पिता की गुजरात में मौत, बेटे ने किया मर्डर केस:ठेकेदार के खिलाफ सांडवा थाने में दर्ज कराया मामला
चूरू जिले के सांडवा थाना क्षेत्र के उड़वाला गांव के 55 वर्षीय मजदूर भादरराम मेधवाल की गुजरात में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक के बेटे राजूराम ने ठेकेदार मुनीराम जाट पर हत्या का आरोप लगाते हुए सांडवा थाने में मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने शव का मेडिकल बोर्ड से रिपोस्टमॉर्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। सांडवा थानाधिकारी चैथमल वर्मा ने बताया कि राजूराम ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि उसके पिता भादरराम मेधवाल से गांव का ठेकेदार मुनीराम जाट रंजिश रखता था। मुनीराम जाट 21 फरवरी 2026 को भादरराम को काम के बहाने गुजरात के बीजापुर स्थित एक लोहे की रॉलिंग मिल में ले गया था। बिना सूचना पोस्टमॉर्टम करवाकर शव गांव भेजारिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि 2 मार्च को ठेकेदार मुनीराम जाट ने अपने साथियों के साथ मिलकर षड्यंत्र रचकर भादरराम की हत्या कर दी। ठेकेदार ने गुजरात में परिजनों को बिना सूचना दिए शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर उसे गांव भेज दिया। मृतक का शव गुजरात के बीजापुर से एम्बुलेंस द्वारा गांव पहुंचते ही परिजनों और समाज के लोगों ने हत्या का आरोप लगाते हुए मेडिकल बोर्ड से दोबारा पोस्टमॉर्टम की मांग की। इसके बाद पुलिस ने यह प्रक्रिया पूरी की। बेटे को फोन पर लड़ाई की बात कही थीमृतक के बेटे राजूराम ने बताया कि 2 मार्च की शाम करीब 6 बजे उनके पिता का फोन आया था। फोन पर भादरराम ने लड़ाई होने की बात कही और बाद में बात करने को कहा। इसके बाद उनका फोन बंद हो गया।अगले दिन शाम करीब 5 बजे किसी ने फोन पर भादरराम की मौत होने की सूचना दी। राजूराम ने कई बार ठेकेदार को फोन किया, लेकिन उसकी जगह धर्माराम नायक बात करता रहा, जिसने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। शव पर चोटों के निशान मिलेपरिजनों ने शव को देखा तो शरीर पर कई चोट के निशान होने का दावा किया। गांव पहुंचने पर कुछ लोगों ने समझौते की सलाह दी। चार मार्च को शव सांडवा सीएचसी लाया गया। शाम 8 बजे तक शव एम्बुलेंस में पड़ा रहा। सूचना मिलने पर तहसीलदार अमर सिंह व थानाधिकारी चैथमल वर्मा पहुंचे। शाम करीब 6 बजे बीदासर एसडीएम अमीलाल यादव भी सीएचसी पहुंचे। परिजन व प्रशासन के बीच मेडिकल बोर्ड से शव के रिपोस्टमॉर्टम की बात पर सहमति बनी। इसके बाद शव का मेडिकल बोर्ड से रिपोस्टमॉर्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने जीरो नंबर एफआईआर दर्ज कर ली हैं।
Ahmedabad Gujarat News : वर्ष 2030 में अहमदाबाद में आयोजित होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स को ध्यान में रखते हुए नगर निगम (AMC) द्वारा शहर के बुनियादी ढांचे को नया रूप दिया जा रहा है। इस मेगा प्लान के तहत अगले 4 वर्षों में 18 से अधिक नए ओवरब्रिज, अंडरपास ...
सबसे बड़ी लाइब्रेरी के बाद गांधीनगर को नई सौगात: बनेगा अत्याधुनिक क्रिकेट स्टेडियम
Gujarat News in Hindi : गुजरात की राजधानी गांधीनगर अब केवल प्रशासनिक केंद्र ही नहीं, बल्कि खेल और शिक्षा का भी एक बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा 100 करोड़ रुपए की लागत से देश की सबसे बड़ी लाइब्रेरी बनाने की घोषणा के बाद, अब गांधीनगर ...
