देश में बढ़ती महंगाई और बढ़ते ईंधन दामों के खिलाफ कांग्रेस ने आज सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। पंजाब के जलालाबाद में शहीद उधम सिंह चौक के पास बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता एकत्र हुए और केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने खच्चर-रेहड़े पर बैठकर और गैस सिलेंडर साथ रखकर अनोखे तरीके से विरोध दर्ज कराया, जिससे माहौल काफी गरम हो गया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार लगातार एलपीजी, पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाकर आम जनता की कमर तोड़ रही है। इस मौके पर पूर्व मंत्री हंस राज जोसन ने कहा कि हाल ही में पांच राज्यों के चुनाव संपन्न होने के बाद सरकार ने तुरंत ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी कर दी, जिससे साफ है कि जनता को महंगाई के बोझ तले दबाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय अलग रुख और चुनाव के बाद अलग नीति अपनाकर सरकार आम लोगों के साथ अन्याय कर रही है। नगर कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप वहीं नगर कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष विकासदीप चौधरी ने भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान एलपीजी सिलेंडर की कीमत लगभग 400 रुपये थी, जो अब बढ़कर करीब 1000 रुपये तक पहुंच गई है। इसी तरह कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम भी लगभग 3000 रुपये तक पहुंच चुके हैं। पेट्रोल और डीजल के दामों में लगातार बढ़ोतरी से न सिर्फ परिवहन महंगा हुआ है, बल्कि रोजमर्रा की सभी वस्तुओं की कीमतों पर भी इसका सीधा असर पड़ा है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार बड़े कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचा रही है, जबकि आम नागरिक महंगाई की मार झेल रहा है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि एलपीजी, पेट्रोल और डीजल के दाम तुरंत कम किए जाएं ताकि आम जनता को राहत मिल सके। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि महंगाई पर रोक नहीं लगी तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा।
राजधानी रायपुर में क्रिप्टोकरेंसी में इन्वेस्ट कर मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर ठगी की गई है। ठगों ने अकाउंटेंट से अलग-अलग किश्तों में 16 लाख रुपए अपने खातों में ट्रांसफर करा ली। मामला विधानसभा थाना क्षेत्र का है। पीड़ित का नाम शंकर बोस है, जो सड्डू स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रहता है और पेशे से महालेखाकार कार्यालय में अकाउंटेंट है। उसने पुलिस को शिकायत में बताया कि 5 फरवरी 2026 को फेसबुक पर काव्या चौधरी नाम की युवती की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई थी। दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई, जो धीरे-धीरे बढ़ती गई। बातचीत के दौरान युवती ने खुद को क्रिप्टोकरेंसी निवेश की एक्सपर्ट बताया और कम समय में अधिक मुनाफा दिलाने का भरोसा दिलाया। सोशल मीडिया के जरिए जाल में फंसाया कुछ दिनों बाद शंकर बोस को व्हाट्सएप के माध्यम से हर्षद करवा नामक व्यक्ति से जोड़ा गया। आरोपी ने उन्हें Nincoin.com नामक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर निवेश करने की सलाह दी। शुरुआत में उनसे छोटी-छोटी रकम निवेश कराई गई और कुछ लाभ दिखाकर उनका भरोसा जीत लिया गया। इसके बाद आरोपियों ने सिक्योरिटी वेरिफिकेशन, कॉन्ट्रैक्ट प्रोसेसिंग और अन्य शुल्कों के नाम पर लगातार पैसे जमा कराए। 10 किश्तों में ट्रांसफर कराए 16 लाख 11 फरवरी से 18 मार्च 2026 के बीच पीड़ित ने आरोपियों के बताए अनुसार 10 किश्तों में अलग-अलग बैंक खातों और यूपीआई आईडी पर रकम ट्रांसफर की। इस दौरान उन्होंने कुल 16 लाख 7 हजार 106 रुपए आरोपियों के खातों में भेज दिए। जब शंकर बोस ने अपनी निवेश राशि और कथित मुनाफा निकालने का प्रयास किया, तो ठगों ने भुगतान जारी करने के लिए अतिरिक्त शुल्क जमा करने की मांग शुरू कर दी। इसके बाद उन्हें अपने साथ ठगी होने का एहसास हुआ। पीड़ित ने बताया कि आरोपियों के कहने पर उन्होंने कई बार बैंक से ऋण लेकर भी भुगतान किया। इसके चलते अब उन पर ईएमआई का भारी बोझ आ गया है। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी बेटी हृदय रोग से पीड़ित है और पत्नी का इलाज भी चल रहा है। विधानसभा पुलिस ने शुरू की जांच शिकायत के आधार पर विधानसभा थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) तथा आईटी एक्ट की धारा 66डी के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपियों तक पहुंचने के लिए बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, यूपीआई आईडी और ऑनलाइन लेनदेन की जांच कर रही है। साथ ही साइबर ठगी में इस्तेमाल किए गए डिजिटल माध्यमों और बैंकिंग ट्रेल की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया पर मिलने वाले निवेश संबंधी प्रस्तावों और अनजान व्यक्तियों की सलाह पर ऑनलाइन निवेश करने से बचने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि किसी भी निवेश से पहले संबंधित प्लेटफॉर्म और व्यक्ति की विश्वसनीयता की जांच जरूर करें, ताकि साइबर ठगी से बचा जा सके। क्या सावधानी बरतनी चाहिए
रायबरेली शहर कोतवाली क्षेत्र के सब्जी मंडी इलाके में देर रात एक कपड़े की दुकान में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई। आग की चपेट में आने से दुकान में रखा लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। सूचना मिलने पर दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। जानकारी के अनुसार, सब्जी मंडी क्षेत्र में रशीद अंसारी की कपड़ों की दुकान है। दुकान में बिक्री के लिए बड़ी मात्रा में कपड़े रखे गए थे। आग लगने से पूरा सामान जलकर नष्ट हो गया। इसके अलावा काउंटर पर रखे करीब 10 हजार रुपये नकद भी आग की भेंट चढ़ गए। रात 11 बजे मिली आग लगने की सूचना दुकान मालिक रशीद अंसारी ने बताया कि वह शनिवार रात करीब 9:30 बजे दुकान बंद कर घर चले गए थे। करीब 11 बजे पुलिस और स्थानीय लोगों ने उन्हें दुकान में आग लगने की सूचना दी। सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आग पूरी दुकान में फैल चुकी थी। दमकल कर्मी आग बुझाने में जुटे हुए थे। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया और आसपास की दुकानों तक आग फैलने से रोक दिया। पुलिस ने शुरू की जांच कोतवाली सदर थाना प्रभारी शिव शंकर सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही दमकल की टीम ने आग पर काबू पा लिया था। पीड़ित की तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस और संबंधित विभाग घटना के कारणों की जांच में जुटे हैं।
शेयर बाजार में निवेश के नाम पर 51 लाख की ठगी
भास्कर न्यूज | सोनीपत शहर में शेयर बाजार और क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर भारी मुनाफे का झांसा देकर 51 लाख रुपए की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। साइबर अपराधियों ने सुनियोजित साजिश के तहत शहर निवासी अनिल को अपने जाल में फंसाकर लाखों रुपए ऐंठ लिए। मामले का खुलासा होने पर पीड़ित ने साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में अनिल ने बताया कि कुछ समय पहले उसकी पहचान ऑनलाइन माध्यम से कुछ लोगों से हुई थी। आरोपियों ने उसे शेयर बाजार और क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कर कम समय में कई गुना मुनाफा कमाने का लालच दिया। शुरुआत में उन्होंने निवेश की गई छोटी राशि पर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कथित मुनाफा दिखाकर उसका विश्वास जीत लिया। इसके बाद ठगों ने लगातार अधिक रकम निवेश करने के लिए प्रेरित किया। उनके झांसे में आकर अनिल ने 10 अप्रैल से 13 मई के बीच विभिन्न बैंक खातों में कुल 51 लाख रुपये जमा करा दिए। जब उसने अपनी मूल राशि और मुनाफा निकालने का प्रयास किया तो आरोपियों ने टैक्स और तकनीकी समस्याओं का बहाना बनाकर भुगतान टालना शुरू कर दिया। बाद में सभी मोबाइल नंबर बंद मिलने और संपर्क टूटने पर उसे ठगी का अहसास हुआ। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर कृष्ण लाल मिड्ढा भिवानी पहुंचे और उन्होंने कहा कि भिवानी वालों का अलग प्रेम व मोहब्बत मिलती रहती है। इसके साथ ही महिला आरक्षण बिल को लेकर उन्होंने कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल के जरिए कांग्रेस व उसके सहयोगी दलों का चेहरा सामने आने का काम किया। जिस मां के गृभ से हमने जन्म लिया है, उन्हीं को लेकर हम मातृ शक्ति को महत्व देना चाहते थे। लेकिन कांग्रेस ने अपना चेहरा दिखाया और बिल गिराने का काम किया। अगर हम अपनी मां, बहन व बेटी का सम्मान नहीं कर सकते तो हमारे दिल में कोई जगह नहीं है। कांग्रेस को ऐसा ढकोसला नहीं करना चाहिए कि वह महिलाओं के प्रति सजग है। महिलाओं को महत्व केवल भाजपा दे रही है। इसका जवाब चुनाव में मिला। आज किसी को मारने के लिए बंदूक, गोली या तोब की जरूरत नहीं, मशीन के सामने का बटन दबाना है और आदमी मर जाएगा। इसका खामियाजा कांग्रेस को भुगतना पड़ेगा। महंगाई को बताया क्राइसिसमहंगाई बढ़ने, पेट्रोल-डीजल व गैस के दामों में हुई बढ़ोतरी पर कृष्ण लाल मिड्ढा ने कहा कि क्राइसिस केवल हिंदुस्तान में नहीं है। पूरे वर्ल्ड में हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तो लेट एडवाइजरी जारी कि लेकिन बहुत से देश पहले ही एडवाइजरी जारी कर चुके हैं। एक तरफ जहां भारत के प्रधानमंत्री लोगों से आह्वान कर रहे हैं कि सोना मत खरीदें, जबकि हमारे साथ आजाद हुए देश पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि आप खाद्य सामग्री मत खरीदे। युद्ध के चलते तेल को लेकर क्राइसिस है। समय-समय पर देश के प्रधानमंत्री ने ये बात कहने का काम किया। वह चाहे इंदिरा गांधी हो। उन्होंने भी कहा था कि सोने पर रोक लगाएं। अगर देश पर कोई विपदा आई तो हर प्रधानमंत्री ने एडवाइजरी जारी की, आज हमारे देश के पीएम ने जो बात कही है उसे सभी को मानना चाहिए। नीट पेपर लीक पर बोले- सरकार का फाल्ट नहींपंजाब में हाल ही में हुए निकाय चुनाव में आम आदमी पार्टी के अच्छे प्रदर्शन को लेकर कहा कि कृष्ण लाल मिड्ढा वहां उनकी वहां सरकार है। मजा तब है कि जब सरकार ना हो तो बनाकर देखिए। पश्चिम बंगाल में देखें। आने वाले समय में भाजपा सरकार बनाएगी। नीट पेपर लीक को लेकर विपक्षियों द्वारा घेरने पर कहा कि उनके समय में भी पेपर लीक हुए। इसमें कोई सरकार का फाल्ट नहीं हैं। इसको बनाने व करने वाले तो आप और हम ही हैं। हम इंसान हुए ही हैं। मानते हैं कि पेपर लीक हुआ है, लेकिन दोबारा नहीं होगा।
बैंकों में नो कैश के हालात, मंडियों में व्यापार ठप की नौबत
भास्कर संवाददाता| विदिशा जिले के बैंकों में इन दिनों नकदी का संकट गहराता जा रहा है। इस संकट ने न केवल आम बाजार की कमर तोड़ दी है, बल्कि कृषि उपज मंडी में भी हालात बिगड़ने लगे हैं। मंडी में व्यापारी किसानों की उपज खरीद तो रहे हैं, लेकिन उनके पास किसानों को तुरंत नकद भुगतान करने के लिए पैसे नहीं हैं। बैंकों ने अलग-अलग खातों पर कैश निकासी की कड़ी लिमिट लगा दी है। इस वजह से मंडी में किसानों और व्यापारियों के बीच विवाद की स्थिति बन रही है। मंडी में रोजाना 8 से 10 करोड़ की आवश्यकता है। व्यापारियों को महज 3 करोड़ की राशि ही मिल पा रही है। अनाज तिलहन संघ ने मंडी प्रशासन और अग्रणी (लीड) बैंक के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर तुरंत राहत की मांग की है। व्यापारियों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि यदि नकदी संकट के कारण मंडी की व्यवस्था बिगड़ती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मंडी प्रशासन की होगी। बैंकों को पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश : एक तरफ लीड बैंक मैनेजर ने सभी बैंक प्रबंधकों को पत्र लिखकर बाजार में फैल रही अफवाहों को रोकने के निर्देश दिए हैं। पर्याप्त कैश स्टॉक रखने के निर्देश भी दिए हैं। किसानों और व्यापारियों को नकदी निकासी के लिए मना न किया जाए। बाजार में नकदी का पर्याप्त स्टॉक रखा जाए। जमीनी हकीकत यह है कि बैंकों के पास खुद देने के लिए पर्याप्त कैश उपलब्ध नहीं है। सहकारी बैंक : 30,000 से अधिक की निकासी पर पूरी तरह प्रतिबंध। राष्ट्रीयकृत बैंक : खाते में जमा कुल राशि का केवल 50% ही एक बार में निकाल पा रहे हैं। निजी बैंक : कुल मांग का महज 60% से 70% कैश ही एक बार में दे पा रहे हैं। किसान और व्यापारी दोनों परेशान, मंडी ठप होने का डर अनाज तिलहन संघ के अध्यक्ष राधेश्याम माहेश्वरी ने बताया िक बैंकों ने नकदी निकासी की सीमा तय कर दी है। व्यापारी अपने ही खातों से अपना खुद का रुपया नहीं निकाल पा रहे हैं। जब व्यापारी के पास कैश ही नहीं होगा, तो वह किसानों से खरीदी कैसे करेगा? किसान फसल बेचने के बाद नकद पैसा मांगता है। वह अपना कर्ज और अन्य घरेलू जरूरतें पूरी करना चाहता है। हमने मंडी प्रशासन और लीड बैंक को इस गंभीर स्थिति से अवगत करा दिया है।
महंगाई के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, पुतला फूंक जताया विरोध
उदयपुर| पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और महंगाई के विरोध में उदयपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पारस तिराहे पर प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. विवेक कटारा के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन कर आक्रोश व्यक्त किया गया। डॉ. विवेक कटारा ने कहा कि पेट्रोल-डीजल और आवश्यक उपभोक्ता वस्तुओं की लगातार बढ़ती कीमतों ने आमजन का बजट बिगाड़ दिया है। किसान, मजदूर और मध्यम वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई के कारण लोगों की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल होता जा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से ईंधन की कीमतों पर नियंत्रण करने और आम जनता को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बढ़ती लागत का असर हर वर्ग पर पड़ रहा है और सरकार को इस दिशा में संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। प्रदर्शन में कांग्रेस के प्रभारी अरविंद डामोर सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि महंगाई पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मन की बात कार्यक्रम से देश को संबोधित करेंगे। ये रेडियो कार्यक्रम का 134वां एपिसोड होगा। इस दौरान पीएम मोदी विश्व तंबाकू निषेध दिवस, ईरान-इजराइल जंग, पेट्रोल-डीजल के रेट में बढ़ोत्तरी और बढ़ती महंगाई पर बता कर सकते हैं। मन की बात के 133वें एपिसोड में पीएम मोदी ने जनगणना का जिक्र किया था। पीएम ने कहा- जनगणना का अभियान दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना है। जो साथी पहले से इस तरह की प्रक्रिया से गुजरे हैं, इस बार जनगणना का उनका अनुभव, अलग होने वाला है। पीएम ने कहा- जिन राज्यों में स्व-गणना का काम पूरा हो गया है, वहां घरों की लिस्टिंग का काम जारी है। अब तक लगभग 1 करोड़ 20 लाख परिवारों के मकान की लिस्टिंग का काम पूरा भी हो चुका है। 'मन की बात' के पिछले 5 एपिसोड... 133वां एपिसोड: पीएम ने कहा कि हमारे देश में इस समय जनगणना का अभियान चल रहा है। यह दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना है। जो साथी पहले से इस तरह की प्रक्रिया से गुजरे हैं, इस बार जनगणना का उनका अनुभव, अलग होने वाला है। पूरी खबर पढ़ें… 132वां एपिसोड: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का जिक्र किया। पीएम ने कहा कि दुनिया में जंग चल रही है। पेट्रोल-डीजल का संकट पैदा हुआ है, लेकिन भारत इस चुनौती से निपट रहा है। पूरी खबर पढ़ें… 131वां एपिसोड: पीएम मोदी ने कहा कि दिल्ली में ग्लोबल AI इम्पेक्ट समिट के दौरान, कई देश के नेता, उद्योग जगत के लीडर्स, इनोवेटर, टेक कंपनी के दिग्गज जुटे। AI की मदद से प्राचीन ग्रंथों को, पांडुलिपि को संरक्षित कर रहे हैं। AI समिट में भारत की ताकत दुनिया के सामने आई। युवाओं में टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को लेकर उत्साह बढ़ रहा है। पूरी खबर पढ़ें… 130वां एपिसोड: आज भारतीय संस्कृति और त्योहारों की पहचान पूरी दुनिया में बन रही है। विदेशों में भी भारत के त्योहार बड़े उत्साह के साथ मनाए जाते हैं। विदेशों में रहने वाले भारतीय अपनी भाषा और संस्कृति को आगे बढ़ा रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें… 129वां एपिसोड: पीएम ने कहा- ICMR ने हाल ही में रिपोर्ट में बताया कि निमोनिया और UTI जैसी बीमारियों में दवाई कमजोर साबित हो रही हैं। इसकी वजह बिना सोचे दवा का सेवन हैं। आज कल लोग एंटी बायोटिक दवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। लोग सोचते हैं कि एक गोली ले लो बीमारी दूर हो जाएगी। पूरी खबर पढ़ें…
पीलीभीत के बिलसंडा में हुए व्यवसायी पप्पू गुप्ता हत्याकांड में पुलिस को शनिवार रात एक और सफलता मिली। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद वारदात में शामिल दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस दौरान दोनों तरफ से गोलीबारी हुई, जिसमें दो बदमाश और एक सिपाही घायल हो गए। थाना अध्यक्ष सिद्धांत शर्मा के अनुसार, शनिवार रात मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी की। खुद को घिरा देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में हत्या में शामिल आरोपी शिव और कुनाल के पैर में गोली लगी। बदमाशों की गोली से सिपाही जियाउल हक भी घायल हो गए। सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह हमला साइकिल कारोबारी पंकज कटियार को सबक सिखाने के लिए किया गया था। पंकज का अपनी पत्नी और ससुराल पक्ष से दहेज उत्पीड़न का मुकदमा चल रहा था। इसी रंजिश के चलते पंकज के ससुर रमेश चंद्र और साले विमल व सीतेश (शाहजहांपुर निवासी) ने लखीमपुर के उचौलिया निवासी शिवम के जरिए 20 हजार रुपये में भाड़े के शूटरों को तय किया था। गुरुवार शाम करीब पांच बजे तीन बाइकों पर सवार आठ हमलावरों ने पंकज की दुकान पर हमला किया था। उन्होंने लोहे की रॉड से पंकज पर वार किया। जब पड़ोस के कपड़ा व्यवसायी पप्पू गुप्ता पंकज को बचाने दौड़े, तो बदमाशों ने उनके सीने में गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस मामले में पुलिस पहले ही साजिशकर्ता ससुर रमेश चंद्र और उनके दो बेटों (सालों) समेत तीन आरोपियों को जेल भेज चुकी है। मुठभेड़ में घायल एक अन्य शूटर लकी का अस्पताल में इलाज चल रहा है। शनिवार रात शिव और कुनाल की गिरफ्तारी के बाद अब तक कुल छह आरोपी पकड़े जा चुके हैं।
रीवा शहर के धोबिया टंकी क्षेत्र के कपड़ा व्यापारी अरुण कुमार विश्वकर्मा पिछले 13 दिनों से लापता है। उनकी तलाश में पुलिस और एसडीआरएफ की टीम लगातार सिलपरा नहर में खोजबीन कर रही है। लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है। जानकारी के अनुसार अरुण कुमार विश्वकर्मा 18 मई की रात रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए थे। घटना के तीन दिन बाद बिछिया थाना पुलिस को सिलपरा नहर के किनारे उनकी बाइक और चप्पल लावारिस हालत में मिली थी, इसके बाद नहर में डूबने की आशंका को देखते हुए व्यापाक सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। पिछले 13 दिनों से पुलिस और एसडीआरएफ की टीम वोट एवं गोताखोरों की मदद से नहर के विभिन्न हिस्सों में तलाश कर रही है। खोज अभियान को आसान बनाने के लिए नहर का पानी दो बार बंद भी कराया गया। लेकिन व्यापारी का कोई पता नहीं चल सका। इधर परिजनों ने आरोप लगाया है कि शुरुआती दिनों में पुलिस और नहर विभाग की ओर से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। उनका कहना है कि यदि समय रहते पानी कम कराया जाता तो शायद कोई महत्वपूर्ण सुराग मिल सकता था। मामले में लगातार बढ़ती रहस्यात्मकता के बीच अब परिजन और स्थानीय लोग केवल नहर में डूबने की आशंका तक सीमित नहीं है। बल्कि अपहरण या अन्य किसी आपराधिक पहलू की जांच की भी मांग कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस मोबाइल लोकेशन कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और अन्य तकनीकी साक्ष्यो के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है। हालांकि 13 दिन बीत जाने के बाद भी व्यापारी का कोई सुराग नहीं मिलने से परिवार की चिंता और बढ़ गई है। एसडीआरएफ प्रभारी विकास पांडेय ने बताया कि 13 दिन की सर्चिंग के बाद हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि वो व्यक्ति सिलपरा नहर में नहीं है। पहले भी आशंका हुई थी लेकिन परिजनों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए सर्चिंग ऑपरेशन लगातार चला रहे थे। 21 तारीख से चल रही सर्चिंग में आज फिर सतना सीधी और शहडोल की टीम के साथ मिलकर अत्याधुनिक उपकरणों जैसे एक्वा आई सोनार आदि की मदद से भी सर्चिंग की गई। लेकिन पानी में शव होने के किसी प्रकार के ट्रेसस प्राप्त नहीं हुए इसलिए आज से सर्चिंग को बंद किया गया।
भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश भर के व्यापारियों, उद्यमियों, लघु एवं मध्यम उद्योगों और स्वरोजगार से जुड़े वर्गों की समस्याओं को शासन और प्रशासन के समक्ष मजबूती से रखा है। संगठन का मुख्य उद्देश्य व्यापारियों की दिक्कतों को दूर करना, व्यापारिक वातावरण को सरल बनाना और सरकार व व्यापार जगत के बीच संवाद स्थापित करना है। आज प्रेस वार्ता में जिला अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल किसी राजनीतिक स्वार्थ या पद के लिए काम नहीं करता, बल्कि पूरी तरह व्यापारी हितों को केंद्र में रखकर संघर्ष करता है। संगठन लगातार व्यापारियों की जटिल समस्याओं को विभागों के सामने उठा रहा है। वर्तमान में व्यापार जगत प्रशासनिक, तकनीकी और विभागीय चुनौतियों से जूझ रहा है। जीएसटी के पेचीदा नियम, विभागीय नोटिस, ई-वे बिल की दिक्कतें, मंडी परिषद, खाद्य सुरक्षा विभाग की कठिन शर्तें, साइबर अपराध और विभागों की जटिल कार्यप्रणाली व्यापारियों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। सोने के व्यापार पर पीएम की अपील से बाजार में छाई मंदीप्रधानमंत्री की अपील के बाद सोना बाजार में भारी मंदी आ गई है। काम-काज पूरी तरह ठप है। प्रेस वार्ता में बरेली सर्राफा व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजकुमार अग्रवाल सर्राफ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सोना न खरीदने की अपील पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस अपील के पीछे प्रधानमंत्री का क्या मकसद है, यह समझ से परे है। सरकार को व्यापारियों की व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि इस अपील के बाद बाजार का बुरा हाल है। राजकुमार अग्रवाल सर्राफ ने कहा कि इससे कारीगरों पर सबसे ज्यादा संकट आएगा। साथ ही व्यापारियों को बैंक लोन और ब्याज चुकाने में परेशानी होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के आदेश का पालन करना मजबूरी है, लेकिन साथ ही व्यापारिक समस्याओं का समाधान भी बेहद जरूरी है। व्यापारी महा संवाद एवं सम्मान समारोह का होगा आयोजनइन विषयों को लेकर भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल 28 जून 2026 को व्यापारी महा संवाद एवं सम्मान समारोह आयोजित कर रहा है। यह कार्यक्रम व्यापारियों, उद्यमियों व उद्योग जगत की समस्याओं को शासन स्तर तक पहुंचाने का प्रभावी मंच बनेगा। मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के स्वतंत्र प्रभार मंत्री, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग, अजीत पाल होंगे। उनके सामने खाद्य व्यवसाय से जुड़े व्यापारियों, रेस्टोरेंट संचालकों, किराना व्यापारियों, खाद्य उत्पाद निर्माताओं व लघु उद्यमियों की समस्याएं विस्तार से रखी जाएंगी। कार्यक्रम में भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के चेयरमैन उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम के उपाध्यक्ष नटवर गोयल और प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्रा विशिष्ट अतिथि होंगे। प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्रा ने सालों से प्रदेश के व्यापारियों, मंडी व्यापारियों, उद्योगपतियों की समस्याओं को शासन स्तर पर प्रभावी ढंग से उठाया है। वे राष्ट्रीय स्तर पर उत्पाद सेवा समिति से भी जुड़े हैं, जिससे उन्हें मंडी परिषद, कृषि उत्पाद विपणन और व्यापारिक नीतियों का गहरा अनुभव है। इस कार्यक्रम में मंडी परिषद, व्यापारियों पर आर्थिक प्रभाव, लघु उद्योगों की चुनौतियां, रोजगार सृजन व व्यापारिक विकास पर चर्चा होगी। संगठन इन मुद्दों के व्यावहारिक समाधान के लिए प्रयास करेगा। जीएसटी संवाद और साइबर सुरक्षा पर विशेष जागरूकताअनिल अग्रवाल ने बताया कि संगठन 7 जून दिन रविवार को विशेष जीएसटी संवाद कार्यक्रम करेगा। इसमें एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1, N L Soni जीएसटी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। इसका उद्देश्य व्यापारियों को जीएसटी नियमों की जानकारी देना, उनकी शंकाओं का समाधान करना और विभाग व व्यापारियों के बीच बेहतर तालमेल बनाना है। साथ ही साइबर सुरक्षा व अपराधों को लेकर विशेष जागरूकता कार्यक्रम होगा, जिसमें व्यापारियों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, डिजिटल भुगतान सुरक्षा, साइबर फ्रॉड से बचाव व तकनीकी सुरक्षा उपायों की जानकारी दी जाएगी। संगठन में नए पदाधिकारियों को मिली जिम्मेदारीप्रेस वार्ता में संगठन के विभिन्न पदों पर नए और युवा व्यापारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई। बरेली सर्राफा व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजकुमार अग्रवाल सर्राफ को मंडल अध्यक्ष बनाया गया। आलोक अग्रवाल को जिला सदस्य, संजय सिंह को महानगर कोषाध्यक्ष, रोनित सिंह पाराशरी को महानगर युवा अध्यक्ष, शिवम सिंह को महानगर युवा महामंत्री, समरान माधव महेश्वरी को युवा मंत्री, अमन जालान को महानगर मंत्री व पंकज पाल को युवा महानगर उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया। विशाल अरोरा को नगर उपाध्यक्ष, कर्मचारी नगर इकाई के राकेश दिवाकर को अध्यक्ष व अनूप जौहरी को महामंत्री बनाया गया। बटलर एसोसिएशन के अध्यक्ष कौशल कुमार झांझी को जिला वरिष्ठ महामंत्री और राज मिश्रा को महानगर वरिष्ठ महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई। व्यापारिक हितों की रक्षा का संकल्पसंगठन पदाधिकारियों ने कहा कि भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल किसी वर्ग, क्षेत्र या व्यापार तक सीमित नहीं है। यह छोटे दुकानदार, मध्यम व्यापारी, स्टार्टअप, लघु उद्योग और बड़े प्रतिष्ठानों के हितों के लिए काम करता है। संगठन ने संकल्प लिया कि प्रदेश के हर जिले में व्यापारी संवाद कार्यक्रम, अधिकारियों के साथ बैठकें, कानूनी जागरूकता शिविर, कर कार्यशालाएं व समस्याओं के समाधान के लिए अभियान चलाए जाएंगे। अंत में जिला अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने सभी व्यापारियों, उद्यमियों, उद्योगपतियों व युवा व्यवसायियों से संगठन के साथ जुड़कर मुहिम को मजबूत करने का आह्वान किया। इस मौके पर महानगर महामंत्री अनुज गुप्ता, जिला महामंत्री जसपाल सिंह बग्गा, पारस अग्रवाल, देवेंद्र पाल सिंह मोनू, हर्ष खंडेलवाल, अनूप जोहरी, राकेश दिवाकर, सुलभ अग्रवाल, राजीव गुप्ता सहित अन्य व्यापारी मौजूद रहे।
धमतरी में एक सर्राफा व्यापारी के साथ 70 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि पीडब्ल्यूडी विभाग में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी हेमंत सोनी बिक्री के लिए दिए गए सोने के जेवर लेकर फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला धमतरी शहर का है। शिकायतकर्ता सर्राफा व्यापारी जसराज जैन ने पुलिस को बताया कि आरोपी हेमंत सोनी के पिता चिंतामणि सोनी पिछले करीब 40 वर्षों से उनकी दुकान में कारीगर के रूप में कार्यरत थे। लंबे समय से पारिवारिक और कारोबारी संबंध होने के कारण हेमंत पर भी भरोसा किया जाता था और उसे ग्राहकों को दिखाने तथा बिक्री के लिए सोने के आभूषण दिए जाते थे। आरोपी 13 सोने के हार ले कर निकला वापस नहीं लौटा व्यापारी के अनुसार, फरवरी माह में दिए गए जेवरों में ही करीब 19 लाख रुपये का बकाया चल रहा था। इसके बाद 2 मार्च को हेमंत सोनी लगभग 51 लाख रुपये मूल्य के 13 सोने के हार बिक्री के लिए लेकर गया, लेकिन वह वापस नहीं लौटा। मोबाइल बंद कर हुआ फरार शिकायत में बताया गया है कि शुरुआती दिनों में आरोपी लगातार बहाने बनाता रहा और जल्द हिसाब करने की बात कहता रहा। बाद में उसने संपर्क करना बंद कर दिया और उसका मोबाइल फोन भी बंद हो गया। व्यापारी का आरोप है कि हेमंत सोनी कुल 70 लाख 1 हजार 603 रुपये मूल्य के सोने के जेवर और रकम लेकर फरार हो गया। आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज जसराज जैन की शिकायत के आधार पर धमतरी सिटी कोतवाली पुलिस ने आरोपी हेमंत सोनी के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पहले से दर्ज है गुमशुदगी एडिशनल एसपी शैलेंद्र पांडे ने बताया कि आरोपी हेमंत सोनी के संबंध में कोतवाली थाने में पहले से गुमशुदगी दर्ज है। वह लोक निर्माण विभाग (PWD) में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी के रूप में कार्यरत था। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है और आरोपी की तलाश जारी है। जांच के केंद्र में कई सवाल इस मामले में पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने जेवरों को कहीं बेचा है या गिरवी रखा है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि वह अकेले इस धोखाधड़ी में शामिल था या किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका रही है। करोड़ों के करीब पहुंचने वाली इस धोखाधड़ी ने शहर के सर्राफा कारोबारियों में भी चिंता बढ़ा दी है।
होशियारपुर में कांग्रेस पार्टी ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और महंगाई के विरोध में एक विशाल साइकिल रैली निकाली। पूर्व कैबिनेट मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा के नेतृत्व में यह प्रदर्शन केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ किया गया। इसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, पदाधिकारी और आम नागरिक शामिल हुए। रैली की शुरुआत होशियारपुर बस स्टैंड के पास एक पेट्रोल पंप से हुई, जहां बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एकत्र हुए। इसके बाद कार्यकर्ता साइकिलों पर सवार होकर श्री राम चौक, भगवान वाल्मीकि चौक, लव-कुश मार्ग, कश्मीरी बाजार, घंटाघर चौक, गौरा गेट और बहादुरपुर चौक से होते हुए शिमला पहाड़ी चौक पहुंचे। यहीं पर रैली का समापन किया गया। पूर्व कैबिनेट मंत्री ने केंद्र और राज्य सरकारों की आलोचना की इस अवसर पर जनसमूह को संबोधित करते हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा ने केंद्र और राज्य सरकारों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश की जनता बढ़ती महंगाई से परेशान है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार वृद्धि से परिवहन खर्च बढ़ गया है, जिसका सीधा असर खाद्य पदार्थों, घरेलू सामान और रोजमर्रा की वस्तुओं पर पड़ रहा है। अरोड़ा ने आरोप लगाया कि सरकारें जनता को राहत देने में विफल रही हैं। उन्होंने कहा कि गलत आर्थिक नीतियों और जनविरोधी फैसलों के कारण आज हर वर्ग परेशान है। बढ़ती महंगाई से लोगों का घरेलू बजट बिगड़ गया है और आम नागरिकों का जीवन कठिन हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा जनता की आवाज उठाती रही है और आगे भी आम लोगों के हितों के लिए संघर्ष जारी रखेगी। अरोड़ा ने चेतावनी दी कि यदि सरकारों ने महंगाई पर अंकुश लगाने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए, तो कांग्रेस पार्टी जनता के साथ मिलकर बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होगी।
पंजाब के लुधियाना जिले के जगराओं में आज कांग्रेस पार्टी ने पेट्रोल और डीजल की आसमान छूती कीमतों के खिलाफ एक बेहद अनोखा और आक्रामक प्रदर्शन किया। जगराओं की पुरानी दाना मंडी में एकत्रित होकर कांग्रेस कमेटी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पारंपरिक 'रेहड़ों' पर बैठकर एक विशाल रोष मार्च निकाला। इस दौरान कांग्रेसियों ने न केवल केंद्र सरकार बल्कि पंजाब की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की और दोनों सरकारों को आम जनता की जेब पर डाका डालने का जिम्मेदार ठहराया। कांग्रेसी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र और राज्य सरकार ने टैक्स कम करके पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर तुरंत राहत नहीं दी, तो यह आंदोलन सड़कों से लेकर विधानसभा तक और उग्र किया जाएगा। इस मौके पर पार्षद जतिंदरपाल राना, पूर्व पार्षद अमन कपूर बोबी, दोनों ब्लॉक प्रधान नवदीप सिंह व हरप्रीत सिंह, गोपाल शर्मा, तरुण मल्होत्रा और गौरव वर्मा समेत बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उपस्थित रहे। कृषि और उद्योगों पर दोहरी मार; खेती की लागत बढ़ी कांग्रेस नेताओं ने कहा कि ईंधन में बढ़ोतरी ने पंजाब के किसानों को संकट में डाल दिया है। खेती में इस्तेमाल होने वाले ट्रैक्टर, सिंचाई पंप और खाद-बीज की ढुलाई पूरी तरह डीजल पर निर्भर है, जिससे खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। लुधियाना के स्थानीय उद्योगों में भी उत्पादन और माल की आपूर्ति महंगी होने के कारण कंपनियों को अपने उत्पादों के दाम बढ़ाने पड़ रहे हैं, जिससे बाजार पूरी तरह मंदी और महंगाई की चपेट में है। स्कूल बस से लेकर ऑनलाइन डिलीवरी तक सब हुआ महंगा रोष मार्च में शामिल नेताओं ने बताया कि इस महंगाई का सबसे बड़ा और सीधा बोझ आम उपभोक्ता पर पड़ रहा है। आज के दौर में ऑटो-बस का किराया, दूध, फल-सब्जियों के दाम के साथ-साथ बच्चों की स्कूल बस की फीस और ऑनलाइन डिलीवरी जैसी आवश्यक सेवाएं भी महंगी हो चुकी हैं। पहले से ही घरेलू बजट बिगड़ा हुआ था और अब तेल व रसोई गैस की नई कीमतों ने जीना मुहाल कर दिया है। तेल की कीमतों ने तोड़ी आम आदमी की कमर: पूर्व विधायक जग्गा रोष प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक जगतार सिंह जग्गा ने कहा कि लगातार बढ़ती तेल कीमतों ने मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों की कमर तोड़कर रख दी है। पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने का सीधा और सबसे घातक असर देश की महंगाई दर पर पड़ता है, क्योंकि देश का परिवहन से लेकर औद्योगिक उत्पादन तक लगभग हर क्षेत्र पूरी तरह से ईंधन पर ही निर्भर है। डीजल महंगा होने से थाली से दूर हुआ राशन जगतार सिंह जग्गा ने कहा कि जब भी डीजल महंगा होता है, तो ट्रकों, बसों और माल ढुलाई (Logistics) का खर्च तुरंत बढ़ जाता है। इसका सीधा नतीजा यह होता है कि मंडियों में आने वाली सब्जियां, फल, दालें, राशन और रोजमर्रा के इस्तेमाल का हर जरूरी सामान आम आदमी की पहुंच से बाहर हो जाता है। सरकारों की गलत नीतियों का खामियाजा गृहिणियों को भुगतना पड़ रहा है।
बढ़ती महंगाई, पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ रही कीमतों और आम जनता पर बढ़ते आर्थिक बोझ के आरोप लगाकर कांग्रेस ने शनिवार को पठानकोट में जोरदार हल्ला बोल प्रदर्शन किया। हलका भोओ में कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ ठेला मार्च निकाला। इस प्रदर्शन की अगुवाई पूर्व विधायक जोगिंदर पाल ने की, जिन्होंने स्वयं ठेले पर बैठकर बाजारों में लोगों के बीच पहुंचकर केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करवाया।तख्तियां लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजीठेला मार्च के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन में शामिल नेताओं ने कहा कि आज महंगाई ने आम आदमी की रसोई का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है। पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस, खाद्य पदार्थों और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने गरीब, मजदूर, किसान, व्यापारी और मध्यम वर्गीय परिवारों की कमर तोड़ दी है।महंगाई के दलदल में धकेली जनता-जोगिंदर पालपूर्व विधायक जोगिंदर पाल ने कहा कि भाजपा सरकार ने देश की जनता को महंगाई के दलदल में धकेल दिया है। चुनावों के दौरान जनता को अच्छे दिनों के सपने दिखाए गए थे, लेकिन आज हालात ऐसे हैं कि आम आदमी के लिए अपने परिवार का खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल की बढ़ी कीमतों का असर हर वस्तु पर पड़ता है, जिससे बाजार में महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है।सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी कांग्रेसजोगिंदर पाल ने कहा कि देश और प्रदेश की जनता अब भाजपा की जनविरोधी नीतियों को समझ चुकी है। लोग बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई और आर्थिक संकट से परेशान हैं। कांग्रेस पार्टी जनता की आवाज को बुलंद करने के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करती रहेगी और लोगों के हकों के लिए हर लड़ाई लड़ेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को जनता की परेशानियों की कोई चिंता नहीं है। सरकार बड़े-बड़े दावे करने में व्यस्त है, जबकि आम आदमी महंगाई की मार झेल रहा है। कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की कीमतों में तत्काल राहत दी जाए तथा आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण किया जाए।प्रदर्शन के अंत में कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि महंगाई पर जल्द नियंत्रण नहीं किया गया तो पार्टी आने वाले दिनों में और बड़ा जन आंदोलन खड़ा करेगी। महंगाई ने आम आदमी की थाली से निवाला छीन लिया है, कांग्रेस जनता के हक की लड़ाई लड़ती रहेगी।महंगाई के खिलाफ यह संघर्ष आगे भी जारी रहेगाब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हर्ष शर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के कारण आज हर वर्ग महंगाई की मार झेल रहा है। पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस और खाद्य पदार्थों की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि ने आम लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा जनता के हितों की आवाज उठाती रही है और बढ़ती महंगाई के खिलाफ यह संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। सरना ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष गुरनाम सिंह छीना ने कहा कि केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों ने देश की जनता को आर्थिक संकट में धकेल दिया है। उन्होंने कहा कि महंगाई के कारण गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों का घरेलू बजट पूरी तरह बिगड़ चुका है। छीना ने कहा कि कांग्रेस पार्टी जनता की समस्याओं को लेकर लगातार संघर्ष कर रही है और बढ़ती महंगाई के खिलाफ यह ठेला मार्च उसी लड़ाई का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जनता भाजपा सरकार को उसकी नाकामियों का जवाब देगी और कांग्रेस के पक्ष में अपना समर्थन देगी।
