गुजरात: सीडब्ल्यूजी और ओलंपिक से पहले जीआईपीसीए में आधुनिक स्पोर्ट्स सुविधाएं बनाने की योजना
Ahmedabad, 30 अगस्त . Police महानिदेशक (डीजीपी) (क्राइम) केएलएन राव ने Sunday को कहा कि Ahmedabad में प्रस्तावित ओलंपिक और कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले ट्रेनिंग की जरूरतों को पूरा करने के लिए, Ahmedabad स्थित Gujarat इंस्टीट्यूट ऑफ प्रिजन्स एंड करेक्शनल एडमिनिस्ट्रेशन (जीआईपीसीए) में आधुनिक स्पोर्ट्स सुविधाएं विकसित की जा रही हैं. जीआईपीसीए में प्रिजन्स डिपार्टमेंट ... Read more
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच की कार्रवाई, सात मामलों में वांछित बदमाश गिरफ्तार
Ahmedabad, 30 अगस्त . Gujarat Police की Ahmedabad सिटी क्राइम ब्रांच ने ‘छारा गैंग’ के कथित सदस्य और कई मामलों में वांछित 35 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार किया है. आरोपी के खिलाफ लूट, चोरी और Gujarat कंट्रोल ऑफ टेररिज्म एंड ऑर्गनाइज्ड क्राइम कानून के तहत कुल सात मामले दर्ज हैं. Police ने उसके पास से ... Read more
स्टार्टअप और मैन्युफैक्चरिंग के जरिए युवा भारत के विकास को नई गति दे सकते हैं: जगदीश विश्वकर्मा
गांधीनगर, 30 अगस्त . Gujarat भाजपा अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा ने Sunday को कहा कि India का तेजी से बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम और विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्र युवाओं के लिए नए अवसर पैदा कर रहा है. उन्होंने Prime Minister Narendra Modi के 137वें ‘मन की बात’ कार्यक्रम को गांधीनगर में युवाओं के साथ सुना. विश्वकर्मा ने कुदासन ... Read more
गुजरात के फोरेंसिक विशेषज्ञ नेपाल पहुंचे, बाढ़ पीड़ितों की डीएनए पहचान शुरू की
गांधीनगर, 30 अगस्त . Gujarat की नेशनल फोरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी की 10 सदस्यीय फोरेंसिक टीम, नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर आए भयानक बाढ़ और भूस्खलन के पीड़ितों की पहचान करने में नेपाली अधिकारियों की मदद कर रही है. मरने वालों और लापता लोगों की बढ़ती संख्या को देखते हुए डीएनए एक्सपर्ट्स अब जमीनी स्तर पर काम कर ... Read more
नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद गुजरात के एनआरआई समेत 26 लोग लापता, तलाश जारी
नेपाल में आई भीषण बाढ़ में लापता तीर्थयात्रियों के भविष्य को लेकर अनिश्चितताओं के बीच अहमदाबाद निवासी सनी पारिख को अब भी उम्मीद है कि उनकी 65 वर्षीय मां सुरक्षित लौटेंगी। उनकी मां अमेरिकी नागरिक हैं। गांधीनगर में धवल रावल अपने भाई भाविनकुमार की खबर का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। भाविनकुमार ऑस्ट्रेलियाई नागरिक हैं और नेपाल में 26 अगस्त की सुबह हुई त्रासदी के बाद से लापता हैं। इस बीच, उनके दो छोटे बेटे अपने पिता के सुरक्षित घर लौटने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। नेपाल-तिब्बत क्षेत्र में 26 अगस्त को आई अचानक बाढ़ के बाद लापता हुए गुजरात से जुड़े तीर्थयात्रियों, जिनमें अनिवासी भारतीय (एनआरआई) भी शामिल हैं, के परिजन अपने प्रियजनों का पता लगाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। बेबस परिवार अब उम्मीद और भरोसे के सहारे अपने लापता सदस्यों की तलाश में जुटे हैं। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (एसईओसी) द्वारा शुक्रवार को जारी सूची के अनुसार, लापता लोगों की संख्या बढ़कर 26 हो गई है। इनमें गुजरात के कई एनआरआई भी शामिल हैं। एसईओसी के एक अधिकारी ने रविवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘अभी तक किसी का भी पता नहीं चल पाया है।’’सनी पारिख ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि मेरी मां जीवित हैं, उन्हें बचा लिया गया है और वह सुरक्षित हैं।’’ उनकी मां बीना पारिख अमेरिकी नागरिक हैं और अचानक आई बाढ़ के बाद से लापता हैं। बीना से आखिरी बार 24 अगस्त को संपर्क हुआ था, जब उन्होंने संदेश भेजकर बताया था कि वह काठमांडू पहुंच गई हैं और 25 अगस्त को कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए रवाना होंगी। सनी ने कहा, ‘‘सब कुछ अनिश्चित लग रहा है। इस बड़ी आपदा में कई लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है, लेकिन मुझे अब भी अच्छे की उम्मीद है।’’सनी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘हम हर जगह से अपनी मां के बारे में पुख्ता जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि उनके आईफोन की आखिरी लोकेशन फ्रेंडशिप ब्रिज पर दिखाई दी थी।’’ उन्होंने फोन की आखिरी ज्ञात लोकेशन का स्क्रीनशॉट भी साझा किया। सनी ने बताया कि उन्होंने ट्रैवल एजेंसी ड्रीम तिब्बत ट्रैवल एंड टूर से भी संपर्क किया है। इसी एजेंसी के माध्यम से उनकी मां समेत 10 अन्य लोग, जिनमें तीन नेपाली और सात एनआरआई शामिल थे, कैलाश मानसरोवर पहुंचने वाले थे। गांधीनगर निवासी धवल रावल ने बताया कि उनके भाई भाविनकुमार रावल, जो ऑस्ट्रेलियाई नागरिक हैं, 26 अगस्त की सुबह से संपर्क में नहीं हैं। धवल ने बताया, ‘‘भाविनकुमार ने आखिरी बार ऑस्ट्रेलिया में रह रही अपनी पत्नी को संदेश भेजा था कि वह 26 अगस्त को सुबह करीब पांच बजे कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए रवाना हो रहे हैं।’’उन्होंने बताया कि भाविनकुमार के दो नाबालिग बेटे हैं, जो अपने पिता के घर लौटने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। धवल ने कहा, ‘‘घर में सभी लोग चिंतित हैं। हम बार-बार उन्हें फोन कर रहे हैं और व्हाट्सऐप पर संदेश भेज रहे हैं।’’ उन्होंने बताया कि इस बारे में उच्चायोग और राज्य सरकार को भी जानकारी दी गई है। धवल ने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि जल्द ही उनकी खबर मिलेगी।
किर्गिस्तान में पीएम मोदी को सर्व होगा थेपला, शाकाहारी ‘लघमन’ भी मेन्यू का हिस्सा
बिश्केक, 30 अगस्त . किर्गिस्तान Prime Minister Narendra Modi के स्वागत को तैयार है. पीएम मोदी को उनके मनपसंद Gujaratी पकवानों का भी स्वाद चखाया जाएगा. भारतीय मूल के बिश्केक स्थित गांधी रेस्तरां के हेड शेफ चिन्मय बडोदेकर की योजना क्या है, इसका खुलासा उन्होंने आईएएनस से बातचीत में किया. पीएम मोदी को अपने पकवान ... Read more
किसानों के लिए बड़ी राहत, गुजरात सरकार ने बढ़ाई कृषि उपकरण खरीद की समय सीमा, अब 15 दिन का और मौका
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण और किसान कल्याणकारी निर्णय लिया है। वर्ष 2026-27 के लिए 'मुख्यमंत्री यंत्रीकरण योजना' के तहत कृषि उपकरणों और ट्रैक्टर चालित साधनों की खरीद के लिए पात्र किसानों ...
