जोधपुर जीआरपी पुलिस ने ट्रेन में गहने चुराने वाली एक गैंग का खुलासा किया है। जीआरपी टीम ने गैंग में गुजरात के पालीताणा निवासी दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है। इन महिलाओं के पास से डायमंड की अंगूठियां भी बरामद की है। ये महिलाएं ट्रेन में चढ़ रहे पैसेंजर्स को घेर लेती और वारतदा करती थी। इतना ही नहीं वारदात से पहले गुजतरा में पूजा करके निकलती थी। सूर्यनगरी एक्सप्रेस में चुराई थी ज्वेलरी मामले को लेकर जानकारी देते हुए एएसआई कंचन राठौर ने बताया कि परिवादी विष्णु कुमार निवासी सूरसागर ने एक रिपोर्ट दी। बताया कि 19 जून को उनके मित्र की पत्नी जो मुंबई में रहती है। एक धार्मिक कार्यक्रम के लिए वसई महाराष्ट्र से लाडनू जाने के लिए आई थी। वह मुंबई से सूर्यनगरी एक्सप्रेस से जोधपुर पहुंची और जोधपुर से लाडनू के लिए भावनगर हरिद्वार एक्सप्रेस के कोच एस-5 में रिजर्वेशन सीट पर बैठने के लिए ट्रेन में चढ़ रही थी। इस दौरान अज्ञात चोरों ने उनके बैग से चार डायमंड की अंगूठियां और एक सोने का लॉकेट चोरी कर दिया था। रिपोर्ट मिलने के बाद थाना अधिकारी मुक्ता पारीक के नेतृत्व में अज्ञात चोरों की तलाश शुरू की। टीम रेलवे स्टेशन के फुटेज खंगालकर आरोपी महिलाओं को गिरफ्तार किया टीम ने रसीलाबेन पत्नी आकाश भाई कांगिया उम्र 34 साल निवासी गराजिया रोड भीलवास पुलिस थाना पालीताणा जिला भावनगर गुजरात और मालाबेन उम्र 55 साल पत्नी सूरज बागड़ी निवासी पालीताणा को गिरफ्तार किया। इनमें से गिरफ्तार रसीला बहन के खिलाफ दिल्ली में चोरी के दो मामले दर्ज हैं। आरोपी महिलाओं के पास से चार डायमंड की अंगूठी जिसका वजन करीब 40 ग्राम है और उसकी कीमत 4 लाख 75000 है उसे बरामद किया गया। ऐसे करती थी वारदात पुलिस के मुताबिक आरोपी महिलाएं चोरी करने के लिए रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के कोच के आगे खड़ी हो जाती थी। जैसे ही कोई सवारी पीछे से चढ़ने का प्रयास करती उनके पीछे एक दूसरी गैंग की महिला सदस्य लग जाती और धक्का मुक्की के बीच में वह उनके बैग से जेवर चुरा लेती थी।
अदाणी ग्रुप की अंबुजा सीमेंट्स ने सोमवार को घोषणा की कि उसने ब्रिटेन स्थित स्वच्छ प्रौद्योगिकी कंपनी लीलाक लिमिटेड के साथ साझेदारी की है, जिसके तहत दोनों कंपनियां गुजरात के कच्छ जिले के सांघीपुरम में दुनिया के सबसे बड़े वाणिज्यिक स्तर के कम-कार्बन सीमेंट उत्पादन मार्गों में से एक विकसित करेंगी।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पूरे गुजरात में उत्साह के साथ विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इस मौके पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल ने गांधीनगर जिले के मानसा में योगाभ्यास कर विश्व योग दिवस समारोह में भाग लिया। मानसा स्थित ...
International Yoga Day 2026 : कोलकाता में PM मोदी ने किया योग, गुजरात में अमित शाह भी हुए शामिल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर सामूहिक योग कार्यक्रम के दौरान योगाभ्यास किया। इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 'स्वस्थ आयु के लिए योग' की थीम के साथ मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतर्राष्ट्रीय ...
Gujarat New EV Policy: ग्राहकों को मिलेगी डबल सब्सिडी, RTO टैक्स होगा जीरो
Gujarat New EV Policy: पश्चिम एशिया के संकट के बाद ईंधन पर निर्भरता कम करने और राज्य में स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए गुजरात सरकार एक नई और व्यापक इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी लाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए सरकार द्वारा विभिन्न हितधारकों ...
