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गरुड़ शक्ति : भारत-इंडोनेशिया की स्पेशल फोर्स का आतंकवाद विरोधी अभियान

New Delhi, 25 अक्टूबर . India और इंडोनेशिया के विशेष बल जंगलों में आतंकवाद विरोधी अभियानों और उग्रवाद से निपटने की रणनीतियों का संयुक्त अभ्यास करेंगे. इसके लिए…

डेली किरण 25 Oct 2026 5:28 pm

आतंकवाद से निपटने के लिए भारत और ऑस्ट्रेलिया का जंगल से समुद्र तक संयुक्त सैन्य अभ्यास

New Delhi, 25 अक्टूबर India और ऑस्ट्रेलिया के सैनिक जंगलों, द्वीपीय क्षेत्रों और समुद्र तटों पर एक साथ युद्धाभ्यास कर रहे हैं. इस दौरान दोनों देशों के सैनिक…

डेली किरण 25 Oct 2026 4:33 pm

'कुछ देश आतंकवाद को अपनी राजनीति...', जयशंकर की दो टूक

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र दिवस पर आयोजित 'चिन्मय अमृत महोत्सव वैश्विक सम्मेलन' में आतंकवाद को शांति के लिए गंभीर खतरा बताया. उन्होंने कहा कि आतंकवाद को राज्य नीति के साधन के रूप में इस्तेमाल करना पूरी तरह अस्वीकार्य है और इसके लिए कोई तर्क नहीं दिया जा सकता.

आज तक 25 Oct 2026 2:28 pm

'आतंकवाद और वैश्विक संकटों पर मूकदर्शक न बनें', जयशंकर की संयुक्त राष्ट्र को दो टूक

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र स्थापना दिवस पर यूएन को वैश्विक संकटों और आतंकवाद पर मूकदर्शक न रहने की कड़ी फटकार लगाई।

जागरण 25 Oct 2026 2:07 pm

S Jaishankar ने कहा, राष्ट्रीय नीतियों के लिए Terrorism का इस्तेमाल किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रविवार को कहा कि आतंकवाद का इस्तेमाल ‘‘किसी देश की नीतियों को आगे बढ़ाने के साधन’’ के रूप में करना पूरी तरह अस्वीकार्य है तथा इसे कभी उचित नहीं ठहराया जा सकता और न ही इसके पक्ष में कोई तर्क दिया जा सकता है। जयशंकर ने कहा कि आतंकवाद का खतरा इसलिए बना हुआ है, क्योंकि ‘‘सभी देश इसे बिल्कुल न बर्दाश्त करने की नीति वास्तव में नहीं अपनाते हैं।’’उन्होंने यहां एक कार्यक्रम में किसी देश का नाम लिए बगैर कहा कि इतिहास में आतंकवाद से जुड़े कई सबक मिलने के बावजूद ‘‘कुछ देश अब भी राजनीतिक हितों को प्राथमिकता देते हैं।’’चिन्मय मिशन की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने शांति के महत्व पर जोर दिया, खासकर ऐसे समय में जब दुनिया के विभिन्न हिस्सों में संघर्ष हो रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘आइए, शांति की अविभाज्यता पर विचार करें। कहीं भी युद्ध होना, हर जगह शांति के लिए खतरा है।’’उन्होंने यूक्रेन और पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत जब यह कहता है कि संवाद और कूटनीति ही एकमात्र समाधान हैं, तो वह वैश्विक भावना को व्यक्त करता है। जयशंकर ने कहा, ‘‘आतंकवाद शांति के लिए एक और घातक खतरा है। आतंकवाद का इस्तेमाल किसी देश की नीतियों और उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के साधन के रूप में करना पूरी तरह अस्वीकार्य है। इसे कभी उचित नहीं ठहराया जा सकता और न ही इसके पक्ष में कोई तर्क दिया जा सकता है। इसके बावजूद आतंकवाद जारी है, क्योंकि सभी देश इसे बिल्कुल न बर्दाश्त करने का रुख वास्तव में नहीं अपनाते। इतिहास में इतने सबक मिलने के बावजूद कुछ देश अब भी राजनीतिक हितों को प्राथमिकता देते हैं।’’उन्होंने कहा कि इसलिए दुनिया को इस साझा खतरे के प्रति अधिक सजग होना चाहिए और आतंकवाद के सभी रूपों से मुकाबला करने के लिए अधिक दृढ़ संकल्प के साथ एकजुट होना चाहिए।