8 सितंबर को गुजरात दौरे पर आ सकते हैं पीएम मोदी, वडोदरा और नवसारी में तैयारियां तेज
8 सितंबर को गुजरात दौरे पर आ सकते हैं पीएम मोदी, वडोदरा और नवसारी में तैयारियां तेज
नेपाल में बाढ़ पीड़ितों की पहचान के लिए गुजरात की एनएफएसयू ने भेजी 10 सदस्यीय फोरेंसिक टीम
नेपाल में बाढ़ पीड़ितों की पहचान के लिए गुजरात की एनएफएसयू ने भेजी 10 सदस्यीय फोरेंसिक टीम
Gujarat University में पूर्व VC Neerja Gupta पर जांच शुरू, पूर्व जज करेंगे पड़ताल
गुजरात विश्वविद्यालय ने पूर्व कुलपति डॉ. नीरजा गुप्ता के कार्यकाल के दौरान वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोपों की जांच के लिए उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश डी. एम. व्यास की अध्यक्षता में एक सदस्यीय जांच समिति का शनिवार को गठन किया। कार्यवाहक कुलपति जगदीश जोशी ने कहा कि समिति अनियमित नियुक्तियों, वित्तीय अनियमितताओं, धन के गबन और परिचितों को लाभ पहुंचाने के लिए अधिकारों के दुरुपयोग से जुड़ी शिकायतों की जांच करेगी। जोशी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि न्यायमूर्ति व्यास के साथ चर्चा की गई है और जांच प्रक्रिया अगले सप्ताह शुरू होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामले अक्सर अंत में उच्च न्यायालय पहुंच जाते हैं, इसलिए विश्वविद्यालय ने सभी पहलुओं को शामिल करने और जांच को निष्पक्ष तरीके से सुनिश्चित करने के लिए पहले ही एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश को नियुक्त करने का फैसला किया है। यह घटनाक्रम नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) समेत छात्र संगठनों की ओर से लगाए गए आरोपों की पृष्ठभूमि में सामने आया है। इन संगठनों ने डॉ. गुप्ता पर वित्तीय अनियमितताओं, केंद्रीय अनुदान के दुरुपयोग और बहुत अधिक वेतन पर अस्थायी कर्मचारियों की नियुक्ति कर विश्वविद्यालय को आर्थिक नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। सोशल मीडिया मंचों पर आरोपियों की ओर से दिए गए सार्वजनिक स्पष्टीकरण पर प्रतिक्रिया देते हुए जोशी ने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय को उनकी ओर से या उनके प्रतिनिधियों की ओर से कोई औपचारिक लिखित सूचना नहीं मिली है। इस महीने की शुरुआत में, विश्वविद्यालय ने तीन सदस्यीय तथ्यान्वेषण समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद गुजरात यूनिवर्सिटी स्टार्टअप एंड एंटरप्रेन्योरशिप काउंसिल के समूह मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और इंस्टीट्यूट ऑफ डिफेंस स्टडीज एंड रिसर्च फाउंडेशन (आईडीएसआरएफ) के सीईओ समेत 10 अस्थायी कर्मचारियों को निलंबित कर दिया था। एबीवीपी ने आरोप लगाया कि गुप्ता ने इन लोगों की नियुक्ति की और उन्हें अत्यधिक अधिक वेतन दिया, जिससे विश्वविद्यालय को आर्थिक नुकसान हुआ।
Nepal Flood में फंसे गुजरात के 26 NRI यात्रियों के परिजन सुरक्षित वापसी की कर रहे प्रार्थना
कैलास-मानसरोवर यात्रा पर गए गुजरात के कुछ अनिवासी भारतीयों (एनआरआई) के परिजन के लिए आपदा प्रभावित नेपाल से उनके लौटने का इंतजार करना बहुत तकलीफदेह है और क्षेत्र में मची भीषण तबाही के भयानक दृश्य उनके लिए बेहद परेशान करने वाले हैं, लेकिन उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की ओर से शुक्रवार को जारी सूची के मुताबिक, तिब्बत-नेपाल सीमा के पास अचानक आई बाढ़ के कारण लापता कम से कम 26 लोग गुजरात से ताल्लुक रखते हैं, जिनमें कैलास-मानसरोवर यात्रा पर गए कई एनआरआई भी शामिल हैं। सूची के अनुसार, आपदा के कारण लापता अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के कई एनआरआई के अहमदाबाद, आणंद, राजकोट, वलसाड, सूरत, खेड़ा, अमरेली, गांधीनगर और वडोदरा से संबंध हैं। राजकोट निवासी विरल नाथवानी ने कहा, “नेपाल में अचानक आई बाढ़ का भयावह दृश्य देखना बेहद तकलीफदेह है, लेकिन हम उम्मीद नहीं छोड़ सकते।”नाथवानी के रिश्ते के भाई-बहन उन लोगों में शामिल हैं, जिनका फिलहाल कोई पता नहीं चल पाया है। उन्होंने बताया कि मुंबई में रहने वाले उनके रिश्ते के भाई जय कोटेचा और वलसाड निवासी उनकी रिश्ते की बहन रोमा ईंटवाला से आखिरी बार बुधवार को उनका संपर्क हुआ था, जब वे मैत्री पुल के पास थे और आव्रजन भवन की ओर जा रहे थे। नाथवानी ने बताया कि मुंबई स्थित ‘हिल्स एंड ट्रेल्स’ ट्रैवल एजेंसी के माध्यम से कैलास-मानसरोवर यात्रा पर गए करीब 56 लोगों से फिलहाल संपर्क नहीं हो पा रहा है। वडोदरा निवासी चिराग पटेल अपनी बहन किन्नरी पटेल और बहनोई मिहिर पटेल के बारे में खबर मिलने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जो एनआरआई हैं और पिछले 25 वर्षों से न्यूजीलैंड में रह रहे हैं। चिराग के मुताबिक, किन्नरी और मिहिर कैलास-मानसरोवर यात्रा के लिए 23 अगस्त को काठमांडू पहुंचे थे। उन्होंने बताया, “कल रक्षाबंधन पर मैं अपनी बहन के बारे में कोई खबर मिलने का इंतजार कर रहा था। हमें राखी का त्योहार उनके (किन्नरी और मिहिर के) गुजरात लौटने के बाद मनाना था।”चिराग ने कहा, “मुझे उम्मीद है कि वे ठीक होंगे और जल्द वापस आ जाएंगे। मैं बस भगवान शिव से प्रार्थना कर रहा हूं कि वे लौट आएं।”गीता पटेल के परिवार को अब बस इस उम्मीद का सहारा है कि उनके प्रियजनों से संपर्क बाढ़ के कारण नहीं, बल्कि खराब नेटवर्क के कारण टूटा है। गीता के अनुसार, उनके रिश्तेदार परेश पटेल, परेश की पत्नी ज्योति पटेल और बहन मीनाक्षी रमानी कैलास-मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल गए थे। परेश और ज्योति जहां अमेरिका में रहते हैं, वहीं मीनाक्षी मुंबई की निवासी हैं। गीता ने बताया कि तीनों आव्रजन प्रक्रिया पूरी करने के बाद कैलास-मानसरोवर की ओर बढ़ रहे थे, तभी उनसे संपर्क टूट गया। उन्होंने बताया, “परेश ने अपनी मां सुशीलाबेन पटेल को फोन कर बताया था कि उन्होंने आव्रजन की प्रक्रिया पूरी कर ली है और अब वे कैलास-मानसरोवर की ओर जा रहे हैं, जहां नेटवर्क की समस्या हो सकती है।”गीता ने कहा कि परिवार को उम्मीद है कि यह सिर्फ नेटवर्क की समस्या है और तीनों जल्द ही उनसे संपर्क करेंगे, क्योंकि सुशीलाबेन बेसब्री से उनका इंतजार कर रही हैं।
प्रतापनगर से धार के टांडा रोड तक रोज दौड़ेगी मेमू ट्रेन, गुजरात से होगा सीधा संपर्क
छोटा उदयपुर–धार नई रेल लाइन परियोजना में लंबे इंतजार के बाद अब एक और महत्वपूर्ण कदम सामने आया है। डेकाकुंड से टांडा रोड के बीच नवनिर्मित रेलखंड का रेल संरक्षा निरीक्षण पूरा होने के बाद पश्चिम रेलवे ने प्रतापनगर से टांडा रोड के बीच प्रतिदिन नई मेमू ट्रेन चलाने का प्रस्ताव भेजा है।
Gujarat DGP जी. एस. मलिक ने Ahmedabad में She Team संग मनाया रक्षाबंधन
गुजरात के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) जी. एस. मलिक ने शुक्रवार को यहां महिला पुलिस अधिकारियों की विशेष इकाई ‘शी टीम’ की सदस्यों के साथ रक्षाबंधन मनाया। अहमदाबाद के गुजरात विश्वविद्यालय पुलिस थाने की ‘शी टीम’ की महिला कर्मियों ने डीजीपी की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा। मलिक ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘रक्षाबंधन के शुभ अवसर पर ‘शी टीम’ ने स्नेह, विश्वास और सुरक्षा के प्रतीक के रूप में राखी बांधी। उनका यह स्नेह पुलिस और समाज के बीच मजबूत रिश्ते को दर्शाता है।’’उन्होंने कहा, ‘‘शी टीम वरिष्ठ नागरिकों की सेवा और सहायता में भी सराहनीय भूमिका निभा रही है, जिससे समुदाय में देखभाल, सुरक्षा और संवेदनशीलता की भावना और मजबूत हो रही है।
गुजरात: ‘शी टीम्स’ ने डीजीपी, वरिष्ठ नागरिकों और पूर्व पुलिसकर्मियों के साथ रक्षाबंधन मनाया
Ahmedabad, 28 अगस्त . Gujarat Police की ‘शी टीम’ ने Friday को डायरेक्टर जनरल ऑफ Police (डीजीपी) ज्ञानेंद्र सिंह मलिक को ‘रक्षा सूत्र’ बांधकर रक्षाबंधन मनाया. साथ ही, राज्य भर में टीमों ने बुज़ुर्गों, सीनियर Police अधिकारियों और रिटायर हो चुके Policeकर्मियों के घरों पर जाकर सुरक्षा के बंधन पर आधारित यह त्योहार मनाया. रक्षा ... Read more
रक्षाबंधन पर एसओएस संस्था की बालिकाओं ने गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत को बांधी राखी
रक्षाबंधन पर एसओएस संस्था की बालिकाओं ने गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत को बांधी राखी
गुजरात में ‘वर्क फ्रॉम होम’ करने के बहाने स्टार रेटिंग के नाम पर 5.98 लाख रुपए की साइबर धोखाधड़ी
सूरत, 28 अगस्त . Gujarat की सूरत साइबर क्राइम सेल ने 23 वर्षीय एक व्यक्ति को कथित तौर पर 5.98 लाख रुपए की ठगी का शिकार बनाया. उसे स्टार रेटिंग से जुड़े अंशकालिक ‘वर्क फ्रॉम होम’ के बहाने नौकरी दी गई थी. आरोपी के बैंक खाते से कथित तौर पर पीड़ित से 1 लाख रुपए ... Read more
Gujarat Ahmedabad में Malala Yousafzai की किताब पढ़ने पर बवाल, Bajrang Dal वालों ने किसे पीटा?
