बचे हुए अचार के तेल को फेंके नहीं! दादी के ये 5 हैक्स बढ़ा देंगे खाने का स्वाद
अचार खत्म हो जाता है लेकिन उसका तेल जार में बचा हुआ रह जाता है। आप इस तेल का क्या करते हैं? अगर फेंक देते हैं, तो ये गलती बिल्कुल ना करें। क्योंकि दादी-नानी के तरीकों से आप इसे दोबारा इस्तेमाल कर सकते हैं। खाने का स्वाद और खुशबू बढ़ जाएंगे।
Smoking और Pollution से डैमेज हुए Lungs क्या खुद ठीक हो सकते हैं, समझें रिकवरी प्रक्रिया
एक सेहतमंद जीवन जीने के लिए सबसे जरुरी सांस। अच्छे से सांस लेने के लिए फेफड़ों का हेल्दी रहना काफी जरुरी है। आज के समय में बढ़ता हुआ प्रदूषण और धूम्रपान करना, फेफड़ों का सबसे बड़ा दुश्मन है। ज्यादातर लोगों के दिमाग में यह सवाल होता है कि स्मोकिंग और पॉल्यूशन के संपर्क में रहने से फेफड़े हमेशा के लिए डैमेज हो चुके हैं या फिर इसको सही किया जा सकता है। हालांकि, इसका जवाब आपको काफी खुश कर सकता है। दरअसल, फेफड़ों की खुद को रिपेयर और सही करने की अद्भुत शक्ति होती है, लेकिन इसके लिए आपको एक्सपोजर को रोकना होता है। वैसे यह लंग्स की रिकवरी पर निर्भर करता है कि आप कितने समय तक स्मोकिंग या पॉल्यूशन के संपर्क में रहे हैं और इसकी गंभीरता, आपकी उम्र और छिपी हुई हेल्थ क्या है या आपके फेफड़ों में स्ट्रक्चरल डैमेज हुई है या नहीं। क्या है लंग्स की रिकवरी का पैंतरा? असल में हर सिगरेट, सेकंड हैंड स्मोक या प्रदूषित हवा में संपर्क आने से रेस्पिरेटरी सिस्टम में खतरनाक और क्षति पहुंचाने वाले पार्टिकल्स पहुंच जाते हैं। यह स्मोकिंग सीओपीडी का मुख्य कारण है और धीरे-धीरे फेफड़ों की क्षमता को खत्म कर देती है। अगर आप काफी समय तक पॉल्यूशन के महीन दूषित पदार्थों के संपर्क में रहने से भी रेस्पिरेटरी और कार्डियोवैस्कुलर डिजीज होती है। स्पोकिंग करने वाले व्यक्ति के लिए इसे छोड़ना एकमात्र और सबसे जरुरी कदम है, जो आपके लंग के बचे हुए फंक्शन को बचा सकते हैं। स्मोकिंग छोड़ने के बाद क्या होता है? जब आप स्मोकिंग बंद कर देते हैं, तो खून के अंदर कार्बन मोनोऑक्साइड लेवल कम होने लगते हैं और धीरे-धीरे फेफड़े बलगम व दूषित पदार्थों को बेहतर तरीके से साफ करने लगते हैं। वहीं, कुछ हफ्तों और महीनों के बाद खांसी, सांस के साथ सीटी की आवाज आना, सांस फूलने जैसे लक्षण घटने लगते हैं और लंग फंक्शन सुधर जाता है। एयर पॉल्यूशन के बारे में क्या कहना है? असल में पॉल्यूशन स्मोकिंग से अलग होता है, क्योंकि इसका सीधा संपर्क एन्वायरमेंटल से होता है और इससे बचना इतना आसान नहीं है। प्रदूषण के कारण सांस की नली को नुकसान पहुंच सकती है और लॉन्ग टर्म रेस्पिरेटरी समस्या विकसित होती है। प्रदूषण का संपर्क लंबे समय तक रहने से कई हेल्दी समस्याओं का खतरा होचा है। ऐसे में कई व्यक्ति काफी सालों से दूषित हवा के बीच रह रहा है, तो बाहर की हवा की क्वालिटी बहुत ज्यादा खराब होने के दौरान घर से बाहर कम जाना चाहिए। घर के अंदर प्रदूषण को कम करें, पर्याप्त वेंटिलेशन और फिल्ट्रेशन करना जरुरी है। जो लोग स्मोकिंग करते हैं, उन लोगों को खासतौर से पॉल्यूशन से नुकसान पहुंचने का खतरा अधिक रहता है। क्या एक्सरसाइज करने से फायदा मिलता है? अगर लंग के टिश्यू नष्ट हो चुके हैं, तो एक्सरसाइज करके दोबारा नहीं बनाया जा सकता है,लेकिन यह संपूर्ण रेस्पिरेटरी फिटनेस को सुधार जरुर करता है। नियमित फिजिकल एक्टिविटी से शरीर द्वारा इस्तेमाल होने वाली मसल्स मजबूत बनती है, कार्डियोवैस्कुलर प्रभावशाली बढ़ती है और व्यक्ति को उपलब्ध ऑक्सीजन को बेहतर तरीके से इस्तेमाल करने में मदद मिलती है। जिन लोगों को क्रॉनिक रेस्पिरेटरी डिजीज है, उन्हें सही गाइडेंस में एक्सरसाइज और पल्मोनरी रिहैबिलिटेशन करने से एक्सरसाइज कैपासिटी और लाइफ क्वालिटी बढ़ाने में मदद मिलता है। लंग डिटॉक्स के दावों से सावधान अक्सर आपने सुना होगा कि कोई चाय, सप्लीमेंट, तेल या क्विक डिटॉक्स ट्रीटमेंट जादुई तरीकों से सालों से हो रही स्मोकिंग या पॉल्यूशन को खत्म नहीं करता है। बलगम और बाहरी तत्वों को साफ करने के लिए फेफड़ों की प्राकृतिक क्षमता होती है। सबसे प्रभावी तरीका संपर्क के सोर्स को हटाना है, इसलिए फिजिकल एक्टिविटी करें, बैलेंस्ड डाइट लें और रेस्पिरेटरी डिजीज को मैनेज करें। डॉक्टर को कब दिखाएं? अगर आप काफी समय से प्रदूषण में रहते हैं और स्मोकिंग करते हैं, तो आपको गंभीर लंग डिजीज हो सकती है। लगातार खांसते रहना, बेवजह सांस फूलना, सांस के साथ आवाज आना, बार-बार चेस्ट इंफेक्शन होना, खांसी में खून आना, सीने में दिक्कत होना या एक्सरसाइज करने की क्षमता का कम होना जैसे संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना है।
ट्रेंड में हैं लटकन वाले कड़े, देखें 6 खूबसूरत डिजाइन
अगर आपको कड़े और चूड़ियों में थोड़ा हटकर स्टाइल पसंद है, तो लटकन वाले कड़े इस बार ट्राई कर सकती हैं। झुमका, मोती, चेन और स्टोन वाली लटकन कलाई को एकदम खास लुक देती हैं।
घर पर Face Cleanup कैसे करें? Steamer से 5 आसान स्टेप्स में पाएं Parlour जैसा Glow
आजकल के बिजी लाइफस्टाइल में खुद के लिए समय निकलना काफी मुश्किल हो गया है। जिस चक्कर में महिलाएं घर पर स्किनकेयर न करने बजाय पार्लर में महंगे-महंगे ट्रीटमेंट करवाती है। इससे न सिर्फ जेब का खर्च बढ़ता है बल्कि धीरे-धीरे स्किन पर कम उम्र में ही झुर्रियां आ सकती हैं। यदि आप थोड़ा-सा समय निकालकर अपनी स्किन को महंगे ट्रीटमेंट के जगह घर पर ही खूबसूरत त्वचा पा सकते हैं, बस आपको स्टीमर का इस्तेमाल करना है, आइए आपको बताते हैं स्टेप-बाय-स्टेप क्लीनअप करने का तरीका। घर पर कैसे करें फेस क्लीनअप? अब घर पर ही इन आसान टिप्स को फॉलो करके क्लीनअप कर सकती हैं, आइए जानते हैं इसके बारे में- स्टेप 1- क्लींजिंग सबसे पहले आप किसी भी माइल्ड या सल्फेट-फ्री फेस वॉश से अपने चेहरे को अच्छे धो लें। अब कच्चा दूध या गुलाब जल में से कोई एक चीज कॉटन में डुबोएं और इससे पूरे चेहरे और गर्दन की सफाई करें। इससे आपका चेहरे पर जमा धूल-मिट्टी और गंदगी बाहर निकल जाएगी। स्टेप 2: स्क्रबिंग इसके दूसरे स्टेप में आपको अपनी स्किन टाइप के हिसाब से कोई भी माइल्ड स्क्रब चुन लें। अब स्क्रब को हल्के हाथों से लगाते हुए चेहरे मसाज करें। यदि आप चाहें तो घर पर ही होममेड स्क्रब तैयार कर सकती हैं। इसे बनाने के लिए आपको चाहिए बेसन, गेंहू का आटा और दही को मिलाकर बना सकती हैं। अब इसको अच्छी तरह नाक, माथे और गालों की स्क्रबिंग करने के बाद आप तीसरा स्टेप फॉलो करें। स्टेप 3: स्टीमिंग आपको तीसरे स्टेप में एक स्टीमर में पानी भरकर 4 से 5 मिनट तक चेहरे भाप लें। यदि आपको ज्यादा फायदा चाहिए, तो स्टीमर में एसेंशियल ऑयल जैसे टी-ट्री ऑयल की कुछ बूंदें डाल सकती हैं। जब आप लेंगी तो बंद पोर्स खुल जाएंगे और ब्लैकहेड्स भी कम हो जाते है। स्टेप 4: फेस पैक और टोनर अपनी स्किन को चमकाने और ओपन पोर्स को टाइट करने के लिए मुल्तानी मिट्टी, चंदन और एलोवेरा जेल वाले फेस पैक का इस्तेमाल कर सकती हैं। इनको आप अच्छे मिलाकर एक पेस्ट बना लें। इसको आप कुछ देर के लिए फ्रिज में रख लें, उसके बाद 15 मिनट के लिए अपने चेहरे पर अप्लाई कर लें। इसके बाद आप अपने चेहरे को पानी से धो लें। चेहरा धोने के बाद अल्कोहल-फ्री टोनर का इस्तेमाल करें। स्टेप 5: मॉइश्चराइजिंग आखिरी स्टेप में आप अपनी स्किन टाइप के हिसाब से कोई भी हल्का मॉइश्चराइजर या जेल को अपने चेहरे पर लगाएं और फिर हल्के हाथों से अच्छे से मसाज करें। कम खर्च में ही आपको घर पर पार्लर जैसा ग्लो मिलेगा।
बंदरों ने मचा रखा है आतंक? घर की छत बालकनी से भागने में ये 10 टिप्स आएंगे काम!
क्या आपके इलाके में भी बंदरों का कहर है? तब तो घर की छत और बालकनी पर इन्होंने आतंक मचा रखा होगा। इन्हें भागने के कोई आसान और असरदार तरीके खोज रहे हैं तो यहां 10 टिप्स हम आपके साथ शेयर कर रहे हैं, जो बहुत काम आएंगी।
घबराएं नहीं, त्योहार से पहले झट से होगी घर की सफाई, Chatgpt के ये 5 प्रॉम्प्ट्स करेंगे मदद
त्योहार से पहले घर की सफाई करनी है लेकिन समझ नहीं आ रहा कहां से शुरू करें? तो काम को आसान बनाने के लिए ChatGPT से अपने घर के हिसाब से सफाई की पूरी चेकलिस्ट बनवा सकते हैं।
पतला होने के लिए रात में खानी छोड़ दें ये 5 चीजें, हेल्थ कोच ने बताया वेट लॉस का फॉर्मूला!
