Sonebhadra News: लड्डू गोपाल के शृंगार के लिए राजस्थानी व गुजराती परिधान का क्रेज
The craze for Rajasthani and Gujarati attire for adorning Laddu Gopal.
राम मोहन नायडू ने अहमदाबाद एयरपोर्ट से हब-एंड-स्पोक इंटरनेशनल ऑपरेशन शुरू किया
Ahmedabad, 1 सितंबर . केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू ने Tuesday को Ahmedabad के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एसवीपीआईए) से ‘हब-एंड-स्पोक’ इंटरनेशनल एविएशन ऑपरेशन की शुरुआत की. इस सिस्टम के शुरू होने से Gujarat के इस शहर से जाने वाले इंटरनेशनल यात्री दिल्ली के रास्ते विदेशी जगहों के लिए उड़ान भरने ... Read more
देश की कर आमदनी के मोर्चे पर अगस्त का महीना मजबूत रहा है। सरकार की ओर से 1 सितंबर को जारी आंकड़ों के मुताबिक अगस्त में सकल वस्तु एवं सेवा कर संग्रह सालाना आधार पर 15 फीसदी बढ़कर 1.998 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है। पिछले साल अगस्त में यह आंकड़ा 1.74 लाख करोड़ रुपये था। इसके साथ ही लगातार तीसरे महीने जीएसटी संग्रह में दोहरे अंक की वृद्धि दर्ज हुई है। मौजूद जानकारी के अनुसार जुलाई में जीएसटी संग्रह 15.4 फीसदी और जून में 13.9 फीसदी बढ़ा था। अगस्त की वृद्धि में सबसे बड़ा योगदान आयात से मिलने वाले कर का रहा है। आयात पर सकल जीएसटी संग्रह 29 फीसदी बढ़कर 62,604 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल इसी महीने में 48,546 करोड़ रुपये था। इसके मुकाबले घरेलू स्रोतों से मिलने वाला सकल जीएसटी 9.3 फीसदी बढ़कर 1.37 लाख करोड़ रुपये रहा। पिछले वर्ष अगस्त में घरेलू संग्रह 1.26 लाख करोड़ रुपये था। आंकड़ों से साफ है कि आयात से जुड़े कर में तेज बढ़ोतरी ने कुल जीएसटी संग्रह को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाई है। हालांकि सकल संग्रह की तुलना में शुद्ध जीएसटी की वृद्धि कुछ धीमी रही है। इसकी मुख्य वजह रिफंड में हुई भारी बढ़ोतरी है। अगस्त में कुल रिफंड 67.9 फीसदी बढ़कर 31,795 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि एक साल पहले यह 18,935 करोड़ रुपये था। घरेलू रिफंड में 72.6 फीसदी और निर्यात से जुड़े रिफंड में 61.8 फीसदी की वृद्धि हुई है। रिफंड के बाद अगस्त में शुद्ध जीएसटी संग्रह 8.3 फीसदी बढ़कर 1.68 लाख करोड़ रुपये रहा। पिछले साल अगस्त में यह 1.55 लाख करोड़ रुपये था। शुद्ध घरेलू राजस्व में केवल 3.4 फीसदी की वृद्धि हुई और यह 1.19 लाख करोड़ रुपये रहा। वहीं सीमा शुल्क से जुड़े जीएसटी संग्रह में 22.3 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई और यह 49,299 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। बता दें कि वित्त वर्ष 2026-27 के शुरुआती पांच महीनों यानी अप्रैल से अगस्त के दौरान भी जीएसटी संग्रह में अच्छी वृद्धि रही है। इस अवधि में सकल संग्रह 11 फीसदी बढ़कर 10.43 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 9.40 लाख करोड़ रुपये था। इस दौरान घरेलू सकल राजस्व 5.3 फीसदी बढ़ा, जबकि आयात से होने वाला संग्रह 27.3 फीसदी बढ़ा है। अप्रैल से अगस्त के बीच शुद्ध जीएसटी संग्रह 9 फीसदी बढ़कर 8.90 लाख करोड़ रुपये रहा। इस अवधि में कुल रिफंड भी 23.8 फीसदी बढ़कर 1.53 लाख करोड़ रुपये हो गया है। यानी कर संग्रह बढ़ने के साथ रिफंड का दबाव भी बढ़ा है। राज्यों के आंकड़ों पर नजर डालें तो उत्तर प्रदेश ने अगस्त में घरेलू जीएसटी संग्रह में 19 फीसदी की वृद्धि दर्ज की है। तेलंगाना 16 फीसदी, गुजरात 15 फीसदी, कर्नाटक और केरल 13-13 फीसदी तथा हरियाणा और पंजाब 12-12 फीसदी की वृद्धि के साथ आगे रहे हैं। देश में सबसे ज्यादा जीएसटी योगदान देने वाले महाराष्ट्र का संग्रह 8 फीसदी बढ़कर 28,779 करोड़ रुपये रहा। दूसरी ओर तमिलनाडु में संग्रह एक फीसदी घटा। ओडिशा और आंध्र प्रदेश में सात-सात फीसदी की गिरावट दर्ज हुई, जबकि राजस्थान और गोवा में दो-दो फीसदी की कमी रही है। असम का आंकड़ा सबसे अलग रहा, जहां जीएसटी संग्रह में 162 फीसदी की असाधारण वृद्धि दर्ज की गई है। गौरतलब है कि जीएसटी संग्रह में लगातार हो रही वृद्धि को आर्थिक गतिविधियों, खपत और आयात से जुड़े कारोबार की स्थिति समझने के प्रमुख संकेतकों में गिना जाता है। हालांकि आने वाले महीनों में रिफंड की रफ्तार और आयात से जुड़े कर संग्रह पर नजर रहेगी, क्योंकि यही कारक शुद्ध राजस्व की वास्तविक गति को प्रभावित कर सकते हैं।
प्रशांत सिंह ‘साई सेंटर गांधीनगर’ के नए रीजनल डायरेक्टर नियुक्त
गांधीनगर, 1 सितंबर . प्रशांत सिंह को साई सेंटर गांधीनगर का रीजनल डायरेक्टर नियुक्त किया गया है. उन पर Gujarat और Rajasthan में स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) के क्षेत्रीय कामकाज की जिम्मेदारी होगी. Lucknow (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले सिंह के पास स्पोर्ट्स एडमिनिस्ट्रेशन में 10 साल से ज्यादा का अनुभव है. उन्होंने India ... Read more
गांधीनगर, 1 सितंबर . Gujarat के Chief Minister भूपेंद्र पटेल ने Tuesday को पंचायत के नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों से कहा कि वे लोगों की समस्याओं को ध्यान से सुनें, अपने काम से जुड़े नियमों को समझें और यह पक्का करें कि विकास कार्य टिकाऊ और अच्छी गुणवत्ता वाले हों. उन्होंने कहा, “जनता का भरोसा इस बात ... Read more
'लोगों की बात सुनें, नियमों का पालन करें और काम की क्वालिटी सुनिश्चित करें', गुजरात सीएम की पंचायत प्रतिनिधियों से अपील
गांधीनगर,1 सितंबर . Chief Minister भूपेंद्र पटेल को Tuesday को गांधीनगर में राज्य Government के उपक्रम Gujarat एग्रो इंडस्ट्रीज कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने वर्ष 2023-24 और 2024-25 के लाभांश के रूप में क्रमशः 11.14 करोड़ रुपए तथा 4.23 करोड़ रुपए सहित कुल 15.37 करोड़ रुपए के चेक सौंपे. यह निगम राज्य में 1969 से कार्यरत है ... Read more
गांधीनगर, 1 सितंबर . Gujarat के Chief Minister भूपेंद्र पटेल और डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ने Tuesday को 2026-27 की पहली तिमाही में India की उम्मीद से बेहतर 7.8 प्रतिशत की वास्तविक जीडीपी ग्रोथ का स्वागत किया. ये प्रतिक्रियाएं तब आईं जब Governmentी आंकड़ों से पता चला कि अप्रैल-जून तिमाही में India की अर्थव्यवस्था में ... Read more
मानसी पारेख लेकर आ रही हैं गुजराती फिल्म ‘मित्रता’, बोलीं- ‘दर्शक बीते दोस्ती के पलों में खो जाएंगे’
