डिजिटल समाचार स्रोत

...

J&K के Kishtwar में PDP Leader Abdul Kabir गिरफ्तार, Burhan Wani को शहीद बता कर खड़ा किया था विवाद

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हिजबुल मुजाहिद्दीन कमांडर बुरहान वानी को ‘शहीद’ बताने वाले पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के नेता अब्दुल कबीर को गिरफ्तार कर लिया गया। किश्तवाड़ के उपायुक्त पंकज शर्मा ने कहा, ‘‘उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और इस संबंध में कानूनी कार्रवाई जारी है।’’ इससे पहले अब्दुल कबीर ने बुरहान वानी को ‘‘शहीद’’ कहकर नया विवाद खड़ा कर दिया था। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा के कुछ नेताओं पर मारे गए आतंकवादी के घर जाने और उसके परिवार को आर्थिक मदद देने का आरोप लगाते हुए सवाल उठाए थे। हम आपको याद दिला दें कि कश्मीर घाटी में कभी आतंकवाद का चेहरा रहा बुरहान वानी आठ जुलाई 2016 को दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के कोकरनाग इलाके में सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में मारा गया था। कबीर ने पार्टी कार्यक्रम से इतर पत्रकारों से कहा, ‘‘बुरहान वानी के साथ जो हुआ मैंने उस पर कोई खास बात नहीं की थी। मेरे कहने का मतलब यह था कि जब बुरहान वानी शहीद हुआ या मारा गया, तब उस समय हमारे भाजपा नेता उसके घर गए थे और उसके परिवार को मुआवजा दिया था। इसकी क्या वजह थी? यह आप खुद समझ सकते हैं।’’ जब उनसे पूछा गया कि क्या एक आतंकवादी को ‘‘शहीद’’ कहना सही है, तो कबीर ने कहा कि किसी व्यक्ति के लिए इस्तेमाल की जाने वाली शब्दावली अलग विषय है। इसे भी पढ़ें: Kashmir में Terrorism पर सबसे बड़ा प्रहार! Kulgam से Kupwara तक Security Forces ने कसा जबरदस्त शिकंजा उन्होंने कहा, ‘‘यह हमारी अपनी बात है। हम किसी को शहीद कहें, मारा गया कहें या कोई और शब्द इस्तेमाल करें—यह एक अलग बात है। हमें आजादी है। हम एक लोकतांत्रिक देश में रहते हैं।’’ यह पूछे जाने पर कि क्या बुरहान वानी को शहीद कहना उनकी निजी राय है, कबीर ने सहमति जताते हुए कहा, ‘‘हां, यह मेरी निजी राय है।’’ कबीर ने यह भी दावा किया कि जब पीडीपी भाजपा के साथ गठबंधन सरकार में थी, तब उसने भाजपा को पूरी तरह से अपने चंगुल में रखा हुआ था। उन्होंने कहा, ‘‘2014 में जब जम्मू-कश्मीर में भाजपा हमारे साथ गठबंधन सरकार में थी, तब महबूबा मुफ्ती ने उन्हें सरकार में सिर उठाने का मौका तक नहीं दिया। आप जानते हैं कि बुरहान वानी के मामले में क्या हुआ। आप यह भी जानते हैं कि नेशनल कॉन्फ्रेंस द्वारा बेची गई बिजली परियोजना पर उस समय कोई सवाल नहीं उठा सका।’’ उन्होंने कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भाजपा को अनुच्छेद 370 को हटाने की बात तो दूर, उस पर चर्चा तक करने की इजाजत नहीं दी थी। पीडीपी नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा ने उनकी पार्टी की पीठ में छुरा घोंपा और सरकार गिरा दी। इस बीच, पीडीपी ने इस पूरे विवाद से खुद को अलग करने की कोशिश की है। पार्टी प्रवक्ता वीरेंद्र सिंह सोनू ने कहा कि कबीर पार्टी के एक नेता हैं, न कि कोई पदाधिकारी। उन्होंने कहा, ‘‘यह उनकी निजी राय है, पार्टी का आधिकारिक रुख नहीं।’’ वहीं, पीडीपी के किश्तवाड़ जिलाध्यक्ष शेख नासिर ने कहा कि कबीर ने पार्टी कार्यक्रम के दौरान कोई विवादित बात नहीं कही थी, बल्कि बाद में पत्रकारों से अलग से बातचीत में यह टिप्पणी की थी। दूसरी ओर, भाजपा नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने पीडीपी की मानसिकता पर सवाल उठाते हुए कबीर की गिरफ्तारी को सही ठहराया है।

