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Firozabad:  पेड़ से लटका मिला युवक का शव; परिजनों ने जताई हत्या की आशंका; गुजरात में करता था नौकरी

मृतक गुजरात की एक निजी कंपनी में नौकरी करता था और घटना की सूचना उसके चचेरे भाई ने पुलिस को दी। पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

अमर उजाला 6 Aug 2026 11:51 am

नवसारी में बाढ़-बारिश से तबाही का भयावह मंजर, देखें गुजरात आजतक

नवसारी जिले में बाढ़-बारिश ने भयंकर तबाही मचाई. आसमान से ऐसी आफत बरसी कि हर तरफ बर्बादी के निशान दिख रहे हैं. नदी के रौद्र रूप के आगे इंसान बेबस था. पानी के तेज बहाव की वजह से कई लोगों के घर ढह गए, तो कई कच्चे मकान सैलाब के साथ बह गए. अब जिंदगी को दोबारा पटरी पर लाने की जद्दोजहद जारी है. देखें गुजरात आजतक.

आज तक 6 Aug 2026 7:51 am

Pilibhit News: हत्यारोपी महिला के दूसरे पति की तलाश तेज, गुजरात गई पुलिस

31 जुलाई को हुए उमाशंकर हत्याकांड में साजिश रचने के आरोप में पुलिस ने किया था नामजद

अमर उजाला 6 Aug 2026 2:01 am

क्या होता है एनालॉग पनीर, चीज और मक्खन? गुजरात सरकार ने लगाया बैन, दी चेतावनी

गुजरात सरकार ने नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए वनस्पति तेल से बने एनालॉग पनीर, चीज और मक्खन के निर्माण और बिक्री पर रोक लगा दी है। सरकार ने साफ किया है कि नकली पनीर की बिक्री करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

लाइव हिन्दुस्तान 5 Aug 2026 11:09 pm

नकली पनीर और बटर पर बड़ा एक्शन, गुजरात में 'एनालॉग पनीर' पर लगा बैन

गुजरात सरकार ने भी एनालॉग पनीर, चीज़ और बटर के उत्पादन, बिक्री, भंडारण और परिवहन पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है. फूड सेफ्टी जांच में अनियमितताएं मिलने के बाद यह फैसला लिया गया. सरकार ने होटल, रेस्तरां और व्यापारियों को सिर्फ मानकों के अनुरूप असली डेयरी उत्पादों का उपयोग और बिक्री करने के निर्देश दिए हैं.

आज तक 5 Aug 2026 10:05 pm

चांदीपुरा वायरस पर केंद्र ने संभाला मोर्चा, गुजरात और राजस्थान में टीमें तैनात

केंद्र सरकार ने गुजरात और राजस्थान में फैले चांदीपुरा वायरस से निपटने के लिए राष्ट्रीय संयुक्त प्रकोप प्रतिक्रिया दल (एनजॉर्ट) तैनात किया है। एनजॉर्ट की मदद के लिए आपातकालीन केंद्र भी एक्टिव किया गया है।

