Gujarat में एशियाई शेरों की संख्या 891 हुई: CM Bhupendra Patel ने इसे बताया राष्ट्रीय गर्व
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सोमवार को कहा कि एशियाई शेर राष्ट्रीय गौरव और सम्मान का अभिन्न अंग हैं। इसके साथ ही उन्होंने राज्य में इस प्रजाति के संरक्षण और संवर्धन की बड़ी जिम्मेदारी को भी स्वीकार किया। विश्व शेर दिवस के अवसर पर पोरबंदर में आयोजित एक कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पटेल ने कहा कि राज्य सरकार ने पर्यावरण संरक्षण के साथ संतुलित विकास के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाया है। राज्य के पर्यावरण एवं वन मंत्री अर्जुन मोढ़वाडिया ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री पटेल ने कहा, एशियाई शेर हमारे राष्ट्रीय गौरव और सम्मान का अभिन्न हिस्सा हैं। इन शेरों के संरक्षण और उनके कुनबे को बढ़ाने की जिम्मेदारी गुजरात के लिए गर्व के साथ-साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने शेरों के संरक्षण और संवर्धन में स्थानीय लोगों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय समाज ने शेरों के साथ सह-अस्तित्व को पूरे दिल से स्वीकार किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि इस भावना को और व्यापक बनाया जाए और जनभागीदारी बढ़ाई जाए, तो मानव-जंतु संघर्ष की अप्रिय घटनाओं को रोकने में और अधिक सफलता हासिल होगी। पटेल ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण के लिए राज्य सरकार के निरंतर और संवेदनशील दृष्टिकोण के कारण गुजरात में शेरों की संख्या बढ़कर 891 हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय लोगों और शेरों के बीच सह-अस्तित्व की भावना मजबूत हुई है, जिसके परिणामस्वरूप पिछले ढाई दशकों में शेरों का दायरा तीन जिलों से बढ़कर 11 जिलों तक फैल गया है।
Updates: असम-अरुणाचल सीमा पर विवाद में गोलीबारी, 12 घायल; गुजरात में PM से जुड़े विवादित पर्चा मामले में FIR
गुजरात सचिवालय ब्लॉक के बेसमेंट में आग लगी, सरकार का दावा- सुरक्षित है डिजिटल रिकॉर्ड
गांधीनगर, 10 अगस्त . गांधीनगर में Gujarat के नए सचिवालय परिसर में सरदार भवन के ब्लॉक नंबर 9 के बेसमेंट में आग लग गई. इससे Governmentी रिकॉर्ड को कुछ नुकसान पहुंचा, लेकिन प्रशासनिक कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ा. अधिकारियों ने Monday को यह जानकारी दी. घटना की सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की ... Read more
Crime Katha: Ahmedabad PG Case में आरोपी धराया, Student से दुष्कर्म की पूरी कहानी | Gujarat
अहमदाबाद के आनंदनगर इलाके में स्थित एक पीजी (PG) हॉस्टल में इंटीरियर डिजाइनिंग की पढ़ाई कर रही छात्रा के साथ घिनौनी दरिंदगी की वारदात सामने आई है।
बेसन और सौंफ के खास तड़के से बनाएं गुजरात का फेमस काठियावाड़ी बैंगन
Kathiyawadi Baingan Recipe: अगर आप भी रोज की साधारण दाल या सब्जी खाकर बोर हो चुके हैं तो गुजरात की फेमस काठियावाड़ी रिंगण नु शाक यानी बैंगन की सब्जी बना सकते हैं. ये खाने में आपको बिलकुल अलग स्वाद देगी और आपके घरवाले भी इस बैंगन की सब्जी के फैन हो जाएंगे.
बदनावर हादसा: 6 युवकों का देर रात पोस्टमार्टम, शव गुजरात भेजे गए; 5 विवाहित, एक की 4 महीने बाद थी शादी
इटावा सफारी पार्क बना शेरों का आशियाना; 10 साल में 19 लायन का जन्मे, 4 गुजरात से आए
विश्व शेर दिवस पर इटावा सफारी पार्क की लायन सफारी में शेरों का कुनबा 23 तक पहुंच गया है। पिछले 10 साल में यहां 19 शेरों का जन्म हुआ, जबकि चार गुजरात से लाए गए। सफारी ने केनाइन डिस्टेंपर पर भी काबू पाया और संरक्षण में मिसाल कायम की।
गुजरात सीएम ने तिरंगा यात्रा को हरी झंडी दिखाई, ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में शामिल होने की अपील
गांधीनगर, 10 अगस्त . Gujarat के Chief Minister भूपेंद्र पटेल ने Monday को नागरिकों से देशव्यापी ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को देशभक्ति का जन आंदोलन बनाने की अपील की. उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल ‘हर घर तिरंगा’ तक सीमित न रहे, बल्कि ‘हर दिल तिरंगा’ बनना चाहिए. Chief Minister ने गांधीनगर में 2.4 किलोमीटर ... Read more
MBBS Seats: गुजरात में 7200 से 7500 हो गई एमबीबीएस की सीटें, कहां और कैसे बढ़ीं
MBBS Seats: गुजरात में एनएमसी की मंजूरी से 300 प्राइवेट एमबीबीएस सीटें बढ़ने से कुल संख्या 7200 से बढ़कर 7,500 हो गई है। क्वालीफाई छात्रों की संख्या कम होने से इस बार मेरिट कट-ऑफ में गिरावट की उम्मीद है।
सूरत, 10 अगस्त . Gujarat के सूरत स्थित सिविल अस्पताल परिसर में एक रेजिडेंट डॉक्टर की आत्महत्या के मामले के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है. घटना को गंभीरता से लेते हुए Gujarat के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया ने सख्त जांच के आदेश दिए हैं. मंत्री के निर्देश पर मामले की जांच के ... Read more
गुजरात में रेजिडेंट डॉक्टर की आत्महत्या से हड़कंप, क्या रैगिंग बनी वजह? मंत्री ने दिए सख्त कार्रवाई के आदेश- Suicide of resident doctor in Surat Gujarat was ragging cause Health Minister orders strict action
उज्जैन-बदनावर फोरलेन पर रविवार को पंचकवासा गांव के पास हुए सड़क हादसे में गुजरात के छह युवकों की मौत हो गई। इन सभी शवों का पोस्टमार्टम रविवार रात करीब 10:30 बजे तक सिविल अस्पताल बदनावर में किया गया। इसके बाद रात करीब 11:30 बजे दो एंबुलेंस से शवों को गुजरात रवाना किया गया। ये सभी युवक उज्जैन से दर्शन कर गुजरात लौट रहे थे। देर शाम परिजन पहुंचे दुर्घटना इतनी भीषण थी कि हादसे के बाद करीब दो घंटे तक मृतकों की पहचान नहीं हो सकी थी। बाद में दुर्घटनाग्रस्त कार के नंबर और युवकों के मोबाइल फोन पर आए कॉल के आधार पर उनकी पहचान सुनिश्चित की गई। पुलिस ने परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद देर शाम तक सभी मृतकों के परिजन बदनावर पहुंच गए थे। इसके उपरांत आवश्यक कानूनी कार्रवाई और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई। इनकी हुई मौत मृतकों की पहचान विशाल परमार (30, निवासी बुरखाल, पंचमहल), विमल कुमार सोलंकी (33, निवासी गोधरा), दीपक कुमार बारिया (26, निवासी अंगालिया देहरा फलिया, पंचमहल), राकेश कुमार मकवाना (26, निवासी गोधरा), परेश कुमार परमार (29, निवासी रतनपुर काटकी, पंचमहल) और मितेश उर्फ मयूर चौहान (23, निवासी गोधरा) के