क्रॉनिक इंफ्लेमेशन यानी लंबे समय तक बनी रहने वाली सूजन शरीर के ऊतकों को नुकसान पहुंचा सकती है। इससे डायबिटीज, दिल की बीमारी, फैटी लिवर और ऑटोइम्यून रोगों का खतरा हो सकता है। सीआरपी और ईएसआर जैसे टेस्ट से सूजन के बारे में पता चल सकता है।
अहोई अष्टमी 2026 : माता अहोई से करें संतान की खुशहाली की कामना, अपनों को भेजें ये शुभकामना संदेश
Ahoi Ashtami Wishes 2026: यहां इस लेख में आपको अहोई अष्टमी के ऐसे चुनिंदा शुभकामना संदेश मिलेंगे, जिन्हें आप WhatsApp, Facebook और Instagram के जरिए अपनों के साथ शेयर कर सकते हैं
52 की उम्र में दिल्ली CM रेखा गुप्ता फिट रहने के लिए अपनाती हैं बस 3 आदतें, जानें फिटनेस रूटीन
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता काफी व्यस्त रहने के बाद भी अपने लिए समय निकाल लेती हैं और खुद को फिट रखती हैं। फिटनेस के लिए वह सिर्फ 3 आदतों पर जोर देती हैं और उन्हें वह कभी नहीं बदलती हैं।
आलू पराठे में आलू नहीं मिला तो पति ने उठाया सवाल, पत्नी का जवाब सुनकर लोटपोट हो जाएंगे!
हफ्ते भर का स्ट्रेस और थकान मिटाना चाहते हैं, तो हम आपके लिए 20 मजेदार चुटकुले लेकर आए हैं। इन्हें पढ़कर आप अपनी हंसी नहीं रोक पाएंगे।
जब महबूब की याद सताए, पढ़ें जौन एलिया के 20 दर्दभरे शेर, हर अल्फाज में है जुदाई की कसक
दिल टूटने की आवाज भले ही नहीं होती लेकिन दर्द काफी तेज होता है। ऐसे में अगर आप दर्दभरी शायरियां या शेर पढ़ते हैं, तो आज हम आपके लिए जौन एलिया साहब के 20 चुनिंदा शेर लेकर आए हैं।
मिठाई से लेकर ड्राई फ्रूट तक, दिवाली पर अपनों के लिए चुनें ये 10 खास गिफ्ट हैम्पर
दिवाली पर अपनों को देने के लिए देखें मिठाई, ड्राई फ्रूट और सजावट वाले 10 खास गिफ्ट हैम्पर।
सिर्फ 2 चीजों से बनाएं डेयरी जैसा सॉफ्ट मलाई पनीर, जानें दूध को फाड़ने का सही तरीका
त्योहार आते ही बाजार में मिलावटी पनीर आना शुरू हो जाता है। ऐसे में क्यों ना आप घर पर ही डेयरी जैसा सॉफ्ट मलाई पनीर बनाकर तैयार कर लें? इसे बनाना बहुत सिंपल है। बस कुछ टिप्स ध्यान में रखनी हैं, ये एकदम सॉफ्ट बनकर तैयार होगा।
त्योहार की रौनक, आपका स्टाइल! दिवाली के लिए चुनें ये कुर्ता सेट
दिवाली के लिए Amazon पर देखें एम्ब्रॉयडरी, चिकनकारी और मिरर वर्क वाले खूबसूरत कुर्ता सेट। त्योहार के लिए चुनें अपनी पसंद का सुंदर और आरामदायक डिजाइन।
सलवार की मोहरी प्लेन बनवाती हैं? इस बार ट्राई करें कुछ नया, सेव कर लें ये 8 फैंसी डिजाइन!
सलवार पहनना पसंद है, लेकिन हर बार वही सेम बोरिंग लुक? थोड़ा सा चेंज लाइए और सलवार की मोहरी के साथ एक्सपेरिमेंट कीजिए। यहां कुछ फैंसी डिजाइंस हम अपने साथ शेयर कर रहे हैं, जिन्हें आप सलवार की मोहरी पर बनवा सकती हैं।
अपराजिता के पौधे में भर-भर के आएंगे फूल, बस महीने में 1 बार करें ये फिटकरी वाला जुगाड़!
अपराजिता के पौधे में पर्याप्त पानी देने के बाद भी अगर फूलों की ग्रोथ नहीं हो रही है, तो फिटकरी का पानी डालना फायदेमंद हो सकता है। इसे कैसे इस्तेमाल करना है, आइए जानते हैं। साथ ही पौधे की ग्रोथ से जुड़ी कुछ जरूरी टिप्स भी जानेंगे।
बदलते मौसम में बिना Gym जाए घर पर करें ये 5 Exercise, वजन रहेगा पूरी तरह कंट्रोल
सर्दियों का मौसम धीरे-धीरे नजदीक आ रहा है। हवा में जैसे ही ठंडी होती जा रही है वैसे ही आलस भी बढ़ने लगा है। अब सुबह जल्दी उठना, बाहर टहलना या जिम जाना मुश्किल होता जा रहा है। ऐसे में वजन वढ़ना, मसल्स में जकड़न, सुस्ती और एनर्जी भी कम होने लगती है। यदि इस मौसम में अपने शरीर को फिट बनाएं रखना है, तो आप एक्सरसाइज को जरा भी इग्नोर न करें। सबसे अच्छी बात यह है कि इसके लिए आपको भारी वर्कआउट करने की कोई जरुरत नहीं है। वहीं, महंगे इक्विपमेंट लेने की जरुरत नहीं है, बस कुछ आसान नियमियत एक्सरसाइज को ट्राई करके ही घर पर ही शरीर को शेप में रख सकते हैं। आइए आपको बताते हैं शुरुआती ठंड में खुद को एक्टिव कैसे महसूस करें। घर पर ही करें ये असरदार एक्सरसाइज स्क्वैट्स घर पर ही स्क्वैट्स लोअर बॉडी टोनिंग के लिए काफी फायदेमंद एक्सरसाइज है। इसके की मदद से आप जांघ, हिप्स और पैरों की मांसपेशियां मजबूत होती है। बता दें कि, सर्दियों में ब्लड सर्कुलेशन काफी धीमा हो जाता है। इसलिए शरीर में गर्माहट बनी रहे, तो आप आप स्कवैट्स जरुर करें। प्रतिदिन 2-3 सेट में 15-20 स्क्वैट्स जरुर करें, इससे फैट बर्न होता है। पुश-अप्स बॉडी को टोन करने के लिए सबसे आसान और असरदार एक्सरसाइज पुश-अप्स है। यह एक्सरसाइज करने से पुश-अप्स मसल्स मजबूत होती है। अक्सर बदलते मौसम में मसल्स सुस्त हो जाती है, ऐसे में पुश-अप्स करने से शरीर को एनर्जी जरुर मिलेगी। इसलिए प्रतिदिन 8-10 पुश-अप्स से जरुर करें, बाद में आप चाहे तो इनकी संख्या बढ़ा सकते हैं। प्लैंक यदि आप पेट की चर्बी को कम करना चाहते हैं, तो आप कोर स्ट्रेंथ को बढ़ाने के लिए प्लैंक जरुर करें। यह पेट, कमर, और पीठ की मसल्स को मजबूत बनाता है। अक्सर सर्दियों में पेट के आसपास फैट जम जाता है, तो इसे कंट्रोल करने के लिए प्लैंक मददगार हो सकता है। इसको आप 30 सेकंड से शुरु करें और धीरे-धीरे इसे एक मिनट या उससे ज्यादा तक बढ़ाएं। सूर्य नमस्कार सबसे आसान होता सूर्य नमस्कार योग अभ्यास। यह आपके पूरे शरीर की स्ट्रेचिंग और टोनिंग करता है। यह मसल्स को लचीला बनाता है, ताकि पाचन सुधारता रहे और वजन कंट्रोल में रहे। ठंड के मौसम में रोजाना इसे 8-12 राउंड सूर्य नमस्कार कर सकते हैं। इससे आपका शरीर गर्म रह सकता है। इम्यूनिटी भी स्ट्रॉन्ग रहेगी। जंपिंग जैक्स यह एक कार्डियो एक्सरसाइज है, इसे करने से आपका शरीर पूरी तरह से एक्टिव रहता है। यह कैलोरी को तेजी से बर्न करता है और शरीर में गर्माहट आती है, जो सर्दियों में बेहद जरुरी है। वैसे यह हार्ट को भी हेल्दी रखता है। 2-3 मिनट के लिए आप जंपिंग जैक्स कर सकते हैं।
इंटरनेट डेस्क। आज हम आपको 1 नवंबर 2026 यानी रविवार के राशिफल के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं। रविवार का ये दिन सूर्यदेव की कृपा से तीन राशि के जातकों के लिए बहुत ही शुभ साबित होगा। जातकों के कई काम बनेंगे। मेष राशि: इस राशि के जातकों के लिए दिन नया बदलाव लाने वाला है। किसी काम में सकारात्मक परिणाम मिलेगा। काम के अच्छे नतीजे भी मिलेंगे। जातक अपने क्षेत्र में वर्चस्व बनाए रखने का प्रयास करेंगे। यात्रा लाभदायक रहेगी। मिथुन राशि: इस राशि के जातकों के लिए कल का दिन अनुकूल रहेगा। किसी खास काम में अनुभवी व्यक्ति से मदद मिलने का योग है। सही समय पर सही फैसला लेने से जातकों को नौकरी और बिजनेस में अच्छा मौका मिलने की संभावना है। सिंह राशि: इस राशि के जातकों के लिए कल का दिन खुशनुमा पल लेकर आया है। जातक लक्ष्य निर्धारित करने के लिए कोई नई योजना बना सकते हैं। कोई अच्छी खबर मिलेगी। किसी धार्मिक यात्रा पर जाने का भी योग है। PC:zeenews.india अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
Google Gemini में आया नया फीचर, चैट में सीधे एडिट और क्रिएट होंगे PDF और Docs
हाल ही में Google ने अपने Gemini एप के लिए नई कैपेबिलिटीज का एलान किया है। माउंटेन व्यू स्थित इसे टेक दिग्गज ने नए टूल्स पेश किए हैं, जिनकी मदद से यूजर्स सीधे चैट के भीतर ही डॉक्यूमेंट्स, PDFs, प्रजेंटेशन्स, स्प्रेडशीट्स और दूसरी फाइल्स को क्रिएट, प्रिव्यू और एडिट कर सकेंगे। कंपनी के अनुसार, यूजर्स जनरेट की गई फाइल्स में सीधे बदलाव कर सकते हैं, सवाल पूछने के लिए किसी खास हिस्से को हाइलाइट कर सकते हैं और पूरी बातचीत से बाहर निकले बिना टेक्स्ट और विजुअल्स में एडिट की रिक्वेस्ट कर सकते हैं। वहीं, Google अपने Gemini Notebook में फ्री टेक्स्टबुक्स के एक्सेस का भी विस्तार करेगा। Gemini अब सीधे चैट में क्रिएट और एडिट कर सकेगा डॉक्युमेंट्स और PDFs ब्लॉग पोस्ट के जरिए गूगल ने बताया कि इस नए अपडेट की मदद से बार-बार अलग-अलग एप्स के बीच स्विच किए बिना डॉक्यूमेंट्स और स्टडी मटीरियल्स पर काम करना काफी आसान हो जाएगा। यूजर्स Gemini को फाइल जनरेट करने के लिए कह सकते हैं, इसे फुल स्क्रीन व्यू में ओपन कर सकते हैं और सीधे टाइप करके एडिट कर सकते हैं। अब किसी खास टेक्स्ट को हाइलाइट करके उससे संबंधित सवाल पूछ सकते हैं या चुने गए हिस्से में बदलाव करने के लिए कह सकते हैं। Gemini सपोर्टेड फाइल्स में टेक्स्ट और विजुअल्स दोनों को बेहतर बना सकते हैं। बता दें कि, कंपनी PDF प्रिव्यू और एडिटिंग की सुविधा को Gemini एप के वेब और मोबाइल दोनों वर्जन्स पर उपलब्ध करा रही है। लेकिन Google Docs, Google Sheets, slide decks, Markdown फाइल्स, TXT फाइल्स और कोड जैसे दूसरे फॉर्मेट्स का सपोर्ट सिर्फ वेब वर्जन तक ही ठीक है। इस फीचर की मदद से यूजर्स अब अपने हाथ से लिखे लेक्चर नोट्स को अपलोड कर सकते हैं और Gemini को उन्हें एक PDF स्टडी गाइड बदलने के लिए कह सकता है। फिर तैयार किए गए डॉक्यूमेंट्स को मैनुअली एडिट किया जा सकता है, आगे के सवाल पूछने के लिए सेक्शन्स को हाइलाइट भी कर सकते हैं या एआई असिस्टेंट से किसी खास टेक्स्ट या विजुअल को मॉडिफाई करने के लिए कहा जा सकता है।
इडली-डोसा के शौकीन किसी भी मौसम में इसे खाते हैं। लेकिन सर्दियों में अक्सर डोसा-इडली का बैटर जल्दी से फर्मेंट नहीं होता। ऐसे में अक्सर लोग उसमे बेकिंग सोडा या ईनो वगैरह डाल देती हैं। जबकि इसे नेचुरल तरीके से भी बैटर फर्मेट कर सकते हैं।
गले से ले कर बाजू तक! हेवी फिगर है तो ब्लाउज सिलवाते हुए ये 5 बातें ध्यान रखें, स्लिम दिखेंगी
अगर आपकी अपर बॉडी थोड़ी हेवी है, तो ब्लाउज सिलवाते समय ये छोटी छोटी बातें ध्यान रखें। नेकलाइन से ले कर स्लीव्स बनवाने तक, ये टिप्स फॉलो करेंगी तो लुक ज्यादा हेवी नहीं लगेगा। त्योहारों पर ब्लाउज सिलवाने से पहले इन्हें जरूर जान लें।
रामायण-महाभारत में लिखे देवी-देवताओं के नाम पर करें बच्चे का नामकरण
घर में बेटे या बेटी के जन्म से पहले से ही पैरेंट्स में उसके नामकरण को लेकर उत्सुकता रहती है। हर मां-बाप अपने बच्चे का बिल्कुल अलग और अच्छा नाम रखना चाहते हैं। हिंदू नाम चाहते हैं तो रामायण और महाभारत के इन नामों को जरूर जान लें।
ड्रेस कोड से मेन्यू तक, घर पर होगी दिवाली की शाही महफिल के लिए देखें चेक लिस्ट
साल का सबसे बड़ा त्योहार दिवाली बस आने वाली है। इस त्योहार के आने से पहले बहुत से लोग अपने रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ मिलकर दिवाली पार्टी करते हैं अगर आप भी ये पार्टी प्लान कर रहे हैं तो आपके काम को आसान बनाने के लिए हम चेकलिस्ट शेयर कर रहे हैं।
बालों को जड़ से कमजोर करते हैं ये 5 हेयरस्टाइल, डर्मेटोलॉजिस्ट से जानें रोज कैसे बांधे बाल!
