डिजिटल समाचार स्रोत

...

इजराइल-ईरान तनाव में बड़ा दावा, ईरान के खुफिया मंत्री इस्माइल खातिब मारे गए

इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज के मुताबिक, रात में किए गए एयरस्ट्राइक में ईरान के शीर्ष खुफिया अधिकारी इस्माइल खातिब को निशाना बनाया गया। उन्होंने इसे ईरान की सुरक्षा संरचना पर बड़ा प्रहार बताया है।

देशबन्धु 18 Mar 2026 4:33 pm

मोजतबा खामेनेई ने ठुकराए युद्धविराम के प्रस्ताव, कहा- अमेरिका-इजरायल पहले हार मानें

एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, दो मध्यस्थ देशों के जरिए अमेरिका की ओर से तनाव कम करने और संभावित युद्धविराम के प्रस्ताव तेहरान भेजे गए थे। हालांकि, सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने इन्हें स्पष्ट रूप से ठुकरा दिया।

देशबन्धु 18 Mar 2026 2:44 pm

ईरान में मोसाद के लिए जासूसी के आरोप में व्यक्ति को फांसी, युद्ध के बीच सख्त संदेश

अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी को पिछले साल जून में सवजबलाघ शहर से गिरफ्तार किया गया था। उस समय ईरान और इजरायल के बीच 12 दिन तक चला संघर्ष जारी था, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ा हुआ था।

देशबन्धु 18 Mar 2026 1:13 pm

US Iran War: खाड़ी देशों ने अमेरिका को चेताया, ईरान को 'घायल' छोड़ना होगी बड़ी भूल

खाड़ी देशों ने अमेरिका से कहा है कि यदि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की जा रही है, तो उसे निर्णायक स्तर तक ले जाना जरूरी है। उनका तर्क है कि आधे-अधूरे कदम ईरान को दोबारा ताकत हासिल करने का मौका देंगे, जिससे वह क्षेत्रीय ऊर्जा ढांचे को फिर निशाना बना सकता है।

देशबन्धु 18 Mar 2026 11:36 am

ईरान पर हमले के विरोध में अमेरिकी नेशनल काउंटरटेररिज्म सेंटर के डायरेक्टर का इस्तीफा, ट्रंप पर लगाए गंभीर आरोप

जोसेफ केंट ने अपने इस्तीफे पत्र और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखे संदेश में आरोप लगाया कि अमेरिका ने यह युद्ध स्वतंत्र निर्णय के तहत नहीं, बल्कि बाहरी दबाव में शुरू किया।

देशबन्धु 18 Mar 2026 10:57 am

परमाणु ऊर्जा की ओर लौटने के खिलाफ हैं जर्मन चांसलर

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेय लाएन यूरोपीय संघ में नए परमाणु ऊर्जा संयंत्र बनाने के प्रस्ताव के पक्ष में हैं, लेकिन जर्मन चांसलर मैर्त्स ने इसे नामुमकिन बताया है, आखिर क्यों

देशबन्धु 18 Mar 2026 9:55 am

रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स के बीच अमेरिकी मतदान विधेयक को लेकर टकराव

अमेरिकी सीनेट में तीखी राजनीतिक लड़ाई शुरू हो गई, जब रिपब्लिकन ने सेव एक्ट को चुनावों की सुरक्षा के लिए एक उपाय के रूप में आगे बढ़ाया जबकि डेमोक्रेट्स ने इसे मतदाता दमन का कदम बताते हुए कहा कि इससे लाखों पात्र अमेरिकी नागरिकों को मतदान करने से रोका जा सकता है।

देशबन्धु 18 Mar 2026 9:20 am

ट्रंप का बड़ा दावा: ईरान अब परमाणु हथियार नहीं बना सकता

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई इसलिए की, ताकि वह परमाणु हथियार हासिल न कर सके। उनका दावा है कि इस कार्रवाई से ईरान की सैन्य ताकत को काफी नुकसान पहुंचा है।

देशबन्धु 18 Mar 2026 9:17 am

क्यूबा में ब्लैकआउट पर अमेरिका का सख्त बयान, ट्रंप ने दिए कार्रवाई के संकेत

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने क्यूबा में हुए देशव्यापी बिजली संकट के बाद वहां की सरकार पर तीखा हमला बोला है

देशबन्धु 18 Mar 2026 8:16 am

अमेरिका ने 330 अरब डॉलर के हथियार बेचे, तेज प्रणाली के लिए बनाया दबाव

अमेरिकी विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पिछले वित्त वर्ष में संयुक्त राज्य अमेरिका ने 330 अरब डॉलर से अधिक के हथियार निर्यात को मंजूरी दी

देशबन्धु 18 Mar 2026 8:13 am

होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी हमला, ईरानी मिसाइल ठिकाने ध्वस्त

अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट के पास ईरान के मिसाइल ठिकानों पर नए हमले किए हैं। सेना के अधिकारियों का कहना है कि ये ठिकाने अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खतरा बन रहे थे। यह कार्रवाई “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” के तहत की जा रही है, जो अब और तेज हो गया है।

देशबन्धु 18 Mar 2026 8:02 am

क्या NDA में जाने वाले हैं थलापति विजय:तलाक केस-CBI जांच का प्रेशर, स्टालिन के खिलाफ क्या BJP का साथ देंगे

