अष्टमी-नवमी पर कन्या पूजन के लिए पूरा भोग तैयार किया जाता है, जिसमें पूड़ी, काले चने और हलवे का प्रसाद शामिल होता है। सुबह कम समय में ये सभी चीजें कैसे तैयार करें, साथ ही प्रसाद को टेस्टी कैसे बनाएं। यहां पढ़ें उससे जुड़े कुछ काम के टिप्स।
स्टाइल और क्लास का परफेक्ट कॉम्बो! देखें महिलाओं के 8 हैंडबैग, हर फैशन लवर की पहली पसंद
त्योहारों से लेकर ऑफिस तक, हर मौके के लिए देखें महिलाओं के 8 स्टाइलिश हैंडबैग। खूबसूरत डिजाइन के साथ पाएं स्टाइल और जरूरत का सही मेल।
आपने हरी धनिया और टमाटर की चटनी का स्वाद तो खूब चखा होगा लेकिन क्या आपने हरे सेब की चटनी का खाई है? यह स्वाद में बेहद लाजवाब लगती है, चलिए जानते हैं कैसे बनाएं यह रेसिपी?
दिल की साफ लड़कियों में होती हैं 5 आदतें, करती हैं सच्चा प्यार! क्या आपकी गर्लफ्रेंड में हैं?
प्यार में महंगे गिफ्ट और बड़ी-बड़ी बातें नहीं, बल्कि इंसान का बिहेवियर बताता है कि उनके दिल में आपके लिए कितनी जगह है। अगर आपकी गर्लफ्रेंड में ये 5 आदतें हैं, तो समझ लें वो दिल की साफ हैं और आपसे सच्चा प्यार करती हैं।
घर में कैसे पर्दे लगाएं? सिर्फ रंग-डिजाइन नहीं, दिशा और रूम देखकर ऐसे करें सही शॉपिंग
त्योहारों पर घर की सजावट में पर्दे लगाने का भी अहम रोल होता है। लेकिन क्या आप सिर्फ रंग और डिजाइन देखकर पर्दे चुन लेते हैं? अगर हां, तो ये तरीका सही नहीं है। हर रूम की जरूरत के हिसाब से क्या चीजें चेक करनी हैं, आइए जानते हैं।
सब्जी में दही पड़ते ही फट जाता है? इन आसान ट्रिक्स से ग्रेवी बनेगी एकदम परफेक्ट
कई बार हम घर में ऐसी कई सब्जियां बनाते हैं, जिनमें दही का इस्तेमाल होता ही है। दही इन डिश को एक रिच टेस्ट और क्रीमी स्वाद देती हैं। लेकिन अक्सर ऐसा होता है कि हम सारे मसाले अच्छी तरह भून लेते हैं, लेकिन जैसे ही गर्म मसाले में दही डालते हैं, वह फटने लगती है। इससे सब्जी का स्वाद तो कई बार ठीक रहता है, लेकिन ग्रेवी का टेक्सचर बिगड़ जाता है। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। दही को सब्जी में डालते समय कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर इस परेशानी से बचा जा सकता है। तो चलिए जानते हैं इसके बारे में- सीधे फ्रिज से निकालकर न डालें दही यह एक आसान टिप है, जो आपको याद रखना चाहिए। अगर आप फ्रिज से निकला बहुत ठंडा दही सीधे गर्म मसाले में डाल देती हैं, तो तापमान में अचानक बदलाव के कारण उसके प्रोटीन अलग हो सकते हैं। इससे दही दानेदार दिखाई देने लगता है। इसलिए सब्जी बनाने से कुछ देर पहले दही निकाल लें और उसे सामान्य तापमान पर आने दें। इसे भी पढ़ें: Navratri Bhog: चीनी की जगह शहद से बनाएं आटे का हलवा, सीखें आसान Recipe अच्छी तरह से फेंटे दही सब्जी में दही डालने से पहले हमेशा उसे अच्छी तरह फेंट लें। इससे दही की गांठें टूट जाती हैं और उसकी बनावट एकसार हो जाती है। अगर दही बहुत गाढ़ा है, तो उसमें एक-दो चम्मच पानी मिलाकर फेंट लें। लेकिन ध्यान रखें कि ज्यादा पानी डालने से ग्रेवी पतली हो सकती है। गैस की आंच हो धीमी यह सबसे जरूरी ट्रिक्स में से एक है। अक्सर हम मसाले को तेज आंच पर भूनते रहते हैं और उसी में दही डाल देते हैं। तेज गर्मी में दही के प्रोटीन अलग होकर छोटे-छोटे दाने बना सकते हैं। इसलिए दही डालने से पहले गैस की आंच धीमी कर दें। चाहें तो कुछ पल के लिए गैस बंद करके भी दही मिला सकती हैं। दही अच्छी तरह मिल जाने के बाद ही जरूरत के अनुसार आंच तेज करें। एक साथ ना डालें पूरा दही अगर आप गर्म मसाले में एक बार में ही पूरा दही डाल देते हैं, तो उसका मिश्रण एकसार करना मुश्किल हो सकता है। इसकी जगह दही को दो-तीन हिस्सों में डालें और हर बार अच्छी तरह चलाते रहें। इससे दही मसाले के साथ धीरे-धीरे मिल जाएगा और ग्रेवी की बनावट बेहतर रहने में मदद मिलेगी। दही में मिलाएं थोड़ा बेसन अगर आप दही वाली ग्रेवी गाढ़ी और एकसार बनाना चाहते हैं, तो दही में थोड़ा-सा बेसन मिलाना मददगार हो सकता है। बेसन मिश्रण को स्थिर रखने और ग्रेवी को गाढ़ापन देने में मदद करता है। इसके लिए एक कटोरी दही में लगभग आधा से एक छोटा चम्मच बेसन मिलाकर अच्छी तरह फेंट लें। फिर इस मिश्रण को धीमी आंच पर पक रहे मसाले में धीरे-धीरे डालें। हालांकि, हर सब्जी में बेसन डालना जरूरी नहीं है। शाही पनीर या ऐसी ग्रेवी में जहां बेसन का स्वाद सही न लगे, वहां इस तरीके को ना आजमाएं। - मिताली जैन
Apple Watch का नया AI फीचर बढ़ा सकता है प्राइवेसी का खतरा, क्या आपकी बातें भी हो रही हैं ट्रैक?
स्मार्टवॉच अब केवल समय देखने, फिटनेस ट्रैक करने और कॉल का जवाब देने तक सीमित नहीं रह गई हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से इन डिवाइसेज में ऐसे फीचर्स शामिल किए जा रहे हैं, जो आसपास की आवाजों को समझने, बातचीत को टेक्स्ट में बदलने और उसका सार तैयार करने में सक्षम हैं। हालांकि, इस तरह की तकनीक जितनी सुविधाजनक दिखाई देती है, उतने ही गंभीर सवाल व्यक्तिगत गोपनीयता को लेकर भी खड़े करती है। दिनभर की बातचीत का सार तैयार करेगी स्मार्टवॉच? एपल वॉच से जुड़े नए AI फीचर्स ने टेक्नोलॉजी की दुनिया में निजता को लेकर चर्चा तेज कर दी है। उपलब्ध विवरणों के मुताबिक, कुछ फीचर्स आसपास की बातचीत के हिस्सों को टेक्स्ट में बदलने और उनका संक्षिप्त सार प्रस्तुत करने में मदद कर सकते हैं। इससे जरूरी जानकारी याद रखने और बातचीत के मुख्य बिंदुओं को दोबारा देखने में आसानी हो सकती है। इसे भी पढ़ें: SIM Card Fraud Alert! SIM कार्ड को लेकर सख्त हुए नियम, लापरवाही पर 3 साल की जेल या 50 लाख रुपये तक जुर्माने का खतरा लेकिन सवाल यह है कि क्या ऐसी सुविधा के लिए दिनभर आसपास की आवाजों को सुनने की जरूरत होनी चाहिए? यदि कोई डिवाइस लगातार ध्वनि का विश्लेषण करती है, तो यूजर्स के साथ-साथ उनके आसपास मौजूद लोगों की निजता भी चर्चा का विषय बन जाती है। प्राइवेसी का असली सवाल, दूसरे लोगों की सहमति कहां? मान लीजिए कि आप किसी कैफे में दोस्तों के साथ बैठे हैं या ऑफिस में किसी गोपनीय मीटिंग का हिस्सा हैं। ऐसे में आप उम्मीद करते हैं कि आपकी बातचीत उसी माहौल तक सीमित रहेगी। लेकिन यदि वहां मौजूद कोई व्यक्ति AI फीचर वाली स्मार्टवॉच पहनता है, तो दूसरे लोगों के मन में यह सवाल उठ सकता है कि उनकी बातें किस तरह प्रोसेस की जा रही हैं। तकनीक और निजता के बीच इसी संतुलन को समझने के लिए 'कॉन्टेक्स्चुअल इंटीग्रिटी' की अवधारणा महत्वपूर्ण है। इसका मतलब है कि निजी जानकारी का इस्तेमाल उसी संदर्भ और परिस्थिति के अनुरूप होना चाहिए, जिसमें उसे साझा किया गया है। केवल डेटा सुरक्षित होने का दावा करना पर्याप्त नहीं है; लोगों की सहमति और पारदर्शिता भी जरूरी हैं। एपल का प्राइवेसी सिस्टम कितना भरोसेमंद? एपल लंबे समय से अपनी डिवाइसेज में डेटा सुरक्षा को प्रमुखता देने का दावा करता रहा है। कंपनी की प्राइवेसी तकनीकों में ऑन-डिवाइस प्रोसेसिंग और चुनिंदा AI कार्यों के लिए प्राइवेट क्लाउड कंप्यूट जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं। इनका उद्देश्य संवेदनशील जानकारी को सुरक्षित रखना और डेटा तक अनावश्यक पहुंच सीमित करना है। हालांकि, किसी भी तकनीक की सुरक्षा का आकलन उसके डिजाइन, वास्तविक कार्यप्रणाली और स्वतंत्र जांच के आधार पर किया जाना चाहिए। यूजर्स को यह समझना जरूरी है कि कौन-सा डेटा डिवाइस पर प्रोसेस होता है, कौन-सी जानकारी सर्वर तक जाती है और उसे कितनी देर तक रखा जाता है। स्मार्ट ग्लासेज की तरह स्मार्टवॉच पर भी लग सकती हैं पाबंदियां? कैमरे और माइक्रोफोन से लैस वियरेबल डिवाइसेज के बढ़ते इस्तेमाल ने सार्वजनिक स्थानों पर निजता से जुड़े नए विवाद पैदा किए हैं। स्मार्ट ग्लासेज की मदद से वीडियो रिकॉर्डिंग संभव होने के कारण कुछ संस्थानों और स्थानों पर उनके इस्तेमाल को लेकर प्रतिबंध या नियम बनाए जा सकते हैं। भविष्य में स्मार्टवॉच और दूसरे AI डिवाइसेज के लिए भी इसी तरह के दिशानिर्देशों की जरूरत महसूस हो सकती है। खासकर अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, कार्यालयों और गोपनीय बैठकों में यह तय करना जरूरी होगा कि ऐसी तकनीक का इस्तेमाल कहां और किन शर्तों पर किया जा सकता है। AI के दौर में कैसे सुरक्षित रखें अपनी निजता? यूजर्स को किसी भी नए फीचर को सक्रिय करने से पहले उसकी परमिशन, प्राइवेसी सेटिंग्स और डेटा प्रोसेसिंग से जुड़ी शर्तें पढ़नी चाहिए। जरूरत न होने पर माइक्रोफोन एक्सेस और संबंधित AI सुविधाओं को बंद रखना बेहतर विकल्प हो सकता है। साथ ही, संवेदनशील बातचीत के दौरान दूसरे लोगों की सहमति का सम्मान करना भी जरूरी है। AI तकनीक का उद्देश्य रोजमर्रा के काम आसान बनाना है, न कि लोगों को लगातार निगरानी में होने का एहसास कराना। इसलिए तकनीकी कंपनियों को सुविधा के साथ पारदर्शिता, जवाबदेही और सहमति को भी प्राथमिकता देनी होगी। आखिरकार, स्मार्ट डिवाइस कितनी भी आधुनिक क्यों न हो, व्यक्तिगत गोपनीयता से समझौता करके हासिल की गई सुविधा लंबे समय तक भरोसा नहीं जीत सकती। - डॉ. अनिमेष शर्मा
Samsung Galaxy F70 5G भारत में 18 अक्तूबर को होगा लॉन्च, मिलेंगे ये खास फीचर्स
दिग्गज टेक कंपनी सैमसंग भारत में अपना नया 5G स्मार्टफोन लॉन्च करने की तैयारी में लगा है। कंपनी ने Samsung Galaxy F70 5G की लॉन्च डेट का एलान कर दिया है। यह फोन 50 मेगापिक्सल कैमरा, sAMOLED डिस्प्ले और 5,000mAh बैटरी जैसे फीचर्स के साथ आएगा। 18 अक्तूबर 2026 को यह डिवाइस लॉन्च होने जा रहा है। लॉन्च पहले से फोन के डिजाइन और कई मुख्य स्पेसिफिकेशंस की डिटेल्स सामने आ चुकी हैं। ऐसे में अगर आप नया सैमसंग स्मार्टफोन खरीदने की सोच रहे हैं, तो इसके फीचर्स के बारे में जान लें। Samsung Galaxy F70 5G के कैमरे में क्या होगा खास? अगर आप फोटोग्राफी के लिए बढ़िया फोन की तलाश में है, तो यह Galaxy F70 5G में ट्रिपल रियर कैमरा का सेटअप दिया गया है। इसमें 50 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा दिया है, जो ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइजेशन (OIS) सपोर्ट करेगा। यह फीचर फोटो खींचते समय हाथ हिलने के असर को कम करने में मदद करता है। वहीं, फोन में 5 मेगापिक्सल का अल्ट्रावाइड कैमरा और 2 मेगापिक्सल का मैक्रो सेंसर मिलेगा। सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए इसमें 13 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा भी है। sAMOLED डिस्प्ले और Gorilla Glass Victus की सुरक्षा इस डिवाइस में फ्लैट sAMOLED डिस्प्ले मिलेगा, जिसका रेजोल्यूशन फुल HD+ होगा। स्क्रीन की सुरक्षा के लिए कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास विक्टस दिया गया है। Exynos 1330 प्रोसेसर और 5,000mAh बैटरी सैमसंग Galaxy F70 5G में कंपनी का अपना Exynos 1330 प्रोसेसर दिया जाएगा। लेकिन कंपनी ने फिलहाल फोन की रैम और स्टोरेज से संबंधित जानकारी फिलहाल दी नहीं है। वहीं, फोन की बैटरी की बात करें, तो इसमें 5,000mAh बैटरी है, इसकी मदद से स्क्रीन पर किसी चीज को घरेकर उसके बार में सर्च किया जा सकता है।
Indonesia से Thailand तक, भारत के बाहर इन देशों में भी धूमधाम से होती है Ramlila
