शाम के नाश्ते में कुछ चटपटा खाने का मन है तो बनाएं सोया चिली, शेफ ने बताया कम तेल में बनाने का तरीका
अगर आपको शाम के समय कुछ चटपटा और हेल्दी खाने का मन है तो आप झटपट सोया चिली बना सकते हैं। चलिए नोट कर लीजिए इसकी रेसिपी
गरबा-डांडिया लुक के लिए ट्राई करें ये 3 ट्रेंडी DIY हेयर एक्सेसरीज, कम खर्च में दिखेंगी खास
गरबा-डांडिया नाइट के लिए अगर आप अपने बालों का सुंदर हेयरस्टाइल बना रही हैं तो इसे सजाने के लिए आप खुद से बनी कुछ हेयर एक्सेसरीज लगा सकती हैं। यहां सीखिए ट्रेंडी हेयर एक्सेसरीज बनाने का तरीका।
Jio का ₹999 Prepaid Plan: 98 दिन की वैलिडिटी, 196GB Data और JioHotstar फ्री
फेस्टिव सीजन के चलते Jio अपने ग्राहकों के लिए अलग-अलग रिचार्ज प्लान ऑफर कर रहा है। इनमें यूजर्स को न केवल डेटा और कॉलिंग की सुविधा मिलती है बल्कि साथ ही OTT और AI सर्विस का फायदा उठाएं। इसी तरह कंपनी का ₹999 वाला 5G प्लान भी इसी तरह के बेनिफिट्स ऑफर्स कर रहा है। यह प्लान 98 दिनों की वैलिडिटी के साथ टोटल 196GB डेटा मिल रहा है। इसके अलावा, इस प्लान में JioHotstar, JioTV और JioAICloud जैसे बेनिफिट्स भी दिए जा रहे हैं। अगर आप वैल्यू फॉर मनी प्लान को सर्च कर रहे हैं, तो आप फ्री OTT प्लान भी मिले तो आप इस प्रीपेड प्लान ले सकते हैं। Jio के ₹999 वाले प्लान के बेनिफिट्स असल में Jio के इस 999 रुपये प्लान में आपको 98 दिनों की वैलिडिटी मिल जाएगी। इस दौरान प्रतिदिन 2GB हाई-स्पीड डेटा मिलने वाला है, यानी पूरी वैलिडिटी के समय आपको टोटल 196GB डेटा मिलने वाला है। डेटा खत्म होने के बाद स्पीड कम होकर 64Kbps रह जाएगी। वहीं, ग्राहकों को इस प्लान में अनलिमिटेड 5G डेटा भी मिलेगा। इसके साथ ही, इस प्लान में अनलिमिटेड वॉयस की सुविधा भी मिलेगी। इसके साथ ही प्लान में हर दिन 100 SMS भेजने की सुविधा भी मिल रही है, यानी यूजर्स को अलग से कॉलिंग या SMS के लिए रिचार्ज कराने की जरुरत नहीं। JioHotstar और AI सर्विस भी मिलेंगी जियो के इस प्लान में कॉलिंग और डेटा के साथ ही JioHotstar का मोबाइल सब्सक्रिप्शन एकदम फ्री मिल रहा है। इस प्लान में JioTV और JioAICloud का बेनिफिट दिया जा रहा है। JioAICloud के जरिए 50GB फ्री क्लाउड स्टेरोज मिल रहा है। खास बात ये है कि कंपनी इस ऑफर में 18 महीने का Google Gemini Pro प्लान भी ऑफर कर रहा है, जिसकी कीमत 35,100 रुपये बताई जा रही है। इतना ही नहीं, इस प्लान में 5000GB क्लाउड स्टोरेज, Nano Banana और दूसरे AI फीचर्स देखने को मिल रहे हैं। 999 रुपये वाले इस प्लान में 12 महीने का Canva Pro Lite सब्सक्रिप्शन मिल रहा है, जिसकी कीमत 1,590 रुपये बताई जा रही है।
संडे की शाम को कप में बनाएं देसी चीज मैकरोनी, स्वाद की हर कोई करेगा तारीफ
संडे की शाम में बच्चों के लिए कुछ टेस्टी बनाना है तो देसी चीज मैकरोनी बनाकर तैयार करें। इसे पेपर कप में बनाया जा सकता है और बच्चों को ये खूब पसंद आएगी। सीखिए इसे कैसे बनाएं।
Durga Puja पर पहनें Baluchari और Garad Saree, Navratri में मिलेगा रॉयल फेस्टिव Look
शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्तूबर से शुरु होने जा रही है। नवरात्र में महिलाएं पूजा-पाठ के साथ ही अपने लुक का भी खासा ध्यान रखती है। गौरतलब है कि दुर्गा पूजा सिर्फ पूजा-पाठ और पंडाल घूमने का त्योहार नहीं है बल्कि इस दौरान बंगाली कल्चर और पहनावे की भी खास झलक देखने को मिलती है। वहीं, साड़ी में बंगाली लुक की बात ही कुछ अलग होती है। अगर आप भी दुर्गा पूजा में शामिल होने जा रही हैं, तो आप अपने वॉर्डरोब में बंगाल की कुछ खास साड़ियां शामिल कर सकती हैं। दुर्गा पूजा में पहनें बंगाल की ये 5 साड़ियां पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा की धूम देखने को मिलती है। इस अवधि में आप बंगाली लुक पाना चाहते हैं, तो ये 5 साड़ियां जरुर स्टाइल करें- बालूचरी साड़ी अगर आपको एकद रॉयल लुक पसंद है, तो आप बालूचरी साड़ी को जरुर पहनें। यह वेस्ट बंगाल के बिष्णुपुर की फेमस साड़ी है। इसकी सबसे खास बात यह है कि इसमें बने हुए खास डिजाइन। इन साड़ियों में पौराणिक कहानियों, साहित्य, इमारतों और रोजाना की जिंदगी से जुड़े चित्र देखने को मिलते हैं। बालूचरी सिल्क से बनाई जाती है, तो इसलिए शाम की पूजा या किसी खास फंक्शन के लिए काफी यह सुंदर लगेगी। गरद साड़ी सिंपल लुक के लिए गरद साड़ी बेहतरीन है। खासतौर पर इसका बेस व्हाइट या ऑफ-व्हाइट होता है। किनारों के साथ-साथ पल्लू पर रेड कलर की पट्टी होती है। बंगाल में इस तरह की साड़ी काफी समय से पहनी जा रही है। इसलिए आप हैवी साड़ी के जगह पर गरद साड़ी पहन सकते हैं। तांत साड़ी दुर्गा पूजा के लिए तांत साड़ी सबसे बेहतरीन ऑप्शन में से एक है। यह साड़ी कॉटन से बनाई जाती है, इसलिए यह काफी लाइट वेट की होती है और पहनने में कंफर्टेबल भी है। सफेद साड़ी पर लाल बॉर्डर वाला क्लासिक कॉम्बिनेशन सबसे ज्यादा पसंद की जाती है। वैसे तांत साड़ियां कई अलग-अलग रंगों में मिलती है। अगर आप साड़ी भी नवरात्रि या दुर्गा पूजा के दौरान पहन सकती हैं। कोरियल साड़ी कोरियल साड़ी भी बंगाली त्योहारों में आकर्षण वाला लुक देती है। इसका कलर और बॉर्डर ही इसकी सबसे बड़ी खासियत है। रेड और व्हाइट कलर रंग का कॉम्बिनेशन बंगाली फेस्टिव लुक प्रदान करता है। मुर्शिदाबाद सिल्क साड़ी यदि आपको सिल्क साड़ी पसंद हैं, तो आप मुर्शिदाबाद सिल्क साड़ी दुर्गा पूजा के दौरान पहन सकती है। वैसे यह वेस्ट बंगाल के मुर्शिदाबाद इलाके की पारंपरिक सिल्क साड़ी है। इसकी खासियत इसकी बुनाई और सुंदर लुक है।
Uttarakhand के Jim Corbett से MP के Panna Tiger Reserve तक, इन 4 जगहों पर करें Safari
हर एक नेचर लवर को पहाड़, हरे-भरे जंगल और नदियों के आसपास रहना किसी स्वर्ग से कम नहीं लगता है। हरियाली के आसपास बैठे रहना हर किसी को काफी पसंद होता है। प्रकृति के गोंद में हम जब होते हैं, तो पंछियों की चहचहाहट काफी सुनाई देती है। सुबह के समय आपके हाथ में एक चाय का कप है, तो आपकी ट्रिप तो शानदार बन ही जाएगी। यदि आप इस मोमेंट को इसी विंटर सीजन में एंजॉय , तो आपके लिए जंगल सफारी सबसे बेस्ट ऑप्शन हो सकता है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व, उत्तर प्रदेश अगर आप शानदर जंगल सफारी को मजा लेना चाहते हैं, तो आप पीलीभीत टाइगर रिजर्व वन्यजीव अभयारण्य जा सकते हैं। इसको साल 2014 में तैयार किया गया। इधर आपको रॉयल बंगाल टाइगर, तेंदुए, बारासिंगा समेत कई दुर्लभ प्रजातियां देखने को मिलेगी। इस टाइगर रिजर्व का सबसे मुख्य आकर्षण चूका बीच है। अक्तूबर से फरवरी के बीच का समय यहां घमने के लिए सबसे बढ़िया जगह है। रणथंभौर नेशनल पार्क, राजस्थान राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले ममें स्थित रणथंभौर नेशनल पार्क प्रकृति प्रेमियों की बकेट लिस्ट में सबसे होता है। तीन महीने पहले ही इस नेशनल पार्क को पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। यह जगह बाघों का प्राकृतिक आवास मानी जाती है, क्योंकि दिन में भी बाघ जंगल में घूमते नजर आ जाते हैं। अक्तूबर से लेकर मार्च तक के लिए यह समय बेहद खास है। जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क, उत्तराखंड उत्तराखंड के नैनीताल जिले में जिम कॉर्बेट स्थित है। भारत का पहला और सबसे पुराना नेशनल पार्क है, जिसकी स्थापना साल 1936 में हेली नेशनल पार्क के नाम से की गई थी। यहां पर आपको रॉयल बंगाल टाइगर, हाथी, तेंदुए, भालू और हिरण और अन्य वन्यजीव देखने को मिल जाएंगे। यहां पर 500 से ज्यादा पक्षियों की प्रजातियां देखने को मिलती है। जिम कॉर्बेट जाने का सबसे सही समय अक्तूबर से फरवरी और फिर मार्च से जून है। पन्ना टाइगर रिजर्व, मध्य प्रदेश मध्य प्रदेश में स्थित पन्ना टाइगर रिजर्व भारत का 22वां और एमपी का पांचवां बाघ अभयारण्य है। इस महीने में यह टाइगर रिजर्व भी 3 महीने के लंबे गैप के बाद पर्यटकों के लिए खोल दिया जाता है। यहां पर पर्यटकों की जिप्सी सफारी से बाघ के साथ ही तेंदुआ, भालू, चिंकारा और बाकी वन्यजीवो को देख सकते हैं। यहां पर आने का समय अक्टूबर से जून तक का समय घूमने के लिए बेस्ट है।
नवरात्रि में बिटिया के लिए खरीदें चांदी के कंगन, नन्हें हाथों पर खिल उठेंगे ये 8 खूबसूरत डिजाइन
नवरात्रि के खास दिनों में बिटिया के लिए चांदी के कंगन खरीदने का प्लान कर रहे हैं, तो हम आपके लिए एक से बढ़कर एक सुंदर डिजाइन लेकर आए हैं।
बाजार की केसर असली है या नकली? खरीदने से पहले ऐसे करें 7 तरह से चेक
केसर उन चीजों की लिस्ट में शुमार है जिसे बाजार में कुछ लोग नकली की मिलावट के साथ बेच देते हैं। ऐसे में जब भी मार्केट से आप केसर खरीदें तो पहले इसे चेक कर लें। यहां जानिए कैसे कर सकते हैं। इसे चेक।
रोज-रोज दाल बनाना छोड़ें, हींग-जीरा डालकर बनाएं परवल फ्राई
Parwal Ki Sabji: अगर आप भी रोज-रोज वही आलू, पालक या दाल खाकर बोर हो चुके हैं तो यहां हम आपको परवल की टेस्टी सब्जी बनाने की ट्रिक बता रहे हैं जिन्हें कई लोग परवल फ्राई भी कहते हैं. ये खाने में बहुत स्वादिष्ट होती है और बनाने में उतनी ही आसान.
रजाई-कंबल बिना धोए कैसे करें साफ? बदबू दूर करने के लिए अपनाएं ये आसान तरीके
सर्दी का मौसम आ रहा है और ऐसे में रजाई-कंबल अलमारियों से निकल रहे होंगे। तो चलिए आपको बताते हैं बिना पानी से धोए कंबल-रजाई साफ कैसे करें और बदबू दूर करने के लिए क्या करना चाहिए।
सेहत की बात: जोड़ों में सूजन-दर्द कम करना है तो डाइट में करें ये बदलाव, क्या खाएं-क्या नहीं?
