Bihar Flood: 14 जिलों में नदियां उफान पर, 44 लाख लोग घिरे
बिहार के 14 जिलों में बाढ़ से लगभग 44 लाख लोग प्रभावित हैं और गंगा समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जबकि भागलपुर जिले में बाढ़ के कारण एक ही परिवार के चार लोगों समेत पांच व्यक्तियों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बताया कि राज्य के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश और नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी वर्षा के कारण नदियां और जलधाराएं उफान पर हैं। भागलपुर जिले के बाइपास थाना क्षेत्र के कोइली खुटाहा गांव में बाढ़ के पानी में डूबने से पांच लोगों की मौत हो गई। मृतकों में एक ही परिवार के चार सदस्य शामिल हैं। सबसे अधिक प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय और बक्सर शामिल हैं। मौसम विभाग के अनुसार सितंबर में अब तक राज्य में 90 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से 20 प्रतिशत अधिक है। इस बीच बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने वैशाली जिले के राघोपुर स्थित अपने विधानसभा क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर लोगों से मुलाकात की। उन्होंने राज्य सरकार पर असंवेदनशील होने का आरोप लगाते हुए कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार ने लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया है। वहीं मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पत्नी ममता चौधरी ने मुख्यमंत्री के गृह जिले मुंगेर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर पीड़ितों से मुलाकात की। उन्होंने सामुदायिक रसोई का निरीक्षण कर राहत व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उनके दौरे के कथित वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुई, हालांकि ‘पीटीआई भाषा’ उनकी प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका। इस संबंध में भाजपा का कोई नेता टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं हो सका। आपदा प्रबंधन विभाग (डीएमडी) के अनुसार, विभिन्न जिलों में लगातार बारिश और नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी वर्षा के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ गया है और कई स्थानों पर वे खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। विभाग के बयान के मुताबिक, पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया और अररिया जिलों के 85 प्रखंडों की 527 ग्राम पंचायतों में लगभग 43.64 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, सितंबर में अब तक राज्य में 83.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से 24 प्रतिशत अधिक है। डीएमडी के बुलेटिन के अनुसार, भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा नदी का जलस्तर बृहस्पतिवार सुबह छह बजे 36.72 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 2.22 मीटर ऊपर है। हालांकि, जलस्तर स्थिर बना हुआ है। गंडक नदी डुमरिया घाट, कोसी नदी बलतारा और कुरसेला, बूढ़ी गंडक खगड़िया तथा गंगा नदी दीघा, गांधी घाट, हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव और मुंगेर में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। पुनपुन नदी श्रीपालपुर, बागमती बेनीबाद तथा घाघरा नदी दरौली और गंगपुर सिसवन में भी खतरे के स्तर से ऊपर है। विभाग ने बताया कि बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए विभिन्न जिलों में 951 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा 15 राहत शिविरों में 11,255 बाढ़ पीड़ितों के लिए आवास, भोजन, चिकित्सा और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। अब तक प्रभावित लोगों के बीच 2.57 लाख पॉलीथीन शीट और 40,600 सूखा राशन पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। राहत एवं बचाव कार्य के लिए 1,932 नाव संचालित की जा रही हैं, जबकि 6,692 क्विंटल पशु चारा भी वितरित किया गया है। बयान के अनुसार, बृहस्पतिवार सुबह छह बजे गंडक बैराज से 77,600 क्यूसेक, कोसी बैराज से 1,40,240 क्यूसेक और इंद्रपुरी बैराज (सोन नदी) से 72,095 क्यूसेक पानी का बहाव दर्ज किया गया। तीनों स्थानों पर प्रवाह की स्थिति स्थिर बनी हुई है। संभावित बाढ़ और त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों को देखते हुए राज्य के विभिन्न जिलों में 27 एसडीआरएफ और 10 एनडीआरएफ टीम की तैनाती की गई है। बिहार मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले दो दिनों के दौरान राज्य के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम तथा एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा का पूर्वानुमान जताया है।
दरभंगा श्यामा मंदिर वित्तीय गड़बड़ी, पूर्व अधिकारियों ने जांच समिति के सामने रखा अपना पक्ष
Bihar Temple Trust Scam: दरभंगा के श्यामा मंदिर न्यास में वित्तीय अनियमितता मामले में पूर्व अधिकारियों ने जांच समिति के समक्ष अपना पक्ष रखा। अपर समाहर्ता रोहित कुमार की अध्यक्षता वाली समिति अब प्रस्तुत स्पष्टीकरणों और दस्तावेजों की विस्तृत समीक्षा कर रही है।
पानी घटा, खतरा नहीं टला: बिहार में गंगा लाल निशान से 1.38 तो पुनपुन 1.80 मीटर ऊपर
गंगा, सोन और पुनपुन नदियों का जलस्तर लगातार घट रहा है, लेकिन ये अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे बाढ़ का खतरा बना हुआ है। पटना के गांधी घाट, दीघा घाट और मनेर में गंगा तथा श्रीपालपुर में पुनपुन नदी लाल निशान से काफी ऊपर है, प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है।
संपूर्ण क्रांति डायवर्ट, तेजस राजधानी भी होगी लेट; 12 सितंबर को बिहार की कई ट्रेनों पर असर
नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के कारण 11 से 13 सितंबर तक ट्रेनों के परिचालन में बदलाव किया गया है। इससे बिहार से जुड़ी कई ट्रेनें वैकल्पिक मार्गों से चलेंगी और कुछ के समय में भी परिवर्तन होगा, यात्रियों को यात्रा से पहले जानकारी जांचने की सलाह दी गई है।
बिना डिग्री के हर महीने 4 लाख की कमाई! बिहार के 20 साल के लड़के ने इंटरनेट पर मचाया तहलका; कहानी वायरल
त्योहारों पर रेलवे का तोहफा, बिहार से दिल्ली और पंजाब के लिए चलेंगी दर्जनों स्पेशल ट्रेनें
रेलवे ने त्योहारों के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए कई स्पेशल ट्रेनों की घोषणा की है। ये ट्रेनें पटना, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी समेत बिहार के विभिन्न शहरों को दिल्ली, चंडीगढ़, फिरोजपुर और ऋषिकेश से जोड़ेंगी, जो सितंबर से नवंबर तक चलेंगी।
बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में 22 सितंबर से शुरू होगी एलएलबी व प्री लॉ की परीक्षा
Bihar University Pre Law Exam: बीआरए बिहार विश्वविद्यालय ने एलएलबी और प्री-लॉ परीक्षाओं का आधिकारिक कार्यक्रम जारी कर दिया है। ये परीक्षाएं 22 सितंबर से शुरू होकर 12 अक्टूबर तक दो पालियों में आयोजित की जाएंगी।
मुजफ्फरपुर में 4.55 लाख पेंशनधारियों को मिली 54 करोड़ की सौगात, मनाया गया पेंशन उत्सव
Bihar Pension Scheme: मुजफ्फरपुर में 4.55 लाख पेंशनधारियों के खातों में 54 करोड़ रुपये सीधे हस्तांतरित किए गए, जिसे 'पेंशन उत्सव' के रूप में मनाया गया। इस पहल से वृद्धजनों, विधवाओं और दिव्यांगजनों में उत्साह है।
अमेरिका को चुभता BRICS, भारत के लिए कितना फायदेमंद?
12 तारीख से दिल्ली में ब्रिक्स सम्मेलन शुरू होने जा रहा है। जिसमें शामिल होने के लिए रूस, चीन समेत दुनिया के कई देशों के राष्ट्र प्रमुख यहां पर आ रहे हैं। लेकिन समिट शुरू होने से पहले ब्रिक्स समिट को लेकर पी चिदंबरम ने कहा कि हालिया बैठकों से कोई बड़ा नतीजा नहीं निकला। बीजेपी ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि जरा 1947 से लेकर के 2014 तक का हिसाब भी देख लीजिए। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी ब्रिक्स समिट में हिस्सा लेने के लिए भारत आ रहे हैं और 7 साल के बाद यह शी जिनपिंग का भारत दौरा होगा। इसे भी पढ़ें: BRICS Summit में दिखेगी India Story की झलक, Bihar के सत्तू से Odisha की कॉफी तक MEA की खास पहल 7 साल बाद जिनपिंग का भारत आना क्या पुराने विवादों को खत्म कर देगा, सुलझा देगा? शी जिनपिंग का यह दौरा भारत और चीन के रिश्तों में आई तल्खी के बाद काफी अहम माना जा रहा है। 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बढ़ गया था। इसके बाद सीमा पर सैन्य तैनाती के साथ-साथ दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रिश्तों में भी खिंचाव देखने को मिला। अगर 12 सितंबर को प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग की द्विपक्षीय बैठक होती है, तो गलवान की घटना के बाद दोनों नेताओं की यह पहली आमने-सामने द्विपक्षीय बातचीत होगी। इसके अलावा शी जिनपिंग करीब सात साल बाद भारत आएंगे। 2020 के सीमा विवाद के बाद यह उनका पहला भारत दौरा होगा। डॉलर पर निर्भरता कम करने के लिए ब्रिक्स समिट में क्या कोई बड़ा फैसला लिया जाएगा? भारत इस साल ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में सम्मेलन की मेजबानी भारत की जिम्मेदारी है। यही वजह है कि वाशिंगटन की नजर भी दिल्ली पर टिकी हुई है। इसमें डर की बात है कि दिल्ली में ईरान की एंट्री और क्या यही अमेरिका की बेचैनी बढ़ा रही है। दरअसल दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को होने वाली जो ब्रिक्स समिट है पूरी दुनिया की नजर जरूर है। लेकिन सबसे ज्यादा नजर अगर किसी की है तो अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की। वजह साफ है ब्रिक्स का बढ़ता दायरा, डॉलर से दूरी की कोशिश और भारत की मेजबानी में रूस, चीन और ईरान जैसे देशों का एक मंच पर आना। इसे भी पढ़ें: BRICS Summit के लिए छावनी बनी New Delhi, 15000 जवानों और Multi-layer Security के साथ अभेद्य सुरक्षा घेरा ईरान की मौजूदगी क्या अमेरिका की टेंशन को बढ़ा रही है? हालांकि उसमें करीब 11 देश हैं। लेकिन ये जो तीन चार नाम है भारत को छोड़कर रूस, चीन, ईरान यहीं पर तो फंसी है ट्रंप की जान। ट्रंप पहले ही ब्रिक्स को लेकर कई बार नाराजगी जता चुके हैं। 100% तक टेरिफ की धमकी दे चुके हैं। दिल्ली में इस बार मंच पर ग्लोबल साउथ की बड़ी उभरती इकॉनमीज़ एक साथ होंगी। भारत इस साल ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। 12 13 सितंबर को नई दिल्ली में सम्मेलन की मेजबानी भी वो करेगा और यही वजह है कि वाशिंगटन की नजर भी दिल्ली पर टिकी हुई है। ब्रिक्स अब सिर्फ ब्राजील, रशिया, इंडिया, चाइना और साउथ अफ्रीका तक सीमित नहीं है। ईरान समेत कई देश इसका एक हिस्सा बन चुके हैं। यानी एक ऐसा मंच जिसकी आर्थिक और राजनीतिक पहुंच लगातार बढ़ती जा रही है, स्प्रेड हो रही है। विस्तार उसका हो रहा है। यही विस्तार अमेरिका के लिए चिंता का कारण है। खासकर इसलिए भी क्योंकि ब्रिक्स के भीतर कुछ देश दुनिया को मौजूदा आर्थिक व्यवस्था जो है तो कुछ देश ऐसे हैं जो उसमें व्यवस्था में बदलाव की बात करते हैं।
जब मुगल बादशाह भी दीवाने हो गए! पढ़िए बिहार के मनेर लड्डू और 52 परतों वाले खाजे की कहानी
Bihar Famous Sweets:बिहार की मिठाइयां सिर्फ स्वाद नहीं, बल्कि यहां की संस्कृति और परंपरा का अभिन्न अंग हैं।आइए जानते हैं बिहार की उन प्रमुख मिठाइयों के बारे में, जिन्होंने अपनी प्रामाणिकता और अनूठे जायके के दम पर सरहदों के पार भी अपनी विशेष पहचान बनाई है।
BRICS Summit में दिखेगी India Story की झलक, Bihar के सत्तू से Odisha की कॉफी तक MEA की खास पहल
इस वीकेंड राजधानी में होने वाले 18वें ब्रिक्स समिट में भारत की विविध सांस्कृतिक और खान-पान की परंपराओं की कुछ झलकियाँ भी देखने को मिलेंगी। इनमें बिहार का पारंपरिक सत्तू, ओडिशा के कोरापुट की पहाड़ियों में उगाई जाने वाली कॉफी और गुजरात की बेहतरीन हस्तकलाएँ शामिल हैं। 12-13 सितंबर को होने वाले इस समिट के लिए भारत और दुनिया भर से पत्रकार राजधानी में जुट रहे हैं। उन्हें दी गई ब्रिक्स मीडिया किट में सिर्फ़ जानकारी ही नहीं, बल्कि देश की अलग-अलग परंपराओं, स्थानीय उत्पादों और कारीगरों के हुनर की झलक भी दिखाई गई है। यह विदेश मंत्रालय (MEA) की एक पहल है, जिसका मकसद अलग-अलग राज्यों के उत्पादों के ज़रिए अंतरराष्ट्रीय मीडिया के सामने भारत की एक झलक पेश करना है। इसे भी पढ़ें: BRICS Summit के लिए Delhi Police ने कसी कमर, सुरक्षा में तैनात होंगे 15000 जवान मीडिया किट और समिट की तैयारियों के पीछे के विचार के बारे में ANI से बात करते हुए, MEA में PR के OSD वासुदेव रवि ने कहा कि इस पहल का मकसद भारत की विविधता को दिखाना और जिसे उन्होंने इंडिया स्टोरी कहा, उसे बताना था। रवि ने कहा, यह हमारे लिए 'इंडिया स्टोरी' को दिखाने और मीडिया में अपने साथियों के साथ-साथ इंटरनेशनल प्रेस से जुड़ने वाले लोगों के सामने भारत के अलग-अलग पहलुओं को उजागर करने का एक मौका है। इसलिए, हमने तीन राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम किया है और हमारी कोशिश पारंपरिक खाने-पीने की चीज़ों को दिखाने की रही है। बहुत सोच-समझकर चुने गए इन प्रोडक्ट्स में देश के अलग-अलग हिस्सों की चीज़ें शामिल हैं - जैसे बिहार का सत्तू और मखाना, ओडिशा की कोरापुट कॉफ़ी और गुजरात की हैंडीक्राफ्ट्स (हाथ से बनी चीज़ें)। इन चीज़ों ने मीडिया किट को भारत की क्षेत्रीय पहचान दिखाने वाले एक छोटे से शोकेस में बदल दिया है। बिहार सरकार के हमारे साथियों ने पारंपरिक ड्रिंक 'सत्तू' और बिहार की बहुत मशहूर उपज 'मखाना' उपलब्ध कराया है। हमने कोरापुट की कॉफ़ी दिखाने के लिए ओडिशा सरकार के साथ साझेदारी की है और गुजरात सरकार के साथ भी मिलकर काम किया है, जिसने राज्य में मौजूद हुनर और हैंडीक्राफ्ट्स को दिखाने के लिए कई तरह की हाथ से बनी चीज़ें उपलब्ध कराई हैं। हमारी कोशिश भारत को दिखाने और 'इंडिया स्टोरी' को बताने की है।
गांव के गांव डूबे, लाखों लोग बेघर... बिहार में बाढ़ से बिगड़े हालात
अब बात बाढ़ की. जिसने बिहार में भारी तबाही मचा रखी है. नदियों का पानी बस्तियों में घुस गया है. लोग घरों को छोड़ने के लिए मजबूर हो गए हैं. बाढ़ से हालात पूरी तरह बिगड़ गए हैं और लाखों लोग बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं. देखें ये रिपोर्ट.
लखनऊ से सऊदी अरब के दम्मम जा रही इंडिगो की एक फ्लाइट को गुरुवार को बम की धमकी मिलने के बाद अहमदाबाद एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी, जिससे सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं। धमकी मिलने के बाद विमान को सुरक्षित रूप से एक अलग इलाके (आइसोलेशन एरिया) में ले जाया गया और एयरपोर्ट पर सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी। शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, विमान में एक टिश्यू पेपर मिला जिस पर बम लिखा था, जिसके बाद विमान का रास्ता बदल दिया गया। इसे भी पढ़ें: North India में भारी बारिश से Delhi-NCR में भरा पानी, UP और Bihar में बाढ़ का संकट यात्रियों और क्रू की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तुरंत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए गए। अधिकारी सुरक्षा प्रक्रिया के तहत विमान की ज़रूरी जांच कर रहे हैं। अहमदाबाद पुलिस ने बताया कि लखनऊ से दम्मम जा रही इंडिगो की फ्लाइट 6E 97 की अहमदाबाद एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई, क्योंकि विमान में बम होने की धमकी मिली थी। पुलिस के अनुसार, क्रू के एक सदस्य को कागज़ का एक टुकड़ा मिला जिस पर बम लिखा था, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट किया गया। फ्लाइट में 107 यात्री और क्रू के छह सदस्य सवार थे; सभी सुरक्षित हैं और उन्हें एयरपोर्ट के टर्मिनल 2 पर ले जाया गया। स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (SOG), स्थानीय पुलिस और CISF के जवानों ने विमान की जांच की। पुलिस ने बताया कि विमान में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला।
10 सितंबर, बुधवार: रोह के कोसी गांव में संदिग्ध हालात में युवक की मौत, मृतक नारदीगंज के मधुबन निवासी चौड़ी मांझी के पुत्र सत्येंद्र मांझी, पत्नी से विवाद के बाद ससुराल गया था, जंगल में लकड़ी लाने के दौरान मूर्छित होकर मौत, पुलिस जांच में जुटी।
Bihar का पानी 30 साल से चोरी! Sanjay Jha ने Bangladesh संधि पर रोक की मांग की
जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने गुरुवार को केंद्र सरकार से अपील की कि वह दिसंबर में खत्म होने वाली बांग्लादेश के साथ गंगा जल-बंटवारे की संधि को रिन्यू न करे। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले तीन दशकों से बिहार के हिस्से का पानी चुराया जा रहा है। 'नीतीश संवाद यात्रा' के पहले चरण के पूरा होने के बाद पार्टी मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए झा ने कहा कि यह मुद्दा बिहार के लिए अहम है और आरोप लगाया कि राज्य को उसके पानी का बड़ा हिस्सा नहीं दिया गया है। इसे भी पढ़ें: Bihar में बिजली की Peak Demand 9.5 GW तक पहुंची, आपूर्ति में बड़ा सुधार झा ने कहा कि यह मुद्दा राज्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। जहां भारत के राज्य पानी के बंटवारे के मुद्दों पर आपस में कड़ा संघर्ष करते हैं, वहीं बिहार का पानी 30 वर्षों से चुराकर बांग्लादेश भेजा जा रहा है। यात्रा के पहले चरण में बक्सर, भोजपुर, बेगूसराय और खगड़िया जिले शामिल थे। यह यात्रा कटिहार में खत्म होने से पहले गंगा के किनारे बसे 12 ज़िलों से होकर गुज़रेगी। झा, JD(U) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा और पार्टी के दूसरे नेताओं के साथ, यात्रा के अगले चरण में सारण, पटना, वैशाली, समस्तीपुर, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार का दौरा करेंगे। राज्यसभा सांसद झा ने कहा कि यात्रा के पहले चरण में पार्टी को लोगों का ज़बरदस्त समर्थन और भागीदारी मिली, जिससे पता चलता है कि यह मुद्दा लोगों के बीच ज़ोर पकड़ रहा है। 12 दिसंबर, 1996 को भारत और बांग्लादेश के बीच हुई गंगा जल-बंटवारा संधि, 30 साल का एक समझौता है जो फरक्का बैराज पर सूखे के मौसम में पानी के बहाव के बंटवारे को तय करता है। इसे भी पढ़ें: Bihar में भवन निर्माण नियमों का Draft तैयार, कम जोखिम वाले भवनों को मिलेगा Self-Certification झा ने दावा किया कि इस समझौते के तहत, बांग्लादेश को 1 जनवरी से 31 मई के बीच 1,500 क्यूमेक पानी पक्का मिलता है, जबकि इसी मौसम में बिहार के बक्सर में सिर्फ़ 400 क्यूमेक पानी ही पहुँचता है। एक क्यूमेक का मतलब है प्रति सेकंड 1,000 लीटर पानी। उन्होंने आरोप लगाया कि इसका मतलब है कि बिहार का अपना 1,100 क्यूमेक पानी बांग्लादेश चला जाता है। झा ने केंद्र से अपील की कि इस संधि को आगे न बढ़ाया जाए और कहा कि अगर इसे बढ़ाया जाता है, तो 2050 तक राज्य की पानी की अनुमानित जरूरतों को ज़रूर ध्यान में रखा जाना चाहिए। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
SC का सुरक्षा कवच हटते ही West Bengal CID का एक्शन, Abhishek Banerjee के PA Sumit Roy गिरफ्तार
पश्चिम बंगाल CID ने गुरुवार को झारग्राम में ज़मीन घोटाले के मामले में तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी के पर्सनल असिस्टेंट सुमित रॉय को गिरफ़्तार किया। यह गिरफ़्तारी तब हुई जब सुप्रीम कोर्ट ने उसी दिन इस मामले में रॉय को अग्रिम ज़मानत देने से इनकार कर दिया। गिरफ़्तारी के बाद अभिषेक बनर्जी के घर के बाहर सुरक्षाकर्मी और मीडिया जमा हो गए। पश्चिम बंगाल विधानसभा में बोलते हुए सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट से मिली सुरक्षा हटाए जाने के बाद रॉय को 121, कालीघाट रोड स्थित TMC ऑफिस से गिरफ्तार किया गया। इसे भी पढ़ें: Bihar में बिजली की Peak Demand 9.5 GW तक पहुंची, आपूर्ति में बड़ा सुधार अधिकारी ने कहा, सुप्रीम कोर्ट की सुरक्षा हटाए जाने के बाद CID ने सुमित रॉय को तृणमूल कांग्रेस के कालीघाट रोड स्थित ऑफिस (121 कालीघाट रोड) से गिरफ्तार किया है। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि रॉय, अभिषेक बनर्जी के लिए पैसे इकट्ठा करने में शामिल थे। उन्होंने आरोप लगाया, वह उनके भतीजे के लिए पैसे इकट्ठा करने वाले व्यक्ति थे। सुमित रॉय 'टोला भतीजा' के नंबर वन कलेक्टर हैं। पश्चिम मेदिनीपुर ज़िले की एक अदालत ने 15 जून को सुमित रॉय के ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी वारंट जारी किया था, जिसके बाद उन्होंने गिरफ़्तारी से पहले ज़मानत के लिए पहले कलकत्ता हाई कोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया। इसे भी पढ़ें: Salboni Land Scam: TMC को बड़ा झटका, Abhishek Banerjee के PA Sumeet Roy अरेस्ट 6 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने रॉय को स्पेशल लीव पिटिशन (SLP) दायर करने की इजाज़त दे दी और अगली सुनवाई तक उनकी गिरफ़्तारी पर रोक लगा दी। CID की यह कार्रवाई झारग्राम में ज़मीन के कथित घोटाले की चल रही जांच का हिस्सा है।
बिहार में JDU का नाम बदलकर 'जनता दल नीतीश' करने की मांग ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। संजय झा ने खगड़िया में यह प्रस्ताव रखा, जिससे पहले बख्तियारपुर को 'नीतीशपुर' करने की मांग के बाद नई बहस छिड़ गई है।
Bihar में बिजली की Peak Demand 9.5 GW तक पहुंची, आपूर्ति में बड़ा सुधार
बिहार में बिजली की अधिकतम मांग करीब 9.5 गीगावाट तक पहुंच गई है और सरकार भविष्य की बिजली जरूरतों को पूरा करने के लिए लगातार तैयारी कर रही है। राज्य के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय राजधानी में बंगाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के ऊर्जा सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि पहले ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती थी। मंत्री ने कहा कि लगातार बिजली आपूर्ति उनकी सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है। राज्य ने बिजली क्षेत्र में प्रगति की है और आज शहरी क्षेत्रों में 23 से 24 घंटे, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 22 से 23 घंटे बिजली की आपूर्ति हो रही है। उन्होंने कहा, ‘‘बिहार 2.22 करोड़ उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति कर रहा है और 9,475 मेगावाट की अधिकतम मांग को सफलतापूर्वक पूरा किया है।’’कुमार ने कहा कि सरकार का लक्ष्य राज्य के हर घर तक बिजली पहुंचाना है और भविष्य की बिजली जरूरतों को पूरा करने के लिए बिजली के बुनियादी ढांचे का निर्माण जारी रखा जाएगा। केंद्र की पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के बारे में उन्होंने कहा कि राज्य में यह पहल अच्छी तरह आगे बढ़ रही है। सरकार का लक्ष्य इस साल 10 लाख घरों में सौर ऊर्जा की सुविधा उपलब्ध कराना है।
IMD Rain Forecast: देशभर में मानसूनी गतिविधियां एक बार फिर एक्टिव हो गई हैं। मौसम विभाग के लेटेस्ट अपडेट के मुताबिक उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे तटीय इलाकों के ऊपर एक निम्न दबाव का क्षेत्र (Low-Pressure Area) सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक इस नए मौसमी सिस्टम के असर से ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल सहित देश के कई राज्यों में बारिश का नया दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी करने के साथ-साथ मध्य भारत और पूर्वी भारत के विस्तृत हिस्सों में तेज आंधी और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी है।पिछले 24 घंटों में बदला मौसम, पूर्वी यूपी में भारी अतिवृष्टिबंगाल की खाड़ी में बने इस सिस्टम का असर बीते 24 घंटों के दौरान भी देखने को मिला है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में 12 से 20 सेंटीमीटर तक की बेहद भारी बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड और बिहार के अलग-अलग इलाकों में 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश दर्ज की गई है।बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुआ निम्न दबाव का क्षेत्रमौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक उत्तर बंगाल की खाड़ी और उससे सटे बांग्लादेश तट पर एक ऊपरी हवा का साइक्लॉनिक सर्कुलेशन बना हुआ था। इसके प्रभाव से 10 सितंबर की सुबह उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर निम्न दबाव का क्षेत्र बन गया।ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भारी से अत्यंत भारी बारिश का अलर्टनिम्न दबाव प्रणाली का सबसे सीधा और गंभीर असर ओडिशा और छत्तीसगढ़ पर पड़ने जा रहा है। मौसम विभाग ने 10 सितंबर को ओडिशा के कुछ इलाकों में अत्यंत भारी बारिश की आशंका जताई है। इसके साथ ही 10 और 11 सितंबर को ओडिशा और छत्तीसगढ़ दोनों राज्यों में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।छत्तीसगढ़ में 10 से 14 सितंबर तक व्यापक बारिश का क्रम जारी रहेगा जबकि मध्य प्रदेश में 11 से 14 सितंबर के बीच गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 12 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।बिहार, झारखंड, बंगाल और उत्तर-पश्चिम भारत का हालपूर्वी भारत के राज्यों की बात करें तो बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में 10 से 13 सितंबर के दौरान अधिकांश जगहों पर हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। गांगेय पश्चिम बंगाल और झारखंड में 10 और 11 सितंबर को भारी बारिश होगी जबकि बिहार में 10 सितंबर को तेज बौछारें पड़ने के आसार हैं।उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी एवं मैदानी क्षेत्रों में भी मानसून की सक्रियता बढ़ेगी। उत्तराखंड में 10 से 13 सितंबर तक भारी बारिश की संभावना है। वहीं 13 से 15 सितंबर के बीच पूर्वी राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में भी गरज-चमक के साथ छिटपुट से लेकर व्यापक बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।दक्षिण भारत, गुजरात और पूर्वोत्तर राज्यों में भी अलर्टदक्षिण भारत के तटीय आंध्र प्रदेश और यानम में 10 और 11 सितंबर को 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। तमिलनाडु, केरल और तेलंगाना में भी अगले कुछ दिनों तक आंधी-तूफान के साथ बारिश की स्थिति बनी रहेगी। तटीय आंध्र प्रदेश में 10 सितंबर को मौसम गर्म और उमस भरा भी रह सकता है।पश्चिम भारत में कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र और गुजरात क्षेत्र में 12 से 15 सितंबर के दौरान भारी बारिश और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है। पूर्वोत्तर राज्यों असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 10 से 15 सितंबर तक लगातार बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी।समुद्र में खराब रहेगी स्थिति, मछुआरों के लिए चेतावनीखराब मौसम और तेज हवाओं को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। 12 सितंबर तक पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बांग्लादेश और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों और उत्तर-पश्चिम और मध्य बंगाल की खाड़ी में 40 से 50 किमी प्रति घंटे से लेकर 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं।ये भी पढ़ें- Mumbai cat killings: मुंबई में बिल्लियों की बेरहमी से हत्या से सनसनी, करीब 20 शव मिले; PETA ने आरोपी की गिरफ्तारी पर ₹50 हजार इनाम घोषित कियाइसके चलते समुद्र में स्थिति काफी अशांत रहेगी। इसके अलावा अरब सागर में सोमालिया, ओमान तथा गुजरात तट से सटे इलाकों में 13 से 15 सितंबर के दौरान तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने मछुआरों को इन अवधि के दौरान गहरे समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी है।
सूखा भी, सैलाब भी: बिहार में धान रोपनी के बीच मानसून का अजीब खेल
बिहार में मानसून की विदाई करीब है, लेकिन बारिश का वितरण अत्यधिक असमान रहा है, जिससे किसी भी जिले में सामान्य से 60% बारिश भी दर्ज नहीं हुई है।
फ्रांस दिखा रहे थे लोकेशन, बिहार में छिपकर चला रहे थे ठगी का खेल
पटना, 10 सितंबर2026 । बिहार में साइबर ठगी के एक बड़े मामले की जांच में पुलिस को ऐसा खुलासा हुआ है, जिसने जांच एजेंसियों को भी हैरान कर दिया। करीब 2.5 करोड़ रुपये की ठगी से जुड़े गिरोह के दो कथित मास्टरमाइंड बिहार में ही छिपे हुए थे, लेकिन तकनीकी जांच के दौरान उनकी लोकेशन […] The post फ्रांस दिखा रहे थे लोकेशन, बिहार में छिपकर चला रहे थे ठगी का खेल appeared first on Rashtriya Ujala .
