गणेश चतुर्थी 2026: स्थापना के लिए गणपति की कैसी मूर्ति घर लानी चाहिए?
Ganesh Chaturthi 2026: अगर आप भी अपने घर पर बप्पा की स्थापना करने वाले हैं तो पहले ये जान लें कि घर पर कैसी मूर्ति की स्थापना करनी चाहिए। यहां हम आपको इसी की जानकारी देंगे।
लालबागचा राजा 2026 का पहला लुक आया सामने, जानें यहां दर्शन के लिए कब और कैसे जा सकते हैं
Lalbaugcha Raja Mumbai: इंतजार खत्म हो हुआ और लालबागचा राजा ने दर्शन दे दिए। आइए इस लेख में देखते हैं उनकी लेटेस्ट झलकियां और जानते हैं दर्शन के लिए जाने का सही तरीका।
हरतालिका तीज के लिए प्यारे-प्यारे शुभ संदेश यहां से करें डाउनलोड, आज ही कर लें सेव
Happy Teej Images Wishes: अखंड सुहाग का ये हरतालिका तीज का ये पर्व विवाहित महिलाओं के साथ-साथ अविवाहित युवतियों के लिए बहुत खास है, ऐसे में अपनों को ये शुभकमानाएं भेजकर इस पर्व की बधाई दें। यहां हम आपको कुछ बधाई संदेश देने जा रहे हैं।
ना फटेगी, ना जलेगी! एकदम खिली-खिली बनेगी साबूदाना की खीर, शेफ आरती ने बताया परफेक्ट तरीका
साबूदाना की खीर व्रत में खूब खाई जाती है और ऐसे भी लोग इसे खाते हैं। लेकिन कई बार खीर चिपकी हुई बनती है, जिससे खाने का मजा खराब हो जाता है। हम आपके लिए साबूदाना की खिली-खिली खीर बनाने की रेसिपी लेकर आए हैं।
हिंदी दिवस 2026: हिंदी का हो गया Gen-Z मेकओवर! जानिए ‘डेलुलू’, ‘स्टैन’ और ‘बुसिन’ का मतलब
Hindi diwas 2026: इस पीढ़ी की सबसे बड़ी भाषाई खूबी भी यही है कि यह भाषा को सिर्फ बोलती नहीं, उसके साथ खेलती है। इसके पास सामाजिक-राजनीतिक अनुभवों को व्यक्त करने के लिए भी शब्द हैं।
AC की आउटडोर यूनिट पर लगाएं ₹250 का कवर, जंग और गैस लीक से बचेगा हजारों का खर्च
मानसून में लगातार बारिश और नमी का असर AC की आउटडोर यूनिट पर भी पड़ता है। इससे जंग लगने और समय के साथ गैस लीक जैसी समस्याएं हो सकती हैं और इसके लिए हम समाधान लेकर आए हैं, जो आपके लिए किफायती रहेगा।
सूरज नहीं बन सकते तो…IPS मनोज शर्मा की 5 सीख, जो हर स्टूडेंट को जिंदगी में देंगी नई दिशा
जिंदगी में सफलता तभी मिलेगी, जब आप संघर्षों को अपना साथी मान लेंगे और ऐसा ही किया IPS मनोज शर्मा ने। उन्होंने काफी कठिनाइयों के बाद भी IPS बनने तक का सफर तय किया। चलिए उनकी कुछ प्रेरणादायक बातें आपको बताते हैं।
70-80 किलो वजन उठाते हैं राष्ट्रपति के ADC! मेजर ऋषभ सिंह संब्याल ने बताया अपना फिटनेस रूटीन
ऋषभ सिंह संब्याल का नाम अब हर बच्चा जान चुका है। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के एडीसी पद से इस्तीफा दे दिया है और हाल ही में वह राज शमानी के पॉडकास्त में पहुंचे। यहां पर उन्होंने फिटनेस को लेकर कई बातें बताई, जो हम आपको बताने जा रहे हैं।
टीचर ने पूछा- इतिहास किसे कहते हैं? पप्पू का जवाब सुनकर छूट जाएगी हंसी, पढ़ें 20 चुटकुले
हंसी का डोज देने के लिए आप मजेदार चुटकुले पढ़ सकते हैं। इन चुटकुलों को आप अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करें और उन्हें भी हंसाएं।
आज ही के दिन एक चांद जमीं पर आया था...वाइफ के बर्थडे पर भेजें ये 50 शायरियां, दिल से होंगी खुश
पत्नी का जन्मदिन खास बनाने के लिए आप कई तरह के सरप्राइज प्लान करते होंगे लेकिन आपका एक प्यारा सा मैसेज भी उन्हें खुश कर सकता है। हम आपके लिए 50 खूबसूरत शायरियां लेकर आए हैं, जो वाइफ के बर्थडे पर आप भेजें।
ब्रेकफास्ट में बनाएं बच्चों और बड़ों का पसंदीदा गार्लिक बटर पास्ता, सुबह की हो जाएगी परफेक्ट शुरुआत
सुबह ब्रेकफास्ट में कुछ टेस्टी मिल जाए तो मजा ही आ जाता है। अगर आप भी ब्रेकफास्ट के लिए कोई ऑप्शन सर्च कर रहे हैं तो गार्लिक बटर पास्ता बना सकते हैं। ये खाने में बेहद स्वादिष्ट लगता है और इसे बनाना भी बेहद आसान है।
गणेश चतुर्थी पर बप्पा का दरबार सजाने के लिए अगर आप सुंदर डेकोरेशन आइडियाज खोज रहे हैं तो एक बार रंगीन कागज और मोर पंख से सजावट करने का आइडिया देखें।
पुरानी चूड़ियां रखी हैं? फेंके नहीं, घर की सजावट के लिए बना लें ये 5 चीजें, सब करेंगे तारीफ!
आपके पास भी पुरानी चूड़ियां तो रखी ही होंगी। उन्हें फेंकने की भूल ना करें, क्योंकि ये 5 सुंदर चीजें आप बनाकर तैयार कर सकती हैं। त्योहारों पर घर की सजावट के लिए ये काम आएंगी। आइए फटाफट देखते हैं कुछ क्रिएटिव आइडियाज -
ज्यादा फोन चलाने से बच्चों में हो सकती हैं ये 6 बीमारियां, डॉक्टर ने किया पैरेंट्स को अलर्ट!
आजकल कई पेरेंट्स बोलते हैं कि हमारा बच्चा तो दिनभर फोन में ही लगा रहता है। लेकिन उन्हें इस जुड़े हेल्थ रिस्क के बारे में शायद ही पता होता है। डॉक्टर ने पेरेंट्स को चेतावनी देते हुए ऐसी ही बीमारियों के बारे में बताया है जो ज्यादा फोन के इस्तेमाल के कारण हो सकती हैं।
तुलसी के पौधे में लग गए हैं कीड़े? पानी में 2 चीजें मिलाकर छिड़क दें, हरे-भरे हो जाएंगे पत्ते!
तुलसी के पौधे में कीड़े लगना एक आम समस्या है। इसकी वजह से पत्तों में छोटे-छोटे छेद होने लगते हैं और पौधा सूखने लगता है। ऐसे में आप ये स्प्रे बनाकर पौधे में छिड़क सकते हैं। इसके लिए आपको पानी में बस दो चीजें मिलानी हैं।
तीज पर साड़ी के साथ पहनें लाल-हरी चूड़ियां, सेट बनाने के लिए सेव कर लें 8 सुंदर डिजाइन
हरतालिका तीज पर लाल हरी चूड़ियां पहनना शुभ माना जाता है। आप भी अपनी साड़ी, सूट या लहंगे के साथ हरी लाल चूड़ियां पहनने वाली हैं, तो मिक्स एंड मैच करने के ये आइडियाज सेव कर लें। हाथ की खूबसूरती में चार चांद लग जाएंगे।
चेहरे की खूबसूरती के लिए जरूरी हैं हेल्दी जबड़े की मसल्स? 4-फिंगर टेस्ट से करें जांच
अगर आपके शरीर के किसी भी हिस्से की मांसपेशी पर तनाव है तो इसका असर अलग-अलग तरह से दिखाई दे सकता है। यहां हम जबड़ों की मसल्स को चेक करने का तरीका बता रहे हैं। जबडों के मसल्स पर तनाव होने की वजह से स्किन पर कई तरह के बदलाव दिखाई दे सकते हैं। जानिए-
भारत में महंगे होंगे Samsung के फ्लैगशिप फोन, Galaxy S26 Ultra की कीमत बढ़ना लगभग तय
अगर आप काफी समय से स्मार्टफोन लेने की सोच रहे हैं, तो आपको बता दें कि, Samsung के फ्लैगशिप स्मार्टफोन्स जल्द ही भारत में और ज्यादा महंगे हो सकते हैं। टिप्स्टर के मुताबिक, कंपनी Galaxy S26 Ultra की कीमतें बढ़ाने की तैयारी कर रही है। बता दें कि, ये फोन लेटेस्ट Galaxy S26 सीरीज का सबसे टॉप मॉडल है और फिलहाल इसके 12GB रैम व 256GB ऑनबोर्ड स्टोरेज वाले बेस वेरिएंट की कीमत 1, 39,999 रुपये की शुरु होती है। वहीं, साउथ कोरियन टेक दिग्गज के लेटेस्ट जनरेशन फोल्डेबल्स Galaxy Z Fold 8 और Galaxy Z Fold 8 Ultra की कीमतों में इजाफा होगा। Samsung Galaxy S26 Ultra की कीमत बढ़ सकती है इस बीच, टिप्स्टर अभिषेक यादव ने एक्स पोस्ट के जरिए बताया है कि, जल्द ही Samsung Galaxy S26 Ultra की कीमत भारत में बढ़ने वाली है। टिप्स्टर का कहना है कि ये प्राइस हाइक लगभग तय है। लेकिन नई कीमत को लेकर अभी तक कोई खुलासा नहीं किया गया है। वर्तमान में Samsung Galaxy S26 Ultra के 12GB रैम और 256GB स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 1,39,999 रुपये है। इसका 12GB+512GB कॉन्फिगरेशन 1,59,999 रुपये में आता है, बल्कि टॉप-एंड 16GB रैम और 1TB स्टोरेज मॉडल की कीमत 1,89,999 रुपये है। हालांकि, टिप्सटर ने यह भी दावा किया है कि Galaxy Z Fold 8 और Galaxy Z Fold 8 Ultra की भी कीमत बढ़ेगी। लेकिन इन दोनों फोल्डेबल फोन्स की कीमतों में बढ़ोतरी के बारे में पक्का पता नहीं है।
क्यों बढ़ रहा है तलाक का ट्रेंड? कपल ने बताए शादी टूटने के 10 बड़े कारण
इंस्टाग्राम पर एक महिला ने 10 कारणों के बारे में बताया है जिनकी वजह से आजकल इतनी जल्दी शादी टूट रही हैं। ये बातें हर शादीशुदा कपल के लिए सीख बन सकती हैं। जानिए-
खरीदना चाहती हैं सस्ते झुमके, तो बेस्ट है दिल्ली के ये बाजार, कम बजट में पाएं ट्रेंडी इयररिंग्स
अगर आपको स्टाइलिश इयररिंग्स खरीदने का शौक है और आप दिल्ली में अच्छे मार्केट की तालाश में हैं तो यहां हम आपको बताने जा रहे हैं दिल्ली में कहां सस्ते और अच्छे इयररिंग्स मिलते हैं।
Foreign Travel Mistakes: पहली विदेश यात्रा को आसान बनाने के लिए इन जरुरी नियमों को पहले ही जान लें
हर किसी का सपना होता है कि एक दिन विदेश घूमने जा रहे हैं। नई संस्कृति, अलग खानपान और खूबसूरत जगहों को देखने का उत्साह अलग ही होता है। कई बार लोग पहली बार फॉरेन ट्रिप पर जाते समय कई सारी गलतियां कर देते हैं। इन्हीं गलतियों के कारण विदेशी यात्रा का मजा थोड़ा खराब हो जाता है। आइए आपको बताते हैं आप इन गलतियों से कैसे बचाव करें। जरूर डॉक्यूमेंट्स साथ रखें अगर आप पहली बार विदेश यात्रा पर जा रहे हैं, तो पासपोर्ट, वीजा, ट्रैवल इंश्योरेंस और इंपोर्टेंट डॉक्यूमेंट्स की पूरी जांच करनी चाहिए। अक्सर लोग सिर्फ पासपोर्ट लेकर ही यात्रा पर निकल जाते हैं, बल्कि कुछ देशों में एक्स्ट्रा डॉक्यूमेंट भी जरुरी होते हैं। विदेश यात्रा से पहले पासपोर्ट की वैधता, वीजा के नियम और दूसरों जरुरी दस्तावेजों की जांच कर लें। इसके साथ ही उनकी डिजिटल और प्रिंट कॉपी भी अपने पास रख लें। बजट की सही प्लानिंग गौरतलब है कि विदेश में खर्च अक्सर उम्मीद से ज्यादा होता है। कई बार लोग होटल, लोकल ट्रांसपोर्ट, फूड और शॉपिंग के खर्च का सही अनुमान नहीं लगाते हैं। डेस्टिनेशन पर जाने से पहले खर्चों के बारे में रिसर्च कर लें। इसके लिए एक अनुमानित बजट बनाकर चलें और एक्स्ट्रा खर्च के लिए पैसे अलग रख लें। लोकल कल्चर की जानकारी न होना हर एक देश की अपनी संस्कृति, नियम और सामाजिक व्यवहार का तरीका होता है। पर्यटक अक्सर अनजाने में गलती कर देते है कि जो वहां असभ्य मानी जाती है। इसलिए किसी भी देश में जाने से पहले वहां की संस्कृति, पहनावे, पब्लिक बिहेवियर और स्थानीय नियमों के बारे में जान लें। जरूरत से ज्यादा सामान पैक करना जब पहली बार विदेश के लिए जाते हैं, तो जरुरत से ज्यादा कपड़े और सामान पैक कर लिए जाते हैं। इससे आपका बैग भारी हो जाता है और एयरलाइन के बैगेज नियमों की वजह से एक्स्ट्रा फीस देनी पड़ती है। खासतौर पर मौसम और ट्रिप के अनुसार ही जरुरी सामान ही पैक करें। लाइटवेट और स्मार्ट तरीके से पैकिंग करें, जिससे यात्रा आरामदायक बन जाएगी। लोकल ट्रांसपोर्ट की जानकारी न होना अक्सर लोग यही सोचते हैं कि विदेश जाकर वहां का सब समझ आ जाएगा। लेकिन लोकल ट्रांसपोर्ट, मैप्स और इंटरनेट कनेक्टिविटी की जानकारी न होने से परेशानी हो सकती है। इसलिए पहले से लोकल ट्रांसपोर्ट, मेट्रो कार्ड, ट्रैक्सी ऐप्स और इंटरनेट सिम या इंटरनेशनल रोमिंग के बारे में जानकारी अपने पास रखें।
इडली के बैटर में पान का पत्ता क्यों डालते हैं लोग? फायदे जान आप भी ट्राई करेंगे ये हैक!
