आईएसआई की नई रणनीति: फिलिस्तीन मुद्दे को कश्मीर से जोड़कर आतंकवाद को बढ़ावा देने की कोशिश
New Delhi, 31 अक्टूबर . सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, फिलिस्तीनी संगठन हमास और Pakistan में सक्रिय कई आतंकी संगठनों के बीच करीबी संबंध लंबे समय से बने हुए…
भारत ने मानवाधिकार परिषद में आतंकवाद को बताया बड़ा खतरा, ‘निरंतर निगरानी’ की मांग
न्यूयॉर्क, 31 अक्टूबर . India ने मानवाधिकार परिषद में आतंकवाद को मानव समाज के लिए बड़े खतरों में से एक बताया है. साथ ही अपील की है कि…
भारत ने मानवाधिकार परिषद में आतंकवाद को बताया बड़ा खतरा, 'निरंतर निगरानी' की मांग
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सुर्खियां: इसरो को एक और सफलता; UP चुनाव प्रभावित करने की साजिश कर रहा पाकिस्तान; आतंकवाद पर जयशंकर की दो-टूक
Foreign Secretary Vikram Misri ने कहा, कुछ देश आतंकवाद को नीति के साधन के तौर पर साध रहे
विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने शुक्रवार को कहा कि आतंकवाद अब भी समाजों के लिए खतरा बना हुआ है और ‘‘कुछ देश’’ आज भी इसे ‘‘राष्ट्र नीति के साधन’’ रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। वरिष्ठ अधिकारी रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा विचार मंच ‘सेंटर फॉर जॉइंट वॉरफेयर स्टडीज’ (सीईएनजेओडब्ल्यूएस) के सहयोग से यहां मानेकशॉ सेंटर में आयोजित ‘वीआईएसवी (दृष्टिकोण, नवाचार, तालमेल, मूल्य) 2026’ नामक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मिसरी ने कहा, ‘‘यूरोप और पश्चिम एशिया में संघर्ष जारी हैं। आपूर्ति शृंखला को हथियार बना लिया गया है, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियां प्रभाव और दबाव बनाने का जरिया बन गई हैं, और अंतरिक्ष तथा गहरे समुद्र में सैन्य प्रतिस्पर्धा का विस्तार न केवल मौजूदा अंतरराष्ट्रीय कानून व नीतिगत ढांचे, बल्कि कूटनीति से भी तेजी से आगे निकल रहा है।’’किसी देश का नाम लिए बिना उन्होंने रेखांकित किया कि आतंकवाद अब भी समाजों के लिए खतरा बना हुआ है और ‘‘कुछ देश अब भी इसे राष्ट्र नीति के साधन के रूप में इस्तेमाल करते हैं।’’विदेश सचिव ने आगाह किया कि समुद्र से लेकर ‘साइबर स्पेस’ और बाहरी अंतरिक्ष तक वैश्विक साझा संसाधन बढ़ते दबाव में हैं और जलवायु अस्थिरता के कारण संसाधनों की कमी संकट के बिंदु तक पहुंच रही है। उन्होंने सचेत करते हुए कहा कि इन आधुनिक जोखिमों को ‘‘साइबर स्पेस की गुमनामी और कृत्रिम मेधा (एआई) की विघटनकारी क्षमता द्वारा संचालित परिष्कृत दुष्प्रचार अभियानों’’ के उभरने से और अधिक बढ़ावा मिल रहा है। विदेश सचिव ने कहा, ‘‘ऐसी दुनिया में कोई भी देश केवल भूगोल या गठबंधनों पर निर्भर नहीं रह सकता। हमें मजबूती और साझेदारियां कायम करनी होंगी... भारत का दृष्टिकोण यही है।’’बाद में, रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि मिसरी ने बदलते भू-राजनीतिक और प्रौद्योगिकी माहौल में रक्षा कूटनीति के बदलते स्वरूप को रेखांकित किया तथा उभरते प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में रणनीतिक स्वायत्तता, विश्वास और सहयोग पर जोर दिया।
जी20: जयशंकर की दोटूक- सैन्य ताकत से नहीं सुलझेंगे दुनिया के संकट, कूटनीति जरूरी; आतंकवाद पर चेताया, क्या कहा?
Jammu News: आतंकवाद रोधी ग्रिड को मजबूत करने और पारदर्शी जांच के दिए निर्देश
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