Moringa Beauty Benefits For Skin: मोरिंगा से निखरेगी त्वचा, बस जान लें कैसे करें इस्तेमाल
मोरिंगा के हेल्थ बेनिफिट्स के बारे में हर कोई जानता है और इसलिए इसे किसी ना किसी तरह अपनी डाइट में शामिल करने की कोशिश करता है। लेकिन क्या आपको पता है कि यही मोरिंग यानी सहजन आपकी स्किन के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है। जी हां, मोरिंगा की पत्तियों में कई पोषक तत्व और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो स्किन को बहुत अधिक लाभ पहुंचाते हैं। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि सहजन लगाते ही चेहरे पर रातोंरात निखार आ जाएगा। लेकिन सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो इससे आपको अपनी स्किन में एक बड़ा फर्क देखने को मिल सकता है। तो चलिए जानते हैं इसके बारे में- इसे भी पढ़ें: Beauty Tips: घर पर Herbal Pedicure और Sugar Scrub से पैरों को बनाएं खूबसूरत और मुलायम स्किन को मिलेगी फ्रेशनेस कई बार नींद पूरी न होने, लगातार काम करने या दिनभर बाहर रहने की वजह से चेहरा बुझा-बुझा सा लगने लगता है। ऐसे में सहजन की पत्तियों का इस्तेमाल करना अच्छा विचार है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को बाहरी कारणों से होने वाले नुकसान से बचाने में भी सहायक माने जाते हैं। कैसे इस्तेमाल करें- एक छोटी चम्मच सहजन का चूर्ण लें और उसमें थोड़ा सादा दही मिलाकर पतला लेप बना लें। इसे चेहरे पर कुछ मिनट लगाकर रखें और फिर पानी से धो लें। मुंहासों को करे कम अगर आपके चेहरे पर बार-बार मुंहासे निकलते हैं, तो एक बार मोरिंगा का इस्तेमाल करके देखें। इसमें ऐसे तत्व पाए जाते हैं जिनमें सूजन कम करने और ऑक्सीडेशन से बचाने में मददगार साबित हो सकते हैं। हालांकि, अगर मुंहासे बहुत ज्यादा हैं या लगातार निकल रहे हैं, तो किसी त्वचा विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। कैसे इस्तेमाल करें- मुंहासों वाली त्वचा पर सहजन का चूर्ण और सादा पानी मिलाकर बहुत हल्का लेप लगाएं। इसे रगड़ें नहीं और जलन महसूस हो तो तुरंत धो लें। त्वचा को बनाए चमकदार चेहरा साफ होने के बाद भी अगर त्वचा बेजान लगती है, तो इसका कारण केवल धूल-मिट्टी नहीं होता। धूप, प्रदूषण, तनाव और रोजमर्रा की भागदौड़ भी त्वचा पर असर डाल सकती है। ऐसे में मोरिंग में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट स्किन के लिए मददगार साबित हो सकते हैं। कैसे इस्तेमाल करें- सहजन के चूर्ण में थोड़ा दही मिलाकर हल्का लेप बनाएं। चेहरे पर लगाकर सूखने से पहले धो लें और बाद में अपनी सामान्य नमी देने वाली क्रीम लगाएं। बालों का रूखापन करें कम मोरिंगा स्किन के साथ-साथ बालों के लिए भी उतना ही फायदेमंद है। दरअसल, बालों में बार-बार गर्म उपकरणों का इस्तेमाल, धूप और प्रदूषण उन्हें रूखा बना सकता है। सहजन के बीजों से बना तेल बालों को मुलायम महसूस कराने और उनमें चमक लाने में मदद कर सकता है। हालांकि, इसे बाल झड़ने का इलाज या नए बाल उगाने का उपाय नहीं समझना चाहिए। अगर बाल बहुत ज्यादा झड़ रहे हैं, तो इसकी असली वजह पता करना ज्यादा जरूरी है। कैसे इस्तेमाल करें- थोड़ा-सा सहजन का तेल लेकर सिर की त्वचा और बालों की लंबाई पर हल्के हाथों से लगाएं। कुछ समय बाद बाल धो लें। - मिताली जैन
पीरियड्स के बाद अचानक वजन कम क्यों हो जाता है? जानें क्या है वॉश इफेक्ट
अगर आप इन दिनों वजन कम करने की जद्दोजहद में लगी हैं, तो आपने एक अजीब बात जरूर महसूस की होगी। कई दिनों तक स्केल पर वजन बिल्कुल भी नहीं हिलता और फिर अचानक एक सुबह 500 ग्राम, 700 ग्राम या उससे भी ज्यादा वजन कम दिखाई देता है। अमूमन यह गिरावट पीरियड्स खत्म होने के ठीक बाद होती है। ऐसे में मन में सबसे पहले यही सवाल आता है कि आखिर रातोंरात ऐसा क्या हो गया?” दरअसल, इसका बड़ा कारण शरीर में जमा अतिरिक्त पानी का निकलना होता है। तो चलिए जानते हैं इसके बारे में- इसे भी पढ़ें: Expert Advice: बच्चे के दांत काले क्यों हो रहे हैं? रात की ये आदत हो सकती है वजह वॉश इफेक्ट क्या है और यह कैसे काम करता है? सबसे पहले यह समझते हैं कि वॉश इफेक्ट क्या होता है। दरअसल, जब आप कई दिनों से डाइटिंग और एक्सरसाइज कर रही होती हैं, तब भी कई बार तराजू पर वजन कम होता हुआ दिखाई नहीं देता। लेकिन पीरियड्स खत्म होने के बाद जब यह अतिरिक्त पानी बाहर निकलता है, तो वजन अचानक कम दिखाई दे सकता है। इसी तरह वजन में अचानक गिरावट को लोग अक्सर “वॉश इफेक्ट” कहते हैं। पीरियड्स के बाद वजन अचानक क्यों घटता है? पीरियड्स एक ऐसा समय होता है, जब शरीर में बहुत तेजी से हार्मोनल बदलाव होते हैं। इस दौरान कई महिलाओं को पेट फूलना, शरीर में भारीपन, हाथ-पैरों में सूजन या वजन बढ़ा हुआ महसूस हो सकता है। इसी हार्मोनल बदलाव के कारण शरीर कुछ समय के लिए पानी रोक सकता है। यही वजह है कि पीरियड्स के आसपास स्केल पर वजन कम नहीं होता या फिर थोड़ा बढ़ा हुआ दिख सकता है। लेकिन जैसे-जैसे पीरियड्स का समय गुजरता है और शरीर अतिरिक्त पानी बाहर निकालता है, पेट का फूलना और भारीपन कम हो सकता है। इसी दौरान तराजू पर वजन अचानक नीचे दिखाई दे सकता है। क्या इसका मतलब फैट लॉस नहीं हुआ? यह सच है कि पीरियड्स के बाद शरीर में जमा पानी रिलीज होता है और वजन कम दिखाई देता है। तो क्या इसका मतलब यह है कि स्केल पर नंबर कम दिखने के बाद भी फैट लॉस नहीं हुआ। वास्तव में ऐसा नहीं है। अगर आप लगातार संतुलित भोजन कर रही हैं, जरूरत के अनुसार कैलोरी कम ले रही हैं और नियमित शारीरिक गतिविधि कर रही हैं, तो समय के साथ शरीर में फैट भी कम हो सकता है। - मिताली जैन
खाना दोबारा गरम करते समय कहीं आप भी तो नहीं कर रहीं ये गलतियां
हम सभी के घर में अक्सर खाना बच ही जाता है, जिसे हम अगली मील में दोबारा गरम करके खाते हैं। इसमें कोई बुराई भी नहीं है। इस तरह खाने को दोबारा गरम करके खाने से फूड वेस्टेज को काफी हद तक कम किया जा सकता है। लेकिन यहां इस बात का ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि खाने को सही तरह से गरम किया जाए। कई बार हम जल्दी में बचे हुए खाने को सीधे तेज आंच पर चढ़ा देते हैं या पूरे बर्तन को बार-बार गरम करते रहते हैं। इससे खाने का स्वाद और बनावट तो बदल ही सकती है, सही तरीके से न रखा गया खाना सेहत के लिए भी परेशानी खड़ी कर सकता है। तो चलिए जानते हैं ऐसी ही कुछ फूड रिहीट मिसटेक्स के बारे में- खाना बार-बार गरम करना यह फूड रिहीट के दौरान की जाने वाली सबसे आम गलतियों में से एक है। कभी-कभी हम जल्दी में होते हैं और एक साथ सारा बचा हुआ खाना ही गरम करने लगते हैं। हालांकि आपको ऐसा करने से बचना चाहिए। बार-बार गरम करने से खाने का स्वाद, खुशबू और बनावट खराब हो सकती है। इसलिए, जितना खाना खाना हो, उतना ही अलग बर्तन में निकालकर गरम करें। बाकी खाना ठंडा करके सुरक्षित तरीके से रखा रहने दें। इसे भी पढ़ें: घर पर बनाएं Restaurant Style Soya Tandoori Malai, नोट करें आसान Recipe बहुत तेज आंच पर खाना गरम करना आप खाने को किस तरह गरम कर रही हैं, यह भी बहुत ज्यादा मायने रखता है। अमूमन लोग जल्दी के चक्कर में गैस आंच पर ही खाना गरम करने लगते हैं। ऐसे में खाना बाहर से खाना बहुत गरम हो जाता है, लेकिन अंदर का हिस्सा उतना गरम नहीं होता। इतना ही नहीं, बहुत तेज आंच पर गरम करने से खाने का कुछ हिस्सा सूख या जल भी सकता है। इसलिए, हमेशा खाना दोबारा गरम करते समय मध्यम या धीमी आंच रखें और बीच-बीच में चलाते रहें, ताकि गर्मी हर हिस्से तक पहुंचे। खाने को लंबे समय तक बाहर छोड़ देना कुछ लोग खाना गरम करने के बाद उसे दोबारा काफी देर तक रसोई या मेज पर छोड़ देते हैं। जबकि यह आदत बिल्कुल भी ठीक नहीं मानी जाती। गर्म या सामान्य तापमान पर लंबे समय तक रखा खाना खराब होने का जोखिम बढ़ा सकता है। जितना खाना तुरंत खाना हो उतना ही गरम करें और बचे हुए हिस्से को दोबारा लंबे समय तक बाहर रखने से बचें। एक ही खाने को बहुत देर तक गरम करते रहना कई बार हमें लगता है कि खाना जितनी देर तक गरम होगा, उतना ही अच्छा रहेगा। जबकि यह सच नहीं है। जब खाने को बहुत देर तक गरम किया जाता है तो इससे कभी सब्जी की नमी कम हो सकती है, तो कभी दाल गाढ़ी हो सकती है और खाना सूखा लग सकता है। इसलिए, खाना पूरी तरह गरम होते ही आंच बंद कर दें। जरूरत से ज्यादा पकाने से बचें। - मिताली जैन
फ्लाईदुबई घटना भले ही हमारे देश में नहीं हुई लेकिन करेंगे गहन जांच: UAE
दुबई से तेल अवीव जा रहे विमान में बड़ा हादसा होते-होते टला। विमान ने दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी लेकिन फिर क्रैश कराने की कोशिश के बीच रास्ता बदला गया और आखिरकार इसे सऊदी के तबूक में ही लैंड कराया गया।
घंटों की घिसाई से मिलेगा छुटकारा! टाइल्स को नए जैसा चमकाने का आसान सीक्रेट हैक, जानें क्या है घरेलू उपाय
Gandhi Jayanti 2026 Quotes: हर साल की तरह इस साल भी 2 अक्टूबर को गांधी जयंती मनाई जा रही है। इस खास मौके पर आप अपनों के साथ बापू के प्रेरक, अनमोल विचार शेयर कर सकते हैं। यहां पढ़ें महात्मा गांधी के मोटिवेशनल कोट्स।
दिन में खामोशी और रात में दिल की बात! जानिए आखिर क्यों देर रात लोग हो जाते हैं ज्यादा इमोशनल
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बलखाती कमर पर सजाएं चांदी के खूबसूरत कमरबंद, ये डिजाइंस देंगे आकर्षक लुक
कमर को फ्लॉन्ट करने के लिए आजकल एक से बढ़कर एक कमरबंद के डिजाइन बाजार में आ रहे हैं। अगर आप भी अपनी बलखाती कमरिया को खूबसूरती से सजाना चाहती हैं, तो यह कमरबंद पैटर्न आपके लिए है।
Expert Advice: बच्चे के दांत काले क्यों हो रहे हैं? रात की ये आदत हो सकती है वजह
