गुजरात में भी 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया और AI होगा नियंत्रित
Gujarat Social Media Regulation: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने के फैसले का समर्थन किया था। इस कदम से प्रेरित होकर गुजरात सरकार ने भी राज्य के स्कूलों में पढ़ने ...
अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट मामले में गुजरात हाईकोर्ट का फैसला : जस्टिस काटजू ने उठाए सवाल
अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट मामले में गुजरात हाईकोर्ट के फैसले पर जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने साक्ष्य, जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर उठाए सवाल
बाड़मेर साइबर थाना पुलिस ने स्पेशल अभियान 'म्यूल हंटर' के तहत कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी साइबर अपराधियों को अपना बैंक खाता उपलब्ध करवाता था। प्रारंभिक जांच में उसके खिलाफ दिल्ली, गुजरात और महाराष्ट्र में साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतें दर्ज होना सामने आया है। एसपी चूनाराम जाट ने बताया कि महानिदेशक पुलिस (साइबर क्राइम एवं तकनीकी सेवाएं), राजस्थान जयपुर के निर्देशानुसार जिले में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत एएसपी नितेश आर्य के सुपरविजन में साइबर थाना पुलिस की विशेष टीम गठित की गई थी। तकनीकी जांच के आधार पर हुई गिरफ्तारी साइबर थाना पुलिस टीम ने तकनीकी विश्लेषण और सूचना के आधार पर संदिग्ध खाताधारक जसाराम (30) पुत्र राणाराम निवासी कोजाणियों की ढाणी, बाड़मेर आगोर को सोमवार शाम गिरफ्तार किया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपना बैंक खाता साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराया था। उसके खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम के लेनदेन में होने की पुष्टि के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने लोगों से की अपील जिला पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक या सिम कार्ड उपयोग के लिए उपलब्ध नहीं कराएं। पुलिस ने कहा कि कमीशन या अन्य लाभ के लालच में बैंक खाता या सिम कार्ड किसी को देना आपको भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में ला सकता है। यदि किसी व्यक्ति ने अनजाने में अपना बैंक खाता या सिम कार्ड किसी अन्य को दिया है और बाद में उसके साइबर अपराध में उपयोग होने की जानकारी मिलती है, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें।
अमरनाथ यात्रा पर जा रहे गुजरात के सैनी समाज प्रतिनिधिमंडल से मिले राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रीतम सिंह सैनी
जम्मू। गणमान्य समाज संगठन (सैनी समाज) के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रीतम सिंह सैनी ने अमरनाथ यात्रा के लिए जम्मू पहुंचे गुजरात के सैनी समाज के प्रतिनिधिमंडल का गर्मजोशी से स्वागत किया। गुजरात से आए प्रतिनिधिमंडल ने सैनी से मुलाकात कर सामाजिक, सांस्कृतिक और समाज से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। मुलाकात के दौरान सैनी समाज […] The post अमरनाथ यात्रा पर जा रहे गुजरात के सैनी समाज प्रतिनिधिमंडल से मिले राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रीतम सिंह सैनी appeared first on Sabguru News .