सूरत में युवा नेता विक्रम सिंह शेखावत का हार्ट अटैक से निधन, फागोत्सव के दौरान बिगड़ी थी तबीयत
Gujarat News in Hindi : सूरत के वेसू इलाके के निवासी और राजस्थान युवा संघ के अध्यक्ष, 42 वर्षीय विक्रम सिंह शेखावत का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया है। गोडादरा में उनके द्वारा आयोजित तीन दिवसीय 'फागोत्सव' कार्यक्रम के दौरान ही उनकी तबीयत बिगड़ गई ...
इजराइल और ईरान के बीच भीषण संघर्ष का गुजरात के उद्योगों पर सीधा असर
Israel and Iran conflict: इजराइल और ईरान के बीच चल रहे भीषण संघर्ष का सीधा असर अब गुजरात के व्यापार और उद्योग जगत पर दिखने लगा है। विशेष रूप से मध्य पूर्व के देशों में समुद्री मार्गों पर बढ़ती अनिश्चितता के कारण समुद्री व्यापार पर बड़ा ब्रेक लग गया
पठानकोट के बॉर्डर क्षेत्र बमियाल से कुछ दूरी पर स्थित जम्मू के कठुआ के गांव ऐरमां में 3 संदिग्ध देखे गए हैं। पठानकोट पुलिस ने बमियाल कस्बे की ओर से पैदल आ रहे एक 35 वर्षीय संदिग्ध व्यक्ति को अरेस्ट किया है। आरोपी की पहचान दर्शन कुमार राणा निवासी अहमदाबाद, गुजरात के तौर पर हुई है। उसकी संदिग्ध गतिविधियों के कारण ड्यूटी पर तैनात बीएसएफ जवानों ने पूछताछ के लिए रोका। पूछताछ में दर्शन कुमार ने बताया कि वह बॉर्डर के ग्रामीण इलाकों में घूम रहा है और पर्यटक है। वह पठानकोट से बस के जरिए यहां पहुृंचा था। पठानकोट पुलिस के अनुसार पकड़ा गया युवक मानसिक रूप से स्वस्थ और सामान्य है। उसके पास से इंडियन पासपोर्ट, एजुकेशन सर्टिफिकेट और नौकरी से संबंधित डॉक्यूमेंट मिले। पठानकोट पुलिस ने कस्टडी में लेकर उसकी जांच शुरू कर दी है। संदिग्ध दिखने के बाद पठानकोट में हाईअलर्टमहिला की सूचना पर और संदिग्ध दिखने के बाद पठानकोट में हाई अलर्ट कर दिया गया है। साथ ही बॉर्डर क्षेत्र में चौकसी बढ़ा दी गई है। बमियाल, नरोट जैमल सिंह एरिया में पुलिस की ओर से बॉर्डर पार से आने-जाने वाले लोगों की जांच शुरू कर दी है। एजेंसियों के इनपुट के मुताबिक पठानकोट के बमियाल गांव की सीमा से लगती जिला कठुआ की पुलिस चौकी नगरी के गांव ऐरमां की एक महिला ने सेना की वर्दी पहने 3 संदिग्ध देखने का दावा किया। इसके बाद पंजाब के साथ जम्मू-कश्मीर के जिला कठुआ के गांव में पुलिस ने सर्च अभियान चलाया। बॉर्डर को जाने वाले रास्तों पर आने-जाने वालों से पूछताछपुलिस ने बताया कि संदिग्ध दिखने की सूचना के बाद पठानकोट के बॉर्डर एरिया में सुरक्षा कड़ी कर दी है। इंटर स्टेट नाकों पर और बॉर्डर के गांवों को जाने वाले रास्तों पर पुलिस आने-जाने वालों से पूछताछ कर रही है। कठुआ से सटे एरिया में दाखिल होने वाले वाहनों जांच की जा रही है। लंबे समय से जिला पुलिस अलर्ट पर है। अब चौकसी ओर बढ़ा देने से आसपास के लोगों में दहशत का माहौल है। महिला ने बताया-सेना की यूनिफॉर्म पहने 3 लोग दिखेमहिला की पहचान न बताते हुए पठानकोट पुलिस ने बताया कि गांव ऐरमां की महिला ने बताया कि जब वह रात को घर के आंगन में आई तो बाहर आहट सुनाई दी। उसने देखा कि सेना की यूनिफॉर्म पहने 3 लोग कुछ बातचीत कर रहे हैं। महिला ने इसकी जानकारी पारिवारिक सदस्यों को दी। इसके बाद पारिवारिक सदस्यों ने दरालां गांव में अपने रिश्तेदार को फोन पर जानकारी दी और पुलिस को सूचित किया। कंटीली तार से 10 किलोमीटर पीछे है बमियालजिला कठुआ का एरवां गांव पठानकोट के बमियाल क्षेत्र से मात्र करीब 10 किलोमीटर दूरी पर है। जिस एरिया में संदिग्ध व्यक्ति देखे जाने का मामला सामने आया है। उक्त गांव से कुछ किलोमीटर दूर जिला कठुआ का हरीया चक्क गांव पड़ता है जो आतंकियों की संदिग्ध गतिविधियों और छिपने के ठिकानों का गढ़ है।
