सूरत में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। सरथाणा इलाके में स्थित आदर्श निर्वासित स्कूल में पानी भर जाने के कारण वहां ३७ बच्चे और स्कूल का स्टाफ फंस गया था, जिन्हें सूरत पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए सुरक्षित ...
अहमदाबाद 2008 सीरियल ब्लास्ट केस, गुजरात हाईकोर्ट ने 38 दोषियों की फांसी की सजा रखी बरकरार
वर्ष 2008 के अहमदाबाद सीरियल बम ब्लास्ट मामले में गुजरात हाईकोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने निचली अदालत (ट्रायल कोर्ट) के फैसले को पूरी तरह मान्य रखते हुए 38 दोषियों को सुनाई गई फांसी की सजा और 11 दोषियों को दी गई उम्रकैद की सजा को ...
गुजरात हाईकोर्ट ने 2008 अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट केस में 38 दोषियों की फांसी और 11 की उम्रकैद की सजा बरकरार रखी। पीड़ित परिवारों को मुआवजे का भी आदेश दिया गया।
गुना शहर के कैंट थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाली साईं सिटी कॉलोनी मालपुर रोड में कक्षा 12वीं के छात्र की हत्या के आरोपी को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने मामूली विवाद में चाकू मारकर छात्र की हत्या कर दी थी। पुलिस ने उसे गुजरात से गिरफ्तार कर लिया। बता दें कि मामला 29 जून का है। वारदात रात करीब 7:30-8 बजे राजा की चक्की के पास हुई। मालपुर रोड निवासी फरियादी विकास रजक (19) ने पुलिस को बताया था कि उसका छोटा भाई मोहित रजक अपने दोस्तों बलराम जाटव और शिवजीत शर्मा के साथ शिवजीत की बाइक से घूमने निकला था। रात को जब तीनों दोस्त राजा की चक्की के पास पहुंचे, तो मोहित बाइक चालू करके उसका एक्सीलेटर तेज-तेज दबाने लगा। इसी दौरान वहां पड़ोस में ही रहने वाला रामजीलाल रजक अपनी टैक्सी लेकर आया। उसने वहां बाइक खड़ी करने और एक्सीलेटर मारने पर कड़ी आपत्ति जताई। जब मोहित ने वहां से जाने से मना किया, तो रामजीलाल आपा खो बैठा और उसे मां-बहन की अश्लील गालियां देने लगा। बीच-बचाव करने पहुंचे भाई के सामने ही मार डालागाली गलौज बढ़ती देख वहां मौजूद बड़ा भाई विकास रजक बीच-बचाव करने के लिए आगे बढ़ा ही था कि इतने में आरोपी रामजीलाल दौडक़र अपनी टैक्सी के पास गया। वह टैक्सी के भीतर से एक बड़ा और धारदार चाकू निकालकर लाया और सीधे मोहित के सीने के निचले हिस्से में पूरी ताकत से घोंप दिया। चाकू लगते ही खून का फव्वारा फूट पड़ा और मोहित चीखते हुए जमीन पर गिर गया। वारदात को अंजाम देकर आरोपी रामजीलाल मौके से भाग निकला। डॉक्टरों ने घोषित किया मृत, पुलिस जांच में जुटीलहूलुहान हालत में विकास, शिवजीत शर्मा, बलराम जाटव और मोहल्ले के गौर्य शर्मा ने तुरंत मोहित को संभाला और इलाज के लिए तत्काल जिला अस्पताल गुना लेकर भागे। लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी; अस्पताल लाते ही डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद मोहित को मृत घोषित कर दिया। घटना की चश्मदीद गवाही के आधार पर कैंट थाना पुलिस ने आरोपी रामजीलाल रजक के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। गुजरात से पकड़ाया आरोपीकैंट पुलिस आरोपी की तलाश में लगी हुई थी। पुलिस ने उसका मोबाइल भी सर्विलांस पर डाला हुआ था। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी गुजरात में है। सूचना मिलने पर कैंट पुलिस की एक टीम गुजरात के आणंद जिले पहुंची और वहां से आरोपी रामजीलाल रजक को गिरफ्तार कर लिया। SP हितिका वासल ने बताया कि साईं सिटी कॉलोनी में एक घटना हुई थी। मृतक 19 साल का था। मामले को गंभीरता से लेकर पुलिस ने प्रकरण पंजीबद्ध किया। साथ ही आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। बहुत ही छोटी से बात पर मर्डर किया गया था। मृतक अपनी बाइक का एक्सीलरेटर दबा रहा था, जिससे थोड़ी आवाज हो रही थी। उसी बात पर आरोपी ने उसके साथ विवाद किया और चाकू मार दिया था।
गुजरात एटीएस ने हाल ही में मध्यप्रदेश और गुजरात से आतंकवादियों को गिरफ्तार करने की बड़ी कार्रवाई की। इस अभियान के तहत, मध्य प्रदेश के देवास स्थित वारसी नगर से संदिग्ध बिलाल दुर्रानी मोहम्मद को भी टीम ने हिरासत में लिया। बिलाल के बड़े भाई जकारिया दुर्रानी मोहम्मद को गुजरात से गिरफ्तार किया गया, जो कई सालों से वहीं रह रहा था। बिलाल दुर्रानी मोहम्मद की गिरफ्तारी के बाद, उसका परिवार देवास से गुजरात चला गया है। वारसी नगर स्थित उनके घर पर अब ताला लगा है और इलाके में सन्नाटा पसरा है। आसपास के लोग इस मामले पर ज्यादा कुछ कहने से बच रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, बिलाल अपने भाई जकारिया दुर्रानी मोहम्मद से गुजराती में बात करता था। मोहल्ले में उसका लोगों से ज्यादा मेलजोल नहीं था और वह कम ही बात करता था। बिलाल सुबह अपने टाइल्स के काम पर जाता था। त्योहारों पर गुजरात जाता थाबताया जाता है कि उसका परिवार कई साल पहले गुजरात से देवास आया था और त्योहारों पर गुजरात जाता था। आतंकी कनेक्शन सामने आने के बाद अब लोग बिलाल के बारे में खुलकर बात करने से कतरा रहे हैं। हालांकि, कई लोगों को अभी भी यकीन नहीं हो रहा है कि बिलाल का इस तरह की संदिग्ध और आतंकी गतिविधियों से जुड़ाव हो सकता है। उनका कहना है कि जब पुलिस आई तो पूरा मोहल्ला इकट्ठा हो गया था। घटना के दिन भी बिलाल किसी इलाके में टाइल्स का काम करने गया था और काम से लौटने पर टीम ने उससे पूछताछ कर हिरासत में ले लिया।
अहमदाबाद और गांधीनगर को जोड़ने वाले सबसे व्यस्त मार्ग पर अब सफर पहले से अधिक तेज और सुगम होगा। गांधीनगर के पहले अत्याधुनिक केबल-स्टेड ब्रिज का आज मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने उद्घाटन किया। भाट चौराहा (भाट चौकड़ी) पर निर्मित यह नया फ्लाईओवर आज से आम ...