जोड़ों के दर्द की समस्या हर उम्र वालों में बढ़ती देखी जा रही है। इसके खतरों को कम करने के लिए डाइट में फल-सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, मेवे और ओमेगा-3 वाले खाद्य पदार्थ डाइट में शामिल सकते हैं,
नवरात्रि के 9 दिनों का भोग: मां दुर्गा के हर स्वरूप को हर दिन क्या चढ़ाएं? देखें पूरी लिस्ट
Navratri Bhog 9 Days List: माता दुर्गा के हर स्वरूप को प्रसन्न करने के लिए आप नवरात्रि के नौ दिन नौ अलग-अलग प्रकार के भोग लगा सकते हैं। यहां उसकी लिस्ट आपको दी जा रही है।
Dandiya Night से पहले काली पड़ी Oxidised Jewellery चमकाने के आसान घरेलू नुस्खे
नवरात्रि का पर्व आते ही डांडिया नाइट के लिए ट्रेडिशनल आउटफिट के साथ ऑक्सीडाइज्ड ज्वेलरी का ख्याल भी सबसे पहले आता है। एथनिक लुक को पूरा करने में गहने ही काम आते हैं। हालांकि, समस्या तब सामने आती है, जब चमकने वाले गहने काले पड़ जाए। इस बार आप डांडिया नाइट में अपनी पुरानी ऑक्सीडाइज्ड पहनने की सोच रही हैं, तो अब परेशान होने की कोई जरुरत नहीं है। आज हम आपको इस लेख में कुछ आसान और असरदार घरेलू नुस्खों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे ट्राई करके आप पुरानी एक्सेसरीज को बिना एकदम नया जैसा चमक जाएगी। काली पड़ चुकी ऑक्सीडाइज्ड ज्वेलरी को कैसे साफ करें? अगर आपकी ऑक्सीडाइज्ड ज्वेलरी लंबे समय तक नमी और हवा के संपर्क में आकर काली पड़ गई है, तो आप कुछ घरेलू और असरदार तरीकों का इस्तेमाल करके इनको चमका सकते हैं- टूथपेस्ट और पुराने टूथब्रश वाला तरीका आजमाएं बाथरूम में रखे साधारण सफेद टूथपेस्ट की मदद से आप अपनी ऑक्सीडाइज्ड ज्वेलरी को दोबारा से नया जैसा चमका सकते हैं। बस आप कुछ स्टेप्स को फॉलो करें। - सबसे पहले एक कटोरी में थोड़ा सा टूथपेस्ट लें। - फिर इसको ज्वेलरी के काले पड़े हिस्सों पर लगाएं। - अब मुलायाम पुराने टूथब्रश से हल्के से ज्वेलरी को रगड़ें। - बारीक डिजाइनों और कोनों में जमी गंदगी को साफ करने के लिए ब्रश के बालों का इस्तेमाल करें। - फिर गुनगुने पानी से ज्वलेरी को धो लें और साफ कॉटन कपड़े से तुरंत पोंछ लें। बेकिंग सोडा और एल्युमिनियम फॉयल वाला तरीका करें इस्तेमाल आप बेकिंग सोडा और एल्युमिनियम फॉयल ये दोनों चीजें आपके किचन में मिल जाएगी। ऐसे में काली पड़ चुकी ज्वेलरी को आसानी से साफ किया जा सकता है। - सबसे पहले आप एक कटोरे में एल्युमिनियम फॉयल की एक शीट बिछाएं और उसमें गर्म पानी डालें। - अब पानी में एक चम्मच बेकिंग सोडा और थोड़ा सा नमक मिलाएं। - फिर काली पड़ी ऑक्सीडाइज्ड ज्वेलरी को इस पानी में लगभग 5 से 10 मिनट को तक डुबोकर रखें। - फॉयल और बेकिंग सोडा की रासायनिक प्रतिक्रिया से मैल अपने आप छूट जाएगी। - इसके बाद साफ पानी से धोकर इसे सुखा लें। नींबू और नमक से साफ करें ऑक्सीडाइज ज्वेलरी नींबू पाए जाने वाले साइट्रिक एसिड जंग और कालेपन को हटाने का काम करता है, जिसमें गहने मिनटों में चमक सकते हैं। नीचे देखें तरीका- - एक कटोरी में नींबू का रस लें और इसमें थोड़ा-सा नमक मिलाएं। - फिर इस मिश्रण में एक कॉटन बॉल डुबोकर ज्वेलरी पर हल्के हाथों से रगड़ें। - यदि ज्वेलरी बहुत ज्यादा गंदी है, तो उसे 2 मिनट के लिए इस घोल में छोड़ दें। - अब साफ पानी से धोने के बाद इसे धूप में या पंखे के नीचे पूरी तरह सूखा लें, जिससे नमी न रहे।
दूल्हा बनने वाले हैं तो 1 महीने पहले से अपनाएं ये 5 स्किन केयर टिप्स, शादी के दिन चमकेगा चेहरा
शादी का दिन हर किसी के लिए खास होता है और अगर आप भी दूल्हा बनने जा रहे हैं, तो वेडिंग डे से करीब 1 महीना पहले ही स्किन केयर रूटीन को फॉलो करना शुरू कर दें। सही स्किन केयर से आपका चेहरा नेचुरल ग्लो करेगा।
रिलेशनशिप टिप्स: रिश्ता मजबूत बनाना है तो पार्टनर से रोज पूछें ये 5 सवाल
Relationship Tips: अगर आप अपने पार्टनर के साथ अपना रिश्ता मजबूत करना चाहते हैं तो आपस में ये पांच सवाल हर दिन पूछें।
शारदीय नवरात्रि 2026: भारत के बाहर कहां-कहां हैं शक्तिपीठ? जानिए मां के इन मंदिरों का धार्मिक महत्व
Famous Hindu Temples Outside India: कुछ ही दिनों में शारदीय नवरात्रि की शुरुआत होने वाली है। ऐसे में हम आपको बताएंगे माता रानी के ऐसे मंदिरों के बारे में, जो भारत के बाहर स्थित हैं।
भारत के इन रहस्यमयी मंदिरों में रात में भी होते हैं भगवान के दर्शन, नजारा देख रह जाएंगे हैरान
भारत में ऐसे कई मंदिर हैं, जो अपने चमत्कार और दिव्य शक्तियों की वजह से जाने जाते हैं। ऐसे मंदिर भी हैं, जहां आपको रात में भी भगवान के दर्शन मिल जाएंगे। आइये इन धार्मिल स्थलों के बारे में विस्तार से जानते हैं।
हेल्थ टिप्स: सुबह की डाइट में शामिल करें भीगे चने, पेट से लेकर मांसपेशियों तक को मिलेगा फायदा
भीगे चने पोषण से भरपूर खाद्य पदार्थ हैं, जिनमें प्रोटीन, फाइबर और कार्बोहाइड्रेट पाए जाते हैं। इन्हें संतुलित आहार में शामिल करने से ऊर्जा, मांसपेशियों, पाचन और वजन प्रबंधन में मदद मिल सकती है।
हेमा मालिनी 77 की उम्र में फिट रहने के लिए अपनाती हैं ये 3 आदतें, जानें उनका फिटनेस सीक्रेट
हेमा मालिनी की उम्र 77 हैं लेकिन वह आज भी फिट और एक्टिव हैं। ड्रीम गर्ल फिटनेस के लिए सालों से कुछ आदतों को अपनाए हुए हैं और यही वजह है कि वह आज भी फिट हैं। चलिए उनके फिटनेस सीक्रेट्स जानते हैं।
कढ़ाई छोड़िए अप्पे पैन में बनाएं बाजार जैसी इमरती, पूनम देवनानी ने बताया आसान तरीका
इमरती तो आपने खूब खाई होगी लेकिन क्या कभी अप्पे पैन में बनी इमरती का स्वाद चखा है। पूनम देवनानी की स्पेशल इमरती रेसिपी हम आपको बताने जा रहे हैं, जिसे उन्होंने अप्पे पैन में बनाया है।
सिर्फ सीने में दर्द नहीं! हार्ट अटैक से पहले इन 3 हिस्सों में भी हो सकता है दर्द
सीने में दर्द, भारीपन हार्ट अटैक के खास लक्षण माने जाते हैं लेकिन शरीर के कुछ अलग हिस्सों में भी आपको दर्द महसूस हो सकता है, जिन्हें नजरअंदाज न करें। आइये जानते हैं हार्ट अटैक से पहले शरीर के किन हिस्सों में दर्द महसूस होता है।
हेल्दी स्नैक्स रेसिपी: भुना हुआ मखाना रोज खाने का करेगा मन, बस इन 3 फ्लेवर्स में बनाकर देखें
How to Make Roasted Makhana at Home: मखाने को बिना ज्यादा मेहनत के घर पर रोस्ट किया जा सकता है और अलग-अलग मसालों की मदद से हर दिन इसका नया स्वाद लिया जा सकता है। अगर आपको सादा मखाना पसंद नहीं आता, तो इन तीन फ्लेवर को जरूर ट्राई करें।
Jokes In Hindi: शादीशुदा आदमी क्या नहीं भूल सकता? मजेदार चुटकुले पढ़कर हंसते-हंसते हो जाएंगे लोटपोट
घर, परिवार, काम का स्ट्रेस हर कोई झेल रहा है और कई बार इसे कम करने के लिए लोग दोस्तों से मिल लेते हैं। अगर आप दोस्तों से नहीं मिल पा रहे हैं, तो हम आपके लिए कुछ मजेदार चुटकुले लेकर आए हैं। इन्हें पढ़ने के बाद आपकी हंसी नहीं रुकेगी।
मसूर दाल से बनाएं कुरकुरा और टेस्टी डोसा, बच्चे से लेकर बड़ों तक को आएगा पसंद, नोट करें रेसिपी
आपने चावल और उड़द दाल का डोसा तो खूब खाया होगा लेकिन क्या आपने कभी मसूर दाल का डोसा ट्राय किया है। अगर नहीं तो इस वीकेंड घर पर बनाकर सभी को खिलाएं। नोट करें रेसिपी।
रविवार को बस 15 मिनट करें ये योगासन, शरीर की जकड़न होगी दूर और मिलेगा रिलैक्स फील
15 Minute Yoga Stretch: आप सुबह उठने के बाद या दिन में अपनी सुविधा के अनुसार इन आसान योगासन और स्ट्रेचिंग मूवमेंट्स को कर सकते हैं। शुरुआत हमेशा धीरे करें और शरीर की क्षमता के अनुसार ही स्ट्रेच करें।
कब्ज और ब्लोटिंग से परेशान हैं? डाइट में शामिल करें ये 11 फल
मौसम बदलने पर कब्ज और पेट भारी रहने की समस्या आम हो जाती है, दवाओं के बजाय खान-पान में बदलाव कर इससे राहत पाई जा सकती है. गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. जोसेफ साल्हाब के अनुसार, सेब, कीवी, आलूबुखारा और ड्रैगन फ्रूट जैसे 11 फल फाइबर और सोर्बिटोल से भरपूर हैं, जो आंतों की नेचुरली सफाई में मदद करते हैं.
महंगे स्कूल नहीं, संस्कार हैं ज्यादा जरूरी! अपने बच्चों को ये 5 बातें जरूर सिखाएं पैरेंट्स
बच्चा एक अच्छा इंसान बने, इसके लिए महंगे स्कूल और अच्छी एजुकेशन की काफी नहीं है। घर पर दिए गए संस्कार भी इसमें अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में अगर आपका बच्चा छोटा है तो ये 5 बातें आपको जरूर बतानी चाहिए। धीरे-धीरे ये उसकी आदत बन जाएगी और उसके संस्कार उसके बर्ताव में दिखेंगे।
मार्केट में मिल रहे प्लास्टिक वाले अंडे? असली हैं या नकली, 2 मिनट में ऐसे करें पहचान!
आपने सोशल मीडिया पर कई वीडियो देखे होंगे जिनमें नकली या प्लास्टिक से बने हुए अंडे देखने को मिलते हैं। लेकिन क्या वाकई मार्केट में प्लास्टिक के अंडे मिलते हैं? अगर हां, तो फिर इन्हें पहचाना कैसे जाएं। आइए विस्तार में जानते हैं।
10 मिनट में बनाएं प्याज के पत्तों की चटपटी भुजिया, आसान है रेसिपी
मूली के पत्तों की भुजिया तो आपने बहुत खाई होगी, लेकिन एक बार प्याज के पत्तों की भुजिया ट्राई करके देखिए. हरी प्याज की भुजिया का स्वाद मजेदार होता है और सबसे खास बात यह है कि इस सब्जी बनने में भी बहुत कम समय लगता है. आइए आपको इसे बनाने का आसान तरीका बताते हैं.
चूड़ियों के साथ सुंदर लगेंगे गोल्ड के बैंगल्स, बजट में देखें 7 हल्के और स्टाइलिश डिजाइन!