रोज बनाए जाने वाले कुछ पॉपुलर हेयरस्टाइल देखने में स्टाइलिश लग सकते हैं, लेकिन ये बालों को जड़ों से कमजोर करते हैं। धीरे धीरे ये आपके हेयरफॉल को बढ़ा सकते हैं। डर्मेटोलॉजिस्ट से जानें कौन से हेयरस्टाइल बनाएं और कौन से अवॉइड करें।
दीवारों के किनारों पर बनाएं रंगोली, बॉर्डर वाली डिजाइन से घर दिखेगा सुंदर
दिवाली पर घर बिना रंगोली की सजावट के कुछ सूना सा लगता है। घर में जगह नहीं कि बड़ी रंगोली सेंटर में बन सके तो आप दीवार के किनारों पर इन बॉर्डर डिजाइन को बनाकर घर सजाएं, यहां देखें पूरी 8 बॉर्डर रंगोली डिजाइन।
नॉन-स्टिक पैन से जिद्दी तेल और ग्रीस के दाग को करना चाहते हैं साफ, अपनाकर देखें ये घरेलू नुस्खे
क्या आपके भी नॉन स्टिक पैन पर तेल और ग्रीस के जिद्दी दाग लग गए हैं और आप इसे साफ करने के लिए आसानी उपाय ढूंढ रहे हैं। तो यहां बताए गए आसान घरेलू नुस्खे अपना सकते हैं।
सर्दियों का खजाना हैं ये 5 सब्जियां, कैंसर से बचाने में करती हैं मदद! न्यूट्रीशनिस्ट से जानें फायदे
सर्दियों में मिलने वाली कुछ खास सब्जियां ऐसी हैं, जिनमें कैंसर से लड़ने वाले खास गुण पाए जाते हैं। न्यूट्रीशनिस्ट शिल्पा अरोड़ा ने ऐसी ही 5 सब्जियों को अपनी डाइट में शामिल करने की सलाह दी है। ये सब्जियां पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं।
Diwali पर Glass Skin पाने के लिए घर पर बनाएं बेसन और मुलेठी Face Mask
फेस्टिव सीजन चल रहा है। ऐसे में दिवाली का त्योहार भी काफी नजदीक आ चुका है। इस दौरान महिलाएं चाहती हैं कि उनका चेहरा एकदम शीशे की तरह चमकें। दिवाली की सफाई और काम में इतना बिजी होने के बाद महिलाएं पार्लर जाकर महंगे फेशियल करवाती हैं और स्किन ट्रीटमेंट भी करवाती हैं, लेकिन अब आपको पार्लर जाने की कोई जरुरत नहीं। बस घर पर ही आसानी स्किन की देखभाल कर सकती हैं। इस मास्क में बेसन, मुलेठी पाउडर, शहद, हल्दी और कच्चे दूध या गुलाब जल का इस्तेमाल से आपकी स्किन एकदम ग्लोइंग बन जाएगी। ये सभी चीजें आसानी से घरों में मिल जाएगी। आइए आपको बताते हैं कैसे बनाएं यह फेस मास्क। बेसन मुलेठी का फेस मास्क बनाने के लिए क्या चाहिए? बेसन: 2 बड़े चम्मच मुलेठी पाउडर: 1 बड़ा चम्मच शहद: आधा छोटा चम्मच हल्दी: एक चुटकी कच्चा दूध या गुलाब जल: पेस्ट बनाने के लिए जरूरत के हिसाब से कैसे तैयार करें बेसन और मुलेठी का फेस मास्क सबसे पहले आप एक साफ कटोरी लें। फिर इसमें बेसन और मुलेठी का पाउडर डालकर मिला लें। जिसके बाद इसमें एक चुटकी हल्दी और आधा छोटा चम्मच शहद डाल सकते हैं। फिर आप कच्चा दूध या गुलाब जल मिला लें। इन सभी चीजों को अच्छे से मिला लें। फिर एक क्रीमी पेस्ट बनाकर तैयार कर लें। बस ध्यान दें कि पेस्ट न तो बहुत पतला हो और न ही इतना गाढ़ा कि चेहरे पर ठीक से फैल ही न पाए। इस तरह से चेहरे पर लगाएं बेसन और मुलेठी का फेस पैक सबसे पहले चेहरे को अच्छे से क्लिन कर लें। अब उंगलियों की मदद से या फिर ब्रश से चेहरे पर इसको लगा लें। बस इस बात का ध्यान रखें कि, इसे आंखों और होंठों के आसपास नहीं लगाएं। इसे करीब 15 से 20 मिनट तक चेहरे पर लगा रहने दें। मास्क जब सूख जाए, तो उंगलियों को थोड़ा गीला करके चेहरे पर धीरे-धीरे गोलाई में मसाज करें। फिर सादे पानी से चेहरे को धो लें। हफ्ते में कितनी बार लगाएं? इस मास्क को आप कम से कम हफ्ते में 2 या 3 बार लगा सकते हैं। दिवाली से पहले इसे अपनी स्किन केयर रूटीन में जरुर शामिल करें। इन बातों का रखें ध्यान - बेसन की मात्रा 2 बड़े चम्मच रखें। - 1 बड़ा चम्मच मुलेठी पाउडर ही रखें। - दूध या गुलाब जल से पेस्ट तैयार कर लें - मास्क को 15 से 20 मिनट से ज्यादा देर तक न लगाएं। - लगाने से पहले एक बार पैच टेस्ट जरुर करें।
Fashion Mistakes: महिलाएं गलत Neckline और Skin Tone के विपरीत Color से बचें, बिगड़ सकता है Look
हर किसी की चाहत होती है कि वह यंग और अट्रैक्टिव दिखें। हालांकि जब बात डेली वियर की हो या फिर किसी खास फंक्शन में जाने की तैयारी हो। तो हर कोई अपने लुक को एलिगेंट और फ्रेश बनाना चाहता है। लेकिन कई बार अंजाने में की गईं कुछ छोटी-छोटी फैशन मिस्टेक आपके पूरे लुक को खराब कर सकती हैं। कुछ फैशन मिस्टेक के कारण लोग अपनी उम्र से ज्यादा बड़े लगने लगते हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इन 4 फैशन मिस्टेक्स के बारे में बताने जा रहे हैं। जानें ये 4 फैशन मिस्टेक आपको कपड़ों की सही समझ होना बेहद जरूरी है। वरना आपका पूरा स्टाइल बिगड़ सकता है। अगर आप कुछ कपड़े पहनने के बाद अधिक उम्र की महसूस करती हैं। या फिर किसी कपड़े में आप ज्यादा बड़ी दिख रही हैं, तो ऐसा कुछ गलतियों के कारण हो सकता है। जरूरत से ज्यादा ढीले-ढाले कपड़े आज के समय में ओवरसाइज्ड कपड़ों का काफी ट्रेंड चल रहा है। लेकिन जरूरत से ज्यादा ओवरसाइज्ड कपड़े आपके लुक को खराब कर देते हैं। ढीले कपड़ों में आप अपनी वास्तविक उम्र से अधिक लग सकती हैं। जब भी आप कपड़े खरीदें, तो कपड़े का सही साइज, ज्यादा बड़े और लंबे न लें। क्योंकि गलत फिटिंग के कारण आप कंफर्टेबल लुक नहीं क्रिएट कर पाएंगी। ज्यादा ओवरसाइज्ड कपड़े पहनने से आपके लुक का ग्रेस खत्म कर देती है। इसलिए सही फिटिंग और साइज होना जरूरी है। बंद गले या गलत नेकलाइन वाले कपड़े कई बार महिलाएं अधिक बंद गले के कपड़े पहन लेती हैं। जिस कारण उनकी उम्र ज्यादा लगती है। हालांकि बंद गले के कपड़े कोई फैशन मिस्टेक नहीं है। लेकिन हर किसी पर यह सूट नहीं करता है। इससे गर्दन छोटी गिखती है और बॉडी का ऊपरी हिस्सा भी भारी लगता है। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो आपको इस तरह के कपड़े पहनने से बचना चाहिए। स्किन टोन के हिसाब से गलत रंग सिलेक्ट करना तीसरी और सबसे जरूरी बात यह है कि कई बार महिलाएं अपनी पसंद के चक्कर में गलत रंग के कपड़े चुन लेती हैं। ऐसा करने से आपका लुक बेकार लग सकता है। साथ ही आप अपनी उम्र से ज्यादा बड़ी दिखने लगेंगी। क्योंकि कई बार स्किन टोन अलग होने के कारण कुछ रंग आपके चेहरे पर परफेक्ट नहीं बैठते हैं। इससे आपका लुक ज्यादा डल लगने लगता है। ऐसे में आप अपनी पसंद की वजह से किसी भी ऐसे कलर के कपड़े न चुनें, जो आपके ऊपर सूट न करता हो। कपड़ों के साथ गलत फुटवियर हमें फैशनेबल दिखाने में फुटवियर बहुत मदद करते हैं। अगर आप भी किसी खास मौके पर जा रही हैं और चाहती हैं कि आपके लुक में कोई भी फैशन मिस्टेक नहीं हो। तो अपने कपड़े के अलावा फुटवियर का भी ध्यान रखें। मौके पर कपड़ों और सही फुटवियर का चुनाव करना ही आपको फैशनेबल और यंग बनाए रखेगा।
Ahoi Ashtami 2026: अहोई माता को लगाएं आटे के गुलगुले का भोग, ये 1 चीज मिलाने से फूले-फूले बनेंगे!
अहोई अष्टमी पर अहोई माता को भोग लगाने के लिए आटे के गुलगुले जरूर बनाए जाते हैं। वैसे तो इन्हें बनाना आसान होता है, लेकिन कई बार ये ठीक से फूलते नहीं या क्रिस्पी नहीं बनते। ऐसे में ये रेसिपी आपके बड़े काम आ सकती है।
विदेश में प्रियंका-निक की दिवाली पार्टी, मॉर्डन गाउन पहन बिखेरा जलवा
प्रियंका चोपड़ा ने लॉस एंजिल्स स्थित अपने घर पर पति निक जोनस के साथ दिवाली पार्टी रखी. इस खास मौके पर एक्ट्रेस बरगंडी रंग के जरदोजी वर्क गाउन में नजर आईं. कुंदन मांग टीका, रूबी इयररिंग्स और सफेद गजरे ने उनके मॉडर्न लुक में देसी तड़का लगा दिया.
नवंबर में बनने वाली हैं दुल्हन तो ट्राई करें ये DIY फेस मास्क, चांद सा निखरेगा चेहरा
नवंबर में शादी है तो आपको अपनी स्किन का खूब ख्याल रखना चाहिए। यहां हम एक DIY फेस पैक बनाने का तरीका बता रहे हैं, जिसे आसानी से घर पर बनाकर लगाया जा सकता है। यहां सीखिए कैसे बनाएं फेस पैक।
Vitamin B1 Deficiency से जा सकती है याददाश्त, समय पर इलाज न मिलने पर स्थिति जानलेवा
शरीर में विटामिन बी1 की कमी होने पर व्यक्ति को न्यूरोलॉजिकल समस्या हो सकती है। इस विटामिन की कमी से व्यक्ति को वेट ब्रेन की समस्या हो सकती है। हालांकि वेट ब्रेन ऑफिशियल नाम है। इस समस्या को Wernicke-Korsakoff Syndrome भी कहा जाता है। खासतौर पर यह समस्या लंबे समय तक अधिक शराब के सेवन करने वाले लोगों में देखी जाती है। लेकिन सिर्फ शराब पीने वालों में इसका खतरा हो, ऐसा जरूरी नहीं है। शरीर में पोषक तत्वों का ठीक से अवशोषण न होना, गंभीर कुपोषण और लंबे समय तक उल्टी जैसी स्थितियां भी इसका कारण बन सकती है। इसमें Wernicke encephalopathy और Korsakoff syndrome को भी शामिल किया जाता है। हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक Wernicke encephalopathy अचानक से होने वाली और समय पर इलाज न मिलने पर जानलेवा साबित हो सकती हैं। वहीं Korsakoff syndrome होने पर सोचने-समझने और याददाश्त की क्षमता प्रभावित हो सकती है। इसे भी पढ़ें: Black Rice से Weight Loss में मदद, फाइबर और प्रोटीन से नियंत्रित रहेगा बढ़ता वजन शरीर के लिए क्यों जरूरी है विटामिन बी1 विटामिन बी1 शरीर में भोजन से एनर्जी बनाने के प्रोसेस में अहम भूमिका निभाता है। खासतौर पर दिमाग को लगातार काम करने के लिए ग्लूकोज से ऊर्जा की जरूरत होती है। साथ ही थायमिन इस एनर्जी मेटाबॉलिज्म से जुड़ी कई एंजाइम प्रोसेस के लिए जरूरी है। इसलिए इस विमामिन की कमी होने पर दिमाग और तंत्रिका तंत्र सबसे अधिक प्रभावित हो सकते हैं। थायमिन की कमी होने पर दिमाग में ऊर्जा का उत्पादन भी प्रभावित हो सकता है। इससे लैक्टेट और पाइरुवेट जैसे पदार्थों का कोशिकाओं में सूजन, असामान्य संचय और न्यूरोनल डैमेज जैसे प्रोसेस शुरू हो सकती हैं। गंभीर और लंबे समय तक इस विटामिन की कमी होने से ब्रेन सेल्स को स्थायी नुकसान भी हो सकता है। यही कारण है कि विटामिन बी1 की कमी को सिर्फ भूख कम लगना या कमजोरी जैसी सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। विटामिन बी1 की कमी दिमाग और शरीर को करती है प्रभावित थायमिन की कमी का असर सिर्फ दिमाग नहीं सीमित रहता, बल्कि इसकी कमी होने पर भूख कम लगना, वेट कम होना, कमजोरी और पेरिफेरियल नर्वस से जुड़े लक्षण दिख सकते हैं। गंभीर स्थिति में व्यक्ति को न्यूरोलॉजिकल प्रॉब्लम और हृदय से संबंधित समस्याएं हो सकती हैं। वहीं विटामिन बी1 दिमाग से जुड़े प्रभावों में भ्रम, ध्यान लगाने में समस्या, मानसिक स्थिति में बदलाव और याददाश्त में परेशानी जैसे बदलाव शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा आंखों की गतिविधियों में असामान्यता और चलने में लड़खड़ाहट Wernicke encephalopathy के जरूरी संकेत माने जाते हैं। एक जरूरी बात यह है कि Wernicke encephalopathy की क्लासिक तीनों समस्याएं- चलने में असंतुलन, भ्रम और आंखों की समस्या हर एक मरीज में एक साथ नहीं दिखती है। यह कुछ मरीजों में ही मौजूद होती है। इसलिए किसी भी व्यक्ति में इन तीनों लक्षणों के न होने का यह संकेत नहीं होता है कि बीमारी नहीं है। विटामिन बी1 की कमी से कैसे बचें विटामिन बी1 की कमी से बचने के लिए सबसे अच्छा तरीका संतुलित और हेल्दी डाइट लेना है। दालें, बीज, नट्स, साबुत अनाज, मांस, मछली आदि खाद्य पदार्थ थायमिन के स्रोत हो सकते हैं। जिन लोगों को लंबे समय से उल्टी, भोजन के अवशोषण और कुपोषण के शिकार हैं, उनको डॉक्टर की सलाह पर भोजन करना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति शराब का सेवन करता है, तो सिर्फ विटामिन बी1 लेने से जोखिम कम नहीं होगा। इसके लिए पर्याप्त पोषण वाली डाइट और शराब का सेवन बंद करना भी जरूरी है। शरीर में किसी भी तरह के कुपोषण से बचने के लिए व्यक्ति को अपनी डाइट में पौष्टिक चीजों को शामिल करना चाहिए। अगर किसी तरह की समस्या के लक्षण महसूस होते हैं, तो आपको फौरन डॉक्टर से मिलकर इलाज कराएं और सलाह पर सप्लीमेंट ले सकते हैं।
क्या प्रेम सत्य है? ओशो के विचारों से समझें सच्चे प्यार का अर्थ, वीडियो में जाने मोह और प्रेम में क्या है अंतर
Health Tips: हार्ट को रखना चाहते हैं हेल्दी तो डाइट में शामिल कर सकते हैं आप भी ये चीजें