लाइव हिन्दुस्तान 5 Aug 2026 9:03 pm

राष्ट्रमंडल खेल 2026: चुनौतियों के बीच चमका भारत

राष्ट्रमंडल खेल केवल पदकों की प्रतियोगिता नहीं बल्कि किसी देश की खेल संस्कृति, प्रतिभा विकास, खेल विज्ञान, प्रशिक्षण व्यवस्था और दीर्घकालिक खेल नीति का दर्पण भी होते हैं। ग्लासगो (स्कॉटलैंड) में 23 जुलाई से 2 अगस्त तक आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों का समापन भारत के लिए अनेक उपलब्धियों, कुछ अधूरी अपेक्षाओं और भविष्य की नई संभावनाओं के साथ हुआ। भारतीय दल ने 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य सहित कुल 39 पदक जीतकर पदक तालिका में चौथा स्थान प्राप्त किया। यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस बार प्रतियोगिता के कार्यक्रम में निशानेबाजी, कुश्ती, बैडमिंटन, हॉकी, टेबल टेनिस इत्यादि भारत के कई पारंपरिक मजबूत खेल शामिल ही नहीं थे। इन खेलों में भारत सामान्यतः बड़ी संख्या में पदक जीतता रहा है। ऐसे में सीमित अवसरों के बावजूद चौथा स्थान बनाए रखना भारतीय खिलाड़ियों की क्षमता और जुझारूपन का प्रमाण है। पदक तालिका में ऑस्ट्रेलिया ने 70 स्वर्ण सहित कुल 171 पदक जीतकर एक बार फिर अपना दबदबा कायम रखा। इंग्लैंड 110 पदकों के साथ दूसरे तथा कनाडा 62 पदकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। मेजबान स्कॉटलैंड भी 39 पदकों के साथ प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए पांचवें स्थान पर रहा। भारत और स्कॉटलैंड के कुल पदक समान रहे लेकिन स्वर्ण पदकों की संख्या के आधार पर भारत चौथे स्थान पर रहा। यदि पिछले राष्ट्रमंडल खेलों के प्रदर्शन की तुलना करें तो एक दिलचस्प तस्वीर सामने आती है। वर्ष 2018 में ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने 26 स्वर्ण, 20 रजत और 20 कांस्य सहित कुल 66 पदक जीतकर तीसरा स्थान हासिल किया था। उस प्रतियोगिता में निशानेबाजी ने अकेले 16 पदक दिलाकर भारत की सफलता में सबसे बड़ी भूमिका निभाई थी। इसके अलावा मुक्केबाजी, भारोत्तोलन और कुश्ती में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया था। 2022 में इंग्लैंड के बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने 22 स्वर्ण, 16 रजत और 23 कांस्य सहित कुल 61 पदक जीतकर चौथा स्थान प्राप्त किया था। तब कुश्ती में भारत के सभी 12 पहलवानों ने पदक जीतकर इतिहास रचा था जबकि भारोत्तोलन और टेबल टेनिस में भी भारतीय खिलाड़ियों ने उल्लेखनीय सफलता अर्जित की थी। इन दोनों आयोजनों की तुलना में 2026 के ग्लासगो खेलों में भारत के कुल पदकों की संख्या घटकर 39 रह गई। पहली दृष्टि में यह गिरावट चिंताजनक लग सकती है किंतु यदि प्रतियोगिता के कार्यक्रम का विश्लेषण किया जाए तो स्पष्ट होता है कि भारत के अनेक पदक संभावित खेल इस बार आयोजित ही नहीं किए गए। इसलिए केवल पदकों की संख्या के आधार पर प्रदर्शन का मूल्यांकन करना उचित नहीं होगा। वास्तव में भारत ने उपलब्ध अवसरों का काफी प्रभावी उपयोग किया और जिन खेलों में उसने भाग लिया, उनमें उल्लेखनीय सफलता अर्जित की। इसे भी पढ़ें: Gujarat CM भूपेंद्र पटेल को सौंपा गया Commonwealth Games ध्वज, 2030 की तैयारियां शुरू इस बार भारतीय मुक्केबाजों ने राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास का सर्वश्रेष्ठ अभियान चलाया। भारत ने मुक्केबाजी में सात स्वर्ण और तीन रजत सहित कुल दस पदक जीतकर नया इतिहास रच दिया। महिला मुक्केबाजों ने विशेष रूप से प्रभावित किया। जैस्मीन लम्बोरिया, प्रिया घनघस, साक्षी चौधरी और प्रीति पवार जैसी युवा खिलाड़ियों ने यह संकेत दिया कि भारतीय महिला मुक्केबाजी का भविष्य अत्यंत उज्ज्वल है। ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन स्वर्ण से भले चूक गई लेकिन उनका अनुभव और प्रदर्शन भारतीय मुक्केबाजी की मजबूती का प्रमाण बना रहा। पुरुष वर्ग में भी सचिन सिवाच और अंकुश सहित अन्य मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत की पदक संख्या बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। यह सफलता दर्शाती है कि भारतीय मुक्केबाजी अब केवल कुछ खिलाड़ियों पर निर्भर नहीं रही बल्कि उसके पास प्रतिभाओं की व्यापक श्रृंखला तैयार हो चुकी है। भारोत्तोलन ने भी भारत की प्रतिष्ठा बनाए रखी। पिछले एक दशक में इस खेल में भारतीय खिलाड़ियों ने निरंतर प्रगति की है। ग्लासगो में भी उन्होंने अपने प्रदर्शन से यह साबित किया कि विश्व स्तर पर भारत अब एक मजबूत शक्ति बन चुका है। जूडो में भारतीय खिलाड़ियों ने अपेक्षा से बेहतर प्रदर्शन किया और कई महत्वपूर्ण पदक जीतकर यह संदेश दिया कि यह खेल भी भारत में तेजी से विकसित हो रहा है। हालांकि जूडो खिलाड़ी तूलिका मान का डोपिंग रोधी नियमों के अंतर्गत तीन बार ‘वेयरअबाउट्स’ संबंधी जानकारी देने में विफल रहने के कारण अस्थायी निलंबन और प्रतियोगिता से बाहर होना भारतीय दल के लिए एक बड़ा झटका था। यह घटना बताती है कि विश्वस्तरीय प्रतिस्पर्धा में केवल खेल कौशल ही नहीं, डोपिंग रोधी नियमों के प्रति पूर्ण जागरूकता और अनुशासन भी उतना ही आवश्यक है। एथलेटिक्स में भारत का प्रदर्शन इस बार विशेष चर्चा का विषय रहा। गुलवीर सिंह ने राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में नया अध्याय जोड़ते हुए 10,000 मीटर दौड़ में रजत और 5,000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। वे एक ही राष्ट्रमंडल खेल में ट्रैक एवं फील्ड स्पर्धाओं में दो पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने। इससे पहले भारत को इन लंबी दूरी की स्पर्धाओं में कभी पदक नहीं मिला था। यह उपलब्धि भारतीय एथलेटिक्स के बदलते स्वरूप और वैज्ञानिक प्रशिक्षण प्रणाली की सफलता का संकेत देती है। पैरा खेलों में भी भारत ने 3 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य सहित कुल सात पदक जीतकर नया इतिहास बनाया। यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह राष्ट्रमंडल खेलों के पैरा वर्ग में भारत के अब तक के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के बराबर है। यदि भारतीय दल के प्रदर्शन का गहन विश्लेषण किया जाए तो स्पष्ट होता है कि इस बार महिलाओं ने शानदार योगदान दिया। महिला खिलाड़ियों ने 8 स्वर्ण सहित कुल 16 पदक जीतकर भारतीय खेलों में बढ़ती महिला भागीदारी और उत्कृष्टता का परिचय दिया। दूसरी ओर पुरुष खिलाड़ियों ने कुल 23 पदक जीतकर संतुलित प्रदर्शन किया। फिर भी यह स्वीकार करना होगा कि 2026 का प्रदर्शन भारत के लिए संतोषजनक अवश्य है लेकिन ऐतिहासिक नहीं। वर्ष 2010 के नई दिल्ली राष्ट्रमंडल खेल आज भी भारत के स्वर्णिम अध्याय बने हुए हैं, जब भारत ने 38 स्वर्ण सहित कुल 101 पदक जीतकर ऑस्ट्रेलिया के बाद दूसरा स्थान प्राप्त किया था। घरेलू मैदान का लाभ अपनी जगह है लेकिन वह प्रदर्शन यह भी दर्शाता है कि यदि मजबूत खेल अवसंरचना, व्यापक खिलाड़ी आधार और सुव्यवस्थित तैयारी हो तो भारत शीर्ष देशों को कड़ी चुनौती देने की क्षमता रखता है। भारत की खेल यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष अब यह है कि देश अब कुछ चुनिंदा खेलों तक सीमित नहीं रह गया है। पहले भारत की अधिकांश सफलता निशानेबाजी, कुश्ती, बैडमिंटन और भारोत्तोलन तक सीमित रहती थी जबकि अब मुक्केबाजी, जूडो, एथलेटिक्स और पैरा खेलों में भी लगातार नए खिलाड़ी उभर रहे हैं। यह परिवर्तन भारत की खेल नीति, खेलो इंडिया जैसी योजनाओं, बेहतर प्रशिक्षण सुविधाओं, खेल विज्ञान, पोषण और खिलाड़ियों को मिलने वाले आर्थिक सहयोग का सकारात्मक परिणाम है। हालांकि अभी भी प्रतिभा पहचान, जमीनी स्तर पर कोचिंग, खेल चिकित्सा, मानसिक प्रशिक्षण और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के प्रतिस्पर्धी अनुभव को और मजबूत करने की आवश्यकता बनी हुई है। अब भारतीय खेल जगत की निगाहें वर्ष 2030 पर टिक गई हैं, जब राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी अहमदाबाद करेगा। यह केवल एक खेल आयोजन नहीं बल्कि भारत के लिए विश्व के सामने अपनी खेल क्षमता, आधुनिक अवसंरचना और संगठनात्मक दक्षता प्रदर्शित करने का सुनहरा अवसर होगा। ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों ने भारत को यह विश्वास अवश्य दिलाया है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हों, भारतीय खिलाड़ी हर मंच पर देश का गौरव बढ़ाने का सामर्थ्य रखते हैं। अब आवश्यकता इस बात की है कि इन उपलब्धियों को अंतिम लक्ष्य न मानकर उन्हें ओलंपिक और वैश्विक खेल महाशक्ति बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखा जाए। जिन खेलों में भारत विश्वस्तरीय शक्ति बन चुका है, उन्हें और सशक्त किया जाए तथा एथलेटिक्स, तैराकी, जिम्नास्टिक और अन्य ओलंपिक खेलों में भी दीर्घकालिक निवेश बढ़ाया जाए। यदि भारत अपनी खेल नीतियों में निरंतरता बनाए रखता है, खिलाड़ियों को वैज्ञानिक प्रशिक्षण, विश्वस्तरीय सुविधाएं और दीर्घकालिक समर्थन उपलब्ध कराता है तो वह दिन दूर नहीं, जब राष्ट्रमंडल ही नहीं, ओलंपिक और अन्य वैश्विक प्रतियोगिताओं में भी भारत पदक तालिका के शीर्ष देशों में नियमित रूप से दिखाई देगा। - योगेश कुमार गोयल (लेखक 36 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय वरिष्ठ पत्रकार और ‘सागर से अंतरिक्ष तक: भारत की रक्षा क्रांति’ सहित कई पुस्तकों के लेखक हैं)