प्रभासाक्षी 9 Oct 2026 7:10 pm

BJP सिर्फ़ आर्थिक आतंकवाद फैलाती है, Congress अध्यक्ष Mallikarjun Kharge का वार

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शुक्रवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि वह अलग-अलग आर्थिक क्षेत्रों में मोनोपॉली (एकाधिकार) और डुओपॉली (दो कंपनियों का दबदबा) को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों से कुछ खास पूंजीपति समूहों और खुद भारतीय जनता पार्टी (BJP) को फायदा होता है। X पर एक पोस्ट में खड़गे ने कहा कि मोदी जी की आर्थिक नीति का मकसद अर्थव्यवस्था का कंट्रोल अपने पसंदीदा पूंजीपति दोस्तों को सौंपना है, ताकि बदले में BJP को मुनाफे में अपना हिस्सा मिलता रहे। कॉम्पिटिशन खत्म करके और मोनोपॉली व डुओपॉली थोपकर, उन्होंने सिर्फ़ BJP की तिजोरी भरने का काम किया है और आर्थिक उदारीकरण की नींव को बर्बाद कर दिया है। इसे भी पढ़ें: Satcom लाइसेंस विवाद पर बोले Jyotiraditya Scindia, भारत में किसी की Monopoly नहीं चलेगी उन्होंने टेलीकॉम सेक्टर का उदाहरण देते हुए कहा कि 2014 से पहले इसमें 13 कंपनियाँ थीं, जबकि आज सिर्फ़ तीन बड़ी प्राइवेट कंपनियाँ बची हैं। खड़गे ने घरेलू एविएशन सेक्टर का भी ज़िक्र किया और कहा कि 2014 से पहले इसमें सात बड़ी कंपनियाँ थीं, जो अब घटकर सिर्फ़ दो रह गई हैं। खड़गे ने आगे कहा कि चाहे डिजिटल पेमेंट हो, सीमेंट हो या फ़ूड डिलीवरी ऐप्स, हर जगह सरकार की प्राथमिकता कॉम्पिटिशन को खत्म करना रही है। आर्थिक उदारीकरण का श्रेय लेते हुए, कांग्रेस नेता ने बीजेपी पर अपने फ़ायदे के लिए आर्थिक आतंकवाद फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी की नीतियों ने माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज़ (MSMEs) और दूसरे छोटे-मंझोले उद्योगों को नुकसान पहुँचाया है, साथ ही देश के युवाओं में भारी बेरोज़गारी बढ़ाई है। खड़गे ने कहा कि बीजेपी सिर्फ़ अपने फ़ायदे के लिए आर्थिक आतंकवाद को बढ़ावा देती है, जिसके कारण MSMEs और दूसरे छोटे-मंझोले उद्योग पूरी तरह से बंद हो गए हैं और हमारे युवा भारी बेरोज़गारी का दंश झेल रहे हैं। इससे पहले शुक्रवार को कांग्रेस सांसद जेबी माथर ने दावा किया कि अमेरिकी सरकार द्वारा 'परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम' को सस्पेंड करने और इसका बड़ी भारतीय IT कंपनियों पर पड़ने वाला असर, भारत के नीतिगत फैसलों पर अमेरिकी प्रभाव को दिखाता है। उन्होंने इस मुद्दे को यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) पेमेंट चार्ज में बदलाव और कुछ सेक्टर को दी गई छूट से जोड़ा। उन्होंने कहा कि यह वही स्थिति है जब अमेरिका ने हमारे UPI पेमेंट सिस्टम को प्रभावित करने की कोशिश की थी, क्योंकि पेमेंट के क्षेत्र में दुनिया की दिग्गज कंपनियाँ - चाहे मास्टरकार्ड हो या वीज़ा - अमेरिका की ही थीं। लेकिन जब भारत में UPI और RuPay मज़बूत हो रहे थे, तो राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी शर्तें थोपनी शुरू कर दीं और कहा कि इस पर चार्ज नहीं लगना चाहिए। इसे भी पढ़ें: Starlink विवाद: Scindia का Rahul Gandhi पर तंज- Congress को नहीं पता किधर जाना है, Left या Right खड़गे ने कहा कि इसी तरह UPI पर चार्ज लगाने की शुरुआत हुई: पर्सनल इस्तेमाल को छोड़कर बाकी चीज़ों या इंडस्ट्रीज़ के लिए चार्ज तय किए गए; यहाँ तक कि आधिकारिक तौर पर बिज़नेस ट्रांज़ैक्शन पर भी चार्ज लगाया गया और उसकी रकम भी तय कर दी गई। अब, यह छूट किसे दी गई? टेलीकॉम सेक्टर को, और टेलीकॉम सेक्टर में कौन है? रिलायंस। बिजली के क्षेत्र में किसे छूट दी गई? बिजली का काम कौन संभाल रहा है? अडानी। तो, चाहे UPI का मामला हो, हम देख रहे हैं कि वहाँ से शर्तें थोपी जाती हैं, लेकिन यहाँ रिलायंस को छूट या रियायतें दी जाती हैं।

