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गुरुग्राम में फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश, तीन लड़कियां गिरफ्तार:वजन कम करने का देती थी झांसा, गुजरात के लोग निशाने पर, कई करोड़ ठग चुकी

गुरुग्राम में पुलिस ने वजन कम करने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने उद्योग विहार में छापा मारकर तीन लड़कियों को पकड़ा है। इनके कब्जे से 102 मोबाइल, 150 सिम कार्ड व 12 लैपटॉप बरामद हुए हैं। आरोपियों की पहचान मंदीप निवासी आया नगर, दिल्ली हाल निवासी चक्करपुर, नेहा निवासी रंगपुरी, दिल्ली तथा वर्षा निवासी मैनपुरी, उत्तर-प्रदेश हाल निवासी सुशांत लोक के रूप में हुई। इनके खिलाफ कॉल सेंटर संचालित करके धोखाधड़ी करने पर साइबर क्राइम वेस्ट में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। हर्बल दवाइयां बेचने के विज्ञापन से फंसाते थे एसीबी साइबर क्राइम गौरव फोगाट ने बताया कि, पुलिस पूछताछ व जांच में पता चला कि क्योरस्ट साइंस एंड वेलनेस प्राइवेट लिमिटेड के नाम से फेसबुक व इंस्टाग्राम पेज बनाकर उन पर वजन कम करने की हर्बल दवाइयां बेचने के विज्ञापन चलाए जाते थे। जब कोई व्यक्ति इन विज्ञापनों को देखकर उस पेज पर क्लिक करता तो उसके बाद कॉल सेंटर से आरोपियों द्वारा उस व्यक्ति से बात की जाती थी तथा उनको वजन कम करने की दवाइयां बेची जाती थी। दवाइयों से वजन नहीं हुआ कम इन दवाइयां से वजन कम नहीं होता था तथा लोगों को वजन कम नहीं होने पर 100% रिफंड देने की बात कही जाती थी, लेकिन उसके बाद लोगों को रिफंड नहीं दिया जाता है तथा उनको ब्लॉक कर दिया जाता था। गुजरात के लोग टारगेट पुलिस जांच में यह भी पता चला कि इस कॉल सेंटर से आरोपियों द्वारा गुजरात में लोगों से करोड़ों रुपए की ठगी की गई थी तथा विभिन्न राज्यों में भी वजन कम करने की दवाइयों के नाम पर ठगी की वारदातों को अंजाम दिया गया था। खुद ही ब्यूटीशियन बनती थी आरोपियों द्वारा स्वयं को ब्यूटीशियन, डाइटिशियन तथा डॉक्टर होने की बात कह कर लोगों को गुमराह करके ठगी की वारदात को अंजाम दिया जाता था। जांच में यह भी सामने आया कि धोखाधड़ी में प्रयोग किए गए मोबाइल नंबर कंपनी के कर्मचारियों को आवंटित किए गए थे तथा पूरे संचालन का नियंत्रण कंपनी के मैनेजर, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (CAO), डायरेक्टर, मालिक एवं अन्य सहयोगियों द्वारा किया जा रहा था।

दैनिक भास्कर 28 Jun 2026 11:21 am

Gujarat : गुजरात में बड़ा पल्स पोलियो अभियान शुरू! 82 लाख बच्चों को दी जाएगी जिंदगी बचाने वाली 2 बूंदें

गुजरात में 28 जून को राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस (National Immunization Day) के अवसर पर राज्यव्यापी पल्स पोलियो टीकाकरण महाअभियान की शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल और स्वास्थ्य मंत्री प्रफुलभाई पानसेरिया ने अभियान का शुभारंभ करते हुए सभी ...

वेब दुनिया 28 Jun 2026 10:20 am

IAS-संजीव हंस का 24 साल पुराना दोस्त क्यों हुआ दुश्मन:सरकारी गवाह बना, बोला-अफसर की गर्लफ्रेंड को 90 लाख दिए, गुजरात की कंपनियों को टेंडर दिए