प्रभासाक्षी 5 Aug 2026 5:58 pm

Gujarat CM भूपेंद्र पटेल को सौंपा गया Commonwealth Games ध्वज, 2030 की तैयारियां शुरू

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को बुधवार को राष्ट्रमंडल खेलों का ध्वज औपचारिक तौर पर सौंप दिया गया जिससे 2030 में अहमदाबाद में होने वाले खेलों की तैयारियों की सांकेतिक शुरूआत भी हो गई। ग्लास्गो से लौटने के बाद गुजरात के उप मुख्यमंत्री हर्ष सांघवी ने पटेल को यहां कैबिनेट बैठक के दौरान ध्वज सौंपा। दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा, भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा के साथ सांघवी ग्लास्गो में राष्ट्रमंडल खेलों के समापन समारोह में मौजूद थे जहां राष्ट्रमंडल खेलों का ध्वज अगले मेजबान के तौर पर भारत को सौंपा गया। इसे भी पढ़ें: Mansukh Mandaviya: ग्लास्गो CWG में भारत का प्रदर्शन 10 साल के काम का नतीजा एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार ,‘‘ उप मुख्यमंत्री हर्ष सांघवी ने राष्ट्रमंडल खेलों का ध्वज औपचारिक तौर पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को यहां प्रदेश कैबिनेट बैठक के दौरान पूरे सम्मान और गरिमा के साथ सौंपा।’’ इस मौके पर ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भाग लेने वाले गुजरात के पैरा खिलाड़ी राकेश भट्ट और रोहित मजगुल भी मौजूद थे। पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी सोनल पटेल भी समारोह में थी।

प्रभासाक्षी 5 Aug 2026 5:16 pm

सीडब्ल्यूजी 2026: सीएम-डिप्टी सीएम ने बढ़ाया खिलाड़ियों का मान, गुजरात के स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर के इस्तेमाल की पेशकश

गांधीनगर, 5 अगस्त (आईएएनएस)। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल और उप-मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने 'कॉमनवेल्थ गेम्स 2026' में देश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों का स्वागत किया है। इसी के साथ उप-मुख्यमंत्री ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की तैयारियों के बारे में बताते हुए देश भर के खिलाड़ियों के लिए गुजरात के स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर की पेशकश की।

समाचार नामा 5 Aug 2026 4:40 pm

युवाओं को ज्यादा से ज्यादा मौके स्पोर्ट्स सेक्टर में मिले, इसके लिए गुजरात सरकार काम कर रही है: हर्ष संघवी

अहमदाबाद, 5 अगस्त (आईएएनएस)। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने देश में फिटनेस के प्रति जागरूकता फैलाने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया है। उन्होंने कहा कि गुजरात सरकार देश के युवाओं को ज्यादा से ज्यादा मौके स्पोर्ट्स सेक्टर में मिले, इसके लिए केंद्र सरकार के मार्गदर्शन में लगातार काम कर रही है।

समाचार नामा 5 Aug 2026 9:17 am

'चांदीपुरा' वायरस के तेज रफ्तार से मचा हड़कंप, देखें गुजरात आजतक

गुजरात में चांदीपुरा वायरस से एक बार फिर हड़़कंप मच गया है. इस वायरस से अबतक 22 बच्चों की मौत हो गई. गुजरात में 184 संदिग्ध केस सामने आए हैं, जिनमें 35 मरीज चांदीपुरा वायरस से संक्रमित पाए गए हैं.. वहीं, चांदीपुरा वायरस को लेकर गुजरात स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट है.

