मधुबनी के भौआरा इलाके से एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया गया है। यह कार्रवाई मध्य प्रदेश पुलिस, बिहार एटीएस और मधुबनी नगर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने की। युवक को संदिग्ध गतिविधियों के मामले में पकड़ा गया है। जानकारी के अनुसार, युवक का नाम मध्य प्रदेश के भोपाल में दर्ज एक मामले में सामने आया है। प्रारंभिक सूचना के मुताबिक, यह मामला आतंकवाद से जुड़े संदिग्ध पहलुओं से संबंधित है। इसी क्रम में जांच एजेंसियों ने युवक को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। घटना से जुड़ी 2 तस्वीरें.. जांच पूरी होने के बाद खुलासा किया जाएगामामले की गंभीरता को देखते हुए मधुबनी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) योगेंद्र कुमार स्वयं नगर थाना पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से मामले की जानकारी ली। एसपी ने बताया कि भोपाल में दर्ज एक मामले में संबंधित व्यक्ति संदिग्ध पाया गया है। अलग-अलग मामलों पर पूछताछ की जा रहीएसपी कुमार ने बताया कि युवक से विभिन्न बिंदुओं पर गहन पूछताछ की जा रही है और जांच जारी है। एजेंसियां फिलहाल मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। पुलिस और जांच एजेंसियां अभी तथ्यों के सत्यापन में जुटी हैं।
छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी स्कूलों में दिन में 3 बार प्रार्थना और मंत्र-पाठ अनिवार्य किए जाने का आदेश जारी किया है। सुबह स्कूल लगने पर सरस्वती वंदना, गुरु मंत्र समेत 6 प्रार्थनाएं होंगी। दोपहर खाने के समय भोजन मंत्र और स्कूल की छुट्टी के समय गायत्री मंत्र होगा। इसे लेकर अब राजनीतिक शुरू हो गई है। कांग्रेस का कहना है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का एजेंडा थोपने की कोशिश की जा रही है। स्कूल किसी एक विचारधारा या धर्म का नहीं हैं। यहां सभी अलग-अलग धर्मों समुदाय के बच्चे पढ़ते हैं। वहीं, इस विरोध पर बीजेपी ने कहा कि स्कूलों को सरस्वती शिशु मंदिर जैसा न बनाएं तो क्या मदरसा बनाएं? क्या आतंकवाद की ट्रेनिंग दें? जानिए आदेश में क्या लिखा है स्कूल शिक्षा विभाग ने नए शिक्षा सत्र 2026-27 से सभी सरकारी स्कूलों में बच्चों के ज्ञान के विकास और उन्हें अपनी संस्कृति से परिचित कराने के लिए प्रार्थनाओं का आयोजन करने का निर्देश दिया है। 12 जून को जारी आदेश में विभाग ने सभी स्कूलों को रोजाना प्रार्थना कराना सुनिश्चित करने को भी कहा है। नई व्यवस्था पर आपत्ति कांग्रेस प्रदेश संचार विभाग प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा स्कूल शिक्षा विभाग ने बच्चों के लिए दिन में 3 अलग-अलग समय पर कई मंत्रों और धार्मिक गतिविधियों को अनिवार्य कर दिया है। आखिर सरकारी स्कूलों में इस तरह की अनिवार्यता की जरूरत क्यों है। ‘हर धर्म और समुदाय के बच्चे पढ़ते हैं’ उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूल किसी एक विचारधारा या धर्म के नहीं हैं। यहां सभी धर्मों, समुदायों और वर्गों के बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं। ऐसे में किसी विशेष धार्मिक परंपरा से जुड़े मंत्रों को अनिवार्य करना उचित नहीं है। आदेश पर पुनर्विचार करने की मांग कांग्रेस ने कहा कि यह फैसला समाज के एक बड़े वर्ग की भावनाओं को प्रभावित कर सकता है। पार्टी ने सरकार से आदेश पर पुनर्विचार करने की मांग करते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था को राजनीतिक और वैचारिक प्रयोगशाला नहीं बनाया जाना चाहिए। गायत्री मंत्र में विश्व कल्याण का संदेश वहीं, कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए भाजपा प्रवक्ता अमित चिमनानी ने कहा कि जब-जब सनातन की बात आती है, कांग्रेस नेताओं को परेशानी होने लगती है। गायत्री मंत्र में विश्व कल्याण का संदेश है, फिर भी कांग्रेस को इससे आपत्ति है। 16 जून से खुलेंगे स्कूल छत्तीसगढ़ में गर्मी की छुट्टियों के बाद स्कूल 16 जून से ही खुलेंगे। लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) ने शुक्रवार (12 जून) को इस संबंध में आदेश जारी किया है। सभी सरकारी और निजी स्कूलों में 16 जून 2026 से पढ़ाई शुरू होगी। आदेश के मुताबिक, प्रदेश में 20 अप्रैल से 15 जून 2026 तक गर्मी छुट्टी घोषित किया गया था। छुट्टियां खत्म होने के बाद नया शैक्षणिक सत्र 2026-27 का नियमित संचालन 16 जून से शुरू किया जाएगा। इससे पहले गर्मी के कारण स्कूल खुलने में देरी की अटकलें लगाई जा रही थी। तिलक लगाकर होगा बच्चों का स्वागत स्कूल खुलने के साथ ही एडमिशन फेस्ट होगा। तिलक लगाकर बच्चों का स्वागत किया जाएगा। नए बच्चों के एडमिशन के लिए गांवों-शहरों में मुनादी की जाएगी। पात्र विद्यार्थियों को फ्री किताबें, यूनिफॉर्म और साइकिल बांटी जाएगी। साथ ही ड्रॉपआउट बच्चों को वापस लाने स्पेशल प्लान तैयार किया गया है। बोर्ड और स्थानीय परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्टूडेंट्स का सम्मान किया जाएगा। वहीं प्राइवेट स्कूलों को तय शेड्यूल के अनुसार फ्री किताबें दी जाएगी। किताबों का वितरण 12 डिपो (6 स्थायी और 6 अस्थायी) के जरिए किया जाएगा। …………….. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… छत्तीसगढ़ में कुत्तों की निगरानी में लगी प्राचार्यों की ड्यूटी:शिक्षक बोले- पढ़ाएं या कुत्ते पकड़ें, कांग्रेस बोली- बस यही दिन देखना रह गया था रायपुर के स्कूलों में अब बजेगी पानी वाली घंटी: हर 2 क्लास के बाद टीचर-स्टूडेंट साथ पिएंगे पानी; डि-हाइड्रेशन से बचने लिया फैसला

