मध्यप्रदेश के जबलपुर में आयोजित हिन्दू हुंकार कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचीं हिंदूवादी नेत्री काजल हिंदुस्तानी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने ऐलान किया कि हिंदू बेटियों को कथित ‘लव जिहाद’ से बचाने के लिए देशभर में रिहैब सेंटर खोले जाएंगे। काजल हिंदुस्तानी ने कहा कि देश का पहला ‘लव जिहाद रिहैब सेंटर’ गुजरात में शुरू किया जाएगा। यहां उन युवतियों और परिवारों को सहायता दी जाएगी, जो कथित तौर पर लव जिहाद से प्रभावित हुए हैं। उन्होंने बताया कि सेंटर में युवतियों की काउंसलिंग की जाएगी और जरूरत पड़ने पर उन्हें वहां रखा भी जाएगा। लव जिहाद के मामले बढ़ रहे मीडिया से चर्चा में काजल हिंदुस्तानी ने दावा किया कि देश में लव जिहाद के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और संगठित तरीके से युवतियों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अलग-अलग समुदायों की लड़कियों को फंसाने के लिए अलग-अलग रकम तय की जाती है और इसके लिए विदेशों से फंडिंग भी होती है। हालांकि, उन्होंने अपने इन दावों के समर्थन में कोई साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किए। काजल हिंदुस्तानी ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य युवतियों और उनके परिवारों को जागरूक करना है। उन्होंने यह भी बताया कि गुजरात में बनने वाले पहले रिहैब सेंटर का उद्घाटन धीरेंद्र शास्त्री द्वारा किए जाने की योजना है। उन्होंने कहा कि भविष्य में देश के अलग-अलग राज्यों में भी ऐसे सेंटर खोले जाएंगे, जहां युवतियों के साथ उनके परिवार के एक सदस्य को भी रहने की सुविधा दी जाएगी।
कोटा ग्रामीण पुलिस ने 1 करोड़ 56 लाख रुपए की पंजाब निर्मित अवैध अंग्रेजी शराब की खेप जब्त की है। ये शराब मध्यप्रदेश के रास्ते गुजरात लेकर जा रहे दो तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा दो मिनी ट्रकों को भी जब्त किया गया है। पुलिस से बचने के लिए ट्रकों के पीछे गुप्त केबिन बना रखे थे। मुख्य शराब तस्कर ड्राइवरों को केवल जीपीएस लोकेशन के माध्यम से निर्देश देता था। गुजरात नंबर के मिनी ट्रक जब्त कोटा ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर ने बताया कि जिले में अवैध शराब तस्करी की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना कनवास और थाना मण्डाना पुलिस ने अलग-अलग जगहों पर नाकाबंदी कर कार्रवाई की गई। दोनों मामलों में गुजरात नंबर के मिनी ट्रकों से कुल 539 पेटियां अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की गई। जब्त शराब में रॉयल स्टेज और रॉयल चैलेंज ब्रांड की 16 हजार 956 क्वार्टर और 2 हजार 64 बोतल शामिल हैं। मामले में बाड़मेर निवासी गणेश जाट और जालौर निवासी बीराराम जाट को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों के कब्जे से तस्करी में उपयोग में लिए जाने वाले वाहन और मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। ट्रकों के केबिन के पीछे बना रखे थे गुप्त बॉक्स जांच में सामने आया कि तस्करों ने शराब की तस्करी के लिए वाहनों को विशेष रूप से मॉडिफाई कराया था। ट्रकों के केबिन के पीछे गुप्त बॉक्स बनाए गए थे, जिनमें शराब छिपाकर परिवहन किया जा रहा था। कनवास थाना क्षेत्र में मिनी ट्रक नंबर जीजे-03 बीजेड-3034 से 245 पेटियां शराब बरामद की गई, जबकि मण्डाना थाना क्षेत्र में मिनी ट्रक नंबर जीजे-03 बीडब्ल्यू-7246 से 294 पेटियां शराब पकड़ी गई। तस्करों को जीपीएस लोकेशन के माध्यम से मिलता था आदेश पुलिस के अनुसार- यह शराब कोटा ग्रामीण क्षेत्र से होकर मध्यप्रदेश के रास्ते गुजरात पहुंचाई जा रही थी। पूछताछ में पता चला कि मुख्य शराब तस्कर वाहन चालकों को केवल जीपीएस लोकेशन के माध्यम से निर्देश देता था। चालकों को यह तक जानकारी नहीं होती थी कि शराब कहां से भरी गई है और किस स्थान पर खाली की जानी है। गंतव्य से पहले किसी होटल या ढाबे पर वाहन खड़ा कर दिया जाता था, जहां से मुख्य तस्करों के लोग माल रिसीव कर लेते थे। इस पूरी कार्रवाई में बीरबल कॉन्स्टेबल की विशेष भूमिका रही।
किसानों के हित में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल का बड़ा फैसला
Chief Minister of Gujarat Bhupendra Patel: गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य के किसानों के हक में दो बेहद महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। खाद्य नागरिक आपूर्ति और कृषि मंत्री के साथ हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद, सरकार ने बाजरा, मक्का और ज्वार ...