क्या आपको पता है कि कई घरों में इडली के बैटर में पान का पत्ता ऊपर से रखा जाता है? ये एक पारंपरिक तरीका है, जिसके कई फायदे हैं। अगर आपने अभी तक ये कुकिंग हैक ट्राई नहीं किया है, तो फायदे जानने के बाद जरूर करेंगे।
बाल हटाने से ले कर कालेपन तक! डॉक्टर ने बताई इंटीमेट हाइजीन से जुड़ी 5 जरूरी बातें
इंटीमेट हाइजीन से जुड़े कई सवाल महिलाओं के मन में होते हैं। खासकर प्राइवेट पार्ट के बाल कैसे रिमूव करें या फिर क्या वहां कालापन होना नॉर्मल है। आइए इन्हीं सब कॉमन सवालों के जवाब डॉक्टर से जानते हैं।
हिंदी दिवस 2026: हिंदी नहीं रही अब पहले जैसी, फिर भी दुनिया में बढ़ता जा रहा इसका दबदबा
14 सितंबर 2026 को हिन्दी दिवस मनाया जाएगा। वर्तमान में भले ही हिंदी के हाल अच्छे नहीं है। बोलचाल की भाषा में हिन्दी में ऊर्दू, फारसी, अरबी और अंग्रेजी के शब्दों की अधिकता होने लगी है। हिंदी के अखबार और किताबों में भी अब वैसी हिंदी नहीं रही जैसी ...
Travel Tips: Trishla Farmhouse
इंटरनेट डेस्क। देशभर में 14 सितंबर 2026 को गणेश चतुर्थी का त्योहार मनाया जाएगा। इसके लिए लोगों ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। आज हम आपको एक शानदार जगह के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं, जहां पर आप परिवार के साथ शानदार तरीके से गणेश उत्सव का आयोजन कर सकते हैं। आज हम आपको त्रिशला फार्महाउस के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं। गोनेर रिंग रोड के पास खिजूरिया ब्राहम्णान में स्थित इस फार्महाउस पर आप शानदार तरीके से इस उत्सव का आयोजन कर सकते हैं। यहां पर आप शानदार इनडोर और आउटडोर गेम एरिया, मजेदार पूल पार्टीज, स्वादिष्ट खाने और ताजी हवा के साथ लग्ज़री का अनुभव कर सकेंगे। आपको आज ही इसके लिए ये फार्महाउस को बुक करवा लेना चाहिए। आपको कम बजट पर कई सुविधाएं यहां पर मिलेंगी। व्हाट्सएप नंबर से हासिल करें ऑफर की जानकारी आप त्रिशला फार्महाउस में इस दौरान आप कम बजट में कई एक्टिविटीज का मजा ले सकते हैं। ऑफर से जुड़ी पूरी जानकारी के लिए व्हाट्सएप नंबर 9784461221 पर मैसेज करके हासिल की जा सकती है। इस प्रकार से पहुंचे आप जयपुर एयरपोर्ट से त्रिशला फार्महाउस आसानी से पहुंच सकते हैं। यहां से इसकी दूरी केवल 22 किमी दूर ही है। जयपुर एयरपोर्ट से टैक्सी के माध्यम से आप आसानी से पहुंच सकते हैं। जयपुर रेलवे स्टेशन और बस स्टेंड से भी आप यहां पर आसानी से पहुंच सकते हैं। इन स्थानों से भी टैक्सी के माध्यम से पहुंच सकते हैं। अक्षयपात्र जगतपुरा से तो त्रिशला फार्महाउस की दूरी केवल 15 किलोमीटर ही है। यहां से भी आसानी से यहां पर पहुंच सकते हैं। PC:livehindustan,trishla अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें View this post on Instagram A post shared by Trishla Farmhouse (@trishlafarmhouse)
कभी 110 किलो था वजन! डॉक्टर ने घर के खाने से किया 50Kg वेट लॉस, बताया पूरा डाइट प्लान
वेट लॉस करना मुश्किल लगता है लेकिन अगर सही गाइडेंस मिल जाए तो चीजें आसान हो जाती हैं। न्यूट्रीशनिस्ट डॉ शिखा ने अपनी वेट लॉस जर्नी के साथ-साथ फुल डाइट प्लान शेयर किया है, जिसने उनकी 50 kg वेट लॉस में मदद की।
Ganesh Chaturthi पर मुंबई के Lalbaug बाजार में मिल रहीं सस्ती और सुंदर गणेश प्रतिमाएं
महाराष्ट्र में गणेश चतुर्थी त्योहार को लेकर गजब का उत्साह देखने को मिलता है। मुंबई की हर एक गली में विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश का भव्य स्वागत होता है। अपने घर में बप्पा को लाने के लिए भक्तजन पहले से सबसे बढ़िया गणेश मूर्ति की तलाश में लगे रहते हैं। असल में मुंबई में कई जगहों पर आपको काफी शानदार, एक से बढ़कर एक सुंदर मूर्तियां देखने को मिल जाएगी। आज हम इस लेख में आपको बताने जा रहे हैं, एक शानदार और प्रसिद्ध बजार, जहां से आप सबसे किफायती दामों में गणेश जी की मूर्तियों की ढेरों वैरायटी देख सकती हैं। मुंबई का सबसे प्रसिद्ध लालबाग मूर्ति बाजार मुंबई का परेल का लालबाग में गणेशोत्सव के लिए हमेशा चर्चाओं के केंद्र बना रहता है। यहां लगने वाला मूर्ति बाजार अपनी भव्यता के लिए सबसे लोकप्रिय है। इस जगह पर प्रसिद्ध 'लालबागचा राजा' का मंडल भी सजाया जाता है। त्योहार से कुछ दिनों पहले यहां सैकड़ों मूर्तिकारों की वर्कशॉप लगती हैं, जिनमें छोटी मूर्तियों से लेकर विशालकाय पंडाल मूर्तियों तक, हर चीज आपको बजट और आकार की प्रतिमाएं देखने को मिल जाएगी। इको-फ्रेंडली मिट्टी की मूर्तियों को मिलता है शानदार कलेक्शन इस बाजार में आपको प्राकृतिक मिट्टी की मूर्तियां सबसे ज्यादा देखने को मिलेंगी। यहां जामनगर की खास मिट्टी और प्राकृतिक रंगों से बनीं इको-फ्रेंडली गणेश मूर्तियां थोक दामों में आसानी से मिल जाएंगी। लालबाग बाजार में लालबागचा राजा, पुणे के दगडूशेठ हलवाई, तितवाला गणेश औक पगड़ी वाले बाल गणेश के स्वरुप वाली मूर्तियां भी अलग-अलग साइज में आपको देखने को मिल जाएंगी। बजट-फ्रेंडली छोटी प्रतिमाएं इतना ही नहीं, आप अपने अपार्टमेंट या पूजा घर के लिए छोटी मूर्ति खोज रही हैं और आपका बजट भी कम है, तो आपको यहां पर 6 इंच से लेकर 2 फीट तक की मूर्तियों को कम खर्च और अच्छे डिस्काउंट के साथ खरीद सकते हैं। लालबाग मूर्ति बाजार तक कैसे पहुंचें? यदि आप मुंबई के सबसे बड़े इस गणेश मूर्ति बाजार में जाना चाहते हैं, तो सेंट्रल लाइन की लोकल ट्रेन से परेल स्टेशन या करी रोड तक स्टेशन जाएं। स्टेशन से बाहर निकलते ही लालबाग बाजार सिर्फ 5 से 10 मिनट की पैदल दूरी पर स्थित है। अगर आप दादर या सीएसएमटी की तरफ से आने वाली बसों से सीधा लालबाग बस स्टॉप पहुंच सकते हैं। यहां से बाजार काफी पास पड़ेगा।
गलत तरह से फ्रिज में रखी सब्जियां भी हो जाएंगी खराब, सीखें क्या है स्टोर करने का सही तरीका
जब आप सब्जियों को फ्रिज में सही तरह से स्टोर नहीं करते हैं तो ये सब्जियां बहुत जल्दी खराब होने लगती हैं। ऐसे में यहां हम आपके काम आने वाले कुछ ऐसे तरीके बता रहे हैं जिनसे सब्जियां फ्रिज में रखने के बाद भी फ्रेश रहेंगी।
इंटरनेट डेस्क। आपने बहुत से लोगों से सुना होगा या फिर डॉक्टर भी कहते हैं की रात में सोने से पहले हल्दी का दूध पीना चाहिए। आयुर्वेद में भी हल्दी वाले दूध को सेहत के लिए फायदेमंद माना गया है। लेकिन, इसे रात में पीने की सलाह ही क्यों दी जाती है। तो आज जान लेते हैं इसके बारे में। अच्छी नींद के लिए हल्दी और दूध का कॉम्बिनेशन बेहतर नींद के लिए मददगार हो सकता है। दरअसल, कई बार ज़्यादा तनाव लेने की वजह से नींद आने की समस्या बढ़ जाती है। ऐसे में यह हल्दी वाला दूध पीने से आपकी नींद की गुणवत्ता को बढ़ा सकता है। स्ट्रेस होता है कम हल्दी वाल दूध पीने से आपका तनाव कम हो सकता है और दिमाग को शांति मिलती है। दरअसल, हल्दी में मौजूद करक्यूमिन ब्रेन में मौजूद ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और सूजन को कम करने में मदद करता है। इस वजह से एंजायटी का लेवल कम होता है। pc- herzindagi.com
नाश्ते में बनाएं कुछ हटके! ये राजस्थानी आलू प्याज का लच्छा पराठा 1 बार जरूर ट्राई करें
Paratha Recipe: आलू प्याज के भरवां पराठे तो आपने खूब खाए होंगे, लेकिन क्या ये राजस्थानी आलू लच्छा पराठा कभी ट्राई किया है? अगर नहीं, तो एक बार ये रेसिपी जरूर बनाकर देखें। घरवाले खाते ही खुश हो जाएंगे।
pc: navrashtra माहौल में लगातार बदलाव, काम पर बढ़ता स्ट्रेस, न्यूट्रिएंट्स की कमी, केमिकल प्रोडक्ट्स का बार-बार इस्तेमाल शरीर के साथ-साथ बालों की क्वालिटी पर भी असर डालता है। बाल बहुत डल और ड्राई हो जाने के बाद बहुत ज़्यादा झड़ते हैं। शुरुआती दिनों में डैंड्रफ, बाल झड़ना, बाल पतले होना वगैरह जैसे लक्षणों पर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया जाता। लेकिन कुछ समय बाद बाल झड़ने और गंजेपन के बाद महंगे हेयर ट्रीटमेंट, महंगे हेयर केयर प्रोडक्ट्स वगैरह इस्तेमाल किए जाते हैं। लेकिन फिर भी बालों की ग्रोथ पर कोई असर नहीं होता। बालों की ग्रोथ के लिए बालों को सिर्फ़ ऊपर से ही नहीं, बल्कि अंदर से भी पोषण देना उतना ही ज़रूरी है। नए बालों की ग्रोथ के लिए प्रोटीन, ज़िंक, बायोटिन, विटामिन C, विटामिन E और ओमेगा-3 की ज़रूरत होती है। इसलिए डाइट में अलग-अलग तरह की चीज़ें खानी चाहिए। महंगे सप्लीमेंट्स लेने के बजाय किचन में मौजूद चीज़ों को डाइट में शामिल करें। इन चीज़ों का बालों की ग्रोथ पर अच्छा असर पड़ता है। एक महीने के अंदर रेगुलर बालों की ग्रोथ के लिए ज़रूरी चीज़ें खाने से बाल मज़बूत और घने हो जाते हैं। आइए डिटेल में जानते हैं। pc: be beautiful बालों की ग्रोथ के लिए डाइट में कौन सी चीज़ें खानी चाहिए: आंवला खाना बालों के लिए वरदान माना जाता है। आंवला, सूखा नारियल, खजूर और भुने हुए काले तिल को एक साथ मिक्सी में पीस लें। फिर तैयार मिक्सचर के लड्डू बना लें। अगर आप ये लड्डू रेगुलर खाते हैं, तो शरीर को ज़रूरी न्यूट्रिशन मिलेगा और आपके बाल सुंदर बनेंगे। आंवले में मौजूद ज़रूरी एलिमेंट्स और विटामिन C बालों की ग्रोथ पर पॉजिटिव असर डालते हैं। इससे बाल मज़बूत और घने बनते हैं। उबले हुए स्प्राउट्स की चाट बनाकर अपनी रोज़ की डाइट में खानी चाहिए। चाट बनाते समय, उबले हुए स्प्राउट्स, प्याज़, टमाटर, दूसरे मसाले और नींबू का रस डालकर चाट बना लें। यह चाट सुबह या दूसरी बार जब भूख लगे तब भी खाई जाती है। मेथी के दानों में प्रोटीन और अमीनो एसिड भरपूर होते हैं, जो बालों की ग्रोथ को बढ़ावा देते हैं और बालों को मज़बूत बनाते हैं। pc: garnier बारीक कटा हुआ पालक, कद्दूकस किया हुआ पनीर, बेसन और मसालों को मिलाकर बनाई गई टिक्की बहुत स्वादिष्ट लगती है। आप इस टिक्की को बच्चों के लंच बॉक्स या नाश्ते में खा सकते हैं। पालक खाने से न सिर्फ बालों की ग्रोथ बढ़ती है बल्कि शरीर में आयरन का लेवल भी बढ़ता है। पनीर और पालक में आयरन, फोलेट वगैरह जैसे प्रोटीन से भरपूर चीज़ें होती हैं। कद्दू के बीज बालों के लिए फायदेमंद होते हैं। इसलिए गंजेपन या बालों की दूसरी समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए भुने हुए कद्दू के बीज, बादाम, अखरोट, सूखा नारियल और खजूर के मिक्सचर से बने लड्डू खाएं। ये लड्डू खाने से न सिर्फ बालों की ग्रोथ बढ़ती है बल्कि बाल मजबूत और घने भी होते हैं। इसके लिए आंवले को दही में मिलाकर खाने से शरीर हाइड्रेटेड रहता है और स्कैल्प पर ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है।
Health Tips: आज से ही डाइट का हिस्सा बनाएं आप भी इन हरी पत्तियों को, होती हैं बड़ी ही लाभकारी
