गुजरात राज्य परीक्षा बोर्ड ने TAT-HS (Teacher Aptitude Test-Higher Secondary) 2026 की मुख्य परीक्षा की तारीख घोषित कर दी है। परीक्षा 2 अगस्त को आयोजित होगी। जल्द ही एडमिट कार्ड, परीक्षा केंद्र और अन्य महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए जाएंगे।
सनातन धर्म में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत करने, यात्रा पर निकलने या धार्मिक अनुष्ठान करने से पहले दैनिक पंचांग (Daily Panchang) देखना बेहद महत्वपूर्ण और कल्याणकारी माना जाता है। पंचांग के माध्यम से हमें दिन के सभी शुभ-अशुभ समय और ग्रहों की स्थिति की सटीक जानकारी मिलती है।दैनिक पंचांग के अनुसार, आज 11 जुलाई 2026, दिन शनिवार है। हिंदू कैलेंडर के मुताबिक आज आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि है। आज का दिन धार्मिक दृष्टिकोण से बहुत खास है, क्योंकि आज 'योगिनी एकादशी' (Yogini Ekadashi) व्रत का पारण (Vrat Parana) किया जा रहा है। साथ ही आज 'कृष्ण रामलक्ष्मण द्वादशी' भी पूरी श्रद्धा के साथ मनाई जा रही है।ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आज का दिन बेहद मंगलकारी रहने वाला है क्योंकि आज एक या दो नहीं, बल्कि एक साथ तीन सबसे शुभ योगों का महासंयोग बन रहा है। आज त्रिपुष्कर योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है, जिसमें किए गए कार्य निश्चित ही सफलता प्रदान करते हैं। आइए जानते हैं आज 11 जुलाई 2026 के सूर्योदय-सूर्यास्त के समय सहित दिनभर के सभी शुभ और अशुभ मुहूर्त की पूरी विस्तृत रिपोर्ट।आज का पंचांग विवरण (Panchang Details: 11 July 2026)तिथि (Tithi): द्वादशी – 12 जुलाई को सुबह 02:04 AM तक (इसके बाद त्रयोदशी तिथि प्रारंभ)पक्ष (Paksha): कृष्ण पक्ष (Krishna Paksha)वार (War): शनिवार (Saturday)नक्षत्र (Nakshatra): कृत्तिका नक्षत्र – सुबह 11:03 AM तक (इसके बाद रोहिणी नक्षत्र)योग (Yoga): गण्ड योग – 12 जुलाई को सुबह 12:05 AM तककरण (Karana): कौलव – दोपहर 03:45 PM तक, इसके बाद तैतिल करण – 12 जुलाई को सुबह 02:04 AM तकसूर्य और चंद्र गणना (Sun & Moon Timings)सूर्योदय का समय (Sunrise): 05:31 AMसूर्यास्त का समय (Sunset): 07:22 PMचंद्रोदय का समय (Moonrise): 12 जुलाई को सुबह 02:49 AMचंद्रास्त का समय (Moonset): दोपहर 04:21 PMहिंदू लूनर दिनांक व सम्वत (Hindu Calendar Samvat)शक सम्वत (Shaka Samvat): 1948 विश्वावसुविक्रम सम्वत (Vikram Samvat): 2083 कालयुक्तगुजराती सम्वत (Gujarati Samvat): 2082 पिङ्गलचन्द्रमास (Amanta/Purnimanta): आषाढ़ (पूर्णिमान्त) / ज्येष्ठ (अमान्त)आज का शुभ मुहूर्त (Aaj Ka Shubh Muhurat)आज के दिन त्रिपुष्कर, सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग के साथ कई अन्य महत्वपूर्ण शुभ मुहूर्त भी उपलब्ध हैं, जो इस प्रकार हैं:अभिजित मुहूर्त (Abhijit Muhurat): दोपहर 11:59 AM से दोपहर 12:54 PM तक (किसी भी नए कार्य को शुरू करने के लिए सर्वश्रेष्ठ समय)अमृत काल (Amrit Kaal): सुबह 08:52 AM से सुबह 10:19 AM तकविजय मुहूर्त (Vijay Muhurat): दोपहर 02:45 PM से दोपहर 03:40 PM तकगोधूलि मुहूर्त (Godhuli Muhurat): शाम 07:21 PM से शाम 07:41 PM तकब्रह्म मुहूर्त (Brahma Muhurat): सुबह 04:10 AM से सुबह 04:51 AM तकनिशिता मुहूर्त (Nishita Muhurat): 12 जुलाई की मध्यरात्रि 12:06 AM से 12:47 AM तकआज का अशुभ मुहूर्त और राहुकाल (Aaj Ka Ashubh Muhurat)शास्त्रों के अनुसार अशुभ समय या राहुकाल के दौरान किसी भी प्रकार के मांगलिक कार्य, मुंडन, गृह प्रवेश या नए व्यापार की शुरुआत करने से बचना चाहिए:राहुकाल (Rahukaal): सुबह 10:42 AM से दोपहर 12:26 PM तक (इस समय शुभ कार्यों को पूरी तरह टालें)यमगण्ड (Yamaganda): सुबह 08:59 AM से सुबह 10:43 AM तकगुलिक काल (Gulik Kaal): सुबह 05:31 AM से सुबह 07:15 AM तकदुर्मुहूर्त (Durmuhurirat): सुबह 06:26 AM से सुबह 07:22 AM तक, और दोबारा सुबह 08:17 AM से सुबह 09:12 AM तकशनिवार विशेष उपाय: आज शनिवार का दिन है और साथ ही तीन अत्यंत शुभ योग बने हुए हैं। ऐसे में राहुकाल को छोड़कर शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाने और शनि चालीसा का पाठ करने से शनि देव की विशेष कृपा प्राप्त होती है और कुंडली के साढ़ेसाती व ढैय्या के दोष दूर होते हैं।डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई पंचांग और पौराणिक जानकारियां पारंपरिक सामाजिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं। किसी भी विशेष पूजा, मुहूर्त या ज्योतिषीय उपाय को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के योग्य ज्योतिषी या पंचांग विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।
SEBI ने एक साथ 5 कंपनियों को दी हरी झंडी, जानिए निवेश से पहले हर एक की पूरी कुंडली