चाकू घोंपकर युवक की हत्या:साथी मजदूर ने किया मर्डर, डेढ़ महीने पहले गुजरात में हुआ था विवाद
डूंगरपुर जिले में रामसागड़ा थाना क्षेत्र के रेंटा जुड़ा गांव में एक व्यक्ति की चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया, जिसे बाद में पुलिस ने डिटेन कर लिया। दोनों गुजरात के भुज में एक साथ मजदूरी करते है। डेढ़ महीने पहले दोनों के बीच आपसी कहासुनी को लेकर विवाद हो गया था। इसी बात को लेकर गांव आने पर भी फिर से विवाद हुआ और हत्या कर दी गई। पुलिस मामले में जांच कर रही है। भुज में साथ करते थे कामरामसागड़ा थानाधिकारी कैलाश कुमार ने बताया कि मृतक सुखराम (40) पुत्र सोना आमलिया निवासी रेटा जुड़ा गुजरात के भुज में मजदूरी का काम करता था। आरोपी विश्राम पुत्र मोतीलाल अहारी निवासी रामपुर वियोला भी उसके साथ ही मजदूरी करता था। डेढ़ महीने पहले हुआ था विवाददोनों के बीच डेढ़ महीने पहले गुजरात में मजदूरी के दौरान विवाद हो गया था। इसके बाद सुखराम अपने गांव आ गया था। आरोपी विश्राम शुक्रवार को सुखराम के घर आ गया। जहां दोनों के बीच डेढ़ महीने पहले हुए विवाद को लेकर फिर से झगड़ा हो गया। घर आकर किया चाकू से ताबड़तोड़ हमलादोनों में विवाद इतना बढ़ गया कि विश्राम ने सुखराम पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। जिसमें सुखराम लहूलुहान होकर गंभीर रूप से घायल हो गया । वारदात के बाद आरोपी विश्राम मौके से भाग गया। आरोपी को पुलिस ने किया डिटेनघटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को डूंगरपुर अस्पताल पहुंचाया। जहां इलाज के दौरान डॉक्टर ने सुखराम को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया। वहीं पुलिस ने आरोपी की तलाश करते हुए विश्राम को डिटेन कर लिया। मामले में हत्या का केस दर्ज कर पुलिस जांच में जुटी है।
मानसून में देरी के बीच गुजरात सरकार का बड़ा कदम, किसानों को अब 8 के बजाय मिलेगी 10 घंटे बिजली
राज्य में मानसून की धीमी गति और उम्मीद के मुताबिक बारिश न होने के कारण किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। इस मुश्किल स्थिति में खेती और सिंचाई के काम को आसान बनाने के लिए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। ...
पंजाब और गुजरात के साथ लंबित जल समझौतों की पड़ताल देश के सबसे जल-संकटग्रस्त राज्यों में शामिल राजस्थान को दशकों बाद भी अपने ही हिस्से के पानी का इंतजार है। एक तरफ राजस्थान में पांचना बांध में पानी के वितरण को लेकर विवाद चल रहा है। 20 साल से सिंचाई का पानी नहीं मिलने पर किसानों ने 28 जून से रेल रोको की चेतावनी दी है। प्रदेश में 13 जिले संकट से जूझ रहे हैं। दूसरी तरफ, राजस्थान अपने हक का 1.87 ट्रिलियन लीटर पानी नहीं ले पा रहा। 60 साल पुराने समझौते के बावजूद गुजरात 40 टीएमसी पानी नहीं छोड़ रहा। 45 साल पहले अस्थायी तौर पर उपयोग के लिए दिया गया 0.60 एमएएफ पानी पंजाब से वापस नहीं मिल पाया है। भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि दोनों समझौतों की मूल शर्तें पूरी होने के बाद भी राजस्थान को हक नहीं मिल सका। गुजरात के मामले में नर्मदा का पानी खेड़ा जिले तक पहुंचने की शर्त दो दशक पहले (साल 2001) पूरी हो चुकी है। पंजाब के मामले में इंदिरा गांधी नहर परियोजना का विस्तार पूरा होने के बाद राजस्थान के पास अपने पूरे हिस्से के पानी के उपयोग की क्षमता साल 1993 से पहले ही विकसित हो चुकी है। लेकिन राजस्थान बार-बार जल आयोग और राज्यों से अपने पानी की मांग कर रहा है। 