Mumbai , 1 सितंबर . Gujaratी सिनेमा में इन दिनों ऐसी कहानियों को भी खूब पसंद किया जा रहा है, जो आम जिंदगी के रिश्तों और उनसे जुड़ी भावनाओं को आसान तरीके से पर्दे पर पेश करती हैं. अब इसी कड़ी में नेशनल अवॉर्ड विनर Actress और प्रोड्यूसर मानसी पारेख और पार्थिव गोहिल का प्रोडक्शन ... Read more
Indian Railway: पश्चिम रेलवे ने यात्रियों की बढ़ती मांग पर 5 जोड़ी स्पेशल को आगे बढ़ाया है। इनके स्टॉपेज और टाइम में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
एमपी में 5 साल में 631.71% बढ़ीं बीमा संबंधी शिकायतें, गुजरात के बाद तीसरे नंबर पर मध्यप्रदेश
एमपी में 5 साल में 631.71% बढ़ीं बीमा संबंधी शिकायतें, गुजरात के बाद तीसरे नंबर पर मध्यप्रदेश
26 तारीख का नाम आते ही कई दर्दनाक घटनाएं याद आने लगती हैं। गुजरात के भुज भूकंप से लेकर हिंद महासागर की सुनामी, मुंबई की बाढ़ और अब नेपाल में आई भीषण बाढ़ तक कई बड़ी घटनाएं इस तारीख से जुड़ी हैं। यही वजह है कि नेपाल की हालिया त्रासदी के बाद सोशल मीडिया पर एक बार फिर सवाल उठने लगा है क्या 26 महज एक संयोग है या इसके पीछे कोई अनसुलझा राज है?नेपाल की बाढ़ के बाद फिर चर्चा में आई 26 तारीख26 अगस्त 2026 को नेपाल के रसुवा इलाके में आई भीषण फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचाई। तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर टूटने के बाद अचानक बड़ी मात्रा में पानी और मलबा नीचे की ओर आया। इस आपदा में सैकड़ों लोगों की जान चली गई, जबकि 1,000 से ज्यादा लोग लापता बताए गए। बाढ़ के कारण सड़कें और रास्ते बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। पहाड़ी इलाका होने की वजह से राहत और बचाव कार्य भी काफी मुश्किल बना हुआ है। नेपाल का यह इलाका कैलाश मानसरोवर जाने वाले यात्रियों के लिए भी अहम रास्ता है। There is something in the number 26.Most calamities occur on this date.I mean seriously ngl.You can count so many of them. https://t.co/g6DW1PT4Cj— Tejas (@stejas809) August 26, 2026 Date 26 is somewhat an unlucky date.26/01/2001 - Gujarat Earthquake 26/07/2006 - Mumbai heaviest rainfall 26/11/2008 - Mumbai Terror attack 26/12/2004 - Indian Ocean Tsunami 26/07/2008 - Ahmedabad Bomb Blast 26/12/2003 - Bam Earthquake (southeast Iran) 26/08/2026 - Tibet Flood— Roshni Shah (@RoshniShah02) August 27, 2026 आखिर क्यों लोग 26 को मान रहे हैं 'मनहूस'?नेपाल की घटना के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने उन बड़ी घटनाओं की लिस्ट शेयर करनी शुरू कर दी, जो 26 तारीख को हुई थीं। इनमें प्राकृतिक आपदाओं के साथ आतंकी घटनाएं और औद्योगिक दुर्घटनाएं भी शामिल हैं। लोगों का कहना है कि इतनी सारी बड़ी घटनाओं का एक ही तारीख से जुड़ना हैरान करने वाला है। हालांकि, इनमें से कुछ घटनाओं की तारीखों को लेकर सोशल मीडिया पोस्ट में गलतियां भी देखने को मिलती हैं, इसलिए हर दावे को सही मानना उचित नहीं है।26 जनवरी 2001: गुजरात के भुज में आया विनाशकारी भूकंप26 जनवरी 2001 को गुजरात के कच्छ क्षेत्र में शक्तिशाली भूकंप आया था। इसका केंद्र भुज के आसपास था और इस आपदा ने बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान किया। गणतंत्र दिवस के दिन आई इस त्रासदी ने पूरे देश को झकझोर दिया था। हजारों लोगों की मौत हुई और बड़ी संख्या में घर तथा इमारतें तबाह हो गईं।26 दिसंबर 2004: हिंद महासागर की सुनामी ने मचाई तबाही26 दिसंबर 2004 की तारीख दुनिया की सबसे भयावह प्राकृतिक आपदाओं में दर्ज है। हिंद महासागर में आए शक्तिशाली समुद्री भूकंप के बाद उठी सुनामी लहरों ने कई देशों के तटीय इलाकों में भारी तबाही मचाई। भारत समेत कई देशों में हजारों लोगों की जान गई। समुद्र की विशाल लहरों ने कुछ ही समय में पूरे तटीय इलाकों का नक्शा बदल दिया था।26 जुलाई 2005: मुंबई में बारिश ने रोक दी जिंदगी26 जुलाई 2005 को मुंबई में हुई बेहद भारी बारिश के बाद शहर के कई हिस्से जलमग्न हो गए थे। सड़कों पर पानी भर गया, यातायात व्यवस्था ठप हो गई और लोगों को घंटों तक मुश्किल हालात में फंसे रहना पड़ा। इस घटना को मुंबई की सबसे बड़ी बारिश और बाढ़ की घटनाओं में गिना जाता है।26 नवंबर 2008: मुंबई आतंकी हमलों से दहला शहर26 नवंबर 2008 को मुंबई में हुए सिलसिलेवार आतंकी हमलों ने पूरे देश को हिला दिया। आतंकियों ने शहर की कई महत्वपूर्ण जगहों को निशाना बनाया था। कई घंटे तक चले इस हमले में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई। इस घटना के बाद 26/11 भारतीय इतिहास में एक बेहद दर्दनाक तारीख के रूप में दर्ज हो गया।चेरनोबिल हादसा भी 26 अप्रैल को हुआ था26 अप्रैल 1986 को तत्कालीन सोवियत संघ के चेरनोबिल परमाणु संयंत्र में दुनिया की सबसे चर्चित परमाणु दुर्घटनाओं में से एक हुई। रिएक्टर में हुए हादसे के बाद रेडिएशन का खतरा कई इलाकों तक फैल गया। सोशल मीडिया पर 26 तारीख से जुड़ी घटनाओं की लिस्ट में इस हादसे का भी अक्सर जिक्र किया जाता है।ईरान का बाम भूकंप और दूसरी घटनाएं भी सूची में26 दिसंबर 2003 को ईरान के बाम शहर में शक्तिशाली भूकंप आया था। इस आपदा में बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ। इसके अलावा सोशल मीडिया पोस्ट में गुवाहाटी और अहमदाबाद में हुए धमाकों समेत कई दूसरी घटनाओं को भी 26 तारीख से जोड़कर पेश किया जा रहा है।सोशल मीडिया पर वायरल हो रही 'Unlucky 26' की थ्योरीनेपाल की बाढ़ के बाद कई यूजर्स ने पुरानी घटनाओं की तस्वीरें और तारीखें शेयर करते हुए 'Unlucky 26' की चर्चा शुरू कर दी। एक यूजर ने मजाक करते हुए लिखा कि 25 तारीख के बाद सीधे 27 तारीख आनी चाहिए और 26 को कैलेंडर से हटा देना चाहिए। एक अन्य यूजर ने कहा कि इतनी सारी बड़ी आपदाओं को 26 तारीख से जुड़ा देखना सामान्य संयोग जैसा नहीं लगता।लेकिन हर कोई इसे मनहूस नहीं मानतासोशल मीडिया पर इस दावे को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने कहा कि यह सिर्फ संयोग है और इंसान अक्सर ऐसी घटनाओं के बीच पैटर्न तलाशने लगता है। वहीं, एक यूजर ने बेहद निजी अंदाज में लिखा, “ऐसा मत बोलो, 26 को मेरा हैप्पी बर्थडे होता है।”इस एक प्रतिक्रिया ने दिखा दिया कि किसी के लिए 26 एक डरावनी तारीख हो सकती है, तो किसी दूसरे के लिए यही दिन जिंदगी की सबसे खुशी की याद से जुड़ा हो सकता है।डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।Success Story: बिहार के IITian का कमाल! इंसानों की जगह सीवर साफ करेगा रोबोट, कॉलेज आइडिया बना 15 करोड़ का स्टार्टअप
वडोदरा जमीन विवाद में यूसुफ पठान की याचिका गुजरात उच्च न्यायालय से खारिज