प्रभासाक्षी 25 Oct 2026 1:23 pm

जम्मू-कश्मीर में अब आतंकवाद नहीं, विकास की बात हो रही है: दिलीप घोष

न्यूटाउन, 25 अक्टूबर . पश्चिम बंगाल Government के मंत्री दिलीप घोष ने जम्मू-कश्मीर की स्थिति और फारूक अब्दुल्ला पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि फारूक अब्दुल्ला Pakistan से…

डेली किरण 25 Oct 2026 11:04 am

चर्च पर हमला जघन्य, आतंकवाद किसी भी रूप में स्वीकार नहीं: विदेश मंत्री एस जयशंकर

New Delhi, 24 अक्टूबर . जॉर्डन के करक स्थित एक चर्च पर हुई गोलीबारी की India ने कड़ी निंदा की है. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि…

डेली किरण 24 Oct 2026 3:59 pm

भारत और उज्बेकिस्तान ने आतंकवाद रोधी सहयोग समेत कई क्षेत्रों में रिश्ते मजबूत करने पर की चर्चा

New Delhi, 24 अक्टूबर . New Delhi में भारत-उज्बेकिस्तान आतंकवाद-रोधी संयुक्त कार्य समूह के सह-अध्यक्ष तथा उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्रालय में दक्षिण एशिया, निकट एवं मध्य पूर्व और…

डेली किरण 24 Oct 2026 12:58 pm

Israel West Bank Operation | इजरायली सैनिकों की हत्या के बाद भड़का तनाव! हेब्रोन में IDF का बड़ा सर्च ऑपरेशन, पूरे वेस्ट बैंक में लॉकडाउन की तैयारी

वेस्ट बैंक में हालात एक बार फिर गंभीर रूप से बिगड़ गए हैं। इस हफ्ते अपने दो सैनिकों की हत्या के जवाब में, इजरायली सेना (IDF) ने हेब्रोन इलाके में एक 'लक्षित और सीमित आतंकवाद-रोधी' (Targeted and Limited Counter-Terrorism) अभियान शुरू किया है। इजरायल में आगामी चुनावों से ठीक कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस बड़े सैन्य अभियान को हरी झंडी दिखाई। इजरायली रक्षा बलों (IDF) के अनुसार, सैनिक पूरे इलाके में सघन तलाशी अभियान चला रहे हैं। इसका मकसद आतंकवादी ढांचे का पता लगाकर उसे नष्ट करना, उनके हथियार जब्त करना और संदिग्धों से पूछताछ करना है। IDF ने यह भी कहा कि पूछताछ और सुरक्षा जांच के बाद, स्थानीय निवासी तय किए गए तीन निकास बिंदुओं (एग्जिट पॉइंट्स) से इलाके से बाहर जा सकते हैं। साथ ही चेतावनी दी गई कि संदिग्ध व्यक्तियों को आगे की पूछताछ के लिए सुरक्षा बलों के पास भेजा जा सकता है। शनिवार तड़के 'X' (पहले ट्विटर) पर जारी एक बयान में IDF ने कहा, गोलीबारी की उस घटना के जवाब में, जिसमें IDF के 2 सैनिक मारे गए और कई अन्य घायल हो गए, IDF और अन्य सुरक्षा बलों ने हेब्रोन इलाके में एक लक्षित और सीमित आतंकवाद-रोधी अभियान शुरू किया है। इसी इलाके से आतंकवादी आए थे। वेस्ट बैंक में हालात फिर क्यों बिगड़े? शुक्रवार सुबह तब तनाव बढ़ गया, जब फिलिस्तीनी बंदूकधारियों के हमले में इजरायली सेना के दो सैनिक - स्टाफ सार्जेंट रॉन योनातन रॉयटमैन और सार्जेंट युवल शाई स्विलेम - मारे गए। एसोसिएटेड प्रेस (AP) की रिपोर्ट के अनुसार, यह हमला हेब्रोन के बाहर येहुदा जंक्शन के पास हुआ। सेना ने बताया कि संदिग्धों के पास M16 राइफल और एक हैंडगन थी और वे इजरायली नागरिकों को निशाना बनाना चाहते थे। सेना के मुताबिक, 20 मिनट तक चली गोलीबारी के बाद इस हमले को नाकाम कर दिया गया। नेतन्याहू ने इस हमले की निंदा की और शुक्रवार को सुरक्षा कैबिनेट की एक आपातकालीन बैठक बुलाई, जिसमें उन्होंने हमास को जिम्मेदार ठहराया। बैठक के दौरान, उन्होंने सेना को निर्देश दिया कि वे तुरंत हेब्रोन की घेराबंदी करें और पूरे वेस्ट बैंक को पूरी तरह से बंद करने की तैयारी करें। नेतन्याहू के निर्देशों के बाद, इजरायली बलों ने वेस्ट बैंक में कई अभियान चलाए, जिसमें हथियार जब्त किए गए और हमास के लिए काम करने के संदेह वाले लोगों को हिरासत में लिया गया। एपी के अनुसार, इज़रायली सेना के चीफ ऑफ स्टाफ एयाल ज़मीर ने कहा, इस गोला-बारूद का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर किए जाने वाले हमले में किया जाना था। Stay updated with International News in Hindi on Prabhasakshi