रूप में हुई है। पांच युवक थे शादीशुदा हादसे में जान गंवाने वाले छह युवकों में से पांच विवाहित थे। इनमें से कुछ की शादी को तीन महीने हुए थे, जबकि कुछ की शादी डेढ़ साल पहले हुई थी। एक युवक की शादी चार माह बाद होने वाली थी। ट्राला चालक के खिलाफ केस दर्ज बदनावर थाना टीआई अमित सिंह कुशवाह ने बताया कि चौकीदार अशोक पिता भेरूलाल बारदेव, निवासी पंचकवासा की रिपोर्ट पर ट्रॉला (ट्रेलर) क्रमांक GJ39TB9248 के चालक के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। ये भी देखें… ट्रॉले ने वैन को टक्कर मारी, 6 दोस्तों की मौत: महाकाल दर्शन कर गुजरात लौट रहे थे धार जिले के बदनावर में रॉन्ग साइड से आ रहे ट्रॉले ने वैन को सामने से ऐसी टक्कर मारी कि वह पिचक गई। वैन में सवार सभी छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। गुजरात में पंचमहल के रहने वाले ये युवक आपस में दोस्त थे और उज्जैन से महाकाल के दर्शन कर लौट रहे थे। पूरी खबर पढ़ें
Harsh Sanghavi ने कहा, FTA से गुजरात के कपड़ा उद्योग को वैश्विक अवसर मिलेगा
सूरत, नौ अगस्त गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने रविवार को कहा कि मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) की मदद से राज्य के कपड़ा व्यवसाय के पास दूसरे देशों के साथ प्रतिस्पर्धा करने का एक सुनहरा अवसर है। संघवी ने यह बात ‘फेडरेशन ऑफ सूरत ट्रेड एंड टेक्सटाइल एसोसिएशंस’ (एफओएसटीटीए) की वार्षिक आम बैठक में शामिल होने के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही। सूरत को देश के प्रमुख कपड़ा केंद्रों में से एक माना जाता है। उपमुख्यमंत्री संघवी ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में कई देशों के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौतों के कारण दक्षिण गुजरात क्षेत्र, सूरत और अहमदाबाद के कपड़ा कारोबारियों के पास वैश्विक बाजारों में दूसरे देशों के साथ प्रतिस्पर्धा करने का एक सुनहरा अवसर है।
Ahmedabad में आयोजित होगा FIBA U18 Asia Cup, भारतीय टीम में गुजरात के 3 सदस्य शामिल
अहमदाबाद, नौ अगस्त फीबा अंडर-18 एशिया बास्केटबॉल कप का आयोजन 13 से 23 अगस्त तक अहमदाबाद में होगा। इस टूर्नामेंट में गुजरात के तीन लोग खिलाड़ी, सहायक कोच और फिजियोथेरेपिस्ट के रूप में भारतीय टीम का हिस्सा होंगे। भावनगर के रोनाल्डो हॉपकिन्स को भारत की पुरुष अंडर-18 टीम में जगह मिली है। वहीं, खेल विभाग के कोच नरेंद्र देसाई सहायक कोच और डॉ कुणाल चुडासमा मुख्य फिजियोथेरेपिस्ट की जिम्मेदारी निभाएंगे। आधिकारिक बयान के अनुसार टूर्नामेंट अहमदाबाद के नारणपुरा स्थित वीर सावरकर खेल परिसर में खेला जाएगा। भारत अपना पहला मुकाबला 14 अगस्त को जापान के खिलाफ खेलेगा। ग्रुप चरण में टीम का सामना जापान, कोरिया और कजाखस्तान से होगा। फाइनल मुकाबला 23 अगस्त को खेला जाएगा।
वर्ल्ड लॉयन डे:मप्र में शेर बसाने की योजना, वन विहार आ रहा गुजरात से नया जोड़ा
कूनो अभयारण्य में चीता प्रोजेक्ट की सफलता के बाद अब प्रदेश के जंगलों में एशियाई सिंहों को बसाने और उनके प्रजनन के लिए प्राकृतिक परिस्थितियां बनाने (री-वाइल्डिंग) की कोशिश हो रही है। कभी विंध्य, बुंदेलखंड और मध्य भारत के जंगलों में एशियाई सिंह बसते थे, लेकिन अंधाधुंध शिकार और जंगलों के तेजी से कटाव के कारण 19वीं शताब्दी के अंत तक वे लगभग समाप्त हो गए। सिंहों की री-वाइल्डिंग के लिए वन विहार प्रबंधन इस साल नवंबर-दिसंबर में गुजरात से शुद्ध नस्ल के एशियाई सिंहों का जोड़ा लाने की तैयारी कर रहा है। इनसे जन्म लेने वाले शावकों को चरणबद्ध तरीके से जंगल में बसाने की योजना है। अभी वन विहार भोपाल में 5, ग्वालियर जू में 5 और इंदौर जू में 12 सिंह हैं। पहले जूनागढ़ से लाए गए नर सिंह में कैनाइन डिस्टेंपर वायरस मिले थे पुराने प्रयास नहीं हो सके सफल वन विहार के डायरेक्टर विजय कुमार ने बताया कि अभी यहां जो 5 एशियाई सिंह हैं इनके जीन पूल और संरक्षण संबंधी कारणों से ब्रीडिंग नहीं कराई जा सकती। सत्या और गंगा से प्रजनन का प्रयास किया गया था पर सफल नहीं हो सके। दिसंबर 2024 में जूनागढ़ से नया जोड़ा लाए, लेकिन नर सिंह में कैनाइन डिस्टेंपर मिलने के बाद ब्रीडिंग रोकने के निर्देश दे दिए। इंदौर से दूसरी जगह भेजे : इंदौर चिड़ियाघर के प्रभारी उत्तम सिंह ने बताया कि वहां अभी 12 सिंह हैं। बिलासपुर से आए जोड़े से 15 शावकों का जन्म हुआ। बाद में भिवानी (हरियाणा) से लाए गए सिंहों से 6 शावकों का जन्म हुआ। इसके बाद 21 सिंह दूसरे चिड़ियाघरों को भेजे गए। सिंहों की नई पीढ़ी तैयार करना है... एशियाई सिंहों के संरक्षण, री-वाइल्डिंग की योजना बनाई जा रही है। शुद्ध आनुवंशिक गुणों वाले सिंहों से प्रजनन कर स्वस्थ पीढ़ी तैयार करना प्राथमिकता है। -शुभरंजन सेन, प्रधान मुख्य वन संरक्षक
राजस्थान के चार युवकों की गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले के वधवान के नागरा गांव में 7 अगस्त को उमैया नदी में डूबने से मौत हो गई। चारों नहाने के लिए गए थे। सभी मृतक एक लोकल सोलर प्लांट में काम करते थे। ये मोरबी (गुजरात) से नागरा नहाने आए थे। वहां से सोमनाथ दर्शन करने जा रहे थे। इस हादसे में उनका एक दोस्त बच गया। चार युवक गहरे पानी में डूबे जोरावरनगर के PSI इंचार्ज एम.आर.गोहिल ने बताया- पांचों दोस्तों में से एक नदी के किनारे बैठकर नहा रहे थे, जबकि बाकी चार युवक गहरे पानी में डूब गए। जैसे ही किनारे पर मौजूद युवकों ने शोर मचाया, स्थानीय गांव वाले और तैराक मौके पर पहुंचे। तैराकों ने नदी में कूदकर तलाश शुरू की और चारों युवकों के शव बरामद किए। सोमनाथ जाने का प्रोग्राम था जोरावरनगर के PSI इंचार्ज ने बताया- मोहनलाल (21) वेनाराम चौधरी निवासी मंगले की बेरी बाड़मेर, जीवाराम (26) पुत्र केहराम चौधरी निवासी जालोर, रमेशकुमार (21) वीरमाराम चौधरी, गांव कुभिया, तहसील दुधवा जालोर, फुसाराम उर्फ खुशाराम (20) गंगाराम चौधरी निवासी फलोदी की डूबने से मौत हो गई। मोहनलाल की शादी चार महीने पहले ही हुई थी। पांच दोस्त मोरबी से नागरा में नहाने आए थे। युवक नहाने के बाद सोमनाथ जाना था। जोरावरनगर पुलिस ने चारों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए सुरेंद्रनगर के गांधी अस्पताल में रखवाया है। नहाने के बाद सोमनाथ जाने का प्लान बना रहे युवकों के साथ जो हादसा हुआ। मस्ती करते-करते गहने पानी में चले गए थे दोस्त कालूराम राजूराम भील ने बताया- हम पांच लोग थे। मैं कपड़े धोने के लिए बाहर रुका और बाकी को नहाना था। मस्ती करते-करते वे गहरे पानी में डूब गए। मैंने चिल्लाकर करणसिंह भाटी को बुलाया, 200 गांव वालों की भीड़ मौके पर पहुंची और लाशों को ढूंढकर बाहर निकाला। चिपचिपी मिट्टी में फंसने का अनुमान ताजर में बारिश के दौरान उमाई नदी के नाम से मशहूर इलाके में गहरे गड्ढों में पानी भर गया है। इससे पानी की वजह से यह पता नहीं चल पा रहा है कि गड्ढा कितना गहरा है। जबकि नदी की मिट्टी चिपचिपी होने की वजह से कई बार कोई इसमें फंस जाता है। ये युवक मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले थे। इसलिए हो सकता है कि उन्हें लोकल नदी की गहराई या खुले गड्ढों के बारे में पूरी जानकारी न रही हो। इस वजह से वे गलती से गहरे पानी में डूब गए।
