बिहार में दूसरे दिन भी सिलेंडर की क्राइसिस दिखाई दे रही है। कॉमर्शियल सिलेंडर की बुकिंग पूरी तरह से बंद हो चुकी है। इससे होटल, रेस्टोरेंट्स और हॉस्टल्स में संकट गहरा सकता है। इसके साथ ही एजेंसियों पर घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर भी मारामारी दिखाई दे रही है। पटना के जगदेव पथ में HP गैस एजेंसी के बाहर ताला लटका है। गोपालगंज में सुबह 4 बजे से लाइन लगाकर खड़े दिखाई दिए। बिहार में सिलेंडर क्राइसिस की 15 तस्वीरें...
रेवाड़ी के सुठाना गांव में मंगलवार देर शाम कंपनी कर्मी ने कमरे में फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। जिससे गांव में हड़कंप मच गया। कंपनी कर्मी बिहार के भागलपुर का रहने वाला था। बावल की एक निजी कंपनी में काम करता था। अभी आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है। सूचना के बाद कसौला थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। शव का पोस्टमार्टम परिजनों के पहुंचने के बाद करवाया जाएगा। पड़ोसियों ने पुलिस को दी सूचना जानकारी के अनुसार बिहार के भागलपुर निवासी 26 वर्षीय चंद्रेश्वर बावल की आईजीएल कंपनी में काम करता था। मंगलवार शाम को जब काफी देर तक बाहर नहीं निकला तो आसपास के लोगों ने झांककर कमरे में देखा तो शव फांसी के फंदे पर लटकता मिला। जिसके बाद घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना के बाद एसएफएल की टीम के साथ पुलिस मौके पर पहुंची और शव को फंदे से नीचे उतारकर अपने कब्जे में लिया। परिवार आने पर होगा पोस्टमार्टम कसौला थाना प्रभारी सतीश कुमार ने घटना की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि मौके पर कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। मृतक भागलपुर बिहार का रहने वाला है। उसने यह कदम क्यों और किन परिस्थितियों में उठाया इसका पता मृतक के परिजनों के आने के बाद ही चल पाएगा। घटना की सूचना परिजनों को दे दी गई है, उनके आने के बाद ही शव का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।
बात खरी है... इसमें आप देखेंगे बिहार के नेताओं और अफसरों के बीच अंदरखाने क्या चल रहा है, और दिनभर की ऐसी बड़ी हलचल जो आपको हंसाएगी भी और जिम्मेदारों को आइना भी दिखाएंगी। ऊपर VIDEO पर क्लिक करें...
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समृद्धि यात्रा के तीसरे चरण के दौरे पर हैं। आज यात्रा के दूसरे दिन वे सीमांचल के दो जिलों किशनगंज और अररिया में रहेंगे। इन दोनों जिलों में 190 योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। अररिया-किशनगंज में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स्थानीय जनता से बातचीत करेंगे। इस दौरान उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा भी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री के इस दौरे को लेकर सुरक्षा के लिए 2000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। 'समृद्धि यात्रा' की शुरुआत 10 मार्च (मंगलवार) को सुपौल और मधेपुरा से हुई थी और यह 14 मार्च को शेखपुरा में समाप्त होगी। पहले पढ़िए किशनगंज में क्या-क्या करेंगे CM आज (बुधवार) किशनगंज जिले के ठाकुरगंज प्रखंड में 'समृद्धि यात्रा' के तहत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहुंचेंगे। इस दौरान वे 235 करोड़ की 122 विकास योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे। इनमें 133 करोड़ की लागत वाली 73 नई योजनाओं का शिलान्यास करेंगे, जो ठाकुरगंज और आसपास के क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, जल आपूर्ति और बुनियादी ढांचे के सुधार में मदद करेंगी। इसके अलावा 102 करोड़ की लागत से पूरी हुई 49 परियोजनाओं का उद्घाटन भी करेंगे, जिसका लाभ स्थानीय लोगों को मिलेगा। मुख्यमंत्री इस अवसर पर किशनगंज में चल रही विभिन्न विकासात्मक और कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करेंगे और अधिकारियों से उनकी प्रगति रिपोर्ट लेकर समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए दिशा-निर्देश जारी करेंगे। इसके बाद जनता से जनसंवाद करेंगे। अब पढ़िए अररिया में क्या-क्या होगा मुख्यमंत्री नीतीश 10 बजे अररिया पुलिस लाइन पहुंचेंगे। यहां उन्होंने नए पुलिस केंद्र के प्रशासनिक भवन का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद जिले में विभिन्न विकास योजनाओं का रिमोट के माध्यम से उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इसके बाद वे अररिया आरएस स्थित कोसी दुग्ध परियोजना परिसर पहुंचेंगे। यहां विभिन्न विकास योजनाओं के स्टॉल का निरीक्षण करेंगे। फिर जीएनएम छात्रावास का उद्घाटन करेंगे और जननायक कर्पूरी ठाकुर छात्रावास सहित अन्य छात्रावासों के छात्रों से संवाद करेंगे। इस दौरान दुग्ध आपूर्तिकर्ताओं से भी बातचीत करेंगे। इसके बाद वे सड़क मार्ग से अररिया कॉलेज स्टेडियम ग्राउंड पहुंचेंगे। यहां अधिकारियों के साथ जिले में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री जीविका दीदियों से सीधा संवाद करेंगे।
हजारीबाग: बोकारो से बिहार जा रहा ट्रेलर दनुआ घाटी की खाई में गिरा, चालक-खलासी की मौत
चौपारण (हजारीबाग) | चौपारण थाना क्षेत्र के दनुआ घाटी में मंगलवार अहले सुबह बोकारो से बिहार की ओर जा रहा सरिया लदा ट्रेलर अचानक अनियंत्रित होकर करीब 40 फीट गहरी खाई में गिर गया। हादसे में ट्रेलर के खलासी पंकज कुमार (20), निवासी भोजपुर की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं चालक नीतीश कुमार (20), निवासी बक्सर गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। जानकारी के अनुसार ट्रेलर में ओवरलोड सरिया लदा हुआ था। आशंका है कि ढलान के दौरान सरिया खिसकने से ट्रेलर का संतुलन बिगड़ गया और वाहन अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरा। घटना की सूचना मिलते ही चौपारण थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने चालक और स्थानीय लोगों की मदद से राहत-बचाव अभियान चलाया। काफी मशक्कत के बाद दोनों को खाई से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक खलासी की मौत हो चुकी थी और चालक ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।
बिहार वीमेंस कबड्डी में आज से दिखेगा बिहार की बेटियों का दम
डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी करेंगे उद्घाटन, खेल मंत्री श्रेयसी सिंह भी रहेंगीबिहार वीमेंस कबड्डी लीग का महामुकाबला बुधवार से शुरू हो जाएगा। इस लीग के दौरान पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के इंडोर हॉल में 11 से 17 मार्च तक कुल 34 मैच खेले जाएंगे। हर मैच डू एंड डाई होगा। साथ ही हर मैच के बाद बेस्ट रेडर, डिफेंडर या ऑलराउंडर प्रदर्शन करने वाली खिलाड़ी को पुरस्कृत किया जाएगा। कबड्डी चैंपियंस लीग (केसीएल) के पैटर्न पर हो रहे इस लीग में पहली बार सभी छह टीम की खिलाड़ियों को टीम ऑनर की ओर से पांच-पांच हजार रुपए भी दिए जाएंगे। उद्घाटन समारोह बुधवार की शाम 6 बजे से होगा। मुख्य अतिथि खेलमंत्री श्रेयसी सिंह की मौजूदगी में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ट्रॉफी का अनावरण व लीग का उद्घाटन करेंगे। मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस में बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के डीजी सह सीईओ रवीन्द्रण शंकरण ने बताया कि महिला कबड्डी लीग का यह दूसरा संस्करण है। पूरे देश में सिर्फ बिहार में ही सरकार द्वारा महिला कबड्डी लीग का आयोजन कराया जा रहा है। डीजी ने बताया कि इस लीग में उम्दा प्रदर्शन करने वाली खिलाड़ियों को बिहार कबड्डी टीम के लिए चुना जाएगा। बिहार राज्य कबड्डी संघ व प्राधिकरण मिलकर अच्छी खिलाड़ियों को सेलेक्ट करने में अहम भूमिका निभाएंगे। चुनी हुई महिला खिलाड़ियों को मजबूत कबड्डी खिलाड़ी के रूप में डेवलप करेंगे ताकि कॉमनवेल्थ गेम्स समेत अन्य इंटरनेशनल आयोजनों में इंडिया टीम के प्लेइंग सेवन में बिहार की कम से कम दो खिलाड़ी जरूर शामिल रहें। प्राधिकरण के डिप्टी डॉयरेक्टर हिमांशु सिंह ने बताया कि इसके लिए इंटरनेशनल सिलेक्टर मंगला देशाई व राणा रणजीत सिंह के साथ विशेषज्ञों की टीम खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर नजर रखेगी। इस मौके पर बिहार कबड्डी संघ के सचिव कुमार विजय सिंह, टेक्निकल चेयरमैन राणा रंजीत सिंह, क्रीड़ा कार्यपालक आनंदी कुमार , सिलेक्टर मंगला देसाई भी उपस्थित थीं।
हजारीबाग जिले के चौपारण थाना क्षेत्र की दनुआ घाटी में मंगलवार को एक सड़क हादसे में ट्रेलर के चालक और उपचालक की मौत हो गई। सरिया लोड कर बोकारो से बिहार जा रहा एक ट्रेलर जोड़रही पुल के पास अनियंत्रित होकर लगभग 60 फीट गहरी खाई में गिर गया था। जानकारी के अनुसार, ट्रेलर को पंकज कुमार (35) चला रहे थे, जो भोजपुर (बिहार) के हखरकपुर निवासी बृजनंदन यादव के पुत्र थे। दुर्घटना में उपचालक की मौके पर ही मौत हो गई। चालक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। चौपारण थाना प्रभारी सरोज सिंह चौधरी ने घटना की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सड़क सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जोड़रही पुल का डिवाइडर लंबे समय से क्षतिग्रस्त है और इसकी मरम्मत नहीं कराई गई है। लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) पर लापरवाही का आरोप लगाया है, जिसके कारण इस स्थान पर लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं।
बिहार में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की बुकिंग बंद होने से होटल, रेस्टोरेंट पर संकट मंडरा रहा है। इधर कॉमर्शियल गैस की बुकिंग बंद होने से घरेलू गैस के उपभोक्तों की एजेंसियों भीड़ जुट गई है। कोई सिर पर तो कोई साइकिल पर सिलेंडर रखकर पहुंच रहा है। लोग सुबह 6 बजे से लाइन में लगे हैं, लेकिन सिलेंडर नहीं मिल रहा है। लोगों का कहना है कि 3 दिन पहले बुकिंग के बाद भी खाली हाथ लौटने पड़ रहा है। 10 तस्वीरों में देखिए बिहार में सिलेंडर की किल्लत
लुधियाना में युवक ने फांसी लगाकर दी जान:नहीं मिला सुसाइड नोट, बिहार के मुजफ्फरनगर का रहने वाला
लुधियाना के थाना मेहरबान क्षेत्र की गुर्जर कॉलोनी में एक फैक्ट्री वर्कर ने संदिग्ध परिस्थितियों में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान सुभाष के रूप में हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। मृतक के भाई विवेक ने पुलिस को बताया कि सुभाष उसके साथ ही रहता था। विवेक के अनुसार, वह काम पर गया हुआ था, तभी उसे घर से फोन आया कि सुभाष की तबीयत खराब है और उसे दवा लाने को कहा गया। जब विवेक घर पहुंचा और कमरे में गया, तो उसने सुभाष को छत से फंदा लगाकर लटका हुआ पाया। डॉक्टरों ने किया मृत घोषित विवेक ने तुरंत सुभाष को नीचे उतारा। उस समय उसकी सांसें चल रही थीं। विवेक बिना देर किए सुभाष को ऑटो में सिविल अस्पताल ले गया। हालांकि, अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों ने जांच के बाद सुभाष को मृत घोषित कर दिया। बिहार का रहने वाला था मृतक सुभाष बिहार के मुजफ्फरनगर का रहने वाला था और दो दिन पहले ही गांव से लुधियाना आया था। घटना की सूचना मिलने पर थाना मेहरबान की पुलिस सिविल अस्पताल पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया। नहीं मिला सुसाइड नोट पुलिसकर्मी अवतार सिंह ने बताया कि शव के पास से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस फिलहाल परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज कर रही है और उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
'NDA में बढ़ रहा परिवारवाद का चेहरा':बक्सर में सुधाकर सिंह बोले- बिहार अब गुजरात का उपनिवेश बन जाएगा
बिहार की राजनीति में परिवारवाद को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के जदयू से जुड़ने की चर्चाओं के बीच बक्सर के सांसद सुधाकर सिंह ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि परिवारवाद का चेहरा दिन-प्रतिदिन NDA में ही बढ़ता जा रहा है, जबकि यही लोग लगातार राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पर परिवारवाद का आरोप लगाते रहे हैं। सांसद सुधाकर सिंह ने कहा कि NDA की राजनीति की बुनियाद ही राजद पर परिवारवाद का आरोप लगाकर खड़ी की गई थी। वर्षों तक राजद और लालू परिवार को निशाना बनाकर यह कहा गया कि वहां केवल परिवार को ही बढ़ावा दिया जाता है। उन्होंने दावा किया कि आज वही तस्वीर NDA के भीतर भी साफ दिखाई दे रही है। ''ऐसे दर्जनों नाम हैं जिनकी पूरी राजनीतिक श्रृंखला परिवार से जुड़ी हुई'' उन्होंने NDA में परिवारवाद के कई उदाहरण दिए। इनमें भाजपा के राष्ट्रीय पदाधिकारी नितिन नवीन, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान (दिवंगत रामविलास पासवान के पुत्र), पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के बेटे, मंत्री अशोक चौधरी की पुत्री सांभवी चौधरी और उपेन्द्र कुशवाहा के पुत्र दीपक प्रसाद शामिल हैं। सांसद ने कहा कि ऐसे दर्जनों नाम हैं जिनकी पूरी राजनीतिक श्रृंखला परिवार से जुड़ी हुई है। सुधाकर सिंह ने कहा कि जब इतने बड़े पैमाने पर परिवार के लोग राजनीति में आगे बढ़ाए जा रहे हैं, तो फिर केवल राजद पर परिवारवाद का आरोप लगाना पूरी तरह से राजनीतिक दोहरापन है। उन्होंने आरोप लगाया कि NDA के नेता जनता को भ्रमित करने के लिए परिवारवाद का मुद्दा उठाते हैं, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है। बिहार की राजनीति को लेकर भी चिंता जताई इसके साथ ही सांसद सुधाकर सिंह ने बिहार की राजनीति को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अब बिहार को गुजरात मॉडल बनाने की बात कही जा रही है। उनका कहना था कि 1990 से 2026 तक बिहार का फैसला यहां की जनता और लोग तय करते रहे हैं, लेकिन अब स्थिति बदलती नजर आ रही है। सांसद ने आरोप लगाया कि आने वाले समय में बिहार के फैसले बाहरी लोग तय करेंगे। उन्होंने कहा कि जिस तरह अन्य राज्यों में राजनीतिक नियंत्रण बाहर से होता है, उसी तरह बिहार भी गुजरात के प्रभाव में आ सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि अगर यही स्थिति रही तो बिहार एक तरह से गुजरात का उपनिवेश बनकर रह जाएगा। सुधाकर सिंह के इस बयान के बाद बिहार की सियासत में परिवारवाद और बाहरी प्रभाव को लेकर बहस और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
फरीदाबाद जिले में दिल्ली-मुंबई-एक्सप्रेसवे पर रोड़ क्रास करते समय गाड़ी की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई। हादसा सेक्टर 8 पुल के पास हुआ, जब मृतक अपने घर को वापस लौट रहा था। पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए बीके अस्पताल में रखवा दिया है। काम से वापस घर लौट रहा था जानकारी के अनुसार मृतक का नाम अमरजीत (30) है। मूल रूप से वह बिहार का रहने वाला था। सोमवार की शाम को वह मजदूरी करके पैदल वापस घर लौट रहा था। वह पैदल की सेक्टर 8 के पास से दिल्ली-मुंबई-एक्सप्रेसवे पर रोड़ क पार कर रहा था। इसी दौरान एक कार ने उसकों टक्कर मार दी। कार की टक्कर से वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। साल 2022 में हुई थी शादी मृतक के ससुर मितलेश ने बताया कि साल 2022 में अमरजीत के साथ उन्होंने अपनी लड़की की शादी की थी। वह गांव सिंह में किराए के मकान में परिवार के साथ रह रहा था। जैसे ही उनको मामले की सूचना मिली, तो वह मौके पर पहुंचे और अमरजीत को अस्पताल लेकर आए, लेकिन उनके पहुंचने से पहले ही अमरजीत की मौत हो चुकी है। शव को पोस्मार्टम के लिए रखवाया मामले की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और शव को पोस्मार्टम के लिए सिविल अस्पताल के बीके में रखवा दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
ओडिशा, झारखंड के अलग होने के बाद क्या बिहार का एक बार फिर बंटवारा होगा। अमित शाह के दौरे, नए राज्यपाल की नियुक्ति और मुख्यमंत्री बदले जाने की खबर के बीच सीमांचल इलाके में उबाल है। अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। इस बीच केंद्र सरकार ने ऐसे किसी भी तरह के प्रस्ताव से इनकार किया है। साथ ही इन चर्चाओं को अफवाह करार दिया है। लेकिन सियासत में कई चालें ऐसी होती हैं, चली पहले जाती है...बताई बाद में जाती हैं। सीमांचल अलग क्यों हो सकता है। नया राज्य बनाने का नियम क्या है। क्या नीतीश कुमार को इसलिए हटाया गया। इन सवालों के जवाब...आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाहीं में...। सवाल-1ः सीमांचल को केंद्र शासित प्रदेश बनाने की चर्चा का पूरा मामला क्या है? जवाबः 25 से 27 फरवरी तक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सीमांचल के दौरे पर थे। उन्होंने बॉर्डर से जुड़ी सुरक्षा की समीक्षा बैठक की। इस दौरे के बाद 28 फरवरी को AIMIM विधायक तौसिफ आलम ने कहा कि केंद्र सरकार सीमांचल और बंगाल के कुछ एरिया को मिलाकर केंद्र शासित प्रदेश बनाने जा रही है। हम ऐसा नहीं होने देंगे। केंद्र सरकार ने इन चर्चाओं पर क्या जवाब दिया सवाल-2ः नया राज्य बनाने का नियम क्या है? जवाबः संविधान के अनुच्छेद-3 के तहत अलग राज्य के गठन का अधिकार केंद्र सरकार के पास है। वह किसी भी राज्य का क्षेत्र बढ़ा या घटा सकती है, सीमाएं बदल सकती है। वह राज्य का नाम भी बदल सकती है। इसके लिए पहले विधानसभा नए राज्य के गठन का प्रस्ताव पास करती है। फिर इसे राष्ट्रपति को भेजती है। इस पर केंद्र कदम उठा सकता है। गृह मंत्री संसद में नए राज्य के गठन का प्रस्ताव पेश करते हैं। इसमें यह भी तय होता है कि नए राज्य में कितने जिले, विधानसभा और लोकसभा सीटें होंगी। सवाल-3ः क्यों बनाए जाते हैं केंद्र शासित प्रदेश? जवाबः किसी क्षेत्र को केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने के पीछे उन क्षेत्रों का छोटा आकार, कम जनसंख्या, अन्य राज्यों से दूरी, अलग संस्कृति कारण होती है। सवाल-4ः सीमांचल क्या केंद्र शासित प्रदेश बन सकता है? जवाबः बिल्कुल। सीमांचल उन नियमों पर फिट बैठता है, लेकिन केंद्र सरकार ने अलग प्रदेश बनाने के प्रस्ताव की खबरों को अफवाह बताया है। सीमांचल क्यों अलग हो सकता है, इसे ऐसे समझिए… बिहार के नए राज्यपाल बने लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (रि) से भास्कर ने कुछ महीने पहले चिकन नेक पर खतरे के संबंध में बात की थी। तब उन्होंने कहा था- चिकन नेक कॉरिडोर पर खतरा बढ़ा है। हालांकि, वे सेना का इस्तेमाल करके कॉरिडोर के इलाके को बढ़ाने की जरूरत से इनकार करते हैं। इसकी बजाय वे कूटनीति और गैर-सैन्य तरीकों से इसकी सुरक्षा पर जोर देते हैं। आर्थिक रूप से भी सीमांचल सबसे पीछे सवाल-5ः सीमांचल केंद्र शासित प्रदेश बना तो क्या बदल जाएगा? जवाबः देश में 3 तरह के राज्य हैं। पूर्ण राज्य, विधानसभा वाले केन्द्र शासित राज्य और बिना विधानसभा वाले केन्द्र शासित राज्य। सीमांचल के अलग होने की बात को ही केंद्र सरकार ने अफवाह बताया है तो अभी कुछ कहा नहीं जा सकता कि सीमांचल किस तरह का राज्य होगा। लेकिन तीनों राज्यों का अंतर ग्राफिक्स के जरिए समझ लीजिए… सवाल-6ः क्या सीमांचल को लेकर कठोर निर्णय लेने के लिए नीतीश कुमार को हटाया जा रहा? जवाबः ऑफिशियल तौर पर नीतीश कुमार ने कहा- मेरी बहुत दिनों से राज्यसभा जाने की इच्छा थी, इसलिए अब राज्यसभा जा रहे हैं। हालांकि, नीतीश कुमार के इस तर्क पर राजनीतिक गलियारे में सवाल उठ रहे हैं। मुख्य तौर पर नीतीश की विदाई के पीछे उनकी स्वाथ्य संबंधी दिक्कतें हैं। बताया जा रहा कि शाह ने सीमांचल दौरे के दौरान बिहार सरकार के कामकाज का फीडबैक लिया था। इसमें यह बात सामने आई कि राज्य सरकार अफसरों की एक लॉबी के सहारे चल रही है। अफसर ही सब निर्णय ले रहे हैं। बंगलादेश और नेपाल में भारत विरोधी ताकतों के मजबूत होने के बाद बिहार की सीमा की सुरक्षा से संबंधित फैसलों को अफसरों के भरोसे छोड़ना ठीक नहीं था। यही कारण है कि नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद छोड़ने के लिए मनाया गया।
जमुई के जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) दयाशंकर सिंह ने नई दिल्ली में आयोजित एक राष्ट्रीय परामर्शदात्री बैठक में बिहार राज्य का प्रतिनिधित्व किया। यह दो दिवसीय उच्चस्तरीय बैठक राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के श्री अरबिंदो मार्ग स्थित मुख्यालय में संपन्न हुई। इस बैठक में देशभर के शिक्षा विशेषज्ञ शिक्षकों की भावी भर्ती नीतियों, उनके पारदर्शी पदस्थापन, संबंधित चुनौतियों और संभावित समाधानों पर विचार-विमर्श कर रहे हैं। केवल दो अधिकारियों का चयन किया गया था शिक्षा विभाग, बिहार सरकार के निदेशक (प्रशासन) मनोरंजन कुमार द्वारा जारी पत्र के अनुसार, इस महत्वपूर्ण बैठक के लिए राज्य स्तर से केवल दो अधिकारियों का चयन किया गया था। इनमें जमुई के डीईओ दयाशंकर सिंह और प्राथमिक शिक्षा निदेशालय के उपनिदेशक प्रफुल्ल कुमार मिश्रा शामिल हैं। जिलाधिकारी ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए दयाशंकर सिंह को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह चयन न केवल उनकी कार्यकुशलता का प्रमाण है, बल्कि जमुई जिले के शैक्षणिक प्रबंधन को राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान का भी प्रतीक है।
ड्राइवरों के अधिकार, सुरक्षा और सामाजिक कल्याण से जुड़ी मांगों को लेकर सोमवार को ड्राइवर एसोसिएशन ऑफ बिहार के बैनर तले जेपी स्मारक के समीप एक विशाल शांतिपूर्ण धरना आयोजित किया गया। धरने में जिले के विभिन्न इलाकों से बड़ी संख्या में कमर्शियल वाहन चालकों ने भाग लिया। इस दौरान संगठन के नेता और सदस्य अपनी मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी करते हुए सरकार का ध्यान ड्राइवरों की समस्याओं की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया। कार्यक्रम के अंत में एसोसिएशन की ओर से 10 सूत्री मांगों से संबंधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया। संगठन के जिलाध्यक्ष बोले- परिवहन व्यवस्था में ड्राइवरों की भूमिका अहम धरने को संबोधित करते हुए संगठन के जिलाध्यक्ष हरेराम भाई ने कहा कि सड़क परिवहन व्यवस्था में ड्राइवरों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें पर्याप्त सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने कहा कि रोजाना सड़क पर जोखिम भरे माहौल में काम करने वाले ड्राइवरों के लिए सरकार को ठोस नीतियां बनानी चाहिए, ताकि उनकी जिंदगी सुरक्षित और सम्मानजनक बन सके। ‘ड्राइवर की मृत्यु को आपदा की श्रेणी में शामिल किया जाए’ ड्राइवर एसोसिएशन ने अपनी मांगों में सड़क दुर्घटना में ड्राइवर की मृत्यु को आपदा की श्रेणी में शामिल करने, ड्राइवर आयोग के गठन और ड्राइवर वेलफेयर फंड की व्यवस्था करने की मांग उठाई। इसके साथ ही दुर्घटना में मृत्यु होने पर 20 लाख रुपए और स्थायी अपंगता पर 10 लाख रुपए मुआवजा देने तथा दुर्घटना की स्थिति में मुफ्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की भी मांग की गई। संगठन ने 60 वर्ष की आयु के बाद ड्राइवरों के लिए पेंशन योजना लागू करने और दुर्घटना में मृत्यु होने पर आश्रितों को तत्काल पेंशन देने की भी मांग की। वाहनों में आगे और पीछे कैमरा लगाने की मांग की इसके अलावा ड्राइवरों के बच्चों को उच्च शिक्षा में विशेष आरक्षण देने, सभी वाहनों में आगे और पीछे छह कैमरे लगाने की व्यवस्था करने, 1 सितंबर को ड्राइवर दिवस घोषित करने तथा उस दिन ड्राइवरों को अवकाश देने की भी मांग की गई। एसोसिएशन ने ड्राइवरों को द्वितीय श्रेणी सैनिक का दर्जा देने, सड़क दुर्घटनाओं में घायलों के बेहतर इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों के आईसीयू में एक बेड ड्राइवरों के लिए आरक्षित करने तथा ड्राइवरों के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त सुरक्षा कानून बनाने की मांग भी सरकार के समक्ष रखी। धरने में जिले के अलग-अलग प्रखंडों से आए ड्राइवरों ने एकजुटता दिखाते हुए अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की और जल्द से जल्द इन मांगों पर कार्रवाई की मांग की।
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा को राज्यसभा चुनाव के लिए बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें बिहार में होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। जारी आदेश के मुताबिक, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने यह नियुक्ति की है। डिप्टी सीएम विजय शर्मा चुनाव प्रक्रिया के दौरान बिहार में पार्टी की रणनीति, संगठनात्मक गतिविधियों और समन्वय की निगरानी करेंगे। भाजपा संगठन के अनुसार, राज्यसभा चुनाव के मद्देनजर अलग-अलग राज्यों में वरिष्ठ नेताओं को पर्यवेक्षक बनाया जा रहा है, ताकि चुनाव प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित हो सके। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम विजय शर्मा को बिहार की जिम्मेदारी सौंपी गई है। संगठनात्मक अनुभव और सक्रियता के कारण जिम्मेदारी पार्टी नेताओं का कहना है कि विजय शर्मा संगठनात्मक अनुभव और राजनीतिक सक्रियता के कारण इस भूमिका के लिए उपयुक्त हैं। वे चुनाव के दौरान स्थानीय नेताओं और विधायकों से समन्वय स्थापित कर पार्टी की रणनीति को मजबूत करेंगे। भाजपा के इस फैसले को संगठन में उनके बढ़ते कद के रूप में भी देखा जा रहा है। आदेश की कॉपी- नीतीश कुमार ने कर दिया है नामांकन दाखिल बता दें कि बिहार के CM नीतीश कुमार ने 5 मार्च 2026 को राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया। साथ ही ये भी तय हो गया कि अब नीतीश कुमार बिहार की राजनीति को अलविदा कह देश की राजनीति करेंगे। उन्होंने अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया है, लेकिन तय है कि किसी भी वक्त CM पद छोड़ सकते हैं। CM की रेस में सबसे आगे सम्राट चौधरी का नाम साथ ही अब इस बात की चर्चा शुरू हो गई है कि नीतीश कुमार के बाद बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा…? क्या पहली बार बिहार में बीजेपी का CM बनेगा? क्या नीतीश के किसी करीबी को CM बनाया जाएगा। क्या 4 दशक बाद बिहार को सवर्ण CM मिल सकता है..? बिहार में CM की रेस में सबसे आगे सम्राट चौधरी का नाम चल रहा है। विजय चौधरी भी चर्चा में हैं। इधर, BJP EBC या OBC चेहरा लाकर चौंका सकती है। सबसे पहले सत्ता के दो फॉर्मूले को समझिए, जिसकी चर्चा चल रही है… अब BJP के CM के दावेदारों को जानिए 1. सम्राट को आगे कर लव-कुश समीकरण साधेगी सम्राट चौधरी कोइरी समाज से आते हैं। नीतीश कुमार कुर्मी हैं। इन दोनों को बिहार की सियासत में लव-कुश कहा जाता है। राज्य में इन दोनों कोइरी और कुर्मी समाज की आबादी तकरीबन 7 फीसदी है। इसमें कोइरी 4.21% कुर्मी 2.87% हैं। इन्हीं के दम पर नीतीश कुमार अपनी राजनीति करते रहे हैं। ऐसे में अगर सम्राट को BJP आगे बढ़ाती है तो नीतीश का ये वोट बैंक उनके पास रह सकता है। BJP बिहार में OBC को साधने के लिए गैर यादव OBC को लगातार साधने का प्रयास कर रही है और इस समीकरण में सम्राट चौधरी बिल्कुल फिट बैठते हैं। कोइरी बिहार में यादव के मुकाबले एक मजबूत पिछड़ी जाति मानी जाती है। सरकार से लेकर संगठन तक का अनुभव सम्राट चौधरी के पास सरकार चलाने से लेकर संगठन चलाने तक का अनुभव है। राबड़ी सरकार में सबसे कम उम्र का मंत्री बनने से लेकर वे मौजूदा समय में दो बार नीतीश सरकार में डिप्टी सीएम रह चुके हैं। इससे पहले वे नीतीश सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं। सरकार के साथ-साथ वे विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभा चुके हैं। पार्टी के भीतर वे सचिव, उपाध्यक्ष से लेकर प्रदेश के अध्यक्ष की भूमिका भी निभा चुके हैं। ऐसे में उनके पास हर तरह का अनुभव है। 2. विजय सिन्हाः RSS और मोदी का भरोसा सम्राट चौधरी की तरह विजय सिन्हा भी मौजूदा सरकार में डिप्टी सीएम हैं। विजय सिन्हा की सबसे बड़ी ताकत है संघ का भरोसा। इन्हें संघ का भरोसेमंद नेता माना जाता है। इन्होंने संघ के रास्ते बीजेपी की राजनीति में एंट्री की है और मूल भाजपाई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के करीबी माने जाते हैं। विजय सिन्हा 2010 से लगातार लखीसराय विधानसभा से चुनाव जीतते आ रहे हैं। इस दौरान वे नीतीश सरकार में मंत्री से लेकर स्पीकर की भूमिका में अपनी छाप छोड़ चुके हैं। नीतीश ने जब बीजेपी का साथ छोड़ा तब विधानसभा में इन्हें नेता प्रतिपक्ष बनाया गया था। इसके बाद दो बार से लगातार ये भी डिप्टी सीएम के पद पर हैं। सख्त एडमिनिस्ट्रेटर के रूप में अपनी छवि बना चुके हैं। नया नाम देकर चौंका सकती है बीजेपी BJP हर राज्य में मुख्यमंत्री के चेहरे पर चौंकाती रही है। ऐसे में बीजेपी पहली बार जब बिहार में अपना सीएम बनाएगी तो यहां भी चौंका सकती है। किसी EBC चेहरे या यादव चेहरे पर भी दांव लगा सकती है। हालांकि, प्रदेश स्तर के कोई भी नेता इस पर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। अब JDU के दावेदारों को जानिए JDU के बारे में दो तरह की चर्चाएं हो रही हैं। अगर नीतीश कुमार की चली तो JDU का अपना सीएम होगा। अगर BJP इस बात पर राजी नहीं होती है तो सरकार के मौजूदा फॉर्मूले की तरह JDU के दो डिप्टी सीएम होंगे। नीतीश अपने हनुमान विजय चौधरी पर जता सकते हैं भरोसा विजय चौधरी जदयू के भीतर और बाहर एक ऐसे नेता हैं, जिन्हें नीतीश कुमार का 'नंबर 2' माना जाता है। वे सरकार की पॉलिसियों और रणनीतियों को बनाने वाली 'कोर कमेटी' के अहम सदस्य हैं। नीतीश बिहार में कहीं जाएं विजय चौधरी हमेशा उनके साथ होते हैं। रणनीतिक मामलों में उन्होंने नीतीश कुमार का हनुमान माना जाता है। विजय चौधरी एक ऐसे नेता हैं, जो विवादों से हमेशा दूर रहते हैं। अपनी मृदुभाषी शैली और प्रशासनिक पकड़ के लिए जाने जाते हैं। वित्त, शिक्षा ग्रामीण कार्य, जल संसाधन, संसदीय कार्य जैसे कई अहम विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। इसके अलावा विधानसभा में स्पीकर भी रह चुके हैं। …………………………. राज्य सभा चुनाव से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… छत्तीसगढ़ राज्यसभा चुनाव, भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मी वर्मा ने भरा पर्चा: कांग्रेस से फूलो देवी ने नामांकन दाखिल किया, 9 मार्च को नाम वापसी,16 को वोटिंग छत्तीसगढ़ राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल कर दिया है। भाजपा से लक्ष्मी वर्मा ने पर्चा भरा है। उन्होंने महिलाओं की आवाज मजबूती से उठाने की बात कही। वहीं कांग्रेस से फूलो देवी नेताम ने नामांकन दाखिल किया। उन्होंने दोबारा मौका मिलने पर कांग्रेस आलाकमान का आभार जताया। पढ़ें पूरी खबर…
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद सबसे बड़ा सवाल है कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। इसी बीच NDA के भीतर से ही एक नई मांग सामने आई है। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के कार्यकर्ताओं की ओर से चिराग पासवान को बिहार का अगला मुख्यमंत्री बनाने की मांग उठाई गई है। इसे लेकर पटना में बीजेपी कार्यालय के बाहर एक पोस्टर भी लगाया गया, जिससे राजनीतिक चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। पोस्टर में लिखा है- ‘ना दंगा ना फसाद हो, बिहार का CM सिर्फ चिराग हो।’ बीजेपी के ऑफिस के बाहर ये पोस्टर लगे चिराग को मोदी का हनुमान भी बताया बीजेपी कार्यालय के बाहर लगाए गए इस पोस्टर में साफ तौर पर चिराग पासवान को मुख्यमंत्री बनाने की मांग की गई है। पोस्टर में लिखा है- ‘ना दंगा हो, ना फसाद हो, बिहार का CM सिर्फ चिराग हो। सजाओ इनके सर पर ताज, तभी आएगा बिहार में स्वर्ण काल।’ इसके साथ ही पोस्टर में यह भी लिखा गया है कि ‘मोदी जी का मिला अपने हनुमान को आशीर्वाद, चिराग होंगे बिहार के नए सरताज।’ पोस्टर के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि अगर एनडीए की सरकार बनती है तो मुख्यमंत्री का चेहरा चिराग पासवान होना चाहिए। पोस्टर में यह भी लिखा गया है कि 'बिहार मांगे चिराग, वक्त अब आ गया है युवा मुख्यमंत्री बनाने का। NDA की होगी सरकार, CM होगा सिर्फ चिराग।' LJP (रामविलास) के जिला अध्यक्ष ने लगाए पोस्टर ये पोस्टर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के पटना जिला अध्यक्ष इमाम गजाली की ओर से लगवाए हैं। पोस्टर लगने के बाद बिहार की राजनीति में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या NDA में चिराग पासवान को मुख्यमंत्री पद के लिए आगे बढ़ाया जा सकता है या नहीं। सांसद अरुण भारती ने भी जताई थी इच्छा इससे पहले लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के सांसद अरुण भारती ने भी चिराग पासवान को मुख्यमंत्री के रूप में देखने की इच्छा जताई थी। कुछ दिन पहले पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा था कि, ‘मुख्यमंत्री को लेकर अंतिम फैसला एनडीए के बड़े नेता मिलकर करेंगे।’ हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि व्यक्तिगत तौर पर वह अपने नेता चिराग पासवान को बिहार के बड़े नेता और राज्य के मुखिया के रूप में देखना चाहते हैं। चिराग को देश के भविष्य के रूप में देखती जनता भारती ने कहा कि, ‘जनता चिराग को बिहार के भविष्य के रूप में देखती है। प्रभारी के तौर पर जिन जिलों का दौरा किया, वहां कार्यकर्ताओं की मांग है कि चिराग आने वाले समय में बड़ी भूमिका निभाएं।’ NDA की बैठक में तय होगा CM फेस LJPR के मंत्री संजय पासवान ने चिराग के CM बनाए जाने की मांग पर कहा, कार्यकर्ताओं की भावना होती है हम उनकी भावना का सम्मान करते हैं। अभी बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हैं। आगे जो भी होगा उसके लिए NDA की बैठक होगी। उसमें सभी निर्णय लिए जाएंगे, उसमें जो फैसला होगा उसका हम स्वागत करेंगे। संजय पासवान से पूछा गया कि आप चाहते हैं कि चिराग CM बनें तो उन्होंने कहा, NDA की बैठक में जो भी फैसला होगा हम उसका स्वागत करेंगे।
