एनडीए ने बिहार बजट से लोगों को धोखा दिया: अख्तरुल ईमान
बिहार विधानसभा में वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। बिहार की डबल इंजन सरकार का दावा है कि इस बजट में सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है
पटना के एक निजी होटल में मंगलवार को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) बिहार कॉन्क्लेव 2.0 का आयोजन किया गया। इस एक दिवसीय कार्यशाला का उद्देश्य ABDM के प्रभावी क्रियान्वयन और भविष्य की रणनीति पर विचार-विमर्श करना था। इसका आयोजन बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति, स्वास्थ्य विभाग, बिहार सरकार ने किया। इसमें राज्य और राष्ट्रीय स्तर के स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विभिन्न जिलों के सिविल सर्जन, राज्य एवं जिला स्तर के पदाधिकारी, सलाहकार और स्वास्थ्य कर्मियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन स्वास्थ्य सेवाओं को सरल, पारदर्शी और सर्वसुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार ने स्वास्थ्य व्यवस्था में कीर्तिमान स्थापित किया है। मंत्री ने जोर दिया कि इसके माध्यम से राज्य में डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली को सशक्त किया जा रहा है, जिससे नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण एवं समय पर इलाज मिल सके। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ने ABDM के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पदाधिकारियों और कर्मियों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य देशभर में स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ना और आम जनता तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करना है। इसके प्रमुख घटक इस प्रकार हैं* आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (ABHA ID)हर नागरिक को एक यूनिक डिजिटल हेल्थ आईडी दी जाती है, जिसमें उसके सभी स्वास्थ्य रिकॉर्ड सुरक्षित रहते हैं। मरीज की अनुमति से डॉक्टर और अस्पताल इन रिकॉर्ड्स तक तुरंत पहुंच बना सकते हैं।* डिजिटल हेल्थ प्रोफेशनल्स और हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्र्रीदेशभर के डॉक्टरों, अस्पतालों, क्लीनिक, डायग्नोस्टिक सेंटर और फार्मेसियों का डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जा रहा है, जिससे मरीजों को प्रमाणिक स्वास्थ्य सेवा प्रदाता मिल सकें।* इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड (EHR)इलाज से जुड़े सभी मेडिकल रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहते हैं, जिससे बार-बार जांच कराने की जरूरत नहीं पड़ती और इलाज की निरंतरता बनी रहती है।* डेटा गोपनीयता और सुरक्षाABDM में डेटा सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। मरीज की अनुमति के बिना कोई भी स्वास्थ्य जानकारी साझा नहीं की जाती।* टेलीमेडिसिन और ई-फार्मेसीडिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोग भी विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श ले सकते हैं और ऑनलाइन दवाएं मंगा सकते हैं।मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना (MDHY)राज्य सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण को गति देने के लिए मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना (MDHY) की शुरुआत की है। इसके तहत ‘भव्य’ नामक ABDM-समर्थित HMIS सॉफ्टवेयर के जरिए राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों का डिजिटलीकरण किया जा रहा है। यह योजना पूरी तरह से बिहार सरकार द्वारा वित्त पोषित है और ABDM के तहत राज्य की बड़ी उपलब्धियों में शामिल है।बिहार की बड़ी उपलब्धियां* स्कैन एंड शेयर में 5 करोड़ 26 लाख टोकन बनाकर बिहार ने देश में पहला स्थान हासिल किया।* 6 करोड़ 11 लाख से अधिक लोगों की ABHA ID बनाई गई, इस श्रेणी में बिहार राष्ट्रीय स्तर पर चौथे स्थान पर है।* 6 करोड़ 17 लाख लाभार्थियों का इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड तैयार किया जा चुका है, जिससे बिहार को तीसरा स्थान मिला।* भव्या परियोजना को ग्लोबल डिजिटल हेल्थ समिट 2024 में इनोवेशन अवार्ड मिला।* 47,786 स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं का HPR और 29,288 स्वास्थ्य संस्थानों का HFR के तहत पंजीकरण किया गया।* 7,835 सरकारी अस्पतालों का DHIS योजना के अंतर्गत पंजीकरण हो चुका है।* बिहार ने अब तक 37.60 करोड़ रु. की प्रोत्साहन राशि का दावा किया है, जो देश में सबसे अधिक है।स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि ABDM और MDHY के माध्यम से बिहार आने वाले समय में डिजिटल हेल्थ के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरेगा।कॉन्क्लेव में प्रमुख अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह मौजूद रहे। उनके साथ विशेष सचिव हिमांशु शर्मा (भा.प्र.से.), राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक सह BMSICL के प्रबंध निदेशक अमित कुमार पाण्डेय, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के संयुक्त सचिव विक्रम पगारिया (IRS), बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति के CEO शशांक शेखर सिन्हा, आईएमए के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सहजानंद प्रसाद सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
पूर्णिया को नई पहचान देगा बिहार बजट:डिजिटल तारामंडल की घोषणा; हर पंचायत में मॉडल स्कूल बनेगा
बिहार विधानसभा में आज वित्त मंत्री विजेंद्र यादव ने 2026-27 का बजट पेश किया। इस बजट में पूर्णिया के लिए कई अहम घोषणाएं की गई हैं। 3 लाख 47 हजार करोड़ रुपये से अधिक के इस बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, विज्ञान और उद्योग जैसे क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया गया है, जिससे सीमांचल खासकर पूर्णिया को नई पहचान मिलने की उम्मीद है। बजट का मकसद आम लोगों की जिंदगी आसान बनाना और विकास को गांव तक पहुंचाना है। विधानसभा में बजट पेश होने के बाद पूर्णिया में इसे लेकर खास चर्चा है। शहर के रहने वाले विकास वर्मा ने कहा कि बजट में पूर्णिया में डिजिटल तारामंडल और स्पेस एंड एजुकेशन सेंटर को लेकर घोषणा की गई है। 13 करोड़ रुपये की लागत से होगा निर्माण इसके लिए जमीन चिन्हित कर ली गई है और करीब 13 करोड़ रुपये की लागत से इसका निर्माण किए जाने की बात सामने आई है। अब तक तारामंडल देखने के लिए पटना जाना पड़ता था। अगर यह पूर्णिया में बनता है तो बच्चों और युवाओं को विज्ञान को समझने का बड़ा मौका मिलेगा। अधूरे मेडिकल कॉलेज का काम जल्द पूरा करने की घोषणा के.नगर के रहने वाले श्रवण कुमार कहते हैं कि स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बजट में GMCH पूर्णिया के अधूरे मेडिकल कॉलेज का काम जल्द पूरा करने की घोषणा की गई है। लंबे समय से यह मांग उठ रही थी। आम लोगों का कहना है कि मेडिकल कॉलेज पूरी तरह चालू नहीं होने की वजह से गंभीर मरीजों को बाहर रेफर किया जाता है। अगर मेडिकल कॉलेज पूरा हो गया तो गरीब लोगों को इलाज के लिए पटना या सिलीगुड़ी नहीं जाना पड़ेगा। यह हमारे लिए बहुत बड़ी राहत है। बनमनखी और आसपास के इलाकों में नई उम्मीद बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से चालू करने की घोषणा ने बनमनखी और आसपास के इलाकों में नई उम्मीद जगा दी है। करीब 36 साल से बंद बनमनखी चीनी मिल इलाके के लिए हमेशा से बड़ा मुद्दा रही है। बड़हरा कोठी के किसान त्रिभुवन कुमार ने कहा कि चीनी मिल बंद होने के बाद गन्ना किसानों की हालत खराब हो गई थी। अगर मिल चालू होती है तो हमें फसल का सही दाम मिलेगा और गांव में रोजगार बढ़ेगा। इथेनॉल और बिजली उत्पादन से क्षेत्र का औद्योगिक विकास भी होगा। छात्र कुणाल कुमार ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में हर पंचायत में मॉडल स्कूल खोलने की घोषणा को अभिभावकों ने सकारात्मक बताया है। इन स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा, भाषा प्रशिक्षण, कौशल विकास और योग की व्यवस्था होगी। एक गरीब लोग अपने बच्चों को निजी स्कूल में नहीं पढ़ा पाते। अगर गांव में ही केंद्रीय विद्यालय जैसी सुविधा मिलेगी तो बच्चों का भविष्य सुधरेगा। सोशल एक्टिविस्ट विजय श्रीवास्तव ने कहा कि घोषणाओं के साथ-साथ उनका जमीन पर उतरना ज्यादा जरूरी है। लोगों का मानना है कि अगर बजट की योजनाएं समय पर पूरी हुईं, तो पूर्णिया शिक्षा, स्वास्थ्य, विज्ञान और रोजगार के क्षेत्र में बड़ी छलांग लगा सकता है।
Bihar Budget 2026 : हर ब्लॉक में डिग्री कॉलेज और 5 नए एक्सप्रेस-वे; Nitish सरकार का बड़ा दांव
बिहार बजट 2026-27 पेश! ₹3.47 लाख करोड़ के इस बजट में 1 करोड़ नौकरियों का लक्ष्य, 5 नए एक्सप्रेस-वे और हर ब्लॉक में डिग्री कॉलेज का वादा। शिक्षा पर ₹60,954 करोड़ और स्वास्थ्य पर ₹20,335 करोड़ खर्च करेगी नीतीश सरकार। किसानों को मिलेगी ₹3000 की अतिरिक्त सम्मान निधि। जानिए विकसित बिहार के इस 'महा-बजट' की हर बड़ी घोषणा और आम जनता पर इसका असर।
भागलपुर में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रदेश प्रवक्ता अरुण कुमार यादव ने बिहार सरकार की ओर से जारी बजट पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे पूरी तरह से दिशाहीन और जनविरोधी करार दिया है। यादव ने कहा कि यह बजट विकसित बिहार के सपने को पूरा करने में विफल रहा है। यादव ने आरोप लगाया कि बजट में महिलाओं, किसानों, युवाओं, मजदूरों और गरीबों के बेहतर भविष्य के लिए कोई ठोस कार्ययोजना नहीं है। उन्होंने नीतीश सरकार के पिछले वादों का जिक्र किया, जैसे महिलाओं को 10-10 रुपये की सीड मनी के बाद अब 2-2 लाख रुपये देने की बात, एक करोड़ नौकरी-रोजगार, प्रत्येक जिले में पांच उद्योग और बंद चीनी मिलों को चालू करने के वादे। बजट में कोई ठोस प्रावधान नहीं राजद प्रवक्ता ने कहा कि इन सभी आकर्षक वादों को पूरा करने के लिए बजट में कोई स्पष्ट काम-योजना या ठोस प्रावधान नहीं किया गया है। अरुण यादव ने नीतीश-भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि उनके 20 साल के शासनकाल में बिहार बेरोजगारी का गढ़ बन गया है। आज बिहार का प्रत्येक नागरिक औसतन 29 हजार रुपये का कर्जदार है, और राज्य पर कुल कर्ज पौने चार लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। सरकार को हर साल लगभग 21 हजार करोड़ रुपये केवल ब्याज के रूप में चुकाने पड़ रहे हैं। उन्होंने नीति आयोग का हवाला देते हुए कहा कि प्रति व्यक्ति आय और निवेश के मामले में बिहार देश में अंतिम पायदान पर है। साथ ही, राज्य में स्वास्थ्य, शिक्षा और कानून-व्यवस्था की स्थिति भी बेहद खराब है। यादव ने निष्कर्ष निकाला कि बजट में इन मूलभूत समस्याओं को सुधारने के लिए कोई ठोस योजना नहीं है, जिससे यह केवल आंकड़ों का खेल बनकर रह गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास पर महागठबंधन विधायक दल की बैठक शुरू हो गई है। इस बैठक में राजद, कांग्रेस, माले के विधायक मौजूद हैं। बैठक की अध्यक्षता नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव कर रहे। बताया जा रहा कि बैठक में बजट सत्र के दौरान पार्टी की रणनीति को अंतिम रूप दिया जा रहा है। साथ ही सदन में सरकार को घेरने वाले मुद्दों को भी तैयार किया जा रहा है। बैठक में शामिल होने पहुंचे विधायक और पूर्व शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर ने कहा कि यह एक रूटीन बैठक है, इसमें कोई खास एजेंडा नहीं रखा गया है। उन्होंने बताया कि ऐसी बैठकें समय-समय पर संगठन और विधानसभा सत्र के दौरान होती रहती हैं। बजट को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए चंद्रशेखर ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। प्रो. चंद्रशेखर बोले- बजट में बिहार को कुछ नहीं मिला उन्होंने कहा कि जब केंद्र सरकार ने अपने बजट में बिहार को कुछ भी नहीं दिया, तो ऐसे में राज्य सरकार के पास जनता को देने के लिए बहुत ज्यादा कुछ बचता ही नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार के साथ लगातार सौतेला व्यवहार किया जा रहा है, जिसका सीधा असर राज्य के विकास और आम लोगों पर पड़ता है। सदन में पेश बजट की होगी समीक्षा सूत्रों के मुताबिक, बैठक का मुख्य एजेंडा राज्य सरकार द्वारा पेश किए गए बजट की समीक्षा करना है। राजद विधायक बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, महंगाई और ग्रामीण विकास जैसे मुद्दों पर सरकार की प्राथमिकताओं को परखेंगे। पार्टी का मानना है कि बजट आम जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता और इसमें कई महत्वपूर्ण वर्गों की अनदेखी की गई है। बैठक में इस बात पर भी चर्चा होगी कि विधानसभा के अंदर सत्ता पक्ष को किन-किन मुद्दों पर घेरा जाए। खासकर बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था, किसानों की स्थिति और सामाजिक न्याय से जुड़े सवालों को प्रमुखता से उठाने की रणनीति बनाई जाएगी। इसके अलावा सदन में विरोध के तरीकों, प्रश्नकाल और बहस के दौरान पार्टी की एकजुट भूमिका पर भी सहमति बनेगी
बिहार सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹3,47,589.76 करोड़ का बजट पेश किया है। इस बजट को जाले विधायक जीवेश कुमार ने आत्मनिर्भर, समृद्ध और विकसित बिहार की ओर एक ऐतिहासिक छलांग बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट बिहार को विकसित राज्यों की अग्रिम पंक्ति में ले जाएगा। विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दूरदर्शी नेतृत्व और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में वित्त मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव द्वारा प्रस्तुत यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि बिहार के उज्ज्वल भविष्य का संकल्प पत्र है। यह पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2004-05 के बजट की तुलना में यह लगभग 11 गुना वृद्धि दर्शाता है, जो प्रमाणित करता है कि बिहार ने बीते दो दशकों में सुशासन, स्थिरता और विकास के पथ पर ऐतिहासिक प्रगति की है। श्री कुमार के अनुसार, आज बिहार आकांक्षाओं से आगे बढ़कर उपलब्धियों का राज्य बन चुका है। जीवेश कुमार ने कहा कि ज्ञान, ईमान, विज्ञान, अरमान और सम्मान – इन पंच-संकल्प पर आधारित यह बजट शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक, उद्योग, कृषि और सामाजिक न्याय के समन्वित विकास की स्पष्ट दिशा तय करता है। 14.9 प्रतिशत की अनुमानित आर्थिक विकास दर यह दर्शाती है कि बिहार आज देश के सबसे तेजी से बढ़ते राज्यों में शामिल है। इस बजट में 94 लाख गरीब परिवारों के सशक्तिकरण, चौथे कृषि रोडमैप (2023-28) को नई गति, 5 नए एक्सप्रेस-वे, ग्रामीण-शहरी बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण तथा आवास सुविधाओं के विस्तार जैसे प्रावधान बिहार की सामाजिक और आर्थिक संरचना को मजबूत करेंगे।
भीलवाड़ा: दो सड़क हादसों में बिहार के युवक समेत दो लोगों की मौत
मंडल और गंगापुर थाना क्षेत्र में हुए अलग-अलग हादसों में बिहार निवासी अरविंद और कालूराम दरोगा की जान गई; पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
