वैदिक ज्योतिष और शास्त्र-विज्ञान के अनुसार, सप्ताह का प्रत्येक दिन किसी न किसी विशेष ग्रह और उसके ऊर्जा चक्र से संचालित होता है। हम अपने दैनिक जीवन में जो भी आर्थिक फैसले लेते हैं या नया व्यापार शुरू करते हैं, उस पर उस दिन के स्वामी ग्रह का गहरा प्रभाव पड़ता है। अक्सर लोग कड़ी मेहनत करने के बावजूद व्यापार या निवेश में नुकसान उठाते हैं, जिसका एक बड़ा कारण गलत दिन पर किया गया निवेश भी हो सकता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि व्यक्ति अपनी राशि, ग्रहों के स्वभाव और दिन के महत्व को समझकर सही सेक्टर में पैसा लगाए, तो उसके धन-धान्य में दिन दूनी रात चौगुनी वृद्धि होती है और निवेश कभी बेकार नहीं जाता।बुधवार व्यापार के लिए वरदान तो गुरुवार प्रॉपर्टी में दिलाता है अपार सफलतासप्ताह का बुधवार का दिन ग्रहों के राजकुमार 'बुधदेव' को समर्पित होता है। ज्योतिष में बुध को बुद्धि, तार्किकता, संवाद और व्यापार का कारक ग्रह माना गया है। यही वजह है कि बुधवार के दिन नया बिजनेस शुरू करना, नए क्लाइंट्स के साथ एग्रीमेंट साइन करना, शेयर्स/स्टॉक्स में निवेश करना या मार्केटिंग से जुड़ा कोई काम शुरू करना सबसे ज्यादा शुभ और लाभदायक माना जाता है। वहीं दूसरी तरफ, गुरुवार (बृहस्पतिवार) के स्वामी देवताओं के गुरु 'देवगुरु बृहस्पति' हैं, जो धन, समृद्धि और विस्तार के प्रतीक हैं। गुरुवार के दिन जमीन-जायदाद (प्रॉपर्टी), मकान, दुकान, सोने-चांदी के गहनों या लंबे समय की एफडी (FD) में निवेश करना परिवार में स्थायित्व और अटूट बरकत लाता है।शुक्रवार को फैशन-डिजिटल मीडिया तो मंगलवार-शनिवार को संभालकर करें निवेशशुक्रवार का दिन धन की देवी मां लक्ष्मी और भौतिक सुख-सुविधाओं के स्वामी 'शुक्र ग्रह' का दिन है। इस दिन फैशन उद्योग, ब्यूटी प्रॉडक्ट्स, गारमेंट्स, कला, एंटरटेनमेंट, इंटीरियर डिजाइनिंग और डिजिटल मीडिया सेक्टर में पैसे का निवेश करना अत्यंत फलदायी होता है। दूसरी ओर, सोमवार को चंद्र देव का प्रभाव होने के कारण जल, तरल पदार्थ, दूध, डेयरी और सी-फूड से जुड़े व्यापार में फायदा होता है। हालांकि, मंगलवार (मंगल ग्रह) और शनिवार (शनिवार/शनिदेव) के दिन नया भारी निवेश या बड़ा जोखिम लेने से बचना चाहिए। मंगलवार को लोहे, कंस्ट्रक्शन या मशीनरी से जुड़े कामों में सावधानीपूर्वक कदम उठाना चाहिए, जबकि शनिवार को केवल स्थायी और सोच-समझकर किए गए निवेश ही फलीभूत होते हैं।सही दिन और सही दिशा में निवेश से दूर होगी आर्थिक तंगी, बढ़ेगा धनयदि आप भी किसी नए प्रोजेक्ट में पूंजी लगाने की योजना बना रहे हैं, तो केवल मार्केट के रुझानों को देखने के साथ-साथ शुभ मुहूर्त और दिन के ग्रहों की स्थिति का ध्यान जरूर रखें। अपने व्यावसायिक दस्तावेजों पर दस्तखत करने या कोई बड़ा पेमेंट करने से पहले शुभ चौघड़िया का चयन करें। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, ग्रहों के अनुकूल दिन किया गया कोई भी छोटा निवेश भी भविष्य में बड़ा आर्थिक सुरक्षा कवच साबित होता है और व्यक्ति को कर्ज या नुकसान की स्थिति से बचाकर सफलता के शिखर पर पहुंचाता है।
पूर्णिया। मंगलवार को इंजीनियरिंग कॉलेज, पूर्णिया में एसएसपी डॉ. शौर्य सुमन की अध्यक्षता में एक साइबर अपराध जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान एसएसपी ने छात्र-छात्राओं को साइबर ठगी के नए तरीकों से सावधान रहने और डिजिटल दुनिया का जिम्मेदारी से उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने स्मैक व अन्य मादक पदार्थों से दूर रहने का भी आह्वान किया। एसएसपी ने बताया कि इन दिनों क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर बड़े पैमाने पर साइबर ठगी की जा रही है। अधिक और जल्दी पैसा कमाने के लालच में लोग बिना जांच-पड़ताल किए निवेश कर देते हैं, जिसका फायदा साइबर अपराधी उठाते हैं। ऑनलाइन निवेश करने से पहले पूरी जानकारी लेने की सलाह उन्होंने स्पष्ट किया कि ठगी करने वाले गिरोह लोगों से पैसे लेकर उन्हें कई बैंक खातों के माध्यम से विदेशों तक ट्रांसफर कर देते हैं, जिससे धन की रिकवरी और कानूनी कार्रवाई काफी कठिन हो जाती है। इसलिए किसी भी ऑनलाइन निवेश से पहले पूरी जानकारी और सावधानी बरतना आवश्यक है। मोबाइल फोन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए डॉ. सुमन ने कहा, आपके हाथ में मौजूद मोबाइल एक समुद्र की तरह है। यदि इसका सही उपयोग करेंगे तो ज्ञान और सफलता प्राप्त करेंगे, लेकिन गलत उपयोग जीवन को भटका सकता है। उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए बताया कि उन्होंने अपनी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी किसी कोचिंग संस्थान से नहीं की, बल्कि घर बैठे मोबाइल और तकनीक का सकारात्मक उपयोग कर सफलता हासिल की। एसएसपी ने छात्रों को नशे से दूर रहने की सलाह दी एसएसपी ने इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों से स्मैक समेत अन्य मादक पदार्थों से दूर रहने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि नशा युवाओं के भविष्य को बर्बाद कर देता है और उन्हें अपराध की ओर भी धकेल सकता है। डॉ. सुमन ने इंजीनियरिंग के छात्रों से कहा कि देश को साइबर अपराधों से सुरक्षित रखने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। तकनीकी ज्ञान का उपयोग समाज और देशहित में करना युवाओं की जिम्मेदारी है। शॉर्टकट से पैसा कमाने की लालच से बचे इस अवसर पर उपस्थित एडीएम लॉ एंड ऑर्डर राजकुमार गुप्ता ने भी छात्रों को साइबर ठगी के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि शॉर्टकट से अधिक पैसा कमाने की चाह अक्सर लोगों को इसका शिकार बना देती है। इसलिए ऐसे प्रलोभनों से बचना चाहिए।उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि किसी के साथ साइबर ठगी होती है तो बिना समय गंवाए तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई कर धन की रिकवरी की संभावना बढ़ सके। कार्यक्रम में इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रिंसिपल, शिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।
देह व्यापार की मुख्य आरोपी के घर चला बुलडोजर:अशोकनगर में ब्लैकमेलिंग जांच के बीच अवैध टीनशेड हटाया
अशोकनगर में देह व्यापार और ब्लैकमेलिंग की मुख्य आरोपी सीमा अहिरवार के घर पर मंगलवार को प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई की। पुलिस, नगर पालिका और प्रशासन की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी की मदद से मकान के सामने बने टीनशेड वाले एक मंजिला निर्माण को ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, 21 बाई 25 फीट के मकान के सामने बने इस अवैध निर्माण पर कार्रवाई की गई। जिस परिसर में सीमा अहिरवार रहती थी, वहां दो मंजिला मकान के सामने यह टीनशेड बनाया गया था। कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात रहा और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले पुलिस ने देह व्यापार के मामले में सीमा अहिरवार को दो अन्य महिलाओं के साथ गिरफ्तार किया था। जांच में उसका दामाद भी इस अनैतिक कारोबार में शामिल पाया गया, जिसे पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। गिरफ्तारी के बाद जांच में ब्लैकमेलिंग के दो बड़े मामले भी सामने आए। एक मामले में विक्रांत जैन से अश्लील वीडियो के नाम पर करीब 51 लाख रुपए और कुछ प्लॉट हड़पने का आरोप है। वहीं, दूसरे पीड़ित ने अश्लील फोटो-वीडियो बनाकर 16 लाख रुपए की ब्लैकमेलिंग किए जाने की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने दोनों मामलों में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल, सीमा अहिरवार न्यायिक हिरासत में जेल में बंद है, जबकि प्रशासन उसके मकान पर नियमानुसार कार्रवाई कर रहा है।
देशभर में निवेशकों के लिए अच्छे राज्यों में राजस्थान 10वें नंबर पर है, जबकि 17 बड़े राज्यों में राजस्थान 8वें स्थान पर है। देश में निवेश के लिए अच्छे माहौल और इंफ्रास्ट्रक्चर के हिसाब से अलग-अलग मापदंडों पर नीति आयोग की रिपोर्ट में राजस्थान को अग्रणी राज्य (फ्रंट रनर स्टेट) की कैटेगरी में रखा गया है। नीति आयोग की रिपोर्ट में खराब प्रदर्शन वाले सेक्टर्स में सुधार की जरूरत भी बताई है। नीति आयोग ने इन्वेस्टमेंट के माहौल, उसके लिए सरकारी नीतियों, इंफ्रास्ट्रक्चर सहित कई पैरामीटर्स के आधार पर राज्यों की रैंकिंग तैयार करने के साथ ही सुधार के सुझाव भी दिए हैं। इन्वेस्टमेंट फ्रेंडली राज्यों की रैंकिंग में पहले स्थान पर 56.6 अंकों के साथ गुजरात है। वहीं दूसरे स्थान पर महाराष्ट्र, तीसरे स्थान पर तमिलनाडु, चौथे स्थान पर गोवा और पांचवें पर ओडिशा है। राजस्थान 48.1 अंकों के साथ देशभर में 10वें स्थान पर है। व्यापारिक माहौल सुधारने, एफडीआई बढ़ाने की नसीहत नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार- राज्य को व्यापारिक माहौल (बिजनस क्लाइमेट सुधारने, एफडीआई बढ़ाने और उद्योगों को कर्ज में सुधार की जरूरत बताई है। रिपोर्ट के अनुसार- राज्य में अभी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) राष्ट्रीय औसत से 12% कम है। निवेश समझौतों (MoUs) को धरातल पर उतारने के मामले में राजस्थान बड़े राज्यों में 11वें स्थान पर है। इसमें भी सुधार करने की आवश्यकता बताई है। उद्योगों को दिए जाने वाले बैंक कर्ज के मामले में भी राजस्थान को सुधार लाने की नसीहत दी गई है। औद्योगिक कर्ज औसत से 4% कम है। बैंकिंग सेक्टर से उद्योगों को मिलने वाले क्रेडिट फ्लो को बढ़ाने की सिफारिश की गई है। राजस्थान को टॉप परफॉर्मर से नीचे फ्रंटरनर राज्यों में रखा गया राजस्थान को फ्रंट रनर राज्यों की कैटेगरी में रखा गया है। फ्रंट रनर राज्यों में आंध्र प्रदेश, असम, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश शामिल है। टॉप परफॉर्मेंस में गोवा, गुजरात, महाराष्ट्र, ओडिशा और तमिलनाडु शामिल है। इंफ्रास्ट्रक्चर कैटेगरी में बिहार-यूपी से पीछे राजस्थान इंफ्रास्ट्रक्चर की कैटेगरी में राजस्थान 17 बड़े राज्यों में 12वें नंबर पर है। इस मामले में बिहार, उत्तर प्रदेश जैसे राज्य राजस्थान से ऊपर हैं। बिहार 11वें, उत्तर प्रदेश 10वें और महाराष्ट्र 9वें स्थान पर है। इस कैटेगरी में गुजरात टॉप पर है। तमिलनाडु दूसरे, केरल तीसरे और बंगाल चौथे नंबर पर है। संसाधनों के मामले में राजस्थान बड़े राज्यों में चौथे स्थान पर संसाधनों के मामले में राजस्थान 17 बड़े राज्यों में चौथे स्थान पर है। राजस्थान और मध्य प्रदेश 7.7 अंकों के साथ संयुक्त रूप से चौथे स्थान पर हैं। वहीं छत्तीसगढ़ 8 अंकों के साथ रैंक में तीसरे, महाराष्ट्र 8.1 अंकों के साथ दूसरे और ओडिशा 8.2 अंकों के साथ पहले स्थान पर है। निवेश फ्रेंडली सरकारी नीति मामले में राजस्थान तीसरे स्थान पर, रेगुलेटरी ईज में दूसरा नंबर निवेश फ्रेंडली सरकारी नीतियों के मामले में राजस्थान 17 बड़े राज्यों में तीसरे स्थान पर है। इस कैटेगरी में मध्य प्रदेश पहले और गुजरात दूसरे स्थान पर है। रेगुलेटरी ईज मामले में राजस्थान 8.1 अंकों के साथ छत्तीसगढ़ के बाद दूसरे स्थान पर है। संस्थागत माहौल में 13वीं रैंक इंस्टीट्यूशन एनवायरनमेंट मामले में राजस्थान 17 में से 13वीं रैंक पर है। राजस्थान केवल झारखंड, ओडिशा, कर्नाटक और तेलंगाना से ही आगे है। बाकी सभी बड़े राज्य राजस्थान से आगे हैं। संसाधनों के मामले में राजस्थान अग्रणी राज्यों में नीति आयोग ने संसाधनों के मामले में राजस्थान का प्रदर्शन मजबूत दिखाया है। रिपोर्ट के अनुसार- राजस्थान में भारत के कुल गैर-धातु खनिज उत्पादन का 33% और धातु खनिज उत्पादन का 14% हिस्सा है। निर्माण परमिट के लिए परसेप्शन स्कोर में राजस्थान बड़े राज्यों की श्रेणी में टॉप तीन राज्यों में शामिल है, जो इस कैटेगरी के औसत से छह अंक ज्यादा है। इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में भी राजस्थान टॉप राज्यों में है। वेयरहाउसिंग (गोदाम) क्षमता में राजस्थान देश में तीसरे स्थान पर है।
शेयर बाजार में जब भी अचानक बड़ी गिरावट आती है या बाजार लाल निशान पर कारोबार करता है, तो नए और अनुभवहीन निवेशकों के हाथ-पांव फूलने लगते हैं। पोर्टफोलियो में लाल रंग देखकर ज्यादातर लोग घबराकर गलत फैसले ले बैठते हैं। हालांकि, एडलवाइस म्यूचुअल फंड की प्रबंध निदेशक (MD) और सीईओ राधिका गुप्ता का मानना है कि यदि आपका निवेश का तरीका और ढांचा सही है, तो बाजार में कितनी ही बड़ी गिरावट क्यों न आ जाए, आप रात में चैन की नींद सो सकते हैं।स्टॉक चुनने के चक्कर में न पड़ें, ढांचे को समझें ग्रो (Groww) द्वारा प्रकाशित पुस्तक 'द अल्फा बेट्स' में राधिका गुप्ता ने नए और युवा निवेशकों को बेहद व्यावहारिक सलाह दी है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में अधिकांश परिवारों और युवा पेशेवरों के पास रोजाना शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव को ट्रैक करने, कंपनियों की बैलेंस शीट जांचने या वार्षिक रिपोर्ट का विश्लेषण करने का समय नहीं होता है। ऐसे में नए निवेशकों के लिए असली फैसला यह नहीं होना चाहिए कि कौन सा मल्टीबैगर शेयर खरीदें, बल्कि यह होना चाहिए कि वे किस वित्तीय ढांचे का चुनाव करते हैं जो उन्हें बिना किसी मानसिक तनाव के ग्रोथ में हिस्सा बनने का मौका दे।प्रोफेशनल फंड मैनेजरों पर छोड़ें बाजार के फैसले राधिका गुप्ता के अनुसार, म्यूचुअल फंड्स नए निवेशकों की इस सबसे बड़ी समस्या का स्थाई समाधान करते हैं। म्यूचुअल फंड्स में अलग-अलग सेक्टरों और मार्केट कैप (लार्ज, मिड और स्मॉल कैप) वाले शेयरों में पैसा लगाया जाता है। सबसे खास बात यह है कि रोजाना शेयर खरीदने या बेचने का फैसला आपका नहीं, बल्कि एक प्रोफेशनल फंड मैनेजर का होता है। ये फंड मैनेजर सख्त नियमों और रिसर्च के आधार पर फैसले लेते हैं। चूंकि युवा निवेशक अपने करियर को बनाने और कौशल विकसित करने में व्यस्त रहते हैं, इसलिए बाजार पर नजर रखने का यह भावनात्मक और भारी बोझ अनुभवी फंड प्रबंधकों पर छोड़ देना ही सबसे समझदारी भरा कदम है।नए निवेशकों के लिए राधिका गुप्ता की सीधी और सरल सलाह सोशल मीडिया पर मिलने वाले 'मल्टीबैगर स्टॉक्स' के लुभावने टिप्स से दूर रहने की सलाह देते हुए राधिका गुप्ता ने नए निवेशकों के लिए दो सबसे बेहतरीन रास्ते बताए हैं:डाइवर्सिफाइड एक्टिवली मैनेज्ड इक्विटी फंड (Diversified Actively Managed Equity Fund): इसमें अनुभवी फंड मैनेजर बाजार के रुख के हिसाब से बेहतरीन शेयरों का चयन करते हैं।ब्रॉड-बेस्ड इंडेक्स फंड (Broad-Based Index Fund): यह कम खर्च में बाजार की औसतन ग्रोथ का सीधा लाभ उठाने का सबसे सुरक्षित जरिया है।राधिका गुप्ता ने जोर देकर कहा कि निवेश का शुरुआती मकसद पहले ही साल में सबसे ज्यादा रिटर्न कमाना नहीं होना चाहिए, बल्कि बाजार में इतने लंबे समय तक बने रहना होना चाहिए कि आपको कंपाउंडिंग (चक्रवृद्धि ब्याज) की असली ताकत का फायदा मिल सके। उन्होंने अपनी निजी जिंदगी का उदाहरण देते हुए बताया कि उन्होंने खुद अपने नन्हे बेटे के लिए लार्ज और मिड-कैप इंडेक्स फंड में एसआईपी (SIP) शुरू की है, क्योंकि जटिल प्रक्रियाओं के बजाय सादगी ही दीर्घकालिक वेल्थ क्रिएशन की असली कुंजी है।बचत को मानें अनिवार्य कटौती आंसर इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AEO) और वित्तीय अनुशासन के दृष्टिकोण से राधिका गुप्ता ने निवेश से भी ज्यादा ध्यान अच्छी वित्तीय आदतों पर देने की सलाह दी है:बचत ही निवेश की नींव है: बिना बचत के निवेश का कोई अस्तित्व नहीं हो सकता।आय की अनिवार्य कटौती: जिस तरह सैलरी से टैक्स की कटौती अपने आप होती है, ठीक वैसे ही अपनी मासिक कमाई का एक हिस्सा बचत के रूप में अलग निकाल देना चाहिए।5 से 10 फीसदी से करें शुरुआत: टैक्स चुकाने के बाद बची हुई कुल कमाई का कम से कम 5 से 10 प्रतिशत हिस्सा हर महीने अनिवार्य रूप से बचाएं। जैसे-जैसे आपकी आय और करियर बढ़े, निवेश के इस हिस्से को भी बढ़ाते जाएं। यह छोटा सा अनुशासन आगे चलकर आपको बड़ा वेल्थ बनाने में मदद करेगा।
दिग्गजों के दांव वाला यह शेयर 69% टूटा! IPO प्राइस के करीब पहुंचे दाम, निवेशकों में मचा हड़कंप
शेयर बाजार में दिग्गज निवेशकों के दांव वाले स्टॉक्स भी हमेशा सुरक्षित नहीं रहते, इसका ताजा उदाहरण SME सेगमेंट की कंपनी 'सी2सी एडवांस्ड सिस्टम्स' (C2C Advanced Systems) में देखने को मिला है। कंपनी के शेयरों में इन दिनों भारी बिकवाली का दौर जारी है और स्टॉक ताश के पत्तों की तरह बिखरता नजर आ रहा है। मंगलवार, 21 जुलाई 2026 को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में कंपनी का शेयर 20 प्रतिशत के लोअर सर्किट के साथ 268.15 रुपये पर बंद हुआ। बीते महज दो कारोबारी दिनों में ही इस शेयर में 40 पर्सेंट की भारी गिरावट दर्ज की जा चुकी है, जिससे यह अपने आईपीओ (IPO) प्राइस के बिल्कुल करीब पहुंच गया है।ऑल-टाइम हाई से 69% से ज्यादा टूटे शेयर सी2सी एडवांस्ड सिस्टम्स के शेयरों ने अपने निवेशकों को तगड़ा झटका दिया है। अगर इसके 52 हफ्ते के उच्चतम स्तर की तुलना करें, तो यह स्टॉक 69 प्रतिशत से ज्यादा टूट चुका है। बीते साल 1 सितंबर 2025 को कंपनी का शेयर 888 रुपये के अपने ऑल-टाइम हाई स्तर पर कारोबार कर रहा था, जो अब घटकर 268.15 रुपये के नए 52-हफ्ते के निचले स्तर (52-week Low) पर आ गया है। साल 2026 की शुरुआत से लेकर अब तक यानी YTD के आधार पर देखें तो इस शेयर में 43 पर्सेंट से अधिक की गिरावट आई है, जिसके चलते कंपनी का कुल मार्केट कैप घटकर 455 करोड़ रुपये पर सिमट गया है।आशीष कचोलिया और मुकुल अग्रवाल जैसे दिग्गजों का लगा है दांव आंसर इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AEO) और मार्च 2026 की शेयरहोल्डिंग फाइलिंग के मुताबिक, इस कंपनी में बाजार के बड़े और नामचीन निवेशकों का पैसा लगा हुआ है:आशीष कचोलिया: दिग्गज निवेशक आशीष कचोलिया की इस कंपनी में 3.82 पर्सेंट हिस्सेदारी है।मुकुल अग्रवाल: मशहूर इनवेस्टर मुकुल अग्रवाल के पास कंपनी के 2.75 पर्सेंट शेयर मौजूद हैं।बंगाल फाइनेंस व FII: बंगाल फाइनेंस के पास 1.27 पर्सेंट स्टेक है, जबकि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की कुल हिस्सेदारी 3.18 पर्सेंट है।अपने IPO इश्यू प्राइस के मुहाने पर पहुंचा शेयर का भाव डिफेंस और एयरोस्पेस सॉल्यूशंस (Defense and Aerospace Solutions) में विशेषज्ञता रखने वाली सी2सी एडवांस्ड सिस्टम्स का आईपीओ नवंबर 2024 में आया था। उस दौरान कंपनी ने 226 रुपये का इश्यू प्राइस तय किया था। निवेशकों के जबरदस्त उत्साह के कारण यह आईपीओ 125 गुना सब्सक्राइब हुआ था। 3 दिसंबर 2024 को जब इसकी मार्केट में एंट्री हुई, तो यह 226 रुपये के मुकाबले 429.40 रुपये पर शानदार प्रीमियम के साथ लिस्ट हुआ था और लिस्टिंग वाले दिन 450.85 रुपये पर बंद हुआ था। हालांकि, अब ऑल-टाइम हाई से हुई भारी मुनाफावसूली और लगातार गिरावट के बाद शेयर अपने आईपीओ प्राइस 226 रुपये के बेहद करीब आ चुका है, जिससे खुदरा निवेशक असमंजस की स्थिति में हैं।
रेलवे के रिटायर प्रिंसिपल चीफ इंजीनियर से 40 लाख की ठगी का मामला सामने आया है। मुंबई की एक फाइनेंस कंपनी ने 40 लाख रुपये एफडी में निवेश कराए और बाद में रुपये लौटाने से इंकार कर दिया। रिटायर अफसर की शिकायत पर सिविल लाइंस थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। तीन किश्तों में जमा की रकमजगदीश चंद्र चौरसिया (आईआईटी, आईईएस 1990 बैच) ने पुलिस को बताया, उन्होंने नवी मुंबई स्थित अपओनली टेक्नोलॉजीज में नवंबर 2022 से जनवरी 2023 के बीच तीन किश्तों में कुल 40 लाख रुपये जमा किए थे। कंपनी ने उन्हें प्रीमियम ग्राहक बताते हुए 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का भरोसा दिया था। शुरुआती दौर में हर महीने 40 हजार रुपये ब्याज भी दिया। एफडी सर्टिफिकेट में अलग शर्तेंशिकायतकर्ता का आरोप है कि बाद में जारी एफडी प्रमाणपत्र में 9 प्रतिशत ब्याज और सात वर्ष की लॉक-इन अवधि दर्ज मिली। उनका कहना है कि निवेश के समय न तो इसकी जानकारी दी गई और न ही उन्होंने ऐसी किसी शर्त पर सहमति दी। पहले घटाया ब्याज, फिर भुगतान भी रोकाफरवरी 2024 के बाद कंपनी ने मासिक भुगतान 40 हजार से घटाकर 30 हजार रुपये कर दिया। बाद में टीडीएस का हवाला देकर इसे 27 हजार रुपये कर दिया गया। इसके बावजूद कई महीनों का भुगतान पूरा नहीं किया गया। सितंबर 2025 में 15 हजार, अक्टूबर से दिसंबर 2025 तक 20-20 हजार रुपये दिए गए, जबकि अप्रैल और मई 2026 का कोई भुगतान नहीं किया गया। बेटी की शादी के लिए मांगे पैसेपीड़ित ने पुलिस को बताया कि बेटी की शादी के लिए उन्हें रुपयों की जरूरत थी तो उन्होंने कंपनी से एफडी का मूलधन लौटाने का अनुरोध किया, लेकिन कंपनी ने सात साल की लॉक-इन अवधि का हवाला देकर पैसा देने से इनकार कर दिया। संचालकों ने फोन उठाना बंद कियाशिकायत में कंपनी के तीन संचालकों शंभू राय, धीरज सिंह और रोहित कुमार के नाम भी दर्ज हैं। आरोप है कि तीनों अब फोन नहीं उठा रहे हैं। शिकायतकर्ता ने दावा किया कि पिछले छह महीनों में उन्होंने करीब 50 बार ईमेल और व्हाट्सऐप के जरिए संपर्क किया, जिसके सभी रिकॉर्ड उनके पास सुरक्षित हैं। इन आरोपों में दर्ज हुई एफआईआरसिविल लाइंस थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर कंपनी और उसके संचालकों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और अन्य संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी रामाश्रय यादव ने बताया कि निवेश, भुगतान और कंपनी के दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
सोनभद्र जिले के रेणुकूट क्षेत्र में सीएमबी चिट फंड कंपनी के संचालक के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 1.42 करोड़ रुपये की चल एवं अचल संपत्ति कुर्क कर ली है। आरोपी पर निवेश के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये जमा कराने और भुगतान न करने का आरोप है। वह फिलहाल न्यायिक अभिरक्षा में जेल में बंद है। पुलिस के अनुसार, थाना अनपरा में भागीरथी मौर्या पुत्र रमापति मौर्या, निवासी मुंहकुचवां (मिर्जापुर) एवं वर्तमान निवासी मुर्धवा, रेणुकूट के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज है। आरोपी सीएमबी नाम से चिट फंड कंपनी संचालित कर लोगों से निवेश कराता था और समय पूरा होने पर धन वापस नहीं करता था। शिकायतों के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले की सुनवाई के दौरान अपर सिविल जज ने अपराध से अर्जित संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया। न्यायालय के आदेश के अनुपालन में उपजिलाधिकारी दुद्धी रवि पासवान और क्षेत्राधिकारी पिपरी हर्ष पाण्डेय के नेतृत्व में पुलिस व राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। टीम ने मुर्धवा स्थित आराजी संख्या 557ग की 0.0195 हेक्टेयर भूमि (अनुमानित मूल्य 17.55 लाख रुपये) तथा उस पर बने मकान (अनुमानित मूल्य 1.09 करोड़ रुपये) को कुर्क किया। इसके अलावा मौजा कटौधी स्थित आराजी संख्या 97क की 0.273 हेक्टेयर भूमि (अनुमानित मूल्य 4.10 लाख रुपये) भी जब्त की गई। अचल संपत्तियों का कुल अनुमानित मूल्य करीब 1.31 करोड़ रुपये है। इसके अतिरिक्त आरोपी की किया सोनेट कार, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 11 लाख रुपये है, उसे भी न्यायालय के आदेश पर जब्त कर लिया गया। इस तरह कुर्क की गई चल एवं अचल संपत्तियों का कुल मूल्य लगभग 1.42 करोड़ रुपये है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि आर्थिक अपराध कर आम लोगों की गाढ़ी कमाई हड़पने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। अपराध से अर्जित संपत्तियों को चिन्हित कर कानून के अनुसार कुर्क करने की प्रक्रिया आगे भी जारी रखी जाएगी।
दमोह के सागर नाका स्थित सब्जी मंडी में अतिक्रमण और बकाया मंडी शुल्क की शिकायतें मिलने के बाद कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के निर्देश पर मंगलवार दोपहर एसडीएम सौरव गंधर्व ने मंडी का निरीक्षण किया। उन्होंने व्यापारियों से बातचीत कर स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने व्यापारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन व्यापारियों का मंडी शुल्क बकाया है, वे उसे तुरंत जमा करें। साथ ही, अनाधिकृत रूप से टीन शेड पर किए गए कब्जे को भी हटा लें। उन्होंने कहा कि मंडी शुल्क जमा करने के बाद ही दुकानों को संचालित करने की अनुमति दी जाएगी। व्यापारियों ने एसडीएम को आश्वस्त किया कि जिस भी व्यापारी का मंडी शुल्क बकाया होगा, उसकी भरपाई सुनिश्चित की जाएगी। अवैध कब्जे की शिकायत एसडीएम सौरव गंधर्व ने बताया कि उन्हें सब्जी मंडी में कुछ व्यापारियों द्वारा अवैध कब्जे की शिकायत मिली थी। निरीक्षण में दो मुख्य बातें सामने आईं: पहली, 2015 में पुरानी मंडी से जिन व्यापारियों को यहां स्थानांतरित किया गया था, वे आज भी उन्हीं जगहों पर काबिज हैं। दूसरी, कुछ व्यापारियों का मंडी शुल्क बकाया है, जबकि कुछ ने मंडी में प्लॉट के लिए भुगतान कर रखा है।
Share Bazaar लगातार दूसरे दिन टूटा, Sensex 238 अंक लुढ़का, Nifty में भी आई गिरावट
Share Market Update News : भारतीय शेयर बाजार में आज लगातार दूसरे दिन गिरावट देखने को मिली। दिनभर उतार-चढ़ाव के बाद कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 238.41 अंक यानी 0.31 फीसदी लुढ़ककर 77470.11 पर बंद हुआ, वहीं एनएसई का निफ्टी 50.80 अंक यानी 0.21 ...
