गुजरात में 'जैश-ए-मोहम्मद' का नेटवर्क खड़ा करने की साजिश, ATS की पूछताछ में बड़ा खुलासा
Gujarat ATS Jaish-e-Mohammed: गुजरात एटीएस (ATS) द्वारा पकड़े गए पांच संदिग्ध आतंकवादियों से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण और चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, प्राथमिक जांच में यह जानकारी मिली है कि ये आरोपी गुजरात में ...
ओंकारेश्वर के गौमुख घाट पर शनिवार सुबह लगभग 8 बजे नर्मदा स्नान के दौरान एक बीटेक छात्र डूबने लगा। तेलंगाना निवासी 18 वर्षीय कल्याण अपने छह दोस्तों के साथ भगवान ओंकारेश्वर के दर्शन करने आया था। ये सभी छात्र गुजरात के बड़ौदा स्थित पारुल यूनिवर्सिटी में बीटेक द्वितीय वर्ष के विद्यार्थी हैं। दर्शन से पहले सभी दोस्त गौमुख घाट पर नर्मदा में स्नान कर रहे थे। इसी दौरान कल्याण का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। युवक को डूबता देख उसके दोस्तों ने शोर मचाया, जिसके बाद घाट पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू कर दिया। तस्वीरें देखिए… नाविकों ने लगाई छलांग नाविक जयराम भंवरिया की सजगता पर स्थानीय युवक किशन गोलकर ने तुरंत नदी में छलांग लगा दी और गहरे पानी में डूबे छात्र तक पहुँच गया। गोताखोर तुकाराम केवट और किशन ने मिलकर कल्याण को पानी से बाहर निकाला। घाट पर लाने के बाद जयराम भंवरिया, तुकाराम केवट, राजू मेघवाल (फोटोग्राफर), एसडीईआरएफ जवान नागेंद्र शर्मा, नरसिंह पवार और वीरेंद्र वर्मा ने मिलकर युवक को प्राथमिक उपचार दिया। तत्काल उसे सिविल अस्पताल ओंकारेश्वर पहुंचाया गया। सिविल अस्पताल में डॉ. रवि वर्मा, नर्स सपना, नर्स राधा और फार्मासिस्ट हीरालाल ने युवक का उपचार शुरू किया। डॉ. रवि वर्मा ने बताया कि गोल्डन आवर में प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत में कुछ सुधार हुआ, लेकिन लंबे समय तक पानी में रहने से शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो गई थी। सनावद किया गया रेफर ओंकारेश्वर अस्पताल में वेंटिलेटर जैसी उन्नत सुविधा उपलब्ध न होने के कारण उसे बेहतर उपचार के लिए सनावद अस्पताल रेफर किया गया। घटना की सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार उदय मंडलोई भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इस घटना के बाद स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि लगातार हो रही डूबने की घटनाओं को देखते हुए सभी प्रमुख घाटों पर पहले की तरह गोताखोरों की तैनाती की जाए। साथ ही, एसडीईआरएफ टीम को आधुनिक रेस्क्यू उपकरण, गोताखोरी के संसाधन और पर्याप्त प्राथमिक उपचार सामग्री उपलब्ध कराई जाए, ताकि आपात स्थिति में समय रहते प्रभावी बचाव कर लोगों की जान बचाई जा सके।
नेशनल हाईवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने उदयपुर से अलग-अलग शहरों के लिए जाने वाले नेशनल हाईवे की टोल दरों में बढ़ोतरी की है। इसमें उदयपुर में पिंडवाडा, उदयपुर-ईडर और उदयपुर के देबारी से अहमदाबाद जाने वाले काया बाईपास पर बने टोल प्लाजा शामिल हैं। ये बढ़ोतरी 18 जुलाई से लागू होगी। NHAI की तरफ से जारी नोटिफिकेशन में टोल बूथ पर बढ़ोतरी की है। इसके तहत अब इन मार्गों से गुजरने वाले वाहनों का टोल चार्ज महंगा होगा। अलग-अलग टोल मैनेजमेंट और एनएचएआई से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, ये बढ़ोतरी 5 से लेकर 20 रुपए तक की है। किसी प्लाजा पर कार, जीप पर 5 रुपए तो किसी पर मासिक शुल्क में 20 से 30 रुपए की बढ़ोतरी की है। गोगुंदा के जसवंतगढ़ टोल की नई दरें गोगुंदा-पिंडवाडा के बीच मालेरा टोल की नई दरें देबारी-काया के बीच डाकनकोटड़ा टोल की नई दरें उदयपुर-ईडर के बीच पीपलवास टोल की नई दरें उदयपुर-ईडर के बीच करेल टोल की नई दरें कैसे तय होता है टोल रेट टोल टैक्स की दरें होलसेल प्राइस इंडेक्स (WPI) के आधार पर तय की जाती हैं। हर साल के अंत में इंडेक्स का मूल्यांकन कर सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय नए रेट जारी करता है। टोल की राशि सड़क की लंबाई और उस पर बने इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे फ्लाईओवर, अंडरपास, टनल के आधार पर भी तय होती हैं। जहां ज्यादा सुविधाएं होती हैं, वहां टोल भी अधिक लगता है।