भिवानी स्थित हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड कार्यालय पर सोमवार को हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (HTET) के अभ्यर्थियों ने बॉयोमैट्रिक मिसमैच की समस्या को लेकर घेराव किया। अभ्यर्थियों का आरोप है कि वे कई बार बोर्ड कार्यालय के चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन उनकी बॉयोमैट्रिक सत्यापन प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही। इसके कारण करीब 3 से 4 हजार अभ्यर्थियों का परीक्षा परिणाम रुका हुआ है। बोर्ड ने 8 और 9 जून को बॉयोमैट्रिक सत्यापन के लिए बुलाया था, लेकिन सोमवार को भी कई अभ्यर्थियों की बॉयोमैट्रिक मिसमैच रही। प्रदर्शन में हरियाणा के अलावा पंजाब, यूपी, गुजरात और चंडीगढ़ आदि प्रदेशों से आए अभ्यर्थी शामिल हुए। मौके पर पुलिस बल तैनात रहा। गुजरात से पहुंची अभ्यार्थीगुजरात से पहुंची अभ्यार्थी सीमा ने कहा कि पहले जब लिस्ट लगी थी, तब भी वे आई थी, अब भी बॉयोमैट्रिक के लिए आई हैं। उस समय भी फिंगर प्रिंट नहीं हो पाए। आज भी फिंगर प्रिंट नहीं आ रहा। 2 बच्चों के साथ यहां पहुंची हैं, जो परेशान हो रखे हैं इतनी गर्मी में। अधिकारी तो अंदर आराम से बैठे हैं, लेकिन हमें परेशानी हो रही है, उसका क्या। या तो हमें बुलाया क्यों, अगर बुलाया तो यह नहीं सोचा कि जिनकी बॉयोमैट्रिक नहीं होगी, उनका समाधान क्या है। इतने बच्चे बुला लिए और अभी भी कोई समाधान नहीं कर रहे। इतनी दूर से कैसे पहुंचे। उन्हें यहां पहुंचने में दो दिन का समय लगता है। वे 6 जून को ट्रेन में बैठकर हरियाणा आए और 7 जून को पहुंचे। बच्चे छोटे होने के कारण रिजर्वेशन करवानी पड़ती है। यूपी से पहुंचा बिहार का शिक्षकउत्तर प्रदेश के हाथरस जिला निवासी अभ्यार्थी लखन सिंह ने बताया कि वह फिलहाल बिहार में टीचर की नौकरी करता है। वह अपने जिले से काफी दूर है, इसलिए चाहता है कि हरियाणा में नौकरी मिल जाए। जिसके बाद उसने एचटेट की परीक्षा 2025 में दी। वहां पर बॉयोमैट्रिक ली, लेकिन अब वैरिफिकेशन के लिए दोबारा करवाते हैं। कुछ महीने के बाद वैरिफिकेशन के लिए बुलाया, लेकिन उस समय बॉयोमैट्रिक वैरिफिकेशन नहीं हुआ। नवंबर के महीने में दोबारा बुलाया तो वह यहां शिक्षा बोर्ड में आया, लेकिन बॉयोमैट्रिक नहीं हुआ, लेकिन उस समय एप्लीकेशन लिखवाई थी। 5-6 हजार रुपए किराया लगाकर पहुंचालखन सिंह ने कहा कि अब फिर से बॉयोमैट्रिक के लिए मैसेज आया। वे अब शिक्षा बोर्ड में पहुंचे और आज भी नहीं हुई। अब शिक्षा बोर्ड के अधिकारी व कर्मचारी कुछ भी स्पष्ट नहीं बता रहे। उन्होंने कहा कि जब भी वे आते हैं तो उन्हें छुट्टी भी लेनी पड़ती है और आने-जाने का करीब 5-6 हजार रुपए किराया भी लग जाता है। उनका समाधान किया जाए। बॉयोमैट्रिक नहीं होने से रिजल्ट अटकाजिला कैथल निवासी अजय सिंह ने बताया कि एचटेट-2024 का नवंबर में रिजल्ट जारी किया गया था। जिसमें करीब 3-4 हजार अभ्यार्थी रह गए थे, जो बिना बॉयोमैट्रिक के थे। उनका रिजल्ट जारी नहीं हुआ था। एक सप्ताह का समय पहले दिया गया था। बॉयोमैट्रिक होने के बाद रिजल्ट जारी कर दिया था, जिनमें से करीब 3 हजार बच्चे बचे थे। उनको 6 महीने के बाद आज समय दिया गया है कि 8 व 9 जून को अंतिम बार है। इस दौरान काफी अभ्यार्थियों की बॉयोमैट्रिक नहीं हुई। अगले एचटेट की तैयारी करे या बोर्ड के चक्कर काटेंअजय सिंह ने कहा कि इन अभ्यार्थियों की बॉयोमैट्रिक या तो आधार कार्ड से डाटा उठाकर करवा लें। या फिर जो परीक्षा