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गुजरात के शहरी स्थानीय निकायों को विकास कार्यों के लिए मिला 3,850 करोड़ का अनुदान

गांधीनगर, 11 अगस्त . Gujarat के Chief Minister भूपेंद्र पटेल ने Tuesday को गांधीनगर में आयोजित समारोह में राज्य के नगर निगमों और नगर पालिकाओं को कुल 3,850 करोड़ रुपये के विकास अनुदान वितरित किए. इस आयोजन के दौरान ‘स्वर्णिम जयंती Chief Minister शहरी विकास योजना’ के तहत 17 नगर निगमों को 2,992 करोड़ रुपये ... Read more

डेली किरण 11 Aug 2026 8:32 pm

अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र के रूप में विकसित हो रहा गिफ्ट सिटी, गुजरात ने पूंजीगत व्यय के लिए बजट का 39 प्रतिशत हि

गांधीनगर, 11 अगस्त . Gujarat के Chief Minister भूपेंद्र पटेल ने Tuesday को कहा कि Gujarat Government ने इस वर्ष अपने कुल बजट का 39 प्रतिशत पूंजीगत व्यय के लिए आवंटित किया है. यह बुनियादी ढांचे और उभरते क्षेत्रों पर राज्य के फोकस को दर्शाता है क्योंकि जीआईएफटी सिटी एक अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र के रूप ... Read more

डेली किरण 11 Aug 2026 7:21 pm

अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र के रूप में विकसित हो रहा गिफ्ट सिटी, गुजरात ने पूंजीगत व्यय के लिए बजट का 39 प्रतिशत हिस्सा अलग रखा

अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र के रूप में विकसित हो रहा गिफ्ट सिटी, गुजरात ने पूंजीगत व्यय के लिए बजट का 39 प्रतिशत हिस्सा अलग रखा

समाचार नामा 11 Aug 2026 7:15 pm

गुजरात के राज्यपाल का किसानों से आह्वान, ‘केमिकल को छोड़कर प्राकृतिक खेती पर आएं’

आनंद, 11 अगस्त . Gujarat के Governor आचार्य देवव्रत ने Tuesday को किसानों से केमिकल वाली खेती छोड़कर प्राकृतिक खेती अपनाने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि केमिकल वाले फर्टिलाइजर और कीटनाशकों पर लगातार निर्भरता से आने वाली पीढ़ियों के लिए मिट्टी और पानी के संसाधन खराब हो सकते हैं. आनंद जिले की दो दिवसीय ... Read more