पठानकोट में हलाल मीट और बिरयानी की दुकानों को लेकर व्यापार मंडल ने चिंता व्यक्त की है। व्यापार मंडल के प्रधान अनिल महाजन ने इन दुकानों के संचालन पर सवाल उठाए हैं और प्रशासन से लाइसेंसों की जांच तथा आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। महाजन ने कहा कि शहर के बीचों-बीच इस तरह की मीट की दुकानों का संचालन उचित नहीं है। उनका तर्क है कि ऐसी दुकानें निर्धारित मीट मार्केट क्षेत्र में ही होनी चाहिए, ताकि शहर की व्यवस्था और लोगों की भावनाओं का भी ध्यान रखा जा सके। अनिल महाजन ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ समय से शहर के विभिन्न इलाकों में बाहर से आए लोगों द्वारा मीट और बिरयानी की दुकानें खोली जा रही हैं। उन्होंने इन दुकानों के संचालन को लेकर कई सवाल खड़े होने की बात कही, जिस पर प्रशासन को जांच करनी चाहिए। व्यापार मंडल ने जिला प्रशासन से छापेमारी की मांग की व्यापार मंडल ने जिला प्रशासन से संबंधित विभागों द्वारा इन दुकानों पर छापेमारी करने की मांग की है। उन्होंने लाइसेंसों और अन्य कानूनी दस्तावेजों की जांच सुनिश्चित करने को कहा, साथ ही यह भी जांचने की मांग की कि दुकानदारों के पास आवश्यक अनुमति है या नहीं। प्रधान ने स्पष्ट किया कि यदि किसी दुकान को नियमों के तहत अनुमति मिली है, तो उसकी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। वहीं, बिना अनुमति संचालित हो रही दुकानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। व्यापार मंडल ने प्रशासन से इस मामले में जल्द कदम उठाने का आग्रह किया है।
अबोहर में नगर निगम चुनाव के दिन हुए हमले के मामले में कार्रवाई में देरी से नाराज ट्रांसपोर्टर और फ्रूट व्यापारी राकेश कुमार उर्फ बंटू सेतिया ने शुक्रवार को मलोट चौक पर धरना दिया। उन्होंने अपने समर्थकों के साथ चक्का जाम कर दिया। व्यापारी और उनके समर्थक भारी बारिश के बीच करीब दो घंटे तक धरने पर बैठे रहे। पुलिस अधिकारियों द्वारा उचित कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद धरना समाप्त किया गया। जानकारी के अनुसार, नगर निगम चुनाव के दिन पुरानी रंजिश के चलते कुछ लोगों ने बंटू सेतिया पर कथित रूप से हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया था। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पीड़ित बोला- आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई बंटू सेतिया का आरोप है कि घटना को चार दिन बीत जाने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी कारण उन्हें विरोध प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ा। धरने के दौरान बंटू सेतिया ने यह भी आरोप लगाया कि चुनावी माहौल का फायदा उठाकर विरोधी पक्ष के लोगों ने अपने दर्जनभर साथियों के साथ उन पर तेजधार हथियारों से हमला किया था। उन्होंने बताया कि घटना के समय पूरा पुलिस प्रशासन चुनावी ड्यूटी में व्यस्त था, इसलिए उन्होंने शुरुआती दो दिनों तक कोई विरोध नहीं किया। हालांकि, बाद में भी कार्रवाई आगे न बढ़ने पर उन्हें सड़क पर उतरना पड़ा।
नोएडा में निवेश के नाम पर 22 लाख ठगे:75 साल के है बुजुर्ग, वाट्सऐप ग्रुप पर जोड़कर निवेश कराए गई रकम
निवेश में मुनाफा का लालच देकर साइबर ठगों ने 75 साल के बुजुर्ग से 21.94 लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के बाद अब साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। सेक्टर 76 स्थित सोसाइटी में रहने वाले प्रभात कुमार सिन्हा पूर्व में छत्तीसगढ़ की एक स्टील कंपनी से रिटायर्ड है। जनवरी में अज्ञात साइबर अपराधियों ने उनसे सोशल मीडिया और मोबाइल पर संपर्क किया और निवेश योजनाओं में कम समय में अधिक लाभ का झांसा दिया। सात जनवरी से 17 जनवरी के बीच कई किश्तों में रकम ट्रांसफर कराई गई। इस तरह से ट्रांसफर की रकमसाइबर ठगों ने निवेश पर आकर्षक रिटर्न दिखाकर बुजुर्ग को भरोसे में लिया। जब उन्होंने निवेश की गई रकम और लाभ वापस लेने का प्रयास किया तो आरोपियों ने संपर्क तोड़ दिया। इसके बाद उन्हें अपने साथ हुई धोखाधड़ी का एहसास हुआ। अलग-अलग तारीखों पर 19 हजार 412 रुपये, चार बार दो लाख रुपए, 2.25 लाख रुपये, 3.50 लाख रुपये, 5 लाख रुपये और 3 लाख रुपये सहित कई ट्रांजेक्शन किए। कुल मिलाकर उनके खाते से 21 लाख 94 हजार 412 रुपए निकल गए। पोर्टल पर भी की शिकायतमामले की शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी दर्ज कराई गई है। पीड़ित ने पुलिस से मांग की है कि संबंधित बैंक खाताधारकों, मोबाइल नंबर धारकों और अन्य सहयोगियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। ठगी गई राशि की रिकवरी कराई जाए।
नीमच कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने शनिवार को जिला मुख्यालय स्थित झांझरवाड़ा औद्योगिक क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र की वर्तमान स्थिति और वहां संचालित हो रही इकाइयों का बारीकी से अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि जिले में नए निवेश को आकर्षित करना और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना प्रशासन की मुख्य प्राथमिकता है। मूलभूत सुविधाओं को लेकर MPIDC को कड़े निर्देश कलेक्टर ने एमपीआईडीसी के अधिकारियों को निर्देशित किया कि नए निवेशकों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने उद्योग स्थापना के लिए जरूरी जमीन, बिजली, पानी और बेहतर सड़कों जैसी बुनियादी सुविधाएं समय पर मुहैया कराने पर जोर दिया। साथ ही, औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार के लिए आवंटित जमीन का राजस्व रिकॉर्ड से मिलान किया और वहां पहुंच मार्ग के लिए वैकल्पिक रास्ते तैयार करने को कहा। युवा उद्यमी के प्लांट का निरीक्षण और सराहना दौरे के दौरान कलेक्टर चंद्रा झांझरवाड़ा स्थित एसीसी (AAC) ब्लॉक बनाने वाली फैक्ट्री पहुंचे। उन्होंने वहां काम कर रहे मजदूरों की संख्या, कच्चे माल की उपलब्धता और सुरक्षा के इंतजामों को देखा। कलेक्टर ने युवा उद्यमी हातिम नजमी द्वारा किए गए नवाचार और कम समय में उद्योग स्थापित कर स्थानीय लोगों को काम देने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने प्लांट में फायर सेफ्टी उपकरणों की मौजूदगी की भी जांच की। राजस्व और उद्योग विभाग के अधिकारी रहे मौजूद निरीक्षण के दौरान कलेक्टर के साथ एसडीएम पराग जैन, तहसीलदार संतोष कुमार और एमपीआईडीसी के अमित सोनी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि औद्योगिक क्षेत्र में जो भी समस्याएं लंबित हैं, उन्हें जल्द दूर किया जाएगा ताकि नीमच में उद्योगों के लिए और भी बेहतर माहौल बन सके।
चित्रकूट साइबर सेल ने फर्जी शेयर निवेश और नौकरी दिलाने के नाम पर हुई ठगी के 17 पीड़ितों को राहत दिलाई है। सेल ने कुल 3 लाख 90 हजार 870 रुपए की ठगी गई रकम उनके खातों में वापस कराई है। पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक पीयूष कान्त राय के पर्यवेक्षण में साइबर सेल लगातार ऐसे मामलों पर काम कर रही है। साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार राय और उनकी टीम ने शिकायतों की जांच कर संबंधित बैंकों और एजेंसियों से समन्वय स्थापित किया, जिसके बाद यह रकम वापस कराई जा सकी। पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधियों ने पीड़ितों को फर्जी शेयर निवेश में अधिक मुनाफे का लालच दिया था। इसके अलावा, मोबाइल में एपीके फाइल डाउनलोड कराकर और घर बैठे रोजगार दिलाने के नाम पर भी लोगों से ठगी की गई थी। पीड़ितों ने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद कार्रवाई शुरू की गई। साइबर सेल ने आम जनता को चेतावनी दी है कि इन दिनों ठग टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से फर्जी एपीके फाइलें भेज रहे हैं। ये फाइलें आरटीओ चालान, एम-परिवहन, योनो एसबीआई जैसे विभिन्न नामों से भेजी जाती हैं। इन्हें डाउनलोड करते ही मोबाइल में मालवेयर सक्रिय हो जाता है, जिससे फोटो, कॉन्टैक्ट, मैसेज, ओटीपी और बैंकिंग संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी चोरी हो सकती है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपने बैंक खाते, एटीएम, ओटीपी और यूपीआई पिन की जानकारी किसी के साथ साझा न करें। किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक करने, स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड करने और सोशल मीडिया पर मिलने वाले लुभावने ऑफर के झांसे में आने से बचने की सलाह दी गई है। घर बैठे रोजगार, ऑनलाइन निवेश और सस्ते सामान के नाम पर मांगे जाने वाले एडवांस भुगतान से भी सावधान रहने को कहा गया है। पुलिस ने यह भी बताया कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते धनराशि को सुरक्षित कराया जा सके।
पंजाब सरकार के शिकायत पोर्टल पर व्यापारियों की तरफ से आने वाली शिकायतों को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सख्त हो गया है। लुधियाना के डिप्टी कमिश्नर (डीसी) हिमांशु जैन ने शनिवार को सभी सरकारी विभागों के बड़े अफसरों के साथ एक अहम मीटिंग की। मीटिंग में डीसी ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि व्यापारियों की जायज समस्याओं को सुलझाने में किसी भी तरह की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर किसी अफसर ने काम लटकाने की कोशिश की, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने बैठक में मौजूद सभी महकमों के प्रमुखों को कड़े लहजे में कहा कि पंजाब सरकार राज्य में व्यापार और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह गंभीर है। ऐसे में जमीनी स्तर पर दुकानदारों और व्यापारियों को आने वाली हर छोटी-बड़ी दिक्कत का समाधान सबसे पहले होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि शिकायतें एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर चक्कर काटती रहती हैं और इस टालमटोल की वजह से काम लटके रहते हैं, लेकिन अब अफसरों का ऐसा ढीला रवैया बिल्कुल नहीं चलेगा। आपसी तालमेल बेहतर करने और तुरंत एक्शन के निर्देश डीसी ने सभी सरकारी विभागों को आपस में मिलकर काम करने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि जब तक अलग-अलग महकमों के अधिकारी आपस में तालमेल नहीं बिठाएंगे, तब तक किसी भी समस्या का तुरंत हल निकलना मुमकिन नहीं है। व्यापारियों की कई शिकायतें ऐसी होती हैं जिनमें एक से ज्यादा विभागों का जुड़ाव होता है, इसलिए अफसरों को आपस में बात करके फाइलों को आगे बढ़ाना होगा ताकि व्यापारियों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें और काम तेजी से हो सके। इन प्रमुख विभागों को दिए गए पेंडिंग काम निपटाने के आदेश मीटिंग के दौरान डिप्टी कमिश्नर ने जिले के कई महत्वपूर्ण विभागों के काम की समीक्षा की और उन्हें पेंडिंग पड़ी शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करने को कहा। डीसी ने कहा कि इन विभागों से जुड़ी काफी शिकायतें पेंडिंग हैं। बिजली बोर्ड (PSPCL): बिजली कनेक्शन और बिलों से जुड़ी व्यापारियों की पुरानी शिकायतों को फौरन दूर किया जाए। नगर निगम: बाजारों की साफ-सफाई, पीने के पानी और सड़कों से जुड़े मुद्दों को तुरंत सुलझाया जाए। पुलिस विभाग: व्यापारिक इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जाए और व्यापारियों की शिकायतों पर तुरंत एक्शन लिया जाए। नेशनल हाईवे अथॉरिटी (NHAI): हाईवे और मुख्य सड़कों से जुड़े रुके हुए कामों को तेजी से पूरा किया जाए। इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट और ग्लैडा (GLADA): व्यापारिक प्रॉपर्टी और विकास कार्यों से जुड़े मामलों का समय पर निपटारा हो। वॉटर सप्लाई और सीवरेज बोर्ड: पानी की किल्लत और सीवरेज जाम होने जैसी रोजमर्रा की समस्याओं को तय समय में ठीक किया जाए। हर हफ्ते होगी समीक्षा, सीधे तौर पर तय होगी अफसरों की जवाबदेही डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने कहा कि हमारा मकसद हर शिकायत का साफ-सुथरे तरीके से और समय पर निपटारा करना है। व्यापारियों और सरकार के बीच की दूरी को कम करने के लिए प्रशासन पूरी कोशिश कर रहा है ताकि लोगों को सही समय पर सरकारी सेवाएं मिल सकें। उन्होंने साफ किया कि वह खुद हर हफ्ते पोर्टल पर आने वाली शिकायतों की जांच करेंगे। नियमित निगरानी के जरिए लापरवाह अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी, जिससे काम की रफ्तार बढ़ेगी और व्यापारियों का भरोसा भी जीतेगा। मीटिंग में ये सभी बड़े अधिकारी रहे मौजूद जिला प्रशासनिक परिसर में हुई इस हाई-लेवल मीटिंग में प्रशासन के कई आला अधिकारी मौजूद रहे। इनमें मुख्य रूप से ग्लैडा के मुख्य प्रशासक ओजस्वी अलंकार, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (एडीसी) पूनम सिंह, एडीसी अमित बांबी, डॉ. नरिंदर सिंह धालीवाल शामिल हुए। इनके अलावा एसडीएम जसलीन कौर भुल्लर, एसडीएम उपिंदरजीत कौर बराड़, एसडीएम प्रीत इंदर बैंस, एसडीएम खुशप्रीत सिंह, एस्टेट ऑफिसर अमन गुप्ता, जॉइंट कमिश्नर विनीत कुमार, जॉइंट कमिश्नर तपन भनोट के साथ-साथ अलग-अलग विभागों के मुखिया भी मौजूद रहे। डीसी ने सभी को कड़े निर्देश देकर मीटिंग खत्म की कि अगली बार वह काम पेंडिंग रहने का कोई बहाना नहीं सुनेंगे।
पंजाब के मानसा जिले के बरेटा में आज कांग्रेस पार्टी ने देश में लगातार बढ़ रही महंगाई और पेट्रोलियम पदार्थों की आसमान छूती कीमतों के खिलाफ एक बेहद अनोखा और आक्रामक प्रदर्शन किया। पेट्रोल, डीजल, घरेलू रसोई गैस, सीएनजी और मोबाइल रिचार्ज के दामों में हुई बेतहाशा वृद्धि के विरोध में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों को उजागर करने के लिए कांग्रेसियों ने गाड़ियों को छोड़कर 'खच्चर-रेहड़े' का सहारा लिया और उस पर सवार होकर अपना रोष प्रकट किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि पेट्रो कीमतों के बढ़ने से बाजारों में निकाला रोष मार्च; गूंजे सरकार विरोधी नारे इस अनूठे रोष प्रदर्शन का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष कुलवंत राय सिंगला ने किया। उनके आह्वान पर बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, स्थानीय कार्यकर्ता और आम जनता इस प्रदर्शन में शामिल हुई। खच्चर-रेहड़ों पर सवार होकर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने बरेटा के मुख्य बाजारों और चौकों से होते हुए एक विशाल रोष मार्च निकाला। इस दौरान कार्यकर्ताओं के हाथों में तख्तियां थीं और वे केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी कर रहे थे। बाजारों में इस अनूठे मार्च को देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। गलत आर्थिक नीतियों के कारण जनता त्रस्त: कुलवंत राय सिंगला रोष मार्च के समापन पर जनसभा को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष कुलवंत राय सिंगला ने केंद्र सरकार पर तीखे राजनीतिक हमले किए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की गलत और कॉरपोरेट-परस्त आर्थिक नीतियों के कारण आज देश का हर नागरिक महंगाई की चक्की में पिस रहा है। सिंगला ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों के उतार-चढ़ाव के बावजूद देश में पेट्रोलियम पदार्थों के दाम जानबूझकर बढ़ाए जा रहे हैं, जिससे देश की आम अर्थव्यवस्था पूरी तरह छिन्न-भिन्न हो गई है। ईंधन महंगा होने से बिगड़ा आम आदमी का बजट जिला अध्यक्ष का कहना है कि पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर देश के परिवहन (Transportation) क्षेत्र पर पड़ता है। किराया और मालभाड़ा महंगा होने के कारण बाजार में रोजमर्रा की खाने-पीने की वस्तुएं, फल, सब्जियां और अन्य जरूरी सामान आम आदमी की पहुंच से बाहर होते जा रहे हैं। इस बेकाबू महंगाई ने मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों का मासिक बजट पूरी तरह बिगाड़ कर रख दिया है। रसोई गैस से लेकर मोबाइल रिचार्ज तक ने बढ़ाई मुश्किलें कुलवंत राय सिंगला ने आगे कहा कि घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में हुई वृद्धि ने गृहिणियों की रसोई का स्वाद बिगाड़ दिया है और उनके लिए घर चलाना मुश्किल हो गया है। इसके अलावा, सीएनजी के दाम बढ़ने से ऑटो चालकों और छोटे व्यापारियों की कमर टूट गई है। उन्होंने मोबाइल रिचार्ज की बढ़ती कीमतों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि टेलीकॉम कंपनियों द्वारा बढ़ाए गए दामों ने देश के युवाओं, विद्यार्थियों और छोटे ऑनलाइन कारोबारियों की जेब पर भारी आर्थिक बोझ डाल दिया है। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही इन कीमतों को नियंत्रित नहीं किया, तो इस आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
ग्वालियर में इलायची के व्यापार में भारी मुनाफे का लालच देकर एक युवक से 24 लाख 35 हजार रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि दिल्ली के कारोबारियों ने साझेदारी और बेहतर कमाई का सपना दिखाकर युवक से रुपए अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए। रकम लेने के बाद न तो माल भेजा और न ही पैसे लौटाए। शिकायत करने पर पुलिस ने भी कार्रवाई नहीं की। आखिर पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली और अब कोर्ट के निर्देश पर इंदरगंज थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। इंदरगंज थाना क्षेत्र के दाल बाजार निवासी 37 वर्षीय तनुज जैन निजी क्षेत्र में कार्यरत हैं। वर्ष 2024 में उनकी मुलाकात दिल्ली निवासी अनुज जैन से हुई थी, जो इलायची के कारोबार से जुड़ा हुआ बताया गया। अनुज ने तनुज को अपने यहां मार्केटिंग का काम देते हुए 20 हजार रुपए प्रतिमाह वेतन पर रखा था। निवेश कर अधिक मुनाफा कमाने का प्रस्ताव दिया कुछ समय तक साथ काम करने के दौरान दोनों के बीच विश्वास कायम हुआ। इसके बाद अनुज जैन और उसके सहयोगियों ने तनुज को इलायची के व्यापार में निवेश कर अधिक मुनाफा कमाने का प्रस्ताव दिया। आरोपियों ने दावा किया कि उनके माध्यम से माल खरीदकर बाजार में सप्लाई करने पर अच्छा लाभ मिलेगा। पीड़ित के अनुसार 26 अगस्त 2024 से सितंबर 2025 के बीच उसने अपने और अपनी मां के बैंक खातों से अलग-अलग किश्तों में 24 लाख 35 हजार रुपए आरोपियों द्वारा बताए गए बैंक खातों में जमा कराए। यह राशि तवाजो, एमडी फूड और स्वास्तिक ट्रेडर्स नामक फर्मों के खातों में ट्रांसफर की गई थी। ट्रांसपोर्ट बिल्टी मांगने पर बहाने बनाने लगे तनुज का आरोप है कि रकम जमा होने के बावजूद उसे इलायची की कोई खेप नहीं भेजी गई। जब उसने माल की जानकारी और ट्रांसपोर्ट बिल्टी मांगी तो आरोपी लगातार बहाने बनाते रहे। काफी समय बीतने के बाद भी माल नहीं मिलने पर उसे अपने साथ धोखाधड़ी होने का अहसास हुआ। रकम लौटाने से साफ इनकार कर दिया पीड़ित ने बताया कि जब उसने अपने पैसे वापस मांगने शुरू किए तो आरोपियों ने पहले टालमटोल की और बाद में रकम लौटाने से साफ इनकार कर दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने राजनीतिक प्रभाव का हवाला देते हुए उसे झूठे मामलों में फंसाने और जान से मारने की धमकी भी दी। लगातार आर्थिक नुकसान और मानसिक तनाव के कारण उसकी तबीयत भी प्रभावित हुई। कोर्ट ने इंदरगंज थाने को रिपोर्ट लिखने के निर्देश दिए इसके बाद तनुज ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर न्यायालय में परिवाद दायर किया। न्यायालय ने मामले की जांच के बाद इंदरगंज थाना पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने दिल्ली निवासी अनुज जैन और उसके अन्य साथियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस बैंक खातों के लेनदेन, संबंधित फर्मों और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। सीएसपी रॉबिन जैन ने बताया कि न्यायालय के निर्देश पर आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। मामले की जांच जारी है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
खगड़िया में शनिवार को लाल बाबू गर्ल्स हाई स्कूल में विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति की बैठक हुई। सदर विधायक बबलू कुमार मंडल ने इसकी अध्यक्षता की। बैठक में विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, छात्राओं के सर्वांगीण विकास, आधारभूत सुविधाओं और विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की गई। विधायक ने छात्राओं को शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा दी। राष्ट्र का भविष्य बच्चों पर निर्भर विधायक बबलू कुमार मंडल ने कहा कि किसी भी समाज और राष्ट्र का भविष्य उसके विद्यालयों और बच्चों पर निर्भर करता है। उन्होंने बेटियों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। विधायक के अनुसार, एक बेटी के शिक्षित होने से केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरा परिवार और समाज शिक्षित तथा जागरूक बनता है। विधायक ने छात्राओं को बिहार सरकार की विभिन्न कल्याणकारी और शैक्षणिक योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने मुख्यमंत्री बालिका साइकिल योजना, मुख्यमंत्री बालिका पोशाक योजना, छात्रवृत्ति योजना, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, प्रोत्साहन राशि योजना और निःशुल्क पाठ्यपुस्तक योजना का उल्लेख किया। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य बच्चों को शिक्षा से जोड़ना और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करना है। सरकारी योजनाओं से लाभ उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में किए गए कार्यों की सराहना की। विधायक ने बताया कि इन्हीं योजनाओं के कारण आज बड़ी संख्या में बेटियां विद्यालय और महाविद्यालय तक पहुँच रही हैं। वे विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और शैक्षणिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलताएँ भी प्राप्त कर रही हैं। सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं विधायक ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। उन्होंने मेहनत, लगन और निरंतर अध्ययन को सफलता की कुंजी बताया। छात्राओं से अपने लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें प्राप्त करने के लिए ईमानदारी से प्रयास करने का आग्रह किया गया। उन्होंने बुरी संगति और नकारात्मक सोच से दूर रहकर शिक्षा को प्राथमिकता बनाने की सलाह भी दी। चहारदीवारी सहित अन्य सुविधाओं की मांग बैठक के दौरान विद्यालय प्रबंधन एवं स्थानीय लोगों द्वारा विद्यालय की चहारदीवारी सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं की मांग उठाई गई। इस पर विधायक ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए विद्यालय की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि विद्यालय की चहारदीवारी निर्माण की मांग जायज है और इसके लिए आवश्यक पहल की जाएगी, ताकि विद्यालय परिसर सुरक्षित एवं व्यवस्थित बन सके। छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा जरूरी विधायक ने कहा कि वे लगातार अपने विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में जाकर प्रबंधकारिणी समिति की बैठक कर रहे हैं, ताकि विद्यालयों की वास्तविक समस्याओं को समझकर उनका समाधान किया जा सके। उनका उद्देश्य क्षेत्र के सभी विद्यालयों को बेहतर शैक्षणिक संस्थान के रूप में विकसित करना है, जहां छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।बैठक में जदयू नेता दीपक सिन्हा, उमेश सिंह पटेल, सुनीत चौधरी, लक्ष्मी नारायण राय, यशवंत सिंह पटेल, अजय कुमार, अवध किशोर राय, रामप्रीत साह, निशिकांत कुमार, धर्मवीर कुमार, शशिभूषण कुमार तथा विद्यालय के प्रधानाध्यापक रत्नेश कुमार पटेल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।बैठक के अंत में विधायक ने छात्राओं से कहा कि वे अपने माता-पिता, शिक्षकों और विद्यालय का नाम रोशन करने के लिए पूरी निष्ठा से पढ़ाई करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि लाल बाबू गर्ल्स हाई स्कूल की छात्राएं आने वाले दिनों में शिक्षा के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल कर जिले और राज्य का गौरव बढ़ाएंगी।
सेंसेक्स 639 अंक टूटा, ताइवान ने भारतीय शेयर बाजार को पछाड़ा, कैसा रहेगा जून का पहला हफ्ता
Share Market Weekly Review : पश्चिम एशिया संकट के साथ मौसम विभाग की कमजोर मानसून की चेतावनी से मई के आखिरी हफ्ते में भारतीय शेयर बाजार में गिरावट दिखाई दी। सेंसेक्स में इस हफ्ते 639 अंक की गिरावट रही, वहीं निफ्टी भी 172 अंक गिर गया। जानिए मार्केट ...
विदिशा जिले में बैंकों में नकदी की कमी से किसान, व्यापारी और आम उपभोक्ता परेशान हैं। गेहूं और चने की फसल बेचने के बाद किसानों के खातों में भुगतान राशि तो पहुंच गई है, लेकिन बैंक शाखाओं में पर्याप्त नकदी नहीं होने से वे जरूरत के मुताबिक पैसा नहीं निकाल पा रहे हैं। जिले की कई बैंक शाखाएं ग्राहकों को एक बार में केवल 20 से 30 हजार रुपए तक ही नकद भुगतान कर रही हैं। इससे शादी-विवाह, कृषि कार्य और अन्य जरूरी खर्चों के लिए लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शादी के लिए चाहिए पैसा, तीन दिन से लगा रहा बैंक के चक्कर ग्राम निवासी पूरन सिंह ने बताया कि उनके खाते में करीब ढाई लाख रुपए आए हैं, लेकिन तीन दिनों से बैंक के चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें एक बार में केवल 30 हजार रुपए ही दिए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि घर में शादी है, ऐसे में खरीदारी और अन्य जरूरी खर्चों के लिए अधिक नकदी की आवश्यकता है। किसान राजेंद्र शर्मा ने बताया कि गेहूं का भुगतान पहले ही देरी से मिला था। अब बैंक में नकदी की कमी बताकर उन्हें दूसरे बैंक खाते में राशि ट्रांसफर कराने की सलाह दी जा रही है। उनका कहना है कि किसान हर स्तर पर परेशान हो रहा है। कांग्रेस ने साधा निशाना, कहा- जनता बैंकिंग संकट से जूझ रही मामले को लेकर कांग्रेस जिला अध्यक्ष मोहित रघुवंशी ने केंद्रीय कृषि मंत्री एवं विदिशा सांसद शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले की जनता बैंकिंग संकट से जूझ रही है, लेकिन जनप्रतिनिधियों का इस ओर ध्यान नहीं है। रघुवंशी ने कहा कि अधिकांश बैंक शाखाओं में 50 हजार रुपए से अधिक नकद भुगतान नहीं किया जा रहा है। इससे शादी-विवाह और अन्य जरूरी काम प्रभावित हो रहे हैं। आरबीआई प्रक्रिया से प्रभावित हुई आपूर्ति, 15 दिन में सुधार की उम्मीद लीड बैंक अधिकारी ने बताया कि मार्च क्लोजिंग के दौरान भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की प्रक्रिया के कारण कुछ समय के लिए नकदी आपूर्ति प्रभावित हुई थी। जिले में जरूरत के अनुरूप नकदी उपलब्ध नहीं हो पा रही थी, लेकिन अब लगातार मांग भेजी जा रही है और 20 से 25 करोड़ रुपए की नकदी की खेप प्राप्त हो रही है। अधिकारी के अनुसार भारतीय स्टेट बैंक के माध्यम से मुंबई से अतिरिक्त नकदी मंगाने की अनुमति भी मिल गई है। मंडी सीजन और व्यापारिक गतिविधियों के चलते नकदी की मांग बढ़ी हुई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले 15 दिनों में स्थिति सामान्य हो जाएगी। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि नकद भुगतान की कोई निर्धारित सीमा नहीं है। उपलब्ध नकदी के आधार पर शाखाएं वितरण कर रही हैं। विशेष आवश्यकता होने पर ग्राहकों को अधिक राशि भी उपलब्ध कराई जा सकती है।
भिवानी में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी जिला कमेटी के नेतृत्व में बढ़े पैट्रोल-डीजल व गैस के दामों को वापिस करने, किसानों के लिए खरीफ सीजन में उर्वरकों की प्रयाप्त व्यवस्था करने, गांवों व शहरों में पानी बिजली संकट हल करने की मांग को लेकर शहर में प्रदर्शन किया। डीसी के माध्यम से प्रधानमंत्री भिजवाए। डीसी की ओर से ज्ञापन लेने नायब तहसीलदार गौरव कुमार पहुंचे थे। प्रदर्शन शहीद भगतसिंह यादगार भवन भिवानी से शुरू होकर जिला मुख्यालय तक पहुंचा। प्रदर्शन की अध्यक्षता माकपा जिला सचिव मंडल सदस्य सुखदेव पालवास व पार्टी जिला कमेटी सदस्य संतोष देशवाल ने संयुक्त रूप से की। पांच राज्यों में चुनाव सम्पन्न होते ही बढ़े दाम माकपा जिला सचिव कामरेड ओमप्रकाश, जिला सचिव मंडल सदस्य मास्टर जगरोशन, कामरेड अनिल कुमार, जिला कमेटी सदस्य मास्टर वजीर सिंह ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने पांच राज्यों के चुनाव सम्पन्न होते ही पैट्रोल-डीजल के दामों में 7.50 रुपए प्रति लीटर, घरेलू गैस दामों में 110 रुपए तथा कमर्शियल सिलेंडर में 993 रुपए प्रति सिलेंडर वृद्धि करके अर्थव्यवस्था में चौतरफा महंगाई बढ़ाने का काम किया है। परिणामस्वरूप जनता की क्रय शक्ति कम हो जाएगी, उद्योगों के माल की मांग कम होने से पहले से चली आ रही मंदी और ज्यादा हो जाएगी। बेरोजगारी पैदा होगी, टैक्सों की आमदनी भी कम होगी। इसलिए महंगाई, बेरोजगारी व मंदी रोकने के लिए केंद्र सरकार को पैट्रोलियम पदार्थों पर आयात शुल्क व उत्पाद शुल्क कम करना चाहिए, ताकि चौतरफा महंगाई पर अंकुश लग सके। 75 लाख करोड़ रुपए जनता से वसूले उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने 2014 से अब तक पैट्रोलियम पदार्थों की कीमत व टैक्स बढ़ाकर 75 लाख करोड़ रुपए जनता से वसूले हैं। जब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ती हैं, तो मोदी सरकार भारत में कीमत बढ़ा देती है और वही कीमतें अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कम होती हैं, तो भारत में टैक्स बढ़ाकर कीमतें कम नहीं की जाती। पीने के पानी की समस्या उठाई पार्टी नेताओं ने जिले के विभिन्न गांव व शहर में बढ़ते पीने के पानी व बिजली संकट को हल करने की मांग की है। कामरेड ओमप्रकाश ने कहा कि जिले की विभिन्न नहरों में 42 दिन में पानी आता है, वह भी सप्ताह की बजाए 3 दिनों में बंद हो जाता है, तो सभी गांव व शहर के वाटर टैंक व तालाब भर नहीं पाते। उन्होंने दादरी डिस्ट्रीब्यूटरी की बात करते हुए मांग की, कि वहां कम से कम 7 दिनों तक नहर चलनी चाहिए, ताकि कायला, बडाला, सांगा, बामला, उमरावत, पूर्णपुरा, मनहेरू व अन्य गांव के वाटर टैंक व तालाब भर सकें। पीने के पानी की समस्या ना रहे। गांव सांगा को धारेडू की बजाए बामला पावर सब स्टेशन से जोड़ने की मांग की, ताकि गांव में बिजली संकट ना रहे। प्रदर्शन में पार्टी जिला कमेटी सदस्य राजेश कुंगड़, रामफल देशवाल, मास्टर वजीर सिंह, पार्टी नेता रतन कुमार जिंदल, बिमला घनघस आदि शामिल रहे।
देशभर में बढ़ती महंगाई, पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की लगातार बढ़ रही कीमतों के विरोध में कांग्रेस ने शुक्रवार को उदयपुर में विरोध जताते हुए प्रदर्शन किया। इसी क्रम में उदयपुर में हिरणमगरी ब्लॉक कांग्रेस कमेटी एवं गिर्वा ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में पारस सर्कल पर प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का प्रतीकात्मक पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी पारस सर्कल पर एकत्रित हुए। कार्यकर्ताओं ने पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस तथा दैनिक उपयोग की वस्तुओं के बढ़ते दामों को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लगातार बढ़ती महंगाई ने आम आदमी के घर का बजट बिगाड़ दिया है और मध्यम एवं गरीब वर्ग के लिए जीवनयापन करना कठिन होता जा रहा है। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य विवेक कटारा ने कहा कि महंगाई पर नियंत्रण करने में केंद्र सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है। उन्होंने कहा कि ईंधन की कीमतों में लगातार वृद्धि का सीधा असर परिवहन और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर पड़ रहा है, जिससे आमजन दोहरी मार झेल रहा है। उदयपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी अरविंद डामोर ने चेतावनी दी कि यदि महंगाई पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया और आम जनता को राहत नहीं मिली तो कांग्रेस जनहित के मुद्दों को लेकर आगे भी चरणबद्ध आंदोलन और विरोध प्रदर्शन जारी रखेगी। प्रदर्शन में दिव्यानी कटारा, शैलेष मिश्रा, ओम डांगी, मुस्तफा सहित अनेक कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बिहार सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद जमा खान ने चैनपुर में एक कार्यक्रम के दौरान राज्य के औद्योगिक विकास और निवेश के माहौल पर बात की। उन्होंने कहा कि सरकार उद्योगपतियों को बिहार में निवेश के लिए लगातार प्रेरित कर रही है। इस दौरान उन्होंने विपक्षी नेताओं, विशेषकर तेजस्वी यादव पर निशाना साधा। मंत्री जमा खान ने बताया कि राज्य सरकार बिहार में औद्योगिक विकास को लेकर गंभीर है। इसके लिए बड़े उद्योगपतियों के साथ लगातार बैठकें की जा रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का जिक्र करते हुए कहा कि वे बिहार के विकास के लिए चौबीसों घंटे चिंतन-मनन करते हैं। सरकार का लक्ष्य बिहार को समृद्ध और औद्योगिक रूप से मजबूत बनाना है। ''सरकार राज्य के विकास के लिए धरातल पर काम कर रही'' विपक्षी नेताओं द्वारा राज्य की स्थिति पर उठाए गए सवालों पर मंत्री जमा खान ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष बिहार के हितों को लेकर कभी गंभीर नहीं रहा और उनके बयानों का कोई आधार नहीं है। मंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष केवल आलोचना करने तक सीमित रहता है, जबकि सरकार राज्य के विकास के लिए धरातल पर काम कर रही है। विपक्ष केवल नकारात्मक राजनीति कर रहा - मंत्री मोहम्मद जमा खान ने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार की औद्योगिक नीतियों के परिणामस्वरूप आने वाले दिनों में बिहार में बड़े उद्योगपति निवेश करेंगे। इससे राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने तेजस्वी यादव पर कटाक्ष करते हुए कहा कि विपक्ष केवल नकारात्मक राजनीति कर रहा है, जबकि एनडीए सरकार राज्य को विकास की राह पर ले जाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
बालोद शहर की सब्जी मंडी में शनिवार सुबह दिनदहाड़े लूट हो गई है। अज्ञात बदमाशों ने एक सब्जी व्यापारी को चाकू दिखाकर 25 हजार रुपए लूटकर फरार हो गए। घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मोहल्ले के 10 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, ग्राम रेंघनी (मालीघोरी) निवासी डोमेश्वर पटेल बाजार-बाजार सब्जी दुकान लगाकर सब्जी बेचने का काम करते हैं। शनिवार सुबह 10 बजे के करीब वह बालोद सब्जी मंडी में सब्जी खरीदने और व्यापारियों को भुगतान करने के लिए 25 हजार रुपए लेकर पहुंचे थे। चाकू दिखाकर पेट पर अड़ाया सब्जी खरीदने के बाद वह मंडी परिसर के बाथरूम गए। इसी दौरान कुछ युवक उनके पीछे अंदर घुस गए और चाकू दिखाकर पेट पर अड़ा दिया। आरोपियों ने उनके पास रखे 25 हजार रुपए छीन लिए और मौके से फरार हो गए। पुलिस ने खंगाले सीसीटीवी घटना के बाद डोमेश्वर पटेल ने अन्य व्यापारियों के साथ बालोद थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालना शुरू कर दिया। 10 संदिग्ध हिरासत में पुलिस ने पाण्डेयपारा, टिकरापारा और नयापारा क्षेत्र से 10 संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। इनमें से एक व्यक्ति की पहचान पीड़ित द्वारा किए जाने की जानकारी मिली है, जबकि अन्य संदिग्धों से पूछताछ जारी है। इस मामले में बालोद थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी कर मामले का खुलासा किया जाएगा।
बिलासपुर के व्यापार विहार स्थित खाद्य तेल की चौधरी एजेंसी के गोदाम में शनिवार सुबह भीषण आग लग गई। ऑयल के कारण देखते ही देखते आग बढ़ती चली गई। सुबह करीब 9 बजे की घटना है, अब तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका है। मामला तारबाहर थाना क्षेत्र का है। आग बुझाने जेसीबी से गोदाम की दीवार तोड़ी गई है। आगजनी में गोदाम में रखा लाखों रुपए का खाद्य तेल और अन्य सामान धू-धू कर जल गया। शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई गई है। अभी तक 6 से अधिक फायर ब्रिगेड की गाड़ियों की मदद से पानी डाला गया, लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका है। बताया जा रहा है, गोडाउन के अंदर 3 ऑयल टैंक बना है, जहां पैकिंग का काम होता है। नियम के मुताबिक, यह टैंक इंडस्ट्रियल एरिया में बनाए जाते हैं। इस घटना के बादनिगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे ने जांच की बात कही है। बड़ी मात्रा में रखा था तेल का स्टॉक जानकारी के अनुसार, व्यापार विहार बिलासपुर संभाग का प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र माना जाता है। यहां बड़ी संख्या में गोदाम और एजेंसियां संचालित हैं। जहां आग लगी वह गोदाम तेल व्यापारी निमेष अग्रवाल का है, यहां तेल का भंडारण और पैकेजिंग का काम होता था। व्यापारी ने 2 करोड़ के माल जलने की बात कही। घटना के समय बड़ी मात्रा में खाद्य तेल का स्टॉक रखा हुआ था। आग की लपटें और धुएं का गुबार उठता देख आसपास के व्यापारी और कर्मचारी बाहर निकल आए। कुछ ही देर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दमकल और पुलिस की टीम मौके पर घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने आग पर काबू पाने के लिए राहत और बचाव कार्य जारी है। आग बुझाने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। घटना से जुड़े अपडेट के लिए नीचे लाइव ब्लॉग देखें….