अगर आपके 1 से 3 साल के बच्चे के दांत काले पड़ रहे हैं या उनमें कैविटी की समस्या दिख रही है, तो रात में बार-बार दूध पीने की आदत पर ध्यान देना जरूरी है। डॉक्टर साक्षी बरनवाल के मुताबिक, दूध अपने आप में नुकसानदायक नहीं है, लेकिन रात में बार-बार दूध पीना, खासकर ब्रश करने के बाद, दांतों पर कैविटी का खतरा बढ़ा सकता है। दूध नहीं, रात में बार-बार दूध पीने की आदत है चिंता की बात अक्सर माता-पिता कहते हैं कि दूध तो बच्चे के लिए हेल्दी है। यह बात सही है, लेकिन समस्या तब हो सकती है जब बच्चा रात में बार-बार दूध पीता है, दूध पीने के बाद ब्रश नहीं करता और फिर सो जाता है। ऐसे में दूध में मौजूद प्राकृतिक शुगर बार-बार दांतों के संपर्क में आती रहती है। समय के साथ इससे दांतों में कैविटी का खतरा बढ़ सकता है। इसे भी पढ़ें: घर के अंदर रहने वालों में बढ़ता है Vitamin D Deficiency का खतरा, इन लक्षणों से पहचानें ब्रश के बाद दूध मांगता है बच्चा? डॉक्टर साक्षी बरनवाल के अनुसार, माता-पिता को बच्चे की रात की इस रूटीन पर खास ध्यान देना चाहिए। कई बार रूटीन कुछ ऐसी होती है बच्चा ब्रश करता है, फिर कहता है कि उसे दूध चाहिए और दूध पीकर सो जाता है। यही आदत बदलने की जरूरत है, क्योंकि ब्रश के बाद दूध पीने से दांतों पर दूध की शुगर रातभर बनी रह सकती है। बच्चे की रात की रूटीन में करें छोटा सा बदलाव रात की रूटीन का क्रम बदलना एक आसान तरीका हो सकता है। कोशिश करें कि बच्चे को पहले दूध दें, उसके बाद ब्रश करवाएं और फिर कहानी सुनाने या बच्चे को गले लगाकर सुलाने जैसी रूटीन रखें। यानी सही क्रम होना चाहिए दूध, फिर ब्रश, फिर कहानी या प्यार से समय बिताना और फिर नींद। ध्यान रखें कि सोने से पहले ब्रश बच्चे के खाने-पीने का आखिरी स्टेप होना चाहिए। रात में बच्चा फिर दूध मांगे तो क्या करें? अगर बच्चा रात में उठकर बार-बार दूध मांगता है, तो इसे अचानक बंद करने की बजाय धीरे-धीरे रूटीन बदलने की कोशिश करें। बच्चे को दूध पिलाने के बाद ब्रश करवाकर सुलाने की आदत डालें। रात में बच्चा दोबारा उठे तो बार-बार दूध देने के बजाय पानी देने की कोशिश की जा सकती है। इस बदलाव को धीरे-धीरे अपनाएं, ताकि बच्चे के लिए यह बहुत बड़ा बदलाव न बने। इसे भी पढ़ें: Health Tips: सीने में जलन दिल का रोग नहीं बल्कि Digestion की गड़बड़ी, ऐसे पहचानें Heartburn 1 से 3 साल के बच्चों के दांतों के लिए जरूरी नियम डॉक्टर साक्षी बरनवाल के अनुसार, 1 से 3 साल की उम्र में बच्चे के दांतों की सफाई को लेकर कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। बच्चे के दांत दिन में दो बार ब्रश करवाएं और फ्लोराइड वाला टूथपेस्ट इस्तेमाल करें। 3 साल से कम उम्र के बच्चे के लिए टूथपेस्ट की मात्रा चावल के एक दाने जितनी या बहुत थोड़ी, यानी स्मीयर मात्रा होनी चाहिए। ब्रश करते समय माता-पिता बच्चे की मदद करें और खास तौर पर रात में होने वाली ब्रशिंग को दिन की आखिरी ब्रशिंग रखें। इसके अलावा, बच्चे को बार-बार मीठे पेय या मीठे स्नैक्स देने से बचें। बच्चे की पहली डेंटल विजिट 1 साल की उम्र तक हो जानी चाहिए, ताकि दांतों की शुरुआती समस्याओं का समय पर पता लगाया जा सके। View this post on Instagram A post shared by Dr.Sakshi Baranwal (@doc_mom_life)
मंजिल से ज्यादा खूबसूरत है सफर! भारत के इन 3 ट्रेन रूटों पर दिखेंगे जन्नत जैसे नजारे
सफर खूबसूरत है मंजिल से भी…आपने गाने की यह लाइन जरूर सुनी होगी लेकिन क्या आप जानते हैं भारत में कुछ ऐसे ट्रेन रूट हैं, जो वाकई बेहद आकर्षक हैं। इन रूटों को देखते ही आपका दिल-दिमाग खुश हो जाएगा। चलिए इनके बारे में बताते हैं।
1 कप साबुत उड़द से बनाएं रेस्टोरेंट स्टाइल दाल बुखारा, आसान है रेसिपी
Dal Bhukhara Recipe: रोज-रोज एक जैसी तड़का दाल अगर आपका भी मन भर गया है और आप कुछ अलग बनाना चाहते हैं. तो आप घर पर दाल बुखारा की रेसिपी ट्राई कर सकत हैं. साबुत काली उड़द से बनने वाली यह दाल गाढ़ी, मखमली और क्रीमी होती है. इसे नान, रोटी या चावल के साथ सर्व किया जा सकता है. घर पर बनाना भी काफी आसान है.
करवाचौथ पर पुराना ब्लाउज स्टाइल छोड़ें, ये 7 मॉडर्न डिजाइन करें ट्राई
करवाचौथ पर साड़ी पहनने की तैयारी शुरू हो गई है तो इस बार ब्लाउज के बैक डिजाइन पर भी थोड़ा फोकस करें। सिंपल साड़ी के साथ स्टाइलिश बैक डिजाइन वाला ब्लाउज पूरा लुक काफी ग्लैमरस बना सकता है।
Health Tips: सत्तू और अनार भी दूर कर सकता हैं हीमोग्लोबीन की कमी, करें इनका सेवन
इंटरनेट डेस्क। हीमोग्लोबीन जिसे शुद्ध भाषा में खून की कमी होना भी बोला जा सकता है। हीमोग्लोबीन की कमी के कारण शरीर के अंगों में ऑक्सीजन की कमी होने लगती है। जिसके कारण कई सारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसमें आपको थकान, कमज़ोरी, चक्कर आना, सांस लेने में तकलीफ़ जैसी परेशानी होती है। ऐसे में जानेंगे इस दौरान किन चीजों का सेवन कर सकते है। सत्तू सत्तू में बहुत सारे मिनरल्स होते हैं जो स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी हैं. इसमें बहुत सारा आयरन भी होता है जो लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण को नियंत्रित करता है। इसके साथ ही आप छोले, मूंग, दाल, राजमा और सफेद बीन्स का सेवन कर सकते है। अनार आप अनार का सेवन भी कर सकते है। इसमें विटामिन के, विटामिन सी, फाइबर, पोटैशियम और प्रोटीन होता है। इसमें पोषक तत्व सी भरपूर मात्रा में होता है, ऐसे में आप इसके सेवन से भी खून की कमी को दूर कर सकते है। pc- myupchar.com
गालों पर नेचुरल ब्लश पाना चाहते हैं तो बेसन में मिलाकर लगाएं ये चीज, गुलाब सा खिल उठेगा चेहरा
मेकअप में गुलाबी गाल सभी का ध्यान अपनी ओर खींचते हैं। अगर आपको भी नेचुरल ब्लश चाहिए तो चेहरे पर बेसन से बना ये फेस पैक लगाकर गुलाबी निखार पा सकते हैं।
घर के अंदर रहने वालों में बढ़ता है Vitamin D Deficiency का खतरा, इन लक्षणों से पहचानें
सुबह से शाम तक ऑफिस, घर या किसी बंद जगह में रहने और धूप से दूरी बनाए रखने के कारण शरीर में विटामिन डी की कमी का असर हो सकता है। इस कमी के लक्षण कई बार इतने सामान्य होते हैं, लोग उनको काम का तनाव, नींद की कमी या बदलते मौसम से जोड़कर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन यह समझने की जरूरत है कि विटामिन डी शरीर में कैल्शियम के अवशोषण और हड्डियों की सेहत के लिए अहम है। इसलिए लगातार लक्षण रहने पर सिर्फ धूप लेना या सप्लीमेंट शुरू करना जरूरी नहीं किया है। वहीं जरूरत पड़ने पर जांच और चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने विटामिन डी की कमी के लक्षण, संभावित असर और इसको दूर करने के तरीके के बारे में बताने जा रहे हैं। विटामिन D की कमी से दिखने वाले लक्षण मांसपेशियों में कमजोरी या दर्द महसूस होना हड्डियों में दर्द होना बार-बार बीमार पड़ना लगातार थकान या कमजोरी महसूस होना शरीर या कमर के दूसरे हिस्सों में दर्द होना सामान्य गतिविधियों या सीढ़ियां चढ़ने में मांसपेशियों की कमजोरी महसूस होना। विटामिन डी की गंभीर कमी की स्थिति में हड्डियों की मजबूती प्रभावित हो सकती है। विटामिन डी की कमी का शरीर पर असर शरीर में कैल्शियम और फॉस्फोरस के इस्तेमाल में विटामिन डी अहम भूमिका निभाता है। इसकी लंबे या गंभीर समय तक रहने वाली कमी से हड्डियां कमजोर हो सकती हैं। बच्चों में विटामिन जी की गंभीर कमी होने पर हड्डियों के विकास पर असर पड़ सकता है। वहीं वयस्कों में इसकी कमी होने पर कमजोरी और हड्डियों में दर्द की समस्याएं हो सकती हैं। मांसपेशियों की ताकत पर भी इसका असर पड़ सकता है। उम्रदराज लोगों में कमजोरी और गिरने के जोखिम को भी विटामिन डी की स्थिति को अहम माना जाता है। क्या खाने से पूरी होगी कमी कुछ खाद्य पदार्थों से भी विटामिन डी मिल सकता है। अंडे की जर्दी, वसायुक्त मछली और विटामिन डी से युक्त कुछ खाद्य पदार्थ इसके स्त्रोत हो सकते हैं। सिर्फ भोजन से पर्याप्त विटामिन डी प्राप्त करना पाना हर व्यक्ति के लिए मुश्किल हो सकता है। अगर जांच में विटामिन डी की कमी आती है, तो डॉक्टर की सलाह पर विटामिड डी की दवा या सप्लीमेंट लेना चाहिए। लेकिन बिना एक्सपर्ट की सलाह के लंबे समय तक या ज्यादा मात्रा में सप्लीमेंट नहीं लेना चाहिए। किन लोगों को अधिक खतरा जो लोग अधिकतर समय घर के अंदर रहते हैं, उनके शरीर में विटामिन डी की कमी का जोखिम बढ़ सकता है। इसके अलावा शरीर में विटामिन डी के अवशोषण से जुड़ी कुछ सेहत संबंधी जो लोग ज्यादातर समय घर के अंदर रहते हैं, उनके शरीर में विटामिन डी की कमी का जोखिम बढ़ सकता है। इसके अलावा शरीर में विटामिन डी के अवशोषण से जुड़ी कुछ स्वास्थ्य समस्याओं वाले लोगों में भी कमी हो सकती है। अगर आपको लगातार कमजोरी, थकान या हड्डियों और मांसपेशियों में दर्द बना रहता है, तो डॉक्टर की सलाह पर उचित जांच कराएं।
कपड़ों से लिपस्टिक-फाउंडेशन का दाग कैसे हटाएं? इस हैक से हो जाएगा चुटकियों में साफ
कई बार लिपस्टिक लगाते समय या फाउंडेशन गले में लगाते वक्त कपड़ों पर इनके निशान लग जाते हैं, जिन्हें छुड़ाना काफी मुश्किल होता है। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो हम आपके लिए सिंपल हैक लेकर आए हैं।
आटा-मैदा भूल जाइए! इस बार मूंग दाल से बनाएं क्रिस्पी नमकपारे, Recipe
शाम की चाय के साथ कुछ कुरकुरा और चटपटा खाने का मन हो तो मूंग दाल नमकपारे ट्राई करें। इन्हें घर पर आसानी से बनाया जा सकता है और सही तरीके से बनाएं तो अच्छा क्रंच भी मिलता है।
प्रेगनेंसी में नारियल पानी पीने की क्यों सलाह देते हैं डॉक्टर्स ? जान लें फायदे
प्रेग्नेंसी के दौरान आपने कई महिलाओं को नारियल पानी पीते देखा होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि डॉक्टर्स नारियल पानी पीने की सलाह क्यों देते हैं। इस आर्टिकल में हम आपको बताने जा रहे हैं कि ऐसा क्यों करते हैं डॉक्टर्स।