इंटरनेट डेस्क। बिहार के समस्तीपुर में हुई घटना से सबको हिलाकर रख दिया है। यहां शाम को नहाकर तैयार हुआ 37 वर्षीय मिथुन गिरी घर से निकला था लेकिन परिवार को क्या पता था कि अब वह कभी लौटकर नहीं आएगा। बुधवार सुबह उसका शव बांध किनारे मिलने से मुसापुर में सनसनी फैल गई। शरीर पर चोट के निशान मिले हैं। स्वजन ने उसके दोस्त पर अवैध संबंध की शंका में पीटकर हत्या करने का आरोप लगाया है। दोस्त बुलाकर ले गया था मीडिया रिपोटर्स की माने तो घटहो थाना क्षेत्र के मुसापुर निवासी रामप्रवेश गिरी का पुत्र मिथुन गिरी राजकोट में मजदूरी करता था। कुछ दिन पहले ही वह गांव लौटा था। स्वजन के अनुसार, मंगलवार शाम उसका दोस्त अवधेश गिरी उसे बुलाकर अपने साथ ले गया था। इसके बाद मिथुन वापस नहीं लौटा। बांध किनारे मिला शव बुधवार सुबह मिथुन का शव बांध किनारे बरामद हुआ। शरीर पर चोट के निशान मिलने के बाद हत्या की आशंका गहरा गई। सूचना पर पुलिस के साथ एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। शव मिलने के बाद आक्रोशित स्वजन आरोपित के घर पहुंच गए और हंगामा करने लगे। ग्रामीणों ने अवधेश की पत्नी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। pc- india tv hindi
UP-Bihar Lootane Song: 90s के दौर में कई गाने आए, जिसने फैंस के दिलों में जगह बनाई. इन्हीं में से एक 27 साल पुराना गाना भी है, जो यूपी-बिहार के ग्रामीण इलाकों में खूब बजता है.
Bihar News : बिहार में सड़क के पुल आज चर्चा में खूब हैं, लेकिन एक समय रेल हादसों के लिए भी बिहार के पुल कुख्यात रहे थे। आज एक रेल हादसे की बरसी है। 24 साल पहले बिहार के रफीगंज में ट्रेन की कई बोगियां नदी में समा गई थीं
सिल्क, धान और आम; बिहार के बाढ़ में रेशमी शहर के 3 अंतरराष्ट्रीय ब्रांड पर गहराया वजूद का संकट
नाथनगर स्थित बुनकर समाज के इनायत अंसारी बताते हैं कि विदेशों से मिले ऑर्डर की समय पर डिलीवरी नहीं होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में हमारी साख खतरे में है। यदि बुनकरों का बनारस या कोलकाता पलायन शुरू हुआ, तो इस पारंपरिक क्लस्टर को भारी क्षति पहुंचेगी।
गंडक, कोसी और इंद्रपुरी बैराज: बिहार की जल व्यवस्था की रीढ़, जानिए तीनों की अलग-अलग भूमिका
गंडक, कोसी और इंद्रपुरी बैराज: बिहार की जल व्यवस्था की रीढ़, जानिए तीनों की अलग-अलग भूमिका
14 जिले जलमग्न, 517 गांव प्रभावित... बिहार बाढ़ की चपेट में 40 लाख लोग
बिहार के कई जिलों में भारी बारिश का कहर देखने को मिल रहा है. बाढ़ से हालात बिगड़ गए हैं और लाखों लोग बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं. राज्य के 14 जिले सैलाब में डूबे हैं और 40 लाख से ज्यादा लोग इस आपदा से जूझ रहे हैं. संकट की इस घड़ी में राहत और बचाव के लिए 27 SDRF और 10 NDRF टीमें मैदान में उतारी गई हैं.
पोते को मारने से रोकने पर मां को पीट-पीटकर मार डाला, बिहार में बेटा बना हैवान
बताया जाता है कि ज्ञानी यादव किसी बात को लेकर अपने पुत्र की पिटाई कर रहा था। पोते को पिटता देख प्रमिला देवी बीच-बचाव करने पहुंचीं और बेटे को रोकने लगीं। इसी दौरान दोनों के बीच बहस होने लगी। इसके बाद सारा वाकया हुआ।
उत्तराखंड में चार महीने से गायब थी बिहार की बेटी, आधार कार्ड ने पिता और भाई से मिलाया
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रयासों से हल्द्वानी में मिली बिहार की एक लापता बेटी को आधार की मदद से उसके परिवार से मिलाया गया। चार महीने बाद अपनी बेटी को देखकर पिता और भाई भावुक हो गए।
बिहार में अब दरोगा भर्ती अभ्यर्थियों ने खोला मोर्चा, PET की तारीखों का इंतजार
Bihar Police SI PET Date: सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा निकाल चुके अभ्यर्थियों को अब उनके पीईटी का इंतजार है. उम्मीदवारों का कहना है कि जांच को जारी रहने दिया जाना चाहिए, लेकिन मेहनत कर पास हुए उम्मीदवारों का भविष्य खतरे में नहीं पड़ना चाहिए.
बिहार में मानसून सक्रिय है, अगले 24 घंटों में औरंगाबाद समेत पांच जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पटना सहित 18 जिलों में मेघ गर्जन के साथ छिटपुट वर्षा की संभावना है, जबकि 16 जिलों में तापमान में वृद्धि दर्ज की गई।
UP से बिहार तक, 300 यूनिट फ्री बिजली के साथ कहां ज्यादा सब्सिडी?
PM Surya Ghar Subsidy: पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर पैनल लगवाने पर जहां केंद्र सरकार 78000 रुपये तक सब्सिडी देती है, तो यूपी से बिहार तक राज्य सरकारें एक्स्ट्रा फायदा दे रही हैं.
दुर्गापूजा, दीपावली और महापर्व छठ पर घर लौटने की तैयारी में जुटे परदेसी बिहारियों की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। रेलवे की ओर से 60 दिन पूर्व टिकट बुकिंग की खिड़की खुलते ही महज कुछ ही मिनटों में बिहार आने वाली सभी प्रमुख ट्रेनों में 'हाउसफुल' का बोर्ड लग रहा है। मंगलवार को 7 अक्टूबर की यात्रा के लिए आरक्षण विंडो खुलते ही दिल्ली, मुंबई, गुजरात और अन्य राज्यों से बिहार आने वाली ट्रेनों में कंफर्म सीटें हवा हो गईं और यात्रियों को सीधे लंबी वेटिंग लिस्ट का सामना करना पड़ा। कई प्रमुख ट्रेनों की सीटें चंद मिनटों में हुई फुल मंगलवार सुबह आरक्षण शुरू होते ही संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस, श्रमजीवी एक्सप्रेस, विक्रमशिला एक्सप्रेस, मगध एक्सप्रेस, लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस और अजीमाबाद एक्सप्रेस जैसी प्रमुख गाड़ियों में सीटें चंद मिनटों में भर गईं। दिल्ली, मुंबई या अन्य महानगरों में पढ़ाई, नौकरी और कारोबार करने वाले लोगों ने बताया कि वे हफ्तों से टिकट बुकिंग खुलने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन निर्धारित समय पर लॉगिन करते ही आईआरसीटीसी के सर्वर ने धोखा दे दिया। सामान्य यात्रियों को टिकट न मिलने और कुछ ही पलों में पूरा कोटा समाप्त होने से रेलवे की बुकिंग व्यवस्था और दलालों के सिंडिकेट पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि आम यात्री जहां तकनीकी दिक्कतों से जूझता रह जाता है, वहीं दलाल सॉफ्टवेयर के जरिए तुरंत टिकट काट लेते हैं। ट्रेनों में भारी वेटिंग और नो-रूम की स्थिति, अब फेस्टिव स्पेशल ट्रेनों पर टिकी नजरें नियमित ट्रेनों में भारी वेटिंग और नो-रूम की स्थिति को देखते हुए अब प्रवासियों की एकमात्र आस रेलवे की 'फेस्टिवल स्पेशल' ट्रेनों पर टिक गई है। यात्रियों ने रेल प्रशासन से मांग की है कि भीड़ को देखते हुए अंतिम समय का इंतजार किए बिना अभी से पर्याप्त संख्या में पूजा स्पेशल ट्रेनों का शेड्यूल जारी किया जाए, ताकि त्योहारों पर घर वापसी सुगम हो सके।
Bihar Flood: बिहार में आई इस बाढ़ से सबसे ज्यादा तबाही गंगा के तटवर्ती जिलों के दियारा क्षेत्रों में हुई है, जहां बाढ़ से घिरे लोगों ने अपना घर छोड़ बांध या अन्य ऊंचे स्थानों पर शरण ले रखी है। उनके सामने खुद के भोजन के अलावा पशुओं के लिए चारा जुटाना चुनौती बनी हुई है।
बिहार में पशुपालकों को मिलेगी घर बैठे मदद, सुधा सखी और जनऔषधि केंद्र बनेंगे सहारा
Bihar Sudha Sakhi: उत्तर बिहार में पशुपालकों को घर-द्वार पर पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए 'सुधा सखी' की तैनाती की जाएगी और प्रखंड स्तर पर पशु जनऔषधि केंद्र खोले जाएंगे। यह पहल ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ मवेशियों के इलाज और स्वास्थ्य सेवाओं को किफायती दरों पर सुलभ बनाएगी।
Bihar News Today Live: बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 10 सितम्बर के मुख्य और ताजा समाचार
Bihar Breaking News Today Live - Read latest and breaking news today in hindi at Amarujala. यहां पढ़ें, बिहार की ताजा खबरें, राजनीति, खेल, मनोरंजन, धर्म, क्राइम और शिक्षा की खबरों का लाइव अपडेशन
कुडू: बिहार ले जा रहे 790 पेटी अवैध शराब बरामद
प्रखंड थाना पुलिस ने कुडू थाना क्षेत्र के जिमा के पास एक धान लदे ट्रक से 790 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब बरामद किया है। जब्त शराब की कीमत लगभग 80 लाख रुपए आंकी गई है। मामले पर थाना प्रभारी अजीत कुमार ने बताया गुप्त सूचना मिली थी एक बारह चक्का ट्रक में अवैध शराब की बड़ी खेप लदी है, जो कुडू थाना क्षेत्र होकर बिहार राज्य जाने वो वाला है। सूचना पर कुडू थाना प्रभारी अजीत कुमार ने बुधवार सुबह आठ बजे से कुडू शहरी क्षेत्र के तीन स्थानों पर वाहन जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया। इसी बीच कुडू थाना के समीप एक ट्रक आता दिखाई दिया, पुलिस ने रोकने का इशारा किया तो ट्रक चालक बस पड़ाव से बाई पास रोड होते हुए लोहरदगा की ओर तेजी से भागने लगा। वहीं शराब लदे ट्रक का शराब माफिया स्कॉर्ट कर रहे थे, लेकिन पुलिस को देख भाग निकले। वही मौके पर पुलिस ने ट्रक का पीछा करना शुरू किया। पुलिस को पीछे देख ट्रक चालक, खलासी और शराब माफिया ट्रक को जीमा पेट्रोल पंप के पास खड़ा कर फरार हो गए। मौके पर पुलिस ने ट्रक नंबर पीबी 13 बीएस 0280 को जब्त कर कुडू थाना लाया और ट्रक की जांच की तो पाया कि धान का भूसी लदा है, जैसे ही वाहन से भूसी हटाना आरम्भ किया तो भूसी के बाद पेटी देख पुलिस भौचक रह गई। ट्रक को पूरा खाली कराया गया तो चंडीगढ़ निर्मित मैक डॉवेल नंबर वन का 790 पेटी अंग्रेजी शराब लदे थे। जब्त शराब के खेप बरामद की जानकारी एसपी सादिक अनवर रिजवी को दी।
Ghaziabad News: किशोरी को अगवा कर बिहार ले जाकर दुष्कर्म, पांच दिन तक बंधक बनाने का आरोप
खोड़ा। थाना क्षेत्र की कॉलोनी में 14 वर्षीय किशोरी का अपहरण कर बिहार ले जाकर दुष्कर्म के मामले में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
Bihar Flood: 14 जिलों में बिगड़े हालात, 41 लाख से अधिक आबादी प्रभावित
पटना, नौ सितंबर बिहार में पिछले चार-पांच दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश और नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी वर्षा के कारण 14 जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार राज्य में 41.45 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि लगातार बारिश के कारण नदियां और बरसाती नाले उफान पर हैं। नेपाल में हुई भारी वर्षा के कारण भी कई नदियां विभिन्न स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक, भागलपुर के सुल्तानगंज में बुधवार सुबह नौ बजे गंगा का जलस्तर 36.78 मीटर दर्ज किया गया, जो 17 अगस्त 2021 के 36.75 मीटर के पिछले उच्चतम बाढ़ स्तर (एचएफएल) से अधिक है। हालांकि, जलस्तर फिलहाल स्थिर बना हुआ है। गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, गंगा, पुनपुन, बागमती और घाघरा समेत कई नदियां विभिन्न स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। डुमरिया घाट में गंडक, बलतरा और कुरसेला में कोसी, खगड़िया में बूढ़ी गंडक, दीघा, गांधी घाट, हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव और मुंगेर में गंगा, श्रीपालपुर में पुनपुन, बेनीबाद में बागमती तथा दरौली और गंगपुर सिसवन में घाघरा नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है। बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राज्य के विभिन्न जिलों में 723 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा 15 राहत शिविरों में 13,446 विस्थापित लोगों के ठहरने, भोजन, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। बुलेटिन के अनुसार अब तक 1.94 लाख पॉलीथीन शीट और लगभग 29,400 सूखा राशन पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। निकासी और आवागमन के लिए 1,979 नौकाएं लगाई गई हैं तथा 5,178 क्विंटल पशु चारा भी वितरित किया गया है। प्रमुख बैराजों से जल निकासी की स्थिति पर विभाग ने बताया कि बुधवार शाम छह बजे गंडक बैराज से 81,800 क्यूसेक पानी छोड़ा गया और स्थिति स्थिर रही। इस वर्ष इसका सर्वाधिक प्रवाह 14 जुलाई को 2,24,000 क्यूसेक दर्ज किया गया था। कोसी बैराज से शाम छह बजे 1,63,525 क्यूसेक पानी का प्रवाह दर्ज किया गया, जो स्थिर है। इस वर्ष इसका उच्चतम प्रवाह 20 जुलाई को 2,55,425 क्यूसेक रहा। वहीं, सोन नदी पर इंद्रपुरी बैराज से शाम छह बजे 67,966 क्यूसेक पानी छोड़ा गया और यहां जल प्रवाह बढ़ने की प्रवृत्ति देखी गई। इस वर्ष इसका सर्वाधिक प्रवाह दो सितंबर को 5,63,654 क्यूसेक दर्ज किया गया था। आपदा प्रबंधन विभाग (डीएमडी) के अनुसार, 14 जिलों के 84 प्रखंडों की 517 ग्राम पंचायतों में लगभग 41.45 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया और अरवल शामिल हैं। बाढ़ की आशंका और त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों के मद्देनजर राज्य के विभिन्न जिलों में 27 एसडीआरएफ (राज्य आपदा मोचन बल) और 10 एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) की टीम की तैनाती की गई है। मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले दो दिनों के दौरान राज्य के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम तथा एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना जताई है।