डेली किरण 11 Aug 2026 7:12 pm

सिकल सेल एनीमिया के खिलाफ जागरूकता ही सबसे बड़ा समाधान: मगनभाई पटेल

हाल ही में अहमदाबाद के चांगोदर रोड स्थित श्रीमती एन. एम. पाडलिया फार्मेसी कॉलेज में विश्व सिकल सेल दिवस का आयोजन कॉलेज के मैनेजिंग ट्रस्टी मगनभाई पटेल की अध्यक्षता में किया गया। इस अवसर पर मैनेजिंग ट्रस्टी मगनभाई पटेल ने युवा आवाज़ों का उदय : अपने स्वास्थ्य की जिम्मेदारी स्वयं लें विषय पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए सिकल सेल एनीमिया के प्रति जागरूकता, समय पर जांच तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सिकल सेल एनीमिया जैसी आनुवंशिक बीमारी के प्रभाव को कम करने का सबसे प्रभावी माध्यम व्यापक जन-जागरूकता है। वहीं कॉलेज की प्रोफेसर भावना पी. जाधव ने सर्वाइवल गैप को समाप्त करना : सिकल सेल रोग में समानता विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए रोगियों को गुणवत्तापूर्ण एवं समान स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया।कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों एवं समाज को सिकल सेल रोग के प्रति शिक्षित करना, प्रारंभिक निदान को प्रोत्साहित करना तथा निवारक स्वास्थ्य देखभाल की पद्धतियों के प्रति जागरूक बनाना था। इस कार्यक्रम में कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जितेन्द्र भंगाले, प्राध्यापकगण, फैकल्टी सदस्य, विद्यार्थी तथा स्वास्थ्य सेवा से जुड़े अनेक पेशेवरों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान एक विशेष सत्र में सिकल सेल रोग के विरुद्ध भारत की लड़ाई: आदिवासी आबादी का संरक्षण विषय पर भी विस्तृत चर्चा की गई, जिसमें जनजातीय क्षेत्रों में रोग की रोकथाम, समय पर स्क्रीनिंग, उपचार तथा जन-जागरूकता बढ़ाने के विभिन्न उपायों पर प्रकाश डाला गया। मगनभाई पटेल ने सिकल सेल रोग के संबंध में विस्तृत एवं रोचक सांख्यिकीय जानकारी प्रस्तुत करते हुए कहा कि सिकल (Sickle) का अर्थ होता है हंसिया (दरांती) और सेल (Cell) का अर्थ है कोशिका। इस रोग में लाल रक्त कोशिकाएँ अपने सामान्य गोल आकार के स्थान पर हंसिया जैसी आकृति धारण कर लेती हैं। उन्होंने बताया कि हंसिया के आकार की ये रक्त कोशिकाएँ अक्सर शरीर की रक्त वाहिकाओं में फँस जाती हैं, जिससे रक्त का प्रवाह बाधित हो जाता है। परिणामस्वरूप शरीर के विभिन्न अंगों तक पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं पहुँच पाती। लंबे समय तक ऐसी स्थिति बने रहने पर हृदय, किडनी, यकृत (लीवर) तथा फेफड़ों जैसे महत्वपूर्ण अंगों को गंभीर क्षति पहुँच सकती है। इसलिए सिकल सेल रोग की समय पर पहचान, नियमित उपचार और व्यापक जन-जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। मगनभाई पटेल ने इस आनुवंशिक (जेनेटिक) रोग के उपचार के संबंध में आगे बताया कि सिकल सेल रोग का स्थायी उपचार केवल बोन मैरो ट्रांसप्लांट है, जो अत्यंत महंगा और जटिल उपचार है। हालांकि, उचित देखभाल, नियमित उपचार और संतुलित जीवनशैली अपनाकर रोगी लंबा एवं स्वस्थ जीवन जी सकता है।उन्होंने कहा कि सिकल सेल रोगियों को प्रतिदिन 3 से 4 लीटर पानी अवश्य पीना चाहिए, जिससे रक्त गाढ़ा होने और रक्त वाहिकाओं में अवरोध बनने की संभावना कम हो जाती है। आहार में हरी पत्तेदार सब्जियाँ तथा अंकुरित दालों का अधिक सेवन करना चाहिए। गर्मियों में अत्यधिक गर्मी से बचना चाहिए, वर्षा ऋतु में भीगने से परहेज़ करना चाहिए तथा सर्दियों में पर्याप्त गर्म कपड़े पहनने चाहिए। इसके अलावा धूम्रपान और किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहना रोगियों के लिए अत्यंत लाभकारी है। मगनभाई पटेल ने आगे बताया कि चिकित्सक की सलाह के अनुसार रक्त निर्माण में सहायक फोलिक एसिड की दवा नियमित रूप से लेनी चाहिए। निमोनिया तथा अन्य संक्रमणों से बचाव के लिए आवश्यक टीके समय पर लगवाने चाहिए। साथ ही, चिकित्सक के मार्गदर्शन में हाइड्रॉक्सीयूरिया (Hydroxyurea) जैसी दवाओं का सेवन करने से दर्द के तीव्र दौरों (पेन क्राइसिस) की आवृत्ति और गंभीरता को काफी हद तक कम किया जा सकता है। मगनभाई पटेल ने सिकल सेल रोग से संबंधित सांख्यिकीय जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जुलाई 2023 में प्रारंभ किए गए नेशनल सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन (NSCAEM) के अंतर्गत देश के 17 उच्च-प्रभाव (हाई-प्रिवेलेंस) वाले राज्यों में बड़े पैमाने पर स्क्रीनिंग अभियान चलाया जा रहा है।उन्होंने बताया कि फरवरी 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक सरकारी आँकड़ों के अनुसार देश के आदिवासी एवं अन्य उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में 6.83 करोड़ से अधिक लोगों की रक्त जांच (ब्लड स्क्रीनिंग) की जा चुकी है। इनमें से करीब 2.38 लाख व्यक्तियों में सिकल सेल रोग की पुष्टि हुई है और उन्हें सरकारी अभिलेखों में सिकल सेल रोगी के रूप में पंजीकृत किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज (Global Burden of Disease) सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य रिपोर्टों के अनुसार भारत में प्रतिवर्ष लगभग 82,500 बच्चे सिकल सेल रोग के साथ जन्म लेते हैं। सामान्य अनुमानों के अनुसार देश में 10 लाख से अधिक लोग इस रोग से प्रभावित हो सकते हैं, हालांकि दूरदराज़ एवं आदिवासी क्षेत्रों में आज भी अनेक मामलों का समय पर निदान नहीं हो पाता है। मगनभाई पटेल ने आगे बताया कि भारत में सिकल सेल रोग से सर्वाधिक प्रभावित राज्यों में ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात प्रमुख हैं। गुजरात में बनासकांठा जिले के दांता क्षेत्र से लेकर डांग जिले तक फैले पूर्व-दक्षिणी आदिवासी क्षेत्र में इस रोग का प्रभाव अपेक्षाकृत अधिक देखा जाता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में गुजरात में सरकारी अभिलेखों के अनुसार 30,512 से अधिक सक्रिय सिकल सेल रोगी पंजीकृत हैं। मगनभाई पटेल ने सिकल सेल रोग के बारे में आगे जानकारी देते हुए कहा कि यह रोग केवल रक्त को ही नहीं, बल्कि शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों को भी प्रभावित करता है। रक्त वाहिकाओं में अवरोध (ब्लॉकेज) उत्पन्न होने के कारण रोगियों को बार-बार तीव्र दर्द के दौरों का सामना करना पड़ता है, जिन्हें पेन क्राइसिस (Pain Crisis) कहा जाता है। लगातार एनीमिया रहने के कारण कमजोरी, थकान तथा शारीरिक कार्यक्षमता में कमी आ जाती है। समय के साथ बार-बार होनेवाले अवरोधों के कारण फेफड़े, हृदय, गुर्दे (किडनी), मस्तिष्क, हड्डियाँ तथा आँखें भी प्रभावित हो सकती हैं। इसलिए रोगियों के लिए नियमित चिकित्सकीय जांच और फॉलो-अप अत्यंत आवश्यक है, ताकि उनके जीवन की गुणवत्ता बेहतर बनाए रखी जा सके। मगनभाई ने आगे कहा कि केवल जागरूकता पर्याप्त नहीं है, बल्कि स्क्रीनिंग के माध्यम से समय पर पहचान भी उतनी ही आवश्यक है। स्क्रीनिंग कार्यक्रमों से सिकल सेल रोगियों के साथ-साथ सिकल सेल लक्षण (ट्रेट) वाले व्यक्तियों की भी पहचान की जा सकती है। उन्होंने बताया कि सिकल सेल एनीमिया एक वंशानुगत (हेरिडिटरी) एवं आनुवंशिक (जेनेटिक) रक्त विकार है। इसलिए इस रोग के प्रसार को रोकने के लिए विवाह से पूर्व युवक और युवती दोनों की रक्त जांच कराना अत्यंत आवश्यक है। यदि माता और पिता दोनों सिकल सेल ट्रेट के वाहक (कैरियर) हों, तो उनकी संतान में सिकल सेल रोग होने की संभावना काफी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि विवाह तय करने से पहले युवक एवं युवती दोनों को एच.पी.एल.सी (HPLC – High-Performance Liquid Chromatography) जांच अवश्य करानी चाहिए, क्योंकि यह परीक्षण सिकल सेल की वास्तविक स्थिति का सटीक पता लगाता है। भारत सरकार के नेशनल सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के अंतर्गत पुरुषों को नीले (ब्लू) तथा महिलाओं को गुलाबी (पिंक) रंग का सिकल सेल स्टेटस कार्ड प्रदान किया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सिकल सेल कोई संक्रामक रोग या सामाजिक कलंक नहीं है, बल्कि एक सामान्य आनुवंशिक विकार है। इसलिए किसी व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उसके साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए।उन्होंने समाज के वरिष्ठ नागरिकों और युवाओं से आह्वान किया कि विवाह संबंधी चर्चाओं में सिकल सेल परीक्षण को अनिवार्य प्राथमिकता दी जाए। उनका कहना था कि ऐसे निवारक कदम भविष्य की पीढ़ियों में सिकल सेल रोग के साथ जन्म लेने वाले बच्चों की संख्या को उल्लेखनीय रूप से कम कर सकते हैं। अपने संबोधन के अंत में मगनभाई पटेल ने कहा कि प्रत्येक स्वास्थ्य सेवा पेशेवर की जिम्मेदारी है कि वह समाज को आनुवंशिक रोगों के प्रति जागरूक और शिक्षित करे। उन्होंने कहा कि फार्मेसी के विद्यार्थी विशेष रूप से जागरूकता अभियान आयोजित करके, स्वास्थ्य जांच शिविरों में भाग लेकर तथा लोगों को उचित स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मार्गदर्शन देकर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य के फार्मासिस्ट केवल दवाइयाँ उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे समाज के शिक्षक,परामर्शदाता (काउंसलर) और जनस्वास्थ्य के सशक्त समर्थक भी हैं। यह विकार विश्व के अनेक देशों में पाया जाता है, विशेष रूप से आदिवासी समुदायों में इसकी व्यापकता अधिक है। चूँकि यह एक आनुवंशिक (जेनेटिक) एवं वंशानुगत रोग है, इसलिए यह पीढ़ी-दर-पीढ़ी परिवारों में स्थानांतरित होता रहता है। इस रोग से उत्पन्न जटिलताएँ प्रभावित व्यक्तियों के जीवन की गुणवत्ता, शिक्षा, रोजगार तथा समग्र सामाजिक एवं आर्थिक कल्याण पर प्रतिकूल प्रभाव डालती हैं। भारत में विश्व की सबसे बड़ी आदिवासी आबादी निवास करती है। उपलब्ध आँकड़ों के अनुसार, देश की कुल जनसंख्या का लगभग 8.6 प्रतिशत हिस्सा अनुसूचित जनजाति (आदिवासी) समुदायों का है। इन समुदायों में सिकल सेल रोग की अधिकता को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने इसे आदिवासी स्वास्थ्य से जुड़ी प्रमुख चिंताओं में से एक के रूप में चिन्हित किया है, जिस पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को सिकल सेल रोग की रोकथाम एवं नियंत्रण में भारत सरकार की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में भी जानकारी दी गई। नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के अंतर्गत सिकल सेल रोग तथा थैलेसीमिया सहित विभिन्न हीमोग्लोबिन विकारों की रोकथाम, पहचान, उपचार और प्रभावी प्रबंधन के लिए विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। इसके साथ ही देश के विभिन्न क्षेत्रों में स्क्रीनिंग कार्यक्रम, निदान, उपचार तथा रोगियों के समुचित प्रबंधन के लिए वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है। कार्यक्रम में नेशनल सिकल सेल एनीमिया एलिमिनेशन मिशन की उपलब्धियों पर भी विशेष प्रकाश डाला गया, जिसे भारत की सबसे महत्वाकांक्षी सार्वजनिक स्वास्थ्य पहलों में से एक माना जाता है। इस मिशन के अंतर्गत अब तक लाखों लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है, जिससे स्वास्थ्यकर्मी प्रारंभिक चरण में ही प्रभावित व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें समय पर उचित चिकित्सकीय उपचार से जोड़ पा रहे हैं। इस मिशन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जागरूकता की कमी अथवा स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित पहुँच के कारण कोई भी व्यक्ति बिना निदान और उपचार के न रह जाए। इस मिशन का प्रमुख उद्देश्य सिकल सेल रोग से प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना तथा व्यापक जन-जागरूकता और नियमित स्क्रीनिंग कार्यक्रमों के माध्यम से इस रोग के प्रसार को कम करना है। मिशन का दीर्घकालिक लक्ष्य वर्ष 2047 से पहले भारत में सिकल सेल रोग को एक सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में समाप्त करना है। इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य की प्राप्ति के लिए स्वास्थ्य सेवा विशेषज्ञों, शैक्षणिक संस्थानों, सरकारी एजेंसियों, सामुदायिक नेताओं तथा आम नागरिकों के बीच मजबूत सहयोग और सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। इस कार्यक्रमने विद्यार्थियों को स्वास्थ्य शिक्षा अभियानों में सक्रिय रूप से भाग लेने तथा अपने समुदाय के लोगों को, जब भी ऐसी सुविधाएँ उपलब्ध हों, सिकल सेल स्क्रीनिंग करवाने के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया। कार्यक्रम में बताया गया कि समय पर पहचान, शीघ्र उपचार, नियमित चिकित्सकीय फॉलो-अप तथा समुदाय की सक्रिय भागीदारी—ये सभी मिलकर भारत में सिकल सेल रोग के बोझ को कम करने की सबसे प्रभावी रणनीति बनाते हैं। इस जागरूकता कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण भाग विद्यार्थियों को यह समझाने के लिए समर्पित था कि सिकल सेल रोग कैसे विकसित होता है, इसके कौन-से चेतावनी संकेतों को कभी नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए तथा समय पर निदान और उपचार क्यों अत्यंत आवश्यक हैं। सत्र के दौरान बताया गया कि यद्यपि सिकल सेल रोग जन्म से ही वंशानुगत रूप में प्राप्त होता है, फिर भी इसकी अनेक जटिलताओं को समय पर पहचान, नियमित चिकित्सकीय देखभाल और व्यापक जन-जागरूकता के माध्यम से काफी हद तक कम किया जा सकता है। कार्यक्रम में बताया गया कि इन जटिलताओं को कम करने के लिए प्रारंभिक निदान (Early Diagnosis) सबसे प्रभावी उपायों में से एक है। स्क्रीनिंग कार्यक्रमों के माध्यम से सिकल सेल रोग से प्रभावित व्यक्तियों के साथ-साथ सिकल सेल ट्रेट (वाहक) वाले लोगों की भी पहचान की जा सकती है। ऐसी पहचान स्वास्थ्य विशेषज्ञों को प्रारंभिक अवस्था में ही उचित परामर्श, उपचार तथा आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करने में सक्षम बनाती है। साथ ही, परिवार आनुवंशिक परामर्श (Genetic Counselling) के माध्यम से यह भी समझ सकते हैं कि भविष्य की पीढ़ियों में इस रोग के स्थानांतरण की संभावना को कैसे कम किया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि सिकल सेल रोग एक आजीवन रहनेवाली चिकित्सकीय स्थिति है, जिसके लिए निरंतर चिकित्सा देखभाल आवश्यक होती है। यद्यपि इस प्रस्तुति में किसी सरल या त्वरित उपचार की चर्चा नहीं की गई, फिर भी यह बताया गया कि उचित रोग-प्रबंधन से इसकी जटिलताओं को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है और रोगियों के समग्र स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार लाया जा सकता है। नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, दर्द के दौरों के समय शीघ्र उपचार, संक्रमण से बचाव तथा चिकित्सकीय सलाह का पालन करने से रोगी अधिक स्वस्थ, सक्रिय और उत्पादक जीवन व्यतीत कर सकते हैं। साथ ही परिवार के सदस्यों एवं देखभाल करनेवालों में जागरूकता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे वे लक्षणों की शीघ्र पहचान कर समय रहते चिकित्सकीय सहायता प्राप्त कर सकते हैं। कार्यक्रम में जन-जागरूकता बढ़ाने में शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका पर भी विशेष बल दिया गया। यह बताया गया कि फार्मेसी के विद्यार्थी, भविष्य के स्वास्थ्य सेवा पेशेवर होने के नाते, समाज को वंशानुगत रोगों के प्रति जागरूक करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा सकते हैं। स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन, जन-जागरूकता अभियानों में सक्रिय भागीदारी तथा स्क्रीनिंग कार्यक्रमों को प्रोत्साहित करके विद्यार्थी सिकल सेल रोग की समय पर पहचान, रोकथाम और नियंत्रण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। कार्यक्रम में कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफेसर भावना पी. जाधव ने अपने संबोधन में कहा कि आनुवंशिक रोगों से जुड़ी अनेक भ्रांतियाँ और गलत धारणाएँ अक्सर परिवारों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएँ प्राप्त करने से रोकती हैं। भय, सामाजिक कलंक तथा जागरूकता के अभाव के कारण अनेक लोग सिकल सेल की स्क्रीनिंग कराने से हिचकिचाते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा, वैज्ञानिक जानकारी और खुले संवाद के माध्यम से इन बाधाओं को दूर किया जा सकता है। जन-जागरूकता अभियान समाज में फैली भ्रांतियों को समाप्त करने तथा सिकल सेल रोग से प्रभावित व्यक्तियों के लिए सहयोगपूर्ण और संवेदनशील वातावरण तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने आगे कहा कि सिकल सेल रोग की प्रभावी रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य सेवा विशेषज्ञों, सरकारी एजेंसियों, शैक्षणिक संस्थानों, सामुदायिक नेताओं तथा परिवारों के बीच समन्वित सहयोग अत्यंत आवश्यक है। जब समुदाय जागरूकता अभियानों और स्क्रीनिंग कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाता है, तब रोग की समय पर पहचान की संभावना बढ़ जाती है, जिससे अंततः इस रोग का बोझ कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जागरूकता ही रोकथाम और बेहतर रोग-प्रबंधन की दिशा में पहला कदम है। इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में सिकल सेल रोग के प्रति समझ विकसित करने के साथ-साथ उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य संवर्धन में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया। जानकारीपूर्ण प्रस्तुतियों, विचार-विमर्श तथा वक्ताओं के साथ संवाद के माध्यम से प्रतिभागियों ने सिकल सेल रोग, उसके कारणों, संभावित जटिलताओं, रोकथाम के उपायों तथा समय पर निदान के महत्व के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि सामूहिक स्क्रीनिंग के माध्यम से प्रारंभिक पहचान सिकल सेल रोग के बोझ को कम करने की सबसे प्रभावी रणनीतियों में से एक है। सिकल सेल ट्रेट (वाहक) वाले व्यक्तियों को समय पर आनुवंशिक परामर्श उपलब्ध कराया जा सकता है, जबकि सिकल सेल रोग से प्रभावित मरीजों का शीघ्र निदान होने पर उनका उपचार और नियमित चिकित्सकीय फॉलो-अप समय पर प्रारंभ किया जा सकता है। ये उपाय न केवल रोगियों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाते हैं, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों में इस रोग के नए मामलों की संख्या कम करने में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। कार्यक्रम के दौरान वर्ष 2047 से पहले सिकल सेल रोग को एक सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में समाप्त करने के भारत सरकार के संकल्प पर भी विशेष प्रकाश डाला गया। उपस्थित श्रोताओं ने स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने, स्क्रीनिंग कार्यक्रमों का विस्तार करने, निदान सुविधाओं में सुधार लाने तथा संवेदनशील एवं आदिवासी समुदायों में जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को सामुदायिक जन-जागरूकता गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा लोगों को सिकल सेल रोग की समय पर पहचान और स्क्रीनिंग के महत्व के प्रति जागरूक करके इस राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया गया। सिकल सेल रोग के विरुद्ध संघर्ष केवल स्वास्थ्य सेवा विशेषज्ञों के प्रयासों से ही सफल नहीं हो सकता। इसकी सफलता परिवारों, शैक्षणिक संस्थानों, सामुदायिक संगठनों, सरकारी एजेंसियों तथा आम जनता की सक्रिय भागीदारी पर निर्भर करती है। जब समाज के सभी वर्ग मिलकर कार्य करते हैं, तब आनुवंशिक रोगों से जुड़ी भ्रांतियों को दूर किया जा सकता है, सामाजिक कलंक को कम किया जा सकता है तथा अधिक से अधिक लोगों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराई जा सकती हैं। कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों ने इस सत्र के माध्यम से आनुवंशिक विकारों के प्रति अपनी समझ को और अधिक विकसित किया तथा समाज सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत किया। अनेक प्रतिभागियों ने परिवारों को जागरूक करने, स्वैच्छिक स्क्रीनिंग को प्रोत्साहित करने तथा सिकल सेल रोग से प्रभावित व्यक्तियों को सहयोग प्रदान करने के महत्व को स्वीकार किया। इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को अपने व्यावसायिक ज्ञान का उपयोग समाज के व्यापक हित में करने तथा स्वस्थ और जागरूक समुदायों के निर्माण में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया। जागरूकता कार्यक्रम का समापन आयोजन समिति, फैकल्टी सदस्यों तथा विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए किया गया, जिनके सहयोग और समर्पण से यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम की मुख्य प्रस्तुतकर्ता असिस्टेंट प्रोफेसर सुश्री भावना पी. जाधव की सराहना की गई, जिन्होंने वैज्ञानिक तथ्यों को व्यावहारिक जनस्वास्थ्य जागरूकता के साथ प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करते हुए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक सत्र प्रदान किया। कार्यक्रम के अंत में यह संदेश दिया गया कि व्यापक जन-जागरूकता, समय पर स्क्रीनिंग, शीघ्र निदान, उचित उपचार तथा मजबूत सामुदायिक सहभागिता सिकल सेल रोग के बोझ को कम करने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। समाज के प्रत्येक नागरिक की यह जिम्मेदारी है कि वह सिकल सेल रोग के प्रति जागरूकता फैलाने, प्रभावित व्यक्तियों का सहयोग करने तथा स्वस्थ, जागरूक और सशक्त समाज के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान दे। यह कार्यक्रम इस आशा के साथ संपन्न हुआ कि शिक्षा,अनुसंधान,स्वास्थ्य सेवाओं की सुदृढ़ पहल तथा सामूहिक सामाजिक उत्तरदायित्व के माध्यम से भारत वर्ष 2047 से पहले सिकल सेल रोग को एक प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती के रूप में समाप्त करने के अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकेगा।श्रीमती एन. एम. पाडलिया फार्मेसी कॉलेज, अहमदाबाद में आयोजित यह जागरूकता कार्यक्रम इस राष्ट्रीय मिशन में एक सार्थक योगदान के रूप में सामने आया, जिसने विद्यार्थियों को अपने-अपने समुदायों में स्वास्थ्य, करुणा और वैज्ञानिक जागरूकता के दूत बनने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान यह भी उल्लेख किया गया कि श्रीमती एन. एम. पाडलिया फार्मेसी कॉलेजने अपने चेयरमैन एवं मैनेजिंग ट्रस्टी श्री मगनभाई पटेल के दूरदर्शी मार्गदर्शन और प्रभावी नेतृत्व में Gujarat Technological University से संबद्ध अग्रणी फार्मेसी संस्थानों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जितेन्द्र भंगाले के नेतृत्व में प्रत्येक माह स्वास्थ्य एवं फार्मेसी से संबंधित करीब चार से पाँच राष्ट्रीय संगोष्ठियों (नेशनल सेमिनार) का आयोजन किया जाता है। इसके अतिरिक्त समय-समय पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों (नेशनल एवं इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस) का भी सफल आयोजन होता है, जिनमें देश और राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों तथा फार्मेसी महाविद्यालयों के प्रख्यात प्राध्यापक, विशेषज्ञ एवं वैज्ञानिक विद्यार्थियों को स्वास्थ्य विज्ञान और फार्मेसी के क्षेत्र की नवीनतम एवं मार्गदर्शक जानकारी प्रदान करते हैं। इसी कारण इस कॉलेज में बी. फार्म तथा एम. फार्म के परिणाम निरंतर उत्कृष्ट रहे हैं। कॉलेज में अध्ययन करनेवाले अधिकांश विद्यार्थी अहमदाबाद जिले के धोलका, चांगोदर और साणंद जैसे ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं। आधुनिक प्रयोगशालाएँ, अत्याधुनिक उपकरण, अनुभवी एवं समर्पित प्राध्यापकों की टीम तथा बिना किसी जाति, धर्म या सामाजिक भेदभाव के सभी विद्यार्थियों को समान अवसर प्रदान करनेवाली यह संस्था गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है। विभिन्न पृष्ठभूमियों से आनेवाले विद्यार्थी यहाँ सौहार्दपूर्ण वातावरण में साथ मिलकर अध्ययन करते हैं। इन विशेषताओं के आधार पर यह कहना उचित होगा कि यह महाविद्यालय केवल गुजरात ही नहीं, बल्कि देश के उत्कृष्ट फार्मेसी शिक्षण संस्थानों में महत्वपूर्ण स्थान पर है।

