डिजिटल समाचार स्रोत

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इजरायल: हेब्रोन में आतंकवाद विरोधी अभियान तेज, 70 संदिग्ध गिरफ्तार

येरूशलम, 23 अक्टूबर . इजरायल के रक्षा बल (आईडीएफ) ने Friday को वेस्ट बैंक के हेब्रोन क्षेत्र में आतंकवाद विरोधी अभियान तेज कर दिया. यह कार्रवाई जूडिया क्षेत्र…

डेली किरण 23 Oct 2026 9:48 pm

जयशंकर के अजरबैजान दौरे में आतंकवाद और सुरक्षा के मुद्दों पर हुई चर्चा: विदेश मंत्रालय

New Delhi, 23 अक्टूबर . विदेश मंत्री एस. जयशंकर के अजरबैजान दौरे के दौरान आतंकवाद, सुरक्षा संबंधी मुद्दों और साझा खतरों पर चर्चा हुई. विदेश मंत्रालय (एमईए) ने…

डेली किरण 23 Oct 2026 9:18 pm

भारत ने पाकिस्तान को UN में फिर से धोया, आतंकवाद को लेकर सुनाई खरी-खोटी; कारगिल युद्ध का किया जिक्र

संयुक्त राष्ट्र में भारत की तरफ से बोलते हुए भाविका मंगलानंदन ने आतंकवाद को लगातार समर्थन देने के लिए पाकिस्तान को खरी-खोटी सुनाई। उन्होंने कहा कि यह पड़ोसी देश अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी नाकाम रहा है।

खबर इंडिया टीवी 23 Oct 2026 4:09 pm

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में आतंकवाद में 195% का भारी उछाल

पड़ोसी देश पाकिस्तान में आंतरिक आतंकवाद और अशांति का ग्राफ इस कदर बढ़ गया है कि वहां की सरकार और सेना के हाथ से नियंत्रण पूरी तरह छूटता नजर आ रहा है। पाकिस्तान के संवेदनशील प्रांत खैबर पख्तूनख्वा में आतंकवादी गतिविधियों और हमलों में हाल ही में रिकॉर्ड 195 प्रतिशत का भयानक इजाफा दर्ज किया गया है। प्रांत के भीतर लगातार हो रहे बम धमाकों, सुरक्षा बलों पर हमलों और अशांति ने पाकिस्तानी हुक्मरानों की नींद उड़ा रखी है। अपनी ही जमीन पर उग्रवाद और आतंकवाद पर लगाम लगाने में बुरी तरह विफल रहने के बाद, पाकिस्तानी सेना प्रमुख ने हमेशा की तरह अपनी नाकामी का ठीकरा भारत के सिर फोड़ने की पुरानी और घिसी-पिसी चाल चली है। इस सनसनीखेज घटनाक्रम ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान के दोहरे चरित्र और उसकी लाचारी को बेनकाब कर दिया है।खैबर पख्तूनख्वा में बेकाबू हालात और चरमपंथियों का बढ़ता दायरापाकिस्तान का खैबर पख्तूनख्वा प्रांत इस समय बारूद के ढेर पर बैठा हुआ है। स्थानीय प्रशासन और खुफिया रिपोर्टों के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों में इस क्षेत्र के भीतर आतंकी हमलों की संख्या में लगभग 195% की अभूतपूर्व बढ़ोतरी देखने को मिली है। हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि पाकिस्तानी सेना और पुलिस बल आए दिन आतंकवादियों के आसान शिकार बन रहे हैं। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और अन्य विद्रोही गुटों ने सुरक्षा बलों की नाक में दम कर रखा है। प्रांत के कई इलाकों में अब पाकिस्तानी सरकार का प्रशासनिक नियंत्रण नाममात्र का रह गया है और आतंकवादियों ने खुलेआम अपनी पैठ मजबूत कर ली है। आम नागरिकों का जीवन नर्क बन चुका है और लोग लगातार खौफ के साए में जीने को मजबूर हैं।अपनी आंतरिक विफलताओं को छुपाने के लिए भारत विरोधी राग का पुराना पैंतराजब भी पाकिस्तान के भीतर हालात पूरी तरह से नियंत्रण से बाहर होते हैं और वहां की सेना देश की अवाम को सुरक्षा देने में नाकाम साबित होती है, तो रावलपिंडी और इस्लामाबाद के हुक्मरानों को तुरंत भारत की याद आ जाती है। खैबर पख्तूनख्वा में आतंकवाद के मामलों में आई इस 195% की बेतहाशा बढ़ोतरी के बाद पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर ने अपनी झल्लाहट मिटाने के लिए भारत पर मनगढ़ंत और बेबुनियाद आरोप लगाने शुरू कर दिए। अपनी विफलताओं का ठीकरा भारत पर फोड़ते हुए उन्होंने भारत के खिलाफ जहर उगला और गीदड़ भभकियां दीं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह और कुछ नहीं बल्कि पाकिस्तानी जनता का ध्यान भटकाने और अपनी खुफिया व सैन्य नाकामी को छुपाने का एक बेहद घटिया और पुराना हथकंडा है, जिसे दुनिया अब अच्छी तरह समझ चुकी है।वैश्विक मंचों पर बेनकाब हो रहा पाकिस्तान का आतंकवाद समर्थक चेहरादुनियाभर के देश अब इस सच्चाई से अच्छी तरह वाकिफ हो चुके हैं कि पाकिस्तान लंबे समय से आतंकवाद की फैक्टरी रहा है। खुद अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स यह कहती आई हैं कि पाकिस्तान ने जिस 'आतंकवाद के पालने' की नीति को वर्षों तक बढ़ावा दिया था, आज वही जहरीले सांप उसी के देश को डंस रहे हैं। खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान की सुलगती आग इसी गलत नीतियों का परिणाम है। ऐसे में, जब पश्चिमी देशों और वैश्विक मंचों पर पाकिस्तान पर आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने का दबाव बढ़ता है, तो वहां के सैन्य जनरल भारत के खिलाफ निराधार बयानबाजी करके अपनी घरेलू जनता को गुमराह करने की कोशिश करते हैं। भारत सरकार और कूटनीतिक जानकारों ने हमेशा से स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान जब तक अपनी सरजमीं से संचालित होने वाले आतंकवाद को पूरी तरह नेस्तनाबूद नहीं करता, तब तक उसकी इन खोखली धमकियों का कोई मतलब नहीं है।भारत की मजबूत कूटनीति और आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीतिप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत नेतृत्व में भारत ने आतंकवाद के खिलाफ हमेशा 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई है। नई दिल्ली ने दुनिया के सामने बार-बार यह साबित किया है कि भारत क्षेत्रीय शांति का समर्थक है, लेकिन देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी षड्यंत्र का मुंहतोड़ जवाब देना अच्छी तरह जानता है। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में भड़की हिंसा और वहां के जनरलों की बौखलाहट यह साफ दिखाती है कि पाकिस्तान अपने आंतरिक बोझ के तले खुद ही दबा जा रहा है। भारत के खिलाफ झूठे नैरेटिव गढ़ने से पाकिस्तान के हालात सुधरने वाले नहीं हैं, बल्कि इससे उसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रही-सही किरकिरी ही हो रही है। आने वाले समय में पाकिस्तान की यह आंतरिक अस्थिरता और आतंकवाद का यह भयानक विस्फोट उसके अपने वजूद के लिए ही सबसे बड़ा खतरा साबित होने वाला है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Oct 2026 1:21 pm