इंटरनेट डेस्क। स्वास्थ्य के लिए हरी सब्जियों का सेवन बहुत फायदेमंद बताया गया है। आप डॉक्टर के पास भी जाएंगे तो आपसे यही कहेगा की ज्यादा से ज्यादा हरी सब्जी खाएं। इनमें विटामिन, मिनरल्स, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती हैं, जो शरीर को अंदर से पोषण देकर कई बीमारियों से बचाने में मदद करती हैं। जानते हैं ऐसी ही कुछ हेल्दी हरी सब्जियों के बारे में। पालक पालक आयरन, कैल्शियम और विटामिन ए, सी से भरपूर होता है। यह खून की कमी को दूर करने और आंखों की रोशनी बढ़ाने में मदद करता है। मेथी के पत्ते मेथी पाचन को सुधारने और ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करती है। इसमें मौजूद फाइबर वेट लॉस करने वजन भी सहायक होता है। सरसों के पत्ते सरसों के पत्ते विटामिन के और कैल्शियम का अच्छा स्रोत हैं। ये हड्डियों को मजबूत बनाते हैं और दिल की सेहत को बेहतर रखते हैं। धनिया पत्ते धनिया शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करता है और किडनी की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने के साथ ही खाने का स्वाद भी बढ़ाता है। pc- jagran
Instagram पर Deleted Photos आसानी से कर सकते हैं रिकवर, जानें आसान तरीका
PC: JAGRAN अगर आपने Instagram पर गलती से कोई फोटो या पोस्ट डिलीट कर दी है, तो उसे तुरंत हमेशा के लिए खोना जरूरी नहीं है। Instagram में Recently Deleted नाम का फीचर होता है, जहां डिलीट किया गया कंटेंट कुछ समय तक रखा जाता है। वहां से आप फोटो या पोस्ट को दोबारा रिस्टोर कर सकते हैं। इंस्टाग्राम पर डिलीटेड फोटोज रिकवर करने के स्टेप्स सबसे पहले इंस्टाग्राम ऐप खोलें और अपनी प्रोफाइल पर जाएं। ऊपर दाईं तरफ दिए गए तीन लाइन (☰) पर टैप करें। Your activity विकल्प पर जाएं। अब Recently deleted विकल्प खोलें। यहां आपको हाल ही में डिलीट की गई फोटोज, वीडियोज, रील्स या स्टोरीज दिखाई दे सकती हैं। जिस फोटो को वापस लाना है, उसे खोलें। ऊपर दिए गए तीन डॉट्स पर टैप करें। रिस्टोर विकल्प चुनें। अपनी पहचान सत्यापित करने के बाद फोटो दोबारा रिस्टोर हो सकती है। कितने समय तक डिलीटेड फोटोज वापस मिल सकती हैं? इंस्टाग्राम के अनुसार, डिलीट किया गया अधिकांश कंटेंट रिसेंटली डिलीटेड में 30 दिनों तक रह सकता है। वहीं ऐसी स्टोरीज जो Archive में नहीं हैं, वे अधिकतम 24 घंटे तक Recently Deleted में रह सकती हैं। यह अवधि पूरी होने के बाद कंटेंट अपने आप स्थायी रूप से डिलीट हो सकता है। अगर Recently Deleted में फोटो नहीं मिल रही तो? अगर फोटो Recently Deleted में उपलब्ध नहीं है, तो Instagram के अंदर से उसे वापस पाने का विकल्प आम तौर पर नहीं रहेगा। ऐसे में अपने फोन की Gallery/Photos ऐप, Cloud Backup या Google Photos/iCloud में भी जरूर चेक करें।
पीले नाखून और गंदे हाथों को एक नुस्खे से चमकाएं, मेनीक्योर वाले कई स्टेप की जरूरत नहीं पड़ेगी
तीज और गणेश चतुर्थी का फेस्टिवल नजदीक है। घर के सारे काम करने के बाद अपनी खुद की केयर भी करें। लेकिन गंदे हाथों को चमकाने के लिए समय नहीं है तो बस 1 स्टेप में कुछ ही मिनटों में पीले-गंदे हाथ हो जाएंगे साफ।
Ganesh Chaturthi 2026 Recipe: बप्पा के भोग के लिए तैयार करें चॉकलेट मोदक, बच्चों को पसंद आएगा प्रसाद
गणेश चतुर्थी का त्योहार आने में कुछ ही दिन रह गए हैं। 10 दिन के गणेशोत्सव में भगवान को मोदक का भोग जरूर लगाया जाता है। ऐसे में यहां सीखिए बप्पा के भोग के लिए चॉकलेट मोदक बनाने का तरीका।
WhatsApp चैट को बिना डिलीट किए हाइड करने का ये तरीका है जबरदस्त, ऐसे रखें अपनी प्राइवेट चैट सुरक्षित
PC: HINDUSTAN अगर आप व्हाट्सएप पर किसी चैट को डिलीट किए बिना छिपाना चाहते हैं, तो इसके लिए व्हाट्सएप का Chat Lock फीचर काफी उपयोगी है। इसकी मदद से चुनी गई चैट सामान्य चैट लिस्ट से अलग हो जाती है और उसे देखने के लिए फोन का पासकोड, फिंगरप्रिंट या Face ID जैसी सुरक्षा का इस्तेमाल करना पड़ सकता है। व्हाट्सएप Chat Lock क्या है? चैट लॉक WhatsApp का प्राइवेसी फीचर है, जिसकी मदद से आप किसी खास व्यक्तिगत या ग्रुप चैट को लॉक कर सकते हैं। लॉक की गई चैट सामान्य Inbox में दिखाई नहीं देती और उसे एक अलग लॉक्ड चैट्स सेक्शन से एक्सेस किया जा सकता है। व्हाट्सएप पर चैट कैसे छिपाएं? किसी चैट को बिना डिलीट किए छिपाने के लिए इन स्टेप्स को फॉलो करें: सबसे पहले अपने फोन में व्हाट्सएप खोलें। जिस चैट को छिपाना है, उसे खोलें। ऊपर दिए गए कॉन्टैक्ट या ग्रुप के नाम पर टैप करें। अब चैट लॉक विकल्प पर जाएं। चैट लॉक को ऑन करें। इसके बाद फोन के फिंगरप्रिंट, फेस ID या पासकोड से इसे कन्फर्म करें। अब यह चैट सामान्य चैट लिस्ट से अलग Locked Chats में चली जाएगी। छिपाई गई व्हाट्सएप चैट दोबारा कैसे देखें? Locked Chat देखने के लिए व्हाट्सएप की Chat List में जाकर Locked Chats सेक्शन खोलें। इसके बाद फोन की सुरक्षा व्यवस्था से अपनी पहचान सत्यापित करें। सत्यापन के बाद आपकी लॉक की गई चैट दिखाई देगी। सीक्रेट कोड से चैट को और ज्यादा छिपाएं व्हाट्सएप में सीक्रेट कोड फीचर भी उपलब्ध है, जिसकी मदद से Locked Chats को और ज्यादा छिपाया जा सकता है। सीक्रेट कोड सेट करने के बाद Locked Chats फोल्डर को सामान्य चैट लिस्ट में दिखने से भी रोका जा सकता है। उसे खोजने के लिए व्हाट्सएप के Search Bar में सीक्रेट कोड डालना पड़ सकता है। क्या Chat Lock करने से चैट डिलीट होती है? नहीं। Chat Lock करने से आपकी चैट, फोटो, वीडियो या अन्य मैसेज डिलीट नहीं होते। यह फीचर सिर्फ चैट को अतिरिक्त Privacy और सुरक्षा देने के लिए है।
स्वाद में बिरयानी को भी फेल कर देगा चिकन पुलाव, घर पर आसान तरीके से बनाने के लिए सेव करें रेसिपी
अगर आप वही पुरानी चिकन बिरयानी खाकर बोर हो चुके हैं और कुछ ऐसा खोज रहे हैं जो स्वाद में बिरयानी को भी टक्कर दे और बनाने में भी झंझट न हो, तो चिकन पुलाव बेस्ट ऑप्शन हो सकता है। यहां से फटाफट नोट करें रेसिपी।
Health Tips: बड़ी आंत में संक्रमण से होता है Diverticulitis, पेट दर्द और बुखार को न करें इग्नोर
पेट के निचले बाईं ओर लगातार होने वाले दर्द को सामान्य दर्द समझकर नजरअंदाज करने की गलती नहीं करनी चाहिए। हालांकि कई बार यह दर्द सामान्य गैस, मांसपेशियों में खिंचाव या कब्ज की वजह से हो सकती है। लेकिन लगातार यह दर्द रहने से या दर्द तेज होने से और इसके साथ कब्ज, मतली, फीवर और दस्त आदि के लक्षण दिखते हैं, तो यह डाइवर्टिकुलाइटिस का संकेत भी हो सकता है। डाइवर्टिकुलाइटिस बड़ी आंत की दीवार में बनी छोटी थैलियों में सूजन या फिर संक्रमण से होने वाली स्थिति होती है, जिसका समय रहते इलाज होना जरूरी होता है। पेट के निचले बाईं ओर दर्द होना लोअर लेफ्ट एब्डॉमिनल पेन के होने की कई वजह हो सकती हैं। इनमें कुछ सामान्य तो कुछ गंभीर वजहें हो सकती हैं कब्ज डाइवर्टिकुलाइटिस किडनी स्टोन इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम आंतों में संक्रमण मांसपेशियों में खिंचाव महिलाओं में ओवेरियन सिस्ट या एंडोमेट्रियोसिस इसे भी पढ़ें: Health Tips: Heart Health के लिए संजीवनी है अर्जुन की छाल का Kadha, जानें फायदे और सही तरीका कैसे करें डाइवर्टिकुलाइटिस की पहचान बता दें कि डाइवर्टिकुलाइटिस तब होता है, जब बड़ी आंत में मौजूद छोटी थैलियों में संक्रमण या सूजन हो जाती है। अक्सर यह समस्या सिग्मॉइड कोलन में होती है। जोकि पेट के बाएं ओर होता है। यही कारण है कि दर्द ज्यादातर पेट के निचले बाएं हिस्से में महसूस होता है। वहीं अगर लगातार दर्द बना रहता है, दबाने पर दर्द बढ़ता है और साथ ही फीवर लगता है, तो डॉक्टर डाइवर्टिकुलाइटिस की संभावना की जांच कर सकते हैं। जानें डाइवर्टिकुलाइटिस, IBS और किडनी स्टोन में अंतर डाइवर्टिकुलाइटिस होने पर कब्ज, दस्त, बुखार और पेट में सूजन की समस्या हो सकती है। इसमें लगातार और एक ही जगह पर विशेषकर बाईं ओर दर्द बना रहता है। IBS यानी की इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम की समस्या होने पर पेट फूलना, गैस, मल त्याग के बाद राहत और रुक-रुक कर दर्द हो सकता है। किडनी की स्टोन होने पर इसके लक्षणों में पेशाब में खून, जलन, कमर से लेकर पेट तक दर्द और अचानक से शुरू होने वाला तेज और वेवी दर्द होता है। अगर दर्द के अलावा पेशाब संबंधी लक्षण हों, तो किडनी स्टोन होने की संभावना अधिक हो सकती है। वहीं सिर्फ मल त्याग के बाद राहत मिलने वाला दर्द IBS में देखा जाता है। किन लोगों में डाइवर्टिकुलाइटिस का अधिक खतरा 50 वर्ष या उससे अधिक उम्र कम फाइबर वाली डाइट धूम्रपान मोटापा फिजिकल एक्टिविटी की कमी लंबे समय तक NSAIDs का अधिक इस्तेमाल फैमिली में डाइवर्टिकुलर डिजीज का इतिहास डाइवर्टिकुलर डिजीज को पहले बुजुर्गों की बीमारी माना जाता था, लेकिन हाल ही के सालों में कम उम्र के लोगों में इसके मामले बढ़ रहे हैं। डाइवर्टिकुलाइटिस का इलाज हल्के मामलों में डॉक्टर आराम, पर्याप्त तरल पदार्थ, कुछ समय के लिए लो-फाइबर डाइट और जरूरत के हिसाब से दवाएं देने की सलाह दे सकते हैं। अगर संक्रमण गंभीर हो, आंत में छेद हो जाए या फोड़ा बन जाए, तो हॉस्पिटल में एडमिट और कभी-कभी सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है। वहीं बिना डॉक्टर की सलाह के बिना दर्द की दवा या एंटीबायोटिक नहीं लेना चाहिए। पेट के बाएं और निचले हिस्से में दर्द होना हमेशा कब्ज या सामान्य गैस का संकेत नहीं होता है। अगर लगातार दर्द बना रहता है, मतली, बुखार, कब्ज या दस्त भी आ रहे हों, तो यह डाइवर्टिकुलाइटिस जैसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। कई बार डाइवर्टिकुलाइटिस, IBS और किडनी स्टोन के लक्षण मिलते-जुलते लग सकते हैं। इसलिए सही जानकारी के लिए डॉक्टर से चेकअप जरूर करना चाहिए।
हरतालिका तीज के लिए हाथों पर खुद से मेहंदी लगाने वाली हैं तो यहां देखिए कुछ बेहतरीन डिजाइन जो खुद से लगाने के लिए बहुत आसान हैं और रचने के बाद भी काफी सुंदर दिखते हैं। देखिए, मेहंदी के नए डिजाइन्स-
रात में Stress घटाकर सुकून की नींद दिलाएंगे ये 3 आसान Yoga आसन