शेयर मार्केट में मोटा मुनाफा कमाने का लालच ग्वालियर के एक कारोबारी को भारी पड़ गया। साइबर ठगों ने व्हाट्सएप कॉल के जरिए संपर्क कर पहले निवेश पर मुनाफा देकर भरोसा जीता, फिर अलग-अलग किश्तों में 15.27 लाख रुपए निवेश करा लिए। जब कारोबारी ने अपनी जमा राशि वापस मांगी तो ठगों ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाटीपुर थाना क्षेत्र स्थित चौहान प्याऊ के सामने तोमर बिल्डिंग निवासी 49 वर्षीय विवेक सिंह तोमर ने पुलिस को बताया कि 29 जून 2026 को उनके मोबाइल पर व्हाट्सएप कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को शेयर मार्केट से जुड़ा बताते हुए निवेश पर पहले ट्रेनिंग और फिर 10 प्रतिशत तक मुनाफा देने का दावा किया। पहले मुनाफा देकर जीता भरोसा ठग की बातों में आकर विवेक ने सबसे पहले 50 हजार रुपए बताए गए बैंक खाते में ट्रांसफर किए। कुछ समय बाद उनके खाते में 8,910 रुपए मुनाफे के रूप में भेजे गए। इससे उनका भरोसा बढ़ गया और उन्होंने 3 जुलाई को 4.97 लाख रुपए, 6 जुलाई को 4.95 लाख रुपए तथा बाद में अन्य किश्तों में रकम मिलाकर कुल 15 लाख 27 हजार रुपए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए। रकम वापस मांगी तो ठगों ने किया इनकार जब विवेक ने निवेश की पूरी राशि वापस निकालने की कोशिश की तो आरोपियों ने पैसे लौटाने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ। उन्होंने तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 और साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की। खातों की जांच में जुटी पुलिस सीएसपी मनीष यादव ने बताया कि शेयर बाजार में मुनाफे का झांसा देकर एक व्यक्ति से करीब 15 लाख रुपए से अधिक की साइबर ठगी की गई है। पीड़ित की शिकायत पर प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। पुलिस यह पता लगा रही है कि ट्रांसफर की गई राशि किन-किन बैंक खातों में पहुंची और आरोपियों तक कैसे पहुंचा जा सकता है।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में सहारा इंडिया निवेश घोटाले के मामले में करीब 3 साल से फरार चल रहे सहारा इंडिया कबीर चौक शाखा के ब्रांच मैनेजर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से पुलिस से बचकर छिप रहा था। गिरफ्तार करने के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, मामले में कृष्णा विहार कॉलोनी निवासी विकास निगानिया (35) ने 29 सितंबर 2022 को कोतवाली थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि सहारा इंडिया के अधिकारियों, कर्मचारियों ने कंपनी की विश्वसनीयता और आरबीआई से अधिकृत होने का झूठा भरोसा दिलाकर साल 2017 में उनसे, उनकी माता और पत्नी से अलग-अलग योजनाओं में करीब 40 लाख रुपएका निवेश कराया था। निवेश की अवधि पूरी होने के बाद भी निवेशकों की राशि वापस नहीं की गई। जांच में सामने आया कि निवेशकों से सहारा इंडिया के नाम पर रकम लेकर अलग-अलग सहकारी समितियों के नाम से बॉन्ड जारी किए गए और सुनियोजित तरीके से धोखाधड़ी की गई। मामले में सहारा इंडिया रायगढ़ के कबीर चौक शाखा के ब्रांच मैनेजर विजय कुमार शराफ (54), निवासी विकास नगर, कोतरारोड, फरार था। 'ऑपरेशन क्लीन हंट' अभियान के तहत पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी अपने ससुराल कोतरारोड आया हुआ है। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस ने दबिश देकर उसे हिरासत में ले लिया। आरोपी से कई दस्तावेज जब्त पूछताछ में आरोपी ने मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्यों की जानकारी दी। उसके कब्जे से सहारा इंडिया के कबीर चौक फ्रेंचाइजी कार्यालय से संबंधित विकास एवं प्रशासनिक आदेश, कंपनी के एमओयू (MOU) की प्रतियां और अन्य दस्तावेज जब्त किए गए। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। पहले भी कई आरोपी जा चुके हैं जेल इस मामले में कोतवाली पुलिस पहले ही सहारा इंडिया रायगढ़ के पूर्व शाखा प्रबंधक ओमप्रकाश शर्मा, खरसिया के पूर्व शाखा प्रबंधक पुष्पेंद्र कुमार साहू, कंपनी डायरेक्टर करुणेश अवस्थी, सेक्टर मैनेजर अमृतलाल श्रीवास और 6 जुलाई 2024 को बिलासपुर के रीजनल मैनेजर रजनीश तिवारी को गिरफ्तार कर विशेष न्यायाधीश रायगढ़ की अदालत में चालान पेश कर चुकी है। 3,848 निवेशकों से 40.78 करोड़ की धोखाधड़ी पुलिस ने आरोपियों से आईडी कार्ड, नियुक्ति एवं कार्य आदेश संबंधी दस्तावेज, बैंक खातों की जानकारी, जमीन के दस्तावेज तथा धोखाधड़ी की रकम से खरीदी गई कार और बाइक भी जब्त की है। जांच में रायगढ़ सहित अन्य जिलों से मिली शिकायतों के आधार पर अब तक 3,848 निवेशकों के साथ 40 करोड़ 78 लाख 16 हजार 739 रुपए की धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है। मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश लगातार जारी है। SSP बोले- किसी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि निवेशकों के साथ धोखाधड़ी करने वाले किसी भी आरोपी को कानून से बचने नहीं दिया जाएगा। आर्थिक अपराधों में फरार आरोपियों की लगातार तलाश की जा रही है और आम जनता के विश्वास के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
नई दिल्ली के भारत मंडपम में 12 से 15 अगस्त तक होने वाले देश के सबसे बड़े ट्रेड फेयर भारत व्यापार महोत्सव के लिए छत्तीसगढ़ में बिजनेस डेलीगेट रजिस्ट्रेशन शुरू हो गया है। रायपुर स्थित कैट (CAIT) प्रदेश कार्यालय में इसके लिए बैठक आयोजित की गई। पहले ही दिन प्रदेश के कई व्यापारिक संगठनों और व्यापारियों ने उत्साह के साथ अपना पंजीयन कराया। बैठक में कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी ने कहा कि इस बार महोत्सव में छत्तीसगढ़ की मजबूत भागीदारी सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। उनका कहना है कि आने वाले दिनों में प्रदेश के सभी जिलों से व्यापारी, उद्योगपति, स्टार्टअप और एमएसएमई प्रतिनिधि बड़ी संख्या में इस आयोजन में शामिल होंगे। कारोबार बढ़ाने के अवसर अमर पारवानी ने बताया कि भारत व्यापार महोत्सव सिर्फ प्रदर्शनी नहीं, बल्कि देशभर के व्यापार और उद्योग जगत का बड़ा मंच है। यहां उद्योगपति, निर्माता, वितरक, आयात-निर्यात से जुड़े कारोबारी, निवेशक और स्टार्टअप एक साथ आएंगे। इससे नए व्यापारिक संबंध बनाने और कारोबार बढ़ाने के अवसर मिलेंगे। महोत्सव में शामिल होने वाले व्यापारियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बिजनेस नेटवर्किंग, बी-टू-बी बैठकों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), नई तकनीकों, डिजिटल बिजनेस, आयात-निर्यात और वैश्विक बाजार की जानकारी मिलेगी। साथ ही उद्योग विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं से सीधे संवाद का अवसर भी मिलेगा। राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने का मौका कैट के प्रदेश अध्यक्ष परमानंद जैन ने कहा कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ के व्यापारियों, उद्यमियों, एमएसएमई और स्टार्टअप के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का अच्छा मौका है। बैठक में महोत्सव के प्रचार-प्रसार, जिलावार भागीदारी, व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल और अधिक से अधिक पंजीयन सुनिश्चित करने की कार्ययोजना पर भी चर्चा की गई।
Donald Trump का बड़ा झटका! कनाडा पर 50% टैरिफ का ऐलान, महंगाई और ट्रेड वॉर का खतरा बढ़ा
वैश्विक राजनीति और व्यापार जगत से एक बहुत बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने पड़ोसी देश और पक्के सहयोगी माने जाने वाले कनाडा पर कड़ा रुख अपनाते हुए अधिकांश कनाडाई सामानों पर भारी-भरकम 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है। व्हाइट हाउस की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक यह नया शुल्क आदेश लागू होने से वैश्विक स्तर पर एक बार फिर से आर्थिक हलचल तेज हो गई है और एक नए ट्रेड वॉर का खतरा मंडराने लगा है। इस बड़े फैसले से किन सेक्टरों पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा और इसका वैश्विक अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव होगा, आइए इसे विस्तार से जानते हैं।क्यों उठाया गया यह सख्त कदम और किन उत्पादों पर गिरेगी गाजव्हाइट हाउस का कहना है कि यह कदम कनाडा द्वारा अमेरिकी ऑटोमोबाइल, शराब और डेयरी उत्पादों के खिलाफ लगातार किए जा रहे भेदभावपूर्ण रवैये के जवाब में उठाया गया है। अमेरिकी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कनाडा ने अमेरिकी सामानों के साथ अनुचित व्यवहार किया है, जिसके चलते यह कड़ा निर्णय लेना जरूरी हो गया था। इस नए 50% टैरिफ के दायरे में वाइन, सीमेंट और यहाँ तक कि खेल से जुड़े सामान जैसे हॉकी स्टिक भी शामिल किए गए हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि इस सूची से ऊर्जा उत्पादों, मछली, क्रिटिकल मिनरल्स और पोटाश को फिलहाल बाहर रखा गया है।30 दिन का मिला वक्त, बातचीत से हल निकालने की उम्मीदयह नया टैरिफ आदेश तुरंत प्रभाव से लागू नहीं किया गया है, बल्कि इसे प्रभावी होने में अभी 30 दिन का समय है। व्हाइट हाउस के इस फैसले से दोनों देशों के बीच कूटनीतिक स्तर पर बातचीत के रास्ते खुले रखने का मौका मिला है। दूसरी ओर, कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने इस फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि उनकी सरकार ने अमेरिकी पक्ष के साथ इस विवाद को सुलझाने के लिए पहले ही व्यापक प्रस्ताव दिए हैं। कनाडाई अधिकारियों और व्यापार संगठनों का मानना है कि इस 30 दिन की अवधि का उपयोग करके दोनों देशों को आपसी बातचीत के जरिए इस गंभीर गतिरोध को समाप्त करने का प्रयास करना चाहिए।वैश्विक बाजार और महंगाई पर क्या होगा असरअमेरिका और कनाडा के बीच इस प्रकार का बड़ा व्यापारिक टकराव केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका असर पूरी दुनिया के शेयर बाजारों और कमोडिटी मार्केट पर देखने को मिलता है। जानकारों का मानना है कि यदि यह विवाद समय रहते नहीं सुलझाया गया, तो इससे ग्लोबल सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। आयात शुल्क में इतनी भारी बढ़ोतरी होने से अमेरिका में उपभोक्ताओं के लिए चीजें महंगी हो सकती हैं, जिससे महंगाई के एक नए दौर के शुरू होने की आशंका जताई जा रही है। अब पूरी दुनिया की नजरें अगले 30 दिनों के दौरान होने वाली बैठकों और दोनों देशों के रुख पर टिकी हुई हैं
कैथल में नरवाना और करनाल से लड़कियों को बुलाकर देह व्यापार करवाने के मामले में पुलिस ने फाइव स्टार होटल संचालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। आरोपी रुपए देकर लड़कियों से अनैतिक कार्य करवा रहा था। मामले में कैथल निवासी युवक डिंपल के खिलाफ इम्मोरल ट्रैफिक एक्ट 1956 के तहत सिविल लाइन थाना में केस दर्ज कर लिया है। साथ ही यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपी के साथ इस कार्य में किसी और का भी हिस्सा था या नहीं। पुलिस की ओर से मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पुलिस लगातार होटलों और स्पा सेंटरों में अनैतिक कार्यों की सूचना पर छापेमारी कर रही है। एक दिन पहले पुलिस ने की थी रेड बता दें कि सोमवार शाम को कैथल में पुलिस की टीम ने एक होटल पर रेड कर सैक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया था। होटल में तीन युवक व तीन युवतियां आपत्तिजनक हालात में पाए गए। सभी अलग अलग कमरों में बेड पर मिले। उनके अलावा एक अन्य युवक सहित कुल सात युवक व युवतियों को पुलिस टीम पकड़ कर गाड़ियों में बैठाकर अपने साथ पूछताछ के लिए ले गई। फाइव स्टार के नाम से बना होटल मामले को लेकर सिविल लाइन थाना एसएचओ रमेश चंद्र ने बताया कि पुलिस को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि करनाल बाईपास के पास गंदे नाले के नजदीक स्थित फाइव स्टार होटल में अनैतिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने टीम गठित कर छापेमारी की और मौके से सात लोगों को काबू किया। उन्होंने बताया कि होटल में करनाल, नरवाना और अन्य स्थानों से लड़कियों को बुलाया गया था। मामले की जांच में जुटी पुलिस होटल का संचालक रुपए देकर लड़कियों से देह व्यापार करवा रहा था। ग्राहकों को खुद बलाकर उनके सामने लड़कियों को पेश किया जाता था और उसके बाद दाम निर्धारत किए जाते थे। उन्होंने बताया कि होटल संचालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में पंजाब के किसान दिल्ली कूच के लिए रवाना हुए। शंभू बॉर्डर पर पुलिस ने उन्हें रोका। किसान समझौता रद्द करने और महापंचायत की मांग पर अड़े हैं।
फर्नीचर व्यवसाय महासंघ का गठन, व्यापारिक हितों की रक्षा का संकल्प
उदयपुर| शहर के फर्नीचर व्यापारियों ने बढ़ती चुनौतियों के समाधान और हितों की रक्षा के लिए उदयपुर फर्नीचर व्यवसाय महासंघ का गठन किया है। चित्रकूट नगर स्थित निजी होटल में आयोजित पहली बैठक में 30 से अधिक व्यापारियों ने संगठन की आवश्यकता पर सहमति जताई। बैठक में सर्वसम्मति से प्रारंभिक कार्यकारिणी तय की गई, जिसमें जयेश चंपावत को कार्यकारी अध्यक्ष, अजय लिंजारा को सचिव, किशन सैन को कोषाध्यक्ष और मुकेश शर्मा को महामंत्री मनोनीत किया गया। महासंघ जल्द पंजीयन कराकर सदस्यता अभियान शुरू करेगा। इसका मुख्य उद्देश्य व्यापारियों को कानूनी व कर संबंधी मार्गदर्शन देना, एमएसएमई एवं मुद्रा ऋण योजनाओं का लाभ दिलाना और प्रशासनिक समन्वय से समस्याओं का समाधान करना रहेगा।
मांग्यावास रोड व्यापार मंडल का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न
जयपुर | होटल न्यू हवेली में मांग्यावास रोड मानसरोवर व्यापार मंडल समिति का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष बिरधी चन्द चौधरी मुख्य अतिथि और सीकर जीणमाता मंदिर के महंत राहुल विशिष्ट अतिथि रहे। अतिथियों ने व्यापार मंडल के नवनियुक्त अध्यक्ष बाबूलाल चौधरी सहित सभी पदाधिकारियों को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई।
राजधानी लखनऊ में राज्य कर विभाग और परिवहन विभाग के संयुक्त अभियान 'ऑपरेशन कवच' के दौरान जीएसटी चोरी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। जांच टीम ने दिल्ली से उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में व्यापारिक माल ले जा रही नौ लग्जरी यात्री बसों को पकड़कर बड़ी कार्रवाई की। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि बसों के जरिए बिना ई-वे बिल और अन्य वैध दस्तावेजों के भारी मात्रा में व्यापारिक माल की ढुलाई की जा रही थी। विभाग का अनुमान है कि बसों से करीब 300 बोरे संदिग्ध माल बरामद हुआ है, जिस पर कर चोरी का मामला बनता है। दो दिन चला हाईवे पर सघन जांच अभियान शासन के निर्देश पर 19 और 20 जुलाई को राज्य कर विभाग के लखनऊ जोन प्रथम व द्वितीय तथा परिवहन विभाग (प्रवर्तन) ने राजधानी आने वाले प्रमुख राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर विशेष जांच अभियान चलाया। अभियान के दौरान कई लग्जरी यात्री बसों की तलाशी ली गई। जांच में पाया गया कि यात्रियों के सामान के साथ बड़ी मात्रा में व्यापारिक माल भी लदा था, लेकिन उसके परिवहन से जुड़े अनिवार्य दस्तावेज और ई-वे बिल उपलब्ध नहीं थे। राज्य कर कार्यालय लाकर शुरू की गई कार्रवाई कार्रवाई के दौरान पकड़ी गई बसों में एनकेबी स्मार्ट बस, मेट्रो बस, न्यू इंडिया रिलैक्स हॉलीडे, आईटीसी ट्रैवल्स समेत अन्य बसें शामिल हैं। इनमें कुछ बसें बिहार, असम और उत्तर प्रदेश में पंजीकृत हैं। सभी नौ बसों को हजरतगंज स्थित राज्य कर विभाग कार्यालय लाकर माल का सत्यापन किया गया और संबंधित बस संचालकों के खिलाफ अर्थदंड की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। यात्री परिवहन की आड़ में कर चोरी का आरोप राज्य कर विभाग के अधिकारियों के अनुसार कुछ बस संचालक यात्री परिवहन की आड़ में व्यापारिक माल की ढुलाई कर जीएसटी चोरी कर रहे हैं। इससे सरकार को राजस्व का नुकसान होने के साथ वैध व्यापार करने वाले कारोबारियों के लिए भी असमान प्रतिस्पर्धा की स्थिति पैदा होती है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों पर सख्ती जारी रहेगी और संयुक्त अभियान आगे भी लगातार चलाया जाएगा। अधिकारियों की निगरानी में चला ऑपरेशन अभियान का नेतृत्व राज्य कर विभाग के अपर आयुक्त (विवेचना एवं अनुश्रवण) मनोज कुमार विश्वकर्मा और अमरेश त्रिपाठी ने संयुक्त रूप से किया। परिवहन विभाग की ओर से संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) प्रभात पांडेय के निर्देशन में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) आस्था बंसल सहित अन्य अधिकारियों ने कार्रवाई में भाग लिया। सचल दल की विभिन्न इकाइयों ने अलग-अलग स्थानों पर संदिग्ध बसों को रोककर दस्तावेजों का सत्यापन किया और अनियमितता मिलने पर उन्हें कब्जे में ले लिया।
लखनऊ जन उद्घोष व्यापार मंडल के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. नीरज बोरा से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने जानकीपुरम और जानकीपुरम विस्तार क्षेत्र की बदहाल और जर्जर सड़कों की समस्या से विधायक को अवगत कराया। व्यापार मंडल ने बताया कि सीवर खुदाई के कारण लंबे समय से सड़कें टूटी हुई हैं। सड़कों पर मिट्टी के ढेर लगे होने से स्थानीय व्यापारियों, क्षेत्रवासियों और राहगीरों को प्रतिदिन भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में यह स्थिति और भी गंभीर हो गई है। 48 घंटे के भीतर सड़क की मरम्मत का अल्टीमेटम विधायक डॉ. नीरज बोरा ने समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल लोक निर्माण विभाग और जल विभाग के अधिकारियों से वार्ता की। उन्होंने अधिकारियों को 48 घंटे के भीतर सड़क की मरम्मत और आवश्यक कार्य शुरू करने का अल्टीमेटम दिया। डॉ. बोरा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित विभागों द्वारा कार्य प्रारंभ नहीं किया गया, तो वे स्वयं क्षेत्रवासियों एवं व्यापारियों के साथ धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता की समस्याओं के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। क्षेत्र की सड़कों की स्थिति में सुधार का आश्वासन जन उद्घोष व्यापार मंडल ने विधायक डॉ. नीरज बोरा द्वारा त्वरित संज्ञान लेने और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। मंडल ने उम्मीद जताई कि जल्द ही क्षेत्र की सड़कों की स्थिति में सुधार होगा, जिससे आम जनता और व्यापारियों को राहत मिलेगी। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र प्रताप सिंह, प्रदेश महामंत्री विनोद कुमार सिंह, प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुशील कुमार सिंह, प्रदेश मंत्री आर के सिंह चौहान, जिला अध्यक्ष नवीन सिंह और डॉ. रवीश कुमार सिंह सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
छत्तीसगढ़ के धमतरी में सामाजिक कार्यकर्ता मितेश जैन ने प्रसिद्ध पर्यावरणविद् और शिक्षाविद् सोनम वांगचुक के समर्थन में गांधी मैदान में एक दिवसीय अनशन किया। अनशन स्थल पर एक दिवसीय अनशन- सोनम वांगचुक के समर्थन में का बैनर लगाया गया था। इस दौरान शहर के कई लोग भी समर्थन देने पहुंचे। मितेश जैन ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और न्याय का व्यापारीकरण बंद होना चाहिए। पर्यावरण और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से काम करना चाहिए। उन्होंने बच्चों की आत्महत्या और नीट परीक्षा पेपर लीक जैसी घटनाओं पर चिंता जताते हुए ऐसी व्यवस्था बनाने की मांग की, जिससे छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहे और उन्हें बिना परेशानी परीक्षा देने का मौका मिले। मितेश जैन ने उत्तराखंड में बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई का जिक्र करते हुए कहा कि जनता के विरोध के बाद सरकार को फैसला बदलना पड़ा। उन्होंने कहा कि पर्यावरण से जुड़े मामलों पर शासन और प्रशासन को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। साथ ही राष्ट्रपति से शिक्षा, स्वास्थ्य और न्याय के व्यापारीकरण को रोकने की अपील की। सोनम वांगचुक की मांगों का समर्थन मितेश जैन ने कहा कि सोनम वांगचुक पिछले 20 दिनों से देश और युवाओं को जागरूक करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने वांगचुक को महान वैज्ञानिक, पर्यावरणविद् और शिक्षाविद् बताते हुए कहा कि वे शिक्षा में सुधार और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी उनकी मांगों का पूरा समर्थन करते हैं। रौनक अग्रवाल बोले- पर्यावरण और शिक्षा दोनों खतरे में गांधी मैदान पहुंचे रौनक अग्रवाल ने कहा कि देश में पर्यावरण को लगातार नुकसान पहुंचाया जा रहा है। शिक्षा का निजीकरण और व्यवसायीकरण बढ़ रहा है, जिसके विरोध में यह अनशन किया गया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के बस्तर और सरगुजा में भी परियोजनाओं के लिए बड़ी संख्या में पेड़ काटे जा रहे हैं। वहीं उत्तराखंड और मध्य प्रदेश में भी लोग इसका विरोध कर रहे हैं। पेपर लीक और सरकारी स्कूलों का मुद्दा उठाया रौनक अग्रवाल ने कहा कि देश में पेपर लीक की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उनका दावा है कि वर्ष 2021 से अब तक करीब 80 पेपर लीक हो चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि देश में 90 हजार से ज्यादा सरकारी स्कूल बंद किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी मुद्दों को लेकर मितेश जैन अनशन पर बैठे हैं और वे उनका समर्थन करने पहुंचे हैं। सरकार हर आवाज को गंभीरता से सुने रौनक अग्रवाल ने कहा कि यह किसी राजनीतिक दल का आंदोलन नहीं है। सरकार को एक व्यक्ति की आवाज हो या एक करोड़ लोगों की, सभी की बात समान रूप से सुननी और उस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उनका कहना है कि तभी सकारात्मक बदलाव संभव होगा।
सोनीपत जिले में पुलिस ने मुरथल थाना क्षेत्र में चाकू के बल पर लूटपाट करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। रविवार को मुरथल पुल के पास संडे बाजार जा रहे एक दुकानदार पर 2 बदमाशों ने हमला कर ₹3 हजार 400 की नकदी छीन ली थी। पुलिस ने वारदात में शामिल आरोपी विजय को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। पीड़ित राकेश पुत्र दुर्गा प्रसाद, मूल रूप से बिहार के मोतीहारी और वर्तमान में दिल्ली के पूठ खुर्द निवासी हैं। उन्होंने मुरथल थाने में शिकायत दर्ज कराई कि 19 जुलाई को जब वह संडे बाजार जा रहे थे, तभी मुरथल पुल के पास जंगल की तरफ से 2 युवक आए। एक युवक (विजय) ने उनकी गर्दन कोहनी से दबा ली, जबकि दूसरे युवक (सोनू) ने पेट पर चाकू अड़ाकर सब कुछ सौंपने की धमकी दी। चाकू से किए वार, कैश छीना शिकायत के अनुसार, जब राकेश ने लूट का विरोध किया, तो विजय के उकसाने पर सोनू ने चाकू से उनके दाहिने हाथ, छाती और बाएं पैर के घुटने पर कई वार किए। बदमाशों ने राकेश की कमीज फाड़कर जेब में रखे ₹3 हजार 400 निकाल लिए और फरार हो गए। पुलिस अब फरार दूसरे आरोपी सोनू की तलाश कर रही है। पीड़ित की बहादुरी: लाइट स्टैंड से हमला कर एक आरोपी को दबोचा जब बदमाश सोनू मोबाइल फोन छीनने की कोशिश कर रहा था, तब राकेश ने हिम्मत दिखाते हुए अपनी स्कूटी से लाइट का स्टैंड उठा लिया। उन्होंने स्टैंड से गर्दन पकड़ने वाले आरोपी विजय पर हमला कर दिया। खुद को घिरता देख सोनू पैसे लेकर फरार हो गया, लेकिन राकेश ने घायल होने के बावजूद भाग रहे विजय के पैर और कमर पर स्टैंड मारकर उसे मौके पर ही दबोच लिया। मामला दर्ज, आरोपी विजय को भेजा गया जेल घटना की सूचना मिलते ही मुरथल थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच टीम के सहायक उप निरीक्षक (ASI) संदीप ने पुलिस टीम के साथ कार्रवाई करते हुए पकड़े गए आरोपी विजय पुत्र राजू, निवासी आदर्श नगर, सोनीपत को विधिवत गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब फरार आरोपी सोनू की तलाश में जुटी है।
भारतीय शेयर बाजार के कारोबार के अंतिम क्षणों में हेल्थकेयर सेक्टर से एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ी खबर सामने आई है। फोर्टिस हेल्थकेयर (Fortis Healthcare) की पूर्ण स्वामित्व वाली प्रमुख सहायक कंपनी एगिलस डायग्नोस्टिक्स (Agilus Diagnostics) ने अपने शीर्ष नेतृत्व में बड़े फेरबदल का ऐलान किया है। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में जानकारी दी है कि उसने अपने नए मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर ली है। पिछले तीन वर्षों में निवेशकों को 184% से अधिक का शानदार रिटर्न देने वाली इस कंपनी के इस कदम का असर अगले कारोबारी सत्र में इसके शेयर पर देखने को मिल सकता है।डॉ. आनंद के के इस्तीफे के बाद विजेंद्र सिंह बने एगिलस डायग्नोस्टिक्स के नए चीफकंपनी द्वारा साझा की गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, विजेंद्र सिंह ने 20 जुलाई 2026 से ही कंपनी के नए MD और CEO के रूप में अपना पदभार संभाल लिया है। यह नई नियुक्ति डॉ. आनंद के के पद छोड़ने के बाद हुई है। डॉ. आनंद करीब छह वर्षों तक एगिलस डायग्नोस्टिक्स के साथ सफलतापूर्वक जुड़े रहने के बाद अब अपने करियर के नए अवसरों की तलाश में पदमुक्त हुए हैं। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि कारोबारी घंटों के अंत में आए इस लीडरशिप चेंज का प्रभाव कल बाजार खुलते ही कंपनी और फोर्टिस हेल्थकेयर के शेयरों की हलचल पर साफ दिखेगा।डायग्नोस्टिक्स और एफएमसीजी क्षेत्र का 30 साल का अनुभव: जानिए कौन हैं विजेंद्र सिंह?एगिलस डायग्नोस्टिक्स की कमान संभालने वाले विजेंद्र सिंह हेल्थकेयर और कंज्यूमर इंडस्ट्री के जाने-माने नाम हैं। उनके पास डायग्नोस्टिक्स, हेल्थकेयर, कंज्यूमर हेल्थकेयर और FMCG सेक्टर में 30 वर्षों से भी अधिक का विशाल प्रबंधकीय अनुभव है। इससे पहले वे डायग्नम हेल्थकेयर (Diagnum Healthcare) के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर का पद संभाल रहे थे। इसके अलावा उन्होंने मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर में ग्रुप CEO, हेल्थियंस में CEO और डॉ. लाल पैथलैब्स जैसी दिग्गज कंपनियों में वरिष्ठ नेतृत्व की महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। उन्होंने रैनबैक्सी कंज्यूमर हेल्थकेयर, बॉश एंड लॉम्ब और ब्लो प्लास्ट जैसी प्रमुख कंपनियों में भी काम किया है।चेयरमैन डॉ. अशुतोष रघुवंशी ने जताई उम्मीद, नए CEO बोले- 'इनोवेशन और पहुंच पर होगा फोकस'फोर्टिस हेल्थकेयर के MD-CEO और एगिलस के चेयरमैन डॉ. अशुतोष रघुवंशी ने विजेंद्र सिंह का स्वागत करते हुए कहा कि उनके पास डायग्नोस्टिक कारोबार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने, ऑपरेशनल एक्सीलेंस हासिल करने और शेयरधारकों के लिए लॉन्ग-टर्म वैल्यू जनरेट करने का शानदार ट्रैक रिकॉर्ड है। वहीं अपनी नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए विजेंद्र सिंह ने कहा कि वे इस तेजी से बदलते डायग्नोस्टिक सेक्टर में कंपनी से जुड़कर बेहद उत्साहित हैं। वे हाई-क्वालिटी डायग्नोस्टिक सेवाओं की पहुंच देशभर में बढ़ाने, ऑपरेशनल एफिशिएंसी को मजबूत करने और ग्राहकों के भरोसे को आगे ले जाने पर केंद्रित रहेंगे।देश का विशाल नेटवर्क: 410 से अधिक लैब और 3700 से ज्यादा टच प्वाइंट्स संभालती है कंपनीआपको बता दें कि एगिलस डायग्नोस्टिक्स भारत की अग्रणी पैथोलॉजी और डायग्नोस्टिक सर्विस प्रोवाइडर्स में से एक है। कंपनी की राष्ट्रव्यापी उपस्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके पास देशभर में 410 से अधिक अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं (Labs), 3,700 से अधिक कस्टमर टच प्वाइंट्स और 12,000 से अधिक डायरेक्ट पिक-अप प्वाइंट्स का एक विशाल नेटवर्क मौजूद है। ऐसे में मजबूत लीडरशिप के साथ कंपनी आने वाले समय में डायग्नोस्टिक मार्केट में अपनी स्थिति को और भी अधिक मजबूत करने की दिशा में अग्रसर है।
मध्य पूर्व में तनाव से भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में बंद
मुंबई, मध्यपूर्व में तनाव के चलते भारतीय शेयर बाजार सोमवार के कारोबारी सत्र में लाल निशान में बंद हुआ।
गोरखपुर के गुलरिहा थाना क्षेत्र में ज्वेलर्स की आड़ में 10 से 15 लोगों से लाखों रुपये के सोने-चांदी और नकदी लेकर फरार होने का मामला सामने आया है। पीड़ितों की शिकायत पर गुलरिहा पुलिस ने मां शेरावाली ज्वेलर्स के संचालक समेत 4 लोगों के खिलाफ रविवार शाम 5 बजे मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सोमवार को पीड़ितों का पुलिस ने बयान भी लिया है। सर्विलांस की मदद से आरोपी की तलाश चल रही है। पुलिस का कहना है कि अन्य पीड़ितों के बयान दर्ज कर ठगी की कुल रकम और जेवर की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं। जानिए पूरा मामला… जनता दर्शन में दिया था प्रार्थना पत्र गुलरिहा के जंगल डुमरी नंबर 2, नगर टोला खजुरिया निवासी शांति जायसवाल ने जनता दर्शन में मुख्यमंत्री को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि कस्बे में स्थित मा शेरावाली ज्वेलर्स के संचालक प्रो. पवन वर्मा के यहां जेवर गिरवी रखकर पैसे उठाए थे। समय पूरा होने पर जब वह जेवर छुड़ाने गई तो आरोपी 2.50 लाख रुपये ले लिया। बोला अगले दिन आकर जेवर ले जाना। इसके बाद वह दुकान बंदकर जेवर और नकदी लेकर भाग गया। इधर-उधर पता करने पर भी उसका कहीं पता नहीं चला। मोबाइल भी बंद बताने लगा। पीड़िता का आरोप है कि उनके साथ अकेले नहीं बल्कि करीब 10-15 लोगों के साथ इसी तरह ठगी की गई है। तहरीर में 2021 से 2023 के बीच जेवर बंधक रखने वाले 10-15 पीड़ित भी अब सामने आ रहे हैं। शिकायत के अनुसार 9 मई 2022 को लाली जायसवाल ने सोने का हार रखकर 25 हजार रुपये लिए थे। इसी तरह गुलरिहा के कलैंडर जायसवाल 24 नवंबर 2021 को सोने का झूमका रखकर 12 हजार रुपये लिए थे। इस तरह 10-15 लोगों के साथ ठगी हुई है। सभी शिकायत लेकर थाने पहुंच रहे हैं। पीड़िता शांति जायसवाल ने बताया कि आरोपी पवन वर्मा मेरा जेवर लेकर लक्ष्मी ज्वेलर्स की दुकान पर रख दिया था। आरोप लगाया कि दुकान खोलने में अमरनाथ जायसवाल ने मदद की थी। तहरीर में सोनू वर्मा का नाम भी शामिल है। गुलरिहा थाना प्रभारी जगदीश प्रसाद पाल ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318 (4) के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने आरोपी पवन वर्मा के मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लगवा दिया है। अमरनाथ जायसवाल और सोनू वर्मा से भी पूछताछ की जाएगी।
गोरखपुर के गुलरिहा थाना क्षेत्र में ज्वेलर्स की आड़ में 10 से 15 लोगों से लाखों रुपये के सोने-चांदी और नकदी लेकर फरार होने का मामला सामने आया है। पीड़ितों की शिकायत पर गुलरिहा पुलिस ने मां शेरावाली ज्वेलर्स के संचालक समेत 4 लोगों के खिलाफ रविवार शाम 5 बजे मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सोमवार को पीड़ितों का पुलिस ने बयान भी लिया है। सर्विलांस की मदद से आरोपी की तलाश चल रही है। पुलिस का कहना है कि अन्य पीड़ितों के बयान दर्ज कर ठगी की कुल रकम और जेवर की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं। जानिए पूरा मामला… जनता दर्शन में दिया था प्रार्थना पत्र गुलरिहा के जंगल डुमरी नंबर 2, नगर टोला खजुरिया निवासी शांति जायसवाल ने जनता दर्शन में मुख्यमंत्री को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि कस्बे में स्थित मा शेरावाली ज्वेलर्स के संचालक प्रो. पवन वर्मा के यहां जेवर गिरवी रखकर पैसे उठाए थे। समय पूरा होने पर जब वह जेवर छुड़ाने गई तो आरोपी 2.50 लाख रुपये ले लिया। बोला अगले दिन आकर जेवर ले जाना। इसके बाद वह दुकान बंदकर जेवर और नकदी लेकर भाग गया। इधर-उधर पता करने पर भी उसका कहीं पता नहीं चला। मोबाइल भी बंद बताने लगा। पीड़िता का आरोप है कि उनके साथ अकेले नहीं बल्कि करीब 10-15 लोगों के साथ इसी तरह ठगी की गई है। तहरीर में 2021 से 2023 के बीच जेवर बंधक रखने वाले 10-15 पीड़ित भी अब सामने आ रहे हैं। शिकायत के अनुसार 9 मई 2022 को लाली जायसवाल ने सोने का हार रखकर 25 हजार रुपये लिए थे। इसी तरह गुलरिहा के कलैंडर जायसवाल 24 नवंबर 2021 को सोने का झूमका रखकर 12 हजार रुपये लिए थे। इस तरह 10-15 लोगों के साथ ठगी हुई है। सभी शिकायत लेकर थाने पहुंच रहे हैं। पीड़िता शांति जायसवाल ने बताया कि आरोपी पवन वर्मा मेरा जेवर लेकर लक्ष्मी ज्वेलर्स की दुकान पर रख दिया था। आरोप लगाया कि दुकान खोलने में अमरनाथ जायसवाल ने मदद की थी। तहरीर में सोनू वर्मा का नाम भी शामिल है। गुलरिहा थाना प्रभारी जगदीश प्रसाद पाल ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318 (4) के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने आरोपी पवन वर्मा के मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लगवा दिया है। अमरनाथ जायसवाल और सोनू वर्मा से भी पूछताछ की जाएगी।