23 फरवरी 2026, तमिलनाडु के वेल्लोर से सटे नेशनल हाईवे-48 पर हजारों लोगों की भीड़ इकट्ठा हुई। इतना ट्रैफिक की 4 घंटे तक गाड़ियां अपनी जगह से हिल नहीं पाईं। भगदड़ या किसी तरह की अनहोनी के डर से प्रशासन को 900 पुलिसवालों को मौके पर लगाना पड़ा। ये दीवानगी साउथ फिल्मों के सुपरस्टार थलापति विजय की पब्लिक रैली के लिए थी। वेल्लोर रैली में थलापति विजय ने पहली बार ऐलान किया कि 2026 का विधानसभा चुनाव 'विजय बनाम स्टालिन' की लड़ाई है। तमिलनाडु CM और DMK प्रमुख एमके स्टालिन पर आरोप लगाते हुए विजय ने कहा- राज्य में अभी एक स्टैंड-अप कॉमेडी वाली सरकार राज कर रही है। मुख्यमंत्री के असली दोस्त रिश्वत-भ्रष्टाचार हैं। अगर दम है तो वे चुनाव से पहले अपनी संपत्ति का खुलासा करें। तमिलनाडु की 234 सीटों पर 23 अप्रैल को वोटिंग होगी। उससे पहले विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम यानी TVK को सत्ताधारी DMK-कांग्रेस के गठबंधन के लिए बड़ा खतरा माना जा रहा है। दूसरी तरफ BJP, स्टालिन और विजय की तकरार को चुनाव में भुनाना चाहती है। सोर्स बताते हैं कि TVK को NDA में लाने लिए BJP लीडरशिप पूरा जोर लगा रही है। यहां तक कि एक दूसरे राज्य के उपमुख्यमंत्री के जरिए विजय को मनाने की कोशिशें चल रही हैं। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले क्या विजय BJP से हाथ मिलाने वाले हैं? NDA अलांयस में शामिल होने से TVK को कितना फायदा होगा? सत्तारूढ़ DMK और कांग्रेस का गठबंधन विजय के खिलाफ क्या रणनीति बना रहा है? ये सवाल हमने तमिलनाडु की पॉलिटिकल पार्टियों और एक्सपर्ट्स से पूछे। विजय को NDA में लाने के लिए इतनी खलबली क्यों? दो साल पहले तक तमिलनाडु में मेन मुकाबला DMK-कांग्रेस के नेतृत्व वाले सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस (SPA) और AIADMK-BJP के NDA गठबंधन के बीच माना जा रहा था। 2 फरवरी 2024 को साउथ फिल्मों के सुपरस्टार विजय ने अपनी पॉलिटिकल पार्टी TVK की ऑफिशियल घोषणा कर दी। अब 2026 विधानसभा चुनाव में TVK थर्ड फ्रंट के तौर पर उभरी है। विजय का इम्पैक्ट कम करने के लिए DMK ने कांग्रेस और वामपंथी दलों सहित 23 पार्टियों को अपने अलायंस में शामिल किया है। मुख्यमंत्री स्टालिन की अगुआई वाले SPA का रुख साफ है कि वो विजय के साथ किसी भी सूरत में हाथ नहीं मिलाएंगे। दूसरी तरफ, NDA ब्लॉक में AIADMK, BJP, पट्टाली मक्कल काची (PMK) और AMMK जैसी दूसरी पार्टियां शामिल हैं। 2021 के विधानसभा चुनाव में DMK ने 234 सीटों में से 133 सीटें जीती थीं और सहयोगियों की मदद के बिना ही सरकार बनाई थी। वहीं, NDA गठबंधन महज 75 सीटों पर ही सिमट गया था। इसमें AIADMK 66 और BJP महज 4 सीट ही जीत पाई थी। BJP चुनाव से पहले इस नुकसान की भरपाई के लिए विजय से लगातार संपर्क कर रही है। तमिलनाडु के चेन्नई, कांचीपुरम, कोयंबटूर, मदुरै और तंजावुर में विजय की अच्छी फैन फॉलोइंग है। करूर में 18 से 35 साल के वोटर्स सबसे ज्यादा हैं। विजय यहां आकर फिल्म रिलीज और सोशल मीडिया कैंपेन जैसे इवेंट में शामिल हो चुके हैं। 27 सितंबर 2025 को करूर में ही विजय की रैली में भगदड़ के दौरान 41 लोगों की मौत हुई थी। इसकी जांच CBI कर रही है। BJP को लगता है कि अगर उसके 2-3% वोट भी TVK के साथ जुड़ते हैं, तो ये NDA के लिए निर्णायक हो सकता है। एक इंटरनल रिपोर्ट ने तमिलनाडु BJP को एक्टिव कियातमिलनाडु और केरल विधानसभा चुनाव पर करीब से नजर रख रहे सीनियर जर्नलिस्ट केए शाजी कहते हैं, ‘इलेक्शन से पहले वोटर्स का मूड जानने के लिए कई सर्वे किए गए, जिनमें NDA गठबंधन के लिए बहुत पॉजिटिव तस्वीर पेश नहीं की गई। यही वजह है कि BJP विजय को साथ लाने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रही है।’ कुछ दिनों पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पास भी इलेक्शन से जुड़े कई प्री-सर्वे मिलाकर एक इंटरनल रिपोर्ट भेजी गई। इसमें चुनाव से पहले AIADMK और BJP की हालत पतली बताई गई।रिपोर्ट में बताया गया कि तमिलनाडु की कई सीटों पर NDA गठबंधन तीसरे नंबर पर भी रह सकता है। इन आकलनों के बाद से ही पार्टी की लीडरशिप नाराज है। ’विजय को मनाने के लिए साउथ फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े बड़े चेहरों के साथ-साथ उनके दोस्तों और दूसरे राज्य के एक उपमुख्यमंत्री से दबाव बनाया जा रहा है।’ तमिलनाडु BJP से जुड़े सोर्स के मुताबिक, BJP ने TVK के सामने पेशकश की है कि अगर NDA गठबंधन चुनाव जीतता है कि वो विजय को तमिलनाडु के डिप्टी CM का पद और पार्टी के प्रस्तावित सीट-बंटवारे में लगभग 55 सीटें देने को तैयार है। फिलहाल इस बात को लेकर दोनों पार्टियों की तरफ से कोई बयान सामने नहीं आया है। विजय की पर्सनल लाइफ और तलाक DMK के लिए चुनावी मुद्दातमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले थलापति विजय से जुड़ा तलाक का विवाद भी राजनीतिक समीकरणों का मुद्दा बना हुआ है। विजय से अलग रह रही उनकी पत्नी संगीता सोरनलिंगम ने दिसंबर 2025 में चेंगलपट्टू कोर्ट में तलाक की याचिका दायर कर गुजारे भत्ते की मांग की थी। संगीता ने अंतरिम राहत के लिए एक और याचिका दायर की, जिसमें उन्होंने कोर्ट से पनयूर वाले घर में रहने की इजाजत मांगी। ये मामला अब भी चल रहा है। सीनियर जर्नलिस्ट डॉ. बसवराज इटनाल कहते हैं, ‘विजय की निजी जिंदगी के उतार-चढ़ाव और उनके तलाक को DMK चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है। मेरा मानना है कि इससे DMK को राजनीतिक तौर पर कोई फायदा होने की संभावना नहीं है।’ ‘हालांकि, कुछ हद तक पत्नी को घर से बेदखल करने का मामला विजय की छवि को नुकसान पहुंचा सकता है क्योंकि इससे लोगों (खासकर महिला वोटर्स) के मन में संगीता के प्रति सहानुभूति पैदा होगी। DMK विजय को कट्टर विरोधी के तौर पर देखती है। करूर भगदड़ के मुद्दे पर स्टालिन थलापति को घेरते रहे हैं।‘ TVK-NDA गठबंधन के चांसेज की 3 बड़ी वजहें1. कानूनी और सेंट्रल एजेंसियों का दबाव विजय पहले से ही इनकम टैक्स केस, तलाक और करूर भगदड़ मामले में घिरे हुए हैं। तमिलनाडु की राजनीति में ये एक पुराना पैटर्न रहा है कि जब भी कोई नया नेता उभरता है, तो केंद्र की एजेंसियां एक्टिव हो जाती हैं। पॉलिटिकल एनालिस्ट इसे 'दबाव की राजनीति' मानते हैं, जिससे नई पार्टियों को गठबंधन के लिए मनाया जाता है। लिहाजा, खुद पर प्रेशर कम करने के लिए विजय गठबंधन में शामिल हो सकते हैं। 2. TVK और NDA का एक समान विरोधी विजय का सीधा मुकाबला सत्ताधारी DMK से है। तमिलनाडु में स्टालिन को चुनौती देने के लिए TVK को एक ऐसे साथी की जरूरत है, जो DMK को सीधी चुनौती दे सकता हो। मौजूदा वक्त में NDA गठबंधन ही DMK-कांग्रेस अलायंस की सबसे बड़ी विरोधी है। 3. पहला चुनाव,TVK को स्टेबिलिटी की उम्मीद 2026 विधानसभा चुनाव TVK के लिए पहली परीक्षा है। अपने दम पर 234 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने से पार्टी पर फाइनेंशियल प्रेशर बढ़ सकता है। ऐसे में BJP और AIADMK जैसी पार्टियों का साथ विजय को वो स्टेबिलिटी दे सकता है, जो एक नई पार्टी के पास नहीं होती। एक्सपर्ट बोले- BJP और विजय की दोस्ती से AIADMK को नुकसानतमिलनाडु और साउथ की पॉलिटिक्स पर 25 साल से नजर रख रहे पॉलिटिकल एनालिस्ट टीएस सुधीर कहते हैं, 'विजय महज 10 या 20 सीटों के लिए NDA में नहीं आएंगे, क्योंकि वे खुद को CM पद का दावेदार मानते हैं। इसलिए वे ज्यादा सीटें मांगेंगे। NDA अगर विजय को अपने साथ लाता है, तो उसे AIADMK के खाते से सीटें देनी पड़ेंगी। सोचने लायक बात है कि क्या एडप्पाडी पलानीस्वामी इस बात के लिए तैयार होंगे? अभी ये बड़ा सवाल होगा।' 'इस चुनाव में AIADMK की सीधी लड़ाई DMK से है। DMK तकरीबन 175-180 सीटों पर लड़ेगी। अगर NDA अलायंस TVK को 70 सीटें देता है, तो क्या AIADMK सिर्फ 120 या 130 सीटों पर ही लड़ेगी? अगर ऐसा हुआ तो ये तमिलनाडु की 60 साल पुरानी AIADMK पार्टी के लिए बड़ा साइकोलॉजिकल नुकसान होगा।' उनकी पर्सनल लाइफ को लेकर सुधीर कहते हैं, '20 अप्रैल को विजय को तलाक के मामले में कोर्ट में पेश होना है। 3 दिन बाद यानी 23 अप्रैल को वोटिंग होगी।' पॉलिटिकल पार्टियां क्या कह रहीं…BJP: स्टालिन के खिलाफ एंटी-इनकम्बेंसी, TVK पर कुछ बोलना जल्दबाजी तमिलनाडु BJP के स्टेट स्पोक्सपर्सन नरायणन तिरुपाठी कहते हैं, ‘बीते 5 साल में DMK और कांग्रेस ने तमिलनाडु के लोगों को धोखे में रखा है। DMK अलायंस को लेकर तमिलनाडु में जबरदस्त एंटी-इनकम्बेंसी है। BJP पिछले चुनाव से ज्यादा सीटें लाएगी।’ क्या चुनाव से पहले NDA-TVK के साथ एलायंस कर सकती है? इस सवाल के जवाब में नरायणन कहते हैं, ‘तमिलनाडु का विकास ही NDA गठबंधन का मकसद है। BJP ऐसी विचारधारा रखने वाली हर पार्टी के साथ खड़ी है। थलापति विजय की TVK के साथ अलायंस होगा या नहीं? इस पर कुछ भी बोलना अभी जल्दबाजी होगी।’ TVK: हमारा किसी से अलायंस नहीं, DMK भ्रम फैला रही TVK के संयुक्त महासचिव निर्मल कुमार कहते हैं, ’DMK लोगों के बीच भ्रम पैदा करके चुनावी फायदा लेना चाहती है। सोशल मीडिया पर जानबूझकर गलत जानकारी फैलाई जा रही है कि हमारी पार्टी BJP-AIADMK के नेताओं के साथ बातचीत कर रही है। ये महज अफवाहें हैं, जनता को इन पर ध्यान नहीं देना चाहिए।’ TVK के साथ जोड़कर किसी भी पार्टी के गठबंधन की बातचीत पूरी तरह निराधार है। DMK: TVK की रैलियों में आने वाले लोग फैन हैं, वोटर नहींDMK के सीनियर लीडर और स्टेट स्पोक्सपर्सन सलेम धरणीधरन कहते हैं, 'भीड़ का मतलब वोट नहीं होता। TVK की रैलियों में आने वाले लोग सिर्फ उनके फैन हैं, वोटर नहीं। DMK का 2019, 2021, 2024 चुनावों में जीत का ट्रैक रिकॉर्ड ये साबित करता है कि जनता को हमारे प्रशासन पर भरोसा है, न कि किसी फिल्मस्टार के भाषणों पर। एक राजनेता के तौर पर हम सभी जनता के सेवक हैं, लेकिन TVK पार्टी में शामिल लोग विजय के सेवक हैं।' ………….ये खबर भी पढ़ें… क्या साउथ बंगाल से निकलेगा BJP की जीत का रास्ता 7 मार्च को पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में BJP की परिवर्तन यात्रा पहुंची। यहां रघुनाथपुर इंडस्ट्रियल एरिया है इसलिए हिंदी भाषी और आदिवासी आबादी ज्यादा है। यहां से BJP के ही विधायक हैं, फिर भी रैली में भीड़ कम पहुंची। यहीं रास्ते में अवधेश राम मिले। वो रैली में नहीं आए लेकिन चाहते हैं कि राज्य में सरकार जरुर बदले। पढ़िए पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 18 Mar 2026 4:59 am

