उदयपुर के कोटड़ा क्षेत्र में बन रहे सेई बांध टनल से अब बड़ा फायदा होने वाला है। अब वहां बहकर पानी गुजरात नहीं जाएगा। इससे पश्चिमी राजस्थान के 3 जिलों को भरपूर पानी मिलेगा। इस टनल के कार्य को लेकर पशुपालन, गोपालन, डेयरी और देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने निरीक्षण किया। उन्होंने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ बहुप्रतीक्षित सेई बांध की टनल (सुरंग) की चौड़ाई बढ़ाने के चल रहे निर्माण कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया। मंत्री कुमावत ने खुद टनल के भीतर जाकर निर्माण कार्य की प्रगति को देखा और अधिकारियों से अब तक हुए कार्य, बची हुई खुदाई और कंक्रीट लाइनिंग के तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी ली। मंत्री कुमावत ने बताया कि सेई बांध से अतिरिक्त पानी को जवाई बांध तक पहुंचाने के लिए बनी 6.7 किलोमीटर लंबी सुरंग को चौड़ा करने के लिए सरकार ने बजट में कुल 100 करोड़ का प्रावधान किया है। पिछले तीन साल से चल रहे इस कार्य का करीब 95 फीसदी हिस्सा पूरा हो चुका है। अब केवल 90 मीटर टनल का कार्य बाकी है, जिसे आगामी 15 जुलाई तक हर हाल में पूरा करने का टारगेट दिया गया है। श्रमिकों और इंजीनियरों की सुरक्षा को लेकर दी हिदायत उन्होंने साफ किया कि पश्चिमी राजस्थान के जल संकट को दूर करने के लिए बड़े स्तर पर कार्य किया जा रहा है और निर्माण की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं होगा। साथ ही, उन्होंने टनल के अंदर काम कर रहे श्रमिकों और इंजीनियरों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रखने की हिदायत दी। जल निकासी क्षमता होगी 4 गुना, 22 दिन में भरेगा जवाई बांध कैबिनेट मंत्री ने बताया कि इस टनल का विस्तार होने से पानी की निकासी क्षमता 328 क्यूसेक से बढ़कर 1376 क्यूसेक हो जाएगी। क्षमता 4 गुना बढ़ने से मानसून के दौरान अतिरिक्त पानी व्यर्थ बहकर गुजरात नहीं जाएगा। इससे पाली, सिरोही और जालोर जिलों को भरपूर पानी मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में टनल की चौड़ाई कम होने के कारण सेई बांध से जवाई बांध तक पानी पहुंचने में 45 से 50 दिन का समय लगता है। लेकिन यह कार्य पूरा होने के बाद मात्र 22 दिन में ही जवाई बांध को 74 MCFT पानी मिलने लगेगा, जो इस क्षेत्र के लिए एक बड़ी राहत साबित होगा। मारवाड़ के लिए संजीवनी है यह परियोजना सेई बांध और इसकी टनल मारवाड़ क्षेत्र, विशेषकर पाली जिले के लिए जीवनदायिनी मानी जाती है। कोटड़ा के सेई बांध से पानी को इस टनल के जरिए जवाई बांध में डाइवर्ट किया जाता है। जवाई बांध पाली और जोधपुर के कई इलाकों की प्यास बुझाता है। इंजीनियरों के अनुसार, वर्तमान में टनल की क्षमता कम होने के कारण मानसून के दौरान सेई बांध का अतिरिक्त पानी बहकर गुजरात चला जाता है। टनल की चौड़ाई बढ़ने से पानी का प्रवाह (डिस्चार्ज क्षमता) तेजी से बढ़ेगा। मानसून का अतिरिक्त पानी व्यर्थ बहने से बचेगा। जवाई बांध कम समय में और अधिक मात्रा में भरा जा सकेगा। पाली सहित पूरे मारवाड़ क्षेत्र में पेयजल