के दौरान वीडियोग्राफी हुई थी, उससे करवा लें। या फिर हस्ताक्षर, आंख या फिंगर प्रिंट से उठाएं। किसी भी तरीके से समाधान किया जाए। समाधान नहीं होने तक वे उठने वाले नहीं हैं। यह प्रशासन का फेलियर है। अब अगले एचटेट की डेट दे दी है, अब अभ्यार्थी उसकी तैयारी करें या फिर बोर्ड में धक्के खाएं। जब तक रिजल्ट घोषित नहीं होगा, तब तक शांतिपूर्वक विरोध जारी रहेगा। सचिव बोले- कर रहे समाधानहरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के सचिव मुनीश शर्मा ने कहा कि कुछ अभ्यार्थियों का बॉयोमैट्रिक डाटा कैप्चर नहीं हुआ था। काफी जगह बारिश थी, जिससे बॉयोमैट्रिक के लिए अंगूठे के निशान लिए थे, वे मैच नहीं हो रहे। इसके अलावा हमारे पास दूसरा तरिका भी है। हमारे पास वीडियो रिकॉर्ड है, जिससे हम अभ्यार्थी फेस देखकर फोटो से मिलान करके रिजल्ट जारी कर सकते हैं। यह अंतिम मौका शिक्षा बोर्ड के खर्चे पर दिया गया था। पहले भी 2 बाद मौका दिया गया है। इसके बाद कोई दिक्कत है और इन डेट पर उपस्थित रहा है तो उससे फाइन चार्ज नहीं करेंगे। लेकिन कोई कोई नहीं आया तो उसको 10 हजार रुपए फीस ली जाएगी। वह पहले भी ली जाती है। अब तक 2 मौके दिए जाते रहे हैं, लेकिन अबकी बार तीन मौके दिए गए हैं। जिनका मैच हो जाएगा उनका रिजल्ट लाइव हो जाएगा। जिनका नहीं हुआ, उनको फॉरेंसिक लैब में भेजा जाएगा। जिस एजेंसी ने पेपर करवाया था, उसको शिक्षा बोर्ड द्वारा भुगतान नहीं किया गया।
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में गेंदबाजी से पहचान बनाने वाले तेज गेंदबाज कुलवंत खेजरोलिया का अपने गृह जिले झुंझुनूं आगमन पर स्वागत किया गया। आईपीएल का सीजन समाप्त होने के बाद जब वे मंडावा विधानसभा क्षेत्र के अपने पैतृक गांव चूड़ी अजीतगढ़ पहुंचे, तो उनके स्वागत में पूरा गांव और आस-पास के खेल प्रेमी उमड़ पड़े। इस दौरान ग्रामीणों और खेल प्रशंसकों ने उन्हें फूल-मालाओं से लाद दिया और राजस्थानी परंपरा के अनुसार साफा पहनाकर उनका अभिनंदन किया। एक साधारण किसान पुत्र का सफर कुलवंत खेजरोलिया की सफलता की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। एक बेहद साधारण किसान परिवार में जन्मे कुलवंत ने यहां तक पहुंचने के लिए कड़ा संघर्ष किया है। बिना किसी बड़े गॉडफादर या महंगी सुविधाओं के, सिर्फ अपनी कड़ी मेहनत, अटूट इच्छाशक्ति और खेल के प्रति जुनून के बल पर उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक जमाई। आज वे क्षेत्र के हजारों उन युवाओं के लिए रोल मॉडल बन चुके हैं, जो सीमित संसाधनों के बावजूद खेलों में अपना करियर बनाना चाहते हैं। कुलवंत के सम्मान में आयोजित इस कार्यक्रम में शिशुपाल सिंह शेखावत, सम्पत सिंह तंवर, भंवरलाल शर्मा, डॉ. अरविंद सिंह, अजय सिंह राठौड़, सचिन शेखावत, हेम सिंह, अभिषेक शर्मा, शायर सिंह शेखावत, सुरेंद्र सिंह शेखावत, वीरेंद्र सिंह तंवर, डॉ. निखिल और हरिराम नायक आदि मौजूद रहे। राजस्थान के गेंदबाज ने घर से भागकर शुरू किया क्रिकेट:गोवा के होटल में वेटर की नौकरी की, IPL में गुजरात टाइटंस समेत 5 टीमों में रहे इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में गुजरात टाइटंस के तेज गेंदबाज कुलवंत खेजरोलिया (34) ने घर से भागकर क्रिकेट खेलने का सपना पूरा किया। (पढ़ें पूरी खबर)
