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छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में गायत्री मंत्र, सरस्वती वंदना अनिवार्य:कांग्रेस ने बताया RSS का एजेंडा, भाजपा ने कहा- क्या आतंकवाद की ट्रेनिंग दें

छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी स्कूलों में दिन में 3 बार प्रार्थना और मंत्र-पाठ अनिवार्य किए जाने का आदेश जारी किया है। सुबह स्कूल लगने पर सरस्वती वंदना, गुरु मंत्र समेत 6 प्रार्थनाएं होंगी। दोपहर खाने के समय भोजन मंत्र और स्कूल की छुट्टी के समय गायत्री मंत्र होगा। इसे लेकर अब राजनीतिक शुरू हो गई है। कांग्रेस का कहना है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का एजेंडा थोपने की कोशिश की जा रही है। स्कूल किसी एक विचारधारा या धर्म का नहीं हैं। यहां सभी अलग-अलग धर्मों समुदाय के बच्चे पढ़ते हैं। वहीं, इस विरोध पर बीजेपी ने कहा कि स्कूलों को सरस्वती शिशु मंदिर जैसा न बनाएं तो क्या मदरसा बनाएं? क्या आतंकवाद की ट्रेनिंग दें? जानिए आदेश में क्या लिखा है स्कूल शिक्षा विभाग ने नए शिक्षा सत्र 2026-27 से सभी सरकारी स्कूलों में बच्चों के ज्ञान के विकास और उन्हें अपनी संस्कृति से परिचित कराने के लिए प्रार्थनाओं का आयोजन करने का निर्देश दिया है। 12 जून को जारी आदेश में विभाग ने सभी स्कूलों को रोजाना प्रार्थना कराना सुनिश्चित करने को भी कहा है। नई व्यवस्था पर आपत्ति कांग्रेस प्रदेश संचार विभाग प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा स्कूल शिक्षा विभाग ने बच्चों के लिए दिन में 3 अलग-अलग समय पर कई मंत्रों और धार्मिक गतिविधियों को अनिवार्य कर दिया है। आखिर सरकारी स्कूलों में इस तरह की अनिवार्यता की जरूरत क्यों है। ‘हर धर्म और समुदाय के बच्चे पढ़ते हैं’ उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूल किसी एक विचारधारा या धर्म के नहीं हैं। यहां सभी धर्मों, समुदायों और वर्गों के बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं। ऐसे में किसी विशेष धार्मिक परंपरा से जुड़े मंत्रों को अनिवार्य करना उचित नहीं है। आदेश पर पुनर्विचार करने की मांग कांग्रेस ने कहा कि यह फैसला समाज के एक बड़े वर्ग की भावनाओं को प्रभावित कर सकता है। पार्टी ने सरकार से आदेश पर पुनर्विचार करने की मांग करते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था को राजनीतिक और वैचारिक प्रयोगशाला नहीं बनाया जाना चाहिए। गायत्री मंत्र में विश्व कल्याण का संदेश वहीं, कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए भाजपा प्रवक्ता अमित चिमनानी ने कहा कि जब-जब सनातन की बात आती है, कांग्रेस नेताओं को परेशानी होने लगती है। गायत्री मंत्र में विश्व कल्याण का संदेश है, फिर भी कांग्रेस को इससे आपत्ति है। 16 जून से खुलेंगे स्कूल छत्तीसगढ़ में गर्मी की छुट्टियों के बाद स्कूल 16 जून से ही खुलेंगे। लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) ने शुक्रवार (12 जून) को इस संबंध में आदेश जारी किया है। सभी सरकारी और निजी स्कूलों में 16 जून 2026 से पढ़ाई शुरू होगी। आदेश के मुताबिक, प्रदेश में 20 अप्रैल से 15 जून 2026 तक गर्मी छुट्टी घोषित किया गया था। छुट्टियां खत्म होने के बाद नया शैक्षणिक सत्र 2026-27 का नियमित संचालन 16 जून से शुरू किया जाएगा। इससे पहले गर्मी के कारण स्कूल खुलने में देरी की अटकलें लगाई जा रही थी। तिलक लगाकर होगा बच्चों का स्वागत स्कूल खुलने के साथ ही एडमिशन फेस्ट होगा। तिलक लगाकर बच्चों का स्वागत किया जाएगा। नए बच्चों के एडमिशन के लिए गांवों-शहरों में मुनादी की जाएगी। पात्र विद्यार्थियों को फ्री किताबें, यूनिफॉर्म और साइकिल बांटी जाएगी। साथ ही ड्रॉपआउट बच्चों को वापस लाने स्पेशल प्लान तैयार किया गया है। बोर्ड और स्थानीय परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्टूडेंट्स का सम्मान किया जाएगा। वहीं प्राइवेट स्कूलों को तय शेड्यूल के अनुसार फ्री किताबें दी जाएगी। किताबों का वितरण 12 डिपो (6 स्थायी और 6 अस्थायी) के जरिए किया जाएगा। …………….. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… छत्तीसगढ़ में कुत्तों की निगरानी में लगी प्राचार्यों की ड्यूटी:शिक्षक बोले- पढ़ाएं या कुत्ते पकड़ें, कांग्रेस बोली- बस यही दिन देखना रह गया था रायपुर के स्कूलों में अब बजेगी पानी वाली घंटी: हर 2 क्लास के बाद टीचर-स्टूडेंट साथ पिएंगे पानी; डि-हाइड्रेशन से बचने लिया फैसला

दैनिक भास्कर 13 Jun 2026 1:44 pm

अमृतसर में हैंड ग्रेनेड समेत 2 गिरफ्तार:विदेशी हैंडलरों के संपर्क में थे, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट; DGP बोले- आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस

अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने केंद्रीय एजेंसी के साथ संयुक्त अभियान के दौरान 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके संबंध सीमा पार बैठे हैंडलरों से जुड़े बताए जा रहे हैं। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो हैंड ग्रेनेड भी बरामद किए। डीजीपी ने कहा कि आतंकवाद और अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में पता चला है कि दोनों आरोपी विदेशी हैंडलरों के संपर्क में थे और उनके निर्देशों पर काम कर रहे थे। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि उनकी गतिविधियां पंजाब में शांति और कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने की साजिश का हिस्सा हो सकती हैं। अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान और उनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों को हैंड ग्रेनेड कहां से मिले, उन्हें किस उद्देश्य से रखा गया था और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन शामिल है। सुरक्षा एजेंसियां बड़ी सफलता मान रही दो हैंड ग्रेनेड की बरामदगी को सुरक्षा एजेंसियां बड़ी सफलता मान रही हैं। पुलिस का कहना है कि समय रहते की गई इस कार्रवाई से किसी संभावित बड़ी वारदात को टाला जा सका है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे नेटवर्क और साजिश से जुड़े तथ्यों का खुलासा किया जाएगा। पहचान-गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई जारी इस संबंध में थाना घरिंडा में संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और उनके आगे-पीछे के संपर्कों की जांच की जा रही है। साथ ही, इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए भी कार्रवाई जारी है। सुरक्षा एजेंसियां मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके। पुलिस-सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि राज्य में आतंकवाद, संगठित अपराध और शांति भंग करने की किसी भी साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं तथा ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। मामले की जांच जारी है और जांच आगे बढ़ने के साथ इस नेटवर्क से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण तथ्य भी सामने आ सकते हैं।

दैनिक भास्कर 9 Jun 2026 1:09 pm