समय की अनंत धारा में पृथ्वी अब भी शांत नहीं है वह बोल रही है अपनी दरकती मिट्टी की लकीरों में सूखते जलस्रोतों की निस्पंद आंखों में और उन जंगलों की स्मृतियों में जो कभी सांस लेते थे हमने उसे आंकड़ों में बांट दिया विकास के ग्राफ में तौल दिया और समझ ...
PM Modi Jhalmuri Recipe: झालमुड़ी रेसिपी एक स्वादिष्ट बंगाली स्नैक है, जो बंगाल चुनाव प्रचार दौरान पीएम मोदी ने अचानक झाड़ग्राम पहुंचकर झालमुड़ी खाने पहुंच गए। यदि आप स्ट्रीट फूड के शौकीन हैं या घर पर कोई आसान और फास्ट स्नैक बनाना चाहते हैं, तो ...
Ramanuja Jayanti: रामानुज जयंती कब और क्यों मनाई जाती है, जानें 5 रोचक तथ्य
Sri Ramanujacharya Birthday: रामानुज जयंती हिंदू धर्म में विशेष रूप से वैष्णव संप्रदाय के अनुयायियों द्वारा मनाई जाती है। यह दिन भगवान रामानुजाचार्य के जन्मदिवस के रूप में उत्सव स्वरूप मनाया जाता है। आइए इसे विस्तार से समझते हैं और 5 रोचक तथ्य जानते ...
महिला आरक्षण की फिर वही परिणति क्यों?
लगभग 12 वर्षों के शासनकाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के लिए यह पहला अवसर है जब कोई विधेयक पारित होने से लोकसभा में वंचित रह गया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने घोषणा किया कि विधेयक के पक्ष में 298 तथा विरोध में 230 मत पड़े। हालांकि
Earth Day 2026: पृथ्वी दिवस: धरती पर से जीवन का विनाश है नजदीक, जानिए 5 खास कारण
April 22 Environmental Day: पृथ्वी दिवस हर साल 22 अप्रैल को मनाया जाता है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि हमारी धरती पर जीवन केवल हमारे पर्यावरण के संरक्षण पर निर्भर है। आज के समय में, जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण, जैव विविधता का नुकसान और प्राकृतिक ...
भूतपूर्व होना या अभूतपूर्व बने रहना!
भूतपूर्व होना यानी आकस्मिक रूप से या पदावधि समापन से जीवन में आई बीती यादों या बातों को अपने शेष बचे जीवन का अभिन्न अंग बना लेना है। अभूतपूर्व होने या बने रहने में किसी याद या बात या पद के मिलने या निर्वाचित होने की अनिवार्यता का कोई लेना-देना ही ...
जीवन एक उत्सव है, तो वन महोत्सव है!
वन और जीवन हमारी धरती का कभी न खत्म होने वाला या अंतहीन प्राकृतिक गति विधियों का जीवंत सिलसिला है। यदि धरती पर हम जीवन को उत्सव माने तो धरती पर हर कहीं फैले वनों को जीवन का अनंत महोत्सव कह सकते हैं। मनुष्य का यह मूल स्वभाव है कि वह शांत या गतिविधि ...
राकेश धर द्विवेदी की हिंदी कविता ‘तुझसे बिछड़कर....’
अपनी बरबादी की कहानीमैं खुद को सुना रहा हूंकिसको सुनाऊं किस्सेलोग किस्से बना रहे हैं
Adi Shankaracharya: आदि शंकराचार्य और गुरु गोरखनाथ ने हिन्दू सनातन धर्म को एक नई दिशा दी थी। आद्य शंकराचार्य भारतीय दर्शन और अद्वैत वेदांत के महान संत और तात्त्विक गुरु थे। उनका जीवन 8वीं शताब्दी के आस-पास माना जाता है। उन्होंने अज्ञान/ माया से ...
Saint Surdas Jyanati: संत सूरदास कौन थे, जानें उनके जीवन की 5 अनसुनी बातें
Saint Surdas life story: भारत के महान संत, कृष्ण भक्त कवि संत सूरदास की जयंती वैशाख शुक्ल पंचमी को मनाई जाती है, जो 2026 में 21 अप्रैल को मनाई जा रही है। सूरदास जी महाप्रभु वल्लभाचार्य के शिष्य थे तथा दृष्टिहीन होने के बावजूद, उन्होंने कृष्ण की बाल ...

