उत्तर भारत के एविएशन सेक्टर में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एनआईए) ने घोषणा की है कि 15 जून 2026 से हवाई अड्डे से कमर्शियल फ्लाइट्स का संचालन शुरू होगा। इसके साथ ही राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और पश्चिमी उत्तर ...
श्रमिक दिवस के मौके श्रमिकों के लिए मेगा हैल्थ् कैंप लगने जा रहा है। ये कैंप सुबह नौ से शाम पांच बजे तक लगेगा। कैंप नोएडा के सभी 137 सरकारी अस्पतलों के साथ हेल्थ वेलनेस सेंटर, 67 निजी अस्पतालों समेत 201 स्थानों पर लगाया जाएगा। जिसमें श्रमिक निशुल्क अपना इलाज कर सकेंगे। वहीं समस्या के समाधान के लिए कॉलसेंटर बनाया गया है। अस्पतालों में यथार्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, मैक्स हॉस्पिटल, मेदांता हॉस्पिटल, फोर्टिस हॉस्पिटल, फेलिक्स हॉस्पिटल व शारदा हॉस्पिटल सहित कुल 67 निजी अस्पताल इस मेगा हेल्थ कैंप का हिस्सा बन चुके हैं। यह बढ़ती भागीदारी निजी अस्पतालों की सामाजिक जिम्मेदारी और सेवा भावना का उत्कृष्ट उदाहरण है। उनका यह सहयोग न केवल सराहनीय है, बल्कि समाज के प्रति उनके समर्पण को भी दर्शाता है। अब बनाया गया कॉल सेंटर सहायक श्रम आयुक्त सुयश पांडे ने बताया कि जनपद के श्रमिकों एवं उद्यमियों की श्रम संबंधी समस्याओं के निवारण के लिए जी-25ए, सेक्टर-03, नोएडा में पूर्व से संचालित कॉल सेंटर के अलावा तीन नए कॉल सेंटर बनाए गए है। इसमें हेल्पलाइन नंबर 0120-4126892, 8796321216, 8796311216, 8796355216 व ईमेल complaint.dicnoida@gmail.com पर सुबह 9:00 बजे से सायं 7:00 बजे तक शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
किशनगंज पुलिस ने फर्जी कंपनी बनाकर 81.83 लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के मुख्य सरगना को उत्तर प्रदेश के नोएडा से गिरफ्तार किया है। आरोपी दो साल से फरार था। यह मामला दिघलबैंक थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां 'Fast Word Nidhi Ltd.' नामक एक फर्जी कंपनी वर्ष 2022 में स्थापित की गई थी। इस कंपनी ने भोले-भाले लोगों को अधिक ब्याज का लालच देकर उनसे विभिन्न किश्तों में कुल 81.83 लाख रुपये की ठगी की थी। वादी के बयान पर प्राथमिकी दर्ज इस संबंध में वादी के बयान पर दिघलबैंक थाना में कांड संख्या-66/24, दिनांक 10.06.2024 को धारा 323/406/417/420/120 (बी) भा०द०वि० के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। किशनगंज के पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया था। इस टीम ने पहले इस मामले के एक अन्य अभियुक्त अफजल अहमद को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा था। तकनीकी-मानवीय सूचना पर कार्रवाई फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी और गबन की गई राशि की बरामदगी के लिए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-2 मंगलेश कुमार के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर कार्रवाई की। ट्रांजिट रिमांड पर किशनगंज लाया गया इसी क्रम में, मुख्य अभियुक्त इकबाल अहमद (उम्र 23 वर्ष, पिता समीम अहमद, निवासी दिघलबैंक, किशनगंज) को नोएडा (उत्तर प्रदेश) से गिरफ्तार किया गया। उसे ट्रांजिट रिमांड पर किशनगंज लाया गया है और न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है। पुलिस टीम 'Fast Word Nidhi Ltd.' के नाम पर ठगी गई राशि की बरामदगी और इस गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों के बारे में गहन पूछताछ कर रही है। गिरफ्तार अभियुक्त के पास से 11 विभिन्न बैंकों के चेकबुक और 16 विभिन्न बैंकों के डेबिट एवं क्रेडिट कार्ड जब्त किए गए हैं।