पांच दिन से गुजरात से शव आने का इंतजार, प्रशासन से गुहार
भास्कर न्यूज |फतेहपुर फतेहपुर से सटे मसलिया प्रखंड की गुमरो पंचायत अंतर्गत सीतपहाड़ी गांव की 33 वर्षीय दुलड़ हांसदा का शव गुजरात से घर नहीं पहुंचा है। इस कारण परिजन पिछले पांच दिनों से अंतिम संस्कार का इंतजार कर रहे हैं। स्वजनों का आरोप है कि न तो धागा प्लांट प्रबंधन शव लाने में सहयोग कर रहा है। न ही साथ ले जाने वाला लेबर मेट मदद कर रहा है। इस संबंध में परिजनों ने प्रखंड प्रमुख से गुहार लगाई। इसके बाद बीडीओ को आवेदन सौंपकर प्रशासन से मदद की मांग की है। मृतका की मां फुलमनी हांसदा ने बताया कि दुलड़ करीब 11 महीने पहले काम की तलाश में गुजरात गई थी। वह पिछले चार महीने से एक धागा प्लांट में कार्यरत थी। परिवार के अनुसार, 9 जुलाई को सूचना मिली कि दुलड़ ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। परिजनों से शव ले जाने को कहा गया। मां ने बताया कि बेटी की कमाई से ही परिवार का खर्च चलता था। पति बीमार हैं। बेटा अकेले गुजरात जाकर शव लाने में सक्षम नहीं है। इधर, मसलिया थाना प्रभारी राजेश रंजन ने बताया कि प्रशासन की ओर से मृतका की मां और एक अन्य व्यक्ति के लिए गुजरात आने-जाने का हवाई टिकट बनवाया गया था। इसके बावजूद कोई भी शव लेने नहीं गया।
पाली शहर में एक कार से 672 पव्वे अवैध अंग्रेजी शराब बरामद कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार शराब को ट्रेन से गुजरात भेजने की तैयारी थी। औद्योगिक थाने के एएसआई ओमप्रकाश जोशी ने बताया कि 11 जुलाई की रात करीब 1:30 बजे रात्रि गश्त के दौरान शराब की तस्करी की सूचना मिली थी। गश्त के दौरान तलाशी में पता चला कि सरदार पटेल नगर क्षेत्र में रेलवे ओवरब्रिज के नीचे सुभाष नगर-ए में खड़ी एक सफेद क्रेटा कार में अवैध शराब भरी हुई है। कार चला रहे रविन्द्र सिंह (33) निवासी सुभाष नगर-ए, पाली को हिरासत में लिया है। तलाशी के दौरान कार में रखे सात प्लास्टिक कट्टों में 14 स्टील टैंकों से कुल 672 पव्वे अंग्रेजी शराब के मिले। पुलिस ने नमूने लेकर एफएसएल जांच के लिए सुरक्षित किए गए और शेष शराब को जब्त कर सील किया गया। आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि शराब को ट्रेन के जरिए गुजरात भेजने की तैयारी थी। पुलिस अब इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
सनातन धर्म में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत करने, यात्रा पर निकलने या धार्मिक अनुष्ठान करने से पहले दैनिक पंचांग (Daily Panchang) देखना बेहद महत्वपूर्ण और कल्याणकारी माना जाता है। पंचांग के माध्यम से हमें दिन के सभी शुभ-अशुभ समय और ग्रहों की स्थिति की सटीक जानकारी मिलती है।दैनिक पंचांग के अनुसार, आज 11 जुलाई 2026, दिन शनिवार है। हिंदू कैलेंडर के मुताबिक आज आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि है। आज का दिन धार्मिक दृष्टिकोण से बहुत खास है, क्योंकि आज 'योगिनी एकादशी' (Yogini Ekadashi) व्रत का पारण (Vrat Parana) किया जा रहा है। साथ ही आज 'कृष्ण रामलक्ष्मण द्वादशी' भी पूरी श्रद्धा के साथ मनाई जा रही है।ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आज का दिन बेहद मंगलकारी रहने वाला है क्योंकि आज एक या दो नहीं, बल्कि एक साथ तीन सबसे शुभ योगों का महासंयोग बन रहा है। आज त्रिपुष्कर योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है, जिसमें किए गए कार्य निश्चित ही सफलता प्रदान करते हैं। आइए जानते हैं आज 11 जुलाई 2026 के सूर्योदय-सूर्यास्त के समय सहित दिनभर के सभी शुभ और अशुभ मुहूर्त की पूरी विस्तृत रिपोर्ट।आज का पंचांग विवरण (Panchang Details: 11 July 2026)तिथि (Tithi): द्वादशी – 12 जुलाई को सुबह 02:04 AM तक (इसके बाद त्रयोदशी तिथि प्रारंभ)पक्ष (Paksha): कृष्ण पक्ष (Krishna Paksha)वार (War): शनिवार (Saturday)नक्षत्र (Nakshatra): कृत्तिका नक्षत्र – सुबह 11:03 AM तक (इसके बाद रोहिणी नक्षत्र)योग (Yoga): गण्ड योग – 12 जुलाई को सुबह 12:05 AM तककरण (Karana): कौलव – दोपहर 03:45 PM तक, इसके बाद तैतिल करण – 12 जुलाई को सुबह 02:04 AM तकसूर्य और चंद्र गणना (Sun & Moon Timings)सूर्योदय का समय (Sunrise): 05:31 AMसूर्यास्त का समय (Sunset): 07:22 PMचंद्रोदय का समय (Moonrise): 12 जुलाई को सुबह 02:49 AMचंद्रास्त का समय (Moonset): दोपहर 04:21 PMहिंदू लूनर दिनांक व सम्वत (Hindu Calendar Samvat)शक सम्वत (Shaka Samvat): 1948 विश्वावसुविक्रम सम्वत (Vikram Samvat): 2083 कालयुक्तगुजराती सम्वत (Gujarati Samvat): 2082 पिङ्गलचन्द्रमास (Amanta/Purnimanta): आषाढ़ (पूर्णिमान्त) / ज्येष्ठ (अमान्त)आज का शुभ मुहूर्त (Aaj Ka Shubh Muhurat)आज के दिन त्रिपुष्कर, सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग के साथ कई अन्य महत्वपूर्ण शुभ मुहूर्त भी उपलब्ध हैं, जो इस प्रकार हैं:अभिजित मुहूर्त (Abhijit Muhurat): दोपहर 11:59 AM से दोपहर 12:54 PM तक (किसी भी नए कार्य को शुरू करने के लिए सर्वश्रेष्ठ समय)अमृत काल (Amrit Kaal): सुबह 08:52 AM से सुबह 10:19 AM तकविजय मुहूर्त (Vijay Muhurat): दोपहर 02:45 PM से दोपहर 03:40 PM तकगोधूलि मुहूर्त (Godhuli Muhurat): शाम 07:21 PM से शाम 07:41 PM तकब्रह्म मुहूर्त (Brahma Muhurat): सुबह 04:10 AM से सुबह 04:51 AM तकनिशिता मुहूर्त (Nishita Muhurat): 12 जुलाई की मध्यरात्रि 12:06 AM से 12:47 AM तकआज का अशुभ मुहूर्त और राहुकाल (Aaj Ka Ashubh Muhurat)शास्त्रों के अनुसार अशुभ समय या राहुकाल के दौरान किसी भी प्रकार के मांगलिक कार्य, मुंडन, गृह प्रवेश या नए व्यापार की शुरुआत करने से बचना चाहिए:राहुकाल (Rahukaal): सुबह 10:42 AM से दोपहर 12:26 PM तक (इस समय शुभ कार्यों को पूरी तरह टालें)यमगण्ड (Yamaganda): सुबह 08:59 AM से सुबह 10:43 AM तकगुलिक काल (Gulik Kaal): सुबह 05:31 AM से सुबह 07:15 AM तकदुर्मुहूर्त (Durmuhurirat): सुबह 06:26 AM से सुबह 07:22 AM तक, और दोबारा सुबह 08:17 AM से सुबह 09:12 AM तकशनिवार विशेष उपाय: आज शनिवार का दिन है और साथ ही तीन अत्यंत शुभ योग बने हुए हैं। ऐसे में राहुकाल को छोड़कर शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाने और शनि चालीसा का पाठ करने से शनि देव की विशेष कृपा प्राप्त होती है और कुंडली के साढ़ेसाती व ढैय्या के दोष दूर होते हैं।डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई पंचांग और पौराणिक जानकारियां पारंपरिक सामाजिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं। किसी भी विशेष पूजा, मुहूर्त या ज्योतिषीय उपाय को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के योग्य ज्योतिषी या पंचांग विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।
