'भारतीय बैडमिंटन को आपने आगे बढ़ाया', साइना नेहवाल के शानदार करियर की युवराज सिंह ने की तारीफ
Nasha Mukt Bihar: मंगलवार की सुबह भारतीय बैडमिंटन प्रेमियों के लिए निराशाजनक रही। इसकी वजह भारतीय बैडमिंटन की सबसे बड़ी खिलाड़ियों में से एक साइना नेहवाल रहीं। साइना ने बैडमिंटन से संन्यास लेकर खेल प्रेमियों को चौंका दिया। उन खेल प्रेमियों की उम्मीद भी टूटी जो साइना की वापसी की उम्मीद लगाए बैठे थे। बेहतरीन करियर के लिए साइना को बधाइयां भी मिल रही हैं। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर रहे युवराज सिंह ने भी साइना नेहवाल की तारीफ की है। युवराज सिंह ने एक्स पर लिखा, बहुत बढ़िया खेला, साइना। शानदार करियर के लिए बधाई। आपने भारतीय बैडमिंटन को आगे बढ़ाया और एक पीढ़ी को प्रेरित किया। आगे जो भी हो, उसके लिए आपको शुभकामनाएं। साइना ने घुटने की पुरानी समस्या के कारण लगभग दो साल तक प्रतियोगी मैचों से बाहर रहने के बाद खेल से संन्यास की घोषणा की। नेहवाल ने कहा, आप दुनिया में बेस्ट बनने के लिए आठ से नौ घंटे ट्रेनिंग करते हैं। अब, मेरे घुटने एक या दो घंटे में ही जवाब दे जाते थे। सूजन आ गई थी, और उसके बाद जोर लगाना बहुत मुश्किल हो गया था। इसलिए मुझे लगा कि बस बहुत हो गया। मैं अब और जोर नहीं लगा सकती। मेरा कार्टिलेज पूरी तरह से खराब हो गया है। आर्थराइटिस है और वापसी बेहद मुश्किल है। इसलिए अपने परिवार और कोच से बात करने के बाद मुझे यह मुश्किल फैसला लेना पड़ा। साइना नेहवाल भारतीय बैडमिंटन के बड़े चेहरों में रही हैं। वह ओलंपिक में देश को बैडमिंटन में पदक दिलाने वाली पहली खिलाड़ी हैं। 2012 में लंदन में आयोजित ओलंपिक में उन्होंने व्यक्तिगत स्पर्धा में कांस्य जीता था। नेहवाल ने कहा, आप दुनिया में बेस्ट बनने के लिए आठ से नौ घंटे ट्रेनिंग करते हैं। अब, मेरे घुटने एक या दो घंटे में ही जवाब दे जाते थे। सूजन आ गई थी, और उसके बाद जोर लगाना बहुत मुश्किल हो गया था। इसलिए मुझे लगा कि बस बहुत हो गया। मैं अब और जोर नहीं लगा सकती। मेरा कार्टिलेज पूरी तरह से खराब हो गया है। आर्थराइटिस है और वापसी बेहद मुश्किल है। इसलिए अपने परिवार और कोच से बात करने के बाद मुझे यह मुश्किल फैसला लेना पड़ा। Also Read: LIVE Cricket Score 2015 में, उन्होंने एकल बैडमिंटन रैंकिंग में दुनिया की नंबर 1 बनकर एक ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया, जिससे वह ऐसा करने वाली पहली भारतीय महिला बनीं और प्रकाश पादुकोण के बाद शीर्ष पर पहुंचने वाली दूसरी भारतीय शटलर बनीं। उस साल, वह बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल में भी पहुंचीं, ऐसा करने वाली वह भारत की पहली खिलाड़ी थीं। Article Source: IANS
प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों में बढ़ती चोरी और अवैध तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता मिली है। टीम ने दो शराब तस्करों को भारी मात्रा में अवैध अंग्रेजी शराब के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया। जीआरपी प्रभारी निरीक्षक अकलेश कुमार सिंह के नेतृत्व में उपनिरीक्षक राजेश कुमार वर्मा और आरपीएफ की टीम ने प्लेटफॉर्म नंबर 4/5 स्थित एफओबी-01 के पास यह कार्रवाई की। सुबह करीब 11:35 बजे संदिग्ध अवस्था में घूम रहे दो युवकों की तलाशी ली गई। उनकी पहचान अजय कुमार (22 वर्ष) और आकाश कुमार (22 वर्ष) के रूप में हुई, जो गोविंदपुर नया टोला, थाना फातूहा, जिला पटना (बिहार) के निवासी हैं। तलाशी के दौरान अजय कुमार के बैग से 750 एमएल की 19 बोतल रॉयल स्टेज अंग्रेजी शराब बरामद हुई, जबकि आकाश कुमार के पास से 18 बोतल रॉयल स्टेज अंग्रेजी शराब मिली। कुल 37 बोतल अंग्रेजी शराब के साथ 330 रुपये नकद भी बरामद किए गए। बरामद शराब की कुल अनुमानित कीमत लगभग 60 हजार रुपये बताई जा रही है। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे ट्रेनों के माध्यम से शराब की तस्करी कर बिहार ले जाते थे और वहां ऊंचे दामों पर बेचकर अवैध धन कमाते थे। गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर थाना जीआरपी प्रयागराज में मुकदमा संख्या 025/2026 आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। रेलवे पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा और अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए स्टेशन परिसर और ट्रेनों में लगातार सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।
फतेहाबाद जिले के भूना क्षेत्र के गांव नहला में नहर में डूबने से दो प्रवासी बच्चों की मौत हो गई। बच्चे नहर में बह रहा नारियल निकालने के लिए उतरे थे। मगर वापस बाहर नहीं निकल सके। हालांकि, परिजन पहले बच्चों को सीधा दफनाना चाह रहे थे। मगर बाद में उन्हें समझाया गया तो वह बच्चों का पोस्टमॉर्टम करवाने को राजी हुए। इसके बाद मंगलवार को पोस्टमॉर्टम कार्रवाई की गई। पुलिस ने परिजनों के बयान पर इत्फाकिया कार्रवाई की है। नहर के पास ही खेल रहे थे बच्चे जानकारी के अनुसार, गांव नहला में स्थापित ईंट भट्टे पर प्रवासी मजदूर बिहार के नालंदा जिला निवासी मिथिलेश व उसकी पत्नी वीना देवी का परिवार रह रहा है। मिथिलेश के आठ बच्चे हैं। जिनमें तीन बेटियां और पांच बेटे हैं। दो बच्चे लव (10) और कुश (8) सोमवार शाम को नहला से गुजरने वाली किरमारा माइनर के पास खेल रहे थे। इसी दौरान नहर में नारियल बहता हुआ दिखाई दिया, जिसे निकालने के लिए पहले कुश नहर में उतर गया। वह डूबने लगा तो उसको बचाने के प्रयास में लव भी नहर में कूद गया। मगर इसके बाद दोनों गहरे पानी में चले गए और बाहर नहीं आ सके। बच्चे घर नहीं लौटे तो परिजनों ने की तलाश शाम होने पर जब बच्चे घर नहीं लौटे तो परिजनों ने तलाश शुरू की। आसपास के लोगों से पूछताछ करने पर पता चला कि बच्चों को नहर में उतरते देखा गया था। इसके बाद ग्रामीणों की मदद से नहर में खोजबीन शुरू की गई। कुछ समय बाद दोनों बच्चों को नहर से बाहर निकाला गया। मगर तब तक दोनों दम तोड़ चुके थे। भूना थाना प्रभारी ओमप्रकाश ने बताया कि सूचना मिलने पर भूना पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल भिजवाया गया।
यमुनानगर में एक प्लाइवुड फैक्ट्री में काम करते हुए एक मजदूर की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों ने मामले में फैक्ट्री संचालक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए करंट लगना मौत की वजह बताई है।सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए पहुंचाया। मृतक की पहचान बिहार के गया निवासी 35 वर्षीय अमित के रूप में हुई है। अमित चार बच्चों का पिता था और पिछले आठ साल से जोड़ियो गुरुद्वारे के पास एक प्लाइवुड फैक्ट्री में काम करता था और फिलहाल नवाब कॉलोनी में किराए के मकान में रहता था। मशीन के पास मिला था शव मृतक के रिश्तेदार सुनील ने बताया कि अमित उसके साथ ही फैक्ट्री में सिलाई मशीन पर काम किया करता था। सोमवार की शाम को फैक्ट्री में एक मशीन खराब हो गई, जिसे तीन चार लोगों ने मिलकर ठीक किया। मशीन ठीक करने के बाद देखा तो अमित वहां पर नहीं था। उन्होंने जब फैक्ट्री में अमित की तलाश तो वह जमीन पर पड़ा हुआ था। वह उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल लेकर गए जहां पर डॉक्टर ने उसे मृ़त घोषित कर दिया। सुनील का आरोप है कि अमित की मौत फैक्ट्री में करंट लगने से हुई है। गमछा मशीन में फंसने से हुई मौत अमित की मौत पर परिजनों ने फैक्ट्री जमकर हंगामा किया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल यमुनानगर की मॉर्च्युरी में रखवाया। मामले में जांच अधिकारी लाभ सिंह का कहना है कि फिलहाल उन्हें प्राप्त जानकारी के अनुसार अमित गले में गमछा डालकर ग्रेडर मशीन के पास काम कर रहा था। इसी दौरान उसका गमछा मशीन में फंस गया, जिससे उसकी मौत हुई है। शव का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है, जिसमें मौत का कारण स्पष्ट हो जाएगा। मृतक के रिश्तेदार सुनील ने कहा कि अमित के पास चार बच्चे हैं जिनमें तीन लड़कियां व एक लड़का शामिल है। अमित परिवार का सहारा था। वे सरकार व प्रशासन से परिवार को मुआवजा देने की मांग करते हैं। सुनील ने यह आरोप भी लगाया कि फैक्ट्री संचालक उनके ऊपर रूपए देकर मामले को दबाने का प्रयास कर रहा है।
नीतीश सरकार 2021 में अपनी इथेनॉल नीति लेकर आई थी। मकसद था बिहार को इथेनॉल उत्पादन में अव्वल राज्य बनाना। इसके लिए 100 से ज्यादा प्लांट लगाने की तैयारी थी। 2017 में इसकी मंजूरी मिली, लेकिन अब 4 साल के भीतर ही इनमें से 10 प्लांट बंदी के कगार पर हैं। नतीजा, सीधे तौर पर बिहार में 5 हजार से ज्यादा लोग बेरोजगार हो जाएंगे। 70 हजार से ज्यादा लोगों पर प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से सीधा असर पड़ेगा। उनकी नौकरी जाएगी। 15 लाख मक्का किसानों की आमदनी घटेगी। आखिर क्यों बिहार में इथेनॉल प्लांट अपने शुरुआती दौर में ही संकट में घिर गए हैं? क्या इसके लिए बिहार सरकार जिम्मेदार है? क्या सरकार ने उद्यमियों के साथ धोखा किया है? इससे बिहार सरकार को कितना नुकसान हो सकता है? इसका समाधान क्या होगा? 8 पॉइंट में पूरा मामला समझिए… 1. इथेनॉल प्लांट पर अचानक संकट क्यों आया है? क्या प्लांट संचालकों को इसकी जानकारी नहीं थी? देश में फिलहाल इथेनॉल के खरीदार केवल तेल वितरण कंपनियां (इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम, हिन्दुस्तान पेट्रोलियम) हैं। उनके अलावा इथेनॉल किसी और को नहीं बेचा जा सकता। बिक्री करने वाले इथेनॉल प्लांट के संचालक हैं। बिहार इथेनॉल एसोसिएशन के सचिव कुणाल किशोर ने बताया कि तेल कंपनियां दो तरह के इसकी खरीदारी करती है। उन्होंने कहा, 'इसके साथ तेल कंपनियों ने एग्रीमेंट के दौरान प्लांट संचालकों से एक और बात की रजामंदी दी थी कि अगर करार की मात्रा से अधिक इथेनॉल की जरूरत होगी तो इसे खरीदने के लिए प्राथमिकता उस प्लांट को देंगे, जिसके साथ पहले से करार है। अगर इनके पास पर्याप्त मात्रा में इथेनॉल नहीं होगा तब बिना एग्रीमेंट वाले प्लांट से संपर्क करेंगे।' 2. जब कंपनी तेल खरीद रही है तो प्लांट बंद होने की बात कहां से आ रही? किशोर कुणाल ने बताया कि बिहार के 17 लोगों ने प्लांट में निवेश कर लाइसेंस लिया है। कंपनियों ने 10 साल का एग्रीमेंट किया है। एग्रीमेंट में इथेनॉल खरीद की मात्रा को दो हिस्से में बांटा गया है। 50 प्रतिशत एग्रीमेंट के तहत और 50 प्रतिशत दूसरे से पहले। उन्होंने कहा, 'समस्या ये है कि अभी तक कंपनी एग्रीमेंट से ज्यादा मात्रा में इथेनॉल इन प्लांटों से ले रही थी। ऐसे में बिहार के जितने भी प्लांट हैं, उन्होंने अपने तय एग्रीमेंट से दोगुनी क्षमता का प्लांट बना लिया है। अभी तक जितना उत्पादन हो रहा था, सब बिक भी जा रहा था।' अब समझिए क्या है परेशानी... 3. ऑयल कंपनी के इस फैसले का प्लांट संचालकों पर क्या असर पड़ेगा? प्लांट संचालक बताते हैं, 'समस्या ये है कि इथेनॉल को दूसरी जगह बेचा नहीं जा सकता। इसे 30 दिन से ज्यादा स्टोर नहीं कर सकते। प्लांट आधी क्षमता पर नहीं चला सकते। जितनी डिमांड तेल कंपनियों की तरफ से की गई है। अपनी क्षमता के मुताबिक ये प्लांट 3-4 महीने में उतना उत्पादन कर देंगी। ऐसे में 8 महीने तक प्लांट बंद रखना पड़ेगा। ऐसे में एक प्लांट को चलाने के लिए जो फाइनांशियल सपोर्ट की जरूरत है वो हासिल नहीं हो पाएगी। ओवरऑल साल भर में जितना कमाएंगे बैंक का ईएमआई भी नहीं दे पाएंगे। न ही अपने कर्मचारी को सैलरी दे सकेंगे। 