घर पर उबटन कैसे तैयार करें? जान लें दादी-नानी का स्किन केयर का देसी नुस्खा
अगर आप ग्लोइंग स्किन पाना चाहते हैं और ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करके थक गए हैं तो घर का बना उबटन आपके लिए बेस्ट ऑप्शन हो सकता है। यहां जान लें घर पर उबटन कैसे तैयार करें।
Kitchen Cleaning Hacks: नींबू की भाप से चमकेगा गंदा Microwave, मिनटों में दूर होगी चिकनाई और बदबू
किचन में इस्तेमाल होने वाले होम अप्लायंसेज में माइक्रोवेव हमारे रोजाना के काम को काफी ज्यादा आसान बनाता है। सुबह का नाश्ता गर्म करना हो, कोई टेस्टी स्नैक्स बनाना हो, बची हुई रोटियां गर्म करना या फिर सुबह का नाश्ता गर्म करना हो, तो इसमें माइक्रोवेव मिनटों में हमारा काम कर देता है। रोजाना इस्तेमाल होने की वजह से इसके अंदर खाने के छोटे-छोटे कण, तेल की चिकनाई और मसालों के छींटे जमने लगते हैं। धीरे-धीरे यह गंदगी जिद्दी दाग में बदल जाते हैं। जिसके बाद में साफ करना काफी मुश्किल हो जाता है। हम जिद्दी दागों को बिना मेहनत हटाने के लिए हम मार्केट से महंगे क्लीनर्स खरीदकर लाते हैं। लेकिन क्या आप जानती हैं कि आप 1 नींबू से इसकी पुरानी चमक को वापस ला सकती हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको माइक्रोवेव में जमी गंदगी को कैसे साफ करें। नींबू, माइक्रोवेव पर जमी गंदगी को ऐसे करें साफ नींबू में प्राकृतिक रूप से सिट्रिक एसिड और खट्टापन होता है। जो तेल के दाग और जिद्दी चिकनाई को आसानी से हटा देता है। जब नींबू को पानी में उबालकर माइक्रोवेव के अंदर रखा जाता है, तो इसकी भाप पूरे ओवन में फैल जाती है। यह भाप जमी हुई चिकनाई और जिद्दी दाग को अंदर से ढीला करके आसानी से निकाल देती है। वहीं नींबू की भीनी खुशबू माइक्रोवेव के अंदर से आने वाले खाने की सड़ी या अजीब सी बदबू को चुटकियों में गायब कर देती है। सामग्री नींबू-1 पानी-1 कटोरी सूखा कपड़ा-1 माइक्रोफाइबर कपड़ा-1 स्क्रब-1 सिरका- 1 ढक्कन साफ करने का आसान तरीका सबसे पहले माइक्रोवेव-सेफ बाउल में एक या डेढ़ कप सादा पानी भरें। अब एक नींबू को का रस निचोड़कर इसमें निकालें। कटे हुए नींबू के टुकड़ों को भी पानी के कटोरी में डाल दें। फिर बाउल को माइक्रोवेव के अंदर रखें और दरवाजा बंद कर दें। करीब 3 से 5 मिनट के लिए माइक्रोवेव को चला दें। समय पूरा होने के बाद स्विच बंद कर दें। 5 से 10 मिनट के बाद माइक्रोवेव खोलें। इस तरह से भाप की वजह से चिकनाई और जिद्दी पपड़ी ढीली पड़ जाएगी। अब माइक्रोवेव को सूती या माइक्रोफाइबर कपड़े से पोंछकर साफ करें। इन बातों का रखें ध्यान उबला हुआ नींबू का पानी जब भी माइक्रोवेव से बाहर निकालें, तो हाथ को बचाने के लिए किसी कपड़े या फिर दस्ताने का इस्तेमाल करें। अगर लंबे समय के बाद माइक्रोवेव साफ कर रही हैं, तो मुलायम स्पंज पर हल्का सा सिरका लगाकर पोछें। फिर दोबारा से अप्लायंस को साफ करें। इस ट्रिक को महीने में कम से कम दो बार जरूर करें। इससे माइक्रोवेव में कभी बदबू और जिद्दी दाग की समस्या नहीं आएगी। वहीं आपका एप्लायंस भी नए जैसा बना रहेगा।
बढ़ते हुए बच्चे अक्सर टेस्टी खाने की डिमांड करते हैं और रेगुलर वाले रोटी, दाल सब्जी को खाना नहीं चाहते। ऐसे में मम्मियों की आफत आती है लेकिन ये आसान रेसिपी आपके काम को बढ़ाएगी नहीं, बस कुछ ही समय में बन जाने वाली ये चिली गार्लिक की रेसिपी नोट कर लें।
Health Tips: क्या नाश्ते में रोज खा रहे आप ब्रेड ऑमलेट, जाने आपकी सेहत के लिए कितना सही और कितना...
इंटरनेट डेस्क। आपने देखा होगा की सुबह के नाश्ते में लोग ब्रेड ऑमलेट का सेवन करते है। लेकिन ये हमारे शरीर के लिए कितना फायदेमंद हैं यह जानना जरूरी है। इसका स्वाद अच्छा होता है। इसलिए लोग इसे ब्रेकफास्ट के लिए काफी पसंद करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं रोज ब्रेड ऑमलेट खाना आपकी सेहत पर क्या असर डालता है? कौन-सा ब्रेड चुनें? नाश्ते के बाद शरीर का ब्लड शुगर काफी हद तक आपकी ब्रेड पर निर्भर करता है। व्हाइट ब्रड मैदे से बनती है। इस ब्रेड से ब्लड शुगर लेवल बहुत तेजी से बढ़ता है। होल ग्रेन ब्रेड में फाइबर ज्यादा होता है, जिसस यह धीरे-धीरे डाइजेस्ट होती है और लंबे समय तक एनर्जी बनी रहती है। अंडे और ऑमलेट का पोषण अंडा शरीर को प्रोटीन और कई जरूरी माइक्रोन्यूट्रिएंट्स देता है, जैसे- विटामिन-बी12 और कोलीन। विटामिन-बी12 और कोलीन दिमाग को हेल्दी रखने लिए काफी जरूरी होते हैं। प्रोटीन मौजूद होने की वजह से अंडा खाने के बाद ब्लड शुगर लेवल अचानक से नहीं बढ़ता और भूख भी जल्दी नहीं लगती। सही बैलेंस है जरूरी ब्रेड ऑमलेट फायदेमंद है या नुकसानदेह, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप इसे कैसे बनाते हैं। मैदे वाली ब्रेड सेहत को नुकसान पहुंचाएगी। इसी तरह बटर में बना ऑमलेट भी उतना फायदेमंद नहीं रहता। इसलिए ब्रेड ऑमलेट हमेशा होलग्रेन ब्रेड के साथ कम तेल में बने सब्जियों वाले ऑमलेट के साथ खाएं। pc- foodnetwork.com
अध्ययन में एक लाख से ज्यादा लोगों पर करीब 8 साल तक किए गए विश्लेषण में शोधकर्ताओं ने पाया कि सप्ताह के दिनों और वीकेंड के बीच खाने के समय में बदलाव पुरुषों में हृदय संबंधी बीमारी के ज्यादा खतरे से जुड़ा था।
हाई कोलेस्ट्रॉल को करना चाहते हैं कंट्रोल? तो अपनी डाइट में आज से शामिल करें ये 3 ड्रिंक्स
pc: social media आजकल कोलेस्ट्रॉल बढ़ना बेहद ही आम बात है। ये गलत खानपान, एक्सरसाइज़ ना करने आदि से होता है। इसके कारण शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ जाते हैं। इसके बढ़ते ही शरीर में तुरंत कोई लक्षण नजर नहीं आते इसलिए ये बेहद ही हानिकारक है। अगर यह लंबे समय तक बढ़ा रहे तो हार्ट अटैक, स्ट्रोक का खतरा बहुत बढ़ जाता है। लेकिन इसके साथ ही, कुछ आसान ड्रिंक्स भी हैं जिन्हें आप घर पर बना सकते हैं, जो कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में भी मदद करते हैं। 1. ग्रीन टी – ग्रीन टी एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर होती है। यह शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करती है और शरीर में सूजन भी कम करती है। रोज़ सुबह और शाम 1 या 2 कप ग्रीन टी पीने से दिल हेल्दी रहता है। चाय और कॉफी की जगह ग्रीन टी पीना बहुत फायदेमंद होता है। 2. नींबू पानी नींबू में विटामिन C बहुत ज़्यादा होता है। हमारा लिवर कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने का काम करता है, और नींबू पानी लिवर को अच्छे से काम करने में मदद करता है। इसलिए रोज़ सुबह गर्म पानी में नींबू निचोड़कर पीने की आदत डालें। 3. चुकंदर का जूस – यह ब्लड वेसल को आराम देता है। चुकंदर का मतलब है चुकंदर। इसमें नाइट्रेट नाम का एक इंग्रीडिएंट होता है। यह इंग्रीडिएंट हमारी ब्लड वेसल को आराम देता है और ब्लड फ्लो को बेहतर बनाता है। चुकंदर का जूस पीने से ट्राइग्लिसराइड्स और बैड कोलेस्ट्रॉल दोनों कम करने में मदद मिलती है। इसका स्वाद थोड़ा अलग हो सकता है, लेकिन इसे हफ़्ते में 3-4 बार पीना बहुत फ़ायदेमंद होता है। यह दिल के लिए नंबर वन ड्रिंक है।
Ganesh Utsav के छठे दिन बप्पा के लिए तैयार करें Paneer Modak, बेहद सरल है रेसिपी
गणेश उत्सव का आज छठां दिन है। इस दिन आप बप्पा को प्रसन्न करना चाहते हैं और उन्हें स्पेशल भोग अर्पित करना चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए है। इस बार आप गणपति जी को पनीर का मोदक खिलाएं। चावल के आटे वाले मोदक तो आपने काफी खाएंगे होंगे। अब पनीर से बने मोदक भी घर पर आसानी से तैयार किए जाए जा रहे हैं। इन्हें बनाना काफी आसान है। आपको पनीर के मिश्रण को सही तरह से पकाकर मोदक के सांचे में भरना है। चलिए आपको बताते हैं कैसे आप घर पर पनीर के मोदक बना सकते हैं। पनीर मोदक बनाने के लिए सामग्री -पनीर- 250 ग्राम -मिल्क पाउडर- 1/2 कप -पिसी हुई चीनी- 1/2 कप दूध- 2 से 3 बड़े चम्मच -इलायची पाउडर- 1/2 छोटा चम्मच -घी- सांचे को ग्रीस करने के लिए -केसर- थोड़ी सी -पिस्ता या बादाम- गार्निश करने के लिए घर पर बप्पा के लिए पनीर मोदक बनाने की आसान विधि - सबसे पहले आप पनीर को अच्छी तरह क्रम्बल या कद्दूकस कर लें। ध्यान रखें कि पनीर के बड़े टुकड़े न रहें। इससे मोदक का मिश्रण आसानी से एकसाथ मिक्स हो जाए। - इसके बाद भारी तले वाली कड़ाही या पैन लें और उसमें पनीर डालें। इसके साथ ही मिल्क पाउडर, पिसी हुई चीनी और थोड़ा दूध डालकर सभी चीजों को अच्छे से मिला लें। गैस धीमी से मीडियम आंच पर रखें और मिश्रण को लगातार चलाते रहे। - अब इस मिश्रण को पकाते समय ध्यान रखें कि वह पैन के नीचे चिपके नहीं। जैसे-जैसे पनीर का पानी कम होगा, फिर मिश्रण धीरे-धीरे गाढ़ा होने लगेगा। इसे तक तक पकाना है जब तक यह इतना गाढ़ा न ह जाए कि पैन के किनारे छोड़ने लगे। - पनीर मोदक की रेसिपी में इसी तरह पनीर और मिल्क पाउडर के मिश्रण को पकाकर का बेस तैयार कर लें। इसमें इलायची पाउडर डालें और अच्छी तरह मिला लें। - यदि आप चाहें, तो स्वाद और खुशबू के लिए थोड़ी केसर भी डाल सकते हैं। हालांकि, ये पूरी तरह से ऑप्शनल है। मिश्रण गाढ़ा होने के बाद गैस बंद कर दें। इसे एक प्लेट में निकालकर कुछ देर ठंडा होने के लिए रख दें। - इस बात का ध्यान रखें मिश्रण ज्यादा गर्म न हो, क्योंकि इसे हाथ से मोदक के सांचे में भरना होगा। अब मोदक का सांचा लें और उसमें घी लगा लें। इससे तैयार मोदक सांचे से आसानी से बाहर निकल आएगा। - इसके बाद मिश्रण का एक हिस्सा लेकर सांचे में अच्छी तरह भरें और हल्के हाथ से दबा दें। सांचा बंद करके जो मिश्रण बाहर आए, उन्हें किनारे से हटा लीजिए। - अब सांचा खोलें और मोदक को धीरे-धीरे से प्लेट में निकाल लें। इसी तरह से बाकी मिश्रण से भी मोदक तैयार कर लें। आखिर में ऊपर से थोड़े कटे हुए पिस्ता या बादाम लगाकर इन्हें गार्निश कर सकते हैं। कैसे करें सर्व? एक साफ प्लेट में पनीर मोदक को रखें। पूजा की तैयारी करने के बाद बप्पा को अपनी परंपरा के अनुसार, इसका भोग लगाएं। भोग लगाने के बाद परिवार के साथ प्रसाद के रुप में इसे खा सकती हैं। यदि आपका मोदक को थोड़ा और सुंदर दिखाना चाहती हैं, तो आप ऊपर से कटे हुए पिस्ता, बादाम या केसर की कुछ धागे भी लगा सकते हैं।