बीकानेर में अवैध तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन नीलकंठ के तहत महाजन पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रविवार को अरजनसर-पल्लू मेगा हाईवे पर 465 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब से भरा कैंटर पकड़ा है। पुलिस के अनुसार जब्त शराब की अनुमानित कीमत करीब 25 लाख रुपए है। कार्रवाई जैतपुर पुलिस चौकी क्षेत्र में की गई। पुलिस के अनुसार नाकाबंदी के दौरान संदिग्ध कैंटर को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी में कैंटर से 465 पेटी चंडीगढ़ निर्मित अवैध अंग्रेजी शराब बरामद हुई। शराब के परिवहन में इस्तेमाल कैंटर को जब्त कर लिया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि शराब की खेप पंजाब से गुजरात ले जाई जा रही थी। एस्कॉर्ट कर रही फॉर्च्यूनर भी पकड़ी पुलिस ने शराब से भरे कैंटर के साथ चल रही फॉर्च्यूनर गाड़ी को भी पकड़ा। पुलिस के अनुसार फॉर्च्यूनर शराब से भरे कैंटर को एस्कॉर्ट कर रही थी। वाहन में सवार सतपाल उर्फ नैना और सुशील कुमार को दस्तयाब किया गया है। आरोपी गिरफ्तार, पूछताछ जारी मामले में पुलिस ने दिनेश कुमार पुत्र शंकरराम विश्नोई, उम्र 45 साल, निवासी पीलवा, थाना लोहावट, जिला फलोदी को गिरफ्तार किया है। पुलिस आरोपियों से शराब की खेप के स्रोत, तस्करी के नेटवर्क और इसे गुजरात में कहां पहुंचाया जाना था, इसे लेकर पूछताछ कर रही है। कार्रवाई थाना प्रभारी भजनलाल लावा के निर्देशन में की गई। टीम में अनूप सिंह, पृथ्वीराज, दीपक, अजय, राजाराम, पूनमचंद और सुभाष शामिल रहे। कांस्टेबल अजय की कार्रवाई में विशेष भूमिका रही है।
मध्य प्रदेश में भीषण सड़क हादसा: धार के पास कार दुर्घटनाग्रस्त, गुजरात के 6 युवकों की दर्दनाक मौत
मध्य प्रदेश में रविवार को धार-उज्जैन-पेटलावद फोरलेन हाईवे पर पंचकवासा गांव के पास एक वैन और ट्रेलर की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस भीषण सड़क हादसे में गुजरात के गोधरा और पंचमहल जिलों के छह युवकों की मौत हो गई।
शराबबंदी कानून के क्रियान्वयन पर जीतन राम मांझी ने उठाए सवाल, बोले- बिहार में लागू हो गुजरात मॉडल
Patna, 9 अगस्त . Union Minister और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के प्रमुख जीतन राम मांझी ने बिहार में लागू शराबबंदी कानून के क्रियान्वयन पर एक बार फिर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि नशाबंदी का कानून सही होना चाहिए, लेकिन इसके क्रियान्वयन में गड़बड़ी के कारण कई तरह की समस्याएं सामने आ रही हैं. ... Read more
हम की युवा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई। जिसमें पार्टी के संस्थापक और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी व मंत्री संतोष कुमार सुमन शामिल हुए। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने बिहार में लागू शराबबंदी कानून को लेकर एक बार फिर अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और बिहार सरकार से शराबबंदी को गुजरात मॉडल की तर्ज पर लागू करने की मांग की। मांझी ने कहा कि मैं पहले भी कह चुका हूं कि बिहार में नशाबंदी का कानून ठीक है, लेकिन इसके पालन में कहीं-कहीं पुलिस-प्रशासन के स्तर पर दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने कहा कि कानून बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके प्रभावी और निष्पक्ष तरीके से पालन की भी जरूरत है। 'पदाधिकारी स्तर पर गड़बड़ी पर लगानी चाहिए' जीतन राम मांझी ने कहा कि गुजरात में भी शराबबंदी लागू है और महात्मा गांधी का जन्म भी वहीं हुआ था। बिहार में शराबबंदी के कारण अगर कहीं पदाधिकारी स्तर पर गड़बड़ी हो रही है तो उस पर सरकार को सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए। मांझी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से प्रशासन को चुस्त-दुरुस्त करने की मांग करते हुए कहा कि शराबबंदी कानून के नाम पर किसी तरह की मनमानी नहीं होनी चाहिए। युवाओं के कंधे पर देश के विकास की जिम्मेदारी : मांझी केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि आज देश में युवाओं की शक्ति सबसे महत्वपूर्ण है। देश के विकास में युवाओं की भूमिका लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और आने वाले समय में देश की दिशा तय करने में उनकी बड़ी भूमिका होगी। मांझी ने कहा कि बिहार में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और वर्तमान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में युवाओं के लिए कई काम किए जा रहे हैं। वहीं, केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की ओर से भी युवाओं के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि देश में युवा शक्ति को आगे बढ़ाने के लिए सरकारों की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। ‘चौथी युवा शक्ति बनने के कगार पर हैं हम’ जीतन राम मांझी ने कहा कि आज युवा केवल रोजगार या शिक्षा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक बदलाव में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि हम लोग आज चौथी युवा शक्ति बनने के कगार पर हैं। युवाओं को अपनी ऊर्जा का इस्तेमाल देश और समाज के निर्माण में करना चाहिए। मांझी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत के उस कथित बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने युवाओं के आंदोलन को जायज बताया है। मांझी ने कहा कि युवाओं की आवाज लोकतांत्रिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण है और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। छात्रों को प्रदर्शन करने का अधिकार है- सुमन झारखंड में छात्रों के प्रदर्शन को लेकर बिहार सरकार