इंटरनेट डेस्क। आपने देखा होगा की बहुत से लोगों को हार्ट की परेशानी रहती हैं, वो कई कारणों से इस बीमारी से परेशान रहते है। लेकिन हम डाइट में कुछ चीजों को शामिल कर ले जो हार्ट को हेल्दी रख सकते है। हार्ट अटैक के बाद दवाइयों से अपने दिल को ठीक रखने की बजाय डाइट में ऐसी चीजों को शामिल करें जो हार्ट को मजबूत बनाएं। सत्तूः सत्तू एक प्लांट बेस्ड प्रोटीन है जो मसल्स को मजबूत बनाने के अलावा बैड कोलेस्ट्रल को कंट्रोल करने में मदद करता है। इसमें मौजूद घुलनशील फाइबर शरीर में जाकर बैड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने और दिल को सेहतमंद रखतेे है। जौरूः जौ में बीटा ग्लुकेन फाइबर होता है जो बैड कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स को कम करने में असरदार है। यह समग्र हृदय स्वास्थ्य को सुधारने और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में सहायक है। pc- abp news
pc: navarashtra ब्लड डोनेशन को सबसे अच्छा डोनेशन माना जाता है। अक्सर एक्सीडेंट, बड़ी सर्जरी, बच्चे के जन्म के दौरान ब्लीडिंग, कैंसर के इलाज और थैलेसीमिया जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को किसी भी समय ब्लड की ज़रूरत होती है। ऐसे में, किसी व्यक्ति की जान बचाने के लिए किसी हेल्दी व्यक्ति से ब्लड लिया जाता है। इमरजेंसी सिचुएशन के लिए ब्लड की रेगुलर सप्लाई होना बहुत ज़रूरी है। इससे संबंधित व्यक्ति की जान बचती है। ब्लड डोनेट करते समय, डोनर की ठीक से जांच के बाद ही ब्लड लिया जाता है। आइए जानते हैं ब्लड डोनेट करने से शरीर को क्या फायदे होते हैं। ब्लड डोनेशन क्या है? ब्लड डोनेशन का मतलब है किसी हेल्दी व्यक्ति के शरीर से ब्लड लेकर किसी ज़रूरतमंद मरीज़ को देना। उसके बाद, ब्लड बैंक में ब्लड की जांच की जाती है और रेड ब्लड सेल्स, प्लाज़्मा और प्लेटलेट्स जैसे कंपोनेंट्स को अलग करके ज़रूरत के हिसाब से मरीज़ों को दिया जाता है। ब्लड डोनेशन आम तौर पर, 18 से 65 साल की उम्र का कोई भी महिला या पुरुष ब्लड डोनेट कर सकता है। अगर हीमोग्लोबिन लेवल नॉर्मल है, तो वे ब्लड डोनेट कर सकते हैं। खून दान करने से शरीर को होने वाले फायदे: खून दान करने से पहले ब्लड प्रेशर, हीमोग्लोबिन और दूसरे शुरुआती टेस्ट किए जाते हैं। खून दान करने से शरीर में ब्लड सेल्स के नैचुरल रीजेनरेशन प्रोसेस को बढ़ावा मिलता है। इसके अलावा, यह शरीर में आयरन लेवल को कंट्रोल करने और शरीर में आयरन के ज़्यादा जमाव को कम करने में मदद करता है। रेगुलर खून दान करने वाले लोग अच्छी मेंटल हेल्थ बनाए रखने में मदद करते हैं। खून दान करने से शरीर से ज़हरीले तत्व बाहर निकलते हैं और खून को साफ़ करने में मदद मिलती है। शरीर को डिटॉक्स करने का सबसे अच्छा तरीका है 6 महीने में एक बार खून दान करना। अक्सर खून दान करने से चक्कर आने की संभावना रहती है। इसके अलावा, खून दान करने के एक-दो दिन बाद तक शराब और स्मोकिंग से बचना चाहिए। खून दान सिर्फ़ जागरूकता फैलाने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि ज़रूरतमंद मरीज़ों की जान बचाने के लिए भी ज़रूरी है। खून दान करने के बाद आराम करना बहुत ज़रूरी है। दिन भर में काफ़ी पानी पीने से शरीर की थकान कम करने में मदद मिलेगी। अगर आपको चक्कर या कमज़ोरी महसूस हो, तो आपको तुरंत बैठ जाना चाहिए या शांति से आराम करना चाहिए।
45 सेकेंड में हो सकता है बच्चों का किडनैप! सुरक्षित रहने के लिए जरूर सिखायें 5 सेफ्टी रूल्स
बच्चे की सुरक्षा चाहते हैं तो इन 5 सेफ्टी रूल्स की जानकारी जरूर रखें। कुछ बातें बच्चों को सिखाएं और कुछ खुद भी सीखें। किसी भी शातिर अपराधी को बच्चा किडनैप करने में कुछ ही सेकेंड लगते हैं और ये रूल्स आपके बच्चे को सुरक्षित करने में मदद करता है।
भारत के सस्ते बाजार: दिल्ली, मुंबई और जयपुर समेत इन 10 शहरों में हैं दिवाली शॉपिंग के मशहूर बाजार
Cheapest Diwali Shopping Markets: अगर आप भी कम बजट में दिवाली की शानदार शॉपिंग करना चाहते हैं, तो जानिए देश के 10 बड़े शहरों के ऐसे बाजारों के बारे में, जहां त्योहार के दौरान खरीदारी के साथ दिवाली की खास रौनक और उत्साह का अनुभव भी कर सकते हैं।
आज ही के दिन यानी की 31 अक्टूबर को देश के पहले गृहमंत्री लौह पुरुष' के नाम से मशहूर सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्म हुआ था। वल्लभभाई पटेल ने स्वतंत्र भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभाई थी। आज भी यह हमारे राष्ट्र की नींव है। उन्होंने 562 रियासतों को जोड़कर देश के एकता के सूत्र में बांधा था। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर सरदार वल्लभ भाई पटेल के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में... जन्म और परिवार गुजरात के नडियाद में एक किसान परिवार में 31 अक्टूबर 1875 को सरदार वल्लभ भाई पटेल का जन्म हुआ था। उनके पिता का नाम झवेरभाई पटेल और मां का नाम लाडबाई था। उन्होंने अपनी शुरूआती शिक्षा करमसद के एक स्थानीय स्कूल से प्राप्त की। फिर साल 1897 में नाडियाद हाई स्कूल से उन्होंने मैट्रिक की परीक्षा पास की थी। परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी न होने के कारण उन्होंने 'डिस्ट्रिक्ट प्लीडर' की परीक्षा पास की। इसके बाद उनको वकालत करने का लाइसेंस मिल गया था। फिर साल 1910 में वह अपने बड़े भाई विट्ठलभाई पटेल की मदद करने और करियर में आगे बढ़ने के लिए इंग्लैंड चले गए। लंदन में उन्होंने 'मिडल टेम्पल' में एडमिशन लिया। इस दौरान उन्होंने 36 महीना का कोर्स सिर्फ 30 महीने में किया। वह फर्स्ट क्लास के साथ पास हुए। साल 1913 में वह भारत लौटे और अहमदाबाद में वकालत करने लगे। स्वतंत्रता संग्राम में अहम भूमिका वल्लभभाई पटेल ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। वह गांधी जी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे। उन्होंने नमक सत्याग्रह, असहयोग आंदोलन और भारत छोड़ो आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाई थी। पटेल के दृढ़ नेतृत्व और संगठनात्मक कौशल ने उनको भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में एक प्रमुख स्थान दिलाया। उनके नेतृत्व में बारडोली सत्याग्रह और खेड़ा सत्याग्रह जैसे आंदोलन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के लिए अहम माने जाते हैं। बारडोली सत्याग्रह में किसानों पर लगान बढ़ने के विरोध में आंदोलन के सफल नेतृत्व की वजह से पटेल को 'सरदार' की उपाधि मिली। इसे भी पढ़ें: Indira Gandhi Death Anniversary: भारत की आयरन लेडी कही जाती हैं देश की पूर्व PM इंदिरा गांधी, जानिए रोचक बातें भारत के लौह पुरुष देश की आजादी के बाद करीब 500 से ज्यादा रजवाड़े, जोकि स्वतंत्र रूप से अपने क्षेत्र पर राज कर रहे थे। देश के गृहमंत्री होने के नाते यह जिम्मेदारी निभाते हुए सरदार पटेल ने भारतीय यूनियन में शामिल किया। वह भी बिना किसी तरह की हिंस का सहारा लिए हुए। सरदार वल्लभभाई पटेल की सराहनीय इच्छाशक्ति और भारत को एकजुट करने के दृढञ संकल्प की वजह से उनको 'भारत का लौह पुरुष' कहा जाता है। बन सकते थे देश के प्रधानमंत्री सरदार पटेल देश के पहले प्रधानमंत्री बन सकते थे। लेकिन गांधीजी के निर्देश पर सरदार पटेल ने पीएम पद की दावेदारी से अपना नाम वापस ले लिया और पंडित नेहरू देश के पहले प्रधानमंत्री बने थे। उनका जीवन सादगी भरा था। बताया जाता था कि उनके पास खुद का नाम तक नहीं था, वह अहमदाबाद में एक किराए के मकान में रहते थे। मृत्यु वहीं 15 दिसंबर 1950 को सरदार वल्लभभाई पटेल का निधन हो गया था। निधन के बाद उनको साल 1991 में देश के सर्वोच्च सम्मान 'भारत रत्न' से सम्मानित किया गया था।
आज ही के दिन यानी की 31 अक्टूबर को देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इंदिरा गांधी को 'आयरन लेडी' भी कहा जाता है। इंदिरा गांधी सिर्फ एक नेता नहीं बल्कि भारत की राजनीतिक दृढ़ता, महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का प्रतीक भी थीं। इंदिरा गांधी का जीवन निर्णय, संघर्ष और दूरदर्शिता का अद्भुत संगम था। उन्होंने अपने कार्यों से भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान देने का काम किया था। तो आइए जानते हैं उनकी डेथ एनिवर्सरी के मौके पर इंदिरा गांधी के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में... जन्म और परिवार उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में 19 नवंबर 1917 को इंदिरा गांधी का जन्म हुआ था। वह देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की बेटी थीं। उनकी मां का नाम कमला नेहरू था। इंदिरा का जन्म एक ऐसे परिवार में हुआ था। जिसका भारत की आजादी की लड़ाई से काफी गहरा रिश्ता था। उनके घर में देश, समाज, राजनीति और आजादी की बातें होती थीं। ऐसे में इंदिरा का बचपन आम बच्चों से काफी अलग रहा। इसे भी पढ़ें: Homi Jehangir Bhabha Birth Anniversary: होमी जे भाभा को कहा जाता है 'भारत का आइंस्टीन', परमाणु कार्यक्रम की रखी थी नींव इंदिरा की शुरूआती पढ़ाई सिर्फ स्कूल तक सीमित नहीं रही। बल्कि पिता की राजनीतिक गतिविधियों और परिवार की परिस्थितियों की वजह से उनकी शिक्षा अलग-अलग जगहों पर हुई। इंदिरा ने भारत के अलावा विदेश में भी पढ़ाई की। उनको स्विट्जरलैंड में पढ़ाई के दौरान यूरोप के शैक्षणिक माहौल को करीब से देखने और जानने का मौका मिला। फिर उन्होंने इंग्लैंड से भी पढ़ाई की। स्वतंत्रता से जुड़ी इंदिरा गांधी इंदिरा गांधी का परिवार देश की आजादी की लड़ाई में सक्रिय था। इसलिए बचपन से ही इंदिरा भी देश की आजादी से जुड़ी गतिविधियों से परिचित थीं। पंडित नेहरू और कमला नेहरू के राजनीतिक कामकाज का असर इंदिरा गांधी के जीवन पर भी पड़ा। आगे जाकर वह भी देश के स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ी गतिविधियों में शामिल हुई। सियासी सफर देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के निधन के बाद इंदिरा गांधी 24 जनवरी 1966 को देश की प्रधानमंत्री बनी थीं। वह देश की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं। इंदिरा गांधी ने साल 1966 से लेकर साल 1977 तक लगातार देश के प्रधानमंत्री के रूप में काम किया। हालांकि साल 1977 के चुनाव में इंदिरा गांधी की पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था। लेकिन फिर साल 1980 में इंदिरा गांधी दोबारा सत्ता में लौटीं। उनका दूसरा कार्यकाल 14 जनवरी 1980 से लेकर 31 अक्टूबर 1984 तक रहा। इस तरह से इंदिरा गांधी ने दो अलग-अलग अवधियों में देश का नेतृत्व किया था। प्रधानमंत्री के कार्यकाल के दौरान इंदिरा गांधी ने समाज के निचले तबके के उत्थान के लिए कई नीतियां बनाईं। उन्होंने गरीबी हटाओ अभियान चलाकर जनता में उम्मीद जगाई। इसके अलावा उनके नेतृत्व में भारत ने पाकिस्तान को हराया और बांग्लादेश का जन्म हुआ था। इस कारण इंदिरा गांधी को 'भारत की आयरन लेडी' कहा जाता था। वहीं साल 1974 में इंदिरा गांधी ने भारत को परमाणु शक्ति संपन्न देशों की श्रेणी में खड़ा किया। मृत्यु इंदिरा गांधी 31 अक्टूबर की सुबह अपने सरकारी आवास 1 सफदरजंग रोड, नई दिल्ली से पास के कार्यालय 1 अकबर रोड की तरफ जा रही थीं। तभी जब वह अपने आवास परिसर के रास्ते से गुजर रही थीं, तो उनके दो सुरक्षा कर्मियों ने उनकी गोली मारकर हत्याकर दी थी।
PC: TV9 WhatsApp में अब AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से मैसेज का ऑटो-रिप्लाई करने की सुविधा है, जिससे सामने वाले को आपकी भाषा में अपने आप रिप्लाई भेज दिया जाएगा, भले ही आप बिज़ी हों या सो रहे हों। WhatsApp Business की ज़रूरत: यह ऑटो-रिप्लाई फ़ीचर नॉर्मल WhatsApp पर नहीं है, जिसके लिए आपको 'WhatsApp Business' ऐप डाउनलोड करके उस पर प्रोफ़ाइल बनानी होगी। ग्रीटिंग और अवे मैसेज: Android या iPhone पर इसे सेट अप करने के लिए, सेटिंग्स में 'बिज़नेस टूल्स' में जाएं और नए लोगों के लिए 'ग्रीटिंग मैसेज' और जब आप अवेलेबल न हों तो 'अवे मैसेज' ऑप्शन को इनेबल करें। समय और कॉन्टैक्ट चुनना: आपका रिप्लाई क्या होना चाहिए, यह तय करने के अलावा, आपको यह चुनने की पूरी आज़ादी है कि इसे किस समय भेजा जाए और यह मैसेज सभी को भेजा जाए, सिर्फ़ एक खास नंबर पर या कई खास लोगों को। मेटा बिज़नेस एजेंट: कुछ खास अकाउंट्स के लिए, 'मेटा AI एजेंट' ऑप्शन भी शुरू किया गया है, जो कस्टमर्स को ऑटोमैटिकली जवाब देता है, लेकिन गलत जानकारी से बचने के लिए इन AI जवाबों को वेरिफाई करना हमेशा ज़रूरी होता है।