अहमदाबाद में मलाला यूसुफजई की किताब ‘I Am Malala’ को लेकर विवाद बढ़ गया है। अहमदाबाद के एक गार्डन में सिविल सोसाइटी के लोग मलाला की किताब पढ़ने के लिए जुटे थे, जहां बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध किया।
कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए सूरत के 3 लोग लापता, परिजनों ने सरकार से लगाई गुहार
सूरत, 28 अगस्त . नेपाल में आई भीषण प्राकृतिक आपदा के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए Gujarat के लोगों के परिजनों की चिंता बढ़ गई है. सूरत के एक परिवार के तीन सदस्य, परेश पटेल, उनकी पत्नी ज्योति और बेटी मीनाक्षी, से संपर्क नहीं हो पा रहा है. वहीं, गांधीनगर से कैलाश मानसरोवर यात्रा ... Read more
रक्षाबंधन पर गुजरात की अलग-अलग जेलों में महिलाओं ने अपने भाइयों को बांधीं राखी
गांधीनगर, 28 अगस्त . देशभर में भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का पर्व रक्षाबंधन बड़े प्रेम और उत्साह के साथ मनाया गया. इस अवसर पर Gujarat की अलग-अलग जेलों में महिलाओं ने अपने भाइयों को राखियां बांधीं. जेल में कैद अपने भाइयों को देखकर कई महिलाएं भावुक नजर आईं. Ahmedabad की साबरमती सेंट्रल जेल में रक्षाबंधन ... Read more
MOTN Survey: PM की रेस में Abhijeet Dipke ने Arvind Kejriwal को पछाड़ा, बढ़ी CJP की ताकत
'इंडिया टुडे-सीवोटर मूड ऑफ़ द नेशन' (MOTN) सर्वे के अनुसार, आम आदमी पार्टी (AAP) के एक पूर्व कार्यकर्ता, जिन्होंने बाद में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) बनाई, प्रधानमंत्री पद के लिए अपनी पसंद के मामले में अब अपने पूर्व बॉस अरविंद केजरीवाल से आगे निकल गए हैं। CJP के संस्थापक और संयोजक अभिजीत दिपके प्रधानमंत्री पद के लिए AAP प्रमुख केजरीवाल की तुलना में ज़्यादा पसंद किए जाने वाले उम्मीदवार के तौर पर उभरे हैं; ताज़ा MOTN सर्वे में दिपके को 1.3% और केजरीवाल को 1.2% समर्थन मिला है। भले ही अंतर सिर्फ़ 0.1 प्रतिशत अंक का हो, लेकिन इसके राजनीतिक मायने साफ़ हैं। डिपके, जिन्होंने 2020 से 2023 तक केजरीवाल के नेतृत्व में AAP की कम्युनिकेशन टीम के साथ काम किया था, हाल के महीनों में एक पॉलिटिकल कम्युनिकेशन प्रोफेशनल से बदलकर युवाओं के दबाव वाले आंदोलन का चेहरा बन गए हैं। डिपके का कद अब उस व्यक्ति से थोड़ा आगे निकल गया है, जिसके लिए उन्होंने कभी काम किया था; यह बात तब सामने आई जब लोगों से पूछा गया कि उनके हिसाब से भारत का अगला प्रधानमंत्री बनने के लिए सबसे उपयुक्त व्यक्ति कौन है। इसे भी पढ़ें: Kejriwal का BJP को चैलेंज: Punjab के 1000 Schools बनाम Gujarat के 1000 Schools, आओ करें तुलना 'मूड ऑफ़ द नेशन' साल में दो बार होने वाला एक सर्वे है, जिसे इंडिया टुडे ग्रुप पिछले लगभग दो दशकों से करवा रहा है। अगस्त 2026 का सर्वे CVoter ने किया था, जिसमें 1 जुलाई से 25 अगस्त के बीच 25,184 लोगों का सीधा सर्वे किया गया। अगस्त 2026 के 'मूड ऑफ़ द नेशन' के नतीजे तैयार करने के लिए CVoter की रेगुलर ट्रैकिंग के तहत पिछले छह महीनों में किए गए 91,795 इंटरव्यू का भी इस्तेमाल किया गया। हालांकि, मुख्य दावेदारों की तुलना में डिपके का 1.3% का आंकड़ा काफी कम है, लेकिन केजरीवाल के आंकड़ों के साथ तुलना करने पर उनकी स्थिति काफी अहम हो जाती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सबसे पसंदीदा उम्मीदवार बने हुए हैं; 48.7% लोगों ने उन्हें अगला प्रधानमंत्री बनने के लिए सबसे उपयुक्त माना है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी 27.1% के साथ दूसरे स्थान पर हैं, जबकि चुनावी राजनीति में आने के बाद एक बड़ी राजनीतिक ताकत के तौर पर उभरे तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय 9.2% के साथ तीसरे स्थान पर हैं।पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 2% के साथ हैं, और उनके बाद समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव 1.7% के साथ हैं। इसके बाद 1.3% के साथ दिपके हैं, जो 1.2% वाले केजरीवाल से थोड़ा आगे हैं। इसे भी पढ़ें: सब कुछ 'नीयत' का खेल है: अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के सरकारी स्कूल की लाइब्रेरी की तारीफ की राहुल गांधी के बाद, विजय विपक्ष के नेता के तौर पर सबसे पसंदीदा विकल्प हैं जब यह पूछा गया कि मौजूदा विपक्षी नेताओं में से कौन विपक्षी गठबंधन का नेतृत्व करने के लिए सबसे उपयुक्त है, तो केजरीवाल की लोकप्रियता कम होती दिखी और एक नए चेहरे, विजय ने कहीं ज़्यादा बड़ा असर डाला है। पक्ष के नेतृत्व के लिए पसंद के मामले में राहुल गांधी 29% के साथ सबसे आगे बने हुए हैं; जनवरी 2026 में यह आंकड़ा 28.6% था। विजय, जो पहले के सर्वे में विकल्पों की सूची में शामिल नहीं थे, 12.2% के साथ सूची में आए और तुरंत दूसरे स्थान पर पहुंच गए। ममता बनर्जी 8.5% के साथ तीसरे स्थान पर हैं, जबकि केजरीवाल 7.5% पर हैं।
गुजरात के अहमदाबाद में नकली ब्लड प्रेशर की दवा के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच और फूड एंड ड्रग्स विभाग की संयुक्त कार्रवाई में करीब 1200 स्ट्रिप नकली NICARDIA RETARD 10 बरामद की गई हैं। जांच में सामने आया कि करीब चार महीने में 1500 स्ट्रिप पहले ही बेची जा चुकी हैं। एक स्ट्रिप में 10 टैबलेट होने से करीब 15 हजार नकली गोलियां मरीजों तक पहुंचने की आशंका है। इस मामले में अहमदाबाद के एक मेडिकल कारोबारी समेत लखनऊ के दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। तीनों को कोर्ट ने 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है। असली कंपनी के नाम और बैच नंबर पर बनाई नकली दवा मामला तब सामने आया जब जेबी केमिकल्स एंड फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड ने 19 अगस्त को गुजरात फूड एंड ड्रग्स कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन में शिकायत की। कंपनी ने बताया कि उसकी ब्लड प्रेशर की दवा NICARDIA RETARD 10 की नकली कॉपी बाजार में बेची जा रही है। नकली दवा पर वही नाम, लेबल और बैच नंबर ACG25007 इस्तेमाल किया गया था, जो असली दवा पर दर्ज था। इसकी मैन्युफैक्चरिंग जून 2025 और एक्सपायरी मई 2028 लिखी गई थी। पैकेजिंग इस तरह तैयार की गई थी कि मरीज और मेडिकल स्टोर संचालक के लिए असली-नकली की पहचान करना मुश्किल हो। लखनऊ की मेडिकल एजेंसी से गुजरात पहुंची सप्लाई जांच में नकली दवा की सप्लाई का कनेक्शन लखनऊ से सामने आया। पुलिस के मुताबिक अहमदाबाद के पालड़ी स्थित पार्श्व मेडिकल एजेंसी को यह स्टॉक लखनऊ की सेना मेडिकल एजेंसी से मिला था। इसके बाद गुजरात के अलग-अलग मेडिकल स्टोर तक दवा पहुंचाई गई। कच्छ में मिली दवा की सप्लाई का लिंक जयपुर की एवीआर मेडिकोज से भी सामने आया है। यानी नेटवर्क की कड़ियां उत्तर प्रदेश, गुजरात और राजस्थान तक जुड़ी मिली हैं। 