बैतूल में नाबालिग से दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के गंभीर मामले में फरार चल रहे एक आरोपी को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पुलिस से बचने के लिए गुजरात भाग गया था, लेकिन अपने गृह ग्राम लौटते ही उसे घेराबंदी कर दबोच लिया गया और बाद में जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, यह मामला 27 मई 2026 को दर्ज किया गया था। पीड़िता की शिकायत पर ग्राम गेहूंबारसा निवासी 21 वर्षीय रितिक परते के खिलाफ कोतवाली थाने में दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई थी। मामला दर्ज होने के बाद से आरोपी लगातार फरार चल रहा था। बचने के लिए गुजरात चला गया थाजांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए गुजरात चला गया था। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी। इसी बीच, पुलिस को सूचना मिली कि वह वापस अपने गृह ग्राम गेहूंबारसा पहुंचा है। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस ने चौकी मासोद पुलिस के साथ मिलकर गांव में योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी की। पुलिस टीम ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर शनिवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक देवकरण डेहरिया, उप निरीक्षक चित्रा कुमरे, उप निरीक्षक रणधीर राजपूत, प्रधान आरक्षक योगेश, प्रधान आरक्षक बलराम सरेयाम और आरक्षक शिवराम परते की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन के निर्देशन में जिले में महिलाओं और बालिकाओं के विरुद्ध अपराध करने वालों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में फरार आरोपियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
राजसमंद में कांकरोली के द्वारकाधीश प्रभु मोती बंगले और जलमहल में विराजे। शनिवार को ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की छठ पर मंदिर में विशेष आयोजन हुआ। पुरुषोत्तम मास के तहत मनोरथों की श्रृंखला में राजभोग दर्शन में प्रभु को मोती बंगले में विराजित किया गया। जानकारी के अनुसार- शयन दर्शन में भगवान का जलमहल मनोरथ सजाया गया। पुरुषोत्तम मास के इक्कीसवें दिन मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा। द्वारकाधीश का मनोहारी श्रृंगार श्रृंगार में प्रभु के मस्तक पर सफेद पाग, मोती का लूम तुर्रा, सफेद आड़बंद और मोती के आभूषण और मालाएं धारण कराई गईं। राजभोग दर्शन में अहमदाबाद, बड़ोदा और मेहसाणा सहित प्रदेशभर से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने दर्शन लाभ लिया। उत्थापन दर्शन शाम 4.30 बजे और भोग-आरती दर्शन शाम करीब 5.45 बजे खुले। इसके बाद रतन चैक में आकर्षक जलमहल मनोरथ सजाया गया। पूरे चैक में यमुना जल का स्वरूप तैयार किया गया। इसमें चांदी की दो छतरियों के नीचे दो गोपियों को स्थापित किया गया। प्रभु के सम्मुख आठ गोपियां लकड़ी के सिंहासनों पर विराजमान की गईं। जलमहल में इत्र मिश्रित जल, कमल, गुलाब और मोगरे के फूलों से विशेष सजावट की गई। विभिन्न स्थानों पर जल फव्वारे लगाए गए। शयन आरती गोस्वामी संजीव कुमार जी महाराजश्री ने संपन्न कराई। मंदिर मुखिया, सहायक मुखिया, भीतरिया, कीर्तनकार और पखावज वादकों ने अपनी सेवाएं अर्पित कीं।
Gujarat High Court ने आमिर खान के बेटे की पहली फिल्म महाराज की रिलीज पर लगी रोक हटाई