आज तक 5 Aug 2026 8:48 am

Varanasi News: ओखा एक्सप्रेस से गुजरात ले जा रहे थे छह बच्चे, आरपीएफ ने कैंट स्टेशन पर उतारा

ओखा एक्सप्रेस से गुजरात ले जा रहे थे छह बच्चे, आरपीएफ ने कैंट स्टेशन पर उतारा

अमर उजाला 5 Aug 2026 1:54 am

MP में फर्जी बैंक गारंटी से करोड़ों का सरकारी ठेका! काम पूरा होने के बाद खुला राज, गुजरात की कंपनी पर FIR

मध्य प्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी (MP-UDC) ने जाली बैंक गारंटी के आधार पर गुजरात की एक कंपनी को 6.57 करोड़ का ठेका दिया, जिसका खुलासा काम पूरा होने के बाद हुआ। एमपी-यूडीसी के वित्त नियंत्रक ने सूरत की कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला दर्ज कराया है, जिसमें पुलिस जांच कर रही है।

जागरण 4 Aug 2026 7:39 pm

CWG में ऐतिहासिक प्रदर्शन: Union Minister Mandaviya ने Indian Boxers का किया सम्मान

केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने मंगलवार को उन भारतीय मुक्केबाजों का सम्मान किया जिन्होंने हाल ही में ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए इतिहास रचा। मंडाविया ने नई दिल्ली में अपने घर पर मुक्केबाजों से मुलाकात की और स्कॉटलैंड के इस शहर में हुए चार साल में एक बार होने वाले इस इवेंट में 10 मेडल जीतने के लिए उन्हें बधाई दी। खेल मंत्री ने ग्लासगो में शानदार प्रदर्शन करने वाले मुक्केबाजों को चेक दिए। मंडाविया ने सभी सात गोल्ड मेडल जीतने वालों को 30-30 लाख रुपये का चेक दिया, जबकि गेम्स में सिल्वर मेडल जीतने वाले तीन खिलाड़ियों को 20-20 लाख रुपये का चेक दिया। इसे भी पढ़ें: Haryana को मेडल, Gujarat को गेम्स! Deependra Hooda ने Commonwealth Games 2030 की मेजबानी पर उठाए सवाल मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन और अब 57kg कैटेगरी में कॉमनवेल्थ गेम्स की विजेता जैस्मिन लंबोरिया ने खेल मंत्री से मिलकर खुशी जताई। उन्होंने यह भी बताया कि मंडाविया ने उनसे कहा कि वह मुक्केबाजों की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात का इंतज़ाम करेंगे। लंबोरिया ने समाचार एजेंसी ANI को बताया कि यह बहुत अच्छा लग रहा है। हम आज सुबह करीब 2 या 3 बजे भारत पहुंचे। हमारे खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने हमें यहां बुलाया और बहुत सम्मान दिया। उन्होंने आगे कहा कि यह जानकर बहुत अच्छा लगा कि हमारे देश के खेल मंत्री हमें इतना सपोर्ट कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर हमें कभी किसी चीज़ की ज़रूरत पड़ी, तो वे पक्का करेंगे कि उसका इंतज़ाम हो जाए। उन्होंने यह भी कहा कि वे जल्द ही प्रधानमंत्री मोदी से हमारी मुलाक़ात के लिए कोई तारीख़ तय करेंगे। इस बीच, 60 किग्रा इवेंट में गोल्ड मेडल जीतने वाली प्रिया घांघस ने मंडाविया के साथ अपनी मुलाकात के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि मंत्री ने बॉक्सर्स से आने वाले एशियन गेम्स के बारे में भी बातचीत की। घांघस ने कहा, बहुत अच्छा लगा कि मंत्री जी हमें सपोर्ट करने और हमारा हौसला बढ़ाने के लिए यहां आए। उन्होंने हमसे आने वाले एशियन गेम्स के बारे में भी बात की... घर पर जश्न का माहौल है। इसे भी पढ़ें: Jasprit Bumrah की चोट पर BCCI Selection Committee नाराज, COE के फिटनेस मैनेजमेंट पर उठे गंभीर सवाल वहीं, घांघस ने अपना ध्यान एशियन गेम्स पर लगा दिया है, जो 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक आइची नागोया में होने वाले हैं। मंगलवार तड़के भारत पहुंचने पर उन्होंने अपने अगले लक्ष्य के बारे में बात की। IGI एयरपोर्ट पहुंचने के कुछ ही देर बाद घांघस ने कहा कि इतने बड़े मंच पर राष्ट्रगान सुनना एक ऐसा एहसास है जिसे मैं हमेशा याद रखूंगी। लेकिन अब मेरा ध्यान एशियन गेम्स पर है, जहां मैं एक और गोल्ड मेडल जीतना चाहती हूं। भारतीय मुक्केबाजों ने ग्लासगो गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 10 मेडल जीते, जो कॉमनवेल्थ गेम्स के किसी एक संस्करण में जीते गए अब तक के सबसे ज़्यादा मेडल हैं। For more Sports News in Hindi Today please click here.

प्रभासाक्षी 4 Aug 2026 7:36 pm

'मेडल हरियाणा देता है, खेल गुजरात में क्यों?', दीपेंद्र हुड्डा ने संसद में किया प्रदर्शन; बबीता फोगाट ने कहा- 'करते रहिए नौटंकी, अहलुवा नौटंकी'

कॉमवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी गुजरात को मिलने को लेकर कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्रदर्शन किया है। उन्होंने संसद परिसर में 'मेडल हरियाणा देता है, खेल गुजरात मे क्यों?' की नारेबाजी की। वहीं उनके इस प्रदर्शन पर बबीता फोगाट ने निशाना साधा। बबीता फोगाट ने इसे नौटंकी बताया।

खबर इंडिया टीवी 4 Aug 2026 3:59 pm

देश के कोने-कोने घूम लीजिए, लेकिन भारत के सबसे खास नजारे मिलेंगे सिर्फ इस छोर पर!