3600 स्ट्रिप की खेप, अहमदाबाद भेजी गई थीं 2700 पुलिस की जांच के अनुसार करीब 3600 स्ट्रिप की एक खेप तैयार हुई थी। इसमें से 2700 स्ट्रिप अहमदाबाद और 900 स्ट्रिप मैसूर भेजी गई थीं। अहमदाबाद पहुंची 2700 स्ट्रिप में से 1200 बरामद कर ली गईं, जबकि 1500 स्ट्रिप पहले ही बाजार में खप चुकी थीं। पुलिस को आशंका है कि यह दवा अहमदाबाद के अलावा सूरत, भावनगर, नडियाद और भुज तक भी पहुंची। गुजरात में जांच के दौरान 30 से ज्यादा मेडिकल स्टोर और एजेंसियों की जांच की जा चुकी है। 18 प्रतिशत कमीशन के लालच में खरीदने का आरोप पुलिस के मुताबिक अहमदाबाद के मेडिकल कारोबारी दर्शील संघवी ने कथित तौर पर ज्यादा कमीशन के लालच में नकली दवा खरीदी और इसे आगे सब-डिस्ट्रीब्यूटर्स तक पहुंचाया। लखनऊ निवासी देवेंद्र यादव और उमंग रस्तोगी पर कम कीमत में नकली दवा खरीदकर गुजरात में सप्लाई कराने का आरोप है। दोनों पहले जून 2026 में पुणे में नकली दवा के एक अन्य मामले में पकड़े जा चुके हैं। रस्तोगी पर 2022 में जीएसटी एक्ट से जुड़ा मामला भी दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। लखनऊ और जयपुर में भी पहुंची क्राइम ब्रांच की टीमें अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने मामले में केस दर्ज कर चार टीमें अलग-अलग राज्यों में भेजी हैं। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि नकली दवा बनाई और पैक कहां गई, असली कंपनी के नाम की पैकेजिंग किसने तैयार की और नेटवर्क का मास्टरमाइंड कौन है। पुलिस ने मेडिकल स्टोर, एजेंसी, अस्पताल और मरीजों से अपील की है कि अगर उनके पास इस बैच की संदिग्ध दवा पहुंची है तो क्राइम ब्रांच को इसकी जानकारी दें।
Nepal Flood के बाद Gujarat के 26 लोग लापता, केंद्र से मदद जुटा रही सरकार
नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ के बाद गुजरात के लापता लोगों की संख्या बढ़कर 26 हो गई है। इनमें राज्य के कई प्रवासी भारतीय (एनआरआई) भी शामिल हैं। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ने फंसे लोगों का पता लगाने और उन्हें सहायता पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार तथा विदेश मंत्रालय के साथ समन्वय तेज कर दिया है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (एसईओसी) की ओर से जारी अद्यतन सूची में पहले लापता बताए गए 17 लोगों के अलावा नौ और नाम जोड़े गए हैं। इनमें से कई लोग कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग या नेपाल-तिब्बत सीमा के आसपास यात्रा कर रहे थे। एसईओसी के अनुसार, लापता लोगों में अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में रहने वाले एनआरआई भी शामिल हैं। इन लोगों का संबंध अहमदाबाद, आनंद, राजकोट, वलसाड, सूरत, खेड़ा, अमरेली, गांधीनगर और वडोदरा से है। सूची के मुताबिक, अहमदाबाद से पांच लोग लापता हैं, जिनमें तीन अमेरिकी और दो कनाडाई नागरिक हैं। आनंद से पांच लोग हैं, जिनमें तीन अमेरिकी और दो कनाडाई नागरिक हैं। सूरत से तीन लोग हैं, जिनमें दो अमेरिकी नागरिक और मुंबई का एक निवासी शामिल है। खेड़ा से तीन लोग लापता हैं, जिनमें एक अमेरिकी और दो कनाडाई नागरिक हैं। राजकोट और वलसाड से एक-एक व्यक्ति लापता है। गांधीनगर से चार लोग लापता हैं, जिनमें तीन अमेरिकी और एक ऑस्ट्रेलियाई नागरिक है। अमरेली से दो लोग लापता हैं, जिनमें एक अमेरिकी नागरिक है। वडोदरा से दो लोग लापता हैं और दोनों न्यूजीलैंड के नागरिक हैं। बयान के अनुसार, लापता पर्यटकों में से कई नेपाल के रास्ते कैलाश मानसरोवर यात्रा कर रहे थे। कुछ अन्य लोगों के बारे में आखिरी जानकारी फ्रेंडशिप ब्रिज तथा रसुवागढ़ी-केरुंग सीमा क्षेत्र या बागमती क्षेत्र के आसपास होने की मिली थी। गुजरात के मंत्री जीतू वाघाणी ने बृहस्पतिवार को कहा था कि राज्य सरकार बाढ़ से प्रभावित गुजरातियों और अन्य भारतीय नागरिकों की मदद के लिए केंद्र सरकार तथा विदेश मंत्रालय के साथ समन्वय कर रही है। उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और राज्य प्रशासन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तथा विदेश मंत्रालय के संपर्क में हैं और लापता लोगों से संबंधित सभी जानकारी संबंधित अधिकारियों को भेज दी गई है। वाघाणी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और शाह नेपाल सरकार के साथ लगातार संपर्क में हैं तथा गुजरात सरकार राज्य के लोगों और उनके परिवारों की मदद के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर विभिन्न जिलों में हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। परेशानी का सामना कर रहे या अपने परिजनों के बारे में जानकारी चाहने वाले लोग राज्य नियंत्रण कक्ष या संबंधित जिला प्रशासन से संपर्क कर सकते हैं।
गुजरात में अब तक चांदीपुरा वायरस के 42 मामले दर्ज, 28 लोगों की मौतें हुईं
गांधीनगर, 28 अगस्त . Gujarat में चांदीपुरा वायरस का कहर जारी है. राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने Friday को जानकारी दी कि बीते कुछ महीनों में Gujarat में चांदीपुरा वायरस के 42 मामले दर्ज किए गए हैं और 28 मौतें हुई हैं. स्वास्थ्य विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 30 जून को जारी वर्तमान निगरानी ... Read more
गुजरात के नेताओं ने दी रक्षाबंधन की शुभकामनाएं, रिश्तों और महिला सशक्तीकरण का किया जिक्र
गांधीनगर, 28 अगस्त . Gujarat के Chief Minister भूपेंद्र पटेल और उपChief Minister हर्ष संघवी ने Friday को रक्षाबंधन के अवसर पर नागरिकों को शुभकामनाएं दीं. उन्होंने इस त्योहार को भाई-बहन के रिश्ते के महत्व पर जोर देने वाला पर्व बताया. वहीं, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा ने महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तीकरण को ... Read more
खिलाड़ियों की प्रतिभा खोजने के लिए गुजरात ने ‘स्पोर्ट्स जीनोमिक्स प्रोग्राम’ किया लॉन्च
गांधीनगर, 28 अगस्त (आईएएनएस)। एथलीट के विकास में एक नया वैज्ञानिक आयाम जोड़ने के लिए गुजरात ने राज्यस्तरीय 'स्पोर्ट्स जीनोमिक्स प्रोग्राम' शुरू किया है। इसका मकसद अपने एथलीटों की जेनेटिक, शारीरिक और परफॉर्मेंस से जुड़ी विशेषताओं को समझना है।
नेपाल में फंसे गुजरात के नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए गुजरात सरकार पूरी तरह से सक्रिय हो गई है। राज्य सरकार के प्रवक्ता मंत्री जीतू वाघानी ने बताया कि राज्य सरकार लगातार केंद्र सरकार के संपर्क में है। इस गंभीर स्थिति को ध्यान में रखते हुए ...