सोने के बैंगल्स बनवाने की सोच रही हैं तो एक बार ये डिजाइन जरूर देख लें। ये ना सिर्फ देखने में अट्रैक्टिव हैं, बल्कि बजट में भी बन जाते हैं। अगर आपको मिनिमल डिजाइन्स पसंद आते हैं तो ये वाले पैटर्न आपको जरूर पसंद आएंगे।
इंटरनेट डेस्क। देश-दुनिया में बड़ी संख्या में लोगों द्वारा व्हाट्सऐप का उपयोग किया जाता है। हालांकि बहुत से लोग इस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दिन-रात अनजान नंबरों, बैंक ऑफर या फर्जी इंटरनेशनल नंबरों से परेशान रहते हैं। अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है तो हम आपको एक फीचर के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं, जिसका उपयोग करने से आपको राहत मिलेगी। इसमें आपको हर नंबर को ब्लॉक करने की ज़रूरत नहीं है। ये नया प्राइवेसी फीचर 'Silence Unknown Callers' है, जिसमें आपको स्पैम और अनजान कॉल्स के झंझट से पूरी तरह मुक्ति दिलेगी। इस प्रकार कर लें फीचर को ऑन अपने फोन में WhatsApp ओपन कर ऊपर दाईं ओर दिख रही तीन बिंदुओं पर टैप करके Settings में जाएं। अब यहां पर प्राइवेसी वाले विकल्प पर क्लिक करें। नीचे स्क्रॉल करके Calls ऑप्शन में 'Silence Unknown Callers' के सामने दिख रहे टॉगल बटन को अब आप ऑन कर दें। ऐसा करने से अनजान कॉल्स की गूंज बंद हो जाएगी और आपकी प्राइवेसी पूरी तरह सुरक्षित रहेगी। PC:techadvisor अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
पैकेट वाली दही या घर की जमी हुई, कौन है ज्यादा फायदेमंद? डॉ सलीम ने बताया अंतर
घर की जमी हुई दही और पैकेट वाली दही दोनों देखने में बिल्कुल सेम लगती हैं। लेकिन इनमें बहुत अंतर होता है। अगर आप भी रोज पैकेट वाली दही खाते हैं, तो एक बार डॉ सलीम की बताई ये जरूरी बातें आपको जरूर जाननी चाहिए।
हमारा शरीर पांच तत्वों से मिलकर बना है - पाँच तत्वों का महत्व—यहां पढ़ें
प्राचीन समय से ही विद्वानों का मत रहा है कि इस सृष्टि की संरचना पांच तत्वों से मिलकर हुई है। सृष्टि में इन पंचतत्वों का संतुलन बना हुआ है।
ना मैदा, ना सूजी! सिर्फ 2 आलू से बनाएं खस्ता कुरकुरी पापड़ी, महीनों तक नहीं होगी खराब
चाय के साथ कुछ खाना हो या हल्की फुल्की भूख लगी हो, ये कुरकुरी पापड़ी एक परफेक्ट ऑप्शन हैं। ये बिना मैदा और बिना सूजी के बनती हैं और सही से स्टोर करने पर महीनों खराब भी नहीं होती। शेफ पारुल ने इन्हें बनाने की रेसिपी शेयर की है।
Health Tips: खाने के बाद आपको भी होती हैं सीने में जलन तो ये हो सकते हैं इसके पीछे के कारण
इंटरनेट डेस्क। कई लोगों को खाना खाने के बाद सीने में जलन होती हैं, उन्हें परेशानपी होती हैं और साथ में खट्टी डकारे भी आती रहती है। छाती में जलन को अक्सर लोग गैस या अपच समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन हर बार ऐसा करना आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। क्यों होता हैं ऐसा रिसर्च के मुताबिक कई मामलों में इसका कारण गैस्ट्रोएसोफेजियल रिफ्लक्स डिजीज हो सकता है। इसमें पेट की अम्लीय सामग्री वापस भोजन नली में पहुंचती है, जिससे छाती के बीचों बीच जलन, मुंह में खट्टा पानी आना या खाना वापस ऊपर आने जैसी परेशानी हो सकती है। सीने में जलन के मुख्य कारण ये हो सकते हैं मसालेदार और तला-भुना खानाः अधिक तेल, मिर्च वाले भोजन पेट में एसिड का उत्पादन बढ़ा देते हैं और वॉल्व को ढीला कर देते हैं। खाने के तुरंत बाद लेटनाः भोजन करने के तुरंत बाद बिस्तर पर जाने से गुरुत्वाकर्षण एसिड को वापस ऊपर आने में मदद करता है। ओवरईटिंगः एक ही बार में बहुत अधिक खा लेने से पेट पर दबाव बढ़ता है, जिससे एसिड ऊपर की ओर आ जाता है। कैफीन और सिगरेट/शराबरू चाय, कॉफी, वातित पेय, सिगरेट और शराब का सेवन pc- needhamgastro.com
Pitru Paksha: श्राद्ध के भोजन में क्या बनाएं और किन चीजों से पूरी तरह करें परहेज
पितृ पक्ष का समय चल रहा है। इस दौरान हम सभी अपने पूर्वजों को याद करते हैं और उनके प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट करते हैं। इन 16 दिनों में पितरों की तृप्ति और उनकी आत्मा की शांति के लिए समर्पित होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, पितृ पक्ष के समय पितर अपने परिवार से मिलने धरती पर आते हैं। ऐसे में श्राद्ध पक्ष के समय भोजन, खान-पान और रसोई की पवित्रता या शुद्धता का खासा ध्यान रखा जाता है। आइए आपको इस लेख में बताते हैं कि श्राद्ध के दौरान घर में क्या बनाएं और क्या नहीं। श्राद्ध के भोजन में क्या बनाएं? पितरों के लिए श्राद्ध का भोजन पूरी तरह से सात्विक होना चाहिए। इसमें प्याज और लहसुन का बिल्कुल इस्तेमाल न करें। इसके साथ ही आपको बताते हैं क्या-क्या खाने में आप बना सकती हैं? - श्राद्ध की थाली में मुख्य रुप से खीर (विशेषकर चावल और मखाने की), पूड़ी या कचौड़ी और उड़द या मूंग की दाल को शामिल करें। - मौसमी और सात्विक सब्जियों का ही इस्तेमाल करें। कद्दू, जिमीकंद या सूरन, तोरई, अरबी और कच्चे केले की सब्जी श्राद्ध में बहुत शुभ मानी जाती है। - गेहूं के आटे की सात्विक रोटियां और चावल की खीर बनाएं। - भोजन को शुद्ध देसी घी में ही बनाएं। वहीं, भोजन में गुड़ का होना भी काफी जरुरी है, क्योंकि पितरों को गुड़ का प्रयोग प्रिय होता है। श्राद्ध के भोजन में क्या न बनाएं? - पितृ पक्ष के समय भूलकर भी खाने में प्याज-लहसुन या हींग का प्रयोग न करें। - मांस, मछली, अंडे और किसी भी प्रकार के नशे या मांसाहारी वस्तु का सेवन और प्रयोग सख्त वर्जित है। बासी या पहले का रखा हुआ खाना पितरों को कभी भी न दें। - श्राद्ध के समय खाने में मसूर की दाल, चना दाल, काली उड़द, बैंगन, मूली, गाजर और बासी या कटे हुए फल शामिल न करें। - भोजन में काला नमक का इस्तेमाल वर्जित माना जाता है। इसके अलावा, पैकेटबंद या डिब्बाबंद चीजों का इस्तेमाल करने से बचें। पितृ पक्ष में भोजन की शुद्धता का रखते हैं विशेष ध्यान - ध्यान रहे कि भोजन बनाने वाले व्यक्ति को स्नान करने के बाद पूरी तरह से शुद्ध होकर ही रसोई में प्रवेश करें। - सबसे पहले बना हुआ भोजन भगवान को और पितरों को समर्पित करें, जिसको 'भोग' कहा जाता है। - फिर भोजन का एक हिस्सा गाय, कुत्ते, कौवे और चींटियों के लिए निकाले। माना जाता है कि इन जीवी के माध्यम से भोजन सीधे हमारे पितरों तक पहुंच जाता है। - इस दौरान परिवार के सभी सदस्यों को शांत मन और श्रद्धा भाव से सात्विक भोजन ग्रहण करना चाहिए।
पायल का नया डिजाइन देख पत्नी हो जाएंगी खुश, कम चांदी में बनेंगे ये 7 झूला डिजाइन
करवाचौथ पर अगर आप अपनी वाइफ को कुछ अच्छा गिफ्ट करना चाहते हैं चांदी की पायल बनवाएं। यहां देखिए चांदी की पायल के 7 सबसे सुंदर डिजाइन जो कम चांदी में बनकर तैयार हो जाएंगे।
83 की उम्र में भी इतने फिट! सिर्फ जिम नहीं, अमिताभ बच्चन की फिटनेस के पीछे हैं ये 5 आदतें
अमिताभ बच्चन की उम्र 83 साल है, लेकिन उनकी फिटनेस देखकर कोई भी इसका अंदाजा नहीं लगा सकता। हर कोई जानना चाहता है कि उनकी इस कमाल फिटनेस के पीछे कौन सी आदतें जिम्मेदार हैं। आइए विस्तार में जानते हैं।
घर पर चुकंदर से बनाएं नेचुरल लिप बाम, होंठ होंगे गुलाबी और सॉफ्ट
Homemade Beetroot Lip Balm: रूखे और फटे होंठों से परेशान हैं तो घर पर चुकंदर की मदद से लिप बाम बना सकते हैं. इसे बनाना आसान है और इसमें इस्तेमाल होने वाली चीजें भी आसानी से मिल जाती हैं. यह होंठों को मॉइश्चराइज रखने के साथ हल्का नेचुरल टिंट देने में भी मदद करता है.
घूमने से ज्यादा होटल में ठहरना पसंद कर रही Gen Z, जानिए क्या है ट्रैवल का नया ट्रेंड
छुट्टियां बिताने के लिए आप किसी जगह पर जाएं और घूमने फिरने की जगह सिर्फ होटल के रूम में समय बिताएं ये सुनना अजीब लग सकता है लेकिन आजकल के Gen Z ऐसा करना ही पसंद कर रहे हैं। ऐस में जानिए क्या है ट्रैवल का नया ट्रेंड ‘रूम रॉटिंग’।
Copper Utensils Cleaning: बिना केमिकल Tamarind Pulp और Curd से तांबे के बर्तनों का कालापन करें दूर
अक्टूबर के महीने में कई व्रत-त्योहार पड़ रहे हैं। वहीं 11 अक्टूबर 2026 से नवरात्रि का महापर्व शुरू हो रहा है। हिंदू धर्म में नवरात्रि के पर्व की विशेष महत्व माना जाता है। इस दौरान कई लोग भगवान की पूजा के लिए पीतल और तांबे के बर्तनों का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन लंबे समय तक इन बर्तनों का इस्तेमाल न किया जाए या नमी की वजह से इन बर्तनों पर कालापन और दाग जम जाते हैं। जिससे बर्तनों की चमक फीकी पड़ जाती है। ऐसे में इन बर्तनों को साफ करने के लिए महंगे क्लीनर खरीदने की जरूरत नहीं है। घर में मौजूद कुछ आसान चीजों की सहायता से आप न सिर्फ तांबे और पीतल के बर्तनों को नए जैसा चमका सकते हैं। नींबू और नमक से करें साफ तांबे और पीतल के बर्तनों की सफाई के लिए नमक और नींबू सबसे आसान और असरदार उपाय माना जाता है। एक नींबू को पहले बीच से काट लें और फिर इस पर थोड़ा सा नमक लगाएं। अब तांबे के बर्तनों पर आधे कटे नींबू को हल्के हाथों से रगडें। 5 से 10 मिनट बाद पानी से धोकर बर्तनों को पोंछ लें। इससे जिद्दी दाग और कालापन काफी हद तक साफ हो जाएगा। इमली का गूदा अगर बर्तनों पर पुराने और जिद्दी दाग पड़े हैं, तो इमली का गूदा भी मदद कर सकता है। इमली को थोड़ी देर पानी में भिगोकर इसका गूदा निकाल लें। फिर बर्तनों पर लगाएं और कुछ मिनट के लिए छोड़ दें। इसके बाद मुलायम स्क्रबर से हल्के हाथों से बर्तन को साफ करें और पानी को धो लें। बेकिंग सोडा और नींबू नींबू और बेकिंग सोडा का मिश्रण भी तांबे के बर्तनों को साफ करने में मददगार माना जाता है। दोनों को मिलाकर पेस्ट तैयार करें और फिर बर्तनों पर लगाएं। 10 मिनट बाद मुलायम स्पंज से रगड़कर धो लें। इससे बर्तनों की चमक वापस मिलती है। सिरका और नमक अगर तांबे के बर्तन अधिक काले हो गए हैं, तो सिरका और नमक के घोल का उपयोग कर सकती हैं। सिरका और नमक को मिलाकर बर्तन पर लगाएं। फिर कुछ मिनट बाद हल्के हाथों से रगड़ें और साफ पानी से धोकर फौरन सूखे कपड़े से पोंछ दें। इससे दाग भी हट जाते हैं और नए जैसी चमक भी लौटती है। बेसन और दही अगर आप भी केमिकल फ्री तरीका अपनाना चाहती हैं, तो दही और बेसन का गाढ़ा पेस्ट बनाकर बर्तनों पर लगाएं। 10 से 15 मिनट बाद हल्के हाथों से रगड़ते हुए तांबे के बर्तनों को साफ करें। इस आसान तरीके से बर्तनों की गंदगी हटाने के साथ उनकी नेचुरल चमक बनाए रखने में सहायता करता है।
बाथरूम की गंदी टाइल्स उसके लुक को खराब कर देती है। ऐसे में इसकी सफाई करने के लिए लोग कई तरह की चीजों का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि कुछ आसान घरेलू नुस्खे अपनाकर आप बाथरूम की गंदी टाइल्स को साफ कर सकते हैं।
महिलाओं में वजाइलन डिस्चार्ज की समस्या: जानें कब है नॉर्मल और कब है इन्फेक्शन का खतरा
PC: Hindsutan महिलाओं के शरीर में सफ़ेद या साफ़ वजाइनल डिस्चार्ज होना एक स्वाभाविक और प्राकृतिक प्रक्रिया (Natural Process) है। यह वजाइना और सर्विक्स की ग्रंथियों से बनता है, जो अंग को साफ़ और नम रखने में मदद करता है। पीरियड्स साइकिल, ओव्यूलेशन और प्रेग्नेंसी के दौरान हॉर्मोनल बदलावों के कारण इसके रंग, मात्रा और गाढ़ेपन में बदलाव आना पूरी तरह सामान्य है। कब हो सकता है इन्फेक्शन का संकेत? अगर डिस्चार्ज के सामान्य पैटर्न में अचानक बदलाव आए और निम्नलिखित लक्षण दिखाई दें, तो यह किसी इन्फेक्शन का संकेत हो सकता है: डिस्चार्ज का रंग पीला, हरा या भूरा-सफ़ेद होना, अथवा उससे मछली जैसी तेज बदबू आना। दही जैसा अत्यधिक गाढ़ा डिस्चार्ज होना। डिस्चार्ज के साथ तेज खुजली, जलन, चुभन, पेट दर्द या पेशाब और सेक्स के दौरान दर्द होना। यह समस्या बैक्टीरियल वेजिनोसिस (Bacterial Vaginosis), यीस्ट इन्फेक्शन (Yeast Infection) या एसटीआई (STI) जैसे ट्राइकोमोनिएसिस और क्लैमाइडिया के कारण हो सकती है। बचाव और डॉक्टर की सलाह खुद से दवा न लें: बिना डॉक्टर की सलाह के मेडिकल स्टोर से एंटीबायोटिक्स या एंटीफंगल दवाएं लेने से बचें, क्योंकि गलत दवा से बीमारी का पता लगाने में देरी हो सकती है। हाइजीन का ध्यान रखें: वजाइना अपनी सफाई खुद करती है। इसलिए खुशबूदार वॉश, डूशिंग या तेज साबुन के इस्तेमाल से बचें। सूती और सूखे अंडरवियर पहनें। डॉक्टर से कब मिलें: यदि डिस्चार्ज में लगातार असामान्य बदलाव दिखे, साथ में बुखार, पेट दर्द या असामान्य ब्लीडिंग हो, तो तुरंत गाइनेकोलॉजिस्ट (Gynecologist) से जांच कराएं।
विश्व शिक्षक दिवस 2026: 5 सितंबर के बाद 5 अक्तूबर को भी क्यों मनाया जाता है शिक्षक दिवस? जानें वजह
5 सितंबर भारत के पूर्व राष्ट्रपति और महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती से जुड़ा है, जबकि 5 अक्टूबर का अवसर पूरी दुनिया में शिक्षकों की भूमिका और उनके अधिकारों को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है।
ट्रैवल गाइड: अक्टूबर में भारत के इन 5 फेस्टिवल्स का बनें हिस्सा, जानें कब और कहां होगा आयोजन
कोलकाता की भव्य दुर्गा पूजा से लेकर कर्नाटक के कोडागु में कावेरी संक्रामण, अंडमान में नारियल से जुड़ा अनोखा कार्निवल और गुजरात का गरबा-डांडिया, भारत की अलग-अलग सांस्कृतिक परंपराओं को करीब से देखने का मौका देता है।
घर पर 2 आसान स्टेप्स में नापें सही Bra Size, समझें Band और Bust का सही तरीका