भारत में घूमने के लिए सिर्फ मशहूर जगहें ही नहीं हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों में कई ऐसी खूबसूरत जगहें भी हैं, जहां बहुत कम लोग पहुंच पाते हैं। यहां आपको शांत माहौल, शानदार नजारे और कुछ नया देखने का मौका मिलेगा। अगर इस बार छुट्टियों में किसी अलग जगह जाने का प्लान बना रहे हैं, तो ये डेस्टिनेशन आपकी ट्रिप को यादगार बना सकते हैं। धनुषकोडी, तमिलनाडु (Dhanushkodi, Tamil Nadu) धनुषकोडी भारत के दक्षिण-पूर्व में एक शानदार जगह है। यह वहीं है, जहां बंगाल की खाड़ी और हिंद महासागर एक-दूसरे से मिलते हैं। साल 1964 में आए एक भयानक चक्रवात ने इस पूरे शहर को खत्म कर दिया था। इसके बाद यहां रहने वाले लोग दूसरी जगह चले गए और आज यह लगभग वीरान है। यहां टूटे हुए रेलवे स्टेशन, चर्च और पुराने मकानों के टुकड़े आज भी देखे जा सकते हैं। समुद्र के बीच बनी सड़क और चारों तरफ का नजारा बेहतरीन है। जीरो पॉइंट, सिक्किम (Zero Point, Sikkim) जीरो पॉइंट उत्तरी सिक्किम में भारत-चीन बॉर्डरके पास है। यह करीब 15,000 फीट की ऊंचाई पर है और साल के ज्यादातर समय बर्फ से ढका रहता है। यहां से हिमालय की बर्फीली चोटियां और चारों ओर फैले सफेद पहाड़ बेहद खूबसूरत दिखाई देते हैं। बर्फबारी का मजा लेने और शानदार नजारों के लिए हर साल बड़ी संख्या में टूरिस्ट यहां पहुंचते हैं। किब्बर, हिमाचल प्रदेश (Kibber, Himachal Pradesh) हिमाचल प्रदेश की स्पीति घाटी में बसा किब्बर भारत के सबसे ऊंचाई पर बसा गांव है। यह समुद्र तल से करीब 4,200 मीटर की ऊंचाई पर है। यहां से बर्फ से ढके पहाड़, खुला नीला आसमान और शांत घाटियां दिखाई देती हैं। किब्बर वाइल्डलाइफ सेंक्चुरी भी यहीं है, जहां हिम तेंदुआ (स्नो लेपर्ड), नीली भेड़ और कई दुर्लभ जानवर पाए जाते हैं। आपको पहाड़ और एडवेंचर पसंद हैं, तो यह जगह जरूर घूमनी चाहिए। गुहार मोती, गुजरात (Guhar Moti, Gujarat)गुहार मोती गुजरात के कच्छ जिले का सबसे पश्चिम में बसा गांव है। यह भारत-पाकिस्तान सीमा के बहुत पास है। यहां चारों ओर नमक वाले मैदान, दलदली इलाके और समुद्र का नजारा देखने को मिलता है। यह इलाका नारायण सरोवर के पास होने के कारण नेचर लवर और पक्षियों को देखने के शौकीनों के बीच भी काफी पॉपुलर है। यहां का शांत माहौल और बारिश में हरियाली लोगों को अपनी ओर अट्रैक्ट करता है। गुरेज घाटी, जम्मू और कश्मीर (Gurez Valley, Jammu and Kashmir)गुरेज घाटी जम्मू-कश्मीर की सबसे खूबसूरत और शांत घाटियों में से एक है। यह लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के पास किशनगंगा नदी के किनारे बसी है। चारों ओर ऊंचे पहाड़, हरे-भरे मैदान, लकड़ी के घर और बहती नदी इस जगह की खूबसूरती को और बढ़ा देते हैं। पुराने समय में यह इलाका भारत और मध्य एशिया के बीच बिज़नेस करने का रास्ता हुआ करता था। भीड़ से दूर सुकून भरी जगह पर जाना चाहते हैं, तो गुरेज घाटी परफेक्ट है। माना गांव , उत्तराखंड (Mana Village, Uttarakhand)माना गांव उत्तराखंड में बद्रीनाथ धाम के पास है और इसे लंबे समय से भारत का आखिरी गांव कहा जाता है। यह तिब्बत सीमा से पहले पड़ता है। इस गांव का संबंध महाभारत की कई कहानियों से भी माना जाता है। यहां सरस्वती नदी, भीम पुल, व्यास गुफा और गणेश गुफा कई धार्मिक और ऐतिहासिक जगह हैं। पहाड़ों के बीच बसा यह छोटा-सा गांव अपनी सुंदरता और शांत माहौल के कारण टूरिस्ट को अट्रैक्ट करता है। काहो, अरुणाचल प्रदेश (Kaho, Arunachal Pradesh)काहो भारत के सबसे पूर्व में बसे गांवों में से एक है। यह अरुणाचल प्रदेश के अंजाव जिले में भारत-चीन बॉर्डर के पास है। कहा जाता है कि भारत में सबसे पहले सूरज की किरणें इसी इलाके में दिखाई देती हैं। यहां का शांत वातावरण, हरे-भरे पहाड़ और जनजातियों की संस्कृति टूरिस्ट को अलग एक्सपीरियंस देती है। इंदिरा पॉइंट, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह (Indira Point, Andaman and Nicobar Islands)इंदिरा पॉइंट भारत का सबसे दक्षिणी स्थान है, जो ग्रेट निकोबार द्वीप पर स्थित है। यहां बना लाइटहाउस इस जगह की सबसे बड़ी पहचान है। साल 2004 में आई सुनामी के बाद इस इलाके का कुछ हिस्सा समुद्र में धंस गया था। फिर भी यह जगह अपनी खूबसूरती और ऐतिहासिक महत्व के कारण खास मानी जाती है। यहां का नीला समुद्र और शांत वातावरण देखने लायक होता है।

ज़ी न्यूज़ 4 Aug 2026 9:24 am

मांजलपुर सीट पर बीजेपी का दबदबा बरकरार, देखें गुजरात आजतक

गुजरात के मांजलपुर विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी ने बड़ी और निर्णायक जीत दर्ज की है. बीजेपी उम्मीदवार सतेंद्रभाई पटेल ने कांग्रेस के भिखाभाई रबारी को 30 हजार 630 वोटों के बड़े अंतर से हराकर सीट बरकरार रखी. यह उपचुनाव बीजेपी के वरिष्ठ नेता और आठ बार के विधायक रहे योगेश पटेल के निधन के बाद हुआ था. कम मतदान के बावजूद बीजेपी ने अपने मजबूत जनाधार को कायम रखते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि मांजलपुर में उसका संगठन और सियासी पकड़ अब भी मजबूत है.

आज तक 4 Aug 2026 8:46 am

News Updates: मेघालय में प्रदूषण बोर्ड कार्यालय पर पेट्रोल बम हमला; 8 सितंबर से गुजरात विधानसभा का मानसून सत्र

News Updates: मेघालय में प्रदूषण बोर्ड कार्यालय पर पेट्रोल बम हमला; 8 सितंबर से गुजरात विधानसभा का मानसून सत्र

अमर उजाला 4 Aug 2026 2:51 am

Chandipura Virus ने बढ़ाई चिंता, गुजरात सरकार बोली...

