6 आईएएस और तीन बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग का आदेश शुक्रवार को जारी किया गया। आरा और मुजफ्फरपुर में नए एसडीओ की तैनाती की गई है। वहीं, पदस्थापन की प्रतीक्षा में बैठे कुछ आईएएस अफसरों को नई जिम्मेदारी मिली है।
रक्षाबंधन पर बिहार और राजस्थान में महिलाओं के लिए मुफ्त बस सेवा, बड़ी संख्या में यात्री कर रहे सफर
Patna/jaipur, 28 अगस्त . रक्षाबंधन के अवसर पर बिहार और Rajasthan Government ने महिलाओं को रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी है. इस पहल का उद्देश्य त्योहार के दौरान महिलाओं को अपने मायके और परिवार तक आसानी से पहुंचने में मदद करना है. मुफ्त यात्रा का लाभ उठाने के लिए बड़ी संख्या में ... Read more
शिक्षा विभाग ने फैसला किया है कि मैट्रिक और इंटर की परीक्षाओं के मार्क्स शीट पर फेल शब्द नहीं दिखेगा। यह जानकारी विभागीय मंत्री मिथलेश तिवारी ने दी है।
UP Board APAAR ID 2026: नए शैक्षिक सत्र 2026-27 से उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने कक्षा 9 से 12 के छात्रों के लिए बड़े बदलाव की घोषणा की है। यूपी बोर्ड ने नए सत्र से छात्रों को अपनी APAAR ID बनवाने को कहा है। साथ ही बोर्ड ने छात्रों को बोर्ड परीक्षा फॉर्म के पंजीकरण और आवेदन में इसे दर्ज करने का भी निर्देश दिया है। अपार आईडी 12 अंकों का एक डिजिटल प्रमाण पत्र है, जिसमें छात्रों के सभी शैक्षिक रिकॉर्ड सुरक्षित रहेंगे।परिषद का कहना है कि ‘वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी’ के तहत बनाई जाने वाली अपार आईडी के जरिए मार्कशीट और ट्रांसफर सर्टिफिकेट जैसे दस्तावेज डिजीलॉकर में सुरक्षित रहेंगे। साथ ही, सही शैक्षणिक विवरण के आधार पर छात्रों को छात्रवृत्ति, कल्याणकारी योजनाओं और दूसरी शैक्षणिक सुविधाओं का लाभ सीधे मिल सकेगा।यूपी बोर्ड वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी’ की व्यवस्था के जरिए छात्रों के शैक्षणिक रिकॉर्ड को डिजिटल और सुरक्षित बनाने पर जोर दे रहा है। अभी कक्षा 9 और 11 के छात्रों का अग्रिम पंजीकरण और कक्षा 10 और 12 के छात्रों के परीक्षा आवेदन की प्रक्रिया चल रही है। इस बीच, अपार आईडी को लेकर यूपी बोर्ड की अपील छात्रों और अभिभावकों के लिए इसलिए अहम है, क्योंकि परिषद चाहता है कि विद्यार्थी भविष्य के लिए अपनी डिजिटल शैक्षणिक पहचान तैयार रखें। हालांकि इसे परीक्षा फॉर्म या अग्रिम पंजीकरण में दर्ज करना अभी अनिवार्य नहीं किया गया है। इससे स्कूल की पढ़ाई से लेकर आगे की उच्च शिक्षा तक उनके शैक्षणिक रिकॉर्ड को एक जगह सुरक्षित रखने में मदद मिल सकेगी।क्या है अपार आईडी?अपार आईडी छात्रों की 12 अंकों की स्थायी डिजिटल पहचान है। यह छात्र की स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक की शैक्षणिक यात्रा से जुड़े रिकॉर्ड को एक जगह सुरक्षित रखने में मदद करती है। इसके तहत छात्र के शैक्षणिक क्रेडिट और रिपोर्ट कार्ड जैसे जरूरी दस्तावेज डिजिटल रूप में सुरक्षित रखे जा सकते हैं। शिक्षा से जुड़ी छात्र की हर जानकारी एक डिजिटल पहचान से जोड़ी जा सकती है।कागजी प्रमाणपत्र पर नहीं रहेंगे निर्भरअपार आईडी का एक बड़ा फायदा यह है कि इसके जरिए विद्यार्थियों के जरूरी शैक्षणिक प्रमाणपत्र डिजीलॉकर में डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेंगे। इनमें मार्कशीट और ट्रांसफर सर्टिफिकेट जैसे दस्तावेज शामिल हैं। इसकी मदद से छात्रों को अपने जरूरी शैक्षणिक दस्तावेजों को संभालकर रखने के लिए सिर्फ कागजी प्रमाणपत्रों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।छात्रवृत्ति पाना भी होगा आसानपरिषद के मुताबिक अपार आईडी के जरिए छात्रों का सही विवरण और आंकड़े उपलब्ध रहने से उन्हें छात्रवृत्ति और दूसरी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे दिलाने में मदद मिलेगी। अपार आईडी सिर्फ पहचान संख्या नहीं होगी बल्कि छात्र के डिजिटल शैक्षणिक रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखने का जरिया भी बनेगी।परीक्षा फॉर्म में अपार आईडी देना अनिवार्य नहींयूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने स्पष्ट किया है कि अग्रिम पंजीकरण या परीक्षा आवेदन पत्र भरते समय अपार आईडी का विवरण देना फिलहाल अनिवार्य नहीं है। इसके बावजूद परिषद विद्यार्थियों के व्यापक हित को देखते हुए इसे बनवाने और पंजीकरण व परीक्षा फॉर्म में दर्ज कराने का अनुरोध कर रहा है। सचिव ने सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों, शिक्षकों और अभिभावकों से विशेष रूप से कहा है कि वे विद्यार्थियों की अपार आईडी बनवाने में सहयोग करें। परिषद के सचिव के मुताबिक अपार आईडी बनाने का काम अभिभावकों की सहमति से पूरा किया जाता है।Bihar Board Exam 2027: बिहार बोर्ड ने शुरू की नए सत्र की बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी, 10वीं-12वीं की मार्कशीट में बड़े बदलाव के साथ फॉर्म भरने शुरू
बिहार तकनीकी सेवा आयोग ने स्टाफ नर्स भर्ती परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है। परीक्षा में सफल 7,376 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। अब चयनित उम्मीदवारों को भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण में शामिल होना होगा।
Bihar Board Exam 2027: बिहार स्कूल परीक्षा बोर्ड (BSEB) ने मैट्रिक (कक्षा 10) और इंटरमीडिए (कक्षा 12) के छात्रों के लिए बिहार बोर्ड परीक्षा 2027 के लिए तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत बोर्ड ने दोनों कक्षा के छात्रों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। इसके अलावा, नए शैक्षिक सत्र 2026-27 से 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा की मार्कशीट भी बड़े बदलाव के साथ जारी की जाएगी। दोनों कक्षाओं के असफल छात्रों की मार्कशीट पर ‘फेल’ शब्द दर्ज नहीं होगा।25 अगस्त, 2026 को शुरू हुई पंजीकरण प्रक्रिया 16 सितंबर, 2026 तक जारी रहेगी। इस बीच मैट्रिक और इंटरमीडिएट के छात्र अपना पंजीकरण पूरा कर सकते हैं। परीक्षा आवेदन फॉर्म शुल्क भुगतान करने की आखिरी तारीख 15 सितंबर, 2026 है। कक्षा 10 के छात्र आधिकारिक परीक्षा पोर्टल exam.biharboardonline.org के जरिए रजिस्टर कर सकते हैं, जबकि कक्षा 12 के छात्र intermediate.biharboardonline.com पर रजिस्ट्रेशन लिंक एक्सेस कर सकते हैं। सभी उम्मीदवारों को तय डेडलाइन के अंदर पंजीकरण और फीस पेमेंट पूरा करना होगा।बिहार बोर्ड एग्जाम 2027 : जरूरी तारीखेंरजिस्ट्रेशन शुरू : 25 अगस्त, 2026रजिस्टर करने की आखिरी तारीख : 16 सितंबर, 2026परीक्षा आवेदन फॉर्म शुल्क भुगतान करने की आखिरी तारीख : 15 सितंबर, 2026बिहार बोर्ड परीक्षा 2027 के लिए पंजीकरण कैसे करें?छात्र अपना बिहार बोर्ड कक्षा 10th, 12th पंजीकरण पूरा करने के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो कर सकते हैं : बिहार बोर्ड की ऑफिशियल क्लास 10 या क्लास 12 वेबसाइट पर जाएं। होमपेज पर मौजूद रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करें। जरूरी रजिस्ट्रेशन डिटेल्स डालें और उन्हें सबमिट करें। जरूरी क्रेडेंशियल्स का इस्तेमाल करके अकाउंट में लॉग इन करें। एप्लीकेशन फॉर्म भरें और तय फीस ऑनलाइन पे करें। फॉर्म सबमिट करें और कन्फर्मेशन पेज डाउनलोड करें। बोर्ड परीक्षा के छात्रों को ऑनलाइन देना होगा शुल्कआगे के संदर्भ के लिए कन्फर्मेशन पेज की एक प्रति अपने पास रखें। कक्षा 12 के छात्रों के लिए, परीक्षा आवेदन फॉर्म की फीस Rs 150 है, जबकि परीक्षा शुल्क Rs 260 है। दूसरे चार्ज में Rs 48- का लोकल फाइन, Rs 170 की मार्कशीट फीस, Rs 170 की प्रोविजनल सर्टिफिकेट फीस और Rs 170 की माइग्रेशन सर्टिफिकेट फीस शामिल है। Rs 30 की ऑनलाइन फीस भी लगेगी, जिससे कुल एग्जाम और दूसरी फीस Rs 1430 हो जाएगी। आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स स्ट्रीम में एडवांस्ड या क्वालिफाइंग कैंडिडेट्स के तौर पर शामिल होने वाले परीक्षार्थियों को Rs. 340 की अनुमति शुल्क देना होगा। जिन प्रोफेशनल कोर्स में प्रैक्टिकल एग्जाम की जरूरत होती है, उनके उम्मीदवारों को Rs. 400 अतिरिक्त देने होंगे। सभी शुल्क भुगतान ऑनलाइन मोड से ही करने होंगे।बोर्ड परीक्षा की मार्कशीट पर नहीं लिखा जाएगा ‘फेल’बिहार बोर्ड मैट्रिक-इंटर की बोर्ड परीक्षा की मार्कशीट में इस सत्र से बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। 10वीं-12वीं की बोर्ड परीक्षा में जो छात्र उत्तीर्ण या पास नहीं होंगे, उनकी मार्कशीट में ‘फेल’ शब्द नहीं लिखा जाएगा। फेल की जगह प्रमाण पत्र पर पात्र शब्द का प्रयोग होगा। लाइव हिंदुस्तान की खबर के अनुसार, इसके लिए नियम में बदलाव होगा। इस बाबत शिक्षा विभाग जल्द ही बिहार बोर्ड को निर्देश जारी करेगा। गुरुवार की रात समीक्षा बैठक में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने यह घोषणा की।Netflix Scholarship: आईआईसीटी और नेटफ्लिक्स से 100 छात्रों को मिलेगी स्कॉलरशिप, डिप्लोमा-सर्टिफिकेट प्रोग्राम में शामिल छात्रों को होगा फायदा
गुब्बारा पकड़ते हुए खुले नाले में समा गया मासूम, बिहार के रोहतास में दिल्ली जैसी घटना
बिहार के रोहतास में एक दुखद घटना हुई है. रक्षा बंधन के मौके पर एक छोटा सा बच्चा अपनी मौसी के घर गया था. खुले नाले में गिरने से मौत हो गई.
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहारवासियों को राखी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सपनों को साकार करने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।
Bihar News Today Live: बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 28 अगस्त के मुख्य और ताजा समाचार
Bihar Breaking News Today Live - Read latest and breaking news today in hindi at Amarujala. यहां पढ़ें, बिहार की ताजा खबरें, राजनीति, खेल, मनोरंजन, धर्म, क्राइम और शिक्षा की खबरों का लाइव अपडेशन
Amit Shah ने Pharma क्षेत्र को रणनीतिक संपत्ति बताकर शोध और आत्मनिर्भरता पर दिया विशेष जोर
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ‘पुनर्निर्माण’ संबंधी महात्मा गांधी के विचारों से प्रेरित होकर भारत को आगे बढ़ा रही है। शाह ने देश के दवा उद्योग को ‘‘राष्ट्रीय रणनीतिक संपत्ति’’ बताते हुए कहा कि भारत को इस क्षेत्र में न केवल आत्मनिर्भर बनना है, बल्कि दुनिया को भी दवाएं उपलब्ध करानी हैं। शाह ने अहमदाबाद स्थित गुजरात विद्यापीठ के 72वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए महात्मा गांधी द्वारा बताए गए सामाजिक पापों का उल्लेख किया और कहा कि जो लोग अपने स्वार्थ के लिए राजनीति करते हैं, वे एक तरह से पाप कर रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Nepal Flood India Alert | नेपाल जलप्रलय की भारत में दस्तक! बिहार, यूपी और उत्तराखंड में हाई अलर्ट, गंडक बैराज के 36 गेट खोले गए गुजरात विद्यापीठ की स्थापना महात्मा गांधी ने 18 अक्टूबर 1920 को की थी। खुद को महात्मा गांधी का प्रशंसक और अनुयायी बताते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता शाह ने कहा कि राष्ट्रपिता ने धर्मांतरण को पाप माना था और प्रत्येक व्यक्ति को अपने धर्म के अनुसार जीवन जीने की प्रेरणा दी थी। उन्होंने कहा, ‘‘गांधीजी ने कहा था कि सिद्धांतों के बिना राजनीति पाप है। राजनीति सिद्धांतों और उद्देश्यों पर आधारित होनी चाहिए। जो लोग अपने लिए और अपने स्वार्थ के लिए राजनीति करते हैं, वे एक तरह से पाप कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप गांधीजी को पढ़ेंगे तो आपको ‘नवनिर्माण’ शब्द कहीं नहीं मिलेगा। यह देश बहुत विशाल था और गुलामी के दौर में इसे तोड़ा गया, इसलिए गांधीजी हमेशा ‘पुनर्निर्माण’ शब्द का इस्तेमाल करते थे।’’ दीक्षांत समारोह में करीब 900 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गईं और 11 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक दिए गए। इसे भी पढ़ें: Amit Shah ने Nepal Flood पर UP और Bihar को किया सतर्क, NDRF तैनात शाह ने यहां ‘फार्मइनोवा अवॉर्ड्स 2026’ समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि भारत का दवा उद्योग उसकी ‘‘राष्ट्रीय रणनीतिक संपत्ति’’ है और इसे मजबूत करने के लिए उद्योग जगत को अनुसंधान एवं नवोन्मेष पर विशेष ध्यान देना होगा। यह पुरस्कार समारोह औषधि विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट अनुसंधान को मान्यता देने के लिए आयोजित किया गया था।
पत्नी की लगी बिहार पुलिस में नौकरी, पति ने प्रेमी संग फरार होने का लगाया आरोप; पिछले साल हुई थी शादी
महिला के पति का कहना है कि 2025 में शादी के बाद पत्नी को पढ़ाया, बिहार पुलिस में नौकरी लगी तो गहने-कैश लेकर प्रेमी के साथ फरार हो गई.