प्रभासाक्षी 24 Oct 2026 9:52 am

इजरायल: हेब्रोन में आतंकवाद विरोधी अभियान तेज, 70 संदिग्ध गिरफ्तार

येरूशलम, 23 अक्टूबर . इजरायल के रक्षा बल (आईडीएफ) ने Friday को वेस्ट बैंक के हेब्रोन क्षेत्र में आतंकवाद विरोधी अभियान तेज कर दिया. यह कार्रवाई जूडिया क्षेत्र…

डेली किरण 23 Oct 2026 9:48 pm

जयशंकर के अजरबैजान दौरे में आतंकवाद और सुरक्षा के मुद्दों पर हुई चर्चा: विदेश मंत्रालय

New Delhi, 23 अक्टूबर . विदेश मंत्री एस. जयशंकर के अजरबैजान दौरे के दौरान आतंकवाद, सुरक्षा संबंधी मुद्दों और साझा खतरों पर चर्चा हुई. विदेश मंत्रालय (एमईए) ने…

डेली किरण 23 Oct 2026 9:18 pm

भारत ने पाकिस्तान को UN में फिर से धोया, आतंकवाद को लेकर सुनाई खरी-खोटी; कारगिल युद्ध का किया जिक्र

संयुक्त राष्ट्र में भारत की तरफ से बोलते हुए भाविका मंगलानंदन ने आतंकवाद को लगातार समर्थन देने के लिए पाकिस्तान को खरी-खोटी सुनाई। उन्होंने कहा कि यह पड़ोसी देश अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी नाकाम रहा है।

खबर इंडिया टीवी 23 Oct 2026 4:09 pm

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में आतंकवाद में 195% का भारी उछाल