शारदीय नवरात्रि के समय देशभर में रामलीला का आयोजन देखा होता है। दशहरा के दिन रावण दहन के साथ इसका समापन होता है। भारत के हर एक हिस्से में रामलीला देखने को मिलते हैं। क्या आप जानते हैं राम-लीला केवल भारत में नहीं होती है। असल में रामलीला का आयोजन भारत के अलावा और भी कई देशों में होता है। भारत के अलावा दूसरे देशों में भी रामायण सुनाई जाती है। इसलिए उन देशों में रामलीला का जादू भी देखने को मिलता है। आइए जानते हैं कि भारत के अलावा किन देशों में रामलीला का आयोजन होता है। इंडोनेशिया आप शायद ही जानते होंगे कि इंडोनेशिया में सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी है, लेकिन फिर भी रामायण यहां की संस्कृति रची-बसी हुई है। यहां रामायण इतिहास और संस्कृति का हिस्सा है, जहां भगवान राम किसी एक धर्म के न होकर मानवीय आदर्शों का प्रतीक माने जाते हैं। यहां पर जावा और बाली पर राम-लीला का मंचन बहुत ही खूबसूरत तरीके से नृत्य और नाटक के द्वारा किया जाता है। थाईलैंड दरअसल, थाईलैंड की संस्कृति में रामायण का गहरा असर देखने को मिलता है। यहां रामायण को रामकियन के नाम से जाना जाता है, जो वहां का राष्ट्रीय काव्य भी माना जाता है। यहां रामायण के प्रसंगों को बहुत ही खूबसूरत तरीके से नृत्य और संगीत पेश किए जाते हैं। बता दें कि, यहां पर रामायण को मंच पर पेश करते हुए कलाकार एक खास मास्क पहनते हैं, जिसको खोन कहा जाता है। कंबोडिया इसमें कोई दोहराए नहीं है कि कंबोडिया का इतिहास हिंदू संस्कृति से बिल्कुल जुड़ा हुआ है। यहां पर रामायण को रीमकेर कहा जाता है। यहां के मंदिरों और ऐतिहासिक जगहों पर रामायण के प्रसंगों का काफी खूबसूरत तरीके से प्रस्तुत किया जाता है। वहीं कलाकार भी खूबसूरत पोशाक और गहने पहनकर राम-लीला पेश करते हैं। त्रिनिदाद और टोबैगो और गयाना इतना ही नहीं, रामलीला के पहुंचने के इतिहास काफी दिलचस्प है। 19वीं सदी में ब्रिटिश शासन के दौरान भारत में गिरमिटिया मजदूरों को इन देशों में गन्नों के खेतों में काम करने के लिए भेजा, फिर यहां की संस्कृति भी साथ लेकर गए। इन मजदूरों की बड़ी आबादी इन्हीं देशों में रह गई और इस तरह देशों में रामायण पहुंची।
सफेद या पीला, कौन सा घी सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद है? रोज खाने से पहले जरूर जानें
बाजार में दो तरह के घी मिलते हैं, सफेद घी और पीला घी। सफेद घी भैंस के दूध से बनता है, वहीं पीला घी गाय के दूध से बनाया जाता है। अब सवाल है कि इनमें से ज्यादा फायदेमंद कौन सा है? आइए जानते हैं आपको किस रंग का घी लेना चाहिए।
ऑटो-कट के बाद पेट्रोल भरवाना चाहिए या नहीं? जानें क्या है सही तरीका
पेट्रोल पंप पर फ्यूल भरवाते समय क्या ऑटो-कट होने के बाद भी टंकी फुल करवानी चाहिए? जानिए ऐसा करने से गाड़ी को क्या नुकसान हो सकता है और फ्यूल भरवाते समय किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
Beauty Tips: Durga Puja में साड़ी के साथ पहनें ये 9 Trendy Jewellery, मिलेगा परफेक्ट एथनिक लुक
बंगाल में दुर्गा पूजा एक महत्वपूर्ण त्योहार है। इस पर्व में मां दुर्गा की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। वहीं इस दौरान महिलाएं अपने लुक और आउटफिट का खास ध्यान रखती हैं। वहीं सिर्फ बंगाल में नहीं बल्कि पूरे देश में दुर्गा पूजा का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। दुर्गा पूजा के मौके पर महिलाएं अक्सर पारंपरिक बंगाली साड़ी पहनती हैं और खूबसूरत तरीके से तैयार होती हैं। ऐसे में आप भी इस बार की दुर्गा पूजा में अपने साड़ी लुक को खास बनाने के लिए ट्रेंडी ज्वेलरी कैरी कर खुद के लुक में चार चांद लगा सकती हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको 9 ट्रेंडी ज्वेलरी पीस के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनको आप पंडाल दर्शन के लिए जाते वक्त, मां दुर्गा का उत्सव मनाने और साथ ही किसी पारंपरिक कार्यक्रम में जाने के लिए कैरी कर सकती हैं। इसे भी पढ़ें: Lipstick Shade Number याद रखने से दोबारा खरीदारी और Online Shopping होती है आसान चोकर नेकलेस आप रेड या बनारसी साड़ी के साथ कुंदन-पोलकी फिनिश वाला या एंटीक गोल्ड चोकर बेहद खूबसूरत लगेगा। मदर ऑफ पर्ल या मोइसानाइट ज्वेलरी आप लाल, गुलाबी या हल्के रंग की साड़ियों के साथ पर्ल या मोइसानाइट वर्क वाली ज्वेलरी कैरी करके स्टाइलिश और एलिगेंट लुक पा सकती हैं। टेंपल ज्वेलरी आप पारंपरिक गोल्ड सिल्क साड़ी के साथ पेंडेंट, हार या इंडियन टेंपल डिजाइन लुक की ज्वेलरी पहन सकती हैं। इससे आपको शाही लुक मिलेगा। चांदबाली झुमके मोतियों की लटकन वाले बड़े चांदबाली या क्लासिक झुमके पहन सकती हैं। यह बनारसी और डिजाइनर साड़ियों पर बेहद अच्छे लगते हैं। मांग टीका दुर्गा नवमी के दिन पूजा और खास दावत के लिए साड़ी के साथ मैचिंग मांग टीका कैरी कर सकती हैं। यह आपके पारंपरिक श्रृंगार को कंप्लीट लुक देता है। नथ बंगाली या पारंपरिक लुक पाने के लिए आप क्लासिक गोल नथ या महारानी स्टाइल नथ पहन सकती हैं। इसमें आपका लुक काफी अच्छा लगेगा। शंख-पोला या लाल-सफेद चूड़ियां अपने लुक को खास बनाने के लिए आप बंगाल की पारंपरिक शंख-पोला या लाल - सफेद कांच की चूड़ियां और कंगन कैरी कर सकती हैं। कॉकटेल रिंग अपने हाथों की खूबसूरती को बढ़ाने के लिए बड़ी और शाइनिंग स्टोन वाली कॉकटेल रिंग भी कैरी कर सकती हैं। गजरा और कमरबंद साड़ी के साथ बालों में ताजे फूलों का गजरा और पारंपरिक कमर बंद आपकी साड़ी लुक में चार चांद लगा देगा।
Navratri व्रत में मीठा खाने का मन है? साबूदाना से बनाएं ये क्रिस्टल जलेबी, नोट करें रेसिपी
शारदीय नवरात्रि में व्रत रखते समय कई लोग अपनी रोज की डाइट को पूरी तरह बदल देते हैं। लेकिन व्रत का मतलब यह नहीं कि पूरे दिन भूखे रहें और शाम को ऐसा खाना खाएं जिसमें कार्बोहाइड्रेट, चीनी और तेल बहुत ज्यादा हो। व्रत के दौरान ऐसा खाना बेहतर होता है जो पेट भरने के साथ शरीर को ऊर्जा भी दे। इसी सोच के साथ हम आपके लिए शारदीय नवरात्रि व्रत की एक खास रेसिपी साबूदाना क्रिस्टल जलेबी लेकर आए हैं। फूड क्रिएटर रिंचेन वांगडी भूटिया ने यह रेसिपी साझा की है। यह जलेबी देखने में आम जलेबी से काफी अलग होती है और इसका रूप क्रिस्टल जैसा नजर आता है। साबूदाना क्रिस्टल जलेबी के लिए सामग्री जलेबी के लिए 1 कप साबूदाना 1 बड़ा चम्मच घी 1 बड़ा चम्मच पिसी हुई चीनी, स्वाद के अनुसार कम-ज्यादा कर सकते हैं एक चुटकी नमक जरूरत के अनुसार पानी तलने के लिए तेल या घी चाशनी के लिए 1 कप चीनी आधा कप पानी 2-3 हरी इलायची नींबू के रस की कुछ बूंदें इसे भी पढ़ें: कुट्टू, दही और स्ट्रॉबेरी से बनाएं व्रत का ये खास डेजर्ट, Kunal Kapur ने शेयर की है रेसिपी साबूदाना क्रिस्टल जलेबी बनाने की विधि एक पैन में 1 कप साबूदाना डालकर कुछ मिनट तक सूखा भून लें। इसके बाद इसे पूरी तरह ठंडा होने दें। ठंडे साबूदाने को मिक्सी में डालकर बारीक और चिकना पाउडर बना लें। साबूदाने के पाउडर में घी, पिसी हुई चीनी और नमक डालें। धीरे-धीरे पानी मिलाते हुए गाढ़ा घोल तैयार करें, जिसे आसानी से पाइपिंग बैग से निकाला जा सके। घोल को पाइपिंग बैग में भर लें। स्टील की प्लेट पर थोड़ा तेल लगाएं और उस पर जलेबी की गोल-गोल आकृति बनाएं। अब प्लेट को स्टीमर में रखें और 2-3 मिनट तक भाप में पकाएं, जब तक जलेबी का आकार अच्छी तरह से बनकर तैयार न हो जाए। भाप में पकी जलेबियों को सावधानी से निकालें और ठंडा होने दें। इसके बाद इन्हें धीमी से मध्यम आंच पर कुरकुरा होने तक तलें। ध्यान रखें कि जलेबी का रंग सुनहरा न हो। चाशनी बनाएं: एक पैन में चीनी और पानी डालकर उबालें। इसमें हरी इलायची डालें और कुछ बूंदें नींबू का रस डालकर पकाएं। चाशनी को तब तक पकाएं जब तक वह थोड़ी चिपचिपी न हो जाए। चाशनी में डुबोकर परोसें: तली हुई जलेबियों को गर्म चाशनी में डुबोएं। इसके बाद इन्हें निकालकर परोसें और इस खास साबूदाना जलेबी का आनंद लें। इसे भी पढ़ें: Navratri में फलाहार खाकर हो गए हैं बोर? इस बार ट्राई करें ये 3 चटपटी रेसिपी क्रिस्टल जलेबी बनाने के लिए ध्यान रखें ये बातें साबूदाने को जितना बारीक पीसेंगे, जलेबी की बनावट उतनी ही चिकनी होगी। पूरी जलेबी बनाने से पहले एक जलेबी बनाकर भाप में पकाकर जरूर देखें कि उसका आकार ठीक से बन रहा है या नहीं। भाप में पकी जलेबियों को बहुत सावधानी से संभालें, क्योंकि वे आसानी से टूट सकती हैं। जलेबी का क्रिस्टल जैसा रूप साबूदाने और घोल की गाढ़ेपन पर निर्भर कर सकता है। View this post on Instagram A post shared by Rinchen Wangdi Bhutia (@vlogginkitchen)
बैकलेस या डीप नेक ब्लाउज के नीचे कौन सी ब्रा पहनें? ये 5 ऑप्शन कर सकती हैं ट्राई
करवाचौथ या आने वाले त्योहारों के लिए बैकलेस या डीप नेक ब्लाउज सिलवा रही हैं, तो इसके नीचे कौन सी ब्रा पहननी है, आइए जानते हैं। यहां हम आपके साथ 5 ऑप्शन शेयर कर रहे हैं, जिनमें से आप ब्लाउज के डिजाइन और अपने कंफर्ट के हिसाब से चुन सकती हैं।
तापमान में उतार-चढ़ाव से बच्चों में बढ़ता है Infection, सर्दी-जुकाम और फ्लू से ऐसे करें बचाव
बदलते मौसम में तापमान में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिलते हैं। मौसम में नमी के कारण बच्चे अक्सर बीमार पड़ जाते हैं। बदलते मौसम में वायरस, एलर्जी और पर्यावरण से संबंधित जुड़ी अशुद्धियों के संपर्क में आ जाते हैं। बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता इस मौसम में थोड़ी कमजोर होती है, इसलिए उन्हें इन बदलावों में ढलने में काफी समय लगता है। बदलते मौसम में बच्चों में होने वाली आम बीमारियां मौसम के बदलने से बच्चों को मुख्य रुप से 5 तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है। सर्दी-जुकाम बच्चों में सबसे ज्यादा सर्दी-जुकाम देखनो के मिलता है। इसके लक्षणों के बहती नाक, छींक आना, हल्की खांसी, गले में खराश शामिल होना। बदलते मौसम में तापमान में उतार-चढ़ाव की वजह से श्वसन नली प्रभावित होती है, जिससे सर्दी के वायरस तेजी से फैलने लगता है। मौसमी फ्लू वैसे यह सामान्य सर्दी-जुकाम की तुलना में थोड़ा ज्यादा होता है और किसी भी उम्र के बच्चों को प्रभावित कर सकता है। इस दौरान तेज बुखार, बदन दर्द, थकान, ठंड लगना, सूखी खांसी और सिरदर्द के मुख्य लक्षण देखने को मिलते हैं। मौसमी एलर्जी बदलते मौसम के दौरान बच्चों को हवा में धूल की वजह से एलर्जी हो जाती है, जिससे सांस लेने में दिक्कत होती है और बच्चा दिन भर परेशान रहता है। गले में संक्रमण बदलते मौसम से बच्चों में ठंडे-गरम की दिक्कतें देखनो को मिलती है। जिस कारण से गले में खराश, दर्द और सूजन जैसी समस्याओं से गुजरना पड़ता है। पाचन संबंधी समस्याएं कई बार गलत खान-पान के कारण से पेट में संक्रमण हो जाता है। इसकी वजह से पेट में दर्द, दस्त और उल्टी की शिकायत हो सकती है। इस तरह से रखें बच्चों का ख्याल - मौसम में बदलाव होने के कारण फुल स्लीव्स के कपड़े पहनाएं। शाम के समय मौसम ठंडा हो, तो डबल लेयर पहना दें। - अगर आप संक्रमण को रोकना चाहते हैं, तो हाथ जरुर धोएं, बच्चों को सिखाएं कि वे खाने से पहले, शौचालय जाने के बाद और खांसने या छींकने के बाद साबुन से हाथ जरुर धोएं। - इस मौसम में बच्चों की नींद पूरी होना बेहद जरुरी है। प्री-स्कूल के बच्चों को रोजाना 10-13 घंटे, स्कूली बच्चों को 9-12 घंटे और किशोंरों को 8-10 घंटे की नींद लेना काफी जरुरी है। - बच्चों की इम्यूनिटी मजबूत बने रहने के लिए ताजे फल, सब्जियां, साबुत अनाज, लीन प्रोटीन और हेल्दी फैट्स दें। ऐसा करने से इम्युनिटी बूस्ट होती है। - समय पर टीके लगवाने से बच्चों को गंभीर संक्रमणों और मौसमी फ्लू से सुरक्षा मिलेगी। - इसके अलावा, आउटडोर खेल, साइकिल चलाना और सैर जैसी गतिविधियां काफी जरुरी है। इससे शरीर एक्टिव रहता है और सामान्य कार्यप्रणाली के लिए बच्चों को पर्याप्त पानी पिलाते रहे हैं।
गेहूं नहीं, इस आटे की रोटी खाती हैं अनुष्का शर्मा, कैंसर सर्जन ने बताए फायदे!