पीलीभीत के बिलसंडा नगर में कपड़ा व्यवसायी पप्पू गुप्ता की हत्या का पुलिस ने कुछ ही घंटों में पर्दाफाश कर दिया है। बृहस्पतिवार शाम हुई इस वारदात में पुलिस ने एक शूटर को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया, जबकि साजिश में शामिल तीन अन्य आरोपियों को भी दबोच लिया गया है। पुलिस के अनुसार, यह हत्या साइकिल कारोबारी पंकज कटियार को सबक सिखाने की साजिश का परिणाम थी। पंकज का अपनी पत्नी और ससुराल पक्ष से पुराना विवाद चल रहा था। दहेज उत्पीड़न के मुकदमे की रंजिश के चलते पंकज के ससुर रमेश चंद्र (शाहजहांपुर निवासी) और साले विमल व सीतेश ने उसे पीटने की योजना बनाई थी। इस योजना को अंजाम देने के लिए लखीमपुर के उचौलिया निवासी शिवम उर्फ सर्वजीत के माध्यम से 20 हजार रुपये में भाड़े के बदमाश तय किए गए थे। बृहस्पतिवार शाम करीब पांच बजे तीन बाइकों पर सवार होकर आठ हमलावर पंकज की दुकान पर पहुंचे और लोहे की रॉड से उन पर हमला कर दिया। पड़ोस के कपड़ा व्यवसायी पप्पू गुप्ता जब पंकज को बचाने दौड़े और एक हमलावर को पकड़ लिया, तो बदमाशों ने उनके सीने में गोली मार दी। पप्पू गुप्ता ने बरेली ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। कारोबारी ने दर्ज कराया था केस पंकज कटियार की तहरीर पर ससुर, साले समेत नामजद व अज्ञात बदमाशों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। घटना से आक्रोशित परिजनों और व्यापारियों ने शुक्रवार सुबह बिलसंडा-बंडा हाईवे पर जाम लगाकर धरना दिया। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और मुआवजे की मांग की। विरोध प्रदर्शन के चलते तीन घंटे तक नगर का बाजार भी पूरी तरह बंद रहा। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह और पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव के निर्देश पर रात में ही शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया। दोपहर में पुलिस सुरक्षा के बीच पप्पू गुप्ता का अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी द्वारा गठित पांच टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ससुर रमेश चंद्र और साले विमल व सीतेश को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, घटना में शामिल शूटर लकी को पकड़ने गई पुलिस टीम पर उसने फायरिंग कर दी, जिसमें एक कांस्टेबल घायल हो गया। जवाबी कार्रवाई में पैर में गोली लगने के बाद लकी को गिरफ्तार कर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। बाकी फरार आरोपियों की तलाश जारी है। बिलसंडा थाना अध्यक्ष सिद्धांत शर्मा ने मुठभेड़ की घटना की पुष्टि की है।
पाली में दैनिक भास्कर का प्रॉपर्टी एक्सपो आज से:एंट्री रहेगी फ्री, EMI और निवेश की जानकारी मिलेगी
पालीवासियों के लिए दैनिक भास्कर का प्रीमियम प्रॉपर्टी एक्सपो 2026 शनिवार और रविवार को कॉलेज रोड स्थित रोटरी क्लब में शुरू होगा। 2026 में शहर में पहली बार होने वाले इस एक्सपो का शुभारंभ मुख्य अतिथि एसपी मोनिका सैन करेंगी। दो दिन तक चलने वाले इस एक्सपो में पाली और जोधपुर के प्रमुख बिल्डर्स एवं डेवलपर्स अपने रेजिडेंशियल और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स की जानकारी देंगे। यहां फ्लैट, प्लॉट, विला और कमर्शियल प्रॉपर्टी के कई विकल्प एक ही स्थान पर उपलब्ध रहेंगे। पहली बार एक मंच पर कई रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स प्रीमियम प्रॉपर्टी एक्सपो 2026 में रियल एस्टेट सेक्टर की कई प्रतिष्ठित कंपनियां और उनके प्रोजेक्ट्स शामिल होंगे। विजिटर्स को विभिन्न रेजिडेंशियल और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स की जानकारी एक ही जगह पर मिलेगी। एक्सपो में नई लॉन्चिंग्स, एक्सक्लूसिव ऑफर्स और निवेश के विभिन्न विकल्पों की जानकारी भी दी जाएगी। कई प्रमुख बिल्डर्स और डेवलपर्स होंगे शामिल एक्सपो में आशापूर्णा बिल्डकॉन, स्काई रेजिडेंसेस, आदिनाथ बिल्डवेल, एचकेबी वेंचर्स, शुभम डेवलपर, धरती इंफ्रा एवं बीसीएम ग्रुप पाली सहित कई प्रमुख रियल एस्टेट ग्रुप्स भाग ले रहे हैं। आयोजन के रेडियो पार्टनर 94.3 माय एफएम हैं। गिफ्ट पार्टनर भी जुड़े गिफ्ट पार्टनर के रूप में गीतांजलि सोनी डायरेक्टर गीतांजलि सलून, चंद्रप्रकाश गहलोत डायरेक्टर पुष्प हिना और मुपुब मेहता डायरेक्टर ट्रिबा ऑयल जुड़े हुए हैं। एक्सपो में आने वाले लोगों को विभिन्न प्रोजेक्ट्स और सुविधाओं की जानकारी दी जाएगी। कारोबारियों ने बताया निवेश का अवसर मगराज जैन, डायरेक्टर बीसीएम ग्रुप ने कहा कि प्रीमियम प्रॉपर्टी एक्सपो 2026 ग्राहकों और बिल्डर्स के बीच मजबूत कनेक्ट बनाने का अवसर है। एचकेबी वेंचर्स के डायरेक्टर आर्यन जल्होत्रा ने कहा कि वर्तमान समय रियल एस्टेट में निवेश के लिए उपयुक्त माना जा रहा है। शुभम डेवलपर्स के डायरेक्टर राहुल जैन ने कहा कि पाली रोड, जोधपुर तेजी से विकसित होती हुई प्रीमियम लोकेशन बन चुकी है। एसबीआई फाइनेंस डेस्क रहेगा आकर्षण आयोजन का प्रमुख आकर्षण एसबीआई बैंक का फाइनेंस डेस्क रहेगा। यहां बैंक प्रतिनिधि होम लोन, ब्याज दरों, EMI और फाइनेंसिंग से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराएंगे। एक्सपो से संबंधित अधिक जानकारी के लिए 7790869216 पर संपर्क किया जा सकता है।
एग्री-स्टार्टअप क्रास्ट को मिला पेटेंट
लुधियाना| पंजाब के एग्री-स्टार्टअप और बायोइकोनॉमी इकोसिस्टम के लिए एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर पंजाब एग्री बिजनेस इनक्यूबेटर पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी से जुड़ा एक स्टार्टअप, क्रास्ट को पल्पिंग और बायो-रिफाइनरी अनुप्रयोगों के लिए बायोमास के ट्रीटमेंट से जुड़ी अपनी इनोवेटिव प्रक्रिया के लिए यूनाइटेड स्टेट्स पेटेंट दिया गया है। यह पेटेंट स्टार्टअप के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जो कृषि अवशेषों और नवीकरणीय बायोमास को बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होने वाली औद्योगिक सामग्री में बदलने पर काम कर रहा है। स्टार्टअप की तरफ से साझा किए गए विवरण के अनुसार, यह पेटेंटेड प्रक्रिया बायोमास को पल्पिंग, बायो-रिफाइनरी, पैकेजिंग और औद्योगिक अनुप्रयोगों के लिए उपयोगी सामग्री धाराओं में बदलने पर केंद्रित है, जिससे कृषि अवशेष प्रबंधन की बड़ी चुनौती का समाधान होता है। क्रास्ट की तरफ से बताया गया कि एक प्रमुख नवाचार एक सॉल्वेंट रीसाइक्लिंग प्रणाली के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाले लिग्निन, सी-5 शर्करा और पल्प की रिकवरी है। यह प्रक्रिया दक्षता में सुधार करती है, बर्बादी को कम करती है। यह पेटेंट सालाना नवीकरणीय कृषि बायोमास का उपयोग करके जीवाश्म-आधारित सामग्री के विकल्प विकसित करने के मामले को भी मजबूत करता है। वीसी डॉ. एसएस गोसल ने बधाई दी।
मप्र के बिगड़े वनों को सुधारने के लिए निजी निवेशकों को शामिल करने की सरकार की मुहिम अब एक कदम और आगे बढ़ गई है। पहले चरण में प्राइवेट कंपनियों के लिए वन विकास निगम के पास मौजूद खाली पड़ी जमीन पर निवेश के द्वार खोले जाएंगे। मप्र वन विकास निगम के हाल ही में अध्यक्ष बने पूर्व वन मंत्री रामनिवास रावत की अध्यक्षता में आगामी 3 जून को एमपी- एसएफडीसी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक होने जा रही है। इस बैठक के एजेंडे में सबसे अहम और बड़ा मुद्दा यह है कि क्या निगम के नियंत्रण वाली 4.25 लाख हेक्टेयर जमीन में से खाली पड़ी लगभग 35 हजार हेक्टेयर वन भूमि पर प्राइवेट कंपनियों को प्लांटेशन (पौधरोपण) और सस्टेनेबल हार्वेस्टिंग गतिविधियों के लिए निजी निवेश के जरिए भागीदार बनाया जाए। बोर्ड की हरी झंडी के बाद एजीएम में लगेगी अंतिम मुहर जानकारों का कहना है कि 3 जून को होने वाली बैठक में वन विकास निगम का बोर्ड इस नीति को सैद्धांतिक मंजूरी दे सकता है। बोर्ड से हरी झंडी मिलने के बाद, इस पूरे प्रस्ताव को निगम की आगामी 'एनुअल जनरल मीटिंग' (एजीएम) में अंतिम निर्णय और वैधानिक स्वीकृति के लिए रखा जाएगा। वन विकास निगम के इस कदम को राज्य सरकार की उस बड़ी वन लीज नीति के पायलट प्रोजेक्ट (पहले चरण) के रूप में देखा जा रहा है, जिसकी रूपरेखा पिछले दिनों मुख्य सचिव के निर्देश पर तैयार की गई है। केंद्र की गाइडलाइन और कॉर्पोरेट निवेश का नया मॉडल: दरअसल, केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा 2 जनवरी 2026 को जारी की गई नई गाइडलाइन के बाद राज्यों के लिए यह रास्ता खुला है। केंद्र के नए नियमों के तहत ऐसी गतिविधियों को 'वानिकी गतिविधि' (फॉरेस्ट्री एक्टिविटी) मानकर नेट प्रेजेंट वैल्यू (एनपीवी) और प्रतिपूरक वनीकरण शुल्क से छूट दी गई है। 51 साल से वन भूमि पर प्लांटेशन व कटाई का काम कर रहा निगम वन विकास निगम के पास प्रदेश के 22 जिलों में कुल 4.25 लाख हेक्टेयर वन भूमि है। बीते 51 साल में वन विकास निगम 3.90 लाख हेक्टेयर वन भूमि को उपचारित कर चुका है। इसमें से 3.14 लाख हेक्टेयर वन भूमि में प्लांटेशन क्षेत्र है। बाकी जमीन पर पौधे तैयार करने की नर्सरी, 15 डिपो और 13 इमारती लकड़ी के डिपो हैं। करीब 35 हजार हेक्टेयर खाली जमीन ऐसी है जिसका वन विभाग निगम अब तक कोई उपयोग नहीं कर सका है।
शिवाजी मार्केट के व्यापारियों को मिली राहत, निगम कार्रवाई पर 15 तक रोक
शिवाजी मार्केट व्यापारियों को एक बार फिर हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शुक्रवार देर शाम अवकाशकालीन न्यायालय में सुनवाई के दौरान जज जय कुमार पिल्लई की बेंच ने निगम की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगाते हुए मामले में अगली सुनवाई 15 जून को तय की है। व्यापारियों की ओर से अधिवक्ता मनीष यादव और पंडित करण बैरागी ने पक्ष रखते हुए तर्क दिया कि नगर निगम कमिश्नर ने बिना पर्याप्त सुनवाई का अवसर दिए व्यापारियों की अपील खारिज कर दी। साथ ही आवंटन निरस्तीकरण की कार्रवाई को भी मनमाना और नियम विरुद्ध बताया। निगम की ओर से जवाब पेश करते हुए मेट्रो प्रोजेक्ट और रिवर फ्रंट योजना की आवश्यकता का हवाला दिया गया। निगम ने कहा कि विकास परियोजनाओं के चलते शिवाजी मार्केट क्षेत्र खाली कराना जरूरी है। दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए। लंबे समय से चल रहा विवाद शिवाजी मार्केट को हटाने का मामला लंबे समय से विवादों में है। प्रशासन रिवर फ्रंट परियोजना के तहत 120 व्यापारियों को नंदलालपुरा विस्थापित करना चाहता है। इससे पहले भी हाई कोर्ट ने व्यापारियों को राहत देते हुए निगम प्रशासन को बिना वैधानिक प्रक्रिया अपनाए बेदखली नहीं करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद जनवरी 2026 में निगम ने व्यापारियों की लीज निरस्त कर प्रकरण एसडीएम जूनी इंदौर के समक्ष प्रस्तुत किया था। एसडीएम कोर्ट ने अप्रैल में व्यापारियों को हटाने के आदेश जारी किए थे। उस आदेश के खिलाफ व्यापारियों ने अवकाश के दिन विशेष सुनवाई की मांग करते हुए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। तब न्यायमूर्ति प्रणय वर्मा की बेंच ने व्यापारियों को कमिश्नर के समक्ष अपील करने की अनुमति देते हुए तब तक बेदखली पर रोक लगा दी थी।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों और महंगाई को लेकर विपक्ष के हमलों का जवाब भाजपा अब सीधे जनता के बीच जाकर देने की तैयारी में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 साल पूरे होने के मौके पर पार्टी 5 जून से 21 जून तक पूरे प्रदेश में जनसंपर्क अभियान चलाएगी। इसमें मंत्री, सांसद और विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में पहुंचकर केंद्र सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी देंगे। अभियान की शुरुआत जनसंवाद कार्यक्रमों से होगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव व विजय शर्मा के साथ सरकार के सभी मंत्री जिलों में जाकर मीडिया से बातचीत करेंगे। वहीं सांसद और विधायक गांवों, मंडलों और बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें करेंगे। भाजपा के इस पूरे अभियान को विपक्ष के फ्यूल और महंगाई नैरेटिव का जवाब देने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। दरअसल हाल के दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों और बढ़ती महंगाई को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दल लगातार भाजपा सरकार को घेर रहे हैं। पार्टी के भीतर यह फीडबैक आया है कि महंगाई और ईंधन कीमतों को लेकर लोगों के बीच कुछ नकारात्मक संदेश गया है। ऐसे में भाजपा अब केंद्र सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों तक पहुंचकर राजनीतिक माहौल को अपने पक्ष में करने की तैयारी में है। अभियान के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, पीएम किसान सम्मान निधि और गरीब कल्याण अन्न योजना जैसी योजनाओं को प्रमुखता से प्रचारित किया जाएगा। पार्टी कार्यकर्ता लाभार्थियों से संपर्क कर योजनाओं के प्रभाव को लोगों तक पहुंचाने की कोशिश करेंगे। इधर, प्रदेश भाजपा का संगठनात्मक प्रशिक्षण अभियान भी लगातार जारी है। अधिकांश जिलों में प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरे हो चुके हैं, जबकि कुछ जिलों में जून के पहले सप्ताह तक सत्र आयोजित किए जाएंगे। जनसंपर्क से योग तक, 17 दिन का मेगा प्लान 5 से 21 जून तक चलने वाले कार्यक्रमों के लिए तैयार रोडमैप के अनुसार प्रदेशभर में जनसंपर्क अभियान, जनकल्याण शिविर और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े आयोजन किए जाएंगे। शिविरों के माध्यम से लोगों को केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। वहीं 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसके अलावा मोदी सरकार के 12 साल की उपलब्धियों पर प्रदर्शनी, सम्मेलन और संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
निजी कंपनी के सुपरवाइजर को शेयर मार्केट में निवेश का झांसा, 12 लाख ठगे
राजधानी के धनेली इलाके में निजी कंपनी के सुपरवाइजर से 12 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने शेयर मार्केट में निवेश का झांसा देकर अलग-अलग किश्तों में रकम जमा कराई। जब पीड़ित ने पैसा निकालने की कोशिश की, तो उससे सर्विस चार्ज और टैक्स के नाम पर और पैसे मांगे गए। धनेली निवासी राजेंद्र पांडेय एक निजी कंपनी में सुपरवाइजर हैं। करीब एक माह पहले उन्हें सोशल मीडिया पर एक मैसेज मिला, जिसमें शेयर मार्केट में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का झांसा दिया गया। दिए गए लिंक के जरिए वे एक मैसेंजर ग्रुप से जुड़ गए। इसके बाद ठगों ने उनसे एक एप डाउनलोड कराया और उसमें निवेश के नाम पर पैसे जमा कराना शुरू कर दिया। झांसे में आकर राजेंद्र ने रिश्तेदारों से कर्ज लेकर भी कुल 12 लाख रुपए जमा कर दिए। बाद में टैक्स के नाम पर और पैसे मांगने शुरू किए थे।
छात्रों ने दिखाए स्टार्टअप आइडियाज, माइक्रोबायोलॉजी यूनिट फर्स्ट
भास्कर न्यूज | लुधियाना पीएयू के कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर ने एक्सपीरिएंशियल लर्निंग प्रोग्राम के तहत एक शानदार प्रदर्शनी का आयोजन किया, जिसमें बीएससी (अॉनर्स) एग्रीकल्चर के छात्रों ने अपने इनोवेटिव प्रोडक्ट्स, एंटरप्रेन्योरियल स्किल्स और खेती से जुड़े प्रैक्टिकल ज्ञान को प्रदर्शित किया। पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर डॉ. एसएस गोसल इस प्रदर्शनी के मुख्य अतिथि थे। उन्होंने छात्रों की रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच को प्रदर्शित करने के उनके सराहनीय प्रयासों की तारीफ की। सभा को संबोधित करते हुए, वाइस-चांसलर ने आधुनिक कृषि शिक्षा में एक्सपीरिएंशियल लर्निंग (अनुभव-आधारित शिक्षा) के महत्व पर ज़ोर दिया और छात्रों को कृषि विकास के मुख्य आधार के रूप में इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर के डीन डॉ. चरणजीत सिंह औलख ने बताया कि एक्सपीरिएंशियल लर्निंग प्रोग्राम को सैद्धांतिक ज्ञान और व्यावहारिक अनुप्रयोग के बीच के अंतर को पाटने के लिए डिजाइन किया गया है। यह छात्रों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और पेशेवर दक्षता विकसित करने में मदद करता है। कॉलेज ऑफ हॉर्टिकल्चर एंड फॉरेस्ट्री के डीन डॉ. आरआईएस गिल और कॉलेज ऑफ़ बेसिक साइंसेज एंड ह्यूमैनिटीज की डीन डॉ. किरण बैंस ने भी प्रदर्शनी का दौरा किया और छात्रों द्वारा प्रदर्शित इनोवेटिव विचारों और व्यावहारिक कौशल की सराहना की। इन गणमान्य व्यक्तियों ने विभिन्न स्टॉलों का दौरा किया और छात्रों से बातचीत की, तथा उनकी कड़ी मेहनत, इनोवेटिव विचारों और प्रस्तुति कौशल की तारीफ़ की। विभिन्न स्टॉलों पर वैल्यू-एडेड खाद्य उत्पाद, ऑर्गेनिक उपज, मशरूम उत्पाद, नर्सरी के पौधे, बेकरी आइटम, बायो-फर्टिलाइज़र और खेती से जुड़ी अन्य इनोवेशन प्रदर्शित की गई थीं। इन स्टॉलों ने फैकल्टी सदस्यों, छात्रों और आगंतुकों, सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। इस कार्यक्रम ने छात्रों को एक्सपीरिएंशियल लर्निंग प्रोग्राम के तहत व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से सीखे गए व्यावहारिक कौशल को प्रदर्शित करने के लिए एक मूल्यवान मंच प्रदान किया। ईएलपी के समन्वयक डॉ. जसपाल सिंह और डॉ. पंकज कुमार, जिन्होंने इस कार्यक्रम के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि छात्रों ने अपने उत्पादों को तैयार करने की तकनीकों, आर्थिक व्यवहार्यता और मार्केटिंग रणनीतियों के बारे में आत्मविश्वास के साथ समझाया। यह कृषि-व्यवसाय और कृषि-उद्यमिता के प्रति उनकी समझ को दर्शाता है। फैकल्टी सदस्यों और आगंतुकों ने छात्रों के समर्पण, टीम वर्क और प्रस्तुति कौशल की सराहना की। प्रदर्शनी के दौरान, माइक्रोबायोलॉजी की ईएलपी इकाई ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि कमर्शियल एपीकल्चर (वाणिज्यिक मधुमक्खी पालन) ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। प्लांट ब्रीडिंग की ईएलपी इकाई ने फूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी के साथ मिलकर अपने उत्कृष्ट प्रदर्शनों और प्रस्तुतियों के लिए तीसरा स्थान हासिल किया। जिसमें कुलपति ने विजेता टीमों, प्रतिभागी छात्रों, संकाय सदस्यों और आयोजन समिति को इस कार्यक्रम को ज्ञानवर्धक, अभिनव और प्रेरणादायक बनाने के लिए बधाई दी।
व्यापारियों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और नई तकनीक अपनाने की दी गई सलाह
टिटिलागढ़ मर्चेंट एसोसिएशन के नए पदाधिकारियों व कार्यकारिणी सदस्यों का शपथ ग्रहण समारोह गरिमामय वातावरण में हुआ। कार्यक्रम शाम 7 बजे से रात 9:30 बजे तक आयोजित किया गया। समारोह में सीएआईटी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजकुमार शुक्ला (अंगुल) इंस्टॉलेशन ऑफिसर के रूप में शामिल हुए, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में विधायक नवीन जैन उपस्थित रहे। समारोह में अध्यक्ष शंभू प्रसाद गोयल, सचिव गोपालकृष्ण जैन, कोषाध्यक्ष गंगाधर शर्मा, उपाध्यक्ष संजय सोनी तथा सहसचिव अमन गोयल सहित संगठन के पदाधिकारियों ने शपथ ग्रहण की। इसके अलावा 21 निर्वाचित एवं 21 मनोनीत कार्यकारिणी सदस्यों ने भी संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प लेते हुए शपथ ली। अध्यक्ष शंभू प्रसाद गोयल ने कहा कि मर्चेंट एसोसिएशन हमेशा व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए मजबूती से खड़ी रही है और भविष्य में भी किसी व्यापारी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने संगठन की एकजुटता और सक्रियता को व्यापारियों की सबसे बड़ी ताकत बताया। सीएआईटी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजकुमार शुक्ला ने व्यापारियों की समस्याएं सुनते हुए रेडीमेड गारमेंट्स, कपड़ा व्यवसाय, मेडिकल स्टोर एवं किराना व्यापारियों को विशेष मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि बदलते दौर में व्यापारियों को नई तकनीक और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़ना आवश्यक है। आधुनिक व्यापारिक व्यवस्था अपनाने से ही प्रतिस्पर्धा में मजबूती मिलेगी और व्यापार का विस्तार संभव होगा। स्थानीय व्यापारियों ने साप्ताहिक आधे दिन दुकान बंद रखने के नियम का बाहरी व्यापारियों द्वारा पालन नहीं किए जाने का मुद्दा भी उठाया। इस पर राजकुमार शुक्ला ने कहा कि संगठित प्रयास से ही समस्या का समाधान संभव है। उन्होंने थाना प्रभारी, उप जिला पाल एवं लेबर ऑफिस में लिखित आवेदन देकर नियमानुसार कार्रवाई की सलाह दी। मुख्य अतिथि विधायक नवीन जैन ने व्यापारियों को सीधे कोलकाता, सूरत, अहमदाबाद और मुंबई जैसे बड़े व्यापारिक केंद्रों से खरीदारी करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी, व्यापारियों को सस्ता माल मिलेगा और उपभोक्ताओं को भी बेहतर दर पर सामान उपलब्ध हो सकेगा। कार्यक्रम का समापन आपसी संवाद और रात्रि भोज के साथ सौहार्दपूर्ण माहौल में हुआ।
कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र में नकली चांदी बेचकर एक सुनार से 1.15 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी युवक ने पत्नी के साथ मिलकर बच्चों की बीमारी और आर्थिक तंगी का बहाना बनाते हुए नकली पायल को असली बताकर बेच दिया। हालांकि, सुनार को शक होने पर जब जांच कराई गई तो पूरा खेल सामने आ गया। व्यापारी ने सूझबूझ दिखाते हुए आरोपी को दोबारा दुकान बुलाकर पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। बीमारी और गरीबी का बहाना बनाकर जीता भरोसापीएसी के नेताजी नगर निवासी डालूराम सोनी ने बताया कि उनकी ‘विजय ज्वैलर्स’ नाम से दुकान है। कुछ दिन पहले श्यामनगर निवासी हिमांशु गौतम अपनी पत्नी के साथ दुकान पर आया था। आरोपी ने परिवार की आर्थिक तंगी, बच्चों और पत्नी की बीमारी का हवाला देकर चांदी की पायल बेचने की बात कही। भरोसा जीतने के लिए उसने तीन अलग-अलग बार में करीब 730 ग्राम वजन की पायल बेची, जिसके एवज में सुनार ने उसे 1 लाख 10 हजार रुपये दे दिए। बाकी 5 हजार रुपए लेने के लिए आरोपी को 28 मई को बुलाया गया था। चमक और वजन पर हुआ शक, जांच में निकली नकली पायलसुनार डालूराम सोनी को पायल की चमक और वजन पर शक हुआ, जिसके बाद उन्होंने उसकी गहन जांच कराई। जांच में पता चला कि पायल पूरी तरह नकली है। इसके बाद व्यापारी ने आसपास के अन्य व्यापारियों को बुलाकर योजना बनाई और आरोपी को रुपये लेने के बहाने दुकान पर बुला लिया। दुकान पहुंचते ही उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया। दिल्ली से खरीदी थी नकली पायल, पुलिस गैंग की तलाश मेंपुलिस पूछताछ में आरोपी हिमांशु गौतम ने बताया कि वह दिल्ली में कपड़ों की सिलाई का काम करता है और होली के बाद कानपुर आया था। उसने मेस्टन रोड स्थित चौक की एक दुकान से करीब 3 हजार रुपये में नकली पायल खरीदी थी और उसे असली बताकर 35 हजार रुपये तक में बेचता था। आरोपी ने आर्थिक तंगी के चलते ठगी की बात कबूल की है। चकेरी थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। मामले में कई अहम तथ्य सामने आए हैं और इस ठगी में शामिल अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।
शिवाजी मार्केट मामले में व्यापारियों को फिलहाल बड़ी राहत मिल गई है। गुरुवार देर शाम जस्टिस जय कुमार पिल्लई की अवकाशकालीन कोर्ट ने मामले में सुनवाई करते हुए आगामी सुनवाई तक स्टे दिया है। व्यापारियों की ओर से एडवोकेट मनीष यादव और पंडित करण बैरागी ने पक्ष रखा। उन्होंने कोर्ट में तर्क दिया कि नगर निगम कमिश्नर द्वारा बिना पर्याप्त सुनवाई का अवसर दिए ही व्यापारियों की अपील निरस्त कर दी गई। साथ ही आवंटन निरस्त करने के आदेश को भी मनमाना और नियम विरुद्ध बताया गया। एडवोकेट यादव ने कोर्ट के समक्ष कहा कि प्रभावित व्यापारियों को अपना पक्ष रखने का समुचित अवसर नहीं दिया गया और जल्दबाजी में कार्रवाई की गई। उन्होंने निगम के आदेश को न्यायसंगत प्रक्रिया के विपरीत बताते हुए निरस्त करने की मांग की। वहीं नगर निगम की ओर से जवाब प्रस्तुत करते हुए मेट्रो प्रोजेक्ट और रिवर फ्रंट परियोजना की आवश्यकता का हवाला दिया गया। निगम पक्ष ने कहा कि शहर के विकास और प्रस्तावित परियोजनाओं को ध्यान में रखते हुए यह कार्रवाई जरूरी है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जस्टिस जय कुमार पिल्लई की अवकाशकालीन बेंच ने याचिकाकर्ता व्यापारियों को प्रति उत्तर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही नगर निगम को भी अपनी योजना और प्रस्तावित कार्रवाई का विस्तृत ब्यौरा पेश करने के आदेश दिए गए हैं। कोर्ट ने मामले में अगली सुनवाई 15 जून को निर्धारित की है। तब तक निगम की कार्रवाई पर रोक रहेगी।
सिरसा के ऑटो मार्केट स्थित ब्लू बैरी होटल में देह व्यापार मामले में होटल संचालक प्रिंस की पत्नी नीतू अरोड़ा की जमानत याचिका खारिज कर दी गई है। इसे लेकर जिला कोर्ट ने उसकी याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा, प्रिंस होटल का मालिक है और आप उसमें पार्टनर हो। प्रिंस इसमें मेन आरोपी है और दोनों पति-पत्नी पर आरोप है कि देह व्यापार करवा रहे थे। दोनों पर पीड़िताओं पर शिकायत वापस लेने का भी दबाव बनाने एवं धमकाने का आरोप भी है। शिकायतकर्ता ने जान का खतरा बताया है। ऐसे में जमानत नहीं दी सकती। आरोपी नीतू ने एडशिनल जिला एंड सेशन जज की फास्ट ट्रैक कोर्ट में जमानत याचिका लगाई थी। जो अब खारिज कर दी है। हालांकि, मामले में आरोपी नीतू, महिला यूट्यूबर हैप्पी सिंगला और अन्य फरार चल रहे हैं। अभी तक पुलिस उनको पकड़ नहीं पाई है। अब पुलिस की ओर से आरोपियों की धरपकड़ के प्रयास तेज कर दिए है। सिरसा एसपी दीपक सहारण का कहना है कि जल्द ही बाकी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। इसमें कई लोागें के संलिप्त होने की आशंका है। दोनों महिलाओं के पकड़े जाने के बाद जांच में जो सामने आएगा, उनको जांच में शामिल कर पूछताछ की जाएगी। इसके लिए पुलिस टीमें जुटी हुई है। होटल बंद करवाया, लटका ताला इस मामले के सामने के आने के बाद पुलिस की ओर से रेलवे पुल से ऑटो मार्केट नजदीक ब्लू बैरी होटल को बंद करवा दिया गया है। अब होटल के गेट पर ताला लटका हुआ है। यह मामला चर्चा में आने के बाद सोशल मीडिया पर खूब होटल ट्रोल हुआ और इसकी लोगों ने सख्त टिप्पणी करते हुए आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की माग की है।
पठानकोट में भारतीय इंकलाबी मार्क्सवादी पार्टी (RMPI) बढ़ती महंगाई के खिलाफ 2 जून को प्रदर्शन करेगी। पार्टी डीसी दफ्तर के बाहर केंद्र और पंजाब सरकार का पुतला फूंकेगी। पार्टी की पठानकोट जिला इकाई ने पेट्रोल-डीजल और गैस की लगातार बढ़ रही कीमतों के खिलाफ एक विशेष जागरूकता अभियान शुरू किया है। कार्यकर्ता गांवों और मोहल्लों में जाकर लोगों को महंगाई और ईंधन संकट के प्रति जागरूक कर रहे हैं। 31 मई तक चलेगा अभियान भारतीय इंकलाबी मार्क्सवादी पार्टी, पठानकोट के तहसील सचिव बलवंत सिंह ने बताया कि 18 से 31 मई तक गांवों और मोहल्लों में घर-घर जाकर बैठकों के माध्यम से लोगों को गैस, पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों से अवगत कराया गया। उन्होंने कहा कि देश में लगातार बढ़ रही महंगाई से आम जनता का जीवन प्रभावित हो रहा है। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और पंजाब सरकार महंगाई पर नियंत्रण करने में पूरी तरह विफल रही हैं, जिससे आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। 2 जून को डीसी दफ्तर के बाहर फूकेंगे पुतलाइसी मुद्दे को लेकर 2 जून को डीसी दफ्तर पठानकोट के बाहर केंद्र सरकार और पंजाब सरकार के खिलाफ पुतला फूंक प्रदर्शन किया जाएगा। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और आम लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।
भरतपुर के रूपवास इलाके में आज कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने बढ़ती महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन किया। साथ ही शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका। साथ ही SDM को ज्ञापन दिया। पूर्व विधायक अमर सिंह ने कहा कि बढ़ती महंगाई से हर वर्ग के लोग काफी परेशान हैं। इसके अलावा NEET पेपर लीक के बाद एक अभ्यर्थी को तो, अपनी जान तक गंवानी पड़ी। बढ़ती महंगाई से लोग परेशान बयाना के पूर्व विधायक अमर सिंह ने बताया की गैस, पेट्रोल, डीजल सहित कई सामान पर काफी महंगाई बढ़ गई है। महंगाई से हर वर्ग के लोग परेशान हैं। लोग डरे हुए हैं अगर इसी तरह महंगाई बढ़ती गई तो, यह सभी चीजें खरीदना मुश्किल हो जाएगा। महंगाई के साथ पेपर लीक भी घटनाएं बढ़ रहीं हैं। NEET पेपर लीक में अभ्यर्थी ने जान गंवाई NEET का पेपर लीक हुआ है। अभ्यर्थियों के परिजनों को उम्मीद थी की, हमारे बच्चे का सिलेक्शन हो जाएगा। अभ्यर्थियों ने काफी मेहनत कि लेकिन, पेपर लीक होने के बाद सभी अभ्यर्थी काफी सदमे में आ गए। झुंझुनू के अभ्यर्थी प्रदीप मेघवाल तो, इतना सदमे में आ गया कि उसे अपनी जान गंवानी पड़ी। शिक्षा मंत्री का कांग्रेसियों ने फूंका पुतला कांग्रेस ने नेताओं बढ़ती महंगाई के विरोध में आज SDM ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया। साथ ही मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला भी जलाया। प्रदर्शन के बाद कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने SDM को ज्ञापन सौंपा।
Share Bazaar में हाहाकार, बिकवाली के दबाव में Sensex 1092 अंक फिसला, Nifty भी 359 अंक लुढ़का
Share Market Update News : भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को भारी गिरावट देखने को मिली। कारोबार के दौरान अचानक बिकवाली बढ़ गई, जिससे बाजार में हड़कंप मच गया। अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर अनिश्चितता और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ...