गुजरात में चांदीपुरा वायरस के 35 मामलों की पुष्टि और 22 बच्चों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट पर है. सरकार ने अस्पतालों को विशेष निर्देश जारी किए हैं और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है. संक्रमण की रोकथाम के लिए राज्यभर में निगरानी और सर्वे अभियान जारी है

आज तक 3 Aug 2026 10:20 pm

22 बच्चों की मौत से गुजरात में हड़कंप, चांदीपुरा वायरस को लेकर हाई अलर्ट

गुजरात में चांदीपुरा वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट है. राज्य में अब तक 184 संदिग्ध मामले सामने आए हैं, जिनमें 35 मरीज चांदीपुरा वायरस से संक्रमित पाए गए हैं. 22 बच्चों की मौत हो चुकी है. सरकार ने अस्पतालों को विशेष निर्देश जारी किए हैं और लोगों से अफवाहों से बचने तथा लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल पहुंचने की अपील की है.

आज तक 3 Aug 2026 9:12 pm

बिहार से गुजरात तक उपचुनाव के नतीजे, बांकीपुर में प्रशांत किशोर की बढ़त; MP में कांग्रेस मजबूत

बिहार से गुजरात तक उपचुनाव के नतीजे, बांकीपुर में प्रशांत किशोर की बढ़त; MP में कांग्रेस मजबूत

समाचार नामा 3 Aug 2026 4:50 pm

APK फाइल भेजकर गुजरात के CM के भाई के खाते से उड़ाए 10 लाख, सूरत पुलिस ने कांवड़िया बन गिरिडीह से दो को दबोचा

Gujarat CM Bhupendra Patelके चचेरे भाई से 10 लाख से अधिक की ठगी के मामले में सूरत पुलिस ने गिरिडीह से दो आरोपियों, रूपलाल मंडल और मुकेश मंडल को गिरफ्तार किया है।

जागरण 3 Aug 2026 3:20 pm

ग्लासगो में कम्युनिटी योग इवेंट में शामिल हुए गुजरात के डिप्टी सीएम

ग्लासगो में कम्युनिटी योग इवेंट में शामिल हुए गुजरात के डिप्टी सीएम

समाचार नामा 31 Jul 2026 10:18 pm

Aaj Ka Panchang 11 July 2026: शनिवार को 3 शुभ योगों का महासंयोग, जानें राहुकाल का समय और एकादशी पारण का शुभ मुहूर्त

सनातन धर्म में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत करने, यात्रा पर निकलने या धार्मिक अनुष्ठान करने से पहले दैनिक पंचांग (Daily Panchang) देखना बेहद महत्वपूर्ण और कल्याणकारी माना जाता है। पंचांग के माध्यम से हमें दिन के सभी शुभ-अशुभ समय और ग्रहों की स्थिति की सटीक जानकारी मिलती है।दैनिक पंचांग के अनुसार, आज 11 जुलाई 2026, दिन शनिवार है। हिंदू कैलेंडर के मुताबिक आज आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि है। आज का दिन धार्मिक दृष्टिकोण से बहुत खास है, क्योंकि आज 'योगिनी एकादशी' (Yogini Ekadashi) व्रत का पारण (Vrat Parana) किया जा रहा है। साथ ही आज 'कृष्ण रामलक्ष्मण द्वादशी' भी पूरी श्रद्धा के साथ मनाई जा रही है।ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आज का दिन बेहद मंगलकारी रहने वाला है क्योंकि आज एक या दो नहीं, बल्कि एक साथ तीन सबसे शुभ योगों का महासंयोग बन रहा है। आज त्रिपुष्कर योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है, जिसमें किए गए कार्य निश्चित ही सफलता प्रदान करते हैं। आइए जानते हैं आज 11 जुलाई 2026 के सूर्योदय-सूर्यास्त के समय सहित दिनभर के सभी शुभ और अशुभ मुहूर्त की पूरी विस्तृत रिपोर्ट।आज का पंचांग विवरण (Panchang Details: 11 July 2026)तिथि (Tithi): द्वादशी – 12 जुलाई को सुबह 02:04 AM तक (इसके बाद त्रयोदशी तिथि प्रारंभ)पक्ष (Paksha): कृष्ण पक्ष (Krishna Paksha)वार (War): शनिवार (Saturday)नक्षत्र (Nakshatra): कृत्तिका नक्षत्र – सुबह 11:03 AM तक (इसके बाद रोहिणी नक्षत्र)योग (Yoga): गण्ड योग – 12 जुलाई को सुबह 12:05 AM तककरण (Karana): कौलव – दोपहर 03:45 PM तक, इसके बाद तैतिल करण – 12 जुलाई को सुबह 02:04 AM तकसूर्य और चंद्र गणना (Sun & Moon Timings)सूर्योदय का समय (Sunrise): 05:31 AMसूर्यास्त का समय (Sunset): 07:22 PMचंद्रोदय का समय (Moonrise): 12 जुलाई को सुबह 02:49 AMचंद्रास्त का समय (Moonset): दोपहर 04:21 PMहिंदू लूनर दिनांक व सम्वत (Hindu Calendar Samvat)शक सम्वत (Shaka Samvat): 1948 विश्वावसुविक्रम सम्वत (Vikram Samvat): 2083 कालयुक्तगुजराती सम्वत (Gujarati Samvat): 2082 पिङ्गलचन्द्रमास (Amanta/Purnimanta): आषाढ़ (पूर्णिमान्त) / ज्येष्ठ (अमान्त)आज का शुभ मुहूर्त (Aaj Ka Shubh Muhurat)आज के दिन त्रिपुष्कर, सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग के साथ कई अन्य महत्वपूर्ण शुभ मुहूर्त भी उपलब्ध हैं, जो इस प्रकार हैं:अभिजित मुहूर्त (Abhijit Muhurat): दोपहर 11:59 AM से दोपहर 12:54 PM तक (किसी भी नए कार्य को शुरू करने के लिए सर्वश्रेष्ठ समय)अमृत काल (Amrit Kaal): सुबह 08:52 AM से सुबह 10:19 AM तकविजय मुहूर्त (Vijay Muhurat): दोपहर 02:45 PM से दोपहर 03:40 PM तकगोधूलि मुहूर्त (Godhuli Muhurat): शाम 07:21 PM से शाम 07:41 PM तकब्रह्म मुहूर्त (Brahma Muhurat): सुबह 04:10 AM से सुबह 04:51 AM तकनिशिता मुहूर्त (Nishita Muhurat): 12 जुलाई की मध्यरात्रि 12:06 AM से 12:47 AM तकआज का अशुभ मुहूर्त और राहुकाल (Aaj Ka Ashubh Muhurat)शास्त्रों के अनुसार अशुभ समय या राहुकाल के दौरान किसी भी प्रकार के मांगलिक कार्य, मुंडन, गृह प्रवेश या नए व्यापार की शुरुआत करने से बचना चाहिए:राहुकाल (Rahukaal): सुबह 10:42 AM से दोपहर 12:26 PM तक (इस समय शुभ कार्यों को पूरी तरह टालें)यमगण्ड (Yamaganda): सुबह 08:59 AM से सुबह 10:43 AM तकगुलिक काल (Gulik Kaal): सुबह 05:31 AM से सुबह 07:15 AM तकदुर्मुहूर्त (Durmuhurirat): सुबह 06:26 AM से सुबह 07:22 AM तक, और दोबारा सुबह 08:17 AM से सुबह 09:12 AM तकशनिवार विशेष उपाय: आज शनिवार का दिन है और साथ ही तीन अत्यंत शुभ योग बने हुए हैं। ऐसे में राहुकाल को छोड़कर शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाने और शनि चालीसा का पाठ करने से शनि देव की विशेष कृपा प्राप्त होती है और कुंडली के साढ़ेसाती व ढैय्या के दोष दूर होते हैं।डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई पंचांग और पौराणिक जानकारियां पारंपरिक सामाजिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं। किसी भी विशेष पूजा, मुहूर्त या ज्योतिषीय उपाय को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के योग्य ज्योतिषी या पंचांग विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 8:59 am