और सिंचाई संकट का स्थाई समाधान होगा। इको-टूरिज्म और सौंदर्यीकरण योजना कैबिनेट मंत्री कुमावत ने कहा कि अब इस बांध क्षेत्र को इको-टूरिज्म और स्थानीय पर्यटन केंद्र के रूप में भी विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। इसके तहत बांध की प्राकृतिक सुंदरता का उपयोग कर पर्यटकों के लिए बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इस दौरान किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष जयेंद्र सिंह गलथनी, अनोप सिंह राठौड़, पूनम सिंह परमार, निम्बेश्वर महादेव ट्रस्ट के अध्यक्ष जगत सिंह, शिवराज सिंह बिठिया, सुमेरपुर नगर मंडल अध्यक्ष रविकांत रावल सहित कई लोग मौजूद रहे।
पूर्णिया में 2 बच्चों की मां को बेचने का मामला सामने आया है। आरोप है कि पीड़िता की मौसी ने 2 लाख रुपए में डील की थी, महिला को गुजरात में बेच दिया। जिसके हाथों महिला को बेचा गया था, उससे पीड़िता की शादी भी करा दी गई। वो रोई-गिड़गिड़ाई, लेकिन किसी ने उसकी एक नहीं सुनी। पीड़िता को उसकी मौसी ने झांसा दिया था कि हमलोग गुजरात से घूमकर आते हैं। पहले उसने मना किया था, कहा था कि मैं पति के बगैर नहीं जाऊंगी। इस पर मौसी ने उससे कहा था कि हमलोग हैं न घूमकर आ जाएंगे। जिसके बाद वो तैयार हो गई थी। घटना मीरगंज थाना क्षेत्र का है। 31 मई को गुजरात चलने के लिए कहा था पीड़िता ने 2 दिन पहले पुलिस को आवेदन दिया था। जिसमें उसने बताया है कि वह शादीशुदा हूं। दो बच्चे हैं मेरे। करीब दो महीने पहले मैं मौसी सुलेखा देवी के घर छठी कार्यक्रम में शामिल होने गई थी। कार्यक्रम खत्म होने के बाद वह कुछ दिनों तक मौसी के घर पर ही रुकी हुई थी। 31 मई को उसकी मौसी सुलेखा देवी, मौसी की गोतनी किरण देवी, मीना देवी उर्फ वीणा देवी और उनके परिचित मुकेश ने उसे गुजरात चलने के लिए कहा था। उसके अगले दिन हमलोग गुजरात चले गए थे। भरोसे के जाल में फंसकर गुजरात चली गई। गुजरात में रमेश नाम का एक व्यक्ति मौजूद था। पीड़िता का आरोप है कि उसे कुछ समझने का मौका भी नहीं मिला और जबरन उसकी शादी रमेश से करा दी गई। शादी के बाद रमेश ने उससे कहा कि उसे 2 लाख रुपए देकर खरीदा गया है और अब तुम्हें मेरे साथ रहना होगा। यह सुनकर महिला के होश उड़ गए। उसे तब अहसास हुआ कि वो फंस चुकी है। मां को फोन करके बताई पूरी बात पीड़िता ने बताया कि किसी तरह मौका मिलने पर उसने रमेश के मोबाइल फोन से अपनी मां और रिश्तेदारों को पूरी घटना की जानकारी दी। आरोप है कि इस दौरान रमेश ने साफ कहा कि जब तक उसे दिए गए 2 लाख रुपए वापस नहीं किए जाएंगे, तब तक वो नहीं छोड़ेगा। हालांकि बाद में रमेश का मन बदल गया और संजय नाम के शख्स के साथ पीड़िता को बिहार भेज दिया। कटिहार जंक्शन पहुंचते ही संजय वहां से वापस लौट गया। इसके बाद महिला अपने घर गई। गुजरात में पीड़िता करीब एक सप्ताह तक रही। घर आने के बाद 11 जून को पीड़िता मीरगंज थाना पहुंची और पूरी घटना की शिकायत पुलिस से की। मौसी को पुलिस ने किया गिरफ्तार महिला ने अपने आवेदन में यह भी स्पष्ट किया है कि गुजरात में रहने के दौरान रमेश ने उसके साथ किसी प्रकार का