WhatsApp Scam Alert: सिर्फ 'NO' लिखने से खाली हो सकता है बैंक अकाउंट? जानें इस नए फ्रॉड के बारे में
PC: TV9 व्हाट्सएप पर लगातार नए-नए स्कैम और फ्रॉड सामने आ रहे हैं। साइबर ठग लोगों को ठगने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। हाल ही में तेलंगाना पुलिस ने व्हाट्सएप यूजर्स को एक खतरनाक स्कैम को लेकर कड़ी चेतावनी जारी की है, जिसमें सिर्फ ‘NO’ लिखने भर से बैंक अकाउंट खाली होने का दावा किया जा रहा है। आइए जानते हैं कि यह नया स्कैम क्या है और इससे खुद को कैसे सुरक्षित रखा जा सकता है: क्या है यह नया व्हाट्सएप स्कैम? हैदराबाद पुलिस कमिश्नर वीसी सज्जनार के अनुसार, स्कैमर्स इन दिनों अनजान या इंटरनेशनल नंबरों से लोगों को व्हाट्सएप पर मैसेज भेज रहे हैं। ‘NO’ लिखने का खतरा: इस स्कैम में अगर यूजर मैसेज का जवाब देते हुए सिर्फ 'No' लिख देते हैं, तो फोन में मैलवेयर एक्टिवेट हो सकता है। व्हाट्सएप का एक्सेस: सिर्फ 'No' में रिप्लाई करने से हैकर्स के पास आपके व्हाट्सएप का एक्सेस पहुंच जाता है और वे पर्सनल डेटा चुरा सकते हैं। वित्तीय नुकसान: इसके बाद बिना एटीएम या बैंक जाए ही बैंक अकाउंट से पैसे कटने के फर्जी मैसेज आने लगते हैं और पीड़ित को लाखों का चूना लग जाता है। इस स्कैम से बचने के लिए जरूरी सावधानियां: अनजान नंबरों से रहें सावधान: किसी भी इंटरनेशनल या अननोन नंबर से आने वाले संदिग्ध संदेशों का जवाब (Reply) बिल्कुल न दें। ओटीपी (OTP) या पासवर्ड शेयर न करें: अपना वन-टाइम पासवर्ड, पिन या कोई भी पर्सनल जानकारी किसी के साथ साझा न करें। एंटी-वायरस का इस्तेमाल करें: अपने स्मार्टफोन में एक अच्छा एंटी-वायरस सॉफ्टवेयर इंस्टॉल रखें, जो मैलवेयर और खतरनाक वायरस को ब्लॉक कर सके। साइबर फ्रॉड होने पर क्या करें? यदि आपके साथ किसी भी तरह का ऑनलाइन स्कैम या धोखाधड़ी होती है, तो तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके शिकायत दर्ज कराएं। आप भारत सरकार के संचार साथी (Sanchar Saathi) पोर्टल या ऐप के जरिए भी फ्रॉड की रिपोर्ट कर सकते हैं।
Halloween पर कद्दू से बनाएं Creamy Pumpkin Soup और पाई, ये रहीं 3 रेसिपी
हर साल 31 अक्टूबर को हैलीवीन फेस्टिवल मनाया जाता है। इसका नाम सुनते ही कद्दू से बना डरावना चेहरा, अजीबोगरीब डेकोरेशन और मजेदार पार्टी का ही ख्याल आता है। इस दौरान लोग अपने घर में अलग-अलग तरीके से डेकोरेट करते हैं और अलग ही तरह के कपड़े पहनकर पार्टी करते हैं। अब कद्दू की डेकोरेशन के अलावा स्वादिष्ट डिशेज बना सकती हैं। Halloween पर कद्दू से बनाएं ये डिशेज इस बार आप हैलोवीन पर घर पर ही कद्दू से बनने वाली ये 3 स्वादिष्ट डिशेज बना सकते है- हैलोवीन पर बनाएं क्रीमी पंपकिन सूप - 2 कप कटा हुआ कद्दू - 1 छोटा प्याज - 1 कप पानी या वेजिटेबल स्टॉक - 1 छोटा चम्मच बटर - नमक और काली मिर्च स्वाद के अनुसार - 2 से 3 बड़े चम्मच दूध और क्रीम इसे बनाने के लिए सबसे पहले कद्दू के छोटे टुकड़ों को काट लें। फिर एक पैन में बटर गर्म करके प्याज भून लें और फिर कद्दू डाल दें। अब पानी डालकर कद्दू के नरम होने तक पकाएं। फिर इसको ठंडा करके मिक्सर मं पीस लें। अब इस पेस्ट को दोबारा पैन में डालें और जरुरत के अनुसार पानी मिलाएं। लास्ट में काली मिर्च, नमक और क्रीम डालकर कुछ मिनट के लिए पकाएं। तैयार है गर्मगर्म पंपकिन सूप। पंपकिन पाई से बनाएं हैलोवीन को खास इसे बनाने के लिए चाहिए ये चीजें- 1 कप कद्दू की प्यूरी 1 कप मैदा आधा कप चीनी 2 बड़े चम्मच बटर आधा कप दूध थोड़ी-सी दालचीनी पाउडर 1 अंडा (ऑप्शनल) सबसे पहले मैदा और बटर से पाई का बेस तैयार कर लें। अब कद्दू की प्यूरी में चीनी, दूध, दालचीनी और अंडा मिलाएं। यदि आप अंडा नहीं खाना चाहते हैं, तो बिना अंडे वाली रेपिसी बना सकते हैं। अब इस मिश्रण को पाई के बेस में डालकर पहले से गर्म ओवन में बेक कर लें। पाई सेट हो जाने के बाद और पकने के बाद इसके ठंड़ा करके काट लें और सर्व करें। इस बात का ध्यान दें कि बिना अंडा वाली रेसिपी में सामग्री और बेकिंग का अलग-अलग समय होता है। कद्दू के पकौड़े बनाएं इसके लिए आपको ये चीजें चाहिए- 2 कप कद्दू के पतले टुकड़े आधा कप बेसन नमक स्वाद के अनुसार आधा छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर थोड़ा अजवाइन पानी और तेल जरूरत के अनुसार इस डिश को बनाने के लिए सबसे पहले बेसन में नमक, लाल मिर्च और अजवाइन मिला दें। अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर गाढ़ा घोल रैडी कर लें। फिर कद्दू के टुकड़ों को इस घोल में अच्छी तरह लपेटें। अब गर्म तेल में इन्हें गोल्डन और क्रिस्पी होने तक डीप फ्राई कर लें। इसको आप हरी चटनी या टोमैटो सॉस के साथ सर्व करें। इस बात का ध्यान रखें कि कद्दू के टुकड़े बहुत मोटे ने हो, वरना ये अंदर से अच्छे से नहीं पकेंगे। इनको छोटे ही पीस रखें।
हेल्थ टिप्स: कैंसर का जोखिम कम करना है तो डाइट में शामिल करें ये औषधियां, मिलेंगे कई फायदे
कैंसर का खतरा कम करने के लिए खानपान और बेहतर जीवनशैली जरूरी है। हल्दी, काली मिर्च, अदरक और मोरिंगा में एंटीऑक्सीडेंट व एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। अध्ययनों में इनके संभावित कैंसर रोधी प्रभाव सामने आए हैं।
घुटने में दिखें ये 3 लक्षण तो बिल्कुल न करें नजरअंदाज, तुरंत लें डॉक्टर की सलाह
घुटने में दर्द होना आम बात है, लेकिन कुछ लक्षण गंभीर समस्या का संकेत हो सकते हैं। ऐसे में डॉक्टर ने तीन ऐसे लक्षणों के बारे में बताया है जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और डॉक्टर से तुरंत सलाह लेनी चाहिए।
Black Rice से Weight Loss में मदद, फाइबर और प्रोटीन से नियंत्रित रहेगा बढ़ता वजन
आजकल लोग अपनी लाइफस्टाइल में काफी बदलाव लेकर आ रहे हैं। हर कोई सेहत को लेकर काफी सजग रहता है। वजन को कम करने के लिए कई योग या डाइटिंग को फॉलो करता है। ऐसे में कई लोग मोटापा को कम करने के लिए अपनी डाइट में ब्लैक राइस का इस्तेमाल करते हैं। क्योंकि ब्लैक राइस पोषक तत्वों से भरपूर होता है। जो कि हेल्थ के लिए लाभदायक है। इनमें फाइबर और प्रोटीन होने के कारण वेट लॉस में ये मददगार माना जाता है। www.india.gov.in के मुताबिक, ब्लैक राइस में मिलने वाले सेहतमंद गुणों की वजह से ही इसे 'फॉरबिडन राइस' के नाम से भी जाना जाता है। यह एंटीऑक्सीडेंट, फाइबर और मिनरल का एक अच्छा सोर्स है। बता दें कि, इसके गहरे रंग और नटी स्वाद के कारण यह कई पारंपरिक डिशेज में एक पॉपुलर मील के तौर पर लोकप्रिय है। यह फिटनेस के साथ ही आंखों का ख्याल रखती है। आइए आपको इसके फायदे बताते हैं। क्या हैं ब्लैक राइस खाने के फायदे असल में ब्लैक राइस में पौष्टिक तत्व पाए जाते हैं। भारत सरकार के कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकारण (APEDA) ने पूर्वोत्तर और अन्य राज्यों से जैविक और एनओपीओपी (NPOP) प्रमाणित काले चावल के निर्यात को बढ़ावा दिया है। वेट लॉस में कारगर यदि आप डेली रुटीन डाइट में ब्लैक राइस का सेवन करते हैं, तो आपको काफी फायदे मिलेंगे। इन चावलों में भरपूर मात्रा में प्रोटीन और फाइबर होता है। यही आपके वजन को नियंत्रित करते हैं और छरहरा रखने में सहायक होते हैं। वैसे यह दिनभर एनर्जी से भी भरपूर होते हैं। एंटीऑक्सीडेंट की अधिकता ब्लैक राइस में एंटीऑक्सीडेंट की अधिकता पाई जाती है, जो कि ये शरीर को ठीक रखता है। आपकी याददाश्त को बेहतरीन करता है। इम्यूनिटी बनाए रखता है। काले चावल के सेवन से सूजन की समस्या में लाभ मिलेगा। इनमें फाइबर पाए जाते हैं, जो कि डाइजेशन के लिए एकदम परफेक्ट है। इसका रंग इतना गहरा क्यों होता है? pmc.ncbi.nlm.nih.gov के मुताबिक ब्लैक राइस एक पिगमेंटेड वैरायटी का चावल है। इसकी बाहरी परत में एंथोसायनिन की मात्रा अधिक पाई जाती है। जिससे पिग्मेंट्स इसे गहरा बैंगनी या काला रंग देते हैं। पकाने के बाद इसका रंग अक्सर गहरा बैंगनी दिखाई देगा। ब्लैक राइस की वैरायटी में बाहरी पिग्मेंटेड लेयर मौजूद रहने की वजह से इसमें कुछ ऐसे कंपाउंड्स अधिक मात्रा में बने रह सकते हैं, जो पॉलिश्ड व्हाइट राइस में कम होते हैं।
कोरियन जैसी चमकती सी स्किन चाहिए तो आलू से बनाएं स्टार्च मास्क, लगाते ही फर्क दिखेगा
चेहरे की स्किन डल और लूज हो गई है और आपको कोरियन ग्लास स्किन की चाहत है तो पोटैटो स्टार्च से बना फेस मास्क बनाकर चेहरे पर लगाएं। ये स्किन को टाइटनिंग, ब्राइटनिंग इफेक्ट देगा। सीखें स्टार्च निकालना और फेस मास्क बनाना।
सरदार पटेल जयंती विशेष: एकता, साहस और अनुशासन का पाठ पढ़ाते हैं उनके ये अनमोल वचन
Sardar Vallabhbhai Patel Jayanti: सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर उनके प्रेरणादायक अनमोल विचारों के बारे में, जो देश की एकता, अखंडता, अनुशासन और राष्ट्रसेवा का संदेश देते हैं।
हैलोवीन ड्रेस आइडिया: बच्चे को भेजना है हैलोवीन पार्टी में तो ऐसे बिना ज्यादा प्रोप्स के करें तैयार
Halloween 2026 Costume Ideas for Kids: अगर आपके बच्चे को आज हैलोवीन पार्टी में जाना है और आपके पास कॉस्ट्यूम या खास सामान खरीदने का समय नहीं है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। इस लेख में हम आपको कुछ आइडिया देंगे।
'सबसे खतरनाक है घर का खाना' क्यों कही फिटनेस एक्सपर्ट ने ऐसी बात
घर का खाना है तो हेल्दी ही होगा, अक्सर लोगों के दिमाग में यहीं बात रहती है, जबकि घर का खाना भी प्रोसेस्ट और जंकफूड के बराबर हो सकता है। अगर उसके पोषक तत्वों की मात्रा पर ध्यान ना दिया जाए। फिटनेस एक्सपर्ट ने बताया घर के खाने की कमियां और उसे दूर करने का तरीका।
हेल्थ अलर्ट: ब्लड शुगर कंट्रोल नहीं हो रहा तो संभल जाएं, रोजाना की ये आदतें हो सकती हैं जिम्मेदार
ब्लड शुगर बढ़ने के पीछे सिर्फ खानपान ही नहीं, बल्कि रोजमर्रा की कुछ आदतें भी जिम्मेदार हो सकती हैं। नींद की कमी, जरूरत से ज्यादा फास्टिंग, लगातार तनाव और देर रात भोजन करना इंसुलिन की कार्यप्रणाली को प्रभावित कर सकता है।
नाश्ते में झटपट बनाएं मारवाड़ी पोहा, स्वाद है लाजवाब
Marwadi Poha Recipe: पोहा तो आपने कई तरह के खाए होंगे, लेकिन क्या कभी चटपटा मारवाड़ी पोहा ट्राई किया है. अगर नहीं, तो आज हम आपको इसे बनाने की आसान रेसिपी बताएंगे. इसे तैयार करने में ज्यादा समय भी नहीं लगता. आप इसे सुबह के नाश्ते में गरमा-गरम चाय के साथ परोस सकते हैं.
ओवरस्मार्ट लोगों के लिए 15 ऐसे जोक्स, जिन्हें पढकर हंसी नहीं रुकेगी!
बिना मांगी सलाह देना, हर सवाल का जवाब देना और खुद को सबसे ज्यादा स्मार्ट समझना कुछ लोगों की आदत होती है। ऐसे ओवरस्मार्ट लोगों पर बने ये 15 मजेदार चुटकुले आपका दिन बना देंगे।
बिना झंझट के झटपट तैयार करें साउथ इंडियन रवा डोसा, नोट करें आसान सी रेसिपी
दक्षिण भारत का रवा डोसा अपने लाजवाब कुरकुरेपन और बेहतरीन स्वाद के लिए पूरी दुनिया में पसंद किया जाता है। अगर आप ब्रेकफास्ट के लिए ऑप्शन सर्च कर रहे हैं तो रवा डोसा बेस्ट है। नोट करें रेसिपी।
शनिवार की सुबह के लिए पढ़ें खास शाही सोच और दमदार अंदाज वाली 20 शानदार शायरियां
अगर आप अपनी सुबह की शुरुआत शाही अंदाज और दमदार एटीट्यूड के साथ करना चाहते हैं, तो ये रॉयल गुड मॉर्निंग आपके लिए खास साबित हो सकती हैं। यहां पढ़ें शनिवार की शानदार 20 शायरियां और अपने दोस्तों-करीबियों के साथ शेयर करें।
लकड़ी के फर्नीचर में लग गई है दीमक? छुटकारा पाने के लिए अपनाएं ये उपाय
दीमक से छुटकारा पाने के उपाय
पानी से भरी पॉलीथिन में सिक्का! इसे घर में क्यों लटका रहे हैं लोग? जानें वायरल हैक
घर के बाहर पॉलीथिन में पानी भरकर, उसमें सिक्का डालकर घर के आंगन में लटकाने से क्या होगा? सुनने में ये अजीब लग सकता है, लेकिन ये वायरल हैक आपके बड़े काम का हो सकता है। आइए जानते हैं इससे क्या फायदा होगा और वाकई ये काम करता भी है या नहीं।
नया सूट सिलवाने से पहले सेव कर लें गले के ये 8 फैंसी डिजाइन, स्टाइलिश लगेगी बैक!