कल दिल्ली में होगी किसानों की हुंकार! भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ महापंचायत का ऐलान
देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर से किसानों के बड़े आंदोलन और राजनीतिक हलचल का गवाह बनने जा रही है। केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में चर्चा में आए भारत-अमेरिका व्यापार समझौते (India-US Trade Agreement) के खिलाफ देश भर के प्रमुख किसान संगठनों ने जोरदार मोर्चा खोल दिया है। इसी कड़ी में कल दिल्ली में किसानों की एक विशाल महापंचायत बुलाई गई है, जिसमें देश भर से हजारों किसानों के जुटने की संभावना है। किसान नेताओं का कहना है कि यह समझौता देश के कृषि क्षेत्र, डेयरी सेक्टर और स्थानीय व्यापारियों के हितों के पूरी तरह खिलाफ है, जिससे घरेलू बाजार तबाह हो जाएगा। इस महापंचायत को लेकर दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने भी सीमाओं पर अपनी चौकसी बेहद कड़ी कर दी है।पंजाब और हरियाणा से रवाना हुए बसों के जत्थे: बॉर्डर इलाकों में पुलिस बल तैनात, ट्रैफिक व्यवस्था पर बड़ा असरइस महापंचायत को सफल बनाने के लिए पड़ोसी राज्यों—विशेष तौर पर पंजाब और हरियाणा—से किसानों के जत्थे बड़ी संख्या में बसों और ट्रैक्टरों के जरिए दिल्ली की तरफ कूच कर चुके हैं। पंजाब के विभिन्न जिलों से युवाओं और बुजुर्ग किसानों ने बसों में सवार होकर दिल्ली के लिए यात्रा शुरू कर दी है, जिससे रास्ते के तमाम टोल प्लाजा और राजमार्गों पर सरगर्मी बढ़ गई है। स्थिति को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली-नुकड़ सीमाओं, सिंघू, टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर भारी पुलिस बल, पैरामिलिट्री फोर्सेज और बैरिकेड्स तैनात कर दिए गए हैं। प्रशासन इस बात की पूरी कोशिश कर रहा है कि पिछले आंदोलनों की तरह शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह ठप न हो, लेकिन इसके बावजूद कई मुख्य मार्गों पर लंबा जाम लगने की आशंका जताई जा रही है।आधुनिक Generative AI और सोशल मीडिया सर्विलांस: आंदोलन के डिजिटल ट्रेंड्स पर एजेंसियों की पैनी नजरआधुनिक Generative AI सोशल मीडिया एनालिटिक्स और डिजिटल सर्विलांस के इस दौर में किसानों के इस आंदोलन और महापंचायत को लेकर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह हाई-टेक हो चुकी हैं। साइबर सेल की टीमें इस बात की लगातार मॉनिटरिंग कर रही हैं कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर किस तरह के संदेश, वीडियो और भड़काऊ नारे शेयर किए जा रहे हैं ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने से पहले ही उसे रोका जा सके। एआई-पावर्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट टूल्स के जरिए दिल्ली आने वाले रास्तों पर गाड़ियों की आवाजाही की पल-पल की अपडेट ली जा रही है, जिससे यात्रियों को समय रहते वैकल्पिक मार्गों की जानकारी मिल सके।लखनऊ और उत्तर प्रदेश के राजनीतिक हलकों में भी चर्चा: व्यापार समझौते के विरोध पर टिकी हैं सबकी निगाहेंदिल्ली में होने जा रही इस किसान महापंचायत और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध की गूंज उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और अन्य कृषि प्रधान राज्यों तक साफ सुनाई दे रही है। लखनऊ के किसान संगठनों और राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों का सीधा असर देश के छोटे किसानों और स्थानीय उद्योगों पर पड़ता है, यही वजह है कि इसे लेकर राजनीतिक पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। इस बीच, दिल्ली आने वाले रास्तों पर सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच किसान अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और कल होने वाली इस महापंचायत के दौरान किसी बड़े ऐलान की संभावना जताई जा रही है।
हफ्ते के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों को बड़ा झटका लगा है। बाजार खुलते ही चौतरफा बिकवाली देखने को मिली, जिसके चलते प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स (Sensex) करीब 600 अंकों की भारी गिरावट के साथ 77,600 के स्तर के पास आ गया। वहीं दूसरी ओर, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 (Nifty 50) भी लगभग 140 अंकों से ज्यादा टूटकर 24,200 के मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे फिसल गया। बाजार के इस रुख से ट्रेडर्स और रिटेल निवेशकों में हड़कंप मच गया है, क्योंकि पिछले कारोबारी सत्र में बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ था।प्राइवेट बैंकों के शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव: HDFC और Axis Bank में बड़ी गिरावटआज की इस मार्केट गिरावट में सबसे बड़ा विलेन बैंकिंग सेक्टर साबित हुआ है। निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 2% से ज्यादा की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। हाल ही में सामने आए तिमाही नतीजों (Q1 Results) के बाद प्राइवेट बैंकों के मार्जिन पर दबाव देखा जा रहा है। दिग्गजों की बात करें तो एक्सिस बैंक (Axis Bank) के शेयरों में लगभग 5% से 6% तक का क्रैश देखा गया, जबकि देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC Bank के शेयर भी 4.5% से ज्यादा टूट गए। इसके अलावा कोटक महिंद्रा बैंक और बजाज फाइनेंस के शेयरों ने भी बाजार को नीचे खींचने में कोई कसर नहीं छोड़ी।बाजार क्यों गिरा? इन 3 बड़े कारणों ने बिगाड़ा खेलग्लोबल मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, घरेलू बाजार में इस बड़ी गिरावट के पीछे तीन मुख्य वजहें काम कर रही हैं। पहला कारण, वीकेंड पर आए बैंकिंग दिग्गजों के पहली तिमाही के नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे, जिससे निवेशकों ने जमकर प्रॉफिट बुकिंग की। दूसरा बड़ा कारण, मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अमेरिका-इरान के बीच जारी जियोपॉलिटिकल क्राइसिस के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude Oil) की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। कच्चे तेल का महंगा होना भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए निगेटिव माना जाता है क्योंकि इससे महंगाई बढ़ने का डर रहता है। तीसरा कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा लगातार की जा रही बिकवाली है, जिससे लिक्विडिटी पर असर पड़ा है।क्या है निवेशकों के लिए एक्सपर्ट्स की राय?मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि निफ्टी के लिए 24,200 का स्तर बेहद अहम था, और इसके नीचे जाने पर बाजार में गिरावट और बढ़ सकती है जो निफ्टी को 24,000 या 23,800 के स्तर तक ले जा सकती है। हालांकि, राहत की बात यह है कि इस गिरावट के बीच भी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में थोड़ी मजबूती देखी जा रही है। एक्सपर्ट्स की सलाह है कि इस उतार-चढ़ाव वाले माहौल में निवेशकों को हड़बड़ी में कोई फैसला नहीं लेना चाहिए और केवल मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों में ही धीरे-धीरे (SIP मोड में) खरीदारी करनी चाहिए।
HDFC Bank Share Price: शेयर बाजार में भारी गिरावट के बीच ब्रोकरेज फर्मों ने जताया बड़ा भरोसा
भारतीय शेयर बाजार के सबसे बड़े दिग्गजों में से एक एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) के शेयरों में हाल ही में 5% तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इस अचानक आई गिरावट से जहां आम निवेशक थोड़े चिंतित हैं, वहीं बाजार के बड़े एक्सपर्ट्स और ग्लोबल ब्रोकरेज हाउसेज इसे एक बड़े निवेश के मौके के रूप में देख रहे हैं। दिग्गज वित्तीय विश्लेषकों का दावा है कि मौजूदा स्तर से इस बैंकिंग स्टॉक में 57% तक की शानदार तेजी (Upside Potential) देखने को मिल सकती है।आखिर क्यों गिरा देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक का शेयरबाजार के जानकारों के मुताबिक, वैश्विक दबाव, तिमाही नतीजों के बाद कुछ तकनीकी सुधार और बड़े संस्थागत निवेशकों (FIIs) की मुनाफावसूली के चलते HDFC Bank के शेयरों में यह 5 फीसदी का करेक्शन देखने को मिला है। हालांकि, बैंक के बुनियादी ढांचे (Fundamentals) में कोई कमी नहीं आई है। लोन ग्रोथ, डिपॉजिट मोबिलाइजेशन और एसेट क्वालिटी के मोर्चे पर बैंक की स्थिति लगातार मजबूत बनी हुई है, जिसके कारण लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह गिरावट एक बेहतरीन 'बाय ऑन डिप्स' (गिरावट पर खरीदारी) की रणनीति साबित हो सकती है।ग्लोबल ब्रोकरेज हाउसेज की रिपोर्ट और 57% मुनाफे का बड़ा दावाशेयर में आई इस गिरावट के तुरंत बाद कई नामी ग्लोबल ब्रोकरेज फर्मों ने HDFC Bank पर अपनी लेटेस्ट रिपोर्ट जारी की है। अधिकांश विश्लेषकों ने इस स्टॉक को 'बाय' (Buy) या 'आउटपरफॉर्म' की रेटिंग दी है। ब्रोकरेज का मानना है कि बैंक की क्रेडिट ग्रोथ आने वाले समय में और रफ्तार पकड़ेगी। वर्तमान प्राइस लेवल से इसके टारगेट प्राइस को काफी ऊपर रखा गया है, जो मौजूदा भाव से लगभग 57% तक के रिटर्न का संकेत देता है। विश्लेषकों के अनुसार, जो निवेशक अगले 12 से 18 महीनों के नजरिए से बाजार में निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए यह स्टॉक पोर्टफोलियो को मजबूती देने वाला साबित हो सकता है।भारतीय रिटेल निवेशकों और लोकल मार्केट के लिए क्या है सलाहअगर आप दिल्ली, मुंबई, लखनऊ या देश के किसी भी हिस्से से घरेलू शेयर बाजार में निवेश करते हैं, तो बैंकिंग सेक्टर के इस लीडर पर नजर रखना फायदेमंद हो सकता है। लोकल वेल्थ मैनेजर्स और फाइनेंशियल एडवाइजर्स का कहना है कि बैंकिंग सेक्टर भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, और HDFC Bank उसमें सबसे आगे है। ऐसे में रिटेल निवेशकों को घबराहट में पैनिक सेलिंग (बिक्री) करने के बजाय, धीरे-धीरे सिस्टेमैटिक तरीके से इस शेयर को अपने पोर्टफोलियो में जोड़ना चाहिए, क्योंकि आने वाले समय में डिजिटल बैंकिंग के विस्तार और ग्रामीण इलाकों में मजबूत पैठ का सीधा फायदा बैंक के मुनाफे और इसके शेयर प्राइस पर दिखने वाला है।
मेरठ में भगत सिंह मार्केट और सोहराब गेट क्षेत्र में लगातार हो रही बिजली कटौती, जर्जर विद्युत लाइनों और विभागीय अधिकारियों की कथित उदासीनता के खिलाफ सोमवार को व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा। व्यापारी में विभागीय भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए क्षेत्र के जेई को हटाने की मांग कर दी। मौके पर पहुंचे अधीक्षण अभियंता मनोज कुमार ने व्यापारियों को शांत किया और व्यवस्था में सुधार का आश्वासन देकर लौटा दिया। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के बैनर तले बड़ी संख्या में व्यापारी दोपहर करीब एक बजे पीवीवीएनएल प्रबंध निदेशक कार्यालय पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन करते हुए क्षेत्रीय जेई को हटाने की मांग उठाई। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए भी उन्हें विभाग के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी गंभीरता नहीं दिखा रहे। बिजली कटौती से नाराज दिखे व्यापारीव्यापारियों ने कहा कि शहर में बिजली कटौती से हालात बेकाबू हैं। इसका सबसे ज्यादा असर बाजारों और कारोबार पर पड़ रहा है। भगत सिंह मार्केट, सोहराब गेट और शाहघासा बाजार के व्यापारी रोजाना कई-कई घंटे बिजली संकट झेलने को मजबूर हैं। व्यापारियों का आरोप है कि इंदिरा चौक बिजलीघर से होने वाली आपूर्ति बार-बार बाधित होती है, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा। क्षेत्र के JE को तत्काल हटाने की मांग जिला अध्यक्ष विष्णु दत्त पाराशर ने कहा कि पूरे शहर में बिजली संकट से हाहाकार मचा हुआ है। बाजारों में व्यापार प्रभावित हो रहा है और ग्राहक भी परेशान हैं। जब भी क्षेत्रीय जेई देवराज को समस्याओं से अवगत कराया जाता है तो वह गंभीरता नहीं दिखाते, जिससे उपभोक्ताओं में रोष बढ़ता जा रहा है। जिला अध्यक्ष ने जेई देवराज को तत्काल हटा जाने की मांग की। अकरम बोले- विभाग पर भ्रष्टाचार हावी महानगर अध्यक्ष अकरम गाजी ने विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्र की विद्युत लाइनें पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं। कई स्थानों पर तार बदलने के नाम पर व्यापारियों से ही सामग्री मंगाई जाती है। छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी सुविधा शुल्क की मांग की जाती है। सबसे बड़ी समस्या बिजली पैनल पर लगने वाली पत्ती की है, जो बार-बार हट जाती है और पूरा बाजार अंधेरे में डूब जाता है। 27 साल पुराने हादसे का किया जिक्र व्यापारी बोले- जर्जर तारों और खराब विद्युत व्यवस्था के कारण किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने 27 वर्ष पहले हुए भीषण अग्निकांड का भी जिक्र किया, जिसमें करीब 40 दुकानें जलकर राख हो गई थीं। व्यापारियों का कहना है कि विभाग की लापरवाही के कारण एक बार फिर वैसी ही स्थिति बनने का खतरा मंडरा रहा है। SE ने दिलाया बदलाव का भरोसाप्रदर्शन और शिकायतों के बाद मौके पर पहुंचे अधीक्षक अभियंता (SE ) मनोज कुमार ने व्यापारियों से वार्ता की। उन्होंने समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया और कहा कि क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था की समीक्षा कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। इसके बाद व्यापारी शांत हुए, लेकिन उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
फतेहाबाद जिले के टोहाना शहर में पुलिस ने होटल में चल रही अनैतिक गतिविधियों का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मामले में होटल संचालक को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान जींद जिले के गांव कालवान निवासी राजीव शर्मा के रूप में हुई है। जो टोहाना में पेरिस नाम से होटल चला रहा था। टोहाना शहर थाना प्रभारी कुलदीप सिंह ने बताया कि पुलिस को सूचना प्राप्त हुई थी कि भूना रोड स्थित पुरानी पुन्नी फैक्टरी के समीप स्थित होटल पेरिस में अनैतिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम द्वारा नियमानुसार कार्रवाई करते हुए होटल में छापेमारी की गई। पुलिस टीम ने होटल की तलाशी के दौरान मौके पर एक महिला और एक युवक को पाया। महिला और होटल मालिक का आधा-आधा हिस्सा जांच एवं पूछताछ में सामने आया कि होटल संचालक द्वारा कथित रूप से महिला को ग्राहकों के लिए उपलब्ध करवाया जाता था तथा उसकी कमाई का 50 प्रतिशत हिस्सा अपने पास रखा जाता था। पुलिस ने मौके से आवश्यक साक्ष्य एकत्रित कर नियमानुसार कार्रवाई की। इस संबंध में सिटी थाने में अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम, 1956 की धारा 3, 4 एवं 5 के तहत मामला दर्ज किया गया। आरोपी को नियमानुसार जमानत प्रदान की गई। थाना शहर टोहाना पुलिस द्वारा मामले की गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस गतिविधि में अन्य कोई व्यक्ति संलिप्त है या नहीं।
Share Market 20 July : अमेरिका ईरान युद्ध की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी तेजी की वजह से हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत बड़ी गिरावट के साथ हुई। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही लाल निशान में खुले।
वैश्विक स्तर पर जारी भारी भू-राजनीतिक तनाव, अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीतियों को लेकर अनिश्चितता और शेयर बाजार में मचे उतार-चढ़ाव के बीच सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के रूप में सोने की मांग घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अचानक बहुत ज्यादा बढ़ गई है। आज सोमवार, 20 जुलाई 2026 को भारतीय सर्राफा बाजार खुलते ही सोने की कीमतों में एक बार फिर तेजी का रुख देखने को मिला है। शादियों के सीजन के साथ-साथ सावन के इस पावन महीने में सोने की खरीदारी करने वालों के लिए यह हफ्ता काफी महत्वपूर्ण होने वाला है। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो अलग-अलग राज्यों में स्थानीय वैट (VAT) और मेकिंग चार्ज के कारण गहनों के रेट में थोड़ा अंतर दर्ज किया गया है। आइए जानते हैं 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से देश के प्रमुख शहरों की बिल्कुल ताजा रेट लिस्ट।शुद्ध 24 कैरेट और जेवर वाले 22 कैरेट सोने का क्या है भाव?आज देश के मुख्य महानगरों में 10 ग्राम सोने की कीमतें अपनी पुरानी बंद कीमतों के मुकाबले बढ़त के साथ ट्रेड कर रही हैं:नई दिल्ली (New Delhi): देश की राजधानी में आज 24 कैरेट शुद्ध सोना ₹74,850 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है, वहीं आभूषण बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाला 22 कैरेट सोना ₹68,620 प्रति 10 ग्राम के भाव पर बिक रहा है।मुंबई (Mumbai): आर्थिक राजधानी मुंबई में आज 24 कैरेट सोने का भाव ₹74,700 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने का रेट ₹68,470 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया है।कोलकाता और चेन्नई (Kolkata/Chennai): कोलकाता में आज 24K सोना ₹74,700 पर है, जबकि चेन्नई में दक्षिण भारतीय बाजारों की भारी मांग के कारण 24K सोना ₹75,120 प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर पर ट्रेड कर रहा है।उत्तर प्रदेश और बिहार के प्रमुख शहरों की रेट लिस्ट (आगरा, जयपुर, पटना)हिंदी बेल्ट के प्रमुख शहरों और सराफा मंडियों में भी आज सुबह से ही ग्राहकों की भारी चहल-पहल के बीच नए रेट लागू हो चुके हैं:आगरा (Agra): ताजनगरी आगरा के सर्राफा बाजार में आज 24 कैरेट सोने की कीमत ₹74,800 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट जेवरी सोने का भाव ₹68,580 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है।जयपुर (Jaipur): राजस्थान की राजधानी और पिंक सिटी जयपुर में आज 24 कैरेट सोना ₹74,950 और 22 कैरेट सोना ₹68,710 प्रति 10 grams पर मिल रहा है।पटना (Patna): बिहार की राजधानी पटना में आज 24 कैरेट शुद्ध सोने का खुदरा भाव ₹74,750 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट का दाम ₹68,520 प्रति 10 ग्राम के करीब बना हुआ है।बजट के अनुकूल 18 कैरेट सोने के दाम और हॉलमार्किंग का नियमआजकल मध्यम वर्ग और कामकाजी महिलाओं के बीच हल्के वजन (लाइटवेट) के डेली वियर गहनों के लिए 18 कैरेट सोने की मांग काफी ज्यादा बढ़ गई है। आज देश के अधिकांश हिस्सों में 18 कैरेट सोने का भाव औसतन ₹56,140 से ₹56,350 प्रति 10 ग्राम के बीच बना हुआ है, जो बजट के लिहाज से काफी किफायती बैठता है।भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के नियमों के अनुसार, अब देश में किसी भी कैरट का सोना खरीदते समय उस पर 6 अंकों का अल्फ़ान्यूमेरिक HUID (हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन) कोड देखना बेहद अनिवार्य है। ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे हमेशा पक्का बिल लें और सोने की शुद्धता जांचने के लिए सरकारी 'BIS Care App' का इस्तेमाल जरूर करें। कमोडिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि डॉलर इंडेक्स में आ रही कमजोरी को देखते हुए आने वाले दिनों में सोने की कीमतों पर तेजी का दबाव और बढ़ सकता है।
मुरैना शहर के जौरा रोड स्थित एक परचून की दुकान पर चार युवकों ने दुकानदार के साथ मारपीट कर दी। आरोपियों ने पहले डंडे से हमला किया, फिर दुकान में रखे लकड़ी के स्टूल से भी उसकी पिटाई की। पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। घटना रविवार दोपहर की है। जौरा रोड स्थित बागचीनी वालों की परचून दुकान (किराना) पर चार युवक पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने पहले दुकानदार के साथ डंडे से मारपीट की। इसके बाद एक युवक ने दुकान में रखा लकड़ी का स्टूल उठाकर भी हमला किया। डंडे लेकर पहुंचे थे चार बदमाशजौरा रोड स्थित बागचीनी वालों की परचून दुकान पर चार युवक पहुंचे और व्यापारी के साथ मारपीट की। घटना के बाद पीड़ित व्यापारी ने सिविल लाइन थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। घटना रविवार दोपहर की है। आरोपियों ने दुकान पर पहुंचकर पहले दुकानदार की लाठी से मारपीट की। इसके बाद दूसरे युवक ने दुकान में रखे स्टूल से भी उसकी पिटाई की। एक आरोपी की पहचान, गिरफ्तारी के प्रयास जारी सिविल लाइन थाना प्रभारी उदयभान यादव ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एक आरोपी की पहचान कर ली गई है, लेकिन वह फिलहाल फरार है। पुलिस का कहना है कि पहले आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अन्य तीन आरोपियों की पहचान भी स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस चारों आरोपियों की तलाश में जुटी है और जल्द गिरफ्तारी का दावा कर रही है।
इटावा में पुराना शहर चौकी क्षेत्र के छैराहा स्थित बद्री प्रसाद धर्मशाला परिसर में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिले मैनपुरी के इत्र विक्रेता की मौत के मामले में रविवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने नया खुलासा किया है। रिपोर्ट के अनुसार 55 वर्षीय मनोज कुमार की मौत सिर में लगी गंभीर एंटी मॉर्टम (मृत्यु पूर्व) चोट के कारण हुई। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह भी संकेत मिले हैं कि मृतक ने शराब का सेवन किया था और नशे की हालत में धर्मशाला की छत से गिरने के कारण उसके सिर में घातक चोट लगी। कोतवाली पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम में हत्या या संघर्ष के स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं। बिसरा सुरक्षित कर जांच के लिए भेजा गया है। अब तक की जांच में मामला हादसे की ओर इशारा कर रहा है, हालांकि सभी पहलुओं की जांच जारी है। मैनपुरी जिले के भोगांव थाना क्षेत्र के कुआं बंजारा निवासी मनोज कुमार फेरी लगाकर इत्र बेचने का काम करते थे। वह शुक्रवार रात प्रयागराज से इटावा पहुंचे थे और पुराना शहर चौकी के पास स्थित बद्री प्रसाद धर्मशाला में कमरा लेकर ठहरे थे। शनिवार दोपहर करीब 12 बजे उनका शव धर्मशाला के पास बने शिव मंदिर परिसर में अर्धनग्न अवस्था में मिलने से सनसनी फैल गई थी। सूचना पर पहुंचे बेटे अभिषेक और अन्य परिजनों ने विवाद के बाद हत्या की आशंका जताई थी, जिसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू की। थाना प्रभारी यशवंत सिंह चौहान ने बताया कि परिजनों के आरोपों, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। प्रथम दृष्टया पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर की गंभीर चोट तथा बिसरा सुरक्षित किए जाने के तथ्य शराब के नशे में छत से गिरने के कारण हुई मौत की ओर संकेत करते हैं। अंतिम निष्कर्ष बिसरा रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही निकाला जाएगा।
अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के बीच श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान ने चढ़ावा की गिनती के दौरान पारदर्शिता लाने के लिए एक निर्णय लिया है। इस निर्णय के अनुसार चढ़ावा की गिनती के दौरान अब मंदिर कर्मचारियों के अलावा श्री कृष्ण जन्मस्थान पर दुकान करने वाले व्यापारियों में से एक व्यापारी भी मौजूद रहेगा। यह व्यापारी गोलक खुलने से लेकर बैंक में जमा कराने तक मौजूद रहेंगे। संस्थान पदाधिकारियों का कहना है चढ़ावा की गिनती में यहां किसी तरह की गड़बड़ी नहीं होती लेकिन इसके बाबजूद और अधिक पारदर्शिता लाने के लिए यह निर्णय लिया गया है। एक दिन में दो दुकानदार रहेंगे मौजूद श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि चढ़ावा गिनती के दौरान कोई गड़बड़ी न हो और पारदर्शिता बनी रहे इसके लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इसके लिए श्री कृष्ण जन्मस्थान व्यवसाई समिति के अध्यक्ष नन्द किशोर गुसाई से चर्चा की। जिस पर उन्होंने सहर्ष भगवान की इस सेवा के लिए अपनी सहमति दी । जिसके तहत श्री कृष्ण जन्मस्थान मंदिर परिसर में मौजूद दुकानदारों में से प्रतिदिन दो दुकानदार गिनती के दौरान मौजूद रहेंगे। सुबह के समय होने वाली गिनती के दौरान एक व्यापारी और शाम के समय होने वाली गिनती के दौरान एक व्यापारी मौजूद रहेंगे। मंदिर परिसर में हैं 30 दुकान श्री कृष्ण जन्मस्थान मंदिर परिसर में 30 दुकान मौजूद हैं। गिनती के दौरान मौजूद रहने वाले व्यापारी हर गतिविधि पर नजर रखेंगे। वह गोलक खुलने से लेकर चढ़ावा के गिनती स्थल आने और फिर गिनती कर उनको बैंक में जमा कराने तक मौजूद रहेंगे। इस दौरान वह व्यापारी चढ़ावा की गिनती कर जिस फॉर्म में रकम लिखी जाती है उस पर साइन भी करेंगे। यह व्यापारी सिक्के, नोट,विदेशी मुद्रा के अलावा दान में आने वाले सोने चांदी का भी रिकॉर्ड रखेंगे। श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सदस्य गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने बताया कि मंदिर में प्रत्येक दिन गोलक खोली जाती है। विशेष उत्सव में इस काम को रोक दिया जाता है। विवाद की न बने स्थिति श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि इस निर्णय से श्री कृष्ण जन्मस्थान ट्रस्ट और सेवा संस्थान के पदाधिकारी तो खुश हैं ही साथ ही सभी व्यापारी भी इस सेवा को करने के लिए अपने गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। कपिल शर्मा ने बताया कि सोमवार से ही व्यापारी अपनी सेवा देना शुरू कर देंगे। व्यवसाई समिति के अध्यक्ष नन्द किशोर गुसाई ने बताया कि इस बारे में जब दुकानदारों से बात की तो उन्होंने कहा चाहे दुकान बंद रखनी पड़े लेकिन वह भगवान की इस सेवा के लिए तैयार हैं। नंद किशोर गुसाई ने बताया श्री कृष्ण जन्मस्थान शायद पहला मंदिर होगा जहां इस तरह का निर्णय लिया गया है।
12 लाख रुपए लेकर व्यापारी को पुरानी मशीनें भेजी, मुकदमा दर्ज
प्रतापनगर थाने में एक व्यापारी ने एक बदमाश के खिलाफ 12 लाख रुपए लेकर पुरानी और आधी-अधूरी मशीनें भेजने का मामला दर्ज कराया है। सेक्टर-4 निवासी दिव्यांश कुदाल ने रिपोर्ट दी, बताया कि एक साल पहले उन्होंने जयपुर के चाकसू निवासी मोहम्मद अरमान से प्लास्टिक वाशिंग और ग्राइंडिंग मशीन बनाने का 14.10 लाख रुपए में सौदा किया। उन्होंने 12.04 लाख रुपए एडवांस दिए। इसके बाद भी अरमान ने पुरानी मशीनें अलग-अलग टुकडों में दी। बाद में काम पूरा करने से इनकार कर दिया। जांच में पता चला कि अरमान का बैंक खाता और जीएसटी नंबर बंद हो चुका है। इस बारे
निवेशकों का भरोसा बना प्रदेश, नीति आयोग की पहली रैंकिंग में ‘फ्रंट रनर’
नीति आयोग के पहली बार जारी निवेश अनुकूलता सूचकांक में प्रदेश को ‘लीडर स्टेट’ की श्रेणी में शामिल किया गया है। खास बात यह है कि उद्योगों के लिए नियमों और मंजूरी प्रक्रिया को आसान बनाने के मामले में राजस्थान देश में दूसरे नंबर पर पहुंच गया है, जबकि निवेश प्रोत्साहन नीतियों में तीसरा और संसाधनों की उपलब्धता के पैमाने पर पांचवां स्थान मिला है। सरकार इसे पिछले ढाई वर्षों में किए गए प्रशासनिक सुधारों और नई औद्योगिक नीतियों का परिणाम मान रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार की ओर से निवेश प्रोत्साहन के लिए किए जा रहे प्रयासों पर राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण मुहर लगी है। पिछले ढाई साल में 30 नई नीतियां सरकार ने पिछले ढाई साल में निवेश और औद्योगिक विकास को गति देने के लिए 30 से अधिक नई नीतियां लागू की गई हैं। इनमें एमएसएमई, निर्यात प्रोत्साहन, टेक्सटाइल एवं अपैरल, लॉजिस्टिक्स, स्वच्छ ऊर्जा, डेटा सेंटर, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, सेमीकंडक्टर, एयरोस्पेस एवं डिफेंस जैसी सेक्टर आधारित नीतियां शामिल हैं। राइजिंग राजस्थान ने प्रदेश में निवेश का नया माहौल तैयार किया है। समिट के दौरान 35 लाख करोड़ रुपए के निवेश एमओयू हुए, जिनमें से 9 लाख करोड़ रुपए की परियोजनाओं की ग्राउंड ब्रेकिंग भी हो चुकी है। राज निवेश पोर्टल पर अब 190 सेवाएं राज्य में उद्योगों की स्थापना की प्रक्रिया को सरल बनाने, निवेशकों को समय पर सेवाएं देने, औद्योगिक भूमि, आधारभूत सुविधाओं तथा निवेश-अनुकूल वातावरण विकसित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं। इन प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव अब नीति आयोग की रिपोर्ट में भी दिखाई दिया है। वर्तमान में इस पोर्टल पर 18 विभागों की 190 सेवाएं उपलब्ध हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में पोर्टल पर 34 हजार 704 आवेदन मिले, जबकि वित्तीय वर्ष 2026-27 में 30 जून तक कुल 30 हजार से अधिक आवेदन हुए हैं, जिनमें से 17 हजार से अधिक का निस्तारण किया जा चुका है। नए औद्योगिक बिजली कनेक्शन की स्वीकृति अवधि 20 दिन से घटकर 10 दिन रह गई। पर्यटन परियोजनाओं की मंजूरी का समय 22 दिनों से घटकर 16 दिन रह गया।
सुल्तानपुर की अमहट मंडी में रविवार को हुई बारिश ने सफाई व्यवस्था की पोल खोल दी। बीते पांच महीने से सफाई का टेंडर न होने के कारण मंडी परिसर में जगह-जगह गंदगी और जलभराव की स्थिति है। नालियां जाम होने से पूरा मंडी परिसर पानी से भरा नजर आ रहा है। व्यापारियों ने आरोप लगाया है कि टेंडर न होने के बावजूद मंडी प्रभारी अपने निजी कर्मचारियों से सफाई का काम करवाकर केवल खानापूर्ति कर रहे हैं। उनका कहना है कि पहले टेंडर के तहत 12 मजदूर और मशीन के साथ चूना डालकर सफाई की जाती थी, लेकिन अब केवल 4-5 मजदूरों से काम चलाया जा रहा है। इसके बावजूद पूरे भुगतान का दावा किया जाता है। व्यापारियों ने यह भी बताया कि रविवार को मंडी में अवकाश न होने के बावजूद सफाई कर्मचारियों को छुट्टी दे दी जाती है। मंडी कार्यालय के बगल की नालियां महीनों से जाम पड़ी हैं और उनमें गंदा पानी भरा हुआ है। सफाई के अभाव में मंडी में कीचड़, बदबू और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इस संबंध में व्यापारियों ने रविवार दोपहर 1 बजे उप जिलाधिकारी सुल्तानपुर को एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग की है कि बरसात के समय मंडी का औचक निरीक्षण किया जाए, जिससे सच्चाई सामने आ सके। व्यापारियों ने जांच कराकर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने और सफाई टेंडर प्रक्रिया को जल्द शुरू कराने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ के पेंशनरों के लिए राहत की खबर है। अब महंगाई राहत (DR) बढ़ाने के लिए मध्यप्रदेश सरकार की सहमति का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। मध्य प्रदेश वित्त विभाग ने पुरानी व्यवस्था में बदलाव करते हुए दूसरे राज्य की मंजूरी लेने की अनिवार्यता खत्म कर दी है। 17 जुलाई को जारी आदेश के बाद अब छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश सरकार अपने-अपने पेंशनरों के लिए महंगाई राहत बढ़ाने का फैसला खुद ले सकेंगी। इससे पेंशनरों को DR का लाभ पहले की तुलना में जल्दी मिलने की उम्मीद है। पहले क्या था नियम? राज्य बनने के बाद छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के पेंशनरों की महंगाई राहत बढ़ाने के लिए दोनों राज्यों के बीच सहमति की प्रक्रिया अपनाई जाती थी। इस वजह से कई बार फैसला लेने में देरी होती थी और पेंशनरों को बढ़ी हुई राहत का लाभ समय पर नहीं मिल पाता था। नई व्यवस्था में अब दोनों राज्य सीधे आदेश जारी कर सकेंगे। हालांकि, महंगाई राहत की दर केंद्र सरकार द्वारा तय दर से ज्यादा नहीं होगी। साथ ही दोनों राज्य एक-दूसरे को इससे होने वाले वित्तीय भार की जानकारी देंगे। फेडरेशन ने लंबे समय से उठाई थी मांग छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन और पेंशनर्स फोरम ने इस फैसले का स्वागत किया है। फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा और पेंशनर्स फोरम के संयोजक बीपी शर्मा ने कहा कि पेंशनरों को DR मिलने में देरी से आर्थिक नुकसान हो रहा था। इसे लेकर संगठन लगातार सरकार से मांग कर रहे थे। संगठन ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव के साथ ही केंद्र सरकार को भी पत्र लिखकर इस व्यवस्था में बदलाव की मांग की थी। लाखों पेंशनर्स को होगा फायदा फेडरेशन का कहना है कि नई व्यवस्था से छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के लाखों पेंशनरों को समय पर महंगाई राहत मिल सकेगी। वर्षों से चली आ रही प्रक्रिया की वजह से होने वाली देरी अब कम होगी। संगठन ने इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी का आभार जताया है।