क्या एआई दिग्गज एंथ्रोपिक को अपना सकता है जर्मनी?

अमेरिकी सरकार ने एआई कंपनी एंथ्रोपिक को अपनी सप्लाई चेन से बाहर कर दिया है. जर्मन चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स की गठबंधन सरकार एसपीडी के एक नेता ने इसे जर्मनी और यूरोप के लिए जीवन में एक बार मिलने वाला सुनहरा अवसर बताया

देशबन्धु 17 Mar 2026 11:35 pm

लड़का पैदा होने से क्यों परेशान हैं कुछ माता-पिता?

जर्मनी में कई माता-पिता अब एक लड़की को जन्म देना चाहते हैं. कई तय धारणाएं इसकी वजह हो सकती हैं, जैसे कि यह मानना कि लड़कियां शांत और लड़के शरारती होते हैं. क्या ऐसी सोच लैंगिक बराबरी की बहस में हमें पीछे नहीं खींच रही है

देशबन्धु 17 Mar 2026 11:33 pm

ईरान के सुरक्षा प्रमुख लारीजानी पर हमला, इस्राइली सेना ने हताहत होने को लेकर दिया बयान

इजराइल ने दावा किया है कि इस ऑपरेशन में बसीज पैरामिलिट्री फोर्स के कमांडर घोलामरेजा सुलेमानी भी निशाने पर थे। बसीज फोर्स ईरान में आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने और सरकार विरोधी प्रदर्शनों को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाती है।

देशबन्धु 17 Mar 2026 2:50 pm

पाकिस्तान का अफगानिस्तान के काबुल में बड़ा हमला, एयर स्ट्राइक में 400 लोगों की मौत, 250 घायल

हमले के एक प्रत्यक्षदर्शी 31 वर्षीय ओमिद स्तानिकज़ई जो अस्पताल में सुरक्षा गार्ड के रूप में काम करते हैं ने बताया कि हमले से पहले इलाके में असामान्य हलचल देखी गई थी।

देशबन्धु 17 Mar 2026 10:22 am

बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका और सख्त करेगा ईरान के खिलाफ एनर्जी बैन

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने ईरान के ऊर्जा क्षेत्र पर बैन को और कड़ा करने के लिए बड़ा कानून पास किया है। तेहरान के साथ चल रहे तनाव के बीच दोनों पार्टियों के प्रतिनिधियों ने और कड़े कदम उठाने पर जोर दिया।

देशबन्धु 17 Mar 2026 9:51 am

ईरान संघर्ष को लेकर ट्रंप पर बरसे डेमोक्रेट हकीम जेफ्रीज, बोले- अमेरिका को बेवजह युद्ध में धकेल दिया

अमेरिका में ईरान के साथ बढ़ते सैन्य तनाव और घरेलू आर्थिक मुद्दों को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है

देशबन्धु 17 Mar 2026 9:40 am

जेडी वेंस ने ईरान के खिलाफ हमलों को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप के फैसले का किया समर्थन

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान के खिलाफ सरकार की सैन्य कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि उन्हें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर भरोसा है कि वह इस लड़ाई को संभाल लेंगे और पिछली गलतियों को रोक देंगे।

देशबन्धु 17 Mar 2026 9:34 am

पाकिस्तान सरकार इमरान खान से उनके बेटों सुलेमान और कासिम की मुलाकात रोक रही: जेमिमा गोल्डस्मिथ

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के प्रमुख इमरान की पूर्व पत्नी जेमिमा गोल्डस्मिथ ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से दखल देने की अपील की है

देशबन्धु 17 Mar 2026 9:24 am

बगदाद में अमेरिकी दूतावास पर हमला, धमाकों के बाद परिसर में लगी आग

इराक की राजधानी बगदाद में स्थित अमेरिकी दूतावास पर मंगलवार को बड़ा हमला हुआ, जिसके बाद परिसर के अंदर आग लग गई। यह हमला उस समय हुआ जब दो विस्फोटक से लैस ड्रोन दूतावास के परिसर के भीतर गिर गए और उनके विस्फोट से आग भड़क उठी।

देशबन्धु 17 Mar 2026 9:18 am

अमेरिकी फ्लाइट स्कूलों का चीनी पायलटों को ट्रेनिंग देना चिंताजनक: सीनेटर बैंक्स

अमेरिका में एक वरिष्ठ रिपब्लिकन सीनेटर ने विमानन सुरक्षा से जुड़ी एजेंसियों को चेतावनी दी है कि अमेरिकी फ्लाइट स्कूलों में चीनी नागरिकों को ऐसी ट्रेनिंग दी जा रही है, जो अप्रत्यक्ष रूप से चीन की सैन्य महत्वाकांक्षाओं को मदद पहुंचा सकती है।

देशबन्धु 17 Mar 2026 8:30 am

ईरान संघर्ष के बीच ट्रंप ने बीजिंग यात्रा टाली

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान से जुड़ा युद्ध जल्द खत्म हो सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि इस संघर्ष के कारण उन्होंने चीन की अपनी तय यात्रा को फिलहाल टाल दिया है, क्योंकि इस समय उन्हें वॉशिंगटन में रहना जरूरी लग रहा है।