4. प्लांट बंद होने का असर कितने लोगों पर पड़ेगा? बिहार इथेनॉल एसोसिएशन के सचिव किशोर कुणाल ने कहा, ‘औसतन 100 किलो लीटर के एक प्लांट में 250 हाइली ट्रेंड एंप्लॉइज होते हैं। केमिकल इंजीनियर से लेकर टेक्निकल इंजीनियर तक, जिनकी सैलरी लाखों में रहती है। इनके अलावा प्रत्यक्ष तौर पर सैकड़ों लोगों को काम मिलता है। अप्रत्यक्ष तौर लाखों लोगों का इकोसिस्टम जुड़ा होता है। इसमें किसान से लेकर ट्रैक्टर ड्राइवर तक शामिल होते हैं। ये प्लांट सरकार को सालाना लगभग 20 करोड़ रुपए का टैक्स देते हैं।' बिहार में देशभर का 25% मक्का उत्पादन होता है। बिहार में ज्यादातर प्लांट मक्का से इथेनॉल बनाते हैं। इससे मक्का की कीमत में लगभग डेढ़ गुणा तक का इजाफा हुआ था। ये प्लांट अगर अपने फुल फोर्स के साथ चलते रहे तो मक्का किसानों को इससे काफी लाभ हो सकता है। 5. प्लांट संचालकों की क्या डिमांड है? इसके लिए उन्होंने क्या किया है? प्लांट संचालक ने बताया कि बिहार के प्लांट फुल फ्लैज्ड चालू रहने पर 47.64 करोड़ लीटर इथेनॉल उत्पादन करते हैं। इस वित्तीय वर्ष में तेल कंपनियों ने 23.82 करोड़ लीटर इथेनॉल खरीदने का अलॉटमेंट दिया है। अगर 24 करोड़ लीटर इथेनॉल और खरीदने का आश्वासन मिल जाता है तो बिहार के प्लांट के संचालन में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। बिहार इथेनॉल एसोसिएशन ने इसके लिए बिहार के उद्योग विभाग के सचिव, मुख्य सचिव से लेकर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय तक अपनी समस्या पहुंचाई है। सभी जगह से आश्वासन मिला है, लेकिन प्लांट संचालकों को अभी तक कोई समाधान मिलता नहीं दिख रहा है। 6. केंद्र सरकार इथेनॉल का क्या कर रही है? अभी देश में कितनी जरूरत है? केंद्र सरकार ने साल 2006 में पेट्रोल में इथेनॉल मिलाकर बेचने का निर्णय लिया। 2018 से पहले बिहार में मिलावट बेहद कम स्तर पर हो रही थी। 2018 में मोदी सरकार ने इसके लिए एक नीति बनाई और पेट्रोल में इथेनॉल की मिलावट बढ़ाकर 20 फीसदी करने का निर्णय लिया। इसके बाद देश में इथेनॉल की डिमांड 1350 करोड़ लीटर तक पहुंच गई। नतीजा सभी राज्यों को अपनी अलग इथेनॉल नीति बनानी पड़ी। हर राज्य में इथेनॉल के प्लांट लगने लगे। इसके उत्पादन में तेजी आई। नतीजा डिमांड से ज्यादा सप्लाई होने लगी। मौजूदा समय में तेल कंपनियों को 1350 करोड़ लीटर इथेनॉल की जरूरत है, जबकि देश भर में 1700 करोड़ लीटर इथेनॉल का उत्पादन हो रहा है। इथेनॉल के प्लांट दो प्रकार के होते हैं ग्रेन सेक्टर के प्लांट- मक्का, ब्रोकन राइस और एफसीआई के सरप्लस चावल का इस्तेमाल इसमें किया जाता है। शुगर सेक्टर के प्लांट- गन्ना, मोलासे और चीनी, शुगर सीरप से इथेनॉल बनाया जा सकता है। 7. क्या बिहार सरकार की इसमें कोई भूमिका है? बिल्कुल नहीं, बिहार सरकार की भूमिका बस प्लांट के चालू होने तक है। जमीन की लीज से लेकर बैंक से लोन दिलाने तक में बिहार सरकार मदद करती है। इसके बाद ये सीधे तौर पर केंद्र का मामला होता है। पेट्रोलियम मिनिस्ट्री के अधीन ही तेल कंपनियां आती हैं। सब कुछ वहीं से कंट्रोल किया जाता है। प्लांट संचालकों के आरोप पर तेल कंपनियों ने क्या कहा? तेल कंपनियों का पक्ष जानने के लिए हमने इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम के बिहार-झारखंड के अधिकारी से लेकर दिल्ली और मुंबई तक के अधिकारियों को फोन किया। पटना के अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली वाले बताएंगे और दिल्ली के अधिकारियों का कहना है कि हम इसके लिए अधिकृत नहीं हैं। मुंबई के अधिकारियों ने कहा कि हम फिलहाल इस पर कुछ नहीं बोल सकते हैं। अभी तक तेल कपंनियों की ओर से कोई स्पष्ट पक्ष नहीं आया है। जैसे ही उनका पक्ष आता है, हम उसे भी अपनी खबर में जगह देंगे। 8. बिहार के उद्योग मंत्री प्लांट को बचाने के लिए क्या कर रहे हैं? बिहार के उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने इस संबंध में कहा, 'इथेनॉल प्लांट में जो प्रोडक्शन होता था, केंद्र सरकार उसकी पूरी खरीदारी करती थी। अभी केंद्र सरकार उत्पादन के हिसाब से खरीदारी नहीं कर रही है। इसके कारण परेशानी हो रही है। हम लोग केंद्र सरकार से इस मामले पर बात कर रहे हैं। हम लोगों ने अनुरोध किया है कि इथेनॉल की मिक्सिंग की मात्रा बढ़ाई जाए तो यह समस्या दूर हो जाएगी। केंद्र सरकार इस पर लगातार विचार कर रही है।' इथेनॉल प्लांट बंद हुए तो 15 लाख किसानों की घटेगी कमाई बिहार मक्का उत्पादन में देश के शीर्ष राज्यों में स्थान रखता है। 2024-25 में यहां 9.55 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में मक्का की खेती की गई। 66.03 लाख मीट्रिक टन उत्पादन हुआ। बिहार में मक्के का इस्तेमाल सबसे अधिक इथेनॉल बनाने में होता है। इसके बाद मुर्गी दाना और पशु आहार तैयार करने में होता है। इथेनॉल प्लांट लगने के बाद पिछले कुछ वर्षों में मक्के की मांग और कीमत बढ़ी थी। मक्का जो कभी 12-15 रुपए प्रति किलो बिकता था, 20 रुपए प्रति किलो से अधिक रेट पर बिकने लगा। इथेनॉल प्लांट बंद होने की आशंका ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बिहार के 15-17 लाख किसान मक्का की खेती करते हैं। कीमत गिरने से उनकी कमाई घटेगी। वैशाली जिले के किसान प्रमोद सिंह ने बताया, 'मक्का हमारे लिए आमदनी का बड़ा स्रोत है। आलू की फसल के बाद हमलोग मक्का लगाते हैं। कम लागत में मक्का प्रति कट्ठा एक क्विंटल से ज्यादा उपज देता है। कीमत भी करीब 2000 रुपए प्रति क्विंटल मिल जाती है। इथेनॉल प्लांट बंद होने से मक्के की कीमत गिरने का डर है।'
नेशनल परमिट जारी करने में बिहार 13वें स्थान पर, यहां 31,750 जारी; पहले नंबर पर हरियाणा
नेशनल परमिट जारी करने के मामले में बिहार 28 राज्यों में 13वें स्थान पर है। राज्य में लगातार नेशनल परमिट की संख्या बढ़ रही है। इससे माल ढुलाई और अंतरराज्यीय आवागमन आसान हुआ है। माल ढुलाई के लिए रेल पर निर्भरता कम हुई है। परिवहन और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को इससे मजबूती मिली है। 1 अप्रैल 2025 से 15 जनवरी 2026 तक देश के 15 राज्यों में अधिक परमिट जारी किए गए। बिहार में 31,750 परमिट जारी हुए। बिहार देश में 13वें स्थान पर रहा। हरियाणा ने 1,69,821 परमिट जारी कर पहला स्थान हासिल किया। नेशनल परमिट जारी करने वाले टॉप-14 राज्य क्या है नेशनल परमिट : नेशनल परमिट वह व्यवस्था है, जिसके तहत मालवाहक वाहन एक राज्य से दूसरे राज्य में बिना अलग-अलग परमिट लिए आवागमन कर सकते हैं। राज्य में लगातार नेशनल परमिट की संख्या बढ़ रही, माल ढुलाई आसान हुई नेशनल परमिट के फायदे राजस्व में वृद्धि : परमिट फीस, टैक्स और अन्य शुल्क से सरकारी आय बढ़ती है। व्यापार और उद्योग को बढ़ावा : माल ढुलाई आसान होने से उद्योग और सप्लाई चेन मजबूत होती है। कीमतें नियंत्रित रहती हैं: अनाज, सब्जी, फल, दवाइयां और जरूरी सामान समय पर बाजार तक पहुंचते हैं। इससे कीमतें नियंत्रित रहती हैं। परिवहन व्यवस्था में सुधार: वाहनों की उपलब्धता बढ़ने से माल और यात्रियों का परिवहन सुचारु होता है।
मधुबनी में जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने सोमवार से लागू हुई बिहार सरकार की 'सेवा-संवाद-समाधान' अनुश्रवण प्रणाली के तहत जन शिकायतें सुनीं। यह कार्यक्रम 'सात निश्चय-3' के 'सबका सम्मान-जीवन आसान' पहल का हिस्सा है। समाहरणालय स्थित कक्ष में आमजनों से संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना गया और समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए। इस प्रणाली का मुख्य उद्देश्य राज्य के आमजनों को सरकारी कार्यालयों से संबंधित कार्यों में किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े, यह सुनिश्चित करना है। इसके तहत नागरिकों के लिए जीवन को आसान बनाने पर जोर दिया गया है। अपनी शिकायतें sss.bihar.gov.in पोर्टल पर दर्ज करेंगे लोगों से मिलने के कार्यक्रम के अनुसार, सभी आमजन अपनी शिकायतें sss.bihar.gov.in पोर्टल पर दर्ज करेंगे। सभी पदाधिकारियों के पास लॉगिन होगा, जिसके माध्यम से वे आमजनों की शिकायतों को देखकर उनका त्वरित समाधान करेंगे। जिला-स्तरीय, अनुमंडल-स्तरीय और प्रखंड-स्तरीय सभी पदाधिकारियों सहित नगर निकायों, तकनीकी एवं गैर-तकनीकी विभागों के अभियंताओं तथा पदाधिकारियों को भी इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। जन संवाद कार्यक्रम में जिले भर से आए दर्जनों लोगों ने अपनी समस्याएं रखीं इस जन संवाद कार्यक्रम में जिले भर से आए दर्जनों लोगों ने अपनी समस्याएं रखीं। पंडौल की उषा देवी ने अपनी जमीन पर दबंगता से कब्जा करने की शिकायत की। बिस्फी के राज कुमार चौपाल ने 24,000 रुपये के अत्यधिक विद्युत बिल की जांच और माफी का अनुरोध किया। वहीं, बिस्फी के राज कुमार यादव ने आवासीय भूमि अधिग्रहण के बदले कृषि भूमि से भी कम मूल्य मिलने की शिकायत करते हुए शेष राशि के भुगतान की मांग की। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि सभी नियंत्री पदाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि उनके अधीनस्थ पदाधिकारी इन निर्देशों का अक्षरशः पालन कर रहे हैं। साथ ही, अधीनस्थ पदाधिकारियों के कार्यालयों में प्राप्त शिकायतों के निष्पादन की अनुश्रवण व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। अनुमंडलों और प्रखंडों/अंचलों के वरीय नोडल एवं नोडल पदाधिकारियों को भी इन बिंदुओं के अक्षरशः अनुपालन का अनुश्रवण करने का निर्देश दिया गया है।
सोमवार को राजगीर परिसदन (सर्किट हाउस) में क्रीड़ा भारती दक्षिण बिहार की परिचयात्मक बैठक आयोजित की गई। जिला अध्यक्ष मनीष कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में संगठन के विस्तार और खेलों को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई। बैठक में मुख्य रूप से राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व अर्जुन अवार्डी भानु सचदेवा और प्रदेश अध्यक्ष राजेश्वर राज उपस्थित रहे। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भानु सचदेवा (अर्जुन अवार्डी-1998) ने कहा कि राजगीर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का हॉकी टर्फ और मैच का आयोजन देखना सुखद आश्चर्य है। उन्होंने कहा कि मैंने कभी सोचा नहीं था कि बिहार में ऐसी विश्व स्तरीय सुविधाएं होंगी। जिस रफ्तार से यहां इम्प्रूवमेंट हो रहा है, आने वाले समय में बिहार खेलों का बहुत बड़ा हब बन जाएगा। उन्होंने कहा कि क्रीड़ा भारती का उद्देश्य केवल मेडल जीतना नहीं, बल्कि हर व्यक्ति को खेल के मैदान तक लाना है। जब हजारों बच्चे खेलना शुरू करेंगे, तो उन्हीं में से देश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ी निकलेंगे। खेल को मिले 'राइट टू स्पोर्ट्स' का दर्जा बिहार प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व विधायक राजेश्वर राज ने कहा कि क्रीड़ा भारती का मूल मंत्र है- 'खेल से चरित्र निर्माण और चरित्र से राष्ट्र निर्माण'। उन्होंने मांग की कि जैसे देश में 'राइट टू एजुकेशन' और 'राइट टू फूड' है, वैसे ही भारत सरकार खेल को भी 'मौलिक अधिकार' का दर्जा दे। उन्होंने तर्क दिया कि मौलिक अधिकार का दर्जा मिलते ही सरकार हर गांव में खेल के लिए मूलभूत सुविधाएं (मैदान और संसाधन) उपलब्ध कराने के लिए बाध्य होगी। उन्होंने कहा कि महामना मदन मोहन मालवीय की सोच थी कि खेल में प्रतिस्पर्धा हो, लेकिन प्रतिद्वंद्विता नहीं। इसी उद्देश्य के साथ हम चाहते हैं कि देश का हर नागरिक प्रतिदिन कम से कम एक घंटा खेल के मैदान में बिताए, तभी 'स्वस्थ भारत, समृद्ध भारत' का सपना पूरा होगा। ये रहे मौजूद इस अवसर पर प्रांत अध्यक्ष रविरंजन कुमार, प्रांत मंत्री डॉ. रमेश कुमार, संगठन मंत्री उमेश कुमार, प्रांत उपाध्यक्ष उदय कुमार, प्रांत कोषाध्यक्ष अमित कुमार, आईटी प्रमुख सुमन कुमार, पटना महानगर अध्यक्ष अंजनी श्रीवास्तव, सह मंत्री साधना, प्रचार प्रमुख दिनेश सिंह, रेंसी राकेश राज, लक्ष्मी भारती, रिंटू कुमार और संजीव कुमार समेत कई लोग उपस्थित थे।
सलाखों के पीछा पहुंचा बिहार का महाराज ; 'कथावाचन' की आढ़ में कैसे श्रवण दास ने किया नाबालिग से..