पड़ोसी देश पाकिस्तान में आंतरिक आतंकवाद और अशांति का ग्राफ इस कदर बढ़ गया है कि वहां की सरकार और सेना के हाथ से नियंत्रण पूरी तरह छूटता नजर आ रहा है। पाकिस्तान के संवेदनशील प्रांत खैबर पख्तूनख्वा में आतंकवादी गतिविधियों और हमलों में हाल ही में रिकॉर्ड 195 प्रतिशत का भयानक इजाफा दर्ज किया गया है। प्रांत के भीतर लगातार हो रहे बम धमाकों, सुरक्षा बलों पर हमलों और अशांति ने पाकिस्तानी हुक्मरानों की नींद उड़ा रखी है। अपनी ही जमीन पर उग्रवाद और आतंकवाद पर लगाम लगाने में बुरी तरह विफल रहने के बाद, पाकिस्तानी सेना प्रमुख ने हमेशा की तरह अपनी नाकामी का ठीकरा भारत के सिर फोड़ने की पुरानी और घिसी-पिसी चाल चली है। इस सनसनीखेज घटनाक्रम ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान के दोहरे चरित्र और उसकी लाचारी को बेनकाब कर दिया है।खैबर पख्तूनख्वा में बेकाबू हालात और चरमपंथियों का बढ़ता दायरापाकिस्तान का खैबर पख्तूनख्वा प्रांत इस समय बारूद के ढेर पर बैठा हुआ है। स्थानीय प्रशासन और खुफिया रिपोर्टों के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों में इस क्षेत्र के भीतर आतंकी हमलों की संख्या में लगभग 195% की अभूतपूर्व बढ़ोतरी देखने को मिली है। हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि पाकिस्तानी सेना और पुलिस बल आए दिन आतंकवादियों के आसान शिकार बन रहे हैं। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और अन्य विद्रोही गुटों ने सुरक्षा बलों की नाक में दम कर रखा है। प्रांत के कई इलाकों में अब पाकिस्तानी सरकार का प्रशासनिक नियंत्रण नाममात्र का रह गया है और आतंकवादियों ने खुलेआम अपनी पैठ मजबूत कर ली है। आम नागरिकों का जीवन नर्क बन चुका है और लोग लगातार खौफ के साए में जीने को मजबूर हैं।अपनी आंतरिक विफलताओं को छुपाने के लिए भारत विरोधी राग का पुराना पैंतराजब भी पाकिस्तान के भीतर हालात पूरी तरह से नियंत्रण से बाहर होते हैं और वहां की सेना देश की अवाम को सुरक्षा देने में नाकाम साबित होती है, तो रावलपिंडी और इस्लामाबाद के हुक्मरानों को तुरंत भारत की याद आ जाती है। खैबर पख्तूनख्वा में आतंकवाद के मामलों में आई इस 195% की बेतहाशा बढ़ोतरी के बाद पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर ने अपनी झल्लाहट मिटाने के लिए भारत पर मनगढ़ंत और बेबुनियाद आरोप लगाने शुरू कर दिए। अपनी विफलताओं का ठीकरा भारत पर फोड़ते हुए उन्होंने भारत के खिलाफ जहर उगला और गीदड़ भभकियां दीं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह और कुछ नहीं बल्कि पाकिस्तानी जनता का ध्यान भटकाने और अपनी खुफिया व सैन्य नाकामी को छुपाने का एक बेहद घटिया और पुराना हथकंडा है, जिसे दुनिया अब अच्छी तरह समझ चुकी है।वैश्विक मंचों पर बेनकाब हो रहा पाकिस्तान का आतंकवाद समर्थक चेहरादुनियाभर के देश अब इस सच्चाई से अच्छी तरह वाकिफ हो चुके हैं कि पाकिस्तान लंबे समय से आतंकवाद की फैक्टरी रहा है। खुद अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स यह कहती आई हैं कि पाकिस्तान ने जिस 'आतंकवाद के पालने' की नीति को वर्षों तक बढ़ावा दिया था, आज वही जहरीले सांप उसी के देश को डंस रहे हैं। खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान की सुलगती आग इसी गलत नीतियों का परिणाम है। ऐसे में, जब पश्चिमी देशों और वैश्विक मंचों पर पाकिस्तान पर आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने का दबाव बढ़ता है, तो वहां के सैन्य जनरल भारत के खिलाफ निराधार बयानबाजी करके अपनी घरेलू जनता को गुमराह करने की कोशिश करते हैं। भारत सरकार और कूटनीतिक जानकारों ने हमेशा से स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान जब तक अपनी सरजमीं से संचालित होने वाले आतंकवाद को पूरी तरह नेस्तनाबूद नहीं करता, तब तक उसकी इन खोखली धमकियों का कोई मतलब नहीं है।भारत की मजबूत कूटनीति और आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीतिप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत नेतृत्व में भारत ने आतंकवाद के खिलाफ हमेशा 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई है। नई दिल्ली ने दुनिया के सामने बार-बार यह साबित किया है कि भारत क्षेत्रीय शांति का समर्थक है, लेकिन देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी षड्यंत्र का मुंहतोड़ जवाब देना अच्छी तरह जानता है। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में भड़की हिंसा और वहां के जनरलों की बौखलाहट यह साफ दिखाती है कि पाकिस्तान अपने आंतरिक बोझ के तले खुद ही दबा जा रहा है। भारत के खिलाफ झूठे नैरेटिव गढ़ने से पाकिस्तान के हालात सुधरने वाले नहीं हैं, बल्कि इससे उसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रही-सही किरकिरी ही हो रही है। आने वाले समय में पाकिस्तान की यह आंतरिक अस्थिरता और आतंकवाद का यह भयानक विस्फोट उसके अपने वजूद के लिए ही सबसे बड़ा खतरा साबित होने वाला है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Oct 2026 1:21 pm