Bihar के 168 मेधावी छात्रों को CM Samrat Choudhary ने दिया नकद पुरस्कार और पदक
पटना, नौ सितंबर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वर्ष 2026 की इंटरमीडिएट और मैट्रिक वार्षिक परीक्षा में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले 168 मेधावी विद्यार्थियों को बुधवार को सम्मानित किया। राजधानी पटना में आयोजित समारोह में विद्यार्थियों को पदक, प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार प्रदान किए गए। अधिकारियों के अनुसार, इंटरमीडिएट और मैट्रिक परीक्षा में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को क्रमशः दो लाख रुपये, 1.5 लाख रुपये और एक लाख रुपये दिए गए। इंटरमीडिएट में चौथे और पांचवें स्थान पर रहने वाले विद्यार्थियों को 30-30 हजार रुपये तथा मैट्रिक में चौथे से दसवें स्थान तक आने वाले विद्यार्थियों को 20-20 हजार रुपये दिए गए। इन सभी विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए 51 हजार रुपये भी प्रदान किए गए। उन्होंने कहा कि नालंदा और विक्रमशिला जैसी बिहार की समृद्ध शैक्षणिक विरासत को आधुनिक सुविधाओं के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के 700 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल विद्यालयों में कोचिंग, लाइव क्लास और ‘लाइव ट्यूटरिंग’ की सुविधा शुरू की गई है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य में औद्योगिक विकास के साथ-साथ रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी पैदा किए जा रहे हैं। बाढ़ की समस्या का उल्लेख करते हुए चौधरी ने कहा कि केवल राहत और बचाव कार्यों पर निर्भर रहने के बजाय जल प्रवाह व्यवस्था में सुधार कर स्थायी समाधान की दिशा में दीर्घकालिक कदम उठाए जाएंगे। समारोह के बाद मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के साथ दोपहर का भोजन किया तथा उनके भविष्य की योजनाओं पर बातचीत की। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी तथा कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
वाराणसी में बुधवार शाम 55 साल के शख्स की पीटकर हत्या कर दी गई। पिटाई से घायल आजाद मिश्रा को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही चौबेपुर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी के साथ तनाव का माहौल बन गया। परिजनों के मुताबिक, आजाद मिश्रा बिहार में काम करते थे और करीब चार दिन पहले ही घर लौटे थे। उनकी पत्नी मधु मिश्रा करीब 50 वर्ष की हैं। दंपती की कोई संतान नहीं है। परिजनों ने पड़ोसी चचेरे भाई नागेंद्र मिश्रा (40) पर आजाद के साथ मारपीट कर हत्या करने का आरोप लगाया है। मामला चौबेपुर थाना क्षेत्र के रुस्तमपुर गांव के मिश्रा मोहल्ले का है। पहले से चल रहा था विवाद, परिजनों ने शिकायतों का किया दावा परिजनों का कहना है कि आजाद और नागेंद्र पक्ष के बीच पहले से विवाद चल रहा था। परिवार का आरोप है कि नागेंद्र पक्ष की ओर से आए दिन विवाद किए जाने की शिकायत भी की गई थी। परिजनों ने दावा किया कि नागेंद्र के खिलाफ चिरईगांव पुलिस चौकी में पहले भी कई बार शिकायत की गई थी। परिवार का आरोप है कि पूर्व में दी गई शिकायतों पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि यदि शिकायतों को गंभीरता से लिया गया होता तो घटना को टाला जा सकता था। परिजनों ने चौकी पर शिकायत लेकर पहुंचने वाले लोगों की सुनवाई और कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए हैं। शाम 4:30 से 5 बजे के बीच की घटना परिजनों के अनुसार घटना बुधवार शाम करीब 4:30 से 5 बजे के बीच हुई। सूचना मिलने के बाद चौबेपुर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ कर घटना से जुड़ी जानकारी जुटाई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस घटना के कारणों और मारपीट की परिस्थितियों के साथ इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। पूर्व शिकायतों पर कार्रवाई की भी होगी जांच घटना के बाद पूरा गांव सकते में है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आजाद मिश्रा और आरोपी पक्ष के बीच विवाद की वजह क्या थी और घटना के समय मौके पर कौन-कौन मौजूद था। वहीं, परिजनों की ओर से पूर्व में दी गई शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होने के आरोपों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
प्रोफेसर को 2 लाख, जूनियर डॉक्टर को हर महीने 75000 रुपये मिलेंगे; बिहार सरकार ने बढ़ाया मानदेय
बिहार के स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में संविदा पर तैनात प्रोफेसर और डॉक्टरों के मानदेय में 27000 रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी है। बढ़े हुए मानदेय का लाभ इन्हें इसी महीने से मिलने लगेगा।
पटना में बिहार पोल्ट्री और एक्वा एक्सपो शुरू, रोजगार के नए अवसर
पटना के ज्ञान भवन में चौथे बिहार पोल्ट्री एंड एक्वा एक्सपो-2026 का शुभारंभ हुआ, जिसमें 80 कंपनियों ने आधुनिक तकनीकें प्रदर्शित कीं। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने पोल्ट्री और एक्वा क्षेत्र में रोजगार की असीम संभावनाओं पर जोर दिया, जो किसानों को नई जानकारी देगा।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शानदार तरीके से बिहार को चला रहे हैं : राजीव रंजन
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शानदार तरीके से बिहार को चला रहे हैं : राजीव रंजन
Bihar में भवन निर्माण नियमों का Draft तैयार, कम जोखिम वाले भवनों को मिलेगा Self-Certification
पटना, नौ सितंबर बिहार सरकार ने प्रशासनिक नियमों को सरल बनाने और व्यापार सुगमता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ‘बिहार भवन निर्माण नियमावली-2026’ का प्रारूप तैयार कर लिया है, जिसके तहत कम जोखिम वाले भवनों के लिए स्व-प्रमाणन तथा मध्यम जोखिम वाले भवनों के लिए तृतीय पक्ष (थर्ड पार्टी) निरीक्षण की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। राज्य सरकार द्वारा बुधवार को जारी बयान के अनुसार, विनियमन में ढील (डीरेगुलेशन) के चरण 1.0 और 2.0 की प्रगति की समीक्षा के लिए भारत सरकार के कैबिनेट सचिवालय के विशेष सचिव केके पाठक और बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की संयुक्त अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक हुई। बैठक में केंद्र और राज्य सरकार के बीच विभिन्न प्राथमिक क्षेत्रों में हुए सुधारों तथा उनके क्रियान्वयन की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। बयान के अनुसार, नई ‘बिहार भवन निर्माण नियमावली-2026’ का उद्देश्य भवन निर्माण की मंजूरी प्रक्रिया को सरल बनाना, व्यावसायिक भूखंडों के उपयोग से जुड़े प्रतिबंध कम करना और मिश्रित उपयोग (मिक्स्ड यूज) विकास को बढ़ावा देना है। अधिकारियों ने बताया कि राज्य में व्यापार को गति देने के लिए बिहार विधानमंडल 23 जुलाई, 2026 को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (ईओडीबी) विधेयक पारित कर चुका है। इसके लागू होने पर उद्योगों को दोहरे लाइसेंस से राहत, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को स्व-घोषणा के आधार पर मंजूरी तथा अनावश्यक निरीक्षणों से संरक्षण मिलेगा। बयान के मुताबिक, राज्य के सभी नियमों, अधिनियमों और सरकारी आदेशों के लिए ‘बिहार डॉट जीओवी डॉट इन’ पर केंद्रीकृत डिजिटल ‘रिपॉजिटरी पोर्टल’ 19 जून, 2026 से संचालित है, जिस पर अब तक 2,000 से अधिक दस्तावेज अपलोड किए जा चुके हैं। वहीं, लोक सेवा का अधिकार (आरटीपीएस) के तहत ‘स्वत:-अपील प्रणाली’ भी 23 जून, 2026 से लागू है। सरकार ने कहा कि भूमि एवं पर्यावरण सुधारों के तहत किसानों और भूमि मालिकों को राहत देने के लिए भूमि उपयोग परिवर्तन (सीएलयू) की अनिवार्यता समाप्त करने पर सहमति बनी है। इसके अलावा बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया को तेज करने तथा निजी विद्यालयों के लिए न्यूनतम भूमि की अनिवार्यता समाप्त करने जैसे कदम भी उठाए गए हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में एकीकृत स्वास्थ्य लाइसेंसिंग पोर्टल विकसित किया जाएगा, जिसके लिए राज्य स्वास्थ्य समिति शीघ्र निविदा जारी करेगी। पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन नीति-2026 के तहत नियमों को भी सरल बनाया गया है। बैठक में उद्योग, नगर विकास, राजस्व एवं भूमि सुधार, गृह, स्वास्थ्य तथा शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों में लागू किए जा रहे सुधारों की प्रगति से अवगत कराया।
बिहार में 26 जिलों के लगभग 42 हजार सरप्लस शिक्षकों का स्थानांतरण किया गया है, जिसमें शिक्षकों को उनके दिए गए विकल्प वाले विद्यालय मिले हैं।
खगड़िया जिले ने लोक सेवाओं का अधिकार (RTPS) अधिनियम को लागू करने में पूरे बिहार में पहला स्थान हासिल किया है। बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग के तहत आने वाले बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन (BPSM) ने राज्य स्तरीय रैंकिंग जारी की है, जिसमें खगड़िया को यह उपलब्धि मिली है। इस सफलता से जिले के प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों में खुशी का माहौल है। RTPS के तहत आम नागरिकों को तय समय में सरकारी सेवाएं देने के लिए जिला प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। आवेदनों को निपटाने की नियमित समीक्षा की जाती है। अधिकारियों और कर्मचारियों की कोशिशों की तारीफ साथ ही, पेंडिंग मामलों पर नजर रखी जाती है और यह सुनिश्चित किया जाता है कि सेवाएं तय समय के अंदर मिलें। इसी वजह से खगड़िया राज्य की रैंकिंग में पहले स्थान पर पहुंच पाया है। जिला प्रशासन के मुताबिक, RTPS अधिनियम का मकसद नागरिकों को सरकारी सेवाएं आसान, पारदर्शी और तय समय में उपलब्ध कराना है। प्रशासन इस व्यवस्था को असरदार बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के काम की लगातार समीक्षा करता रहा है। राज्य में पहला स्थान मिलने पर जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की कोशिशों की तारीफ की है। प्रशासन ने बताया कि यह उपलब्धि जनसेवा और अच्छे शासन के प्रति जिले के समर्पण को दिखाती है। भविष्य में भी नागरिकों को बेहतर और तय समय में सेवाएं देने के लिए इसी तेजी से काम जारी रहेगा।
Viral News: कैंसर मरीज के खाने में मिली मकड़ी? बिहार के अस्पताल का दावा सोशल मीडिया पर वायरल
Viral News: कैंसर मरीज के खाने में मिली मकड़ी? बिहार के अस्पताल का दावा सोशल मीडिया पर वायरल
Neha Jha Samastipur के बाद Riya Patna में Liquor Case में Arrest, Bihar Police भी दंग | Bihar News
Neha Jha Samastipur के बाद Riya Patna में Liquor Case में Arrest, Bihar Police भी दंग | Bihar News
कमजोर पड़ा मानसून! सैटेलाइट तस्वीरों में 90% भारत से गायब दिखे बादल; वीडियो में जाने बिहार में बाढ़ का कहर जारी
कल का मौसम: दिल्ली, UP, बिहार समेत 25 राज्यों में भारी बारिश, ओडिशा-छत्तीसगढ़ में रेड अलर्ट
कल का मौसम, 10 सितंबर 2026: IMD ने कल देश के 25 राज्यों में बारिश की संभावना जताई है. ओडिशा और छत्तीसगढ़ में बहुत भारी बारिश की संभावना है. जानिए आपके यहां कैसा मौसम रहेगा.