सॉफ्टवेयर दिग्गज Adobe ने भारत के 7 राज्यों की सरकारों के साथ MoU साइन किया है। इसके तहत दिल्ली, यूपी, बिहार और तमिलनाडु समेत कई राज्यों के सरकारी स्कूलों में छात्रों और टीचर्स को 'Adobe Express for Education' और AI टूल्स का फ्री एक्सेस मिलेगा।
अब बच्चों की मार्कशीट पर नहीं लिखा जाएगा ‘फेल’, बिहार सरकार ने चुना नया नाम
बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने घोषणा की है कि अब बच्चों की मार्कशीट पर 'फेल' शब्द नहीं लिखा जाएगा, बल्कि इसकी जगह 'कौशल के लिए पात्र' शब्द का प्रयोग होगा।
Raksha Bandhan 2026: बिहार में बिकी 9.5 लाख की 1 राखी; मिठाई, गिफ्ट समेत 300 करोड़ का कारोबार
बिहार की राजधानी पटना में इस बार 9.50 लाख रुपए तक की राखी बिकी है। इसके अलावा भी सोने-चांदी के हजारों और लाखों रुपए की राखियां खरीदी गईं। लगभग 300 करोड़ के कारोबार का अनुमान लगाया गया है।
Bihar Weather Today: 20 जिलों में आज बारिश का अलर्ट, रक्षा बंधन पर आज बिहार का मौसम कैसा?
Bihar Weather Today: आज राज्य के सभी जिलों के लिए बारिश का अनुमान लगाया गया है। मौसम विभाग की ओर से 20 जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया जिसमें पटना भी शामिल है। कल 29 अगस्त को भी बारिश हो सकती है।
Bihar Board : बिहार बोर्ड 10वीं 12वीं की मार्कशीट पर अब नहीं लिखा जाएगा फेल
बिहार बोर्ड मैट्रिक-इंटर के परीक्षार्थियों की मार्कशीट पर अब फेल नहीं लिखा जाएगा। फेल की जगह प्रमाण पत्र पर कौशल के लिए पात्र शब्द का प्रयोग होगा। इसके लिए नियम में बदलाव होगा।
बिहार के अधिकांश हिस्सों में बादलों की आवाजाही के साथ छिटपुट वर्षा की संभावना है। पटना सहित छह जिलों में अगले 24 घंटे में भारी वर्षा और मेघ गर्जन की चेतावनी जारी की गई है।
गुरुग्राम में पुराने सिविल अस्पताल के सामने देर रात तेज रफ्तार हाइड्रा मशीन ड्राइवर ने लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए एक बाइक सवार डिलीवरी बॉय को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि डिलीवरी बॉय गंभीर रूप से घायल हो गया। वारदात के बाद आरोपी चालक को राहगीरों ने पकड़ लिया। घायल युवक की पहचान मंजीत कुमार यादव के रूप में हुई है। मंजीत मूल रूप से बिहार के मधुबनी जिले का रहने वाला है और फिलहाल गुरुग्राम के राजीव नगर इलाके में किराए पर रहता है। वह फ्लिपकार्ट 10 मिनट ग्रोसरी डिलीवरी सेवा में बतौर डिलीवरी बॉय काम करता है। रोज की तरह वह देर रात करीब 11 बजे अपनी बाइक से एक ग्राहक का ऑर्डर डिलीवर करके वापस लौट रहा था। जैसे ही वह पुराने सिविल अस्पताल के पास पहुंचा, तभी एक बेकाबू हाइड्रा मशीन ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। राहगीरों और पुलिस ने पहुंचाया अस्पताल हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। मंजीत सड़क पर लहूलुहान हालत में तड़प रहा था। वहां मौजूद राहगीरों ने तुरंत इस घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दी। सूचना मिलते ही सिटी थाना पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने बिना समय गंवाए राहगीरों और एम्बुलेंस की मदद से घायल मंजीत को पास के नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों के मुताबिक, युवक को काफी गंभीर चोटें आई हैं और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। आरोपी ड्राइवर को पकड़ा सिटी थाना पुलिस ने ड्राइवर को हिरासत में ले लिया है। देर रात भारी वाहनों की लापरवाही के कारण शहर में पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। मौके पर जुटे डिलीवरी पार्टनरों ने पुलिस से मांग की है कि इस मार्ग पर सुरक्षा के इंतजाम किए जाए।
Kushinagar News: बिहार के सीएम ने वाल्मीकि बैराज का लिया जायजा
नेपाल में आई बाढ़ के बाद गंडक-नारायणी नदी में संभावित बढ़ते जलप्रवाह और बाढ़ की आशंका को देखते हुए बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बृहस्पतिवार को वाल्मीकि नगर पहुंचे।
देशभर में सक्रिय मानसून एक बार फिर विकराल रूप धारण करने जा रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ताजा मौसम बुलेटिन जारी करते हुए देश के कई हिस्सों में अगले 5 दिनों तक संभलकर रहने की सख्त चेतावनी दी है। बंगाल की खाड़ी में बने गहरे निम्न दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area), सक्रिय मॉनसून ट्रफ और उत्तर-पश्चिमी भारत के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के मेल से एक बेहद मजबूत वेदर सिस्टम सक्रिय हो गया है।इसके प्रभाव से मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और गुजरात के कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश के साथ-साथ 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने संवेदनशील क्षेत्रों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी करते हुए नागरिकों से सतर्कता बरतने की अपील की है।मध्य प्रदेश में सक्रिय हुआ अति भारी बारिश का दौर, नदियां उफान परमध्य प्रदेश में मानसूनी तंत्र के अत्यधिक मजबूत होने के कारण राज्य के अधिकांश संभागों में लगातार बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल, रायसेन, विदिशा, सीहोर, नर्मदापुरम, जबलपुर, सागर, छिंदवाड़ा और ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।लगातार हो रही मानसूनी बारिश के चलते नर्मदा, बेतवा, चंबल, ताप्ती और क्षिप्रा जैसी प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। कई प्रमुख बांधों के गेट खोलकर पानी छोड़े जाने की संभावना है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति और जलभराव का खतरा पैदा हो गया है। स्थानीय प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों और निचले क्षेत्रों में हाई अलर्ट जारी किया है।उत्तर प्रदेश और बिहार में मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली (वज्रपात) का संकटउत्तर प्रदेश और बिहार के मैदानी इलाकों में मॉनसून ट्रफ के खिसकने से व्यापक मौसमी बदलाव देखा जा रहा है। उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल और तराई बेल्ट के जिलों—जैसे गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, गाजीपुर, बलिया, बहराइच, लखीमपुर खीरी और लखनऊ के आसपास के इलाकों में अगले 5 दिनों तक गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का अनुमान है।वहीं बिहार के पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, पूर्णिया और पूर्वी चंपारण जिलों में भारी बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने (Lightning Strike) का बड़ा खतरा बना हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों ने विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों और खुले खेतों में काम करने वाले किसानों को बादलों की तेज गर्जना के दौरान पक्के मकानों में शरण लेने की सलाह दी है।पहाड़ी राज्यों में लैंडस्लाइड का खतरा, राजस्थान और गुजरात में अलर्टउत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के चलते भूस्खलन (Landslide), बोल्डर गिरने और सड़कों के अवरुद्ध होने का संकट और गहरा सकता है। चारधाम यात्रा मार्गों—बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री हाइवे पर संवेदनशील लैंडस्लाइड जोन्स पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को अनावश्यक पर्वतीय यात्राओं से बचने की चेतावनी दी गई है।पश्चिमी भारत में पूर्वी राजस्थान (जयपुर, कोटा, उदयपुर, भरतपुर) और गुजरात के कई हिस्सों में तेज हवाओं और आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश का दौर अगले 3 से 5 दिनों तक जारी रहने की संभावना है। सौराष्ट्र और कच्छ के तटीय क्षेत्रों में मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।दिल्ली-एनसीआर में बादलों का डेरा, उमस से राहत और जलभराव की चेतावनीराजधानी दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद) में अगले 5 दिनों के दौरान आसमान में घने बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। कई स्थानों पर हल्की से मध्यम और कुछ इलाकों में तेज बारिश के स्पेल देखने को मिल सकते हैं, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि, तेज बारिश के कारण प्रमुख सड़कों और अंडरपासों में ट्रैफिक जाम और जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।मौसम विभाग (IMD) की सुरक्षा एडवाइजरीखराब मौसम और संभावित प्राकृतिक आपदाओं के मद्देनजर मौसम विभाग ने जनता और प्रशासन के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं:आंधी-तूफान और बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों, जर्जर दीवारों और बिजली के खंभों के नीचे बिल्कुल खड़े न हों।इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अनप्लग रखें और जलभराव वाले रास्तों पर वाहन चलाने से बचें।किसान अपनी कटी या तैयार फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें और कीटनाशकों का छिड़काव मौसम साफ होने तक टाल दें।किसी भी आपात स्थिति के लिए स्थानीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDRF/SDRF) और जिला प्रशासन के हेल्पलाइन नंबरों से जुड़े रहें।
देशभर में सक्रिय मानसून के चलते मौसम विभाग (IMD) ने कल यानी 28 अगस्त को उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर और पहाड़ी राज्यों समेत 14 से अधिक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस दौरान 70 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, आकाशीय बिजली गिरने और निचले इलाकों में जलभराव की गंभीर संभावना है।यूपी, बिहार और मध्य प्रदेश में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का अलर्टउत्तर प्रदेश के पूर्वांचल और तराई क्षेत्रों में मौसम विभाग ने मूसलाधार बारिश और वज्रपात की चेतावनी दी है। वाराणसी, गोरखपुर, गाजीपुर, बलिया, आजमगढ़, लखनऊ और आसपास के जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है।बिहार के पटना, गया, भागलपुर, दरभंगा और पूर्णिया समेत कई जिलों में बादलों की आवाजाही के साथ मूसलाधार बारिश और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से अंधड़ चलने की आशंका है।मध्य प्रदेश के भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और रीवा संभाग में कम दबाव के क्षेत्र के असर से भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।पहाड़ी राज्यों में लैंडस्लाइड का खतरा, मैदानी इलाकों में तेज आंधी की चेतावनीउत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश के चलते भूस्खलन (Landslide) और नदियों के जलस्तर में अचानक वृद्धि का अलर्ट जारी किया गया है। चमोली, नैनीताल, पिथौरागढ़, कुल्लू, कांगड़ा और मंडी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।मैदानी इलाकों में पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के जयपुर, भरतपुर, सीकर और बीकानेर जैसे जिलों में 60 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज धूल भरी आंधी और बारिश का असर देखने को मिल सकता है।इन 14+ राज्यों में भी रहेगा मानसून का रौद्र रूपमौसम विभाग के अनुसार 28 अगस्त को जिन प्रमुख राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का प्रभाव रहेगा, उनमें शामिल हैं:उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेशराजस्थान, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली-एनसीआरउत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीरझारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशाछत्तीसगढ़, गुजरात और महाराष्ट्रअसम, मेघालय और त्रिपुरामौसम विभाग की सुरक्षा एडवाइजरी और किसानों को सलाहआईएमडी (IMD) ने किसानों, खुले में काम करने वाले लोगों और वाहन चालकों को आंधी-तूफान व बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे शरण न लेने की सख्त चेतावनी दी है। तेज अंधड़ से कच्चे मकानों, सोलर पैनल्स और खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा है। स्थानीय प्रशासन को आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर रखा गया है।
BRABU के रजिस्ट्रार पर पटना हाईकोर्ट सख्त, आदेश की अवहेलना पर मांगा जवाब
Bihar University Contempt Case: पटना उच्च न्यायालय ने बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के कुलसचिव को अदालती आदेशों की अनदेखी पर कड़ा रुख अपनाया है। कुलसचिव को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया गया है।
बिहार में NH पर हर 75 किमी पर बनेंगे ट्रक ठहराव स्थल, हादसों और जाम से मिलेगी निजात
Highway Truck Parking Bihar: बिहार में राष्ट्रीय राजमार्गों पर ट्रक चालकों के लिए हर 75 किमी पर सुरक्षित ठहराव स्थल (ले-बाई) बनाए जाएंगे। यह पहल सड़क हादसों और जाम को कम करने के साथ-साथ चालकों को आराम की सुविधा प्रदान करेगी।
गोपालगंज में समृद्ध महिला, समृद्ध बिहार अभियान शुरू, हजारों महिलाओं को मिली आर्थिक मदद
27 अगस्त, गुरुवार: गोपालगंज में रक्षाबंधन पर ‘समृद्ध महिला, समृद्ध बिहार’ अभियान की शुरुआत हुई। जिले की 5,920 महिला लाभुकों को पहली किस्त में 10-10 हजार रुपये और 523 महिलाओं को दूसरी किस्त में 20-20 हजार रुपये मिले। जीविका निधि से 25 लाभुकों को 1.10 करोड़ का ऋण भी दिया गया।
Rahul Gandhi ने Modi Government पर साधा निशाना, बोले- देश में चल रहे 'Two Systems' और लूट का खेल