बिहार में रेल बजट 9 गुना बढ़ा, 11 वर्षों में 2000 किमी नई रेल लाइनें बिछीं : अश्विनी केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि वर्ष 2009 से 2014 के बीच बिहार को रेलवे विकास के लिए प्रतिवर्ष औसतन 1,132 करोड़ रुपये मिलते थे। पीएम नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में वर्ष 2026-27 में यह राशि बढ़कर 10,379 करोड़ हो गई है। यह पिछली सरकार की तुलना में लगभग 9 गुना अधिक है। सोमवार को वीसी के माध्यम से उन्होंने बताया कि बिहार में फिलहाल 1,09,158 करोड़ की लागत से रेल अधोसंरचना परियोजनाओं पर काम चल रहा है। राज्य में 3,287 करोड़ की लागत से 98 अमृत भारत स्टेशनों का पुनर्विकास हो रहा है। थावे और पीरपैंती का कार्य पूरा हो चुका है। बिहार में 14 जोड़ी वंदे भारत ट्रेनें, 21 जोड़ी अमृत भारत ट्रेनें और पटना-जयनगर के बीच नमो भारत एक्सप्रेस का संचालन हो रहा है। पूर्व मध्य रेल महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह ने बजट की जानकारी दी। 3330 किमी रेल लाइन का विद्युतीकरण रेल मंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 से अब तक बिहार में 2,000 किलोमीटर नई रेल लाइनों का निर्माण किया गया है। यह मलेशिया के कुल रेल नेटवर्क के लगभग बराबर है। इसी अवधि में 3,330 किमी रेल लाइन का विद्युतीकरण किया गया है। बिहार में रेलवे का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा हो चुका है। उन्होंने बताया कि राज्य में 568 रेल फ्लाईओवर और अंडरपास का निर्माण भी पूरा किया जा चुका है। पटना होकर गुजरेगा हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर रेल मंत्री ने बताया कि देश में सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं। इनमें मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर शामिल हैं। दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से यात्रा करीब 3 घंटे 50 मिनट में पूरी हो सकेगी। इससे पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली को जोड़ने वाला नया आर्थिक कॉरिडोर विकसित होगा। इससे क्षेत्रीय विकास और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
ऑनलाइन मिलेंगे 1908 से अब तक के रजिस्ट्री पेपर, कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना होगा
जून से 600 रु. शुल्क पर दस्तावेज डाउनलोड किया जा सकेगा राज्य के निबंधन कार्यालयों में रखे पुराने रजिस्ट्री पेपर जून से ऑनलाइन हो जाएंगे। इसमें वर्ष 1908 से अब तक के रजिस्ट्री दस्तावेज शामिल हैं। इनकी स्कैनिंग का कार्य अंतिम चरण में है। अगले तीन महीने में यह प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य है। जून से मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग की वेबसाइट https://nibandhan.bihar.gov.in पर ये दस्तावेज अपलोड कर दिए जाएंगे। पुराने रजिस्ट्री पेपर निकालने के लिए आवेदक को खाता नंबर, प्लॉट नंबर सहित अन्य जानकारी दर्ज करनी होगी। इसके बाद 600 रुपए शुल्क ऑनलाइन जमा करना होगा। शुल्क जमा होते ही ई-रजिस्ट्री पेपर डाउनलोड किया जा सकेगा। डाउनलोड किया गया रजिस्ट्री पेपर सरकारी और निजी दोनों तरह के कार्यों में मान्य होगा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार वर्ष 1990 से 2005 तक के रजिस्ट्री पेपर की स्कैनिंग कर अपलोड किया जा चुका है। वर्ष 2006 से रजिस्ट्री प्रक्रिया पहले से ही कंप्यूटराइज्ड है, जिसके दस्तावेज ऑनलाइन उपलब्ध हैं। कितने रजिस्ट्री दस्तावेज राज्य के 141 निबंधन कार्यालयों में 6 करोड़ से अधिक दस्तावेज मौजूद हैं। इन सभी को चरणबद्ध तरीके से ऑनलाइन किया जा रहा है। वर्ष 1990 से अब तक के दस्तावेज पहले ही अपलोड हो चुके हैं। कब तक के मिलेंगे 1908 से 1990 तक, यानी 82 वर्षों के रजिस्ट्री पेपर की स्कैनिंग चल रही है। इसके लिए पांच चयनित एजेंसियां प्रमंडलवार काम कर रही हैं। इस परियोजना पर राज्य और केंद्र सरकार संयुक्त रूप से खर्च कर रही है। क्या होगा फायदा अब तक पुराने रजिस्ट्री पेपर निकालने के लिए निबंधन कार्यालय में मैनुअल आवेदन देना पड़ता था। लोगों को महीनों तक चक्कर लगाना पड़ता था। ऑनलाइन व्यवस्था से यह परेशानी खत्म होगी। कैसे करें आवेदन आवेदन के लिए विभाग की वेबसाइट https://nibandhan.bihar.gov.in पर जाना होगा। नाम, ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर से लॉगिन करना होगा।
'केंद्रीय बजट में बिहार की मांगें नजरअंदाज':राजद प्रवक्ता अरुण यादव बोले- राज्य के साथ अन्याय हुआ
भागलपुर में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रदेश प्रवक्ता अरुण कुमार यादव ने केंद्रीय बजट को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में बिहार की अहम मांगों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया, जो राज्य के साथ अन्याय है। अरुण यादव ने बताया कि प्री-बजट बैठक में बिहार सरकार के वित्तमंत्री बिजेंद्र यादव ने राज्य के लिए कई महत्वपूर्ण मांगें रखी थीं। इनमें बिहार में उद्योगों की स्थापना के लिए विशेष सहायता, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए राहत पैकेज और उत्तर बिहार में कोसी, गंडक और बागमती नदियों से होने वाली तबाही को रोकने के लिए आपदा प्रतिरोधी पैकेज शामिल थे। इसके अलावा, सेस और सरचार्ज में राज्यों की हिस्सेदारी बढ़ाने की भी मांग की गई थी। विकसित भारत का सपना केवल एक राजनीतिक नारा राजद प्रवक्ता ने कहा कि नीति आयोग और आर्थिक सर्वेक्षण के आंकड़े दर्शाते हैं कि बिहार आज भी देश के सबसे पिछड़े राज्यों में से एक है। उन्होंने जोर दिया कि बिहार को विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल किए बिना विकसित भारत का सपना केवल एक राजनीतिक नारा बनकर रह जाएगा। यादव ने सवाल उठाया कि जब राज्य और केंद्र दोनों जगह डबल इंजन की सरकार है, तो फिर बिहार को इसका लाभ क्यों नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि केंद्र सरकार की प्राथमिकता सूची में बिहार कहीं नहीं है। अरुण यादव ने आगे कहा कि राजद शुरू से ही बिहार को विशेष राज्य का दर्जा और विशेष पैकेज देने की मांग करता रहा है। पार्टी नेता तेजस्वी यादव के नेतृत्व में राजद इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक मजबूती से उठाता रहेगा, ताकि बिहार के साथ हो रहे भेदभाव के खिलाफ जनआवाज को और तेज किया जा सके।
दुर्ग जिले में ऑनलाइन भुगतान माध्यम यूपीआई (UPI) के जरिए की गई धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को पकड़ा है। मोबाइल फोन के गुम होने के बाद उसके दुरुपयोग से 1 लाख 23 हजार 900 रुपए की ठगी करने वाले आरोपी को छावनी पुलिस ने बिहार के कैमूर जिले से गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला छावनी थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, 6 मार्च 2024 को संतोष कुमार ने थाना छावनी में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनका एमआई कंपनी का मोबाइल फोन कहीं गुम हो गया है। उस मोबाइल में जियो और आइडिया के सिम कार्ड लगे हुए थे। कुछ समय बाद उन्हें पता चला कि उनके फोन-पे यूपीआई अकाउंट से किसी अज्ञात व्यक्ति ने 1 लाख 23 हजार 900 रुपए दूसरे बैंक खाते में ट्रांसफर कर लिए हैं। इस शिकायत पर पुलिस ने थाना छावनी में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। जिस खाते में पैसे ट्रांसफर हुए वहां से खुला राज जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी सबूत और बैंक से मिली जानकारी की मदद से पता लगाया कि ठगी की रकम किस खाते में भेजी गई थी। जांच में पता चला कि यह खाता सचिन किसपोट्टा (32) के नाम पर है। वो बिहार के कैमूर जिले का रहने वाला है। पर्याप्त सबूत मिलने के बाद पुलिस की टीम बिहार रवाना हो गई। बिहार से आरोपी को किया गिरफ्तार छावनी पुलिस बिहार पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर दुर्ग ले आई। पूछताछ में आरोपी ने मान लिया कि उसने मोबाइल का गलत इस्तेमाल करके UPI के जरिए पैसे ट्रांसफर किए। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि मामले से जुड़े डिजिटल लेन-देन और बैंक खाते के दस्तावेज जब्त कर लिए गए हैं और इनकी जांच जारी है। शुरुआती जांच में यह भी पता चला कि आरोपी ऑनलाइन धोखाधड़ी के तरीकों को अच्छे से जानता था और गुम हुए मोबाइल का फायदा उठाकर यह अपराध किया।
बिहार विधानसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद कांग्रेस अब बिहार में अपने आप को मजबूत करने में लगा हुआ है। आज कांग्रेस ने बिहार में ‘नेशनल टैलेंट हंट’ कार्यक्रम को राज्य स्तर पर लांच किया। इसका नाम ‘बिहार की आवाज' रखी गई है। नेशनल टैलेंट हंट कार्यक्रम के लिए बिहार का प्रभारी राष्ट्रीय प्रवक्ता अभय दुबे को बनाया गया है। बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि बिहार प्रजातांत्रिक मूल्यों की वह भूमि है, जिसमें लोकतांत्रिक आस्था का बीज अत्यंत गहराई से बोया गया है। वही बीज आज एक वटवृक्ष का रूप धारण कर चुका है, जिसके आश्रय में राहुल गांधी ने प्रजातंत्र की पुनर्स्थापना की क्रांति का आगाज किया है। इतिहास साक्षी है कि जब-जब बिहार ने किसी क्रांति का अगाज किया है, तब-तब उसने उसे न्यायपूर्ण और निर्णायक अंजाम तक पहुंचाया है। इसी दृष्टि से आज 'बिहार की आवाज' के नाम से एक टैलेंट हंट का औपचारिक शुभारंभ किया जा रहा है। समाज के सभी वर्गों और क्षेत्रों के लोगों को मिलेगा समान अवसर अभय दूबे ने कहा कि ‘कांग्रेस के साथ आइए, बिहार की आवाज़ उठाइए।’ उन्होंने कहा कि नेशनल टैलेंट हंट भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के मीडिया विभाग की एक अभिनव पहल है। इसका लक्ष्य जमीनी स्तर से ऐसे सक्षम व्यक्तियों की पहचान करना, उन्हें प्रशिक्षित करना और सशक्त बनाना है, जो जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर जनता के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठा सकें। इसमें समाज के सभी वर्गों और सभी क्षेत्रों के लोगों को समान अवसर सुनिश्चित किया गया है। तीन पदों पर होगी टैलेंट हंट में खोज इस पहल के अंतर्गत कांग्रेस पार्टी तीन प्रमुख क्षेत्रों में प्रतिभाओं की खोज कर रही है। पहला मीडिया प्रवक्ता-पैनलिस्ट जो टीवी, डिजिटल प्लेटफॉर्म और सार्वजनिक मंचों पर स्पष्टता, विश्वसनीयता और अनुशासन के साथ पार्टी का पक्ष रख सकें। दूसरा रिसर्च को-ऑर्डिनेटर जो तथ्य-आधारित, शोध-आधारित सामग्री, नीतिगत विश्लेषण और मुद्दा-ब्रीफ तैयार कर पार्टी के संदेश को मजबूती दें। तीसरा पब्लिसिटी कोऑर्डिनेटर जो सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप नेटवर्क, स्थानीय मीडिया और ज़मीनी स्तर पर पार्टी का संदेश व्यापक रूप से पहुंचाए। बिहार के हर क्षेत्र के लिए होगा एक जोनल को-ऑर्डिनेटर पार्टी प्रवक्ता और बिहार के टैलेंट हंट के कन्वेनर असित नाथ तिवारी ने आगे बताया कि यह टैलेंट हंट प्राथमिक रूप से बिहार को चार हिस्सों में विभक्त कर आयोजित किया जाएगा। इसके बाद जोनल स्तर पर चयनित प्रतिभागियों को पटना स्थित मुख्यालय में आयोजित अंतिम चयन प्रक्रिया में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करनी होगी। इस दौरान जोनल कॉर्डिनेटर और को कॉर्डिनेटर की भी नियुक्ति की गई।
बेगूसरया में तेघड़ा अनुमंडल प्रशासन ने इंटरमीडिएट वार्षिक (सैद्धांतिक) परीक्षा 2026 को शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त संपन्न कराने के लिए कड़ा कदम उठाया है। अनुमंडल पदाधिकारी ने परीक्षा अवधि के दौरान सभी परीक्षा केंद्रों के 200 गज के दायरे में धारा 163 लागू करने की बात कही है। टरमीडिएट परीक्षा को देखते हुए आदेश दरअसल इसी महीने 2 फरवरी से बिहार इंटरमीडिएट की परीक्षा शुरू होने वाला है, जो 13 फरवरी तक चलेगा। व्यस्था बनाए रखने के लिए तेघड़ा अनुमंडल प्रशासन का कहना है कि परिक्षा अवधि के दौरान केंद्र से 200 गज की दूरी में नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू रहेगी। इस दौरान अगर 200 गज की दूरी में भीड़ इक्ट्ठा होती है तो उन पर कार्रवाई होगी। यह आदेश परीक्षा तिथि के दिन सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक प्रभावी रहेगा। तेघड़ाा में कहां कहां बने सेंटर दरअसल तेघड़ा में प्रशासन ने आरकेसी हाई स्कूल फुलवरिया, एसभीआर हाई स्कूल तेघड़ा, ओमर हाई स्कूल तेघड़ा, बीएनके कॉलेज बरौनी और जेके +2 स्कूल बरौनी को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। धारा 163 में क्या होता है इस धारा के अनुसार पांच या उससे अधिक लोगों का एक साथ इकट्ठा होना, हथियार लेकर चलना, शोरगुल या हंगामा करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। परीक्षा केंद्रों के आसपास किसी भी प्रकार के कागज, पर्ची या परीक्षा संबंधी सामग्री का वितरण अथवा प्रचार-प्रसार पर रोक रहेगी। साथ ही, परीक्षा परिसर में मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना पूर्णतः वर्जित किया गया है। इन चीजों पर भी प्रतिबंध आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि परीक्षा अवधि के दौरान परीक्षा केंद्रों के आसपास चाय, पान, परचून और फोटोस्टेट की दुकानें बंद रहेंगी। बिना अनुमति ध्वनि विस्तारक यंत्र बजाने पर भी रोक लगाई गई है। अनुमंडल पदाधिकारी ने संबंधित केंद्राधीक्षकों, स्टैटिक और गश्ती दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों, थानाध्यक्षों, अंचल अधिकारी और प्रखंड विकास पदाधिकारी को आदेश का सख्ती से अनुपालन कराने का निर्देश दिया है।
हाई स्पीड रेल कॉरिडोर, जलमार्ग और सेमी कंडक्टर उद्योग से बिहार को फायदा : नीतीश
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्रीय बजट को प्रगतिशील एवं भविष्योन्मुखी कहा। बोले- इस बजट में विकसित भारत बनाने के लक्ष्यों का ध्यान है। इसके माध्यम से केंद्र सरकार द्वारा देश के विकास की गति को बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। बजट में 7 हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा है। इसमें वाराणसी-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनने से बिहार को भी फायदा होगा। देशभर में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग बनाने की बात है। पटना और वाराणसी में जहाज मरम्मत की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। जलमार्ग के विस्तार से बिहार के कई शहरों को फायदा मिलेगा। उत्पादों के निर्यात की सुविधा बढ़ेगी; व्यापारिक एवं व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा- देश भर में बड़े टेक्सटाइल पार्क तथा महात्मा गांधी ग्राम स्वरोजगार योजना की घोषणा हुई है। सेमी कंडक्टर के लिए 40 हजार करोड़ रुपए के सपोर्ट का ऐलान है। इससे बिहार सहित देश भर के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। देश का आर्थिक विकास और तीव्र गति से होगा। विकास और रोजगार के अवसरों में तेजी लाने के लिए पूर्वोदय राज्यों व उत्तर पूर्व क्षेत्र पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाना है। इससे जुड़ी विकास की योजनाओं से बिहार को औद्योगिक निवेश, आधारभूत संरचना और युवाओं के लिए अधिक रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट के इंतजामों से बिहार में शहरीकरण को नई गति मिलेगी। शहरों में आधारभूत संरचना, निवेश और रोजगार के अवसरों का विस्तार होगा। देश के सभी जिलों में एक-एक गर्ल्स हॉस्टल बनने हैं। इससे लड़कियों को काफी सहूलियत मिलेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को धन्यवाद दिया। आर्थिक विकास को गति मिलेगी : सम्राट पटना|एनडीए नेताओं ने कहा कि केंद्रीय बजट विकसित भारत @2047 का रोडमैप है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बजट में हाई स्पीड रेल और इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर की गई घोषणाएं देश की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई पर ले जाएंगी। रेल, सड़क और जलमार्गों को आधुनिक बनाने की योजनाएं आवागमन को आसान करने के साथ ही उद्योग और निवेश के नए अवसर पैदा करेंगी। ये बजट तीन मुख्य कर्तव्यों पर आधारित है। पहला आर्थिक विकास को बढ़ाना और उसे निरंतर बनाए रखना। दूसरा जनता की उम्मीदों को पूरा करते हुए उन्हें देश के विकास में भागीदार बनाना और तीसरा सबका साथ-सबका विकास के सिद्धांत को आगे बढ़ाना है। देश के साथ बिहार का भी विकास होगा : विजय सिन्हा केंद्रीय बजट विकसित भारत @2047 का रोडमैप उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि केंद्रीय बजट के माध्यम से बिहार सहित देश का विकास तेजी से होगा। पटना में इंटरनल वॉटर वेज के निर्माण से आर्थिक विकास होगा। रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे। वाराणसी-सिलीगुड़ी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के निर्माण से बक्सर, आरा, पटना, कटिहार और किशनगंज सहित पूरे क्षेत्र को लाभ मिलेगा।