'आतंकवाद मानसिकता को भी डैमेज करता है', UN में भारत ने पाकिस्तान को लताड़ा

यूएन में भारत की फर्स्ट सेक्रेटरी भाविका मंगलानंदन ने कहा कि आतंकवादी न केवल मासूम लोगों को मारता है, बल्कि पूरे देश की मानसिकता को भी नुकसान पहुंचाता है.

आज तक 23 Oct 2026 11:40 am

'दाऊद 2003 से पहले भारत छोड़ चुका था': भारत ने यूएन की रिपोर्ट पर जताई कड़ी आपत्ति, गंभीर गलतियां भी गिनवाई

'दाऊद 2003 से पहले भारत छोड़ चुका था': भारत ने यूएन की रिपोर्ट पर जताई कड़ी आपत्ति, गंभीर गलतियां भी गिनवाई india slams un counter terrorism report bias dawood ibrahim

अमर उजाला 22 Oct 2026 10:36 am

पठानकोट में 13 शहीदों के परिवार सम्मानित:'पुलिस स्मृति दिवस' पर श्रद्धांजलि समारोह, SSP बोले-आतंकवाद के दौर में 1652 कर्मी शहीद हुए

पैरामिलिट्री फोर्स और पुलिस के अमर जवानों के बलिदान को नमन करने के लिए बुधवार को 'पुलिस स्मृति दिवस' पर पठानकोट एसएसपी कार्यालय में श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया। एसएसपी मनप्रीत सिंह की अध्यक्षत में आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने अमर शहीदों के यादगारी स्तंभ पर रीथ चढ़ाकर व पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। समारोह में जिले के 13 शहीद परिवारों के अलावा जिला सेशन जज आर.के. गर्ग, एडिशनल सेशन जज एकता उप्पल, शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के महासचिव कुंवर रविंदर सिंह विक्की और पुलिस वेलफेयर एसोसिएशन के जिला प्रधान रिटायर्ड डीएसपी गुरदयाल सिंह सैनी विशेष रूप से उपस्थित रहे। आतंकवाद के काले दौर में पंजाब पुलिस ने तोड़ी थी आतंक की कमर: SSP समारोह को संबोधित करते हुए एसएसपी मनप्रीत सिंह ने कहा कि पंजाब पुलिस का इतिहास शौर्य और शहादतों से भरा हुआ है। पंजाब में जब आतंकवाद का काला दौर था, उस समय पुलिस जवानों और अधिकारियों ने अपने अदम्य साहस का परिचय देते हुए आतंकवाद की कमर तोड़ी और राज्य में अमन-शांति कायम की। उन्होंने बताया कि आतंकवाद के दौर में पंजाब पुलिस के 1 एडीजीपी, 2 डीआईजी, 3 एसएसपी, 5 एसपी, 12 डीएसपी, 32 इंस्पेक्टर, 112 सब-इंस्पेक्टर, 12 एएसआई, 169 हेड कांस्टेबल, 817 कांस्टेबल, 3 महिला कांस्टेबल, 180 एसपीओ, 297 पीएचजी और 7 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शहीद हुए थे। सशस्त्र टुकड़ी ने दी सलामी, बिगुल की धुन से गूंजा परिसर कार्यक्रम की शुरुआत डीएसपी राजेश कक्कड़ के नेतृत्व में पंजाब पुलिस की टुकड़ी द्वारा शस्त्र उल्टे कर बिगुल की शोक धुन के साथ शहीद जवानों को सलामी देकर की गई। इसके बाद जिला सेशन जज आर.