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार ने देश में दो सिस्टम बना दिए हैं - एक कुछ गिने-चुने अरबपतियों के लिए और दूसरा बाकी सभी के लिए। उन्होंने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के कामकाज की आलोचना करते हुए यह बात कही। एक्स पर एक पोस्ट में गांधी ने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि जहां लोन न चुकाने पर किसानों और सैलरी पाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई होती है, वहीं कुछ खास कारोबारियों को बैंकों से खास सुविधा मिलती है। NCLT का ज़िक्र करते हुए गांधी ने लिखा, NCLT - 'लीडर-कंपनी लूट ट्रिब्यूनल'। इसे भी पढ़ें: राहुल गांधी का BJP सरकार पर हमला, बोले - लाठियों से सवाल नहीं दबेंगे, Bihar के BPSC छात्रों को न्याय दो उन्होंने आरोप लगाया कि अगर कोई किसान 50,000 रुपये नहीं चुका पाता है, तो उसकी ज़मीन नीलाम कर दी जाती है, जबकि सैलरी पाने वाले व्यक्ति की एक भी EMI छूटने पर बैंकों का दबाव झेलना पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि गरीब छात्रों को एजुकेशन लोन लेने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि अगर कोई किसान 50 हज़ार रुपये नहीं चुका पाता, तो उसकी ज़मीन नीलाम कर दी जाती है। अगर सैलरी पाने वाले व्यक्ति की एक भी EMI छूट जाती है, तो बैंक के गुंडे घर आ धमकते हैं। गरीब छात्रों को तो पढ़ाई के लिए लोन भी नहीं मिल पाता। गांधी ने आगे आरोप लगाया कि कुछ खास दोस्तों के लिए बैंक का पैसा अपनी निजी संपत्ति जैसा है - जितना चाहें निकालें, जितना मन करे उतना चुकाएं। उन्होंने एक्स पर लिखा, लेकिन कुछ खास 'दोस्तों' के लिए बैंक का पैसा अपनी निजी संपत्ति जैसा है - जितना चाहें निकालें, जितना मन करे उतना चुकाएं। इसे भी पढ़ें: सच्चाई vs भ्रम: मनुस्मृति में नारी को लेकर ऐसा लिखा क्या है? जिस पर होता है बवाल इस बीच, एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन सुभाष चंद्रा ने आज कहा कि नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के सामने उनकी पर्सनल इनसॉल्वेंसी (व्यक्तिगत दिवालियापन) की कार्यवाही से जुड़ी खबरों ने उनके खिलाफ दावों की गलत तस्वीर पेश की है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि वह सिर्फ़ एक पर्सनल गारंटर थे और उन्होंने किसी लेंडर (ऋणदाता) से व्यक्तिगत रूप से पैसे उधार नहीं लिए थे।
Dolphin के साथ क्रूरता! बिहार के Saharsa में दुर्लभ डॉल्फिन का शिकार करने पर Action, आरोपी गिरफ्तार
कोसी नदी में मछली पकड़ने निकले एक मछुआरे का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने के बाद मामला वन विभाग और पुलिस तक पहुंच गया। वीडियो में मछुआरा जाल में फंसी दुर्लभ गंगा नदी डॉल्फिन को बाहर निकालकर अपने घर ले जाता दिखाई दे रहा है। मामला बिहार के सहरसा जिले का है, जहां कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी मछुआरे को गिरफ्तार कर लिया है। मौजूद जानकारी के अनुसार, मछुआरा कोसी नदी में मछली पकड़ रहा था। इसी दौरान उसके जाल में गंगा नदी डॉल्फिन फंस गई। डॉल्फिन को जाल से निकालकर नदी में छोड़ने के बजाय मछुआरा उसे अपने साथ घर ले गया। इसी दौरान वहां मौजूद एक स्थानीय व्यक्ति ने पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल फोन से बना लिया। बाद में यह वीडियो इंटरनेट पर साझा किया गया और देखते ही देखते तेजी से फैल गया। वीडियो में मछुआरे को डॉल्फिन से तेल निकालने की बात करते हुए भी सुना गया। वीडियो सामने आने के बाद मामला वन विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारियों तक पहुंचा। अधिकारियों ने घटना को गंभीरता से लेते हुए मछुआरे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। हालांकि, प्राथमिकी दर्ज होने के तुरंत बाद आरोपी का पता नहीं चल सका। इसके बाद वन विभाग और पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की। करीब दो दिनों तक खोजबीन के बाद तीसरे दिन बिहार पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी से पूछताछ की जा रही है। सहरसा के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ओम प्रकाश ने बताया कि डॉल्फिन का शिकार करने और उसे मारने के संबंध में मामला दर्ज किया गया है। वन विभाग और बिहार पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई शुरू की है। ओम प्रकाश ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ चल रही है। पूछताछ पूरी होने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा। गौरतलब है कि गंगा नदी डॉल्फिन भारत में विशेष रूप से संरक्षित जलीय जीवों में शामिल है। इसे भारत का राष्ट्रीय जलीय जीव भी घोषित किया गया है। यह मुख्य रूप से गंगा, ब्रह्मपुत्र और मेघना नदी तंत्र में पाई जाती है। प्रदूषण, नदियों में पानी का घटता प्रवाह, मछली पकड़ने के जाल में फंसने और मानवीय गतिविधियों के कारण इस प्रजाति के सामने लगातार खतरे बने हुए हैं। बता दें कि वन्यजीव संरक्षण कानून, 1972 के तहत संरक्षित वन्यजीवों का शिकार करना या उन्हें मारना अपराध है। मामले की प्रकृति और लागू प्रावधानों के आधार पर दोषी पाए जाने पर सात साल तक की जेल और जुर्माने का प्रावधान हो सकता है। कोसी जैसी नदियां गंगा नदी डॉल्फिन के लिए महत्वपूर्ण आवास मानी जाती हैं। ऐसे में मछली पकड़ने के दौरान डॉल्फिन के जाल में फंसने की घटनाएं संरक्षण को लेकर भी चिंता बढ़ाती हैं। अधिकारियों की कार्रवाई से साफ है कि संरक्षित जलीय जीवों को नुकसान पहुंचाने के मामलों में कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज पटना के बापू सभागार में आयोजित कार्यक्रम समृद्ध महिला-समृद्ध बिहार अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 5 लाख महिला लाभुकों को राशि का अंतरण किया गया। इसके साथ ही जीविका निधि से 10 हजार लाभुकों को ऋण वितरण, विकसित भारत–जी राम जी योजना के तहत 112 ग्रामीण हाटों के निर्माण का कार्यारंभ तथा प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय एवं मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया गया। डीएम रिची पांडेय, डीडीसी आकाश चौधरी समेत अधिकारी थे मौजूद इस राज्यस्तरीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण बेगूसराय समाहरणालय स्थित कारगिल विजय भवन में भी किया गया। मौके पर डीएम रिची पांडेय, डीडीसी आकाश चौधरी, एसडीओ एवं जीविका के जिला परियोजना पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में जीविका दीदियां उपस्थित थी। उपस्थित लोगों ने पटना में आयोजित मुख्य कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा और लाभांवित हुए। इस अवसर पर डीएम रिची पांडेय ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि बेगूसराय में योजना के तहत 4 लाख 74 हजार 606 आवेदन स्वीकृत किए गए हैं। अब तक 4 लाख 59 हजार 95 आवेदकों को प्रथम किस्त के रूप में 10-10 हजार रुपये की राशि दी जा चुकी है। 31078 शहरी क्षेत्र के आवेदक भी शामिल हैं। आज बेगूसराय की 2455 जीविका दीदियों को प्रथम किस्त 10-10 हजार रुपये एवं 6282 आवेदकों को द्वितीय किस्त 20-20 हजार की राशि अंतरित की गई है। 'ग्रामीण आजीविका और स्थानीय अर्थव्यवस्था दोनों मजबूत हो रही' डीडीसी आकाश चौधरी ने कहा कि यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ ग्रामीण आजीविका और स्थानीय अर्थव्यवस्था, दोनों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। योजना के माध्यम से महिलाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। जिससे उनके परिवारों की आय में वृद्धि के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिल रही है। कार्यक्रम के दौरान जीविका दीदियों में योजना को लेकर उत्साह देखा गया। उपस्थित दीदियों ने राज्यस्तरीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा तथा महिला रोजगार और आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में सरकार की पहलों की सराहना की।
ट्रेन में छूटा 75 हजार का बैग RPF ने वापस लौटाया, रांची से 48 कैन बीयर बिहार ले जा रहे दो गिरफ्तार
आरपीएफ ने मेमू ट्रेन में छूटे एक महिला यात्री के 75 हजार रुपये के काले लैपटाप बैग को पोकला स्टेशन से सुरक्षित बरामद कर लौटाया। वहीं, रांची रेलवे स्टेशन पर जांच के दौरान दो युवकों को 48 कैन बीयर के साथ गिरफ्तार कर आबकारी विभाग को सौंपा गया।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में चलाए जा रहे ‘समृद्ध महिला-समृद्ध बिहार अभियान’ के तहत गुरुवार को भागलपुर के समीक्षा भवन में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में संबंधित विभागों के पदाधिकारी और अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान जिले की करीब तीन हजार महिलाओं को दूसरी किस्त के रूप में आर्थिक सहायता प्रदान की गई। राशि मिलने के बाद लाभुक महिलाओं के चेहरे पर खुशी और उत्साह देखने को मिला। सरकार की इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें स्वरोजगार तथा छोटे व्यवसाय से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है। लाभुक महिलाओं ने बताया कि पहली किस्त की राशि का उपयोग उन्होंने अपने छोटे-छोटे व्यवसाय शुरू करने या पहले से संचालित कारोबार को आगे बढ़ाने में किया। अब दूसरी किस्त मिलने से उन्हें अपने कारोबार को और विस्तार देने का अवसर मिलेगा। जीविका दीदियां बोलीं- आर्थिक सहायता मिलने के बाद उनके जीवन में बदलाव आया है कार्यक्रम में पहुंची जीविका दीदियों ने बताया कि आर्थिक सहायता मिलने के बाद उनके जीवन में बदलाव आया है। पवन जीविका स्वयं सहायता समूह की सचिव सुनीता देवी ने बताया कि पहली किस्त की राशि से उन्होंने किराना दुकान में निवेश किया। उन्होंने कहा कि पहले वे घरेलू महिला थीं, लेकिन जीविका समूह से जुड़ने के बाद सिलाई सहित अन्य कार्य करने का अवसर मिला। अब परिवार के सहयोग से किराना दुकान चला रही हैं। दूसरी किस्त की राशि का इस्तेमाल भी वह अपने व्यवसाय को बढ़ाने में करेंगी। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए धन्यवाद दिया। शिव समूह से जुड़ी सुजीता कुमारी ने बताया कि जीविका से जुड़ने के बाद उन्हें पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपये मिले थे। उन्होंने इस राशि से ब्यूटी पार्लर का काम शुरू किया। इससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आया है। अब दूसरी किस्त मिलने के बाद वह ब्यूटी पार्लर के लिए आवश्यक सामान खरीदकर कारोबार को और बेहतर तरीके से संचालित करेंगी। उन्होंने भी मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। पहली किस्त से चाट की दुकान शुरू की, अब मुनाफा हो रहा है वहीं, मां गायत्री जीविका स्वयं सहायता समूह की सदस्य नीतू देवी ने बताया कि पहली किस्त के रूप में मिली 10 हजार रुपये की राशि से उन्होंने चाट की छोटी दुकान शुरू की थी। दुकान से उन्हें मुनाफा हो रहा है। उन्होंने बताया कि दूसरी किस्त के तहत उन्हें सुधा दूध बिक्री केंद्र खोलने के लिए 60 हजार रुपये की राशि मिलने वाली है। इस राशि से वह नया व्यवसाय शुरू करेंगी। नीतू देवी ने बताया कि वह अपने दो बच्चों के साथ रहती हैं और पति नहीं होने के कारण परिवार की जिम्मेदारी भी उनके ऊपर है। ऐसे में स्वरोजगार से होने वाली आय उनके लिए काफी महत्वपूर्ण है। उन्होंने सरकार की सहायता के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। महिलाओं ने कहा सरकार की ओर से मिलने वाली आर्थिक सहायता उनके लिए केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर भी है। वे प्राप्त राशि के साथ अपनी ओर से भी कुछ रकम जोड़कर कारोबार में निवेश करेंगी। इससे उनके मौजूदा व्यवसाय को मजबूती मिलेगी और भविष्य में रोजगार के नए अवसर पैदा करने में मदद मिलेगी।
नेपाल की बाढ़ से बिहार में बढ़ा गंडक का जलस्तर, वीडियो में जाने 36 गेट खुले; 8 जिलों में हाई अलर्ट, 3 मीटर ऊंची लहरों का खतरा
नेपाल की बाढ़ से बिहार में बढ़ा गंडक का जलस्तर, वीडियो में जाने 3 मीटर ऊंची लहरों का खतरा; यूपी-MP-राजस्थान में भी भारी बारिश का अलर्ट
शिक्षित और आत्मनिर्भर महिलाएं समृद्ध बिहार की मजबूत नींव: सीएम सम्राट चौधरी
Patna, 27 अगस्त . बिहार के Chief Minister सम्राट चौधरी ने Thursday को कहा कि शिक्षित और आत्मनिर्भर महिलाएं समृद्ध बिहार की मजबूत नींव हैं. महिलाओं की शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को राज्य Government की प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने कहा कि बिहार की बेटियों को इस तरह सक्षम बनाया जा रहा है कि वे ... Read more
दरभंगा के बाजार में सजीं सोने चांदी से लेकर लाइट घड़ी और ब्रेसलेट राखियां, खरीदारों की उमड़ी भीड़
Rakhi Market Trends Bihar: दरभंगा के बाजारों में रक्षाबंधन को लेकर जबरदस्त रौनक है, जहां सोने, चांदी, ब्रेसलेट और बच्चों की पसंदीदा राखियों की विस्तृत श्रृंखला उपलब्ध है। खरीदारों की भीड़ उमड़ने से व्यापारियों में उत्साह है।
सोनीपत जिला पुलिस की कुंडली थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की से रेप किए जाने का मामला सामने आया है। कुंडली थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान बिहार के दरभंगा निवासी अरविंद के रूप में हुई है। यह कार्रवाई 22 अगस्त को लड़की के लापता होने के बाद की गई। पुलिस के अनुसार, नाबालिग लड़की 22 अगस्त को दोपहर करीब 3 बजे अपने घर से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी। परिजनों ने उसकी तलाश की, लेकिन वह नहीं मिली। इसके बाद 23 अगस्त को पीड़िता की मां ने कुंडली थाने में अपनी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की। जांच अधिकारी महिला उप-निरीक्षक मीना के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच शुरू की। जांच के दौरान हुई रेप की पुष्टि पीड़िता के मिलने पर नियमानुसार मजिस्ट्रेट के सामने उसके बयान दर्ज कराए गए। साथ ही, महिला विशेषज्ञ और लीगल ऐड के माध्यम से पीड़िता की काउंसलिंग भी कराई गई।जांच के दौरान रेप की पुष्टि होने पर मामले में पॉक्सो (POCSO) एक्ट की धाराएं जोड़ी गईं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपी अरविंद को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक आदेश के तहत जेल भेज दिया गया है।
CM सम्राट चौधरी ने गुरुवार को बिहार की महिलाओं को रक्षाबंधन का बड़ा गिफ्ट दिया है। सीएम सम्राट ने राज्य में महिला यूनिवर्सिटी की स्थापना समेत कई बड़े अन्य ऐलान किए हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
रात के 2 बजे भी होगा डाउट क्लियर, बिहार के बच्चों के लिए खत्म होगी ट्यूशन की टेंशन
बिहार बोर्ड ने 9वीं से 12वीं के छात्रों के लिए 24x7 मुफ्त 'बिहार विद्या साथी' प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। यहां लाइव टीचर्स, AI टूल्स और JEE-NEET की तैयारी की सुविधा मिलेगी।
दरभंगा के रैयाम में 28 लाख से बनेगा ग्रामीण हाट, किसानों और ग्रामीणों को शहर जाने से राहत