Health Tips: खाली पेट लहसुन का सेवन करने से मिलते हैं ये गजब के फायदे
इंटरनेट डेस्क। हर घर के किचन में लहसुन मिल ही जाता है। यह सब्जी का स्वाद बढ़ाने के लिए काम में आता है। लेकिन क्या आपकोे पता हैं की आप अगर इसका सेवन सुबह के समय खाली पेट करेंगे तो आपको क्या फायदा होगा। अगर नहीं तो फिर आज आपको बता रहे हैं की आप अगर सुबह सुबह ही खाली पेट लहसुन का सेवन करते हैं तो आपको क्या फायदा होगा। ब्लड शुगर होगा कंट्रोल आप अगर लहसुन का सेवन सुबह सुबह ही करते हैं तो आपका ब्लड शुगर कंट्रोल में रहेगा। जिससे डायबिटीज का खतरा तो कम होगा ही साथ ही आपकी त्वचा भी स्वस्थ और चमकदार रहेगी। इसे खाने से चेहरे पर दाग-धब्बे और मुंहासे कम दिखाई देंगे। वेट लॉस में मददगार इसके साथ ही आप अगर लहसुन का सेवन करते हैं तो यह आपके मोटापे को कम करेने में भी आपकी मदद करेगा। इसके सेवन से आपका वजन तो संतुलित रहेगा ही साथ ही आपका वेट कम भी होगा। pc- ndtv india
दिवाली से पहले करा रहे हैं घर की पुताई? ये 4 ट्रेंडी कलर्स बना देंगे इंटीरियर को रॉयल
दिवाली से पहले घर की पुताई कराने का प्लान कर रहे हैं और कलर चुनने को लेकर कन्फ्यूज हैं, तो हम आपकी मदद कर देंगे। हम आपके लिए 4 ट्रेंडी कलर्स लेकर आए हैं, जिन्हें कराने के बाद आपका घर लग्जरी दिखेगा।
शरीर में पानी की कमी होते ही दिखने लगते हैं ये लक्षण, जानें ऐसे समय में कब डॉक्टर के पास जाना चाहिए
Signs of Dehydration: अगर आप पानी कम पी रहे हैं तो आपका शरीर ही आपको संकेत देता है। इन्हीं संकेतों के बारे में आपको पता अवश्य होना चाहिए। आइए आपको जानकारी देते हैं।
Facebook अकाउंट को हैकर्स और स्नूपिंग से बचाना चाहते हैं तो आज से ही कर दें ये प्राइवेसी सेटिंग्स
PC: Search engine journal सोशल मीडिया पर डेटा चोरी और अनधिकृत एक्सेस का खतरा लगातार बना रहता है। अपनी निजी तस्वीरों, चैट और निजी डेटा को सुरक्षित रखने के लिए तुरंत ये 3 सेटिंग्स बदलें: प्राइवेसी चेकअप Run करें: फेसबुक की Settings & Privacy > Privacy Checkup टूल में जाएं। यहाँ आप एक क्लिक में तय कर सकते हैं कि आपकी प्रोफाइल जानकारी, पुरानी पोस्ट्स और फोन नंबर कौन देख सकता है। इसे 'Public' से हटाकर 'Friends' या 'Only Me' पर सेट करें। फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) ऑन करें: अकाउंट सुरक्षा मजबूत करने के लिए पासवर्ड के साथ-साथ टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू करें। जब भी कोई नई डिवाइस से आपके फेसबुक पर लॉगिन की कोशिश होगी, आपके पंजीकृत नंबर पर कोड या ऑथेंटिकेटर ऐप से अप्रूवल मांगा जाएगा। ऑफ-फेसबुक एक्टिविटी कंट्रोल: फेसबुक यह ट्रैक करता है कि आप ऐप से बाहर कौन-कौन सी वेबसाइट्स या ऐप्स इस्तेमाल कर रहे हैं। इसे रोकने के लिए Settings > Off-Facebook Activity पर जाएं और 'Clear History' करके 'Manage Future Activity' को बंद कर दें।
PC: INDIA TODAY क्या आप ऑफिस और पर्सनल लाइफ के लिए दो अलग-अलग फोन रखकर परेशान हैं? व्हाट्सएप के नए अपडेट्स ने मल्टी-अकाउंट और चैट मैनेजमेंट को बहुत आसान बना दिया है: मल्टीपल अकाउंट्स सपोर्ट (Dual WhatsApp): अब आपको किसी थर्ड-पार्टी ऐप या व्हाट्सएप बिजनेस की ज़रूरत नहीं है। व्हाट्सएप की Settings > Account > Add Account पर जाकर आप एक ही व्हाट्सएप ऐप के अंदर दूसरा मोबाइल नंबर जोड़ सकते हैं और सिंगल टैप में दोनों अकाउंट्स के बीच स्विच कर सकते हैं। PC: AMAR UJALA एचडी मीडिया ऑटो-शेयरिंग (HD Quality Default): जब भी आप फोटो या वीडियो भेजते हैं, तो उनकी क्वालिटी खराब हो जाती है। व्हाट्सएप की Settings > Storage and Data में जाकर Media Upload Quality को 'HD Quality' पर सेट कर दें। इससे आपकी हर फोटो अपने आप हाई डेफिनेशन में शेयर होगी। PC: BT BAZAR चैट फ़िल्टर और कस्टम लिस्ट (Custom Chat Lists): अगर आपके व्हाट्सएप पर सैकड़ों मैसेज आते हैं, तो आप Unread, Favorites या Groups टैब का इस्तेमाल करके जरूरी मैसेजेस को एक क्लिक में अलग देख सकते हैं। इसके अलावा, अपने फैमिली और ऑफिस कॉन्टैक्ट्स के लिए अलग-अलग कस्टम लिस्ट भी बनाई जा सकती है।
प्रदूषण बढ़ने से पहले बदलें अपना खान-पान, दिल्ली-NCR वालों के लिए जरूरी टिप्स
How to Boost Immunity: इस लेख में जानें प्रदूषण बढ़ने से पहले दिल्ली-एनसीआर वालों को अपनी डाइट में किन चीजों को शामिल करना चाहिए और किन खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए।
सूख रहे तुलसी के पौधे को हरा भरा बनाने का आसान तरीका, बरगद जैसा घना हो जाएगा पौधा, करें ये उपाय
तुलसी का पौधा अगर सूख रहा है और बढ़ नहीं रहा है तो इस समय पौधे को खास देखभाल की जरूरत है। तुलसी के पौधे को फंगल इंफेक्शन से बचाने और सही खाद डालने से पौधा हरा भरा और घना हो जाएगा। इन आसान उपायों से तुलसी के पौधे को हराभरा बनाया जा सकता है।
रेड और ग्रीन फ्लैग तो सुना होगा, रिलेशनशिप का ‘बेज फ्लैग’ क्या है?
Beige Flag in Relationships: रिलेशनशिप में रेड फ्लैग और ग्रीन फ्लैग के बारे में तो आपने सुना होगा, लेकिन क्या आपने बेज फ्लैग के बारे में सुना है? चलिए जानते हैं इसके बारे में -
ज्यादा नींद लेने के बाद सिरदर्द क्यों होता है? जानें वजह और बचाव का सही तरीका
Why Oversleeping Cause a Headache: ये सवाल अक्सर लोगों के दिमाग में आता है कि आखिर ज्यादा सोने से सिरदर्द क्यों होता है। आइए जानते हैं इसके पीछे की वजह.....
ओरल हेल्थ केयर: सुबह उठते ही मुंह से बदबू क्यों आती है? जानें इसके पीछे की बड़ी वजह
Oral Health Care: अक्सर लोगों को लगता है कि सुबह उठने के बाद उनके मुंह से जो बदबू आती है, उसका कारण सिर्फ पेट है। जबकि ऐसा नहीं है। आइए आपको बताते हैं कि ऐसा क्यों होता है।
आज खाने में क्या बनाएं: समय कम है तो जरूर ट्राई करें ये रेसिपी, 15 मिनट में तैयार होगा पूरा खाना
Breakfast Lunch Together In 15 Minutes: इस डिश की खासियत यह है कि इसे बनाने के लिए बहुत ज्यादा सामग्री या लंबे समय तक किचन में खड़े रहने की जरूरत नहीं पड़ती। घर में मौजूद सामान्य सामग्री से इसे आसानी से बनाया जा सकता है।
पानी पुरी खाने में सबसे आगे है ये शहर, हर गली में मिलेंगे गोलगप्पे
गोलगप्पे/पानी पुरी का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है। देश के हर हिस्से में इसके अलग नाम और स्वाद मिलते हैं, लेकिन एक शहर में इसे लेकर दीवानगी कुछ ज्यादा ही देखने को मिलती है।
न जिम, न मशीन! घर पर करें ये आसान 15 मिनट का योग वर्कआउट
Yoga Tips: सुबह उठने के बाद या शाम को काम के बीच यह छोटा रूटीन किया जा सकता है। इसमें हल्की स्ट्रेचिंग, मोबिलिटीऔर योगासन शामिल किए जा सकते हैं, जिससे शरीर को सक्रिय रखने और फ्लेक्सिबिलिटी पर काम करने में मदद मिल सकती है।
सेहत की बात: बीमारी चुपचाप बढ़ रही हो तो ये टेस्ट खोल सकते हैं राज, हर साल कराएं ये चार जांच
30 साल की उम्र के बाद नियमित स्वास्थ्य जांच जरूरी है। सीबीसी, ब्लड शुगर, थायरॉयड और लिवर फंक्शन जैसी जांचें शरीर में कई गड़बड़ियों के शुरुआती संकेत पहचानने में मदद कर सकती हैं।
सेहत की बात: कोर्टिसोल बढ़ा तो क्या होगा? वजन से लेकर शुगर तक पर जानिए क्या होता है असर
लंबे समय तक बना रहने वाला तनाव मानसिक स्वास्थ्य के साथ शरीर को भी प्रभावित कर सकता है। तनाव के दौरान बढ़ने वाला कोर्टिसोल हार्मोन भूख, खान-पान और ब्लड शुगर पर असर डाल सकता है। इससे वजन बढ़ने का जोखिम बढ़ सकता है।
पिता का स्वाभिमान और बेटी का भरोसा: जीवन के वो 8 अनमोल सबक
पिता अपनी सीमित आमदनी, महीने के आखिरी दिनों की तंगी और मन में उठते सैकड़ों सवालों के बावजूद, बेटी की एक आवाज पर वे अपनी हर मजबूरी को किनारे रख देते हैं।...
रोज एक्सरसाइज करने की आदत कैसे बनाएं? कोच ने बताए 5 आसान रूल
एक्सरसाइज शुरू करना आसान है, लेकिन उसे रोज की आदत बनाना थोड़ा मुश्किल होता है। कभी समय नहीं मिलता, कभी थकान होती है और कभी मन नहीं करता। फिटनेस कोच के ये 5 तरीके इसमें मदद कर सकते हैं।
नाश्ते में खाएं बेसन और पनीर का पराठा, मिलेगा प्रोटीन का डबल डोज, आसान है रेसिपी
ब्रेकफास्ट में प्रोटीन से भरपूर बेसन और पनीर का पराठा बनाकर खा सकते हैं। ये पराठा खाने में स्वादिष्ट लगता है और बनाना भी आसान है। दिन में 1-2 पराठा खाने से प्रोटीन की कमी को पूरा किया जा सकता है। जानते हैं बेसन और पनीर पराठा की रेसिपी।
रोज की रोटी को बनाएं ज्यादा प्रोटीन वाली, आटे में मिलाएं ये 5 चीजें
रोज की रोटी अगर सिर्फ पेट भरने के बजाय प्रोटीन का भी अच्छा सोर्स बन जाए तो कैसा रहेगा? इसके लिए आटे में कुछ आसान चीजें मिलाई जा सकती हैं, जो रोटी को ज्यादा प्रोटीन वाली बना सकती हैं।
चाय के साथ भीगे बादाम और किशमिश खाती हैं कंगना रनौत, क्या आयुर्वेद के हिसाब से ऐसा करना सही है?
एक्ट्रेस कंगना रनौत अपनी फिटनेस को लेकर काफी अलर्ट रहती हैं। एक्ट्रेस दिन की शुरुआत चाय के साथ भीगे बादाम और किशमिश खाकर करती हैं। आइए जानते हैं क्या चाय के साथ ड्राई फ्रूट खाना सही है। इसके क्या फायदे हैं।
घर की सफाई पर सास-बहू की मजेदार जुगलबंदी, पढ़ें 30 हंसाने वाले जोक्स
घर की सफाई हो और सास-बहू की नोकझोंक न हो, ऐसा कैसे हो सकता है! झाड़ू, पोछे और धूल को लेकर होने वाली इन मजेदार बातों पर पढ़िए 30 ऐसे जोक्स, जो आपको खूब हंसाएंगे।
जल्द बनने जा रही हैं दुल्हन? तुरंत पीना शुरू कर दें ये लाल जूस
अगर आप भी जल्दी दुल्हन बनने वाली हैं और अपनी शादी पर सुंदर और फ्रेश स्किन चाहती हैं तो फिर आज ही एबीसी जूस पीना शुरू कर दें. मलाइका अरोड़ा भी इस जूस को पीती हैं और वो इसे कई बार रिकेमेंड कर चुकी हैं.