दीपावली से पहले रेलवे का बड़ा प्लान, दिल्ली से बिहार और मुंबई के लिए चलेंगी कई स्पेशल ट्रेनें
दीपावली के दौरान दिल्ली से पटना, मुजफ्फरपुर और बिहार के दूसरे शहरों की ओर जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है। 60 दिन पहले आरक्षण खुलने के कुछ ही समय में कई ट्रेनों में सीटें उपलब्ध नहीं रह रही हैं। इसी को देखते हुए रेलवे ने आनंद विहार से बिहार के अलग-अलग शहरों के लिए अतिरिक्त ट्रेनें निर्धारित की हैं।
Bihar:पीएम का संपूर्ण जीवन सेवा को समर्पित है: नित्यानंद राय
9 सितंबर, बुधवार: केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि प्रधानमंत्री का संपूर्ण जीवन सेवा को समर्पित है।
Bihar Flood: 14 जिलों में नदियां उफान पर, 40 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित
पटना, नौ सितंबर बिहार में पिछले चार-पांच दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश और नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी वर्षा के कारण 14 जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार राज्य में 40.21 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि लगातार बारिश के कारण नदियां और बरसाती नाले उफान पर हैं। नेपाल में हुई भारी वर्षा के चलते भी कई नदियां विभिन्न स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया और अरवल जिलों के 84 प्रखंडों की 514 ग्राम पंचायतों के लगभग 40.21 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक, भागलपुर के सुल्तानगंज में बुधवार सुबह नौ बजे गंगा का जलस्तर 36.78 मीटर दर्ज किया गया, जो 17 अगस्त 2021 के 36.75 मीटर के पिछले उच्चतम बाढ़ स्तर (एचएफएल) से अधिक है। हालांकि, जलस्तर फिलहाल स्थिर बना हुआ है। गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, गंगा, पुनपुन, बागमती और घाघरा समेत कई नदियां विभिन्न स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। डुमरिया घाट में गंडक, बलतरा और कुरसेला में कोसी, खगड़िया में बूढ़ी गंडक, दीघा, गांधी घाट, हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव और मुंगेर में गंगा, श्रीपालपुर में पुनपुन, बेनीबाद में बागमती तथा दरौली और गंगपुर सिसवन में घाघरा नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है। बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राज्य के विभिन्न जिलों में 723 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा 15 राहत शिविरों में 13,446 विस्थापित लोगों के ठहरने, भोजन, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। बुलेटिन के अनुसार अब तक 1.94 लाख पॉलीथिन शीट और लगभग 29,400 सूखा राशन पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। निकासी और आवागमन के लिए 1,979 नौकाएं लगाई गई हैं तथा 5,178 क्विंटल पशु चारा भी वितरित किया गया है। प्रमुख बैराजों से जल निकासी की स्थिति पर विभाग ने बताया कि बुधवार सुबह 10 बजे गंडक बैराज से 86,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था और प्रवृत्ति स्थिर थी। इस वर्ष इसका अधिकतम प्रवाह 14 जुलाई को 2.24 लाख क्यूसेक दर्ज किया गया था। कोसी बैराज से 1,48,200 क्यूसेक पानी का प्रवाह दर्ज किया गया, जबकि इंद्रपुरी बैराज (सोन नदी) से 80,785 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था और वहां जल प्रवाह बढ़ने की प्रवृत्ति बनी हुई है। इस वर्ष इंद्रपुरी बैराज से सर्वाधिक 5,63,654 क्यूसेक पानी दो सितंबर को छोड़ा गया था। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए राज्य के विभिन्न जिलों में राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की 27 तथा राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 10 टीमों को तैनात किया गया है।
स्थानीय निवासी अमित शाह और भूपेन यादव ने बताया कि एक साल में ही पुल की कैपलिंग में दरारें आ जाना और मिट्टी बहना घटिया निर्माण का नतीजा है। अगर तुरंत मरम्मत नहीं हुई, तो ट्रेन गुजरते समय ढांचा धंस सकता है।
Bihar News: वर्चस्व की आग में झुलसा बेगूसराय, 16 साल के युवक की गोली लगने से मौत; सड़क पर उतरे परिजन
बेगूसराय के तेघड़ा थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात कथित वर्चस्व की लड़ाई के दौरान हुई गोलीबारी में 16 वर्षीय मोहम्मद समीर की गोली लगने से मौत हो गई।
दिल्ली-यूपी और बिहार समेत 16 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, जानिए कहां कैसा है मौसम?
Weather Update : सितंबर में मानसून की विदाई से पहले देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने आज भी दिल्ली-यूपी और बिहार समेत 16 राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है।
Bihar Flood से 55 लाख लोग प्रभावित, Pappu Yadav बोले- पटना में हाहाकार, जिंदगी बेहाल
पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने बिहार में बढ़ते बाढ़ संकट पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर आई बाढ़ के कारण 22 ज़िलों में लगभग 55 लाख लोग भारी मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। यादव ने बताया कि इस बाढ़ का असर हर आर्थिक वर्ग पर पड़ा है, जिसमें निम्न-मध्यम वर्ग, मध्यम वर्ग और गरीब लोग शामिल हैं। उन्होंने बताया कि बाढ़ का दायरा बक्सर से मनिहारी तक फैला हुआ है और भागलपुर, पटना, बेगूसराय और मुंगेर के कुछ हिस्से भी आंशिक रूप से जलमग्न हो गए हैं। इसे भी पढ़ें: Bihar में World Bank की मदद से ₹4415 करोड़ की Irrigation Project लागू उन्होंने पटना के हालात को बहुत गंभीर बताया और कहा कि शहर में सिर्फ़ चार-पांच किलोमीटर का ऊँचा इलाका ही दिखाई दे रहा है। यादव ने अलग-अलग घाटों पर लोगों की परेशानी का ज़िक्र करते हुए कहा कि वहाँ महिलाएँ ज़मीन पर सो रही हैं और जानवर बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि आप किसी भी घाट पर चले जाएँ, आपको महिलाएँ ज़मीन पर सोती हुई मिलेंगी, जानवर पानी में हैं और चारा भी गीला हो गया है। उन्होंने बेघर हुए लोगों और बाढ़ वाले इलाकों में फँसे लोगों की मुश्किलों पर ज़ोर दिया। यादव ने प्रभावित लोगों को सप्लाई किए जा रहे पीने के पानी की क्वालिटी पर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि टैंकरों से जो पानी भेजा जा रहा है, वह इतना खराब है कि नेता खुद उसे नहीं पिएँगे। उन्होंने यह भी कहा कि ज़रूरी चीज़ों की सप्लाई भी खराब हो रही है; बच्चों को दूध नहीं मिल रहा है और दवाइयाँ भी उपलब्ध नहीं हैं, जबकि कुछ जगहों पर बिजली पूरी तरह से गुल है। उन्होंने कहा कि टैंकर का पानी इतना खराब है कि कोई भी नेता इसे नहीं पिएगा। बच्चों को दूध नहीं मिल रहा है और दवाइयां भी उपलब्ध नहीं हैं। एक भी मोमबत्ती नहीं है। बिजली भी नहीं है। इसे भी पढ़ें: Bihar Flood: Ganga का जलस्तर घटने से राहत, स्थिति जल्द सामान्य होने की उम्मीद उन्होंने मवेशियों और चारे पर पड़े असर का भी ज़िक्र किया; जानवर बाढ़ के पानी में खड़े हैं और चारा इस्तेमाल के लायक नहीं रहा, जिससे संकट और गहरा हो गया है—सिर्फ़ रहने की जगह और खाने की जरूरत से कहीं ज़्यादा। ये बातें बिहार में बड़े पैमाने पर आई बाढ़ के बीच कही गई हैं, जहाँ कई इलाकों में लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी में रुकावटें आ रही हैं और उन्हें बुनियादी ज़रूरत की चीज़ें भी मुश्किल से मिल पा रही हैं। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
पहले नेहा, अब रिया... बिहार की ट्रेन में फिर शराब ले जाती लेडी तस्कर पकड़ी गई
पटना में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही युवती को अवैध अंग्रेजी शराब के साथ गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के मुताबिक वह उत्तर प्रदेश से ट्रेन के जरिए शराब की खेप लेकर पटना पहुंची थी. पटना जंक्शन के पास तलाशी के दौरान उसके हैंड बैग और शोल्डर बैग से करीब 14 हजार रुपये की शराब बरामद हुई.
9 सितंबर, बुधवार: नगर थाना क्षेत्र के शोभिया फार्म के पास सड़क हादसे में युवक की मौत हो गई, मृतक की पहचान बेलदरिया गांव निवासी अमित कुमार के रूप में हुई, परिजनों में कोहराम मच गया।
SAV बिहार कक्षा 6 डमी एडमिट कार्ड 2027-28 जारी
बिहार स्कूल परीक्षा बोर्ड (BSEB) ने सिमुलतला आवासीय विद्यालय (SAV) के लिए कक्षा 6 का डमी एडमिट कार्ड 2027-28 जारी किया है। यह जानकारी महत्वपूर्ण तिथियों, आवेदन शुल्क, और चयन प्रक्रिया के साथ आती है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे सभी विवरणों की जांच करें और अपने एडमिट कार्ड को डाउनलोड करने के लिए आवश्यक जानकारी तैयार रखें। इस लेख में सभी आवश्यक जानकारी दी गई है, जो आपको परीक्षा की तैयारी में मदद करेगी।
MLC चुनाव को लेकर बिहार में हलचल तेज, समर्थित प्रत्याशी अनुज सिंह के साथ बिहटा पहुंचे अनंत सिंह
MLC चुनाव को लेकर बिहार में हलचल तेज, समर्थित प्रत्याशी अनुज सिंह के साथ बिहटा पहुंचे अनंत सिंह
Bihar News Today Live: बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 9 सितम्बर के मुख्य और ताजा समाचार
Bihar Breaking News Today Live - Read latest and breaking news today in hindi at Amarujala. यहां पढ़ें, बिहार की ताजा खबरें, राजनीति, खेल, मनोरंजन, धर्म, क्राइम और शिक्षा की खबरों का लाइव अपडेशन
जहां तक नजर जा रही, ट्रैक्टर ही ट्रैक्टर... बिहार में बाढ़ का खौफनाक मंजर
गंगा का पानी बढ़ने से पटना में हालात गंभीर हो गए हैं. दीदारगंज चेक पोस्ट के पास नदी किनारे बसा ट्रैक्टर यार्ड देखते ही देखते पानी में डूब गया. जहां कभी सैकड़ों ट्रैक्टर कतार में खड़े थे, वहां अब दूर-दूर तक गंदा पानी और जलमग्न दिखाई दे रहा है.