Rural Market Infrastructure Bihar: केवटी प्रखंड के रैयाम में 28 लाख रुपये से अधिक की लागत से नए ग्रामीण हाट का शिलान्यास किया गया, जिससे स्थानीय किसानों और छोटे कारोबारियों को शहर जाने से मुक्ति मिलेगी। यह हाट 'विकसित भारत जी - रामजी योजना' के तहत निर्मित होगा।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक विकसित और समृद्ध बिहार की नींव के तौर पर शिक्षित और आत्मनिर्भर महिलाओं के महत्व पर ज़ोर दिया और लड़कियों को अच्छी शिक्षा, कौशल और बेहतर अवसर देने की जरूरत बताई। 27 अगस्त को, मुख्यमंत्री ने पटना के मगध महिला कॉलेज में G+6 साइंस ब्लॉक और ऑडिटोरियम की आधारशिला रखी। उन्होंने छात्राओं से उनकी पढ़ाई-लिखाई से जुड़ी ज़रूरतों, उम्मीदों और सुझावों पर भी बातचीत की। इसे भी पढ़ें: AIMIM 'वोटकटवा' नहीं, 2027 UP Election में कई MLA जीतेंगे: Owaisi का ऐलान वहाँ मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए CM चौधरी ने कहा कि महिलाओं की तरक्की ही बिहार की तरक्की है। एक विकसित बिहार बनाने के लिए बेटियों और बहनों को अच्छी शिक्षा, आधुनिक सुविधाएँ और मौके देना बहुत ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार उच्च शिक्षा संस्थानों में बुनियादी ढाँचे को मज़बूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मगध महिला कॉलेज का नया साइंस ब्लॉक छात्राओं को विज्ञान की शिक्षा, रिसर्च और करियर के बेहतर मौके देगा। छात्राओं से बातचीत के दौरान, मुख्यमंत्री ने विकसित भारत और समृद्ध बिहार के सपने को पूरा करने में महिलाओं और लड़कियों की भूमिका पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि बिहार की बेटियों को कुशल बनना चाहिए और उच्च शिक्षा हासिल करनी चाहिए। उनमें न सिर्फ़ नौकरी पाने वाले, बल्कि नौकरी देने वाले बनने की भी काबिलियत और आत्मविश्वास होना चाहिए। CM चौधरी ने महिलाओं की शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने वाली सरकारी योजनाओं का भी ज़िक्र किया, जिनमें मुख्यमंत्री बालिका PhD फ़ेलोशिप योजना और उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों की मदद के लिए बनाई गई स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना शामिल हैं। इसे भी पढ़ें: Bihar Flood: Gandak River का जलस्तर घटा, वाल्मीकि नगर बैराज से पानी का बहाव कम हुआ उन्होंने छात्राओं को भरोसा दिलाया कि उनके सुझावों और समस्याओं का समाधान हाल ही में शुरू किए गए स्टूडेंट सपोर्ट पोर्टल के जरिए किया जाएगा, जहाँ वे अपनी समस्याएँ दर्ज करा सकती हैं और तय समय-सीमा में उनका समाधान पा सकती हैं। मुख्यमंत्री ने मगध महिला कॉलेज के महिला हॉस्टल का निरीक्षण किया और वहां की सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि छात्राओं को कोई परेशानी न हो और पढ़ाई के साथ-साथ खेल-कूद, फिटनेस और अन्य अतिरिक्त गतिविधियों में भी उनकी भागीदारी को बढ़ावा दिया जाए। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
Bihar Flood: Gandak River का जलस्तर घटा, वाल्मीकि नगर बैराज से पानी का बहाव कम हुआ
नेपाल में अचानक बाढ़ आने के एक दिन बाद बिहार में उफनाई गंडक नदी का जलस्तर बृहस्पतिवार को घटने लगा, जिससे राज्य के उत्तरी हिस्से के निचले इलाकों के लोगों को राहत मिली। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, पश्चिम चंपारण जिले के वाल्मीकि नगर स्थित गंडक बैराज से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा भी नदी के जलस्तर में कमी आने के साथ घट गयी है। पश्चिम चंपारण बिहार का सबसे उत्तरी जिला है, जिसकी सीमा नेपाल से लगती है। नेपाल से आए बाढ़ के पानी के गंडक नदी में पहुंचने के बाद बुधवार को बिहार में हाई अलर्ट घोषित किया गया था। जलप्रवाह को नियंत्रित करने के लिए वाल्मीकि नगर गंडक बैराज के सभी 36 फाटक खोल दिए गए थे। वाल्मीकि नगर बैराज से छोड़ा जाने वाला पानी रात 11 बजे के 1.50 लाख क्यूसेक से घटकर बृहस्पतिवार 12 बजे तक 1.04 लाख क्यूसेक रह गया। जल संसाधन विभाग ने एक बयान में कहा, वाल्मीकि नगर गंडक बैराज पर बुधवार रात 11 बजे जलप्रवाह 1.50 लाख क्यूसेक के उच्चतम स्तर पर पहुंचा था, जिसके बाद नदी का जलस्तर घटने लगा। विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि गंडक नदी में जलस्तर घटने की प्रवृत्ति देखी गई, लेकिन नेपाल के देवघाट क्षेत्र में देर रात हुई बारिश के कारण जलस्तर में फिर हल्की बढ़ोतरी शुरू हुई। उन्होंने कहा कि अब तक तटबंधों पर किसी तरह के प्रतिकूल प्रभाव की सूचना नहीं है और जल संसाधन विभाग लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है तथा पूरी तरह सतर्क है। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि गंगा नदी का जलस्तर भी घट रहा है, हालांकि कुछ स्थानों पर एक-दो सेंटीमीटर की मामूली वृद्धि दर्ज की जा सकती है। उन्होंने कहा, विभाग स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और बाढ़ से सुरक्षा के सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की थी और आज हवाई सर्वे कर अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिया है। अधिकारी ने बताया कि सभी संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रहने, आवश्यक कदम तत्काल उठाने और स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा, इस वर्ष बैराज से सर्वाधिक 2.24 लाख क्यूसेक जल प्रवाह 14 जुलाई 2026 को दर्ज किया गया था, जबकि 28 सितंबर 2024 को 5.625 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इसलिए फिलहाल स्थिति सामान्य रहने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि बैराज, तटबंधों और नियंत्रण कक्ष में सभी टीमें अलर्ट पर हैं। विभागीय अधिकारियों को संभावित आपात स्थिति के मद्देनजर सभी तैयारियां सुनिश्चित करने, आवश्यक सामग्री का भंडारण करने तथा तटबंधों का नियमित निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है। अधिकारी ने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में जिला प्रशासन सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से समय पर लोगों को सतर्क कर रहा है। इस बीच, नेपाल पुलिस के अनुसार भोटेकोशी नदी में बुधवार को आई बाढ़ से तीन जिलों में मची तबाही में मरने वालों की संख्या 160 से अधिक हो गई है।
Bihar Flood: Ganga और Kosi समेत कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर
नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक और घाघरा नदियों का जलस्तर बढ़ने से बिहार के कई जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। जल संसाधन विभाग (डब्ल्यूआरडी) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को बताया कि नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार वर्षा के कारण राज्य की कई प्रमुख नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और सीमावर्ती जिलों में कई स्थानों पर नदियां खतरे के निशान को छू चुकी हैं या उससे ऊपर बह रही हैं। विभाग की ओर से जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार गंडक, कोसी, गंगा, बूढ़ी गंडक और घाघरा नदियां राज्य के कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जबकि कुछ जगहों पर जलस्तर चेतावनी स्तर तक पहुंच गया है। बुलेटिन के मुताबिक, गोपालगंज और सिधवलिया में गंडक नदी खतरे के निशान पर पहुंच गई है। वहीं खगड़िया, कटिहार और कुरसेला में कोसी नदी खतरे के निशान को छू रही है। बूढ़ी गंडक भी खगड़िया में खतरे के निशान पर बह रही है। गंगा नदी पटना के दीघा, गांधीघाट और हथीदह तथा भागलपुर के कहलगांव में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। वहीं सिवान जिले के दरौली में घाघरा नदी का जल स्तर भी खतरे के निशान से ऊपर दर्ज किया गया है। अधिकारी ने बताया कि अब तक किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है और सभी संबंधित विभागों को सतर्क रखा गया है। मौसम विभाग के जिला-वार वर्षा बुलेटिन के अनुसार बृहस्पतिवार को पटना, पूर्णिया, भागलपुर, पश्चिम चंपारण, नालंदा और सिवान समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।
Nepal Floods में फंसे भारतीय पर्यटकों को सुरक्षित लाएं, Congress ने PM Narendra Modi से की मांग
कांग्रेस ने नेपाल में विनाशकारी भीषण बाढ़ पर चिंता जताते हुए बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से आग्रह किया कि वहां फंसे भारतीय पर्यटकों की सुरक्षित वापसी के लिए सभी आवश्यक कदम तत्काल उठाए जाएं। पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि पार्टी की ओर से इस संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र भी लिखा गया है। उनका कहना है कि नेपाल में अचानक आई बाढ़ से हुई तबाही ने सभी को स्तब्ध कर दिया है और नुकसान भी व्यापक स्तर पर हुआ है। उन्होंने कहा, ‘‘सभी संभावित राहत प्रयासों को अधिक से अधिक लोगों की जान बचाने पर केंद्रित किया जाना चाहिए।’’ कांग्रेस नेता ने कहा कि नेपाल में सैकड़ों भारतीय पर्यटक फंसे हुए हैं और प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए सभी उपाय करने का आग्रह किया गया है। उन्होंने सड़क और हवाई मार्ग से निकासी के साथ-साथ आपातकालीन राहत शिविर स्थापित किए जाने की मांग की, ताकि इस त्रासदी के बीच फंसे भारतीय नागरिकों को तत्काल सहायता मिल सके। नेपाल में बुधवार को अचानक आई भीषण बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 165 से अधिक हो गई है और 300 से अधिक भारतीय पर्यटकों समेत बड़ी संख्या में लोग लापता हैं। इसे भी पढ़ें: Bihar Flood: Gandak River का जलस्तर घटा, वाल्मीकि नगर बैराज से पानी का बहाव कम हुआ बुधवार को अचानक आई बाढ़ ने नेपाल के तीन जिलों में भारी तबाही मचाई है। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने बृहस्पतिवार को कहा कि अचानक आई बाढ़ में लापता हजारों लोगों में करीब 300 भारतीय पर्यटक शामिल हैं।
Nepal बाढ़ में फंसे महाराष्ट्र के नागरिकों की मदद के लिए CMO ने शुरू किया कंट्रोल रूम
नेपाल में बाढ़ के बीच महाराष्ट्र के करीब 80 पर्यटकों के फंसे होने का अनुमान है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बताया कि जानकारी जुटाने का काम जारी है और यह संख्या बदल सकती है। राज्य आपातकालीन अभियान केंद्र (एसईओसी) की बृहस्पतिवार सुबह जारी रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से 57 लोग एक टूर एजेंसी के माध्यम से गए थे, जबकि बाकी लोग स्वतंत्र रूप से यात्रा कर रहे थे। अब तक चार नागरिकों के सुरक्षित होने की सूचना मिली है। बुधवार को नेपाल के तीन जिलों में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। इसमें 165 लोगों की मौत हो गई और 300 से अधिक भारतीय पर्यटकों समेत कई लोग लापता हैं। इसे भी पढ़ें: Bihar Flood: Gandak River का जलस्तर घटा, वाल्मीकि नगर बैराज से पानी का बहाव कम हुआ यह हाल के वर्षों में नेपाल की सबसे भीषण आपदाओं में से एक है। एसईओसी ने बताया कि वह 57 लोगों की यात्रा आयोजित करने वाली ऋचा टूर्स प्राइवेट लिमिटेड के संपर्क में है। वह आगे की जानकारी के लिए नयी दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्रालय के एकीकृत नियंत्रण कक्ष-आपात प्रतिक्रिया केंद्र के साथ भी समन्वय कर रहा है। इसे भी पढ़ें: Nepal Floods में 165 लोगों की मौत, 300 से अधिक भारतीय पर्यटक लापता राज्य के अधिकारी यात्रा आयोजित करने वाली संबंधित ट्रैवल एजेंसी के साथ भी समन्वय कर रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि एसईओसी और जिला प्रशासन वहां फंसे लोगों की जानकारी जुटा रहे हैं। कुछ मामलों में नाम दोहराए जाने की बात सामने आई है और अंतिम संख्या तय करने के लिए उनका सत्यापन किया जा रहा है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से नेपाल में फंसे अपने रिश्तेदारों या अन्य लोगों की जानकारी साझा करने की अपील की है। विभाग ने एक हेल्पलाइन डेस्क भी स्थापित किया है और समन्वय एवं सहायता के लिए लोगों से विवरण उपलब्ध कराने को कहा है। एसईओसी ने लोगों की जानकारी जुटाने के लिए एक वेब आधारित लिंक तैयार किया है और इसे मीडिया के माध्यम से साझा किया है। इसे भी पढ़ें: भीषण बाढ़ पर दलाई लामा ने जताया दुख, आपदा के पीछे Climate Change का जताया अंदेशा जिला कलेक्टरों को भी जानकारी जुटाने और उसका सत्यापन करने के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने बुधवार को बताया कि मंत्रालय में 24 घंटे का नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। महाराष्ट्र के जिन लोगों को सहायता की आवश्यकता है, उनसे आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करने की अपील की गई है।
Nepal Floods में फंसे तमिलनाडु के तीर्थयात्रियों की सुरक्षा पर नजर, बचाव अभियान जारी
तमिलनाडु के मंत्री ए. राजमोहन ने बृहस्पतिवार को विधानसभा को बताया कि राज्य सरकार नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के कारण फंसे राज्य के तीर्थयात्रियों के बचाव कार्य पर करीब से नजर रख रही है और चेन्नई से गए 49 अन्य लोगों की स्थिति का पता भी लगाया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि तमिलनाडु के 10 जिलों से 54 लोग और पुडुचेरी से तीन लोग तीर्थयात्रा पर गए थे। इसके अलावा सरकार को पता चला है कि चेन्नई के एक ‘टूर ऑपरेटर’ ने 49 तीर्थयात्रियों को मानसरोवर भेजा था जिससे तीर्थयात्रा पर जाने वाले लोगों की संख्या 106 हो गई है। इसे भी पढ़ें: Bihar Flood: Gandak River का जलस्तर घटा, वाल्मीकि नगर बैराज से पानी का बहाव कम हुआ विपक्ष की ओर से लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री ए. राजमोहन ने विधानसभा को बताया कि राज्य सरकार तीर्थयात्रियों के बचाव कार्य और उनकी स्थिति पर हर घंटे नजर रख रही है और बचाए गए 20 लोगों को वर्तमान में काठमांडू के रास्ते वापस लाने की कोशिशें जारी हैं। उन्होंने बताया कि इन 57 लोगों के अलावा चेन्नई की एक ट्रैवल एजेंसी 49 तीर्थयात्रियों को मानसरोवर यात्रा पर ले गई थी और अभी उनकी यात्रा योजना तथा वे कहां हैं, इस बारे में पता लगाने की कोशिशें की जा रही हैं।
तेजस्वी यादव ने जताई गहरी चिंता, बिहार सरकार को दी पुख्ता एहतियाती कदम उठाने की सख्त सलाह