बॉलीवुड एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि वो गेहूं के आटे की रोटी नहीं खाती हैं। इसकी जगह वो अमरंथ यानी राजगिरा के आटे से बनी रोटी खाती हैं, जो ग्लूटेन फ्री है। डॉक्टर से जानते हैं इसके फायदे।
बाजार में मिलने लगा है आंवला, घर पर बनाएं इम्यूनिटी बूस्टर आंवले का मुरब्बा
आंवला को सेहत का सुपरफूड माना जाता है। सर्दियों की शुरुआत के साथ ही बाजार में आंवले मिलने लगते हैं। इससे लोग अलग अलग तरह के डिशेज बनाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी आंवले का मुरब्बा ट्राय किया है। यहां इसकी रेसिपी दी गई है।
Karwa Chauth पर Glowing Skin के लिए अपनाएं यह Skincare Routine, पार्लर जाने की जरूरत नहीं
करवा चौथ त्योहार नजदीक आ चुका है। इस पर्व के समय महिलाएं सोलह श्रृंगार करती हैं। करवा चौथ से पहले ही महिलाएं सैलून जाकर महंगे-महंगे फेशियल और स्किन ट्रीटमेंट कराती है, लेकिन आपको यह सब कराने की कोई जरुरत नहीं है। अगर आप अभी से ये स्किनकेयर रूटीन फॉलो जरुर करें। ऐसा करने से आपके चेहरे पर गुलाब जैसा निखार आएगा। आपको फिर पार्लर के महंगे ट्रीटमेंट कराने की कोई जरुरत नहीं है। एक रिपोर्ट से पता चला है कि इंटरनेट और सोशल मीडिया पर स्किन संबंधित जुड़ी ढेरों जानकारियां देखने को मिलती है। हालांकि यह तय करना मुश्किल हो जाता है कि रुटीन में क्या शामिल करें या क्या नहीं। इसलिए सबसे जरुरी है कि आप क्लींजिंग से लेकर एक्सफोलिएशन पर ध्यान दें। इसे अपने स्किन रुटीन में शामिल करें। स्किन टाइप को पहचानें जब भी आप स्किनकेयर के प्रोडक्ट खरीदें तो पहले जान लें कि आपकी स्किन टाइप क्या है। - सबसे पहले आप अपने चेहरे को किसी माइल्ड क्लींजर से धोएं और 30 मिनट के लिए वैसे ही छोड़ दें। - यदि आपकी त्वचा पर ऑयल नजर आए और नाक व गालों पर पोर्स दिखाई दें, तो आपकी स्किन ऑयली है। - अगर आपके गालों पर खिंचाव महसूस हो और त्वचा हल्की खुरदरी लगे, तो ड्राई स्किन है। - यदि आपकी त्वचा पर अधिक पपड़ी न जमे और वह बहुत अधिक ऑयली भी न लगे, तो आपकी त्वचा नॉर्मल है। स्किन के हिसाब से रखें ख्याल - स्किन डाई है, तो आपको नमी (हाइड्रेशन को बढ़ाना, ध्यान दें कि त्वचा को ज्यादा एक्सफोलिएट करने से बचना चाहिए। इसलिए आप ऐसा क्लींजर का इस्तेमाल करें, जो कि क्रीमी और कोमल हो। - अगर आपकी स्किन ऑयली है, तो पोर्स को बंद होने से रोकना जरुरी है। समय-समय पर एक्सफोलिएशन जरुर करें, स्किन बैरियर को मेंटेन रखें। करवा चौथ के लिए स्किनकेयर रूटीन करवा चौथ के लिए ग्लोइंग स्किन चाहते हैं, तो अभी से स्किन केयर रुटीन में ये 3 स्टेप एड कर लें। क्लींजिंग करवा चौथ पर ग्लोइंग स्किन पाने के लिए सबसे जरुरी अपने स्किन टाइप के अनुसार सही क्लींजर को चूज करें। फिर दिन में दो बार चेहरा धोना पर्याप्त होता है। यदि आप जिम जाते हैं, तो बाहर रनिंग करती हैं या गर्मी के कारण ज्यादा पसीना आता है, जो दोपहर में एक बार चेहरा को धो सकती हैं। यदि आप बार-बार चेहरे को वॉश करेंगे, तो स्किन बैरियर को नुकसान पहुंच सकता है, इसलिए ज्यादा धोने से बचें। मॉइस्चराइजर जब आप चेहरा धो लें, इसके बाद हल्की गीली त्वचा पर तुरंत ही मॉइस्चराइजर अप्लाई कर लें। ऐसा करने से नमी लंबे समय तक लॉक रहती है। यदि आपका ऑयली स्किन है, तो क्रीमी-जेल टाइप का हल्का मॉइस्चराइजर चूज करें। अगर आपकी ड्राई स्किन है, तो थोड़ा क्रीमी मॉइस्चराइजर बेहतर रहेगा। प्रोटेक्शन गौरतलब है कि सूर्य किरणें हमारी स्किन को बुरी तरह से प्रभावित करती है। जिससे हमारी त्वचा पर टैनिंग, डार्क पैचेस, कोलेजन की कमी, झुर्रियां और उम्र से पहले बुढ़ापा आने जैसी समस्याएं दूर होती हैं। चाहे मौसम कैसा भी हो, स्किन की सुरक्षा के लिए सनस्क्रीन लगाना काफी जरुरी है। सनस्क्रीन को आप स्किन को मॉइस्चराइज करने के बाद ही चेहरे पर एक मोटी परत बनाएं। इसके साथ ही सनस्क्रीन को हर 3 घंटे पर दोबारा लगाना जरुरी है। एक्सफोलिएशन स्किन के लिए एक्सफोलिएशन सबसे जरुरी है लेकिन फेजिकल एक्सफोलिएंट्स का इस्तेमाल करने की सलाह कोई डर्मेटोलॉजिस्ट नहीं देता, क्योंकि रगड़ने पर इसका कण त्वचा के लिए बहुत कठोर हो जाता है। इसके स्थान पर आप केमिकल एक्सफोलिएंट्स का इस्तेमाल कर सकती हैं। अपनी त्वचा की जरुरत के अनुसार ही सही मॉलिक्यूल चुनने के लिए हमेशा डर्मेटोलॉजिस्ट की मदद लें। ग्लोइंग स्किन के लिए इन बातों का रखें ध्यान - यदि आपकी त्वचा पीली नजर आ रही है, तो खून में आयरन की कमी हो सकती है। - अगर आपकी गर्दन के आसपास का हिस्सा काला पड़ गया है, तो इसका मतलब है कि आपके शरीर में इंसुलिन प्रतिरोध विकसित हो रहा है और आपको तुरंत वर्कआउट या फिटनेस पर ध्यान देने की जरुरत है। - एक हेल्दी डाइट और वर्कआउट रूटीन चमकदार त्वचा बनाने में बहुच बड़ा योगदान है।
करवा चौथ पर नथ से बढ़ाएं खूबसूरती, देखें 7 छोटी-बड़ी अलग डिजाइन
करवा चौथ पर दुल्हन वाला शृंगार करने का दिल कर रहा तो केवल झुमका और हार काफी नहीं, अपने लुक में नयी दुल्हन की तरह नोजरिंग यानि नथ को भी शामिल करें। मार्केट से इन डिजाइन के सुंदर नथ खरीदें और अपने लुक को बनाएं और भी खूबसूरत।
त्योहारों से पार्टी तक, मौका कोई भी! देखें 8 स्टाइलिश एथनिक सेट, डिजाइन ऐसे कि नजरें ठहर जाएं
खूबसूरत एथनिक लुक के लिए देखें 8 स्टाइलिश सेट, जिनमें मिलेंगे कढ़ाई, प्रिंट और अलग-अलग फैब्रिक के डिजाइन। अपने बजट और पसंद के हिसाब से चुनें पलाजो और दुपट्टे के साथ शानदार एथनिक पहनावा।
इंटरनेट डेस्क। सर्दियों का मौसम शुरू होने वाला है, इस मौसम में लोगा दबाकर खाते हैं जिसके कारण उनका वेट बढ़ जाता है। लेकिन आप बढ़ते वजन को रोकना चाहते है तो आप अपने डाइट में कुछ ऐसे ड्रिंक्स को शामिल कर सकते है। जो आपके बढ़ते वजन को रोक सकते है। चुकंदर का जूस अगर आप रोज चुकंदर का जूस पीते है तो आपको वजन कम करने में काफी मदद मिल सकती है। इसमें फाइबर पाया जाता है, जो फैट कम करने के लिए फायदेमंद होता है। यह आपके ब्लड प्रेशर को भी मैनेज करने में सहायता करता है। गाजर का जूस इसके साथ ही आप सर्दियों में गाजर का जूस भी पी सकते है। गाजर में फाइबर पाया जाता है, जो वजन कम करता है। इसके अलावा, इसमें कई विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं, जो सेहत को अन्य कई फायदे देते है। pc-news18 hindi
जौ के आटे से घर में बनाएं स्क्रब, काले अंडरआर्म्स से लेकर बिकिनी एरिया की स्किन को चमकाएगा
अंडरआर्म्स, कोहनी, घुटना, बिकिनी एरिया में कालापन बढ़ रहा है, तो इसे हटाने के लिए जौ के आटे से बना ये घरेलू स्क्रब बनाकर तैयार कर लें। इसे सप्ताह में एक से दो बार लगाने से ही कुछ समय में असर दिखेगा।
ना मावा, ना पनीर! सिर्फ 2 गिलास दूध से बनाएं साबूदाना रसमलाई, व्रत की रेसिपी नोट करें
नवरात्रि व्रत में वही साबूदाना की खीर और खिचड़ी खा कर बोर हो गए हैं, तो एक बार ये रसमलाई जरूर बनाकर ट्राई करें। मुंह में घुलने वाली ये टेस्टी रसमलाई खा कर आपको मजा आ जाएगा। बेस्ट बात है कि इसे बनाने में ज्यादा टाइम भी नहीं लगता और मेहनत भी नहीं।
चारधाम यात्रा: अटूट आस्था, VIP संस्कृति और व्यवस्थाओं की अग्निपरीक्षा
यात्राएँ केवल पर्यटन नहीं, बल्कि स्वयं को जानने, जन-आस्था को अनुभव करने और प्रकृति के निकट पहुँचने का अवसर होती हैं। धार्मिक यात्रा मनुष्य को सांसारिक भागदौड़ से दूर कर आत्मचिंतन और ईश्वर के सान्निध्य में जाने का मार्ग दिखाती है। इसी भावना के साथ 26 ...
बेडरूम और किचन में कितने सॉकेट जरूरी हैं? ऐसे करें सही प्लानिंग
घर बनवाते समय बेडरूम और किचन में पावर पॉइंट्स की सही प्लानिंग करना जरूरी है। जानिए मोबाइल चार्जिंग, एसी, फ्रिज और दूसरे अप्लायंसेज के लिए कितने सॉकेट्स रखने चाहिए, ताकि बाद में परेशानी न हो।
अगर आपको पापड़ का स्वाद पसंद आता है तो आप घर पर क्रिस्पी साबूदाना पापड़ आसानी से बना सकते हैं, चलिए नोट कर लीजिए रेसिपी
Health Tips: आपको भी आते हैं बार बार चक्कर तो कमजोरी समझने की नहीं करें गलती, हो सकती हैं ये समस्यां
इंटरनेट डेस्क। आपने देखा होगी की कई बार आप उठते हैं आपकी आंखों की आगे अंधेरा हो जाता हैं या फिर चक्कर की तरह महसूस होता हैं, आपको भी ऐसा हो रहा हैं तो इसके हल्कें में नहीं लेना चाहिए या फिर कमजोरी मानकर नहीं छोड़ना चाहिए। अचानक उठते ही सिर हल्का लगना, चलते समय कदम लड़खड़ाना, या कुछ सेकेंड के लिए ऐसा महसूस होना जैसे पूरा कमरा घूम रहा है इसके और भी कारण हो सकते है। ब्लड प्रेशर में अचानक गिरावट अगर लंबे समय तक बैठे या लेटे रहने के बाद अचानक खड़े होने पर आंखों के आगे अंधेरा छाने लगे, कमजोरी महसूस हो या सिर घूमे, तो इसका संबंध ब्लड प्रेशर में अचानक गिरावट से हो सकता है। शरीर में पानी की स्थिति गर्मी में ज्यादा पसीना निकलना, उल्टी-दस्त होना, बुखार या पर्याप्त मात्रा में तरल ना लेना शरीर में पानी की कमी पैदा करता है। डिहाइड्रेशन में प्यास लगने के अलावा थकान, मुंह सूखना, पेशाब कम होना या उसका रंग गहरा होना और चक्कर जैसी परेशानी होती है। pc- jansatta
pc: navarashtra पूरे देश में हर जगह गर्मी पड़ रही है। माहौल में लगातार हो रहे बदलावों की वजह से शरीर के साथ-साथ स्किन से जुड़ी परेशानियां भी बढ़ने लगती हैं। तेज धूप में 10 मिनट भी बाहर घूमने से स्किन पूरी तरह काली पड़ जाती है और चेहरे पर टैन बढ़ जाता है। इसके साथ ही गर्मी, पसीने और प्रदूषण का असर भी स्किन पर दिखने लगता है। चेहरे पर बढ़ती टैनिंग, डलनेस और ऑयलीनेस से तंग आकर महिलाएं बाजार में मिलने वाले अलग-अलग स्किन केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करती हैं और कई बार अलग-अलग स्किन ट्रीटमेंट भी करवाती हैं। इस वजह से चेहरे पर ग्लो ज्यादा देर तक नहीं टिकता। महंगे केमिकल्स का बार-बार इस्तेमाल करने के बजाय आपको घर पर ही दही का इस्तेमाल करके फेस पैक बनाना चाहिए। आइए जानते हैं फेस पैक बनाने की आसान रेसिपी। दही का इस्तेमाल कैसे करें? स्किन की परेशानियां बढ़ने पर बाजार के महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने के बजाय आपको हमेशा दही का इस्तेमाल करना चाहिए। दही में मौजूद फायदेमंद तत्व स्किन में नमी बनाए रखने में मदद करते हैं। दही के रेगुलर इस्तेमाल से चेहरे पर टैन कम होता है और गर्मी भी कम लगती है। स्किन की क्वालिटी को बेहतर बनाने और चेहरे पर फ्रेशनेस बनाए रखने के लिए दही का इस्तेमाल करना चाहिए। दही बहुत हल्का होता है, इसलिए इसमें भारीपन नहीं होता। दही का फेस पैक बनाने का आसान तरीका: फेस पैक बनाने के लिए, एक कटोरी में दो से तीन बड़े चम्मच दही लें, उसमें हल्दी, बेसन और कॉफी पाउडर डालकर मिक्स करें। तैयार फेस पैक को अच्छी तरह मिलाएं। फेस पैक लगाने से पहले स्किन को पानी से धोकर सुखा लें। फिर फेस पैक को पूरे चेहरे पर लगाएं और 15 से 20 मिनट तक चेहरे पर लगा रहने दें। हाथों पर पानी लगाकर हल्के हाथों से मसाज करें। मसाज करने से स्किन पर जमा डेड सेल्स हटाने में मदद मिलती है। फिर पानी से चेहरा धो लें। हफ्ते में दो या तीन बार चेहरे पर फेस पैक लगाने से टैनिंग कम करने में मदद मिलेगी। फेस पैक बनाते समय हमेशा फ्रेश दही का इस्तेमाल करें। फ्रेश दही इस्तेमाल करने से चेहरा फ्रेश रहता है। खट्टा या बासी दही इस्तेमाल करने से स्किन पर इंफेक्शन होने की संभावना रहती है। कोई भी नया फेस पैक या फेस मास्क लगाने से पहले पैच टेस्ट करना जरूरी है। अगर चेहरे पर जलन, लालिमा या खुजली हो तो फेस पैक न लगाएं। अगर चेहरे पर एक्टिव पिंपल्स या घाव हैं तो दही का फेस पैक चेहरे पर न लगाएं।
अगर आप किराए के घर में रहते हैं तो बिना कुछ ज्यादा बदलाव किए, बना छेद किए और कील ठोके भी कुछ खूबसूरत बदलाव किए जा सकते हैं। इससे आपके घर में एकदम नया लुक मिलेगा। रिमूवेबल वॉलपेपर से लेकर स्टेटमेंट लाइटिंग तक, इन चीजों से बदलें घर का लुक।
मुंह की बदबू दूर करने के लिए क्या लें और किन चीजों से बचें? डेंटिस्ट से जानें
मुंह से बदबू आने पर कई लोग मीठी सौंफ या मिंट कैंडी खाने लगते हैं। लेकिन क्या ये चीजें सच में काम करती हैं? डेंटिस्ट डॉ. श्रेया केडिया से जानें क्या खाना सही है और किन चीजों से बचना चाहिए।
Health Tips: ज्यादा गर्म Tea या Coffee पीने से Esophageal Cancer का खतरा तीन गुना बढ़ सकता है
कई लोग बहुत ज्यादा गर्म चाय या कॉफी पीना पसंद करते हैं। कप में चाय या कॉफी डालते ही वह इसको पीने लगते हैं। अगर आपकी भी ऐसी ही कुछ आदत है, तो आपको सावधान होने की जरूरत है। क्योंकि हाल ही में हुई एक रिचर्स में एक चौंकाने वाली बात सामने आई है। दरअसल, रिसर्च में सामने आया है कि ज्यादा गर्म पेय पदार्थ पीने से एसोफेगल कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इस बारे में जानकारी देने जा रहे हैं। ज्यादा गर्म पेय पदार्थ बढ़ा सकते हैं कैंसर का जोखिम हाल ही में हुई एक रिसर्च में सामने आया है कि जो लोग ज्यादा गर्म चाय या कॉफी का सेवन करते हैं, उनमें एसोफेगल कैंसर का जोखिम बढ़ जाता है। इसे भी पढ़ें: Night Shift करने वाली महिलाओं में Breast Cancer का खतरा, रिसर्च में सामने आया कनेक्शन रिसर्च में बताया गया है कि गुनगुनी चाय या कॉफी पीने वालों की तुलना में ज्यादा गर्म चाय या कॉफी पीने वालों में कैंसर का खतरा लगभग तीन गुना ज्यादा होता है। जब इतना गर्म पेय पदार्थ हमारे फूड पाइप से गर्म पेट तक जाता है, तो रास्ते में मौजूद सेल्स को नुकसान हो सकता है। हालांकि इस तरह के कैंसर के होने के चांसेज अमूमन कम ही होते हैं। क्या कहते हैं एक्सपर्ट एक्सपर्ट की मानें, तो इस रिसर्च के मुताबिक ज्यादा गर्म चाय या कॉफी को बार-बार पीने से एसोफेजियल स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा का जोखिम बढ़ सकता है। UK में करीब 10 लाख वयस्कों पर की गई 14 साल की स्टडी के हिसाब से जो लोग ज्यादा गर्म ड्रिंक पीना पसंद करते हैं, उनमें यह जोखिम ज्यादा होता है। बहुत ज्यादा गर्म तरल पदार्थ पीने से एसोफेगस की परत को बार-बार थर्मल नुकसान पहुंचा सकते हैं। जिस कारण समय के साथ कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। असल में खतरा ड्रिंक से नहीं बल्कि इसके तापमान से होती है। जरूरी बात यह है कि अधिकतर लोगों में इस कैंसर के होने का जोखिम अभी भी कम है। स्टडी में एसोफेजियल एडेनोकार्सिनोमा के साथ ऐसा संबंध नहीं पाया गया। हालांकि जो लोग नियमित रूप से ज्यादा गर्म ड्रिंक का सेवन करते हैं, या जो दिन में 6 या इससे ज्यादा कप गर्म ड्रिंक पीते हैं, उनमें यह बढ़ा हुआ खतरा मायने रखता है। हमेशा गुनगुना पिएं चाय-कॉफी हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक चाय या कॉफी पीने से पहले इसको कुछ मिनट के लिए ठंडा होने दें। अगर चाय या कॉफी जीभ या होंठ पर ज्यादा गर्म लगती है, तो शायद इसका तापमान सेफ सीमा से अधिक है। चाय-कॉफी या किसी भी गरम पेय पदार्थ को हमेशा गुनगुना ही पीना चाहिए।
कन्या पूजन के दिन बनाएं स्वादिष्ट हलवा, सूजी भूनने से लेकर चाशनी तक, नोट कर लें पूरी रेसिपी
नवरात्रि में कन्या पूजन के भोग में हलवा पूरी और काले चने बनाए जाते हैं। मुलायम हलवा बनाने के लिए आप इन टिप्स को फॉलो कर सकते हैं। इससे सूजी का हलवा न तो चिपचिपा बनेगा और न ही ज्यादा कड़ा होगा। नोट कर लें सूजी हलवा की पूरी रेसिपी।
विटामिन ई कैप्सूल फेस पैक में मिलाकर लगाती हैं? एस्थेटिक फिजिशयन से जानें क्यों नहीं होता फायदा
विटामिन ई की कैप्सूल को तोड़कर फेस पैक में मिलाकर चेहरे पर लगाती हैं लेकिन स्किन पर कोई फायदा नहीं दिखता। सालों से ये कर रहीं हैं तो जरा इसकी सच्चाई जान लें, एस्थेटिक फिजिशयन ने इस बारे में बताया….