खेल प्रतिभाओं की पहचान और उन्हें निखारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 'मशाल' परियोजना के तहत मास्टर ट्रेनर्स के लिए दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन राजगीर खेल अकादमी में आज से होगा। इस गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राज्यभर से चयनित प्रशिक्षकों को आधुनिक खेल मूल्यांकन तकनीकों, बैटरी टेस्ट और डिजिटल रिपोर्टिंग प्रणाली में पूरी तरह दक्ष बनाना है, ताकि वे धरातल पर प्रतिभा खोज अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित कर सकें। डिजिटल पोर्टल पर पंजीकरण और रोल नंबर आवंटन के साथ होगी शुरुआत कार्यशाला के पहले दिन की शुरुआत प्रतिभागियों के डिजिटल पोर्टल पर पंजीकरण और रोल नंबर आवंटन के साथ होगी। इसके पश्चात तकनीकी सहयोगी संस्था अर्न्स्ट एंड यंग द्वारा मशाल परियोजना के दूरगामी विजन, उद्देश्यों और संचालन रणनीति पर विस्तृत परिचर्चा सत्र आयोजित किया जाएगा। प्रशिक्षण को व्यवस्थित और प्रभावी बनाने के लिए सभी प्रशिक्षुओं को रोल नंबर के आधार पर तीन अलग-अलग वर्गों—कक्षा 1 (रोल 1 से 50), कक्षा 2 (रोल 51 से 100) और कक्षा 3 (रोल 101 से अधिक) में विभाजित किया गया है। ट्रेनर्स को फिटनेस आकलन समेत अन्य बारीकियों से कराया जाएगा अवगत रोटेशन प्रणाली के तहत आयोजित इन सत्रों में एक ओर जहां प्रशिक्षकों को बैटरी टेस्ट के व्यावहारिक मानकों, शारीरिक मापदंडों और फिटनेस आकलन की बारीकियों से अवगत कराया जाएगा, वहीं दूसरी ओर डिजिटल पोर्टल पर खिलाड़ियों का डेटा संधारित करने की तकनीकी प्रक्रिया समझाई जाएगी। इन तकनीकी सत्रों के सफल संचालन में खेल प्रशिक्षक राजीव लोचन, हुसैन एसके, रवि रावत, खुशबू कुमारी, सौरभ, चंदन दास, विशाल मौलिक, आलोक पांडेय, अभिषेक कुमार, कुमार आनंद, मुकेश, सुधांशु, जागृति और श्याम कुमार चौधरी प्रमुख भूमिका निभाएंगे। वहीं पोर्टल संचालन से जुड़े तकनीकी सत्रों का नेतृत्व नवीन, इम्तियाज, खेमराज, शिवम, पीयूष और यश की तकनीकी टीम द्वारा किया जाएगा। ऑन-ग्राउंड बैटरी टेस्ट का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया जाएगा कार्यशाला के दूसरे दिन सभी वर्गों के प्रशिक्षुओं के लिए ऑन-ग्राउंड बैटरी टेस्ट का व्यावहारिक अभ्यास कराया जाएगा, जिसमें प्रत्येक खेल विधा के अनुसार फिटनेस मानकों की जांच की जाएगी। कार्यक्रम के समापन सत्र में सभागार में एक संयुक्त प्रश्नोत्तरी व संशय निवारण सत्र आयोजित होगा, जिसमें डिजिटल पोर्टल और फील्ड मूल्यांकन से जुड़े सभी तकनीकी सवालों का मौके पर ही समाधान किया जाएगा, ताकि प्रशिक्षण प्राप्त मास्टर ट्रेनर अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को सटीक रूप से तराश सकें।
Scorpio को चोरी से बचाने के लिए अपनाई अजीब तरकीब, लोग बोले-'ई बिहार है, यहां कुछ भी हो सकता है'
Scorpio को चोरी से बचाने के लिए अपनाई अजीब तरकीब, लोग बोले-'ई बिहार है, यहां कुछ भी हो सकता है'
रतलाम में रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) द्वारा आयोजित ग्रुप-D (लेवल-1) की शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) में एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। रतलाम के रेलवे ग्राउंड पर चल रही परीक्षा के दौरान बिहार से आए एक फर्जी अभ्यर्थी को बायोमेट्रिक (रेटिना मैचिंग) जांच के दौरान पकड़ा गया। आरोपी 30 हजार रुपये लेकर दूसरे परीक्षार्थी की जगह दौड़ लगाने पहुंचा था। कोर्ट के आदेश के बाद आरोपी फर्जी अभ्यर्थी और मूल परीक्षार्थी दोनों को रतलाम जेल भेज दिया गया है। 10 हजार एडवांस लेकर लगाई थी दौड़, लेकिन हो गया फेल जीआरपी (GRP) थाना प्रभारी सोहनलाल पाटीदार के अनुसार, बिहार के मुंगेर जिले का रहने वाला अजीत कुमार (26) 2 सितंबर को परीक्षार्थी निरंजन कुमार के स्थान पर दौड़ लगाने आया था। इसके लिए निरंजन ने उसे 30 हजार रुपये में तय सौदे के तहत 10 हजार रुपये एडवांस दिए थे। हालांकि, अजीत पहली दौड़ में फेल हो गया था। इंदौर से फ्लाइट लेकर दिल्ली गया, फिर रतलाम लौटा पहली परीक्षा में फेल होने के बाद अजीत रतलाम से टैक्सी लेकर इंदौर गया। वहां से फ्लाइट से दिल्ली पहुंचा। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि दिल्ली में वह किसी व्यक्ति से मिला और इसके बाद वापस रतलाम लौट आया। 6 सितंबर को वह एक बार फिर फर्जी अभ्यर्थी बनकर PET देने पहुंचा। इस बार वह बिहार के अभ्यर्थी कुंदन कुमार की जगह टेस्ट देने आया था। इसी दौरान रेटिना मैचिंग में उसकी पहचान हो गई और वह पकड़ा गया। रेटिना मैचिंग टेस्ट ने खोला राज 6 सितंबर की सुबह जब अजीत दोबारा टेस्ट देने पहुंचा, तो बायोमेट्रिक जांच के दौरान रेटिना मैचिंग टेस्ट में खुलासा हुआ कि यह व्यक्ति पहले भी (2 सितंबर को) परीक्षा दे चुका है। रेलवे कर्मचारियों ने तुरंत मुस्तैदी दिखाते हुए उसे पकड़ा और वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया। कुंदन रतलाम आया ही नहीं, अब उसकी तलाश पुलिस के मुताबिक 6 सितंबर को जिस अभ्यर्थी कुंदन कुमार की जगह अजीत टेस्ट देने पहुंचा था, वह खुद रतलाम आया ही नहीं था। अब जीआरपी और रेलवे यह पता लगाने में जुटे हैं कि कुंदन और अजीत के बीच संपर्क कैसे हुआ और इस पूरे मामले में और कौन लोग शामिल हैं। पुलिस कुंदन की तलाश भी कर रही है। जरूरत पड़ने पर जांच टीम बिहार जाकर भी जानकारी जुटा सकती है। धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेजों का केस रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ पश्चिम रेलवे मुंबई के कार्यालय अधीक्षक राजेश्वर तिवारी की शिकायत पर जीआरपी ने मामला दर्ज किया था। अजीत और निरंजन के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने से संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच में पुलिस को इस फर्जीवाड़े के पीछे और लोगों के जुड़े होने की आशंका है। अजीत के रतलाम से इंदौर जाने, वहां से फ्लाइट लेकर दिल्ली पहुंचने और फिर वापस लौटने की जानकारी भी जुटाई जा रही है। रेलवे ग्राउंड में प्रवेश पर रोक आरआरबी की PET को देखते हुए रेलवे खेल मैदान में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। परीक्षा स्थल पर अभ्यर्थियों की पहचान और बायोमेट्रिक/तकनीकी जांच की जा रही है। इसी प्रक्रिया के दौरान अजीत की फर्जी पहचान पकड़ी गई। जीआरपी कर रही प्रारंभिक जांच जीआरपी अधिकारियों के मुताबिक मामला रेलवे भर्ती बोर्ड से जुड़ा होने के कारण जांच की प्रक्रिया निर्धारित अधिकारियों की निगरानी में आगे बढ़ाई जाएगी। रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ भी अपने स्तर पर पूरे मामले की जांच कर सकता है। रतलाम रेल मंडल के अधिकारियों ने मामले में जानकारी देने से इनकार करते हुए कहा कि भर्ती प्रक्रिया आरआरबी द्वारा कराई जा रही है। रतलाम में रेलवे की ओर से परीक्षा के लिए मैदान और स्टाफ उपलब्ध कराया गया है।
नदियों में गाद और फरक्का बराज से नहीं निकल रहा पानी, बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर क्यों हो गई
फरक्का बराज का हाल यह है कि वहां का जलस्तर स्वयं लाल निशान से ऊपर है। मंगलवार शाम के आंकड़े के मुताबिक यहां गंगा खतरे के निशान 22.25 मीटर से 1.37 मीटर ऊपर यानी 23.62 मीटर पर बह रही है। नदियों में भी गाद जमा है।
लालू यादव का NDA सरकार पर हमला, बोले- बाढ़ में खाली है बिहार का खजाना; चुनावी मुफ्त योजनाओं पर भी साधा निशाना
Bihar Weather Today 09th September: मौसम विभाग ने बांका, भागलपुर, जमुई, मुंगेर और खगड़िया में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने कहीं-कहीं तेज हवाएं चलने का भी अनुमान जताया है। मुजफ्फरपुर जिले में हल्के और मध्यम स्तर के बादल छाए रहने का अनुमान है। कहीं-कहीं हल्की बारिश के भी आसार हैं।
Bihar Flood: बिहार में बाढ़ से 1 लाख हेक्टेयर फसल बर्बाद, भागलपुर-चंपारण और पटना में अब कैसे हालात
Bihar Flood: खतरे के निशान से ऊपर बह रही गंगा मंगलवार को पटना के पंडारक और भागलपुर के सुल्तानगंज में उच्चतम स्तर को पार कर गई। घाघरा, गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती, कोसी और सोन भी कई जगहों पर खतरे के निशान से ऊपर है।
लालू प्रसाद यादव ने एनडीए सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि एक दशक बाद आई भीषण बाढ़ में बिहार सरकार का खजाना खाली है। इसके साथ ही उन्होंने मांग की है कि सरकार चुनाव और बाढ़ आने पर मुफ्तखोरी की घोषणा और मुफ्त अनाज का लालच देना बंद करे।
Deoria News: बिहार ले जाई जा रही 310 पेटी शराब के साथ दो तस्कर गिरफ्तार
Two smugglers arrested with 310 cases of liquor being taken to Bihar
Mirzapur News: 12 ज्योतिर्लिंग से बांके बिहारी तक, बरियाघाट दशहरा मेले में सजेगी आस्था की दुनिया
From the 12 Jyotirlingas to Banke Bihari, a world of faith will come alive at the Bariyaghat Dussehra Fair.
गोरखपुर के रामगढ़ताल थाना क्षेत्र में 13 साल की बच्ची के साथ दरिंदगी करने का आरोपी ठेकेदार को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी बच्ची के घर पर दो और साथियों के साथ शटरिंग का काम किया था। बाद में सामान लेने गया तो बच्ची को अकेला देखकर उसकी नियत खराब हो गई। उसने बच्ची के साथ जबरदस्ती रेप किया। धमकी दी थी कि अगर किसी को बताया तो जान से मार दूंगा। जानकारी होने पर पीड़िता की मां ने तहरीर दी। जिसके आधार पर पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ पाक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। जिसकी पहचान बिहार के चंपाराण पश्चिमी बेतिया थाना चनकपट्टीया हरिपुर बकूला निवासी राकेश उर्फ सिकंदर राम के रूप में हुई। पुलिस ने पूछताछ के बाद उसे जेल भिजवा दिया। वहीं दूसरे आरोपी ठेकेदार पवन की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। जानिए पूरा मामला सामान लेने के बहाने घर में बुलाया मामला रामगढ़ताल थाने का है। पीड़िता की मां ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि अगस्त महीने से उनके घर पर शटरिंग का काम चल रहा था। इसका ठेका पवन नाम के व्यक्ति ने ले रखा था, जो अपने दो साथियों के साथ काम कर रहा था। पीड़िता के पिता बाहर काम करते हैं और मां कैंटीन चलाती हैं। आरोप है कि 25 अगस्त 2026 को ठेकेदार पवन अपने दो साथियों के साथ अपना सामान लेने घर पर आया। उस वक्त घर पर 13 साल की नाबालिग अकेली थी। कूलर निकलवाने के बहाने कमरे में ले गयाFIR के मुताबिक, पवन का साथी राकेश मदद के बहाने नाबालिग को कमरे में कूलर निकलवाने के लिए बुलाकर ले गया और वहां उसके साथ जबरदस्त रेप किया। आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने पीड़िता को धमकाया कि घर पर किसी को मत बताना, वरना जान से मार दूंगा। पीड़िता की मां का आरोप है कि यह पूरी घटना ठेकेदार पवन की मिलीभगत से हुई है। छोटी बहन को बताई रेप की बात घटना के बाद पीड़िता डर गई और उसने अपनी छोटी बहन को आपबीती बताई। छोटी बहन ने डरते हुए 26 अगस्त को मां को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद मां ने थाना रामगढ़ताल में तहरीर दी। दो के खिलाफ केस दर्जपीड़िता की मां की तहरीर पर पुलिस ने 26 अगस्त 2026 को FIR दर्ज की है। FIR में आरोपी राकेश (40) और ठेकेदार पवन (35) को नामजद किया है। पुलिस ने पॉक्सो एक्ट समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एक आरोपी राकेश को गिरफ्तार कर जेल भिजवा चुकी है। पुलिस का कहना है कि पीड़िता का मेडिकल और काउंसलिंग कराई जा रही है। जल्द ही फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
दीपावली-छठ पर हवाई किराया आसमान पर, दिल्ली से बिहार के लिए टिकट हुए महंगे
त्योहारों के मौसम में घर लौटने की चाहत रखने वाले यात्रियों को हवाई यात्रा के लिए सामान्य से डेढ़ से दो गुना अधिक किराया चुकाना पड़ रहा है।
बिहार कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में पार्टी मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने विधानसभा चुनाव में हार के 10 महीने बाद भी नेतृत्व में बदलाव न होने पर चिंता जताते हुए राजेश राम और कृष्णा अल्लावरू को हटाने की मांग की।
कटिहार में भाजपा युवा मोर्चा ने भाजपा कार्यालय में युवा शक्ति संपर्क अभियान कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र सिंह मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत पंडित दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्रों पर फूल चढ़ाकर और वंदे मातरम के साथ हुई। युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह के नेतृत्व में कुर्सेला से डूमर, गेड़ाबाड़ी आंबेडकर चौक होते हुए भाजपा जिला कार्यालय तक युवाओं ने प्रदेश अध्यक्ष का जोरदार स्वागत किया। इस कार्यक्रम में काफी संख्या में युवा कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। युवा राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति: जितेंद्र सिंह अपने संबोधन में युवा प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने कहा कि युवा किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं। युवाओं की ऊर्जा, सोच और नेतृत्व क्षमता समाज और देश को नई दिशा देने में खास भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि आज के युवा केवल भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान की ताकत और देश के विकास का मजबूत आधार हैं। युवाओं को संगठन से जोड़कर सामाजिक सरोकार, राष्ट्र सेवा और विकास की दिशा में आगे बढ़ाना ही युवा शक्ति संपर्क अभियान का मकसद है। उन्होंने आगे कहा कि युवा सशक्त होंगे तो बिहार सशक्त होगा और युवा शक्ति संगठित होगी तो राष्ट्र और मजबूत होगा। युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा देकर सशक्त युवा, समृद्ध बिहार और विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करना है। युवा शक्ति बदलाव की नई कहानी लिखती है: मनोज राय भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज राय ने कहा कि जब युवा शक्ति संगठित होती है, तो बदलाव की नई कहानी लिखती है। उन्होंने युवा कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने और विकसित बिहार के संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए कहा। 34 मंडलों के अध्यक्ष और कार्यकर्ता रहे मौजूद कार्यक्रम में पूर्व सांसद निखिल कुमार चौधरी, पूर्व विधान पार्षद राजवंशी सिंह, पूर्व विधायक विभाष चंद्र चौधरी, प्रदेश मंत्री सीमा झा, जिला परिषद अध्यक्ष रश्मि सिंह, जिला महामंत्री रामनाथ पांडेय, गोविंदा अधिकारी, सौरभ कुमार मालाकार, जिला उपाध्यक्ष प्रेम प्रकाश चौधरी समेत कई अन्य पदाधिकारी मौजूद थे। युवा मोर्चा के महामंत्री जोक्शन यादव, सोनू सिन्हा सहित सभी 34 मंडलों के मंडल अध्यक्ष और काफी संख्या में कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग दिया।
Bihar में World Bank की मदद से ₹4415 करोड़ की Irrigation Project लागू
पटना, आठ सितंबर बिहार में सिंचाई सेवाओं के आधुनिकीकरण, जल संसाधनों के वैज्ञानिक प्रबंधन और बाढ़ एवं कटाव से निपटने की क्षमता बढ़ाने के लिए 4,415 करोड़ रुपये की बिहार जल सुरक्षा एवं सिंचाई आधुनिकीकरण परियोजना लागू की जा रही है। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने मंगलवार को यह जानकारी दी। सिन्हा ने बताया कि विश्व बैंक और बिहार सरकार की संयुक्त भागीदारी वाली इस परियोजना में 70 प्रतिशत राशि विश्व बैंक तथा 30 फीसदी राशि राज्य सरकार वहन करेगी। उन्होंने कहा कि बदलते जलवायु परिदृश्य में कृषि को अधिक सक्षम, टिकाऊ और जोखिम-प्रतिरोधी बनाना समय की आवश्यकता है, जिसके लिए जल संसाधनों का वैज्ञानिक प्रबंधन, आधुनिक सिंचाई सुविधाओं का विस्तार तथा किसानों को जलवायु के अनुकूल कृषि प्रौद्योगियों से जोड़ने पर खास ध्यान दिया जा रहा है। सिन्हा के मुताबिक, परियोजना का क्रियान्वयन जल संसाधन विभाग, कृषि विभाग और ग्रामीण विकास विभाग के संयुक्त प्रयास से किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पहले घटक के तहत सिंचाई प्रणालियों के पुनर्वास एवं आधुनिकीकरण, संचालन एवं रखरखाव, जलवायु अनुकूल कृषि, प्रशिक्षण तथा क्षमता विकास पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। सिन्हा के अनुसार, दूसरे घटक में तटबंधों और नदी के किनारों को मजबूत करने के साथ बाढ़ एवं कटाव प्रबंधन के लिए ‘ब्लू-ग्रीन’ अवसंरचना समाधानों को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि तीसरे घटक के तहत संस्थागत क्षमताओं को सुदृढ़ किया जाएगा। सिन्हा ने बताया कि जल विज्ञान एवं कृषि सूचना सहायता केंद्र (एफएमआईएससी) को मजबूत करने, बिहार राज्य जल नीति तैयार करने तथा बिहार राज्य जल नियामक प्राधिकरण के गठन की दिशा में भी काम किया जाएगा। उन्होंने बताया कि चौथे घटक में परियोजना का प्रभावी क्रियान्वयन, निगरानी, मूल्यांकन और वित्तीय प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा। सिन्हा ने बताया कि जलवायु अनुकूल कृषि गतिविधियों के लिए कमान क्षेत्र के आधार पर 11 प्रखंडों की पहचान की गई है, जिनमें सोन पश्चिमी कमान क्षेत्र के रोहतास, बक्सर और कैमूर, कोसी कमान क्षेत्र के मधुबनी तथा सारण कमान क्षेत्र के सिवान जिले के प्रखंड शामिल हैं। मंत्री ने कहा कि इन क्षेत्रों में स्थानीय जलवायु, जल उपलब्धता और कृषि परिस्थितियों के अनुरूप जलवायु अनुकूल कृषि गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे कृषि उत्पादन को जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभावों से सुरक्षित रखने, जल एवं प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण इस्तेमाल तथा किसानों की आय और कृषि की स्थिरता को बढ़ाने में मदद मिलेगी।
'सरकार का खजाना खाली', बिहार बाढ़ को लेकर लालू यादव का सरकार पर निशाना
राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने बिहार बाढ़ को लेकर सरकार पर निशाना साधा है. उनका कहना है कि नदियों के रख रखाव को लेकर नेपाल सरकार से बात होनी चाहिए.