पहली तिमाही के नतीजे, अमेरिका-ईरान तनाव और घरेलू आर्थिक आंकड़ों से तय होगा शेयर बाजार का रुझान
मुंबई, भारतीय शेयर बाजार के लिए अगला कारोबारी हफ्ता काफी अहम होने वाला है। घरेलू आर्थिक आंकड़े जैसे पीएमआई, अमेरिका-ईरान तनाव और वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही के नतीजे बाजार की चाल निर्धारित करेंगे।
किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के नेता सरवण सिंह पंधेर ने 21 जुलाई को दिल्ली के किसान घाट पर होने वाली महा रैली को लेकर पंजाब के किसानों और मजदूरों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पंजाब से सैकड़ों बसें किसानों को लेकर दिल्ली के लिए रवाना होंगी। किसान मजदूर मोर्चा, ए.के.एम., बी.के.यू. एकता संघर्ष समेत कई किसान संगठनों ने अपने-अपने स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। सरवण सिंह पंधेर ने बताया कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में पंजाब के अलग-अलग जिलों से किसान दिल्ली की ओर कूच करेंगे। अमृतसर और गुरदासपुर जिले के किसान ब्यास में कल सुबह 11 बजे तक एकत्र होंगे, जबकि तरनतारन जिले के किसान गोइंदवाल साहिब में जुटेंगे। इसी तरह प्रदेश के अन्य जिलों में भी किसानों के लिए अलग-अलग स्थान तय किए गए हैं। पंधेर ने दावा किया कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का कृषि और डेयरी क्षेत्र पर गंभीर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि समझौते में मक्का, सोयाबीन, कपास, ड्राई फ्रूट, सेब, नाशपाती और अन्य कृषि उत्पाद शामिल हैं। उनके मुताबिक, इसे व्यापक व्यापार समझौता बताया जा रहा है, लेकिन व्यापकता के नाम पर कृषि क्षेत्र से जुड़ी कई वस्तुएं इसमें शामिल हो सकती हैं। उन्होंने पंजाब के युवाओं, किसानों और मजदूरों से अधिक से अधिक संख्या में दिल्ली पहुंचने की अपील की। पंधेर ने कहा कि पंजाब के अलावा हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, ओडिशा और अन्य राज्यों से भी किसान दिल्ली पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि 21 जुलाई को होने वाला यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन शाम 4 बजे समाप्त होगा। साथ ही उन्होंने सरकार से अपील की कि किसानों को दिल्ली जाने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने से न रोका जाए।
सिरोही जिले में बरलूट थाना क्षेत्र में चोरों का गिरोह फिर सक्रिय हो गया है। गोल गांव में एक सूने मकान को निशाना बनाते हुए चोरों ने शनिवार रात चोरी की वारदात को अंजाम दिया। यह घटना मुख्य रामदेवजी मंदिर के सामने स्थित महेंद्र कुमार लोहार के मकान में हुई, जिनका परिवार व्यापार के सिलसिले में सूरत, गुजरात में रहता है। महेंद्र कुमार लोहार ने अपने बंद मकान की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे, जो उनके मोबाइल से जुड़े थे। शनिवार रात चोरों के घर में घुसते ही, मकान मालिक को मोबाइल ऐप पर चोरी की लाइव जानकारी मिली। सूरत में बैठे परिवार ने तत्काल बरलूट थाना पुलिस को सूचित किया।सूचना मिलते ही बरलूट थाने के हेड कॉन्स्टेबल डूंगर सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। गांव के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही पुलिसजांच अधिकारी हेड कॉन्स्टेबल डूंगर सिंह ने बताया कि चोरों ने सूने मकान का फायदा उठाया। अपनी पहचान छिपाने और पुलिस को गुमराह करने के लिए, चोर सीसीटीवी कैमरों की मुख्य रिकॉर्डिंग मशीन (डीवीआर) भी अपने साथ ले गए। डीवीआर नहीं मिलने के कारण पुलिस तत्काल फुटेज नहीं देख पाई। हालांकि बरलूट पुलिस अब तफ्तीश को आगे बढ़ाते हुए गोल गांव के मुख्य रास्तों और आस-पास के अन्य मकानों व दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है, ताकि चोरों का कोई सुराग हाथ लग सके। सूरत से परिवार आने के बाद ही साफ होगी चोरी की रकमपुलिस के अनुसार पीड़ित मकान मालिक महेंद्र कुमार लोहार को घटना की सूचना दे दी गई। इसके बाद वे सूरत से गोल गांव के लिए रवाना हो गए। डूंगर सिंह ने बताया कि परिवार के यहां पहुंचने और उनके द्वारा घर के सामान की संभाल करने के बाद ही लिखित रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद ही आधिकारिक तौर पर यह साफ हो सकेगा कि चोर तिजोरियों से कुल कितने लाख के सोने-चांदी के जेवरात और कितनी नकदी बटोर ले गए हैं। फिलहाल, बरलूट पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों और संदिग्धों के हुलिए के आधार पर मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
भरतपुर में राहुल ब्रांड की फ्लेवर्ड सुपारी बनाने वाली मैसर्स किशन फूड प्रोडक्ट्स बिना टैक्स इनवॉइस करोड़ों रुपए की सुपारी बेच रही थी। बिक्री का पैसा कंपनी मालिक द्वारका मतलानी अपने यहां काम करने वाले मजदूरों के नाम से खुलवाए गए बैंक खातों और यूपीआई आईडी में मंगवाता था। जांच में अब तक 10.52 करोड़ रुपए की GST चोरी सामने आई है। कंपनी पिछले पांच वर्षों से यह तरीका अपनाकर कारोबार कर रही थी। इस दौरान उसने 56.51 करोड़ रुपए का वास्तविक कारोबार किया, जबकि सरकारी रिकॉर्ड में केवल करीब 2.5 करोड़ रुपए का कारोबार दिखाया। 18 जुलाई को मुखबिर की सूचना पर जीजीएसटी कमिश्नरेट की एंटी-इवेजन शाखा ने कंपनी में छापा मारकर 4 मोबाइल, 23-24 मशीनें, हजारों कच्ची पर्चियां, व्हाट्सएप चैट और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए। विभाग ने मजदूरों के बैंक खाते फ्रीज कर कंपनी मालिक को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है। 5 साल तक छिपाया करोड़ों का कारोबार एडवोकेट विवेक हथैनी ने बताया कि राहुल ब्रांड की फ्लेवर्ड सुपारी बनाने वाली मैसर्स किशन फूड प्रोडक्ट्स ने पिछले पांच वर्षों में सरकारी रिकॉर्ड में केवल करीब 2.5 करोड़ रुपए का कारोबार दिखाया, जबकि जांच में 56.51 करोड़ रुपए की फ्लेवर्ड सुपारी बिना टैक्स इनवॉइस के बेचना सामने आया। विभाग को इसकी भनक लगने के बाद जांच शुरू हुई, जिसमें अब तक 10.52 करोड़ रुपए की GST चोरी सामने आई है। कंपनी पिछले पांच वर्षों से कम्पोजीशन स्कीम में रजिस्टर्ड थी। मजदूरों के नाम से यूपीआई और बैंक खाते खोलकर छिपाया नेटवर्क जांच में सामने आया कि कंपनी के मालिक द्वारका मतलानी ने टैक्स चोरी के लिए समानांतर नेटवर्क तैयार कर रखा था। इसके लिए कंपनी में काम करने वाले करीब 13 मजदूरों के नाम से यूपीआई आईडी और बैंक खाते खुलवाए गए। बिना बिल बेची गई सुपारी का भुगतान इन्हीं खातों में मंगवाया जाता था, जिससे असली कारोबार और कारोबारी की पहचान विभाग की नजर से छिपी रही। अब विभाग ने सभी संबंधित खातों को फ्रीज कर उनके लेन-देन की जांच शुरू कर दी है। सूचना पर फैक्ट्री में छापा, बिना बिल बिक्री का खुलासा जीजीएसटी कमिश्नरेट की एंटी-इवेजन शाखा ने 17 जुलाई को मुखबिर की सूचना पर जीजीएसटी एक्ट की धारा 67(2) के तहत कंपनी परिसर में तलाशी ली। जांच में सामने आया कि कंपनी कम्पोजीशन स्कीम में पंजीकृत रहते हुए गुप्त रूप से ब्रांडेड फ्लेवर्ड सुपारी का निर्माण और सप्लाई कर रही थी। पूरा कारोबार बिना टैक्स इनवॉइस, कच्ची पर्चियों और समानांतर रिकॉर्ड के जरिए संचालित किया जा रहा था। टीम ने मजदूरों के खातों को भी फ्रीज करा दिया। 4 मोबाइल, मशीनें और हजारों पर्चियों से मिले GST चोरी के सबूत तलाशी के दौरान विभाग ने 4 मोबाइल, 23-24 मशीनें, हजारों कच्ची पर्चियों के फोटो, व्हाट्सएप चैट, समानांतर हिसाब-किताब, बैंक लेन-देन का रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्य जब्त किए। अधिकारियों के अनुसार मोबाइलों में बिना बिल बिक्री, ऑर्डर, सप्लाई, भुगतान और कच्चे कारोबार से जुड़ी हजारों प्रविष्टियां मिली हैं। व्हाट्सएप चैट और डिजिटल रिकॉर्ड से पूरे नेटवर्क की पुष्टि हुई है। हरियाणा से आता था मेंथॉल, कई राज्यों तक सप्लाई की जांच जारी जांच के दौरान फ्लेवर्ड सुपारी बनाने में इस्तेमाल होने वाला मेंथॉल भी मिला, जो प्रारंभिक तौर पर हरियाणा से मंगाया गया प्रतीत हो रहा है। विभाग अब इसकी भी जांच कर रहा है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि बिना बिल तैयार किया गया माल किन-किन राज्यों में सप्लाई किया गया। फिलहाल GST विभाग पूरे नेटवर्क और टैक्स चोरी के दायरे की विस्तृत जांच में जुटा हुआ है।
मेरठ के शास्त्री नगर स्थित सेंट्रल मार्केट में सेटबैक कार्रवाई के विरोध में चल रहे धरने को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस ने सख्ती शुरू कर दी है। नौचंदी थाना पुलिस ने धरने में शामिल कई लोगों को न्यायालय की अवमानना संबंधी नोटिस जारी किए हैं। इनमें सपा नेता जीतू नागपाल, शैंकी वर्मा समेत दर्जनों लोगों के नाम शामिल हैं। देर रात करीब 12 बजे से पुलिस ने नोटिस बांटने की कार्रवाई शुरू की। धरने में शामिल कुछ महिलाओं को भी नोटिस दिए गए हैं। नौचंदी थाना इंस्पेक्टर अनूप कुमार की ओर से जारी नोटिस में न्यायालय अवमानना अधिनियम, 1971 का हवाला देते हुए कहा गया है कि किसी भी न्यायिक कार्यवाही में हस्तक्षेप करने या उसके प्रभाव को प्रभावित करने वाली गतिविधियों से दूर रहें। ऐसा करने पर संबंधित लोगों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने नोटिस में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में सहयोग करने की अपील भी की है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि किसी भी प्रकार की विरोधात्मक गतिविधि न्यायिक प्रक्रिया में बाधा मानी जा सकती है। उधर, सेंट्रल मार्केट के व्यापारी और प्रदर्शनकारी प्रशासन की कार्रवाई को धरना समाप्त कराने की कोशिश बता रहे हैं। उनका कहना है कि महिलाएं कई दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से धरना दे रही हैं और अब बड़ी संख्या में व्यापारी भी आंदोलन से जुड़ रहे हैं। ऐसे समय में नोटिस जारी कर आंदोलन पर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
भारतीय व्यापार मंडल का शपथ ग्रहण समारोह आज
भास्कर न्यूज | अमृतसर भारतीय व्यापार मंडल की ओर से नवनियुक्त पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान करने और उन्हें पद की शपथ दिलाने के लिए 19 जुलाई को दोपहर 3 बजे स्थानीय 100 फीट रोड स्थित होटल रीजेंटा में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा रहा है। मंडल के पंजाब प्रधान राजीव अनेजा ने बताया कि इस राज्य स्तरीय समारोह में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अंकुर सिंघल, उपाध्यक्ष वैभव जैन, राष्ट्रीय संरक्षक अनंत भागवत और राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय जनमेजय विशेष रूप से सम्मिलित होंगे। इनके अलावा, मंडल से जुड़े पंजाब के सभी जिला प्रधानों सहित पूरे पंजाब प्रदेश के नवनियुक्त पदाधिकारी भी इस कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।
आईसीएआई ग्लोबल ऑर्बिट : वैश्विक व्यापार और कॅरिअर के अवसरों पर मंथन
द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) की ग्लोबल ट्रेड एंड सर्विसेज कमेटी एवं आईसीएआई उदयपुर शाखा के संयुक्त तत्वावधान में 8वें आईसीएआई ग्लोबल ऑर्बिट का आयोजन हुआ। ‘फ्रॉम जीसीसी टू ग्लोबल लीडरशिप’ विषय पर आयोजित सम्मेलन में देशभर से आए चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और विशेषज्ञों ने वैश्विक व्यापार, गिफ्ट सिटी, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) तथा अंतरराष्ट्रीय करियर के अवसरों पर विचार साझा किए। उदयपुर शाखा अध्यक्ष सीए चिराग धर्मावत ने कहा कि भारतीय सीए वैश्विक स्तर पर नई पहचान बना रहे हैं। कमेटी अध्यक्ष सीए संजीब सांघी ने वैश्विक क्लाइंट्स तक पहुंचने की रणनीतियों पर प्रकाश डाला, जबकि उपाध्यक्ष सीए (डॉ.) रोहित रुवाटिया ने वैश्विक अवसरों को भारतीय सीए के लिए स्वर्णिम मौका बताया। विशेषज्ञों ने गिफ्ट सिटी, ट्रांसफर प्राइसिंग, अंतरराष्ट्रीय कर अनुपालन, नेतृत्व क्षमता और भविष्य के कौशल पर भी जानकारी दी। सम्मेलन में प्रश्नोत्तर सत्र भी हुआ, जिसे प्रतिभागियों ने ज्ञानवर्धक और उपयोगी बताया।
मानसून सत्र में नीट पेपर लीक, महंगाई और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर चर्चा हो: आनंद दुबे
शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने 20 जुलाई से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र को लेकर कहा कि इस बार सदन में देश से जुड़े अहम मुद्दों पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए। संसद का समय जनता के टैक्स के पैसे से चलता है, इसलिए सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की जिम्मेदारी है कि सदन सुचारु रूप से चले और जनहित के मुद्दों पर सार्थक बहस हो।
सोनभद्र के शक्तिनगर थाना क्षेत्र के बीना में मूंगफली व्यापार के नाम पर एक व्यापारी से ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के माध्यम से कुल 3 लाख 27 हजार 500 रुपये की धोखाधड़ी की गई है। पुलिस ने पीड़ित व्यापारी की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बीना क्षेत्र के कोहरौलिया गांव निवासी रानी केशरी ने पुलिस को दी तहरीर मे बताया है कि 5 जुलाई 2026 को उनके भाई सुजल केशरी की इंस्टाग्राम पर एक मूंगफली व्यापारी के पेज अकाउंट से मैसेज के जरिए बात हुई थी। बाद में मोबाइल नंबर पर भी बातचीत हुई, जिसमें व्यक्ति ने अपना नाम गोपाल बताया था। गोपाल ने 40 बोरी मूंगफली 1 लाख 70 हजार रुपये में भेजने का सौदा किया। कथित व्यापारी ने माल लोड होने का वीडियो, गाड़ी नंबर और एक ट्रांसपोर्टर का नंबर भी दिया, जिससे बात करने को कहा गया। जब ट्रांसपोर्टर से बात की गई, तो उसने बताया कि गाड़ी रावर्ट्सगंज पहुंच गई है, लेकिन सेल टैक्स विभाग ने उसे पकड़ लिया है। इसके बाद गाड़ी छुड़वाने, बीमा कराने, रिफंड का लालच देने और अंत में गाड़ी में डीजल व फास्टैग रिचार्ज करने के नाम पर कुल 3 लाख 27 हजार 500 रुपये ले लिए गए। निर्धारित तिथि और समय पर गाड़ी न पहुंचने पर जब दोबारा संपर्क करने की कोशिश की गई, तो कथित ट्रांसपोर्टर और व्यापारी दोनों के मोबाइल नंबर बंद मिले। शक्तिनगर पुलिस ने रानी केशरी की तहरीर के आधार पर ट्रांसपोर्टर और व्यापारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
गोरखपुर में हुई बारिश ने एक बार फिर नगर निगम की जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। लालडिग्गी चौराहा और असुरन स्थित राप्ती कॉम्प्लेक्स शनिवार रात हुई बारिश के बाद तालाब में तब्दील हो गए। कई दुकानों और मकानों में पानी घुस गया, जिससे व्यापारियों को करोड़ों रुपये के नुकसान का दावा किया जा रहा है। गुस्साए व्यापारियों ने नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुआवजे और स्थायी समाधान की मांग की। लालडिग्गी के व्यापारियों का कहना है कि हर साल बारिश के दौरान यही हाल होता है। इस बार स्थिति इतनी खराब रही कि तीन-तीन फीट ऊंची की गई दुकानों और मकानों में भी पानी भर गया। कई दुकानदारों ने पहले ही जलभराव से बचने के लिए अपनी दुकानों का फर्श और दीवारें ऊंची करा ली थीं, लेकिन इसके बावजूद पानी अंदर घुस गया और लाखों रुपये का सामान खराब हो गया। सम्पवेल समय पर चलता तो नहीं होती इतनी तबाही समस्त व्यापार मंडल के अध्यक्ष नितिन कुमार जायसवाल ने नगर निगम पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि लालडिग्गी में जलनिकासी के लिए सम्पवेल (पंपिंग स्टेशन) मौजूद है, लेकिन बारिश के दौरान रात में उसे नहीं चलाया गया। आरोप है कि डीजल बचाने के लिए पंप सुबह करीब सात बजे शुरू किया गया। यदि रात में ही पंप चालू कर दिया जाता तो जलभराव की नौबत नहीं आती और व्यापारियों को इतना नुकसान नहीं झेलना पड़ता। व्यापारियों का यह भी कहना है कि इस बार हुई बारिश शहर के 24 घंटे के रिकॉर्ड स्तर से काफी कम थी, फिर भी शहर का यह हाल हो गया। उनका सवाल है कि अगर इससे अधिक बारिश होती तो हालात कितने भयावह हो सकते थे। राप्ती कॉम्प्लेक्स फिर बना बारिश का शिकार दूसरी ओर असुरन स्थित राप्ती कॉम्प्लेक्स में भी एक बार फिर जलभराव ने व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ा दीं। कॉम्प्लेक्स के अंदर पानी भरने से कई दुकानों और गोदामों में रखा सामान खराब हो गया। व्यापारियों का आरोप है कि यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि हर बारिश में यही स्थिति बनती है। व्यापारियों का कहना है कि इस बार नाले की दीवार टूटने के कारण बड़ी मात्रा में पानी सीधे कॉम्प्लेक्स में घुस गया। उनका आरोप है कि यह नाला महज दो से ढाई साल पहले नगर निगम ने बनवाया था, लेकिन निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। जहां मजबूत आरसीसी दीवार होनी चाहिए थी, वहां कमजोर निर्माण किया गया, जिसकी वजह से पहली बड़ी बारिश में ही दीवार ढह गई।लोगों ने की स्थायी समाधान की मांगव्यापारियों ने कहा कि अब हर साल जलभराव के बाद सिर्फ सफाई और अस्थायी इंतजाम से काम नहीं चलेगा। प्रशासन को स्थायी समाधान निकालना होगा। उन्होंने सुझाव दिया कि राप्ती कॉम्प्लेक्स के चारों ओर फाइबर शेड लगाया जाए ताकि बारिश का पानी सीधे परिसर में न पहुंचे। साथ ही नालों की दीवारों को मजबूत किया जाए, जलनिकासी व्यवस्था को आधुनिक बनाया जाए और स्थायी हाई-कैपेसिटी पंप लगाए जाएं।नगर निगम के खिलाफ किया प्रदर्शनघटना के बाद बड़ी संख्या में व्यापारी मौके पर जुट गए और नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी की। व्यापारियों ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की। लालडिग्गी में अतुल कश्यप, आकाश गुप्ता, सुरेश जायसवाल, सौरभ सिंह, अजय केशरवानी, जय वर्मा, धर्मेंद्र गुप्ता, पुष्पक गुप्ता, हरिद्वार गुप्ता, राजकुमार गुप्ता, रामजी कन्नौजिया और संजीत केशरवानी समेत कई व्यापारी मौजूद रहे।वहीं राप्ती कॉम्प्लेक्स में असुरन व्यापार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता, महामंत्री उपेंद्र शुक्ल, पूर्वांचल व्यापार मंडल के अध्यक्ष मणिनाथ गुप्ता सहित बड़ी संख्या में व्यापारियों ने नगर निगम और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई तथा स्थायी समाधान की मांग उठाई।
बदायूं में एक किराना दुकानदार पर 13 साल की नाबालिग दलित बच्ची से रेप का आरोप लगा है। बच्ची दुकान पर सामान खरीदने गई थी, तभी दुकानदार ने उसे दुकान के भीतर ले जाकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रेप, पॉक्सो एक्ट और SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। घटना वजीरगंज थाना क्षेत्र में शनिवार दोपहर की है। पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, इलाके में रहने वाली 13 वर्षीय बच्ची परवेज की किराना दुकान पर कुछ घरेलू सामान लेने गई थी। कुछ देर बाद बच्ची घबराई हुई हालत में घर लौटी। परिजनों ने उससे पूछताछ की तो उसने बताया कि दुकानदार परवेज उसे दुकान के अंदर ले गया और उसके साथ रेप किया। इसके बाद परिवार के लोग आसपास के लोगों के साथ थाने पहुंचे और पुलिस को तहरीर दी।तहरीर के आधार पर पुलिस ने रात में ही मुकदमा दर्ज कर लिया। पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है। वजीरगंज एसएचओ अश्वनी कुमार ने बताया कि नामजद आरोपी की तलाश जारी है और उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
रोहतक जिले में सांपला कस्बे के मुख्य बाजार में सड़क पर वाहन खड़े करने वालों के खिलाफ नगर पालिका प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस के सहयोग से ऐसे वाहन चालकों के चालान किए जा रहे हैं, जो अपनी कार सड़क पर खड़ी कर खरीदारी करते हैं। प्रशासन का कहना है कि इन वाहनों के कारण बाजार में बार-बार जाम की स्थिति बनती है, जिससे आम लोगों को परेशानी होती है। यह कार्रवाई यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के उद्देश्य से की जा रही है। व्यापारियों ने लगाया दोहरे रवैये का आरोप इस कार्रवाई के बीच व्यापारियों ने नगरपालिका प्रशासन पर दोहरे रवैये का आरोप लगाया है। व्यापारियों का कहना है कि पिछले महीने बाजार से अतिक्रमण हटाने के लिए सभी रेहड़ी-फड़ी वालों को हटाया गया था। हालांकि, अब वही रेहड़ी और रिक्शा चालक दोबारा बाजार में आकर अतिक्रमण करने लगे हैं। व्यापारियों का आरोप है कि नगरपालिका प्रशासन अब इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा, जिससे बाजार में फिर से अतिक्रमण बढ़ रहा है और दुकानदारों को परेशानी हो रही है। वाहन पार्क करने के लिए की गई अलग व्यवस्था नगरपालिका प्रशासन का कहना है कि बाजार में खरीदारी करने आने वाले लोगों के लिए वाहन पार्क करने की अलग से व्यवस्था की गई है। इसके बावजूद कई लोग अपनी कारें मुख्य सड़क पर ही खड़ी कर देते हैं, जिससे यातायात बाधित होता है और जाम लग जाता है। प्रशासन ने रेहड़ी-फड़ी संचालकों को भी चेतावनी दी है कि वे बाजार में अवैध रूप से अतिक्रमण न करें, अन्यथा उनके भी चालान किए जाएंगे। इसके अलावा, उन दुकानदारों को भी नोटिस जारी किए जा रहे हैं, जिन्होंने अपनी दुकानों के आगे फुटपाथ से बाहर रेहड़ी या ठेली लगाकर अतिक्रमण किया हुआ है।
मऊगंज और नईगढ़ी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने खाद-बीज की किल्लत, किसानों की भारी परेशानी और बढ़ती महंगाई को लेकर मोर्चा खोल दिया है। शनिवार शाम करीब 5 बजे मऊगंज के कॉलेज चौराहा और नईगढ़ी ब्लॉक चौराहे पर कांग्रेसियों ने जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान गुस्साए कार्यकर्ताओं ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का पुतला फूंका और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर हुए इस प्रदर्शन में मऊगंज जिला कांग्रेस अध्यक्ष हरिलाल आदिवासी ने कमान संभाली, जबकि नईगढ़ी में जिला कांग्रेस किसान अध्यक्ष नृपेन्द्र सिंह 'पिंटू' और ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अखिलेश पटेल की अगुवाई में कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। खाद-बीज की किल्लत से खरीफ की बुवाई प्रभावित मऊगंज में प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे जिला अध्यक्ष हरिलाल आदिवासी ने सरकार को घेरते हुए कहा कि सूबे की बीजेपी सरकार किसानों की सुध लेने में पूरी तरह नाकाम रही है। ऐन बुवाई के वक्त किसानों को सोसायटियों से खाद और बीज नहीं मिल पा रहा है, जिससे खरीफ की फसलों पर संकट मंडरा रहा है। उन्होंने डीजल-पेट्रोल के लगातार बढ़ते दामों और खेती-किसानी के सामानों पर बढ़ी महंगाई का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। ई-केवाईसी और स्लॉट बुकिंग से बढ़े किसान के चक्कर वहीं, नईगढ़ी में ब्लॉक अध्यक्ष अखिलेश पटेल ने कहा कि सरकार की किसान विरोधी नीतियों और झूठी घोषणाओं के खिलाफ यह प्रदर्शन किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ई-केवाईसी जैसी उलझी हुई प्रशासनिक प्रक्रियाओं के फेर में डालकर किसानों को खाद-बीज के लिए परेशान किया जा रहा है। किसान नेता नृपेन्द्र सिंह 'पिंटू' ने कहा कि खाद-बीज की कमी के साथ ही मूंग खरीदी में भी किसानों को लूटा जा रहा है। उन्होंने ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग व्यवस्था को किसानों के लिए सिरदर्द बताया। पुतला दहन में ये रहे शामिल मऊगंज में हुए प्रदर्शन के दौरान शेख मुख्तार सिद्दीकी, यदुवंश मिश्रा, मृत्युंजय चतुर्वेदी, मधुकर पांडे, रवी गुप्ता सहित कई कांग्रेसी पदाधिकारी मौजूद रहे। दूसरी तरफ, नईगढ़ी में कमलेश पटेल, शेषमणि पटेल, मंगलदीन सोनी, ऋषिराज पांडे, रोशन खान, दोराम प्रजापति, लक्ष्मण पटेल, रामसजीवन सोनी, अजय पटेल, पवन पटेल और रामजी कश्यप समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया।
तरनतारन के अधीन आते खडूर साहिब विधानसभा क्षेत्र के कस्बा फतेहाबाद में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। यहां 50 लाख रुपये की मोटी फिरौती (रंगदारी) न मिलने के कारण बेखौफ अज्ञात हमलावरों ने एक प्रसिद्ध कपड़ा व्यापारी की दुकान को निशाना बनाते हुए अंधाधुंध फायरिंग कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर बड़ी आसानी से मौके से फरार हो गए। इस दुस्साहसिक घटना से स्थानीय व्यापारियों और आम जनता में भारी दहशत का माहौल है। मिली जानकारी के अनुसार, फतेहाबाद के जाने-माने कपड़ा व्यापारी महेंद्र सिंह के बेटे नवदीप सिंह को कुछ दिन पहले अज्ञात गैंगस्टरों/अपराधियों द्वारा फोन कर 50 लाख रुपये की फिरौती देने की धमकी दी गई थी। मांग पूरी न होने पर शुक्रवार शाम को दो मोटरसाइकिल सवार अज्ञात नकाबपोश युवक दुकान के बाहर पहुंचे और ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। कर्मचारियों ने छिपकर बचाई जान राहत की बात यह रही कि इस खूनी हमले में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। फायरिंग के समय दुकान के मालिक नवदीप सिंह वहां मौजूद नहीं थे। हालांकि, दुकान के भीतर मौजूद कर्मचारियों पर गोलियां चलने से अफरा-तफरी मच गई, जिन्होंने काउंटर के पीछे छिपकर बड़ी मुश्किल से अपनी जान बचाई। गोलियों की आवाज से पूरा बाजार दहल उठा। सीसीटीवी फुटेज कब्जे में, पुलिस ने किया हाई अलर्ट जारी घटना की भनक लगते ही डीएसपी हरिंदर सिंह के नेतृत्व में भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति का जायजा लिया। थाना श्री गोइंदवाल साहिब की पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए दुकान और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके। पीड़ित परिवार ने मांगी सुरक्षा पीड़ित व्यापारी नवदीप सिंह ने पुलिस प्रशासन से जान-माल की गुहार लगाते हुए तुरंत सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि फिरौती की लगातार मिल रही धमकियों से उनका पूरा परिवार खौफ के साए में जीने को मजबूर है। वहीं, डीएसपी हरिंदर सिंह ने बताया कि पुलिस विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है। सीमावर्ती इलाके में नाकाबंदी बढ़ा दी गई है और सुरक्षा के लिहाज से हाई अलर्ट जारी किया गया है।
नमस्कार, आज की सबसे बड़ी खबर अलवर से है। यहां कोर्ट ने हत्या के मामले में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष समेत 9 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। चलिए सिलसिलेवार पढ़ते हैं, राजस्थान दिनभर में क्या कुछ खास रहा... पहले टॉप 5 खबरें1. भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष समेत 9 को उम्रकैदअलवर में चुनावी रंजिश में हत्या के मामले में कोर्ट ने भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह समेत 9 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। सजा सुनाए जाने के बाद शनिवार को सभी दोषी कोर्ट परिसर से मूंछों पर ताव देते हुए बाहर निकले। पूरी खबर पढ़ें 2. जोधपुर में फिर 5 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ीजोधपुर में सिजेरियन डिलीवरी के बाद एक बार फिर 5 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ गई। डिलीवरी के बाद ज्यादा ब्लड लॉस होने पर सभी को हायर सेंटर रेफर किया गया। इनमें से 1 वेंटिलेटर पर है, जबकि 3 ICU में एडमिट हैं। 1 प्रसूता सामान्य वार्ड में एडमिट है। पूरी खबर पढ़ें 3. 500 रुपए नहीं देने पर युवक को हाथी से कुचलवायाबांसवाड़ा के पाटन थाना इलाके में युवक को हाथी ने सूंड से उठाकर पटक दिया। पैर से कुचलने से उसकी पसलियां टूट गईं। परिजनों का आरोप है कि हाथी वाले बाबा ने 500 रुपए मांगे थे, नहीं देने पर हाथी से हमला करवा दिया। वहीं पुलिस का कहना है कि हमला करवाने की बात गलत है। पूरी खबर पढ़ें 4. भाजपा नेता के घर 3 करोड़ रुपए कैश मिलेभाजपा नेता और शराब कारोबारी अशोक चांडक के घर से ED की टीम को 3 करोड़ कैश और 50 से ज्यादा प्रॉपर्टी के डॉक्युमेंट मिले। साथ ही कई संदिग्ध लेन-देन के रिकॉर्ड मिले हैं। बिहार में अवैध बजरी खनन में 131 करोड़ के गबन के आरोप में 8 ठिकानों पर ED ने छापा मारा था। पूरी खबर पढ़ें 5. हवेली की नींव से निकले सोने से भरे 15 कलशजयपुर में एक हवेली की खुदाई में खजाना मिलने का दावा है। मालिक का आरोप है कि ठेकेदार और उसके साथियों ने करीब 40-45 किलो चांदी की सिल्लियां, सोने के सिक्कों से भरे 14-15 कलश और 8 से 10 हजार पुराने चांदी के सिक्के आपस में बांट लिए। पूरी खबर पढ़ें अब 3 अहम खबरें6. तेज रफ्तार ट्रेलर पलटा, बाइक सवार बाल-बाल बचेदौसा जिले में जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे पर तेज रफ्तार ट्रेलर बेकाबू होकर पलट गया। गनीमत रही कि ट्रेलर आगे चल रहे LPG टैंकर से नहीं टकराया। इस दौरान हाईवे पर जा रहे बाइक सवार 2 व्यक्ति बाल-बाल बच गए। दोनों भरतपुर की तरफ जा रहे थे, लेकिन घबराकर लौट गए। पूरी खबर पढ़ें 7. व्यापारी का किडनैप, कार में डालकर ले गएबाड़मेर के रीको थाना इलाके में क्रेटा कार में आए 4 बदमाशों ने एक व्यापारी का किडनैप कर लिया। बदमाश पहले शोरूम में घुसे और व्यापारी पर डंडे से हमला कर दिया। इसके बाद 2 बदमाश उसे जबरन उठाकर कार में डालकर भाग हो गए। पूरी खबर पढ़ें 8. बॉयज हॉस्टल में घुसा मगरमच्छकोटा के बोरखेड़ा इलाके में एक बॉयज हॉस्टल के बेसमेंट में मगरमच्छ घुस गया। यहां मेस में खाना बना रहे कुक और कर्मचारियों ने मगरमच्छ को देखा तो डरकर बाहर भाग निकले। मगरमच्छ आने से हॉस्टल में रहने वाले कोचिंग छात्रों में भी डर गए। पूरी खबर पढ़ें खबर जो हटकर है9. लेपर्ड ने पर्यटकों के सामने किया शिकारजयपुर के झालाना लेपर्ड रिजर्व में लेपर्ड फ्लोरा के शावक ने एक जंगली खरगोश का शिकार किया। जंगली खरगोश घास में छुपकर बैठा था। शावक भी घात लगाकर बैठा था। मौका देखते ही शावक ने झपट्टा मारकर खरगोश को जबड़े में दबोच लिया। पूरी खबर पढ़ें कल क्या होगा खास10. करौली का 26वां स्थापना दिवस कलपूर्वी राजस्थान के करौली का 26वां स्थापना दिवस 19 जुलाई को मनाया जाएगा। इस मौके पर 'रन फोर करौली' और रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा।
मोगा में नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए हैं। बढ़ती गंदगी और बदबू से परेशान पुराना मोगा के दुकानदारों ने शनिवार को धरना प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ रोष जताया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सफाई व्यवस्था बहाल नहीं की गई तो वे आंदोलन तेज करते हुए शहरभर की दुकानें बंद करवाने पर मजबूर होंगे। धरने को समर्थन देने पहुंचे पूर्व पार्षद और मौजूदा पार्षद के पति प्रवीण मक्कड़ ने कहा कि कई दिनों से प्रशासन और अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया जा रहा है, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि कूड़े के ढेरों के कारण लोग नाक ढककर गुजर रहे हैं और ग्राहकों की संख्या कम होने से व्यापार प्रभावित हो रहा है। मोबाइल व्यापारी बोले- कूड़े के ढेरों से 300 से 400 मीटर तक बदबू फैल रही मोबाइल व्यापारी अरुण गुलाटी ने बताया कि उनकी दुकान के सामने लगे कूड़े के ढेरों से 300 से 400 मीटर तक बदबू फैल रही है। उन्होंने कहा कि इसी मार्ग पर सरकारी और निजी अस्पताल, स्कूल तथा अन्य महत्वपूर्ण संस्थान स्थित हैं, जहां रोजाना हजारों लोगों का आना-जाना होता है। बरसात के मौसम में संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। धरनास्थल पर पहुंचीं कांग्रेस की हलका इंचार्ज मालविका सूद ने दुकानदारों की मांगों का समर्थन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर के कई इलाकों में कूड़े के ढेर लगे हुए हैं और घरों से नियमित रूप से कूड़ा नहीं उठाया जा रहा। उन्होंने नगर निगम और सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि सफाई के साथ-साथ टूटी सड़कें और जाम सीवरेज व्यवस्था भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही हैं। दुकानदारों ने सरकार से सफाई कर्मचारियों की मांगों का समाधान कर जल्द शहर को कूड़ा मुक्त बनाने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि समस्या का समाधान न होने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
