भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के लगातार प्रयासों और आपसी समन्वय से जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति नियंत्रण में बनी हुई है।
आतंकवाद पर सख्त रुख, पहलगाम हमले की निंदा में चीन भी भारत के साथ; ब्रिक्स समित की दुनिया भर में गूंज
18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में नई दिल्ली घोषणापत्र को भारत की कूटनीतिक क्षमता का अहम उदाहरण बताया गया है। आतंकवाद के खिलाफ सामूहिक रुख और पहलगाम हमले की निंदा में चीन का साथ आना भारत की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
मदरसों को आतंकवाद से जोड़ना स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान: अबू आजमी
Mumbai , 14 सितंबर . Maharashtra Samajwadi Party के अध्यक्ष अबू आसिम आजमी ने गणेशोत्सव की बधाई देते हुए भाजपा नेता दिलीप घोष के मदरसों पर दिए बयान पर पलटवार किया. उन्होंने कहा कि उलेमा-ए-किराम ने आजादी की लड़ाई में अहम भूमिका निभाई थी और मदरसों को आतंकवाद से जोड़ना स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान है. ... Read more
पाकिस्तान ने अपनी मोस्ट वांटेड सूची से 26/11 मुंबई हमलों से जुड़े दो आतंकियों, मुहम्मद खान और अब्दुल रहमान की तस्वीरें और लश्कर-ए-तैयबा से उनकी संबद्धता का विवरण हटा दिया है।
ब्रिक्स में आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता, पहलगाम की पीड़िता ने की सराहना
ब्रिक्स नई दिल्ली घोषणा में अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले की सर्वसम्मति से निंदा की गई है, जिससे पीड़ितों के परिवारों को भावनात्मक राहत मिली।
ब्रिक्स में आतंकवाद पर सहमति बनी, पाकिस्तान को कौन कंट्रोल करेगा: हरीश रावत
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने रविवार को कई अहम मुद्दों पर अपनी राय रखी। उन्होंने राहुल गांधी की मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से मुलाकात, ब्रिक्स में फूड...
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) - जिसका मकसद शादी, तलाक, विरासत और गोद लेने जैसे मामलों के लिए धर्म से परे एक समान पर्सनल लॉ लागू करना है - उसे 2029 से पहले BJP के नेतृत्व वाले NDA की सरकार वाले सभी 21 राज्यों में लागू किया जाएगा। मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में शाह ने कहा हमने कई राज्यों में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) पेश किया है। मुझे भरोसा है कि हम 2029 से पहले BJP के नेतृत्व वाले NDA की सरकार वाले सभी 21 राज्यों में UCC लागू कर देंगे। शाह ने सरकार की सुरक्षा नीति पर भी ज़ोर दिया और कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकवाद के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस (सख़्त रवैये) की नीति स्थापित की है, साथ ही सभी क्षेत्रों में सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। इसे भी पढ़ें: Tarun Chugh ने Punjab में बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर Amit Shah से की CBI और NIA जांच की मांग 2014 से 'काम-काज की राजनीति' शाह ने कहा कि 2014 से पहले भारत भ्रष्टाचार, जातिवाद और परिवारवाद की राजनीति के दौर से गुज़र रहा था, लेकिन BJP की सरकार के तहत अब यह काम-काज पर आधारित राजनीति की ओर बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि भारत की विदेश और रक्षा नीतियों को एक मज़बूत आधार मिला है, जिसमें सरकार का नज़रिया भारत पहले (India First) की सोच से तय होता है और राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता दी जाती है। इसे भी पढ़ें: Tarun Chugh ने Punjab में बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर Amit Shah से की CBI और NIA जांच की मांग शाह ने भारत की आर्थिक तरक्की का भी ज़िक्र किया और कहा कि देश फ़्रैजाइल फ़ाइव (कमज़ोर पाँच) अर्थव्यवस्थाओं की श्रेणी से निकलकर शीर्ष पाँच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया है। उन्होंने पहली तिमाही में 7.8% की जीडीपी वृद्धि की ओर इशारा करते हुए कहा कि भारत प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे आगे है। उन्होंने सरकार द्वारा अनुच्छेद 370, नक्सलवाद और पूर्वोत्तर की स्थिति से निपटने