'आतंकवाद मानसिकता को भी डैमेज करता है', UN में भारत ने पाकिस्तान को लताड़ा

यूएन में भारत की फर्स्ट सेक्रेटरी भाविका मंगलानंदन ने कहा कि आतंकवादी न केवल मासूम लोगों को मारता है, बल्कि पूरे देश की मानसिकता को भी नुकसान पहुंचाता है.

आज तक 23 Oct 2026 11:40 am

मूवी रिव्यू- 'उड़ता तीर':‘धुरंधर’ के अंदाज में आतंकवाद पर कॉमेडी का वार, लॉजिक घर छोड़िए और ठहाकों में डूब जाइए

रेटिंग: 3.5/5ड्यूरेशन: लगभग 2 घंटे 20 मिनट। ‘धुरंधर’ के बाद अब भारत, पाकिस्तान और जासूसी की दुनिया पर एक और फिल्म आई है, लेकिन इस बार मामला गंभीर नहीं, मजेदार है। उड़ता तीर में एक पाकिस्तानी जासूस को देशभक्ति तो याद रहती है, बस यह भूल जाता है कि उसे किस देश के लिए देशभक्ति दिखानी है। इसके बाद शुरू होती है गलतियों की ऐसी कॉमेडी कि पूरा मिशन गड़बड़ा जाता है और दर्शकों के लिए हंसी रोकना मुश्किल हो जाता है। यहां दिमाग लगाने से ज्यादा पेट पकड़कर हंसने की गुंजाइश है। कहानी: भारत को बर्बाद करने आया जासूस, अपने ही मिशन का दुश्मन बन गया बिलाल अहमद (आयुष्मान खुराना) और उसका दोस्त अशफाक (सुहैल नैय्यर) पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ऑपरेटिव हैं। दोनों भारत के खिलाफ साजिश रचने और देश को नुकसान पहुंचाने के मिशन पर यहां आते हैं। इसके लिए वे भारतीय काउंटर टेररिज्म स्क्वॉड यानी CTS में घुसपैठ कर लेते हैं। बिलाल ऑफिसर विक्रांत बनता है, जबकि अशफाक ध्रुव की पहचान के साथ यूनिट में जगह बना लेता है। अपने मिशन को आगे बढ़ाने के लिए बिलाल डिफेंस मिनिस्ट्री में काम करने वाली यामिनी (सारा अली खान) को अपने प्यार के जाल में फंसाता है, ताकि अपने मकसद के लिए उसका इस्तेमाल कर सके। लेकिन एक हादसे के बाद बिलाल कोमा में चला जाता है और उसकी याददाश्त चली जाती है। अब उसे याद ही नहीं रहता कि वह पाकिस्तानी जासूस है। वह खुद को भारतीय अफसर विक्रांत समझने लगता है और उसके ऊपर देशभक्ति का ऐसा जुनून सवार होता है कि वह भारत में सक्रिय पाकिस्तानी आतंकियों को एक के बाद एक पकड़वाने लगता है। अब अशफाक की मुश्किल समझिए। उसे पता है कि बिलाल कौन है और दोनों किस मिशन पर भारत आए थे। वह अपने पाकिस्तानी आकाओं को हालात समझाने की कोशिश करता है, लेकिन बिलाल की हरकतों के सामने उसका कोई जोर नहीं चलता। बिलाल को लगता है कि वह देश की सेवा कर रहा है, जबकि अशफाक को अपने ही दोस्त की वजह से मिशन फेल होने का डर सता रहा है। वह न बिलाल को आसानी से रोक सकता है, न अपने आकाओं को संतुष्ट कर पा रहा है। इसी उधेड़बुन से फिल्म में कई मजेदार सिचुएशन पैदा होती हैं। एक्टिंग: आयुष्मान की कॉमिक टाइमिंग, राहुल बोस के एक्सप्रेशंस मजेदार आयुष्मान खुराना फिल्म की जान हैं। एक पाकिस्तानी जासूस का अपनी असली पहचान भूलकर भारतीय अफसर बन जाना कहानी का सबसे बड़ा कॉमिक पॉइंट है। आयुष्मान अपनी कॉमिक टाइमिंग, चेहरे के भाव और बॉडी लैंग्वेज से इस कन्फ्यूजन को मजेदार बनाते हैं। वह पूरे आत्मविश्वास से देश की सुरक्षा में जुटे रहते हैं, जबकि उन्हें पता ही नहीं कि असल में उनका मिशन क्या था। इस विरोधाभास से कई अच्छे सीन बनते हैं। सुहैल नैय्यर ने अशफाक के रूप में अच्छा साथ दिया है। उन्हें पता है कि बिलाल क्या कर रहा है, लेकिन वह उसे रोकने में नाकाम हैं। ऊपर से पाकिस्तानी आकाओं के सवालों का जवाब