2030 तक द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करने पर भारत-फिनलैंड की नजर
नई दिल्ली, एक नई रिपोर्ट के अनुसार, भारत और फिनलैंड ने आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने तथा प्रस्तावित ईयू-भारत फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) के जरिए वर्ष 2030 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने की संभावनाओं पर सहमति जताई है।
बिजली निगम के विरोध में व्यापारियों का चौक पर धरना:बिजली कटौती के साथ गलत बिल देने का भी आरोप
फर्रुखाबाद में शनिवार दोपहर करीब 12:30 बजे युवा व्यापार मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष अंकुर श्रीवास्तव के नेतृत्व में करीब एक दर्जन व्यापारियों ने चौक पर धरना दिया। व्यापारियों ने विद्युत निगम के खिलाफ बिजली कटौती और गलत बिल भेजने का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। धरने को संबोधित करते हुए अंकुर श्रीवास्तव ने कहा कि शहर में लगातार बिजली कटौती की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायत या जानकारी के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को फोन करने पर कॉल रिसीव नहीं की जाती। इसके अतिरिक्त, उपभोक्ताओं को गलत बिजली बिल भेजे जाने की भी शिकायतें मिली हैं। धरने की सूचना पर शहर कोतवाल और बिजली विभाग के एसडीओ अजय सिंह मौके पर पहुंचे। एसडीओ अजय सिंह ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि बिजली आपूर्ति और बिलिंग संबंधी शिकायतों का शीघ्र समाधान कराया जाएगा तथा व्यवस्था में आवश्यक सुधार किए जाएंगे। इस आश्वासन के बाद व्यापारियों ने धरना समाप्त कर दिया। मालूम होकि शहर में लगातार बिजली कटौती हो रही है कभी मेंटेनेंस के कार्य के नाम पर कटौती होती है तो कभी तार बदलने के नाम पर कटौती की जाती है।
वैश्विक तनाव के बावजूद भारतीय शेयर बाजार ने दिखाई मजबूती
मुंबई, अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और कमजोर वैश्विक संकेतों के बावजूद भारतीय शेयर बाजार ने सप्ताह का अंत मजबूती के साथ किया।
जयपुर में त्रिपोलिया बाजार स्थित विद्याधर का रास्ता इलाके की एक पुश्तैनी हवेली में करोड़ों का खजाना मिलने का दावा किया गया। खजाने में दबे सोने से भरे कलश और 45 किलो चांदी को खुर्द-बुर्द करने को लेकर पुलिस में रिपोर्ट दी गई है। हवेली मालिक राहुल सेठी ने माणकचौक थाने मामला दर्ज कराया है। जिसमें बताया कि उनकी हवेली की खुदाई के दौरान ठेकेदार को खजाना मिला है, जिसे ठेकेदार और उसके साथियों ने करीब 40-45 किलो चांदी की सिल्लियां, सोने के सिक्कों से भरे 14-15 कलश और 8 से 10 हजार पुराने चांदी के सिक्के आपस में बांट लिए। ठेकेदार ने दावा किया है कि उसके पास दो वीडियो हैं, जिनमें आरोपी यहां मिले खजाने की बात कर रहे हैं। हालांकि, खजाना मिलने के दावों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है। भास्कर टीम ने की मौके पर पड़ताल मामले की सच्चाई जानने के लिए भास्कर टीम त्रिपोलिया बाजार स्थित विद्याधर का रास्ता स्थित प्लॉट नंबर 630 पर पहुंची, जहां से खजाना मिलने और उसके गायब होने का मुकदमा दर्ज हुआ है। मौके पर चार मंजिला नया भवन बना मिला, जिसके बाहर फिनिशिंग का काम चल रहा था। टीम ने हवेली मालिक राहुल सेठी से संपर्क करने का प्रयास भी किया, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। करीब 6 घंटे तक मौके पर पड़ताल के दौरान स्थानीय लोगों से बातचीत में कई अहम जानकारियां सामने आईं। 1970 के दशक के बड़े सेठ थे बद्रीनारायण सेठी पहचान उजागर नहीं करने की शर्त पर एक स्थानीय निवासी ने बताया कि राहुल सेठी के दादा बद्रीनारायण सेठी 1970 के दशक में जयपुर और मुंबई के बड़े व्यापारियों में गिने जाते थे। उनके दादा अक्सर बताया करते थे कि उन्होंने बद्रीनारायण सेठी के यहां सोने-चांदी की ईंटें और अथाह धन-दौलत अपनी आंखों से देखी थी। स्थानीय लोगों के अनुसार बद्रीनारायण सेठी मुंबई में जीडी मावा वाला एंड कंपनी नाम से मिठाई के बड़े कारोबारी थे और उनका व्यापार काफी फेमस था। परिवार का व्यापारिक इतिहास जानकारी के अनुसार बद्रीनारायण सेठी ने दो शादियां की थीं। पहली पत्नी से उनके बड़े पुत्र दुर्गालाल सेठी और दूसरी पत्नी से घनश्याम सेठी हुए। घनश्याम सेठी के दो पुत्र तरुण सेठी और राहुल सेठी हैं, जबकि दुर्गालाल सेठी के पुत्र अनिल सेठी हैं। पूरा परिवार लंबे समय से प्रतिष्ठित व्यापारिक परिवार के रूप में पहचाना जाता है। स्थानीय लोगों ने भी खजाने की चर्चा की पुष्टि की स्थानीय निवासी रामवतार बोहरा ने बताया कि उनका मकान सेठी परिवार की हवेली के सामने ही है। करीब एक साल पहले इस पुश्तैनी हवेली को तोड़ने का काम शुरू हुआ था। पहले यहां बहुत बड़ी हवेली थी, जिसे तोड़ने में लगभग चार से छह महीने का समय लगा। इसके बाद नया भवन बनाया गया। उन्होंने बताया कि इलाके में लंबे समय से चर्चा है कि हवेली की खुदाई के दौरान खजाना मिला था। उनका कहना है कि बद्रीनारायण सेठी आज के नहीं बल्कि आजादी से पहले के दौर के बड़े रईस थे और मुंबई में उनका बड़ा कारोबार था। ऐसे में लोगों को यह संभावना लगती है कि हवेली में कोई पुराना खजाना दबा हो सकता है। हालांकि उन्होंने भी स्पष्ट किया कि यह बातें सुनने में आई हैं और इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। विद्याधर के रास्ता का ऐतिहासिक महत्व जिस इलाके में कथित खजाना मिलने का दावा किया गया है, उसका अपना ऐतिहासिक महत्व भी है। जयपुर शहर के वास्तुकार पंडित विद्याधर शास्त्री के नाम पर इस मार्ग का नाम विद्याधर का रास्ता रखा गया था। यह क्षेत्र जयपुर के सबसे पुराने इलाकों में गिना जाता है और यहां कई ऐतिहासिक हवेलियां आज भी मौजूद हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार सेठी परिवार भी इस क्षेत्र के पुराने और समृद्ध परिवारों में शामिल रहा है। राहुल सेठी ने रिपोर्ट में क्या लगाए आरोप राहुल सेठी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी पुश्तैनी हवेली को तोड़कर नया भवन बनाने का ठेका डिवाइन-1 एलएलपी के माध्यम से दिया गया था। तोड़ाई का कार्य ठेकेदार महेश मल्होत्रा उर्फ छोटू को सौंपा गया था। उन्होंने बताया कि कार्य शुरू होने से पहले ठेकेदार को साफ निर्देश दिए गए थे कि यदि भवन की नींव, दीवारों या मलबे से कोई कीमती वस्तु, पुरानी संपत्ति या धन मिले तो उसे परिवार को सौंपा जाएगा। 45 किलो चांदी, 15 स्वर्ण कलश और हजारों सिक्के मिलने का दावा एफआईआर के अनुसार हवेली को तुड़वाने के दौरान करीब 40 से 45 किलो चांदी की सिल्लियां, सोने के सिक्कों से भरे 14 से 15 स्वर्ण कलश, 8 से 10 हजार पुराने चांदी के सिक्के और अन्य बहुमूल्य वस्तुएं मिलीं। आरोप है कि ठेकेदार महेश मल्होत्रा उर्फ छोटू पुत्र नेनूराम निवासी मंडी खटीकान मालियों का मोहल्ला ने अपने सहयोगियों अनुज, जगदीश, रजनी, रेहान, सुल्तान और पप्पू अजमेरा के साथ मिलकर यह पूरी संपत्ति मालिक को बताए बिना आपस में बांट ली और खुर्द-बुर्द कर दी। मजदूर ने खोला पूरा राज शिकायतकर्ता राहुल सेठी का कहना है कि हवेली में काम करने वाले एक मजदूर ने बाद में पूरी घटना की जानकारी दी। मजदूर के खुलासे के बाद उन्हें दो अहम वीडियो भी मिले। एक वीडियो अनुज का बताया गया है, जबकि दूसरा वीडियो ठेकेदार महेश मल्होत्रा उर्फ छोटू और उसके सहयोगी जगदीश का बताया जा रहा है। परिवादी का दावा है कि इन वीडियो में कथित रूप से मिली बहुमूल्य संपत्ति का जिक्र किया गया है। दोनों वीडियो पेन ड्राइव में सुरक्षित कर पुलिस को सौंप दिए गए हैं। माणकचौक थाने में एफआईआर दर्ज राहुल सेठी की शिकायत पर माणकचौक थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(5) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने पेन ड्राइव और अन्य साक्ष्य ले लिए हैं और वीडियो की फॉरेंसिक जांच सहित सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है। थानाधिकारी बोले- हर पहलू की होगी जांच माणकचौक थानाधिकारी राकेश खयालिया ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। वीडियो की सत्यता, संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ, दस्तावेजों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच के बाद ही साफ होगी सच्चाई फिलहाल मामले में किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। यह मामला पूरे जयपुर में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर शिकायतकर्ता करोड़ों रुपए के खजाने के गायब होने का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोग भी हवेली और सेठी परिवार की समृद्ध विरासत का हवाला दे रहे हैं। हालांकि, खजाना वास्तविकता में मिला था या नहीं। यदि मिला तो उसका क्या हुआ? इसका खुलासा अब पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल के बाद ही हो सकेगा।
आगरा में व्यापारियों की बैठक, पुलिस गश्त की मांग:बाजार में साफ-सफाई, अतिक्रमण हटाने पर भी चर्चा
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने शनिवार सुबह अकोला के जगनेर रोड स्थित कस्बा अकोला में व्यापारियों की समस्याओं पर एक बैठक आयोजित की। यह बैठक जिला अध्यक्ष अनिल शर्मा और अकोला इकाई के अध्यक्ष विष्णु अग्रवाल के नेतृत्व में हुई। इस बैठक में थाना कागारोल प्रभारी अंकुर राठी अपनी पुलिस टीम के साथ और ग्राम पंचायत अकोला के प्रधान प्रतिनिधि डॉ. गंभीर सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। बैठक के दौरान व्यापारियों ने कस्बे में नियमित पुलिस गश्त, बाजार की साफ-सफाई, प्रमुख चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने, बंदरों के आतंक से निजात दिलाने और अतिक्रमण हटाने जैसी प्रमुख मांगें उठाईं। थाना प्रभारी अंकुर राठी ने व्यापारियों से दुकानों के बाहर सामान न रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से अतिक्रमण की समस्या का समाधान संभव है। राठी ने नियमित पुलिस गश्त का भी आश्वासन दिया। प्रधान प्रतिनिधि डॉ. गंभीर सिंह ने बाजार में साफ-सफाई व्यवस्था सुधारने, दुकानों पर डस्टबिन रखने और सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने का आग्रह किया। उन्होंने बंदरों की समस्या के समाधान के लिए भी शीघ्र कार्रवाई का भरोसा दिलाया। मुख्य अतिथि एवं व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष अनिल शर्मा ने आश्वासन दिया कि व्यापारियों की सभी जायज समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यापारी के हितों से समझौता नहीं होगा। बैठक में राजपाल सिंघल, मनीराम वैश्य, ब्रजेंद्र वर्मा, किशनलाल सिंघल, प्रवेश साहू, गर्वित सिंघल, वीरेंद्र कांत, कमलेश चौधरी, पवन कुमार, मोहित अग्रवाल, सतीश कुमार, पुष्पा शर्मा सहित व्यापार मंडल के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित रहे।
भारतीय शेयर बाजार शानदार बढ़त के साथ हरे निशान में बंद
मुंबई, पश्चिम एशिया में जारी तनावों के बीच वैश्विक बाजारों के मिले-जुले संकेतों के चलते हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार शानदार बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुआ।
भोजपुर साइबर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। नौकरी दिलाने और निवेश पर कई गुना मुनाफा दिलाने का झांसा देकर 22.70 लाख ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के एक सदस्य को हरियाणा से गिरफ्तार किया है। जिसकी पहचान सोनीपत के सेक्टर-12 स्थित खान कॉलोनी निवासी मो. साहिल के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके पास से एक मोबाइल भी बरामद किया है। मामले में शामिल उसके दो साथी मोहित और करण की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। इस संबंध में शुक्रवार को साइबर डीएसपी रोशन कुमार ने प्रेस वार्ता कर जानकारी दी। गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों की तलाश जारी साइबर डीएसपी रोशन कुमार ने बताया कि मो. साहिल ने पूछताछ में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। उसने बताया कि अपने दो दोस्तों मोहित और करण के कहने पर उसने चेक के माध्यम से बैंक खाते से रुपए निकाले और उन्हें सौंप दिए। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है। कम लागत में ज्यादा मुनाफा का दिया लालच रोहतास जिले के दिनारा थाना क्षेत्र के डेढ़गांव निवासी कृषि स्नातक सेकंड ईयर की छात्रा अपूर्वा परमार ने 22 जुलाई 2025 को भोजपुर साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता ने बताया था कि टेलीग्राम के माध्यम से उसे पार्ट-टाइम नौकरी का ऑफर मिला। शुरुआत में गूगल मैप पर विभिन्न रेस्टोरेंट की रेटिंग बढ़ाने का काम कराया गया और भरोसा जीतने के लिए 200 और 300 रुपए का भुगतान भी किया गया। इसके बाद आरोपियों ने अधिक मुनाफा कमाने का लालच देकर निवेश करने के लिए प्रेरित किया। झांसे में आकर पीड़िता ने 5 और 6 जुलाई 2025 को अलग-अलग किश्तों में यूपीआई के माध्यम से कुल 22 लाख 70 हजार रुपए विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। जब काफी समय बाद भी न तो निवेश की राशि वापस मिली और न ही मुनाफा, तब उसे साइबर ठगी का एहसास हुआ। बैंक खातों की जांच शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर तकनीकी अनुसंधान शुरू किया गया। बैंक खातों के लेनदेन, मोबाइल नंबरों और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण करते हुए पुलिस ने हरियाणा के सोनीपत में छापेमारी कर मो. साहिल को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है, जिसकी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि गिरोह के फरार दो अन्य सदस्य मोहित और करण की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह ने बिहार सहित अन्य राज्यों में कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।
गुजरात: 26.2 लाख रुपए के ऑनलाइन निवेश घोटाले में पांच गिरफ्तार
सूरत शहर साइबर क्राइम सेल ने एक अंतरराज्यीय साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया
चिल्हर की किल्लत से राहत... चेंबर, SBI की पहल से 250 व्यापारियों में बांटे सिक्के
महासमुंद| जगन्नाथ रथ यात्रा के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री और भारतीय स्टेट बैंक के संयुक्त तत्वावधान में व्यापारियों के लिए सिक्का वितरण किया गया। पिछले कुछ महीनों से बाजार में चिल्लर (सिक्कों) की भारी किल्लत के कारण व्यापारियों को व्यापार संचालन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। चेंबर ऑफ कॉमर्स ने इस समस्या को संज्ञान में लेते हुए भारतीय स्टेट बैंक प्रबंधन से चर्चा की और सिक्का वितरण की योजना बनाई। इस सफल आयोजन से लगभग 250 व्यापारियों को सीधा लाभ मिला और उनकी चिल्लर की समस्या दूर हुई। इस दौरान स्टेट बैंक के मैनेजर प्रवीण गोलछा, आलोक शर्मा व शशांक सहित मनोजकांत साहू का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम में चेंबर टीम के शहर अध्यक्ष अभिषेक बाफना, प्रदेश मंत्री बसंत लूनिया, मेहुल सूचक, संरक्षक रितेश गोलछा, राकेश झावक, उपाध्यक्ष ताराचंद चांडक, दिलीप कृष्णानी, कोषाध्यक्ष रवि राठी, सचिव मोहित इसरानी और सहसचिव धीरज चोपड़ा प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
जयपुर व्यापार महासंघ की बैठक में व्यापारियों के हित और विकास पर मंथन
जयपुर | जयपुर व्यापार महासंघ की महत्वपूर्ण बैठक गुरुवार को आयोजित हुई, जिसमें मुख्य अतिथि जयपुर सांसद मंजू शर्मा और विशिष्ट अतिथि राजस्थान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष के.एल. जैन रहे। बैठक में जीएसटी प्रक्रिया को सरल बनाने, लघु व्यापारियों को वित्तीय सहायता, बाजारों के आधारभूत विकास, सुरक्षा और डिजिटल मार्केटिंग को बढ़ावा देने पर मंथन हुआ। सांसद मंजू शर्मा ने व्यापारियों की समस्याओं को केंद्र व राज्य सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से रखने का आश्वासन दिया। महासंघ के अध्यक्ष सुभाष गोयल व महामंत्री सुरेश सैनी ने बताया कि इस दौरान वीरेंद्र राणा, सुरेंद्र बज, हुकुमचंद अग्रवाल, राजेंद्र और विनोद अग्रवाल उपस्थित रहे।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल से संबद्ध पडरौना उद्योग व्यापार मंडल का 54वां स्थापना दिवस शुक्रवार देर शाम नगर में मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सदर विधायक मनीष जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि प्रदेश और देश की अर्थव्यवस्था व्यापारियों के योगदान से कुशलतापूर्वक चल रही है। कार्यक्रम में कई व्यापारियों को भामाशाह पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया। पडरौना नगर के एक होटल में हुए इस आयोजन में विधायक मनीष जायसवाल ने आगे कहा कि प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार व्यापारियों की हर समस्या का समाधान करने के लिए तत्पर है। उन्होंने बताया कि सरकार व्यापारियों के कर प्रावधानों को सरल बनाने और सुरक्षा व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर गंभीर है। प्रदेश में सजग व्यवस्था के कारण व्यापारी स्वयं को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। कार्यक्रम में जीएसटी विभाग के उपायुक्त राज्यकर राजेश यादव, श्रम प्रवर्तन अधिकारी अलंकृता उपाध्याय और यातायात निरीक्षक अश्वनी कुमार राय ने भी अपने-अपने विभाग से जुड़े कार्यों और योजनाओं की जानकारी दी। व्यापार मंडल के संरक्षक दीप नारायण अग्रवाल ने सभी आगंतुकों का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने व्यापारी हितों से जुड़े सरकार के कार्यों की सराहना की। संगठन के प्रदेश मंत्री जगदंबा अग्रवाल ने व्यापारी हित में संगठन द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस अवसर पर नगर के व्यापारी प्रदीप चहाड़िया, अजय गुप्ता, संजय मारोदिया, सतीश जिंदल, संजय बंका सहित संगठन से जुड़े कई व्यापारी उपस्थित रहे।
सहरसा में व्यापार संघ अध्यक्ष के स्टाफ के साथ लूट:बदमाशों ने हवाई फायरिंग कर फैलाई दहशत, जांच जारी
सहरसा के सदर थाना क्षेत्र में शुक्रवार को जिला व्यापार संघ के अध्यक्ष अर्जुन चौधरी के स्टाफ से मोबाइल छीनने की वारदात हुई। बाइक सवार दो अज्ञात बदमाशों ने मोबाइल झपटने के बाद दहशत फैलाने के उद्देश्य से हवा में दो राउंड फायरिंग की और मौके से फरार हो गए। नकदी लूटने का प्रयास, विरोध पर छीना मोबाइल जानकारी के अनुसार, जिला व्यापार संघ अध्यक्ष अर्जुन चौधरी के स्टाफ श्याम कुमार बटराहा की ओर जा रहे थे। रास्ते में बाइक सवार दो बदमाशों ने उन्हें रोककर पहले नकदी छीनने का प्रयास किया। विरोध करने पर बदमाश नकदी नहीं ले सके और उनका मोबाइल फोन छीनकर भाग निकले। फायरिंग से मची दहशत भागते समय बदमाशों ने लोगों में दहशत फैलाने के लिए हवा में दो राउंड फायरिंग की। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक दोनों आरोपी फरार हो चुके थे। घटना के बाद इलाके के व्यवसायियों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है तथा स्थानीय लोगों से पूछताछ कर रही है। सदर थानाध्यक्ष अजय कुमार पासवान ने बताया कि घटना की सूचना मिली है, लेकिन पीड़ित की ओर से अभी तक लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस बदमाशों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।
मध्यप्रदेश के करीब 4 लाख पेंशनर्स के लिए बड़ी राहत है। अब केंद्र सरकार जैसे ही महंगाई राहत (Dearness Relief-DR) बढ़ाएगी, मध्यप्रदेश सरकार भी उसे छत्तीसगढ़ की सहमति का इंतजार किए बिना लागू कर सकेगी। इससे वर्षों से चली आ रही देरी खत्म होगी और पेंशनर्स को समय पर बढ़ी हुई महंगाई राहत का लाभ मिल सकेगा। यह बदलाव मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ सरकारों की आपसी सहमति से लागू किया गया है। दोनों राज्यों ने तय किया है कि अब महंगाई राहत बढ़ाने के लिए एक-दूसरे की मंजूरी लेना जरूरी नहीं होगा। दोनों राज्य अपने-अपने स्तर पर केंद्र सरकार के फैसले के बाद डीआर घोषित कर उसका भुगतान कर सकेंगे। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। पहले 6-6 महीने तक करना पड़ता था इंतजार दरअसल, वर्ष 2000 में मध्यप्रदेश से अलग होकर छत्तीसगढ़ बनने के बाद पेंशनर्स को महंगाई राहत देने के लिए दोनों राज्यों की सहमति अनिवार्य कर दी गई थी। इसी वजह से कई बार महंगाई राहत बढ़ने के बावजूद पेंशनर्स को 6-6 महीने तक इंतजार करना पड़ता था। अब यह व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। केंद्र से ज्यादा महंगाई राहत नहीं दे सकेंगे राज्य मध्यप्रदेश के वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी और छत्तीसगढ़ शासन के वित्त विभाग के सचिव की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि अब पेंशनर्स की महंगाई राहत बढ़ाने के लिए विधायी संशोधन की जरूरत नहीं होगी। दोनों राज्य कार्यकारी आदेश जारी कर स्वतंत्र रूप से डीआर लागू कर सकेंगे। हालांकि, दोनों राज्यों के बीच वित्तीय भार की जानकारी साझा की जाएगी, लेकिन महंगाई राहत घोषित करने के लिए दूसरे राज्य की सहमति जरूरी नहीं होगी। साथ ही, कोई भी राज्य केंद्र सरकार द्वारा घोषित महंगाई राहत की दर से अधिक राहत नहीं देगा। वित्त मंत्री बोले- पेंशनर्स को समय पर मिलेगा लाभ उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पेंशनर्स के हित में संवेदनशील और सकारात्मक निर्णय लिया है। अब मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ महंगाई राहत देने का फैसला स्वतंत्र रूप से कर सकेंगे, जिससे अनावश्यक विलंब समाप्त होगा और प्रदेश के करीब 4 लाख पेंशनर्स एवं उनके परिवारों को समय पर लाभ मिलेगा।
शिवपुरी रेलवे स्टेशन का अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकास कार्य पूरा होने के बाद शुक्रवार को इसका औपचारिक लोकार्पण किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के 75 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शिवपुरी रेलवे स्टेशन का भी वर्चुअल उद्घाटन किया। स्टेशन परिसर में आयोजित कार्यक्रम में शिवपुरी विधायक देवेंद्र जैन, भाजपा जिला अध्यक्ष जसवंत जाटव, कलेक्टर अर्पित वर्मा सहित रेलवे अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई, जिसके बाद प्रधानमंत्री के वर्चुअल संबोधन और लोकार्पण कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दिखाया गया। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत शिवपुरी रेलवे स्टेशन को आधुनिक स्वरूप दिया गया है। स्टेशन भवन का आकर्षक पुनर्निर्माण किया गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए प्लेटफॉर्म पर नए शेड, आधुनिक बैठने की व्यवस्था, डिजिटल यात्री सूचना प्रणाली, कोच पोजिशन डिस्प्ले बोर्ड और अत्याधुनिक पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम लगाए गए हैं। अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलने की उम्मीदस्टेशन परिसर के सर्कुलेटिंग एरिया का भी विकास किया गया है, जिसमें बेहतर पार्किंग व्यवस्था शामिल है। इसके अतिरिक्त, आधुनिक प्रतीक्षालय, स्वच्छ शौचालय, शुद्ध पेयजल और बेहतर प्रकाश व्यवस्था जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। दिव्यांग यात्रियों के लिए रैंप, टैक्टाइल पाथ और सुगम आवागमन की विशेष व्यवस्थाएं भी विकसित की गई हैं। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, अमृत भारत स्टेशन योजना का उद्देश्य रेलवे स्टेशनों को स्थानीय संस्कृति और आधुनिक सुविधाओं के समन्वय के साथ विकसित करना है। पुनर्विकसित शिवपुरी रेलवे स्टेशन अब यात्रियों को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और बेहतर यात्रा अनुभव प्रदान करेगा। साथ ही, इससे क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। शुक्रवार को आयोजित यह समारोह शिवपुरी के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर रहा, जिसमें जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और नागरिकों ने स्टेशन के नए स्वरूप का स्वागत किया।
फुलेरा व्यापार महासंघ के अध्यक्ष और पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष मनोज आहुजा का जन्मदिन शुक्रवार को शहर में मनाया गया। इस अवसर पर शहर के गणमान्य नागरिकों, व्यापारियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर उन्हें शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम के दौरान शुभचिंतकों ने मनोज आहुजा का साफा और फूलमालाओं से स्वागत किया। इसके बाद केक काटकर जन्मदिन मनाया गया। उपस्थित लोगों ने उन्हें मिठाई खिलाई और स्वस्थ, सुखद तथा दीर्घायु जीवन की कामना की। इस अवसर पर सैकड़ों समर्थकों और प्रशंसकों ने उन्हें बधाई दी। इस अवसर पर व्यापार महासंघ के पदाधिकारियों ने मनोज आहुजा के कार्यों की सराहना की। उन्होंने बताया कि आहुजा लंबे समय से व्यापारियों के हितों के लिए कार्य कर रहे हैं। पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष के तौर पर उन्होंने शहर के विकास और जनहित के कार्यों में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके नेतृत्व में व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयास किए गए हैं, जिससे वे व्यापारिक और सामाजिक क्षेत्र में एक लोकप्रिय व्यक्ति के रूप में जाने जाते हैं। जन्मदिन समारोह में भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी भाग लिया। उन्होंने मनोज आहुजा का अभिनंदन किया और उनके सामाजिक तथा संगठनात्मक कार्यों की सराहना की। उपस्थित लोगों ने उनके जनसेवा के कार्यों को प्रेरणादायक बताया और भविष्य में भी समाज एवं व्यापारियों की सेवा करते रहने की शुभकामनाएं दीं। समारोह में विश्व हिन्दू परिषद के पुखराज स्वामी, भाजपा मंडल फुलेरा के पूर्व अध्यक्ष आलोक तिवारी, सुरेश मिश्रा, नरेना भाजपा मंडल अध्यक्ष भंवरलाल सैनी, हेमंत शर्मा, सीएल गोठवाल, कमलेश शर्मा, इकरामुद्दीन सहित व्यापार महासंघ के पदाधिकारी, भाजपा कार्यकर्ता, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। सभी ने मनोज आहुजा के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए उन्हें जन्मदिन की बधाई दी।
सुलतानपुर पुलिस ने अवैध असलहा तस्करी करने वाले दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। कुड़वार थाना क्षेत्र में शुक्रवार शाम 4 बजे हुई इस कार्रवाई के दौरान उनके कब्जे से एक पिस्टल, दो कट्टे, आठ जिंदा कारतूस और एक स्कॉर्पियो वाहन बरामद किया गया। पुलिस अधीक्षक चारु निगम के निर्देश पर जनपद में चलाए जा रहे अभियान के तहत कुड़वार पुलिस को यह सफलता मिली। मुखबिर की सूचना पर कुड़वार पुलिस टीम ने देवराम का पुरवा मजरा रवनिया पूरब क्षेत्र में घेराबंदी कर दोनों अभियुक्तों को पकड़ा। गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से एक .32 बोर की पिस्टल, दो 12 बोर के कट्टे, .32 बोर के चार और 12 बोर के चार सहित कुल आठ जिंदा कारतूस मिले। इसके अतिरिक्त, एक स्कॉर्पियो वाहन भी जब्त किया गया। आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि वे अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर अवैध असलहों की खरीद-फरोख्त करते हैं। बरामद असलहों को बेचने के उद्देश्य से वे सुलतानपुर शहर जा रहे थे। पुलिस कार्रवाई के दौरान उनके दो साथी कामरान और आकाश मिश्रा मौके से फरार हो गए। कामरान के पास दो .315 बोर के कट्टे और आकाश मिश्रा के पास एक .315 बोर का कट्टा तथा एक बड़ी नाल वाली .315 बोर की अद्धी थी। पुलिस ने फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए टीमों का गठन किया है और उनकी तलाश जारी है। बरामदगी और पूछताछ के आधार पर कुड़वार थाने में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार अभियुक्तों को नियमानुसार न्यायालय में पेश किया गया। फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी और अन्य विधिक कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान अंकित यादव (24 वर्ष, निवासी पलिया सरकौड़ा, थाना कुड़वार) और अभिषेक पाण्डेय (23 वर्ष, निवासी सरैया पूरे विसेन, थाना कुड़वार, स्थायी पता- जुडूपुर, थाना बंधुआकलां) के रूप में हुई है।
सीतापुर के लहरपुर इलाके में आगामी श्रावण मास और कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने की मांग को लेकर अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल, नगर इकाई पदाधिकारियों ने शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा, पेयजल, चिकित्सा, विद्युत व्यवस्था और यातायात प्रबंधन सहित कई महत्वपूर्ण मांगें प्रशासन के समक्ष रखी गईं। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने कहा कि श्रावण मास के दौरान बड़ी संख्या में कांवड़िए नगर और क्षेत्र से होकर गुजरते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। उन्होंने कांवड़ मार्गों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने तथा यात्रा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था किए जाने की मांग की। ज्ञापन में प्रमुख स्थानों पर शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, चिकित्सा शिविर और एम्बुलेंस उपलब्ध कराने की भी मांग की गई। इसके अलावा कांवड़ मार्गों पर स्थित विद्युत खंभों को सुरक्षा की दृष्टि से पन्नी से ढकने, खुले एवं झूलते बिजली के तारों की मरम्मत कराने तथा निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की बात कही गई। व्यापार मंडल ने नगर और कांवड़ मार्गों की विशेष साफ-सफाई, अस्थायी शौचालयों की व्यवस्था, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था तथा यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक डायवर्जन और अतिरिक्त पुलिस कर्मियों की तैनाती की भी मांग उठाई। पदाधिकारियों ने कहा कि समय रहते सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उपजिलाधिकारी ने ज्ञापन प्राप्त कर सभी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस दौरान व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष रियाज अहमद, महामंत्री हरीश रस्तोगी, उपाध्यक्ष मोहम्मद हाशिम अंसारी, जावेद अहमद, मौलाना सिराज खान, आकाश सिंह, शीलू शुक्ला, मोहम्मद सलीम, उस्मान खान, सगीर अहमद, ओमकार जायसवाल, शियाराम जायसवाल, शमशुल हसन, मुस्तकीम समेत बड़ी संख्या में व्यापारी एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।
देवास। स्कूल और कॉलेजों के आसपास तंबाकू उत्पाद बेचने वालों के खिलाफ पुलिस और प्रशासन ने शुक्रवार को संयुक्त कार्रवाई करते हुए 10 दुकानों को सील कर दिया। करीब दो घंटे तक चले इस अभियान से शहरभर के दुकानदारों में हड़कंप मच गया। कार्रवाई एसडीएम अभिषेक शर्मा और सीएसपी सुमित अग्रवाल के नेतृत्व में की गई। अधिकारियों ने खुद की जांच अभियान के दौरान कई दुकानदार दुकानें बंद कर मौके से भाग निकले, लेकिन अधिकारियों ने दुकानें खुलवाकर जांच कराई। एसडीएम अभिषेक शर्मा और सीएसपी सुमित अग्रवाल ने स्वयं दुकानों के भीतर जाकर निरीक्षण किया। जिन दुकानों में सिगरेट, गुटखा और अन्य तंबाकू उत्पाद मिले, उन्हें तत्काल सील कर दिया गया। स्कूलों के आसपास चला अभियान टीम ने सबसे पहले केपी कॉलेज और राधाबाई स्कूल क्षेत्र में कार्रवाई की, जहां तंबाकू उत्पाद मिलने पर दुकानें सील की गईं। इसके बाद नाहर दरवाजा क्षेत्र में तीन दुकानों पर कार्रवाई हुई। कोतवाली क्षेत्र में चिमनाबाई, शिशु विहार सहित अन्य स्कूलों के आसपास चार दुकानों को सील किया गया। इटावा क्षेत्र में भी दो से तीन दुकानों पर कार्रवाई की गई। पुलिस बल रहा तैनात अभियान के दौरान कोतवाली थाना प्रभारी श्यामचंद्र शर्मा, नाहर दरवाजा थाना प्रभारी आलोक सोनी सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शैक्षणिक संस्थानों के आसपास तंबाकू उत्पादों की बिक्री किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीएसपी सुमित अग्रवाल ने कहा कि विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इस तरह का सघन अभियान आगे भी लगातार चलाया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार में तेजी