जैन मुनि सुधासागर महाराज के गुना आगमन के दौरान हुई चेन स्नैचिंग की वारदातों का पुलिस ने पूरी तरह खुलासा कर दिया है। तीसरे अंतरराज्यीय गिरोह को भी गिरफ्तार करते हुए पुलिस ने जबलपुर के कथित मास्टरमाइंड समेत तीन आरोपियों को दबोच लिया है। इनके कब्जे से चोरी की गई चार सोने की चेन बरामद हुई हैं। इसके साथ ही इस मामले में पकड़े गए आरोपियों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। पुलिस अब तक चोरी गई सभी 11 सोने की चेन बरामद कर चुकी है, जिनकी कुल कीमत करीब 21.20 लाख रुपये आंकी गई है। कैंट थाना पुलिस के अनुसार, जिला पुलिस ने संपत्ति संबंधी अपराधों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन अलग-अलग संगठित अंतरराज्यीय गिरोहों का भंडाफोड़ किया है। एसपी हितिका वासल के नेतृत्व में चलाए गए अभियान में उन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया गया, जो धार्मिक आयोजनों और भीड़भाड़ वाले जुलूसों में महिलाओं को निशाना बनाकर चेन स्नैचिंग की वारदातों को अंजाम देते थे। धार्मिक आयोजनों में महिलाओं को बनाया था निशाना 25 मई को जैन समाज के मौन जुलूस और 3 जून को जैन मुनि सुधासागर महाराज की अगवानी यात्रा के दौरान शहर में भारी भीड़ उमड़ी थी। इसी भीड़ का फायदा उठाकर बदमाशों ने महिलाओं के गले से कुल 11 सोने की चेन पार कर दी थीं। इन घटनाओं के बाद कैंट और कोतवाली थानों में कुल आठ अलग-अलग मामले दर्ज किए गए थे। सीसीटीवी और तकनीकी जांच से खुली परतें मामलों की गंभीरता को देखते हुए एसपी हितिका वासल ने विशेष जांच टीमों का गठन किया। एएसपी प्रशांत सिंह सुमन के मार्गदर्शन और प्रभारी सीएसपी आनंद राय के नेतृत्व में कैंट थाना प्रभारी टीआई अनूप कुमार भार्गव और उनकी टीम ने जांच शुरू की। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और मुखबिरों से मिली सूचनाओं के आधार पर यह पता लगाया कि वारदातों में तीन अलग-अलग संगठित गिरोह शामिल थे। इसके बाद पुलिस टीमों ने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और गुजरात के विभिन्न शहरों—गोरखपुर, प्रयागराज, जबलपुर, भोपाल, राजगढ़, देवास, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, पुणे, बड़ौदा और गोधरा—में लगातार दबिश दी। पहली गैंग देवास से गिरफ्तार जांच के दौरान सबसे पहले 18 जून को देवास से पहले गिरोह के सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें चार महिलाएं और तीन पुरुष शामिल थे। पुलिस ने इनके कब्जे से करीब 12.50 लाख रुपये कीमत की छह सोने की चेन बरामद की थीं। दूसरी गैंग उत्तर प्रदेश से पकड़ी गई इसके बाद 11 जुलाई को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के बड़हलगंज क्षेत्र से दूसरे गिरोह की तीन महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से करीब 1.70 लाख रुपये कीमत की एक सोने की चेन बरामद हुई। तीसरी गैंग गुजरात से गिरफ्तार तकनीकी निगरानी के आधार पर पुलिस ने गुजरात के गोधरा से तीसरे गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें जबलपुर से जुड़े कथित मास्टरमाइंड रामबाबू अग्रवाल के अलावा उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर निवासी विष्णु पाल और मुरैना निवासी मनीष जाटव शामिल हैं। इनके कब्जे से करीब 7 लाख रुपये कीमत की चार सोने की चेन बरामद की गई। कई राज्यों में दर्ज हैं गंभीर मामले पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। इनके खिलाफ मध्य प्रदेश के गुना, सागर, छिंदवाड़ा, ग्वालियर, मुरैना, भोपाल, दतिया और देवास के अलावा उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर, वाराणसी, अयोध्या, कानपुर, मुजफ्फरनगर और ललितपुर सहित कई जिलों में चोरी, चेन स्नैचिंग और अन्य गंभीर अपराधों के मामले दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से धार्मिक आयोजनों में सक्रिय अंतरराज्यीय चेन स्नैचिंग गिरोहों के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। मामले में आगे भी पूछताछ जारी है और पुलिस अन्य संभावित साथियों व नेटवर्क की जांच कर रही है।