भी देना है। दोस्त की देशभक्ति और अपनी मजबूरी के बीच फंसे अशफाक के सीन कई बार हंसाते हैं। राहुल बोस CTS चीफ बर्मन के किरदार में खास तौर पर प्रभावित करते हैं। उनके पास ज्यादा डायलॉग नहीं हैं, लेकिन आंखों की हरकत, चेहरे के भाव और हालात पर उनके रिएक्शन कई बार जोरदार हंसी दिलाते हैं। कुछ सीन में उनका बिना कुछ बोले रिएक्ट करना ही काफी है। दिवंगत मुकुल देव आतंकियों के सरगना अजहर मकसूद के रूप में प्रभाव छोड़ते हैं। राम कपूर पाकिस्तानी आर्मी के लेफ्टिनेंट जनरल नियाजी और गुलशन ग्रोवर मीर के किरदार में नजर आते हैं। दोनों अपने हिस्से का काम ठीक करते हैं। सारा अली खान की यामिनी कहानी के मिशन में अहम है, लेकिन उनके किरदार को और मजबूत स्पेस मिल सकता था। वहीं, रघुबीर यादव जैसे अनुभवी कलाकार का मौलाना के किरदार में और बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता था। डायरेक्शन: ‘धुरंधर’ से अलग, जासूसी की दुनिया में कॉमेडी आकाश कौशिक ने फिल्म की कहानी लिखने के साथ निर्देशन भी किया है। आतंकवाद और जासूसी जैसे गंभीर विषय को कॉमेडी में बदलना आसान नहीं है। फिल्म का आइडिया दिलचस्प है। भारत को नुकसान पहुंचाने आया पाकिस्तानी ऑपरेटिव अपनी याददाश्त खोने के बाद भारत की सुरक्षा में जुट जाता है और अपने ही मिशन को नाकाम करने लगता है। जहां धुरंधर जैसी फिल्में जासूसी और आतंकवाद की दुनिया को गंभीर और तनावपूर्ण अंदाज में दिखाती हैं, वहीं उड़ता तीर उसी दुनिया को कॉमेडी के नजरिए से पेश करती है। पहले हाफ में यह आइडिया अच्छा काम करता है। बिलाल की देशभक्ति और अशफाक की मजबूरी से कई मजेदार सीन बनते हैं। हालांकि, दूसरे हाफ में फिल्म थ्रिल और ट्विस्ट की तरफ बढ़ती है। कुछ मोड़ पहले ही समझ आने लगते हैं और गंभीरता बढ़ने के साथ कॉमेडी की रफ्तार धीमी पड़ जाती है। फिल्म अगर आखिर तक पहले हाफ वाली मस्ती बनाए रखती, तो इसका असर और बेहतर हो सकता था। म्यूजिक: ‘चन्न’ है सुकून देने वाला सचिन जिगर का संगीत कुल मिलाकर अच्छा है। अरिजीत सिंह की आवाज में ‘चन्न’ रोमांटिक और सुकून देने वाला गाना है, जिसे फिल्म से अलग भी सुना जा सकता है। ‘जय हिंद’ ठीक है और आखिर के करीब आने वाला ‘चूज़े’ भी माहौल बनाता है। बाकी गाने भी अच्छे हैं, हालांकि एक दो जगह म्यूजिक कहानी की रफ्तार रोकता है। धर्मा के हिट गानों और खलनायक के बैकग्राउंड स्कोर का इस्तेमाल भी दिलचस्प है। फाइनल वर्डिक्ट: दिमाग नहीं, हंसी चलाइए! उड़ता तीर का पहला हाफ ज्यादा दमदार है। आयुष्मान की कॉमिक टाइमिंग, सुहैल की बेबसी और राहुल बोस के एक्सप्रेशंस कई जगह हंसाते हंसाते लोटपोट कर देते हैं। दूसरे हाफ में कहानी थोड़ी धीमी पड़ती है और ट्विस्ट बहुत चौंकाते नहीं, लेकिन फिल्म का कॉन्सेप्ट और कॉमेडी कई जगह मजा देते हैं। आकाश कौशिक की यह कोशिश आतंकवाद और जासूसी जैसे गंभीर विषय को हल्के फुल्के अंदाज में पेश करती है। धुरंधर की गंभीर स्पाई थ्रिलर वाली दुनिया से उलट, यहां पाकिस्तानी जासूस अपने ही मिशन का बंटाधार कर रहा है और उसका दोस्त अपने आकाओं को जवाब देते देते परेशान है। यही फिल्म का सबसे मजेदार पहलू है। कुल मिलाकर, लॉजिक को थोड़ी छुट्टी दीजिए और कॉमेडी का मजा लीजिए। आखिर जिस जासूस को यह याद न हो कि उसे किस देश के लिए देशभक्ति दिखानी है, उससे मिशन की उम्मीद करना ही सबसे बड़ा मजाक है!