गुजरात में HPV टीकाकरण का शुरू, 5 लाख से ज्यादा किशोरियों को मिलेगा सुरक्षा कवच
HPV vaccination in Gujarat: गुजरात सरकार और केंद्र सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आज से राज्यभर में सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) के विरुद्ध टीकाकरण अभियान का शुभारंभ हुआ है। इस महाअभियान के अंतर्गत 14 से 15 वर्ष की आयु वर्ग की किशोरियों ...
डूंगरपुर की महिलाओं ने बनाया हर्बल गुलाल:पलाश के फूलों से तैयार गुलाल जयपुर और गुजरात तक पहुंचा
डूंगरपुर जिले में होली के त्योहार के आगमन के साथ ही वागड़ के जंगलों में खिले पलाश के फूलों से बने हर्बल गुलाल की मांग बढ़ गई है। डूंगरपुर की ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार किया गया यह गुलाल अब राजस्थान की राजधानी जयपुर सहित कई अन्य जिलों और पड़ोसी राज्य गुजरात के बाजारों तक पहुंच रहा है। यह पहल राजीविका के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से की जा रही है, जिसका उद्देश्य डूंगरपुर जिले की ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। रामगढ़ गांव में वन धन समूह की महिलाएं जंगल में खिलने वाले पलाश के फूल और अन्य वन उपज का उपयोग करके होली के लिए हर्बल गुलाल तैयार कर रही हैं। केमिकल युक्त रंगों के दुष्प्रभावों के विपरीत, इन महिलाओं द्वारा पूरी तरह प्राकृतिक तरीके से बनाया गया यह गुलाल त्वचा के लिए बेहद सुरक्षित माना जा रहा है। रामगढ़ गांव की गायत्री ननोमा ने बताया कि उनके वन धन समूह की लगभग 50 महिलाओं की टीम होली से एक माह पहले इस काम में जुट जाती है। महिलाएं जंगलों से पलाश के फूल इकट्ठा करती हैं। इसके अतिरिक्त, बाजार से गेंदा, रजनीगंधा और चुकंदर खरीदकर उन्हें गर्म पानी में उबाला जाता है। प्राकृतिक रंगों को सुखाने के बाद शुद्ध हर्बल गुलाल तैयार कर उसकी पैकिंग की जाती है। इस वर्ष होली पर रामगढ़ समूह ने लगभग 5 क्विंटल हर्बल गुलाल तैयार करने का लक्ष्य रखा है।
Gujarat High Court ने आमिर खान के बेटे की पहली फिल्म महाराज की रिलीज पर लगी रोक हटाई
गुजरात उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को बॉलीवुड स्टार आमिर खान के बेटे जुनैद की पहली फिल्म महाराज की रिलीज पर लगी अंतरिम रोक हटाते हुए कहा कि फिल्म में कुछ भी अपमानजनक नहीं है और यह पुष्टिमार्ग संप्रदाय को निशाना नहीं बनाती है, जैसा कि याचिका में आरोप लगाया गया है। यह फिल्म 1862 के एक मानहानि मामले पर आधारित है, जिसमें वैष्णव धार्मिक नेता एवं समाज सुधारक करसनदास मुलजी शामिल थे। पुष्टिमार्ग संप्रदाय के कुछ सदस्यों ने नेटफ्लिक्स पर इस फिल्म की रिलीज के खिलाफ याचिका दायर की थी, जिसमें दावा किया गया था कि यह धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती है। न्यायमूर्ति संगीता विशेन ने 13 जून को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर फिल्म की रिलीज पर अंतरिम रोक लगा दी थी।न्यायाधीश ने शुक्रवार को अपने आदेश में कहा कि फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) द्वारा प्रमाणित किया गया है और यह उक्त संप्रदाय को निशाना नहीं बनाती है।
