अभियानों और प्रसव के आधार पर कार्य-आधारित प्रोत्साहन राशि (Incentives) सीधे उनके बैंक खातों (DBT) में प्रदान की जाती है।
Bihar Engineering Colleges: बिहार के इंजीनियरिंग और पॉलीटेक्निक कॉलेजों में अब उद्योग की मांग के अनुरूप सोलर तकनीशियन, इलेक्ट्रिक वाहन और बैटरी मेंटेनेंस जैसे नए तकनीकी पाठ्यक्रम शुरू होंगे। यह पहल छात्रों के कौशल विकास और रोजगार की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए की जा रही है।
खबरों का सार-संक्षेप: बिहार में शराब से चार लोगों की संदिग्ध मौत; असम में 16 करोड़ रुपये की ड्रग्स बरामद
Nepal Floods: पड़ोसी देश नेपाल में ग्लेशियर से अचानक आई भयंकर बाढ़ ने कुछ ही मिनटों में तबाही मचाकर रख दी। पानी, बर्फ, चट्टानों और कीचड़ की करीब 9 मीटर ऊंची लहर ने उत्तर-मध्य नेपाल की त्रिशूली घाटी में कई गांवों को अपनी चपेट में ले लिया। इस भयावह स्थिति के बीच एक टीचर और प्रिंसिपल की सूझबूझ ने 1,643 बच्चों की जान बचा ली। 47 वर्षीय अंग्रेजी टीचरएवं प्रिंसिपल राजेंद्र दवाड़ी ने बिना किसी आधिकारिक आदेश का इंतजार किए ऐसे फैसले लिए, जिनसे स्कूल में एक बड़ी त्रासदी टल गई।न्यूज 18 के मुताबिक, बुधवार सुबह करीब 9:20 बजे त्रिभुवन त्रिशूली सेकेंडरी स्कूल में करीब 900 बच्चे मौजूद थे। वहीं, करीब 700 अन्य बच्चे पैदल या बसों से स्कूल पहुंचने के रास्ते में थे। इसी दौरान राजेंद्र दवाड़ी को ऊपर की तरफ करीब पांच मील दूर बेत्रावती में रहने वाले अपने एक दोस्त का फोन आया। दोस्त ने घबराई हुई आवाज में बताया कि नदी ने उनके गांव को तबाह कर दिया है। पानी तेजी से नीचे की ओर बढ़ रहा है।उसने दवाड़ी से तुरंत भागने को कहा। शुरुआत में दवाड़ी को लगा कि स्कूल की तीन मंजिला कंक्रीट की इमारत सुरक्षित है। स्कूल नदी के तल से करीब 60 मीटर ऊंचाई पर था। लेकिन कुछ ही सेकंड बाद एक घबराया हुआ अभिभावक स्कूल पहुंचा और बताया कि पानी असामान्य गति से बढ़ रहा है। फिर दवाड़ी ने एक पल भी बर्बाद नहीं किया।तुरंत बजाई स्कूल की घंटीउन्होंने किसी सरकारी आदेश का इंतजार नहीं किया। तुरंत स्कूल की घंटी बजाई औरसभी कोक्लासेस खाली कराने का निर्देश दे दिया। टीचर्स बच्चों को तेजी से सुरक्षित स्थान की ओर निकालने लगे। इसी दौरान दवाड़ी ने स्कूल की ओर आ रही बसों को फोन करना शुरू किया। इन बसों में करीब 80-80 बच्चे सवार थे। दवाड़ी ने लगभग सभी बस चालकों से संपर्क कर लिया और उन्हें तत्काल वापस लौटने का निर्देश दिया। लेकिन एक बस ऐसी थी, जिसके ड्राइवर से संपर्क नहीं हो सका। तभी दवाड़ी की नजर उस बस पर पड़ी।बस लोहे के पुल से होकर स्कूल की तरफ आ रही थी। उधर स्कूल परिसर में पानी तेजी से घुस रहा था। दवाड़ी ने बस चालक को दूर से ही चिल्लाकर और हाथों से इशारा करके वापस लौटने को कहा। ड्राइवर ने तुरंत बस को पीछे करना शुरू किया। बस किसी तरह सुरक्षित स्थान तक पहुंच गई। इसके कुछ ही पल बाद वह पुल तेज बहाव के कारण नदी में ढह गया। अगर बस कुछ सेकंड और आगे बढ़ जाती, तो उसमें सवार करीब 80 बच्चों की जिंदगी खतरे में पड़ सकती थी।घबराई बच्ची को बाइक से पहुंचाया सुरक्षित स्थानबाढ़ का पानी बढ़ता देख बच्चे पैदल ही ऊंचाई वाले स्थानों की ओर भागने लगे। चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल था। इसी दौरान एक छोटी बच्ची को तेज घबराहट का दौरा पड़ा और वह आगे नहीं बढ़ पा रही थी। स्कूल स्टाफ ने तुरंत उसकी मदद की और उसे मोटरसाइकिल के पीछे बैठाकर ढलान की ओर सुरक्षित ऊंचाई तक पहुंचाया।राजेंद्र दवाड़ी की तेजी से लिए गए फैसलो जैसे स्कूल खाली कराने, बसों को वापस बुलाने और आखिरी बस को पुल पार करने से रोकने वाले एक्शन ने उस दिन एक बेहद बड़ी त्रासदी को टाल दिया। एक टीचर की समय पर दिखाई गई समझदारी और साहस ने 1,643 बच्चों को मौत के मुंह में जाने से बचा लिया।ये भी पढ़ें-Bihar Train News: बाढ़ में डूबे गांव तो मवेशियों के लिए दौड़ी बिहार की 'घास ट्रेन', सुबह निकलते हैं किसान, शाम को लौटते हैं गठरियों के साथ
लोक लेखा समिति की बैठक में शामिल होने जहानाबाद पहुंचे राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने बिहार सरकार पर जमकर हमला बोला। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने हाल में दिल्ली में एक बिहार सरकार के मंत्री से कथित मारपीट की घटना को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटना से बिहार की गरिमा और छवि को नुकसान पहुंचा है। भाई वीरेंद्र ने आरोप लगाया कि यदि ठेकेदार राजनीति में आकर मंत्री बनेंगे तो ऐसी घटनाएं सामने आएंगी। उन्होंने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से ऐसे मंत्री को तत्काल मंत्रिमंडल से हटाने की मांग की। ‘घटना से बिहार की बदनामी हुई’ भाई वीरेंद्र ने कहा कि दिल्ली में एक मंत्री पर लड़की से छेड़खानी का आरोप लगा और इसके बाद उनके साथ मारपीट की घटना हुई। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले से बिहार की बदनामी हुई है। उन्होंने सरकार से मामले की गंभीरता से जांच कराने और संबंधित मंत्री पर कार्रवाई करने की मांग की। हालांकि, उन्होंने जिस घटना का जिक्र किया, उससे जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई है। ‘डस्टबिन खरीद में पशुपालन से बड़ा घोटाला’ राजद विधायक ने डस्टबिन की खरीद को लेकर भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि बिहार में पशुपालन घोटाले से भी बड़ा डस्टबिन घोटाला हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन डस्टबिन की वास्तविक कीमत 500 रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए, उनकी खरीद में सरकारी राशि का अधिक भुगतान किया गया। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने की मांग की और कहा कि खरीद प्रक्रिया और भुगतान की जांच होने पर वास्तविक स्थिति सामने आएगी। ‘लालू यादव गरीबों के मसीहा’ लालू प्रसाद यादव का बचाव करते हुए भाई वीरेंद्र ने कहा कि वे गरीबों के मसीहा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि साजिश के तहत उन्हें पशुपालन घोटाले में फंसाया गया। उन्होंने कहा कि लालू यादव ने लंबे समय तक गरीब और पिछड़े वर्गों के लिए आवाज उठाई है। ‘तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री बनेंगे’ पार्टी के अंदर अपने पूर्व बयानों और संगठन की इकाइयों को भंग किए जाने से जुड़े सवाल पर भाई वीरेंद्र ने कहा कि तेजस्वी यादव पार्टी को मजबूत करने के लिए अच्छे लोगों को संगठन में शामिल करेंगे। उन्होंने कहा कि आने वाले चुनाव में तेजस्वी यादव बिहार के मुख्यमंत्री बनेंगे। इसके लिए पार्टी के सभी कार्यकर्ता मिलकर काम करेंगे। नेपाल को लेकर भी सरकार पर निशाना नेपाल में आई त्रासदी को लेकर भाई वीरेंद्र ने कहा कि भारत और नेपाल के बीच बेटी-रोटी का संबंध है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध मजबूत रहने चाहिए। उन्होंने नेपाल के चीन और अन्य देशों के साथ संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत और नेपाल के रिश्ते ऐतिहासिक और गहरे हैं। नेपाल में आई त्रासदी को लेकर उन्होंने नेपाल की व्यवस्थाओं और जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाए। हालांकि, नेपाल को भारत का अभिन्न अंग बताए जाने संबंधी उनका बयान तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है। नेपाल एक स्वतंत्र और संप्रभु देश है। भारत और नेपाल के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक संबंध जरूर हैं। भाई वीरेंद्र के इन बयानों के बाद स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों से लेकर पार्टी संगठन और नेपाल की त्रासदी तक कई मुद्दों पर अपनी राय रखी।
बिहार के कटिहार जिले के बाढ़ प्रभावित मोहनाचांदपुर पंचायत में 12 से 14 साल के बच्चे नाव चलाकर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा रहे हैं और बदले में 5 से 10 रुपये कमा रहे हैं.