पार्टी वियर सूट हो या डेली वियर, गले का डिजाइन फैंसी हो तो लुक और भी अट्रैक्टिव लगता है।अगर आप भी अपने लिए सूट सिलवाने जा रही हैं, तो बैक पर ये नेकलाइन ट्राई कर सकती हैं। यहां हम आपके लिए कुछ फैंसी डिजाइंस ले कर आए हैं।
Cyber Crime Alert: ऑनलाइन फ्रॉड में पैसे गंवाए? घबराएं नहीं, बस तुरंत करें ये काम
डिजिटल बैंकिंग और ऑनलाइन भुगतान ने हमारी जिंदगी को काफी आसान बना दिया है। कुछ सेकंड में पैसे ट्रांसफर हो जाते हैं और खरीदारी से लेकर बिल भुगतान तक का काम मोबाइल से पूरा हो जाता है। लेकिन इसी सुविधा के साथ साइबर फ्रॉड का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है। किसी लिंक पर क्लिक करना, फर्जी कॉल पर भरोसा करना या गलत व्यक्ति को ओटीपी बताना कभी-कभी खाते से बड़ी रकम गायब होने की वजह बन जाता है। ऐसी स्थिति में सबसे जरूरी है कि पीड़ित घबराने के बजाय तुरंत कार्रवाई करे। CyberDost I4C की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक, ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के बाद समय रहते शिकायत करने पर ठगी की रकम को रोकने या वापस पाने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। एक मिनट भी न करें बर्बाद अगर आपके साथ ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी हुई है, तो सबसे पहले 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर संपर्क करें। इसके साथ ही National Cyber Crime Reporting Portal (NCRP) पर शिकायत दर्ज की जा सकती है। शिकायत जितनी जल्दी दर्ज होगी, संबंधित बैंक और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के पास लेन-देन को ट्रैक करने तथा आगे की रकम को रोकने की संभावना उतनी ही बेहतर हो सकती है। इसलिए फ्रॉड का पता चलते ही बैंक को भी इसकी जानकारी देना जरूरी है। इसे भी पढ़ें: क्रेडिट कार्ड और लोन वाले कॉल से छुटकारा पाने का तरीका, TRAI का ऐप आएगा काम MRM से कैसे आगे बढ़ती है रकम वापस पाने की प्रक्रिया? साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में Money Restoration Module (MRM) जैसे डिजिटल तंत्र के माध्यम से योग्य मामलों में ठगी गई राशि को पीड़ित तक वापस पहुंचाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है। शिकायत मिलने के बाद संबंधित एजेंसियां और बैंक लेन-देन की जानकारी के आधार पर रकम को ट्रैक करने की कोशिश करते हैं। यदि ठगी की राशि किसी दूसरे खाते में पहुंच चुकी है और उसे समय रहते होल्ड या फ्रीज किया जा सकता है, तो आगे की कार्रवाई के जरिए राशि की बहाली की संभावना बन सकती है। हर मामले में पैसा वापस मिलना तय नहीं यह समझना भी जरूरी है कि शिकायत दर्ज करने का मतलब यह नहीं है कि हर मामले में पूरी रकम निश्चित रूप से वापस मिल जाएगी। सफलता इस बात पर काफी निर्भर करती है कि ठगी के बाद पैसा कहां गया, कितनी जल्दी शिकायत हुई और संबंधित राशि को समय रहते रोका या फ्रीज किया जा सका या नहीं। यदि जालसाज रकम को तुरंत निकाल लेते हैं या उसे कई खातों में तेजी से ट्रांसफर कर देते हैं, तो पैसे की रिकवरी चुनौतीपूर्ण हो सकती है। साइबर फ्रॉड के बाद अपनाएं ये कदम - ऑनलाइन ठगी का शिकार होने पर घबराने के बजाय तुरंत 1930 पर कॉल करें, - NCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें और अपने बैंक को घटना की सूचना दें। - ट्रांजैक्शन आईडी, बैंक स्टेटमेंट, संदिग्ध मोबाइल नंबर, मैसेज, स्क्रीनशॉट और अन्य डिजिटल सबूत सुरक्षित रखें। साइबर फ्रॉड में समय ही सबसे महत्वपूर्ण हथियार है। - जितनी जल्दी घटना की सूचना दी जाएगी, उतनी ही जल्दी रकम को ट्रैक और संभावित रूप से रोकने की कोशिश शुरू की जा सकती है। - डॉ. अनिमेष शर्मा
Amazon Sale: धनतेरस पर रसोई होगी रोशन, दिवाली पर अपनों को दें खास गिफ्ट
धनतेरस और दिवाली के लिए देखें स्टेनलेस स्टील के सुंदर बर्तन। Amazon Sale में आकर्षक डील्स के साथ घर के लिए नए बर्तन खरीदें और अपनों को गिफ्ट दें।
मां की पुरानी 'पटोला साड़ी' में शरवरी का मॉडर्न अंदाज! कॉर्सेट ब्लाउज और ड्रेपिंग ने लूटी महफिल
अपनी अपकमिंग फिल्म 'ये प्रेम मोल लिया' के प्रमोशन के दौरान शरवरी का बेहद खास अंदाज देखने को मिला। उन्होंने इस खास मौके के लिए अपनी मां की पुरानी पटोला साड़ी को चुना, जिसे उन्होंने कॉर्सेट ब्लाउज और यूनिक ड्रेपिंग के साथ मॉडर्न टच दिया।
सब्जियां पकाते समय न करें ये गलतियां, स्वाद और कुरकुरापन बनाए रखने के लिए अपनाएं 7 टिप्स
सब्जियां पकाते समय अक्सर लोग एक गलती कर बैठते हैं और वह है उन्हें जरूरत से ज्यादा पकाना। इससे सब्जियों का स्वाद, रंग और बनावट खराब हो जाती है। अच्छी तरह मसाले डालने या स्वादिष्ट करी बनाने के बाद भी ज्यादा पकी हुई सब्जियां खाने में अच्छी नहीं लगतीं। इसलिए सब्जियां पकाते समय सही तरीका अपनाना और यह समझना जरूरी है कि उन्हें कब आंच से उतारना है। अगर आप चाहते हैं कि सब्जियां अच्छी तरह पकें, लेकिन उनका कुरकुरापन और स्वाद भी बना रहे, तो इन आसान तरीकों को अपनाएं। समय नहीं, सब्जियों की बनावट देखकर पकाएं हर सब्जी को पकने में अलग-अलग समय लगता है। यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि आप उसे किस बर्तन या तरीके से पका रहे हैं। इसलिए किताबों में दिए गए 5 से 10 मिनट के समय को हर सब्जी के लिए सही न मानें। सब्जियों को पकाते समय बीच-बीच में जांचते रहें। कांटे या चाकू से दबाकर देखें। अगर वह आसानी से अंदर जा रहा है, लेकिन सब्जी में थोड़ी मजबूती बाकी है, तो समझें कि वह पक चुकी है। सब्जियों को एक जैसे आकार में काटें सब्जियां काटते समय ध्यान रखें कि उनके टुकड़े लगभग एक जैसे हों। अगर एक गाजर का टुकड़ा दूसरे से आधा छोटा है, तो छोटा टुकड़ा जल्दी पक जाएगा, जबकि बड़ा टुकड़ा कच्चा रह सकता है। छोटे टुकड़े जल्दी पकते हैं और बड़े टुकड़ों को ज्यादा समय लगता है। इसलिए सब्जियों को एक समान आकार में काटने से सभी टुकड़े एक साथ पकेंगे और कोई टुकड़ा ज्यादा या कम नहीं पकेगा। इसे भी पढ़ें: Market की मिलावटी मिठाइयों की चिंता छोड़ें, Diwali पर घर में बनाएं 4 स्वादिष्ट Sweets पहले उबालें, फिर तुरंत ठंडे पानी में डालें बीन्स, मटर और ब्रोकली जैसी सब्जियों को थोड़ी देर उबालकर तुरंत बर्फ वाले ठंडे पानी में डाल दें। इस तरीके को ब्लांचिंग कहते हैं। ऐसा करने से सब्जियों के पकने की प्रक्रिया तुरंत रुक जाती है। इससे उनका हरा रंग और कुरकुरापन बना रहता है। सब्जियां ज्यादा नरम भी नहीं होतीं। सब्जियों को जरूरत से ज्यादा न उबालें सब्जियों को लंबे समय तक उबालने से उनका स्वाद, रंग और मजबूती कम हो सकती है। इसलिए उन्हें तब तक ही उबालें, जब तक वे नरम न हो जाएं। सब्जियों को इतना न पकाएं कि वे पूरी तरह गल जाएं। उनमें थोड़ी मजबूती रहनी चाहिए, ताकि उनका असली स्वाद बना रहे। जरूरत से ज्यादा पानी इस्तेमाल न करें सब्जियां उबालते समय बर्तन में बहुत ज्यादा पानी डालने की जरूरत नहीं होती। उतना ही पानी डालें, जितने में सब्जियां डूब जाएं। कुछ सब्जियों को पानी में पूरी तरह डुबोने की भी जरूरत नहीं होती। ऐसी सब्जियों को भाप में पकाना बेहतर विकल्प हो सकता है। सब्जियों को भाप में पकाने की कोशिश करें सब्जियों को भाप में पकाना उन्हें स्वादिष्ट और सही बनावट में तैयार करने का आसान तरीका है। इससे सब्जियां पानी में भीगती नहीं हैं और उनका प्राकृतिक स्वाद भी बना रहता है। ब्रोकली, गाजर, फूलगोभी और हरी बीन्स जैसी सब्जियों को भाप में अच्छी तरह पकाया जा सकता है। इस तरीके से वे नरम तो होती हैं, लेकिन उनमें हल्का कुरकुरापन भी बना रहता है। इसे भी पढ़ें: Bhakosa Recipe: Breakfast में Fast Food छोड़ बनाएं Bhakosa, भाप में पकी दाल और मसालों से मिलेगा गजब स्वाद सब्जियां भूनने से पहले पैन अच्छी तरह गर्म करें अगर आप सब्जियों को पैन में भून रहे हैं, तो ध्यान रखें कि पैन पहले से अच्छी तरह गर्म हो। ठंडे या हल्के गर्म पैन में सब्जियां डालने से उनमें से पानी निकलने लगता है और वे नरम पड़ जाती हैं। सबसे पहले पैन गर्म करें, फिर तेल डालें और उसके बाद सब्जियां डालकर पकाएं। गर्म पैन में सब्जियां जल्दी पकती हैं और उन पर हल्का भूरापन भी आता है। इससे उनका कुरकुरापन बना रहता है। इन आसान तरीकों से सब्जियों का स्वाद रहेगा बरकरार सब्जियां पकाते समय कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना जरूरी है। उन्हें सही आकार में काटना, जरूरत के मुताबिक पानी इस्तेमाल करना और पकने के समय उनकी बनावट पर नजर रखना काफी मददगार हो सकता है। इन तरीकों को अपनाकर आप सब्जियों का रंग, स्वाद और कुरकुरापन बनाए रख सकते हैं।
कड़ाके की ठंड में पौधों को हरा-भरा कैसे रखें? जानें आसान तरीके
सर्दियों में ठंडी हवा और कम धूप की वजह से पौधों की पत्तियां सूखने लगती हैं। ऐसे में कुछ आसान घरेलू तरीके अपनाकर आप अपने पौधों को ठंड से बचा सकते हैं।
Daily Use के लिए Best Salt कौन सा है, जानिए सादा, सेंधा और काला नमक किसका करें सेवन?
हर भारतीय किचन में नमक के बिना खाने का स्वाद एकदम फीका लगता है। सलाद से लेकर रायते तक काला नमक डालना पसंद करता है, तो कोई व्रत के दौरान सेंधा नमक इस्तेमाल करता है। कुछ लोग सादे सफेद नमक को छोड़कर इन दोनों को अधिक हेल्दी मानते हैं। अब सवाल मन में उठता है कि क्या काला नमक और सेंधा नमक सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है। इसमें मौजूद मिनरल्स शरीर को कोई खास फायदा पहुंचाते हैं? असल में नमक को चूज करते समय केवल उसके रंग या प्राकृतिक होने पर ध्यान देना ठीक नहीं है। आइए आपको बताते हैं कौन-सा नमक शरीर के लिए सबसे बेस्ट है। सफेद नमक ज्यादातर घरों में सफेद नमक का सेवन किया जाता है। इसको समंदर के पानी से बनाकर बुरी तरह से रिफाइंड किया जाता है, जिससे इसके सारे नेचुरल मिनरल्स खत्म हो जाते हैं। वैसे इसमें सोडियम क्लोराइड बचता है और साथ ही एंटी-केकिंग एजेंट मिलाया जाता है, जिससे ये चिपके नहीं। वैसे इसके अधिक इस्तेमाल करने से हाई BP, पानी की जमाव और किडनी पर लोड पड़ता है। वैसे WHO के मुताबिक, ये नमक दिन में 5 ग्राम से ज्यादा नहीं खाना चाहिए। काला नमक काला नमक अपने स्वाद के लिए जाना जाता है। इसमें पाए जाने वाले सल्फर की इसकी अलग ही पहचान होती है। आमतौर पर इसका इस्तेमाल, चाट, सलाद, रायता, नींबू पानी और कई तरह के चटपटे खाने में किया जाता है। काला नमक खाने के स्वाद को बेहतरीन करता है। ऐसे में कई लोग गैस और पेट फूलने जैसी परेशनियों में भी इस्तेमाल करते हैं। वहीं, पेट से संबंधित समस्याओं को दूर करने में इसके असर को लेकर मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इसलिए इसको किसी बीमारी का इलाज नहीं मानना चाहिए। सेंधा नमक असल में सेंधा नामक को जमीन के अंदर मौजूद नमक के भंडारों से निकाला जाता है। वैसे यह सफेद, हल्का गुलाबी या दूसरे हल्के रंगों में मिल सकता है। भारत में इसका इस्तेमाल व्रत के खाने में किया जाता है। इसमें मुख्य रुप से सोडियम क्लोराइड पाया जाता है। वहीं, इसमें पोटैशियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे मिनरल्स कम मात्रा में पाए जाते हैं। वैसे यह शरीर में पानी को बैलेंस करता है, मसल्स क्रैंप रोकता है और BP को कंट्रोल रखने में मदद करता है। वहीं, व्रत में सेंधा नमक खाने की सलाह दी जाती है। क्योंकि ये हल्का होता है। रोजाना खाने के लिए कौन सा नमक बेस्ट है? इन तीनों नमक में सबसे बढ़िया सेंधा नमक अच्छा है। असल में सेंधा नमक में सोडियम सबसे कम पाया जाता है। इसमें 80+ प्राकृतिक मिनरल्स हैं, जो सफेद नमक नहीं होते हैं। वैसे यह पचने में भी काफी हल्का होता है। BP को भी नहीं बढ़ाता है। असल में काला नमक का इस्तेमाल रोज नहीं किया जा सकता है, यह एकदम पाचन की दवा जैसा है। इसको आप चाट, रायता, छाछ में कभी-कभी ले सकते हैं। सफेद नमक सिर्फ स्वाद के लिए है। जो कि सेहत खराब कर सकता है। अब आप सफेद नमक का सेवन कम कर दें।
इंटरनेट डेस्क। आज हम आपको 31 अक्टूबर 2026 यानी शनिवार के राशिफल के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं। शनिवार का दिन तीन राशि के जातकों के लिए बहुत ही शुभ साबित होगा। जातकों के कई काम बनेंगे। वृषभ राशि: इस राशि की महिलाओं को शनिवार को कोई खुशखबरी मिलेगी। जातकों के लिए आर्थिक पक्ष पहले की अपेक्षा और भी बेहतर होगा। कई दिनों से ऑफिस का रुका हुआ कार्य पूरा होने का योग है। मिथुन राशि: इस राशि के जातक कल प्रॉपर्टी लेने का मन बना सकते हैं। कोई रुका हुआ काम पूरा होने से जातकों को खुशी मिलेगी। शाम तक आपको कोई शुभ समाचार प्राप्त होने का योग है। इससे घर का माहौल खुशियों से भर जाएगा। कई मामलों में दिन अच्छा रहेगा। कर्क राशि : इस राशि के जातक व्यापार में धन लाभ कमाएंगे। घर पर किसी पार्टी के आयोजन का प्लान बन सकता है। घर में किसी धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन होने का भी योग है। कई मामलों में दिन बहुत ही शुभ साबित होगा। PC:abplive,amarujala,astrokaka अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
फूली-फूली और सॉफ्ट बनेंगी मक्के की रोटी! आटा गूंथने और बेलने की ये 1 ट्रिक जान लें
सर्दियों में आपको भी साग के साथ मक्के की रोटी खाना पसंद है, लेकिन इन्हें बनाना मुश्किल लगता है। तो ये टिप्स आपके बड़े काम आने वाली हैं। आटा गूंथने के सही तरीके से ले कर बेलने की ये ट्रिक जान लेंगे, तो रोटी एकदम सॉफ्ट और फूली-फूली बनेंगी।
सोमनाथ-द्वारका के आसपास घूमने की जगहें: गिर, दीव और जूनागढ़ जरूर देखें
अगर आप गुजरात में सोमनाथ और द्वारका दर्शन का प्लान बना रहे हैं, तो आसपास की कुछ खूबसूरत जगहों को भी अपनी ट्रिप में शामिल कर सकते हैं। यहां आपको जंगल सफारी, बीच और मंदिर देखने का मौका मिलेगा।
Uttarakhand की Roopkund Lake में मिलते हैं मानव कंकाल, Lohajung से शुरू होता है पैदल ट्रेक
अगर आप भी एडवेंचर के शौकीन हैं और किसी ऐसी जगह की तलाश में हैं, जहां पर एडवेंचर के साथ रहस्य को करीब से महसूस कर सकें। तो आपके लिए उत्तराखंड की रूपकुंड झील परफेक्ट ट्रेकिंग डेस्टिनेशन हो सकती है। यह जगह समुद्र तल से करीब 16,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। रूपकुंड झील अपनी खूबसूरती के अलावा यहां पर मिले मानव कंकाल के कारण पूरी दुनिया में फेमस है। हालांकि यहां पर पहुंचना इतना भी आसान नहीं है और मौसम भी चुनौतियों को बढ़ा सकता है। दिल्ली से रूपकुंड की दूरी दिल्ली से रूपकुंड के बेस कैंप लोहाजंग तक की दूरी सड़क मार्ग से करीब 480-530 किमी है। कार से जाने में करीब 15 से 17 घंटे का समय लग सकता है। अगर आप अपनी फैमिली या दोस्तों के साथ दिल्ली आते हैं, तो मेरठ, दिल्ली से रूपकुंड के बेस कैंप लोहाजंग तक आएंगे। फिर लोहागंज से रूपकुंड तक का सफर पैदल ट्रेक करके पूरा किया जाता है। कंकालों की झील प्राप्त जानकारी के मुताबिक रूपकुंड में बर्फ पिघलने पर मानव अवशेष दिखाई देते हैं। साल 2019 में एक वैज्ञानिक स्टडी में सामने आया था कि यहां पर मिले कंकाल अलग-अलग आनुवंशिक समूहों से जुड़े हैं। वहीं कुछ अवशेष करीब 1200 साल पुराने बताए जाते हैं। हालांकि इनके यहां तक पहुंचने की कहानी आज भी रहस्य बनी हुई है। रूपकुंड का ट्रैक करीब 50 किमी से ज्यादा लंबा और कठिन माना जाता है। रास्ते में आपको घास के मैदान, जंगल, ग्लेशियर और बर्फीले हिस्से मिलेंगे। ट्रैक का सबसे ऊंचा हिस्सा करीब 5,000 मीटर की ऊंचाई पर है। ट्रैकिंग एक्सपर्ट कहते हैं कि पहली बार यहां पर जाने वाले लोगों को अनुभवी गाइड और पर्याप्त तैयारी के साथ यहां जाना चाहिए। इन बातों का रखें ध्यान इस ट्रैक पर मौसम तेजी से बदल सकता है। इसलिए अपने साथ रेनकोट और गर्म कपड़े जरूर रखें। जींस की जगह पर आरामदायक ट्रेकिंग कपड़े और मजबूत जूते पहनें। प्लास्टिक या कचरे को रास्ते में न फैलाएं। स्थानीय प्रशासन और ट्रेकिंग गाइड के सभी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
पालक देख मुंह बनाते हैं बच्चे? बनाकर खिलाएं इसकी फूली-फूली पूड़ी
Palak Ki Poori: अगर आपके घर में पालक देख हर कोई कतराता हैं तो यहां हम आपको पालक की फूली-फूली पूड़ी की रेसिपी बता रहे हैं जो देखने में सुंदर होने के साथ ही खाने में भी स्वादिष्ट होती हैं.