गुजरात उच्च न्यायालय ने वडोदरा में सरकारी जमीन पर दावे से संबंधित मामले में एकल न्यायाधीश के फैसले को चुनौती देने वाली पूर्व भारतीय क्रिकेटर और लोकसभा सदस्य यूसुफ पठान की याचिका सोमवार को खारिज कर दी। एकल न्यायाधीश ने पिछले साल अगस्त में पठान को वडोदरा में सरकारी जमीन के एक हिस्से पर अतिक्रमणकारी बताया था। पठान के वकील शालीन मेहता ने मुख्य न्यायाधीश सुनीता अग्रवाल और न्यायमूर्ति डीएन रे की खंडपीठ से याचिका वापस लेने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की नीति के तहत उनका दावा अब भी विचाराधीन है। खंडपीठ ने याचिका को वापस लिया हुआ मानकर खारिज कर दिया। पठान ने एकल न्यायाधीश के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें वडोदरा नगर निगम (वीएमसी) की 978 वर्ग मीटर जमीन के आवंटन के उनके अनुरोध को खारिज करने के गुजरात सरकार के फैसले को बरकरार रखा गया था। पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर ने राज्य सरकार की नीति के तहत इस जमीन पर अपना दावा किया था।
हेल्थ इंश्योरेंस, वाहन बीमा से संबंधित शिकायतें लगातार बढ़ती जा रहीं हैं। बीमा लोकपाल के पास पहुंचने वाली शिकायतें एमपी में पिछले पांच सालों में 631.71% बढ़ गई हैं। पॉलिसी बेचते समय 'कैशलेस' का वादा करने वाली कंपनियां क्लेम के वक्त नियम-शर्तों की ऐसी बारीक लाइनें सामने रख देती हैं कि उपभोक्ता खुद को ठगा सा महसूस करता है। अपनी ही गाढ़ी कमाई के पैसों के लिए दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर परेशान हो चुके उपभोक्ता अब हार मानकर लोकपाल और अदालतों की शरण ले रहे हैं। लोक सभा में पेश किए गए सरकारी आंकड़ों ने बीमा क्षेत्र की इस मनमानी की पोल खोलकर रख दी है। मप्र में 369 से बढ़कर सीधे 2,700 पर पहुंचीं शिकायतें मध्य प्रदेश में बीमा कंपनियों की तानाशाही साल-दर-साल बढ़ते आंकड़ों से साफ समझ आती हैं। साल 2021-22 में प्रदेश भर से बीमा लोकपाल के पास दावों की हेराफेरी और रिजेक्शन को लेकर महज 369 शिकायतें दर्ज कराई गई थीं। इसके अगले ही साल 2022-23 में शिकायतों का यह ग्राफ करीब तीन गुना की छलांग लगाकर 913 पर जा पहुंचा। इसके बाद आम उपभोक्ताओं को परेशान करने का खेल और तेजी से बढ़ा। वर्ष 2023-24 में यह आंकड़ा सीधे 2,405 पर पहुंच गया और वर्ष 2024-25 में भी कुल 2,420 नए विवादित मामले सामने आए। हद तो तब हो गई जब वर्ष 2025-26 की ताजा रिपोर्ट में मध्य प्रदेश से रिकॉर्ड 2,700 शिकायतें लोकपाल के दफ्तर पहुंचीं। यह आंकड़ा साफ गवाही देता है कि पिछले 5 साल में कंपनियों ने प्रदेश के उपभोक्ताओं का जीना दूभर कर दिया है, जिसके चलते शिकायतों में 631.71% का यह खौफनाक उछाल आया है। जब कंपनियों ने बंद की फाइलें, तो कोर्ट पहुंचे पॉलिसी होल्डर जब बीमा कंपनियां 'नो-क्लेम' का ठप्पा लगाकर उपभोक्ताओं की फाइलें बंद कर देती हैं, तब मजबूरन लोगों को कोर्ट और उपभोक्ता फोरमों का दरवाजा खटखटाना पड़ता है। आंकड़ों के मुताबिक, नेशनल लेवल पर कोर्ट पहुंचने वाले इन विवादित मामलों की संख्या वर्ष 2021-22 में जहां 19,025 थी, वह अब (2025-26) में ढाई गुना बढ़कर 46,122 हो चुकी है। मध्य प्रदेश के संदर्भ में देखें तो इस साल अकेले लोकपाल ने रिकॉर्ड 1,745 मामलों का निपटारा सीधे तौर पर पीड़ित परिवारों के पक्ष में किया है। वहीं अदालतों में भी उपभोक्ताओं की जीत का सिलसिला लगातार मजबूत हुआ है। पिछले पांच सालों में क्रमशः 10,871, 13,442, 22,015, 23,765 और इस साल रिकॉर्ड 25,418 से अधिक फैसले सीधे तौर पर ग्राहकों के हक में आए हैं। यह साबित करता है कि कंपनियां जिन दावों को 'खारिज' कर रही थीं, उनका आधार कानूनी रूप से बिल्कुल गलत और मनमाना था। महाराष्ट्र और गुजरात के बाद मप्र तीसरे नंबर पर लोक सभा की रिपोर्ट में जो सबसे चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है, वह यह है कि क्लेम रिजेक्ट करने और उपभोक्ताओं को रुलाने में देश का सबसे बड़ा औद्योगिक राज्य महाराष्ट्र सबसे आगे है, जहां वर्ष 2025-26 में सबसे ज्यादा 7,333 क्लेम रिजेक्ट होने की शिकायतें दर्ज की गईं। इस सूची में गुजरात दूसरे स्थान पर है, जहां 4,181 मामले दर्ज किए गए। भारी भरकम प्रीमियम वसूलने के बाद भी क्लेम न देने की इस बीमारी से हमारा मध्य प्रदेश देश में तीसरे स्थान पर (2,700 मामले) खड़ा है। वहीं देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में भी 2,587 शिकायतें सामने आई हैं। दक्षिण भारत का रुख करें तो साक्षर राज्य केरल में 2,561 और तमिलनाडु में 2,371 शिकायतें दर्ज की गईं, जो यह साफ दिखाती हैं कि पूरे देश में इस समय बीमा कराने वाले उपभोक्ता कंपनियों के शोषण चक्रव्यूह में फंसे हुए हैं। ये खबर भी पढ़ें… सिर्फ ‘बीमारी छिपाई’ कहकर नहीं बचेंगी बीमा कंपनियां अब बीमा कंपनियां केवल यह कहकर क्लेम खारिज नहीं कर सकेंगी कि बीमित व्यक्ति ने अपनी पुरानी बीमारी छिपाई है। उपभोक्ता आयोग ने साफ कर दिया है कि ऐसे मामलों में आरोप लगाने वाली बीमा कंपनी को ठोस सबूत भी पेश करने होंगे, अन्यथा क्लेम रोकना ‘सेवा में कमी’ माना जाएगा। उपभोक्ता कानून के तहत केवल आरोप लगाना पर्याप्त नहीं है। कंपनी को दस्तावेजी साक्ष्य के साथ यह साबित करना होता है कि बीमारी पहले से मौजूद थी और उसे जानबूझकर छिपाया गया।पूरी खबर पढ़ें
Gorakhpur News: साइबर फ्रॉड के मामले में गोला के जनसेवा केंद्र संचालक को गुजरात पुलिस ने दबोचा
Gujarat Police nabbed the operator of a Jan Seva Kendra in Gola in a cyber fraud case.
हरित हाइड्रोजन समेत नए क्षेत्रों में निवेश करें, गुजरात में अपार संभावनाएं: मनसुख मांडविया
New Delhi, 31 अगस्त . Union Minister मनसुख मांडविया ने Monday को निवेशकों से Gujarat में हरित हाइड्रोजन, हाइड्रोजन भंडारण, डाटा सेंटर और सेमीकंडक्टर जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं तलाशने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि Gujarat की मजबूत कारोबारी संस्कृति और बदलती आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालने की क्षमता ने ... Read more
निवेश आकर्षित करने के लिए नीतिगत स्थिरता, पारदर्शिता और गति महत्वपूर्ण: सीएम भूपेंद्र पटेल
New Delhi, 31 अगस्त . Gujarat के Chief Minister भूपेंद्र पटेल ने Monday को कहा कि पॉलिसी में स्थिरता, पारदर्शी तरीके से फैसले लेने और तेजी से काम करने की वजह से राज्य निवेश के लिए एक बेहतरीन जगह बन गया है. उन्होंने ग्लोबल निवेशकों को 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लिए ‘विकसित Gujarat’ बनाने ... Read more
खौफनाक 'स्पेशल 26', गुजरात के भूकंप से 26/11 तक... क्यों इस तारीख से कांपती है दुनिया?