शारीरिक संबंध नहीं बनाया। पीड़िता के आवेदन के आधार पर मीरगंज थाना पुलिस ने सुलेखा देवी, किरण देवी, मीना देवी उर्फ वीणा देवी, मुकेश, संजय और गुजरात निवासी रमेश के खिलाफ 13 जून को मामला दर्ज कर लिया है। इनमें से अभी सिर्फ मौसी सुलेखा की गिरफ्तारी हुई है। अन्य की तलाश की जा रही है डीएसपी संदीप गोल्डी ने बताया कि शुरुआती जांच में शादी के बहाने मानव तस्करी का मामला सामने आया है। पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भुज से दिल्ली तक रेल सेवा शुरू करने के बाद जालोर वासियों को नई ट्रेन मिल सकती है। राजस्थान और गुजरात के रेल यात्रियों के बीच कनेक्टिविटी को और मजबूत करने के लिए रेल मंत्रालय जल्द ही एक नई ट्रेन सेवा शुरू करने जा रहा है। अहमदाबाद (साबरमती)-बीकानेर (लालगढ़) दैनिक एक्सप्रेस को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। दो राज्यों में मजबूत होगी ट्रेन कनेक्टिविटीलगभग 740 किलोमीटर का सफर तय करने वाली यह नई एक्सप्रेस ट्रेन पश्चिम भारत के दो प्रमुख सांस्कृतिक और पर्यटन क्षेत्रों को आपस में जोड़ेगी। इससे जहां एक तरफ गुजरात के साबरमती रिवरफ्रंट, मोढेरा सूर्य मंदिर और पाटन की रानी की वाव जैसी ऐतिहासिक विरासतों तक पहुंचना आसान होगा, वहीं दूसरी तरफ राजस्थान के भव्य जूनागढ़ किला, करणी माता मंदिर और बीकानेर के मरुस्थलीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। दैनिक सेवा होने के कारण इस रूट पर नियमित यात्रा करने वाले विद्यार्थियों, व्यापारियों और नौकरीपेशा लोगों को विशेष लाभ होगा। इन जिलों और स्टेशनों को मिलेगा फायदायह ट्रेन गुजरात के अहमदाबाद, महेसाणा, पाटन और बनासकांठा से होते हुए राजस्थान के जालोर, बालोतरा, जोधपुर, नागौर और बीकानेर जिलों को कवर करेगी। प्रमुख ठहराव: साबरमती, महेसाणा, पाटन, भीलड़ी, धानेरा, रानीवाड़ा, मारवाड़ भीनमाल, मोदरान, जालोर, मोकलसर, समदड़ी, लूणी, जोधपुर, गोटन, मेड़ता रोड, नागौर, नोखा, बीकानेर और लालगढ़। हाल ही में मिली हैं कई अन्य सौगातेंबता दें कि हाल ही में जोधपुर-दिल्ली कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस को 20 कोचों के साथ संचालित करना, साबरमती-जोधपुर एक्सप्रेस का जैसलमेर तक विस्तार और जैसलमेर में कोच केयर कॉम्प्लेक्स जैसी नई सुविधाएं राजस्थान को दी गई है। इसके अलावा, जालोरवासियों के लिए हाल ही में शुरू की गई भुज-जालोर-पाली-दिल्ली रेल सेवा के बाद, इस नई साबरमती-बीकानेर एक्सप्रेस की घोषणा से भी यात्रियों की दूसरे राज्यों से कनेक्टिविटी बढ़ी है। ये खबर भी पढ़ें… जालोर को दिल्ली के लिए पहली ट्रेन मिली:मंत्री बोले-सिरोही भी रेलवे से जल्द जुड़ेगा, 24 गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल बनेंगे
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि राज्य नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और प्रौद्योगिकी के एक प्रमुख वैश्विक केंद्र के रूप में उभर रहा है। पटेल ने गांधीनगर स्थित गिफ्ट सिटी में हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज के नए आपूर्ति केंद्र का ...