Night Shift करने वाली महिलाओं में Breast Cancer का खतरा, रिसर्च में सामने आया कनेक्शन
प्रत्येक वर्ष अक्तूबर का महीना ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस मंथ के रुप में जाना जाता है। इस बार इसकी थीम है 'Every Story is Unique, Every Journey Matters'। आजकल सबसे ज्यादा महिलाएं ब्रेस्ट कैंसर का शिकार हो रही हैं। ऐसे में कई महिलाएं आईटी कंपनियों, बीपीओ, अस्पतालों और दूसरी जगहों पर नाइट शिफ्ट में काम करती हैं। नाइट शिफ्ट में रात भर जागना होता है। इसलिए उनका रूटीन रातभर जागना और दिन में सोना बन ही जाता है। क्या आपने कभी सोचा है कि रात में लगातार काम करने का असर आपकी सेहत को खराब कर सकता है। एक रिसर्च के अनुसार, लंबे समय तक नाइट शिफ्ट करने और ब्रेस्ट कैंसर के बीच संबंध बताया है। ऐसे में रात में काम करने वाली महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर का खतरा है, आइए आपको बताते हैं क्या कहती है रिसर्च? रात में काम करने से ब्रेस्ट कैंसर का क्या है कनेक्शन? वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) की एजेंसी इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (IARC) ने साल 2019 में रात की शिफ्ट में काम करने वाली महिलाओं को कैंसर का खतरा बढ़ाने वाला माना था, जिनको ग्रुप 2A में रखा गया था। असल में इस क्लासिफिकेशन में उन महिलीओं को रखा गया था, जिसमें ब्रेस्ट कैंसर से संबंधित कुछ सबूत मिले थे। इसका मतलब यह नहीं है कि नाइट शिफ्ट करने वाली हर महिला को कैंसर होगा। डॉक्टर ने नाइट शिफ्ट करने वाली महिलाओं को क्या सलाह दी? हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, भारत में बहुत-सी महिलाए नाइट शिफ्ट में काम करती है। लंबे समय तक नींद और जागने के बदलते रुटीन को जरुर गंभीरता से लेना चाहिए। रिसर्च में नाइट शिफ्ट और ब्रेस्ट कैंसर के बीच संबंध देखने को मिला है, हालांकि दोनों के बीच संबंध मिलने का मतलब यह नहीं है कि नाइट शिफ्ट करने के कारण कैंसर हो सकता है। क्या कहती है ब्रेस्ट कैंसर पर हुई रिसर्च? बात करें साल 2022 में प्रकाशित एक रिसर्च की, तो 33 स्टडी सामने आई थीं, जिसमें करीब 43 लाख लोगों को शामिल किया गया था। इस स्टडी में पता चला था कि रात की शिफ्ट में कार्य करने से 20 परसेंट महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा देखने को मिला था। लेकिन हर रिसर्च में एक जैसे नतीजे देखने को मिले नहीं है। कुछ बड़ी स्टड़ी में नाइट शिफ्ट और ब्रेस्ट कैंसर के बीच संबंध न होने की बात कही गई है। इतना ही नहीं, साल 2024 में प्रकाशित एक रिव्यू में भी इस टॉपिक पर हुई नए रिसर्च को स्टडी किया गया था। इसमें लंबे समय तक लगातार या बार-बार नाइट शिफ्ट करने और ब्रेस्ट कैंसर के संबंध होने के कुछ संकेत देखने को मिले थे। लेकिन, इसको लेकर पुख्ता नतीजे तक पहुंचने के लिए अभी और रिसर्च की जरुरत है। सबसे जरुरी बात यह है कि रिसर्च में सामने आया 20% ही खतरा है। इसका अर्थ यह नहीं है कि नाइट शिफ्ट करने वाली हर पांच में से एक महिला को ब्रेस्ट कैंसर होगा। नाइट शिफ्ट करने वाली महिलाएं अपनी सेहत का ख्याल कैसे रखें? - रोजाना जब भी आप सोएं तो एक समय पर ही नींद लें और ज्यादा से ज्यादा सोने की जरुरत है। - दिन में सोते समय कमरे में पर्दे लगाएं, जिससे बाहर की रोशनी कमरे में न आएं। - जब आप सोएं तो शोर कम करें, ताकि आपकी नींद बार-बार न टूटे। - यदि आपको लंबे समय से नींद नहीं आ रही है, तो डॉक्टर से सलाह जरुर लें। - ध्यान रखें कि, जब भी आपको ब्रेस्ट में गांठ, स्किन में चेंज या निप्पल से डिस्चार्ज जैसी परेशानी दिखे, तो डॉक्टर से जांच करवाएं।
नौरातें,जो सिर्फ पूजा नहीं, माँ की गोद काअहसास हैं
-करिश्मा जब भी नवरात्रे आते है,घरों में एकअलग ही खुशबु फैल जाती हैं।सुबह-सुबह जलते हुए घी के दीये की महक,मंदिर से आती घंटियों की आवाज़और हवा में घुली हुई एक अजीब सी शांति। लेकिन सच कहूँ तो,नवरात्र सिर्फ नौ दिन का कोई नियम-कानून नहीं हैं। ये वे दिन हैं जब हम सब कहीं न कहीं उस माँ की तलाश करते हैं जो हमें बिना किसी शर्त के प्यार करती हैं। अगर हम थोड़ा रुककर सोचे,तो हममें से हर कोई अपनी जिंदगी की भाग दौड़ में कहीं न कही थक चुका हैं। कोई नौकरी के तनावमें परेशान है,कोई घर परिवार की जिम्मेदारीके बोझ तले दबा है और कोई बस अपनों के बीच खुद को अकेला महसूस कर रहा है।ऐसेमें,जब ये नौ रातें आती हैं,तो ऐसा लगता है जैसे ब्रह्मांडकी सबसे बड़ी माँ ने अपनी बाहें फैला कर हमें पुकार करबोला हो-“डर मत,मैं हूँ ना”। अन्दर का महिषासुर और हमारा रोज का संघर्ष हम पुराणों में महिषासुर की कथा पढ़ते हैं कि कैसे एक शक्तिशाली राक्षस ने सबका जीना मुश्किल कर दिया था। लेकिन क्या हमने कभी अपने अन्दर झाँककर देखा हैं? वह महिषासुर कोईपरलोकसेआयाराक्षसनहींहैं,वह आधुनिकयुगकावह‘तनाव’और‘अति-विचारशीलता’हैंजोहमारीरातोंकीनींदछीनलेताहैं। वहगुस्सा,जोबात-बातपरअपनोंपर निकल जाता हैं, वह डर, जो हर वक्तअन्दर ही अन्दरहमेंखाता रहता हैं, वह अहंकार,जो हमें झुकने औरगलतीमाननेनहींदेता,यही तो हमारे अन्दर के राक्षस हैं।और जब हम इन नौ दिनों में माँ की पूजा करते हैं,व्रत रखते हैं,तो असल में हम अपने अन्दर की उस कमज़ोरी को हराने की कोशिश कर रहे होते हैं।हम माँ से कहते हैं “माँ अब थक गए हैं इन बुरी आदतों से लड़ते-लड़ते अब तू ही सम्भाल ले”। नवदुर्गा:ममता के नौ अलग- अलग रंग माँ के ये नौ रूप कोई किताबी बातें नहीं हैं,यह तो हमारे जीवन के अलग-अलग पड़ावों जैसे हैं: शैलपुत्री की तरह हम जिंदगी में हर बार गिरकर फिर से उठना सीखते हैं। ब्रह्माचारिणी की तरह चुप चाप अपनी मेहनत और तपस्या में लगे रहते हैं,बिना किसी शोर के। स्कंदमाता की तरह जब हम अपने बच्चों को सीने से लगाते हैं,तो हमें समझ आता है कि ममता असल में होती क्या है। और जब कभी जिंदगी बहुत अंधेरी लगने लगती हैं,तो कालरात्रि बनकर माँ हमें यह सिखाती हैं कि अंधेरे के बाद ही उजाला आता हैं। ये नौ देवियाँ आसमान मैं बैठी कोई मूर्तियाँ नहीं हैं।ये हमारे ही घर की उन महिलाओं-माँ,बहन,बेटी,पत्नीका अक्स हैं जो खुद भूखी रहकरसबको खिलती हैं,जो खुद दर्द सहकर परिवार को हँसाती है। जब हम कन्या पूजन में छोटी बच्चियों के पैर धोते हैं,तो सच पूछिये तो हम अपनी ही आने वाली पीढ़ी को यह एहसास करा रहे होते है कि उनका होना इस दुनिया की सबसे बड़ी नेमत हैं। खुद से जुड़ने का मौका लोग कहते है की नवरात्र में उपवास रखने से शरीर डीटॉक्स होता है,सेहत अच्छी रहती हैं। बात बिल्कुल सही है। लेकिन मुझे लगता है कि इससे भी ज्यादा हमारी आत्मा का डीटॉक्स होता हैं। पूरे साल हम दुनिया भर की फ़ालतू की बातें,शिकायतें और भागदौड़ में उलझे रहते हैं। ये नौ दिन हमें रुकना सिखाते हैं। थोड़ा थमकर सास लेना सिखाते हैं। घर की साफ़ सफाई के बहाने हम अपने मन की जमा धूल को भी झाड़ देते हैं। दो वक़्त की रोटी छोडकरजब हम सिर्फ फलाहार या सात्विक भोजन करते हैं,तो शरीर हल्का हो जाता हैं और मन में एक अजीब सा ठहराव आजाता हैं। अंत में ये नौ रातें हमें सिर्फ ये याद दिलाने आती है कि अंधेरा चाहे कितना भी गहरा क्यूँ न हो,उजाला हमेशा जीतता हैं। जब हम इन दिनों में दिया जलाते हैं,तो वह सिर्फ मिट्टी के दीये की लौ नहीं होती,वह आपके उस विश्वास का दिया होता हैं जो आपको अन्दर से कमज़ोर नहीं होने देता।इसनवरात्र मेंसिर्फ पूजा की औपचारिकता न निभाये,थोड़ा वक्त खुद के साथ बैठिए,अपनी कमजोरियोंको गलेलगाइएऔर महसूस कीजिए कि कोई हैं जो बिना कुछ कहे,आपकी हर अनकही बातसुन रहा हैं। तोइसबारजबआपकलशस्थापनाकरें, तोसिर्फबाहरीअनुष्ठाननकरें—अपनेभीतरकीदेवीकोजगाएं।क्योंकिमाँका होना ही इस बात का एहसास कराता है कि आप अकेले नहीं हैं। ऐसे और लेख पढ़े व लेखक से जुड़े करिश्मा
जानना जरूरी: सुबह उठते ही सूजा-सूजा सा दिखता है चेहरा, कहीं ये चिंता का कारण तो नहीं?