दरभंगा में कथावाचक श्रवण दास जी महाराज को नाबालिग से यौन शोषण और जबरन गर्भपात के आरोप में गिरफ्तार किया गया। कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत भेजा।
राज्यसभा सांसद और बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन मिश्र गोपालगंज पहुंचे। उन्होंने सर्किट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए 'जी राम जी बिल' पर विपक्ष के सवालों का जवाब दिया। मिश्र ने कहा कि यह विधेयक विकास और सुशासन से जुड़ा है, जिससे समाज और देश के विकास को गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि इस योजना का उद्देश्य 2047 तक भारत को पूरी तरह से विकसित और विश्वगुरु बनाना है। मिश्र ने कहा कि केंद्र सरकार का इसके पीछे एक बड़ा मिशन और मकसद है, और योजना को लोगों तक पहुंचाने के लिए इसका नाम बदलना आवश्यक था। गोपालगंजवासियों को बड़ी सौगात मिलेगीसीएम नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा पर टिप्पणी करते हुए मनन मिश्र ने कहा कि इस यात्रा से गोपालगंजवासियों को बड़ी सौगात मिलेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री जब भी यात्रा पर निकलते हैं, संबंधित क्षेत्र का बहुमुखी विकास होता है। NEET छात्रा मामले में उच्च स्तरीय एसआईटी का गठनपटना में जहानाबाद की एक छात्रा की मौत की घटना को दुखद बताते हुए मिश्र ने कहा कि गृहमंत्री सम्राट चौधरी ने उच्च स्तरीय जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार दोषियों को बख्शेगी नहीं और विपक्षी पार्टियों को इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। सरकार वकीलों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सजगउत्तर प्रदेश के बाराबंकी में टोल प्लाजा पर वकील की पिटाई के मामले पर मनन मिश्र ने कहा कि केंद्र सरकार वकीलों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सजग है। उन्होंने बताया कि एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट पर गंभीरता से काम चल रहा है। मिश्र ने वकीलों को न्याय व्यवस्था की अहम कड़ी बताते हुए कहा कि उनकी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। रेल परियोजनाओं को लेकर बड़े ऐलान की उम्मीदउन्होंने बाराबंकी की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि ऐसी घटनाओं से वकील समाज में आक्रोश स्वाभाविक है। मिश्र ने भरोसा दिलाया कि सरकार वकीलों के सम्मान और सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाएगी। उन्होंने आगामी आम बजट को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि इस बार केंद्र सरकार के बजट में बिहार को विशेष सौगात मिलने वाली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, दोनों का ही बिहार के विकास पर विशेष फोकस है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रेल परियोजनाओं को लेकर बजट में बड़े ऐलान की उम्मीद है। मनन मिश्र ने विश्वास बताया कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से बिहार विकास के नए आयाम स्थापित करेगा।
बरनाला-बाजाखाना रोड पर आज सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक 31 वर्षीय प्रवासी मजदूर की जान चली गई। एक निजी बस के चालक ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में मोटरसाइकिल चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है। मृतक की पहचान कपिल यादव (31) पुत्र देव नारायण यादव के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार के जिला अररिया के गांव कोसकापुर के रहने वाले थे। कपिल पिछले कई वर्षों से पंजाब में मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पाल रहे थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी, दो छोटे बेटे (उम्र 3 और 6 साल), एक 8 साल की बेटी और बुजुर्ग माता-पिता हैं। इस हादसे ने तीन मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया छीन लिया है। हादसे में साथी का टूटा पैर प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी भीषण थी कि मोटरसाइकिल सवार दोनों व्यक्ति दूर जा गिरे। हादसे में कपिल के साथ सवार दूसरे व्यक्ति का पैर बुरी तरह टूट गया है। उसे तुरंत बरनाला के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उसका उपचार चल रहा है। घटना के तुरंत बाद निजी बस का चालक मौके पर बस छोड़कर फरार होने में कामयाब रहा। पुलिस ने बस को लिया कब्जे में बरनाला पुलिस चौकी इंचार्ज ने बताया कि पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बस को अपने कब्जे में ले लिया है। मृतक के परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार बस चालक की पहचान कर ली गई है और उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिवार का इकलौता सहारा था मृतक के भतीजे सौरव यादव और मौके पर मौजूद अन्य लोगों ने गहरा रोष व्यक्त करते हुए बस चालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। परिजनों का कहना है कि कपिल की मौत से पूरा परिवार सड़क पर आ गया है, क्योंकि वही घर में कमाने वाला एकमात्र सदस्य था।
बिहार सरकार ने प्रभारी मंत्रियों की नई सूची जारी की है। इसमें अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मो. जमा खान को एक बार फिर किशनगंज जिले का प्रभारी मंत्री नियुक्त किया गया है। कैबिनेट सचिवालय विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह निर्णय जिले में विकास कार्यों की बेहतर निगरानी और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए लिया गया है। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के नेता मो. जमा खान पहले भी किशनगंज के प्रभारी मंत्री रह चुके हैं। चैनपुर विधानसभा से विधायक जमा खान बिहार कैबिनेट में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का प्रभार संभाल रहे हैं। वह नीतीश कुमार सरकार में एकमात्र मुस्लिम मंत्री भी हैं। लोग बोले- जमा खान के नेतृत्व में जिले का विकास होगाजेडीयू के स्थानीय नेताओं ने इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने बताया कि जमा खान के पिछले कार्यकाल में किशनगंज में अल्पसंख्यक कल्याण से जुड़ी कई योजनाओं को गति मिली थी। इनमें अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों का संचालन, पालना घरों का उद्घाटन और जिला स्तरीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठकें शामिल हैं। इस नई सूची में अन्य मंत्रियों को भी विभिन्न जिलों का प्रभार सौंपा गया है। किशनगंज जिले के लोग और जेडीयू समर्थक उम्मीद कर रहे हैं कि मो. जमा खान के नेतृत्व में जिले का विकास तेजी से होगा।
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय कार्यकारिणी अध्यक्ष बनने के सवाल पर भाजपा नेताओं ने प्रतिक्रिया दी है। भाजपा विधान पार्षद जीवन कुमार ने तेजस्वी यादव को 'विजिटिंग पॉलिटिशियन' करार देते हुए कहा कि बिहार में ऐसे नेताओं के लिए कोई जगह नहीं है। बिहार की राजनीति फुल टाइम राजनीति की मांग करती है और जो नेता लगातार जनता के बीच रहते हैं, वही जनता का विश्वास जीतते हैं। एमएलसी जीवन कुमार ने कहा कि बिहार की जनता ने यह साबित कर दिया है कि जो नेता फुल टाइम राजनीति करते हैं, उन्हें ही समर्थन मिलता है। इसी का परिणाम है कि भारतीय जनता पार्टी और एनडीए गठबंधन भारी मतों से जीत हासिल करता रहा है। उन्होंने दावा किया कि इससे यह भी स्पष्ट हो गया है कि राजद की बिहार में कोई मजबूत राजनीतिक जमीन नहीं बची है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि तेजस्वी यादव का कार्यकारिणी अध्यक्ष बनना राजद का आंतरिक मामला है और राजद को विपक्ष में रहकर अपनी भूमिका निभानी चाहिए। चुनाव के बाद जनता को भूल जाना उचित नहीं तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए जीवन कुमार ने कहा कि केवल बिहार से बाहर जाकर विदेश भ्रमण करना और बीच-बीच में बयान देकर लौट आना राजनीति नहीं है। यदि तेजस्वी यादव को बिहार में राजनीति करनी है तो उन्हें लगातार जनता के बीच रहना होगा। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय वोट मांगने के लिए जनता के पास जाना और हार के बाद जनता को भूल जाना उचित नहीं है। साथ ही उन्होंने प्रशांत किशोर का उदाहरण देते हुए कहा कि बिहार की जनता उन्हें पूरी तरह नकार चुकी है, क्योंकि उन्होंने भी बिहार की राजनीति को सही तरीके से समझने का प्रयास नहीं किया। NEET छात्रा मामले में सरकार गंभीर है NEET छात्रा से जुड़े दुष्कर्म मामले पर एमएलसी जीवन कुमार ने कहा कि बिहार सरकार इस मामले में पूरी तरह गंभीर है। सरकार ने एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है और सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी और सरकार पीछे हटने वाली नहीं है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि इस तरह के संवेदनशील मामलों पर गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी से बचें। राजद अपनी हालत के लिए खुद जिम्मेदार है इधर, बड़हरा के भाजपा विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने भी तेजस्वी यादव और राजद पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मैं खुद कभी राजद से जुड़ा था, लेकिन जब लगा कि देश, राज्य और भोजपुर के विकास के लिए वहां रहना उचित नहीं है, तो भाजपा का दामन थाम लिया। राजद की मौजूदा स्थिति देखकर दुख होता है, लेकिन यह उनकी अपनी नीतियों और फैसलों का परिणाम है। राजद में जो हालात बने हैं, उसके लिए वही जिम्मेदार हैं।
दतिया जिले की भांडेर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया एक विवादित बयान को लेकर गंभीर राजनीतिक और सामाजिक विवादों में घिर गए हैं। एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग की महिलाओं और बच्चियों के साथ बलात्कार को लेकर दी गई उनकी तथाकथित “थ्योरी” पर चौतरफा निंदा हो रही है। कांग्रेस पार्टी ने भी उनके बयान से दूरी बना ली है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने फूल सिंह बरैया से लिखित स्पष्टीकरण तलब किया है। वहीं, बढ़ते विरोध के बाद खुद बरैया ने अपने बयान से किनारा कर लिया है। बरैया बोले: “मैं उस बयान से खुद सहमत नहीं हूं” फूल सिंह बरैया ने एक वीडियो जारी कर कहा- “जिस बयान को लेकर मेरे ऊपर आरोप लगाए जा रहे हैं, वह मेरा मौलिक बयान नहीं है। वह बयान बिहार में दर्शनशास्त्र के एचओडी रहे हरिमोहन झा द्वारा लिखा गया है। मैंने उसे एक संदर्भ में कोट किया है। मैं उस बयान से भी सहमत नहीं हूं। मैं स्वयं ऐसा नहीं मानता, लेकिन संदर्भ के तौर पर उसे उद्धृत किया गया था।” मंत्री प्रतिमा बागरी ने भी साधा बरैया पर निशाना मध्यप्रदेश सरकार की नगरीय प्रशासन राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी ने इस बयान को “निशाचरों की भाषा” करार दिया। प्रतिमा बागरी ने एससी-एसटी-ओबीसी महिलाओं को धर्म से जोड़कर दुष्कर्म को कथित रूप से “पुण्य” बताने की थ्योरी को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह न धर्म है, न पुण्य—यह सीधा-सीधा पाप है। उन्होंने कहा कि किसी भी धार्मिक ग्रंथ में इस तरह की बातों का कोई उल्लेख नहीं है। यह सोच धर्मग्रंथों की नहीं, बल्कि निशाचारी और तांत्रिक प्रवृत्तियों की देन है, जहां मनुष्य को मनुष्य नहीं समझा जाता। तांत्रिक क्रियाओं में अमरत्व जैसी बातें होतीं हैं राज्यमंत्री ने कहा कि यह अत्यंत पीड़ादायक है कि एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि ऐसे ग्रंथों और विचारों का उल्लेख कर रहा है, जिनमें तांत्रिक क्रियाओं और अमरत्व जैसे विकृत प्रयासों की बात होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे विचार समाज, महिलाओं और मानवीय जीवन के लिए घातक हैं। प्रतिमा बागरी ने कहा कि भारतीय समाज में महिलाओं ने त्याग, बलिदान, वीरता, शौर्य, बुद्धिमत्ता, उद्यमिता और कार्यकुशलता के असंख्य उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। उन्होंने बरैया को सलाह दी कि वे ऐसे विचारों का प्रचार करने के बजाय उन पुस्तकों और उदाहरणों का अध्ययन करें, जो महिलाओं के सम्मान और योगदान को रेखांकित करते हैं। महिलाओं के खिलाफ अपराधों को धर्म से जोड़कर प्रोत्साहित करना खतरनाकप्रतिमा ने कहा कि बरैया का बयान समाज को यह संदेश देता है कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों को धर्म से जोड़कर प्रोत्साहित किया जाए, जो बेहद खतरनाक है। यह सोच उन बच्चियों के दर्द और पीड़ा को समझने में पूरी तरह असफल है, जिनके साथ तीन-तीन साल की उम्र में जघन्य अपराध होते हैं—जब वे न जाति जानती हैं, न समाज, न धर्म। दुष्कर्म को धर्म से जोड़ना पीड़िताओं का अपमानराज्यमंत्री ने भावुक शब्दों में कहा कि दुष्कर्म करने वाला व्यक्ति अपराध कर सम्मान के साथ चला जाता है और उसे धर्म से जोड़ना पीडि़ताओं का अपमान है। उन्होंने कहा कि हमारा धर्म कहीं भी ऐसे कृत्यों का समर्थन नहीं करता। भारतीय संस्कृति त्याग, तपस्या और नारी सम्मान पर आधारित है। नारी को जन्म देने वाली माता के रूप में पूजा गया है, जिनके पुण्य से पृथ्वी टिकी है। प्रतिमा बागरी ने अंत में फूल सिंह बरैया के बयान की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि समाज, महिलाओं और पुरुषों को मिलकर ऐसी सोच का विरोध करना होगा। उन्होंने कहा कि इस तरह की मानसिकता को बढ़ावा देने वालों को अपने कर्मों का फल अवश्य मिलेगा और उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि समाज इस बुराई के खिलाफ एकजुट होकर खड़ा हो। अब वो बयान पढ़िए.. जिस पर मचा बवाल कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था जिसमें बरैया ने कहा था- “इंडिया में सबसे ज्यादा रेप शेड्यूल कास्ट, शेड्यूल ट्राइब और मोस्ट ओबीसी में होते हैं।