मुंबई, भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार के सत्र में बड़ी तेजी देखने को मिल रही है। दोपहर 12 बजे सेंसेक्स 801 अंक या 1.04 प्रतिशत की तेजी के साथ 77,999 और निफ्टी 205 अंक या 0.85 प्रतिशत की मजबूती के साथ 24,277 पर था।
मेरठ के सेंट्रल मार्केट मामले में मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी और प्रमुख सचिव पी. गुरु प्रसाद की व्यापारियों और महिलाओं के साथ हुई बैठक विफल रही। यह बैठक कमिश्नरी सभागार में शुक्रवार दोपहर 12 बजे हुई। सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेशों के बाद शासन ने इस मामले में कार्रवाई शुरू की है। बैठक में महिलाओं ने 'मकान के बदले मकान' और 'दुकान के बदले दुकान' का ऑफर मिलने की बात कही, लेकिन सेटबैक की कार्रवाई पर कोई आश्वासन नहीं दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह सुप्रीम कोर्ट का आदेश है और इसे मानना ही होगा। महिलाओं ने किया विरोध, कहा-कोई निर्णय नहीं निकला अधिकारियों के इस रुख के बाद कुछ महिलाओं ने विरोध जताया और कहा कि उनका धरना जारी रहेगा। इस बैठक में कोई ठोस निर्णय नहीं निकल सका। आवास आयुक्त बलकार सिंह और अन्य अधिकारी भी इस बैठक में शामिल थे। यह मामला सुप्रीम कोर्ट के कड़े तेवरों और सख्त आदेशों के बाद सुर्खियों में आया है। गत मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने शास्त्रीनगर के सेंट्रल मार्केट में आवासीय क्षेत्र में बने 44 व्यावसायिक निर्माणों को ध्वस्त करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने साफ कहा था कि आवासीय क्षेत्र में व्यावसायिक निर्माण को मंजूरी नहीं दी जा सकती। 3 महीने से चल रहा धरना जारी रहेगा सेंट्रल मार्केट से जुड़ा यह मामला लंबे समय से चल रहा है। सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्देशों के बाद अब प्रशासन पर इस मामले को जल्द से जल्द और नियमानुसार निपटाने का भारी दबाव है। मुख्यमंत्री के सलाहकार और प्रमुख सचिव का यह दौरा विवाद के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा था, लेकिन वार्ता विफल रही। इस प्रकरण को लेकर सेंट्रल मार्केट में पिछले 3 महीने से धरना चल रहा हैं। बैठक में से निकलने के बाद महिलाओं ने कहा कि अभी भी कोई निर्णय नहीं निकला है। सरकार की ओर से केवल आश्वासन मिला है। लेकिन सेटबैक की कार्रवाई अभी भी बरकरार है। जिसके विरोध में उनका धरना चल रहा है। उन्होंने धरना खत्म करने से इनकार करते हुए कहा कि उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विरोध:राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ की बैठक; 'देश बचाओ मोर्चा' का ऐलान
बड़वानी जनपद की ग्राम पंचायत रेहगून के गवलाबेड़ी गांव में गुरुवार देर रात राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने 'देश बचाओ मोर्चा' के तहत बैठक आयोजित की। बैठक का उद्देश्य प्रस्तावित भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते को लेकर किसानों और युवाओं को जागरूक करना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, मजदूर और युवा शामिल हुए। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि प्रस्तावित व्यापार समझौता लागू होने पर कृषि, दुग्ध उत्पादन, सोयाबीन, मक्का, कपास और फल उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उनका दावा था कि इससे छोटे और सीमांत किसानों की आजीविका प्रभावित होगी तथा विदेशी कंपनियों की बाजार में हिस्सेदारी बढ़ेगी। समझौते को बताया किसान हितों के खिलाफ राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के प्रदेश संगठन महामंत्री गोपाल पाटीदार ने प्रस्तावित समझौते को किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदायक बताते हुए इसे रद्द करने की मांग की। उन्होंने किसानों से इस अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने और जनसमर्थन जुटाने का आह्वान किया। आंदोलन तेज करने की चेतावनी मालवा-निमाड़ प्रांत अध्यक्ष जगदीश यादव ने कहा कि यदि सरकार ने किसान हितों से जुड़े मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया तो संगठन प्रदेशभर में आंदोलन तेज करेगा। प्रांत उपाध्यक्ष कैलाश पाटीदार और किशोर पाटीदार ने भी किसानों से एकजुट होकर संघर्ष करने की अपील की। युवाओं ने ली सदस्यता, आंदोलन से जुड़ने का संकल्प बैठक के दौरान बड़ी संख्या में युवाओं ने राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ की सदस्यता ग्रहण की और 'देश बचाओ आंदोलन' से जुड़ने का संकल्प लिया। कार्यक्रम को खरगौन जिला अध्यक्ष संतोष यादव, तहसील अध्यक्ष सुखदेव पाटीदार और जिला कोषाध्यक्ष माधव यादव ने भी संबोधित किया। अंत में उपस्थित लोगों ने प्रस्तावित भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते के विरोध में नारे लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया।
छत्तीसगढ़ विधानसभा ने गुरुवार को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक-2026 पास कर दिया। सरकार का दावा है कि ऐसा कानून बनाने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य होगा। सरकार का कहना है कि इससे कारोबार शुरू करना आसान होगा, निवेश बढ़ेगा और लालफीताशाही कम होगी। वहीं, कांग्रेस ने इसका विरोध करते हुए कहा कि बिल बिना पर्याप्त चर्चा के जल्दबाजी में लाया गया है। मंत्री लखनलाल देवांगन ने पेश किया वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने विधानसभा में छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक-2026 पेश किया। चर्चा के बाद कुछ संशोधनों के साथ इसे सदन ने मंजूरी दे दी। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि यह कानून आने वाले समय की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। उनका कहना था कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की वजह से भविष्य में सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में नौकरियां कम हो सकती हैं। ऐसे में निवेश बढ़ाकर नए उद्योग लगाने और रोजगार पैदा करने पर जोर देना जरूरी है। चंद्राकर ने कहा कि, यह कानून लालफीताशाही खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने सुझाव दिया कि नियम बनने के बाद सरकार अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और उद्योग जगत के लोगों के लिए एक बड़ा सेमिनार आयोजित करे। उन्होंने यह भी कहा कि समिति में मुख्य सचिव के पद के लिए 'कन्वीनर की जगह मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO)' या 'सचिव' शब्द इस्तेमाल किया जाए। सरकार ने यह सुझाव मान लिया। कांग्रेस ने बिल का विरोध किया वहीं कांग्रेस विधायक दलेश्वर साहू ने विधेयक का विरोध किया। उन्होंने कहा कि सरकार इसे बिना पर्याप्त चर्चा और सलाह-मशविरा किए लेकर आई है। उनका कहना था कि इससे कारोबार शुरू करने की प्रक्रिया में कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा और उद्यमियों को खास फायदा नहीं मिलेगा। बहस का जवाब देते हुए मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि सरकार अलग-अलग विभागों में छोटे-छोटे बदलाव करने के बजाय एक ऐसा कानून लाई है, जिससे सभी विभागों में एक साथ सुधार लागू किए जा सकें। इससे कारोबारियों का समय बचेगा और सरकारी कामकाज भी तेज होगा। उन्होंने कहा कि सरकार पूरे प्रदेश में सेमिनार आयोजित कर लोगों और उद्योग जगत को इस कानून की जानकारी देगी। साथ ही सेवाओं की सूची में बदलाव के लिए हर बार नया कानून लाने की जरूरत नहीं होगी। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली समिति जरूरत के अनुसार इसमें बदलाव कर सकेगी। सरकार का दावा है कि इस कानून के लागू होने के बाद छत्तीसगढ़ ऐसा कानून बनाने वाला देश का पहला राज्य होगा। कानून से क्या बदलेगा सरकार के मुताबिक, कारोबार शुरू करने और चलाने की प्रक्रिया पहले से आसान होगी। छोटे और कम जोखिम वाले कारोबारों को कम कागजी कार्रवाई करनी पड़ेगी। कई मामलों में सरकारी निरीक्षण की जगह सेल्फ सर्टिफिकेशन या किसी अधिकृत विशेषज्ञ का प्रमाणपत्र ही पर्याप्त होगा। बड़े उद्योगों को तय समय सीमा के भीतर मंजूरी नहीं मिलने पर डीम्ड अप्रूवल यानी स्वत: अनुमति मिलने का प्रावधान होगा। कारोबारियों को हर साल लाइसेंस या अनुमति का नवीनीकरण कराने की जरूरत भी कम होगी। इस कानून के तहत आठ विभागों की 43 सेवाओं को नई और आसान व्यवस्था के दायरे में लाया जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे प्रदेश के 15 लाख से ज्यादा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) को फायदा मिलेगा।
साइबर अपराधियों ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा निवासी दो अलग-अलग लोगों से निवेश के बहाने 76 लाख रुपये की ठगी कर ली। डबल मुनाफे का झांसा देकर दोनों पीड़ितों से रुपये खाते में ट्रांसफर करा लिए गए। वे लोग रकम निकालने की कोशिश किए तो पैसा होल्ड कर दिया गया। पीडितों ने एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी, मामले में साइबर थाना पुलिस को केस ट्रांसफर किया गया है। केस-1सेक्टर-89 निवासी 60 साल के व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि वह प्राइवेट कंपनी से रिटायर्ड कर्मचारी हैं। साल 2023 में मार्वेलस माइनिंग कंपनी के बारे में गूगल से जानकारी हासिल की। कंपनी कर्मचारी ने इंदौर में हेडऑफिस होने की बात कही। ठगों ने पीड़ित को डबल मुनाफे का झांसा देकर साल 2024 अक्टूबर महीने तक 46 लाख रुपये निवेश करा दिए। कंपनी की ओर से उन्हें पोस्ट डेटेड चेक और नोटरीकृत स्टांप पेपर पर एग्रीमेंट भी दिया। फरवरी 2025 से कंपनी ने मासिक रिटर्न देना बंद कर दिया। साथ ही मूलधन भी नहीं लौटा रही है। पीड़ित ने कंपनी संचालक अमोल इनामदार से संपर्क करने की कोशिश की तो उनसे बातचीत नहीं हो पाई। केस-2ग्रेटर नोएडा वेस्ट के एसकेए ग्रीनआर्च निवासी 43 वर्षीय व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि वह प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं। उन्हें कुछ समय पहले एक अनजान नंबर से ठग ने वॉट्सऐप पर बातचीत की। इसके बाद पीड़ित को आरएनबी डेनीम और आरएमड्रीप वॉट्सऐप ग्रुप में शामिल कर लिया गया। शेयर बाजार में निवेश के बदले डबल मुनाफे की बात कही गई। झांसे में आने के बाद पीड़ित ने 30 लाख रुपये निवेश कर दिए।
कुशीनगर में एक अनोखी घटना सामने आई है, जहाँ मुंबई के व्यवसायी सुरेश सैनी ने अपने पालतू डॉगी 'रॉकी' का जन्मदिन धूमधाम से मनाया। कप्तानगंज निवासी सैनी ने रॉकी को अपने बेटे की तरह मानते हुए यह आयोजन किया। जन्मदिन समारोह में रॉकी को नए कपड़े पहनाए गए, केक काटा गया और मेहमानों के बीच उसे परिवार के सदस्य की तरह सम्मान दिया गया। इस आयोजन ने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया। समारोह के लिए एक विशेष मंच सजाया गया था। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने रॉकी के साथ तस्वीरें खिंचवाईं और उसे दुलार किया। मेहमानों के लिए भव्य भोज की व्यवस्था की गई, और देर रात तक ऑर्केस्ट्रा व सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए। बताया जा रहा है कि इस पूरे आयोजन पर लाखों रुपये खर्च किए गए। दैनिक भास्कर संवाददाता से बात करते हुए सुरेश सैनी ने बताया कि रॉकी उनके लिए सिर्फ एक पालतू कुत्ता नहीं, बल्कि उनके बेटे जैसा है। उन्होंने कहा, 'परिवार के बाकी सदस्यों की तरह उसका भी जन्मदिन मनाना मेरा फर्ज और मेरी खुशी है। जानवर बोल नहीं सकते, लेकिन उनका प्यार सबसे सच्चा होता है।' सैनी के अनुसार, रॉकी उनके सुख-दुख का साथी है और घर लौटने पर सबसे पहले वही उनका स्वागत करता है। उसकी वफादारी और निस्वार्थ प्रेम के कारण वह परिवार का अभिन्न हिस्सा बन गया है। सैनी ने यह भी कहा कि उन्हें सभी पशुओं से प्रेम है। यह जन्मदिन समारोह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि यह संदेश भी देता है कि रिश्ते केवल खून के नहीं होते। कुशीनगर में हुए इस अनोखे जन्मदिन समारोह की स्थानीय स्तर पर काफी चर्चा हो रही है।
रायबरेली पुलिस ने अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। सलोन थाना पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत वांछित चल रहे तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। ये अपराधी संगठित होकर गांजा तस्करी और अवैध व्यापार जैसी गंभीर गतिविधियों में संलिप्त थे। पुलिस ने थाना सलोन क्षेत्र में गिरोह बनाकर गांजा व्यापार और तस्करी करने वाले अपराधियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया था। इन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही थी। पुलिस अधीक्षक रवि कुमार के निर्देश, अपर पुलिस अधीक्षक आलोक सिंह के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी सलोन यादवेन्द्र बहादुर पाल के नेतृत्व में सलोन पुलिस टीम को यह कामयाबी मिली। 15 जुलाई 2026 को मुखबिर की सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर 'उमरन गंगा एक्सप्रेस वे' अंडरपास के पास से तीनों वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान धर्मेन्द्र सिंह (गैंग लीडर), पुत्र स्व. बाबूलाल कुर्मी, निवासी कमालपुर, थाना ऊंचाहार; पंकज सिंह उर्फ विनय कुमार सिंह, पुत्र कृष्ण कुमार सिंह, निवासी कमालपुर, थाना ऊंचाहार; और अंकित सिंह, पुत्र विनोद कुमार सिंह, निवासी कमालपुर, थाना ऊंचाहार के रूप में हुई है। पकड़े गए तीनों आरोपी आदतन अपराधी हैं और उन पर पहले भी कई गंभीर मामले दर्ज हैं। धर्मेन्द्र सिंह (गैंग लीडर) पर एनडीपीएस एक्ट, बीएनएस की विभिन्न धाराओं और नारकोटिक्स एक्ट के तहत रायबरेली के सलोन, ऊंचाहार व प्रयागराज के करछना थाने में मुकदमे दर्ज हैं। पंकज सिंह पर एनडीपीएस एक्ट, बीएनएस और आईपीसी (धारा 506) के तहत सलोन व ऊंचाहार थानों में कई मुकदमे दर्ज हैं। अंकित सिंह के विरुद्ध सलोन व ऊंचाहार थानों में एनडीपीएस एक्ट व बीएनएस की धाराओं में मामले दर्ज हैं। इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली सलोन पुलिस टीम में उपनिरीक्षक विजय शंकर यादव, उपनिरीक्षक राधेश्याम पांडेय, आरक्षी रामेन्द्र यादव, आरक्षी शक्ति ठाकरान और आरक्षी रचित शामिल थे। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करते हुए न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है।
प्रेम जाल या नौकरी का झांसा देकर लड़कियों को ट्रैप करता है गैंग दैनिक भास्कर बिहार के सीमांचल में देह व्यापार से जुड़े एक सिंडिकेट का पहली बार खुलासा कर रहा है जो रेस्क्यू कराई जा रही लड़कियों को फर्जीवाड़ा कर बालिका गृह से मुक्त करा लेता है। दोबारा इन लड़कियों को फिर उसी सिंडिकेट में धकेल दिया जा रहा है। इनपुट था कि सीमांचल के जिलों पूर्णिया और किशनगंज में खलीफा ‘सरनेम’ वाला एक गैंग इसी मोडस ऑपरेंडी के जरिए काम कर रहा है। भास्कर ने इसकी पड़ताल की। ऐसे मामलों से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज हाथ लगे। इनकी पड़ताल में सामने आया कि यह सिंडिकेट रेड लाइट इलाकों से रेस्क्यू की गई लड़कियों की लीगल कस्टडी तक हासिल कर रहा है। इस नेटवर्क को पूर्णिया, किशनगंज, सीतामढ़ी सहित अन्य जिलों में ‘खलीफा’ सरनेम वाला एक गैंग ऑपरेट कर रहा है। इनका नेटवर्क बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम और नेपाल तक फैला है। यह गैंग लड़कियों को प्रेम जाल या नौकरी का झांसा देकर लाता है और फिर बेच देता है। बच्चियों के नाम तक बदल दिए जाते हैं। पड़ताल में पता चला कि पूर्णिया का अब्दुल्ला नगर,रानीपतरा व जीरोमाइल, हरदा बाजार,किशनगंज का खगड़ा माछमारा और सीतामढ़ी का बोहा टोला, इस्लामपुर इनके मुख्य सेंटर हैं। वो सब कुछ जो आपके लिए जानना जरूरीक्या है मामलाखलीफा गिरोह बच्चियों को बालिका गृह से मुक्त कराने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रहा है। पुलिस की रेड के बाद रेस्क्यू कराई गई लड़कियों को यह गिरोह फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल और नकली अभिभावक बनकर बालिका गृह से छुड़ा लेता है। उन्हीं बच्चियों को रेड लाइट एरिया से दोबारा रेस्क्यू किया जा रहा है। कथित तौर पर कई मामलों में खुद इसी व्यापार से जुड़े रिश्तेदारों को बच्चियों की कस्टडी सौंप दी गई। यहां तक की खुद पुलिस रेड में पकड़ा गया कथित पिता जेल से लेटर लिखकर अपनी बेटी की कस्टडी तय कर रहा है, तो कहीं उसी धंधे से जुड़ी बहन को बच्ची सौंपी जा रही है। कई मामलों में वही नाम, वही गवाह, वही इलाके और वही सिंडिकेट बार-बार सामने आ रहे हैं। हाईकोर्ट का आदेश फिर भी सौंप दी जा रही कस्टडीपड़ताल में पता चला कि वर्ष 2021 में पटना हाईकोर्ट ने बच्चियों की कस्टडी को लेकर आदेश जारी किया था। ‘हनीफ-उर-रहमान बनाम बिहार राज्य (2021)’ फैसले में तय सुरक्षा मानकों जैसे सोशल इन्वेस्टीगेशन रिपोर्ट, स्वतंत्र सत्यापन, अभिभावकों की गहन जांच और बच्ची के‘बेस्ट इंटरेस्ट (सर्वोत्तम हित) की बात कही गई और इसका अनुपालन करने को कहा गया, इसके बावजूद इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं। दूसरी ओर किशोर न्याय अधिनियम (JJ Act) की धारा 94 के मुताबिक उम्र निर्धारण के लिए मैट्रिक के प्रमाणपत्र, जन्म प्रमाणपत्र और दोनों न होने पर मेडिकल बोर्ड की जांच मान्य है। सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न हाई कोर्ट अपने कई फैसलों में स्पष्ट कर चुके हैं कि आधार कार्ड उम्र निर्धारण का कानूनी दस्तावेज नहीं है। हर मामले में पेच1 निवास प्रमाण पत्र और उम्र की पुष्टि के लिए वार्ड पार्षदों और सरपंचों के लेटर हेड का सहारा लि जा रहा है। 2 एक मामले में पूर्णिया की एक वार्ड पार्षद ने लड़कियों के निवास प्रमाण पत्र बनाए, उम्र और परिजनों की पुष्टि की। हालांकि पार्षद के बेटे ने दावा किया कि उसकी मां, लड़की और परिजनों को नहीं जानतीं। मां पढ़ी-लिखी नहीं हैं, संभव हैं कि उन्हीं लोगों ने कागज तैयार कर सिर्फ मेरी मां से हस्ताक्षर करवा लिया हो। 3 एक अन्य मामले में सरपंच ने एक लड़की का निवास प्रमाण पत्र जारी किया। दावा किया कि उसका पिता उनके पास खुद आया था। भास्कर ने जब पिता से बात की तो उसने दावा किया कि उस समय वह जेल में था। बच्ची और उसके पिता के आधार में पता अलग-अलग मिला और अन्य दस्तावेजों में भी ऐसा ही मिला। नेपाल से असम एक ही पैटर्ननेपाल की 16 वर्षीय बच्ची को कपड़े के कारखाने में अच्छी मजदूरी दिलाने का झांसा देकर सीतामढ़ी लाया गया और फिर उसे मंजूर खलीफा के हाथों बेच दिया गया। उसे इसी साल अप्रैल में रेस्क्यू कराया गया। असम की 15 वर्षीय बच्ची को एक लड़के ने प्रेम-प्रसंग में फंसाकर भगाया और सीतामढ़ी लाकर 10 लाख रुपए में बेच दिया। सुप्रीम कोर्ट ने प्रज्जवला बनाम भारत सरकार के फैसले में कानून की व्याख्या की हैसुप्रीम कोर्ट के जस्टिस पारदीवाला और महादेवन की पीठ ने प्रज्जवला बनाम भारत सरकार के फैसले में वेश्यावृत्ति और मानव व्यापार को रोकने वाले आईटीपीए 1956 के कानून की व्याख्या की है। जिसके अनुसार पीड़ित लड़कियों का पुर्नवास सरकार की जिम्मेदारी है। पुलिस और न्यायिक व्यवस्था में सुराख और दस्तावेजों के फर्जीवाड़े से लड़कियों को वेश्यावृत्ति में दोबारा धकेलने वाले तंत्र के खुलासे के लिए सीबीआई जांच होनी चाहिए। आपराधिक दलालों के खिलाफ बीएनएस, आईटीपीए, पाक्सो के कानूनी प्रावधानों और मकोका के तहत मुकदमा दर्ज करके कठोर दंड मिलना चाहिए।- विराग गुप्ता, सुप्रीम कोर्ट के वकील और रेप लाज एंड डेथ पेनाल्टी के लेखक पूर्णिया की पार्षद के बनाए निवास प्रमाण पत्र और आधार में पते अलग। प्रोवेशन अधिकारी की रिपोर्ट में खुलासा।
मध्यप्रदेश को नई दिल्ली में आयोजित दो प्रमुख निवेश आयोजनों से ₹20,193 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इन प्रस्तावों के जरिए प्रदेश में 27,592 लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना जताई गई है। निवेश प्रस्ताव टेक्सटाइल, रक्षा, डेटा सेंटर, ट्रांसफॉर्मर निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा, इंजीनियरिंग और खिलौना उद्योग जैसे क्षेत्रों से जुड़े हैं। इस दौरान सीएम मोहन यादव ने निवेशकों को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का न्योता दिया, बोले- अनुकूल नीतियों से औद्योगिक विकास को गति मिलेगी। निवेश से औद्योगिक विकास को गति मिलेगी : सीएम भारत मंडपम में आयोजित भारत टेक्स-2026 के दौरान मप्र को टेक्सटाइल क्षेत्र में ₹1,592 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले। इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों के लिए ₹18,601 करोड़ के प्रस्ताव प्राप्त हुए। इस दौरान एमपीआईडीसी ने निर्यात संवर्धन, ई-कॉमर्स, वैश्विक व्यापार, एमएसएमई व औद्योगिक सहयोग से जुड़े 7 एमओयू पर हस्ताक्षर किए। सिटाक रे का डेटा सेंटर : ब्रह्मास्त्र एक्सप्लोसिव का रक्षा क्षेत्र में ₹5,030 करोड़, सिटाक रे का डेटा सेंटर में ₹5,000 करोड़, सनब्रिज का ₹3,300 करोड़ और सीमेंस एनर्जी का ट्रांसफॉर्मर निर्माण में 2,060 करोड़ का निवेश शामिल है।
साइबर ठगों के खिलाफ कार्रवाई:सोशल मीडिया पर ट्रेडिंग निवेश के नाम पर 50 करोड़ ठगे, 2 गिरफ्तार
साइबर ठगों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने 50 करोड़ रुपए से अधिक की ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए फर्जी कंपनी के दो डायरेक्टरों को गिरफ्तार किया है। डीजीपी राजीव शर्मा ने बताया कि फरीदाबाद से पकड़े गए आरोपी देवेंद्र शर्मा और निखिल लुथरा दिल्ली के नजफगढ़ के रहने वाले हैं। दोनों ने टेरापल्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से कंपनी बना रखी थी। इस संबंध में शहर के एक डॉक्टर ने जनवरी, 2025 में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि ‘विकासा कैपिटल’ नामक फर्जी निवेश पोर्टल के जरिए शेयर बाजार में भारी मुनाफे का लालच देकर उनसे 61.77 लाख रुपए की ठगी की। आरोपियों ने पहले सोशल मीडिया से फर्जी लिंक भेजकर एप डाउनलोड कराया और फिर निवेश के नाम पर रकम हड़प ली। जांच में आया कि गिरोह दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र से संचालित हो रहा था। आरोपी आईडीएफसी बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक में कंपनी के नाम से चालू खाते खोलकर ठगी की रकम जमा कराते और तुरंत दूसरे खातों में ट्रांसफर कर देते थे। इन खातों के खिलाफ देशभर में करीब 25 करोड़ रुपए की ठगी से जुड़े 40 शिकायतें और एक दर्जन मामले पहले से दर्ज हैं। साइबर क्राइम पोर्टल पर 250 से अधिक शिकायतें दर्ज मिली। गिरोह के खिलाफ अलग-अलग राज्यों में 50 से ज्यादा केस दर्ज है। साइबर क्राइम थाने के डिप्टी एसपी गजेंद्र शर्मा के नेतृत्व में गठित टीम जांच कर रही है। इधर, जयपुर कमिश्नरेट में सीएसटी ने एक दिन पहले शहर में संचालित ठगी के 3 कॉल सेंटर पर छापे मारकर 22 आरोपियों को पकड़ा था, जो फर्जी वीजा अप्लाई सेंटर चलाकर ऑनलाइन विज्ञापनों के लोगों को विदेश भेजने और जॉब दिलाने का झांसा देकर ठगी कर रहे थे। आरोपियों से मिले उपकरण और बैंक खातों की जांच की जा रही है।
छत्तीसगढ़ में निवेशकों को बड़ी राहत, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस कानून पास
उद्योग और उद्यमिता को बढ़ावा देते हुए छत्तीसगढ़ विधानसभा ने छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम, 2026 पारित कर दिया है। यह एक ट्रस्ट बेस्ड और रिस्क बेस्ड बिजनेस परमिशन सिस्टम है। विधेयक ध्वनि मत से पारित हो गया।
मध्य प्रदेश में निवेशकों को आमंत्रित करने का प्रयास जारी है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नई दिल्ली में निवेशकों से संवाद किया, राज्य में उपलब्ध सुविधाओं का जिक्र किया, साथ ही बताया कि राज्य में सबसे सस्ती बिजली उपलब्ध है।
दिल्ली में आयोजित 'भारत टेक्स-2026' और 'इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश' में एमपी को रोजगार की दिशा में बड़ा आश्वासन मिला है। इन दोनों बड़े आयोजनों के माध्यम से मप्र को कुल ₹20,193 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इससे प्रदेश में लगभग 27,592 लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि मध्यप्रदेश देश के अग्रणी निवेश गंतव्यों में अपनी स्थिति को और मजबूत करते हुए 'विकसित भारत-2047' के लक्ष्य में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देगा। निवेशकों को मुख्यमंत्री की 10 गारंटियां और GIS-2027 का आमंत्रण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई दिल्ली के होटल द लीला पैलेस में देश-विदेश के उद्योगपतियों और वैश्विक ब्रांड प्रतिनिधियों को संबोधित किया। उन्होंने मध्यप्रदेश को देश का उभरता हुआ औद्योगिक एवं टेक्सटाइल हब बताते हुए कहा कि राज्य निवेशकों के लिए नीति, नीयत, प्रतिभा, प्रवृत्ति, सुविधा, सामर्थ्य, ऊर्जा, उत्साह, सेवा और सुरक्षा की 10 गारंटियां लेकर आया है। मुख्यमंत्री ने सभी निवेशकों को जनवरी 2027 में आयोजित होने वाली 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट' (GIS-2027) में भाग लेने का विशेष आमंत्रण दिया और उन्हें अनुकूल नीतियों तथा त्वरित प्रशासनिक सहयोग का भरोसा दिलाया। भारत टेक्स-2026: वस्त्र और परिधान क्षेत्र में ₹1,592 करोड़ का निवेश भारत मंडपम में आयोजित टेक्सटाइल राउंडटेबल के दौरान मध्यप्रदेश के वस्त्र उद्योग को एक नई दिशा मिली। इस सत्र में प्रदेश के वस्त्र एवं परिधान उद्योग, पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क, तकनीकी वस्त्र, कौशल विकास और निर्यात संवर्धन पर गहन मंथन हुआ। इस विशेष आयोजन के माध्यम से प्रदेश को वस्त्र क्षेत्र में ₹1,592 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे कपड़ा उद्योग के क्षेत्र में लगभग 15,700 रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। रक्षा, डेटा सेंटर और भारी उद्योगों में ₹18,601 करोड़ का निवेश दिल्ली निवेश संवाद में अत्याधुनिक और रणनीतिक क्षेत्रों में भारी निवेश के प्रस्ताव आए हैं। रक्षा, डेटा सेंटर, ट्रांसफॉर्मर निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा, इंजीनियरिंग, ऑप्टिकल उत्पाद और खिलौना उद्योग जैसे विभिन्न क्षेत्रों में राज्य को ₹18,601 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले। इस निवेश से लगभग 11,892 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। इसमें ब्रह्मास्त्र एक्सप्लोसिव, सीमेंस एनर्जी, सिटाक रे, सनब्रिज डिफेन्स, हिमाचल फ्यूचरिस्टिक कम्युनिकेशंस और वीरा इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी प्रमुख कंपनियों ने अपने प्रस्ताव दिए हैं। कई देशों के प्रतिनिधियों से वन-टू-वन बैठक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापार विस्तार के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न देशों के मंत्रियों और राजनयिकों के साथ वन-टू-वन बैठकें कीं। श्रीलंका के उद्योग मंत्री सुनील हंदुन्नेत्ती और ब्राजील के राजदूत केनेथ फेलिक्स के साथ कृषि, जैव ईंधन, खनन और एयरोस्पेस पर सार्थक चर्चा हुई। वहीं रूसी वित्तीय प्रतिनिधिमंडल, इटली और फ्रांस के प्रतिनिधियों के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल इनोवेशन, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, खाद्य प्रसंस्करण और औद्योगिक डीकार्बोनाइजेशन जैसे भविष्य के क्षेत्रों में मिलकर काम करने पर सहमति बनी। वैश्विक व्यापार और निर्यात बढ़ाने के लिए सात महत्वपूर्ण एमओयू मप्र में व्यापारिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए एमपीआईडीसी (MPIDC) ने सात महत्वपूर्ण समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन्स (FIEO) और एसोचैम के साथ औद्योगिक सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी, जबकि अमेज़न ग्लोबल सेलिंग के साथ हुए समझौते से प्रदेश के छोटे उद्योगों (MSME) और शिल्पकारों को ई-कॉमर्स के माध्यम से वैश्विक बाजार मिलेगा। इसके अलावा विभिन्न अपैरल और टेक्सटाइल एक्सपोर्ट काउंसिल्स के साथ मिलकर वस्त्र निर्यात को बढ़ावा देने और बायर-सेलर मीट आयोजित करने पर भी समझौता हुआ। उद्योगों के विकास के लिए तैयार है मध्यप्रदेश का मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा राज्य की मजबूत नीतियों और बुनियादी ढांचे का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। निवेशकों को बताया गया कि मध्यप्रदेश में वर्तमान में 5 लाख किलोमीटर से अधिक का सड़क नेटवर्क, 8 क्रियाशील एयरपोर्ट, 6 अंतर्देशीय कंटेनर डिपो और उद्योगों के लिए सवा लाख एकड़ से अधिक का बड़ा लैंड बैंक उपलब्ध है। इसके साथ ही पर्याप्त बिजली-पानी की उपलब्धता, नए फूड पार्क, आईटी पार्क और मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स सुविधाओं का विस्तार राज्य को निवेश के लिए सबसे उत्तम स्थान बनाता है।
गाजियाबाद घंटाघर मंडी में ठेला लगाने पर विवाद-मारपीट:व्यापारियों और फल विक्रेताओं में झड़प
गाजियाबाद के घंटाघर सब्जी मंडी में गुरुवार को ठेला लगाकर फल बेचने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। यह कहासुनी जल्द ही मारपीट में बदल गई, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह घटना थाना कोतवाली नगर क्षेत्र की है। बताया जा रहा है कि बुजुर्ग फल विक्रेता शकील पिछले लगभग 50 वर्षों से इसी मंडी में ठेले पर फल बेचते हैं। उनके बेटे समीर और आसिफ भी इस काम में उनका सहयोग करते हैं। आरोप है कि जब वे ठेला लगाने पहुंचे, तो कुछ व्यापारियों ने इसका विरोध किया, जिसके बाद दोनों पक्षों में झड़प और मारपीट शुरू हो गई। वायरल वीडियो में कई लोग एक-दूसरे को धक्का देते और हाथापाई करते दिख रहे हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, करीब दो महीने पहले भी इसी स्थान को लेकर विवाद हुआ था। उस समय मामले का समाधान कर फल विक्रेताओं को दोबारा ठेला लगाने की अनुमति मिलने की बात सामने आई थी, लेकिन इसके बावजूद यह विवाद फिर से उत्पन्न हो गया। वहीं, दूसरे पक्ष यानी व्यापारियों का कहना है कि सड़क पर ठेला-पटरी लगने से अतिक्रमण होता है, जिससे बाजार में आने-जाने वाले लोगों को परेशानी होती है। व्यापारियों की शिकायत पर नगर निगम ने पहले पुलिस की मौजूदगी में सड़क से अतिक्रमण हटवाया था। उनका आरोप है कि दोबारा उसी जगह ठेला लगाने की कोशिश की गई, जिसके कारण विवाद बढ़ गया। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली नगर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराया। पुलिस ने बताया कि अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी हुई है।