सुबह उठते ही चेहरे पर सूजन दिखना अक्सर शरीर में तरल पदार्थ जमा होने, ज्यादा नमक खाने, नींद की कमी या एलर्जी के कारण हो सकता है। हालांकि, लगातार सूजन को अनदेखा नहीं करना चाहिए, ये किडनी या थायरॉइड की समस्या का संकेत भी हो सकता है।
PC: India tv hindi इंस्टाग्राम आज के समय में सोशल मीडिया यूजर्स और युवाओं के बीच सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला ऐप बन चुका है। हम में से ज्यादातर लोग रोज रील्स देखने, स्टोरीज पोस्ट करने या चैट करने के लिए इसका उपयोग करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इंस्टाग्राम में कई ऐसे कमाल के और सीक्रेट फीचर्स मौजूद हैं जो न सिर्फ आपका डेटा बचाते हैं बल्कि आपकी प्राइवेसी को भी मजबूत करते हैं? आइए जानते हैं इंस्टाग्राम की 4 ऐसी असरदार ट्रिक्स के बारे में जो आपके बहुत काम आएंगी: 1. 'Quiet Mode' से पाएं नोटिफिकेशन से छुटकारा काम करते वक्त या पढ़ाई के दौरान बार-बार इंस्टाग्राम के नोटिफिकेशन्स आने से ध्यान भटकता है। कैसे ऑन करें: अपनी प्रोफाइल में जाएं > Three Lines (Menu) पर क्लिक करें > Settings and privacy > Notifications में जाएं और Quiet Mode को ऑन कर दें। फायदा: आप इसके लिए टाइमर सेट कर सकते हैं। इस दौरान आपको कोई नोटिफिकेशन नहीं मिलेगा और आपकी प्रोफाइल पर 'In Quiet Mode' लिखा आएगा, जिससे आपके दोस्तों को भी पता चल जाएगा कि आप व्यस्त हैं। pc: amar ujala 2. रील्स देखते वक्त बचाएं अपना इंटरनेट डेटा ('Data Saver') अगर इंस्टाग्राम रील्स देखते-देखते आपका मोबाइल डेटा बहुत जल्दी खत्म हो जाता है, तो यह फीचर आपके बहुत काम आएगा। कैसे ऑन करें: Settings and privacy > Data usage and media quality में जाएं और Data Saver वाले ऑप्शन को इनेबल कर दें। फायदा: इसके बाद रील्स और हाई-डेफिनिशन वीडियोज आपका डेटा बहुत कम खर्च करेंगे, जिससे आपका इंटरनेट पैक पूरे दिन आसानी से चलेगा। pc: india tv hindi 3. 'Restrict' फीचर से ऑनलाइन ट्रोलर्स और नेगेटिव कमेंट्स को रोकें अगर कोई यूजर आपकी पोस्ट पर बिना वजह गलत कमेंट कर रहा है या आपको परेशान कर रहा है, लेकिन आप उसे ब्लॉक नहीं करना चाहते, तो 'Restrict' का इस्तेमाल करें। कैसे इस्तेमाल करें: उस यूजर की प्रोफाइल या कमेंट पर जाएं > ऊपर तीन डॉट पर टैप करके 'Restrict' चुनें। फायदा: इसके बाद उस यूजर द्वारा किया गया कमेंट सिर्फ उसी को दिखेगा, बाकी किसी को नहीं। साथ ही, जब वह आपको मैसेज करेगा तो वह सीधे 'Message Requests' में जाएगा और उसे पता भी नहीं चलेगा कि आपने उसका मैसेज पढ़ लिया है।
PC: JANSATTA टेलीग्राम आज के समय में केवल एक चैट करने वाला ऐप नहीं रहा, बल्कि इसका इस्तेमाल बड़ी फाइल्स भेजने, मूवीज देखने, चैनल के जरिए जानकारी पाने और पढ़ाई करने के लिए बड़े पैमाने पर किया जाता है। व्हाट्सएप के मुकाबले टेलीग्राम में कई ऐसे एडवांस फीचर्स मौजूद हैं जो हमारे अनुभव को और भी बेहतर बनाते हैं। आइए जानते हैं टेलीग्राम की 4 ऐसी कमाल की ट्रिक्स और फीचर्स के बारे में जो आपके बहुत काम आएंगे: 1. बिना फोन मेमोरी भरे अनलिमिटेड स्टोरेज टेलीग्राम अपने यूजर्स को अनलिमिटेड क्लाउड स्टोरेज की सुविधा देता है, जो इसकी सबसे बड़ी खूबी है। कैसे इस्तेमाल करें: आप 'Saved Messages' वाले चैट बॉक्स में अपनी जरूरी फोटो, वीडियो, पीडीएफ, डॉक्यूमेंट्स या फिल्में अपलोड करके हमेशा के लिए सुरक्षित रख सकते हैं। फायदा: इससे आपके फोन का इंटरनल स्टोरेज कभी फुल नहीं होगा और आप जब चाहें, किसी भी दूसरे डिवाइस से लॉग-इन करके अपना डेटा वापस पा सकते हैं। 2. 'Auto-Download' बंद करके बचाएं अपना मोबाइल डेटा टेलीग्राम पर चैटिंग या चैनल्स के जरिए रोज हजारों फोटो और वीडियो आते हैं, जो अपने आप डाउनलोड होकर फोन का डेटा और स्टोरेज दोनों खत्म कर देते हैं। कैसे बंद करें: Telegram Settings > Data and Storage > Automatic media download में जाएं। यहाँ मोबाइल डेटा (Mobile Data), वाई-फाई (Wi-Fi) और रोमिंग के ऑप्शंस को Off कर दें। फायदा: इसके बाद जब तक आप किसी फोटो या वीडियो पर खुद क्लिक नहीं करेंगे, तब तक वह डाउनलोड नहीं होगा। इससे आपका कीमती इंटरनेट डेटा बचेगा। 3. सीक्रेट चैट और ऑटो-डिलीट मैसेज अगर आप चाहते हैं कि आपकी कोई चैट बेहद गोपनीय रहे और पढ़ने के बाद अपने आप डिलीट हो जाए, तो यह फीचर आपके लिए है। कैसे इस्तेमाल करें: किसी यूजर की प्रोफाइल पर जाएं > तीन डॉट (Menu) पर क्लिक करें > 'Start Secret Chat' चुनें। फायदा: इस चैट में एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन होता है, कोई इसका स्क्रीनशॉट नहीं ले सकता और आप ऊपर टाइमर सेट कर सकते हैं जिससे मैसेज देखने के बाद कुछ ही सेकंड में हमेशा के लिए गायब (Auto-Delete) हो जाएगा। 4. बिना नंबर शेयर किए यूजरनेम से करें चैट व्हाट्सएप की तरह टेलीग्राम पर किसी से बात करने के लिए अपना पर्सनल मोबाइल नंबर शेयर करना जरूरी नहीं होता है। कैसे इस्तेमाल करें: अपनी प्रोफाइल में जाकर एक यूनिक यूजरनेम (जैसे @yourname) सेट कर लें। फायदा : अब आप किसी को भी सिर्फ अपना यूजरनेम शेयर करके टेलीग्राम पर चैट करने के लिए कह सकते हैं, जिससे आपका फोन नंबर पूरी तरह सुरक्षित और प्राइवेट रहता है।
माइग्रेन एक ऐसा सिरदर्द है जिसमें तेज दर्द, मतली और रोशनी या आवाज के प्रति संवेदनशीलता हो सकती है। शांत कमरे में आराम, ठंडी पट्टी, नियमित नींद और ट्रिगर से बचाव इसमें मददगार हो सकते हैं। बार-बार माइग्रेन अटैक आने पर डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
करीना का बांधनी सूट, सारा अली की यलो साड़ी, त्योहारों पर रेडी होने के लिए देखें परफेक्ट लुक
फेस्टिवल में रेडी होना है तो करीना कपूर, सारा अली खान के लुक से इंस्पिरेशन ले सकती हैं। बांधनी प्रिंट के सिंपल से कुर्ते में रेडी करीना हमेशा की तरह गॉर्जियस दिख रहीं। वहीं सारा अली खान का यलो साड़ी वाला लुक गर्ल्स के लिए इंस्पिरेशन है।
CJP की लीगल हेड रत्ना सिंह कौन हैं? जानें उनकी पढ़ाई, करियर और निजी जिंदगी
कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी की लीगल हेड रत्ना सिंह छात्र आंदोलनों और कानूनी मामलों को लेकर चर्चा में हैं। जानिए उनकी पढ़ाई, पत्रकारिता से वकालत तक का सफर और पार्टी में उनकी भूमिका।
Navratri 2026: अष्टमी और नवमी एक ही दिन, जानें कब करें कन्या पूजन
Navratri 2026 Ashtami Navami Date: क्या अष्टमी और नवमी एक ही दिन हैं? जानें कन्या पूजन की सही तारीख, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और दशहरा 2026 की तारीख।
घर में खटमलों का बढ़ गया है आतंक, छुटकारा पाने के लिए अपनाकर देखें ये आसान नुस्खे
क्या आपके भी घर में खटमलों ने आतंक मचा रखा है और आप इससे छुटकारा पाने के लिए आसान तरीके तालाश रहे हैं, तो ये आर्टिकल आपके लिए है। यहां कुछ आसान घरेलू नुस्खे दिए गए हैं जिसकी मदद से आप खटमल से आसानी से छुटकारा पा सकते हैं।
बालासन के फायदे: शिशु आसन करने से मिल सकते हैं ये 7 फायदे, जानें सही तरीका
Shishuasana Benefits in Hindi: शिशु आसन के 7 संभावित फायदे, सही अभ्यास विधि और जरूरी सावधानियां जानें। शुरुआती लोगों के लिए चाइल्ड्स पोज करने का आसान तरीका।
जानना जरूरी: ऑफिस और घर में बीतता है पूरा दिन? शरीर में विटामिन-डी की कमी का बढ़ सकता है जोखिम
विटामिन डी शरीर में कैल्शियम के अवशोषण, हड्डियों और मांसपेशियों को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी है। धूप, वसायुक्त मछली और अंडे की जर्दी इसके स्रोत हैं। कहीं आप भी तो इसका शिकार नहीं हो गए हैं?
क्या आपको भी नवरात्रि के व्रत में थकान और कमजोरी महसूस हो रही है। लेकिन समझ नहीं आ रहा कि क्या खाया जाए। तो मखाना टिक्की आपके लिए परफेक्ट ऑप्शन हो सकता है। यहां इसकी रेसिपी दी गई है।
नवरात्रि का छठा दिन: मां कात्यायनी को लगाएं इस खास भोग का प्रसाद, जानें आसान रेसिपी
नवरात्रि का छठा दिन मां कात्यायनी को समर्पित है। इस दिन माता कात्यायनी का विधि विधान से पूजन किया जाता है और उनका प्रिय भोग अर्पित करते हैं। मान्यता है कि मां कात्यायनी को शहद प्रिय है, यहां शहद से तैयार आसान रेसिपी बताई जा रही है।
पूजा के फूल जल्दी मुरझा जाते हैं? अपनाएं ये 1 ट्रिक, रहेंगे फ्रेश
How To Keep Flowers Fresh: पूजा के लिए बाजार से लाए गए गेंदे और गुलाब के फूल जल्दी मुरझा जाते हैं? अगर हां, तो परेशान होना छोड़ दें. आज हम आपको फूलों को लंबे समय तक फ्रेश रखने का तरीका बताने वाले हैं, जिसकी मदद से वो ताजे बने रहते हैं.
अचानक से कोई बेहोश हो जाए तो अगले 5 मिनट में क्या करें? कार्डिएक सर्जन ने बताए जरूरी स्टेप
घर में अचानक से जब कोई बेहोश हो जाता है तो घर वाले घबरा जाते हैं और जरूरी कदम नहीं उठा पाते, जिसकी वजह से कई बार बिना मेडिकल हेल्प के ही लोगों की मौत हो जाती है। इसलिए कॉर्डिएक सर्जन का कहना है कि घरवालों को पता होना चाहिए अगले 5 मिनट में क्या करें।
व्रत में हेल्दी खाना है तो एक बार राजगीरा और फलों के साथ तैयार की गई इस रेसिपी को जरूर ट्राई करें। दिनभर में 1 कटोरी खाने से ही शरीर को भरपूर एनर्जी मिलेगी। इसमें एक सीक्रेट इंग्रीडिएंट डाला जाता है जो शरीर की कमजोरी दूर कर ताकत बढ़ाने का काम करता है। नोट कर लें राजगीरा खीर की रेसिपी।
'पप्पू की वाईफ रोमांटिक मूड ..' फनी जोक्स की धमाकेदार सीरीज के साथ लगाएं ठहाके
मजेदार हिंदी के जोक्स पढ़कर हंसी नहीं रुकेगी। यहां पर एक दो नहीं पढ़ें लेटेस्ट और फ्रेश 15 नये जोक्स। जो मजेदार होने के साथ ही आपकी सेहत को भी सुधारने में मदद करेंगे। दिनभर का स्ट्रेस निकलेगा और दोस्तों के साथ शेयर करने में मजा आएगा।
नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी को चढ़ाएं मीठा पान, जानें घर पर बनाने की आसान रेसिपी
नवरात्रि के छठे दिन आप मां को अपनी श्रद्धा के अनुसार मीठे पान का भोग अर्पित कर सकते हैं। जानिए घर पर मीठा पान बनाने के लिए किन सामग्रियों की जरूरत होती है और क्या है इसे तैयार करने की विधि।
Navratri Wishes: नवरात्रि के छठें दिन मां कात्यायनी की कृपा बरसे, पढ़ें शुभकामना के लिए 25 मैसेज
नवरात्रि के नौ दिनों में देवी मां की कृपा आप पर बनी रहे और सुख-सौभाग्य मिले, ऐसी कामना के साथ अपनों को भेज दें मां कात्यायनी की कृपा वाले सुंदर मैसेज, यहां पढ़ें 25 बेस्ट विशेज।
गैस बर्नर की धीमी लौ से हैं परेशान? इन टिप्स को अपनाकर करें क्लीन, नीली हो जाएगी फ्लेम
गैस बर्नर में गंदगी जमने की वजह से उसका फ्लेम कम हो जाता है। लेकिन कुछ आसान टिप्स अपनाकर आप इसे आसानी से क्लीन कर सकते हैं और फ्लेम को भी ठीक कर सकते हैं।
जिद्दी नहीं, समझदार है आपका बच्चा! ये 5 संकेत दिखाते हैं अच्छी परवरिश, डॉ कल्पना ने बताया
आमतौर पर हमें लगता है कि अगर बच्चा सारी बातें मानें, हां में हां मिलाए तो ये अच्छी पेरेंटिंग का संकेत है। लेकिन सच्चाई इतनी आसान नहीं है। कई बार बच्चे का आपसे जिद करना, अपनी बात खुलकर कहना; आप दोनों के बॉन्ड को ज्यादा बेहतर बनाता है।
ऑनलाइन साड़ी की तलाश से स्टाइलिश लुक तक, ऐसे निखरा मेरा अंदाज!
