'हम आपके साथ', आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में इस देश का भारत को फुल सपोर्ट
पोलैंड ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत का खुलकर समर्थन किया है. भारत में पोलैंड के राजदूत पियोट्र एंटोनी स्विताल्स्की ने कहा कि उनका देश आतंकवाद का शिकार रहा है, इसलिए वह आतंकियों के खिलाफ भारत के कदम का समर्थन करता है. उन्होंने कहा कि भारत को आतंकियों के खिलाफ जहां भी वे हों, कार्रवाई करने का अधिकार है.
UNSC में भारत की दो टूक: विकासशील देशों को मिले अधिक प्रतिनिधित्व, आतंकवाद पर राजनीति को लेकर क्या कहा?
अखंड भारत दिवस पर भीलवाड़ा में कार्यक्रम, आतंकवाद मुक्त भारत का लिया संकल्प
भीलवाड़ा में अन्तर्राष्ट्रीय हिन्दू परिषद और राष्ट्रीय बजरंग दल ने अखंड भारत दिवस सप्ताह के तहत कार्यक्रम आयोजित किया। बजरंगी चौराहे पर पूजन-महाआरती के बाद आतंकवाद मुक्त भारत का संकल्प लिया गया।
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर 19 अगस्त से जम्मू-कश्मीर के दो दिवसीय दौरे पर हैं, जो अनुच्छेद 370 निरस्तीकरण के बाद पहला आधिकारिक दौरा है।
आतंकवाद को हराने के लिए भारत हर जरूरी कदम उठाता रहेगा, विदेश मंत्रालय की दो टूक
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत आतंकवाद को हराने के लिए हर जरूरी कदम उठाता रहेगा, खासकर 26/11 हमलों के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के संदर्भ में।
Shahzad Bhatti: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार (17 अगस्त) को कहा कि स्वतंत्रता दिवस से पहले पाकिस्तानी खूफिया एजेंसी ISI (इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस) समर्थित आतंकी संगठन 'शहजाद भट्टी नेटवर्क' के 200 से ज्यादा सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। इससे संगठन के विध्वंसक हमले करने की साजिश नाकाम हो गई। उन्होंने कहा कि 14 राज्यों में अलग-अलग जगहों पर समन्वित अभियान चलाए गए, जो आतंकवाद के प्रति देश की 'कतई बर्दाश्त न करने' की नीति को दर्शाते हैं।उन्होंने कहा कि आईएसआई से फंड पाने वाले इस समूह से भारी मात्रा में सामान बरामद किया गया। इसमें आईईडी, पाकिस्तान आयुध निर्माणी के निशान वाले ग्रेनेड, पिस्तौल, कारतूस और जासूसी के लिए इस्तेमाल होने वाले सीसीटीवी कैमरे शामिल हैं। शाह ने कहा कि यह नेटवर्क कई आतंकी गतिविधियों में शामिल था।शाहजाद भट्टी नेटवर्क क्या है?सरकार के एक बयान के मुताबिक, शाहजाद भट्टी नेटवर्क (SBN) पाकिस्तान स्थित, आईएसआई द्वारा समर्थित आतंकी सिंडिकेट है जो भारत में ग्रेनेड, आईईडी और पेट्रोल बम हमलों तथा लक्षित हत्याओं में शामिल है। SBN स्थानीय सहयोगियों को पैसे देकर पुलिस, रक्षा और धार्मिक स्थलों की रेकी करवाता था। इस दौरान जासूसी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगवाता था। NIAभट्टी के खिलाफ कई मामलों की जांच कर रही है। इनमें पंजाब के जालंधर में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर रोजर संधू के घर पर मार्च 2025 में हुए ग्रेनेड हमले से कथित संबंध का मामला भी शामिल है।अप्रैल 2026 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने भट्टी को भगोड़ा घोषित करते हुए उसके और मामले के एक अन्य आरोपी के खिलाफचार्जशीट दाखिल की थी।एंटी टेरर एजेंसी ने यह भी पाया है कि भट्टी ने नवंबर 2025 में हरियाणा के सिरसा स्थित महिला पुलिस थाने में हुए धमाके और जनवरी 2026 में हरियाणा के अंबाला स्थित बलदेव नगर पुलिस थाने में हुए धमाके की साजिश भी रची थी।