PC: Gadgets to use अगर आपके व्हाट्सएप पर अनजान नंबरों से बार-बार कॉल आती हैं तो अब आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है। क्योकिं व्हाट्सएप जा Silence Unknown Callers फीचर आपके काम आ सकता है। इसकी मदद से अनजान नंबरों से आने वाली कॉल की घंटी नहीं बजेगी, लेकिन कॉल की जानकारी आपको Calls टैब में दिखाई देती रहेगी। Unknown Calls को Silence करने का तरीका व्हाट्सएप पर इस फीचर को चालू करना काफी आसान है। इसके लिए नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो करें: सबसे पहले अपने फोन में व्हाट्सएप खोलें। अब Settings में जाएं। यहां Privacy के विकल्प पर टैप करें। इसके बाद Calls पर जाएं। अब Silence Unknown Callers का विकल्प दिखाई देगा। इस विकल्प को ON कर दें। इसके बाद ऐसे नंबरों से आने वाली व्हाट्सएप कॉल की घंटी नहीं बजेगी, जो आपके फोन में सेव नहीं हैं। क्या कॉल पूरी तरह बंद हो जाएगी? नहीं। Silence Unknown Callers का मतलब कॉल को ब्लॉक करना नहीं है। अनजान नंबर से कॉल आने पर आपके फोन की घंटी नहीं बजेगी, लेकिन उस कॉल की जानकारी व्हाट्सएप के कॉल्स टैब में देखी जा सकती है। अगर किसी अनजान नंबर से बार-बार परेशान किया जा रहा है, तो आप उसे अलग से ब्लॉक या रिपोर्ट भी कर सकते हैं।
भगवान गणेश के भोग में बनाएं काजू कैरेमल मोदक, नोट करें शेफ संजीव कपूर की रेसिपी
भगवान गणेश को मीठे का भोग लगाने के लिए आप काजू कैरेमल मोदक का भोग लगा सकते हैं। ये स्वाद में काफी अलग होते हैं और बनाने में बहुत आसान हैं। सीखिए कैसे बनाएं ये मोदक
डाइट फूड रेसिपी: वजन घटाने वालों के लिए स्वादिष्ट नाश्ता, बिना आलू के बनाएं क्रिस्पी स्नैक्स
अगर आप कम तेल वाला विकल्प तलाश रहे हैं या अपनी रोजाना की डाइट में हल्का स्नैकशामिल करना चाहते हैं, तो यह बिना आलू का क्रिस्पी आलू स्टाइल स्नैक्सएक दिलचस्प विकल्प हो सकता है।
योग टिप्स: सुबह उठते ही कमर में रहती है जकड़न? ये 5 योगासन जरूर आजमाएं
Morning Yoga Stretches: अगर आपकी कमर में सामान्य स्टिफनेस रहती है, तो दिन की शुरुआत कुछ योगा स्ट्रेचकरना एक आसान रूटीन हो सकता है।
नये कपड़े पहनने से पहले धोना क्यों है जरूरी? ये 5 कारण होते हैं जिम्मेदार
नये कपड़े घर लाते हैं तो उन्हें पहनने की बहुत एक्साइटमेंट होती है। लेकिन सीधे मार्केट से घर लाने के बाद कपड़ों को पहनने की गलती ना करें। इन 5 कारणों की वजह से इन्हें जरूर धोएं।
Radhashtami पर हाथों की खूबसूरती बढ़ाएंगे ये 4 सुंदर Alta Mehndi Designs
आज देशभर में राधाष्टमी का त्योहार मनाया जा रहा है। यह दिन राधा रानी का प्राकट्य दिवस के रुप में मनाते हैं। राधाष्टमी के दिन सुहागिन महिलाएं और लड़कियां पूरा श्रृंगार करके राधा जी की पूजा-अर्चना करती हैं। कुछ महिलाएं इस खास मौके पर हाथों में आलता (महावर) भी लगाती हैं। यदि आप भी इस राधाष्टमी पर अपने हाथों को आलता मेहंदी डिजाइन से सजाना चाहती हैं, तो यह लेख आपके लिए हैं। आलता मेहंदी के 4 सबसे खूबसूरत डिजाइंस हाथों में बने आलता मेहंदी डिजाइंस आपके एथनिक लुक को और भी आकर्षक बना सकते हैं। तो चलिए आपको 4 झटपट लगने वाले डिजाइंस सबसे बेस्ट है। पारंपरिक गोल बिंदु और बॉर्डर आलता डिजाइन राधाष्टमी के मौके पर आप कम समय में इस तरह के गोल बिंदु और बॉर्डर वाला आलता डिजाइन हाथों पर बना सकती हैं। इसे आप हथेली के आगे और पीछे दोनों तरफ डिजाइन बना सकती हैं। सबसे पहले हथेली के बीच में एक बड़ा गोल सर्कल होता है, जिसके आसपास छोटी-छोटी बिंदियां लगाई जाती हैं और उंगलियों के पैरों के गहरे लाल रंग से भरा रहता है। इसके साथ ही आप हाथों में चूड़ियां पहनकर एकदम फेस्टिव लुक पा सकती हैं। कमल और मोर पंख आलता पैटर्न अगर आप एकदम शानदार डिजाइन चाहते हैं, तो आप मोर पंख और कमल का फूल श्री कृष्ण और राधारानी को सबसे प्रिय है। इस राधाष्टमी पर आप कमल और मोर पंख वाला यह आलता डिजाइन बना सकती हैं। इसे आप खुद भी आसानी से बना सकती हैं। इस डिजाइन को आप खुद बना सकती हैं या फिर किसी मेहंदी आर्टिस्ट से बनवा सकती हैं। पत्ती पैटर्न आलता मेहंदी डिजाइन फेस्टिव लुक को शानदार बनाने के लिए आप हाथों में पत्ती वाला यह खूबसूरत डिजाइन चूज कर सकती हैं। इस डिजाइन को आप गहरे लाल रंग के आलता से बनाएगी, तो दूर से ही काफी उभर कर नजर आएगा। आप आलता से पत्ती के आकार का डिजाइन हथेली के बीच में बनाया जाता है। इसे बनाने के लिए आप किसी बारीक सीक या बड़ की मदद से बना सकते हैं। वैसे यह डिजाइन 5 मिनट में बनकर तैयार हो जाएगा। सनफ्लावर पैटर्न आलता मेहंदी अगर आप यंग गर्ल्स और नई-नवेली दुल्हनों के लिए सनफ्लावर पैटर्न वाला यह आलता मेहंदी डिजाइन बिल्कुल परफेक्ट है। इसे हथेली के बीचों-बीच सुंदर फूल बना लें और यह आपके लुक में चार चांद लगा देगा। इसके अतिरिक्त आप मीनाकारी वर्क वाली अंगूठी पहन सकती हैं। जिससे आपका फेस्टिव लुक और भी शानदार हो जाएगा।
Kidney Disease: Diabetes और High BP से बढ़ता है Kidney की बीमारी का खतरा, इन बदलावों पर दें ध्यान
अनहेल्दी लाइफस्टाइल और खानपान में गड़बड़ी की वजह से कई बीमारियों का खतरा काफी बढ़ गया है। कम उम्र के लोग ही बीपी-शुगर जैसी बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। जिसका असर शरीर के अन्य जरूरी अंगों पर भी पड़ता है। यही वजह है कि तेजी से युवा आबादी भी किडनी की समस्याओं का शिकार हो रही है। हमारे शरीर में किडनी बिना थके लगातार काम करती है, खून से अपशिष्ट और अतिरिक्त तरल को फिल्टर करने के लिए किडनी का सही तरीके से काम करना जरूरी होता है। वहीं किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित होने से शरीर में अपशिष्ट और तरल जमा हो सकता है। जिस कारण सांस फूलने, सूजन, मितली-उल्टी, कमजोरी और भूख कम लगने जैसे दूसरे सेहत संबंधी जोखिम हो सकते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट की मानें, तो अक्सर किडनी की बीमारियां साइलेंटली बढ़ती हैं। वहीं बहुत सारे लोगों को किडनी की बीमारी का पता तब चलता है, जब समस्या काफी ज्यादा बढ़ चुकी होती है। इसे भी पढ़ें: Kidney खराब होने के ये शुरुआती लक्षण, सूजन और पेशाब में बदलाव न करें नजरअंदाज अक्सर किडनी संबंधी समस्या को ज्यादा काम, उम्र बढ़ने, नींद की कमी या सामान्य कमजोरी समझा जाता है। यह लापरवाही सेहत के लिए भारी पड़ सकती है। हेल्थ एक्सपर्ट की मानें, तो किडनी हेल्दी रहे और इससे संबंधित आपको कोई समस्या न हो, इसके लिए लाइफस्टाइल और खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। डायबिटीज और हाई बीपी जैसी स्थितियों में किडनी की बीमारी का जोखिम ज्यादा रहता है। ऐसे लोगों को एक्स्ट्रा सावधानी बरतनी चाहिए। वहीं शरीर में दिखने वाले कुछ असामान्य लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। लगातार थकान और कमजोरी लगना किडनी की कार्यक्षमता में कमी होने पर शरीर में अपशिष्ट जमा होने लगते हैं। वहीं कई लोगों को किडनी की बीमारी से एनीमिया की समस्या भी हो सकती है। लाल रक्त कोशिकाओं या हीमोग्लोबिन में कमी होने की वजह से कमजोरी और थकान जैसी समस्याएं हो सकती हैं। यही कारण है कि लंबे समय से बनी कमजोरी को सिर्फ बढ़ती उम्र की समस्या समझना ठीक नहीं है। वैसे तो थकान होने के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन लगातार कमजोरी के साथ-साथ डायबिटीज या हाई बीपी होने पर किडनी की जांच जरूर करानी चाहिए। पैरों, टखनों या चेहरे पर सूजन आना किडनी हमारे शरीर से एक्स्ट्रा तरल पदार्थ निकालने में मदद करती है। जब किडनी की कार्यक्षमता कम होती है, तो शरीर में तरल जमा हो सकता है। जिस कारण से पैरों में सूजन और कुछ मामलों में सांस फूलने जैसी समस्या हो सकती है। अगर चेहरे या फिर पैरों-टखनों पर बार-बार सूजन दिख रही है, तो इसको सिर्फ ज्यादा देर तक खड़े रहने या फिर शारीरिक मेहनत का नतीजा नहीं मानना चाहिए। कई बार यह सूजन लिवर, दिल या दूसरी स्थितियों में भी हो सकती है, इसलिए इसको नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। पेशाब में बदलाव होना किडनी की बीमारी होने पर पेशाब में बदलाव होना महत्वपूर्ण संकेत हो सकते हैं। लेकिन हर बदलाव किडनी की बीमारी हो ऐसा भी जरूरी नहीं होता है। रात में कई बार पेशाब के लिए उठना, बार-बार पेशाब आना या फिर पेशाब में असामान्य बदलाव कई कारणों से हो सकते हैं। शुरूआत में किडनी की बीमारी बिना किसी स्पष्ट लक्षणों के भी हो सकती है। इसलिए पेशाब सामान्य दिखने से किडनी को स्वस्थ मानना सही नहीं है। अलग लगातार पेशाब में बदलाव दिख रहा है, इसके साथ ही हाई बीपी और डायबिटीज की समस्या है, तो डॉक्टर से जांच जरूर कराना चाहिए। इन समस्याओं पर रखें नजर जब किडनी की कार्यक्षमता कम होती है, तो शरीर में अपशिष्ट पदार्थ जमा होने लगते हैं। जिस कारण मितली और भूख कम लगने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। किडनी की कार्यक्षमता के कम होने पर बॉडी में अतिरिक्त तरल पदार्थ जमा हो सकता है। जिसकी वजह से सांस फूलने और पैरों में सूजन जैसी समस्या आ सकती है। किडनी बीमारी की सबसे बड़ी चुनौती ये है कि शुरूआत में इसके कोई लक्षण नहीं हो सकते हैं। इसलिए सिर्फ शरीर के संकेतों के भरोसे रहना ठीक नहीं है।
Old Towel Use: पैसे बचाने में मदद करेगी पुरानी तौलिया! 6 तरीकों से करें दोबारा इस्तेमाल
घर में पुरानी तौलिया कई सारी हैं। लेकिन समझ नहीं आ रहा कि इनका क्या करें तो रीयूज करने के ये 6 तरीके नोट कर लें। इन diy हैक से आपके घर का पुराना सामान इस्तेमाल होगा और आपके पैसे भी बचेंगे।
10 सबसे बोरिंग आदतें जो बदल सकती हैं बॉडी और माइंड, हेल्दी रहने में करेंगी मदद
लगातार अपने रूटीन को बदलना चाहते हैं, हेल्दी रहने के लिए कुछ करना चाहते हैं लेकिन हो नहीं पा रहा तो आज से ही बस इन 10 छोटी-छोटी और बोरिंग सी लगने वाली आदतों को रूटीन में शामिल करें। लगातार 3 से 6 महीने में ही फर्क दिखने लगेगा और आप पहले से ज्यादा हेल्दी होना स्टार्ट हो जाएंगे।
Jokes of the day: ऑनलाइन शॉपिंग के फायदे-नुकसान..' पढ़ें हंसी से लोटपोट कर देने वाले जोक्स
हंसी से लोटपोट करने वाले मजेदार जोक्स जिन्हें पढ़कर आपके चेहरे की हंसी ही गायब नहीं होगी। पंडित जी, पति-पत्नी और स्टूडेंट टीचर की मजेदार नोकझोक के जोक्स। पढें और दोस्तों को भी सेंड करें।
राधारानी की कृपा सभी पर बनी रहे इसी मंगलकामना के साथ अपनों को दें राधा अष्टमी की शुभकामनाएं। साथ ही बनाएं व्हाट्सएप स्टेटस या सोशल मीडिया का कैप्शन, यहां से चुनें भावपूर्ण, भक्ति से भरी 20 सुंदर लाइनें।
तेजी से वेट लॉस करना है? सुबह उठते ही करें ये 5 काम, फैट लॉस कोच ने शेयर किया तरीका
क्या आपको भी तेजी से अपना वेट लॉस करना है? इसके लिए आप कुछ छोटी-छोटी आदतों को अपने मॉर्निंग रूटीन में शामिल कर सकते हैं। फैट लॉस कोच बताती हैं कि ये हैबिट्स वजन को तेजी से कम करने में मदद करती हैं और ओवरऑल फिटनेस के लिए भी जरूरी हैं।
बच्चों में तेज बुखार से हो सकता है दौरे पड़ने का रिस्क! डॉक्टर ने बताया क्या करें पैरेंट्स
मौसम बदलने के साथ ही बच्चों में बुखार की समस्या भी बढ़ रही है। ऐसे में 1 से 5 साल के बच्चों में कई बार दौरे पड़ने का रिस्क भी हो सकता है। ऐसी स्थिति में पैरेंट्स को क्या करना चाहिए, आइए डॉक्टर से जानते हैं।
वही पुराना गोल गला और U-शेप बनवाती हैं? सूट को नया लुक देंगी ये 7 ट्रेंडी नेकलाइन्स!