आत्मनिर्भर बिहार के संकल्प को मिलेगी नई ताकत
बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के अध्यक्ष प्रो. रणवीर नंदन ने कहा कि यह बजट पिछड़ों, वंचितों, किसानों, महिलाओं और युवाओं को सशक्त बनाने वाला ऐतिहासिक बजट है। कैपिटल एक्सपेंडिचर को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपए किए जाने का फैसला दूरदर्शी है। इससे सड़क, रेलवे, मेट्रो, एयरपोर्ट और औद्योगिक ढांचे का तेजी से विकास होगा और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ाएगा बीसीए अध्यक्ष हर्षवर्द्धन ने कहा कि बजट में खेल क्षेत्र को लेकर की गई घोषणाएं देश के साथ बिहार जैसे राज्यों के खिलाड़ियों के लिए भी उपयोगी है। बुनियादी ढांचे के विस्तार और जमीनी स्तर पर खेल विकास पर केंद्रित यह बजट युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में सहायक साबित हो सकता है। इससे बिहार में क्रिकेट गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। पटना|बिहार उद्यमी संघ के महासचिव अभिषेक सिंह ने केंद्रीय बजट को विकसित भारत की नींव बताया। कहा कि यह बजट विशेष रूप से युवाओं, स्टार्टअप, किसानों और निर्यातकों के लिए अवसरों का नया द्वार खोलेगा। इससे आत्मनिर्भर बिहार के संकल्प को नई ताकत मिलेगी। 10 हजार करोड़ के समर्पित एमएसएमई ग्रोथ फंड में अतिरिक्त निवेश से छोटे और मध्यम उद्योगों को इक्विटी सपोर्ट मिलेगा, जिससे वे बिना अधिक कर्ज के अपने व्यवसाय का विस्तार कर सकेंगे।
जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में हो रही बर्फबारी का असर बिहार में भी देखने को मिल रहा है। प्रदेश में पछुआ हवा चल रही है, जिससे रात में ठंड अधिक महसूस की जा रही है। हालांकि, दिन में धूप निकलने की वजह से ठंड से राहत मिल रही है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अब धीरे-धीरे मौसम में बदलाव आएगा। प्रदेश के अधिकतर जिलों का अधिकतम और न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी, जिससे ठंड कम होगी। हालांकि सुबह और रात में हल्की ठंड बनी रहेगी। फिलहाल, प्रदेश के सभी जिलों में मौसम सामान्य रहेगा और कहीं भी घने कोहरे को लेकर अलर्ट नहीं है। प्रदेश में न्यूनतम तापमान 8 से 14 और अधिकतम तापमान 20 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। फरवरी में हल्की ठंड का होगा अहसास फरवरी का मौसम सुहावना रहने का अनुमान है। अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। वहीं, न्यूनतम तापमान में भी बढ़ोतरी की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि फरवरी में कभी-कभी हल्की ठंड महसूस होगी, लेकिन जनवरी जैसी कड़ाके की ठंड की संभावना नहीं है। फरवरी में सामान्य से अधिक तापमान के 2 बड़े कारण पहला- पश्चिमी विक्षोभ की कमजोरी। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार फरवरी में उत्तर भारत पर असर डालने वाले पश्चिमी विक्षोभ कमजोर रहेंगे। इसी वजह से ठंडी हवा का प्रवाह कम होगा और तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। दूसरा- फरवरी में सूर्य की ऊंचाई बढ़ने लगती है और दिन की अवधि लंबी हो जाती है। इसका सीधा असर तापमान पर पड़ता है। दिन के समय ज्यादा धूप से जमीन और वातावरण गर्म होता है, जिससे ठंड का प्रभाव कमजोर पड़ जाता है। पटना में मौसम साफ रहेगा राजधानी पटना में मौसम पूरी तरह साफ रहने की संभावना है। सुबह के समय हल्की ठंड महसूस होगी, लेकिन दिन चढ़ने के साथ धूप निकलेगी और ठंड से राहत मिलेगी। पटना में न्यूनतम तापमान 10 से 13 के बीच और अधिकतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। जनवरी में 6 दिन भीषण कोल्ड-डे की बनी स्थिति जनवरी बिहार के लिए ठंड का महीना साबित हुआ। मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, पूरे महीने ठंड का प्रभाव लगातार बना रहा। इस दौरान प्रदेश में 6 दिन भीषण कोल्ड-डे, 8 दिन सामान्य कोल्ड-डे और एक दिन शीतलहर दर्ज की गई। जनवरी में प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान 22.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो हाल के सालों की तुलना में कम था। जनवरी में 4 डिग्री रहा सबसे कम न्यूनतम तापमान न्यूनतम तापमान की बात करें तो जनवरी में एक दिन का सबसे कम न्यूनतम तापमान 4.0 डिग्री सेल्सिसय सुपौल में दर्ज किया गया, जो पूरे राज्य में सबसे ठंडा दिन रहा। वहीं, सबसे कम औसत न्यूनतम तापमान 10.3 मोतिहारी में रिकॉर्ड किया गया। राजधानी पटना में भी ठंड का असर दिखा, जहां 11 जनवरी को न्यूनतम तापमान 7.8 और 24 जनवरी को अधिकतम तापमान 25.2 दर्ज किया गया।
बिहार सरकार के सहकारिता, वन और पर्यावरण मंत्री प्रमोद कुमार चंद्रवंशी आज पूर्णिया पहुंचे। केंद्रीय बजट को लेकर प्रेसवार्ता बुलाई और इसे बिहार के लिए विकास का रोडमैप बताया। कहा कि ये बजट राज्य के आर्थिक, औद्योगिक और पर्यावरणीय भविष्य को मजबूत करेगा। ये बजट बिहार के लिए वरदान साबित होगा। इस दौरान ट्री मैन के नाम से मशहूर श्रीनिवास गौतम ने मंत्री से मुलाकात की। पर्यावरण मुद्दों पर अपनी बात रखी। मंत्री प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने कहा कि केंद्र सरकार ने इस बजट में बिहार को विशेष प्राथमिकता दी है। कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे क्षेत्रों को मजबूती देने के लिए किए गए प्रावधान सीधे तौर पर राज्य की जनता को लाभ पहुंचाएंगे। किसानों, युवाओं, महिलाओं और मजदूर वर्ग के लिए यह बजट नई उम्मीद लेकर आया है। पटना और बनारस में प्रस्तावित विमान मेंटेनेंस सेंटर को बिहार के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। इससे राज्य तकनीकी क्षेत्र में नई पहचान बनाएगा और हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। साथ ही बिहार में निवेश का माहौल भी और बेहतर होगा। सौर ऊर्जा से जुड़ी योजना भविष्य के लिए अहम वन और पर्यावरण मंत्री के रूप में उन्होंने सौर ऊर्जा से जुड़ी योजनाओं को भविष्य के लिए अहम बताया। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में घरों की छतों पर सोलर प्लांट लगाने की योजना से बिजली पर निर्भरता घटेगी और बिहार पर्यावरण संरक्षण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। इससे राज्य शून्य उत्सर्जन लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाएगा। टेक्सटाइल सेक्टर पर बजट की घोषणाओं को लेकर मंत्री ने कहा कि अब एक ही परिसर में धागा तैयार होने से लेकर कपड़ा निर्माण तक की सुविधा होगी। इससे उत्पादन लागत घटेगी और भारत के साथ-साथ बिहार के उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे। जैविक खेती और पशुपालन को लेकर किए गए प्रावधानों पर मंत्री ने कहा कि अगले पांच साल में करोड़ों किसानों और ग्रामीण परिवारों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। इससे किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। मखाना बोर्ड के गठन पर बोलते हुए मंत्री ने कहा कि इससे कोसी और पूर्णिया क्षेत्र के किसानों को बड़ा फायदा होगा। मखाना को वैश्विक पहचान मिलेगी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी मांग और बढ़ेगी, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। प्रेस वार्ता के दौरान विपक्ष पर निशाना साधते हुए मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों पर जनता का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और बिहार दोनों विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं। केंद्रीय बजट 2026 बिहार के लिए सिर्फ आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि रोजगार, पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक समृद्धि की ठोस नींव है।
चनपटिया से कांग्रेस विधायक अभिषेक रंजन ने बजट 2026 को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बजट में बिहार को ठोस आर्थिक सहायता देने के बजाय केवल घोषणाओं तक सीमित रखा गया है। विधायक रंजन ने कहा कि बिहार को वास्तविक विकास पैकेज की आवश्यकता थी। हालांकि, बजट में आम जनता को राहत देने वाला कोई बड़ा कदम नहीं दिखा। बिहार को लाभ होने की बात स्वीकारीउन्होंने पटना में जहाज मरम्मत यूनिट और हाईस्पीड रेल कॉरिडोर से बिहार को लाभ होने की बात को स्वीकार किया। लेकिन, साथ ही यह भी कहा कि सरकार अक्सर पुरानी योजनाओं को नए तरीके से पेश करती है। उन्होंने इसे 'पुराने सामान को नए डब्बे में परोसने' जैसा बताया। पलायन रोकने के लिए आर्थिक पैकेज की जरूरतविधायक ने जोर देकर कहा कि बिहार को रोजगार के अवसर बढ़ाने, उद्योगों को बढ़ावा देने, किसानों की आय सुधारने और पलायन रोकने के लिए विशेष आर्थिक पैकेज की जरूरत है। अभिषेक रंजन ने केंद्र सरकार से बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने और राज्य के विकास के लिए स्पष्ट रोडमैप के साथ एक बड़ा पैकेज घोषित करने की मांग की। उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस बिहार के अधिकारों और जनता की जरूरतों के लिए संघर्ष जारी रखेगी।
आज प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 का बिहार बीजेपी ने स्वागत किया है। बेगूसराय में प्रदेश प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा है कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के संकल्प को और मजबूत करने वाला सिद्ध होगा। जिसमें उत्पादकता बढ़ाने, युवाओं की क्षमता निर्माण और समावेशी विकास के तीन प्रमुख कर्तव्यों पर विशेष जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से पेश यह बजट पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) में भारी वृद्धि के साथ बुनियादी ढांचे, रोजगार सृजन, कृषि, स्वास्थ्य और परिवहन क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम उठाता है। बिहार के लिए बजट की घोषणाओं की सराहना करते हुए कहा कि यह बजट बिहार के तेज विकास की गति को नई ऊर्जा प्रदान करेगा। राज्य की कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी बिहार को इस बजट से कई महत्वपूर्ण फायदे मिलने वाले हैं। वाराणसी-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा से बिहार के कई जिलों से होकर गुजरने वाली यह परियोजना राज्य की कनेक्टिविटी को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत करेगी। जिससे यात्रा समय में कमी, व्यापार में वृद्धि और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। पटना में इनलैंड वाटरवेज के लिए शिप रिपेयर इकोसिस्टम की स्थापना की घोषणा अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह गंगा नदी के माध्यम से होने वाले कारोबार को बढ़ावा देगा, हजारों नौकरियां पैदा करेगा और पूर्वी भारत के लिए एक नया आर्थिक केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि बजट में पूर्वोदय राज्यों पर फोकस के तहत ईस्ट कोस्ट इंडस्ट्रियल कॉरिडोर महत्वपूर्ण पहल है। पर्यटन क्षेत्र में बड़ा फायदा होगा पर्यटन स्थलों के विकास से बिहार को औद्योगिक और पर्यटन क्षेत्र में बड़ा फायदा होगा। इसके साथ ही उच्च गति रेल और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं से माल ढुलाई सस्ती और तेज होगी। किसानों, उद्यमियों और आम नागरिकों को सीधा लाभ पहुंचेगा। 16वीं वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार 1.4 लाख करोड़ रुपये की अनुदान राशि से बिहार के विकास कार्यों को मजबूती मिलेगी। बजट युवाशक्ति को केंद्र में रखकर बनाया गया है, जिसमें कौशल विकास, स्टार्टअप, एमएसएमई और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर है। मोदी सरकार का यह बजट गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के कल्याण के साथ ही देश की आर्थिक मजबूती सुनिश्चित करता है। बिहार के विकास में केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता एक बार फिर सिद्ध हुई है। नीरज कुमार ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी इस बजट की अच्छी बातों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए राज्य भर में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाएगी। भाजपा कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर लोगों को बताएंगे कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार हर वर्ग के विकास के लिए कितना कुछ कर रही है। हम सब मिलकर विकसित भारत के सपने को साकार करने में योगदान देंगे।
मुजफ्फरपुर जिले के प्रभारी मंत्री और डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने केंद्रीय बजट की सराहना की है। बजट को 'ऐतिहासिक और समावेशी' बताया। उन्होंने इसे केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि बिहार के विकास और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण 'मील का पत्थर' बताया। डिप्टी सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रस्तुत यह बजट 'विकसित भारत' के संकल्प को पूरा करेगा और 'विकसित बिहार' की नींव को मजबूत करेगा। यह बजट गरीबों के उत्थान और कल्याण को समर्पित है। सरकार की नई योजनाओं से किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य प्राप्त होगा। यह बजट अन्नदाताओं के जीवन में खुशहाली लाएगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेगा। युवाओं को फायदा होगा डिप्टी सीएम ने महिला सशक्तिकरण का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि बजट में महिलाओं की आत्मनिर्भरता और सुरक्षा के लिए विशेष प्रावधान हैं, जो उनकी उम्मीदों पर खरे उतरेंगे। इसके अतिरिक्त, यह बजट युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा करेगा, जिससे बिहार के नौजवानों को लाभ मिलेगा। विजय कुमार सिन्हा ने बिहार को मिलने वाली विशेष मदद और बुनियादी ढांचे के विकास पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह बजट पूरी तरह संतुलित है और बिहार में बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य तथा शिक्षा के क्षेत्र में होने वाला निवेश सुशासन में समृद्धि लाएगा।
चंदौली बलुआ थाना पुलिस ने जांच के दौरान अलग-अलग स्थानों से दो गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से कुल 3.400 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ है। बरामद गांजे की कीमत 50 हजार रुपये से अधिक बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, तस्कर गांजा की खेप बिहार राज्य के कई स्थानों से तस्करी करके लाते थे और फिर अपने क्षेत्र के आसपास फुटकर रूप में बेचते थे। पुलिस टीम अब तस्करों को हिरासत में लेकर उनके तस्करी के नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। बलुआ थानाध्यक्ष अतुल कुमार को सूचना मिली थी कि एक तस्कर फुलवरिया गांव के पास गांजा की खेप लेकर कहीं जाने वाला है। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने फुलवरिया गांव के पास से एक संदिग्ध को दबोच लिया। उसके पास से 1.300 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। हिरासत में लिए गए तस्कर की पहचान सकलडीहा कोतवाली क्षेत्र के डेढ़ावल गांव निवासी कमलेश सोनकर के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस टीम ने जांच के दौरान खंडवारी गांव के पास से दूसरे संदिग्ध को हिरासत में लिया। उसके पास से 2.100 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। इसकी पहचान बलुआ थाना क्षेत्र के खंडवारी गांव निवासी रामभरोस गुप्ता उर्फ पदानू के रूप में हुई। पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वे बिहार राज्य के मोहनिया से गांजा की खेप थोक भाव में खरीदते थे। इसके बाद चहनिया तथा आसपास के गांवों में फुटकर रूप में गांजा की आपूर्ति करते थे, जिससे उन्हें अच्छा मुनाफा होता था। पुलिस टीम में बलुआ थानाध्यक्ष अतुल कुमार, अनंत कुमार भार्गव, अमित सिंह, बंटी सिंह, रोहित यादव और चंदन साह शामिल रहे।