कई मामलों में आरोपी है शाहजाद भट्टीसिरसा मामले मेंNIA ने मई 2026 में भट्टी और पाकिस्तान में मौजूद एक और हैंडलर सोहेल अहमद (उर्फ सोहेल बलोच) समेत नौ लोगों के खिलाफचार्जशीट दायर किया था। बलदेव नगर पुलिस थाने का मामला कार बम धमाके से जुड़ा है, जिसमें गिरफ्तार एक आरोपी भट्टी के संपर्क में पाया गया था। 14 राज्यों में 253 लोगों को हिरासत में लिया गया है।इनमें उत्तर प्रदेश (62), हरियाणा (52), दिल्ली (51), पंजाब (44), राजस्थान (15), महाराष्ट्र (8), उत्तराखंड (5), कर्नाटक, गुजरात और बिहार (3-3) तथा तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और केरल(2-2) से पकड़े गए लोग शामिल है। एक सरकारी बयान में कहा गया कि अब तक शाहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ 80 से अधिक FIR और 200 से अधिक गिरफ्तारियां दर्ज की जा चुकी हैं।14 राज्यों में एक साथ कार्रवाई12 अगस्त की कार्रवाई में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, कर्नाटक, गुजरात, बिहार, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और केरल में कार्रवाई की गई। 253 लोगों को हिरासत में लिए जाने के साथ ही इस नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई का दायरा काफी बड़ा हो गया। जांच में अब तक 80 से अधिक FIR दर्ज होने की बात सामने आई है। इनमें UAPA, BNS, Arms Act, NDPS Act और Explosive Substances Act जैसी धाराओं के तहत मामले शामिल बताए गए हैं।प्रचार के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमालनेटवर्क का एक दूसरा महत्वपूर्ण पहलू कथित प्रचार तंत्र है। जांच एजेंसियों ने इसके संबंध Tehreek-e-Taliban Hindustan के कथित प्रचार से भी जोड़े हैं। कुछ लोगों को दिल्ली और फरीदाबाद में संबंधित पोस्टर लगाने के निर्देश दिए जाने का आरोप है। कुछ ऑपरेटिव्स को पुलिसकर्मियों पर हमलों की रिकॉर्डिंग करने और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के लिए कहा गया। इससे पता चलता है कि नेटवर्क के लिए सोशल मीडिया केवल भर्ती का माध्यम नहीं... बल्कि प्रचार, डर पैदा करने और अपनी गतिविधियों को दिखाने का जरिया भी हो सकता था।भट्टी नेटवर्क ने बदला आतंकवाद का पारंपरिक मॉडल?पूरे मामले से यह संकेत मिलता है कि आधुनिक सीमा-पार आतंकी नेटवर्क केवल ट्रेंड आतंकियों और पारंपरिक स्लीपर सेल पर निर्भर नहीं रहना चाहते। सोशल मीडिया, स्थानीय अपराधी, आर्थिक रूप से कमजोर युवा, विदेशी हैंडलर्स, एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन और संगठित अपराध इन सभी को जोड़कर एकनया नेटवर्क तैयार किया जा सकता है।इस मॉडल में किसी व्यक्ति को शुरुआत में यह भी पता नहीं होता कि वह जिस काम के लिए पैसे ले रहा है, उसका अंतिम उद्देश्य क्या है। यही वजह है कि सुरक्षा एजेंसियों के सामने चुनौती केवल हथियार बरामद करने या आतंकियों को गिरफ्तार करने की नहीं है। बल्कि उस भर्ती और नेटवर्क बनाने वाले पूरे इकोसिस्टम को तोड़ने की है।अब आगे क्या?12 अगस्त की कार्रवाई ने नेटवर्क के एक बड़े हिस्से को प्रभावित किया हो सकता है। लेकिन सुरक्षा एजेंसियों के लिए असली चुनौती यह सुनिश्चित करना होगी कि यही मॉडल किसी दूसरे नाम, दूसरे सोशल मीडिया चेहरे या नए युवाओं के समूह के साथ दोबारा खड़ा न हो।ये भी पढ़ें- भारतीय चुनावी सिस्टम के कायल हुए डोनाल्ड ट्रंप! BJP हुई गदगद, तो कांग्रेस को लगी मिर्ची, किसने क्या कहा?शहजाद भट्टी नेटवर्क का मामला कथित तौर पर यही दिखाता है कि आज का संभावित आतंकी हमेशा बंदूक लेकर घूमता हुआ ट्रेंड जिहादी नहीं दिखेगा। वह कोई छोटा अपराधी, आर्थिक रूप से परेशान युवक या सामान्य सोशल मीडिया यूजर भी हो सकता है। यही इस नेटवर्क को पारंपरिक आतंकी संगठनों से अलग और सुरक्षा के लिए अधिक जटिल बनाता है।