गुजरात उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को बॉलीवुड स्टार आमिर खान के बेटे जुनैद की पहली फिल्म महाराज की रिलीज पर लगी अंतरिम रोक हटाते हुए कहा कि फिल्म में कुछ भी अपमानजनक नहीं है और यह पुष्टिमार्ग संप्रदाय को निशाना नहीं बनाती है, जैसा कि याचिका में आरोप लगाया गया है। यह फिल्म 1862 के एक मानहानि मामले पर आधारित है, जिसमें वैष्णव धार्मिक नेता एवं समाज सुधारक करसनदास मुलजी शामिल थे। पुष्टिमार्ग संप्रदाय के कुछ सदस्यों ने नेटफ्लिक्स पर इस फिल्म की रिलीज के खिलाफ याचिका दायर की थी, जिसमें दावा किया गया था कि यह धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती है। न्यायमूर्ति संगीता विशेन ने 13 जून को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर फिल्म की रिलीज पर अंतरिम रोक लगा दी थी।न्यायाधीश ने शुक्रवार को अपने आदेश में कहा कि फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) द्वारा प्रमाणित किया गया है और यह उक्त संप्रदाय को निशाना नहीं बनाती है।
Gujarat HC ने Netflix को Maharaj रिलीज करने की अनुमति दी, कहा- इससे भावनाएं आहत नहीं होतीं
गुजरात उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को स्ट्रीमिंग दिग्गज नेटफ्लिक्स की फिल्म ‘महाराज’ की रिलीज पर लगी अपनी अस्थायी रोक हटा ली, जिसमें कहा गया कि फिल्म महाराज 1862 के महाराज मानहानि मामले से जुड़ी घटनाओं पर आधारित है और इसका उद्देश्य किसी समुदाय की भावनाओं को आहत करना नहीं है। न्यायमूर्ति संगीता के. विशेन, जिन्होंने 13 जून को फिल्म की रिलीज पर रोक लगाई थी, ने फिल्म देखने के बाद शुक्रवार को नेटफ्लिक्स को फिल्म स्ट्रीम करने की अनुमति देने का फैसला किया। इसे भी पढ़ें: Swara Bhasker के साथ कोई भी निर्माता-निर्देशक नहीं करना चाहता काम? एक्ट्रेस ने खुद किए चौंकाने वाले खुलासे अदालत ने कहा “यह अदालत प्रथम दृष्टया इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि फिल्म महाराज उन घटनाओं पर आधारित है, जिनके कारण मानहानि का मामला दायर किया गया और इसका उद्देश्य पुष्टिमार्गी समुदाय की भावनाओं को आहत करना नहीं है। फिल्म को संबंधित दिशा-निर्देशों पर विचार करने के बाद विशेषज्ञ निकाय केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड द्वारा प्रमाणित किया गया था… 13 जून को दी गई अंतरिम राहत रद्द कर दी गई है। मूल रूप से 14 तारीख को रिलीज होने वाली इस फिल्म को हाईकोर्ट ने नेटफ्लिक्स पर रोक लगा दी थी, क्योंकि व्यापारियों के एक समूह ने इस आधार पर कोर्ट में याचिका दायर की थी कि इसमें वैष्णव समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की क्षमता है। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | नमक-मिर्च लगाकर कच्ची केरी के चटकारे ले रहीं परिणीति चोपड़ा, मिर्जापुर 3 का जबरदस्त ट्रेलर रिलीज फिल्म महाराज गुजराती लेखक सौरभ शाह की 2013 की किताब पर आधारित है, जो 1862 के ऐतिहासिक मानहानि मामले पर आधारित है, जो एक प्रमुख वैष्णव व्यक्ति, जदुनाथजी द्वारा समाज सुधारक करसनदास मुलजी के खिलाफ दायर किया गया था, जिन्होंने सर्वशक्तिमान महाराज द्वारा यौन शोषण के खिलाफ लिखा था। मुलजी ने अपनी पत्रिका सत्यप्रकाश में शोषणकारी प्रथा का खुलासा किया, जिसके कारण मानहानि का मामला चला, जो प्रसिद्ध महाराज मानहानि मामला बन गया। न्यायमूर्ति विशन ने कहा कि याचिकाकर्ताओं की प्राथमिक शिकायत कि फिल्म वैष्णव समुदाय को बदनाम करती है, बदनाम करती है और उसका अपमान करती है, में कोई दम नहीं है। “इस प्रकार उनकी अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए बाध्य है कि याचिकाकर्ताओं की आशंका अनुमानों पर आधारित है। चूंकि फिल्म को अभी सार्वजनिक रूप