लंबे समय तक विवादों में चल रही पंजाबी एक्टर और सिंगर दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'पंजाब 95' अब ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 पर 'सतलुज' नाम से रिलीज हो गई है। यह फिल्म ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट जसवंत सिंह खालड़ा की जिंदगी पर आधारित है। फिल्म को हनी त्रेहन ने डायरेक्ट किया है। इसे आरएसवीपी और मैकगफिन पिक्चर्स ने प्रोड्यूस किया है। दिलजीत दोसांझ के अलावा, फिल्म में अर्जुन रामपाल, कंवलजीत सिंह, सुविंदर विक्की और गीतिका विद्या ओहलियान भी अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म डायरेक्टर त्रेहन ने कहा ओटीटी पर रिलीज फिल्म में कोई कट नहीं है। फिल्म के टाइटल को बदला गया है है। फिल्म वहीं है जो आपके लिए हमने बनाई है। अब 4 प्वाइंटों में जानिए सारी कहानी - 1. अधिकतर शूटिंग पंजाब में हुई साल 2022 में निर्देशक हनी त्रेहान ने मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर फिल्म बनाने की घोषणा की। फिल्म का शुरुआती नाम 'घल्लूघारा' रखा गया था, जिसका अर्थ 'नरसंहार' होता है। फिल्म की शूटिंग पंजाब के विभिन्न हिस्सों, खासकर अमृतसर में पूरी हुई। अभिनेता दिलजीत ने जसवंत सिंह खालड़ा की भूमिका निभाने के लिए अपने लुक और शारीरिक बनावट में बदलाव किया। 2. मंजूरी मिलने से पहले नाम बदलने का सुझाब साल 2023 में फिल्म को सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) के पास मंजूरी के लिए भेजा गया, तो बोर्ड ने फिल्म के शीर्षक पर आपत्ति जताई और कई बदलाव तथा कट्स सुझाए। इसके बाद फिल्म का नाम बदलकर 'पंजाब 95' रखा गया। 3.फिल्म फेस्टिवल में काफी सराहना हुई साल 2023 में फिल्म का वर्ल्ड प्रीमियर टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में हुआ, जहां इसकी कहानी और दिलजीत दोसांझ के अभिनय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली। 4. 127 कट लगाने को कहा मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, CBFC ने फिल्म में 127 कट्स और कई बदलाव सुझाए। इनमें कुछ ऐतिहासिक संदर्भों, स्थानों और पात्रों के नामों में बदलाव की मांग भी शामिल थी। हालांकि, CBFC ने सार्वजनिक रूप से इन सभी प्रस्तावित बदलावों का विस्तृत आधिकारिक विवरण जारी नहीं किया। भारत में सेंसर की मंजूरी नहीं मिलने के कारण फिल्म भारतीय सिनेमाघरों में रिलीज नहीं हो सकी। इसके बाद 7 फरवरी 2025 को इसे चुनिंदा देशों में रिलीज किया गया। आतंकवाद के दौर में सिखों पर हुए अत्याचार को उजागर किया जसवंत सिंह खालड़ा एक साहसी और समर्पित मानवाधिकार कार्यकर्ता थे, जिन्होंने 1980 और 1990 के दशक के दौरान पंजाब में सिखों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों और मानवाधिकारों के उल्लंघन के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने खुलासा किया कि उस दौर में हजारों सिख युवाओं को अवैध हिरासत में लिया गया, फर्जी मुठभेड़ों में मार दिया गया और उनके शवों का गुप्त अंतिम संस्कार कर दिया गया। श्मशान घाटों का दौरा कर जुटाई जानकारियां खालड़ा ने पंजाब पुलिस और प्रशासन द्वारा की जा रही इन गुमशुदगियों और हत्याओं को उजागर किया था। उन्होंने उस समय अमृतसर के श्मशान घाटों का दौरा कर यह जानकारी जुटाई कि वहां 6,000 से अधिक शवों का गुप्त रूप से अंतिम संस्कार किया गया था। यह जानकारी उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी साझा की, जिससे भारत के मानवाधिकार रिकॉर्ड पर सवाल खड़े हुए। 1995 में हुई थी हत्या खालड़ा को सिखों के हकों के लिए लड़ने का खामियाजा अपनी जान देकर चुकाना पड़ा था। परिवार का आरोप है कि 6 सितंबर, 1995 को पुलिस ने खालड़ा का उनके घर से अपहरण कर लिया। इसके बाद उन्हें पुलिस हिरासत में प्रताड़ित किया गया और उनकी हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में एफआईआर भी दर्ज नहीं की, जिसके बाद जसवंत की पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। इसके बाद कोर्ट ने सीबीआई को जांच का आदेश दिया था।
विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि सिंधु जल संधि पर भारत का रुख एक जैसा है और पाकिस्तान के सीमा पार आतंकवाद को लगातार सपोर्ट देने के जवाब में यह संधि रोक दी गई है। 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने 2025 में इस संधि को रोक दिया था। MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस्लामाबाद में हाल ही में हुए संधि पर एक सेमिनार के बारे में एक सवाल के जवाब में अपनी साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, IWT पर, मैं वही दोहराऊंगा जो हमने पहले भी कहा है। सिंधु जल संधि पर भारत का रुख एक जैसा है। वर्ल्ड बैंक की मध्यस्थता वाली यह ट्रीटी 1960 से भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियों के पानी के बंटवारे और इस्तेमाल को कंट्रोल करती है। इस्लामाबाद में हुए एक सेमिनार में पाकिस्तानी डिप्टी पीएम इशाक डार ने कहा था कि पाकिस्तान भारत के IWT को रद्द करने के फैसले को खारिज करता है। कोई भी पार्टी ऐसी ट्रीटी के तहत अपनी जिम्मेदारियों को एकतरफा तौर पर सस्पेंड या खत्म नहीं कर सकती जिसमें ऐसा कोई प्रोविजन न हो। आज की बाकी बड़ी खबरें… महाराष्ट्र में स्कूलों के 500 मीटर क्षेत्र में एनर्जी ड्रिंक बैन महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के सभी स्कूलों के 500 मीटर के दायरे में एनर्जी ड्रिंक और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। सरकार ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) को इस प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्कूलों में एनर्जी ड्रिंक के नुकसान को लेकर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए हैं। सावरकर के प्रपौत्र ने कोर्ट में कहा- राजनीतिक प्रयासों से हुई थी सावरकर की रिहाई स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर की रिहाई दया याचिकाओं के कारण नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रयासों के चलते हुई थी। उनके प्रपौत्र सत्यकी सावरकर ने पुणे की विशेष अदालत में यह बयान दिया है।यह मामला कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ दायर मानहानि याचिका से जुड़ा है। अगली सुनवाई 7 जुलाई को निर्धारित की गई है। सत्यकी ने यह भी कहा कि वे यह निश्चित रूप से नहीं कह सकते कि सावरकर ने ब्रिटिश सरकार को किसी शर्त के तहत राजनीतिक गतिविधियों से दूर रहने का आश्वासन दिया था या नहीं। या सावरकर ने दया याचिकाओं में ‘आपका आज्ञाकारी सेवक’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था या नहीं। हालांकि अदालत में मौजूद दस्तावेजों में 1920 की एक याचिका में ऐसे शब्द दर्ज होने का उल्लेख सामने आया है। महाराष्ट्र के ठाणे में कॉलेज में एडमिशन न मिलने पर 18 साल की लड़की ने आत्महत्या की ठाणे के कल्याण में 18 साल की एक लड़की ने कॉलेज में एडमिशन न मिलने पर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान अक्षदा वाल्वी के तौर पर हुई। पुलिस के मुताबिक उसने कॉमर्स स्ट्रीम से 12वीं की परीक्षा पास की थी और बैचलर ऑफ कम्प्यूटर एप्लीकेशन (BCA) कोर्स करना चाहती थी। परीक्षा के बाद वह अपनी बहन के साथ नंदुरबार में मामा के घर चली गई थी। 14 जून को जब अक्षदा लौटी, तो उसे पता चला कि मुंबई यूनिवर्सिटी का BCA के लिए ऑनलाइन एडमिशन पोर्टल बंद हो चुका था। परेशान और तनाव में आकर, उसने 18 जून को अपने घर पर चूहे मारने की दवा खा ली। हालत बिगड़ने पर उसने अपनी मां को बताया कि उसने चूहामार दवा खाई है। घर वाले उसे हॉस्पिटल लेकर गए। अक्षदा के माता-पिता प्राइवेट अस्पताल में इलाज का खर्च नहीं उठा सकते थे, इसलिए उसे मुंबई के सरकारी जेजे अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया, जहां 28 जून को उसकी मौत हो गई। 30 जून को कल्याण के खड़कपाड़ा पुलिस स्टेशन में एक्सीडेंटल डेथ (दुर्घटना से मौत) का मामला दर्ज किया गया। लड़की की मौत की खबर शुक्रवार को सामने आई। चुनाव आयोग ने ओडिशा में SIR की देखरेख के लिए 10 IAS अधिकारियों को इलेक्टोरल रोल ऑब्जर्वर नियुक्त किया इलेक्शन कमीशन ने ओडिशा में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की देखरेख के लिए 10 सीनियर IAS अधिकारियों को इलेक्टोरल रोल ऑब्जर्वर (ERO) नियुक्त किया है। ओडिशा के लिए वोटर लिस्ट का ड्राफ़्ट 5 जुलाई को पब्लिश होने वाला है। शुक्रवार को जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि इन अधिकारियों को SIR के काम के दौरान उन्हें दिए गए जिलों का कम से कम तीन बार दौरा करने के लिए कहा गया है।