महात्मा गांधी के लुक में बच्चे की AI फोटो बनाएं, बस ChatGPT को दें ये 5 Prompts
2 अक्टूबर को देशभर में महात्मा गांधी की जयंती मनाई जाएगी। इस खास दिन पर आप बच्चे को बापू वाला लुक देकर AI फोटो बनवा सकते हैं। उसके लिए आपको चैट जीपीटी को ये 5 प्रॉम्प्ट देने होंगे।
जींस से बनाएं नवरात्रि का ट्रेंडी फ्यूजन लुक, तारीफ करते नहीं थकेंगे लोग
नवरात्रि के समय पर होने वाली गरबा-डांडिया नाइट में महिलाएं सबसे सुंदर दिखने की फिराक में रहती हैं। अगर आप इस दौरान कुछ फ्यूजन लुक क्रिएट करना चाहती हैं तो अपनी जींस से एक बेहतरीन आउटफिट तैयार करें। देखिए कैसे-
बाजार की नमकीन छोड़ें, घर में बनाएं कुरकुरे साबूदाना पापड़
Navratri Vrat 2026: अगर आप भी नवरात्रि के लिए घर में कुछ नाश्ता तैयार करने की सोच रहे हैं तो यहां हम आपको साबूदाना के पापड़ की रेसिपी बता रहे हैं जो घर में झटपट तैयार हो जाते हैं और खाने में बहुत टेस्टी लगते हैं. इन्हें आप साल भर के लिए स्टोर भी कर सकती हैं.
क्या आपका बच्चा भी सिर्फ मीठा खाता है? बच्चों की डॉक्टर ने दिया समाधान
अगर आपका बच्चा भी सिर्फ मीठा खाना पसंद करता है और उसके अलावा किसी दूसरे फ्लेवर की चीजें या खाना नहीं खाता है तो आपको डॉक्टर माधवी भारद्वाज द्वारा बताए गए समाधान पर गौर करना चाहिए।
नवरात्रि के लिए अपनी पसंद से स्टिच करवाएं आउटफिट, देखिए 7 लेटेस्ट डिजाइन
नवरात्रि आने वाली है और इस दौरान अगर आप खुद के लिए अपनी पसंद के डिजाइन के साथ आउटफिट स्टिच करवाना चाहती हैं तो यहां देखिए 7 सुंदर पैटर्न।
कम बजट वाले लोग घूमने के लिए चुनते हैं ये 7 जगह, दोस्तों के साथ बनाएं प्लान
घूमने फिरने का शौक है लेकिन बजट को लेकर अक्सर समस्या रहती है तो यहां हम आपको कुछ ऐसी जगहों के बारे में बता रहे हैं जो बजट फ्रेंडली हैं और दोस्तों संग घूमने के लिए बेस्ट मानी जाती है।
ऑफिस का काम और घर की जिम्मेदारी, दोनों संभालना है तो पेरेंट्स जरूर अपनाएं ये 7 तरीके
नौकरी और निजी जिंदगी के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं होता। शादी और बच्चे होने के बाद यह चुनौती और बढ़ जाती है। एक तरफ ऑफिस का काम और उसका दबाव होता है, तो दूसरी तरफ बच्चों की परवरिश और घर की जिम्मेदारियां। ऐसे में कई बार माता-पिता खुद के लिए समय निकालना भी भूल जाते हैं। अगर आप भी नौकरी और परिवार के बीच संतुलन बनाने में परेशानी महसूस करते हैं, तो कुछ आसान तरीकों की मदद ली जा सकती है। इससे जिम्मेदारियां संभालने के साथ-साथ बच्चों के लिए भी समय निकालना आसान हो सकता है। एम्प्लॉयर से खुलकर बात करें ऑफिस में अपने एम्प्लॉयर से घर की जिम्मेदारियों के बारे में खुलकर बात करें। उन्हें अपनी स्थिति ठीक से समझाएं। ध्यान रखें कि अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों को मजबूरी की तरह पेश करने के बजाय अपनी जिम्मेदारी के तौर पर बताएं। परिवार से मदद लेने में हिचकिचाएं नहीं नौकरी के साथ बच्चों की परवरिश करना परिवार के सहयोग से थोड़ा आसान हो सकता है। परिवार का साथ एक बेहतर सहारा बन सकता है। इससे बच्चों की देखभाल में मदद मिलने के साथ-साथ मानसिक दबाव भी कम हो सकता है। इसे भी पढ़ें: Signs Of A Healthy Relationship: पार्टनर में दिखे ये 4 खूबियां, तो रिश्ते को लेकर हो जाएं बेफिक्र बच्चों के लिए तय करें खास समय ऑफिस में काम का कितना भी दबाव हो, घर आने के बाद बच्चों के लिए अलग से समय जरूर तय करें। इस दौरान बच्चों के साथ समय बिताएं और उनसे बातचीत करें। यह समय माता-पिता और बच्चों के बीच मजबूत रिश्ता बनाने में मदद कर सकता है। तकनीक का सही इस्तेमाल करें तकनीक का इस्तेमाल सिर्फ सोशल मीडिया पर समय बिताने के लिए न करें। अगर बच्चों से दूर हैं, तो वीडियो कॉल या फोन पर बात करके उनके साथ जुड़ सकते हैं। सोशल मीडिया पर बेवजह समय बिताने के बजाय उस समय को बच्चों के साथ बिताने की कोशिश करें। घर के काम को पहले से व्यवस्थित करें घर के छोटे-छोटे कामों को टालते रहने से मानसिक दबाव बढ़ सकता है। इसलिए काम को पहले से व्यवस्थित करना बेहतर है। इससे समय बचाने में मदद मिल सकती है। बच्चों से जुड़े जरूरी कामों का भी ध्यान रखें। उनके स्कूल के गृहकार्य से लेकर लंच बॉक्स रखने तक की चीजों को दोबारा जांच लें, ताकि जरूरी काम छूट न जाए। माता-पिता जिम्मेदारियां आपस में बांटें अगर परिवार में महिला भी नौकरी करती है, तो उस पर घर और ऑफिस दोनों की जिम्मेदारियों का ज्यादा बोझ पड़ सकता है। ऐसे में जरूरी है कि माता-पिता घर और बच्चों से जुड़े कामों की जिम्मेदारी आपस में बांटें। दोनों अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का कुछ हिस्सा संभालें, ताकि सारा दबाव किसी एक व्यक्ति पर न आए। इसे भी पढ़ें: Flatmate के साथ सुकून से रहना है तो पहले ही दिन तय कर लें ये जरूरी नियम हर काम की सीमा तय करें वर्क लाइफ बैलेंस का एक जरूरी हिस्सा अपने काम की सीमा तय करना भी है। इसमें घर की जिम्मेदारियों के साथ-साथ ऑफिस के काम की सीमा भी शामिल है। अगर दिन खत्म होने तक कोई काम तय समय पर पूरा नहीं हो पाया है, तो हर बार उसे लेकर खुद पर दबाव बनाने के बजाय काम की एक स्पष्ट सीमा तय करें। इससे काम और निजी जिंदगी के बीच संतुलन बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
Home Hygiene: घर में जूते पहनकर क्यों नहीं जाना चाहिए? वजह जानकर रह जाएंगे हैरान
घर में घुसते समय जूते बाहर उतारने की सलाह अक्सर दी जाती है। इसकी वजह सिर्फ घर में मिट्टी और गंदगी आने से बचाना नहीं है। जूतों के तलवों पर बैक्टीरिया के साथ-साथ कई दूसरी हानिकारक चीजें भी चिपकी हो सकती हैं, जो जूतों के जरिए घर के अंदर पहुंच जाती हैं। कुछ शोधों में जूतों के तलवों पर ऐसे बैक्टीरिया पाए गए हैं, जो बीमारियों का कारण बन सकते हैं। आइए जानते हैं कि जूतों को घर के बाहर उतारना क्यों जरूरी माना जाता है। जूतों के तलवों पर चिपके हो सकते हैं बैक्टीरिया 2008 में हुई एक रिसर्च में पाया गया कि लगभग 80 प्रतिशत जूतों के निचले हिस्से में फीकल बैक्टीरिया यानी मल में पाए जाने वाले बैक्टीरिया मौजूद थे। ये बैक्टीरिया अक्सर सार्वजनिक शौचालयों की फर्श से जूतों पर चिपक सकते हैं और फिर हमारे साथ घर तक पहुंच सकते हैं। इसके अलावा, बाहर कुत्तों और पक्षियों की बीट में मौजूद बैक्टीरिया भी जूतों के तलवों पर चिपक सकते हैं। अस्पताल जैसी जगहों पर मौजूद कीटाणुओं के जूतों पर पहुंचने की संभावना भी रहती है। एक दूसरी रिसर्च में पाया गया कि 65 प्रतिशत डॉक्टरों के जूतों पर एंटीबायोटिक के असर को मात देने वाले एमआरएसए या आंतों में पाए जाने वाले एंटरोकोकस फेकेलिस जैसे बैक्टीरिया मौजूद थे। इसे भी पढ़ें: Health Tips: सीने में जलन दिल का रोग नहीं बल्कि Digestion की गड़बड़ी, ऐसे पहचानें Heartburn कार्पेट वाले फर्श पर ज्यादा फैल सकते हैं बैक्टीरिया 2023 में न्यूयॉर्क सिटी की नॉर्थईस्टर्न यूनिवर्सिटी में हुई एक स्टडी में फुटपाथ के बारिश के पानी, जूतों के तलवों और विश्वविद्यालय के फर्श से नमूने लिए गए। इस स्टडी में पाया गया कि छात्रों और शिक्षकों के जूतों के तलवों पर वही बैक्टीरिया मौजूद थे, जो बाहर फुटपाथ पर पाए गए थे। इस वजह से विश्वविद्यालय के अंदर के हिस्से में भी बैक्टीरिया पाए गए। खासतौर पर कार्पेट वाली जगहों पर बैक्टीरिया का संक्रमण सबसे ज्यादा पाया गया। जूतों के साथ घर आ सकते हैं हानिकारक केमिकल्स जूते सिर्फ बैक्टीरिया ही नहीं, बल्कि कई दूसरे हानिकारक पदार्थ भी घर के अंदर ला सकते हैं। पीएफएएस ऐसे केमिकल्स हैं, जो पर्यावरण और हमारे शरीर में लंबे समय तक बने रह सकते हैं। इसी वजह से इन्हें ‘फॉरएवर केमिकल्स’ भी कहा जाता है। ये केमिकल्स भी जूतों के साथ घर के अंदर पहुंच सकते हैं। इसके अलावा, घर की मरम्मत या निर्माण के दौरान निकलने वाली सीसे की धूल भी जूतों पर चिपक सकती है। खेतों और घर के बगीचों में इस्तेमाल होने वाले कीटनाशक भी जूतों के जरिए घर में आ सकते हैं। इसे भी पढ़ें: DJ का शोर बिगाड़ सकता है दिल की धड़कन, स्ट्रोक और Heart Attack का बढ़ा रिस्क घर में घुसने से पहले जूते उतारना क्यों बेहतर? 2023 के एक सर्वे के मुताबिक, करीब 63 प्रतिशत अमेरिकी लोग घर पहुंचते ही नियमित रूप से अपने जूते बाहर उतार देते हैं। वहीं, 24 प्रतिशत लोग अपने घर आने वाले मेहमानों से भी जूते बाहर उतारने के लिए कहते हैं। जूतों के तलवों के जरिए घर में मिट्टी, बैक्टीरिया और कई तरह के हानिकारक पदार्थ पहुंच सकते हैं। ऐसे में घर के बाहर जूते उतारना घर के अंदर इन चीजों के आने को कम करने का एक आसान तरीका हो सकता है।
इस एक शहर में दिखता है पूरे भारत का रंग, इसलिए कहलाता है ‘मिनी इंडिया’
भारत की अलग-अलग जगहों की भाषा, खाना, त्योहार और कल्चर अगर एक ही शहर में देखने को मिले, तो वह जगह कैसी होगी? देश का एक शहर अपनी इसी खासियत के लिए 'मिनी इंडिया' के नाम से जाना जाता है।
SIM Card को दूसरे नेटवर्क में कैसे करें पोर्ट, TRAI के MNP Rules और पूरा प्रोसेस