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है। इस मूल्य वृद्धि का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है, क्योंकि परिवहन लागत बढ़ने से सब्जी, फल, किराना और अन्य घरेलू सामान महंगे हो गए हैं। नागरिक सरकार से ईंधन पर टैक्स कम करने और राहत पैकेज जारी करने की मांग कर रहे हैं। विपक्षी दल केंद्र सरकार पर महंगाई को नियंत्रित करने में विफल रहने का आरोप लगा रहे हैं। जन सुराज के जिला अध्यक्ष देवराज सहा ने कहा कि बिहार में महंगाई की समस्या सबसे गंभीर है क्योंकि राज्य की प्रति व्यक्ति आय लगभग 76 हजार रुपये है, जबकि राष्ट्रीय औसत लगभग 2 लाख रुपये है। उन्होंने यह भी कहा कि बढ़ती महंगाई में बिहारियों को घर चलाना बेहद मुश्किल हो रहा है। शहर के चांदनी चौक पर चाय की दुकान चलाने वाले रवि झा ने बताया कि महंगाई का असर उनके व्यवसाय पर भी पड़ा है। दूध की कीमतों में चार रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हुई है, जबकि चाय का कप अभी भी 10 रुपये में बिक रहा है। उन्होंने गैस की अनुपलब्धता और कोयले के दामों में वृद्धि का भी जिक्र किया। रिफाइंड तेल 15 से 20 रुपये प्रति लीटर महंगा स्थानीय किराना दुकानदार संजय साह ने बताया कि पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने के बाद घरेलू पैकेजिंग वाले उत्पादों की कीमतों में उछाल आया है। रिफाइंड तेल 15 से 20 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया है, जबकि सरसों के तेल में भी 5 से 10 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है।
सलूम्बर जिले के झल्लारा क्षेत्र सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में अघोषित बिजली कटौती, भीषण पेयजल संकट और लगातार बढ़ती महंगाई ने आमजन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लगातार सामने आ रही इन समस्याओं के कारण ग्रामीणों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इसी को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर जल्द राहत देने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में बार-बार बिजली लाइन ट्रिप होने और लंबे समय तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली कटौती का सबसे ज्यादा असर पेयजल व्यवस्था पर पड़ा है। कई गांवों में ट्यूबवेल बंद पड़े हैं, जिससे पानी का संकट लगातार गहराता जा रहा है। पानी के लिए भटक रहे लोग और पशु-पक्षी ग्रामीणों ने बताया कि हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि कई स्थानों पर लोगों के साथ पशु-पक्षियों को भी पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार विद्युत विभाग और प्रशासन को शिकायतें देने के बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया है। गर्मी के बीच प्रशासन के खिलाफ बढ़ रहा लोगों का गुस्सा क्षेत्र में लगातार बढ़ रही गर्मी और अनियमित बिजली व्यवस्था के कारण लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि दिन और रात दोनों समय बिजली कटौती होने से घरेलू कामकाज के साथ खेती और पशुपालन भी प्रभावित हो रहा है। पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर की कीमतों से बढ़ा आर्थिक बोझ इधर, पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की बढ़ती कीमतों ने आमजन की आर्थिक स्थिति पर अतिरिक्त दबाव बना दिया है। कई पेट्रोल पंपों पर ईंधन की अनियमित उपलब्धता से वाहन चालकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं रसोई गैस सिलेंडर के लगातार बढ़ते दाम और पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने से ग्रामीण परिवारों को दोबारा लकड़ी और कोयले के चूल्हों का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इससे न केवल घरेलू खर्च बढ़ रहा है, बल्कि पर्यावरण प्रदूषण की समस्या भी गंभीर होती जा रही है। समस्याओं के समाधान की मांग, आंदोलन की चेतावनी कांग्रेस कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि अघोषित बिजली कटौती पर तत्काल रोक लगाई जाए, ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और पेट्रोल, डीजल व रसोई गैस की कीमतों पर नियंत्रण कर आमजन को राहत दी जाए। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो ग्रामीणों को आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
क्राइम ब्रांच ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 25 हजार रुपए के इनामी बदमाश राहुल सिंह राठौर उर्फ बाबा को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर एसटीएफ की ओर से 15 हजार और क्राइम ब्रांच इंदौर की ओर से 10 हजार रुपए का इनाम घोषित था। पुलिस के मुताबिक राहुल सिंह गैंग के मुख्य सरगना राजपाल चंदावत का करीबी सहयोगी था। वह व्यापारियों को धमकाने, हथियार उपलब्ध कराने और फायरिंग व रेकी के लिए लड़कों की व्यवस्था करने का काम करता था। क्राइम ब्रांच को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े आरोपी शहर के व्यापारियों और व्यवसायियों को धमकाकर अवैध वसूली कर रहे हैं। इसी मामले में पहले गिरफ्तार किए गए आरोपी राजपाल चंदावत से पूछताछ के दौरान राहुल सिंह का नाम सामने आया था। पैसों के लेनदेन में मदद करता था इसके बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने कार्रवाई करते हुए देवास जिले के औद्योगिक क्षेत्र थाना अंतर्गत ग्राम बिजाना से राहुल सिंह राठौर को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि वह गैंग के सदस्यों के बीच पैसों के लेन-देन का समन्वय करता था और उन्हें तकनीकी समेत अन्य जरूरी मदद उपलब्ध कराता था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि राहुल सिंह, राजपाल चंदावत के लिए हथियारों की व्यवस्था करता था और फायरिंग व रेकी के लिए युवकों को भेजता था। जांच के दौरान आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। क्राइम ब्रांच थाना इंदौर में उसके खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस उससे लगातार पूछताछ कर रही है। माना जा रहा है कि पूछताछ में गैंग से जुड़े कई और अहम खुलासे हो सकते हैं।
सीकर में रोहित गोदारा गैंग के गुर्गे द्वारा ज्वेलरी शोरूम मालिक से 5 करोड़ की फिरौती मांगने में पुलिस ने एक फाइनेंसर को गिरफ्तार किया है। गोदारा गैंग के हिस्ट्रीशीटर राहुल रिणाउ ने ज्वेलरी शोरूम मालिक से फिरौती मांगी थी। वहीं हिस्ट्रीशीटर राहुल के जीजा शिव गौतम (32) पिता जगदीश निवासी बनवास सिंघाना झुंझुनूं ने इसके लिए एक नाबालिग स्टूडेंट से रैकी कराई थी। वहीं नाबालिग स्टूडेंट को फाइनेंस करते हुए रुपए दिए थे। स्टूडेंट्स को भी डिटेन कर लिया गया है। सीकर के ASP डॉ. तेजपाल सिंह ने बताया- शहर के बाहरी क्षेत्र में अपने साथियों के साथ शिव गौतम को शराब पीते हुए सीकर की DST टीम ने गुरुवार रात को गिरफ्तार किया। इसके बाद शुक्रवार को उसे कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने आरोपी शिव गौतम को 2 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। कोर्ट में पेशी के दौरान आरोपी शिव गौतम को मीडिया के सामने मुंह छुपाता रहा। वहीं पेशी के बाद जब उसे गाड़ी में बैठाया, तब भी वह मुंह नीचे करके बैठा रहा। ASP सिंह ने बताया- आरोपी शिव गौतम झुंझुनूं में बिल्डिंग मैटिरियल की दुकान चलाता है। हाईप्रोफाइल लोगों की रैकी के लिए करता था फाइनेंस सीकर के ASP डॉ. तेजपाल सिंह ने बताया- शहर के ज्वेलरी शोरूम मालिक से जनवरी महीने में विदेशी नंबरों से कॉल करके 5 करोड़ की फिरौती मांगी थी। ज्वेलर को बदमाश राहुल रिणाउ ने फोन करके रोहित गोदारा गैंग की धमकी दी थी। राहुल ने कहा था- यदि फिरौती नहीं दी तो जान से मार देंगे। इस मामले में ज्वेलर ने सीकर के कोतवाली पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया तो पुलिस ने कई आरोपियों को आइडेंटिफाई किया। जानकारी मिलने पर बदमाश राहुल के जीजा शिव गौतम को गिरफ्तार किया गया। शिव गौतम शेखावाटी में हाई प्रोफाइल लोगों की रैकी करने के लिए फाइनेंस का काम करता था। नाबालिग को रैकी के लिए करीब 20 हजार रुपए दिए इससे पहले सीकर पुलिस ने फतेहपुर इलाके से एक नाबालिग स्टूडेंट को डिटेन किया था। जांच में जानकारी मिली कि उसे ज्वेलरी कारोबारी की रैकी करने और इनपुट जुटाने के लिए राहुल रिनाउ ने कहा था। नाबालिग स्टूडेंट को राहुल के जीजा शिव गौतम ने इसके लिए रुपए भी दिए थे। उन रुपए से नाबालिग ने 2 जोड़ी कपड़े खरीदे और घूमने भी गया था। गोदारा गैंग के लिए राजस्थान में पैसों की ट्रेल चला रहा आरोपी पुलिस की अब तक की प्राइमरी जांच में सामने आया कि राहुल रिनाउ के इशारे पर आरोपी शिव गौतम रैकी करने वाले आरोपियों को फाइनेंस करता था। पुलिस को आशंका है कि आरोपी शिव गौतम शेखावाटी नहीं, बल्कि राजस्थान में गोदारा गैंग के लिए पैसों की ट्रेल चलाने में अहम किरदार है। पुलिस पूछताछ में इसका खुलासा होगा। गोदारा गैंग से 3 साल से जुड़ा है हिस्ट्रीशीटर राहुल बता दें कि रोहित गोदारा गैंग में राहुल करीब 2-3 साल से जुड़ा हुआ है। वह फतेहपुर इलाके का हिस्ट्रीशीटर है। वर्तमान में राहुल विदेश में बैठकर रोहित गोदारा के कहने पर सीकर जिले में एक दर्जन से ज्यादा और राजस्थान में भी कई व्यापारियों और बडे़ लोगों को धमकियां दे चुका है। कोर्ट ने दो दिन की रिमांड पर सौंपा सीकर के ASP डॉ. तेजपाल सिंह ने कहा- सीकर के सर्राफा व्यापारी को धमकी देने के मामले में आरोपी शिव गौतम को कोर्ट में शुक्रवार को पेश किया गया। कोर्ट ने आरोपी शिव गौतम को दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
पीलीभीत जिले के बिलसंडा कस्बे में दिनदहाड़े एक कपड़ा व्यापारी पप्पू गुप्ता की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस मामले में स्थानीय पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। घटना से दो दिन पहले पीड़ित साइकिल व्यापारी पंकज कटियार को जान से मारने की धमकी मिली थी, जिसकी शिकायत पुलिस को दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पूर्व मंत्री रामसरन वर्मा के बिलसंडा पहुंचने पर पंकज कटियार ने अपनी आपबीती सुनाई। पंकज के अनुसार, मंगलवार को उन्हें एक अज्ञात नंबर से धमकी भरा कॉल आया था। फोन करने वाले ने खुद को समाजवादी पार्टी का नेता बताते हुए कुछ लोगों से बात कराने का दबाव बनाया था। पंकज ने तुरंत इसकी तहरीर बिलसंडा पुलिस को दी थी। शिकायत मिलने के बावजूद पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया और कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। गुरुवार शाम को लगभग आठ बाइक सवार बदमाशों ने पंकज कटियार पर जानलेवा हमला कर दिया। चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी कपड़ा व्यापारी पप्पू गुप्ता बीच-बचाव करने पहुंचे। आरोपियों का जल्द एनकाउंटर हो बदमाशों ने पप्पू गुप्ता को गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी। व्यापारी संगठनों का कहना है कि यदि पुलिस ने दो दिन पहले मिली तहरीर पर समय रहते कार्रवाई की होती, तो शायद इस हत्याकांड को टाला जा सकता था। हालांकि, धमकी देने वाला व्यक्ति वास्तव में सपा नेता था या कोई और, इसकी पुष्टि अभी नहीं हो पाई है। बिलसंडा पुलिस ने साइकिल व्यापारी की शिकायत पर 7 नामजद और 8 अज्ञात सहित कुल 15 लोगों के खिलाफ हत्या और हमले का मुकदमा दर्ज किया है। वहीं, मृतक पप्पू गुप्ता के बेटे रामू ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि उनके पिता परिवार का इकलौता सहारा थे, मृतक के बेटे ने कहा कि योगी सरकार में हर किसी को न्याय मिलता है, हम भी चाहते हैं कि आरोपियों का जल्द एनकाउंटर हो और हमें आर्थिक सहायता मिले।
करनाल के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में एक व्यापारी ने पुलिस पर पद के दुरुपयोग और अवैध हिरासत में रखने के गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के अनुसार 26 मई को एक एएसआई दो पुलिसकर्मियों के साथ दुकान पर पहुंची और व्यापारी को जबरन थाने ले जाकर करीब तीन घंटे तक बैठाए रखा। इस दौरान उस पर दुकान का कब्जा छोड़ने का दबाव बनाया गया और मना करने पर झूठे केस में फंसाने की धमकी दी गई। पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक करनाल को की है। दुकान से उठाकर थाने ले जाने का आरोपकरनाल निवासी सचिन गुप्ता ने पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में बताया कि वह ‘सिंगला स्टोर्स’ नाम से व्यापार करते हैं। उनके अनुसार 26 मई को सिविल लाइन थाना में तैनात एएसआई आशा रानी दो अन्य पुलिसकर्मियों के साथ उनकी दुकान पर पहुंचीं। वहां से उन्हें जबरन उठाकर सरकारी गाड़ी में बैठाया गया और सीधे थाने ले जाया गया। तीन घंटे तक अवैध हिरासत में रखासचिन गुप्ता का आरोप है कि थाने में उन्हें लगभग तीन घंटे तक एक कैदी की तरह बैठाकर रखा गया। इस दौरान एएसआई आशा रानी लगातार उन पर दबाव बनाती रहीं कि वे दुकान नंबर 23 की चाबियां और कब्जा सविता गर्ग, श्रवण गर्ग और प्रतीक गर्ग को सौंप दें। 18 महीने से कब्जा, तीनों पक्ष बराबर हिस्सेदारशिकायत में बताया गया है कि दुकान नंबर 23 में तीनों पक्ष बराबर के हिस्सेदार हैं और पिछले 18 महीनों से दुकान का वास्तविक कब्जा सचिन गुप्ता के पास है। आरोप है कि इसी कब्जे को उनसे छीनने के लिए पुलिस ने दूसरी पार्टी के साथ मिलकर दबाव बनाया। मना करने पर 107/151 में फंसाने की धमकीसचिन गुप्ता ने बताया कि जब उन्होंने चाबियां देने से इनकार किया तो एएसआई ने उन्हें डराया-धमकाया और कहा कि उनके खिलाफ 107/151 के तहत कार्रवाई कर दी जाएगी। इस धमकी के कारण वे और उनका परिवार मानसिक तनाव में आ गए। व्यापारी और वकील पहुंचे, फिर भी नहीं मानी पुलिसघटना की सूचना मिलने पर बाजार के कई व्यापारी थाने पहुंचे और पुलिस से सचिन को छोड़ने की मांग की। उनके वकील भी मौके पर पहुंचे और पुलिस को बताया कि यह पूरी तरह सिविल मामला है, जिसे कोर्ट या मीडिएशन सेंटर में सुलझाया जाना चाहिए। लेकिन आरोप है कि एएसआई ने यह सलाह मानने से इनकार कर दिया और कहा कि फैसला थाने में ही होगा। साजिश और प्रतिष्ठा को ठेस का आरोपसचिन गुप्ता का कहना है कि यह पूरा मामला एक सोची-समझी साजिश है, जिसमें पुलिस ने पक्षपात करते हुए उनकी छवि को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने कहा कि इस घटना से उनकी वर्षों की कमाई हुई प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है और परिवार को गहरा सदमा लगा है। निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांगशिकायत में सचिन गुप्ता ने एएसआई आशा रानी और उनके साथ आए पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही सविता गर्ग, श्रवण गर्ग और प्रतीक गर्ग से जान-माल की सुरक्षा देने की भी अपील की है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य व्यापारी के साथ ऐसा न हो।
मजबूत वैश्विक संकेतों से भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में खुला; सेंसेक्स 76,000 के ऊपर
मजबूत वैश्विक संकेतों से भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार के सत्र में हरे निशान में खुला। सुबह 9:24 पर सेंसेक्स 213 अंक या 0.28 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,080 और निफ्टी 44 अंक या 0.20 प्रतिशत की तेजी के साथ 23,951 पर था।
उन्नाव में जिला कांग्रेस कमेटी ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुरेंद्र कुशवाहा ने केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आर्थिक संकट, भ्रष्टाचार, पेपर लीक और बढ़ती महंगाई को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। कुशवाहा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार आम जनता की जेब पर लगातार हमला कर रही है,जबकि अपने नेताओं और उद्योगपति मित्रों को लाभ पहुंचाने में लगी हुई है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि देश और प्रदेश इस समय आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि स्वयं प्रधानमंत्री भी भविष्य में आर्थिक संकट की आशंका जता चुके हैं। इसके बावजूद सरकार जनता की समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय “आपदा में अवसर” तलाशने की नीति पर काम कर रही है। सुरेंद्र कुशवाहा ने आरोप लगाया कि भाजपा के विधायक, सांसद और मंत्री भ्रष्टाचार के जरिए अपनी संपत्तियां बढ़ाने में लगे हुए हैं। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि वह विपक्षी नेताओं की संपत्तियों की जांच कराने की बात करती है, लेकिन अपने जनप्रतिनिधियों की संपत्ति की जांच क्यों नहीं कराती। कुशवाहा ने कहा कि यदि चुनाव के समय दिए गए हलफनामों और वर्तमान संपत्ति का तुलनात्मक परीक्षण कराया जाए तो सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता की परेशानियों के पीछे भाजपा की पूरी मशीनरी जिम्मेदार है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में पेपर लीक के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं के लगातार पेपर लीक होना सीधे तौर पर भ्रष्टाचार को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि गरीब और मध्यम वर्गीय छात्र वर्षों तक मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, कोचिंग पर लाखों रुपये खर्च करते हैं और सरकार आवेदन शुल्क के नाम पर उनसे मोटी रकम वसूलती है। इसके बाद परीक्षा का पेपर लीक हो जाता है, जिससे छात्रों का भविष्य अंधकार में चला जाता है। कुशवाहा ने हाल ही में हुए नीट परीक्षा पेपर लीक का जिक्र करते हुए इसे चार-पांच साल तक तैयारी करने वाले छात्रों के साथ अन्याय बताया। उन्होंने उन एजेंसियों की जांच की मांग की, जिनके माध्यम से परीक्षाएं आयोजित कराई जाती हैं। उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब परीक्षाओं के दौरान छात्रों की कड़ी तलाशी ली जाती है, कलावा तक कटवाया जाता है और महिलाओं की बिछिया तक उतरवाई जाती है, तब आखिर पेपर लीक कैसे हो जाता है। उन्होंने कहा कि इसकी नैतिक जिम्मेदारी सरकार और संबंधित एजेंसियों को लेनी चाहिए। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने महंगाई और पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार आम आदमी की जेब से पैसा निकालकर बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचा रही है। उन्होंने नोटबंदी, जनधन खातों और ईंधन की कीमतों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार लगातार जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ा रही है। उन्होंने किसानों को डीजल वितरण में लगाए जा रहे प्रतिबंधों पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि किसानों से आधार कार्ड दिखाकर सीमित मात्रा में डीजल देने की बात कही जा रही है, जबकि भाजपा नेताओं के बड़े-बड़े काफिले बिना किसी रोकटोक के चलते हैं। उन्होंने पूछा कि आखिर उन काफिलों के लिए डीजल कहां से आता है।
बीकानेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से शुक्रवार को शहर में बिगड़ी जलापूर्ति व्यवस्था, बढ़ती महंगाई, डीजल-पेट्रोल और रसोई गैस के दामों में वृद्धि के साथ-साथ बिजली-पानी की अव्यवस्था के विरोध में ‘मटका फोड़ प्रदर्शन’ किया जाएगा। प्रदर्शन प्रदेश कांग्रेस के निर्देश पर आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम के तहत सुबह 10:30 बजे रतन बिहारी पार्क से पैदल जुलूस शुरू होगा, जो जिला कलेक्टर कार्यालय तक पहुंचेगा। यहां कलेक्ट्रेट के सामने कार्यकर्ता मटके फोड़कर विरोध दर्ज कराएंगे। कल्ला की अगुवाई में होगा बड़ा प्रदर्शन, कई संगठन होंगे शामिल पूर्व मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला की अगुवाई में होने वाले इस प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस ने व्यापक तैयारियां की हैं। कल्ला ने कहा कि बढ़ती महंगाई से आमजन परेशान है, जबकि सरकार केवल दाम बढ़ाने का काम कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन में प्रदेश पदाधिकारी, पीसीसी सदस्य, जिला कांग्रेस, यूथ कांग्रेस, महिला कांग्रेस, एनएसयूआई, सेवादल, इंटक, वार्ड अध्यक्ष, पार्षद और पार्षद प्रत्याशी सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे। हर वार्ड से जुटेंगे कार्यकर्ता, भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की तैयारी शहर कांग्रेस के युवा कार्यकर्ताओं के अनुसार प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए सभी वार्डों में तैयारियां की जा रही हैं। कार्यकर्ता हाथों में मटकियां लेकर पैदल मार्च करेंगे और भाजपा सरकार व स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करेंगे। पानी-बिजली संकट को लेकर सरकार पर निशाना डॉ. बी.डी. कल्ला ने कहा कि भीषण गर्मी के बीच बीकानेर में पानी और बिजली की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। आम नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में प्रशासन पूरी तरह विफल साबित हो रहा है। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस सड़कों पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराएगी।
सतना में सीवर प्रोजेक्ट से व्यापारी परेशान:चैंबर के प्रदर्शन पर कारोबारियों ने पूछा- अब तक कहां थे?
सतना नगर निगम क्षेत्र में चल रही 206 करोड़ रुपये की सीवर लाइन परियोजना से व्यापारी और आम जनता परेशान हैं। मुख्य बाजारों में लगातार हो रही खुदाई, गहरे गड्ढे और उड़ती धूल-मिट्टी के कारण कारोबार ठप हो गया है। इसी परेशानी को लेकर गुरुवार शाम व्यापारियों ने विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें विंध्य चैंबर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारी भी शामिल हुए। यह परियोजना पिछले कई सालों से चल रही है, जिससे बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही कम हो गई है और दुकानदारों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। व्यापारी आए दिन सड़कों पर बैठकर अपनी नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं। गुरुवार शाम को बाजार क्षेत्र के बिहारी चौक से महावीर भवन तक जाने वाले रास्ते के व्यापारी अपनी दुकानें छोड़कर सड़क पर उतर आए। उन्होंने बताया कि सीवर लाइन डालने के बाद पिछले 15 दिनों से पूरी सड़क खुदी पड़ी है, जिससे उनका व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और दुकानों में ग्राहक नहीं आ रहे हैं। स्थानीय व्यापारियों के विरोध की खबर मिलते ही विंध्य चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष सतीश सुखेजा अपनी पूरी कार्यकारिणी के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने व्यापारियों की नाराजगी को भांपते हुए उनके साथ विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया और नगर निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान सतना का विकास, सत्यानाश जैसे नारे भी लगाए गए। हालांकि, चैंबर पदाधिकारियों की मौजूदगी पर सवाल भी उठे। जयस्तंभ चौक के एक इलेक्ट्रॉनिक्स व्यापारी ने पूछा कि 15 दिन पहले जब व्यापारियों ने सड़क के गड्ढों में बैठकर आंदोलन किया था, तब चैंबर के पदाधिकारी कहां थे? दरअसल, जून माह के अंतिम सप्ताह में विंध्य चैंबर ऑफ कॉमर्स के संभावित चुनाव हैं, जिसे व्यापारियों की राजनीति से जुड़े जानकार चैंबर पदाधिकारियों के इस 'चुनावी मरहम' का कारण मान रहे हैं। इन जानकारों की बात को तब बल मिलता है जब प्रदेश की भाजपा सरकार में भाजपा की ही नगर सरकार के खिलाफ व्यापारियों की संस्था के भाजपा समर्थित पदाधिकारी नारेबाजी करते हुए नजर आए।ऐसे में माना यह जा रहा है कि महीनों से परेशान व्यापारियों के पास चैंबर पदाधिकारी चुनावी चासनी ले कर पहुंचे थे।
कोटगेट पर सिर्फ 4 मीटर चौड़ा अंडर ब्रिज: ना एम्बुलेंस निकलेगी, ना फायर ब्रिगेड: व्यापार मंडल
आजादी के पहले की रेलवे क्रॉसिंग समस्या को लेकर प्रस्तावित अंडर ब्रिज (आरयूबी) और अंडरपास योजना गंभीर विवादों में है। बीकानेर व्यापार एसोसिएशन और जन संघर्ष समिति ने इसे जनता के लिए अव्यावहारिक और घातक करार दिया है। गुरुवार को एक प्रेस वार्ता में पदाधिकारियों ने सरकार की इस योजना की तकनीकी कमियां उजागर करते हुए इसे तुरंत रोकने की मांग की। पूर्व विधायक व अधिवक्ता आर.के. दास गुप्ता ने बताया कि प्रशासन कोटगेट पर जिस आरयूबी के निर्माण की तैयारी कर रहा है, वह बेहद संकरा है। कोटगेट की 16 मीटर चौड़ी सड़क पर मात्र 4 मीटर चौड़ा और 2.5 मीटर ऊंचा अंडर ब्रिज बनाया जाएगा। बाकी 12 मीटर सड़क वैसी ही रहेगी। इससे रेलवे क्रॉसिंग पूरी तरह खत्म नहीं होगी, बल्कि छोटे रूप में बनी रहेगी। वर्तमान में यह फाटक दिन में 60 बार बंद होता है, जिसमें 40 बार शंटिंग और 20 बार ट्रेनों की आवाजाही होती है। इस संकरे रास्ते से बड़ी एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस की गाड़ियां नहीं निकल पाएंगी। 50% से अधिक पैदल यात्रियों के लिए कोई सुरक्षित मार्ग नहीं बचेगा। दोनों तरफ चौराहे बनने से जाम और हादसों का ग्राफ बढ़ेगा। सबसे बड़ा संकट बारिश के पानी का होगा। बारिश का पूरा पानी इस अंडर ब्रिज में भरेगा। प्रशासन का 5 घंटे में पानी निकालने का दावा पूरी तरह खोखला है। सांखला फाटक बंद होने से टूटेगी बाजारों की कनेक्टिविटी योजना के तहत सांखला फाटक दीवार बनाकर बंद होगा। इससे बीकानेर के मुख्य बाजार, स्टेशन रोड और केईएम रोड की कनेक्टिविटी पूरी तरह टूट जाएगी। फाटक से 300 मीटर दूर कोयला गली और मटका गली के बीच 5+5 मीटर का अंडरपास प्रस्तावित है। चूंकि कोयला गली बेहद संकरी है और वहां पहले से वन-वे ट्रैफिक है, इसलिए 14 मीटर चौड़े वर्तमान सांखला फाटक का पूरा ट्रैफिक यह अंडरपास नहीं झेल पाएगा। व्यापार एसोसिएशन के अध्यक्ष नरपत सेठिया, सचिव उमेश मेहंदीरत्ता और श्याम तंवर ने सरकार से मांग की है कि इस प्रोजेक्ट को रोककर वर्ष 2003 की बाईपास रेल लाइन परियोजना को पुनः शुरू किया जाए। इस बाईपास का सर्वे, नक्शा, भूमि अधिग्रहण और अवार्ड तक हो चुका था, लेकिन 2005 में राजनीतिक कारणों से इसे ठप कर दिया गया। टाउन प्लानिंग विशेषज्ञों ने भी बाईपास को ही सही समाधान माना है। समिति ने केंद्रीय मंत्री और स्थानीय सांसद अर्जुन राम मेघवाल से इस योजना को दोबारा शुरू कराने की विशेष अपील की है, जो 2008 में खुद इस मुद्दे को लेकर तत्कालीन रेल मंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे से मिले थे। पदाधिकारियों ने चेताया कि रेलवे ने बीकानेर ईस्ट से लालगढ़ तक ₹278 करोड़ की लागत से रेल लाइन दोहरीकरण को मंजूरी दी है। घनी आबादी के बीच से गुजरने वाले इस ट्रैक के कारण सैकड़ों घर और दुकानें उजाड़े जाएंगे। अगर इसकी जगह बाईपास लाइन डाली जाए तो बेहद कम लागत में रेलवे का उद्देश्य भी पूरा हो जाएगा और शहर भी तबाही से बच जाएगा। रेलवे को ₹2 करोड़ की बचत अधिवक्ता आर.के. दास गुप्ता के अनुसार, यह योजना केवल रेलवे की सुविधा के लिए है, जिससे उसे सालाना ₹2 करोड़ की बचत होगी। इसके बदले बीकानेर की जनता को भारी जाम, प्रदूषण, ईंधन की बर्बादी और जान-माल का खतरा उठाना पड़ेगा। यह मामला फिलहाल जोधपुर हाईकोर्ट में विचाराधीन है। सांखला फाटक पर दीवार खड़ी करना व्यापार और आम जनता के लिए आत्मघाती कदम होगा। जब मास्टर प्लान खुद बाईपास की वकालत करता है और उसका पूर्व में सर्वे व भूमि अधिग्रहण हो चुका है, तो ₹278 करोड़ की भारी-भरकम राशि से शहर को उजाड़ने अनुचित है।
गुना इंडस्ट्रियल क्षेत्र:छोटे निवेशकों ने दिखाया भरोसा, 601 करोड़ के 131 प्रस्ताव
अडानी ग्रुप के गुना में निवेश करने के बाद औद्योगिक माहौल में बदलाव आया है। देशी के शीर्ष उद्योगपतियों में शामिल गौतम अडानी ने गुना में निवेश किया तो छोटे निवेशक भी यहां का रुख करने लगे।मालवा का द्वार कहा जाने वाला गुना जिला अब मध्य प्रदेश के बड़े औद्योगिक हब के रूप में स्थापित होने जा रहा है। हाल ही में आयोजित इन्वेस्टर मीट में निवेशकों ने गुना की धरती पर जबरदस्त भरोसा दिखाया है। जिले के पिपरौदा खुर्द औद्योगिक पार्क में उद्योग लगाने के लिए निवेशकों द्वारा कुल 131 प्रस्ताव मिले हैं, जिनके जरिए 601.4 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव (Intention to Invest) सौंपे गए हैं। इस महा-निवेश से न केवल जिले की अर्थव्यवस्था बुलेट ट्रेन की रफ्तार पकड़ेगी, बल्कि स्थानीय हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि अडानी जैसे बड़े समूह के कदम पड़ने से गुना की क्रेडिबिलिटी (साख) बढ़ी है, यही वजह है कि अब छोटे और मध्यम श्रेणी के एमएसएमई उद्योगपति भी यहां निवेश के लिए कतार में खड़े हैं। मावन: 1 हजार करोड़ का निवेश ग्राम मावन में अडानी ग्रुप द्वारा 1059 करोड़ रुपये के भारी-भरकम निवेश से सीमेंट ग्राइंडिंग यूनिट स्थापित की जा रही है। यह विशाल परियोजना मावन में 32.783 हेक्टेयर भूमि पर आकार ले रही है। इस यूनिट को हर साल 10 लाख टन उत्पादन क्षमता के साथ विकसित किया जा रहा है। रोजगार की बहार: इस अकेले प्रोजेक्ट से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 500 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। कृषि में हम मॉडल विकसित कर रहे हैं कि किसान 50 हजार रुपए नहीं, बल्कि 15 लाख रुपए प्रति एकड़ तक कमाए। सब्जी से पांच लाख, थाई अमरूद से 10 लाख और गुलाब पॉली हाउस से 15 लाख प्रति एकड़ आमदनी गुना में होने लगी है। अडानी समूह 1 हजार करोड़ के निवेश के बाद 600 करोड़ के और निवेश प्रस्ताव आए हैं। -किशोर कन्याल, कलेक्टर, गुना
वीएसीएल जन सहयोग क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड के खिलाफ ईओडब्ल्यू ने केस दर्ज किया है। जांच में सामने आया कि संस्था अधिक ब्याज, कम समय में रकम दोगुनी-तिगुनी करने और नौकरी दिलाने का लालच देकर अलग-अलग योजनाओं में निवेश करवाती थी। करीब 3000 निवेशकों से राशि जमा कराने के बाद परिपक्वता अवधि पूरी होने पर भी रकम वापस नहीं की गई। ईओडब्ल्यू थाना भोपाल में संस्था के तत्कालीन अध्यक्ष राकेश कुमार शर्मा, उपाध्यक्ष बीएस चौहान, अभिषेक शर्मा, संचालकों और अन्य सहयोगियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। उन्हें धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, अमानत में खयानत और मप्र निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम की धाराओं में आरोपी बनाया गया है। ईओडब्ल्यू के अनुसार संस्था का रजिस्ट्रेशन 3 सितंबर 2013 को मप्र सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 के तहत हुआ था। संस्था का पहला दफ्तर अरेरा कॉलोनी के 11 नंबर स्टॉप स्थित ई-6/76 में संचालित हुआ, जिसे बाद में मानसरोवर कॉम्पलेक्स में शिफ्ट किया गया। 12% ब्याज और दोगुनी रकम का दावा जांच में पाया गया कि संस्था डेली डिपॉजिट, मासिक बचत, फिक्स डिपॉजिट, रिकरिंग डिपॉजिट और मासिक आय योजना जैसी स्कीमों के जरिए निवेश जुटा रही थी। निवेशकों को जन सहयोग कैश क्रेडिट सर्टिफिकेट जारी किए जाते थे, जिनमें जमा राशि, ब्याज दर, परिपक्वता तिथि और भुगतान राशि का जिक्र रहता था। प्रचार सामग्री और सर्टिफिकेट के जरिए निवेशकों को 12 प्रतिशत या उससे ज्यादा ब्याज, साढ़े पांच साल में रकम दोगुनी या तिगुनी होने और आकर्षक लाभ मिलने का भरोसा दिया जाता था। कई लोगों को नौकरी और कमीशन पर काम देने का झांसा देकर भी निवेश करवाया गया। बैंक खाते में 1.64 करोड़ रुपए जमा मिले: जांच के दौरान बैंक ऑफ बड़ौदा की हबीबगंज शाखा से संस्था के बैंक खाते की जानकारी ली गई। रिकॉर्ड परीक्षण में खाते में लगातार बड़ी मात्रा में राशि जमा और निकासी होना पाया गया। बैंक रिकॉर्ड के अनुसार खाते में करीब 1 करोड़ 64 लाख 64 हजार 504 रुपए जमा करवाए गए थे। खाते का संचालन मुख्य रूप से संस्था के अध्यक्ष राकेश शर्मा द्वारा किया जा रहा था। पैसा मांगा तो ऑफिस बंद जांच में 40 निवेशकों और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए गए। निवेशकों ने बताया कि संस्था वर्ष 2013-14 से निवेश ले रही थी। जब लोगों ने राशि वापस मांगी तो शुरुआत में जल्द भुगतान का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में कार्यालय अधिकतर समय बंद मिलने लगा। आरोपियों ने मोबाइल फोन बंद कर लिए और निवेशकों से संपर्क खत्म कर दिया। कुछ निवेशकों के चेक बाउंस भी हुए। जांच में दस्तावेज मिले ईओडब्ल्यू को जांच के दौरान कुछ दस्तावेज मिले हैं, जिनसे आरोपी राकेश शर्मा द्वारा संपत्ति खरीदे जाने की जानकारी सामने आई। जांच में पाया गया कि संस्था के संचालन काल के दौरान वर्ष 2014 में ग्राम दीवानगंज, जिला विदिशा में 25 लाख रुपए और 1 करोड़ रुपए की दो अचल संपत्तियां खरीदी गई थीं। इसके अलावा आवासीय भूखंड से जुड़े दस्तावेज भी जांच एजेंसी को मिले हैं।
भारतीय रेलवे ने देश के अन्य हिस्सों को जम्मू-कश्मीर से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण रेल मार्ग पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कठुआ और माधोपुर रेलखंड के बीच स्थित रेलवे पुल संख्या 17 का जीर्णोद्धार कार्य पूर्ण होने जा रहा है। जिससे देश भर से जम्मू की ओर आने वाली 17 प्रमुख ट्रेनें एक बार फिर पटरी पर लौट आएंगी। कार्य के पूर्ण होने पर डाउन साइड के ट्रैक को जून माह से पुनः शुरू किया जा रहा है। इससे पहले रेलवे ब्रिज पर मरम्मत के चलते केवल अप साइड का सिंगल रेलवे ट्रैक ही चालू था। अप और डाउन दोनों साइड के रेलवे ट्रैक फिट होने से रेल यातायात सुगम और सुचारू रूप से चलेगा। इससे ना केवल आम यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि श्री अमरनाथ और वैष्णो देवी श्रद्धालुओं के लिए भी यात्रा सुगम और सरल होगी। 9 महीने पहले बैठ गया था पिलरबता दें, अगस्त 2025 में जब रावी नदी में भारी बाढ़ आई, तो इस पुल का पिलर नंबर 10 लगभग 3 फीट नीचे धंस गया था। इसके कारण रेलवे को सुरक्षा के लिहाज से 70 से ज्यादा ट्रेनें रद्द करनी पड़ी थीं। जम्मू का देश से संपर्क 'डाउन ट्रैक' पर पूरी तरह ठप हो गया था और ट्रेनों को सिंगल ट्रैक (वन-वे) की तरह चलाना पड़ रहा था, जिससे ट्रेनें घंटों लेट हो रही थीं। अब रेलवे इंजीनियरों ने दिन-रात काम करके इस पुल को दोबारा पूरी मजबूती के साथ तैयार कर दिया है। 31 मई तक इस खंड पर इंटरलॉकिंग का कार्य पूर्ण होगा। जून से शुरू बहाल होगा रेलमार्गजम्मू रेल डिवीजन के अधिकारियों ने बताया कि दोनों साइड (अप-डाउन) ट्रैक को जून माह से पुनः शुरू किया जा रहा है। इससे पहले रेलवे ब्रिज पर मरम्मत के चलते केवल अप साइड का सिंगल रेलवे ट्रैक ही चालू था। अप और डाउन दोनों साइड के रेलवे ट्रैक फिट होने से रेल यातायात सुगम और सुचारू रूप से चलेगा। जून से दोनों ट्रैकों पर ट्रेनें फिर से पूरी रफ्तार से दौड़ेंगी, जिससे उत्तर भारत का व्यापार, सेना की आवाजाही और आम यात्रियों का सफर एक बार फिर सुगम हो जाएगा। बेहद महत्वपूर्ण है ये पुलबता दें, जम्मू-कश्मीर को देश से जोड़ने वाली इकलौती रेलवे कड़ी यह पुल पंजाब के माधोपुर को जम्मू-कश्मीर के कठुआ (लखनपुर) से जोड़ता है। पूरे भारत से जितनी भी ट्रेनें जम्मू, ऊधमपुर या श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा जाती हैं, उन सभी को इसी रावी पुल को पार करके जाना पड़ता है। इसके बिना कश्मीर घाटी के लिए रेल संपर्क पूरी तरह कट जाता है। पठानकोट (पंजाब) और कठुआ (जम्मू-कश्मीर) के बीच रावी नदी पर स्थित माधोपुर रावी पुल (संख्या 17) केवल एक पुल नहीं है, बल्कि इसे जम्मू-कश्मीर की लाइफलाइन कहा जाता है। सामरिक, भौगोलिक और आर्थिक दृष्टिकोण से इस पुल का महत्व बेहद खास है। 1. जम्मू-कश्मीर को देश से जोड़ने वाली इकलौती रेलवे कड़ीयह पुल पंजाब के माधोपुर को जम्मू-कश्मीर के कठुआ (लखनपुर) से जोड़ता है। पूरे भारत से जितनी भी ट्रेनें जम्मू, उधमपुर या श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा जाती हैं, उन सभी को इसी रावी पुल को पार करके जाना पड़ता है। इसके बिना कश्मीर घाटी के लिए रेल संपर्क पूरी तरह कट जाता है। 2. देश की सुरक्षा और सामरिक महत्वजम्मू-कश्मीर सीमावर्ती राज्य होने के कारण भारतीय सेना के लिए बहुत संवेदनशील है। इस पुल के जरिए ही सेना के जवानों, हथियारों, टैंकों और अन्य सैन्य साजो-सामान (रसद) को पंजाब के रास्ते जम्मू और आगे नियंत्रण रेखा या अंतर्राष्ट्रीय सीमा तक पहुंचाया जाता है। युद्ध या किसी भी आपातकालीन स्थिति में इस पुल की भूमिका सबसे बड़ी हो जाती है। 3. माता वैष्णो देवी और अमरनाथ यात्रा का आधारहर साल करोड़ों श्रद्धालु माता वैष्णो देवी के दर्शन और अमरनाथ यात्रा के लिए जम्मू-कश्मीर जाते हैं। पर्यटकों और श्रद्धालुओं को लेकर जाने वाली सभी प्रमुख ट्रेनें (जैसे वंदे भारत, राजधानी, स्वराज एक्सप्रेस आदि) इसी पुल से होकर गुजरती हैं। इस पुल पर कोई भी रुकावट आने से पूरे देश के पर्यटन और धार्मिक यात्राओं पर सीधा असर पड़ता है। पुल के शुरू होने से ये प्रमुख ट्रेनें होंगी बहाल1. दुर्ग - शहीद कैप्टन तुषार महाजन (उधमपुर) एक्सप्रेस (अप और डाउन)ट्रेन संख्या 12549: दुर्ग (छत्तीसगढ़) से शहीद कैप्टन तुषार महाजन (MCTM - उधमपुर, जम्मू-कश्मीर)ट्रेन संख्या 12550: शहीद कैप्टन तुषार महाजन (MCTM - उधमपुर) से दुर्ग (छत्तीसगढ़)2. साबरमती - माता वैष्णो देवी कटड़ा एक्सप्रेस (अप और डाउन)ट्रेन संख्या 19415: साबरमती BG (अहमदाबाद, गुजरात) से माता वैष्णो देवी कटड़ा (जम्मू-कश्मीर)ट्रेन संख्या 19416: माता वैष्णो देवी कटड़ा से साबरमती BG (अहमदाबाद)3. दुर्ग - शहीद कैप्टन तुषार महाजन सुपरफास्ट एक्सप्रेस (अप और डाउन)ट्रेन संख्या 20847: दुर्ग (छत्तीसगढ़) से शहीद कैप्टन तुषार महाजन (MCTM - उधमपुर, जम्मू-कश्मीर)ट्रेन संख्या 20848: शहीद कैप्टन तुषार महाजन (MCTM - उधमपुर) से दुर्ग (छत्तीसगढ़)4. कोटा - शहीद कैप्टन तुषार महाजन एक्सप्रेस (अप और डाउन)ट्रेन संख्या 20985: कोटा जंक्शन (राजस्थान) से शहीद कैप्टन तुषार महाजन (MCTM - उधमपुर, जम्मू-कश्मीर)ट्रेन संख्या 20986: शहीद कैप्टन तुषार महाजन (MCTM - उधमपुर) से कोटा जंक्शन (राजस्थान)5. इंदौर - शहीद कैप्टन तुषार महाजन एक्सप्रेस (अप और डाउन)ट्रेन संख्या 22941: इंदौर जंक्शन (मध्य प्रदेश) से शहीद कैप्टन तुषार महाजन (MCTM - उधमपुर, जम्मू-कश्मीर)ट्रेन संख्या 22942: शहीद कैप्टन तुषार महाजन (MCTM - उधमपुर) से इंदौर जंक्शन (मध्य प्रदेश)6. काठगोदाम - जम्मू तवी गरीब रथ एक्सप्रेस (अप और डाउन)ट्रेन संख्या 12207: काठगोदाम (उत्तराखंड) से जम्मू तवी (जम्मू-कश्मीर)ट्रेन संख्या 12208: जम्मू तवी से काठगोदाम (उत्तराखंड)7. गाजीपुर सिटी - माता वैष्णो देवी कटड़ा एक्सप्रेसट्रेन संख्या 14611: गाजीपुर सिटी (उत्तर प्रदेश) से माता वैष्णो देवी कटड़ा (जम्मू-कश्मीर)(नोट: वापसी की ट्रेन 14612 भी इसी रूट पर कटड़ा से गाजीपुर चलती है)8. जन्मभूमि एक्सप्रेस (अप और डाउन)ट्रेन संख्या 19107: भावनगर टर्मिनस (गुजरात) से शहीद कैप्टन तुषार महाजन (MCTM - उधमपुर, जम्मू-कश्मीर)ट्रेन संख्या 19108: शहीद कैप्टन तुषार महाजन (MCTM - उधमपुर) से भावनगर टर्मिनस (गुजरात)9. तिरुपति - जम्मू तवी हमसफर एक्सप्रेस (अप और डाउन)ट्रेन संख्या 22705: तिरुपति (आंध्र प्रदेश) से जम्मू तवी (जम्मू-कश्मीर)ट्रेन संख्या 22706: जम्मू तवी से तिरुपति (आंध्र प्रदेश)31 मई को काम होगा पूरा- जन संपर्क निरीक्षकजम्मू मंडल के जन संपर्क निरीक्षक राघवेंद्र सिंह ने बताया कि कठुआ और माधोपुर के बीच पुल संख्या 17 की मरम्मत का काम पूरा होने जा रहा है। 31 मई को यहां आखिरी तकनीकी काम (इंटरलॉकिंग) पूरा हो जाएगा, जिसके बाद जून के पहले हफ्ते से इस रूट पर ट्रेनों की आवाजाही पूरी तरह सामान्य हो जाएगी।