प्रभासाक्षी 9 Oct 2026 3:10 pm

Kashmir में Terrorism पर सबसे बड़ा प्रहार! Kulgam से Kupwara तक Security Forces ने कसा जबरदस्त शिकंजा

जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद और उससे जुड़े नेटवर्क के खिलाफ सुरक्षा बलों का अभियान लगातार तेज होता दिखाई दे रहा है। पिछले कुछ दिनों में कुलगाम और कुपवाड़ा में आतंकवादियों के सहयोगियों की गिरफ्तारी, हथियारों से भरे ठिकाने का पता लगाना और अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास सीमा पार मादक पदार्थ तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ जैसी कार्रवाइयों से साफ है कि सुरक्षा एजेंसियां आतंक के पूरे नेटवर्क को निशाना बनाकर काम कर रही हैं। इन अभियानों में पुलिस, सेना और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के बीच तालमेल भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। हम आपको बता दें कि कुलगाम में सुरक्षा बलों ने सटीक सूचना के आधार पर खेवन चद्दर इलाके में कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से दो पिस्तौल, तीन मैगजीन, नौ एमएम के 40 कारतूस और तीन ग्रेनेड बरामद किए गए। मामले में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। यह कार्रवाई इस लिहाज से अहम है कि सुरक्षा एजेंसियां केवल सक्रिय आतंकवादियों तक सीमित न रहकर उनके सहयोगी तंत्र और हथियारों की आपूर्ति से जुड़े लोगों तक भी पहुंच बना रही हैं। उधर, कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा में पुलिस, सेना और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने नागदा नार के वन क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया। यहां एक पुराने आतंकवादी ठिकाने का पता लगाकर उसे नष्ट किया गया। सुरक्षा बलों ने मौके से एक एके-47 राइफल, तीन हथगोले और बड़ी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया। वन क्षेत्रों में छिपाकर रखे गए ऐसे ठिकानों का पता लगाना सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती होती है, इसलिए इस बरामदगी को आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा सकता है। इसके अलावा, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई का एक दूसरा महत्वपूर्ण मोर्चा सीमा पार से होने वाली मादक पदार्थों की तस्करी है। जम्मू के अरनिया सेक्टर के अग्रिम गांव में कार्रवाई करते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने दो लोगों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों के पास से इटली निर्मित एक पिस्तौल, दो मैगजीन, चार कारतूस, 500 ग्राम हेरोइन और 500 ग्राम अफीम बरामद की गई। जांच में पाकिस्तान स्थित आकाओं से संपर्क और ड्रोन के जरिए मादक पदार्थों की खेप हासिल करने के आरोप सामने आए हैं। एनडीपीएस और शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच जारी है। इसी बीच, नवरात्र के मद्देनजर माता वैष्णो देवी यात्रा की सुरक्षा भी व्यापक स्तर पर मजबूत की गई है। कटरा में 500 से अधिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित कैमरों से लैस एकीकृत संचालन एवं नियंत्रण केंद्र स्थापित किया गया है। चेहरा पहचान प्रणाली, यातायात और भीड़ प्रबंधन जैसी व्यवस्थाओं के जरिए श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर नजर रखी जा रही है। 11 अक्टूबर से शुरू होने वाले नवरात्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए यह व्यवस्था विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। कुल मिलाकर, जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों की हालिया कार्रवाइयां बताती हैं कि आतंकवाद के खिलाफ रणनीति अब केवल मुठभेड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि हथियारों की बरामदगी, आतंकियों के सहयोगियों की गिरफ्तारी, सीमा पार तस्करी पर प्रहार और आधुनिक निगरानी तंत्र के जरिए पूरे सुरक्षा तंत्र को मजबूत किया जा रहा है। पुलिस, सेना और अर्धसैनिक बलों के इस समन्वित अभियान की सराहना की जानी चाहिए, क्योंकि आतंकवाद के नेटवर्क को कमजोर करने के लिए ऐसी सतत, खुफिया-आधारित और समन्वित कार्रवाई महत्वपूर्ण है।