अक्सर टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स अपने ग्राहकों को अलग-अलग टैरिफ कीमतों पर अलग-अलग बेनिफिट्स और वैलिडिटी के साथ कई सारे प्रीपेड और पोस्टपेड प्लांस को ऑफर करते हैं। टेलीकॉम कंपनिया गजब-गजब ऑफर्स देती रहती हैं। अगर आपको लगता है कि आपका मौजूदा प्रीपेड या पोस्टरपेड प्लान आपकी जरुरतों को पूरा नहीं कर रहा है या आपके मुताबिक वैल्यू फॉर मनी नहीं दे रहा है। अन्य टेलीकॉम कंपनी बिल्कुल वही या उसके काफी करीब ऑफर कर रही हो सकती है जिसकी असल में जरुरत है। फिर आप अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल करके अपने मौजूदा फोन नंबर को किसी दूसरे नेटवर्क पर पोर्ट करना चूज कर सकते हैं। अब आपने मौजूदा फोन नंबर से दूसरे नेटवर्क पर सिम को कैसे पोर्ट करवाएं, इसके सभी स्टेप्स आपको नीचे दिए गए हैं। एक नेटवर्क से दूसरे में मोबाइल नंबर पोर्ट करने की एलिजिबिलिटी TRAI का कहना है कि मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (MNP) फैसिलिटी का फायदा उठाने केलिए- - अगर आपके सिम कार्ड को एक्टिवेशन को 90 दिन से ज्यादा समय हो गया है। - यदि आपके पास पोस्ट-पेड़ मोबाइल कनेक्शन है, तो TSP के सभी बकाया बिल पूरी तरह क्लियर होने चाहिए। - आपने अपने मोबाइल नंबर के चेंज ऑफ ओनरशिप के लिए अप्लाई न किया हो। - असल में आपका नंबर सब-ज्यूडिस नहीं होना चाहिए या किसी कोर्ट ने इसकी पोर्टेबिलिटी पर रोक बिल्कुल न लगाई हो। - आपका फोन नंबर किसी भी कॉन्ट्रैक्चुअल ऑब्लिगेशन्स के तहत नहीं होने चाहिए। - वहीं, आप जिस फोन नंबर को पोर्ट करवना चाहते हैं, उसकी सिम पिछले सात दिनों तक अंदर बदला या रिप्लेस नहीं किया हो। एक नेटवर्क से दूसरे में अपना मोबाइल नंबर कैसे पोर्ट करें? - इसके लिए आपको वैलिड यूनिक पोर्टिंग कोड (UPC) जनरेट करें। आप अपने फोन नंबर से एक SMS भेजें UPC जनरेट कर सकते हैं। - फिर इस मैसेज को कॉपी करें और 1900 पर भेज दें: PORT - अब आपको 1901 नंबर से UPC मिलेगा, जिससे आपको इस प्रोसेस के दौरान सब्मिट करना होगा। - फिर अपनी पसंद के TSP के पॉइंट ऑफ सेल पर जाएं> कस्टमर एक्विजशन फॉर्म (CAF) और पोर्टिंग फॉर्म भरें। - अब अपने नंबर को पोर्ट करने का चार्ज पे करें> KYC प्रक्रिया पूरा करें। रिक्वेस्ट सब्मिट होने को कन्फर्म करते हुए आपको MNP सर्विस प्रोवाइडर की तरफ से एक SMD मिलेगा। - फिर 3 दिन के अंदर आपका नंबर नए नेटवर्क पर पोर्ट हो जाएगा। वहीं, इसका कन्फर्मेशन भी आपको चार घंटे अंदर SMS के जरिए मिल जाएगा। - जब आपको उसी फोन नंबर के साथ अपना नया सिम मिल जाए, तो आपको इसे अपने हैंडसेट में लगाना होगा। - वहीं, वेरिफिकेशन पूरा होते ही आपका सिम एक्टिवेट हो जाएगा।
पितृ पक्ष में जन्मे बेटे का क्या रखें नाम? यहां देखें 15 यूनिक नाम और उनके खूबसूरत अर्थ
पितृ पक्ष में जन्में बेटे के लिए अगर आप खूबसूरत नाम खोज रहे हैं, हम आपको 15 यूनिक नामों की लिस्ट देने जा रहे हैं। इन नामों को कहना आसान है और इनके अर्थ भी प्यारे हैं।
दिवाली से पहले चाहिए ढेरों गेंदे के फूल? छोटे गमले में ऐसे लगाएं पौधा
पूजा के मौकों पर गेंदे के फूल का इस्तेमाल सबसे ज्यादा किया जाता है। पीले और नारंगी रंग के ये फूल ना सिर्फ दिखने में अच्छे लगते हैं बल्कि घर पर आसानी से गमले में लगाए जा सकते हैं। यहां सीखिए गेंदे के फूल को गमले में कैसे लगाएं ताकी दिवाली तक ढ़ेरों फूल आ जाएं।
Central Railway का 1 अक्टूबर से सख्त नियम, Train Ticket के साथ Original ID Card अनिवार्य
फेस्टिव सीजन चल रहा है। इस दौरान लोग अपने घर जाने की तैयारियां करते हैं। अपने घर जाने के लिए लोग ट्रेन से जाते हैं। यदि आप अक्टूबर के महीने में ट्रेन का सफर करने वाले हैं, तो थोड़ा सावधान हो जाए। असल में सेंट्रल रेलवे 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक, खास 'टिकट चेकिंग अभियान' चलाने जा रहा है। आइए आपको बताते हैं रेलवे के ये नए नियम क्या हैं और आपको ट्रैवल करने से पहले किन बातों का ध्यान रखना बेहद जरुरी है। कम से कम एक ओरिजिनल ID होना है जरूरी इस अभियान के चलते सबसे बड़ा नियम है 'वन टिकट, वन ओरिजिनल आईडी'। रेलवे के अधिकारियों ने साफ कहा है कि अब सफर के समय सिर्फ टिकट होना ही काफी नहीं है, बल्कि आपके पास अपना ओरिजिनल पहचान पत्र होना जरुरी है। उदाहरण के तौर पर, यदि आप अपने परिवार के चार लोगों के लिए एक ही टिकट बुक किया है, तो उन चारों में से कम से कम किसी एक व्यक्ति के पास उसका ओरिजिनल आईडी कार्ड होना बहुत जरुरी है। यदि चेकिंग के दौरान असली आईडी नहीं दिखा पाए, तो टीटीई उस पर यात्रा करने वाले सभी लोगों को बिना टिकट मान सकता है और आप पर जुर्माना लग सकता है। कोटा और ई-पास वालों के लिए नियम सख्त रेलवे के मुताबिक, अगर आप किसी खास कोटे या कंसेशन पर सफर कर रहे हैं? यदि हां, तो आपको अपनी पात्रता को साबित करने के लिए सभी दास्तावेज ओरिजिनल ही साथ रखें। इतना ही नहीं, जो लोग रेलवे के ई-पास या पीटीओ का इस्तेमाल करके यात्रा करने पर, आपको असली पहचान पत्र दिखाना होगा। उनकों इस बात का ध्यान देना होगा कि ट्रेन में बैठने से पहले उनका ई-पास संबंधित अथॉरिटी से सही तरीके से एक्सचेंज करा लिया गया हो। जनरल टिकट वालों की भी होगी हाई-टेक चेकिंग दरअसल, यह चेकिंग अभियान सिर्फ स्लीपर या एसी कोच तक ही नहीं, बल्कि आप जनरल डिब्बे में सफर कर रहे हैं, तो आप वहां भी चेकिंग स्टाफ टिकटों की असलियत जांचेगा। वहीं, जरुरत पड़ने पर रेलवे अधिकारी टीटीई ऐप की मदद से किसी भी टिकट को तुरंत वेरिफाई कर सकते हैं। भारतीय रेलवे क्यों कर रहा है इतनी सख्ती सेंट्रल रेलवे ने बताया है कि, इसके पीछे मकसद है सिस्टम में होने वाली धोखाधड़ी को खत्म करना है, जाने इसके मुख्य कारण है- - भारतीय रेलवे में होने वाले आर्थिक नुकसान को रोकना। - वहीं, रिजर्वेशन की सुविधाओं का जो लोग गलत फायदा उठाते हैं, उन लोगों को पकड़ना। - इसके अलावा, पास और कंसेशन के नाम पर होने वाले फर्जीवाड़े पर लगाम लगाना। - सही यात्रियों की पहचान करना और टिकटों की वैधता जांचना। चेकिंग में कौन-कौन से पहचान पत्र चलेंगे? इस बीच, रेलवे ने उन दास्तावेजों की एक लिस्ट भी दी है, जिन्हे आप सफर के दौरान अपनी पहचान साबित करने के लिए दिखा सकते हैं ये ओरिजनल आईडी- -आधार कार्ड -वोटर आईडी कार्ड -पासपोर्ट या पैन कार्ड -ड्राइविंग लाइसेंस - केंद्र या राज्य सरकार द्वारा जारी किए जाने वाले फोटो और सीरियल नंबर वाला कार्ड - मान्यता प्राप्त स्कूल/कॉलेज का फोटो वाला स्टूडेंट आईडी कार्ड - किसी राष्ट्रीयकृत बैंक की पासबुक, जिस पर आपकी फोटो लगी हो। - बैंक का क्रेडिट कार्ड जिस पर आपकी लैमिनेटेड फोटो हो।
सफेद साड़ी में दिखेंगी अप्सरा जैसी, बॉलीवुड एक्ट्रेसेस की तरह स्टाइल करें ये 7 लेटेस्ट डिजाइन
व्हाइट साड़ी कैरी करने का ट्रेंड इन दिनों चल रहा है। अगर आप भी किसी खास फंक्शन-इवेंट में व्हाइट साड़ी पहनने का प्लान कर रहे हैं, तो यहां एक्ट्रेसेस के कुछ लुक्स पर नजर डालें।
हिमाचली सिड्डू अब बनाएं रागी से, स्वाद के साथ सेहत का डोज!
हिमाचली सिड्डू आमतौर पर आटे और स्वादिष्ट स्टफिंग से बनाए जाते हैं। अगर आप इस पारंपरिक डिश को थोड़ा और पौष्टिक बनाना चाहते हैं, तो आटे की जगह रागी का इस्तेमाल करके इसका हेल्दी ट्विस्ट ट्राई कर सकते हैं।
पीली-गंदी मच्छरदानी को मिनटों में करें साफ, पानी में बस 1 चीज घोलकर धोएं, चमक उठेगी जाली
मच्छरदानी आज भी कई लोग घर में मच्छरों से बचने के लिए लगाते हैं। इससे मच्छर से बचाव होता है और साथ ही नींद अच्छी आती है, लेकिन ये जल्दी गंदी हो जाती है। तो आज हम आपको मच्छरदानी को साफ करने के टिप्स बताते हैं।
Beauty Tips: घर पर Herbal Pedicure और Sugar Scrub से पैरों को बनाएं खूबसूरत और मुलायम
पैर हमारे शरीर का एक ऐसा हिस्सा हैं, जो दिनभर वजन सहन करते हैं और चलने-फिरने में मदद करते हैं। ऐसे में पैरों की देखभाल करना बेहद जरूरी होता है। अक्सर हम पैरों की देखभाल करने में लापरवाही बरतते हैं। लेकिन आप कुछ खास और आसान टिप्स अपनाकर अपने पैरों को सुंदर और स्वस्थ बना सकती हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको पैरों की देखभाल करने के कुछ आसान टिप्स बता रहे हैं। इन टिप्स को अपनाने से पैरों को ताजगी और चमक मिलेगी। हर्बल पैडिक्योर हर्बल पैडिक्योर करने के लिए एक बर्तन में गर्म पानी लें। इसमें थोड़ा सा नमक, हरी चाय और लैवेंडर ऑयल डालें। इस मिश्रण में 15 से 20 मिनट तक अपने पैरों को डुबोएं। हरी चाय एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है और लैवेंडर तेल भी आपकी स्किन को आराम पहुंचाएगा। हर्बल पैडिक्योर करने से पैरों को ताजगी मिलेगी और डेड स्किन हट जाएगी। साथ ही पैरों की स्किन सॉफ्ट होगी। इसे भी पढ़ें: Beauty Tips: गलत Makeup से डैमेज हो सकती है Skin, Foundation का ज्यादा इस्तेमाल बिगाड़ेगा लुक शुगर स्क्रब शुगर स्क्रब करने के लिए 1 बड़े चम्मच नारियल तेल में 2 बड़े चम्मच शुगर और 1 चम्मच नींबू का रस मिलाकर स्क्रब तैयार करें। इसको पैरों में हल्के हाथों से स्क्रब करें। ऐसा करने से पैरों की डेड स्किन हटती है और स्किन एक्सफोलिएट होती है। वहीं नारियल तेल स्किन को हाइड्रेट करता है। वहीं नींबू स्किन की रंगत को सुधारने में मदद करता है। नींबू और आलू का मास्क एक आलू को उबालकर इसकी प्यूरी बनाएं और इसमें 1 चम्मच नींबू का रस मिलाएं। फिर 20 मिनट के लिए इस मिश्रण को अपने पैरों पर लगाएं और समय पूरा होने पर ठंडे पानी से पैरों को धो लें। आलू और नींबू का मास्क स्किन को निखारने का काम करता है। यह दाग-धब्बों को हल्का करने के साथ पैरों को ताजगी देता है। संतरे के छिलके संतरे के छिलकों को छूप में सुखाकर इसका पाउडर बना लें। इसमें 1 चम्मच दही और शहद मिलाकर पेस्ट बनाएं और इस पेस्ट को पैरों पर लगाएं। इस पेस्ट को 15 मिनट पैरों पर लगाए रहने के बाद धो लें। संतरे के छिलके में एंटी-ऑक्सीडेंट और विटामिन सी होता है, जो स्किन की चमक और पैरों को नरम बनाते हैं। आलिव ऑयल से मसाज ऑलिव ऑयल को हल्का गर्म करें और इससे अपने पैरों की अच्छे से मसाज करें। रोजाना रात में सोने से पहले मसाल करने से आपको बेहतर परिणाम देखने को मिलेंगे। ऑलिव ऑयल आपकी स्किन को गहराई से नमी पहुंचाता है और ड्राईनेस की समस्या को दूर करता है। इससे पैरों की स्किन चमकदार और मुलायम बनती है।
करवा चौथ के लिए रेड साड़ी-सूट के 6 ब्यूटीफुल आइडिया, शॉपिंग से पहले ही देख लें
करवा चौथ की शॉपिंग शुरू करने के पहले ही देख लें कौन सा ट्रेंडी सूट और साड़ी आपके इस बार के करवा चौथ की पूजा के लिए बेस्ट होगा और कौन सा लुक बेस्ट दिखेगा। यहां देखें एक्ट्रेसेज की 6 डिजाइन।
Punjab Tourism: Dangal से Jab We Met तक Punjab के इन मशहूर Shooting Locations की करें सैर