पड़ोसी देश नेपाल में हाल ही में मूसलाधार बारिश और बादल फटने के कारण मची भयंकर बाढ़ व तबाही ने पूरे उपमहाद्वीप में चिंता की लहर दौड़ा दी है। इस प्राकृतिक त्रासदी का सबसे गंभीर और प्रत्यक्ष प्रभाव अब भारत के पड़ोसी राज्य बिहार की नदियों, विशेषकर गंडक नदी (Gandak River) पर पड़ता हुआ साफ नजर आ रहा है। नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों से अचानक छोड़े गए भारी मात्रा में पानी और पहाड़ों से बहकर आए मलबे के कारण गंडक नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार करने की स्थिति में पहुँच गया है, जिससे नदी के तटीय इलाकों में रहने वाले लाखों लोगों की धड़कनें तेज हो गई हैं। स्थिति की नज़ाकत को देखते हुए बिहार की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में भी सरगर्मी बढ़ गई है। इस आपदा से निपटने के लिए और बिहार के निचले इलाकों को जलप्रलय से बचाने के लिए विपक्षी नेताओं ने अपनी आवाज बुलंद करनी शुरू कर दी है, ताकि समय रहते उचित प्रबंध किए जा सकें।तेजस्वी यादव ने जताई गंभीर चिंता, सरकार को दिए चेतावनी भरे सुझावबिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख नेता तेजस्वी यादव ने नेपाल की बाढ़ त्रासदी के बाद गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर और संभावित खतरे को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया और प्रेस बयानों के जरिए राज्य सरकार को आगाह करते हुए कहा है कि यदि समय रहते एहतियाती कदम नहीं उठाए गए, तो वाल्मीकि नगर बराज और उसके आसपास के जिलों में भयानक बाढ़ आ सकती है, जिससे भारी जान-माल का नुकसान हो सकता है। उन्होंने बिहार सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग को सलाह दी है कि वे केंद्र सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर नेपाल से छोड़े जाने वाले पानी के प्रवाह पर लगातार नजर रखें और संवेदनशील तटबंधों (Embankments) की निगरानी तुरंत तेज कर दें। उनका कहना है कि इस तरह की प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए कागजी दावों के बजाय जमीनी स्तर पर युद्धस्तर पर काम करने की जरूरत है।गंडक बेसिन से जुड़े तटीय जिलों में बाढ़ का मंडराता सायानेपाल में आई इस भीषण त्रासदी के बाद बिहार के पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सिवान और कुशीनगर समेत गंडक नदी के किनारे बसे दर्जनों जिलों के ग्रामीण इलाकों में भारी दहशत का माहौल बन गया है। किसानों की फसलें जो अभी पकने या तैयार होने की स्थिति में हैं, उनके डूबने का खतरा पैदा हो गया है, साथ ही निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने को कहा जाने लगा है। पिछले कुछ वर्षों में भी जब-जब नेपाल के पहाड़ों पर अत्यधिक बारिश हुई है, तब-तब गंडक और कोसी नदियों ने बिहार के उत्तरी हिस्सों में भारी तबाही मचाई है। यही कारण है कि इस बार स्थानीय प्रशासन भी किसी भी प्रकार की कोताही बरतने के मूड में नहीं दिख रहा है, और संवेदनशील तटबंधों पर इंजीनियरों की टीमों को तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।आपदा प्रबंधन और प्रशासनिक तैयारियों पर टिकी जनता की निगाहेंइस पूरी गंभीर स्थिति के बीच बिहार की जनता एक बार फिर से प्रशासनिक तैयारियों और बाढ़ नियंत्रण उपायों की तरफ उम्मीद भरी नजरों से देख रही है। तेजस्वी यादव द्वारा सरकार को दी गई सलाह के बाद अब यह देखना बेहद महत्वपूर्ण होगा कि शासन-प्रशासन इस चुनौती से निपटने के लिए कितनी तत्परता दिखाता है। बाढ़ राहत शिविरों की व्यवस्था, नावों की उपलब्धता और स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दे दिए गए हैं, लेकिन धरातल पर कितनी मुस्तैदी है, यह आने वाले कुछ घंटों और दिनों का मौसम तय करेगा। नेपाल की त्रासदी ने एक बार फिर से इस बात को साबित कर दिया है कि भारत और नेपाल के बीच जल प्रबंधन और बाढ़ नियंत्रण के क्षेत्र में एक दीर्घकालिक व स्थाई समाधान ढूंढना कितना अनिवार्य हो चुका है, ताकि हर साल आने वाली इस प्रलय से आम जनता के जीवन को बचाया जा सके।
BCECEBBSFC Recruitment 2026: बिहार स्टेट फूड एंड सिविल सप्लाइज कॉरपोरेशन (BSFC) में 259 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक छात्र BCECEB की वेबसाइट से 24 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
Nepal-Tibet बाढ़ पर Dalai Lama की गहरी चिंता, 'जलवायु परिवर्तन' से निपटने का किया आह्वान
तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा ने नेपाल के रसुवा इलाके और तिब्बत के क्यिरोंग में भयानक बाढ़ से हुई जान-माल की भारी तबाही पर दुख जताया और बार-बार होने वाली ऐसी आपदाओं के मूल कारणों से निपटने के उपाय करने का आह्वान किया। दलाई लामा ने कहा कि मुझे नेपाल के रसुवा इलाके और तिब्बत के क्यिरोंग में आई भयानक बाढ़ के बारे में जानकर दुख हुआ है, जिसमें लोगों की जान गई और भारी नुकसान हुआ। इसे भी पढ़ें: Bihar में Nepal Flood का खतरा! CM Samrat Choudhary ने हवाई सर्वे कर दिए अहम निर्देश उन्होंने जान गंवाने वालों के लिए प्रार्थना की और पीड़ित परिवारों तथा बाढ़ से प्रभावित अन्य लोगों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। दलाई लामा ने इस क्षेत्र में प्राकृतिक आपदाओं के इतिहास का भी ज़िक्र किया और कहा कि बार-बार आने वाली ये आपदाएं पर्यावरण से जुड़ी गहरी समस्याओं या अन्य छिपे हुए कारणों का संकेत हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि चूंकि इस क्षेत्र ने पहले भी आपदाएं देखी हैं, इसलिए ये निश्चित रूप से किसी गहरे कारण का संकेत हैं - चाहे वह जलवायु परिवर्तन हो या कोई अन्य कारक। उन्होंने भविष्य में ऐसी आपदाओं के जोखिम को कम करने के लिए जहां भी संभव हो, उचित कदम उठाने का आह्वान किया। नेपाल के रसुवा इलाके और नेपाल-तिब्बत बॉर्डर के पास के इलाकों में बाढ़ से भारी तबाही के बाद बचाव और राहत का काम जारी है, और इसी दौरान उनके ये बयान आए। नेपाली अधिकारियों के मुताबिक, अचानक आई इस बाढ़ में कम से कम 165 लोगों की मौत हो गई है, जबकि सैकड़ों लोग अभी भी लापता हैं। बचाव दल प्रभावित इलाकों में तलाशी अभियान चला रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Bihar-UP को बड़ी राहत, Gandak का जलस्तर घटा, बाढ़ का तत्काल खतरा टला बुधवार को हिमालय में बर्फ और चट्टानें गिरने से पानी, कीचड़ और मलबे का भारी सैलाब ल्हेंडे नदी में आ गया, जिससे बाढ़ आ गई। यह नदी भोटेकोशी और त्रिशूली नदी प्रणालियों में मिलती है। अचानक आए इस सैलाब ने नेपाल-चीन बॉर्डर के पास की बस्तियों और मुख्य परिवहन मार्गों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे घर, सड़कें और पुल नष्ट हो गए। लगभग 40 किलोमीटर सड़कें और दर्जनों पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
Bihar में Nepal Flood का खतरा! CM Samrat Choudhary ने हवाई सर्वे कर दिए अहम निर्देश
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को गंडक नदी का दौरा किया और पड़ोसी देश नेपाल में बाढ़ की स्थिति के बाद बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। हवाई सर्वेक्षण के दौरान, उपमुख्यमंत्री ने बगहा, वाल्मीकि नगर, बेतिया और मोतिहारी के सीमावर्ती इलाकों में स्थिति का जायजा लिया और प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों की समीक्षा की। 'X' पर एक पोस्ट में सम्राट चौधरी ने कहा कि नेपाल में बाढ़ को देखते हुए बिहार के सीमावर्ती इलाकों - बगहा, वाल्मीकि नगर, बेतिया और मोतिहारी में बाढ़ की स्थिति का सर्वेक्षण किया गया। इस दौरान संभावित प्रभावों, जरूरी एहतियाती उपायों, सुरक्षा और राहत-बचाव कार्यों को लेकर प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा की गई और संबंधित अधिकारियों को पूरी तैयारी के साथ सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए। इसे भी पढ़ें: Nepal Flood: बिहार और यूपी सीमा पर असर नहीं, NDRF की 20 टीमें तैनात मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और हर संभव मदद पहुंचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बगहा के SP राजेश कुमार ने बताया कि अभी वाल्मीकि बैराज पर हालात सामान्य हैं, हालात सामान्य हैं; कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है... हम देख रहे हैं कि पानी का स्तर सामान्य है... हमने पूरी तैयारी कर ली थी; नदी के किनारे रहने वाले सभी लोगों को सुरक्षित और उपयुक्त जगहों पर पहुंचा दिया गया था... हमने अपने स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर के मुताबिक खाने-पीने और दूसरी ज़रूरी चीज़ों का भी इंतज़ाम किया था। कोई गंभीर घटना नहीं हुई और लोग अब अपने घरों को लौट रहे हैं। भोटे कोशी नदी में ज़बरदस्त उफान के कारण नेपाल में भयानक अचानक बाढ़ (flash floods) आई, जिससे भारी जान-माल का नुकसान हुआ, लोग विस्थापित हुए और घरों, सड़कों, पुलों, पनबिजली संयंत्रों और दूसरे बुनियादी ढांचे को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा। नेपाल दूतावास के सूत्रों के अनुसार, अब तक 175 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि स्थानीय लोगों और पर्यटकों समेत 28 देशों के 476 लोग अभी भी लापता हैं। खोज और बचाव अभियान जारी है, जिसमें अधिकारी लोगों की जान बचाने, उन्हें सुरक्षित निकालने, मेडिकल मदद और राहत कार्यों को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Nepal Flash Floods | नेपाल में जलप्रलय! लापता लोगों में 300 से अधिक भारतीय शामिल, विदेश मंत्री शिशिर खनाल का बड़ा बयान नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) ने कहा कि रसुवा जिले में मरने वालों की संख्या बढ़ गई है क्योंकि और शव बरामद हो रहे हैं। सुरक्षा बलों के कई जवान, जिनमें नेपाल सेना के 44, नेपाल पुलिस के 28 और आर्म्ड पुलिस फोर्स के 13 जवान शामिल हैं, लापता बताए जा रहे हैं। नेपाल टूरिज्म बोर्ड के आंकड़ों से पता चला है कि 579 यात्री, जिनमें 466 विदेशी नागरिक और 113 नेपाली शामिल हैं, का अभी तक कोई पता नहीं चला है, जबकि तिमुरे, रसुवा से 123 लोगों को बचाया गया है। यह आपदा ल्हेन्डे खोला में मलबे वाली भारी बाढ़ के कारण आई, जो कथित तौर पर रसुवागढ़ी बॉर्डर पॉइंट के पास ग्लेशियर या बर्फ-चट्टान के गिरने से हुई थी। यह बाढ़ तिब्बत की तरफ से भोटे कोशी नदी में आई और रसुवागढ़ी, तिमुरे और स्याफ्रू बेसी जैसे इलाकों को प्रभावित करते हुए त्रिशूली नदी में मिल गई, जिससे रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा और चितवन जिले प्रभावित हुए।
मुजफ्फरपुर समेत बिहार के सभी जिलों में बदलेगा खनन कार्यालय का ठिकाना
खान एवं भूतत्व विभाग ने बिहार के सभी जिलों में नए खनन कार्यालय भवनों के निर्माण का निर्णय लिया है। वर्तमान में कई कार्यालय जर्जर स्थिति में हैं, जिससे कागजात की सुरक्षा और बेहतर सेवा प्रभावित हो रही है।
New Delhi, 27 अगस्त . राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के आईजी नरेंद्र सिंह बुंदेला ने Thursday को कहा कि नेपाल में त्रासदी के बाद बाढ़ की स्थिति को देखते हुए बिहार के संवेदनशील इलाकों में नौ टीमें तैनात की गई हैं. उन्होंने बताया कि जरूरत पड़ने पर सहायता के लिए एनडीआरएफ स्टैंडबाय पर है. ... Read more
नेपाल बाढ़ के बाद बिहार अलर्ट, गंडक नदी से खतरा; NDRF आईजी बोले- '9 टीमें तैनात, बढ़ाई गई निगरानी'
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के आईजी नरेंद्र सिंह बुंदेला ने गुरुवार को कहा कि नेपाल में त्रासदी के बाद बाढ़ की स्थिति को देखते हुए बिहार के संवेदनशील इलाकों में नौ टीमें तैनात की गई हैं। उन्होंने बताया कि जरूरत पड़ने पर सहायता के लिए एनडीआरएफ स्टैंडबाय पर है।
नेपाल बाढ़ के बाद बिहार अलर्ट, गंडक नदी से खतरा; एनडीआरएफ आईजी बोले- '9 टीमें तैनात, बढ़ाई गई निगरानी'
Nepal Flood: बिहार और यूपी सीमा पर असर नहीं, NDRF की 20 टीमें तैनात
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने बृहस्पतिवार को कहा कि नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ से फिलहाल बिहार और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों पर कोई ‘‘प्रतिकूल’’ असर नहीं पड़ा है लेकिन दोनों राज्य सरकारों के साथ समन्वय कर स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। एनडीआरएफ के महानिरीक्षक नरेंद्र सिंह बुंदेला ने संवाददाताओं को बताया कि बिहार में नौ और उत्तर प्रदेश में 11 सहित कुल 20 दल तैनात हैं। इनका इस्तेमाल बाढ़ या जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने पर लोगों को सुरक्षित निकालने तथा राहत एवं बचाव अभियान चलाने के लिए किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इनमें से एनडीआरएफ का एक दल उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के पास कुशीनगर जिले में तैनात है। नेपाल में बुधवार को अचानक आई भीषण बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 165 हो गई है। देश में हाल के वर्षों की सबसे भीषण आपदाओं में शामिल इस बाढ़ में 300 से अधिक भारतीय पर्यटकों समेत बड़ी संख्या में लोग लापता हैं। बुंदेला ने कहा, ‘‘बिहार और उत्तर प्रदेश में अब तक बाढ़ से कोई प्रतिकूल असर नहीं है। हम दोनों राज्य सरकारों और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय कर स्थिति पर नजर रख रहे हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘केंद्रीय जल आयोग लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है और समय-समय पर जानकारी साझा कर रहा है।’’उन्होंने बताया कि बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के वाल्मीकि नगर में भारत-नेपाल सीमा पर गंडक नदी पर स्थित पहला बैराज भी निगरानी में है और वहां नेपाल में आई बाढ़ का अब तक कोई असर नहीं पड़ा है। बुंदेला ने कहा कि भारत ने बुधवार और बृहस्पतिवार को नेपाल के लिए दवाओं समेत मानवीय सहायता और आपदा राहत सामग्री की दो खेप विमान से भेजी हैं। महानिरीक्षक ने बताया कि एनडीआरएफ के बचाव दलों की चार टुकड़ियां गाजियाबाद में तैयार हैं और अगर काठमांडू भारत सरकार से अनुरोध करता है तो उन्हें हिंडन वायुसेना अड्डे से विमान के जरिए नेपाल भेजा जाएगा, जहां वे बचाव अभियान संचालित करेंगे।
Viral News: दो मालिक, एक भैंस और अब DNA टेस्ट! बिहार पुलिस के सामने आया अनोखा मामला, कैसे सुलझाया?