के मंत्री और हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष कुमार सुमन ने कहा कि छात्रों को संविधान के तहत प्रदर्शन करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करना गलत नहीं है, लेकिन प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए। संतोष सुमन ने कहा कि आज के युवा देश की धरोहर और भविष्य हैं। ऐसे में युवाओं की समस्याओं को सुना जाना चाहिए और सरकार को उनकी मांगों पर विचार करना चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी आंदोलन के दौरान कानून-व्यवस्था को बिगड़ने नहीं दिया जाना चाहिए। तेजस्वी लंबे समय तक देश से बाहर ही रहते बिहार में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की ओर से लगातार उठाए जा रहे सवालों पर भी संतोष सुमन ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अच्छी बात है कि अब उनकी नींद टूटी है और वह नींद से जागे हैं। संतोष सुमन ने कहा कि तेजस्वी यादव लंबे समय तक देश से बाहर रहते हैं और अब देश में आकर घूम रहे हैं। बिहार में घूमने से उन्हें राज्य की स्थिति को समझने का मौका मिलेगा। अगर विपक्ष बिहार की कमियों को बताएगा तो यह सरकार के लिए भी अच्छी बात है, क्योंकि इससे कमियों को दूर करने में मदद मिलेगी।
चूरू की कोतवाली पुलिस ने 'ऑपरेशन नकेल' के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध शराब तस्करी का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने NH-52 पर एक कंटेनर से करीब 1 करोड़ रुपए की अवैध शराब जब्त की है। इस मामले में 2 तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने लांबा पेट्रोल पंप के पास नाकाबंदी के दौरान शराब से भरा यह कंटेनर पकड़ा। कंटेनर से कुल 961 कार्टन अवैध शराब बरामद की गई, जिसकी अनुमानित कीमत 1 करोड़ रुपए बताई जा रही है। कोतवाली थानाधिकारी गौरव खिड़िया ने बताया कि यह शराब चंडीगढ़ से गुजरात ले जाई जा रही थी। दोनों आरोपियों से पूछताछ जारीकार्रवाई के दौरान पुलिस ने हरियाणा के बास पदमका निवासी नवीन और साहिल को गिरफ्तार किया है। दोनों से शराब तस्करी के नेटवर्क, सप्लायर और गुजरात में शराब पहुंचाने वाले लोगों के संबंध में गहन पूछताछ की जा रही है। यह कार्रवाई कोतवाली थाना पुलिस की स्पेशल टीम ने एएसआई सुरेश कुमार के नेतृत्व में की। टीम ने NH-52 पर नाकाबंदी कर संदिग्ध कंटेनर को रोका और तलाशी ली, जिसमें बड़ी मात्रा में अवैध शराब के कार्टन मिले। कॉन्स्टेबल प्रमोद कुमार, विकास कुमार, मोहरपाल, मुकेश और भीम सिंह ने इस कार्रवाई में अहम भूमिका निभाई।पुलिस ने कंटेनर और शराब को जब्त कर लिया है। मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस इस पूरे तस्करी रैकेट का पर्दाफाश करने का प्रयास कर रही है।
मध्य प्रदेश: धार के पास भीषण सड़क हादसा, गुजरात के छह युवकों की मौत
Bhopal /धार, 9 अगस्त . Madhya Pradesh में Sunday को धार-उज्जैन-पेटलावद फोरलेन हाईवे पर पंचकवासा गांव के पास एक वैन और ट्रेलर की आमने-सामने टक्कर हो गई. इस भीषण सड़क हादसे में Gujarat के गोधरा और पंचमहल जिलों के छह युवकों की मौत हो गई. पीड़ित उज्जैन के महाकाल मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद घर ... Read more
फ्री फायर का खेल, किशोरी से दोस्ती और रेप; गेमिंग पार्टनर को MP से गिरफ्तार कर गुजरात ले गई पुलिस
मध्य प्रदेश में एक युवक द्वारा 'फ्री फायर' गेम के जरिये अहमदाबाद की एक नाबालिग लड़की को अपने जाल में फंसाकर अपने साथ भगा लाने और दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। गुजरात पुलिस ने 20 वर्षीय आरोपी को अमरपाटन से गिरफ्तार किया है।
बदनावर-उज्जैन फोरलेन पर ग्राम पंचकवासा के पास बड़ा भीषण हादसा हो गया। यहां रविवार दोपहर करीब 1 बजे हादसे में छह युवकों की मौत हो गई। सभी युवक वैन में सवार होकर उज्जैन में महाकाल के दर्शन कर गुजरात लौट रहे थे। रास्ते में उनकी वैन को अनियंत्रित ट्रॉले ने जोरदार टक्कर मार दी।
धार जिले के बदनावर में रॉन्ग साइड से आ रहे ट्रॉले ने वैन को सामने से ऐसी टक्कर मारी कि वह पिचक गई। वैन में सवार सभी छह श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई। वे गुजरात में वड़ोदरा के रहने वाले थे और उज्जैन से महाकाल के दर्शन कर लौट रहे थे। गाड़ी की हालत ऐसी थी कि उसकी बॉडी काटकर दो शव निकाले जा सके। हादसा रविवार दोपहर करीब 1 बजे पंचकवास गांव के पास उज्जैन फोरलेन पर हुआ। सूचना मिलते ही बदनावर टीआई अमित सिंह कुशवाह और तहसीलदार सुरेश नागर मौके पर पहुंचे। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से वैन में फंसे शवों को बाहर निकाला। देखिए, हादसे के बाद की तस्वीरें… ट्रॉले में लोहे का सामान भरा था पुलिस ने कहा- प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, वैन में 6 लोग सवार थे। ट्रॉला नंबर GJ39 DB 9248 रॉन्ग साइड से उज्जैन की ओर जा रहा था। इसमें लोहे का सामान भरा था। वहीं, मारुति ईको वैन नंबर GJ17 CK 6134 उज्जैन से गुजरात की ओर जा रही थी। कलेक्टर राजीव रंजन मीणा, एसपी सचिन शर्मा, एडिशनल एसपी पारुल बेलापुरकर ने घटनास्थल पर पहुंचकर जायजा लिया। कलेक्टर मीणा ने बताया कि हादसे के बाद ट्रॉले का ड्राइवर भाग गया। पुलिस ने मृतकों के परिजन को सूचना दे दी है। शवों का पंचनामा बनाकर उन्हें बदनावर सिविल अस्पताल की मॉर्चुरी में रखवाया गया है। ग्राइंडर से गाड़ी काटकर निकाले शव प्रत्यक्षदर्शी महिपाल सिंह ने कहा- हमारा मकान सड़क किनारे ही है। हम घर पर बैठे थे, अचानक तेज आवाज आई। बाहर आए तो देखा कि एक्सीडेंट हुआ है। कार में कुछ लोग फंसे थे। पुलिस को सूचना दी। इसके बाद कार के गेट को ग्राइंडर से काटकर शवों को बाहर निकाला। ये खबर भी पढ़ें… नेपाल से पुणे जा रही बस की ट्रक से टक्कर नेपाल से पुणे जा रही स्लीपर बस भिंड में एलपीजी सिलेंडर से लदे ट्रक से टकरा गई। हादसे में एक महिला की मौत हो गई जबकि 15 यात्री घायल हैं। बस का ड्राइवर केबिन में फंस गया था, जिसे ग्रामीणों ने बाहर निकाला। पढ़ें पूरी खबर…
राजस्थान और गुजरात में मानसून सक्रिय रहने के आसार हैं। पूर्वी राजस्थान में मध्यम से भारी बारिश, जबकि गुजरात के कई इलाकों में बारिश हो सकती है।
गुजरात सरकार ने दिव्यांगजनों के लिए डिजिटल सुविधा की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने दिव्यांगों को जारी किए जाने वाले ‘दिव्यांग बस पास’ को डिजिलॉकर से जोड़ दिया है। अब लाभार्थियों को बस में सफर के दौरान बस पास की हार्ड कॉपी साथ रखने की ...