पंजाब सिर्फ अपने स्वादिष्ट खाने, मेहमानवाजी और संस्कृति के लिए ही नहीं जाना जाता है। बल्कि यहां पर कई ऐसी खूबसूरत और ऐतिहासिक जगहें भी हैं, जोकि बॉलीवुड फिल्मों में नजर आ चुकी हैं। कभी बॉलीवुड के सितारे इन खेतों में रोमांस करते दिखे, तो कभी पुरानी हवेलियों और किलों मे फिल्मों की कहानी को और भी ज्यादा खूबसूरत बनाया। यही कारण है कि फिल्मी लोकेशन पसंद करने वाले लोगों के लिए पंजाब की कुछ जगहें किसी ड्रीम डेस्टिनेशन से कम नहीं हैं। ऐसे में अगर आप भी पंजाब घूमने का प्लान कर रही हैं, तो हम आपको पंजाब की कुछ बेहद खूबसूरत जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं। पटियाला पंजाब का पटियाला शहर अपने ऐतिहासिक महलों, इमारतों और खूबसूरत गलियों के लिए जाना जाता है। फिल्म 'जब वी मेट' और 'बॉडीगार्ड' में शहर की शाही वास्तुकला देखने को मिलती है। ऐसे में आप भी अपने पार्टनर के साथ पटियाला घूमने के लिए जा सकती हैं। इसे भी पढ़ें: October में Kolkata Trip का बनाएं प्लान, Durga Puja के साथ घूमें ये प्रमुख जगहें अमृतसर अमृतसर, पंजाब के सबसे फेमस जगहों में से एक है। यहां पर स्वर्ण मंदिर यानी की गोल्डन टेंपल से लेकर पुरानी गलियों तक हर एक कोना अलग है। तापसी पन्नू की फिल्म 'मनमर्जियां' में पंजाब के अमृतसर का खूबसूरत नजारा दिखाया गया है। ऐसे में आप भी यहां जाने का प्लान बना सकती हैं। लुधियाना पंजाब की असली खूबसूरती देखने के लिए आपको लुधियाना और इसके आसपास के इलाकों को एक्सप्लोर करना चाहिए। सरसों के रंग, खेत और पंजाबी माहौल फिल्मों में खूब दिखाए जाते हैं। आपको यहां पर फिल्म 'रब ने बना दी जोड़ी' वाला रोमांटिक माहौल मिलेगा। गुज्जरवाल और नारंगवाल गांव बॉलीवुड की फिल्म दंगल की पंजाब और हरियाणा की कई जगहों पर शूटिंग हुई है। फिल्म में दिखाए जाने वाले कई सीन पंजाब के गांव गुज्जरवाल और नारंगवाल के हैं। ऐसे में अगर आप भी इस गांव के सुंदर नजारे देखना चाहती हैं, तो आप यह गांव घूमने के लिए जा सकती हैं। मोहाली पंजाब की यह जगह तब अधिक लोकप्रिय हुई थी, जब बॉलीवुड अभिनेता शाहिद कपूर की फिल्म की शूटिंग यहां हुई थी। इसके अलावा एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया की फिल्म की भी यहां पर शूटिंग हो चुकी है। ऐसे में आप भी इस जगह को एक्सप्लोर कर सकते हैं।
पनीर के साथ बनाएं स्पाइसी टोमैटो सॉस बर्गर, टेस्ट के दीवाने हो जाएंगे घरवाले और बार-बार होगी फरमाइश
बर्गर को बच्चे और बड़े बहुत शौक से खाते हैं। ऐसे में आप पनीर से स्पाइसी टोमेटो बर्गर बनाकर तैयार कर सकते हैं। यहां सीखिए कैसे बनाएं टेस्टी बर्गर जिसका स्वाद हर किसी को यकीनन पसंद आएगा।
बार-बार हो रही हैं ये 6 दिक्कतें? ज्यादा स्ट्रेस का सिग्नल हो सकता है
अगर आंख बार-बार फड़क रही है, बाल ज्यादा झड़ रहे हैं या छोटी-छोटी बातें भूलने लगे हैं, तो इसे सिर्फ थकान न समझें। ये शरीर में बढ़ते स्ट्रेस के संकेत भी हो सकते हैं।
बदबू और कालापन दूर करने के चक्कर में बगल पर न रगड़ें फिटकरी! हो सकते हैं 5 नुकसान
नेहा मर्दा का फिटकू ब्रांड लॉन्च होने के बाद कई लोग अंडरआर्म्स पर सीधे फिटकरी ही रगड़ रहे हैं। वैसे तो फिटकरी स्किन के लिए सही मानी जाती है लेकिन इससे कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। चलिए आपको बताते हैं।
PC: News bytes महिलाओं को अपने पीरियड्स में अचानक बदलाव, मेनोपॉज़ के बाद ब्लीडिंग, लगातार ब्लोटिंग, पेट दर्द या असामान्य डिस्चार्ज को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। हालांकि हर लक्षण कैंसर नहीं होता, लेकिन बार-बार होने वाले बदलावों के लिए समय पर डॉक्टर से सलाह लेना और जांच करवाना ज़रूरी है। जैसे-जैसे महिलाओं की उम्र बढ़ती है, उन्हें पीरियड्स में बदलाव, ब्लोटिंग, पेट दर्द या मेनोपॉज़ के बाद ब्लीडिंग जैसी शिकायतें हो सकती हैं। अक्सर, इन शिकायतों को 'उम्र की वजह से' कहकर नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है। कभी-कभी, ये लक्षण आसान वजहों से भी हो सकते हैं। हालांकि, अगर कोई शिकायत बार-बार होती है या सामान्य से अलग महसूस होती है, तो इसे नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। क्योंकि ऐसे लक्षण यूट्रस, सर्विक्स, ओवरी, वजाइना और बाहरी जेनिटल के कैंसर में भी देखे जा सकते हैं। कई महिलाएं अपने घर और परिवार का ध्यान रखते हुए अपनी सेहत को नज़रअंदाज़ कर देती हैं। अगर उनका पीरियड्स अनियमित हो जाता है, तो माना जाता है कि यह उम्र बढ़ने की वजह से है। अगर लगातार ब्लोटिंग होती है, तो माना जाता है कि गैस या इनडाइजेशन है। अगर पेट दर्द होता है, तो माना जाता है कि यह उम्र के साथ आने वाली एक आम समस्या है। अगर आपको मेनोपॉज़ के बाद भी ब्लीडिंग होती है, तो इसे नज़रअंदाज़ किया जा सकता है, यह मानकर कि यह हॉर्मोन में बदलाव की वजह से है। लेकिन हमेशा ऐसा नहीं होता। शरीर में होने वाले कुछ बदलाव किसी गंभीर बीमारी के संकेत भी हो सकते हैं। यूट्रस, सर्विक्स, ओवरीज़, वजाइना या बाहरी जेनिटल के कैंसर के कुछ लक्षण सिंपल हॉर्मोनल या पाचन संबंधी समस्याओं जैसे लग सकते हैं। इसलिए, अगर आपको अपने शरीर में कुछ अलग महसूस हो, तो इसकी जांच करवाना ज़रूरी है। अगर आपके पीरियड्स साइकिल में अचानक बदलाव हो तो सावधान रहें पुणे के लुल्लानगर में मदरहुड हॉस्पिटल की गाइनेकोलॉजिस्ट और ऑब्सटेट्रिशियन डॉ. पायल नारंग ने कहा कि पीरियड्स में ब्लीडिंग में अचानक बदलाव एक ज़रूरी लक्षण हो सकता है। अगर आपको नए बदलाव दिखें जैसे कि सामान्य से ज़्यादा ब्लीडिंग, पीरियड्स लंबे होना या दो पीरियड्स के बीच ब्लीडिंग, तो आपको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। खासकर मेनोपॉज़ के बाद, किसी भी तरह की ब्लीडिंग को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। यह ब्लीडिंग सिर्फ़ उम्र या हॉर्मोन में बदलाव की वजह से नहीं होती। इसके पीछे कैंसर के अलावा और भी कारण हो सकते हैं। हालांकि, सही कारण समझने के लिए मेडिकल जांच ज़रूरी है। लगातार पेट फूलने को नज़रअंदाज़ न करें कभी-कभी पेट फूलना नॉर्मल होता है। लेकिन, अगर आपको लगातार पेट फूलने, पेट में दर्द या बेचैनी हो, या थोड़ा सा खाने के बाद भी पेट भरा हुआ महसूस हो, तो आपको इन शिकायतों को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। अगर ये लक्षण हाल ही में शुरू हुए हैं, बार-बार हो रहे हैं, या धीरे-धीरे गंभीर हो रहे हैं, तो आपको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। अगर पेट दर्द बार-बार हो रहा है तो जांच करवाएं पेट दर्द के कई कारण हो सकते हैं। यूटेराइन सिस्ट, एंडोमेट्रियोसिस, इन्फेक्शन या पाचन संबंधी समस्याएं भी दर्द का कारण बन सकती हैं। लेकिन, अगर आपको बिना किसी साफ़ वजह के लगातार पेट दर्द हो रहा है और इसके साथ आपके पीरियड्स, ब्लीडिंग या पेशाब में बदलाव भी हो रहे हैं, तो आपको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। दर्द के गंभीर होने तक इंतज़ार करने की ज़रूरत नहीं है। शुरुआती जांच से कारण का जल्दी पता चल सकता है। वजाइनल डिस्चार्ज और बाहरी हिस्से में बदलाव भी ज़रूरी हैं अगर वजाइना से असामान्य या लगातार डिस्चार्ज हो रहा है, उसमें खून दिख रहा है, या बदबू आ रही है, तो इसकी जांच करवानी चाहिए। इसके अलावा, अगर बाहरी जेनिटल एरिया में लगातार खुजली हो, स्किन का रंग बदल रहा हो, घाव या अल्सर, सिस्ट या घाव जो ठीक नहीं हो रहे हों, तो इन्हें नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। वज़न कम होना, थकान और पेशाब और शौच में बदलाव पर ध्यान दें अगर बिना किसी साफ़ वजह के वज़न कम हो रहा है, लगातार थकान है, या पेशाब और शौच की आदतों में बदलाव है, तो इन पर भी ध्यान देना ज़रूरी है। खासकर अगर ये लक्षण दूसरी शिकायतों के साथ दिख रहे हैं, तो आपको अपने डॉक्टर से इस बारे में बात करनी चाहिए। हर लक्षण कैंसर नहीं होता ज़रूरी बात यह है कि ऊपर बताया गया हर लक्षण कैंसर नहीं होता। कई बार, इन शिकायतों के पीछे आसान या कैंसर से जुड़े कारण नहीं हो सकते हैं। इसलिए, सिर्फ़ ऐसे लक्षण दिखने पर घबराने की ज़रूरत नहीं है। हालांकि, अगर ये बने रहें तो इन्हें नज़रअंदाज़ करना सही नहीं है।
मलाइका अरोड़ा अक्सर अपने हेल्दी रूटीन और मॉर्निंग ड्रिंक को शेयर करती रहती हैं। 52 की उम्र में फिट मलाइका का ये देसी ड्रिंक क्या सच में डाइजेशन इंप्रूव करता है और क्या इससे फैट बर्न होता है, न्यूट्रिशन कोच रेयॉन ने बताया।
Health Tips: सीने में जलन दिल का रोग नहीं बल्कि Digestion की गड़बड़ी, ऐसे पहचानें Heartburn
खानपान में गड़बड़ी होना पाचन स्वास्थ्य की समस्याओं की सबसे बड़ी वजह माना जाता है। क्योंकि आप जो भी खाते हैं, उसका सीधा असर सेहत पर देखने को मिलता है। अधिक तलाभुना, मसालेदार खाना और जंक फूड्स आदि को खाने से पाचन संबंधी दिक्कतें होती हैं। क्या आपको भी खाना खाने के बाद अचानक से छाती में भारीपन, सीने में जलन या फिर अंदर से जलन होने जैसा अनुभव होता है। हेल्थ एक्सपर्ट की मानें, तो यह हार्ट बर्न की समस्या की ओर संकेत हो सकता है। सीने में जलन की समस्या होने पर अधिकतर लोगों के मन में सबसे पहले दिल की बीमारी का ख्याल आता है। कई लोग मान लेते हैं कि हार्ट बर्न की समस्या का सीधा संबंध हृदय से है। लेकिन ऐसा होना जरूरी नहीं है। दरअसल, सीने में होने वाली जलन दिल की नहीं बल्कि पाचन से जुड़ी समस्या का संकेत होती है। इसे भी पढ़ें: DJ का शोर बिगाड़ सकता है दिल की धड़कन, स्ट्रोक और Heart Attack का बढ़ा रिस्क हार्ट बर्न का हो सकते हैं शिकार सीने में जलन में शरीर में क्या होता है सीने में जलन की समस्या होने पर पेट का अम्ल ऊपर की तरफ भोजन की नली में पहुंच जाता है। भोजन की नली में यह अम्ल जल पैदा करता है। जिसकी वजह से सीने या फिर छाती की हड्डी के पीछे जलन जैसा एहसास होता है। वहीं कई बार यह जलन गले तक पहुंच जाती है। वहीं कुछ लोगों को ऐसा लगता है कि खट्टा तरल पदार्थ या भोजन वापस गले की ओर आ रहा है। मुंह में कड़वा या खट्टा स्वाद महसूस होता है। इसलिए सीने में जलन की समस्या को सिर्फ दिल से जोड़ना सही नहीं है। सीने में जलन की समस्या और इसके खतरे खाना खाने के बाद पेट में खाने को पचाने के लिए अम्ल बनता है। यह अम्ल सामान्य स्थिति में पेट के भीतर रहता है। जब पेट और भोजन की नली के बीच मौजूद मांसपेशी ठीक से बंद नहीं हो पाती हैं या फिर गलत समय पर ढीली पड़ जाती हैं। तो भोजन की नली में पेट का अम्ल वापस ऊपर आ सकता है। वहीं भोजन की नली की अंदरूनी परत तेज अम्ल को सहन करने के लिए तैयार नहीं होती है, जिस कारण जलन और दर्द महसूस होने लगता है। इस स्थिति में खट्टी डकार, सीने में जलन, मुंह में खट्टा या कड़वा स्वाद और कई बार गले में जलन की समस्या हो सकती है। हालांकि कभी-कभी सीने में जलन होना सामान्य हो सकता है। लेकिन अगर यह समस्या बार-बार हो रही है, तो इसको गैस या अपच की समस्या समझकर टालना नहीं चाहिए। क्यों होती है सीने में जलन खानपान और लाइफस्टाइल से जुड़ी समस्या सीने में जलन को बढ़ा सकती हैं। अधिक तला-भुना, ज्यादा खाने खाने, मसालेदार खाना खाने और खाने के फौरन बाद लेट जाने से इसका खतरा अधिक बढ़ जाता है। खट्टे खाद्य पदार्थ, चाय-कॉफी जैसे कैफीन वाले पेय और शराब भी सीने में जलन की समस्या को बढ़ा सकते हैं। धूम्रपान, वेट ज्यादा होने और प्रेग्नेंसी के दौरान पेट का अम्ल ऊपर आने से यह समस्या बढ़ सकती है। वहीं अगर आप खाना खाने के फौरन बाद लेट जाते हैं, तो पेट का अम्ल और सामग्री ऊपर आने की संभावना हो सकती है। सीने की जलन से राहत पाने के तरीके ज्यादा भोजन करने से बचें। खाना खाने के फौरन बाद लेटने से बचें। रात में सोने से कुछ घंटे पहले खाना खाएं। ज्यादा वेट होने पर वजन कंट्रोल करें। धूम्रपान न करें। हल्की जलन से बचने के लिए डॉक्टर की सलाह पर दवा ले सकते हैं।