अभी भी अगर वही गोल गले या यू शेप वाली नेकलाइन बनवा रही हैं, तो टाइम है अपने लुक को अपग्रेड करने का। इस बार जब भी सूट सिलवाने जाएं तो इन 7 ट्रेंडी डिजाइन्स में से कोई एक बनवाएं। सिंपल सूट का लुक भी गजब आएगा।
श्वेता शाह ने 5 नाश्तों को 0 से 10 तक किया रेट, इसे मिले जीरो नंबर
नाश्ता हेल्दी दिख रहा है तो जरूरी नहीं कि वह ब्लड शुगर के लिए भी अच्छा हो। न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह ने पांच आम नाश्तों को 10 में रेट किया है, जिसमें एक को मिले सिर्फ 0 नंबर।
पूंछ हिलाने को ना समझें प्यार! कुत्ते काटने से पहले देते हैं ये 3 संकेत, सेफ्टी से लिए ध्यान रखें
आवारा कुत्ते कब अचानक अटैक कर दें, ये समझना मुश्किल होता है। हालांकि कुत्तों की बॉडी लेंग्वेज से जुड़े ये 3 संकेत जानकर आप काफी हद तक इस बात का अंदाजा लगा सकते हैं। अपनी सेफ्टी के लिए आपको ये जरूर पता होनी चाहिए।
Vietnam के Ha Giang में लगती है अनोखी Love Market, पति-पत्नी साथ आकर मिलते हैं अपने Ex से
आपने हमेशा कपड़े, गहने, डेकोर, राशन और गाड़ियों के काफी बाजार देखें होंगे। लेकिन क्या जानते हैं कि दुनिया में एक ऐसा बाजार भी है, जहां पर पुराने प्रेमी सालों बाद एक दूसरे से मिलते हैं। दरअसल, इस लेख में हम आपको ऐसे बाजार की बात कर रहे है, जहां प्रेमियों को मिलाया जाता है, यह मार्केट अधूरे प्यार को मिलाने के लिए दुनियाभर में फेमस है। वियतनाम की लव मार्केट आपको बताते चले कि, वियतनाम की उत्तरी पहाड़ियों के बीच हा जियांग प्रांत में ‘खाऊ वाई’ नामक एक गांव है, जो हर साल अनोखी लव मार्केट का होस्ट करता है। इस बाजार में कपड़े-जूते या घर का सामान नहीं, बल्कि पुराने प्रेमी एक दूसरे से मिलने आते हैं। विश्वभर में यह जगह खाऊ वाई लव मार्केट के नाम से मशहूर होती है। इतना ही नहीं, साल 2021 में वियतनाम के संस्कृति मंत्रालय ने खाऊ वाई को ऑफिशियल तौर पर एक सांस्कृतिक विरासत के रुप में दर्जा दिया गया था। एक्स से मिलना नहीं माना जाता एक धोखा असल में इस बाजार में पति-पत्नी एक-साथ पहुंचते हैं और फिर अपने-अपने पुराने लवर्स से मुलाकात करने जाते हैं। सबसे दिलचस्प बात तो यह है कि अपने एक्स से इस तरह मिलना लोगों के मन में धोखे जैसी जन्म बिल्कुल नहीं देता। वैसे आज के समय में यह बहुत से रिश्तों को यह भावना लोगों को अंदर ही अंदर तोड़ रही है। इसे एक अलग नजरिए देखा जाता है और माना जाता है कि जीवन में कुछ ऐसे कनेक्शन होते हैं, जिन्हें सम्मान देने की जरुरत है। कब आयोजित होती यह लव मार्केट? हर साल अप्रैल और मई के महीने में खाऊ वाई में लव मार्केट का आयोजन किया जाता है। वियतनामी कैलेंडर के अनुसार, तीसरे महीने के 27वें दिन यह बाजार लगता है। यह मौसम वहां के पहाड़ी इलाकों में वसंत के अंत और गर्मियों की शुरुआत का होता है। जब लोग अपने खेती के पारंपरिक कामों से मुक्ते होकर इस बाजार में जाने की सोचते हैं। क्या है इसके पीछे की मान्यता? वैसे यह बाजार सादियों पुराना है। 100 साल पुराने इस बाजार की शुरुआत साल 1919 से आयोजित हुई थी। वहां की लोककथाओं के अनुसार, इसकी कहानी नुंग समुदाय के युवक ‘बा’ और गियाई समुदाय की युवती ‘उत’ से जुड़ी हुई है। अब क्योंकि ‘बा’ बांसुरी बजाने वाला एक साधारण सा लड़का था और 'उत' इस कबीले के सरदार की बेटी तो उनका मिलन न हो पाया। ऐसे में दोनों ने तय किया कि हर साल चंद्र कैलेंडर के तीसरे महीने के 27वें दिन वो खाऊ वाई घाटी में मिलने आया करेंगे। तभी से इस बाजार की परंपरा प्रचलित हो गई।
कपड़े धोकर भी आ रही है बदबू? अलमारी में रखने से पहले ये 4 काम करें
कपड़े साफ और सूखे होने के बाद भी उनमें सीलन की बदबू रह जाती है? हर बार कपड़े दोबारा धोने की जरूरत नहीं। अलमारी में रखने से पहले ये आसान काम करें, कपड़ों में ताजगी बनी रहेगी।
Kidney खराब होने के ये शुरुआती लक्षण, सूजन और पेशाब में बदलाव न करें नजरअंदाज
किडनी शरीर का सबसे जरुरी हिस्सा है। गौरतलब है कि किडनी हमारे खून को साफ रखती है, शरीर से हानिकारक तत्वों को बाहर निकालती और शरीर में पानी व तरल पदार्थों का बैलेंस बनाए रखती है। लेकिन क्या आप जानते है कि किडनी से जुड़ी ज्यादातर बीमारियां 'साइलेंट' होती है। शुरुआती समय में इसके लक्षण नजर नहीं आते हैं। कई बार लोग इन लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं। समय रहते हुए शरीर के इन संकेतों को भी न भूलें। आइए आपको बताते हैं आखिर कौन से लक्षण हैं, जिन्हें देखकर तुरंत सतर्क रहना जरुरी है। पेशाब के रंग में बदलाव बार-बार रात के समय पेजाब जा रहे हैं, तो इसे जरा भी हल्के में न लें। वहीं, पेशाब का रंग गहरा होना, उसमें झाग आना या पेशाब करते समय जलन महसूस होती है, तो इसको सीधा इशारा है कि आपकी किडनी ठीक से अपना कार्य नहीं कर रही है। शरीर के अंगों में बेवजह सूजन यदि किडनी खून को सही से फिल्टर नहीं करेगी, तो शरीर में फालतू पानी और सोडियम जमा होने लगता है। जिसकी वजह से आपके पैरों, टखनों, हाथों और चेहरे पर सूजन दिखाई देती है। यदि आप सुबह सोकर उठने पर आपको अपनी आंखों के आसापास सूजन नजर आए, तो किडनी की समस्या हो सकती है। थकान और कमजोरी होना जब किडनी में गड़बड़ी होती है, तो शरीर से टॉक्सिन्स बाहर नहीं निकल पाते और खून में जमा होने लगते हैं। वैसे इन हानिकारक तत्वों के जमाव की वजह से व्यक्ति को हमेशा थकान और कमजोरी का एहसास होता रहता है। भूख कम लगना और जी मिचलाना शरीर में टॉक्सिंस जमा हो जाता है, तो इसका असर हमारे पाचन तंत्र पर भी पड़ता है। यदि आपकी भूख अचानक कम हो गई, तो उल्टी या जी मिचलाने की शिकायते है, फिर आपके मुंह का स्वाद भी फीका हो जाता है, तो यह संकेत है कि आपकी किडनी के अस्वस्थ होने का संकेत हो सकता है। स्किन का रूखा होना और खुजली मचना जब हानिकारक तत्व शरीर से बाहर नहीं निकल पाते, तो वे खून में ही इकट्ठे हो जाते है। इसका सीधा असर आपकी त्वचा पर दिखाई देता है। यह आपकी स्किन को ड्राई और खुजली व जलन की समस्या शुरु हो सकती है। कई बार इस वजह से त्वचा का रंग भी फीका दिखाई देता है। किडनी को हमेशा स्वस्थ रखने के आसान उपाय - खूब पानी पिएं: दिन भर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना किडनी को डिटॉक्स करने में सबसे अच्छा तरीका है। - हेल्दी डाइट का सेवन करें: संतुलित आहार का सेवन करें। खाने में नमक की मात्रा कम रखें और प्रोसेस्ड फूड्स से दूरी बनाएं। - नियमित जांच करवाएं: ध्यान रहे कि समय-समय पर अपना ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर जरुर चेक करें, क्योंकि हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज किडनी रोगों के सबसे मुख्य कारण माना जाता है।
आटा गूंथते हुए परात में चिपक जाता है? ट्राई करें 1 छोटा सा हैक, नाखून से रगड़ना नहीं पड़ेगा
Kitchen Tips: आटा गूंथते समय एक प्रॉब्लम बड़ी आम है। वो है इसका परात या बाउल में चिपक जाना। इसकी सफाई करना भी बड़ा मुश्किल हो जाता है। लेकिन आज का ये हैक आपकी इस प्रॉब्लम को हमेशा के लिए खत्म कर देगा।
शादी हो या त्योहार, लाख की इन 6 चूड़ियों से सजाएं अपनी कलाइयां
लाख की चूड़ियां ट्रेडिशनल लुक को तुरंत खास बना देती हैं। अगर इस बार कुछ नया ट्राई करना चाहती हैं, तो इन लेटेस्ट डिजाइंस पर नजर डालें। सादा लुक हो या भारी, हर पसंद के लिए कुछ खास है।
Maharashtra की Spicy Misal Pav खाएंगे तो बार-बार बनाएंगे, जानें पूरी रेसिपी
देशभर में इन दिनों गणेश उत्सव की धूम है। हालांकि यह त्योहार खास तौर पर महाराष्ट्र में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। ऐसे में महाराष्ट्र के मशहूर स्ट्रीट फूड मिसल पाव की रेसिपी आपके उत्सव के खाने में एक खास स्वाद जोड़ सकती है। मसालेदार तरी, कुरकुरे फरसान, प्याज, नींबू और गरम पाव के साथ परोसी जाने वाली मिसल पाव स्वादिष्ट होने के साथ-साथ काफी भरपेट भी होती है। मास्टरशेफ इंडिया 2023 की फाइनलिस्ट अरुणा विजय ने अपने इंस्टाग्राम खाते पर मिसल पाव की रेसिपी साझा की है। उन्होंने इसे लेकर लिखा कि अच्छी मिसल पाव में मसालेदार तरी, कुरकुरा फरसान, ताजा प्याज, नींबू की खटास और ठीक से सेंका हुआ पाव मिलकर ऐसा स्वाद देते हैं, जो दिल को खुश कर देता है। मिसल पाव बनाने के लिए सामग्री मसाला पेस्ट के लिए तेल – 1 बड़ा चम्मच प्याज – 2 मध्यम, कटे हुए टमाटर – 2 मध्यम, कटे हुए सूखा नारियल – आधा कप, कद्दूकस किया हुआ अदरक – 1 बड़ा चम्मच, कटा हुआ लहसुन – 10 बड़ी कलियां हरी मिर्च – 2, बीच से कटी हुई धनिया की डंठल – एक मुट्ठी तिल – 1 बड़ा चम्मच खसखस – 1 बड़ा चम्मच पानी – पीसने के लिए जरूरत के अनुसार कट या तरी के लिए तेल – 2 बड़े चम्मच जीरा – 1 छोटा चम्मच राई – 1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर – 2 बड़े चम्मच हल्दी पाउडर – आधा छोटा चम्मच धनिया पाउडर – आधा बड़ा चम्मच गोडा मसाला – 1 बड़ा चम्मच गरम मसाला – 1 छोटा चम्मच नमक – 3 छोटे चम्मच गुड़ – थोड़ा सा पानी – 5 से 6 कप अंकुरित मटकी – 1 कप परोसने के लिए फरसान – ऊपर से डालने के लिए भरपूर प्याज – बारीक कटा हुआ नींबू के टुकड़े पाव इसे भी पढ़ें: Step By Step Guide: Mushroom Rajma Recipe एक बार खाएंगे तो बार-बार बनाएंगे ऐसे बनाएं मिसल पाव सबसे पहले एक कड़ाही में तेल गर्म करें। इसमें प्याज, टमाटर और बाकी बताए गए मसाला पेस्ट की सामग्री डालकर हल्का भूरा होने तक भूनें। इसके बाद इस मिश्रण को पूरी तरह ठंडा होने दें। ठंडा होने के बाद मिश्रण को थोड़े पानी के साथ पीसकर एकदम चिकना पेस्ट तैयार कर लें। यही मिसल का मसाला पेस्ट होगा। अब एक कड़ाही में तेल गर्म करें और इसमें जीरा और राई डालें। इनके चटकने के बाद तैयार मसाला पेस्ट डालकर कुछ मिनट तक पकाएं। इसके बाद इसमें अंकुरित मटकी डालें। साथ ही गोडा मसाला, नमक और बताए गए बाकी मसाले डालकर अच्छी तरह मिलाएं। अब इसमें थोड़ा सा गुड़ और 5 से 6 कप पानी डालें। सब कुछ अच्छी तरह मिलाकर धीमी आंच पर पकने दें। जब तक मटकी अच्छी तरह पक न जाए और कट या तरी आपकी पसंद के अनुसार गाढ़ी न हो जाए, तब तक इसे पकाएं। तैयार मिसल को गरमागरम परोसें। ऊपर से भरपूर मात्रा में फरसान और बारीक कटा प्याज डालें। साथ में नींबू के टुकड़े और पाव रखें। इसे भी पढ़ें: Ganesh Utsav पर बप्पा को लगाएं मलाई मोदक का भोग, घर पर बनाएं यह आसान Recipe मिसल पाव बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान मटकी को एक दिन पहले अंकुरित कर लें। इससे मिसल का स्वाद और बनावट बेहतर रहेगी। मसाला पेस्ट की सामग्री को अच्छी तरह भूनना जरूरी है। खासकर सूखे नारियल को अच्छी तरह भूनने से मिसल में ज्यादा गहरा और खुशबूदार स्वाद आएगा। तरी की गाढ़ापन और तीखापन अपनी पसंद के हिसाब से रखा जा सकता है। इसके लिए पानी और लाल मिर्च पाउडर की मात्रा को जरूरत के अनुसार कम या ज्यादा करें। गणेश उत्सव के दौरान अगर आप महाराष्ट्र के पारंपरिक स्वाद को अपने घर की रसोई में लाना चाहते हैं, तो यह मसालेदार और भरपेट मिसल पाव एक बढ़िया विकल्प हो सकता है।
69 के अनिल कपूर इतने फिट कैसे? कसरत से लेकर डाइट तक जानें उनका रूटीन
69 की उम्र में भी अनिल कपूर अपनी फिटनेस को लेकर काफी सक्रिय हैं। जिम में कसरत से लेकर दौड़ने तक, वह लगातार अपने शरीर को एक्टिव रखने पर ध्यान देते हैं। जानिए उनकी फिटनेस से जुड़ी खास बातें।
अस्पताल के आईसीयू तक पहुंचा सकती है लौकी! न्यूट्रीशनिस्ट बोलीं- खाने से पहले करें ये 1 टेस्ट