टेंडर घोटाला केस में फंसने के बाद से IAS अधिकारी संजीव हंस फरार हैं। बिहार पुलिस को उनकी तलाश है। इस बीच उनकी परेशानी 24 साल पुराने दोस्त और राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के नेता सुनील कुमार सिन्हा ने बढ़ा दी है। संजीव हंस के कई राज जानने वाले सुनील अब उनके दुश्मन बन गए हैं। उन्होंने सरकारी गवाह बनकर संजीव हंस के कई राज खोल दिए हैं। यहीं नहीं, IAS अधिकारी की गर्लफ्रेंड गायत्री के खिलाफ 90 लाख रुपए नहीं देने के चलते केस किया है। स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने सुनील का कोर्ट में बयान दर्ज कराया है। इसमें कई महत्वपूर्ण बातें सामने आई हैं। संडे बिग स्टोरी में पढ़िए, सरकारी टेंडर और कमीशन के खेल में IAS अधिकारी का साथ देने वाला उसका साथी क्यों अलग हुआ? क्यों उसने संजीव हंस और गायत्री देवी के खिलाफ केस किया? पहले जानिए सुनील कुमार सिन्हा कौन हैं? सुनील कुमार सिन्हा मूल रूप से पटना सिटी के रहने वाले हैं। पेशे से ठेकेदार और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी के नेता रहे हैं। लोक जनशक्ति पार्टी में टूट हुई तो वह पशुपति कुमार पारस के साथ हो गए। पूर्व सांसद प्रिंस राज राष्ट्रीय लोजपा के प्रदेश अध्यक्ष बने तो सुनील कुमार सिन्हा को कोषाध्यक्ष बनाया। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 2024 में भ्रष्टाचार और मनी लांड्रिंग के मामले में IAS संजीव हंस और राजद के पूर्व विधायक गुलाब यादव पर शिकंजा कसा था। उनके ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस केस में सुनील कुमार सिन्हा से भी पूछताछ हुई थी। ED ने अपने पटना ऑफिस में इन्हें दो बार बुलाया था और कई घंटों तक पूछताछ की थी। सुनील ने कबूल किया था कि संजीव हंस के साथ उनका बहुत पुराना रिश्ता है। 4 साल पहले कॉल पर SVU के SP को हड़काया था बात 26 जुलाई 2022 की है। भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के मामले में SVU ने नगर विकास विभाग के तहत आने वाले बुडको के इंजीनियर अनिल कुमार यादव के ठिकानों पर छापेमारी की थी। करीब 400 करोड़ के टेंडर में बड़े स्तर पर गड़बड़ी की बात थी। SVU की टीम छापेमारी कर रही थी उसी समय सुनील ने सीधे उसके SP को कॉल किया था। उन्हें हड़काने की कोशिश की थी। पूछा था कि इंजीनियर के खिलाफ कार्रवाई क्यों कर रहे हैं? इसके बाद डीएसपी बिपिन बिहारी ने नोटिस जारी कर सुनील कुमार सिन्हा को 2 अगस्त 2022 को SVU के ऑफिस बुलाया। SP को कॉल करने के मामले पर करीब 2 घंटे तक उनसे पूछताछ हुई थी। सुनील ने खुद का बचाव करते हुए कहा था कि इंजीनियर को वह नहीं जानते हैं। किसी के कहने पर कॉल कर दिया था। तब से लेकर आज तक इस सवाल का जवाब नहीं मिला कि जब सुनील इंजीनियर को नहीं जानते थे तो किसी के कहने पर कॉल क्यों किया? अब जानिए संजीव हंस से कैसे दोस्ती हुई और उनकी गर्लफ्रेंड तक कैसे पहुंचा… 20 जून को सुनील कुमार सिन्हा ने अपना बयान ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराया। इसके अनुसार वह संजीव हंस को साल 2002 से जानते हैं। पहली बार पटना एयरपोर्ट पर एक-दूसरे से परिचय हुआ था। बाद में दोस्ती हुई और फिर पारिवारिक संबंध बन गए। भ्रष्टाचार के जरिए टेंडर घोटाला केस में जेल में बंद ठेकेदार रिशु श्री को भी वह 10 साल से जानते हैं। गायत्री के जरिए बदनाम करवाना चाहता है गुलाब यादवसुनील के बयान के मुताबिक प्रयागराज (इलाहाबाद) की रहने वाली महिला एडवोकेट गायत्री देवी का संजीव हंस के साथ काफी लगाव था। इन दोनों का एक बच्चा भी है। संजीव हंस ने बताया था, ‘गुलाब यादव (पूर्व विधायक) गायत्री को उकसा रहा है। मुझे बदनाम करना चाहता है।’ संजीव और गायत्री के बीच विवाद हो गया था। इसके बाद गायत्री ने संजीव हंस के खिलाफ पटना के रूपसपुर थाना में बलात्कार का केस किया था। रिशु श्री से लेना पड़ा था 20 लाख रुपए उधार सुनील ने बताया, ‘केस दर्ज होने के बाद भी संजीव मामले को आगे बढ़ने नहीं देना चाहते थे। इसके लिए गायत्री देवी के साथ एक समझौता हुआ। मां-बेटे के भरण-पोषण और रहने के लिए एक फ्लैट को मिलाकर कुल 5 करोड़ रुपए की डील हुई।’ ‘इसमें 90 लाख रुपए बिल्डर को व्हाइट मनी देनी थी। संजीव हंस ने मुझसे कहा कि बिल्डर को 90 लाख रुपया दे दीजिए। उस वक्त मेरे पास पूरे रुपए नहीं थे। मैंने 20 लाख रुपए रिशु श्री से उधार लिया था। इसके बाद गायत्री के पंजाब नेशनल बैंक के अकाउंट में 90 लाख रुपए ट्रांसफर किए थे। उसने वो रुपए बिल्डर मिस्टर बघेल को ट्रांसफर किए थे।’ सुपौल में टेंडर दिलाकर किया एडजस्टमेंट अपने बयान में सुनील सिन्हा ने बताया, ‘संजीव हंस ने रिशु श्री को व्हाट्सएप कॉल किया था। कहा था कि सुनील को 20 लाख रुपए दे दो। मैं इसका एडजस्टमेंट कर दूंगा।’ अपने वादे को पूरा करते हुए संजीव हंस ने सुपौल में रिशु श्री की कंपनी मातृस्वा को एक बड़ा टेंडर दिलवा दिया। उस टेंडर में संजीव हंस, कंपनी के डायरेक्टर पवन कुमार और संतोष कुमार ने मिलकर मोटी राशि का बंदरबांट किया। गायत्री या संजीव हंस ने 90 लाख वापस नहीं किए तो कर दिया केस सुनील ने बताया है कि उसने गायत्री को 90 लाख रुपए देने के लिए रिशु श्री से जो 20 लाख रुपए लिए थे उसे बाद में लौटा दिया था। इस बात की जानकारी संजीव हंस को दी थी। मेसर्स एक्स आर्मी मैन प्रोटेक्शन सर्विस प्राइवेट लिमिटेड नाम की उनकी कंपनी है। HDFC बैंक में इसका अकाउंट है। इसी अकाउंट से 90 लाख रुपए उन्होंने गायत्री देवी के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किया था। जब पैसे संजीव हंस या गायत्री देवी ने वापस नहीं किए तो सुनील सिन्हा ने पटना के CJM कोर्ट में इन दोनों के खिलाफ केस कर दिया। इसका जिक्र उन्होंने अपने बयान में किया है। कई शहरों में संजीव हंस ने खरीदी प्रॉपर्टी कोर्ट में दर्ज कराए अपने बयान में सुनील ने दावा किया कि संजीव हंस ने कई शहरों में करोड़ों रुपए की प्रॉपर्टी खरीदी है। बिहार में कमीशन की बात लीक न हो इस बात का ध्यान संजीव हंस खास तौर पर रखते थे। इसलिए ज्यादातर बाहर की कंपनियों को काम देते थे। 2018 में संजीव हंस जल संसाधन विभाग के सचिव बनाए गए। इनके माध्यम से रिशु श्री ने सुपौल में जल संसाधन विभाग का एक बड़ा टेंडर गुजरात की सेवरॉक्स कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिलवाया था। फिर गुजरात की कंपनी से रिशु श्री ने अपनी कंपनी मातृस्वा को ठेका दिलवाया। इसमें भी संजीव हंस, संतोष और पवन ने मिलकर सरकारी रुपयों का बंदरबांट किया था। क्यों खास है सुनील कुमार सिन्हा का बयान? सबसे बड़ा सवाल यह है कि सुनील का कोर्ट में दर्ज बयान कितना खास है? इसका केस पर क्या असर होगा? जवाब जानने के लिए हमने जांच एजेंसी से बात की। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि अभियुक्तों को सजा दिलाने में सुनील का बयान बेहद महत्वपूर्ण है। दरअसल, IAS अधिकारी संजीव हंस के खिलाफ स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने दो अलग-अलग केस दर्ज किए हैं। पहली FIR 5/2024 है। इसमें संजीव हंस के साथ ही सुनील कुमार सिन्हा भी नामजद हैं। चेन ऑफ क्राइम और साजिश में ये भी शामिल हैं। अब सरकारी गवाह बन गए हैं। इनकी गवाही से आरोपों की पुष्टि हुई है।

