रेलवे में नौकरी के नाम पर 8 करोड़ की ठगी का मास्टरमाइंड गुजरात से अरेस्ट
पीलीभीत। पीलीभीत पुलिस ने रेलवे में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के मुख्य सरगना को गुजरात से गिरफ्तार किया है। गिरोह पर लगभग 60 लोगों से करीब आठ करोड़ रुपए की ठगी का आरोप है। अपर पुलिस अधीक्षक नताशा गोयल ने सोमवार को बताया कि गिरोह का […] The post रेलवे में नौकरी के नाम पर 8 करोड़ की ठगी का मास्टरमाइंड गुजरात से अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
गुजरात विधानसभा का बजट सत्र शुरू, अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश होने की संभावना
Gujarat Assembly Budget Session 2026: गुजरात विधानसभा का बजट सत्र सोमवार से शुरू हो गया है। भूपेन्द्र पटेल के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के वित्तमंत्री कनुभाई देसाई 18 फरवरी को अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश कर सकते हैं। बताया जा रहा है कि यह पिछले साल ...
गुजरात के 17 स्कूलों को बम धमकी: अहमदाबाद-वडोदरा में स्कूल खाली, जांच तेज
Gujarat School Bomb Threat : गुजरात में अहमदाबाद और वडोदरा के 17 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी से हड़कंप मच गया। सोमवार सुबह ईमेल पर मिली धमकी में कहा गया कि भारत खालिस्तान बनेगा। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियां तुरंत हरकत में आई। स्कूलों को खाली कराकर ...
उदयपुर की गोवर्धन विलास थाना पुलिस ने इंटर स्टेट शातिर नकबजनी के आरोपी को अवैध तलवार के साथ गिरफ्तार किया। आरोपी 7 पुलिस थानों में वांछित है। थानाधिकारी राजेंद्र सिंह चारण ने बताया- आरोपी मदन नाथ उर्फ गदेड़ी पुत्र रामू उर्फ रामलाल निवासी इंद्रा कॉलोनी सेक्टर-14 के खिलाफ उदयपुर, राजसमंद, डूंगरपुर, पाली, सिरोही सहित गुजरात के कई जिलों में चोरी नकबजनी और लूट के 25 मामले दर्ज हैं। आरोपी 10 साल से फरार था। पुलिस लगातार इसके ठिकानों का पता लगा रही थी, लेकिन वह जगह बदल लेता था। मंडी क्षेत्र में तलवार से लोगों को डरा रहा थाथानाधिकारी ने बताया- 14 फरवरी को टीम को सूचना मिली थी कि बलीचा कृषि मंडी क्षेत्र में कई जिलों से वांछित आरोपी मदननाथ उर्फ गदेड़ी हाथ में तलवार लेकर लोगों को डरा-धमका रहा है। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और उसे पकड़ते हुए तलवार कब्जे में ली। आरोपी गुजरात के विभिन्न थानों में वांछित है। इसी तरह उदयपुर के गोवर्धनविलास में और राजसमंद के राजनगर में दो-दो स्थायी वारंटी होकर वांछित चल रहा था। साथ ही अंबामाता और डूंगरपुर में भी वांछित था।
चलती ट्रेन से कूदा गुजरात का युवक:अलवर जंक्शन के पास गिरा,गंभीर हालत में जयपुर रैफर
अलवर के जीआरपी थाना अंतर्गत अलवर रेलवे स्टेशन के समीप रविवार सुबह एक व्यक्ति के चलती ट्रेन से कूद जाने का मामला सामने आया है। इस घटना में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे मौके पर मौजूद लोगों की सूचना पर जीआरपी पुलिस ने तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर उसे जयपुर रैफर कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार घायल युवक अपना नाम विक्की बता रहा है और खुद को गुजरात का निवासी बता रहा है। फिलहाल उसके साथ कोई परिजन मौजूद नहीं