सुनने में ये थोड़ा अटपटा लग सकता है लेकिन जिस लौकी को आप सेहतमंद समझ कर खा रहे हैं, वो आपको अस्पताल के आईसीयू तक भी पहुंचा सकती है। न्यूट्रीशनिस्ट सलाह देती हैं कि लौकी खाने से पहले ये 1 टेस्ट जरूर करें, वरना कई गंभीर समस्या हो सकती हैं।
सीलिंग फैन साफ करने का सबसे आसान और जादुई तरीका: पिलो कवर ट्रिक से बिना गंदगी फैलाए चमकाएं पंखा
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Health Tips: छोटे से सिंघाड़े में छिपे हैं सेहत के कई राज, दिल से लेकर ब्लड शुगर तक के लिए है खास
सिंघाड़े का मौसम भारत में बहुत कम समय के लिए आता है, इसलिए इस खास मौसमी फल को नजरअंदाज न करें। ताजा सिंघाड़ा स्वादिष्ट होने के साथ-साथ कई जरूरी पोषक तत्व भी देता है। इसमें प्राकृतिक रूप से कम वसा होती है और यह पोटैशियम, विटामिन बी6, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट पॉलीफेनॉल का अच्छा स्रोत है। 100 ग्राम ताजे सिंघाड़े में करीब 115 कैलोरी होती है। दिल और ब्लड प्रेशर के लिए फायदेमंद हो सकता है सिंघाड़े में पोटैशियम अच्छी मात्रा में पाया जाता है और इसमें सोडियम प्राकृतिक रूप से बहुत कम होता है। इसी वजह से इसे दिल और ब्लड प्रेशर के लिए अनुकूल आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है। हालांकि, किसी भी खास स्वास्थ्य स्थिति में अपनी डाइट डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार तय करनी चाहिए। इसे भी पढ़ें: Salt Health Risks: खाने में ज्यादा Sodium बढ़ा सकता है High BP और Heart Attack का खतरा वजन को संभालने में मिल सकती है मदद सिंघाड़े में पाए जाने वाले पॉलीफेनॉल पर वजन और शरीर में जमा होने वाली चर्बी को लेकर अध्ययन किए गए हैं। इन अध्ययनों में सिंघाड़े के अर्क ने वजन बढ़ने और शरीर में चर्बी जमा होने को कम किया। यानी सही मात्रा में ताजा सिंघाड़ा वजन को संभालने वाली डाइट का हिस्सा बन सकता है। ब्लड शुगर को लेकर भी हुई है रिसर्च सिंघाड़े में मौजूद कुछ यौगिकों पर ब्लड शुगर से जुड़े अध्ययन भी हुए हैं। रिसर्च में देखा गया है कि ये यौगिक शरीर में ग्लूकोज के इस्तेमाल और जीएलयूटी4 की गतिविधि को बेहतर करने में भूमिका निभा सकते हैं। जीएलयूटी4 शरीर में ग्लूकोज को खून से मांसपेशियों की कोशिकाओं तक पहुंचाने में मदद करता है। इसे भी पढ़ें: लौकी खाते ही बिगड़ सकती है तबीयत, अगर स्वाद में आए ये बदलाव तो तुरंत फेंक दें कैंसर को लेकर क्या कहती है रिसर्च? सिंघाड़े में मौजूद कुछ पॉलीफेनॉल पर कैंसर से जुड़ी शुरुआती प्रयोगशाला रिसर्च भी हुई है। कुछ अध्ययनों में इन पॉलीफेनॉल ने पेट, स्तन और आंत के कैंसर की कोशिकाओं की बढ़त को धीमा किया। ध्यान देने वाली बात यह है कि ये प्रयोगशाला स्तर के अध्ययन हैं, इसलिए इन्हें इंसानों में कैंसर के इलाज का प्रमाण नहीं माना जा सकता। एक दिन में कितना सिंघाड़ा खाएं? करीब 100 ग्राम ताजा या उबला हुआ सिंघाड़ा एक सामान्य मात्रा हो सकती है। इसे अपनी रोजाना की डाइट में कई आसान तरीकों से शामिल किया जा सकता है। ऐसे खाएं सिंघाड़ा सिंघाड़े को उबालकर उसमें नींबू और मसाले डालकर खा सकते हैं। इससे सिंघाड़े की चाट या दही वाली चाट भी बनाई जा सकती है। इसके अलावा सिंघाड़े की सब्जी बनाकर, सलाद या दूसरी सब्जियों के साथ मिलाकर भी खाया जा सकता है। सिंघाड़े के आटे से चिल्ला या रोटी भी बनाई जाती है। सिंघाड़े के आटे का रखें ध्यान ताजे सिंघाड़े की तुलना में सिंघाड़े का आटा काफी ज्यादा कैलोरी वाला होता है। इसलिए अगर आप सिंघाड़े का आटा खा रहे हैं तो इसकी मात्रा थोड़ी कम रखना बेहतर है। ताजा सिंघाड़ा और सिंघाड़े का आटा एक जैसी मात्रा में खाने पर समान कैलोरी नहीं देते।
शाम की चाय का मजा हो जाएगा दोगुना, बस बनाकर देखें आलू लच्छा पकोड़ा
क्या आप भी वही बोरिंग प्याज के पकौड़े खाकर बोर हो चुके हैं। तो आज शाम की चाय के साथ ट्राय करें आलू लच्छा पकोड़ा। इसे बनाना बेहद आसान है। यहां इसकी रेसिपी दी गई है। नोट कर लें।
Plain Saree पर स्टाइलिश लुक के लिए बेस्ट हैं ये 4 Frill Sleeves Blouse Designs
हर महिला को साड़ी पहनना काफी पसंद होता है। ऐसे में महिलाओं के वॉर्डरोब तरह-तरह की साड़ी देखने को मिल जाएगी। बार-बार साड़ी का पहनने का मन हर किसी का हो ही जाता है। कई बार होता कि प्लेन दिखने वाली साड़ी को बिल्कुल भी पहनते, क्योंकि यह हमारा कहीं लुक खराब न कर दें। हालांकि, आप फ्रिल डिजाइन ब्लाउज को वियर करेंगे, तो आपका साड़ी का लुक एकदम गजब का लगेगा। अक्सर ब्लाउज में लगी फ्रिल स्लीव्स आपके बाजुओं को ग्रेसफुल शेप देंगी, बल्कि साड़ी को भी हैवी लुक प्रदान करेंगी। लेयर्ड या मल्टी-टियर फ्रिल स्लीव्स सिंपल-सी-सिंपल साड़ी में जान डाल देगी ये लेयर्ड या मल्टी-टियर फ्रिल स्लीव्स वाले ब्लाउज ट्राई कर सकती हैं। इस तरह के ब्लाउज उन महिलाओं के लिए बेहद खास है, जो हैवी स्लीव्स पसंद करती हैं। इन डिजाइन में आस्तीन पर 2 से 3 लेयर्स में फ्रिल लगाई जाती हैं, जो इसे बेहद आकर्षक बनाती है। एल्बो लेंथ रफल फ्रिल आस्तीन इन दिनों कोहनी तक की लंबाई वाली स्लीव्स ब्लाउज काफी ट्रेंड में है। यह ब्लाउज आपको एकदम एलिगेंट और सोबर लुक प्रदान करेगा। इसमें ब्लाउज की स्लीव कोहनी तक सिंपल होती है और उसके निचले किनारे पर 2 से 3 इंच चौड़ी फ्रिल लगाई जाती है। इस तरह का ब्लाउज आपको मॉर्डन लुक देगा। शोल्डर ड्रॉप फ्रिल स्लीव्स किसी भी पार्टी या फंक्शन में सिंपल साड़ी लुक में तड़का लगाना है, तो यह स्टाइलिश ब्लाउज को पेयर कर सकते हैं। शोल्डर ड्रॉप फ्रिल स्लीव्स वाला ब्लाउज आपके लिए बेस्ट हो सकता है। शोल्डर ड्रॉप फ्रिल स्लीव्स का डिजाइन कंधों से शुरु होता है। इसमें फ्रिल कंधे से होकर सीने की तरफ आती है, जिससे ब्लाउज का डिजाइन और भी खूबसूरत बन जाता है। बटरफ्लाई स्टाइल फ्रिल आस्तीन अगर आप एकदम स्टाइलिश लुक पाना चाहते हैं, तो ट्रेंडी बटरफ्लाई स्टाइल फ्रिल आस्तीन वाले ब्लाउज को पहन सकते हैं। इसे पहनकर आप सिंपल साड़ी में भी रॉयल लुक पा सकते हैं। ऐसे स्लीव्स ब्लाउज बहुत ही प्यार लुक देते है, इसमें आप एकदम बटरफ्लाई जैसी नजर आएंगी। प्लेन साड़ी के लिए इस तरह के ब्लाउज काफी सुंदर लुक देते हैं।
Health Tips: किडनी होती हैं खराब तो दिखने लग जाते हैं ये संकेत, नहीं करें इन्हें इग्नोर
इंटरनेट डेस्क। हमारी शरीर में किडनी का बहुत बड़ा रोल होता हैं। इसका मुख्य काम हमारे खून को साफ रखना, शरीर से हानिकारक तत्वों को बाहर निकालना और शरीर में पानी व तरल पदार्थों का बैलेंस बनाए रखना है। हालांकि, सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि किडनी से जुड़ी ज्यादातर बीमारियां साइलेंट होती हैं। ऐसे में समय रहते शरीर के इन इशारों को समझना बहुत जरूरी है। आइए जानते हैं वो कौन से लक्षण हैं, जिन्हें देखकर आपको तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए। पेशाब के रंग में बदलाव अगर आपको अचानक, खासकर रात के समय, बार-बार पेशाब जाना पड़ रहा है, तो इसे बिल्कुल हल्के में न लें। इसके अलावा, पेशाब का रंग गहरा होना, उसमें झाग आना या पेशाब करते समय जलन महसूस होना भी इस बात का सीधा इशारा है। शरीर के अंगों में बेवजह सूजन जब किडनी खून को सही से फिल्टर नहीं कर पाती, तो शरीर में फालतू पानी और सोडियम जमा होने लगता है। इसकी वजह से आपके पैरों, टखनों, हाथों और चेहरे पर सूजन दिखने लगती है। pc- india tv hindi
Ganesh Utsav पर बप्पा को लगाएं मलाई मोदक का भोग, घर पर बनाएं यह आसान Recipe
देशभर में गणपति उत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस दौरान साधक भगवान गणेश को तरह-तरह के मोदक अर्पित करते हैं। बप्पा को प्रसन्न करने के लिए उनके प्रिय भोग मोदक को चढ़ाया जाता है। आज गणेश उत्सव का पांचवा दिन है। अगर आप भी बप्पा को खुश करने के लिए उनकी पसंदीदा मिठाई मोदक बनाना चाहते हैं, तो इस बार उन्हें मलाई मोदक अर्पित करें। इसे बनाना काफी आसान है। बस आपको इसके लिए थोड़ी-सी मेहनत करनी पड़ेगी। आइए आपको बताते हैं मलाई मोदब बनाने की रेसिपी। मलाई मोदक बनाने की सामग्री -दूध- 2 कप -मिल्क पाउडर- 1 कप -कंडेंस्ड मिल्क- आधा कप -इलायची पाउडर- आधा छोटा चम्मच -केसर- थोड़ी सी -गुनगुना दूध- 2 बड़े चम्मच -बादाम- 2 बड़े चम्मच -पिस्ता- 2 बड़े चम्मच -घी- सांचे को चिकना करने के लिए मलाई मोदक बनाने की विधि - मलाई मोदक बनाने के लिए आपको सबसे पहले एक भारी तले की कड़ाही लेनी है और उसमें दूध डालकर गर्म करें। दूध को मीडियम आंच पर उबाल आने दीजिए। अब इसमें मिल्क पाउडर डालें और लगातार चलाते हुए अच्छी तरह मिला लें। ध्यान रखें कि मिश्रण में गांठ न बनें। - इसके बाद कंडेस्ड मिल्क डालें और दोनों चीजों को अच्छी तरह मिला लें। अब इसे आपको धीमी आंच पर पकाते ही रहना है। इसे बीच-बीच में चलाते रहें, जिससे यह कड़ाही के नीचे न लगे। - जब पकने लगेगी तो आप देखेंगे कि मिश्रण धीरे-धीरे गाढ़ा होने लगता है। अब इसमें इलायची पाउडर डाल सकते हैं। यदि आप मोदक में थोड़ी-सी केसर की खुशबू मिला सकती हैं, इसके लिए केसर को थोड़े गुनगुने दूध में भिगोकर भी इसमें मिला सकते हैं। - अब इस मिश्रण को तब तक पकाएं, जब तक यह गाढ़ा न हो जाए। इतना ध्यान रहे कि इसको ज्यादा सूखने नहीं देना है, क्योंकि अधिक सूखे मिश्रण से मोदक बनाने में दिक्कत होगी। - मिश्रण गाढ़ा होने के बाद गैस को बंद कर दें और इसे थोड़ा ठंडा होने के लिए रख दें। मिश्रण ठंडा होने के बाद इसे हाथों से मसल के चिकना कर लें। - इसके बाद मोदक मोल्ड लें और इसके अंदर थोड़ा-सा घी लगा लें। अब मिश्रण का एक हिस्सा सांचे में भरें और उंगलियों या चम्मच की मदद से अच्छे से दबा दें। सांचा बंद करके हल्के हाथ से दबाएं और इसके बाद मोदक को बाहर निकाल लें। - अब आप ऊपर से कटे हुए बादाम और पिस्ता लगाकर इन्हें सजा भी सकते हैं। तैयार है आपके मलाई मोदक।
वैक्सिंग के हफ्तेभर बाद ही उग जाते हैं छोटे दाने, इस पैक से मिलेगी सॉफ्ट स्किन
वैक्सिंग कराने के बाद छोटे-छोटे दाने और महीन बालों की वजह से स्किन खुरदुरी दिखती है और स्ट्रॉबेरी लेग्स की शिकायत रहती है तो इस पैक को लगाकर देखें। हाथ-पैरों की स्किन सॉफ्ट और स्मूद होने में मदद मिलेगी।
Radha Rani Bhog: बिना प्याज-लहसुन वाली दही-अरबी, नोट करें रेसिपी
राधाष्टमी पर राधा रानी के लिए भोग में कुछ खास बनाना चाहते हैं? कहा जाता है कि उन्हें दही-अरबी पसंद है। ऐसे में इस बार बिना प्याज-लहसुन वाली यह स्वादिष्ट सब्जी जरूर बनाकर देखें।
Radha Ashatami Bhog: राधा रानी के भोग में बनाएं खिचड़ी, स्वाद ऐसा कि लोग और मांगकर खाएंगे
राधा रानी के जन्मोत्सव राधा अष्टमी के मौके पर भोग लगाना है तो हलवा पूड़ी, मिठाई, फल का भोग तो सभी लगाते हैं। लेकिन काफी सारे लोग खिचड़ी का भोग लगाकर बांटते हैं। तो इस बार सात्विक खिचड़ी बनाने के लिए ये रेसिपी ट्राई करें। सब मांगकर खाएंगे भोग में चढ़ाई खिचड़ी।
घर में पड़ी है खट्टी दही तो नाश्ते, लंच और डिनर में ऐसे करें इस्तेमाल, नहीं जाएगी बेकार
घर में खट्टी दही पड़ी है तो उसे फेंकने की बजाय कई कामों में इस्तेमाल किया जा सकता है। खट्टी दही का इस्तेमाल कर आप नाश्ता, लंच और डिनर में कुछ चीजें बनाकर खा सकते हैं। आइये जानते हैं खट्टी दही का क्या उपयोग करें।
Health Tips: प्रेग्नेंसी में नहीं रखेंगे अगर आप भी इन बातों का ध्यान तो फिर हो सकती हैं परेशानी