भागदौड़ भरी जिंदगी, दिनभर वर्क का प्रेशर, घर की टेंशन और कई तरह के मसले हमारे दिमाग पर हमेशा हावी रहते हैं। जब हम रात के समय बेड पर सोने जाते हैं, तो कई बार दिमाग को आराम नहीं मिल पाता है। दिनभर हुई छोटी-छोटी बातों को हम बार-बार सोचने लगते हैं। आने वाले दिनों को लेकर भी दिमाग में टेंशन बनीं रहती है। चाहे हम कितना भी थके क्यों न हो, लेकिन मन अशांत ही रहता है। स्ट्रेस और ओवरथिंकिंग के कारण हमारा पूरा रुटीन खराब हो जाता है। इसलिए सोने से ठीक पहले कुछ मिनट अपने शरीर और सांस पर ध्यान दें, जिससे हमें नींद भी अच्छी आए और दिमाग भी शांत हो। जब आपकी नींद पूरी होती है, तो स्ट्रेस भी कम हो जाता है। रात में आप भी स्ट्रेस और ओवरथिंकिंग से परेशान रहते हैं, तो इस लेख में हम आपको कुछ प्राणायाम या आसान के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे आप अपनी रूटीन में शामिल कर सकते हैं। सोने से पहले योग करने का सही समय क्या है? क्लीवलैंड क्लीनिक के अनुसार, अगर आपको अपना दिमाग शांत करना है और नींद भी अच्छी चाहिए तो रात को सोने से ठीक पहले ये प्राणायाम जरुर करें। आप अपने कमरे में ही ऐसी जगह का चयन करें, जहां आराम से लेटने की जगह हो। आप इन 3 आसान और प्राणायाम को जरुर ट्राई करें। माउंटेन पोज इसके लिए पहले आप सीधे खड़ी हो जाएं और पैरों के बीच थोड़ा गैप रखें। अब दोनों पैर आगे की तरफ रखें और शरीर का वजन दोनों पैरों पर बराबर रखें। इसके बाद हाथों को शरीर के पास आराम से रखें। ध्यान रहे कि आपकी पीठ सीधी होनी चाहिए। कंधों में फ्लेक्सिबिलिटी बनी रहे। इस पोज में आपको कम से कम 3 से 5 बार गहरी सांस लें। यह आपके अपने शरीर और इस समय पर ध्यान लगाने में मदद करेगा। इस पोज को कम से कम 3 या 5 बार गहरी सांस लें। यह आपको अपने शरीर और इस समय पर ध्यान लगाने में मदद करेगा। यह धीरे-धीरे दिनभर की बातों से ध्यान हटाएगा और आपका दिमाग भी शांत करेगा। हाथ ऊपर करके करें स्ट्रेच आप चाहे तो दूसरा तरीका भी अपना सकती हैं। इसके लिए दोनों हाथों को ऊपर की तरफ ले जाएं और हथेलियों को आपस में मिला लें। अब हाथों को ऊपर की तरफ खींचते हुए शरीर को स्ट्रेच करें। इस दौरान कम से कम 3 बार आपको गहरी सांस लेनी होगी। यह प्रक्रिया आप तीन से पांच बार दोहरा सकती हैं। ऐसा करने आपकी शारीरिक और दिमागी थकान मिट जाएगी। इसके साथ ही आपको सुकून वाली नींद आएगी। बेली ब्रीदिंग आखिर में आपको बेली ब्रीदिंग करनी होगी। इसके लिए पैरों को सीधा करके आराम से लेट जाएं। अब दोनों हाथ पेट पर रखें और आंखें बंद कर लें। इसके बाद गहरी-गहरी सांस लें और महसूस करें कि सांस के साथ पेट ऊपर-नीचे हो रहा है। वहीं, अपना पूरा ध्यान सांस पर रखें। इसको आप कम से कम 5 मिनट तक करना होगा। इस दौरान शरीर को आप जितना आराम दे सकते हैं, उतना आराम दें। इन बातों का रखें ध्यान - जब आप रुटीन शुरु करें, तो सबसे पहले कमरे की लाइट थोड़ी धीमी कर लें। - ऐसी जगह जुनें जहां आराम से स्ट्रेच कर पाएं और लेट सकें। - हर एक पोज अपनी सुविधा के हिसाब से करना बेस्ट होगा। - सांस को रोकें नहीं बल्कि आराम से गहरी सांस लें। - रूटीन को बहुत पहले करने के बजाय सोने के कुछ समय पहले ही कर लें।
हरतालिका तीज पर मायके जा रही हैं? इन 7 बातों से बनाएं यात्रा आसान और आरामदायक
Hartalika Teej 2026: इस हरतालिका तीज अगर आप मायके जाने का प्लान बना रही हैं, तो इन छोटी-छोटी बातों को ध्यान में रखें और अपनों के साथ त्योहार की खूबसूरत यादें बनाएं
BRICS का शाही मेन्यू: लखनवी कबाब से लेकर राजस्थानी कचौड़ी का स्वाद चखेंगे वर्ल्ड लीडर्स
12 सितंबर से भारत ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को आयोजित कर रहा है। नई दिल्ली में हो रहे इस सम्मेलन में दुनियाभर के 13 देशों के लीडर्स समेत 26 शाही मेहमान होंगे। जिनके लिए खास भारत के खानपान की विविध कल्चर को दिखाने वाले व्यंजन परोसे जाएंगे।
Mini lipstick kit: एक के दाम में खरीदें अनेक लिपस्टिक: फेस्टिव सीजन में आजमाएं मिनी लिपस्टिक किट
मिनी लिपस्टिक किट उन लोगों के लिए एक किफायती और सुविधाजनक विकल्प है, जो अलग-अलग आउटफिट के साथ नए लिपस्टिक शेड्स ट्राई करना पसंद करती हैं। एक ही पैक में न्यूड, पिंक, रेड, ब्राउन और मौव जैसे कई शेड्स मिल जाते हैं।
सावधान: बच्चों में ये 4 बदलाव दिखें तो करा लें खून की जांच, कहीं ये एनीमिया की तरफ इशारा तो नहीं?
किशोरों में एनीमिया केवल चेहरे के पीलेपन तक सीमित नहीं है। लगातार थकान, कमजोरी, चक्कर, सांस फूलने और पढ़ाई में ध्यान लगाने में परेशानी भी इसके संकेत हो सकते हैं।
गेस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट ने बताया ब्रेकफास्ट के लिए 5 वेजिटेरियन फूड्स, बॉडी के लिए हैं बेस्ट
हेल्दी और बीमारियों से दूर रहना है तो खानपान का हेल्दी होना जरूरी है। जैसे रोजाना ब्रेकफास्ट में प्रोटीन और फाइबर से भरपूर फूड्स को शामिल करना है और वेजिटेरियन हैं तो ये 5 फूड्स बेस्ट ऑप्शन हो सकते हैं, डॉक्टर ने शेयर की लिस्ट।
‘घंटों ऑफिस में बैठना और तनाव...’ महिला ने सरकारी नौकरी छोड़ चुन लिया ये काम
लगातार काम का दबाव, घंटों ऑफिस में बैठना, स्ट्रेस से डील करना और इस डेली रूटीन वाले साइकल में फंसी स्निग्धा ने सरकारी नौकरी के चक्रव्यूह को तोड़कर योगा टीचर बनने का फैसला किया।
ब्रेकफास्ट में बनाएं मसाला ओट्स, स्वाद में लाजवाब, वेट लॉस में कारगर
अगर आप सुबह ब्रेकफास्ट में कुछ ऐसा नाश्ता करना चाहते हैं जो खाने में भी स्वादिष्ट हो और वेट लॉस में भी कारगर हो तो मसाला ओट्स बेस्ट ऑप्शन हो सकता है। यहां हम आपके लिए आसान सी रेसिपी लेकर आए हैं।
Jokes of the day: पति-पत्नी से लेकर दोस्तों के 20 फनी जोक्स, हंसते-हंसते हो जाएंग लोटपोट
दिन की शुरुआत हंसी-खुशी करनी है। काम की टेंशन को दूर भगाना है और घरवालों के सामने हंसते हुए पेश होना है तो पढ़ें ये 20 जबरदस्त फनी चुटकुले। साथ ही अपने दोस्तों को भी भेजकर जमाएं अपना इंप्रेशन।
Shayari in Hindi: पति को भेजें प्यार का इजहार करने वाली लव शायरी, बेस्ट हैं ये लाइनें
प्यार का इजहार शादी के पहले ही नहीं किया जाता बल्कि शादी के कई सालों बाद रिश्ते में रोमांस बरकरार रखने के लिए ये जरूरी हो जाता है। तीज के पहले हसबैंड को भेजें 2 लाइन में दिल का हाल बयां करने वाली खूबसूरत लव शायरी। पढ़ते ही चेहरे पर खिल जाएगी प्यारी सी मुस्कान।
सफेद कपड़ों पर लग गया है किसी दूसरे कपड़े का रंग? बिना घिसे, 3 ट्रिक से करें चकाचक!
Cleaning Hacks: कपड़े साथ धोने पर अक्सर हल्के कपड़ों पर डार्क कपड़ों का रंग लग जाता है। खासकर सफेद कपड़ों के साथ ये प्रॉब्लम बड़ी आम है। लेकिन टेंशन वाली कोई बात नहीं, क्योंकि ये 3 हैक्स आपका काम आसान बना देंगे।
हर घर में होना चाहिए ये 1 नियम, बदल सकता है परिवार की जिंदगी! जया किशोरी ने बताया
कुछ ऐसे नियम होते हैं जिन्हें अपनाकर जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए जा सकते हैं। जया किशोरी जी ने अपने परिवार का एक ऐसा ही रूल बताया है, जो ना सिर्फ जानकारी बढ़ाने में मदद करता है। बल्कि परिवार की बॉन्डिंग भी मजबूत होती है।
बाजार की मिलावटी मिठाई को कहें बाय, घर पर बेसन से बनाएं टेस्टी बर्फी
Besan Burfi: अगर आप भी मीठे के शौकीन हैं और बाजार से अक्सर मिठाई खरीदकर लाते हैं तो अब ऐसा न करें. यहां हम आपको घर पर ही बेसन और देसी घी की टेस्टी मिठाई बनाने का तरीका बता रहे हैं.
Skincare For dark Neck: गर्दन के कालेपन से हैं परेशान? ये आसान हैक्स आएंगे बेहद काम
एक समस्या जो अधिकतर लोगों को परेशान करती है, वह है गर्दन का कालापन। अक्सर अपने चेहरे की रंगत निखारने के लिए हम कई तरह के प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन गर्दन की तरफ शायद ही ध्यान जाता है। समय के साथ गर्दन काली नजर आने लगती है। ऐसे में कई महिलाएं गर्दन को बार-बार रगड़कर साफ करती हैं, नींबू लगाती हैं या किसी तेज असर वाली क्रीम की तलाश में रहती हैं। लेकिन हर तरह के कालेपन का कारण एक जैसा नहीं होता और इसलिए हर किसी पर एक ही उपाय काम करे, यह जरूरी नहीं है। गर्दन का रंग धूप, त्वचा में होने वाली जलन, बार-बार घर्षण, रूखेपन या त्वचा पर होने वाले बदलावों की वजह से गहरा हो सकता है। इसलिए गर्दन को साफ करने के नाम पर जोर-जोर से रगड़ने के बजाय पहले कारण समझना जरूरी है। तो चलिए जानते हैं कि गर्दन का कालापन कैसे दूर करें- गर्दन पर भी लगाएं सनस्क्रीन जिस तरह हम चेहरे पर सनस्क्रीन लगाते हैं, ठीक उसी तरह गर्दन पर भी रोज सनस्क्रीन लगाना जरूरी है। दरअसल, धूप त्वचा में रंग बनाने वाले तत्व को बढ़ा सकती है, जिससे पहले से मौजूद काले धब्बे और ज्यादा गहरे नजर आ सकते हैं। ऐसे में धूप से बचाव करने से आगे होने वाली रंगत की समस्या को रोकने और मौजूदा कालेपन को धीरे-धीरे हल्का करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, सनस्क्रीन हमेशा अपनी स्किन टाइप के अनुसार ही चुनें। इसे भी पढ़ें: Karishma Tanna ने साझा किया अपना डेली Skincare Routine, मां बनने के बाद ऐसे रखती हैं त्वचा का ख्याल गर्दन को रगड़ना बंद करें कई लोगों को लगता है कि गर्दन का कालापन गंदगी की वजह से है, इसलिए वे अक्सर स्किन को बहुत जोर से रगड़ते हैं। लेकिन ऐसा करना समस्या को और बढ़ा सकता है। इससे स्किन में जलन और सूजन हो सकती है। इसके बाद त्वचा पर और ज्यादा रंगत दिखाई दे सकती है। हमेशा नहाते समय गर्दन को हल्के हाथ से साफ करें। मुलायम कपड़े से भी जोर लगाकर रगड़ने की जरूरत नहीं है। नायसिनामाइड का करें इस्तेमाल अगर गर्दन पर हल्की रंगत असमान है तो ऐसे में नायसिनामाइड बेस्ड प्रोडक्ट का इस्तेमाल किया जा सकता है। दरसअल, नायसिनामाइड विटामिन बी3 का एक रूप है। जिसका इस्तेमाल असमान रंगत और त्वचा की बनावट को बेहतर करने के लिए किया जाता है। हालांकि, इससे एक ही बार में रिजल्ट मिलने की उम्मीद ना करें। हमेशा पहली बार लगाने से पहले गर्दन के एक छोटे हिस्से पर लगाकर देखें। अगर जलन या लालिमा नहीं होती, तभी इसे नियमित देखभाल में शामिल करें। गर्दन का कालापन दूर करने के चक्कर में ये गलतियां न करें गर्दन का कालापन जल्दी दूर करने के चक्कर में आप कुछ गलतियों को करने से बचें- नींबू सीधे गर्दन पर न लगाएं। बेकिंग सोडा से त्वचा न रगड़ें। रोज स्क्रब न करें। नहाते समय गर्दन को जोर से न घिसें। एक साथ कई तेज उत्पाद इस्तेमाल न करें। जलन होने के बाद भी कोई उत्पाद लगाते न रहें। बिना वजह रंग गोरा करने वाली तेज क्रीम न लगाएं। - मिताली जैन
इंटरमिटेंट फास्टिंग के बाद भी वजन क्यों नहीं घट रहा? समझें असली वजह
जब बात वेट लॉस की होती है तो अक्सर लोग तरह-तरह के उपाय अपनाते हैं। इन्हीं में से एक है इंटरमिटेंट फास्टिंग। इसे वेट लॉस के लिए एक अच्छा तरीका माना जाता है, क्योंकि इससे आपके खाने की टाइमिंग सेट होती है और ब्लड शुगर रेग्युलेट करने में मदद मिलती है। साथ ही साथ, बार-बार इंसुलिन स्पाइक भी नहीं होता। लेकिन कुछ लोग इंटरमिटेंट फास्टिंग करते हैं, लेकिन फिर भी उनका वजन कम नहीं होता। ऐसे में वे बेहद ही निराश हो जाते हैं। उन्हें लगता है कि शायद उनका वजन कभी कम नहीं हो सकता। जबकि वास्तव में ऐसा नहीं है। वे अनजाने में कुछ ऐसी गलतियां कर रहे होते हैं, जो उनकी सारी मेहनत को खराब कर देती हैं। तो चलिए जानते हैं इसके बारे में- इसे भी पढ़ें: उबलती हुई Tea बार-बार पीने से Food Pipe Cancer का खतरा कई गुना बढ़ा कैलोरी कम ना लें इंटरमिटेंट फास्टिंग की सबसे बड़ी गलतफहमी यही है कि “16 घंटे नहीं खाया है, इसलिए बाकी 8 घंटों में जो चाहूं खा सकती हूं।” अगर आप इस अप्रोच के साथ इंटरमिटेंट फास्टिंग करेंगी तो वजन कभी कम नहीं होगा। दरअसल, इस स्थिति में खाने का समय भले ही कम हो गया, लेकिन दिनभर की कुल कैलोरी जरूरी नहीं कि कम हुई हो। याद रखें कि घड़ी से ज्यादा आपकी प्लेट भी मायने रखती है। फास्ट खोलते ही बहुत ज्यादा खा लेती हैं इंटरमिटेंट फास्टिंग में लंबे समय तक भूखा रहना पड़ता है। ऐसे में अक्सर लोग अपनी ईटिंग विंडो खुलते ही बहुत कुछ एक साथ खा लेते हैं। जिससे एक छोटी-सी परेशानी पैदा होती है। आपने 16 घंटे फास्ट किया, लेकिन उसके बाद इतनी ज्यादा कैलोरी खा ली कि फास्टिंग से बना अंतर वहीं खत्म हो गया। इसलिए, फास्ट खोलते समय सीधे मिठाई, तला हुआ खाना या बहुत बड़ा भोजन लेने के बजाय हमेशा प्रोटीन, सब्जियां और फाइबर वाले भोजन से शुरुआत करें। इससे पेट भरने में मदद मिल सकती है और अगले भोजन में जरूरत से ज्यादा खाने की संभावना भी कम होगी। खाने की क्वालिटी पर ध्यान ना देना ईटिंग विंडो में आप क्या खा रही हैं, यह बहुत अधिक मायने रखता है। अगर आप ईटिंग विंडो में ज्यादातर बिस्कुट, नमकीन, मिठाई, मैदा, तले हुए स्नैक्स और मीठे पेय ले रही हैं तो ऐसे में वजन कम करना काफी मुश्किल होगा। अपने हर मील में प्रोटीन का कोई स्रोत, पर्याप्त सब्जियां और संतुलित मात्रा में कार्बोहाइड्रेट तथा वसा रखने की कोशिश करें। इससे फास्टिंग को लंबे समय तक निभाना भी आसान हो सकता है। - मिताली जैन