पेंड्रा में सर्राफा व्यापारी हत्याकांड को 48 घंटे से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन पुलिस अब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है। पुलिस लगातार जांच और आरोपियों की तलाश का दावा कर रही है, लेकिन गिरफ्तारी न होने से परिजनों और नगरवासियों का गुस्सा बढ़ रहा है। मृतक व्यापारी के परिजन न्याय की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। घटना के विरोध में बीते दिन जिला बंद रखा गया था। आज परिजनों और नगरवासियों ने कैंडल मार्च निकालकर अपनी पीड़ा और नाराजगी व्यक्त की। बड़ी संख्या में लोग हाथों में मोमबत्तियां लेकर सड़कों पर उतरे और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए कैंडल मार्च के दौरान लोगों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। लोगों ने कहा कि अगर बाजार में व्यापारी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता खुद को कैसे सुरक्षित महसूस करेगी। लोगों का यह भी आरोप है कि पुलिस सिर्फ आश्वासन दे रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। व्यापारियों ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी व्यापारी संगठनों में भी इस घटना को लेकर भारी नाराजगी है। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच कई बिंदुओं पर की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फिलहाल, पूरे पेंड्रा नगर में भय और गुस्से का माहौल बना हुआ है। सभी की निगाहें अब पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
जींद जिले में जुलाना कस्बे के मेन बाजार में गंदे पानी की निकासी की समस्या गंभीर बनी हुई है। पानी की निकासी व्यवस्था ठप होने के कारण दुकानदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दुकानों के आगे करीब एक से डेढ़ फीट तक गंदा पानी जमा रहता है, जिससे व्यापार प्रभावित हो रहा है और ग्राहकों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नरेंद्र ढांडा, सुरेश और बीरभान सहित अन्य दुकानदारों ने बताया कि यह समस्या लंबे समय से चली आ रही है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी खराब हो जाती है। सड़क पर गंदा पानी जमा होने से बदबू फैलती है और मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। दुकानदारों के अनुसार, नगर पालिका और संबंधित अधिकारियों को इस समस्या के बारे में कई बार सूचित किया जा चुका है, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है। पिछले विधानसभा सत्र में जुलाना की विधायक विनेश फोगाट ने भी इस मुद्दे को विधानसभा में उठाया था। उन्होंने बाजार की निकासी व्यवस्था सुधारने और लोगों को राहत देने की मांग की थी। इसके बावजूद, बाजार के हालात जस के तस बने हुए हैं। दुकानदारों का आरोप- प्रशासन से केवल आश्वासन मिला दुकानदारों का आरोप है कि प्रशासन केवल आश्वासन देने तक सीमित है और धरातल पर कोई कार्य नहीं हो रहा है। गंदे पानी के कारण ग्राहकों ने बाजार में आना कम कर दिया है। कई ग्राहक पानी और कीचड़ देखकर वापस लौट जाते हैं, जिससे दुकानदारों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। लगातार पानी जमा रहने से सड़क भी क्षतिग्रस्त हो रही है और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। दुकानदारों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द एक विशेष अभियान चलाकर निकासी व्यवस्था को ठीक किया जाए ताकि लोगों को इस गंभीर समस्या से राहत मिल सके।
फाजिल्का जिले के शहर अबोहर बुजुर्ग व्यापारी और उसके बेटे पर सरेराह जानलेवा हमला कर दिया गया। बस स्टैंड के पास आभा स्क्वायर के निकट देर रात हुए इस हमले 60 साल के बुजुर्ग व्यापारी गंभीर रूप से घायल हो गया। उन्हें परिजनों ने तुरंत इलाज के लिए अबोहर के सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया है। परिजनों ने मामले की शिकायत पुलिस को दी है। हमले का आरोप उनके बेटे के सालों पर लगाया गया है। मामला घरेलू विवाद से जुड़ा हुआ है। बताया जा रहा है कि व्यापारी के बेटे और उसकी पत्नी में विवाद चल रहा है। जिसकी रंजिश में बेटे में पर सालों ने हमला कर दिया है। बचाने पहुंचे बुजुर्ग को भी पुरी तरह पीटा। पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है। जिसमें बुजुर्ग को पीटते हुए साफ दिखाई दे रहा है। बेटे को पिटता देख बचाने पहुंचे थे पिता अस्पताल में उपचाराधीन घायल व्यापारी महेंद्र कुमार ने बताया कि उनकी सर्कुलर रोड, गली नंबर 11 में बर्तनों की दुकान है। उन्होंने जानकारी दी कि उनके बेटे और पुत्रवधू के बीच पिछले लंबे समय से घरेलू विवाद चल रहा है। देर रात इसी विवाद के चलते उनके बेटे के सालों ने उनके बेटे को बीच सड़क पर घेर लिया और उसकी बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी। जब इसकी सूचना महेंद्र कुमार को मिली, तो वे तुरंत अपनी दुकान छोड़कर मौके पर पहुंचे। उन्होंने बीच-बचाव करते हुए हमलावरों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन गुस्से में आगबबूला साले अपने जीजा को छोड़ बुजुर्ग ससुर पर ही टूट पड़े और उन्हें लहूलुहान कर बुरी तरह घायल कर दिया। कार के शीशे तोड़े, लोगों को आता देख बाइक से हुए फरार पीड़ित परिवार के मुताबिक, हमलावरों का गुस्सा यहीं नहीं थमा; उन्होंने मौके पर खड़ी महेंद्र कुमार के बेटे की कार पर भी पथराव कर उसके शीशे चकनाचूर कर दिए। बाजार और बस स्टैंड के पास हंगामा बढ़ता देख और आसपास के लोगों को इकट्ठा होते देख हमलावर अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर मौके से रफूचक्कर हो गए। पुलिस को सौंपी गई सीसीटीवी फुटेज पीड़ित परिवार ने पुलिस में शिकायत के साथ वारदात से जुड़ी सीसीटीवी फुटेज भी सौंप दी गई है। इसमें हमलावर मारपीट करते और वाहन को नुकसान पहुंचाते साफ नजर आ रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़ित व्यापारी के बयानों के आधार पर मामला दर्ज किया जा रहा है और सीसीटीवी की मदद से आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
छत्तीसगढ़ के धमतरी में एक व्यापारिक क्षेत्र में आग लग गई। समय रहते दमकल विभाग की टीम ने आग पर काबू पा लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और करोड़ों रुपये के नुकसान से बचा जा सका। यह घटना धमतरी जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित अग्रसेन भवन इलाके में हुई। यह क्षेत्र रिहायशी होने के साथ-साथ कई दुकानों और गोदामों से जुड़ा एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र है। पास में बस स्टैंड भी मौजूद है। यहीं झाड़ियों के बीच कचरे के ढेर में भीषण आग लग गई। आग को फैलने से पहले ही बुझा दिया गया आग लगने से आसपास के व्यापारियों में हड़कंप मच गया। तत्काल फायर ब्रिगेड की टीम को सूचना दी गई। दमकल कर्मियों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आग को फैलने से पहले ही बुझा दिया। समय पर काबू नहीं होने से होती बड़ी हानि बताया जा रहा है कि यदि आग पर समय रहते काबू नहीं पाया जाता, तो यह पास में संचालित हो रही कई दुकानों और गोदामों को अपनी चपेट में ले सकती थी। इसके अलावा, बस स्टैंड और आसपास के मकानों तक भी आग पहुंचने का खतरा था, जिससे करोड़ों का नुकसान हो सकता था।
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के 12 साल के कार्यकाल को लेकर कांग्रेस पार्टी अब पोल-खोल अभियान चलाएगी। इस अभियान के तहत प्रखंड से लेकर जिला स्तर तक कार्यक्रम आयोजित कर सरकार की कथित विफलताओं और जनविरोधी नीतियों को जनता के बीच पहुंचाया जाएगा। आज औरंगाबाद में संगठन सृजन अभियान के तहत जिला अध्यक्ष और पूर्व विधायक आनंद शंकर सिंह के आवास पर बैठक आयोजित हुई। इसके बाद उन्होंने मीडिया को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। जिला अध्यक्ष आनंद शंकर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 साल में देश की जनता महंगाई और बेरोजगारी से त्रस्त हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री देश की समस्याओं को नजरअंदाज कर विदेश दौरों में व्यस्त रहते हैं। कहा- विदेशों में देश की साख कमजोर हुई हाल ही में प्रधानमंत्री के इटली दौरे पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को ‘मेलोडी चॉकलेट’ देने से देश को कोई फायदा नहीं मिला। उन्होंने दावा किया कि भारत के साथ अरबों रुपये की डील रद्द हो गई और विदेशों में देश की साख कमजोर हुई है। डॉलर 97 रुपये के पार पहुंचने पर सरकार चूप पूर्व विधायक ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में सोने की कीमत 35 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास थी, जबकि आज यह सवा लाख रुपये के करीब पहुंच गई है। उन्होंने डॉलर की बढ़ती कीमत का जिक्र करते हुए कहा कि पहले भाजपा नेता डॉलर के 60 रुपये होने पर अर्थव्यवस्था पर सवाल उठाते थे, लेकिन अब डॉलर 97 रुपये के पार पहुंचने के बावजूद सरकार चुप है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 12 साल में 900 से अधिक प्रश्नपत्र लीक हुए, जिससे देश के युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने का आरोप, कांग्रेस ने आंदोलन तेज करने की कही बात आनंद शंकर सिंह ने केंद्र सरकार पर बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि अंबानी और अडानी जैसे उद्योगपतियों के लिए हजारों एकड़ जंगलों की कटाई कराई गई। उन्होंने दावा किया कि मध्य प्रदेश में 10 हजार एकड़ जंगल काटे गए, जबकि अंडमान में 160 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र के जंगल साफ कराए गए। साथ ही भागलपुर और तिरुपति में भी बड़े पैमाने पर जमीन उद्योगपतियों को देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जनता के हितों की बजाय अपने उद्योगपति मित्रों के लिए काम कर रही है। सड़क से सदन तक आंदोलन तेज करेगी पार्टी कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी महंगाई, बेरोजगारी और किसानों के मुद्दे पर सड़क से सदन तक आंदोलन तेज करेगी और जनता के बीच सरकार की नीतियों को उजागर करेगी।वहीं कांग्रेस नेता पंकज यादव ने राज्य सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा की सरकार एक जाति विशेष को ध्यान में रखकर काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में भाजपा की सरकार बनने के बाद अंबानी और अडानी जैसे उद्योगपतियों की नजर राज्य की हजारों एकड़ जमीन पर है। केंद्र और राज्य सरकार उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने की राजनीति कर रही है, जिसे कांग्रेस जनता के बीच उजागर करेगी। बैठक में सत्येंद्र नारायण शर्मा, दीपक वर्मा, अरविंद कुमार सिंह, राकेश कुमार सिंह पप्पू, मृत्युंजय कुमार सिंह, प्रदीप कुमार सिंह उर्फ लुटूर सिंह, ताजा कुमार सिंह, युवा कांग्रेस अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार, ब्रजकिशोर सिंह, नरेश यादव, रवि सिंह, विक्रांत सिंह, नीरज कुमार एवं भीम सिंह चौहान सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
उत्तर प्रदेश के शामली जिले में लूट के आरोपियों पर कार्रवाई न होने से एक व्यापारी ने अपनी दुकान बंद कर दी है। पीड़ित व्यापारी ने दुकान पर पोस्टर लगाकर पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठाए हैं। यह घटना झिंझाना थाना क्षेत्र के दथेड़ा गांव की है। जानकारी के अनुसार, यह मामला झिंझाना थाना क्षेत्र की चौसाना चौकी के अंतर्गत आने वाले दथेड़ा गांव का है। यहां नेपाल नामक व्यक्ति की हलवाई की दुकान है। करीब एक महीने पहले, दो युवक उसकी दुकान पर आए, समोसे खाए और फिर तमंचा दिखाकर उससे लगभग 11,000 रुपये लूटकर फरार हो गए थे। इस घटना के बाद से पीड़ित व्यापारी ने अपनी दुकान बंद कर दी है। उसका आरोप है कि एक महीने बीत जाने के बाद भी न तो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और न ही इस मामले में लापरवाह पुलिसकर्मियों पर कोई कार्रवाई हुई है। इस कारण पीड़ित के सामने अब रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस अधीक्षक (SP) ने दो बार जांच के बाद कार्रवाई के आदेश दिए थे। हालांकि, इन आदेशों के बावजूद आज तक न तो लूट के आरोपियों पर और न ही इस मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर कोई कार्रवाई की गई है। घटना 27 अप्रैल की बताई गई है। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज वहीं पीडि़त न्याय के लिए चौकी चौसाना से लेकर झिंझाना थाना और एसपी ऑफिस के करीब एक दर्जन चक्कर लगा चुका है। लेकिन आज तक ना तो आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ, ना ही आरोपियों की गिरफ्तारी हुई।बल्कि पुलिस अधीक्षक के द्वारा दो बार जांच के बाद कार्रवाई का आदेश दिया गया। जब भी आज तक आरोपियों के खिलाफ और लापरवाह पुलिस कर्मियों पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब पीड़ित अन्य उच्च अधिकारी से न्याय की गुहार लगाते हुए दुकान के बाहर पोस्ट चस्पा कर अपना दर्द बयां किया।और अन्य उच्च अधिकारियों से कार्रवाई की गुहार लगाई है। वही इस मामले में पीड़ित दुकानदार नेपाल का कहना है कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी तब तक मैं दुकान नहीं खोलूंगा।क्योंकि एक बार पुलिस वालों के कहने पर दुकान खोलते और वह तमंचा दिखाकर जान से मारने की धमकी देकर गए हैं।
रायपुर में शेयर बाजार में ज्यादा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर एक युवक से 6 लाख की ठगी की गई। आरोपी महिला ने टेलीग्राम चैनल के जरिए युवक से संपर्क किया और शेयर ट्रेडिंग में अधिक रिटर्न का लालच दिया। इसके बाद उसने धीरे-धीरे युवक से पैसे ट्रांसफर करवा लिए। जब युवक को ठगी का पता चला, तब उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस के अनुसार पीड़ित का नाम गिरधन लाल ओगरे है। जानिए पूरा मामला पीड़ित गिरधन लाल ओगरे ने बताया कि वह काम की तलाश कर रहा था। इसी दौरान वह एक टेलीग्राम चैनल से जुड़ा, जहां शेयर ट्रेडिंग और निवेश से कम समय में ज्यादा पैसा कमाने का दावा किया जा रहा था। चैनल से जुड़ने के बाद एक महिला ने उससे संपर्क किया और खुद को शेयर मार्केट की एक्सपर्ट बताया। आरोप है कि महिला ने पहले छोटे निवेश पर अच्छा मुनाफा दिलाकर युवक का भरोसा जीता। इसके बाद उसने युवक को बड़ी रकम निवेश करने के लिए कहा। आरोपी महिला ने अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर करवाए और दावा किया कि शेयर ट्रेडिंग के जरिए जल्द ही मोटा रिटर्न मिलेगा। पैसे मांगने पर आरोपियों ने तोड़ा संपर्क कुछ समय बाद जब पीड़ित ने अपनी 6 लाख रुपए जमा रकम वापस मांगनी शुरू की, तो आरोपी टालमटोल करने लगी। बाद में महिला और उससे जुड़े लोगों ने संपर्क बंद कर दिया। इसके बाद युवक को ठगी का एहसास हुआ। पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस से की है। पुलिस ने अज्ञात आरोपी महिला और उससे जुड़े लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर सेल भी मामले की पड़ताल कर रही है। बिना जांच के ना करें निवेश: पुलिस पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया, टेलीग्राम चैनल और ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए ठगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। लोगों से अपील की गई है कि बिना जांच-पड़ताल किसी भी ऑनलाइन निवेश योजना में पैसा न लगाएं और लालच देने वाले अनजान लोगों से सतर्क रहें।
सरगुजा में चिटफंड कंपनी खोलकर निवेशकों से 9 करोड़ 26 लाख रुपये जमा कराकर ठगी के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी चिटफंड कंपनी में बतौर अधिकारी कार्यरत थे। मामला गांधीनगर थाना क्षेत्र का है। यह कार्रवाई दो वर्ष बाद की गई है। जानकारी के मुताबिक, 04 सितंबर 2024 को मैनपाट निवासी देवराज यादव ने गांधीनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वेलफेयर बिल्डिंग एंड ईस्टेट प्राईवेट लिमिटेड कंपनी नमनाकला का कार्यालय खोलकर निवेशकों को निवेशित राशि कम समय में दोगुना करने का झांसा देकर ठगी की गई। पुलिस ने कंपनी के डायरेक्टर व एडवाईजरी हेड बलराम पाठक, जोनल मैनेजर अखिलेश प्रजापति व अन्य के खिलाफ अपराध दर्ज किया था। जांच में कंपनी द्वारा निवेशकों से करीब 9 करोड़ 26 लाख रुपये कंपनी में जमा कराना पाया गया। आरोपियो द्वारा कंपनी के नाम पर कई बैंकों में खाते खोलकर पैसे जमा कराए गए। कंपनी में पैसे जमा करने वाले ज्यादातर लोग कम पढ़े लिखे एवं गरीब तबके के लोग हैं। दो आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार चिटफंड कंपनी के डायरेक्टर एवं पदाधिकारियों ने एजेंटों के माध्यम से पैसा जमा कराया। कंपनी को रिजर्व बैंक या अन्य सक्षम प्राधिकारी की अनुमति नहीं थी। मामले में पुलिस ने ईनामी चिट और धन परिचालन स्कीम (पाबंदी) अधिनियम 1978 की धारा 4,5,6 एवं छत्तीसगढ़ के निक्षेपको का हितों का संरक्षण नियम 2005 की धारा 10 का अपराध दर्ज किया था। प्रकरण की विवेचना दौरान आरोपी अखिलेश कुमार प्रजापति (56 वर्ष) निवासी पलामू झारखंड व बलराम पाठक (64 वर्ष), निवासी पलामू झारखण्ड को हिरासत में लिया गया। दोनों ने कंपनी का प्रचार कर लोगों से निवेश कराने में भूमिका स्वीकार की। गांधीनगर थाना प्रभारी प्रवीण कुमार द्विवेदी ने बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया है। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
कोरबा में मुंबई के व्यापारी संजय कुमार बाहेती के 10 किलो चांदी के जेवर बस से चोरी हो गए। व्यापारी का आरोप है कि पुलिस चोरी की रिपोर्ट दर्ज नहीं कर रही है, जबकि चोरी से बची 12.377 किलो चांदी केंद्रीय जीएसटी कार्यालय में फंसी हुई है। इस मामले में पुलिस और जीएसटी अधिकारियों के रवैये से परेशान होकर व्यापारियों ने विरोध प्रदर्शन किया है। जानकारी के मुताबिक संजय कुमार बाहेती 13 मई को 23 किलो चांदी के जेवर लेकर अंबिकापुर से रायपुर जा रहे थे। रात करीब 1 बजे बांगो थाना क्षेत्र के एक होटल पर बस रुकी। संजय यूरिन के लिए नीचे उतरे और अपने तीन बैग सीट पर ही छोड़ दिए। वापस लौटने पर उन्होंने पाया कि 10 किलो चांदी वाले दो बैग गायब थे। संजय का आरोप है कि बस ड्राइवर ने उन्हें गुमराह किया और किसी से बात नहीं करने दी। जब उन्होंने बांगो थाने में शिकायत की, तो पुलिस ने उन पर ही चोरी का शक जताया। पुलिस ने कथित तौर पर कहा कि उनके पास कोई माल नहीं था, और यदि था भी तो चोरी उन्होंने खुद की है। इसके बाद पुलिस ने चोरी से बचे 12.377 किलो जेवर जब्त कर संबंधित कागजात जीएसटी कार्यालय भेज दिए। जीएसटी कार्यालय में अटकी चांदी, व्यापारी परेशान अब संजय पिछले कई दिनों से जीएसटी कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। उनके अनुसार, सभी आवश्यक कागजात जमा करने के बावजूद अधिकारी जेवर वापस करने के लिए क्लीयरेंस नहीं दे रहे हैं। इस परेशानी के बाद संजय ने कोरबा के स्थानीय व्यापारियों से मदद मांगी। व्यापारियों का विरोध, आंदोलन की चेतावनी संजय की समस्या सुनने के बाद छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स के जिला अध्यक्ष संतोष अग्रवाल, जगदीश सोनी, सुभाष अग्रवाल सहित कई पदाधिकारी बुधवार शाम को जीएसटी कार्यालय पहुंचे। व्यापारियों ने अधिकारियों के रवैये पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यदि सभी दस्तावेज जमा करने के बाद भी व्यापारी को परेशान किया जा रहा है, तो यह दर्शाता है कि छत्तीसगढ़ में निर्भय होकर कारोबार करना संभव नहीं है। व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि मुंबई के व्यापारी को न्याय नहीं मिला, तो कोरबा के व्यापारी आंदोलन करेंगे। उन्होंने बांगो पुलिस के व्यवहार पर भी खेद व्यक्त किया और आरोप लगाया कि पुलिस ने चोरी का मुकदमा दर्ज करने के बजाय व्यापारी पर ही आरोप लगा दिया।
पेंड्रा में सराफा व्यापारी प्रदीप सोनी की लूट के दौरान गोली मारकर हत्या के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। बुधवार को पीसीसी चीफ दीपक बैज पेंड्रा पहुंचे और मुक्तिधाम में दिवंगत व्यापारी को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने रिश्तेदारों से मुलाकात कर सांत्वना दी। दीपक बैज ने घटना को लेकर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सरकार समेत पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अब शांत कहे जाने वाले पेंड्रा इलाके में भी सरेआम गोलियां चल रही हैं। पीसीसी चीफ ने कहा कि ऐसे में बस्तर और इस शांत क्षेत्र में अब क्या अंतर रह गया है। साय सरकार “सुशासन त्योहार” मनाने में व्यस्त है, जबकि छत्तीसगढ़ की जनता की सुरक्षा भगवान भरोसे छोड़ दी गई है। प्रदीप सोनी की बहादुरी का किया जिक्र दीपक बैज ने दिवंगत सराफा व्यापारी प्रदीप सोनी की बहादुरी का जिक्र करते हुए कहा कि वे लुटेरों से डटकर लड़े, जिसके बाद बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी। इस वारदात से स्थानीय लोग और व्यापारी वर्ग सदमे में हैं। पुलिस अधिकारियों को दी चेतावनी पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयानों का समर्थन करते हुए दीपक बैज ने पुलिस अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि आम जनता ने उन्हें वर्दी दी है, इसलिए अधिकारी किसी की गुलामी न करें और जनता की सुरक्षा पर ध्यान दें। कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई को लेकर नाराजगी कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हो रही कार्रवाई को लेकर बैज ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अगर उनके कार्यकर्ताओं पर आर्म्स एक्ट लगाया जा रहा है, तो कांग्रेस पार्टी चुप नहीं बैठेगी। उनहोंने कहा कि क्या विपक्ष को कानून और न्याय पाने का अधिकार नहीं है और क्या कानून सिर्फ भाजपा के लिए काम कर रहा है। प्रदेश में दो तरह का कानून और यह जंगलराज किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बाजार बंद करते समय व्यापारी को गोली मारकर लूट बता दें कि मंगलवार को कोटमी साप्ताहिक बाजार में प्रदीप सोनी ने दुकान लगाई थी। जब वे दुकान बंद कर रहे थे, तभी बाइक सवार बदमाश आए और उनसे सोने-चांदी का बैग छीन लिया। व्यापारी ने इसका विरोध किया तो सीने पर गोली मार दी और भाग निकले। आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस 60 लाख की लूट का अनुमान लगाया गया है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही। इस मामले में बिलासपुर रेंज आईजी रामगोपाल गर्ग ने कहा है कि पुलिस जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लेगी। वारदात में कट्टे का इस्तेमाल किया गया है। आसपास के जिलों की पुलिस टीमें भी तलाश में जुटी हुई हैं। साथ ही जिले में सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक को दूर करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
महंगाई के खिलाफ 29 मई को बीकेयू का प्रदर्शन
अमृतसर| भारतीय किसान यूनियन एकता संघर्ष कमेटी पंजाब ने बढ़ती महंगाई के खिलाफ 29 मई को पूरे पंजाब में रोष प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। यूनियन के प्रदेश प्रधान पलविंदर सिंह माहल ने सभी जिला प्रधानों, जनरल सचिवों तथा जिला और ब्लॉक स्तर की टीमों को निर्देश जारी करते हुए कहा कि 29 मई, शुक्रवार को दोपहर 12 बजे पंजाब के सभी जिला मुख्यालयों पर केंद्र की मोदी सरकार के पुतले फूंके जाएंगे। यूनियन ने कहा कि लगातार बढ़ रही महंगाई ने आम किसान और मजदूर वर्ग की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पेट्रोल, डीजल और अन्य जरूरी वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे लोगों के घरेलू बजट पर असर पड़ रहा है। पलविंदर सिंह माहल ने सभी जिलों और ब्लॉकों के नेताओं से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की।
व्यापारिक सम्मेलन एवं महोत्सव 19 जून को, मुख्यमंत्री ने किया पोस्टर का विमोचन
जयपुर व्यापार महासंघ और राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के संयुक्त तत्वावधान में बिरला ऑडिटोरियम में 19 जून को व्यापारिक सम्मेलन एवं महोत्सव का आयोजन होगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कार्यक्रम के पोस्टर का विमोचन किया। जयपुर व्यापार महासंघ के अध्यक्ष एवं एनटीडब्ल्यूबी सदस्य सुभाष गोयल ने बताया कि कार्यक्रम में सीएम मुख्य अतिथि रहेंगे। अध्यक्षता राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड भारत सरकार के चेयरमैन सुनील सिंघी करेंगे। महोत्सव में ‘ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स’ के तहत ‘डिजीडुकान’ का जयपुर लॉन्च प्रस्तावित है, जिसका लक्ष्य ‘डिजिटल का नया सूत्र, व्यापार का नया युग’ के संदेश के साथ व्यापारियों को ऑनलाइन अवसरों से जोड़ना है। 200 से अधिक संगठन और 100 से अधिक मंडल व उद्योग संघ भाग लेंगे। पोस्टर विमोचन के अवसर पर सुरेश सैनी, डिजिटल सखी आईटी चेयरपर्सन निशिता सुरोलिया तथा सचिन गुप्ता आदि उपस्थित रहे।
मैनपुरी में बुधवार देर रात यूथ कांग्रेस ने पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के विरोध में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय से पैदल मार्च निकाला, जो शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरा। इस दौरान उन्होंने पेट्रोल पंपों पर पहुंचकर लोगों को 'मेलोडी' टॉफियां बांटीं। कार्यकर्ताओं ने हाथों में पार्टी के झंडे लेकर महंगाई के खिलाफ नारेबाजी भी की। पेट्रोल पंपों पर डीजल और पेट्रोल लेने आए वाहन चालकों को मेलोडी टॉफी देते हुए कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। यूथ कांग्रेस के जिला अध्यक्ष राहुल कठेरिया ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। इसका सीधा असर मध्यम वर्ग और किसानों पर पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार महंगाई पर नियंत्रण करने में विफल रही है। राहुल कठेरिया ने कहा कि पांच राज्यों के चुनाव के दौरान सरकार दावा कर रही थी कि देश में पेट्रोल-डीजल का कोई संकट नहीं है, लेकिन अब कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने आशंका जताई कि आने वाले समय में ईंधन की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है। मेलोडी टॉफी बांटने के पीछे के कारण बताते हुए राहुल कठेरिया ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को मेलोडी टॉफी दिए जाने की चर्चा हुई थी। इसी को प्रतीक बनाकर यूथ कांग्रेस ने यह प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि जनता महंगाई से परेशान है और सरकार विदेश दौरों में व्यस्त है। कठेरिया ने आरोप लगाया कि देश में आम जनता पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से परेशान है, जबकि बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनता महंगे ईंधन के कारण आर्थिक बोझ झेल रही है, वहीं दूसरी ओर पेट्रोल-डीजल का निर्यात किया जा रहा है। वहीं शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नागेश सिंह ने कहा कि कांग्रेस की मांग है कि पेट्रोल और डीजल के बढ़े हुए दाम तुरंत कम किए जाएं। उन्होंने कहा कि सरकार ने आम लोगों को राहत देने के बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन आज महंगाई लगातार बढ़ रही है। नागेश सिंह ने कहा कि पहले आम लोगों को हवाई यात्रा कराने की बात कही जाती थी, लेकिन अब हालत यह है कि लोग रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने सोने की बढ़ती कीमतों और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा।प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारे लगाए और महंगाई पर जल्द नियंत्रण करने की मांग की। यूथ कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि पेट्रोल-डीजल के दामों में कमी नहीं की गई तो आगे भी आंदोलन जारी रहेगा।
अररिया में रेड लाइट एरिया सील करने का प्रोसेस शुरू:देह व्यापार के ठिकानों की पहचान का काम भी जारी
अररिया के फारबिसगंज रेड लाइट एरिया में नाबालिग बच्चों को मानव तस्करों द्वारा जबरन देह व्यापार में धकेलने की घटना सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। अररिया पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने बुधवार को बताया कि रेड लाइट एरिया को मजिस्ट्रेट के माध्यम से सील करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही, आसपास के अन्य इलाकों में चल रहे अनैतिक देह व्यापार के ठिकानों की पहचान का कार्य भी जारी है। मंगलवार देर रात एसपी जितेंद्र कुमार के निर्देश पर फारबिसगंज एसडीपीओ राजकिशोर कुमार के नेतृत्व में महिला थाना और फारबिसगंज थाना की संयुक्त टीम ने रेड लाइट एरिया में छापेमारी की। इस दौरान जबरन देह व्यापार में धकेली गईं दो नाबालिग लड़कियों को बचाया गया। पुलिस ने देह व्यापार संचालित करने वाली एक महिला को गिरफ्तार किया और एक बाइक भी बरामद की। 10 नाबालिग लड़कियों को बचाया गया था एसपी जितेंद्र कुमार ने बताया कि डेढ़ महीने पहले भी फारबिसगंज रेड लाइट एरिया में एक बड़ी छापेमारी की गई थी। उस दौरान 10 नाबालिग लड़कियों को बचाया गया था और 33 महिलाओं-पुरुषों को गिरफ्तार किया गया था। लगातार मिल रही सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने फिर से टीम गठित कर यह कार्रवाई की है। अवैध गतिविधियां संचालित करने वालों पर लगातार नजर पुलिस के अनुसार, मानव तस्कर नाबालिग लड़कियों को विभिन्न राज्यों से लाकर यहां जबरन देह व्यापार के धंधे में लगाते हैं। एसपी ने स्पष्ट किया कि इलाके को पूरी तरह साफ करने के लिए सख्ती बरती जाएगी। सीलिंग प्रक्रिया शुरू होने के बाद अवैध गतिविधियां संचालित करने वालों पर लगातार नजर रखी जा रही है। स्थानीय लोगों ने इस संयुक्त कार्रवाई का स्वागत किया है और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है। अररिया पुलिस का यह अभियान केवल फारबिसगंज तक सीमित नहीं है। आसपास के अन्य संदिग्ध इलाकों में भी छापेमारी की तैयारी चल रही है। एसपी जितेंद्र कुमार ने चेतावनी दी कि जो भी इस अवैध धंधे में शामिल पाए गए, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हरदोई में समाजवादी पार्टी व्यापार सभा के प्रदेश सचिव रामज्ञान गुप्ता को पुलिस ने गिरफ्तार गया है। सपा नेता पर सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, मंत्री और भाजपा सरकार के खिलाफ अभद्र टिप्पणी का आरोप है। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। रामज्ञान गुप्ता हरदोई शहर के बिलग्राम चुंगी के पास शिवनाथ पुरी के निवासी हैं। वह समाजवादी पार्टी व्यापार सभा के प्रदेश सचिव हैं। पिछली बार सपा के टिकट पर नगर पालिका अध्यक्ष का चुनाव भी लड़ चुके हैं, जिसमें उन्हें 21,538 वोट मिले थे। आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर वह सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय हैं। यह रिपोर्ट हरदोई शहर के धर्मशाला रोड स्थित बहरा सौदागर निवासी प्रियम मिश्रा ने 26 मई को दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया है कि रामज्ञान गुप्ता सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल और भाजपा सरकार के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे थे। शिकायतकर्ता के अनुसार, इन टिप्पणियों से शहर का माहौल खराब हो रहा था और सरकार की छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा था। प्रियम मिश्रा ने सपा नेता पर कार्रवाई की मांग की थी। शहर कोतवाल संजय त्यागी ने बताया कि आरोपी रामज्ञान गुप्ता के खिलाफ सोशल मीडिया के माध्यम से भड़काऊ जानकारी और अफवाह फैलाने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। बुधवार को आरोपी का चालान कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। सपा जिलाध्यक्ष शराफत अली ने कहा, यदि रामज्ञान गुप्ता ने ऐसी टिप्पणी की है, तो उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस को उन पर इस तरह की कार्रवाई नहीं करनी चाहिए थी, खासकर जब 26 मई को अराजक तत्वों द्वारा शहर में लगाए गए पोस्टरों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
शिवपुरी में बुधवार शाम आम आदमी पार्टी ने विभिन्न जनसमस्याओं और मुद्दों को लेकर एक विशाल रैली निकाली। इसमें पार्टी के प्रदेश प्रभारी, जिला पदाधिकारी, महिला कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में समर्थक शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने हाथों में पार्टी के झंडे लेकर शहर में प्रदर्शन किया। भ्रष्टाचार से लेकर महंगाई तक मुद्दे उठाए रैली के दौरान आम आदमी पार्टी ने भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, टूटी सड़कें, बढ़ती महंगाई, महिलाओं की सुरक्षा, किसानों की परेशानी, स्वास्थ्य सेवाओं की कमी और पानी-बिजली जैसी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान है, लेकिन सरकार इन समस्याओं के समाधान पर ध्यान नहीं दे रही है। पुराने बस स्टैंड से शुरू हुई रैली यह रैली पुराने प्राइवेट बस स्टैंड से शुरू हुई। इसके बाद माधव चौक, कोर्ट रोड, अस्पताल चौराहा, अग्रसेन चौराहा, राजेश्वरी रोड और गुरुद्वारा चौराहा होते हुए पुनः माधव चौक पहुंची। रैली का समापन पुराने प्राइवेट बस स्टैंड पर ही किया गया। जिला अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता ने इस अवसर पर कहा कि आम आदमी पार्टी ईमानदार और पारदर्शी राजनीति में विश्वास रखती है। उन्होंने बताया कि पार्टी का मुख्य उद्देश्य जनता की आवाज उठाना और शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार एवं महिलाओं की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर बेहतर व्यवस्थाएं उपलब्ध कराना है। भविष्य को लेकर बड़ा दावा गुप्ता ने दावा किया कि आने वाले समय में आम आदमी पार्टी प्रदेश में एक मजबूत राजनीतिक विकल्प के रूप में उभरेगी और जनता की अपेक्षाओं पर खरी उतरेगी।
इवनिंग न्यूज बुलेटिन में आज छत्तीसगढ़ की दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें।
पानीपत में CIA-1 पुलिस टीम ने फर्जी फर्मों के नाम पर यार्न कारोबारियों से करीब 15 लाख रुपए का धागा खरीदकर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के 3 और मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को पहले ही गिरफ्तार किया था। आरोपियों की पहचान मस्ताना चौक पठान मोहल्ला निवासी दीपक कपूर, वार्ड-11 नजदीक रामलाल स्कूल, किला निवासी राजेश रॉय रत्न और मुखीजा कॉलोनी निवासी राहुल के रूप में हुई है। पुलिस ने बुधवार को तीनों को न्यायालय में पेश कर 2 दिन के रिमांड पर लिया है, जबकि मामले में पहले पकड़ा जा चुका मुख्य आरोपी प्रीत सिंह पहले ही जेल जा चुका है। पंजाब, यूपी और उत्तराखंड में बेचते थे माल सीआईए वन प्रभारी इंस्पेक्टर फूल कुमार ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने पहले पकड़े जा चुके अपने साथी प्रीत सिंह के साथ मिलकर पानीपत और आसपास के यार्न कारोबारियों से धागा खरीदकर ठगी की वारदातों को अंजाम दिया था। आरोपियों ने बताया कि वे व्यापारियों से धोखाधड़ी कर लिया गया धागा पंजाब, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश (यूपी) की धागा मार्केट्स में बेच देते थे और उससे मिलने वाले पैसों को आपस में बराबर हिस्सों में बांट लेते थे। इन 4 बड़ी फर्मों से ठगी करना स्वीकारा ऐसे हुआ था मामले का भंडाफोड़ थाना चांदनी बाग में सोनीपत के ढुराना गांव निवासी अरविंद (मालिक- श्याम यार्न) ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 11 सितंबर 2025 को दीपक कपूर, प्रीत सिंह, राज रत्न और राहुल कुमार उनकी फैक्ट्री में आए थे। उन्होंने सेक्टर-25 में ओम ट्रेडर्स, महादेव इंटरप्राइजेज, नानक इंटरप्राइजेज और फर्निशिंग वाला नाम से 4 फर्में होने का दावा कर 3 हजार 744 किलो धागे का ऑर्डर दिया। अरविंद ने 13 सितंबर को 2 गाड़ियों में माल लोड कराकर उनकी फैक्टरी भिजवा दिया, जिसके बदले आरोपियों ने ₹2 लाख 29 हजार 979 का चेक दिया, जो बैंक में बाउंस हो गया। जब अरविंद ने भुगतान मांगा, तो आरोपियों ने टालमटोल की और धमकी देते हुए कहा कि वे लोगों को इसी तरह ठगते हैं। घाटे से उबरने और शॉर्टकट से अमीर बनने की रची थी साजिश पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी दीपक कपूर की सेक्टर-25 पार्ट-2 में ओम ट्रेडर्स के नाम से हैंडलूम की फर्म है। राहुल की महादेव इंटरप्राइजेज नाम से और राजेश रॉय रत्न की फर्निशिंग वाला नाम से फर्म है। वहीं, पहले पकड़े जा चुके आरोपी प्रीत सिंह की टोल प्लाजा के पास प्लास्टिक दाना की फैक्टरी थी, जो करीब डेढ़ साल पहले भारी नुकसान होने के कारण बंद हो गई थी। चारों दोस्तों ने मिलकर शॉर्टकट तरीके से कम समय में मोटा पैसा कमाने के लिए व्यापारियों को ठगने की साजिश रची थी। ये कारोबारियों से माल खरीदकर जानबूझकर ऐसे चेक देते थे जो बैंक में जाकर बाउंस हो जाते थे। ******ये खबर भी पढ़ें…. पानीपत-करनाल के 29 व्यापारियों से सवा करोड़ की ठगी: महंगी गाड़ियों और ब्रांडेड कपड़ों की रहीसजादी दिखा लगाया चूना, चेक बाउंस पर खुलासा हरियाणा के टेक्सटाइल हब पानीपत और पड़ोसी जिले करनाल में व्यापारियों के साथ संगठित रूप से करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। शातिर ठगों ने खुद को रईस उद्यमी बताकर 29 व्यापारियों से करीब 1,11,11,476 रुपए का माल उधार लिया और चंपत हो गए। इस मामले में तहसील कैंप थाना पुलिस ने 4 नामजद आरोपियों सहित पूरे गिरोह के खिलाफ BNS की धारा 111(2)(b) (संगठित अपराध) और 318(4) (धोखाधड़ी) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। (पूरी खबर पढ़ें…)
महेंद्रगढ़ में पानी की गंभीर समस्या को लेकर व्यापार मंडल के एक प्रतिनिधि मंडल और शहर के गणमान्य लोग जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता (एक्सईएन) अमित जैन से मिले। एक्सईएन ने जल्द ही समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है। व्यापार मंडल के प्रधान सुरेंद्र बंटी ने बताया कि शहर में पिछले कई दिनों से पानी की गंभीर किल्लत बनी हुई है। उन्होंने कहा कि पानी प्रतिदिन नहीं आ रहा है, बल्कि एक दिन छोड़कर एक दिन आता है, जिससे निवासियों को काफी परेशानी हो रही है। बंटी ने विशेष रूप से काली का डिब्बा, बांस मोहल्ला, खोजावाड़ा, पड़ाव मोहल्ला, कटला मोहल्ला, कृष्णा कॉलोनी और कनोडिया मोहल्ला जैसे क्षेत्रों में पानी की अधिक समस्या बताई। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि जिन घरों के कनेक्शन टेल पर हैं, वहां पानी की किल्लत ज्यादा है। एक्सईएन बोले- बिजली आपूर्ति बाधित होने से आ रही दिक्कत एक्सईएन अमित जैन ने बताया कि शहर के कुछ मोहल्लों में बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण पानी की सप्लाई प्रभावित हो जाती है। उन्होंने एसडीओ और जेई को निर्देश दिए हैं कि वे ऑपरेटरों के माध्यम से मोहल्लों में व्हाट्सएप ग्रुप बनाएं। इन व्हाट्सएप ग्रुपों के जरिए पानी की सप्लाई शुरू होते ही तुरंत सूचना दी जाएगी, जिससे निवासियों को पानी भरने में सुविधा होगी और समस्या का समाधान हो सकेगा। एक्सईएन ने दो-तीन दिन में समस्या हल करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने लोगों से बूस्टर के पास वाले घरों में पानी का दुरुपयोग न करने का भी अनुरोध किया।
