जम्मू-कश्मीर की खुफिया शाखा ने आतंकवाद के महिमामंडन के आरोप में घाटी में कई स्थानों पर की छापेमारी
श्रीनगर, 8 अगस्त . जम्मू-कश्मीर Police की काउंटर-इंटेलिजेंस कश्मीर (सीआईके) शाखा ने Saturday को आतंकवाद के ऑनलाइन महिमामंडन के संबंध में पहले से दर्ज First Information Report के सिलसिले में घाटी में कई स्थानों पर छापेमारी की. अधिकारियों ने बताया कि Saturday सुबह कश्मीर के सीआईके ने आतंकवाद के ऑनलाइन महिमामंडन और आतंकवादी संगठनों में ... Read more
ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत ने पाकिस्तान के आतंकवाद के खिलाफ कौन-कौन से कदम उठाए? जयशंकर ने बताया
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संसद में कहा कि भारत-पाकिस्तान संबंध केवल आतंकवाद-मुक्त माहौल में ही आगे बढ़ सकते हैं, जबकि पाकिस्तान भारत के खिलाफ आतंकवाद को अपनी सरकारी नीति के रूप में इस्तेमाल करता है।
महाराष्ट्र सरकार ने आतंकवाद और कट्टरपंथी विचारधारा के प्रसार पर रोक लगाने के लिए बड़ी कार्रवाई है। राज्य के गृह विभाग ने गुरुवार (6 अगस्त) को एक गजट अधिसूचना जारी कर आईएसआईएस, इस्लामिक स्टेट खोरासान प्रोविंस (ISIS-K), हिज्ब-उल-मुजाहिदीन और अल-कायदा (AQIS) जैसे आतंकवादी संगठनों से जुड़े 114 कट्टरपंथी प्रकाशनों, पत्रिकाओं, साहित्य तथा डिजिटल सामग्री की […]
'एक और पाकिस्तान...', आतंकवाद पर को शेख हसीना के बेटे ने दिखाया आईना, भारत ने कही ये बात
भारत ने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे साजीब वाजेद जॉय के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया दी। बता दें कि, जॉय ने दावा किया था कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और बढ़ते आतंकवाद के कारण बांग्लादेश, भारत के पूर्वी हिस्से के लिए एक और पाकिस्तान बन गया है। शुक्रवार 8 अगस्त को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस मुद्दे पर कहा कि भारत पूरी तरह सतर्क है और पड़ोसी देशों में हो रही हर गतिविधि पर लगातार नजर रखे हुए है। उन्होंने कहा, हम अपने क्षेत्र और पड़ोसी देशों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखते हैं। सुरक्षा के लिहाज से हर स्थिति की निगरानी की जाती है और जरूरत पड़ने पर उचित कदम भी उठाए जाते हैं।हसीना के बेटे ने क्या दावा किया?साजीब वाजेद जॉय ने यह बयान बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दिया। यह कार्यक्रम साउथ एशिया फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब (एफसीसी) की ओर से आयोजित किया गया था। उन्होंने यह बात बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के वर्चुअल संबोधन से पहले कही। भारत की सुरक्षा का जिक्र करते हुए जॉय ने दावा किया कि भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता यह होनी चाहिए कि बांग्लादेश उसके पूर्वी मोर्चे पर एक और पाकिस्तान बनता जा रहा है। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस) को बांग्लादेश में खुलकर काम करने की छूट मिली हुई है।शेख हसीना के वर्चुअल संबोधन पर क्या बोला विदेश मंत्रालय?बांग्लादेश में 5 अगस्त 2024 को छात्रों के नेतृत्व में हुए बड़े आंदोलन के बाद शेख हसीना को सत्ता छोड़नी पड़ी थी। इसके बाद से वह भारत में रह रही हैं। हसीना के पद छोड़ने के बाद मुहम्मद यूनुस ने अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार के रूप में जिम्मेदारी संभाली। उनकी देखरेख में देश में सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी हुई और इस साल फरवरी में चुनाव कराए गए।इस बीच, भारत के विदेश मंत्रालय ने साफ किया कि शेख हसीना के वर्चुअल संबोधन के आयोजन में भारत सरकार की कोई भूमिका नहीं थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नियमित प्रेस वार्ता में कहा, जिस कार्यक्रम की बात की जा रही है, उसका आयोजन एक निजी मीडिया संस्था कर रही है। इसमें भारत सरकार की कोई भूमिका नहीं है और न ही सरकार उस मंच पर रखे जाने वाले विचारों का समर्थन करती है।
आतंकवाद पर शेख हसीना के बेटे ने दिखाया आईना, तिलमिला उठा पाकिस्तान
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद जॉय के पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI को लेकर दिए बयान पर पाकिस्तान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. मीडिया ब्रीफिंग में ISI की भूमिका पर सवाल पूछा गया तो पाकिस्तानी अधिकारी ने आरोप को खारिज करते हुए भारत पर निशाना साध दिया. उन्होंने कहा कि भारत ISI को लेकर पैरानॉयड है.