किसी भी आउटफिट में परफेक्ट लुक पाने और फिटिंग वाले कपड़े पहनने के लिए सही इनरवियर का होना बहुत जरुरी होता है। अक्सर होता है कि महिलाएं इनरवियर पहन तो लेती हैं, लेकिन सही साइज का चुनाव नहीं कर पाती है। गलत साइज की ब्रा न सिर्फ आपकी पर्सनालिटी को खराब करती है, बल्कि यह आपकी सेहत के लिए भी नुकसानदायक हो सकता है। अगर आप बहुत ही ज्यादा टाइट या ढीली ब्रा पहनती है, तो आपके स्किन पर लाल निशान, कंधे व पीठ में दर्द और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं पैदा कर सकती हैं। यदि आप भी बिना साइज नापे ब्रा खरीद रही है, तो एक बार इस आर्टिकल को जरुर पढ़ें। इस लेख में हम आपको बेहद ही आसान स्टेप्स बताएंगे, जिनकी मदद से आप घर पर ही परफेक्ट ब्रा साइज चुन सकते हैं। घर पर ही सही ब्रा साइज मापने के 2 आसान स्टेप्स सही ब्रा साइज आपके लुक को बेहतरीन बनाती है और आपको कई तरह की परेशनियों से बचाता है। साइज को मापने के लिए आप इन दो स्टेप्स को फॉलो करें- स्टेप 1: बैंड साइज नापें इसके लिए इंची टेप को अपनी छाती को ठीक नीचे यानी रिब केज के चारों तरफ घुमाकर नापें। टेप को न तो बहुत टाइट रखें और न ही बहुत ढीला। यदि नाप 32 या 34 इंच आता है, तो यही आपका बैंड साइज है। अगर नाप 31 या 33 इंच आता है, तो इसमें 1 इंच जोड़कर अगला सम नंबर जैसे 31 को 32 या 33 को 34 मान लें। वही आपका सही बैंड साइज होगा। स्टेप 2: बस्ट साइज नापें अब आप इंची टेप से अपने चेस्ट के सबसे उभरे हुए हिस्से यानी निप्पल के लेवल पर रखकर नांपे। यह आपका बस्ट का साइज बताएगा। कप साइज निकालने का आसान तरीका असल में कप साइज निकालना काफी आसान है। इसके लिए आपको अपने ब्रेस्ट साइज में से बैंड साइज को घटा दें- यदि आपका बैंड साइज 34 इंच है और बस्ट साइज 36 इंच है, तो दोनों में 2 इंच का अंतर (36-34=2) हुआ। इसका अर्थ है कि आपका सही ब्रा साइज 34 B है। गलत साइज की ब्रा पहनने के नुकसान - जिन महिलाओं के ब्रेस्ट हैवी है उन्हें सही सपोर्ट न मिले, तो कंधों और ऊपरी पीठ में तेज दर्द हो सकता है। - अगर आप ज्यादा ही टाइट ब्रा पहनेगी तो आपको स्किन इंफेक्शन, रैशेज और त्वचा पर गहरे निशान पड़ सकते हैं। - टाइट या गलत ब्रा आपके बॉडी पोस्चर को बिगाड़ सकता है, यह आपकी रीढ़ की हड्डी पर बुरा असर पड़ता है। - बहुत ही ज्यादा टाइट ब्रा पहनने के कारण महिलाओं को सांस लेने में भारीपन या असहजता महसूस हो सकती है।
Face Yoga: चेहरे पर नैचुरल ग्लो लाने के लिए डेली रूटीन में शामिल करें ये 4 Face Yoga
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लंबे समय तक स्क्रीन देखने, आराम की कमी और व्यस्त लाइफस्टाइल का असर अक्सर हमारे चेहरे पर नजर आने लगता है। वहीं कई बार पर्याप्त मेकअप के बाद भी हमारा चेहरा डल और थका हुआ लगता है। ऐसे में आप फेस योगा को अपनी डेली रूटीन में शामिल कर सकती हैं। इससे फेस और गर्दन की मांसपेशियों को हल्के मूवमेंट और स्ट्रेच के जरिए रिलैक्स किया जाता है। ऐसे में अगर आप भी अपने चेहरे पर निखार और ताजगी पाना चाहती हैं, तो इन आसान फेस योगा को अपने रूटीन में शामिल कर सकती हैं। गुब्बारा मुद्रा इस आसन को करने के लिए अपने मुंह में हवा भरें और 10 से 30 सेकेंड तक मुंह को गुब्बारे की तरह फुलाकर रखें। 2 सेकेंड तक इसी मुद्रा में रहें और कम से कम 3 से 5 बार इसको करें। इसमें एक एक्सरसाइज और जोड़ लें। मुंह में हवा भरकर हवा को गालों में चारों ओर घुमाएं। एक ओर बाएं तरफ और एक बाद दाएं तरफ से। इसे भी पढ़ें: Moringa के सेवन से कंट्रोल रहेगा Diabetes और वजन, शरीर को मिलेंगे जरूरी Vitamins फेस टैपिंग यह एक आसान फेशियल एक्सरसाइज है। भौंहों के बीच से टैपिंग शुरू करके माथे तक जाएं। इस दौरान आंखों के अंदर और आसपास के क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करें। फिर आंखों के बीच वाले प्वाइंट पर टैप करें, आंखों के नीचे और होंठों पर टैपिंग करें। इसके बाद ऊपरी होंठ और निचले गाल पर बाहर की ओर तक टैपिंग करें। लास्ट में पूरी गर्दन पर टैपिंग करें। इससे ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है और स्किन को नेचुरल लालिमा मिलती है। वहीं यह स्किन में ऑक्सीजन के प्रवाह को भी बेहतर बनाता है। पाउट सोशल मीडिया पर इसका चलन भले ही नया हो, लेकिन इस मुद्रा से होठों और मुंह के आस-पास का क्षेत्र टोन होता है। यह आसान एक्सरसाइज न सिर्फ आपको अच्छे होंठ देता है, बल्कि मुंह के आसपास की झुर्रियां भी कम होती हैं। इसके लिए पाउट बनाएं और करीब 30 सेकेंड तक इसी मुद्रा में रहें। 4 से 5 बार इस प्रोसेस को दोहराएं। फिश फेस वर्कआउट यह भी पाउटिंग जैसी एक्सरसाइज है। लेकिन यह फेस योगा गाल को बढ़ाता है। इसको करने से गाल की मांसपेशियां और पूरे फेस की मांसपेशियां एक्टिव होती हैं। गाल की मांसपेशियों को टोन और मजबूत करता है। इसको करने से गाल की चर्बी कम होती है और फेस पतला और जवां दिखता है। इसको करने के लिए गालों और होठों को मछली के मुंह की तरह बनाएं और आंखों को खुला रखें। 30 सेकेंड तक इस मुद्रा में रहें, जब तक की आपकी आंखें झपकने न लगें। इस प्रोसेस को 4 से 5 बार दोहराएं।
गार्डनिंग टिप्स: सर्दियों में फूलों से महकाएं अपना आशियाना, अक्तूबर से शुरू करें बगीचे की तैयारी
Gardening Tips: सर्दियों में खिलने वाले रंग-बिरंगे फूलों से घर की बालकनी और बगीचा सजाएं। जानिए मिट्टी से लेकर पौधों की देखभाल तक की जरूरी बातें।
Jitiya Vrat Paran Recipe: जितिया व्रत पारण के लिए ऐसे बनाएं पारंपरिक सतपुतिया और छोटा चना
बिहार, झारखंड और अन्य राज्यों में जितिया व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। जितिया व्रत माताएं अपनी संतानों की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और उज्जवल भविष्य के लिए रखती हैं। तीन दिनों तक चलने वाले इस निर्जला कठिन व्रत का समापन पारण के साथ होता है। पारण वाले दिन सुबह स्नान करके भगवान जी की पूजा-अर्चना के बाद व्रत खोला जाता है। इस दिन विशेष रूप से पारंपरिक बिहारी व्यंजन बनाए जाते हैं, जिनमें सतपुतिया यानी झिंगनी की सब्जी और छोटे चने (घूघनी) का धार्मिक के साथ ही पारंपरिक महत्व माने जाते हैं। आइए आपको सतपुतिया और छोटे चने को बनाने की रेसिपी बताते हैं- सतपुतिया (झिंगनी) की सब्जी बनाने की पारंपरिक विधि आमतौर पर सतपुतिया को कई जगहों पर झिंगनी या तोरई परिवार की खास किस्म कहा जाता है, जितिया पारण की सबसे मुख्य सब्जी है। देखें रेसिपी- सामग्री 500 ग्राम- सतपुतिया 2- हरी मिर्च आधा चम्मच- जीरा, एक चुटकी- हींग हल्दी पाउडर धनिया पाउडर स्वादानुसार नमक सरसों का तेल बनाने की विधि - सबसे पहले सतपुतिया को धोकर छील लें और छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। - इस बात का ध्यान रखें कि सतपुतिया में पानी की मात्रा काफी ज्यादा होती है, इसलिए इसमें अलग से पानी न डालें। - अब कड़ाही में सरसों का तेल गर्म करें। - इसके बाद तेल गर्म होने पर उसमें जीरा और हींग का तड़का लगाएं। - इसमें कटी हुई हरी मिर्च और प्याज डालकर हल्का सुनहरा भून लें - अब कटी हुई सतपुतिया, हल्दी, धनिया और नमक डालकर अच्छी तरह से मिला लें। - इसके बाद कड़ाही को ढककर मध्यम आंच पर पकने दें। - इसको आप बीचों-बीच में चलाते रहे हैं, जब तक कि पानी पूरी तरह सूख न जाए और सब्जी नरम न हो जाए। छोटा चना की पारंपरिक विधि क्या है? सतपुतिया की सब्जी के साथ छोटे काले चने की सूखी सब्जी या रसदार घूघनी का संयोजन जितिया पारण के खाने का पूर्ण बनाया जाता है। नीचे पढ़े रेसिपी- सामग्री 1 कप छोटे काले चने 1 चम्मच अदरक-हरी मिर्च का पेस्ट आधा चम्मच जीरा तेजपत्ता हल्दी लाल मिर्च पाउडर गरम मसाला नमक सरसों का तेल बिहारी स्टाइल छोटे चने बनाने की तरीका - सबसे पहले भीगे हुए चनों को कुकर में थोड़ा-सा पानी और नमक डालकर 4 से 5 सीटी आने तक अच्छी तरह उबाल लें। - अब एक कड़ाही में सरसों का तेल गर्म करें। इसमें जीरा और तेजपत्ता डाल दें। - इसके बाद अदरक-हरी मिर्च का पेस्ट डालकर कच्चापन दूर होने तक भूनें। - उबले हुए चने और सूखे मसाले (हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर) अच्छे से मिला लें। - मसालों को चनों के साथ 3 से 4 मिनट तक भून लें, जिससे स्वाद अंदर तक चला जाए। - अंत में थोड़ा-सा गरम मसाला छिड़कर इसे आंच से उतार लें।
पहली बार मथुरा-वृंदावन जा रहे हैं? ये 3-दिन का बजट प्लान सेव कर लें
राधा-कृष्ण के भक्तों की सबसे फेवरिट जगहों में से एक है मथुरा-वृंदावन। अगर आप इस जगह पर पहली बार जा रहे हैं तो यहां बताए गए बजट प्लान को सेव कर लें। ये 3 दिन का प्लान है जो आपके खूब काम आ सकता है।
हेल्थ टिप्स: शरीर ही नहीं दिमाग भी हो रहा है आपकी इन आदतों से परेशान, तुरंत करें सुधार
हमारी रोजमर्रा की आदतों का मानसिक स्वास्थ्य पर सीधा असर पड़ता है। सोशल मीडिया का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल, पर्याप्त नींद न लेना और लगातार नकारात्मक सोच मानसिक और भावनात्मक सेहत को प्रभावित कर सकती है
Moringa के सेवन से कंट्रोल रहेगा Diabetes और वजन, शरीर को मिलेंगे जरूरी Vitamins
हेल्दी रहने के लिए बेहतरीन डाइट का होना भी काफी जरुरी है। मोरिंग जिसे आम भाषा में सहजन कहा जाता है। असल में यह एक ऐसा वृक्ष है जिसके सभी भाग उपयोग में आते हैं। इसकी फलियां, पत्तियां, फूल, बीज, तना और जड़ सभी औषधि के रुप में कारगर है। साइंस में इसे चमत्कारी वृक्ष माना जाता है। आज ही नहीं हजारों साल पहले भी इससे प्राकृतिक चिकित्सा में प्रयोग किया जा रहा है। असल में इस वृक्ष के प्रति भाग में प्रोटीन, विटामिन, कैल्शियम, आयरन, पोटेशियम और मैग्नेशियम जैसे मिनरल्स पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। इसकी आप सब्जी, सूप या पाउडर का सेवन कर सकते हैं। पोषण से भरपूर सहजन की सब्जी कुछ लोग ही सिर्फ इडली सांभर में इसका प्रयोग जानते हैं, लेकिन बंगाल, यूपी, बिहार इन राज्यों में इसकी फलियों की सब्जियां बनाई जाती है। आप चाहें तो इस सब्जी के साथ चावल या फिर रोटी कुछ भी खा सकते हैं। यदि आप इसे घर पर बनाना चाहते हैं, तो पहले इसके रेशों को अच्छी तरह से निकाल लें, वरना खाते समय यह गले में फंस जाने से परेशानी होती है। इसलिए इसमें हल्का मसाला और पानी डालकर इसे पका लें। इस बात का ध्यान रखें कि सहजन को ज्यादा उबालने से इसके पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। इम्यूनिटी बूस्टर है सहजन का पाउडर सहजन की सब्जी ही नहीं इसका सूप और इसके फूल के पकौड़े भी काफी टेस्टी होती है और पौष्टिक से भरपूर होते हैं। यही नहीं, सहजन की छाल, जड़ और पत्तों से बना पाउडर या चूर्ण रोग प्रकिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है। इस पाउडर में इतनी शक्ति होती है कि आपको किसी सप्लीमेंट्स की जरुरत नहीं पड़ती है। आप चाहें तो इसे किसी भी तरह के पेय पदार्थ में मिलाकर पी सकते हैं, दूध, चाय, दाल या फिर गुनगुना पानी। वहीं, आप इसका सूप भी बना सकते हैं। रोजाना खाली पेट इसके सेवन से डायबिटीज और वजन नियंत्रण में आता है। पाचन में सुधार होता है और हड्डियां मजबूत होती हैं।
डाइट फूड रेसिपी: मीठा खाने की तलब सताए तो बनाएं ये बिना चीनी की हेल्दी रेसिपी!
Healthy Sugar Free Dessert: आज की यह रेसिपी,उनलोगों के लिए उपयोगी विकल्प हो सकती है जो कुछ मीठा खाना चाहते हैं, लेकिन अपनी डाइट में एडेड शुगरकम रखना चाहते हैं। इसमें प्राकृतिक मिठास के लिए पके केले और खजूर जैसे सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है।
लौकी का टेस्टी और हेल्दी हलवा कैसे बनाएं? बहुत सिंपल है रेसिपी
आपने लौकी की सब्जी, लौकी का पेठा, लौकी की बर्फी तो कभी न कभी ट्राय की होगी लेकिन क्या आपने कभी लौकी का हलवा चखा है। इसका स्वाद लाजवाब होता है। ये स्वादिष्ट होने के साथ साथ हेल्दी भी है।
लंच में ऐसे बनाएं मट्ठे वाले आलू, छा जाएगा यूपी का देसी स्वाद
लंच में अगर आप देसी स्वाद चखना चाहते हैं तो मट्ठे वाले आलू बनाकर तैयार करें। ये स्वाद में काफी अच्छी लगती है और रोटी-पराठे के साथ सर्व की जा सकती है। सीखिए इसे सहीं तरह से कैसे बनाएं।
सेहत की बात: आपकी रात की नींद अच्छी थी या नहीं? कैसे लगाएं इसका पता और कब हो जाएं सावधान
नींद की गुणवत्ता सिर्फ सोने के घंटों से तय नहीं होती। सुबह तरोताजा महसूस करना, दिन में एक्टिव रहना, ध्यान ठीक रहना और दिमाग का क्लियर महसूस होना अच्छे संकेत हैं।
बालों की ग्रोथ के साथ मिलेगी सॉफ्टनेस, एलोवेरा जेल से तैयार करें ये DIY बटर
बालों की लंबाई अगर रुक गई है और सॉफ्टनेस भी खत्म हो गई है तो आपको इन दोनों समस्या से छुटकारा पाने के लिए DIY हेयर बटर तैयार करना चाहिए। बालों के लिए ये काफी ज्यादा फायदेमंद होता है। सीखिए कैसे बनाएं और लगाएं-
ब्रेकफास्ट के लिए देखें 7 ऑप्शन, हाई कोलेस्ट्रॉल और फैटी लिवर वालों के लिए बेस्ट चॉइस
हेल्दी ब्रेकफास्ट में प्रोटीन की मात्रा अच्छी होना बहुत जरूरी है। यहां हम 7 ब्रेकफास्ट ऑप्शन बता रहे हैं जो फैटी लिवर और हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्या से परेशान लोगों के लिए बेस्ट हैं।
Jokes of the Day: सास के सवाल का बहू का जवाब पढ़ नहीं रुकेगी हंसी, पढ़ें मजेदार 30 चुटकुले
हंसने-हंसाने का सबसे अच्छा तरीका है जोक्स। अपनों को हंसी के ठहाके लगवाने के लिए उन्हें एक जोक भेज दें। यहां पढ़िए सास-बहू वाले 30 जोक्स जिन्हें पढ़कर हंसी को रोकना मुश्किल है।
सुबह-सुबह अपनों को याद करने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप उन्हें एक अच्छी गुड मॉर्निंग शायरी भेज दें। यहां 30 ऐसी शायरी लेकर आए हैं, जो अपने खास लोगों को भेजने के लिए बेहतरीन हैं। पढ़िए-
ऑफिस में किसी के साथ शेयर नहीं करनी चाहिए ये 5 बातें, बाद में बन सकता है आपका मजाक!