राजस्थान के 2 तेज गेंदबाज अशोक शर्मा और गणेश सुथार अब राजस्थान की ओर से क्रिकेट नहीं खेलेंगे। दोनों खिलाड़ियों ने राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) ले ली है। अशोक शर्मा गुजरात और गणेश सुथार हरियाणा की टीम से अपना क्रिकेट करियर आगे बढ़ाएंगे। दोनों खिलाड़ियों का जाना राजस्थान क्रिकेट के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि पिछले कुछ सालों में दोनों गेंदबाजों ने घरेलू क्रिकेट में अपनी तेज गेंदबाजी से अलग पहचान बनाई थी। खासकर अशोक शर्मा ने पिछले सीजन में अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं (सिलेक्टरों) और क्रिकेट विशेषज्ञों का ध्यान खींचा था, जबकि गणेश सुथार भी लगातार अपनी रफ्तार और प्रतिभा के दम पर चर्चा में रहे हैं। अशोक शर्मा आईपीएल (IPL) में गुजरात टाइटंस की ओर से खेल चुके हैं। इस सीजन में उन्होंने 154 किमी/घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी की थी। खिलाड़ियों को नहीं रोकेंगे आरसीए एडहॉक कमेटी के सदस्य अरिष्ट सिंघवी ने दोनों खिलाड़ियों के राजस्थान छोड़ने की पुष्टि की। उन्होंने कहा- अशोक शर्मा और गणेश सुथार आज जिस मुकाम पर पहुंचे हैं, उसमें राजस्थान क्रिकेट की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। आईपीएल तक का सफर हो या राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाना, दोनों खिलाड़ियों ने राजस्थान में रहकर ही अपनी प्रतिभा को निखारा है। अगर उन्हें लगता है कि किसी दूसरे राज्य में उनके लिए बेहतर अवसर मौजूद हैं, तो हम उनके निर्णय का सम्मान करते हैं और उन्हें शुभकामनाएं देते हैं। सिंघवी ने स्पष्ट किया कि राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन किसी भी खिलाड़ी के करियर की राह में बाधा नहीं बनना चाहती। सिर्फ अशोक और गणेश ही नहीं, बल्कि राजस्थान से खेलने वाले किसी भी खिलाड़ी को अगर कहीं बेहतर मौका मिलता है और उसे लगता है कि वहां वह अपने करियर को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है, तो हम उसे रोकने के पक्ष में नहीं हैं। खिलाड़ियों से की गई थी बातचीत अरिष्ट सिंघवी ने बताया- एडहॉक कमेटी के संयोजक और सभी सदस्यों ने दोनों खिलाड़ियों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की थी। इस दौरान यह जानने की कोशिश की गई कि कहीं राजस्थान क्रिकेट व्यवस्था से उन्हें कोई शिकायत तो नहीं है, लेकिन उन्होंने राजस्थान क्रिकेट को लेकर किसी तरह की नाराजगी या शिकायत नहीं जताई। उनका मानना था कि दूसरे राज्यों में उन्हें अपने करियर के लिए अधिक अवसर मिल सकते हैं। इसी वजह से उन्होंने यह फैसला लिया है। सिंघवी ने कहा कि एक तेज गेंदबाज का करियर काफी चुनौतीपूर्ण होता है। मुझे लगता है कि किसी भी फास्ट बॉलर का पीक टाइम चार से पांच साल का होता है। ऐसे में अगर खिलाड़ी को अपने भविष्य के लिए बेहतर विकल्प दिखाई देते हैं, तो वह अपने करियर को ध्यान में रखते हुए फैसला लेता है। हम उनके इस निर्णय का समर्थन करते हैं। राजस्थान टीम पर नहीं पड़ेगा ज्यादा असर आरसीए एडहॉक कमेटी के सदस्य सुशील जैन ने कहा- अशोक शर्मा और गणेश सुथार दोनों प्रतिभाशाली गेंदबाज हैं, लेकिन उनके जाने से राजस्थान क्रिकेट की ताकत कम नहीं होगी। दोनों अच्छे तेज गेंदबाज हैं, लेकिन राजस्थान के पास प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। हमारे पास अनिकेत चौधरी और आकाश सिंह जैसे अनुभवी गेंदबाज हैं, जो किसी भी टीम को चुनौती देने की क्षमता रखते हैं। जैन ने कहा कि इस बदलाव का एक सकारात्मक पक्ष भी है कि इससे नए खिलाड़ियों के लिए मौके पैदा होंगे। चेतन शर्मा, दीपेंद्र और कई अन्य युवा खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंट खेल चुके हैं। उनके पास अपनी प्रतिभा दिखाने का अच्छा मौका होगा। राजस्थान की बेंच स्ट्रेंथ काफी मजबूत है और टीम भविष्य में भी प्रतिस्पर्धी बनी रहेगी। गुजरात में ज्यादा अवसर दिखे तेज गेंदबाज अशोक शर्मा ने कहा- राजस्थान क्रिकेट से उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं थी, लेकिन करियर को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने गुजरात का रुख करने का निर्णय लिया। मैं राजस्थान में पूरी तरह संतुष्ट था और यहां मुझे किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं थी। मुझे लगा कि गुजरात में मेरे लिए अधिक अवसर मौजूद हैं। इसी वजह से मैंने वहां से खेलने का फैसला किया है। पिछले साल भी गुजरात मैनेजमेंट ने मुझसे बात की थी, लेकिन तब मैं फैसला नहीं कर पाया। इस बार गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के अनिल पटेल से बातचीत हुई। मुझे लगा कि वहां मेरे लिए ज्यादा मौके हैं, इसलिए मैंने यह कदम उठाया। हरियाणा से नई शुरुआत करेंगे तेज गेंदबाज गणेश सुथार ने भी राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन से एनओसी लेने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा- अब अपने क्रिकेट करियर की आगे की ग्रोथ और नए अवसरों के लिए मैं हरियाणा की ओर से खेलूंगा। आईपीएल और सीएसके कैंप से बनाई पहचान अशोक शर्मा और गणेश सुथार दोनों राजस्थान क्रिकेट के उभरते हुए तेज गेंदबाजों में शामिल रहे हैं। अशोक शर्मा ने पिछले घरेलू सत्र में अपनी गेंदबाजी से शानदार प्रदर्शन किया था। उनके प्रदर्शन से प्रभावित होकर उन्हें आईपीएल में गुजरात फ्रेंचाइजी ने मौका दिया था। गणेश सुथार को भी बड़ी पहचान तब मिली जब वह चेन्नई सुपर किंग्स के नेट गेंदबाज बने। सीएसके के कैंप में उनकी गेंदबाजी से कई सीनियर खिलाड़ी प्रभावित हुए थे। इसके बाद से उन्हें भविष्य के प्रतिभाशाली तेज गेंदबाजों में गिना जाने लगा। राजस्थान क्रिकेट के लिए नई चुनौती अशोक शर्मा और गणेश सुथार का दूसरे राज्यों की ओर रुख करना राजस्थान क्रिकेट के लिए एक बड़ा बदलाव है। हालांकि आरसीए का मानना है कि राज्य में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है और नए खिलाड़ी इस अवसर का लाभ उठाकर अपनी पहचान बनाएंगे। अब सभी की निगाहें इस बात पर रहेंगी कि गुजरात और हरियाणा की नई टीमों में ये दोनों तेज गेंदबाज किस तरह का प्रदर्शन करते हैं और अपने करियर को किस ऊंचाई तक ले जाते हैं। वहीं राजस्थान क्रिकेट भी नए चेहरों के साथ अपनी तेज गेंदबाजी को और मजबूत करने की तैयारी में जुट गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर गुजरात भाजपा ने 'विश्वास, विकास और जन-कल्याण के 12 साल' अभियान के तहत एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया
जिले के रतनगढ़ थाना क्षेत्र में कांग्रेस नेता और प्रॉपर्टी डीलर के मकान पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस प्रकरण में गैंगस्टरों का वित्तीय प्रबंधन देखने वाले एक युवक को गुजरात से गिरफ्तार किया गया है। इस गिरफ्तारी के साथ ही मामले में अब तक कुल आठ आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ चुके हैं। रतनगढ़ थानाधिकारी गौरव खिड़िया ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान गुजरात निवासी जयेश (43) पुत्र रणछोड़ भाई के रूप में हुई है। जयेश विदेश में बैठे गैंगस्टरों के लिए भारत में वित्तीय प्रबंधन का काम करता था। वह उनके निर्देश पर संबंधित लोगों को ऑनलाइन भुगतान करता था, जिससे ऐसी आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया जाता था। पुलिस ने जयेश को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस अब इस मामले में कड़ी से कड़ी जोड़कर जांच को आगे बढ़ा रही है। इस फायरिंग प्रकरण में अब तक कुल आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें दो शूटर्स, जयपुर निवासी दो सहयोगी युवक, गैंगस्टर रोहित गोदारा के माता-पिता, वीरेंद्र चारण के पिता और अब वित्तीय प्रबंधन देखने वाला जयेश शामिल हैं।