आज के दौर में स्मार्ट टीवी घर के मनोरंजन का अहम हिस्सा बन चुका है। Netflix, YouTube, Prime Video और दूसरे OTT प्लेटफॉर्म्स पर कंटेंट देखने के लिए इसका खूब इस्तेमाल होता है। लेकिन स्मार्ट टीवी की क्षमता केवल फिल्में और वेब सीरीज चलाने तक सीमित नहीं है। इसकी कुछ सेटिंग्स और फीचर्स रोजमर्रा के काम को आसान बनाने के साथ टीवी को एक मल्टीफंक्शनल डिवाइस में बदल सकते हैं। 1. स्क्रीन मिररिंग से बड़ी स्क्रीन का फायदा स्मार्टफोन या लैपटॉप की स्क्रीन को टीवी पर मिरर करके आप प्रेजेंटेशन, फोटो और वीडियो बड़े डिस्प्ले पर देख सकते हैं। ऑफिस मीटिंग, कॉलेज प्रोजेक्ट या घर में फोटो दिखाने के लिए प्रोजेक्टर की जरूरत भी कम हो सकती है। कुछ टीवी में फोन को कंट्रोलर की तरह इस्तेमाल करके गेमिंग का मजा लेने का विकल्प भी मिलता है। 2. वॉयस असिस्टेंट को बनाएं अपना डिजिटल हेल्पर रिमोट से केवल चैनल बदलने के बजाय वॉयस कमांड का इस्तेमाल करें। आप मौसम, समाचार या किसी खास कंटेंट की जानकारी मांग सकते हैं। सपोर्ट मिलने पर टीवी से अलग-अलग स्ट्रीमिंग ऐप्स में कंटेंट सर्च करना भी आसान हो जाता है। स्मार्ट होम डिवाइस जुड़े होने पर लाइट, एसी या अन्य उपकरणों को भी वॉयस कमांड से नियंत्रित किया जा सकता है। इसे भी पढ़ें: अब WhatsApp होगा पहले से ज्यादा सुरक्षित! टू-स्टेप वेरिफिकेशन में होने जा रहा बड़ा बदलाव 3. पिक्चर और साउंड सेटिंग्स पर दें ध्यान बेहतर विजुअल अनुभव के लिए टीवी में उपलब्ध पिक्चर मोड को जरूरत के मुताबिक बदलें। समर्थित मॉडल में AI अपस्केलिंग कम रिजॉल्यूशन वाले कंटेंट को ज्यादा स्पष्ट दिखाने में मदद कर सकती है। वहीं, Dolby Atmos या DTS:X जैसे ऑडियो फॉर्मेट और compatible soundbar का सही कॉन्फिगरेशन मूवी देखने के अनुभव को ज्यादा सिनेमैटिक बना सकता है। 4. USB पोर्ट का करें स्मार्ट इस्तेमाल टीवी का USB पोर्ट सिर्फ पेन ड्राइव लगाने के लिए नहीं होता। इसमें एक्सटर्नल स्टोरेज जोड़कर ऑफलाइन फिल्में, गाने और तस्वीरें चलाई जा सकती हैं। कुछ मॉडल USB ड्राइव पर लाइव टीवी रिकॉर्डिंग की सुविधा भी देते हैं। अपनी पसंदीदा तस्वीरों का स्लाइडशो चलाकर टीवी को डिजिटल फोटो फ्रेम के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। 5. टीवी को बनाएं वर्क और फिटनेस स्क्रीन स्मार्ट टीवी का वेब ब्राउजर न्यूज पढ़ने, रेसिपी देखने या जानकारी खोजने के काम आ सकता है। Bluetooth कीबोर्ड और माउस सपोर्ट करने वाले मॉडल में कुछ productivity apps का इस्तेमाल बड़े स्क्रीन पर किया जा सकता है। वहीं, YouTube और फिटनेस ऐप्स के जरिए घर पर एक्सरसाइज करते समय बड़े डिस्प्ले का फायदा मिलता है। 6. Cloud Gaming से बिना कंसोल खेलें गेम Cloud Gaming सपोर्ट करने वाले टीवी में compatible services के जरिए बिना महंगा गेमिंग कंसोल खरीदे गेम खेलने का विकल्प मिल सकता है। इसके लिए आमतौर पर तेज और स्थिर इंटरनेट तथा compatible controller की जरूरत होती है। यह सुविधा गेमिंग पसंद करने वालों के लिए टीवी को और उपयोगी बना देती है। 7. Smart Home का बन सकता है कंट्रोल सेंटर कुछ स्मार्ट टीवी स्मार्ट होम प्लेटफॉर्म के साथ इंटीग्रेट होकर एक केंद्रीय डैशबोर्ड की तरह काम कर सकते हैं। सपोर्ट के अनुसार आप स्मार्ट लाइट, थर्मोस्टेट, डोरबेल या सिक्योरिटी कैमरे की जानकारी टीवी स्क्रीन पर देख सकते हैं। बेहतर 4K स्ट्रीमिंग के लिए कमजोर Wi-Fi की स्थिति में Ethernet कनेक्शन भी उपयोगी हो सकता है। टीवी की स्पीड भी रखें बरकरार स्मार्ट टीवी में लगातार इस्तेमाल के बाद अनावश्यक ऐप्स और कैश जमा हो सकते हैं। इसलिए जरूरत न होने वाले ऐप्स हटाएं, उपलब्ध होने पर कैश क्लियर करें और टीवी का सॉफ्टवेयर अपडेट रखें। हालांकि सभी फीचर्स हर स्मार्ट टीवी में उपलब्ध नहीं होते, इसलिए अपने मॉडल की सेटिंग्स और सपोर्टेड फीचर्स जरूर जांच लें। - डॉ. अनिमेष शर्मा
बेल, फुल हैंड और मंडला…तीज के लिए सेव कर लें मेहंदी के ये 8 सिंपल डिजाइन, सुंदर दिखेंगे हाथ!
Hartalika Teej Mehndi Designs: हरतालिका तीज पर हाथों में लगाने के लिए मेहंदी के सुंदर डिजाइन खोज रही हैं, तो आप बिल्कुल सही जगह पर हैं। फ्रंट हैंड और बैक हैंड दोनों के लिए यहां आपको मेहंदी के कई डिजाइन्स मिल जाएंगे। इनमें से आप कोई भी पसंद कर सकती हैं।
रंग-बिरंगी साड़ी को कैसे सोबर और एलिगेंट रखें? करीना कपूर से सीखें
Saree Styling Tips Kareena Kapoor: करीना कपूर खान का साड़ी लुक एक बार फिर चर्चा में है। रंग-बिरंगी शिफॉन साड़ी में उनका स्टाइल बहुत प्यारा और खूबसूरत लग रहा है। उनके गहनों ने भी लुक को खास बना दिया।
शाम के नाश्ते में अगर कुछ हेल्दी, टेस्टी और प्रोटीन से भरपूर खाना चाहते हैं, तो दही पनीर सैंडविच एक बढ़िया ऑप्शन हो सकता है
घर की छत या टंकी के पास उग आया है पीपल का पेड़? उखाड़े नहीं, इस 1 ट्रिक से हटाएं
घर की छत या दीवारों पर कई बार पीपल का पौधा उग जाता है। इसे उखाड़ना शुभ नहीं माना जाता है इसलिए बहुत से लोग कन्फ्यूज रहते हैं कि इसे हटाएं कैसे। तो चलिए जानते हैं एक ट्रिक, जिससे पीपल का पेड़ जड़ से खत्म किया जा सकता है।
₹30 वाली विटामिन C की टैबलेट से सच में निखरता है रंग? डॉक्टर से जानें फायदे-नुकसान
विटामिन सी की टैबलेट्स काफी सस्ते में मार्केट में मिल जाती हैं। अक्सर लोगों को लगता है कि इन्हें लेने से चेहरे का रंग साफ होता है। लेकिन क्या वाकई ऐसा होता है? क्या हर किसी को विटामिन सी की टैबलेट्स लेनी चाहिए? आइए ये बातें एक्सपर्ट से जानते हैं।
गणेश चतुर्थी पर पहनें ये 3 एथनिक Kurta Sets, मिलेगा ग्रेसफुल लुक
गणेश चतुर्थी का त्योहार बेहद नजदीक आ चुका है। बप्पा के स्वागत में हम सभी तैयारियों में लगे हुए हैं। भगवान गणेश के मूर्ति का चयन, भोग, पूजा-अर्चना और विराजमान करने की तैयारी आपने कर ली होगी। लेकिन इस खास अवसर पर ज्यादातर महिलाएं सज-धजकर अपने घर में गणपति की स्थापना करती हैं। पूजा-पाठ के समय महिलाएं एक से बढ़कर खूबसूरत एथनिक आउटफिट्स को वियर करती हैं। इस गणेश चतुर्थी आप भी कंफर्टेबल और खूबसूरत आउटफिट पहनने के लिए इस तरह के कुर्ता सेट्स बेस्ट ऑप्शन हो सकते हैं। गणेश चतुर्थी के लिए 3 लाइटवेट एथनिक कुर्ता सेट्स फ्लोरल प्रिंटेड चंदेरी कॉटन अनारकली सूट आजकल चंदेरी कॉटन फैब्रिक से बना हुआ अनारकली सूट काफी ट्रेंड में है। यह पहनने में एकदम हल्का और हवादार होता है। इसके साथ ही आप शिफॉन दुपट्टा कैरी करके आप अपने लुक को कंप्लीट कर सकती हैं। इस तरह के सूट्स को आप ऑनलाइन वेबसाइट्स से खरीद सकती हैं। कैसे करें स्टाइल - फ्लोरल प्रिंटेड चंदेरी अनारकली सेट के साथ आप चांदबाली इयररिंग्स को कैरी कर सकती हैं। चांदबाली पहनने के बाद आपको गले में कोई भी हैवी नेकलेस पहन सकते हैं। अंगरखा स्टाइल ए-लाइन कुर्ता सेट इन दिनों अंगरखा स्टाइल ए-लाइन कुर्ता काफी ट्रेंड में है। इस गणेश चतुर्थी पर आप पूजा के दौरान इसे पहन सकती हैं। अंगरखा स्टाइल ए-लाइन कुर्ता सेट में बेहद कमाल की नजर आएंगी। सबकी निगाहें आपके लुक पर होगी। इसके साथ ही आप प्रिंटेड बनारसी दुपट्टा को भी स्टाइल कर सकती हैं, जो आपकी खूबसूरत में चार चांद लगा सकते हैं। ऐसे करें स्टाइल- इसके साथ आप लाइट ज्वेलरी पेयर कर सकते हैं और मेकअप लुक मिनिमल रख सकते हैं। सिल्क ब्लेंड स्ट्रेट कुर्ता-प्लाजो सेट फेस्टिव सीजन में अपने लुक को खास बनाने के लिए आप सिल्क ब्लेंड कुर्ता सेट्स पहन सकती हैं। गणेश चतुर्थी के दौरान आप इस तरह के सूट पहनकर अपने फेस्टिव लुक को खास बना सकते हैं। इन दिनों महिलाओं को यह डिजाइन काफी पसंद भी आ रहे हैं। इन्हें आप नजदीकी मार्केट से खरीद सकते हैं। ऐसे करें स्टाइल- इस तरह के कुर्ते के साथ आप स्टोन या पर्ल वर्क वाली ज्वेलरी पियर कर सकती हैं। साथ ही दुपट्टा के लिए नेट या ऑर्गेनजा फैब्रिक का चयन करें, यह लुक को ज्यादा ग्रेसफुल बना देगा।
गणेश चतुर्थी पर बप्पा को लगाएं खास भोग, घर पर इस तरह बनाएं Motichoor Modak
गणेश चतुर्थी का त्योहार बेहद नजदीक आ चुका है। यह पर्व भगवान गणेश को समर्पित है। गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर बप्पा को उनका प्रिय भोग लगाया जाता है। यदि आप इस बार श्री गणेश को कुछ खास और अनोखा अर्पित करने जा रहे हैं, तो 'मोतीचूर मोदक' की यह बेहतरीन रेसिपी बनाएं। मोतीचूर के लड्डू और मोदक के कॉम्बिशेन से बनीं पारंपरिक मिठाई बेहद स्वादिष्ट और रसीली होती है। इसे बनाना भी काफी आसान है और घर के सदस्यों को भी यह काफी पंसद आएंगे। आइए आपको स्टेप-बाय-स्टेप मोतीचूर मोदक बना सकते हैं। बेसन का घोल तैयार करना इसके लिए आप एक बड़े बाउल में बेसन को अच्छी तरह छान लें। ताकि उसमें कोई गुठली न रहे। अब इसमें थोड़ा-थोड़ा पानी मिलाते हुए एक पतला और स्मूथ पेस्ट तैयार करें। घोल की कंसिस्टेंसी ऐसी होनी चाहिए, जो झारे से आसानी से गिर सके। इसके बाद इसमें चुटकी भर ऑरेंज या केसरी फूड कलर डाल सकते हैं और फिर इसे अच्छे से फेंटकर मिलाएं। बारीक मोतीचूर बूंदी तलना अब आप एक कड़ाही में पर्याप्त मात्रा में घी या तेल डालकर मध्यम आंच पर गर्म करें। फिर इसमें बारीक छेद वाला झारा या बूंदी मेकर लें। अब आप तैयार किए बेसन के घोल को झारे पर डालें, जिससे छोटी-छोटी मोती जैसी बूंदियां गर्म तेल में गिरेंगी। फिर बूंदी को धीमी से मध्यम आंच पर कुछ समय के लिए कुरकुरा होने तक तलें और फिर एक छलनी की मदद से तेल से बाहर निकाल लें। इलायची वाली चाशनी बनाना इसके बाद चाशनी के लिए एक अलग पैन या कड़ाही में पानी और चीनी डालकर उबलने के लिए रख दें। जब चीनी अच्छे से घुल जाए, तो इसमें थोड़ा-सा इलायची पाउडर मिला दें। चाशनी को तब तक पकाएं जब तक यह हल्की चिपचिपी न हो जाए। बूंदी को चाशनी में पकाना और रेस्ट देना अब तैयार की गई कुरकुरी बूंदी को उबलती हुई चाशनी में डाल दें और चम्मच की मदद से अच्छे से मिला लें। फिर गैस को बंद कर दें या बिल्कुल धीमा कर दें, अब पैन को ढक्कन से ढक्कर करीब 15 से 20 मिनट के लिए छोड़ दें। इससे बूंदी चाशनी को पूरी तरह से सोख लेगी और नरम हो जाएगी। मिक्सी में पीसना और मोदक का आकार देना चाशनी सोखी हुई बूंदी थोड़ी ठंडी हो जाए, तो इसे एक ब्लेंडर या मिक्सी के जार में डालें। इसे हल्का-सा पीस लें, जिससे बूंदी आपस में अच्छी तरह बंधने योग्य और एकसार हो जाए। इसके बाद आप मोदक बनाने का सांचा लें। इसको पीसकर तैयार किए गए मिश्रण को सांचे के अंदर अच्छे से दबाकर भर लें। इसके बाद सांचे को खोलें, तैयार है मोतीचूर मोदक। सजावट और सर्विंग अब तैयार किए गए मोतीचूर मोदक को एक सुंदर प्लेट या सर्विंग डिश में रखें। इसे शाही लुक देने के लिए चांदी का वर्क लगाएं। टेस्टी, रसीले और आकर्षक मोतीचूर मोदक तैयार है, आप इनका भोग बप्पा को लगा सकते हैं। View this post on Instagram A post shared by Shikha Shetty | Chief Foodie Officer (@chieffoodieofficer)