दैनिक भास्कर 28 Jun 2026 5:07 am

युवक ने घर में फांसी लगाई, गुजरात से लौटा था:पत्नी मायके में थी, मां नहीं बता पाई आत्महत्या का कारण, पुलिस जांच में जुटी

रेऊना क्षेत्र के कटरी गांव में एक युवक ने शुक्रवार देर शाम घर के अन्दर कमरा बंद कर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। काफी देर तक युवक के कमरे से बाहर न निकलने पर मां ने उसे आवाज लगाई। फिर भी कोई आहट न होने पर मां काफी देर तक दरवाजा खोलने को खटखटाती रही। पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़कर जब मां कमरे के अन्दर घुसी तो बेटे को फांसी पर झूलता देख बदहवास हो गई। घटना के समय मृतक की पत्नी बच्चे के साथ मायके में थी। रेउना थाना क्षेत्र के कटरी निवासी जयरानी पत्नी स्व. पप्पू निषाद ने पुलिस को बताया कि देर शाम बड़े बेटे लोकेंद्र (25) ने घर के कमरे में लगे पंखे पर लटकर आत्महत्या कर ली। लोकेंद्र की शादी चार वर्ष पहले हुई थी। पत्नी पूजा दो वर्ष के बेटे सूर्यांश के साथ मायके बाराबीघा थाना जहानाबाद में है। मृतक का छोटा भाई छोटू बाहर गुजरात में है। जयरानी ने पुलिस को बताया कि लोकेंद्र भी दो दिन पहले ही गुजरात से वापस परिवार के लाखन निषाद की बेटी की शादी में शामिल होने गांव आया था । मां ने झगड़े जैसी किसी बात से भी इनकार किया। पुलिस ने फॉरेंसिक टीम के साथ सारे मामले की जांच के साथ शव को पोस्ट मार्टम केलिए भेजा है। रेउना थाना प्रभारी अनुज राजपूत ने बताया कि युवक के शव को पोस्टमार्टम भेजकर आगे की कार्यवाही की जा रही है। 3 तस्वीरें देखिए…