पाली में सड़क हादसे में गुजरात के एक मार्बल व्यवसायी और उनके ड्राइवर की मौत हो गई। जयपुर से कच्छ लौटते समय उनकी कार पीछे से आए ट्रॉले की टक्कर के बाद आगे चल रहे ट्रॉले में जा घुसी और दो ट्रॉले के बीच बुरी तरह फंस गई। हादसा इतना भीषण था कि कार के परखच्चे उड़ गए और दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा शनिवार रात सांडेराव थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे पर स्थित ढोला ब्रिज के पास हुआ। पहले देखें… हादसे से जुड़ी तस्वीरें पीछे से ट्रॉले ने मारी टक्कर, आगे वाले ट्रॉले में घुसी कारसांडेराव थाना प्रभारी श्यामराज सिंह ने बताया - गुजरात के कच्छ निवासी मार्बल व्यवसायी डिम्पल कुमार जैन (49) और आबूरोड के मावल निवासी उनके ड्राइवर जेताराम (24) के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मार्बल व्यवसायी किसी काम से जयपुर गए थे। शनिवार रात वे अपने ड्राइवर के साथ कार से वापस कच्छ लौट रहे थे। इसी दौरान ढोला ब्रिज के पास पीछे से आ रहे एक ट्रॉले ने उनकी कार को टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही कार आगे चल रहे दूसरे ट्रॉले से जा टकराई और दोनों ट्रोलों के बीच फंस गई। हादसा इतना भीषण था कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। कार में फंसे शवों को निकालने में करनी पड़ी मशक्कतहादसे के बाद कार बुरी तरह पिचक गई थी, जिससे दोनों के शव उसमें ही फंस गए। पुलिस और स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद शवों को बाहर निकाला। इसके बाद दोनों शवों को सांडेराव अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया और परिजनों को सूचना दी गई। हादसे के बाद हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क किनारे हटवाकर यातायात सुचारू कराया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
गुजरात के वलसाड में ट्रेन से कटकर हुई बेटी की संदिग्ध मौत के बाद उसकी बुजुर्ग मां शनिवार को करीब एक हजार किलोमीटर का सफर तय कर अस्थियां लेकर जबलपुर पहुंची। मां ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत देकर आरोप लगाया कि उसकी बेटी की मौत हादसा नहीं, बल्कि हत्या है। उसने दामाद पर बेटी को ट्रेन के सामने धक्का देने, अस्थियां छीनने की कोशिश करने और दोनों बच्चों को जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए। जबलपुर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए गुजरात पुलिस से संपर्क कर जांच में सहयोग का भरोसा दिया है। 2014 में प्रेम विवाह, गुजरात जाकर शुरू किया नया जीवन जबलपुर जिले के ग्राम पौड़ा निवासी पिंकी नामदेव की मुलाकात कटनी जिले के बहोरीबंद निवासी महेंद्र नामदेव से हुई थी। दोनों एक ही समाज से थे और परिवार की सहमति से वर्ष 2014 में उनका विवाह हुआ। शादी के बाद दोनों सिलाई का काम करते थे। वर्ष 2018 में बेहतर रोजगार की तलाश में दोनों गुजरात के वलसाड चले गए, जहां एक कंपनी में नौकरी करने लगे। कुछ समय तक सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन बाद में महेंद्र शराब का आदी हो गया। शराब की लत बढ़ने के साथ वह पत्नी और बच्चों के साथ मारपीट करने लगा। परिवार में बेटा कान्हा (10 वर्ष) और बेटी अवनि (8 वर्ष) हैं। बच्चों के साथ मायके लौट आई थी पिंकी पिंकी की मां लक्ष्मी नामदेव के अनुसार, 5 जून 2026 को महेंद्र ने दोनों बच्चों के सामने पिंकी के साथ बेरहमी से मारपीट की। इससे आहत होकर वह बच्चों को लेकर जबलपुर स्थित अपने मायके आ गई। उसने मां को बताया कि पति रोज शराब पीकर मारपीट करता है और अब उसके साथ रहना संभव नहीं है। करीब 15 दिन बाद महेंद्र पत्नी को मनाने जबलपुर पहुंचा और माफी मांगकर साथ चलने की बात कही, लेकिन पिंकी तैयार नहीं हुई। इसी बीच बच्चों का गुजरात के नवोदय स्कूल में प्रवेश हो चुका था। स्कूल से लगातार बुलावा आने पर पिंकी बच्चों और मां के साथ दोबारा वलसाड पहुंची, लेकिन पति से अलग किराये के मकान में रहने लगी। कंपनी गेट से घसीटकर रेलवे ट्रैक तक ले जाने का आरोप मां का आरोप है कि 30 जून 2026 की शाम करीब सात बजे पिंकी जब ड्यूटी खत्म कर कंपनी से बाहर निकली, तभी महेंद्र वहां पहुंच गया। उसने कंपनी के गेट पर ही उसके साथ मारपीट की और जबरन रेलवे ट्रैक की ओर ले गया। आरोप है कि वहां उसने पिंकी को ट्रेन के सामने धक्का दे दिया। परिवार का कहना है कि यह आत्महत्या नहीं हो सकती, क्योंकि शव के अलग-अलग हिस्से रेलवे ट्रैक पर दूर-दूर मिले थे। रातभर तलाश, सुबह मिली मौत की खबर लक्ष्मी नामदेव ने बताया कि देर रात तक पिंकी घर नहीं लौटी तो उन्होंने कंपनी और परिचितों से संपर्क किया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। उन्होंने महेंद्र को फोन किया तो उसने अनभिज्ञता जताई और मोबाइल बंद कर लिया। अगली सुबह महेंद्र ने ही फोन कर बताया कि पिंकी का शव रेलवे ट्रैक पर पड़ा है। सूचना मिलते ही लक्ष्मी मौके पर पहुंचीं और बेटी की पहचान की। वासी टाउन पुलिस ने मर्ग कायम कर शव परिजनों को सौंप दिया। 