बाल एकांकी: नालंदा की सुनो कहानी
मंच का पर्दा धीरे-धीरे खुल रहा है तभी मंच के पीछे से मध्यम लेकिन ओज पूर्ण स्वर में आवाज आ रही है। नालंदा की सुनो कहानी, नालंदा की वाणी में। अद्भुत गूढ़ रहस्य छुपा है, इसकी कथा कहानी में। विस्मित कर देने वाला है, सच में ही मेरा इतिहास। सुन लो बिल्कुल ...
जीवन एक उत्सव है, तो वन महोत्सव है!
वन और जीवन हमारी धरती का कभी न खत्म होने वाला या अंतहीन प्राकृतिक गति विधियों का जीवंत सिलसिला है। यदि धरती पर हम जीवन को उत्सव माने तो धरती पर हर कहीं फैले वनों को जीवन का अनंत महोत्सव कह सकते हैं। मनुष्य का यह मूल स्वभाव है कि वह शांत या गतिविधि ...
राकेश धर द्विवेदी की हिंदी कविता ‘तुझसे बिछड़कर....’
अपनी बरबादी की कहानीमैं खुद को सुना रहा हूंकिसको सुनाऊं किस्सेलोग किस्से बना रहे हैं
Adi Shankaracharya: आदि शंकराचार्य और गुरु गोरखनाथ ने हिन्दू सनातन धर्म को एक नई दिशा दी थी। आद्य शंकराचार्य भारतीय दर्शन और अद्वैत वेदांत के महान संत और तात्त्विक गुरु थे। उनका जीवन 8वीं शताब्दी के आस-पास माना जाता है। उन्होंने अज्ञान/ माया से ...
Saint Surdas Jyanati: संत सूरदास कौन थे, जानें उनके जीवन की 5 अनसुनी बातें
Saint Surdas life story: भारत के महान संत, कृष्ण भक्त कवि संत सूरदास की जयंती वैशाख शुक्ल पंचमी को मनाई जाती है, जो 2026 में 21 अप्रैल को मनाई जा रही है। सूरदास जी महाप्रभु वल्लभाचार्य के शिष्य थे तथा दृष्टिहीन होने के बावजूद, उन्होंने कृष्ण की बाल ...
Tatya Tope: पुण्यतिथि विशेष: 1857 के महान नायक तात्या टोपे के 5 उल्लेखनीय कार्य
Death Anniversary of Tatya Tope: तात्या टोपे का असली नाम रामचंद्र पांडुरंग येवलकर था। उन्हें 'तात्या' प्यार से कहा जाता था और 'टोपे' उपनाम उन्हें बाजीराव पेशवा द्वारा रत्नजड़ित टोपी भेंट किए जाने के बाद मिला था। 1857 के महान स्वतंत्रता सेनानी तात्या ...
पद्य कथा: छोटे प्राणी बड़े काम के
गई एक दिन चुनमुन चींटी, नदी किनारे पानी पीने। फिसला पैर गिरी पानी में, डर से छूटे उसे पसीने। नदी किनारे वहीँ पेड़ पर, एक कबूतर ने जब देखा। जान बचे चींटी की कैसे?, एक तोड़कर पत्ता फेका।
Gold investment Akshaya Tritiya: इस बार अक्षय तृतीया स्थिति थोड़ी अलग है। जहां एक तरफ परंपरा हमें सोना खरीदने के लिए प्रेरित कर रही है, वहीं दूसरी तरफ1,53,317 प्रति 10 ग्राम के पार जा चुके भाव आम आदमी के माथे पर चिंता की लकीरें खींच रहे हैं। इस लेख ...
Akshaya Tritiya 2026: सतयुग की शुरुआत से डिजिटल युग तक: क्यों आज भी अक्षय तृतीया है 'अबूझ मुहूर्त'?
Celebrations of Akshaya Tritiya : अक्षय तृतीया को अक्षय इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह तिथि शुभ मानी जाती है- जैसे नई शुरुआत, निवेश, विवाह, धन आदि के लिए यह तिथि अति महत्वपूर्ण है। प्राचीन ग्रंथों में लिखा है कि इस दिन किए गए कार्य सदा फलदायक होते ...