दैनिक भास्कर 23 Oct 2026 10:01 am

आतंकवाद पर अमेरिका-भारत की चिंताएं एक जैसी, PAK से रिश्ते पर क्या बोले अमेरिकी विदेश मंत्री?

मार्को रुबियो ने कहा कि पाकिस्तान के साथ रिश्ता किसी भी तरह भारत के साथ हमारे रिश्ते की कीमत पर नहीं है और वॉशिंगटन और नई दिल्ली आतंकवाद को लेकर एक जैसी चिंताएं रखते हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 22 Oct 2026 3:37 pm

पाकिस्तान से दोस्ती भारत की कीमत पर नहीं; आतंकवाद पर अमेरिकी विदेश मंत्री का दो टूक

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि आतंकवाद को लेकर अमेरिका और भारत दोनों की चिंताएं एक जैसी हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ हमारा रिश्ता किसी भी तरह से भारत के साथ हमारे रिश्ते की कीमत पर नहीं है। आतंकवाद पर हमारी और भारत की चिंताएं एक जैसी हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 22 Oct 2026 3:18 pm

'दाऊद 2003 से पहले भारत छोड़ चुका था': भारत ने यूएन की रिपोर्ट पर जताई कड़ी आपत्ति, गंभीर गलतियां भी गिनवाई

'दाऊद 2003 से पहले भारत छोड़ चुका था': भारत ने यूएन की रिपोर्ट पर जताई कड़ी आपत्ति, गंभीर गलतियां भी गिनवाई india slams un counter terrorism report bias dawood ibrahim

अमर उजाला 22 Oct 2026 10:36 am

यूएन में सांसद कमलजीत सहरावत ने रखा भारत का पक्ष: आतंकवाद से लेकर सैन्य एआई तक उठाए मुद्दे, क्या है पूरा रुख?