Nepal Floods: गुजरात के 17 लोग लापता, केंद्र और विदेश मंत्रालय से साधा संपर्क
नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ के बाद गुजरात से जुड़े लापता लोगों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है। राज्य सरकार फंसे हुए लोगों की मदद के लिए केंद्र के साथ समन्वय बढ़ा रही है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) द्वारा जारी नयी सूची में 11 लापता या संपर्क से बाहर लोगों की पुरानी सूची में छह और नाम जोड़े गए हैं। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि इन 17 लोगों में अहमदाबाद, आणंद, राजकोट, वलसाड, सूरत, खेड़ा, अमरेली, गांधीनगर और वडोदरा से जुड़े व्यक्ति शामिल हैं, जिनमें से कई भारतीय मूल के विदेशी नागरिक हैं। एसईओसी की सूची के अनुसार, इनमें से चार लोग गांधीनगर के, तीन-तीन सूरत और खेड़ा के, दो-दो वडोदरा और आणंद के रहने वाले हैं जबकि एक-एक व्यक्ति अहमदाबाद, राजकोट और अमरेली का निवासी है। इस सूची में अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के वे नागरिक भी शामिल हैं, जो मूल रूप से गुजरात के रहने वाले हैं। बयान में कहा गया कि सूची में शामिल कई लोग नेपाल के रास्ते कैलाश मानसरोवर यात्रा पर थे, जबकि अन्य लोगों को आखिरी बार रसुवागढ़ी-केरुंग सीमा पर मित्रता पुल के पास या निकटवर्ती बागमती क्षेत्र में देखा गया था। एसईओसी की पिछली रिपोर्ट में 12 लोगों को लापता बताया गया था, लेकिन अधिकारियों ने बाद में वलसाड की रहने वाली रोमा इंटवाला से संपर्क स्थापित कर लिया और पाया कि वह नेपाल में सुरक्षित हैं। इसके बाद लापता या संपर्क से बाहर लोगों की संख्या घटकर 11 रह गई थी। गुजरात सरकार के प्रवक्ता और मंत्री जीतू वाघानी ने बताया कि नेपाल में आई अचानक बाढ़ से प्रभावित गुजरातियों और अन्य भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए राज्य सरकार, केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय के साथ लगातार संपर्क में है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और राज्य प्रशासन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तथा विदेश मंत्रालय के संपर्क में हैं, जबकि लापता लोगों के संबंध में मिली सभी जानकारियां संबंधित अधिकारियों को भेज दी गई हैं। वाघानी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमित शाह नेपाल सरकार के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए हैं तथा गुजरात सरकार इस संकट के दौरान राज्य के लोगों और उनके परिवारों की मदद के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।
AC वेटिंग हॉल, पंखे लगे हुए, नीचे चमचमाते टाइल्स, पहली नजर में यह आपको कोई अच्छा एयरपोर्ट लग सकता है, लेकिन है गुजरात के अहमदाबाद का बस स्टैंड। जल्द ही बिहार में भी ऐसे बस स्टैंड बनाए जाएंगे। राज्य सरकार ने गुजरात मॉडल पर 31 बस स्टैंड को आधुनिक बनाने का फैसला किया है। यहां शॉर्पिंग मॉल, होटल, फूड कोर्ट जैसी सुविधाएं मिलेंगी। कुछ बस स्टैंड के जगह बदले जा सकते हैं। पीपीपी मोड में इन्हें बनाने की तैयारी है। बस स्टैंड को आधुनिक बनाने के लिए सरकार क्या करने जा रही है? गुजरात मॉडल की क्या खासियत है? बिहार में इसे फॉलो करते हुए किस तरह काम होगा? पढ़िए रिपोर्ट…। बस स्टैंड में मिलेंगी एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं सरकार बिहार स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (BSRTC) को आर्थिक रूप से मजबूत करने की योजना पर काम कर रही है। इसके तहत बस स्टैंड में एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। राज्य सरकार का उद्देशय सिर्फ बस स्टैंड नहीं, बल्कि बेहतर रेवेन्यू जेनरेट करने वाला सेंटर बनाना है। इन्हें रोजगार पैदा करने वाले कॉमर्शियल हब के रूप में विकसित किया जाएगा। बिहार सरकार ने 31 एडवांस बस स्टैंड बनाने के लिए गुजरात मॉडल चुना है। गुजरात का GSRTC Bus Port मॉडल देश के सबसे सफल आधुनिक बस टर्मिनल मॉडलों में गिना जाता है। BSRTC के 31 बस डिपो का होगा विकास सरकार सार्वजनिक परिवहन सेवा को हाईटेक करने के लिए बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के 31 बस डिपो का विकास करेगी। इसके लिए जी प्लस 4 से जी प्लस 6 भवन बनाए जाएंगे। बस टर्मिनलों को केवल बसों के संचालन तक सीमित न रखकर मल्टी-फंक्शनल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जाएगा। यात्रियों को एक ही परिसर में परिवहन के साथ आधुनिक नागरिक सुविधाएं भी मिलेंगी। इससे जुड़ा प्रस्ताव सम्राट चौधरी कैबिनेट से पास हो गया है। बस स्टैंड से हुई आमदनी बिहार राज्य पथ परिवहन निगम और निजी भागीदार के बीच शेयर की जाएगी। इस पैसे से बस स्टैंडों का संचालन और रखरखाव होगा। ई-बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन बनेंगे आधुनिक वर्कशॉप, बस पार्किंग, निरीक्षण पिट, स्टोर, टायर सेक्शन, ई-बस चार्जिंग स्टेशन, जल निकासी व्यवस्था, एसटीपी/ईटीपी तथा बैकअप पावर सिस्टम जैसी अत्याधुनिक तकनीकी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इससे भविष्य में संचालित होने वाली इलेक्ट्रिक बसों के संचालन और रखरखाव को सहूलियत होगी। आने वाले दिनों में 400 ई-बसें चलाने की योजना है। इन जिलों में विकसित होंगे आधुनिक बस स्टैंड 31 आधुनिक बस स्टैंड बनाने की योजना जिन जिलों में है उनमें पटना, भागलपुर, नालंदा, गयाजी, मुंगेर और सहरसा धार्मिक पर्यटन के लिहाज के महत्वपूर्ण है। बस स्टैंड अत्याधुनिक बनाने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। पटना में बिहार का सबसे बड़ा बस स्टैंड तैयार होगा। मुजफ्फरपुर उत्तर बिहार का ट्रांजिट केन्द्र बनेगा। दरभंगा और नेपाल कनेक्टिविटी वाला बस स्टैंड होगा। भागलपुर का बस स्टैंड पूर्वी बिहार और झारखंड से जुड़ेगा। पूर्णिया, सीमांचल का प्रमुख बस स्टैंड होगा। एक बस स्टैड में 100 -150 दुकानें हो सकती हैं। 31 बस स्टैंडों में 70 से 80 हजार लोगों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। 500 से 700 स्थायी रोजगार के अवसर बनेंगे। 31 स्टैंडों में 3000 से 5000 दुकानें खुलने की संभावना है। 186.67 करोड़ रुपए की लागत से अहमदाबाद में बना है बस स्टैंड गुजरात मॉडल के अनुसार बनने वाले बस स्टैंड कैसे होंगे इसे अहमदाबाद के गीता मंदिर ST बस टर्मिनल के उदाहरण से समझ सकते हैं। इस बस स्टैंड को 186.67 करोड़ रुपए की लागत से मेगा-मॉल की तरह अल्ट्रा-मॉडर्न रेनोवेशन के बाद तैयार किया गया है। 58,134 वर्ग मीटर में फैले इस टर्मिनल में 93 प्लेटफॉर्म, AC वेटिंग लाउंज और कमर्शियल जोन हैं। यहां से बसें गुजरात के अलग-अलग शहरों के लिए चलती हैं। हाल ही में नया टर्मिनल-2 शुरू हुआ है। यहां एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं दी गईं हैं। इसमें 39 प्लेटफॉर्म, 370 सीटों वाला बोर्डिंग कॉनकोर्स, आधुनिक वेटिंग हॉल और 130 सीटों वाली कैंटीन जैसी सुविधाएं हैं। पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल से बने इस कॉम्प्लेक्स में राज्य परिवहन बस टर्मिनल के साथ-साथ कमर्शियल रिटेल स्पेस, ऑफिस और रिहायशी इलाके भी शामिल हैं। पैदल चलने वालों और गाड़ियों के लिए अलग-अलग रास्ते, दिव्यांगों के लिए खास टॉयलेट, पार्सल रूम और मल्टी-लेवल पार्किंग जैसी सुविधाएं मिलती हैं।