UNESCO की लिस्ट में भारत की 5 नई जगहें, 4 मध्य प्रदेश से
भारत की यूनेस्को टेंटेटिव लिस्ट में 5 नई जगहें जुड़ी हैं। इनमें 4 जगहें मध्य प्रदेश की हैं। इनमें पुरानी गुफाएं, मंदिर और किला शामिल हैं। एक एंट्री महात्मा गांधी के सत्याग्रह से जुड़ी जगहों की है।
Health Tips: समय कम होने के कारण नहीं कर पा रहे वर्कआउट तो कर सकते हैं घर के ये काम, होगा वेट भी लूज
इंटरनेट डेस्क। आज की भागदौड़ वाली लाइफ से हर कोई परेशान है। लोगों को समय कम मिलता है और ऐसे में वो वर्कआउट नहीं कर पाते है या फिर सेहत का ध्यान नहीं रख पाते है। ऐसे में आप घर के कुछ ऐसे काम भी है जिन्हें करके वर्कआउट कर सकते है। इन काम को करके भी आपको आपके स्वास्थ्य में बड़ा लाभ मिलता है। गाडर्निंग आप वर्कआउट नहीं कर पा रहे है तो आप गार्डनिंग कर सकते है। आपका यह शौक आपके सेहत के लिए बड़ा ही अच्छा है। साथ ही यह आपके दिल को भी हेल्दी रखता है। पौधे लगाना, पौधों को पानी देना जैसे काम करने से आपकी हल्की कसरत होती है। पोंछा लगा सकते है पोंछा लगाने से न सिर्फ आपका फर्श साफ रहेगा बल्कि आपकी सेहत भी सही रहेगी। गंदगी और कीटाणुओं को घर से दूर कर एक स्वस्थ इनडोर वातावरण बनाए रखने में भी मदद मिलती है। साथ ही आप बैठकर पोंछा लगाते है तो आपकी हल्की कसरत भी हो जाती है। pc- healthkart.com
बड़ी राहत: दिल के मरीजों के लिए गुड न्यूज, हार्ट की जानलेवा समस्या का अब पहले ही चल जाएगा पता
दिल की मांसपेशियों में छिपी सूजन यानी कार्डियक सारकॉइडोसिस शुरुआत में बिना स्पष्ट लक्षण के रह सकती है। एम्स के अध्ययन में उन्नत कार्डियक एमआरआई से दिल के सूक्ष्म बदलावों की पहचान के संकेत मिले है।
मौसम बदलते ही वायरल इंफेक्शन का खतरा क्यों बढ़ता है? जानें कारण और बचाव के सही तरीके क्या हैं
How Weather Affects Health: ये अक्सर हम सभी ने महसूस किया है कि जब मौसम बदलता है तो वायरल बुखार, खांसी-जुकाम, गले में दर्द के मामले बढ़ जाते हैं। इसकी क्या वजह है, आइए जानते हैं।
अरबी-जिमीकंद खाकर गले में खुजली होती है, रणवीर बरार से सीखें पकाने का तरीका
जिमीकंद या अरबी की सब्जी गले में खुजली और खराश करती है तो पकाने से पहले ये छोटा सा काम जरूर करें। शेफ रणवीर बरार ने भी बताया कि जिमीकंद पकाने से पहले उबालने का सही तरीका, जिससे गले में खुजली ना हो।
PC: navarashtra एंड्रॉयड स्मार्टफोन पर WhatsApp यूज़र्स, क्या आप तैयार हैं! आपका WhatsApp एक्सपीरियंस जल्द ही बदलने वाला है। क्योंकि एंड्रॉयड यूज़र्स के लिए ऐप का इंटरफ़ेस जल्द ही बदलने वाला है। कंपनी एंड्रॉयड ऐप के बॉटम नेविगेशन बार में नया डिज़ाइन लाने की तैयारी कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नया नेविगेशन बार iPhone पर WhatsApp इंटरफ़ेस जैसा ही है। एंड्रॉयड के लिए इस ऐप का डिज़ाइन गूगल की डिज़ाइन गाइडलाइंस के हिसाब से रखा जाएगा। नया अपडेट सभी बीटा यूज़र्स के लिए उपलब्ध नहीं है यह बदलाव अभी एंड्रॉयड वर्शन 2.26.38.10 के लिए WhatsApp बीटा के डेवलपमेंट स्टेज में देखा जा रहा है। इसका मतलब है कि यह नया अपडेट अभी सभी बीटा यूज़र्स के लिए उपलब्ध नहीं कराया गया है। इसलिए, इस अपडेट को आम यूज़र्स तक पहुंचने में काफी समय लग सकता है। नए डिज़ाइन में, बॉटम नेविगेशन बार बाकी स्क्रीन से थोड़ा अलग दिखेगा। इसमें चारों तरफ गोल कोने होंगे, जिससे यह एक फ्लोटिंग बार जैसा दिखेगा। यह डिज़ाइन मौजूदा नेविगेशन के मुकाबले ज़्यादा मॉडर्न लुक देगा। नया डिज़ाइन जो लाइट थीम में आसानी से दिखेगा इस बदलाव में सिर्फ़ बार का शेप ही नहीं, बल्कि इसके टैब और कंट्रोल का विज़ुअल डिज़ाइन भी शामिल हो सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह नया डिज़ाइन लाइट थीम में ज़्यादा आसानी से दिखेगा, जबकि डार्क थीम में यह बदलाव कम दिख सकता है। WhatsApp का नया Android डिज़ाइन iPhone ऐप के फ्लोटिंग टैब बार जैसा बताया जा रहा है। iOS पर, WhatsApp ने Apple के नए लिक्विड ग्लास डिज़ाइन की तरह फ्लोटिंग और गोल नेविगेशन एलिमेंट्स दिए हैं। Android पर भी ऐसा ही फ्लोटिंग कॉन्सेप्ट देखा जा सकता है। iPhone जैसा डिज़ाइन कॉपी नहीं किया जाएगा हालांकि, Android ऐप में iPhone जैसा डिज़ाइन हूबहू कॉपी नहीं किया जाएगा। WhatsApp Android के लिए अलग डिज़ाइन प्रिंसिपल्स को फॉलो करेगा। इस वजह से, दोनों प्लेटफॉर्म पर नेविगेशन एक्सपीरियंस भले ही एक जैसा दिखे, लेकिन दोनों का विज़ुअल डिज़ाइन अलग होगा।
Weight Loss Diet में शामिल करें ये 7 तरह के High-Protein Salad, तेजी से घटेगा वजन
एक बार वजन बढ़ जाए तो इसे कम करना काफी मुश्किल हो जाता है। आज के समय में लोग सबसे ज्याद बढ़ते हुए वजन से परेशान है। खासतौर पर वजन घटाने के लिए सबसे जरुरी है कि आपकी डाइट और डाइट में ऐसी फूड्स को शामिल करें, जिनकी कैलोरी में कम हो, हालांकि शरीर को पूरा पोषण मिले। ऐसे में सलाद सबसे जरुरी ऑप्शन में से एक है। इसमें फाइबर, विटामिन और मिनरल्स से भरपूर सलाद पेट को लंबे समय तक भरा रखता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती है। यदि आप अपने वेट लॉस के सफर को आसान और मजेदार बनाना चाहती हैं, तो आप इन स्वादिष्ट और लो-कैलोरी सलाद को अपनी रोज की डाइट में जरुर शामिल करें। खीरा और टमाटर सलाद इसे बनाना काफी आसान और इसमें कैलोरी भी काफी कम होती है। खीरे में पानी की मात्रा अधिक होती है, जो शरीर को अच्छी तरह हाइड्रेट करता है। इसके अलावा टमाटर शरीर को जरुरी एंटीऑक्सीडेंट्स देता है। बस आप इस सलाद में थोड़ा नींबू और काला नमक मिलाकर खाएं, इससे पाचन भी दुरुस्त होता है। स्प्राउट्स सलाद अंकुरित मूंग और चने से तैयार यह सलाद काफी टेस्टी होती है और इसमें प्रोटीन व फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है। असल में यह वजन को कम करने में काफी मदद करता है। इसमें कटा हुआ प्याज, टमाटर और नींबू का रस मिलाकर इसका स्वाद और पोषण दोनों ही बढ़ाया जा सकता है। ग्रीन सलाद इसमें आप पालक, लेट्यूस, खीरा, शिमला मिर्च और टमाटर को मिलाकर ग्रीन सलाद खा सकते हैं। वैसे यह शरीर को भरपूर मात्रा में आयरन, फाइबर और विटामिन्स प्रदान करता है। इसमें मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने के साथ ही शरीर को अंदर से साफ रखता है। फ्रूट सलाद अगर आपने डाइट में सेब, पपीता, अमरूद और अनार जैस फलों को अपने सलाद में एड ऑन करें, इनमें फाइबर और विटामिन्स से भरपूर होता है। लेकिन आपको इस बात का ध्यान देना है कि इसमें चीनी या क्रीम बिल्कुल न मिलाएं। वरना आपकी कैलोरी बढ़ सकती हैं। वजन घटाने के बजाय बढ़ जाएगा। पनीर सलाद यदि आप प्रोटीन का सबसे बढ़िया सोर्स ढूंढ रहे हैं, तो लो-फैट पनीर सलाद एक बढ़िया ऑप्शन है। दरअसल, लो-फैट पनीर में मौजूद प्रोटीन पेट को लंबे समय तक भरा महसूस करता है। इसमें खीरा, टमाटर, गाजर और काली मिर्च मिलाकर खाएं, जिससे आपको हेल्दी होने के साथ ही काफी टेस्टी भी बन जाता है। उबला चना सलाद प्रोटीन के लिए सबसे बेहतरीन ऑप्शन काले चने का सलाद। इसमें काफी मात्रा में फाइबर पाया जाता है। इसके लिए आपको चाहिए उबले हुए काले चने में प्याज, टमाटर, नींबू का रस और भुना हुआ जीरा मिलाकर खाएं। असल में यह कॉम्बिनेशन एकदम परफेक्ट और पेट भरने वाला वेट लॉस सलाब बनाता है। गाजर और चुकंदर सलाद अगर आपको भरपूर मात्रा में फाइबर, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट्स चाहिए, तो आप गाजर और चुकंदर का सलाद खा सकते हैं। यह वजन घटाने के साथ ही शरीर में खून का लेवल बढ़ाने और स्किन को हेल्दी व ग्लोइंग बनाए रखता है। सलाद खाते समय रखें इन बातों का ध्यान - ध्यान रहे कि सलाद में ज्यादा नमक या मेयोनीज डालने से उसकी पौष्टिकता कम हो सकती है। - स्वाद के लिए हमेशा नींबू और काली मिर्च का ही इस्तेमाल करें। - दोपहर के समय खाने से ठीक पहले एक बाउल सलाद खाने से आप ओवरईटिंग करने से बच सकते हैं। - रात के खाने में भी आप एक कटोरी सलाद ले सकते हैं। - ध्यान रहे है कि सलाद को काटकर लंबे समय तक न रखें, इसको हमेशा ताजा बनाकर ही खाएं।
जान लें: क्या आपका सिरदर्द सामान्य है? इन संकेतों से समझें कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी
When to See a Doctor for a Headache: अगर आपको भी बार-बार सिरदर्द होता है तो ऐसे में इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। आइए जानते हैं कि कब ऐसे समय में डॉक्टर से मिलना चाहिए।
Navratri 2026: गरबा-डांडिया के लिए हो जाइए तैयार, दिल्ली-NCR में इन 15 जगहों पर मचेगी धूम
नवरात्रि में गरबा-डांडिया की धूम कई जगहों पर होती है और अगर इस साल आप इस बड़े इवेंट का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो दिल्ली-NCR की 15 जगहों पर गरबा-डांडिया नाइट्स का आयोजन किया जा रहा है। चलिए पूरी लिस्ट दिखाते हैं।
सावधान: बिना किसी बड़े लक्षणों के भी बढ़ सकता है कोलेस्ट्रॉल, आंखें देखकर भी लगा सकते हैं इसका पता
कोलेस्ट्रॉल शरीर के लिए जरूरी है, लेकिन इसकी अधिकता रक्त वाहिकाओं को प्रभावित कर सकती है। इसका असर आंखों में भी दिखाई दे सकता है। पलकों के आसपास पीले जमाव या कॉर्निया के आसपास नीले-भूरे घेरे जैसे बदलाव हाई कोलेस्ट्रॉल से जुड़े हो सकते हैं।
क्या AI बन सकता है आपका डिजिटल डॉक्टर? हेल्थ सलाह लेते समय इन बातों का रखें ध्यान
Artificial Intelligence in Healthcare: आज के समय में हर जगह एआई का इस्तेमाल हो रहा है। बहुत से लोग तो हेल्थ के मामले में भी एआई से से ही सलाह ले रहे हैं। ये कितना सही है, आइए जानते हैं।
Black Chole Recipe: छोलों को काला रंग देने के 5 तरीके, आप कौन-सा ट्राई करेंगे?