Viral News from Bihar: बिहार के गया जिले में एक ऐसी रोचक घटना सामने आई है, जिसने पुलिस को भी असमंजस में डाल दिया है। यहां एक भैंस पर दो लोगों ने अपना मालिकाना हक जताया है। मामला इतना पेचीदा हो गया कि अब बिहार पुलिस भैंस के असली मालिक का पता लगाने के लिए DNA टेस्ट कराने पर विचार कर रही है। आमतौर पर DNA टेस्ट का इस्तेमाल इंसान के पितृत्व या रिश्तों की पुष्टि के लिए किया जाता है। लेकिन गया में इसका इस्तेमाल एक भैंस के मालिक की पहचान करने के लिए किया जा सकता है।'हिंदुस्तान टाइम्स' की रिपोर्ट के मुताबिक, यह मामला बिहार के गया जिले के सेउतर गांव का है। यहां रहने वाले सूरज यादव का दावा है कि उनकी भैंस अचानक लापता हो गई थी। सूरज के मुताबिक, काफी तलाश के बाद करीब एक सप्ताह बाद उन्हें अपनी भैंस प्रकाश मांझी के घर पर मिली। इसके बाद सूरज भैंस को अपने घर ले आए।लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। प्रकाश मांझी ने इस पर आपत्ति जताते हुए पुलिस में शिकायत कर दी। उनका कहना है कि भैंस उनकी है। उन्होंने इसे किसी व्यक्ति से कानूनी तौर पर लीज पर लिया था। इस तरह एक ही भैंस पर दो लोगों का दावा सामने आ गया।पुलिस ने निकाला देसी तरीका, लेकिन मामला और उलझ गयाविवाद सुलझाने के लिए पुलिस ने शुरुआत में एक बेहद साधारण तरीका अपनाया। पुलिस ने भैंस को दोनों पक्षों के सामने छोड़ दिया, ताकि वह खुद उस जगह चली जाए जिसे वह अपना घर समझती है। भैंस सीधे सूरज यादव के घर पहुंच गई। सूरज के लिए यह उनकी बात का सबूत था। लेकिन प्रकाश मांझी इससे संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने इसके बाद अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत शिकायत दर्ज करा दी। इसके बाद मामला केवल दो लोगों के बीच भैंस के मालिकाना हक का विवाद नहीं रहा। बल्कि इसमें राजनीतिक रंग भी आ गया।पूर्व RJD विधायक ने सूरज यादव का पक्ष रखाअटरी के पूर्व RJD विधायक अजय यादव उर्फ रंजीत यादव सोमवार 26 अगस्त को सूरज यादव के समर्थकों के साथ मगध रेंज के IG विकास वैभव से मिलने पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारी के सामने सूरज यादव की परेशानी का मुद्दा उठाया। पूर्व विधायक ने सवाल किया कि एक गरीब व्यक्ति को एक भैंस के विवाद के कारण मुकदमेबाजी में इतना पैसा खर्च करना पड़े, यह कितना उचित है। उनका तर्क था कि मुकदमे में खर्च होने वाली रकम शायद नई भैंस खरीदने से भी ज्यादा हो सकती है।अगले दिन मांझी के समर्थन में पहुंचे HAM नेतामामले ने राजनीतिक रूप से एक और मोड़ तब लिया जब हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्याम सुंदर शरण मंगलवार को इस मामले में IG से मिले। उन्होंने प्रकाश मांझी का पक्ष रखते हुए मामले में उनकी शिकायत और दावे को सामने रखा। इस तरह पुलिस के सामने चुनौती और बढ़ गई। एक तरफ यादव अपनी भैंस बता रहे हैं, तो दूसरी तरफ मांझी भी दस्तावेजों और लीज के आधार पर अपना दावा कर रहे हैं।अब DNA टेस्ट से होगा फैसला?विवाद का कोई स्पष्ट समाधान नहीं निकलने पर पुलिस ने अब DNA टेस्ट को एक विकल्प के रूप में सामने रखा है। मगध IG विकास वैभव ने बताया कि जरूरत पड़ने पर DNA टेस्ट कराया जा सकता है। पुलिस ने दोनों दावेदारों से उनकी भैंस से संबंधित रिकॉर्ड और दस्तावेज मांगे हैं। पुलिस का मानना है कि इन रिकॉर्ड में भैंस की वंशावली यानी उसके माता-पिता या अन्य पारिवारिक पशुओं से संबंधित जानकारी हो सकती है। संदिग्ध भैंस का DNA उसके कथित माता-पिता या भाई-बहन के DNA से मिलाकर यह पता लगाने की कोशिश की जा सकती है कि वह किस पक्ष की भैंस है।अपनी तरह का पहला मामलाअगर पुलिस वास्तव में DNA टेस्ट कराती है, तो गया में किसी भैंस के मालिकाना हक का फैसला करने के लिए DNA जांच का यह अपनी तरह का पहला मामला हो सकता है। फिलहाल, पांच साल की यह भैंस सूरज यादव के घर पर ही है। भैंस को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद जारी है और पुलिस दस्तावेजों की जांच कर रही है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि जिस भैंस ने खुद चलकर सूरज यादव के घर पहुंचकर विवाद को एक दिशा देने की कोशिश की, अब उसके मालिक का अंतिम फैसला DNA रिपोर्ट से हो सकता है।ये भी पढ़ें- Nepal Flash Flood: नेपाल में अचानक आई बाढ़ में 300 से अधिक भारतीय लापता, नेपाली विदेश मंत्री का बड़ा दावा
बड़ी कार्रवाई: 105 किलो गांजे के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, बिहार से लाकर काशी में खपाने की थी तैयारी
पुलिस टीम ने सारनाथ की ओर से रिंग रोड जाने वाली सर्विस लेन पर एक सिल्वर रंग की कार खड़ी देखी।
Bihar-UP को बड़ी राहत, Gandak का जलस्तर घटा, बाढ़ का तत्काल खतरा टला
नेपाल से बिहार और उत्तर प्रदेश की ओर आने वाले बाढ़ का खतरा फिलहाल कम होता दिख रहा है। गंडक नदी का जलस्तर तेज़ी से गिर रहा है और बिहार के पश्चिमी चंपारण ज़िले में वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से पानी का बहाव घटकर लगभग 81,000 क्यूसेक रह गया है। पानी के स्तर में इस गिरावट से बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में नदी के किनारे रहने वाले लोगों को राहत मिली है। नेपाल के हिमालयी क्षेत्र में अचानक आई ज़बरदस्त बाढ़ के बाद इन इलाकों को हाई अलर्ट पर रखा गया था। इसे भी पढ़ें: Nepal Flash Floods | नेपाल में जलप्रलय! लापता लोगों में 300 से अधिक भारतीय शामिल, विदेश मंत्री शिशिर खनाल का बड़ा बयान नेपाल की त्रिशूली नदी का पानी नारायणी नदी से होते हुए आगे बढ़ गया है, जिससे गंडक सिस्टम पर दबाव कम हुआ है और राहत मिली है। इसलिए, भारतीय इलाके में पानी के अचानक तेज़ी से बढ़ने का जो तुरंत खतरा था, वह अब टल गया है, हालांकि अधिकारियों से उम्मीद है कि वे नदी पर कड़ी नज़र बनाए रखेंगे। बुधवार को तिब्बत सीमा के पास नेपाल में अचानक आई भयानक बाढ़ के बाद अलर्ट जारी किया गया था। माना जा रहा है कि यह आपदा बर्फ और चट्टानों के खिसकने या भूस्खलन की वजह से आई, जिससे पानी और मलबे का भारी सैलाब नेपाल के कई इलाकों में फैल गया और इसने घरों, सड़कों, पुलों और पनबिजली के बुनियादी ढांचे को नष्ट कर दिया। नेपाल में कम से कम 157 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि सैकड़ों लोग अभी भी लापता हैं। इस आपदा का भारत से भी गहरा संबंध है। लापता लोगों में तीर्थयात्रियों और पर्यटकों समेत कई भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। बचाव कार्य जारी रहने के बीच, नेपाल के अधिकारियों ने त्रिशूली और नारायणी जैसी नदियों के किनारे लगातार बने हुए खतरों को लेकर चेतावनी दी है। हालांकि, बिहार और यूपी के लिए बाढ़ का तत्काल खतरा कम होता दिख रहा है क्योंकि गंडक नदी का जलस्तर घट रहा है। यह घटनाक्रम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि गंडक नदी नेपाल से निकलती है और भारतीय मैदानी इलाकों में पानी लाती है, जिससे नदी के ऊपरी हिस्से में अचानक आने वाली बाढ़ निचले इलाकों के जिलों के लिए चिंता का विषय बन जाती है। इसे भी पढ़ें: Gandak Barrage से घटा पानी का बहाव, Bihar के तटवर्ती इलाकों को मिली राहत फिलहाल, नेपाल में आई आपदा एक बड़ी मानवीय आपात स्थिति बनी हुई है, लेकिन बाढ़ के पानी से सीमा पार बिहार और उत्तर प्रदेश में भी वैसी ही संकट की स्थिति पैदा होने का तत्काल खतरा कम होता दिख रहा है। फिर भी, अधिकारियों को सतर्क रहना होगा क्योंकि हिमालयी जलग्रहण क्षेत्र में हालात तेज़ी से बदल सकते हैं। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
नेपाल बाढ़ त्रासदी के बाद बिहार सरकार अलर्ट, तेजस्वी यादव ने गंडक नदी पर असर की जताई चिंता
नेपाल और तिब्बत सीमा पर अचानक आई भीषण बाढ़ से हुई तबाही के बाद बिहार में भी अलर्ट बढ़ गया है। इस आपदा को लेकर राजनीतिक दलों के नेताओं ने दुख जताते हुए अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी है।
Bihar News: दिल्ली में स्वाइन फ्लू अलर्ट के बीच बिहार के अस्पतालों में अभी आइसोलेशन वार्ड और एंटी वायरल दवाओं की व्यवस्था नहीं है। हाल ही में पटना में दो मरीज मिले हैं। जानिए क्या है बिहार के सरकारी अस्पताल की तैयारी...
नेपाल आपदा की वजह से बिहार में बाढ़, पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर के 6 कैलाश यात्री लापता
New Delhi, 27 अगस्त . बिहार के कई इलाकों में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है. भागलपुर के नौगछिया में गंगा नदी का तटबंध टूटने के बाद बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हुए हैं. आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से प्रभावित लोगों तक तत्काल राहत पहुंचाई जा रही है. यहां मुफ्त कम्युनिटी किचन, ... Read more
पटना के गर्दनीबाग में BPSC TRE-4 में PT-मेन, नेगेटिव मार्किंग हटाने और 100% डोमिसाइल सहित अन्य मांगों को लेकर छात्रों का आंदोलन 10वें दिन भी जारी है। छात्र 18 अगस्त से धरने पर हैं। प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज के खिलाफ छात्र-युवा नेता आज पूरे बिहार में ‘काला दिवस’ मनाएंगे और मुख्यमंत्री का पुतला दहन करेंगे। NSUI के राज्य उपाध्यक्ष भाग्य भारती, सोशल जस्टिस आर्मी के नेता गौतम आनंद पर हमले का भी विरोध किया जा रहा है। इस प्रदर्शन में युवा कांग्रेस, NSUI, द ग्रेट भीम आर्मी, AISA, दिशा, समाजवादी छात्र सभा, सोशल जस्टिस आर्मी, AISF, SFI, SSAI, ABSU, AIYF, DYFI, RYA आदि संगठन शामिल हैं। छात्र नेता अमन और जहान्वी का अभी भी अनशन जारी है। पटना में शाम में GPO गोलंबर पर आज फिर पुतला दहन की प्लानिंग की जा रही है। छात्रों का कहना है कि जबतक उनकी मांगें पूरी नहीं होगी, वो धरने पर बैठे रहेंगे। पटना में जलाया गया सीएम का पुतला मंगलवार को छात्र आंदोलन के दौरान लाठीचार्ज के विरोध में बुधवार को छात्रों ने पटना के इनकम टैक्स चौराहे पर छात्र-युवा संघर्ष के बैनर तले ‘काला दिवस’ के तहत मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन किया। छात्रों ने कहा कि, ‘छात्र रोजगार मांग रहे हैं और पुलिस लाठियां बरसा रही है। पुलिस ने फिर निहत्थे छात्रों पर लाठियां बरसाई है और इसमें उसने अंग्रेजी हुकूमत को भी पीछे छोड़ दिया है। सोमवार को जिला प्रशासन से वार्ता के क्रम में छात्रों ने स्पष्ट कर दिया था कि उनका मार्च डाकबंगला चौराहा तक जाएगा। बावजूद इसके प्रमुख छात्र नेताओं को साजिशन गिरफ्तार कर लिया गया।' अब जानिए मंगलवार को छात्रों के आंदोलन में क्या-क्या हुआ? मंगलवार को ऑल बिहार स्टूडेंट यूनियन (ABSU) के छात्र CM हाउस का घेराव करने निकले। छात्रों को रोकने के लिए जेपी गोलंबर पर पुलिस के साथ-साथ CRPF जवानों को भी तैनात किया गया, लेकिन छात्र बैरिकेडिंग तोड़ते हुए डाकबंगला पहुंच गए। इस दौरान छात्रों की CRPF जवानों के साथ धक्का-मुक्की हुई। प्रदर्शन के दौरान एक छात्र का सिर फट गया, जबकि एक छात्रा बेहोश हो गई। पुलिस ने छात्रों को रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। कुछ छात्रों ने पुलिस की ओर पत्थरबाजी भी की, जिसमें टाउन DSP कामाख्या नारायण सिंह घायल हो गए। कई पुलिसकर्मियों को भी चोट लगी है। हालात बिगड़ता देख पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। कुछ छात्रों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। पुलिस ने कुछ छात्रों को हिरासत में भी लिया है। छात्रों के प्रदर्शन के बीच बख्तरबंद गाड़ी भी बुलाई गई। इस गाड़ी का इस्तेमाल आमतौर पर नक्सल प्रभावित इलाकों में किया जाता है। छात्रों के CM हाउस घेराव की कुछ तस्वीरें… तेजस्वी बोले- सरकार छात्रों पर गोली छोड़ सकती, लाठीचार्ज नहीं नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और बिहार सरकार पर निशाना साधा है। तेजस्वी यादव ने तंज करते हुए कहा कि चोर चोरी से जाए, सीनाजोरी से न जाए। उन्होंने कहा, AK-47 से छात्रों पर गोलियां बरसाने वाली निरंकुश NDA सरकार चौतरफा हुए आलोचना और विपक्ष के दबाव में आकर गोलीबारी तो छोड़ सकती है, लेकिन लाठीचार्ज नहीं छोड़ सकती। इस सरकार का छात्रों के प्रति तानाशाही रवैया खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। आज फिर आंदोलनरत छात्रों पर बिहार की जुल्मी सरकार ने अत्याचार किया। 'हाथी चले बाजार..कुत्ते भौंके हजार', बयान पर BPSC ने माफी मांगी सोमवार को पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राजेश कुमार सिंह से गर्दनीबाग में छात्रों के प्रदर्शन को लेकर कहा था कि “एक कहावत आपने सुना होगा, हाथी चले बाजार तो कुत्ते भौंके हजार।” उनके इस बयान के बाद प्रदर्शन कर रहे छात्र भड़क गए। उन्होंने कहा, ‘एक बार कॉकरोच बोला गया था, तो प्रधान जी चले गए। अब सचिव की नौकरी जाएगी।’ विवाद बढ़ने के बाद BPSC एग्जाम कंट्रोलर ने वीडियो जारी कर माफी मांग ली है। वहीं, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने BPSC के एग्जाम कंट्रोलर राजेश कुमार सिंह को सस्पेंड करने के निर्देश दिए हैं।
भगवान का आशीर्वाद है, स्थिति सामान्य हो रही; बिहार में बाढ़ का जायजा लेकर बोले सीएम सम्राट चौधरी
बिहार में बाढ़ की स्थिति पर नजर रखने के लिए खुद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अलर्ट हैं। गंडक बराज में आज सुबह एक बार फिर जलस्तर बढ़ा है। इसके बाद अब सीएम इस बराज का हवाई सर्वे किया है। उनके साथ जल संसाधन मंत्री विजय कुमौर चौधरी भी थे।
नेपाल में बाढ़ से मची तबाही के बाद बिहार अलर्ट, गंडक नदी का जलस्तर फिर बढ़ा; प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
नेपाल त्रासदी के बाद यूपी से बिहार तक तबाही की आशंका, हाई अलर्ट जारी
नेपाल में आई बाढ़ के बीच बिहार के लिए राहत वाली खबर है. जैसी आशंका थी उस हिसाब से गंडक में पानी नहीं पहुंचा है. वाल्मिकीनगर बराज से बीती रात अधिकतम 1 लाख 50 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज हुआ. उसके बाद से पानी का डिस्चार्ज कम होने लगा. आज सुबह 6 बजे 88 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज हुआ है.