दैनिक भास्कर 27 Jun 2026 9:37 am

36 लाख की अवैध शराब जब्त, 198 पेटी पकड़ी:पंजाब से गुजरात ले जाई जा रही खेप पर संगरिया पुलिस का शिकंजा

हनुमानगढ़ की संगरिया थाना पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पंजाब से गुजरात ले जाई जा रही करीब 36 लाख रुपए मूल्य की 198 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब जब्त की है। भारतमाला रोड स्थित नगराना टोल प्लाजा के पास नाकाबंदी के दौरान शराब से भरी पिकअप को पकड़ा गया। मौके से पिकअप ड्राइवर अनिल कुमार बिश्नोई (25), निवासी भादू गोयतो की ढाणी, जिला जालौर को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब पूरे अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। गोपनीय सूचना पर की नाकाबंदी यह कार्रवाई जिले में चलाए जा रहे नशा तस्करी विरोधी अभियान के तहत की गई। डीएसटी हनुमानगढ़ से मिली गोपनीय सूचना के आधार पर संगरिया थाना पुलिस ने भारतमाला रोड स्थित नगराना टोल प्लाजा के पास नाकाबंदी की। इसी दौरान एक संदिग्ध पिकअप वाहन को रोककर उसकी तलाशी ली गई। 198 पेटी शराब और पिकअप जब्त तलाशी के दौरान पिकअप में बड़ी मात्रा में अंग्रेजी शराब मिली। पुलिस ने 198 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब और तस्करी में प्रयुक्त पिकअप वाहन को जब्त कर लिया। मौके से ड्राइवर अनिल कुमार बिश्नोई को गिरफ्तार कर लिया गया। पंजाब से गुजरात भेजी जा रही थी खेप प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि शराब की खेप पंजाब से गुजरात ले जाई जा रही थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि शराब का स्रोत क्या है, इसे किसके लिए भेजा जा रहा था और इस तस्करी में किन-किन लोगों की भूमिका है। पूरे नेटवर्क की पड़ताल जारी पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है। पूछताछ के आधार पर अंतरराज्यीय शराब तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि अवैध शराब, मादक पदार्थों और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा तथा इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

दैनिक भास्कर 26 Jun 2026 5:35 pm

फतेहाबाद में पकड़ा गया अवैध शराब से भरा ट्रक:तस्कर अरेस्ट, पंजाब से गुजरात ले जाई जा रही, पुलिस ने जब्त की 621 पेटी

फतेहाबाद पुलिस ने अवैध शराब तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की है। सीआईए टोहाना ने नेशनल हाईवे पर 621 पेटी अवैध शराब से लदा एक ट्रक पकड़ा है। इस दौरान एक तस्कर को भी गिरफ्तार किया गया है। बरामद शराब की कीमत लाखों रुपए बताई जा रही है। सीआईए प्रभारी कुलदीप सिंह ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी। बताया गया था कि ट्रक नंबर एचआर-47ई-4617 में अवैध शराब की बड़ी खेप पंजाब से गुजरात ले जाई जा रही है। इस सूचना पर टीम ने भुना पुल के पास नेशनल हाईवे पर नाका लगाया। संदिग्ध ट्रक को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें 621 पेटी अवैध शराब बरामद हुई। पुलिस ने तत्काल ट्रक चालक नरेश को हिरासत में ले लिया। नरेश सिरसा जिले के गांव चाहरवाला का निवासी है। ट्रक को जब्त कर आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। शराब तस्कर के नेटवर्क को खंगाल रही पुलिस प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी नरेश ने स्वीकार किया कि शराब पंजाब से लोड की गई थी और उसे गुजरात में सप्लाई किया जाना था। पुलिस अब इस अवैध नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि शराब की खेप कहां से लाई गई थी, गुजरात में इसकी डिलीवरी किसे होनी थी, और इस तस्करी में कौन-कौन लोग शामिल हैं। फतेहाबाद पुलिस ने बताया कि जिले में अवैध शराब और नशा तस्करी के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर पूरे रैकेट का पर्दाफाश करने में जुटी है।