1. गुजरात: नर्मदा का पानी खेड़ा पहुंचने के बाद भी राजस्थान को नहीं मिल रहा समझौता: 1966 के समझौते के अनुसार गुजरात को माही बांध से प्रतिवर्ष 40 टीएमसी पानी उपयोग करने का अधिकार दिया गया। शर्त थी कि नर्मदा परियोजना का पानी गुजरात के खेड़ा जिले तक पहुंचने पर गुजरात माही नदी के पानी नहीं लेगा। यह राजस्थान को मिलेगा। हकीकत: भास्कर की पड़ताल के दौरान सामने आया कि नर्मदा परियोजना का पानी वर्ष 2001 में ही खेड़ा जिले तक पहुंच चुका था। भास्कर की ग्राउंड रिपोर्ट से यह भी स्पष्ट होता है कि नर्मदा का पानी माही कमांड क्षेत्र में पहुंच रहा है। माही नहर प्रणाली में माही नदी के पानी की जगह कडाणा बांध से निकाली गई सुजलाम-सुफलाम नहर के माध्यम से पानी पहुंचाया जा रहा है। गुजरात के खेड़ा जिले में वाणक बोरी पिकअप गेयर। इसमें नर्मदा कैनाल जा रही है, उसके नीचे से माही कैनाल निकल रही है, उसके पास ही नर्मदा कैनाल से माही कैनाल में नर्मदा का पानी डालकर खेड़ा जिले के खेतों के लिए सिंचाई किया जा रहा है। 2. पंजाब: नहरी तंत्र होने के बाद भी राजस्थान को नहीं मिला 0.60 एमएएफ पानी समझौता: पंजाब, हरियाणा व राजस्थान के बीच 1981 के समझौते के अनुसार रावी-ब्यास नदियों के अतिरिक्त 17.17 एमएएफ जल का बंटवारा किया गया। इसमें राजस्थान का हिस्सा बढ़ाकर 8.60 एमएएफ निर्धारित किया गया। राजस्थान पूरे 8.60 एमएएफ हिस्से का उपयोग करने की स्थिति में नहीं पहुंच जाता, तब तक अतिरिक्त 0.60 एमएएफ पानी का उपयोग पंजाब करेगा। यह एक अंतरिम व्यवस्था थी। राजस्थान में आवश्यक नहरी ढांचा विकसित होने के बाद यह पानी वापस राजस्थान को उपलब्ध कराया जाएगा। हकीकत: 1981 में राजस्थान के पास पर्याप्त नहरी ढांचा नहीं था। इंदिरा गांधी नहर परियोजना का विस्तार मुख्य रूप से श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और उत्तरी बीकानेर तक सीमित था। भास्कर एक्सपर्ट - अरुण बजाज, पूर्व अध्यक्ष, केंद्रीय जल आयोग पानी राज्यों का विषय है, समाधान का रास्ता भी राज्यों से होकर गुजरता है अंतरराज्यीय जल विवादों का स्थायी समाधान केवल कानूनी आदेशों से नहीं, बल्कि राजनीतिक इच्छाशक्ति और राज्यों के बीच सहमति से ही संभव है। संविधान में पानी राज्य सूची का विषय है। इसलिए केंद्र सरकार और केंद्रीय जल आयोग की भूमिका मुख्य रूप से मध्यस्थ की होती है। वे राज्यों के बीच बातचीत और सहमति बनाने में मदद कर सकते हैं। लेकिन किसी राज्य को उसकी इच्छा के विरुद्ध पानी छोड़ने के लिए बाध्य नहीं कर सकते। ऐसे विवाद कई बार समझौतों के जरिए सुलझ भी जाते हैं।
होर्मुज खुलते ही भारत को राहत, LNG से भरा सुपरटैंकर गुजरात पहुंचा; गैस सप्लाई में होगी सुधार
अमेरिका-ईरान शांति समझौते के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से LNGC Disha सुपरटैंकर भारत के दहेज पोर्ट पहुंचा। 62 हजार टन से अधिक LNG की खेप आने से गैस और LPG सप्लाई में राहत की उम्मीद।
उदयपुर में जिप लाइन राइड के दौरान दो टूरिस्ट 70 फीट ऊंचाई पर फंस गए। नीचे सड़क पर वाहन गुजर रहे थे। यह देख दोनों की सांसें अटक गईं। जान बचाने के लिए चिल्लाने लगे। पहले से वहां मौजूद रेस्क्यू टीम तुरंत मौके पर पहुंची और ढाई मिनट में दोनों का सुरक्षित वापस ले आई। मामला पिछोला झील के किनारे का बुधवार शाम 6 बजे का है। इसका वीडियो सामने आया है। जिसमें जिप लाइन के बीच में टूरिस्ट लटके नजर आ रहे हैं। पर्यटक गुजरात के रहने वाले थे। संचालक कहना है कि अचानक मौसम बदलने और तेज हवा के कारण ऐसा हुआ। भास्कर टीम गुरुवार को जिप लाइन गई और पूरा