मुंबई की एंटी-नारकोटिक्स सेल ने 10 करोड़ की चरस के सप्लायर को बिहार से किया गिरफ्तार
Mumbai , 27 अगस्त . Mumbai क्राइम ब्रांच की एंटी-नारकोटिक्स सेल ने बांद्रा टर्मिनस के पास 10 करोड़ रुपए की चरस बरामदगी के मामले में मुख्य सप्लायर को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है. Mumbai Police ने Thursday को बताया कि आरोपी नेपाल भागने की तैयारी कर रहा था. Mumbai Police के अनुसार, 17 ... Read more
गोपालगंज में बैद्यनाथ धाम से जलाभिषेक कर लौट रहे उत्तर प्रदेश के कुशीनगर निवासी दो श्रद्धालुओं की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। दोनों ने थावे दुर्गा मंदिर में दर्शन-पूजन किया था।
बरेली के अगस्त्य मुनि आश्रम के आचार्य ने कराया धर्म परिवर्तन और विवाह, इंस्टाग्राम के जरिए शुरू हुई थी लव स्टोरी
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव आज पूरे परिवार के साथ दिल्ली रवाना हो गए। रक्षाबंधन को लेकर लालू प्रसाद यादव के साथ पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, राज्यसभा सांसद मीसा भारती और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव भी दिल्ली गए हैं। पटना से दिल्ली रवाना होने से पहले तेजस्वी यादव ने नेपाल में आई जल प्रलय को लेकर चिंता जताई और बिहार में संभावित खतरे को लेकर सतर्क रहने की बात कही। तेजस्वी ने नेपाल में जल प्रलय पर जताई चिंता तेजस्वी यादव ने नेपाल में आई बाढ़ और जल प्रलय का जिक्र करते हुए कहा, ‘यह बेहद खतरनाक हादसा है। घटना के वीडियो देखकर दहशत हो गई। बिहार की कई नदियां नेपाल से जुड़ी हुई हैं। ऐसे में नेपाल में भारी बारिश और जल प्रलय का असर बिहार में भी देखने को मिल सकता है।’ जातीय जनगणना पर केंद्र को घेरा केंद्र सरकार की ओर से देश में जातीय जनगणना कराने के फैसले को लेकर कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवाल पर भी तेजस्वी यादव ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जातीय जनगणना उनकी पार्टी की शुरू से मांग रही है। आरक्षण के मुद्दे पर भाजपा पर हमला तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में उनकी सरकार के दौरान जातीय सर्वे कराया गया और इसके आधार पर आरक्षण का दायरा बढ़ाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार ने बढ़े हुए आरक्षण के प्रावधान को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल नहीं किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी लगातार इसकी मांग करती रही है, लेकिन केंद्र सरकार ने इस दिशा में कदम नहीं उठाया।
Gandak Barrage से घटा पानी का बहाव, Bihar के तटवर्ती इलाकों को मिली राहत
नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में आई अचानक बाढ़ के बाद गंडक नदी में बढ़ा जलप्रवाह अब लगातार घट रहा है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। जल संसाधन विभाग (डब्ल्यूआरडी) के अनुसार, बृहस्पतिवार तड़के वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बैराज से अधिकतम 1.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिसके बाद नदी के जल प्रवाह में लगातार कमी आई। विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, रात 12 बजे बैराज से 1,50,200 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके बाद साढ़े 12 बजे यह घटकर 1,42,100 क्यूसेक, देर रात एक बजे 1,29,000 क्यूसेक और दो बजे 1,04,400 क्यूसेक रह गया। सुबह तीन बजे जलप्रवाह 88,300 क्यूसेक, चार बजे 81,400 क्यूसेक तथा पांच बजे 79,700 क्यूसेक दर्ज किया गया। हालांकि, सुबह साढ़े पांच बजे इसमें मामूली बढ़ोतरी हुई और पानी छोड़े जाने की मात्रा घटकर 81,800 क्यूसेक रह गयी। अधिकारियों के अनुसार, जलप्रवाह में आई गिरावट से तटवर्ती इलाकों में तत्काल राहत के संकेत मिले हैं। स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और गंडक नदी के किनारे बसे जिलों को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है।
नेपाल की तबाही का पानी भारत की ओर, बिहार में हाई अलर्ट! गंडक नदी पर बढ़ी चिंता|
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने कहा है कि नेपाल में बाढ़ के बाद गंडक के रास्ते आ रहे पानी से स्थिति नियंत्रण में है।
Bihar News Today Live: बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 27 अगस्त के मुख्य और ताजा समाचार
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यूपी और बिहार हो जाएं अलर्ट, फिर बढ़ रहा है पानी; गंडक नदी में हो रही हलचल
नेपाल में आए जलप्रलय के बाद भारत में भी चिंता बढ़ गई थी। खासतौर से उत्तर प्रदेश और बिहार में हाई अलर्ट जारी कर दिया था। दोनों ही राज्य सरकारों के अलावा केंद्र से भी लगातार निगरानी की जा रही थी। हालांकि, फिलहाल खतरा टलता नजर आ रहा है, लेकिन फिर इजाफा दर्ज किया गया है।
क्या राहुल गांधी ने पकड़ ली है बीजेपी की सबसे कमजोर नस? महाराष्ट्र से बिहार तक का विश्लेषण
राहुल गांधी के तीखे सवाल और सरकार की बढ़ती बेचैनी। आखिर क्यों महाराष्ट्र से लेकर न्यूयॉर्क तक सत्ता पक्ष को मिल रही है कड़ी चुनौती? वरिष्ठ विशेषज्ञों के साथ देखिए यह खास चर्चा
LPG Price 26 August 2026:27 अगस्त 2026, गुरूवार को घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया। Indian Oil, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum ने घरेलू गैस के नए रेट जारी कर दिए हैं। 14.2 किलो वाले सिलेंडर की कीमतें पहले जैसी ही हैं। यानी घरेलू LPG सस्ती होने का इंतजार कर रहे लोगों को इस बार भी राहत नहीं मिली। शहर के हिसाब से LPG सिलेंडर की कीमत अलग-अलग है। स्थानीय टैक्स, ढुलाई और दूसरे खर्चों की वजह से अलग-अलग जगहों पर गैस के दाम में अंतर रहता है।दिल्ली में LPG सिलेंडर ₹942जून में घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में ₹29 की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद दिल्ली में 14.2 किलो वाले सिलेंडर की कीमत ₹942 है। मुंबई में ₹941.50, कोलकाता में ₹968 और चेन्नई में ₹957.50 का रेट है।प्रमुख शहरों में घरेलू LPG के दाम शहर घरेलू LPG (14.2 किलो) कमर्शियल LPG (19 किलो) कोलकाता ₹968.00 ₹2,872.50 मुंबई ₹941.50 ₹2,691.50 चेन्नई ₹957.50 ₹2,906.00 गुड़गांव ₹950.50 ₹2,755.00 नोएडा ₹939.50 ₹2,738.00 बैंगलोर ₹944.50 ₹2,821.00 भुवनेश्वर ₹968.00 ₹2,908.00 चंडीगढ़ ₹951.50 ₹2,760.00 हैदराबाद ₹994.00 ₹2,985.00 जयपुर ₹945.50 ₹2,765.50 लखनऊ ₹979.50 ₹2,860.50 पटना ₹1,031.50 ₹3,018.00 तिरुवनंतपुरम ₹951.00 — कमर्शियल LPG सिलेंडर हुआ सस्ताघरेलू LPG की कीमत में लोगों को राहत नहीं मिली, लेकिन 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम में इस महीने की शुरुआत में बड़ी कटौती हुई थी। अलग-अलग शहरों में इसकी कीमत करीब ₹194 से ₹200 तक कम हुई। इससे होटल, रेस्टोरेंट और अन्य कारोबारियों को फायदा हुआ।अमेरिका से बढ़ रहा LPG आयातभारत अब LPG के लिए अमेरिका से ज्यादा गैस खरीद रहा है। खाड़ी क्षेत्र में तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े जोखिमों के कारण LPG सप्लाई के स्रोत में बदलाव देखने को मिल रहा है। Kpler के आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई में भारत ने अमेरिका से करीब 0.89 मिलियन टन LPG आयात की। अगस्त में अब तक करीब 0.62 मिलियन टन LPG अमेरिका से आई है। अगस्त के कुल LPG आयात में अमेरिकी गैस की हिस्सेदारी करीब 73% बताई गई है।वहीं, UAE और कतर से LPG की सप्लाई कम हुई है। अगस्त में UAE से करीब 1.40 लाख टन और कतर से करीब 60 हजार टन LPG आई। जुलाई और अगस्त दोनों महीनों में सऊदी अरब से LPG आयात नहीं हुआ।घर बैठे ऐसे चेक करें LPG का रेटअगर आप Indane Gas इस्तेमाल करते हैं, तो Indian Oil की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने राज्य और जिले के अनुसार LPG की कीमत देख सकते हैं। Bharat Gas ग्राहक ebharatgas.com के ‘Quick Book & Pay’ विकल्प से रेट चेक कर सकते हैं। HP Gas ग्राहक HP Pay ऐप पर कीमत देख सकते हैं। इसके अलावा UMANG ऐप से भी LPG की कीमत और रिफिल की जानकारी मिल सकती है।Petrol Diesel Price Today: देशभर में पेट्रोल-डीजल के ताजा भाव जारी, जानें आपके शहर में कितना है दाम
नेपाल में बाढ़ के बाद बिहार में बढ़ा गंडक का जलस्तर, फुटेज में देंखे 36 गेट खोले गए; 8 जिलों में हाईअलर्ट
Bihar Weather Today 27th August: बिहार में मानसून की बारिश हो रही है। कई जिलों में बारिश की वजह से किसानों के चेहरे खिले हुए हैंं। पटना समेत दक्षिण मध्य भाग में आंशिक बूंदाबांदी के बीच उमस रहेगी।
बिहारशरीफ सदर अस्पताल के फिजियोथेरेपी वार्ड में सात अत्याधुनिक मशीनें लगाई गई हैं। लेजर, टेकार, शॉकवेव समेत इन मशीनों से जोड़ों और मांसपेशियों के दर्द का उपचार किया जा रहा है।
रक्षाबंधन के अवसर पर बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (बीएसआरटीसी) ने महिलाओं और छात्राओं को विशेष सौगात दी है। निगम की सभी संचालित बसों में 27 और 28 अगस्त 2026 को महिलाओं एवं छात्राओं को नि:शुल्क यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
नेपाल की बाढ़ से UP के 4 और बिहार के 6 जिलों में हर पल चेक हो रहा नदियों का डेंजर मार्क
नेपाल में भीषण बाढ़ और नदियों का जलस्तर बढ़ने से उत्तर प्रदेश के 4 और बिहार के 6 सीमावर्ती जिलों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. बिगड़ते हालात को देखते हुए दोनों राज्यों की सरकारों ने रेड अलर्ट जारी कर गंडक व कोसी नदी के तटबंधों पर सतर्कता बढ़ा दी है.
Nepal Bihar Flood LIVE: गंडक बराज में फिर बढ़ने लगा जलप्रवाह, नेपाल में बाढ़ के बाद बिहार सतर्क
Nepal Bihar Flood LIVE: नेपाल में बाढ़ की त्रासदी ने सबको हतप्रभ कर दिया है। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि नेपाल में आई बाढ़ के बाद बिहार में अगले 5-6 घंटे से लेकर पूरी रात अलर्ट रहने की जरूरत है। समस्या पहले से बड़ी है। गंडक पर दबाव बढ़ने की उम्मीद है।
मुजफ्फरपुर में रक्षाबंधन की धूम, 28 अगस्त को उदयकाल से पूरे दिन बांधा जा सकेगा रक्षासूत्र
Raksha Bandhan News Bihar: मुजफ्फरपुर में 28 अगस्त को रक्षाबंधन का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा, बाजारों में राखियों और मिठाइयों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। इस वर्ष भद्रा का साया न होने के कारण उदयकाल से सूर्यास्त तक पूरे दिन रक्षासूत्र बांधना शुभ रहेगा, जिसमें सोने-चांदी की राखियों की भी मांग है।
रक्षाबंधन पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार के बहनों को दिए 3 तोहफे, 2 लाख तक की मिलेगी सहायता
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राखी से पहले बिहार की महिलाओं के लिए कई बड़े ऐलान किए हैं। सीएम ने स्टार्टअप चैलेंज, बालिका पीएचडी फेलोशिप और स्कूल-कॉलेज के पास पुलिस दीदी की तैनाती का शुभारंभ किया।
गयाजी में 6 बिहार बटालियन एनसीसी में बुधवार को रक्षाबंधन का पर्व मनाया गया। इस अवसर पर बहनों और बच्चों ने देश की सुरक्षा में तैनात जवानों की कलाइयों पर राखियां बांधीं। कार्यक्रम का शुभारंभ मातृशक्ति दुर्गावाहिनी की बहनों और दो निजी स्कूलों के बच्चों ने किया। उन्होंने सबसे पहले 6 बिहार बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल पंकज कुमार की कलाई पर राखी बांधी। इसके बाद अन्य बहनों और बच्चों ने बटालियन के अधिकारियों और जवानों को राखियां पहनाईं। राखी बांधते समय बहनों ने जवानों के सुरक्षित रहने और उनकी निरंतर सफलता की कामना की। । कमांडिंग ऑफिसर कर्नल पंकज कुमार ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह विश्वास, सुरक्षा और जिम्मेदारी के संकल्प को भी दर्शाता है। सैनिक देश की सीमाओं और आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाते हुए राष्ट्र की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। ऐसे आयोजनों से सैनिकों का मनोबल बढ़ता है, क्योंकि उन्हें यह अहसास होता है कि देश की जनता उनके साथ खड़ी है। सैनिकों के लिए रक्षाबंधन भावनात्मक रूप से विशेष महत्व रखता कर्नल कुमार ने आगे कहा कि परिवार से दूर रहकर देश की सेवा करने वाले सैनिकों के लिए रक्षाबंधन जैसे कार्यक्रम भावनात्मक रूप से विशेष महत्व रखते हैं। बहनों की ओर से बांधी गई राखी उनके लिए स्नेह, सम्मान और सामाजिक समर्थन का संदेश लेकर आती है। कर्नल पंकज कुमार ने एनसीसी के उद्देश्यों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एनसीसी का लक्ष्य युवाओं में केवल अनुशासन विकसित करना नहीं है, बल्कि उनमें देशभक्ति, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्रसेवा की भावना को भी मजबूत करना है। जवानों ने भी बच्चों को स्नेह दिया कार्यक्रम के दौरान जवानों और बच्चों के बीच खास आत्मीयता देखने को मिली। बच्चों ने उत्साह के साथ जवानों की कलाइयों पर राखी बांधी और उनके साथ रक्षाबंधन की खुशियां साझा कीं। जवानों ने भी बच्चों को स्नेह दिया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस दौरान मौजूद बहनों ने कहा कि देश की रक्षा करने वाले जवानों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का इससे बेहतर अवसर नहीं हो सकता।
मुजफ्फरपुर में चीनी का भाव 18 फीसदी गिरा, थोक बाजार में नरमी के बाद खुदरा में कमी का इंतजार
Bihar Commodity Market: सरकार के सख्त कदमों के बाद मुजफ्फरपुर में चीनी के थोक भाव में 18% तक की गिरावट आई है, जिससे खुदरा बाजार में भी जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। प्रशासन की निगरानी और स्टॉक सीमा लागू होने से सट्टेबाजी पर अंकुश लगा है।
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद बिहार में तटबंधों की 24 घंटे निगरानी शुरू कर दी गई है। निर्देश दिया गया है कि गंडक नदी से जुड़े पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर एवं वैशाली जिलों में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहें।
Nepal Flood से Bihar में अलर्ट, गंडक बैराज के सभी 36 फाटक खोले गए