यमुनानगर से शादी के 5 महीने बाद विवाहिता फरार:50 हजार कैश और जेवर ले गई साथ; गुजरात में पति
यमुनानगर जिले के जठलाना थाना क्षेत्र के नाहरपुर गांव में शादी के महज पांच महीने बाद एक नवविवाहिता घर से लापता हो गई। महिला के ससुर का आरोप है कि वह तड़के बिना किसी को बताए घर से चली गई और जाते समय घर में रखे जेवर तथा 50 हजार रुपए नकद भी अपने साथ ले गई। परिवार ने अपने स्तर पर उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। मोबाइल फोन भी बंद मिलने के बाद पुलिस को शिकायत दी गई। शिकायत के आधार पर जठलाना थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर महिला की तलाश शुरू कर दी है। पति गुजरात में चलाता है सैलून शिकायतकर्ता रमेश कुमार निवासी गांव नाहरपुर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसके दो बेटे हैं। बड़े बेटे रुबल कुमार की शादी फरवरी 2026 में हुई थी। शादी के कुछ समय बाद रुबल रोजगार के सिलसिले में गुजरात चला गया, जहां वह सैलून का काम करता है। उसकी पत्नी गांव नाहरपुर स्थित ससुराल में परिवार के साथ रह रही थी। शिकायतकर्ता के अनुसार बुधवार की सुबह करीब साढ़े चार बजे बहू बिना किसी को बताए घर से कहीं चली गई। जब परिवार के लोगों ने सुबह उसे घर में नहीं देखा, तो उसकी तलाश शुरू की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ रमेश कुमार ने आरोप लगाया कि सपना घर से जाते समय परिवार द्वारा दिए गए सोने-चांदी के जेवरात और करीब 50 हजार रुपए नकद भी अपने साथ ले गई। उसके पास मोबाइल फोन भी था, लेकिन घटना के बाद से वह बंद आ रहा है। परिजनों ने अपने स्तर पर रिश्तेदारों, परिचितों और संभावित स्थानों पर उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली।
बाड़मेर साइबर थाना पुलिस ने स्पेशल अभियान 'म्यूल हंटर' के तहत कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी साइबर अपराधियों को अपना बैंक खाता उपलब्ध करवाता था। प्रारंभिक जांच में उसके खिलाफ दिल्ली, गुजरात और महाराष्ट्र में साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतें दर्ज होना सामने आया है। एसपी चूनाराम जाट ने बताया कि महानिदेशक पुलिस (साइबर क्राइम एवं तकनीकी सेवाएं), राजस्थान जयपुर के निर्देशानुसार जिले में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत एएसपी नितेश आर्य के सुपरविजन में साइबर थाना पुलिस की विशेष टीम गठित की गई थी। तकनीकी जांच के आधार पर हुई गिरफ्तारी साइबर थाना पुलिस टीम ने तकनीकी विश्लेषण और सूचना के आधार पर संदिग्ध खाताधारक जसाराम (30) पुत्र राणाराम निवासी कोजाणियों की ढाणी, बाड़मेर आगोर को सोमवार शाम गिरफ्तार किया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपना बैंक खाता साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराया था। उसके खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम के लेनदेन में होने की पुष्टि के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने लोगों से की अपील जिला पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक या सिम कार्ड उपयोग के लिए उपलब्ध नहीं कराएं। पुलिस ने कहा कि कमीशन या अन्य लाभ के लालच में बैंक खाता या सिम कार्ड किसी को देना आपको भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में ला सकता है। यदि किसी व्यक्ति ने अनजाने में अपना बैंक खाता या सिम कार्ड किसी अन्य को दिया है और बाद में उसके साइबर अपराध में उपयोग होने की जानकारी मिलती है, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें।
ललित सुरजन की कलम से - दिल्ली में गुजरात !