प्रभासाक्षी 11 Aug 2026 6:09 pm

गुजरात उपचुनाव: भाजपा की सीट बरकरार रहने के बाद सतीश पटेल ने मंजलपुर विधायक के तौर पर ली शपथ

गांधीनगर, 11 अगस्त . नव निर्वाचित मंजलपुर विधायक सतीश पटेल ने Tuesday को गांधीनगर में Gujarat विधानसभा के सदस्य के रूप में शपथ ली. यह शपथ ग्रहण समारोह वडोदरा उपचुनाव में भाजपा की जीत के कुछ दिनों बाद हुआ, जिसमें भाजपा ने सीट बरकरार रखी. विधानसभा अध्यक्ष शंकर चौधरी ने Chief Minister भूपेंद्र पटेल की ... Read more

डेली किरण 11 Aug 2026 4:47 pm

राजस्थान से गुजरात शराब लेकर जा रहे दो तस्कर गिरफ्तार:कार से बीयर और अंग्रेजी शराब के 38 कार्टन जब्त

उदयपुर पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। दोनों से 3 लाख रुपए कीमत की अंग्रेजी शराब से भरी सेल्टोस कार जब्त की गई है। तस्कर राजस्थान से गुजरात शराब सप्लाई करने जा रहे थे। शराब के 38 कार्टन जब्त पाटिया थानाधिकारी रमेश चन्द्र ने बताया कि एएसपी रजत बिश्नोई और ऋषभदेव डीएसपी छगन पुरोहित के सुपरविजन में कार्रवाई की गई। तस्कर लोकेश (27) पुत्र दिनेश निवासी पहाड़ा और जितेश (28) पुत्र कमलेश निवासी सवीना को गिरफ्तार किया गया है। थानाधिकारी ने बताया कि मुखबिर से मिली सूचना के बाद राजस्थान-गुजरात बॉर्डर स्थित झांझरी नाल में तुरंत विशेष नाकाबंदी की गई। इस दौरान एक संदिग्ध सफेद रंग की सेल्टोस कार(GJ18BM 5096) को रुकवाया गया। कार की तलाशी में राजस्थान निर्मित बीयर के 21 कार्टन और अंग्रेजी शराब के 17 कार्टन समेत कुल 38 कार्टन जब्त किए गए।

दैनिक भास्कर 11 Aug 2026 1:54 pm

किसानों के लिए खुशखबरी, गुजरात सरकार स्थापित करेगी प्राकृतिक खेती के 'मॉडल कैंपस', ट्रेनिंग के साथ बीज भी मिलेंगे

Gujarat Natural Farming: राज्य में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और इसका दायरा बढ़ाने के लिए गुजरात सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। राज्य के चार जिलों में आधुनिक ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ (Center of Excellence) स्थापित करने के लिए वर्ष 2026-27 के ...

वेब दुनिया 11 Aug 2026 1:54 pm

महाकाल के दर्शन कर गुजरात लौट रहे श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत, सामने से आए ट्रॉला ने मारी टक्कर

महाकाल के दर्शन कर गुजरात लौट रहे श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत, सामने से आए ट्रॉला ने मारी टक्कर

समाचार नामा 11 Aug 2026 12:20 pm

दिल्ली पुलिस ने 15.71 करोड़ रुपए के साइबर घोटाले का किया भंडाफोड़, केरल, गुजरात, महाराष्ट्र और पंजाब से नौ लोग गिरफ्तार

New Delhi, 11 अगस्त . दिल्ली Police के साउथ-वेस्ट डिस्ट्रिक्ट साइबर Police स्टेशन ने देशभर में फैले साइबर इन्वेस्टमेंट फ्रॉड और ‘म्यूल अकाउंट’ सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए केरल, Maharashtra, Gujarat और पंजाब से 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. Police के मुताबिक, जांच में इस नेटवर्क से जुड़े 34 मामलों का पता चला है, ... Read more

डेली किरण 11 Aug 2026 11:06 am

इंदौर से राजस्थान और गुजरात जाने वाली बसें अब कुमेड़ी आईएसबीटी से मिलेंगी, इसी महीने शुरू करने की तैयारी

इंदौर से राजस्थान-गुजरात की बसें अब कुमेड़ी आईएसबीटी से मिलेंगी। अगस्त में ही इसके शुरू होने की तैयारी है। पहले चरण में 50 बसें चलेंगी।

दैनिक जागरण 11 Aug 2026 11:04 am

Gujarat में एशियाई शेरों की संख्या 891 हुई: CM Bhupendra Patel ने इसे बताया राष्ट्रीय गर्व

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सोमवार को कहा कि एशियाई शेर राष्ट्रीय गौरव और सम्मान का अभिन्न अंग हैं। इसके साथ ही उन्होंने राज्य में इस प्रजाति के संरक्षण और संवर्धन की बड़ी जिम्मेदारी को भी स्वीकार किया। विश्व शेर दिवस के अवसर पर पोरबंदर में आयोजित एक कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पटेल ने कहा कि राज्य सरकार ने पर्यावरण संरक्षण के साथ संतुलित विकास के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाया है। राज्य के पर्यावरण एवं वन मंत्री अर्जुन मोढ़वाडिया ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री पटेल ने कहा, एशियाई शेर हमारे राष्ट्रीय गौरव और सम्मान का अभिन्न हिस्सा हैं। इन शेरों के संरक्षण और उनके कुनबे को बढ़ाने की जिम्मेदारी गुजरात के लिए गर्व के साथ-साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने शेरों के संरक्षण और संवर्धन में स्थानीय लोगों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय समाज ने शेरों के साथ सह-अस्तित्व को पूरे दिल से स्वीकार किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि इस भावना को और व्यापक बनाया जाए और जनभागीदारी बढ़ाई जाए, तो मानव-जंतु संघर्ष की अप्रिय घटनाओं को रोकने में और अधिक सफलता हासिल होगी। पटेल ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण के लिए राज्य सरकार के निरंतर और संवेदनशील दृष्टिकोण के कारण गुजरात में शेरों की संख्या बढ़कर 891 हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय लोगों और शेरों के बीच सह-अस्तित्व की भावना मजबूत हुई है, जिसके परिणामस्वरूप पिछले ढाई दशकों में शेरों का दायरा तीन जिलों से बढ़कर 11 जिलों तक फैल गया है।

प्रभासाक्षी 11 Aug 2026 8:24 am

Updates: असम-अरुणाचल सीमा पर विवाद में गोलीबारी, 12 घायल; गुजरात में PM से जुड़े विवादित पर्चा मामले में FIR

Updates: असम-अरुणाचल सीमा पर विवाद में गोलीबारी, 12 घायल; गुजरात में PM से जुड़े विवादित पर्चा मामले में FIR

अमर उजाला 11 Aug 2026 6:59 am

गुजरात सचिवालय ब्लॉक के बेसमेंट में आग लगी, सरकार का दावा- सुरक्षित है डिजिटल रिकॉर्ड

गांधीनगर, 10 अगस्त . गांधीनगर में Gujarat के नए सचिवालय परिसर में सरदार भवन के ब्लॉक नंबर 9 के बेसमेंट में आग लग गई. इससे Governmentी रिकॉर्ड को कुछ नुकसान पहुंचा, लेकिन प्रशासनिक कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ा. अधिकारियों ने Monday को यह जानकारी दी. घटना की सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की ... Read more

डेली किरण 10 Aug 2026 11:26 pm

बेसन और सौंफ के खास तड़के से बनाएं गुजरात का फेमस काठियावाड़ी बैंगन

Kathiyawadi Baingan Recipe: अगर आप भी रोज की साधारण दाल या सब्जी खाकर बोर हो चुके हैं तो गुजरात की फेमस काठियावाड़ी रिंगण नु शाक यानी बैंगन की सब्जी बना सकते हैं. ये खाने में आपको बिलकुल अलग स्वाद देगी और आपके घरवाले भी इस बैंगन की सब्जी के फैन हो जाएंगे.