मध्यप्रदेश के जबलपुर में आयोजित हिन्दू हुंकार कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचीं हिंदूवादी नेत्री काजल हिंदुस्तानी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने ऐलान किया कि हिंदू बेटियों को कथित ‘लव जिहाद’ से बचाने के लिए देशभर में रिहैब सेंटर खोले जाएंगे। काजल हिंदुस्तानी ने कहा कि देश का पहला ‘लव जिहाद रिहैब सेंटर’ गुजरात में शुरू किया जाएगा। यहां उन युवतियों और परिवारों को सहायता दी जाएगी, जो कथित तौर पर लव जिहाद से प्रभावित हुए हैं। उन्होंने बताया कि सेंटर में युवतियों की काउंसलिंग की जाएगी और जरूरत पड़ने पर उन्हें वहां रखा भी जाएगा। लव जिहाद के मामले बढ़ रहे मीडिया से चर्चा में काजल हिंदुस्तानी ने दावा किया कि देश में लव जिहाद के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और संगठित तरीके से युवतियों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अलग-अलग समुदायों की लड़कियों को फंसाने के लिए अलग-अलग रकम तय की जाती है और इसके लिए विदेशों से फंडिंग भी होती है। हालांकि, उन्होंने अपने इन दावों के समर्थन में कोई साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किए। काजल हिंदुस्तानी ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य युवतियों और उनके परिवारों को जागरूक करना है। उन्होंने यह भी बताया कि गुजरात में बनने वाले पहले रिहैब सेंटर का उद्घाटन धीरेंद्र शास्त्री द्वारा किए जाने की योजना है। उन्होंने कहा कि भविष्य में देश के अलग-अलग राज्यों में भी ऐसे सेंटर खोले जाएंगे, जहां युवतियों के साथ उनके परिवार के एक सदस्य को भी रहने की सुविधा दी जाएगी।
कोटा ग्रामीण पुलिस ने 1 करोड़ 56 लाख रुपए की पंजाब निर्मित अवैध अंग्रेजी शराब की खेप जब्त की है। ये शराब मध्यप्रदेश के रास्ते गुजरात लेकर जा रहे दो तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा दो मिनी ट्रकों को भी जब्त किया गया है। पुलिस से बचने के लिए ट्रकों के पीछे गुप्त केबिन बना रखे थे। मुख्य शराब तस्कर ड्राइवरों को केवल जीपीएस लोकेशन के माध्यम से निर्देश देता था। गुजरात नंबर के मिनी ट्रक जब्त कोटा ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर ने बताया कि जिले में अवैध शराब तस्करी की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना कनवास और थाना मण्डाना पुलिस ने अलग-अलग जगहों पर नाकाबंदी कर कार्रवाई की गई। दोनों मामलों में गुजरात नंबर के मिनी ट्रकों से कुल 539 पेटियां अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की गई। जब्त शराब में रॉयल स्टेज और रॉयल चैलेंज ब्रांड की 16 हजार 956 क्वार्टर और 2 हजार 64 बोतल शामिल हैं। मामले में बाड़मेर निवासी गणेश जाट और जालौर निवासी बीराराम जाट को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों के कब्जे से तस्करी में उपयोग में लिए जाने वाले वाहन और मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। ट्रकों के केबिन के पीछे बना रखे थे गुप्त बॉक्स जांच में सामने आया कि तस्करों ने शराब की तस्करी के लिए वाहनों को विशेष रूप से मॉडिफाई कराया था। ट्रकों के केबिन के पीछे गुप्त बॉक्स बनाए गए थे, जिनमें शराब छिपाकर परिवहन किया जा रहा था। कनवास थाना क्षेत्र में मिनी ट्रक नंबर जीजे-03 बीजेड-3034 से 245 पेटियां शराब बरामद की गई, जबकि मण्डाना थाना क्षेत्र में मिनी ट्रक नंबर जीजे-03 बीडब्ल्यू-7246 से 294 पेटियां शराब पकड़ी गई। तस्करों को जीपीएस लोकेशन के माध्यम से मिलता था आदेश पुलिस के अनुसार- यह शराब कोटा ग्रामीण क्षेत्र से होकर मध्यप्रदेश के रास्ते गुजरात पहुंचाई जा रही थी। पूछताछ में पता चला कि मुख्य शराब तस्कर वाहन चालकों को केवल जीपीएस लोकेशन के माध्यम से निर्देश देता था। चालकों को यह तक जानकारी नहीं होती थी कि शराब कहां से भरी गई है और किस स्थान पर खाली की जानी है। गंतव्य से पहले किसी होटल या ढाबे पर वाहन खड़ा कर दिया जाता था, जहां से मुख्य तस्करों के लोग माल रिसीव कर लेते थे। इस पूरी कार्रवाई में बीरबल कॉन्स्टेबल की विशेष भूमिका रही।