भारतीय प्राथमिक शेयर बाजार (Primary Market) में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए एक बेहद शानदार और बड़ी खबर सामने आ रही है। बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने आईपीओ मार्केट में तहलका मचाने के लिए एक साथ पांच दिग्गज कंपनियों के ड्राफ्ट पेपर्स (DRHP) को अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है। इन कंपनियों में डिफेंस सेक्टर से लेकर रिटेल, फर्नीचर रेंटल और एडवांस टेक्नोलॉजी मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी कंपनियां शामिल हैं। सेबी की इस हरी झंडी के बाद दलाल स्ट्रीट में हलचल काफी ज्यादा तेज हो गई है, और निवेशक अपने फंड को तैयार करने में जुट गए हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि इन पांचों कंपनियों का बिजनेस मॉडल क्या है और वे आईपीओ के जरिए कितना फंड जुटाने की तैयारी में हैं।टोंबो इमेजिंग इंडिया: डिफेंस सेक्टर की इस कंपनी के आईपीओ में 1.81 करोड़ शेयरों का ओएफएससेबी से मंजूरी पाने वाली पहली कंपनी टोंबो इमेजिंग इंडिया (Tombo Imaging India) है, जो मुख्य रूप से डिफेंस-केंद्रित (Defense-Focused) अत्याधुनिक प्रोडक्ट्स बनाने का काम करती है। कंपनी के प्रस्तावित आईपीओ में ₹2 की फेस वैल्यू वाले 1.81 करोड़ इक्विटी शेयरों तक का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है। इस ओएफएस के तहत प्रमोटर सेलिंग शेयरहोल्डर्स द्वारा 19.60 लाख इक्विटी शेयर, प्रमोटर ग्रुप द्वारा 3.40 लाख शेयर और बड़े संस्थागत निवेशकों द्वारा 1.56 करोड़ इक्विटी शेयर बाजार में बेचे जाएंगे। इस हाई-प्रोफाइल इश्यू के लिए जेएम फाइनेंशियल (JM Financial) और आईआईएफएल कैपिटल सर्विसेज लिमिटेड (IIFL Capital Services) को बुक रनिंग लीड मैनेजर नियुक्त किया गया है।मैरी रिटेल लिमिटेड: ₹522 करोड़ के नए शेयर और 10 नए कपड़ों के स्टोर खोलने का मेगा प्लानहैदराबाद आधारित रिटेल चेन मैरी रिटेल लिमिटेड (Mary Retail Limited) भी अपना आईपीओ लाने के लिए पूरी तरह तैयार है। कंपनी का यह प्रस्तावित आईपीओ ₹522 करोड़ मूल्य के नए शेयरों (Fresh Issue) और प्रमोटर मैरी वेंकट रेड्डी द्वारा 2.7 करोड़ मौजूदा शेयरों की बिक्री के प्रस्ताव (OFS) का एक बेहतरीन मिश्रण है। कंपनी इस आईपीओ से मिलने वाली नई पूंजी का इस्तेमाल अपना पुराना कर्ज चुकाने, देश में 10 नए कपड़ों के स्टोर खोलने, ज्वेलरी स्टोर-इन-स्टोर (SIS) के साथ एक हाइब्रिड कपड़ों का आउटलेट शुरू करने, दो नए स्टैंडअलोन ज्वेलरी स्टोर खोलने और मौजूदा गोदामों के लीज किराए का भुगतान करने के लिए करेगी। वर्तमान में कंपनी के पास तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र के 26 जिलों में 34 चालू स्टोर्स का मजबूत नेटवर्क है, जिसे नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट लिमिटेड (Nuvama Wealth Management) द्वारा मैनेज किया जा रहा है।रेंटोमोजो: ₹150 करोड़ का फ्रेश इश्यू और 2.28 लाख एक्टिव सब्सक्राइबर्स का मजबूत भरोसाफर्नीचर और एप्लायंसेज रेंटल मार्केट की जानी-मानी कंपनी रेंटोमोजो (Rentomojo) भी शेयर बाजार में लिस्ट होने के लिए तैयार है। कंपनी के आईपीओ में ₹150 करोड़ तक के इक्विटी शेयरों का नया इश्यू और मौजूदा शेयरधारकों द्वारा 2.84 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री का प्रस्ताव (OFS) शामिल किया गया है। ड्राफ्ट पेपर्स के अनुसार, रेंटोमोजो इस फंड का उपयोग कॉर्पोरेट ऋणों को चुकाने, अपने विशाल गोदामों (Warehouses) और एक्सपीरियंस स्टोर्स के लिए लीज रेंटल या लाइसेंस फीस का अग्रिम भुगतान करने के लिए करेगी। आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल तक कंपनी के पास देश के 22 प्रमुख शहरों में 2.28 लाख से अधिक एक्टिव सब्सक्राइबर थे और कंपनी के पास कुल 4.44 लाख स्क्वायर फीट एरिया वाले 21 अत्याधुनिक वेयरहाउस मौजूद हैं।जेटवर्क मैन्युफैक्चरिंग: ₹5,000 करोड़ तक फंड जुटाने का महा-लक्ष्य, दिग्गज वैश्विक निवेशकों का है साथइस पूरी सूची में सबसे बड़ा और बहुप्रतीक्षित नाम जेटवर्क मैन्युफैक्चरिंग (Zetwerk Manufacturing) का है, जो इस आईपीओ के जरिए ₹4,000 करोड़ से ₹5,000 करोड़ के बीच का विशाल फंड जुटाने की बड़ी योजना बना रही है। इस इश्यू के वास्तविक साइज और वैल्यूएशन की जानकारी आने वाले समय में बुक-बिल्डिंग प्रोसेस के जरिए ही तय की जाएगी। यह कंपनी एक एडवांस टेक्नोलॉजी-बेस्ड मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफ़ॉर्म चलाती है, जो ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स, डिफेंस, एयरोस्पेस और कैपिटल गुड्स जैसे कोर सेक्टर्स में सप्लायर्स के नेटवर्क को वैश्विक इंडस्ट्रियल डिमांड से जोड़ता है। इस कंपनी में खोसला वेंचर्स, बेली गिफ़ोर्ड, राकेश गंगवाल, एक्सेल, पीक XV और लाइटस्पीड जैसे दुनिया के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित वेंचर कैपिटलिस्ट्स ने भारी निवेश किया हुआ है।गुजरात विक्ट्री फोर्जिंग्स: वडोदरा यूनिट के विस्तार और नॉन-फेरस मेटल रीसाइक्लिंग पर फोकसपांचवीं कंपनी गुजरात विक्ट्री फोर्जिंग्स (Gujarat Victory Forgings) है, जिसके प्रस्तावित आईपीओ में 65 लाख तक इक्विटी शेयरों का नया इश्यू और प्रमोटर विजेंद्रकुमार बिशंबर गुप्ता द्वारा 1.32 करोड़ तक इक्विटी शेयरों का ऑफर फॉर सेल शामिल है। यह कंपनी मेटल स्क्रैप की अत्याधुनिक प्रोसेसिंग और रीसाइक्लिंग के जरिए नॉन-फेरस मेटल प्रोडक्ट्स (Non-Ferrous Metal Products) बनाने के मुख्य कारोबार में लगी हुई है। कंपनी नए इश्यू से मिलने वाले फंड का इस्तेमाल गुजरात के वडोदरा में स्थित अपनी मौजूदा यूनिट-III के विस्तार, कॉपर कैथोड की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को दोगुना करने और अपने कार्यशील पूंजी के खर्चों को पूरा करने में करेगी, जिससे आने वाले समय में कंपनी के रेवेन्यू में बड़ा उछाल आने की उम्मीद है।