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रमोद महाजन का 30 अक्टूबर को जन्म हुआ था। वह जबरदस्त संभावनाओं वाले नेता माने जाते थे। हालांकि यह कयास लगाया जाता है कि अगर प्रमोद महाजन जीवित होते, तो मौजूदा राजनीति क्या होगी। वह 90 के दशक के सियासत के असरदार चेहरों में से एक थे। साथ ही प्रमोद महाजन को भाजपा की दूसरी पीढ़ी का चाणक्य कहा जाता था। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर प्रमोद महाजन के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में... जन्म और परिवार तेलंगाना के महबूब नगर इलाके में एक देशहस्थ ब्राह्मण परिवार में 30 अक्टूबर 1949 को प्रमोद महाजन का जन्म हुआ था। प्रमोद महाजन एक साधारण पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखते थे। उनकी परवरिश भी साधारण रही और पढ़ाई पूरी करने के बाद वह एक स्कूल में टीचर बन गए। इसी बीच वह आरएसएस से जुड़े और प्रचारक बने। इसी दौरान उनकी राजनीति शुरू हुई। वह अटल बिहारी वाजपेयी और लाल कृष्ण आडवाणी दोनों के करीब थे। वह भाजपा के लिए फंड एकत्र करते थे। सियासी सफर प्रमोद महाजन सियासी दुनिया के साथ-साथ करोबारी दुनिया में भी मधुर संबंध रखते थे। वहीं एक समय पर उन्होंने पार्टी से कहा कि वह अब चंदा नहीं उगाहना चाहते हैं, जिसको पार्टी ने स्वीकार भी किया। प्रमोद महाजन की जो राजनीतिक कमाई थी वह न तो उनको किस्मत से मिली और न ही विरासत से। उन्होंने वह नाम, पद और रुतबा सब अपनी मेहनत से हासिल किया था। उनके बारे में कहा जाता था कि प्रमोद महाजन में वाजपेयी जैसी वाकचातुर्य और आडवाणी जैसे सांगठनिक गुण हैं। इसे भी पढ़ें: Homi Jehangir Bhabha Birth Anniversary: होमी जे भाभा को कहा जाता है 'भारत का आइंस्टीन', परमाणु कार्यक्रम की रखी थी नींव इसके साथ ही माना जाता था कि वह सियासी कुटिलता और समझबूझ में अपने सियासी गुरुओं से भी आगे हैं। ऐसे में उनकी अपनी ही पार्टी में प्रमोद महाजन के कई विरोधी भी थे। वह क्षमता के मामले में उस समय की भारतीय राजनीति में अन्य नेताओं से कहीं आगे थे। बता दें कि साल 1986 में वह पहली बार संसद पहुंचे थे। प्रमोद महाजन तब से लेकर मृत्यु तक वह राज्यसभा सांसद ही रहे। सिर्फ 2 साल छोड़कर वह लोकसभा में थे। वहीं वाजपेटी की 13 दिनों की सरकार में प्रमोद महाजन ने बतौर रक्षामंत्री शपथ ली थी। फिर साल 2004 के लोकसभा चुनावों की रणनीति का जिम्मा प्रमोद महाजन को मिला था। इस दौरान फील गुड और इंडिया शाइनिंग के नारे अस्तित्व में आए थे। हालांकि इन सबके बाद भी लोकसभा चुनाव में हार मिली। जिसकी व्यक्तिगत तौर पर जिम्मेदारी राहुल महाजन ने ली थी। मृत्यु वहीं 22 अप्रैल 2006 को अपने परिवार के साथ प्रमोद महाजन अपने मुंबई स्थित अपार्टमेंट में थे। तभी उनके छोटे भाई प्रवीण महाजन ने अपनी पिस्टल से उन पर तीन गोलियां दाग दीं। जिसके बाद उनको आनन-फानन में हॉस्पिटल ले जाया गया। लेकिन 13 दिनों बाद 03 मई 2006 को प्रमोद महाजन का निधन हो गया था।
आज ही के दिन यानी की 30 अक्टूबर को भारत के परमाणु कार्यक्रम के जनक होमी जहांगीर भाभा का जन्म हुआ था। वह महान वैज्ञानिक, संगीत प्रेमी और चित्रकार थे। विज्ञान में होमी जे भाभा के योगदान की वजह से उनको 'भारत का आइंस्टीन' भी कहा जाता है। वह देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के करीबी माने जाते थे। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर होमी जे भाभा के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में... जन्म और परिवार मुंबई में 30 अक्टूबर 1909 को होमी जे भाभा का जन्म हुआ था। वह एक संपन्न पारसी परिवार में हुआ था। इनके पिता का नाम जहांगीर होर्मुसजी भाभा एक फेमस वकील थे। होमी जे भाभा ने कैथेड्रल एंड जॉन कोनन स्कूल और एलफिंस्टन कॉलेज से पढ़ाई की थी। इसके बाद वह एलफिंस्टन कॉलेज से आगे की पढ़ाई की थी। वहीं साल 1927 में वह कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी पहुंचे और यहां से उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। हालांकि उनकी दिलचस्पी भौतिकी में थी। इसे भी पढ़ें: K R Narayanan Birth Anniversary: देश के पहले दलित राष्ट्रपति थे के आर नारायणन, ऐसे तय किया सफर शोध कार्य पॉल डिराक और नील्स बोहर से प्रेरित होकर होमी जे भाभा ने कॉस्मिक किरणों पर शोध शुरू किया। साल 1922 में उन्होंने पीएचडी और साल 1939 में डॉक्टर ऑफ साइंस की उपाधि प्राप्त की थी। सेकेंड वर्ल्ड वॉर के दौरान वह भारत आ गए और फिर बेंगलुरु स्थिति इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस में काम किया। कॉस्मिक किरणों पर होमी जे भाभा के शोध ने उनको अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का काम किया था। TIFR और परमाणु कार्यक्रम की स्थापना मुंबई में साल 1945 में होमी जे भाभा ने टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च की स्थापना की थी। सर दोराबजी टाटा के सहयोग से यह संस्थान शुरू हुआ, जिसका उद्देश्य भारत में उच्चस्तरीय वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा देना था। भारत का आइंस्टीन साल 1954 में होमी जे भाभा को परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके बाद ट्रॉम्बे में उन्होंने एटॉमिक एनर्जी एस्टेब्लिशमेंट की स्थापना की, जिसको भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर के नाम से जाना जाता है। होमी जे भाभा का तीन चरणीय परमाणु कार्यक्रम यूरेनियम, प्लूटोनियम और थोरियम पर आधारित था। भारत में थोरियम के बड़े भंडार को देखते हुए होमी जे भाभा ने इसके इस्तेमाल पर खास जोर दिया था। वहीं साल 1955 में होमी जे भाभा ने जिनेवा में पहले अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा सम्मेलन की अध्यक्षता की थी। साल 1956 में उनके नेतृत्व में एशिया का पहला परमाणु अनुसंधान रिएक्टर 'अप्सरा' शुरू किया गया था। मृत्यु वहीं स्विट्जरलैंड जाते समय 24 जनवरी 1966 को एयर इंडिया की फ्लाइट 101 मॉन्ट ब्लांक पर्वत से टकरा गई। इस दुर्घटना में 56 साल के होमी जे भाभा का निधन हो गया था।
Wobble Speed 5G भारत में जल्द होगा लॉन्च, 20 हजार से कम बजट में मिलेगा नया 5G Smartphone
टेक बाजार में एक और भारतीय मोबाइल कंपनी ने शानदार 5G स्मार्टफोन लेकर आ रहे हैं। स्मार्टफोन कंपनी Wobble ने गुरुवार को ऑफिशियल रुप से घोषणा की है। वह जल्द ही भारत में अपना नया हैंडसेट Wobble Speed 5G लॉन्च करेगी। बता दें कि, यह कंपनी का पोर्टफोलियो का दूसरा स्मार्टफोन है, जो पिछले साल नवंबर में पेश किया गया है। इतना ही नहीं, कंपनी ने फोन के डिजाइन और बजट का हिंट भी दिया है। 20 हजार रुपये से कम के रेंज में आएगा फोन कंपनी की तरफ से जारी हुई प्रेस रिलीज में बताया गया है कि Wobble Speed 5G को भारतीय बाजार में 20,000 रुपये के प्राइस सेगमेंट में उतारा जाएगा। इसका सीधा तात्पर्य है कि यह फोन पिछले साल आए Wobble One 5G की तुलना में काफी किफायती है। यह डिवाइस बजट फ्रेंडली है, लेकिन कंपनी ने इसके लुक्स और डिजाइन्स पर काफी कार्य किया है। फ्लैट बैक पैनल और नया कैमरा मॉड्यूल फोन की डिजाइन की बात करें, तो Wobble Speed 5G एकदम रिफ्रेशिंग लुक के साथ आएगा। फोन में फ्लैट रियर पैनल दिया गया है, जो आज के समय में काफी ट्रेंडी माना जा रहा है। इस बार कंपनी ने अपने पुराने मॉडल के स्क्वायर कैमरा आइलैंड को हटाकर एक शानदार सर्कुलर रियर कैमरा मॉड्यूल दिया है। वैसे इस मॉड्यूल में डुअल-कैमरा सेटअप और एक एलईडी (LED) फ्लैश फिट किया गया है। यह फोन कम से कम एक अट्रैक्टिव रेड शेड में जरुर बिक्री के लिए उपलब्ध होगा। बटन्स और पोर्ट्स की प्लेसमेंट हाल ही में टीज किए गए डिजाइन के मुताबिक, फोन के दाई तरफ पावर बटन और उसके ठीक ऊपर वॉल्यूम कंट्रोल्स दिए गए हैं। वहीं, फोन का बायां हिस्सा एकदम क्लीन रखा गया है। इसके अलावा, चार्जिंग और डेटा ट्रांसफर के लिए फोन के नीचे हिस्से में USB टाइप-C पोर्ट मिलने की उम्मीद है, लेकिन फोन की सटीक लॉन्च डेट के बारे, फीचर्स व स्पेसिफिकेशन्स पर पर्दा जल्द ही उठेगा। अभी तक इनके बारे में कोई जानकारी नहीं है।
हाथ-पैर सुंदर और मुलायम हो जाएंगे! सर्दियों में सुबह-शाम लगाएं ये DIY ब्राइटनिंग क्रीम
हाथ-पैरों की देखभाल करना अक्सर हम भूल जाते हैं। जबकि इनके लिए आपको किसी तरह के महंगे प्रोडक्ट्स की जरूरत नहीं है। बस ये DIY ब्राइटनिंग क्रीम बनाकर रख लें। सर्दियों में आपके हाथ-पैरों की स्किन निखर जाएगी।
हैलोवीन पार्टी के लिए सिंपल मेकअप आइडिया नहीं मिल रहे? ये 7 लुक्स देखें
हैलोवीन पार्टी में जाने का प्लान है, लेकिन मेकअप के लिए ज्यादा समय नहीं है? परेशान होने की जरूरत नहीं। कुछ आसान ट्रिक्स और घर में रखे मेकअप प्रोडक्ट्स की मदद से मिनटों में अपना लुक बदल सकती हैं।
8 कॉटन कुर्तियां पहनकर कैसा रहा मेरा अनुभव? मैंने चुनी अपनी पसंद, अब आपकी बारी!
