31 मई 1893 भारत के आत्मगौरव और स्वामी विवेकानंद की ऐतिहासिक यात्रा
Swami Vivekanandas foreign journey: भारत के इतिहास में कुछ तिथियां केवल कैलेंडर का हिस्सा नहीं होतीं, वे राष्ट्र की चेतना में अमिट स्मृति बन जाती हैं। 31 मई 1893 ऐसी ही एक तिथि है, जब भारतभूमि का एक युवा संन्यासी स्वामी विवेकानंद, साधारण गेरुआ ...
हमारी सनातन संस्कृति में ऋषि-मुनियों ने जितने भी नियम बनाए, उनके पीछे केवल धार्मिक कारण नहीं थे, बल्कि गहरा विज्ञान छिपा था। आज पश्चिमी देश और मॉडर्न मेडिकल साइंस जिन चीज़ों को 'हॉलिस्टिक हीलिंग' या 'वेलनेस हैक्स' कहकर प्रमोट कर रहे हैं, वे हमारे ...
रानी अहिल्याबाई का जन्म कब और कहां हुआा था?
राजमाता अहिल्याबाई होल्कर का जन्म 31 मई 1725 को महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के चौंडी (Chaundi) गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम मानकोजी शिंदे (राव) था, जो अपने गांव के पाटिल (मुखिया) थे। अहिल्याबाई का विवाह मालवा साम्राज्य के सूबेदार मल्हारराव ...