मध्य प्रदेश के कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने झाबुआ में कांग्रेस के ट्रेनिंग प्रोग्राम के दौरान मोहन यादव सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पूरी तरह से बदले की भावना से काम कर रही है। जब भी विपक्ष गरीबों या राज्य के भले के लिए सवाल उठाता है, तो उसे डराने-धमकाने की कोशिश की जाती है। पटवारी ने साफ लफ्जों में कहा कि सरकार चाहे उन पर जितने भी केस दर्ज करा ले या जेल भेज दे, कांग्रेस विपक्ष का अपना फर्ज पूरी ईमानदारी और मजबूती से निभाती रहेगी। जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री पर आरोप लगाया कि वे मंचों से अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हैं और विरोधियों पर जानबूझकर कार्रवाई करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके परिवार को भी परेशान किया जा रहा है और डराने की कोशिश हो रही है, लेकिन वे डरने वाले नहीं हैं क्योंकि कांग्रेस के कार्यकर्ता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे जनता की दिक्कतों और उनके सुझावों को ध्यान से सुनें। सरदार सरोवर प्रोजेक्ट और किसानों के मुद्दे पर घेरा पटवारी ने सरकार की आर्थिक नीतियों और खेती-किसानी की बदहाली पर कई सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बांध परियोजना में मध्य प्रदेश को अपने हक का पैसा मिलना था, लेकिन मुख्यमंत्री मोहन यादव उल्टा गुजरात जाकर 500 करोड़ रुपए देकर आ गए। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की गारंटियां पूरी नहीं की जा रही हैं, किसानों को उनकी फसलों का सही दाम नहीं मिल रहा और पूरे प्रदेश में खाद की भारी किल्लत बनी हुई है। उन्होंने साफ किया कि कांग्रेस सरकार के अच्छे कामों की तारीफ करेगी, लेकिन भ्रष्टाचार, कर्ज लेकर बड़े-बड़े आयोजन करने और राज्य को आर्थिक रूप से पीछे धकेलने वाली नीतियों का हर स्तर पर विरोध करेगी। डॉ. विक्रांत भूरिया ने दिया खुला साथ इस कार्यक्रम में कांग्रेस के सीनियर नेता और झाबुआ के पूर्व विधायक डॉ. विक्रांत भूरिया भी जीतू पटवारी के समर्थन में खुलकर सामने आए। भूरिया ने कहा कि सरकार से हाथ न मिलाने (समझौता न करने) की वजह से पटवारी पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं और उनके परिवार को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस संघर्ष में पूरी कांग्रेस टीम पटवारी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।
कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की सतर्कता से गुजरात से अपहृत 13 वर्षीय किशोरी सकुशल बरामद हो गई। उसके पास से करीब चार लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवर और 30 हजार रुपये नकद भी मिले। आरपीएफ ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद किशोरी को गुरुवार रात 9 बजे उसके पिता और गुजरात पुलिस को सौंप दिया। आरपीएफ को गुरुवार सुबह हेल्पलाइन के माध्यम से सूचना मिली थी कि ट्रेन संख्या 19201 के सामान्य कोच में एक संदिग्ध नाबालिग बच्ची यात्रा कर रही है। सूचना मिलते ही पोस्ट कानपुर सेंट्रल के दिवस अधिकारी उप निरीक्षक एस.के. कटियार के निर्देशन में एएसआई हरिशंकर त्रिपाठी और महिला प्रधान आरक्षक वंदना कटियार ने प्लेटफॉर्म नंबर-8 पर पहुंचकर ट्रेन की तलाशी ली। जांच के दौरान एक 13 वर्षीय किशोरी संदिग्ध अवस्था में मिली, जिसे तत्काल सुरक्षित रेस्क्यू कर आरपीएफ पोस्ट लाया गया। वहां 'मेरी सहेली' टीम की निगरानी में उससे पूछताछ की गई। पूछताछ में किशोरी ने अपना पता भावनगर, गुजरात बताया। उसकी तलाशी लेने पर बैग से 30 हजार रुपये नकद, पीली धातु के दो मंगलसूत्र, एक सोने की चेन, नाक की कील और चांदी की एक जोड़ी पायल बरामद हुई, जिनकी कुल कीमत लगभग चार लाख रुपये आंकी गई। आरपीएफ ने बरामद सामान को सुरक्षित रखते हुए तत्काल भावनगर पुलिस से संपर्क किया। जांच के दौरान पता चला कि भावनगर थाने में किशोरी के अपहरण का मुकदमा दर्ज है। गुरुवार को भावनगर पुलिस के हेड कांस्टेबल करण सिंह मनुभाई, महिला कांस्टेबल रश्मिता बहन जयसुखलाल और बच्ची के पिता गुरुवार रात कानपुर सेंट्रल पहुंचे। आरपीएफ प्रभारी एसएन पाटीदार ने बताया कि, एफआईआर और अन्य दस्तावेजों के सत्यापन के बाद सभी विधिक औपचारिकताएं पूरी कर किशोरी को उसके पास से बरामद नकदी और जेवरात सहित गुजरात पुलिस के सुपुर्द कर दिया। आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हेल्पलाइन से मिली त्वरित सूचना पर कार्रवाई के चलते अपहृत किशोरी को सुरक्षित बरामद कर उसके परिजनों तक पहुंचाया जा सका।