ललित सुरजन की कलम से - दिल्ली में गुजरात !

'यूं देखा जाए तो गुजराती भोजनालय भारत के कोने-कोने में मिल जाएंगे। देश में जो प्रमुख पर्यटन स्थल हैं, खासकर तीर्थस्थान, वहां गुजराती भोजनालय होना मानों अनिवार्य ही है।

देशबन्धु 24 Jun 2026 3:20 am

Gujarat High Court ने आमिर खान के बेटे की पहली फिल्म महाराज की रिलीज पर लगी रोक हटाई

गुजरात उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को बॉलीवुड स्टार आमिर खान के बेटे जुनैद की पहली फिल्म महाराज की रिलीज पर लगी अंतरिम रोक हटाते हुए कहा कि फिल्म में कुछ भी अपमानजनक नहीं है और यह पुष्टिमार्ग संप्रदाय को निशाना नहीं बनाती है, जैसा कि याचिका में आरोप लगाया गया है। यह फिल्म 1862 के एक मानहानि मामले पर आधारित है, जिसमें वैष्णव धार्मिक नेता एवं समाज सुधारक करसनदास मुलजी शामिल थे। पुष्टिमार्ग संप्रदाय के कुछ सदस्यों ने नेटफ्लिक्स पर इस फिल्म की रिलीज के खिलाफ याचिका दायर की थी, जिसमें दावा किया गया था कि यह धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती है। न्यायमूर्ति संगीता विशेन ने 13 जून को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर फिल्म की रिलीज पर अंतरिम रोक लगा दी थी।न्यायाधीश ने शुक्रवार को अपने आदेश में कहा कि फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) द्वारा प्रमाणित किया गया है और यह उक्त संप्रदाय को निशाना नहीं बनाती है।

प्रभासाक्षी 21 Jun 2024 6:23 pm

Gujarat HC ने Netflix को Maharaj रिलीज करने की अनुमति दी, कहा- इससे भावनाएं आहत नहीं होतीं