दैनिक भास्कर 26 Jun 2026 5:02 pm

लव-मैरिज से नाराज पिता ने बेटी को मार डाला:चाचा-बड़े पिता ने दिया साथ, खेत में धारदार-हथियार से की हत्या, मुख्य आरोपी गुजरात से गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में 17 जून को खेत में मिली युवती की लाश के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जांच में पता चला कि युवती की हत्या उसके पिता, चाचा और बड़े पिता ने मिलकर की थी। परिवार के लोग उसके लव मैरिज से नाराज थे। इसी वजह से उन्होंने साजिश रचकर उसकी हत्या कर दी। मामले में मुख्य आरोपी पिता को पुलिस ने गुजरात के सूरत से गिरफ्तार कर लिया है। बाकी आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। यह मामला पटेवा थाना क्षेत्र के ग्राम तुरेंगा का है। अब जानिए पूरा मामला पुलिस के अनुसार, 17 जून 2026 को ग्राम तुरेंगा स्थित खेत में एक अज्ञात युवती का शव बरामद हुआ था। शव के गले और शरीर पर धारदार हथियार से किए गए हमले के निशान मिले थे। इसके बाद थाना पटेवा में हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक सूचना के जरिए मृतका की पहचान करने का प्रयास किया। बाद में मृतका की पहचान बागबाहरा निवासी रानी कुमारी सिंह के रूप में हुई, जिसकी पुष्टि उसके पति ने की। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि रानी कुमारी सिंह ने इंटर कास्ट लव मैरिज किया था, जिससे उसके पिता उमेश सिंह, चाचा दिनेश सिंह और बड़े पिता राजेश सिंह नाराज थे। आरोप है कि तीनों ने मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची और उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए। इसके बाद सुनसान खेत में धारदार हथियार से हमला कर उसकी हत्या कर दी। सबूतों, मोबाइल लोकेशन और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस टीम गुजरात के सूरत पहुंची। स्थानीय पुलिस के सहयोग से मुख्य आरोपी उमेश सिंह (50 वर्ष) को थाना पुना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि उसने अपने भाइयों के साथ मिलकर हत्या की थी। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने घटना के समय पहने गए कपड़े, मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद कर ली है। गिरफ्तार आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। वहीं, मामले के अन्य फरार आरोपियों की तलाश पुलिस कर रही है।

दैनिक भास्कर 25 Jun 2026 8:54 pm

महिला से 1.35 लाख की ठगी का आरोपी गिरफ्तार:वर्क फ्रॉम होम का झांसा देकर फंसाया, गुजरात का रहने वाला साइबर ठग

रेवाड़ी में राजस्थान की महिला से 1.35 लाख रुपए की ठगी के आरोपी को साइबर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने वर्क फ्रॉम होम का लालच देकर महिला को झांसे में लिया। इसके बाद गूगल रिव्यू का काम सौंपा। इससे पहले महिला से अलग-अलग खातों में 1.35 लाख रुपए ट्रांसफर करवाया। आरोपी की पहचान गुजरात वावथराड़ के गांव वामी निवासी नरपत भाई के रूप में हुई है। महिला ने की थी शिकायत पूनम स्वामी ने गत वर्ष एक सितंबर को पुलिस को अपनी शिकायत दी। जिसमें बताया कि वह मूल रूप से राजस्थान सरदार शहर की रहने वाली है। 28 सितंबर को उसने इंस्टा पर दिए वर्क फ्रॉम होम के लिंक पर अप्लाई किया। जिसके बाद वह टेलीग्राम से एक चेन सिस्टम से जुड़ी। जुड़ने के बाद उसे गूगल रिवयू का काम दिया जाने लगा। 1140 देकर 1.35 लाख ठगे महिला ने बताया कि पहले उससे 800 रुपए लगाने पर 1040 और फिर 3 हजार लगाने पर 3900 रुपए दिए गए। अगले टॉस्क के लिए उससे दो अलग-अलग खातों में 75 हजार रुपए ट्रांसफर करवाए। जब उसने प्रोफिट मांगा तो उसका खाता फ्रीज होने की बात कही। खाते को अनफ्रीज करने के लिए उससे 60 हजार रुपए ट्रांसफर करवाए। जब उसने दोबारा प्रोफिट मांगा तो, उसे एक लाख रुपए और ट्रांसफर करने को कहा गया। जिससे उसे ठगी का अहसास हुआ और मामले की शिकायत पुलिस को दी। ठगों को दिया भाई का खाता जांच अधिकारी ने बताया कि नरपत भाई ने साइबर ठगों को बैंक खाते मुहैया करवाता था। नरपत ने महिला से हुई 1.35 लाख की ठगी में से 60 हजार रुपए अपने भाई के खाते में ट्रांसफर करवाए थे। नरपत की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब दूसरे आरोपियों की तलाश कर रही है। ठगी से बचने की एडवाइजरी एसपी हेमेंद्र सिंह मीणा ने बताया कि डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड- साइबर अपराधी स्वयं को सीबीआई, पुलिस, ईडी, कस्टम अधिकारी या अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर वीडियो कॉल करते हैं और किसी फर्जी केस में गिरफ्तारी का डर दिखाकर पैसे ऐंठते हैं। फर्जी निवेश (इन्वेस्टमेंट) स्कीम- व्हाट्सएप, टेलीग्राम या सोशल मीडिया पर कम समय में अधिक मुनाफे का लालच देकर निवेश करवाया जाता है और बाद में पूरी राशि हड़प ली जाती है। पार्ट टाइम जॉब एवं टास्क फ्रॉड- घर बैठे कमाई का झांसा देकर छोटे-छोटे टास्क पूरे करवाए जाते हैं। शुरुआत में कुछ पैसे देकर विश्वास जीता जाता है, बाद में बड़ी रकम जमा करवाकर ठगी की जाती है। केवाईसी अपडेट एवं बैंक अकाउंट ब्लॉक होने का झांसा- फर्जी लिंक भेजकर बैंक खाते, आधार, पैन या केवाईसी अपडेट करने के नाम पर व्यक्तिगत एवं बैंकिंग जानकारी चुराई जाती है। सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग- दोस्त, रिश्तेदार या परिचित के नाम से फर्जी मैसेज भेजकर पैसे मांगे जाते हैं। पैसे भेजने से पहले संबंधित व्यक्ति से फोन पर पुष्टि अवश्य करें। ओएलएक्स/ऑनलाइन खरीद-बिक्री फ्रॉड- सस्ते सामान या वाहन बेचने का लालच देकर एडवांस राशि मंगवाई जाती है। बिना सत्यापन के कोई भुगतान न करें। स्क्रीन शेयरिंग ऐप फ्रॉड- AnyDesk, TeamViewer, QuickSupport जैसी ऐप डाउनलोड करवाकर मोबाइल या बैंक खाते की जानकारी हासिल की जाती है। साइबर ठगी से कैसे बचें ️ किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। ️ ओटीपी, बैंक विवरण, यूपीआई पिन, सीवीवी या पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें। ️ वीडियो कॉल पर किसी भी सरकारी एजेंसी द्वारा पैसे मांगने पर विश्वास न करें। ️ सोशल मीडिया पर दिख रहे निवेश एवं नौकरी के आकर्षक ऑफरों से सावधान रहें। ️ मोबाइल एवं बैंकिंग ऐप्स में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का प्रयोग करें। ️ किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश पर तुरंत सतर्क हो जाएं। साइबर ठगी होने पर क्या करें यदि आपके साथ साइबर ठगी हो जाती है तो बिना समय गंवाए तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करवाएं अथवा www.cybercrime.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत करें। शीघ्र शिकायत करने से ठगी गई राशि को बचाने की संभावना बढ़ जाती है।