परिवार के फंक्शन के लिए मैंने ऑनलाइन कई साड़ियां देखीं। आखिर किस रंग और डिजाइन ने मेरा दिल जीता और कैसे पूरा हुआ मेरा गर्लिश अंदाज? जानिए मेरा पूरा अनुभव।
गोल्ड की चेन वाले मंगलसूत्र पसंद कर रही हैं मॉडर्न बहुएं! करवाचौथ के लिए सेव करें 8 डिजाइन
करवाचौथ और आने वाले बाकी त्योहारों के लिए मंगलसूत्र बनवाने की सोच रही हैं, तो ये डिजाइन सेव कर सकती हैं। आजकल पतली गोल्ड चेन वाले मंगलसूत्र महिलाओं की पसंद बन रहे हैं। आप भी देखें क्या है ट्रेंड।
Expert Advice: रिश्ते में इन 6 बातों को कभी न करें नॉर्मल, एक्सपर्ट ने बताया क्यों
रिश्ते में प्यार सिर्फ एक-दूसरे के साथ समय बिताने या साथ रहने से नहीं बना रहता। कई छोटी-छोटी आदतें धीरे-धीरे रिश्ते में दूरी बढ़ा सकती हैं। शुरुआत में ये बातें सामान्य लग सकती हैं, लेकिन अगर इन्हें नजरअंदाज किया जाए तो समय के साथ इनका असर रिश्ते पर पड़ सकता है। इसी को लेकर इंटिमेसी एजुकेटर ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर की है। उन्होंने बताया कि उनके अपने रिश्ते में ऐसी कौन-सी 6 बातें हैं, जिन्हें वे कभी सामान्य मानकर स्वीकार नहीं करते। उनके मुताबिक, ज्यादातर कपल्स इन चीजों को सामान्य मान सकते हैं, लेकिन उनके रिश्ते में इन पर साफ नियम हैं। रिश्ते की नजदीकी को सिर्फ एक काम समझना एक्सपर्ट ने कहा कि पति-पत्नी के बीच नजदीकी को सिर्फ एक ऐसा काम नहीं मानना चाहिए, जिसे बस पूरा करना है। अगर दोनों की इच्छा नहीं है या दोनों को इसमें खुशी नहीं मिल रही है, तो इसे जबरदस्ती आगे बढ़ाने की जरूरत नहीं है। ऐसे समय में यह समझने की कोशिश करनी चाहिए कि इच्छा कम क्यों हो रही है और फिर एक-दूसरे के करीब आने पर ध्यान देना चाहिए। एक-दूसरे से ज्यादा फोन को समय देना आजकल फोन हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का बड़ा हिस्सा बन गया है। लेकिन अगर पति-पत्नी साथ रहते हुए भी एक-दूसरे से ज्यादा समय फोन को देने लगें, तो इससे रिश्ते में दूरी बढ़ सकती है। एक्सपर्ट ने बताया कि उनके रिश्ते में फोन इस्तेमाल करने को लेकर कुछ नियम हैं, खासकर रात में और बिस्तर पर। उनका मानना है कि एक-दूसरे के साथ समय बिताते समय फोन से दूरी बनाना रिश्ते के लिए अच्छा है। इसे भी पढ़ें: Navratri में कपल्स को किन बातों का रखना चाहिए ध्यान? जानें क्या हैं जरूरी परंपराएं बिना बताए सब समझ जाने की उम्मीद करना रिश्ते में यह उम्मीद करना कि सामने वाला बिना कुछ कहे आपकी जरूरत समझ जाएगा, हमेशा सही नहीं होता। एक्सपर्ट ने कहा कि अगर प्यार, नजदीकी या साथ में समय बिताने की जरूरत है, तो उसके बारे में सीधे बात करनी चाहिए। उन्होंने “अगर वह सच में चाहते, तो खुद समझ जाते” वाली सोच को गलत बताया। किसने क्या ज्यादा किया, इसका हिसाब रखना रिश्ते में हर काम का हिसाब रखना भी परेशानी पैदा कर सकता है। किसने घर के लिए क्या किया, किसने ज्यादा कोशिश की या किसने कम योगदान दिया, अगर हर बात का हिसाब रखा जाए तो छोटी बात भी बहस में बदल सकती है। एक्सपर्ट ने कहा कि रिश्ते में एक-दूसरे की कोशिशों को पहचानना और उनकी तारीफ करना जरूरी है। लेकिन बाद में किसी बहस के दौरान पुरानी कोशिशों को सामने रखकर एक-दूसरे को गलत साबित करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। बातों को दबाकर आगे बढ़ जाना कई कपल्स छोटी परेशानियों पर बात नहीं करते और सोचते हैं कि समय के साथ सब ठीक हो जाएगा। लेकिन ऐसी अनकही बातें धीरे-धीरे मन में जमा हो सकती हैं। एक्सपर्ट ने बताया कि वह हर दिन अपने पार्टनर से बात करती हैं कि कहीं कोई ऐसी बात तो नहीं है, जो दोनों के बीच अनकही रह गई हो। छोटी-छोटी बातों पर भी खुलकर बात करने से मन में नाराजगी जमा होने से बच सकती है। इसे भी पढ़ें: ऑफिस, मीटिंग और डेडलाइन के बीच भी कर सकते हैं रोमांस, लेकिन कैसे? यह मान लेना कि समय के साथ रिश्ते की नजदीकी कम हो जाती है एक्सपर्ट ने कहा कि यह मान लेना सही नहीं है कि समय बीतने के साथ पति-पत्नी के बीच की नजदीकी अपने आप खत्म हो जाएगी। उन्होंने बताया कि सिर्फ साथ रहना ही काफी नहीं है। रिश्ते में नजदीकी और उत्साह बनाए रखने के लिए हर हफ्ते एक-दूसरे के साथ खास समय बिताना चाहिए। इसके अलावा महीने में एक बार कुछ नया और रोमांचक करने की कोशिश भी की जा सकती है। छोटी आदतें भी रिश्ते में बढ़ा सकती हैं दूरी एक्सपर्ट ने अपनी पोस्ट के आखिर में कहा कि ज्यादातर रिश्ते एक दिन में खत्म नहीं होते। कई बार छोटी-छोटी ऐसी आदतें रिश्ते में जगह बना लेती हैं, जिन्हें लोग सामान्य समझकर नजरअंदाज करते रहते हैं। इसलिए रिश्ते को मजबूत बनाए रखने के लिए सिर्फ बड़ी समस्याओं पर बात करना ही जरूरी नहीं है। रोज की छोटी-छोटी बातों पर खुलकर बात करना, एक-दूसरे के लिए समय निकालना और रिश्ते में नजदीकी बनाए रखने की कोशिश करना भी जरूरी है।
क्या रोज आंवला खाने से सफेद बाल फिर से काले हो सकते हैं? क्या कहते हैं डॉक्टर
बालों का सफेद होना एक आम समस्या है। ऐसे में इसे काला करने के लिए लोग हेयर डाई का इस्तेमाल करते हैं। वहीं कुछ लोग आंवले का सेवन करते हैं। लेकिन सवाल है कि क्या सच में आंवला खाने से बाल काले हो जाते हैं। चलिए जानते हैं।
चनिया चोली के साथ पहनें ये 7 फुटवियर, गरबा नाइट पर मिलेगा स्टाइलिश लुक
नवरात्रि में गरबा और डांडिया खेलने के लिए चनिया चोली के साथ सही फुटवियर चुनना भी जरूरी है। खूबसूरत लुक के साथ पैरों को आराम देने वाले फुटवियर पहनकर डांस करने में अलग ही मजा आता है। हम आपके लिए 7 ऐसे फुटवियर डिजाइन लेकर आए हैं, जिन्हें आप चनिया चोली के साथ स्टाइल कर सकती हैं।
घर में सब्जियां क्यों उगा रहे हैं बॉलीवुड सिलेब्रिटीज? ये 3 फायदे जान आप भी शुरू करेंगे
बॉलीवुड सिलेब्रिटीज के बीच इन दिनों गार्डनिंग का शौक काफी पॉपुलर हो रहा है। घर पर सब्जियों के पौधे उगाने की ये आदत सेहत के लिए काफी फायदेमंद हो सकती है। आइए जानते हैं इसके 3 बड़े फायदे-
कोहरा समझकर न करें नजरअंदाज! ऐसे पता करें हवा में प्रदूषण है या नहीं
सर्दियों में सुबह के समय धुंध और कोहरा इतना ज्यादा होता है कि कई बार समझ ही नहीं आता कि सामने की हवा में आखिर है क्या। लेकिन हर धुंध को कोहरा समझना सही नहीं है। कई बार इसके पीछे हवा में मौजूद प्रदूषण भी हो सकता है। कोहरा, धुंध और स्मॉग देखने में भले ही एक जैसे लगें, लेकिन इनके बीच बड़ा फर्क है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि ये तीनों कैसे बनते हैं और इनमें से कौन आपकी सेहत के लिए ज्यादा चिंता की बात है। पहले समझिए, कोहरा क्या होता है? कोहरा तब बनता है, जब हवा में मौजूद नमी ठंडी होकर पानी की बहुत छोटी-छोटी बूंदों में बदल जाती है। ये बूंदें जमीन के आसपास हवा में तैरती रहती हैं। आसान भाषा में कहें तो कोहरा जमीन के पास बना एक बादल ही होता है। ब्रिटेन के मौसम विभाग के मुताबिक, जब किसी जगह 1,000 मीटर से आगे देखना मुश्किल हो जाए, तो उसे कोहरा कहा जाता है। कोहरा खासतौर पर तब ज्यादा बनता है, जब रात में हवा शांत हो और उसमें नमी ज्यादा हो। ठंड बढ़ने पर हवा की नमी पानी की छोटी बूंदों में बदल जाती है और सुबह हमें घना कोहरा दिखाई देता है। घना कोहरा सड़क पर गाड़ी चलाने और हवाई यात्रा में परेशानी पैदा कर सकता है। लेकिन जरूरी नहीं कि कोहरा होने का मतलब उस समय प्रदूषण भी बहुत ज्यादा हो। इसे भी पढ़ें: Joint Pain Causes: मौसम बदलते ही घुटने-कंधे में होने लगता है दर्द? डॉक्टर ने बताया कारण धुंध क्या होती है? अब बात करते हैं धुंध की। धुंध तब दिखाई देती है, जब हवा में मौजूद बहुत छोटे-छोटे कण सूरज की रोशनी को चारों तरफ फैला देते हैं। इससे दूर की चीजें साफ नजर नहीं आतीं और आसमान भी फीका-फीका दिखाई देता है। इन कणों में धूल, धुआं और प्रदूषण शामिल हो सकते हैं। हवा में मौजूद छोटे कण जितने ज्यादा होंगे, उतनी ही ज्यादा धुंध दिखाई दे सकती है। धुंध सिर्फ एक छोटे इलाके तक सीमित नहीं रहती। हवा में मौजूद ये छोटे कण काफी दूर तक जा सकते हैं, इसलिए बड़े इलाके में भी धुंध दिखाई दे सकती है। और स्मॉग क्या होता है? स्मॉग को आसान भाषा में प्रदूषण वाली धुंध कह सकते हैं। यह प्रदूषित हवा से जुड़ा होता है। स्मॉग शब्द धुएं और कोहरे से मिलकर बना है, लेकिन आज के समय में स्मॉग होने के लिए कोहरा होना जरूरी नहीं है। हवा में मौजूद बहुत छोटे प्रदूषण वाले कण और जमीन के पास मौजूद ओजोन जैसी प्रदूषित गैसें भी इसमें शामिल हो सकती हैं। कुछ तरह का स्मॉग तब बनता है, जब हवा में मौजूद प्रदूषक सूरज की रोशनी के संपर्क में आकर आपस में प्रतिक्रिया करते हैं। वहीं, कुछ मामलों में गाड़ियों और दूसरी जगहों से निकलने वाला प्रदूषण जमीन के पास ही जमा होता रहता है। सर्दियों में कोहरा और स्मॉग साथ क्यों दिखते हैं? अब सवाल आता है कि अगर कोहरा और स्मॉग अलग-अलग हैं, तो सर्दियों में दोनों एक साथ क्यों नजर आते हैं? उत्तर भारत में सर्दियों के दौरान तापमान कम हो जाता है और कई बार हवा भी बहुत धीमी चलती है। ठंड और हवा में ज्यादा नमी से कोहरा बनने में मदद मिलती है। वहीं, धीमी हवा के कारण प्रदूषण आसानी से फैल नहीं पाता और जमीन के आसपास ही जमा रहने लगता है। जब हवा में नमी और प्रदूषण दोनों एक साथ होते हैं, तो हमें आसमान पर एक मोटी धूसर परत दिखाई दे सकती है। ऐसे में सिर्फ देखकर यह पता लगाना मुश्किल हो जाता है कि सामने कोहरा है, धुंध है या प्रदूषण। लेकिन एक बात याद रखें कोहरा और स्मॉग एक ही चीज नहीं हैं। कोहरा मौसम से जुड़ा है, जबकि स्मॉग प्रदूषण से जुड़ा है। इसलिए अगर सुबह बहुत ज्यादा कोहरा है, तो इसका यह मतलब नहीं है कि हवा में प्रदूषण भी बहुत ज्यादा है। इसी तरह आसमान साफ दिखने का मतलब यह भी नहीं है कि हवा पूरी तरह साफ है। इसे भी पढ़ें: Health Tips: रोजाना कम सोने से बढ़ता है Sleep Debt और कमजोर होता है Immune System क्या स्मॉग, कोहरे और धुंध से ज्यादा खतरनाक है? यह इस बात पर निर्भर करता है कि हवा में क्या मौजूद है और उसकी मात्रा कितनी है। कोहरे से सबसे बड़ी परेशानी आमतौर पर कम दिखाई देना है। हालांकि, कोहरे की पानी की बूंदें हवा में मौजूद प्रदूषण के संपर्क में आ सकती हैं। वहीं, प्रदूषण की वजह से बनी धुंध इस बात का संकेत हो सकती है कि हवा में ऐसे छोटे कण मौजूद हैं, जो सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। इनमें पीएम 2.5 खास चिंता की बात है। ये बेहद छोटे कण होते हैं, जो सांस के साथ फेफड़ों के अंदर तक पहुंच सकते हैं। अमेरिकी पर्यावरण संरक्षण एजेंसी के मुताबिक, इनके संपर्क में आने से सांस और दिल से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। जिन लोगों को पहले से अस्थमा या दिल और फेफड़ों से जुड़ी बीमारी है, उन्हें ऐसे प्रदूषण से ज्यादा परेशानी हो सकती है। सिर्फ आसमान देखकर हवा को साफ न मानें एक बात हमेशा याद रखें सिर्फ आसमान का रंग देखकर यह पता नहीं लगाया जा सकता कि हवा सांस लेने के लिए सुरक्षित है या नहीं। अगर आप जानना चाहते हैं कि आपके इलाके की हवा कितनी साफ या प्रदूषित है, तो भारत के केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई को चेक करें। प्रदूषण ज्यादा होने पर स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी सलाह का भी ध्यान रखें। तो आसान भाषा में याद रखिए कोहरा पानी की छोटी बूंदों से बनता है, धुंध हवा में मौजूद छोटे कणों की वजह से दिखाई देती है और स्मॉग प्रदूषण वाली हवा से जुड़ा होता है। कई बार ये तीनों एक साथ भी नजर आ सकते हैं। इसलिए सिर्फ खिड़की से बाहर देखकर हवा की स्थिति का अंदाजा लगाने के बजाय मौसम की जानकारी के साथ एक्यूआई भी देखना ज्यादा बेहतर है।
किसान के बेटे हैं IAS तुकाराम मुंढे, जानें उनके परिवार में कौन-कौन है?