रोजाना और आउटिंग के लिए देखें 8 सुंदर कॉटन कुर्तियों के डिजाइन। मैंने अपनी पसंद चुन ली, अब आपकी बारी!
बीपी हमेशा बढ़ा हुआ रहता है? रसोई से निकालकर फेंक दें ये 5 चीजें, न्यूरोसर्जन ने बताया!
कई लोगों का बीपी हमेशा बढ़ा हुआ रहता है। दवाई लेने के बाद भी कंट्रोल नहीं होता, जिसकी एक बड़ी वजह आपकी रोजाना की डाइट भी हो सकती है। डॉक्टर ने ऐसी 5 चीजों के बारे में बताया है जिन्हें आपको अपनी रसोई से बाहर निकाल देना चाहिए।
कुत्ता काट ले तो क्या करें? घाव पर हल्दी न लगाएं, डॉक्टर से जानें सही तरीका
कुत्ते के काटने पर कई लोग घाव पर हल्दी या सरसों का तेल लगा देते हैं। लेकिन डॉ. मीर के अनुसार, ऐसा करना सही नहीं है। जानें, रेबीज से बचने के लिए कौन से 4 कदम उठाना जरूरी है।
November Trip: केरल के Munnar में चाय बागानों और Tata Tea Museum से लेकर खूबसूरत झीलों तक घूमें
नवंबर का महीना घूमने के लिए बेहद खास होता है। इस दौरान न तो अधिक गर्मी होती और न ही सर्दी। इस दौरान घूमने के लिए के लिए दक्षिण भारत के सबसे पसंदीदा टूरिस्ट स्पॉट्स में मुन्नार का नाम सबसे पहले आता है। केरल में स्थित मुन्नार अपने हरे-भरे चाय के बागानों, धुंध से ढकी पहाड़ियों और सुहाने मौसम के लिए जाना जाता है। यदि आप नवंबर में मुन्नार घूमने का प्लान बना रहे, तो यह लेख आपके लिए एकदम परफेक्ट होता है। असल में मानसून के बाद यहां का मौसम बहुत ही सुहाना हो जाता है। पहाड़ियां हरी-भरी नजर आती हैं और झरने भी काफी खूबसूरत दिखाई देते हैं। आइए जानते हैं कुछ ऐसे जगहों के बारे में जो आपकी मुन्नार की यात्रा को बेहद शानदार बना देगा। चाय के बागान और टाटा टी म्यूजियम गौरतलब है कि मुन्नार की पहचान उसके दूर-दूर तक फैले चाय के बागान हैं। मुन्नार की घुमावदार सड़कों से गुजरते हुए आप चाय की पत्तियां की महक को हवा में महसूस कर सकते हैं। वहीं, आप यहां पर टाटा टी म्यूजियम जाकर आप चाय बनाने की पूरी प्रक्रिया, उसके इतिहास और प्रोसेसिंग को काफी करीब से देख सकते हैं। इधर आप फ्रेश चाय का स्वाद ले सकते हैं। अट्टुकड़ वॉटरफॉल यहां पर ऊंची पहाड़ियां और घने जंगलों के बीच से गुजरता अट्टुकड़ झरना देखने में काफी खूबसूरत लगता है। मानसून के बाद झरने का पानी में उफान देखने को मिलता है। ट्रेकिंग और प्रकृति की खूबसूरती के बीच समय बिताने के लिए ये जगह काफी शानदार है। मट्टुपेट्टी बांध और झील मुन्नार से करीब 13 किमी की दूरी पर स्थित मुट्टुपेट्टी बांध एक मशहूर पिकनिक स्पॉट है। यहां की शांत झील में आप स्पीड बोटिंग या पैडल बोटिंग का मजा ले सकते हैं। इसके साथ ही झील के किनारे फैले टी गार्डन का नजारा और भी खूबसूरत लगते हैं। एरावीकुलम नेशनल पार्क यदि आपको वन्यजीव देखने काफी शौक है और आपको एडवेंचर काफी पसंद हैं, तो आप एरावीकुलम नेशनल पार्क आपके लिए सबसे परफेक्ट है। यहां पर आप पश्चिमी घाट के जंगली बकरे नीलगिरी तहर को देख सकते हैं, जो कि लुप्त होने की कगार पर हैं। इसके साथ ही, दक्षिण भारत की सबसे ऊंची अनामुडी भी इसी नेशनल पार्क में है। इको प्वॉइंट मट्टुोपेट्टी डैम से कुछ ही दूरी पर इको प्वाइंट हैं, जहां से जोर से बोलने पर आवाज गूंजती हुई सुनाई देती है। जब आप पहाड़ियों की ओर जोर से चिल्लाते हैं, तो आपकी आवाज वापिस गूंजकर आती है। खूबसूरत झील और चारों तरफ घने पेड़ों से घिरा ये पॉइंट घूमने की बेहतरीन जगह है।
मैदा नहीं! गेहूं के आटे से बनाएं हलवाई जैसी खस्ता-कुरकुरी मीठी मठरी, नोट करें रेसिपी
त्योहारों पर मीठी मठरी बनाने की सोच रहे हैं, तो ये रेसिपी आपके लिए है। बिल्कुल सही माप के साथ आटा लगाकर मठरी बनाएंगे तो बिल्कुल हलवाई जैसा खस्ता और कुरकुरा स्वाद आएगा। आइए जानते हैं पूरी रेसिपी।
Beauty Tips: No Makeup Look से चेहरे को मिलेगा नेचुरल ग्लो, हाइड्रेशन से स्किन करेगी ग्लो
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में रोजाना घंटों मेकअप करना संभव नहीं होता है। साथ ही यह आपकी स्किन के लिए भी अच्छा नहीं होता है। यही वजह है कि आज के समय में नो-मेकअप लुक या क्लीन गर्ल एस्थेटिक सबसे बड़ा ब्यूटी ट्रेंड बनकर उभरा है। इस लुक का असली राज स्किन को मेकअप से छिपाना नहीं बल्कि स्किन को अंदर से चमकदार और हेल्दी बनाना है। नेचुरल ब्यूटी पाने के लिए आपको महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स की जगह सही स्किन केयर रूटीन और स्मार्ट ग्रूमिंग की जरूरत होती है। आप सिर्फ 5 मिनट के स्किन केयर रूटीन से फ्रेश नजर आ सकती हैं, इससे आपकी स्किन भी खुलकर सांस ले पाती है। नेचुरल ग्लो पाने के लिए हाइड्रेशन और ब्लड सर्कुलेशन पर सबसे ज्यादा ध्यान देना चाहिए। ऐसे में अगर आप भी नेचुरली खूबसूरत नजर आना चाहती हैं, तो आप कुछ आसान टिप्स को फॉलो कर सकती हैं। इसे भी पढ़ें: Fashion Tips: Karwa Chauth 2026 पूजा में रॉयल लुक देंगे Butterfly Cut और Deep V Cut Blouse स्किन प्रेप और हाइड्रेशन है जरूरी प्राकृतिक ग्लो की शुरूआत एक साफ और मॉइश्चराइज्ड चेहरे से होती है। इसके लिए सबसे पहले एक माइल्ड क्लींजर से फेस वॉश करें। फिर फेस पर हयाल्यूरॉनिक एसिड या विटामिन C वाला सीरम लगाएं। इसके ऊपर से एक मॉइश्चराइजर और सनस्क्रीन जरूर लगाएं। सनस्क्रीन न सिर्फ आपकी स्किन को सुरक्षा देता है, बल्कि फेस पर भी एक हेल्दी शीन छोड़ता है। जो बिना हाइलाइटर के भी आपके फेस पर ग्लो आता है। आंखों और आई-ब्रो को दें शेप चेहरे की बनावट में आई-ब्रो का बड़ा अहम रोल होता है। इसलिए एक स्पूली ब्रश की मदद से अपनी आई ब्रो को ऊपर की तरह कॉम्ब करें, जिससे कि यह भरी हुई लगें। पलकों को सिर्फ आईलैश कर्लर से कर्ल करें। इससे आपकी आंखें खुली और जागृत नजर आएंगी। अगर जरूरत हो, तो आंखों के नीचे डार्क सर्कल को हल्के कंसीलर से डैब करें। उस जगह को रगड़े नहीं, जिससे कि नेचुरल लुक बना रहे। नेचुरल फ्लश और लिप केयर है जरूरी अपने गालों पर गुलाबी रंगत पाने के लिए बीटरूट टिंट या फिर अपनी उंगलियों से हल्का सा गालों को थपथपा सकते हैं। जिससे आपका ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है। होठों के लिए किसी हैवी लिपस्टिक की जगह टिंडेट लिप बाम या लिप ऑयल सिलेक्ट करना चाहिए। जो आपके होठों को नमी देने के साथ हल्की चमक दें। चेहरे को 'फेस मिस्ट' से सेट करें। इससे आपकी स्किन दिन भर हाइड्रेटेड और ड्यूवी बनी रहेगी। आत्मविश्वास है आपकी असली चमक नेचुरल ब्यूटी का मतलब सिर्फ बाहरी चमक नहीं बल्कि अपने असली रूप को स्वीकार करना है। साल 2026 में 'ब्यूटी स्टैंडर्ड्स' बदल रहे हैं। लोग परफेक्ट दिखने की जगह रियल दिखना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। सही खान-पान, अच्छी नींद और पर्याप्त पानी इस 5 मिनट के रूटीन के पूरक हैं। जब आप अंदर से हेल्दी और खुश महसूस करती हैं। तो वह चमक आपके फेस पर नजर आती है। भले ही मेकअप एक चुनाव हो सकता है, लेकिन नेचुरल ब्यूटी आपकी असली पहचान है।
दिवाली की सजावट होगी पूरी, घर के दरवाजे पर बनाएं सुंदर रंगोली डिजाइन
दिवाली की सजावट तभी पूरी मानी जाती है जब दरवाजे पर सुंदर सी रंगोली बनी हो। हर बार की तरह इस साल भी रंगोली के लिए डिजाइन खोजेंगे तो पहले से ही इन यूनिक और सिंपल डिजाइन को सेव कर लें। इंटरनेट पर डिजाइन खंगालने में समय बर्बाद नहीं होगा।
चेहरे पर निखार और दाग-धब्बों से राहत! मैंने आजमाए 6 फेस सीरम, जानें कौन सा रहा सबसे बेहतर
चेहरे की नमी, चमक, पिगमेंटेशन और शुरुआती एजिंग की देखभाल के लिए जानें 7 फेस सीरम का मेरा अनुभव। अपनी त्वचा की जरूरत के हिसाब से सही सीरम चुनने से पहले इनके इंग्रीडिएंट्स और खूबियों पर भी नजर डालें।
महंगे रिचार्ज से थक गए हैं? ये है Jio का यह शानदार प्लान, सिर्फ़ Rs 123 में मिलेगा इतना सब..
pc: india tv hindi अगर आप हर महीने मोबाइल रिचार्ज पर ज़्यादा पैसे नहीं देना चाहते, तो Jio का 123 रुपये वाला प्रीपेड प्लान आपके लिए फायदेमंद रहेगा। इस प्लान में 28 दिनों की वैलिडिटी है, साथ ही कॉलिंग, डेटा और SMS जैसे फायदे भी मिलते हैं। लेकिन रिचार्ज कराने से पहले एक बात जानना ज़रूरी है। यह प्लान हर Jio यूज़र के लिए नहीं है, इसका फ़ायदा खासकर Jio Phone इस्तेमाल करने वाले कस्टमर उठा सकते हैं। अगर आपके पास भी Jio फीचर फ़ोन है और आप भी कम कीमत में कॉलिंग के साथ इंटरनेट इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो आइए जानते हैं इस प्लान में आपको क्या-क्या मिलता है.. Jio के 123 रुपये वाले प्लान में आपको क्या-क्या मिलेगा? Reliance Jio के इस प्रीपेड प्लान की कीमत 123 रुपये है, और इसकी वैलिडिटी 28 दिनों की है। यानी, आप रिचार्ज कराने के बाद करीब चार हफ़्तों तक इस प्लान का फ़ायदा उठा सकते हैं। डेटा की बात करें तो कंपनी इस प्लान में हर दिन 500 MB हाई-स्पीड डेटा दे रही है। 28 दिनों की वैलिडिटी के हिसाब से कस्टमर को कुल 14 GB डेटा मिलता है। अगर आप अपने मोबाइल पर हल्की-फुल्की ब्राउज़िंग कर रहे हैं, मैसेज भेज रहे हैं या ज़रूरत के हिसाब से ऑनलाइन सर्विस इस्तेमाल कर रहे हैं, तो यह डेटा आपके काम आ सकता है। हालांकि, रोज़ मिलने वाला 500 MB डेटा खत्म होने के बाद इंटरनेट स्पीड घटकर 64 Kbps रह जाती है। इससे ऐसे काम करना मुश्किल हो सकता है जिनमें हाई-स्पीड इंटरनेट की ज़रूरत होती है। अनलिमिटेड कॉलिंग और 300 SMS का फ़ायदा इस प्लान में सिर्फ़ डेटा ही नहीं, बल्कि कॉलिंग और मैसेजिंग की सुविधा भी मिलती है। कस्टमर्स को लोकल और STD नंबर पर अनलिमिटेड कॉलिंग का फ़ायदा दिया जाता है। इसके अलावा, पूरे प्लान की वैलिडिटी के दौरान कुल 300 SMS भी मिलते हैं। इसलिए, अगर आपका मोबाइल ज़्यादातर फ़ोन कॉल करने और ज़रूरी मैसेज भेजने के लिए इस्तेमाल होता है, तो यह प्लान आपके काम आ सकता है। हालांकि, रिचार्ज करने से पहले यह पक्का कर लें कि यह प्लान आपके मोबाइल नंबर के लिए उपलब्ध है या नहीं और इसकी मौजूदा शर्तें क्या हैं। JioSaavn और JioTV का एक्सेस भी मिलेगा कंपनी इस 123 रुपये वाले प्लान के साथ दो एक्स्ट्रा सुविधाएँ भी देती है। इसमें JioSaavn और JioTV का एक्सेस शामिल है। इससे कस्टमर म्यूज़िक सुन सकते हैं और टीवी पर मौजूद कंटेंट देख सकते हैं। हालांकि, इन सर्विस पर कंटेंट और एक्सेस के लिए अलग-अलग टर्म्स एंड कंडीशंस लागू हो सकती हैं। इसलिए, रिचार्ज करने से पहले जियो की ऑफिशियल वेबसाइट या ऐप पर मौजूद जानकारी चेक कर लेना बेहतर होगा। स्मार्टफोन यूज़र्स को नहीं मिलेगा फायदा इस रिचार्ज की खास बात इसकी एलिजिबिलिटी है.. यह 123 रुपये का प्लान आम स्मार्टफोन यूज़र्स के लिए नहीं है। यह प्लान सिर्फ जियो फोन यूज़र्स के लिए है। अगर आप अपने जियो सिम का इस्तेमाल सिंपल एंड्रॉयड स्मार्टफोन या आईफोन में कर रहे हैं, तो रिचार्ज करने से पहले यह पक्का कर लें कि यह प्लान आपके नंबर पर मौजूद है या नहीं। कुछ यूज़र्स ऐसे भी हैं जो जियो फोन इस्तेमाल करते हैं, उनके लिए 123 रुपये के अलावा 234 रुपये, 369 रुपये और 1234 रुपये जैसे दूसरे रिचार्ज प्लान भी मौजूद हैं। इनकी कीमतें और वैलिडिटी अलग-अलग होती हैं। प्लान चुनते समय अपनी ज़रूरतें चेक करें और फिर रिचार्ज करें।
अगर आपको वेज दम बिरयानी का स्वाद पसंद आता है, तो आप इसे रेस्टोरेंट स्टाइल में घर पर भी बना सकते हैं। आइए जानते हैं इसकी आसान रेसिपी।
Health Tips: Stroke से बचना है तो Diet में करें बदलाव, BP और Cholesterol रहेगा कंट्रोल