मोदक की नई रेसिपी चाहिए? इस बार मखाना और पनीर से बनाकर देखें
गणेश चतुर्थी पर हर बार एक जैसे मोदक बनाने के बजाय इस बार कुछ अलग ट्राई करें। मखाना और पनीर से बने ये मोदक स्वादिष्ट होने के साथ घर पर बनाना भी आसान हैं।
दैनिक जीवन में मोबाइल एक अहम हिस्सा बन चुका है। आजकल बिना फोन के एक पल भी नहीं कटा जा सकता है। गौरतलब है कि सुबह के उठने से लेकर रात के सोने तक फोन हमारे हाथ में ही रहता है। इसका इस्तेमाल लगातार करते रहते हैं। हालांकि, ऐसे में बैटरी खर्च होना एक स्वाभाविक सी बात है, लेकिन बैटरी यदि तेजी से डिस्चार्ज होने लग जाए, तो यह दिक्कत आम नहीं है। इस समस्या से बचने लिए हर कोई यही चाहता है कि उनके फोन की बैटरी हेल्थ लंबे समय तक चले। आइए आपको बताते हैं 5 मॉर्डन चार्जिंग रूल्स के बारे में, जिन्हें हर स्मार्टफोन यूजर को फॉलो करना चाहिए। फोन की बैटरी हेल्थ को खराब होने से बचाने के लिए क्या करें? 20-80 प्रतिशत वाला रूल करें फॉलो अगर आप अपने फोन की बैटरी को हेल्दी रखना चाहते हैं, तो लंबे समय तक 90% या उससे बनाए रखने के लिए बैटरी को कभी भी 0% तक पूरी तरह खत्म न होने दें। इसके साथ ही फोन को लंबे समय तक किसी भी 100% चार्ज न करें। जब आपके फोन की बैटरी 20% के आसपास पहुंच जाए, तो उस दौरान ही फोन को चार्जर पर लगाएं। जब बैटरी 80% या 85% हो जाए तो इसे अनप्लग कर दें। चार्जिंग के दौरान फोन के इस्तेमाल से बचें जब आपका फोन चार्जिंग में लगा हुआ है, तो इस पर गेम खेलना, वीडियो कॉलिंग करना या ऑनलाइन मूवी बिल्कुल न देखें। चार्जिंग के दौरान फोन प्रोसेर से पहले से ही गर्म हो रहा होता है, ऐसे में आप जब कोई भारी टास्क डालते हैं, तो फोन का तापमान खतरनाक स्तर तक बढ़ जाता है। इस समय निकलने वाली हीट बैटरी के लिए सेफ नहीं है। हमेशा ओरिजिनल और सर्टिफाइड चार्जर का ही इस्तेमाल करें कभी भी बाजार में मिलने वाले सस्ते या बिना किसी ब्रांड को लोकल चार्जर का इस्तेमाल करने बचें। ऐसे चार्जर फोन जल्दी चार्ज का दावा करते हैं, लेकिन वे वोल्टेज को सही कंट्रोल नहीं करते हैं। इसलिए हमेशा अपने आईफोन या एंड्रॉइड डिवास के साथ मिलने वाला ऑरिजिनल एडाप्टर और केबल का ही प्रयोग करें। यदि नया चार्जर खरीदें, तो हमेशा सर्टिफाइड या अच्छी ब्रांडेड एक्सेसरीज वाला ही चुनें। घटिया चार्जर से बैटरी की उम्र को भारी रुप से कम कर देता है। ओवरनाइट चार्जिंग से दूर रहे कुछ लोगों की आदत होती है कि रात के समय फोन चार्ज पर लगाकर सो जाते हैं। यदि आपकी भी यही आदत है, तो इसे आज ही छोड़ दें। रात को सोते समय फोन को चार्जिंग पर लगाकर सुबह तक छोड़ देना स्मार्टफोन की बैटरी की उम्र को तेजी से कम करता है। लेकिन आज के आधुनिक स्मार्टफोन्स में स्मार्ट चार्जिंग के फीचर आ गए हैं, जो कि रात में बैटरी को 80% पर रोक देते हैं। फिर लंबे समय तक हाई वोल्टेज से जुड़े रहना बैटरी के लिए सही नहीं है। फोन पर भारी कवर लगाकर चार्ज करने से बचें अक्सर देखा गया है कि फोन को सुरक्षित रखने के लिए लोग महंगे और मोटे बैक कवर या रफ-टफ केस का प्रयोग करते हैं। जब आप इस तरह के केस के साथ फोन को चार्जिंग करेंगे, तो चार्जिंग के दौरान पैदा होने वाली प्राकृतिक गर्मी बाहर नहीं निकल पाती है। फिर अंदर ही अंदर ट्रैप होकर फोन और बैटरी को अत्यधिक गर्म कर देती है। इसलिए चार्जिंग करते समय हमेशा फोन का बैक कवर निकाल देना चाहिए। जिससे आपके फोन की बैटरी ठंडी रहे।
सिर्फ 5 सेकंड में लगाएं 'हार्ट फेलियर' का पता, डॉक्टर ने बताया घर बैठे फ्री का टेस्ट
हार्ट फेलियर अचानक होने वाली समस्या नहीं है, बल्कि इसके संकेत पहले से दिखना शुरू हो जाते हैं। डॉक्टर पुलकित गोयल ने एक 5 सेकंड टेस्ट शेयर किया है, जिसे आप घर बैठे कर सकते हैं और अपनी हार्ट हेल्थ का अंदाजा लगा सकते हैं।
उबलती हुई Tea बार-बार पीने से Food Pipe Cancer का खतरा कई गुना बढ़ा
ज्यादातर लोगों को गरमा-गरम चाय पीने का शौक होता है। कप में डालते ही बिना देर फूंक कर ही चाय-कॉफी पीना शुरु कर देते हैं। अगर आपकी भी यही आदत है, तो आप जरा संभल जाए। दरअसल, हालिए एक नई रिसर्च में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। रिसर्च के अनुसार, अधिक गर्म पेय पदार्थ पीने से एसोफेगल कैंसर (भोजन नली के कैंसरी) का जोखिम बढ़ सकता है। चलिए आपको इस बारे में पूरी जानकारी बताते हैं- इस बारे में क्या है एक्सपर्ट का कहना? - हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक, बहुत ज्यादा गर्म चाय या कॉफी (65C या उससे अधिक तापमान वाली) बार-बार पीने से एसोफिजियल स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा (एक तरह का फूड-पाइप कैंसर) का खतरा काफी बढ़ जाता है। - UK में करीब 10 लाख वयस्कों पर की गई इस 14 साल की स्टडी के अनुसार, जो लोग अपनी ड्रिंक्स को बहुत गर्म पीना पसंद करते थे, वैसे उनमें यह खतरा ज्यादा होता है। - अगर आप अत्यधिक गर्म तरल पदार्थ एसोफेगस की परत को बार-बार थर्मल नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे समय के साथ कैंसर जैसे खतरनाक जोखिम देखने को मिल सकता है। - वैसे यह खतरा ड्रिंक के कारण नहीं, बल्कि उसके तापमान की वजह से होता है। - सबसे जरुरी बात यह है कि ज्यादातर लोगों में इस कैंसर के होने का कुल खतरा अभी कम है और अध्ययन में एसोफेजियल एडेनोकार्सिनोमा के साथ ऐसा कोई संबंध नहीं पाया गया। - जो लोग नियमित तौर पर बहुत ज्यादा गर्म ड्रिंक का सेवन करते हैं, उन्हें 6 या उससे ज्यादा कप, उनके लिए बढ़ा खतरा साबित होगा। चाय-कॉफी को हमेशा गुनगुना ही पिएं - हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि चाय या कॉफी पीने से पहले उसे कुछ मिनट में ठंडा रहने दें। - यदि आप होंठों या जीभ पर बहुत ही ज्यादा गर्म लगे, तो शायद उनका तापमान सुरक्षित सीमा से ज्यादा है। - आप चाय-कॉफी या किसी भी गरम पेय पदार्थ को हमेशा गुनगुना ही पिएं।
सास के लिए तीज का गिफ्ट ढूंढ रही हैं? ये 7 सिंपल आइडिया कर लें नोट
हरतालिका तीज पर अगर आप अपनी सास को कुछ खास देना चाहती हैं, तो महंगा गिफ्ट जरूरी नहीं। उनकी पसंद और जरूरत को ध्यान में रखकर दिया गया छोटा सा तोहफा भी उन्हें खुश कर सकता है।
गणपति स्थापना के लिए चाहिए आरामदायक और खूबसूरत आउटफिट? ये 8 कुर्ता सेट आएंगे काम
गणपति पूजा और मेहमानों की मेजबानी के लिए चुनें आरामदायक और खूबसूरत कुर्ता सेट। यहां ₹1,500 के आसपास बजट में 8 फेस्टिव ऑप्शन देखें।
Ganesh Chaturthi special: Puducherry के Manakula Vinayagar Temple की महिमा और इतिहास
घूमने के लिहाज से पुडुचेरी बेहद ही खूबसूरत है। यहां पर सुंदर बीचेज के अलावा आध्यात्मिक मंदिरों के लिए भी जाना जाता है। पुडुचेरी के केंद्र में स्थित अरुलमिगु मनकुला विनयगर मंदिर दक्षिण भारत के प्राचीन और पवित्र धार्मिक स्थलों में से एक हैं। भगवान गणेश को समर्पित यह मंदिर अपनी एतिहासिक कला, सांस्कृतिक धरोहर और आध्यात्मिक ऊर्जा के लिए विश्वभर में लोकप्रिय है। अगर आप भी भागदौड़ की जिंदगी से दूर और सुकून चाहते हैं, तो इस मंदिर के दर्शन जरुर करें। यहां पर आध्यात्मिक शांति का अनुभव करने के लिए विशेष स्थान माना जाता है। मान्यताओं के अनुसार, इस मंदिर में विराजमान भगवान गणेश अपने भक्तों के जीवन से सभी विघ्नों को दूर करते हैं और उनकी मनोकामनाएं को पूर्ण करते हैं। आइए आपको इस मंदिर के बारे में पूरी जानकारी बताते हैं और कैसे यहां पहुंचें। मनकुला विनयगर मंदिर का दिलचस्प इतिहास फ्रांसीसी शासन और चमत्कार- असल में वर्ष 1688 में जब पुडुचेरी पर फ्रांसीसी शासन था, तब उन्होंने मंदिर के ठीक बगल में एक किले का निर्माण कराया था। किला का वर्चस्व बढ़ाने के लिए फ्रांसीसियों ने गणेश प्रतिमा को समुद्र में फेंकने का प्रयास किया, लेकिन हर बार प्रतिमा चमत्कारिक रुप से अपने मूल स्थान पर वापस प्रकट हो जाती थी। इस अलौकिक घटना के बाद से फ्रांसीसियों ने अपना फैसला वापस ले लिया और वे भी भगवान के प्रति श्रद्धा रखने लगे। संत की समाधि का स्थल- एक और प्राचीन मान्यता के अनुसार, करीब 300 साल पहले एक महान संत ने इसी मंदिर परिसर में अपनी सिद्धियों के माध्यम से समाधि ली थी। इसी कारण से स्थानीय लोग इस स्थान को नवजात शिशुओं के कल्याण के लिए बेहद ही शुभ मानते हैं। मंदिर के मुख्य आकर्षण - भक्तों के दान से निर्मित इस मंदिर में एक अति सुंदर स्वर्ण रथ है, जो सागौन की लकड़ी पर सोने की प्लेटों से सजा हुआ है। इसको बनाने में करीब 7.5 किलोग्राम सोना का इस्तेमाल किया गया है। - इस मंदिर में दीवारों पर आकर्षक नक्काशी और देवी-देवताओं की प्रतिमाएं उकेरी गई हैं। भगवान गणेश के अलावा यहां श्री कृष्ण, भगवान शिव, माता पार्वती और मुरुगन की प्रतिमाएं स्थापित हैं। - इस मंदिर की एक और खासियत है कि 'लक्ष्मी' नाम की हथिनी है, जो रोजाना शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक श्रद्धालुओं को अपनी सूंड से आशीर्वाद देती हैं। इसके अलावा, मंदिर में प्रवेश करते समय पारंपरिक या शालीन वस्त्र ही पहनें, जिससे शरीर पूरी तरह ढका हुआ रहे। पुडुचेरी के मनकुला विनयगर मंदिर कैसे पहुंचे? हवाई मार्ग- पुडुचेरी हवाई अड्डा हैदराबाद और बैंगलोर से सीधा जुड़ा हुआ है। वहीं अन्य शहरों जैसे कि दिल्ली, मुंबई, कोलकाता से चेन्नई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए उड़ान ली जा सकती हैं, जहां से टैक्सियों के माध्याम से मंदिर पहुंचा जा सकता है। - रेल मार्ग द्वारा- पुडुचेरी रेलवे स्टेशन शहर का मुख्य का स्टेशन हैं। बता दें कि, स्टेशन से मंदिर की दूरी करीब 1.7 किलोमीटर है, जहां से स्थानीय वाहन आसानी से मिल जाएंगे।
घर पर गेहूं के आटे से मैदा कैसे तैयार करें, जान ले फिर कभी बाजार से नही खरीदेंगे
क्या आप भी बाजार से मैदा खरीदते हैं। अगर हां, तो आज से ही बंद कर दें क्योंकि इस आर्टिकल में हम आपको घर पर गेहूं के आटे से मैदा बनाने के तरीके के बारे में बताने जा रहे हैं।
क्या बिना क्रिएटिन के नहीं बन सकती बॉडी? जानिए इस पॉपुलर सप्लीमेंट का पूरा सच डॉक्टर की जुबानी
क्या बिना क्रिएटिन के नहीं बन सकती बॉडी? जानिए इस पॉपुलर सप्लीमेंट का पूरा सच डॉक्टर की जुबानी
26 साल की सिगरेट की लत 6 मिनट में छूटी, कैसे?