'यूं देखा जाए तो गुजराती भोजनालय भारत के कोने-कोने में मिल जाएंगे। देश में जो प्रमुख पर्यटन स्थल हैं, खासकर तीर्थस्थान, वहां गुजराती भोजनालय होना मानों अनिवार्य ही है।
Gujarat High Court ने आमिर खान के बेटे की पहली फिल्म महाराज की रिलीज पर लगी रोक हटाई
गुजरात उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को बॉलीवुड स्टार आमिर खान के बेटे जुनैद की पहली फिल्म महाराज की रिलीज पर लगी अंतरिम रोक हटाते हुए कहा कि फिल्म में कुछ भी अपमानजनक नहीं है और यह पुष्टिमार्ग संप्रदाय को निशाना नहीं बनाती है, जैसा कि याचिका में आरोप लगाया गया है। यह फिल्म 1862 के एक मानहानि मामले पर आधारित है, जिसमें वैष्णव धार्मिक नेता एवं समाज सुधारक करसनदास मुलजी शामिल थे। पुष्टिमार्ग संप्रदाय के कुछ सदस्यों ने नेटफ्लिक्स पर इस फिल्म की रिलीज के खिलाफ याचिका दायर की थी, जिसमें दावा किया गया था कि यह धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती है। न्यायमूर्ति संगीता विशेन ने 13 जून को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर फिल्म की रिलीज पर अंतरिम रोक लगा दी थी।न्यायाधीश ने शुक्रवार को अपने आदेश में कहा कि फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) द्वारा प्रमाणित किया गया है और यह उक्त संप्रदाय को निशाना नहीं बनाती है।
Gujarat HC ने Netflix को Maharaj रिलीज करने की अनुमति दी, कहा- इससे भावनाएं आहत नहीं होतीं
गुजरात उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को स्ट्रीमिंग दिग्गज नेटफ्लिक्स की फिल्म ‘महाराज’ की रिलीज पर लगी अपनी अस्थायी रोक हटा ली, जिसमें कहा गया कि फिल्म महाराज 1862 के महाराज मानहानि मामले से जुड़ी घटनाओं पर आधारित है और इसका उद्देश्य किसी समुदाय की भावनाओं को आहत करना नहीं है। न्यायमूर्ति संगीता के. विशेन, जिन्होंने 13 जून को फिल्म की रिलीज पर रोक लगाई थी, ने फिल्म देखने के बाद शुक्रवार को नेटफ्लिक्स को फिल्म स्ट्रीम करने की अनुमति देने का फैसला किया। इसे भी पढ़ें: Swara Bhasker के साथ कोई भी निर्माता-निर्देशक नहीं करना चाहता काम? एक्ट्रेस ने खुद किए चौंकाने वाले खुलासे अदालत ने कहा “यह अदालत प्रथम दृष्टया इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि फिल्म महाराज उन घटनाओं पर आधारित है, जिनके कारण मानहानि का मामला दायर किया गया और इसका उद्देश्य पुष्टिमार्गी समुदाय की भावनाओं को आहत करना नहीं है। फिल्म को संबंधित दिशा-निर्देशों पर विचार करने के बाद विशेषज्ञ निकाय केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड द्वारा प्रमाणित किया गया था… 13 जून को दी गई अंतरिम राहत रद्द कर दी गई है। मूल रूप से 14 तारीख को रिलीज होने वाली इस फिल्म को हाईकोर्ट ने नेटफ्लिक्स पर रोक लगा दी थी, क्योंकि व्यापारियों के एक समूह ने इस आधार पर कोर्ट में याचिका दायर की थी कि इसमें वैष्णव समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की क्षमता है। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | नमक-मिर्च लगाकर कच्ची केरी के चटकारे ले रहीं परिणीति चोपड़ा, मिर्जापुर 3 का जबरदस्त ट्रेलर रिलीज फिल्म महाराज गुजराती लेखक सौरभ शाह की 2013 की किताब पर आधारित है, जो 1862 के ऐतिहासिक मानहानि मामले पर आधारित है, जो एक प्रमुख वैष्णव व्यक्ति, जदुनाथजी द्वारा समाज सुधारक करसनदास मुलजी के खिलाफ दायर किया गया था, जिन्होंने सर्वशक्तिमान महाराज द्वारा यौन शोषण के खिलाफ लिखा था। मुलजी ने अपनी पत्रिका सत्यप्रकाश में शोषणकारी प्रथा का खुलासा किया, जिसके कारण मानहानि का मामला चला, जो प्रसिद्ध महाराज मानहानि मामला बन गया। न्यायमूर्ति विशन ने कहा कि याचिकाकर्ताओं की प्राथमिक शिकायत कि फिल्म वैष्णव