2 जुलाई को वलसाड में अंतिम संस्कार किया गया। अस्थियां लेकर पहुंची जबलपुर, पुलिस से मांगी सुरक्षा 4 जुलाई को लक्ष्मी नामदेव बेटी की अस्थियां और दोनों बच्चों को लेकर जबलपुर पहुंचीं। उन्हें आशंका थी कि महेंद्र और उसके परिजन अस्थियां छीन सकते हैं। स्टेशन से सीधे वह एसपी कार्यालय पहुंचीं और पूरी घटना की शिकायत दर्ज कराई। शाम को उन्होंने नर्मदा के खारी घाट पर अपने पोते कान्हा के हाथों पिंकी की अस्थियों का विसर्जन कराया। पुलिस ने शुरू की जांच जबलपुर पुलिस का कहना है कि शिकायत प्राप्त होने के बाद गुजरात पुलिस से संपर्क किया जा रहा है। उपलब्ध तथ्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच की जाएगी। यदि जांच में हत्या या अन्य अपराध के साक्ष्य मिलते हैं तो संबंधित आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
रेफर घोटाला:रोगियों की सौदेबाजी , एक मरीज को गुजरात भेजने का कमीशन 40 से 50 हजार
जिला अस्पताल में मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाला एक बड़ा रेफर स्कैंडल सामने आया है। अस्पताल में गंभीर हालत में आने वाले मरीजों को जोधपुर रेफर करने के बजाय पैरामेडिकल स्टाफ, दलालों और निजी एंबुलेंस चालकों की मिलीभगत से धोखे से गुजरात के पालनपुर स्थित निजी अस्पतालों में भेजा जा रहा है। इस कमीशनखोरी के खेल में प्रति मरीज 40 से 50 हजार रुपए तय हैं। हद तो तब हो गई जब अस्पताल के सरकारी रेफर कार्ड मुख्य द्वार के पास स्थित चाय की थड़ियों से बरामद हुए। जिला अस्पताल से रोज 10 से 12 मरीज रेफर किए जाते हैं। अस्पताल अधीक्षक को मिली शिकायत के बाद गठित टीम ने मौके से 10-12 रेफर कार्ड जब्त किए, जिन्हें संविदाकर्मी नर्सिंग स्टाफ रामलाल द्वारा वहां छिपाकर रखा गया था। इस खुलासे ने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक्सीडेंट की सूचना मिलते ही सक्रिय होते हैं लपके आमतौर पर फील्ड स्टाफ 108 एंबुलेंस के माध्यम से हादसे की सूचना जिला अस्पताल भेजते हैं ताकि डॉक्टर तैयार रहें। लेकिन इस सूचना का इस्तेमाल दलाल कर रहे हैं। मरीज के अस्पताल पहुंचने से पहले ही निजी एंबुलेंस इमरजेंसी के बाहर खड़ी हो जाती हैं। जैसे ही डॉक्टर गंभीर हालत देखते हुए जोधपुर के लिए रेफर कार्ड बनाता है, नर्सिंग स्टाफ और दलाल परिजनों को यह कहकर गुमराह करते हैं कि जोधपुर में इलाज में देरी होगी। कमीशन के चक्कर में उन्हें सीधे पालनपुर के महंगे निजी अस्पतालों की तरफ मोड़ दिया जाता है। केस 1: गुजरात ले जाकर ऐंठे सवा लाख शास्त्रीनगर निवासी मांगीलाल (35) 13 अप्रैल को गंभीर घायल हुआ था। परिजन जिला अस्पताल लाए तो वहां पहले से ही निजी एंबुलेंस तैयार थी। ड्राइवर फरीद ने सिणधरी चौराहे तक पहुंचते-पहुंचते परिजनों को पालनपुर के एप्पल हॉस्पिटल चलने की सलाह दी। मात्र 15 घंटे में अस्पताल ने ब्रेन हेमरेज का बहाना बनाकर 1.33 लाख रुपए का बिल थमा दिया, जबकि जोधपुर के डॉक्टरों ने बाद में उसे महज फ्रैक्चर बताया। केस 2: 7 लाख खर्च फिर भी इलाज अधूरा सिणधरी निवासी सब्जे खान (25) को दिसंबर 2025 में हादसे के बाद हायर सेंटर रेफर किया। परिजन उसे जोधपुर एम्स ले जाना चाहते थे, लेकिन एंबुलेंस में मौजूद फर्जी नर्सिंग स्टाफ फरीद खान ने उन्हें गुजरात चलने के लिए मना लिया। सांचौर में पट्टी बांधने के 12 हजार, पालनपुर में इलाज के 52 हजार रुपए ऐंठ लिए गए। 7 लाख रुपए खर्च होने के बाद पैर ठीक नहीं हुआ। सोसायटी ने खोला मोर्चा, अधीक्षक बोले- होगी कार्रवाई एम्बुलेंस ऑपरेटर्स वेलफेयर सोसायटी ने अधीक्षक डॉ. हनुमानराम चौधरी और प्राचार्य डॉ. अनूपसिंह गुर्जर को ज्ञापन देकर जेठाराम, जसराज मूंढ, भानुप्रताप, सुरेश, मेहबूब, रजाक और नरपत सिंह जैसे स्टाफ पर मरीजों को गुजरात भगाने का आरोप लगाया है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. चौधरी ने कहा कि शिकायत के बाद चाय की थड़ी से 10-12 रेफर कार्ड जब्त कर लिए गए हैं। जिन्हें संविदाकर्मी नर्सिंग स्टाफ के द्वारा वहां छिपाकर रखा गया था। पूरे मामले की गहन जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जैश-ए-मोहम्मद से संबंधों के आरोप में देवास के वारसी नगर निवासी बिलाल दुर्रानी की गिरफ्तारी के बाद गुजरात एटीएस का जांच का दायरा बढ़ गया है। शनिवार शाम को बिलाल के बड़े भाई जकारिया दुर्रानी को ने गुजरात के एक मदरसे से हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियों को दोनों भाइयों के नेटवर्क से जुड़े होने का अंदेशा है। बताया जा रहा है कि जकारिया दुर्रानी कई साल पहले देवास से गुजरात चला गया था। हालांकि, पिछले कुछ महीनों से वह देवास नहीं आया था, लेकिन उसका अपने भाई बिलाल से लगातार संपर्क बना हुआ था। बिलाल के पड़ोसियों के अनुसार, वह बेहद सतर्क रहता था। वह कभी किसी के सामने मोबाइल पर बात नहीं करता था। गुजरात एटीएस और देवास पुलिस की कार्रवाई के बाद ही मोहल्ले के लोगों को उसकी संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली। रविवार को हिंदू संगठन करेंगे प्रदर्शन वहीं इस मामले को लेकर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल देश में बढ़ती आतंकवादी गतिविधियों तथा आतंकवाद को समर्थन या शरण देने वाले तत्वों के विरोध में रविवार को पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय में ज्ञापन सौंपेंगे। संगठन के अनुसार रविवार दोपहर 12 बजे सयाजी द्वार के सामने कार्यकर्ता और समाजजन एकत्रित होंगे। इसके बाद रैली के रूप में एसपी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा जाएगा। संगठन का कहना है कि ज्ञापन के माध्यम से आतंकवाद और उससे जुड़े तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जाएगी। वहीं इस मामले में सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि वे कौन लोग हैं जिन्होंने बिलाल की मदद की है, मदद करने वाले भी बेनकाब होंगे। 2008 में भी देवास से हुई थी बड़ी कार्रवाई देवास में पहले भी आतंकी गतिविधियों से जुड़े बड़े मामले सामने आ चुके हैं। मार्च 2008 में प्रतिबंधित संगठन सिमी (स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई थी। एमपी एटीएस और केंद्रीय एजेंसियों ने आनंद नगर के एक किराए के मकान से सिमी चीफ सफदर नागौरी सहित 13 आतंकियों को गिरफ्तार किया था। इस कार्रवाई के बाद देशभर में हुए कई बम धमाकों से जुड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ था। आरोपियों के खिलाफ विभिन्न राज्यों में मुकदमे भी चलाए गए थे। इस मामले से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… MP के देवास से जैश मॉड्यूल का संदिग्ध गिरफ्तार गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने मध्यप्रदेश के देवास से एक संदिग्ध युवक को गिरफ्तार किया है। युवक की पहचान बिलाल दुरानी मोहम्मद अम्मार घाघा उर्फ अबू दुजाना (18) के रूप में हुई है। पूरी खबर पढ़ें…
पाली पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए एक ट्रक में जा रही 6 लाख की शराब की खेप बरामद की है। इसके साथ ही एक तस्कर को भी पकड़ा है। पुलिस से शराब से भरा ट्रक भी जब्त कर लिया है। गुड़ा एंदला थाने के SHO दशरथ सिंह ने बताया- मुखबिर की सूचना पर शुक्रवार को बालराई के पास नाकाबंदी की। इस दौरान पाली की तरफ से आ रहे ट्रक को रोका। तलाशी के दौरान ट्रक खाली मिला। गहनता से तलाशी ली तो ट्रक में बने एक सीक्रेट बॉक्स में राजस्थान निर्मित अंग्रेजी शराब की 86 पेटियां मिली। जिनकी बाजार कीमत करीब 6 लाख रुपए है। ऐसे में ट्रक और शराब को जब्त किया। मामले में जोधपुर जिले के तिवरी निवासी रसूल खान (28) पुत्र सुल्तान खान को गिरफ्तार किया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने जोधपुर से शराब लाकर आगे गुजरात सप्लाई के लिए ले जाना बताया। पूरे मामले की जांच की जा रही है।
मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की तैयारी तेज हो गई है। यूसीसी का ड्राफ्ट तैयार हो चुका है और गुरुवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने इसका प्रेजेंटेशन दिया गया। मुख्यमंत्री ने कुछ सुझाव दिए हैं, जिन्हें शामिल करने के बाद समिति अंतिम ड्राफ्ट सरकार को सौंपेगी। सूत्रों के मुताबिक, मध्य प्रदेश का यूसीसी गुजरात यूनिफॉर्म सिविल कोड-2026 की तर्ज पर तैयार किया गया है। ड्राफ्ट के करीब 90 फीसदी प्रावधान गुजरात यूसीसी से लिए गए हैं। सबसे बड़ा बदलाव यह होगा कि धर्म परिवर्तन (कन्वर्जन) कर चुके आदिवासी यूसीसी के दायरे में आएंगे, जबकि पारंपरिक जनजातीय रीति-रिवाज और रूढि मान्यताओं का पालन करने वाले आदिवासियों को इससे बाहर रखा जाएगा। गुजरात यूसीसी विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, वसीयत और लिव-इन रिलेशनशिप समेत पारिवारिक कानूनों को एक समान कानूनी ढांचे में लाता है। इसी मॉडल को मध्य प्रदेश में लागू करने की तैयारी है। धार्मिक रीति-रिवाज खत्म नहीं होंगे, सभी पद्धतियों से होगी शादी यूसीसी का उद्देश्य धार्मिक परंपराओं को समाप्त करना नहीं है। गुजरात के कानून में स्पष्ट किया गया है कि विवाह किसी भी समुदाय की धार्मिक परंपरा, रीति-रिवाज और रस्मों के अनुसार संपन्न किया जा सकेगा। इसमें हिंदू विवाह की सप्तपदी और फेरे, मुस्लिम निकाह, सिखों का आनंद कारज, ईसाई चर्च मैरिज, आर्य समाज विवाह और अन्य मान्य धार्मिक विधियां शामिल हैं। यानी विवाह की रस्में अलग-अलग रह सकती हैं, लेकिन उनके कानूनी अधिकार और दायित्व