अगर आप भी अपना वेट लॉस करने की कोशिश कर रहे हैं तो रात में ये 5 फूड्स खाना अवॉइड करें। ये हाई कैलोरी होते हैं और आपके दिनभर की मेहनत को खराब कर सकते हैं। इसलिए डिनर में प्रोटीन रिच फूड्स शामिल करें और इन चीजों को हर हाल में अवॉइड करें।
इमली की खट्टी मीठी चटनी, समोसा और चाट का बढ़ा देगी स्वाद, बेहद आसान है रेसिपी
चाट, समोसे के साथ इमली की खट्टी मीठी चटनी खाने में बहुत स्वादिष्ट लगती है। आप इसे बनाकर महीनों फ्रिज में स्टोर कर सकते हैं। आइये जानते हैं हलवाई स्टाइल इमली की चटनी कैसे बनाते हैं। इमली की चटनी की आसान रेसिपी क्या है?
सूखी सब्जी में तेल ज्यादा हो जाता है तो 3 हैक नोट कर लें, कभी नहीं होगी गड़बड़
सूखी सब्जी या आलू-गोभी जैसी भुजिया बनाने के लिए कड़ाही में तेल ज्यादा डालना ही पड़ता है लेकिन सेहत को ध्यान में रखकर कम तेल में सब्जी पकानी हो तो इन 3 हैक को नोट कर लें, जिससे ड्राई सब्जी में कभी तेल ज्यादा नहीं होगा।
रानी-महारानी जैसे दिखेंगे हाथ, चूड़ी के साथ पहनने के लिए चुनें ये जड़ाऊ कंगन की डिजाइन
हाथों में सिंपल चूड़ी और कुंदन वाले कंगन तो ज्यादातर लेडीज पसंद करती हैं। लेकिन आने वाले फेस्टिवल और वेडिंग फंक्शन में सबसे अलग दिखना है तो इन रानी-महारानी के डिजाइन वाले जड़ाऊ कंगन को खरीदें, सबसे सुंदर कलाई नजर आएगी।
Health Tips: 40 की उम्र के बाद जरूरी हैं इंसान को ये टेस्ट करवाने, बीमारियों का खतरा होता हैं....
इंटरनेट डेेस्क। हर किसी इंसान के जीवन में उम्र का एक नंबर होता हैं जो बढ़ता हैं तो उसके साथ साथ कई बीमारिया भी बढ़ती है। दिल की बीमारियों का खतरा 40 या 50 की उम्र के बाद बढ़ता है। इसी वजह से 30 की उम्र में बहुत से लोग ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर या कोलेस्ट्रॉल जैसी बेसिक जांच को जरूरी नहीं मानते। लेकिन 40 की उम्र के बाद हर आदमी को कुछ ना कुछ जांच जरूर करवानी ही चाहिए। कौन से हेल्थ टेस्ट आपको कराने चाहिए? शुरुआत में आप कुछ सामान्य टेस्ट करवा सकते हैं। ब्लड प्रेशर नियमित रूप से जांचना जरूरी है, क्योंकि हाई ब्लड प्रेशर अक्सर बिना लक्षण के रहता है। ब्लड शुगर से डायबिटीज या बढ़े हुए शुगर के स्तर का पता लगाने में मदद मिलती है। वहीं लिपिड प्रोफाइल के जरिए कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स जैसे स्तरों को समझा जा सकता है। इसके साथ वजन और कमर का घेरा भी ध्यान में रखना चाहिए। 40 के बाद बढ़ जाता है बीमारियों का खतरा 40 से पहले जांच कराने का मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति को हर साल कई टेस्ट कराने चाहिए। परिवार का इतिहास, जीवनशैली, वजन और पहले से मौजूद स्वास्थ्य समस्याओं के आधार पर जांच की जरूरत अलग हो सकती है। pc- jiva.com
कूनो चीता सफारी: कब शुरू होगी, कैसे होगी बुकिंग और क्या रहेगा समय? जानें
कूनो नेशनल पार्क में सफारी 1 अक्टूबर 2026 से फिर शुरू होने जा रही है। अगर आप चीता देखने के लिए कूनो जाने का प्लान बना रहे हैं, तो सफारी बुकिंग और समय से जुड़ी ये बातें पहले जान लें।
पकोड़े छोड़ काले चने की कढ़ी बनाकर खाएं, मिलेगा एकदम राजस्थानी स्वाद, आसान है रेसिपी
पकोड़े की कढ़ी तो आपने खूब खाई होगी, लेकिन एक बार राजस्थानी स्टाइल में काले चने की कढ़ी बनाकर खाएं। आपको गजब का स्वाद मिलेगा। इस तरह कढ़ा बनाना भी आसान है। नोट कर लें चना कढ़ी की रेसिपी।
कौन सा मेकअप जंचेगा? ब्राइडल बुकिंग से पहले जरूर जान लें मेकअप की वैराइटी और रिजल्ट
शादी के लिए मेकअप आर्टिस्ट या पार्लर की बुकिंग करवाने वाली हैं और कौन सा मेकअप करवाएं ये सोचकर परेशान हैं तो सबसे पहले जान लें कि कौन से मेकअप से कैसा रिजल्ट मिलेगा, साथ ही कब और किसे करवाना चाहिए, इन सारी बातों की जानकारी…
Health Tips: जाने किन लोगों को बचना चाहिए चिया सीड्स का सेवन करने से
इंटरनेट डेस्क। आपने देखा होगी की बहुत से लोग चिया सीड्स का सेवन करते है। हर कोई इन्हें अपनी डाइट में शामिल करना चाहता है। स्मूदी बाउल से लेकर डिटॉक्स वॉटर तक, लोग इन्हें कई तरीकों से इन्हें अपनी डाइट में शामिल कर रहे हैं। लेकिन ये सीड्स हर किसी को नहीं लेने चाहिए। तो आज जानते हैं की कौन लोग हैं जिनकों इनका सेवन नहीं करना चाहिए। गैस या ब्लोटिंग की समस्या वाले लोग अगर आपको अक्सर गैस, ब्लोटिंग या पाचन से जुड़ी समस्याएं रहती हैं, तो चिया सीड्स आपको नुकसान पहुंचा सकते हैं। दरअसल, ये बीज पानी में डालते ही फूल जाते हैं, जिससे पेट की समस्या वाले लोगों में ऐंठन या गैस की शिकायत हो सकती है। लो ब्लड प्रेशर के मरीज चिया सीड्स में अल्फा-लिनोलेनिक एसिड और पोटैशियम भरपूर मात्रा में होते हैं, जो ब्लड प्रेशर कम करने में मदद करते हैं। अगर आपको पहले से ही लो ब्लड प्रेशर की समस्या रहती है, तो चिया सीड्स खाना आपके लिए नुकसानदेह हो सकता है। pc- healthkart.com
Mental Health सुधारने में मददगार है Color Therapy, तनाव और डिप्रेशन से दिलाती है राहत
हमारे जीवन में रंगों का खास महत्व होता है। कपड़ों से लेकर हमारे आसपास मौजूद सभी चीजें रंग-बिरंगी होती हैं। क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि आप एक ऐसी दुनिया में पहुंच गए हैं, जो ब्लैक एंड व्हाइट है, जहां पर रंग ही नहीं है। ऐसा होने पर और रंगों के अभाव में ऐसा लगता है, जैसे हमारे जीवन में भी उदासी भर जाएगी। यही कारण है कि इन रंगों का उपयोग मेंटल हेल्थ को ठीक रखने के लिए भी किया जाता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि मेंटल हेल्थ पर कलर थेरेपी क्या असर डालती है और किस तरह के फायदे देखने को मिलते हैं। जानें क्या है कलर थेरेपी कलर थेरेपी को क्रीमोथेरेपी भी कहा जाता है। यह एक ऐसा ऑप्शन है, जो रंगों और रोशनी की मदद से मानसिक और शारीरिक सेहत को ठीक करने में सहायता करता है। माना जाता है कि इसके उपयोग से तनाव कम करके मूड को ठीक किया जा सकता है। जिसमें हरे और नीले रंग को मन को राहत और सुकून देने वाला माना जाता है। यहां पर हम आपको 5 ऐसे रंगों के बारे में बताने जा रहे हैं, जोकि फिजिकल और मेंटल हेल्थ को ठीक करने में मदद करते हैं। इसे भी पढ़ें: Health Tips: Morning और Evening Sunlight में फर्क समझें, Circadian Rhythm के लिए दोनों जरूरी नीला वहीं नीला रंग डिप्रेशन कम करने और दर्द में राहत देने में मदद कर सकता है। अगर गहरे नीले रंग का इस्तेमाल किया जाए, तो यह नींद संबंधी समस्या को ठीक किया जा सकता है। ऑरेंज ऑरेंज रंग मेंटल एक्टिविटी को बढ़ाने के अलावा मन में खुशी की भावना को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है। जिन लोगों को पेट संबंधी समस्याएं रहती हैं, उन लोगों के लिए यह रंग फायदेमंद होता है। हरा हरा रंग प्रकृति का होता है, जोकि हमारे मन को सुकून और शांति का एहसास कराता है। माना जाता है कि हरे रंग की क्रीमोथेरेपी तनाव को कम करने के साथ-साथ मन को भी रिलैक्स करती है। पीला अगर कोई व्यक्ति ज्यादातर निराशा में डूबा रहता है और उसको अधिक खुश और आशावादी रहने की जरूरत है, तो इसके लिए पीले रंग की क्रोमोथेरेपी के बारे में सोचा जा सकता है। लाल कई बार जिंदगी में इतनी ज्यादा भागदौड़ होती है, जिस कारण तन-मन थकान की वजह से टूट जाता है। जिसके बाद कुछ भी करने की इच्छा नहीं होती है। ऐसे में लाल रंग हमारे दिमाग को फौरन एनर्जेटिक और एक्टिव होने का सिग्नल देता है। जानिए कलर थेरेपी के फायदे बता दें कि अभी तक फिलहाल इस बात की पूरी तरह से पुष्टि नहीं हो सकी है कि वाकई में कलर थेरेपी इतनी असरदार है भी या नहीं। लेकिन साइकोलॉजी में रंगों से जुड़े फायदे देखे गए हैं। वहीं यह कई तरह की फिजिकल और मेंटल समस्याओं से भी छुटकारा दिला सकता है। गुस्सा और चिड़चिड़ापन नींद से जुड़ी समस्याएं स्किन इन्फेक्शन हाई ब्लड प्रेशर एंग्जायटी डिप्रेशन तनाव
कभी सुना है अनार को पानी में भिगोकर खाना? फायदे सुन हो जाएंगे हैरान
अनार तो कई बार खाया होगा लेकिन गर्म पानी में भिगोकर खाने के बारे सुना है? अनार को गर्म पानी में भिगोकर खाने के कई सारे फायदे हैं। ये साइंटिफिकली प्रूव है कि अनार के दानों को गर्म करके खाने पर फायदे मिलते हैं, जानें…
सीओपीडी फेफड़ों की ऐसी बीमारी है जिसमें सांस की नलियों में हवा का प्रवाह बाधित होता है। लगातार खांसी, बलगम, सांस फूलना, सीने में जकड़न और सांस लेते समय सीटी जैसी आवाज इसके प्रमुख लक्षण हैं।
