पंजाब के अल्पसंख्यक हिंदू समाज की लंबे समय से लंबित पड़ी मांगों को पूरा न किए जाने के विरोध में शिवसेना हिंदुस्तान सोमवार को बटाला शहर में एक विशाल त्रिशूल मार्च निकालने जा रही है। यह मार्च शहर के बोहड़ी मंदिर से शुरू होकर एसडीएम कार्यालय तक जाएगा। मार्च के समापन पर पार्टी प्रतिनिधियों द्वारा पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नाम एक ज्ञापन (मांग पत्र) स्थानीय एसडीएम को सौंपा जाएगा। शिवसेना हिंदुस्तान के राष्ट्रीय संगठन मंत्री राजा वालिया ने इस विरोध मार्च के संबंध में जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि पंजाब में आतंकवाद के काले दौर के दौरान प्रभावित हुए 35 हजार पीड़ित हिंदू परिवारों के पुनर्वास और सहायता के लिए वर्ष 2003-06 में 781 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज मंजूर किया गया था। वालिया ने अफसोस जताते हुए कहा कि इसके बाद कई सरकारें आईं और चली गईं, लेकिन इस राहत पैकेज को आज तक धरातल पर लागू नहीं किया गया। नए पैकेज की घोषणा और आप सरकार पर वादे से मुकरने के आरोप राजा वालिया ने कहा कि बीते दो दशकों में महंगाई बढ़ने के कारण उस समय मंजूर हुए पैकेज का मूल्य काफी कम हो चुका है। इसलिए सरकार को मौजूदा समय की आर्थिक परिस्थितियों के अनुसार आतंकवाद पीड़ित हिंदुओं के लिए एक नए और बड़े राहत पैकेज की घोषणा करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि 2022 में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के समय इन मांगों को हल करने का ठोस आश्वासन दिया गया था, लेकिन मौजूदा सरकार ने भी इस गंभीर मुद्दे पर कोई ध्यान नहीं दिया। सभी सामाजिक व धार्मिक संगठनों से एकजुट होने की अपील सरकार की बेरुखी से नाराज होकर अब शिवसेना हिंदुस्तान ने पूरे पंजाब में त्रिशूल मार्च निकालकर सरकार को जगाने का अभियान शुरू किया है, और बटाला में सोमवार को होने वाला आयोजन इसी कड़ी का हिस्सा है। इस मार्च की सफलता के लिए बटाला शहर के सभी धार्मिक और सामाजिक संगठनों को शामिल होने का निमंत्रण भेजा गया है। वालिया ने उम्मीद जताई है कि हिंदू समाज के इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर शहर के सभी संगठन दलगत राजनीति से ऊपर उठकर एकजुटता दिखाएंगे।
कारगिल युद्ध से 'ऑपरेशन सिंदूर' तक, भारत की आतंकवाद के खिलाफ रणनीति अधिक सक्रिय, सटीक और निर्णायक
27 साल बाद भी कारगिल विजय की गूंज पूरे देश में सुनाई देती है। यह विजय साहस, बलिदान और अटूट राष्ट्रभक्ति का अमर प्रतीक है। फिर से हासिल की गई प्रत्येक चोटी इस बात की याद दिलाती है कि भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। इसकी रक्षा हर परिस्थिति में की जाएगी।
जवाहर सागर डेम पर आतंकवाद निरोधक मॉक ड्रिल:एटीएस, पुलिस ने आतंकवादियों को मार गिराने का किया अभ्यास
बूंदी के डाबी थाना क्षेत्र में स्थित जवाहर सागर डेम पर आतंकवाद निरोधक मॉक ड्रिल की गई। यह अभ्यास आतंकवादी गतिविधियों से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए किया गया। इसमें एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस), डाबी थाना पुलिस और सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से भाग लिया। मॉक ड्रिल के दौरान एक काल्पनिक परिदृश्य तैयार किया गया, जिसमें डेम परिसर में 'आतंकवादियों' के घुसपैठ करने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही एटीएस और पुलिस की टीमों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी। रणनीतिक ऑपरेशन के तहत, दो 'काल्पनिक आतंकवादियों' को मार गिराने का अभ्यास किया गया। इसके अलावा संदिग्धों की तलाश, संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा, आम नागरिकों की सुरक्षित निकासी, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वित कार्रवाई और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली का भी प्रदर्शन किया गया।मॉक ड्रिल का नेतृत्व एटीएस कमांडेंट कीर्ति और उनकी टीम ने किया। इस दौरान डाबी थानाधिकारी हेमराज शर्मा, सहायक अभियंता सिंचाई विभाग संजय मीणा, जूनियर इंजीनियर राहुल खींची, किशन सुखवानी, मुस्ताक खान सहित पुलिस, एटीएस और सिंचाई विभाग के कई अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