प्रभासाक्षी 8 Oct 2026 3:14 pm

भारत ने पाकिस्तान को फिर किया बेनकाब, कहा- आतंकवाद का 'राक्षस' अब खुद उसे ही डस रहा

भारत ने कहा कि अगर पाकिस्तान जितनी मेहनत झूठी कहानी गढ़ने और दुष्प्रचार फैलाने में करता है, उतनी मेहनत अगर आतंकवाद से निपटने के लिए करता तो दुनिया कहीं बेहतर जगह होती। उन्होंने पहलगाम हमले का भी जिक्र किया।

लाइव हिन्दुस्तान 8 Oct 2026 11:10 am

भारत ने UN में पाकिस्तान को लताड़ा, कहा – आतंकवाद का भस्मासुर अब खुद पर हमला कर रहा है

संयुक्त राष्ट्र में भारत ने पाकिस्तान के आतंकवाद पर दोहरे रवैये को साफ शब्दों में सामने रखा है। भारत के मिशन के फर्स्ट सेक्रेटरी राघू पुरी ने बुधवार को यूएन जनरल असेंबली की छठी कमिटी में कहा कि पाकिस्तान ने आतंकवाद का जो ‘फ्रेंकस्टीन मॉन्स्टर’ यानी भस्मासुर बनाया था, उस पर अब उसका कंट्रोल पूरी […]

पांचजन्य 8 Oct 2026 10:48 am

S Jaishankar ने Cote d'Ivoire में रक्षा और आतंकवाद रोधी साझेदारी पर की उच्चस्तरीय वार्ता

अबिदजान (कोट डी आइवर), आठ अक्टूबर विदेश मंत्री एस. जयशंकर की कोट डी आइवर की यात्रा के दौरान भारत और इस पश्चिमी अफ्रीकी देश ने प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण सहित रक्षा तथा आतंकवाद रोधी क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। जयशंकर बुधवार को घाना से कोट डी आइवर पहुंचे। यह तीन अफ्रीकी देशों की उनकी यात्रा का दूसरा चरण है। इसके बाद वह इथियोपिया जाएंगे। विदेश मंत्री ने अबिदजान में कोट डी आइवर के उप प्रधानमंत्री एवं रक्षा मंत्री तेने बिराहिमा ओत्तारा से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच बढ़ती रक्षा साझेदारी पर चर्चा की। बैठक के बाद जयशंकर ने सोशल मीडिया पर कहा, ‘‘हमने आपसी विश्वास, क्षमता निर्माण और साझा हितों पर आधारित अपनी बढ़ती रक्षा साझेदारी पर चर्चा की।’’उन्होंने कहा, ‘‘हमने प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और संस्थागत स्तर पर बढ़े हुए आदान-प्रदान के जरिए रक्षा और आतंकवाद रोधी क्षेत्रों में सहयोग को और बढ़ाने के अवसरों पर विचार साझा किए।’’ओत्तारा ने कहा कि जयशंकर के साथ उनकी बातचीत ‘‘कोट डी आइवर और भारत के बीच सहयोग को मजबूत करने पर केंद्रित रही।’’ओत्तारा ने सोशल मीडिया पर कहा, ‘‘यह बैठक शांति, सुरक्षा और विकास के लिए रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की हमारी साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है।’’इससे पहले जयशंकर ने कोट डी आइवर की विदेश मामलों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग राज्य मंत्री नियाले काबा के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के मुद्दे पर बातचीत की। इस दौरान व्यापार, बुनियादी ढांचे, कृषि और स्वास्थ्य सेवा पर विशेष ध्यान दिया गया। जयशंकर ने कहा कि उन्होंने काबा के साथ भारत-कोट डी आइवर साझेदारी को आगे बढ़ाने के तरीकों पर ‘‘व्यापक चर्चा’’ की, जिसमें ‘‘व्यापार, निवेश, बुनियादी ढांचा, कृषि, स्वास्थ्य सेवा और लोगों के बीच परस्पर संबंध’’ शामिल हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘हमने इस बात पर जोर दिया कि लोगों को केंद्र में रखकर किया जाने वाला हमारा सहयोग कोट डी आइवर की प्राथमिकताओं से संचालित होगा।’’उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने बहुपक्षीय मंचों पर अपने जुड़ाव को और गहरा करने पर भी चर्चा की। जयशंकर इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा में क्षेत्रीय मिशन प्रमुखों (एचओएम) के सम्मेलन की अध्यक्षता भी करेंगे। इसमें क्षेत्र में तैनात भारतीय दूतों के शामिल होने की उम्मीद है। इससे पहले घाना में जयशंकर ने दोनों देशों के बीच व्यापक साझेदारी को औषधि, स्वास्थ्य, खनन, रक्षा, रेलवे और डिजिटल क्षेत्रों समेत नए क्षेत्रों तक विस्तार देने के मुद्दे पर चर्चा की थी। विदेश मंत्रालय ने अफ्रीकी देशों की जयशंकर की यात्रा से पहले कहा था कि विदेश मंत्री की यात्रा अफ्रीका के साथ भारत की साझेदारी को और गहरा करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। मंत्रालय के मुताबिक, यह यात्रा ‘ग्लोबल साउथ’ के साथ नयी दिल्ली की एकजुटता को और मजबूत करेगी। ‘ग्लोबल साउथ’ शब्द का इस्तेमाल आम तौर पर आर्थिक रूप से कम विकसित देशों को संदर्भित करने के लिए किया जाता है।