ऑफिस के प्रोफेशनल माहौल में अपने बारे में हर चीज शेयर करना सही नहीं है। कई बार आप लोगों पर ट्रस्ट कर ऐसी बातें ओवर शेयर कर देते हैं, जो बाद में गॉसिप का हिस्सा बन सकती हैं। इसलिए बेहतर है कि कुछ बातें प्राइवेट ही रखी जाएं।
ऑल ब्लैक लुक में छाईं सारा तेंदुलकर, नेकलेस ने खींचा ध्यान, video
सचिन तेंदुलकर की बेटी सारा तेंदुलकर हाल ही में वीर पहाड़िया की फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग में पहुंचीं. इस दौरान उन्होंने ब्लैक को-ऑर्ड सेट पहना था. स्टेटमेंट नेकलेस, रिंग्स, क्लच और खुले बालों के साथ सारा का कैजुअल-चिक लुक काफी स्टाइलिश नजर आया. उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं.
ब्लाउज सिलवा रही हैं? बाजू प्लेन नहीं, स्टाइलिश बनवाएं! सेव कर लें ये 8 फैंसी डिजाइन
ब्लाउज स्टिच कराने वाली हैं तो सिर्फ नेकलाइन ही नहीं, स्लीव्स पर भी फैंसी डिजाइन बनवाएं। आजकल डिजाइनर स्लीव्स का जमाना है इसलिए यहां हम आपके साथ शेयर कर रहे हैं, कुछ अट्रैक्टिव और डिजाइनर पैटर्न जो आपको सेव कर के रख लेने चाहिए।
सोया-मशरूम बिरयानी डिनर के लिए प्रोटीन से भरपूर हेल्दी विकल्प है। ब्राउन बासमती राइस, सोया और मशरूम से बनी यह रेसिपी स्वाद में लाजवाब लगती है, चलिए जानते हैं कैसे बनाएं यह रेसिपी?
Pitru Paksha पर Gaya में Pind Daan का महत्व, Patna से यात्रा रूट और पूजा के नियम
इस बार 26 सितंबर 2026 से पितृपक्ष की शुरूआत हो रही है। आश्विन माह की कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि से पितृपक्ष की शुरूआत होती है। हिंदू धर्म में पितृपक्ष का विशेष महत्व होता है। क्योंकि इस दौरान पूर्वजों के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए समर्पित होती है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक प्रतिपदा तिथि से लेकर सर्वपितृ अमावस्या तक पितरों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान और श्राद्धकर्म जैसे धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। धार्मिक मान्यता है कि पितृपक्ष के दौरान पूर्वज पृथ्वीलोक पर अपने वंशजों पर कृपा बरसाने हैं। इस दौरान विधि-विधान से किए गए श्राद्धकर्म से पितर प्रसन्न होते हैं और परिवार पर पितर अपना आशीर्वाद बनाए रखते हैं। इसलिए श्राद्धकर्म नियमों के साथ पूर्ण किए जाते हैं। अगर आप पहला श्राद्ध करने जा रहे हैं, तो इससे जुड़े कुछ नियमों को जान लेना चाहिए। गया में पिंडदान का महत्व सनातन परंपरा में गया को पितृकर्म के प्रमुख तीर्थों में से एक माना गया है। यहां पर श्राद्ध और पिंडदान का संबंध पितरों के स्मरण, श्रद्धा और पितृ ऋण माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि गया में पितृकर्म करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। यह सिर्फ दोष दूर करने का उपाय नहीं बल्कि इसको पितरों के प्रति कर्तव्य के रूप में समझना चाहिए। ऐसे पहुंचे गया गया जाने के लिए सबसे पहले आपको राजधानी पटना तक रेल या हवाई यात्रा से जाना होगा। फिर पटना और उसके आसपास के शहरों से बड़ी आसानी से गया तक के ट्रेन मिल जाती है। अगर आप पटना से जा रही हैं, तो गया जाने में 2 से 3 घंटे का समय लग सकता है। फिर गया जंक्शन पर उतरकर टैक्सी या ऑटो की सहायता से पिंडदान स्थलों तक जाएं। पटना से सड़क के रास्ते गया तक जाने के लिए बस, टैक्सी या प्राइवेट कार कर सकते हैं। इसके बाद स्थानीय परिवहन की सहायता से पिंडदान स्थलों तक पहुंच सकते हैं। फ्लाइट से जाने वाले यात्रा भी पटना के बाद प्राइवेट टैक्सी से गया तक जा सकते हैं। इन बातों का रखें ध्यान पितृपक्ष में गया में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है। इसलिए होटल, ट्रेन और स्थानीय परिवहन की बुकिंग पहले करना उपयोगी साबित हो सकता है। पूजा-पिंडदान से जुड़ी दक्षिणा और सामग्री की कीमत पहले ही स्पष्ट करें। किसी भी पैकेज की बुकिंग करने से पहले इसमें शामिल सुविधाओं और ताजा मूल्यों की पुष्टि कर लें। पिंडदान की विधि और जरूरी सामग्री परिवार की परंपरा और संबंधित पुरोहित के मार्गदर्शन के हिसाब से अलग हो सकती है। धार्मिक अनुष्ठान के लिए स्थानीय पंडित/पुरोहित से पहले सही जानकारी ले लें।
IRCTC लाया Kochi से Amazing Hyderabad Tour Package, 12 अक्टूबर से शुरू होगी यात्रा
घुमक्कड़ लोग घूमने के लिए नई-नई जगहों को खोज में लगे रहते हैं। अगर हैदराबाद आपकी ट्रैवल बकेट लिस्ट में है, तो IRCTC का नया टूर पैकेज, आपकी छोटी यात्रा की प्लानिंग को आसान बना सकता है। 'अमेजिंग हैदराबाद' नाम का यह चार दिन का पैकेज कोच्चि से 12 से 15 अक्टूबर, 2026 के लिए तय किया गया है। इस पैकेज की कीमत 27,150 रुपये प्रति व्यक्ति है। 4 दिन के टूर पैकेज - इस यात्रा की शुरुआत 12 अक्टूबर को कोच्चि से हैदराबाद के लिए सुबह की फ्लाइट से है। यहां पहुंचने के बाद, यात्री रात के लिए होटल में चेक-इन करने से पहले 'स्टैच्यू ऑफ इक्वालिटी', चारमीनार और गोलकुंडा फोर्ट जाएंगे। - दूसरे दिन रामोजी फिल्म सिटी घूमाया जाएगा। ब्रेकफास्ट के बाद यात्री को फिल्म स्टूडियो के विशाल कॉम्प्लेक्स जाएंगे। - तीसरे दिन पर्यटकों को मक्का मस्जिद और चौमहल्ला पैलेस ले जाएगा। जिसके बाद उन्हें हैदराबाद की आर्किटेक्चरल और सांस्कृतिक विरासत की झलक दिखाई जाएगी। दोपहर का समय यात्रियों के लिए खाली होगा ताकि वे अपनी मर्जी से धूम सके। - चौथे दिन यानी के 15 अक्तूबर को सैलर जंग म्यूजियम और बिड़ला मंदिर के दर्शन कराए जाएंगे। लंच के बाद, यात्री कोच्चि के लिए देर रात की वापसी वाली फ्लाइट से अपने शहर जा सकते हैं। IRCTC हैदराबाद टूर पैकेज की कीमत कितनी है? सिंगल ऑक्यूपेंसी: ₹34,450 प्रति व्यक्ति डबल ऑक्यूपेंसी: ₹28,200 प्रति व्यक्ति ट्रिपल ऑक्यूपेंसी: ₹27,150 प्रति व्यक्ति 5-11 साल के बच्चे: अलग बिस्तर के साथ ₹22,950 और बिना बिस्तर के ₹18,750 2-4 साल के बच्चे: बिना बिस्तर के ₹18,750 ₹27,150 प्रति व्यक्ति की शुरुआती कीमत ट्रिपल ऑक्यूपेंसी के लिए है। पैकेज में मिलने वाली सुविधाएं IRCTC टूर पैकेज में कोच्चि और हैदराबाद के बीच इकॉनमी-क्लास की फ़्लाइट, एयर-कंडीशंड होटल में तीन रात ठहरने की सुविधा, तीन बार नाश्ता और तीन बार डिनर शामिल हैं। यात्रियों को घूमने-फिरने के लिए एयर-कंडीशन्ड गाड़ियां मिलेंगी और कुछ खास दिनों पर गाइड की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
Bloating की समस्या से हैं परेशान? दिनभर पेट फूलने के पीछे हैं ये 4 गलतियां
भागदौड़ वाली जिंदगी में सेहत का ध्यान रखना किसी चैलेंज से कम नहीं होता है। आज के समय में लगभग हर किसी को पाचन संबंधित समस्या देखने को मिल रही है। अगर सुबह उठते ही पेट में भारीपन या फूला हुआ है, तो ब्लोटिंग बढ़ जाना कई लोगों के लिए आम समस्या है। कई लोगों को पेट खाना खाते ही फूलने लगता है। वहीं, कुछ लोगों को बिना खाए भी ब्लोटिंग महसूस होती है। असल में ब्लोटिंग का सबसे मुख्य कारण पाचन तंत्र में गैस होना है, लेकिन इसके पीछे सिर्फ ज्यादा गैस ही जिम्मेदार नहीं होती है। खाने की आदतों को लेकर भी कब्ज और कुछ अन्य बातों के कारण भी हो सकता है। दिनभर ब्लोटिंग महसूस होने के 4 मुख्य कारण लगातार थोड़ा-थोड़ा खाते रहना अगर आप हेल्दी डाइजेशन चाहते हैं, तो आप हैवी मील्स लेने के बजाय थोड़े गैप में हल्के मील्स लें। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप पूरे दिन कुछ न कुछ खाती रहें। ऐसे में लोग दिनभर स्नैक्स, ड्रिंक्स या कुछ न कुछ खाते रहते हैं। जिससे आपके डाइजेस्टिव सिस्टम को आराम करने का समय नहीं मिल पाता है। इसलिए बार-बार पाचन और फर्मेंटेशन की प्रक्रिया होने चलते ब्लोटिंग हो सकती है। अचानक ज्यादा फाइबर खाना फाइबर पाचन के लिए अच्छा माना जाता है, लेकिन अगर आप अचानक अपनी डाइट में ज्यादा फाइबर शामिल कर लेते हैं, तो गैस और पेट फूलने की समस्या हो सकती है। सलाद, बीज और दाल जैसी चीजों को पचाने में शरीर को थोड़ा ज्यादा समय लगता है। इसलिए डाइट में फाइबर की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ाएं, एकदम से ज्यादा फाइबर न लें। खाना जल्दी-जल्दी खाने की आदत कई लोगों की आदत होती है, खाना बहुत जल्दी खा लेते हैं, खाने को ठीक से चबाते नहीं है। ऐसा करने से पैट में गैस और ब्लोटिंग की समस्या बन जाती है। फिजी ड्रिंक्स पीने से कुछ लोगों में ज्यादा हवा निगलने की वजह से गैस के लक्षण बढ़ सकते हैं और फिर आपको ब्लोटिंग महसूस हो सकती है। पेट साफ न होना अगर आपका पेट ठीक से साफ नहीं होता और अक्सर कब्ज रहती है, तो इससे पेट फूलने और गैस की समस्या हो सकती है। कब्ज होने पर पेट में भारीपन और ब्लोटिंग ज्यादा महसूस होती है। इसलिए पेट को नियमित रूप से साफ रखना और कब्ज से बचना जरूरी है।
Navratri और ऑफिस पार्टी में Peplum Angrakha Co-ord Set देगा स्लिम लुक, बिना दुपट्टे पाएं आराम
आजकल कि महिलाओं की पहली पसंद अंगरखा स्टाइल बना हुआ है। शादी-ब्याह हो या फिर कोई खास पर्व, महिलाएं अंगरखा स्टाइल वाले आउटफिट्स को कैरी करना बेहद पसंद करती हैं। अगर आप भी किसी ऐसे आउटफिट की तलाश में हैं, जिसको कैरी करने के बाद आपको रॉयल और परफेक्ट एथनिक लुक मिले, तो परेशान होने की जगह इस फेस्टिव सीजन आप कुछ ट्रेंडी अंगरखा स्टाइल को-ऑर्ड सेट डिजाइंस कैरी कर सकती हैं। अंगरखा स्टाइल को-ऑर्ड सेट डिजाइंस बता दें कि यह सभी अंगरखा को-ऑर्ड सेट न सिर्फ आपको परफेक्ट एथनिक लुक देंगे, बल्कि आरामदायक और हल्के होने के कारण आप दिन भर बिना किसी झंझट के रिलैक्स करेंगी। इसे भी पढ़ें: Dandiya Night से पहले Dark Circles गायब करने के लिए लगाएं कच्ची हल्दी का Eye Pack सिल्क और चंदेरी अंगरखा को-ऑर्ड सेट फेस्टिव सीजन चल रहा है और इस दौरान अनंत चतुर्दशी, करवा चौथा, दिवाली या भाई दूज जैसे बड़े त्योहारों पर सिल्क और चंदेरी अंगरखा को-ऑर्ड सेट परफेक्ट रहेगा। यह पहनने में भी आरामदायक और रॉयल आउटफिट लगेंगे। इस तरह के सेट में आप जरी, गोटा पट्टी या आरी वर्क भी चुन सकती हैं। इसके साथ मिनिमल ज्वेलरी और पारंपरिक मोजड़ी पेयर कर सकती हैं। प्रिंटेड कॉटन अंगरखा सेट आजकल अजरख, ब्लॉक प्रिंट और बांधनी प्रिंट अंगरखा काफी ज्यादा ट्रेंड कर रहे हैं। ऐसे में त्योहारों पर अपने लुक में चार चांद लगाने के लिए आप कॉटन अंगरखा को-ऑर्ड सेट ट्राई कर सकती हैं। हल्के-फुल्के फैब्रिक के साथ पोंचे या फ्लेयर्ड प्लाजो वाला यह कॉम्बिनेशन आपके लुक को खास बना देगा। इन को-ऑर्ड सेट को चांदबाली इयररिंग्स या पर्ल नेकलेस सेट कैरी कर सकती हैं। वहीं फुटवियर में एम्ब्रॉयडरी वर्क वाली फ्लैट स्लीपर्स सबसे बेस्ट रहेंगी। ऑर्गेंजा और जॉर्जेट अंगरखा को-ऑर्ड सेट आजकल जॉर्जेट और ऑर्गेंजा फैब्रिक महिलाओं को खूब भा रहे हैं। यह दिखने में स्टाइलिश होने के साथ-साथ पहनने में भी कंफर्टेबल रहते हैं। ऐसे में आप इस फेस्टिव सीजन एलिगेंट लुक पाने के लिए जॉर्जेट और ऑर्गेंजा अंगरखा को-ऑर्ड सेट ट्राई कर सकती हैं। ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट पर आपको आसानी से को ऑर्ड सेट मिल जाएंगे। इसमें आप चाहें तो खूबसूरत पेस्टल कलर्स भी चुन सकती हैं। इस तरह के को-ऑर्ड सेट्स को मीनाकारी या कुंदन जड़ाऊ ज्वेलरी ट्राई कर सकती हैं। वहीं इसके साथ आप कोल्हापुरी चप्पल कैरी कर सकती हैं। पेप्लम स्टाइल अंगरखा को-ऑर्ड सेट पेप्लम स्टाइल अंगरखा को-ऑर्ड सेट भी आपके लिए बेस्ट ऑप्शन है। इस तरह का कट-आउट डिजाइन आपको स्लिम और परफेक्ट लुक देने का काम करेगा। नवरात्रि के समय डांडिया नाइट में भी कैरी कर सकती हैं। ऑफिस और ऑफिस की फेस्टिव पार्टीज के लिए यह आउटफिट एकदम परफेक्ट रहेगा। इस तरह के आउटफिट के साथ आपको अलग से दुपट्टा संभालने का झंझट नहीं है। आप इसको एम्ब्रॉयडरी हील्स या पंजाबी मोजड़ी कैरी कर सकती हैं। वहीं ज्वेलरी की बात की जाए, तो आप इसके साथ ऑक्सिडाइज्ड ज्वेलरी इस लुक को भी बेहद शानदार बना देगी।