मध्य प्रदेश के कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने झाबुआ में कांग्रेस के ट्रेनिंग प्रोग्राम के दौरान मोहन यादव सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पूरी तरह से बदले की भावना से काम कर रही है। जब भी विपक्ष गरीबों या राज्य के भले के लिए सवाल उठाता है, तो उसे डराने-धमकाने की कोशिश की जाती है। पटवारी ने साफ लफ्जों में कहा कि सरकार चाहे उन पर जितने भी केस दर्ज करा ले या जेल भेज दे, कांग्रेस विपक्ष का अपना फर्ज पूरी ईमानदारी और मजबूती से निभाती रहेगी। जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री पर आरोप लगाया कि वे मंचों से अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हैं और विरोधियों पर जानबूझकर कार्रवाई करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके परिवार को भी परेशान किया जा रहा है और डराने की कोशिश हो रही है, लेकिन वे डरने वाले नहीं हैं क्योंकि कांग्रेस के कार्यकर्ता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे जनता की दिक्कतों और उनके सुझावों को ध्यान से सुनें। सरदार सरोवर प्रोजेक्ट और किसानों के मुद्दे पर घेरा पटवारी ने सरकार की आर्थिक नीतियों और खेती-किसानी की बदहाली पर कई सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बांध परियोजना में मध्य प्रदेश को अपने हक का पैसा मिलना था, लेकिन मुख्यमंत्री मोहन यादव उल्टा गुजरात जाकर 500 करोड़ रुपए देकर आ गए। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की गारंटियां पूरी नहीं की जा रही हैं, किसानों को उनकी फसलों का सही दाम नहीं मिल रहा और पूरे प्रदेश में खाद की भारी किल्लत बनी हुई है। उन्होंने साफ किया कि कांग्रेस सरकार के अच्छे कामों की तारीफ करेगी, लेकिन भ्रष्टाचार, कर्ज लेकर बड़े-बड़े आयोजन करने और राज्य को आर्थिक रूप से पीछे धकेलने वाली नीतियों का हर स्तर पर विरोध करेगी। डॉ. विक्रांत भूरिया ने दिया खुला साथ इस कार्यक्रम में कांग्रेस के सीनियर नेता और झाबुआ के पूर्व विधायक डॉ. विक्रांत भूरिया भी जीतू पटवारी के समर्थन में खुलकर सामने आए। भूरिया ने कहा कि सरकार से हाथ न मिलाने (समझौता न करने) की वजह से पटवारी पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं और उनके परिवार को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस संघर्ष में पूरी कांग्रेस टीम पटवारी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।
कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की सतर्कता से गुजरात से अपहृत 13 वर्षीय किशोरी सकुशल बरामद हो गई। उसके पास से करीब चार लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवर और 30 हजार रुपये नकद भी मिले। आरपीएफ ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद किशोरी को गुरुवार रात 9 बजे उसके पिता और गुजरात पुलिस को सौंप दिया। आरपीएफ को गुरुवार सुबह हेल्पलाइन के माध्यम से सूचना मिली थी कि ट्रेन संख्या 19201 के सामान्य कोच में एक संदिग्ध नाबालिग बच्ची यात्रा कर रही है। सूचना मिलते ही पोस्ट कानपुर सेंट्रल के दिवस अधिकारी उप निरीक्षक एस.