देशबन्धु 17 Mar 2026 7:17 am

बंगाल में ममता की मंदिर पॉलिटिक्स से क्या बदलेगा:एक साल में तीन मंदिरों का शिलान्यास-उद्घाटन, लोग बोले- मंदिर बनाने से क्या होगा

16 जनवरी 2026 को पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी ने सिलीगुड़ी में महाकाल महातीर्थ मंदिर का शिलान्यास किया। 17 एकड़ में बनने वाला ये दुनिया के सबसे भव्य शिव मंदिरों में से एक होगा। करीब एक महीने पहले दिसंबर 2025 में ममता ने कोलकाता में दुर्गा आंगन का शिलान्यास किया था। इससे करीब 6 महीने पहले दीघा में पुरी की तर्ज पर जगन्नाथ धाम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की थी। पश्चिम बंगाल के इतिहास में ये पहला मंदिर है, जिसकी प्राण प्रतिष्ठा किसी मुख्यमंत्री ने की हो। सरकार का दावा है कि मंदिर बनने से इन इलाकों में लोकल बिजनेस बढ़ा है। सरकार को भी 100 करोड़ रुपए का फायदा हुआ है। हालांकि BJP इसे चुनावी तुष्टिकरण बता रही है। उसका कहना है कि ममता को कुर्सी जाने का डर है इसलिए मंदिर बना रही हैं। पश्चिम बंगाल में दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को चुनाव होने हैं। चुनाव में ममता की मंदिर पॉलिटिक्स से क्या बदलेगा, आखिर ममता को सॉफ्ट हिंदुत्व की जरूरत क्यों पड़ी? दैनिक भास्कर की टीम ने दीघा में ग्राउंड पर पहुंचकर इसे समझने की कोशिश की। लोग बोले- मंदिर भी मिला और रोजगार भीहम दीघा में मंदिर की बाहर सामान बेचने वाली कुछ महिलाओं से मिले। वे कैमरे पर बात करने से हिचक रही थीं, लेकिन कैमरा हटते ही बातचीत के लिए तैयार हो गईं। इनमें से एक सुमित्रा शंख बेचती हैं। वे कहती हैं, ‘ये मंदिर टूरिस्ट प्लेस पर बना है। दीघा में पूरे साल लोग घूमने आते हैं। इसके बनने से मेरे जैसी महिलाओं को रोजगार मिल गया। सुबह-शाम दो वक्त आती हूं और सामान बेचकर घर चली जाती हूं।’ यहीं मिले पारस रुइदास कहते हैं, ‘ममता बनर्जी ने आम लोगों के लिए मंदिर बनवाया है। लोग दीघा घूमने आते हैं, तो मंदिर भी घूम लेते हैं।‘ चुनाव पर इसके असर के बारे में पूछने पर वो कहते हैं, ‘सरकार तो TMC की ही बनेगी।‘ हालांकि मंदिर पॉलिटिक्स पर संजय शर्मा की राय अलग है। वे कहते हैं- राज्य में लोगों के पास रोजगार नहीं है। फिर मंदिर-मस्जिद बनाने से क्या होगा। लोगों को रोटी, कपड़ा और मकान चाहिए। सामान और रुपए बांटने से कुछ नहीं होने वाला है। यहां काम मिलना बंद हो गया है, कोई इस पर ध्यान नहीं दे रहा है। संजय गुस्से में कहते हैं, ‘BJP और TMC दोनों एक जैसे हैं। इनकी मंदिर-मस्जिद की राजनीति से कुछ नहीं होने वाला है।‘ वहीं, सुगतो मंडल कहते हैं ‘मंदिर बनने से बिजनेस बढ़ा है। लोकल लोगों ने कई छोटे-मोटे काम शुरू किए हैं।’ ममता के प्राण प्रतिष्ठा करने पर BJP के विरोध को लेकर सुगतो कहते हैं, ’ये BJP का उत्तर प्रदेश नहीं है, जहां महिलाओं को घर की चारदीवारी में रखा जाता है। यहां की महिलाएं मजबूत हैं। अगर दीदी पूजा कर रही हैं, तो इसका विरोध क्यों।’ ममता की एंटी-हिंदू छवि तोड़ने की कोशिशपश्चिम बंगाल में मंदिर पॉलिटिक्स ज्यादा पुरानी नहीं है। ये अभी हाल के कुछ साल में शुरू हुई है। इसे लेकर सीनियर जर्नलिस्ट विश्वभंर नेगर कहते हैं, ‘ममता बनर्जी पर हमेशा प्रो-मुस्लिम होने का इल्जाम लगता रहा है। इस छवि से बाहर आने के लिए उन्होंने सॉफ्ट हिंदुत्व का सहारा लिया है। मुस्लिम बहुल इलाकों के छोड़ दें, तो हिंदुओं का वोट ही तय करता है कि सत्ता किसे मिलने वाली है।’ ’ममता बनर्जी ने सिर्फ तीन मंदिरों का ही शिलान्यास नहीं किया, बल्कि गंगासागर में स्नान करने वालों को भी नदी पर पुल का तोहफा दिया है। उन्होंने ही पहली बार दुर्गापूजा कर्निवाल कराया।’ पश्चिम बंगाल में मंदिर पॉलिटिक्स की एंट्री के बारे में पूछने पर वे कहते हैं, ‘ममता बनर्जी की छवि एंटी-हिंदू की रही है। इसके अलावा सरकार के खिलाफ एंटी इनकम्बेंसी है। इसे कम करने के लिए भी मंदिर पॉलिटिक्स की जा रही है। पश्चिम बंगाल में एक नए तरह की राजनीति शुरू हो रही है। ममता से पहले बंगाल में लेफ्ट की सरकार थी और उनके मुद्दों में धर्म कभी नहीं था।‘ इसके असर के बारे में नेगर कहते हैं, ‘दीघा में ओडिया भाषी के अलावा, बांग्ला और हिंदी बोलने वाले रहते हैं। पहले लोग भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए पुरी जाते थे, लेकिन अब यहां घूमने के साथ-साथ धार्मिक यात्रा भी होती है। दूसरी ओर गंगासागर में बड़ी संख्या में हिंदी भाषी स्नान करने आते हैं। इसके लिए फेरी घाट से होकर जाना पड़ता है। पुल बन जाने से लोकल लोगों और श्रद्धालुओं को जो फायदा होगा, उसका असर वोट में जरूर दिखेगा।‘ ‘मंदिर बनाने से ज्यादा जरूरी हिंदुओं की सुरक्षा’बंगाल की मंदिर पॉलिटिक्स को लेकर हमने कोलकाता में RSS प्रचारक डॉ. जीशानु बसु से भी बात की। वे कहते हैं, ‘पश्चिम बंगाल में मंदिर बनाने के ज्यादा जरूरी हिंदुओं की सुरक्षा है। ये तय करना जरूरी है कि यहां हिंदू सुरक्षित रह भी पाएंगे या नहीं क्योंकि उन पर लगातार अत्याचार हो रहा है।’ ममता के मंदिर के शिलान्यास और प्राण प्रतिष्ठा करने पर जीशानु सवाल उठाते हैं। वे कहते हैं, ‘संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति मंदिर का शिलान्यास नहीं कर सकता है।‘ हमने पूछा फिर राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा प्रधानमंत्री ने कैसे की? इसके जवाब में वे कहते हैं, ‘राम मंदिर किसी सरकार ने नहीं बल्कि ट्रस्ट ने बनवाया है। सरकार का मंदिर या मस्जिद कुछ भी बनवाना सही नहीं है। ये समाज का काम है।‘ ‘पुरी का जगन्नाथ मंदिर चार धामों में से एक है। ऐसे में पश्चिम बंगाल में उसी के नाम से एक और मंदिर बनवाना सही नहीं है। ये देश की एकता और अखंडता के लिए भी ठीक नहीं। यही वजह है कि शंकराचार्य ने भी इसका विरोध किया। आप ही सोचिए अगर कोलकाता के कालीघाट मंदिर के नाम पर कहीं और मंदिर बना दिया जाए, तो क्या वो सही होगा।‘ वे आगे कहते हैं, ‘पहली बात मंदिर के नाम पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। ये इतिहास और श्रद्धा का विषय है, न की राजनीति का। ममता बनर्जी ने मंदिर का निर्माण और शिलान्यास अगर सियासी फायदे के लिए किया है, तो ये देश और राज्य के लिए बहुत ही गलत है।‘ ‘बंगाल की स्थिति ये है कि नॉर्थ बंगाल के डेवलपमेंट के लिए जो बजट पास किया गया है, उससे ज्यादा बजट मदरसों के लिए है। हिंदू बेवकूफ नहीं है, जो मंदिर निर्माण के झांसे में आ जाएंगे।‘ ममता को हिंदू वोट बैंक के पोलराइजेशन का डर बंगाल के सियासी माहौल को लेकर पॉलिटिकल एक्सपर्ट प्रभाकर मणि तिवारी कहते हैं कि BJP के हिंदुत्व की काट के लिए ममता पिछले कुछ साल से सॉफ्ट हिंदुत्व पर तरफ गई हैं। वे लगातार कई मंदिरों में गई। सबसे बड़ा बदलाव रामनवमी के दौरान देखने को मिला, जब TMC के लोगों ने जोर-शोर से जुलूस निकाला। वो आगे कहते हैं, ‘पश्चिम बंगाल की राजनीति में BJP ने ममता को सिर्फ एंटी हिंदू नहीं बनाया बल्कि लगातार मुस्लिम समर्थक के नाम से प्रचार कर रही है। इसीलिए ममता बनर्जी ने लोकसभा चुनाव के कुछ वक्त पहले ही सॉफ्ट हिंदुत्व का रुख किया है। जहां मंच से उन्होंने दुर्गा चालीसा का पाठ किया है।‘ आखिर ममता बनर्जी को सॉफ्ट हिंदुत्व की जरूरत क्यों पड़ी? इसके जवाब में प्रभाकर कहते हैं, ‘राज्य में ममता बनर्जी का अपना वोट बैंक है, लेकिन इसके अलावा कुछ वोट ऐसा भी है, जिसके बिना सरकार बननी मुश्किल है। जिस तरह अल्पसंख्यक वोट ममता बनर्जी के साथ है, उसी तरह अगर हिंदू वोट BJP के लिए एकजुट हो गया तो TMC के लिए परेशानी का सबब बन जाएगा।‘ ‘इसी हिंदू वोट बैंक को अपनी ओर लाने के लिए पश्चिम बंगाल में TMC भी मंदिर राजनीति पर उतर आई। इसका चुनावों पर कितना असर होगा, फिलहाल कहना मुश्किल है। ममता बनर्जी पहले भी ऐसा कर चुकी हैं, लेकिन उसका कोई खास असर नहीं हुआ।‘ बंगाल की राजनीति में क्या पहले कभी मंदिर-मस्जिद की चर्चा हुई है? इस पर प्रभाकर कहते हैं ‘बंगाल में कांग्रेस और लेफ्ट की सरकार के दौरान कभी ऐसा कुछ नहीं दिखा।‘ पॉलिटिकल पार्टियां क्या कह रहीं…BJP बोली- ममता को कुर्सी जाने का डर, इसलिए मंदिर बना रहींममता बनर्जी के मंदिर का शिलान्यास करने का BJP विरोध करती रही है। राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले 3 मंदिरों के शिलान्यास पर BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता देवजीत सरकार कहते हैं, ‘इन सब मंदिरों में सबसे पहले ममता ने काली मंदिर में अपनी फाइल लगाई, लेकिन वहां फेल हो गईं। उसके बाद बाकी मंदिरों का रुख किया। राज्य में लोगों तक पानी और शौचालय नहीं पहुंच सका है। जनता को सुविधाएं देने के बजाय तुष्टिकरण की राजनीति हो रही है।‘ ‘राज्य में मंदिर की जगह अगर स्कूल और अस्पताल खोला जाता तो जनता को इसका फायदा मिलता। मंदिर बनवाना सरकार का काम नहीं है, ये काम ट्रस्ट के जरिए जनता के पैसे से होना चाहिए। इससे साफ समझ आ रहा है कि ममता बनर्जी के मन में सत्ता जाने की घबराहट है।‘ TMC ने कहा- राजनीति करने में नारायण का अपमान कर रही BJPTMC के राष्ट्रीय प्रवक्ता रिजु दत्ता BJP पर पलटवार करते हुए कहते हैं, ‘अगर दीदी मंदिर का निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा नहीं करा सकती हैं, तो PM मोदी ने अयोध्या में अधूरे राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा कैसे की। वजह साफ थी लोकसभा चुनाव। जगन्नाथ धाम की प्राण प्रतिष्ठा अप्रैल 2025 में हुई, उस वक्त बंगाल में कोई चुनाव भी नहीं था।‘ ‘हम धर्म को लेकर राजनीति नहीं करते और न ही इसे अपने मेनिफेस्टो में रखते हैं। हमारा नारा मां, माटी और मानुष है। बल्कि हिंदुत्व की पॉलिटिक्स करने वाली BJP ने भगवान जगन्नाथ की निंदा की। उनके धाम को एम्यूजमेंट पार्क कहा और उनके महा प्रसाद को हलवा। खुद को धर्म का ठेकेदार बताने वाली पार्टी के लीडर राजनीति के चक्कर में भगवान नारायण का अपमान कर रहे हैं।' …………………ये खबर भी पढ़ें… क्या साउथ बंगाल से निकलेगा BJP की जीत का रास्ता 7 मार्च को पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में BJP की परिवर्तन यात्रा पहुंची। यहां रघुनाथपुर इंडस्ट्रियल एरिया है इसलिए हिंदी भाषी और आदिवासी आबादी ज्यादा है। यहां से BJP के ही विधायक हैं, फिर भी रैली में भीड़ कम पहुंची। यहीं रास्ते में अवधेश राम मिले। वो रैली में नहीं आए लेकिन चाहते हैं कि राज्य में सरकार जरुर बदले। पढ़िए पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 17 Mar 2026 5:08 am