Gujarat High Court ने आमिर खान के बेटे की पहली फिल्म महाराज की रिलीज पर लगी रोक हटाई
गुजरात उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को बॉलीवुड स्टार आमिर खान के बेटे जुनैद की पहली फिल्म महाराज की रिलीज पर लगी अंतरिम रोक हटाते हुए कहा कि फिल्म में कुछ भी अपमानजनक नहीं है और यह पुष्टिमार्ग संप्रदाय को निशाना नहीं बनाती है, जैसा कि याचिका में आरोप लगाया गया है। यह फिल्म 1862 के एक मानहानि मामले पर आधारित है, जिसमें वैष्णव धार्मिक नेता एवं समाज सुधारक करसनदास मुलजी शामिल थे। पुष्टिमार्ग संप्रदाय के कुछ सदस्यों ने नेटफ्लिक्स पर इस फिल्म की रिलीज के खिलाफ याचिका दायर की थी, जिसमें दावा किया गया था कि यह धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती है। न्यायमूर्ति संगीता विशेन ने 13 जून को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर फिल्म की रिलीज पर अंतरिम रोक लगा दी थी।न्यायाधीश ने शुक्रवार को अपने आदेश में कहा कि फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) द्वारा प्रमाणित किया गया है और यह उक्त संप्रदाय को निशाना नहीं बनाती है।
Gujarat HC ने Netflix को Maharaj रिलीज करने की अनुमति दी, कहा- इससे भावनाएं आहत नहीं होतीं
गुजरात उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को स्ट्रीमिंग दिग्गज नेटफ्लिक्स की फिल्म ‘महाराज’ की रिलीज पर लगी अपनी अस्थायी रोक हटा ली, जिसमें कहा गया कि फिल्म महाराज 1862 के महाराज मानहानि मामले से जुड़ी घटनाओं पर आधारित है और इसका उद्देश्य किसी समुदाय की भावनाओं को आहत करना नहीं है। न्यायमूर्ति संगीता के. विशेन, जिन्होंने 13 जून को फिल्म की रिलीज पर रोक लगाई थी, ने फिल्म देखने के बाद शुक्रवार को नेटफ्लिक्स को फिल्म स्ट्रीम करने की अनुमति देने का फैसला किया। इसे भी पढ़ें: Swara Bhasker के साथ कोई भी निर्माता-निर्देशक नहीं करना चाहता काम? एक्ट्रेस ने खुद किए चौंकाने वाले खुलासे अदालत ने कहा “यह अदालत प्रथम दृष्टया इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि फिल्म महाराज उन घटनाओं पर आधारित है, जिनके कारण मानहानि का मामला दायर किया गया और इसका उद्देश्य पुष्टिमार्गी समुदाय की भावनाओं को आहत करना नहीं है। फिल्म को संबंधित दिशा-निर्देशों पर विचार करने के बाद विशेषज्ञ निकाय केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड द्वारा प्रमाणित किया गया था… 13 जून को दी गई अंतरिम राहत रद्द कर दी गई है। मूल रूप से 14 तारीख को रिलीज होने वाली इस फिल्म को हाईकोर्ट ने नेटफ्लिक्स पर रोक लगा दी थी, क्योंकि व्यापारियों के एक समूह ने इस आधार पर कोर्ट में याचिका दायर की थी कि इसमें वैष्णव समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की क्षमता है। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | नमक-मिर्च लगाकर कच्ची केरी के चटकारे ले रहीं परिणीति चोपड़ा, मिर्जापुर 3 का जबरदस्त ट्रेलर रिलीज फिल्म महाराज गुजराती लेखक सौरभ शाह की 2013 की किताब पर आधारित है, जो 1862 के ऐतिहासिक मानहानि मामले पर आधारित है, जो एक प्रमुख वैष्णव व्यक्ति, जदुनाथजी द्वारा समाज सुधारक करसनदास मुलजी के खिलाफ दायर किया गया था, जिन्होंने सर्वशक्तिमान महाराज द्वारा यौन शोषण के खिलाफ लिखा था। मुलजी ने अपनी पत्रिका सत्यप्रकाश में शोषणकारी प्रथा का खुलासा किया, जिसके कारण मानहानि का मामला चला, जो प्रसिद्ध महाराज मानहानि मामला बन गया। न्यायमूर्ति