के. कटियार के निर्देशन में एएसआई हरिशंकर त्रिपाठी और महिला प्रधान आरक्षक वंदना कटियार ने प्लेटफॉर्म नंबर-8 पर पहुंचकर ट्रेन की तलाशी ली। जांच के दौरान एक 13 वर्षीय किशोरी संदिग्ध अवस्था में मिली, जिसे तत्काल सुरक्षित रेस्क्यू कर आरपीएफ पोस्ट लाया गया। वहां 'मेरी सहेली' टीम की निगरानी में उससे पूछताछ की गई। पूछताछ में किशोरी ने अपना पता भावनगर, गुजरात बताया। उसकी तलाशी लेने पर बैग से 30 हजार रुपये नकद, पीली धातु के दो मंगलसूत्र, एक सोने की चेन, नाक की कील और चांदी की एक जोड़ी पायल बरामद हुई, जिनकी कुल कीमत लगभग चार लाख रुपये आंकी गई। आरपीएफ ने बरामद सामान को सुरक्षित रखते हुए तत्काल भावनगर पुलिस से संपर्क किया। जांच के दौरान पता चला कि भावनगर थाने में किशोरी के अपहरण का मुकदमा दर्ज है। गुरुवार को भावनगर पुलिस के हेड कांस्टेबल करण सिंह मनुभाई, महिला कांस्टेबल रश्मिता बहन जयसुखलाल और बच्ची के पिता गुरुवार रात कानपुर सेंट्रल पहुंचे। आरपीएफ प्रभारी एसएन पाटीदार ने बताया कि, एफआईआर और अन्य दस्तावेजों के सत्यापन के बाद सभी विधिक औपचारिकताएं पूरी कर किशोरी को उसके पास से बरामद नकदी और जेवरात सहित गुजरात पुलिस के सुपुर्द कर दिया। आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हेल्पलाइन से मिली त्वरित सूचना पर कार्रवाई के चलते अपहृत किशोरी को सुरक्षित बरामद कर उसके परिजनों तक पहुंचाया जा सका।
बांसवाड़ा में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' और 'ऑपरेशन सुदर्शन चक्र' के तहत आनंदपुरी थाना पुलिस ने मानगढ़ बॉर्डर के पास नाकाबंदी के दौरान एक बोलेरो कार से भारी मात्रा में अवैध अंग्रेजी शराब, बीयर और देशी मदिरा जब्त की है। मामले में गुजरात के एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। गश्त पर पकड़ में आई बोलेरो डीएसपी बागीदौरा श्याम सिंह के निकटतम पर्यवेक्षण में आनंदपुरी थानाधिकारी कपिल पाटीदार के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा मानगढ़ बॉर्डर एरिया पर सख्ती से गश्त की जा रही थी। इसी दौरान आनंदपुरी की तरफ से आ रही एक संदिग्ध बोलेरो कार को पुलिस टीम ने रोका। जब पुलिस ने ड्राइवर से पूछताछ की, तो उसने अपना नाम पीयूष कुमार पिता लाला भाई डिंडोर, निवासी बटक्वाड़ा, थाना संतरामपुर, जिला माहिसागर (गुजरात) बताया। सीटों के नीचे छिपा रखी थी शराब पुलिस ने जब बोलेरो कार की तलाशी ली तो गाड़ी के अंदर और सीटों के नीचे छिपाकर रखी गई भारी मात्रा में शराब बरामद हुई। ड्राइवर पीयूष कुमार के पास शराब परिवहन से संबंधित कोई वैध लाइसेंस या दस्तावेज नहीं पाया गया। पुलिस ने राजस्थान आबकारी अधिनियम 1950 की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर अवैध शराब और बोलेरो कार को जब्त कर लिया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने विभिन्न ब्रांड की कुल 17 कार्टून अवैध शराब बरामद की है। इसे अवैध रूप से गुजरात ले जाया जा रहा था।