मेंटल हेल्थ: बिना किसी वजह के रहती है बेचैनी? कहीं आपकी ये आदतें तो जिम्मेदार नहीं
लंबे समय तक शारीरिक निष्क्रिय रहना, अत्यधिक सोशल मीडिया इस्तेमाल और शराब या नशीले पदार्थों का सेवन मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर डाल सकता है। इनसे चिंता, तनाव, नींद और मूड से जुड़ी समस्याओं का खतरा हो सकता है।
What Your Period Says About Your Health: हर महिला को ये समझने की जरूरत है कि पीरियड की वजह से वो अपनी सेहत का हाल पता लग सकी है। डॉक्टर इस बारे में क्या कहते हैं, आइए जानते हैं।
लंगर वाली दाल जैसा स्वाद घर पर क्यों नहीं आता? इस बार ये रेसिपी ट्राई करें
गुरुद्वारे के लंगर में मिलने वाली दाल का स्वाद घर की दाल से थोड़ा अलग और बेहद खास लगता है। अगर आप भी वही स्वाद घर पर पाना चाहते हैं, तो यह सिंपल रेसिपी जरूर ट्राई कर सकते हैं।
Facebook Account Hack होने पर तुरंत क्या करें? जानिए रिकवरी के सबसे आसान और सटीक उपाय
PC: Money control hindi आज के डिजिटल दौर में फेसबुक सिर्फ दोस्तों से जुड़ने का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी व्यक्तिगत यादों, बिजनेस पेज और जरूरी जानकारियों का केंद्र बन चुका है। ऐसे में फेसबुक अकाउंट हैक हो जाना किसी दुःस्वप्न (Nightmare) से कम नहीं है। हैकर्स अक्सर अकाउंट का गलत इस्तेमाल करने, पैसों की ठगी करने या आपकी निजी जानकारियां चुराने के लिए ऐसा करते हैं। अगर आपके या आपके किसी परिचित के साथ ऐसा हो जाए, तो घबराने के बजाय तुरंत सही कदम उठाना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं कि फेसबुक अकाउंट हैक होने पर आपको तुरंत क्या एक्शन लेना चाहिए: 1. 'facebook.com/hacked' पर रिपोर्ट करें (सबसे पहला कदम) अगर हैकर ने आपका पासवर्ड बदल दिया है और आप लॉगिन नहीं कर पा रहे हैं: किसी भी ब्राउज़र में facebook.com/hacked खोलें। My Account Is Compromised (मेरा खाता जोखिम में है) पर क्लिक करें। अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर, ईमेल या यूजरनेम डालकर अकाउंट सर्च करें। फेसबुक आपके पुराने पासवर्ड या पहचान पत्र (ID Verification) की मदद से अकाउंट रिकवर करने का विकल्प देगा। 2. तुरंत पासवर्ड बदलें और हैकर को लॉग आउट करें यदि आपके पास अभी भी अकाउंट का एक्सेस है या आप किसी डिवाइस में लॉगिन हैं: Settings & Privacy > Settings > Security and Login में जाएं। Change Password पर क्लिक करके एक नया और मजबूत पासवर्ड बनाएं। Where you're logged in (आप कहां लॉगिन हैं) सेक्शन में जाएं और Log Out Of All Sessions पर क्लिक करें। इससे हैकर के डिवाइस से आपका अकाउंट तुरंत बंद हो जाएगा। 3. ईमेल और फोन नंबर चेक करें हैकर्स अक्सर रिकवरी के रास्ते बंद करने के लिए अकाउंट में अपना ईमेल या नंबर जोड़ देते हैं। Personal Details में जाएं और चेक करें कि कोई अनजान ईमेल या फोन नंबर तो नहीं जुड़ा है। यदि दिखे, तो उसे तुरंत हटा दें। अपने ईमेल का भी पासवर्ड बदलें, क्योंकि अगर हैकर के पास आपके ईमेल का एक्सेस है, तो वह बार-बार पासवर्ड रीसेट कर सकता है। 4. दोस्तों और संपर्क के लोगों को सतर्क करें अकाउंट हैक होते ही अपने दोस्तों को दूसरी सोशल मीडिया प्रोफाइल या कॉल के जरिए तुरंत सूचित करें। हैकर्स अक्सर इमरजेंसी का बहाना बनाकर आपके दोस्तों से पैसे मांगते हैं या संदिग्ध लिंक भेजते हैं।
ना बेसन ना चना दाल, फिर भी क्रिस्पी बनेंगे बटाटा वड़ा, नोट कर लें कमाल की रेसिपी
बटाटा वड़ा तो कई बार खाया और बनाया होगा लेकिन क्या कभी मूंग दाल से बनाए हैं बटाटा वड़ा, वो भी क्रिस्पी। तो नोट कर लें ये आसान सी कमाल की रेसिपी, जो आपके काम आएगी।
डॉक्टर की सलाह: इमरजेंसी कभी बताकर नहीं आती, घर में रखें ये 7 डिवाइस
घर में अचानक किसी की तबीयत बिगड़ जाए तो कुछ छोटे मेडिकल डिवाइस तुरंत काम आ सकते हैं। डॉक्टर राजीव अग्रवाल ने ऐसे 7 उपकरण बताए हैं, जो घर पर जरूरी हेल्थ रीडिंग लेने में मदद कर सकते हैं।
लो-फैट डाइट सेहत के लिए फायदेमंद या नुकसानदायक? जानें क्या हर किसी के लिए ये सही है
Low Fat Diet Healthy or Not: कई बड़े सिलेब्स लो फैट डाइट को फॉलो करते हैं। क्या ये हर किसी के लिए सही है? आइए इस लेख में जनते हैं डिटेल में।
एक बार खाएंगे तो बार-बार बनाएंगे, जानें स्ट्रीट स्टाइल सरसों की चटनी बनाने का आसान तरीका
अगर आप धनिया-पुदीने की चटनी खाकर बोर हो चुके हैं तो इस बार स्ट्रीट स्टाइल सरसों की चटनी ट्राय करें। इसका स्वाद लाजवाब होता है और इसे बनाना भी बेहद आसान है। यहां से फटाफट नोट करें रेसिपी।
छाछ को बनाएं और भी हेल्दी, इन 5 चीजों को मिलाकर पीने से मिल सकता है डबल फायदा
Healthy Buttermilk: अगर आप छाछ पीने के शौकीन हैं तो पहले जान लें छाछ में क्या मिलाना आपकी सेहत के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। आइए इस लेख में आपको जानकारी देते हैं।
एकात्म मानववाद के प्रणेता- पं. दीनदयाल उपाध्याय
महान विचारक पं. दीनदयाल उपाध्याय का जन्म 25 सितम्बर 1916 को उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद के नगला चंद्रभान नामक गाँव में हुआ था। दीन दयाल जी के पिता का नाम पंडित भगवती प्रसाद उपाध्याय था। उपाध्याय परिवार भारतीय संस्कृति और परम्परा में रचा बसा था। परिवारी जन बाल्यावस्था में दीनदयाल जी को दीना कहकर बुलाते थे। बालक दीना की मेधा बचपन से ही प्रबल थीं। यद्यपि दीना की शिक्षा अत्यंत विषम परिस्थितियों में हुई तथापि अप्रतिम मेधा का परिचय देते हुए उन्होंने अपनी हाईस्कूल से लेकर स्नातक तक की सभी परीक्षाएं प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण करीं। बालक दीना छात्र जीवन में ही संघ से जुड़ गया और सामजिक जीवन में पूरे नाम दीन दयाल से पहचाना जाने लगा। दीन दयाल जी छात्रावास में लगने वाली शाखा में वे प्रतिदिन जाते थे और शाखा से प्राप्त संस्कारों से प्रेरित होकर उन्होंने अपना तन, मन और जीवन पूरी तरह से देश के लिए समर्पित कर दिया। दीन दयाल जी को संघ संस्थापक डा. केशवराम बलिराम हेडगेवार तथा वरिष्ठ प्रचारक भाऊराव देवरस जी का सानिध्य प्राप्त हुआ। उन्होंने अपने जीवन को पूरी रचनात्मक त्वरा और विश्लेषणात्मक गहराई से जिया। उनके पत्रकारिता जीवन के दौरान लिखे शब्द आज भी उपयोगी है। दीन दयाल जी एकात्म मानववाद के प्रणेता हैं। उनके द्वारा प्रस्तुत एकात्म मानववाद मूलतः ऋग्वेद के पुरुष सूक्त पर आधारित है जिसमें संपूर्ण समाज की परिकल्पना एक विराट पुरुष के रूप में की गयी है। एकात्म मानववाद आज के युग में भी उतना ही प्रासंगिक है जितना उनके समय में था एकात्म मानववाद पर उनका कहना था, ”हमारे यहां समाज को स्वयंभू माना है”। राज्य एक संस्था के नाते है। राज्य की संस्थाएं भी समय- समय पर पैदा होती हैं।प्रत्येक व्यक्ति इनमें से प्रत्येक संस्था का सदस्य होता है। पंडित जी की तत्व दृष्टि थी कि सम्पूर्ण विश्व के समक्ष उपस्थित मार्ग विभ्रम का उत्तर भारतीय संस्कृति में निहित है। भारतीय संस्कृति समग्रतावादी है। यह सार्वभौमिक भी है। पश्चिम की दुनिया में हजारों वाद हैं। पूरा पश्चिमी जगत विक्षिप्त है। पश्चिम में सुस्पष्ट दर्शन का अभाव है। वही अभाव पश्चिम को भारत की ओर आकर्षित करता है। अमरीका का प्रत्येक व्यक्ति आनंद की प्यास में भारत की ओर टकटकी लगाये हुये है। भारत ने सम्पूर्ण सृष्टि रचना में एकत्व देखा है। भारतीय संस्कृति इसीलिए सनातन काल से एकात्मवादी है। पण्डितजी के अनुसार सृष्टि के एक- एक कण में परावलम्बन है। भारत ने इसे ही अद्वैत कहा है। भारत ने सभ्यता के विकास में परस्पर सहकार को ही मूल तत्व माना है। इसे भी पढ़ें: पं. दीनदयाल उपाध्यायः विचारों की वह मशाल जो आज भी प्रज्वलित है भारतीय जनसंघ के शिखर पुरुष के रूप में उन्होंने राजनीति में शुचिता पर विशेष बल दिया। वह स्वयं ही इसका उदाहरण बने। 1962 के लोकसभा चुनाव के पश्चात जौनपुर संसदीय सीट से भारतीय जनसंघ के विजयी प्रत्याशी ब्रह्मजीत सिंह का आकस्मिक निधन हो गया। इस सीट पर उपचुनाव हुआ। उपचुनाव में जनसंघ की ओर से दीनदयाल उपाध्याय और कांग्रेस की ओर से राजवीर सिंह मैदान में उतरे। दोनों दलों के नेता अपनी -अपनी रणनीति बनाई। दीनदयाल जी ने जनसंघ की राजनीतिक तथा आर्थिक नीतियों की श्रेष्ठता तथा कांग्रेस की गलत नीतियों को आधार बनाकर चुनाव में जाने का निश्चय किया।