मामला जाना। संचालक ने मॉकड्रिल भी करवाकर दिखाई कि किस तरह राइडर को जिप लाइन में भेजा जाता है और कैसे राइडर के फंसने पर रेस्क्यू किया जाता है। गुजरात से आए थे चार दोस्त पिछोला झील के पास रोप-वे के सामने दूधतलाई स्थित जिप लाइन है। इसके संचालक शरद अग्रवाल ने बताया- दीनदयाल पार्क से माणिक्यलाल वर्मा पार्क के बीच जिप लाइन राइड करवाते हैं। इस राइड की कुल दूरी 630 मीटर है, जिसे पार करने में केवल 45 सेकेंड लगते हैं। संचालक ने बताया- बुधवार शाम को गुजरात के चार पर्यटक सुनील,अल्पेश,ऋत्विक और सुमित जिप लाइन राइड करने आए थे। तेज हवा चलने पर फंसे दीनदयाल पार्क से दो-दो के समूह में दोस्त जिप लाइन पर सवार हुए थे। एक ग्रुप को जिप लाइन के दूसरे छोर माणिक्यलाल वर्मा पार्क पहुंचना था। इससे करीब 20 मीटर पहले ही अचानक तेज हवा चलने लगी। जिससे वे जिप लाइन के बीच में अटक गए। इससे दोनों घबरा गए और जान बचाने के लिए चिल्लाने लगे। इसके बाद रेस्क्यू टीम के सदस्य उनके पास पहुंचे और ढाई मिनट में दोनों को रेस्क्यू कर दीनदयाल पार्क वाले प्वाइंट पर वापस लेकर आए। अग्रवाल ने बताया कि ऐसी स्थिती में हमारी रेस्क्यू टीम हमेशा अलर्ट रहती है और राइडर के पास पहुंचकर पास वाले पॉंइट पर रेस्क्यू कर लेकर जाती है। भास्कर टीम जिप लाइन गई इस दौरान संचालक ने मॉकड्रिल भी करवाकर दिखाई। देखिए-मॉकड्रिल के PHOTO…. अब- जानिए जिप लाइन के बारे में…
नवादा जिले में एक पति ने अपनी पत्नी पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे बेहतर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह घटना गोविंदपुर थाना क्षेत्र के बनिया बीघा गांव में बुधवार को हुई। घायल महिला की पहचान 27 वर्षीय तमन्ना बेगम के रूप में हुई है। हमलावर पति का नाम जहांगीर आलम बताया जा रहा है। तमन्ना बेगम का ससुराल थाली थाना क्षेत्र के छोटकी थली गांव में है। पत्नी अपने मायके बनिया बीघा में रह रही थी जानकारी के अनुसार, जहांगीर आलम गुजरात में काम करता था और अपनी पत्नी को भी साथ रखता था। वहां वह अक्सर तमन्ना के साथ मारपीट करता था। इस प्रताड़ना से परेशान होकर तमन्ना बेगम करीब एक वर्ष से अपने मायके बनिया बीघा में रह रही थी। दोनों की शादी लगभग 12 वर्ष पूर्व हुई थी और उनकी दो बेटियां हैं, जिनमें बड़ी बेटी की उम्र करीब 8 वर्ष है। परिजनों ने बताया कि बुधवार को जहांगीर आलम चुपके से अपने ससुराल पहुंचा। उस समय तमन्ना बेगम घर का काम कर रही थी। इसी दौरान उसने पीछे से आकर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में तमन्ना बेगम के सीने में गंभीर जख्म हुआ है, जबकि जांघ सहित शरीर के अन्य हिस्सों पर भी चाकू के कई वार किए गए। सदर अस्पताल नवादा रेफर कर दिया घटना के बाद परिजनों ने गंभीर रूप से घायल तमन्ना बेगम को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोविंदपुर पहुंचाया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद अत्यधिक रक्तस्राव और हालत नाजुक होने के कारण उसे सदर अस्पताल नवादा रेफर कर दिया। इस घटना के बाद इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है। मामले की सूचना पुलिस को दे दी गई है, और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
Gujarat High Court ने आमिर खान के बेटे की पहली फिल्म महाराज की रिलीज पर लगी रोक हटाई