भारत ने न्यूजीलैंड को हराकर तीसरी बार टी–20 वर्ल्डकप जीता है। इस जीत के साथ बिहार की राजधानी पटना समेत पूरे प्रदेश में जमकर आतिशबाजी की गई। पटना की सड़कों पर उतरकर लोगों ने जमकर पटाखे फोड़े। ट्रक की हॉर्न पर खड़े होकर जीत का जश्न मनाया। आकाश पटाखों की आवाज से गूंज उठा। रविवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में टॉस जीतकर न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर बॉलिंग का फैसला लिया था। पहले बैटिंग करने उतरी टीम इंडिया ने भारत ने टी–20 वर्ल्डकप फाइनल में रिकॉर्ड 255 रन बनाए। बिहार के ईशान किशन ने 24 बॉल पर 54 रन बना कर पेवेलियन लौटे गए थे। ईशान ने 4 चौके और 4 छक्के लगाए। 16वें ओवर के पांचवीं बॉल पर ईशान किशन आउट हो गए। मैच के लिए लाइव प्रसारण के लिए पटना की 10 से अधिक सड़कों पर प्रोजेक्टर और मॉल में बड़े स्क्रीन लगाए गए थे। यहां सैकड़ों की संख्या में लोग मैच का लुत्फ उठाने पहुंचे थे। ईशान किशन जब भी चौके-छक्के लगा रहे थे तो जोश में लोग उछलने लगते थे। ईशान ने अर्धशतक बनाए तो लोग खड़े होकर तालियां बजाने लगे। चौथा ओवर जसप्रीत बुमराह फेंकने आए। उन्होंने पहली ही गेंद पर रचिन रवींद्र को पवेलियन भेज दिया। बुमराह ने गुड लेंथ पर ऑफ कटर फेंकी। रचिन ने शॉट खेला, लेकिन गेंद फाइन लेग की ओर हवा में खड़ी हो गई। ईशान किशन तेजी से बॉल के नीचे आए और बेहतरीन डाइविंग कैच पकड़ लिया। इसके बाद टिम साइफर्ट और डेरिल मिचेल का भी कैच पकड़ा है। इंडिया ने जीता T20 वर्ल्ड कप जीत लिया है। इसके बाद से बिहार में जमकर आतिशबाजी की गई। देखिए बिहार के क्रिकेट प्रेमियों की तस्वीरें… दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-11 भारत: संजू सैमसन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पंड्या, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह और वरुण चक्रवर्ती। न्यूजीलैंड: फिन एलन, टिम साइफर्ट (विकेटकीपर), रचिन रवींद्र, ग्लेन फिलिप्स, मार्क चापमन, डेरिल मिचेल, मिचेल सैंटनर (कप्तान), कोल मैकॉन्ची, मैट हेनरी, जिमी नीशम और लॉकी फर्ग्यूसन। ईशान किशन ने टी20 वर्ल्ड कप में रचा इतिहास इस वर्ल्ड कप में बिहार के ईशान किशन भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले प्लेयर हैं। उन्होंने 8 मैचों में 263 रन बनाए हैं, जिसमें उनका बेस्ट स्कोर 77 रहा है। ईशान ने इस दौरान दो अर्धशतक लगाए हैं। इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में ईशान किशन ने इतिहास रच दिया था। वह भारत के पहले विकेटकीपर बल्लेबाज बन गए, जिसने टी20 वर्ल्ड कप के एक एडिशन में 250 या इससे ज्यादा रन बनाए। ईशान किशन इस मुकाबले से पहले 224 रन बना चुके थे। इस मैच में जैसी ही उन्होंने 26वां रन बनाया। टी20 वर्ल्ड कप में उनके 250 रन पूरे हो गए। उन्होंने 8वें ओवर की तीसरी गेंद में छक्का मारकर यह आंकड़ा पार किया। वैशाली में टीम इंडिया की जीत के लिए किया हवन वैशाली जिले के भगवानपुर में खेल प्रेमी केदार यादव ने पंडित अभय आचार्य की देखरेख में पूजा अर्चना की। केदार यादव ने कहा कि, 'जब तक भारत फाइनल मैच जीतेगा, तब तक पूजा करते रहेंगे। भारत की जीत के लिए यज्ञ कर रहे हैं।
दो दशकों से बिहार की कमान संभालने वाले नीतीश कुमार अब दिल्ली जा रहे हैं। और ठीक इसी वक्त, उनके इकलौते बेटे निशांत कुमार, जिन्होंने अब तक राजनीति से पूरी दूरी बनाए रखी। BIT मेसरा से इंजीनियरिंग की डिग्री ली और लो-प्रोफाइल जीवन जिया। 8 मार्च को जनता दल यूनाइटेड (JDU) में औपचारिक रूप से शामिल होकर सक्रिय राजनीति में कदम रखा। यह महज एक सदस्यता नहीं, बल्कि पीढ़ीगत बदलाव का संकेत है। ऐसे समय में जब JDU कार्यकर्ताओं में नीतीश के दिल्ली जाने से असंतोष है। पार्टी बिखरने का डर है। निशांत के लिए यह सफर आसान नहीं है। आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाहीं में निशांत के सामने 4 बड़ी चुनौतियां…। 1. JDU को एकजुट और मजबूत रखना नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और मुख्यमंत्री पद छोड़ने के फैसले से JDU कार्यकर्ताओं में असंतोष और नाराजगी है। कई विधायक-नेता इसे ‘नेतृत्व शून्यता’ का खतरा मान रहे हैं, क्योंकि पार्टी लंबे समय से नीतीश के व्यक्तिगत करिश्मे और निर्णयों पर निर्भर रही है। 2. नीतीश के वोटबैंक को बचाए रखना नीतीश कुमार का मुख्य वोटबैंक कुर्मी (उनकी जाति), महादलित, EBC और कुछ मुस्लिम-दलित समूहों में है, जो ‘सुशासन’ और विकास की छवि पर टिका है। इसके बदौलत नीतीश कुमार बीते 21 सालों से बिहार की राजनीति की तीसरी धुरी बने हुए हैं। वह जिधर जाते हैं, सरकार बनती है। 3. भाजपा से तालमेल बनाकर रखना नीतीश के दिल्ली जाने के बाद बिहार में BJP का मुख्यमंत्री बनना लगभग तय है, और JDU को डिप्टी CM या अन्य पदों पर संतोष करना पड़ सकता है। निशांत को BJP के साथ पावर-शेयरिंग में संतुलन बनाना होगा, ताकि JDU की स्वतंत्र पहचान बनी रहे। अगर BJP ज्यादा दबाव बनाए तो गठबंधन टूटने का खतरा है, जैसा पहले कई बार हुआ। 4. परिवारवाद की छवि से खुद को बाहर निकालना नीतीश कुमार ने हमेशा वंशवाद का विरोध किया है (लालू-राबड़ी, तेजस्वी पर हमले) और खुद को ‘परिवार पहले नहीं, बिहार पहले’ वाला नेता बताया है। निशांत की एंट्री से JDU पर वंशवाद का ठप्पा लग रहा है, जो नीतीश की छवि को नुकसान पहुंचा सकता है। कई रिपोर्ट्स में इसे ‘राजनीतिक जरुरत’ बताया गया है, लेकिन विरोधी दल RJD-कांग्रेस इसे मुद्दा बनाएंगे।
एक साल में टनल से जुड़ जाएंगे बिहार और पटना म्यूजियम
बिहार म्यूजियम और पटना म्यूजियम को जोड़ने वाली टनल के निर्माण की शुरुआत रविवार को हो गई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने टनल बोरिंग मशीन का बटन दबाकर खुदाई का शुभारंभ किया। इसका निर्माण 542 करोड़ की लागत से होगा। इसका मुख्य ढांचा छह माह में तैयार होगा। फिनिशिंग और अन्य सौंदर्यीकरण कार्यों के साथ पूरा प्रोजेक्ट एक साल के भीतर पूरा होगा। यह टनल करीब 1.5 किमी लंबी होगी। पर्यटक एक ही टिकट पर दोनों म्यूजियम का भ्रमण कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माण कार्य बेहतर ढंग से जल्द पूर्ण हो। इसके बनने से पर्यटकों की संख्या में काफी बढ़ोतरी होगी, इसे ध्यान में रखते हुए पार्किंग और अन्य सुविधाओं की भी समुचित व्यवस्था हो। टनल का निर्माण इस प्रकार से हो कि बेली रोड पर आवागमन में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। मुख्यमंत्री ने बिहार संग्रहालय का भ्रमण किया मुख्यमंत्री ने बिहार संग्रहालय का भी परिभ्रमण किया। संग्रहालय के महानिदेशक अंजनी कुमार सिंह ने नए प्रदर्शों, पर्यटकों की संख्या, पार्किंग की व्यवस्था समेत अन्य सुविधाओं आदि के संबंध में जानकारी दी। ऑफिसर्स हॉस्टल का निर्माण कार्य देखा मुख्यमंत्री ने बिहार संग्रहालय के सामने पुनर्विकसित हो रहे 60 आवास एवं ऑफिसर्स हॉस्टल कैंपस आैर पार्क निर्माण की भी जानकारी ली। यहां बहुमंिजले भवन का निर्माण होना है। परिसर में सोलर पार्किंग शेड, ओपन पार्किंग, क्लब हाउस आदि की व्यवस्था होगी। मुख्यमंत्री ने काम को तेजी से करने को कहा। मौके पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा और मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत समेत कई अधिकारी मौजूद थे।
होल्डिंग टैक्स के 59 करोड़ रुपए बकाया
मार्च का महीना शुरू हो गया है, लेकिन अभी तक करीब 84 करोड़ रुपए की ही होल्डिंग टैक्स वसूली हो सकी है। नगर निगम ने 58,694 निजी संपत्तियों, मकानों और फ्लैटों को चिह्नित किया है, जिन्होंने अब तक होल्डिंग टैक्स और कचरा शुल्क जमा नहीं किया है। इन पर 19.70 करोड़ रुपए से अधिक का बकाया है, जबकि सरकारी भवनों पर 39 करोड़ रुपए से अधिक की राशि बकाया है। लगातार अभियान चलाने और लोगों को जागरूक करने के बाद भी बड़ी संख्या में बकाएदारों ने भुगतान नहीं किया है। इस बार नगर निगम ने 150 करोड़ रुपए राजस्व संग्रह का लक्ष्य रखा था, लेकिन वर्तमान स्थिति को देखते हुए इसके पूरा होने की संभावना कम नजर आ रही है। 31 मार्च तक बकाया राशि जमा नहीं करने पर 1.5 प्रतिशत पेनाल्टी लगेगी। फिलहाल राज्य सरकार के निर्देश पर वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) स्कीम लागू है। इसके तहत बकाया राशि एकमुश्त जमा करने पर पेनाल्टी और ब्याज नहीं देना होगा। यह सुविधा केवल 31 मार्च तक ही उपलब्ध रहेगी। निगम प्रशासन ने बताया है कि जिन बकाएदारों ने संपत्ति कर का भुगतान नहीं किया है, उनकी संपत्तियों की खरीद-बिक्री पर रोक लगाई जा सकती है। छुट्टी के दिन भी काउंटर खुले रहेंगे लोगों को भुगतान में सुविधा देने के लिए रविवार और अवकाश के दिन भी नगर निगम के सभी काउंटर खुले रहेंगे। निगम की टीम संपत्ति कर संग्रहण के साथ-साथ नई संपत्तियों का ऑन-द-स्पॉट कर निर्धारण भी कर रही है। संपत्ति कर के निर्धारण या पुनर्निधारण के लिए शहरवासी निगम के टोल-फ्री नंबर 155304 पर कॉल कर स्लॉट बुक कर सकते हैं। नगर निगम के व्हाट्सऐप चैटबॉट 9264447449 के माध्यम से भी संपत्ति कर भुगतान और सेल्फ असेसमेंट की सुविधा 247 उपलब्ध है। भुगतान करने के तुरंत बाद रसीद भी मिल जाएगी। ऐसे करें भुगतान पोर्टल https://www.pmc.bihar.gov.in/ के माध्यम से घर बैठे भुगतान कर सकते हैं। यूपीआई के जरिए भी भुगतान संभव है। निगम मुख्यालय और अंचल कार्यालयों में जाकर भी टैक्स जमा किया जा सकता है। प्रतिदिन सुबह 7 से 11 बजे तक निगम की टीम वार्डों में वसूली के लिए जा रही है। उन्हें आवंटित पीओएस मशीन या क्यूआर कोड के माध्यम से भी भुगतान किया जा सकता है। प्रमुख आंकड़े बकाएदारों की संख्या: 58,694 निजी संपत्तियों पर बकाया: 19 करोड़ 70 लाख रुपए से अधिक सरकारी भवनों पर बकाया: 39 करोड़ रुपए से अधिक
भास्कर न्यूज| रानीपतरा मध्य विद्यालय उथरी पोखरिया में शिक्षा को नवाचार से जोड़ते हुए आर्यभट्ट गणित पार्क का उद्घाटन किया गया। पार्क का उद्घाटन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक विजय खेमका ने फीता काटकर किया। इस मौके पर विद्यालय परिवार द्वारा मुख्य अतिथि का स्वागत बुके और शॉल भेंट कर किया गया, जबकि छात्राओं ने मनमोहक स्वागत नृत्य से अतिथियों का मन मोह लिया। पार्क के उद्घाटन के दौरान विधायक ने कहा कि महान गणितज्ञ आर्यभट्ट बिहार की गौरवशाली विरासत के प्रतीक हैं। विश्व को शून्य देने वाली इस महान विभूति के नाम पर गणित पार्क की स्थापना एक सराहनीय कदम है। यह पार्क बच्चों में तर्कशक्ति और जिज्ञासा पैदा करेगा, जिससे गणित विषय के प्रति उनका डर समाप्त होगा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित होगा। उन्होंने इस अभिनव प्रयास के लिए प्रधानाध्यापक व शिक्षकों की टीम को बधाई दी। कार्यक्रम के दौरान नियमित उपस्थिति और समर्पण को बढ़ावा देने के लिए छात्रा तन्नु कुमारी को स्टूडेंट ऑफ द मंथ, उनकी माता को मदर ऑफ द मंथ और शिक्षक पंकज कुमार जायसवाल को टीचर ऑफ द मंथ से सम्मानित किया गया। वहीं विद्यालय की संपादिका रागिनी कुमारी ने स्कूल से प्रकाशित होने वाले साप्ताहिक बाल अखबार की नवीनतम प्रति प्रस्तुत किया।वहीं मोइनुल हक के मार्गदर्शन में बच्चों ने शैक्षणिक परिभ्रमण के अनुभवों को कैनवास पर पेंटिंग के माध्यम से उकेरा। इस मौके पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने बताया कि इस पार्क का मुख्य उद्देश्य गणित को किताबों से बाहर निकालकर जीवन के अनुभवों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि क्लासरूम टीचिंग को आउटडोर लर्निंग से जोड़कर बच्चों को सीखने का एक जीवंत माहौल प्रदान किया जा रहा है। वहीं रागिनी कुमारी श्री पंकज कुमार जायसवाल ने अतिथियों को पार्क की बारीकियों से अवगत कराया। कार्यक्रम में बच्चों के नृत्य का निर्देशन नीली कुमारी ने किया, जबकि व्यवस्था की कमान पूनम कुमारी ने संभाली।
तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) सिविल सेवा परीक्षा के टॉपर राघव झुनझुनवाला को सम्मानित किया। मुजफ्फरपुर में आयोजित इस सम्मान समारोह में आयुक्त ने कहा कि प्रमंडल और बिहार के लिए यह गर्व का क्षण है। मुजफ्फरपुर के राघव झुनझुनवाला ने सिविल सेवा परीक्षा में चौथी रैंक हासिल की है। वहीं, वैशाली के उज्ज्वल प्रियांक ने दसवीं रैंक प्राप्त की। इसके अलावा, सारण के एक छात्र ने भी 11वीं रैंक लाकर बिहार का मान बढ़ाया। आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने अपने आवास पर राघव झुनझुनवाला को सम्मानित किया। उन्होंने राघव को शॉल और मां सरस्वती की प्रतिमा भेंट की। दो होनहार छात्रों का टॉप टेन में नाम आयुक्त ने कहा कि बिहार के दो होनहार छात्रों का यूपीएससी की टॉप टेन सूची में स्थान बनाना अत्यंत प्रेरणादायक है। उन्होंने जोर दिया कि यह सफलता प्रमाणित करती है कि बिहार शिक्षा सहित हर क्षेत्र में अग्रणी है। आयुक्त ने कहा कि ऐसे छात्र-छात्राएं राज्य के लिए प्रेरणास्रोत हैं और उन्हें सम्मानित करते हुए वे स्वयं भी गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। प्रमंडलीय आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने कहा ऐसे होनहार टॉपर के मां गुरु और इनकी शिक्षा दीक्षा को देने वाले लोगों को प्रणाम करता हूं। जिन्होंने इस कठिन परीक्षा में सफल छात्र के लिए उनका न सिर्फ हौसला अफजाई किया है। इसको लगातार अपने लक्ष्य के प्रति अडिग रहना के लिए हौसला बढ़ाया है।यह मेरे प्रमंडल के लिए बहुत ही गर्व की बात है कि यहां के दो छात्र में देश की सबसे कठिनतम परीक्षा में टॉप टेन में जगह बनाई है। यह पूरे बिहार के लिए गर्व की बात टॉप टेन में दो छात्र बिहार से है।
निशांत जदयू के सदस्य बने, बिहार की सक्रिय राजनीति में किया पदार्पण
पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार ने रविवार को जनता दल यूनाइटेड (जदयू) की सदस्यता ग्रहण की और इसके साथ हीं उनका औपचारिक तौर पर बिहार की सक्रिय राजनीति में पदार्पण हो गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद जदयू नेताओं और कार्यकर्ताओं की तरफ से […] The post निशांत जदयू के सदस्य बने, बिहार की सक्रिय राजनीति में किया पदार्पण appeared first on Sabguru News .
नीतीश कुमार के बेटे निशांत आज पटना में JDU में होंगे शामिल, बिहार राजनीति में बड़ा संकेत
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार रविवार को औपचारिक रूप से जनता दल (यूनाइटेड) में शामिल होंगे, जिससे पार्टी नेतृत्व में पीढ़ीगत बदलाव का संकेत मिलेगा। सूत्रों ने यह जानकारी दी। पार्टी सूत्रों ने बताया कि इंजीनियरिंग में स्नातक की ...