बांसवाड़ा में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' और 'ऑपरेशन सुदर्शन चक्र' के तहत आनंदपुरी थाना पुलिस ने मानगढ़ बॉर्डर के पास नाकाबंदी के दौरान एक बोलेरो कार से भारी मात्रा में अवैध अंग्रेजी शराब, बीयर और देशी मदिरा जब्त की है। मामले में गुजरात के एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। गश्त पर पकड़ में आई बोलेरो डीएसपी बागीदौरा श्याम सिंह के निकटतम पर्यवेक्षण में आनंदपुरी थानाधिकारी कपिल पाटीदार के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा मानगढ़ बॉर्डर एरिया पर सख्ती से गश्त की जा रही थी। इसी दौरान आनंदपुरी की तरफ से आ रही एक संदिग्ध बोलेरो कार को पुलिस टीम ने रोका। जब पुलिस ने ड्राइवर से पूछताछ की, तो उसने अपना नाम पीयूष कुमार पिता लाला भाई डिंडोर, निवासी बटक्वाड़ा, थाना संतरामपुर, जिला माहिसागर (गुजरात) बताया। सीटों के नीचे छिपा रखी थी शराब पुलिस ने जब बोलेरो कार की तलाशी ली तो गाड़ी के अंदर और सीटों के नीचे छिपाकर रखी गई भारी मात्रा में शराब बरामद हुई। ड्राइवर पीयूष कुमार के पास शराब परिवहन से संबंधित कोई वैध लाइसेंस या दस्तावेज नहीं पाया गया। पुलिस ने राजस्थान आबकारी अधिनियम 1950 की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर अवैध शराब और बोलेरो कार को जब्त कर लिया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने विभिन्न ब्रांड की कुल 17 कार्टून अवैध शराब बरामद की है। इसे अवैध रूप से गुजरात ले जाया जा रहा था।
47 साल पुराना नर्मदा जल विवाद खत्म! राजस्थान सरकार गुजरात को देगी ₹550 करोड़
राजस्थान और गुजरात के बीच पिछले करीब पांच दशकों से चला आ रहा नर्मदा नदी के पानी और बिजली से जुड़ा बड़ा विवाद आखिरकार पूरी तरह से सुलझ गया है। 47 साल पुराने इस जटिल कानूनी और प्रशासनिक गतिरोध के खत्म होने से मरुधरा, विशेषकर पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती जिलों के लिए विकास के नए द्वार खुल गए हैं। दोनों राज्यों के बीच बनी इस ऐतिहासिक सहमति के तहत राजस्थान सरकार गुजरात को ₹550 करोड़ रुपये का भुगतान करेगी। इस बड़े फैसले के बाद जालोर और बाड़मेर जिले के लाखों किसानों और आम जनता के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई है।आखिर क्या था 47 साल पुराना यह नर्मदा नदी विवाद?इस विवाद की शुरुआत दशकों पहले नर्मदा जल विवाद न्यायाधिकरण (NWDT) के फैसलों और उसके बाद नहर निर्माण की लागत व बिजली उत्पादन के हिस्सेदारी को लेकर हुई थी। राजस्थान को नर्मदा मुख्य नहर से अपने हिस्से का पानी तो मिल रहा था, लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर की लागत, रखरखाव और गुजरात द्वारा किए गए दावों के वित्तीय सेटलमेंट को लेकर दोनों राज्यों के बीच सहमति नहीं बन पा रही थी। यह मामला लंबे समय से फाइलों और बैठकों में अटका हुआ था, जिसके कारण कई तकनीकी काम और पानी की सुचारू आपूर्ति प्रभावित हो रही थी।जालोर और बाड़मेर के रेगिस्तानी इलाकों को कैसे मिलेगा बड़ा फायदा?इस विवाद के हमेशा के लिए खत्म होने का सबसे सीधा और बड़ा फायदा पश्चिमी राजस्थान के जालोर और बाड़मेर जिलों को मिलने जा रहा है। इन दोनों ही जिलों के सैकड़ों गांवों की प्यास बुझाने और हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई के लिए नर्मदा नहर ही एकमात्र सबसे बड़ा सहारा है। अब विवाद सुलझने के बाद नहर की क्षमता बढ़ाने, सिल्ट सफाई और टेल एंड (आखिरी छोर) तक पानी पहुंचाने के प्रोजेक्ट्स बिना किसी बाधा के पूरे हो सकेंगे। इससे क्षेत्र में ड्रिप इरिगेशन (बूंद-बूंद सिंचाई) को बढ़ावा मिलेगा और रबी व खरीफ की फसलों का उत्पादन कई गुना बढ़ जाएगा।₹550 करोड़ के भुगतान के साथ ऐतिहासिक समझौते पर लगी मुहरदोनों राज्यों के शीर्ष अधिकारियों और सरकारों के बीच हुई उच्च स्तरीय वार्ताओं के बाद इस सेटलमेंट पर अंतिम मुहर लगी है। तय समझौते के अनुसार, राजस्थान सरकार गुजरात को बकाया और इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरिंग के रूप में ₹550 करोड़ रुपये अदा करने के लिए राजी हो गई है। राजनीतिक और प्रशासनिक पंडितों का मानना है कि यह फैसला न केवल दो राज्यों के बीच बेहतर अंतःराज्यीय संबंधों की मिसाल है, बल्कि यह देश के विकास में वाटर मैनेजमेंट और जनहित को सर्वोपरि रखने का एक बेहतरीन उदाहरण भी है।
नर्मदा अवार्ड लाभार्थी वाले राज्यों महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश में 47 साल से चल रहा भुगतान का विवाद समाप्त हो गया है। नई दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में मंगलवार को राजस्थान सहित 4 राज्यों में वन-टाइम सेटलमेंट पर समझौता हो गया। समझौते से नर्मदा नदी के जल के बेहतर उपयोग हो पाएगा। वहीं अब नर्मदा से जुड़े कार्यों को गति मिलेगी। इस समझौते के बाद पश्चिमी राजस्थान के वंचित क्षेत्र को पेयजल मिल सकेगा। केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल की उपस्थिति में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सरदार सरोवर परियोजना से जुड़े इस फैसले से जालौर और बाड़मेर सहित राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों के किसानों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा तथा प्रदेश की जल सुरक्षा को भी नई मजबूती मिलेगी। किस राज्य का क्या दावा था?