प्रभासाक्षी 8 Oct 2026 10:43 am

भारत और इटली ने आतंकवाद और संगठित अपराध से निपटने में सहयोग बढ़ाने पर की बातचीत

New Delhi, 7 अक्टूबर . India और इटली ने Wednesday को आतंकवाद रोधी और संगठित अपराध समेत सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों पर व्यापक चर्चा पूरी की, जिसमें नशीले पदार्थों की तस्करी और उभरते क्षेत्रीय और वैश्विक आतंकवाद खतरे भी शामिल हैं. विदेश मंत्रालय ने बताया कि यह बातचीत 6-7 अक्टूबर को New Delhi में आयोजित ... Read more

डेली किरण 7 Oct 2026 11:53 pm

आतंकवाद और उसके वित्तपोषण पर भारत-इटली के बीच सहयोग मजबूत करने पर जोर

आतंकवाद और उसके वित्तपोषण पर भारत-इटली के बीच सहयोग मजबूत करने पर जोर

समाचार नामा 7 Oct 2026 9:27 pm

इटली के वरिष्ठ राजनयिक से मिले सिबी जॉर्ज, आतंकवाद रोधी उपायों पर की चर्चा

New Delhi, 7 अक्टूबर . India के विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने Wednesday को इटली के वरिष्ठ राजनयिक पाओलो मारी से मुलाकात की. दोनों के बीच आतंकवाद रोधी उपायों को लेकर गंभीर चर्चा हुई. मारी New Delhi में आयोजित ‘भारत-इटली आतंकवाद विरोधी संयुक्त कार्य समूह’ की छठी बैठक की सह-अध्यक्षता करने के ... Read more

डेली किरण 7 Oct 2026 3:08 pm

UN में OIC और पाकिस्तान पर भारत का कड़ा प्रहार, कश्मीर और सीमा-पार आतंकवाद पर बिप्लब कुमार देब ने लगाई फटकार |

संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के दावों पर भारत ने कड़ा जवाब दिया।

प्रातःकाल 7 Oct 2026 12:38 pm

UN में भारत ने टेररिज्म पर साधा निशाना, बिप्लब देब बोले- ‘अच्छा’ और ‘बुरा’ आतंकवाद नहीं होता

UN में भारत ने आतंकवाद पर कड़ा संदेश देते हुए कहा कि आतंकवाद का कोई ‘अच्छा’ या ‘बुरा’ रूप नहीं होता और आम नागरिकों को निशाना बनाने का कोई औचित्य नहीं है। बीजेपी सांसद बिप्लब कुमार देब ने पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए आतंकियों के साथ उनके आयोजकों, फंडिंग करने वालों को भी जवाबदेह ठहराने की मांग की।

खबर इंडिया टीवी 7 Oct 2026 10:04 am

राजस्थान : 'आतंकवाद राष्ट्र की आत्मा पर चोट', कन्हैया लाल हत्याकांड में HC ने पांच आरोपियों की जमानत खारिज की

राजस्थान हाई कोर्ट ने कन्हैया लाल हत्याकांड से जुड़े पांच आरोपियों वसीम अली, मुस्लिम खान, मोहसिन खान, मोहम्मद मोहसिन और आसिफ हुसैन की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं।

अमर उजाला 4 Oct 2026 10:26 am

आतंकवाद पर सख्त: भारत का रूख कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण, अब वैश्विक समुदाय के रवैये में भी बदलाव जरूरी

आतंकवाद पर सख्त: भारत का रूख कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण, अब वैश्विक समुदाय के रवैये में भी बदलाव जरूरी

अमर उजाला 2 Sep 2026 10:06 am