शेविंग, वैक्सिंग या कुछ और..अंडरआर्म्स के बाल हटाने का कौन सा तरीका है बेस्ट? जानें
अंडरआर्म्स के बाल हटाने का कौन सा तरीका सबसे सेफ और बेस्ट है, ये अक्सर कन्फ्यूज करता है। दरअसल अंडरआर्म्स की स्किन काफी सेंसेटिव होती है इसलिए खुजली, जलन, पिगमेंटेशन और रेडनेस की समस्या हो सकती है। आइए जानते हैं सही तरीका कौन सा है।
बिना Oven के सिर्फ भाप में बनाएं बंगाली Bhapa Doi, मुंह में घुल जाएगा इसका स्वाद
भारतीय खानपान में मिठाइयां खास मौके या शादी की दावतों में रौनक बढ़ाती हैं। खाने के साथ रसगुल्ले का हो या गुलाब जामुन की। हर एक मिठाई का अपना स्वाद होता है। रसगुल्ला का नाम याद आता है, तो बंगाल का स्वाद सबके जुबान पर आ जाता है। लेकिन सिर्फ रसगुल्ला ही नहीं, बल्कि बंगाल की फेमस 'भापा दोई' भी वहां की एक खास पहचान मानी जाती है। असल में भापा दोई पारंपरिक रुप से भाप पकाकर तैयार की जाने वाली बंगाली मिठाई है, जो मुंह जाते ही घुल जाती है। आइए आपको इसकी आसान रेसिपी के बारे में बताते हैं। भापा दोई बनाने के लिए जरूरी सामग्रियां 1 कप गाढ़ा दही 1 कप कंडेंस्ड मिल्क आधा कप दूध फ्लेवर के लिए थोड़ा सा इलायची पाउडर बारीक कटे हुए ड्राई फ्रूट्स भापा दोई बनाने की आसान विधि - सबसे पहले ताजे दही को मलमल या सूती कपड़े में बांधकर 1 से 2 घंटे के लिए लटका दें। - जब दही का सारा पानी निकल जाए, तो आपको गाढ़ा चक्का मिल जाएगा। -अब गाढ़े दही को एक गहरे बर्तन में निकालें और चम्मच या व्हिस्कर से अच्छी तरह फेंट लें। -इसमें कंडेंस्ड मिल्क और आधा कप दूध डालकर अच्छी तरह मिलाएं। -सभी चीजों को मिलाकर एक गाढ़ा और क्रीमी मिश्रण तैयार कर लें। -अब इसमें थोड़ा इलायची पाउडर और बारीक कटे हुए ड्राई फ्रूट्स डालें। -तैयार मिश्रण को स्टील के टिफिन या बेकिंग डिश में डाल दें। -बर्तन को एल्युमिनियम फॉयल या ढक्कन से अच्छी तरह ढक दें, ताकि भाप का पानी मिठाई में न जाए। स्टीम के लिए करें ये काम इसको स्टीम करने के लिए आपको कढ़ाई की मदद ले सकते हैं। कढ़ाई में दो गिलास पानी गर्म करें और बीच में एक स्टैंड रख दें। इसके बाद ढके हुए बर्तन को स्टैंड पर रखकर और कढ़ाई का ढक्कन बंद कर दें। अब धीमी आंच पर इसे करीब 15 से 20 मिनट तक पकाएं। 20 मिनट के बाद ढक्कन हटाएं और टूथपिक की मदद से चेक करें। यदि टूथपिक साफ बाहर आती है, तो आपकी भापा दोई बनकर तैयार है। इसको अब कढ़ाई से निकालकर 1 घंटे के लिए फ्रिज में रख दें।
अकेले में हार्ट अटैक आने पर करें ये 3 काम, इमरजेंसी में जान बचा सकती है डॉक्टर की सलाह!
हार्ट अटैक एक ऐसी मेडिकल इमरजेंसी है, जिसमें एक-एक मिनट बहुत जरूरी होता है। ऐसी स्थिति में अगर आप कभी अकेले हों, तो पैनिक होने के बजाए समझदारी से काम लेंं। डॉक्टर ने बताया है कि आपको कौन से 3 काम तुरंत करने चाहिए, जो जान बचा सकते हैं।
बच्चे नहीं खाते लौकी? नाश्ते में बनाएं ये टेस्टी और हेल्दी डिश, रोज-रोज करेंगे डिमांड!
लौकी का नाम सुनते ही बच्चे खाने से मना कर देते हैं, तो ये नाश्ता एक बार जरूर ट्राई करें। बहुत ही जल्दी बन जाता है और इतना टेस्टी लगता है कि कोई बता नहीं पाएगा कि आपने इसे लौकी से बनाया है। तो चलिए फटाफट से इसकी पूरी रेसिपी जान लेते हैं।
WhatsApp पर अनजान नंबरों से हैं परेशान? बिना ब्लॉक किए ऐसे बंद करें स्पैम कॉल्स, जानें धांसू ट्रिक
Pc: AMAR UJALA क्या आपको भी वॉट्सऐप पर दिन-रात अनजान नंबरों, बैंक ऑफर या फर्जी इंटरनेशनल नंबरों से कॉल्स आते रहते हैं? यदि हाँ, तो अब आपको हर नंबर को ब्लॉक करने की ज़रूरत नहीं है। वॉट्सऐप का नया प्राइवेसी फीचर 'Silence Unknown Callers' आपको स्पैम और अनजान कॉल्स के झंझट से पूरी तरह मुक्ति दिला सकता है। इस फीचर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि आपके फोन की कांटेक्ट लिस्ट में जो नंबर सेव नहीं हैं, उनसे आने वाली वॉट्सऐप कॉल पर आपका फोन न तो वाइब्रेट होगा और न ही रिंग बजेगी। 'Silence Unknown Callers' फीचर के बड़े फायदे: शांति और प्राइवेसी: काम के दौरान या सोते समय अनचाही कॉल्स आपको परेशान नहीं करेंगी। ज़रूरी कॉल्स मिस नहीं होंगी: हालांकि फोन की रिंग नहीं बजेगी, लेकिन यह कॉल आपकी 'Calls' टैब और नोटिफिकेशन में ज़रूर दिखाई देगी, ताकि कोई ज़रूरी कॉल हो तो आप बाद में कॉल बैक कर सकें। फर्जीवाड़ा से बचाव: साइबर फ्रॉड और इंटरनेशनल स्पैम कॉल्स से सुरक्षा मिलती है। इस फीचर को ऑन करने का स्टेप-बाय-स्टेप तरीका: अपने फोन में WhatsApp ओपन करें। ऊपर दाईं ओर दिख रहे Three Dots (तीन बिंदुओं) पर टैप करके Settings में जाएं। Privacy वाले विकल्प पर क्लिक करें। नीचे स्क्रॉल करके Calls ऑप्शन पर जाएं। यहाँ 'Silence Unknown Callers' के सामने दिख रहे टॉगल बटन को ON कर दें। बस एक छोटी सी सेटिंग बदलते ही अनजान कॉल्स की गूंज बंद हो जाएगी और आपकी प्राइवेसी पूरी तरह सुरक्षित रहेगी!
Lajpat Nagar vs Sarojini Nagar: Dandiya Night की ट्रेंडी Long Skirt कहां से खरीदें
जैसे-जैसे नवरात्रि का त्योहार नजदीक आ रहा है, वैसे ही लोग डांडिया और गरबा नाइट्स की तैयारियों में लगे हुए हैं। खासतौर पर महिलाएं गरबा नाइट में एक अलग और यूनिक लुक पाने के लिए कई दिन पहले से ही शॉपिंग करना शुरु कर देती हैं। भीड़ से अलग दिखने के लिए महिलाएं नए-नए पैटर्न और डिजाइंस वाली चनिया-चोली, धोती-कुर्ता, लॉन्ग स्कर्ट जैसे आउटफिट खरीदती हैं। अगर आप दिल्ली में रहती हैं, तो एथनिक आउटफिट्स की शॉपिंग के लिए सबसे पहला नाम सरोजिनी नगर और लाजपत नगर का ही आता है। यदि आप भी डांडिया नाइट्स में डिजाइनर लॉन्ग स्कर्ट की खरीदारी के लिए मार्केट्स एक्सप्लोर करना चाहती हैं, तो आपको बताते चलें कि सरोजिनी नगर या लाजपत नगर में से आपके लिए सबसे बेस्ट बाजार कौन-सा रहने वाला है। सरोजिनी नगर मार्केट अगर आप कम कीमत में खूबसूरत और अलग-अलग डिजाइन वाली लॉन्ग स्कर्ट या डिजाइनर प्लाजो खरीदना चाहती हैं, तो सरोजिनी नगर एक अच्छा विकल्प है। यहां आपको 200 रुपये से लेकर 2,000-3,000 रुपये तक की कीमत में कई तरह की सुंदर लॉन्ग स्कर्ट और घेरदार घाघरे मिल जाएंगे। बजट में खरीदें लॉन्ग स्कर्ट की कई वैरायटी सरोजिनी नगर में आप ए-लाइन स्कर्ट, पेंसिल स्कर्ट से लेकर मैक्सी स्कर्ट और प्लेटेड स्कर्ट अपने बजट में खरीद सकते हैं। वहीं, आप रैप स्कर्ट, ट्यूलिप स्कर्ट और स्कैटर स्कर्ट की भी कई वैरायटी देखे सकते हैं। इसके अलावा, आप यहां पर ऑक्सिडाइज्ड झुमके, कमरबंद और चोकर नेकलेस जैसी ज्वेलरी भी 50 से 500 रुपये तक आसानी से खरीद सकते हैं। शॉपिंग टिप- यदि आप सरोजिनी नगर मार्केट जा रही हैं, तो आप दुकानदारों से मोलभाव जरुर करें। लाजपत नगर मार्केट गौरतलब है कि प्रीमियम क्वालिटी और हैवी ट्रेडिशनल वर्क वाली लॉन्ग स्कर्ट खरीदना चाहते हैं, तो दिल्ली का लाजपत नगर आपके लिए एकदम सही रहेगा। लाजपत नगर के सेंट्रल मार्केट में नवरात्रि के दौरान गुजरात और राजस्थान की पारंपरिक लॉन्ग स्कर्ट और कुछ चनिया-चोली के डिजाइंस मिल सकते हैं। इस बाजार में आपको साधारण से लेकर वर्क वाली स्कर्ट के कई स्टॉल्स दिख जाएंगे। अच्छी क्वालिटी और फैब्रिक आपको यहां पर हर एक साइज और कलर के अनुसार मिरर वर्क, गोटा-पट्टी और हैवी थ्रेड वर्क वाली लॉन्ग स्कर्ट मिल जाएगी। यहां पर स्कर्ट की शुरुआत करीब 1,500 से होकर 5,000 रुपए तक मिल जाएगी। यह मार्केट सरोजिनी नगर के मुकाबले थोड़ा महंगा जरुर है। इसके साथ ही कपड़ों का फैब्रिक बहुत टिकाऊ और अच्छी क्वालिटी का माना जाता है। यहां पर आपको रेडीमेड ब्लाउज और फिटेज टॉप भी मिल जाएंगे। दोनों बाजारों तक कैसे पहुंचें? सरोजिनी नगर कैसे जाएं: अगर आप सरोजिनी नगर में शॉपिंग करने जा रही हैं, तो दिल्ली मेट्रो की पिंक लाइन से सरोजिनी नगर मेट्रो स्टेशन पहुंच सकती हैं। स्टेशन से बाहर निकलते ही बाजार पास में है और पैदल आसानी से पहुंचा जा सकता है। लाजपत नगर कैसे जाएं: लाजपत नगर जाने के लिए आप दिल्ली मेट्रो की पिंक लाइन या वायलेट लाइन से लाजपत नगर मेट्रो स्टेशन पहुंच सकती हैं। स्टेशन से बाहर निकलकर आप पैदल या ई-रिक्शा से आसानी से सेंट्रल मार्केट जा सकती हैं। यहां बस या कैब से भी पहुंचा जा सकता है। आपके लिए कौन-सा बाजार है सबसे बेस्ट? यदि आपका बजट भी सीमित है और आप हल्की व ट्रेंडी चनिया-चोली के साथ बजट-फ्रेंडली ज्वेलरी चाहते हैं, तो सरोजिनी नगर जाएं। लेकिन आपको शादी या किसी बड़े फंक्शन के लिए असली गुजराती पारंपरिक और टिकाऊ फ्रैबिक चाहते हैं, तो आप लाजपत नगर जा सकते हैं।
Dandiya Night से पहले Dark Circles गायब करने के लिए लगाएं कच्ची हल्दी का Eye Pack
शारदीय नवरात्रि का त्योहार बेहज नजदीक आ चुका है। नवरात्रि का पर्व अपने साथ खुशियां, गरबा और डांडिया नाइट्स का बेहतरीन अवसर होता है। लंबे समय से लोग इस मौके इंतजार करते हैं। डांडिया नाइट्स के समय खासकर महिलाएं सुंदर और तरोताजा दिखने के लिए हफ्तों पहले से ही स्किन ट्रीटमेंट लेना शुरु कर देती हैं। अक्सर नवरात्रि की तैयारियां और देर रात तक जागने की वजह से आंखों में थकान होने लगती है। यदि आप भी नवरात्रि से पहले आंखों की थकान और काले घेरे से परेशान हैं, तो एक बार इस खास उपाय का इस्तेमाल करें। डार्क सर्कल्स के लिए क्यों खास है कच्ची हल्दी? कच्ची हल्दी त्वचा के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। आयुर्वेद में त्वचा का नेचुरल निखार लाने के लिए हल्दी को गुणकारी माना गया है। कच्ची हल्दी में करक्यूमिन पाया जाता है, जो आंखों के आसपास की सूजन, ढीलेपन और कालेपन को कम करने में मदद करता है। आप कच्ची हल्दी का असरदार पैक बना सकती हैं। इसे बनाने के लिए कुछ जरुरी सामग्री की जरुरत लगेगी। आई पैक बनाने के लिए जरूरी सामग्री 1 चम्मच कद्दूकस की हुई कच्ची हल्दी का रस 1 चम्मच ताजा ठंडा कच्चा दूध आधा चम्मच एलोवेरा जेल और शहद आई पैक बनाने का तरीका - कच्ची हल्दी से आई पैक बनाने के लिए सबसे पहले हल्दी के रस में ठंडा दूध, एलोवेरा जेल और शहद मिला लें। - अब कॉटन पैड की मदद से इस मिश्रण में डुबोकर हल्के हाथों से आंखों के नीचे डार्क सर्कल्स पर लगाएं। - इसे कम से कम 15 मिनट तक लगा रहने दें। - थोड़ी देर बाद इसे साफ और ठंडे पानी से आंखें धो लें। - इस उपाय के करने से आंखों के नीचे ब्लड सर्कुलेशन में सुधार लाता है। - आई पैक का आप हर एक दिन छोड़कर इस्तेमाल कर सकती हैं। - इसको आप रात में सोने से पहले लगा सकती हैं। आंखों की देखभाल के जरूरी टिप्स - हल्दी आई पैक का इस्तेमाल करने के बाद आंखों पर 5 मिनट के लिए खीरे की ठंडी स्लाइस रख लें। - डांडिया नाइट्स में जाने से पहले आप कम से कम 7 से 8 घंटे की पूरी नींद जरुर लें। - रोजाना 8 से 10 गिलास पानी पिएं। वहीं, बादाम का तेल या नारियल का तेल आंखों के आसपास हल्की मसाज करें।
