47 साल पुराना नर्मदा जल विवाद खत्म! राजस्थान सरकार गुजरात को देगी ₹550 करोड़
राजस्थान और गुजरात के बीच पिछले करीब पांच दशकों से चला आ रहा नर्मदा नदी के पानी और बिजली से जुड़ा बड़ा विवाद आखिरकार पूरी तरह से सुलझ गया है। 47 साल पुराने इस जटिल कानूनी और प्रशासनिक गतिरोध के खत्म होने से मरुधरा, विशेषकर पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती जिलों के लिए विकास के नए द्वार खुल गए हैं। दोनों राज्यों के बीच बनी इस ऐतिहासिक सहमति के तहत राजस्थान सरकार गुजरात को ₹550 करोड़ रुपये का भुगतान करेगी। इस बड़े फैसले के बाद जालोर और बाड़मेर जिले के लाखों किसानों और आम जनता के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई है।आखिर क्या था 47 साल पुराना यह नर्मदा नदी विवाद?इस विवाद की शुरुआत दशकों पहले नर्मदा जल विवाद न्यायाधिकरण (NWDT) के फैसलों और उसके बाद नहर निर्माण की लागत व बिजली उत्पादन के हिस्सेदारी को लेकर हुई थी। राजस्थान को नर्मदा मुख्य नहर से अपने हिस्से का पानी तो मिल रहा था, लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर की लागत, रखरखाव और गुजरात द्वारा किए गए दावों के वित्तीय सेटलमेंट को लेकर दोनों राज्यों के बीच सहमति नहीं बन पा रही थी। यह मामला लंबे समय से फाइलों और बैठकों में अटका हुआ था, जिसके कारण कई तकनीकी काम और पानी की सुचारू आपूर्ति प्रभावित हो रही थी।जालोर और बाड़मेर के रेगिस्तानी इलाकों को कैसे मिलेगा बड़ा फायदा?इस विवाद के हमेशा के लिए खत्म होने का सबसे सीधा और बड़ा फायदा पश्चिमी राजस्थान के जालोर और बाड़मेर जिलों को मिलने जा रहा है। इन दोनों ही जिलों के सैकड़ों गांवों की प्यास बुझाने और हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई के लिए नर्मदा नहर ही एकमात्र सबसे बड़ा सहारा है। अब विवाद सुलझने के बाद नहर की क्षमता बढ़ाने, सिल्ट सफाई और टेल एंड (आखिरी छोर) तक पानी पहुंचाने के प्रोजेक्ट्स बिना किसी बाधा के पूरे हो सकेंगे। इससे क्षेत्र में ड्रिप इरिगेशन (बूंद-बूंद सिंचाई) को बढ़ावा मिलेगा और रबी व खरीफ की फसलों का उत्पादन कई गुना बढ़ जाएगा।₹550 करोड़ के भुगतान के साथ ऐतिहासिक समझौते पर लगी मुहरदोनों राज्यों के शीर्ष अधिकारियों और सरकारों के बीच हुई उच्च स्तरीय वार्ताओं के बाद इस सेटलमेंट पर अंतिम मुहर लगी है। तय समझौते के अनुसार, राजस्थान सरकार गुजरात को बकाया और इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरिंग के रूप में ₹550 करोड़ रुपये अदा करने के लिए राजी हो गई है। राजनीतिक और प्रशासनिक पंडितों का मानना है कि यह फैसला न केवल दो राज्यों के बीच बेहतर अंतःराज्यीय संबंधों की मिसाल है, बल्कि यह देश के विकास में वाटर मैनेजमेंट और जनहित को सर्वोपरि रखने का एक बेहतरीन उदाहरण भी है।
नर्मदा अवार्ड लाभार्थी वाले राज्यों महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश में 47 साल से चल रहा भुगतान का विवाद समाप्त हो गया है। नई दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में मंगलवार को राजस्थान सहित 4 राज्यों में वन-टाइम सेटलमेंट पर समझौता हो गया। समझौते से नर्मदा नदी के जल के बेहतर उपयोग हो पाएगा। वहीं अब नर्मदा से जुड़े कार्यों को गति मिलेगी। इस समझौते के बाद पश्चिमी राजस्थान के वंचित क्षेत्र को पेयजल मिल सकेगा। केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल की उपस्थिति में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सरदार सरोवर परियोजना से जुड़े इस फैसले से जालौर और बाड़मेर सहित राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों के किसानों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा तथा प्रदेश की जल सुरक्षा को भी नई मजबूती मिलेगी। किस राज्य का क्या दावा था?
नर्मदा जल विवाद:मप्र का 7669 करोड़ का दावा खारिज अब हम गुजरात को देंगे 550 करोड़
नर्मदा नदी पर बनी सरदार सरोवर परियोजना को लेकर पिछले तीन दशकों से मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान के बीच चल रहा वित्तीय लेन-देन का विवाद अब समाप्त हो गया है। इस बांध में मप्र के हिस्से की 55 फीसदी जमीन डूबी है, जिसके बदले में मप्र ने गुजरात पर 7669 करोड़ रुपए के मुआवजे का दावा ठोका था, लेकिन अब मप्र गुजरात से यह राशि लेने के बजाय डेम की बढ़ी हुई लागत के गुजरात के क्लेम को मानते हुए उसे 550 करोड़ रुपए का भुगतान करेगा। केंद्र की मध्यस्थता में मंगलवार को दिल्ली में चारों राज्यों ने वन टाइम सेटलमेंट कर लिया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की मौजूदगी में मप्र के मुख्यमंत्री मोहन यादव, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने हस्ताक्षर किए। समझौते के तहत मप्र समेत तीनों भागीदार राज्य गुजरात को 550-550 करोड़, यानी कुल 1,650 करोड़ देने पर सहमत हुए हैं। विवाद कैसे शुरू हुआ?सरदार सरोवर बांध का मुख्य निर्माण गुजरात ने कराया। लेकिन डेम में सबसे ज्यादा जमीन मप्र की डूबी। इसमें जंगल से लेकर खेती की जमीन और 178 गांव भी शामिल थे। गुजरात बढ़ी हुई लागत की राशि मप्र से मांगता रहा, जबकि मप्र पहले जमीन के मुआवजे की राशि मांगता रहा। इस कारण विवाद लगभग 30 वर्षों तक विवाद चलता रहा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में मप्र, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान के बीच वन टाइम सेटलमेंट किस राज्य का क्या दावा था? डूब में आने वाले सबसे ज्यादा जमीन और गांव मप्र के ही सरदार सरोवर डेम का कंट्रोल गुजरात सरकार के पास है, सबसे बड़ा लाभार्थी भी गुजरात है। जबकि डेम में डूबी कुल 37,533 हेक्टेयर जमीन में 55.5 फीसदी मप्र की है। 2014 में बांध की ऊंचाई 58 मीटर तक बढ़ाने के निर्णय से मप्र की अतिरिक्त 5,000 हेक्टेयर से ज्यादा अतिरिक्त जमीन जलमग्न हो गई थी। डूब प्रभावित गांवों की संख्या 178 से बढ़कर 192 हो गई। लिहाजा मप्र ने 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून और बाजार भाव के आधार पर 7,669 करोड़ का संशोधित दावा किया। वहीं इसके उलट गुजरात 2001 की पुरानी दरों के आधार पर केवल 281 करोड़ रुपए देने पर अड़ा था। चारों राज्यों की आपसी सहमति से विवाद का समाधानप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में गृह मंत्री अमित शाह ने चारों राज्यों को साथ लेकर आपसी सहमति से इस विवाद का समाधान कराया है। इससे राज्यों के बीच जल परियोजनाओं पर सहयोग का नया अध्याय शुरू होगा। -सीआर पाटिल, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री
