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भारत ने मानवाधिकार परिषद में आतंकवाद को बताया बड़ा खतरा, ‘निरंतर निगरानी’ की मांग

न्यूयॉर्क, 31 अक्टूबर . India ने मानवाधिकार परिषद में आतंकवाद को मानव समाज के लिए बड़े खतरों में से एक बताया है. साथ ही अपील की है कि…

डेली किरण 31 Oct 2026 8:23 am

भारत ने मानवाधिकार परिषद में आतंकवाद को बताया बड़ा खतरा, 'निरंतर निगरानी' की मांग

भारत ने मानवाधिकार परिषद में आतंकवाद को बताया बड़ा खतरा, 'निरंतर निगरानी' की मांग

समाचार नामा 31 Oct 2026 8:14 am

सुर्खियां: इसरो को एक और सफलता; UP चुनाव प्रभावित करने की साजिश कर रहा पाकिस्तान; आतंकवाद पर जयशंकर की दो-टूक

सुर्खियां: इसरो को एक और सफलता; UP चुनाव प्रभावित करने की साजिश कर रहा पाकिस्तान; आतंकवाद पर जयशंकर की दो-टूक

अमर उजाला 31 Oct 2026 5:57 am

Foreign Secretary Vikram Misri ने कहा, कुछ देश आतंकवाद को नीति के साधन के तौर पर साध रहे

विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने शुक्रवार को कहा कि आतंकवाद अब भी समाजों के लिए खतरा बना हुआ है और ‘‘कुछ देश’’ आज भी इसे ‘‘राष्ट्र नीति के साधन’’ रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। वरिष्ठ अधिकारी रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा विचार मंच ‘सेंटर फॉर जॉइंट वॉरफेयर स्टडीज’ (सीईएनजेओडब्ल्यूएस) के सहयोग से यहां मानेकशॉ सेंटर में आयोजित ‘वीआईएसवी (दृष्टिकोण, नवाचार, तालमेल, मूल्य) 2026’ नामक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मिसरी ने कहा, ‘‘यूरोप और पश्चिम एशिया में संघर्ष जारी हैं। आपूर्ति शृंखला को हथियार बना लिया गया है, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियां प्रभाव और दबाव बनाने का जरिया बन गई हैं, और अंतरिक्ष तथा गहरे समुद्र में सैन्य प्रतिस्पर्धा का विस्तार न केवल मौजूदा अंतरराष्ट्रीय कानून व नीतिगत ढांचे, बल्कि कूटनीति से भी तेजी से आगे निकल रहा है।’’किसी देश का नाम लिए बिना उन्होंने रेखांकित किया कि आतंकवाद अब भी समाजों के लिए खतरा बना हुआ है और ‘‘कुछ देश अब भी इसे राष्ट्र नीति के साधन के रूप में इस्तेमाल करते हैं।’’विदेश सचिव ने आगाह किया कि समुद्र से लेकर ‘साइबर स्पेस’ और बाहरी अंतरिक्ष तक वैश्विक साझा संसाधन बढ़ते दबाव में हैं और जलवायु अस्थिरता के कारण संसाधनों की कमी संकट के बिंदु तक पहुंच रही है। उन्होंने सचेत करते हुए कहा कि इन आधुनिक जोखिमों को ‘‘साइबर स्पेस की गुमनामी और कृत्रिम मेधा (एआई) की विघटनकारी क्षमता द्वारा संचालित परिष्कृत दुष्प्रचार अभियानों’’ के उभरने से और अधिक बढ़ावा मिल रहा है। विदेश सचिव ने कहा, ‘‘ऐसी दुनिया में कोई भी देश केवल भूगोल या गठबंधनों पर निर्भर नहीं रह सकता। हमें मजबूती और साझेदारियां कायम करनी होंगी... भारत का दृष्टिकोण यही है।’’बाद में, रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि मिसरी ने बदलते भू-राजनीतिक और प्रौद्योगिकी माहौल में रक्षा कूटनीति के बदलते स्वरूप को रेखांकित किया तथा उभरते प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में रणनीतिक स्वायत्तता, विश्वास और सहयोग पर जोर दिया।

प्रभासाक्षी 31 Oct 2026 5:03 am

जी20: जयशंकर की दो टूक- सैन्य ताकत से नहीं सुलझेंगे वैश्विक संकट, कूटनीति जरूरी; आतंकवाद पर चेताया, क्या कहा?