How To Quit Smoking: सुनने में यह भले ही चमत्कार लगे या फिर कोरा झूठ, लेकिन यह सोलह आने सच है। सिगरेट से छुटकारा पाने वाला शख्स कोई और नहीं बल्कि मैं हूं।यह ऐसी सक्सेस है, जो हमारे पाठकों तक न पहुंचे तो मेरी सफलता व्यक्तिगत रह जाएगी।
मक्के की रोटी बनाना नहीं आता तो बनाएं मक्के के आटे का चीला, बिना फटे-टूटे एकदम गोल बनेंगे
मक्के की रोटी खाने में बहुत टेस्टी लगती हैं, लेकिन हर कोई इन्हें आसानी से नहीं बना पाता। अगर आपसे भी मक्के की रोटी नहीं बनती, तो इसकी जगह मक्के के आटे से चीला बनाकर खा सकते हैं। बिना फटे-टूटे एकदम गोल मक्के का चीला बनकर तैयार हो जाएगा।
गणेश चतुर्थी स्पेशल: चने की दाल और गुड़ से बनाएं महाराष्ट्र की फेमस पूरन पोली, नोट करें रेसिपी
गणेश चतुर्थी पर गणपति बप्पा के भोग के लिए आप महाराष्ट्र की फेमस पूरन पोली भी बना सकते हैं। चने की दाल और गुड़ से बनी इसकी स्टफिंग लाजवाब लगती है। त्योहारों पर मुंह मीठा करने के लिए ये एक परफेक्ट रेसिपी है।
Health Tips: नाश्ते में शामिल कर लें आप भी स्प्राउट्स, मिलता हैं गजब का फायदा
इंटरनेट डेस्क। आपकों सुबह का नाश्ता अच्छा मिल जाए तो फिर आपका दिन बन जाता है। ऐसे में आप भी अगर नाश्ते में कुछ ऐसा वैसा खाते है तो आप नाश्ते में स्प्राउट्स अर्थात अंकुरित अनाज का सेवन करना शुरू कर दें। आाज हम आपको बताऐंगे की इसके सेवन से आपको कितना फायदा मिल सकता है। डायबिटीज के लिए फायदेमंद अंकुरित अनाज डायबिटीज में काफी फायदेमंद है। यह टाइप 2 डायबिटीज के रोगियों में ग्लूकोज नियंत्रण को बेहतर करने में मदद कर सकता है। इसके अलावा, यह इंसुलिन प्रतिरोध में भी सुधार कर सकता है। ब्लड फ्लो के लिए इसके साथ ही स्प्राउट का सेवन करने से अच्छी मात्रा में आयरन और कॉपर के साथ शरीर में रेड ब्लड सेल्स का निर्माण होता है। जिससे शरीर में खून का संचालन बढ़ता है। इसके साथ ही ऑक्सीजन को ऑर्गन्स और सेल्स तक पहुंचाने में आसानी होती है। pc- whiskaffair.com
Travel Tips: मुन्नार से लेकर Coorg तक, बारिश में स्वर्ग जैसी दिखती हैं ये जगहें
मानसून आते ही घूमने का मजा दोगुना हो जाता है। क्योंकि इस दौरान चारों ओर हरियाली, रिमझिम ठंडी फुहारें, बादलों से ढके पहाड़ और ठंडी-ठंडी हवाएं लोगों को खूब भाती हैं। ऐसे में अगर आप भी इस मानसून घूमने का प्लान कर रही हैं, तो आप साउथ इंडिया की कुछ खास जगहों को अपने ट्रैवल लिस्ट में शामिल कर सकती हैं। बारिश के मौसम में प्रकृति की खूबसूरत इस कदर बढ़ जाती हैं, जिसको देखकर ऐसा लगता है, मानों स्वर्ग धरती पर ही उतर आया है। साउथ इंडिया अपने खूबसूरत हिल स्टेशनों, झरनों, घने जंगलों और चाय के बागानों के लिए जाना जाता है। वहीं यहां की वादियां भी बारिश में खूब हरी-भरी हो जाती हैं। वहीं कई-कई जगहों पर बादल इतने नीचे आ जाते हैं, मानों आप बादलों के बीच खड़े हों। तो आइए जानते हैं साउथ इंडिया के कुछ खूबसूरत हिस स्टेशनों के बारे में... इसे भी पढ़ें: Vagamon से लेकर Araku Valley तक, Monsoon Season में दक्षिण भारत की ये 3 वादियां हैं परफेक्ट Destination मुन्नार, केरल बारिश के मौसम में केरल के मुन्नार को कैसे भुलाया जा सकता है। मुन्नार के चाय के बागान, ठंडी हवाएं और धुंध से ढके पहाड़ आपका दिन बना देंगे। मानसून में यहां की हरियाली और भी निखर जाती हैं। ऐसे में अगर आप भी नेचर लवर हैं और आपको भी फोटोग्राफी का शौक है, तो यह जगह आपके लिए परफेक्ट है। कूर्ग, कर्नाटक प्राकृतिक सुंदरता के मामले में कर्नाटक का कुर्ग किसी से कम नहीं है। इसको भारत का स्कॉटलैंड भी कहा जाता है। बारिश के मौसम में यहां पर पहाड़, कॉफी के बागानों और झरनों की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है। वहीं कुर्ग खूबसूरत होने के साथ-साथ शांत है, ऐसे में आप यहां पर प्रकृति के बीच सुकून के पल बिता सकती हैं। चिकमगलूर, कर्नाटक बता दें कि पिछले कुछ सालों में कर्नाटक का चिकमगलूर घुमक्कड़ों की पसंदीदा जगह बन चुका है। मानसून में यहां पर हरी भरी घाटियां और बादलों से ढके पहाड़ देखने लायक होते हैं। वहीं अगर आप भी शहर की भागदौड़ से दूर सुकून के दो पल बिताना चाहते हैं, तो आपको चिकमगलूर जरूर जाना चाहिए। कोडाइकनाल, तमिलनाडु यह तमिलनाडु का एक फेमस हिल स्टेशन है, जोकि मानसून में बेहद सुंदर लगता है। कोडाइकनाल की घाटियां, झीलें और व्यू पॉइंट बारिश के मौसम में बेहद शानदार लगते हैं। यहां पर पर्यटकों की भारी भीड़ मिलती है। जिनको प्रकृति के बीच समय बिताना पसंद है, उसके लिए यह जगह परफेक्ट है। वायनाड, केरल केरल की खूबसूरती के बारे में तो आपने सुन ही रखा होगा। इसको God's Own Country भी कहा जाता है। केरल का वायनाड मानसून में बेहद खूबसरत लगता है। यहां के लेक, घने जंगल, गुफाएं और खूबसूरत झरने देखने लायक होते हैं। आप यहां पर नेचर वॉक और ट्रेकिंग आदि भी कर सकती हैं। ऊटी, तमिलनाडु सिर्फ कोडाइकनाल ही नहीं बल्कि ऊटी भी एक बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन है। मानसून में यहां के बगीचे, चाय के बागान और पहाड़ आदि की रौनक देखने लौयक होती है। वहीं अगर आप भी ऊटी घूमने का प्लान कर रही हैं, तो पायकारा फाल्स जाना न भूलें। इन बातों का रखें ध्यान मानसून में घूमने जाने से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें और उसी के हिसाब से ट्रिप प्लान करें। छाता, रेनकोट और अच्छी ग्रिप वाले शूज अपने साथ रखना न भूलें। लोकल गाइडलाइंस को जरूर फॉलो करना चाहिए।
फोमो नहीं, जोमो है Gen Z का नया फेवरेट! जानें क्या है ये ट्रेंड
दूसरों को घूमते और मजे करते देखकर अगर आपको लगता है कि कुछ छूट रहा है तो यह फोमो (FOMO) है। लेकिन GenZ अब फोमो की जगह एक नए शब्द की बात कर रहा है- JOMO, आखिर क्या है ये?