इतिहास में 26 तारीख को कई बड़ी प्राकृतिक आपदाएं और त्रासदियां हुई हैं, जो एक डरावना संयोग है। 2004 की सुनामी, गुजरात भूकंप और 26/11 मुंबई हमले जैसी घटनाएं इसी दिन घटी थी।
Gujarati Family Indigo Flight Viral Video: परिवार के Home Cooked Meal परोसने के वीडियो पर छिड़ी बहस
इंडिगो फ्लाइट में एक गुजराती परिवार के घर से लाया खाना खाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। वीडियो के बाद बहस सिर्फ खाना खाने को लेकर नहीं, बल्कि तेज smell वाले food और दूसरे यात्रियों की सुविधा को लेकर शुरू हुई।
गुजरात: कच्च के एक परिवार ने बेटे को वलीनाथ धाम में ईश्वर और धर्म सेवा के लिए किया समर्पित
मेहसाणा, 31 अगस्त . Gujarat के मेहसाणा जिले के सुप्रसिद्ध तीर्थस्थल तरभ में गुरु गद्दी वलीनाथ महादेव के दिव्य दरबार से समर्पण और अटूट आस्था की एक अद्भुत मिसाल सामने आई है. यहां कच्छ जिले के अंजार तहसील के मोखाना गांव के एक परिवार ने अपने कलेजे के टुकड़े यानी अपने छोटे बेटे को धर्म ... Read more
गुजरात में काफी ज्यादा गर्मी पड़ती है। वहीं 5 से 6 महीने तो यहां पर बेहद मुश्किल भरे होते हैं। इस दौरान आप छुट्टियों में बच्चों और परिवार के साथ गुजरात के आसपास की जगहों को एक्सप्लोर कर सकते हैं। इससे न सिर्फ आपको गर्मी से राहत मिलेगी, बल्कि आपका बजट भी नहीं बिगड़ेगा। आप गुजरात की आसपास की इन जगहों को एक्सप्लोर करने के लिए 2 दिन का ट्रिप प्लान कर सकती हैं और आराम से वापस भी आ सकती हैं। विल्सन हिल्स विल्सन हिल्स, गुजरात के वलसाड जिले में धरमपुर तहसील के पास स्थित है। यहां पर भी मौसम काफी अच्छा रहता है और यहां आपको काफी कुछ देखने को मिलेगा। आप यहां पर घूमने का प्लान आसानी से बना सकते हैं। लेकिन यह जगह सूरत, अहमदाबाद और वडोदरा से काफी दूर है। इसे भी पढ़ें: IRCTC Kedarnath-Badrinath Tour Package: दिल्ली से 8 दिनों की यात्रा का पूरा Plan, जानें खर्च और Booking Details सापुतारा सापुतारा एक बेहद खूबसूरत जगह है, जोकि महाराष्ट्र की सीमा पर मौजूद है। यह गुजरात का इकलौता पहाड़ी शहर है, जहां पर मौसम काफी अच्छा रहता है। जंगलों और पहाड़ियों से घिरे होने के कारण यहां पर दूर-दूर से लोग घूमने के लिए आते हैं। माउंट आबू राजस्थान के माउंट आबू में भी काफी अच्छा मौसम रहता है। इसलिए रेगिस्तान की गर्मी से बचने के लिए लोग इस जगह पर घूमने के लिए आते हैं। माउंट आबू शहर किसी जन्नत से कम नहीं है। हालांकि यह जगह सूरत से काफी दूर है। गिरनार गिरनार, गुजरात के जूनागढ़ में मौजूद है, इसको एक बेहद पवित्र तीर्थ स्थल माना जाता है। यह समुद्र तल से करीब 3,666 फीट ऊंचे पर्वत पर है। इस पर्वत पर कुल 9,999 सीढ़ियां हैं। इन सीढ़ियों को चढ़कर भक्त चोटियों तक पहुंचते हैं। माथेरान गुजरात के पास स्थित माथेरान को भी ठंडी जगह में गिना जाता है। गुजरात बॉर्डर से करीब 5 घंटे की दूरी पर माथेरान स्थित है और यहां का माहौल भी बेहद शांत है। इसलिए लाखों की संख्या में लोग इस जगह को एक्सप्लोर करने आते हैं और परिवार के साथ सुकून भरे पल बिताते हैं। पावागढ़ हिल्स पावागढ़ हिल्स गुजरात के पंचमहल जिले के पास है। जिसका काफी ज्यादा धार्मिक महत्व है। यह पर्वतमाला 1525 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यहां पर आपको कई प्राचीन मंदिर देखने को मिलेंगे। वहीं यह जगह भी ज्यादा दूर नहीं है।
भोजपुर में एक युवक ने जहर खाकर खुदकुशी कर ली है। रेलवे स्टेशन परिसर में सल्फास की 5 गोलियां खाकर जान दे दी। मृतक की पहचान बिहिया के झौवां बेलवनिया गांव निवासी सुरेश पांडेय के पुत्र बलवंत पांडेय(24) के तौर पर हुई है। परिजन के मुताबिक घर से बैग लेकर गुजरात जाने के लिए निकला था। वहां प्राइवेट कंपनी में काम करता था। बाद में सूचना मिली कि बेहोशी के हालात में आरा स्टेशन के पोर्टिको में पड़ा हुआ है। रेल पुलिस ने इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया। जानकारी मिलने पर परिवार के लोग भी पहुंचे। इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम के बाद पुलसि ने शव सौंप दिया। अफेयर में जान देने की आशंका पुलिस की ओर से बनाए गए मृत्यु समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार मृतक युवक की मौत किसी नशीले पदार्थ के सेवन करने के चलते हुई है। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो पाएगा। ऐसी चर्चा है कि बलवंत किसी लड़की से प्यार करता था। किसी बात को लेकर दोनों में विवाद हो गया। गुस्से में उसने जहर खा लिया। मौत की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया। घर के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच की कार्रवाई, सात मामलों में वांछित बदमाश गिरफ्तार
Ahmedabad, 30 अगस्त . Gujarat Police की Ahmedabad सिटी क्राइम ब्रांच ने ‘छारा गैंग’ के कथित सदस्य और कई मामलों में वांछित 35 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार किया है. आरोपी के खिलाफ लूट, चोरी और Gujarat कंट्रोल ऑफ टेररिज्म एंड ऑर्गनाइज्ड क्राइम कानून के तहत कुल सात मामले दर्ज हैं. Police ने उसके पास से ... Read more
स्टार्टअप और मैन्युफैक्चरिंग के जरिए युवा भारत के विकास को नई गति दे सकते हैं: जगदीश विश्वकर्मा
गांधीनगर, 30 अगस्त . Gujarat भाजपा अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा ने Sunday को कहा कि India का तेजी से बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम और विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्र युवाओं के लिए नए अवसर पैदा कर रहा है. उन्होंने Prime Minister Narendra Modi के 137वें ‘मन की बात’ कार्यक्रम को गांधीनगर में युवाओं के साथ सुना. विश्वकर्मा ने कुदासन ... Read more
गुजरात के फोरेंसिक विशेषज्ञ नेपाल पहुंचे, बाढ़ पीड़ितों की डीएनए पहचान शुरू की
गांधीनगर, 30 अगस्त . Gujarat की नेशनल फोरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी की 10 सदस्यीय फोरेंसिक टीम, नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर आए भयानक बाढ़ और भूस्खलन के पीड़ितों की पहचान करने में नेपाली अधिकारियों की मदद कर रही है. मरने वालों और लापता लोगों की बढ़ती संख्या को देखते हुए डीएनए एक्सपर्ट्स अब जमीनी स्तर पर काम कर ... Read more
नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद गुजरात के एनआरआई समेत 26 लोग लापता, तलाश जारी