चुनाव जीतने के लिए किसी भी प्रकार के छल कपट का सहारा न लेने का निर्णय लिया। वहां पर चुनावी चर्चा के दौरान लोगों ने कहा कि यह चुनाव क्षेत्र ब्राह्मण बहुल है अतः यदि दीनदयाल जी को ब्राह्मण प्रत्याशी कहकर उनका प्रचार किया जाए और उनके नाम के आगे पंडित जी लगा दिया जाए तो चुनाव जीतना आसान हो जाएगा। इस बात पर दीनदयाल जी ने कहा कि इस प्रकार जातीय भावना को भड़का कर चुनाव तो जीता जा सकता है लेकिन ऐसा करने से भारतीय जनसंघ का आदर्श हार जाएगा। उन्होंने कहा कि हमें भारतीय जनसंघ की जीत के लड़ना है न कि पंडित दीनदयाल की जीत के लिये। वह सदा ही उच्च नैतिक मापदंडों की राजनीति के पक्षधर थे। राजनीति में उन्हें जाति एवं धर्म के नाम पर भेदभाव पसंद नहीं था। उनकी इस नीति का परिणाम यह रहा कि लोकसभा उपचुनाव में जौनपुर, अमरोहा एवं फर्रुखाबाद में विपक्ष का संयुक्त उम्मीदवार खड़ा किया गया और डा.लोहिया ने जनसंघ की राष्ट्रवादी नीति की सराहना की। जनसंघ ने लोहिया की फर्रुखाबाद और आचार्य जे बी कृपलानी की अमरोहा से उम्मीदवारी का समर्थन किया। कांग्रेस पार्टी ने उस समय भी छल -कपट का सहारा लिया। दुर्भाग्यवश दीनदयाल जी जौनपुर से हार गए जबकि अमरोहा से आचार्य जे. बी. कृपलानी तथा फर्रुखाबाद से डा. राम मनोहर लोहिया जीत गये। चुनाव परिणाम आने पर दीन दयाल जी ने कहा कि यह सुखद है कि क्योंकि हम अपनी नीतियों से नहीं कांग्रेस के छल कपट से हारे हैं। दीनदयाल जी की पहचान एक उत्कृष्ट लेखक की भी है। एकात्म मानववाद, लोकमान्य तिलक की राजनीति, जनसंघ का सिद्धांत और नीति, राष्ट्र जीवन की समस्याएँ, राष्ट्रीय अनुभूति, कश्मीर, अखंड भारत, भारतीय राष्ट्र धारा का पुनः प्रवाह, भारतीय संविधान, इनको भी आजादी चाहिए, अमरीकी अनाज, भारतीय अर्थनीति, विकास की एक दिशा, बेकारी समस्या और हल, टैक्स या लूट, विश्वासघात दि ट्रू प्लान्स, डिबुलशन ए ग्रेटकाल आदि उनकी कुछ चर्चित कृतियाँ हैं। उनके लेखन का केवल एक ही लक्ष्य था भारत की विश्व पटल पर लगातार प्रतिष्ठा और विजय। उन्होंने संघ की अनेक पत्र- पत्रिकाओं का लम्बे समय तक संपादन भी किया। जिसमें लखनऊ से प्रकाशित राष्ट्रधर्म व दिल्ली से प्रकाशित पांचजन्य प्रमुख हैं। वे एक ऐसे महान कर्मयोगी थे कि पत्र को समय पर निकालने के लिये उन्होंने रातभर कम्पोजिंग का कार्य स्वयं किया। पण्डित जी ने मात्र एक ही दिन में सम्राट चन्द्रगुप्त व आद्य शंकराचार्य जैसे चरित्रों पर पुस्तक लिखकर भारतीय इतिहास के एक सांस्कृतिक निष्ठा वाले राज्य का चित्रण किया। निश्चित रूप से पण्डितजी शब्द और कृति की एकात्मकता के सर्जक थे। पण्डित जी ने राजनैतिक लेखन को भी दीर्घकालिक विषयों से जोड़कर रचना कार्य को सर्वकालिक बनाया। दीनदयाल जी की आर्थिक मान्यता थी कि आर्थिक योजनाओं तथा आर्थिक प्रगति की माप समाज के सबसे निचले स्तर पर विद्यमान व्यक्ति से होनी चाहिए। अन्त्योदय को अंतिम लक्ष्य मानते थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही वर्तमान केंद्र सरकार व भाजपा शासित राज्य सरकारें दीनदयाल जी के अन्त्योदय की परिकल्पना को साकार करने का प्रयास कर रही हैं। 80 करोड़ की जनता को निःशुल्क राशन, उज्वला योजना, आयुष्मान भारत, नल से जल, जन-धन ऐसी ही अन्त्योदय से प्रेरित योजनाएं हैं। दीन दयाल जी स्वदेशी और स्वावलंबन के पक्षधर थे प्रधानमंत्री की स्टार्टअप इंडिया, विश्वकर्मा योजना जैसी योजनाएं तथा आत्मनिर्भर भरत व लोकल फॉर वोकल जैसे अभियान दीनदयाल जी के विचारों के अनुरूप हैं। दीनयाल जी निष्कपट, चरित्रवान, प्रखर देशभक्त तथा लोकसंग्रही होने के साथ ही सादा जीवन तथा सनातन राष्ट्रधर्मिता से संपन्न थे। विश्व मानवता को भारत की पुण्य धरती के लाखों लाख ऋषियों के ज्ञान का तत्व एकात्म मानव दर्शन के रूप में पहुंचाने वाले पंडित दीनदयाल उपाध्याय शताब्दियों तक भारतीय राजनीति में ध्रुव तारे की तरह प्रकाशवान रहेंगे। - मृत्युंजय दीक्षित
Happy Anant Chaturdashi 2026: अनंत चतुर्दशी पर भगवान विष्णु की पूजा और अनंत सूत्र धारण करने की परंपरा कई परिवारों में निभाई जाती है। भक्त इस दिन अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।
फौरन चुप हो जाना चाहिए! इन 4 जगहों पर बोला तो पछताना पड़ सकता है
जुबान खोलते वक्त बहुत ही सोच-समझकर बोलना चाहिए। नहीं तो आपके बने हुए काम मिनटों में बिगड़ जाएंगे। जैसे इन 4 जगहों पर सोच-समझकर बोलना चाहिए या फिर चुप हो जाना चाहिए।
विश्व फेफड़ा दिवस 2026: ये संकेत दिखें तो समझ लें फेफड़े धीरे-धीरे हो रहे खराब!
World Lung Day 2026: आज वर्ल्ड लंग डे के मौके पर हम आपको उन संकेतों की जानकारी देंगे, जिनसे ये पहचान की जा सकी है कि आपके फेफड़े खराब हो रहे हैं।
नवरात्रि से पहले पीतल के बर्तन और मूर्तियां चमकाने के 2 आसान तरीके
नवरात्रि से पहले पूजा की तैयारियों के साथ पीतल के बर्तन और मूर्तियों की सफाई भी करनी है? अगर इन पर काली परत जम गई है, तो घर में मौजूद चीजों से ही इन्हें आसानी से चमका सकते हैं।
गणपति विसर्जन की शुभकामनाएं: बप्पा को भावभीनी विदाई, घर-घर गूंजा ‘गणपति बप्पा मोरया’
Ganpati Visarjan 2026: “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” के साथ आप अपने दोस्तों और परिवार को गणपति विसर्जन की शुभकामनाएं भेज सकते हैं। बप्पा आपके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सफलता लेकर आएं और हर संकट को दूर करें।
चिंता: सफेद बाल सिर्फ बढ़ती उम्र की निशानी नहीं, इन बीमारियों से भी हो सकता है कनेक्शन
कम उम्र में बाल सफेद होना हमेशा उम्र बढ़ने का सामान्य असर नहीं होता। आनुवंशिकता इसकी बड़ी वजह हो सकती है, लेकिन विटामिन बी12 जैसी पोषण संबंधी कमी, थायरॉइड विकार और कुछ ऑटोइम्यून स्थितियां भी इससे जुड़ी हो सकती हैं।
एक पंथ दो काज, मोरिंगा के पत्तों की चाय और पराठा दोनों एक बार में बनाएं, ऐसे करें सही इस्तेमाल
रसोई के काम को कुछ स्मार्ट ट्रिक से आसान बनाया जा सकता है। ऐसी ही गजब की ट्रिक है कि आप मोरिंगा के पत्तों से चाय और फिर उससे मोरिंगा के पराठे एक साथ बना सकते हैं। ऐसे मोरिंगा का सही इस्तेमाल कर सकते हैं।
ऑनलाइन बैंकिंग, UPI और डिजिटल पेमेंट ने पैसे भेजना बेहद आसान बना दिया है, लेकिन इसी सुविधा के साथ साइबर ठगी का जोखिम भी बढ़ा है। फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक, APK फाइल, नकली वेबसाइट, OTP फ्रॉड और अन्य तरीकों से अपराधी कुछ ही मिनटों में बैंक खाते से रकम निकाल सकते हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल होता है कि साइबर फ्रॉड में गंवाया गया पैसा क्या वापस मिल सकता है? साइबर सुरक्षा जागरूकता से जुड़े सरकारी हैंडल CyberDost की ओर से साझा जानकारी के मुताबिक, कुछ मामलों में ठगी की रकम वापस मिलने की संभावना हो सकती है। हालांकि, इसके लिए सबसे महत्वपूर्ण बात है कि पीड़ित फ्रॉड का पता चलते ही तुरंत शिकायत करे। साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर 1930 हेल्पलाइन पर कॉल किया जा सकता है। इसके अलावा National Cyber Crime Reporting Portal यानी NCRP पर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है। साइबर फ्रॉड होते ही क्यों जरूरी है तुरंत शिकायत? ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। ठग रकम हासिल करने के बाद उसे एक खाते से दूसरे खाते में भेजने, नकद निकालने या दूसरे माध्यमों में ट्रांसफर करने की कोशिश कर सकते हैं। अगर पीड़ित शुरुआती समय में ही शिकायत दर्ज करा देता है, तो संबंधित बैंक, वित्तीय संस्थान और साइबर क्राइम एजेंसियों के पास संदिग्ध ट्रांजैक्शन को ट्रैक करने और उपलब्ध रकम को रोकने की संभावना अधिक हो सकती है। इसका मतलब यह नहीं है कि तुरंत शिकायत करते ही पूरा पैसा निश्चित रूप से वापस मिल जाएगा। रकम की रिकवरी इस बात पर निर्भर कर सकती है कि पैसा कहां पहुंचा है, उसमें से कितनी राशि उपलब्ध है और संबंधित बैंक उसे समय रहते होल्ड या फ्रीज कर पाता है या नहीं। साइबर ठगी के बाद 1930 पर करें कॉल अगर आपके बैंक खाते, UPI या किसी अन्य डिजिटल माध्यम से धोखाधड़ी करके पैसे निकाल लिए गए हैं, तो National Cyber Crime Helpline नंबर 1930 पर जल्द से जल्द संपर्क करना महत्वपूर्ण है। शिकायत करते समय ट्रांजैक्शन से जुड़ी जानकारी तैयार रखना उपयोगी हो सकता है। इसमें ट्रांजैक्शन नंबर, रकम, बैंक खाते की जानकारी और फ्रॉड का समय जैसी जानकारियां शामिल हो सकती हैं। इसके अलावा पीड़ित NCRP के आधिकारिक साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर जाकर भी शिकायत दर्ज कर सकता है। NCRP पर भी दर्ज कर सकते हैं शिकायत ऑनलाइन साइबर अपराध की रिपोर्ट National Cyber Crime Reporting Portal पर की जा सकती है। वित्तीय साइबर फ्रॉड होने के बाद शिकायत दर्ज करते समय सही और पूरी जानकारी देना महत्वपूर्ण है। फ्रॉड से संबंधित SMS, बैंक ट्रांजैक्शन मैसेज, संदिग्ध मोबाइल नंबर, ईमेल, वेबसाइट या ऐप की जानकारी, स्क्रीनशॉट और अन्य उपलब्ध सबूत सुरक्षित रखना भी उपयोगी हो सकता है। शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित एजेंसियां मामले की प्रकृति और उपलब्ध जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई कर सकती हैं। Money Restoration Module कैसे कर सकता है मदद? CyberDost की ओर से साझा जानकारी में Money Restoration Module यानी MRM का भी जिक्र किया गया है। बताया गया है कि पात्र मामलों में इस व्यवस्था के जरिए साइबर वित्तीय धोखाधड़ी में रोकी गई रकम को पीड़ित तक वापस पहुंचाने की प्रक्रिया में मदद मिल सकती है। जब किसी साइबर फ्रॉड की शिकायत समय रहते दर्ज होती है और संबंधित रकम को किसी बैंक खाते में रोक लिया जाता है, तो आगे की प्रक्रिया में बैंक और संबंधित साइबर क्राइम अथॉरिटी की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। हालांकि, प्रत्येक शिकायत अपने तथ्यों और परिस्थितियों के आधार पर अलग होती है। इसलिए MRM का मतलब यह नहीं है कि हर साइबर फ्रॉड में पूरा पैसा अपने आप खाते में वापस आ जाएगा। किन मामलों में रकम वापस मिलने की संभावना बढ़ सकती है? पैसा वापस मिलने की संभावना उन मामलों में बेहतर हो सकती है, जहां ठगी की रकम का पूरा या कुछ हिस्सा संबंधित बैंक या वित्तीय संस्था समय रहते रोकने में सफल हो जाती है। उदाहरण के लिए, अगर ₹50,000 की साइबर ठगी हुई और शिकायत के बाद रकम का कुछ हिस्सा संबंधित खाते में होल्ड हो गया, तो उपलब्ध राशि को नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के तहत वापस दिलाने की कार्रवाई की जा सकती है। इसके विपरीत, अगर ठग रकम को तुरंत निकाल लेते हैं या उसे कई अलग-अलग खातों और माध्यमों में भेज देते हैं, तो पैसा ट्रैक करने और वापस पाने की प्रक्रिया अधिक मुश्किल हो सकती है। इसी वजह से वित्तीय साइबर फ्रॉड में शिकायत करने में देरी नहीं करनी चाहिए। बैंक को भी तुरंत दें जानकारी 1930 पर शिकायत करने के साथ अपने बैंक या संबंधित पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर को भी संदिग्ध ट्रांजैक्शन की सूचना देना उपयोगी है। बैंक द्वारा उपलब्ध आधिकारिक कस्टमर केयर चैनल का ही इस्तेमाल करें। Google Search या सोशल मीडिया पर मिले किसी अनजान कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करने से बचें, क्योंकि फर्जी हेल्पलाइन के जरिए भी लोगों को निशाना बनाया जाता है। इसके अलावा फ्रॉड के बाद किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर OTP, UPI PIN, कार्ड CVV, इंटरनेट बैंकिंग पासवर्ड या अन्य संवेदनशील जानकारी साझा न करें। साइबर फ्रॉड होने पर ये सबूत सुरक्षित रखें फ्रॉड से संबंधित चैट, SMS, ईमेल, फोन नंबर, स्क्रीनशॉट, UPI ID, बैंक ट्रांजैक्शन ID और भुगतान से जुड़े अन्य रिकॉर्ड डिलीट न करें। ये जानकारियां शिकायत और जांच में उपयोगी साबित हो सकती हैं। अगर धोखाधड़ी किसी संदिग्ध ऐप या APK फाइल के जरिए हुई है, तो बैंकिंग सुरक्षा के लिए संबंधित खाते और डिवाइस को सुरक्षित करने के जरूरी कदम भी उठाएं। पैसा वापस मिलने की कोई गारंटी नहीं यह समझना सबसे जरूरी है कि 1930 पर कॉल करने या NCRP पर शिकायत दर्ज कराने से रकम वापस मिलने की संभावना बन सकती है, लेकिन इससे रिफंड की गारंटी नहीं मिलती। रिकवरी इस बात पर निर्भर करेगी कि शिकायत कितनी जल्दी की गई, रकम कहां ट्रांसफर हुई, उसका कितना हिस्सा रोका जा सका और संबंधित मामले में आगे की कानूनी तथा बैंकिंग प्रक्रिया क्या रहती है। इसलिए साइबर फ्रॉड का पता चलते ही इंतजार करने के बजाय जल्द कार्रवाई करना बेहतर है। तुरंत 1930 पर शिकायत , NCRP पर रिपोर्ट और संबंधित बैंक को सूचना देना रकम को आगे ट्रांसफर होने से रोकने तथा संभावित रिकवरी की प्रक्रिया शुरू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
'गैस-ब्लोटिंग' समझकर महिलाएं ना इग्नोर करें 6 दिक्कतें, ओवरियन कैंसर का हो सकती हैं लक्षण
अचानक से पेट में गैस बनने लगी या फिर कब्ज होने लगा और बार-बार ऐसी समस्याएं होना शुरू हो गई हैं तो इसे इग्नोर ना करें। नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट के मुताबिक ये 6 लक्षण ओवेरियन कैंसर के हो सकते हैं।
गणपति विसर्जन 2026: आंखों में नमी और दिल में भक्ति... बप्पा की विदाई पर भेजें ये खूबसूरत संदेश
Ganpati Visarjan 2026: 25 सितंबर, शुक्रवार को गणपति विसर्जन किया जा रहा है।गणेश विसर्जन केवल विदाई का अवसर नहीं, बल्कि भगवान गणेश से सुख, समृद्धि और विघ्नों को दूर करने की प्रार्थना करने का भी समय है।
घर पर बनाएं प्रोटीन से भरपूर राजमा बर्गर, बच्चों को खूब आएगा पसंद
Rajma Burger Recipe: क्या आप बिना प्याज-लहसुन के स्वादिष्ट और चीजी बर्गर बनाना चाहते हैं? अगर हां, तो आप राजमा की मदद से आसानी से घर पर बना सकते हैं. जानिए प्रोटीन से भरपूर राजमा पैटी और स्पेशल बर्गर सॉस के साथ नो-ऑनियन नो-गार्लिक बर्गर बनाने की सबसे आसान और हेल्दी रेसिपी.
नेताओं के हेल्दी खानपान के बारे में तो बहुत सुना होगा लेकिन क्या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की डाइट जानते हैं। जिन चीजों को अनहेल्दी समझकर खाने से इनकार किया जाता है, उसी डाइट कोक, बर्गर, पिज्जा को खाकर राष्ट्रपति करते हैं बड़े-बड़े फैसलें।
बिना भरे ऐसे बनाएं तोरई मसाला, पहले नहीं खाई होगी इतनी स्वादिष्ट सब्जी, आसान है रेसिपी
तोरई की सब्जी को मसाले के साथ बनाया जाए तो इसका स्वाद आपकी पसंदीदा सब्जी को भी फीका कर सकता है। तोरई मसाला खाने में बहुत टेस्टी लगती है। इसे बनाना भी बेहद आसान है। फटाफट नोट कर लें तोरई मसाला की रेसिपी।
Motivational Shayari: सफलता के लिए मेहनत का रास्ता दिखाती 25 शायरियां, पढ़ें और दूसरों को पढ़ाएं
जिंदगी में सफल होना है आगे बढ़ना तो कठिन मेहनत से जी चुराना ठीक नहीं। कड़ी मेहनत ही एक दिन आपको सफलता के रास्ते पर ले जाती है क्योंकि जो मेहनत से जी चुराते हैं वो कभी सक्सेज नहीं पाते। मन को ऐसी पॉजिटिव बातों से मोटिवेट करना है तो पढ़ें ये शायरी।
स्प्रे-दवा के बाद भी कॉकरोच खत्म नहीं हो रहे? दूध में ये 3 मिलाकर रख दो, रसोई में नजर नहीं आएंगे!
कॉकरोच खत्म करने के सारे जुगाड़ ट्राई कर लिए, लेकिन ये रसोई से खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहे। ये समस्या अगर आपकी भी है, तो आज वाला हैक आपको जरूर ट्राई करना चाहिए। इसके रिजल्ट देखकर आप खुद हैरान रह जाएंगे।
विदेश घूमना महंगा नहीं! सिर्फ 50 हजार में प्लान कर सकते हैं इन 7 जगहों की ट्रिप
अगर आपको भी लगता है कि विदेश घूमना महंगा है तो आपका ये भ्रम अभी टूट जाएगा। क्योंकि सिर्फ 50 हजार के बजट में आप ये 7 सुंदर देश घूम सकते हैं। नेचर लवर हैं तो यहां के नजारें आपका मन मोह लेंगे और आपकी ट्रिप यादगार बन जाएगी।
एक्सपायर हैं ये 5 चीजें, फिर भी कर रहे इस्तेमाल? ज्यादातर भारतीय करते हैं ये गलती!
एक्सपायरी डेट निकलने के बाद हम चीजें इस्तेमाल करना बंद कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ज्यादातर भारतीय रसोइयों में ये 5 चीजें इस्तेमाल की जाती हैं, जिनकी एक्सपायरी डेट का किसी की अंदाजा नहीं होता। आप तो नहीं कर रहे? आइए चेक करें!
कश्मीरी बैंगल्स के साथ मिक्स करें अपनी कांच की चूड़ियां, इन 8 तरीकों से बना सकती हैं सेट
कश्मीरी घुंघरू बैंगल्स का सेट आपके पास भी है या लेने की सोच रही हैं, तो अपने चूड़ियों के साथ मिक्स कर के ये सुंदर सेट बना सकती हैं। डेली वियर से ले कर कहीं आने-जाने तक, इस तरह के सेट आपके हाथों को खूबसूरत लुक देंगे।
बाजार की महंगी मिठाई नहीं, बाप्पा के लिए बनाएं खास चॉकलेट मोदक
Chocolate Modak Recipe: अगर आप भी अपने घर में बाप्पा के लिए कुछ मीठा बनाना चाहते हैं तो यहां हम आपको चॉकलेट मोदक की आसान और इंस्टैंट रेसिपी बता रहे हैं.