मध्यप्रदेश सरकार में IAS, IPS और IFS अधिकारियों के लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने बढ़े हुए महंगाई भत्ते का आदेश जारी कर दिया है। इसके तहत अफसरों को अब 58 प्रतिशत की जगह 60 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा। सरकार ने यह बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता 1 जनवरी 2026 से लागू करने का फैसला लिया है। सामान्य प्रशासन विभाग के मुताबिक, अफसरों को जनवरी 2026 से बढ़े हुए DA का लाभ मिलेगा। इसका भुगतान नकद रूप में किया जाएगा। यह फैसला केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा 22 अप्रैल 2026 को जारी अधिसूचना के आधार पर लिया गया है। न्यायिक अधिकारियों को भी मिलेगा बढ़ा हुआ DA राज्य सरकार ने सिर्फ IAS, IPS और IFS अधिकारियों के लिए ही नहीं, बल्कि न्यायिक सेवा के अधिकारियों के लिए भी महंगाई भत्ता बढ़ाने का आदेश जारी किया है। विधि विभाग ने न्यायिक अधिकारियों को 2 प्रतिशत बढ़ा हुआ DA देने की मंजूरी दे दी है। इससे अब न्यायिक सेवा से जुड़े अधिकारियों को भी 60 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा। विशेष वेतन या भत्ते शामिल नहीं होंगे आदेश के अनुसार संशोधित वेतन संरचना में “मूल वेतन” का अर्थ सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अंतर्गत तय पे-मैट्रिक्स में मूल वेतन होगा। इसमें विशेष वेतन या अन्य प्रकार के भत्ते शामिल नहीं किए जाएंगे। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि महंगाई भत्ते का कोई भी हिस्सा मूल नियम-9(21) के अंतर्गत वेतन नहीं माना जाएगा। राजस्व मंडल अध्यक्ष के अलावा सभी संभागायुक्तों, कलेक्टरों, सभी विभागाध्यक्षों को इसके निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उधर न्यायिक सेवा के अधिकारियों को दो प्रतिशत बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता देने के लिए भी विधि और विधायी कार्य विभाग ने अलग से आदेश जारी कर दिया है। इन अधिकारियों को अगले माह से बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता दिया जाएगा। कर्मचारियों को अब CM की घोषणा का इंतजार हालांकि राज्य के नियमित कर्मचारियों के लिए अभी बढ़े हुए महंगाई भत्ते का आदेश जारी नहीं हुआ है। प्रदेश के लाखों कर्मचारी अब मुख्यमंत्री की घोषणा का इंतजार कर रहे हैं। माना जा रहा है कि सरकार जल्द ही कर्मचारियों के DA में भी 2 प्रतिशत बढ़ोतरी का ऐलान कर सकती है। क्या होता है महंगाई भत्ता? महंगाई भत्ता यानी DA सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को बढ़ती महंगाई से राहत देने के लिए दिया जाता है। यह मूल वेतन का एक निश्चित प्रतिशत होता है। केंद्र सरकार समय-समय पर DA में बढ़ोतरी करती है, जिसके बाद राज्य सरकारें भी अपने कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए इसी तरह के आदेश जारी करती हैं। ………………………………. ये खबर भी पढ़ें.. MP के हजारों कर्मचारियों का DA 5% बढ़ा मध्य प्रदेश सरकार ने छठा वेतनमान पा रहे करीब 40 हजार कर्मचारियों और अधिकारियों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने इनके महंगाई भत्ते (DA) में 5 फीसदी बढ़ोतरी कर दी है। वित्त विभाग ने बुधवार को इसके आदेश जारी कर दिए हैं। पूरी खबर पढ़ें
दिग्विजय शिशौदिया ने सुनी जनता की समस्याएं:महंगाई और बिजली संकट पर सरकार को घेरा
धौलाना विधानसभा क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय शिशौदिया ने बुधवार को कई गांवों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना और बढ़ती महंगाई तथा बिजली संकट जैसे मुद्दों पर संवाद किया। ग्रामीणों ने लगातार बढ़ रहे बिजली बिल, अघोषित बिजली कटौती और रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में हो रही वृद्धि को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त की। ग्रामीणों से बातचीत करते हुए दिग्विजय शिशौदिया ने कहा कि वर्तमान सरकार केवल बड़े वादे और घोषणाएं करने में व्यस्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि जमीनी स्तर पर जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है और किसानों, मजदूरों तथा मध्यम वर्ग की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। शिशौदिया ने आगे कहा कि महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है और बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। उन्होंने बताया कि गांवों में लोग घंटों बिजली कटौती से परेशान हैं, जिससे खेती और घरेलू कार्य दोनों प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने जोर दिया कि समाजवादी पार्टी हमेशा जनता की आवाज उठाती रही है और आगे भी क्षेत्र की समस्याओं को मजबूती के साथ सरकार तक पहुंचाने का काम करेगी। दौरे के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं और क्षेत्रीय लोगों ने दिग्विजय शिशौदिया का स्वागत किया तथा विभिन्न जनसमस्याओं पर विस्तार से चर्चा की।
रायगढ़ में छोटे बच्चों और नाबालिगों को नशे के लिए सोल्यूशन बेचने वाले युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी अलग-अलग मोहल्लों में घूमकर बच्चों को साइकिल सोल्यूशन बेचता था, जिसका इस्तेमाल नशे के रूप में किया जा रहा था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 19 सोल्यूशन ट्यूब जब्त किए हैं। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। पुलिस को सूचना मिली थी कि, संजय मैदान के पास एक युवक छोटे-छोटे बच्चों को सोल्यूशन बेच रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने इलाके में घेराबंदी की। पुलिस पेट्रोलिंग को देखकर मौके पर मौजूद कई नाबालिग लड़के भागने लगे। इसी दौरान पुलिस ने एक युवक को पकड़कर पूछताछ की। युवक ने बताया कि उसने “डोकरी” नाम के व्यक्ति से 40 रुपए में सोल्यूशन खरीदा है। उसके पास से सुपर मैक्स साइकिल सोल्यूशन नंबर-04 का ट्यूब भी बरामद हुआ। आरोपी के पास से 19 ट्यूब बरामद इसके बाद पुलिस ने आरोपी शिवशंकर उर्फ डोकरी सिदार (26) निवासी सुसडेगा जिला जशपुर को दौड़ाकर पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास से सुपर मैक्स साइकिल सोल्यूशन नंबर-04 के 19 ट्यूब बरामद किए गए। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह राउरकेला से सोल्यूशन खरीदकर लाता था और शहर के अलग-अलग इलाकों में घूम-घूमकर नाबालिग बच्चों को 50 से 60 रुपए में बेचता था। उसने यह भी स्वीकार किया कि बच्चे इसका इस्तेमाल नशे के रूप में करते थे। 10 दिन पहले ओडिशा से लाया था सोल्यूशन आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह करीब 10 दिन पहले राउरकेला से बड़ी मात्रा में सोल्यूशन लेकर आया था। इसके बाद वह लगातार बच्चों को इसकी बिक्री कर रहा था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 123, 275, 286 बीएनएस और जेजे एक्ट की धारा 77 के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। बच्चों को नशे से बचाने अभियान जारी एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि नशा बच्चों और युवाओं के भविष्य के लिए बड़ा खतरा है। मासूम बच्चों को नशे की गिरफ्त में धकेलने वालों के खिलाफ पुलिस लगातार अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई करेगी।
जींद जिले के नरवाना में एक व्यापारी से फिरौती मांगने के आरोप में गिरफ्तार दो आरोपियों को बुधवार दोपहर पुलिस सुरक्षा के बीच पुराने बाजार ले गई। थाना शहर नरवाना पुलिस ने आरोपी अंकुश और अभिषेक उर्फ भूत को धौला कुआं से सौरभ गर्ग की दुकान तक शिनाख्त परेड और निशानदेही के लिए लाया। दोनों आरोपियों के हाथ हथकड़ियों में बंधे हुए थे और उन्हें पुलिस सुरक्षा के बीच बाजार में घुमाया गया। इस दौरान मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और बाजार में चर्चा का माहौल बना रहा। मुख्य आरोपी अस्पताल में भर्ती पुलिस सूत्रों के अनुसार, मंगलवार को हुई कार्रवाई के दौरान घायल हुआ मुख्य आरोपी अस्पताल में भर्ती है। आज लाए गए इन दो आरोपियों से उसी दुकान के पास पूछताछ की गई, जहां व्यापारी को फिरौती न देने पर जान से मारने की धमकी दी गई थी। यह कार्रवाई करीब 20 मिनट तक चली, जिसके बाद थाना प्रभारी शहर नरवाना दोनों आरोपियों को वापस ले गए। मामले में पुलिस की जांच लगातार जारी है।
जालंधर की ऋषि नगर कॉलोनी में ऑनलाइन देह व्यापार के लिए एक लड़की को बुलाना एक युवक को महंगा पड़ गया। युवक ने आरोप लगाया है कि लड़की ने उसे ब्लैकमेल कर दो बार में 15 हजार रुपए हड़प लिए। बुधवार को दोपहर तीसरी बार लड़की फिर से लड़के घर पहुंच गई और हंगामा किया। जिसके बाद युवक ने पुलिस को सूचना दी। युवक अभिजीत ने बताया कि उसके दोस्त ने ऑनलाइन देह व्यापार के लिए लड़की को बुलाया था। लड़की पहली बार 7,500 रुपए लेकर चली गई। दो दिन बाद वह दोबारा आई और पुलिस बुलाने की धमकी देकर फिर से 7,500 रुपए ले गई। अभिजीत के पास ऑनलाइन भुगतान के सबूत भी मौजूद हैं। युवक का आरोप- उसके घर पर लड़की ने किया हंगामा अभिजीत के अनुसार, बुधवार की दोपहर को लड़की तीसरी बार उनके घर आ गई और हंगामा करने लगी। इसके बाद उन्होंने लड़की को पकड़ लिया और उस पर ठगी का आरोप लगाते हुए पुलिस को बुलाया। वहीं, लड़की ने आरोप लगाया कि युवक ने उसे खुद घर पर बुलाया था और उसे पहली बार पैसे नहीं मिले थे। युवक ने कहा कि उसने अपनी इज्जत बचाने के लिए पहले दो बार पैसे दिए थे। घटना की सूचना 112 पर पुलिस को दी गई। थाना प्रभारी ने बताया कि उन्हें 112 से सूचना मिली थी। पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों से पूछताछ कर रही है। पुलिस लड़की को अपनी गाड़ी में बैठाकर आगे की पूछताछ के लिए थाने ले गई।
कोरबा के गेवरा-दीपका क्षेत्र में मंगलवार को एटक और सीटू ट्रेड यूनियन ने बढ़ती महंगाई, पेट्रोल-डीजल और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि के विरोध में संयुक्त प्रदर्शन किया। दीपका की प्रगति नगर कॉलोनी स्थित शॉपिंग सेंटर में बड़ी संख्या में श्रमिक और पदाधिकारी जुटे। उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और महंगाई पर तुरंत नियंत्रण की मांग की। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से दैनिक उपयोग की वस्तुएं भी महंगी हो रही हैं। इसका सीधा असर आम जनता और श्रमिक वर्ग के घरेलू बजट पर पड़ रहा है। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने राहत नहीं दी तो मजदूर संगठन बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। एटक के सचिव विनोद कुमार यादव ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण आम जनता महंगाई की मार झेल रही है। पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे मजदूर और मध्यम वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सरकार से महंगाई रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की। सीटू की मांग सीटू के क्षेत्रीय सचिव धरमलाल टंडन ने कहा कि बढ़ती महंगाई ने श्रमिक वर्ग की स्थिति कमजोर कर दी है। खाने-पीने की वस्तुओं से लेकर परिवहन तक हर चीज महंगी हो गई है। उन्होंने सरकार से जल्द राहत देने की मांग की, अन्यथा मजदूर सड़कों पर उतरेंगे। जेसीसी सदस्य अजय राठौर ने कहा कि केंद्र सरकार महंगाई नियंत्रित करने में विफल रही है। उन्होंने आम जनता को राहत देने के लिए कीमतों में तुरंत कमी करने की मांग की। आंदोलन की चेतावनी श्रमिक नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार कॉर्पोरेट घरानों को फायदा पहुंचा रही है और आम जनता की अनदेखी कर रही है। संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिन में कीमतें कम नहीं हुईं तो गेवरा-दीपका क्षेत्र में चक्काजाम और खदान बंद आंदोलन किया जाएगा। बांकिमोंगरा सब्जी मार्केट पुनर्निर्माण को लेकर विरोध प्रदर्शन वहीं, शहर के बांकिमोंगरा डेली सब्जी मार्केट के पुनर्निर्माण को लेकर मंगलवार को भारी विरोध प्रदर्शन हुआ। नगर पालिका, तहसीलदार और पुलिस की टीम मार्केट शेड हटाने पहुंची थी। इस कार्रवाई का दुकानदारों ने कड़ा विरोध किया। इस दौरान भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश मंत्री भागवत विश्वकर्मा भी प्रदर्शन में शामिल हो गए। कई घंटों तक चले विरोध के बाद आखिरकार सभी पक्षों के बीच सहमति बन गई। दुकानदारों का कहना था कि वे कई सालों से इस स्थान पर दुकानें लगा रहे हैं। उन्हें आशंका थी कि पुनर्निर्माण के बाद दुकानें छिन सकती हैं, जिससे उनकी आजीविका पर संकट आ सकता है। मार्केट में लगभग 90 दुकानें संचालित बांकिमोंगरा डेली मार्केट में लगभग 90 दुकानें संचालित हैं। नगर पालिका बांकिमोंगरा ने इन दुकानों को हटाने के लिए पहले भी कई बार नोटिस जारी किए थे। नगर पालिका, पुलिस और व्यापारियों के बीच सहमति से पंचनामा तैयार किया गया। इसके अनुसार मार्केट के 70 प्रतिशत हिस्से पर नियम अनुसार नया निर्माण किया जाएगा, जबकि 30 प्रतिशत हिस्से में पहले की तरह सब्जी व्यापार जारी रहेगा। व्यापारियों की प्रतिक्रिया स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि पुराना मार्केट जर्जर स्थिति में पहुंच चुका था। बरसात में कीचड़ और गर्मी में धूप के कारण परेशानी होती थी। नए निर्माण से पक्की दुकानें मिलेंगी और ग्राहकों को बेहतर सुविधा प्राप्त होगी। प्रशासन का आश्वासन प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जाएगा, ताकि व्यापारियों का कारोबार लंबे समय तक प्रभावित न हो। पूरी कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को रोका जा सके।
गिरिडीह जिले के पचंबा थाना पुलिस ने मानव तस्करी और देह व्यापार के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने बोडो इलाके में छापेमारी कर बंधक बनाई गईं दो नाबालिग जुड़वां बहनों को सकुशल मुक्त करा लिया। इस नेटवर्क का संचालन करने वाली मुख्य महिला मास्टरमाइंड को पुलिस ने मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सिरसिया से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी महिला शातिर तरीके से ग्रामीण इलाकों की गरीब लड़कियों को शहर में अच्छी नौकरी दिलाने का झांसा देकर बुलाती थी। इसके बाद उन्हें ठिकानों पर बंधक बनाकर जबरन इस घिनौने दलदल में धकेल दिया जाता था। पुलिस को इस काले धंधे की भनक तब लगी जब पीड़ितों ने फोन कर मदद मांगी। काम के बहाने बुलाकर बनाया बंधक मुक्त कराई गईं जुड़वां बहनों ने पुलिस को बताया कि उन्हें 15 दिनों से बोडो इलाके के एक कमरे में कैद रखा गया था। उन्हें काम दिलाने के बहाने गिरिडीह लाया गया था, लेकिन यहां आते ही उनसे जबरन अश्लील काम कराया जाने लगा। जब भी वे इसका विरोध करतीं, आरोपी महिला उनके साथ गाली-गलौज करती थी। उन्हें घर नहीं लौटने देती थी। मंगलवार को जब दोनों बहनों ने घर जाने की जिद की, तो आरोपी ने उन्हें कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद लड़कियों ने साहस जुटाकर पुलिस को फोन किया। उन्होंने बताया कि उनके अलावा कई अन्य लड़कियों को भी नौकरी का लालच देकर यहां लाया जाता था। धंधा चलाने वाली महिला गई जेल पीड़ितों की सूचना पर पचंबा थाना प्रभारी राजीव कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बोडो में छापा मारा। पुलिस के आने की भनक मिलते ही आरोपी महिला भाग निकली, जिसे बाद में पुलिस ने सिरसिया से दबोच लिया। जांच में खुलासा हुआ कि महिला शातिर ढंग से एकांत इलाकों में किराए का कमरा लेकर यह धंधा चलाती थी। शक होने पर ठिकाना बदल लेती थी। थाना प्रभारी ने बताया कि दोनों लड़कियों को सुरक्षित बरामद कर लिया गया है। मामले की गहन जांच जारी है। गिरोह में शामिल अन्य चेहरों को बेनकाब करने के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।
शाहजहांपुर के कटरा थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम दो सर्राफा व्यापारियों के गुटों के बीच जमकर विवाद हो गया। मेन बाजार स्थित एक सर्राफा दुकान पर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। इस दौरान लाठी-डंडे चले और पत्थरबाजी भी हुई। हमले में एक पक्ष के चार लोग घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, सर्राफा व्यापारी सुभाष वर्मा की दुकान पर उनके बेटे विपिन वर्मा और पवन वर्मा बैठे थे। इसी दौरान उनका बाजार के ही दूसरे सर्राफा व्यापारी से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। पहले दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज और धक्का-मुक्की हुई। इसके बाद दूसरे पक्ष के लोग कथित तौर पर लाठी-डंडों के साथ दुकान में घुस गए और हमला कर दिया। वीडियो में युवक ने लहराया असलहा घटना के दौरान जमकर हंगामा हुआ और ईंट-पत्थर भी चले। देर रात इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में एक व्यक्ति हाथ में असलाह लहराता दिखाई दे रहा है। हालांकि, पुलिस अभी यह स्पष्ट नहीं कर सकी है कि असलाह लाइसेंसी था या अवैध। घायलों को मेडिकल के लिए भेजा घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल भेजा। कटरा थाना प्रभारी ने बताया कि दो पक्षों के बीच मारपीट हुई है, जिसमें चार लोग घायल हुए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। देर रात तक किसी भी पक्ष की ओर से थाने में तहरीर नहीं दी गई थी।
अजमेर की बकरा मंडी में इन दिनों चोरों का आतंक देखने को मिल रहा है। मंडी में हुई दो अलग-अलग वारदातों ने व्यापारियों और पशुपालकों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दोनों घटनाएं मंडी में लगे CCTV कैमरों में कैद हुई हैं। पीड़ितों ने रामगंज थाने में शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पहली वारदात में मंडी से एक महंगा बकरा चोरी कर ले जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित सदाम हुसैन ने शिकायत में बताया कि 23 मई की रात करीब 1 बजे वह मंडी में मौजूद था। इसी दौरान कुछ लोग बकरा देखने के बहाने वहां पहुंचे। मौका मिलते ही आरोपी उसका चितला-काबरा नस्ल का बकरा खोलकर कार में डालकर फरार हो गए। पूरी घटना मंडी के CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हो गई। पीड़ित ने पुलिस से बकरा वापस दिलाने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। वहीं दूसरी घटना 26 मई दोपहर करीब 12:11 बजे की है। पीड़ित इरफान हुसैन ने बताया कि वह आड़त नंबर-23 पर बकरे बेच रहा था। दो बकरों की बिक्री के बाद उसने 50 हजार रुपए जेब में रखे थे। इसी दौरान चार युवक उसके पास पहुंचे। एक युवक जानबूझकर उससे टकराया और गिरने का नाटक करने लगा। वह खुद को लंगड़ा बताते हुए इरफान को बातों में उलझाता रहा। इसी दौरान टोपी पहने उसके साथी ने जेब से 50 हजार रुपए निकाल लिए। पीड़ित के अनुसार तीन युवकों ने ब्लैक शर्ट पहन रखी थी, जबकि एक युवक क्रीम शर्ट और टोपी में था। यह पूरी वारदात भी CCTV कैमरों में कैद हो गई। दोनों घटनाओं के बाद बकरा मंडी में व्यापारियों और पशुपालकों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि मंडी में रोजाना हजारों लोगों की आवाजाही रहती है, ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत है। पुलिस अब CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान में जुटी हुई है।
स्क्रैप व्यापारियों ने जीएसटी घटाने की उठाई मांग
भास्कर न्यूज | लुधियाना स्क्रैप ट्रेडर्स एसोसिएशन की एक संयुक्त बैठक अध्यक्ष जतिंदरपाल सिंह खुराना और चेयरमैन जरनैल सिंह खेड़ा के नेतृत्व में आयोजित की गई, जिसमें स्क्रैप कारोबार से जुड़े व्यापारियों की समस्याओं और चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने कहा कि स्क्रैप व्यापारी हर दिन मानसिक तनाव के माहौल में काम करने को मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मिल मालिकों की मनमानी के कारण छोटे और मध्यम स्तर के व्यापारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बैठक में उधारी के बढ़ते चलन और समय पर भुगतान न मिलने की समस्या पर भी गहरी चिंता जताई गई। उप प्रधान परमजीत सिंह खुराना ने कहा कि ट्रैफिक और जीएसटी विभाग के अधिकारियों से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है। एसोसिएशन ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की कि स्क्रैप कारोबार पर लागू 18 प्रतिशत जीएसटी को घटाकर 5 प्रतिशत किया जाए, ताकि व्यापारी बिना डर और तनाव के पारदर्शी तरीके से व्यापार कर सकें। नेताओं ने कहा कि व्यापारियों की आवाज सरकार तक पहुंचाने के लिए एकजुटता बेहद जरूरी है। बैठक में यह भी घोषणा की गई कि हर वर्ष की तरह इस बार भी 12, 13 और 14 जून को गर्मी के मौसम को देखते हुए स्क्रैप कारोबार में अवकाश रहेगा। इस अवसर पर जतिंदर सिंह बॉबी, दलीप सिंह खुराना, परमजीत सिंह खुराना, प्रीतपाल सिंह डंग, मनजिंदर सिंह चावला, इंद्रजीत सिंह मक्कड़, कंवलजीत सिंह चुघ, तरनदीप सिंह अरोड़ा, राज कुमार, अरविंदर सिंह लकी, प्रभजोत सिंह कालड़ा, टिंकू मक्कड़, हरमीत सिंह सोनी आदि मौजूद रहे।
हीटवेव की मार: बाजारों से रौनक गायब, फुटफॉल 80 फीसदी तक घटा, व्यापार 60 प्रतिशत प्रभावित
भास्कर न्यूज| लुधियाना मई के महीने में आसमान से बरस रही आग और भीषण हीटवेव ने लुधियाना के कपड़ा और इलेक्ट्रॉनिक्स हब कहे जाने वाले बाजारों की कमर तोड़ दी है। शहर का तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने के साथ ही दोपहर के समय प्रमुख बाजारों में लॉकडाउन जैसा सन्नाटा पसरने लगा है। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच की चिलचिलाती धूप और गर्म हवा के कारण आम लोगों ने घरों से निकलना बंद कर दिया है, जिसका सीधा असर शहर के करोड़ों रुपए के दैनिक व्यापार पर पड़ रहा है। इस भीषण गर्मी के कारण 60% व्यापार पर असर पड़ा है। किताब बाजार और बिजली बाजार एसोसिएशनों के प्रधान ने बताया कि उन्होंने गर्मी से बचने के लिए मार्केट में हरे रंग की त्रिपाल भी लगा दी है और ग्राहकों के लिए ठंडे पानी की छबील भी लगाई हुई है ताकि कोई ग्राहक पैदल चलकर आता है तो उसे ठंडा पानी पिलाया जा सके। उन्होंने बताया कि इतनी ज्यादा गर्मी पहली बार देख रहे है जिस करके दूसरे राज्यों के भी ग्राहक नहीं आ रहे है। भास्कर टीम द्वारा किए गए ग्राउंड सर्वे के अनुसार, लुधियाना के सबसे व्यस्त रहने वाले चौड़ा बाजार, घुमार मंडी, फील्ड गंज, मॉडल टाउन और सराभा नगर मार्केट में दोपहर के समय ग्राहकों की संख्या में 70 से 80 फीसदी तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है। चौड़ा बाजार, जहां आम दिनों में दोपहर को पैर रखने की जगह नहीं होती थी, वहां अब सड़कें सूनी पड़ी हैं और रेहड़ी-फड़ी वाले छांव तलाशते नजर आते हैं। वही गांधी नगर और पुराना बाजार होलसेल मार्केट में भी सन्नाटा छाया हुआ था। घुमार मंडी मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष परमजीत सिंह वालिया ने कहा कि बाजार जमीनी हकीकत बयां की। उन्होंने बताया, यह समय एनआरआई की शॉपिंग का मुख्य सीजन होता था। विदेशों से आने वाले पंजाबी इस मौसम में यहां जमकर खरीदारी करते थे, लेकिन इस बार भीषण हीटवेव के डर से एनआरआई ग्राहकों ने भी बाजार से दूरी बना ली है। बाजार में इस समय 80 फीसदी ग्राहक गायब हैं। शोरूमों में ग्राहक न होने की वजह से भारी-भरकम बिजली बिलों से बचने के लिए दुकानदारों ने एसी बंद रखने का फैसला किया है। घुमार मंडी केवल एक बाजार नहीं है, बल्कि हजारों परिवारों की रोजी-रोटी का जरिया है। परमजीत सिंह वालिया ने बताया कि इस पूरी मार्केट में लगभग 5,000 लेबर (सेल्समैन, हेल्पर, टेलर और अन्य स्टाफ) काम करते हैं। पिछले कई दिनों से बिक्री न के बराबर होने के बावजूद व्यापारी वर्ग इन कर्मियों को अपनी जेब से सैलरी दे रहा है। बाजार की टाइमिंग बढ़ाने की मांग: दलजीत सिंह दुकानदार अकाल मार्केट दुकानदार कपड़ा व्यापारी ने कहा कि सुबह से शाम तक बोहनी तक होनी मुश्किल हो जाती है। ग्राहक शाम को 7 बजे के बाद निकलता है, लेकिन रात को 9 बजे तक बाजार बंद करने का समय हो जाता है। सरकार और एसोसिएशन को मिलकर गर्मियों के लिए बाजार की टाइमिंग में ढील देनी चाहिए ताकि रात को देर तक काम हो सके। बाजार को रात 10:30 या 11:00 बजे तक खोलने की मांग:चौड़ा बाजार कपड़ा कारोबारी प्रिंस मिड्ढ़ा ने सुझाव दिया कि यूरोप और खाड़ी देशों की तर्ज पर, जहां गर्मियों में दोपहर को बाजार बंद रहते हैं, लुधियाना के संगठनों को भी समय बदलना चाहिए। दोपहर 1:00 से शाम 4:30 बजे तक दुकानें बंद रखकर स्टाफ को आराम दिया जा सकता है और इसकी भरपाई के लिए बाजार को रात 10:30 या 11:00 बजे तक खोलने की अनुमति प्रशासन से ली जा सकती है। इससे बिजली की बचत होगी और ग्राहकों को भी शाम के ठंडे माहौल में खरीदारी का मौका मिलेगा।
कार से 65 लाख रुपए बरामद:दस्तावेज दिखा नहीं पाया बालोद का व्यापारी तो पुलिस ने जब्त किए पैसे
रायपुर-जगदलपुर नेशनल हाईवे-30 पर मरकाटोला के पास पुलिस ने मंगलवार को एक कार से करीब 65 लाख रुपए बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार कार में सवार व्यापारी बालोद निवासी अमित जैन है। वह केशकाल से नकद लेकर बालोद लौट रहे थे जांच के दौरान उनके वाहन में रखे दो अलग-अलग थैले से 500-500 रुपए की नई करंसी मिली। इन्हें गिनने में करीब तीन घंटे का समय लगा। व्यापारी अब तक रकम से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाए। इसके चलते पूरी राशि पुलिस ने अपने कब्जे में ले ली। मामले की सूचना एसडीएम, तहसीलदार और आयकर विभाग को भी दी गई है। जब्त रकम को आगे की जांच के लिए आयकर विभाग (आईटी) को सौंपने की तैयारी चल रही है। नवंबर 2025 में कार से 3 करोड़ मिले,लेकिन किसके नहीं पता : बालोद पुलिस ने 12 नवंबर 2025 को नाकाबंदी कर बालोद-दुर्ग मुख्य मार्ग में स्थित पड़कीभाट बाइपास के पास महाराष्ट्र पासिंग क्रेटा कार (एमएच 04 एमए 8035) से लगभग 3 करोड़ रुपए बरामद किए। हालांकि यह रकम किसकी है, अब तक पता नहीं लगा। इसकी जांच आईटी विभाग से चल रही है। 3 करोड़ रुपए जब्त कर पुलिस ने कार में सवार पटेल अलपेश कुमार (49) निवासी पटेलवास सुण्डिया गुजरात और अशोक गाड़गे(42) निवासी न्यू श्रीनाथ कॉम्पलेक्स सी-203 मीरा भयंदर रोड ठाणे (महाराष्ट्र) को गिरफ्तार किया था।
वॉक टू वर्क मॉडल:निवेश, उद्योग और शहरी विकास को गति देने बदलेंगे नियम
प्रदेश में निवेश, उद्योग और शहरी विकास को गति देने के लिए राज्य सरकार भवन स्वीकृति और भूमि उपयोग नियमों में बदलाव की तैयारी कर रही है। नए प्रावधानों के तहत तय समय सीमा में भवन निर्माण अनुमति नहीं मिलने पर उसे स्वतः स्वीकृत यानी डीम्ड एप्रूवल माना जाएगा। सरकार निर्माण स्वीकृति प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की दिशा में काम कर रही है। केंद्र सरकार के कंप्लायंस रिडक्शन एंड डिरेगुलेशन रिफॉर्म के तहत राज्यों को शहरी नियोजन, भूमि उपयोग और निर्माण अनुमति प्रक्रियाएं सरल बनाने की सिफारिश की गई है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम, 1984 में संशोधन कर प्रक्रिया आसान की जा रही है। नए नियमों के तहत प्लींथ, कंप्लीशन और ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट जारी करने की समय सीमा तय होगी। निरीक्षण चार दिन के भीतर करना होगा और रिपोर्ट 48 घंटे में देनी होगी। तय अवधि में प्रमाण पत्र जारी नहीं होने पर उसे स्वतः स्वीकृत माना जाएगा। सरकार थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन और आर्किटेक्ट आधारित सेल्फ सर्टिफिकेशन व्यवस्था को भी बढ़ावा दे रही है। छोटे उद्योग स्थापित करना आसान होगा एमएसएमई उद्योगों को राहत देने के लिए सड़क चौड़ाई मानकों में भी युक्तिकरण किया गया है। नए नियमों के तहत छोटे गैर-प्रदूषणकारी उद्योगों के लिए न्यूनतम पहुंच मार्ग की अनिवार्यता कम की गई है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे उद्योग स्थापित करना आसान होगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और औद्योगिक क्लस्टर विकास को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन सुधारों के लागू होने से छत्तीसगढ़ में निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा, उद्योग स्थापना की प्रक्रिया तेज होगी और शहरी अधोसंरचना विकास को नई गति मिलेगी। डिजिटल और समयबद्ध स्वीकृति प्रणाली से प्रशासनिक दक्षता बढ़ने के साथ राज्य को निवेश आकर्षित करने में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त भी मिल सकती है। भवन अनुमति प्रक्रिया ऑन लाइन, पारदर्शिता पर जोरभवन अनुमति प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल बनाने के लिए ALBPMS सॉफ्टवेयर लागू किया जा रहा है। इसके जरिए ऑनलाइन आवेदन, एकीकृत भुगतान प्रणाली, डिजिटल हस्ताक्षरित भवन योजनाएं, ऑटो-डीसीआर के माध्यम से स्वचालित भवन परीक्षण और डिजिटल ऑक्यूपेंसी व कंप्लीशन सर्टिफिकेट जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे नागरिकों और निवेशकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे तथा पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी। ऑनलाइन सिंगल विंडो प्रणाली : सभी एनओसी को एकीकृत पोर्टल से जोड़ेंगेभूमि उपयोग परिवर्तन प्रक्रिया को भी सरल और डिजिटल किया जा रहा है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार कई श्रेणियों की भूमि के व्यपवर्तन के लिए पूर्व अनुमति की अनिवार्यता समाप्त की गई है। सरकार ऑनलाइन सिंगल विंडो प्रणाली और एनओसी को एकीकृत पोर्टल से जोड़ने की दिशा में भी काम कर रही है। इससे उद्योग स्थापना और नई परियोजनाओं की स्वीकृति प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है। कर्मियों के लिए अधिकतम 60 वर्गमीटर तक के आवास निर्माण की अनुमतिराज्य सरकार फ्लेक्सिबल जोनिंग और मिक्स लैंड यूज मॉडल को बढ़ावा दे रही है। संशोधित प्रावधानों के अनुसार औद्योगिक क्षेत्रों में उद्योगों से जुड़े कर्मचारियों के लिए अधिकतम 60 वर्गमीटर तक के किफायती आवास निर्माण की अनुमति दी गई है। इसे वॉक टू वर्क मॉडल से जोड़कर देखा जा रहा है। कर्मचारियों को कार्यस्थल के पास आवास मिल सकेगा। इससे शहरी विस्तार नियंत्रित करने व टाउनशिप विकसित करने में मदद मिलेगी।
व्यापारी से रंगदारी मांगने वाला हार्डकोर बदमाश लादेन गिरफ्तार
जयपुर | व्यापारी से रंगदारी मांगने के मामले में कमिश्नरेट की सीएसटी और साउथ जिला पुलिस ने अलवर के हार्डकोर बदमाश विक्रम उर्फ लादेन को गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली में 30 से ज्यादा प्रकरण दर्ज हैं। नारायण विहार में दर्ज डकैती के मामले में डीसीपी साउथ राजर्षि राज वर्मा ने उस पर 20 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने बताया कि विक्रम उर्फ लादेन ने शिप्रापथ क्षेत्र में पीजी संचालक अनूप सिंह को कॉल कर 1 लाख की रंगदारी मांगी थी। नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी गई। मंगलवार को सीएसटी को मिले इनपुट के आधार पर आरोपी को पकड़ लिया गया। शिप्रापथ थाने में गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। आरोपी लादेन पूर्व में पपला गुर्जर का दुश्मन था, लेकिन बाद में उससे दोस्ती हो गई। वह हरियाणा की चीकू गैंग का सक्रिय था। उस पर हत्या, हत्या के प्रयास, अवैध कब्जे और रंगदारी जैसे कई मामले दर्ज हैं। वह राजस्थान के टॉप-10 बदमाशों में शामिल और बहरोड़ क्षेत्र का हार्डकोर अपराधी बताया गया है।
उदयपुर, महाराष्ट्र व बिहार के लोगों को जयपुर लाकर लूटा, भरतपुर के व्यापारी को पटना ले गए
भांकरोटा में बुजुर्ग दंपती से 48 लाख रुपए लूटने वाले गिरोह ने अन्य राज्यों के लोगों को जयपुर लाकर भी बंधक बनाया था। जांच में सामने आया कि उदयपुर, महाराष्ट्र और बिहार के लोगों को जयपुर बुलाकर वारदात की गई। पुलिस आरोपियों से मिले रिकॉर्ड के आधार पर इन पीड़ितों की तलाश कर रही है। इसके लिए टीमें अन्य राज्यों में भी भेजी जाएंगी। गिरफ्तार आरोपियों में गोपालगंज (बिहार) निवासी निखिल तिवाड़ी उर्फ मोहित उर्फ गुरप्रीत उर्फ अखिल, उदयपुर निवासी उस्मान गनी, चम्पारण (बिहार) निवासी वसीम अख्तर उर्फ गोलू और चूरू निवासी अखिल कुमार महरीवाला शामिल हैं। पूछताछ में अब तक 44.50 लाख रुपए, अवैध हथियार, एक कार और 80 हजार रुपए से खरीदा गया सामान जब्त किया है। डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण की ओर से इन पर 20-20 हजार रुपए का इनाम घोषित था। मामले में दो आरोपी अभी फरार हैं। गोल्ड व्यापारी बताकर संपर्क करता डीसीपी प्रशांत किरण के अनुसार गिरोह का सरगना निखिल तिवाड़ी ऑनलाइन प्रॉपर्टी पोर्टल के जरिए संपत्ति बेचने वालों को चिन्हित करता था। खुद को गोल्ड व्यापारी बताकर संपर्क करता और भरोसा जीतकर उनके पास पहुंचता था। इसके बाद पीड़ितों को बंधक बनाकर नकदी लूटी जाती थी। सरगना निखिल सिर्फ 9वीं कक्षा तक ही पढ़ा है। दूसरे शहरों में भी करते थे वारदात गिरोह जयपुर, महाराष्ट्र और पटना में 9 व्यापारियों को निशाना बनाकर करीब 7 करोड़ रुपए लूट चुका है। भरतपुर के एक होटल व्यवसायी को पटना ले जाकर 20 लाख रुपए लूटे गए, जबकि एक गोल्ड व्यापारी को पटना में बंधक बनाकर 40 लाख रुपए लूटे गए। जयपुर में भी गिरोह द्वारा पूर्व में 3 वारदातें करने की जानकारी सामने आई है। इन मामलों में पीड़ित उदयपुर, मुंबई और बिहार के बताए जा रहे हैं।
पेंड्रा-गौरेला-मरवाही जिले के कोटमी साप्ताहिक बाजार में बदमाशों ने सर्राफा व्यापारी की गोली मारकर हत्या कर दी है। दुकान बंद करते समय बदमाश प्रदीप सोनी से सोना-चांदी लूटने लगे, उन्होंने विरोध किया तो सीने पर गोली मार दी। मार्केट में अफरा-तफरी मच गई। घटना पेंड्रा थाना क्षेत्र की है। बताया जा रहा है कि, व्यापारी का सोना-चांदी लूटकर बदमाश फरार हो गए हैं। हालांकि, कितने की लूट हुई है इसकी जानकारी अभी नहीं मिल पाई है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। हत्या के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है। परिजन और स्थानीय व्यापारियों ने अस्पताल में पुलिस से शव छीन लिया और सड़क जाम कर दिया। सर्राफा व्यापारी संगठन और अन्य व्यापारी संगठनों ने आज पेंड्रा बंद का ऐलान किया है। पहले देखिए ये तस्वीरें- जानिए क्या है पूरा मामला चश्मदीदों के अनुसार, मंगलवार रात करीब 7 बजे 3 आरोपी एक पल्सर पर सवार होकर आए थे। बदमाशों ने प्रदीप सोनी को बेहद करीब से गोली मारी है। सूचना मिलते ही कोटमी चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। गंभीर रूप से घायल प्रदीप सोनी को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने घटना स्थल को सील कर दिया है। मौके से खून के धब्बे और खाली कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस ने इलाके की नाकाबंदी कर दी है और फरार पल्सर सवारों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। बदमाशों ने सीने पर मारी गोली जिला अस्पताल के डॉक्टर प्रशांत रात्रे ने बताया कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही व्यापारी की मौत हो गई थी। दाहिने तरफ सीने में गोली लगी है। अभी बॉडी से एक ही गोली मिली है। पीएम के बाद पता चलेगा की कितनी गोली मारी गई है। कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल स्थानीय पंकज तिवारी ने बताया कि, लूट की नीयत से सरेआम व्यापारी प्रदीप सोनी को गोली मारी गई है। यह सीधे तौर पर कानून व्यवस्था की लापरवाही है। जब नागरिक और व्यापारी सुरक्षित नहीं है तो इस प्रदेश का हाल कैसा चल रहा होगा आप समझ सकते हैं। …………………….. क्राइम से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… बिलासपुर में सराफा व्यापारी से फिर 25 लाख की लूट: बदमाश ज्वेलरी से भरा 3 बैग छीनकर भागे, 3 दिन में दूसरी वारदात छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के सीपत क्षेत्र में मंगलवार की शाम फिर बड़ी लूट की घटना हुई। जानकारी के अनुसार, शहर के रमेश ज्वेलर्स में करीब 25 लाख रुपए के सोने और चांदी के आभूषण लूट लिए गए। घटना तब हुई जब दुकान का शटर गिर रहा था। पढ़ें पूरी खबर
देश में निजी निवेश पर कांग्रेस के दावे भ्रामक, अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत: अमित मालवीय
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता अमित मालवीय ने कांग्रेस सांसद जयराम रमेश पर सरकार की आर्थिक नीति की आलोचना करने के लिए भयभीत करने वाले और बकाया करने वाले तर्क देने का आरोप लगाया
पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की लगातार बढ़ती कीमतों के विरोध में मंगलवार को कांग्रेस ने राजधानी जयपुर में केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। पूर्व मंत्री व कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट सर्किल पर भाजपा सरकार का पुतला दहन किया गया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, पार्षद, ब्लॉक अध्यक्ष, पार्षद प्रत्याशी, वार्ड अध्यक्ष और मंडल अध्यक्ष मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। “पी गई पेट्रोल, खा गई तेल, महंगाई बढ़ाने का बीजेपी का खेल” लगाए नार कार्यकर्ताओं ने “पी गई पेट्रोल, खा गई तेल, महंगाई बढ़ाने का बीजेपी का खेल”,“पेट्रोल, डीजल, गैस सिलेंडर की मार से रो रहे लोग, मजे ले रही है भारत सरकार!”,“महंगाई वृद्धि वापस लो” और “पेट्रोल-डीजल, गैस-सिलेंडर महंगा कर दिया, भारत सरकार ने जनता का जीना तंग कर दिया!”जैसे आक्रोशपूर्ण नारों के साथ विरोध प्रदर्शन किया। खाचरियावास बोले- भाजपा सरकार रोज आम जनता की जेब पर डाका डाल रही है इस दौरान प्रताप सिंह खाचरियावास ने केंद्र की भाजपा सरकार पर जुबानी हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा सरकार रोज आम जनता की जेब पर डाका डाल रही है। पेट्रोल, डीजल और गैस सिलेंडर के दामों में लगातार बढ़ोतरी कर आम आदमी का जीना मुश्किल कर दिया गया है। गरीब, मजदूर, किसान और मध्यम वर्ग हर वर्ग महंगाई की मार से त्रस्त है, लेकिन दिल्ली की भाजपा सरकार सत्ता के अहंकार में जनता की पीड़ा सुनने को तैयार नहीं है। खाचरियावास बोले- भाजपा सरकार केवल बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने में लगी है खाचरियावास ने कहा कि केंद्र सरकार रोजाना पेट्रोल, डीजल और गैस के दाम बढ़ा रही है और उसे इस पर शर्म करनी चाहिए। जनता महंगाई से कराह रही है, जबकि भाजपा सरकार केवल बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि भाजपा और प्रधानमंत्री ने चुनाव के समय जनता से बड़े-बड़े वादे किए थे कि पेट्रोल-डीजल, गैस और महंगाई कम करेंगे तथा लोगों को राहत देंगे, लेकिन सत्ता में आते ही सारे वादे भूल गए। उन्होंने कहा कि आज हालात ऐसे हो गए हैं कि लोग रोटी, गैस और पेट्रोल के खर्च से टूट चुके हैं। आम जनता पूछ रही है कि आखिर घर कैसे चलाए? क्या गरीब आदमी खाना छोड़ दे? क्या आम आदमी मर जाए? सड़क से सदन तक विरोध की दी चेतावनी खाचरियावास ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पेट्रोल, डीजल और गैस सिलेंडर के दाम कम नहीं किए गए तो कांग्रेस का आंदोलन रुकने वाला नहीं है। कांग्रेस कार्यकर्ता आम आदमी के साथ सड़कों पर उतरकर भाजपा सरकार को नींद से जगाने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने में लगी है और आम जनता को महंगाई की आग में झोंक दिया गया है। कांग्रेस पार्टी जनता के हक की लड़ाई सड़क से सदन तक लगातार लड़ती रहेगी और भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों का हर स्तर पर विरोध जारी रहेगा।