होर्मुज में जहाजों पर फिर हमला: कतर से गुजरात आ रहे रहे LNG टैंकर पर ड्रोन अटैक
पश्चिम एशिया (Middle East) में शांति और कूटनीतिक सुलह की कोशिशों को मंगलवार तड़के उस समय बहुत बड़ा झटका लगा, जब दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री व्यापारिक मार्ग 'होर्मुज स्ट्रेट' (Strait of Hormuz) में तीन कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाकर भीषण ड्रोन और मिसाइल हमले किए गए। इस हमले की सबसे डरावनी बात यह है कि निशाना बने जहाजों में से एक तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) से लदा कतर का विशाल टैंकर 'अल रेकयात' है, जो सीधे भारत के गुजरात तट की ओर आ रहा था। इस हाई-रिस्क एलएनजी टैंकर पर चार भारतीय चालक दल (Crew Members) के सदस्य भी सवार थे, जिनकी जान इस हमले के दौरान बाल-बाल बची है।अंतरराष्ट्रीय शिपिंग इंटेलिजेंस और ब्रिटिश नौसेना के सूत्रों के अनुसार, कतर का यह गैस टैंकर हमले के बाद बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। गैस रिसाव और मलबे के कारण जहाज के भीतर भारी विस्फोट होने का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। इसी क्षेत्र में सऊदी अरब का एक कच्चे तेल से लदा सुपर टैंकर 'वेडयान' भी इस जलप्रलय की चपेट में आकर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुआ है।ओमान के तट पर कतर के 'अल रेकयात' ने मांगी मदद: इंजन रूम में लगी भीषण आगरॉयटर्स (Reuters) की एक खोजी रिपोर्ट के मुताबिक, यह समुद्री हमला ओमान के रणनीतिक तटीय इलाके लिमाह के समीप मंगलवार तड़के अंजाम दिया गया। गैस से लदे 'अल रेकयात' टैंकर पर जब आसमान से एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल या आत्मघाती ड्रोन आकर गिरा, तो जोरदार धमाके के साथ जहाज के मुख्य इंजन रूम में भीषण आग लग गई।खतरे की भयावहता को देखते हुए कैप्टन ने तुरंत अंतरराष्ट्रीय समुद्र में आपातकालीन डिस्ट्रेस सिग्नल भेजकर मदद की गुहार लगाई। राहत की बात यह रही कि आपातकालीन दस्तों ने समय रहते आग पर काबू पा लिया, जिससे जहाज पर मौजूद चारों भारतीय नागरिकों सहित पूरा चालक दल पूरी तरह सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि, जहाज की तकनीकी प्रणाली को भारी नुकसान पहुंचने की पुष्टि हुई है।कतर और अमेरिका का ईरान पर सीधा शक: रिवोल्यूशनरी गार्ड की मिसाइल एक्टिविटी पर उठे सवालइस अप्रत्याशित और हिंसक हमले के तुरंत बाद कतर सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए इसके लिए सीधे तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, वैश्विक स्तर पर अभी तक किसी भी विद्रोही संगठन या देश ने आधिकारिक रूप से इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन जांच के तार सीधे तेहरान से जुड़ रहे हैं।अमेरिकी रक्षा विभाग के एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने दावा किया है कि कल देर रात ईरान की कुख्यात 'रिवोल्यूशनरी गार्ड' (IRGC) कोर ने होर्मुज जलमार्ग के बेहद करीब कई गुप्त बैलिस्टिक मिसाइलें और लंबी दूरी के ड्रोन दागे थे। भू-राजनीतिक विश्लेषक इस बात से हैरान हैं कि यह इतिहास में पहली बार हुआ है जब ईरान ने वाशिंगटन और तेहरान के बीच परमाणु व कूटनीतिक वार्ताओं में मुख्य मध्यस्थ (Mediator) की भूमिका निभाने वाले देश कतर के ही वाणिज्यिक जहाज को निशाना बनाया है।यूकेएमटीओ की पुष्टि: तीन जहाजों पर एक साथ हुआ प्रोजेक्टाइल हमलाब्रिटिश सेना के नियंत्रण वाले 'यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स' (UKMTO) सेंटर ने इस समुद्री आतंकी घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मंगलवार तड़के होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे कुल तीन वाणिज्यिक जहाजों पर एक सोची-समझी रणनीति के तहत हमला किया गया था।पहले जहाज को ओमान के लिमाह के पास एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल से उड़ाने की कोशिश की गई, जबकि बाकी के दो जहाजों पर अत्याधुनिक लड़ाकू ड्रोनों के जरिए क्लस्टर बम गिराए गए। यूकेएमटीओ ने स्पष्ट किया है कि इन हमलों में वैश्विक ऊर्जा सप्लाई चेन (Global Energy Supply Chain) को अस्थिर करने का बड़ा प्रयास किया गया है, लेकिन किसी भी नाविक के हताहत होने या बंदी बनाए जाने की खबर नहीं है।खामेनेई की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब: कोम की सड़कों पर लगे 'किल ट्रंप' के नारेयह भीषण समुद्री हमला ठीक उसी समय हुआ है जब पूरे ईरान में देश के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा निकाली जा रही है। न्यूयॉर्क टाइम्स (NYT) की रिपोर्ट के अनुसार, शिया धार्मिक शिक्षा के सबसे बड़े केंद्र कोम (Qom) शहर में मंगलवार को लाखों की तादाद में काले कपड़ों में लिपटे शोक संतप्त लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।खामेनेई के राष्ट्रीय ध्वज में लिपटे ताबूत को एक विशेष सैन्य वाहन पर रखकर निकाला गया। इस दौरान पूरे शहर में अमेरिका और इजरायल के खिलाफ बेहद आक्रामक और हिंसक नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों के हाथों में बड़े-बड़े बैनर और पोस्टर दिखाई दिए, जिन पर अंग्रेजी और फारसी भाषा में सीधे तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति को लक्षित करते हुए 'किल ट्रंप' (Kill Trump) के नारे लिखे हुए थे।आपको बता दें कि पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत इसी साल 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए एक बेहद गोपनीय और विनाशकारी हवाई हमले में हो गई थी। सुरक्षा कारणों और देश के आंतरिक हालातों के चलते उनकी मृत्यु के ठीक चार महीने बाद अब जाकर उनके अंतिम संस्कार की रस्में पूरी की जा रही हैं। शुक्रवार से शुरू हुआ यह शोक कार्यक्रम आगामी 9 जुलाई को मशहद शहर में स्थित पवित्र इमाम रजा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक (दफन) करने के साथ संपन्न होगा, जिसने पूरे मध्य पूर्व में युद्ध की चिंगारी को एक बार फिर भड़का दिया है।
सूरत में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। सरथाणा इलाके में स्थित आदर्श निर्वासित स्कूल में पानी भर जाने के कारण वहां ३७ बच्चे और स्कूल का स्टाफ फंस गया था, जिन्हें सूरत पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए सुरक्षित ...