रेवाड़ी के बावल में कीटनाशक का सेवन से एक व्यक्ति ने सुसाइड कर लिया। मृतक 40 वर्षीय सुनील पंडित मूल रूप से बिहार का रहने वाला था। वह बच्चों के साथ बावल में रह रहा था। सूचना के बाद बावल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर परिवार को घटना की जानकारी देकर मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल सुसाइड करने कारणों का पता नहीं चल सका है। तबीयत बिगड़ने पर हुआ खुलासा जानकारी के अनुसार, 40 वर्षीय सुनील पंडित बावल की एक कंपनी में काम करता था। चार साल पहले उसने बावल में मकान बनाया था। जहां वह बच्चों के साथ रह रहा था। शनिवार-रविवार की रात की उसने संदिग्ध परिस्थितियों में कीटनाशक का सेवन कर लिया। जिससे उसकी तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने अस्पताल पहुंचाया। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। परिवार के पहुंचने का इंतजार बावल थाना प्रभारी संजय ने घटना की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि कीटनाशक से एक व्यक्ति की मौत की सूचना मिली है। पुलिस ने शव को कब्जे लेकर परिवार को घटना की सूचना दे दी है। परिवार के पहुंचने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। अभी इससे ज्यादा कुछ कहना सही नहीं होगा।
नीतीश कुमार दिल्ली में रहकर बिहार के विकास कार्यों को देखेंगे: सतीश चंद्र दुबे
केंद्रीय राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर कहा कि वह भले ही राज्यसभा जा रहे हैं, दिल्ली में रहेंगे, लेकिन वे राजधानी में रहकर बिहार के विकास कार्यों को देखेंगे।
बिहार के भागलपुर के समीक्षा भवन में जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में बिहार दिवस 2026 के आयोजन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक हुई
25 साल में बिहार में महिला साक्षरता की दर 41 प्रतिशत तक बढ़ी
भास्कर न्यूज | पटना बिहार की ग्राम पंचायतों की महिला मुखिया और सरपंच अपने क्षेत्र की बेटियों को साक्षर बनाने में जुटी हैं। इससे बीते दो दशक में बिहार में महिला साक्षरता दर दोगुने से भी ज्यादा हो गई है। साल 2001 में महिला साक्षरता दर 33.12 प्रतिशत थी, जो 2025 में 74 प्रतिशत तक हो गई। यह प्रगति न सिर्फ शिक्षा और जागरुकता अभियानों का नतीजा है, बल्कि ग्रामीण स्तर पर महिला मुखिया के मजबूत नेतृत्व का भी इसमें योगदान है। पंचायती राज व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी ने साक्षरता और आत्मनिर्भरता को गति दी है। बिहार में पंचायतों के चुनाव में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण है। पूर्णिया के धमदाहा ब्लॉक की कुकरौन पश्चिमी पंचायत की मुखिया अफसाना बेगम ने बचपन से ही महिलाओं में बेरोजगारी,निरक्षरता और आत्मविश्वास की कमी को करीब से देखा था। सरकारी स्कूल से 8वीं करने के बाद उन्होंने मदरसे से इंटर पास किया। गांव में बदलाव लाने की इच्छा थी तो पंचायत चुनाव में जीत हासिल की। मुखिया बनने के बाद अफसाना ने पंचायत में बाल विवाह पर रोक लगाने और लड़कियों की शिक्षा पर जोर दिया। बीते चार साल में छह लड़कियां सरकारी शिक्षक बनीं, जबकि कई अन्य ग्रेजुएशन कर रही हैं। महिलाओं को हस्ताक्षर करना सिखाने के लिए विशेष ट्रेनिंग दी। पंचायत की करीब 80 प्रतिशत महिलाएं खुद कागजात पर हस्ताक्षर करती हैं। इसके अलावा अफसाना ने पंचायत में ही हाट बसाया। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ा। आज पंचायत की 70 प्रतिशत महिलाएं रोजगार से जुड़ी हैं।
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी शनिवार को जामताड़ा पहुंचे। यहां उन्होंने अपने आवासीय कार्यालय में समर्थकों से मुलाकात की और मीडिया से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने बिहार की राजनीति पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि भाजपा ने नीतीश कुमार का 'सर्जिकल स्ट्राइक' कर दिया है। मंत्री ने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री पद पर रहने के बाद कोई व्यक्ति राज्यसभा जाने के लिए इतना व्याकुल क्यों होगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस गठबंधन में भाजपा की ही चलेगी। जनता ने भाजपा को नहीं, नीतीश कुमार को जनादेश दिया: डॉ. इरफान अंसारी इरफान अंसारी ने नीतीश कुमार से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि उन पर किसी तरह का दबाव है, तो उसे सार्वजनिक करें, हम उनके साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने इस कदम को नीतीश कुमार के लिए आत्मघाती बताते हुए कहा कि बिहार की जनता ने भाजपा को नहीं, बल्कि नीतीश कुमार को जनादेश दिया है और वे भाजपा को स्वीकार नहीं करती। मंत्री ने केंद्र सरकार और भाजपा पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में काफी अंतर है और वह जनता के सामने केवल दिखावटी चेहरा पेश करती है। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि 'मोदी जी से देश नहीं चल सकता'। उन्होंने भाजपा पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बंगले या विदेश दौरे पर आपत्ति जताने, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 8000 करोड़ रुपये की फ्लाइट में घूमने पर सवाल न उठाने का आरोप लगाया। 'विदेशों में भारत की अलग पहचान थी, लेकिन अब हालात बदल गए' उन्होंने ने गैस की बढ़ती कीमतों और विदेश नीति के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि पहली बार ऐसा लग रहा है कि हमारा हिंदुस्तान कमजोर हो गया है और अब अमेरिका हमें बता रहा है कि तेल कहां से खरीदना है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि पहले विदेशों में भारत की अलग पहचान थी, लेकिन अब हालात बदल गए हैं। मंत्री ने आगे कहा कि मोदी जी से देश नहीं चल सकता और इस मामले में उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से हस्तक्षेप करने की मांग की। उन्होंने कहा कि आज हमें शर्म महसूस हो रही है और ऐसा लग रहा है कि हम अपने मेहमानों की रक्षा भी नहीं कर पा रहे हैं। इरफान अंसारी ने अमेरिका पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि दुनिया में बॉसगिरी नहीं चलनी चाहिए। युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि बातचीत के जरिए ही समस्याओं का हल निकाला जा सकता है।
अमित शाह ने सम्राट चौधरी को दिल्ली बुलाया, बिहार में नए मुख्यमंत्री पर हलचल के बीच मीटिंग
बिहार में नए मुख्यमंत्री पर हो रही चर्चा के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को दिल्ली बुला लिया है। शाह रविवार को सम्राट के साथ मीटिंग करेंगे।
लखनऊ में हजरत गंज चौराहा पर जोरदार प्रदर्शन। लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्रों ने बिहार के मौलाना अब्दुल्ला सलीम के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए उनका पुतला फूंका जमकर नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों ने CM योगी आदित्यनाथ की मां पर टिप्पणी को लेकर नाराजगी जताए हुए मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग किया। ‘पुतले जैसा मौलाना का हाल करेंगें’ मौलाना अब्दुल्ला सलीम के बयान पर भड़के युवाओं ने हजरत गंज चौराहे पर जमकर हंगामा किया। प्रदर्शन कर रहे जतिन शुक्ला ने कहा कि हम लोगों ने बिहार के मौलाना सलीम का पुतला जलाया है। होली और रमजान के पवित्र महीने में वह अपनी मानसिकता दिखाता है। इतने बड़े प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं संत हैं उनकी माता के बारे में इस तरीके की टिप्पणी की गई। मौलाना ने कहा 'उत्तर प्रदेश में ऐसा कानून बना दिया गया है कि यदि किसी के पास मुख्यमंत्री की मां का मांस (गोश्त) भी मिल जाए, तो पुलिस उसका एनकाउंटर कर देती है'। आज हम लोगों ने उसका पुतला फुका है, अभी उसके ऊपर मुकदमा लिखवा कर जेल भिजवाने का काम करेंगे , जैसे पुतला जल रहा है मौलाना जैसे मानसिकता के लोग भी ऐसे ही मिलेंगे। ‘मां भारती पर की टिप्पणी’ जतिन ने कहा की ये जांच का विषय है कि क्या ऐसे लोगों को किसी का संरक्षण तो नहीं मिल रहा है। अभी कुछ दिन पहले लखनऊ विश्वविद्यालय में लाल बारादरी प्रकरण में कांग्रेस और सपा के लोग एकता और भाईचारा की बातें कर रहे थे। मगर आज इस विषय पर वह सभी लोग मौन है यह उनकी राजनीतिक गरिमा को दर्शाता है किसी की मां पर इस तरह की टिप्पणी करना बेहद गलत है। योगी जी सन्यासी है जो अपने घर परिवार को छोड़कर चले गए थे योगी जी की मां पूरे पूरे भारत देश की मां है यह टिप्पणी योगी जी की मां पर नहीं बल्कि मां भारती पर है।
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में अपनी प्रेमिका की गला घोंटकर हत्या करने के बाद फरार हुए आरोपी प्रेमी की लोकेशन बिहार में मिली है। पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए एक टीम बिहार रवाना कर दी है। यह मामला फतेहपुर जिले के हुसैनगंज थाना क्षेत्र का है। बम्हरौली गांव निवासी संतलाल पासी की 18 वर्षीय बेटी संगीता पासी छह दिन पहले भोर में घर से लापता हो गई थी। उसका शव गांव से करीब तीन किलोमीटर दूर मकनपुर गांव में एक खेत के पास पानी में मिला था। युवती का गला उसी के दुपट्टे से कसा हुआ था, जिससे हत्या की पुष्टि हुई। परिजनों ने बेटी की तलाश के दौरान मौके पर पहुंचकर शव देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक संगीता के पिता संतलाल ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनकी बेटी का कुरमिन का पुरवा मजरा पट्टी शाह, थाना हथगांव निवासी कोमल पटेल पुत्र धुनमन पटेल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। संगीता ने अपने बैंक खाते से कई बार कोमल पटेल को पैसे भी दिए थे। संतलाल के अनुसार, उनकी बेटी 28 फरवरी 2026 की रात अचानक घर से गायब हो गई थी। काफी तलाश के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिला। 1 मार्च 2026 को उन्हें जानकारी मिली कि मकनपुर गांव में राम विशाल पाल के खेत के बगल एक पोखर में एक लड़की का शव पड़ा है, जिसकी दुपट्टे से गला दबाकर हत्या की गई है। मौके पर पहुंचने पर उन्होंने शव की पहचान अपनी बेटी संगीता के रूप में की। संतलाल ने आशंका जताई है कि कोमल पटेल ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर उनकी बेटी की हत्या की और फिर शव को पानी में फेंक दिया।
बक्सर में जिला पदाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में मार्च माह में आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक हुई। समाहरणालय परिसर स्थित सभाकक्ष में हुई इस बैठक में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस, जिला स्थापना दिवस, उस्ताद बिस्मिल्लाह खां महोत्सव और बिहार दिवस की तैयारियों पर चर्चा की गई। संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि 8 मार्च 2026 को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस, 17 मार्च 2026 को जिला स्थापना दिवस, 21 मार्च 2026 को उस्ताद बिस्मिल्लाह खां महोत्सव और 22 मार्च 2026 को बिहार दिवस मनाया जाएगा। गोष्ठी आयोजित करने का दिया निर्देश अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सेमिनार, परिचर्चा और गोष्ठी आयोजित करने का निर्देश दिया गया। इसका उद्देश्य महिला प्रतिभागियों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करना है। विभिन्न विभागों के समन्वय से अलग-अलग क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित करने की भी योजना है। जिला स्थापना दिवस के लिए सभी कार्यालय प्रमुखों को अपने-अपने कार्यालयों में स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। नगर परिषद और नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारियों को सभी वार्डों में सफाई अभियान चलाने को कहा गया। प्रमुख चौक-चौराहों पर स्थापित महापुरुषों की प्रतिमाओं और पार्कों की साफ-सफाई कर उन्हें नीली रोशनी से सजाने का भी निर्देश दिया गया। पार्क में केक कटिंग का होगा आयोजन जिला शिक्षा पदाधिकारी को जिला और प्रखंड मुख्यालयों में प्रभात फेरी के लिए रूट तय कर कार्यक्रम आयोजित कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिला मुख्यालय में महानुभावों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण और समाहरणालय परिसर स्थित पार्क में केक कटिंग का आयोजन होगा। सिविल सर्जन को रक्तदान शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया गया है। 21 मार्च 2026 को डुमरांव के राज उच्च विद्यालय में उस्ताद बिस्मिल्लाह खां महोत्सव आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में संतूर, शहनाई सहित अन्य वाद्य यंत्रों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। स्थानीय कलाकारों को भी मंच दिया जाएगा, जिनकी प्रस्तुति के बाद मुख्य कार्यक्रम शुरू होगा। एंबुलेंस-दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश सिविल सर्जन को सभी कार्यक्रम स्थलों पर एंबुलेंस और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। वहीं अनुमंडल पदाधिकारी बक्सर और डुमरांव को कार्यक्रमों के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने को कहा गया। प्रशासन का कहना है कि इन सभी कार्यक्रमों को भव्य और व्यवस्थित तरीके से आयोजित करने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करेंगे।
कुशीनगर में सेटरिंग करते मजदूर को लगा करंट:इलाज के दौरान मौत, बिहार का रहने वाला था मृतक
कुशीनगर के बरवापट्टी थाना क्षेत्र में सेटरिंग का काम करते समय एक मजदूर को करंट लग गया। शनिवार सुबह हुई इस घटना में मजदूर की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक बिहार के पश्चिम चंपारण जिले का निवासी था। यह घटना हनुमान चौक दशहवा पर सुबह करीब 11 बजे हुई। मजदूर सेटरिंग का कार्य कर रहा था, तभी वह बिजली के संपर्क में आ गया और गंभीर रूप से झुलस गया। मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत उसे बिजली के संपर्क से छुड़ाया और पुलिस व 108 एंबुलेंस को सूचना दी। बरवापट्टी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल मजदूर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुदही ले जाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद मजदूर को मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान 36 वर्षीय खलील अंसारी पुत्र अकलू अंसारी के रूप में हुई है, जो बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के मलाही टोला मच्छाहां का रहने वाला था। खलील अंसारी मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। उसके भाई दहारी ने बताया कि खलील परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। उसके पीछे पत्नी नेशा खातून और तीन छोटे बच्चे हैं, जिनमें 10 वर्षीय बेटी मुस्कान, 7 वर्षीय बेटा सरफराज और 5 वर्षीय बेटा बेचू शामिल हैं। थाना बरवापट्टी के उप निरीक्षक सुशील कुमार गौतम ने बताया कि शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पटना यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव में नवनिर्वाचित NSUI के अध्यक्ष शांतनु शेखर को NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने दिल्ली बुलाया था। उन्होंने शांतनु को सम्मानित किया और संविधान की एक कॉपी भी दी। इस दौरान उन्होंने शांतनु को छात्रों के हित में काम करने के निर्देश दिए। जो भी वादे चुनाव के दौरान किए गए हैं, उसे पूरा करने को कहा। उन्होंने सबको साथ लेकर चलने की बात कही है, ताकि बिहार में एनएसयूआई छात्र संगठन और मजबूत हो। इस दौरान महासचिव खुशी कुमारी और अन्य प्रत्याशी भी मौजूद रहे। शिक्षा और युवाओं के मुद्दों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं करेंगे- विनोद जाखड़ विनोद जाखड़ ने कहा कि, ‘पटना विश्वविद्यालय के छात्रों ने साफ संदेश दिया है कि शिक्षा और युवाओं के मुद्दों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। छात्र लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज़ बुलंद करते रहेंगे।’ NSUI को पूरे बिहार में फैलाने का निर्देश दिया शांतनु ने कहा कि, जिस दिन विनोद जाखड़ राष्ट्रीय अध्यक्ष बने थे, उसी दिन मैं पटना यूनिवर्सिटी का अध्यक्ष निर्वाचित हुआ था। उन्होंने हमें समझाया कि हमारे पास एक बड़ा अपॉर्चुनिटी है। हमें लोगों की हित के लिए काम करना है। इस मुलाकात को लेकर शांतनु शेखर ने बताया कि, शांतनु शेखर ने 1496 वोटों से छात्र JDU के उम्मीदवार को हराया NSUI के शांतनु शेखर ने अध्यक्ष पद पर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी छात्र जदयू के प्रिंस कुमार को 1496 वोटों से हराया। शांतनु को 2896, जबकि प्रिंस कुमार 1400 वोट मिले। महासचिव पद पर एनएसयूआई की खुशी कुमारी को जीत हासिल हुई। खुशी को 2164 वोट हासिल हुए। दूसरे स्थान पर छात्र राजद के प्रत्यूष राज को 1611 वोटों से संतोष करना पड़ा। खुशी ने 553 मतों से जीत दर्ज की।