IAS तुकाराम मुंढे का नाम कई दिनों से सुर्खियों में बना हुआ है। वह अपना नाम ईमानदारी के साथ कर रहे हैं लेकिन आज हम उनके काम की नहीं बल्कि परिवार के बारे में आपको जानकारी देने जा रहे हैं।
किस उम्र में चेहरे पर क्या लगाना चाहिए? सिरम से मॉइश्चराइजर तक, ये रूटीन करें फॉलो
स्किन को हेल्दी और ग्लोइंग बनाए रखना है तो एक बेसिक स्किनकेयर रूटीन फॉलो करना जरूरी है। उम्र के साथ साथ स्किन की जरूरतें बदलती हैं, इसलिए स्किनकेयर रूटीन में भी चेंज जरूरी है। यहां जानें आपको क्या स्टेप्स फॉलो करने हैं।
Joint Pain Causes: मौसम बदलते ही घुटने-कंधे में होने लगता है दर्द? डॉक्टर ने बताया कारण
मौसम बदलने पर घुटनों, कंधों या कमर में दर्द और अकड़न बढ़ना आम बात है। कई लोगों को ठंड बढ़ने या हवा में नमी ज्यादा होने पर जोड़ों का दर्द पहले से ज्यादा महसूस होता है। हालांकि, ठंड या नमी से गठिया नहीं होता, लेकिन मौसम में बदलाव से पहले से मौजूद हड्डियों और जोड़ों की समस्या का दर्द और अकड़न बढ़ सकती है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सर्वोदय अस्पताल के हड्डी रोग एवं रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट के एसोसिएट डायरेक्टर और हेड डॉ. अंकुर सिंह ने एनडीटीवी के साथकस इस मुद्दे पर अपनी राय साझा की। उन्होंने बताया कि मौसम बदलने पर जोड़ों में दर्द और अकड़न क्यों बढ़ती है और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। मौसम बदलने पर जोड़ों में अकड़न क्यों बढ़ती है? तापमान में बदलाव, कम शारीरिक गतिविधि, रोजमर्रा की दिनचर्या में बदलाव और मांसपेशियों में होने वाले बदलाव जोड़ों की परेशानी बढ़ा सकते हैं। मौसम बदलने का सबसे साफ असर जोड़ों में अकड़न के रूप में दिख सकता है। ठंड में लंबे समय तक बैठे या बिना ज्यादा हिले-डुले रहने पर मांसपेशियां और शरीर के आसपास के नरम हिस्से ज्यादा खिंचे हुए महसूस हो सकते हैं। जिन लोगों को पहले से घुटनों में घिसाव या जोड़ों से जुड़ी दूसरी परेशानी है, उनमें यह समस्या ज्यादा महसूस हो सकती है। ऐसे में कुर्सी से उठना, सीढ़ियां चढ़ना या लंबे समय तक चलना भी मुश्किल लग सकता है। इसे भी पढ़ें: Gut Health सुधारने के चक्कर में ज्यादा Fiber और Probiotics लेना बिगाड़ सकता है पाचन हवा के दबाव से भी बढ़ सकता है जोड़ों का दर्द? हवा के दबाव में बदलाव को भी कई बार जोड़ों के बढ़ते दर्द से जोड़ा जाता है। गठिया से परेशान कुछ लोगों का कहना है कि मौसम बदलने से पहले उन्हें जोड़ों में दर्द या अकड़न महसूस होने लगती है। हालांकि, मौसम के दबाव में बदलाव और जोड़ों के दर्द के बीच ऐसा संबंध क्यों है, इसका सही कारण अभी पूरी तरह साफ नहीं है। इस पर अभी भी शोध किया जा रहा है। लेकिन एक बात साफ है कि मौसम बदलने से दर्द या अकड़न बढ़ सकती है। इसका मतलब यह नहीं है कि मौसम की वजह से गठिया होता है या बीमारी बढ़ती है। मौसम खराब होने पर कम चलना-फिरना भी बढ़ा सकता है दर्द मौसम का असर सिर्फ ठंड या हवा के दबाव तक सीमित नहीं है। बहुत ठंड, ज्यादा गर्मी या बारिश के दौरान लोग घर के अंदर ज्यादा समय बिताते हैं और पहले के मुकाबले कम चलते-फिरते हैं। लंबे समय तक कम चलने-फिरने से मांसपेशियां कमजोर हो सकती हैं, शरीर का लचीलापन कम हो सकता है और जोड़ों में अकड़न बढ़ सकती है। इसका असर खासतौर पर घुटनों, कूल्हों और रीढ़ जैसे हिस्सों पर पड़ सकता है, जिन पर हमारे शरीर का वजन रहता है। इन हिस्सों को मजबूत रखने के लिए आसपास की मांसपेशियों का मजबूत होना जरूरी है। इसे भी पढ़ें: Health Tips: रोजाना कम सोने से बढ़ता है Sleep Debt और कमजोर होता है Immune System मौसम बदलने पर भी चलते-फिरते रहें मौसम बदलने पर जोड़ों में दर्द होने पर पूरी तरह से चलना-फिरना बंद कर देना सही तरीका नहीं है। इसके बजाय मौसम और अपनी परेशानी के हिसाब से एक्सरसाइज करनी चाहिए। एक्सरसाइज शुरू करने से पहले हल्का वार्म-अप करने से मांसपेशियों और जोड़ों को तैयार करने में मदद मिल सकती है। पैदल चलना, एक ही जगह रखी जाने वाली साइकिल चलाना, हल्की स्ट्रेचिंग और दूसरे हल्के व्यायाम शरीर को सक्रिय रखने में मदद कर सकते हैं। अगर पहले से जोड़ों की समस्या है, तो लंबे समय तक आराम करने के बाद अचानक बहुत ज्यादा या मुश्किल एक्सरसाइज नहीं करनी चाहिए। एक्सरसाइज का टाइम धीरे-धीरे बढ़ाना चाहिए। हड्डियों और मांसपेशियों के लिए सही खान-पान भी जरूरी हड्डियों और मांसपेशियों को स्वस्थ रखने में खान-पान की भी अहम भूमिका है। शरीर को पर्याप्त प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन डी और दूसरे जरूरी पोषक तत्व मिलने चाहिए। कुछ मौसमों में धूप कम मिलने के कारण कुछ लोगों में विटामिन डी की कमी हो सकती है। हालांकि, बिना अपनी जरूरत और पोषण की स्थिति जाने खुद से विटामिन डी की गोलियां या सप्लीमेंट लेना सही नहीं है। इन लक्षणों को सिर्फ मौसम का असर न समझें सबसे जरूरी बात यह है कि लंबे समय से बने हुए दर्द को सिर्फ मौसम की वजह न मानें। अगर जोड़ों में ज्यादा सूजन है, सुबह उठने के बाद लंबे समय तक अकड़न रहती है, चलने-फिरने में परेशानी होती है, जोड़ कमजोर या अस्थिर महसूस होता है या दर्द की वजह से रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं, तो डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। इन लक्षणों के पीछे कोई दूसरी बीमारी या जोड़ों से जुड़ी समस्या हो सकती है, जिसके लिए सही इलाज की जरूरत पड़ सकती है। मौसम से ज्यादा जरूरी हैं ये आदतें मौसम हमारे जोड़ों में होने वाले दर्द को प्रभावित कर सकता है, लेकिन हड्डियों और जोड़ों की सेहत तय करने वाली सबसे बड़ी वजह मौसम नहीं है। नियमित रूप से शारीरिक गतिविधि करना, मांसपेशियों को मजबूत रखना, संतुलित खान-पान लेना और लंबे समय से बनी परेशानी को समय पर डॉक्टर को दिखाना ज्यादा जरूरी है। मौसम और जोड़ों के दर्द से जुड़े इस भ्रम को समझने से लोग उन आदतों पर ध्यान दे सकते हैं, जो लंबे समय तक हड्डियों और जोड़ों को स्वस्थ रखने में मदद करती हैं।
मखाना का फलाहारी सूप, व्रत के लिए है बेस्ट ऑप्शन, जान लें रेसिपी
फलाहारी में आम तौर पर लोग मखाने को रोस्ट करके खाते हैं। लेकिन क्या आपने मखाना सूप ट्राय किया है। ये स्वादिष्ट होने के साथ साथ हेल्दी भी है। यहां इसकी रेसिपी दी गई है। नोट करें रेसिपी।
शारदीय नवरात्रि 2026 में कन्या पूजन का खास महत्व होता है। नौ दिनों तक मां दुर्गा की पूजा करने के बाद छोटी कन्याओं को मां दुर्गा का रूप मानकर उनकी पूजा की जाती है। इस खास मौके पर हर मां चाहती है कि उसकी बेटी सुंदर और प्यारी लगे। अगर आप भी कन्या पूजन के लिए अपनी बेटी के लिए कोई खास और ट्रेडिशनल ड्रेस ढूंढ रही हैं, तो लहंगा-चोली से लेकर शरारा तक ये 4 ड्रेस आपके काम आ सकती हैं। कन्या पूजन में बेटी को क्या पहनाएं? अगर इस कन्या पूजन में आपको समझ नहीं आ रहा कि बेटी को क्या पहनाएं, तो इन 4 ड्रेस में से कोई भी चुन सकती हैं। लहंगा-चोली नवरात्रि के कन्या पूजन में आप अपनी बच्ची को गुजराती या राजस्थानी पटोला और शीशे के काम वाला लहंगा-चोली पहना सकती हैं। लाल, पीले या नारंगी रंग के सूती लहंगे इस मौके के लिए अच्छे रहेंगे। ये देखने में खूबसूरत होने के साथ बच्चियों के लिए आरामदायक भी होते हैं। ऐसे सजाएं: लहंगा-चोली के साथ गोटा-पट्टी वाली छोटी चुनरी पहनाएं। बालों में गजरा या रंग-बिरंगी क्लिप भी लगा सकती हैं। अनारकली सूट अगर आप बेटी को थोड़ा खास लुक देना चाहती हैं, लेकिन ड्रेस आरामदायक भी होनी चाहिए, तो लंबा अनारकली सूट चुन सकती हैं। इस तरह के कपड़ों में बच्चियां काफी प्यारी लगती हैं। त्योहार के लिए आप खूबसूरत और गहरे रंगों वाला अनारकली सूट चुन सकती हैं। ऐसे सजाएं: अनारकली सूट के साथ मैचिंग चूड़ियां, छोटी बिंदी और जूती पहनाएं। बालों में दो प्यारी सी चोटियां भी बना सकती हैं। शरारा सेट शरारा सेट इन दिनों काफी पसंद किया जा रहा है। इसमें आपकी बेटी बेहद प्यारी लगेगी। कुर्ती के साथ घेरदार शरारा उसे खूबसूरत और स्टाइलिश लुक देगा। कन्या पूजन के लिए आप फूलों की डिजाइन या हल्के धागे के काम वाला शरारा सेट चुन सकती हैं। ऐसे सजाएं: शरारा सेट के साथ मैचिंग जूती और हल्की चूड़ियां पहनाएं। बाल खुले रखकर उनमें एक प्यारा सा हेयरबैंड भी लगा सकती हैं। इसे भी पढ़ें: Garba Look: चनिया-चोली नहीं है तो Skirt और Crop Top से ऐसे पाएं परफेक्ट एथनिक लुक धोती-कुर्ता सेट अगर आपकी बेटी बहुत छोटी है और भारी या चमकदार कपड़े पहनना पसंद नहीं करती, तो आप धोती पैंट और कुर्ता सेट चुन सकती हैं। इस तरह के कपड़ों में बच्ची आसानी से चल-फिर सकती है और आरामदायक महसूस करेगी। ऐसे सजाएं: धोती पैंट और कुर्ता पहनाने के बाद बच्ची को प्यारी सी नागरा जूती पहनाएं। आंखों में काजल लगाकर बालों में एक छोटी सी चोटी बना दें। इसे भी पढ़ें: Navratri Look के लिए 1500 रुपये का बजट, ऑफिस से लेकर गरबा तक ऐसे संवारें स्टाइल ड्रेस चुनते समय इन बातों का रखें ध्यान कन्या पूजन के दौरान बच्चियों को काफी देर तक बैठना पड़ सकता है। इसलिए सिर्फ सुंदर दिखने वाले कपड़े ही नहीं, उनके आराम का भी ध्यान रखें। आराम सबसे जरूरी: बच्ची के कपड़ों के अंदर मुलायम कपड़ा लगा होना चाहिए। चुभने वाले सितारे या लेस से बच्ची को परेशानी हो सकती है। सही नाप चुनें: बहुत ज्यादा टाइट या बहुत ज्यादा घेर वाली ड्रेस न लें। इससे बच्ची को चलने-फिरने में परेशानी हो सकती है। सामान हल्का रखें: बच्ची को छोटी चूड़ियां और आरामदायक जूती ही पहनाएं। बहुत भारी गहने या दूसरी चीजें पहनाने से बचें।
धूप और टैनिंग से बचाव के लिए देखें 8 पॉपुलर ब्रांड्स के सनस्क्रीन, हर एक की खासियत अलग
धूप और टैनिंग से त्वचा को बचाने के लिए बाजार में कई तरह के सनस्क्रीन मौजूद हैं। यहां देखें 8 पॉपुलर ब्रांड्स के सनस्क्रीन, उनकी खासियत और त्वचा के लिए सही प्रोडक्ट चुनने के टिप्स।
पार्टी में आधे घंटे बाद ही मेकअप हो जाता है केकी और पैची? इन 5 टिप्स से मिलेगा फ्लॉलेस लुक
मेकअप करने के बाद ही केकी दिखने लगता है, तो लुक के साथ मूड भी खराब हो जाता है। अगर आपका मेकअप भी पैची हो जाता है, तो करने से पहले ये 5 टिप्स जरूर अपनाएं।
क्या एक दिन में 4 अंडे खाना सेफ है? डॉक्टर से जानें कहीं कोलेस्ट्रॉल तो नहीं बढ़ेगा!
अपनी डेली प्रोटीन रिक्वायरमेंट की पूरा करने के लिए कई लोग दिन में 4 अंडे खाना शुरू कर देते हैं। लेकिन क्या ये सेहत के लिए सुरक्षित है? कहीं ऐसा करने से कोलेस्ट्रॉल नहीं बढ़ेगा? आइए डॉक्टर से जानते हैं।
आज ही के दिन यानी की 15 अक्तूबर को भारत के 11वें राष्ट्रपति व मिसाइलमैन के नाम से मशहूर एपीजे अब्दुल कलाम का जन्म हुआ था। डॉ कलाम को भारत के मिसाइल मैन के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने जब देश के सर्वोच्च पद यानी 11वें राष्ट्रपति की शपथ ली थी, तो हर एक वैज्ञानिक का सिर फख्र से ऊंचा हो गया था। वह एक साधारण परिवार से निकलकर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचे थे। तो आइए जानते हैं उनकी डेथ एनिवर्सरी के मौके पर डॉ एपीजे अब्दुल कलाम के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में... जन्म और परिवार तमिलनाडु के रामेश्वरम में स्थित धनुषकोडी में 15 अक्तूबर 1931 को एपीजे अब्दुल कलाम का जन्म हुआ था। वह एक मध्यमवर्ग मुस्लिम परिवार से ताल्लुक रखते थे। उनके पिता का नाम जैनुलाब्दीन था। कलाम के जीवन में उनके पिता का बहुत प्रभाव रहा, हालांकि उनके पिता अधिक पढ़े-लिखे नहीं थे, लेकिन उनकी मेहनत, लगन और संस्कार अब्दुल कलाम के बहुत काम आए। इसे भी पढ़ें: R K Narayan Birth Anniversary: अंग्रेजी के प्रसिद्ध साहित्यकार थे R K Narayan, अंग्रेजी में हो गए थे फेल अखबार बेचने का किया काम अब्दुल कलाम के परिवार की आर्थिक स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं थी। ऐसे में उन्होंने अपनी शिक्षा जारी रखने के लिए अखबार बेचने का काम किया। उन्होंने साल 1950 में मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलजी से अंतरिक्ष विज्ञान में स्नातक किया। फिर उन्होंने हावरक्राफ्ट परियोजना पर काम करने के लिये भारतीय रक्षा अनुसंधान एवं विकास संस्थान में दाखिला लिया। साल 1962 में अब्दुल कलाम भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन में आए। यहां पर काम करते हुए उन्होंने सफलतापूर्वक कई उपग्रह प्रक्षेपण परियोजनाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारत के 11वें राष्ट्रपति डॉ अब्दुल कलाम ने भारत के 11वें राष्ट्रपति के रूप में भी काम किया है। उनको 'पीपुल्स प्रेसिडेंट' कहा गया। इसके अलावा उन्होंने भारत के दो प्रमुख अंतरिक्ष अनुसंधान संगठनों- रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी कि इसरो के साथ काम किया। डॉ कलाम के नेतृत्व में अग्नि मिसाइल और पृथ्वी मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया। उनकी देखरेख में साल 1998 में पोखरण में भारत ने अपना दूसरा सफल परमाणु परीक्षण किया था। सम्मान डॉ एपीजे अब्दुल कलाम को भारत सरकार द्वारा कई पुरस्कारों से नवाजा गया। साल 1981 में भारत सरकार ने डॉ कलाम को पद्म भूषण, साल 1990 में पद्म विभूषण और साल 1997 में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया था। वह भारत रत्न पाने वाले देश के तीसरे राष्ट्रपति थे। मृत्यु वहीं 27 जुलाई 2015 को शिलांग के आईआईएम में एक व्याख्यान देने के दौरान गिरने के बाद पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का निधन हो गया।
ब्लाउज के फ्रंट में बनवाएं ये प्यारी सी नेकलाइन, कई गुना बढ़ जाएगी साड़ी की शोभा
करवा चौथ के लिए शॉपिंग कर चुकी हैं, बस ब्लाउज स्टिच करवाना है। तो अपने सिंपल लुक को गॉर्जियस बनाने के लिए इन ब्लाउज फ्रंट नेकलाइन को सिलवाएं, सास-ननद बस आपके ब्लाउज की डिजाइन ही देखेंगी।
करीना ने पहना बांधनी प्रिंट का सूट, इन हसीनाओं ने भी लूटी महफलि, त्योहार पर करें कॉपी
अगर आप भी इस बार त्योहारों पर कुछ स्टाइलिश और ट्रेडिशनल पहनने की सोच रही हैं, तो बांधनी प्रिंट परफेक्ट ऑप्शन हो सकते हैं। देख लीजिए एक्ट्रेसेस के कुछ बेहतरीन लुक्स
Health Tips: थाली में नहीं केले के पत्ते पर करें आप भोजन, होता हैं फायदेमंद
इंटरनेट डेस्क। आपने साउथ साइड में देखा होगा की लोग अपना खाना थाली, पत्तल में नहीं खाते हैं, वहां के लोग केले के पत्तों पर खाना खाते है। भारतीय परंपरा की यह हरी थाली न केवल भोजन को खास बनाती है, बल्कि पर्यावरण के लिए भी शानदार विकल्प है। इसके पत्ते जब गर्म खाना रखा जाता है, तो इसके कई लाभकारी और गुणकारी तत्व खाना में घुल मिल जाते हैं, जो शरीर के लिए बेहद फायदेमंद हैं। तो जानते हैं इस पर खाने से क्या फायदा है। सेहत के लिए फायदे केले के पत्ते में एंटीऑक्सिडेंट प्रॉपर्टी और पॉलिफेनॉल्स होते हैं जो हमारे सेल्स के लिए बहुत अच्छे होते हैं। इसमें एंटी-एजिंग और त्वचा से जुड़े कई लाभ पाए जाते हैं। पर्यावरण और उपयोगिता केले का पत्ता प्रदूषण के दृष्टिकोण से प्लास्टिक से बेहतर विकल्प है, क्योंकि यह आसानी से डिकंपोज हो जाता है, जबकि प्लास्टिक डिकंपोज नहीं होता है। pc- ndtv
नवरात्रि व्रत में खाना है कुछ चटपटा? इस तरह बनाएं आलू के पकौड़े, तेल भी नहीं सोखेंगे!