नर्मदा जल विवाद:मप्र का 7669 करोड़ का दावा खारिज अब हम गुजरात को देंगे 550 करोड़
नर्मदा नदी पर बनी सरदार सरोवर परियोजना को लेकर पिछले तीन दशकों से मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान के बीच चल रहा वित्तीय लेन-देन का विवाद अब समाप्त हो गया है। इस बांध में मप्र के हिस्से की 55 फीसदी जमीन डूबी है, जिसके बदले में मप्र ने गुजरात पर 7669 करोड़ रुपए के मुआवजे का दावा ठोका था, लेकिन अब मप्र गुजरात से यह राशि लेने के बजाय डेम की बढ़ी हुई लागत के गुजरात के क्लेम को मानते हुए उसे 550 करोड़ रुपए का भुगतान करेगा। केंद्र की मध्यस्थता में मंगलवार को दिल्ली में चारों राज्यों ने वन टाइम सेटलमेंट कर लिया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की मौजूदगी में मप्र के मुख्यमंत्री मोहन यादव, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने हस्ताक्षर किए। समझौते के तहत मप्र समेत तीनों भागीदार राज्य गुजरात को 550-550 करोड़, यानी कुल 1,650 करोड़ देने पर सहमत हुए हैं। विवाद कैसे शुरू हुआ?सरदार सरोवर बांध का मुख्य निर्माण गुजरात ने कराया। लेकिन डेम में सबसे ज्यादा जमीन मप्र की डूबी। इसमें जंगल से लेकर खेती की जमीन और 178 गांव भी शामिल थे। गुजरात बढ़ी हुई लागत की राशि मप्र से मांगता रहा, जबकि मप्र पहले जमीन के मुआवजे की राशि मांगता रहा। इस कारण विवाद लगभग 30 वर्षों तक विवाद चलता रहा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में मप्र, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान के बीच वन टाइम सेटलमेंट किस राज्य का क्या दावा था? डूब में आने वाले सबसे ज्यादा जमीन और गांव मप्र के ही सरदार सरोवर डेम का कंट्रोल गुजरात सरकार के पास है, सबसे बड़ा लाभार्थी भी गुजरात है। जबकि डेम में डूबी कुल 37,533 हेक्टेयर जमीन में 55.5 फीसदी मप्र की है। 2014 में बांध की ऊंचाई 58 मीटर तक बढ़ाने के निर्णय से मप्र की अतिरिक्त 5,000 हेक्टेयर से ज्यादा अतिरिक्त जमीन जलमग्न हो गई थी। डूब प्रभावित गांवों की संख्या 178 से बढ़कर 192 हो गई। लिहाजा मप्र ने 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून और बाजार भाव के आधार पर 7,669 करोड़ का संशोधित दावा किया। वहीं इसके उलट गुजरात 2001 की पुरानी दरों के आधार पर केवल 281 करोड़ रुपए देने पर अड़ा था। चारों राज्यों की आपसी सहमति से विवाद का समाधानप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में गृह मंत्री अमित शाह ने चारों राज्यों को साथ लेकर आपसी सहमति से इस विवाद का समाधान कराया है। इससे राज्यों के बीच जल परियोजनाओं पर सहयोग का नया अध्याय शुरू होगा। -सीआर पाटिल, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री
गुजरात हाईकोर्ट ने 2008 अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट केस में 38 दोषियों की फांसी और 11 की उम्रकैद की सजा बरकरार रखी। पीड़ित परिवारों को मुआवजे का भी आदेश दिया गया।
गुना शहर के कैंट थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाली साईं सिटी कॉलोनी मालपुर रोड में कक्षा 12वीं के छात्र की हत्या के आरोपी को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने मामूली विवाद में चाकू मारकर छात्र की हत्या कर दी थी। पुलिस ने उसे गुजरात से गिरफ्तार कर लिया। बता दें कि मामला 29 जून का है। वारदात रात करीब 7:30-8 बजे राजा की चक्की के पास हुई। मालपुर रोड निवासी फरियादी विकास रजक (19) ने पुलिस को बताया था कि उसका छोटा भाई मोहित रजक अपने दोस्तों बलराम जाटव और शिवजीत शर्मा के साथ शिवजीत की बाइक से घूमने निकला था। रात को जब तीनों दोस्त राजा की चक्की के पास पहुंचे, तो मोहित बाइक चालू करके उसका एक्सीलेटर तेज-तेज दबाने लगा। इसी दौरान वहां पड़ोस में ही रहने वाला रामजीलाल रजक अपनी टैक्सी लेकर आया। उसने वहां बाइक खड़ी करने और एक्सीलेटर मारने पर कड़ी आपत्ति जताई। जब मोहित ने वहां से जाने से मना किया, तो रामजीलाल आपा खो बैठा और उसे मां-बहन की अश्लील गालियां देने लगा। बीच-बचाव करने पहुंचे भाई के सामने ही मार डालागाली गलौज बढ़ती देख वहां मौजूद बड़ा भाई विकास रजक बीच-बचाव करने के लिए आगे बढ़ा ही था कि इतने में आरोपी रामजीलाल दौडक़र अपनी टैक्सी के पास गया। वह टैक्सी के भीतर से एक बड़ा और धारदार चाकू निकालकर लाया और सीधे मोहित के सीने के निचले हिस्से में पूरी ताकत से घोंप दिया। चाकू लगते ही खून का फव्वारा फूट पड़ा और मोहित चीखते हुए जमीन पर गिर गया। वारदात को अंजाम देकर आरोपी रामजीलाल मौके से भाग निकला। डॉक्टरों ने घोषित किया मृत, पुलिस जांच में जुटीलहूलुहान हालत में विकास, शिवजीत शर्मा, बलराम जाटव और मोहल्ले के गौर्य शर्मा ने तुरंत मोहित को संभाला और इलाज के लिए तत्काल जिला अस्पताल गुना लेकर भागे। लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी; अस्पताल लाते ही डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद मोहित को मृत घोषित कर दिया। घटना की चश्मदीद गवाही के आधार पर कैंट थाना पुलिस ने आरोपी रामजीलाल रजक के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। गुजरात से पकड़ाया आरोपीकैंट पुलिस आरोपी की तलाश में लगी हुई थी। पुलिस ने उसका मोबाइल भी सर्विलांस पर डाला हुआ था। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी गुजरात में है। सूचना मिलने पर कैंट पुलिस की एक टीम गुजरात के आणंद जिले पहुंची और वहां से आरोपी रामजीलाल रजक को गिरफ्तार कर लिया। SP हितिका वासल ने बताया कि साईं सिटी कॉलोनी में एक घटना हुई थी। मृतक 19 साल का था। मामले को गंभीरता से लेकर पुलिस ने प्रकरण पंजीबद्ध किया। साथ ही आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। बहुत ही छोटी से बात पर मर्डर किया गया था। मृतक अपनी बाइक का एक्सीलरेटर दबा रहा था, जिससे थोड़ी आवाज हो रही थी। उसी बात पर आरोपी ने उसके साथ विवाद किया और चाकू मार दिया था।
गुजरात एटीएस ने हाल ही में मध्यप्रदेश और गुजरात से आतंकवादियों को गिरफ्तार करने की बड़ी कार्रवाई की। इस अभियान के तहत, मध्य प्रदेश के देवास स्थित वारसी नगर से संदिग्ध बिलाल दुर्रानी मोहम्मद को भी टीम ने हिरासत में लिया। बिलाल के बड़े भाई जकारिया दुर्रानी मोहम्मद को गुजरात से गिरफ्तार किया गया, जो कई सालों से वहीं रह रहा था। बिलाल दुर्रानी मोहम्मद की गिरफ्तारी के बाद, उसका परिवार देवास से गुजरात चला गया है। वारसी नगर स्थित उनके घर पर अब ताला लगा है और इलाके में सन्नाटा पसरा है। आसपास के लोग इस मामले पर ज्यादा कुछ कहने से बच रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, बिलाल अपने भाई जकारिया दुर्रानी मोहम्मद से गुजराती में बात करता था। मोहल्ले में उसका लोगों से ज्यादा मेलजोल नहीं था और वह कम ही बात करता था। बिलाल सुबह अपने टाइल्स के काम पर जाता था। त्योहारों पर गुजरात जाता थाबताया जाता है कि उसका परिवार कई साल पहले गुजरात से देवास आया था और त्योहारों पर गुजरात जाता था। आतंकी कनेक्शन सामने आने के बाद अब लोग बिलाल के बारे में खुलकर बात करने से कतरा रहे हैं। हालांकि, कई लोगों को अभी भी यकीन नहीं हो रहा है कि बिलाल का इस तरह की संदिग्ध और आतंकी गतिविधियों से जुड़ाव हो सकता है। उनका कहना है कि जब पुलिस आई तो पूरा मोहल्ला इकट्ठा हो गया था। घटना के दिन भी बिलाल किसी इलाके में टाइल्स का काम करने गया था और काम से लौटने पर टीम ने उससे पूछताछ कर हिरासत में ले लिया।
जालोर के पुराना बस स्टैंड के पास शनिवार रात एक ग्रेनाइट स्लरी से भरे ट्रक ने बाइक सवार दो युवकों को टक्कर मार दी। हादसे में दोनों युवक गंभीर घायल हो गए। एक युवक का पैर ट्रक के टायर के नीचे आने से बुरी तरह कुचल गया। दोनों घायलों को जालोर के राजकीय हॉस्पिटल पहुंचाया गया। इनमें एक को अहमदाबाद रेफर किया गया, जबकि दूसरे का इलाज जालोर के निजी हॉस्पिटल में चल रहा है। पुलिस ने ट्रक और उसके ड्राइवर को पकड़ लिया है और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सामने से आ रहे ट्रक ने मारी टक्कर जानकारी के अनुसार शनिवार रात करीब 8:30 बजे हरिदेव जोशी सर्कल की तरफ से जीतू पुत्र तगाराम माली और जीतू पुत्र भीमाराम माली बाइक पर दुकान जा रहे थे। इसी दौरान पुराना बस स्टैंड के पास आपेश्वर डेयरी के सामने, हॉस्पिटल चौराहा की तरफ से आ रहे ग्रेनाइट स्लरी से भरे ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। एक युवक का पैर टायर के नीचे आया टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों युवक सड़क पर गिर गए। हादसे में जीतू पुत्र तगाराम माली का एक पैर ट्रक के टायर के नीचे आ गया, जिससे उसका पैर बुरी तरह फट गया और उसके टुकड़े हो गए। एक घायल अहमदाबाद रेफर, दूसरे का निजी हॉस्पिटल में इलाज हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने एम्बुलेंस बुलाकर दोनों घायलों को जालोर के राजकीय हॉस्पिटल पहुंचाया। डॉक्टरों ने जीतू पुत्र तगाराम माली की हालत गंभीर होने पर प्राथमिक इलाज के बाद उसे गुजरात के अहमदाबाद रेफर कर दिया, जहां उसका इलाज चल रहा है। वहीं जीतू पुत्र भीमाराम माली का जालोर के एक निजी हॉस्पिटल में इलाज जारी है। पुलिस ने ट्रक और ड्राइवर को पकड़ा घटना की सूचना मिलते ही जालोर कोतवाली थाने के एएसआई रामुराम, पोपटलाल और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने ट्रक और बाइक को अपने कब्जे में ले लिया। ट्रक ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया है। पीड़ित पक्ष की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। हादसे की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में लोग राजकीय हॉस्पिटल पहुंच गए। घायलों के परिजन और परिचित भी वहां मौजूद रहे।।