इन 4 गलतियों के कारण कम उम्र में हो जाती हैं आंखों के नीचे झुर्रियां, जानें इन्हें कैसे करें कम
आंखों के नीचे पतली-पतली झुर्रियां दिख रही हैं, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। इन्हें कम करने के लिए कुछ तरीके हैं लेकिन पहने जान लीजिए कि आपकी किन गलतियों की वजह से यह झुर्रियां कम उम्र में हो रही हैं।
छोटी गलती, बड़ा हादसा! मेट्रो या मॉल में इस्तेमाल करते हैं एस्केलेटर, तो ये सेफ्टी टिप्स जान लें
मेट्रो, शॉपिंग मॉल और कई सार्वजनिक जगहों पर एस्केलेटर का इस्तेमाल कॉमन है। लेकिन अक्सर हम इससे जुड़े सुरक्षा नियमों से अनजान रहते हैं, जिस वजह से कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है। इसलिए ये सेफ्टी टिप्स हर किसी को जरूर जान लेनी चाहिए।
सुबह का मूड या रात का रोमांस? जानिए सेक्स करने का सबसे सही समय कौन सा है और इसके क्या फायदे हैं
कुछ लोगों को सुबह सेक्स करना पसंद होता है, तो कुछ रात के समय ज्यादा सहज महसूस करते हैं। वहीं कुछ लोगों के लिए दोपहर का समय भी खास हो सकता है। लेकिन क्या सेक्स के लिए दिन का कोई एक समय सबसे बेहतर है? सेक्स एक्सपर्ट लॉरी मिंट्ज के मुताबिक, समय चाहे जो हो, सेक्स से मिलने वाले फायदे जैसे तनाव कम होना, रिलैक्स महसूस करना और पार्टनर के साथ नजदीकी बढ़ना लगभग समान रहते हैं। हालांकि, शरीर, रोज के कामों और मूड के हिसाब से हर व्यक्ति को कोई खास समय ज्यादा पसंद आ सकता है। सुबह सेक्स करने के फायदे रातभर आराम करने के बाद सुबह शरीर ज्यादा रिलैक्स महसूस कर सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, सुबह टेस्टोस्टेरोन का स्तर आमतौर पर ज्यादा होता है, जिससे कुछ लोगों में सेक्स की इच्छा बढ़ सकती है। सेक्स थेरेपिस्ट जॉय बर्कहाइमर के अनुसार, सुबह की नजदीकी से शरीर और दिमाग को आराम मिल सकता है। सेक्स के दौरान निकलने वाले ऑक्सीटोसिन और एंडोर्फिन जैसे हार्मोन पार्टनर से जुड़ाव बढ़ाने और तनाव कम करने में मदद कर सकते हैं। इसे भी पढ़ें: Vacation Sex Tips: ट्रिप के दौरान कैसे करें रोमांस, होटल रूम से लेकर टाइमिंग तक रखें इन बातों का ध्यान रात में सेक्स क्यों पसंद करते हैं लोग? रात का समय कई लोगों को ज्यादा शांत और आरामदायक लगता है। सेक्स तनाव कम करने और सोने से पहले रिलैक्स होने में मदद कर सकता है। एक्सपर्ट के मुताबिक, रात में सेक्स करने से कुछ लोगों को जल्दी नींद आने और बेहतर नींद लेने में मदद मिलती है। इसे भी पढ़ें: Long Distance Relationship में बढ़ रही हैं दूरियां? नजदीकियां बढ़ाने में मदद कर सकता है Phone Sex दोपहर का समय भी हो सकता है मजेदार छुट्टी या वीकेंड के दौरान लोगों को दोपहर में सेक्स के लिए ज्यादा समय मिलता है। लॉरी मिंट्ज के मुताबिक, इस समय लोग पार्टनर के साथ ज्यादा और आराम से समय बिता सकते हैं और अपनी पसंद के मुताबिक चीजों को आजमा सकते हैं। आखिर में, सेक्स के लिए सही समय हर व्यक्ति के लिए अलग हो सकता है। काम, नींद, परिवार और रोजमर्रा की जिम्मेदारियों के बीच समय तय कर पाना अक्सर घड़ी के हिसाब से सही समय चुनने से ज्यादा जरूरी होता है।
बेटी के लिए चुनें भगवान गणेश से प्रेरित 21 वैदिक नाम, तेज, बुद्धि और सौम्यता का होगी प्रतीक
बेटी के लिए गणेश जी से प्रेरित नाम खोज रहे हैं, तो हम आपको 21 नामों की सुंदर लिस्ट दे रहे हैं। इनमें से आप कोई भी नाम चुन लीजिए, सभी के अर्थ खूबसूरत और प्यारे होंगे।
आपने खीर तो कई तरह की खाई होगी लेकिन क्या कभी आपने गुड़ वाली खीर खाई है। ये खाने में लाजवाब होने के साथ साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। यहां हम आपके लिए गुड़ वाली खीर की आसान सी रेसिपी लेकर आए हैं।
दुकान-मॉल नहीं यहां से खरीदारी कर रहा Gen Z! आपने किया है ट्राई?
जेन जी की शॉपिंग जर्नी तेजी से डिजिटल हो रही है. सोशल मीडिया नए ब्रांड और प्रोडक्ट खोजने का बड़ा जरिया बन चुका है, लेकिन भरोसे के मामले में तस्वीर अलग है. मैकिन्से की रिपोर्ट बताती है कि जेन जी सोशल मीडिया और AI का इस्तेमाल करती है, फिर भी खरीदारी से पहले परिवार, एक्सपर्ट्स, रिव्यू और दूसरे सोर्स पर भरोसा करती है.
गैस-बीपी नहीं, ये हार्ट अटैक है! महिलाओं में दिखने वाले ये 5 लक्षण ना करें नजरंदाज
पुरुषों और महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण काफी अलग हो सकते हैं। खासकर महिलाओं में तो ऐसे लक्षण दिखते हैं, जिन्हें लोग गैस या बीपी समझकर इग्नोर कर देते हैं। आइए इनके बारे में विस्तार से जानते हैं।
फिजूलखर्ची से बचना है तो सुधा मूर्ति की ये 5 बातें याद रखें
पैसा कमाना जितना जरूरी है, उसे सोच-समझकर खर्च करना भी उतना ही जरूरी है। सुधा मूर्ति की जिंदगी से जुड़ी ये बातें बताती हैं कि छोटी-छोटी खर्चीली आदतों पर रोक लगाकर पैसे का बेहतर इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है।
IAS सोनल गोयल ने बताए सफल होने के 3 मूल मंत्र, जिंदगी में मंजिल पाना होगा आसान
जिंदगी में सफल होने का सपना हर कोई देखता है लेकिन उसे पूरा करना हर किसी के बस में नहीं होता। अगर आप सफल होना चाहते हैं, तो IAS सोनल गोयल की 3 बातों को याद रखें।
1 गलती बिगाड़ ना दें चेहरा! मेकअप आर्टिस्ट की बुकिंग करने से पहले ये 7 बातें जरूर डिस्कस करें
शादी के फंक्शन के लिए मेकअप आर्टिस्ट की बुकिंग कर रहीं तो उसकी प्रोफाइल चेक करना और मेकअप देखने का काम तो ज्यादातर लड़कियां करती हैं। लेकिन इसके साथ इन 7 बातों को भी जरूर डिस्कस करें। जिससे आपका वेडिंग मेकअप एक गलती से खराब ना हो जाए।
अक्टूबर का महीना घूमने के लिहाज से काफी अच्छा होता है। इस महीने में कई गांधी जयंती और दशहरा की छुट्टियां पड़ रही हैं। कई लॉन्ग वीकेंड बन रहे हैं जिसमें आप घूमने का प्लान कर सकते हैं। 3 से 5 दिन में आप इन जगहों को एक्सप्लोर कर सकते हैं।
आलू-प्याज छोड़िए! इस बार ट्राई करें पत्तागोभी का लच्छा पराठा, नाश्ते में रोज डिमांड करेंगे घरवाले
आलू, प्याज और गोभी के पराठे तो आपने खूब खाए होंगे। लेकिन क्या कभी पत्तागोभी का पराठा ट्राई किया है? अगर नहीं, तो एक बार जरूर ये रेसिपी बनाकर देखें। घरवालों को इसका क्रिस्पी और चटपटा स्वाद ना पसंद आए ,ऐसा हो ही नहीं सकता।
कपड़े चमकाने के चक्कर में ज्यादा डिटर्जेंट न डालें, हो जाएगी गड़बड़
कपड़े ज्यादा गंदे हों तो क्या आप वॉशिंग मशीन में ज्यादा डिटर्जेंट डाल देते हैं? अगर हां, तो यह आदत कपड़ों और मशीन दोनों के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है। जानें कितना डिटर्जेंट सही है।
इंटरनेट डेस्क। हम कई बार लापरवाही करते हैं और सही समय पर लंच और डिनर नहीं करते हैं और इसी का कारण होता हैं की बार लोग बीमार भी पड़ जाते है। सीधी भाषा में बात करे तो हमे जब भूख लग जाए तब ही लंच और डिनर कर लेते है। लेकिन क्या आपको पता है है की अगर हम समय ये ये दोनों काम नहीं कर रहे है तो फिर ये हमारी सेहत के लिए अच्छा नहीं है। ऐसे में जान लेते है लंच डिनर का सही समय। लंच कब करना चाहिए आपको बता दें की सेहत के हिसाब से आपको ब्रेकफास्ट करने के बाद दोपहर का लंच दोपहर 12.30 बजे से लेकर 2 बजे के बीच कर लेना चाहिए। यह ऐसा वक्त होता है, जब मेटाबॉलिज्म सबसे तेजी से काम करता है। इस समय किया गया भोजन सही तरह से पच जाता है। रात का डिनर कब करना चाहिए इसके साथ ही आपको रात में सोने से से कम से कम दो से तीन घंटे पहले ही खाना खा लेना चाहिए। वैसे सही समय की बात करें तो आप जैसे 10 बजे सोते है तो आप 7 बजे ही अपना डिनर कर ले। pc- ndtv india
रोजाना पहनने वाली गोल्ड ईयररिंग्स की खूबसूरत डिजाइन, 3-4 ग्राम में बन जाएंगी
रोजाना पहनने के लिए गोल्ड ईयररिंग्स लेना चाहती हैं लेकिन डिजाइन को लेकर कंफ्यूज रहती हैं तो मात्र 3-4 ग्राम गोल्ड में ये ब्यूटीफुल गोल्ड ईयररिंग्स बनवा लें, डेली वियर के लिए बिल्कुल कंफर्टेबल है।
लंबे सफर और ट्रैफिक जाम में स्पाइन पर पड़ सकता है असर, ऐसे करें रीढ़ की हड्डी की देखभाल
Tips to Avoid Back Pain While Driving: अगर आप उन लोगों में से हैं, जो खुद से गाड़ी ड्राइव करते हैं तो अपनी स्पाइन यानी कि रीढ़ की हड्डी का ध्यान आपको खुद रखना है। यहां इस लेख में हम आपको उसी की जानकारी देंगे।
Face Wash : ऑयली स्किन और मुंहासों से हैं परेशान? नीम के छिलके से बनाएं यह खास फेस वॉश