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार राजनीति में सक्रिय होने वाले हैं। इस बीच जदयू कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। राजधानी पटना में पार्टी कार्यालय के बाहर और आसपास बड़ी संख्या में पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें निशांत कुमार का स्वागत और अभिनंदन किया जा रहा हैं। जदयू कार्यालय का पूरा परिसर पोस्टरों से पटा हुआ नजर आ रहा है। पहले देखिए जदयू कार्यालय में लगाए गए पोस्टर की तस्वीर… पोस्टर में लिखा- “विकसित बिहार के नए अध्याय की शुरुआत” जदयू कार्यालय के बाहर लगे बड़े पोस्टरों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और निशांत कुमार की तस्वीरें लगाई गई हैं। पोस्टर में बड़े अक्षरों में लिखा गया है— “विकसित बिहार के नए अध्याय की शुरुआत, निशांत कुमार।” इस संदेश के जरिए पार्टी कार्यकर्ता निशांत कुमार के राजनीति में आने को एक नई शुरुआत के रूप में पेश कर रहे हैं। कल जदयू की सदस्यता लेने की संभावना सूत्रों के मुताबिक, निशांत कुमार अब सीएम नीतीश कुमार के बाद जदयू की कमान संभालेंगे। 8 मार्च को वे औपचारिक तौर पर पार्टी की सदस्यता ग्रहण करेंगे। इस फैसले की जानकारी सभी विधायकों को दे दी गई है। 6 मार्च को CM हाउस में नीतीश कुमार ने इस संबंध में अपनी राय पार्टी के विधायकों और विधान पार्षदों को बताई। इसे लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच खासा उत्साह है और उनके स्वागत की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार एक्टिव हो गए पॉलिटिकल पारी शुरू करने से पहले नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार एक्टिव हो गए हैं। शुक्रवार को उन्होंने जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के आवास पर लगभग 24 विधायकों के साथ बैठक की। इस बैठक में संजय झा के अलावा परिवहन मंत्री श्रवण कुमार और कई वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ कई युवा विधायक भी शामिल हुए। इधर, राज्यसभा नॉमिनेशन के बाद नीतीश कुमार आज शनिवार को अपने गृह क्षेत्र बख्तियारपुर जाएंगे, वहां विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे। अब एक साल पुरानी यह तस्वीर देखिए यह तस्वीर 14 मार्च 2025 की है। तब 9 साल बाद सीएम हाउस एक अणे मार्ग पर औपचारिक तौर पर होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया था। जदयू सूत्रों ने बताया कि समारोह निशांत कुमार ने होस्ट किया था। उन्होंने नीतीश कुमार के साथ ललन सिंह का भी पैर छूकर आशीर्वाद लिया था। इसके बाद उनकी कई तस्वीरों की खूब चर्चा हुई थी। इनमें से एक तस्वीर यह थी, जिसमें वे जदयू के दो पावरफुल नेता संजय झा और विजय चौधरी के कंधे पर हाथ रखे हुए हैं। डिप्टी सीएम और गृह मंत्री के रूप में लांच होंगे निशांत 2025 की होली से शुरू हुई नीतीश कुमार के पावर ट्रांसफर की कहानी 2026 की होली तक परवान चढ़ी। अब ये स्पष्ट हो गया है कि नीतीश कुमार के राजनीतिक वारिस निशांत कुमार ही होंगे। जदयू के औपचारिक उत्तराधिकारी के तौर पर वे 8 मार्च 2026 को पार्टी जॉइन करेंगे। वे इसी महीने सरकार का भी हिस्सा हो सकते हैं। जदयू सूत्रों की मानें तो निशांत कुमार नई सरकार में डिप्टी CM हो सकते हैं। इसके साथ ही उन्हें गृह विभाग की जिम्मेदारी भी मिल सकती है। यानी कि निशांत की पावरफुल लॉन्चिंग की पूरी तैयारी कर ली गई है। BJP के साथ हुई डील के मुताबिक जिस तरह अभी CM का पद JDU के पास है और BJP के दो डिप्टी CM हैं, उसी तरह नई सरकार में BJP के CM होंगे और JDU के दो डिप्टी CM होंगे। पार्टी में शामिल होते ही राज्य भर की यात्रा पर निकलेंगे निशांत पार्टी में शामिल होते ही निशांत अपने पिता नीतीश कुमार के नक्शे कदम पर चलेंगे। नीतीश कुमार जनता से मिलने और यात्रा करने के लिए जाने जाते हैं। निशांत भी नीतीश की विरासत को आगे बढ़ाते हुए सबसे पहले यात्रा पर निकलेंगे और जनता के मिजाज को समझेंगे। सबसे पहले वे पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलेंगे। उन्हें समझेंगे और अपना आगे का एजेंडा बताएंगे।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार की राजनीति को छोड़ अब केंद्र की राजनीति में सक्रिय होने वाले हैं। चुनाव के परिणाम आने के 3 महीने बाद ही नीतीश कुमार ने यह बड़ा फैसला लिया है। महिलाओं को सीएम नीतीश का कोर वोटर माना जाता है। उनके राज्यसभा जाने के फैसले पर महिलाओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। कुछ महिलाओं ने कहा कि बिहार को गाली से एक बिहारी सब पर भारी नीतीश कुमार ने बनाया है, तो कुछ ने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार को अपने घर जैसा सजाया है। कुछ महिलाओं ने तो यहां तक कहा कि अगर हमें पहले पता होता कि वह मुख्यमंत्री पद से हटने वाले हैं तो चुनाव में हम उनके नाम पर वोट ही नहीं देते।… मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्य सभा जाने को लेकर दैनिक भास्कर ने पटना की महिलाओं से बातचीत किया। जानिए नीतीश कुमार के इस फैसले को लेकर महिलाएं क्या कहती हैं…। 2005 से पहले 7 बजे के बाद घर से नहीं निकल सकते थे- चांदनी गुप्ता स्थानीय निवासी चांदनी गुप्ता ने कहा कि, ‘मुझे यह खबर लोगों के स्टेटस से पता चली कि अब नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री नहीं रहने वाले हैं। वह क्षण बहुत ही भावुक करने वाला था। 2005 में मैंने अपनी 10वीं परीक्षा पास की थी।' बिहारी को गाली से ‘एक बिहारी सब पर भारी’ का बदलाव लाया चांदनी गुप्ता ने आगे कहा कि, ‘नीतीश कुमार की कमी बिहार में बहुत खलेगी। बिहारी शब्द को जिस तरीके से गाली के तौर पर इस्तेमाल किया जाता था। मगर अब ‘एक बिहारी सब पर भारी’ का बदलाव जो आया है, वह इन्हीं के कारण है। नीतीश कुमार ने जिस तरह से महिला सशक्तिकरण के लिए काम किया है। मुझे नहीं लगता है कि और कोई और नेता कर पाएगा।’ नीतीश कुमार के राज में मुंबई से जाॅब छोड़कर बिहार आई स्थानीय निवासी तृषा ने कहा कि, ‘नीतीश कुमार का राज्यसभा के लिए नॉमिनेशन कर बिहार से जाने का फैसला बहुत ही भावुक पल था। मुझे काफी दुख हो रहा था। नीतीश कुमार ने महिलाओं के उत्थान के लिए बहुत कुछ किया है। मैं खुद मुंबई में जॉब करती थी, मगर फिर बिहार काम करने आई हूं। मेरे घरवालों को डर था कि मैं यहां पर सेफ तरीके से काम नहीं कर पाऊंगी। मगर यहां आने के बाद देर रात भी काम करने पर घर वालों की ओर से कोई रिस्ट्रिक्शन नहीं आता है।’ स्कूल, कॉलेज से लेकर जाॅब तक में नीतीश हीं मुख्यमंत्री रहे हैं स्थानीय निवासी श्वेता ने आगे कहा कि, ‘होली के दिन मैंने ऐसी खबरें सुनी थी मगर मुझे यह अफवाह लगी। जब मैंने उनके ट्विटर पेज पर ट्वीट को देखा तब जाकर यकीन हुआ। यह बात जानकर मुझे काफी दुख हुआ क्योंकि बचपन से ही हम उन्हें मुख्यमंत्री के तौर पर देखे आए हैं। स्कूल, कॉलेज से लेकर अब जॉब तक में नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री रहे हैं। हमने उन्हें वोट भी उनके काम को देखकर ही दिया है। हमने नीतीश कुमार के रूप में एक बहुत बेहतर मुख्यमंत्री देखा है।’ नीतीश ने बिहार को अपने घर जैसा सजाया श्वेता ने आगे कहा कि, ‘अब जो भी मुख्यमंत्री आएंगे उनमें और नीतीश कुमार में एक बहुत बड़ा अंतर होगा कि नीतीश कुमार महिलाओं के लिए सोचते थे। इसी कारण उन्होंने साइकिल योजना, ग्रेजुएशन के बाद पैसे मिलने वाली योजना और यहां तक कि महिलाओं के लिए जॉब में आरक्षण लागू किया था।' श्वेता ने आगे कहा कि, ‘महिलाओं की सुरक्षा के लिए नीतीश जी ने कई कदम उठाए हैं। अब रात में निकलने में डर नहीं लगता है।’ उन्होंने यह भी कहा कि, 'अगर मुझे पहले पता होता कि नीतीश कुमार हटने वाले हैं तो मैं उनके नाम पर वोट ही नहीं देती।'
आगामी 22 मार्च को ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित भारतीय वाणिज्यिक दूतावास में 'अंतर्राष्ट्रीय बिहार दिवस' का भव्य आयोजन किया जाएगा। पूर्वी इंटरनेशनल एवं बिहार झारखंड कम्युनिटी ऑस्ट्रेलिया के तत्वावधान में आयोजित इस समारोह में नालंदा के लाल और देश के चर्चित युवा कवि संजीव मुकेश को बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित किया गया है। कॉन्सुलेट जनरल डॉ. एस. जानकीरमण की गरिमामयी उपस्थिति में होने वाले इस उत्सव में संजीव मुकेश को उनके विशिष्ट साहित्यिक व सांस्कृतिक योगदान के लिए विशेष रूप से सम्मानित भी किया जाएगा। वैश्विक मंच पर दिखेगी बिहार की सांस्कृतिक झलक पूर्वी इंटरनेशनल एवं बिहार झारखंड कम्युनिटी ऑस्ट्रेलिया के अध्यक्ष प्रवीण कुमार ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बिहारी अस्मिता, कला और संस्कृति को वैश्विक मंच प्रदान करना है। सात समंदर पार भी प्रवासी भाई-बहन अपनी जड़ों से जुड़े हुए हैं। इस वर्ष बिहार की चेतना और गौरव को अपने गीतों के माध्यम से देश भर में गुंजायमान करने वाले ‘गांव का लड़का’ नाम से प्रसिद्ध कवि संजीव मुकेश आकर्षण का केंद्र होंगे। इस गौरवशाली उत्सव के लिए राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह सहित कई गणमान्य विभूतियों ने अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। नालंदा के अस्थावां से सिडनी तक का सफर मूल रूप से नालंदा जिले के अस्थावां प्रखंड स्थित जीयर गांव के रहने वाले संजीव मुकेश वर्तमान में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) मुख्यालय, दिल्ली में अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। उनके पिता उमेश प्रसाद 'उमेष' भी मगही और हिंदी के प्रतिष्ठित साहित्यकार हैं। संजीव मुकेश ने अपनी कविताओं और 'चलें हम प्रेरित करें बिहार' जैसे चर्चित गीतों से युवाओं में एक नई जन-चेतना जागृत की है। उन्होंने आईआईटी पटना, केसरिया महोत्सव और थावे महोत्सव सहित देश के दर्जनों प्रतिष्ठित मंचों पर अपनी काव्य प्रस्तुति दी है। दर्जनों राष्ट्रीय सम्मानों से हैं अलंकृत हिंदी और मगही साहित्य में अपनी अलग पहचान बनाने वाले संजीव मुकेश को अब तक बिहार गौरव सम्मान (2024), छठ सेनानी अवार्ड, और विश्व हिंदी सेवा सम्मान सहित दर्जनों पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है। गौरतलब है कि उनका देशभक्ति गीत ‘यही तो मेरा देश है’ गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर आकाशवाणी के सभी नेटवर्क से 22 भारतीय भाषाओं में प्रसारित होकर देश भर में सुर्खियां बटोर चुका है। सिडनी में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम न केवल नालंदा बल्कि पूरे बिहार के लिए गर्व का विषय है।
टॉप-20 में 5 बिहार के... राघव स्टेट टॉपर, ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती को 301वीं रैंकसंघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने शुक्रवार को सिविल सेवा परीक्षा 2025 का अंतिम परिणाम घोषित किया। इस साल रिजल्ट में बिहार के छात्रों ने एक बार फिर अपना लोहा मनवाया है। टॉप टेन में दो तो टॉप 20 में पांच छात्र-छात्राएं सफल हुए हैं। यह पिछले वर्ष से बेहतर है। पिछले वर्ष सिर्फ 3 अभ्यर्थियों ने टॉप 20 में जगह बनाई थी। इस साल राज्य में टॉप 10 में दो छात्र हैं। इसमें मुजफ्फरपुर के सरैयागंज के राघव झुनझुनवाला ने चौथी रैंक हासिल कर राज्य में टॉप किया है। राघव ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातक किया है। दूसरा छात्र 10वीं रैंक प्राप्त करने वाला वैशाली का उज्ज्वल प्रियांक है। सारण के यशस्वी राजवर्धन ने 11वीं रैंक हासिल किया है। 16वें रैंक पर औरंगाबाद की मोनिका श्रीवास्तव हैं। दृष्टिबाधित छात्र नवादा के रवि राज ने 20वां रैंक प्राप्त किया है। इसके अतिरिक्त पटना के इशित्व आनंद की 50वीं रैंक है। पटना से आकाश कुमार का 101 रैंक है। 301 वां स्थान आकांक्षा सिंह का है। वे रणवीर सेना के सुप्रीमो रहे ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती है। आयोग के अनुसार इस वर्ष 958 उम्मीदवारों को विभिन्न सेवाओं में नियुक्ति के लिए सिफारिश की गई है। इनमें 659 पुरुष और 299 महिला उम्मीदवार शामिल हैं। संघर्ष, संकल्प और सफलता की दास्तान मुजफ्फरपुर के राघव झुनझुनवाला ने कहा कि यह उनकी निरंतरता और परिवार के अटूट भरोसे का परिणाम है। पहले दो प्रयासों में असफलता मिली, लेकिन तीसरे प्रयास में मैंने अपनी कमियों पर काम किया। इस बार प्री, मेंस और इंटरव्यू तीनों शानदार रहे, जिससे टॉप रैंक की उम्मीद थी। वैशाली के बिदुपुर के उज्जवल प्रियांक ने कहा, “मैंने जयपुर इंजीनियरिंग कॉलेज से कंप्यूटर साइंस में बी.टेक किया था। तीसरे प्रयास में मुझे यह सफलता मिली है। मेरे पिता संजीव कुमार एक इंजीनियर और किसान हैं। दादाजी का सपना था कि मैं अधिकारी बनूं। सारण के यशस्वी राजवर्धन ने सफलता का श्रेय अपनी मां नीलिमा सिंह को दिया है। यशस्वी ने कहा, एक कुशल गृहिणी होने के साथ मां ने हर कठिन मोड़ पर मेरा मार्गदर्शन किया। मेरे पिता रजनीश सिंह खुद एक आईएएस अधिकारी हैं, उन्हें देखकर ही मैंने देश सेवा का सपना बुना था। औरंगाबाद की बेटी मोनिका श्रीवास्तव ने 16वां स्थान प्राप्त किया है। मोनिका औरंगाबाद के सत्येन्द्र नगर निवासी ई. बी. के. श्रीवास्तव एवं भारती श्रीवास्तव की बेटी है। मोनिका पहले आईआईटी की प्रवेश परीक्षा में बिहार टॉपर बनी। 2024 में यूपीएससी में पहली बार में ही 455वीं रैंक पाई थी। नवादा के दृष्टिबाधित रवि राज की कहानी सबसे अधिक प्रेरणादायक है। पांचवें प्रयास में 20वीं रैंक हासिल करने वाले रवि ने कहा, “मैं खुद देख या लिख नहीं सकता, लेकिन मन में लक्ष्य को पूरा करने की जिद थी। तीन बार विफलता मिली, लेकिन मैंने हार नहीं मानी। 2024 में 182वीं रैंक पाकर मैं वर्तमान में नागपुर में इनकम टैक्स कमिश्नर (आईआरएस) की ट्रेनिंग ले रहा हूं। ट्रेनिंग में भी पढ़ाई जारी रखी। 69वीं बीपीएससी में भी मैंने 490वीं रैंक पाई थी। मेरी मां विभा देवी मेरी सबसे बड़ी ताकत रही हैं। यूपीएससी रिजल्ट में भाषा की बंदिशें खत्म होने से मिली बड़ी कामयाबीयूपीएससी के पूर्व चेयरमैन प्रो. डीपी अग्रवाल ने बताया कि वर्ष 2011 के बाद यूपीएससी में बिहार से बड़ी संख्या में सफल अभ्यर्थियों का चयन होने से एक बार फिर राज्य की प्रतिभा चर्चा में है। छात्रों में बढ़ता रुझान, परीक्षा प्रणाली में समय-समय पर हुए बदलाव और भाषा को लेकर दी गई सहूलियतें इसका सबसे बड़ा कारण है। बीच के वर्षों में बिहार समेत उत्तर भारत के कई राज्यों से चयन की संख्या कम हो गई थी, क्योंकि उस समय छात्रों का रुझान कुछ कम हुआ था और परीक्षा प्रणाली में बदलावों के साथ सामंजस्य बैठाने में समय लगा। 2008–2014 के दौरान बदलाव किए गए। वर्ष 2010 में प्रारंभिक परीक्षा में सी-सैट जोड़ा गया। 2012 में मुख्य परीक्षा के सिलेबस में बदलाव किया गया। 2012 में यह महसूस किया गया कि कई अभ्यर्थी अंग्रेजी में सहज नहीं होते हैं। इसलिए यह व्यवस्था की गई कि अभ्यर्थी अगर मुख्य परीक्षा किसी भी भाषा में लिखें, तो भी साक्षात्कार पसंद की भाषा में दे सकते हैं। इससे हिंदी भाषी क्षेत्रों के छात्रों को सहूलियत मिली। इन सुधारों और छात्रों के बढ़ते रुझान का ही परिणाम है कि अब हिंदी भाषी क्षेत्रों, खासकर बिहार से यूपीएससी में चयन की संख्या फिर बढ़ती दिखाई दे रही है।
लुधियाना के माता रानी चौक के पास शुक्रवार सुबह एक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से स्कूटी सवार 11वीं की स्टूडेंट की मौत हो गई। हादसे के बाद ट्रक ड्राइवर वाहन मौके पर छोड़कर फरार हो गया। स्टूडेंट अपने पिता के साथ स्कूटी पर सवार होकर ट्रेन पकड़ने के लिए रेलवे स्टेशन जा रही थी। छात्रा 11वीं की परीक्षा देने के लिए बिहार जा रही थी। हादसे में उसका पेट बुरी से फट गया। खून से लथपथ लड़की को सड़क पर पड़ा देख एक ई-रिक्शा वाले ने स्टूडेंट और उसके पिता को रिक्शा में बैठाया, लेकिन लड़की ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। मृतक स्टूडेंट की पहचान 17 वर्षीय रश्मि निवासी गांव मसिहा जिला नालंदा, बिहार के रुप में हुई है। रश्मि के पिता मिथलेस लुधियाना में काम करते हैं और किराए पर रहते हैं। होली की छुट्टी होने के कारण रश्मि अपने पिता के पास आई थी। जानकारी देते हुए मृतका रश्मि के पिता मिथलेश ने बताया कि उनकी बेटी रश्मि कुमारी उनके साथ स्कूटी पर सवार होकर रेलवे स्टेशन जा रही थी। रश्मि की आज सुबह करीब 8.30 बजे ट्रेन थी। सुबह करीब साढ़े सात बजे जब दोनों माता रानी चौक के पास पहुंचे तो पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने स्कूटी को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि रश्मि का पेट फट गया। ट्रक ड्राइवर रुकने की बजाए गाड़ी छोड़ भाग गया। पेट फटने के कारण हुई मौत मौके पर मौजूद एक ई-रिक्शा ड्राइवर ने तुरंत सवारियों को उतारकर घायल छात्रा को अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। पेट फटने के कारण उसकी मौत हो गई। घटना के बाद छात्रा के शव को लुधियाना के सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। पुलिस ने ट्रक कब्जे में लिया थाना कोतवाली से ASI बलराज ने कहा कि पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने ट्रक के मालिक और ड्राइवर का पता किया जा रहा है। मिथलेश पिछले 15 साल से लुधियाना में रहता है। वह प्राइवेट फैक्ट्री में काम करता है। परिवार में रश्मि का एक भाई है। मृतका के पिता मिथलेश शर्मा ने बताया कि, नालंदा के कालेज में ही पढ़ती है और उसका पेपर था। उन्होंने कहा कि उन्हें यह अंदाजा नहीं था कि रास्ते में ही वह अपनी बेटी को हमेशा के लिए खो देंगे।