JDU के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय झा ने फरक्का जल संधि को लेकर केंद्र सरकार और बिहार के हित में प्रतिक्रिया दी है। बेगूसराय में आयोजित नीतीश संवाद कार्यक्रम के दौरान कहा कि 1996 में हुई भारत-बांग्लादेश फरक्का संधि का रिन्यूअल नहीं होना चाहिए। क्योंकि पिछले 30 सालों में बिहार ने इसके कारण भारी नुकसान उठाया है। जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा है कि हम लोगों ने आज बेगूसराय में फरक्का जलसंधि पर संवाद किया है। फरक्का संधि का समय सीमा 12 दिसंबर 2026 को समाप्त हो रहा है। हमारी पार्टी का मानना है कि इसका रेन्यूवल नहीं होना चाहिए। बिहार के साथ 30 साल यानी 1996 में बहुत अन्याय हुआ। 30 साल तक बिहार ने जो बाढ़ और सुखार झेला है, उसका एक मुख्य कारण फरक्का जलसंधि भी है। उस समय बिहार की जनसंख्या 7 करोड़ के आसपास थी, आज जनसंख्या दोगुना हो गया है। बिहार की जनसंख्या को देखते हुए, बिहार में उद्योग के लिए पानी चाहिए, पेयजल की समस्या को देखते हुए, सिंचाई की पानी की आवश्यकता को देखते हुए बिहार का जो हक है, बिहार का जो हिस्सा है, वह मिलना चाहिए। अब बिहार उस संधि को झेलने के लिए तैयार नहीं है। फरक्का जल संधि पर नीतीश संवाद कार्यक्रम का आयोजन कंकौल स्थित प्रेक्षागृह में किया गया। बिहार का पानी बांग्लादेश जाता है, यहां सिर्फ गाद रह जाता बिहार का पानी बांग्लादेश में चला जाता है और बिहार के हिस्से में सिर्फ गाद आता है। गंगा के किनारे बेगूसराय में सिमरिया के पास अच्छी-अच्छी मछलियां आती थी, वह भी गायब हो गईं हैं। इसीलिए हम लोगों से अपील करने आए हैं यह कोई जदयू या नीतीश कुमार का मुद्दा नहीं है। यह पूरे बिहार का मुद्दा है, बिहार के आमजनों का मुद्दा है। तेजस्वी यादव की ओर से बिहार सरकार के दिवालिया होने, बाढ़ पीड़ितों को राहत नहीं मिलने और केंद्र सरकार को से विशेष पैकेज की मांग किए जाने पर संजय झा ने कहा कि बिहार नहीं उनकी पार्टी राजद दिवालिया हो गई है। किसी को पता था जब उनकी सरकार थी तो आपदा पीड़ितों को वह क्या देते थे। कहते थे कि गंगा जी में बाढ़ आती है तो मछली खा लो, घर में पानी आता है तो मछली खा लो। आपदा की गड़बड़ी में पटना डीएम जेल चला गया। नीतीश कुमार ने एसओपी बनाया, उन्होंने पूरा सिस्टम बना दिया की बाढ़ आती है तो कैसे अनाज मिलेगा, कैसे अकाउंट में पैसा जाएगा, कैसे समुदाय किचन शुरू होगी। पहले कोई देखता था कि सरकार की तरफ से सामुदायिक किचन चलता है। 2005 से पहले कोई सोचा था कि किचन चला कर लोगों के लिए खाना बनाया जाएगा। पूरे एसओपी पर काम हो रहा है। आज अगर बाढ़ आई है, उसके लिए बिहार सरकार काम कर रही है। किसी भी प्रकार के पैसे की कमी नहीं है। सरकार जनता की पूरी तरह से चिंता कर रही है। अभी जो बाढ़ आ रही है उसका कारण फरक्का जलसंधि है। 2050 तक की जल आवश्यकताओं को ध्यान में रखना चाहिए राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने कहा कि 1996 में आरत और बांग्लादेश के बीच हुई यह संधि भारत के, खासकर बिहार के हित में नहीं है। इसलिए इसका नवीनीकरण नहीं होना चाहिए और अगर कोई संधि होती भी है तो 2050 तक की जल आवश्यकताओं को ध्यान में रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस जल संधि के कारण बिहार का जल-प्रबंधन बुरी तरह बिगड़ा है और हम गंभीर जल-संकट का सामना कर रहे हैं। फरक्का (गंगा) जल संधि के मुताबिक शुष्क मौसम 1 जनवरी से 31 मई में जब बक्सर के पास गंगा का प्रवाह महज 400 क्यूमेक (करीब 14 हजार क्यूसेक) तक रह जाता है, तब भी फरक्का से बांग्लादेश के लिए 1500 क्यूमेक (करीब 53 हजार क्यूसेक) पानी छोड़ना पड़ता है। इसका मतलब यह है कि सिर्फ गंगा ही नहीं, बल्कि बिहार की आंतरिक नदियों से भी पानी खींचकर बांग्लादेश को दिया जा रहा है। यह सीधे तौर पर बिहार की हकमारी है। बिहार और केन्द्र की तत्कालीन सरकार में बैठे लोगों ने बिहार के हितों की बलि चढ़ा दी। अंतर्राष्ट्रीय संधि का 73 प्रतिशत बोझ अकेले बिहार उठा रहा प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि हमारे सर्वमान्य नेता और राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार शुरू से कहते रहे हैं कि फरक्का बराज और फरक्का जल संधि से बिहार को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। एक ओर फरक्का बराज के कारण गंगा में भारी गाद जमा हो जाने से नदी का तल ऊंचा हो गया है। जिसके कारण उत्तर बिहार को हर साल बाढ़ का सामना करना पड़ता है, तो दूसरी ओर फरक्का जल संधि के कारण शुष्क मौसम में हमें बिहार के हिस्से का पानी बांग्लादेश को देना पड़ता है। हमारे कई जिलों में सूखे तक की स्थिति हो जाती है। इस अंतर्राष्ट्रीय संधि का 73 प्रतिशत बोझ अकेले बिहार उठा रहा है। यह हमारे साथ ज्यादती है। डॉक्यूमेट्री फिल्म दिखाई प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम में विधायक अभिषेक आनंद, पूर्व विधायक राजकुमार सिंह, पूर्व एमएलसी एवं पूर्व जिलाध्यक्ष रुदल राय, पूर्व एमएलसी एवं पूर्व जिलाध्यक्ष भूमिपाल राय, प्रदेश महासचिव सह कार्यक्रम प्रभारी शंभू कुशवाहा, जिला प्रभारी शिवनंदन सिंह, जिलाध्यक्ष नंदलाल राय सहित बडी संख्या में पार्टी पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान इस विषय पर पार्टी की ओर से तैयार की गई डॉक्यूमेट्री फिल्म दिखाई गई।
जनगणना 2027: बिहार में घर-घर होगी गिनती, 28 फरवरी तक जुटेगा हर व्यक्ति का पूरा डाटा
भारत सरकार ने जनगणना 2027 की तैयारियां तेज कर दी हैं, जिसमें डिजिटल तकनीक का बड़े पैमाने पर उपयोग होगा। गया जिले में पहला चरण पूरा हो चुका है, फरवरी 2027 में घर-घर जाकर व्यक्तिगत डेटा संग्रह होगा और 1 मार्च को अंतिम सूची प्रकाशित की जाएगी।
19 लाख से 126 करोड़ का टर्नओवर, 90 लाख ड्रेस सिलकर बिहार की 'जीविका दीदियों' ने रचा इतिहास
बिहार की जीविका दीदियों ने 90 लाख बच्चों के लिए ड्रेस सिलकर 126 करोड़ रुपये का टर्नओवर हासिल किया है। यह उपलब्धि ग्रामीण परिवारों को आर्थिक आजादी और स्वाभिमान प्रदान कर बिहार की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
दानापुर मंडल के रेलकर्मियों ने तीन महीने से लंबित यात्रा एवं भत्ता भुगतान न होने पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने तत्काल भुगतान की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
हरतालिका तीज 2026: यूपी-बिहार की अनोखी परंपरा, निर्जला व्रत और सोलह श्रृंगार का महापर्व
भारतवर्ष की सांस्कृतिक विविधता में त्योहारों का एक अलग और अनूठा स्थान है, जो न केवल हमारी प्राचीन परंपराओं को जीवित रखते हैं बल्कि समाज को एक सूत्र में पिरोकर रखने का काम भी करते हैं। सावन और भाद्रपद के महीनों में आने वाले पर्वों में 'तीज' का त्योहार महिलाओं के लिए सबसे खास माना जाता है। देश के अलग-अलग कोनों में तीज को विभिन्न रूपों में सेलिब्रेट किया जाता है, लेकिन जब बात उत्तर प्रदेश (UP) और बिहार (Bihar) की आती है, तो यहां की हरतालिका तीज (Hartalika Teej) का जलवा और उसका धार्मिक महत्व पूरी तरह से अलग और अनूठा होता है। इन दोनों राज्यों के घर-घर में इस पर्व को लेकर जो उत्साह और श्रद्धा देखने को मिलती है, वह वाकई अद्भुत है। इस पावन अवसर पर सुहागिन महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष पूजा-अर्चना करती हैं और अपने अखंड सौभाग्य तथा पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं।उत्तर प्रदेश और बिहार में क्यों इतनी खास मानी जाती है हरतालिका तीजदेश के कई हिस्सों में जहां 'हरियाली तीज' को मुख्य रूप से उत्सव के रूप में मनाया जाता है, वहीं उत्तर प्रदेश और बिहार के बहुतायत इलाकों में 'हरतालिका तीज' का पर्व महिलाओं के दिलों में सबसे खास स्थान रखता है। इन दोनों राज्यों की सांस्कृतिक पृष्ठभूमि में यह व्रत वैवाहिक जीवन के स्थायित्व और पति-पत्नी के पवित्र रिश्ते की मजबूती का प्रतीक माना जाता है। इस दिन का पूरा फोकस पूरी तरह से देवाधिदेव महादेव और मां पार्वती की आराधना पर केंद्रित होता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी, और उसी महान तप का स्मरण करते हुए सुहागिन महिलाएं इस व्रत को पूरी निष्ठा के साथ निभाती हैं। चूंकि भारत विविधताओं का देश है, इसलिए उत्तर प्रदेश और बिहार के भी अलग-अलग जिलों और क्षेत्रों में इस पर्व को मनाने के तौर-तरीके, खान-पान और लोक-परंपराएं थोड़ी भिन्न हो सकती हैं, लेकिन सबकी आस्था का केंद्र बिंदु एक ही होता है।कठिन निर्जला उपवास और अटूट आस्था की अनूठी परंपराहरतालिका तीज के व्रत से जुड़ी सबसे बड़ी और कठिन विशेषता इसका 'निर्जला' होना है। यूपी और बिहार के कई पारंपरिक परिवारों में शादीशुदा महिलाएं इस दिन पूरी तरह से निर्जला व्रत रखती हैं। इसका सीधा अर्थ यह होता है कि व्रत रखने वाली महिलाएं पूरे दिन और निर्धारित समयावधि के लिए अन्न तो दूर की बात है, जल की एक बूंद तक का सेवन नहीं करती हैं। यह व्रत महिला की अपने पति के प्रति अगाध प्रेम, समर्पण और मानसिक दृढ़ता को दर्शाता है। हालांकि, स्वास्थ्य संबंधी स्थितियों या पारिवारिक परंपराओं के आधार पर व्रत रखने के नियमों में थोड़ी बहुत भिन्नता हो सकती है, लेकिन अधिकांश घरों में निर्जला उपवास को ही सबसे पवित्र और फलदायी माना जाता है। महिलाएं बिना किसी शिकायत के इस कठिन उपवास को हंसते-हंसते पूरा करती हैं और वैवाहिक जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करती हैं।सोलह श्रृंगार का महत्व और पारंपरिक उत्सव का उल्लासहरतालिका तीज के दिन शाम ढलते ही घरों का माहौल किसी भव्य उत्सव जैसा नजर आने लगता है। इस पर्व का एक सबसे आकर्षक पहलू 'सोलह श्रृंगार' करना है। उत्तर प्रदेश और बिहार की महिलाएं इस दिन सुबह से ही अपनी साज-सज्जा में जुट जाती हैं। पारंपरिक सिल्क या बनारसी साड़ियां, हाथों में खनखनाती कांच की चूड़ियां, मांग में सिंदूर, आंखों में काजल, कमरबंद, बिछिया और सुंदर आभूषण इस श्रृंगार का अहम हिस्सा होते हैं। इसके साथ ही हाथों और पैरों में गहरी रची हुई मेहंदी इस त्योहार की खूबसूरती में चार चांद लगा देती है। लोक मान्यताओं के अनुसार, सुहागिनों द्वारा किया जाने वाला यह सोलह श्रृंगार उनके सुहाग की लंबी उम्र और उनके दांपत्य जीवन में आने वाली हर बुरी बला से रक्षा करने का प्रतीक माना जाता है। तैयार होकर जब महिलाएं पूजा के लिए बैठती हैं, तो पूरा घर अलौकिक ऊर्जा से जगमगा उठता है।