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Shahzad Bhatti: बिना किसी जिहादी ट्रेनिंग के तैयार हो रहे नए आतंकी! जानिए ISI के मोहरे शहजाद भट्टी ने कैसे बदला आतंकवाद का पुराना मॉडल

Shahzad Bhatti: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार (17 अगस्त) को कहा कि स्वतंत्रता दिवस से पहले पाकिस्तानी खूफिया एजेंसी ISI (इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस) समर्थित आतंकी संगठन 'शहजाद भट्टी नेटवर्क' के 200 से ज्यादा सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। इससे संगठन के विध्वंसक हमले करने की साजिश नाकाम हो गई। उन्होंने कहा कि 14 राज्यों में अलग-अलग जगहों पर समन्वित अभियान चलाए गए, जो आतंकवाद के प्रति देश की 'कतई बर्दाश्त न करने' की नीति को दर्शाते हैं।उन्होंने कहा कि आईएसआई से फंड पाने वाले इस समूह से भारी मात्रा में सामान बरामद किया गया। इसमें आईईडी, पाकिस्तान आयुध निर्माणी के निशान वाले ग्रेनेड, पिस्तौल, कारतूस और जासूसी के लिए इस्तेमाल होने वाले सीसीटीवी कैमरे शामिल हैं। शाह ने कहा कि यह नेटवर्क कई आतंकी गतिविधियों में शामिल था।शाहजाद भट्टी नेटवर्क क्या है?सरकार के एक बयान के मुताबिक, शाहजाद भट्टी नेटवर्क (SBN) पाकिस्तान स्थित, आईएसआई द्वारा समर्थित आतंकी सिंडिकेट है जो भारत में ग्रेनेड, आईईडी और पेट्रोल बम हमलों तथा लक्षित हत्याओं में शामिल है। SBN स्थानीय सहयोगियों को पैसे देकर पुलिस, रक्षा और धार्मिक स्थलों की रेकी करवाता था। इस दौरान जासूसी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगवाता था। NIAभट्टी के खिलाफ कई मामलों की जांच कर रही है। इनमें पंजाब के जालंधर में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर रोजर संधू के घर पर मार्च 2025 में हुए ग्रेनेड हमले से कथित संबंध का मामला भी शामिल है।अप्रैल 2026 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने भट्टी को भगोड़ा घोषित करते हुए उसके और मामले के एक अन्य आरोपी के खिलाफचार्जशीट दाखिल की थी।एंटी टेरर एजेंसी ने यह भी पाया है कि भट्टी ने नवंबर 2025 में हरियाणा के सिरसा स्थित महिला पुलिस थाने में हुए धमाके और जनवरी 2026 में हरियाणा के अंबाला स्थित बलदेव नगर पुलिस थाने में हुए धमाके की साजिश भी रची थी।कई मामलों में आरोपी है शाहजाद भट्टीसिरसा मामले मेंNIA ने मई 2026 में भट्टी और पाकिस्तान में मौजूद एक और हैंडलर सोहेल अहमद (उर्फ सोहेल बलोच) समेत नौ लोगों के खिलाफचार्जशीट दायर किया था। बलदेव नगर पुलिस थाने का मामला कार बम धमाके से जुड़ा है, जिसमें गिरफ्तार एक आरोपी भट्टी के संपर्क में पाया गया था। 14 राज्यों में 253 लोगों को हिरासत में लिया गया है।इनमें उत्तर प्रदेश (62), हरियाणा (52), दिल्ली (51), पंजाब (44), राजस्थान (15), महाराष्ट्र (8), उत्तराखंड (5), कर्नाटक, गुजरात और बिहार (3-3) तथा तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और केरल(2-2) से पकड़े गए लोग शामिल है। एक सरकारी बयान में कहा गया कि अब तक शाहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ 80 से अधिक FIR और 200 से अधिक गिरफ्तारियां दर्ज की जा चुकी हैं।