अहमदाबाद 2008 सीरियल ब्लास्ट केस, गुजरात हाईकोर्ट ने 38 दोषियों की फांसी की सजा रखी बरकरार
वर्ष 2008 के अहमदाबाद सीरियल बम ब्लास्ट मामले में गुजरात हाईकोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने निचली अदालत (ट्रायल कोर्ट) के फैसले को पूरी तरह मान्य रखते हुए 38 दोषियों को सुनाई गई फांसी की सजा और 11 दोषियों को दी गई उम्रकैद की सजा को ...
गुना शहर के कैंट थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाली साईं सिटी कॉलोनी मालपुर रोड में कक्षा 12वीं के छात्र की हत्या के आरोपी को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने मामूली विवाद में चाकू मारकर छात्र की हत्या कर दी थी। पुलिस ने उसे गुजरात से गिरफ्तार कर लिया। बता दें कि मामला 29 जून का है। वारदात रात करीब 7:30-8 बजे राजा की चक्की के पास हुई। मालपुर रोड निवासी फरियादी विकास रजक (19) ने पुलिस को बताया था कि उसका छोटा भाई मोहित रजक अपने दोस्तों बलराम जाटव और शिवजीत शर्मा के साथ शिवजीत की बाइक से घूमने निकला था। रात को जब तीनों दोस्त राजा की चक्की के पास पहुंचे, तो मोहित बाइक चालू करके उसका एक्सीलेटर तेज-तेज दबाने लगा। इसी दौरान वहां पड़ोस में ही रहने वाला रामजीलाल रजक अपनी टैक्सी लेकर आया। उसने वहां बाइक खड़ी करने और एक्सीलेटर मारने पर कड़ी आपत्ति जताई। जब मोहित ने वहां से जाने से मना किया, तो रामजीलाल आपा खो बैठा और उसे मां-बहन की अश्लील गालियां देने लगा। बीच-बचाव करने पहुंचे भाई के सामने ही मार डालागाली गलौज बढ़ती देख वहां मौजूद बड़ा भाई विकास रजक बीच-बचाव करने के लिए आगे बढ़ा ही था कि इतने में आरोपी रामजीलाल दौडक़र अपनी टैक्सी के पास गया। वह टैक्सी के भीतर से एक बड़ा और धारदार चाकू निकालकर लाया और सीधे मोहित के सीने के निचले हिस्से में पूरी ताकत से घोंप दिया। चाकू लगते ही खून का फव्वारा फूट पड़ा और मोहित चीखते हुए जमीन पर गिर गया। वारदात को अंजाम देकर आरोपी रामजीलाल मौके से भाग निकला। डॉक्टरों ने घोषित किया मृत, पुलिस जांच में जुटीलहूलुहान हालत में विकास, शिवजीत शर्मा, बलराम जाटव और मोहल्ले के गौर्य शर्मा ने तुरंत मोहित को संभाला और इलाज के लिए तत्काल जिला अस्पताल गुना लेकर भागे। लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी; अस्पताल लाते ही डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद मोहित को मृत घोषित कर दिया। घटना की चश्मदीद गवाही के आधार पर कैंट थाना पुलिस ने आरोपी रामजीलाल रजक के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। गुजरात से पकड़ाया आरोपीकैंट पुलिस आरोपी की तलाश में लगी हुई थी। पुलिस ने उसका मोबाइल भी सर्विलांस पर डाला हुआ था। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी गुजरात में है। सूचना मिलने पर कैंट पुलिस की एक टीम गुजरात के आणंद जिले पहुंची और वहां से आरोपी रामजीलाल रजक को गिरफ्तार कर लिया। SP हितिका वासल ने बताया कि साईं सिटी कॉलोनी में एक घटना हुई थी। मृतक 19 साल का था। मामले को गंभीरता से लेकर पुलिस ने प्रकरण पंजीबद्ध किया। साथ ही आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। बहुत ही छोटी से बात पर मर्डर किया गया था। मृतक अपनी बाइक का एक्सीलरेटर दबा रहा था, जिससे थोड़ी आवाज हो रही थी। उसी बात पर आरोपी ने उसके साथ विवाद किया और चाकू मार दिया था।
गुजरात एटीएस ने हाल ही में मध्यप्रदेश और गुजरात से आतंकवादियों को गिरफ्तार करने की बड़ी कार्रवाई की। इस अभियान के तहत, मध्य प्रदेश के देवास स्थित वारसी नगर से संदिग्ध बिलाल दुर्रानी मोहम्मद को भी टीम ने हिरासत में लिया। बिलाल के बड़े भाई जकारिया दुर्रानी मोहम्मद को गुजरात से गिरफ्तार किया गया, जो कई सालों से वहीं रह रहा था। बिलाल दुर्रानी मोहम्मद की गिरफ्तारी के बाद, उसका परिवार देवास से गुजरात चला गया है। वारसी नगर स्थित उनके घर पर अब ताला लगा है और इलाके में सन्नाटा पसरा है। आसपास के लोग इस मामले पर ज्यादा कुछ कहने से बच रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, बिलाल अपने भाई जकारिया दुर्रानी मोहम्मद से गुजराती में बात करता था। मोहल्ले में उसका लोगों से ज्यादा मेलजोल नहीं था और वह कम ही बात करता था। बिलाल सुबह अपने टाइल्स के काम पर जाता था। त्योहारों पर गुजरात जाता थाबताया जाता है कि उसका परिवार कई साल पहले गुजरात से देवास आया था और त्योहारों पर गुजरात जाता था। आतंकी कनेक्शन सामने आने के बाद अब लोग बिलाल के बारे में खुलकर बात करने से कतरा रहे हैं। हालांकि, कई लोगों को अभी भी यकीन नहीं हो रहा है कि बिलाल का इस तरह की संदिग्ध और आतंकी गतिविधियों से जुड़ाव हो सकता है। उनका कहना है कि जब पुलिस आई तो पूरा मोहल्ला इकट्ठा हो गया था। घटना के दिन भी बिलाल किसी इलाके में टाइल्स का काम करने गया था और काम से लौटने पर टीम ने उससे पूछताछ कर हिरासत में ले लिया।