बिहार की राजनीति में कुछ फैसले ऐसे होते हैं, जो सिर्फ प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि राज्य की दिशा तय कर देते हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में कई ऐसे कदम उठाए गए, जिन्होंने सामाजिक समीकरण बदले, शासन की कार्यशैली बदली और विकास की नई बहस को जन्म दिया। दैनिक भास्कर के इस रिपोर्ट में जानिए नीतीश कुमार के 10 ऐसे फैसले, जिसने बिहार की दशा और दिशा बदल दी…। 1. पूर्ण शराबबंदी लागू करने की योजना अप्रैल 2016 में नीतीश कुमार ने पूर्ण शराबबंदी लागू कर सामाजिक सुधार का ऐसा बड़ा फैसला लिया, जिसे बिहार की दशा बदलने वाला फैसला माना गया। शराब का वजह से बिहार में होने वाले अपराध और महिला उत्पीड़न की घटनाओं के बाद नीतीश कुमार पूर्ण शराबबंदी का फैसला लिया। इसका उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा, घरेलू हिंसा में कमी और सामाजिक स्थिरता लाना था। शराबबंदी का असर यह हुआ कि महिलाओं में राजनीतिक समर्थन मजबूत हुआ। हालांकि, इसे लेकर लगातार बहस चलती है। लेकिन शराबबंदी के फैसले से नीतीश कुमार ने कभी समझौता नहीं किया। 2. पंचायत और नगर निकायों में 50% महिला आरक्षण पंचायत और स्थानीय निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय बिहार को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करता है। इस फैसले के बाद लाखों महिलाएं पंचायत प्रतिनिधि बनीं और ग्रामीण राजनीति में महिलाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ी। इस कानून का असर यह हुआ कि महिला नेतृत्व की नई पीढ़ी उभरी और महिला सशक्तिकरण की यह पहल दुनिया भर में चर्चा के विषय बनी। 3. लोक सेवा अधिकार अधिनियम लागू करना सरकारी सेवाओं को समयबद्ध बनाने के लिए राइट टू पब्लिक सर्विस एक्ट (RTPS) लागू किया गया। पहले प्रमाण पत्र बनवाने, कोई लाइसेंस या जमीन का दाखिल खारिज कराने में महीनों लग जाते थे। भ्रष्टाचार होता था वो अलग। नीतीश कुमार ने लोक सेवा अधिकार नियम लागू कर सभी कामें का समय सीमा तय किया। देरी होने पर संबंधित अधिकारी पर जुर्माने का प्रावधान किया। नतीजा यह हुआ कि बिहार में लोक सेवाओं में प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही में सुधार हुआ। 4. पुलिस में महिलाओं को 33 फीसदी का आरक्षण बिहार पुलिस बल में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने का फैसला 2013 में लिया गया, इस फैसले को देश में एक मिसाल माना गया। इससे बिहार देश के उन राज्यों में शामिल हुआ जहां पुलिस में महिलाओं की भागीदारी सबसे अधिक हुई। इसका उद्देश्य सिर्फ भर्ती में संख्या बढ़ाना नहीं बल्कि पुलिस व्यवस्था की संवेदनशीलता और सामाजिक संतुलन को मजबूत करना था। इससे बड़ी संख्या में महिलाओं की भर्ती हुई और राज्य पुलिस में महिला भागीदारी तेजी से बढ़ी। इसके लागू होने के बाद महिला सुरक्षा मामलों में संवेदनशीलता बढ़ी और दहेज, घरेलू हिंसा, छेड़छाड़, यौन अपराध के मामलों में शिकायत दर्ज कराने में महिलाओं की झिझक कम हुई। 5. जीविक दीदियों का विस्तार से महिला सशक्तिकरण नीतीश सरकार के कुछ और ऐसे फैसले भी रहे, जिन्होंने सामाजिक ढांचे, महिला सशक्तिकरण और प्रशासनिक प्रणाली पर गहरा असर डाला। खासतौर पर जीविका दीदियों का गठन एक सामाजिक आर्थिक आंदोलन के रूप में बड़ा फैसला रहा। स्वयं सहायता समूहों को मजबूत करने की दिशा में जीविका कार्यक्रम को बड़े स्तर पर लागू किया गया। विश्व बैंक समर्थित इस मॉडल से लाखों ग्रामीण महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं। बैंक लोन, माइक्रो फाइनेंस और स्वरोजगार के अवसर बढ़े और महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई। पंचायत स्तर पर महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक भागीदारी मजबूत हुई। जीविका दीदियों के गठन का राजनीतिक प्रभाव ऐसा रहा कि महिला वोट बैंक पर नीतीश कुमार की गहरी पकड़ बन गई। यही वोटबैंक चुनावी जीत में हमेशा अहम भूमिका निभाती रही। 6. साइकिल और पोशाक योजना का फैसला स्कूल जाने वाली छात्राओं के लिए साइकिल और पोशाक योजना ने शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव किया। इस योजना के तहत सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं को साइकिल दिया गया। साथ ही फ्री स्कूल ड्रेस दिया गया। बाद में छात्राओं के साथ छात्रों को भी साइकिल दिया जाने लगा। इस योजना से लड़कियों की स्कूल में उपस्थिति बढ़ी और कई इलाकों में बाल विवाह की घटनाओं में भी कमी आई। बाद में इस योजना का लाभ छात्रों को भी दिया जाने लगा। 7. सात निश्चय और सात निश्चय पार्ट-2 बना विकास का पैमाना नीतीश कुमार ने सात निश्चय योजना की शुरुआत की। इस योजना के तहत हर घर नल का जल, हर घर शौचालय का बनवाना, गली नाली का पक्कीकरण, युवाओं के लिए कौशल विकास जैसी योजनाएं बनी। इस योजना से बिहार के विकास को नई दिशा मिली। सात निश्चय योजना के जरिए बिहार में बुनियादी ढांचे में सुधार हुआ। साथ ही ग्रामीण इलाकों में जीवन स्तर बेहतर हुआ। बिहार में हर घर तक साफ जल पहुंचना सबसे बड़ी उपलब्धि मानी गई। 8. महादलित आयोग का गठन नीतीश कुमार ने राजनीति में नया प्रयोग करते हुए दलित समाज के भीतर सबसे पिछड़े वर्गों की पहचान किया। फिर उन्हें विशेष योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया और इसका नाम दिया महादलित। अब तक दलित शब्द का प्रयोग होता था। नीतीश कुमार ने पहले बार महादलित आयोग का गठन किया। इसके जरिए दलितों के भीतर ऐसे जातियां, जो ज्यादा पिछड़े थे, उन्हें महादलित की संज्ञा दी गई। उनके विकास और उत्थान के लिए हर तरह की मदद पहुंचाई गई। 9. हर घर बिजली योजना ने बदली तस्वीर 2015 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले 15 अगस्त के मौके पर पटना के गांधी मैदान से नीतीश कुमार ने ऐलान किया था कि अगले 5 सालों में बिहार के हर गांव और घरों तक बिजली पहुंचा दी जाएगी। अगर हर घर तक बिजली नहीं पहुंची तो वोट नहीं मांगने आयेंगे। 2020 चुनाव से पहले बिहार के हर गांव तक बिजली पहुंच सुनिश्चित किया गया। हर घर बिजली और ऊर्जा क्षेत्र में सुधार, ग्रामीण क्षेत्रों तक बिजली पहुंचाने के लिए बड़े पैमाने पर विद्युतीकरण अभियान चलाया। इसका असर यह हुआ कि ना सिर्फ हर गांव तक बिजली पहुंची, बल्कि छोटे उद्योग और शिक्षा को सहूलियत भी मिली। कभी अंधेरे का बिहार कहे जाने वाले राज्य को रौशनी से भर दिया गया। 10. जातीय सर्वेक्षण 2023 से बिहार की दिखी सच्चाई जब देश भर में जातीय जनगणना को लेकर मांग उठ रही थी, उस समय नीतीश कुमार ने बिहार में जातीय सर्वेक्षण कराकर बिहार की स्थिति की तस्वीर सामने रखी। नीतीश कुमार की यह दूरदर्शिता देशभर में नजीर बनी। जातीय सर्वेक्षण के बाद सामाजिक आर्थिक आंकड़ों को सार्वजनिक किया गया। इन आंकड़ों को सामने आने के बाद बिहार में सामाजिक न्याय की नई बहस छिड़ गई। जातीय सर्वेक्षण के जरिए पहली बार पता चला कि किस वर्ग के लोगों की कैसी सामाजिक और आर्थिक स्थिति है। इनके लिए कैसी योजनाएं बनाई जानी चाहिए। पहली बार आता चला कि किस जाति वर्ग के लोगों की आमदनी कैसी है। साथ ही कौन अब भी मुख्य धारा से छुटे हुए हैं। बिहार से बाहर पलायन करने वाले लोगों की संख्या कितनी है। जातीय सर्वेक्षण के बाद देश भर में भी जातीय गणना की मांग उठी लगी। बाद के दिन में प्रधानमंत्री मोदी ने देश भर में जातीय गणना करवाना एक फैसला किया।
सम्राट चौधरी या नित्यानंद राय, जानें कौन होगा बिहार का अगला CM? डिप्टी की रेस में JDU से कौन-कौन
राजनीतिक संकेतों के मुताबिक इस बार मुख्यमंत्री पद बीजेपी के पास जाएगा, जबकि जेडीयू को उपमुख्यमंत्री पद मिल सकता है। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि जेडीयू को एक उपमुख्यमंत्री पद मिलेगा या दो, लेकिन सत्ता का नया फार्मूला जल्द सामने आने की उम्मीद है।
नीतीश कुमार ने अपनी मर्जी से राज्यसभा चुना, उनके अनुसार ही बिहार की सरकार चलेगी: गिरिराज सिंह
केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता गिरिराज सिंह ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा नामांकन को उनकी इच्छा के अनुसार लिया हुआ फैसला बताया। साथ ही उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखे हमले किए।
बिहार के CM नीतीश कुमार ने गुरुवार को राज्यसभा के लिए अपना पर्चा भर दिया है। इसके बाद अब तय हो गया है कि नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे और बिहार को एक नया CM मिलेगा। हालांकि न तो BJP और न ही JDU इस बात की जल्दी में है। सरकार के सूत्रों की मानें तो 16 मार्च तक राज्यसभा के चुनाव की प्रक्रिया चलेगी। 9 अप्रैल के बाद नए राज्यसभा सदस्यों को शपथ लेनी है। ऐसे में आज की तारीख से लगभग अभी कम से कम एक महीने का समय बचा है। इस बीच दोनों पार्टियां पहले अपने विधायक दल की बैठक बुलाएगी। दोनों अलग-अलग विधायक दल का नेता चुनेंगे। इसके बाद NDA के विधायक दल का नेता चुना जाएगा। इसके बाद CM नीतीश कुमार इस्तीफा देंगे और नए नेता सरकार बनाने का दावा देंगे। BJP सूत्रों की मानें तो रामनवमी (26 मार्च) तक नई सरकार का गठन कर लिया जाएगा। वहीं ये तय माना जा रहा है कि पहली बार बिहार में BJP के CM शपथ लेंगे। जबकि, JDU कोटे से दो डिप्टी CM बनाया जा सकता है। बिहार में NDA की नई सरकार में कितने मंत्री हो सकते हैं? कौन सीएम, कौन डिप्टी सीएम हो सकते हैं? पढ़िए रिपोर्ट…। 32 मंत्रियों के साथ फुल फ्लैज्ड सरकार का हो सकता है गठन तीन महीने पहले नीतीश कुमार ने 26 मंत्रियों के साथ शपथ ली थी। अब नई सरकार फुल फ्लैज्ड 32 मंत्री के साथ गठित हो सकती है। इनमें 14 मंत्री BJP के, 14 JDU के 2 LJP(R) के साथ RLM-HAM के एक-एक मंत्री होंगे। BJP और JDU दोनों पार्टियों से सरकार नए चेहरों को मौका मिल सकता है। हालांकि फिलहाल चेहरे पर किसी पार्टी के कोई नेता कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। स्पीकर और गृह विभाग पर फंस सकता है पेंच JDU के प्रदेश स्तर के एक नेता ने बताया कि स्पीकर और गृह विभाग पर JDU ने दावेदारी कर दी है। अभी CM का पद JDU कोटे में है तो स्पीकर BJP के पास है और पहली बार सम्राट चौधरी ने डिप्टी CM रहते हुए गृह विभाग अपने पास रखा है। अब JDU इसी आधार पर इन पदों पर अपना दावा कर रहा है। हालांकि BJP ये दोनों पद अपने पास रखना चाहती है। 2005 के बाद पहली गृह विभाग BJP के जिम्मे आई है। स्पीकर का पद सरकार को स्थिर रखने के लिए भी अहम माना जाता है। ऐसे में BJP किसी भी सूरत में इन दो अहम पदों को छोड़ने के लिए राजी नहीं है। CM पद के लिए ये 2 नेता हैं दावेदार 1- सम्राट चौधरी सबसे आगे, लव-कुश समीकरण साधेगी भाजपा सम्राट चौधरी कोइरी समाज से आते हैं। नीतीश कुमार कुर्मी हैं। इन दोनों को बिहार की सियासत में लव-कुश कहा जाता है। राज्य में इन दोनों कोइरी और कुर्मी समाज की आबादी तकरीबन 7 फीसदी है। इसमें कोइरी 4.21% कुर्मी 2.87% हैं। इन्हीं के दम पर नीतीश कुमार अपनी राजनीति करते रहे हैं। ऐसे में अगर सम्राट को BJP आगे बढ़ाती है तो नीतीश का ये वोट बैंक उनके पास जा सकता है। BJP बिहार में OBC को साधने के लिए गैर यादव OBC को लगातार साधने का प्रयास कर रही है और इस समीकरण में सम्राट चौधरी बिल्कुल फिट बैठते हैं। कोइरी बिहार में यादव के मुकाबले एक मजबूत पिछड़ी जाति मानी जाती है। सरकार से लेकर संगठन तक का अनुभव सम्राट चौधरी के पास सरकार से लेकर संगठन चलाने तक का अनुभव है। राबड़ी सरकार में सबसे कम उम्र का मंत्री बनने से लेकर वे मौजूदा समय में दो बार नीतीश सरकार में डिप्टी सीएम रह चुके हैं। इससे पहले वे नीतीश सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं। विपक्षी के खिलाफ आक्रामक शैली सम्राट चौधरी की सबसे बड़ी ताकत है उनकी आक्रामक शैली। बीजेपी के भीतर ये एकमात्र ऐसे नेता हैं जब नीतीश कुमार के खिलाफ नेता प्रतिपक्ष थे तब उन पर उतना ही तीखा हमला बोला जितना एग्रेसवली ये लालू प्रसाद यादव या तेजस्वी यादव पर अटैक करते हैं। ये बीजेपी की राजनीतिक शैली के लिए फिट हैं। सम्राट के अलावा फिलहाल बिहार में कोई ऐसे नेता नहीं हैं जो लालू और नीतीश दोनों पर आक्रामक रुख रखते हैं। सम्राट की राह में रोड़ा है दूसरी पार्टी से बीजेपी में आना सम्राट चौधरी की राह में सबसे बड़ा रोड़ा है, उनका दूसरी पार्टी से बीजेपी में आना। सम्राट बीजेपी में आने से पहले राजद और जदयू में थे। ऐसे में पुराने भाजपाई उनका विरोध करते हैं। जब वे पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष थे तब कई दिग्गज नेताओं ने उन्हें आयातित भाजपाई बताया था। हालांकि, असम समेत कई राज्यों में बीजेपी दूसरी पार्टी से आए नेताओं को शीर्ष पद दे चुकी है। 2. विजय सिन्हाः RSS और मोदी का भरोसा सम्राट चौधरी की तरह विजय सिन्हा भी मौजूदा सरकार में डिप्टी सीएम हैं। विजय सिन्हा की सबसे बड़ी ताकत है संघ का भरोसा। इन्हें संघ का भरोसेमंद नेता माना जाता है। इन्होंने संघ के रास्ते बीजेपी की राजनीति में एंट्री की है और मूल भाजपाई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के करीबी माने जाते हैं। भरपूर प्रशासनिक अनुभव विजय सिन्हा 2010 से लगातार लखीसराय विधानसभा से चुनाव जीतते आ रहे हैं। इस दौरान वे नीतीश सरकार में मंत्री से लेकर स्पीकर की भूमिका में अपनी छाप छोड़ चुके हैं। नीतीश ने जब बीजेपी का साथ छोड़ा तब विधानसभा में इन्हें नेता प्रतिपक्ष बनाया गया था। इसके बाद दो बार से लगातार ये भी डिप्टी सीएम के पद पर हैं। सख्त एडमिनिस्ट्रेटर के रूप में अपनी छवि बना चुके हैं। सिन्हा का निगेटिव पक्ष विजय सिन्हा के खिलाफ सबसे बड़ी निगेटिव बात ये है कि ये फॉरवर्ड समाज से आते हैं। उनकी जाति भूमिहार हैं। इनकी आबादी बिहार में फिलहाल 2.87 फीसदी है। बिहार की राजनीति बीते 35 सालों से पिछड़ा की है। ऐसे में भाजपा यह रिस्क लेना चाहेगी, कुछ कहा नहीं जा सकता। हालांकि, उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के रूप में प्रयोग सफल रहा है। EBC वर्ग से किसी नए नाम से चौंका सकती है BJP BJP दूसरे राज्यों में मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर चौंकाती रही है। ऐसे में उम्मीद है कि पार्टी पहली बार जब बिहार में अपना सीएम बनाएगी तो यहां भी चौंका सकती है। सियासी गलियारे में इस बात की चर्चा तेज है कि किसी EBC चेहरे को बतौर CM BJP आगे बढ़ा सकती है। ऐसी चर्चा है कि EBC के कुछ विधायक से अमित शाह ने पटना दौरे के दौरान मीटिंग भी की है। अब JDU के डिप्टी CM के दावेदारों को जानिए ऐसी चर्चा है कि BJP अपना CM बनाएगी और मौजूदा फॉर्मूले के तहत JDU के दो डिप्टी CM हो सकते हैं। डिप्टी CM के लिए इन दो नामों की चर्चा सबसे ज्यादा है… 1- खुद सरकार से हटकर बेटे की एंट्री करा सकते हैं नीतीश नीतीश कुमार खुद बिहार की सियासत से अलग होकर अपने बेटे निशांत कुमार को सरकार और संगठन की कमान सौंप सकते हैं। निशांत अभी तक पॉलिटिक्स से लगभग खुद को अलग रखते ही आए हैं। 2025 विधानसभा चुनाव के दौरान से वे लगातार इसमें एक्टिव हुए हैं। ऐसे में नीतीश कुमार के अलग होने के बाद जाति और पार्टी के बीच कॉम्बिनेशन स्थापित करने के लिए ऐसे नेता की दरकार थी जिनकी स्वीकार्यता सभी के बीच हो। इसमें निशांत कुमार पूरी तरह फिट बैठते हैं। 2- नीतीश अपने हनुमान विजय चौधरी पर जता सकते हैं भरोसा विजय चौधरी जदयू के भीतर और बाहर एक ऐसे नेता हैं, जिन्हें नीतीश कुमार का 'नंबर 2' माना जाता है। वे सरकार की नीति और रणनीति बनाने वाली 'कोर कमेटी' के अहम सदस्य हैं। नीतीश बिहार में कहीं जाएं विजय चौधरी हमेशा उनके साथ होते हैं। रणनीतिक मामलों में उन्होंने नीतीश कुमार का हनुमान माना जाता है। विजय चौधरी एक ऐसे नेता हैं जो विवादों से दूर रहते हैं। अपनी मृदुभाषी शैली और प्रशासनिक पकड़ के लिए जाने जाते हैं। वित्त, शिक्षा ग्रामीण कार्य, जल संसाधन, संसदीय कार्य जैसे कई अहम विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। इसके अलावा विधानसभा में स्पीकर भी रह चुके हैं।