मेरा कहने का मतलब यह है कि रेप की थ्योरी यह है कि कोई भी, कैसे भी दिमाग का व्यक्ति रास्ते में जा रहा है, उसे कोई खूबसूरत, अति सुंदर लड़की यदि दिखी तो उसका ब्रेन विचलित हो सकता है, तो रेप हो सकता है। एससी,एसटी, ओबीसी की महिलाओं से रेप पर तीर्थ का फल मिलेगाआदिवासियों में, एससी में कौन-सी अति सुंदर स्त्री है? मोस्ट ओबीसी में ऐसी स्त्रियां, सुंदरियां हैं? क्यों होता है बलात्कार? क्योंकि उनके धर्मग्रंथों में इस तरह के निर्देश दिए गए हैं। अब हिंदू हैं या नहीं, उस पर कुछ नहीं कहना, लेकिन मेरा तात्पर्य यह है कि धर्मग्रंथों में लिखा है कि इस जाति के साथ सहवास करने से यह तीर्थ का फल मिलेगा। छोटी बच्चियों के साथ रेप क्यों होते हैं..बरैया ने आगे कहा- अब वह तीर्थ करने नहीं जा पाता, तो घर बैठे विकल्प क्या दिया गया है? कि इन वर्ग की औरतों को घर बैठे पकड़कर सहवास कर दो तो वह फल मिल जाएगा। क्या कोई इसके लिए तैयार हो जाएगा? तो फिर अंधेरे, उजाले में पकड़ने की कोशिश करेगा।एक व्यक्ति एक महिला का कभी रेप नहीं कर सकता, यदि वह सहमत नहीं है तो नहीं करेगा। इसलिए चार महीने, दस महीने और एक साल की बच्चियों के साथ रेप क्यों होते हैं? उसके ऑर्गेन्स रेप के लिए तैयार हैं क्या? नहीं… उसे दिखाई देता है कि इस जाति की महिला, लड़की के साथ रेप करूंगा तो मुझे वह फल मिलेगा। बसपा नेता के पास जा रहे बरैया के कॉलइधर, भिंड से बसपा के पूर्व लोकसभा प्रत्याशी देवाशीष जरारिया ने फेसबुक पर लिखा- कांग्रेस द्वारा किसी त्रुटिवश भांडेर विधायक बरैया जी के नाम के साथ मेरा मोबाइल नंबर संलग्न कर दिया है। इस वजह से उनके नाम से मुझे काफी गलत नम्बरों से कॉल आ रहे है। मेरा कांग्रेस पार्टी से गुजारिश है कृपया अपनी गलती को सही करें। साथ ही मेरे नम्बर पर कॉल करने वालो को यही संदेश है, कि आपको उनके बयान के संदर्भ में जो भी बात करनी हो उनसे करें कृपया मुझे तंग न करें। ये खबर भी पढ़ें... कांग्रेस विधायक ने रेप को धर्मग्रंथों से जोड़ा, कहा-तीर्थफल मिलेगा दतिया जिले की भांडेर सीट से कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे कह रहे हैं कि धर्मग्रंथों में लिखा है कि यदि कोई तीर्थ पर नहीं जा पा रहा है तो वह दलित आदिवासी वर्ग की महिला या बच्ची के साथ रेप करेगा तो उसे वही फल मिलेगा जो तीर्थ करने से मिलता है।पूरी खबर पढ़ेुं
जरूरतमंद गरीबों को 2 लाख की मदद देगी बिहार सरकार; सीएम नीतीश का बड़ा ऐलान
सीएम नीतीश ने मोतिहारी में समृद्धि यात्रा के दौरान घोषणा की कि राज्य के 94 लाख चिह्नित गरीब परिवारों को रोजगार के लिए अब दो लाख रुपये से अधिक की सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सभी को सम्मानजनक जीवन देना है।
हरियाणा की औद्योगिक नगरी पानीपत के वीर नगर स्थित एक फैक्ट्री में शनिवार शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक श्रमिक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका हुआ मिला। मृतक की पहचान 42 वर्षीय निगार आलम के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार के किशनगंज (गांगी) का रहने वाला था। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और एफएसएल (FSL) की टीमों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। मृतक शादीशुदा था। सहकर्मियों ने देखा तो मची चीख-पुकारजानकारी के अनुसार, निगार आलम पिछले काफी समय से वीर नगर की एक फैक्ट्री में काम कर रहा था। शनिवार शाम जब अन्य कर्मचारी फैक्ट्री पहुंचे, तो उन्होंने निगार को जमीन से करीब 30 फीट की ऊंचाई पर लोहे के गाटर से लटका हुआ देखा। यह दृश्य देखकर कर्मचारियों में चीख-पुकार मच गई। शोर सुनकर आसपास के लोग और फैक्ट्री मालिक मौके पर पहुंचे, जिन्होंने तुरंत इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी। जांच में जुटी पुलिस और FSL टीमसूचना मिलते ही थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। मामला संदिग्ध होने के कारण मौके पर फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट और एफएसएल (FSL) की टीम को भी बुलाया गया। जांच टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह आत्महत्या है या इसके पीछे कोई अन्य कारण। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि निगार इतनी ऊंचाई तक कैसे पहुंचा और क्या उसने कोई सुसाइड नोट छोड़ा है। हालांकि, अभी तक किसी भी प्रकार के सुसाइड नोट की पुष्टि नहीं हुई है। परिजनों का इंतजार, आज होगा पोस्टमॉर्टमपुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पानीपत के नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया है। पुलिस के अनुसार, मृतक के परिजनों को बिहार में सूचना भेज दी गई है। रविवार को परिजनों के आने के बाद और उनके बयानों के आधार पर आगामी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आज ही चिकित्सकों द्वारा शव का पोस्टमॉर्टम किया जाएगा, जिससे मौत के सटीक कारणों और समय का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल, पुलिस मामले की हर पहलू से बारीकी से जांच कर रही है।
हिमाचल प्रदेश में ताबो 24 घंटे में सबसे सर्द रहा, यहां का तापमान माइनस 2.6 रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग ने 22 और 23 जनवरी को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी, मध्य और निचले इलाकों में बारिश की संभावना जताई है। वहीं, उत्तराखंड के चमोली और पिथौरागढ़ के ऊंचे इलाकों में शनिवार को बर्फबारी हुई। उत्तर प्रदेश के 50 से ज्यादा जिलों में कोहरे के वजह से विजिबिलिटी 50 मीटर से कम रही। लखनऊ एयरपोर्ट पर दुबई से आई फ्लाइट लैंड नहीं कर सकी, जिसे दिल्ली डायवर्ट किया गया। बिहार के 18 जिलों में कोहरे को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। 15 जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे रिकॉर्ड हुआ है। इस दौरान सबसे भागलपुर के साबौर का न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। उधर, राजस्थान में मौसम विभाग ने 22 जनवरी से एक नया स्ट्रॉन्ग वेदर सिस्टम राजस्थान में एक्टिव होने की आशंका जताई है। इसके प्रभाव से आधे से ज्यादा राजस्थान में बारिश होने की संभावना है। वहीं, दिल्ली में रविवार सुबह घना कोहरा छाया रहा, न्यूनतम तापमान 5.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जो मौसम के औसत से 2.3 डिग्री कम है। इसी के साथ केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 444 रहा। राज्यों से मौसम की 4 तस्वीरें 19 जनवरी का मौसम देखें राज्यों के मौसम का हाल… बिहार: 18 जिलों में आज कोहरे का यलो अलर्ट, 15 जिलों का तापमान 10 डिग्री से नीचे पहुंचा बिहार के कई हिस्सों में सुबह और रात के वक्त घना कोहरा बरकरार है। मौसम विभाग ने रविवार को बिहार के 18 जिलों में कोहरे को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। 15 जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे रिकॉर्ड हुआ है। इस दौरान सबसे ठंडा सबौर (भागलपुर) रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री दर्ज किया गया। पूरी खबर पढ़ें… उत्तराखंड: चमोली और पिथौरागढ़ में बर्फबारी, 6 जिलों में कोहरा छाया उत्तराखंड के चमोली स्थित हेमकुंड साहिब और बद्रीनाथ धाम में बर्फबारी हुई है। इसके साथ ही पिथौरागढ़ में हल्का हिमपात हुआ है। मौसम विभाग ने 18 जनवरी को उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश के साथ बर्फबारी होने की संभावना है। हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल, चम्पावत, पौड़ी और देहरादून में कहीं-कहीं घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। पूरी खबर पढ़ें… पंजाब: 6 जिलों में आज घना कोहरा, अमृतसर में सबसे कम 4.4 डिग्री तापमान, 24 घंटों में सड़क हादसों में 6 की मौत पंजाब में 22 जनवरी तक सुबह और रात के समय घनी धुंध रहने का अनुमान जताया गया है। अमृतसर का तापमान 4.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। चंडीगढ़ मौसम विभाग के अनुसार, आज पंजाब के 6 जिलों में घना कोहरा छाएगा। इसका असर जालंधर में देखने को मिला। यहां देर रात करीब 9 बजे ही घना कोहरा छाने से डीएवी कॉलेज के पास एक कार अनियंत्रित होकर गंदे नाले में जा गिरी। वहीं, शनिवार को कोहरे के कारण हुए सड़क हादसों में गुजरात की लेडी कॉन्स्टेबल सहित छह लोगों की मौत हो गई। पूरी खबर पढ़ें… हरियाणा: 7 जिलों में घने कोहरे का अलर्ट:वेस्टर्न डिस्टरबेंस के प्रभाव से कम हुआ ठंड का असर हरियाणा में मौसम विभाग ने 7 जिलों में घने कोहरे की चेतावनी दी है। खासकर उत्तर और उत्तर-पूर्वी जिलों में सुबह के समय विजिबिलिटी कम रहने की आशंका है। हालांकि वेस्टर्न डिस्टरबेंस के प्रभाव और हवा बदलने से तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिली। अधिकतम व न्यूनतम तापमान दोनों में बीते दिन के मुकाबले हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पूरी खबर पढ़ें… राजस्थान: बारिश का अलर्ट, बर्फीली हवा रुकी, जयपुर सहित कई जिलों में बादल छाए राजस्थान में बर्फीली हवा का दौर कमजोर पड़ा है। इससे तापमान में बढ़ोतरी हुई, जिससे सुबह-शाम की तेज सर्दी से थोड़ी राहत मिली। दिन और रात का तापमान भी बढ़ा है। मौसम विभाग के अनुसार 22 जनवरी से एक नया स्ट्रॉन्ग वेदर सिस्टम राजस्थान में एक्टिव होगा, जिसके प्रभाव से आधे से ज्यादा राजस्थान में मावठ होने की संभावना है। वहीं, पिछले 24 घंटों में, बीकानेर, गंगानगर, हनुमानगढ़,सीकर, चूरू और झुंझुनूं के कुछ इलाकों में आसमान में ऊंचाई पर बादल छाए रहे। पूरी खबर पढ़ें… हिमाचल प्रदेश: आज रात से बदलेगा मौसम, पश्चिमी विक्षोभ होगा सक्रिय, दो दिन बारिश-बर्फबारी का अनुमान हिमाचल प्रदेश में लंबे समय से जारी शुष्क मौसम का दौर अब समाप्त होने वाला है। मौसम विभाग ने 22 और 23 जनवरी को हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और मध्य व निचले इलाकों में बारिश की संभावना जताई है। इससे प्रदेश को सूखे जैसी स्थिति से राहत मिलने की उम्मीद है। पिछले 24 घंटे में ताबो सबसे सर्द रहा। यहां का तापमान -2.6 रिकॉर्ड किया गया। पूरी खबर पढ़ें… उत्तर प्रदेश: लखनऊ से 6 चक्कर लगाकर UAE की फ्लाइट लौटी:यूपी में कोहरे से 15 हादसे; शीतलहर से कांपे लोग, पारा 3.5C यूपी में रविवार सुबह लखनऊ, बाराबंकी, प्रयागराज, अयोध्या समेत 50 ज्यादा जिलों में घना कोहरा छाया है। कई जिलों में विजिबिलिटी शून्य से 50 मीटर तक रह गई है। विजिबिलिटी कम होने से रेलवे और हवाई सफर बुरी तरह प्रभावित है। गोरखपुर, वाराणसी समेत तमाम स्टेशनों पर 100 से ज्यादा ट्रेनें लेट हैं। लखनऊ एयरपोर्ट्स पर रसअल खैमा UAE से लखनऊ आई फ्लाइट आधे घंटे तक आसमान में चक्कर लगाती रही। लैंडिंग की इजाजत न मिलने पर इसे दिल्ली डायवर्ट कर दिया गया। पूरी खबर पढ़ें… छत्तीसगढ़: उत्तर-मध्य क्षेत्र में शीतलहर का अलर्ट, अंबिकापुर में 4.7C पहुंचा पारा छत्तीसगढ़ के उत्तर और मध्य क्षेत्र में अगले 24 घंटे तक शीतलहर चलने की संभावना है। हालांकि, राहत की बात यह है कि अगले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। प्रदेश में सबसे ज्यादा तापमान 31.7C जगदलपुर में दर्ज किया गया। सबसे कम न्यूनतम तापमान 4.7C अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया। पूरी खबर पढ़ें… मध्य प्रदेश: शहडोल सबसे सर्द, 25 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे, उत्तरी हिस्से में कोहरा पहाड़ों में बर्फबारी और उत्तर से सर्द हवा आने से मध्यप्रदेश में भी ठंड बढ़ गई है। उत्तरी हिस्से में कोहरा छा रहा है। भोपाल, शहडोल-रीवा संभाग में तेज ठंड है। शहडोल के कल्याणपुर में पारा 3 डिग्री तक पहुंच गया है। वहीं, 25 शहरों में 10 डिग्री के नीचे टेम्परेचर है। वहीं, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर में सर्द हवाएं भी चली। शुक्रवार-शनिवार की रात में शहडोल के बाद उमरिया प्रदेश में सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री पहुंच गया। पूरी खबर पढें…
रामपुर जनपद के शाहबाद थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में वांछित अभियुक्त सूरज कुमार को बिहार से गिरफ्तार किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। यह मामला 23 दिसंबर 2025 को तब सामने आया, जब शाहबाद थाने में एक व्यक्ति ने तहरीर दी। तहरीर में आरोप लगाया गया था कि बिहार निवासी सूरज नामक व्यक्ति उसकी नाबालिग बहन को बहला-फुसलाकर ले गया है। इस शिकायत के आधार पर, शाहबाद थाने में मुकदमा संख्या 386/25, धारा 137(2)/87 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक रामपुर श्री विद्यासागर मिश्र ने अभियुक्त की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों के बाद, 17 जनवरी 2026 को शाहबाद पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई की। पुलिस ने वांछित अभियुक्त सूरज कुमार पुत्र कनकलाल को शाहबाद-ढकिया रोड स्थित तहसील के पास से गिरफ्तार किया। सूरज कुमार बिहार के मुंगेर जिले के संग्रामपुर थाना क्षेत्र के ग्राम दुर्गापुर का निवासी है। गिरफ्तारी के बाद, आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नाबालिगों से जुड़े मामलों में कोई लापरवाही नहीं बरती जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सब जू. राष्ट्रीय रग्बी बालिका में बिहार क्वार्टर फाइनल में
भुवनेश्वर के कलिंग स्टेडियम में आयोजित सब जूनियर राष्ट्रीय रग्बी बालिका प्रतियोगिता में बिहार की टीम शानदार प्रदर्शन करते हुए क्वार्टर फाइनल में पहुंच गई है। सबसे पहले झारखंड से मुकाबला हुआ। इसमें बिहार ने झारखंड को 67-0 से हराया। बिहार की खुशी 21 व रोशनी ने 22 स्कोर किए। दूसरा मैच मणिपुर से हुआ, जिसमें बिहार ने मणिपुर को 64-0 से हराया। प्री क्वार्टर फाइनल में झारखंड और बिहार का मुकाबला हुआ। बिहार ने झारखंड को 56-0 से हराया। खुशी ने 7, रौशनी ने 5, कोमल ने 7, खुशबू ने 7, आकांक्षा ने 10, अंगीता ने 05, स्कोर किए। इस जीत के साथ ही बिहार की टीम क्वार्टर फाइनल में पहुंच गई। क्वार्टर फाइनल शनिवार को दादर औैर नगर हवेली व दमन-दीव से होगा। ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री सह संरक्षक रग्बी फुटबॉल एसोसिएशन ऑफ बिहार के श्रवण कुमार, विधान परिषद सदस्य सह अध्यक्ष रग्बी फुटबॉल एसोसिएशन ऑफ बिहार संजय मयूख, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक सह मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवींद्रन शंकरण, बिहार राज्य पथ विकास निगम के महानिदेशक शीर्षत कपिल अशोक, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के कार्यकारी निदेशक रविंद्र नाथ चौधरी, रग्बी फुटबॉल एसोसिएशन ऑफ बिहार के सचिव पंकज कुमार ज्योति ने बधाई दी है।