यूएन में सांसद कमलजीत सहरावत ने रखा भारत का पक्ष:आतंकवाद से लेकर सैन्य एआई तक उठाए मुद्दे, क्या है पूरा रुख?India stresses balance between military needs and humanitarian concerns at UNGA

अमर उजाला 22 Oct 2026 7:25 am

Jammu-Kashmir से हर तरह के आतंकवाद का जल्द ही पूरी तरह होगा सफाया, IGP Tejinder Singh ने कर दिया बड़ा ऐलान

जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद और नशे के काले कारोबार के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियां अब और आक्रामक रुख अपनाने जा रही हैं। जम्मू क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) तेजिंदर सिंह ने साफ कर दिया है कि आतंकवाद के पूरे तंत्र को निशाना बनाया जाएगा और इलाके में छिपे आतंकवादियों को ढूंढ़ निकालकर उनके खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही पाकिस्तान से आने वाली हेरोइन की तस्करी और आतंकवाद को आर्थिक मदद पहुंचाने वाले ‘नार्को-टेररिज्म’ नेटवर्क पर भी शिकंजा और कसने की तैयारी है। पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर जम्मू में आयोजित कार्यक्रम के दौरान आईजीपी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में शांति और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पुलिस अपने अभियान को लगातार तेज करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में आतंकवादियों के साथ-साथ उन्हें मदद पहुंचाने वाले नेटवर्क को भी निशाना बनाया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों, नियंत्रण रेखा (एलओसी) और आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर सुरक्षा ग्रिड को और प्रभावी बनाया जाएगा। इसे भी पढ़ें: Police Commemoration Day | 31 दिसंबर 2029 तक भारत होगा ‘नशा मुक्त’, अमित शाह ने तय की समय-सीमा, राज्यों से एकजुट होकर लड़ने का आह्वान किया आतंकियों के मददगारों पर भी कसेगा शिकंजा तेजिंदर सिंह ने कहा कि पिछले दो वर्षों में आतंकवादी संगठनों में भर्ती के मामलों में कमी आई है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं हैं। आतंकवाद के तंत्र को कमजोर करने और छिपे हुए आतंकवादियों का पता लगाकर उन्हें निष्क्रिय करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस का लक्ष्य केवल आतंकवादी घटनाओं को रोकना ही नहीं, बल्कि उन नेटवर्क को भी ध्वस्त करना है, जो आतंकियों को संसाधन, सहायता और आर्थिक मदद मुहैया कराते हैं। नशे के सौदागर भी आतंकियों से कम खतरनाक नहीं आईजीपी ने मादक पदार्थों की तस्करी को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताते हुए तस्करों को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार में शामिल लोग, खासकर पाकिस्तान से आने वाली हेरोइन की तस्करी करने वाले, पुलिस के लिए आतंकवादियों से कम खतरनाक नहीं हैं। पुलिस अब नशे के नेटवर्क पर अपनी निगरानी और तेज करेगी तथा इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि नशे से होने वाली कमाई का इस्तेमाल आतंकवाद और देशविरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने में किया जा सकता है। ऐसे में ‘नार्को-टेररिज्म’ के खिलाफ लड़ाई केवल नशे की तस्करी रोकने तक सीमित नहीं है, बल्कि आतंकवाद की आर्थिक ताकत को तोड़ने की भी लड़ाई है। 2029 तक नशे के खतरे को खत्म करने का लक्ष्य तेजिंदर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने नशे के खतरे से निपटने पर जोर दिया है। उन्होंने 2029 तक नशे के खिलाफ तय लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में अभियान तेज करने की बात कही। पुलिस तस्करी के नेटवर्क पर नजर रखने के साथ-साथ मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में संपत्तियों को जब्त करने और नशीले पदार्थों की बरामदगी की कार्रवाई भी जारी रखेगी। आईजीपी ने शहजाद नार्को नेटवर्क और गैंगस्टर गतिविधियों समेत तस्करी के विभिन्न नेटवर्क का उल्लेख करते हुए कहा कि पुलिस इन पर कड़ी नजर रख रही है। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि वे आतंकवाद, नशे की तस्करी और संदिग्ध गतिविधियों से जुड़ी जानकारी पुलिस हेल्पलाइन या सीधे पुलिस अधिकारियों तक पहुंचाएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि, परिवारों के साथ खड़ा है बल हम आपको यह भी बता दें कि पुलिस स्मृति दिवस पर तेजिंदर सिंह ने कर्तव्य निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने परेड की सलामी लेने के बाद रेल हेड इलाके में स्थित शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित किया। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए प्राण न्योछावर करने से बड़ा कोई बलिदान नहीं है और पुलिस बल शहीदों के परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा है। आईजीपी ने कहा कि शहीद पुलिसकर्मियों को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब सुरक्षा व्यवस्था को इतना मजबूत बनाया जाए कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। जम्मू-कश्मीर पुलिस का संदेश स्पष्ट है—आतंकवादियों, उनके मददगारों और नशे के कारोबार से आतंकवाद को ताकत देने वाले नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई और तेज होगी।

प्रभासाक्षी 21 Oct 2026 4:22 pm

पठानकोट में 13 शहीदों के परिवार सम्मानित:'पुलिस स्मृति दिवस' पर श्रद्धांजलि समारोह, SSP बोले-आतंकवाद के दौर में 1652 कर्मी शहीद हुए