आज तक 10 Aug 2026 9:07 pm

बदनावर हादसा: 6 युवकों का देर रात पोस्टमार्टम, शव गुजरात भेजे गए; 5 विवाहित, एक की 4 महीने बाद थी शादी

बदनावर हादसा: 6 युवकों का देर रात पोस्टमार्टम, शव गुजरात भेजे गए; 5 विवाहित, एक की 4 महीने बाद थी शादी

समाचार नामा 10 Aug 2026 7:10 pm

गुजरात में शेरों के संरक्षण का मकसद समूचे इकोसिस्टम की सुरक्षा करना है : सीएम पटेल

पोरबंदर/गांधीनगर, 10 अगस्त . Gujarat में एशियाई शेरों की आबादी बढ़ाने के प्रयासों को सिर्फ एक मुहिम के तौर पर नहीं, बल्कि पूरे इकोसिस्टम को बचाने की एक व्यापक कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है. यह बात Chief Minister भूपेंद्र पटेल ने Monday को पोरबंदर में ‘विश्व शेर दिवस’ के मौके पर कही. ... Read more

डेली किरण 10 Aug 2026 6:07 pm

इटावा सफारी पार्क बना शेरों का आशियाना; 10 साल में 19 लायन का जन्मे, 4 गुजरात से आए

विश्व शेर दिवस पर इटावा सफारी पार्क की लायन सफारी में शेरों का कुनबा 23 तक पहुंच गया है। पिछले 10 साल में यहां 19 शेरों का जन्म हुआ, जबकि चार गुजरात से लाए गए। सफारी ने केनाइन डिस्टेंपर पर भी काबू पाया और संरक्षण में मिसाल कायम की।

लाइव हिन्दुस्तान 10 Aug 2026 5:26 pm

गुजरात सीएम ने तिरंगा यात्रा को हरी झंडी दिखाई, ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में शामिल होने की अपील

गांधीनगर, 10 अगस्त . Gujarat के Chief Minister भूपेंद्र पटेल ने Monday को नागरिकों से देशव्यापी ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को देशभक्ति का जन आंदोलन बनाने की अपील की. उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल ‘हर घर तिरंगा’ तक सीमित न रहे, बल्कि ‘हर दिल तिरंगा’ बनना चाहिए. Chief Minister ने गांधीनगर में 2.4 किलोमीटर ... Read more

डेली किरण 10 Aug 2026 3:11 pm

MBBS Seats: गुजरात में 7200 से 7500 हो गई एमबीबीएस की सीटें, कहां और कैसे बढ़ीं

MBBS Seats: गुजरात में एनएमसी की मंजूरी से 300 प्राइवेट एमबीबीएस सीटें बढ़ने से कुल संख्या 7200 से बढ़कर 7,500 हो गई है। क्वालीफाई छात्रों की संख्या कम होने से इस बार मेरिट कट-ऑफ में गिरावट की उम्मीद है।

लाइव हिन्दुस्तान 10 Aug 2026 11:49 am

सूरत में रेजिडेंट डॉक्टर की आत्महत्या मामले में स्वास्थ्य मंत्री ने दिए 24 घंटे में जांच रिपोर्ट देने के निर्देश

सूरत, 10 अगस्त . Gujarat के सूरत स्थित सिविल अस्पताल परिसर में एक रेजिडेंट डॉक्टर की आत्महत्या के मामले के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है. घटना को गंभीरता से लेते हुए Gujarat के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया ने सख्त जांच के आदेश दिए हैं. मंत्री के निर्देश पर मामले की जांच के ... Read more

डेली किरण 10 Aug 2026 10:01 am

गुजरात में रेजिडेंट डॉक्टर की आत्महत्या से हड़कंप, क्या रैगिंग बनी वजह? मंत्री ने दिए सख्त कार्रवाई के आदेश

गुजरात में रेजिडेंट डॉक्टर की आत्महत्या से हड़कंप, क्या रैगिंग बनी वजह? मंत्री ने दिए सख्त कार्रवाई के आदेश- Suicide of resident doctor in Surat Gujarat was ragging cause Health Minister orders strict action

अमर उजाला 10 Aug 2026 9:51 am

Harsh Sanghavi ने कहा, FTA से गुजरात के कपड़ा उद्योग को वैश्विक अवसर मिलेगा

सूरत, नौ अगस्त गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने रविवार को कहा कि मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) की मदद से राज्य के कपड़ा व्यवसाय के पास दूसरे देशों के साथ प्रतिस्पर्धा करने का एक सुनहरा अवसर है। संघवी ने यह बात ‘फेडरेशन ऑफ सूरत ट्रेड एंड टेक्सटाइल एसोसिएशंस’ (एफओएसटीटीए) की वार्षिक आम बैठक में शामिल होने के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही। सूरत को देश के प्रमुख कपड़ा केंद्रों में से एक माना जाता है। उपमुख्यमंत्री संघवी ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में कई देशों के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौतों के कारण दक्षिण गुजरात क्षेत्र, सूरत और अहमदाबाद के कपड़ा कारोबारियों के पास वैश्विक बाजारों में दूसरे देशों के साथ प्रतिस्पर्धा करने का एक सुनहरा अवसर है।

प्रभासाक्षी 10 Aug 2026 7:54 am

Ahmedabad में आयोजित होगा FIBA U18 Asia Cup, भारतीय टीम में गुजरात के 3 सदस्य शामिल

अहमदाबाद, नौ अगस्त फीबा अंडर-18 एशिया बास्केटबॉल कप का आयोजन 13 से 23 अगस्त तक अहमदाबाद में होगा। इस टूर्नामेंट में गुजरात के तीन लोग खिलाड़ी, सहायक कोच और फिजियोथेरेपिस्ट के रूप में भारतीय टीम का हिस्सा होंगे। भावनगर के रोनाल्डो हॉपकिन्स को भारत की पुरुष अंडर-18 टीम में जगह मिली है। वहीं, खेल विभाग के कोच नरेंद्र देसाई सहायक कोच और डॉ कुणाल चुडासमा मुख्य फिजियोथेरेपिस्ट की जिम्मेदारी निभाएंगे। आधिकारिक बयान के अनुसार टूर्नामेंट अहमदाबाद के नारणपुरा स्थित वीर सावरकर खेल परिसर में खेला जाएगा। भारत अपना पहला मुकाबला 14 अगस्त को जापान के खिलाफ खेलेगा। ग्रुप चरण में टीम का सामना जापान, कोरिया और कजाखस्तान से होगा। फाइनल मुकाबला 23 अगस्त को खेला जाएगा।

प्रभासाक्षी 10 Aug 2026 7:44 am

कंटेनर से 1 करोड़ की शराब जब्त की, चंडीगढ़ से गुजरात ले जा रहे थे

भास्कर संवाददाता | चूरू पुलिस की ओर से चलाए जा रहे ऑपरेशन नकेल के तहत कोतवाली की टीम ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एनएच 52 पर पेट्रोल पंप के पास नाकाबंदी के दौरान शराब से भरा कंटेनर पकड़ा है। पुलिस ने कंटेनर से 961 कार्टन अवैध शराब बरामद की हैं, जिसकी कीमत करीब एक करोड़ रुपए बताई जा रही है। कोतवाली थानाधिकारी गौरव खिड़िया ने बताया कि यह अवैध शराब चंडीगढ़ से गुजरात ले जाई जा रही थी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने हरियाणा के बास पदमका निवासी नवीन और साहिल को गिरफ्तार किया है। दोनों से शराब की तस्करी के संबंध में पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया कि पुलिस की स्पेशल टीम ने एएसआई सुरेश कुमार के नेतृत्व में एनएच 52 पर नाकाबंदी की थी। इसी दौरान संदिग्ध कंटेनर को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें बड़ी मात्रा में अवैध शराब के कार्टन मिले। पुलिस ने कंटेनर और शराब को जब्त कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब आरोपियों से शराब तस्करी से जुड़े नेटवर्क, सप्लायर और गुजरात में शराब पहुंचाने वाले लोगों के संबंध में पूछताछ कर रही है। चूरू | डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना के तहत जिले में महिला उद्यमिता और डिजिटल रोजगार को बढ़ावा देने के लिए बड़ी पहल की गई है। ग्रामीण विकास विभाग ने 3.50 करोड़ रुपए की लागत से डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सेंटर फॉर एंटरप्रेन्योरशिप एंड कैपेसिटी बिल्डिंग तथा रूरल वूमेन बीपीओ सेंटर की स्वीकृति जारी की है। इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें आईटी क्षेत्र से जोड़ना है। एसीईओ भागचंद खारिया ने बताया कि सेंटर के जरिए स्वयं सहायता समूहों और राजीविका से जुड़ी महिलाओं को बिजनेस शुरू करने के लिए ट्रेनिंग और गाइडेंस मिलेगी। स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले उत्पादों की बेहतर पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग में मदद दी जाएगी। ग्रामीण महिलाओं को आईटी, बीपीओ और डेटा एंट्री जैसे डिजिटल कार्यों से जोड़ा जाएगा।

दैनिक भास्कर 10 Aug 2026 5:30 am

वर्ल्ड लॉयन डे:मप्र में शेर बसाने की योजना, वन विहार आ रहा गुजरात से नया जोड़ा

कूनो अभयारण्य में चीता प्रोजेक्ट की सफलता के बाद अब प्रदेश के जंगलों में एशियाई सिंहों को बसाने और उनके प्रजनन के लिए प्राकृतिक परिस्थितियां बनाने (री-वाइल्डिंग) की कोशिश हो रही है। कभी विंध्य, बुंदेलखंड और मध्य भारत के जंगलों में एशियाई सिंह बसते थे, लेकिन अंधाधुंध शिकार और जंगलों के तेजी से कटाव के कारण 19वीं शताब्दी के अंत तक वे लगभग समाप्त हो गए। सिंहों की री-वाइल्डिंग के लिए वन विहार प्रबंधन इस साल नवंबर-दिसंबर में गुजरात से शुद्ध नस्ल के एशियाई सिंहों का जोड़ा लाने की तैयारी कर रहा है। इनसे जन्म लेने वाले शावकों को चरणबद्ध तरीके से जंगल में बसाने की योजना है। अभी वन विहार भोपाल में 5, ग्वालियर जू में 5 और इंदौर जू में 12 सिंह हैं। पहले जूनागढ़ से लाए गए नर सिंह में कैनाइन डिस्टेंपर वायरस मिले थे पुराने प्रयास नहीं हो सके सफल वन विहार के डायरेक्टर विजय कुमार ने बताया कि अभी यहां जो 5 एशियाई सिंह हैं इनके जीन पूल और संरक्षण संबंधी कारणों से ब्रीडिंग नहीं कराई जा सकती। सत्या और गंगा से प्रजनन का प्रयास किया गया था पर सफल नहीं हो सके। दिसंबर 2024 में जूनागढ़ से नया जोड़ा लाए, लेकिन नर सिंह में कैनाइन डिस्टेंपर मिलने के बाद ब्रीडिंग रोकने के निर्देश दे दिए। इंदौर से दूसरी जगह भेजे : इंदौर चिड़ियाघर के प्रभारी उत्तम सिंह ने बताया कि वहां अभी 12 सिंह हैं। बिलासपुर से आए जोड़े से 15 शावकों का जन्म हुआ। बाद में भिवानी (हरियाणा) से लाए गए सिंहों से 6 शावकों का जन्म हुआ। इसके बाद 21 सिंह दूसरे चिड़ियाघरों को भेजे गए। सिंहों की नई पीढ़ी तैयार करना है... एशियाई सिंहों के संरक्षण, री-वाइल्डिंग की योजना बनाई जा रही है। शुद्ध आनुवंशिक गुणों वाले सिंहों से प्रजनन कर स्वस्थ पीढ़ी तैयार करना प्राथमिकता है। -शुभरंजन सेन, प्रधान मुख्य वन संरक्षक