समान होंगे। हर शादी का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य, 60 दिन के भीतर कराना होगा यूसीसी लागू होने के बाद प्रत्येक विवाह का पंजीयन अनिवार्य होगा। गुजरात में लागू हुए कानून के मुताबिक यदि शादी गुजरात के भीतर या बाहर हुई है और पति-पत्नी में से कोई एक राज्य का निवासी है, तो भी विवाह का रजिस्ट्रेशन कराना होगा। शादी के 60 दिनों के भीतर रजिस्ट्रार के पास आवेदन देना होगा। यदि समयसीमा निकल जाती है तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत विलंब से भी आवेदन किया जा सकेगा। हालांकि केवल रजिस्ट्रेशन न होने से विवाह स्वतः अमान्य नहीं होगा, लेकिन नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई हो सकती है। पुरानी शादियां और पुराने तलाक भी सरकारी रिकॉर्ड में आएंगे यूसीसी लागू होने के बाद केवल नई शादियां ही नहीं, बल्कि पहले से हुए विवाहों और तलाक का भी पंजीयन कराया जा सकेगा। जिन शादियों का पहले किसी कानून के तहत रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है, उन्हें भी निर्धारित समय के भीतर दर्ज कराया जा सकेगा। इसी तरह पुराने तलाक और विवाह निरस्तीकरण के न्यायालयीन आदेशों को भी सरकारी रिकॉर्ड में शामिल करने का प्रावधान रखा गया है। इससे भविष्य में दस्तावेजों और कानूनी विवादों में पारदर्शिता बढ़ेगी। तलाक के लिए सभी समुदायों पर समान नियम लागू होंगे गुजरात यूसीसी में विवाह विच्छेद के लिए समान कानूनी व्यवस्था बनाई गई है। पति-पत्नी आपसी सहमति से तलाक ले सकेंगे। इसके अलावा न्यायिक पृथक्करण (ज्यूडिशियल सेपरेशन), विवाह को शून्य घोषित करने और विवाह रद्द करने के भी समान प्रावधान हैं। तलाक के बाद पुनर्विवाह का अधिकार भी सभी को समान रूप से मिलेगा। यानी अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों के बजाय सभी नागरिकों के लिए एक जैसी कानूनी प्रक्रिया लागू होगी। भरण-पोषण और बच्चों की जिम्मेदारी पर भी समान कानून यूसीसी में पति-पत्नी और बच्चों के अधिकारों को समान रूप से परिभाषित किया गया है। भरण-पोषण में केवल भोजन या रहने की व्यवस्था ही नहीं, बल्कि कपड़े, शिक्षा, चिकित्सा और विशेष जरूरतों को भी शामिल किया गया है। अदालत जरूरत के अनुसार स्थायी गुजारा भत्ता तय कर सकेगी। बच्चों की अभिरक्षा (कस्टडी) और देखभाल को लेकर भी स्पष्ट कानूनी व्यवस्था बनाई गई है, ताकि सभी समुदायों के लिए समान नियम लागू हों। संपत्ति के बंटवारे के लिए एक समान उत्तराधिकार कानून यूसीसी का दूसरा बड़ा हिस्सा उत्तराधिकार (सक्सेशन) से जुड़ा है। यदि किसी व्यक्ति की बिना वसीयत मृत्यु होती है तो उसकी संपत्ति का बंटवारा एक समान नियमों के तहत होगा। इसमें प्रथम श्रेणी और द्वितीय श्रेणी के उत्तराधिकारियों का क्रम तय किया गया है। गर्भ में पल रहे बच्चे के अधिकारों को भी मान्यता दी गई है। यदि कोई व्यक्ति मृतक की हत्या का दोषी पाया जाता है तो उसे उत्तराधिकार का अधिकार नहीं मिलेगा। बीमारी, शारीरिक विकलांगता या किसी अन्य शारीरिक स्थिति के आधार पर किसी उत्तराधिकारी को अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकेगा। वसीयत बनाने और संपत्ति के प्रबंधन के लिए विस्तृत नियम गुजरात यूसीसी में वसीयत (विल) को लेकर अलग अध्याय बनाया गया है। इसमें यह तय किया गया है कि कौन व्यक्ति वसीयत बना सकता है, वसीयत कैसे तैयार होगी, उसमें संशोधन या उसे निरस्त करने की प्रक्रिया क्या होगी। य दि वसीयत धोखाधड़ी, दबाव या जबरदस्ती में बनाई गई है तो उसे अमान्य माना जाएगा। कानून में वसीयत के प्रमाणन, प्रोबेट, प्रशासनिक अधिकार और संपत्ति के प्रबंधन की पूरी प्रक्रिया भी निर्धारित की गई है। मृतक की संपत्ति की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था यदि किसी मृतक की संपत्ति को लेकर विवाद हो या उत्तराधिकारी तय न हो सके तो अदालत संपत्ति की सुरक्षा के लिए क्यूरेटर नियुक्त कर सकेगी। उत्तराधिकार प्रमाणपत्र, प्रोबेट और लेटर ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन जारी करने की विस्तृत प्रक्रिया भी कानून में शामिल है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संपत्ति का प्रबंधन कानूनी रूप से हो और उत्तराधिकारियों के अधिकार सुरक्षित रहें। सरकार बनाएगी डिजिटल रिकॉर्ड, अपील की भी व्यवस्था यूसीसी के तहत राज्य सरकार रजिस्ट्रार जनरल और रजिस्ट्रार नियुक्त करेगी। विवाह, तलाक और अन्य रिकॉर्ड का केंद्रीकृत पंजीयन होगा। यदि किसी आवेदन को रजिस्ट्रार खारिज करता है तो उसके खिलाफ अपील का अधिकार भी दिया गया है। रिकॉर्ड में गड़बड़ी, झूठी जानकारी देने या सरकारी रजिस्टर से छेड़छाड़ करने पर दंड का प्रावधान किया गया है। सरकार को नियम बनाने और समय-समय पर आवश्यक संशोधन करने का अधिकार भी मिलेगा।