जालोर के पुराना बस स्टैंड के पास शनिवार रात एक ग्रेनाइट स्लरी से भरे ट्रक ने बाइक सवार दो युवकों को टक्कर मार दी। हादसे में दोनों युवक गंभीर घायल हो गए। एक युवक का पैर ट्रक के टायर के नीचे आने से बुरी तरह कुचल गया। दोनों घायलों को जालोर के राजकीय हॉस्पिटल पहुंचाया गया। इनमें एक को अहमदाबाद रेफर किया गया, जबकि दूसरे का इलाज जालोर के निजी हॉस्पिटल में चल रहा है। पुलिस ने ट्रक और उसके ड्राइवर को पकड़ लिया है और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सामने से आ रहे ट्रक ने मारी टक्कर जानकारी के अनुसार शनिवार रात करीब 8:30 बजे हरिदेव जोशी सर्कल की तरफ से जीतू पुत्र तगाराम माली और जीतू पुत्र भीमाराम माली बाइक पर दुकान जा रहे थे। इसी दौरान पुराना बस स्टैंड के पास आपेश्वर डेयरी के सामने, हॉस्पिटल चौराहा की तरफ से आ रहे ग्रेनाइट स्लरी से भरे ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। एक युवक का पैर टायर के नीचे आया टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों युवक सड़क पर गिर गए। हादसे में जीतू पुत्र तगाराम माली का एक पैर ट्रक के टायर के नीचे आ गया, जिससे उसका पैर बुरी तरह फट गया और उसके टुकड़े हो गए। एक घायल अहमदाबाद रेफर, दूसरे का निजी हॉस्पिटल में इलाज हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने एम्बुलेंस बुलाकर दोनों घायलों को जालोर के राजकीय हॉस्पिटल पहुंचाया। डॉक्टरों ने जीतू पुत्र तगाराम माली की हालत गंभीर होने पर प्राथमिक इलाज के बाद उसे गुजरात के अहमदाबाद रेफर कर दिया, जहां उसका इलाज चल रहा है। वहीं जीतू पुत्र भीमाराम माली का जालोर के एक निजी हॉस्पिटल में इलाज जारी है। पुलिस ने ट्रक और ड्राइवर को पकड़ा घटना की सूचना मिलते ही जालोर कोतवाली थाने के एएसआई रामुराम, पोपटलाल और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने ट्रक और बाइक को अपने कब्जे में ले लिया। ट्रक ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया है। पीड़ित पक्ष की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। हादसे की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में लोग राजकीय हॉस्पिटल पहुंच गए। घायलों के परिजन और परिचित भी वहां मौजूद रहे।।
पाली में सड़क हादसे में गुजरात के एक मार्बल व्यवसायी और उनके ड्राइवर की मौत हो गई। जयपुर से कच्छ लौटते समय उनकी कार पीछे से आए ट्रॉले की टक्कर के बाद आगे चल रहे ट्रॉले में जा घुसी और दो ट्रॉले के बीच बुरी तरह फंस गई। हादसा इतना भीषण था कि कार के परखच्चे उड़ गए और दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा शनिवार रात सांडेराव थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे पर स्थित ढोला ब्रिज के पास हुआ। पहले देखें… हादसे से जुड़ी तस्वीरें पीछे से ट्रॉले ने मारी टक्कर, आगे वाले ट्रॉले में घुसी कारसांडेराव थाना प्रभारी श्यामराज सिंह ने बताया - गुजरात के कच्छ निवासी मार्बल व्यवसायी डिम्पल कुमार जैन (49) और आबूरोड के मावल निवासी उनके ड्राइवर जेताराम (24) के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मार्बल व्यवसायी किसी काम से जयपुर गए थे। शनिवार रात वे अपने ड्राइवर के साथ कार से वापस कच्छ लौट रहे थे। इसी दौरान ढोला ब्रिज के पास पीछे से आ रहे एक ट्रॉले ने उनकी कार को टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही कार आगे चल रहे दूसरे ट्रॉले से जा टकराई और दोनों ट्रोलों के बीच फंस गई। हादसा इतना भीषण था कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। कार में फंसे शवों को निकालने में करनी पड़ी मशक्कतहादसे के बाद कार बुरी तरह पिचक गई थी, जिससे दोनों के शव उसमें ही फंस गए। पुलिस और स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद शवों को बाहर निकाला। इसके बाद दोनों शवों को सांडेराव अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया और परिजनों को सूचना दी गई। हादसे के बाद हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क किनारे हटवाकर यातायात सुचारू कराया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
गुजरात के वलसाड में ट्रेन से कटकर हुई बेटी की संदिग्ध मौत के बाद उसकी बुजुर्ग मां शनिवार को करीब एक हजार किलोमीटर का सफर तय कर अस्थियां लेकर जबलपुर पहुंची। मां ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत देकर आरोप लगाया कि उसकी बेटी की मौत हादसा नहीं, बल्कि हत्या है। उसने दामाद पर बेटी को ट्रेन के सामने धक्का देने, अस्थियां छीनने की कोशिश करने और दोनों बच्चों को जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए। जबलपुर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए गुजरात पुलिस से संपर्क कर जांच में सहयोग का भरोसा दिया है। 