से देखने के लिए जारी नहीं किया गया है, इसलिए केवल अनुमान के आधार पर संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (ए) के तहत प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित नहीं किया जा सकता है, अदालत ने कहा। उन्होंने खुली अदालत में आदेश सुनाते हुए कहा फिल्म का मुख्य संदेश, जैसा कि प्रतिवादी ने सही कहा है, यह है कि फिल्म सामाजिक बुराई और करसनदास मुलजी द्वारा सामाजिक सुधार के लिए लड़ाई पर केंद्रित है, जो स्वयं वैष्णव समुदाय से थे। उन्होंने कहा, फिल्म किसी भी तरह से धार्मिक भावनाओं को प्रभावित या आहत नहीं करती है। फिल्म यह निष्कर्ष निकालती है कि संप्रदाय किसी भी व्यक्ति या घटना से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। इस घटना को अपवाद मानते हुए वैष्णव संप्रदाय और उसके अनुयायी बढ़ते रहे और भारत के सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक ताने-बाने का गौरवपूर्ण और अभिन्न अंग बने रहे। यह आशंका जताई जा रही है कि इससे सांप्रदायिक विद्वेष पैदा होने की संभावना है। हालांकि, उसी मानहानि मामले के आधार पर 2013 में पुस्तक प्रकाशित हुई थी और किसी घटना की सूचना नहीं दी गई है। उन्होंने कहा, यहां तक कि याचिकाकर्ताओं ने भी यह दावा नहीं किया है कि पुस्तक से सांप्रदायिक विद्वेष पैदा हुआ है।
Chandu Champion: कपिल देव ने कार्तिक आर्यन की फिल्म के लिए लिखा दिल को छू लेने वाला नोट
पूर्व भारतीय क्रिकेटर कपिल देव ने इंस्टाग्राम पर कबीर खान के निर्देशन की प्रशंसा की और उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म ने उन्हें भावुक कर दिया। कपिल देव ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्टर शेयर किया और एक लंबा नोट लिखा, चंदू चैंपियन! निश्चित रूप से एक ऐसी फिल्म जिसे आप मिस नहीं कर सकते। मुझे खेल फिल्में देखना और उनकी सराहना करना वाकई पसंद है। लेकिन यह सिर्फ एक खेल फिल्म होने से कहीं बढ़कर है। यह इससे कहीं बढ़कर है। इसे देखते हुए मैं हंसा, रोया, गर्व महसूस किया और फिर से रोया। @kabirkhankk को सलाम। आपने फिर से कमाल कर दिया। इसे भी पढ़ें: Shraddha Kapoor In love | श्रद्धा कपूर ने राहुल मोदी के साथ अपने रिश्ते को किया कंफर्म, शेयर की क्यूट तस्वीर और इमोशनल पोस्ट उन्होंने आगे लिखा, एक और शानदार फिल्म बनाई। @kartikaaryan ने क्या शानदार अभिनय किया, आपका प्रयास और प्रतिभा चमक रही है। पूरी कास्ट और क्रू को बधाई और हमें यह फिल्म देखने के लिए देने के लिए धन्यवाद। आप सभी चैंपियन हैं! एक और शानदार फिल्म बनाई। @kartikaaryan ने क्या कमाल का अभिनय किया है, आपकी मेहनत और प्रतिभा जगमगा रही है। पूरी कास्ट और क्रू को बधाई और हमें यह फिल्म देखने के लिए देने के लिए आपका धन्यवाद। आप सभी चैंपियन हैं! इसे भी पढ़ें: Gujarat High Court ने फिल्म महाराज की ओटीटी रिलीज पर रोक एक दिन के लिए बढ़ाई कार्तिक और कबीर की फिल्म 'चंदू चैंपियन' 14 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। Sacnilk की एक रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है और अब तक कुल कलेक्शन 29.75 करोड़ रुपये हो चुका है। इसमें कार्तिक मुरलीकांत पेटकर की भूमिका में नजर आ रहे हैं। यह फिल्म एक ऐसे एथलीट की असाधारण कहानी पर आधारित है जिसने कभी हार नहीं मानी। View this post on Instagram A post shared by Kapil Dev (@therealkapildev)
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