मैहर जिले के अमरपाटन में गुजरात पुलिस ने शनिवार को एक 20 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर ऑनलाइन गेम 'फ्री फायर' के जरिए अहमदाबाद की एक 15 वर्षीय नाबालिग किशोरी से दोस्ती कर उसे भगाने और दुष्कर्म करने का आरोप है। अहमदाबाद पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर अपने साथ गुजरात ले गई है। गेम खेलते समय हुई थी पहचान अहमदाबाद पुलिस के अनुसार, पीड़िता और अमरपाटन निवासी आरोपी युवक शिव शांत (20) वर्ष को की पहचान 'फ्री फायर' गेम खेलते समय हुई थी। इसके बाद दोनों ने मोबाइल नंबर बदले और व्हाट्सएप पर बात करने लगे। रीवा लाकर रखा किराए के कमरे में आरोप है कि दिसंबर 2025 में युवक अहमदाबाद पहुंचा और किशोरी को बहला-फुसलाकर मध्य प्रदेश ले आया। उसने किशोरी को रीवा में एक किराए के कमरे में रखा और उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता रीवा से हुई थी बरामद किशोरी के लापता होने पर परिजनों ने अहमदाबाद थाने में मामला दर्ज कराया था। जांच के दौरान गुजरात पुलिस ने किशोरी को रीवा से सुरक्षित बरामद कर लिया था, लेकिन आरोपी मौके से फरार हो गया था। फरार आरोपी को पुलिस ने दबोचा शनिवार को गुजरात पुलिस के सब-इंस्पेक्टर वीएम मकवाना ने अमरपाटन पुलिस के सहयोग से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, अपहरण और दुष्कर्म की धाराओं में कार्रवाई की गई है।
Indore News: गुजरात के कारोबारी से 2.14 करोड़ लेने का आरोप,74 साल का कंपनी डायरेक्टर गिरफ्तार
डीसीपी(अपराध) राजेश त्रिपाठी के मुताबिक गुजरात के झालोद, जिला दाहोद निवासी कमलेश अग्रवाल ने क्राइम ब्रांच में शिकायत की थी।
शेयर बाजार में निवेश करने वाले हर निवेशक की चाहत होती है कि उसे पूंजी में बढ़त के साथ-साथ नियमित अंतराल पर डिविडेंड के रूप में भी मोटी कमाई होती रहे। ऐसे निवेशकों का सबसे ज्यादा फोकस कंपनियों की डिविडेंड यील्ड पर होता है। अगर आप भी शेयर बाजार में ऐसे ही शेयरों की तलाश कर रहे हैं, तो अनिल अग्रवाल की वेदांता लिमिटेड (Vedanta) समेत पांच ऐसे दिग्गज शेयरों के बारे में जानना आपके लिए बेहद जरूरी है, जो निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं।क्या होती है डिविडेंड यील्ड और कैसे काम करती है कैलकुलेशनडिविडेंड यील्ड को आसान भाषा में ऐसे समझें कि यह यह बताती है कि किसी शेयर की मौजूदा कीमत के मुकाबले कंपनी सालभर में कितना डिविडेंड दे रही है। उदाहरण के लिए, यदि किसी शेयर की कीमत 100 रुपये है और कंपनी 5 रुपये का सालाना डिविडेंड देती है, तो डिविडेंड यील्ड 5 फीसदी होगी। यदि वही शेयर गिरकर 50 रुपये का हो जाए और कंपनी फिर भी 5 रुपये का डिविडेंड दे, तो डिविडेंड यील्ड बढ़कर 10 फीसदी दिखने लगेगी। यहीं पर नए निवेशकों को सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होती है, क्योंकि कई बार शेयर की कीमत टूटने की वजह से डिविडेंड यील्ड कागजों पर artificially बहुत ज्यादा नजर आती है।अनिल अग्रवाल की वेदांता समेत टॉप 5 हाई डिविडेंड यील्ड वाले शेयरमार्केट डेटा के विश्लेषण के अनुसार, सबसे ज्यादा डिविडेंड यील्ड देने वाले शेयरों की सूची में अनिल अग्रवाल की वेदांता लिमिटेड सबसे ऊपर है। इन चुनिंदा 5 शेयरों की सूची इस प्रकार है:Vedanta: इस शेयर की डिविडेंड यील्ड सबसे ज्यादा करीब 12.9 फीसदी दर्ज की गई है और इसे लगभग 76 म्यूचुअल फंड योजनाओं ने अपने पोर्टफोलियो में जगह दी है।Gujarat Pipavav Port: इस पोर्ट कंपनी की डिविडेंड यील्ड करीब 6.9 फीसदी रही है और करीब 9 म्यूचुअल फंड स्कीम्स ने इसमें निवेश किया हुआ है।Castrol India: लुब्रिकेंट सेक्टर की इस दिग्गज कंपनी की डिविडेंड यील्ड करीब 4.7 फीसदी है, जिसे लगभग 13 म्यूचुअल फंड्स का समर्थन प्राप्त है।TCS: देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनियों में शुमार टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज की डिविडेंड यील्ड करीब 4.5 फीसदी है और इसे 156 म्यूचुअल फंड योजनाओं ने अपने पोर्टफोलियो में रखा है।Infosys: आईटी सेक्टर की दिग्गज इंफोसिस की डिविडेंड यील्ड करीब 4.2 फीसदी है। इस सूची में यह सबसे ज्यादा 244 म्यूचुअल फंड होल्डिंग वाला शेयर है।निवेशकों के लिए क्या हैं बड़े जोखिम और जरूरी सावधानियांनए निवेशकों को यह गलती बिल्कुल नहीं करनी चाहिए कि वे केवल ऊंची डिविडेंड यील्ड या म्यूचुअल फंड्स की भारी-भरकम होल्डिंग देखकर आंख मूंदकर निवेश कर बैठें। वेदांता की 12.9 फीसदी यील्ड का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि यदि आपने 1 लाख रुपये लगाए हैं, तो हर साल 12,900 रुपये का पक्का रिटर्न मिलेगा। डिविडेंड पूरी तरह से कंपनी के मुनाफे, कर्ज, बिजनेस मॉडल और भविष्य की जरूरतों पर निर्भर करता है। आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनियों जैसे टीसीएस और इंफोसिस का कारोबार ग्लोबल मार्कीट और तकनीकी চাহিद पर निर्भर करता है। इसलिए, किसी भी कंपनी में पैसा लगाने से पहले उसका पिछला ट्रैक रिकॉर्ड, कर्ज की स्थिति, कैश फ्लो और बिजनेस ग्रोथ को अच्छी तरह परख लें।
‘दिव्यांग बस पास’ को डिजिलॉकर से जोड़ने के लिए गुजरात को राष्ट्रीय स्तर पर मिला सम्मान
गुजरात सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने स्टेट ई-गवर्नेंस मिशन टीम (एसईएमटी), गुजरात के सहयोग से दिव्यांग बस पास डिजिलॉकर से जोड़ दिए हैं। गुजरात सरकार की इस नागरिक-केंद्रित डिजिटल गवर्नेंस पहल ने राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है।
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दुष्कर्म मामले में खुद को भगवान बताने वाले आसाराम के बेटे नारायण साईं की सजा पर रोक लगाने से इनकार करने वाले गुजरात हाईकोर्ट के आदेश में दखल देने से मना कर दिया।
'अभी भी मौका है, अपनी गलती सुधार ले गुजरात सरकार', ऊना दलित उत्पीड़न कांड पर भड़कीं मायावती
मायावती ने गुजरात के ऊना दलित उत्पीड़न कांड के आरोपियों के बरी होने पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने पीड़ितों को न्याय दिलाने और सरकारी खर्च पर वकील मुहैया कराने की मांग की है।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने गुजरात के ऊना कांड के दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलवाने की राज्य सरकार से अपील की है। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को फ्री कानूनी सहायता दी जाए जिससे कि उन्हें न्याय मिल सके।
Firozabad News: नसीरपुर में पेड़ से लटका मिला गुजरात से लौटे युवक का शव, जताई हत्या की आशंका
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Firozabad: पेड़ से लटका मिला युवक का शव; परिजनों ने जताई हत्या की आशंका; गुजरात में करता था नौकरी
मृतक गुजरात की एक निजी कंपनी में नौकरी करता था और घटना की सूचना उसके चचेरे भाई ने पुलिस को दी। पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
Pilibhit News: हत्यारोपी महिला के दूसरे पति की तलाश तेज, गुजरात गई पुलिस
31 जुलाई को हुए उमाशंकर हत्याकांड में साजिश रचने के आरोप में पुलिस ने किया था नामजद
राष्ट्रमंडल खेल 2026: चुनौतियों के बीच चमका भारत
राष्ट्रमंडल खेल केवल पदकों की प्रतियोगिता नहीं बल्कि किसी देश की खेल संस्कृति, प्रतिभा विकास, खेल विज्ञान, प्रशिक्षण व्यवस्था और दीर्घकालिक खेल नीति का दर्पण भी होते हैं। ग्लासगो (स्कॉटलैंड) में 23 जुलाई से 2 अगस्त तक आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों का समापन भारत के लिए अनेक उपलब्धियों, कुछ अधूरी अपेक्षाओं और भविष्य की नई संभावनाओं के साथ हुआ। भारतीय दल ने 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य सहित कुल 39 पदक जीतकर पदक तालिका में चौथा स्थान प्राप्त किया। यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस बार प्रतियोगिता के कार्यक्रम में निशानेबाजी, कुश्ती, बैडमिंटन, हॉकी, टेबल टेनिस इत्यादि भारत के कई पारंपरिक मजबूत खेल शामिल ही नहीं थे। इन खेलों में भारत सामान्यतः बड़ी संख्या में पदक जीतता रहा है। ऐसे में सीमित अवसरों के बावजूद चौथा स्थान बनाए रखना भारतीय खिलाड़ियों की क्षमता और जुझारूपन का प्रमाण है। पदक तालिका में ऑस्ट्रेलिया ने 70 स्वर्ण सहित कुल 171 पदक जीतकर एक बार फिर अपना दबदबा कायम रखा। इंग्लैंड 110 पदकों के साथ दूसरे तथा कनाडा 62 पदकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। मेजबान स्कॉटलैंड भी 39 पदकों के साथ प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए पांचवें स्थान पर रहा। भारत और स्कॉटलैंड के कुल पदक समान रहे लेकिन स्वर्ण पदकों की संख्या के आधार पर भारत चौथे स्थान पर रहा। यदि पिछले राष्ट्रमंडल खेलों के प्रदर्शन की तुलना करें तो एक दिलचस्प तस्वीर सामने आती है। वर्ष 2018 में ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने 26 स्वर्ण, 20 रजत और 20 कांस्य सहित कुल 66 पदक जीतकर तीसरा स्थान हासिल किया था। उस प्रतियोगिता में निशानेबाजी ने अकेले 16 पदक दिलाकर भारत की सफलता में सबसे बड़ी भूमिका निभाई थी। इसके अलावा मुक्केबाजी, भारोत्तोलन और कुश्ती में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया था। 