2014 में प्रेम विवाह, गुजरात जाकर शुरू किया नया जीवन जबलपुर जिले के ग्राम पौड़ा निवासी पिंकी नामदेव की मुलाकात कटनी जिले के बहोरीबंद निवासी महेंद्र नामदेव से हुई थी। दोनों एक ही समाज से थे और परिवार की सहमति से वर्ष 2014 में उनका विवाह हुआ। शादी के बाद दोनों सिलाई का काम करते थे। वर्ष 2018 में बेहतर रोजगार की तलाश में दोनों गुजरात के वलसाड चले गए, जहां एक कंपनी में नौकरी करने लगे। कुछ समय तक सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन बाद में महेंद्र शराब का आदी हो गया। शराब की लत बढ़ने के साथ वह पत्नी और बच्चों के साथ मारपीट करने लगा। परिवार में बेटा कान्हा (10 वर्ष) और बेटी अवनि (8 वर्ष) हैं। बच्चों के साथ मायके लौट आई थी पिंकी पिंकी की मां लक्ष्मी नामदेव के अनुसार, 5 जून 2026 को महेंद्र ने दोनों बच्चों के सामने पिंकी के साथ बेरहमी से मारपीट की। इससे आहत होकर वह बच्चों को लेकर जबलपुर स्थित अपने मायके आ गई। उसने मां को बताया कि पति रोज शराब पीकर मारपीट करता है और अब उसके साथ रहना संभव नहीं है। करीब 15 दिन बाद महेंद्र पत्नी को मनाने जबलपुर पहुंचा और माफी मांगकर साथ चलने की बात कही, लेकिन पिंकी तैयार नहीं हुई। इसी बीच बच्चों का गुजरात के नवोदय स्कूल में प्रवेश हो चुका था। स्कूल से लगातार बुलावा आने पर पिंकी बच्चों और मां के साथ दोबारा वलसाड पहुंची, लेकिन पति से अलग किराये के मकान में रहने लगी। कंपनी गेट से घसीटकर रेलवे ट्रैक तक ले जाने का आरोप मां का आरोप है कि 30 जून 2026 की शाम करीब सात बजे पिंकी जब ड्यूटी खत्म कर कंपनी से बाहर निकली, तभी महेंद्र वहां पहुंच गया। उसने कंपनी के गेट पर ही उसके साथ मारपीट की और जबरन रेलवे ट्रैक की ओर ले गया। आरोप है कि वहां उसने पिंकी को ट्रेन के सामने धक्का दे दिया। परिवार का कहना है कि यह आत्महत्या नहीं हो सकती, क्योंकि शव के अलग-अलग हिस्से रेलवे ट्रैक पर दूर-दूर मिले थे। रातभर तलाश, सुबह मिली मौत की खबर लक्ष्मी नामदेव ने बताया कि देर रात तक पिंकी घर नहीं लौटी तो उन्होंने कंपनी और परिचितों से संपर्क किया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। उन्होंने महेंद्र को फोन किया तो उसने अनभिज्ञता जताई और मोबाइल बंद कर लिया। अगली सुबह महेंद्र ने ही फोन कर बताया कि पिंकी का शव रेलवे ट्रैक पर पड़ा है। सूचना मिलते ही लक्ष्मी मौके पर पहुंचीं और बेटी की पहचान की। वासी टाउन पुलिस ने मर्ग कायम कर शव परिजनों को सौंप दिया। 2 जुलाई को वलसाड में अंतिम संस्कार किया गया। अस्थियां लेकर पहुंची जबलपुर, पुलिस से मांगी सुरक्षा 4 जुलाई को लक्ष्मी नामदेव बेटी की अस्थियां और दोनों बच्चों को लेकर जबलपुर पहुंचीं। उन्हें आशंका थी कि महेंद्र और उसके परिजन अस्थियां छीन सकते हैं। स्टेशन से सीधे वह एसपी कार्यालय पहुंचीं और पूरी घटना की शिकायत दर्ज कराई। शाम को उन्होंने नर्मदा के खारी घाट पर अपने पोते कान्हा के हाथों पिंकी की अस्थियों का विसर्जन कराया। पुलिस ने शुरू की जांच जबलपुर पुलिस का कहना है कि शिकायत प्राप्त होने के बाद गुजरात पुलिस से संपर्क किया जा रहा है। उपलब्ध तथ्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच की जाएगी। यदि जांच में हत्या या अन्य अपराध के साक्ष्य मिलते हैं तो संबंधित आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
रेफर घोटाला:रोगियों की सौदेबाजी , एक मरीज को गुजरात भेजने का कमीशन 40 से 50 हजार
जिला अस्पताल में मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाला एक बड़ा रेफर स्कैंडल सामने आया है। अस्पताल में गंभीर हालत में आने वाले मरीजों को जोधपुर रेफर करने के बजाय पैरामेडिकल स्टाफ, दलालों और निजी एंबुलेंस चालकों की मिलीभगत से धोखे से गुजरात के पालनपुर स्थित निजी अस्पतालों में भेजा जा रहा है। इस कमीशनखोरी के खेल में प्रति मरीज 40 से 50 हजार रुपए तय हैं। हद तो तब हो गई जब अस्पताल के सरकारी रेफर कार्ड मुख्य द्वार के पास स्थित चाय की थड़ियों से बरामद हुए। जिला अस्पताल से रोज 10 से 12 मरीज रेफर किए जाते हैं। अस्पताल अधीक्षक को मिली शिकायत के बाद गठित टीम ने मौके से 10-12 रेफर कार्ड जब्त किए, जिन्हें संविदाकर्मी नर्सिंग स्टाफ रामलाल द्वारा वहां छिपाकर रखा गया था। इस खुलासे ने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक्सीडेंट की सूचना मिलते ही सक्रिय होते हैं लपके आमतौर पर फील्ड स्टाफ 108 एंबुलेंस के माध्यम से हादसे की सूचना जिला अस्पताल भेजते हैं ताकि डॉक्टर तैयार रहें। लेकिन इस सूचना का इस्तेमाल दलाल कर रहे हैं। मरीज के अस्पताल पहुंचने से पहले ही निजी एंबुलेंस इमरजेंसी के बाहर खड़ी हो जाती हैं। जैसे ही डॉक्टर गंभीर हालत देखते हुए जोधपुर के लिए रेफर कार्ड बनाता है, नर्सिंग स्टाफ और दलाल परिजनों को यह कहकर गुमराह करते हैं कि जोधपुर में इलाज में देरी होगी। कमीशन के चक्कर में उन्हें सीधे पालनपुर के महंगे निजी अस्पतालों की तरफ मोड़ दिया जाता है। केस 1: गुजरात ले जाकर ऐंठे सवा लाख शास्त्रीनगर निवासी मांगीलाल (35) 13 अप्रैल को गंभीर घायल हुआ था। परिजन जिला अस्पताल लाए तो वहां पहले से ही निजी एंबुलेंस तैयार थी। ड्राइवर फरीद ने सिणधरी चौराहे तक पहुंचते-पहुंचते परिजनों को पालनपुर के एप्पल हॉस्पिटल चलने की सलाह दी। मात्र 15 घंटे में अस्पताल ने ब्रेन हेमरेज का बहाना बनाकर 1.33 लाख रुपए का बिल थमा दिया, जबकि जोधपुर के डॉक्टरों ने बाद में उसे महज फ्रैक्चर बताया। केस 2: 7 लाख खर्च फिर भी इलाज अधूरा सिणधरी निवासी सब्जे खान (25) को दिसंबर 2025 में हादसे के बाद हायर सेंटर रेफर किया। परिजन उसे जोधपुर एम्स ले जाना चाहते थे, लेकिन एंबुलेंस में मौजूद फर्जी नर्सिंग स्टाफ फरीद खान ने उन्हें गुजरात चलने के लिए मना लिया। सांचौर में पट्टी बांधने के 12 हजार, पालनपुर में इलाज के 52 हजार रुपए ऐंठ लिए गए। 