मैं नीतीश कुमार राज्यसभा में स्थान भरने के लिए अभ्यर्थी के रूप में निर्देशित हुआ हूं। सत्य निष्ठा से प्रतिज्ञान करता हूं। मैं विधि द्वारा स्थापित भारत के संविधान के प्रति सच्ची श्रद्धा सखूंगा। मैं भारत की प्रभुता अक्षम्य रखूंगा। इसी शपथ के साथ नीतीश कुमार ने 5 मार्च को राज्यसभा के प्रत्याशी की तौर पर अपना नामांकन दाखिल किया। CM के साथ बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन, रामनाथ ठाकुर, उपेन्द्र कुशवाहा और शिवेश कुमार ने भी नामांकन दाखिल किया। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे। नीतीश कुमार के नामांकन के बाद अमित शाह ने उनकी जमकर तारीख की। उन्होंने कहा, उनका ये कार्यकाल बिहार के इतिहास में स्वर्णिम पृष्ठ के रूप में लिखा जाएगा। बिहार के विकास के सारे मायने को उन्होंने गति देने का काम किया। उन्होंने अपने शासनकाल में बिहार को जंगलराज से मुक्त करने का काम किया। उन्होंने न केवल बिहार की सड़कों को गांव तक जोड़ा, उसकी स्थिति में भी सुधार किया। इतने लंबे कार्यकाल में विधायक, सांसद, मुख्यमंत्री व केंद्रीय मंत्री रहते हुए उनके कुर्ते पर कभी दाग नहीं लगा।' बुधवार दोपहर 2 बजे नीतीश के राज्यसभा जाने की खबरें सामने आई। गुरुवार सुबह 10.54 बजे CM ने खुद पोस्ट कर के ऐलान किया कि वो कुर्सी छोड़ने वाले हैं। उनके 165 शब्दों के पोस्ट ने पूरी पिक्चर साफ कर दी। मतलब 21 घंटे में बिहार की सत्ता उलट पलट गई। अब बिहार का घटनाक्रम कार्टूनिस्ट मंसूर नकवी की नजर से : नामांकन से पहले नीतीश बोले- बिहार की नई सरकार को पूरा सपोर्ट करूंगा नामांकन से पहले नीतीश कुमार ने अपने X पर लिखा कि, ‘संसदीय जीवन शुरू करने के समय से ही मेरे मन में एक इच्छा थी कि मैं बिहार विधान मंडल के दोनों सदनों के साथ संसद के भी दोनों सदनों का सदस्य बनूं। इसी क्रम में इस बार हो रहे चुनाव में राज्यसभा का सदस्य बनना चाह रहा हूं। बिहार की नई सरकार को मेरा सपोर्ट रहेगा।' नीतीश के ऐलान पर तेजस्वी यादव ने कहा है कि, बिहार में महाराष्ट्र मॉडल बीजेपी ने लागू किया है। भाजपा ने नीतीश कुमार को इतना टॉर्चर किया कि उन्हें इस्तीफा देना पड़ रहा है। बीजेपी अपनी सहयोगी पार्टी को खत्म कर देती है। बीजेपी ने नीतीश को हाईजैक किया है। नीतीश कुमार का पूरा पोस्ट मंत्री, विधायक और MLC को भगाया इधर, सीएम नीतीश के राज्यसभा जाने की खबर मिलने के बाद गुरुवार सुबह से ही कार्यकर्ता CM आवास के बाहर जुट गए। कार्यकर्ताओं ने कहा कि, नीतीश कुमार बिहार के हैं। उन्हें कहीं नहीं जाने देंगे। हम अपनी जान दे देंगे। CM हाउस के बाहर कार्यकर्ता रोते दिखे। कार्यकर्ताओं ने CM हाउस जा रहे बीजेपी कोटे के मंत्री सुरेंद्र मेहता, JDU MLC संजय गांधी और JDU विधायक प्रेम मुखिया को भगा दिया। जदयू दफ्तर में भी गुस्साए कार्यकर्ताओं ने तोड़फोड़ की। CM हाउस के बाहर प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने ये आरोप लगाए अब कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन की कुछ तस्वीरें देखिए... तेजस्वी के 3 बड़े आरोप नीतीश के राज्यसभा जाने पर नेताओं ने क्या कहा
कश्मीर में शांति स्थापित करने वाले सैयद अता हसनैन बिहार के राज्यपाल बने
बिहार-महाराष्ट्र समेत देश के कई राज्यों के राज्यपाल बदल गए हैं। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख और दिल्ली के एलजी भी बदल गए हैं। लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन को बिहार का गवर्नर बनाया गया है। कश्मीर मामलों के विशेषज्ञ लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन आरिफ मोहम्मद खान का स्थान लेंगे। वहीं बिहार भाजपा के सीनियर नेता नंद किशोर यादव को नागालैंड का गवर्नर बनाया गया है। दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर विनय कुमार सक्सेना को लद्दाख का नया लेफ्टिनेंट गवर्नर बनाया गया है। तरनजीत सिंह संधू को दिल्ली का नया एलजी बनाया गया। हिमाचल प्रदेश के गवर्नर शिव प्रताप शुक्ला को तेलंगाना का राज्यपाल बनाया गया। तेलंगाना के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा को महाराष्ट्र का नया गवर्नर बनाया गया है। तमिलनाडु के गवर्नर आर.एन. रवि को पश्चिम बंगाल का गवर्नर बनाया गया है। केरल के गवर्नर राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर तमिलनाडु के गवर्नर का काम संभालेंगे। लद्दाख के लेफ्टिनेंट गवर्नर कविंदर गुप्ता को हिमाचल प्रदेश का नया राज्यपाल बनाया गया। चुनाव से पहले बोस का इस्तीफा, ममता का आरोप- केंद्र का दबाव था पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव कार्यक्रम घोषित होने से ठीक पहले इस फैसले ने राज्य की राजनीति में नया तूफान खड़ा कर दिया। उनका कार्यकाल नवंबर 2027 तक था, लेकिन उन्होंने 20 महीने पहले ही पद छोड़ दिया। सीएम ममता बनर्जी ने इस पर ‘हैरानी और चिंता’ जताते हुए कहा कि परंपरा के अनुसार इस फैसले से पहले मुझसे कोई परामर्श नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से ठीक पहले राज्यपाल के इस्तीफे के पीछे दबाव हो सकता है। बोस ने 17 नवंबर 2022 को बंगाल के राज्यपाल का पद संभाला था। उनके कार्यकाल में राजभवन और ममता सरकार के बीच कई मुद्दों पर टकराव हुआ। कई बार विवाद सार्वजनिक रूप से सामने आया। राजनीतिक और प्रशासनिक मामलों पर राज्य सरकार की आलोचना करने को लेकर बोस अक्सर सुर्खियों में रहे। बोस से पहले जगदीप धनखड़ ने भी कार्यकाल पूरा किए बिना पद छोड़ा था। वे 2022 में उपराष्ट्रपति बने थे। रिटायर्ड ले. जनरल हसनैन ने लंदन से पढ़ाई की सैयद अता हसनैन भारतीय सेना के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। वे जम्मू-कश्मीर में 15वीं कोर के कमांडर रह चुके हैं। अपने सैन्य करियर में उन्होंने कई संवेदनशील इलाकों में सेवा दी। उन्होंने आईपीकेएफ के साथ श्रीलंका में भी ड्यूटी की। पंजाब में उग्रवाद के चरम दौर में भी उन्होंने सेवा दी। कश्मीर में 15वीं कोर की कमान संभालते हुए उन्होंने “हार्ट्स डॉक्ट्रिन” यानी जन-केंद्रित नीति पर काम किया। सेवानिवृत्ति के बाद वे कश्मीर केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलाधिपति भी रह चुके हैं। सैयद अता हसनैन ने सेंट स्टीफंस कॉलेज, दिल्ली और किंग्स कॉलेज, लंदन से शिक्षा प्राप्त की है। उन्हें उनकी रणनीतिक समझ और कश्मीर में शांति स्थापना के प्रयासों के लिए जाना जाता है। बिहार समेत कई राज्यों के राज्यपाल बदले, दिल्ली के नए एलजी बने तरनजीत सिंह संधू, राष्ट्रपति भवन ने जारी की अधिसूचना.... नंदकिशोर नगालैंड के गवर्नर होंगे
पाटलिपुत्र स्पोट्र्स कॉम्प्लेक्स में 11 से 17 तक बिहार प्रीमियर वीमेंस कबड्डी लीग
छह टीमों के बीच मुकाबला होगा, 90 खिलाड़ी शॉर्टलिस्टेड पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के इंडोर हॉल में 11 से 17 मार्च तक बिहार प्रीमियर वीमेंस कबड्डी लीग का आयोजन किया जाएगा। इस प्रतियोगिता में बिहार के विभिन्न जिलों से चुनी गई महिला कबड्डी खिलाड़ी भाग लेंगी। इस प्रतियोगिता में छह टीमें एक-दूसरे से भिड़ेंगी। हर टीम में 15-15 खिलाड़ियों को चुना गया है। पिछले दिनों राज्यभर से आई कबड्डी खिलाड़ियों में से 120 को चुना गया है। फिलहाल, इन सभी खिलाड़ियों की ट्रेनिंग चल रही है। इनमें से कुल 90 खिलाड़ियों को शॉर्टलिस्टेड किया जाएगा। खेल विभाग, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण व बिहार राज्य कबड्डी संघ के संयुक्त तत्वावधान में यह आयोजन होगा। लीग का उद्देश्य राज्य में महिला कबड्डी को बढ़ावा देना और प्रतिभावान खिलाड़ियों को बड़ा मंच उपलब्ध कराना है। इस लीग की खासियत है कि सभी टीमों के मुख्य प्रशिक्षक और सहायक प्रशिक्षक महिलाएं हैं। लीग में भाग लेने वाली छह टीमें- सीतामढ़ी सेटनेल्स, मगध वारियर्स, सारण स्ट्राइकर्स, पटना पेलिकन, नालंदा निंजा और सीवान टाइटंस हैं।
कुशीनगर में होली के त्योहार के दौरान शराब की बिक्री ने नया रिकॉर्ड बनाया है। आबकारी विभाग के आंकड़ों के अनुसार, होली के आसपास के दिनों में जिले में शराब की बिक्री से 6 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, इस कुल बिक्री में लगभग 3 करोड़ रुपये की देसी शराब, 2.5 करोड़ रुपये की अंग्रेजी शराब और शेष राजस्व बीयर की दुकानों से आया है। आबकारी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस बार पिछले वर्षों की तुलना में अंग्रेजी शराब की बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इसका एक प्रमुख कारण यह माना जा रहा है कि होली पर बड़ी संख्या में लोग दूसरे प्रदेशों से अपने गांवों लौटे, जिनमें अंग्रेजी शराब के शौकीनों की संख्या अधिक थी, जिससे इसकी मांग बढ़ी। पहले के वर्षों में त्योहारों के दौरान देसी शराब की बिक्री सबसे अधिक रहती थी। अवैध शराब के खिलाफ सख्त विभाग का यह भी मानना है कि त्योहार से पहले चलाए गए छापेमारी अभियान, कालाबाजारी पर लगाम और अवैध शराब के खिलाफ सख्त कार्रवाई के कारण अधिकतर बिक्री लाइसेंसी दुकानों से हुई। इसी वजह से राजस्व के आंकड़े भी बढ़कर सामने आए हैं। हालांकि, इस समय कुशीनगर में शराब की दुकानों के लाइसेंस नवीनीकरण का समय है। बिहार में सरकार बदलने और नई सरकार द्वारा शराबबंदी की पाबंदी हटाए जाने की संभावना को लेकर कुशीनगर के दुकानदार चिंतित हैं। दुकानदारों को आशंका है कि यदि बिहार में शराबबंदी हटाई जाती है, तो बिहार से आकर कुशीनगर में शराब खरीदने वाले ग्राहकों की संख्या में कमी आएगी। इससे कुशीनगर के बिहार सीमा पर स्थित दुकानों की बिक्री प्रभावित होगी, जिससे वे अपनी दुकानों की बिक्री और लाइसेंस नवीनीकरण को लेकर चिंतित हैं।
नीतीश कुमार ने गुरुवार को X पर पोस्ट कर राज्यसभा जाने का ऐलान किया है। उन्होंने बिहार में नई सरकार को अपना पूरा सहयोग करने की भी बात कही है। अब यह भी तय हो गया कि बिहार में अब नीतीश युग का अंत हो गया। साथ ही अब इस बात की चर्चा शुरू हो गई है कि नीतीश कुमार के बाद बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा…? क्या पहली बार बिहार में बीजेपी का CM बनेगा? क्या नीतीश के किसी करीबी को CM बनाया जाएगा। क्या 4 दशक बाद बिहार को सवर्ण CM मिल सकता है..? बिहार में CM की रेस में सबसे आगे सम्राट चौधरी का नाम चल रहा है। विजय चौधरी भी चर्चा में हैं। इधर, BJP EBC या OBC चेहरा लाकर चौंका सकती है। सबसे पहले सत्ता के दो फॉर्मूले को समझिए, जिसकी चर्चा चल रही है… अब इसे विस्तार से समझिए सूत्रों की मानें तो BJP खासकर अमित शाह नहीं चाहते थे कि 20 नवंबर 2025 को गांधी मैदान में नीतीश कुमार CM पद की शपथ लें। BJP की तरफ से ऑफर दिया गया था कि नीतीश कुमार अपनी पसंद के किसी नेता का नाम बता दें। वे जिसे अपनी पसंद बता देंगे BJP उसे CM स्वीकार कर लेगी। BJP 26 साल पुरानी गलती नहीं दोहराना चाहती BJP अब किसी भी सूरत में अपनी 26 साल पुरानी गलती नहीं दोहराना चाहती। तब 2000 विधानसभा चुनाव में BJP को 67 सीटें आईं थी और नीतीश कुमार की अगुआई वाली समता पार्टी को 34 सीटें मिली थीं। अब BJP के CM के दावेदारों को जानिए 1. सम्राट को आगे कर लव-कुश समीकरण साधेगी सम्राट चौधरी कोइरी समाज से आते हैं। नीतीश कुमार कुर्मी हैं। इन दोनों को बिहार की सियासत में लव-कुश कहा जाता है। राज्य में इन दोनों कोइरी और कुर्मी समाज की आबादी तकरीबन 7 फीसदी है। इसमें कोइरी 4.21% कुर्मी 2.87% हैं। इन्हीं के दम पर नीतीश कुमार अपनी राजनीति करते रहे हैं। ऐसे में अगर सम्राट को BJP आगे बढ़ाती है तो नीतीश का ये वोट बैंक उनके पास रह सकता है। BJP बिहार में OBC को साधने के लिए गैर यादव OBC को लगातार साधने का प्रयास कर रही है और इस समीकरण में सम्राट चौधरी बिल्कुल फिट बैठते हैं। कोइरी बिहार में यादव के मुकाबले एक मजबूत पिछड़ी जाति मानी जाती है। सरकार से लेकर संगठन तक का अनुभव सम्राट चौधरी के पास सरकार चलाने से लेकर संगठन चलाने तक का अनुभव है। राबड़ी सरकार में सबसे कम उम्र का मंत्री बनने से लेकर वे मौजूदा समय में दो बार नीतीश सरकार में डिप्टी सीएम रह चुके हैं। इससे पहले वे नीतीश सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं। सरकार के साथ-साथ वे विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभा चुके हैं। पार्टी के भीतर वे सचिव, उपाध्यक्ष से लेकर प्रदेश के अध्यक्ष की भूमिका भी निभा चुके हैं। ऐसे में उनके पास हर तरह का अनुभव है। विपक्षी के खिलाफ आक्रामक शैली सम्राट चौधरी की सबसे बड़ी ताकत है उनकी आक्रामक शैली। बीजेपी के भीतर ये एकमात्र ऐसे नेता हैं जब नीतीश कुमार के खिलाफ नेता प्रतिपक्ष थे तब उन पर उतना ही तीखा हमला बोला जितना एग्रेसवली ये लालू प्रसाद यादव या तेजस्वी यादव पर अटैक करते हैं। ये बीजेपी की राजनीतिक शैली के लिए फिट हैं। सम्राट के अलावा फिलहाल बिहार में कोई ऐसे नेता नहीं हैं जो लालू और नीतीश दोनों पर आक्रामक रुख रखते हैं। सम्राट के खिलाफ निगेटिव- दूसरी पार्टी से बीजेपी में आए सम्राट चौधरी की राह में सबसे बड़ा रोड़ा है, उनका दूसरी पार्टी से बीजेपी में आना। सम्राट बीजेपी में आने से पहले राजद और जदयू में थे। ऐसे में पुराने भाजपाई उनका विरोध करते हैं। जब वे पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष थे तब कई दिग्गज नेताओं ने उन्हें आयातित भाजपाई बताया था। हालांकि, असम समेत कई राज्यों में बीजेपी दूसरी पार्टी से शामिल हुए नेताओं को भी शीर्ष पद दे चुकी हैं। 2. विजय सिन्हाः RSS और मोदी का भरोसा सम्राट चौधरी की तरह विजय सिन्हा भी मौजूदा सरकार में डिप्टी सीएम हैं। विजय सिन्हा की सबसे बड़ी ताकत है संघ का भरोसा। इन्हें संघ का भरोसेमंद नेता माना जाता है। इन्होंने संघ के रास्ते बीजेपी की राजनीति में एंट्री की है और मूल भाजपाई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के करीबी माने जाते हैं। भरपूर प्रशासनिक अनुभव विजय सिन्हा 2010 से लगातार लखीसराय विधानसभा से चुनाव जीतते आ रहे हैं। इस दौरान वे नीतीश सरकार में मंत्री से लेकर स्पीकर की भूमिका में अपनी छाप छोड़ चुके हैं। नीतीश ने जब बीजेपी का साथ छोड़ा तब विधानसभा में इन्हें नेता प्रतिपक्ष बनाया गया था। इसके बाद दो बार से लगातार ये भी डिप्टी सीएम के पद पर हैं। सख्त एडमिनिस्ट्रेटर के रूप में अपनी छवि बना चुके हैं। सिन्हा का निगेटिव पक्ष विजय सिन्हा के खिलाफ सबसे बड़ी निगेटिव बात ये है कि ये फॉरवर्ड समाज से आते हैं। उनकी जाति भूमिहार हैं। इनकी आबादी बिहार में फिलहाल 3 फीसदी से कम और 2.87 फीसदी है। बिहार की राजनीति बीते 35 सालों से पिछड़ा की है। ऐसे में भाजपा यह रिस्क लेना चाहेगी, कुछ कहा नहीं जा सकता। हालांकि, उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के रूप में प्रयोग सफल रहा है। नया नाम देकर चौंका सकती है बीजेपी BJP हर राज्य में मुख्यमंत्री के चेहरे पर चौंकाती रही है। ऐसे में बीजेपी पहली बार जब बिहार में अपना सीएम बनाएगी तो यहां भी चौंका सकती है। किसी EBC चेहरे या यादव चेहरे पर भी दांव लगा सकती है। हालांकि, प्रदेश स्तर के कोई भी नेता इस पर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। अब JDU के दावेदारों को जानिए JDU के बारे में दो तरह की चर्चाएं हो रही हैं। अगर नीतीश कुमार की चली तो JDU का अपना सीएम होगा। अगर BJP इस बात पर राजी नहीं होती है तो सरकार के मौजूदा फॉर्मूले की तरह JDU के दो डिप्टी सीएम होंगे। नीतीश अपने हनुमान विजय चौधरी पर जता सकते हैं भरोसा विजय चौधरी जदयू के भीतर और बाहर एक ऐसे नेता हैं, जिन्हें नीतीश कुमार का 'नंबर 2' माना जाता है। वे सरकार की पॉलिसियों और रणनीतियों को बनाने वाली 'कोर कमेटी' के अहम सदस्य हैं। नीतीश बिहार में कहीं जाएं विजय चौधरी हमेशा उनके साथ होते हैं। रणनीतिक मामलों में उन्होंने नीतीश कुमार का हनुमान माना जाता है। विजय चौधरी एक ऐसे नेता हैं, जो विवादों से हमेशा दूर रहते हैं। अपनी मृदुभाषी शैली और प्रशासनिक पकड़ के लिए जाने जाते हैं। वित्त, शिक्षा ग्रामीण कार्य, जल संसाधन, संसदीय कार्य जैसे कई अहम विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। इसके अलावा विधानसभा में स्पीकर भी रह चुके हैं। खुद सरकार से हटकर बेटे की एंट्री करा सकते हैं नीतीश कुमार खुद बिहार की सियासत से अलग होकर अपने बेटे को सरकार और संगठन की कमान सौंप सकते हैं। निशांत अभी तक पॉलिटिक्स से लगभग खुद को अलग रखते ही आए हैं। 2025 विधानसभा चुनाव के दौरान से वे लगातार इसमें एक्टिव हुए हैं। ऐसे में नीतीश कुमार के अलग होने के बाद जाति और पार्टी के बीच कॉम्बिनेशन स्थापित करने के लिए ऐसे नेता की दरकार थी जिनकी स्वीकार्यता सभी के बीच हो। इसमें निशांत कुमार पूरी तरह फिट बैठते हैं। इनके अलावा भी कई नेता रेस में हैं इनके अलावा अशोक चौधरी दलित समाज से आते हैं और नीतीश कुमार को अपना मानस पिता भी कहते रहे हैं। जातीय पॉलिटिक्स के समीकरण में भी पूरी तरह फिट बैठते हैं। ऐसे में उन्हें भी मौका मिल सकता है। नीतीश अपने ही समाज के किसी नेता या EBC चेहरे को भी आगे कर सकते हैं। --------------------- ये खबर भी पढ़ें नीतीश बोले-बिहार में नई सरकार को मेरा पूरा सहयोग रहेगा:X पर लिखा- मैं राज्यसभा सदस्य बनना चाह रहा हूं; आज करेंगे नामांकन बिहार के CM नीतीश कुमार राज्यसभा जा रहे हैं। उन्होंने इसका ऐलान खुद अपने एक्स पर किया है। नीतीश कुमार ने लिखा है कि, ‘संसदीय जीवन शुरू करने के समय से ही मेरे मन में एक इच्छा थी कि मैं बिहार विधान मंडल के दोनों सदनों के साथ संसद के भी दोनों सदनों का सदस्य बनूं। इसी क्रम में इस बार हो रहे चुनाव में राज्यसभा का सदस्य बनना चाह रहा हूं।’ बिहार की नई सरकार को मेरा सपोर्ट रहेगा। पूरी खबर पढ़ें
पूरे बिहार में बुधवार को धूमधाम से होली मनाई गई। लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्या ने होली पर अपने पति के साथ तस्वीर शेयर कर बधाई दी। वहीं ज्योति सिंह ने बधाई वाले पोस्टर में उनके नाम के साथ पति अभिनेता पवन सिंह लिखा। दिल्ली में मनोज तिवारी ने होली के गीतों के साथ गमछा लहराया। बीजेपी विधायक मैथिली ठाकुर ने भी फगुआ गीत गाया। भाजपा विधायक संजीव चौरसिया ढोल, मंजीरे के साथ बग्गी से सड़क पर निकले। होली पर पटना में मटन दुकानों के बाहर लंबी लाइन देखने को मिली। 700-800 रुपए किलो बिकने वाला मटन होली के अवसर पर 1200 रुपए किलो बिका। 20 तस्वीरों में बिहार की होली... सबसे पहले नेताओं की होली... अब आम लोगों की होली अब होली से जुड़ी कुछ और तस्वीरें...