पैरामिलिट्री फोर्स और पुलिस के अमर जवानों के बलिदान को नमन करने के लिए बुधवार को 'पुलिस स्मृति दिवस' पर पठानकोट एसएसपी कार्यालय में श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया। एसएसपी मनप्रीत सिंह की अध्यक्षत में आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने अमर शहीदों के यादगारी स्तंभ पर रीथ चढ़ाकर व पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। समारोह में जिले के 13 शहीद परिवारों के अलावा जिला सेशन जज आर.के. गर्ग, एडिशनल सेशन जज एकता उप्पल, शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के महासचिव कुंवर रविंदर सिंह विक्की और पुलिस वेलफेयर एसोसिएशन के जिला प्रधान रिटायर्ड डीएसपी गुरदयाल सिंह सैनी विशेष रूप से उपस्थित रहे। आतंकवाद के काले दौर में पंजाब पुलिस ने तोड़ी थी आतंक की कमर: SSP समारोह को संबोधित करते हुए एसएसपी मनप्रीत सिंह ने कहा कि पंजाब पुलिस का इतिहास शौर्य और शहादतों से भरा हुआ है। पंजाब में जब आतंकवाद का काला दौर था, उस समय पुलिस जवानों और अधिकारियों ने अपने अदम्य साहस का परिचय देते हुए आतंकवाद की कमर तोड़ी और राज्य में अमन-शांति कायम की। उन्होंने बताया कि आतंकवाद के दौर में पंजाब पुलिस के 1 एडीजीपी, 2 डीआईजी, 3 एसएसपी, 5 एसपी, 12 डीएसपी, 32 इंस्पेक्टर, 112 सब-इंस्पेक्टर, 12 एएसआई, 169 हेड कांस्टेबल, 817 कांस्टेबल, 3 महिला कांस्टेबल, 180 एसपीओ, 297 पीएचजी और 7 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शहीद हुए थे। सशस्त्र टुकड़ी ने दी सलामी, बिगुल की धुन से गूंजा परिसर कार्यक्रम की शुरुआत डीएसपी राजेश कक्कड़ के नेतृत्व में पंजाब पुलिस की टुकड़ी द्वारा शस्त्र उल्टे कर बिगुल की शोक धुन के साथ शहीद जवानों को सलामी देकर की गई। इसके बाद जिला सेशन जज आर.के. गर्ग, एसएसपी मनप्रीत सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने अमर शहीदों के चित्रों के समक्ष ज्योति प्रज्वलित की। डीएसपी राजकुमार ने देश की सुरक्षा में बीते एक वर्ष के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले देशभर के पैरामिलिट्री और पुलिस जवानों के नामों की सूची पढ़कर सुनाई। मुसीबत में भगवान के बाद पुलिस को याद करते हैं लोग: कुंवर विक्की परिषद के महासचिव कुंवर रविंद्र सिंह विक्की ने कहा कि पुलिस बल की ड्यूटी 24 घंटे की होती है ताकि देशवासी अपने त्योहार शांतिपूर्वक मना सकें। उन्होंने कहा कि दीनानगर आतंकी हमले के दौरान पंजाब पुलिस के जांबाज जवानों ने बिना सेना की मदद के फिदायीन आतंकियों को ढेर कर अद्वितीय मिसाल पेश की थी। वहीं, रिटायर्ड डीएसपी गुरदयाल सिंह सैनी ने कहा कि जो कौम और देश अपने शहीदों को भूल जाता है, उसका अस्तित्व समाप्त हो जाता है। ऐसे आयोजनों से शहीद परिवारों का मनोबल बढ़ता है। 13 शहीद परिवारों का किया गया सम्मान समारोह के अंत में मुख्य अतिथि एसएसपी मनप्रीत सिंह द्वारा जिले के 13 शहीद परिवारों को कंबल, उपहार, मिठाई तथा 21-21 सौ रुपये की आर्थिक सहायता राशि के चेक भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही, शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद द्वारा एसएसपी मनप्रीत सिंह को सिरोपा व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

दैनिक भास्कर 21 Oct 2026 3:59 pm

सामने बैठे थे Pakistan के विदेश मंत्री, Rajnath Singh ने साफ कह दिया, 'आतंकवाद के पूरे नेटवर्क को निशाना बनाएंगे', इस्लामाबाद के छूटे पसीने