नेपाल की बाढ़ का असर बिहार तक: गंडक नदी में छोड़ा गया 1.77 लाख क्यूसेक पानी; 62 राहत शिविर अलर्ट पर
बिहार में गंडक नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, वाल्मीकिनगर बराज से 1.77 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
Bihar Train News: बिहार के खगड़िया जिले में जब बाढ़ दस्तक देती है, तो एक खास पैसेंजर ट्रेन इलाके में चर्चा का विषय बन जाती है। 'न्यूज 18' के मुताबिक, हालांकि इंडियन रेलवे के रिकॉर्ड में इस ट्रेन का नाम 'समस्तीपुर-सहरसा पैसेंजर' है। लेकिन स्थानीय लोग इसे प्यार से 'घास ट्रेन' भी कहते हैं। बाढ़ के मुश्किल दिनों में यह ट्रेन सिर्फ यात्रियों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने का काम नहीं करती। बल्कि सैकड़ों पशुपालकों और उनके मवेशियों के लिए 'लाइफलाइन'बन जाती है।जब हर तरफ पानी भर जाता है तब सैकड़ों पशुपालक सुबह-सुबह इस पैसेंजर ट्रेन में सवार होकर सूखे इलाकों की ओर जाते हैं। वे चिलचिलाती धूप में अपने मवेशियों के लिए हरा चारा काटते हुए दिन बिताते हैं। फिर शाम को वे सभी भारी बंडलों के साथ रेलवे स्टेशन लौट आते हैं।बाढ़ में मवेशियों के सामने चारे का संकटरिपोर्ट के मुताबिक, खगड़िया के मानसी प्रखंड के निचले इलाकों में हर साल बाढ़ का पानी भर जाता है। इस दौरान धमसारा घाट, मटिहानी और रोहियार जैसे गांवों के आसपास के बड़े हिस्से जलमग्न हो जाते हैं। खेत और चरागाह पानी में डूबजाते हैं। पशुपालकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने मवेशियों के लिए हरे चारे का इंतजाम करना होती है। मवेशियों पर निर्भर परिवारों के लिए उन्हें भूखा रखना संभव नहीं होता। ऐसे में पशुपालक रोजाना बाढ़ प्रभावित इलाके से बाहर निकलकर सूखेएरिया का रुख करते हैं, जहां उन्हें हरा चारा मिल सके।सुबह ट्रेन में सवार होते हैं सैकड़ों पशुपालकसुबह होते ही बड़ी संख्या में पशुपालक इस पैसेंजर ट्रेन में सवार हो जाते हैं। उनका मकसद किसी शहर में खरीदारी या काम के लिए जाना नहीं, बल्कि अपने मवेशियों के लिए चारा जुटाना होता है। ट्रेन उन्हें उन इलाकों तक पहुंचाने में मदद करती है जहां बाढ़ का असर कम है। और वहां हरा चारा उपलब्ध है। वहां पहुंचने के बाद पशुपालक दिनभर तेज धूप और गर्मी के बीच खेतों और खुले इलाकों से हरी घास काटते हैं। यह उनके लिए रोज का संघर्ष है। लेकिन अपने मवेशियों को बचाए रखने के लिए वे इस मेहनत को मजबूरी के साथ-साथ जिम्मेदारी के तौर पर भी निभाते हैं।शाम होते ही ट्रेन का नजारा हो जाता है बिल्कुल अलगदिनभर चारा काटने के बाद शाम को यही पशुपालक भारी-भारी गठरियों और बोरियों के साथ स्टेशन लौटते हैं। इसके बाद जब ट्रेन फकीया की ओर वापस रवाना होती है, तो इसका नजारा किसी आम पैसेंजर ट्रेन जैसा नहीं रहता। ट्रेन के दरवाजों से लेकर शौचालयों तक, लगभग हर जगह हरा चारा नजर आता है। डिब्बों में बड़ी-बड़ी गठरियां और बोरियां रखी होती हैं। उनके बीच बैठकर पशुपालक अपने घरों की ओर लौटते हैं।इसी वजह से पड़ा नाम 'घास ट्रेन'स्थानीय लोगों के बीच यह ट्रेन धीरे-धीरे इतनी मशहूर हो गई कि इसका आधिकारिक नाम पीछे छूट गया और इसे 'घास ट्रेन' के नाम से पहचान मिलने लगी। न्यूज 18 के मुताबिक, बाढ़ के दौरान जब गांवों में पशुओं के लिए चारा जुटाना मुश्किल हो जाता है, तब यही ट्रेन पशुपालकों को सूखे इलाकों तक पहुंचाने और वहां से चारा वापस लाने का जरिया बनती है।पशुपालकों और मवेशियों दोनों के लिए जीवनरेखाफकीया इलाके के पशुपालकों के लिए यह ट्रेन महज एक यात्री ट्रेन नहीं है। बाढ़ जैसे कठिन हालात में यह उनके परिवार और मवेशियों दोनों को संभालने में अहम भूमिका निभाती है। एक तरफ जहां देश में 'वंदे भारत' और 'राजधानी एक्सप्रेस' जैसी ट्रेनों की रफ्तार और सुविधाओं की चर्चा होती है।ये भी पढ़ें- IMD Weather forecast: कल का मौसम: 5 सितंबर तक इन राज्यों में आफत की बारिश का अलर्ट, यूपी से उत्तराखंड तक मूसलाधार बरसात की चेतावनीवहीं, बिहार के इस बाढ़ प्रभावित इलाके में एक साधारण पैसेंजर ट्रेन अपनी अलग ही वजह से लोगों के लिए बेहद खास है। इसीलिए हर साल बाढ़ के मौसम में जब यह ट्रेन हरे चारे की गठरियों से भरकर लौटती है, तो लोग इसे फिर उसी प्यार और सम्मान से 'घास ट्रेन' कहकर पुकारते हैं।
कुर्सी मिली तो बेटियों ने बदली बिहार की तस्वीर, घर के आंगन से सियासत तक विकास का सफर
महिला जनप्रतिनिधि न सिर्फ भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज बन रही हैं, बल्कि शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी बुनियादी जरूरतों पर निर्णायक फैसले लेकर बेटियों के भविष्य को सुरक्षित कर रही हैं।
खगड़िया में पसराहा रेलवे स्टेशन पर रविवार, 30 अगस्त को पूर्वोत्तर बिहार रेल उपभोक्ता संघर्ष समिति ने एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना दिया। यह धरना विभिन्न एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव और यात्री सुविधाओं से जुड़ी मांगों को लेकर आयोजित किया गया। इसमें समिति के पदाधिकारी, सदस्य और स्थानीय लोग शामिल हुए। समिति के संयोजक सचिदानंद सिंह ने बताया कि पसराहा स्टेशन कटिहार-बरौनी रेलखंड का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद यहां बहुत कम ट्रेनों का ठहराव होता है। समिति के आंकड़ों के अनुसार, रेलवे को इस स्टेशन से प्रतिवर्ष लगभग 7 से 8 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता है। समिति ने कैपिटल एक्सप्रेस, हाटेबाजार एक्सप्रेस, कटिहार-टाटा एक्सप्रेस और आम्रपाली एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों के पसराहा स्टेशन पर ठहराव की मांग की है। समिति का तर्क है कि इन ट्रेनों के रुकने से न केवल रेलवे के राजस्व में वृद्धि होगी, बल्कि आसपास की दर्जनों पंचायतों की लगभग 5 लाख आबादी को भी आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी। इसके अतिरिक्त, समिति ने कटिहार-जमालपुर के बीच ईएमयू/डीएमयू ट्रेन चलाने की भी मांग की है। साथ ही, कटिहार-नवगछिया-खगड़िया-हसनपुर-रोसड़ा घाट होते हुए समस्तीपुर अथवा दरभंगा के लिए एक इंटरसिटी एक्सप्रेस चलाने का भी आग्रह किया गया है। समिति ने शनिवार को अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी खगड़िया, पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक हाजीपुर, मंडल रेल प्रबंधक सोनपुर, रेल आरक्षी अधीक्षक कटिहार व खगड़िया, एसडीओ गोगरी और स्टेशन अधीक्षक पसराहा को सौंपा था। रविवार को भी स्टेशन परिसर में धरना जारी रहा, और समिति ने रेलवे से इन मांगों पर सकारात्मक पहल करने की उम्मीद जताई है।
दरभंगा में सोमवार को 5 घंटे गुल रहेगी बिजली, अर्बन और जेल उपकेंद्र से जुड़े क्षेत्रों पर प्रभाव
Bihar Power News: दरभंगा में सोमवार को सुबह 4 बजे से 9 बजे तक 11 केवी लाइन शिफ्टिंग के कारण बिजली गुल रहेगी। इससे दोनार चौक, अल्लपट्टी, सैदनगर और जनकपुरी सहित कई इलाकों में विद्युत आपूर्ति बाधित होगी।
BPSC TRE 4 में निगेटिव मार्किंग के साथ होगी एक ही परीक्षा, शिक्षा मंत्री ने दूर किया संशय
Bihar Teacher Vacancy: शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने स्पष्ट किया है कि बीपीएससी टीआरई 4 में निगेटिव मार्किंग के साथ एक ही परीक्षा होगी, जिससे शिक्षकों का संशय दूर हो गया है। उन्होंने शिक्षकों से संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान करने की अपील की।
पलवल में बस की टक्कर से युवक की मौत:पैदल सड़क पार कर रहा था, पुलिस ने बस जब्त की, बिहार का रहना वाला
पलवल जिले में नेशनल हाईवे-19 पर हुडा चौक के पास एक तेज रफ्तार बस की टक्कर से सड़क पार कर रहे एक युवक की मौत हो गई। हादसे के बाद बस ड्राइवर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने बस को जब्त कर अज्ञात ड्राइर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश जारी है। शहर थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह ने बताया कि मृतक की पहचान बिहार के समस्तीपुर निवासी रविंद्र के रूप में हुई है। रविंद्र पलवल के आल्हापुर स्थित एक होटल में मजदूरी करता था। शनिवार देर शाम वह किसी काम से होटल से निकला था और नेशनल हाईवे-19 पार कर रहा था, तभी एक तेज रफ्तार बस ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर लगने से रविंद्र गंभीर रूप से घायल हो गया। राहगीरों ने तुरंत एंबुलेंस की मदद से उसे पलवल के जिला नागरिक अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। फरार ड्राइवर की तलाश कर रही पुलिस हादसे की सूचना मिलने पर शहर थाना की भवनकुंड चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मृतक रविंद्र के परिजनों को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद परिजन जिला नागरिक अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर अज्ञात बस ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। रविवार दोपहर बाद पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम कराया और फिर उसे परिजनों को सौंप दिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बस को कब्जे में ले लिया गया है और फरार ड्राइवर की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
जहरीली गैस से 20 मिनट में थम गईं 4 की सांसें, बिहार में निर्माणाधीन टंकी बना मौत का कुआं
ग्रामीणों ने बताया कि निर्माणाधीन टंकी का शटरिंग खोलते समय एक के बाद एक तीन मजदूर जहरीली गैस की चपेट में आ गए। उन्हें बचाने के लिए ठेकेदार भी टंकी में उतर गया। चारों की मौत हो गई।
Bihar Daroga Recruitment: BPSSC ने टाली PET और शारीरिक परीक्षा, 1799 पदों के लिए नई Date का इंतजार
सरकारी नौकरी की तैयारी करने वालों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (बीपीएसएससी) ने पुलिस अवर निरीक्षक यानी दारोगा के पदों पर भर्ती के लिए प्रस्तावित शारीरिक दक्षता परीक्षा (पीईटी) और शारीरिक माप परीक्षण को स्थगित कर दिया है। बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग ने इस मामले में अधिसूचना जारी कर दी। आयोग के मुताबिक, गृह विभाग (आरक्षी शाखा), बिहार सरकार के पत्र संख्या-10538, दिनांक 27 अगस्त 2026 के आधार पर यह निर्णय लिया गया है। जारी किए गए विज्ञापन संख्या 05/2025 के तहत मुख्य लिखित परीक्षा के आधार पर चयनित अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता परीक्षा और शारीरिक माप परीक्षण को आगामी सूचना तक स्थगित रखा गया है। इसका अर्थ है कि जिन अभ्यर्थियों को मुख्य लिखित परीक्षा के आधार पर पीईटी और शारीरिक माप परीक्षण के लिए चयनित किया गया था, उन्हें अभी शारीरिक परीक्षा के लिए इंतजार करना होगा। नई तारीख कब जारी होगी? बता दें कि, आयोग ने अभी तक पीईटी और शारीरिक माप परीक्षण के आयोजन की नई तारीख की घोषणा नहीं की है। इस अधिसूचना में कहा गया है कि परीक्षा नई तारीख से संबंधित सूचना बाद में प्राकाशित की जाएगी। फिलहाल अभ्यर्थियों को आयोग की तरफ से जारी होने वाली अगली सूचना तक इंतजार करना होगा। क्या बदला है? - शारीरिक दक्षता परीक्षा स्थगित कर हो गई है। - शारीरिक माप परिक्षण अगले आदेश तक टाल दिया है। - नई परीक्षा तिथि अभी घोषित हुई है। - आयोग बाद में नई तारीख की सूचना जारी करेगा। कितने पदों पर भर्ती होगी? इस भर्ती के अभियान के जरिए बिहार पुलिस में पुलिस अवर निरीक्षक के कुल 1,799 पद भरे जाएंगे। भर्ती के लिए आयोग ने 23 सितंबर 2025 को विज्ञापन जारी किया था। इस भर्ती के लिए मुख्य रुप से परीक्षा में कुल 35,857 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया था। इन्हीं उम्मीदवारों में से निर्धारित प्रकिया के तहत शरीरिक परीक्षा के लिए चयन किया जाएगा।
Bihar News: इस्कॉन नवादा की इस बार क्या है तैयारी?