इंटरनेट डेस्क। हर महिला का सपना मां बनने का होता है। लेकिन उसके पहले प्रेग्नेंसी के दौरान आपको कई बातों का ध्यान रखना होता है और इसके लिए आपको घर के बड़े लोग भी बार बार टोकते रहते है। ऐसे में आपको किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए आज आपको बता रहे है। स्मोकिंग से दूरी सबसे पहले तो आपको अगर स्मोकिंग की आदत है तो आपको प्रेगनेंसी के दौरान स्मोकिंग बिल्कुल भी नहीं करनी है। इससे आपको मिसकैरेज होने का खतरा बढ़ता है। साथ ही स्मोकिंग करने वालों से भी जितना हो सके दूर रहें। एल्कोहल से दूरी इसके साथ ही आपको एल्कोहल से भी दूरी बनाके रखनी है। गर्भवती महिलाओं को एल्कोहल का सेवन भी पूरी तरह से बंद कर देना चाहिए। इसका प्रभाव बच्चे के नर्वस सिस्टम पर पड़ सकता है। बच्चा मंदबुद्धि और आनुवंशिक रोगों से ग्रस्त हो सकता है। pc- BBC
Ethnic Hair Accessories: Festive Season में Ethnic Look को खास बनाएंगी ये 3 ट्रेंडी Hair Accessories
खूबसूरत, लंबे और घने बाल हमारी खूबसूरती को दोगुना करने का काम करते हैं। खासकर फेस्टिव सीजन में सिल्की, घने और लंबे बाल एथनिक लुक को परफेक्ट बनाते हैं। वहीं बालों की खूबसूरती तब और ज्यादा निखरकर आती है, जब आप उनके साथ कुछ मैचिंग और लेटेस्ट हेयर एक्सेसरीज जोड़ती हैं। मेकअप, आउटफिट्स और ज्वेलरी को लगभग हर कोई कैरी करता है। लेकिन महिलाएं हेयर एक्सेसरीज को लेकर अक्सर कंफ्यूज रहती हैं। ऐसे में इस फेस्टिव सीजन आप भी एथनिक लुक के साथ सही हेयर एक्सेसरीज चुनकर अपने लुक को अट्रैक्टिव बना सकती हैं। एथनिक लुक के लिए ट्रेंडी हेयर एक्सेसरीज मार्केट में आपको कई तरह की मॉर्डन और पांरपरिक हेयर एक्सेसरीज मिल जाएंगी। जिनको आप फेस्टिव सीजन में रॉयल लुक पाने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको 3 ट्रेंडी हेयर एक्सेसरीज के बारे में बताने जा रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Nath Designs: Traditional Look की खूबसूरती बढ़ाएंगे Ruby-Pearl और Floral Nath Designs कुंदन और मोतियों वाली शीशपट्टी या माथा पट्टी आजकल शीशपट्टी काफी ज्यादा ट्रेंड में है। इस फेस्टिव सीजन आप भी इस तरह की कुंदन और मोतियों वाली शीशपट्टी या माथा पट्टी को कैरी कर अपने लुक में चार चांद लगा सकती हैं। इसको बालों में लगाना काफी आसान होता है। यह माथे के साथ-साथ पूरे फेस की खूबसूरती को निखार देता है। जानें कैसे करें स्टाइल पोलकी, कुंदन और बारीक मोतियों से बनी यह माथा पट्टी खुले बालों पर काफी अच्छी लगती है। आप इसको साड़ी, लहंगे या राजपूती पोशाक के साथ पेयर कर सकती हैं। गजरा पिन और फ्लोरल हेयर क्लिप्स फूलों वाला गजरा लगभग हर महिला की पहली पसंद बना है। अपने लुक को खास और अट्रैक्टिव दिखाने के लिए आप आर्टिफिशियल या फैब्रिक गजरा क्लिप्स यूज कर सकती हैं। इससे आपके बालों की खूबसूरती दोगुनी हो जाएगी। जानें कैसे करें स्टाइल हाफ-अप हेयरस्टाइल या ट्रेडिशनल मेसी बन बनाकर गजरा क्लिप्स को अपने बालों में लगा सकती हैं। इसको आप बनारसी साड़ी, इंडो-वेस्टर्न और कांजीवरम साड़ी के साथ पेयर कर सकती हैं। गोटा-पट्टी और मोतियों वाली परांदी फेस्टिव सीजन में सुनहरी लटकन, शीशे, गोटा-पट्टी और रंग-बिरंगे मोतियों से सजी ट्रेंडी परांदी काफी ट्रेंड में रहती है। वहीं आप फेस्टिव सीजन में अपने लुक को खास बनाने के लिए गोटा-पट्टी और मोतियों वाली परांदी कैरी कर सकती हैं। तीन लेयर वाली गूंथी चोटी के निचले हिस्से में इसको लगाकर अपने लुक को कंप्लीट करें। इससे आपकी चोटी की लंबाई भी बढ़ जाएगी। जानें कैसे करें स्टाइल सागर चोटी, थ्री लेयर वाली गूंथी चोटी और खजूर चोटी के साथ भी पेयर कर सकती हैं। इसको आप शरारा, पंजाबी सूट या हैवी लहंगा चोली के साथ पेयर कर सकती हैं। इन हेयर एक्सेसरीज को करें पेयर इन एक्सेसरीज को पेयर करने से आपके बालों की खूबसूरती बढ़ने के साथ इसके अन्य फायदे भी मिलेंगे। इन हेयर एक्सेसरीज की वजह से आपका सिंपल लुक भी हैवी और खूबसूरत लगने लगता है। फैंसी जूड़ा पिन्स और शीशपट्टी बालों को अच्छे से होल्ड करती है। साड़ी, अनारकली, शरारा या इंडो-वेस्टर्न जैसे किसी भी आउटफिट के साथ आप इन हेयर एक्सेसरीज को पेयर कर सकती हैं।
Sunlight Benefits: आखिर क्यों रोजाना लेनी चाहिए सुबह की धुप? क्यों है फायदेमंद, जान लें
pc: amar ujala सुबह कुछ देर धूप में रहना स्वस्थ जीवनशैली की ओर एक आसान कदम हो सकता है। सुबह की प्राकृतिक रोशनी आपके शरीर की आंतरिक बॉडी क्लॉक (जैविक घड़ी) को सही समय पर सेट करने में मदद करती है। इससे शरीर को यह समझने में मदद मिलती है कि कब जागना और सतर्क रहना है और कब नींद के लिए तैयार होना है। दिन के समय, खासकर सुबह, कुछ समय बाहर प्राकृतिक रोशनी में बिताने से आपकी बॉडी क्लॉक बेहतर तरीके से काम कर सकती है और रात में अच्छी व पर्याप्त नींद लेने में मदद मिल सकती है। इसके लिए आप सुबह कुछ मिनट बाहर बैठ सकते हैं या थोड़ी देर टहलने जा सकते हैं। सूरज की किरणें कोर्टिसोल के स्तर को कम कर सकती हैं। तनाव के हार्मोन को 'कोर्टिसोल' के रूप में जाना जाता है। यह आपकी भूख को बढ़ा सकता है और विशेषज्ञों के अनुसार, उच्च कोर्टिसोल के स्तर से वजन बढ़ता है। सूरज की रोशनी के संपर्क में आने से, शरीर के नाइट्रोजन ऑक्साइड के भंडार रक्तप्रवाह में निकल जाते हैं, जिससे रक्त वाहिकाओं के विस्तार के कारण रक्तचाप कम हो जाता है। हालाँकि, सीधे सूरज की ओर कभी न देखें। बहुत अधिक धूप त्वचा और आँखों को नुकसान पहुँचा सकती है। इसलिए धूप लेते समय अपनी आँखों और त्वचा की सुरक्षा का ध्यान रखें।
नहीं चाहते कोई देखे आपका Online Status? WhatsApp पर ऐसे करें हाइड
pc: amar ujala व्हाट्सएप पर किसी से चैट करते समय कई बार ऐसा होता है कि आप बस मैसेज देखना चाहते हैं, लेकिन सामने वाले को यह पता नहीं चलना चाहिए कि आप उस वक्त ऑनलाइन हैं। अगर आप भी अपनी ऑनलाइन एक्टिविटी को प्राइवेट रखना चाहते हैं, तो व्हाट्सएप में इसके लिए एक उपयोगी प्राइवेसी सेटिंग मौजूद है। ऑनलाइन दिखना बंद कैसे करें? इसके लिए सबसे पहले व्हाट्सएप खोलें और Settings में जाएं। इसके बाद Privacy विकल्प पर टैप करें। यहां आपको Last Seen and Online नाम की सेटिंग दिखाई देगी। अब Who can see my last seen में अपनी पसंद के अनुसार विकल्प चुनें। अगर आप ज्यादा प्राइवेसी चाहते हैं, तो Nobody चुन सकते हैं। इसके बाद Who can see when I'm online वाले विकल्प में Same as last seen चुनें। अब जिन लोगों से आपने अपना Last Seen छिपाया है, उन्हें आपकी Online Status भी उसी आधार पर दिखाई नहीं देगी। एक जरूरी बात व्हाट्सएप की प्राइवेसी सेटिंग बदलने के बाद कुछ दूसरी सुविधाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। उदाहरण के लिए, अगर आप अपना Last Seen और Online Status दूसरों से छिपाते हैं, तो आप भी कुछ परिस्थितियों में दूसरे लोगों का Last Seen या Online Status नहीं देख पाएंगे। अगर आपका मकसद सिर्फ इतना है कि लोग आपकी ऑनलाइन मौजूदगी पर नजर न रखें, तो Last Seen and Online की सेटिंग बदलना सबसे सीधा विकल्प है। इसके अलावा Read Receipts को अलग से नियंत्रित किया जा सकता है, लेकिन यह Online Status को Hide करने वाली सेटिंग नहीं है। इस तरह बिना किसी थर्ड-पार्टी ऐप के व्हाट्सएप की अपनी Privacy Settings से आप अपनी Online Visibility को काफी हद तक नियंत्रित कर सकते हैं। सेटिंग बदलने के बाद भी व्हाट्सएप का इस्तेमाल सामान्य रूप से किया जा सकता है।
जानें स्किन टाइप के हिसाब से कैसे चुनें सही फाउंडेशन। Ambika Pillai ने बताए आसान मेकअप टिप्स।
हेल्थ टिप: RO का पानी पीना सेहत के लिए कितना सेफ? जानें कब ये माना जाता है खतरनाक
Is RO Water Safe For Health: हर घर में आजकल आरओ होना बेहद आम बात है। पर क्या इसका पानी वाकई हेल्थ के लिए फायदेमंद है? आइए इस लेख में जानते हैं।
राधा अष्टमी भोग 2026: राधा जी को लगाएं ये प्रिय भोग, घर पर ऐसे बनाएं आसान रेसिपी
Radha Ashtami 2026: राधा अष्टमी पर राधा रानी को क्या भोग लगाएं? जानें माखन-मिश्री और धनिया पंजीरी बनाने की आसान विधि और भोग से जुड़ी पारंपरिक मान्यताएं।
वजन घटाने का आसान तरीका: क्या हर दिन सिर्फ 30 मिनट पैदल चलने से वजन कम हो सकता है?
Does Walking Can Help You Lose Weight : अक्सर आपने लोगों को ये कहते सुना होगा कि हर दिन वॉक करने से आप अपन वजन कम कर सकते हैं। इस बात में कितनी सच्चाई है, आइए जानते हैं इस लेख में।
कांच के गिलास-बर्तन फीके पड़ गए! तो ये तरीका अपनाएं, नए जैसे चमक उठेंगे
कांच की गिलास या सर्विंग बाउल बिल्कुल पीले दिखने लगे हैं। अब उन कांच के पुराने बर्तनों को इस्तेमाल करने का मन नहीं करता तो आज ही इस छोटी सी ट्रिक सफाई करें। मिनटों में सारे कांच के बर्तन नये जैसे चमकने लगेंगे और आपको पैसे खर्च कर नया क्रॉकरी सेट खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
Nainital के Kainchi Dham के पास जरूर देखें Bhowali, नगरी गांव और श्यामखेत टी गार्डन
कैंची धाम को नीम करोली बाबा के आश्रम के नाम से भी जाना जाता है। हर महीने यहां पर हजारों की संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं। उत्तराखंड की पहाड़ियों में स्थित कैंची धाम सिर्फ धार्मिक दृष्टि से नहीं बल्कि खूबसूरती और शांति के लिए भी पसंद की जाती है। कैंची धाम नैनीताल जिले में है और यहां पहुंचना भी आसान है। अगर आप भी यहां पर जाने का प्लान कर रहे हैं और दर्शन करने के बाद आपके पास थोड़ा सा समय है, तो वापस लौटने की जगह आसपास की कुछ खूबसूरत जगहों को एक्सप्लोर कर सकती हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको 10 किमी के अंदर की कुछ बेहद खूबसूरत जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं। भवाली कैंची धाम से नीचे की ओर जाते हुए भवाली घूमना बेस्ट ऑप्शन हो सकता है। यह जगह कैंची धाम से करीब 10 किमी अंदर आता है और वापसी के रास्ते में भी पड़ता है। इसे भी पढ़ें: Palani Hills की ऊंचाई पर बसा Kodaikanal, जानिए क्यों कहलाता है Princess of Hill Stations यहां घूमना क्यों है अच्छा भवाली में आपको खूबसूरत पहाड़ी बाजार घूमने का मौका मिलेगा। यहां पर आप पहाड़ी सामान खरीदने के साथ-साथ यहां के स्थानीय व्यंजनों को खा सकते हैं। यहां पर आगे जाने से पहले पहाड़ों का नजारा देखते हुए थोड़ा रेस्ट कर सकते हैं। अगर अधिक घूमने का समय नहीं है, तो आप यहां रुक भी सकती हैं। नगरी गांव भवाली घूमने के बाद अगर आपके पास समय है, तो आप नगरी गांव को भी एक्सप्लोर कर सकते हैं। यह गांव कैंची धाम से करीब 10 किमी दूर है। भवाली से नगरी गांव की दूरी करीब 3 किमी है। यहां घूमना क्यों अच्छा नगरी गांव एक बेहद सुंदर और शांत जगह है। यह गांव प्रकृति प्रेमियों को काफी पसंद आएगी। यहां के ऊंचे-ऊंचे पहाड़ और हरियाली आपका मन मोह लेगी। यहां पर आप छोटे रास्ते पर सैर कर सकते हैं और स्थानीय लोगों का रहन-सहन देख सकते हैं। श्यामखेत श्यामखेत एक चाय का बागान है, जोकि भवाली से करीब 2 किमी दूर है। कैंची धाम से यहां तक आने के लिए आपको करीब 10 किमी की दूरी तय करनी होगी। यहां घूमना क्यों अच्छा यहां पर आपको एकदम शांत माहौल मिलेगा और दूर-दूर तक जहां आपकी नजर जाएगी, आपको सिर्फ हरा-भरा नजारा देखने को मिलेगा। मानसून में इस जगह की खूबसूरती अधिक बढ़ जाती है, यहां चारो ओर हरियाली होती है, जिससे यह जगह और भी खूबसूरज नजर आती है। पैदल वॉक और फोटोग्राफी के लिए यह एक परफेक्ट जगह है।
विश्व बांस दिवस: क्या बांस की चीजें सच में ईको-फ्रेंडली हैं? खरीदने से पहले जानें ये 7 बातें
Bamboo Uses: अगली बार बांस का सामान देखकर केवल नेचुरल या ईको फ्रेंडली लेबलपर भरोसा करने के बजाय कुछ जरूरी सवाल पूछना समझदारी है। क्या यह असली बांस है या केवल बांस फाइबर से बनाकम्पोजिट?इसमें प्लास्टिक या सिंथेटिक रेसिन तो नहीं ?