गुजरात उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को बॉलीवुड स्टार आमिर खान के बेटे जुनैद की पहली फिल्म महाराज की रिलीज पर लगी अंतरिम रोक हटाते हुए कहा कि फिल्म में कुछ भी अपमानजनक नहीं है और यह पुष्टिमार्ग संप्रदाय को निशाना नहीं बनाती है, जैसा कि याचिका में आरोप लगाया गया है। यह फिल्म 1862 के एक मानहानि मामले पर आधारित है, जिसमें वैष्णव धार्मिक नेता एवं समाज सुधारक करसनदास मुलजी शामिल थे। पुष्टिमार्ग संप्रदाय के कुछ सदस्यों ने नेटफ्लिक्स पर इस फिल्म की रिलीज के खिलाफ याचिका दायर की थी, जिसमें दावा किया गया था कि यह धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती है। न्यायमूर्ति संगीता विशेन ने 13 जून को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर फिल्म की रिलीज पर अंतरिम रोक लगा दी थी।न्यायाधीश ने शुक्रवार को अपने आदेश में कहा कि फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) द्वारा प्रमाणित किया गया है और यह उक्त संप्रदाय को निशाना नहीं बनाती है।
Gujarat HC ने Netflix को Maharaj रिलीज करने की अनुमति दी, कहा- इससे भावनाएं आहत नहीं होतीं
गुजरात उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को स्ट्रीमिंग दिग्गज नेटफ्लिक्स की फिल्म ‘महाराज’ की रिलीज पर लगी अपनी अस्थायी रोक हटा ली, जिसमें कहा गया कि फिल्म महाराज 1862 के महाराज मानहानि मामले से जुड़ी घटनाओं पर आधारित है और इसका उद्देश्य किसी समुदाय की भावनाओं को आहत करना नहीं है। न्यायमूर्ति संगीता के. विशेन, जिन्होंने 13 जून को फिल्म की रिलीज पर रोक लगाई थी, ने फिल्म देखने के बाद शुक्रवार को नेटफ्लिक्स को फिल्म स्ट्रीम करने की अनुमति देने का फैसला किया। इसे भी पढ़ें: Swara Bhasker के साथ कोई भी निर्माता-निर्देशक नहीं करना चाहता काम? एक्ट्रेस ने खुद किए चौंकाने वाले खुलासे अदालत ने कहा “यह अदालत प्रथम दृष्टया इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि फिल्म महाराज उन घटनाओं पर आधारित है, जिनके कारण मानहानि का मामला दायर किया गया और इसका उद्देश्य पुष्टिमार्गी समुदाय की भावनाओं को आहत करना नहीं है। फिल्म को संबंधित दिशा-निर्देशों पर विचार करने के बाद विशेषज्ञ निकाय केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड द्वारा प्रमाणित किया गया था… 13 जून को दी गई अंतरिम राहत रद्द कर दी गई है। मूल रूप से 14 तारीख को रिलीज होने वाली इस फिल्म को हाईकोर्ट ने नेटफ्लिक्स पर रोक लगा दी थी, क्योंकि व्यापारियों के एक समूह ने इस आधार पर कोर्ट में याचिका दायर की थी कि इसमें वैष्णव समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की क्षमता है। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | नमक-मिर्च लगाकर कच्ची केरी के चटकारे ले रहीं परिणीति चोपड़ा, मिर्जापुर 3 का जबरदस्त ट्रेलर रिलीज फिल्म महाराज गुजराती लेखक सौरभ शाह की 2013 की किताब पर आधारित है, जो 1862 के ऐतिहासिक मानहानि मामले पर आधारित है, जो एक प्रमुख वैष्णव व्यक्ति, जदुनाथजी द्वारा समाज सुधारक करसनदास मुलजी के खिलाफ दायर किया गया था, जिन्होंने सर्वशक्तिमान महाराज द्वारा यौन शोषण के खिलाफ लिखा था। मुलजी ने अपनी पत्रिका सत्यप्रकाश में शोषणकारी प्रथा का खुलासा किया, जिसके कारण मानहानि का मामला चला, जो प्रसिद्ध महाराज मानहानि मामला बन गया। न्यायमूर्ति विशन ने कहा कि याचिकाकर्ताओं की प्राथमिक शिकायत कि फिल्म वैष्णव समुदाय को बदनाम करती है, बदनाम करती है और उसका अपमान करती है, में कोई दम नहीं है। “इस प्रकार उनकी अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए बाध्य है कि याचिकाकर्ताओं की आशंका अनुमानों पर आधारित है। चूंकि फिल्म को अभी सार्वजनिक रूप