नेपाल में आई भीषण बाढ़ में लापता तीर्थयात्रियों के भविष्य को लेकर अनिश्चितताओं के बीच अहमदाबाद निवासी सनी पारिख को अब भी उम्मीद है कि उनकी 65 वर्षीय मां सुरक्षित लौटेंगी। उनकी मां अमेरिकी नागरिक हैं। गांधीनगर में धवल रावल अपने भाई भाविनकुमार की खबर का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। भाविनकुमार ऑस्ट्रेलियाई नागरिक हैं और नेपाल में 26 अगस्त की सुबह हुई त्रासदी के बाद से लापता हैं। इस बीच, उनके दो छोटे बेटे अपने पिता के सुरक्षित घर लौटने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। नेपाल-तिब्बत क्षेत्र में 26 अगस्त को आई अचानक बाढ़ के बाद लापता हुए गुजरात से जुड़े तीर्थयात्रियों, जिनमें अनिवासी भारतीय (एनआरआई) भी शामिल हैं, के परिजन अपने प्रियजनों का पता लगाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। बेबस परिवार अब उम्मीद और भरोसे के सहारे अपने लापता सदस्यों की तलाश में जुटे हैं। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (एसईओसी) द्वारा शुक्रवार को जारी सूची के अनुसार, लापता लोगों की संख्या बढ़कर 26 हो गई है। इनमें गुजरात के कई एनआरआई भी शामिल हैं। एसईओसी के एक अधिकारी ने रविवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘अभी तक किसी का भी पता नहीं चल पाया है।’’सनी पारिख ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि मेरी मां जीवित हैं, उन्हें बचा लिया गया है और वह सुरक्षित हैं।’’ उनकी मां बीना पारिख अमेरिकी नागरिक हैं और अचानक आई बाढ़ के बाद से लापता हैं। बीना से आखिरी बार 24 अगस्त को संपर्क हुआ था, जब उन्होंने संदेश भेजकर बताया था कि वह काठमांडू पहुंच गई हैं और 25 अगस्त को कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए रवाना होंगी। सनी ने कहा, ‘‘सब कुछ अनिश्चित लग रहा है। इस बड़ी आपदा में कई लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है, लेकिन मुझे अब भी अच्छे की उम्मीद है।’’सनी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘हम हर जगह से अपनी मां के बारे में पुख्ता जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि उनके आईफोन की आखिरी लोकेशन फ्रेंडशिप ब्रिज पर दिखाई दी थी।’’ उन्होंने फोन की आखिरी ज्ञात लोकेशन का स्क्रीनशॉट भी साझा किया। सनी ने बताया कि उन्होंने ट्रैवल एजेंसी ड्रीम तिब्बत ट्रैवल एंड टूर से भी संपर्क किया है। इसी एजेंसी के माध्यम से उनकी मां समेत 10 अन्य लोग, जिनमें तीन नेपाली और सात एनआरआई शामिल थे, कैलाश मानसरोवर पहुंचने वाले थे। गांधीनगर निवासी धवल रावल ने बताया कि उनके भाई भाविनकुमार रावल, जो ऑस्ट्रेलियाई नागरिक हैं, 26 अगस्त की सुबह से संपर्क में नहीं हैं। धवल ने बताया, ‘‘भाविनकुमार ने आखिरी बार ऑस्ट्रेलिया में रह रही अपनी पत्नी को संदेश भेजा था कि वह 26 अगस्त को सुबह करीब पांच बजे कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए रवाना हो रहे हैं।’’उन्होंने बताया कि भाविनकुमार के दो नाबालिग बेटे हैं, जो अपने पिता के घर लौटने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। धवल ने कहा, ‘‘घर में सभी लोग चिंतित हैं। हम बार-बार उन्हें फोन कर रहे हैं और व्हाट्सऐप पर संदेश भेज रहे हैं।’’ उन्होंने बताया कि इस बारे में उच्चायोग और राज्य सरकार को भी जानकारी दी गई है। धवल ने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि जल्द ही उनकी खबर मिलेगी।
किर्गिस्तान में पीएम मोदी को सर्व होगा थेपला, शाकाहारी ‘लघमन’ भी मेन्यू का हिस्सा
बिश्केक, 30 अगस्त . किर्गिस्तान Prime Minister Narendra Modi के स्वागत को तैयार है. पीएम मोदी को उनके मनपसंद Gujaratी पकवानों का भी स्वाद चखाया जाएगा. भारतीय मूल के बिश्केक स्थित गांधी रेस्तरां के हेड शेफ चिन्मय बडोदेकर की योजना क्या है, इसका खुलासा उन्होंने आईएएनस से बातचीत में किया. पीएम मोदी को अपने पकवान ... Read more
यूक्रेन जंग में गुजरात की इस रिफाइनरी की हुई चांदी, 2 महीने में सबसे ज्यादा गैसोलीन रूस भेजी
ऊर्जा विश्लेषक कंपनी वॉर्टेक्सा के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में रूस का समुद्री रास्ते से पेट्रोल आयात करीब 1,25,000 बैरल प्रतिदिन के रिकॉर्ड पर पहुंच गया। यह पूरे माह के लिए लगभग 4.7 लाख टन के बराबर है।
किसानों के लिए बड़ी राहत, गुजरात सरकार ने बढ़ाई कृषि उपकरण खरीद की समय सीमा, अब 15 दिन का और मौका
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण और किसान कल्याणकारी निर्णय लिया है। वर्ष 2026-27 के लिए 'मुख्यमंत्री यंत्रीकरण योजना' के तहत कृषि उपकरणों और ट्रैक्टर चालित साधनों की खरीद के लिए पात्र किसानों ...
Gujarat Ahmedabad में Malala Yousafzai की किताब पढ़ने पर बवाल, Bajrang Dal वालों ने किसे पीटा?
अहमदाबाद में मलाला यूसुफजई की किताब ‘I Am Malala’ को लेकर विवाद बढ़ गया है। अहमदाबाद के एक गार्डन में सिविल सोसाइटी के लोग मलाला की किताब पढ़ने के लिए जुटे थे, जहां बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध किया।
AC वेटिंग हॉल, पंखे लगे हुए, नीचे चमचमाते टाइल्स, पहली नजर में यह आपको कोई अच्छा एयरपोर्ट लग सकता है, लेकिन है गुजरात के अहमदाबाद का बस स्टैंड। जल्द ही बिहार में भी ऐसे बस स्टैंड बनाए जाएंगे। राज्य सरकार ने गुजरात मॉडल पर 31 बस स्टैंड को आधुनिक बनाने का फैसला किया है। यहां शॉर्पिंग मॉल, होटल, फूड कोर्ट जैसी सुविधाएं मिलेंगी। कुछ बस स्टैंड के जगह बदले जा सकते हैं। पीपीपी मोड में इन्हें बनाने की तैयारी है। बस स्टैंड को आधुनिक बनाने के लिए सरकार क्या करने जा रही है? गुजरात मॉडल की क्या खासियत है? बिहार में इसे फॉलो करते हुए किस तरह काम होगा? पढ़िए रिपोर्ट…। बस स्टैंड में मिलेंगी एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं सरकार बिहार स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (BSRTC) को आर्थिक रूप से मजबूत करने की योजना पर काम कर रही है। इसके तहत बस स्टैंड में एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। राज्य सरकार का उद्देशय सिर्फ बस स्टैंड नहीं, बल्कि बेहतर रेवेन्यू जेनरेट करने वाला सेंटर बनाना है। इन्हें रोजगार पैदा करने वाले कॉमर्शियल हब के रूप में विकसित किया जाएगा। बिहार सरकार ने 31 एडवांस बस स्टैंड बनाने के लिए गुजरात मॉडल चुना है। गुजरात का GSRTC Bus Port मॉडल देश के सबसे सफल आधुनिक बस टर्मिनल मॉडलों में गिना जाता है। BSRTC के 31 बस डिपो का होगा विकास सरकार सार्वजनिक परिवहन सेवा को हाईटेक करने के लिए बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के 