बिहार सरकार ने पड़ोसी देश नेपाल के कई जिलों में बुधवार को अचानक आई बाढ़ के बाद गंडक नदी में जलप्रवाह बढ़ने की आशंका को देखते हुए पूरे तंत्र को हाई अलर्ट पर रखा है। स्थिति से निपटने के लिए वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बैराज के सभी 36 फाटक खोल दिए गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। हालांकि, गंडक नदी में जलप्रवाह अब स्थिर हो गया है। जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, रात 11 से 12 बजे तक गंडक बैराज से 1,50,200 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है,जो बुधवार का सर्वाधिक जलप्रवाह है। अधिकारियों के अनुसार, अब नदी का जलस्तर और प्रवाह धीरे-धीरे कम होने की संभावना है। रात 11 बजे और रात 12 बजे तक जल प्रवाह स्थिर रहा। गंडक बैराज पश्चिम चंपारण जिले के वाल्मीकिनगर में स्थित है, जो बिहार का सबसे उत्तरी जिला है और नेपाल की सीमा से सटा हुआ है। बिहार के उपमुख्यमंत्री एवं जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि बुधवार दोपहर तक वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से करीब 86 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था और जलप्रवाह लगातार बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि एहतियाती कदम के तौर पर बैराज के सभी 36 फाटक खोल दिए गए हैं तथा अधीक्षण अभियंता के नेतृत्व में तकनीकी टीम तैनात की गई है। गंडक नदी के बेसिन में आने वाले सभी जिलों को भी अलर्ट कर दिया गया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, सभी फाटक खोलने से पानी का प्रवाह सुचारु रहेगा और बाढ़ की स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार, सभी विभागों को संभावित आपात स्थिति को देखते हुए आवश्यक सामग्री का भंडारण करने, तटबंधों का नियमित निरीक्षण करने और चौबीसों घंटे निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जल संसाधन मंत्री ने बताया कि नेपाल के देवघाट गेज स्टेशन पर नारायणी नदी का जलस्तर 4.77 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि चेतावनी स्तर 7.30 मीटर और खतरे का निशान नौ मीटर है। उन्होंने कहा कि यदि जलस्तर में तेजी से वृद्धि होती है तो करीब साढ़े तीन घंटे में उसका प्रभाव गंडक बैराज तक पहुंच सकता है। इससे पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर संबंधित जिलों में विशेष सतर्कता बरतने और सभी आवश्यक तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से गंडक नदी से जुड़े पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली सहित अन्य संवेदनशील जिलों में निगरानी बढ़ाने को कहा है। उन्होंने नेपाल से आने वाले पानी की स्थिति पर लगातार नजर रखने और संभावित प्रभावित क्षेत्रों में समय रहते एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन ध्वनि विस्तारक यंत्रों के माध्यम से लोगों को लगातार आवश्यक सूचनाएं और संभावित खतरे की चेतावनी देता रहे, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके। उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमों को तैयार रखा जाए तथा जिला प्रशासन इनके साथ समन्वय कर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्रशासनिक और तकनीकी टीमें पूरी तरह सक्रिय रहें तथा किसी भी प्रतिकूल परिस्थिति में लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। जल संसाधन विभाग के सचिव चंद्रशेखर सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि बुधवार रात करीब साढ़े आठ बजे नेपाल से बढ़ा जलप्रवाह गंडक बैराज तक पहुंच गया, जिससे जलप्रवाह में करीब 20 हजार क्यूसेक की वृद्धि दर्ज की गई। सिंह ने कहा, ‘‘जलप्रवाह के रात करीब 11 बजे चरम पर पहुंचने की संभावना है, जिसके बाद इसमें कमी आने लगेगी। अधिकतम जलप्रवाह करीब दो लाख क्यूसेक रहने का अनुमान है।’’सचिव ने बताया कि इस वर्ष अब तक का सर्वाधिक जलप्रवाह 14 जुलाई 2026 को 2.24 लाख क्यूसेक दर्ज किया गया था, जबकि 28 सितंबर 2024 को 5.625 लाख क्यूसेक का रिकॉर्ड दर्ज हुआ था। उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए स्थिति सामान्य रहने की उम्मीद है। फिर भी बैराज, तटबंधों और नियंत्रण कक्ष में सभी टीमें पूरी तरह सतर्क हैं।’’सचिव ने बताया कि विभागीय अधिकारियों को संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी तैयारियां सुनिश्चित करने, लगातार निगरानी रखने, आवश्यक सामग्री का भंडारण करने तथा तटबंधों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, संवेदनशील क्षेत्रों में जिला प्रशासन लाउडस्पीकर और माइक्रोफोन के माध्यम से समय पर लोगों को सतर्क कर रहा है। अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) ऐसी बाढ़ होती है, जो बहुत कम समय में भारी बारिश, बादल फटने, पहाड़ी क्षेत्रों से तेज जलप्रवाह या बांध से अचानक पानी छोड़े जाने के कारण आती है।
बिहार से करीब 300 किलोमीटर दूर नेपाल में तिब्बत से आई अचानक बाढ़ ने तबाही मचा दी है। भोटेकोशी और त्रिशूली नदी के पानी ने रसुवा, टिमुरे और स्याब्रुबेसी इलाके को तहस-नहस कर दिया है। गांव के गांव बह गए, बाजार तबाह हो गए, पुल टूट गए और सड़कें कट गईं। नेपाल में आई तबाही पर बिहार सरकार अलर्ट है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से गृह मंत्री अमित शाह ने बात की है और NDRF की टीम को सीमावर्ती जिलों में तैनात कर दिया है। नेपाल में आई तबाही से बिहार को खतरा क्यों, क्या यहां भी तबाही मचेगी, समझेंगे; बूझे की नाही में...। सवाल-1: नेपाल के रसुवा में बाढ़ और तबाही कैसे आई है? जवाबः 26 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे नेपाल के रसुवा और नुवाकोट जिले में भोटेकोशी और त्रिशूली नदी में अचानक बहुत तेज पानी आया। पानी तिब्बत की तरफ से आया और कुछ ही समय में घर, सड़क, पुल और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट बहा ले गया। उस समय रसुवा में ऐसी भारी स्थानीय बारिश की सूचना नहीं थी, इसलिए सामान्य बारिश से आई बाढ़ की संभावना कम मानी जा रही है। कैसे हुआ? कितना नुकसान? नेपाल पुलिस के मुताबिक, अब तक 95 लोगों के मौत की खबर है। नेपाल के पर्यटन विभाग के मुताबिक 500 से ज्यादा लोगों का पता नहीं चल रहा है। इनमें 133 भारतीय समेत 300 से ज्यादा विदेशी पर्यटक हैं। सवाल-2: भोटेकोशी और त्रिशूली नदी में आई तबाही से बिहार को खतरा क्यों? जवाबः नेपाल में आई तबाही से बिहार के खतरों को समझने के लिए भोट कोशी और त्रिशूली नदियों के तंत्रों को समझना होगा… त्रिशूली नदी के पानी से 5 जिलों को खतरा रसुवा नेपाल का उत्तरी, हिमालयी जिला है और चीन के तिब्बत से लगा है। टिमुरे/रसुवागढ़ी और स्याब्रुबेसी इसी क्षेत्र में हैं। यहां की नदियां ऊंचे हिमालय से निकलकर बहुत तेज ढाल वाले एरिया में नीचे उतरती हैं। इसी क्षेत्र में त्रिशूली नदी का डिस्चार्ज अचानक बढ़ता है तो पानी तेजी से नीचे आता है। भोटेकोशी से कोसी इलाके में खतरा भोटेकोशी नेपाल के उत्तरी हिस्से में चीन-तिब्बत सीमा से निकलने वाली हिमालयी नदी है। यह सिंधुपालचोक क्षेत्र से होकर बहती है। हालांकि, अबकी बार 2008 वाले हालात नहीं सवाल-3: कितना नुकसान हो सकता है, बिहार सरकार क्या कर रही है? जवाबः अभी नुकसान का आकलन करना जल्दीबाजी होगी। गंडक और कोसी बेसिन की नदियों में पानी बढ़ना चालू है। लेकिन गति सामान्य है। CM सम्राट चौधरी ने मुख्य सचिव, आपदा प्रबंधन और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की। डिप्टी CM और जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि लोग सतर्क रहें, घबराएं नहीं। अगले 24 घंटे अलर्ट रहने की जरूरत है। समस्या पहले से बड़ी है, लेकिन फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। गंडक नदी पर दबाव बढ़ने की आशंका है। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से बाढ़ राहत के लिए अतिरिक्त टीमों की तैनाती की गई है। राहत एवं बचाव के लिए जरूरी सामग्री भी उपलब्ध कराई गई है। सरकार अलर्ट, बोली-डरे नहीं सवाल-4ः नेपाल की नदियों से बिहार में क्यों आती है बाढ़? जवाबः नेपाल बिहार से करीब 400 फीट ऊंचाई (समुंद्र तल से) पर स्थित है। नेपाल में भारी बारिश होती है तो पानी ऊपर से नीचे की तरफ नेचुरल ग्रेविटी के कारण आता है। नेपाल में कोई बड़ा डैम नहीं है। जिससे पानी को कंट्रोल किया जा सके। नेपाल हिमालय पर बसा है। इसका करीब 75% हिस्सा पहाड़ी क्षेत्र है। कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती, कमला बलान, महानंदा और अधवारा नदियों का समूह यहां से निकलता है। नेपाल में बारिश होने पर पानी इन्हीं नदियों के रास्ते गंगा नदी तक पहुंचता है। 129 साल से चल रही हाई डैम बनाने की बात उत्तर बिहार को बाढ़ से मुक्ति दिलाने के लिए 1897 से ही भारत और नेपाल की सरकारों के बीच सप्तकोशी नदी पर बांध की बात चल रही है। इसे लेकर आजादी से पहले और बाद में दोनों देशों की सरकारों के बीच कई बार वार्ताएं हुईं। आखिरकार 1991 में दोनों देशों के बीच इसे लेकर एक समझौता भी हुआ। 2004 में इस प्रस्तावित बांध की संभावनाओं को तलाशने के लिए नेपाल के धरान में एक संयुक्त परियोजना कार्यालय भी बना है। मगर 129 साल से अधिक समय बीतने के बावजूद आज तक नेपाल के बराह क्षेत्र से 1.6 किमी उत्तर की दिशा में प्रस्तावित इस बांध के निर्माण को लेकर सहमति नहीं बन पाई है। 21 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बैठक की। इसके बाद वित्त मंत्री ने कोसी-मेची परियोजना के पहले चरण की राशि जारी करने और दूसरे चरण की तकनीकी मंजूरी देने का निर्देश जल शक्ति मंत्रालय को दिया है। CM सम्राट चौधरी ने कहा कि बाढ़ के स्थायी समाधान के लिए कोसी नदी पर उच्च बांध की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट जल्द बनेगी। JDU नेता संजय झा ने बताया, 'नेपाल में हाई डैम का निर्माण एकमात्र समाधान है, जिसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) 2028 तक बन जाएगी।'
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Maize arriving from MP and Bihar; Gorakhpur emerging as an ethanol production hub.
सपा ने हमेशा शिक्षकों के हित में किया ऐतिहासिक कार्य : लालबिहारी
SP has always undertaken historic work in the interest of teachers: Lalbihari
बेतिया में हर घंटे गंडक नदी के जलस्तर में हो रही वृद्धि के साथ ही निचले इलाकों में बसे लोगों की बेचैनी बढ़ गई है। रात करीब 10.30 बजे गंडक बराज से 1.47 लाख क्यूसेक पानी गंडक नदी में छोड़ा गया।
Nepal Flood के खतरे से Bihar और UP में High Alert, राहत दल तैनात किए गए
पड़ोसी देश नेपाल के कई जिलों में गंडक नदी में अचानक आई बाढ़ से भारी तबाही होने के बाद, बिहार और उत्तर प्रदेश को बुधवार को ‘हाई अलर्ट’ पर रखा गया तथा प्रशासन ने उन इलाकों से लोगों को निकालने समेत आपात कदम उठाने शुरू कर दिए जिनके बाढ़ से प्रभावित होने की आशंका है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्थिति और नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात की। शाह ने कहा, ‘‘जिन सीमावर्ती इलाकों में इसका असर पड़ने की आशंका है, वहां स्थानीय प्रशासन और राहत-बचाव दलों के साथ-साथ राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) को भी ‘हाई अलर्ट’ पर रखा गया है।’’केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के अनुसार, नेपाल की ओर स्थित जलाशयों में जलस्तर कम हो रहा है और स्थिति नियंत्रण में है। गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि घबराने जैसी कोई स्थिति पैदा नहीं हुई है। उसने बताया कि बिहार और उत्तर प्रदेश की सरकारों ने भारत-नेपाल सीमा के निकट रहने वाले स्थानीय भारतीय समुदायों की आवश्यक निकासी और उनकी सहायता के लिए अन्य कदम उठाए हैं। मंत्रालय ने कहा कि गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, जल शक्ति मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। बिहार में पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली के अलावा सीतामढ़ी और शिवहर जैसे उन जिलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं जिनके बाढ़ से प्रभावित होने की आशंका है। राज्य सरकार के अधिकारियों ने बताया कि स्थिति को नियंत्रित करने में मदद के लिए गंडक नदी पर बने बैराज के सभी 36 फाटक खोल दिए गए हैं। जल संसाधन विभाग का प्रभार भी संभाल रहे उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बैराज से दिन में करीब 86,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। उन्होंने कहा, ‘‘अधीक्षण अभियंता के नेतृत्व में एक तकनीकी दल को बैराज पर तैनात किया गया है। गंडक नदी बेसिन के सभी जिलों को भी चेतावनी जारी कर दी गई है।’’जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गंडक बैराज के सभी 36 फाटक खोलने से पानी के बहाव को सुचारू रखने और बाढ़ की स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। चौधरी ने कहा कि नेपाल में आई बाढ़ के मद्देनजर राज्य को पूरी रात सतर्क रहने की जरूरत है। जल संसाधन विभाग के सचिव चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि बुधवार रात करीब 11 बजे नदी में पानी का बहाव चरम पर पहुंचने की आशंका है और इसके बाद इसमें कमी आनी शुरू हो सकती है। गंडक बैराज बिहार के सबसे उत्तरी जिले पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर में स्थित है। यह जिला नेपाल की सीमा से लगा है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्थिति की समीक्षा के लिए मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। सभी संबंधित अधिकारियों को ‘हाई अलर्ट’ पर रहने, समय रहते सभी आवश्यक कदम उठाने और स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने का निर्देश दिया गया है। तिब्बत में अचानक आई भीषण बाढ़ की चपेट में मध्य नेपाल के कई जिले आ गए, जिससे करीब 100 लोगों की मौत हो गई और 133 भारतीय नागरिकों समेत 750 से अधिक लोग लापता हैं। अधिकारियों ने बताया कि भोटे कोशी नदी में अचानक बाढ़ आने से तिब्बत की सीमा से लगे रसुवा और धादिंग जिले प्रभावित हुए। इसके बाद बाढ़ ने नुवाकोट और चितवन जिलों को भी अपनी चपेट में ले लिया। तिब्बत से निकलने वाली भोटे कोशी नदी त्रिशूली नदी प्रणाली की ऊपरी सहायक नदी है और त्रिशूली आगे नारायणी/गंडक नदी बेसिन में मिलती है। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने 1,751 किलोमीटर लंबी भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अपनी सभी इकाइयों को सतर्क कर दिया है और राहत एवं बचाव अभियान शुरू करने के लिए 18 दल तैनात किए गए हैं। बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सीमावर्ती जिलों के जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि जिला प्रशासन को बचाव एवं राहत से जुड़ी सभी तैयारियां पूरी करने और स्थिति पर करीबी नजर रखने को कहा गया है। उन्हें जरूरत पड़ने पर लोगों को निकालने की योजना, नौकाएं, आश्रय स्थल और सामुदायिक रसोई तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। सम्राट चौधरी ने भी स्थिति की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि सभी संबंधित पक्षों को ‘हाई अलर्ट’ पर रहने, समय रहते आवश्यक कदम उठाने और स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेपाल में अचानक आई बाढ़ पर चिंता जताई और महराजगंज तथा कुशीनगर जिलों को किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि बाढ़ के कारण सीमावर्ती जिलों में गंडक और नारायणी नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है। महराजगंज में जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है और गंडक नदी पर चौबीसों घंटे नजर रखने के आदेश दिए हैं क्योंकि बढ़े जलप्रवाह की वजह से भोटे कोशी-त्रिशूली नदी प्रणाली के जरिए निचले इलाके प्रभावित हो सकते हैं। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने संबंधित एजेंसियों को निचले और नदी किनारे के इलाकों से लोगों को जरूरत पड़ने पर निकालकर सुरक्षित तथा ऊंचे स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। कुशीनगर में जिला प्रशासन ने मरचहवा, शिवपुर और अन्य गांवों से लोगों को निकालने का आदेश दिया है तथा निवासियों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील करते हुए घोषणाएं की जा रही हैं। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि सभी संबंधित विभागों को सतर्क कर दिया गया है। नेपाल में बारिश के कारण नारायणी नदी का जलस्तर प्रभावित होने की आशंका के मद्देनजर खड्डा तहसील के शिवपुर, हरिहरपुर, नारायणपुर, मरचहवा और बसंतपुर गांवों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। दोनों राज्यों के अधिकारियों ने लोगों से नहीं घबराने, सतर्क रहने, आधिकारिक परामर्श का पालन करने और अफवाहों से बचने की अपील की है। जिला प्रशासन को मीडिया को नियमित जानकारी देने और गलत सूचनाओं के प्रसार को रोकने के लिए सोशल मीडिया पर भी नजर रखने को कहा गया है। अधिकारियों ने कहा कि जरूरत के अनुसार एनडीआरएफ और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के अतिरिक्त दल, नौकाएं और अन्य संसाधन तैनात किए जाएंगे।