सामूहिक रूप से तीज कथा सुनने की प्राचीन और जीवंत परंपराहरतालिका तीज के पूरे अनुष्ठान में वह पल सबसे अधिक आनंददायक और महत्वपूर्ण होता है जब शाम के वक्त सभी महिलाएं एक जगह एकत्र होकर 'तीज कथा' सुनती हैं। दिनभर के कड़े निर्जला उपवास और पूजा की तमाम तैयारियों के बाद, सूर्यास्त के समय सामूहिक भक्ति का दौर शुरू होता है। इस दौरान मोहल्ले की या परिवार की सभी सुहागिन महिलाएं एक साथ बैठकर माता पार्वती और भगवान शिव के पुनर्मिलन की पौराणिक कथा का पाठ सुनती हैं। इस पारंपरिक अनुष्ठान में घर की बुजुर्ग महिलाएं और सासें अपनी बहुओं और युवा पीढ़ी को लोक-रीति-रिवाज, गीत और व्रत के नियमों की बारीकियां सिखाती हैं। यह सामूहिक मिलन महिलाओं के बीच आपसी प्रेम और भाईचारे को मजबूत करता है और पीढ़ियों के बीच सांस्कृतिक ज्ञान के आदान-प्रदान का एक बेहतरीन माध्यम बनता है।पारंपरिक पकवान, गुजिया, ठेकुआ और खान-पान की मिठासभारतीय संस्कृति का कोई भी त्योहार स्वादिष्ट पकवानों के बिना अधूरा माना जाता है, और हरतालिका तीज पर भी पारंपरिक व्यंजनों की खुशबू हर घर से आती है। उत्तर प्रदेश और बिहार के ग्रामीण और शहरी दोनों ही अंचलों में इस विशेष अवसर पर घरों में तरह-तरह की मिठाइयां और पकवान बनाए जाते हैं। इस दिन विशेष रूप से रसभरी गुजिया, खाजा, ठेकुआ, और कई जगहों पर भुने हुए चावल के आटे, शुद्ध घी और चीनी से तैयार किए जाने वाले पारंपरिक मिष्ठान बनाए जाते हैं। इन पकवानों को पहले भगवान शिव और माता पार्वती को भोग के रूप में अर्पित किया जाता है, और उसके बाद परिवार के सभी सदस्य तथा सखियां इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करती हैं। यह खान-पान की परंपरा त्योहार के मिठास को और अधिक बढ़ा देती है।क्षेत्रीय विविधताएं और आधुनिक जीवनशैली में भी अटूट सांस्कृतिक जड़ेंहरतालिका तीज के आज भी इतने अधिक प्रासंगिक और आकर्षक बने रहने का सबसे बड़ा कारण इसकी क्षेत्रीय विविधता है। उत्तर प्रदेश और बिहार के अलग-अलग गांवों और शहरों में हर परिवार इसे अपने अनूठे अंदाज में मनाता है। कहीं दान-पुण्य को विशेष महत्व दिया जाता है, तो कहीं वस्त्र और सुहाग की सामग्री बांटने की परंपरा निभाई जाती है। आधुनिकता की दौड़ में भले ही लोगों की जीवनशैली और रहन-सहन में बहुत बदलाव आ चुका हो, लेकिन आस्था, पारिवारिक रिश्ते और सांस्कृतिक स्मृतियां आज भी लोगों को एक साथ जोड़े रखती हैं। यूपी-बिहार के परिवारों के लिए हरतालिका तीज केवल कैलेंडर का एक दिन नहीं है, बल्कि यह उनकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और शाश्वत प्रेम का एक जीवंत उत्सव है, जो आने वाली पीढ़ियों को भी अपनी जड़ों से जोड़े रखने का संदेश देता है।
कल का मौसम: यूपी, दिल्ली, बिहार समेत 27 राज्यों में बारिश, बंगाल-झारखंड में IMD का अलर्ट
कल का मौसम, 9 सितंबर 2026: देश के 27 राज्यों में बारिश की संभावना है. बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भारी बारिश का अलर्ट. जानिए आपके यहां कैसा मौसम रहेगा.
Bihar CM की चेतावनी: जन-शिकायतें 30 दिन में निपटारा न होने पर होगी कड़ी कार्रवाई
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 8 सितंबर को कहा कि नागरिकों की शिकायतों का समाधान करना और उन्हें न्याय दिलाना सरकार की ज़िम्मेदारी है। उन्होंने लोगों की समस्याओं को हल करने के लिए 'सहयोग कार्यक्रम' को एक अहम ज़रिया बताया। पटना में मुख्यमंत्री सचिवालय में राज्य-स्तरीय 'सहयोग कार्यक्रम' आयोजित किया गया, जिसमें 137 आवेदकों ने अपनी शिकायतें रखीं। संबंधित विभागों और ज़िला प्रशासन को समय पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इसे भी पढ़ें: Bihar Flood: 13 जिलों में 34 लाख लोग प्रभावित, सुल्तानगंज में Ganga का जलस्तर रिकॉर्ड ऊंचाई पर चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे 'सहयोग कार्यक्रम' में जनता का भरोसा बनाए रखने पर ज़ोर देते हुए, तय समय-सीमा के भीतर लोगों की शिकायतों को पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ निपटाएं। आवेदकों ने राजस्व और भूमि सुधार, शिक्षा, गृह, ग्रामीण कार्य, स्वास्थ्य, खाद्य और उपभोक्ता संरक्षण, समाज कल्याण और अन्य विभागों से जुड़े मुद्दे उठाए। मुख्यमंत्री ने ज़िलाधिकारियों और विभागीय अधिकारियों को तय समय-सीमा के भीतर मामलों का समाधान करने का निर्देश दिया। अधिकारियों ने आवेदकों को भरोसा दिलाया कि ज़रूरी कदम तुरंत उठाए जाएंगे। उन्होंने सलाह दी कि जिन आवेदकों की शिकायतों का समाधान पहले ही हो चुका है, उन्हें पटना में राज्य-स्तरीय कार्यक्रम में आने की ज़रूरत नहीं है। हालाँकि, जिनके मामले जटिल हैं और ज़िला स्तर पर हल नहीं हो पाए हैं, वे 'सहयोग कार्यक्रम' के ज़रिए समाधान पा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार नागरिकों की शिकायतों का पारदर्शी, निष्पक्ष और तय समय-सीमा में समाधान सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य-स्तरीय कार्यक्रम जटिल मामलों की समीक्षा करने और उचित व त्वरित निर्णय लेने की सुविधा प्रदान करता है। इसे भी पढ़ें: Pitru Paksha Mela 2026: Chief Secretary का सख्त फरमान, Gaya ji में कोई चूक नहीं होगी बर्दाश्त इसके अलावा, चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे यह सुनिश्चित करें कि पात्र लाभार्थियों को बिना किसी देरी के वृद्धावस्था पेंशन और राशन कार्ड मिलें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तकनीकी कारणों से किसी भी पात्र व्यक्ति को सरकारी कल्याणकारी लाभों से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। सरकार का लक्ष्य 'सहयोग' शिविरों के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का 30 दिनों के भीतर समाधान करना है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि वे मामलों का संतोषजनक निपटारा सुनिश्चित करने के लिए पूरी पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ काम करें। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
Bihar Floods LIVE: नए इलाकों में फैला बाढ़ का पानी, 34 लाख आबादी प्रभावित; हाजीपुर में नाव पलटी
बिहार में बाढ़ का पानी नए इलाकों में फैल रहा है। मंगलवार को 13 जिलों की 34 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित हो गई। एक दिन पहले यह आंकड़ा 29 लाख था। भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा नदी ने फ्लड मार्क को क्रॉस कर दिया है। हाजीपुर में बाढ़ के पानी में नाव पलट गई।
JPSC-JSSC घोटाले के बिहार कनेक्शन जोड़ने पर पर बवाल, भाजपा नेता बाबूलाल ने झामुमो पर बोला हमला
बाबूलाल मरांडी ने जेएमएम के 'बिहार कनेक्शन' के आरोप पर पलटवार किया। दोषियों को बचाने और बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई न होने का आरोप लगाते हुए कई नाम उजागर किए।
बिहार में बाढ़ की स्थिति के बीच आरजेडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने केंद्र और बिहार सरकार पर निशाना साधा है। लालू यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो पोस्ट कर बिहार को मिलने वाली केंद्रीय सहायता, बाढ़ के स्थायी समाधान और राज्य के कम क्रेडिट-डिपॉजिट रेशियो (CDR) को लेकर सवाल उठाए। लालू यादव ने कहा कि हम भीख नहीं मांग रहे हैं, क्रेडिट के अनुरूप पैसा बिहार को दो। एक दशक बाद आई भीषण बाढ़ के बीच बिहार सरकार का खजाना खाली और राजकोषीय तनाव चरम पर है। उन्होंने अपने राजनीतिक संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने पक्ष और विपक्ष, दोनों में रहते हुए बिहार और बिहारियों के हक के लिए लड़ाई लड़ी। 2004-09 के पैकेज का किया जिक्र लालू यादव ने दावा किया कि 2004 में 24 आरजेडी सांसदों के साथ यूपीए-1 सरकार में रेल मंत्री बनने के बाद उन्होंने अपने राजनीतिक प्रभाव के जरिए बिहार के विकास कार्यों के लिए 2004 से 2009 के बीच 1.44 लाख करोड़ रुपये की राशि दिलाई। उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी का भी जिक्र किया। लालू ने आरोप लगाया कि बाद में इसी पैकेज की राशि से नीतीश कुमार की सरकार ने अपना विकास मॉडल खड़ा किया। ‘NDA के 30 सांसद, फिर भी दिल्ली में बिहार की सुनवाई नहीं’ आरजेडी प्रमुख ने कहा कि एनडीए के पास बिहार से 30 सांसद होने के बावजूद आज दिल्ली में बिहार की समस्याओं को गंभीरता से नहीं सुना जा रहा है। उन्होंने केंद्र और राज्य में एनडीए की सरकार होने के बावजूद बाढ़ के स्थायी समाधान नहीं होने पर सवाल उठाया। नेपाल से आने वाली बाढ़ पर स्थायी समाधान की मांग लालू यादव ने नेपाल से आने वाली बाढ़ को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि नदियों के रखरखाव के लिए नेपाल सरकार से दो टूक बातचीत होनी चाहिए। उन्होंने कर्पूरी ठाकुर द्वारा भी इस मुद्दे को उठाए जाने का जिक्र किया। ‘बाढ़ आने पर राहत नहीं, स्थायी समाधान चाहिए’ लालू यादव ने कहा कि चुनाव और बाढ़ के समय मुफ्तखोरी की घोषणाएं तथा दो किलो मुफ्त अनाज का लालच देने के बजाय सरकार को बाढ़ का स्थायी समाधान करना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि नदियों के रखरखाव पर खर्च होने वाली राशि बिहार को नहीं मिल रही है। पलायन और CDR पर भी उठाए सवाल आरजेडी प्रमुख ने बिहार से बड़े पैमाने पर होने वाले पलायन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बिहार के लोग देश-विदेश में मेहनत कर कमाई करते हैं और उसका पैसा राज्य में भेजते हैं, लेकिन उसके अनुपात में बिहार में खर्च नहीं होता। उन्होंने Credit Deposit Ratio (CDR) का मुद्दा उठाते हुए पूछा कि बिहार का साख-जमा अनुपात देश में सबसे कम क्यों है। लालू यादव ने कहा कि “हम भीख नहीं मांग रहे हैं, क्रेडिट के अनुरूप पैसा बिहार को दो।” उन्होंने अपने 2011 के संसद भाषण का वीडियो भी साझा किया और कहा कि उस समय केंद्र में यूपीए-2 और बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार थी, फिर भी उन्होंने दिल्ली में बिहार के मुद्दों को उठाया था।