बीजेपी ने राज्यसभा चुनाव में 2 एक्स्ट्रा सीटें कैसे जीतीं:अब राज्यसभा में मोदी सरकार बहुमत से 17 ज्यादा, इसका क्या असर पड़ेगा

सोमवार, 16 मार्च को 3 राज्यों की 11 राज्यसभा सीटों पर मतदान हुए। विधायकों ने जमकर क्रॉस-वोटिंग की। इसके चलते ओडिशा में बीजेपी ने 1 एक्स्ट्रा सीट जीत ली। वहीं बिहार में कांग्रेस के 3 और RJD के एक विधायक वोट डालने ही नहीं पहुंचे। इससे बीजेपी की शिवेश राम की जीत आसान हो गई। अब राज्यसभा में NDA ने फिर से बहुमत हासिल कर लिया है। फरवरी-मार्च 2026 में राज्यसभा में 10 राज्यों की 37 सीटें खाली हुई थीं, जिनके लिए 40 कैंडिडेट्स ने पर्चा भरा। इनमें से 7 राज्यों के 26 प्रत्याशी निर्विरोध चुन लिए गए। हरियाणा, बिहार और ओडिशा की 11 सीटों पर वोटिंग हुई थी, जिसमें क्रॉस-वोटिंग का खेल हुआ। चुनाव के बाद अब राज्यसभा में कौन-सी पार्टी कितनी ताकतवर है, वोटिंग में कैसे खेल हुआ और मोदी सरकार ज्यादा मजबूत कैसे हुई; जानेंगे भास्कर एक्सप्लेनर में… कैसे होती है राज्यसभा चुनाव की वोटिंग? किसी राज्य में राज्यसभा की जितनी सीटें खाली हैं, उन पर राज्य के विधायकों की संख्या के हिसाब से वोट डाले जाते हैं। ये फॉर्मूला थोड़ा पेचीदा लग सकता है, इसलिए हरियाणा के एग्जांपल से समझिए… बिहार में NDA ने कैसी जीतीं पांचों सीट? बिहार में राज्यसभा की 5 सीटें खाली हुई थीं, जिनके लिए 6 कैंडिडेट्स ने नॉमिनेशन फाइल किया। NDA की ओर से बीजेपी के नितिन नबीन, RLM सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा, JDU के नीतीश कुमार और रामनाथ ठाकुर की जीत पहले से तय थी। लेकिन पेंच फंस गया बीजेपी के शिवेश राम की सीट पर। दरअसल, RJD की ओर से एडी सिंह ने भी पर्चा भरा और उनका मुकाबला शिवेश कुमार से हुआ…. ओडिशा में कैसे हुआ क्रॉस वोटिंग का खेल? ओडिशा से राज्यसभा की 4 सीटें खाली हुई थीं। बीजेपी के मनमोहन सामल और सुजीत कुमार की जीत पक्की थी। वहीं BJD के संतृप्त मिश्रा का भी जीतना तय था। मुकाबला हुआ बीजेपी समर्थित कैंडिडेट दिलीप राय और BJD के डॉ. दत्तेश्वर होता के बीच… हरियाणा में देर रात क्यों आए नतीजे? हरियाणा में राज्यसभा की 2 सीटें के लिए चुनाव हुए। बीजेपी ने संजय भाटिया का जीतना पहले से तय था। जबकि बीजेपी समर्थित सतीश नांदल और कांग्रेस के कर्मवीर सिंह बौध के बीच मुकाबला हुआ… नियम होने के बावजूद क्रॉस-वोटिंग पर कार्रवाई क्यों नहीं होती? बिहार, ओडिशा और हरियाणा में विधायकों ने अपनी पार्टी के उम्मीदवार को छोड़ दूसरी पार्टी के उम्मीदवार को वोट दिए। जबकि यहां पार्टियों ने व्हिप जारी किए थे, लेकिन राज्यसभा चुनाव में व्हिप लागू नहीं होता। विधायक अपने विवेक से वोट कर सकते हैं, लेकिन इसमें एक पेंच है। राज्यसभा चुनाव में ओपन वोटिंग होती है। यानी विधायकों को मतपत्र पर वरीयता भरने के बाद अपनी पार्टी के तय एजेंट को उसे दिखाना होता है। जो विधायक ऐसा नहीं करते या किसी अन्य व्यक्ति को मतपत्र दिखाते हैं, तो उनका वोट कैंसिल हो सकता है। वहीं जो विधायक अपनी पार्टी के खिलाफ जाते हैं, उन्हें पार्टी से निकालने का प्रावधान है। इसके लिए पॉलिटिकल पार्टी को एक एप्लीकेशन विधानसभा के स्पीकर को देना होता है और उस विधायक की सदस्यता रद्द कर दी जाती है। ऐसे में ये कहना कि राज्यसभा चुनाव में दूसरे दल के उम्मीदवार को वोट करने पर कार्रवाई नहीं होती है, ये सही नहीं है। लेकिन पार्टियां ऐसा करने से बचती हैं। 2003 में बीजेपी के अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने ओपन वोटिंग का प्रावधान इसीलिए बनाया था, ताकि विधायक दूसरे दलों से पैसा लेकर राज्यसभा चुनाव में वोट नहीं करें। NDA को राज्यसभा में फिर से बहुमत मिलने से कैसे मजबूत होगी मोदी सरकार? राज्यसभा में बीजेपी के 106 सांसदों के साथ अब NDA के कुल सांसदों की संख्या 140 हो गई है। यानी NDA को फिर से बहुमत मिल गया। इसके चलते केंद्र की मोदी सरकार और मजबूत होगी। कोई बड़ा बिल पास कराने के लिए अब उसे BJD, YSRCP या निर्दलीय सांसदों की जरूरत नहीं पड़ेगी। NDA के सांसद इसके लिए काफी होंगे। विपक्ष के वॉकआउट या विरोध के बावजूद बिल अटकेंगे नहीं। हालांकि बीजेपी के नेतृत्व वाले NDA को पिछले 2 साल से राज्यसभा और लोकसभा में बहुमत हासिल है। इलेक्शन एनालिस्ट अमिताभ कहते हैं कि भारतीय लोकतंत्र में राज्यसभा का चुनाव इस तरह से होता है कि लोकसभा और राज्यसभा में किसी एक दल को एक समय पर स्पष्ट बहुमत मिलना मुश्किल होता है। अगर किसी बड़ी पार्टी के पास बहुमत है तो इसका फायदा यह है कि सरकार को क्षेत्रीय दलों या निर्दलीय सांसदों के समर्थन के बदले उनकी अनुचित मांगों के सामने झुकना नहीं पड़ता। हालांकि इसका नकारात्मक पहलू भी है। जब किसी एक दल के पास लोकसभा और राज्यसभा दोनों जगहों पर बहुमत हो तो संसदीय कामकाज में आम सहमति बनाने की स्थिति कम हो जाती है। बड़ी पार्टी अपने मन से फैसला लेती है। वह छोटे और दूसरे दलों से सलाह नहीं लेती है। यह लोकतंत्र के लिए सेहतमंद स्थिति नहीं है। 1989 तक कांग्रेस पार्टी के पास राज्यसभा में स्पष्ट बहुमत होता था। तब ज्यादातर राज्यों में कांग्रेस की ही सरकार थी। लेकिन 1989 के बाद की सभी सरकारों को राज्यसभा में अहम बिल पास कराने में छोटे दलों को साधना पड़ा है या विपक्षी दलों के साथ मिलकर आम सहमति बनानी पड़ी है। ******** ये भी खबर पढ़िए… चुनाव से पहले BJP ने मुख्यमंत्री बदलने की स्क्रिप्ट लिखी: नीतीश के नाम पर भ्रम फैलाया, चिराग को ज्यादा सीटें; 4 पॉइंट में BJP की स्ट्रैटजी नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के ऐलान के साथ ही बिहार में पहली बार बीजेपी का मुख्यमंत्री बनना तय है। भले ही नतीजों के लगभग चार महीने बाद ऐसा होने जा रहा है, लेकिन इसकी स्क्रिप्ट बीजेपी ने चुनाव से पहले ही लिख रखी थी। सीटों के बंटवारे से लेकर नीतीश के लिए मजबूती से कैंपेन करना, बीजेपी की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा था। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 17 Mar 2026 1:58 am

ईरान का पड़ोसियों पर वार: हमलों की इजाज़त नरसंहार को बढ़ावा

युद्धव‍िराम की मांग वाली बात पर अपनी स्‍थित‍ि स्‍पष्‍ट करने के बाद ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अब पड़ोसी देशों को नसीहत दी है।

देशबन्धु 16 Mar 2026 11:50 pm

दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह ठिकानों पर जमीनी अभियान शुरू : इजरायल

इजरायल रक्षा बल (आईडीएफ) ने दावा क‍िया क‍ि उसने दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के प्रमुख ठिकानों के खिलाफ सीमित और लक्षित जमीनी अभियान शुरू कर दिया है।

देशबन्धु 16 Mar 2026 10:39 pm

Hormuz Crisis: होर्मुज संकट से नाटो में दरार? मदद नहीं मिलने पर ट्रंप ने सहयोगी देशों को दे डाली चेतावनी

ट्रंप ने अपने बयान में यह भी कहा कि अमेरिका ने कई मौकों पर अपने सहयोगियों का साथ दिया है, लेकिन अब देखना होगा कि वे अमेरिका की कितनी मदद करते हैं। उन्होंने कहा, हमें यूक्रेन के मामले में उनकी मदद की जरूरत नहीं पड़ी।

देशबन्धु 16 Mar 2026 3:34 pm

भारत-बांग्लादेश रिश्तों में पिघलन के संकेत: DGFI प्रमुख की दिल्ली की ‘गुप्त’ यात्रा, नई सरकार ने दिखाए सुधार के संकेत

दिल्ली यात्रा के दौरान DGFI प्रमुख राशिद चौधरी ने भारत के शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों के साथ कई अहम बैठकें कीं। इनमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के अलावा भारत की बाहरी खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) के प्रमुख पराग जैन और सैन्य खुफिया एजेंसी के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल आर.एस. रमन भी शामिल थे।

देशबन्धु 16 Mar 2026 10:02 am

होर्मुज पर ट्रंप की उम्मीदों को लगा झटका! जापान-AUS का साफ इनकार, दक्षिण कोरिया बोला- सोचेंगे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एयरफोर्स वन विमान से वाशिंगटन लौटते समय पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्होंने लगभग सात देशों से इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा में योगदान देने के लिए कहा है।