सुपौल जिले के हरदी स्थित मां वन देवी दुर्गा स्थान परिसर में शनिवार रात गार्गी पाठशाला का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर सीनियर आईपीएस अधिकारी एवं लेट्स इंस्पायर बिहार अभियान के प्रणेता विकास वैभव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में लेट्स इंस्पायर बिहार के सुपौल समन्वयक कुमार भागवत, गार्गी पाठशाला की संचालिका बागिशा यादव सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद थे। गार्गी पाठशाला की 30 केंद्र हो रही संचालित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीनियर आईपीएस विकास वैभव ने कहा कि उन्हें अत्यंत प्रसन्नता है कि हरदी, सुपौल में गार्गी पाठशाला की स्थापना की गई है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में बिहार के 16 जिलों में इस प्रकार के लगभग 30 केंद्र संचालित हो रहे हैं, जहां समाज के जागरूक लोग आगे आकर शिक्षा से वंचित बच्चों तक ज्ञान पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को पाने के लिए हर बिहारवासी को अपना योगदान देना होगा। सवा तीन लाख लोग स्वैच्छिक रूप से जुड़े विकास वैभव ने जोर देते हुए कहा कि हमें जाति, समुदाय, लिंग भेद और विचारधाराओं के मतभेदों से ऊपर उठकर यह सोचना होगा कि बिहार में प्रति व्यक्ति आय कैसे बढ़े, उद्यमिता की क्रांति कैसे लाई जाए और युवाओं को स्टार्टअप्स के लिए कैसे प्रेरित किया जाए। इसी उद्देश्य से लेट्स इंस्पायर बिहार अभियान चलाया जा रहा है, जिससे आज लगभग सवा तीन लाख लोग स्वैच्छिक रूप से जुड़े हुए हैं। उन्होंने बताया कि शिक्षा केंद्रों के साथ-साथ लगभग 600 स्टार्टअप्स भी इस अभियान से जुड़े हैं। लक्ष्य है कि हर जिले में कम से कम पांच ऐसे स्टार्टअप हों, जिनसे सौ-सौ लोगों को रोजगार मिल सके। वर्तमान में बिहार के विभिन्न जिलों में लगभग 30 स्टार्टअप सक्रिय रूप से इस अभियान के साथ काम कर रहे हैं। 22 फरवरी को लेट्स इंस्पायर बिहार का कार्यक्रम आयोजित उन्होंने आगे कहा कि हैदराबाद, बेंगलुरु के बाद 22 फरवरी को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में भी लेट्स इंस्पायर बिहार का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। साथ ही देश-विदेश में बसे बिहारियों से अपील की गई कि वे अपने गांव और जिले से जुड़कर थोड़ा-थोड़ा योगदान दें। यदि यह संख्या लाखों तक पहुंचती है तो निश्चित रूप से बिहार में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा और विकसित भारत 2047 का सपना साकार होगा।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगी। 2010 के बाद पहली बार बिहार में NDA को 200 से ज्यादा (202) सीटें मिली हैं। ऐसे में इस बार बिहार को केंद्रीय बजट से काफी उम्मीदें हैं। एक तरफ CM नीतीश कुमार जहां बार-बार अगले 5 साल में 1 करोड़ लोगों को नौकरी/रोजगार देने का वादा दोहरा रहे हैं। दूसरी तरफ सरकार लगातार लोक लुभावन योजनाओं का ऐलान कर रही है। इसके साथ ही बिहार में इंडस्ट्री से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने में मदद के लिए केंद्र सरकार की तरफ देख रही है। ऐसे में इस बार संभावना जताई जा रही है कि बिहार को मिलने वाले फंड से लेकर इंडस्ट्री के क्षेत्र में नई घोषणाएं हो सकती हैं। बिहार को लेकर एयरपोर्ट, एक्सप्रेस वे, हाईवे और रेलवे के क्षेत्र में भी नई घोषणाएं हो सकती हैं। केंद्र से कर्ज की सीमा और इंटरेस्ट फ्री लोन में राहत की उम्मीद बिहार के वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव ने केंद्र से आग्रह किया है कि 'पूंजीगत व्यय' के लिए मिलने वाले 50 साल के ब्याज मुक्त ऋण की सीमा को बढ़ाकर ₹1 लाख करोड़ किया जाए। इससे राज्य को बड़े पुल, सड़कें और बिजली प्रोजेक्ट्स बनाने में मदद मिलेगी। फिलहाल राज्य सरकार मौजूदा GSDP (सकल राज्य घरेलू उत्पाद) का करीब 3% कर्ज ले सकती है। बिहार ने मांग की है कि इसे बढ़ाकर 5% किया जाए ताकि राज्य के पास विकास के काम करने के लिए अधिक पैसे रहें। 80 हजार करोड़ रुपए कर्ज लेना चाहती है बिहार सरकार बिहार सरकर की मंशा 80 हजार करोड़ रुपए कर्ज लेने की है। पहले सरकार का विचार खुले बाजार समेत दूसरे माध्यमों से लगभग 1 लाख करोड़ रुपए कर्ज लेने का था, लेकिन राजकोषीय घाटा बहुत अधिक बढ़ने की आशंका के चलते कर्ज की राशि कंट्रोल में रखी जाएगी। यह 80 हजार करोड़ रुपए के आसपास हो सकती है। इसके बाद भी राजकोषीय घाटा के अधिकतम 3% की सीमा को पार कर जाने की आशंका है। आधुनिक खेती और राज्य में इंडस्ट्री लगाने की डिमांड नीतीश सरकार का फोकस बिहार में 1 करोड़ नौकरी/रोजगार देने पर है। यही वजह है कि इस बार बिहार सरकार ने केंद्रीय बजट से राज्य में इंडस्ट्री लगाने की डिमांड रखी है। बिहार सरकार ने केंद्र से मांग की है कि राज्य में इंडस्ट्री लगाई जाए। बिहार में जल संसाधन और स्किल्ड लेबर की पर्याप्त उपलब्धता है। इसे देखते हुए बिहार सरकार की तरफ से केंद्रीय वित्त मंत्री से मांग की गई है कि राज्य में नई इंडस्ट्री लगाने में मदद करें। इसके लिए अलग पैकेज दिया जाए। बिहार में एग्रीकल्चर सेक्टर में भी काफी स्कोप है। इसे देखते हुए नीतीश सरकार ने केंद्र से रोजगार सृजन के लिए खेती को आधुनिक बनाने की मांग रखी है। सरकार की तरफ से कृषि क्षेत्र में AI, ड्रोन और ब्लॉकचेन जैसी नई तकनीकों पर आधारित केंद्र प्रायोजित योजनाओं की मांग की गई है।
UGC बिल को लेकर बिहार सहित पूरे देश में विरोध और समर्थन में प्रदर्शन हो रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने बिल पर फिलहाल रोक लगा दी है। आरोप लगे कि सवर्णों को टारगेट करने के लिए इसे लाया गया। इसका दुरुपयोग होगा। जाति को लेकर विभाजन बढ़ेगा। बिहार में देखें तो राजनीति से लेकर हर छोटे-बड़े काम में जाति का रंग साफ दिखाई देता है। यहां सिर्फ राजनीति या सामाजिक मुद्दों तक ही जाति सीमित नहीं है। यहां गानों के माध्यम से भी जाति का शक्ति प्रदर्शन किया जाता है। भोजपुरी गायक इसका सबसे बड़ा जरिया बने हुए हैं। आज की संडे बिग स्टोरी में पढ़िए, भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में किन जातियों के गाने सबसे ज्यादा चर्चा में रहते हैं? किनको टारगेट करके गाने बनाए गए हैं? कैसे वलगरिटी से आगे बढ़कर जातियों पर केंद्रित गाने बनाए जाने लगे। सबसे पहले पढ़िए उन वायरल भोजपुरी गानों के बोल जो जाति आधारित हैं… छेदे छेद हो जाई तोरा छाती में रे.. छाती में रे.. मारब सिक्सर के 6 गोली छाती में रे.. छाती में रे.., खाली पावर होला अहिर जाति में रे.. अहिर जाति में रे.. गोरी लागेलू तु त फरारी, आज करे द तनका सवारी, फरमाइश मेहमान किया है। डॉन्ट टच माई बॉडी, प्लीज लिसेन टू लाइन.... मुंह देखाई में बिहार दिया है, रजिस्टर भूमिहार किया है… बनतारे बाहुबली गली में घूम के, भाग जइबे फायरिंग के आवाज खाली सुन के, कब मिलल चाहतारे हमके तारीख दे, कइसन ह जाति एक बात तु परिख ले, रंगदारी कइसे कईल जाला पंडिजी से सीख ले… टोला अहिरान के बा चाहे पासवान के...रात भर चली रंगदारी बबुआन के… ये वे भोजपुरी गाने हैं, जिसपर मिलियंस में व्यूज हैं। शादी-विवाह और पार्टियों में जमकर बजाए जाते हैं। युवा लड़के-लड़कियां इसपर रील्स बनाते हैं और सोशल मीडिया पर डालते हैं। ऐसे सिर्फ चार गाने नहीं हैं। यूट्यूब पर हर जाति की रंगदारी के हजारों गाने हैं। इनमें कॉमन बात है कि किसी न किसी खास जाति को रंगदार और समाज में सबसे ऊंचा बताया गया है। एक्टर को रिवाल्वर और गन लेकर रंगदारी करते दिखाया गया है। इन गानों की बिहार विधानसभा चुनाव के समय पीएम मोदी भी चर्चा कर चुके हैं। चुनाव में RJD की बड़ी हार की वजह ऐसे गानों को भी बताया गया। पार्टी के तरफ से ऐसे गायकों को नोटिस भेजा गया, जिन्होंने यादव जाति को दबंग स्टाइल में दिखाकर गाने गाए थे। ऐसे गाने सिर्फ छोटे और नए कलाकार नहीं गा रहे। भोजपुरी के नामी सिंगर भी चर्चा में रहने के लिए ऐसा करते हैं। लेडी सिंगर भी ऐसे गाने गा रहीं हैं। खेसारी, पवन सिंह, गुंजन सिंह, टुनटुन सिंह, रितेश पांडे से लेकर कई बड़े कलाकारों ने जाति आधारित गाने गाये हैं। हमने कई भोजपुरी सिंगर और राइटर से भोजपुरी इंडस्ट्री में जाति और गन कल्चर को लेकर बात की। अब जानिए जातियों पर गाना गाने की परंपरा कहां से शुरू हुई… जाति आधारित भोजपुरी गाने की शुरुआत का जिक्र हो तो खेसारी लाल यादव का नाम आता है। 2014 में उनका गाना 'अबकी यादव जी का झंडा तोहरे…’ रिलीज हुआ था। 2017 में रिलीज हुए रितेश पांडे के गीत 'पांडेजी का बेटा हूं, चुम्मा चिपक कर लेता हूं’ को भी लोगों ने पसंद किया था। भोजपुरी गानों में जाति का प्रमुखता से जिक्र मुख्य रूप से 2020-2022 के बाद टुनटुन यादव के गानों (जैसे- पावर होला खाली अहीर जाती में) से तेजी से बढ़ा। ऐसे गानों के चलते कई जगह झगड़े हुए। 2 मई 2022 को सीएम नीतीश कुमार को फेसबुक पोस्ट के जरिए बिहार में गीत-संगीत के माध्यम से बोये जा रहे जातिवाद के जहर पर अंकुश लगाने की अपील करनी पड़ी थी। क्यों ऐसे गानों पर नहीं लग पा रही रोक? भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के जानकारों के अनुसार फिल्म और उसके गानों को सेंसर से पास होना पड़ता है, लेकिन यूट्यूब या किसी और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड किए जाने वाले गाने पर सेंसर की खास व्यवस्था नहीं है। उसपर रोक लगाना संबंधित सोशल मीडिया कंपनी के हाथ में है। भोजपुरी सिंगर इसी लूप होल का इस्तेमाल करते हुए जाति और दबंगई वाले गाने सोशल मीडिया पर रिलीज करते हैं। उन्हें इन्हीं प्लेटफॉर्म से अच्छी खासी कमाई हो जाती है। क्यों बढ़ रहे जाति-रंगदारी वाले गाने, 3 पॉइंट गाना हिट करने का शॉर्टकट फॉर्मूला है रंगदारी और जाति भोजपुरी सिंगर राजा बाबू ने कहा, ‘आजकल गाना हिट करने का शॉर्टकट फॉर्मूला रंगदारी और जाति है। मैने कई साफ-सुथरे गाने गाए, कई भक्ति गीत गाए, लेकिन मेरे गानों को पसंद नहीं किया गया। मेरे साथ गाने वाले कई सिंगर वल्गर और जाति-रंगदारी के गाने गाए। वे आज हिट हैं। करोड़ों रुपए कमा रहें हैं। महंगी गाड़ियों में घूम रहें हैं।’ उन्होंने कहा, ‘सबको हिट होने के लिए शॉर्टकट रास्ता चाहिए। पहले ऐसे गाने हरियाणा और पंजाब में बनाए जाते थे। हरियाणा में जाति पर खूब गाने बजते हैं। पंजाब में गन कल्चर के गाने बजते हैं। उसे भोजपुरी ने एडॉप्ट कर लिया है। एक समय हरियाणा और पंजाब के गाने पूरे देश में बजते थे। यहां के गायकों ने उसे देख गाना शुरू किया। शुरुआत बड़े सिंगरों ने की।’ राजा बाबू ने बताया, ‘पवन सिंह ने गाना गाया, ‘प्रखंड हो या जिला, बबुआने से हिला’। इससे समाज में राजपूत जाति की धमक दिखाई गई। जवाब में दूसरे जाति के सिंगर ने अपनी जाति को बेहतर बताते हुए कई गाने बनाए। ब्राह्मण सिंगर ने अपनी जाति की रंगदारी पर गाना गाया तो यादव ने अपनी। वल्गर से जाति और गन कल्चर की तरफ शिफ्ट हुए भोजपुरी गाने भोजपुरी गाना लिखने वाले शिवम सिंह कहते हैं कि भोजपुरी गाने के लिरिक्स में तार्किक शब्दों को यूज करने पर लोग पसंद नहीं करते। उन्हें ऐसा लिरिक्स चाहिए जो आम बोलचाल की भाषा का हो और उसका मतलब समझ पाएं। ऐसे शब्द ज्यादा चलते हैं, जिनके कई अर्थ हों। उन्होंने कहा, ‘लोग ऐसे गाने पसंद भी करते हैं। अगर हम उर्दू या भोजपुरी के गहरे अर्थ वाले शब्द लिख दें तो उसे कोई पसंद नहीं करेगा। एक समय था कि भोजपुरी गाने वल्गर होते थे। लोग ऐसे गाने पसंद करते थे। हिट होने के लिए सिंगर ऐसे गाने गाते थे। अब यह ट्रेंड जाति और गन कल्चर की तरफ शिफ्ट होने लगा है।’ शिवम सिंह ने कहा, ‘जब किसी एक जाति विशेष पर गाना गाया जाता है और उसमें रंगदारी और धमक दिखाई जाती है तो उस गाने को संबंधित जाति के लोग ज्यादा पसंद करते हैं। उसपर रील्स बनाते हैं और शेयर करते हैं। ऐसे में उन गानों पर काफी ज्यादा व्यूज आता है। गाना हिट हो जाता है। सिंगर की चर्चा होती है। रील्स को ध्यान में रखकर बनाए जा रहे गाने भोजपुरी गाने कैसे बनाए जाते हैं? लिरिक्स कैसे लिखे जाते हैं? इन सवालों पर भोजपुरी सिंगर शैलेन्द्र मिश्र ने बताया, ‘भोजपुरी गाने के लिए एक पंच लाइन ली जाती है। वही लाइन हिट होती है। उसके आगे और पीछे कुछ और लाइन जोड़कर गाना बना दिया जाता है।’ उन्होंने कहा, ‘जैसे एक हिट गाना है ‘प्रखंड हो या जिला बबुआने से हिला ‘ इसके आगे पीछे कुछ और लाइन जोड़कर गाना तैयार कर दिया गया। बाकी लाइन से कोई मतलब नहीं होता है। जाति और रंगदारी वाले गाने में मुखरा, अंतरा का कोई ध्यान नहीं रखा जाता है। लोगों को वही पंच लाइन याद रहता है।’ शैलेन्द्र मिश्र ने कहा, ‘आजकल रील्स से गाने सबसे ज्यादा हिट होते हैं। वहीं से आमदनी होती है। जिस गाने पर रील्स ज्यादा बनता और वायरल होता है, वही हिट माना जाता है। गाना बनाने वाले भी रील्स को ध्यान में रखकर गाने बनाते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘किसी खास जाति को दबंग या किसी एक नाम वाले व्यक्ति को दबंग स्टाईल में दिखाकर लिरिक्स लिखे जाते हैं। गाना रिलीज होने के बाद जिस जाति पर गाना होता है उस जाति के लोग खुद को दबंद और रंगदार जाति से दिखाने के लिए उसपर रील्स बनाते और शेयर करते हैं। जितना ज्यादा रील्स बनता और शेयर होता है, गाना उतना ही हिट माना जाता है।’ ऐसे गाने कैसे बनाए जाते हैं, कितना खर्च आता है? इसपर शैलेन्द्र ने बताया, ‘बिहार के लगभग हर बाजार में एक रिकॉर्डिंग स्टूडियो है। यहां 500-1000 रुपए में एक गाना रिकॉर्ड किया जाता है। ज्यादातर स्टूडियो वाले पुराने म्यूजिक ट्रैक पर सिर्फ लिरिक्स बदल कर गाने रिकॉर्ड कर लेते हैं।’ बिहार को बदनाम कर रहें हैं रंगबाजी और जाति वाले गाने राजनीतिक और सामाजिक मामलों के जानकार प्रियदर्शी रंजन ने कहा, ‘पहले अश्लील गाने से बिहार की संस्कृति को नुकसान पहुंचा। देश भर में बिहार और भोजपुरी को अश्लीलता से जोड़ा गया। अब सिंगर रंगबाजी और जाति वाले गाने से बिहार को बदनाम कर रहें है। सामाजिक समरसता पर प्रहार कर रहें हैं। इससे समाज भी कई हिस्सों में बंट रहा है।
पटना के राजीव नगर इलाके के एक निजी स्कूल के पास बिहार सरकार की स्टीकर लगी खड़ी स्कॉर्पियो गाड़ी चोरी हो गई है। गाड़ी व्हाइट कलर की है, जिसका नंबर BR 01PN 2467 है। इस चोरी की घटना के बाद का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। गाड़ी के ड्राइवर ने चोरी की घटना को लेकर राजीव नगर थाने में शिकायत दिया है और जल्द अज्ञात चोरों को पकड़ने की गुहार लगाई है। बोनट खोलकर चालू किया कार, फिर हुए फरार गाड़ी ड्राइवर रवि पासवान ने बताया कि, 30 जनवरी की रात 10:20 बजे अपनी गाड़ी KZDZEE स्कूल के पास खड़ा कर के चला गया था। 31 जनवरी की सुबह 8:30 बजे वहां पहुंचा तो गाड़ी नहीं थी। काफी खोजबीन की, लेकिन पता नहीं चल पाया। इस चोरी की घटना के बाद का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। जिसमें कुछ अज्ञात चोर गाड़ी के पास खड़े होकर पहले गाड़ी के अगले हिस्से के बोनेट को खोलते हैं। फिर इंजन के तार वगैरह को खोलते हैं। इसी बीच जब वहां से राहगीर गुजर रहे होते हैं, तो छिप भी जाते हैं। फिर जैसे वहां खाली होता है, चोरी में लग जाते हैं। इसी बीच लॉक वगैरह खोलकर गाड़ी चोरी कर के फरार हो जाते हैं। हैरानी की बात तो यह है कि तकरीबन 20 से 30 मिनट तक यह पूरा घटनाक्रम चलता है, लेकिन वहां से एक भी गश्ती गाड़ी गुजरती नजर नहीं आ रही है। वाहन चोरी पर नकेल कसने के लिए समीक्षा हाल ही में वरीय अधिकारी ने गाड़ी चोरी समेत दूसरी घटनाओं को लेकर समीक्षा की थी। इसमें शहरी इलाके के थानेदारों को इस पर नकेल कसने के लिए सख्त हिदायत दी गई थी। बावजूद इसके, चोरों ने जिस तरीके की घटना को अंजाम दिया, खासकर के राजीव नगर इलाके में इन दिनों बढ़ गई है।