गुजरात उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को स्ट्रीमिंग दिग्गज नेटफ्लिक्स की फिल्म ‘महाराज’ की रिलीज पर लगी अपनी अस्थायी रोक हटा ली, जिसमें कहा गया कि फिल्म महाराज 1862 के महाराज मानहानि मामले से जुड़ी घटनाओं पर आधारित है और इसका उद्देश्य किसी समुदाय की भावनाओं को आहत करना नहीं है। न्यायमूर्ति संगीता के. विशेन, जिन्होंने 13 जून को फिल्म की रिलीज पर रोक लगाई थी, ने फिल्म देखने के बाद शुक्रवार को नेटफ्लिक्स को फिल्म स्ट्रीम करने की अनुमति देने का फैसला किया। इसे भी पढ़ें: Swara Bhasker के साथ कोई भी निर्माता-निर्देशक नहीं करना चाहता काम? एक्ट्रेस ने खुद किए चौंकाने वाले खुलासे अदालत ने कहा “यह अदालत प्रथम दृष्टया इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि फिल्म महाराज उन घटनाओं पर आधारित है, जिनके कारण मानहानि का मामला दायर किया गया और इसका उद्देश्य पुष्टिमार्गी समुदाय की भावनाओं को आहत करना नहीं है। फिल्म को संबंधित दिशा-निर्देशों पर विचार करने के बाद विशेषज्ञ निकाय केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड द्वारा प्रमाणित किया गया था… 13 जून को दी गई अंतरिम राहत रद्द कर दी गई है। मूल रूप से 14 तारीख को रिलीज होने वाली इस फिल्म को हाईकोर्ट ने नेटफ्लिक्स पर रोक लगा दी थी, क्योंकि व्यापारियों के एक समूह ने इस आधार पर कोर्ट में याचिका दायर की थी कि इसमें वैष्णव समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की क्षमता है। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | नमक-मिर्च लगाकर कच्ची केरी के चटकारे ले रहीं परिणीति चोपड़ा, मिर्जापुर 3 का जबरदस्त ट्रेलर रिलीज फिल्म महाराज गुजराती लेखक सौरभ शाह की 2013 की किताब पर आधारित है, जो 1862 के ऐतिहासिक मानहानि मामले पर आधारित है, जो एक प्रमुख वैष्णव व्यक्ति, जदुनाथजी द्वारा समाज सुधारक करसनदास मुलजी के खिलाफ दायर किया गया था, जिन्होंने सर्वशक्तिमान महाराज द्वारा यौन शोषण के खिलाफ लिखा था। मुलजी ने अपनी पत्रिका सत्यप्रकाश में शोषणकारी प्रथा का खुलासा किया, जिसके कारण मानहानि का मामला चला, जो प्रसिद्ध महाराज मानहानि मामला बन गया। न्यायमूर्ति विशन ने कहा कि याचिकाकर्ताओं की प्राथमिक शिकायत कि फिल्म वैष्णव समुदाय को बदनाम करती है, बदनाम करती है और उसका अपमान करती है, में कोई दम नहीं है। “इस प्रकार उनकी अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए बाध्य है कि याचिकाकर्ताओं की आशंका अनुमानों पर आधारित है। चूंकि फिल्म को अभी सार्वजनिक रूप से देखने के लिए जारी नहीं किया गया है, इसलिए केवल अनुमान के आधार पर संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (ए) के तहत प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित नहीं किया जा सकता है, अदालत ने कहा। उन्होंने खुली अदालत में आदेश सुनाते हुए कहा फिल्म का मुख्य संदेश, जैसा कि प्रतिवादी ने सही कहा है, यह है कि फिल्म सामाजिक बुराई और करसनदास मुलजी द्वारा सामाजिक सुधार के लिए लड़ाई पर केंद्रित है, जो स्वयं वैष्णव समुदाय से थे। उन्होंने कहा, फिल्म किसी भी तरह से धार्मिक भावनाओं को प्रभावित या आहत नहीं करती है। फिल्म यह निष्कर्ष निकालती है कि संप्रदाय किसी भी व्यक्ति या घटना से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। इस घटना को अपवाद मानते हुए वैष्णव संप्रदाय और उसके अनुयायी बढ़ते रहे और भारत के सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक ताने-बाने का गौरवपूर्ण और अभिन्न अंग बने रहे। यह आशंका जताई जा रही है कि इससे सांप्रदायिक विद्वेष पैदा होने की संभावना है। हालांकि, उसी मानहानि मामले के आधार पर 2013 में पुस्तक प्रकाशित हुई थी और किसी घटना की सूचना नहीं दी गई है। उन्होंने कहा, यहां तक ​​कि याचिकाकर्ताओं ने भी यह दावा नहीं किया है कि पुस्तक से सांप्रदायिक विद्वेष पैदा हुआ है।

प्रभासाक्षी 21 Jun 2024 5:49 pm

Chandu Champion: कपिल देव ने कार्तिक आर्यन की फिल्म के लिए लिखा दिल को छू लेने वाला नोट

पूर्व भारतीय क्रिकेटर कपिल देव ने इंस्टाग्राम पर कबीर खान के निर्देशन की प्रशंसा की और उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म ने उन्हें भावुक कर दिया। कपिल देव ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्टर शेयर किया और एक लंबा नोट लिखा, चंदू चैंपियन! निश्चित रूप से एक ऐसी फिल्म जिसे आप मिस नहीं कर सकते। मुझे खेल फिल्में देखना और उनकी सराहना करना वाकई पसंद है। लेकिन यह सिर्फ एक खेल फिल्म होने से कहीं बढ़कर है। यह इससे कहीं बढ़कर है। इसे देखते हुए मैं हंसा, रोया, गर्व महसूस किया और फिर से रोया। @kabirkhankk को सलाम। आपने फिर से कमाल कर दिया। इसे भी पढ़ें: Shraddha Kapoor In love | श्रद्धा कपूर ने राहुल मोदी के साथ अपने रिश्ते को किया कंफर्म, शेयर की क्यूट तस्वीर और इमोशनल पोस्ट उन्होंने आगे लिखा, एक और शानदार फिल्म बनाई। @kartikaaryan ने क्या शानदार अभिनय किया, आपका प्रयास और प्रतिभा चमक रही है। पूरी कास्ट और क्रू को बधाई और हमें यह फिल्म देखने के लिए देने के लिए धन्यवाद। आप सभी चैंपियन हैं! एक और शानदार फिल्म बनाई। @kartikaaryan ने क्या कमाल का अभिनय किया है, आपकी मेहनत और प्रतिभा जगमगा रही है। पूरी कास्ट और क्रू को बधाई और हमें यह फिल्म देखने के लिए देने के लिए आपका धन्यवाद। आप सभी चैंपियन हैं! इसे भी पढ़ें: Gujarat High Court ने फिल्म महाराज की ओटीटी रिलीज पर रोक एक दिन के लिए बढ़ाई कार्तिक और कबीर की फिल्म 'चंदू चैंपियन' 14 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। Sacnilk की एक रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है और अब तक कुल कलेक्शन 29.75 करोड़ रुपये हो चुका है। इसमें कार्तिक मुरलीकांत पेटकर की भूमिका में नजर आ रहे हैं। यह फिल्म एक ऐसे एथलीट की असाधारण कहानी पर आधारित है जिसने कभी हार नहीं मानी। View this post on Instagram A post shared by Kapil Dev (@therealkapildev)

प्रभासाक्षी 19 Jun 2024 12:52 pm

Salman Khan फायरिंग केस में क्राइम ब्रांच को गुजरात से मिला बड़ा कनेक्शन, मामले में हुआ अबतक का सबसे सनसनीखेज खुलासा

Salman Khan फायरिंग केस मेंक्राइम ब्रांच को गुजरात से मिला बड़ा कनेक्शन, मामले में हुआ अबतक का सबसे सनसनीखेज खुलासा

समाचार नामा 22 Apr 2024 2:50 pm

जेल से रिहा होने पर Elvish Yadav ने गुजरात में खेली जबरदस्त होली, 'राव साहब' को अपने बीच देख क्रेजी हुए फैन्स

जेल से रिहा होने पर Elvish Yadav ने गुजरात में खेलीजबरदस्त होली, 'राव साहब' को अपने बीच देख क्रेजी हुए फैन्स

समाचार नामा 26 Mar 2024 12:00 pm