दैनिक भास्कर 10 Aug 2026 5:30 am

राजस्थान के चार युवकों की गुजरात में डूबने से मौत:एक दोस्त बचा, नदी में नहाने के लिए उतरे थे; मस्ती करते-करते गहने पानी में चले गए थे

राजस्थान के चार युवकों की गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले के वधवान के नागरा गांव में 7 अगस्त को उमैया नदी में डूबने से मौत हो गई। चारों नहाने के लिए गए थे। सभी मृतक एक लोकल सोलर प्लांट में काम करते थे। ये मोरबी (गुजरात) से नागरा नहाने आए थे। वहां से सोमनाथ दर्शन करने जा रहे थे। इस हादसे में उनका एक दोस्त बच गया। चार युवक गहरे पानी में डूबे जोरावरनगर के PSI इंचार्ज एम.आर.गोहिल ने बताया- पांचों दोस्तों में से एक नदी के किनारे बैठकर नहा रहे थे, जबकि बाकी चार युवक गहरे पानी में डूब गए। जैसे ही किनारे पर मौजूद युवकों ने शोर मचाया, स्थानीय गांव वाले और तैराक मौके पर पहुंचे। तैराकों ने नदी में कूदकर तलाश शुरू की और चारों युवकों के शव बरामद किए। सोमनाथ जाने का प्रोग्राम था जोरावरनगर के PSI इंचार्ज ने बताया- मोहनलाल (21) वेनाराम चौधरी निवासी मंगले की बेरी बाड़मेर, जीवाराम (26) पुत्र केहराम चौधरी निवासी जालोर, रमेशकुमार (21) वीरमाराम चौधरी, गांव कुभिया, तहसील दुधवा जालोर, फुसाराम उर्फ खुशाराम (20) गंगाराम चौधरी निवासी फलोदी की डूबने से मौत हो गई। मोहनलाल की शादी चार महीने पहले ही हुई थी। पांच दोस्त मोरबी से नागरा में नहाने आए थे। युवक नहाने के बाद सोमनाथ जाना था। जोरावरनगर पुलिस ने चारों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए सुरेंद्रनगर के गांधी अस्पताल में रखवाया है। नहाने के बाद सोमनाथ जाने का प्लान बना रहे युवकों के साथ जो हादसा हुआ। मस्ती करते-करते गहने पानी में चले गए थे दोस्त कालूराम राजूराम भील ने बताया- हम पांच लोग थे। मैं कपड़े धोने के लिए बाहर रुका और बाकी को नहाना था। मस्ती करते-करते वे गहरे पानी में डूब गए। मैंने चिल्लाकर करणसिंह भाटी को बुलाया, 200 गांव वालों की भीड़ मौके पर पहुंची और लाशों को ढूंढकर बाहर निकाला। चिपचिपी मिट्टी में फंसने का अनुमान ताजर में बारिश के दौरान उमाई नदी के नाम से मशहूर इलाके में गहरे गड्ढों में पानी भर गया है। इससे पानी की वजह से यह पता नहीं चल पा रहा है कि गड्ढा कितना गहरा है। जबकि नदी की मिट्टी चिपचिपी होने की वजह से कई बार कोई इसमें फंस जाता है। ये युवक मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले थे। इसलिए हो सकता है कि उन्हें लोकल नदी की गहराई या खुले गड्ढों के बारे में पूरी जानकारी न रही हो। इस वजह से वे गलती से गहरे पानी में डूब गए।

दैनिक भास्कर 9 Aug 2026 10:05 pm

बीकानेर में 25 लाख की 465 पेटी अवैध शराब जब्त:पंजाब से गुजरात जा रही थी खेप, पुलिस ने एस्कॉर्ट कर रही फॉर्च्यूनर भी पकड़ी

बीकानेर में अवैध तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन नीलकंठ के तहत महाजन पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रविवार को अरजनसर-पल्लू मेगा हाईवे पर 465 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब से भरा कैंटर पकड़ा है। पुलिस के अनुसार जब्त शराब की अनुमानित कीमत करीब 25 लाख रुपए है। कार्रवाई जैतपुर पुलिस चौकी क्षेत्र में की गई। पुलिस के अनुसार नाकाबंदी के दौरान संदिग्ध कैंटर को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी में कैंटर से 465 पेटी चंडीगढ़ निर्मित अवैध अंग्रेजी शराब बरामद हुई। शराब के परिवहन में इस्तेमाल कैंटर को जब्त कर लिया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि शराब की खेप पंजाब से गुजरात ले जाई जा रही थी। एस्कॉर्ट कर रही फॉर्च्यूनर भी पकड़ी पुलिस ने शराब से भरे कैंटर के साथ चल रही फॉर्च्यूनर गाड़ी को भी पकड़ा। पुलिस के अनुसार फॉर्च्यूनर शराब से भरे कैंटर को एस्कॉर्ट कर रही थी। वाहन में सवार सतपाल उर्फ नैना और सुशील कुमार को दस्तयाब किया गया है। आरोपी गिरफ्तार, पूछताछ जारी मामले में पुलिस ने दिनेश कुमार पुत्र शंकरराम विश्नोई, उम्र 45 साल, निवासी पीलवा, थाना लोहावट, जिला फलोदी को गिरफ्तार किया है। पुलिस आरोपियों से शराब की खेप के स्रोत, तस्करी के नेटवर्क और इसे गुजरात में कहां पहुंचाया जाना था, इसे लेकर पूछताछ कर रही है। कार्रवाई थाना प्रभारी भजनलाल लावा के निर्देशन में की गई। टीम में अनूप सिंह, पृथ्वीराज, दीपक, अजय, राजाराम, पूनमचंद और सुभाष शामिल रहे। कांस्टेबल अजय की कार्रवाई में विशेष भूमिका रही है।

दैनिक भास्कर 9 Aug 2026 9:10 pm

मध्य प्रदेश में भीषण सड़क हादसा: धार के पास कार दुर्घटनाग्रस्त, गुजरात के 6 युवकों की दर्दनाक मौत

मध्य प्रदेश में रविवार को धार-उज्जैन-पेटलावद फोरलेन हाईवे पर पंचकवासा गांव के पास एक वैन और ट्रेलर की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस भीषण सड़क हादसे में गुजरात के गोधरा और पंचमहल जिलों के छह युवकों की मौत हो गई।

देशबन्धु 9 Aug 2026 8:01 pm

शराबबंदी कानून के क्रियान्वयन पर जीतन राम मांझी ने उठाए सवाल, बोले- बिहार में लागू हो गुजरात मॉडल

Patna, 9 अगस्त . Union Minister और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के प्रमुख जीतन राम मांझी ने बिहार में लागू शराबबंदी कानून के क्रियान्वयन पर एक बार फिर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि नशाबंदी का कानून सही होना चाहिए, लेकिन इसके क्रियान्वयन में गड़बड़ी के कारण कई तरह की समस्याएं सामने आ रही हैं. ... Read more

डेली किरण 9 Aug 2026 7:01 pm

चूरू में 1 करोड़ की अवैध शराब पकड़ी:2 तस्कर गिरफ्तार, NH-52 पर कंटेनर को किया जब्त, चंडीगढ़ से गुजरात हो रही थी तस्करी

चूरू की कोतवाली पुलिस ने 'ऑपरेशन नकेल' के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध शराब तस्करी का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने NH-52 पर एक कंटेनर से करीब 1 करोड़ रुपए की अवैध शराब जब्त की है। इस मामले में 2 तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने लांबा पेट्रोल पंप के पास नाकाबंदी के दौरान शराब से भरा यह कंटेनर पकड़ा। कंटेनर से कुल 961 कार्टन अवैध शराब बरामद की गई, जिसकी अनुमानित कीमत 1 करोड़ रुपए बताई जा रही है। कोतवाली थानाधिकारी गौरव खिड़िया ने बताया कि यह शराब चंडीगढ़ से गुजरात ले जाई जा रही थी। दोनों आरोपियों से पूछताछ जारीकार्रवाई के दौरान पुलिस ने हरियाणा के बास पदमका निवासी नवीन और साहिल को गिरफ्तार किया है। दोनों से शराब तस्करी के नेटवर्क, सप्लायर और गुजरात में शराब पहुंचाने वाले लोगों के संबंध में गहन पूछताछ की जा रही है। यह कार्रवाई कोतवाली थाना पुलिस की स्पेशल टीम ने एएसआई सुरेश कुमार के नेतृत्व में की। टीम ने NH-52 पर नाकाबंदी कर संदिग्ध कंटेनर को रोका और तलाशी ली, जिसमें बड़ी मात्रा में अवैध शराब के कार्टन मिले। कॉन्स्टेबल प्रमोद कुमार, विकास कुमार, मोहरपाल, मुकेश और भीम सिंह ने इस कार्रवाई में अहम भूमिका निभाई।पुलिस ने कंटेनर और शराब को जब्त कर लिया है। मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस इस पूरे तस्करी रैकेट का पर्दाफाश करने का प्रयास कर रही है।

दैनिक भास्कर 9 Aug 2026 5:32 pm

मध्य प्रदेश: धार के पास भीषण सड़क हादसा, गुजरात के छह युवकों की मौत

Bhopal /धार, 9 अगस्त . Madhya Pradesh में Sunday को धार-उज्जैन-पेटलावद फोरलेन हाईवे पर पंचकवासा गांव के पास एक वैन और ट्रेलर की आमने-सामने टक्कर हो गई. इस भीषण सड़क हादसे में Gujarat के गोधरा और पंचमहल जिलों के छह युवकों की मौत हो गई. पीड़ित उज्जैन के महाकाल मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद घर ... Read more

डेली किरण 9 Aug 2026 4:56 pm

‘फिट इंडिया मूवमेंट’ को आगे बढ़ाने की पहल अभियान में बदली: मनसुख मांडविया

New Delhi, 9 अगस्त . केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने Sunday को Gujarat के हनोल से ‘फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल’ के 85वें संस्करण की अगुवाई की. यह कार्यक्रम ‘नशा मुक्त भारत’ थीम और ‘फिटनेस को हां कहें, नशे को न कहें’ संदेश पर केंद्रित रहा. युवा मामले और खेल मंत्रालय ... Read more

डेली किरण 9 Aug 2026 3:06 pm

फ्री फायर का खेल, किशोरी से दोस्ती और रेप; गेमिंग पार्टनर को MP से गिरफ्तार कर गुजरात ले गई पुलिस