29 अगस्त, शनिवार: : इस्कॉन नवादा में भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य उत्सव श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 4 सितंबर को धूमधाम से मनाया जाएगा। इस्कॉन नवादा के अध्यक्ष जगदीश श्याम दास ने बताया कि उत्सव की शुरुआत प्रातः 6 बजे मंगल आरती से होगी, जिसके बाद मंत्र ध्यान और श्रीकृष्ण कथा आयोजित की जाएगी
बिहार की राजनीति में आरक्षण की समीक्षा और क्रीमी लेयर को लेकर छिड़ा विवाद अब बेहद आक्रामक मोड़ ले चुका है. इस पूरे सियासी घमासान में अब राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के परिवार की सीधी और तीखी एंट्री हो चुकी है. सिंगापुर से लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया के जरिए केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान पर बड़ा हमला बोला है. रोहिणी आचार्य के इस तीखे संदेश ने बिहार के राजनीतिक तापमान को अचानक बढ़ा दिया है. आरक्षण के संवेदनशील मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल इस मुद्दे को सीधे तौर पर दलितों और पिछड़ों के अधिकारों पर हमले के रूप में पेश कर रहा है. वहीं, एनडीए गठबंधन में शामिल दलित चेहरों चिराग पासवान और जीतन राम मांझी के स्टैंड को लेकर आरजेडी आक्रामक नजर आ रही है. रोहिणी आचार्य के बयान के बाद यह तय माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा बिहार की भावी राजनीति और चुनावी समीकरणों का केंद्र बिंदु बनने जा रहा है.आरक्षण समीक्षा विवाद में सिंगापुर से रोहिणी आचार्य का तीखा प्रहार, मांझी और चिराग पर दागे सनसनीखेज सवालरोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक के बाद एक बेहद सख्त और तीखी टिप्पणियां कीं, जिनमें उन्होंने केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान को निशाने पर लिया. रोहिणी ने अपने संदेश में कहा कि जो लोग खुद को दलितों, शोषितों और वंचितों का मसीहा या प्रतिनिधि बताते हैं, वे आज सत्ता की मलाई चाटने के चक्कर में खामोश बैठे हैं या फिर घुमावदार बातें कर रहे हैं. उन्होंने पूछा कि जब आरक्षण के स्वरूप में बदलाव या समीक्षा की बातें की जा रही हैं, तो ये दोनों नेता अपनी चुप्पी क्यों नहीं तोड़ते और खुलकर सड़क से संसद तक विरोध दर्ज क्यों नहीं कराते. रोहिणी आचार्य के इस बयान ने केंद्रीय मंत्रियों को असहज कर दिया है क्योंकि दोनों ही नेता बिहार में दलित और महादलित वोट बैंक का प्रतिनिधित्व करने का दावा करते हैं. सिंगापुर में रहकर भी बिहार की राजनीति पर अपनी पैनी नजर रखने वाली रोहिणी आचार्य के इस रुख से स्पष्ट है कि लालू परिवार इस मुद्दे को हाथ से जाने नहीं देना चाहता और इसे एनडीए के खिलाफ एक मजबूत राजनीतिक हथियार बनाने में जुट गया है.जीतन राम मांझी और चिराग पासवान के बयानों से भड़का विवाद, बिहार की राजनीति में क्यों मच गया है सियासी कोहरामदरअसल, सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के आरक्षण में उप-वर्गीकरण (Sub-classification) और क्रीमी लेयर (Creamy Layer) को लागू करने के संदर्भ में आई टिप्पणियों के बाद देश भर सहित बिहार में राजनीति गरमा गई है. इस फैसले के बाद जीतन राम मांझी ने कुछ हद तक क्रीमी लेयर के विचार का समर्थन करते हुए कहा था कि जो लोग पीढ़ियों से आरक्षण का लाभ उठाकर मजबूत हो चुके हैं, उन्हें खुद आगे आकर बाकी गरीब भाई-बहनों के लिए जगह छोड़नी चाहिए. दूसरी तरफ चिराग पासवान ने पहले तो क्रीमी लेयर का विरोध किया था, लेकिन एनडीए सरकार में मंत्री पद पर रहते हुए उनके बयानों के विरोधाभास को विपक्ष भुनाने में लगा है. आरजेडी का आरोप है कि मांझी और चिराग दोनों ही नेता सत्ता के साथ समझौता कर चुके हैं और वे केंद्र की बीजेपी सरकार के इशारे पर काम कर रहे हैं. इसी दोहरे रवैये को लेकर आरजेडी नेताओं ने इन दोनों नेताओं के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और जनता के बीच जाकर यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि असली सामाजिक न्याय केवल लालू प्रसाद यादव की विचारधारा ही दे सकती है.लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव की आरजेडी का रुख: दलित और पिछड़े आरक्षण के मुद्दे पर आर-पार के मूड में विपक्षराष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने हमेशा से ही मंडल आयोग, सामाजिक न्याय और आरक्षण के मुद्दे को अपनी राजनीति की मुख्य धुरी बनाया है. जब से आरक्षण समीक्षा की बहस शुरू हुई है, तेजस्वी यादव ने स्पष्ट किया है कि आरजेडी किसी भी कीमत पर आरक्षण की सीमा या उसकी मूल भावना से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी. पार्टी का स्पष्ट रुख है कि देश में जातिगत जनगणना कराई जानी चाहिए और जिसकी जितनी आबादी है, उसको उसी अनुपात में हक मिलना चाहिए. आरजेडी नेताओं का मानना है कि बीजेपी और उसके सहयोगी दल संवैधानिक संस्थाओं और अदालती बयानों के सहारे धीरे-धीरे आरक्षण के ढांचे को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं. लालू परिवार इस बात को समझता है कि बिहार में अति पिछड़े, यादव और दलित मतदाताओं का एक बड़ा धड़ा इस मुद्दे को लेकर बेहद संवेदनशील है, और यदि इस मुद्दे पर हमला तेज किया गया तो एनडीए के भीतर शामिल दलित नेताओं को रक्षात्मक होना पड़ेगा.बिहार विधानसभा चुनावों से पहले आरक्षण के मुद्दे पर सामाजिक और कूटनीतिक ध्रुवीकरण की नई स्क्रिप्टबिहार में आने वाले समय में होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए आरक्षण और सामाजिक न्याय का यह मुद्दा बहुत बड़ा गेमचेंजर साबित हो सकता है. राज्य की राजनीति में महादलित और दलित वोटों पर पकड़ बनाने के लिए एनडीए की तरफ से चिराग पासवान और जीतन राम मांझी जैसे बड़े चेहरे आगे रखे गए हैं. हालांकि, आरजेडी और महागठबंधन के नेता लगातार यह कोशिश कर रहे हैं कि इन दोनों नेताओं की साख को दलित समाज के सामने कमजोर किया जाए. रोहिणी आचार्य के इस नए हमले ने विपक्षी खेमे में एक नई ऊर्जा भर दी है और यह संकेत दे दिया है कि सोशल मीडिया से लेकर ज़मीनी रैलियों तक इस मुद्दे को भुनाया जाएगा. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि एनडीए घटक दल इस मुद्दे पर अपना रुख पूरी तरह स्पष्ट नहीं करते हैं, तो उन्हें चुनाव में दलित और पिछड़ा वोट बैंक के असंतोष का सामना करना पड़ सकता है. दूसरी ओर, एनडीए नेता इसे विपक्ष की बौखलाहट और झूठा भ्रम फैलाने का प्रयास बता रहे हैं, जिससे आने वाले दिनों में बिहार का राजनीतिक घटनाक्रम और अधिक रोचक होने वाला है.
चौपारण के दनुआ में बिहार के एक युवक अजय कुमार सिंह को अज्ञात अपराधियों ने गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिसे रांची रिम्स रेफर किया गया है। पुलिस जांच में जुटी है, वहीं आपसी रंजिश या मादक पदार्थों के कारोबार से जुड़े विवाद में वारदात की आशंका जताई जा रही है।
कोई अंगुली चबा रहा तो कोई दांत काट रहा, बिहार के जेलों में कैदी हो रहे मानसिक रोगी
बिहार के जेलों में बंद कैदी मानसिक रोगी हो रहे हैं। राज्य की 39 जेलों में चलाए गए विशेष जांच अभियान के बाद विभाग को सौंपी गई रिपोर्ट में 113 बंदी आंशिक रूप से मानसिक बीमारी से ग्रसित पाए गए हैं।
‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के नए एपिसोड पर विवाद, बिहार और कश्मीरी पंडितों को लेकर टिप्पणियों पर मचा बवाल
एपिसोड में समय रैना ने स्टैंड-अप कॉमेडियन शेरान वर्मा का परिचय कराते हुए उनके बिहार से होने को लेकर मजाक किया। बातचीत के दौरान बिहार और वहां के लोगों को लेकर कुछ ऐसी टिप्पणियां की गईं, जिन्हें सोशल मीडिया यूजर्स ने आपत्तिजनक बताया।
हिंदी सिनेमा का रुख अब शहरी कहानियों से हटकर छोटे शहरों और पूर्वांचल की लोक-संस्कृति की ओर हो रहा है। सूरज बड़जात्या की 'ये प्रेम मोल लिया' और सिद्धार्थ मल्होत्रा की 'द व्वान' जैसी आगामी फिल्मों में छठ पूजा और देसी परंपराओं की खास झलक देखने को मिल रही है।
भारत और नेपाल की सीमाएं केवल राजनीतिक ही नहीं, बल्कि एक साझा और समृद्ध जल तंत्र (River Basin Network) से भी जुड़ी हुई हैं। हिमालय की गोद से निकलने वाली दर्जनों नदियां नेपाल के ऊंचे पहाड़ों से उतरकर भारत के मैदानी इलाकों—विशेषकर उत्तर प्रदेश और बिहार में प्रवेश करती हैं। अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या नेपाल की तीव्र धारा वाली 'भोटेकोशी' और बिहार में हर साल बाढ़ की त्रासदी लाने वाली 'कोसी' नदी एक ही हैं? इसके साथ ही त्रिशूली, नारायणी और गंडक नदियों के नामों को लेकर भी काफी असमंजस रहता है। इन नदियों के उद्गम, संगम और मैदानी इलाकों में प्रवेश के पूरे सफर को समझना बेहद दिलचस्प है।भोटेकोशी और बिहार की कोसी नदी: क्या है दोनों का वास्तविक संबंध?सीधे शब्दों में समझें तो भोटेकोशी और बिहार की कोसी पूरी तरह 'एक ही मुख्य धारा' नहीं हैं, बल्कि भोटेकोशी विशाल कोसी नदी तंत्र की एक प्राथमिक सहायक धारा (Tributary) है।भोटेकोशी का उद्गम: 'भोटे' शब्द का अर्थ तिब्बत से संबंधित है। यह नदी तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में हिमालय के हिमनदों से निकलती है, जहां इसे 'पोइक्व' (Poiqu) कहा जाता है। जब यह धारा सीमा पार कर नेपाल में प्रवेश करती है, तो इसे 'भोटेकोशी' नाम से जाना जाता है। नेपाल में यह एडवेंचर स्पोर्ट्स और व्हाइट वाटर राफ्टिंग के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है।सुनकोशी में विलय: नेपाल के भीतर आगे बढ़ते हुए भोटेकोशी नदी 'सुनकोशी' (Sun Kosi) नदी में मिल जाती है।सप्तकोशी का निर्माण: नेपाल के पूर्वी हिस्से में सुनकोशी, अरुण और तमोर जैसी सात प्रमुख पहाड़ी नदियां आपस में मिलकर 'सप्तकोशी' (Saptakoshi) का निर्माण करती हैं।बिहार में कोसी: यही सप्तकोशी जब नेपाल के तराई क्षेत्र (चतरा गॉर्ज) से निकलकर बिहार के सुपौल जिले के पास भारत में प्रवेश करती है, तो इसे आधिकारिक तौर पर 'कोसी नदी' (Kosi River) कहा जाता है। अतः भोटेकोशी मूल रूप से कोसी नदी के उस विशाल जलसंग्रहण क्षेत्र का हिस्सा है जो तिब्बत से पानी लाकर कोसी को प्रचंड रूप देता है।त्रिशूली से नारायणी तक: नेपाल में कैसे बदलता है नदियों का स्वरूप?गंडक नदी तंत्र का सफर भी हिमालय की ऊंची चोटियों से शुरू होता है। मध्य नेपाल और तिब्बत सीमा के पास से निकलने वाली 'त्रिशूली' (Trishuli River) नेपाल की सबसे महत्वपूर्ण और पवित्र नदियों में से एक मानी जाती है।त्रिशूली का महत्व: हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव ने जब हलाहल विष का पान किया था, तब अपने त्रिशूल से हिमालय पर प्रहार कर जलधारा निकाली थी, जिसे त्रिशूली कहा गया।सप्त गंडकी का संगम: नेपाल के मध्य भाग में त्रिशूली के अलावा छह अन्य प्रमुख नदियां—काली गंडकी, बूढ़ी गंडकी, सेती गंडकी, मर्स्यांगदी, मादी और दरौंदी आपस में मिलती हैं। इन सातों धाराओं के संयुक्त रूप को नेपाल में 'सप्त गंडकी' कहा जाता है।देवघाट पर संगम और नारायणी नाम: नेपाल के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल 'देवघाट' (Devghat) पर जब त्रिशूली नदी का संगम विशाल 'काली गंडकी' (Kali Gandaki) से होता है, तो इसके बाद इस संयुक्त धारा का नाम बदलकर 'नारायणी नदी' (Narayani River) हो जाता है। नेपाल के चितवन नेशनल पार्क के किनारे बहने वाली नदी वास्तव में नारायणी ही है।