ढाका (बांग्लादेश)। बांग्लादेश में आतंकवाद विरोधी कानून (Anti-Terrorism Act) के सख्त प्रावधानों के तहत 10वीं कक्षा में पढ़ने वाले 14 वर्षीय छात्र को न्यायिक हिरासत में जेल भेजे जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. इस कार्रवाई के बाद देश के राजनीतिक गलियारों में भारी आक्रोश है. मुख्य विपक्षी दल अवामी लीग ने वर्तमान सरकार […]
मदरसों को आतंकवाद से जोड़ना दुर्भाग्यपूर्ण : मदनी
Linking madrasas with terrorism is unfortunate: Madani
UP: 'मदरसा कहीं भी हो, आतंकवाद ही पैदा करता है', डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के बयान से सियासत गरम
उपमुख्यमंत्री के मदरसों को लेकर दिए गए बयान से उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। सरकार मदरसा शिक्षा से जुड़े संशोधन प्रस्ताव पर भी विचार कर रही है। विपक्ष ने बयान और बजट को लेकर सरकार पर निशाना साधा है।
'मदरसा कहीं भी हो, आतंकवाद ही पैदा करता है', केशव मौर्य के बयान पर विवाद
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का बयान इस समय चर्चा का केंद्र बना हुआ है. उन्होंने कहा है कि 'मदरसा कहीं भी हो, वह आतंकवाद ही पैदा करता है'.
Ghazipur News: इस्लाम में दहशतगर्दी के लिए कोई जगह नहीं
There is no place for terrorism in Islam.
रूस की मुख्य सुरक्षा एजेंसी फेडरल सिक्योरिटी सर्विस (FSS) ने मैसेजिंग एप टेलीग्राम के फाउंडर पावेल दुरोव के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा देने के आरोप तय किए हैं। रूस ने उन्हें इंटरनेशनल वॉन्टेड लिस्ट में भी डाल दिया है। FSS ने आरोप लगाया कि टेलीग्राम का एडमिनिस्ट्रेशन उन चैनल्स, चैट्स और बोट्स को हटाने में नाकाम रहा है, जिनका इस्तेमाल यूक्रेनी इंटेलिजेंस एजेंसियां और चरमपंथी संगठन रूस में तोड़फोड़, साइबर फ्रॉड और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए कर रहे हैं। रूस में पूरी तरह से बैन हो सकता है टेलीग्राम एप सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि बार-बार चेतावनी के बावजूद टेलीग्राम प्रशासन ने इन्हें हटाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। पावेल दुरोव पर नया केस दर्ज होने के बाद अब रूस में टेलीग्राम के भविष्य और इसकी सेवाओं पर पूरी तरह बैन लगने की आशंका बढ़ गई है। दुबई में रहकर एप का ऑपरेशन संभाल रहे दुरोव पावेल दुरोव का जन्म रूस में ही हुआ था, लेकिन उन्होंने 2021 में फ्रांस की नागरिकता हासिल कर ली थी। इस समय वे दुबई से अपनी कंपनी और एप का संचालन कर रहे हैं। टेलीग्राम पर पहले से पाबंदियां, फिर भी लोकप्रिय रूस में टेलीग्राम सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग एप्स में से एक है। रूसी सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए एप पर पहले ही कड़े प्रतिबंध लगा रखे हैं। इसके बावजूद आम लोगों से लेकर सरकारी और मिलिट्री से जुड़े लोग भी इस एप का उपयोग करते हैं। भारत में भी विवादों में रहा है टेलीग्राम एप नॉलेज बॉक्स क्या है फेडरल सिक्योरिटी सर्विस FSS रूस की मुख्य आंतरिक सुरक्षा और खुफिया एजेंसी है। यह पूर्ववर्ती सोवियत संघ की एजेंसी KGB की उत्तराधिकारी मानी जाती है। इसका मुख्य काम देश के भीतर आतंकवाद रोकना, सीमाओं की सुरक्षा करना और साइबर सुरक्षा की निगरानी करना है। कौन हैं पावेल दुरोव 1984 में रूस में जन्मे दुरोव को 'रूस का मार्क जकरबर्ग' कहा जाता है। उन्होंने टेलीग्राम से पहले रूस का सबसे बड़ा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म VK बनाया था। डेटा प्राइवेसी और अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर रूसी सरकार से हुए विवाद के बाद उन्होंने 2014 में रूस छोड़ दिया था। अभी दुरोव दुबई में रहते हैं।