जैसलमेर समेत राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में 827 किमी नई रेल लाइन बिछाई जाएगी। इससे सेना के भारी टैंक, तोपखाने, सैन्य टुकड़ियों और जरूरी रसद को पाकिस्तान सीमा के नजदीक तक पहुंचाना आसान होगा। अभी इन इलाकों में सैन्य साजो-सामान की आवाजाही के लिए सड़क मार्ग पर काफी निर्भरता है, लेकिन नया रेल नेटवर्क तैयार होने के बाद आपात स्थिति में सेना की सप्लाई लाइन मजबूत होगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में पश्चिमी सीमा पर जम्मू-कश्मीर से गुजरात तक निरंतर रेल नेटवर्क तैयार करने की योजना की जानकारी दी है। इसका फायदा सीमावर्ती इलाकों के व्यापार, खनन और पर्यटन को भी मिलने की उम्मीद है। सड़क पर निर्भरता घटेगी, रसद पहुंचाना होगा आसान वर्तमान में सीमावर्ती और संवेदनशील इलाकों में सैन्य रसद और भारी साजो-सामान पहुंचाने के लिए मुख्य रूप से सड़क परिवहन पर निर्भर रहना पड़ता है। तनाव या युद्ध की स्थिति में रेगिस्तानी सड़कें हवाई या मिसाइल हमलों से प्रभावित हो सकती हैं। नई रेल लाइनें तैयार होने के बाद सड़क मार्ग बाधित होने की स्थिति में भी सेना की सप्लाई लाइन को बनाए रखना आसान होगा। रेल की अधिक वहन क्षमता से सैनिकों के लिए भोजन, गोला-बारूद और ईंधन जैसी जरूरी सामग्री तेजी से पहुंचाई जा सकेगी। संसद में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी जानकारी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में परियोजना की जानकारी देते हुए बताया कि पश्चिमी सीमा पर जम्मू-कश्मीर से गुजरात तक निरंतर रेल नेटवर्क तैयार करने की व्यापक कार्ययोजना पर तेजी से काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि ये रेल लाइनें केवल परिवहन का साधन नहीं होंगी, बल्कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ‘डिफेंस लाइन्स’ के तौर पर भी काम करेंगी। इससे आपात स्थिति में सड़क नेटवर्क पर निर्भरता कम होगी और देश की रक्षा तैयारियों को मजबूती मिलेगी। जमीन अधिग्रहण और सर्वे का काम तेज परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए रेलवे और रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के बीच समन्वय बढ़ाया जा रहा है। जमीन अधिग्रहण और सर्वे के काम को गति दी जा रही है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और रेगिस्तान की गर्मी के बावजूद रेलवे प्रशासन योजना को तय समय सीमा में पूरा करने की तैयारी में जुटा है।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों पर खाद्य सुरक्षा विभाग राज्य भर में दूध और मावा उत्पादों की सघन जांच कर रहा है। इसी क्रम में बुधवार, 26 अगस्त 2026 को मेघनगर और थांदला में खाद्य सुरक्षा एवं नापतौल विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान 2 क्विंटल से अधिक अमानक मिठाई जब्त की गई। जांच टीम ने मेघनगर बस स्टैंड पर बिक्री के लिए लाई गई मिठाइयों के संदिग्ध बॉक्स पाए। पड़ताल में पता चला कि ये मिठाइयां थांदला स्थित श्री कृष्णा नमकीन एवं मिष्ठान से भेजी गई थीं। इसके बाद टीम ने थांदला पहुंचकर संबंधित प्रतिष्ठान पर भी जांच की। कुल 2 क्विंटल 22 किलो 650 ग्राम मिठाई जब्त की गई, जिसका बाजार मूल्य 53 हजार 436 रुपये आंका गया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी वेलसिंह मोरी ने बताया कि इन मिठाइयों को बनाने में इस्तेमाल किया गया मावा गुजरात से मंगाया गया था। यह प्रतिबंधात्मक आदेशों का सीधा उल्लंघन है, जिसके तहत राज्य में बाहरी मावा के उपयोग पर रोक है। संयुक्त कार्रवाई के दौरान मेघनगर के नवदुर्गा बीकानेर मिष्ठान, नवकार स्वीट्स और जैन स्वीट्स रेस्टोरेंट से भी नमूने लिए गए। इनमें बूंदी लड्डू, सोनपपड़ी, बेसन लड्डू और गुलाब जामुन जैसी विभिन्न मिठाइयों के नमूने शामिल हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है। जिले में 20 जुलाई 2026 से यह जांच अभियान लगातार जारी है। अब तक कुल 94 खाद्य नमूने लिए जा चुके हैं। प्राप्त 17 रिपोर्टों में से 6 नमूने अमानक और मिथ्याछाप पाए गए हैं, जिन पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। नापतौल विभाग की टीम ने भी तौल उपकरणों की शुद्धता और उपभोक्ताओं को मिलने वाली सामग्री की मात्रा की बारीकी से जांच की। विभाग ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों के स्वास्थ्य और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। इस संयुक्त कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी वेलसिंह मोरी, राहुल सिंह अलावा और नापतौल निरीक्षक सचिन चौहान तथा संजय पांचाल प्रमुख रूप से शामिल रहे।
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल केंद्र शासित प्रदेश दमन के प्रशासन द्वारा दमन में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद वापी स्टेशन से ट्रेन में सवार हुई थीं।
गुड न्यूज: गोरखपुर होते हुए गुजरात पहुंचाएगी अमृतभारत एक्सप्रेस, मिली मंजूरी
अभी गुजरात के लिए एकमात्र सीधी ट्रेन गोरखपुर से चलती है। गोरखपुर होते हुए गांधीधाम तक अमृतभारत ट्रेन में कुल 22 कोच लगाए जाएंगे। इसके पहले बोर्ड गोरखपुर से दिल्ली और मुम्बई (बांद्रा) के लिए अमृतभारत की मंजूरी दे चुका है। वहीं, बिहार से चलकर गोरखपुर के रास्ते 4 अमृत भारत ट्रेनों का संचालन हो रहा है।