है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक अचानक ट्रेन से कूद गया, जिससे वह प्लेटफॉर्म के पास गिरकर गंभीर रूप से चोटिल हो गया। उसके पूरे शरीर पर गंभीर घाव हैं, वहीं सिर में भी गहरी चोट लगने के कारण उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। ASI सत्येंद्र का कहना है कि युवक मानसिक रूप से भी कमजोर प्रतीत हो रहा है, जिससे घटना के पीछे की सही वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। जीआरपी थाना पुलिस ने युवक की पहचान और उसके परिजनों से संपर्क स्थापित करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। साथ ही घटना के संबंध में रेलवे स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि पूरे मामले की सही जानकारी सामने आ सके।
बांसवाड़ा जिले की घाटोल थाना पुलिस ने फिल्मी अंदाज में शादी के नाम पर ठगी करने वाले ‘लुटेरी दुल्हन’ गिरोह के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया। 16 साल से फरार चल रहा आरोपी 2010 में चित्तौड़गढ़ जेल से भागने के बाद फर्जी पासपोर्ट बनवाकर सऊदी अरब तक पहुंच गया था। भारत लौटकर गुजरात की फैक्ट्री में मजदूर बनकर छिपा बैठा था। पुलिस टीम भी मजदूर के वेश में फैक्ट्री पहुंची और पहचान पक्की होते ही उसे घेरकर दबोच लिया। शादी के 9 दिन बाद गहने लेकर फरार हुई दुल्हन थानाधिकारी रमेश पन्नू ने बताया- मामले का खुलासा तब हुआ जब घाटोल निवासी मुकेश कुमार सेठिया ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि पहली पत्नी से तलाक के बाद उन्होंने इंदौर निवासी इंदु सोलंकी से मंदिर में विवाह किया था। शादी के बदले दलालों और लड़की पक्ष को 2 लाख 56 हजार रुपए दिए गए थे। लेकिन शादी के महज 9 दिन बाद, 26 फरवरी 2024 की सुबह इंदु बहाना बनाकर घर से निकली और सोने की चेन व चांदी के पायजेब लेकर फरार हो गई। इसके बाद उसका मोबाइल भी बंद हो गया और कोई संपर्क नहीं हो पाया। जांच में सामने आया 16 साल पुराना फरार अपराधी पुलिस जांच में सामने आया कि इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड पिड़गम्बर किशनगंज, इंदौर निवासी 56 वर्षीय भंवर सिंह ठाकुर है। पुलिस ने उसे गुजरात के राजकोट से गिरफ्तार किया। आरोपी का रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि वह वर्ष 2010 में चित्तौड़गढ़ जेल से फरार हो गया था और तब से लगातार पुलिस से बचता फिर रहा था। अकोला से सऊदी तक छिपता रहा, बदलता रहा ठिकाने जेल से भागने के बाद आरोपी महाराष्ट्र के अकोला पहुंचा, जहां कुछ समय तक छिपा रहा। इसके बाद उसने फर्जी पासपोर्ट बनवाकर करीब दो साल सऊदी अरब में गुजारे। विदेश से लौटने के बाद उसने अपनी पहचान पूरी तरह छिपा ली और इंदौर की एक फैक्ट्री में मजदूरी करने लगा, ताकि किसी को शक न हो। मजदूर बनकर फैक्ट्री में घुसी पुलिस टीम थानाधिकारी रमेश पन्नू के नेतृत्व में गठित टीम को सूचना मिली कि आरोपी राजकोट (गुजरात) की एक ऑयल मिल में काम कर रहा है। पुलिस ने सीधे दबिश देने के बजाय योजना बनाई और टीम के सदस्य मजदूर बनकर फैक्ट्री के अंदर पहुंचे। जैसे ही आरोपी की पुष्टि हुई, पुलिस ने तुरंत घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। और भी शिकार तलाश रही पुलिस इस कार्रवाई में थानाधिकारी रमेश पन्नू के साथ नेपाल सिंह, वीरभद्र सिंह और धर्मेश कानी की अहम भूमिका रही। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने प्रदेश सहित अन्य राज्यों में कितने लोगों को शादी के नाम पर ठगी का शिकार बनाया है।