न्यू नोएडा (DNGIR) में जमीन अधिग्रहण को लेकर प्राधिकरण ने तैयारी शुरू कर दी है। प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि जमीन अधिग्रहण के लिए जल्द एक कमेटी बनाई जाएगी। इसके अलावा जो किसान अपनी जमीन देना चाहते है वो नोएडा प्राधिकरण के भू लेख विभाग में संपर्क कर सकते है। जल्द ही गांव में कैंप लगाए जाएंगे। ये जानकारी प्राधिकरण के एसीईओ सतीश पाल ने दी। उन्होंने बताया कि डीएनजीआईआर से संबंधित शासन से निर्देश मिल गए है। यहां किसानों से जमीन आपसी समझौते के आधार पर ही ली जाएगी। यमुना विकास प्राधिकरण की तर्ज पर ही किसानों से 4300 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से जमीन ली जाएगी। मुआवजा दर तय कर दी गई है। प्राधिकरण का अस्थाई दफ्तर भी नए नोएडा क्षेत्र में खोलने की तैयारी शुरू कर दी गई है। बतौर प्राधिकरण ने एक हजार करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। ऐसे में न्यू नोएडा के अधिसूचित क्षेत्र में आने वाले किसान नोएडा प्राधिकरण के भू लेख विभाग में संपर्क कर सकते है। चार फेज में होगा विकास न्यू नोएडा 209.11 वर्गकिमी में यानी 20 हजार 911.29 हेक्टेयर में बसाया जाएगा। इस मास्टर प्लान को चार फेज में पूरा किया जाएगा। 2023-27 तक इसके 3165 हेक्टेयर को विकसित किया जाएगा। इसी तरह 2027 से 2032 तक 3798 हेक्टेयर एरिया को विकसित किया जाएगा। इसके बाद 2032-37 तक 5908 हेक्टेयर और अंत में 2037-41 तक 8230 हेक्टेयर जमीन को विकसित करने का प्लान है।
नोएडा के सेक्टर-150 स्थित स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। नोएडा प्राधिकरण बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में प्रोजेक्ट को राहत देते हुए 1 मार्च 2020 से 6 अप्रैल 2026 तक की अवधि को घोषित किया है। ये जीरो पीरियड समयवृद्धि शुल्क पर दिया गया। साथ ही मानचित्र अप्रूवल से पहले बकाया का 20 प्रतिशत रशि जमा करनी होगी। इसके अलावा खेल सुविधाएं विकसित करनी होंगी। प्राधिकरण के एसीईओ सतीश पाल ने बताया कि बोर्ड फैसले के मुताबिक 1 मार्च 2020 से 6 अप्रैल 2026 तक की अवधि को देरी की गणना में शामिल नहीं किया जाएगा। यानी इस दौरान समयवृद्धि शुल्क, भू-भाटक (लीज रेंट) और अन्य देयताओं में राहत मिलेगी। इससे बिल्डर और आवंटियों को करीब 6 साल से ज्यादा का फायदा होगा। यह अवधि अगले 5 सालों की परियोजना समयसीमा में समायोजित की जाएगी, जिससे निर्माण कार्य पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा। वहीं जिन मामलों में पहले ही समयवृद्धि शुल्क, अद्यतन लीज रेंट और या एकमुश्त लीज रेंट का भुगतान किया जा चुका है, उन्हें पैसा वापस नहीं किया जाएगा। इसके अलावा जिन आवंटियों ने पहले ही ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट के लिए आवेदन कर दिया है या प्रमाण पत्र प्राप्त कर लिया है, उन्हें भी जमा राशि का न तो रिफंड मिलेगा और न ही किसी दूसरी मद में समायोजन किया जाएगा। 20 प्रतिशत जमा करने पर मिलेगा अप्रूवलबिल्डर को नक्शा पास कराने से पहले कुल बाकाया का 20 प्रतिशत राशि आवेदन की तारीख से 2 महीने के भीतर जमा करना होगा। शेष 80 प्रतिशत राशि ब्याज सहित तीन साल में छमाही किश्तों में जमा करनी होगी। बिना इसके जमा किए नक्शों को अप्रूवल नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा 20 प्रतिशत इंवेंट्री भी प्राधिकरण अपने पास बंधक रखेगा। निर्माण पूरा होने और ओसी जारी होने के बाद प्रॉपर्टी को बंधक मुक्त किया जाएगा। तीन साल में खेल सुविधा फिर रिहायशी नक्शा होगा पासप्राधिकरण ने साफ किया है कि बिल्डर को पहले तीन साल के भीतर स्पोर्ट्स एक्टिविटी और खेल सुविधाओं का निर्माण करना होगा। इसके बाद ही आवासीय और कॉमर्शियल निर्माण के नक्शे मंजूरी के लिए प्राधिकरण में प्रस्तुत किए जा सकेंगे।