शेखपुरा में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण नौवीं बार लोकसभा में बजट पेश करेंगी। इस बजट को लेकर जिले में लोगों के साथ-साथ जमुई सांसद अरुण कुमार भारती ने भी सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि आगामी केंद्रीय बजट में बिहार को एक बड़ा सौगात मिलेगा। सांसद भारती ने शनिवार को स्थानीय पत्रकारों से बातचीत में बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत की योजना तैयार की जा रही है, जिसमें बिहार की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री कृषि, शिक्षा और आधारभूत संरचना के निर्माण सहित अन्य क्षेत्रों में बिहार को प्राथमिकता के आधार पर नई योजनाएं लाने की घोषणा करेंगी। नीट केस CBI को सौंपने के सरकार के कदम की सराहना की इसी बातचीत के दौरान, सांसद अरुण कुमार भारती ने पटना में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की हत्या के मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के सरकार के कदम की सराहना की। वह आकांक्षी जिला योजना के तहत संपूर्णता अभियान के द्वितीय चरण का विधिवत शुभारंभ करने शेखपुरा आए थे। 5 मानकों पर पहले भी बहुत अच्छा काम हुआ उन्होंने बताया कि सरकार ने जनता की भावनाओं को समझते हुए और उनमें विश्वास पैदा करने के लिए इस मामले की विस्तृत जांच का जिम्मा CBI को देने का निर्णय लिया है। सांसद भारती ने इस कदम को सराहनीय बताया। सांसद ने आगे कहा कि सरकार लगातार जनता के हित में बड़े कदम उठा रही है, जिसका उद्देश्य जनता में विश्वास पैदा करना और उनके जीवन को हर प्रकार से आसान बनाना है। उन्होंने जिले में आकांक्षी जिला योजना के तहत किए जा रहे कार्यों की भी प्रशंसा की और बताया कि इस योजना के तहत 5 मानकों पर पहले भी बहुत अच्छा काम हुआ है।
फरीदाबाद जिले के गांव पाखल स्थित प्लाईवुड बनाने वाली ड्रीम प्राइवेट लिमिटेड फैक्ट्री में दो कंकाल बरामद हुए है। शुक्रवार को इस फैक्ट्री में आग लग गई थी। दोनों कंकाल फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूरों के बताए जा रहे है। पुलिस मामले की जांच कर कर रही है। धौज पुलिस थाना प्रभारी दर्पण ने बताया कि, जो दो ककांल मिले हैं। उनमें एक संभल यूपी के रहने वाले मोहम्मद आलिम का है, जबकि दूसरा बिहार का रहने वाला अरविंद है। दोनों की कुछ दिन पहले फैक्ट्री में काम करने के लिए आए थे। फैक्ट्री में किया जाता है डिजाइन बनाने का काम फैक्ट्री के अंदर प्लाईवुड की शीट पर डिजाइन बनाने का काम किया जाता है। पुलिस की जांच के मुताबिक, शुरुआती जांच में शार्ट सर्किट से आग लगने की बात कही जा रही है। फैक्ट्री में शुक्रवार की रात करीब ढाई बजे अचानक से आग लग गई थी। देखते ही देखते आग ने फैक्ट्री के एक बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। शॉर्ट सर्किट से हुआ हादसा पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, बताया जा रहा है कि आग लगने के बाद दोनों अपना सामान निकालने के वापस फैक्ट्री में गए थे। लेकिन वो लोग नहीं निकल पाए। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। धौंज थाना प्रभारी दर्पण ने बताया कि फैक्ट्री मालिक की तलाश की जा रही है। पुलिस और दमकल विभाग की टीमें लापता मजदूरों की तलाश में लगातार जुटी हुई हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने के सही कारणों का खुलासा किया जाएगा। पुलिस ने कंकाल को पोस्टमार्टम के लिए भेजा पुलिस ने दोनों कंकाल को कब्जे मे लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भिजवा दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
51वीं बिहार स्टेट सीनियर पुरुष कबड्डी चैंपियनशिप पर पटना का कब्जा
उपविजेता रहा बेगूसराय, तीसरे स्थान लखीसराय और बक्सर की टीमशहर के केआरके हाई स्कूल मैदान में शुक्रवार को 51वीं बिहार स्टेट सीनियर पुरुष कबड्डी 2026 का रोमांचक समापन हुआ। फाइनल मुकाबले में पटना की टीम ने बेगूसराय को 40-37 से हराकर चैंपियनशिप अपने नाम कर ली। मैच आखिरी मिनट तक बेहद रोमांचक रहा और दर्शक पूरे समय अपनी सीटों से बंधे रहे। इस प्रतियोगिता में बिहार की कुल 16 टीमों ने भाग लिया। क्वार्टर फाइनल तक पहुंचते-पहुंचते 12 टीमें बाहर हो चुकी थीं। शुक्रवार को खेले गए पहले सेमीफाइनल में बेगूसराय ने मेजबान लखीसराय को हराकर फाइनल में जगह बनाई। वहीं दूसरे सेमीफाइनल में पटना ने बक्सर को शिकस्त देकर फाइनल का टिकट कटाया। फाइनल मैच से पहले और समापन के समय मुख्य अतिथि जिलाधिकारी मिथिलेश मिश्र की मौजूदगी में लाल इंटरनेशनल स्कूल की छात्राओं ने खिलाड़ियों और अतिथियों का तिलक लगाकर स्वागत किया। स्कूल की जल, थल और वायु सेना टुकड़ियों ने भोजपुर नृत्य-गीत की शानदार प्रस्तुति देकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। इससे पहले जिलाधिकारी मिथिलेश मिश्र, बिहार स्टेट कबड्डी एसोसिएशन के चेयरमैन कुमार विजय, जिला कबड्डी संघ की संरक्षक प्रेम प्रिया कुमारी, नगर परिषद सभापति अरविंद पासवान, डॉ. कुमार अमित, डॉ. पंकज कुमार, डॉ. ओमप्रकाश, लाल इंटरनेशनल स्कूल के निदेशक मुकेश कुमार एवं संरक्षक धर्मेंद्र कुमार आर्य ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका हौसला बढ़ाया। पुरस्कार वितरण समारोह में जिलाधिकारी मिथिलेश मिश्र ने खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की सराहना की और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया।
गयाजी शहर के खलिस पार्क स्थित एक होटल में शुक्रवार को पैरा थ्रोबॉल एसोसिएशन ऑफ बिहार की ओर से प्रेस वार्ता आयोजित की गई। बैठक में सर्वसम्मति से एसोसिएशन की राज्य स्तरीय कमिटी का गठन किया गया। कार्यक्रम में संगठन को मजबूती देने व खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। नवगठित राज्य कमिटी में डॉ. एमएन अंजुम को मुख्य संरक्षक बनाया गया है। वहीं, प्रमोद भदानी (प्रमोद लड्डू भंडार) और जावेद अख्तर को संरक्षक की जिम्मेदारी दी गई। मौर्या हाइट्स के डायरेक्टर इकबाल हुसैन को अध्यक्ष चुना गया। उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सुनील कुमार और असद परवेज उर्फ कमांडर को दी गई। मुकेश कुमार को कोषाध्यक्ष, जबकि हामिद अली को महासचिव बनाया गया है। संयुक्त सचिव की जिम्मेदारी धर्मेंद्र कुमार, मुन्ना और फैसल रहमानी को दी गई है। श्याम लाल को सलाहकार सह-कोच, जयराम कुमार को प्रभारी और असरफ अली को राज्य प्रबंधक नियुक्त किया गया। सह-प्रबंधक के रूप में राजेश कुमार, प्रेस प्रभारी के रूप में यासिन अंसारी और सदस्य के तौर पर रामनाथ कुमार, उपेंद्र कुमार, हसन साहब और सुबोध बाबा को शामिल किया गया। झुंझुनूं में 1 से 5 फरवरी तक खेला जाएगा राष्ट्रीय पैरा-श्रीवाला फेडरेशन कप प्रेस वार्ता के दौरान अध्यक्ष इकबाल हुसैन ने राजस्थान के झुंझुनूं में 1 से 5 फरवरी तक आयोजित होने वाले राष्ट्रीय पैरा-श्रीवाला फेडरेशन कप-2026 के लिए बिहार टीम की घोषणा की। टीम में गया, पटना, जहानाबाद, छपरा, मुंगेर सहित विभिन्न जिलों के खिलाड़ियों को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि हमारे शहर के दिव्यांग खिलाड़ी अपने जिले का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने ईश्वर द्वारा दी गई कमियों को चुनोति के रूप स्वीकारा है और प्रेरणा के स्रोत बन कर लोगों के सामने आ रहे हैं। ‘सभी सदस्यों व खिलाड़ियों को हमारा भरपूर सहयोग’ वहीं डॉ अंजुम ने कहा कि कमेटी के सभी सदस्यों व खिलाड़ियों को हमारा भरपूर सहयोग मिलेगा। खेल के क्षेत्र में अपने शहर की मजबूत बनाना कोई आसान काम नहीं है। तमाम चुनौतियों को दरकिनार वे स्टेट लेबल तक पहुंचे हैं। तहेदिल से मेरी इच्छा है वे अन्तराष्ट्रीय स्तर पर गयाजी का नाम रोशन करें। घोषित बिहार टीम में मंटू कुमार (गया), अजीत कुमार (जहानाबाद), श्यामजी पांडेय (गया), संतोष कुमार मिश्रा (पटना), सनोज कुमार, राम निवास कुमार, मुजाहिद हुसैन (छपरा), दिवाकर कुमार (मुंगेर), प्रीतम कुमार (मुंगेर), दीपक कुमार, विकास कुमार (गया), आनंद कुमार (गया), असरफ अली (गया) और रूपेश कुमार (गया) शामिल हैं। टीम कोच की जिम्मेदारी यासिन अंसारी (गया) और टीम मैनेजर की जिम्मेदारी अजीत कुमार (पटना) को सौंपी गई है। महासचिव हामिद अली ने बताया कि बिहार टीम पूरी तैयारी के साथ राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेगी और बेहतर प्रदर्शन कर राज्य का नाम रोशन करेगी।
बिहार के तकनीकी शिक्षा प्राप्त युवाओं के लिए रोजगार का एक नया अवसर सामने आया है। राजकीय पॉलिटेक्निक अस्थावां, नालंदा में इंजीनियरिंग और पुस्तकालय विज्ञान के स्नातक एवं डिप्लोमा धारकों के लिए अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। इस संबंध में संस्थान द्वारा 6 फरवरी 2026 को वॉक-इन इंटरव्यू का आयोजन किया जाएगा। अप्रेंटिस एक्ट के तहत एक वर्षीय प्रशिक्षण बिहार सरकार के विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित राजकीय पॉलिटेक्निक, अस्थावां ने विज्ञापन जारी करते हुए इस भर्ती प्रक्रिया की घोषणा की है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम अप्रेंटिस एक्ट, 1961 के प्रावधानों के अनुसार एक वर्ष की अवधि का होगा, जिसमें चयनित अभ्यर्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण के साथ-साथ आकर्षक मासिक स्टाईपेन्ड भी प्रदान किया जाएगा। किन शाखाओं में मिलेगा प्रशिक्षण का अवसर? इस भर्ती अभियान में मुख्य रूप से चार तकनीकी शाखाओं को शामिल किया गया है। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक या बी.ई की डिग्री प्राप्त युवाओं के साथ ही डिप्लोमा धारकों को भी आवेदन का अवसर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, पुस्तकालय विज्ञान में बी.लिस या बी.लिब डिग्री धारक तथा डिप्लोमा पास अभ्यर्थी भी इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए पात्र हैं। मासिक स्टाईपेन्ड की व्यवस्था चयनित प्रशिक्षुओं को सरकार द्वारा निर्धारित मानदंडों के अनुसार मासिक स्टाईपेन्ड दिया जाएगा। डिग्री प्रशिक्षु (Graduate Apprentice) को प्रतिमाह 15,000 रुपये और डिप्लोमा प्रशिक्षु (Diploma Apprentice) को 10,000 रुपये मासिक स्टाईपेन्ड प्रदान किया जाएगा। यह राशि प्रशिक्षण अवधि के दौरान नियमित रूप से दी जाएगी। पात्रता की शर्तें संस्थान ने स्पष्ट किया है कि इच्छुक अभ्यर्थियों के पास वैध NATS-2.0 (National Apprenticeship Training Scheme) स्टूडेंट आईडी होना अनिवार्य है। महत्वपूर्ण बात यह है कि उम्मीदवार का डिग्री या डिप्लोमा पूर्ण किए हुए पांच वर्ष से अधिक का समय नहीं होना चाहिए। साक्षात्कार में भाग लेने के लिए किसी भी प्रकार का यात्रा भत्ता नहीं दिया जाएगा। आरक्षण संबंधी नियमों का पालन सरकारी मानदंडों के अनुसार किया जाएगा। साक्षात्कार की तिथि और स्थान वॉक-इन इंटरव्यू 6 फरवरी को सुबह 11 बजे राजकीय पॉलिटेक्निक, अस्थावां के प्राचार्य कार्यालय में आयोजित किया जाएगा। इच्छुक अभ्यर्थियों को निर्धारित समय पर संस्थान में उपस्थित होना होगा। आवश्यक दस्तावेज साक्षात्कार में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को अपने साथ फोटोयुक्त आवेदन पत्र (बायो-डाटा), सभी मूल प्रमाण पत्र और उनकी छायाप्रतियां अनिवार्य रूप से लानी होंगी। किसी भी दस्तावेज की अनुपस्थिति में अभ्यर्थी को साक्षात्कार में भाग लेने से वंचित किया जा सकता है। संस्थान के पास सुरक्षित अधिकार राजकीय पॉलिटेक्निक के प्रभारी प्राचार्य के पास साक्षात्कार को आंशिक या पूर्ण रूप से रद्द करने का अधिकार सुरक्षित रहेगा। अंतिम चयन पूर्णतः संस्थान के विवेकाधिकार पर निर्भर करेगा। अधिक जानकारी के लिए इच्छुक अभ्यर्थी विस्तृत जानकारी और अपडेट के लिए विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.gpasthawannalanda.org.in या www.state.bihar.gov.in/prdbihar पर संपर्क कर सकते हैं।
चेन्नई में बिहार के शेखपुरा के एक परिवार की हत्या कर दी गई। इनमें पति-पत्नी और डेढ़ साल का बेटा शामिल है। पिता और बेटे का शव मिल गया है, जबकि महिला के शव की तलाश की जा रही है। मृतकों की पहचान शेखपुरा टाउन थाना क्षेत्र के पथलाफारगांव के गौरव यादव (28), पत्नी मोनी कुमारी और डेढ़ साल के बेटे गुडडु उर्फ वीरमणि के रूप में हुई है। बुधवार की शाम गौरव यादव का शव फ्लाइट से गांव लाया गया। जिसके बाद गांव में कोहराम मच गया। गौरव का शव चेन्नई के अडयार थानाक्षेत्र के इंदिरा नगर में कई टुकड़ों में बोरे में बंद कचरे के पास से मिला, जबकि मासूम बच्चे का शव बुधवार को पुलिस ने मध्य कैलाश के पास कूउम नदी से बरामद कर लिया है। जबकि पत्नी मोनी कुमारी के शव की तलाश पेरूंगुडी डंपिंग यार्ड के कचरे के ढेर में की जा रही है। चेन्नई पुलिस ने महिला के मायके के रहने वाले उपेंद्र यादव समेत 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। सिलसिलेवार तरीके से जानिए चेन्नई में हुई ट्रिपल मर्डर की कहानी मकर संक्रांति के बाद चेन्नई गया था परिवार गौरव कुमार पिछले 4 सालों से चेन्नई के ऑडियार थाना क्षेत्र में एक अस्पताल में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में कार्यरत थे। वो कुछ महीने पहले गांव आए थे और मकर संक्रांति के एक दिन बाद 16 जनवरी को अपनी पत्नी और छोटे बच्चे के साथ नालंदा जिले के मानपुर थाना क्षेत्र स्थित अपने ससुराल से चेन्नई लौटे थे। परिवार को लेकर गौरव पहली बार चेन्नई गए थे। बीते तीनों दिनों से गौरव का कोई अता-पता नहीं था। परिजनों के अनुसार, 25 जनवरी को चेन्नई पुलिस ने गौरव के पिता को उनके बेटे की मौत की सूचना दी थी। पिता को सूचना मिलने पर उन्होंने चेन्नई में रह रहे अपने बड़े बेटे को जानकारी दी, जिसने मौके पर पहुंचकर गौरव कुमार की हत्या की पुष्टि की। मृतक के छोटे भाई सुरेंद्र यादव ने बताया, 2-3 दिन से मेरे भाई-भाभी और भतीजा गायब थे। इसके बाद वहां से पुलिस ने मेरे पिता को फोन किया वो तमिल में बोल रहे थे तो पापा समझ नहीं पाए। इसके बाद पापा ने बड़े भईया को पुलिस से बात करने बोला, वो भी 6 साल से चेन्नई में रह रहे है। गौरव का शव कचरे के ढेर से मिलामृतक के पिता सुरेन्द्र यादव ने बताया, ‘मकर संक्रांति के दूसरे दिन 16 जनवरी को मेरा बेटा अपनी पत्नी को लेकर अडयार चला गया था। चेन्नई पुलिस की सूचना पर मुझे बेटा-बहू और पौत्र के मारे जाने की सूचना मिली है।’ ‘पिता और पुत्र की लाश एक कचरे के ढेर पर एक बोरे में बंद मिली है, जिसमें बेरहमी से मारकर कई टुकड़ों में करके हत्यारों ने फेंक दिया था। जबकि बहू के शव की तलाश की जा रही है।’ ‘पकड़ा गया आरोपी उपेन्द्र यादव ही मेरे बेटे को काम कराने के लिए चेन्नई के अडयार ले गया था। गौरव वहां एक कंपनी में सिक्यूरिटी गार्ड के रुप में काम करता था।’ आरोपी की निशानदेही पर मिला पिता-बेटे का शव पुलिस अभी तक गौरव कुमार और उनके बेटे की हत्या के कारणों का पता नहीं लगा पाई है। मामले में न तो किसी पुरानी दुश्मनी की पुष्टि हुई है और न ही किसी विवाद की ठोस जानकारी सामने आई है। चेन्नई पुलिस ने उपेंद्र यादव सहित 5 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपियों ने गौरव की पत्नी और बेटे की हत्या करने की बात कबूल कर ली है। उनके द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर, पुलिस ने पिता और बेटे का शव बरामद किया। पुलिस हत्या का मकसद, घटनाक्रम और हर व्यक्ति की भूमिका का पता लगाने के लिए संदिग्धों से पूछताछ कर रही है। पत्नी के मायके का परिचित है आरोपीगौरव कुमार का ससुराल नालंदा जिला के मानपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सूखाननपुर है। जहां से कुछ ही दूरी पर मुख्य आरोपी उपेंद्र यादव का गांव बहुआरा है। पड़ोसी गांव होने के नाते उपेंद्र यादव और मृतक की पत्नी मोनी कुमारी में जान पहचान थी। उपेंद्र यादव का मोनी कुमारी के मायके में आना-जाना लगा रहता था। ग्रामीणों के मुताबिक, ‘गौरव कुमार अपने गांव कम ही आता था और पत्नी मोनी कुमारी मायके में रहती थी। वहीं से उपेंद्र यादव ने मोनी कुमारी को चेन्नई बुलाया था, तो वह पहली बार अपने पति के साथ 12 दिन पहले चेन्नई के लिए निकली थी।’ बच्चा रहता था बीमार मृतक की सास ने बताया, ‘जब बेटी ने बेटे को जन्म दिया तब से वह बीमार रहा करता था। इसलिए मोनी अक्सर इलाज के लिए उपेंद्र यादव के गांव में उसके भाई राम लगन के पास जाती थी, वो ग्रामीण चिकित्सक है। इस तरह वे लोग मोनी के संपर्क में आए थे और उपेंद्र यादव भी चेन्नई में रहकर मजदूरी किया करता था।’ सीसीटीवी फुटेज में दो लोग बोरी फेंकते दिखेचेन्नई में गौरव कुमार का शव तब मिला जब स्थानिय लोगों ने एक अपार्टमेंट परिसर के पास खून से सना हुआ बोरा लावारिस हालत में देखा और पुलिस को सूचित किया। इलाके से मिले सीसीटीवी फुटेज में दो लोगों को बाइक पर बोरी ले जाते और उसे उस जगह पर फेंकते हुए देखा गया। बच्चे का शव मिलने की पुष्टि नहीं मामले को लेकर नगर थाना के SHO धर्मेंद्र कुमार ने कहा, ‘मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा लग रहा है। मृतक की पत्नी शादी के बाद ज्यादातर मायके में ही रह रही थी।’ ‘एक बच्चे का शव मिला है, लेकिन चेन्नई पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है। मृतक की पत्नी और पुत्र सभी गायब बताए गए हैं। गायब महिला के मायके के पास के गांव के कुछ लोगों को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।’ ----------- इसे भी पढ़िए… कारोबारी-ब्लॉगर सूरज बिहारी की लग्जरी लाइफ:2.5Cr की डिफेंडर कार, 22 लाख की पिस्टल रखते थे; 15 करोड़ टर्नओवर, इंस्टा पर पोस्ट के लिए मर्डर पूर्णिया में इंस्टाग्राम पोस्ट को लेकर हुए विवाद में जाने-माने कारोबारी और फेमस ब्लॉगर सूरज बिहारी की मंगलवार को गोली मारकर हत्या दी गई। बदमाशों ने उन्हें पीछे से 3 गोलियां मारी। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। 28 साल के सूरज वीडियोग्राफी और ब्लॉगिंग के शौकीन थे। पूरी खबर पढ़ें।
UGC के नए नियम 'प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन रेगुलेशन्स, 2026' पर देश भर में हंगामा बरपा है। इस बीच भाजपा में ही नेताओं के अलग-अलग रुख देखने को मिल रहा है। वहीं, बड़ी सहयोगी पार्टी JDU और चिराग पासवान की LJP(R) पूरी तरह चुप है। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी HAM ने फंडामेंटल राइट्स का हवाला दिया है तो उपेंद्र कुशवाहा ने UGC को खुला समर्थन दिया है। जातीय भेदभाव रोकने के लिए UGC के नए नियम पर क्या NDA के भीतर ही दो राय है, विरोध के बाद सरकार क्या नियमों में बदलाव करेगी, जानेंगे आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाहीं में…। सवाल-1ः UGC का नया नियम क्या है? विरोध क्यों हो रहा? जवाबः UGC ने 13 जनवरी को अपने नए नियमों को नोटिफाई किया था। इसका नाम है- 'प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन रेगुलेशन्स, 2026।' इसके तहत कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में जाति आधारित भेदभाव को रोकने के लिए विशेष समितियां, हेल्पलाइन और मॉनिटरिंग टीमें बनाने के निर्देश दिए गए हैं। ये टीमें खासतौर पर SC, ST और OBC छात्रों की शिकायतों को देखेंगी। सरकार का कहना है कि ये बदलाव उच्च शिक्षा संस्थानों में निष्पक्षता और जवाबदेही लाने के लिए किए गए हैं। हालांकि, नियमों को जनरल कैटेगरी के खिलाफ बताकर विरोध हो रहा है। आलोचकों का कहना है कि सवर्ण छात्र ‘स्वाभाविक अपराधी’ बना दिए गए हैं। जनरल कैटेगरी के स्टूडेंट्स का कहना है कि नए नियम कॉलेज या यूनिवर्सिटी कैंपसों में उनके खिलाफ भेदभाव को बढ़ावा दे सकते हैं। इससे कॉलेजों में अराजकता पैदा होगी। सवाल-2ः नए नियम पर NDA के भीतर की पार्टियों की क्या राय है? जवाबः राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में भाजपा के अलावा बिहार की 4 राजनीतिक पार्टियां (JDU, LJP(R), HAM और RLM) हैं। इस मामले पर सभी पार्टियों का रुख अलग अलग है। भाजपाः नित्यानंद राय ने सवाल टाला, सांसद मनन मिश्रा विरोध में JDU: नीतीश कुमार की पार्टी पक्ष-विपक्ष से दूर HAM: फंडामेंटल राइट का हवाला देकर मांझी सपोर्ट में RLM: कुशवाहा UGC के सपोर्ट में LJP(R): चिराग की पार्टी खामोश सवाल-3ः NDA की पार्टियां खुलकर नए नियम का विरोध या समर्थन क्यों नहीं कर पा रही? जवाबः भाजपा सहित NDA की सभी पार्टियां इस मामले पर ना खुलकर विरोध कर रही है और ना समर्थन। इसके पीछे उसका राजनीतिक हित है। दरअसल, UGC के नए नियम का विरोध करने वाला जनरल कास्ट उसका कोर वोटर है। खासकर उत्तर भारत बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान में सवर्ण तबका भले ही संख्यात्मक रूप से कम हो, लेकिन राजनीतिक रूप से मुखर, संगठित और निर्णायक है। एक फैक्ट… सवर्णों की नाराजगी से खत्म हो गई कांग्रेस, 20 साल से RJD हार रही बिहार जातीय गणना-2022 के मुताबिक, राज्य में इनकी आबादी 10.56% है। एक्सपर्ट के मुताबिक, संख्या भले कम है, लेकिन जमीनी स्तर पर सामाजिक-राजनीतिक समीकरणों के कारण इनका दबदबा है। चुनाव जीतने-जिताने में इनकी अहम भूमिका होती है। इसे ऐसे समझिए… सवाल-4: बिहार के किस-किस राजनीतिक दल ने नए नियम का सपोर्ट किया है? जवाबः मुख्य तौर पर देखें तो अब तक सिर्फ 4 पार्टियों RJD, JJD, RLM और HAM ने सपोर्ट किया है। JDU और LJP (R) चुप है। वहीं, भाजपा के अंदर ही असहमति दिख रही है। सवाल-5: विरोध के बाद मोदी सरकार क्या नियमों में बदलाव करेगी? जवाबः अब तक सरकार ने कोई ठोस निर्णय नहीं लिया है। अब तक सरकार की ओर से सिर्फ शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बयान आया है। उनके बयानों से नहीं लगता कि सरकार कुछ अभी सोच रही है। हालांकि, भाजपा के अंदर नाराजगी की खबरें हैं। 27 जनवरी को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, ‘किसी को भी इसका गलत इस्तेमाल करने का अधिकार नहीं होगा। किसी के भी साथ अत्याचार या भेदभाव नहीं होगा।’ नियम के खिलाफ वकील विनीत जिंदल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई है। इसमें नियम पर रोक, सभी छात्रों के लिए समान अवसर, इक्विटी हेल्पलाइन सुविधाएं देने की मांग की गई है। कोर्ट जल्द इस मामले पर सुनवाई कर सकता है। नए कानून वापस लेने या उनमें बदलाव करने के सवाल पर सुप्रीम कोर्ट में वकील विराग गुप्ता कहते हैं…
सीएम की यात्रा से बिहार में समृद्धि आएगी : सरावगी
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने बुधवार को कहा कि नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा से न केवल बिहार में समृद्धि आएगी, बल्कि इससे मिथिला भी समृद्ध होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अपनी प्रगति यात्रा के दौरान जब दरभंगा आए थे, तब 11 योजनाओं की घोषणा की थी। इस पर काम शुरू हो गया है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार जताया। मुख्यमंत्री बुधवार को अपनी समृद्धि यात्रा के क्रम में दरभंगा पहुंचे थे। उनके साथ मंच पर मौजूद संजय सरावगी ने कहा कि नीतीश कुमार लगातार बिहार की यात्रा करते हैं। वे ऐसे तो पूरे बिहार की चिंता करते हैं, लेकिन वे सबसे अधिक चिंता मिथिला की करते हैं। कहा कि मुख्यमंत्री ने एयरपोर्ट टर्मिनल को देखा और निर्माणाधीन एक्सप्रेस हाइवे तथा अंतरराष्ट्रीय बस अड्डा की समीक्षा की। तीन ऐतिहासिक तालाब हराई, दिग्गी, गंगासागर के सौंदर्यीकरण और एकीकरण का भी जायजा लिया। साथ ही 1800 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले एलिवेटेड रोड की भी समीक्षा की गई। इस रोड के बन जाने से दरभंगा को जाम से मुक्ति मिलेगी। सरावगी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जल्द योजना का काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री विकास के साथ ही सनातन संस्कृति के आगे बढ़ने की भी चिंता कर रहे हैं।
बिहार में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और बढ़ते अपराध पर जन सुराज पार्टी ने राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला। पटना के जन सुराज पार्टी कार्यालय में पीसी के दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व अपर पुलिस महानिदेशक (हिमाचल) जय प्रकाश सिंह ने सरकारी आंकड़ों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि साल 2015 से 2024 के बीच बिहार में आपराधिक मामलों में 80 प्रतिशत से भी ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह बढ़ोतरी सिर्फ 24 प्रतिशत है। ग्रामीण बिहार में नहीं आई अपराध में कमी जेपी सिंह ने कहा कि वर्ष 2025 चुनावी साल था, इस कारण चुनाव से संबंधित हिंसा और अपराध भी हुए। बिहार पुलिस के आंकड़ों के अनुसार 2025 में हत्या के मामलों में 7 से 8 प्रतिशत की कमी जरूर आई है, लेकिन यह कमी मुख्य रूप से शहरी इलाकों तक ही सीमित है। अर्बन एरिया में हत्या और किडनैपिंग के मामलों में कुछ गिरावट दिखती है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में हालात जस के तस बने हुए हैं और वहां अपराध में कोई खास कमी नहीं आई है। बिहार में 100% केस दर्ज ही नहीं होते जेपी सिंह ने बिहार की पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य में आज भी थानों में 100 प्रतिशत मामलों का रजिस्ट्रेशन नहीं हो रहा है। कई बार पीड़ितों को केस दर्ज कराने के लिए कोर्ट, खासकर सीजेएम कोर्ट का चक्कर लगाना पड़ता है, जो एक लंबी और जटिल प्रक्रिया है। जब आज की स्थिति में भी सभी मामले दर्ज नहीं हो पा रहे हैं, तब अगर 100 प्रतिशत केस दर्ज होने लगे तो अपराध के आंकड़े और भी भयावह नजर आएंगे। शराबबंदी और अवैध बालू कारोबार बने बड़े कारण जेपी सिंह ने कहा कि बिहार में अपराध बढ़ने के पीछे सबसे बड़े कारणों में शराबबंदी और अवैध बालू कारोबार हैं। जिला स्तर पर पुलिस की प्राथमिकता संगीन अपराधों को रोकने के बजाय शराबबंदी लागू कराने और अवैध बालू उठाव पर कार्रवाई करने तक सीमित रह गई है। इन दोनों क्षेत्रों में “कमाई” की संभावना अधिक रहती है, इसलिए पुलिस का फोकस वहीं रहता है। नतीजतन हत्या, अपहरण, रेप जैसे गंभीर अपराधों की रोकथाम पुलिस की प्राथमिकता सूची में पीछे चले गए हैं। 10 साल में 80 हजार से 1 लाख केस पेंडिंग जेपी सिंह ने बताया कि बिहार में पिछले 10 साल में करीब 80 हजार से 1 लाख ऐसे मामले पेंडिंग हैं, जिनमें वारंट जारी हो चुके हैं या कुर्की-जब्ती का आदेश दिया जा चुका है, फिर भी वे लंबित हैं। राज्य में कुर्की-जब्ती के करीब 10 से 15 हजार मामलों में आदेश होने के बावजूद अब तक तामील नहीं हो सका है। अपराधियों का बढ़ता मनोबल उन्होंने कहा कि जब समय पर अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं होती और अदालत के आदेशों का भी पालन नहीं होता, तो अपराधियों का मनोबल बढ़ता है। कई मामलों में स्थानीय प्रभाव या पैसों के लोभ के कारण थाना स्तर पर ही आरोपियों को नहीं पकड़ा जाता, जिससे अपराधी खुलेआम घूमते रहते हैं और नए अपराधों को अंजाम देते हैं। पुलिस व्यवस्था पर भी उठाए सवाल जेपी सिंह ने यह भी कहा कि पुलिस विभाग में कुछ ऐसे तत्व आ गए हैं जो कर्तव्यनिष्ठा और प्रोफेशनलिज्म का पालन नहीं करते। दबाव और लालच में आकर कुछ अधिकारी अपराधियों पर कार्रवाई से बचते हैं, जिसका सीधा नुकसान आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग जन सुराज पार्टी ने राज्य सरकार से मांग की है कि वह बिहार की बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर श्वेत पत्र जारी करे और बताएं कि आखिर 10 साल में अपराध क्यों बेलगाम हो गया। पार्टी ने कहा कि अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में हालात और भी गंभीर हो सकते हैं।
बिहार राज्य कबड्डी संघ की देखरेख में लखीसराय कबड्डी संघ की मेजबानी में तीन दिवसीय 51वीं बिहार राज्य सीनियर पुरुष कबड्डी चैंपियनशिप प्रतियोगिता का शुभारंभ बुधवार को शहर स्थित केआरके मैदान में हुआ। प्रतियोगिता के उद्घाटन के साथ ही लखीसराय खेल प्रेमियों के लिए कबड्डी के रोमांचक मुकाबलों का गवाह बन गया। डीएम और संरक्षक ने दीप प्रज्वलित कर किया उद्घाटन प्रतियोगिता का विधिवत उद्घाटन जिलाधिकारी मिथिलेश मिश्रा एवं प्रतियोगिता के संरक्षक डॉ. प्रवीण कुमार सिन्हा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। उद्घाटन समारोह में अतिथियों ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और उन्हें खेल भावना के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर डीडीसी सुमित कुमार, नगर परिषद सभापति अरविंद पासवान, कबड्डी संघ के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, खिलाड़ी और बड़ी संख्या में खेल प्रेमी मौजूद रहे। मैदान में दर्शकों की मौजूदगी ने आयोजन को और भव्य बना दिया। राज्य भर से 16 टीमें ले रहीं हिस्सा आयोजकों ने जानकारी दी कि इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में बिहार के आठ जोनों के विजेता और उपविजेता सहित कुल 16 टीमें भाग ले रही हैं। इनमें बेगूसराय, गया जी, नवादा, मुंगेर, सासाराम, पूर्वी चंपारण, बक्सर और मेजबान लखीसराय सहित राज्य के विभिन्न जिलों की टीमें शामिल हैं। तीन दिनों तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में लीग और नॉकआउट आधार पर मुकाबले खेले जाएंगे। आयोजन समिति को उम्मीद है कि दर्शकों को राज्य के शीर्ष कबड्डी खिलाड़ियों के बीच बेहद रोमांचक और कांटे के मुकाबले देखने को मिलेंगे। उद्घाटन मुकाबले में लखीसराय की दमदार जीत प्रतियोगिता के पहले दिन उद्घाटन मुकाबला नवादा और लखीसराय की टीमों के बीच खेला गया। घरेलू मैदान पर खेल रही लखीसराय की टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया।रेड और डिफेंस दोनों में लखीसराय के खिलाड़ियों ने बेहतरीन तालमेल दिखाया, जिससे नवादा की टीम दबाव में नजर आई। मैच के अंत में लखीसराय की टीम ने नवादा को 23 अंकों से पराजित कर प्रतियोगिता में शानदार जीत के साथ आगाज किया। खिलाड़ियों के दमदार प्रदर्शन पर दर्शकों ने तालियों और जयकारों के साथ उत्साह बढ़ाया। दर्शकों में दिखा जबरदस्त उत्साह केआरके मैदान में कबड्डी प्रेमियों की भारी भीड़ उमड़ी। हर सफल रेड, टैकल और बोनस प्वाइंट पर दर्शकों की तालियों से मैदान गूंज उठा। स्थानीय खेल प्रेमियों ने कहा कि लंबे समय बाद लखीसराय में इस स्तर की खेल प्रतियोगिता का आयोजन हुआ है, जिससे जिले के युवाओं में खेल के प्रति उत्साह बढ़ा है। ‘लखीसराय के लिए ऐतिहासिक अवसर’ : डीएम इस अवसर पर जिलाधिकारी मिथिलेश मिश्रा ने कहा कि लखीसराय के लिए यह एक ऐतिहासिक दिन है, जब जिले में राज्य स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन हो रहा है।उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद यहां के खिलाड़ियों का हौसला और जज्बा काबिले-तारीफ है। ऐसे आयोजनों से खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मंच मिलता है। डीएम ने कहा कि बिहार राज्य कबड्डी संघ के सहयोग से लखीसराय जैसे छोटे जिले में कबड्डी के “महाकुंभ” का आयोजन खेल के क्षेत्र में एक अत्यंत सकारात्मक पहल है, जिससे स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। स्थानीय प्रतिभाओं को मिलेगा आगे बढ़ने का मौका आयोजन समिति के अनुसार, इस प्रतियोगिता के माध्यम से राज्य स्तर की बेहतरीन प्रतिभाओं की पहचान की जाएगी, जिन्हें भविष्य में राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में खेलने का अवसर मिल सकता है।तीन दिनों तक चलने वाली इस चैंपियनशिप में अब सभी की निगाहें आने वाले मुकाबलों और फाइनल पर टिकी हैं, जहां बिहार की सर्वश्रेष्ठ कबड्डी टीम का फैसला होगा।