31 बस डिपो का विकास करेगी। इसके लिए जी प्लस 4 से जी प्लस 6 भवन बनाए जाएंगे। बस टर्मिनलों को केवल बसों के संचालन तक सीमित न रखकर मल्टी-फंक्शनल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जाएगा। यात्रियों को एक ही परिसर में परिवहन के साथ आधुनिक नागरिक सुविधाएं भी मिलेंगी। इससे जुड़ा प्रस्ताव सम्राट चौधरी कैबिनेट से पास हो गया है। बस स्टैंड से हुई आमदनी बिहार राज्य पथ परिवहन निगम और निजी भागीदार के बीच शेयर की जाएगी। इस पैसे से बस स्टैंडों का संचालन और रखरखाव होगा। ई-बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन बनेंगे आधुनिक वर्कशॉप, बस पार्किंग, निरीक्षण पिट, स्टोर, टायर सेक्शन, ई-बस चार्जिंग स्टेशन, जल निकासी व्यवस्था, एसटीपी/ईटीपी तथा बैकअप पावर सिस्टम जैसी अत्याधुनिक तकनीकी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इससे भविष्य में संचालित होने वाली इलेक्ट्रिक बसों के संचालन और रखरखाव को सहूलियत होगी। आने वाले दिनों में 400 ई-बसें चलाने की योजना है। इन जिलों में विकसित होंगे आधुनिक बस स्टैंड 31 आधुनिक बस स्टैंड बनाने की योजना जिन जिलों में है उनमें पटना, भागलपुर, नालंदा, गयाजी, मुंगेर और सहरसा धार्मिक पर्यटन के लिहाज के महत्वपूर्ण है। बस स्टैंड अत्याधुनिक बनाने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। पटना में बिहार का सबसे बड़ा बस स्टैंड तैयार होगा। मुजफ्फरपुर उत्तर बिहार का ट्रांजिट केन्द्र बनेगा। दरभंगा और नेपाल कनेक्टिविटी वाला बस स्टैंड होगा। भागलपुर का बस स्टैंड पूर्वी बिहार और झारखंड से जुड़ेगा। पूर्णिया, सीमांचल का प्रमुख बस स्टैंड होगा। एक बस स्टैड में 100 -150 दुकानें हो सकती हैं। 31 बस स्टैंडों में 70 से 80 हजार लोगों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। 500 से 700 स्थायी रोजगार के अवसर बनेंगे। 31 स्टैंडों में 3000 से 5000 दुकानें खुलने की संभावना है। 186.67 करोड़ रुपए की लागत से अहमदाबाद में बना है बस स्टैंड गुजरात मॉडल के अनुसार बनने वाले बस स्टैंड कैसे होंगे इसे अहमदाबाद के गीता मंदिर ST बस टर्मिनल के उदाहरण से समझ सकते हैं। इस बस स्टैंड को 186.67 करोड़ रुपए की लागत से मेगा-मॉल की तरह अल्ट्रा-मॉडर्न रेनोवेशन के बाद तैयार किया गया है। 58,134 वर्ग मीटर में फैले इस टर्मिनल में 93 प्लेटफॉर्म, AC वेटिंग लाउंज और कमर्शियल जोन हैं। यहां से बसें गुजरात के अलग-अलग शहरों के लिए चलती हैं। हाल ही में नया टर्मिनल-2 शुरू हुआ है। यहां एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं दी गईं हैं। इसमें 39 प्लेटफॉर्म, 370 सीटों वाला बोर्डिंग कॉनकोर्स, आधुनिक वेटिंग हॉल और 130 सीटों वाली कैंटीन जैसी सुविधाएं हैं। पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल से बने इस कॉम्प्लेक्स में राज्य परिवहन बस टर्मिनल के साथ-साथ कमर्शियल रिटेल स्पेस, ऑफिस और रिहायशी इलाके भी शामिल हैं। पैदल चलने वालों और गाड़ियों के लिए अलग-अलग रास्ते, दिव्यांगों के लिए खास टॉयलेट, पार्सल रूम और मल्टी-लेवल पार्किंग जैसी सुविधाएं मिलती हैं।
जैसलमेर समेत राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में 827 किमी नई रेल लाइन बिछाई जाएगी। इससे सेना के भारी टैंक, तोपखाने, सैन्य टुकड़ियों और जरूरी रसद को पाकिस्तान सीमा के नजदीक तक पहुंचाना आसान होगा। अभी इन इलाकों में सैन्य साजो-सामान की आवाजाही के लिए सड़क मार्ग पर काफी निर्भरता है, लेकिन नया रेल नेटवर्क तैयार होने के बाद आपात स्थिति में सेना की सप्लाई लाइन मजबूत होगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में पश्चिमी सीमा पर जम्मू-कश्मीर से गुजरात तक निरंतर रेल नेटवर्क तैयार करने की योजना की जानकारी दी है। इसका फायदा सीमावर्ती इलाकों के व्यापार, खनन और पर्यटन को भी मिलने की उम्मीद है। सड़क पर निर्भरता घटेगी, रसद पहुंचाना होगा आसान वर्तमान में सीमावर्ती और संवेदनशील इलाकों में सैन्य रसद और भारी साजो-सामान पहुंचाने के लिए मुख्य रूप से सड़क परिवहन पर निर्भर रहना पड़ता है। तनाव या युद्ध की स्थिति में रेगिस्तानी सड़कें हवाई या मिसाइल हमलों से प्रभावित हो सकती हैं। नई रेल लाइनें तैयार होने के बाद सड़क मार्ग बाधित होने की स्थिति में भी सेना की सप्लाई लाइन को बनाए रखना आसान होगा। रेल की अधिक वहन क्षमता से सैनिकों के लिए भोजन, गोला-बारूद और ईंधन जैसी जरूरी सामग्री तेजी से पहुंचाई जा सकेगी। संसद में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी जानकारी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में परियोजना की जानकारी देते हुए बताया कि पश्चिमी सीमा पर जम्मू-कश्मीर से गुजरात तक निरंतर रेल नेटवर्क तैयार करने की व्यापक कार्ययोजना पर तेजी से काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि ये रेल लाइनें केवल परिवहन का साधन नहीं होंगी, बल्कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ‘डिफेंस लाइन्स’ के तौर पर भी काम करेंगी। इससे आपात स्थिति में सड़क नेटवर्क पर निर्भरता कम होगी और देश की रक्षा तैयारियों को मजबूती मिलेगी। जमीन अधिग्रहण और सर्वे का काम तेज परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए रेलवे और रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के बीच समन्वय बढ़ाया जा रहा है। जमीन अधिग्रहण और सर्वे के काम को गति दी जा रही है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और रेगिस्तान की गर्मी के बावजूद रेलवे प्रशासन योजना को तय समय सीमा में पूरा करने की तैयारी में जुटा है।