बिहार सरकार के उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने आज चंद्रगुप्त इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, पटना में आयोजित नेशनल स्टार्ट-अप दिवस कार्यक्रम का उद्घाटन किया। यह कार्यक्रम बिहार 2.0 थीम के तहत बिहार सरकार और चंद्रगुप्त संस्थान के संयुक्त देखरेख में आयोजित किया गया। राज्य में स्टार्टअप को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए स्टार्टअप शुरू करने वाले 5 उद्यमियों को सरकार की ओर से आर्थिक सहायता का चेक प्रदान किया गया। मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने कहा कि बिहार अब सिर्फ कृषि और श्रम शक्ति का राज्य नहीं, बल्कि नवाचार और उद्यमिता का हब बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है। स्टार्टअप बिहार और TIE पटना के बीच हुआ MoU कार्यक्रम के दौरान स्टार्टअप बिहार और TIE (The Indus Entrepreneurs) पटना के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इससे बिहार में स्टार्टअप इकोसिस्टम को और मजबूत करने, युवाओं को मार्गदर्शन, मेंटरशिप और निवेश से जोड़ने में मदद मिलेगी। स्टार्टअप और इन्क्यूबेशन के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य के लिए आईआईटी पटना को प्रथम पुरस्कार और चंद्रगुप्त मैनेजमेंट संस्थान को द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि हर जिले में स्टार्टअप संस्कृति विकसित हो और बिहार के युवा नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें। बीएमसी चुनाव में बीजेपी की जीत को बताया ऐतिहासिक वहीं, दिलीप जायसवाल ने बीएमसी चुनाव में बीजेपी की जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो लोग क्षेत्रवाद और भाषावाद के नाम पर समाज में नफरत फैलाने का काम करेंगे, उनका हश्र ऐसा ही होगा। जनता अब सब समझ चुकी है और ऐसे लोगों को करारा जवाब देती है। डीएमके सांसद दयानिधि मारन द्वारा महिलाओं को लेकर दिए गए विवादित बयान पर दिलीप जायसवाल ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि ऐसे नेताओं को सुधारने की सख्त जरूरत है। ऐसे लोगों के लिए भारत सरकार को सुधार गृह बनाना चाहिए, जिसमें इन्हें कम से कम 3 महीने तक बंद रखकर इनके सोच को बदलने का काम किया जाए। नारी शक्ति का अपमान बर्दाश्त नहीं मंत्री ने कहा कि महिलाएं आज हर क्षेत्र में देश का नाम रोशन कर रही हैं- विज्ञान, सेना, राजनीति, प्रशासन और उद्योग हर जगह उनका योगदान है। ऐसे में इस तरह की सोच देश और समाज दोनों के लिए शर्मनाक है। बीजेपी और एनडीए सरकार नारी सम्मान और नारी सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक सोच रखने वालों को जनता सबक सिखाएगी।
हाजीपुर गैंग पर अपहरण का शक, पुलिस की दो टीमें बिहार रवाना
आदित्यपुर स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (एसिया) के उपाध्यक्ष उद्यमी देवांग गांधी के पुत्र कैरव गांधी के अपहरण के तार बिहार से जुड़ रहे हैं। इसमें हाजीपुर गैंग की संलिप्तता की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने जांच तेज करते हुए दो टीमों को बिहार रवाना कर दिया है। वहीं स्थानीय इनपुट के आधार पर एसआईटी ने गुरुवार शाम जेम्को से खट्टा बबलू को हिरासत में लिया है। यह उस गैंग के संपर्क में बताया जा रहा है। इसके अलावा पुलिस दुबई में छिपे धनबाद के अपराधी प्रिंस खान गिरोह को भी टटोल रही है। जांच में पता चला है कि अपहर्ताओं ने पुलिस की बोर्ड लगी स्कॉर्पियो (जेएच12ए 4499) से कैरव का अपहरण किया था। यह नंबर कोडरमा की एक बोलेरो गाड़ी की है। पुलिस ने उसके मालिक से भी पूछताछ की है। लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। पुलिस को पता चला है कि कैरव गांधी अक्सर घर से करीब आधा किमी दूर डीएमओ ऑफिस के पास चाय की दुकान पर दोस्तों के साथ बैठते थे। घटना सीसीटीवी फुटेज में कैद... कैरव की गाड़ी के पीछे चल रही थी स्कॉर्पियो पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद है। कदमा-सोनारी लिंक रोड पर लगे सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि 13 जनवरी को कैरव की गाड़ी दोपहर 12:52 बजे वहां से गुजर रही है। उस वक्त कार की स्पीड 60 किमी के आसपास थी। गाड़ी कैरव चला रहा था। दो मिनट बाद वही गाड़ी 109 किमी की रफ्तार से उसी रास्ते से एरोड्रम की तरफ गुजरती है। उसके पीछे स्कॉर्पियो चल रही है। दोनों गाड़ी एरोड्रम गोलचक्कर से वापस एसएसपी व डीसी आवास के सामने वाले रास्ते से सीएच एरिया गोलचक्कर, साई मंदिर होते हुए मरीन ड्राइव पहुंचती है। इसके बाद दोपहर 1:09 बजे कैरव की गाड़ी कांदरबेड़ा में मिली उसका गेट खुला था। इसी अंदाज में हुआ था कृष्णा भालोटिया का अपहरण सोनारी आशियाना गार्डेन निवासी उद्यमी कृष्णा भालोटिया का भी इसी अंदाज में अपहरण हुआ था। वे 2 सितंबर 2005 को बंगाल से लौट रहे थे, तभी कांदरबेड़ा चौक से उनका अपहरण कर लिया गया था। इस घटना को हाजीपुर के अरविंद गिरोह ने अंजाम दिया था। 14 दिन बाद पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर 16 सितंबर 2006 को उन्हें कंकड़बाग से बरामद किया था।
बॉलीवुड एक्टर आशुतोष राणा गुरुवार को पटना पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अपनी आनी वाली फिल्म ‘वन टू चा चा चा’ का प्रमोशन किया। साथ ही बिहार के लोगों की जमकर तारीफ की। आशुतोष राणा ने कहा कि देश में बिहारियों ने अपने प्रतिभा का जलवा बिखेरा है। बिहार की भाषा में एक अलग ही मिठास है। आगे कहा कि यह फिल्म हास्य और मनोरंजन से भरपूर भरा फिल्म है, जो शुक्रवार को रिलीज होगी। आशुतोष राणा ने बताया कि यह फिल्म की पृष्ठभूमि बिहार से है। आशुतोष राणा ने निजी होटल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कलाकारों और निर्माताओं ने फिल्म की कहानी के बारे में बताया। इसके हास्य से भरपूर अंदाज़ और फैमिली एंटरटेनर अपील पर खुलकर बातचीत की। टीम ने बताया कि फिल्म में कन्फ्यूजन से उपजा ह्यूमर, तेज कॉमिक टाइमिंग और अनपेक्षित मोड़ दर्शकों को हंसाने वाले हैं। फिल्म को लेकर कलाकारों में खासा उत्साह दिखा ललित प्रभाकर ने कहा, यह फिल्म खुशनुमा पागलपन से भरी है। शूटिंग के दौरान हम लगातार हंसते थे और वही एनर्जी दर्शकों तक पहुंचेगी। वहीं अनंत वी जोशी बोले, इस फिल्म में कन्फ्यूजन ही असली हीरो है, जो इसे बेहद मजेदार बनाता है। इस दौरान हिंदी फिल्म जगत के स्टार आशुतोष राणा ने अपने अलग अंदाज़ पर कहा, कॉमेडी भी उतनी ही चुनौतीपूर्ण होती है जितनी गंभीर भूमिका। इस फिल्म में दर्शक मेरा हल्का-फुल्का रूप देख पाएंगे। फिल्म की तकनीकी टीम भी मजबूत है। सिनेमैटोग्राफी अमोल गोले, प्रोडक्शन डिजाइन बिजोन दासगुप्ता, एडिटिंग रंजीत बहादुर, कोरियोग्राफी चिन्नी प्रकाश और आदिल शेख, जबकि बैकग्राउंड स्कोर नेशनल अवॉर्ड विजेता हर्षवर्धन रमेश्वर ने दिया है। निर्माता बोले- हंसी और खुशी का जश्न है ये मूवी निर्माताओं का कहना है कि ‘वन टू चा चा चा’ बड़े पर्दे पर हंसी और खुशी का जश्न है। निर्देशक द्वय ने इसे नियम तोड़ने वाली, बेफिक्र और दिल से जुड़ने वाली कॉमेडी बताया। पेलुसिडार प्रोडक्शन प्राइवेट लिमिटेड के बैनर तले बनी इस फिल्म का निर्देशन अभिषेक राज और रजनीश ठाकुर ने किया है, जबकि अमित गुप्ता सह-निर्माता हैं। फिल्म में आशुतोष राणा, अभिमन्यु सिंह, मुकेश तिवारी, हर्ष मायर, ललित प्रभाकर, अनंत वी जोशी, अशोक पाठक और नायरा एम बनर्जी जैसे कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे।
यमुनानगर में ट्रक ने बच्चे को कुचला, मौत:दोस्तों के साथ बाइक पर जा रहा था; मृतक बिहार का रहने वाला
यमुनानगर में एक दर्दनाक सड़क हादसे में 12 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। हादसा पांसरा फाटक के पास नम्बरदार धर्मकांटा के सामने हुआ, जब थर्मल प्लांट की ओर जा रही एक मोटरसाइकिल को तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी। टक्कर के बाद ट्रक चालक बच्चे को कुचलकर मौके से फरार हो गया। मृतक की पहचान विक्रम (12) निवासी वार्ड नंबर 5, तभका पछियारी पंडित टोला, थाना विभूतिपुर, जिला समस्तीपुर (बिहार) के रूप में हुई है। वर्तमान में उसके पिता राम बाबू साहनी करनाल के तरावड़ी स्थित मानसी राइस मिल में मजदूरी करते हैं, जबकि विक्रम अपनी मां शांति देवी के साथ यमुनानगर में किराये के मकान में रह रहा था। ट्रक का टायर ऊपर से गुजरा परिजनों के अनुसार, विक्रम अपने दोस्त वंश और एक अन्य साथी के साथ स्प्लेंडर प्लस बाइक पर सवार होकर जा रहा था। बाइक विक्रम चला रहा था। इसी दौरान थर्मल प्लांट की ओर से आए एक अज्ञात ट्रक ड्राइवर ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए बाइक को सीधी टक्कर मार दी। टक्कर के बाद विक्रम सड़क पर गिर गया और ट्रक का अगला टायर उसके ऊपर से गुजर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। उसके साथ मौजूद दोनों दोस्तों को भी चोटें आई हैं। हादसे के समय धुंध अधिक होने के कारण ट्रक का नंबर नोट नहीं हो सका। टक्कर के बाद ट्रक चालक मौके से फरार टक्कर के बाद ट्रक ड्राइवर वाहन समेत मौके से फरार हो गया। घायल बच्चों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि विक्रम को मृत घोषित कर दिया गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल यमुनानगर की मोर्चरी में रखवाया गया। पिता राम बाबू साहनी ने अस्पताल पहुंचकर अपने बेटे के शव की पहचान की और पुलिस को बयान दर्ज कराया। थाना सदर पुलिस ने अज्ञात ट्रक ड्राइवर के खिलाफ BNS की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर फरार ट्रक और ड्राइवर की तलाश में जुटी है। उनका कहना है कि जांच जारी है और आरोपी ड्राइवर को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
गुब्बारे बेचने वाले बिहार के दंपती ने किया था अंश-अंशिका का अपहरण
धुर्वा के मौसीबाड़ी से अपहृत अंश कुमार (5) और उसकी बहन अंशिका कुमारी (4) को बुधवार सुबह रांची पुलिस ने रामगढ़ के अहमद नगर स्थित एक घर से बरामद कर लिया। पुलिस ने दोनों के अपहरण के आरोपी नव खेरवार उर्फ सूर्या (24) और उसकी प|ी सोनी कुमारी (20) को गिरफ्तार कर लिया है। नव खेरवार बिहार के औरंगाबाद के बारून का निवासी है, जबकि सोनी कुमारी रामगढ़ के कोठार की रहने वाली है। ये दोनों धुर्वा के शालीमार बाजार में गुब्बारे बेचते थे। अंश और अंशिका 2 जनवरी को पिता से 10 रुपए लेकर घर के पास ही एक दुकान से चूड़ा खरीदने निकले थे। पांच रुपए में लॉलीपॉप खरीदकर दोपहर करीब 2:35 बजे लौट रहे थे। तभी नव खेरवार और सोनी ने दोनों को उठा लिया। दो दिन तक दोनों बच्चों को उसके घर से करीब एक किमी दायरे में ही छिपाकर रखा। फिर चुपचाप वहां से निकल गए। इधर पुलिस बच्चों की तलाश में खाक छानती रही। बुधवार सुबह सीआईडी के एडीजी मनोज कौशिक और रांची एसएसपी राकेश रंजन को बच्चों के चितरपुर के अहमद नगर में होने की सूचना मिली। इसके बाद रामगढ़ एसपी अजय कुमार ने वहां छापेमारी कर दोनों बच्चों को बरामद कर लिया और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस को पता चला है कि ये दोनों अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े हैं। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा-अपहरणकर्ताओं के चंगुल से आजाद हुई दो मासूम जिंदगियांसीएम हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर लिखा-अपहरणकर्ताओं के चंगुल से आजाद हुई दो मासूम जिंदगियां। आखिर कोई इतना कैसे गिर सकता है। व्यक्तिगत रूप से मेरे लिए पिछले कुछ दिन परेशान करने वाले रहे। शुरुआत में सफलता नहीं मिल रही थी, फिर जिस ढंग से दूसरे राज्य में हुई इसी ढंग की घटना के तार जोड़कर रांची पुलिस ने अपराधियों तक पहुंचकर बच्चों को मुक्त कराया, वह प्रशंसनीय है। मैं इस अभियान को यहीं पर नहीं छोड़ रहा। ऐसी घटनाओं की गहन पड़ताल करते हुए आपराधिक गिरोह की कमर तोड़ने की कार्रवाई करेंगे। पास, 3 दिन हटिया रेलवे स्टेशन के पास बच्चों को रखाअपहर्ताओं ने अपहरण के बाद दोनों बच्चों को दो दिन तक उसके घर से महज एक किमी दूर शालीमार बाजार के पास छुपाकर रखा। फिर ऑटो से दोनों बच्चों को लेकर हटिया स्टेशन पहुंचा। तीन दिन तक स्टेशन के पास ही बच्चों के साथ रहा। सात जनवरी को दोनों आरोपी बच्चों को लेकर ट्रेन से रामगढ़ पहुंचे। वहां से चितरपुर के अहमद नगर गए। वहां रोशन आरा के घर किराए पर कमरा लिया, जहां दोनों बच्चों के साथ रह रहे थे। बच्चे भी उनके साथ आराम से रह रहे थे, इसलिए किसी को शक नहीं हुआ। लेकिन मुखबिरों को सूचना मिल गई और वे पकड़े गए। डीजीपी बोलीं- 500 सीसीटीवी फुटेज खंगाले, 5000 वाहनों का हुआ सत्यापन डीजीपी तदाशा मिश्रा ने कहा कि बच्चों को ढूंढ़ने के लिए रांची के ग्रामीण एसपी के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई थी। इसमें सिटी एसपी व ट्रैफिक एसपी सहित 48 अधिकारी थे। इस टीम ने 500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले। 5000 से ज्यादा गाड़ियों का सत्यापन किया। बच्चों की सूचना देने वालों को चार लाख रुपए इनाम देने की भी घोषणा की गई। इस संबंध में रोजाना 1000 से ज्यादा फोन कॉल पुलिस को आए। कई राज्यों में ऐसे मामलों से संबंधित अभियुक्तों की छानबीन की गई। झारखंड में महत्वपूर्ण स्थलों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, ऑटो स्टैंड और हाट-बाजार की छानबीन की गई। पूरे मामले की निगरानी खुद सीआईडी के एडीजी मनोज कौशिक कर रहे थे। उन्होंने पूरे देश में ह्यू एंड क्राई नोटिस भी जारी किया। दो दिन शालीमार बाजार के मकान मालकिन बोलीं-गरीब जानकर किराए पर कमरा दिया पुलिस ने मकान मालिकन रोशन आरा और उनकी नतिनी से भी पूछताछ की। रोशन ने कहा-उन दोनों ने खुद को पति-प|ी बताया। कहा कि वे पटना में फेरी का काम करते थे। घर टूट जाने के कारण यहां आए हैं। उनके साथ दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। हमने गरीब समझकर उन्हें 1000 रुपए के किराए पर उन्हें कमरा दे दिया। बच्चे अपने माता-पिता के साथ अपहरण के आरोपी पुलिस ने अपहरण के आरोपी नव खेरवार और उसकी प|ी को किया गिरफ्तार