शरीर और मन को संतुलित रखने के लिए करें ताड़ासन, जानिए इसके लाभ
आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में घंटों एक ही जगह बैठकर काम करने से हमारा शारीरिक पोस्चर बिगड़ जाता है।
लौकी-पनीर नहीं, इस बार कच्चे केले के कोफ्ते बनाकर देखें! Recipe
लौकी के कोफ्ते तो बहुत खाए होंगे, लेकिन क्या कभी कच्चे केले के कोफ्ते खाए हैं? अगर नहीं, तो इस बार घर पर यह स्वादिष्ट और थोड़ी अलग कोफ्ते की सब्जी जरूर बनाकर देखें।
Salt Health Risks: खाने में ज्यादा Sodium बढ़ा सकता है High BP और Heart Attack का खतरा
सेहत के लिए जो चीजें सबसे ज्यादा नुकसानदायक बताई गई हैं, वह ज्यादा नमक और चीनी का सेवन है। नमक के बिना खाने में कोई स्वाद नहीं लगता है। लेकिन अगर खाने में ज्यादा नमक का इस्तेमाल किया जाए, तो यह सेहत के लिए कई मुश्किलें खड़ी कर सकता है। दाल, सलाह, नमकीन आदि में थोड़ा ज्यादा नमक, इन छोटी-छोटी आदतों से दिनभर में शरीर में कितना नमक जा रहा है, इसका अंदाजा हमें नहीं हो पाता है। वहीं सोडियम हमारे शरीर में पानी का संतुलन, मांसपेशियों और नसों के काम में अहम भूमिका निभाता है। लेकिन जरूरत से ज्यादा सोडियम की मात्रा लेने पर यह शरीर पर बोझ बढ़ा सकता है। ज्यादा नमक का सेवन ब्लड प्रेशर को बढ़ाने वाला माना जाता है और इसके नुकसान इससे भी ज्यादा हो सकते हैं, जिसका लोगों को अंदाजा तक नहीं होता है। इसे भी पढ़ें: दिनभर की थकान और पैरों के भारीपन से राहत दिलाएगा सेंधा नमक वाला 20 Minute Pedicure अधिक सोडियम नुकसानदायक WHO के अनुसार, वयस्कों को एक दिन में 5 ग्राम या इससे कम मात्रा में नमक का सेवन करना चाहिए। वहीं ध्यान रखें कि इसमें सिर्फ खाना पकाते समय डाला गया नमक नहीं, बल्कि प्रोसेस्ड और पैकेज्ड फूड, सॉस, नमकीन, अचार और अन्य चीजों से मिलने वाला सोडियम भी शामिल है। इसे भी पढ़ें: दिनभर की थकान और पैरों के भारीपन से राहत दिलाएगा सेंधा नमक वाला 20 Minute Pedicure अधिक सोडियम का सेवन करने से इसका सबसे ज्यादा असर ब्लड प्रेशर पर होता है। लेकिन इसके जोखिम सिर्फ हाई बीपी तक ही सीमित नहीं हैं। लंबे समय तक ज्यादा नमक लेने से दिल और ब्लड वेसेल्स पर दबाव बढ़ सकता है। वहीं किडनी को भी एक्स्ट्रा सोडिमय को निकालने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है। ब्लड प्रेशर पर पड़ता है असर जब शरीर में सोडियम की मात्रा बढ़ती है, तो बॉडी में एक्स्ट्रा तरल पदार्थ जमा होने लगता है। जिससे ब्लड की मात्रा और ब्लड वेसेल्स पर भी दबाव बढ़ सकता है और हाई बीपी की समस्या हो सकती है। इसे भी पढ़ें: फर्श पर पड़े नूडल्स से बन रही थी नमकीन भुजिया! FSSAI की बड़ी कार्रवाई, 'Wai Wai' बनाने वाली कंपनी के उत्पादन पर रोक यही कारण है कि हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से परेशान रहने वाले लोगों को डाइट में नमक कम करने की सलाह दी जाती है। लंबे समय तक बढ़ा हुआ हाई बीपी दिल और ब्लड वेसेल्स पर लगातार दबाव डालता है। जिससे स्ट्रोक और हृदय रोग संबंधी जोखिमों का खतरा बढ़ सकता है। बढ़ सकता है दिल पर दबाव बढ़ा हुआ बीपी और ज्यादा नमक दोनों एक-दूसरे से जुड़े हैं। अक्सर जब आपका बीपी हाई रहता है, तो दिल को शरीर में ब्लड पहुंचाने के लिए एक्स्ट्रा मेहनत करनी पड़ती है। समय के साथ यह रक्त वाहिकाओं पर हृदय पर एक्स्ट्रा दबाव डाल सकता है। इसे भी पढ़ें: व्रत में Satvik Food ही क्यों खाया जाता है? जानिए इसके पीछे की पूरी परंपरा WHO के मुताबिक अधिक सोडियम वाली डाइड बीपी को बढ़ाती है। वहीं बढ़ा हुआ बीपी हार्ट अटैक, हृदय रोग और स्ट्रोक जैसी समस्याओं की वजह बन सकता है। किडनी पर पड़ती है एक्स्ट्रा मेहनत शरीर में सोडियम और पानी का संतुलन बनाए रखने में किडनी अहम भूमिका निभाती है। लेकिन जब शरीर में अधिक सोडियम जाता है, तो इसको बाहर निकालने में किडनी को मेहनत भी अधिक करनी पड़ती है। इस तरह से किडनी के लिए सोडियम और हाई बीपी दोनों मुश्किलें बढ़ाने लगते हैं। ज्यादा नमक के जोखिम बता दें कि नमक में मौजूद सोडियम शरीर के पानी के संतुलन को प्रभावित कर सकता है। अधिक सोडियम के सेवन से कुछ लोगों के शरीर में पानी जमा होने लगता है। खासकर इसका असर उन लोगों में अधिक देखने को मिल सकता है, जिनको किडनी, हृदय या अन्य सेहत संबंधी समस्याएं हैं।
सोलो ट्रिप के लिए बेस्ट हैं हिमाचल के हिडन डेस्टिनेशन्स, माइंड रिलैक्स करने के लिए आज ही बनाएं प्लान
हिमाचल प्रदेश की वादियां सोलो ट्रैवर्स के लिए भी बेस्ट मानी जाती है। यहां हम आपको हिमाचक के कुछ हिडन डेस्टिनेशन के बारे में बताने जा रहे हैं जहां आपको जन्नत से नजारे देखने को मिल सकते हैं।
बच्चों को अनजाने में जिद्दी बना रही पैरेंट्स की ये आदत, आज से फौरन रोक दें
आपका बच्चा जिद्दी हो गया है तो इसके लिए कहीं ना कहीं पैरेंट्स ही जिम्मेदार हैं। अगर अपने बड़े होते बच्चे के साथ इनमे से एक या दो हरकतें भी आप कर रहे हैं तो फौरन बंद कर दें नहीं तो वो जिद्दी हो जाएगा।
फोन, सोशल मीडिया सब साइड में! क्या है Gen Z का मोंक मोड ट्रेंड?
काम का दबाव, फोन की लगातार घंटियां और सोशल मीडिया की भागदौड़ से परेशान हैं? Gen Z के बीच इन सबसे थोड़ी दूरी बनाकर खुद पर ध्यान देने का एक नया तरीका चर्चा में है, जिसे मोंक मोड कहा जाता है।
राधा अष्टमी कब है 2026: आज या कल, बरसाना-वृंदावन में कब मनाई जाएगी राधा अष्टमी?
Radha Ashtami 2026 Date: साल 2026 में राधा अष्टमी 19 सितंबर, शनिवार को मनाई जाएगी।यह पर्व भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है।
नाश्ते में बनाएं महाराष्ट्रियन स्टाइल ग्वार फली ठेचा, आसान है बनाना
ग्वार फली का ठेचा महाराष्ट्र की पारंपरिक और स्वादिष्ट देसी रेसिपी है. ग्वार के साथ भुनी मूंगफली, तिल, लहसुन, हरी मिर्च और जीरा डालकर इसे दरदरा कूटा जाता है. ज्वार-बाजरे की भाकरी, रोटी या दाल-चावल के साथ इसका चटपटा और सोंधा स्वाद बेहद लाजवाब लगता है. आइए आपको इसकी देसी रेसिपी बताते हैं.
हेल्दी डाइट टिप्स: हेल्दी समझकर रोज खा रहे हैं ये चीजें? सेहत को हो सकता है नुकसान
Unhealthiest Healthy Foods: कुछ चीजें ऐसी होती हैं, जो हमें लगता है कि काफी हेल्दी हैं, लेकिन असल मेंये आपकी सेहत को काफई नुकसान पहुंचाती हैं। आइए इनके बारे में जानते हैं।
रिलेशनशिप टिप्स: 'ठीक हूं' कहकर बात टाल रहा है पार्टनर? इन संकेतों को समझना जरूरी
स्वस्थ रिश्ते में हर भावना को तुरंत शब्दों में रखना जरूरी नहीं, लेकिन एक-दूसरे के बदलावों को समझना और बिना दबाव के बातचीत की जगह देना जरूरी है।
जाते हुए बारिश के मौसम में कौन सी सब्जियां खाएं? आयुर्वेद में बताए गए हैं ये 5 विकल्प
सावन बीतने के साथ ही बारिश का महीना भी धीरे-धीरे खत्म होने लगता है। जाते हुए बारिश के मौसम में इंफेक्शन और बीमार होने का डर रहता है, ऐसे में बिना मौसम की सब्जियों को खाने की बजाय इन 5 तरह की मौसमी सब्जियों को खाएं, पाचन और सेहत दोनों दुरुस्त रहेगी।
ऑमलेट कभी कड़ा तो कभी खिंचने वाला बन जाता है? सिंपल हैक जो बनाएगा फ्लफी
ऑमलेट बनाते वक्त कभी ये सॉफ्ट होकर टूटने लगता है तो कभी इतना कड़ा हो जाता है कि खाते वक्त चबाना पड़ता है। हर बार ऑमलेट अलग तरह से बन जाता है तो इस सिंपल से हैक को फॉलो करें। एक जैसा सॉफ्ट और फ्लफी ऑमलेट ही बनेगा।
Jokes of the day: टीचर-स्टूडेंट के ऐसे मजेदार जोक्स, पढ़कर हंसी रोकना हो जाएगा मुश्किल
हंसना सेहत के लिए बहुत जरूरी है। इस काम में मदद करेंगे ये फनी जोक्स, जिसे पढ़ लिया तो ठहाके लगाकर हंसेंग वो भी बगैर किसी कारण के, तो देर ना करें और सुबह उठते ही ऐसे जोक्स पढ़कर खुद को सेहतमंद बनाने पर विचार करें।
घर पर बनाएं मसालेदार मक्के के आटे और आलू की पूड़ी, बेहद आसान है तरीका
आपने पूड़ी तो कई तरह की खाई होगी लेकिन क्या आपने मसालेदार मक्के के आटे और आलू की पूड़ी खाई है। अगर नहीं तो आज ही ट्राय करें। यहां इसकी आसान सी रेसिपी दी गई है।
Motivational Shayri: 'हार से डरने वाले..' मोटिवेशनल मैसेज के साथ करें दिन की शुरुआत
डर के पीछे रहने वालों की कभी भी जीत नहीं होती, जीत उसी को मिलती है जो हर मुसीबत को चुनौती मान उसका पीछा करते हैं। ऐसी ही कुछ मोटिवेशनल लाइन को पढ़ें और जीवन में आगे बढ़ने का प्रयास करें। ये मोटिवेशनल लाइन इस काम में मदद करेंगी।
20 किलो वजन कम करने के बाद महिला ने साझा किया अनुभव, बोलीं- खुद में महसूस किए कई बदलाव
न्यूट्रिशनिस्ट नमिता सतीश ने करीब 20 किलो वजन कम करने के बाद अपनी वेट लॉस जर्नी और उससे जुड़े बदलाव साझा किए।
कबूतरों से छुटकारा, बच्चों की सेफ्टी भी! बालकनी में लगाएं ये जाली
Balcony Covering Tips: बालकनी में बच्चों की सेफ्टी के साथ कबूतरों से बचाव के लिए ग्रीन जाली और फाइबर शीट लगवाई जा सकती है. इससे बच्चों के बालकनी से गिरने का खतरा कम करने और कबूतरों की गंदगी से बचने में मदद मिल सकती है. जानें इसे कैसे लगवाएं, इसके क्या फायदे हैं और बालकनी कवरिंग में कितना खर्च आ सकता है.
कपड़े नहीं, आदतों से बनती है अच्छी पर्सनैलिटी! आपको 90% लोगों से बेहतर बना देंगी ये 5 बातें
अच्छी पर्सनैलिटी का मतलब ये नहीं है कि आप महंगे कपड़े पहनें या किसी खास भाषा में बात करें। आपका व्यवहार ही तय करता है कि लोग आपको पसंद करेंगे या नहीं। ऐसे में ये 5 आदतें आपको अपने अंदर जरूर लानी चाहिए।
डेली वियर के लिए गोल्ड ईयरिंग्स बनवाने हैं? हल्के में देखें 8 फैंसी डिजाइन, बजट में बन जाएंगे!