ग्वालियर के आर्य नगर इलाके में मंगलवार शाम को सदर बाजार के एक सराफा कारोबारी ने फांसी ली। पति को फंदे पर लटका देख उनकी पत्नी ने रोते हुए बेटे को जानकारी दी। बेटा अपनी दुकान से दौड़ता हुआ घर पहुंचा। पिता फंदे पर लटके देख तत्काल उसने चाकू से फंदा काटा और हॉस्पिटल लेकर गया। वहां डॉक्टर ने कारोबारी को मृत घोषित कर दिया। घटना स्थल से कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को निगरानी में लेकर जांच शुरू कर दी है। मुरार थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आर्य नगर निवासी श्रीकृष्ण सोनी की मुरार सदर बाजार में सोने-चांदी की दुकान है। शाम करीब 4 बजे उनका 28 वर्षीय बेटा आशुतोष सोनी रोज की तरह दुकान पर बैठा हुआ था। इसी दौरान उसके मोबाइल पर मां अर्चना सोनी का फोन आया। मां फोन पर बिलख-बिलख कर रो रही थीं और उन्होंने आशुतोष को तुरंत घर आने के लिए कहा। मां को इस हाल में देखकर आशुतोष घबरा गया और दुकान छोड़कर तुरंत घर के लिए भागा। बेटे ने चाकू से तार काटकर पिता को उतारा आशुतोष जब घर पहुंचा तो मां अर्चना और दादी लक्ष्मी सोनी जोर-जोर से रो रही थीं। मां ने रोते हुए बताया कि उसके पिता ने अंदर कमरे में फांसी लगा ली है। आशुतोष भागकर कमरे में गया तो देखा कि उसके पिता श्रीकृष्ण सोनी छत के कुंदे से लोहे का तार का फंदा बनाकर लटके हुए थे। उसने तुरंत फंदे को खोलने का प्रयास किया, लेकिन तार कस जाने के कारण वह हाथ से नहीं खुला। इसके बाद आशुतोष ने रसोई से चाकू लाकर तार को काटा और पिता के शव को नीचे उतारा। उस वक्त पिता की नब्ज हल्की चल रही थी और वह बेहोश थे। अस्पताल ले भागे परिजन, लेकिन नहीं बची जान आशुतोष तुरंत अपने परिजनों की मदद से अचेत पिता को कार में डालकर इलाज के लिए गोला का मंदिर स्थित बिरला अस्पताल लेकर भागा। लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद श्रीकृष्ण सोनी को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक, अस्पताल लाने से कुछ देर पहले ही वह दम तोड़ चुके थे। तनाव या व्यापारिक घाटा? जांच में जुटी पुलिस घटना की सूचना मिलते ही मुरार थाना पुलिस की टीम अस्पताल और घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने शव का पंचनामा बनाकर उसे पोस्टमार्टम (PM) हाउस भेज दिया है। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, जिससे आत्महत्या के कारणों को लेकर रहस्य गहरा गया है। पुलिस इसी थ्योरी पर काम कर रही है कि खुदकुशी के लिए पीछे की वजह क्या है। कोई तनाव, व्यापारिक घाटा या फिर गृह क्लेश। टीआई मुरार मैना पटेल ने बताया- एक सराफा कारोबारी द्वारा फांसी लगाकर जान दिए जाने के मामले में मर्ग कायम कर डायरी जांच में ले ली गई है। फिलहाल यह साफ नहीं हो सका है कि उन्होंने किन कारणों या मानसिक तनाव के चलते यह आत्मघाती कदम उठाया। फिलहाल जांच जारी है।
मेरठ के ऐतिहासिक नौचंदी मेले में जहां अभी ठीक से रौनक लगी भी नहीं थी, कि उससे पहले ही आज उसमें खलल दिखाई दिया। मंगलवार को मेले में पहुंची जिला प्रशासन और जिला पंचायत की की टीम ने दुर्गा मंदिर परिसर के अंदर संचालित हो रहे सभी झूलों को बंद करा दिया। इसके बाद मेले के एक हिस्से में सूनापन दिखाई दिया। 13 में से हुई थी शुरुआत मेरठ के इस ऐतिहासिक मेले का शुभारंभ बीती 13 मई को हुआ था। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह पहुंचे थे। मेले का आयोजन इस बार जिला पंचायत द्वारा कराया जा रहा है और प्रशासन के सहयोग से ही यह चल रहा है। परमिशन न होने के कारण हुई कार्रवाई दरअसल मेले में जो झूले लगते हैं उनकी परमिशन जिला प्रशासन से लेनी पड़ती है। मंदिर परिसर के बाहर जो झूले लगे हैं उनकी तो परमिशन प्रशासन से ली गई है लेकिन मंदिर परिसर के अंदर चलने वाले झूलों की परमिशन नहीं ली गई है। इसी बात की शिकायत भी संबंधित अधिकारियों से की गई थी जिसके चलते आज टीम नहीं है कार्रवाई की है अन्य लोगों को नुकसान जिन लोगों ने परमिशन लेकर अपने निर्धारित जगह पर झूले लगाए हैं उनका भी कहना है कि हमने पहले से परमिशन लेकर और फीस जमा कर यह झूले लगाए हैं ऐसे में अगर कोई कहीं भी झूला लगा देगा तो इससे हमारा व्यापार भी प्रभावित होगा इसलिए प्रशासन द्वारा सिर्फ उन्हें जो लोगों को संचालन या होना दिया जाना चाहिए जिन पर परमिशन है
कानपुर के किदवई नगर में दो दिन पहले हुए पिता-पुत्र के दोहरे हत्याकांड ने शहर के व्यापारियों में आक्रोश पैदा कर दिया है। वारदात के विरोध में मंगलवार को कानपुर मार्बल एंड टाइल्स एसोसिएशन के बैनर तले काफी संख्या में व्यापारी कलेक्ट्रेट पहुंचे। व्यापारियों ने जिलाधिकारी (डीएम) कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री व विधानसभा अध्यक्ष को संबोधित ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों का कहना है कि अब अपराधियों में खौफ पैदा करने के लिए उनके घरों पर बुलडोजर चलना ही चाहिए। रास्ते में रोककर घोंप दिया था चाकू यह खौफनाक वारदात दो दिन पहले रात के वक्त किदवई नगर इलाके में हुई थी। कनक मार्बल्स में काम करने वाले शिवनारायण त्रिवेदी, अपने दो बेटों शिवम और सत्यम के साथ दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। रास्ते में मामूली सी बात को लेकर कुछ शातिर बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। बात इतनी बढ़ी कि बदमाशों ने चाकू निकालकर तीनों पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में पिता शिवनारायण और बेटे शिवम की तड़प-तड़पकर मौत हो गई, जबकि दूसरा बेटा सत्यम गंभीर रूप से घायल है। इस घृणित हत्याकांड के बाद से ही पूरे इलाके के व्यापारियों में दहशत और गुस्सा है। जब तक घर तबाह नहीं होगा, अपराधियों में डर नहीं बैठेगा प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे एसोसिएशन के महामंत्री हिमांशु पाल ने कहा कि यह घटना बेहद निंदनीय है और इसने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने मांग की कि हत्यारों को सीधे मृत्युदंड (फांसी की सजा) दी जाए। अपराधियों के मन में ऐसा खौफ होना चाहिए कि वे कानून को हाथ में लेने से पहले कांप उठें। इसके लिए जरूरी है कि दोषियों के घरों पर तुरंत बुलडोजर चलाया जाए और उनका घर-द्वार तबाह कर दिया जाए। व्यापारी समाज तब तक चुप नहीं बैठेगा जब तक उन्हें भयमुक्त माहौल नहीं मिलता। पीड़ित परिवार के लिए 50-50 लाख के मुआवजे की मांग मार्बल एसोसिएशन ने जिला प्रशासन के माध्यम से सरकार से मांग की है कि मृतक पिता-पुत्र के परिवार को 50-50 लाख रुपये की सरकारी सहायता दी जाए।
मैहर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मंगलवार को फलों को केमिकल से पकाने और उनमें नकली रंग मिलाने की शिकायत पर कार्रवाई की है। विभाग की टीम ने कई दुकानों और गोदामों पर अचानक छापा मारा, जहां से संदिग्ध केमिकल और फलों के सैंपल लिए गए हैं। इन्हें जांच के लिए लैब भेजा गया है। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा अधिकारी अभिषेक बिहारी गौर की अगुवाई में हुई। टीम ने शिव फ्रूट कंपनी और अन्य गोदामों की जांच की। इस दौरान मैसर्स हरीश फ्रूट नाम के प्रतिष्ठान से फलों को पकाने वाले प्रतिबंधित एथिलीन पाउच मिले हैं। अधिकारियों ने वहां से आम के दो सैंपल भी लिए। तरबूज और पपीते के भी सैंपल लिए जांच के दौरान मैसर्स अशोक कुमार पुष्पेन्द्र कुमार की दुकान से तरबूज के दो और मैसर्स संतोष कुमार एंड कंपनी से पपीते के सैंपल लिए गए। इसके अलावा सेब, केला और आम की अलग-अलग वैरायटी जैसे बादाम, दशहरी और तोतापरी के भी नमूने इकट्ठे किए गए। सेहत के लिए खतरनाक है केमिकल अधिकारियों ने बताया कि फलों को पकाने के लिए मना किए गए रसायनों का इस्तेमाल करना सेहत के लिए बहुत बुरा हो सकता है। ऐसे फल खाने से लोगों को गंभीर बीमारियां होने का डर रहता है। इसी वजह से यह अभियान चलाया गया है। रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई जब्त किए गए सभी नमूनों को जांच के लिए लैब भेज दिया गया है। विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद अगर किसी भी फल में मिलावट या प्रतिबंधित केमिकल की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यापारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जींद जिले में नरवाना के पुराना बाजार में किराना व्यापारी सौरभ गर्ग से रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शहर थाना पुलिस और सीआईए टीम ने मंगलवार शाम संयुक्त कार्रवाई कर इन्हें पकड़ा। मुख्य आरोपी भागने की कोशिश में घायल हो गया, जिसे सिविल अस्पताल नरवाना में भर्ती कराया गया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान हर्पित पुत्र दीपक निवासी नरवाना, जिला जींद, हाल रोहिणी दिल्ली, अंकुश पुत्र सुभाष और अभिषेक उर्फ भूत पुत्र दयाराम निवासी कोयल, कैथल के रूप में हुई है। पुलिस को सोमवार सुबह पुराना बाजार स्थित प्रताप मल फकीरचंद किराना दुकान के संचालक सौरभ गर्ग से धमकी और रंगदारी मांगने की सूचना मिली थी। इसके बाद शहर थाना और सीआईए ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित की। भागते वक्त आरोपी के पैर में लगी चोट मंगलवार को पुलिस को सूचना मिली कि तीनों आरोपी दबलैन माइनर के पास हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी कर दी। पुलिस को देखकर मुख्य आरोपी नरवाना निवासी हर्पित मोर भागने लगा, लेकिन इसी दौरान उसके पैर में चोट लग गई। पुलिस ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। उसके 2 अन्य साथी, कोयल निवासी अंकुश और अभिषेक को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। साथियों के साथ मांग थी रंगदारी डीएसपी कमलदीप राणा ने बताया कि करीब एक साल पहले सौरभ गर्ग पर फायरिंग हुई थी। इसी मामले से जुड़े मुख्य आरोपी का भतीजा हर्पित मोर अपने साथियों के साथ दुकान पर पहुंचा था। उसने व्यापारी को धमकी देकर रंगदारी मांगी थी। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास हथियार होने की भी जानकारी मिली है। मामले की जांच जारी है।
शाजापुर शहर के ओसवाल सेरी क्षेत्र में सोमवार दोपहर एक व्यापारी ने अपने गोदाम में चोरी की नीयत से घुसे युवक को पकड़ लिया। आरोपी गोदाम का पिछला दरवाजा तोड़कर अंदर घुसा और कृषि उपकरण चोरी कर भागने की फिराक में था। व्यापारी ने उसकी पिटाई कर पुलिस के हवाले कर दिया गया। खाना खाने घर पहुंचे व्यापारी ने सुनी हलचल संजय कुमार जैन (62) ने बताया कि उनकी बड़ा चौक क्षेत्र में मोटर पंप और कृषि उपकरणों की दुकान है। सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे जब वे दुकान के पीछे स्थित अपने घर खाना खाने पहुंचे, तो उन्हें गोदाम से संदिग्ध आवाजें सुनाई दीं। उन्होंने तत्काल मौके पर जाकर देखा तो एक युवक सामान बटोर रहा था, जिसे उन्होंने शोर मचाते हुए पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपी की पहचान नितिन जाटव उर्फ बीडी पिता अजय जाटव निवासी महूपुरा के रूप में हुई है। आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने गोदाम के पीछे वाले गेट को मोड़ा और भीतर प्रवेश किया। इस दौरान व्यापारी ने उसकी पिटाई कर दी और पुलिस के हवाले किया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोतवाली थाने में मामला दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया है। 8 हजार का सामान बरामद, थैली में रखे थे उपकरण तलाशी के दौरान आरोपी के पास मौजूद प्लास्टिक की थैली से करीब 8 हजार रुपए का सामान मिला है। पुलिस ने मौके से 2 सीआई फुटवाल, 1 पीवीसी फुटवाल, 2 सीआई निप्पल, 1 पुली, 1 सीआई कनेक्टर, 1 पीवीसी बैंड और 1 स्पिरिकल टी बरामद किए हैं। पुलिस अब आरोपी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
पेंड्रा-गौरेला-मरवाही जिले के कोटमी साप्ताहिक बाजार में बदमाशों ने सर्राफा व्यापारी की गोली मारकर हत्या कर दी है। दुकान बंद करते समय बदमाश प्रदीप सोनी से सोना-चांदी लूटने लगे, उन्होंने विरोध किया तो सीने पर गोली मार दी। मार्केट में अफरा-तफरी मच गई। घटना पेंड्रा थाना क्षेत्र की है। बताया जा रहा है कि, व्यापारी का सोना-चांदी लूटकर बदमाश फरार हो गए हैं। हालांकि, कितने की लूट हुई है इसकी जानकारी अभी नहीं मिल पाई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस घेराबंदी कर रही है। हत्या के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है। परिजन और स्थानीय व्यापारियों ने अस्पताल में पुलिस से शव छीन लिया और सड़क जाम कर दिया है। पहले देखिए ये तस्वीरें- जानिए क्या है पूरा मामला चश्मदीदों के अनुसार, मंगलवार रात करीब 7 बजे 3 आरोपी एक पल्सर पर सवार होकर आए थे। बदमाशों ने प्रदीप सोनी को बेहद करीब से गोली मारी है। सूचना मिलते ही कोटमी चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। गंभीर रूप से घायल प्रदीप सोनी को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने घटना स्थल को सील कर दिया है। मौके से खून के धब्बे और खाली कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस ने इलाके की नाकाबंदी कर दी है और फरार पल्सर सवारों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। बदमाशों ने सीने पर मारी गोली जिला अस्पताल के डॉक्टर प्रशांत रात्रे ने बताया कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही व्यापारी की मौत हो गई थी। दाहिने तरफ सीने में गोली लगी है। अभी बॉडी से एक ही गोली मिली है। पीएम के बाद पता चलेगा की कितनी गोली मारी गई है। कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल स्थानीय पंकज तिवारी ने बताया कि, लूट की नीयत से सरेआम व्यापारी प्रदीप सोनी को गोली मारी गई है। यह सीधे तौर पर कानून व्यवस्था की लापरवाही है। जब नागरिक और व्यापारी सुरक्षित नहीं है तो इस प्रदेश का हाल कैसा चल रहा होगा आप समझ सकते हैं। …………………….. क्राइम से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… बिलासपुर में सराफा व्यापारी से फिर 25 लाख की लूट: बदमाश ज्वेलरी से भरा 3 बैग छीनकर भागे, 3 दिन में दूसरी वारदात छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के सीपत क्षेत्र में मंगलवार की शाम फिर बड़ी लूट की घटना हुई। जानकारी के अनुसार, शहर के रमेश ज्वेलर्स में करीब 25 लाख रुपए के सोने और चांदी के आभूषण लूट लिए गए। घटना तब हुई जब दुकान का शटर गिर रहा था। पढ़ें पूरी खबर
छत्तीसगढ़ के बालोद में पुलिस ने रायपुर-जगदलपुर नेशनल हाईवे-30 पर चेकिंग के दौरान एक कार से 65 लाख रुपए से अधिक कैश बरामद किया है। व्यापारी केशकाल से झोले में कैश लेकर आ रहे थे। उसका वैध दस्तावेज नहीं दिखा सके। मामला पुरुर थाना इलाके का है। जानकारी के मुताबिक, कार केशकाल से बालोद की ओर आ रही थी। पुलिस ने ग्राम मरकाटोला के पास वाहन की जांच की, जहां कार में रखे दो अलग-अलग झोलों से 500-500 रुपए की नई करेंसी मिली। रकम की मात्रा अधिक होने पर पुलिस ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। बालोद का है व्यापारी बताया जा रहा है कि कार में मौजूद युवक बालोद शहर का व्यापारी अमित जैन है। पुरुर थाना प्रभारी जोगेंद्र साहू ने बताया कि जांच के दौरान वाहन से करीब 65 लाख रुपए कैश बरामद किए गए हैं। नोटों की गिनती में करीब तीन घंटे का समय लगा। वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका पुलिस के अनुसार, संदिग्ध युवक अब तक रकम से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाया है। इसके चलते पूरी राशि को जब्त कर लिया गया है। मामले की सूचना SDM, तहसीलदार और आयकर विभाग को भी दी गई है। आयकर विभाग को सौंपने की तैयारी फिलहाल पुलिस जब्त रकम को आगे की जांच के लिए आयकर विभाग (IT) को सौंपने की तैयारी कर रही है। वहीं यह पता लगाने की कोशिश जारी है कि इतनी बड़ी नकदी कहां से लाई जा रही थी और इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य के लिए होना था।
व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ की मासिक बैठक:अपर पुलिस अधीक्षक नगर ने व्यापारी संगठनों की समस्याएं सुनीं
अपर पुलिस अधीक्षक नगर अभिषेक प्रताप अजेय ने पुलिस लाइन स्थित सम्मेलन कक्ष में व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ की मासिक बैठक की अध्यक्षता की। यह बैठक जनपद के विभिन्न व्यापारी संगठनों, सर्राफा व्यापारी एसोसिएशन, व्यापार मंडल और औद्योगिक संगठन के पदाधिकारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर आयोजित की गई थी। बैठक के दौरान, अपर पुलिस अधीक्षक अभिषेक प्रताप अजेय ने उपस्थित सभी व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने व्यापारियों को उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान का आश्वासन दिया। इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी नगर प्रखर पाण्डेय और क्षेत्राधिकारी यातायात पूर्णिमा सिंह सहित कई अन्य पुलिस अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे।
अजमेर में पेट्रोल-डीजल व रसोई गैस के बढ़ते दामों, महंगाई, पानी समेत अन्य समस्याओं को लेकर मंगलवार को कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ता ज्योतिबा फूले सर्किल से रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे। इसके बाद कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर जलापूर्ति के खराब हालातों को सुधारने की मांग की। प्रशासन को सात दिन का समय दिया। इस समय में समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। इस दौरान भारी पुलिस जाब्ता तैनात रहा। कांग्रेसियों ने कहा कि पेट्रोल-डीजल के दामों में हुई बढ़ोतरी के कारण आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है l इसके साथ ही पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस, पानी व बिजली की आपूर्ति में कमी के कारण अपने दैनिक जीवन के निर्वहन में भारी कठिनाइयों को सामना करना पड़ रहा है। महंगाई बेलगाम हो गई है। आम आदमी को अपने परिवार के पालन-पोषण के लिए दैनिक आवश्यकता की वस्तुओं का मिलना दूभर हो गया है l युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है लेकिन इन समस्याओं का समाधान करना सरकार की नीतियों में नही है। प्रदर्शन में क्लॉक अध्यक्ष शेलेन्द्र अग्रवाल, वाहिद मोहम्मद, पूर्व विधायक श्रीगोपाल बाहेती, धर्मेंद्र राठौड़, नोरत गुर्जर आदि शामिल थे। ……… पढें ये खबर भी…. मंगेतर ने युवती को पहले जहर दिया,फिर गला दबाकर हत्या:खुद ने भी खा लिया, अब किशनगढ़ हॉस्पिटल में भर्ती, पुलिस ने मौके से जुटाए सबूत अजमेर के एक गांव में मंगेतर ने युवती को पहले जहर दे दिया, फिर गला दबाकर हत्या कर दी। मर्डर के बाद मंगेतर ने खुद भी जहर खा लिया और अपने घरवालों को सूचना दे दी। अब मंगेतर किशनगढ़ के वाईएन हॉस्पिटल में भर्ती है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल से अहम सबूत जुटाकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पूरी खबर पढें
अबोहर चुनाव में दो जगह बवाल:जाली वोटिंग को लेकर पथराव, फल व्यापारी पर हमला; महिला समेत 5 लोग घायल
अबोहर के श्रीगंगानगर रोड स्थित न्यू शाक्य नगर में बूथ नंबर 30 पर आज दोपहर बाद जमकर हंगामा हुआ। जाली वोट डालने के विरोध में आम आदमी पार्टी (आप) और अकाली दल के सदस्य आपस में भिड़ गए, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच ईंट-पत्थर चले। इस घटना में एक महिला सहित पांच लोग घायल हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। जानकारी के अनुसार, दोपहर में जब न्यू शाक्य नगर में मतदान चल रहा था, तो अकाली दल के समर्थकों ने आरोप लगाया कि आप पार्टी के कुछ लोगों ने जबरन जाली वोट डालने का प्रयास किया। जब अकाली कार्यकर्ताओं ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो उन पर ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया गया। इस हमले में अकाली दल के करमचंद पुत्र दयाराम और संजय कुमार के सिर में चोटें आईं, जबकि बचाव में आई सीमा देवी को भी पीटा गया। विवाद मे दूसरे पक्ष के लोग भी घायल वहीं, इस विवाद में दूसरे पक्ष यानी आप पार्टी के मोहन लाल और अजय कुमार भी घायल हुए हैं। मतदान केंद्र पर लड़ाई-झगड़े की सूचना मिलते ही सिटी टू पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने हुड़दंगियों को भगाया और घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती करवाया। अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, करमचंद और संजय कुमार के सिर में ईंटों से गहरी चोटें लगी हैं। करमचंद की हालत गंभीर देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें रेफर कर दिया गया है। घटना की सूचना मिलते ही अकाली दल अबोहर के हल्का इंचार्ज हरबिंदर सिंह हैरी और यूथ हल्का प्रभारी साहिल छाबड़ा भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने आप पार्टी के नेताओं पर धक्केशाही और गुंडागर्दी का आरोप लगाया। वार्ड नंबर 45 में फल व्यापारी पर हमला वार्ड नंबर 45 के पोलिंग बूथ के बाहर फल व्यापारी राकेश सेतिया पर तेजधार हथियारों से हमला कर दिया गया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया और सिर में गहरी चोट लगने के कारण उसे फरीदकोट रेफर किया गया। राकेश ने आरोप लगाया कि पुरानी रंजिश के चलते करीब एक दर्जन लोगों ने उस पर हमला किया। घटना सीसीटीवी में कैद हो गई। सूचना मिलते ही थाना नंबर 1 पुलिस मौके पर पहुंची और दो लोगों को हिरासत में लिया। इसके बाद गुस्साए लोगों ने AAP के टेंट में तोड़फोड़ कर दी।
सुपौल जिला मुख्यालय स्थित कांग्रेस कार्यालय में मंगलवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं सुपौल जिला अध्यक्ष अनुपम ने केंद्र सरकार पर बढ़ती महंगाई को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने पूंजीपति मित्रों को लाभ पहुंचाने के लिए आम लोगों पर महंगाई का बोझ डाल रही है। पेट्रोल-डीजल की कीमतें रोज बढ़ रही पत्रकारों से बातचीत में अनुपम ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों के पीछे सरकार के पास कोई ठोस तर्क नहीं है। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी दल अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव को इसका कारण बता रहा है, जबकि वास्तविकता इससे अलग है। उनके अनुसार, वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत लगभग 110 डॉलर प्रति बैरल थी। उस समय पेट्रोल करीब 70 रुपये और डीजल 55 रुपये प्रति लीटर बिक रहा था। आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ अनुपम ने दावा किया कि वर्तमान में कच्चे तेल की कीमत उस समय की तुलना में कम है, फिर भी पेट्रोल और डीजल की कीमतें काफी बढ़ चुकी हैं। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। कांग्रेस नेता ने निजी तेल कंपनियों के बढ़ते मुनाफे का भी उल्लेख करते हुए कहा कि एक ओर जनता महंगाई से परेशान है, वहीं दूसरी ओर बड़ी कंपनियां रिकॉर्ड लाभ कमा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों का लाभ चुनिंदा उद्योगपतियों को मिल रहा है। चुनाव के दौरान अर्थव्यवस्था को मजबूत बताया प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं और हालिया बयानों का जिक्र करते हुए अनुपम ने कहा कि जब देश की जनता महंगाई से त्रस्त है, तब सरकार जनता की समस्याओं से ध्यान हटाने में लगी है। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान अर्थव्यवस्था को मजबूत बताया गया, लेकिन अब आम लोगों को खर्च कम करने की सलाह दी जा रही है। मौके पर कांग्रेस नेता राज नारायण गुप्ता सहित अन्य मौजूद थे।
दिल्ली-NCR में पेट्रोल-डीजल की महंगाई के बाद अब सीएनजी के दाम ₹2 प्रति किलो बढ़े
मध्य-पूर्व में जारी संकट के बीच, महंगाई थमने का नाम नहीं ले रही है। पेट्रोल-डीजल के बाद अब सीएनजी (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) के दाम भी बढ़ गए हैं। दिल्ली में मंगलवार से सीएनजी 2 रुपए प्रति किलो महंगी हो गई है। अब राजधानी में सीएनजी 81.09 रुपए की बजाय 83.09 रुपए प्रति किलो मिलेगी।
उन्नाव के विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी घनश्याम मीणा की अध्यक्षता में व्यापार बंधु की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में व्यापारियों और उद्यमियों ने बिजली, सड़क, यातायात, नगर पालिका, खाद्य सुरक्षा तथा पुलिस विभाग से जुड़ी प्रमुख समस्याओं को उठाया। जिलाधिकारी ने सभी समस्याओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। व्यापार बंधुओं ने बैठक में शहर की खराब सड़कें, जाम की समस्या, अव्यवस्थित यातायात, बिजली कटौती, नालों की सफाई और अतिक्रमण जैसे मुद्दों को जिलाधिकारी के समक्ष रखा। इस पर जिलाधिकारी घनश्याम मीणा ने जोर दिया कि उद्यमियों और व्यापारियों की समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण किया जाए ताकि व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित न हों। जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को शहर की बिजली व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त रखने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि कॉमर्शियल कनेक्शन धारकों को बिल जमा करने के लिए कम से कम 15 दिनों का समय दिया जाए और पर्याप्त समय दिए बिना उनके कनेक्शन न काटे जाएं। यातायात व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी ने ई-रिक्शा संचालन पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि ई-रिक्शा केवल निर्धारित रूटों पर ही संचालित किए जाएं। इसके लिए एक कार्ययोजना तैयार कर उसे सख्ती से लागू करने को कहा गया। साथ ही, शहर में जाम की समस्या कम करने के लिए पुलिस और प्रशासन को संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। बैठक में शहर में बढ़ते अतिक्रमण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। जिलाधिकारी ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को संयुक्त रूप से अभियान चलाकर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, गलत तरीके से वाहन पार्क करने वालों के खिलाफ चालान और वाहन सीज करने की कार्रवाई भी सुनिश्चित करने को कहा गया। जिलाधिकारी ने शहर में बनाए गए पड़ाव अड्डों की व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के भी निर्देश दिए ताकि यातायात सुचारु रूप से संचालित हो सके। इसके अलावा, नालों की सफाई और प्रकाश व्यवस्था को लेकर भी संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए। बैठक में अपर जिलाधिकारी न्यायिक अमिताभ यादव, परियोजना निदेशक तेजवंत सिंह, अधिशासी अभियंता विद्युत,
नर्मदापुरम जिले के सोहागपुर थाना क्षेत्र स्थित ग्राम माछा में किसानों से धान खरीदकर 30 लाख रुपए का भुगतान किए बिना भागा व्यापारी 4 दिन बाद भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। बरेली निवासी आरोपी ओमप्रकाश सोनी का मोबाइल लगातार बंद आ रहा है, जिससे पुलिस को उसे ट्रेस करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के मुताबिक, आरोपी ओमप्रकाश सोनी मुख्य रूप से सोना-चांदी और धान खरीदी का व्यापार करता है। उसने 15 दिसंबर से 25 दिसंबर 2025 के बीच ग्राम माछा के नरेश सिंह लोधी सहित कई अन्य किसानों से 3700 रुपए प्रति क्विंटल के भाव से धान की खरीदी की थी। फसल उठने के बाद उसने रुपए देने में आनाकानी शुरू कर दी। किसानों के बार-बार दबाव बनाने पर उसने कुछ लोगों को मामूली रकम और 'बैंक ऑफ बड़ौदा' के चेक थमा दिए और फरार हो गया। 6 महीने बाद दर्ज हुई एफआईआर, तलाश जारीकरीब 6 महीने बीत जाने के बाद भी जब किसानों को उनकी उपज का पैसा नहीं मिला, तो उन्होंने सोहागपुर थाने में शिकायत की। सोहागपुर थाना प्रभारी राहुल रायकवार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए 23 मई की रात आरोपी ओमप्रकाश के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पिछले चार दिनों से पुलिस की एक विशेष टीम उसकी खोजबीन में जुटी हुई है। इन किसानों के साथ हुई लाखों की धोखाधड़ीथाना प्रभारी के अनुसार, आरोपी ने किसानों के करीब 30 लाख रुपए नहीं लौटाए हैं। जिन किसानों की रकम शेष है… बसंत वर्मा : 4,49,000 रुपए जितेन्द्र लोधी : 3,07,640 रुपए नरेश सिंह लोधी : 2,86,360 रुपए बलराम वर्मा : 2,31,200 रुपए विष्णु वर्मा (पिता कमल) : 2,01,030 रुपए केशव वर्मा (पिता रामसेवक) : 2,00,000 रुपए रोहित उर्फ राहुल लोधी : 2,00,000 रुपए नर्मदाप्रसाद लोधी : 1,38,750 रुपए विशाल वर्मा : 1,28,000 रुपए मोहन कतिया : 1,13,180 रुपए
कोटपूतली बाजार में गंदा पानी भरा:व्यापारी और आमजन परेशान, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
कोटपूतली के मुख्य बाजारों में नालियों का गंदा और बदबूदार पानी सड़कों पर भरने से व्यापारियों, ग्राहकों और स्थानीय नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर व्यापारियों ने जिला कलेक्टर अर्पणा गुप्ता को एक ज्ञापन सौंपा। बाजार में जगह-जगह नालियां ओवरफ्लो भाजयुमो जिला उपाध्यक्ष प्रवीण कुमार बंसल ने जानकारी देते हुए बताया कि कस्बे के मुख्य नेहरू बाजार में जगह-जगह नालियां ओवरफ्लो हो रही हैं, जिससे पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। गंदे पानी और बदबू के कारण क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप भी लगातार बढ़ रहा है, जिससे बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। व्यापारियों का कहना है कि यह समस्या मास्टर प्लान के तहत बाजार में हुई तोड़फोड़ के बाद से लगातार बनी हुई है। दुकानों को तोड़े जाने के दौरान कई स्थानों पर नालियां क्षतिग्रस्त हो गई थीं, लेकिन आज तक उनकी उचित मरम्मत और व्यवस्थित निर्माण नहीं हो पाया है। इसके साथ ही, नियमित सफाई न होने के कारण नालियों में गंदा पानी जमा रहता है, जो सड़क पर फैल जाता है। व्यापारी वर्ग और स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि बाजार की नालियों की तत्काल सफाई करवाई जाए तथा टूटी हुई नालियों की शीघ्र मरम्मत की जाए। जिला उपाध्यक्ष प्रवीण कुमार बंसल और व्यापारियों ने जिला कलेक्टर से जल्द समाधान की मांग करते हुए कहा कि व्यापारियों और आमजन की परेशानियों को गंभीरता से लिया जाए। ये रहे मौजूद इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता प्रफुल्ल रमन, अमित शर्मा, राजाराम गुर्जर, दिनेश अग्रवाल, हजारी लाल सैनी, दिनेश यादव, सुमित लखेरा, कैलाश, रोहित कुमार, सुभाष चंद्र, विजेंद्र, विकास और अन्य व्यापारी मौजूद रहे।
चंडीगढ़ के सेक्टर-20 में आज (26 मई) सुबह 7 बजे एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) ने रेड मारी। यह रेड रियल एस्टेट कारोबारी प्रवीण कांसल के घर की गई। आरोप है कि उन्होंने न्यू चंडीगढ़ में जमीन को लेकर फ्रॉड किया है। प्रवीण कांसल उर्फ रॉकी का चंडीगढ़ के पास मोहाली जिले के जीरकपुर में चंडीगढ़ रॉयल सिटी नाम से प्रोजेक्ट है। उन्हें अकाली दल से सीनियर नेता और पूर्व मंत्री सिकंदर सिंह मलूका का करीबी माना जाता है। प्रवीण के पार्टनर प्यारे लाल गर्ग ने ही वर्ष 2023 में उन पर मुकदमा करवाया था जिसकी जांच के लिए ये रेड की गई। शिकायतकर्ता ने यह केस बताया… कल लुधियाना में भी धागा कारोबारी पर रेड हुई पंजाब में ED इस समय खासी एक्टिव है। ED ने 25 मई 2026 को ही लुधियाना में धागा कारोबारी हीरा सचदेवा के ग्रीन सिटी स्थित मकान और आरके रोड स्थित फैक्ट्री पर छापेमारी की थी। ED सूत्रों के मुताबिक, हीरा सचदेवा बेटिंग ऐप्स (सट्टेबाजी ऐप्स) के पैसों के लेन-देन और मैनेजमेंट से जुड़े थे। जालंधर में कारोबारी चंद्रशेखर अग्रवाल पर हुई ED रेड में हीरा सचदेवा का लिंक सामने आया था। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… पंजाब में राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल पर ED की रेड, AAP बोली- इसके पीछे राघव चड्ढा पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के 9 ठिकानों पर एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) ने रेड की। 15 अप्रैल की सुबह साढ़े 7 बजे दिल्ली से ED की टीमें जालंधर में उनके घर, लवली स्वीट्स, लवली ऑटोज, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) और गुरुग्राम समेत अन्य ठिकानों पर पहुंचीं। इसके बाद पूरा दिन जांच चलती रही। पढ़ें पूरी खबर…
पंचकूला में एक महिला की शिकायत पर उसके पति, सास और ससुर के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और क्रूरता का मामला दर्ज किया है। आरोपी पंचकूला के सेक्टर-25 निवासी हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता गर्गी वर्मा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी शादी 20 नवंबर 2011 को हिंदू रीति-रिवाज से अनूराग वर्मा के साथ हुई थी। विवाह के समय उसके परिवार की ओर से करीब 35 तोला सोना, स्विफ्ट कार, करीब 15 लाख रुपए नकद सहित घरेलू सामान और अन्य उपहार दिए गए थे। इसके बावजूद ससुराल पक्ष लगातार दहेज को लेकर ताने देता रहा और मानसिक प्रताड़ना करता रहा। महिला ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही सास सुमन वर्मा उसे घरेलू कामों को लेकर परेशान करती थी। गर्भावस्था के दौरान भी उससे भारी काम करवाया गया और आराम की सलाह को नजरअंदाज किया गया। पहली बेटी के जन्म पर ससुराल पक्ष ने नाराजगी जताई।खाली कागजों पर साइन करवाए उसकी बैंकिंग और वित्तीय जानकारी पर नियंत्रण रखता था और उसकी जानकारी के बिना डिमैट अकाउंट संचालित करता था। साथ ही दबाव बनाकर खाली कागजों और दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए गए। पीड़िता के अनुसार पति शराब पीकर देर रात घर आता था और विरोध करने पर मारपीट करता था। कई बार उसे घर में बंद करके छोड़ दिया जाता था। दूसरी बेटी के जन्म के समय भी ससुराल पक्ष ने सहयोग नहीं किया, जिसके बाद उसके मायके वालों ने पूरा खर्च उठाया। पिता से फैक्ट्री के लिए 10 लाख लिएमहिला ने आरोप लगाया कि उसके पिता से फैक्ट्री के लिए करीब 10 लाख रुपए लिए गए, लेकिन बाद में रकम लौटाने से इनकार कर दिया गया। इसके अलावा शादी में मिला स्त्रीधन और जेवर भी ससुराल पक्ष ने अपने कब्जे में रखे हुए हैं। शिकायत में यह भी कहा गया कि नवंबर 2025 में पति उसे और उसकी दो बेटियों को छोड़कर चला गया। तब से महिला आर्थिक संकट में है और बेटियों की फीस व किराया चुकाने के लिए उसे कर्ज लेना पड़ा। पुलिस के अनुसार शिकायत के आधार पर थाना सेक्टर-14 में बीएनएस की धारा 85 और 316(2) के तहत केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच पीएसआई रितु को सौंपी गई है।
नियत, नए निवेश को बढ़ावा देने की पहल...:प्रदेश में लगेगा सेमी कंडक्टर प्लांट, दूसरे SEZ को मंजूरी
छत्तीसगढ़ सरकार ने नवा रायपुर में दूसरे विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) की स्थापना को मंजूरी दे दी है। इस सेज की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि यहां छत्तीसगढ़ का पहला सेमी कंडक्टर (माइक्रोचिप) निर्माण संयंत्र स्थापित किया जाएगा। राज्य सरकार ने पॉलीमेटेक इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड को नवा रायपुर में 10.13 हेक्टेयर क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं इंजीनियरिंग आधारित सेज विकसित करने की स्वीकृति दी है। इस प्लांट में आधुनिक सेमी कंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों का निर्माण किया जाएगा। यह विशेष आर्थिक क्षेत्र राज्य के निर्यात को बढ़ावा देने, नए निवेश आकर्षित करने और छत्तीसगढ़ को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स आपूर्ति श्रृंखला से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके साथ ही कौशल विकास, नवाचार और तकनीकी क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेंगे। अनुमान है कि इस परियोजना से अगले पांच वर्षों में 1300 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे। साथ ही राज्य में कुशल युवाओं के लिए हाई-टेक उद्योगों में काम करने के नए रास्ते खुलेंगे और तकनीकी कौशल विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। राज्य के तकनीकी भविष्य की मजबूत नींव : साय सीएम साय ने कहा कि सेमी कंडक्टर तकनीक भविष्य की जरूरत है। नवा रायपुर में राज्य का पहला सेमी कंडक्टर निर्माण संयंत्र स्थापित होना केवल उद्योग की शुरुआत नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के तकनीकी भविष्य की मजबूत नींव है। इससे युवाओं को बेहतर रोजगार मिलेगा, तकनीकी कौशल बढ़ेगा और राज्य नई औद्योगिक पहचान के साथ आगे बढ़ेगा। युवाओं और राज्य को कैसे होगा फायदा? राज्य के युवाओं को इलेक्ट्रॉनिक्स या आईटी में इंजीनियरिंग करने के बाद नौकरी के लिए बेंगलुरु, हैदराबाद या पुणे जैसे शहरों में जाना पड़ता है। इस प्लांट के आने से हाई-टेक और कुशल रोजगार के डायरेक्ट अवसर पैदा होंगे। सेमी कंडक्टर प्लांट एक 'एंकर इंडस्ट्री' की तरह होता है। इसके आने के बाद मोबाइल, लैपटॉप और अन्य गैजेट्स बनाने वाली सहायक कंपनियां भी नवा रायपुर का रुख करेंगी। हाई-वैल्यू इलेक्ट्रॉनिक्स चीजों के उत्पादन और निर्यात से राज्य के राजस्व में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज होगी।
इंजन ब्रांड की आभार सभा, 125 व्यापारी आए
अजमेर|इंजन ब्रांड खाद्य तेल निर्माता कम्पनी की ओर से रविवार को अजमेर में आभार सभा का आयोजन किया। कार्यक्रम में अजमेर, पुष्कर और नसीराबाद से 125 से अधिक थोक एवं खुदरा व्यवसायी शामिल हुए। सभा में मुख्य अतिथि के रूप में अजमेर हॉल सेल व्यापार संघ के संरक्षक भगवान दास हरवानी बाबू भाई मौजूद रहे। कम्पनी के आरएसएम पारासर ने बताया कि कम्पनी सरसों की खरीद से लेकर सफाई, कच्ची घानी पद्धति से प्रोसेसिंग, दो चरण में फिल्टर और फूड ग्रेड पैकिंग तक हर स्तर पर सघन जांच करती है। कम्पनी की अत्याधुनिक प्रयोगशाला में अनुभवी केमिस्ट गुणवत्ता सुनिश्चित करते हैं। जयपुर से आए मार्केटिंग हेड सतीश जालान ने कहा कि कम्पनी की स्थापना 67 वर्ष पहले लाला हरिचरण अग्रवाल ने की थी। वर्तमान में कम्पनी प्रतिमाह 8000 टन इंजन सरसों तेल का उत्पादन अपनी इकाइयों में कर रही हैं। उन्होंने व्यापारियों से कम वजन और मिलावटी उत्पादों का बहिष्कार करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में स्थानीय वितरक दिनेश ट्रेडर्स के संचालक दिनेश जैन ने आभार जताया और व्यापारियों को उपहार देकर सम्मानित किया।
मंदसौर जिले के पिपलियामंडी नगर में सोमवार को प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। नगर की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने और सार्वजनिक मार्गों को अतिक्रमण मुक्त करने के उद्देश्य से प्रशासन एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने मनासा मार्ग और कृषि उपज मंडी क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए सड़क किनारे तथा शासकीय नालों पर किए गए अतिक्रमण हटाए। अभियान के दौरान दुकानों के सामने बनाए गए शेड और अवैध निर्माणों को जेसीबी मशीन की सहायता से हटाया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक मार्गों और नालों पर बढ़ते अतिक्रमण के कारण यातायात प्रभावित हो रहा था तथा आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसी को ध्यान में रखते हुए चिन्हित अतिक्रमणों के विरुद्ध कार्रवाई प्रारंभ की गई है, जो आगे भी लगातार जारी रहेगी। प्रशासन और व्यापारियों के बीच हुई बहसकार्रवाई के दौरान तहसीलदार बृजेश मालवीय और कुछ स्थानीय नागरिकों एवं व्यापारियों के बीच बहस भी देखने को मिली। हालांकि प्रशासनिक अमले ने पूरी सख्ती के साथ अभियान जारी रखा और चिन्हित अतिक्रमणों को हटाया गया। सोमवार दोपहर से शुरू हुई कार्रवाई देर शाम तक चलती रही। मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह भी यह अभियान पुनः शुरू किया जाएगा। नगर के प्रमुख मार्गों पर प्रशासन की नजरमल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आने वाले पिपलियामंडी में शासन-प्रशासन की संयुक्त टीम ने मुख्य मार्गों का निरीक्षण कर सड़क किनारे एवं शासकीय नालों पर किए गए पक्के अतिक्रमणों को हटाने की कार्रवाई की। प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि नगर के प्रमुख मार्गों को अतिक्रमण मुक्त बनाना प्राथमिकता है, ताकि यातायात व्यवस्था बेहतर बनी रहे और आमजन को सुविधा मिल सके। तहसीलदार बोले- अभियान आगे भी रहेगा जारीतहसीलदार बृजेश मालवीय ने बताया कि नगर के मुख्य मार्गों पर लगातार अतिक्रमण बढ़ रहा था, जिससे यातायात बाधित हो रहा था। प्रशासन ने ऐसे अतिक्रमणों को चिन्हित कर कार्रवाई शुरू की है। उन्होंने व्यापारियों और नागरिकों से सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण नहीं करने तथा प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। अभियान के दौरान मल्हारगढ़ एसडीएम स्वाति तिवारी, तहसीलदार बृजेश मालवीय, मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) प्रवीण सेन, चौकी प्रभारी भीम सिंह राठौर सहित पुलिस बल, नगर परिषद और संबंधित विभागों का अमला मौजूद रहा।