करीब 30 साल पुराने सरदार सरोवर परियोजना के वित्तीय विवाद के वन टाइम सेटलमेंट पर मध्यप्रदेश में सियासी घमासान शुरू हो गया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि मोहन सरकार ने गुजरात के सामने मध्यप्रदेश के हितों से समझौता कर लिया, जबकि बीजेपी ने पलटवार करते हुए इसे प्रदेश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। बीजेपी का दावा है कि समझौते से मध्यप्रदेश पर आने वाली करीब 1500 करोड़ रुपए की संभावित देनदारी घटकर 231.80 करोड़ रह गई, यानी प्रदेश के लगभग 1268 करोड़ रुपए बच गए। जीतू पटवारी का आरोप- सरकार ने प्रदेश के अधिकार छोड़ दिए पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि जिस मध्यप्रदेश ने सरदार सरोवर परियोजना के लिए अपनी जमीन, जंगल और गांवों का बलिदान दिया तथा लाखों लोगों का विस्थापन झेला, उसी प्रदेश ने गुजरात से 7,669 करोड़ रुपए के मुआवजे का दावा किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के अधिकारों के लिए लड़ने के बजाय गुजरात सरकार से समझौता कर लिया और अब उल्टा गुजरात को 550 करोड़ रुपए देने पर सहमति जता दी। पटवारी ने कहा कि नर्मदा का उद्गम और अधिकांश प्रवाह मध्यप्रदेश में होने के बावजूद प्रदेश के किसान सिंचाई और पेयजल संकट झेल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सामने प्रदेश के हितों से समझौता किया है। बीजेपी का पलटवार- कांग्रेस भ्रम फैला रही कांग्रेस के आरोपों पर बीजेपी प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस जनता को भ्रमित कर रही है। उन्होंने कहा कि फरवरी 2026 में भारत के अटॉर्नी जनरल की राय के अनुसार मध्यप्रदेश पर गुजरात को करीब 1,500 करोड़ रुपए का भुगतान करने की स्थिति बन रही थी। प्रधानमंत्री की पहल, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयास और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल के मार्गदर्शन में चारों राज्यों के बीच सहमति बनी। बीजेपी के मुताबिक इस समझौते से मध्यप्रदेश की देनदारी घटकर केवल 231.80 करोड़ रुपए रह गई और प्रदेश के लगभग 1,268 करोड़ रुपए बच गए। पार्टी ने इसे सहकारी संघवाद और मजबूत नेतृत्व का उदाहरण बताया। बीजेपी के प्रदेश महामंत्री बोले: कांग्रेस केवल एक आंकड़ा दिखाकर भ्रमित कर रही बीजेपी के प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी ने कहा कि सरदार सरोवर परियोजना का विवाद करीब 30 वर्षों तक लंबित रहा, लेकिन कांग्रेस सरकारें इसका समाधान नहीं निकाल सकीं। उनके मुताबिक ऐतिहासिक समझौते से मध्यप्रदेश की संभावित करीब 1,500 करोड़ रुपए की देनदारी घटकर 231.80 करोड़ रुपए रह गई, जिससे प्रदेश को लगभग 1,268 करोड़ रुपए का प्रत्यक्ष वित्तीय लाभ हुआ। कोठारी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस केवल एक आंकड़ा दिखाकर जनता को भ्रमित कर रही है, जबकि इस समझौते से हजारों करोड़ रुपए की बचत हुई और दशकों पुराना अंतरराज्यीय विवाद समाप्त हो गया। उन्होंने कहा कि सरदार सरोवर परियोजना केवल वित्तीय मामला नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के बिजली उत्पादन, 31 लाख हेक्टेयर सिंचाई और नर्मदा जल आपूर्ति से जुड़ा विषय है, इसलिए इसका समाधान प्रदेश के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है। क्या है पूरा मामला? नर्मदा नदी पर बने सरदार सरोवर बांध को लेकर मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान के बीच पिछले करीब तीन दशकों से वित्तीय लेन-देन का विवाद चल रहा था। मध्यप्रदेश का दावा था कि बांध से उसकी सबसे अधिक जमीन, जंगल और गांव डूबे हैं, इसलिए गुजरात