7 लाख रुपए खर्च होने के बाद पैर ठीक नहीं हुआ। सोसायटी ने खोला मोर्चा, अधीक्षक बोले- होगी कार्रवाई एम्बुलेंस ऑपरेटर्स वेलफेयर सोसायटी ने अधीक्षक डॉ. हनुमानराम चौधरी और प्राचार्य डॉ. अनूपसिंह गुर्जर को ज्ञापन देकर जेठाराम, जसराज मूंढ, भानुप्रताप, सुरेश, मेहबूब, रजाक और नरपत सिंह जैसे स्टाफ पर मरीजों को गुजरात भगाने का आरोप लगाया है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. चौधरी ने कहा कि शिकायत के बाद चाय की थड़ी से 10-12 रेफर कार्ड जब्त कर लिए गए हैं। जिन्हें संविदाकर्मी नर्सिंग स्टाफ के द्वारा वहां छिपाकर रखा गया था। पूरे मामले की गहन जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जैश-ए-मोहम्मद से संबंधों के आरोप में देवास के वारसी नगर निवासी बिलाल दुर्रानी की गिरफ्तारी के बाद गुजरात एटीएस का जांच का दायरा बढ़ गया है। शनिवार शाम को बिलाल के बड़े भाई जकारिया दुर्रानी को ने गुजरात के एक मदरसे से हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियों को दोनों भाइयों के नेटवर्क से जुड़े होने का अंदेशा है। बताया जा रहा है कि जकारिया दुर्रानी कई साल पहले देवास से गुजरात चला गया था। हालांकि, पिछले कुछ महीनों से वह देवास नहीं आया था, लेकिन उसका अपने भाई बिलाल से लगातार संपर्क बना हुआ था। बिलाल के पड़ोसियों के अनुसार, वह बेहद सतर्क रहता था। वह कभी किसी के सामने मोबाइल पर बात नहीं करता था। गुजरात एटीएस और देवास पुलिस की कार्रवाई के बाद ही मोहल्ले के लोगों को उसकी संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली। रविवार को हिंदू संगठन करेंगे प्रदर्शन वहीं इस मामले को लेकर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल देश में बढ़ती आतंकवादी गतिविधियों तथा आतंकवाद को समर्थन या शरण देने वाले तत्वों के विरोध में रविवार को पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय में ज्ञापन सौंपेंगे। संगठन के अनुसार रविवार दोपहर 12 बजे सयाजी द्वार के सामने कार्यकर्ता और समाजजन एकत्रित होंगे। इसके बाद रैली के रूप में एसपी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा जाएगा। संगठन का कहना है कि ज्ञापन के माध्यम से आतंकवाद और उससे जुड़े तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जाएगी। वहीं इस मामले में सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि वे कौन लोग हैं जिन्होंने बिलाल की मदद की है, मदद करने वाले भी बेनकाब होंगे। 2008 में भी देवास से हुई थी बड़ी कार्रवाई देवास में पहले भी आतंकी गतिविधियों से जुड़े बड़े मामले सामने आ चुके हैं। मार्च 2008 में प्रतिबंधित संगठन सिमी (स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई थी। एमपी एटीएस और केंद्रीय एजेंसियों ने आनंद नगर के एक किराए के मकान से सिमी चीफ सफदर नागौरी सहित 13 आतंकियों को गिरफ्तार किया था। इस कार्रवाई के बाद देशभर में हुए कई बम धमाकों से जुड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ था। आरोपियों के खिलाफ विभिन्न राज्यों में मुकदमे भी चलाए गए थे। इस मामले से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… MP के देवास से जैश मॉड्यूल का संदिग्ध गिरफ्तार गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने मध्यप्रदेश के देवास से एक संदिग्ध युवक को गिरफ्तार किया है। युवक की पहचान बिलाल दुरानी मोहम्मद अम्मार घाघा उर्फ अबू दुजाना (18) के रूप में हुई है। पूरी खबर पढ़ें…
पाली पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए एक ट्रक में जा रही 6 लाख की शराब की खेप बरामद की है। इसके साथ ही एक तस्कर को भी पकड़ा है। पुलिस से शराब से भरा ट्रक भी जब्त कर लिया है। गुड़ा एंदला थाने के SHO दशरथ सिंह ने बताया- मुखबिर की सूचना पर शुक्रवार को बालराई के पास नाकाबंदी की। इस दौरान पाली की तरफ से आ रहे ट्रक को रोका। तलाशी के दौरान ट्रक खाली मिला। गहनता से तलाशी ली तो ट्रक में बने एक सीक्रेट बॉक्स में राजस्थान निर्मित अंग्रेजी शराब की 86 पेटियां मिली। जिनकी बाजार कीमत करीब 6 लाख रुपए है। ऐसे में ट्रक और शराब को जब्त किया। मामले में जोधपुर जिले के तिवरी निवासी रसूल खान (28) पुत्र सुल्तान खान को गिरफ्तार किया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने जोधपुर से शराब लाकर आगे गुजरात सप्लाई के लिए ले जाना बताया। पूरे मामले की जांच की जा रही है।
डूंगरपुर जिले में धंबोला थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत भचड़िया के मांडवा गांव में गुरुवार शाम आकाशीय बिजली गिरने से घर के आंगन में खेल रहे 2 मासूम बच्चे झुलस गए। इनमें से एक बच्चे की हालत गंभीर होने पर उसे इलाज के लिए रेफर कर दिया। जिस पर परिजन गुजरात के मोडासा लेकर गए। जबकि दूसरे बच्चे का इलाज जारी है। दोनों बच्चे चचेरे भाई है। गुरुवार शाम के समय सीमलवाड़ा समेत आसपास के क्षेत्र में मौसम अचानक बदला और हल्की बारिश शुरू हो गई। इसी दौरान मांडवा गांव में तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिरी। उस समय घर के आंगन में खेल रहे राजदीप (12) पुत्र बाबूलाल डामोर और हर्षित (8) पुत्र रामलाल डामोर इसकी चपेट में आ गए। परिजनों में मची चीख-पुकारग्राम पंचायत भचड़िया के सरपंच पवन सिंह डामोर ने बताया कि बिजली गिरते ही दोनों बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के बाद परिजनों में चीख-पुकार मच गई और ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से दोनों बच्चों को पीठ कस्बे के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टर ने प्राथमिक इलाज के बाद राजदीप की हालत अधिक गंभीर होने पर उसे इलाज के लिए रेफर कर दिया। जिस पर परिजन उसे गुजरात के मोडासा लेकर गए। जबकि हर्षित का इलाज अस्पताल में जारी है। आज भी बारिश का येलो अलर्टइधर मौसम विभाग की ओर से डूंगरपुर जिले में आज भी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे में जिले में आज अच्छी बारिश की उम्मीद है।