ग्रेटर नोएडा के ईकोटेक वन थाना क्षेत्र में एक स्कॉर्पियो गाड़ी में किराना व्यापारी का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है। मृतक की पहचान पी-4 निवासी राहुल बिधूड़ी (30) के रूप में हुई है। पुलिस को मौके से एक पिस्टल भी बरामद हुई है, जिससे प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पुलिस को शाम करीब 4:30 बजे कोफोर्ज कंपनी के पास घरबरा गांव के समीप एक स्कॉर्पियो गाड़ी संदिग्ध अवस्था में खड़ी होने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची इकोटेक-1 कोतवाली पुलिस ने गाड़ी की जांच की तो ड्राइवर सीट पर युवक मृत अवस्था में पाया गया। जांच के दौरान मृतक के हाथ में एक पिस्टल मिली, जिसमें एक खोखा कारतूस फंसा हुआ था। गाड़ी के शीशे पर भी गोली निकलने का निशान पाया गया है। इन साक्ष्यों के आधार पर आशंका जताई जा रही है कि युवक ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या की है। सूचना मिलते ही फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया गया, जिसने आवश्यक साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। घटना की जानकारी मिलते ही मृतक के परिजन मौके पर पहुंच गए। पुलिस के अनुसार, राहुल बिधूड़ी एक किराना व्यापारी थे और पी-4 क्षेत्र में उनकी ग्रॉसरी की दुकान थी। वह अपने परिवार को यह बताकर घर से निकले थे कि वे किसी काम से बाहर जा रहे हैं।
ग्राउंड रिपोर्ट: नोएडा में महिलाओं की पिटाई के वीडियो पर पुलिस के दावे की पड़ताल
बूम ने ग्राउंड रिपोर्टिंग में पाया कि वीडियो नोएडा के सेक्टर 6 स्थित Motherson फैक्ट्री के पास का है, जहां पुलिस ने महिला प्रदर्शनकारियों से बदसलूकी की थी.
भारत में नोएडा से औद्योगिक अशांति, दिल्ली-एनसीआर के कई राज्यों में फैली
नोएडा के फेज़-2 में प्रदर्शन हिंसक हो गया, और एक पुलिस वैन और दूसरी गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई,
साल 2026 की सबसे बहुप्रतीक्षित फिल्म 'धुरंधर: द रिवेंज' आखिरकार सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है। इस फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच जबरदस्त क्रेज देखने को मिल रहा है। बीती रात फिल्म के पेड प्रीव्यू शोज रखे गए थे, जिसे लेकर दर्शकों में खूब उत्साह था।
सांप के जहर मामले में नवीनतम विकास में, नोएडा पुलिस ने बिग बॉस ओटीटी 2 विजेता और यूट्यूबर एल्विश यादव और सात अन्य के खिलाफ सूरजपुर अदालत में 1,200 पेज का आरोप पत्र दायर किया है। आरोप पत्र में 24 गवाहों के बयान भी दर्ज किये गये। नोएडा पुलिस नोएडा और गुरुग्राम समेत देशभर में दर्ज मामलों की जानकारी जुटा रही है। जयपुर लैब से सांप के जहर की पुष्टि करने वाली रिपोर्ट भी चार्जशीट में शामिल की गई है। सांप के जहर मामले से जुड़े वीडियो, कॉल डिटेल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को आधार बनाया गया। आरोप पत्र में एल्विश यादव पर लगाई गई एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के संबंध में साक्ष्य लगाए गए हैं। इसे भी पढ़ें: Telugu अभिनेता Jagapathi Babu बोले, सलमान खान के साथ हमेशा काम करना चाहता था, वह बहुत अच्छे हैं पिछले साल नवंबर में एल्विश यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी और इस मामले में 5 सपेरों समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया था। हाल ही में एल्विश यादव समेत तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया गया था। पिछले साल पीपल फॉर एनिमल्स (पीएफए) संगठन की शिकायत के आधार पर नोएडा पुलिस ने सेक्टर 51 स्थित एक बैंक्वेट हॉल पर छापा मारा था और पांच लोगों को गिरफ्तार किया था. पीएफए ने अपनी एफआईआर में एल्विश का नाम लिया और उन पर रेव पार्टियों का आयोजन करने का आरोप लगाया, जिसमें वे विदेशियों को आमंत्रित करते हैं और जहरीले सांपों की व्यवस्था करते