डेली वियर में पहनने के लिए हल्के ईयरिंग्स बनवाने की सोच रही हैं, तो ये फैंसी डिजाइन एक बार जरूर देख लें। यहां आपको झुमकी से ले कर सुई धागा ईयरिंग्स के फैंसी डिजाइन मिल जाएंगे, जो काफी लाइटवेट भी हैं।
Samsung Galaxy S26 FE में मिला One UI 9 का दम, कैमरा से बैटरी तक जानें पूरी डिटेल
सैमसंग ने अपनी प्रीमियम Galaxy S सीरीज में नया Samsung Galaxy S26 FE पेश किया है। कंपनी का यह नया स्मार्टफोन आकर्षक डिजाइन, आधुनिक AI क्षमताओं, दमदार कैमरा और लंबे सॉफ्टवेयर सपोर्ट के साथ आया है। खास बात यह है कि यह फोन सीधे One UI 9 के साथ उपलब्ध होगा। ऐसे यूजर्स जो प्रीमियम अनुभव चाहते हैं लेकिन अल्ट्रा-प्रीमियम कीमत से बचना चाहते हैं, उनके लिए यह मॉडल दिलचस्प विकल्प बन सकता है। One UI 9 के साथ ज्यादा स्मार्ट हुआ Galaxy AI Galaxy S26 FE में One UI 9 के साथ Galaxy AI को और अधिक उपयोगी बनाया गया है। Now Brief फीचर यूजर की दिनचर्या, मौसम और सेहत से संबंधित जानकारी को कस्टमाइज्ड कार्ड्स में पेश करता है। वहीं, Now Nudge थर्ड-पार्टी ऐप्स से मिलने वाले नोटिफिकेशन के आधार पर उपयोगी सुझाव देता है। Google के साथ मिलकर काम करने वाला Circle to Search भी अब ज्यादा सक्षम है। यह स्क्रीन पर मौजूद कई वस्तुओं को एक साथ पहचानकर उनके बारे में जानकारी खोजने में मदद करता है। यानी रोजमर्रा के कामों में फोन पहले से ज्यादा स्मार्ट असिस्टेंट की भूमिका निभा सकता है। इसे भी पढ़ें: WiFi Signal Boost Tips: बिना नया राउटर खरीदे ऐसे बढ़ाएं घर में Wi-Fi की स्पीड और रेंज कैमरे में मिलेगा ट्रैकिंग और AI एडिटिंग का तड़का फोटोग्राफी के लिहाज से Galaxy S26 FE में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है, जिसमें 3x ऑप्टिकल जूम का सपोर्ट मिलता है। सेल्फी और ग्रुप फोटो के लिए 12MP फ्रंट कैमरा मौजूद है। वीडियो क्रिएटर्स के लिए My FanCam एक खास फीचर है। रिकॉर्डिंग के दौरान यह किसी चुने हुए व्यक्ति को ट्रैक करते हुए उसे फ्रेम के बीच में रखने में मदद करता है। इसके अलावा Super Steady और Nightography जैसे फीचर्स क्रमशः स्थिर वीडियो और कम रोशनी में बेहतर फोटोग्राफी का अनुभव देने का दावा करते हैं। AI आधारित Photo Assist और Gemini Omni टूल्स फोटो एडिटिंग को आसान बनाते हैं। यूजर टेक्स्ट प्रॉम्प्ट के जरिए तस्वीरों में बदलाव कर सकता है और गैलरी से बेहतर वीडियो क्लिप तैयार करने में मदद ले सकता है। 6.7 इंच AMOLED स्क्रीन और बड़ी बैटरी मनोरंजन और गेमिंग के लिए फोन में 6.7 इंच का AMOLED डिस्प्ले दिया गया है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट के साथ आता है। हाई रिफ्रेश रेट स्क्रॉलिंग, एनिमेशन और गेमिंग को ज्यादा फ्लुइड बना सकता है। पावर बैकअप के लिए इसमें 4,900mAh बैटरी है। यह 45W फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है और कंपनी के अनुसार लगभग 30 मिनट में बैटरी करीब 69 प्रतिशत तक चार्ज हो सकती है। 7 साल तक मिलेगा सॉफ्टवेयर सपोर्ट Galaxy S26 FE की सबसे बड़ी खूबियों में इसका लंबा सॉफ्टवेयर सपोर्ट शामिल है। सैमसंग 7 जनरेशन तक Android OS अपग्रेड और 7 साल तक सिक्योरिटी अपडेट्स देने का वादा कर रहा है। इससे फोन को लंबे समय तक इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को अतिरिक्त भरोसा मिल सकता है। नए फोन पर शिफ्ट होने वालों के लिए Smart Switch को भी बेहतर बनाया गया है, जिससे Android या iOS डिवाइस से डेटा ट्रांसफर करना आसान होगा। इसके अलावा ग्राहकों को 6 महीने का Google AI Pro एक्सेस भी मिलेगा। तीन रंगों में आएगा नया Galaxy फोन Samsung Galaxy S26 FE फोन को ब्लूबेरी, ग्रेफाइट और पिस्ताशियो रंगों में पेश किया गया है। स्लिम डिजाइन, AI फीचर्स, बड़ा डिस्प्ले, मजबूत बैटरी और लंबे अपडेट सपोर्ट का यह कॉम्बिनेशन इसे FE सीरीज का आकर्षक अपग्रेड बना सकता है। - डॉ. अनिमेष शर्मा
मसाला भूनने की 1 ट्रिक बदल देगी सब्जी का स्वाद, रेस्टोरेंट जैसे टेस्ट के लिए नोट करें 5 टिप्स
घर पर वही मसाले डालने के बाद भी रेस्टोरेंट वाला स्वाद सब्जी में नहीं आता। ये शिकायत कई लोगों की रहती है। यहां प्रॉब्लम मसालों की नहीं है, बल्कि उन्हें डालने के तरीके से हैं। आइए जानते हैं इससे जुड़ी 5 टिप्स
दही से बादाम तक, बच्चों की इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करेंगे ये 7 फूड्स, बार-बार नहीं होगी सर्दी-खांसी
बदलते मौसम में बच्चों की देखभाल सबसे ज्यादा करनी पड़ती है, वह सबसे पहले बीमार होते हैं। बच्चों की इम्यूनिटी कमजोरी होती है और ऐसे में उन्हें सर्दी-खांसी जल्दी होती है। चलिए बताते हैं इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए आप बच्चों को क्या खिलाएं?
PM Modi Glowing Skin Secret: 76 साल की उम्र में भी PM मोदी की फिटनेस और ग्लोइंग स्किन देखकर हर कोई हैरान रह जाता है। सब जानना चाहते हैं कि पीएम ऐसा क्या करते हैं कि उनके चेहरे पर अभी भी झुर्रियां नहीं है और गजब का ग्लो है? आइए जानते हैं
लौकी खाते ही बिगड़ सकती है तबीयत, अगर स्वाद में आए ये बदलाव तो तुरंत फेंक दें
लौकी को आमतौर पर हल्की, आसानी से पचने वाली और सेहत के लिए अच्छी सब्जी माना जाता है। लेकिन अगर लौकी का स्वाद सामान्य से बहुत ज्यादा कड़वा हो, तो इसे खाना भारी पड़ सकता है। हार्मोनल हेल्थ और वेट लॉस एक्सपर्ट लीमा महाजन के मुताबिक, सामान्य लौकी आमतौर पर पूरी तरह सुरक्षित होती है। लेकिन लौकी में अगर तेज और असामान्य कड़वाहट महसूस हो, तो यह एक बड़ा संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में लौकी को खाना नहीं चाहिए। लौकी का कड़वा स्वाद क्यों है खतरे की घंटी? सामान्य लौकी का स्वाद हल्का और फीका होता है। लेकिन अगर लौकी का स्वाद अचानक बहुत तेज कड़वा लगे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसकी वजह लौकी में कुकुर्बिटासिन नाम के प्राकृतिक तत्व की ज्यादा मात्रा हो सकती है। कुकुर्बिटासिन पौधे में पाए जाने वाले प्राकृतिक बचाव वाले तत्व हैं। पौधे इन्हें खुद को बचाने के लिए बनाते हैं। लेकिन इनकी मात्रा ज्यादा होने पर ऐसी लौकी खाना सेहत के लिए गंभीर परेशानी पैदा कर सकता है। इसे भी पढ़ें: Slow Walking: लंच और डिनर के बाद 10-15 मिनट की Walk से घटेगा Blood Sugar Level, दिल भी रहेगा हेल्दी कड़वी लौकी खाने से हो सकती हैं ये परेशानियां अगर लौकी में कुकुर्बिटासिन की मात्रा ज्यादा है और उसे खा लिया जाए, तो पेट से जुड़ी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। इनमें तेज पेट दर्द, बार-बार उल्टी और दस्त जैसी परेशानियां शामिल हैं। इससे शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन भी हो सकता है। कुछ मामलों में ब्लड प्रेशर खतरनाक स्तर तक गिर सकता है। इतना ही नहीं, गंभीर स्थिति में पेट और आंतों से ब्लीडिंग भी हो सकती है और उल्टी में खून तक आ सकता है। कई मामलों में लिवर से जुड़ी जांच में एंजाइम का स्तर बढ़ा हुआ मिल सकता है। स्थिति ज्यादा गंभीर होने पर मरीज को आईसीयू में भर्ती करने की जरूरत भी पड़ सकती है। लौकी खाने से पहले ऐसे करें छोटा सा टेस्ट लौकी को पकाने या उसका जूस बनाने से पहले उसके स्वाद की जांच कर लेना एक आसान सावधानी है। इसके लिए लौकी का एक बहुत छोटा टुकड़ा काटें और उसकी बेहद थोड़ी मात्रा का स्वाद लें। सामान्य लौकी का स्वाद हल्का और फीका होना चाहिए। अगर लौकी का स्वाद साफ तौर पर बहुत तेज या असामान्य रूप से कड़वा है, तो उसे तुरंत थूक दें और पूरी लौकी को फेंक दें। View this post on Instagram A post shared by Leema Mahajan | Hormone Health & Weight loss specialist (@leemamahajan) इसे भी पढ़ें: मोगरे का Gajra सिर्फ फैशन नहीं, CSIR के अनुसार Stress और थकान दूर करने में मददगार क्या पकाने से कड़वी लौकी का जहर निकल जाता है? सिर्फ लौकी को पकाने के भरोसे इसे सुरक्षित नहीं माना जा सकता। सामान्य तरीके से उबालने या प्रेशर कुकर में पकाने से कुकुर्बिटासिन भरोसेमंद तरीके से खत्म नहीं होते। इसलिए अगर लौकी कच्ची अवस्था में ही बहुत ज्यादा कड़वी लग रही है, तो उसे पकाकर या उसका जूस बनाकर खाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। लौकी नहीं, उसकी असामान्य कड़वाहट है असली समस्या यह समझना जरूरी है कि लौकी अपने आप में समस्या नहीं है। सामान्य स्वाद वाली लौकी आमतौर पर सुरक्षित होती है। खतरे का संकेत तब मिलता है, जब उसका स्वाद सामान्य से अलग और बहुत ज्यादा कड़वा हो। इसलिए लौकी इस्तेमाल करने से पहले अगर आपको उसमें तेज कड़वाहट महसूस हो, तो इसे खाने का जोखिम न लें और पूरी लौकी को फेंक दें। तोरी, खीरा और कद्दू में भी रखें ध्यान यह सावधानी सिर्फ लौकी के लिए नहीं है। लौकी वाले परिवार की कुछ दूसरी सब्जियों में भी अगर सामान्य से अलग और तेज कड़वा स्वाद आए, तो सावधान रहना चाहिए। इनमें तोरी, खीरा और कुछ तरह के कद्दू शामिल हैं। इन सब्जियों में भी असामान्य कड़वाहट महसूस होने पर इन्हें खाना नहीं चाहिए।
दादी-नानी बालों में क्यों लगाती थीं शिकाकाई-रीठा? 5 फायदे जानकर आप भी करने लगेंगे इस्तेमाल
दादी-नानी बालों को साफ करने के लिए शिकाकाई-रीठा लगाया करती थीं और इससे उनके बाल न सिर्फ साफ होते थे बल्कि मजबूत भी बने रहते थे। चलिए आपको इनके कुछ फायदों के बारे में बताते हैं।
चेहरे पर नेचुरल ग्लो चाहिए? स्किन टोन के हिसाब से ऐसे चुनें सही ब्लश, ये 5 पिक्स करें ट्राय
ब्लश चेहरे को फ्रेश और नेचुरल लुक देने के साथ मेकअप को बेहतर तरीके से बैलेंस कर सकता है। लेकिन सही शेड और फॉर्मूला चुनना जरूरी है। जानें अपनी स्किन टोन और स्किन टाइप के हिसाब से सही ब्लश कैसे चुनें और Amazon पर मिलने वाले 5 पॉपुलर विकल्पों के बारे में।
टमाटर को फ्रिज में रखना चाहिए या नहीं? जानें सही तरीका, 10 दिन तक भी नहीं होंगे खराब!