के. गर्ग, एसएसपी मनप्रीत सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने अमर शहीदों के चित्रों के समक्ष ज्योति प्रज्वलित की। डीएसपी राजकुमार ने देश की सुरक्षा में बीते एक वर्ष के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले देशभर के पैरामिलिट्री और पुलिस जवानों के नामों की सूची पढ़कर सुनाई। मुसीबत में भगवान के बाद पुलिस को याद करते हैं लोग: कुंवर विक्की परिषद के महासचिव कुंवर रविंद्र सिंह विक्की ने कहा कि पुलिस बल की ड्यूटी 24 घंटे की होती है ताकि देशवासी अपने त्योहार शांतिपूर्वक मना सकें। उन्होंने कहा कि दीनानगर आतंकी हमले के दौरान पंजाब पुलिस के जांबाज जवानों ने बिना सेना की मदद के फिदायीन आतंकियों को ढेर कर अद्वितीय मिसाल पेश की थी। वहीं, रिटायर्ड डीएसपी गुरदयाल सिंह सैनी ने कहा कि जो कौम और देश अपने शहीदों को भूल जाता है, उसका अस्तित्व समाप्त हो जाता है। ऐसे आयोजनों से शहीद परिवारों का मनोबल बढ़ता है। 13 शहीद परिवारों का किया गया सम्मान समारोह के अंत में मुख्य अतिथि एसएसपी मनप्रीत सिंह द्वारा जिले के 13 शहीद परिवारों को कंबल, उपहार, मिठाई तथा 21-21 सौ रुपये की आर्थिक सहायता राशि के चेक भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही, शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद द्वारा एसएसपी मनप्रीत सिंह को सिरोपा व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

दैनिक भास्कर 21 Oct 2026 3:59 pm

Gopalganj News: डॉ. आलोक कुमार सुमन ने संयुक्त राष्ट्र में भारत का पक्ष रखा, आतंकवाद और विनाशकारी हथियारों पर जताई चिंता

20 अक्टूबर, मंगलवार: गोपालगंज के सांसद डॉ. आलोक कुमार सुमन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में भारत का पक्ष मजबूती से रखा। उन्होंने आतंकवाद, रासायनिक एवं जैविक हथियारों के दुरुपयोग और सामूहिक विनाश के हथियारों तक आतंकियों की पहुंच रोकने पर जोर दिया।

लाइव हिन्दुस्तान 20 Oct 2026 12:26 pm

आतंकवाद को मानवता के खिलाफ अपराध मानने की मांग: यूएन में भारत ने उठाया मुद्दा, 2028 की संधि में क्या होगा?

आतंकवाद को मानवता के खिलाफ अपराध मानने की मांग: यूएन में भारत ने उठाया मुद्दा, 2028 की संधि में क्या होगा?india United Nations terrorism crimes against humanity conventionR Mythili

अमर उजाला 13 Oct 2026 7:42 am

आतंकवाद पर सख्त: भारत का रूख कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण, अब वैश्विक समुदाय के रवैये में भी बदलाव जरूरी

आतंकवाद पर सख्त: भारत का रूख कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण, अब वैश्विक समुदाय के रवैये में भी बदलाव जरूरी

अमर उजाला 2 Sep 2026 10:06 am