Gujarat HC ने Netflix को Maharaj रिलीज करने की अनुमति दी, कहा- इससे भावनाएं आहत नहीं होतीं
गुजरात उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को स्ट्रीमिंग दिग्गज नेटफ्लिक्स की फिल्म ‘महाराज’ की रिलीज पर लगी अपनी अस्थायी रोक हटा ली, जिसमें कहा गया कि फिल्म महाराज 1862 के महाराज मानहानि मामले से जुड़ी घटनाओं पर आधारित है और इसका उद्देश्य किसी समुदाय की भावनाओं को आहत करना नहीं है। न्यायमूर्ति संगीता के. विशेन, जिन्होंने 13 जून को फिल्म की रिलीज पर रोक लगाई थी, ने फिल्म देखने के बाद शुक्रवार को नेटफ्लिक्स को फिल्म स्ट्रीम करने की अनुमति देने का फैसला किया। इसे भी पढ़ें: Swara Bhasker के साथ कोई भी निर्माता-निर्देशक नहीं करना चाहता काम? एक्ट्रेस ने खुद किए चौंकाने वाले खुलासे अदालत ने कहा “यह अदालत प्रथम दृष्टया इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि फिल्म महाराज उन घटनाओं पर आधारित है, जिनके कारण मानहानि का मामला दायर किया गया और इसका उद्देश्य पुष्टिमार्गी समुदाय की भावनाओं को आहत करना नहीं है। फिल्म को संबंधित दिशा-निर्देशों पर विचार करने के बाद विशेषज्ञ निकाय केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड द्वारा प्रमाणित किया गया था… 13 जून को दी गई अंतरिम राहत रद्द कर दी गई है। मूल रूप से 14 तारीख को रिलीज होने वाली इस फिल्म को हाईकोर्ट ने नेटफ्लिक्स पर रोक लगा दी थी, क्योंकि व्यापारियों के एक समूह ने इस आधार पर कोर्ट में याचिका दायर की थी कि इसमें वैष्णव समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की क्षमता है। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | नमक-मिर्च लगाकर कच्ची केरी के चटकारे ले रहीं परिणीति चोपड़ा, मिर्जापुर 3 का जबरदस्त ट्रेलर रिलीज फिल्म महाराज गुजराती लेखक सौरभ शाह की 2013 की किताब पर आधारित है, जो 1862 के ऐतिहासिक मानहानि मामले पर आधारित है, जो एक प्रमुख वैष्णव व्यक्ति, जदुनाथजी द्वारा समाज सुधारक करसनदास मुलजी के खिलाफ दायर किया गया था, जिन्होंने सर्वशक्तिमान महाराज द्वारा यौन शोषण के खिलाफ लिखा था। मुलजी ने अपनी पत्रिका सत्यप्रकाश में शोषणकारी प्रथा का खुलासा किया, जिसके कारण मानहानि का मामला चला, जो प्रसिद्ध महाराज मानहानि मामला बन गया। न्यायमूर्ति विशन ने कहा कि याचिकाकर्ताओं की प्राथमिक शिकायत कि फिल्म वैष्णव समुदाय को बदनाम करती है, बदनाम करती है और उसका अपमान करती है, में कोई दम नहीं है। “इस प्रकार उनकी अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए बाध्य है कि याचिकाकर्ताओं की आशंका अनुमानों पर आधारित है। चूंकि फिल्म को अभी सार्वजनिक रूप से देखने के लिए जारी नहीं किया गया है, इसलिए केवल अनुमान के आधार पर संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (ए) के तहत प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित नहीं किया जा सकता है, अदालत ने कहा। उन्होंने खुली अदालत में आदेश सुनाते हुए कहा फिल्म का मुख्य संदेश, जैसा कि प्रतिवादी ने सही कहा है, यह है कि फिल्म सामाजिक बुराई और करसनदास मुलजी द्वारा सामाजिक सुधार के लिए लड़ाई पर केंद्रित है, जो स्वयं वैष्णव समुदाय से थे। उन्होंने कहा, फिल्म किसी भी तरह से धार्मिक भावनाओं को प्रभावित या आहत नहीं करती है। फिल्म यह निष्कर्ष निकालती है कि संप्रदाय किसी भी व्यक्ति या घटना से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। इस घटना को अपवाद मानते हुए वैष्णव संप्रदाय और उसके अनुयायी बढ़ते रहे और भारत के सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक ताने-बाने का गौरवपूर्ण और अभिन्न अंग बने रहे। यह आशंका जताई जा रही है कि इससे सांप्रदायिक विद्वेष पैदा होने की संभावना है। हालांकि, उसी मानहानि मामले के आधार पर 2013 में पुस्तक प्रकाशित हुई थी और किसी घटना की सूचना नहीं दी गई है। उन्होंने कहा, यहां तक कि याचिकाकर्ताओं ने भी यह दावा नहीं किया है कि पुस्तक से सांप्रदायिक विद्वेष पैदा हुआ है।
Chandu Champion: कपिल देव ने कार्तिक आर्यन की फिल्म के लिए लिखा दिल को छू लेने वाला नोट
पूर्व भारतीय क्रिकेटर कपिल देव ने इंस्टाग्राम पर कबीर खान के निर्देशन की प्रशंसा की और उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म ने उन्हें भावुक कर दिया। कपिल देव ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्टर शेयर किया और एक लंबा नोट लिखा, चंदू चैंपियन! निश्चित रूप से एक ऐसी फिल्म जिसे आप मिस नहीं कर सकते। मुझे खेल फिल्में देखना और उनकी सराहना करना वाकई पसंद है। लेकिन यह सिर्फ एक खेल फिल्म होने से कहीं बढ़कर है। यह इससे कहीं बढ़कर है। इसे देखते हुए मैं हंसा, रोया, गर्व महसूस किया और फिर से रोया। @kabirkhankk को सलाम। आपने फिर से कमाल कर दिया। इसे भी पढ़ें: Shraddha Kapoor In love | श्रद्धा कपूर ने राहुल मोदी के साथ अपने रिश्ते को किया कंफर्म, शेयर की क्यूट तस्वीर और इमोशनल पोस्ट उन्होंने आगे लिखा, एक और शानदार फिल्म बनाई। @kartikaaryan ने क्या शानदार अभिनय किया, आपका प्रयास और प्रतिभा चमक रही है। पूरी कास्ट और क्रू को बधाई और हमें यह फिल्म देखने के लिए देने के लिए धन्यवाद। आप सभी चैंपियन हैं! एक और शानदार फिल्म बनाई। @kartikaaryan ने क्या कमाल का अभिनय किया है, आपकी मेहनत और प्रतिभा जगमगा रही है। पूरी कास्ट और क्रू को बधाई और हमें यह फिल्म देखने के लिए देने के लिए आपका धन्यवाद। आप सभी चैंपियन हैं! इसे भी पढ़ें: Gujarat High Court ने फिल्म महाराज की ओटीटी रिलीज पर रोक एक दिन के लिए बढ़ाई कार्तिक और कबीर की फिल्म 'चंदू चैंपियन' 14 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। Sacnilk की एक रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है और अब तक कुल कलेक्शन 29.75 करोड़ रुपये हो चुका है। इसमें कार्तिक मुरलीकांत पेटकर की भूमिका में नजर आ रहे हैं। यह फिल्म एक ऐसे एथलीट की असाधारण कहानी पर आधारित है जिसने कभी हार नहीं मानी। View this post on Instagram A post shared by Kapil Dev (@therealkapildev)
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