14 राज्यों में एक साथ कार्रवाई12 अगस्त की कार्रवाई में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, कर्नाटक, गुजरात, बिहार, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और केरल में कार्रवाई की गई। 253 लोगों को हिरासत में लिए जाने के साथ ही इस नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई का दायरा काफी बड़ा हो गया। जांच में अब तक 80 से अधिक FIR दर्ज होने की बात सामने आई है। इनमें UAPA, BNS, Arms Act, NDPS Act और Explosive Substances Act जैसी धाराओं के तहत मामले शामिल बताए गए हैं।प्रचार के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमालनेटवर्क का एक दूसरा महत्वपूर्ण पहलू कथित प्रचार तंत्र है। जांच एजेंसियों ने इसके संबंध Tehreek-e-Taliban Hindustan के कथित प्रचार से भी जोड़े हैं। कुछ लोगों को दिल्ली और फरीदाबाद में संबंधित पोस्टर लगाने के निर्देश दिए जाने का आरोप है। कुछ ऑपरेटिव्स को पुलिसकर्मियों पर हमलों की रिकॉर्डिंग करने और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के लिए कहा गया। इससे पता चलता है कि नेटवर्क के लिए सोशल मीडिया केवल भर्ती का माध्यम नहीं... बल्कि प्रचार, डर पैदा करने और अपनी गतिविधियों को दिखाने का जरिया भी हो सकता था।भट्टी नेटवर्क ने बदला आतंकवाद का पारंपरिक मॉडल?पूरे मामले से यह संकेत मिलता है कि आधुनिक सीमा-पार आतंकी नेटवर्क केवल ट्रेंड आतंकियों और पारंपरिक स्लीपर सेल पर निर्भर नहीं रहना चाहते। सोशल मीडिया, स्थानीय अपराधी, आर्थिक रूप से कमजोर युवा, विदेशी हैंडलर्स, एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन और संगठित अपराध इन सभी को जोड़कर एकनया नेटवर्क तैयार किया जा सकता है।इस मॉडल में किसी व्यक्ति को शुरुआत में यह भी पता नहीं होता कि वह जिस काम के लिए पैसे ले रहा है, उसका अंतिम उद्देश्य क्या है। यही वजह है कि सुरक्षा एजेंसियों के सामने चुनौती केवल हथियार बरामद करने या आतंकियों को गिरफ्तार करने की नहीं है। बल्कि उस भर्ती और नेटवर्क बनाने वाले पूरे इकोसिस्टम को तोड़ने की है।अब आगे क्या?12 अगस्त की कार्रवाई ने नेटवर्क के एक बड़े हिस्से को प्रभावित किया हो सकता है। लेकिन सुरक्षा एजेंसियों के लिए असली चुनौती यह सुनिश्चित करना होगी कि यही मॉडल किसी दूसरे नाम, दूसरे सोशल मीडिया चेहरे या नए युवाओं के समूह के साथ दोबारा खड़ा न हो।ये भी पढ़ें- भारतीय चुनावी सिस्टम के कायल हुए डोनाल्ड ट्रंप! BJP हुई गदगद, तो कांग्रेस को लगी मिर्ची, किसने क्या कहा?शहजाद भट्टी नेटवर्क का मामला कथित तौर पर यही दिखाता है कि आज का संभावित आतंकी हमेशा बंदूक लेकर घूमता हुआ ट्रेंड जिहादी नहीं दिखेगा। वह कोई छोटा अपराधी, आर्थिक रूप से परेशान युवक या सामान्य सोशल मीडिया यूजर भी हो सकता है। यही इस नेटवर्क को पारंपरिक आतंकी संगठनों से अलग और सुरक्षा के लिए अधिक जटिल बनाता है।