विशन ने कहा कि याचिकाकर्ताओं की प्राथमिक शिकायत कि फिल्म वैष्णव समुदाय को बदनाम करती है, बदनाम करती है और उसका अपमान करती है, में कोई दम नहीं है। “इस प्रकार उनकी अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए बाध्य है कि याचिकाकर्ताओं की आशंका अनुमानों पर आधारित है। चूंकि फिल्म को अभी सार्वजनिक रूप से देखने के लिए जारी नहीं किया गया है, इसलिए केवल अनुमान के आधार पर संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (ए) के तहत प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित नहीं किया जा सकता है, अदालत ने कहा। उन्होंने खुली अदालत में आदेश सुनाते हुए कहा फिल्म का मुख्य संदेश, जैसा कि प्रतिवादी ने सही कहा है, यह है कि फिल्म सामाजिक बुराई और करसनदास मुलजी द्वारा सामाजिक सुधार के लिए लड़ाई पर केंद्रित है, जो स्वयं वैष्णव समुदाय से थे। उन्होंने कहा, फिल्म किसी भी तरह से धार्मिक भावनाओं को प्रभावित या आहत नहीं करती है। फिल्म यह निष्कर्ष निकालती है कि संप्रदाय किसी भी व्यक्ति या घटना से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। इस घटना को अपवाद मानते हुए वैष्णव संप्रदाय और उसके अनुयायी बढ़ते रहे और भारत के सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक ताने-बाने का गौरवपूर्ण और अभिन्न अंग बने रहे। यह आशंका जताई जा रही है कि इससे सांप्रदायिक विद्वेष पैदा होने की संभावना है। हालांकि, उसी मानहानि मामले के आधार पर 2013 में पुस्तक प्रकाशित हुई थी और किसी घटना की सूचना नहीं दी गई है। उन्होंने कहा, यहां तक कि याचिकाकर्ताओं ने भी यह दावा नहीं किया है कि पुस्तक से सांप्रदायिक विद्वेष पैदा हुआ है।
Chandu Champion: कपिल देव ने कार्तिक आर्यन की फिल्म के लिए लिखा दिल को छू लेने वाला नोट
पूर्व भारतीय क्रिकेटर कपिल देव ने इंस्टाग्राम पर कबीर खान के निर्देशन की प्रशंसा की और उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म ने उन्हें भावुक कर दिया। कपिल देव ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्टर शेयर किया और एक लंबा नोट लिखा, चंदू चैंपियन! निश्चित रूप से एक ऐसी फिल्म जिसे आप मिस नहीं कर सकते। मुझे खेल फिल्में देखना और उनकी सराहना करना वाकई पसंद है। लेकिन यह सिर्फ एक खेल फिल्म होने से कहीं बढ़कर है। यह इससे कहीं बढ़कर है। इसे देखते हुए मैं हंसा, रोया, गर्व महसूस किया और फिर से रोया। @kabirkhankk को सलाम। आपने फिर से कमाल कर दिया। इसे भी पढ़ें: Shraddha Kapoor In love | श्रद्धा कपूर ने राहुल मोदी के साथ अपने रिश्ते को किया कंफर्म, शेयर की क्यूट तस्वीर और इमोशनल पोस्ट उन्होंने आगे लिखा, एक और शानदार फिल्म बनाई। @kartikaaryan ने क्या शानदार अभिनय किया, आपका प्रयास और प्रतिभा चमक रही है। पूरी कास्ट और क्रू को बधाई और हमें यह फिल्म देखने के लिए देने के लिए धन्यवाद। आप सभी चैंपियन हैं! एक और शानदार फिल्म बनाई। @kartikaaryan ने क्या कमाल का अभिनय किया है, आपकी मेहनत और प्रतिभा जगमगा रही है। पूरी कास्ट और क्रू को बधाई और हमें यह फिल्म देखने के लिए देने के लिए आपका धन्यवाद। आप सभी चैंपियन हैं! इसे भी पढ़ें: Gujarat High Court ने फिल्म महाराज की ओटीटी रिलीज पर रोक एक दिन के लिए बढ़ाई कार्तिक और कबीर की फिल्म 'चंदू चैंपियन' 14 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। Sacnilk की एक रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है और अब तक कुल कलेक्शन 29.75 करोड़ रुपये हो चुका है। इसमें कार्तिक मुरलीकांत पेटकर की भूमिका में नजर आ रहे हैं। यह फिल्म एक ऐसे एथलीट की असाधारण कहानी पर आधारित है जिसने कभी हार नहीं मानी। View this post on Instagram A post shared by Kapil Dev (@therealkapildev)
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