देशबन्धु 16 Mar 2026 9:54 am

ईरान ने इजराइल पर सेजिल बैलिस्टिक मिसाइल दागी:इस जंग में पहली बार इस्तेमाल की गई; 2500km तक हिट कर सकती है टारगेट

ईरान की आईआरजीसी ने बयान जारी कर बताया कि इजराइल के खिलाफ सैन्य अभियान के दौरान पहली बार सेजिल मिसाइल दागी गई। यह एक सॉलिड फ्यूल वाली मध्यम दूरी की रणनीतिक बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसे ईरान की सबसे उन्नत मिसाइलों में गिना जाता है।

देशबन्धु 16 Mar 2026 9:03 am

अमेरिका का 'लुकास' ड्रोन अरब देशों को बना रहा निशाना: ईरानी विदेश मंत्री

ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने दावा किया कि अमेरिका और इजरायल कुछ स्थानों से पश्चिम एशिया में अरब देशों पर हमले कर रहे हैं। यह बात उन्‍होंने पैन-अरब समाचार आउटलेट अल-अरबी अल-जहीद के साथ साक्षात्कार में कही।

देशबन्धु 16 Mar 2026 7:52 am

स्टार्मर-ट्रंप वार्ता: होर्मुज स्ट्रेट खोलना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात कर मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति और होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से वैश्विक समुद्री व्यापार पर पड़ रहे असर पर चर्चा की।

देशबन्धु 16 Mar 2026 7:45 am

ईरान जंग के बीच लेबनान कब्जाने में जुटे नेतन्याहू:आखिर क्या है 'ग्रेटर इजराइल' का सपना; क्या इसीलिए 29 महीनों से जंग जारी

पूरी दुनिया की नजर ईरान जंग पर टिकी है। उधर इजराइल तेजी से लेबनान पर जमीनी कब्जा करने में जुटा है। पिछले 15 दिनों में ही इजराइल ने लेबनान में करीब 700 लोग मार दिए हैं। 20% जमीन खाली करा ली है और अपने सैन्य ठिकाने जमा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि नेतन्याहू अपने अल्टीमेट गोल ‘ग्रेटर इजराइल’ को हकीकत बनाने में जुटे हैं। आखिर ग्रेटर इजराइल क्या है और नेतन्याहू मिडिल ईस्ट में क्या करना चाहते हैं; जानेंगे मंडे मेगा स्टोरी में… लेकिन इस सब की शुरुआत क्यों और कैसे हुई? इसे समझने के लिए 4 हजार साल पीछे चलना होगा… ***** ग्राफिक्स: दृगचंद्र भुर्जी और अजीत सिंह -------- ये खबर भी पढ़िए… ईरान समेत 7 देशों पर हमले, आधी दुनिया पर नजर:ट्रम्प की 'सनक' एक सोची-समझी स्ट्रैटजी; क्या ऐसे ही तबाह होती हैं सुपर पावर्स डोनाल्ड ट्रम्प को राष्ट्रपति पद की शपथ लिए 13 महीने हुए हैं। इस दौरान ट्रम्प ने 7 देशों पर सैन्य हमले किए, ईरान के सुप्रीम लीडर को मार गिराया, वेनेजुएला के राष्ट्रपति को तो घर से उठवा लिया, दर्जनों देशों पर अनाप-शनाप टैरिफ लगाए और राष्ट्राध्यक्षों को बेइज्जत किया। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 16 Mar 2026 5:21 am

US Iran War: डोनाल्ड ट्रंप ने ठुकराया युद्धविराम का प्रयास, ईरान ने भी रखीं कड़ी शर्तें

व्हाइट हाउस ने साफ संकेत दिया है कि इस समय उसकी प्राथमिकता सैन्य अभियान जारी रखना है, न कि युद्धविराम पर चर्चा करना। दूसरी ओर ईरान ने भी स्पष्ट कर दिया है कि जब तक अमेरिका और इजरायल के हवाई हमले पूरी तरह बंद नहीं होते, तब तक किसी भी तरह की शांति वार्ता संभव नहीं है।

देशबन्धु 15 Mar 2026 12:16 pm

होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का बड़ा बयान: ‘मार्ग खुला है, लेकिन अमेरिका और इस्राइल के जहाजों के लिए बंद’

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह बंद नहीं किया गया है। उन्होंने कहा, होर्मुज जलडमरूमध्य खुला है। यह केवल हमारे दुश्मनों—अमेरिका और उसके सहयोगियों—के टैंकरों और जहाजों के लिए बंद है।

देशबन्धु 15 Mar 2026 11:05 am

होर्मुज स्ट्रेट खुला है, पर नियंत्रण हमारे पास है : आईआरजीएस कमांडर

ईरान के एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने बताया है कि दुनिया में तेल ले जाने का एक बहुत महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता होर्मुज स्ट्रेट अभी भी खुला है और उस पर ईरान का नियंत्रण बना हुआ है

देशबन्धु 15 Mar 2026 9:43 am

संडे जज्बात-अपने 4 जवान बेटे-बेटियों को जहर देकर कैसे मारूं:वे सारा दिन बिस्तर पर पड़े रहते हैं; शादी की उम्र में उन्हें चम्मच से खिलाता हूं