यमुनानगर के कैंप क्षेत्र में एक युवक ने अपने ही दोस्त पर उसकी पत्नी को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता पति का कहना है कि वह गुजरात में काम करता है और उसकी गैरमौजूदगी में आरोपी उसकी पत्नी को अपने साथ ले गया। आरोप है कि महिला घर से सोने के गहने, मंगलसूत्र और 20 हजार रुपये नकद भी साथ ले गई, जबकि अपने मासूम बच्चे को घर पर ही छोड़ गई। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। दोस्त का घर पर था आना-जाना शिकायतकर्ता नवीन मिश्रा निवासी जम्मू कॉलोनी-बी ने बताया कि उसकी शादी करीब छह वर्ष पहले से हुई थी। यह उसकी पत्नी की दूसरी शादी थी। उन दोनों का तीन वर्षीय बेटा भी है। वह गुजरात के एक पावर प्लांट में का करता है और वहीं पर रहता है, जबकि उसकी पत्नी व बच्चा यमुनानगर में रहते हैं। नवीन के अनुसार आरोपी सतप्रकाश पहले उसका दोस्त था और उसके घर आता-जाता था। इसी दौरान उसकी पत्नी से भी बातचीत करने लगा। ऐसे ही बातों-बातों में आरोपी ने उसकी पत्नी को अपनी बातों में फंसा लिया। आरोप है कि 25 जून को जब वह गुजरात में नौकरी पर था, तभी सतप्रकाश अपने पिता की मदद से उसकी पत्नी को बहला-फुसलाकर अपने साथ भगा ले गया। लोन लेकर बनवाया मंगलसूत्र भी साथ ले गई शिकायतकर्ता का कहना है कि सूचना मिलने पर वह 29 जून को घर पहुंचा तो पता चला कि उसकी पत्नी घर में रखे सोने के गहने, मंगलसूत्र और 20 हजार रुपये नकद भी साथ ले गई है। उसने यह भी आरोप लगाया कि उसकी पत्नी ने हाल ही में एक लाख रुपये का बैंक लोन लेकर मंगलसूत्र बनवाया था, जिसकी किस्त अब उससे मांगी जा रही है। नवीन ने बताया कि वह अपने स्तर पर पत्नी की तलाश करता रहा लेकिन दोनाें का कोई सुराग नहीं लगा। शिकायत में यह भी कहा गया है कि पत्नी के जाने के बाद उसके सास-ससुर मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। वहीं आरोपी के परिवार को भी पूरी जानकारी होने के बावजूद वे कोई जानकारी नहीं दे रहे हैं। पीड़ित ने इस संबंध में एसपी को शिकायत सौंप कार्रवाई की मांग की है।
ललित सुरजन की कलम से - दिल्ली में गुजरात !
'यूं देखा जाए तो गुजराती भोजनालय भारत के कोने-कोने में मिल जाएंगे। देश में जो प्रमुख पर्यटन स्थल हैं, खासकर तीर्थस्थान, वहां गुजराती भोजनालय होना मानों अनिवार्य ही है।
Gujarat High Court ने आमिर खान के बेटे की पहली फिल्म महाराज की रिलीज पर लगी रोक हटाई
गुजरात उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को बॉलीवुड स्टार आमिर खान के बेटे जुनैद की पहली फिल्म महाराज की रिलीज पर लगी अंतरिम रोक हटाते हुए कहा कि फिल्म में कुछ भी अपमानजनक नहीं है और यह पुष्टिमार्ग संप्रदाय को निशाना नहीं बनाती है, जैसा कि याचिका में आरोप लगाया गया है। यह फिल्म 1862 के एक मानहानि मामले पर आधारित है, जिसमें वैष्णव धार्मिक नेता एवं समाज सुधारक करसनदास मुलजी शामिल थे। पुष्टिमार्ग संप्रदाय के कुछ सदस्यों ने नेटफ्लिक्स पर इस फिल्म की रिलीज के खिलाफ याचिका दायर की थी, जिसमें दावा किया गया था कि यह धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती है। न्यायमूर्ति संगीता विशेन ने 13 जून को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर फिल्म की रिलीज पर अंतरिम रोक लगा दी थी।न्यायाधीश ने शुक्रवार को अपने आदेश में कहा कि फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) द्वारा प्रमाणित किया गया है और यह उक्त संप्रदाय को निशाना नहीं बनाती है।
Gujarat HC ने Netflix को Maharaj रिलीज करने की अनुमति दी, कहा- इससे भावनाएं आहत नहीं होतीं
गुजरात उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को स्ट्रीमिंग दिग्गज नेटफ्लिक्स की फिल्म ‘महाराज’ की रिलीज पर लगी अपनी अस्थायी रोक हटा ली, जिसमें कहा गया कि फिल्म महाराज 1862 के महाराज मानहानि मामले से जुड़ी घटनाओं पर आधारित है और इसका उद्देश्य किसी समुदाय की भावनाओं को आहत करना नहीं है। न्यायमूर्ति संगीता के. विशेन, जिन्होंने 13 जून को फिल्म की रिलीज पर रोक लगाई थी, ने फिल्म देखने के बाद शुक्रवार को नेटफ्लिक्स को फिल्म स्ट्रीम करने की अनुमति देने का फैसला किया। इसे भी पढ़ें: Swara Bhasker के साथ कोई भी निर्माता-निर्देशक नहीं करना चाहता काम? एक्ट्रेस ने खुद किए चौंकाने वाले खुलासे अदालत ने कहा “यह अदालत प्रथम दृष्टया इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि फिल्म महाराज उन घटनाओं पर आधारित है, जिनके कारण मानहानि का मामला दायर किया गया और इसका उद्देश्य पुष्टिमार्गी समुदाय की भावनाओं को आहत करना नहीं है। फिल्म को संबंधित दिशा-निर्देशों पर विचार करने के बाद विशेषज्ञ निकाय केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड द्वारा प्रमाणित किया गया था… 13 जून को दी गई अंतरिम राहत रद्द कर दी गई है। मूल रूप से 14 तारीख को रिलीज होने वाली इस फिल्म को हाईकोर्ट ने नेटफ्लिक्स पर रोक लगा दी थी, क्योंकि व्यापारियों के एक समूह ने इस आधार पर कोर्ट में याचिका दायर की थी कि इसमें वैष्णव समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की क्षमता है। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | नमक-मिर्च लगाकर कच्ची केरी के चटकारे ले रहीं परिणीति चोपड़ा, मिर्जापुर 3 का जबरदस्त ट्रेलर रिलीज फिल्म महाराज गुजराती लेखक सौरभ शाह की 2013 की किताब पर आधारित है, जो 1862 के ऐतिहासिक मानहानि मामले पर आधारित है, जो एक प्रमुख वैष्णव व्यक्ति, जदुनाथजी द्वारा समाज सुधारक करसनदास मुलजी के खिलाफ दायर किया गया था, जिन्होंने सर्वशक्तिमान महाराज द्वारा यौन शोषण के खिलाफ लिखा था। मुलजी ने अपनी पत्रिका सत्यप्रकाश में शोषणकारी प्रथा का खुलासा किया, जिसके कारण मानहानि का मामला चला, जो प्रसिद्ध महाराज मानहानि मामला बन गया। न्यायमूर्ति विशन ने कहा कि याचिकाकर्ताओं की प्राथमिक शिकायत कि फिल्म वैष्णव समुदाय को बदनाम करती है, बदनाम करती है और उसका अपमान करती है, में कोई दम नहीं है। “इस प्रकार उनकी अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए बाध्य है कि याचिकाकर्ताओं की आशंका अनुमानों पर आधारित है। चूंकि फिल्म को अभी सार्वजनिक रूप से देखने के लिए जारी नहीं किया गया है, इसलिए केवल अनुमान के आधार पर संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (ए) के तहत प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित नहीं किया जा सकता है, अदालत ने कहा। उन्होंने खुली अदालत में आदेश सुनाते हुए कहा फिल्म का मुख्य संदेश, जैसा कि प्रतिवादी ने सही कहा है, यह है कि फिल्म सामाजिक बुराई और करसनदास मुलजी द्वारा सामाजिक सुधार के लिए लड़ाई पर केंद्रित है, जो स्वयं वैष्णव समुदाय से थे। उन्होंने कहा, फिल्म किसी भी तरह से धार्मिक भावनाओं को प्रभावित या आहत नहीं करती है। फिल्म यह निष्कर्ष निकालती है कि संप्रदाय किसी भी व्यक्ति या घटना से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। इस घटना को अपवाद मानते हुए वैष्णव संप्रदाय और उसके अनुयायी बढ़ते रहे और भारत के सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक ताने-बाने का गौरवपूर्ण और अभिन्न अंग बने रहे। यह आशंका जताई जा रही है कि इससे सांप्रदायिक विद्वेष पैदा होने की संभावना है। हालांकि, उसी मानहानि मामले के आधार पर 2013 में पुस्तक प्रकाशित हुई थी और किसी घटना की सूचना नहीं दी गई है। उन्होंने कहा, यहां तक कि याचिकाकर्ताओं ने भी यह दावा नहीं किया है कि पुस्तक से सांप्रदायिक विद्वेष पैदा हुआ है।
Chandu Champion: कपिल देव ने कार्तिक आर्यन की फिल्म के लिए लिखा दिल को छू लेने वाला नोट
पूर्व भारतीय क्रिकेटर कपिल देव ने इंस्टाग्राम पर कबीर खान के निर्देशन की प्रशंसा की और उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म ने उन्हें भावुक कर दिया। कपिल देव ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्टर शेयर किया और एक लंबा नोट लिखा, चंदू चैंपियन! निश्चित रूप से एक ऐसी फिल्म जिसे आप मिस नहीं कर सकते। मुझे खेल फिल्में देखना और उनकी सराहना करना वाकई पसंद है। लेकिन यह सिर्फ एक खेल फिल्म होने से कहीं बढ़कर है। यह इससे कहीं बढ़कर है। इसे देखते हुए मैं हंसा, रोया, गर्व महसूस किया और फिर से रोया। @kabirkhankk को सलाम। आपने फिर से कमाल कर दिया। इसे भी पढ़ें: Shraddha Kapoor In love | श्रद्धा कपूर ने राहुल मोदी के साथ अपने रिश्ते को किया कंफर्म, शेयर की क्यूट तस्वीर और इमोशनल पोस्ट उन्होंने आगे लिखा, एक और शानदार फिल्म बनाई। @kartikaaryan ने क्या शानदार अभिनय किया, आपका प्रयास और प्रतिभा चमक रही है। पूरी कास्ट और क्रू को बधाई और हमें यह फिल्म देखने के लिए देने के लिए धन्यवाद। आप सभी चैंपियन हैं! एक और शानदार फिल्म बनाई। @kartikaaryan ने क्या कमाल का अभिनय किया है, आपकी मेहनत और प्रतिभा जगमगा रही है। पूरी कास्ट और क्रू को बधाई और हमें यह फिल्म देखने के लिए देने के लिए आपका धन्यवाद। आप सभी चैंपियन हैं! इसे भी पढ़ें: Gujarat High Court ने फिल्म महाराज की ओटीटी रिलीज पर रोक एक दिन के लिए बढ़ाई कार्तिक और कबीर की फिल्म 'चंदू चैंपियन' 14 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। Sacnilk की एक रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है और अब तक कुल कलेक्शन 29.75 करोड़ रुपये हो चुका है। इसमें कार्तिक मुरलीकांत पेटकर की भूमिका में नजर आ रहे हैं। यह फिल्म एक ऐसे एथलीट की असाधारण कहानी पर आधारित है जिसने कभी हार नहीं मानी। View this post on Instagram A post shared by Kapil Dev (@therealkapildev)
Salman Khan फायरिंग केस मेंक्राइम ब्रांच को गुजरात से मिला बड़ा कनेक्शन, मामले में हुआ अबतक का सबसे सनसनीखेज खुलासा
जेल से रिहा होने पर Elvish Yadav ने गुजरात में खेलीजबरदस्त होली, 'राव साहब' को अपने बीच देख क्रेजी हुए फैन्स