नारायणी कैसे बनती है भारत की 'गंडक नदी'? वाल्मीकि नगर का कनेक्शनजब नेपाल की तीव्र गति वाली नारायणी नदी दक्षिण की ओर बहते हुए शिवालिक पर्वत श्रृंखलाओं को पार करती है, तो यह भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पहुंचती है।वाल्मीकि नगर बैराज पर प्रवेश: बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले में स्थित 'वाल्मीकि नगर' (Valmiki Nagar) के पास यह नदी भारतीय सीमा में प्रवेश करती है।गंडक और शालीग्रामी नाम: भारत में प्रवेश करते ही नारायणी नदी को 'गंडक नदी' (Gandak River) के नाम से जाना जाता है। इस नदी की तलहटी में पवित्र 'शालीग्राम' पत्थर पाए जाने के कारण इसे धार्मिक रूप से 'शालीग्रामी' और प्राचीन ग्रंथों में 'सदा नीरा' (हमेशा जल से भरी रहने वाली) भी कहा गया है।गंगा में महासंगम: गंडक नदी बिहार के पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली जिलों से होते हुए अंततः पटना के समीप हाजीपुर-सोनपुर के पास पवित्र गंगा नदी में विलीन हो जाती है। सोनपुर का विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र मेला इसी गंडक और गंगा के संगम तट पर लगता है।बिहार के लिए इन दोनों नदी तंत्रों का आर्थिक और भौगोलिक महत्वकोसी और गंडक दोनों ही नदियां उत्तर बिहार के भूगोल, कृषि और अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन दोनों का स्वभाव काफी अलग है:कोसी (बिहार का शोक): कोसी नदी अपने साथ हिमालय से भारी मात्रा में गाद (Silt) और रेत लेकर आती है। मैदानी इलाकों में ढलान कम होने के कारण गाद जम जाती है, जिससे नदी बार-बार अपना रास्ता बदलती है। पिछले 200 वर्षों में कोसी ने पूर्व से पश्चिम की ओर 100 किलोमीटर से अधिक का विस्थापन किया है, जिसके चलते इसे 'बिहार का शोक' (Sorrow of Bihar) कहा जाता है।गंडक (कृषि और सिंचाई की जीवनरेखा): दूसरी ओर, गंडक नदी का जल प्रवाह अपेक्षाकृत अधिक स्थिर और नियंत्रित है। वाल्मीकि नगर स्थित 'त्रिवेणी बैराज' और गंडक नहर प्रणाली के माध्यम से उत्तर बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लाखों हेक्टेयर खेतों की सिंचाई होती है, जिससे यह क्षेत्र चावल, गेहूं और गन्ने की बंपर पैदावार का केंद्र बनता है।हिमालयी नदियों के प्रवाह का एक नजर में पूरा सारांशभौगोलिक रूप से इन दोनों नदी प्रणालियों को सरल क्रम में इस प्रकार समझा जा सकता है:कोसी तंत्र: पोइक्व (तिब्बत) ➔ भोटेकोशी (नेपाल) ➔ सुनकोशी ➔ सप्तकोशी (नेपाल तराई) ➔ कोसी नदी (बिहार) ➔ गंगा नदी (कुरसेला, कटिहार)।गंडक तंत्र: त्रिशूली + काली गंडकी ➔ देवघाट पर संगम ➔ नारायणी नदी (नेपाल) ➔ वाल्मीकि नगर बैराज ➔ गंडक नदी (भारत/बिहार) ➔ गंगा नदी (सोनपुर/हाजीपुर)।नेपाल की भोटेकोशी, त्रिशूली और नारायणी वास्तव में भारत की कोसी और गंडक नदियों के मूल स्रोत हैं। नाम भले ही सीमाओं और क्षेत्रों के आधार पर बदल जाते हों, लेकिन उनका जल प्रवाह भारत और नेपाल के बीच अटूट प्राकृतिक रिश्ते को दर्शाता है।
बिहार : भरत तिवारी एनकाउंटर में हटाए अफसर को फिर ड्यूटी; IAS, BAS और बिहार पुलिस ट्रांसफर सूची पढ़ें
बिहार सरकार किसे तुरंत आरोपी बनाए और तत्काल आरोप-मुक्त कर दे, समझना अब मुश्किल नहीं रहा है। भरत तिवारी एनकाउंटर में दूसरी बार यह सामने आ चुका है। आईएएस के साथ बिहार प्रशासनिक और बिहार पुलिस सेवा के तबादले में यही चर्चा का विषय है।
बिहार में भारतीय प्रशासनिक सेवा के तीन और बिहार पुलिस सेवा के 27 अधिकारियों का तबादला किया गया है। गृह विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी की, जिसमें कई एसडीपीओ और डीएसपी भी शामिल हैं।
फरीदाबाद के सेक्टर-65 में दर्दनाक हादसे में बिहार के रहने वाले दो लोगों की डंपर की चपेट में आने से मौत हो गई। दोनों चचेरे भाई थे और निर्माण स्थल के सामने सड़क किनारे सो रहे थे। इसी दौरान मिट्टी लेकर पहुंचे डंपर को आगे-पीछे करते समय ड्राइवर ने दोनों को कुचल दिया। हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उपचार के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया। मृतकों की पहचान बिहार के मुंगेर जिले के खड़गपुर क्षेत्र के पश्चिम अजीमगंज निवासी बादल मांझी (22) और करण कुमार (23) के रूप में हुई है। दोनों की पहचान उनके पास मिले आधार कार्ड के जरिए हुई। पुलिस ने मृतकों के स्वजन को सूचना दे दी है। 15-20 दिन से ठेकेदार के साथ कर रहे थे निर्माण कार्य पुलिस के अनुसार, ऊंचा गांव निवासी ठेकेदार संजय यादव सेक्टर-65 स्थित प्लाट नंबर 2969 में मकान निर्माण का काम करा रहा है। निर्माण स्थल पर मिट्टी भरने का काम भी चल रहा था। बादल और करण करीब 10-15 दिन से ठेकेदार के यहां मजदूरी कर रहे थे। 25 अगस्त को दोनों मजदूरों का ठेकेदार के साथ हिसाब हो गया था, जिसके बाद वे वहां से चले गए थे। अगले दिन रात में दोनों दोबारा निर्माण स्थल के पास पहुंचे और प्लाट के सामने सड़क किनारे ही सो गए। इसी दौरान मिट्टी से भरा एक डंपर वहां पहुंचा। ड्राइवर निर्माण स्थल पर मिट्टी डालने के लिए डंपर को आगे-पीछे कर रहा था। इसी दौरान सड़क पर सो रहे दोनों मजदूर डंपर की चपेट में आ गए। डंपर के पहियों के नीचे आने से दोनों के पैर बुरी तरह कुचल गए। उपचार के दौरान दोनों ने तोड़ा दम घायल बादल ने किसी तरह ठेकेदार को फोन कर हादसे की सूचना दी। ठेकेदार मौके पर पहुंचा और दोनों को बीके अस्पताल लेकर गया। गंभीर हालत देखते हुए चिकित्सकों ने दोनों को दिल्ली एम्स ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। वहां भर्ती नहीं हो पाने के बाद दोनों को वापस बीके अस्पताल लाया गया, जहां उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई। दोनों शवों का पोस्टमार्टम करना है जांच अधिकारी धर्मेंद्र ने बताया की ठेकेदार की शिकायत पर अज्ञात डंपर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। फरार चालक और डंपर की पहचान के लिए आसपास के क्षेत्र में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ हादसे के कारणों और चालक की लापरवाही से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।
Bihar News Today Live: बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 30 अगस्त के मुख्य और ताजा समाचार
Bihar Breaking News Today Live - Read latest and breaking news today in hindi at Amarujala. यहां पढ़ें, बिहार की ताजा खबरें, राजनीति, खेल, मनोरंजन, धर्म, क्राइम और शिक्षा की खबरों का लाइव अपडेशन
SC आरक्षण में सब-कोटा क्यों चाहते हैं जीतन राम मांझी? पंजाब से बिहार तक का जिक्र कर बताया कारण
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी और चिराग पासवान के बीच SC आरक्षण में उप-वर्गीकरण को लेकर मतभेद गहरा गए हैं। मांझी वंचित वर्गों तक लाभ पहुंचाने के लिए उप-कोटा की वकालत कर रहे हैं।
कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6 लेन पुल बनकर तैयार, दक्षिण और उत्तर बिहार को जोड़ेगा सेतु; 67 पिलरों पर टिका
गंगा नदी पर बना कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6 लेन पुल बनकर तैयार हो गया है। इस पुल की लंबाई करीब 9.76 किमी है, जो 67 मजबूत पिलरों पर टिका हुआ है। पहुंच पथों को शामिल करने पर इस पूरी मेगा परियोजना की लंबाई 19.30 किमी हो जाती है।
नेपाल में जल प्रलय से बिहार के साथ ही यूपी का भी बड़ा भूभाग प्रभावित होगा। मैदानों तक गाद पहुंचने से गंडक का तल काफी ऊपर हो जाएगा। इससे पश्चिमी और पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली जिले की लाखों हेक्टेयर जमीन हर साल बाढ़ झेलने को मजबूर होगी।
Bihar Weather News: बिहार में मानसून सक्रिय है, जिसके चलते अगले 24 घंटों में सात जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। पटना समेत अन्य क्षेत्रों में छिटपुट बारिश और उमस बनी रहेगी, जबकि गया के मोहरा में सर्वाधिक वर्षा दर्ज की गई।
Bihar Weather Today: बिहार में कही बारिश का दौर है तो कहीं अत्यधिक उमस की वजह से लोग परेशान हैं। मौसम विभाग ने रविवार को राज्य के 7 जिलों में भारी बारिश का अनुमान जताया है। हालांकि, कई जगहों पर आज भी उमस वाली गर्मी रहेगी।
Bihar Sampark Kranti Diverted: गोरखपुर कैंट-उनौला के बीच मेगा ब्लॉक के कारण मुजफ्फरपुर से गुजरने वाली 61 ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। तीन सितंबर तक चलने वाले दोहरीकरण कार्य से 13 ट्रेनें रद्द और 11 प्रमुख ट्रेनों के मार्ग बदले गए हैं।
बिहार पुलिस सेवा के 27 अधिकारियों का एक साथ ट्रांसफर हुआ है। आरा, समस्तीपुर, बेगूसराय, सहरसा, मधेपुरा समेत कई अनुमंडलों में नए एसडीपीओ की तैनाती की गई है। गृह विभाग ने शनिवार को डीएसपी ट्रांसफर की अधिसूचना जारी की।
नेपाल के बाद अब बिहार में भी मंडरा रहा बाढ़ का खतरा, कई नदियां खतरे के निशान के ऊपर
नेपाल में लगातार बारिश के कारण बिहार में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है, जिससे कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
मुजफ्फरपुर के किसान के बेटे ने UGC NET में लहराया परचम, हिंदी में हासिल किए 97.9 परसेंटाइल
UGC NET Hindi Topper Bihar: मुजफ्फरपुर के साहेबगंज प्रखंड के अहियापुर गांव के रवि राज ने यूजीसी-नेट परीक्षा में हिंदी विषय में 97.90 परसेंटाइल हासिल कर सफलता का परचम लहराया है। एक साधारण किसान के बेटे रवि की यह उपलब्धि ग्रामीण परिवेश के छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है।
बिहार पुलिस महकमे में फेरबदल: बिहार पुलिस सेवा के 27 अधिकारियों का ट्रांसफर, 24 SDPO बदले
राज्य सरकार ने बिहार पुलिस सेवा के 27 अधिकारियों का तबादला किया है, जिसमें छपरा, आरा सहित 24 अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) शामिल हैं।
गंगा-सोन-कोसी नदियों के उफान के बीच रेलवे ने कसी कमर, बिहार में 24 घंटे ट्रैक और पुलों पर पहरा
रेलवे ने मानसून और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बिहार में रेल परिचालन की सुरक्षा बढ़ाई है। संवेदनशील रेलखंडों पर निगरानी, गति नियंत्रण, हाईटेक सेंसर और आपातकालीन सामग्री ट्रेनों की तैनाती की गई है।
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड पर बिहार सरकार का यू-टर्न, अब पहले की तरह चार लाख तक मिलेगा शिक्षा ऋण
बिहार सरकार ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना पर अपना 19 अगस्त का आदेश रद्द कर दिया है। अब छात्रों को पहले की तरह बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से चार लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण मिलता रहेगा, जिससे उच्च शिक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिली है।
समय रैना के शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के नए एपिसोड में बिहार और कश्मीरी पंडितों से जुड़े मजाक पर विवाद बढ़ गया है. मामले पर बीजेपी विधायक राम कदम और बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने नाराजगी जताई है.