जी20: जयशंकर की दोटूक- सैन्य ताकत से नहीं सुलझेंगे दुनिया के संकट, कूटनीति जरूरी; आतंकवाद पर चेताया, क्या कहा?

अमर उजाला 31 Oct 2026 1:31 am

'आतंकवाद को बढ़ावा देना पड़ेगा भारी', G-20 में जयशंकर की दो टूक

भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने G20 देशों की विदेश मंत्रियों की बैठक में समुद्री रास्तों की सुरक्षा, आतंकवाद के खतरे और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधानों पर चर्चा की. उन्होंने कूटनीति के माध्यम से समस्याओं के समाधान पर जोर दिया.

आज तक 31 Oct 2026 1:03 am

फिलीपींस में गूंजा ऑपरेशन सिंदूर: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की दो टूक- आतंकवाद को जड़ से मिटाना हमारा संकल्प

फिलीपींस में गूंजा ऑपरेशन सिंदूर: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की दो टूक- आतंकवाद को जड़ से मिटाना हमारा संकल्प- Operation Sindoor resonates Philippines Defence Minister Rajnath Singh said eradicating terrorism from roots

अमर उजाला 29 Oct 2026 10:51 am

UNSC में भारत की दावेदारी को मिली बड़ी कूटनीतिक ताकत: यूरोपीय देश लिकटेंस्टीन ने किया समर्थन, आतंकवाद के खिलाफ हुंकार