भारत का गुजरात राज्य अपने आप में ही अनोखा और समृद्ध माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि गुजरात के भावनगर जिले में शत्रुंजय पहाड़ियों की गोद में बसा पालिताणा एक ऐसी अनोखी जगह है। जिसको मंदिरों के शहर के नाम से जाना जाता है। पूर्व में यह स्थान पादलिप्तपुर नाम से फेमस था। यह शहर जैन धर्म के अनुयायियों के लिए अटूट आस्था का केंद्र माना जाता है। इस जगह की खासियत यह है कि यहां पर 800 से ज्यादा संगमरमर के मंदिर मौजूद हैं। इसी वजह से इसको मंदिरों का शहर कहा जाता है। तो आइए जानते हैं गुजरात के पालीताणा मंदिर की खासियत के बारे में... यहां हैं 800 से ज्यादा भव्य मंदिर माना जाता है कि जैन धर्म के लोगों में अपने जीवनकाल में कम से कम एक बार इन मंदिरों के दर्शन करना निर्वाण या फिर मोक्ष के लिए जरूरी है। शत्रुंजय पहाड़ी पर स्थित यह स्थल इतना अधिक विशाल और भव्य है कि यहां पर करीब 836 संगमरमर से तराशे मंदिर हैं। इसे भी पढ़ें: Unique Temple: भगवान विष्णु के सहस्त्रबाहु मंदिर का 'सास-बहू' नाम पड़ने के पीछे क्या है Fact? जानें पूरा सच इन मंदिरों तक पहुंचने का सफर भी किसी तपस्या से कम नहीं माना जाता है। क्योंकि मुख्य मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को करीब 3500 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। यह जगह इसलिए भी खास है, क्योंकि मान्यता के हिसाब से 24 में से 23 तीर्थकरों ने यहां आकर इस अपनी उपस्थिति से इस पहाड़ी को पावन किया था। रात को रुकना है मना पालिताणा की सबसे अनोखी बात को जानकर आपको हैरानी होगी। दरअसल, यह स्थान पूरी तरह से देवताओं का निवास स्थान माना गया है। यही वजह है कि यहां पर सूर्यास्त के बाद किसी भी इंसान को रात गुजारने की अनुमति नहीं है। यहां तक कि मंदिर की सेवा करने वाले पुजारियों को भी यहां पर रात में रुकने की मनाही है। सदियों से यह परंपरा इस स्थान की दिव्यता और पवित्रता को बनाए रखने के लिए चली आ रही है। जानें धार्मिक महत्व बता दें कि पहाड़ी पर बना मुख्य मंदिर प्रथम तीर्थकर ऋषभदेव जी को समर्पित है। यह श्वेतांबर मूर्तिपूजक संप्रदाय के लिए सबसे अधिक पवित्र स्थान माना जाता है। हालांकि यहां पर दिगंबर जैन समुदाय का भी एक मंदिर है। यह पूरा क्षेत्र न सिर्फ धार्मिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है, बल्कि यह अपनी अद्भुत नक्काशी और वास्तुकला के लिए भी पूरी दुनिया में जाना जाता है। ऐसे पहुंचें पालिताणा अगर आप भी इस पावन नगरी की यात्रा करना चाहते हैं, तो बता दें कि यहां तक पहुंचना बेहद आसान है। यहां का सबसे नजदीकी हवाई अड्डा भावनगर एयरपोर्ट है। जोकि पालिताणा से सिर्फ 55 किमी दूर पर स्थित है। वहीं अगर आप ट्रेन से आना चाहते हैं, तो ये शहर भावनगर और मुंबई जैसे प्रमुख शहरों से रेल से अच्छे से जुड़ा है। वहीं गुजरात के सभी प्रमुख शहरों से पालिताणा के लिए बेहतरीन सड़क कनेक्टिविटी भी मौजूद है।
5 बच्चों में GBS 'गुइयां-बारे सिंड्रोम' से दहशत, देखें गुजरात आजतक
पंजाब के सरकारी स्कूल की बदहाल व्यवस्था का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ... वीडियो में शौचालयों की हालत दिखाते हुए दावा किया गया कि छात्राओं के लिए टॉयलेट नहीं है और जहां टॉयलेट है, वहां पानी तक नहीं है... लेकिन जब आजतक की टीम और शिक्षा मंत्री हरजौत सिंह बैंस ने फतेहगढ़ साहिब के झल्ला गांव के इसी सरकारी स्कूल में पहुंचकर वायरल दावों का रियलिटी चेक किया... तो तस्वीर कुछ अलग ही नजर आई... आखिर वायरल वीडियो का सच और स्कूल की ग्राउंड रियलिटी क्या है...हमारी इस रिपोर्ट में देखिए...
NEET UG Rank List: ACPUGMEC ने गुजरात नीट यूजी 2026 की मेरिट लिस्ट आधिकारिक वेबसाइट medadmgujarat.org पर जारी कर दी है। AIR 43 हासिल करने वाली हिया जैस्मिन वासवदा राज्य में टॉप पर रहीं हैं।
उत्साह और उमंग के साथ निकली तिरंगा यात्रा, देखें गुजरात आजतक
सबसे पहले बात 15 अगस्त की... जिसकी रौनक पूरे देश में देखने को मिल रही है... देश अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा...लेकिन एक दिन पहले ही पूरा गुजरात तिरंगे के रंग में रंगा नजर आ रहा है... हर तरफ देशभक्ति का जोश हाई है... पूरे उत्साह और उमंग के साथ तिरंगा यात्रा निकाली जा रही है.. हाथों में तिरंगा और जुबां पर भारत माता के जयकारे से माहौल पूरी तरह देशभक्ति से सराबोर है.. तो कहीं ध्वजारोहण प्रोटोकॉल को लेकर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है..
हल्की बारिश में ही क्यों डूब जाता है सूरत? देखें गुजरात आजतक
सूरत में बाढ़ का पानी आने से लोगों में काफी गुस्सा है. इलाकों से पानी भले ही अब पूरी तरह से खत्म हो चुका हो, स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है. लेकिन इस प्राकृतिक आपदा से हुई तबाही का खौफ आज भी लोगों के दिलों में बना हुआ है. हर साल दोहराई जाने वाली इस समस्या से तंग आकर शासन-प्रशासन को जमकर कोस रहे हैं. देखें गुजरात आजतक.
सूरत में रैगिंग से परेशान डॉक्टर ने दी जान, देखें गुजरात आजतक
गुजरात में सूरत के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर रहे फर्स्ट ईयर के रेजिडेंट डॉक्टर हर्ष पंड्या ने रैगिंग से परेशान होकर सुसाइड कर लिया.. कॉलेज के सीनियर डॉक्टरों पर रैगिंग का आरोप लगा है.. कॉलेज प्रशासन ने आरोपी डॉक्टरों पर कार्रवाई की है... वहीं हर्ष के गांव में गम का माहौल बना हुआ है.. अंतिम संस्कार के वक्त बड़ी संख्या में परिवार के लोग, रिश्तेदार और समाज के लोग मौजूद थे..
MBBS Seats: गुजरात में 7200 से 7500 हो गई एमबीबीएस की सीटें, कहां और कैसे बढ़ीं
MBBS Seats: गुजरात में एनएमसी की मंजूरी से 300 प्राइवेट एमबीबीएस सीटें बढ़ने से कुल संख्या 7200 से बढ़कर 7,500 हो गई है। क्वालीफाई छात्रों की संख्या कम होने से इस बार मेरिट कट-ऑफ में गिरावट की उम्मीद है।
फ्री फायर का खेल, किशोरी से दोस्ती और रेप; गेमिंग पार्टनर को MP से गिरफ्तार कर गुजरात ले गई पुलिस
मध्य प्रदेश में एक युवक द्वारा 'फ्री फायर' गेम के जरिये अहमदाबाद की एक नाबालिग लड़की को अपने जाल में फंसाकर अपने साथ भगा लाने और दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। गुजरात पुलिस ने 20 वर्षीय आरोपी को अमरपाटन से गिरफ्तार किया है।
'चांदीपुरा' वायरस के तेज रफ्तार से मचा हड़कंप, देखें गुजरात आजतक
गुजरात में चांदीपुरा वायरस से एक बार फिर हड़़कंप मच गया है. इस वायरस से अबतक 22 बच्चों की मौत हो गई. गुजरात में 184 संदिग्ध केस सामने आए हैं, जिनमें 35 मरीज चांदीपुरा वायरस से संक्रमित पाए गए हैं.. वहीं, चांदीपुरा वायरस को लेकर गुजरात स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट है.
मांजलपुर सीट पर बीजेपी का दबदबा बरकरार, देखें गुजरात आजतक
गुजरात के मांजलपुर विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी ने बड़ी और निर्णायक जीत दर्ज की है. बीजेपी उम्मीदवार सतेंद्रभाई पटेल ने कांग्रेस के भिखाभाई रबारी को 30 हजार 630 वोटों के बड़े अंतर से हराकर सीट बरकरार रखी. यह उपचुनाव बीजेपी के वरिष्ठ नेता और आठ बार के विधायक रहे योगेश पटेल के निधन के बाद हुआ था. कम मतदान के बावजूद बीजेपी ने अपने मजबूत जनाधार को कायम रखते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि मांजलपुर में उसका संगठन और सियासी पकड़ अब भी मजबूत है.
ललित सुरजन की कलम से - दिल्ली में गुजरात !