2022 में इंग्लैंड के बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने 22 स्वर्ण, 16 रजत और 23 कांस्य सहित कुल 61 पदक जीतकर चौथा स्थान प्राप्त किया था। तब कुश्ती में भारत के सभी 12 पहलवानों ने पदक जीतकर इतिहास रचा था जबकि भारोत्तोलन और टेबल टेनिस में भी भारतीय खिलाड़ियों ने उल्लेखनीय सफलता अर्जित की थी। इन दोनों आयोजनों की तुलना में 2026 के ग्लासगो खेलों में भारत के कुल पदकों की संख्या घटकर 39 रह गई। पहली दृष्टि में यह गिरावट चिंताजनक लग सकती है किंतु यदि प्रतियोगिता के कार्यक्रम का विश्लेषण किया जाए तो स्पष्ट होता है कि भारत के अनेक पदक संभावित खेल इस बार आयोजित ही नहीं किए गए। इसलिए केवल पदकों की संख्या के आधार पर प्रदर्शन का मूल्यांकन करना उचित नहीं होगा। वास्तव में भारत ने उपलब्ध अवसरों का काफी प्रभावी उपयोग किया और जिन खेलों में उसने भाग लिया, उनमें उल्लेखनीय सफलता अर्जित की। इसे भी पढ़ें: Gujarat CM भूपेंद्र पटेल को सौंपा गया Commonwealth Games ध्वज, 2030 की तैयारियां शुरू इस बार भारतीय मुक्केबाजों ने राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास का सर्वश्रेष्ठ अभियान चलाया। भारत ने मुक्केबाजी में सात स्वर्ण और तीन रजत सहित कुल दस पदक जीतकर नया इतिहास रच दिया। महिला मुक्केबाजों ने विशेष रूप से प्रभावित किया। जैस्मीन लम्बोरिया, प्रिया घनघस, साक्षी चौधरी और प्रीति पवार जैसी युवा खिलाड़ियों ने यह संकेत दिया कि भारतीय महिला मुक्केबाजी का भविष्य अत्यंत उज्ज्वल है। ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन स्वर्ण से भले चूक गई लेकिन उनका अनुभव और प्रदर्शन भारतीय मुक्केबाजी की मजबूती का प्रमाण बना रहा। पुरुष वर्ग में भी सचिन सिवाच और अंकुश सहित अन्य मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत की पदक संख्या बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। यह सफलता दर्शाती है कि भारतीय मुक्केबाजी अब केवल कुछ खिलाड़ियों पर निर्भर नहीं रही बल्कि उसके पास प्रतिभाओं की व्यापक श्रृंखला तैयार हो चुकी है। भारोत्तोलन ने भी भारत की प्रतिष्ठा बनाए रखी। पिछले एक दशक में इस खेल में भारतीय खिलाड़ियों ने निरंतर प्रगति की है। ग्लासगो में भी उन्होंने अपने प्रदर्शन से यह साबित किया कि विश्व स्तर पर भारत अब एक मजबूत शक्ति बन चुका है। जूडो में भारतीय खिलाड़ियों ने अपेक्षा से बेहतर प्रदर्शन किया और कई महत्वपूर्ण पदक जीतकर यह संदेश दिया कि यह खेल भी भारत में तेजी से विकसित हो रहा है। हालांकि जूडो खिलाड़ी तूलिका मान का डोपिंग रोधी नियमों के अंतर्गत तीन बार ‘वेयरअबाउट्स’ संबंधी जानकारी देने में विफल रहने के कारण अस्थायी निलंबन और प्रतियोगिता से बाहर होना भारतीय दल के लिए एक बड़ा झटका था। यह घटना बताती है कि विश्वस्तरीय प्रतिस्पर्धा में केवल खेल कौशल ही नहीं, डोपिंग रोधी नियमों के प्रति पूर्ण जागरूकता और अनुशासन भी उतना ही आवश्यक है। एथलेटिक्स में भारत का प्रदर्शन इस बार विशेष चर्चा का विषय रहा। गुलवीर सिंह ने राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में नया अध्याय जोड़ते हुए 10,000 मीटर दौड़ में रजत और 5,000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। वे एक ही राष्ट्रमंडल खेल में ट्रैक एवं फील्ड स्पर्धाओं में दो पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने। इससे पहले भारत को इन लंबी दूरी की स्पर्धाओं में कभी पदक नहीं मिला था। यह उपलब्धि भारतीय एथलेटिक्स के बदलते स्वरूप और वैज्ञानिक प्रशिक्षण प्रणाली की सफलता का संकेत देती है। पैरा खेलों में भी भारत ने 3 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य सहित कुल सात पदक जीतकर नया इतिहास बनाया। यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह राष्ट्रमंडल खेलों के पैरा वर्ग में भारत के अब तक के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के बराबर है। यदि भारतीय दल के प्रदर्शन का गहन विश्लेषण किया जाए तो स्पष्ट होता है कि इस बार महिलाओं ने शानदार योगदान दिया। महिला खिलाड़ियों ने 8 स्वर्ण सहित कुल 16 पदक जीतकर भारतीय खेलों में बढ़ती महिला भागीदारी और उत्कृष्टता का परिचय दिया। दूसरी ओर पुरुष खिलाड़ियों ने कुल 23 पदक जीतकर संतुलित प्रदर्शन किया। फिर भी यह स्वीकार करना होगा कि 2026 का प्रदर्शन भारत के लिए संतोषजनक अवश्य है लेकिन ऐतिहासिक नहीं। वर्ष 2010 के नई दिल्ली राष्ट्रमंडल खेल आज भी भारत के स्वर्णिम अध्याय बने हुए हैं, जब भारत ने 38 स्वर्ण सहित कुल 101 पदक जीतकर ऑस्ट्रेलिया के बाद दूसरा स्थान प्राप्त किया था। घरेलू मैदान का लाभ अपनी जगह है लेकिन वह प्रदर्शन यह भी दर्शाता है कि यदि मजबूत खेल अवसंरचना, व्यापक खिलाड़ी आधार और सुव्यवस्थित तैयारी हो तो भारत शीर्ष देशों को कड़ी चुनौती देने की क्षमता रखता है। भारत की खेल यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष अब यह है कि देश अब कुछ चुनिंदा खेलों तक सीमित नहीं रह गया है। पहले भारत की अधिकांश सफलता निशानेबाजी, कुश्ती, बैडमिंटन और भारोत्तोलन तक सीमित रहती थी जबकि अब मुक्केबाजी, जूडो, एथलेटिक्स और पैरा खेलों में भी लगातार नए खिलाड़ी उभर रहे हैं। यह परिवर्तन भारत की खेल नीति, खेलो इंडिया जैसी योजनाओं, बेहतर प्रशिक्षण सुविधाओं, खेल विज्ञान, पोषण और खिलाड़ियों को मिलने वाले आर्थिक सहयोग का सकारात्मक परिणाम है। हालांकि अभी भी प्रतिभा पहचान, जमीनी स्तर पर कोचिंग, खेल चिकित्सा, मानसिक प्रशिक्षण और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के प्रतिस्पर्धी अनुभव को और मजबूत करने की आवश्यकता बनी हुई है। अब भारतीय खेल जगत की निगाहें वर्ष 2030 पर टिक गई हैं, जब राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी अहमदाबाद करेगा। यह केवल एक खेल आयोजन नहीं बल्कि भारत के लिए विश्व के सामने अपनी खेल क्षमता, आधुनिक अवसंरचना और संगठनात्मक दक्षता प्रदर्शित करने का सुनहरा अवसर होगा। ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों ने भारत को यह विश्वास अवश्य दिलाया है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हों, भारतीय खिलाड़ी हर मंच पर देश का गौरव बढ़ाने का सामर्थ्य रखते हैं। अब आवश्यकता इस बात की है कि इन उपलब्धियों को अंतिम लक्ष्य न मानकर उन्हें ओलंपिक और वैश्विक खेल महाशक्ति बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखा जाए। जिन खेलों में भारत विश्वस्तरीय शक्ति बन चुका है, उन्हें और सशक्त किया जाए तथा एथलेटिक्स, तैराकी, जिम्नास्टिक और अन्य ओलंपिक खेलों में भी दीर्घकालिक निवेश बढ़ाया जाए। यदि भारत अपनी खेल नीतियों में निरंतरता बनाए रखता है, खिलाड़ियों को वैज्ञानिक प्रशिक्षण, विश्वस्तरीय सुविधाएं और दीर्घकालिक समर्थन उपलब्ध कराता है तो वह दिन दूर नहीं, जब राष्ट्रमंडल ही नहीं, ओलंपिक और अन्य वैश्विक प्रतियोगिताओं में भी भारत पदक तालिका के शीर्ष देशों में नियमित रूप से दिखाई देगा। - योगेश कुमार गोयल (लेखक 36 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय वरिष्ठ पत्रकार और ‘सागर से अंतरिक्ष तक: भारत की रक्षा क्रांति’ सहित कई पुस्तकों के लेखक हैं)
मांजलपुर सीट पर बीजेपी का दबदबा बरकरार, देखें गुजरात आजतक
गुजरात के मांजलपुर विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी ने बड़ी और निर्णायक जीत दर्ज की है. बीजेपी उम्मीदवार सतेंद्रभाई पटेल ने कांग्रेस के भिखाभाई रबारी को 30 हजार 630 वोटों के बड़े अंतर से हराकर सीट बरकरार रखी. यह उपचुनाव बीजेपी के वरिष्ठ नेता और आठ बार के विधायक रहे योगेश पटेल के निधन के बाद हुआ था. कम मतदान के बावजूद बीजेपी ने अपने मजबूत जनाधार को कायम रखते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि मांजलपुर में उसका संगठन और सियासी पकड़ अब भी मजबूत है.