भारतीय कूटनीति और वैश्विक कूटनीतिक गलियारों (Global Diplomacy) से इस वक्त देश के लिए एक बहुत ही गर्व और उत्साह से भर देने वाली खबर सामने आ रही है। भारत के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय प्रभाव और वैश्विक मंचों पर उसकी मजबूत होती दावेदारी को एक और बड़ी सफलता हासिल हुई है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत की स्थायी और गैर-स्थायी सदस्यता की आवाज को पूरी दुनिया में लगातार समर्थन मिल रहा है। इसी कड़ी में, यूरोप के एक प्रमुख और बेहद प्रभावशाली देश लिकटेंस्टीन (Liechtenstein) ने आधिकारिक रूप से वर्ष 2028-2029 के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की गैर-स्थायी सीट पर भारत की दावेदारी का खुला समर्थन कर दिया है। लिकटेंस्टीन के प्रिंस एलियोस की भारत की राजकीय यात्रा के दौरान यह बड़ा कूटनीतिक ऐलान किया गया है। इसके साथ ही दोनों देशों ने सीमापार आतंकवाद और अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक एकजुटता पर जोर दिया है। आइए विस्तार से जानते हैं कि भारत और लिकटेंस्टीन के बीच हुई इस उच्च-स्तरीय बैठक के क्या मायने हैं और वैश्विक कूटनीति के लिहाज से यह क्यों इतना महत्वपूर्ण है।लिकटेंस्टीन के प्रिंस एलियोस की भारत यात्रा और UNSC की उम्मीदवारी पर समर्थनभारत की राजधानी नई दिल्ली स्थित ऐतिहासिक हैदराबाद हाउस (Hyderabad House) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिकटेंस्टीन के प्रिंस एलियोस (Prince Alois) और प्रिंसेस सोफी की आधिकारिक मेजबानी की। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ बनाने तथा आपसी हितों से जुड़े विभिन्न क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बेहद सकारात्मक और विस्तृत चर्चा हुई।चर्चा के दौरान सबसे बड़ा कूटनीतिक मोड़ तब आया जब लिकटेंस्टीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की गैर-स्थायी सदस्यता (2028-2029 कार्यकाल) के लिए भारत की उम्मीदवारी को अपना पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अहम समर्थन के लिए लिकटेंस्टीन के प्रिंस का हार्दिक धन्यवाद किया। कूटनीतिक जानकारों का मानना है कि यूरोपीय देशों द्वारा भारत की इस दावेदारी का लगातार समर्थन किया जाना इस बात का प्रमाण है कि वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति कितनी मजबूत और भरोसेमंद हो चुकी है। संयुक्त राष्ट्र जैसे सर्वोच्च वैश्विक निकाय में सुधार और प्रतिनिधित्व के मामले में भारत का दावा अब दुनिया भर के देशों द्वारा स्वीकार किया जा रहा है।सीमापार आतंकवाद और पहलगाम हमले की कड़ी निंदा, न्याय के कठघरे में लाने पर जोरइस उच्च-स्तरीय द्विपक्षीय बैठक के बाद जारी किए गए संयुक्त वक्तव्य (Joint Statement) में दोनों देशों ने आतंकवाद के नासूर के खिलाफ बिना किसी दोटूक के अपनी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भारत और लिकटेंस्टीन ने स्पष्ट रूप से कहा कि आतंकवाद और उग्रवाद का कोई भी रूप मानवता के लिए स्वीकार्य नहीं है और सीमापार आतंकवाद (Cross-Border Terrorism) वैश्विक शांति के लिए सबसे बड़ा खतरा है।खास तौर पर, दोनों पक्षों ने अप्रैल 2025 में भारत के पहलगाम (Pahalgam Terror Attack) में हुए कायराना आतंकी हमले की एक स्वर में तीव्र भर्त्सना की। इस दौरान इस बात पर भी गहरी एकजुटता दिखाई गई कि आतंकवादियों और इस घटना के असली साजिशकर्ताओं तथा इसके वित्तपोषकों को जल्द से जल्द न्याय के कठघरे में खड़ा किया जाना बेहद जरूरी है। दोनों देशों ने आतंकवाद की फंडिंग (Terror Financing) को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुफिया जानकारी साझा करने और सख्त सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर भी विशेष बल दिया।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएंअपनी इस राजकीय यात्रा के दौरान लिकटेंस्टीन के प्रिंस एलियोस और प्रिंसेस सोफी ने देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (Droupadi Murmu) से भी शिष्टाचार भेंट की। राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति मुर्मू ने मेहमान शाही मेहमानों के सम्मान में एक विशेष राजकीय भोज (Banquet) का आयोजन किया।राष्ट्रपति मुर्मू ने इस अवसर पर कहा कि भारत और लिकटेंस्टीन के बीच पारंपरिक रूप से भले ही भौगोलिक दूरियां हों, लेकिन आपसी मूल्यों और सहयोग के मोर्चे पर दोनों देशों के संबंध बेहद प्रगाढ़ हैं। राष्ट्रपति ने इस बात पर विशेष प्रकाश डाला कि दोनों देश आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अनुसंधान, कौशल विकास (Skill Development) और स्वच्छ हरित तकनीक (Clean Technology) के क्षेत्रों में आपसी सहयोग की अपार संभावनाओं को मिलकर तलाश सकते हैं।विदेश मंत्रालय द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, दोनों देशों के बीच व्यापार एवं निवेश, अत्याधुनिक नवाचार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, तथा दोनों देशों के नागरिकों के बीच आपसी संबंधों (People-to-People Ties) को मजबूत करने को लेकर भी कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी है। इसके साथ ही, प्रिंस एलियोस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिकटेंस्टीन आने का औपचारिक निमंत्रण भी दिया है।आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के नियमन और वैश्विक सुशासन पर बनी सहमतिआज के इस आधुनिक और तकनीकी युग में डिजिटल सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। भारत और लिकटेंस्टीन ने अपनी इस बैठक के दौरान इस बात पर पूर्ण सहमति व्यक्त की कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का विकास और उसका संचालन पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवीय मूल्यों पर आधारित होना चाहिए, ताकि तकनीक का दुरुपयोग रोका जा सके और वैश्विक मानवाधिकारों की रक्षा की जा सके।लिकटेंस्टीन जैसे यूरोपीय देश द्वारा भारत की संप्रभुता, आतंकवाद के खिलाफ उसकी लड़ाई और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उसकी दावेदारी का समर्थन करना यह साबित करता है कि दुनिया का हर बड़ा राष्ट्र आज भारत को एक जिम्मेदार और शक्तिशाली वैश्विक महाशक्ति के रूप में देख रहा है। यह कूटनीतिक सफलता आने वाले वर्षों में भारत के अंतरराष्ट्रीय रसूख को और अधिक ऊंचाई पर ले जाने का काम करेगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Oct 2026 10:10 am