'यूं देखा जाए तो गुजराती भोजनालय भारत के कोने-कोने में मिल जाएंगे। देश में जो प्रमुख पर्यटन स्थल हैं, खासकर तीर्थस्थान, वहां गुजराती भोजनालय होना मानों अनिवार्य ही है।
Gujarat High Court ने आमिर खान के बेटे की पहली फिल्म महाराज की रिलीज पर लगी रोक हटाई
गुजरात उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को बॉलीवुड स्टार आमिर खान के बेटे जुनैद की पहली फिल्म महाराज की रिलीज पर लगी अंतरिम रोक हटाते हुए कहा कि फिल्म में कुछ भी अपमानजनक नहीं है और यह पुष्टिमार्ग संप्रदाय को निशाना नहीं बनाती है, जैसा कि याचिका में आरोप लगाया गया है। यह फिल्म 1862 के एक मानहानि मामले पर आधारित है, जिसमें वैष्णव धार्मिक नेता एवं समाज सुधारक करसनदास मुलजी शामिल थे। पुष्टिमार्ग संप्रदाय के कुछ सदस्यों ने नेटफ्लिक्स पर इस फिल्म की रिलीज के खिलाफ याचिका दायर की थी, जिसमें दावा किया गया था कि यह धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती है। न्यायमूर्ति संगीता विशेन ने 13 जून को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर फिल्म की रिलीज पर अंतरिम रोक लगा दी थी।न्यायाधीश ने शुक्रवार को अपने आदेश में कहा कि फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) द्वारा प्रमाणित किया गया है और यह उक्त संप्रदाय को निशाना नहीं बनाती है।
Gujarat HC ने Netflix को Maharaj रिलीज करने की अनुमति दी, कहा- इससे भावनाएं आहत नहीं होतीं
गुजरात उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को स्ट्रीमिंग दिग्गज नेटफ्लिक्स की फिल्म ‘महाराज’ की रिलीज पर लगी अपनी अस्थायी रोक हटा ली, जिसमें कहा गया कि फिल्म महाराज 1862 के महाराज मानहानि मामले से जुड़ी घटनाओं पर आधारित है और इसका उद्देश्य किसी समुदाय की भावनाओं को आहत करना नहीं है। न्यायमूर्ति संगीता के. विशेन, जिन्होंने 13 जून को फिल्म की रिलीज पर रोक लगाई थी, ने फिल्म देखने के बाद शुक्रवार को नेटफ्लिक्स को फिल्म स्ट्रीम करने की अनुमति देने का फैसला किया। इसे भी पढ़ें: Swara Bhasker के साथ कोई भी निर्माता-निर्देशक नहीं करना चाहता काम? एक्ट्रेस ने खुद किए चौंकाने वाले खुलासे अदालत ने कहा “यह अदालत प्रथम दृष्टया इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि फिल्म महाराज उन घटनाओं पर आधारित है, जिनके कारण मानहानि का मामला दायर किया गया और इसका उद्देश्य पुष्टिमार्गी समुदाय की भावनाओं को आहत करना नहीं है। फिल्म को संबंधित दिशा-निर्देशों पर विचार करने के बाद विशेषज्ञ निकाय केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड द्वारा प्रमाणित किया गया था… 13 जून को दी गई अंतरिम राहत रद्द कर दी गई है। मूल रूप से 14 तारीख को रिलीज होने वाली इस फिल्म को हाईकोर्ट ने नेटफ्लिक्स पर रोक लगा दी थी, क्योंकि व्यापारियों के एक समूह ने इस आधार पर कोर्ट में याचिका दायर की थी कि इसमें वैष्णव समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की क्षमता है। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | नमक-मिर्च लगाकर कच्ची केरी के चटकारे ले रहीं परिणीति चोपड़ा, मिर्जापुर 3 का जबरदस्त ट्रेलर रिलीज फिल्म महाराज गुजराती लेखक सौरभ शाह की 2013 की किताब पर आधारित है, जो 1862 के ऐतिहासिक मानहानि मामले पर आधारित है, जो एक प्रमुख वैष्णव व्यक्ति, जदुनाथजी द्वारा समाज सुधारक करसनदास मुलजी के खिलाफ दायर किया गया था, जिन्होंने सर्वशक्तिमान महाराज द्वारा यौन शोषण के खिलाफ लिखा था। मुलजी ने अपनी पत्रिका सत्यप्रकाश में शोषणकारी प्रथा का खुलासा किया, जिसके कारण मानहानि का मामला चला, जो प्रसिद्ध महाराज मानहानि मामला बन गया। न्यायमूर्ति विशन ने कहा कि याचिकाकर्ताओं की प्राथमिक शिकायत कि फिल्म वैष्णव समुदाय को बदनाम करती है, बदनाम करती है और उसका अपमान करती है, में कोई दम नहीं है। “इस प्रकार उनकी अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए बाध्य है कि याचिकाकर्ताओं की आशंका अनुमानों पर आधारित है। चूंकि फिल्म को अभी सार्वजनिक रूप से देखने के लिए जारी नहीं किया गया है, इसलिए केवल अनुमान के आधार पर संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (ए) के तहत प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित नहीं किया जा सकता है, अदालत ने कहा। उन्होंने खुली अदालत में आदेश सुनाते हुए कहा फिल्म का मुख्य संदेश, जैसा कि प्रतिवादी ने सही कहा है, यह है कि फिल्म सामाजिक बुराई और करसनदास मुलजी द्वारा सामाजिक सुधार के लिए लड़ाई पर केंद्रित है, जो स्वयं वैष्णव समुदाय से थे। उन्होंने कहा, फिल्म किसी भी तरह से धार्मिक भावनाओं को प्रभावित या आहत नहीं करती है। फिल्म यह निष्कर्ष निकालती है कि संप्रदाय किसी भी व्यक्ति या घटना से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। इस घटना को अपवाद मानते हुए वैष्णव संप्रदाय और उसके अनुयायी बढ़ते रहे और भारत के सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक ताने-बाने का गौरवपूर्ण और अभिन्न अंग बने रहे। यह आशंका जताई जा रही है कि इससे सांप्रदायिक विद्वेष पैदा होने की संभावना है। हालांकि, उसी मानहानि मामले के आधार पर 2013 में पुस्तक प्रकाशित हुई थी और किसी घटना की सूचना नहीं दी गई है। उन्होंने कहा, यहां तक कि याचिकाकर्ताओं ने भी यह दावा नहीं किया है कि पुस्तक से सांप्रदायिक विद्वेष पैदा हुआ है।
Chandu Champion: कपिल देव ने कार्तिक आर्यन की फिल्म के लिए लिखा दिल को छू लेने वाला नोट
पूर्व भारतीय क्रिकेटर कपिल देव ने इंस्टाग्राम पर कबीर खान के निर्देशन की प्रशंसा की और उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म ने उन्हें भावुक कर दिया। कपिल देव ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्टर शेयर किया और एक लंबा नोट लिखा, चंदू चैंपियन! निश्चित रूप से एक ऐसी फिल्म जिसे आप मिस नहीं कर सकते। मुझे खेल फिल्में देखना और उनकी सराहना करना वाकई पसंद है। लेकिन यह सिर्फ एक खेल फिल्म होने से कहीं बढ़कर है। यह इससे कहीं बढ़कर है। इसे देखते हुए मैं हंसा, रोया, गर्व महसूस किया और फिर से रोया। @kabirkhankk को सलाम। आपने फिर से कमाल कर दिया। इसे भी पढ़ें: Shraddha Kapoor In love | श्रद्धा कपूर ने राहुल मोदी के साथ अपने रिश्ते को किया कंफर्म, शेयर की क्यूट तस्वीर और इमोशनल पोस्ट उन्होंने आगे लिखा, एक और शानदार फिल्म बनाई। @kartikaaryan ने क्या शानदार अभिनय किया, आपका प्रयास और प्रतिभा चमक रही है। पूरी कास्ट और क्रू को बधाई और हमें यह फिल्म देखने के लिए देने के लिए धन्यवाद। आप सभी चैंपियन हैं! एक और शानदार फिल्म बनाई। @kartikaaryan ने क्या कमाल का अभिनय किया है, आपकी मेहनत और प्रतिभा जगमगा रही है। पूरी कास्ट और क्रू को बधाई और हमें यह फिल्म देखने के लिए देने के लिए आपका धन्यवाद। आप सभी चैंपियन हैं! इसे भी पढ़ें: Gujarat High Court ने फिल्म महाराज की ओटीटी रिलीज पर रोक एक दिन के लिए बढ़ाई कार्तिक और कबीर की फिल्म 'चंदू चैंपियन' 14 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। Sacnilk की एक रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है और अब तक कुल कलेक्शन 29.75 करोड़ रुपये हो चुका है। इसमें कार्तिक मुरलीकांत पेटकर की भूमिका में नजर आ रहे हैं। यह फिल्म एक ऐसे एथलीट की असाधारण कहानी पर आधारित है जिसने कभी हार नहीं मानी। View this post on Instagram A post shared by Kapil Dev (@therealkapildev)
जेल से रिहा होने पर Elvish Yadav ने गुजरात में खेलीजबरदस्त होली, 'राव साहब' को अपने बीच देख क्रेजी हुए फैन्स