के तरीकों पर भी प्रकाश डाला और इन्हें ऐसी पुरानी चुनौतियाँ बताया, जिन्होंने दशकों तक भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा पैदा किया था। इसे भी पढ़ें: NIA ने Saharanpur PNB करेंसी चेस्ट से जुड़े 17.29 करोड़ के जाली नोट मामले में बैंककर्मी को पकड़ा मणिपुर में NRC पर बातचीत चल रही है जब उनसे पूछा गया कि क्या राज्य में चुनाव से पहले 1951 के आधार वर्ष का इस्तेमाल करके मणिपुर में नेशनल रजिस्टर ऑफ़ सिटिज़न्स (NRC) लागू किया जाएगा और क्या पूरे देश में NRC लागू करने की कोई समय-सीमा तय है, तो शाह ने कहा कि मणिपुर में सहयोगियों और राजनीतिक दलों के साथ बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा, जैसे ही कोई फ़ैसला लिया जाएगा, हम आपको बता देंगे। अवैध रूप से आकर बसने वालों के मुद्दे पर शाह ने सरकार का रुख़ दोहराया कि अवैध प्रवासियों की पहचान की जाएगी और उन्हें देश से बाहर निकाला जाएगा, लेकिन इसके लिए जिस तरीक़े पर विचार किया जा रहा है, उसका ब्योरा नहीं दिया जाएगा। भाषा को लेकर हो रही बहस पर शाह ने कहा कि मातृभाषा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और राज्य का नेतृत्व इस मुद्दे का समाधान निकालेगा। उन्होंने कुछ लोगों पर लोगों के बीच फूट डालने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया।
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आतंकवाद से जुड़े मामले में दक्षिण कश्मीर में कई जगहों पर की छापेमारी
श्रीनगर, 13 सितंबर . जम्मू-कश्मीर Police की काउंटर-इंटेलिजेंस कश्मीर (सीआईके) विंग ने Sunday को आतंकवाद से जुड़े एक मामले में साउथ कश्मीर में कई जगहों पर छापेमारी की. अधिकारियों ने बताया कि काउंटर-इंटेलिजेंस कश्मीर ने पूरे साउथ कश्मीर में रेड की. इनमें कुलगाम और शोपियां जैसे जिले भी शामिल रहे. अधिकारियों ने बताया कि रेड ... Read more
टीका लाल टपलू, जो कश्मीर में आतंकवाद के पहले शिकार बने, उनकी पुण्यतिथि 14 सितंबर को 'बलिदान दिवस' के रूप में मनाई जाती है।
ब्रिक्स समिट: पीएम मोदी की कूटनीति को भाजपा नेताओं ने सराहा, कहा- आतंकवाद किसी के हित में नहीं
दिल्ली, 13 सितंबर . New Delhi में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में ‘New Delhi घोषणा पत्र’ जारी होने और इसमें पहलगाम आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा किए जाने पर भाजपा नेताओं ने Prime Minister Narendra Modi की कूटनीति की सराहना की है. नेताओं का कहना है कि यह आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक मंच ... Read more
आतंकवाद के खिलाफ भारत की बात को मिला वैश्विक समर्थन: मंत्री प्रफुल्ल पानसेरिया
सूरत, दिल्ली में आयोजित 'ब्रिक्स' शिखर सम्मेलन में पहलगाम आतंकी हमले समेत दुनिया के किसी भी हिस्से में होने वाली आतंकवादी घटनाओं और टेरर फंडिंग की निंदा को भारत की बड़ी कूटनीतिक सफलता माना जा रहा है।
ब्रिक्स में आतंकवाद के खिलाफ भारत की बात को मिला वैश्विक समर्थन : मंत्री प्रफुल्ल पानसेरिया
ब्रिक्स में आतंकवाद के खिलाफ भारत की बात को मिला वैश्विक समर्थन : मंत्री प्रफुल्ल पानसेरिया
बीजेपी नेता रविंदर रैना ने रविवार को कहा कि ब्रिक्स समिट के दौरान 'नई दिल्ली घोषणापत्र' में पहलगाम आतंकी हमले की निंदा, आतंकवाद के खिलाफ़ दुनिया की बड़ी ताकतों के एकजुट संकल्प को दिखाती है। उन्होंने कहा कि इससे एक मज़बूत संदेश गया है कि आतंकवाद इंसानियत पर हमला है और यह वैश्विक समुदाय के लिए एक गंभीर खतरा है। ANI से बात करते हुए रैना ने कहा, नई दिल्ली में चल रहे ब्रिक्स समिट में सभी बड़े देशों ने पहलगाम आतंकी हमले की एकमत से निंदा की है। इससे यह साफ़ हो जाता है कि रूस और चीन समेत दुनिया की बड़ी ताकतों ने साफ़ तौर पर कहा है कि लोकतंत्र में आतंकवाद का किसी भी तरह से समर्थन नहीं किया जा सकता। इसे भी पढ़ें: BRICS Summit 2024: New Delhi में सुरक्षा का चक्रव्यूह तैयार, Bharat Mandapam पर पैनी नज़र उन्होंने कहा कि इस निंदा से पता चलता है कि रूस और चीन समेत दुनिया की बड़ी ताकतों ने आतंकवाद के खिलाफ़ साफ़ रुख अपनाया है और ब्रिक्स समूह ने इस खतरे के खिलाफ़ एक मज़बूत संदेश दिया है। उन्होंने आगे कहा, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में एकजुट होकर दुनिया