ब्रिक्स सम्मेलन में आतंकवाद से एआई तक, वैश्विक मुद्दों पर मंथन

मप्र विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने नई दिल्ली में 26 से 27 अक्टूबर तक आयोजित ब्रिक्स देशों के 12वें संसदीय मंच सम्मेलन में हिस्सा लिया। ‘जन-केंद्रित विकास के लिए संसदों को सशक्त बनाना’ विषय पर आयोजित सम्मेलन में आतंकवाद, डिजिटल परिवर्तन, एआई और सतत विकास पर चर्चा हुई। तोमर ने कहा कि भारत लोकतंत्र की जननी है। वह ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना के साथ विश्व कल्याण और शांति में विश्वास रखता है। वैश्विक परिदृश्य में भारत की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण हो रही है। ब्रिक्स संगठन भी प्रमुख वैश्विक मंच के रूप में उभर रहा है। संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में हुए सम्मेलन की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने की। इसमें विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों और राज्यों के पीठासीन अधिकारियों ने भाग लिया।

दैनिक भास्कर 27 Oct 2026 5:30 am

कोटकपूरा में मिले एके-47 के 82 कारतूस: अंकित है पुरानी तारीखें, आतंकवाद के दौर से जुड़े होने की आशंका

कोटकपूरा में जैतो बठिंडा बाईपास के पास एके-47 राइफल के तीन मैगजीन और 82 कारतूस मिलने से पुलिस महकमे में हलचल मच गई।

अमर उजाला 26 Oct 2026 11:30 am

फरीदकोट में AK-47 के 82 कारतूस मिले:पटरी पर छिपाकर रखे थे, पुलिस ने चेकिंग में पकड़े; आतंकवाद के दौर से जुड़े होने की आशंका

फरीदकोट में थाना सिटी कोटकपूरा पुलिस ने एके-47 राइफल के 3 मैगजीन और 82 कारतूस लावारिस हालत में बरामद किए हैं। पुलिस ने इन्हें कब्जे में लेकर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में इन मैगजीन और कारतूसों के आतंकवाद के काले दौर के होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, थाना सिटी कोटकपूरा के एएसआई गुरजीत सिंह के नेतृत्व में पुलिस पार्टी रविवार देर शाम जैतो-बठिंडा बाईपास पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि बाईपास पर स्थित रब्ब वाले खूह के पास रजबाहे की कच्ची पटरी पर किसी ने कारतूस छिपाकर रखे हुए हैं। पुलिस टीम ने मौके पर तलाशी लीसूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर तलाशी ली, तो वहां से एके-47 राइफल के तीन मैगजीन बरामद हुए, जिनमें 7.62 एमएम के 82 कारतूस भरे हुए थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कारतूसों पर काफी पुरानी तारीखें अंकित हैं। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि ये आतंकवाद के दौर के हो सकते हैं। हालांकि, कारतूस यहां किसने और किन परिस्थितियों में छिपाए या फेंके, इसका पता जांच के बाद ही चल सकेगा। आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज इस मामले में डीएसपी कोटकपूरा संजीव कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच के बाद अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है। बरामद कारतूसों व मैगजीन के स्रोत का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

दैनिक भास्कर 26 Oct 2026 10:39 am

आतंकवाद को मानवता के खिलाफ अपराध मानने की मांग: यूएन में भारत ने उठाया मुद्दा, 2028 की संधि में क्या होगा?

आतंकवाद को मानवता के खिलाफ अपराध मानने की मांग: यूएन में भारत ने उठाया मुद्दा, 2028 की संधि में क्या होगा?india United Nations terrorism crimes against humanity conventionR Mythili

अमर उजाला 13 Oct 2026 7:42 am

आतंकवाद पर सख्त: भारत का रूख कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण, अब वैश्विक समुदाय के रवैये में भी बदलाव जरूरी

आतंकवाद पर सख्त: भारत का रूख कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण, अब वैश्विक समुदाय के रवैये में भी बदलाव जरूरी

अमर उजाला 2 Sep 2026 10:06 am