उसे 7,669 करोड़ रुपए का मुआवजा दे। दूसरी ओर गुजरात परियोजना की बढ़ी हुई लागत का हिस्सा मध्यप्रदेश समेत अन्य राज्यों से मांग रहा था। मंगलवार को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की मौजूदगी में चारों राज्यों ने वन टाइम सेटलमेंट पर हस्ताक्षर कर विवाद खत्म कर दिया। समझौते में क्या तय हुआ? मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान गुजरात को 550-550 करोड़ रुपए देंगे। तीनों राज्यों से गुजरात को कुल 1,650 करोड़ रुपए मिलेंगे। केंद्र सरकार की मध्यस्थता में चारों राज्यों ने पुराने सभी वित्तीय दावों को समाप्त करने पर सहमति बनाई। वर्षों से लंबित विवाद का स्थायी समाधान हो गया। सबसे ज्यादा नुकसान मध्यप्रदेश को क्यों हुआ? डूब क्षेत्र की कुल 37,533 हेक्टेयर जमीन में 55.5% हिस्सा मध्यप्रदेश का है। 178 गांव जलमग्न हुए, बाद में संख्या बढ़कर 192 तक पहुंच गई। 2014 में बांध की ऊंचाई बढ़ने से 5,000 हेक्टेयर से अधिक अतिरिक्त जमीन डूब गई। बड़ी मात्रा में खेती की जमीन, जंगल और सरकारी ढांचे प्रभावित हुए।
ललित सुरजन की कलम से - दिल्ली में गुजरात !
'यूं देखा जाए तो गुजराती भोजनालय भारत के कोने-कोने में मिल जाएंगे। देश में जो प्रमुख पर्यटन स्थल हैं, खासकर तीर्थस्थान, वहां गुजराती भोजनालय होना मानों अनिवार्य ही है।
Gujarat High Court ने आमिर खान के बेटे की पहली फिल्म महाराज की रिलीज पर लगी रोक हटाई
गुजरात उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को बॉलीवुड स्टार आमिर खान के बेटे जुनैद की पहली फिल्म महाराज की रिलीज पर लगी अंतरिम रोक हटाते हुए कहा कि फिल्म में कुछ भी अपमानजनक नहीं है और यह पुष्टिमार्ग संप्रदाय को निशाना नहीं बनाती है, जैसा कि याचिका में आरोप लगाया गया है। यह फिल्म 1862 के एक मानहानि मामले पर आधारित है, जिसमें वैष्णव धार्मिक नेता एवं समाज सुधारक करसनदास मुलजी शामिल थे। पुष्टिमार्ग संप्रदाय के कुछ सदस्यों ने नेटफ्लिक्स पर इस फिल्म की रिलीज के खिलाफ याचिका दायर की थी, जिसमें दावा किया गया था कि यह धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती है। न्यायमूर्ति संगीता विशेन ने 13 जून को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर फिल्म की रिलीज पर अंतरिम रोक लगा दी थी।न्यायाधीश ने शुक्रवार को अपने आदेश में कहा कि फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) द्वारा प्रमाणित किया गया है और यह उक्त संप्रदाय को निशाना नहीं बनाती है।
Gujarat HC ने Netflix को Maharaj रिलीज करने की अनुमति दी, कहा- इससे भावनाएं आहत नहीं होतीं
गुजरात उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को स्ट्रीमिंग दिग्गज नेटफ्लिक्स की फिल्म ‘महाराज’ की रिलीज पर लगी अपनी अस्थायी रोक हटा ली, जिसमें कहा गया कि फिल्म महाराज 1862 के महाराज मानहानि मामले से जुड़ी घटनाओं पर आधारित है और इसका उद्देश्य किसी समुदाय की भावनाओं को आहत करना नहीं है। न्यायमूर्ति संगीता के. विशेन, जिन्होंने 13 जून को फिल्म की रिलीज पर रोक लगाई थी, ने फिल्म देखने के बाद शुक्रवार को नेटफ्लिक्स को फिल्म स्ट्रीम करने की अनुमति देने का फैसला किया। इसे भी पढ़ें: Swara Bhasker के साथ कोई भी निर्माता-निर्देशक नहीं करना चाहता काम? एक्ट्रेस ने खुद किए