केरल बीजेपी प्रतिनिधिमंडल ने गुजरात का दौरा किया, सीएम भूपेन्द्र पटेल से मुलाकात की
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने केरल से आए नए निर्वाचित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रतिनिधियों के साथ मुलाकात की। ये प्रतिनिधि तिरुवनंतपुरम नगर निगम चुनाव में पार्टी की जीत के बाद राज्य का दौरा कर रहे हैं
बजट सत्र से पहले गुजरात विधानसभा में पारंपरिक कलाओं को प्रमुखता दी गई
16 फरवरी से शुरू होने वाले बजट सत्र से पहले गुजरात विधानसभा को राज्य की पारंपरिक कलाओं के प्रदर्शन केंद्र में बदल दिया गया है। राज्य भर के कारीगरों को विधानसभा परिसर में कलाकृतियां बनाने और स्थापित करने का काम सौंपा गया है
सीएम नायडू ने गुजरात भाजपा के सफलता फॉर्मूले को आंध्र प्रदेश में दोहराने के लिए कहा
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को कहा कि आंध्र प्रदेश को गुजरात में भाजपा की सफलता के फॉर्मूले का पालन करना चाहिए।
डूंगरपुर की बिछीवाड़ा थाना पुलिस ने राजस्थान-गुजरात के रतनपुर बॉर्डर पर एक कंटेनर से 2 करोड़ 10 लाख रुपए की शराब जब्त की है। पीवीसी पाउडर की आड में पंजाब और चंडीगढ़ में बनी शराब की राजस्थान सीमा पार कर 800 किमी दूर गुजरात में तस्करी कर रहे थे। पुलिस ने ट्रेलर के ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। बिछीवाड़ा थाने के सीआई कैलाश सोनी ने बताया कि मुखबिर के जरिए अवैध शराब तस्करी की सूचना मिली थी। जिस पर पुलिस ने राजस्थान-गुजरात के रतनपुर बॉर्डर पर नाकाबंदी की। इस पर कॉन्स्टेबल जोगेंद्र सिंह समेत पुलिस टीम ने उदयपुर की तरफ से आ रहे एक ट्रेलर की रुकवाया। 1861 कार्टन अवैध शराब जब्तड्राइवर रघुनाथ गुर्जर (27) निवासी सीतारामपुरा थाना नरैना जिला जयपुर ने ट्रेलर में पीवीसी पाउडर भरा होना बताया। लेकिन मुखबिर की सूचना पुख्ता होने से पुलिस ने ट्रेलर से तिरपाल हटाकर तलाशी ली। ट्रेलर पंजाब ओर चंडीगढ़ निर्मित शराब के कार्टन भरे हुए मिले। शराब परिवहन के कोई कागजात नहीं मिलने पर पुलिस ने ट्रेलर को जब्त कर लिया।ट्रेलर से शराब को उतार गिनती करवाई गई। जिसमें 1861 कार्टन अवैध शराब जब्त की है। जिसकी कीमत करीब 2 करोड़ 10 लाख रुपए बताई जा रही है। पुलिस ने ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है। डूंगरपुर जिले में पहली बार शराब की इतनी बड़ी खेप पकड़ी है।
Gujarat High Court ने आमिर खान के बेटे की पहली फिल्म महाराज की रिलीज पर लगी रोक हटाई
गुजरात उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को बॉलीवुड स्टार आमिर खान के बेटे जुनैद की पहली फिल्म महाराज की रिलीज पर लगी अंतरिम रोक हटाते हुए कहा कि फिल्म में कुछ भी अपमानजनक नहीं है और यह पुष्टिमार्ग संप्रदाय को निशाना नहीं बनाती है, जैसा कि याचिका में आरोप लगाया गया है। यह फिल्म 1862 के एक मानहानि मामले पर आधारित है, जिसमें वैष्णव धार्मिक नेता एवं समाज सुधारक करसनदास मुलजी शामिल थे। पुष्टिमार्ग संप्रदाय के कुछ सदस्यों ने नेटफ्लिक्स पर इस फिल्म की रिलीज के खिलाफ याचिका दायर की थी, जिसमें दावा किया गया था कि यह धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती है। न्यायमूर्ति संगीता विशेन ने 13 जून को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर फिल्म की रिलीज पर अंतरिम रोक लगा दी थी।न्यायाधीश ने शुक्रवार को अपने आदेश में कहा कि फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) द्वारा प्रमाणित किया गया है और यह उक्त संप्रदाय को निशाना नहीं बनाती है।