आपने कई लोगों को कहते सुना होगा कि टमाटर फ्रिज में नहीं रखने चाहिए। वहीं कुछ लोग टमाटर हमेशा फ्रिज में ही रखते हैं। ऐसे में कन्फ्यूज होना तो बनता है। तो चलिए आज जानते हैं सही तरीका क्या है। साथ ही टमाटरों को लंबे समय तक फ्रेश रखने का तरीका भी जानेंगे।
होम केयर गाइड: पसीने और रोजाना इस्तेमाल से गंदे हुए पिलो कवर को कैसे साफ करें? जानें 3 कारगर तरीके
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सादी मोहरी छोड़ पैंट-सलवार में सिलवाएं ये डिजाइन, पूरे सूट का लुक बदल जाएगा
सलवार कुर्ता या पैंट के साथ कुर्ता सिलवाने जाती हैं तो पैंट की डिजाइन को हमेशा प्लेन ही रखती हैं। उसमें डिजाइन बनवाने की याद ही नहीं आती। लेकिन इन 8 तरह की डिजाइन पूरे लुक को बदल सकती है।
रूम फ्रेशनर छोड़िए, कमरे में लगाइए ये 3 फूल वाले पौधे, इन्हें गमले में उगाना भी है आसान
कमरे में बंद हवा, खाना बनाने की गंध या लंबे समय तक खिड़की-दरवाजे बंद रहने से कई बार कमरे में अजीब सी बदबू आने लगती है। ऐसे में लोग अक्सर कमरे को खुशबूदार बनाने के लिए अलग-अलग तरह के सुगंध वाले सामान इस्तेमाल करते हैं। लेकिन अगर आप चाहते हैं कि कमरे में कुदरती खुशबू रहे, तो कुछ फूलों वाले पौधे भी अच्छा विकल्प हो सकते हैं। भारत में कई ऐसे खुशबूदार फूल हैं जिन्हें गमले में उगाया जा सकता है। इनमें कुछ पौधों को अच्छी रोशनी मिलने पर घर के अंदर भी रखा जा सकता है। मोगरा मोगरे का नाम आते ही उसकी मीठी और तेज खुशबू याद आती है। इसके छोटे सफेद फूलों की खुशबू खासकर शाम और रात के समय काफी अच्छी लगती है। मोगरे को गमले में आसानी से लगाया जा सकता है और सही देखभाल के साथ यह लंबे समय तक फूल भी दे सकता है। अगर आप इसे कमरे में रखना चाहते हैं तो खिड़की के पास ऐसी जगह चुनें, जहां इसे अच्छी धूप मिले। कमरे के किसी अंधेरे कोने में रखने से पौधे की बढ़त और फूल आने पर असर पड़ सकता है। कैसे रखें: खिड़की के पास, जहां अच्छी प्राकृतिक रोशनी आती हो। खुशबू: मीठी और तेज खास बात: फूल आने पर कमरे में कुदरती खुशबू फैलाने के लिए अच्छा विकल्प। इसे भी पढ़ें: मोगरे का Gajra सिर्फ फैशन नहीं, CSIR के अनुसार Stress और थकान दूर करने में मददगार गंधराज अगर आपको सफेद फूल और तेज खुशबू पसंद है तो गंधराज का पौधा आपके घर के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है। इसके सफेद फूलों से निकलने वाली खुशबू काफी तेज होती है और आसपास का माहौल महका देती है। गंधराज को गमले में उगाया जा सकता है। इसे घर के अंदर रखते समय ऐसी जगह चुनें जहां अच्छी रोशनी मिले। मिट्टी में पानी जमा न रहने दें और पौधे को जरूरत के हिसाब से पानी दें। कैसे रखें: रोशन खिड़की के पास या ऐसी जगह जहां पर्याप्त प्राकृतिक रोशनी हो। खुशबू: तेज और मीठी खास बात: सफेद फूल कमरे को खूबसूरत भी बनाते हैं और अच्छी खुशबू भी देते हैं। इसे भी पढ़ें: Skin Care Routine में शामिल करें Aprajita Flower Toner, बेदाग चेहरे के लिए असरदार उपाय रजनीगंधा रजनीगंधा अपने नाम की तरह रात के समय अपनी खुशबू के लिए खास तौर पर जाना जाता है। इसके सफेद फूलों की खुशबू काफी तेज होती है और थोड़े से फूल भी आसपास की जगह को महका सकते हैं। इसे गमले में लगाया जा सकता है और घर के अंदर भी रखा जा सकता है। लेकिन इसे भी अच्छी रोशनी की जरूरत होती है। इसलिए कमरे में रखने के लिए खिड़की के पास की जगह ज्यादा सही रहेगी। कैसे रखें: ऐसी खिड़की के पास जहां पर्याप्त रोशनी आती हो। खुशबू: तेज और लंबे समय तक रहने वाली खास बात: शाम और रात के समय इसकी खुशबू ज्यादा महसूस हो सकती है। पौधों को कमरे में रखते समय इन बातों का रखें ध्यान खुशबूदार फूलों के पौधे कमरे को अच्छा माहौल दे सकते हैं, लेकिन इन्हें लंबे समय तक बंद और अंधेरे कमरे में रखना सही नहीं है। पौधों को प्राकृतिक रोशनी और हवा की जरूरत होती है। अगर आपका कमरा बहुत कम रोशन है तो पौधों को कुछ समय के लिए बालकनी, खिड़की या ऐसी जगह रख सकते हैं जहां उन्हें पर्याप्त रोशनी मिले। साथ ही जरूरत से ज्यादा पानी देने से बचें, क्योंकि गमले की मिट्टी में लगातार पानी जमा रहने से पौधे की जड़ें खराब हो सकती हैं।
दिल्ली में पहला जुरासिक पार्क खुला है, जिसमें आपको डायनासोर देखने को मिलेंगे। इस पार्क में घूमने के लिए ज्यादा टिकट भी नहीं है और आपको काफी मजा आएगा। चलिए बताते हैं जुरासिक पार्क घूमने कब जाएं।
वायरल 80s एआई ट्रेंड ने मुझे रेट्रो डेनिम के बारे में फिर से सोचने पर मजबूर किया। स्ट्रेट-लेग और बूटकट से लेकर फ्लेयर्ड और एसिड-वॉश जींस तक, ये पांच स्टाइल हैं जिन्हें मैं आज के वॉर्डरोब में शामिल करने पर विचार करूंगी।
शादी वाले लहंगे का ब्लाउज सिलवाने वाली हैं? तो पहले से ही ये 7 बातें जान लें
आने वाले महीनों में शादी की डेट तय हुई है। आपने लहंगे की शॉपिंग भी कर ली है और ब्लाउज सिलवाने के बारे में सोच रही हैं तो ये 7 बातें जरूर जान लें, बड़े काम आएंगी और आपके स्पेशल डे के लुक को खराब भी नहीं होने देंगी।
आजकल डेट पर जाने से पहले घंटों तैयार होने का चलन धीरे-धीरे बदलता नजर आ रहा है। सोशल मीडिया पर एक नया ट्रेंड काफी चर्चा में है, जिसे अनपॉलिश्ड लुक कहा जा रहा है। इसमें कई युवा बिना ज्यादा मेकअप, बिना खास हेयरस्टाइल और यहां तक कि बिना नहाए भी डेट पर जाने की बात खुलकर बता रहे हैं। सुनने में यह थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन इसके पीछे की सोच काफी अलग है। कुछ लोग इसे अपना असली रूप दिखाने का तरीका मानते हैं, तो कुछ का कहना है कि हर बार खूबसूरत दिखने के लिए इतना तैयार होना जरूरी नहीं है। क्या है अनपॉलिश्ड लुक ट्रेंड? अनपॉलिश्ड लुक का मतलब है डेट पर जाने के लिए खुद को बिल्कुल सामान्य तरीके से रखना। यानी चेहरे पर भारी मेकअप नहीं, बालों को परफेक्ट तरीके से सेट करने की जरूरत नहीं और कपड़ों को लेकर भी बहुत ज्यादा तैयारी नहीं। कुछ युवा तो यह भी कह रहे हैं कि डेट से पहले नहाने या खास तौर पर तैयार होने की जरूरत महसूस नहीं होती। यह ट्रेंड खासकर टिकटॉक, इंस्टाग्राम रील्स और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से फैला है। कई युवाओं ने अपनी रियल डेट रूटीन वाले वीडियो शेयर किए हैं। इनमें उनका कहना है कि वे चाहते हैं कि सामने वाला उन्हें उसी तरह देखे, जैसे वे रोजमर्रा की जिंदगी में रहते हैं। इसे भी पढ़ें: Intimacy In Pregnancy: प्रेग्नेंसी में सेक्स को लेकर है डर? जानें कौन सी पोजिशन रहेगी ज्यादा आरामदायक? आखिर युवा ऐसा क्यों कर रहे हैं? इसके पीछे सबसे बड़ी वजह खुद को बिना दिखावे के सामने रखना बताई जा रही है। कई युवाओं का मानना है कि पहली डेट के लिए जरूरत से ज्यादा तैयार होना एक तरह का दबाव बना देता है। उनका कहना है कि अगर रिश्ता आगे बढ़ना है तो सामने वाले को उनका असली रूप भी पसंद आना चाहिए। कुछ लोगों के लिए यह कम तैयारी और ज्यादा आत्मविश्वास वाला ट्रेंड भी बन गया है। कुछ युवाओं का मानना है कि अगर कोई सिर्फ आपके बाहरी रूप को देखकर फैसला करता है, तो ऐसा रिश्ता ज्यादा समय तक चलना मुश्किल हो सकता है। सोशल मीडिया पर क्यों वायरल हुआ ये ट्रेंड? इंस्टाग्राम और टिकटॉक पर #UnpolishedLook, #NoShowerDate और #RealDateLook जैसे हैशटैग के साथ कई वीडियो सामने आए हैं। इनमें लोग बताते हैं कि वे सिर्फ चेहरे पर थोड़ा मॉइश्चराइजर लगाकर, आरामदायक कपड़े पहनकर और बिना ज्यादा तैयारी के डेट पर निकल जाते हैं। कुछ लोग इसे लो-मेंटेनेंस डेट भी कह रहे हैं। यही वजह है कि यह ट्रेंड खासकर जेन जी के बीच चर्चा का विषय बन गया है। इसे भी पढ़ें: जब ब्लॉक और नो-कॉन्टैक्ट भी काम न आए, तो खुद को उससे कैसे अलग करें? क्या बिना नहाए डेट पर जाना सच में नया फैशन है? यहां एक बात समझना जरूरी है। सोशल मीडिया पर वायरल होने वाला हर ट्रेंड हर व्यक्ति की असली आदत नहीं होता। कई वीडियो मजाक, मनोरंजन या किसी चैलेंज के तौर पर भी बनाए जाते हैं। वहीं, कुछ लोग सच में इस ट्रेंड को अपनाने की बात कर रहे हैं। लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि सभी युवा बिना नहाए डेट पर जा रहे हैं। असल में इस ट्रेंड की चर्चा बिना परफेक्ट तरीके से तैयार हुए डेट पर जाने को लेकर ज्यादा है, न कि साफ-सफाई छोड़ने को लेकर। एक्सपर्ट क्या कहते हैं? रिलेशनशिप और व्यवहार से जुड़े एक्सपर्ट्स का मानना है कि रिश्ते में ईमानदारी और सहज रहना अच्छी बात है, लेकिन साफ-सफाई को नजरअंदाज करना अलग बात है। उनके मुताबिक, खुद को जैसा हैं वैसा दिखाना ठीक है। लेकिन साफ-सफाई और अच्छी खुशबू पहली मुलाकात में अच्छा असर डाल सकती है। यानी रियल होना और अनहाइजीनिक होना एक जैसी बात नहीं है। आप बिना ज्यादा तैयार हुए भी आत्मविश्वास के साथ डेट पर जा सकते हैं और साफ-सफाई का भी ध्यान रख सकते हैं। डेटिंग को लेकर युवाओं की सोच बदल रही है? पहले डेट पर जाने का मतलब नए कपड़े पहनना, हेयरस्टाइल बनाना और घंटों तैयार होना माना जाता था। लेकिन अब कई युवा कम्फर्ट यानी आराम को ज्यादा महत्व दे रहे हैं। ढीले-ढाले कपड़े, हल्का मेकअप, स्नीकर्स और नैचुरल लुक अब युवाओं की पसंद का हिस्सा बन चुके हैं। ऐसे में अनपॉलिश्ड लुक सिर्फ बिना नहाए डेट पर जाने की बात नहीं है, बल्कि बिना ज्यादा दिखावे के खुद को सामने रखने की बदलती सोच भी है।
Health Tips: आयोडीन की कमी से हो सकती हैं ये समस्याएं, इन चीजों को डाइट में करें शामिल
इंटरनेट डेस्क। आयोडीन को शरीर के लिए बुहत जरूरी बताया गया है। यह उन खनिजों में से एक है, जिसकी मात्रा भले ही कम हो लेकिन इसकी भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है। यह शरीर में थायरॉइड हार्माेन बनाने में मदद करता है, ये हार्माेन मेटाबॉलिज्म, एनर्जी के स्तर और शरीर की सामान्य वृद्धि जैसे कई जरूरी कामों को प्रभावित करते हैं। खासकर बच्चों के ब्रेन विकास और सीखने-समझने की क्षमता के लिए पर्याप्त आयोडीन जरूरी माना जाता है। क्या हो सकता हैं इससे शरीर में आयोडीन की कमी लंबे समय तक बनी रहे तो इसका असर स्वास्थ्य पर अलग-अलग तरीकों से दिखाई दे सकता है। आयोडीन की कमी से गले में थायरॉइड ग्रंथि बढ़ने की समस्या हो सकती है, जिसे घेंघा कहा जाता है, इसके अलावा थायरॉइड हार्माेन का स्तर कम होने से थकान, वजन बढ़ना और ठंड ज्यादा महसूस होना जैसी परेशानियां हो सकती हैं। बच्चों में इसकी कमी विकास और मानसिक क्षमता को भी प्रभावित कर सकती है। आयोडीन की कमी से बचने के लिए क्या खाएं? आयोडीन पाने का सबसे आसान तरीका आयोडीन युक्त नमक का इस्तेमाल करना है। रोजाना खाना बनाते समय सामान्य नमक की जगह आयोडीन युक्त नमक चुनकर शरीर की जरूरत पूरी करने में मदद मिल सकती है। मछली और दूसरे समुद्री खाद्य पदार्थों से भी आयोडीन मिल सकता है। दूध, दही, अंडे भी आयोडीन का एक अच्छा सोर्स हैं। आलू में भी कुछ मात्रा में आयोडीन पाया जाता है। pc- news18 hindi
बिरयानी भूल जाएंगे! सिर्फ 20 मिनट में बनाएं ये चटपटे आलू पुलाव, लंच के लिए हैं परफेक्ट!
Quick Aloo Pulao Recipe: कुछ ऐसा खाना है जो टेस्टी भी हो और फटाफट बन भी जाए, तो ये 20 मिनट में बनने वाले आलू पुलाव की रेसिपी एक बार जरूर ट्राई करें। बच्चों के लंच से ले कर डिनर तक, कम समय में बनने वाला ये एक टेस्टी विकल्प है।
माइक्रोवेव में ये 7 चीजें रखने की कभी न करें गलती, आग लगने से लेकर फटने तक का खतरा
माइक्रोवेव हर घर में होता है और किचन में इसका खूब इस्तेमाल होता है। खाना गर्म करने से पकाने तक इस्तेमाल होने वाले माइक्रोवेव में कुछ चीजें कभी नहीं रखनी चाहिए। वरना इसमें आग सकती है या फिर ये फट सकता है।
आखिर बनाना शेक हमारे पेट को ज्यादा समय तक भरा हुआ कैसे रखता है? जान लें कारण
pc: kalingatv बनाना शेक एक पेट भरने वाला ड्रिंक है जब इसे सही चीज़ों से बनाया जाता है। केले कार्ब्स और डाइटरी फ़ाइबर का अच्छा सोर्स होते हैं, जबकि दूध प्रोटीन और फ़ैट देता है। यह कॉम्बिनेशन आपको पेट भरने में मदद कर सकता है, जिससे आपका पेट ज़्यादा देर तक भरा हुआ महसूस हो सकता है। केला फ़ाइबर बढ़ाता है: एक मीडियम साइज़ केले में डाइटरी फ़ाइबर होता है जो डाइजेशन को धीमा करने और आपको पेट भरा हुआ महसूस कराने में मदद कर सकता है। केले में मौजूद रेसिस्टेंट स्टार्च भी पेट भरने की क्षमता बढ़ा सकता है, और यह कच्चे और अधपके केलों में ज़्यादा होता है। दूध प्रोटीन देता है: आप अपने बनाना शेक में दूध मिलाकर प्रोटीन मिला रहे हैं। इसे कार्ब्स की तुलना में पचने में ज़्यादा समय लगता है, और यह आपको पेट भरने में मदद करता है। यह ज़्यादा पेट भरने वाला हो सकता है: एक केला अकेले आपको एनर्जी बूस्ट दे सकता है, लेकिन इसे दूध के साथ शेक में बदलने से आपको कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और थोड़ा फ़ैट मिलता है। यह शेक को बिना किसी दूसरे न्यूट्रिएंट्स वाले मीठे ड्रिंक की तुलना में ज़्यादा पेट भरने वाला बना सकता है। यह एक आसान नाश्ता या स्नैक हो सकता है: अगर आपके पास समय कम है और भूख लगी है, तो घर पर बना बनाना शेक एक आसान स्नैक हो सकता है। कुछ एक्स्ट्रा फाइबर और हेल्दी फैट के लिए, ओट्स, चिया सीड्स, फ्लैक्स सीड्स या थोड़ा सा पीनट बटर मिलाया जा सकता है।