सनातन धर्म में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत करने, यात्रा पर निकलने या धार्मिक अनुष्ठान करने से पहले दैनिक पंचांग (Daily Panchang) देखना बेहद महत्वपूर्ण और कल्याणकारी माना जाता है। पंचांग के माध्यम से हमें दिन के सभी शुभ-अशुभ समय और ग्रहों की स्थिति की सटीक जानकारी मिलती है।दैनिक पंचांग के अनुसार, आज 11 जुलाई 2026, दिन शनिवार है। हिंदू कैलेंडर के मुताबिक आज आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि है। आज का दिन धार्मिक दृष्टिकोण से बहुत खास है, क्योंकि आज 'योगिनी एकादशी' (Yogini Ekadashi) व्रत का पारण (Vrat Parana) किया जा रहा है। साथ ही आज 'कृष्ण रामलक्ष्मण द्वादशी' भी पूरी श्रद्धा के साथ मनाई जा रही है।ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आज का दिन बेहद मंगलकारी रहने वाला है क्योंकि आज एक या दो नहीं, बल्कि एक साथ तीन सबसे शुभ योगों का महासंयोग बन रहा है। आज त्रिपुष्कर योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है, जिसमें किए गए कार्य निश्चित ही सफलता प्रदान करते हैं। आइए जानते हैं आज 11 जुलाई 2026 के सूर्योदय-सूर्यास्त के समय सहित दिनभर के सभी शुभ और अशुभ मुहूर्त की पूरी विस्तृत रिपोर्ट।आज का पंचांग विवरण (Panchang Details: 11 July 2026)तिथि (Tithi): द्वादशी – 12 जुलाई को सुबह 02:04 AM तक (इसके बाद त्रयोदशी तिथि प्रारंभ)पक्ष (Paksha): कृष्ण पक्ष (Krishna Paksha)वार (War): शनिवार (Saturday)नक्षत्र (Nakshatra): कृत्तिका नक्षत्र – सुबह 11:03 AM तक (इसके बाद रोहिणी नक्षत्र)योग (Yoga): गण्ड योग – 12 जुलाई को सुबह 12:05 AM तककरण (Karana): कौलव – दोपहर 03:45 PM तक, इसके बाद तैतिल करण – 12 जुलाई को सुबह 02:04 AM तकसूर्य और चंद्र गणना (Sun & Moon Timings)सूर्योदय का समय (Sunrise): 05:31 AMसूर्यास्त का समय (Sunset): 07:22 PMचंद्रोदय का समय (Moonrise): 12 जुलाई को सुबह 02:49 AMचंद्रास्त का समय (Moonset): दोपहर 04:21 PMहिंदू लूनर दिनांक व सम्वत (Hindu Calendar Samvat)शक सम्वत (Shaka Samvat): 1948 विश्वावसुविक्रम सम्वत (Vikram Samvat): 2083 कालयुक्तगुजराती सम्वत (Gujarati Samvat): 2082 पिङ्गलचन्द्रमास (Amanta/Purnimanta): आषाढ़ (पूर्णिमान्त) / ज्येष्ठ (अमान्त)आज का शुभ मुहूर्त (Aaj Ka Shubh Muhurat)आज के दिन त्रिपुष्कर, सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग के साथ कई अन्य महत्वपूर्ण शुभ मुहूर्त भी उपलब्ध हैं, जो इस प्रकार हैं:अभिजित मुहूर्त (Abhijit Muhurat): दोपहर 11:59 AM से दोपहर 12:54 PM तक (किसी भी नए कार्य को शुरू करने के लिए सर्वश्रेष्ठ समय)अमृत काल (Amrit Kaal): सुबह 08:52 AM से सुबह 10:19 AM तकविजय मुहूर्त (Vijay Muhurat): दोपहर 02:45 PM से दोपहर 03:40 PM तकगोधूलि मुहूर्त (Godhuli Muhurat): शाम 07:21 PM से शाम 07:41 PM तकब्रह्म मुहूर्त (Brahma Muhurat): सुबह 04:10 AM से सुबह 04:51 AM तकनिशिता मुहूर्त (Nishita Muhurat): 12 जुलाई की मध्यरात्रि 12:06 AM से 12:47 AM तकआज का अशुभ मुहूर्त और राहुकाल (Aaj Ka Ashubh Muhurat)शास्त्रों के अनुसार अशुभ समय या राहुकाल के दौरान किसी भी प्रकार के मांगलिक कार्य, मुंडन, गृह प्रवेश या नए व्यापार की शुरुआत करने से बचना चाहिए:राहुकाल (Rahukaal): सुबह 10:42 AM से दोपहर 12:26 PM तक (इस समय शुभ कार्यों को पूरी तरह टालें)यमगण्ड (Yamaganda): सुबह 08:59 AM से सुबह 10:43 AM तकगुलिक काल (Gulik Kaal): सुबह 05:31 AM से सुबह 07:15 AM तकदुर्मुहूर्त (Durmuhurirat): सुबह 06:26 AM से सुबह 07:22 AM तक, और दोबारा सुबह 08:17 AM से सुबह 09:12 AM तकशनिवार विशेष उपाय: आज शनिवार का दिन है और साथ ही तीन अत्यंत शुभ योग बने हुए हैं। ऐसे में राहुकाल को छोड़कर शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाने और शनि चालीसा का पाठ करने से शनि देव की विशेष कृपा प्राप्त होती है और कुंडली के साढ़ेसाती व ढैय्या के दोष दूर होते हैं।डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई पंचांग और पौराणिक जानकारियां पारंपरिक सामाजिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं। किसी भी विशेष पूजा, मुहूर्त या ज्योतिषीय उपाय को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के योग्य ज्योतिषी या पंचांग विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।
ललित सुरजन की कलम से - दिल्ली में गुजरात !