नवरात्रि में पूरे नौ दिनों का उपवास रख रहे हैं, तो जाहिर है बीच-बीच में कुछ चटपटा खाने की क्रेविंग भी हो ही जाती होगी। ऐसे में आप ये आलू के क्रिस्पी और टेस्टी पकौड़े बनाकर तैयार कर सकते हैं। ये तेल भी सोखते और खाने में बहुत टेस्टी भी लगते हैं।
डॉक्टर शुभम ने बताया महिलाओं को क्यों होता है सबसे ज्यादा गॉलब्लैडर स्टोन का खतरा?
पित्त की थैली में पथरी की समस्या महिलाओं में ज्यादा देखने को मिलती है। इसके कई कारण जिम्मेदार होते हैं। डॉक्टर शुभम वत्स्य ने बताएं आखिर किसे पथरी का ज्यादा रिस्क होता है और क्यों….
मेकअप को दें मनचाहा टच! L'Oreal Paris के 8 फाउंडेशन, मैट से ग्लोइंग लुक तक
L'Oreal Paris के फाउंडेशन में पाएं मैट, नेचुरल और ग्लोइंग फिनिश के साथ अलग-अलग कवरेज और शेड्स। रोजाना के मेकअप से लेकर पार्टी लुक तक, अपनी स्किन टोन और जरूरत के हिसाब से चुनें सही फाउंडेशन।
बॉम्बे ब्लड ग्रुप क्या है, क्यों होता है इतना दुर्लभ? जानें किसने की थी इसकी खोज
A, B, O ब्लड ग्रुप के बारे में आपने खूब सुना होगा लेकिन क्या कभी बॉम्बे ब्लड ग्रुप का नाम सुना है। ये ब्लड ग्रुप सबसे ज्यादा दुर्लभ माना जाता है और इसका डोनर मिलना भी काफी मुश्किल होता है। चलिए इस ब्लड ग्रुप के बारे में पूरी जानकारी देते हैं।
क्या पुरुषों को भी हो सकता है ब्रेस्ट कैंसर? जानिए शुरुआती लक्षण, खतरे और बचाव के उपाय
Pc: news18 आम तौर पर ब्रेस्ट कैंसर को महिलाओं की बीमारी माना जाता है, क्योंकि इसके 99% मामले महिलाओं में ही होते हैं। हालांकि, विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार लगभग 0.5% से 1% मामले पुरुषों में भी पाए जाते हैं। जागरूकता की कमी के कारण पुरुष अक्सर इसके लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे यह गंभीर रूप ले सकता है। प्रमुख लक्षण यदि शरीर या छाती में निम्नलिखित बदलाव दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें: गांठ (Lump): छाती या निप्पल के आसपास बिना दर्द वाली गांठ महसूस होना। निप्पल में बदलाव: निप्पल का अंदर की तरफ मुड़ना या उससे खून/तरल पदार्थ निकलना। त्वचा में परिवर्तन: निप्पल या छाती की त्वचा पर लालिमा, पपड़ी जमना या गड्ढा पड़ना। अन्य संकेत: बगल (Lymph Nodes) में सूजन, अचानक वजन घटना और लगातार थकान रहना। जोखिम और कारण पारिवारिक इतिहास: परिवार में किसी को यह समस्या रही हो तो अनुवांशिक कारणों से खतरा बढ़ सकता है। बढ़ती उम्र: उम्र बढ़ने के साथ इसका जोखिम अधिक हो जाता है। बचाव और सावधानी लापरवाही न बरतें : छाती या शरीर में किसी भी असामान्य बदलाव को छिपाएं नहीं। शुरुआती स्टेज में निदान होने से इसका इलाज बेहद आसान हो जाता है। हेल्दी लाइफस्टाइल : नियमित रूप से व्यायाम करें, वजन नियंत्रित रखें और संतुलित आहार लें। नशे से दूरी : धूम्रपान और शराब के सेवन से बचें। समय रहते लक्षणों की पहचान और सही जीवनशैली अपनाकर इस गंभीर बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
पनीर बटर मसाला बनाते समय दूध क्यों डालते हैं? जानें सही वजह
पनीर बटर मसाला बनाते समय आपने कई बार ग्रेवी में दूध डालते देखा होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऐसा करने से सब्जी में क्या बदलाव आता है? आखिर दूध डालने के पीछे की वजह क्या है?
दुर्गा पूजा 2026: लखनऊ में यहां सजे हैं सबसे भव्य दुर्गा पूजा पंडाल, थीम देखकर रह जाएंगे हैरान!
दुर्गा पूजा में लखनऊ के पंडाल धार्मिक आस्था के साथ कला और संस्कृति का अनूठा संगम पेश कर रहे हैं। जानकीपुरम का राम मंदिर थीम वाला पंडाल, लाटूश रोड की पारंपरिक बंगाली हवेली और रवींद्र पल्ली की ग्रामीण बंगाल थीम इस साल के खास आकर्षणों में शामिल हैं।
बहस करने वाले से जीत जाएंगे अगर जान लेंगे दिमाग कंट्रोल करने वाली 5 साइकोलॉजिकल ट्रिक
हर रोज पता नहीं कितने ही लोग ऑफिस में, सड़क पर, पास-पड़ोस में, अनजान और जान-पहचान के लोगों से बहस करते हैं और अपने रिश्तों को खराब कर लेते हैं। जबकि कुछ सिंपल साइकोलॉजिकल ट्रिक हैं जो बहस के दौरान सामने वाले के माइंड को कंट्रोल कर सकती हैं, जानें….
WhatsApp का कमाल का फीचर: 'View Once' से भेजें एक बार दिखने वाले फोटो और वीडियो!
PC: India tv hindi क्या आपने कभी सोचा है कि आप किसी को ऐसी तस्वीर या वीडियो भेजें जो सामने वाले के एक बार देखते ही उसके फोन से हमेशा के लिए गायब हो जाए? व्हाट्सएप का View Once (व्यू वंस) फीचर बिल्कुल यही काम करता है। क्या है View Once फीचर? यह फीचर आपको ऐसी फोटो या वीडियो भेजने की अनुमति देता है जिसे पाने वाला व्यक्ति सिर्फ एक बार ही देख सकता है। जैसे ही वह उसे बंद करेगा, वह मीडिया फाइल उसके फोन से हमेशा के लिए डिलीट हो जाती है। सबसे खास बात: इस फीचर से भेजी गई फोटो या वीडियो को सामने वाला व्यक्ति अपने फोन की गैलरी में सेव नहीं कर सकता, न ही किसी को फॉरवर्ड कर सकता है और सबसे अच्छी बात यह है कि इसका स्क्रीनशॉट (Screenshot) भी नहीं लिया जा सकता! यह कहाँ और कब काम आता है? प्राइवेट या सेंसिटिव जानकारी: जब आप कोई गोपनीय डॉक्यूमेंट, पासवर्ड या पर्सनल फोटो शेयर करना चाहते हैं जो हमेशा के लिए चैट में सेव नहीं रहनी चाहिए। मजेदार और सरप्राइज मोमेंट्स: दोस्तों के साथ कोई मजेदार या तुरंत देखने वाली तस्वीर शेयर करने के लिए। व्हाट्सएप पर View Once फोटो या वीडियो कैसे भेजें? किसी भी मीडिया को व्यू वंस के रूप में भेजना बहुत आसान है: चैट खोलें और Camera icon पर टैप करके फोटो खींचें या गैलरी से कोई फोटो/वीडियो चुनें। जब फोटो या वीडियो भेजने से पहले कैप्शन लिखने का पेज आता है, तो वहाँ नीचे या बगल में '1' का एक छोटा सा आइकन दिखाई देता है। उस '1' पर टैप करें (वह हरे रंग का हो जाएगा), जिसका मतलब है कि यह मैसेज अब View Once मोड में सेट हो गया है। इसके बाद Send बटन दबा दें। सामने वाले को कैसे दिखाई देगा ? प्राप्त करने वाले को चैट में फोटो की जगह सिर्फ 'Photo' या 'Video' लिखा हुआ और साथ में एक '1' वाला आइकन दिखेगा। जैसे ही वह उस पर टैप करके देखेगा और बैक करेगा, वह मैसेज हमेशा के लिए Opened हो जाएगा और दोबारा नहीं खुलेगा।
नोएडा में हुआ था रावण का जन्म! इस सेक्टर में बना है भव्य मंदिर, दशहरे पर मनाया जाता है शोक
दशहरा के खास दिन पर सभी जगह रावण दहन किया जाता है लेकिन ग्रेटर नोएडा के इस गांव में रावण को पूजा जाता है और यज्ञ किया जाता है। यहां पर रावण का भव्य मंदिर बना है, चलिए इसके बारे में बताते हैं।
क्लीनिंग टिप्स: किचन सिंक से आती है बदबू? इन घरेलू उपायों से पाएं छुटकारा
किचन सिंक की बदबू दूर करने के घरेलू उपाय
सावधान! WhatsApp पर आया नया स्कैम: भूलकर भी न दें 'यह' जवाब, वरना पलभर में खाली हो जाएगा बैंक खाता
Pc: india today व्हाट्सएप (WhatsApp) का इस्तेमाल आज करोड़ों लोग करते हैं, लेकिन इसके साथ ही ऑनलाइन ठगी के नए-नए तरीके भी सामने आ रहे हैं। हाल ही में एक नया और खतरनाक स्कैम सामने आया है, जिसके बाद पुलिस ने यूजर्स को कड़ी चेतावनी दी है। आइए जानते हैं क्या है यह स्कैम और इससे कैसे बचा जा सकता है। क्या है यह नया WhatsApp स्कैम ? रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्कैमर्स अब लोगों को फंसाने के लिए एक नया तरीका अपना रहे हैं। इसमें यूजर्स को किसी अंतरराष्ट्रीय (International) या अनजान नंबर से व्हाट्सएप पर मैसेज आता है। अगर यूजर उस मैसेज के जवाब में सिर्फ 'NO' (ना) लिख देता है या रिप्लाई करता है, तो उसका फोन और व्हाट्सएप अकाउंट हैकर्स के कंट्रोल में जा सकता है। तेलंगाना (Hyderabad) पुलिस और साइबर सेल ने इस बारे में चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि इस तरह के रिप्लाई से फोन में मालवेयर (Malware) एक्टिवेट हो सकता है, जिससे फोन की सारी पर्सनल जानकारी चोरी हो जाती है। इसके बाद बिना एटीएम या बैंक गए ही बैंक खाते से पैसे कटने के मैसेज आने लगते हैं और अकाउंट खाली हो सकता है। इस स्कैम से कैसे बचें? (बचाव के उपाय) अनजान नंबरों से सावधान रहें: किसी भी अज्ञात या अंतरराष्ट्रीय नंबर से आने वाले मैसेज का जवाब (विशेषकर 'Yes' या 'No') बिल्कुल न दें। OTP या पासवर्ड शेयर न करें: कभी भी किसी के साथ अपना ओटीपी, पिन या बैंक विवरण साझा न करें। एंटी-वायरस का इस्तेमाल करें: अपने स्मार्टफोन में एक अच्छा एंटी-वायरस सॉफ्टवेयर इंस्टॉल रखें, जो मैलवेयर और खतरनाक वायरस को ब्लॉक कर सके। साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत शिकायत करें: यदि आपके साथ किसी भी तरह की ऑनलाइन ठगी होती है, तो तुरंत 1930 नंबर पर कॉल करके साइबर क्राइम की शिकायत दर्ज कराएं या सरकार के अधिकारिक पोर्टल/संचार साथी (Sanchar Saathi) ऐप का उपयोग करें।
योग टिप्स: बैठकर घंटों करते हैं काम? गर्दन से पैरों तक राहत के लिए करें ये 5 स्ट्रेचिंग
full body yoga stretches: दिनभर बैठे रहने वालों के लिए गर्दन से लेकर पैरों तक की हल्की स्ट्रेचिंग शरीर को सक्रिय रखने और अकड़न कम करने में मदद कर सकती है। शुरुआत धीरे करें, सांस सामान्य रखें और अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार अभ्यास चुनें।
छोटी छत पर सोलर पैनल लगवाना है? जगह, धूप और छत की मजबूती पहले चेक करें
घर की छत छोटी है और आप बिजली का बिल कम करने के लिए सोलर पैनल लगवाना चाहते हैं, तो पहले कुछ जरूरी बातें जान लें। सही जगह और जरूरत के हिसाब से सोलर लगवाना आसान हो सकता है।
हेयर के लिए फायदेमंद है सीड्स लड्डू, जानें किन सामग्री का होगा इस्तेमाल और बनाने का तरीका
अपनी डाइट में सीड्स लड्डू को शामिल कर आप हेयर की कई परेशानियों को कंट्रोल कर सकते हैं, चलिए जानते हैं इसे बनाने के लिए किन चीजों की ज़रूरत होगी और इसके फायदे
हेल्थ की बात: क्या खूब पानी पीने से किडनी स्टोन का खतरा कम हो सकता है? जानिए डॉक्टर क्या कहते हैं
खूब पानी पीते रहना किडनी स्टोन से बचाव में मददगार होता है। पानी पेशाब को पतला रखता है, जिससे पथरी बनाने वाले खनिजों के क्रिस्टल बनने की आशंका कम रहती है। किडनी की सेहत को ठीक रखने के लिए संतुलित खानपान और डॉक्टर की सलाह जरूरी है।