हैं। इसे भी पढ़ें: Manoj Bajpayee ने जाहिर की ख्वाहिश, कहा- असाधारण कहानियों के जरिए दर्शकों से जुड़ना चाहता हूं बता दें कि छापेमारी के दौरान नौ जहरीले सांप बरामद किए गए। पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत सांप की विष ग्रंथियां निकालना दंडनीय अपराध है और दोषी को सात साल की जेल हो सकती है। सिद्धार्थ यादव उर्फ एल्विश यादव गुरुग्राम के एक लोकप्रिय यूट्यूबर हैं। बिग बॉस ओटीटी 2 जीतने के अलावा वह अपने म्यूजिक वीडियो के लिए भी जाने जाते हैं और युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं।
यूट्यूबर और बिग बॉस ओटीटी 2 विजेता एल्विश यादव को पांच दिन की गिरफ्तारी के बाद सांप के जहर सप्लाई मामले में जमानत दे दी गई है। गिरफ्तारी के दिन एल्विश को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। उन्हें वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत हिरासत में ले लिया गया। गुरुवार को उनकी जमानत पर सुनवाई के लिए उन्हें नोएडा की एक स्थानीय अदालत में लाया गया, लेकिन सुनवाई टल गई। इस खबर की पुष्टि करते हुए, बिग बॉस 17 के प्रतियोगी अनुराग डोभाल (द यूके07 राइडर) ने ट्विटर पर लिखा, ऊपर वाला कभी गलत नहीं करेगा जमानत मिल जाएगी। इसे भी पढ़ें: Deepika Padukone और अपने बच्चे के साथ रहने के लिए काम से लंबा ब्रेक लेंगे Ranveer Singh? यहां पढ़े पूरी सच्चाई गुरुवार को नोएडा पुलिस ने एल्विश यादव पर लगा एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985) एक्ट हटा दिया। पुलिस ने कहा कि यह उनकी ओर से गलती थी। उन्होंने कहा, ''हमने गलती से एनडीपीएस एक्ट लगा दिया था, ये एक लिपिकीय गलती थी।'' मालूम हो कि एनडीपीएस एक्ट के तहत जमानत मिलना बहुत मुश्किल है। इसे भी पढ़ें: Fighter OTT Release | ऋतिक रोशन और दीपिका पादुकोण-स्टारर फाइटर इस तारीख को ओटीटी पर होगी रिलीज एल्विश यादव को गुरुग्राम में रेव पार्टियों में सांप के जहर की आपूर्ति करने के आरोप में पुलिस ने न्यायिक हिरासत में रखा था। उसके दोस्त विनय को भी हिरासत में ले लिया गया। अब एल्विश यादव को जमानत मिल गई है. कोर्ट के बाहर उनके प्रशंसक जमा हो गए थे। उन्होंने संकट के इस समय में उनका समर्थन करने वाले सभी लोगों का हाथ हिलाया। जमानत की खबर से एल्विश यादव के प्रशंसक खुशी से झूम उठे एल्विश यादव के प्रशंसक सोशल मीडिया पर इस खबर की सराहना कर रहे हैं। बिग बॉस ओटीटी 2 विजेता का समर्थन करने के लिए कई लोग आगे आए थे। विजेता के समर्थन में ईशा मालवीय और अभिषेक कुमार आगे आये थे। हमें देखना होगा कि पुलिस इस मामले को कैसे आगे बढ़ाती है। मैक्सटर्न उर्फ सागर ठाकुर के साथ मारपीट का मामला अभी भी कायम है। सात दिन के लिए भी नहीं गये जेल। सत्य है सत्य की जीत हुई बधाई हो एल्विश यादव #ElvishArmy #सुस्वागतम्_एल्विश_यादव #ElvishYadav pic.twitter.com/CCX25HrLAn — YesMan (@YesMan786) March 22, 2024 #ElvishYadav_निर्दोष_है #सुस्वागतम्_एल्विश_यादव #ElvishaYadav Got bail : pic.twitter.com/qVgff8xsxC — Narendra Choudhary (@jatnarendra_) March 22, 2024 Bail Granted to #ElvishYadav #ElvishYadav_निर्दोष_है #ElvishArmy #ElvisHistory #Bail #NoidaPolice #ElvishaYadav #ElvishAmry pic.twitter.com/D7HgbrgL3P — ELVISH ARMY XD (@mr_priyanshu77) March 22, 2024
Elvish Yadav केस में नोएडा पुलिस से क्या हो गई गलती?
एल्विश यादव को बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया था. नोएडा पुलिस ने कोर्ट को बताया कि गलती से पुलिस ने NDPS एक्ट का गलत सेक्शन जोड़ दिया है. उसे कागजों में ठीक करने की अनुमति दें. पुलिस ने बताया कि उन्हें एल्विश यादव पर NDPS एक्ट का सेक्शन 22 लगाना था लेकिन गलती से सेक्शन 20 लगा दिया गया.