मैं रामकृष्ण, ओडिशा के मलकानगिरि जिले के तंडकी गांव का रहने वाला हूं। मेरे चार बच्चे हैं, सभी बिस्तर पर पड़े रहते हैं। हिल-डुल नहीं सकते। सभी जवान हैं, शादी की उम्र के हैं। इन्हें हाइपोटोनिया नाम की बीमारी है। पैदा होने पर ये बच्चे ठीक थे, लेकिन धीरे-धीरे ये इस बीमारी की जद में आते गए। पत्नी इनके गम में बीमार रहने लगी है। 8 हजार कमाता हूं। किसी का इलाज नहीं करा सकता। एक ऐसी परेशानी में हूं, जिसका कोई हल नहीं है। समझ नहीं आता कि मौत किसके लिए मांगू। आज से 23 साल पहले मेरे पहला बच्चा बेटी हुई। हमारे यहां बेटा-बेटी में कोई फर्क नहीं किया जाता। पिता बनकर बहुत खुश था, लेकिन 6 महीने बाद भी मेरी बेटी हिल-डुल नहीं पा रही थी। आवाज देने पर हमारी तरफ देखती भी नहीं थी। ज्यादा पढ़ा-लिखा नहीं हूं, इसलिए कुछ समझ नहीं पा रहा था कि इन्हें क्या हुआ है। पहले लोकल डॉक्टरों को दिखाया, लेकिन कुछ पता नहीं चला। वैसे भी हमारा इलाका नक्सल प्रभावित है। यहां अस्पताल वगैरह कुछ खास नहीं हैं। डॉक्टरों ने कहा कि इसे भुवनेश्वर लेकर जाओ मलकानगिरि से भुवनेश्वर जाना इतना आसान नहीं था। पंचायत ऑफिस में अनाज बांटने से 8 हजार रुपए महीना कमा पाता हूं। फिलहाल, बेटी को दिखाने के लिए भुवनेश्वर लेकर गया। वहां डॉक्टर ने बताया कि इसे हाइपोटोनिया है। यह बीमारी कभी ठीक नहीं होगी। मैं समझ नहीं पाया कि यह बीमारी होती क्या है। बाद में लोगों से पता चला कि यह जेनेटिक बीमारी होती है। भुवनेश्वर के अलावा आंध्र प्रदेश का विशाखापट्‌टनम शहर हमारे घर से नजदीक पड़ता है, जहां इसका इलाज होता है। लेकिन विशाखापट्‌टनम, भुवनेश्वर से भी ज्यादा मंहगा शहर है। आने-जाने के एक चक्कर में 20 से 25,000 रुपए लग जाते हैं। इतना पैसा चुका नहीं सकता। अब बच्चों का इलाज तो नहीं करा पा रहा, लेकिन इनकी सेवा कर रहा हूं। अब तो मेरी पत्नी बच्चों के बारे में सोच-सोच कर बीमार रहने लगी है। सोचती है कोई तो सामान्य औलाद पैदा हुई होती। तीन साल बाद मेरी पत्नी दोबारा प्रेगनेंट हुई। इस बार बड़ी उम्मीद थी कि भगवान हमारी सुनेगा। लेकिन डरे भी हुए थे कि कहीं यह बच्चा भी बेटी जैसा न हो जाए। खैर, मुझे फिर से एक बेटी हुई। शुरुआत में ठीक थी। सालभर तक पता नहीं चला कि उसे कोई बीमारी है। लेकिन हम सतर्क थे। जब वह चलने लायक हुई तो अपने पैरों पर खड़ी नहीं हो पा रही थी। हमें लगा कुछ बच्चे देर में चलते हैं। इंतजार करते रहे, लेकिन नहीं चली। लगभग दो साल बाद भी अपने पैरों पर खड़ी नहीं हो पाई। हम पति-पत्नी तो सोचकर ही कांप गए कि यह बच्ची भी पहली बच्ची जैसी हो रही है। हमने उसे चलाने की बहुत कोशिश की, लेकिन वह धीरे-धीरे ठीक वैसे ही होती चली गई, जैसी बड़ी बेटी थी। हम घबराकर उसे भुवनेश्वर लेकर गए। वहां डॉक्टर ने बताया कि यह भी ठीक नहीं होगी। इसी भी हाइपोटोनिया बीमारी है। निराश होकर वापस घर लौट आया। अब हम दो-दो विकलांग बेटियों को पालने लगे। हमारे पास और कोई रास्ता नहीं था। हमें लगा कि शायद भगवान की यही मर्जी हो। मैं सुबह काम पर चला जाता और मेरी पत्नी बेटियों की देखभाल करतीं। उन्हें नहलाती, खिलाती। जैसे-जैसे बेटियां बड़ी होती गईं। उनका वजन बढ़ता गया। खासकर बड़ी बेटी का वजन बढ़ने से पत्नी के लिए इन्हें उठा पाना मुश्किल होने लगा। परेशानी बढ़ गई। दो साल बाद मेरी पत्नी फिर प्रेगनेंट हुई। इस बार उम्मीद थी कि हमारी झोली भरी जाएगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। भगवान को कुछ और ही मंजूर था। हमारे दो जुड़वा बेटे हुए। उनके पैदा होते ही हम उन्हें डॉक्टर के पास ले गए। लेकिन डॉक्टर बता नहीं पा रहे थे कि उन्हें कोई बीमारी है या नहीं। सालभर बद बदकिस्मती से मेरे दोनों जुड़वा बेटों को भी वही हाइपोटोनिया बीमारी होने का पता चला। अब मेरे चार बच्चे हैं। पहली बेटी 23 साल की हो गई है। दूसरी 20 साल की और दोनों बेटों की उम्र 19 साल है। चार-चार जवान बच्चे, सभी विकलांग और ऐसी बीमारी जो अब कभी भी ठीक नहीं हो सकती है। अब मैं हार चुका हूं। पत्नी बीमार रहने लगी है, उसका इलाज नहीं करा पा रहा हूं। बच्चों के बारे में सोच-सोचकर वह गुमसुम रहने लगी है। बस खाना बना देती है। उसके बाद सारा दिन चुप बैठी रहती है। सोचता हूं जिस उम्र में पिता बच्चों की शादी के रिश्ते ढूंढ़ता है, मैं उस में में चार-चार जवान बच्चों का मल-मूत्र साफ करने में लगा रहता हूं। सुबह अकेला उठता हूं। चारों बच्चों को शौच और ब्रश कराता हूं। नहालाता-धुलाता हूं। इस दौरान मेरी पत्नी नाश्ता तैयार कर रही होती हैं। चारों बच्चों को नाश्ता कराता हूं और फिर मैं नाश्ता करता हूं। सुबह पंचायत ऑफिस जाते वक्त इन बच्चों को कुर्सी पर बिठाकर चला जाता हूं। साथ में मोबाइल पर गाना लगाकर रख देता हूं। यह बच्चे गाना कितना सुन पाते हैं, पता नहीं। इस दौरान पंचायत का काम छोड़कर हर रोज दोपहर को घर आता हूं। वजन ज्यादा होने से अब मेरी पत्नी इनकी देखभाल नहीं कर पाती। दोपहर आकर इन्हें कुर्सी से उठाकर चटाई पर लिटाता हूं और फिर खाना खिलाता हूं। खाना खिलाने के बाद कुछ देर रुकता हूं। अगर कोई मल-मूत्र करता है तो उसे साफ करता हूं, फिर से ऑफिस चला जाता हूं। मैं अकेला ही घर और बाहर की जिम्मेदारी निभाता हूं। बस यही जिंदगी हो गई है। पंचायत में दिनभर हाथ अनाज उठाने में लगा रहता है और घर आकर बच्चों को उठाकर यहां से वहां करने में। कई बार बच्चे खुद को गंदा कर लेते हैं, लेकिन पत्नी उनकी परेशानी नहीं समझ पातीं। 23 साल हो गए हैं। हम पति-पत्नी न किसी के घर जा पाते हैं और न ही किसी के शादी-ब्याह में। चार-चार विकलांग बच्चों को किसके सहारे छोड़कर जाऊं। अब तो लोग हमारे घर आना भी बंद कर दिए हैं। रात में मेरे बच्चे चीखते हैं। हमें नहीं पता कि क्यों। शायद शरीर में दर्द होता होगा या फिर बैठे या लेटे-लेटे थक जाते होंगे। हमें कई लोगों ने कहा कि इन बच्चों को जहर दे दो। ऐसे ही एक दिन खास जान-पहचान के आदमी मेरे घर आए। मैं इन बच्चों एक-एक करके नहला रहा था। फिर सबको उठाकर चटाई पर लेटा रहा था। उस दिन उन्हें मेरी परेशानी नहीं देखी गई। वह मुझे घर से बाहर ले गए और बोले कि ऐसा कब तक करते रहोगे? तुम्हारा जीवन तो इसी में खत्म हो जाएगा। ऐसा करो, इन बच्चों को जहर दे दो। वो ऐसा कहकर चले गए। उनके जाने के बाद मैं सोचने लगा कि अपनी औलाद भला कैसे मारूं? हमारी किस्मत में इनकी सेवा ही लिखी है और मैंने इसे स्वीकार कर लिया है। (रामकृष्ण ने अपने ये जज्बात भास्कर रिपोर्टर मनीषा भल्ला से साझा किए) ---------------------------------------- 1- संडे जज्बात-दोस्त की प्रेमिका प्रेग्नेंट हुई, रेप केस मुझपर चला:पंचायत ने 6 लाख में सौदा किया, 5 साल जेल में रहा, अब बाइज्जत बरी बिहार के दरभंगा जिले का रहने वाला मैं मुकेश कुशवाहा। मुझ पर 17 साल की लड़की के रेप और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा चला। वो लड़की मेरे दोस्त की प्रेमिका थी। दोस्त ने उसे प्रेग्नेंट किया था, लेकिन मुकदमा मुझ पर चला। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें 2- संडे जज्बात-पुलिस ने मेरे प्राइवेट पार्ट पर ईंट बांधी:सिर कुर्सी में बांधकर उल्टा टांगा, मैं वकील बनकर केस खुद लड़ा- 12 साल बाद जीता 18 साल की उम्र में पुलिस ने मुझे हत्या के मामले में आरोपी बना दिया। मैंने अपने केस की खुद पैरवी की और 12 साल बाद बाइज्जत बरी हुआ। अपना केस लड़ने के लिए लॉ किया और अब मैं एडवोकेट अमित चौधरी हूं। मेरठ बार एसोसिएशन का सदस्य भी हूं। मेरी जिंदगी पर जल्द ही एक फिल्म बन रही है, जो नेटफ्लिक्स पर रिलीज होगी। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें

दैनिक भास्कर 15 Mar 2026 5:35 am

अफगानिस्तान में पाकिस्तान के हवाई हमलों की भारत ने की कड़ी निंदा

भारत ने अफगानिस्तान के भीतर पाकिस्तान द्वारा किए गए हालिया हवाई हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे संप्रभु अफगानिस्तान के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई बताया है। इन हमलों में कई नागरिकों की मौत हुई है और नागरिक ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।

देशबन्धु 15 Mar 2026 4:50 am