भारत का गुजरात राज्य अपने आप में ही अनोखा और समृद्ध माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि गुजरात के भावनगर जिले में शत्रुंजय पहाड़ियों की गोद में बसा पालिताणा एक ऐसी अनोखी जगह है। जिसको मंदिरों के शहर के नाम से जाना जाता है। पूर्व में यह स्थान पादलिप्तपुर नाम से फेमस था। यह शहर जैन धर्म के अनुयायियों के लिए अटूट आस्था का केंद्र माना जाता है। इस जगह की खासियत यह है कि यहां पर 800 से ज्यादा संगमरमर के मंदिर मौजूद हैं। इसी वजह से इसको मंदिरों का शहर कहा जाता है। तो आइए जानते हैं गुजरात के पालीताणा मंदिर की खासियत के बारे में... यहां हैं 800 से ज्यादा भव्य मंदिर माना जाता है कि जैन धर्म के लोगों में अपने जीवनकाल में कम से कम एक बार इन मंदिरों के दर्शन करना निर्वाण या फिर मोक्ष के लिए जरूरी है। शत्रुंजय पहाड़ी पर स्थित यह स्थल इतना अधिक विशाल और भव्य है कि यहां पर करीब 836 संगमरमर से तराशे मंदिर हैं। इसे भी पढ़ें: Unique Temple: भगवान विष्णु के सहस्त्रबाहु मंदिर का 'सास-बहू' नाम पड़ने के पीछे क्या है Fact? जानें पूरा सच इन मंदिरों तक पहुंचने का सफर भी किसी तपस्या से कम नहीं माना जाता है। क्योंकि मुख्य मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को करीब 3500 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। यह जगह इसलिए भी खास है, क्योंकि मान्यता के हिसाब से 24 में से 23 तीर्थकरों ने यहां आकर इस अपनी उपस्थिति से इस पहाड़ी को पावन किया था। रात को रुकना है मना पालिताणा की सबसे अनोखी बात को जानकर आपको हैरानी होगी। दरअसल, यह स्थान पूरी तरह से देवताओं का निवास स्थान माना गया है। यही वजह है कि यहां पर सूर्यास्त के बाद किसी भी इंसान को रात गुजारने की अनुमति नहीं है। यहां तक कि मंदिर की सेवा करने वाले पुजारियों को भी यहां पर रात में रुकने की मनाही है। सदियों से यह परंपरा इस स्थान की दिव्यता और पवित्रता को बनाए रखने के लिए चली आ रही है। जानें धार्मिक महत्व बता दें कि पहाड़ी पर बना मुख्य मंदिर प्रथम तीर्थकर ऋषभदेव जी को समर्पित है। यह श्वेतांबर मूर्तिपूजक संप्रदाय के लिए सबसे अधिक पवित्र स्थान माना जाता है। हालांकि यहां पर दिगंबर जैन समुदाय का भी एक मंदिर है। यह पूरा क्षेत्र न सिर्फ धार्मिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है, बल्कि यह अपनी अद्भुत नक्काशी और वास्तुकला के लिए भी पूरी दुनिया में जाना जाता है। ऐसे पहुंचें पालिताणा अगर आप भी इस पावन नगरी की यात्रा करना चाहते हैं, तो बता दें कि यहां तक पहुंचना बेहद आसान है। यहां का सबसे नजदीकी हवाई अड्डा भावनगर एयरपोर्ट है। जोकि पालिताणा से सिर्फ 55 किमी दूर पर स्थित है। वहीं अगर आप ट्रेन से आना चाहते हैं, तो ये शहर भावनगर और मुंबई जैसे प्रमुख शहरों से रेल से अच्छे से जुड़ा है। वहीं गुजरात के सभी प्रमुख शहरों से पालिताणा के लिए बेहतरीन सड़क कनेक्टिविटी भी मौजूद है।
5 बच्चों में GBS 'गुइयां-बारे सिंड्रोम' से दहशत, देखें गुजरात आजतक
पंजाब के सरकारी स्कूल की बदहाल व्यवस्था का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ... वीडियो में शौचालयों की हालत दिखाते हुए दावा किया गया कि छात्राओं के लिए टॉयलेट नहीं है और जहां टॉयलेट है, वहां पानी तक नहीं है... लेकिन जब आजतक की टीम और शिक्षा मंत्री हरजौत सिंह बैंस ने फतेहगढ़ साहिब के झल्ला गांव के इसी सरकारी स्कूल में पहुंचकर वायरल दावों का रियलिटी चेक किया... तो तस्वीर कुछ अलग ही नजर आई... आखिर वायरल वीडियो का सच और स्कूल की ग्राउंड रियलिटी क्या है...हमारी इस रिपोर्ट में देखिए...
NEET UG Rank List: ACPUGMEC ने गुजरात नीट यूजी 2026 की मेरिट लिस्ट आधिकारिक वेबसाइट medadmgujarat.org पर जारी कर दी है। AIR 43 हासिल करने वाली हिया जैस्मिन वासवदा राज्य में टॉप पर रहीं हैं।
उत्साह और उमंग के साथ निकली तिरंगा यात्रा, देखें गुजरात आजतक
सबसे पहले बात 15 अगस्त की... जिसकी रौनक पूरे देश में देखने को मिल रही है... देश अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा...लेकिन एक दिन पहले ही पूरा गुजरात तिरंगे के रंग में रंगा नजर आ रहा है... हर तरफ देशभक्ति का जोश हाई है... पूरे उत्साह और उमंग के साथ तिरंगा यात्रा निकाली जा रही है.. हाथों में तिरंगा और जुबां पर भारत माता के जयकारे से माहौल पूरी तरह देशभक्ति से सराबोर है.. तो कहीं ध्वजारोहण प्रोटोकॉल को लेकर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है..
हल्की बारिश में ही क्यों डूब जाता है सूरत? देखें गुजरात आजतक
सूरत में बाढ़ का पानी आने से लोगों में काफी गुस्सा है. इलाकों से पानी भले ही अब पूरी तरह से खत्म हो चुका हो, स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है. लेकिन इस प्राकृतिक आपदा से हुई तबाही का खौफ आज भी लोगों के दिलों में बना हुआ है. हर साल दोहराई जाने वाली इस समस्या से तंग आकर शासन-प्रशासन को जमकर कोस रहे हैं. देखें गुजरात आजतक.
सूरत में रैगिंग से परेशान डॉक्टर ने दी जान, देखें गुजरात आजतक
गुजरात में सूरत के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर रहे फर्स्ट ईयर के रेजिडेंट डॉक्टर हर्ष पंड्या ने रैगिंग से परेशान होकर सुसाइड कर लिया.. कॉलेज के सीनियर डॉक्टरों पर रैगिंग का आरोप लगा है.. कॉलेज प्रशासन ने आरोपी डॉक्टरों पर कार्रवाई की है... वहीं हर्ष के गांव में गम का माहौल बना हुआ है.. अंतिम संस्कार के वक्त बड़ी संख्या में परिवार के लोग, रिश्तेदार और समाज के लोग मौजूद थे..
MBBS Seats: गुजरात में 7200 से 7500 हो गई एमबीबीएस की सीटें, कहां और कैसे बढ़ीं
MBBS Seats: गुजरात में एनएमसी की मंजूरी से 300 प्राइवेट एमबीबीएस सीटें बढ़ने से कुल संख्या 7200 से बढ़कर 7,500 हो गई है। क्वालीफाई छात्रों की संख्या कम होने से इस बार मेरिट कट-ऑफ में गिरावट की उम्मीद है।
फ्री फायर का खेल, किशोरी से दोस्ती और रेप; गेमिंग पार्टनर को MP से गिरफ्तार कर गुजरात ले गई पुलिस
मध्य प्रदेश में एक युवक द्वारा 'फ्री फायर' गेम के जरिये अहमदाबाद की एक नाबालिग लड़की को अपने जाल में फंसाकर अपने साथ भगा लाने और दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। गुजरात पुलिस ने 20 वर्षीय आरोपी को अमरपाटन से गिरफ्तार किया है।
'चांदीपुरा' वायरस के तेज रफ्तार से मचा हड़कंप, देखें गुजरात आजतक
गुजरात में चांदीपुरा वायरस से एक बार फिर हड़़कंप मच गया है. इस वायरस से अबतक 22 बच्चों की मौत हो गई. गुजरात में 184 संदिग्ध केस सामने आए हैं, जिनमें 35 मरीज चांदीपुरा वायरस से संक्रमित पाए गए हैं.. वहीं, चांदीपुरा वायरस को लेकर गुजरात स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट है.
मांजलपुर सीट पर बीजेपी का दबदबा बरकरार, देखें गुजरात आजतक
गुजरात के मांजलपुर विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी ने बड़ी और निर्णायक जीत दर्ज की है. बीजेपी उम्मीदवार सतेंद्रभाई पटेल ने कांग्रेस के भिखाभाई रबारी को 30 हजार 630 वोटों के बड़े अंतर से हराकर सीट बरकरार रखी. यह उपचुनाव बीजेपी के वरिष्ठ नेता और आठ बार के विधायक रहे योगेश पटेल के निधन के बाद हुआ था. कम मतदान के बावजूद बीजेपी ने अपने मजबूत जनाधार को कायम रखते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि मांजलपुर में उसका संगठन और सियासी पकड़ अब भी मजबूत है.
ललित सुरजन की कलम से - दिल्ली में गुजरात !