छोले स्वाद में अच्छे बनें, लेकिन उनका रंग हल्का रह जाए तो मजा थोड़ा कम हो जाता है। अगर आप भी घर पर ढाबे जैसे गहरे रंग वाले छोले बनाना चाहते हैं, तो ये 5 आसान कुकिंग ट्रिक्स काम आएंगी।
करवा चौथ 2026: करवा चौथ से पहले पेट की चर्बी कम करने का लक्ष्य? एक महीने करें ये 3 आसन
अगर आप एक महीने तक नियमित रूप से योग करने का लक्ष्य बना रहे हैं, तो शुरुआत हल्के आसनों से करें और धीरे-धीरे अभ्यास का समय बढ़ाएं। नौकासन, भुजंगासन और प्लैंक जैसे अभ्यास आपके कोर और शरीर की मांसपेशियों को सक्रिय करने में मदद कर सकते हैं।
Hair Fall और Dandruff की समस्या खत्म करने में असरदार हैं ये 6 फूल
बढ़ते हुए प्रदूषण, धूल और गलत खानपान के कारण आजकल बालों की समस्या जैसे कि हेयर फॉल, डैंड्रफ और ड्रायनेस बेहद आम हो गई है। इन प्रॉब्लम्स से बचने के लिए लोग महंगे केमिकल प्रोडक्ट्स पर निर्भर रहते हैं। प्रकृति में ऐसे कई सुंदर फूल है, जो कि बालों को अंदर से पोषण पहुंचाते हैं और बालों को मजबूत, घना और शाइनी बना देते हैं। असल में कुछ फूलों के फायदे अभी भी बहुत कम लोग जानते हैं। यदि आप अपने बालों की केयर को प्राकृतिक और असरदार बनाना चाहती हैं, तो इन खास फूलों को अपनी रूटीन में जरुर शामिल करें। गुड़हल: हेयर ग्रोथ का नेचुरल बूस्टर हर किसी घर में गुड़हल के फूल का पौधा जरुर होगा। इसमें मौजूद विटामिन सी, फ्लेवोनॉयड्स और अमीनो एसिड बालों की जड़ों को मजबूत बनाते हैं और ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाते हैं। असल में इसका पेस्ट या तेल नियमित लगाने से बालों का झड़ना कम होता है और नए बाल उगने में मदद मिलती है। चमेली चमेली के फूलों में एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुणों से भरपूर होता है। यह स्कैल्प को क्लीन करता है और इंफेक्शन-फ्री रखते हैं। चमेली का तेल स्कैल्प को गहराई से मॉइस्चराइज करता है, जो कि डैंड्रफ और खुजली को कम करता है। गुलाब बालों का स्कैल्प के लिए गुलाब के फूल काफी फायदेमंद होते हैं। असल में गुलाब जल स्कैल्प के पी एच लेवल को संतुलित करता है और गर्मी के कारण होने वाली जलन या खुजली को भी शांत करता है। बालों को सॉफ्ट बनाता है। कमल कमल के फूलों में प्रोटीन, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा पाया जाता है। यह बालों को जड़ों को पोषण प्रदान करता है। यह स्कैल्प को हाइड्रेट करता है और ड्रायनेस को भी दूर करता है। इसलिए नियमित रुप से बालों की टेक्सचर को सुधार करता है। यह बालों को स्मूद और हेल्दी बनाता है। गेंदा हर किसी घर में आसानी से गेंदा का फूल मिल जाएगा। असल में गेंदा के फूलों में एंटीसेप्टिक और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जिससे स्कैल्प की सूजन, खुजली और डैंड्रफ को कम करता है। इसका पेस्ट या फिर उबला हुआ पानी बाल धोने के लिए इस्तेमाल करने से स्कैल्प साफ और हेल्दी रहता है। पारिजात पारिजात के फूल में सबसे ज्यादा एंटीऑक्सीडेंट्स पाया जाता है और इसमें पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इसके तेल या काढ़ा बालों में लगाने से हेयर फॉल कम होता है और बालों की ग्रोथ बेहतर होती है। यह स्कैल्प को भी रिलैक्स करता है, जिससे तनाव से संबंधित हेयर्स प्रॉब्लम्स कम होती है।
डेंगू का सीजन: डेंगू में प्लेटलेट्स को लेकर ये बातें कितनी सच? जानें 5 बड़े मिथक और उनकी सच्चाई
Role of Platelets in Dengue Recovery: जब किसी को डेंगू होता है तो डॉक्टरों का पूरा ध्यान प्लेटलेट्स पर ही होता है। इसी के चलते इससे जुड़ी अफवाहें हैं जिनपर लोग आंख बंद करके भरोसा करते हैं। आइए जानते हैं इन्हीं की सच्चाई...
गांधीजी की डाइट और आज की इंटरमिटेंट फास्टिंग में क्या कनेक्शन है? जानें
आजकल इंटरमिटेंट फास्टिंग और माइंडफुल ईटिंग जैसे हेल्थ ट्रेंड काफी चर्चा में हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि गांधी जी भी खाने और उपवास को लेकर कई तरह की चीजें आजमाते थे?
चटपटी टेस्टी आलू की चटनी, हरियाणा वाली ये डिश खाकर हो जाएगा मन खुश
हर रोज एक जैसी सब्जियां खाकर बोर हो चुकी हैं तो इस बार बनाएं हरियाणवी स्टाइल आलू की चटनी। जिसका स्वाद लाजवाब है और रोटी-पराठे दोनों के साथ टेस्टी लगता है। तो बस नोट कर लें आसान सी रेसिपी।
सावधान! युवाओं में तेजी से बढ़ रहा हाई BP का खतरा, जानें शरीर में दिखने वाले शुरुआती संकेत
Causes of High Blood Pressure: आजकल युवाओं में भी हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण देखे जाते हैं। इसकी क्या वजह हैं और इसके शुरुआती संकेत क्या हैं, आइए जानते हैं इस लेख में....
फूड आइडिया: सुबह नाश्ता बनाने का नहीं मिलता समय? पहले से तैयार कर लें ये बैटर, 3 दिन की टेंशन खत्म
सुबह नाश्ता बनाने की जल्दी रहती हैं और रोज क्या अलग बनाएं, ये ही सोचती रहती हैं तो पहले से ही एक ऐसा बैटर तैयार करके रख लें, जिसे बस सुबह फ्रिज से निकाले और अलग-अलग ब्रेकफास्ट रेसिपी तैयार करें। एक ही बैटर से चार-पांच डिश बन जाती हैं, वो भी झटपट।
सेहत की बात: मां की डाइट से बच्चे तक पहुंचता है पोषण, आहार में जरूर शामिल करें ये चीजें
गर्भावस्था में मां और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों के लिए संतुलित पोषण जरूरी है, इसलिए खानपान पर खास ध्यान दें। दूध, दही और पनीर से कैल्शियम व प्रोटीन मिलते हैं, अंडे से प्रोटीन और कोलीन प्राप्त हो सकता है।
पूर्व IAS दिव्या मित्तल ने बताए परफेक्ट स्टूडेंट बनने के 4 तरीके, इन आदतों से सफलता चूमेगी कदम
पूर्व IAS दिव्या मित्तल अपने इंस्टाग्राम पर कई प्रेरणादायक वीडियो शेयर करती रहती हैं। उन्होंने एक वीडियो में परफेक्ट स्टूडेंट बनने के 4 मूल मंत्र साझा किए हैं।
52 की उम्र में भी फिट हैं CM विजय, डेली वॉक के साथ खाते हैं ये 2 चीजें, जानें फिटनेस सीक्रेट
तमिल नाडु के सीएम विजय 52 साल के हो चुके हैं लेकिन उनकी सही उम्र कोई नहीं बता सकता। फिट रहने के लिए विजय सख्त रूटीन अपनाते हैं। आज हम आपको उनके फिटनेस और डाइट प्लान के बारे में बताएंगे।
पूरा दिन नमकीन स्नैक्स खाने की होती है क्रेविंग, न्यूट्रिशनिस्ट ने दिया मरीज को ये उपाय
दिनभर सॉल्टी स्नैक्स खाने की क्रेविंग होती है और आप बिना सोचे- समझें चिप्स और नमकीन के पैकेट खोलकर खाते हैं तो रुक जाएं। सॉल्टी स्नैक्स की भी क्रेविंग होती है और न्यूट्रिशनिस्ट ने इस चीज से छुटकारा पाने के लिए दो उपाय बताए हैं, जानें….
फिट हैं फिर भी हो सकते हैं दिल के मरीज, डॉक्टर से जानें कौन से संकेत को ना करें अनदेखा
काफी सारे लोग कम उम्र में ही हार्ट अटैक से मर रहे ऐसे में ये समझने की जरूरत है कि हार्ट डिसीज का रिस्क केवल ज्यादा उम्र में हो ये जरूरी नहीं। कम उम्र और फिट दिखने वाले लोगों को भी हार्ट डिसीज का रिस्क हो सकता है ऐसे में इन संकेतों को अनदेखा ना करें।
Jokes in Hindi: मजेदार चुटकुलों से बनाएं अपना दिन, हंसते-हंसते हो जाएंगे लोटपोट
खुद का माइंड रिफ्रेश करना है और सुबह-सवेरे दिन की शुरुआत हंसी के साथ करनी है तो पढ़ें मजेदार जोक्स। जिन्हें पढ़कर हंस लिया तो सारा दिन आपका मूड अच्छा रहेगा और सारे काम बनते चले जाएंगे। पढ़ें यहां जबरदस्त हंसी से भरपूर चुटकुले।