Pea Protein: मटर से तैयार होगा प्रोटीन का नया विकल्प, भारत में बन रहा एक्सीलेंस सेंटर
Pea Protein: मटर से तैयार होगा प्रोटीन का नया विकल्प, भारत में बन रहा एक्सीलेंस सेंटर
आज ही के दिन यानी की 02 अक्टूबर को महात्मा गांधी का जन्म हुआ था। उनका जीवन एक साधारण इंसान के आत्मसंघर्ष की कहानी है। प्यार से लोग महात्मा गांधी को बापू भी कहते हैं। देश की आजादी की लड़ाई में महात्मा गांधी का अहम योगदान रहा था। उनका पूरा जीवन देश सेवा में बीता और अंत में देश के लिए उनकी मृत्यु भी हुई। महात्मा गांधी ने देश को अंग्रेजों से आजादी दिलाने और देश को एक सूत्र में पिरोने का काम किया। जिसके लिए उनको कई बार जेल यात्रा भी करनी पड़ी। लेकिन इसके बाद भी उन्होंने देश को सर्वोपरि रखा। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर महात्मा गांधी के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में... जन्म और परिवार गुजरात के पोरबंदर में 02 अक्टूबर 1869 को महात्मा गांधी का जन्म हुआ था। इनका पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था। इनके पिता का नाम करमचंद गांधी था और मां का नाम पुतली बाई था। वहीं 13 साल की उम्र में उनका विवाह कस्तूरबा गांधी से हो गया था। जिसके बाद वह वकालत की पढ़ाई पूरी करने के बाद दक्षिण अफ्रीका कानून की प्रैक्टिस के लिए चले गए थे। वहीं दक्षिण अफ्रीका में रहते हुए महात्मा गांधी ने रंगभेद और नस्लीय भेदभाव के खिलाफ 'सत्याग्रह' का पहला सफल प्रयोग किया था। इसे भी पढ़ें: K Kamaraj Death Anniversary: भारतीय राजनीति के मंझे हुए राजनेता थे के कामराज, देश को दिए थे दो प्रधानमंत्री ऐसे मिली महात्मा की उपाधि साल 1915 में दक्षिण अफ्रीका से वापस आने के बाद साल 1917 के चंपारण सत्याग्रह का सफल नेतृत्व करने के बाद टैगोर ने उनको 'महात्मा' की उपाधि दी थी। देश की स्वतंत्रता दिलाने के लिए साल 1920 में असहयोग आंदोलन, साल 1930 में सविनय अवज्ञा आंदोलन और साल 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन का नेतृत्व किया था। देश के राष्ट्रपिता 06 जुलाई 1944 को सुभाष चंद्र बोस ने सिंगापुर रेडियो से संदेश देते हुए पहली बार महात्मा गांधी को 'राष्ट्रपिता' कहकर संबोधित किया था। जिसके बाद से उनको राष्ट्रपिता की पदवी मिली थी। बताया जाता है कि इस संबोधन के बाद देश उनको बापू कहने लगा था। महात्मा गांधी के जीवन का मूल दर्शन सत्य, अहिंसा और स्वराज था। महात्मा गांधी ने स्वदेशी, खादी, स्वच्छता और छुआछूत उन्मूलन पर विशेष जोर दिया था। देश की आजादी महात्मा गांधी के अहिंसक आंदोलन और जन-नेतृत्व के बल पर ही देश को 15 अगस्त 1947 को अंग्रेजों की गुलामी से आजादी मिली थी। महात्मा गांधी ने यह साबित कर दिखाया था कि बिना किसी शस्त्र और हिंसा के सिर्फ जन आंदोलन और नैतिक शक्ति के बल पर सबसे बड़ी औपनिवेशक सत्ता को झुकाया जा सकता है। मृत्यु वहीं 30 जनवरी 1948 को नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की गोली मारकर हत्याकर दी थी।
स्वतंत्र भारत के पहले 'किंगमेकर' और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री के. कामराज का 02 अक्टूबर को निधन हो गया था। वह कांग्रेस के सबसे ताकतवर नेता माने जाते थे। वहीं के कामराज को कांग्रेस के संगठन में सुधार के फॉर्मूले का जनक माना जाता था। मद्रास के सीएम पद पर रहते हुए उन्होंने कई ऐसे कार्य किए थे, जिनकी चर्चा आज भी की जाती है। के कामराज को बिना करिश्माई भाषण के जनसमर्थन हासिल करने और बिना पद के सत्ता पर प्रभाव डालने के लिए जाना जाता है। तो आइए जानते हैं उनकी डेथ एनिवर्सरी के मौके पर के कामराज के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में... जन्म और परिवार तमिलनाडु के विरुधुनगर में 15 जुलाई 1903 को के कामराज का जन्म हुआ था। इनका पूरा नाम कामाक्षी कुमारस्वामी नादेर था। उन्होंने गांव से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की। जब के कामराज 6 साल के थे, तो उनके पिता का निधन हो गया था। ऐसे में आर्थिक तंगी के कारण उनका पढ़ाई छोड़नी पड़ी और वह अपनी मां के काम में मदद करने लगे। इस दौरान वह अपने चाचा की दुकान में काम करते थे। यह वही समय था, जब के कामराज होम रूल आंदोलन से जुड़ा सार्वजनिक सभाओं और जुलूसों में हिस्सा लेने लगे थे। इसे भी पढ़ें: Lal Bahadur Shastri Birth Anniversary: भारत के दूसरे प्रधानमंत्री थे लाल बहादुर शास्त्री, दिया था 'जय जवान, जय किसान' का नारा आजादी की जिद के कामराज स्वतंत्रता सेनानी भी थे। उन्होंने नमक सत्याग्रह, असहयोग आंदोलन और भारत छोड़ो आंदोलन में भी सक्रिय भूमिका निभाई। देश की आजादी की लड़ाई में के कामराज कई बार जेल भी गए। फिर साल 1920 में वह 18 साल की उम्र में कांग्रेस के पूर्णकालिक राजनीतिक कार्यकर्ता बन गए और उन्होंने राजनीति में एंट्री ली। साल 1921 में उन्होंने विरुधुनगर में कांग्रेस के नेताओं के लिए जनसभाएं आयोजित कीं और इस दौरान वह महात्मा गांधी से पहली बार मिले थे। पहली बार पहुंचे विधानसभा वहीं 34 साल की उम्र में साल 1937 के प्रांतीय चुनावों में मद्रास राज्य की सत्तूर सीट पर के कामराज को जीत मिली और इस तरह से वह पहली बार विधानसभा पहुंचे। लेकिन भारत के रक्षा नियमों के तहत भाषणों के लिए उनको साल 1940 में गिरफ्तार कर सेंट्रल जेल भेज दिया गया। इस दौरान वह जेल में रहते हुए विरुधुनगर के नगर पार्षद बने। साल 1946 के प्रांतीय चुनावों में वह दूसरी बाद मद्रास की सत्तूर सीट से जीते और विधानसभा पहुंचे। बाद में उनको भारतीय संविधान सभी के लिए चुना गया। किंगमेकर बने कामराज जब देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित नेहरू का निधन हुआ, तो के कामराज कांग्रेस के राष्ट्रीय अक्ष्यक्ष थे। उन्होंने अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए लाल बहादुर शास्त्री के नाम को प्रधानमंत्री पद के लिए आगे बढ़ाया। फिर जब शास्त्री के निधन पर दोबारा राजनीतिक संकट खड़ा हुआ, तो कामराज के सामने प्रधानमंत्री बनने का मौका था। लेकिन हिंदी न आने के कारण उन्होंने यह पद ठुकरा दिया और कहा कि देश के प्रधानमंत्री को हिंदी आना जरूरी है। मद्रास के सीएम साल 1954 में के कामराज ने मद्रास स्टेट के मुख्यमंत्री का पद संभाला। वह आजाद भारत के शायद पहले ऐसे सीएम थे, जिनको अंग्रेजी नहीं आती थी। लेकिन मद्रास, वर्तमान में तमिलनाडु में अगले 9 साल के उनके कार्यकाल को बेहतरीन दौर के रूप में देखा जाता है। के कामराज के नेतृत्व में मद्रास में कृषि और औद्योगिक क्षेत्र में बड़े पैमाने पर विकास हुआ था। इसके अलावा उन्होंने मिड-डे-मील योजना, शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति और औद्योगिकीकरण का विस्तार किया। मृत्यु वहीं 02 अक्टूबर 1975 में के कामराज का निधन हो गया था। मरणोपरांत के कामराज को 'भारत रत्न' से सम्मानित किया गया था।
भारत में फैटी लिवर की समस्या चिंता का विषय बन रही है। विशेषज्ञों के अनुसार 100 भारतीय वयस्कों में करीब 39 को यह समस्या है, जबकि बच्चों में अनुमान 35.4 प्रतिशत है। मोटापा और डायबिटीज इसका खतरा बढ़ाते जा रहे हैं।
Zero Sugar Drinks क्या Heart Health के लिए सुरक्षित हैं, एक्सपर्ट्स ने किया स्पष्ट
आजकल हमारी लाइफस्टाइल का हिस्सा सॉफ्ट ड्रिंक्स, एनर्जी ड्रिंक्स और पैकेट वाले जूस बन गए हैं। लेकिन, क्या यह मीठा शौक आपके दिल पर भी गहरा प्रभाव कर सकता है। हेल्थ एक्सपर्ट ने बताया है कि इन ड्रिंक्स के असर को लेकर कुछ खास बातें बताई है। मीठा स्वाद, लेकिन दिल के लिए खतरा हेल्थ एक्सपर्ट ने बताया है कि जो लो लगातार शुगरी ड्रिंक्स का सेवन करते हैं, उनमें दिल की बीमारियों का जोखिम अधिक होता है। मार्केट में मिलने वाली सॉफ्ट ड्रिंक्स और डिब्बाबंद जूस में चीनी और कैलोरी की मात्रा अधिक होती है। जब हम इन्हें अपनी दिनचर्या में शामिल कर लेते हैं। शरीर का वजन तेजी से बढ़ता है। वहीं, डायबिटीज और हाई ट्राइग्लिसराइड्स जैसी बीमारी जन्म ले सकती है, जो कि दिल की बीमारियों का मुख्य कारण बनती हैं। क्या 'जीरो-शुगर' ड्रिंक्स सुरक्षित हैं? ऐसे में लोग चीनी से बचने के लिए 'जीरो-शुगर' ड्रिंक्स का चयन करें। एक्सपर्ट बताते हैं कि कैलोरी और चीनी कम होने के कारण ये शुगरी ड्रिंक्स से थोड़ी बेहतर जरुर हैं, लेकिन इन्हें 'हेल्दी' बिल्कुल भी नहीं मानी जाती है। आप अपनी पसंद के लिए कभी-कभार इन्हें पी सकते हैं, लेकिन इन्हें रोजमर्रा की आदत न बनाएं। स्वस्थ रहने का आसान नियम - शुगरी ड्रिंक्स पीने से पूरी परहेज करें। - यदि आप जीरो-शुगर ड्रिंक्स पीनी ही हैं, तो इसे सिर्फ कभी-कभार तक ही सीमित रखें। - अपनी प्यास बुझाने के लिए सिर्फ पानी को ही अपना महत्वपूर्ण पेय बनाएं और खूब पानी पिएं। - असल में आपके दिल की असली सुरक्षा पानी पीने और शुगरी आइटम्स से दूरी बनाने में ही छिपी है।