के ताकतवर देश यह कह रहे हैं कि पहलगाम में हुआ आतंकी हमला इंसानियत पर हमला है... यह आतंकवाद के खिलाफ़ भारत की लंबी लड़ाई और उसके पक्के इरादे को भी दिखाता है... आतंकवाद इंसानियत के लिए एक बहुत बड़ा खतरा है। हालांकि, जेएमएम के प्रवक्ता मनोज पांडे ने कहा कि हमले की निंदा को कोई बड़ी कूटनीतिक जीत नहीं कहा जा सकता। इसे भी पढ़ें: Kashmir में Normalcy से परेशान हैं Terrorists? Kashmiri Pandits को धमकियां देकर 1990 वाला डर लौटाने के चल रहे प्रयास पांडे ने कहा, आतंकवादी हमले का समर्थन कौन करेगा? क्या कभी ऐसा हुआ है कि किसी देश ने आतंकवादी हमले का समर्थन किया हो... पाकिस्तान का नाम हमेशा सामने आता है। पाकिस्तान दिखावे के लिए इसकी निंदा और आलोचना भी करता है, इसलिए मुझे नहीं लगता कि यह कोई बड़ी कूटनीतिक जीत है। समिट में जारी संयुक्त घोषणापत्र में जम्मू-कश्मीर में हुई उस दुखद घटना की कड़ी निंदा की गई जिसमें 26 लोगों की जान चली गई थी, और आतंकवाद, सीमा-पार नेटवर्क और आतंकवादी फंडिंग के खिलाफ़ वैश्विक स्तर पर ज़ीरो-टॉलरेंस नीति अपनाने का आह्वान किया गया। JD(U) नेता श्याम रजक ने भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सफल प्रबंधन को दिया और कहा कि मौजूदा संकट के बीच BRICS देशों ने भारत के प्रति अपना मज़बूत समर्थन जताया है।
देश की राजधानी में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के बीच पाकिस्तान की नजर एक बार फिर इस वैश्विक समूह पर है। पाकिस्तान लंबे समय से BRICS में शामिल होने की कोशिश कर रहा है। उसने वर्ष 2023 में समूह की सदस्यता के लिए औपचारिक आवेदन किया था और अब उसे चीन ...
2001 में अमेरिका में हुए वीभत्स 9/11 आतंकी हमलों की 25वीं बरसी के अवसर पर अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने पेंटागन स्थित राष्ट्रीय 9/11 स्मारक पहुँचकर पीड़ितों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने भारत और अमेरिका की ओर से आतंकवाद के खिलाफ जारी लड़ाई को और मजबूत करने का संकल्प दोहराया।इसे भी पढ़ें: Novak Djokovic बोले, सिनसिनाटी में जल्दी हारने से US Open की तैयारी के लिए मिला अतिरिक्त समय क्वात्रा ने एक संदेश में कहा कि जब तक आतंकवाद का पूरी तरह खात्मा नहीं हो जाता, तब तक भारत और अमेरिका एकजुट होकर प्रयास जारी रखेंगे। उन्होंने कहा, “आज से 25 साल पहले इसी दिन आतंकवादियों ने अमेरिका पर हमला किया था। आज हम उन हमलों के पीड़ितों को याद करते हैं और उनके परिवारों के लिए प्रार्थना करते हैं।’’ उन्होंने कहा कि आतंकवाद ने दुनियाभर में अनगिनत निर्दोष लोगों की जान ली है तथा इसे अंजाम देने वाले, इसका समर्थन करने वाले और इसे प्रायोजित करने वाले लोग साझा मानवता में निहित हर अच्छी और सभ्य भावना के खिलाफ खड़े हैं। क्वात्रा ने कहा, ‘‘ऐसे लोग करुणा, गरिमा और स्वयं सभ्यता के खिलाफ हैं।’’ इसे भी पढ़ें: Asha Bhosle के 93वें जन्मदिन पर रिलीज़ हुआ उनका आखिरी फ़िल्मी गाना Ae Meri Zindagi, म्यूज़िक वीडियो में दिखीं बिहाइंड-द-सीन्स झलकियाँ उन्होंने कहा कि भारत लंबे समय से सीमा पार आतंकवाद का सामना करता आया है और इसके खिलाफ लड़ाई में हमेशा अग्रिम मोर्चे पर रहा है। क्वात्रा ने कहा, “हमारी नीति आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने की है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भारत और अमेरिका इस खतरे के खिलाफ एक साथ खड़े रहे हैं। जब तक आतंकवाद का पूरी तरह खात्मा नहीं हो जाता, तब तक भारत और अमेरिका एकजुट होकर प्रयास जारी रखेंगे।
With 'Operation Sindoor', India demonstrated its capability to take action against terrorism and forces challenging the nation's security: Nityanand Rai.
MBBS की 4 सीटें अब आतंकवाद पीड़ितों के पत्नी-बच्चों को, NEET अनिवार्य, 3 कैटेगरी में प्राथमिकता
केंद्र सरकार ने केंद्रीय पूल से MBBS की 4 सीटें आतंकवाद के शिकार नागरिकों के जीवनसाथी और बच्चों के लिए आवंटित की हैं। इनके लिए निर्धारित विभिन्न मेडिकल कॉलेजों या संस्थानों में प्रवेश में उन्हें सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी
आतंकवाद पर सख्त: भारत का रूख कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण, अब वैश्विक समुदाय के रवैये में भी बदलाव जरूरी