समुदाय को बदनाम करती है, बदनाम करती है और उसका अपमान करती है, में कोई दम नहीं है। “इस प्रकार उनकी अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए बाध्य है कि याचिकाकर्ताओं की आशंका अनुमानों पर आधारित है। चूंकि फिल्म को अभी सार्वजनिक रूप से देखने के लिए जारी नहीं किया गया है, इसलिए केवल अनुमान के आधार पर संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (ए) के तहत प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित नहीं किया जा सकता है, अदालत ने कहा। उन्होंने खुली अदालत में आदेश सुनाते हुए कहा फिल्म का मुख्य संदेश, जैसा कि प्रतिवादी ने सही कहा है, यह है कि फिल्म सामाजिक बुराई और करसनदास मुलजी द्वारा सामाजिक सुधार के लिए लड़ाई पर केंद्रित है, जो स्वयं वैष्णव समुदाय से थे। उन्होंने कहा, फिल्म किसी भी तरह से धार्मिक भावनाओं को प्रभावित या आहत नहीं करती है। फिल्म यह निष्कर्ष निकालती है कि संप्रदाय किसी भी व्यक्ति या घटना से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। इस घटना को अपवाद मानते हुए वैष्णव संप्रदाय और उसके अनुयायी बढ़ते रहे और भारत के सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक ताने-बाने का गौरवपूर्ण और अभिन्न अंग बने रहे। यह आशंका जताई जा रही है कि इससे सांप्रदायिक विद्वेष पैदा होने की संभावना है। हालांकि, उसी मानहानि मामले के आधार पर 2013 में पुस्तक प्रकाशित हुई थी और किसी घटना की सूचना नहीं दी गई है। उन्होंने कहा, यहां तक कि याचिकाकर्ताओं ने भी यह दावा नहीं किया है कि पुस्तक से सांप्रदायिक विद्वेष पैदा हुआ है।
Chandu Champion: कपिल देव ने कार्तिक आर्यन की फिल्म के लिए लिखा दिल को छू लेने वाला नोट
पूर्व भारतीय क्रिकेटर कपिल देव ने इंस्टाग्राम पर कबीर खान के निर्देशन की प्रशंसा की और उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म ने उन्हें भावुक कर दिया। कपिल देव ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्टर शेयर किया और एक लंबा नोट लिखा, चंदू चैंपियन! निश्चित रूप से एक ऐसी फिल्म जिसे आप मिस नहीं कर सकते। मुझे खेल फिल्में देखना और उनकी सराहना करना वाकई पसंद है। लेकिन यह सिर्फ एक खेल फिल्म होने से कहीं बढ़कर है। यह इससे कहीं बढ़कर है। इसे देखते हुए मैं हंसा, रोया, गर्व महसूस किया और फिर से रोया। @kabirkhankk को सलाम। आपने फिर से कमाल कर दिया। इसे भी पढ़ें: Shraddha Kapoor In love | श्रद्धा कपूर ने राहुल मोदी के साथ अपने रिश्ते को किया कंफर्म, शेयर की क्यूट तस्वीर और इमोशनल पोस्ट उन्होंने आगे लिखा, एक और शानदार फिल्म बनाई। @kartikaaryan ने क्या शानदार अभिनय किया, आपका प्रयास और प्रतिभा चमक रही है। पूरी कास्ट और क्रू को बधाई और हमें यह फिल्म देखने के लिए देने के लिए धन्यवाद। आप सभी चैंपियन हैं! एक और शानदार फिल्म बनाई। @kartikaaryan ने क्या कमाल का अभिनय किया है, आपकी मेहनत और प्रतिभा जगमगा रही है। पूरी कास्ट और क्रू को बधाई और हमें यह फिल्म देखने के लिए देने के लिए आपका धन्यवाद। आप सभी चैंपियन हैं! इसे भी पढ़ें: Gujarat High Court ने फिल्म महाराज की ओटीटी रिलीज पर रोक एक दिन के लिए बढ़ाई कार्तिक और कबीर की फिल्म 'चंदू चैंपियन' 14 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। Sacnilk की एक रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है और अब तक कुल कलेक्शन 29.75 करोड़ रुपये हो चुका है। इसमें कार्तिक मुरलीकांत पेटकर की भूमिका में नजर आ रहे हैं। यह फिल्म एक ऐसे एथलीट की असाधारण कहानी पर आधारित है जिसने कभी हार नहीं मानी। View this post on Instagram A post shared by Kapil Dev (@therealkapildev)
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