मध्य प्रदेश में एक युवक द्वारा 'फ्री फायर' गेम के जरिये अहमदाबाद की एक नाबालिग लड़की को अपने जाल में फंसाकर अपने साथ भगा लाने और दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। गुजरात पुलिस ने 20 वर्षीय आरोपी को अमरपाटन से गिरफ्तार किया है।

लाइव हिन्दुस्तान 9 Aug 2026 2:56 pm

धार में भीषण हादसा : महाकाल के दर्शन कर लौट रहे गुजरात के युवकों की वैन को ट्रॉले ने मारी टक्कर, छह की मौत

बदनावर-उज्जैन फोरलेन पर ग्राम पंचकवासा के पास बड़ा भीषण हादसा हो गया। यहां रविवार दोपहर करीब 1 बजे हादसे में छह युवकों की मौत हो गई। सभी युवक वैन में सवार होकर उज्जैन में महाकाल के दर्शन कर गुजरात लौट रहे थे। रास्ते में उनकी वैन को अनियंत्रित ट्रॉले ने जोरदार टक्कर मार दी।

दैनिक जागरण 9 Aug 2026 2:15 pm

ट्रॉले ने वैन को टक्कर मारी, 6 श्रद्धालुओं की मौत:महाकाल दर्शन कर गुजरात लौट रहे थे; ग्राइंडर से गाड़ी काटकर निकाले जा सके शव

धार जिले के बदनावर में रॉन्ग साइड से आ रहे ट्रॉले ने वैन को सामने से ऐसी टक्कर मारी कि वह पिचक गई। वैन में सवार सभी छह श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई। वे गुजरात में वड़ोदरा के रहने वाले थे और उज्जैन से महाकाल के दर्शन कर लौट रहे थे। गाड़ी की हालत ऐसी थी कि उसकी बॉडी काटकर दो शव निकाले जा सके। हादसा रविवार दोपहर करीब 1 बजे पंचकवास गांव के पास उज्जैन फोरलेन पर हुआ। सूचना मिलते ही बदनावर टीआई अमित सिंह कुशवाह और तहसीलदार सुरेश नागर मौके पर पहुंचे। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से वैन में फंसे शवों को बाहर निकाला। देखिए, हादसे के बाद की तस्वीरें… ट्रॉले में लोहे का सामान भरा था पुलिस ने कहा- प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, वैन में 6 लोग सवार थे। ट्रॉला नंबर GJ39 DB 9248 रॉन्ग साइड से उज्जैन की ओर जा रहा था। इसमें लोहे का सामान भरा था। वहीं, मारुति ईको वैन नंबर GJ17 CK 6134 उज्जैन से गुजरात की ओर जा रही थी। कलेक्टर राजीव रंजन मीणा, एसपी सचिन शर्मा, एडिशनल एसपी पारुल बेलापुरकर ने घटनास्थल पर पहुंचकर जायजा लिया। कलेक्टर मीणा ने बताया कि हादसे के बाद ट्रॉले का ड्राइवर भाग गया। पुलिस ने मृतकों के परिजन को सूचना दे दी है। शवों का पंचनामा बनाकर उन्हें बदनावर सिविल अस्पताल की मॉर्चुरी में रखवाया गया है। ग्राइंडर से गाड़ी काटकर निकाले शव प्रत्यक्षदर्शी महिपाल सिंह ने कहा- हमारा मकान सड़क किनारे ही है। हम घर पर बैठे थे, अचानक तेज आवाज आई। बाहर आए तो देखा कि एक्सीडेंट हुआ है। कार में कुछ लोग फंसे थे। पुलिस को सूचना दी। इसके बाद कार के गेट को ग्राइंडर से काटकर शवों को बाहर निकाला। ये खबर भी पढ़ें… नेपाल से पुणे जा रही बस की ट्रक से टक्कर नेपाल से पुणे जा रही स्लीपर बस भिंड में एलपीजी सिलेंडर से लदे ट्रक से टकरा गई। हादसे में एक महिला की मौत हो गई जबकि 15 यात्री घायल हैं। बस का ड्राइवर केबिन में फंस गया था, जिसे ग्रामीणों ने बाहर निकाला। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 9 Aug 2026 1:45 pm

Rajasthan Gujarat Weather:

राजस्थान और गुजरात में मानसून सक्रिय रहने के आसार हैं। पूर्वी राजस्थान में मध्यम से भारी बारिश, जबकि गुजरात के कई इलाकों में बारिश हो सकती है।

मौसम ब्रेकिंग 9 Aug 2026 11:43 am

Gujarat : गुजरात में दिव्यांगों के लिए बड़ी सुविधा, अब मोबाइल में दिखाएं बस पास और करें फ्री सफर, केंद्र सरकार ने दिया अवॉर्ड

गुजरात सरकार ने दिव्यांगजनों के लिए डिजिटल सुविधा की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने दिव्यांगों को जारी किए जाने वाले ‘दिव्यांग बस पास’ को डिजिलॉकर से जोड़ दिया है। अब लाभार्थियों को बस में सफर के दौरान बस पास की हार्ड कॉपी साथ रखने की ...

वेब दुनिया 9 Aug 2026 11:06 am

Indore News: गुजरात के कारोबारी से 2.14 करोड़ लेने का आरोप,74 साल का कंपनी डायरेक्टर गिरफ्तार

डीसीपी(अपराध) राजेश त्रिपाठी के मुताबिक गुजरात के झालोद, जिला दाहोद निवासी कमलेश अग्रवाल ने क्राइम ब्रांच में शिकायत की थी।

दैनिक जागरण 8 Aug 2026 7:05 pm

Dividend Stocks: अनिल अग्रवाल की वेदांता समेत ये हैं 5 शानदार शेयर, डिविडेंड से कमाई का मौका जानकर हो जाएंगे हैरान

शेयर बाजार में निवेश करने वाले हर निवेशक की चाहत होती है कि उसे पूंजी में बढ़त के साथ-साथ नियमित अंतराल पर डिविडेंड के रूप में भी मोटी कमाई होती रहे। ऐसे निवेशकों का सबसे ज्यादा फोकस कंपनियों की डिविडेंड यील्ड पर होता है। अगर आप भी शेयर बाजार में ऐसे ही शेयरों की तलाश कर रहे हैं, तो अनिल अग्रवाल की वेदांता लिमिटेड (Vedanta) समेत पांच ऐसे दिग्गज शेयरों के बारे में जानना आपके लिए बेहद जरूरी है, जो निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं।क्या होती है डिविडेंड यील्ड और कैसे काम करती है कैलकुलेशनडिविडेंड यील्ड को आसान भाषा में ऐसे समझें कि यह यह बताती है कि किसी शेयर की मौजूदा कीमत के मुकाबले कंपनी सालभर में कितना डिविडेंड दे रही है। उदाहरण के लिए, यदि किसी शेयर की कीमत 100 रुपये है और कंपनी 5 रुपये का सालाना डिविडेंड देती है, तो डिविडेंड यील्ड 5 फीसदी होगी। यदि वही शेयर गिरकर 50 रुपये का हो जाए और कंपनी फिर भी 5 रुपये का डिविडेंड दे, तो डिविडेंड यील्ड बढ़कर 10 फीसदी दिखने लगेगी। यहीं पर नए निवेशकों को सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होती है, क्योंकि कई बार शेयर की कीमत टूटने की वजह से डिविडेंड यील्ड कागजों पर artificially बहुत ज्यादा नजर आती है।अनिल अग्रवाल की वेदांता समेत टॉप 5 हाई डिविडेंड यील्ड वाले शेयरमार्केट डेटा के विश्लेषण के अनुसार, सबसे ज्यादा डिविडेंड यील्ड देने वाले शेयरों की सूची में अनिल अग्रवाल की वेदांता लिमिटेड सबसे ऊपर है। इन चुनिंदा 5 शेयरों की सूची इस प्रकार है:Vedanta: इस शेयर की डिविडेंड यील्ड सबसे ज्यादा करीब 12.9 फीसदी दर्ज की गई है और इसे लगभग 76 म्यूचुअल फंड योजनाओं ने अपने पोर्टफोलियो में जगह दी है।Gujarat Pipavav Port: इस पोर्ट कंपनी की डिविडेंड यील्ड करीब 6.9 फीसदी रही है और करीब 9 म्यूचुअल फंड स्कीम्स ने इसमें निवेश किया हुआ है।Castrol India: लुब्रिकेंट सेक्टर की इस दिग्गज कंपनी की डिविडेंड यील्ड करीब 4.7 फीसदी है, जिसे लगभग 13 म्यूचुअल फंड्स का समर्थन प्राप्त है।TCS: देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनियों में शुमार टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज की डिविडेंड यील्ड करीब 4.5 फीसदी है और इसे 156 म्यूचुअल फंड योजनाओं ने अपने पोर्टफोलियो में रखा है।Infosys: आईटी सेक्टर की दिग्गज इंफोसिस की डिविडेंड यील्ड करीब 4.2 फीसदी है। इस सूची में यह सबसे ज्यादा 244 म्यूचुअल फंड होल्डिंग वाला शेयर है।निवेशकों के लिए क्या हैं बड़े जोखिम और जरूरी सावधानियांनए निवेशकों को यह गलती बिल्कुल नहीं करनी चाहिए कि वे केवल ऊंची डिविडेंड यील्ड या म्यूचुअल फंड्स की भारी-भरकम होल्डिंग देखकर आंख मूंदकर निवेश कर बैठें। वेदांता की 12.9 फीसदी यील्ड का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि यदि आपने 1 लाख रुपये लगाए हैं, तो हर साल 12,900 रुपये का पक्का रिटर्न मिलेगा। डिविडेंड पूरी तरह से कंपनी के मुनाफे, कर्ज, बिजनेस मॉडल और भविष्य की जरूरतों पर निर्भर करता है। आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनियों जैसे टीसीएस और इंफोसिस का कारोबार ग्लोबल मार्कीट और तकनीकी চাহিद पर निर्भर करता है। इसलिए, किसी भी कंपनी में पैसा लगाने से पहले उसका पिछला ट्रैक रिकॉर्ड, कर्ज की स्थिति, कैश फ्लो और बिजनेस ग्रोथ को अच्छी तरह परख लें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Aug 2026 6:11 pm

गुजरात में एक और फर्जी डॉक्टर गिरफ्तार, 31 दवाओं के ब्रांड भी किए गए जब्त

वलसाड, 8 अगस्त . Gujarat Police ने वलसाड जिले में एक किराए के घर में बिना मेडिकल डिग्री के डॉक्टर के तौर पर प्रैक्टिस करने और एलोपैथिक दवाओं से मरीजों का इलाज करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. साथ ही, Police ने 53,000 रुपए से ज्यादा कीमत की 31 ब्रांड की ... Read more

डेली किरण 8 Aug 2026 5:21 pm

‘दिव्यांग बस पास’ को डिजिलॉकर से जोड़ने के लिए गुजरात को राष्ट्रीय स्तर पर मिला सम्मान

गुजरात सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने स्टेट ई-गवर्नेंस मिशन टीम (एसईएमटी), गुजरात के सहयोग से दिव्यांग बस पास डिजिलॉकर से जोड़ दिए हैं। गुजरात सरकार की इस नागरिक-केंद्रित डिजिटल गवर्नेंस पहल ने राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है।

खास खबर 8 Aug 2026 12:23 pm

दुष्कर्म मामला: नारायण साईं को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका; गुजरात हाईकोर्ट के आदेश में दखल देने से साफ इनकार, खारिज की याचिका

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दुष्‍कर्म मामले में खुद को भगवान बताने वाले आसाराम के बेटे नारायण साईं की सजा पर रोक लगाने से इनकार करने वाले गुजरात हाईकोर्ट के आदेश में दखल देने से मना कर दिया।