चौंकाने वाले खुलासे अदालत ने कहा “यह अदालत प्रथम दृष्टया इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि फिल्म महाराज उन घटनाओं पर आधारित है, जिनके कारण मानहानि का मामला दायर किया गया और इसका उद्देश्य पुष्टिमार्गी समुदाय की भावनाओं को आहत करना नहीं है। फिल्म को संबंधित दिशा-निर्देशों पर विचार करने के बाद विशेषज्ञ निकाय केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड द्वारा प्रमाणित किया गया था… 13 जून को दी गई अंतरिम राहत रद्द कर दी गई है। मूल रूप से 14 तारीख को रिलीज होने वाली इस फिल्म को हाईकोर्ट ने नेटफ्लिक्स पर रोक लगा दी थी, क्योंकि व्यापारियों के एक समूह ने इस आधार पर कोर्ट में याचिका दायर की थी कि इसमें वैष्णव समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की क्षमता है। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | नमक-मिर्च लगाकर कच्ची केरी के चटकारे ले रहीं परिणीति चोपड़ा, मिर्जापुर 3 का जबरदस्त ट्रेलर रिलीज फिल्म महाराज गुजराती लेखक सौरभ शाह की 2013 की किताब पर आधारित है, जो 1862 के ऐतिहासिक मानहानि मामले पर आधारित है, जो एक प्रमुख वैष्णव व्यक्ति, जदुनाथजी द्वारा समाज सुधारक करसनदास मुलजी के खिलाफ दायर किया गया था, जिन्होंने सर्वशक्तिमान महाराज द्वारा यौन शोषण के खिलाफ लिखा था। मुलजी ने अपनी पत्रिका सत्यप्रकाश में शोषणकारी प्रथा का खुलासा किया, जिसके कारण मानहानि का मामला चला, जो प्रसिद्ध महाराज मानहानि मामला बन गया। न्यायमूर्ति विशन ने कहा कि याचिकाकर्ताओं की प्राथमिक शिकायत कि फिल्म वैष्णव समुदाय को बदनाम करती है, बदनाम करती है और उसका अपमान करती है, में कोई दम नहीं है। “इस प्रकार उनकी अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए बाध्य है कि याचिकाकर्ताओं की आशंका अनुमानों पर आधारित है। चूंकि फिल्म को अभी सार्वजनिक रूप से देखने के लिए जारी नहीं किया गया है, इसलिए केवल अनुमान के आधार पर संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (ए) के तहत प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित नहीं किया जा सकता है, अदालत ने कहा। उन्होंने खुली अदालत में आदेश सुनाते हुए कहा फिल्म का मुख्य संदेश, जैसा कि प्रतिवादी ने सही कहा है, यह है कि फिल्म सामाजिक बुराई और करसनदास मुलजी द्वारा सामाजिक सुधार के लिए लड़ाई पर केंद्रित है, जो स्वयं वैष्णव समुदाय से थे। उन्होंने कहा, फिल्म किसी भी तरह से धार्मिक भावनाओं को प्रभावित या आहत नहीं करती है। फिल्म यह निष्कर्ष निकालती है कि संप्रदाय किसी भी व्यक्ति या घटना से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। इस घटना को अपवाद मानते हुए वैष्णव संप्रदाय और उसके अनुयायी बढ़ते रहे और भारत के सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक ताने-बाने का गौरवपूर्ण और अभिन्न अंग बने रहे। यह आशंका जताई जा रही है कि इससे सांप्रदायिक विद्वेष पैदा होने की संभावना है। हालांकि, उसी मानहानि मामले के आधार पर 2013 में पुस्तक प्रकाशित हुई थी और किसी घटना की सूचना नहीं दी गई है। उन्होंने कहा, यहां तक कि याचिकाकर्ताओं ने भी यह दावा नहीं किया है कि पुस्तक से सांप्रदायिक विद्वेष पैदा हुआ है।
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