ज़ी न्यूज़ 18 Aug 2026 12:32 pm

अल्पसंख्यकों की असुरक्षा से आतंकवाद तक पाक का यथार्थ

अल्पसंख्यकों की असुरक्षा से आतंकवाद तक The post अल्पसंख्यकों की असुरक्षा से आतंकवाद तक पाक का यथार्थ appeared first on प्रवक्‍ता.कॉम - Pravakta.Com .

प्रवक्ता 17 Aug 2026 6:34 pm

आतंकवाद पर जोरदार प्रहार; शहजाद भट्टी नेटवर्क ध्वस्त, 14 राज्यों से 253 संदिग्ध हिरासत में

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सुरक्षा बलों ने स्वतंत्रता दिवस से पहले शाहजाद भट्टी नेटवर्क को ध्वस्त कर उसके संभावित आतंकी मंसूबों को नाकाम कर दिया। उन्होंने बताया कि 14 राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर एक साथ अभियान चलाया गया।

लाइव हिन्दुस्तान 17 Aug 2026 3:45 pm

Modi सरकार का आतंकवाद पर वार: Shahzad Bhatti का नेटवर्क ध्वस्त, 14 राज्यों से 200+ आतंकी दबोचे गए

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कहा कि सुरक्षा बलों ने पाकिस्तान स्थित शहज़ाद भट्टी आतंकी नेटवर्क को खत्म कर दिया है और स्वतंत्रता दिवस से पहले विध्वंसक हमलों की साजिशों को नाकाम कर दिया है। शाह ने 'X' पर एक पोस्ट में कहा कि 14 राज्यों में चलाए गए समन्वित अभियानों के दौरान इस नेटवर्क से जुड़े 200 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि ये अभियान आतंकवाद के प्रति सरकार की 'ज़ीरो-टॉलरेंस' नीति का हिस्सा थे और इनका मकसद नेटवर्क द्वारा रची गई हमलों की साजिशों को रोकना था। इसे भी पढ़ें: Nitin Nabin की New Team का ऐलान, वसुंधरा राजे, राम माधव और स्मृति ईरानी को मिली बड़ी जिम्मेदारी शाह ने कहा कि भारतीय सुरक्षा बलों ने 14 राज्यों में अलग-अलग जगहों पर समन्वित अभियान चलाकर इस नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया। गृह मंत्री के अनुसार, अभियानों के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने भारी मात्रा में हथियार और अन्य सामग्री बरामद की। बरामद सामान में इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED), पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री के निशान वाले ग्रेनेड, पिस्तौल, जिंदा कारतूस और जासूसी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले CCTV कैमरे शामिल थे। शाह ने कहा कि इस नेटवर्क को पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) का समर्थन हासिल था और यह भारत में कई आतंकवादी गतिविधियों में शामिल था। शाहज़ाद भट्टी नेटवर्क की जांच कई सुरक्षा एजेंसियां ​​कर रही हैं। उन पर कथित तौर पर आतंकी भर्ती, कट्टरपंथ को बढ़ावा देने, हथियारों की तस्करी और हमलों में शामिल होने के आरोप हैं। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने पाकिस्तान में मौजूद शाहज़ाद भट्टी का संबंध कई आतंकी मामलों से जोड़ा है, जिनमें हरियाणा के सिरसा में महिला पुलिस स्टेशन पर हुआ ग्रेनेड हमला भी शामिल है। इसे भी पढ़ें: Vande Mataram विवाद पर बोले Imran Masood, अल्लाह के सिवा किसी की इबादत नहीं, ये मेरा संवैधानिक अधिकार सुरक्षा एजेंसियों ने हाल के महीनों में कई राज्यों में भट्टी से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ ऑपरेशन चलाए हैं। उदाहरण के लिए, दिल्ली पुलिस ने इस नेटवर्क से कथित तौर पर जुड़े लोगों को गिरफ्तार किया है और जांच के दौरान हथियार व अन्य सामान बरामद किए हैं। शाह ने कहा कि इस हालिया कार्रवाई ने नेटवर्क को अपने मंसूबों को अंजाम देने से रोका है और विदेशी मदद से चल रहे आतंकी नेटवर्क से सख्ती से निपटने के सरकार के संकल्प को दिखाया है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।

प्रभासाक्षी 17 Aug 2026 3:43 pm

कश्मीरी हिंदुओं ने की जेनोसाइड बिल की मांग, कहा- हमें विस्थापित न कहें, आतंकवाद के कारण छोड़ना पड़ा था घर

कश्मीरी हिंदुओं ने जगटी टाउनशिप में केंद्रीय समिति से मुलाकात कर खुद को विस्थापित नहीं, बल्कि आतंकवाद पीड़ित बताया।

जागरण 12 Aug 2026 9:39 am