पाकिस्तान के सामने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस्लामाबाद को खरी-खरी सुनाते हुए आतंकवाद के मुद्दे पर दोहरे रवैये को पूरी तरह खारिज कर दिया। हम आपको बता दें कि शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की शासनाध्यक्ष परिषद की बैठक में पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार की मौजूदगी में उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि आतंकवाद को किसी भी सूरत में जायज नहीं ठहराया जा सकता और न ही उससे निपटने में दोहरे मानदंड अपनाए जा सकते हैं। आतंकवादियों को वित्तीय मदद देने वालों, उन्हें समर्थन देने वालों और सुरक्षित पनाहगाह मुहैया कराने वालों के लिए भी दुनिया में कोई जगह नहीं होनी चाहिए। आतंकवाद के पूरे तंत्र को मिलकर और मजबूती से खत्म करना होगा। देखा जाये तो पाकिस्तान के विदेश मंत्री के सामने दिया गया यह संदेश स्पष्ट था कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई केवल हमलावरों तक सीमित नहीं रह सकती, बल्कि उसके वित्तपोषण, कट्टरपंथ, भर्ती और सुरक्षित ठिकानों के पूरे नेटवर्क को निशाना बनाना होगा। रक्षा मंत्री ने आतंकवाद को विकास के सामने सबसे गंभीर खतरों में से एक बताते हुए कहा कि इसका नुकसान केवल लोगों की जान जाने तक सीमित नहीं है। आतंकवाद निवेश और व्यापार को प्रभावित करता है, समाज में कट्टरपंथ को बढ़ावा देता है और युवाओं को उन अवसरों से वंचित करता है, जिनके वे हकदार हैं। इसे भी पढ़ें: वैश्विक सुस्ती के बीच Indian Economy 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ रही: Rajnath Singh साथ ही दुशांबे में राजनाथ सिंह का संदेश केवल आतंकवाद के खिलाफ भारत की कठोर नीति तक सीमित नहीं रहा। भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए उन्होंने दुनिया के सामने भारत की बदलती आर्थिक, तकनीकी और सामरिक हैसियत का भी खाका पेश किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ऐसा राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जो समृद्धि, ज्ञान और शक्ति के साथ वैश्विक शांति तथा मानवता के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को भी मजबूत करे। यह यात्रा 'वसुधैव कुटुम्बकम्' की भावना से प्रेरित है। रक्षा मंत्री के मुताबिक, भारत वैश्विक आर्थिक वृद्धि में 16 प्रतिशत से अधिक योगदान दे रहा है और लगभग 7.8 प्रतिशत की दर से विकास कर रहा है। उन्होंने कहा कि 38 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते भारत के उत्पादकों और विनिर्माताओं के लिए नए बाजार खोल रहे हैं। वहीं, देश का विदेशी मुद्रा भंडार 700 अरब डॉलर के पार पहुंच चुका है। भारत अब नीतिगत ठहराव से निकलकर सुधारों की तेज रफ्तार वाले दौर में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत के लिए सुधार मजबूरी नहीं, बल्कि दृढ़ विश्वास हैं। रक्षा उत्पादन से अंतरिक्ष तक, आत्मनिर्भर भारत की छलांग राजनाथ सिंह ने रक्षा क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि रक्षा निर्यात रिकॉर्ड 38,424 करोड़ रुपये और रक्षा उत्पादन 1.80 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। देश में स्टार्टअप की संख्या ढाई लाख से अधिक हो चुकी है। नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता लगभग 300 गीगावाट तक पहुंचने, सेमीकंडक्टर निर्माण में प्रगति और यूपीआई के जरिए डिजिटल लेनदेन के विस्तार को भी उन्होंने भारत के परिवर्तन का प्रमाण बताया। चंद्रयान और आदित्य-एल1 की सफलताओं तथा गगनयान की तैयारियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने भरोसा जताया कि भारत विज्ञान और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में अपनी स्थिति लगातार मजबूत कर रहा है। भारतीय समुदाय को उन्होंने देश की संस्कृति, मूल्यों और परंपराओं का वैश्विक दूत बताया। भारत और ताजिकिस्तान के बीच संगीत, साहित्य और सिनेमा से जुड़े सांस्कृतिक रिश्तों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रवासी भारतीय दोनों देशों की मित्रता को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। बहरहाल, राजनाथ सिंह के इन दोनों संदेशों का सार स्पष्ट है। भारत आतंकवाद के खिलाफ किसी समझौते के पक्ष में नहीं है, लेकिन वैश्विक शांति और मानव कल्याण के लिए भी प्रतिबद्ध है। वह दुनिया के साथ सहयोग चाहता है, मगर अपनी सुरक्षा, संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों के सवाल पर किसी दबाव के आगे झुकने को तैयार नहीं है।

प्रभासाक्षी 21 Oct 2026 2:21 pm

Jammu Kashmir में आतंकवाद तंत्र और छिपे आतंकियों पर प्रहार जारी रहेगा: IGP तेजिंदर सिंह