आज ही के दिन यानी की 02 अक्टूबर को भारतीय कला के इतिहास के सबसे महान चित्रकारों और कलाकारों में से एक राजा रवि वर्मा का निधन हो गया था। उन्होंने अपने काम के माध्यम से देवी-देवताओं के स्वरूप को घर-घर तक पहुंचाने का काम किया। राजा रवि वर्मा को आधुनिक भारतीय कला का जनक भी कहा जाता है। उनको ऑयल चित्रकला में महारत हासिल की थी। तो आइए जानते हैं उनकी डेथ एनिवर्सरी के मौके पर राजा रवि वर्मा के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में... जन्म और परिवार केरल के त्रावणकोर के किलिमन्नूर गांव में 29 अप्रैल 1848 को राजा रवि वर्मा का जन्म हुआ था। उनके पिता का नाम एझुमाविल नीलकंठन भट्टातिरीपाद था, जोकि संस्कृत और आयुर्वेद के विद्वान थे। उनकी माता उमा अम्बाबाई थंपुरट्टी था, वह एक कवियत्री और लेखिका थीं। उन्होंने महज 5 साल की छोटी उम्र से ही घर की दीवारों पर चॉक से पेंटिंग बनाया करते थे। इसे भी पढ़ें: Lal Bahadur Shastri Birth Anniversary: भारत के दूसरे प्रधानमंत्री थे लाल बहादुर शास्त्री, दिया था 'जय जवान, जय किसान' का नारा राजा रवि वर्मा के चाचा ने उनकी इस कला को पहचाना। फिर उन्होंने रवि वर्मा को शुरूआती पेंटिंग की टेक्निक सिखाई और समझायी थी। फिर उनके चाचा उन्हें तिरुवनंतपुरम के महल ले गए। यहां पर राजा रवि वर्मा को पेंटिंग की टेक्निक्स और कलर्स को समझने का मौका मिला था। यूरोपियन तकनीक का उपयोग राजा रवि वर्मा ने ऑयल पेंटिंग डच आर्टिस्ट थिओडोर जेंसन से और वाटर कलर पेटिंग रामा स्वामी नायडू सीखी थी। वहीं रवि वर्मा ने जितने भी पोट्रेट बनाए थे, वह सभी भारतीय पुराणों के चरित्र पर बनाए थे। इस दौरान राजा रवि वर्मा ने पेंटिंग्स को बनाने के लिए ऑयल कलर और यूरोपीय टेक्नीक का इस्तेमाल किया था। यूरोपीय आर्ट और तकनीक के कारण राजा रवि वर्मा की पेंटिंग्स काफी रियल लगती हैं। विवादों में भी फंसे साल 1894 में राजा रवि वर्मा द्वारा लिथोग्राफिक प्रेस खरीदी गई थी। इसमें भगवान की पेंटिंग्स को कॉपी करके कम प्राइज में बेचने लगे थे। लेकिन कुछ समय बाद ही उनकी यह प्रेस बंद हो गई थी। दरअसल, उन्होंने न्यूज पेंटिंग्स बनाई थी, जिस कारण वह विवादों में फंस गए थे। राजा रवि वर्मा ने महाकाव्यों की अप्सराओं जैसे रंभा और उर्वशी की न्यूड तस्वीरें बनाई थीं। इन तस्वीरों का काफी ज्यादा विरोध हुआ था। वहीं रवि वर्मा की प्रेस भी चला दी गई थी। इसके अलावा उनकी 130 साल पुरानी पेंटिंग यशोदा और कृष्ण नीलामी में करीब 176.20 करोड़ में बिकी थी। यह राजा रवि वर्मा की भारत की सबसे महंगी बिकने वाली पेंटिंग है। इस पेंटिंग को उन्होंने साल 1980 के दशक में बनाई थी। वह पहले ऐसे चित्रकार थे, जिन्होंने देवी-देवताओं और भगवान की पेंटिंग बनाई है। मृत्यु वहीं 02 अक्तूबर 1906 को 58 साल की उम्र में राजा रवि वर्मा का निधन हो गया था। लेकिन उनकी मृत्यु के बाद भी उनकी पेंटिंग करोड़ों में बिकती हैं।
बिना जागें रात 12 बजे भेजें मैसेज! Telegram का यह सीक्रेट टूल बना देगा आपकी लाइफ आसान
pc: ht tech टेलीग्राम अपने यूज़र्स को बेहतरीन प्राइवेसी और प्रोडक्टिविटी टूल्स देने के लिए जाना जाता है। इन्हीं में से एक बेहद काम का फीचर है—Scheduled Messages (मैसेज शेड्यूल करना)। इस फीचर की मदद से आप अपने संदेशों को किसी भी तय समय और तारीख पर खुद-ब-खुद भेजने के लिए सेट कर सकते हैं। चाहे किसी को रात 12 बजे जन्मदिन की बधाई देनी हो या सुबह सहकर्मी को कोई ज़रूरी रिमाइंड भेजना हो, यह फीचर आपके काम को आसान बना देता है। Scheduled Messages फीचर के मुख्य फायदे: तय समय पर ऑटो-सेंड: बिना जागे या व्यस्त रहे भी आपका मैसेज सही समय पर डिलीवर हो जाता है। पर्सनल रिमाइंडर्स: आप खुद को भी 'Saved Messages' में मैसेज शेड्यूल करके रिमाइंड सेट कर सकते हैं। समय की बचत: किसी मीटिंग या काम के दौरान मैसेज भेजने की चिंता खत्म हो जाती है। टेलीग्राम पर मैसेज शेड्यूल कैसे करें? टेलीग्राम ऐप खोलें और जिस व्यक्ति या ग्रुप को मैसेज भेजना है, उस चैट को ओपन करें। मैसेज बॉक्स में अपना संदेश टाइप करें। मैसेज भेजने वाले 'Send' (तीर वाले निशान) बटन को तुरंत दबाने के बजाय कुछ सेकंड के लिए दबाकर रखें। स्क्रीन पर 'Schedule Message' का विकल्प दिखेगा, उस पर टैप करें। अपनी पसंद की तारीख (Date) और समय (Time) चुनें। नीचे दिए गए 'Send at [Time]' बटन पर क्लिक कर दें। शेड्यूल किए गए मैसेज को एडिट या डिलीट कैसे करें? यदि आप शेड्यूल किए गए मैसेज में बदलाव करना चाहते हैं या उसे रद्द करना चाहते हैं, तो चैट विंडो में नीचे दिख रहे 'Calendar' (घड़ी/कैलेण्डर) आइकन पर टैप करें। यहाँ आपको सभी शेड्यूल मैसेज दिख जाएँगे, जिन्हें आप जब चाहे एडिट, री-शेड्यूल या डिलीट कर सकते हैं।
ब्रेकफास्ट में एक ही तरह का नाश्ता करके लोग बोर हो जाते हैं। ऐसे में घर के सभी मेंबर्स का मन होता है कि ब्रेकफास्ट में कुछ टेस्टी नाश्ता मिले। अगर आप ब्रेकफास्ट के लिए ऑप्शन ढूंढ रहे हैं तो सूजी पिज्जा पॉकेट्स आपके लिए बेस्ट ऑप्शन हो सकता है। यहां से नोट करें रेसिपी।
गांधी जयंती 2026: 2 अक्टूबर पर क्या करें? ये 10 छोटे काम बना देंगे आपका दिन खास
Gandhi Jayanti 2026: 2 अक्टूबर को स्वच्छता अभियान, पुस्तक पढ़ना, प्लास्टिक का कम इस्तेमाल, जरूरतमंदों की सहायता और सार्वजनिक स्थानों की सफाई जैसे काम किए जा सकते हैं।
आज ही के दिन यानी की 02 अक्टूबर को भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का जन्म हुआ था। लाल बहादुर शास्त्री ने 'जय जवान, जय किसान' का नारा देकर देश के किसानों और सैनिकों का मान बढ़ाया था। वह एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखते थे, लेकिन उन्होंने अपनी लगन और ईमानदारी के दम पर देश के दूसरे प्रधानमंत्री पद तक का सफर तय किया था। इसके अलावा लाल बहादुर शास्त्री ने स्वतंतत्रा संग्राम में सक्रिया भूमिका निभाई थी। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर लाल बहादुर शास्त्री के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में... जन्म और परिवार उत्तर प्रदेश के वाराणसी से 7 मील दूर स्थित मुगलसराय नाम के एक छोटे से रेलवे कस्बे में 02 अक्टूबर 1904 को लाल बहादुर शास्त्री का जन्म हुआ था। इनके पिता टीचर थे। जब लाल बहादुर शास्त्री डेढ़ साल के थे, तो उनके पिता का निधन हो गया था। पति के निधन के बाद इनकी मां अपने तीनों बच्चों को लेकर मायके चली गईं और वहीं रहने लगीं। शास्त्री का बचपन गरीबी और संघर्ष में बीता। उन्होंने वाराणसी से हाई स्कूल की पढ़ाई की। इसे भी पढ़ें: Madhavrao Scindia Death Anniversary: दो बार PM बनने से चूक गए थे माधवराव सिंधिया, ऐसे तय की थी जनसंघ से कांग्रेस तक की यात्रा असहयोग आंदोलन से जुड़े महज 11 साल की छोटी उम्र में वह देश को अंग्रेजों की गुलामी से आजादी दिलाने के बारे में सोचते थे। फिर 16 साल की उम्र में उन्होंने पढ़ाई छोड़कर गांधीजी के असहयोग आंदोलन में शामिल होने का मन बना लिया। साल 1926 में उन्होंने वाराणसी के काशी विद्यापीठ से नैतिकता और दर्शनशास्त्र में फर्स्ट डिवीजन के साथ बैचलर डिग्री ली। जेल यात्रा साल 1930 में गांधी जी दांडी के लिए समुद्र तट पर पहुंचे और शादी नमक कानून तोड़ा। इस दौरान शास्त्री ने खुद को पूरी तरह से देश के स्वतंत्रता संग्राम में झोंक दिया था। शास्त्री कई विरोधी अभियानों में शामिल हुए और ब्रिटिश जेलों में 7 साल बिताए। देश के प्रधानमंत्री देश की स्वतंत्रता के बाद कांग्रेस सरकार ने लाल बहादुर शास्त्री को उनके गृह रास्य उत्तर प्रदेश में संसदीय सचिव नियुक्त किया। इसके बाद साल 1951 में केंद्रीय राजनीति में कदम रखकर उन्होंने वाणिज्य एवं उद्योग, परिवहन व संचार और गृह मंत्रालय का कार्यभार संभाला। वहीं भारत के पहले पीएम पंडित नेहरू के निधन के बाद पार्टी में आम सहमति के बाद 02 जून 1964 से लाल बहादुर शास्त्री को दल का नेता चुना गया। वहीं 09 जून 1964 को लाल बहादुर शास्त्री भारत के दूसरे प्रधानमंत्री बने। जय जवान-जय किसान का दिया नारा साल 1965 में पाकिस्तान से युद्ध के बाद देश में भयंकर सूखा पड़ गया। ऐसे में शास्त्री ने इन परिस्थितियों से निकलने के लिए एक दिन का व्रत करने का अनुरोध किया। इस दौरान उन्होंने 'जय जवान जय किसान' का नारा दिया। शास्त्री ने 'हरित क्रांति' को भी बढ़ावा दिया। जिसका मकसद मांग को बढ़ाना और भारत के खाद्य उत्पादन को गति देना था। मृत्यु वहीं प्रधानमंत्री बनने के 19 महीने बाद ही 11 जनवरी 1966 को लाल बहादुर शास्त्री का ताशकंद में निधन हो गया था।
Lal Bahadur Shastri Quotes: शास्त्री जी का व्यक्तित्व केवल राजनीति तक सीमित नहीं था। उनका जीवन सादगी, अनुशासन, कर्तव्य और देशहित के प्रति समर्पण का उदाहरण माना जाता है।
PC: INDIA TV HINDI जब गैस की आंच धीमी होने लगे, तो चेक किया जाता है कि सिलेंडर खत्म तो नहीं हो रहा है। खासकर त्योहारों के मौसम में हर तरह का खाना बनता है, मिठाई और नमकीन बनते हैं, ऐसे में अगर अचानक गैस खत्म हो जाए, तो दिक्कत बढ़ सकती है। इसलिए, गैस चेक करना बेहतर है। इसके लिए आपको किसी खास मशीन की ज़रूरत नहीं है, बल्कि आप कुछ आसान घरेलू नुस्खों से चेक कर सकते हैं कि सिलेंडर में कितनी गैस बची है। पानी की ट्रिक से चेक करें कि कितनी गैस बची है आपके घर में सिलेंडर में कितनी गैस बची है, इसका अंदाज़ा लगाने का एक आसान तरीका है पानी का इस्तेमाल करना। इसके लिए, एक गिलास या मग में पानी लें और उसे धीरे-धीरे सिलेंडर के ऊपर से नीचे की ओर डालें। कुछ सेकंड बाद, सिलेंडर के ऊपर वाले हिस्से को अपने हाथ से नीचे की ओर छुएं। ऐसा करने के बाद, आप पाएंगे कि सिलेंडर के कुछ हिस्से ठंडे और दूसरे हिस्से नॉर्मल या थोड़े गर्म महसूस हो रहे हैं। जिस जगह सिलेंडर ठंडा लगता है, वहां गैस होने की संभावना होती है। इसका कारण यह है कि सिलेंडर में लिक्विड LPG जल्दी गर्मी सोख लेता है, जिससे उस हिस्से की बाहरी सतह ठंडी महसूस होती है। अगर सिलेंडर में ठंडा हिस्सा बहुत नीचे है, तो समझ लें कि सिलेंडर में गैस कम है और आपको जल्द ही नया सिलेंडर बुक करना होगा। आप वज़न से भी अंदाज़ा लगा सकते हैं कि कितनी गैस बची है.. अगर आप गैस की मात्रा का थोड़ा और सही अंदाज़ा लगाना चाहते हैं, तो आप सिलेंडर का वज़न चेक कर सकते हैं। हर LPG सिलेंडर पर उसका खाली वज़न लिखा होता है, यानी टेयर वेट। अगर आपके घर में वज़न करने की मशीन है, तो सिलेंडर को उस पर रखें और उसका कुल वज़न चेक करें। इसके बाद, सिलेंडर के खाली वज़न को कुल वज़न में से घटा दें। बचे हुए वज़न से सिलेंडर में गैस का अंदाज़ा लग जाएगा। जैसे, अगर सिलेंडर का कुल वज़न 28.5 kg है और सिलेंडर पर खाली वज़न 15.5 kg लिखा है, तो आप समझ सकते हैं कि उसमें करीब 13 kg गैस बची है। ग्रेट की आंच कितनी है? उससे भी आप अंदाज़ा लगा सकते हैं जब सिलेंडर में गैस कम होती है, तो इसका असर अक्सर चूल्हे की आंच पर दिखता है। अगर गैस की आंच पहले से कम है या खाना पकने में सामान्य से ज़्यादा समय लग रहा है, तो यह सिलेंडर में गैस कम होने का संकेत हो सकता है। हालांकि, सिर्फ़ आंच का रंग या उसका बढ़ना या घटना गैस की मात्रा का सही अंदाज़ा नहीं देगा, क्योंकि बर्नर गंदा हो सकता है या दूसरे टेक्निकल कारणों से आंच पर असर पड़ सकता है। इसलिए, अगर आपको ऐसे कोई संकेत दिखें, तो बेहतर होगा कि आप सिलेंडर का स्टेटस किसी और तरीके से चेक करें। त्योहारों के मौसम में खाना पकाना बढ़ जाता है, इसलिए सिलेंडर में कितनी गैस बची है, इसका पहले से अंदाज़ा लगाना समझदारी है, न कि उसके पूरी तरह खाली होने का इंतज़ार करना। इससे आप ज़रूरत पड़ने पर गैस खत्म होने की परेशानी से बच जाते हैं।
धनिया-पुदीना से हो गए बोर? ट्राई करें कश्मीरी स्टाइल अखरोट की चटनी
कश्मीरी खाने का स्वाद पसंद है तो इस बार घर पर बनाएं अखरोट की चटनी। अखरोट, पुदीना, हरा धनिया और दही से तैयार यह चटनी खाने का स्वाद बढ़ा देगी।
Happy Gandhi Jayanti 2026: 2 अक्तूबर को गांधी जयंती के मौके पर वॉलपेपर, संदेश, और कोट्स सभी के साथ शेयर करके महात्मा गांधी को याद करें।
बिस्कुट से बेहतर हैं ये 7 देसी स्नैक्स, भूख लगे तो इन्हें खाएं
चाय के साथ रोज बिस्किट खाने की आदत है तो थोड़ा ब्रेक लेना अच्छा रहेगा। आपकी किचन में ऐसे कई इंडियन स्नैक्स मौजूद हैं, जो ज्यादा देर तक पेट भरा रखते हैं और बिस्किट से बेहतर ऑप्शन हो सकते हैं।