pc: tv9 ऑयली स्किन वाले लोगों को ड्राई और कॉम्बिनेशन स्किन टाइप से अलग तरह की प्रॉब्लम होती हैं। चेहरे पर अक्सर पिंपल्स और एक्ने हो जाते हैं। कभी-कभी ये दाग-धब्बे भी चेहरे पर आ जाते हैं। ऑयली स्किन वाले लोग कितनी भी बार चेहरा धो लें, फ्रेश नहीं दिखते। साथ ही, पसीने और ऑयल की वजह से चेहरा डल दिखने लगता है। इसके लिए स्किन का खास ध्यान रखना पड़ता है। अगर आप भी ऑयली स्किन, एक्ने, पिंपल्स से परेशान हैं, तो यह फेस वॉश आपके लिए एक बढ़िया ऑप्शन है। अगर आप नीम के छिलके से बने फेस वॉश से अपना चेहरा धोते हैं, तो आपको फ्रेश लुक मिल सकता है। तो आइए जानते हैं नीम के छिलके से फेस वॉश कैसे बनाते हैं। नीम के छिलके से ऐसे बनाएं फेस वॉश जब हम बार-बार फेस वॉश से अपना चेहरा धोते हैं, तो चेहरे पर मौजूद नैचुरल ऑयल हट जाता है। लेकिन असल में, प्रॉब्लम बनी रहती है और ऑयल फिर से बनने लगता है। इसलिए, आपको ऐसा तरीका इस्तेमाल करना चाहिए जिससे ऑयल प्रोडक्शन कम हो और स्किन शाइनी बने। इसके लिए आपको नीम के छिलके से फेस वॉश बनाना चाहिए। इस फेस वॉश को बनाने के लिए आपको नीम की छाल, गुलाब जल और ग्रीन टी चाहिए। आपको आस-पास के किसी भी नीम के पेड़ की छाल आसानी से मिल जाएगी। नीम की छाल का एक छोटा टुकड़ा भिगो दें। अब इस छाल को ओखली में पीस लें। फिर ग्रीन टी को भी पीस लें। अब इसे गुलाब जल में मिलाकर पेस्ट बना लें। आप चाहें तो नीम की छाल और ग्रीन टी को एक साथ पीसकर पाउडर बना सकते हैं। अच्छे नतीजों के लिए नीम की छाल को उसके असली रूप में ही इस्तेमाल करें। बाज़ार में मिलने वाला नीम पाउडर कम असरदार हो सकता है। इसलिए नीम की छाल को पीसकर उसका पेस्ट बना लें। अब इस तैयार पेस्ट को चेहरे पर लगाएं। इसे करीब 10 मिनट के लिए छोड़ दें और फिर पानी से चेहरा धो लें। इसे मुल्तानी मिट्टी के साथ मिलाएं अगर आप मुंहासों और ऑयलीनेस से परेशान हैं और आपका चेहरा डल दिखता है, तो मुल्तानी मिट्टी आपके लिए एक बढ़िया उपाय हो सकती है। फेस वॉश के लिए तैयार पेस्ट को मुल्तानी मिट्टी के साथ मिलाकर फेस पैक तैयार करें। इसे अपने चेहरे पर लगाएं। इसे 15 से 20 मिनट के लिए छोड़ दें। फिर साफ पानी से धो लें। इससे चेहरे से गंदगी हटेगी और ज़्यादा तेल नहीं निकलेगा, जिससे मुंहासे कम होंगे और आपके चेहरे की चमक बनी रहेगी। फेस पैक लगाने के बाद उस पर बर्फ रगड़ें। इससे स्किन में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है और पिंपल्स और मुंहासों जैसी समस्याएं कम होती हैं।
आटा गूंथने में ही सारा खेल है! 90% लोग करते हैं ये गलती और होता है ग्लूकोज स्पाइक, जानें सही तरीका
गेहूं की रोटी खाने के लेकर लोगों के मन में भ्रम पैदा हो गया है। काफी सारे लोग इसे वेट लॉस के लिए छोड़ रहे तो वहीं ग्लूकोज स्पाइक से बचने के लिए भी आटे की रोटी को छोड़ दे रहे, जबकि इसे सही तरीके से गूंथा जाए तो ये सेहत को नुकसान नहीं करेगी।
पीली पड़ गई प्लास्टिक की कुर्सियां मिनटों में करें साफ, इन 2 क्लीनिंग ट्रिक्स से लौटेगी नई जैसी चमक
घर में रखी प्लास्टिक की कुर्सियां पीली-गंदी दिख रही हैं, तो उन्हें किसी को देने या बेचने के बजाय साफ कर लीजिए। पीली दिख रही कुर्सियों को साफ करने के लिए आपको सिर्फ 2 ट्रिक्स आजमानी है। बस फिर आपकी कुर्सियां नई जैसी दिखेंगी।
WhatsApp Chat Recovery: डिलीट हुए मैसेज और फोटो चुटकियों में लाएं वापस
pc: hindustan WhatsApp में गलती से डिलीट हुई चैट्स को वापस पाने के लिए आप कुछ आसान तरीकों का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपके पास Chat Backup उपलब्ध है या नहीं। नीचे डिलीट हुई चैट्स को रिकवर करने के आसान तरीके दिए गए हैं: तरीका 1: Google Drive या iCloud बैकअप से (सबसे आसान तरीका) अगर आपने घटना से पहले WhatsApp का बैकअप लिया हुआ था, तो आप इसे आसानी से रीस्टोर कर सकते हैं: अपने फोन से WhatsApp को अनइंस्टॉल (Uninstall) कर दें। गूगल प्ले स्टोर या ऐप स्टोर से WhatsApp दोबारा इंस्टॉल करें। WhatsApp खोलें और अपना वही मोबाइल नंबर दर्ज करके OTP से वेरीफाई करें। वेरिफिकेशन के बाद, WhatsApp आपसे बैकअप रीस्टोर करने के लिए पूछेगा। Restore (रीस्टोर) के विकल्प पर टैप करें। रीस्टोर प्रक्रिया पूरी होने के बाद Next दबाएं। आपकी डिलीट हुई चैट्स वापस आ जाएंगी। ध्यान दें: अगर आपकी चैट डिलीट होने के बाद नया बैकअप बन गया है, तो पुरानी चैट वापस मिलना मुश्किल हो सकता है। तरीका 2: Android फोन की लोकल बैकअप फाइल से Android फोन में WhatsApp हर रात (लगभग 2:00 बजे) अपने आप फोन की इंटरनल मेमोरी में लोकल बैकअप सेव करता है। अपने फोन का File Manager (फाइल मैनेजर) खोलें। Internal Storage > Android > media > com.whatsapp > WhatsApp > Databases में जाएं। यहाँ आपको बैकअप फाइलें दिखेंगी (जैसे: msgstore-YYYY-MM-DD.1.db.crypt14)। जिस तारीख का डेटा आपको रीस्टोर करना है, उस फाइल का नाम बदलकर msgstore.db.crypt14 कर दें (पुरानी तारीख हटा दें)। इसके बाद WhatsApp को Uninstall करके दोबारा Install करें और OTP वेरीफाई करने के बाद Restore पर टैप करें। तरीका 3: चैट डिलीट होते ही 'Undo' बटन का इस्तेमाल (Instant Delete) अगर आपने गलती से कोई मैसेज या चैट Delete for me किया है, तो स्क्रीन पर नीचे तुरंत 5 सेकंड के लिए एक Undo का ऑप्शन दिखाई देता है। उस पर टैप करके आप चैट को तुरंत वापस ला सकते हैं। महत्वपूर्ण बातें नियमित बैकअप ऑन रखें: आगे कभी डेटा डिलीट न हो, इसके लिए WhatsApp Settings > Chats > Chat Backup में जाकर Daily बैकअप सेट रखें। बिना बैकअप के रिकवरी: अगर आपके पास न तो Google Drive बैकअप है और न ही लोकल बैकअप, तो थर्ड-पार्टी ऐप्स के दावों से बचें; बिना बैकअप के डिलीट मैसेज रिकवर करना संभव नहीं होता।
विश्व पर्यटन दिवस 2026: अकेले घूमने का है सपना? पहली ट्रिप के लिए ये 5 जगहें रहेंगी यादगार
Solo Travel in India: अगर आपको पहाड़ पसंद हैं तो ऋषिकेश, मनाली और मैक्लोडगंज जैसे डेस्टिनेशन आकर्षित कर सकते हैं। वहीं समुद्र और आराम पसंद करने वाले यात्रियों के लिए गोवा एक लोकप्रिय विकल्प है।
WhatsApp की चैट्स अब पूरी तरह होंगी गायब! जानिए Secret Code का जादू
PC: AAJ TAK WhatsApp का Secret Code (सीक्रेट कोड) फ़ीचर आपकी locked चैट्स को और भी ज़्यादा सुरक्षित और गोपनीय बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह 'Chat Lock' फ़ीचर का ही एक हिस्सा है, जो आपको अपनी लॉक की गई चैट्स को मुख्य चैट स्क्रीन से पूरी तरह से छिपाने (Hide) की सुविधा देता है। Secret Code कैसे काम करता है? Locked Chats फ़ोल्डर को छिपाना: सामान्यतः, जब आप किसी चैट को लॉक करते हैं, तो WhatsApp की मुख्य स्क्रीन पर सबसे ऊपर Locked Chats का फ़ोल्डर दिखाई देता है। Secret Code की मदद से यह फ़ोल्डर स्क्रीन से गायब हो जाता है। कस्टम पासवर्ड/इमोजी बनाना: आप अपनी पसंद का कोई भी शब्द, नंबर, स्पेशल कैरेक्टर या इमोजी (Emoji) मिलाकर अपना एक सीक्रेट कोड सेट कर सकते हैं। यह आपके फ़ोन के डिफ़ॉल्ट पिन या फिंगरप्रिंट से बिल्कुल अलग हो सकता है। सर्च बार से एक्सेस: अपनी लॉक की गई चैट्स को दोबारा देखने के लिए आपको WhatsApp के Search Bar (सर्च आइकन) में वही सीक्रेट कोड टाइप करना होता है। सही कोड डालते ही आपकी Locked Chats स्क्रीन पर आ जाती हैं। इसे कैसे सेट/ऑन करें? WhatsApp खोलें और स्क्रीन को नीचे खींचकर Locked Chats फ़ोल्डर में जाएं। अपने फिंगरप्रिंट या फोन पासवर्ड से अनलॉक करें। ऊपर कोने में दिए गए तीन डॉट्स (Settings) पर टैप करें और Chat lock settings चुनें। Hide locked chats के ऑप्शन को ऑन करें। अपना पसंदीदा Secret Code टाइप करें और कन्फर्म करें। इसके मुख्य फायदे: 100% प्राइवेसी: अगर कोई व्यक्ति आपका फ़ोन अनलॉक करके WhatsApp खोल भी ले, तो उसे यह पता ही नहीं चलेगा कि आपने कोई चैट लॉक या छिपा रखी है। दूसरों की नज़र से दूर: मुख्य स्क्रीन पर Locked Chats का फ़ोल्डर ही नहीं दिखेगा, जिससे किसी का ध्यान उस ओर नहीं जाएगा।
छोले खाने हैं लेकिन तेल नहीं? ट्राई करें ये जीरो ऑयल पिंडी छोले रेसिपी
पिंडी छोले खाने का मन है, लेकिन तेल से बचना चाहते हैं? तो ये जीरो ऑयल पिंडी छोले जरूर ट्राई करें। बिना एक बूंद तेल के तैयार होने वाली ये रेसिपी स्वाद में बिल्कुल फीकी नहीं लगेगी।
Post Viral Cough: Viral Infection के बाद लंबे समय तक रहे Cough तो न लें Antibiotics, ऐसे करें रिकवरी