कर्तव्य पथ पर दिखेगी बिहार की गौरवशाली लोक संस्कृति
नई दिल्ली में 26 जनवरी को होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह में इस बार बिहार की लोक संस्कृति अपनी भव्य छटा बिखेरेगी। खास यह है कि यहां सिर्फ नृत्य नहीं होगा, यहां शंकर महादेवन के स्वर में बिहार का वैभव भी गूंजेगा। गाने की बोल में नालंदा विक्रमशिला ने ज्ञान दिया...विश्व शांति का संदेश दिया...जैसी लाइन सुनाई देंगी। कर्तव्य पथ पर होने वाले राष्ट्रीय कार्यक्रम के लिए बिहार से दो प्रतिष्ठित संस्थाओं का चयन हुआ है, जो पूरे राज्य के लिए गर्व की बात है। पटना स्थित सबेरा कला केंद्र के 25 कलाकार इन दिनों नई दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड के पूर्वाभ्यास में जुटे हैं। ये कलाकार बिहार की पारंपरिक लोक विधाओं सामा-चकेवा और झिझिया की मनमोहक प्रस्तुति की तैयारी कर रहे हैं। इस दल में शिल्पी, शांभवी, राधिका, आस्था, श्रुति, प्रतीक्षा, सेजल, मयंक, सोनू, शिवम, आदित्य सहित अन्य प्रतिभाशाली कलाकार शामिल हैं, जो बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करेंगे। वहीं दूसरी ओर पूर्णिया स्थित कलाभवन के भी 25 सदस्यीय कलाकार दल का चयन हुआ है। देशभर से 1500 कलाकार आएंगे इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह की विशेष थीम “वंदे मातरम् गीत के 150 वर्ष” रखी गई है। गायक शंकर महादेवन ने लगभग 10 मिनट का नया संगीतमय संस्करण तैयार किया है, जिस पर देश के सभी राज्यों से आए कलाकार सामूहिक नृत्य पेश करेंगे। इसी गीत की धुन पर बिहार के कलाकार भी अपनी पारंपरिक लोकनृत्य शैली से मंच को जीवंत बनाएंगे। इसमें 1500 कलाकार लोक नृत्य करेंगे, जबकि 1000 कलाकार क्लासिकल नृत्य पेश करेंगे। क्लासिकल नृत्य के लिए बिहार से राजीव रंजन के नेतृत्व में 7 सदस्यीय टीम परफॉर्म करेगी। टीम की सौम्याश्री ने बताया कि सभी एक हजार कलाकार एक साथ कथक करेंगे। कर्तव्य पथ पर सामा-चकेवा और झिझिया की गूंज के साथ सबेरा कला केंद्र और कलाभवन पूर्णिया के कलाकार पूरे देश को अपनी प्रतिभा दिखाएंगे।
नीमच जिले में मानव तस्करी और जबरन शादी का मामला सामने आया है। बिहार की एक युवती करीब 10 दिन तक एक कमरे में बंद रहकर मारपीट और मानसिक प्रताड़ना सहती रही। मौका पाकर वह वहां से भागी और ग्रामीणों को आपबीती बताई। इसके बाद उसे पुलिस के हवाले किया गया। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसके ही रिश्तेदारों ने शादी के बहाने उसे बेच दिया था। पहले उसे राजस्थान के कोटा ले जाया गया, फिर जबरन नीमच जिले के सरवानिया क्षेत्र में लाकर बंद कर दिया गया। युवती का आरोप है कि जबरन शादी के लिए दबाव बनाया गया और विरोध करने पर बेल्ट से मारपीट की गई। बुधवार को भागकर पहुंची युवती को सरवानिया महाराज चौकी के जरिए महिला थाना नीमच भेजा गया है। पुलिस काउंसलर की मदद से पूछताछ कर रही है। मुझे बाहर निकलने की अनुमति नहीं थीयुवती के मुताबिक, मुझे जबरदस्ती शादी के लिए तैयार किया जा रहा था। माला पहनाने और शादी की बात तय करने के बाद मुझे फिर से कमरे में बंद कर दिया गया। मुझे बाहर निकलने की अनुमति नहीं थी। विरोध करने पर बेल्ट से मारपीट की जाती थी। मारपीट करने वालों में विजय नामक व्यक्ति, उसकी पत्नी और परिवार के अन्य सदस्य शामिल थे। युवती ने बताया कि बुधवार को अचानक मौका पाकर वह वहां से भागने में सफल हो गई। इसके बाद वह सीधे ग्रामीणों के पास पहुंची और उन्हें अपनी पूरी कहानी बताई। काउंसलर कर रहे पूछताछपुलिस अब काउंसलर के माध्यम ये युवती से गहन पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता चल सके कि उसे कहां से और किसके माध्यम से यहां लाया गया था। पुलिस इस मानव तस्करी के मामले में शामिल सभी लोगों की पहचान करने में जुटी है। पहले पकड़ा जा चुका आरोपीग्रामीणों ने बताया कि बुधवार शाम वे बाबा रामदेव मंदिर पर बैठक कर रहे थे। इसी दौरान एक युवती घबराई हुई हालत में वहां पहुंची और बोली कि उसे बस में बैठा दिया जाए। युवती की हालत देखकर ग्रामीणों को शक हुआ, जिसके बाद उन्होंने तुरंत ग्राम अध्यक्ष रूपेश जैन को सूचना दी। युवती को पहले सरवानिया महाराज चौकी ले जाया गया, जहां से उसे महिला थाने भेजा गया। ग्रामीणों ने यह भी बताया है कि आरोपी विजय पिता श्रीपाल पहले भी क्षेत्र में लोगों की शादी करवाने का काम करता था और उसके खिलाफ पूर्व में भी रतनगढ़ थाने में शिकायत दर्ज की गई थी। मां बोलीं- तीर्थ यात्रा के बहाने ले गएपुलिस ने मामले में युवती के परिजनों से बातचीत की है। युवती की मां ने फोन पर पुलिस को बताया कि पड़ोस में रहने वाली एक महिला, जिसे युवती मुंहबोली मौसी कहती थी, तीर्थ यात्रा पर साथ ले जाने की बात कहकर उसे अपने साथ ले गई थी। पुलिस ने आगे की कार्रवाई के लिए युवती के परिजनों को थाने बुलवाया है। दैनिक भास्कर ने युवती से की बातचीतयुवती ने आपबीती साझा की, धोखे से बेचने और बंधक बनाने के लगाए आरोप प्रश्न 1: आप कहां की रहने वाली हैं? उत्तर: मैं बिहार की रहने वाली हूं। प्रश्न 2: आप यहां कैसे पहुंचीं? उत्तर: मेरे ही रिश्तेदारों ने शादी कराने के बहाने मुझे यहां भेजा और बेच दिया। प्रश्न 3: क्या आपको बताया गया था कि यहां क्या होने वाला है? उत्तर: नहीं, मुझे धोखे में रखकर लाया गया। मुझे कुछ भी नहीं बताया गया था। प्रश्न 4: कितने दिनों तक आपको कमरे में बंद रखा गया? उत्तर: करीब 10 दिनों तक मुझे एक कमरे में बंद करके रखा गया था। प्रश्न 5: क्या आपके साथ मारपीट की गई? उत्तर: हां, मेरे साथ मारपीट की गई और मुझे डराया-धमकाया गया। प्रश्न 6: क्या आपको बाहर निकलने की अनुमति थी? उत्तर: नहीं, दरवाजा बाहर से बंद रहता था। मुझे कहीं जाने नहीं दिया जाता था। प्रश्न 7: आप वहां से कैसे भाग पाईं? उत्तर: मौका मिलते ही मैं किसी तरह कमरे से भागी और बाहर आकर ग्रामीणों को अपनी पूरी बात बताई। प्रश्न 8: क्या आपने पहले किसी को इसकी जानकारी देने की कोशिश की थी? उत्तर: नहीं, मुझे किसी से बात करने नहीं दी जाती थी। प्रश्न 9: क्या आपको धमकी दी गई थी? उत्तर: हां, कहा गया था कि अगर किसी को बताया तो जान से मार देंगे। प्रश्न 10: आप अभी क्या चाहती हैं? उत्तर: मैं सुरक्षित रहना चाहती हूं और अपने घर वापस जाना चाहती हूं। प्रश्न 11: क्या आप दोषियों के खिलाफ कार्रवाई चाहती हैं? उत्तर: हां, जिन्होंने मुझे बेचा और मेरे साथ गलत किया, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। प्रश्न 12: क्या आप पुलिस से मदद चाहती हैं? उत्तर: हां, मैं चाहती हूं कि पुलिस मेरी पूरी मदद करे।
बिहार की राजधानी पटना में बीजेपी कार्यालय में प्रदेशाध्यक्ष संजय सरोगी की अध्यक्षता में मकर संक्रांति पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर आरएसडब्ल्यूएम-भीलवाड़ा ग्रुप की ओर से प्रतिभा मीणा ने बिहार भाजपा कार्यालय के स्टाफ के साथ मकर संक्रांति एवं भीलवाड़ा ग्रुप के चेयरमैन रिजु झुनझुनवाला के जन्मदिन पर अपने औद्योगिक संस्थान की ओर से सौगात भेंट की। कार्यक्रम में जाले विधानसभा से विधायक जिबेश मिश्रा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर प्रतिभा मीणा ने कहा कि राजस्थान और बिहार के बीच सहयोग, सेवा और विकास का यह भाव आगे भी निरंतर बना रहेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बिहार की प्रगति एवं सामाजिक विकास में भीलवाड़ा ग्रुप महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह आयोजन सेवा, सद्भाव और आपसी सहयोग की भावना को सशक्त करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम रहा।
बिहार सरकार का 2026-27 का बजट 3 फरवरी को आने की उम्मीद है। करीब 4 लाख करोड़ रुपए का यह बजट आकार में अब तक का सबसे बड़ा हो सकता है। पिछले बजट से 83 हजार करोड़ रुपए अधिक संभव है। प्रचंड बहुमत से सरकार में लौटे नीतीश कुमार ने अपने पहले पहले बजट में युवाओं और महिलाओं पर खास फोकस किया है। इसमें 2 लाख सरकारी नौकरी और आठवें पे कमीशन का ऐलान हो सकता है। महिलाओं को 2-2 लाख रुपए देने का इंतजाम होगा। भास्कर एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में जानिए, इस बजट की 5 खास बातें 1- युवाओं के लिए खास नौकरी/रोजगार: बिहार सरकार इन्फ्रास्ट्रक्चर से ज्यादा नौकरी और रोजगार पर पैसा खर्च करेगी। सरकार का लक्ष्य अगले 5 साल में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी/रोजगार देना है। बजट में इसका असर दिखेगा। नए साल में 2.64 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी मिल सकती है। सबसे अधिक भर्ती शिक्षा, गृह और स्वास्थ्य विभाग में होगी। 1,42,041 पदों पर बहाली की प्रक्रिया शुरू हो गई है। शिक्षा विभाग में 46,000 पदों पर बहाली होगी। 36 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों की भर्ती होगी। शिक्षा: सरकार स्कूली शिक्षा और साक्षरता के लिए खर्च बढ़ाने जा रही है। इस मद में रिकॉर्ड आवंटन हो सकता है। तकनीकी शिक्षा आदि पर जोर रहेगा। क्लास 6 से कंप्यूटर की पढ़ाई अनिवार्य करने की तैयारी है। इसके लिए पैसे का इंतजाम किया जाएगा। पिछले बजट में भी शिक्षा विभाग को बजट का सबसे बड़ा हिस्सा (19.24%) मिला था। बच्चों को पढ़ाने के लिए 60,946 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई थी। 2- सरकारी कर्मचारियों के लिए खास बजट में सरकारी कर्मियों के लिए 8 वें वेतन आयोग की अनुशंसाओं को लागू करने की गुड न्यूज मिल सकती है। बिहार में सातवें वेतन आयोग की अनुशंसाएं 1 अप्रैल 2017 को प्रभावी हुई थीं। केंद्रीय कर्मियों के लिए 1 जनवरी 2026 से आठवें वेतन आयोग की अनुशंसाएं प्रभावी हो गई हैं। 3- महिलाओं के लिए खास जीविका दीदियों को 2-2 लाख: चुनाव से पहले बिहार सरकार मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना लेकर आई। करीब डेढ़ करोड़ जीविका दीदियों को 10-10 हजार रुपए दिए गए। अब कारोबार शुरू करने वाली महिलाओं को 2-2 लाख रुपए देने हैं। बजट में इसके लिए फंड की व्यवस्था होगी। बिहार की सभी जीविका दीदियों को 2-2 लाख रुपए देना सरकार के लिए बड़ी चुनौती है। इसके लिए 2.8 लाख करोड़ रुपए से अधिक जुटाने होंगे। इसे देखते हुए कारोबार शुरू करने की शर्त रखी गई है। पिंक बस सेवाओं का विस्तार: यात्रा करने में महिलाओं को सुविधा हो इसके लिए सरकार पिंक बस सेवाओं का विस्तार करने जा रही है। इस बस में सिर्फ महिलाएं यात्रा करती हैं। अभी पटना समेत 5 जिलों में पिंक बस चल रहे हैं। इसे सभी जिलों तक ले जाने की योजना है। ये बसें महिलाएं चलाएंगी। 4- बुजुर्गों के लिए क्या चुनाव से पहले सरकार ने विधवा पेंशन और वृद्धा पेंशन की राशि 400 रुपए से बढ़ाकर 1100 रुपए प्रति माह की थी। बजट में इसके लिए फंड की व्यवस्था होगी। बुजुर्गों को घर पर ही इलाज मिल सके, इसके लिए भी व्यवस्था किए जाने की उम्मीद है। 5- इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए क्या सड़क पुल-पुलिया का निर्माण: सरकार ने किसी भी जिले से पटना आने में लगने वाले समय को 4 घंटे करने का लक्ष्य रखा है। इसे 2027 तक पूरा करना है। इसके लिए सड़क, पुल और पुलिया जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश बढ़ाया जाएगा। बड़े शहरों में रिंग रोड, बाइपास, फ्लाईओवर आदि पर खर्च बढ़ेंगे। बिहार सरकार 5 नए एक्सप्रेस वे बनाने पर काम कर रही है। इसे मुंबई-पुणे एक्सप्रेस वे मॉडल पर तैयार किया जाएगा। इन सड़कों का निर्माण पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप से होगा। रोड बनाने वाली कंपनी टोल वसूलकर लागत निकालेगी। इसके बाद सड़क सरकार को देगी। बिहार में अभी केंद्र सरकार के स्तर पर चार एक्सप्रेस-वे का निर्माण चल रहा है। ये हैं पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस वे, गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे, रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस और वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेस। एयरपोर्ट: मुंगेर, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, सहरसा, बीरपुर (सुपौल) और वाल्मीकि नगर में एयरपोर्ट बनाए जाने हैं। गया एयरपोर्ट का विस्तार होगा। बिहार में एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने सिविल एविएशन डिपार्टमेंट बनाया है। लग सकते हैं ये दो बड़े झटके 1- जमीन खरीदना होगा महंगा बिहार सरकार जमीन का सर्किल रेट बढ़ाने की तैयारी कर रही है। इसे 3-4 गुना तक बढ़ाया जा सकता है। इससे जमीन खरीदने की लागत बढ़ेगी। शुल्क के रूप में सरकार को ज्यादा आमदनी होगी। सरकार ग्रामीण इलाकों में 12 साल तो शहरी इलाकों में 9 साल बाद सर्किल रेट बढ़ाने वाली है। 2- बढ़ सकती है बिजली की दरें बिजली की दरें 35 पैसा प्रति यूनिट बढ़ाई जा सकती है। अभी इसके लिए बिजली कंपनियों ने प्रस्ताव दिया है। विद्युत विनियामक आयोग द्वारा इसपर जनसुनवाई की जाएगी। इसके बाद फैसला होगा। क्या है नीतीश सरकार के बजट का आकार? बिहार सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 3.16 लाख करोड़ रुपए का मूल बजट पेश किया था। इसके बाद 57,946 करोड़ रुपए का पहला और 91,717.11 करोड़ रुपए का दूसरा सप्लीमेंट्री बजट पेश किया। तीनों को जोड़ दें तो कुल आंकड़ा 4.66 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंच जाता है। साल दर साल बजट आकार में 2016-2025 तक हुई वृद्धि को देखें तो यह औसतन करीब 10 फीसदी रहा है। 2016 में सबसे अधिक 19% वृद्धि हुई थी। सबसे कम 3 फीसदी वृद्धि 2021-22 में हुई थी। वित्त वर्ष 2026-27 में नया रिकॉर्ड बनने की संभावना है। ऑनलाइन बन रहा बजट 2026-27 बिहार सरकार हाइटेक हो गई है। 2026-27 का बजट ऑनलाइन बनाया जा रहा है। इसके लिए वित्त विभाग ने सभी विभाग के अधिकारियों को चार दिन की ट्रेनिंग दी थी।