देशबन्धु 7 Aug 2026 9:33 pm

'अभी भी मौका है, अपनी गलती सुधार ले गुजरात सरकार', ऊना दलित उत्पीड़न कांड पर भड़कीं मायावती

मायावती ने गुजरात के ऊना दलित उत्पीड़न कांड के आरोपियों के बरी होने पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने पीड़ितों को न्याय दिलाने और सरकारी खर्च पर वकील मुहैया कराने की मांग की है।

जागरण 7 Aug 2026 10:44 am

Mayawati: ऊना कांड के दोषियों को सजा दिलाए गुजरात सरकार, मायावती बोलीं- न्याय न मिलना विचलित करने वाला

बसपा सुप्रीमो मायावती ने गुजरात के ऊना कांड के दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलवाने की राज्य सरकार से अपील की है। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को फ्री कानूनी सहायता दी जाए जिससे कि उन्हें न्याय मिल सके।

अमर उजाला 7 Aug 2026 9:22 am

Pilibhit News: हत्यारोपी महिला के दूसरे पति की तलाश तेज, गुजरात गई पुलिस

31 जुलाई को हुए उमाशंकर हत्याकांड में साजिश रचने के आरोप में पुलिस ने किया था नामजद

अमर उजाला 6 Aug 2026 2:01 am

राष्ट्रमंडल खेल 2026: चुनौतियों के बीच चमका भारत

राष्ट्रमंडल खेल केवल पदकों की प्रतियोगिता नहीं बल्कि किसी देश की खेल संस्कृति, प्रतिभा विकास, खेल विज्ञान, प्रशिक्षण व्यवस्था और दीर्घकालिक खेल नीति का दर्पण भी होते हैं। ग्लासगो (स्कॉटलैंड) में 23 जुलाई से 2 अगस्त तक आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों का समापन भारत के लिए अनेक उपलब्धियों, कुछ अधूरी अपेक्षाओं और भविष्य की नई संभावनाओं के साथ हुआ। भारतीय दल ने 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य सहित कुल 39 पदक जीतकर पदक तालिका में चौथा स्थान प्राप्त किया। यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस बार प्रतियोगिता के कार्यक्रम में निशानेबाजी, कुश्ती, बैडमिंटन, हॉकी, टेबल टेनिस इत्यादि भारत के कई पारंपरिक मजबूत खेल शामिल ही नहीं थे। इन खेलों में भारत सामान्यतः बड़ी संख्या में पदक जीतता रहा है। ऐसे में सीमित अवसरों के बावजूद चौथा स्थान बनाए रखना भारतीय खिलाड़ियों की क्षमता और जुझारूपन का प्रमाण है। पदक तालिका में ऑस्ट्रेलिया ने 70 स्वर्ण सहित कुल 171 पदक जीतकर एक बार फिर अपना दबदबा कायम रखा। इंग्लैंड 110 पदकों के साथ दूसरे तथा कनाडा 62 पदकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। मेजबान स्कॉटलैंड भी 39 पदकों के साथ प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए पांचवें स्थान पर रहा। भारत और स्कॉटलैंड के कुल पदक समान रहे लेकिन स्वर्ण पदकों की संख्या के आधार पर भारत चौथे स्थान पर रहा। यदि पिछले राष्ट्रमंडल खेलों के प्रदर्शन की तुलना करें तो एक दिलचस्प तस्वीर सामने आती है। वर्ष 2018 में ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने 26 स्वर्ण, 20 रजत और 20 कांस्य सहित कुल 66 पदक जीतकर तीसरा स्थान हासिल किया था। उस प्रतियोगिता में निशानेबाजी ने अकेले 16 पदक दिलाकर भारत की सफलता में सबसे बड़ी भूमिका निभाई थी। इसके अलावा मुक्केबाजी, भारोत्तोलन और कुश्ती में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया था। 2022 में इंग्लैंड के बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने 22 स्वर्ण, 16 रजत और 23 कांस्य सहित कुल 61 पदक जीतकर चौथा स्थान प्राप्त किया था। तब कुश्ती में भारत के सभी 12 पहलवानों ने पदक जीतकर इतिहास रचा था जबकि भारोत्तोलन और टेबल टेनिस में भी भारतीय खिलाड़ियों ने उल्लेखनीय सफलता अर्जित की थी। इन दोनों आयोजनों की तुलना में 2026 के ग्लासगो खेलों में भारत के कुल पदकों की संख्या घटकर 39 रह गई। पहली दृष्टि में यह गिरावट चिंताजनक लग सकती है किंतु यदि प्रतियोगिता के कार्यक्रम का विश्लेषण किया जाए तो स्पष्ट होता है कि भारत के अनेक पदक संभावित खेल इस बार आयोजित ही नहीं किए गए। इसलिए केवल पदकों की संख्या के आधार पर प्रदर्शन का मूल्यांकन करना उचित नहीं होगा। वास्तव में भारत ने उपलब्ध अवसरों का काफी प्रभावी उपयोग किया और जिन खेलों में उसने भाग लिया, उनमें उल्लेखनीय सफलता अर्जित की। इसे भी पढ़ें: Gujarat CM भूपेंद्र पटेल को सौंपा गया Commonwealth Games ध्वज, 2030 की तैयारियां शुरू इस बार भारतीय मुक्केबाजों ने राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास का सर्वश्रेष्ठ अभियान चलाया। भारत ने मुक्केबाजी में सात स्वर्ण और तीन रजत सहित कुल दस पदक जीतकर नया इतिहास रच दिया। महिला मुक्केबाजों ने विशेष रूप से प्रभावित किया। जैस्मीन लम्बोरिया, प्रिया घनघस, साक्षी चौधरी और प्रीति पवार जैसी युवा खिलाड़ियों ने यह संकेत दिया कि भारतीय महिला मुक्केबाजी का भविष्य अत्यंत उज्ज्वल है। ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन स्वर्ण से भले चूक गई लेकिन उनका अनुभव और प्रदर्शन भारतीय मुक्केबाजी की मजबूती का प्रमाण बना रहा। पुरुष वर्ग में भी सचिन सिवाच और अंकुश सहित अन्य मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत की पदक संख्या बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। यह सफलता दर्शाती है कि भारतीय मुक्केबाजी अब केवल कुछ खिलाड़ियों पर निर्भर नहीं रही बल्कि उसके पास प्रतिभाओं की व्यापक श्रृंखला तैयार हो चुकी है। भारोत्तोलन ने भी भारत की प्रतिष्ठा बनाए रखी। पिछले एक दशक में इस खेल में भारतीय खिलाड़ियों ने निरंतर प्रगति की है। ग्लासगो में भी उन्होंने अपने प्रदर्शन से यह साबित किया कि विश्व स्तर पर भारत अब एक मजबूत शक्ति बन चुका है। जूडो में भारतीय खिलाड़ियों ने अपेक्षा से बेहतर प्रदर्शन किया और कई महत्वपूर्ण पदक जीतकर यह संदेश दिया कि यह खेल भी भारत में तेजी से विकसित हो रहा है। हालांकि जूडो खिलाड़ी तूलिका मान का डोपिंग रोधी नियमों के अंतर्गत तीन बार ‘वेयरअबाउट्स’ संबंधी जानकारी देने में विफल रहने के कारण अस्थायी निलंबन और प्रतियोगिता से बाहर होना भारतीय दल के लिए एक बड़ा झटका था। यह घटना बताती है कि विश्वस्तरीय प्रतिस्पर्धा में केवल खेल कौशल ही नहीं, डोपिंग रोधी नियमों के प्रति पूर्ण जागरूकता और अनुशासन भी उतना ही आवश्यक है। एथलेटिक्स में भारत का प्रदर्शन इस बार विशेष चर्चा का विषय रहा। गुलवीर सिंह ने राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में नया अध्याय जोड़ते हुए 10,000 मीटर दौड़ में रजत और 5,000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। वे एक ही राष्ट्रमंडल खेल में ट्रैक एवं फील्ड स्पर्धाओं में दो पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने। इससे पहले भारत को इन लंबी दूरी की स्पर्धाओं में कभी पदक नहीं मिला था। यह उपलब्धि भारतीय एथलेटिक्स के बदलते स्वरूप और वैज्ञानिक प्रशिक्षण प्रणाली की सफलता का संकेत देती है। पैरा खेलों में भी भारत ने 3 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य सहित कुल सात पदक जीतकर नया इतिहास बनाया। यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह राष्ट्रमंडल खेलों के पैरा वर्ग में भारत के अब तक के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के बराबर है। यदि भारतीय दल के प्रदर्शन का गहन विश्लेषण किया जाए तो स्पष्ट होता है कि इस बार महिलाओं ने शानदार योगदान दिया। महिला खिलाड़ियों ने 8 स्वर्ण सहित कुल 16 पदक जीतकर भारतीय खेलों में बढ़ती महिला भागीदारी और उत्कृष्टता का परिचय दिया। दूसरी ओर पुरुष खिलाड़ियों ने कुल 23 पदक जीतकर संतुलित प्रदर्शन किया। फिर भी यह स्वीकार करना होगा कि 2026 का प्रदर्शन भारत के लिए संतोषजनक अवश्य है लेकिन ऐतिहासिक नहीं। वर्ष 2010 के नई दिल्ली राष्ट्रमंडल खेल आज भी भारत के स्वर्णिम अध्याय बने हुए हैं, जब भारत ने 38 स्वर्ण सहित कुल 101 पदक जीतकर ऑस्ट्रेलिया के बाद दूसरा स्थान प्राप्त किया था। घरेलू मैदान का लाभ अपनी जगह है लेकिन वह प्रदर्शन यह भी दर्शाता है कि यदि मजबूत खेल अवसंरचना, व्यापक खिलाड़ी आधार और सुव्यवस्थित तैयारी हो तो भारत शीर्ष देशों को कड़ी चुनौती देने की क्षमता रखता है। भारत की खेल यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष अब यह है कि देश अब कुछ चुनिंदा खेलों तक सीमित नहीं रह गया है। पहले भारत की अधिकांश सफलता निशानेबाजी, कुश्ती, बैडमिंटन और भारोत्तोलन तक सीमित रहती थी जबकि अब मुक्केबाजी, जूडो, एथलेटिक्स और पैरा खेलों में भी लगातार नए खिलाड़ी उभर रहे हैं। यह परिवर्तन भारत की खेल नीति, खेलो इंडिया जैसी योजनाओं, बेहतर प्रशिक्षण सुविधाओं, खेल विज्ञान, पोषण और खिलाड़ियों को मिलने वाले आर्थिक सहयोग का सकारात्मक परिणाम है। हालांकि अभी भी प्रतिभा पहचान, जमीनी स्तर पर कोचिंग, खेल चिकित्सा, मानसिक प्रशिक्षण और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के प्रतिस्पर्धी अनुभव को और मजबूत करने की आवश्यकता बनी हुई है। अब भारतीय खेल जगत की निगाहें वर्ष 2030 पर टिक गई हैं, जब राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी अहमदाबाद करेगा। यह केवल एक खेल आयोजन नहीं बल्कि भारत के लिए विश्व के सामने अपनी खेल क्षमता, आधुनिक अवसंरचना और संगठनात्मक दक्षता प्रदर्शित करने का सुनहरा अवसर होगा। ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों ने भारत को यह विश्वास अवश्य दिलाया है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हों, भारतीय खिलाड़ी हर मंच पर देश का गौरव बढ़ाने का सामर्थ्य रखते हैं। अब आवश्यकता इस बात की है कि इन उपलब्धियों को अंतिम लक्ष्य न मानकर उन्हें ओलंपिक और वैश्विक खेल महाशक्ति बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखा जाए। जिन खेलों में भारत विश्वस्तरीय शक्ति बन चुका है, उन्हें और सशक्त किया जाए तथा एथलेटिक्स, तैराकी, जिम्नास्टिक और अन्य ओलंपिक खेलों में भी दीर्घकालिक निवेश बढ़ाया जाए। यदि भारत अपनी खेल नीतियों में निरंतरता बनाए रखता है, खिलाड़ियों को वैज्ञानिक प्रशिक्षण, विश्वस्तरीय सुविधाएं और दीर्घकालिक समर्थन उपलब्ध कराता है तो वह दिन दूर नहीं, जब राष्ट्रमंडल ही नहीं, ओलंपिक और अन्य वैश्विक प्रतियोगिताओं में भी भारत पदक तालिका के शीर्ष देशों में नियमित रूप से दिखाई देगा। - योगेश कुमार गोयल (लेखक 36 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय वरिष्ठ पत्रकार और ‘सागर से अंतरिक्ष तक: भारत की रक्षा क्रांति’ सहित कई पुस्तकों के लेखक हैं)

प्रभासाक्षी 5 Aug 2026 5:58 pm

'चांदीपुरा' वायरस के तेज रफ्तार से मचा हड़कंप, देखें गुजरात आजतक

गुजरात में चांदीपुरा वायरस से एक बार फिर हड़़कंप मच गया है. इस वायरस से अबतक 22 बच्चों की मौत हो गई. गुजरात में 184 संदिग्ध केस सामने आए हैं, जिनमें 35 मरीज चांदीपुरा वायरस से संक्रमित पाए गए हैं.. वहीं, चांदीपुरा वायरस को लेकर गुजरात स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट है.