वायरल के खत्म होने के बाद भी हफ्तों तक खांसी की समस्या बनी रह सकती है। खासकर फ्लू या फेफड़ों के इंफेक्शन की स्थिति में खांसी की समस्या जल्दी ठीक नहीं होती है। धूल-मिट्टी, ठंडी हवा, तेल महक और लंबे समय तक बातचीत करना आदि भी खांसी को ट्रिगर कर सकता है। ऐसी स्थिति में पर्याप्त आराम करें, ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ लें, धूम्रपान से बचें और ह्यूमीडिफाइड हवा में सांस लेना चाहिए। इससे रिकवरी में मदद मिलती है। यहां समझें खांसी का पैटर्न इस सभी बातों से अलग यह भी जरूरी होता है कि आप खांसी के पैटर्न को समझें। अगर धीरे-धीरे खांसी ठीक हो रही है, तो यह परेशानी की बात नहीं है। लेकिन समय के बढ़ यदि कफ बढ़ता जा रहा है, तो इसको गंभीरता से लेने की जरूरत है। ऐसे में नीचे बताए गए कुछ लक्षणों को अनदेखा नहीं करना चाहिए। इसे भी पढ़ें: Health Tips: Morning और Evening Sunlight में फर्क समझें, Circadian Rhythm के लिए दोनों जरूरी सीने में दर्द होना सांस लेने में परेशानी होना कई हफ्तों से ज्यादा बनी रहने वाली खांसी बार-बार बुखार आना लगातार वेट कम होना खांसी के चलते नींद में दखल कफ के साथ खून आना सांस में सीटी की आवाज आना आदि कौन लोग रहें ज्यादा सावधान पुरानी फेफड़ों से जुड़ी बीमारी, अस्थमा, कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को वायरल इंफेक्शन होने पर अधिक सावधारी बरतनी चाहिए। क्योंकि इंफेक्शन पुरानी बीमारियों को ट्रिगर कर सकता है। जिनके लक्षण पहले नहीं दिखे या नहीं दिखे या फिर उनका इलाज सही समय पर नहीं किया गया। खांसी ठीक न होने पर न करें एंटी-बायोटिक्स का सेवन आमतौर पर एक गलती जो अधिकतर लोग करते हैं, वह यह है कि जब इंफेक्शन ठीक होने के बाद भी खांसी नहीं जाती है, तो लोग खांसी की समस्या को ठीक करने के लिए एंटी-बायोटिक्स लेने लगते हैं। दरअसल, इंफेक्शन के बाद ज्यादातर खांसी बैक्टीरियल इंफेक्शन के कारण नहीं होती है। ऐसे में जब तक डॉक्टर की सलाह न हो, तब तक खांसी को ठीक करने के लिए एंटी-बायोटिक्स नहीं लेना चाहिए। रिकवरी का मतलब यह नहीं होता है कि बुखार जा चुका है। फेफड़ों को रिकवरी में समय लगता है। इसलिए खांसी न जाने की स्थिति में घबराना नहीं चाहिए, खुद को थोड़ा समय दें औऱ जरूरत होने पर डॉक्टर से परामर्श करें।
अगर आपका मन कुछ क्रीमी खाने का कर रहा है तो क्रीमी मटर कोफ्ता बेस्ट ऑप्शन हो सकता है। यहां हम आपके लिए क्रीमी मटर कोफ्ता की आसान सी रेसिपी लेकर आए हैं। नोट कर लें रेसिपी।
Oats Tikki Recipe: अगर आप नाश्ते में ओट्स खाते हैं लेकिन रोज रोज एक ही तरह का ओट्स खाकर बोर हो गए हैं तो हेल्दी रेसिपीज की सूची में ओट्स टिक्की को शामिल कर सकते हैं। इसे तेल या घी में तलने की भी जरूरत नहीं होती।
World Cancer Research Day 2026: विश्व कैंसर अनुसंधान दिवस 2026 पर जानें कि आखिर कैंसर जैसी गंभीर बीमारी में रिसर्च क्यों जरूरी है, कैसे नई तकनीकें बीमारी की शुरुआती पहचान, सटीक जांच और आधुनिक उपचार के विकल्पों को बदल रही हैं।
पितृ पक्ष में बनारस जाने का बना रहे हैं प्लान? दिल्ली से ऐसे पहुंचें काशी, इन जगहों पर करें पिंडदान
पितृ पक्ष में पिंडदान करने के लिए बनारस जाने की तैयारी कर रहे हैं, तो हम आपको दिल्ली से काशी जाने के लिए बेस्ट रूट और पिंडदान कहां कर सकते हैं, इसकी जानकारी देने जा रहे हैं।
शेफ रणवीर बरार ने बनाई हलवाई वाली आलू की सब्जी, पराठे के साथ लगेगी टेस्टी
रोज-रोज बच्चे टिफिन बॉक्स में सब्जी देखकर नाक भौं सिकोड़कर वापस ले आते हैं तो इस बार बिल्कुल हलवाई जैसी टेस्टी आलू की सब्जी बनाकर खिलाएं। शेफ रणवीर बरार ने टेस्टी आलू की सब्जी की रेसिपी शेयर की है।
पाचन तंत्र की समस्या: खाना खाने के बाद पेट में गैस क्यों बनती है? जानें इससे राहत पाने का आसान तरीका
Common Causes of Post-Meal Acidity: ये समस्या बहुत से लोगों में देखी जाती है कि वो जब भी कुछ खाते हैं, तो उनके पेट में गैस बन जाती है। इसकी क्या वजह है, आइए जानते हैं।
₹5000 में महीने का राशन कैसे प्लान करें? चैटजीपीटी को दें ये प्रॉम्प्ट
हर महीने राशन का खर्च बजट बिगाड़ देता है? अगर घर का जरूरी सामान ₹5000 में खरीदना चाहते हैं, तो चैटजीपीटी की मदद से ऐसा आसान प्लान बना सकते हैं, जिसमें जरूरी चीजें भी छूटें नहीं और पैसे भी बचें।
टूट-टूटकर गिर रहे बाल? नारियल तेल में मिलाकर बनाएं शुद्ध आंवला तेल
Homemade Hairoil: अगर आप भी बालों के गिरने से परेशान हैं और बाजार के महंगे तेल खरीदकर थक चुके हैं तो आज हम आपको घर पर जबरदस्त तेल बनाने का तरीका बता रहे हैं जो आपके बालों को जड़ों से पोषण देगा.
नाखून टूटने के कारण: बार-बार टूटते हैं नाखून तो सावधान! इन 5 कारणों पर दें ध्यान
5 Reasons Why Your Nails Keep Breaking: अगर आप उन लोगों में से हैं जिनके नाखून अपने आप ही बीच से टूटने लगते हैं तो ये लेख आपके काम का है। हम आपको इसके पीछे स्वास्थ्य से जुड़ी कुछ बातें बताएंगे।
Wi-Fi चल रहा है स्लो? प्लान बदलने से पहले अपनाएं ये 5 आसान तरीके, बढ़ जाएगी स्पीड
क्या आपका Wi-Fi की स्पीड भी बार-बार कम हो जाती है, तो परेशान होने या फिर प्लान बदलने की जरूरत नहीं है। बस आपको 5 आसान ट्रिक्स अपनानी है और आपके नेट की स्पीड बढ़ जाएगी।
सेहत की बात: छोटा सा मखाना लेकिन बड़े फायदे, जानिए शरीर के लिए क्यों खास है ये सफेद नट
मखाना पोषक तत्वों से भरपूर हल्का नाश्ता है, जिसमें फाइबर, प्रोटीन, कैल्शियम, मैग्नीशियम और अन्य खनिज पाए जाते हैं। संतुलित मात्रा में इसका सेवन वजन नियंत्रित रखने, पाचन बेहतर करने और हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हो सकता है।
60 की उम्र में भी फिट हैं शाहरुख खान, फिटनेस के लिए खाते हैं ये 4 चीजें, जानें पूरा रूटीन
शाहरुख खान 60 की उम्र में भी फिट और हेल्दी बॉडी मेंटेन किए हुए हैं। उनकी फिटनेस का राज है उनका रूटीन और डाइट प्लान। चलिए आज आपको किंग खान के फिटनेस टिप्स बताते हैं।
कहीं आपके किचन में तो नहीं ये एक्सपायरी मसाले? चेतना ने बताया आज ही कर दें बाहर
इंस्टाग्राम पर चेतना अक्सर अपने हैक शेयर करती रहती हैं। इस बार उन्होंने शेयर किया किचन में रखी वो चीजें जो अक्सर एक्सपायरी हो जाती हैं और हम अपनी कुकिंग को दोष देते हैं, जबकि जरूरत है कि इन सामान को फौरन हटा दें। जानें वो कौन सी 5 चीजें हैं जिनकी हिडन एक्सपायरी जरूर पता कर लेनी चाहिए।
गुड़ वाला कैरेमलाइज्ड मखाना एक बार जरूर बनाकर खाएं, उंगलियां चाटते रह जाएंगे, नोट कर लें रेसिपी
व्रत हो या हेल्दी स्नैक्स की बात हो, आजकल मखाना लोगों की पहली पसंद है। अगर आप नॉर्मल सॉल्टी मखाना खाकर बोर हो गए हैं तो गुड़ वाला कैरेमलाइज्ड मखाना बनाकर खा सकते हैं। इसे बनाने बेहद आसान है और स्वाद गजब का है।
महिलाओं में हार्ट अटैक के 4 लक्षण! डॉक्टर सूद ने बताया बहुत कम लोग जानते है
महिलाओं में आने वाले हार्ट अटैक से पहले जो लक्षण दिखते हैं वो कई बार इतने सामान्य होते हैं कि उन्हें लोग इग्नोर कर देते हैं। लेकिन फिजिशयन डॉक्टर सूद का कहना है कि इन 4 लक्षणों पर ध्यान दें क्योंकि ये हार्ट अटैक आने की निशानी होते हैं।
फ्रिज में बची सब्जियों से ब्रेकफास्ट में बनाएं सुपर टेस्टी ब्रेड टोस्ट, बच्चों को भी आएगा पसंद
सुबह ब्रेकफास्ट में अगर कुछ अच्छा न मिले तो बच्चे मुंह बनाने लगते हैं। अक्सर पेरेंट्स बच्चों को सैंडविच देते हैं। लेकिन इस बार ब्रेड टोस्ट दें। ये बच्चों को खूब पसंद आएगा। यहां इसकी रेसिपी दी गई है।
Shayari in hindi: व्हाट्सएप स्टेटस पर लगाएं 2 लाइनों में लिखी एटीट्यूड शायरी
किसी बंदे ने आपका दिल दुखाया है और आप उसे फुल एटीट्यूड दिखाना चाहते हैं तो सीधे मुंह पर बोलने की बजाय स्टेटस का सहारा लेते हैं, तो यहां से चुनें फुल स्वैग और एटीट्यूड वाली 30 शायरियां, जिसे पढ़कर उस बंदे को खूब समझ आएगी आपकी बातें।
Jokes of the day: 'जिंदगी में इतना भी सीरियस', हंसी से सराबोर 20 मजेदार जोक्स
लाइफ के स्ट्रगल और टेंशन को दूर करना है तो बिना वजह कभी-कभार हंस लेना चाहिए। ये हंसी ही है जो आपको पॉजिटिव वाइब्स देती है। तो खुद के साथ ही दूसरों को हंसाना है तो यहां पढ़ें 20 मजेदार जोक्स, ठहाके लगाएं और दूसरों को भी सुनाएं।
भांग के बीज की चटनी पहाड़ी इलाकों में खूब पसंद की जाती है। चलिए जानते हैं भांग के बीज की चटनी बनाने की आसान विधि और इसके स्वास्थ्य लाभ।