बिहार सरकार के उद्योग और पथ निर्माण मंत्री दिलीप जायसवाल आज पूर्णिया पहुंचे। वे बनभाग स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित विकसित भारत अभियान के तहत वी बी जी राम जी योजना को लेकर एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे। उन्होंने कार्यकर्ताओं को जी राम जी योजना की विशेषताएं बताई। योजना को मनरेगा से कहीं अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनहितकारी बताया। आजीविका मिशन ग्रामीण की शुरुआत की कार्यक्रम के बाद उन्होंने अहम प्रेस वार्ता बुलाई और कई अहम मुद्दों पर विस्तार से अपनी बातें रखी। उन्होंने कहा कि मनरेगा की जगह नई योजना विकसित भारत गारंटी रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण की शुरुआत की गई है। जमीनी स्तर पर गरीबों को ठगने का आरोप कांग्रेस ने सालों तक गरीबों के नाम पर केवल राजनीति की, लेकिन जमीनी स्तर पर गरीबों को ठगने का काम किया। मनरेगा जैसी योजनाएं भ्रष्टाचार और बिचौलियों का अड्डा बन गई थीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार वी बी जी राम जी जैसी योजनाओं के माध्यम से गरीबों को सीधा लाभ, स्थायी रोजगार और आत्मनिर्भरता प्रदान कर रही है, जिससे वास्तविक अर्थों में विकसित भारत का सपना साकार हो रहा है। मंत्री बोले- भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा प्रेस को संबोधित करते हुए मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर विकसित भारत जी राम जी कर दिया है। इससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा, अब फर्जीवाड़ा अब नहीं होगा। पहले मजदूरों को साल में 100 दिन का रोजगार मिलता था। अब लगभग 185 दिन रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि मनरेगा में जो कमियां थी उनको विकसित भारत जी राम जी में दूर करने का प्रयास केंद्र सरकार ने किया है। नाम बदलने का उद्देश्य केवल पहचान बदलना नहीं, बल्कि व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाना है। विपक्ष नाम को लेकर भ्रम फैला रहा 'जी राम जी' नाम को लेकर कहा कि इसमें कहीं भी भगवान का नाम शामिल नहीं है, बल्कि यह योजना को अधिक रोजगारोन्मुखी बनाने का एक नया ढांचा है। विपक्ष नाम को लेकर भ्रम फैला रहा है, जबकि सरकार का ध्यान इस योजना को धरातल पर अधिक प्रभावी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने पर है। भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए तकनीक के इस्तेमाल पर जोर देते हुए मंत्री ने बताया कि अब इस योजना में मजदूरों की बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य कर दी गई है। योजना की सघन निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सहारा लिया जाएगा, जिससे फर्जी हाजिरी और फंड की हेराफेरी की गुंजाइश खत्म हो जाएगी। बिहार में ढूंढने पर भी सड़क पर गड्डा नहीं दिखेगा आगे मंत्री ने कहा कि आने वाले दिनों में बिहार में ढूंढने पर भी सड़क पर गड्डा नहीं दिखाई देगा। इसलिए वे गड्ढा बताओ इनाम पाओ स्कीम लेकर आए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि राज्य की सड़कों पर एक भी गड्डा न रहे। इसके लिए फरवरी-मार्च में नई सड़क मेंटेनेंस पॉलिसी लाई जा रही है। पॉलिसी के तहत अगर कहीं सड़क खराब होगी, तो 72 घंटे के अंदर रोड एंबुलेंस पहुंचकर उसकी मरम्मत करेगी। बिहार अब असंभव को संभव करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। आने वाले समय में सड़क और उद्योग दोनों मामले में बिहार देश के लिए रोल मॉडल बनेगा।
देशभर में जनरल कैटेगरी के स्टूडेंट्स और सवर्ण जाति के लोगों का यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के नए नियमों को लेकर विरोध जारी है। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने नए नियमों के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई की मांग स्वीकर की। सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने वकीलों की दलीलों पर ध्यान दिया। सीजेआई ने कहा- हमें पता है कि क्या हो रहा है। सुनिश्चित करें कि खामियों को दूर किया जाए। हम इसे लिस्ट करेंगे। इधर, यूपी-बिहार में आज भी जमकर हंगामा हुआ। स्टूडेंट्स और सवर्ण जातियों के लोग सड़कों पर उतरे। यूपी के पीलीभीत में सवर्ण समाज के युवकों ने मुंडन कराया। बिहार में PM मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के पोस्टर पर कालिख पोती गई। यूपी-बिहार से प्रदर्शन की 6 तस्वीरें UGC के नए नियमों का विरोध क्यों? UGC ने 13 जनवरी को अपने नए नियमों को नोटिफाई किया था। इसका नाम है- 'प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन रेगुलेशन्स, 2026।' इसके तहत कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में जाति आधारित भेदभाव को रोकने के लिए विशेष समितियां, हेल्पलाइन और मॉनिटरिंग टीमें बनाने के निर्देश दिए हैं। ये टीमें खासतौर पर SC, ST और OBC छात्रों की शिकायतों को देखेंगी। सरकार का कहना है कि ये बदलाव उच्च शिक्षा संस्थानों में निष्पक्षता और जवाबदेही लाने के लिए किए गए हैं। हालांकि नियमों को जनरल कैटेगरी के खिलाफ बताकर विरोध हो रहा है। आलोचकों का कहना है कि सवर्ण छात्र ‘स्वाभाविक अपराधी’ बना दिए गए हैं। जनरल कैटेगरी के स्टूडेंट्स का कहना है कि नए नियम कॉलेज या यूनिवर्सिटी कैंपसों में उनके खिलाफ भेदभाव को बढ़ावा दे सकते हैं। इससे कॉलेजों में अराजकता पैदा होगी। दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति ने सिफारिश की थी सभी यूनिवर्सिटी, कॉलेजों और उच्च शिक्षण संस्थानों में 'इक्विटी कमेटी' के गठन को अनिवार्य करने की सिफारिश संसद की शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल संबंधी स्थायी समिति ने की थी। इस समिति के अध्यक्ष कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व CM दिग्विजय सिंह हैं। समिति में कुल 30 सदस्य हैं, जिनमें लोकसभा के 21 और राज्यसभा के 9 सांसद शामिल हैं। इनमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसद शामिल हैं। रोहित और डॉ. पायल का सुसाइड और SC का सख्त निर्देश UGC का यह नियम सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणियों, सामाजिक दबाव और रोहित वेमुला और पायल तड़वी के सुसाइड जैसे मामलों से बने हालात का परिणाम बताया जा रहा है। अब जानिए रोहित और पायल के बारे में... रोहित वेमुला हैदराबाद यूनिवर्सिटी के रिसर्च स्कॉलर थे। उन्होंने 17 जनवरी 2016 को सुसाइड किया। आरोप लगा कि रोहित दलित थे, इसलिए उनके साथ संस्थागत जातिगत भेदभाव हुआ। रोहित की मौत के बाद आत्महत्या के बाद देशव्यापी आंदोलन भी हुआ। जवाबदेही की मांग उठी। डॉ. पायल तड़वी मुंबई में मेडिकल की पोस्टग्रेजुएट छात्रा थीं। उन्होंने 2019 में सुसाइड किया। आरोप लगे कि आदिवासी समुदाय से होने के कारण पायल के सीनियर डॉक्टरों ने उनके साथ जातिगत भेदभाव किया था। लगातार उत्पीड़न के पायल ने सुसाइड किया। हालांकि इस मामले में एट्रोसिटी एक्ट के तहत आरोपी डॉक्टरों को गिरफ्तार किया गया था। यह मामले सुप्रीम कोर्ट तक गया था। इनके अलावा भी अनिकेत अंभोरे मामला (AIIMS दिल्ली), सेंथिल कुमार मामला (JNU, 2008),अमन कच्छू मामला (हिमाचल प्रदेश मेडिकल कॉलेज, 2009) इनके अलावा अन्य मेडिकल कॉलेज और केंद्रीय विश्वविद्यालयों के और भी जातिगत भेदभाव के मामले भी हैं, जिन पर सुप्रीम कोर्ट में चर्चा हुई है।
UGC बिल 2026 को लेकर देशभर प्रदर्शन हो रहा है। राजधानी पटना में भी आज इस मुद्दे पर आंदोलन का ऐलान किया गया है। दोपहर 1 बजे दिनकर गोलंबर पर ऑल बिहार स्टूडेंट यूनियन और स्वर्ण समाज एकता मंच के बैनर तले प्रदर्शन किया जाएगा। बिहार में भी इस कानून को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। राजद और तेज प्रताप यादव ने खुलकर UGC बिल का समर्थन किया है। वहीं, भाजपा और उसके सहयोगी दलों की चुप्पी पर विपक्ष ने सवाल खड़े किए हैं। राजद का समर्थन, आरक्षित वर्गों के लिए ‘सुरक्षा कवच’ बताया राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने यूजीसी कानून 2026 का खुलकर समर्थन किया है। पार्टी प्रवक्ता शक्ति यादव ने कहा कि, यह कानून आरक्षित वर्गों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आती रही हैं, जिस पर बनी समिति ने अपनी रिपोर्ट दी थी। उसी रिपोर्ट के आधार पर यह कानून लाया गया है। भाजपा और दलित नेताओं की चुप्पी पर सवाल राजद प्रवक्ता शक्ति यादव ने भारतीय जनता पार्टी की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि, 'सबसे बड़ा सवाल यह है कि केंद्र में सत्ता में बैठे दलित नेता चिराग पासवान और जीतन राम मांझी इस मुद्दे पर चुप क्यों हैं। जब मामला दलित, आदिवासी और पिछड़े समाज के छात्रों से जुड़ा है, तब उनकी चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। बिहार सरकार ने दिए पुनर्विचार के संकेत बिहार सरकार के मंत्री संजय कुमार सिंह ने यूजीसी के नए प्रावधानों को लेकर हो रहे विरोध पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सरकार पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। मंत्री ने याद दिलाया कि इससे पहले भी कई नियम विरोध और सुझावों के बाद बदले गए हैं। यूजीसी बिल को तेज प्रताप यादव का खुला समर्थन राजद नेता तेज प्रताप यादव ने यूजीसी के नए नियमों को ऐतिहासिक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार लाए गए “Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026” कानून का मकसद विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में जातिगत भेदभाव को रोकना है।' दलित, आदिवासी और पिछड़ा समाज हमारे भाई-बहन- तेजप्रताप उन्होंने उन लोगों को भी जवाब दिया जो इस कानून को सनातन से जोड़कर देख रहे हैं। तेज प्रताप ने कहा कि 'दलित, आदिवासी और पिछड़ा समाज भी सनातन परंपरा का हिस्सा हैं और वे हमारे ही भाई-बहन हैं।' कांग्रेस ने उठाए एकतरफा चर्चा पर सवाल कांग्रेस ने UGC बिल को लेकर हो रही चर्चाओं को एकतरफा बताया है। पार्टी का कहना है कि यह समझने की जरूरत है कि इस कानून का दुरुपयोग आखिर क्यों और कैसे किया जाएगा। कांग्रेस ने सवाल किया कि क्या इस तरह की अफवाहें फैलाकर देश में अराजकता का माहौल नहीं बनाया जा रहा। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा और उसके सहयोगी दलों को स्पष्ट करना चाहिए कि उनकी मंशा क्या है। फिलहाल यह कानून बड़े संस्थानों में लागू भी नहीं हुआ है। फिर भी जिस तरह का माहौल बनाया जा रहा है, उसके पीछे कुछ खास वर्गों की सामंती सोच काम कर रही है। कांग्रेस ने कहा कि गरीबों और वंचितों को बराबरी का अधिकार मिलना चाहिए और कानून में यदि कोई खामी है तो उस पर चर्चा होनी चाहिए। UGC के नए नियमों का विरोध क्यों? UGC ने 13 जनवरी को अपने नए नियमों को नोटिफाई किया था। इसका नाम है- 'प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन रेगुलेशन्स, 2026।' इसके तहत कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में जाति आधारित भेदभाव को रोकने के लिए विशेष समितियां, हेल्पलाइन और मॉनिटरिंग टीमें बनाने के निर्देश दिए हैं। ये टीमें खासतौर पर SC, ST और OBC छात्रों की शिकायतों को देखेंगी। सरकार का कहना है कि ये बदलाव उच्च शिक्षा संस्थानों में निष्पक्षता और जवाबदेही लाने के लिए किए गए हैं। हालांकि नियमों को जनरल कैटेगरी के खिलाफ बताकर विरोध हो रहा है। आलोचकों का कहना है कि सवर्ण छात्र ‘स्वाभाविक अपराधी’ बना दिए गए हैं। जनरल कैटेगरी के स्टूडेंट्स का कहना है कि नए नियम कॉलेज या यूनिवर्सिटी कैंपसों में उनके खिलाफ भेदभाव को बढ़ावा दे सकते हैं। इससे कॉलेजों में अराजकता पैदा होगी। दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति ने सिफारिश की थी सभी यूनिवर्सिटी, कॉलेजों और उच्च शिक्षण संस्थानों में 'इक्विटी कमेटी' के गठन को अनिवार्य करने की सिफारिश संसद की शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल संबंधी स्थायी समिति ने की थी। इस समिति के अध्यक्ष कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व CM दिग्विजय सिंह हैं। समिति में कुल 30 सदस्य हैं, जिनमें लोकसभा के 21 और राज्यसभा के 9 सांसद शामिल हैं। इनमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसद शामिल हैं। रोहित और डॉ. पायल का सुसाइड और SC का सख्त निर्देश UGC का यह नियम सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणियों, सामाजिक दबाव और रोहित वेमुला और पायल तड़वी के सुसाइड जैसे मामलों से बने हालात का परिणाम बताया जा रहा है। अब जानिए रोहित और पायल के बारे में... इनके अलावा भी अनिकेत अंभोरे मामला (AIIMS दिल्ली), सेंथिल कुमार मामला (JNU, 2008),अमन कच्छू मामला (हिमाचल प्रदेश मेडिकल कॉलेज, 2009) इनके अलावा अन्य मेडिकल कॉलेज और केंद्रीय विश्वविद्यालयों के और भी जातिगत भेदभाव के मामले भी हैं, जिन पर सुप्रीम कोर्ट में चर्चा हुई है।
पहाड़ों में हो रही बर्फबारी की वजह से बिहार में भी फिर से ठंड बढ़ सकती है। पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण सहित 5 जिलों में आज बारिश हो सकती है। इन इलाकों में बादल छाए रह सकते हैं। इसके चलते आने वाले दिनों में रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। मौसम विज्ञान केंद्र ने 29 जनवरी से बिहार के कई जिलों में कोहरे का अलर्ट जारी किया है। खासकर उत्तर और मध्य बिहार के जिलों में सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। संभावित जिलों में पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, वैशाली, पटना और बेगूसराय शामिल हैं। कोहरे के कारण सुबह के समय विजिबिलिटी कम रहने की आशंका जताई गई है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, कोहरे की यह स्थिति 29 जनवरी से अगले 2 से 3 दिनों तक बनी रह सकती है। हालांकि दिन चढ़ने के साथ कोहरा धीरे-धीरे छंटने और धूप निकलने की संभावना है। पटना में सुबह के समय छाया रहेगा हल्का कोहरा राजधानी पटना में सुबह के समय हल्का कोहरा छाने और ठंड का असर महसूस किया जा सकता है। दिन में धूप निकलने से तापमान सामान्य रहेगा। बीते 24 घंटे में पटना का अधिकतम तापमान 13.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। देर शाम और सुबह ठंड अधिक रही, जबकि दिन में धूप निकलने के बावजूद हवा में ठंडक बनी रही। बिहार का मौसम अचानक क्यों बदला? मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, बिहार में इस समय मौसम में उतार-चढ़ाव का मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ है। उत्तर-पश्चिम भारत से सक्रिय यह मौसमी सिस्टम अपने साथ नमी लेकर आ रहा है, जिसका असर खासकर बिहार के उत्तरी जिलों में देखने को मिल रहा है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बादलों की आवाजाही बढ़ गई है, जिससे कुछ जिलों में बारिश की स्थिति बन रही है। वहीं, रात के तापमान में गिरावट और हवा में बढ़ी नमी के कारण सुबह और शाम ठंड का असर ज्यादा महसूस किया जा रहा है।
ललित सुरजन की कलम से - बिहार के बाद क्या?