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण बिहार में 30 अगस्त से 1-2 सितंबर तक मॉनसून सक्रिय रहेगा। चंपारण और पूर्वी बिहार में भी मूसलाधार बरसात हो सकती है। रविवार को गयाजी समेत 7 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी है। कई जिलों में आंधी और वज्रपात का अलर्ट भी जारी किया गया है।
बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में एसटीईटी डिग्री को लेकर छात्रों का हंगामा, सोमवार से मिलेगी डिग्री
Bihar STET Degree Problem: मुजफ्फरपुर में बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के डिग्री सेक्शन में एसटीईटी फॉर्म भरने के लिए डिग्री न मिलने पर छात्रों ने हंगामा किया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि डिग्रियां कॉलेजों में भेज दी गई हैं।
रामनगर से लखनऊ और पटना के लिए चलेगी सीधी ट्रेन, नैनीताल से बिहार तक सफर होगा आसान
रामनगर से लखनऊ और पटना के लिए चलेगी सीधी ट्रेन, नैनीताल से बिहार तक सफर होगा आसान
Bihar STET-2026 के अभ्यर्थियों को बड़ी राहत, आवेदन की तारीख 15 दिन बढ़ी; अब 15 सितंबर तक मौका
बिहार STET-2026 के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 15 दिन बढ़ाकर 15 सितंबर कर दी गई है। इससे उन अभ्यर्थियों को अतिरिक्त मौका मिलेगा जो पहले आवेदन नहीं कर पाए थे।
29 अगस्त, शनिवार:नेपाल में भारी बारिश और बाढ़ के चलते बिहार में संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन और NDRF अलर्ट मोड पर हैं। आपात स्थिति से निपटने के लिए पटना से NDRF की दो टीमों को आधुनिक राहत व बचाव उपकरणों के साथ मुजफ्फरपुर और चंपारण जिलों के लिए रवाना कर दिया गया है।
महासेतु से पटना और उत्तर बिहार के बीच घटेगी दूरी, सफर पकड़ेगा रफ्तार
कच्ची दरगाह-बिदुपुर छह लेन गंगा पुल का निर्माण पूरा हो गया है और अब यह उद्घाटन के लिए तैयार है। यह महासेतु पटना और उत्तर बिहार के बीच दूरी कम कर यात्रा को आसान बनाएगा, साथ ही व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी गति देगा।
पलामू जिले के हरिहरगंज थाना क्षेत्र स्थित बटाने नदी में तीन युवक डूब गए। शनिवार को डेमा टोला स्थित बेलघाटी पुल के पास पिकनिक मनाने आए ये युवक नदी में उतरने के दौरान गहरे पानी की चपेट में आ गए। इस हादसे में एक युवक को बचा लिया गया है, जबकि दो अन्य लापता हैं। स्थानीय लोगों ने युवकों को डूबता देख तत्काल बचाव कार्य शुरू किया। उनके प्रयासों से राजेंद्र साव (40) को नदी से बाहर निकाल लिया गया। राजेंद्र बेहोशी की हालत में थे, जिन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) हरिहरगंज ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया। घटना के बाद से रितिक और टेनी नामक दो युवक लापता बताए जा रहे हैं। ये दोनों राजेंद्र साव के साथ आए थे। जानकारी के अनुसार, सभी युवक बिहार के औरंगाबाद क्षेत्र के निवासी हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि तीनों युवक नदी में उतरकर वीडियो बना रहे थे। इसी दौरान वे अचानक गहरे पानी और तेज धार की चपेट में आ गए और बहने लगे। किनारे मौजूद स्थानीय लोगों ने उन्हें गहरे पानी में न जाने की चेतावनी भी दी थी, लेकिन युवकों ने इसे नजरअंदाज कर दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, युवक कथित तौर पर नशे की हालत में थे। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने लापता युवकों की तलाश में काफी देर तक नदी में खोजबीन की, लेकिन तेज धार और अधिक गहराई के कारण उनका कोई सुराग नहीं मिल सका। सूचना मिलने पर एसआई अजय कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लेकर लोगों से जानकारी जुटाई। लापता दोनों युवकों की तलाश जारी थी।
एबीवीपी ने बिहार स्पोर्ट्स एक्सीलेंस सेंटर की मांग की:सदर विधायक तारकिशोर प्रसाद को ज्ञापन सौंपा
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने महाविद्यालय परिसर में बिहार स्पोर्ट्स एक्सीलेंस सेंटर स्थापित करने की मांग की है। परिषद ने इस संबंध में पूर्व उपमुख्यमंत्री और सदर विधायक तारकिशोर प्रसाद को एक ज्ञापन सौंपा। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने 'खेलो इंडिया' कार्यक्रम के तहत महाविद्यालय परिसर में स्पोर्ट्स एक्सीलेंस सेंटर की स्थापना के लिए आवश्यक पहल करने का आग्रह किया है। ज्ञापन में बताया गया है कि महाविद्यालय परिसर में लगभग तीन एकड़ खाली भूमि उपलब्ध है। इस भूमि का निरीक्षण जिला खेल पदाधिकारी द्वारा बिहार स्पोर्ट्स एक्सीलेंस सेंटर खोलने की संभावनाओं को लेकर पहले ही किया जा चुका है। परिषद का मानना है कि पर्याप्त भूमि और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति को देखते हुए यह सेंटर विद्यार्थियों को खेल के क्षेत्र में बेहतर अवसर प्रदान करेगा। ज्ञापन के माध्यम से विधायक से अनुरोध किया गया है कि वे जिला खेल पदाधिकारी के साथ पूर्व में हुए पत्राचार और भूमि निरीक्षण से संबंधित मामले को देखते हुए अपने स्तर पर पहल करें। उनसे जिला खेल पदाधिकारी, जिलाधिकारी और बिहार सरकार के खेल मंत्री से वार्ता कर सेंटर की स्थापना के लिए आगे की कार्रवाई सुनिश्चित कराने का आग्रह किया गया। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने जोर दिया कि शिक्षा के साथ खेल भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। खेलों से विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और सकारात्मक सोच विकसित होती है। महाविद्यालय परिसर में स्पोर्ट्स एक्सीलेंस सेंटर स्थापित होने से स्थानीय प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को बेहतर प्रशिक्षण और अपनी प्रतिभा को निखारने का अवसर मिलेगा। परिषद का मानना है कि इससे न केवल महाविद्यालय के विद्यार्थियों को, बल्कि आसपास के क्षेत्रों के युवा खिलाड़ियों को भी अपनी खेल प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए एक मंच मिलेगा, जिससे क्षेत्र में खेल गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाएं उभरेंगी। एबीवीपी ने कहा कि महाविद्यालय परिसर में बिहार स्पोर्ट्स एक्सीलेंस सेंटर की स्थापना महाविद्यालय के विकास में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है। इससे विद्यार्थियों का मानसिक, शारीरिक, संवेगात्मक एवं सर्वांगीण विकास संभव होगा। संगठन ने उम्मीद जताई कि विधायक स्तर से संबंधित अधिकारियों एवं सरकार के साथ समन्वय कर इस मांग पर शीघ्र सकारात्मक पहल की जाएगी।ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रांत सह मंत्री विनय सिंह, विभाग सह संयोजक विक्रांत सिंह, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य कमल ठाकुर, नगर सह मंत्री रवि सिंह, विशाल सिंह और राहुल साह सहित एबीवीपी के अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
Bihar TRE 4 Exam: अभ्यर्थियों के प्रदर्शन का असर, और पद बढ़े; सरकार ने मानी मांग
बिहार सरकार ने TRE 4.0 में संगीत शिक्षकों के 111 पद बढ़ाए है। इस तरह कुल वैकेंसी 33,385 हो गई है। मंत्री तिवारी ने बीपीएससी को संशोधित मांगपत्र भेजने की बात कही।
रामनगर से लखनऊ और पटना को सीधी चलेगी, नैनीताल से बिहार का सफर होगा आसान
भाजपा सांसद अनिल बलूनी ने रामनगर से लखनऊ और पटना के लिए सीधी ट्रेन का वादा किया है। इससे नैनीताल से लखनऊ और बिहार का सफर बेहद आसान हो जाएगा।
मार्कशीट से हटेगा फेल का दाग, बिहार में 10वीं-12वीं छात्रों के लिए बड़ा फैसला
बिहार बोर्ड के मैट्रिक और इंटर के छात्रों की मार्कशीट से 'फेल' शब्द हटाकर 'एलिजिबल फॉर स्किल्स' लिखा जाएगा।
नेपाल की बाढ़ में फंसे बिहार के चार मजदूर सुरक्षित लौटे घर, बोले- धुएं की तरह आया पानी का सैलाब, संभलने का मौका नहीं मिला
नेपाल में फिर बाढ़ का खतरा, बिहार में हाई अलर्ट: वाल्मीकिनगर से कोसी बराज तक तटबंधों की दिन-रात निगरानी
रक्षाबंधन पर बिहार में मातम: अलग-अलग हादसों में 10 भाई-बहनों की मौत, त्योहार की खुशियां बदलीं गम में
रक्षाबंधन पर बिहार में मातम: अलग-अलग हादसों में 10 भाई-बहनों की मौत, त्योहार की खुशियां बदलीं गम में
श्रेया झा ने बिना किसी बड़ी कोचिंग के सिर्फ सेल्फ-स्टडी और पक्के इरादे से यूपीएससी 2025 में 357वीं रैंक हासिल की। जानिए उनकी कामयाबी की पूरी कहानी और खास रणनीति।
Nepal Floods में फंसे महाराष्ट्र के 100 श्रद्धालुओं को बिहार सरकार ने सुरक्षित निकाला
बिहार सरकार ने नेपाल में आई अचानक आई बाढ़ के कारण काठमांडू में फंसे महाराष्ट्र के करीब 100 श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाला और उन्हें ट्रेन से उनके गृह राज्य भेज दिया। एक आधिकारिक बयान में शनिवार को यह जानकारी दी गई। बिहार आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि यह निकासी महाराष्ट्र सरकार के अनुरोध पर की गई। बयान में कहा गया, ‘‘बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए सीतामढ़ी जिला प्रशासन ने शुक्रवार को नेपाल सीमा से श्रद्धालुओं को सुरक्षित सीतामढ़ी पहुंचाया।’’यह बचाव अभियान मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल की देखरेख में चलाया गया। सीतामढ़ी जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो सका कि महाराष्ट्र के ये श्रद्धालु पशुपतिनाथ मंदिर या नेपाल के अन्य तीर्थ स्थलों के दर्शन के लिए गए थे या नहीं। बयान में कहा गया, ‘‘उन्हें शुक्रवार देर रात करीब ढाई बजे पटना लाया गया और एक सामुदायिक भवन में ठहराया गया, जहां उन्हें भोजन, चिकित्सा जांच और अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रदान की गईं।’’बिहार के मुख्य सचिव और रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष के बीच समन्वय के बाद श्रद्धालुओं को ले जाने के लिए पटना-पूर्णा एक्सप्रेस में दो अतिरिक्त डिब्बे जोड़े गए। एक अधिकारी ने बताया कि श्रद्धालु शनिवार सुबह करीब साढ़े सात बजे ट्रेन से महाराष्ट्र के लिए रवाना हो गए। अधिकारी ने यह भी बताया कि कुछ श्रद्धालुओं ने संबंधित रेलवे और राज्य सरकार के अधिकारियों को राखियां भी बांधीं।
Bihar Board अंकपत्र पर अब नहीं लिखा होगा अनुत्तीर्ण, मिलेगा कौशल प्रशिक्षण का विकल्प