दैनिक भास्कर 25 Jun 2026 4:26 pm

शाहजहांपुर में गुजरात से लौटे युवक ने की आत्महत्या:पेड़ से लटका मिला शव, पिता बोले- हमसे नहीं मिला, नाराजगी का कारण भी नहीं पता

शाहजहांपुर में एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान मिर्जापुर के मदुरा गांव निवासी 20 वर्षीय ब्रजेश कुमार उर्फ टर्री के रूप में हुई है। ब्रजेश दो दिन पहले ही गुजरात से अपने ताऊ के घर आया था और अपने पिता से भी नहीं मिला था। मंगलवार शाम करीब छह बजे उसका शव खेत में पेड़ से लटका मिला। ब्रजेश डेढ़ साल पहले गुजरात में मजदूरी करने गया था, जहां वह सड़क निर्माण श्रमिकों के लिए खाना बनाने का काम करता था। दो दिन पहले वह घर लौटा था, लेकिन अपने घर जाने के बजाय सीधे अपने ताऊ के घर चला गया था। इसके बाद वह दोस्तों के साथ घर से निकला था और वापस नहीं लौटा। मंगलवार शाम करीब पांच बजे, उसका शव मकान से लगभग सौ मीटर दूर एक खेत में पेड़ से लटका हुआ पाया गया। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना परिवार और पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को फंदे से उतारा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बुधवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे मृतक के पिता बुधपाल ने बताया कि उन्होंने मंगलवार सुबह ब्रजेश को घर के पास एक शराब के ठेके पर खड़ा देखा था, लेकिन उनसे कोई बात नहीं हुई। उन्होंने कहा कि ब्रजेश गुजरात से लौटने के बाद उनसे नहीं मिला और पता नहीं वह किस बात से नाराज था। पिता ने बेटे को शराब पीने पर डांटने की बात से इनकार किया है, जबकि ऐसी चर्चा भी थी। परिवार ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है। थाना प्रभारी सोनी शुक्ला ने बताया कि युवक ने फांसी लगाई है। परिवार की ओर से कोई आरोप नहीं लगाया गया है और न ही कोई लिखित शिकायत दी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

दैनिक भास्कर 24 Jun 2026 1:24 pm

ललित सुरजन की कलम से - दिल्ली में गुजरात !

'यूं देखा जाए तो गुजराती भोजनालय भारत के कोने-कोने में मिल जाएंगे। देश में जो प्रमुख पर्यटन स्थल हैं, खासकर तीर्थस्थान, वहां गुजराती भोजनालय होना मानों अनिवार्य ही है।

देशबन्धु 24 Jun 2026 3:20 am

कोच में पेसेंजर्स को घेर कर चुराती थी गहने:वारदात करने से पहले गुजरात से पूजा करके निकलती थी; ट्रेन से चुराई थी डायमंड की रिंग