'यूं देखा जाए तो गुजराती भोजनालय भारत के कोने-कोने में मिल जाएंगे। देश में जो प्रमुख पर्यटन स्थल हैं, खासकर तीर्थस्थान, वहां गुजराती भोजनालय होना मानों अनिवार्य ही है।
Gujarat High Court ने आमिर खान के बेटे की पहली फिल्म महाराज की रिलीज पर लगी रोक हटाई
गुजरात उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को बॉलीवुड स्टार आमिर खान के बेटे जुनैद की पहली फिल्म महाराज की रिलीज पर लगी अंतरिम रोक हटाते हुए कहा कि फिल्म में कुछ भी अपमानजनक नहीं है और यह पुष्टिमार्ग संप्रदाय को निशाना नहीं बनाती है, जैसा कि याचिका में आरोप लगाया गया है। यह फिल्म 1862 के एक मानहानि मामले पर आधारित है, जिसमें वैष्णव धार्मिक नेता एवं समाज सुधारक करसनदास मुलजी शामिल थे। पुष्टिमार्ग संप्रदाय के कुछ सदस्यों ने नेटफ्लिक्स पर इस फिल्म की रिलीज के खिलाफ याचिका दायर की थी, जिसमें दावा किया गया था कि यह धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती है। न्यायमूर्ति संगीता विशेन ने 13 जून को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर फिल्म की रिलीज पर अंतरिम रोक लगा दी थी।न्यायाधीश ने शुक्रवार को अपने आदेश में कहा कि फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) द्वारा प्रमाणित किया गया है और यह उक्त संप्रदाय को निशाना नहीं बनाती है।
Gujarat HC ने Netflix को Maharaj रिलीज करने की अनुमति दी, कहा- इससे भावनाएं आहत नहीं होतीं
गुजरात उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को स्ट्रीमिंग दिग्गज नेटफ्लिक्स की फिल्म ‘महाराज’ की रिलीज पर लगी अपनी अस्थायी रोक हटा ली, जिसमें कहा गया कि फिल्म महाराज 1862 के महाराज मानहानि मामले से जुड़ी घटनाओं पर आधारित है और इसका उद्देश्य किसी समुदाय की भावनाओं को आहत करना नहीं है। न्यायमूर्ति संगीता के. विशेन, जिन्होंने 13 जून को फिल्म की रिलीज पर रोक लगाई थी, ने फिल्म देखने के बाद शुक्रवार को नेटफ्लिक्स को फिल्म स्ट्रीम करने की अनुमति देने का फैसला किया। इसे भी पढ़ें: Swara Bhasker के साथ कोई भी निर्माता-निर्देशक नहीं करना चाहता काम? एक्ट्रेस ने खुद किए चौंकाने वाले खुलासे अदालत ने कहा “यह अदालत प्रथम दृष्टया इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि फिल्म महाराज उन घटनाओं पर आधारित है, जिनके कारण मानहानि का मामला दायर किया गया और इसका उद्देश्य पुष्टिमार्गी समुदाय की भावनाओं को आहत करना नहीं है। फिल्म को संबंधित दिशा-निर्देशों पर विचार करने के बाद विशेषज्ञ निकाय केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड द्वारा प्रमाणित किया गया था… 13 जून को दी गई अंतरिम राहत रद्द कर दी गई है। मूल रूप से 14 तारीख को रिलीज होने वाली इस फिल्म को हाईकोर्ट ने नेटफ्लिक्स पर रोक लगा दी थी, क्योंकि व्यापारियों के एक समूह ने इस आधार पर कोर्ट में याचिका दायर की थी कि इसमें वैष्णव समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की क्षमता है। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | नमक-मिर्च लगाकर कच्ची केरी के चटकारे ले रहीं परिणीति चोपड़ा, मिर्जापुर 3 का जबरदस्त ट्रेलर रिलीज फिल्म महाराज गुजराती लेखक सौरभ शाह की 2013 की किताब पर आधारित है, जो 1862 के ऐतिहासिक मानहानि मामले पर आधारित है, जो एक प्रमुख वैष्णव व्यक्ति, जदुनाथजी द्वारा समाज सुधारक करसनदास मुलजी के खिलाफ दायर किया गया था, जिन्होंने सर्वशक्तिमान महाराज द्वारा यौन शोषण के खिलाफ लिखा था। मुलजी ने अपनी पत्रिका सत्यप्रकाश में शोषणकारी प्रथा का खुलासा किया, जिसके कारण मानहानि का मामला चला, जो प्रसिद्ध महाराज मानहानि मामला बन गया। न्यायमूर्ति विशन ने कहा कि याचिकाकर्ताओं की प्राथमिक शिकायत कि फिल्म वैष्णव समुदाय को बदनाम करती है, बदनाम करती है और उसका अपमान करती है, में कोई दम नहीं है। “इस प्रकार उनकी अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए बाध्य है कि याचिकाकर्ताओं की आशंका अनुमानों पर आधारित है। चूंकि फिल्म को अभी सार्वजनिक रूप से देखने के लिए जारी नहीं किया गया है, इसलिए केवल अनुमान के आधार पर संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (ए) के तहत प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित नहीं किया जा सकता है, अदालत ने कहा। उन्होंने खुली अदालत में आदेश सुनाते हुए कहा फिल्म का मुख्य संदेश, जैसा कि प्रतिवादी ने सही कहा है, यह है कि फिल्म सामाजिक बुराई और करसनदास मुलजी द्वारा सामाजिक सुधार के लिए लड़ाई पर केंद्रित है, जो स्वयं वैष्णव समुदाय से थे। उन्होंने कहा, फिल्म किसी भी तरह से धार्मिक भावनाओं को प्रभावित या आहत नहीं करती है। फिल्म यह निष्कर्ष निकालती है कि संप्रदाय किसी भी व्यक्ति या घटना से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। इस घटना को अपवाद मानते हुए वैष्णव संप्रदाय और उसके अनुयायी बढ़ते रहे और भारत के सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक ताने-बाने का गौरवपूर्ण और अभिन्न अंग बने रहे। यह आशंका जताई जा रही है कि इससे सांप्रदायिक विद्वेष पैदा होने की संभावना है। हालांकि, उसी मानहानि मामले के आधार पर 2013 में पुस्तक प्रकाशित हुई थी और किसी घटना की सूचना नहीं दी गई है। उन्होंने कहा, यहां तक कि याचिकाकर्ताओं ने भी यह दावा नहीं किया है कि पुस्तक से सांप्रदायिक विद्वेष पैदा हुआ है।
Chandu Champion: कपिल देव ने कार्तिक आर्यन की फिल्म के लिए लिखा दिल को छू लेने वाला नोट
पूर्व भारतीय क्रिकेटर कपिल देव ने इंस्टाग्राम पर कबीर खान के निर्देशन की प्रशंसा की और उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म ने उन्हें भावुक कर दिया। कपिल देव ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्टर शेयर किया और एक लंबा नोट लिखा, चंदू चैंपियन! निश्चित रूप से एक ऐसी फिल्म जिसे आप मिस नहीं कर सकते। मुझे खेल फिल्में देखना और उनकी सराहना करना वाकई पसंद है। लेकिन यह सिर्फ एक खेल फिल्म होने से कहीं बढ़कर है। यह इससे कहीं बढ़कर है। इसे देखते हुए मैं हंसा, रोया, गर्व महसूस किया और फिर से रोया। @kabirkhankk को सलाम। आपने फिर से कमाल कर दिया। इसे भी पढ़ें: Shraddha Kapoor In love | श्रद्धा कपूर ने राहुल मोदी के साथ अपने रिश्ते को किया कंफर्म, शेयर की क्यूट तस्वीर और इमोशनल पोस्ट उन्होंने आगे लिखा, एक और शानदार फिल्म बनाई। @kartikaaryan ने क्या शानदार अभिनय किया, आपका प्रयास और प्रतिभा चमक रही है। पूरी कास्ट और क्रू को बधाई और हमें यह फिल्म देखने के लिए देने के लिए धन्यवाद। आप सभी चैंपियन हैं! एक और शानदार फिल्म बनाई। @kartikaaryan ने क्या कमाल का अभिनय किया है, आपकी मेहनत और प्रतिभा जगमगा रही है। पूरी कास्ट और क्रू को बधाई और हमें यह फिल्म देखने के लिए देने के लिए आपका धन्यवाद। आप सभी चैंपियन हैं! इसे भी पढ़ें: Gujarat High Court ने फिल्म महाराज की ओटीटी रिलीज पर रोक एक दिन के लिए बढ़ाई कार्तिक और कबीर की फिल्म 'चंदू चैंपियन' 14 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। Sacnilk की एक रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है और अब तक कुल कलेक्शन 29.75 करोड़ रुपये हो चुका है। इसमें कार्तिक मुरलीकांत पेटकर की भूमिका में नजर आ रहे हैं। यह फिल्म एक ऐसे एथलीट की असाधारण कहानी पर आधारित है जिसने कभी हार नहीं मानी। View this post on Instagram A post shared by Kapil Dev (@therealkapildev)
जेल से रिहा होने पर Elvish Yadav ने गुजरात में खेलीजबरदस्त होली, 'राव साहब' को अपने बीच देख क्रेजी हुए फैन्स