बिहार में 40 साल बाद भीषण ठंड पड़ रही है। पछुआ हवा के चलते रात में हड्डी भेद देने और खून जमा देने वाली ठंड महसूस हो रही है। हजारों लोग ऐसे में भी खुले आसमान के नीचे सोने को मजबूर हैं। ओढ़ने को कंबल नहीं, जलाने को लकड़ी नहीं। कोई चट्टी का बोरा ओढ़े हुए है तो कोई प्लास्टिक। इसके नीचे फटे-पुराने चद्दरों से किसी तरह जान बचाने की कोशिश। घुटने छाती से लगाकर सोते हैं ताकि गर्मी बनी रहे, लेकिन रात कांपते हुए कटती है। आधी रात में तापमान 4 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है। लोगों ने कहा कि ऐसी सर्दी कभी नहीं देखी। दैनिक भास्कर की टीम ने बिहार के सबसे ठंडे 5 शहरों में देर रात से सुबह तक सड़कों पर घूमकर देखा कि लोग किस तरह सर्दी की रात काट रहे हैं। पढ़िए रिपोर्ट… गयाजी: ओढ़ने को कंबल नहीं, कांपते हुए कटती है रात रात 10.00 बजे, गांधी मैदान, गया रविवार रात हमने गया शहर के प्रमुख इलाकों में घूमकर बेघर लोगों की स्थिति देखी। सबसे पहले हम डीएम ऑफिस पहुंचे। परिसर के बाहर रैन बसेरा का बोर्ड लगा दिखा। पास गए तो देखा कि रैन बसेरा के गेट पर ताला लगा है। आसपास के लोगों से पूछा तो पता चला कि यहां अब रैन बसेरा नहीं है। रैन बसेरा का ऑफिस है। दिन में खुलता है। इसके बाद रात करीब 10 बजे हम गांधी मैदान पहुंचे। यहां 4 रैन बसेरा हैं। देखा कि रैन बसेरा संख्या 2 में 12 बेड लगे हैं। बेड पर एक आदमी सत्येंद्र यादव लेटे हैं। रैन बसेरा की देखरेख करने वाले छोटू ने बताया, ‘आज 7 लोगों ने बुक कराया है। 6 लोग बाहर आग ताप रहे हैं। यहां कंबल की कमी है। एक आदमी को 1 कंबल दे पाता हूं।’ सत्येंद्र यादव ने बताया, ‘शेरघाटी का रहने वाला हूं। यहां गाड़ी चलाता हूं। 1 कंबल से ठंड नहीं जाती। रात को काफी ठंड लगती है। 40 साल में ऐसी सर्दी कभी नहीं देखी।’ इसके बाद हम रैन बसेरा संख्या 3 पहुंचे। देखा कि सभी बेड फुल हैं। देखरेख करने वाले प्रकाश ने कहा, ‘एक आदमी को दो कंबल देने का आदेश है। हमारे पास पर्याप्त कंबल हैं। सभी को 2-2 कंबल दिए हैं।’ कंबल लपेट कर रात गुजारने को मजबूर थे लोग इसके बाद हम गयाजी रेलवे स्टेशन पहुंचे। देखा कि टिकट काउंटर के बाहर खुले आसमान के नीचे एक महिला और एक पुरुष सोए हैं। एक ने कंबल ओढ़ा था, दूसरे ने बोरा। गद्दर नाम के युवक ने कहा, ‘समस्तीपुर से आया हूं। काम करने मानिकपुर जाना है।’ स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर हमें 3 लड़के कंबल में लिपटे मिले। केबिन नाम के लड़के ने बताया, ‘खुले में सोना हमारी मजबूरी है। घर नहीं है। पिता नहीं हैं। मां दिमाग से हल्की हैं। ठंड लगती है, लेकिन क्या करें।’ कैमरा बंद होते ही उसने कहा, ‘साहब कंबल है क्या? एक कंबल दिला दीजिए। बहुत ठंड लगती है।’ इसके बाद हमारी नजर स्टेशन पर एक पेड़ के नीचे बैठे बुजुर्ग पर पड़ी। वे ठंड से कांप रहे थे। हमने पूछा कि यहां सोते हैं क्या बाबा? इस पर वह कुछ नहीं बोले। पास मौजूद दुकानदार ने बताया, ‘ये भीख मांगते हैं। रात में यहीं सोते हैं।’ इसके बाद हम बाटा मोड़ चौराहा पहुंचे। यहां एक मंदिर की ओट में अलाव के पास कुछ लोग सोए मिले। इसके बाद हम रेलवे स्टेशन के दूसरे गेट के पास पहुंचे। यहां दुकान के बाहर कुछ लोग सोए मिले। रिक्शा चालक राजेंद्र चौधरी ने कहा, ‘कोंच का रहने वाला हूं। रिक्शा चलाता हूं। रात में दुकान के बाहर सोता हूं। कमाई इतनी नहीं कि किराया का कमरा ले सकूं। कंबल नहीं, बोरा ओढ़कर किसी तरह गुजारा करता हूं। कांपते हुए रात कटती है।’ यहां, शेरघाटी के श्याम मांझी एक पतला सा कंबल ओढ़े कांपते मिले। बोले, ‘ठंड लगती है, लेकिन क्या करें। हमारी मजबूरी है। बर्दाश्त नहीं होता तो उठ कर बैठ जाते हैं। थोड़ी देर चलते है ताकि शरीर में गर्मी आए फिर सोते हैं।’ समस्तीपुर: बोरी ओढ़कर रात काटते हैं रात 9 बजे, बहादुरपुर झुग्गी बस्ती समस्तीपुर में लोग किस तरह ठंड में जी रहे हैं। यह जानने के लिए रात में हम झुग्गी बस्ती, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अस्पताल गए। रात 9 बजे बहादुरपुर में एक झुग्गी के बाहर खुले आसमान के नीचे राहुल कुमार बैठे मिले। पास में उनकी पत्नी राघनी देवी मिट्टी के चूल्हे पर खाना पका रही थीं। दोनों के 5 बच्चे जाग रहे थे। राहुल ने कहा, ‘बैलून बेचता हूं। हमारे पास ओढ़ने के लिए कंबल नहीं है। चट्टी के बोरे ओढ़कर किसी तरह रात काटता हूं। पत्नी जलावन चुनती है तो खाना बनता है। नेता वोट मांगने आते हैं, लेकिन ठंड में देखने नहीं आते। इस झुग्गी में करीब हजार लोग हैं। सबकी कमोबेश यही स्थिति है।’ रात के 11 बजे हम कर्पूरी बस स्टैंड में बनाए गए आश्रय स्थल पहुंचे। देखा कि 30 चौकी पर बिछावन की व्यवस्था की गई है। चार लोग बेड पर लेटकर मोबाइल देख रहे थे। पूछने पर बताया कि सभी बस ड्राइवर हैं। आश्रय स्थल के केयर टेकर मिथिलेश कुमार ने कहा, ‘यहां सभी बेड पर कंबल और मच्छरदानी की व्यवस्था की गई है। नगर निगम की ओर से रोज 5 लोगों को मुफ्त में खाना की व्यवस्था होती है। इसके बाद कोई आता है तो उसे खाने की व्यवस्था खुद करनी होती है। आज रजिस्टर में 15 लोगों ने बुक कराया है। लोग सामान रख कर कहीं गए हैं। अंदर अलाव की भी व्यवस्था की गई है।’ रात करीब 12 बजे हम समस्तीपुर जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर एक पर पहुंचे। एक कंबल में अपनी पत्नी और छोटी बच्ची के साथ सो रहे युवक ने बताया, ‘मेरा नाम उदय महतो है। नेपाल घर है। गुवाहाटी जाना है। सुबह में ट्रेन है। वेटिंग रूम में कमरे का प्रयास किया, लेकिन नहीं मिला।’ रात करीब 3 बजे हम समस्तीपुर सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड पहुंचे। अभिषेक कुमार ने बताया, ‘अपनी मां का इलाज कराने आया हूं। अस्पताल के कर्मी ने बेड पर बिछाने के लिए एक चादर दिया है। कंबल नहीं मिला। ठंड से बचने के लिए घर से कंबल मंगाए हैं। वार्ड में हीटर नहीं है। ठंड से लोग कंपकंपा रहे हैं।’ सुबह 5 बजे हम माल गोदाम चौक पहुंचे। यहां बंजारा लोग स्क्रेप डिपो के गेट के बाहर खुले आसमान के नीचे सोते दिखे। कुछ ने ओस से बचने के लिए मच्छरदानी के ऊपर कंबल लगा रखा था। मुजफ्फरपुर: बच्चे कांप रहे हैं, ठंड से बचने का इंतजाम नहीं रात 10 बजे बैरिया बस स्टैंड मुजफ्फरपुर में कड़ाके की ठंड में लोग कैसे जी रहे हैं। यह देखने के लिए रात के 10 बजे से सुबह के 3 बजे तक हम बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अस्पतालों में गए। जमीनी हकीकत देखी। रात करीब 10 बजे हम मुजफ्फरपुर के बैरिया बस स्टैंड पहुंचे। कुछ लोग खुले आसमान के नीचे बस का इंतजार करते दिखे। मुजफ्फरपुर स्मार्ट सिटी योजना के तहत आधुनिक बस स्टैंड का निर्माण कार्य चल रहा है। इसके चलते पुराने मुसाफिरखाने को तोड़ दिया गया है। बस स्टैंड पर यात्री सुविधाएं लगभग खत्म हो गई हैं। न बैठने की व्यवस्था है, न ठंड से बचाव के लिए अलाव और न रात्रि विश्राम की जगह। सुपौल जाने के लिए दो घंटे से बस का इंतजार कर रहे अमरनाथ तिवारी ने बताया, ‘गोपालगंज से आया हूं। ठंड बहुत है, लेकिन यहां कोई व्यवस्था नहीं है। कम से कम अलाव तो होना चाहिए।’ पंजाब से जोगबनी (नेपाल बॉर्डर) जा रहीं प्रिया कुमारी ने बताया, ‘ट्रेन लेट होने के कारण बस से जाना पड़ रहा है। यहां न बैठने की व्यवस्था है न सुरक्षा।’ दिल्ली से आई शीला आचार्य ने कहा, ‘रास्ते में मेरे साथ ठगी हुई। अब दो घंटे से बस स्टैंड पर खड़ी हूं।’ जोगबनी जाने के लिए बस का इंतजार कर रही कमल काकी ने कहा, ‘ठंड में बाहर खड़े रहना मजबूरी है।’ किशनगंज में स्वास्थ्य विभाग में काम करने वाली मुजफ्फरपुर के कमलपूरा गांव की अंजू देवी ने कहा, ‘रात में सफर करना महिलाओं के लिए बेहद मुश्किल हो गया है।’ बस स्टैंड पर हमें पत्नी और दो बच्चों के साथ यात्रा कर राजा मिले। दिल्ली से आए हैं, अररिया जाना है। उन्होंने कहा, ‘बच्चे ठंड से कांप रहे हैं, लेकिन बस स्टैंड पर कोई सुविधा नहीं है। क्या करूं समझ नहीं आ रहा है।’ रात करीब 11:30 बजे हम रेलवे स्टेशन पहुंचे। पता चला कि मुसाफिरखाना में जगह नहीं है। यात्री खुले में रात बिताने को मजबूर हैं। हमें कुछ यात्री प्लेटफॉर्म और सीढ़ियों पर चादर बिछाकर सोते मिले। कई छोटे बच्चे कांप रहे थे। रात के 1:30 बजे हम सदर अस्पताल पहुंचे। यहां हमें मरीज और परिजनों को ठंड से राहत दिलाने की व्यवस्था नहीं दिखी। हमने बैरिया स्थित आश्रय गृह जाकर देखा। पता चला कि बेड, कंबल और पानी की व्यवस्था है। अलाव की सुविधा नहीं है। दरभंगा: DMCH के इमरजेंसी वार्ड के बाहर अलाव, बस स्टैंड पर व्यवस्था नहीं रात 10 बजे, DMCH गरीब और यात्रा या इलाज के चलते घर से बाहर निकले लोग किस तरह ठंड में रात काट रहे हैं? यह देखने के लिए हम रात 10 बजे से सुबह के 5 बजे तक शहर के कई इलाकों में गए। रात के 10 बजे DMCH पहुंचे। वार्ड के बाहर दर्जनों लोग फर्श पर प्लास्टिक बिछाकर, कंबल ओढ़े नजर आए। इमरजेंसी वार्ड के पास अलाव की व्यवस्था थी। आग सेक रहे लोगों ने बताया कि नगर निगम की ओर से सिर्फ 10kg लकड़ी मिली है। हम रात 11:30 बजे नगर निगम ऑफिस के सामने स्थित रैन बसेरा पहुंचे। देखा कि यहां ताला लगा है। रात के 12 बजे लहेरियासराय के हाजमा चौराहा पहुंचे। देखा कि ऑटो और रिक्शा चालक सवारी का इंतजार कर रहे हैं। कुछ तो ठंड से कांप रहे हैं। चालकों ने बताया कि शाम में अलाव जला था, लेकिन देर रात कोई व्यवस्था नहीं है। दारू भट्टी चौक पर रात 1 बजे दो मजदूर गैस पाइपलाइन का काम करते मिले। उत्तर प्रदेश के रहने वाले इन मजदूरों ने बताया कि दिन में ट्रैफिक के कारण काम संभव नहीं। इसलिए ठंड के बाद भी रात में काम होता है। रात के 2 बजे हम लहेरियासराय बस स्टैंड पहुंचे। देखा कि कुछ लोग फर्श पर कंबल ओढ़कर सो रहे हैं। दरभंगा रेलवे स्टेशन पर सुबह 3 बजे दर्जनों यात्री प्लेटफॉर्म और वेटिंग रूम में प्लास्टिक बिछाकर सोते दिखे। सुबह 4 बजे हम उर्दू बाजार, नीम चौक, सीएम कॉलेज, गुदरी बाजार होते हुए दरभंगा टावर पहुंचे। पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा था। सुबह 5 बजे एनएच-27 के किनारे स्थित दिल्ली मोड़ पर कुछ ऑटो चालक ठंड से कांपते मिले। उन्होंने बताया कि यहां ठंड से बचाव के लिए अलाव की व्यवस्था नहीं है। हमलोग कांपते हुए पूरी रात सवारी का इंतजार करते हैं। भागलपुर: रेलवे स्टेशन पर ठंड से बचाव के इंतजाम नहीं रात 11 बजे, रेलवे स्टेशन भागलपुर के लोग ठंड में किस तरह रात काट रहे हैं। जानने के लिए हम रात के 11 बजे से सुबह तक कई इलाकों में गए। सबसे पहले हम रेलवे स्टेशन पहुंचे। यहां यात्रियों की भीड़ थी। लोग अपनी ट्रेनों का इंतजार कर रहे थे। ठंड से बचाव के इंतजाम नदारद थे। टिकट काउंटर परिसर, प्लेटफॉर्म और वेटिंग एरिया में दर्जनों यात्री फर्श पर चादर या कंबल बिछाकर सोते नजर आए। कई यात्री तो बिना बिस्तर के ही सीधे ठंडे फर्श पर सिकुड़कर रात गुजारने को मजबूर थे। यात्री सुधीर ने बताया, ‘स्टेशन पर पर्याप्त मात्रा में अलाव नहीं जलाए गए हैं। कुछ जगहों पर अलाव जलाया गया था, लेकिन भीड़ के मुकाबले वह नाकाफी साबित हो रहा था।’ स्टेशन के बाहर हमें रिक्शा चालक महेश दास ठिठुरते हुए दिखे। कहा, ‘जो व्यवस्था की गई है, वह ऊंट के मुंह में जीरा जैसी है। ठंड से जूझने वालों की संख्या बहुत ज्यादा है। कई जगह अलाव तो है, लेकिन लकड़ी इतनी कम कि कुछ घंटों में ही आग बुझ जाती है।’ गयाजी से दीपेश, समस्तीपुर से मोहन, मुजफ्फरपुर से धीरज, दरभंगा से राजन और भागलपुर से अमरजीत की रिपोर्ट।
उत्तर बिहार के जिलों में रात व सुबह में हल्का से मध्यम कुहासा रहेगा
सिटी रिपोर्टर| बेगूसराय लगातार ठंड के तापमान में उतार चढ़ाव के साथ मंगलवार को सुबह से ही धूप निकलने से लोगों को कुछ राहत मिली। वहीं शाम होते ही पछुआ हवा के कारण व न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री सेल्सियस होने के कारण लोगों ठंड का एहसास कुछ ज्यादा मिल रहा था। डा. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा मौसम विभाग के अनुसार उत्तर बिहार के जिलों में आसमान साफ रहने की सम्भावना है। रात्रि एवं सुबह में हल्की से मध्यम कुहासा छा सकता है। दिन में मौसम साफ रहने की संभावना है। पूर्वानुमान की अवधि में दिन तथा रात के तापमान में बढ़ोत्तरी हो सकती है। इस अवधि में अधिकतम तापमान 21 से 22 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 8 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। वहीं पूर्वानुमानित अवधि में पछिया हवा चलने का अनुमान है। औसतन 6-8 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। इस बीच सापेक्ष आर्द्रता सुबह में 85 से 95 प्रतिशत तथा दोपहर में 35 से 45 प्रतिशत रहने की संभावना है। वहीं मंगलवार का अधिकतम 22.8 और न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। पिछले तीन दिनों का औसत अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान क्रमशः 17.6 एवं 4.7 डिग्री सेल्सियस रहा। औसत सापेक्ष आर्द्रता 99.0 प्रतिशत सुबह में एवं दोपहर में 71.0 प्रतिशत, हवा की औसत गति 11.0 किमी प्रति घंटा रहा। सूर्य प्रकाश अवधि औसतन 3.1 घंटा प्रति दिन रिकार्ड किया गया तथा 5 सेमी की गहराई पर भूमि का औसत तापमान सुबह में 12.0 एवं दोपहर में 18.9 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
ललित सुरजन की कलम से - बिहार के बाद क्या?