Gujarat HC ने Netflix को Maharaj रिलीज करने की अनुमति दी, कहा- इससे भावनाएं आहत नहीं होतीं
गुजरात उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को स्ट्रीमिंग दिग्गज नेटफ्लिक्स की फिल्म ‘महाराज’ की रिलीज पर लगी अपनी अस्थायी रोक हटा ली, जिसमें कहा गया कि फिल्म महाराज 1862 के महाराज मानहानि मामले से जुड़ी घटनाओं पर आधारित है और इसका उद्देश्य किसी समुदाय की भावनाओं को आहत करना नहीं है। न्यायमूर्ति संगीता के. विशेन, जिन्होंने 13 जून को फिल्म की रिलीज पर रोक लगाई थी, ने फिल्म देखने के बाद शुक्रवार को नेटफ्लिक्स को फिल्म स्ट्रीम करने की अनुमति देने का फैसला किया। इसे भी पढ़ें: Swara Bhasker के साथ कोई भी निर्माता-निर्देशक नहीं करना चाहता काम? एक्ट्रेस ने खुद किए चौंकाने वाले खुलासे अदालत ने कहा “यह अदालत प्रथम दृष्टया इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि फिल्म महाराज उन घटनाओं पर आधारित है, जिनके कारण मानहानि का मामला दायर किया गया और इसका उद्देश्य पुष्टिमार्गी समुदाय की भावनाओं को आहत करना नहीं है। फिल्म को संबंधित दिशा-निर्देशों पर विचार करने के बाद विशेषज्ञ निकाय केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड द्वारा प्रमाणित किया गया था… 13 जून को दी गई अंतरिम राहत रद्द कर दी गई है। मूल रूप से 14 तारीख को रिलीज होने वाली इस फिल्म को हाईकोर्ट ने नेटफ्लिक्स पर रोक लगा दी थी, क्योंकि व्यापारियों के एक समूह ने इस आधार पर कोर्ट में याचिका दायर की थी कि इसमें वैष्णव समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की क्षमता है। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | नमक-मिर्च लगाकर कच्ची केरी के चटकारे ले रहीं परिणीति चोपड़ा, मिर्जापुर 3 का जबरदस्त ट्रेलर रिलीज फिल्म महाराज गुजराती लेखक सौरभ शाह की 2013 की किताब पर आधारित है, जो 1862 के ऐतिहासिक मानहानि मामले पर आधारित है, जो एक प्रमुख वैष्णव व्यक्ति, जदुनाथजी द्वारा समाज सुधारक करसनदास मुलजी के खिलाफ दायर किया गया था, जिन्होंने सर्वशक्तिमान महाराज द्वारा यौन शोषण के खिलाफ लिखा था। मुलजी ने अपनी पत्रिका सत्यप्रकाश में शोषणकारी प्रथा का खुलासा किया, जिसके कारण मानहानि का मामला चला, जो प्रसिद्ध महाराज मानहानि मामला बन गया। न्यायमूर्ति विशन ने कहा कि याचिकाकर्ताओं की प्राथमिक शिकायत कि फिल्म वैष्णव समुदाय को बदनाम करती है, बदनाम करती है और उसका अपमान करती है, में कोई दम नहीं है। “इस प्रकार उनकी अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए बाध्य है कि याचिकाकर्ताओं की आशंका अनुमानों पर आधारित है। चूंकि फिल्म को अभी सार्वजनिक रूप से देखने के लिए जारी नहीं किया गया है, इसलिए केवल अनुमान के आधार पर संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (ए) के तहत प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित नहीं किया जा सकता है, अदालत ने कहा। उन्होंने खुली अदालत में आदेश सुनाते हुए कहा फिल्म का मुख्य संदेश, जैसा कि प्रतिवादी ने सही कहा है, यह है कि फिल्म सामाजिक बुराई और करसनदास मुलजी द्वारा सामाजिक सुधार के लिए लड़ाई पर केंद्रित है, जो स्वयं वैष्णव समुदाय से थे। उन्होंने कहा, फिल्म किसी भी तरह से धार्मिक भावनाओं को प्रभावित या आहत नहीं करती है। फिल्म यह निष्कर्ष निकालती है कि संप्रदाय किसी भी व्यक्ति या घटना से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। इस घटना को अपवाद मानते हुए वैष्णव संप्रदाय और उसके अनुयायी बढ़ते रहे और भारत के सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक ताने-बाने का गौरवपूर्ण और अभिन्न अंग बने रहे। यह आशंका जताई जा रही है कि इससे सांप्रदायिक विद्वेष पैदा होने की संभावना है। हालांकि, उसी मानहानि मामले के आधार पर 2013 में पुस्तक प्रकाशित हुई थी और किसी घटना की सूचना नहीं दी गई है। उन्होंने कहा, यहां तक कि याचिकाकर्ताओं ने भी यह दावा नहीं किया है कि पुस्तक से सांप्रदायिक विद्वेष पैदा हुआ है।
Chandu Champion: कपिल देव ने कार्तिक आर्यन की फिल्म के लिए लिखा दिल को छू लेने वाला नोट
पूर्व भारतीय क्रिकेटर कपिल देव ने इंस्टाग्राम पर कबीर खान के निर्देशन की प्रशंसा की और उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म ने उन्हें भावुक कर दिया। कपिल देव ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्टर शेयर किया और एक लंबा नोट लिखा, चंदू चैंपियन! निश्चित रूप से एक ऐसी फिल्म जिसे आप मिस नहीं कर सकते। मुझे खेल फिल्में देखना और उनकी सराहना करना वाकई पसंद है। लेकिन यह सिर्फ एक खेल फिल्म होने से कहीं बढ़कर है। यह इससे कहीं बढ़कर है। इसे देखते हुए मैं हंसा, रोया, गर्व महसूस किया और फिर से रोया। @kabirkhankk को सलाम। आपने फिर से कमाल कर दिया। इसे भी पढ़ें: Shraddha Kapoor In love | श्रद्धा कपूर ने राहुल मोदी के साथ अपने रिश्ते को किया कंफर्म, शेयर की क्यूट तस्वीर और इमोशनल पोस्ट उन्होंने आगे लिखा, एक और शानदार फिल्म बनाई। @kartikaaryan ने क्या शानदार अभिनय किया, आपका प्रयास और प्रतिभा चमक रही है। पूरी कास्ट और क्रू को बधाई और हमें यह फिल्म देखने के लिए देने के लिए धन्यवाद। आप सभी चैंपियन हैं! एक और शानदार फिल्म बनाई। @kartikaaryan ने क्या कमाल का अभिनय किया है, आपकी मेहनत और प्रतिभा जगमगा रही है। पूरी कास्ट और क्रू को बधाई और हमें यह फिल्म देखने के लिए देने के लिए आपका धन्यवाद। आप सभी चैंपियन हैं! इसे भी पढ़ें: Gujarat High Court ने फिल्म महाराज की ओटीटी रिलीज पर रोक एक दिन के लिए बढ़ाई कार्तिक और कबीर की फिल्म 'चंदू चैंपियन' 14 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। Sacnilk की एक रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है और अब तक कुल कलेक्शन 29.75 करोड़ रुपये हो चुका है। इसमें कार्तिक मुरलीकांत पेटकर की भूमिका में नजर आ रहे हैं। यह फिल्म एक ऐसे एथलीट की असाधारण कहानी पर आधारित है जिसने कभी हार नहीं मानी। View this post on Instagram A post shared by Kapil Dev (@therealkapildev)
Salman Khan फायरिंग केस मेंक्राइम ब्रांच को गुजरात से मिला बड़ा कनेक्शन, मामले में हुआ अबतक का सबसे सनसनीखेज खुलासा