'यूं देखा जाए तो गुजराती भोजनालय भारत के कोने-कोने में मिल जाएंगे। देश में जो प्रमुख पर्यटन स्थल हैं, खासकर तीर्थस्थान, वहां गुजराती भोजनालय होना मानों अनिवार्य ही है।
Gujarat High Court ने आमिर खान के बेटे की पहली फिल्म महाराज की रिलीज पर लगी रोक हटाई
गुजरात उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को बॉलीवुड स्टार आमिर खान के बेटे जुनैद की पहली फिल्म महाराज की रिलीज पर लगी अंतरिम रोक हटाते हुए कहा कि फिल्म में कुछ भी अपमानजनक नहीं है और यह पुष्टिमार्ग संप्रदाय को निशाना नहीं बनाती है, जैसा कि याचिका में आरोप लगाया गया है। यह फिल्म 1862 के एक मानहानि मामले पर आधारित है, जिसमें वैष्णव धार्मिक नेता एवं समाज सुधारक करसनदास मुलजी शामिल थे। पुष्टिमार्ग संप्रदाय के कुछ सदस्यों ने नेटफ्लिक्स पर इस फिल्म की रिलीज के खिलाफ याचिका दायर की थी, जिसमें दावा किया गया था कि यह धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती है। न्यायमूर्ति संगीता विशेन ने 13 जून को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर फिल्म की रिलीज पर अंतरिम रोक लगा दी थी।न्यायाधीश ने शुक्रवार को अपने आदेश में कहा कि फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) द्वारा प्रमाणित किया गया है और यह उक्त संप्रदाय को निशाना नहीं बनाती है।
Gujarat HC ने Netflix को Maharaj रिलीज करने की अनुमति दी, कहा- इससे भावनाएं आहत नहीं होतीं
गुजरात उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को स्ट्रीमिंग दिग्गज नेटफ्लिक्स की फिल्म ‘महाराज’ की रिलीज पर लगी अपनी अस्थायी रोक हटा ली, जिसमें कहा गया कि फिल्म महाराज 1862 के महाराज मानहानि मामले से जुड़ी घटनाओं पर आधारित है और इसका उद्देश्य किसी समुदाय की भावनाओं को आहत करना नहीं है। न्यायमूर्ति संगीता के. विशेन, जिन्होंने 13 जून को फिल्म की रिलीज पर रोक लगाई थी, ने फिल्म देखने के बाद शुक्रवार को नेटफ्लिक्स को फिल्म स्ट्रीम करने की अनुमति देने का फैसला किया। इसे भी पढ़ें: Swara Bhasker के साथ कोई भी निर्माता-निर्देशक नहीं करना चाहता काम? एक्ट्रेस ने खुद किए चौंकाने वाले खुलासे अदालत ने कहा “यह अदालत प्रथम दृष्टया इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि फिल्म महाराज उन घटनाओं पर आधारित है, जिनके कारण मानहानि का मामला दायर किया गया और इसका उद्देश्य पुष्टिमार्गी समुदाय की भावनाओं को आहत करना नहीं है। फिल्म को संबंधित दिशा-निर्देशों पर विचार करने के बाद विशेषज्ञ निकाय केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड द्वारा प्रमाणित किया गया था… 13 जून को दी गई अंतरिम राहत रद्द कर दी गई है। मूल रूप से 14 तारीख को रिलीज होने वाली इस फिल्म को हाईकोर्ट ने नेटफ्लिक्स पर रोक लगा दी थी, क्योंकि व्यापारियों के एक समूह ने इस आधार पर कोर्ट में याचिका दायर की थी कि इसमें वैष्णव समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की क्षमता है। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | नमक-मिर्च लगाकर कच्ची केरी के चटकारे ले रहीं परिणीति चोपड़ा, मिर्जापुर 3 का जबरदस्त ट्रेलर रिलीज फिल्म महाराज गुजराती लेखक सौरभ शाह की 2013 की किताब पर आधारित है, जो 1862 के ऐतिहासिक मानहानि मामले पर आधारित है, जो एक प्रमुख वैष्णव व्यक्ति, जदुनाथजी द्वारा समाज सुधारक करसनदास मुलजी के खिलाफ दायर किया गया था, जिन्होंने सर्वशक्तिमान महाराज द्वारा यौन शोषण के खिलाफ लिखा था। मुलजी ने अपनी पत्रिका सत्यप्रकाश में शोषणकारी प्रथा का खुलासा किया, जिसके कारण मानहानि का मामला चला, जो प्रसिद्ध महाराज मानहानि मामला बन गया। न्यायमूर्ति विशन ने कहा कि याचिकाकर्ताओं की प्राथमिक शिकायत कि फिल्म वैष्णव समुदाय को बदनाम करती है, बदनाम करती है और उसका अपमान करती है, में कोई दम नहीं है। “इस प्रकार उनकी अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए बाध्य है कि याचिकाकर्ताओं की आशंका अनुमानों पर आधारित है। चूंकि फिल्म को अभी सार्वजनिक रूप से देखने के लिए जारी नहीं किया गया है, इसलिए केवल अनुमान के आधार पर संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (ए) के तहत प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित नहीं किया जा सकता है, अदालत ने कहा। उन्होंने खुली अदालत में आदेश सुनाते हुए कहा फिल्म का मुख्य संदेश, जैसा कि प्रतिवादी ने सही कहा है, यह है कि फिल्म सामाजिक बुराई और करसनदास मुलजी द्वारा सामाजिक सुधार के लिए लड़ाई पर केंद्रित है, जो स्वयं वैष्णव समुदाय से थे। उन्होंने कहा, फिल्म किसी भी तरह से धार्मिक भावनाओं को प्रभावित या आहत नहीं करती है। फिल्म यह निष्कर्ष निकालती है कि संप्रदाय किसी भी व्यक्ति या घटना से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। इस घटना को अपवाद मानते हुए वैष्णव संप्रदाय और उसके अनुयायी बढ़ते रहे और भारत के सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक ताने-बाने का गौरवपूर्ण और अभिन्न अंग बने रहे। यह आशंका जताई जा रही है कि इससे सांप्रदायिक विद्वेष पैदा होने की संभावना है। हालांकि, उसी मानहानि मामले के आधार पर 2013 में पुस्तक प्रकाशित हुई थी और किसी घटना की सूचना नहीं दी गई है। उन्होंने कहा, यहां तक कि याचिकाकर्ताओं ने भी यह दावा नहीं किया है कि पुस्तक से सांप्रदायिक विद्वेष पैदा हुआ है।
Chandu Champion: कपिल देव ने कार्तिक आर्यन की फिल्म के लिए लिखा दिल को छू लेने वाला नोट
पूर्व भारतीय क्रिकेटर कपिल देव ने इंस्टाग्राम पर कबीर खान के निर्देशन की प्रशंसा की और उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म ने उन्हें भावुक कर दिया। कपिल देव ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्टर शेयर किया और एक लंबा नोट लिखा, चंदू चैंपियन! निश्चित रूप से एक ऐसी फिल्म जिसे आप मिस नहीं कर सकते। मुझे खेल फिल्में देखना और उनकी सराहना करना वाकई पसंद है। लेकिन यह सिर्फ एक खेल फिल्म होने से कहीं बढ़कर है। यह इससे कहीं बढ़कर है। इसे देखते हुए मैं हंसा, रोया, गर्व महसूस किया और फिर से रोया। @kabirkhankk को सलाम। आपने फिर से कमाल कर दिया। इसे भी पढ़ें: Shraddha Kapoor In love | श्रद्धा कपूर ने राहुल मोदी के साथ अपने रिश्ते को किया कंफर्म, शेयर की क्यूट तस्वीर और इमोशनल पोस्ट उन्होंने आगे लिखा, एक और शानदार फिल्म बनाई। @kartikaaryan ने क्या शानदार अभिनय किया, आपका प्रयास और प्रतिभा चमक रही है। पूरी कास्ट और क्रू को बधाई और हमें यह फिल्म देखने के लिए देने के लिए धन्यवाद। आप सभी चैंपियन हैं! एक और शानदार फिल्म बनाई। @kartikaaryan ने क्या कमाल का अभिनय किया है, आपकी मेहनत और प्रतिभा जगमगा रही है। पूरी कास्ट और क्रू को बधाई और हमें यह फिल्म देखने के लिए देने के लिए आपका धन्यवाद। आप सभी चैंपियन हैं! इसे भी पढ़ें: Gujarat High Court ने फिल्म महाराज की ओटीटी रिलीज पर रोक एक दिन के लिए बढ़ाई कार्तिक और कबीर की फिल्म 'चंदू चैंपियन' 14 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। Sacnilk की एक रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है और अब तक कुल कलेक्शन 29.75 करोड़ रुपये हो चुका है। इसमें कार्तिक मुरलीकांत पेटकर की भूमिका में नजर आ रहे हैं। यह फिल्म एक ऐसे एथलीट की असाधारण कहानी पर आधारित है जिसने कभी हार नहीं मानी। View this post on Instagram A post shared by Kapil Dev (@therealkapildev)
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