डूंगरपुर जिले में धंबोला थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत भचड़िया के मांडवा गांव में गुरुवार शाम आकाशीय बिजली गिरने से घर के आंगन में खेल रहे 2 मासूम बच्चे झुलस गए। इनमें से एक बच्चे की हालत गंभीर होने पर उसे इलाज के लिए रेफर कर दिया। जिस पर परिजन गुजरात के मोडासा लेकर गए। जबकि दूसरे बच्चे का इलाज जारी है। दोनों बच्चे चचेरे भाई है। गुरुवार शाम के समय सीमलवाड़ा समेत आसपास के क्षेत्र में मौसम अचानक बदला और हल्की बारिश शुरू हो गई। इसी दौरान मांडवा गांव में तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिरी। उस समय घर के आंगन में खेल रहे राजदीप (12) पुत्र बाबूलाल डामोर और हर्षित (8) पुत्र रामलाल डामोर इसकी चपेट में आ गए। परिजनों में मची चीख-पुकारग्राम पंचायत भचड़िया के सरपंच पवन सिंह डामोर ने बताया कि बिजली गिरते ही दोनों बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के बाद परिजनों में चीख-पुकार मच गई और ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से दोनों बच्चों को पीठ कस्बे के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टर ने प्राथमिक इलाज के बाद राजदीप की हालत अधिक गंभीर होने पर उसे इलाज के लिए रेफर कर दिया। जिस पर परिजन उसे गुजरात के मोडासा लेकर गए। जबकि हर्षित का इलाज अस्पताल में जारी है। आज भी बारिश का येलो अलर्टइधर मौसम विभाग की ओर से डूंगरपुर जिले में आज भी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे में जिले में आज अच्छी बारिश की उम्मीद है।
यमुनानगर के कैंप क्षेत्र में एक युवक ने अपने ही दोस्त पर उसकी पत्नी को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता पति का कहना है कि वह गुजरात में काम करता है और उसकी गैरमौजूदगी में आरोपी उसकी पत्नी को अपने साथ ले गया। आरोप है कि महिला घर से सोने के गहने, मंगलसूत्र और 20 हजार रुपये नकद भी साथ ले गई, जबकि अपने मासूम बच्चे को घर पर ही छोड़ गई। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। दोस्त का घर पर था आना-जाना शिकायतकर्ता नवीन मिश्रा निवासी जम्मू कॉलोनी-बी ने बताया कि उसकी शादी करीब छह वर्ष पहले से हुई थी। यह उसकी पत्नी की दूसरी शादी थी। उन दोनों का तीन वर्षीय बेटा भी है। वह गुजरात के एक पावर प्लांट में का करता है और वहीं पर रहता है, जबकि उसकी पत्नी व बच्चा यमुनानगर में रहते हैं। नवीन के अनुसार आरोपी सतप्रकाश पहले उसका दोस्त था और उसके घर आता-जाता था। इसी दौरान उसकी पत्नी से भी बातचीत करने लगा। ऐसे ही बातों-बातों में आरोपी ने उसकी पत्नी को अपनी बातों में फंसा लिया। आरोप है कि 25 जून को जब वह गुजरात में नौकरी पर था, तभी सतप्रकाश अपने पिता की मदद से उसकी पत्नी को बहला-फुसलाकर अपने साथ भगा ले गया। लोन लेकर बनवाया मंगलसूत्र भी साथ ले गई शिकायतकर्ता का कहना है कि सूचना मिलने पर वह 29 जून को घर पहुंचा तो पता चला कि उसकी पत्नी घर में रखे सोने के गहने, मंगलसूत्र और 20 हजार रुपये नकद भी साथ ले गई है। उसने यह भी आरोप लगाया कि उसकी पत्नी ने हाल ही में एक लाख रुपये का बैंक लोन लेकर मंगलसूत्र बनवाया था, जिसकी किस्त अब उससे मांगी जा रही है। नवीन ने बताया कि वह अपने स्तर पर पत्नी की तलाश करता रहा लेकिन दोनाें का कोई सुराग नहीं लगा। शिकायत में यह भी कहा गया है कि पत्नी के जाने के बाद उसके सास-ससुर मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। वहीं आरोपी के परिवार को भी पूरी जानकारी होने के बावजूद वे कोई जानकारी नहीं दे रहे हैं। पीड़ित ने इस संबंध में एसपी को शिकायत सौंप कार्रवाई की मांग की है।
दुर्ग जिले में ऑनलाइन ठगी के एक मामले में भिलाई नगर थाना पुलिस ने साइबर सेल की मदद से व्हाट्सऐप पर APK फाइल भेजकर 4.02 लाख रुपए की ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के दो आरोपियों को गुजरात से गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को ट्रांजिट प्रक्रिया पूरी करने के बाद दुर्ग लाकर कोर्ट में पेश किया गया। मामले की जांच अभी भी जारी है। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह में और भी लोग शामिल हो सकते हैं। भिलाई के सेक्टर-5 निवासी संजय झा ने 25 फरवरी 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से व्हाट्सऐप मैसेज आया था। उस मैसेज में एक APK फाइल भेजी गई थी। फाइल को डाउनलोड और इंस्टॉल करने के बाद उनके मोबाइल में आने वाले ओटीपी और दूसरे जरूरी मैसेज अपने आप किसी दूसरे नंबर पर जाने लगे। इसके बाद उनके बैंक खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 4 लाख 2 हजार 728 रुपए निकाल लिए गए। जब उन्हें इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने तुरंत भिलाई नगर थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। गुजरात गई दुर्ग पुलिस,आरोपियों