पहले तो लोग इस बात पर माथापच्ची करते रहे कि बिहार में विधानसभा चुनावों के नतीजे क्या होंगे। जिस दिन मतदान का आखिरी चरण सम्पन्न हुआ उस दिन तमाम विशेषज्ञ एक्जिट पोलों की चीर-फाड़ में लग गए
अगर बिहार नहीं जीतते तो क्या दूसरे राज्यों में एसआईआर होता?
एसआईआर ( मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण) से अगर बिहार में सफलता नहीं मिलती तो क्या उसे दूसरे राज्यों में लागू किया जाता
ललित सुरजन की कलम से - बिहार चुनाव : कुछ अन्य बातें
'बिहार में महागठबंधन की अभूतपूर्व जीत के बारे में टीकाकारों के अपने-अपने विश्लेषण हैं
Fact check: क्या कन्हैया कुमार ने दिल्ली और बिहार में 'डबल वोटिंग' की? नहीं
बूम ने पाया कि वायरल तस्वीर कन्हैया कुमार के दिल्ली में एक मतदान केंद्र विजिट करने की है. वह 2024 में उत्तर पूर्वी दिल्ली सीट से लोकसभा चुनाव लड़ रहे थे जबकि उन्होंने अपना मतदान अपने होम टाउन बेगूसराय में ही किया था.
आसान नहीं बिहार का मैदान भाजपा के लिए
बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के लिए प्रचार खत्म हो गया है और गुरुवार, 6 नवंबर को 121 सीटों पर मतदान होगा
क्या बिहार से लेफ्ट एकता की राह पकड़ेगा?
बिहार के विधानसभा चुनाव के बहुत सारे पहलू हैं। और इनमें से ज्यादातर पर लिखा जा रहा है
2015 की तरह इस बार भी बिहार में आरक्षण सबसे बड़ा मुद्दा
बिहार चुनाव की घोषणा होने वाली है। वहां यह मुद्दा सबसे बड़ा बनने जा रहा है। सोशल मीडिया पर इसकी शुरुआत हो गई है
पीएम उषा अभियान के तहत बिहार को 600 करोड़ रुपए देगी मोदी सरकार, नीतीश कैबिनेट ने खोला बंद रास्ता
बिहार में पीएम उषा अभियान को लागू करने के प्रस्ताव को नीतीश कुमार सरकार की मंजूरी के बाद राज्य में उच्च शिक्षा के विकास के लिए केंद्र से अगले दो साल में 600 करोड़ रुपए मिलने का रास्ता खुल गया है।
बॉलीवुड के मशहूर स्टार कपल सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल 7 वर्ष की डेटिंग के बाद अब पति-पत्नी बन चुके हैं। दोनों की शादी इस वक़्त टॉक ऑफ द टाउन है। सोनाक्षी और जहीर अलग धर्म से हैं। ऐसे में ना उन्होंने निकाह किया तथा ना ही फेरे लिए, बल्कि सादगी से रजिस्टर मैरिज की एवं फिर रिसेप्शन पार्टी रखी। अलग धर्म में शादी करने पर सोनाक्षी एवं जहीर को जमकर ट्रोल किया जा रहा है। ट्रोलिंग के कारण दोनों को अपने वेडिंग पोस्ट का कमेंट सेक्शन तक बंद करना पड़ा। मगर बात तब हद से ज्यादा तब बढ़ गई, जब इंटरफेथ मैरिज करने पर सोनाक्षी एवं जहीर के खिलाफ बिहार के गांव में प्रोटेस्ट मार्च निकाले गए। रिपोर्ट के अनुसार, सोनाक्षी के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन 'हिंदू शिव भवानी सेना' नाम की एक संगठन द्वारा आयोजित किया गया था। जहीर संग शादी पर बेटी सोनाक्षी की हो रही ट्रोलिंग पर अब शत्रुघ्न सिन्हा ने चुप्पी तोड़ी है तथा हेटर्स को जवाब दिया है। अपने एक इंटरव्यू के चलते शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा- आनंद बक्शी साहब ने इस तरह के प्रोफेशनल प्रोटेस्टर्स के बारे में लिखा है- कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना। इसमें आगे जोड़ना चाहूंगा कि कहने वाले अगर बेकार, बेकाम-काज के हों तो बोलना ही उनका काम बन जाता है। मेरी बेटी ने कुछ भी ऐसा नहीं किया जो गैरकानूनी एवं संविधान के खिलाफ है। सोनाक्षी-जहीर की शादी पर शत्रुघ्न सिन्हा ने आगे कहा- शादी दो लोगों के बीच का एक बहुत ही व्यक्तिगत फैसला है। इसमें किसी को भी बीच में दखल देने या कमेंट करने का हक नहीं होता। विरोध प्रदर्शन करने वालों को मैं यही बोलना चाहता हूं- अपनी जिंदगी पर ध्यान दो। जिंदगी में कुछ अच्छा करो। इससे ज्यादा और कुछ नहीं कहना। बता दें कि शत्रुघ्न सिन्हा ने खुशी-खुशी अपनी इकलौती बेटी की शादी की है। उन्होंने दामाद जहीर को भी अपना आशीर्वाद दिया है। रिलीज हुआ श्रद्धा कपूर-राजकुमार राव की स्त्री 2 का टीजर, इस अवतार में नजर आए स्टार्स किशोर कुमार के गानों पर बैन, मनोज कुमार-देव आनंद की फिल्मों पर रोक..! बॉलीवुड पर भी पड़ा था 'इमरजेंसी' का बुरा असर सामने आई कंगना रनौत की इमरजेंसी की रिलीज डेट, जानिए किस दिन आ रही है इंदिरा गांधी की बायोपिक?
फिल्म रैप में जानिए कि रविवार को एंटरटेनमेंट की दुनिया में क्या खास हुआ. 9 जून 2024 का दिन एतिहासिक रहा. पीएम नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार पीएम बनने की शपथ ली. इस दौरान शाहरुख खान से लेकर अक्षय कुमार भी मौजूद रहे.
परेशान होकर छोड़ी इंडस्ट्री, सालों बाद किया कमबैक, बिहार की लड़की कैसे बनी हीरोइन?
टेलीविजन के पॉपुलर शो उडारियां 15 साल का लीप लेने जा रहा है. लीप के बाद शो एक नई कहानी और स्टारकास्ट के साथ दर्शकों को एंटरटेन करने आ रहा है. लीप से पहले उडारियां में आशमा का रोल निभाने वाली अदिति भगत ने आजतक संग बातचीत की और शो को लेकर कई सारी बातें शेयर कीं.
बिहार सीईटी बीएड : पांच साल में सबसे ज्यादा आवेदन आए, इस तारीख से आएंगे एडमिट कार्ड
Bihar CET B.Ed:महिलाओं के लिए अलग एवं पुरुषों के लिए अलग परीक्षा केंद्र होंगे। अभ्यर्थी 17 जून से अपना एडमिट कार्ड वेबसाइटwww. biharcetbed- lnmu. inपर लॉगइन कर डाउनलोड कर सकेंगे।
बीएसईबी बिहार बोर्ड से संबद्ध और एनसीटीई से मान्यता प्राप्त डीएलएड संस्थानों की सूची जारी
Bihar D.El.Ed: बिहार बोर्ड ने डीएलएड प्रवेश परीक्षा 2024 की आंसर की जारी करने के एक दिन बाद अब राज्य में मौजूद सरकारी व निजी डीएलएड प्रशिक्षण संस्थानों की सूची भी जारी कर दी है। डीएलएड में दाखिला लेने
Bihar DElEd Answer Key 2024: आंसर की जारी, ऐसे दर्ज करें ऑब्जेक्शन, देखें डायरेक्ट लिंक
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने बिहार डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (DElEd) परीक्षा 2024 की आंसर की जारी की। जो उम्मीदवार परीक्षा में उपस्थित हुए हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट- biharboardonline.b
Bihar STET: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने शनिवार को माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (एसटीईटी)-2024 (प्रथम) परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया है। पेपर-1 के विभिन्न विषयों की परीक्षा 18 से 29 मई तक होगी।
CSBC Bihar Police Constable Exam: क्या जारी हो चुकी हैं रिवाइज्ड तारीखें, पढ़ें अपडेट
CSBC Bihar Police Constable exam dates: बिहार पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा की नई तारीखों का इंतजार है। परीक्षाएं 1, 7 और 15 अक्टूबर को निर्धारित की गई थीं, जिन्हें रद्द व स्थगित कर दिया गया था। आइए
सलमान के घर फायरिंग से पहले शूटर्स ने बिहार में की हथियारों की प्रैक्टिस, फार्म हाउस की हुई थी रेकी
14 अप्रैल को, सुबह 4.50 बजे सलमान के बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर, अज्ञात हमलावरों ने पांच राउंड फायरिंग की थी. पुलिस ने सलमान के घर पर फायरिंग करने के मामले में विक्की गुप्ता (24 साल) और सागर पाल (21 साल) नाम के दो लड़कों को गिरफ्तार किया था. अब इससे जुड़ा एक बड़ा अपडेट सामने आया है.
Manisha और Elvish के बीच लगी दुश्मनी की आग हुई और तेज, बिहार की बेटी नेसरेआम बना दिया'राव साहब' का मजाक ?
Bihar Board: जानें-10वीं की मार्कशीट में लिखी U/R,B और C जैसी शॉर्ट फॉर्म का क्या मतलब है?
बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं का रिजल्ट 31 मार्च को जारी कर दिया गया था। छात्र अपनी ओरिजनल मार्कशीट स्कूल से ले सकते हैं। आइए जानते हैं मार्कशीट में लिखी शॉर्ट फॉर्म की फुलफॉर्म क्या है।
बिहार में जेईई और नीट की फ्री कोचिंग, रहने-खाने की भी रहेगी मुफ्त व्यवस्था, ऐसे करें अप्लाई
Bihar Board Jee and Neet Free Coaching : विद्यार्थी समिति द्वारा संचालित engineering (jee) औरmedical (neet) की नि:शुल्क तैयारी हेतु BSEB SUPER-50 आवासीय शिक्षण में पढ़ने हेतु आवेदन कर सकत हैं।
Bihar 10th Board 2024: टॉप 5 में इन 10 छात्रों ने बनाई जगह, जानें नाम और मार्क्स
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड ने दसवी का रिजल्ट bsebmatric.org और results.biharboardonline.com पर जारी कर दिया है। इस साल टॉप 10 की लिस्ट ने 51 छात्रों ने अपनी जगह बनाई है। टॉप 5 की लिस्ट में 10 छ
Bihar Board BSEB 2024 Matrci Result Today:बिहार बोर्ड 10वीं का रिजल्ट biharboardonline.bihar.gov.in व biharboardonline.com , onlinebseb.in पर जल्दजारी कर दिया जाएगा।
BSEB: क्लास 10वीं के रिजल्ट से पहले जानें ये 10 जरूरी बातें, मार्कशीट मिलने में मिलेगी मदद
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड अब कभी भी वेबसाइट biharboardonline.gov.in पर कक्षा 10वीं के रिजल्ट अपलोड कर सकता है। एक बार रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र यहां से डाउनलोड कर सकते हैं।
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (बीएसईबी) मैट्रिक यानी कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट अब कभी भी biharboardonline.bihar.gov.in पर जारी हो सकता है, जो छात्र परीक्षा में शामिल हुए हैं, वे जान लें, रिजल्
बीएसईबी मैट्रिक रिजल्ट की घोषणा जल्द की जाएगी। हालांकि अभी तक रिजल्ट की टाइमिंग और तारीख के बारे में कोई जानकारी शेयर नहीं की गई है, लेकिन उम्मीद है नतीजे 31 मार्च तक आधिकारिक वेबसाइट biharboardonlin
BSEB Bihar 10th Board: प्रेस कॉन्फ्रेंस में शेयर की जाएंगी ये 5 डिटेल्स, यहां पढ़ें
छात्र आधिकारिक वेबसाइट्स से बीएसईबी 10वीं स्कोरकार्ड 2024 डाउनलोड कर सकेंगे। रिजल्ट वाले दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। जिसमें बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं की परीक्षा से जुड़ी कई डिटेल्स शेयर की जाएगी। आइए ज
Bihar 12th Board: किसान की बेटी बनीं कॉमर्स की टॉपर, अब बनना चाहती हैं प्रोफेसर, करेंगी PhD
बिहार बोर्ड 12वीं की कॉमर्स स्ट्रीम में खुशी कुमारी को जिले में सेकंड रैंक मिली है। उनके पिता किसान हैं। उन्होंने कहा, मेरे पिता ने हमेशा शिक्षा को महत्व दिया है, इसलिए भविष्य में मैं शिक्षा के क्षेत
इस साल का रिजल्ट पिछले 5 साल की तुलना में सबसे बेहतर, 87.21 प्रतिशत विद्यार्थी हुए पास
BSEB Bihar Board 12th Result : हार बोर्ड ने आज 12वीं के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस वर्ष का रिजल्ट पिछले 5 सालों की तुलना में सबसे बेहतर रहा है। इस साल इंटर का रिजल्ट 87.21 फीसदी रहा।
बिहार बोर्ड ने 12वीं यानी इंटर परीक्षा का रिजल्ट अब जारी कर दिया है। टॉपर्स के नाम भी सामने आ गए हैं। आइए जानते हैं साइंस, कॉमर्स, आर्ट्स स्ट्रीम के टॉपर्स ने किन स्कूलों से पढ़ाई की है। यहां देखें न
BSEB : बारहवीं कक्षा के छात्रों को इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी के लिए फ्री में कोचिंग देती है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) गरीब विद्यार्थियों को JEE और NEET की मुफ्त कोचिंग कराती है।
BSEB Bihar Board: बिहार बोर्ड इंटर छात्र जानें टॉप 10 इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज
NIRF यानी राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क। इस रैंकिंग को शिक्षा मंत्रालय जारी करता है। एनआईआरएफ रैंकिंग में देश के टॉप इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज और यूनिवर्सिटी की रैंकिंग जारी की जाती है।
बीएसईबी 12वीं के परिणाम के साथ टॉपर्स की लिस्ट भी शेयर करेगा। जो छात्र परीक्षा में शामिल हुए हैं, वे जान लें, पिछले 7 सालों में आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस स्ट्रीम में किसने किया था टॉप। यहां पढ़ें पूरी