जयपुर के डॉक्टर से 62 लाख रुपए की ठगी करने वाले गिरोह का साइबर क्राइम पुलिस ने खुलासा किया है और 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने शेयर मार्केट और IPO में निवेश के नाम पर मोटे मुनाफे का लालच देकर रुपए ठगे थे। गिरोह ने फर्जी कंपनी बनाकर देशभर में 50 करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी की और उस रकम को दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर कर लिया। गिरफ्तार आरोपी देवेंद्र शर्मा और निखिल लूथरा टेरापल्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर हैं और मूल रूप से दिल्ली के नजफगढ़ के रहने वाले हैं। जांच में सामने आया कि कंपनी के नाम पर वॉट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप के जरिए लोगों को निवेश के लिए फंसाते थे। देशभर में इस नेटवर्क के खिलाफ 250 से अधिक शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। जयपुर के डॉक्टर से की थी 61.77 लाख की ठगी ADG साइबर क्राइम वीके सिंह ने बताया- जयपुर निवासी डॉ. निखिल मेहता ने 23 जनवरी 2025 को साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि 'विकासा कैपिटल' नाम के फर्जी निवेश पोर्टल के जरिए IPO और अमेरिकी-भारतीय शेयर बाजार में निवेश पर भारी मुनाफे का लालच दिया गया। आरोपियों ने वॉट्सएप और टेलीग्राम के जरिए से फर्जी लिंक भेजकर मोबाइल में नकली एप इंस्टॉल करवाई। आरोपियों ने शुरुआत में मामूली मुनाफा दिखाकर भरोसा जीता। इसके बाद विभिन्न निवेश योजनाओं के नाम पर 61.77 लाख रुपए अलग-अलग फर्मों के खातों में जमा करा लिए। जब उसने रकम निकालने की कोशिश की तो विदेशी नियामक संस्था द्वारा खाता ब्लॉक होने का झूठा संदेश दिखाकर निकासी रोक दी गई। साइबर ठगी के लिए किया जाता था कंपनी का यूज ADG साइबर क्राइम वीके सिंह ने बताया- पूछताछ में आरोपियों ने कबूला कि उनकी कंपनी का इस्तेमाल साइबर ठगी से मिले रुपयों को विभिन्न खातों में ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था। जांच में सामने आया कि आरोपियों से जुड़े बैंक खातों को लेकर अब तक करीब 50 करोड़ रुपए की 40 शिकायतें और 10 से ज्यादा आपराधिक मामले विभिन्न राज्यों में दर्ज है। वहीं, साइबर क्राइम पोर्टल पर इस गिरोह के खिलाफ 250 से ज्यादा शिकायतें और देशभर में 50 से ज्यादा FIR दर्ज है। पुलिस का अनुमान है कि ठगी की वास्तविक रकम इससे कहीं ज्यादा हो सकती है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी वीके सिंह ने बताया- साइबर क्राइम थाना पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल सबूतों का विश्लेषण कर रही है। जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी की जाएगी।
दिल्ली सरकार ने राजधानी को देश का अग्रणी नवाचार और उद्यमिता केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए दिल्ली स्टार्टअप एवं इनक्यूबेशन नीति को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि अगले पांच वर्षों में इस नीति पर 400 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए जाएंगे। इसका उद्देश्य युवाओं को अपने विचारों को सफल स्टार्टअप में बदलने के लिए वित्तीय सहायता, मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध कराना है। गुरुवार को कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नीति युवाओं को नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनाने की दिशा में अहम पहल है। इसके तहत 11 राज्य विश्वविद्यालयों, 13 सरकारी वित्त पोषित कॉलेजों, पॉलिटेक्निक, आईटीआई और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में मजबूत नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया जाएगा। एकमुश्त वित्तीय सहायता देगी सरकार : रेखा गुप्ता सरकार पात्र संस्थानों में इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित करने और उन्हें सशक्त बनाने के लिए एकमुश्त वित्तीय सहायता देगी। साथ ही, इनके संचालन, मेंटरिंग, नेटवर्किंग और नवाचार गतिविधियों के लिए वार्षिक अनुदान भी उपलब्ध कराया जाएगा। स्टार्ट-अप्स को प्रोटोटाइप, प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट, उत्पाद विकास, बाजार परीक्षण और व्यवसायीकरण जैसे विभिन्न चरणों में माइलस्टोन आधारित सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को विशेषज्ञों का मार्गदर्शन, बौद्धिक संपदा से जुड़ी सहायता, प्रयोगशालाओं तक पहुंच और निवेशकों से जुड़ने के अवसर भी उपलब्ध होंगे। नीति के क्रियान्वयन की निगरानी स्टेट इन्क्यूबेशन पॉलिसी मॉनिटरिंग कमेटी (एसआईपीएमसी) करेगी। इसके अलावा, दिल्ली सरकार हर वर्ष ‘दिल्ली स्टार्टअप युवा महोत्सव’ का आयोजन करेगी, जिसमें स्टार्टअप, निवेशक, शिक्षण संस्थान और नीति निर्माता एक मंच पर आएंगे। स्टार्ट-अप नीति की प्रमुख बातें छात्रों के लिए दो बड़ी घोषणाएं
फिरोजपुर जिले के हल्का जीरा में आज दिनदहाड़े मेन बाजार में एक कपड़ा शोरूम पर 2 नकाबपोशों ने फायरिंग की। बताया जा रहा है कि बाइक पर सवार होकर आए 2 नकाबपोश फायरिंग के बाद फरार हो गए। साजन ने बताया कि वह अपनी दुकान पर काम कर रहा था तभी 2 नकाबपोशों ने गोली चला दी। पहले उन्हें ऐसे लगा कि जैसे बाइक का टायर फटा है। हालांकि शीशा टूटने पर उन्हें पता चला कि गोली चली है। बता दे कि उक्त कपड़ा व्यापारी का बड़ा शोरूम है, जिन्हें पहले भी फिरौती कॉल आ चुकी है । और उनके द्वारा इसकी शिकायत भी पुलिस ने की जा चुकी है। फिलहाल वाई फायरिंग मामले में पुलिस जांच में जुटी है । पुलिस अधिकारी जेएस ढिल्लों ने बताया कि वह घटना की जानकारी के बाद मौके का जायजा लिया गया है। जानकारी मिली है कि जीरा के बाजार में कपड़ा व्यापारी की दुकान के बाहर बाइक पर 2 युवक आए थे। वह वारदात के बाद फरार हो गए हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। पुलिस ने सीसीटीवी खंगाले इस संबंध में फिलहाल हालात का जायजा लेने के बाद अब उनके द्वारा विशेष पुलिस टीम बना दी गई है । हालांकि पुलिस द्वारा इलाके के सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले जा रहे है ताकि आरोपी फायरिंग करने के बाद कहां और किस दिशा की ओर गए है।
भोपाल के 10 नंबर मार्केट व्यापारी महासंघ ने गुरुवार को सांसद आलोक शर्मा को ज्ञापन सौंपा। जिसमें 10 नंबर मार्केट एवं अरेरा कॉलोनी मुख्य मार्ग क्षेत्र में मिक्स लैंड यूज लागू करने की मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि वर्ष 2005 के बाद से भोपाल विकास योजना का नया मास्टर प्लान लागू नहीं होने के कारण व्यापारियों को व्यावसायिक भूखंड उपलब्ध नहीं हो सके। जिससे उन्हें वर्षों से आवासीय भवनों में ही व्यापार संचालित करना पड़ रहा है। महासंघ के अध्यक्ष आनंद सोनी ने बताया, क्षेत्र के व्यापारी नगर निगम को नियमित रूप से कमर्शियल टैक्स, मध्य प्रदेश बिजली वितरण कंपनी को व्यावसायिक दरों पर बिजली शुल्क और नगर निगम से प्राप्त कमर्शियल लाइसेंस का शुल्क जमा कर रहे हैं। बावजूद सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में आवासीय भूखंडों पर संचालित व्यावसायिक गतिविधियों को बंद करने के नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इससे हजारों व्यापारियों और कर्मचारियों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो सकता है। वहीं शासन के राजस्व पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। ज्ञापन में सांसद से मांग की गई कि 10 नंबर मार्केट एवं अरेरा कॉलोनी के मुख्य मार्ग क्षेत्र में मिक्स लैंड यूज लागू कराने, नए मास्टर प्लान में आवश्यक संशोधन कराने और व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए शासन स्तर पर प्रभावी पहल की जाए। महासंघ के संरक्षक ओमप्रकाश साहू, कन्हैयालाल नैमानी, संजय सोनी, मनोज सिंह, भीक मुरारीलाल तलरेजा, किशन बाधवानी और संजय मल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष आतम तलरेजा, मुकेश जैन, प्रदीप गुप्ता, मुकेश अग्रवाल आदि मौजूद थे। भेल की जमीन का आवंटन नहीं होइधर, भेल की जमीन को लेकर भी मामला सुर्खियों में आ गया है। श्रमिक नेता दीपक गुप्ता ने कहा कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) को केवल सड़क चौड़ीकरण के लिए जगह दी गई, न कि अन्य किसी निर्माण के लिए। भेल की जमीन पर सबसे पहला अधिकार यहां के कार्य करने वाले कर्मचारियों ओर अधिकारियों का है। यदि किसी भी भूमि का आवंटन किया जाता है तो यहां के कर्मचारी आंदोलन करेंगे। बता दें कि इस मामले में भले प्रबंधन ने भी पिछले दिनों एनएचएआई को पत्र लिखा था।
टेडी बगिया-शहादरा सड़क निर्माण से धूल-कीचड़:व्यापारी और आम जनता बदहाल सड़क से परेशान
आगरा के टेडी बगिया से शहादरा तक सीएम ग्रिड योजना के तहत चल रहे निर्माण कार्य ने व्यापारियों और आम जनता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सड़क की बदहाली के कारण बारिश में कीचड़ और धूप में धूल के गुबार उड़ते रहते हैं, जिससे जनजीवन और व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। स्थानीय व्यापारियों के अनुसार, सड़क पर जलभराव और कीचड़ के कारण ग्राहक दुकानों पर आने से कतरा रहे हैं। मौसम साफ होने पर सुबह से रात तक उड़ने वाली धूल दुकानों के अंदर तक पहुंच जाती है, जिससे सामान खराब हो रहा है और ग्राहकों को भी असुविधा हो रही है। व्यापारियों का दावा है कि सड़क की इस खराब स्थिति के कारण उनका कारोबार लगभग आधा रह गया है। क्षेत्रीय लोगों और दुकानदारों ने बताया कि बारिश के मौसम से पहले ही एक तरफ की सड़क खोद दी गई थी, जिससे भारी और हल्के वाहनों का दबाव दूसरी तरफ बढ़ गया है। बरसात में पानी भरने से गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे दोपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं। यह समस्या बार-बार की जा रही खुदाई के कारण उत्पन्न हुई है। पहले नाला बनाने के लिए सर्विस रोड खोदी गई, फिर सीवर लाइन डालने के लिए और अब पानी की पाइपलाइन डालने के लिए इसे फिर से खोदा जा रहा है। व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग की है ताकि इन समस्याओं से जल्द छुटकारा मिल सके। उन्होंने यह भी कहा है कि संबंधित कंपनी और नगर निगम को एक तरफ की सड़क के गड्ढे भरवाने चाहिए ताकि हादसों का खतरा कम हो। इसके साथ ही, निर्माण स्थल पर पानी का छिड़काव किया जाना चाहिए ताकि धूल न उड़े।
जयपुर के स्टार्टअप 'द एक्सेसिबल नेशन' को देश के प्रतिष्ठित कमयाब ग्रांट्स 2026 के चार विजेता स्टार्टअप्स में शामिल किया गया है। इस उपलब्धि के तहत स्टार्टअप को 5 लाख रुपए का इक्विटी-फ्री अनुदान प्रदान किया गया है। कमयाब ग्रांट्स 2026 के लिए देशभर के 25 से अधिक राज्यों और 100 से ज्यादा शहरों से 300 से अधिक स्टार्टअप्स ने आवेदन किया था। कई चरणों में चली चयन प्रक्रिया में नवाचार, सामाजिक प्रभाव, समस्या समाधान क्षमता, विस्तार की संभावना और दीर्घकालिक स्थिरता जैसे मानकों पर स्टार्टअप्स का मूल्यांकन किया गया। इन सभी कसौटियों पर खरा उतरते हुए जयपुर के 'द एक्सेसिबल नेशन' ने अपनी मजबूत पहचान बनाई। उद्यमी सुनील चौधरी की ओर से स्थापित 'द एक्सेसिबल नेशन' का उद्देश्य तकनीक को हर व्यक्ति के लिए सरल और सुलभ बनाना है। यह प्लेटफॉर्म विशेष रूप से दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों और डिजिटल तकनीक के सीमित ज्ञान रखने वाले लोगों के लिए विकसित किया गया है, ताकि वे बैंकिंग, सरकारी सेवाओं, स्वास्थ्य सुविधाओं, शिक्षा और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग बिना किसी बाधा के कर सकें। स्टार्टअप की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें एक्सेसिबिलिटी (सुगम्यता) को किसी अतिरिक्त फीचर के रूप में नहीं, बल्कि पूरी तकनीकी प्रणाली की मूल अवधारणा के रूप में शामिल किया गया है। इससे ऐसे उपयोगकर्ताओं को भी स्वतंत्र और सुरक्षित डिजिटल अनुभव मिल सकेगा, जो सामान्य डिजिटल प्लेटफॉर्म का आसानी से उपयोग नहीं कर पाते। डिजिटल भारत को समावेशी बनाने की पहल चयन समिति के अनुसार, 'द एक्सेसिबल नेशन' केवल तकनीकी उत्पाद विकसित नहीं कर रहा, बल्कि देश के सामने मौजूद एक महत्वपूर्ण सामाजिक चुनौती का समाधान प्रस्तुत कर रहा है। जैसे-जैसे भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था का विस्तार हो रहा है, वैसे-वैसे यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि समाज का कोई भी वर्ग तकनीकी विकास से वंचित न रहे। 'कमयाब ग्रांट्स' हम होंगे कामयाब फाउंडेशन की पहल है, जिसका उद्देश्य ऐसे स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करना है जो सामाजिक समस्याओं के व्यावहारिक समाधान विकसित कर रहे हैं। आर्थिक सहायता के साथ चयनित स्टार्टअप्स को अनुभवी उद्यमियों की मेंटोरशिप, विशेषज्ञों का मार्गदर्शन, नेटवर्किंग और विभिन्न संस्थानों के साथ सहयोग के अवसर भी दिए जाते हैं। 'द एक्सेसिबल नेशन' को अब 1300 से अधिक स्कूलों और विश्वविद्यालयों के नेटवर्क के साथ संभावित सहयोग, राष्ट्रीय स्तर पर दृश्यता और अनुभवी उद्यमियों के मार्गदर्शन का लाभ भी मिलेगा। इससे स्टार्टअप अपने समाधान को देशभर में और अधिक प्रभावी ढंग से लागू कर सकेगा। इस अवसर पर उद्यमी एवं निवेशक अजय गुप्ता ने कहा कि किसी भी तकनीकी नवाचार की सफलता उसकी जटिलता से नहीं, बल्कि उससे बदलने वाले जीवन से तय होती है। उन्होंने कहा कि 'द एक्सेसिबल नेशन' ने इसलिए प्रभावित किया क्योंकि यह उन लोगों की वास्तविक समस्या का समाधान प्रस्तुत करता है, जिन्हें अक्सर डिजिटल विकास की मुख्यधारा में पर्याप्त स्थान नहीं मिल पाता। उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसे नवाचार भारत को अधिक समावेशी, सुलभ और समान अवसरों वाला समाज बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
इंदौर के लसूड़िया क्षेत्र में कपड़ा व्यापारी पर दो से ज्यादा बदमाशों ने हमला कर दिया। व्यापारी ने दिन में दुकान के बाहर हो रहे विवाद में बीच-बचाव किया था। आरोप है कि रात में घर लौटते समय रेलवे अंडरब्रिज के पास बदमाशों ने उसे घेरकर हमला कर दिया। घायल व्यापारी को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दिन में कराया था बीच-बचाव लसूड़िया थाना पुलिस के मुताबिक गौरी नगर निवासी शुभम यादव की शिकायत पर विनय और उसके साथियों के खिलाफ मारपीट और धारदार हथियार से हमला करने का मामला दर्ज किया गया है। शुभम ने पुलिस को बताया कि उसकी सिंगापुर टाउनशिप में रेडीमेड कपड़ों की दुकान है। बुधवार शाम दुकान के बाहर विनय और उसके साथी कुछ युवकों से विवाद कर रहे थे। इस दौरान उसने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया था। घर लौटते समय घेरकर किया हमला शुभम ने बताया कि रात में दुकान बंद कर वह स्कूटर से घर लौट रहा था। रेलवे अंडरब्रिज के पास विनय और उसके साथी पहले से उसका इंतजार कर रहे थे। आरोपियों ने उसका रास्ता रोककर अचानक हमला कर दिया। जान बचाने के लिए शुभम स्कूटर छोड़कर सड़क पर दौड़ पड़ा और मदद के लिए आवाज लगाने लगा। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। इसी दौरान शुभम गिर गया। लोगों ने उसे निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस कर रही आरोपियों की तलाश पुलिस ने घायल के बयान दर्ज कर लिए हैं। आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी गई है।
शास्त्रीनगर में सेटबैक प्रकरण में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आंदोलन के बीच गुरुवार को धरना स्थल पर आपातकालीन बैठक बुलाई गई है।इस बैठक में योजना संख्या-7, शास्त्री नगर, जागृति विहार और माधवपुरम के व्यापारी व स्थानीय नागरिक शामिल होंगे। बैठक का आह्वान आंदोलन से जुड़े व्यापारियों की ओर से किया गया है। आयोजकों का कहना है कि बैठक में आंदोलन की आगे की रणनीति, कानूनी लड़ाई और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आगामी कदमों पर चर्चा कर निर्णय लिया जाएगा।अब व्यापारियों ने सवाल उठाया गया है कि जब फांसी जैसी सजा तक बदली जा सकती है, तो जनहित में सेटबैक नियमों पर पुनर्विचार क्यों नहीं किया जा सकता। साथ ही हमारा अधिकार हमें चाहिए, एकता ही हमारी शक्ति, सेटबैक नियम पर पुनर्विचार करो और हम लड़ेंगे, जीतेंगे जैसे नारों के जरिए लोगों से आंदोलन में सक्रिय भागीदारी की अपील की गई है। गौरतलब है कि शास्त्री नगर सहित आवास विकास परिषद की कई योजनाओं में सेटबैक और व्यावसायिक उपयोग को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। इस मामले को लेकर व्यापारी लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं और नियमों में राहत की मांग कर रहे हैं। ऐसे में गुरुवार की बैठक को आंदोलन की आगामी दिशा तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आईआईटी के सबसे कठिन कोर्स से निकले इस युवा ने बनाया AI स्टार्टअप, एक दिन में कमाए 77 करोड़ रुपये
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) को दुनिया भर में बेहतरीन इंजीनियर और इनोवेटर्स देने के लिए जाना जाता है, लेकिन हाल ही में एक आईआईटीयन ने सफलता की जो नई इबारत लिखी है, उसने पूरे टेक जगत को हैरान कर दिया है। आईआईटी से सबसे मुश्किल माने जाने वाले कोर्स की पढ़ाई पूरी करने के बाद इस युवा इंजीनियर ने नौकरी की पारंपरिक राह छोड़ने का फैसला किया। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में कदम रखते हुए अपना खुद का स्टार्टअप शुरू किया और हाल ही में उनकी कंपनी ने एक ही दिन के भीतर 77 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड तोड़ कमाई (Revenue) दर्ज की है। इस ऐतिहासिक कामयाबी ने भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम में एक नया बेंचमार्क स्थापित कर दिया है।आईआईटी का वो सबसे मुश्किल कोर्स और लीक से हटकर सोचने का जज्बाआईआईटी में दाखिला लेना अपने आप में एक बड़ी चुनौती है, लेकिन उसके भीतर भी कुछ ब्रांच और कोर्स जैसे कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग या एडवांस्ड डेटा साइंस को सबसे कठिन और कड़ा माना जाता है। इस युवा उद्यमी ने उसी चुनौतीपूर्ण शैक्षणिक माहौल में न केवल खुद को साबित किया, बल्कि एआई और मशीन लर्निंग की बारीकियों को भी गहराई से समझा। जहां अधिकांश छात्र पढ़ाई पूरी करते ही करोड़ों के पैकेज वाली विदेशी नौकरियों का रुख करते हैं, वहीं इन्होंने भारत में रहकर अपनी खुद की तकनीक और कंपनी खड़ी करने का जोखिम भरा लेकिन दूरदर्शी फैसला लिया।एआई स्टार्टअप की वो अनूठी तकनीक जिसने रातों-रात बदल दी किस्मतइस स्टार्टअप की अभूतपूर्व सफलता के पीछे एक ऐसा एआई-संचालित सॉफ़्टवेयर या समाधान (AI Solution) है, जिसने वैश्विक स्तर पर बड़ी कंपनियों की एक बहुत बड़ी और जटिल समस्या को चुटकियों में हल कर दिया है। चाहे वह ऑटोमेशन हो, डेटा एनालिटिक्स हो या फिर प्रेडिक्टिव कोडिंग; इस स्टार्टअप की तकनीक को बाजार में हाथों-हाथ लिया गया। हाल ही में हुए एक बड़े अंतरराष्ट्रीय करार या फंडिंग राउंड और प्रोडक्ट लॉन्च के चलते कंपनी के पास ऑर्डर्स की बाढ़ आ गई, जिसके परिणामस्वरूप महज 24 घंटे के भीतर कंपनी का रेवेन्यू ग्राफ 77 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया।भारतीय टेक और स्टार्टअप जगत के लिए क्यों है यह एक बड़ी मिसाल?यह सफलता की कहानी भारत के उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है जो तकनीकी क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं। यह साबित करता है कि अगर आपके पास सही हुनर, मजबूत शैक्षणिक आधार और आधुनिक तकनीक जैसे जनरेटिव एआई (Generative AI) की समझ है, तो आप भारत की धरती से भी वैश्विक स्तर का बिजनेस खड़ा कर सकते हैं। टेक विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाला समय पूरी तरह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का है, और भारतीय आईआईटीयंस इस वैश्विक एआई क्रांति (AI Revolution) का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
टेंट व्यापारी के 16 साल के बेटे की हत्या कर दी गई। उसके सिर पर गंभीर चोट के निशान हैं। शुरुआती जांच में मामला आपसी रंजिश या दोस्तों के बीच विवाद का लग रहा है। यह मामला अलवर के सदर थाना क्षेत्र के भूगोर का है। शव शहर से करीब 45 किमी दूर नौगांवा और नेवाड़ी के बीच एक फार्म हाउस की दीवार के पास पहाड़ी पर मिला है। 14 जुलाई को गुमशुदगी की रिपोर्ट दी थी तुषार कुमार की गुमशुदगी की शिकायत परिवार वाले 14 जुलाई को ही सदर थाने में दे दी थी। तुषार के मामा विनीत कुमार भूगोर में रहते हैं। तुषार अपने मामा के घर रहकर पढ़ाई करता था। वह 11वीं का स्टूडेंट था। तुषार का घर नौगांवा के तसई इंदिरा कॉलोनी में है। विनीत ने बताया- तुषार 14 जुलाई को भूगोर इलाके से अपने कुछ दोस्तों के साथ अचानक गायब हो गया था। काफी तलाश करने के बाद भी जब उसका कोई सुराग नहीं लगा, तो पुलिस को खबर दी। 15 जुलाई को तुषार का शव नौगांवा के पास पहाड़ियों में एक फॉर्म हाउस के बगल में मिला। तुषार के सिर पर गंभीर चोट के निशान हैं। आशंका जताई जा रही है कि उसके सिर पर वार कर हत्या की गई और शव को फेंक दिया गया। तुषार कुमार अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। कॉल डिटेल के आधार पर 2 दोस्त हिरासत में गुमशुदगी दर्ज होने के बाद सदर थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुषार के मोबाइल की कॉल डिटेल (CDR) खंगाली। कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस ने उन दोस्तों को चिन्हित किया, जो आखिरी वक्त में तुषार के साथ थे। परिजनों ने दोस्तों पर शक जताया है। इसके बाद पुलिस ने दोनों दोस्तों को हिरासत में लिया है। इनसे पूछताछ चल रही है। हर एंगल से की जा रही है जांच सदर थाना पुलिस के मुताबिक, शव का पोस्टमॉर्टम कराया जा चुका है। पुलिस मामले की हर एंगल से पड़ताल कर रही है। -- यह खबर भी पढ़िए… पड़ोसियों ने की 80 साल के व्यापारी की हत्या, रोज अंकल-अंकल कहते थे, चोरी करने घुसे अलवर शहर में बदमाशों ने घर में घुसकर व्यापारी की हत्या कर दी। उनके हाथ-पैर बांधकर मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। इसके बाद घर से करीब डेढ़-दो लाख रुपए लूटकर फरार हो गए। (पूरी खबर पढ़ें)
सोनीपत में सुरक्षित, शांतिपूर्ण और अपराधमुक्त माहौल तैयार करने के लिए पुलिस और व्यापारियों के बीच आपसी विश्वास का एक नया सेतु तैयार हुआ है। पुलिस आयुक्त ममता सिंह (IPS, ADGP) के निर्देशानुसार, शहर की कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए पुलिस प्रशासन अब हर महीने व्यापारियों के साथ सीधी बातचीत करेगा। इसी मुहिम के तहत बुधवार, 15 जुलाई को सिटी थाना परिसर में एक महत्वपूर्ण संवाद बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें पुलिस और व्यापारी प्रतिनिधियों ने मिलकर शहर की सुरक्षा का रोडमैप तैयार किया। सुरक्षा और सहयोग के लिए एक मंच पर आए अधिकारी और व्यापारी सहायक पुलिस आयुक्त (ACP City-2) निधि नैन की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में सिटी थाना प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार सहित कई पुलिसकर्मी मौजूद रहे। वहीं, व्यापारियों की ओर से जिला व्यापार मंडल सोनीपत के प्रधान संजय सिंगला, वरिष्ठ उपप्रधान रामनारायण गोयल, शहरी कार्यकारी प्रधान पवन तनेजा और केमिस्ट एसोसिएशन के सुरेश कादियान सहित भारी संख्या में प्रमुख व्यापारी प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य पुलिस और व्यापारियों के बीच आपसी समन्वय को बेहतर करना था। बाजारों की सुरक्षा और अतिक्रमण पर व्यापारियों ने रखे सुझाव बैठक के दौरान व्यापारी प्रतिनिधियों ने शहर की सुरक्षा और व्यवस्था से जुड़े कई अहम मुद्दे उठाए। व्यापारियों ने प्रमुख रूप से चिंताओं और सुझावों को साझा किया गया… पुलिस ओर जनता एक दूसरे के साझीदार : निधि नैनएसीपी सिटी-2 निधि नैन ने मीटिंग में कहा कि “पुलिस और जनता एक-दूसरे की साझेदार हैं। समाज के सहयोग के बिना कानून व्यवस्था को प्रभावी नहीं बनाया जा सकता। व्यापारियों द्वारा उठाए गए हर मुद्दे पर गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी और अब हर महीने यह संवाद बैठक होगी ताकि समस्याओं का समय पर समाधान हो सके।” व्यापार मंडल ने दिया पूर्ण सहयोग का आश्वासन सोनीपत पुलिस की इस अनूठी पहल का स्वागत करते हुए जिला व्यापार मंडल के प्रधान संजय सिंगला ने कहा कि पुलिस और समाज के बीच इस तरह के निरंतर संवाद से आपसी विश्वास मजबूत होता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि व्यापार मंडल शहर को सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने के हर पुलिस अभियान में प्रशासन का कंधा से कंधा मिलाकर सहयोग करेगा। यह बैठक बेहद सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई, जहां दोनों पक्षों ने एक सुर में माना कि नियमित संवाद और जनभागीदारी से ही सोनीपत को अपराधमुक्त और सुरक्षित बनाया जा सकता है।
बिलासपुर के व्यापार विहार रोड स्थित अमरॉन रॉयल ऑटोमोटिव में जीएसटी विभाग और छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने संयुक्त कार्रवाई की है। टीम ने लाखों रुपए कीमती प्रयुक्त लेड-एसिड बैटरियों से भरे एक ट्रक को जब्त कर लिया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि बैटरियों को आवश्यक अनुमति और वैधानिक दस्तावेजों के बिना नागपुर भेजने की तैयारी की जा रही थी। संयुक्त टीम ने मौके पर ट्रक, पुरानी बैटरियों और परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से जांच की। अधिकारियों के अनुसार शुरुआती जांच में कई अनियमितताएं सामने आने पर ट्रक को मौके पर ही जब्त कर लिया गया। बताया जा रहा है कि गणेश साहू नामक व्यक्ति बैटरियों को नागपुर भेजने की तैयारी में था। उससे पूछताछ की जा रही है और पूरे मामले की कड़ियां खंगाली जा रही हैं। एसिडयुक्त पानी नाले में बहाने की शिकायत कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि पुरानी बैटरियों से निकलने वाला एसिडयुक्त पानी खुले नाले में बहाया जा रहा था। इससे पर्यावरण और आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पर्यावरण विभाग ने प्रदूषण संबंधी पहलुओं की भी विस्तृत जांच शुरू कर दी है। जीएसटी विभाग खंगाल रहा खरीदी-बिक्री का रिकॉर्ड जीएसटी विभाग बैटरी स्क्रैप की खरीदी-बिक्री, स्टॉक और परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रहा है। कार्रवाई के दौरान स्क्रैप सामग्री भी जब्त की गई है। अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि प्रयुक्त बैटरियां कहां से लाई गई थीं। इन्हें नागपुर भेजने का निर्देश किसने दिया और पूरे कारोबार में कर संबंधी नियमों के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण से जुड़े प्रावधानों का पालन किया गया था या नहीं। फिलहाल, मामले की जांच जारी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित विभागों द्वारा आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
बुलंदशहर में व्यापारी की बेटी के अपहरण के बाद उत्पन्न तनावपूर्ण माहौल को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई से शांत कर दिया। एसपी देहात एवं आईपीएस अंतरिक्ष जैन के नेतृत्व में पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर अपहृत युवती को सकुशल बरामद कर लिया। युवती की बरामदगी के साथ ही इलाके में बढ़ता जनाक्रोश शांत हो गया और संभावित सांप्रदायिक तनाव टल गया। जहाँगीराबाद के एक व्यापारी की बेटी के अपहरण का आरोप दूसरे समुदाय के एक युवक पर लगाया गया था। घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों में भारी नाराजगी फैल गई। मामला दो समुदायों से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने इसे अत्यंत संवेदनशील मानते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की। चार नामजद, आठ टीमों को सौंपी गई जिम्मेदारी मामले में पूर्व सभासद के बेटे समेत चार लोगों के खिलाफ अपहरण का नामजद मुकदमा दर्ज किया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसपी देहात अंतरिक्ष जैन ने स्वयं अभियान की कमान संभाली और युवती की तलाश के लिए आठ विशेष पुलिस टीमों का गठन किया। टीमों को शहर और आसपास के संभावित ठिकानों पर तुरंत रवाना किया गया। 200 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले पुलिस टीमों ने शहर और बाहरी मार्गों पर लगे 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी सर्विलांस और सीसीटीवी से मिले इनपुट के आधार पर पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर युवती को सकुशल बरामद कर लिया। बरामदगी के बाद सामान्य हुआ माहौल युवती के सुरक्षित मिलने की सूचना मिलते ही व्यापारियों और स्थानीय लोगों का आक्रोश शांत हो गया। पुलिस ने पूरे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखी और किसी भी अप्रिय स्थिति को पैदा नहीं होने दिया। एसपी देहात बोले- आरोपियों पर होगी सख्त कार्रवाई एसपी देहात अंतरिक्ष जैन ने बताया कि मामला बेहद संवेदनशील था। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और त्वरित कार्रवाई के बल पर युवती को 24 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है और आरोपियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस की इस सक्रियता की स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने सराहना की है।
सहारनपुर में बुधवार को शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर हर महीने 5.5 प्रतिशत मुनाफा दिलाने का झांसा देकर 27 लाख रुपए हड़पने का मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि रकम वापस मांगने पर आरोपियों ने तमंचा दिखाकर जान से मारने की धमकी दी, मूल एग्रीमेंट छीन लिया और जातिसूचक शब्द कहकर अपमानित किया। विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) के आदेश पर थाना कुतुबशेर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शामली के दयानंद नगर निवासी दीपक कुमार ने अदालत में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह अनुसूचित जाति से हैं। उनका परिचय दोस्त अभिषेक सैनी के माध्यम से रुड़की निवासी दिनेश कुमार से हुआ था। दिनेश ने खुद को इंटरनेशनल शेयर मार्केट का कारोबारी बताते हुए 27 लाख रुपए निवेश करने पर हर महीने 5.5 प्रतिशत मुनाफा देने का दावा किया। उसने रकम सुरक्षित होने का भरोसा देते हुए पोस्ट डेटेड चेक और लिखित एग्रीमेंट देने की बात कही। शिकायत के मुताबिक, 7 दिसंबर 2024 को दीपक ने 10-12 लोगों से उधार लेकर 27 लाख रुपए नगद सहारनपुर तहसील में दिनेश को दिए। उसी दिन 50 रुपए के स्टांप पर नोटरीयुक्त एग्रीमेंट तैयार किया गया, जिस पर गवाह के रूप में अभिषेक सैनी के हस्ताक्षर भी हैं। आरोपी ने पंजाब नेशनल बैंक की लक्सर शाखा के चार पोस्ट डेटेड चेक दिए और अग्रिम मुनाफे के रूप में 10 हजार रुपए खाते में भेजे। पीड़ित का दावा है कि एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर के फोटो और वीडियो भी उसके पास मौजूद हैं। आरोप है कि इसके बाद करीब डेढ़ साल तक आरोपी मुनाफा और मूल रकम लौटाने के नाम पर टालमटोल करता रहा। बाद में 25 अप्रैल 2026 को रकम लौटाने का आश्वासन दिया गया। पीड़ित के अनुसार, तय स्थान पर पहुंचने पर दिनेश कुमार, उसके जीजा अनूप सिंह, शेर सिंह और दो अन्य लोग कार से आए। पैसे मांगने पर आरोपियों ने तमंचा दिखाकर धमकाया और 7 दिसंबर 2024 का मूल एग्रीमेंट जबरन छीन लिया। दीपक का आरोप है कि आरोपियों ने जातिसूचक शब्द कहकर उसका अपमान किया और कार्रवाई करने पर जान से मारने की धमकी दी। थाना कुतुबशेर में रिपोर्ट दर्ज नहीं होने पर उसने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया, जिसके आदेश पर पुलिस ने दिनेश कुमार, अनूप सिंह, शेर सिंह और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
'आत्मनिर्भर भारत': केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 'यूरिया-2026' के लिए राष्ट्रीय निवेश नीति को मंजूरी दी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने बुधवार को आत्मनिर्भर भारत के लिए यूरिया-2026 (एनआईपीयू-2026) के लिए राष्ट्रीय निवेश नीति के उर्वरक विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में इसकी जानकारी दी।
बैतूल के गंज थाना क्षेत्र में किराना व्यापारी से लूट के प्रयास के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर की सूचना के आधार पर इस वारदात का खुलासा किया। यह घटना 1 जुलाई की रात रामकृष्ण बगिया के पास हुई थी। दिलबहार चौक स्थित किराना दुकान के संचालक अपने पिता के साथ अलग-अलग स्कूटी से घर लौट रहे थे। तभी मोटरसाइकिल पर सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने उन्हें रोका। आरोपियों ने व्यापारी की आंखों में मिर्च पाउडर फेंका और चाकू दिखाकर स्कूटी में रखा बैग लूटने का प्रयास किया। हालांकि, बैग में नकदी न मिलने और व्यापारी के पिता द्वारा शोर मचाने पर बदमाश मौके से फरार हो गए। यह वारदात पुलिस कंट्रोल रूम, एसपी कार्यालय और पुलिस लाइन से कुछ ही दूरी पर हुई थी, जिसके कारण यह मामला काफी चर्चा में रहा। घटना के बाद कांग्रेस नेता अम्बरदीप बुनकर सहित कई लोग मौके पर पहुंचे थे, जिन्होंने बदमाशों का पीछा भी किया था। पुलिस ने घटनास्थल और शहर के कई सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में आरोपी वारदात के बाद भागते हुए और एक टोल प्लाजा से गुजरते हुए कैद हुए थे। इन साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची। जांच अधिकारी उप निरीक्षक उत्तम मस्तकार ने टीआई नीरज पाल के नेतृत्व में कार्रवाई की। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर की सूचना के आधार पर नर्मदापुरम निवासी अरुण पिता भुजंग महार (25) को हिरासत में लिया। पूछताछ में अरुण ने अपने साथी के साथ वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। इस मामले में दूसरा आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस दोनों आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाल रही है, ताकि यह पता चल सके कि वे पहले भी ऐसी वारदातों में शामिल रहे हैं या नहीं।