बिहार सरकार ने मौजूदा शैक्षणिक सत्र से 10वीं और 12वीं कक्षाओं की बोर्ड परीक्षाओं के विद्यार्थियों के अंकपत्र में ‘अनुर्तीण’ शब्द की जगह ‘कौशल प्रशिक्षण के लिए योग्य’ वाक्यांश का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने कहा कि इस कदम का मकसद विद्यार्थियों को बिहार मुक्त विद्यालयी शिक्षण एवं परीक्षा बोर्ड द्वारा चलाए जा रहे व्यवसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम करने में मदद करना है। बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘शिक्षा विभाग इस बदलाव को लागू करने के लिए नियमों में संशोधन करेगा। विभाग जल्द ही बीएसईबी को जरूरी निर्देश जारी करेगा। प्रमाणपत्र पर ‘अनुर्तीण’ के बजाय ‘कौशल विकास के लिए योग्य’ लिखा होगा।’’तिवारी ने कहा कि सिर्फ इसलिए विद्यार्थियों का हुनर खत्म नहीं हो जाता कि वे परीक्षा में उम्मीद के मुताबिक नंबर नहीं ला पाते। उन्होंने कहा,‘‘10वीं कक्षा की बोर्ड पूरक परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को तैयारी करने और उनके सफल होने की संभावनाओं को बेहतर बनाने में मदद के लिए एक महीने का विशेष सत्र दिया जाएगा।’’तिवारी ने कहा कि यह पहल उन व्यापक प्रयासों का हिस्सा है, जिनका मकसद परीक्षा में असफल रहने के बाद विद्यार्थियों को सुधारात्मक सहायता देना और उन्हें पिछड़ने से बचाना है। अधिकारियों ने बताया कि बिहार सरकार विद्यार्थियों को पारंपरिक पाठ्यपुस्तक-आधारित पढ़ाई से हटकर अन्य गतिविधियों से भी परिचित कराने के लिए कदम उठा रही है। हाल में उठाए गए कदमों में से एक है सरकारी स्कूलों में शनिवार को नो-बैग डे लागू करना। छह अगस्त को घोषित इस व्यवस्था के तहत, सरकारी स्कूल शनिवार को सुबह 9.30 बजे से दोपहर एक बजे तक चलेंगे, जबकि सोमवार से शुक्रवार तक वे सुबह 9.30 बजे से शाम 4 बजे तक चलेंगे।
BSEB Dummy Registration Card 2027: बिहार में मैट्रिक (कक्षा 10) और इंटरमीडिएट (कक्षा 12) के छात्रों को डमी रजिस्ट्रेशन कार्ड को लेकर चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। बिहार स्कूल परीक्षा बोर्ड (BSEB) ने 2027 में स्कूलों के लिए कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षा शामिल होने वाले छात्रों के डमी रजिस्ट्रेशन कार्ड में करेक्शन करने की डेडलाइन बढ़ा दी है। ताजा सूचना के मुताबिक, शैक्षिक संस्थान 28 अगस्त से 16 सितंबर, 2026 तक छात्रों या उनके अभिभावकों के हस्ताक्षर किए हुए घोषणा वाले डमी रजिस्ट्रेशन कार्ड अपलोड कर सकते हैं।बोर्ड ने स्कूलों को उन छात्रों के लिए पहले से भरे हुए डिक्लेरेशन फॉर्म जमा करने का भी निर्देश दिया है जिनका ऑनलाइन पंजीकरण और फीस पहले ही पूरी हो चुकी है, लेकिन जिनके डिक्लेरेशन फॉर्म अभी जमा नहीं हुए हैं। बढ़ी हुई डेडलाइन मैट्रिक और इंटरमीडिएट दोनों छात्रों पर लागू होती है।बीएसईबी डमी रजिस्ट्रेशन कार्ड 2027: जरूरी जानकारीस्कूलों को सभी पात्र कक्षा 10 और 12 के छात्रों के डमी रजिस्ट्रेशन कार्ड चेक करने होंगे और बदली हुई डेडलाइन के अंदर जरूरी सुधार करने होंगे।करेक्शन/अपलोड विंडो : 28 अगस्त से 16 सितंबर, 2026कक्षा12 पोर्टल : intermediate.biharboardonline.comकक्षा10 पोर्टल : biharboardonline.orgस्कूलों को छात्र/अभिभावक का साइन किया हुआ डिक्लेरेशन अपलोड करना होगा।जिन छात्रों का रजिस्ट्रेशन और फीस पहले ही जमा हो चुकी है, लेकिन जिनका पहले से भरा हुआ डिक्लेरेशन लंबित है, उन्हें भी 16 सितंबर तक प्रोसेस पूरा करना होगा।बीएसईबी 2027 डमी रजिस्ट्रेशन कार्ड : कैसे अपलोड करें? बीएसईबी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। स्कूल लॉगिन विंडो खोलें। जरूरी स्कूल लॉगिन क्रेडेंशियल डालें। डमी रजिस्ट्रेशन कार्ड में जहां भी जरूरत हो, करेक्शन सबमिट करें। पहले से भरे हुए डिक्लेरेशन फॉर्म अपलोड करें, जैसा लागू हो। सभी डिटेल्स ध्यान से चेक करें और सबमिट पर क्लिक करें। कन्फर्मेशन या सबमिट की गई डिटेल्स को भविष्य के लिए सेव कर लें। स्कूलों को यह पक्का करना चाहिए कि बीएसईबी 2027 बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले सभी छात्रों की जानकारी 16 सितंबर, 2026 की डेडलाइन से पहले सही तरीके से जमा कर दी गई हों।NEET PG 2026 Exam: 340 शहरों में कल सुबह 9 बजे से होगी नीट पीजी की परीक्षा, यहां देखें सभी जरूरी परीक्षा निर्देश
मशहूर स्टैंड-अप कॉमेडियन समय रैना के शो 'इंडियाज़ गॉट लेटेंट' के हालिया एपिसोड में कॉमिक रोस्टिंग का मुकाबला उस समय व्यक्तिगत (पर्सनल) हो गया, जब समय और उभरती हुई कॉमेडियन शेरोन वर्मा ने एक-दूसरे की जड़ों और बैकग्राउंड पर तीखे तंज कसे। मज़ाक-मज़ाक में शुरू हुई यह नोक-झोंक तब गंभीर मोड़ ले बैठी जब समय ने शेरोन के बिहारी बैकग्राउंड पर मज़ाक उड़ाया और जवाब में शेरोन ने कश्मीरी पंडितों के पलायन का ज़िक्र करते हुए करारा पलटवार किया। इस नोक-झोंक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। यह बातचीत इसलिए खास रही क्योंकि दोनों कॉमेडियन्स ने अपने बैकग्राउंड के आधार पर अपनी खास कॉमिक पहचान बनाई है। शेरोन 2024 में 'इंडियाज़ गॉट लेटेंट' में आने के बाद काफी मशहूर हुईं, जबकि समय अक्सर अपनी कश्मीरी पंडित जड़ों और कश्मीर से अपने परिवार के विस्थापन (घर छोड़ने) के बारे में बात करते रहे हैं। एपिसोड के दौरान, समय ने कहा, वह इतनी बिहारी है कि उसे लगता है कि 'इबोला' का मतलब है किसी ने कुछ कहा है। शेरोन ने जवाब दिया, समय इतना कश्मीरी है कि उसे 'स्टोन' होना (नशे में धुत होना) पसंद है। फिर समय ने कहा, पता है, शेरोन वर्मा एक बिहारी है जो नौकरी की तलाश में मुंबई आई थी। बस बिहारी वाली बातें। शेरोन ने जवाब दिया, कम से कम मैंने अपनी मर्ज़ी से अपना राज्य छोड़ा। शेरोन वर्मा 2024 में समय रैना के शो 'इंडियाज़ गॉट लेटेंट' में आने के बाद चर्चा में आईं। उनकी बिना किसी भाव-भंगिमा के मज़ाक करने की टाइमिंग (डेडपैन कॉमिक टाइमिंग), बिहार से होने, अपने अनोखे नाम और सबसे खास बात, खुद को कमज़ोर, स्वतंत्र महिला कहने के अंदाज़ ने जल्द ही लोगों का ध्यान खींचा। उस सेट के क्लिप्स सोशल मीडिया पर वायरल हो गए और वह एक जानी-मानी इंटरनेट पर्सनैलिटी बन गईं। कश्मीर से पलायन पर समय रैना वहीं, समय रैना एक कश्मीरी पंडित परिवार से आते हैं, जिनका इतिहास कश्मीर से समुदाय के विस्थापन से गहराई से जुड़ा है। अपने स्टैंड-अप स्पेशल 'स्टिल अलाइव' में, रैना ने कश्मीरी पंडित समझदारी को ऐसे विचार के तौर पर बताया कि जब लड़ाई जीती न जा सके, तो जीवित रहने का रास्ता चुना जाए। उन्होंने इस विचार को कश्मीर छोड़ने के अपने परिवार के अनुभव से जोड़ा और बाद में 'इंडियाज़ गॉट लेटेंट' को लेकर हुई आलोचना के बारे में बात करते हुए इसका ज़िक्र किया। 'इंडियाज़ गॉट लेटेंट 2' के पहले के एक 'सिर्फ़-मेंबर्स-के-लिए' वाले एपिसोड में, रैना ने कंटेस्टेंट वानिका रैक्ता के साथ बातचीत के दौरान अपनी जड़ों और अपने परिवार के विस्थापन का भी ज़िक्र किया था। पैनल में राघव जुयाल, मुनव्वर फारुकी, निहारिका एनएम, रोहन जोशी और समय रैना शामिल थे। वनिका ने बताया कि शिमला में उनके परिवार के सेब के बागान हैं, उनके भाई ने ज़मीन का कुछ हिस्सा बेच दिया था, लेकिन परिवार के पास अभी भी कई बागान हैं, और उनके माता-पिता दोनों सरकारी स्कूलों में टीचर हैं। यह सुनकर राघव ने समय से पूछा कि क्या उनके परिवार का भी कश्मीर में सेब का बागान है। समय ने जवाब दिया, हमारे पास बहुत कुछ था। जब राघव ने उनकी पीठ थपथपाई, तो समय मुनव्वर की ओर मुड़े और मज़ाक में कहा, अब इस बारे में बात करो? मुनव्वर ने अपना हाथ उठाया और जवाब दिया, मैं नहीं था, जिससे पैनल और दर्शक हंस पड़े। फिर समय ने कहा, हमारे साथ ऐसा हुआ था, अब वह कुछ नहीं कहेंगे। 1990 के दशक की शुरुआत में कश्मीरी पंडितों के पलायन ने कई पीढ़ियों के परिवारों को बेघर कर दिया, जिससे कई लोगों को रातों-रात घाटी छोड़नी पड़ी और अपने घर-बार और रोज़गार छोड़ने पड़े। समय रैना का परिवार भी उन लोगों में शामिल था जो उग्रवाद बढ़ने के बाद वहां से चले गए थे। इससे पहले 'दोस्तकास्ट' पॉडकास्ट पर बात करते हुए उन्होंने कहा, यह सच में आप पर असर डालता है—आप अपना पूरा बचपन, अपनी पूरी पहचान खो देते हैं। सभी कश्मीरी पंडितों को जाना पड़ा। कश्मीरी पंडितों के पास ऐसी कोई जगह नहीं है जो उन्हें अपनापन महसूस कराए। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पीढ़ी के लोग कश्मीर लौटने से डरते हैं और उन्हें याद है कि जब उनकी माँ कई सालों बाद वापस गईं और देखा कि कुछ भी नहीं बचा है, तो वह भावुक हो गईं। रैना ने यह भी बताया कि ऐसे पत्र बांटे जाते थे जिनमें उन लोगों के नाम होते थे जिन्हें अगले दिन मार दिया जाना था, और उन्हें याद है कि जब उनकी माँ और दादी को एक ऐसा पत्र मिला जिसमें लिखा था कि उनके दादाजी को मार दिया जाएगा, तो वे बेहोश हो गईं। Samay Raina casually started a war between Bihari Vs Kashmiri on India's Got Latent Samay Raina: She's so Bihari, she thinks Ebola means someone said something. Sharon Verma: Samay is so Kashmiri, he loves getting stoned. Samay Raina: You know, Sharon Verma is a… — Neha Patel (@Neha_S_Patel) August 28, 2026 उन्होंने कहा, हमने रातों-रात अपना सामान पैक किया—मेरे दादा-दादी, मेरी माँ, मेरी बुआ, पूरा परिवार यह सोचकर चला गया कि हम दो हफ़्ते में लौट आएंगे। 25 साल हो गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि स्थानीय कश्मीरी मुसलमानों ने उनके दादाजी का साथ दिया, जिन्होंने अक्सर उन लोगों का मुफ़्त इलाज किया था जो इलाज का खर्च नहीं उठा सकते थे, और उन्हें सुरक्षित निकलने में मदद की। बाद में उनका परिवार जम्मू से दिल्ली और फिर हैदराबाद में बस गया। उस समय समय 12 साल के थे। Entertainment News Hindi Todayonly at Prabhasakshi View this post on Instagram A post shared by Sharon Verma (@sharonverma)
एनएच स्थित एक रिसॉर्ट में 24 अगस्त को दिन-दहाड़े कदमा विजया हेरिटेज निवासी कारोबारी निखार सबलोक की हत्या मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जमशेदपुर और सरायकेला-खरसावां पुलिस की संयुक्त जांच टीम को जब्त मोबाइल के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) से कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। पुलिस का दावा है- अगले एक से दो दिनों में इस पूरे मर्डर केस का आधिकारिक खुलासा कर दिया जाएगा। एसआईटी की तफ्तीश में सामने आया है कि शूटरों ने निखार सबलोक को गोली मारने के बाद भागते समय राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) पर भी दो राउंड हवाई फायरिंग की थी। इसके बाद वे सड़क की दूसरी ओर खड़ी लाल रंग की कार से रांची की तरफ फरार हो गए। रांची में एक सुनसान जगह पर कार छोड़कर शूटर दूसरे वाहन से बिहार की ओर भागने की आशंका है। बिहार और पश्चिम बंगाल में छापेमारीइधर, जांच के दौरान सोनारी के अपराधी रविदास और दारा को रेकी के संदेह में हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही थी, लेकिन कोई साक्ष्य न मिलने पर शुक्रवार को दोनों को छोड़ दिया गया। हत्या में प्रयुक्त लाल रंग की कार को रांची से बरामद कर चांडिल पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। शूटरों की गिरफ्तारी के लिए बिहार और पश्चिम बंगाल के कई ठिकानों पर पुलिस ने छापे मारे। मानगो का अपराधी सिंटू सिंह था घटनास्थल के पास जांच में एसआईटी को पता चला है कि मानगो का अपराधी सिंटू सिंह इस पूरी साजिश से वाकिफ था और वारदात के वक्त घटनास्थल के आसपास ही मौजूद था। फिलहाल पुलिससिंटू और लाल कार के मालिक की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। निखार सबलोक की सुपारी देकर हत्या कराने के बिंदू पर भी जांच जारी है। विक्रम शर्मा का सहयोगी हिरासत मेंपुलिस विक्रम शर्मा के एक करीबी सहयोगी से चांडिल थाने में लगातार चौथे दिन भी पूछताछ कर रही है। हालांकि हत्याकांड में उसकी सीधी संलिप्तता के साक्ष्य अभी तक सामने नहीं मिले हैं। इसके अलावा विक्रम शर्मा के इस करीबी का दुमका जेल में बंद गैंगस्टर अखिलेश सिंह के साथ लगातार संपर्क में रहने और बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग पुलिस के हाथ लगी है। इसी आधार पर जांच की दिशा आगे बढ़ाई जा रही है।