पाली में सड़क हादसे में गुजरात के एक मार्बल व्यवसायी और उनके ड्राइवर की मौत हो गई। जयपुर से कच्छ लौटते समय उनकी कार पीछे से आए ट्रॉले की टक्कर के बाद आगे चल रहे ट्रॉले में जा घुसी और दो ट्रॉले के बीच बुरी तरह फंस गई। हादसा इतना भीषण था कि कार के परखच्चे उड़ गए और दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा शनिवार रात सांडेराव थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे पर स्थित ढोला ब्रिज के पास हुआ। पहले देखें… हादसे से जुड़ी तस्वीरें पीछे से ट्रॉले ने मारी टक्कर, आगे वाले ट्रॉले में घुसी कारसांडेराव थाना प्रभारी श्यामराज सिंह ने बताया - गुजरात के कच्छ निवासी मार्बल व्यवसायी डिम्पल कुमार जैन (49) और आबूरोड के मावल निवासी उनके ड्राइवर जेताराम (24) के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मार्बल व्यवसायी किसी काम से जयपुर गए थे। शनिवार रात वे अपने ड्राइवर के साथ कार से वापस कच्छ लौट रहे थे। इसी दौरान ढोला ब्रिज के पास पीछे से आ रहे एक ट्रॉले ने उनकी कार को टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही कार आगे चल रहे दूसरे ट्रॉले से जा टकराई और दोनों ट्रोलों के बीच फंस गई। हादसा इतना भीषण था कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। कार में फंसे शवों को निकालने में करनी पड़ी मशक्कतहादसे के बाद कार बुरी तरह पिचक गई थी, जिससे दोनों के शव उसमें ही फंस गए। पुलिस और स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद शवों को बाहर निकाला। इसके बाद दोनों शवों को सांडेराव अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया और परिजनों को सूचना दी गई। हादसे के बाद हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क किनारे हटवाकर यातायात सुचारू कराया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
ललित सुरजन की कलम से - दिल्ली में गुजरात !
'यूं देखा जाए तो गुजराती भोजनालय भारत के कोने-कोने में मिल जाएंगे। देश में जो प्रमुख पर्यटन स्थल हैं, खासकर तीर्थस्थान, वहां गुजराती भोजनालय होना मानों अनिवार्य ही है।
Gujarat High Court ने आमिर खान के बेटे की पहली फिल्म महाराज की रिलीज पर लगी रोक हटाई
गुजरात उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को बॉलीवुड स्टार आमिर खान के बेटे जुनैद की पहली फिल्म महाराज की रिलीज पर लगी अंतरिम रोक हटाते हुए कहा कि फिल्म में कुछ भी अपमानजनक नहीं है और यह पुष्टिमार्ग संप्रदाय को निशाना नहीं बनाती है, जैसा कि याचिका में आरोप लगाया गया है। यह फिल्म 1862 के एक मानहानि मामले पर आधारित है, जिसमें वैष्णव धार्मिक नेता एवं समाज सुधारक करसनदास मुलजी शामिल थे। पुष्टिमार्ग संप्रदाय के कुछ सदस्यों ने नेटफ्लिक्स पर इस फिल्म की रिलीज के खिलाफ याचिका दायर की थी, जिसमें दावा किया गया था कि यह धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती है। न्यायमूर्ति संगीता विशेन ने 13 जून को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर फिल्म की रिलीज पर अंतरिम रोक लगा दी थी।न्यायाधीश ने शुक्रवार को अपने आदेश में कहा कि फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) द्वारा प्रमाणित किया गया है और यह उक्त संप्रदाय को निशाना नहीं बनाती है।
Gujarat HC ने Netflix को Maharaj रिलीज करने की अनुमति दी, कहा- इससे भावनाएं आहत नहीं होतीं
गुजरात उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को स्ट्रीमिंग दिग्गज नेटफ्लिक्स की फिल्म ‘महाराज’ की रिलीज पर लगी अपनी अस्थायी रोक हटा ली, जिसमें कहा गया कि फिल्म महाराज 1862 के महाराज मानहानि मामले से जुड़ी घटनाओं पर आधारित है और इसका उद्देश्य किसी समुदाय की भावनाओं को आहत करना नहीं है। न्यायमूर्ति संगीता के. विशेन, जिन्होंने 13 जून को फिल्म की रिलीज पर रोक लगाई थी, ने फिल्म देखने के बाद शुक्रवार को नेटफ्लिक्स को फिल्म स्ट्रीम करने की अनुमति देने का फैसला किया। इसे भी पढ़ें: Swara Bhasker के साथ कोई भी निर्माता-निर्देशक नहीं करना चाहता काम? एक्ट्रेस ने खुद किए चौंकाने वाले खुलासे अदालत ने कहा “यह अदालत प्रथम दृष्टया इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि फिल्म महाराज उन घटनाओं पर आधारित है, जिनके कारण मानहानि का मामला दायर किया गया और इसका उद्देश्य पुष्टिमार्गी समुदाय की भावनाओं को आहत करना नहीं है। फिल्म को संबंधित दिशा-निर्देशों पर विचार करने के बाद विशेषज्ञ निकाय केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड द्वारा प्रमाणित किया गया था… 13 जून को दी गई अंतरिम राहत रद्द कर दी गई है। मूल रूप से 14 तारीख को रिलीज होने वाली इस फिल्म को हाईकोर्ट ने नेटफ्लिक्स पर रोक लगा दी थी, क्योंकि व्यापारियों के एक समूह ने इस आधार पर कोर्ट में याचिका दायर की थी कि इसमें वैष्णव समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की क्षमता है। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | नमक-मिर्च लगाकर कच्ची केरी के चटकारे ले रहीं परिणीति चोपड़ा, मिर्जापुर 3 का जबरदस्त ट्रेलर रिलीज फिल्म महाराज गुजराती लेखक सौरभ शाह की 2013 की किताब पर आधारित है, जो 1862 के ऐतिहासिक मानहानि मामले पर आधारित है, जो एक प्रमुख वैष्णव व्यक्ति, जदुनाथजी द्वारा समाज सुधारक करसनदास मुलजी के खिलाफ दायर किया गया था, जिन्होंने सर्वशक्तिमान महाराज द्वारा यौन शोषण के खिलाफ लिखा था। मुलजी ने अपनी पत्रिका सत्यप्रकाश में शोषणकारी प्रथा का खुलासा किया, जिसके कारण मानहानि का मामला चला, जो प्रसिद्ध महाराज मानहानि मामला बन गया। न्यायमूर्ति विशन ने कहा कि याचिकाकर्ताओं की प्राथमिक शिकायत कि फिल्म वैष्णव समुदाय को बदनाम करती है, बदनाम करती है और उसका अपमान करती है, में कोई दम नहीं है। “इस प्रकार उनकी अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए बाध्य है कि याचिकाकर्ताओं की आशंका अनुमानों पर आधारित है। चूंकि फिल्म को अभी सार्वजनिक रूप से देखने के लिए जारी नहीं किया गया है, इसलिए केवल अनुमान के आधार पर संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (ए) के तहत प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित नहीं किया जा सकता है, अदालत ने कहा। उन्होंने खुली अदालत में आदेश सुनाते हुए कहा फिल्म का मुख्य संदेश, जैसा कि प्रतिवादी ने सही कहा है, यह है कि फिल्म सामाजिक बुराई और करसनदास मुलजी द्वारा सामाजिक सुधार के लिए लड़ाई पर केंद्रित है, जो स्वयं वैष्णव समुदाय से थे। उन्होंने कहा, फिल्म किसी भी तरह से धार्मिक भावनाओं को प्रभावित या आहत नहीं करती है। फिल्म यह निष्कर्ष निकालती है कि संप्रदाय किसी भी व्यक्ति या घटना से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। इस घटना को अपवाद मानते हुए वैष्णव संप्रदाय और उसके अनुयायी बढ़ते रहे और भारत के सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक ताने-बाने का गौरवपूर्ण और अभिन्न अंग बने रहे। यह आशंका जताई जा रही है कि इससे सांप्रदायिक विद्वेष पैदा होने की संभावना है। हालांकि, उसी मानहानि मामले के आधार पर 2013 में पुस्तक प्रकाशित हुई थी और किसी घटना की सूचना नहीं दी गई है। उन्होंने कहा, यहां तक कि याचिकाकर्ताओं ने भी यह दावा नहीं किया है कि पुस्तक से सांप्रदायिक विद्वेष पैदा हुआ है।
Chandu Champion: कपिल देव ने कार्तिक आर्यन की फिल्म के लिए लिखा दिल को छू लेने वाला नोट
पूर्व भारतीय क्रिकेटर कपिल देव ने इंस्टाग्राम पर कबीर खान के निर्देशन की प्रशंसा की और उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म ने उन्हें भावुक कर दिया। कपिल देव ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्टर शेयर किया और एक लंबा नोट लिखा, चंदू चैंपियन! निश्चित रूप से एक ऐसी फिल्म जिसे आप मिस नहीं कर सकते। मुझे खेल फिल्में देखना और उनकी सराहना करना वाकई पसंद है। लेकिन यह सिर्फ एक खेल फिल्म होने से कहीं बढ़कर है। यह इससे कहीं बढ़कर है। इसे देखते हुए मैं हंसा, रोया, गर्व महसूस किया और फिर से रोया। @kabirkhankk को सलाम। आपने फिर से कमाल कर दिया। इसे भी पढ़ें: Shraddha Kapoor In love | श्रद्धा कपूर ने राहुल मोदी के साथ अपने रिश्ते को किया कंफर्म, शेयर की क्यूट तस्वीर और इमोशनल पोस्ट उन्होंने आगे लिखा, एक और शानदार फिल्म बनाई। @kartikaaryan ने क्या शानदार अभिनय किया, आपका प्रयास और प्रतिभा चमक रही है। पूरी कास्ट और क्रू को बधाई और हमें यह फिल्म देखने के लिए देने के लिए धन्यवाद। आप सभी चैंपियन हैं! एक और शानदार फिल्म बनाई। @kartikaaryan ने क्या कमाल का अभिनय किया है, आपकी मेहनत और प्रतिभा जगमगा रही है। पूरी कास्ट और क्रू को बधाई और हमें यह फिल्म देखने के लिए देने के लिए आपका धन्यवाद। आप सभी चैंपियन हैं! इसे भी पढ़ें: Gujarat High Court ने फिल्म महाराज की ओटीटी रिलीज पर रोक एक दिन के लिए बढ़ाई कार्तिक और कबीर की फिल्म 'चंदू चैंपियन' 14 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। Sacnilk की एक रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है और अब तक कुल कलेक्शन 29.75 करोड़ रुपये हो चुका है। इसमें कार्तिक मुरलीकांत पेटकर की भूमिका में नजर आ रहे हैं। यह फिल्म एक ऐसे एथलीट की असाधारण कहानी पर आधारित है जिसने कभी हार नहीं मानी। View this post on Instagram A post shared by Kapil Dev (@therealkapildev)
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