पहले तो लोग इस बात पर माथापच्ची करते रहे कि बिहार में विधानसभा चुनावों के नतीजे क्या होंगे। जिस दिन मतदान का आखिरी चरण सम्पन्न हुआ उस दिन तमाम विशेषज्ञ एक्जिट पोलों की चीर-फाड़ में लग गए
अगर बिहार नहीं जीतते तो क्या दूसरे राज्यों में एसआईआर होता?
एसआईआर ( मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण) से अगर बिहार में सफलता नहीं मिलती तो क्या उसे दूसरे राज्यों में लागू किया जाता
ललित सुरजन की कलम से - बिहार चुनाव : कुछ अन्य बातें
'बिहार में महागठबंधन की अभूतपूर्व जीत के बारे में टीकाकारों के अपने-अपने विश्लेषण हैं
Fact check: क्या कन्हैया कुमार ने दिल्ली और बिहार में 'डबल वोटिंग' की? नहीं
बूम ने पाया कि वायरल तस्वीर कन्हैया कुमार के दिल्ली में एक मतदान केंद्र विजिट करने की है. वह 2024 में उत्तर पूर्वी दिल्ली सीट से लोकसभा चुनाव लड़ रहे थे जबकि उन्होंने अपना मतदान अपने होम टाउन बेगूसराय में ही किया था.
आसान नहीं बिहार का मैदान भाजपा के लिए
बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के लिए प्रचार खत्म हो गया है और गुरुवार, 6 नवंबर को 121 सीटों पर मतदान होगा
क्या बिहार से लेफ्ट एकता की राह पकड़ेगा?
बिहार के विधानसभा चुनाव के बहुत सारे पहलू हैं। और इनमें से ज्यादातर पर लिखा जा रहा है
बिहार के प्रिंस कुमार सिंह ने यूपीएससी आईएफएस परीक्षा में 15वीं रैंक प्राप्त की है। इसके अलावा उन्होंने और भी कई बड़े एग्जाम को पास किया हुआ है। जानिए जानते प्रिंस कुमार की कहानी जिन्होंने अपने आर्थिक
बॉलीवुड के मशहूर स्टार कपल सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल 7 वर्ष की डेटिंग के बाद अब पति-पत्नी बन चुके हैं। दोनों की शादी इस वक़्त टॉक ऑफ द टाउन है। सोनाक्षी और जहीर अलग धर्म से हैं। ऐसे में ना उन्होंने निकाह किया तथा ना ही फेरे लिए, बल्कि सादगी से रजिस्टर मैरिज की एवं फिर रिसेप्शन पार्टी रखी। अलग धर्म में शादी करने पर सोनाक्षी एवं जहीर को जमकर ट्रोल किया जा रहा है। ट्रोलिंग के कारण दोनों को अपने वेडिंग पोस्ट का कमेंट सेक्शन तक बंद करना पड़ा। मगर बात तब हद से ज्यादा तब बढ़ गई, जब इंटरफेथ मैरिज करने पर सोनाक्षी एवं जहीर के खिलाफ बिहार के गांव में प्रोटेस्ट मार्च निकाले गए। रिपोर्ट के अनुसार, सोनाक्षी के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन 'हिंदू शिव भवानी सेना' नाम की एक संगठन द्वारा आयोजित किया गया था। जहीर संग शादी पर बेटी सोनाक्षी की हो रही ट्रोलिंग पर अब शत्रुघ्न सिन्हा ने चुप्पी तोड़ी है तथा हेटर्स को जवाब दिया है। अपने एक इंटरव्यू के चलते शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा- आनंद बक्शी साहब ने इस तरह के प्रोफेशनल प्रोटेस्टर्स के बारे में लिखा है- कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना। इसमें आगे जोड़ना चाहूंगा कि कहने वाले अगर बेकार, बेकाम-काज के हों तो बोलना ही उनका काम बन जाता है। मेरी बेटी ने कुछ भी ऐसा नहीं किया जो गैरकानूनी एवं संविधान के खिलाफ है। सोनाक्षी-जहीर की शादी पर शत्रुघ्न सिन्हा ने आगे कहा- शादी दो लोगों के बीच का एक बहुत ही व्यक्तिगत फैसला है। इसमें किसी को भी बीच में दखल देने या कमेंट करने का हक नहीं होता। विरोध प्रदर्शन करने वालों को मैं यही बोलना चाहता हूं- अपनी जिंदगी पर ध्यान दो। जिंदगी में कुछ अच्छा करो। इससे ज्यादा और कुछ नहीं कहना। बता दें कि शत्रुघ्न सिन्हा ने खुशी-खुशी अपनी इकलौती बेटी की शादी की है। उन्होंने दामाद जहीर को भी अपना आशीर्वाद दिया है। रिलीज हुआ श्रद्धा कपूर-राजकुमार राव की स्त्री 2 का टीजर, इस अवतार में नजर आए स्टार्स किशोर कुमार के गानों पर बैन, मनोज कुमार-देव आनंद की फिल्मों पर रोक..! बॉलीवुड पर भी पड़ा था 'इमरजेंसी' का बुरा असर सामने आई कंगना रनौत की इमरजेंसी की रिलीज डेट, जानिए किस दिन आ रही है इंदिरा गांधी की बायोपिक?
फिल्म रैप में जानिए कि रविवार को एंटरटेनमेंट की दुनिया में क्या खास हुआ. 9 जून 2024 का दिन एतिहासिक रहा. पीएम नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार पीएम बनने की शपथ ली. इस दौरान शाहरुख खान से लेकर अक्षय कुमार भी मौजूद रहे.
परेशान होकर छोड़ी इंडस्ट्री, सालों बाद किया कमबैक, बिहार की लड़की कैसे बनी हीरोइन?
टेलीविजन के पॉपुलर शो उडारियां 15 साल का लीप लेने जा रहा है. लीप के बाद शो एक नई कहानी और स्टारकास्ट के साथ दर्शकों को एंटरटेन करने आ रहा है. लीप से पहले उडारियां में आशमा का रोल निभाने वाली अदिति भगत ने आजतक संग बातचीत की और शो को लेकर कई सारी बातें शेयर कीं.
बिहार सीईटी बीएड : पांच साल में सबसे ज्यादा आवेदन आए, इस तारीख से आएंगे एडमिट कार्ड
Bihar CET B.Ed:महिलाओं के लिए अलग एवं पुरुषों के लिए अलग परीक्षा केंद्र होंगे। अभ्यर्थी 17 जून से अपना एडमिट कार्ड वेबसाइटwww. biharcetbed- lnmu. inपर लॉगइन कर डाउनलोड कर सकेंगे।
बीएसईबी बिहार बोर्ड से संबद्ध और एनसीटीई से मान्यता प्राप्त डीएलएड संस्थानों की सूची जारी
Bihar D.El.Ed: बिहार बोर्ड ने डीएलएड प्रवेश परीक्षा 2024 की आंसर की जारी करने के एक दिन बाद अब राज्य में मौजूद सरकारी व निजी डीएलएड प्रशिक्षण संस्थानों की सूची भी जारी कर दी है। डीएलएड में दाखिला लेने
Bihar DElEd Answer Key 2024: आंसर की जारी, ऐसे दर्ज करें ऑब्जेक्शन, देखें डायरेक्ट लिंक
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने बिहार डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (DElEd) परीक्षा 2024 की आंसर की जारी की। जो उम्मीदवार परीक्षा में उपस्थित हुए हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट- biharboardonline.b
Bihar STET: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने शनिवार को माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (एसटीईटी)-2024 (प्रथम) परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया है। पेपर-1 के विभिन्न विषयों की परीक्षा 18 से 29 मई तक होगी।
बॉलीवुड अभिनेत्री नेहा शर्मा की हाल ही में बिहार में एक रोड शो में भागीदारी ने इंटरनेट पर तूफान ला दिया है। क्रुक और तुम बिन 2 जैसी फिल्मों में अपनी भूमिकाओं के लिए मशहूर सुश्री शर्मा को अपने पिता अजीत शर्मा का समर्थन करते देखा गया, जो कांग्रेस के टिकट पर भागलपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। यह रोड शो उन अफवाहों के बीच हुआ कि अभिनेता राजनीति में प्रवेश कर सकते हैं। हालाँकि, अब यह स्पष्ट हो गया है कि वह सिर्फ अपने पिता के लिए प्रचार कर रही थीं। नेहा शर्मा ने इंस्टाग्राम पर बांका, किशनगंज, कटिहार और पूर्णिया सहित बिहार के विभिन्न जिलों की अपनी यात्रा दिखाते हुए एक वीडियो साझा किया। वह पारंपरिक सलवार कमीज पहने हुए थीं और जनता का अभिवादन करती और उन्हें वोट डालने के लिए प्रोत्साहित करती नजर आईं। इसे भी पढ़ें: AR Rahman ने नए एल्बम के रिलीज पर Taylor Swift को बधाई दी, नेटिजन ने कहा 'महान कला, महान कला को पहचानती है' View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial) इसे भी पढ़ें: Tamannaah Bhatia Summoned by cyber cell | 'अवैध' IPL Streaming ऐप मामले में तमन्ना भाटिया को साइबर सेल ने तलब किया रोड शो के दौरान पीरपैंती और कहलगांव में भारी भीड़ ने अभिनेता का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने कैप्शन में लिखा “वे कहते हैं कि जब कोई आपको अपने दिल में जगह देता है, तो आप हमेशा के लिए वहीं रहते हैं। आपने मुझे जो प्यार और समर्थन दिया है, उससे मेरा दिल भर गया है। पीरपैंती और कहलगांव में गर्मजोशी से स्वागत के लिए धन्यवाद। आपका प्यार सारी आँखों पर। सदा आभारी। ऑनलाइन प्रसारित हो रहे एक अन्य वीडियो में अभिनेत्री को भागलपुर में अपने पिता के चुनाव अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेते हुए दिखाया गया है। भागलपुर लोकसभा सीट पर दूसरे चरण में 26 अप्रैल को चुनाव होना है। इस सीट पर कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करने वाले अजीत शर्मा का मुकाबला जेडीयू के अजय कुमार मंडल से है। पहले ऐसी अफवाह थी कि सुश्री शर्मा राजनीति में प्रवेश कर सकती हैं। हालाँकि, कई रिपोर्टों ने स्पष्ट किया है कि वह अभी चुनावी शुरुआत नहीं कर रही हैं। रिपोर्टों के अनुसार, उनके पिता अजीत शर्मा ने उन्हें राजनीति में शामिल होने का अवसर दिया, शर्मा वर्तमान में अपने अभिनय करियर पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। Bihar, Bhagalpur: Bollywood actress Neha Sharma campaigns for Congress leader and father Ajeet Sharma in the Lok Sabha elections, participates in a roadshow. pic.twitter.com/yEhb4XoQQL — IANS (@ians_india) April 23, 2024 View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial) View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial)
सलमान के घर फायरिंग से पहले शूटर्स ने बिहार में की हथियारों की प्रैक्टिस, फार्म हाउस की हुई थी रेकी
14 अप्रैल को, सुबह 4.50 बजे सलमान के बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर, अज्ञात हमलावरों ने पांच राउंड फायरिंग की थी. पुलिस ने सलमान के घर पर फायरिंग करने के मामले में विक्की गुप्ता (24 साल) और सागर पाल (21 साल) नाम के दो लड़कों को गिरफ्तार किया था. अब इससे जुड़ा एक बड़ा अपडेट सामने आया है.
Manisha और Elvish के बीच लगी दुश्मनी की आग हुई और तेज, बिहार की बेटी नेसरेआम बना दिया'राव साहब' का मजाक ?
Bihar Board: जानें-10वीं की मार्कशीट में लिखी U/R,B और C जैसी शॉर्ट फॉर्म का क्या मतलब है?
बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं का रिजल्ट 31 मार्च को जारी कर दिया गया था। छात्र अपनी ओरिजनल मार्कशीट स्कूल से ले सकते हैं। आइए जानते हैं मार्कशीट में लिखी शॉर्ट फॉर्म की फुलफॉर्म क्या है।
बिहार में जेईई और नीट की फ्री कोचिंग, रहने-खाने की भी रहेगी मुफ्त व्यवस्था, ऐसे करें अप्लाई
Bihar Board Jee and Neet Free Coaching : विद्यार्थी समिति द्वारा संचालित engineering (jee) औरmedical (neet) की नि:शुल्क तैयारी हेतु BSEB SUPER-50 आवासीय शिक्षण में पढ़ने हेतु आवेदन कर सकत हैं।
Bihar 10th Board 2024: टॉप 5 में इन 10 छात्रों ने बनाई जगह, जानें नाम और मार्क्स
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड ने दसवी का रिजल्ट bsebmatric.org और results.biharboardonline.com पर जारी कर दिया है। इस साल टॉप 10 की लिस्ट ने 51 छात्रों ने अपनी जगह बनाई है। टॉप 5 की लिस्ट में 10 छ
Bihar Board BSEB 2024 Matrci Result Today:बिहार बोर्ड 10वीं का रिजल्ट biharboardonline.bihar.gov.in व biharboardonline.com , onlinebseb.in पर जल्दजारी कर दिया जाएगा।
BSEB: क्लास 10वीं के रिजल्ट से पहले जानें ये 10 जरूरी बातें, मार्कशीट मिलने में मिलेगी मदद
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड अब कभी भी वेबसाइट biharboardonline.gov.in पर कक्षा 10वीं के रिजल्ट अपलोड कर सकता है। एक बार रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र यहां से डाउनलोड कर सकते हैं।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने इंटर में एडमिशन को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। इस बाबत समिति ने सभी सरकारी, गैर सरकारी विद्यालय, इंटर कॉलेजों की सूची ofssbihar.in पर अपलोड कर दी है।
बीएसईबी मैट्रिक रिजल्ट की घोषणा जल्द की जाएगी। हालांकि अभी तक रिजल्ट की टाइमिंग और तारीख के बारे में कोई जानकारी शेयर नहीं की गई है, लेकिन उम्मीद है नतीजे 31 मार्च तक आधिकारिक वेबसाइट biharboardonlin
BSEB Bihar 10th Board: प्रेस कॉन्फ्रेंस में शेयर की जाएंगी ये 5 डिटेल्स, यहां पढ़ें
छात्र आधिकारिक वेबसाइट्स से बीएसईबी 10वीं स्कोरकार्ड 2024 डाउनलोड कर सकेंगे। रिजल्ट वाले दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। जिसमें बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं की परीक्षा से जुड़ी कई डिटेल्स शेयर की जाएगी। आइए ज
Bihar 12th Board: किसान की बेटी बनीं कॉमर्स की टॉपर, अब बनना चाहती हैं प्रोफेसर, करेंगी PhD
बिहार बोर्ड 12वीं की कॉमर्स स्ट्रीम में खुशी कुमारी को जिले में सेकंड रैंक मिली है। उनके पिता किसान हैं। उन्होंने कहा, मेरे पिता ने हमेशा शिक्षा को महत्व दिया है, इसलिए भविष्य में मैं शिक्षा के क्षेत
इस साल का रिजल्ट पिछले 5 साल की तुलना में सबसे बेहतर, 87.21 प्रतिशत विद्यार्थी हुए पास
BSEB Bihar Board 12th Result : हार बोर्ड ने आज 12वीं के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस वर्ष का रिजल्ट पिछले 5 सालों की तुलना में सबसे बेहतर रहा है। इस साल इंटर का रिजल्ट 87.21 फीसदी रहा।
बिहार बोर्ड ने 12वीं यानी इंटर परीक्षा का रिजल्ट अब जारी कर दिया है। टॉपर्स के नाम भी सामने आ गए हैं। आइए जानते हैं साइंस, कॉमर्स, आर्ट्स स्ट्रीम के टॉपर्स ने किन स्कूलों से पढ़ाई की है। यहां देखें न
BSEB : बारहवीं कक्षा के छात्रों को इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी के लिए फ्री में कोचिंग देती है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) गरीब विद्यार्थियों को JEE और NEET की मुफ्त कोचिंग कराती है।
BSEB Bihar Board: बिहार बोर्ड इंटर छात्र जानें टॉप 10 इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज
NIRF यानी राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क। इस रैंकिंग को शिक्षा मंत्रालय जारी करता है। एनआईआरएफ रैंकिंग में देश के टॉप इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज और यूनिवर्सिटी की रैंकिंग जारी की जाती है।
Bihar 12th Board 2024: रिजल्ट जारी होने की तारीख और समय के बारे में यहां मिलेगी जानकारी
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (बीएसईबी) जल्द ही इंटरमीडिएट या कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा 2024 के परिणाम घोषित करेगा। वहीं बोर्ड परिणाम के समय की घोषणा पहले कर दी जाएगी। आइए जानते हैं, आप कहां कर सकें