को पकड़ाशिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर साइबर सेल की मदद से जांच शुरू की। जांच के दौरान बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, डिजिटल ट्रांजेक्शन और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की जांच की गई। तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस को आरोपियों की लोकेशन गुजरात में मिली। इसके बाद भिलाई नगर थाना की एक टीम गुजरात रवाना हुई। वहां जांच और पहचान के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में मामले में एक से ज्यादा लोगों की भूमिका सामने आने पर पुलिस ने केस में संबंधित धाराएं भी बढ़ा दीं। पुलिस ने मोबाइल और डिजिटल सबूत को किया जब्तगिरफ्तार आरोपियों की पहचान 37 वर्षीय अच्छे लाल यादव और 49 वर्षीय जोखन प्रसाद यादव के रूप में हुई है। दोनों दादरा एवं नगर हवेली के सिलवासा के रहने वाले हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन, डिजिटल सबूत और जांच से जुड़े अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं। व्हाट्सऐप पर भेजता था एपीके फाइलपुलिस का कहना है कि आरोपी लोगों को व्हाट्सऐप पर APK फाइल भेजते थे। जैसे ही कोई व्यक्ति उसे डाउनलोड और इंस्टॉल करता था, उसके मोबाइल का एक्सेस गिरोह के पास पहुंच जाता था। इसके बाद मोबाइल पर आने वाले ओटीपी और दूसरे मैसेज उनके पास पहुंचने लगते थे। इसी का फायदा उठाकर वे बैंक खाते से रकम निकाल लेते थे। पुलिस का कहना है कि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गई APK फाइल, लिंक या मोबाइल ऐप को बिना जांचे डाउनलोड न करें। बैंक खाते, ओटीपी, यूपीआई पिन या दूसरी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। अगर किसी के साथ साइबर ठगी होती है तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें या नजदीकी पुलिस थाने में इसकी सूचना दें।
ललित सुरजन की कलम से - दिल्ली में गुजरात !
'यूं देखा जाए तो गुजराती भोजनालय भारत के कोने-कोने में मिल जाएंगे। देश में जो प्रमुख पर्यटन स्थल हैं, खासकर तीर्थस्थान, वहां गुजराती भोजनालय होना मानों अनिवार्य ही है।
Gujarat High Court ने आमिर खान के बेटे की पहली फिल्म महाराज की रिलीज पर लगी रोक हटाई
गुजरात उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को बॉलीवुड स्टार आमिर खान के बेटे जुनैद की पहली फिल्म महाराज की रिलीज पर लगी अंतरिम रोक हटाते हुए कहा कि फिल्म में कुछ भी अपमानजनक नहीं है और यह पुष्टिमार्ग संप्रदाय को निशाना नहीं बनाती है, जैसा कि याचिका में आरोप लगाया गया है। यह फिल्म 1862 के एक मानहानि मामले पर आधारित है, जिसमें वैष्णव धार्मिक नेता एवं समाज सुधारक करसनदास मुलजी शामिल थे। पुष्टिमार्ग संप्रदाय के कुछ सदस्यों ने नेटफ्लिक्स पर इस फिल्म की रिलीज के खिलाफ याचिका दायर की थी, जिसमें दावा किया गया था कि यह धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती है। न्यायमूर्ति संगीता विशेन ने 13 जून को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर फिल्म की रिलीज पर अंतरिम रोक लगा दी थी।न्यायाधीश ने शुक्रवार को अपने आदेश में कहा कि फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) द्वारा प्रमाणित किया गया है और यह उक्त संप्रदाय को निशाना नहीं बनाती है।
Gujarat HC ने Netflix को Maharaj रिलीज करने की अनुमति दी, कहा- इससे भावनाएं आहत नहीं होतीं
गुजरात उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को स्ट्रीमिंग दिग्गज नेटफ्लिक्स की फिल्म ‘महाराज’ की रिलीज पर लगी अपनी अस्थायी रोक हटा ली, जिसमें कहा गया कि फिल्म महाराज 1862 के महाराज मानहानि मामले से जुड़ी घटनाओं पर आधारित है और इसका उद्देश्य किसी समुदाय की भावनाओं को आहत करना नहीं है। न्यायमूर्ति संगीता के. विशेन, जिन्होंने 13 जून को फिल्म की रिलीज पर रोक लगाई थी, ने फिल्म देखने के बाद शुक्रवार को नेटफ्लिक्स को फिल्म स्ट्रीम करने की अनुमति देने का फैसला किया। इसे भी पढ़ें: Swara Bhasker के साथ कोई भी निर्माता-निर्देशक नहीं करना चाहता काम? एक्ट्रेस ने खुद किए चौंकाने वाले खुलासे अदालत ने कहा “यह अदालत प्रथम दृष्टया इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि फिल्म महाराज उन घटनाओं पर आधारित है, जिनके कारण मानहानि का मामला दायर किया गया और इसका उद्देश्य पुष्टिमार्गी समुदाय की भावनाओं को आहत करना नहीं है। फिल्म को संबंधित दिशा-निर्देशों पर विचार करने के बाद विशेषज्ञ निकाय केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड द्वारा प्रमाणित किया गया था… 13 जून को दी गई अंतरिम राहत रद्द कर दी गई है। मूल रूप से 14 तारीख को रिलीज होने वाली इस फिल्म को हाईकोर्ट ने नेटफ्लिक्स पर रोक लगा दी थी, क्योंकि व्यापारियों के एक समूह ने इस आधार पर कोर्ट में याचिका दायर की थी कि इसमें वैष्णव समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की क्षमता है। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | नमक-मिर्च लगाकर कच्ची केरी के चटकारे ले रहीं परिणीति चोपड़ा, मिर्जापुर 3 का जबरदस्त ट्रेलर रिलीज फिल्म महाराज गुजराती लेखक सौरभ शाह की 2013 की किताब पर आधारित है, जो 1862 के ऐतिहासिक मानहानि मामले पर आधारित है, जो एक प्रमुख वैष्णव व्यक्ति, जदुनाथजी द्वारा समाज सुधारक करसनदास मुलजी के खिलाफ दायर किया गया था, जिन्होंने सर्वशक्तिमान महाराज द्वारा यौन शोषण के खिलाफ लिखा था। मुलजी ने अपनी पत्रिका सत्यप्रकाश में शोषणकारी प्रथा का खुलासा किया, जिसके कारण मानहानि का मामला चला, जो प्रसिद्ध महाराज मानहानि मामला बन गया। न्यायमूर्ति विशन ने कहा कि याचिकाकर्ताओं की प्राथमिक शिकायत कि फिल्म वैष्णव समुदाय को बदनाम करती है, बदनाम करती है और उसका अपमान करती है, में कोई दम नहीं है। “इस प्रकार उनकी अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए बाध्य है कि याचिकाकर्ताओं की आशंका अनुमानों पर आधारित है। चूंकि फिल्म को अभी सार्वजनिक रूप से देखने के लिए जारी नहीं किया गया है, इसलिए केवल अनुमान के आधार पर संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (ए) के तहत प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित नहीं किया जा सकता है, अदालत ने कहा। उन्होंने खुली अदालत में आदेश सुनाते हुए कहा फिल्म का मुख्य संदेश, जैसा कि प्रतिवादी ने सही कहा है, यह है कि फिल्म सामाजिक बुराई और करसनदास मुलजी द्वारा सामाजिक सुधार के लिए लड़ाई पर केंद्रित है, जो स्वयं वैष्णव समुदाय से थे। उन्होंने कहा, फिल्म किसी भी तरह से धार्मिक भावनाओं को प्रभावित या आहत नहीं करती है। फिल्म यह निष्कर्ष निकालती है कि संप्रदाय किसी भी व्यक्ति या घटना से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। इस घटना को अपवाद मानते हुए वैष्णव संप्रदाय और उसके अनुयायी बढ़ते रहे और भारत के सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक ताने-बाने का गौरवपूर्ण और अभिन्न अंग बने रहे। यह आशंका जताई जा रही है कि इससे सांप्रदायिक विद्वेष पैदा होने की संभावना है। हालांकि, उसी मानहानि मामले के आधार पर 2013 में पुस्तक प्रकाशित हुई थी और किसी घटना की सूचना नहीं दी गई है। उन्होंने कहा, यहां तक कि याचिकाकर्ताओं ने भी यह दावा नहीं किया है कि पुस्तक से सांप्रदायिक विद्वेष पैदा हुआ है।
Chandu Champion: कपिल देव ने कार्तिक आर्यन की फिल्म के लिए लिखा दिल को छू लेने वाला नोट
पूर्व भारतीय क्रिकेटर कपिल देव ने इंस्टाग्राम पर कबीर खान के निर्देशन की प्रशंसा की और उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म ने उन्हें भावुक कर दिया। कपिल देव ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्टर शेयर किया और एक लंबा नोट लिखा, चंदू चैंपियन! निश्चित रूप से एक ऐसी फिल्म जिसे आप मिस नहीं कर सकते। मुझे खेल फिल्में देखना और उनकी सराहना करना वाकई पसंद है। लेकिन यह सिर्फ एक खेल फिल्म होने से कहीं बढ़कर है। यह इससे कहीं बढ़कर है। इसे देखते हुए मैं हंसा, रोया, गर्व महसूस किया और फिर से रोया। @kabirkhankk को सलाम। आपने फिर से कमाल कर दिया। इसे भी पढ़ें: Shraddha Kapoor In love | श्रद्धा कपूर ने राहुल मोदी के साथ अपने रिश्ते को किया कंफर्म, शेयर की क्यूट तस्वीर और इमोशनल पोस्ट उन्होंने आगे लिखा, एक और शानदार फिल्म बनाई। @kartikaaryan ने क्या शानदार अभिनय किया, आपका प्रयास और प्रतिभा चमक रही है। पूरी कास्ट और क्रू को बधाई और हमें यह फिल्म देखने के लिए देने के लिए धन्यवाद। आप सभी चैंपियन हैं! एक और शानदार फिल्म बनाई। @kartikaaryan ने क्या कमाल का अभिनय किया है, आपकी मेहनत और प्रतिभा जगमगा रही है। पूरी कास्ट और क्रू को बधाई और हमें यह फिल्म देखने के लिए देने के लिए आपका धन्यवाद। आप सभी चैंपियन हैं! इसे भी पढ़ें: Gujarat High Court ने फिल्म महाराज की ओटीटी रिलीज पर रोक एक दिन के लिए बढ़ाई कार्तिक और कबीर की फिल्म 'चंदू चैंपियन' 14 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। Sacnilk की एक रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है और अब तक कुल कलेक्शन 29.75 करोड़ रुपये हो चुका है। इसमें कार्तिक मुरलीकांत पेटकर की भूमिका में नजर आ रहे हैं। यह फिल्म एक ऐसे एथलीट की असाधारण कहानी पर आधारित है जिसने कभी हार नहीं मानी। View this post on Instagram A post shared by Kapil Dev (@therealkapildev)
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जेल से रिहा होने पर Elvish Yadav ने गुजरात में खेलीजबरदस्त होली, 'राव साहब' को अपने बीच देख क्रेजी हुए फैन्स