नेपाल की बाढ़ का असर बिहार में दिखा: बागमती का जलस्तर बढ़ा; प्रशासन अलर्ट
नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ के बाद अब बिहार के मैदानी इलाकों में भी नदियों के जलस्तर में बदलाव देखने को मिल रहा है। मुजफ्फरपुर में बागमती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जबकि गंडक नदी के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है।
नेपाल में फंसे महाराष्ट्र के 100 तीर्थयात्रियों को बिहार सरकार ने कराया रेस्क्यू - Prabhat Khabar
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सम्राट कैबिनेट बिहार का अभिनव पहल
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नेपाल में आई जलप्रलय के बाद बिहार के 8 लोग लापता बताए जा रहे हैं। इनमें रक्सौल के एक ही परिवार के 5 लोग शामिल हैं। नेपाल में आई त्रासदी के बाद से उनका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है। वहीं, मोतिहारी के भी तीन प्रवासी मजदूर लापता हैं। परिजनों के मुताबिक, तीनों से आखिरी बार 26 अगस्त को बातचीत हुई थी। इसके बाद से उनके मोबाइल फोन बंद हैं और उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। इधर, नेपाल के रसुवा में फंसे पश्चिम चंपारण (बेतिया) के 4 मजदूर सुरक्षित अपने घर लौट आए हैं। नेपाली सेना ने बुधवार को हेलिकॉप्टर की मदद से उन्हें रसुवा जिले के धुन्चे क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकाला था। लगभग दो दिनों के सफर के बाद चारों मजदूर शुक्रवार देर शाम अपने-अपने घर पहुंचे। उनके घर पहुंचते ही परिजनों ने राहत की सांस ली। पहले नेपाल में आई प्रलय की कुछ तस्वीरें देखिए… नेपाल से रेस्क्यू होकर बेतिया लौटे 4 मजदूर सुरक्षित लौटे मजदूरों में चनपटिया के नेयाज मियां, सलमान आलम, जबारूल आलम उर्फ शिबू आलम तथा रामनगर थाना क्षेत्र निवासी मेहदी हसन शामिल हैं। ये सभी नेपाल में रहकर मजदूरी करने के साथ-साथ कारपेंटरी और टाइल्स लगाने का काम करते थे। सलमान आलम (17) ने घटना की जानकारी देते हुए बताया, “मैं नेपाल के रसुवा में जिस जगह काम करता था। वहां एक कमरे में सात मजदूर रहते थे। 26 अगस्त की सुबह हम सभी लोग काम पर जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान करीब नौ बजे अचानक तेज सैलाब आ गया। देखते ही देखते चारों ओर पानी भर गया और कुछ देर तक आसपास कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। ये सब देखकर हमलोगों का कलेजा कांप गया। काफी डर लग रहा था।” सलमान के अनुसार, पानी का बहाव इतना तेज था कि सभी मजदूर अपनी जान बचाने के लिए ऊंचाई वाले स्थान की ओर भागने लगे। चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई थी। कुछ देर के लिए ऐसा लग रहा था कि अब बचना मुश्किल है। घटना के बाद हेलिकॉप्टर तुरंत पहुंचा। जो लोग पानी में डूबे हुए थे, उन्हें सबसे पहले निकाला गया। उसके बाद हेलिकॉप्टर से हमलोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। रेस्क्यू के लिए कुल दो हेलिकॉप्टर आए थे। पानी का बहाव काफी तेज था। हमलोग 27 अगस्त को कारपेंटर का काम करने नेपाल गए थे। रक्सौल में पत्नी, 3 बेटियों और नातिन बाढ़ में बहे रक्सौल के लाला छपरा निवासी बुधन शाह पिछले चार साल से अपने परिवार के साथ नेपाल के बेत्रावती क्षेत्र के बतार में किराए के मकान में रहते थे। वे वहां कबाड़ खरीदने और मजदूरी का काम करते थे। हाल ही में कुलदेवता की पूजा के बाद उनकी पत्नी मानती देवी भी गांव से नेपाल लौटी थीं। बताया जा रहा है कि घटना के समय बुधन शाह अपने दो बेटों सूरज और साजन के साथ कबाड़ खरीदने पहाड़ी क्षेत्र की ओर गए थे। इसी दौरान अचानक आई भीषण बाढ़ में उनका किराए का मकान बह गया। मकान में मौजूद बुधन शाह की पत्नी मानती देवी, उनकी बेटियां आशा कुमारी और रूपा कुमारी, शादीशुदा बेटी संध्या कुमारी और संध्या की दो साल की बेटी आयुषी कुमारी बाढ़ में बह गईं। बड़ी बेटी संध्या त्रिशूली में व्यवसाय करती थीं। हादसे के दिन ही वह अपनी दो साल की बेटी आयुषी के साथ मां से मिलने बतार पहुंची थीं। इसी दौरान बाढ़ की चपेट में आने से हादसा हो गया। बुधन शाह ने फोन पर अपने भाई ऋषि शाह को घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वह और उनके दोनों बेटे सुरक्षित हैं, लेकिन पत्नी, तीनों बेटियों और नातिन का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। मोतिहारी में 3 मजदूरों से संपर्क टूटा मोतिहारी के लापता मजदूरों की पहचान केसरिया प्रखंड के बिजधरी थाना क्षेत्र निवासी रामबाबू साह, प्रमोद प्रसाद और मुनील कुमार के रूप में हुई है। प्रमोद प्रसाद और मुनील कुमार सगे भाई हैं, जबकि रामबाबू साह उनके चचेरे भाई बताए जा रहे हैं। तीनों नेपाल के रसुवा में त्रिशूली नदी के समीप एंड्रिट हाइड्रो प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के हाइड्रोपावर प्लांट में काम करते थे। वे पिछले 5 साल से नेपाल में रहकर काम कर रहे थे। परिवार ने प्रशासन से तीनों की तलाश कर उन्हें सकुशल घर वापस लाने की गुहार लगाई है। नेपाल में लापता मोतिहारी के 3 मजदूर 26 अगस्त के बाद तीनों से नहीं हुई बात परिजनों ने बताया कि तीनों कुछ समय पहले छुट्टी पर अपने गांव आए थे। रामबाबू साह 10 जुलाई को नेपाल लौटे थे, जबकि प्रमोद प्रसाद 22 जुलाई और मुनील कुमार 15 अगस्त को अपने कार्यस्थल पर पहुंचे थे। परिवार के सदस्यों के अनुसार, 26 अगस्त की सुबह करीब 7 बजे प्रमोद प्रसाद ने अपनी पत्नी वीणा देवी से करीब 7 मिनट तक मोबाइल पर बात की थी। यह उनकी आखिरी बातचीत थी। इसके बाद से उनका नंबर बंद है। रामबाबू साह और मुनील कुमार के मोबाइल पर भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। मुनील कुमार के पिता कृष्ण प्रसाद साह ने बताया कि बेटों से कई दिनों से संपर्क नहीं होने के कारण पूरा परिवार चिंतित है। परिजनों का कहना है कि नेपाल में आई आपदा के बाद से कोई सूचना नहीं मिलने के कारण परिवार बेहद परेशान है। नेपाल प्रशासन से पता लगा की मांग की मामले की जानकारी मिलने के बाद पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने कहा कि प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है। उन्होंने बताया कि तीनों मजदूरों के बारे में जानकारी जुटाने के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। नेपाल प्रशासन और संबंधित एजेंसियों से संपर्क स्थापित कर तीनों की स्थिति का पता लगाने और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है। इधर, गांव में भी चिंता का माहौल है। परिजन और ग्रामीण प्रशासन से लगातार तीनों मजदूरों की सकुशल जानकारी उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। सभी की निगाहें अब नेपाल प्रशासन और राहत एजेंसियों से मिलने वाली सूचना पर टिकी हैं, ताकि तीनों मजदूरों के सुरक्षित होने की खबर जल्द मिल सके। ===================== ये खबर भी पढ़ें… नेपाल से बहकर आई महिला बॉडी-10 KG की मछलियां:गंडक खतरे के निशान से 44CM ऊपर: नेपाल से आ सकता है 30 लाख क्यूसेक पानी तिब्बत में विशाल ग्लेशियर झील फटने से उत्तर बिहार की नदियों में अचानक बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। बगहा के डुमरिया घाट पर गंडक नदी का जलस्तर खतरे के निशान 62.22 मीटर से 44 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है। स्थिति को देखते हुए बिहार सरकार ने 6 जिलों को अगले 24 घंटे तक हाई अलर्ट पर रखा है। इन जिलों में पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सारण, वैशाली, गोपालगंज और मुजफ्फरपुर शामिल हैं। पूरी खबर पढ़ें…
नेपाल में फंसे महाराष्ट्र के 106 तीर्थयात्री बिहार सरकार की पहल से सुरक्षित नागपुर रवाना
नेपाल में फंसे महाराष्ट्र के 106 तीर्थयात्री बिहार सरकार की पहल से सुरक्षित नागपुर रवाना
Bihar News Today Live: बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 29 अगस्त के मुख्य और ताजा समाचार
Bihar Breaking News Today Live - Read latest and breaking news today in hindi at Amarujala. यहां पढ़ें, बिहार की ताजा खबरें, राजनीति, खेल, मनोरंजन, धर्म, क्राइम और शिक्षा की खबरों का लाइव अपडेशन
मां का यौन शोषण, नाबालिग बेटी पर थी बुरी नजर; बिहार में डाक विभाग के कर्मी पर एफआईआर दर्ज
महिला ने आरोप लगाया है कि आपरोपी डाककर्मी ने उसका खाता बंद कर देने की धमकी देकर यौन शोषण किया। बाद उसकी नाबालिग बेटी को भी हवस का शिकार बनाना चाहता था।
तिब्बत में ग्लेशियर झील फटी, उत्तर बिहार कैसे हो सकता है तबाह? समझिए पूरा कनेक्शन - Prabhat Khabar
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छोटे से गांव की बेटी नीलिमा साहू बनीं IAS, अब बिहार सरकार ने सौंपी स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी
IAS नीलिमा साहू की सक्सेस स्टोरी प्रेरणादायी है. छोटे गांव में जन्मीं. UPSC में असफलता के बावजूद हार न मानकर BPSC क्रैक किया और अब बिहार के स्वास्थ्य विभाग में संयुक्त सचिव बनी हैं.
ढाई साल की भाव्या श्री ने अंतरराष्ट्रीय FIDE शतरंज प्रतियोगिता में 2 अंक अर्जित कर असाधारण रिकॉर्ड बनाया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए उन्हें पटना में 'बिहार यंग अचीवर अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया।
बिहार में उमस और बादलों की आवाजाही के बीच पांच जिलों में भारी बारिश और मेघ गर्जन का अलर्ट जारी किया गया है। अगले दो-तीन दिनों में अधिकतम तापमान में एक से दो डिग्री की गिरावट आने की संभावना है।
बिहार पुलिस माओवादमुक्त घोषित राज्य में उग्रवाद को दोबारा पनपने से रोकने के लिए सतर्क है। जेल से रिहा हुए पूर्व माओवादियों और उनके परिवारों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है, साथ ही उनके पुनर्वास और मुख्यधारा में वापसी पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
Weather Update Today: यूपी, बिहार समेत देश के 16 राज्यों में 29 अगस्त को मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. दिल्ली-NCR में भी मौसम में बदलाव होने की संभावना बन रही है. मॉनसून फिलहाल उत्तर पश्चिमी राज्यों में एक्टिव है.