स्ट्रोक अचानक से होने वाली गंभीर स्थिति होती है। लेकिन इसके बाद कई जोखिम कारक लाइफस्टाइल और डाइट के तरीकों से कंट्रोल कर सकते हैं। खासकर अनहेल्दी कोलेस्ट्रॉल लेवल, मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसे फैक्टर्स स्ट्रोक के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। इसलिए स्ट्रोक से बचाव में सिर्फ दवा नहीं बल्कि आपकी डाइट भी अहम रोल अदा करती है। हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक हेल्दी डाइट पैटर्न और कम स्ट्रोक रिस्क के बीच कनेक्शन देखा गया है। स्ट्रोक से बचाव के लिए मेडिटेरेनियन-स्टाइल डाइट को बेहतर माना जाता है। स्ट्रोक का रिस्क डाइट से कनेक्शन हमारी डाइट सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से स्ट्रोक के खतरे को प्रभावित कर सकती है। अधिक सोडियम वाला खाना बीपी को बढ़ा सकता है। जबकि फल, सब्जियां, नट्स और साबुत अनाज जैसे फूड्स में मैग्नीशियम, पोटैशियम, फाइबर और अनसैचुरेटेड फैट जैसे पोषक तत्व देते हैं। हाई ब्लड प्रेशर स्ट्रोक का एक प्रमुख मॉडिफाइड रिस्क फैक्टर है। बीपी को कंट्रोल करने के लिए सोडियम कम करना, हेल्दी ईटिंग पैटर्न, पोटैशियम-रिच फूड्स बढ़ाना और रेगुलर फिजिकल एक्टिविटी जैसी लाइफस्टाइल को फॉलो करना चाहिए। इसे भी पढ़ें: Tea के साथ भूलकर भी न खाएं ये 5 Snacks, पाचन तंत्र पर पड़ेगा बुरा असर हाई बीपी और कोलेस्ट्रॉल स्ट्रोक का खतरा हाई बीपी वेसल्स पर लगातार प्रेशर डालता है। लंबे समय तक अनकंट्रोल्ड हाइपरटेंशन रहने से ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचाता है और स्ट्रोक का जोखिम बढ़ सकता है। दूसरी ओर खासतौर पर बढ़ा हुआ अनहेल्दी कोलेस्ट्रॉल लेवल, एलडीएल कोलेस्ट्रॉल आर्टरीज में एथेरोस्क्लेरोटिक प्लाक बनने की प्रक्रिया से जुड़ा है। इससे ब्लड वेसल्स में सिकुड़न हो सकती है। साथ ही इससे ब्लड फ्लो भी प्रभावित हो सकता है। इसलिए ऐसी डाइट लेनी चाहिए, जो कोलेस्ट्रॉल, बीपी, ब्लड शुगर और बॉडी वेट जैसे कार्डियोवैस्कुलर रिस्क फैक्टर्स को मैनेज करने में सहायता करे। स्ट्रोक से बचाव के लिए डाइट में शामिल करें ये चीजें पत्तेदार हरी सब्जियां करें शामिल मेथी, सरसों का साग, पालक, केला और अन्य गहरे हरे पत्तेदार सब्जियों को डाइट में शामिल करना चाहिए। इनमें पोटेशियम, मैग्नीशियम, फाइबर, फोलेट और विटामिन के जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। पोटेशियम युक्त हेल्दी डाइट सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है। वहीं यह बीपी को मैनेज करने में भी मदद करता है। डाइट में शामिल करें फाइबर युक्त फल ब्लूबेरी, स्ट्रॉबेरी और रास्पबेरी जैसे जामुनों में पॉलीफेनोल यौगिक और फाइबर पाया जाता है। भारत में सेब, संतरा, पपीता, नाशपाती, अमरूद और अन्य साबुत फल भी अच्छे ऑप्शन हो सकते हैं। फलों के जूस की जगह साबुत खाना ज्यादा बेहतर होता है। क्योंकि साबुत फलों में डाइटरी फाइबर पाया जाता है। मेडिटेरियन डाइट पर हुई व्यवस्थित समीक्षाओं में सब्जियों और फलों सहित पौधे से युक्त डाइट लेने से हृदय रोगों और स्ट्रोक के जोखिम कम होता है। साबुत अनाज सफेद ब्रेड और प्रोसेस्ड अनाज की जगह ब्राउन राइस, जई, जौ, ओट्स, क्विनोआ, दलिया और अन्य साबुत अनाज को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए। साबुत अनाज में फाइबर और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। वहीं फाइबर कोलेस्ट्रॉल मैनेज और संपूर्ण कार्डियोमेटाबोलिक सेहत के लिए उपयोगी डाइट मानी जाती है। मेवे और सीड्स मूंगफली, बादाम, चिया सीड्स, पिस्ता और अलसी जैसे मेवे और सीड्स में फाइबर, अनसैचुरेटेड फैट, मैग्नीशियम और प्लांट बेस्ट पोषक तत्व पाए जाते हैं। नट्स को डाइट में शामिल करने से दिल की सेहत अच्छी होती है। आप नट्स और जैतून के तेल को भी इसमें शामिल कर सकती हैं। फैटी फिश और हेल्दी प्रोटीन लें सार्डिन, मैकेरल, सैल्मन जैसे फैटी फिश में ओमेगा -3 फैटी एसिड पाया जाता है। वहीं मछली को हृदय-स्वस्थ डाइटरी पैटर्न का हिस्सा माना जाता है। हेल्दी प्रोटीन स्त्रोतों के रूप में समुद्री भोजन और मछली जैसे प्लांट बेस्ड प्रोटीन सोर्स को लिया जा सकता है। हालांकि अगर आप शाहाकारी हैं, तो आप डाइट में राजमा, सोया, चना, दाल, टोफू, फलियां, अनसाल्टेड बीज और मेवे जैसे ऑप्शन को शामिल कर सकते हैं। स्ट्रोक की रोकथाम के लिए डाइट में साबुत अनाज, हरी पत्तेदार सब्जियां, मेवे, साबुत अनाज, फैटी फिश और बीज आदि हेल्दी प्रोटीन सोर्स हैं। जोकि हृदय की सेहत के लिए काफी जरूरी भोजन हो सकता है। इन फूड्स में पोटेशियम, विटामिन, मैग्नीशियम, फाइबर, मिनरल्स और अनप्रोसेस फैट जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। लेकिन इनका फायदा सिर्फ एक बार के भोजन के फौरन बाद नहीं दिखता है, बल्कि इसको लंबे समय तक डाइट में शामिल करने से फायदा नजर आता है।
कौन सी साड़ी संग कौन सा पेटीकोट? पहनने से पहले जरूर जानें नहीं तो हो जाएगी गड़बड़
मार्केट से कलर और एंब्रायडरी देखकर साड़ी तो खरीद लेती हैं लेकिन एक गलत पेटीकोट आपके पूरे लुक को बिगाड़ सकता है। इसलिए जान लें कौन सी साड़ी के साथ कौन से कपड़े और डिजाइन का पेटीकोट परफेक्ट दिखेगा।
दिल्ली-NCR की जहरीली हवा में वर्कआउट करना पड़ सकता है भारी, इन एक्सरसाइज से बनाएं दूरी
दिल्ली-NCR समेत कई शहरों में बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच सेहत का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। खासकर एक्सरसाइज करते समय सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि प्रदूषित हवा में वर्कआउट करने से सांस और फेफड़ों से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं।
प्रेशर कुकर में सीटी गिनकर खाना नहीं पकाते, समझें कौन सी 1 चीज का रखना है ध्यान
pressure cooker cooking mistakes: प्रेशर कुकर का इस्तेमाल लगभग हर घर में होता है। बावजूद इसके काफी सारे लोग इसे सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पाते। इसलिए जानें कुकर में कुकिंग के वक्त सीटी नहीं गिनी जाती बल्कि इस चीज का ध्यान रखा जाता है।
Diwali Homemade Sweets: इस लेख में जानें 5 ऐसी स्वादिष्ट होममेड मिठाइयों के बारे में, जिन्हें आप पहले से बनाकर एयरटाइट डिब्बे में रख सकते हैं। साथ ही जानें इन्हें स्टोर करने का सही तरीका, ताकि मिठाइयों का स्वाद और गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहे।
अनंत अंबानी भतीजे कृष्णा को संभालते रह गए, Jio इवेंट का वीडियो वायरल
जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग के दौरान अनंत अंबानी अपने भतीजे कृष्णा को संभालते नजर आए। बच्चे की मस्ती और अनंत के अंदाज का यह वीडियो सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रहा है।
Tea के साथ भूलकर भी न खाएं ये 5 Snacks, पाचन तंत्र पर पड़ेगा बुरा असर
हर भारतीय घर में सुबह-सुबह चाय जरुर पी जाती है। चाय रोजाना का जरुरी हिस्सा बन चुका है। ज्यादातर लोगों का दिन की शुरुआत चाय से होती है। सुबह उठते ही लोग बेड पर सबसे पहले चाय मांगते हैं। एक कप गरमा-गरम चाय पूरे मूड को फ्रेश कर सकती है। यदि चाय पीते समय कुछ लोग ऐसे स्नैक्स या चीजें जरुर खाते हैं, जो कि सेहत के लिए बिल्कुल ठीक नहीं है। चाय के साथ भूलकर भी न खाएं ये 5 चीजें गौरतलब है कि गलत फूड कॉम्बिनेशन सीधा आपके पाचन तंत्र पर प्रभाव डालता है। यदि आप भी चाय के साथ कुछ भी खा लेते हैं, तो यह लेख आपके लिए है। बहुत तीखी या मसालेदार चीजें अक्सर लोग चाय के साथ बहुत ही ज्यादा तीखा या मसालेदार खाना खाते हैं, जैसे कि मिर्च पकोड़े या तीखी चटनी, तो यह एकदम खतरनाक कॉम्बिनेशन साबित हो सकता है। इससे न सिर्फ चाय का स्वाद और खुशबू खराब हो सकती है। बल्कि इस कॉम्बिनेशन से सीने में जलन और बदहजमी जैसी समस्या उत्पन्न करता है। चाय के साथ ना खाएं खट्टी चीजें जब भी आप चाय पिएं, तो भूलकर भी खट्टी चीजों का सेवन न करें। यह आपकी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। लोग दूध वाली चाय पीने के तुरंत बाद नींबू से बनी चीजें या खट्टा खाना खा लेते हैं। ऐसा करने से गैस, एसिडिटी, पेट में मरोड़ और यहां तक कि स्किन इन्फेक्शन की समस्या हो सकती है। चॉकलेट और जरूरत से ज्यादा मीठी चीजें चाय के साथ कभी भी चॉकलेट या बहुत मीठी चीजें जैसे कि मिठाइयां का सेवन न करें। बाद आपके पेट में तकलीफ हो सकती है, जिससे आपके पूरे शरीर का संतुलन बिगाड़ सकता है। यदि आप चॉकलेट खाना पसंद हैं, तो आप दूध वाली चाय के स्थान पर ब्लैक टी के साथ इसका सेवन जरुर करें। गरम चाय के तुरंत बाद ठंडी चीजें अगर आप गरमा-गरम चाय पीने के बाद एकदम से ठंडा पानी, कोल्ड ड्रिंक या आइसक्रीम खा लेते हैं, लेकिन गरम चाय के ठीक बाद ठंडी चीजें खाने से दांतों में झनझनाहट के साथ ही पाचन तंत्र में गड़बड़ी, गैस और पेट फूलने जैसी समस्या हो सकती है। हल्दी या हल्दी वाली चीजें चाय पत्ती में पाए जाने वाले केमिकल कंपाउंड्स जब हल्दी के संपर्क में आते हैं, तो यह पाचन तंत्र पर बुरा असर डालते हैं। चाय पीने के तुरंत बाद हल्दी वाली चीजें खाने से पेट में तेज दर्द, गैस और अपच जैसी परेशानी हो सकती है। यहां तक कि इससे कब्ज की समस्या भी हो सकती है।
Important Travel Tips: नवंबर के महीने में यात्रा पर निकलने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है, ताकि आपका सफर आरामदायक और बजट में रहे।
आंखों की वजह से सिरदर्द क्यों होता है? डॉक्टर से जानें 4 कारण और संकेत
बार-बार सिरदर्द सिर्फ थकान या तनाव की वजह से नहीं होता। कई बार मोबाइल, लैपटॉप या पढ़ाई के दौरान आंखों पर ज्यादा जोर पड़ने से भी सिर में दर्द हो सकता है। डॉक्टर ने इसके कुछ संकेत बताए हैं।
हिना खान से लेकर शिल्पा शेट्टी, करवा चौथ पर यूं सज कर रेडी हुईं एक्ट्रेसेज, देखें फोटोज
करवा चौध की धूम देशभर के साथ बॉलीवुड में भी देखने को मिली। हर साल की तरह शादीशुदा एक्ट्रेसेज ब्यूटीफुल लुक में करवा चौथ पर रेडी दिखीं। लाल रंग के बांधनी कुर्ते से लेकर बांधनी प्रिंट साड़ी का ट्रेंड देखने को मिला। देखें शिल्पा शेट्टी से लेकर हिना खान के ब्यूटीफुल लुक्स।
दिवाली पर अचानक मेहमान आ जाएं तो टेंशन लेने की जरूरत नहीं है। आप आसानी से घर पर क्रिस्पी कॉर्न बना सकते हैं। इसे बनाना बेहद आसान है और खाने में भी ये स्वादिष्ट लगता है। यहां इसकी रेसिपी दी गई है।
Pc: The times of india क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि किसी ग्रुप या पर्सनल चैट में किसी दोस्त ने कोई जरूरी पता, समय या काम की बात भेजी हो, और बहुत सारे मैसेज आने के कारण वह जरूरी बात ऊपर निकल गई हो? फिर उसे ढूंढने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है। इस परेशानी से बचाने के लिए व्हाट्सएप पर एक बहुत ही शानदार 'Pin Messages' फीचर मौजूद है, जिसकी मदद से आप किसी भी जरूरी मैसेज को चैट में सबसे ऊपर हमेशा के लिए सुरक्षित रख सकते हैं। इस फीचर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ग्रुप या चैट चाहे कितनी भी लंबी हो जाए, आपका पिन किया हुआ मैसेज हमेशा स्क्रीन पर सबसे ऊपर दिखाई देगा। कैसे इस्तेमाल करें 'Pin Message' फीचर? इस फीचर का उपयोग करना बेहद आसान है: व्हाट्सएप पर उस चैट या ग्रुप को खोलें जिसमें मैसेज है। जिस मैसेज को पिन करना है, उस पर थोड़ी देर टैप करें। ऊपर दिए गए Three Dots पर क्लिक करें और 'Pin' के विकल्प को चुनें। इसके बाद समय सीमा चुनें (जैसे 24 घंटे, 7 दिन या 30 दिन) और आपका मैसेज पिन हो जाएगा! जरूरी बातें: ग्रुप चैट में फायदा: अगर आप किसी WhatsApp Group के Admin हैं, तो आप यह तय कर सकते हैं कि ग्रुप में मैसेज सिर्फ एडमिन पिन कर सकें या सभी सदस्य। आसान पहुंच: पिन किए गए मैसेज पर क्लिक करते ही आप सीधे चैट के उस हिस्से पर पहुंच जाएंगे जहाँ वह मैसेज original रूप में भेजा गया था। यह फीचर उन लोगों के लिए बहुत उपयोगी है जो ऑफिस के काम, कॉलेज के प्रोजेक्ट या पर्सनल जरूरी डिटेल्स को याद रखने के लिए व्हाट्सएप का इस्तेमाल करते हैं!