कासगंज पुलिस ने आगामी कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित संपन्न कराने के उद्देश्य से शहर में पैदल गश्त और फ्लैग मार्च किया। यह कार्रवाई बुधवार, 15 जुलाई 2026 को प्रभारी निरीक्षक कोतवाली कासगंज के नेतृत्व में पर्याप्त पुलिस बल के साथ की गई। फ्लैग मार्च बिलराम गेट, बारहद्वारी, सोरों गेट, चामुंडा मंदिर, ठंडी सड़क, बस स्टैंड, माल गोदाम चौराहा, गांधी मूर्ति, सर्राफा मार्केट और नदराई गेट सहित कांवड़ यात्रा के प्रमुख मार्गों तथा मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों से होकर गुजरा। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया। पुलिस अधिकारियों ने आम नागरिकों और व्यापारियों से संवाद किया। उन्होंने लोगों से शांति एवं सौहार्द बनाए रखने की अपील की और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया। प्रभारी निरीक्षक ने व्यापारियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को सुना और उन्हें सुरक्षा का आश्वासन दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिस पूरी तरह सतर्क रहेगी और कानून-व्यवस्था भंग करने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की इस पहल का उद्देश्य जनता में विश्वास कायम करना, असामाजिक तत्वों पर निगरानी रखना और कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराना है। जिला पुलिस ने सभी नागरिकों से प्रशासन का सहयोग करने और आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की बिक्री पर कड़ा रुख अपनाया है। न्यायालय ने राज्य सरकार को यह पता लगाने का निर्देश दिया है कि क्या ई-कॉमर्स और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से इसका कारोबार किया जा रहा है। यदि ऑनलाइन बिक्री पाई जाती है, तो उसके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजन राय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने अधिवक्ता मोतीलाल यादव की जनहित याचिका और उससे संबद्ध अन्य याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान दिया। सुनवाई के दौरान, याचिकाकर्ता ने न्यायालय को बताया कि प्रतिबंध के बावजूद चाइनीज मांझा विभिन्न ऑनलाइन पोर्टलों पर आसानी से उपलब्ध है। इस दावे के समर्थन में मीडिया रिपोर्टों का भी हवाला दिया गया। इस पर न्यायालय ने सरकारी अधिवक्ता को निर्देश दिया कि ऑनलाइन बिक्री के आरोपों की जांच कर अगली सुनवाई में विस्तृत रिपोर्ट पेश की जाए। मामले की सुनवाई के दौरान, न्यायालय के पूर्व आदेश के अनुपालन में कई वरिष्ठ अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित हुए। इनमें पुलिस महानिदेशक, अपर मुख्य सचिव (गृह), प्रमुख सचिव (राज्य कर), प्रमुख सचिव (पर्यावरण) और अपर मुख्य सचिव (इन्फ्रा एवं औद्योगिक विकास) शामिल थे। इससे पहले, राज्य सरकार ने न्यायालय को सूचित किया था कि चाइनीज मांझे के निर्माण, बिक्री और उपयोग पर प्रभावी रोक लगाने के लिए 'उत्तर प्रदेश घातक मांझा (निर्माण, विक्रय एवं उपयोग का प्रतिषेध) अधिनियम' लाने की प्रक्रिया चल रही है। प्रस्तावित कानून में चाइनीज मांझे से घायल होने या मृत्यु होने की स्थिति में पीड़ितों या उनके आश्रितों को मुआवजा देने का प्रावधान भी शामिल करने का प्रस्ताव है।
मंदसौर स्थित विश्व प्रसिद्ध अष्टमुखी भगवान पशुपतिनाथ मंदिर की दान पेटियों को बुधवार को खोला गया। पहले दिन की गणना में 24 लाख 2 हजार 450 रुपये नकद प्राप्त हुए हैं। दान पेटियों से विदेशी मुद्रा और सोने-चांदी के आभूषण भी मिले हैं। मंदिर प्रबंधन समिति ने बताया कि दान राशि की गणना पारदर्शी प्रक्रिया के तहत की गई। सुबह से शुरू हुई यह गणना देर शाम तक चली। शेष दान राशि की गणना गुरुवार को पूरी की जाएगी। दान पेटियों से ब्राजील और नेपाल सहित विभिन्न देशों की विदेशी मुद्राएं भी प्राप्त हुई हैं। विदेशी मुद्रा की प्राप्ति से यह स्पष्ट होता है कि बाबा पशुपतिनाथ मंदिर में देश के साथ-साथ विदेशों से भी श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। विदेशी मुद्रा की विस्तृत गणना गुरुवार को की जाएगी। विश्व प्रसिद्ध अष्टमुखी भगवान पशुपतिनाथ मंदिर देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र बन रहा है। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या मंदिर की दान राशि में वृद्धि का संकेत है, जो बाबा पशुपतिनाथ के प्रति गहरी आस्था को दर्शाता है।
भारत-ब्रिटेन के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के बाद रोहतक से फास्टनर्स की पहली निर्यात शिपमेंट आज यूपीएस से ब्रिटेन के लिए रवाना की गई। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) के अधिकारियों एवं यूपीएस के अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर ऑर्डर को रवाना किया। डीजीएफटी की सहायक निदेशक हेमलता हेड़ाऊ, सहायक निदेशक हीरा लाला, अनुभाग प्रमुख योगेंद्र मीणा ने कहा कि भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता भारतीय विनिर्माण और निर्यात क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इससे विशेष रूप से एमएसएमई एवं विनिर्माण उद्योगों को वैश्विक बाजारों में नई संभावनाएं प्राप्त होंगी और भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता अधिक सशक्त होगी। समझौते से उद्योगों को निर्यात बढ़ाने का मिलेगा अवसरयोगेंद्र मीणा ने कहा कि इस समझौते से हरियाणा सहित पूरे देश के उद्योगों को निर्यात बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर मिलेगा। फास्टनर उद्योग के लिए यह एक नए युग की शुरुआत है, जो मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत और भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने के राष्ट्रीय संकल्प को मजबूती प्रदान करेगा। हरियाणा से पहली फास्टनर्स निर्यात शिपमेंट रवाना यूपीएस के निदेशक अमित जैन ने कहा कि कंपनी के लिए यह अत्यंत गौरव का क्षण है कि भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते के बाद हरियाणा से पहली फास्टनर्स निर्यात शिपमेंट ब्रिटेन के लिए रवाना की जा रही है। यह समझौता भारतीय उद्योगों के लिए नए व्यापारिक अवसरों के द्वार खोलेगा और देश के निर्यात को नई गति प्रदान करेगा। आत्मनिर्भर भारत की दिशा में साबित होगा मील का पत्थरअनुभाग प्रमुख योगेंद्र मीणा ने हरी झंडी दिखाकर फास्टनर्स की पहली निर्यात शिपमेंट को ब्रिटेन के लिए रवाना किया और इस उपलब्धि को भारतीय उद्योग, निर्यात क्षेत्र और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया। योगेंद्र मीणा ने कहा कि आने वाले समय में निश्चित तौर पर निर्यात में बढ़ावा होगा।
बस्ती में उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के बैनर तले व्यापारियों ने बुधवार दोपहर 12 बजे बिजली विभाग की नीतियों के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चार सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। यह प्रदर्शन प्रदेश अध्यक्ष लोकेश अग्रवाल के आह्वान पर जिलाध्यक्ष राकेश सिंह के नेतृत्व में हुआ। बड़ी संख्या में व्यापारी राजकीय इंटर कॉलेज परिसर में एकत्र हुए। यहां से उन्होंने मोटरसाइकिल जुलूस निकाला, जो गांधीनगर होते हुए झंडा तिराहा पहुंचा। इसके बाद व्यापारी पैदल मार्च करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग की नीतियां लाखों उपभोक्ताओं और व्यापारियों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डाल रही हैं। उन्होंने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप कर जनहित में राहत प्रदान करने की मांग की। मंडल अध्यक्ष डॉ. हरिमूर्ति सिंह, मंडल महामंत्री रत्नाकर श्रीवास्तव और संगठन महामंत्री किशन सिंह ने प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने 47 लाख उपभोक्ताओं पर बढ़ाए गए विद्युत लोड के निर्णय को वापस लेने की मांग की। साथ ही, बिजली मीटर की कीमत 700 रुपये से बढ़ाकर 5300 रुपये किए जाने के फैसले को भी रद्द करने की मांग की गई। अन्य मांगों में बिजली बिलों पर लगाए गए 10 प्रतिशत फ्यूल सरचार्ज को समाप्त करना और उपभोक्ताओं से ली जा रही अतिरिक्त सिक्योरिटी राशि की वसूली तत्काल रोकने की मांग शामिल थी। जिलाध्यक्ष राकेश सिंह ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया, तो प्रदेशव्यापी आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संगठन व्यापारियों और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करने को तैयार है। इस प्रदर्शन में जिला महामंत्री आलोक दुबे, भारत राम 'बबलू' अग्रहरी, नगर अध्यक्ष राणा महेंद्र प्रताप, कमलेश चौधरी, कुलदीप श्रीवास्तव, वंदना वर्मा सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी, व्यापारी और नागरिक मौजूद रहे।
इंदौर की सराफा पुलिस ने लाखों रुपए की साइबर ठगी के मामले में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस के मुताबिक फ्रूट व्यापारी के मोबाइल पर पेटीएम सस्पेंड होने का मैसेज आया। इसके बाद उन्होंने ऐप अपडेट किया तो उनका अकाउंट हैक हो गया और करीब 3.92 लाख रुपए निकाल लिए गए। पुलिस मामले की जांच कर रही है। नोटिफिकेशन में बताया पेटीएम सस्पेंड सराफा पुलिस के अनुसार, विद्याचल कॉलोनी निवासी कल्पेश जैन की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। कल्पेश ने बताया कि वे हुकुमचंद मार्ग पर फ्रूट का कारोबार करते हैं। 2 जून को उनके मोबाइल पर एक नोटिफिकेशन आया, जिसमें पेटीएम सस्पेंड होने की जानकारी दी गई थी। इसके कुछ देर बाद दूसरा नोटिफिकेशन आया, जिसमें पेटीएम अपडेट करने का विकल्प था। उन्होंने ऐप अपडेट किया, जिसके बाद मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। दोबारा चालू करने पर पेटीएम ऐप नहीं खुला। पेमेंट किया तो पता चला लिमिट खत्म 5 जून को उन्होंने एक ग्राहक को पेमेंट करने की कोशिश की तो पता चला कि ट्रांजेक्शन लिमिट समाप्त हो चुकी है। बैंक जाकर जानकारी लेने पर पता चला कि 2 जून से 5 जून के बीच उनके अकाउंट से आधा दर्जन से अधिक ट्रांजेक्शन के जरिए 3 लाख 92 हजार रुपए निकाल लिए गए। इसके बाद पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की जांच के बाद सराफा पुलिस ने मंगलवार को मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
थोक महंगाई को लेकर कांग्रेस का केंद्र पर हमला, जयराम रमेश बोले- देश आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहा
जून में WPI महंगाई बढ़ने के बाद कांग्रेस ने मोदी सरकार पर निशाना साधा। जयराम रमेश ने बढ़ती महंगाई, कृषि संकट और उद्योगों पर बढ़ती लागत को लेकर सरकार से जवाब मांगा।
पानीपत जिले में मालपुर किसान मजदूर यूनियन के सदस्यों ने डाहर टोल प्लाजा पर इकट्ठा होकर भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध किया। किसानों ने पानीपत के जिला उपायुक्त को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें केंद्र सरकार से इस व्यापार समझौते को रद्द करने की मांग की गई। इस अवसर पर मालपुर किसान मजदूर यूनियन के अध्यक्ष सोनू मालपुरिया ने कहा कि भारत सरकार अमेरिका के साथ जिस व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने वाली है, वह छोटे किसानों, व्यापारियों, पशुपालन और पोल्ट्री उद्योगों सहित अन्य छोटे कामगारों को खत्म कर देगा। देश के छोटे किसानों-मजदूरों को खत्म कर देगी ड्रेड डील- सोनू मालपुरिया ने तर्क दिया कि जिस तरह जियो कंपनी ने शुरुआत में मुफ्त सेवाएं देकर अन्य कंपनियों को बाजार से बाहर कर दिया और बाद में कीमतें बढ़ा दीं, उसी तरह यह ट्रेड डील भी देश के छोटे किसानों, मजदूरों, पोल्ट्री और पशुपालन उद्योगों को खत्म कर देगी। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि इसके बाद अमेरिकी उत्पाद भारतीय बाजार में महंगे दामों पर बेचे जाएंगे, जिससे आम गरीब और मध्यम वर्ग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। यूनियन ने सरकार से इस डील को तत्काल रद्द करने की मांग की है, चेतावनी दी कि ऐसा न होने पर किसान आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
बैतूल पुलिस ने 1.93 करोड़ रुपए के ऑनलाइन निवेश घोटाले में फरार चल रहे आरोपी योगेश कुमार साहू को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी करीब डेढ़ साल से फरार था। उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। रिमांड के दौरान पुलिस उसे छत्तीसगढ़ ले जाकर पूछताछ करेगी। आरोपी का वीडियो भी सामने आया है। यह मामला 9 फरवरी 2025 को सामने आया था। गंज क्षेत्र के भग्गूढाना निवासी कुलदीप राठौर ने बैतूल बाजार थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने 'रोबोट्रेड' नाम के ऑनलाइन ट्रेडिंग ऐप के जरिए निवेश पर ज्यादा मुनाफा देने का झांसा दिया था। निवेश के नाम पर रुपए लिए और निकालने पर रोक लगा दीशुरुआत में ऐप पर निवेश बढ़ता हुआ और मुनाफा मिलता हुआ दिखाया गया। इससे निवेशकों का भरोसा जीत लिया गया। इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों में करोड़ों रुपए जमा कराए गए। जब पीड़ित ने अपनी रकम निकालने की कोशिश की तो निकासी रोक दी गई। बाद में आरोपियों से संपर्क भी टूट गया। तब करीब 1.93 करोड़ रुपए की ठगी का पता चला। पुलिस ने इस मामले में धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी और आईटी एक्ट की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान मुख्य आरोपी मिलन राठौर को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। उस पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित था। इसके अलावा पंकज उर्फ ज्ञानप्रकाश साहू को भी गिरफ्तार किया गया था। अब पुलिस ने फरार आरोपी योगेश कुमार साहू (35), निवासी पामवुड रेसिडेंसी, कातुलबोर्ड, जिला दुर्ग (छत्तीसगढ़) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, वह इस पूरे नेटवर्क की अहम कड़ी है। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी को छत्तीसगढ़ ले जाकर बैंक खातों, डिजिटल डिवाइस, पैसों के लेनदेन और अन्य संभावित आरोपियों के बारे में पूछताछ की जाएगी। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि ठगी की रकम किन खातों में भेजी गई और उसका इस्तेमाल कहां किया गया।
छत से गिरकर मूंगफली व्यापारी की मौत:आधी रात हादसा, मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर ने मृत घोषित किया
हरदोई जिले के लोनार कोतवाली क्षेत्र के बावन कस्बे में एक मूंगफली व्यापारी की आधी रात को छत से गिरकर मौत हो गई। गंभीर हालत में परिजनों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टर ने बुधवार तड़के 3:10 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान 50 वर्षीय धनीराम के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र के सुरजीपुर के निवासी थे। वह लोनार कोतवाली क्षेत्र के बावन कस्बे के मुजाजपुर मोहल्ले में अपने परिवार के साथ रहते थे और कस्बे में ही मूंगफली का व्यापार करते थे। धनीराम के बड़े बेटे नागेंद्र ने बताया कि मंगलवार रात पूरा परिवार खाना खाकर मकान की पहली मंजिल की छत पर सोने गया था। धनीराम छत पर गली की ओर किनारे सो रहे थे। आशंका है कि रात में नींद के दौरान करवट लेते समय वह असंतुलित होकर सीधे नीचे सड़क पर जा गिरे, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। घटना का पता तब चला जब धनीराम की सबसे छोटी बेटी रागिनी रात में लघुशंका के लिए उठी। उसने बिस्तर पर पिता को नहीं पाया और अपनी मां श्रीदेवी को जगाया। परिजनों ने घर के अंदर तलाश करने के बाद बाहर देखा, तो धनीराम गली में लहूलुहान और अचेत अवस्था में पड़े मिले। परिजन तुरंत उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बावन ले गए। वहां से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान बुधवार तड़के डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। धनीराम अपने पीछे पत्नी, दो बेटे और तीन बेटियों का परिवार छोड़ गए हैं। शहर कोतवाल संजय त्यागी ने बताया कि शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर बुधवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित हो रहा है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा पहले चाचा-भतीजे की जोड़ी वसूली पर निकल जाते थे। प्रदेश में सुरक्षा का माहौल नहीं था। बेटियां और व्यापारी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करते थे, लेकिन आज उत्तर प्रदेश सुरक्षित होने के साथ युवाओं को रोजगार और सम्मान देने वाला प्रदेश बन रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 'कौशल से स्वावलंबन, स्वावलंबन से सम्मान' थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में कौशल विकास और रोजगार से जुड़ी कई नई पहल की शुरुआत की। साथ ही कौशल सारथी और कौशल सेतु डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया और 400 युवाओं को सम्मानित किया। 3 तस्वीरें देखिए… ……………. कार्यक्रम के पल-पल अपडेट्स के लिए नीचे लाइव व्लॉग से गुजर जाइए…
भारत-अमेरिका के प्रस्तावित व्यापार समझौते के विरोध में बुधवार को देशभर में बड़े स्तर पर मोटरसाइकिल मार्च निकाला जाएगा। किसान संगठनों ने इस मार्च के जरिए केंद्र सरकार के सामने अपना विरोध दर्ज कराने का ऐलान किया है। किसान संगठनों का कहना है कि यह समझौता किसानों, मजदूरों, छोटे व्यापारियों और आम लोगों के हितों के खिलाफ है। किसान मजदूर संघर्ष समिति के राज्य नेता सरवन सिंह पंधेर ने बताया कि देश बचाओ मोर्चा के आह्वान पर पूरे देश में मोटरसाइकिल मार्च आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन का उद्देश्य केंद्र सरकार तक यह संदेश पहुंचाना है कि देश का किसान और मजदूर वर्ग भारत-अमेरिका के प्रस्तावित व्यापार समझौते का विरोध करता है। पंजाब के 23 जिलों में मोटरसाइकिल मार्च निकाले जाएंगे पंधेर ने बताया कि पंजाब के सभी 23 जिलों में मोटरसाइकिल मार्च निकाले जाएंगे, जिनमें किसान मजदूर मोर्चा, संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक), आजाद किसान मोर्चा सहित कई किसान संगठन हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब के अलावा हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, दिल्ली और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में भी विरोध प्रदर्शन, मोटरसाइकिल मार्च और साइकिल रैलियां आयोजित की जाएंगी। कृषि उत्पादों के आयात की कोई आवश्यकता नहीं सरवन सिंह पंधेर ने दावा किया कि भारत कृषि उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भर देश है। उन्होंने कहा कि देश में अनाज, दालें, फल, सब्जियां, फूल और तिलहन समेत अधिकांश आवश्यक कृषि उत्पादों का पर्याप्त उत्पादन होता है। ऐसे में विदेशों से कृषि उत्पादों के आयात की कोई आवश्यकता नहीं है। भारत के अधिकांश किसान छोटी जोतों पर खेती करते हैं उन्होंने आशंका जताई कि यदि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता लागू होता है तो अमेरिकी कृषि उत्पाद कम या शून्य आयात शुल्क पर भारतीय बाजार में आ सकते हैं। उनका कहना है कि अमेरिका में किसानों और कृषि कंपनियों को भारी सरकारी सब्सिडी मिलती है, जबकि भारत के अधिकांश किसान छोटी जोतों पर खेती करते हैं। पंधेर के अनुसार, ऐसी स्थिति में भारतीय किसानों के लिए प्रतिस्पर्धा करना बेहद कठिन हो जाएगा, जिससे छोटे और मध्यम किसानों के साथ-साथ छोटे उद्योगों और व्यापारियों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। समझौता वापस न होने पर बड़े किसान आंदोलन की चेतावनी पंधेर ने देशवासियों से अपील की कि वे आज होने वाले मोटरसाइकिल मार्च में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर अपना समर्थन दें। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार ने प्रस्तावित व्यापार समझौते पर पुनर्विचार नहीं किया, तो किसान संगठन व्यापक आंदोलन का रास्ता अपनाने पर विचार करेंगे।
एफपीआई निवेश को वापस लाने में भारत का मजबूत आर्थिक आधार कर रहा मदद: एक्सपर्ट्स
नई दिल्ली, सरकार की ओर से डेट निवेश के टैक्स नियमों में किए गए बदलाव विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) को आकर्षित करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
मोदी के इंडोनेशिया दौरे से व्यापार-निवेश को नई उड़ान: इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स
जकार्ता/नई दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंडोनेशिया दौरे को लेकर वहां रह रहे भारतीय समुदाय और कारोबारी जगत में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।
निवेशकों को आकर्षित करने में सफल रहा अदाणी ग्रुप
अहमदाबाद, अदाणी ग्रुप वैश्विक संस्थागत निवेशकों और भारत के बड़े म्यूचुअल फंड्स को आकर्षित करने में सफल रहा है और यह ग्रुप को लेकर निवेशकों के सेंटीमेंट में स्पष्ट बदलाव को दिखाता है।
नई दिल्ली, भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में जून में गतिविधियों में वृद्धि देखी गई है, जिससे मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई 54.2 पर रहा है। यह जानकारी एचएसबीसी फ्लैश इंडिया पीएमआई डेटा में बुधवार को दी गई।
ललित सुरजन की कलम से राजनीति बनाम व्यापार
'यह कहने की आवश्यकता नहीं है कि राजनीति और व्यापार दोनों किसी हद तक एक-दूसरे पर आश्रित हैं
मारुति सुजुकी ने जोड़े पांच स्टार्टअप्स, एआई और ऑपरेशनल को बनाएगी और स्मार्ट
नई दिल्ली, देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने सोमवार को घोषणा की कि उसने पांच स्टार्टअप्स को अपने साथ जोड़ा है।
दो वर्षों में बदली ओडिशा की तस्वीर: मोहन चरण माझी सरकार का विकास, सुशासन और निवेश मॉडल
जून 2024 में जब ओडिशा की जनता ने राज्य में पहली बार भारतीय जनता पार्टी को पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता सौंपी, तब यह केवल राजनीतिक परिवर्तन नहीं था, बल्कि विकास और सुशासन की नई अपेक्षाओं का जनादेश भी था।
सीतारमण का बड़ा बयान: विदेशी निवेश बढ़ने के लिए सरकार की नयी तैयारी
नई दिल्ली, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि सरकार देश में अधिक विदेशी पूंजी आकर्षित करने के लिए आगे भी कई कदम उठाएगी और बॉन्ड मार्केट के लिए हाल में घोषित उपाय इस दिशा में सिर्फ शुरुआत हैं।
निवेश की दुनिया में अक्सर लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि आखिर में अपनी गाढ़ी कमाई से बमुश्किल की जाने वाली बचत का रुपया-पैसा कहाँ लगाएं, जहां पर वह डूबे नहीं, बल्कि सुरक्षित भी रहे। ऐसे में आप अपना रुपया-पैसा पीपीएफ (Public Provident Fund) में लगाएं या एमएफ (Mutual Fund) में। क्योंकि सच यह है कि दोनों का उद्देश्य अलग-अलग है और सही समय पर सही विकल्प चुनना ही आपके लिए अधिक महत्वपूर्ण है। इसलिए आइए आज आपको बताते हैं कि कब पीपीएफ में निवेश करें और कब एमएफ में। पहले हम बात करते हैं कि पीपीएफ (PPF) में निवेश कब न करें? आपके लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि Public Provident Fund (PPF) उन लोगों के लिए बेहतर है जो अपनी पूंजी की सुरक्षा चाहते हैं। साथ ही एक निश्चित और जोखिम-मुक्त रिटर्न पसंद करते हैं। इसके अलावा, टैक्स भी बचाना चाहते हैं। और तो और, 15 वर्ष या उससे अधिक की लंबी अवधि के लिए निवेश कर सकते हैं। चूंकि इसका महत्वपूर्ण फंडा यह है कि PPF में हर महीने की 5 तारीख से पहले पैसा जमा करने पर उस महीने का ब्याज भी मिलता है। इसलिए यदि आप मासिक निवेश करते हैं तो 1 से 5 तारीख के बीच जमा करना अधिक फायदेमंद माना जाता है। इसे भी पढ़ें: FIR कराना हो जाएगा आसान, जब जानेंगे 2026 के कानून अब हम बात करते हैं कि Mutual Fund (MF) में कब निवेश करें? तो यह गांठ बांध लीजिए कि Mutual Fund उन निवेशकों के लिए बेहतर है जो महंगाई को मात देने वाला रिटर्न चाहते हैं। साथ ही लंबी अवधि (10-15 वर्ष या अधिक) के लिए निवेश कर सकते हैं। इसके अलावा, कुछ उतार-चढ़ाव (रिस्क) सहन कर सकते हैं। और तो और संपत्ति निर्माण (Wealth Creation) का लक्ष्य रखते हैं। चूंकि इसका महत्वपूर्ण फंडा यह है कि Mutual Fund में सही समय पकड़ने की बजाय SIP (Systematic Investment Plan) के जरिए नियमित निवेश करना अधिक प्रभावी माना जाता है। जो कि बाजार ऊपर हो या नीचे, SIP लागत को औसत कर देती है। सवाल है कि किसे चुनें? आपके निवेशक का लक्ष्य क्या है? आपके पास बेहतर विकल्प क्या है? आपकी पूंजी सुरक्षा कितनी है। चूंकि पीपीएफ से टैक्स बचत होती है, रिटायरमेंट के लिए सुरक्षित फंड रहता है और लंबी अवधि में अधिक रिटर्न रिटर्न मिलता है। जबकि म्युचुअल फंड धन सृजन (Wealth Creation) के लिए अच्छा है, बशर्ते कि आप संतुलित रणनीति अपनाएं। जहां तक PPF और Mutual Fund में सबसे असरदार रणनीति की बात है तो वित्तीय विशेषज्ञ अक्सर सलाह देते हैं कि निवेशक दोनों का संयोजन रखें। एक ओर सुरक्षा और टैक्स लाभ के लिए PPF अच्छा है तो संपत्ति निर्माण और महंगाई से आगे निकलने के लिए Equity Mutual Fund SIP बेहतर है। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई व्यक्ति हर महीने ₹10,000 निवेश करना चाहता है, तो वह ₹3,000–₹4,000 PPF में और शेष राशि अच्छे इक्विटी म्यूचुअल फंड की SIP में लगा सकता है। इससे सुरक्षा और वृद्धि दोनों का लाभ मिल सकता है। निष्कर्षतः यह कहा जा सकता है कि यदि आपका लक्ष्य पूंजी की सुरक्षा है तो PPF बेहतर है। और यदि आपका लक्ष्य लंबी अवधि में बड़ा धन बनाना है तो Mutual Fund अधिक उपयुक्त हो सकता है। वहीं, दोनों का संतुलित मिश्रण अधिकांश निवेशकों के लिए व्यावहारिक और प्रभावी रणनीति साबित हो सकता है। हाँ, यहां पर यह सदैव ध्यान रखें कि Mutual Fund बाजार जोखिमों के अधीन हैं, जबकि PPF अपेक्षाकृत सुरक्षित सरकारी योजना है। लिहाजा, निवेश का निर्णय अपनी आयु, लक्ष्य, जोखिम क्षमता और समयावधि को ध्यान में रखकर करें। - कमलेश पांडेय वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार
घरेलू सोने का उपयोग कर विदेशी मुद्रा बचाने की पेशकश
अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीयों से अपील की कि कम से कम एक साल के लिए भारत में सोने का आयात टाला जा सकता है, तो उन्होंने ऐसा उस बड़ी अनिश्चितता के संदर्भ में किया जिसका सामना देश कर रहा है।
भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप्स का आईएन-स्पेस ने चयन किया
नई दिल्ली, सरकारी एजेंसी इंडियन नेशनल स्पेस प्रमोशन एंड ऑथराइजेशन सेंटर (आईएन-स्पेस) ने गुरुवार को तीन भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप्स को अपने वित्तीय सहायता के लिए चुना है।
जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा से करोड़ों की ठगी, प्रॉपर्टी निवेश के नाम पर लिए 17 करोड़ रुपए
मायानगरी में धोखाधड़ी के किस्से अक्सर सामने आते रहते हैं। अब बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा जाफरी धोखाधड़ी का शिकार हो गई हैं। हबीबा जाफरी से संपत्ति निवेश के नाम पर करीब 17.5 करोड़ रुपए की ठगी की गई है।
भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते का वैश्विक अर्थ
युद्ध की आशंकाओं के बीच आशा का सेतुः वैश्विक परिदृश्य इन दिनों युद्ध की अनिश्चितताओं, तनावों और भू-राजनीतिक खींचतान से भरा हुआ है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान और महाशक्तियों के बीच प्रतिस्पर्धा ने विश्व अर्थव्यवस्था के सामने कई प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। ऐसे समय में भारत और न्यूजीलैंड के ... Read more
स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने 'स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0' (एफओएफ 2.0) लॉन्च किया
अमेज़न MGM स्टूडियोज ने अपनी नई फिल्म 'रफ्तार' की रिलीज डेट की घोषणा कर दी है। इस फिल्म में राजकुमार राव और कीर्ति सुरेश लीड रोल में नजर आने वाले हैं। आदित्य निंबालकर के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म को 'कांपा फिल्म' के बैनर तले पत्रलेखा ने प्रोड्यूस ...
काजोल ने किया रियल एस्टेट में निवेश, खरीदी इतने करोड़ की कमर्शियल प्रॉपर्टी
बॉलीवुड एक्ट्रेस काजोल ने इंडस्ट्री में एक अलग मुकाम हासिल किया है। काजोल भले ही फिल्मों में कम नजर आती हो, लेकिन वह सुर्खियों में बनी रहती हैं। काजोल ने अब एक्टिंग के साथ-साथ रियल एस्टेट में भी कदम रख दिया है। काजोल ने मुंबई के गोरेगांव वेस्ट ...
जानिए क्यों पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास पर है 2100 करोड़ रुपए निवेश
पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास अपने करियर के शानदार दौर से गुजर रहे हैं, और निर्विवाद रूप से अखिल भारतीय सुपरस्टार के रूप में अपनी जगह पक्की कर रहे हैं। बाहुबली, सलार, कल्कि 2898 एडी जैसी बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने वाली फिल्मों के साथ, उन्होंने भारतीय ...
'एक रात के 5 लाख' क्या इस महंगाई की वजह बने हैं विक्की कौशल और कैटरीना कैफ
राजस्थान अपने खूबसूरत किलों और महलों के लिए विश्वभर में जाना जाता है। कला और संस्कृति के इस अनूठे संगम, शाही ठाठ बाठ समेत राजपुताना वास्तुकला का आनंद उठाने दुनिया के कोने-कोने से पर्यटक यहां आते हैं..........
खतरों के खिलाड़ी सीजन 14 के कंटेस्टेंट अभिषेक कुमार जिन्होंने बिग बॉस 17 में अपने कार्यकाल से काफी लोकप्रियता हासिल की, अपने आकर्षक व्यक्तित्व से लोगों के दिलों पर राज कर रहे हैं। विवादित रियलिटी शो में उनकी भागीदारी ने उन्हें स्टार बना दिया और उन्हें रातोंरात सफलता दिलाई। अभिषेक जो वर्तमान में रोहित शेट्टी के शो खतरों के खिलाड़ी 14 में हैं, ने साझा किया कि वह एक प्रोडक्शन हाउस खोलना चाहते हैं। इसे भी पढ़ें: Kartik Aaryan का खुलासा, Pyaar Ka Punchnama की सफलता के बावजूद उनके पास ‘कोई ऑफर नहीं था, कोई पैसा नहीं था ईटाइम्स टीवी के साथ एक इंटरव्यू में, अभिषेक ने खुलासा किया कि वह भविष्य के लिए पैसे बचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता चाहते हैं कि वह मुंबई में एक घर खरीदें, लेकिन वह एक व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। अभिषेक ने कहा कि वह एक उद्यमी बनना चाहते हैं और उनके बड़े सपने हैं जिन्हें वह हासिल करना चाहते हैं। अभिषेक कुमार मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते इंटरव्यू में, अभिषेक ने कहा कि उन्होंने पैसे बर्बाद करना बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते क्योंकि शहर काफी महंगा है और कहा कि किराए पर रहना एक समझदारी भरा फैसला है। उन्होंने यहां तक कहा कि घर खरीदने में बड़ी रकम लगाने और फिर हर महीने लोन के रूप में बैंक को बड़ी EMI चुकाने का कोई मतलब नहीं है। इसे भी पढ़ें: Karan Johar को कोर्ट से मिली राहत, फिल्म Shaadi Ke Director Karan Aur Johar की रिलीज परह लगी रोक अभिषेक ने कहा कि वह अपना पैसा निवेश करना चाहते हैं और उस पर ब्याज पाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह रवि दुबे और सरगुन मेहता की तरह एक प्रोडक्शन हाउस स्थापित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि उनका परिवार चंडीगढ़ में घर खरीदे, लेकिन मुंबई में नहीं क्योंकि वे वहीं रह सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह पैसे बचाना चाहते हैं और कोई दूसरा व्यवसाय शुरू करने में निवेश कर सकते हैं। KKK 14 की बात करें तो शिल्पा शिंदे शो से बाहर हो गईं। एक यूट्यूब चैनल के अनुसार, सनी वरुण ने बात की, गश्मीर, करणवीर, अदिति और अभिषेक ने निष्कासन स्टंट किया।

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