तिब्बत-नेपाल सीमा पर एक और झील फटी, बिहार में वाल्मीकिनगर से कोसी तक हाई अलर्ट, चौबीसों घंटे निगरानी
नेपाल में दूसरी बार जल प्रलय के खतरे से बिहार में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। वाल्मीकिनगर से लेकर कोसी बराज तक तक सतर्कता बरती जा रही है। सभी प्रमुख तटबंधों की दिन रात निगरानी की जा रही है।
बिहार सरकार ने 6 आईएएस अधिकारों के ताबदले किए हैं। इन अधिकारियों की लिस्ट में बिहार की बेटी आईएएस दिव्या शक्ति का भी नाम शामिल है। उन्हें बिहार मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग में उत्पाद आयुक्त बनाया गया है।
मुजफ्फरपुर समेत उत्तर बिहार में गर्मी से मिलेगी राहत, पांच दिनों तक मध्यम से भारी बारिश की संभावना
Bihar Monsoon Rain Update: मुजफ्फरपुर समेत पूरे उत्तर बिहार में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को राहत मिलने वाली है, क्योंकि अगले पांच दिनों तक मध्यम से भारी बारिश की संभावना है। इस दौरान धान की फसलों को लाभ मिलेगा।
मोकामा दियारा में गंगा के बढ़ते जलस्तर और नेपाल से संभावित जल प्रहार के कारण बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है, जिससे लोग पलायन की तैयारी कर रहे हैं।
Bihar Weather Alert: बिहार के 5 जिलों के लिए बारिश का ऑरेंज अलर्ट, लोगों से सतर्क रहने की अपील
आपदा प्रबंधन विभाग ने बिहार के पांच जिलों (पूर्वी चंपारण, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, शिवहर, सीतामढ़ी) के लिए मेघ गर्जन, वज्रपात और मध्यम से भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
6 आईएएस और तीन बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग का आदेश शुक्रवार को जारी किया गया। आरा और मुजफ्फरपुर में नए एसडीओ की तैनाती की गई है। वहीं, पदस्थापन की प्रतीक्षा में बैठे कुछ आईएएस अफसरों को नई जिम्मेदारी मिली है।
रक्षाबंधन पर बिहार और राजस्थान में महिलाओं के लिए मुफ्त बस सेवा, बड़ी संख्या में यात्री कर रहे सफर
Patna/jaipur, 28 अगस्त . रक्षाबंधन के अवसर पर बिहार और Rajasthan Government ने महिलाओं को रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी है. इस पहल का उद्देश्य त्योहार के दौरान महिलाओं को अपने मायके और परिवार तक आसानी से पहुंचने में मदद करना है. मुफ्त यात्रा का लाभ उठाने के लिए बड़ी संख्या में ... Read more
शिक्षा विभाग ने फैसला किया है कि मैट्रिक और इंटर की परीक्षाओं के मार्क्स शीट पर फेल शब्द नहीं दिखेगा। यह जानकारी विभागीय मंत्री मिथलेश तिवारी ने दी है।
UP Board APAAR ID 2026: नए शैक्षिक सत्र 2026-27 से उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने कक्षा 9 से 12 के छात्रों के लिए बड़े बदलाव की घोषणा की है। यूपी बोर्ड ने नए सत्र से छात्रों को अपनी APAAR ID बनवाने को कहा है। साथ ही बोर्ड ने छात्रों को बोर्ड परीक्षा फॉर्म के पंजीकरण और आवेदन में इसे दर्ज करने का भी निर्देश दिया है। अपार आईडी 12 अंकों का एक डिजिटल प्रमाण पत्र है, जिसमें छात्रों के सभी शैक्षिक रिकॉर्ड सुरक्षित रहेंगे।परिषद का कहना है कि ‘वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी’ के तहत बनाई जाने वाली अपार आईडी के जरिए मार्कशीट और ट्रांसफर सर्टिफिकेट जैसे दस्तावेज डिजीलॉकर में सुरक्षित रहेंगे। साथ ही, सही शैक्षणिक विवरण के आधार पर छात्रों को छात्रवृत्ति, कल्याणकारी योजनाओं और दूसरी शैक्षणिक सुविधाओं का लाभ सीधे मिल सकेगा।यूपी बोर्ड वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी’ की व्यवस्था के जरिए छात्रों के शैक्षणिक रिकॉर्ड को डिजिटल और सुरक्षित बनाने पर जोर दे रहा है। अभी कक्षा 9 और 11 के छात्रों का अग्रिम पंजीकरण और कक्षा 10 और 12 के छात्रों के परीक्षा आवेदन की प्रक्रिया चल रही है। इस बीच, अपार आईडी को लेकर यूपी बोर्ड की अपील छात्रों और अभिभावकों के लिए इसलिए अहम है, क्योंकि परिषद चाहता है कि विद्यार्थी भविष्य के लिए अपनी डिजिटल शैक्षणिक पहचान तैयार रखें। हालांकि इसे परीक्षा फॉर्म या अग्रिम पंजीकरण में दर्ज करना अभी अनिवार्य नहीं किया गया है। इससे स्कूल की पढ़ाई से लेकर आगे की उच्च शिक्षा तक उनके शैक्षणिक रिकॉर्ड को एक जगह सुरक्षित रखने में मदद मिल सकेगी।क्या है अपार आईडी?अपार आईडी छात्रों की 12 अंकों की स्थायी डिजिटल पहचान है। यह छात्र की स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक की शैक्षणिक यात्रा से जुड़े रिकॉर्ड को एक जगह सुरक्षित रखने में मदद करती है। इसके तहत छात्र के शैक्षणिक क्रेडिट और रिपोर्ट कार्ड जैसे जरूरी दस्तावेज डिजिटल रूप में सुरक्षित रखे जा सकते हैं। शिक्षा से जुड़ी छात्र की हर जानकारी एक डिजिटल पहचान से जोड़ी जा सकती है।कागजी प्रमाणपत्र पर नहीं रहेंगे निर्भरअपार आईडी का एक बड़ा फायदा यह है कि इसके जरिए विद्यार्थियों के जरूरी शैक्षणिक प्रमाणपत्र डिजीलॉकर में डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेंगे। इनमें मार्कशीट और ट्रांसफर सर्टिफिकेट जैसे दस्तावेज शामिल हैं। इसकी मदद से छात्रों को अपने जरूरी शैक्षणिक दस्तावेजों को संभालकर रखने के लिए सिर्फ कागजी प्रमाणपत्रों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।छात्रवृत्ति पाना भी होगा आसानपरिषद के मुताबिक अपार आईडी के जरिए छात्रों का सही विवरण और आंकड़े उपलब्ध रहने से उन्हें छात्रवृत्ति और दूसरी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे दिलाने में मदद मिलेगी। अपार आईडी सिर्फ पहचान संख्या नहीं होगी बल्कि छात्र के डिजिटल शैक्षणिक रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखने का जरिया भी बनेगी।परीक्षा फॉर्म में अपार आईडी देना अनिवार्य नहींयूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने स्पष्ट किया है कि अग्रिम पंजीकरण या परीक्षा आवेदन पत्र भरते समय अपार आईडी का विवरण देना फिलहाल अनिवार्य नहीं है। इसके बावजूद परिषद विद्यार्थियों के व्यापक हित को देखते हुए इसे बनवाने और पंजीकरण व परीक्षा फॉर्म में दर्ज कराने का अनुरोध कर रहा है। सचिव ने सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों, शिक्षकों और अभिभावकों से विशेष रूप से कहा है कि वे विद्यार्थियों की अपार आईडी बनवाने में सहयोग करें। परिषद के सचिव के मुताबिक अपार आईडी बनाने का काम अभिभावकों की सहमति से पूरा किया जाता है।Bihar Board Exam 2027: बिहार बोर्ड ने शुरू की नए सत्र की बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी, 10वीं-12वीं की मार्कशीट में बड़े बदलाव के साथ फॉर्म भरने शुरू
बिहार तकनीकी सेवा आयोग ने स्टाफ नर्स भर्ती परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है। परीक्षा में सफल 7,376 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। अब चयनित उम्मीदवारों को भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण में शामिल होना होगा।
Bihar Board Exam 2027: बिहार स्कूल परीक्षा बोर्ड (BSEB) ने मैट्रिक (कक्षा 10) और इंटरमीडिए (कक्षा 12) के छात्रों के लिए बिहार बोर्ड परीक्षा 2027 के लिए तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत बोर्ड ने दोनों कक्षा के छात्रों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। इसके अलावा, नए शैक्षिक सत्र 2026-27 से 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा की मार्कशीट भी बड़े बदलाव के साथ जारी की जाएगी। दोनों कक्षाओं के असफल छात्रों की मार्कशीट पर ‘फेल’ शब्द दर्ज नहीं होगा।25 अगस्त, 2026 को शुरू हुई पंजीकरण प्रक्रिया 16 सितंबर, 2026 तक जारी रहेगी। इस बीच मैट्रिक और इंटरमीडिएट के छात्र अपना पंजीकरण पूरा कर सकते हैं। परीक्षा आवेदन फॉर्म शुल्क भुगतान करने की आखिरी तारीख 15 सितंबर, 2026 है। कक्षा 10 के छात्र आधिकारिक परीक्षा पोर्टल exam.biharboardonline.org के जरिए रजिस्टर कर सकते हैं, जबकि कक्षा 12 के छात्र intermediate.biharboardonline.com पर रजिस्ट्रेशन लिंक एक्सेस कर सकते हैं। सभी उम्मीदवारों को तय डेडलाइन के अंदर पंजीकरण और फीस पेमेंट पूरा करना होगा।बिहार बोर्ड एग्जाम 2027 : जरूरी तारीखेंरजिस्ट्रेशन शुरू : 25 अगस्त, 2026रजिस्टर करने की आखिरी तारीख : 16 सितंबर, 2026परीक्षा आवेदन फॉर्म शुल्क भुगतान करने की आखिरी तारीख : 15 सितंबर, 2026बिहार बोर्ड परीक्षा 2027 के लिए पंजीकरण कैसे करें?छात्र अपना बिहार बोर्ड कक्षा 10th, 12th पंजीकरण पूरा करने के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो कर सकते हैं : बिहार बोर्ड की ऑफिशियल क्लास 10 या क्लास 12 वेबसाइट पर जाएं। होमपेज पर मौजूद रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करें। जरूरी रजिस्ट्रेशन डिटेल्स डालें और उन्हें सबमिट करें। जरूरी क्रेडेंशियल्स का इस्तेमाल करके अकाउंट में लॉग इन करें। एप्लीकेशन फॉर्म भरें और तय फीस ऑनलाइन पे करें। फॉर्म सबमिट करें और कन्फर्मेशन पेज डाउनलोड करें। बोर्ड परीक्षा के छात्रों को ऑनलाइन देना होगा शुल्कआगे के संदर्भ के लिए कन्फर्मेशन पेज की एक प्रति अपने पास रखें। कक्षा 12 के छात्रों के लिए, परीक्षा आवेदन फॉर्म की फीस Rs 150 है, जबकि परीक्षा शुल्क Rs 260 है। दूसरे चार्ज में Rs 48- का लोकल फाइन, Rs 170 की मार्कशीट फीस, Rs 170 की प्रोविजनल सर्टिफिकेट फीस और Rs 170 की माइग्रेशन सर्टिफिकेट फीस शामिल है। Rs 30 की ऑनलाइन फीस भी लगेगी, जिससे कुल एग्जाम और दूसरी फीस Rs 1430 हो जाएगी। आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स स्ट्रीम में एडवांस्ड या क्वालिफाइंग कैंडिडेट्स के तौर पर शामिल होने वाले परीक्षार्थियों को Rs. 340 की अनुमति शुल्क देना होगा। जिन प्रोफेशनल कोर्स में प्रैक्टिकल एग्जाम की जरूरत होती है, उनके उम्मीदवारों को Rs. 400 अतिरिक्त देने होंगे। सभी शुल्क भुगतान ऑनलाइन मोड से ही करने होंगे।बोर्ड परीक्षा की मार्कशीट पर नहीं लिखा जाएगा ‘फेल’बिहार बोर्ड मैट्रिक-इंटर की बोर्ड परीक्षा की मार्कशीट में इस सत्र से बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। 10वीं-12वीं की बोर्ड परीक्षा में जो छात्र उत्तीर्ण या पास नहीं होंगे, उनकी मार्कशीट में ‘फेल’ शब्द नहीं लिखा जाएगा। फेल की जगह प्रमाण पत्र पर पात्र शब्द का प्रयोग होगा। लाइव हिंदुस्तान की खबर के अनुसार, इसके लिए नियम में बदलाव होगा। इस बाबत शिक्षा विभाग जल्द ही बिहार बोर्ड को निर्देश जारी करेगा। गुरुवार की रात समीक्षा बैठक में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने यह घोषणा की।Netflix Scholarship: आईआईसीटी और नेटफ्लिक्स से 100 छात्रों को मिलेगी स्कॉलरशिप, डिप्लोमा-सर्टिफिकेट प्रोग्राम में शामिल छात्रों को होगा फायदा
बारिश और वज्रपात की स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार, बिहार में 30 अगस्त तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश जारी रह सकती है।
गुब्बारा पकड़ते हुए खुले नाले में समा गया मासूम, बिहार के रोहतास में दिल्ली जैसी घटना
बिहार के रोहतास में एक दुखद घटना हुई है. रक्षा बंधन के मौके पर एक छोटा सा बच्चा अपनी मौसी के घर गया था. खुले नाले में गिरने से मौत हो गई.
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहारवासियों को राखी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सपनों को साकार करने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।
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Amit Shah ने Pharma क्षेत्र को रणनीतिक संपत्ति बताकर शोध और आत्मनिर्भरता पर दिया विशेष जोर
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ‘पुनर्निर्माण’ संबंधी महात्मा गांधी के विचारों से प्रेरित होकर भारत को आगे बढ़ा रही है। शाह ने देश के दवा उद्योग को ‘‘राष्ट्रीय रणनीतिक संपत्ति’’ बताते हुए कहा कि भारत को इस क्षेत्र में न केवल आत्मनिर्भर बनना है, बल्कि दुनिया को भी दवाएं उपलब्ध करानी हैं। शाह ने अहमदाबाद स्थित गुजरात विद्यापीठ के 72वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए महात्मा गांधी द्वारा बताए गए सामाजिक पापों का उल्लेख किया और कहा कि जो लोग अपने स्वार्थ के लिए राजनीति करते हैं, वे एक तरह से पाप कर रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Nepal Flood India Alert | नेपाल जलप्रलय की भारत में दस्तक! बिहार, यूपी और उत्तराखंड में हाई अलर्ट, गंडक बैराज के 36 गेट खोले गए गुजरात विद्यापीठ की स्थापना महात्मा गांधी ने 18 अक्टूबर 1920 को की थी। खुद को महात्मा गांधी का प्रशंसक और अनुयायी बताते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता शाह ने कहा कि राष्ट्रपिता ने धर्मांतरण को पाप माना था और प्रत्येक व्यक्ति को अपने धर्म के अनुसार जीवन जीने की प्रेरणा दी थी। उन्होंने कहा, ‘‘गांधीजी ने कहा था कि सिद्धांतों के बिना राजनीति पाप है। राजनीति सिद्धांतों और उद्देश्यों पर आधारित होनी चाहिए। जो लोग अपने लिए और अपने स्वार्थ के लिए राजनीति करते हैं, वे एक तरह से पाप कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप गांधीजी को पढ़ेंगे तो आपको ‘नवनिर्माण’ शब्द कहीं नहीं मिलेगा। यह देश बहुत विशाल था और गुलामी के दौर में इसे तोड़ा गया, इसलिए गांधीजी हमेशा ‘पुनर्निर्माण’ शब्द का इस्तेमाल करते थे।’’ दीक्षांत समारोह में करीब 900 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गईं और 11 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक दिए गए। इसे भी पढ़ें: Amit Shah ने Nepal Flood पर UP और Bihar को किया सतर्क, NDRF तैनात शाह ने यहां ‘फार्मइनोवा अवॉर्ड्स 2026’ समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि भारत का दवा उद्योग उसकी ‘‘राष्ट्रीय रणनीतिक संपत्ति’’ है और इसे मजबूत करने के लिए उद्योग जगत को अनुसंधान एवं नवोन्मेष पर विशेष ध्यान देना होगा। यह पुरस्कार समारोह औषधि विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट अनुसंधान को मान्यता देने के लिए आयोजित किया गया था।
पत्नी की लगी बिहार पुलिस में नौकरी, पति ने प्रेमी संग फरार होने का लगाया आरोप; पिछले साल हुई थी शादी
महिला के पति का कहना है कि 2025 में शादी के बाद पत्नी को पढ़ाया, बिहार पुलिस में नौकरी लगी तो गहने-कैश लेकर प्रेमी के साथ फरार हो गई.