ये लोग न पिएं हल्दी वाला दूध ! फायदे की जगह होगा नुकसान
आमतौर पर हल्दी वाला दूध हेल्दी माना जाता है। दर्द होने पर, सर्दी-खांसी होने पर घरों में लोग सबसे पहले हल्दी वाला दूध पीने की सलाह देते हैं,
Neem Karoli Baba Death Anniversary: जानिए Lakshman Narayan Sharma के Neem Karoli Baba बनने का सफर
नीम करौली बाबा का नाम सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि विदेशों में भी बड़ी श्रद्धा के साथ लिया जाता है। आज ही के दिन यानी की 11 सितंबर को नीम करौली बाबा का निधन हो गया था। बाबा को एक दिव्य पुरुष, महान योगीराज और हनुमान जी का भक्त माना जाता है। वहीं नीम करौली बाबा के अनुयायी मानते हैं कि वह स्वयं हनुमान जी के अवतार थे। तो आइए जानते हैं उनकी डेथ एनिवर्सरी के मौके पर बाबा नीम करौली के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में... जन्म और परिवार उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के अकबरपुर गांव में करीब 1900 के आसपास नीम करौली बाबा का जन्म हुआ था। इनका असली नाम लक्ष्मी नारायण शर्मा था। महज 11 साल की उम्र में लक्ष्मी नारायण शर्मा की शादी राम बेटी से हो गई थी। लेकिन इसके बाद भी उनका मन सांसारिक जीवन में नहीं लगा और आगे जाकर उन्होंने आध्यात्मिक मार्ग अपना लिया। इसे भी पढ़ें: Guru Ramdas Death Anniversary: 30 रागों में रचे 638 शब्द, सिखों के चौथे गुरु ने कैसे रखा Amritsar का आधार कब प्राप्त हुआ ज्ञान मान्यता है कि नीम करौली बाबा को महज 17 साल की उम्र में ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। उन्होंने साधु जीवन अपनाने के लिए घर छोड़ दिया था। लेकिन पिता और परिवार के आग्रह पर वह वापस वैवाहिक जीवन में लौट आए थे। गांव के निर्विरोध प्रधान रहे बाबा बताया जाता है कि वह अपने गांव में करीब 40 सालों तक निर्विरोध ग्राम प्रधान रहे थे। साधारण जीवन जीने के बाद वह आध्यात्मिक गुरु के रूप में प्रसिद्ध होते चले गए। धीरे-धीरे देश के अलग-अलग हिस्सों में उनकी लोकप्रियता फैलती चली गई और उनके अनुयायियों की संख्या बढ़ती चली गई। ऐसे पड़ा 'नीम करौली' नाम लक्ष्मी नारायण शर्मा के नाम से जुड़ी सबसे चर्चित कहानियों में एक नीब करौरी गांव की घटना है। माना जाता है कि एक बार बाबा ट्रेन में सवार होकर जा रहे थे, लेकिन उन्होंने टिकट नहीं लिया था, जिस कारण उनको ट्रेन से उतार दिया गया था। जिसके बाद ट्रेन आगे नहीं बढ़ी। जब बाबा को वापस ट्रेन में बैठाया गया, तो ट्रेन चल पड़ी। इसी घटना के बाद उनका नाम नीब करौरी बाबा के रूप में जाना जाने लगा। कैंची धाम बाबा नीम करौली का सबसे प्रसिद्ध आश्रम कैंची धाम है। साल 1964 में नैनीताल जिले के भवाली के पास क्षिप्रा नदी के किनारे नीम करौली बाबा ने कैंची धाम की स्थापना की थी। देश-विदेश में कैंची धाम बाबा के भक्तों के लिए प्रमुख आस्था का केंद्र बन चुका है। हर साल 15 जून को कैंची धाम स्थापना दिवस मनाया जाता है। बाबा के दरबार पहुंची जानी-मानी हस्तियां कैंची धाम की प्रसिद्धि सिर्फ भारत तक ही सीमित नहीं है। बल्कि देश दुनिया की कई जानी मानी हस्तियां भी उनसे प्रभावित रहीं। मेटा के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग, एप्पल के सह-संस्थापक स्टीव जॉब्स, और भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली का नाम बाबा नीम करौली और कैंची धाम से जुड़ी चर्चाओं में आता है। मृत्यु वहीं 11 सितंबर 1973 को नीम करौली बाबा वृंदावन में ब्रह्मलीन हुए थे। आज भारत समेत कई देशों में बाबा नीम करौली के आश्रम और मंदिर हैं।
Mahadevi Verma Death Anniversary: साहित्य से समाज सेवा तक, ऐसा रहा 'हिंदी की मीरा' का Iconic Journey
आज ही के दिन यानी की 11 सितंबर को हिंदी साहित्य की प्रमुख कवयित्री महादेवी वर्मा का निधन हो गया था। उनको छायावादी युग के चार स्तंभों में गिना जाता है। साहित्य में महादेवी वर्मा का योगदान बेहद अहम और व्यापक रहा है। इस वजह से उनको 'हिंदी साहित्य की मीरा' भी कहा जाता है। उन्होंने अपने लेखन में नारी की इच्छाएं, पीड़ाएं और उनके संघर्षों को सजीव रूप में प्रस्तुत करने का काम किया। वह कवियत्री और निबंधकार के अलावा समाजसेवी के रूप में भी प्रसिद्ध हुईं। तो आइए जानते हैं उनकी डेथ एनिवर्सरी के मौके पर महादेवी वर्मा के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में... जन्म और परिवार उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में 26 मार्च 1907 को महादेवी वर्मा का जन्म हुआ था। उनके परिवार की भारतीय संस्कृति के प्रति गहरी रुचि थी। महादेवी का बचपन से ही झुकाव कला और साहित्य की ओर रहा। उनकी शुरूआती शिक्षा उज्जैन से हुई और उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से संस्कृत में एम.ए. किया। इसके अलावा वह लंबे समय तक प्रयाग महिला विद्यापीठ की प्राचार्या रहीं। इसे भी पढ़ें: Vinoba Bhave Birth Anniversary: काशी से Wardha तक, जानिए कैसे विनायक भावे बने भूदान आंदोलन के Saint Vinoba साहित्यिक जीवन वह हिंदी साहित्य के छायावादी युग की प्रमुख कवियत्री थीं। महादेवी वर्मा की रचनाएं प्रेम, विरह, मानवीय संवेदनाओं और अध्यात्म की गहरी अनुभूतियों से भरी हैं। उनकी कविताओं में महिलाओं की पीड़ा, व्यथा और उनकी शक्ति का सूक्ष्म चित्रण है। महादेवी वर्मा की प्रसिद्ध काव्य कृतियों में 'सांध्यगीत', 'दीपशिखा और यामा' और 'नीरजा' आदि हैं, जिसके लिए उनको ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उन्होंने सिर्फ कविताएं ही नहीं लिखीं, बल्कि कहानियां, निबंध और संस्मरण भी लिखे। महादेवी वर्मा की प्रमुख गद्य रचनाओं में 'पथ के साथी', 'स्मृति की रेखाएं' और 'अतीत के चलचित्र' आदि शामिल हैं। उपलब्धियां महादेवी ने सिर्फ साहित्य के क्षेत्र में ही नहीं बल्कि समाज सेवा और शिक्षा के क्षेत्र में भी अहम योगदान दिया है। उनको हिंदी साहित्य में योगदान के लिए ज्ञानपीठ पुरस्कार से नवाजा गया था। भारत सरकार द्वारा महादेवी वर्मा को पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। महादेवी वर्मा को काव्य संग्रह 'यामा' के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से नवाजा गया था। साल 1979 में महादेवी वर्मा को साहित्यिक सेवाओं के लिए साहित्य अकादमी का प्रतिष्ठित फैलोशिप से सम्मानित किया गया। महिलाओं के लिए उठाई आवाज उन्होंने अपने लेखन के जरिए महिलाओं की स्थिति, अधिकारों और स्वतंत्रता के बारे में आवाज उठाई थी। वह समाजसेवा में भी सक्रिय थीं और महिलाओ की शिक्षा और उनके अधिकारों के लिए भी काम किया था। महादेवी वर्मा ने 'प्रयाग महिला विद्यापीठ' की स्थापना की थी। महादेवी वर्मा का मानना था कि समाज में बदलाव के लिए महिलाओं का सशक्त होना बेहद जरूरी है। मृत्यु वहीं 11 सितंबर 1987 को इलाहाबाद में महादेवी वर्मा का निधन हो गया था।
आज ही के दिन यानी की 11 सितंबर को विनोबा भावे का जन्म हुआ था। विनोबा भावे महात्मा गांधी की विरासत को आगे ले जाने का काम करते दिखाई दिए। वह एक स्वतंत्रता सेनानी होने के अलावा प्रसिद्ध गांधीवादी समाज सुधारक नेता भी थे। विनोबा भावे को भूदान आंदोलन से पूरी दुनिया में बड़ी पहचान मिली थी। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर विनोबा भावे के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में... जन्म और परिवार महाराष्ट्र के कोंकण इलाके के गागोदा गांव में 11 सितंबर 1895 को विनोबा भावे का जन्म हुआ था। इनका असली नाम विनायक नरहरि भावे था। यह ब्राह्मण परिवार से ताल्लुक रखते थे। इनकी मां रुकमणी बाई एक विदूषी महिला थीं। वहीं विनोबा भावे पर अपनी मां का गहरा प्रभाव था। विनोबा को अपनी मां से ही ईश्वर के प्रति आस्था और आध्यात्म के प्रति झुकाव मिला था। वहीं पिता से विज्ञान, गणित और अलग विलक्षण सोच और तार्किता मिली थी। आध्यात्मिक यात्रा विनोबा भावे परीक्षा देने के लिए मुंबई जाने वाली रेलगाड़ी में तो बैठे, लेकिन उनका मन वैराग्य में रमा हुआ था। ऐसे में वह बीच में ही दूसरी गाड़ी में बैठकर आध्यात्मिक यात्रा पर हिमालय की ओर निकल पड़े। वह ज्ञान की तलाश में बहुत भटके। वह काशी में भी लंबे समय तक रहे। वहीं समाचार पत्रों में महात्मा गांधी के बारे में पढ़कर उनको ऐसा लगा कि गांधीजी उनके लिए मार्गदर्शक हो सकते हैं। उस दौरान महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से लौटे थे। उन्होंने महात्मा गांधी को पत्र लिखा और जवाब में आमंत्रण मिलने पर वह फौरन अहमदाबाद रवाना हो लिए। इसे भी पढ़ें: Guru Ramdas Death Anniversary: 30 रागों में रचे 638 शब्द, सिखों के चौथे गुरु ने कैसे रखा Amritsar का आधार गांधीजी से मुलाकात महात्मा गांधी और विनोबा भावे की पहली मुलाकात 07 जून 1916 में हुई थी। दोनों ही पहली मुलाकात के बाद एक-दूसरे के मुरीद हो गए। इसके बाद विनोबा भावे ने खुद को महात्मा गांधी के आश्रम के लिए समर्पित कर दिया। जब गांधीजी को लगा कि वह अहमदाबाद या कहीं और कितना भी बड़ा आश्रम बना लें। देशभर में अहिंसक सैनिक तैयार नहीं हो सकेंगे। ऐसे में उन्होंने विनोबा भावे को वर्धा भेजा, जहां पर महाराष्ट्र धर्म नाम से मराठी में प्रकाशित होने वाली उनकी पत्रिका काफी लोकप्रिय हुई थी। संत और आचार्य के रूप में जाने गए विनोबा भावे देश की आजादी तक विनोबा भावे संत और आचार्य के रूप में पहचान मिली थी। महात्मा गांधी के निधन के बाद उन्होंने गांधीजी की विरासत को कायम रखा। लेकिन वह अपने स्वभाव के मुताबिक इसको आध्यात्मिक रूप से ही आगे बढ़ाते रहे। साल 1951 में महाराष्ट्र में भूदान आंदोलन ने विनोबा भावे को दुनियाभर में मशहूर कर दिया था। यह एक स्वैच्छिक सुधार आंदोलन था, जिसमें रचनात्मक कार्यों और विचारों के प्रयोग से सामाजिक स्तर पर बदलाव की कोशिश की गई। उन्होंने सर्वोदय समाज की स्थापना की और आजादी के बाद अपना जीवन वर्धा के ब्रह्म विद्या मंदिर आश्रम में गुजारा। मृत्यु वहीं 15 नवंबर 1982 को अन्न जल त्याग कर विनोबा भाने ने समाधि मरण को अपना लिया।
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World Patient Safety Day 2026: अगर आप या आपके घर में कोई व्यक्ति इलाज के लिए अस्पताल जा रहा है तो उसे एडमिट कराते समय कुछ बातें पहले ही पूछ लें। इससे मरीज की सुरक्षा और बढ़ जाती है।
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Health Tips: Heart Health के लिए संजीवनी है अर्जुन की छाल का Kadha, जानें फायदे और सही तरीका
भारतीय आयुर्वेद में कई जड़ी-बूटियों का उल्लेख मिलता है। इन जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल सदियों से सेहत को बेहतर बनाने के लिए किया जाता रहा है। इन्हीं में से एक अर्जुन की छाल है। आयुर्वेदाचार्यों के मुताबिक अर्जुन की छाल को खासतौर पर हृदय की सेहत के लिए लाभकारी मानी जाती है। वहीं आधुनिक विज्ञान भी इसके औषधीय गुणों पर लगातार शोध कर रहा है। अर्जुन छाल में एंटीऑक्सीडेंट, फ्लेवोनॉयड्स और ट्राइटरपेनॉयड्स पाया जाता है। जोकि शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कम करने और हृदय को सुरक्षा प्रदान करने में मदद कर सकता है। जानें क्या है अर्जुन की छाल अर्जुन एक बड़ा औषधीय पेड़ है, जिसकी छाल का इस्तेमाल आयुर्वेद में तमाम रोगों के इलाज में किया जाता है। अर्जुन की छाल में सैपोनिन, टैनिन, ट्राइटरपेनॉयड्स, कैल्शियम, फ्लेवोनॉयड्स, मैग्नीशियम और कई तरह के फाइटोकेमिकल्स पाए जाते हैं। जोकि इसको आयुर्वेदिक गुण प्रदान करते हैं। इसे भी पढ़ें: Health Tips: पंचकर्म की Nasya Therapy से डिटॉक्स होगी बॉडी, लेकिन Pregnant Women रहें दूर आयुर्वेद में अर्जुन को 'हृदय' माना गया है और इसका जिक्र चरक संहिता और अन्य आयुर्वेदिक ग्रंथों में भी मिलता है। आयुर्वेद में हृदय के लिए क्यों महत्वपूर्ण है अर्जुल की छाल आयुर्वेद के मुताबिक अर्जुन की छाल हृदय बल्य, ब्लड सर्कुलेशन को संतुलित रखने और शरीर में सूजन कम करने वाली औषधि मानी जाती है। माना जाता है कि यह हृदय की मांसपेशियों को पोषण देने के साथ-साथ उसकी कार्यक्षमता बनाए रखने में भी मदद करती है। अर्जुन की छाल में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। जोकि हृदय कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव क्षति से बचाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। अर्जुन की छाल से सेहत को मिल सकते हैं ये लाभ हृदय की सेहत को समर्थन अर्जुन की छाल का सेवन करने से हृदय की कार्यक्षमता में सुधार होने के साथ एंजाइना के लक्षण भी कम हो सकते हैं। लेकिन इसको हृदय रोगों की दवाओं का ऑप्शन नहीं माना जा सकता है। इससे कोरोनरी आर्टरी डिजीज में सहायता मिल सकती है। एंटीऑक्सीडेंट गुण अर्जुन की छाल में पॉलीफेनॉल और फ्लेवोनॉयड्स पाए जाते हैं। जोकि शरीर में फ्री रेडिकल्स को कम करने में सहायता कर सकते हैं। इससे कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से सुरक्षा भी मिल सकती है। सूजन कम करने में सहायक अर्जुन की छाल के एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण देखे गए हैं। इसके यह गुण शरीर में सूजन संबंधी प्रक्रियाओं को कम करने में मदद कर सकते हैं। रिकवरी में सहायता ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कम होने से हृदय और ब्लड वेसेल्स पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है। लेकिन इस संबंध में अभी भी बड़े मानव अध्ययन सीमित हैं। ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल पर असर अर्जुन की छाल रक्तचाप और लिपिड प्रोफाइल पर पॉजिटिव असर डाल सकती है। वहीं कुछ अध्ययनों में कुल कोलेस्ट्रॉल और LDL में हल्की कमी देखी गई है। वहीं कुछ मामलों में यह रक्तचाप कंट्रोल रखने में सहायक प्रभाव मिला है। लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट की मानें, तो अभी मौजूद वैज्ञानिक प्रमाण इतने मजबूत नहीं हैं कि इसको हाई ब्लड प्रेशर या हाई कोलेस्ट्रॉल का शुरूआती इलाज माना जाए। अगर कोई व्यक्ति इन समस्याओं की दवा ले रहा है, तो बिना डॉक्टर की सलाह के अर्जुन की छाल का सेवन नहीं करना चाहिए। काढ़ा बनाने और पीने का तरीका सबसे पहले आयुर्वेदाचार्य की निर्धारित मात्रा के हिसाब से पानी में अर्जुन की छाल का पाउडर डालें। फिर इसको धीमी आंच पर उबालें। अब जब पानी आधा रह जाए, तो गैस बंद कर दें। इस पानी को छानकर गुनगुना होने पर पिएं। अर्जुन की छाल आयुर्वेद की एक महत्वपूर्ण औषधीय जड़ी-बूटी है। इसको खासरूप से हृदय की सेहत के लिए उपयोग किया जाता है। आधुनिक शोध की मानें, तो इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी तत्व हृदय को सुरक्षा देने, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस घटाने में और सूजन कम करने सहायक हो सकते हैं। लेकिन हाई बीपी, हाई कोलेस्ट्रॉल या हृदय रोगों के इलाज के लिए इसको दवाओं का ऑप्शन नहीं माना जा सकता है। वहीं अगर आप किसी बीमारी की दवा ले रहे हैं, तो डॉक्टर या योग्य आयुर्वेदाचार्य की सलाह पर ही अर्जुन की छाल का काढ़ा लें।
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