आज अखबार नहीं आएगा। होली के रंग के साथ बिहार में सियासत भी पूरी तरह गरमाई रही। राज्यसभा के लिए उम्मीदवारों के ऐलान से लेकर जिलों में हुई हादसों तक, पूरे दिन बिहार में घटनाक्रम तेज रहा। अगर आप दिनभर की भागदौड़ में खबरें मिस कर गए हैं, तो यहां पढ़िए राजनीति से हादसों तक बिहार की कल की सभी बड़ी और अहम खबरों का अपडेट। 1. नीतीश CM पद छोड़कर राज्यसभा जा सकते हैं:बेटे निशांत के नाम की भी चर्चा बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपना पद छोड़कर राज्यसभा जा सकते हैं। बुधवार शाम इसे लेकर सीएम आवास पर अहम बैठक हुई। इसमें संजय झा और विजय चौधरी मौजूद रहे। बताया जा रहा कि पार्टी के बड़े नेता नहीं चाहते हैं कि नीतीश दिल्ली जाएं। इसी दौरान जदयू ने सोशल मीडिया X पर पोस्ट कर लिखा- नीतीश कुमार जी बिहार के सर्वस्वीकार्य नेता हैं। उनकी लोकप्रियता आज हर क्षेत्र में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। लोगों का यह स्नेह और अपार समर्थन ही उनकी वास्तविक पहचान है। पूरी खबर पढ़ें 2. तेजस्वी-तेजप्रताप ने खेली कुर्ता फाड़ होली:बड़े भाई ने ढोल बजाया, छोटे ने गुलाल उड़ाया बिहार में होली धूमधाम से मनाई जा रही है। राजनीतिक गलियारों में भी होली की खासी रौनक है। लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने पार्टी दफ्तर में कार्यकर्ताओं संग होली खेली। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने उनके कपड़े फाड़ दिए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बेटी कात्यायनी के साथ होली खेलते हुए वीडियो साझा किया। वीडियो में कात्यायनी अपने पापा को रंग लगाती नजर आईं। इसके साथ ही समर्थकों के साथ गुलाल उड़ाया। पूरी खबर पढ़ें 3. सेफ्टी टैंक में दम घुटने से 4 लोगों की मौत:सीतामढ़ी में मरने वालों में बाप-बेटे भी सीतामढ़ी में होली के दिन सेफ्टी टैंक में दम घुटने से बाप-बेटे समेत 4 लोगों की मौत हो गई। एक बच्चे को बचाने के लिए 7 लोग टैंक में उतरे थे। 3 लोगों की हालत गंभीर है। घटना बुधवार की सुबह 9 बजे की है। सभी बोखड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत कुरहर पंचायत के वार्ड संख्या 13 के रहने वाले है। चारों के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। वहीं, घायलों का इलाज सीतामढ़ी के सदर अस्पताल में चल रहा है। पूरी खबर पढ़ें 4. 'चिराग सुनता नहीं...वरना कब की शादी करवा देती':केंद्रीय मंत्री की मां बोलीं- मेरा बस चले तो मैं आज ही शादी कर दूं केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान अपनी शादी को लेकर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। चिराग के समर्थक उनकी शादी को लेकर काफी उत्साहित रहते हैं, लेकिन वह अपनी शादी नहीं कर रहे हैं। इसी बीच चिराग पासवान की शादी को लेकर उनकी मां रीना पासवान ने बड़ा बयान दिया है। चिराग पासवान की मां ने कहा, वो मानता नहीं है, दिक्कत यह है कि वह शादी के लिए तैयार ही नहीं है। पूरी खबर पढ़ें 5. मोतिहारी में डूबने से 6 बच्चों की मौत, इनमें 3 सगी बहनें; 4-4 लाख मुआवजा मिलेगा होली से पहले मोतिहारी में मंगलवार शाम बड़ा हादसा हो गया। 5 लड़की समेत 6 बच्चों की नदी में डूबने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि सभी बच्चे बकरी चराकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान वे नहाने के लिए नदी में उतर गए। नहाते समय एक बच्ची गहरे पानी में चली गई। उसे बचाने के प्रयास में अन्य चार लड़कियां और एक लड़का गहरे पानी में चले गए और सभी डूब गए। पूरी खबर पढ़ें 6. 'लाठीचार्ज किया, SDM ने लड़कियों की कॉलर पकड़ी':बेगूसराय में धरने पर बैठे होमगार्ड कैंडिडेट्स बोले- गंदी गालियां दीं बेगूसराय में होली पर चयनित होमगार्ड अभ्यर्थियों ने पुलिस पर लाठीचार्ज के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि हम लोग मंगलवार की रात धरना दे रहे थे। धरनास्थल पर पुलिस आई और हमें बस में बैठाकर शांत जगह ले गई। वहां हमारे साथ मारपीट गई। SDM अनिल कुमार सर ने लड़कियों की कॉलर पकड़ी। उनके साथ महिला पुलिस भी नहीं थी। लेडिज पुलिस को साइड कर वो खुद डंडे चलाने लगे। हमें गालियां दीं। लाठियों के साथ गोली भी चलाई गई है। पूरी खबर पढ़ें 7. पूर्णिया में बीजेपी ऑफिस में होली का वीडियो वायरल:भाजपा जिलाध्यक्ष ने महिला नेता को लगाया गुलाल पूर्णिया में बीजेपी ऑफिस से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो वनभाग स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित होली मिलन समारोह का है। वीडियो में भाजपा जिलाध्यक्ष को होली के अश्लील गानों पर महिला नेत्री के साथ देखा जा सकता है। वीडियो को पोस्ट कर यूजर भाजपा जिलाध्यक्ष को ट्रोल कर रहे हैं। वीडियो सोमवार का है। वनभाग स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया था। इसी दौरान अश्लील गानों पर डांस शुरू हो जाता है। जिस जगह ये सब हो रहा है, वहीं पार्टी के संस्थापक विचारक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की तस्वीर भी लगी हुई है। पूरी खबर पढ़ें 8. PMCH के 30 जूनियर डॉक्टर्स पर केस दर्ज:नशे में मरीज और उनके परिजन से मारपीट, मोबाइल और ट्रॉली बैग छीना पीएमसीएच में कार्यरत और पढ़ रहे 25-30 जूनियर डॉक्टर्स के खिलाफ पटना के पीरबहोर थाने में केस रजिस्टर्ड हुआ है। इन सभी पर नशे में मारपीट करने और मोबाइल, ट्रॉली बैग छीनने का आरोप पेशेंट ने लगाए हैं। दरअसल मधुबनी के रहने वाले राहुल कुमार मिश्राक(31) ट्रेन से सफर कर रहे थे। इसी दौरान अथमलगोला के पास बीते 2 मार्च को उनके साथ मारपीट की घटना हुई थी। इस घटना में राहुल और उनके भाई सोनू घायल हो गए। उनका प्रारंभिक इलाज बाढ़ अनुमंडल के अस्पताल में कराया गया। पूरी खबर पढ़ें 9. 'मेरा पति 'नपुंसक, शादी के 10 दिन बाद लिया तलाक': अब पिता को सरकारी लड़के से दूसरी शादी कराने कह रही बिहार राज्य महिला आयोग में एक मामला सामने आया है जिसमें एक महिला ने अपनी शादी के 10 दिन बाद पति को नपुंसक बताकर उससे तलाक ले लिया।वहीं, वह अब अपने बूढ़े पिता पर सरकारी नौकरी वाले लड़के से शादी नहीं करवाने का आरोप लगा रही है। उसने अपने पिता से गांव-गांव जाकर सरकारी नौकरी वाला लड़का ढूंढने को कहा है। अपनी पहली शादी से उसने तलाक के बाद 9 लाख रुपए एल्यूमिनी के तौर पर लिए हैं। यह मामला फुलवारी शरीफ के दानापुर चक का है। पूरी खबर पढ़ें 10. सहरसा में डिवाइडर से टकराई रेलवे इंजीनियर की कार, मौत:फोन आने पर निकले थे घर से; CCTV में वारदात कैद सहरसा के बैजनाथपुर थाना क्षेत्र में मंगलवार रात करीब 10 बजे कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। इस हादसे में रेलवे के एक इंजीनियर की मौत हो गई। मृतक की पहचान नवादा जिले के बिहार शरीफ निवासी 34 वर्षीय स्नेह रंजन के रूप में हुई है। वह सहरसा के सिमरी बख्तियारपुर सेक्शन में रेलवे इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे। स्नेह रंजन पिछले छह वर्षों से अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ सहरसा रेलवे के सरकारी क्वार्टर में रह रहे थे। वह अपने पांच भाइयों में सबसे छोटे थे। पूरी खबर पढ़ें
ललित सुरजन की कलम से - बिहार के बाद क्या?
पहले तो लोग इस बात पर माथापच्ची करते रहे कि बिहार में विधानसभा चुनावों के नतीजे क्या होंगे। जिस दिन मतदान का आखिरी चरण सम्पन्न हुआ उस दिन तमाम विशेषज्ञ एक्जिट पोलों की चीर-फाड़ में लग गए
अगर बिहार नहीं जीतते तो क्या दूसरे राज्यों में एसआईआर होता?
एसआईआर ( मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण) से अगर बिहार में सफलता नहीं मिलती तो क्या उसे दूसरे राज्यों में लागू किया जाता
पीएम उषा अभियान के तहत बिहार को 600 करोड़ रुपए देगी मोदी सरकार, नीतीश कैबिनेट ने खोला बंद रास्ता
बिहार में पीएम उषा अभियान को लागू करने के प्रस्ताव को नीतीश कुमार सरकार की मंजूरी के बाद राज्य में उच्च शिक्षा के विकास के लिए केंद्र से अगले दो साल में 600 करोड़ रुपए मिलने का रास्ता खुल गया है।
बॉलीवुड के मशहूर स्टार कपल सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल 7 वर्ष की डेटिंग के बाद अब पति-पत्नी बन चुके हैं। दोनों की शादी इस वक़्त टॉक ऑफ द टाउन है। सोनाक्षी और जहीर अलग धर्म से हैं। ऐसे में ना उन्होंने निकाह किया तथा ना ही फेरे लिए, बल्कि सादगी से रजिस्टर मैरिज की एवं फिर रिसेप्शन पार्टी रखी। अलग धर्म में शादी करने पर सोनाक्षी एवं जहीर को जमकर ट्रोल किया जा रहा है। ट्रोलिंग के कारण दोनों को अपने वेडिंग पोस्ट का कमेंट सेक्शन तक बंद करना पड़ा। मगर बात तब हद से ज्यादा तब बढ़ गई, जब इंटरफेथ मैरिज करने पर सोनाक्षी एवं जहीर के खिलाफ बिहार के गांव में प्रोटेस्ट मार्च निकाले गए। रिपोर्ट के अनुसार, सोनाक्षी के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन 'हिंदू शिव भवानी सेना' नाम की एक संगठन द्वारा आयोजित किया गया था। जहीर संग शादी पर बेटी सोनाक्षी की हो रही ट्रोलिंग पर अब शत्रुघ्न सिन्हा ने चुप्पी तोड़ी है तथा हेटर्स को जवाब दिया है। अपने एक इंटरव्यू के चलते शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा- आनंद बक्शी साहब ने इस तरह के प्रोफेशनल प्रोटेस्टर्स के बारे में लिखा है- कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना। इसमें आगे जोड़ना चाहूंगा कि कहने वाले अगर बेकार, बेकाम-काज के हों तो बोलना ही उनका काम बन जाता है। मेरी बेटी ने कुछ भी ऐसा नहीं किया जो गैरकानूनी एवं संविधान के खिलाफ है। सोनाक्षी-जहीर की शादी पर शत्रुघ्न सिन्हा ने आगे कहा- शादी दो लोगों के बीच का एक बहुत ही व्यक्तिगत फैसला है। इसमें किसी को भी बीच में दखल देने या कमेंट करने का हक नहीं होता। विरोध प्रदर्शन करने वालों को मैं यही बोलना चाहता हूं- अपनी जिंदगी पर ध्यान दो। जिंदगी में कुछ अच्छा करो। इससे ज्यादा और कुछ नहीं कहना। बता दें कि शत्रुघ्न सिन्हा ने खुशी-खुशी अपनी इकलौती बेटी की शादी की है। उन्होंने दामाद जहीर को भी अपना आशीर्वाद दिया है। रिलीज हुआ श्रद्धा कपूर-राजकुमार राव की स्त्री 2 का टीजर, इस अवतार में नजर आए स्टार्स किशोर कुमार के गानों पर बैन, मनोज कुमार-देव आनंद की फिल्मों पर रोक..! बॉलीवुड पर भी पड़ा था 'इमरजेंसी' का बुरा असर सामने आई कंगना रनौत की इमरजेंसी की रिलीज डेट, जानिए किस दिन आ रही है इंदिरा गांधी की बायोपिक?
फिल्म रैप में जानिए कि रविवार को एंटरटेनमेंट की दुनिया में क्या खास हुआ. 9 जून 2024 का दिन एतिहासिक रहा. पीएम नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार पीएम बनने की शपथ ली. इस दौरान शाहरुख खान से लेकर अक्षय कुमार भी मौजूद रहे.
परेशान होकर छोड़ी इंडस्ट्री, सालों बाद किया कमबैक, बिहार की लड़की कैसे बनी हीरोइन?
टेलीविजन के पॉपुलर शो उडारियां 15 साल का लीप लेने जा रहा है. लीप के बाद शो एक नई कहानी और स्टारकास्ट के साथ दर्शकों को एंटरटेन करने आ रहा है. लीप से पहले उडारियां में आशमा का रोल निभाने वाली अदिति भगत ने आजतक संग बातचीत की और शो को लेकर कई सारी बातें शेयर कीं.
बिहार सीईटी बीएड : पांच साल में सबसे ज्यादा आवेदन आए, इस तारीख से आएंगे एडमिट कार्ड
Bihar CET B.Ed:महिलाओं के लिए अलग एवं पुरुषों के लिए अलग परीक्षा केंद्र होंगे। अभ्यर्थी 17 जून से अपना एडमिट कार्ड वेबसाइटwww. biharcetbed- lnmu. inपर लॉगइन कर डाउनलोड कर सकेंगे।
बीएसईबी बिहार बोर्ड से संबद्ध और एनसीटीई से मान्यता प्राप्त डीएलएड संस्थानों की सूची जारी
Bihar D.El.Ed: बिहार बोर्ड ने डीएलएड प्रवेश परीक्षा 2024 की आंसर की जारी करने के एक दिन बाद अब राज्य में मौजूद सरकारी व निजी डीएलएड प्रशिक्षण संस्थानों की सूची भी जारी कर दी है। डीएलएड में दाखिला लेने
Bihar DElEd Answer Key 2024: आंसर की जारी, ऐसे दर्ज करें ऑब्जेक्शन, देखें डायरेक्ट लिंक
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने बिहार डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (DElEd) परीक्षा 2024 की आंसर की जारी की। जो उम्मीदवार परीक्षा में उपस्थित हुए हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट- biharboardonline.b
Bihar STET: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने शनिवार को माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (एसटीईटी)-2024 (प्रथम) परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया है। पेपर-1 के विभिन्न विषयों की परीक्षा 18 से 29 मई तक होगी।
CSBC Bihar Police Constable Exam: क्या जारी हो चुकी हैं रिवाइज्ड तारीखें, पढ़ें अपडेट
CSBC Bihar Police Constable exam dates: बिहार पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा की नई तारीखों का इंतजार है। परीक्षाएं 1, 7 और 15 अक्टूबर को निर्धारित की गई थीं, जिन्हें रद्द व स्थगित कर दिया गया था। आइए
सलमान के घर फायरिंग से पहले शूटर्स ने बिहार में की हथियारों की प्रैक्टिस, फार्म हाउस की हुई थी रेकी
14 अप्रैल को, सुबह 4.50 बजे सलमान के बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर, अज्ञात हमलावरों ने पांच राउंड फायरिंग की थी. पुलिस ने सलमान के घर पर फायरिंग करने के मामले में विक्की गुप्ता (24 साल) और सागर पाल (21 साल) नाम के दो लड़कों को गिरफ्तार किया था. अब इससे जुड़ा एक बड़ा अपडेट सामने आया है.
Manisha और Elvish के बीच लगी दुश्मनी की आग हुई और तेज, बिहार की बेटी नेसरेआम बना दिया'राव साहब' का मजाक ?
Bihar Board: जानें-10वीं की मार्कशीट में लिखी U/R,B और C जैसी शॉर्ट फॉर्म का क्या मतलब है?
बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं का रिजल्ट 31 मार्च को जारी कर दिया गया था। छात्र अपनी ओरिजनल मार्कशीट स्कूल से ले सकते हैं। आइए जानते हैं मार्कशीट में लिखी शॉर्ट फॉर्म की फुलफॉर्म क्या है।
बिहार में जेईई और नीट की फ्री कोचिंग, रहने-खाने की भी रहेगी मुफ्त व्यवस्था, ऐसे करें अप्लाई
Bihar Board Jee and Neet Free Coaching : विद्यार्थी समिति द्वारा संचालित engineering (jee) औरmedical (neet) की नि:शुल्क तैयारी हेतु BSEB SUPER-50 आवासीय शिक्षण में पढ़ने हेतु आवेदन कर सकत हैं।
Bihar 10th Board 2024: टॉप 5 में इन 10 छात्रों ने बनाई जगह, जानें नाम और मार्क्स
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड ने दसवी का रिजल्ट bsebmatric.org और results.biharboardonline.com पर जारी कर दिया है। इस साल टॉप 10 की लिस्ट ने 51 छात्रों ने अपनी जगह बनाई है। टॉप 5 की लिस्ट में 10 छ
Bihar Board BSEB 2024 Matrci Result Today:बिहार बोर्ड 10वीं का रिजल्ट biharboardonline.bihar.gov.in व biharboardonline.com , onlinebseb.in पर जल्दजारी कर दिया जाएगा।
BSEB: क्लास 10वीं के रिजल्ट से पहले जानें ये 10 जरूरी बातें, मार्कशीट मिलने में मिलेगी मदद
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड अब कभी भी वेबसाइट biharboardonline.gov.in पर कक्षा 10वीं के रिजल्ट अपलोड कर सकता है। एक बार रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र यहां से डाउनलोड कर सकते हैं।
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (बीएसईबी) मैट्रिक यानी कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट अब कभी भी biharboardonline.bihar.gov.in पर जारी हो सकता है, जो छात्र परीक्षा में शामिल हुए हैं, वे जान लें, रिजल्
बीएसईबी मैट्रिक रिजल्ट की घोषणा जल्द की जाएगी। हालांकि अभी तक रिजल्ट की टाइमिंग और तारीख के बारे में कोई जानकारी शेयर नहीं की गई है, लेकिन उम्मीद है नतीजे 31 मार्च तक आधिकारिक वेबसाइट biharboardonlin
BSEB Bihar 10th Board: प्रेस कॉन्फ्रेंस में शेयर की जाएंगी ये 5 डिटेल्स, यहां पढ़ें
छात्र आधिकारिक वेबसाइट्स से बीएसईबी 10वीं स्कोरकार्ड 2024 डाउनलोड कर सकेंगे। रिजल्ट वाले दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। जिसमें बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं की परीक्षा से जुड़ी कई डिटेल्स शेयर की जाएगी। आइए ज
Bihar 12th Board: किसान की बेटी बनीं कॉमर्स की टॉपर, अब बनना चाहती हैं प्रोफेसर, करेंगी PhD
बिहार बोर्ड 12वीं की कॉमर्स स्ट्रीम में खुशी कुमारी को जिले में सेकंड रैंक मिली है। उनके पिता किसान हैं। उन्होंने कहा, मेरे पिता ने हमेशा शिक्षा को महत्व दिया है, इसलिए भविष्य में मैं शिक्षा के क्षेत
इस साल का रिजल्ट पिछले 5 साल की तुलना में सबसे बेहतर, 87.21 प्रतिशत विद्यार्थी हुए पास
BSEB Bihar Board 12th Result : हार बोर्ड ने आज 12वीं के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस वर्ष का रिजल्ट पिछले 5 सालों की तुलना में सबसे बेहतर रहा है। इस साल इंटर का रिजल्ट 87.21 फीसदी रहा।
बिहार बोर्ड ने 12वीं यानी इंटर परीक्षा का रिजल्ट अब जारी कर दिया है। टॉपर्स के नाम भी सामने आ गए हैं। आइए जानते हैं साइंस, कॉमर्स, आर्ट्स स्ट्रीम के टॉपर्स ने किन स्कूलों से पढ़ाई की है। यहां देखें न
BSEB : बारहवीं कक्षा के छात्रों को इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी के लिए फ्री में कोचिंग देती है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) गरीब विद्यार्थियों को JEE और NEET की मुफ्त कोचिंग कराती है।
BSEB Bihar Board: बिहार बोर्ड इंटर छात्र जानें टॉप 10 इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज
NIRF यानी राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क। इस रैंकिंग को शिक्षा मंत्रालय जारी करता है। एनआईआरएफ रैंकिंग में देश के टॉप इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज और यूनिवर्सिटी की रैंकिंग जारी की जाती है।
बीएसईबी 12वीं के परिणाम के साथ टॉपर्स की लिस्ट भी शेयर करेगा। जो छात्र परीक्षा में शामिल हुए हैं, वे जान लें, पिछले 7 सालों में आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस स्ट्रीम में किसने किया था टॉप। यहां पढ़ें पूरी