जोधपुर जीआरपी पुलिस ने ट्रेन में गहने चुराने वाली एक गैंग का खुलासा किया है। जीआरपी टीम ने गैंग में गुजरात के पालीताणा निवासी दो म​हिलाओं को गिरफ्तार किया है। इन महिलाओं के पास से डायमंड की अंगूठियां भी बरामद की है। ये महिलाएं ट्रेन में चढ़ रहे पैसेंजर्स को घेर लेती और वारतदा करती थी। इतना ही नहीं वारदात से पहले गुजतरा में पूजा करके निकलती थी। सूर्यनगरी एक्सप्रेस में चुराई थी ज्वेलरी मामले को लेकर जानकारी देते हुए एएसआई कंचन राठौर ने बताया कि परिवादी विष्णु कुमार निवासी सूरसागर ने एक रिपोर्ट दी। बताया कि 19 जून को उनके मित्र की पत्नी जो मुंबई में रहती है। एक धार्मिक कार्यक्रम के लिए वसई महाराष्ट्र से लाडनू जाने के लिए आई थी। वह मुंबई से सूर्यनगरी एक्सप्रेस से जोधपुर पहुंची और जोधपुर से लाडनू के लिए भावनगर हरिद्वार एक्सप्रेस के कोच एस-5 में रिजर्वेशन सीट पर बैठने के लिए ट्रेन में चढ़ रही थी। इस दौरान अज्ञात चोरों ने उनके बैग से चार डायमंड की अंगूठियां और एक सोने का लॉकेट चोरी कर दिया था। रिपोर्ट मिलने के बाद थाना अधिकारी मुक्ता पारीक के नेतृत्व में अज्ञात चोरों की तलाश शुरू की। टीम रेलवे स्टेशन के फुटेज खंगालकर आरोपी महिलाओं को गिरफ्तार किया टीम ने रसीलाबेन पत्नी आकाश भाई कांगिया उम्र 34 साल निवासी गराजिया रोड भीलवास पुलिस थाना पालीताणा जिला भावनगर गुजरात और मालाबेन उम्र 55 साल पत्नी सूरज बागड़ी निवासी पालीताणा को गिरफ्तार किया। इनमें से गिरफ्तार रसीला बहन के खिलाफ दिल्ली में चोरी के दो मामले दर्ज हैं। आरोपी महिलाओं के पास से चार डायमंड की अंगूठी जिसका वजन करीब 40 ग्राम है और उसकी कीमत 4 लाख 75000 है उसे बरामद किया गया। ऐसे करती थी वारदात पुलिस के मुताबिक आरोपी महिलाएं चोरी करने के लिए रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के कोच के आगे खड़ी हो जाती थी। जैसे ही कोई सवारी पीछे से चढ़ने का प्रयास करती उनके पीछे एक दूसरी गैंग की महिला सदस्य लग जाती और धक्का मुक्की के बीच में वह उनके बैग से जेवर चुरा लेती थी।

दैनिक भास्कर 22 Jun 2026 5:33 pm

अदाणी ग्रुप की अंबुजा सीमेंट्स ने ब्रिटेन के लीलाक के साथ की बड़ी साझेदारी, गुजरात के कच्छ में बनाएंगी वाणिज्यिक स्तर के लो-कार्बन सीमेंट

अदाणी ग्रुप की अंबुजा सीमेंट्स ने सोमवार को घोषणा की कि उसने ब्रिटेन स्थित स्वच्छ प्रौद्योगिकी कंपनी लीलाक लिमिटेड के साथ साझेदारी की है, जिसके तहत दोनों कंपनियां गुजरात के कच्छ जिले के सांघीपुरम में दुनिया के सबसे बड़े वाणिज्यिक स्तर के कम-कार्बन सीमेंट उत्पादन मार्गों में से एक विकसित करेंगी।

देशबन्धु 22 Jun 2026 2:29 pm

Gujarat High Court ने आमिर खान के बेटे की पहली फिल्म महाराज की रिलीज पर लगी रोक हटाई

गुजरात उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को बॉलीवुड स्टार आमिर खान के बेटे जुनैद की पहली फिल्म महाराज की रिलीज पर लगी अंतरिम रोक हटाते हुए कहा कि फिल्म में कुछ भी अपमानजनक नहीं है और यह पुष्टिमार्ग संप्रदाय को निशाना नहीं बनाती है, जैसा कि याचिका में आरोप लगाया गया है। यह फिल्म 1862 के एक मानहानि मामले पर आधारित है, जिसमें वैष्णव धार्मिक नेता एवं समाज सुधारक करसनदास मुलजी शामिल थे। पुष्टिमार्ग संप्रदाय के कुछ सदस्यों ने नेटफ्लिक्स पर इस फिल्म की रिलीज के खिलाफ याचिका दायर की थी, जिसमें दावा किया गया था कि यह धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती है। न्यायमूर्ति संगीता विशेन ने 13 जून को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर फिल्म की रिलीज पर अंतरिम रोक लगा दी थी।न्यायाधीश ने शुक्रवार को अपने आदेश में कहा कि फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) द्वारा प्रमाणित किया गया है और यह उक्त संप्रदाय को निशाना नहीं बनाती है।

प्रभासाक्षी 21 Jun 2024 6:23 pm

Gujarat HC ने Netflix को Maharaj रिलीज करने की अनुमति दी, कहा- इससे भावनाएं आहत नहीं होतीं