आज तक 5 Aug 2026 8:48 am

मांजलपुर सीट पर बीजेपी का दबदबा बरकरार, देखें गुजरात आजतक

गुजरात के मांजलपुर विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी ने बड़ी और निर्णायक जीत दर्ज की है. बीजेपी उम्मीदवार सतेंद्रभाई पटेल ने कांग्रेस के भिखाभाई रबारी को 30 हजार 630 वोटों के बड़े अंतर से हराकर सीट बरकरार रखी. यह उपचुनाव बीजेपी के वरिष्ठ नेता और आठ बार के विधायक रहे योगेश पटेल के निधन के बाद हुआ था. कम मतदान के बावजूद बीजेपी ने अपने मजबूत जनाधार को कायम रखते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि मांजलपुर में उसका संगठन और सियासी पकड़ अब भी मजबूत है.

आज तक 4 Aug 2026 8:46 am

ललित सुरजन की कलम से - दिल्ली में गुजरात !

'यूं देखा जाए तो गुजराती भोजनालय भारत के कोने-कोने में मिल जाएंगे। देश में जो प्रमुख पर्यटन स्थल हैं, खासकर तीर्थस्थान, वहां गुजराती भोजनालय होना मानों अनिवार्य ही है।

देशबन्धु 24 Jun 2026 3:20 am

Gujarat High Court ने आमिर खान के बेटे की पहली फिल्म महाराज की रिलीज पर लगी रोक हटाई

गुजरात उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को बॉलीवुड स्टार आमिर खान के बेटे जुनैद की पहली फिल्म महाराज की रिलीज पर लगी अंतरिम रोक हटाते हुए कहा कि फिल्म में कुछ भी अपमानजनक नहीं है और यह पुष्टिमार्ग संप्रदाय को निशाना नहीं बनाती है, जैसा कि याचिका में आरोप लगाया गया है। यह फिल्म 1862 के एक मानहानि मामले पर आधारित है, जिसमें वैष्णव धार्मिक नेता एवं समाज सुधारक करसनदास मुलजी शामिल थे। पुष्टिमार्ग संप्रदाय के कुछ सदस्यों ने नेटफ्लिक्स पर इस फिल्म की रिलीज के खिलाफ याचिका दायर की थी, जिसमें दावा किया गया था कि यह धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती है। न्यायमूर्ति संगीता विशेन ने 13 जून को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर फिल्म की रिलीज पर अंतरिम रोक लगा दी थी।न्यायाधीश ने शुक्रवार को अपने आदेश में कहा कि फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) द्वारा प्रमाणित किया गया है और यह उक्त संप्रदाय को निशाना नहीं बनाती है।

प्रभासाक्षी 21 Jun 2024 6:23 pm

Gujarat HC ने Netflix को Maharaj रिलीज करने की अनुमति दी, कहा- इससे भावनाएं आहत नहीं होतीं

गुजरात उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को स्ट्रीमिंग दिग्गज नेटफ्लिक्स की फिल्म ‘महाराज’ की रिलीज पर लगी अपनी अस्थायी रोक हटा ली, जिसमें कहा गया कि फिल्म महाराज 1862 के महाराज मानहानि मामले से जुड़ी घटनाओं पर आधारित है और इसका उद्देश्य किसी समुदाय की भावनाओं को आहत करना नहीं है। न्यायमूर्ति संगीता के. विशेन, जिन्होंने 13 जून को फिल्म की रिलीज पर रोक लगाई थी, ने फिल्म देखने के बाद शुक्रवार को नेटफ्लिक्स को फिल्म स्ट्रीम करने की अनुमति देने का फैसला किया। इसे भी पढ़ें: Swara Bhasker के साथ कोई भी निर्माता-निर्देशक नहीं करना चाहता काम? एक्ट्रेस ने खुद किए चौंकाने वाले खुलासे अदालत ने कहा “यह अदालत प्रथम दृष्टया इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि फिल्म महाराज उन घटनाओं पर आधारित है, जिनके कारण मानहानि का मामला दायर किया गया और इसका उद्देश्य पुष्टिमार्गी समुदाय की भावनाओं को आहत करना नहीं है। फिल्म को संबंधित दिशा-निर्देशों पर विचार करने के बाद विशेषज्ञ निकाय केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड द्वारा प्रमाणित किया गया था… 13 जून को दी गई अंतरिम राहत रद्द कर दी गई है। मूल रूप से 14 तारीख को रिलीज होने वाली इस फिल्म को हाईकोर्ट ने नेटफ्लिक्स पर रोक लगा दी थी, क्योंकि व्यापारियों के एक समूह ने इस आधार पर कोर्ट में याचिका दायर की थी कि इसमें वैष्णव समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की क्षमता है। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | नमक-मिर्च लगाकर कच्ची केरी के चटकारे ले रहीं परिणीति चोपड़ा, मिर्जापुर 3 का जबरदस्त ट्रेलर रिलीज फिल्म महाराज गुजराती लेखक सौरभ शाह की 2013 की किताब पर आधारित है, जो 1862 के ऐतिहासिक मानहानि मामले पर आधारित है, जो एक प्रमुख वैष्णव व्यक्ति, जदुनाथजी द्वारा समाज सुधारक करसनदास मुलजी के खिलाफ दायर किया गया था, जिन्होंने सर्वशक्तिमान महाराज द्वारा यौन शोषण के खिलाफ लिखा था। मुलजी ने अपनी पत्रिका सत्यप्रकाश में शोषणकारी प्रथा का खुलासा किया, जिसके कारण मानहानि का मामला चला, जो प्रसिद्ध महाराज मानहानि मामला बन गया। न्यायमूर्ति विशन ने कहा कि याचिकाकर्ताओं की प्राथमिक शिकायत कि फिल्म वैष्णव समुदाय को बदनाम करती है, बदनाम करती है और उसका अपमान करती है, में कोई दम नहीं है। “इस प्रकार उनकी अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए बाध्य है कि याचिकाकर्ताओं की आशंका अनुमानों पर आधारित है। चूंकि फिल्म को अभी सार्वजनिक रूप से देखने के लिए जारी नहीं किया गया है, इसलिए केवल अनुमान के आधार पर संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (ए) के तहत प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित नहीं किया जा सकता है, अदालत ने कहा। उन्होंने खुली अदालत में आदेश सुनाते हुए कहा फिल्म का मुख्य संदेश, जैसा कि प्रतिवादी ने सही कहा है, यह है कि फिल्म सामाजिक बुराई और करसनदास मुलजी द्वारा सामाजिक सुधार के लिए लड़ाई पर केंद्रित है, जो स्वयं वैष्णव समुदाय से थे। उन्होंने कहा, फिल्म किसी भी तरह से धार्मिक भावनाओं को प्रभावित या आहत नहीं करती है। फिल्म यह निष्कर्ष निकालती है कि संप्रदाय किसी भी व्यक्ति या घटना से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। इस घटना को अपवाद मानते हुए वैष्णव संप्रदाय और उसके अनुयायी बढ़ते रहे और भारत के सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक ताने-बाने का गौरवपूर्ण और अभिन्न अंग बने रहे। यह आशंका जताई जा रही है कि इससे सांप्रदायिक विद्वेष पैदा होने की संभावना है। हालांकि, उसी मानहानि मामले के आधार पर 2013 में पुस्तक प्रकाशित हुई थी और किसी घटना की सूचना नहीं दी गई है। उन्होंने कहा, यहां तक ​​कि याचिकाकर्ताओं ने भी यह दावा नहीं किया है कि पुस्तक से सांप्रदायिक विद्वेष पैदा हुआ है।

प्रभासाक्षी 21 Jun 2024 5:49 pm

Chandu Champion: कपिल देव ने कार्तिक आर्यन की फिल्म के लिए लिखा दिल को छू लेने वाला नोट

पूर्व भारतीय क्रिकेटर कपिल देव ने इंस्टाग्राम पर कबीर खान के निर्देशन की प्रशंसा की और उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म ने उन्हें भावुक कर दिया। कपिल देव ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्टर शेयर किया और एक लंबा नोट लिखा, चंदू चैंपियन! निश्चित रूप से एक ऐसी फिल्म जिसे आप मिस नहीं कर सकते। मुझे खेल फिल्में देखना और उनकी सराहना करना वाकई पसंद है। लेकिन यह सिर्फ एक खेल फिल्म होने से कहीं बढ़कर है। यह इससे कहीं बढ़कर है। इसे देखते हुए मैं हंसा, रोया, गर्व महसूस किया और फिर से रोया। @kabirkhankk को सलाम। आपने फिर से कमाल कर दिया। इसे भी पढ़ें: Shraddha Kapoor In love | श्रद्धा कपूर ने राहुल मोदी के साथ अपने रिश्ते को किया कंफर्म, शेयर की क्यूट तस्वीर और इमोशनल पोस्ट उन्होंने आगे लिखा, एक और शानदार फिल्म बनाई। @kartikaaryan ने क्या शानदार अभिनय किया, आपका प्रयास और प्रतिभा चमक रही है। पूरी कास्ट और क्रू को बधाई और हमें यह फिल्म देखने के लिए देने के लिए धन्यवाद। आप सभी चैंपियन हैं! एक और शानदार फिल्म बनाई। @kartikaaryan ने क्या कमाल का अभिनय किया है, आपकी मेहनत और प्रतिभा जगमगा रही है। पूरी कास्ट और क्रू को बधाई और हमें यह फिल्म देखने के लिए देने के लिए आपका धन्यवाद। आप सभी चैंपियन हैं! इसे भी पढ़ें: Gujarat High Court ने फिल्म महाराज की ओटीटी रिलीज पर रोक एक दिन के लिए बढ़ाई कार्तिक और कबीर की फिल्म 'चंदू चैंपियन' 14 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। Sacnilk की एक रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है और अब तक कुल कलेक्शन 29.75 करोड़ रुपये हो चुका है। इसमें कार्तिक मुरलीकांत पेटकर की भूमिका में नजर आ रहे हैं। यह फिल्म एक ऐसे एथलीट की असाधारण कहानी पर आधारित है जिसने कभी हार नहीं मानी। View this post on Instagram A post shared by Kapil Dev (@therealkapildev)

प्रभासाक्षी 19 Jun 2024 12:52 pm

जेल से रिहा होने पर Elvish Yadav ने गुजरात में खेली जबरदस्त होली, 'राव साहब' को अपने बीच देख क्रेजी हुए फैन्स

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समाचार नामा 26 Mar 2024 12:00 pm