से देखने के लिए जारी नहीं किया गया है, इसलिए केवल अनुमान के आधार पर संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (ए) के तहत प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित नहीं किया जा सकता है, अदालत ने कहा। उन्होंने खुली अदालत में आदेश सुनाते हुए कहा फिल्म का मुख्य संदेश, जैसा कि प्रतिवादी ने सही कहा है, यह है कि फिल्म सामाजिक बुराई और करसनदास मुलजी द्वारा सामाजिक सुधार के लिए लड़ाई पर केंद्रित है, जो स्वयं वैष्णव समुदाय से थे। उन्होंने कहा, फिल्म किसी भी तरह से धार्मिक भावनाओं को प्रभावित या आहत नहीं करती है। फिल्म यह निष्कर्ष निकालती है कि संप्रदाय किसी भी व्यक्ति या घटना से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। इस घटना को अपवाद मानते हुए वैष्णव संप्रदाय और उसके अनुयायी बढ़ते रहे और भारत के सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक ताने-बाने का गौरवपूर्ण और अभिन्न अंग बने रहे। यह आशंका जताई जा रही है कि इससे सांप्रदायिक विद्वेष पैदा होने की संभावना है। हालांकि, उसी मानहानि मामले के आधार पर 2013 में पुस्तक प्रकाशित हुई थी और किसी घटना की सूचना नहीं दी गई है। उन्होंने कहा, यहां तक कि याचिकाकर्ताओं ने भी यह दावा नहीं किया है कि पुस्तक से सांप्रदायिक विद्वेष पैदा हुआ है।
Chandu Champion: कपिल देव ने कार्तिक आर्यन की फिल्म के लिए लिखा दिल को छू लेने वाला नोट
पूर्व भारतीय क्रिकेटर कपिल देव ने इंस्टाग्राम पर कबीर खान के निर्देशन की प्रशंसा की और उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म ने उन्हें भावुक कर दिया। कपिल देव ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्टर शेयर किया और एक लंबा नोट लिखा, चंदू चैंपियन! निश्चित रूप से एक ऐसी फिल्म जिसे आप मिस नहीं कर सकते। मुझे खेल फिल्में देखना और उनकी सराहना करना वाकई पसंद है। लेकिन यह सिर्फ एक खेल फिल्म होने से कहीं बढ़कर है। यह इससे कहीं बढ़कर है। इसे देखते हुए मैं हंसा, रोया, गर्व महसूस किया और फिर से रोया। @kabirkhankk को सलाम। आपने फिर से कमाल कर दिया। इसे भी पढ़ें: Shraddha Kapoor In love | श्रद्धा कपूर ने राहुल मोदी के साथ अपने रिश्ते को किया कंफर्म, शेयर की क्यूट तस्वीर और इमोशनल पोस्ट उन्होंने आगे लिखा, एक और शानदार फिल्म बनाई। @kartikaaryan ने क्या शानदार अभिनय किया, आपका प्रयास और प्रतिभा चमक रही है। पूरी कास्ट और क्रू को बधाई और हमें यह फिल्म देखने के लिए देने के लिए धन्यवाद। आप सभी चैंपियन हैं! एक और शानदार फिल्म बनाई। @kartikaaryan ने क्या कमाल का अभिनय किया है, आपकी मेहनत और प्रतिभा जगमगा रही है। पूरी कास्ट और क्रू को बधाई और हमें यह फिल्म देखने के लिए देने के लिए आपका धन्यवाद। आप सभी चैंपियन हैं! इसे भी पढ़ें: Gujarat High Court ने फिल्म महाराज की ओटीटी रिलीज पर रोक एक दिन के लिए बढ़ाई कार्तिक और कबीर की फिल्म 'चंदू चैंपियन' 14 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। Sacnilk की एक रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है और अब तक कुल कलेक्शन 29.75 करोड़ रुपये हो चुका है। इसमें कार्तिक मुरलीकांत पेटकर की भूमिका में नजर आ रहे हैं। यह फिल्म एक ऐसे एथलीट की असाधारण कहानी पर आधारित है जिसने कभी हार नहीं मानी। View this post on Instagram A post shared by Kapil Dev (@therealkapildev)
जेल से रिहा होने पर Elvish Yadav ने गुजरात में खेलीजबरदस्त होली, 'राव साहब' को अपने बीच देख क्रेजी हुए फैन्स