गुजरात उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को स्ट्रीमिंग दिग्गज नेटफ्लिक्स की फिल्म ‘महाराज’ की रिलीज पर लगी अपनी अस्थायी रोक हटा ली, जिसमें कहा गया कि फिल्म महाराज 1862 के महाराज मानहानि मामले से जुड़ी घटनाओं पर आधारित है और इसका उद्देश्य किसी समुदाय की भावनाओं को आहत करना नहीं है। न्यायमूर्ति संगीता के. विशेन, जिन्होंने 13 जून को फिल्म की रिलीज पर रोक लगाई थी, ने फिल्म देखने के बाद शुक्रवार को नेटफ्लिक्स को फिल्म स्ट्रीम करने की अनुमति देने का फैसला किया। इसे भी पढ़ें: Swara Bhasker के साथ कोई भी निर्माता-निर्देशक नहीं करना चाहता काम? एक्ट्रेस ने खुद किए चौंकाने वाले खुलासे अदालत ने कहा “यह अदालत प्रथम दृष्टया इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि फिल्म महाराज उन घटनाओं पर आधारित है, जिनके कारण मानहानि का मामला दायर किया गया और इसका उद्देश्य पुष्टिमार्गी समुदाय की भावनाओं को आहत करना नहीं है। फिल्म को संबंधित दिशा-निर्देशों पर विचार करने के बाद विशेषज्ञ निकाय केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड द्वारा प्रमाणित किया गया था… 13 जून को दी गई अंतरिम राहत रद्द कर दी गई है। मूल रूप से 14 तारीख को रिलीज होने वाली इस फिल्म को हाईकोर्ट ने नेटफ्लिक्स पर रोक लगा दी थी, क्योंकि व्यापारियों के एक समूह ने इस आधार पर कोर्ट में याचिका दायर की थी कि इसमें वैष्णव समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की क्षमता है। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | नमक-मिर्च लगाकर कच्ची केरी के चटकारे ले रहीं परिणीति चोपड़ा, मिर्जापुर 3 का जबरदस्त ट्रेलर रिलीज फिल्म महाराज गुजराती लेखक सौरभ शाह की 2013 की किताब पर आधारित है, जो 1862 के ऐतिहासिक मानहानि मामले पर आधारित है, जो एक प्रमुख वैष्णव व्यक्ति, जदुनाथजी द्वारा समाज सुधारक करसनदास मुलजी के खिलाफ दायर किया गया था, जिन्होंने सर्वशक्तिमान महाराज द्वारा यौन शोषण के खिलाफ लिखा था। मुलजी ने अपनी पत्रिका सत्यप्रकाश में शोषणकारी प्रथा का खुलासा किया, जिसके कारण मानहानि का मामला चला, जो प्रसिद्ध महाराज मानहानि मामला बन गया। न्यायमूर्ति विशन ने कहा कि याचिकाकर्ताओं की प्राथमिक शिकायत कि फिल्म वैष्णव समुदाय को बदनाम करती है, बदनाम करती है और उसका अपमान करती है, में कोई दम नहीं है। “इस प्रकार उनकी अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए बाध्य है कि याचिकाकर्ताओं की आशंका अनुमानों पर आधारित है। चूंकि फिल्म को अभी सार्वजनिक रूप से देखने के लिए जारी नहीं किया गया है, इसलिए केवल अनुमान के आधार पर संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (ए) के तहत प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित नहीं किया जा सकता है, अदालत ने कहा। उन्होंने खुली अदालत में आदेश सुनाते हुए कहा फिल्म का मुख्य संदेश, जैसा कि प्रतिवादी ने सही कहा है, यह है कि फिल्म सामाजिक बुराई और करसनदास मुलजी द्वारा सामाजिक सुधार के लिए लड़ाई पर केंद्रित है, जो स्वयं वैष्णव समुदाय से थे। उन्होंने कहा, फिल्म किसी भी तरह से धार्मिक भावनाओं को प्रभावित या आहत नहीं करती है। फिल्म यह निष्कर्ष निकालती है कि संप्रदाय किसी भी व्यक्ति या घटना से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। इस घटना को अपवाद मानते हुए वैष्णव संप्रदाय और उसके अनुयायी बढ़ते रहे और भारत के सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक ताने-बाने का गौरवपूर्ण और अभिन्न अंग बने रहे। यह आशंका जताई जा रही है कि इससे सांप्रदायिक विद्वेष पैदा होने की संभावना है। हालांकि, उसी मानहानि मामले के आधार पर 2013 में पुस्तक प्रकाशित हुई थी और किसी घटना की सूचना नहीं दी गई है। उन्होंने कहा, यहां तक ​​कि याचिकाकर्ताओं ने भी यह दावा नहीं किया है कि पुस्तक से सांप्रदायिक विद्वेष पैदा हुआ है।

प्रभासाक्षी 21 Jun 2024 5:49 pm

Salman Khan फायरिंग केस में क्राइम ब्रांच को गुजरात से मिला बड़ा कनेक्शन, मामले में हुआ अबतक का सबसे सनसनीखेज खुलासा

Salman Khan फायरिंग केस मेंक्राइम ब्रांच को गुजरात से मिला बड़ा कनेक्शन, मामले में हुआ अबतक का सबसे सनसनीखेज खुलासा

समाचार नामा 22 Apr 2024 2:50 pm

जेल से रिहा होने पर Elvish Yadav ने गुजरात में खेली जबरदस्त होली, 'राव साहब' को अपने बीच देख क्रेजी हुए फैन्स

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समाचार नामा 26 Mar 2024 12:00 pm