जम्मू क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) तेजिंदर सिंह ने बुधवार को कहा कि पुलिस केंद्र शासित प्रदेश में शांति बनाए रखने के लिए ‘नार्को-टेररिज्म’ एवं मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए आतंकवाद के तंत्र तथा छिपे हुए आतंकवादियों को निशाना बनाना जारी रखेगी। सिंह ने कहा कि पिछले दो वर्षों के दौरान आतंकवादी संगठनों में भर्ती में कमी आई है तथा जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति को और बेहतर बनाने के प्रयास जारी रहेंगे। पुलिस महानिरीक्षक ने यहां पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में संवाददाताओं से कहा, ‘‘आने वाले दिनों में हमारे प्रयास आतंकवाद के तंत्र को निशाना बनाने और छिपे हुए आतंकवादियों को ढूंढ़ निकालकर उन्हें खात्मे पर केंद्रित होंगे। हम शांति और सौहार्द की स्थिति को और बेहतर बनाने के लिए भी काम करेंगे।’’आईजीपी ने कहा कि क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस सुरक्षा ग्रिड को और मजबूत करेगी तथा मादक पदार्थों के खिलाफ अपने अभियान को तेज करेगी। उन्होंने कहा, ‘‘सुरक्षा के दृष्टिकोण से, चाहे वह सीमा हो, नियंत्रण रेखा (एलओसी) हो या आंतरिक सुरक्षा का पहलू हो, हम सुरक्षा ग्रिड को और मजबूत करेंगे तथा शांति-सौहार्द बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।’’आईजीपी ने कर्तव्य के निर्वाहन के दौरान अपने प्राण न्योछावर करने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि बल उनके परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा है और वे पुलिस परिवार का अभिन्न अंग हैं। उन्होंने कहा, ‘‘देश के लिए प्राण न्योछावर करने से बड़ा कोई बलिदान नहीं हो सकता। हम हर समय अपने कर्मियों के परिवारों के साथ खड़े हैं।’’सिंह ने पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में परेड की सलामी ली। उन्होंने ‘रेल हेड’ इलाके में स्थित शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर क्षेत्र की सुरक्षा में अपना कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राण न्योछावर करने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। सिंह ने आतंकवाद और मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई में जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मादक पदार्थों के खतरे से निपटने की आवश्यकता पर जोर दिया है और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 2029 तक इसे जड़ से खत्म करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने लोगों से पुलिस हेल्पलाइन या सीधे पुलिस के साथ जानकारी साझा करने का आग्रह करते हुए कहा कि आने वाले दिनों में नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘मादक पदार्थों के धंधे में शामिल लोग, विशेष रूप से पाकिस्तान से पहुंच रही हेरोइन की तस्करी करने वाले, हमारे लिए आतंकवादियों से कम खतरनाक नहीं हैं।’’आईजीपी ने कहा कि 2029 तक सरकार के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए आतंकवाद के तंत्र और ‘नार्को-टेररिज्म’ को निशाना बनाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। नार्को-टेररिज्म का अर्थ अवैध मादक पदार्थों की तस्करी से होने वाली कमाई का इस्तेमाल आतंकवाद और देशविरोधी गतिविधियों के वित्तपोषित में करना है। सिंह ने शहजाद नार्को नेटवर्क और गैंगस्टर गतिविधियों सहित मादक पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क पर कहा कि पुलिस कड़ी नजर रख रही है और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगी। उन्होंने मादक पदार्थ रोधी अभियान के बारे में कहा कि संपत्तियों को जब्त करने और बरामदगी करने से जुड़ी यह मुहिम लगातार जारी है तथा हाल में कुछ अतिरिक्त बरामदगियां भी की गई हैं। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों के बलिदान और शहादत के प्रति सबसे बड़ी श्रद्धांजलि यही होगी कि भविष्य में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और ऐसी स्थितियों की पुनरावृत्ति को रोका जाए।

प्रभासाक्षी 21 Oct 2026 2:03 pm

Gopalganj News: डॉ. आलोक कुमार सुमन ने संयुक्त राष्ट्र में भारत का पक्ष रखा, आतंकवाद और विनाशकारी हथियारों पर जताई चिंता

20 अक्टूबर, मंगलवार: गोपालगंज के सांसद डॉ. आलोक कुमार सुमन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में भारत का पक्ष मजबूती से रखा। उन्होंने आतंकवाद, रासायनिक एवं जैविक हथियारों के दुरुपयोग और सामूहिक विनाश के हथियारों तक आतंकियों की पहुंच रोकने पर जोर दिया।

लाइव हिन्दुस्तान 20 Oct 2026 12:26 pm

आतंकवाद को मानवता के खिलाफ अपराध मानने की मांग: यूएन में भारत ने उठाया मुद्दा, 2028 की संधि में क्या होगा?

आतंकवाद को मानवता के खिलाफ अपराध मानने की मांग: यूएन में भारत ने उठाया मुद्दा, 2028 की संधि में क्या होगा?india United Nations terrorism crimes against humanity conventionR Mythili

अमर उजाला 13 Oct 2026 7:42 am

आतंकवाद पर सख्त: भारत का रूख कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण, अब वैश्विक समुदाय के रवैये में भी बदलाव जरूरी

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अमर उजाला 2 Sep 2026 10:06 am