बिहार राज्य किसान सभा और खेत मजदूर यूनियन के आह्वान पर सोमवार को सहरसा जिला समाहरणालय के सामने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया। बड़ी संख्या में किसानों और खेत मजदूरों ने केंद्र तथा राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। बाद में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को 11 सूत्री मांग पत्र सौंपा, जो सरकार को संबोधित था। अंतरिम व्यापार समझौते को रद्द करने की मांग कीप्रदर्शनकारियों ने अमेरिका के साथ हुए कथित किसान विरोधी टैरिफ और अंतरिम व्यापार समझौते को रद्द करने की मांग की। उन्होंने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर रोक लगाने, किसानों की उपजाऊ जमीन का अधिग्रहण बंद करने और सभी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी देने की भी मांग उठाई। इसके अतिरिक्त, सहरसा में मक्का आधारित उद्योग स्थापित करने, किसानों को पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की मांग भी की गई। अवैध वसूली को बंद करने की भी मांग उठाईप्रदर्शनकारियों ने भागलपुर के पीरपैंती में अडाणी समूह को 1050 एकड़ जमीन दिए जाने के समझौते को रद्द करने की मांग की। उन्होंने बुलडोजर कार्रवाई पर रोक लगाने और दाखिल-खारिज तथा जमीन सर्वे के नाम पर अंचल कार्यालयों में हो रही अवैध वसूली को बंद करने की भी मांग उठाई। धरना सभा को संबोधित करते हुए भाकपा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य ओमप्रकाश नारायण ने केंद्र सरकार पर कॉरपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि किसानों की जमीन कम दामों पर कॉरपोरेट कंपनियों को दी जा रही है। नारायण ने अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते को देश और किसानों के हितों के खिलाफ बताया। उन्होंने बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और श्रम कानूनों में बदलाव को लेकर भी सरकार की आलोचना की। इस धरना को किसान सभा के जिला अध्यक्ष खडानंद ठाकुर, परमानंद ठाकुर, उमेश पोद्दार, अमर कुमार पप्पू, राजकुमार चौधरी, प्रभु लाल दास, मोहम्मद जाकिर, मनोहर शाह, चंद्र किशोर भगत, मनोहर शर्मा, ब्रह्मदेव शर्मा, दरोगी शर्मा और श्यामल किशोर झा सहित कई नेताओं ने संबोधित किया। सभी नेताओं ने किसानों और मजदूरों के अधिकारों के लिए आंदोलन को और तेज करने का संकल्प लिया।
व्यापारियों की समस्याओं पर DM सख्त:सहारनपुर में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को नोटिस जारी
सहारनपुर कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार शाम आयोजित व्यापार बंधु बैठक में डीएम अरविंद चौहान ने व्यापारियों की समस्याओं के समाधान को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।कई मामलों में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए। राज्य कर विभाग के सहयोग से हुई इस बैठक में व्यापारियों ने शहर की बदहाल सड़कों,ट्रैफिक जाम और अधूरे निर्माण कार्यों जैसे प्रमुख मुद्दे उठाए। दी ने स्पष्ट किया कि जब तक शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं हो जाता,तब तक उनकी शिकायतों को एजेंडे से नहीं हटाया जाएगा। उन्होंने सभी विभागों को बैठक से दो दिन पहले संबंधित मामलों की रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। बैठक में जोगियान पुल के पास लगातार हो रही दुर्घटनाओं का मामला भी सामने आया,जिस पर जिलाधिकारी ने नगर निगम अधिकारियों को अगली बैठक से पहले आवश्यक सुधार कार्य पूरे करने के निर्देश दिए। वहीं,राकेश टॉकीज पुल से सपना टॉकीज जाने वाली सड़क पर पुलिया निर्माण अधूरा छोड़ने पर डीएम ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने नगर निगम के मुख्य अभियंता से स्पष्टीकरण मांगा कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद निर्माण कार्य में देरी क्यों हुई। सड़क और यातायात व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों को निर्देश दिए गए। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को मौके की जांच कर यातायात पुलिस और एआरटीओ से रिपोर्ट लेने को कहा गया। हकीकत नगर में ट्रैफिक समस्या के समाधान के लिए निर्माणाधीन सड़क को 15 जून तक पूरा करने का आश्वासन नगर निगम के मुख्य अभियंता ने दिया। बिजली आपूर्ति और ट्रांसफार्मर शिफ्टिंग से जुड़ी समस्याएं भी बैठक में उठीं। इस पर जिलाधिकारी ने बिजली विभाग को निर्देश दिए कि बिजली कटौती की सूचना समय रहते प्रेस विज्ञप्ति और सोशल मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक की जाए,ताकि व्यापारियों और आम लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। डीएम ने सभी विभागों के सक्षम अधिकारियों को बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने और आपसी समन्वय बनाकर समस्याओं का समाधान करने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि शिकायतकर्ताओं को की गई कार्रवाई की जानकारी दी जाए। बैठक में नगर निगम,स्मार्ट सिटी,पुलिस,विद्युत और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ व्यापार मंडल के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
वैश्विक तनाव और ईरान-इजराइल युद्ध के चलते पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था डगमगाई हुई है। इसका सीधा असर देश में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों पर भी दिख रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बचत और आत्मनिर्भरता की अपील को जमीन पर उतारने के लिए कानपुर के व्यापारियों ने एक अनोखी और अनुकरणीय पहल शुरू की है। कलक्टरगंज बाजार के व्यापारियों ने फैसला किया है कि बाजार की हर पांच दुकानों के बीच एक साइकिल रखी जाएगी। व्यापारी अपने आसपास के सारे काम, जैसे उधारी का तगादा करना या लोकल डिलीवरी देखना, इसी साइकिल के जरिए करेंगे। इससे न सिर्फ ईंधन की भारी बचत होगी, बल्कि पर्यावरण को भी फायदा पहुंचेगा। तैयारी बैठक के लिए भी नहीं निकाली कार-बाइक, साइकिल से पहुंचे माल रोडइस मुहिम को अमलीजामा पहनाने के लिए भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के पदाधिकारियों ने खुद से शुरुआत की है। कल होने वाले मुख्य कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने के लिए सभी पदाधिकारी गाड़ियों को छोड़कर साइकिल पर सवार हो गए। प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्रा के नेतृत्व में व्यापारियों का यह काफिला कलक्टरगंज से साइकिल चलाते हुए घंटाघर और कोपरगंज पहुंचा। वहां से एक्सप्रेस रोड होते हुए सभी पदाधिकारी माल रोड स्थित कार्यक्रम स्थल तक गए। व्यापारियों को सड़क पर साइकिल चलाकर संदेश देते देख बाजार के अन्य लोग भी इस मुहिम की तारीफ करने से खुद को नहीं रोक पाए। विदेशी सामानों का मोह छोड़ें, तभी काबू में आएगा डॉलरसंगठन के प्रदेश अध्यक्ष व कलक्टरगंज उद्योग व्यापार मंडल के मुख्य संरक्षक ज्ञानेश मिश्र ने व्यापारियों से एक और बड़ी अपील की है। उन्होंने कहा कि ईंधन बचाने के साथ-साथ हमें विदेशों से आयात होने वाली चीजों का इस्तेमाल भी कम से कम करना होगा। युद्ध के इस दौर में समझदारी ही सबसे बड़ा सहाराबैठक के दौरान संगठन के जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनुराग जायसवाल और अब्दुल वहीद ने मौजूदा वैश्विक हालातों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ईरान-इजराइल युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें प्रभावित हो रही हैं,जिसका असर भारत पर भी पड़ रहा है। ऐसे समय में देशहित में यह बेहद जरूरी है कि हम पेट्रोल-डीजल की बचत करें। व्यापारियों ने संकल्प लिया कि वे छोटी दूरियों के लिए सिर्फ साइकिल या ई-रिक्शा का ही उपयोग करेंगे। इस पूरी रणनीति को तैयार करने में आशीष मिश्र, अनुराग जायसवाल, अब्दुल वहीद, सुरेन्द्र जायसवाल, अब्दुल जब्बार, रमन गुप्ता, सौरभ गुप्ता और प्रकाश गुप्ता समेत कई प्रमुख व्यापारी नेता शामिल रहे। कलक्टरगंज के व्यापारियों की यह 'साइकिल नीति' अब शहर के दूसरे बाजारों के लिए भी एक मिसाल बन गई है।
राजगढ़ जिले की आशा कार्यकर्ता एवं आशा पर्यवेक्षकों का चार माह से वेतन रुका हुआ। यहां तक की प्रोत्साहन राशि में भी कटौती की गई है। इसी के विरोध में जिले भर की कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचीं। यहां उन्होंने प्रदर्शन करते हुए कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा और बकाया वेतन का तत्काल भुगतान करने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान आशाओं ने स्वास्थ्य विभाग और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन पर वेतन भुगतान में लापरवाही और अनियमितता के आरोप लगाए। सैलरी न मिलने पर आंदोलन की चेतावनी दीज्ञापन में आशा कार्यकर्ताओं और पर्यवेक्षकों ने चार माह से रोका गया वेतन तुरंत जारी करने, वेतन में कटौती और घपलों को रोकने, वाउचर की पूरी राशि देने तथा सभी बकाया भुगतान जल्द करने की मांग रखी। साथ ही हर महीने की 5 तारीख तक नियमित वेतन भुगतान सुनिश्चित करने की बात कही गई। प्रदर्शन का नेतृत्व यूनियन की जिला अध्यक्ष माधुरी डांगी, महासचिव शामली गुर्जर और ब्लॉक अध्यक्ष सुनीता सिसोदिया ने किया। इस दौरान यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि भीषण गर्मी में भी आशाएं और पर्यवेक्षक लगातार फील्ड में काम कर रही हैं, लेकिन पिछले चार महीनों से वेतन नहीं मिलना बेहद गंभीर और अमानवीय स्थिति है। अधिकारी आशा कार्यकर्ताओं को डर धमका भी रहेसभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने आरोप लगाया कि आशाओं की प्रोत्साहन राशि का पूरा भुगतान नहीं किया जा रहा है और भुगतान में कटौती की जा रही है। उन्होंने कुछ अधिकारियों पर आशा कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने के आरोप भी लगाए। ज्ञापन सौंपने के बाद अधिकारियों ने यूनियन प्रतिनिधियों को वेतन संबंधी समस्या का जल्द निराकरण करने का आश्वासन दिया। वहीं यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि 31 मई तक वेतन और बकाया राशि का भुगतान नहीं हुआ तो 3 जून 2026 को जिलेभर की आशा कार्यकर्ता और पर्यवेक्षक एक दिवसीय काम बंद हड़ताल करेंगी।
सिरसा जिले के डबवाली में जीप मार्केट एसोसिएशन और दुकानदारों ने ट्रैफिक पुलिस द्वारा मॉडिफाई जीपों के प्रतिदिन किए जा रहे चालानों के विरोध में एसपी को एक ज्ञापन सौंपा। इस दौरान डबवाली के विधायक आदित्य चौटाला भी जीप मार्केट के व्यापारियों और दुकानदारों के साथ एसपी से मिलने पहुंचे। राजेश जैन, जसवीर सिंह, रविंद्र कुमार, राजेश कुमार, लालचंद, प्रेम कुमार, संदीप कुमार, कृष्ण लाल और गुरमीत सिंह सहित अन्य व्यापारियों ने बताया कि डबवाली की जीप मार्केट में जीप रिपेयरिंग और मॉडिफिकेशन का कार्य पिछले 35 वर्षों से चल रहा है। यह व्यवसाय एशिया स्तर पर अपनी पहचान बना चुका है और डबवाली के आसपास के करीब 10 हजार परिवार इस पर निर्भर हैं। ट्रायल पर जा रही जीप के चालान किए जा रहे व्यापारियों के अनुसार, इस मॉडिफाई जीपों के व्यवसाय के कारण डबवाली में अन्य व्यापार भी पूरी तरह से फल-फूल रहा है। हालांकि, पिछले कुछ दिनों से पुलिस प्रशासन द्वारा प्रतिदिन जीपों को रोका जा रहा है और ट्रायल पर जा रही जीपों का पीछा कर चालान किए जा रहे हैं। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस की इस प्रकार की दैनिक कार्रवाई से उनका व्यवसाय काफी प्रभावित हो रहा है। इसके चलते जीप रिपेयर और मॉडिफाई करने वाले व्यापारी दबाव महसूस कर रहे हैं। जीप मॉडिफाई के कार्य में किसी भी प्रकार की कोई कानूनी बाधा न हो दुकानदारों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए 35 वर्ष से चल रहे कार्य के प्रभावित होने और पुलिस द्वारा की जा रही चलान प्रक्रिया से व्यापार प्रभावित होने संबंधी समस्याओं से अवगत करवाया। जिस पर जीप मार्केट एसोसिएशन डबवाली और एसपी के बीच में वार्ता सौहार्दपूर्ण रही। जिस पर एसपी जसलीन कौर ने जीप मार्केट के व्यापारियों को पुलिस द्वारा किसी भी प्रकार की कोई रुकावट ने पैदा करने का आश्वासन दिया। परंतु उन्होंने इस बीच इस बात पर व्यापारियों को चेताया की जीप मॉडिफाई के कार्य में किसी भी प्रकार की कोई कानूनी बाधा न हो और न ही कोई गाड़ी चोरी आदि की हो। बिना पूर्ण कागजात के जीप मॉडिफाई न की जाए। पूर्ण दस्तावेज तैयार होने के बाद में ही इसे रोड़ पर चलाया जाए। जिस बीच डबवाली जीप मार्केट के व्यापारियों ने आश्वस्त किया कि पूर्ण रूप से दस्तावेज तैयार होने पर ही मॉडिफाई जीप को रोड पर चलाया जाएगा। व्यापारियों ने कहा कि जब भी गाड़ी खरीद कर लाई जाती है रख देते हैं उसके कागज निश्चित तौर पर पूर्ण करवाए जाते हैं। इसके बावजूद भी अगर कहीं इस तरह का हो रहा है तो उसे पर अंकुश लगाया जाएगा। 'बिना कागज के गाड़ी रोड पर नहीं पहुंचनी चाहिए' विधायक आदित्य चौटाला ने कहा कि डबवाली की जीप मंडी एशिया की सबसे बड़ी मंडी है। इस मंडी से 10 हजार लोगों का रोजगार चल रहा है। आज जीप मार्केट के दुकानदार एसपी से मिले हैं। उन्होंने दुकानदारों से आग्रह करते हुए कहा आप बिल्कुल पाक ढंग से अपने व्यापार को आगे बढ़ाएं। किसी भी प्रकार का कोई चोरी या ठगी का कार्य न करें। एसपी से बड़ी सौहार्दपूर्ण बात हुई है। जीप एसोसिएशन ने भी एसपी को आश्वासन दिया कि कानून के खिलाफ कोई भी कार्य व्यापारियों और दुकानदारों द्वारा नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर कोई भी गाड़ी तैयार हो जाती है तो उसकी आरसी अवश्य होनी चाहिए। बिना कागज के गाड़ी रोड पर नहीं पहुंचनी चाहिए। वहीं विधायक ने कहा कि आगामी विधानसभा सत्र में जिस तरह से बड़े वाहनों ट्रक आदि का रजिस्ट्रेशन होता है। इसी तरह से डबवाली की मॉडिफाई जीप के लिए अलग नंबर अलॉट करने के प्रावधान की आवाज विधानसभा में उठाई जाएगी। सरकार को सेफ्टी पैरामीटर बनाने चाहिए जिससे रजिस्ट्रेशन आसानी से हो जाए। जिसके लिए जीप व्यापारी को कहीं भी धक्के नहीं खाने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए की सेफ्टी पैरामीटर बनाकर कंपनी के रूल रेगुलेशन के अनुसार फार्मेट बनाकर डबवाली मंडी के लिए अलग जारी किए जाए। क्योंकि डबवाली मार्केट से मॉडिफाई हुई जीप विदेश में भी जा रही है। सरकार को चाहिए कि इस कानूनी दर्जा देकर डबवाली मंडी को और विस्तृत कर विकास की ओर अग्रसर करें।
कम्युनिस्ट पार्टी ने सोमवार को विदिशा कलेक्ट्रेट में पेट्रोल-डीजल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के विरोध में प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें बढ़ी हुई कीमतें तत्काल वापस लेने की मांग की गई। बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। पार्टी नेताओं ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई से आम जनता परेशान है। पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से परिवहन खर्च में वृद्धि हो रही है, जिसका सीधा असर रोजमर्रा की जरूरतों पर पड़ रहा है। पार्टी पदाधिकारियों ने प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर ईंधन के बढ़े दाम वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार आम आदमी पर आर्थिक बोझ बढ़ा रही है, जिससे आवश्यक वस्तुएं आम लोगों की पहुंच से दूर होती जा रही हैं। एक कम्युनिस्ट पार्टी पदाधिकारी ने बताया कि हाल ही में पेट्रोल, डीजल और सांची दूध के दाम बढ़ाए गए हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इसके विरोध में पार्टी का प्रदेशव्यापी कार्यक्रम चल रहा है और सरकार से बढ़ी हुई कीमतें तत्काल वापस लेने की मांग की गई है।
खंडवा में कांग्रेस ने सोमवार को महंगाई के खिलाफ अनोखे अंदाज में प्रदर्शन किया। शहर के कांग्रेस नेता ठेले पर स्कूटी और तांगे पर सवार होकर गांधी भवन से घंटाघर चौराहे तक पहुंचे। इस दौरान मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। वहीं बाजार में लोगों को मेलोडी चॉकलेट भी बांटी गई। रैली में शामिल नेताओं के हाथों में महंगाई के विरोध में लिखी तख्तियां भी थीं। ठेले पर स्कूटी रखकर निकाली रैली महंगाई के खिलाफ यह प्रदर्शन शहर कांग्रेस के बैनर तले किया गया। शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा रघुवंशी ने खुद मोर्चा संभाला और ठेले पर रखी स्कूटी पर सवार होकर गांधी भवन से घंटाघर तक पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने जोरदार नारेबाजी करते हुए मोदी सरकार पर निशाना साधा। प्रतिभा रघुवंशी ने कहा कि केंद्र सरकार महंगाई पर नियंत्रण करने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सिर्फ झूठे वादों और जुमलों के सहारे जनता को गुमराह कर रही है। तांगे पर स्पीकर, हाथ में गैस सिलेंडर कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेत्रियां तांगे में सवार होकर चलीं। वहीं कांग्रेस नेता विकास व्यास हाथ में गैस सिलेंडर लेकर प्रदर्शन करते नजर आए। नेता प्रतिपक्ष मुल्लु राठौर माइक से नारे लगा रहे थे, जबकि आलोक सिंह रावत लोगों को मेलोडी चॉकलेट बांट रहे थे। तांगे पर स्पीकर लगाकर “महंगाई डायन खाय जात है” जैसे गाने भी बजाए गए, जिससे प्रदर्शन ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
बालाघाट में पेट्रोल-डीजल महानगरों से महंगा:दाम बढ़ने से आम जनता पर बोझ, व्यापार पर भी पड़ने लगा असर
बालाघाट में पेट्रोल और डीजल के दाम एक बार फिर बढ़ गए हैं, जिससे ये कीमतें अब प्रदेश के महानगरों से भी अधिक हो गई हैं। सोमवार को पेट्रोल 115.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल 101.06 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया। इस वृद्धि से पहले बालाघाट में पेट्रोल 108.03 रुपये और डीजल 93.43 रुपये प्रति लीटर बिक रहा था। पेट्रोल की कीमतों में 2.61 रुपये और डीजल में 2.71 रुपये की वृद्धि हुई है। इस लगातार बढ़ती महंगाई का सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा। पेट्रोलियम पदार्थों के दाम बढ़ने से न केवल रोजमर्रा की चीजें महंगी होंगी, बल्कि यात्रियों को यात्रा के लिए भी अधिक भुगतान करना होगा। पेट्रोल भरवाने आए एक युवक ने बताया कि कीमतों में वृद्धि का सबसे अधिक बोझ गरीब वर्ग पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इससे आम जरूरतों के सामान के साथ-साथ यात्रा भी महंगी हो जाएगी। युवक ने सरकार से टैक्स कम करके जनता को राहत देने की मांग की। एक अन्य ग्राहक ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पेट्रोल और गैस के दाम बढ़ने से जीवनयापन मुश्किल हो गया है। उन्होंने इसे जनता पर एक बड़ी मार बताया, जिससे उनकी क्रय शक्ति प्रभावित हुई है। पेट्रोल पंप संचालक द्रोण कुमार डोंगरे ने बताया कि बढ़ते दामों का असर आम जनता के साथ-साथ उनके व्यवसाय पर भी पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि लगातार मूल्य वृद्धि के कारण बिक्री में कमी आई है। जहां लोग पहले दो लीटर पेट्रोल भरवाते थे, अब वे एक लीटर पर आ गए हैं। उनकी पेट्रोल बिक्री 45 हजार लीटर से घटकर 40 हजार लीटर और डीजल बिक्री 25 हजार लीटर से घटकर 20 हजार लीटर रह गई है।
बुरहानपुर में सोमवार दोपहर कांग्रेस ने बढ़ती महंगाई और पेट्रोल-डीजल की कीमतों के विरोध में अनोखा प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ता शहर के पेट्रोल पंपों पर पहुंचे और वाहन चालकों को मेलोडी चॉकलेट बांटकर केंद्र सरकार पर तंज कसा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने लोगों से कहा— “मेलोडी खाओ, रेट बढ़ाओ और महंगाई भूल जाओ।” मेलोडी के बहाने सरकार पर निशाना कांग्रेस नेताओं ने हाल ही में प्रधानमंत्री के विदेश दौरे के दौरान मेलोडी चॉकलेट के जिक्र को मुद्दा बनाते हुए प्रदर्शन किया। नेताओं का कहना था कि सरकार मीठी बातों और प्रचार में लोगों को उलझाकर महंगाई जैसे असली मुद्दों से ध्यान भटका रही है, जबकि आम जनता पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से परेशान है। “आम आदमी की जेब पर पड़ रही मार” प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस नेता अजय रघुवंशी ने कहा कि पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं, जिससे आम आदमी की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई ने लोगों का घरेलू बजट बिगाड़ दिया है, लेकिन सरकार इस पर गंभीर नहीं दिख रही। कांग्रेस नेता हेमंत पाटील ने कहा कि सरकार सिर्फ मीठी बातें कर रही है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच चुका है, लेकिन जनता को राहत देने के बजाय ‘मेलोडी मोमेंट’ दिखाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई से हर वर्ग परेशान है, लेकिन सरकार वास्तविक समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय लोगों का ध्यान भटकाने में लगी हुई है।
शाजापुर जिले के मोहन बड़ोदिया में मुख्य मार्ग पर लगातार अतिक्रमण बढ़ रहा है। इसे हटाने के लिए मोहन बड़ोदिया तहसीलदार के आदेश पर ग्राम पंचायत ने कार्रवाई शुरू की है। ग्राम पंचायत ने 17 अप्रैल को मोहन बड़ोदिया के आगर सारंगपुर मार्ग और नलखेड़ा रोड के सभी व्यापारियों और ठेले व्यवसायियों को नोटिस जारी किए थे। इन नोटिसों में स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने को कहा गया था। तहसीलदार ने 26 मई को मोहन बड़ोदिया में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का अंतिम निर्णय लिया। इसके बाद सोमवार को दोपहर करीब 12 बजे मोहन बड़ोदिया के समस्त व्यापारी तहसील कार्यालय पहुंचे। व्यापारियों ने तहसीलदार दिव्या जैन के नाम मोहन बड़ोदिया नायब तहसीलदार को एक आवेदन सौंपा। इसमें मांग की गई कि व्यापारियों को इस भीषण गर्मी में राहत दी जाए और अतिक्रमण सड़क के मध्य से दोनों ओर 20-20 फीट हटाया जाए। व्यापारियों का कहना है कि इस तरह से अतिक्रमण हटाने से उनकी रोजी-रोटी पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा और आवागमन भी आसान हो जाएगा।
एक सप्ताह में पेट्रोल-डीजल 5 रुपए महंगा:बढ़ती कीमतों से आमजन का बजट प्रभावित, महंगाई बढ़ने की आशंका
धौलपुर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार चौथी बार वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले एक सप्ताह में ईंधन के दाम करीब 5 रुपए प्रति लीटर तक बढ़ गए हैं। धौलपुर पेट्रोल 113.13 रुपए और डीजल 98.18 रुपए प्रति लीटर हो गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल को इस वृद्धि का मुख्य कारण बताया जा रहा है। इसका सीधा असर आम आदमी के परिवहन खर्च और रोजमर्रा की वस्तुओं पर पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों के अनुसार ईंधन की बढ़ती कीमतों ने घरेलू बजट को प्रभावित किया है। उनका कहना है कि आय में विशेष वृद्धि नहीं हुई है, जबकि खर्च लगातार बढ़ रहे हैं। इससे मध्यम वर्ग, किसान, मजदूर और छोटे व्यापारियों के लिए परिवार का गुजारा करना चुनौतीपूर्ण हो गया है। नागरिकों ने यह भी बताया कि पेट्रोल-डीजल महंगा होने से बाजार पर सीधा असर पड़ता है। माल ढुलाई की लागत बढ़ने के कारण सब्जियां, फल, दालें, खाद्य तेल और मसालों सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ रहे हैं। इस मूल्य वृद्धि का भार अंततः उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है, जिससे उनकी बचत प्रभावित हो रही है। स्थानीय नागरिकों ने केंद्र सरकार से महंगाई को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। उनका मानना है कि ईंधन की कीमतों में कमी से परिवहन लागत घटेगी और आवश्यक वस्तुओं के दामों पर नियंत्रण संभव हो सकेगा। उन्होंने यह भी कहा कि महंगाई का सर्वाधिक असर गरीब, किसान और मजदूर वर्ग पर पड़ रहा है, जिनकी आय सीमित है। आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा प्रभाव भारतीय बाजार पर पड़ता है। आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों की दिशा वैश्विक परिस्थितियों और सरकारी नीतियों पर निर्भर करेगी। वर्तमान में, पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें आम आदमी के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं।
सहारनपुर के अंबाला रोड स्थित अपने आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी, आर्थिक नीतियों, विदेश नीति और सांप्रदायिक मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा। साथ ही बकरीद, गाय, मुसलमानों की सुरक्षा और 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर भी खुलकर अपनी बात रखी। इमरान मसूद ने आरोप लगाया कि देश आर्थिक संकट की तरफ बढ़ रहा है, लेकिन सरकार गंभीर आर्थिक मुद्दों के बजाय लोगों का ध्यान धार्मिक और भावनात्मक विषयों की तरफ मोड़ने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि तेल कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ेगा और महंगाई और तेज होगी। उन्होंने कहा कि कई मुस्लिम संगठनों ने अपील की है कि गाय की कुर्बानी नहीं की जाएगी और दूसरे धर्मों की आस्था का सम्मान किया जाएगा। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि अगर गाय करोड़ों लोगों की आस्था का प्रतीक है तो सरकार उसे राष्ट्रीय पशु घोषित करे। इमरान मसूद ने विदेश नीति को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत ने अपने पुराने सहयोगियों से दूरी बनाई और अमेरिका के प्रभाव में फैसले किए, जिसका आर्थिक असर जनता भुगत रही है। उन्होंने दावा किया कि सस्ते तेल के विकल्प होने के बावजूद देश उसका लाभ नहीं उठा पा रहा। राहुल गांधी का जिक्र करते हुए मसूद ने कहा कि कांग्रेस लगातार सरकार को अर्थव्यवस्था और रोजगार के मुद्दों पर चेतावनी देती रही है। उन्होंने बेरोजगारी, पेपर लीक और ठेका भर्ती व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि नौजवान पढ़-लिखकर बेरोजगार घूम रहे हैं और महिलाओं के लिए घर का बजट संभालना मुश्किल होता जा रहा है। उन्होंने मुसलमानों की सुरक्षा, मॉब लिंचिंग और राजनीतिक ध्रुवीकरण पर भी सवाल-जवाब हुए। मसूद ने कहा कि कांग्रेस किसी एक वर्ग की नहीं बल्कि हर समाज और हर धर्म के साथ खड़ी रहने वाली पार्टी है। उन्होंने कहा कि अगर किसी भी वर्ग के साथ अत्याचार होगा तो कांग्रेस उसके साथ खड़ी होगी। इमरान मसूद ने कहा–हम अपने भाइयों की आस्था का सम्मान करेंगे, लेकिन गाय के नाम पर मुसलमानों को सड़क पर रोककर पीटा जाता है। इसी नाम पर लोगों की लिंचिंग हो रही है और मुकदमे लिखे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसी एक वर्ग की नहीं, बल्कि हर जाति और हर धर्म की पार्टी है। उनके अनुसार, अगर किसी भी समाज या वर्ग के साथ उत्पीड़न होगा तो कांग्रेस उसके साथ मजबूती से खड़ी होगी। 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर इमरान मसूद ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि उनके परिवार का कोई सदस्य चुनाव नहीं लड़ेगा। उन्होंने कहा कि 2024 लोकसभा चुनाव में कार्यकर्ताओं ने उन्हें जिताने के लिए मेहनत की थी और अब कार्यकर्ताओं का कर्ज उतारने का समय है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का मुकाबला “नफरत बनाम मोहब्बत” की लड़ाई के रूप में है और पार्टी राहुल गांधी के नेतृत्व में आगे बढ़ रही है। इमरान मसूद की प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ तौर पर तीन राजनीतिक संदेश दिखाई दिए। पहला, कांग्रेस आर्थिक मुद्दों महंगाई, बेरोजगारी और तेल कीमतों को 2027 के चुनावी नैरेटिव का केंद्र बनाना चाहती है। दूसरा, गाय और मुस्लिम समुदाय जैसे संवेदनशील मुद्दों पर उन्होंने एक संतुलन बनाने की कोशिश की, जहां धार्मिक आस्था के सम्मान और मुस्लिम समुदाय की सुरक्षा दोनों की बात रखी गई। तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण संदेश संगठनात्मक राजनीति से जुड़ा दिखा, जहां परिवार को चुनावी दौड़ से बाहर रखने की घोषणा कर उन्होंने कार्यकर्ताओं को सीधा संदेश देने की कोशिश की।
लखनऊ समेत पूरे देश में इस महीने लगातार चौथी बार फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। पेट्रोल में 2.61 पैसा और डीजल में 2.71 पैसे प्रति लीटर बढ़ोतरी हुई है। जिसके बाद लखनऊ में अब पेट्रोल 101.86 रुपए प्रति लीटर में मिलेगा। डीजल की कीमत 95.35 रुपए प्रति लीटर हो गई है। पेट्रोल-डीजल लेने आए लोगों का कहना है कि चुनाव के समय अलग माहौल बनाया जाता है। समय पर काम पर ना पहुंचना हो तो साइकिल ही सबसे बेस्ट है। ‘पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ने से बजट बिगड़ा’ पेट्रोल टंकी पर पेट्रोल डलवाने आए अनिल ने कहा कि पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ने से काफी दिक्कत हो जाती है, सरकार अपने टैक्स में कटौती करनी चाहिए । तेल का दाम बढ़ने से हर चीज में समस्या हो रही है , महंगाई बढ़ रही है। खानपान से लेकर बच्चों की पढ़ाई दवाई कपड़े सब महंगा हो रहा है। इतनी महंगाई हो चुकी है कि बजट बिल्कुल बिगड़ चुका है। फ्यूल महंगा होने से ट्रांसपोर्टेशन का खर्चा बढ़ जाता है। ‘खर्चों में कटौती करना पड़ता है’ सोनू ने कहा कि पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ने से बहुत ज्यादा दिक्कत होती है। हम लोग छात्र हैं घर से फिक्स पैसे मिलते हैं, उतने में ही महीना काटना पड़ता है। हर महीने अपनी जरूरतों में कटौती करना पड़ता है, बार-बार घर से बढ़ाकर पैसे मांग नहीं सकते हैं। पेट्रोल डीजल की मार का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ता है। लोग कैब, बाइक बुक करते हैं, या अन्य वाहन से सफर करते हैं तो उसके भी दाम बढ़ जाते हैं। दिक्कत बहुत ज्यादा है मगर घर से निकलना भी मजबूरी है। हम को लगता है कि अभी हालात सुधरने वाले नहीं ये कीमत डेढ़ सौ के ऊपर जाएगी। ‘महंगाई से किसान परेशान’ अंकुश यादव ने कहा कि पंप पर पहुंच कर पता चला कि पेट्रोल ने शतक मार दिया है 100 के पार चला गया। कल का दाम कुछ और था और आज रेट बढ़ गया है। मई महीने में निरंतर बढ़ोतरी जारी है अगर ऐसा ही रहा तो हम लोगों के लिए मुसीबत खड़ी हो जाएगी। हम लोग छात्र हैं बार बार पैसे मांगने पर घर परिवार से भी अपमान सहना पड़ता है। फ्यूल के दाम बढ़ने से हर एक चीज महंगी होती है। पीएम मोदी भी आज कह रहे हैं संकट का दौर है तो इसका समाधान सरकार को निकालना चाहिए। इस महंगाई से सबसे ज्यादा परेशान खेती करने वाला गांव का गरीब और किसान है। ‘साइकिल बेस्ट ऑप्शन’ फ्यूल डलवाने आए लतीफ ने कहा कि अगर समय से कम पर न पहुंचना हो तो हम गाड़ी छोड़कर साइकिल ही चलाएं। जिस तरह से लगातार पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ रहे हैं हम लोग परेशान हो चुके हैं। सरकार को इस बारे में कोई फर्क नहीं पड़ता। हम लोग आम जनता है कितना भी कहें मगर कोई सुनवाई नहीं होने वाली। चुनाव का जब समय आता है तब एक अलग माहौल बन जाता है। हम मुस्लिम समुदाय से आते हैं मांग करते हैं की गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करें। देश का माहौल सही होना चाहिए और महंगाई कम।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य कर विभाग को निर्देश दिए हैं कि कर संग्रह बढ़ाने के साथ-साथ ईमानदार व्यापारियों को सुविधा, सम्मान और त्वरित समाधान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य तक पहुंचाने में राज्य कर विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और विभाग को राजस्व वृद्धि के साथ विश्वास आधारित प्रशासन का मॉडल प्रस्तुत करना होगा। मुख्यमंत्री जी, सोमवार को राज्य कर विभाग के शासन, मुख्यालय और फील्ड स्तरीय अधिकारियों के साथ विशेष बैठक कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि कर प्रणाली को अधिक सरल, डिजिटल और जवाबदेह बनाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि जीएसटी पंजीयन, रिटर्न दाखिले, अपील निस्तारण और रिफंड जैसी प्रक्रियाओं में अनावश्यक देरी समाप्त होनी चाहिए। उन्होंने व्यापारियों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने, छोटे कारोबारियों को जागरूक करने तथा जिला एवं खंड स्तर तक करदाता सहायता कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक और डेटा एनालिटिक्स का उपयोग कर कर चोरी रोकने के साथ-साथ वैध व्यापार को प्रोत्साहन देना आवश्यक है। बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य ने जीएसटी और वैट मद में कुल 1,15,977 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया, जो पुनरीक्षित अनुमान का लगभग 98.8 प्रतिशत रहा। जीएसटी में उत्तर प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर रहा, जबकि महाराष्ट्र प्रथम और कर्नाटक तीसरे स्थान पर रहे। बैठक में यह भी बताया गया कि जीएसटी बकाया के रूप में 2658 करोड़ रुपये जमा हुए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 228 प्रतिशत अधिक हैं। वहीं वैट बकाया के रूप में 800 करोड़ रुपये की वसूली हुई, जो गत वर्ष से 29 प्रतिशत अधिक है। प्रवर्तन इकाइयों के माध्यम से 2071 करोड़ रुपये की वसूली की गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13 प्रतिशत अधिक रही। अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विभाग को कुल 1,98,071 करोड़ रुपये का लक्ष्य दिया गया है, जिसमें जीएसटी का लक्ष्य 1,49,956 करोड़ रुपये तथा वैट का लक्ष्य 48,115 करोड़ रुपये है। अप्रैल 2026 में राज्य ने 10,896 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह किया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 9.6 प्रतिशत अधिक है। जोनवार समीक्षा में बताया गया कि अप्रैल 2026 में राज्य के अधिकांश जोनों में राजस्व वृद्धि दर्ज की गई। गौतमबुद्ध नगर जोन ने 1506 करोड़ रुपये के संग्रह के साथ 18 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की, जबकि गत वर्ष इसी अवधि के सापेक्ष इस वर्ष सहारनपुर जोन में 35.1 प्रतिशत और वाराणसी प्रथम जोन में 33.2 प्रतिशत वृद्धि रही। मुरादाबाद जोन ने भी अप्रैल 2025 के सापेक्ष अप्रैल 2026 में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की। मुख्यमंत्री ने अपेक्षाकृत कम प्रदर्शन वाले जोनों को विशेष कार्ययोजना बनाकर लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि वरिष्ठ अधिकारी स्वयं फील्ड में उतरें, व्यपारियों से संवाद करें। मुख्यमंत्री ने फर्जी फर्मों और कर चोरी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि बोगस फर्मों के खिलाफ 477 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई तथा 168 गिरफ्तारियां की गईं। 7 नवंबर 2025 को एसआईटी का गठन किया गया। 180 करोड़ रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट ब्लॉक की गई तथा न्यायनिर्णयन कार्रवाई से 2250 करोड़ रुपये की मांग सृजित हुई। अपील निस्तारण की समीक्षा के दौरान बताया गया कि वर्ष 2025-26 में जीएसटी की 52,432 और वैट की 11,365, कुल 63,797 अपीलों का निस्तारण किया गया। वर्तमान में जीएसटी की 18,504 तथा वैट की 2,193, कुल 20,697 अपीलें विचाराधीन हैं। मुख्यमंत्री ने लंबित अपीलों के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश 21.82 लाख सक्रिय करदाताओं के साथ देश में सबसे अधिक जीएसटी करदाताओं वाला राज्य बन गया है। जीएसटी पंजीयन आवेदनों के निस्तारण की औसत अवधि प्रदेश में 8 दिन है, जबकि राष्ट्रीय औसत 14 दिन है। प्रदेश में 100 प्रतिशत भौतिक सत्यापन की व्यवस्था लागू है। रिटर्न दाखिले की स्थिति में भी प्रदेश राष्ट्रीय औसत से आगे है। देय तिथि तक 90 प्रतिशत से अधिक करदाता रिटर्न दाखिल कर रहे हैं, जबकि औसत मासिक रिटर्न दाखिला प्रतिशत प्रदेश में 93 प्रतिशत और केंद्र स्तर पर 91 प्रतिशत है। बीते महीनों के 99 प्रतिशत से अधिक रिटर्न दाखिल कराए जा चुके हैं। बैठक में बताया गया कि जीएसटी रिफंड मामलों के निस्तारण की औसत अवधि उत्तर प्रदेश में 27 दिन है, जबकि राष्ट्रीय औसत 48 दिन है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि रिफंड व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और त्वरित बनाया जाए ताकि व्यापारियों की कार्यशील पूंजी प्रभावित न हो। तकनीक आधारित कर प्रशासन के संबंध में अधिकारियों ने बताया कि 16 पैरामीटर निर्धारित कर 1.59 लाख वार्षिक रिटर्नों में मिसमैच डेटा पर विधिक कार्रवाई की जा रही है। एकीकृत नोटिस जारी करने के लिए मॉड्यूल विकसित किया गया है। वर्ष 2025-26 में 1.33 लाख डीलरों की स्क्रूटनी के दौरान 2369 करोड़ रुपये की मांग सृजित की गई तथा 345 करोड़ रुपये जमा कराए गए। 22 कॉर्पोरेट सर्किलों में वर्चुअल सुनवाई की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि डेटा आधारित निगरानी और एआई आधारित विश्लेषण से कर प्रशासन की दक्षता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा। मुख्यमंत्री ने व्यापारियों के साथ संवाद कार्यक्रमों को और व्यापक बनाने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि सभी 75 जनपदों में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ व्यापारी संवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें जीएसटी पंजीयन, रिटर्न फाइलिंग और जीएसटी 2.0 सुधारों पर विस्तार से चर्चा की गई। व्यापारियों को रिटर्न दाखिले के लिए प्रशिक्षण भी दिया गया तथा सभी जिलों में व्यापार बंधु की बैठकें आयोजित की गईं। जून 2026 से राज्य कर विभाग द्वारा खंड स्तर पर संवाद कार्यक्रम चलाने की कार्ययोजना भी तैयार की गई है। बैठक में यह भी बताया गया कि राज्य स्तर पर विभिन्न बिजनेस सेक्टरों, व्यापारी संगठनों और अधिवक्ता संघों के साथ संवाद स्थापित किया गया है। सीजीएसटी, डीजीजीआई, रेलवे सहित अन्य विभागों के साथ समन्वय बढ़ाया गया है। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए सर्राफा कारोबारियों के साथ भी राज्य और जिला स्तर पर संवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए।
महू में सब्जी व्यापारी ने फांसी लगाई:फंदे से उतारकर परिजन लेकर आए अस्पताल, डॉक्टर ने मृतक बताया
महू के किशनगंज थाना क्षेत्र की सुपर सिटी कॉलोनी में सोमवार सुबह एक 45 वर्षीय सब्जी व्यापारी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान अमृत पिता राकेश लाल वर्मा के रूप में हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में सनसनी फैल गई। परिजनों के अनुसार, रविवार रात तक सब कुछ सामान्य था। सोमवार सुबह जब परिवार के सदस्य उठे, तो उन्होंने अमृत को अपने कमरे में फंदे पर लटका हुआ पाया। इस दृश्य को देखकर परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिजनों ने तुरंत अमृत को फंदे से नीचे उतारा और एक निजी वाहन से अस्पताल ले गए। हालांकि, अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही किशनगंज पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। ऐसा कदम क्यों उठाया इसकी जांच करेंगे किशनगंज थाना प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। मृतक ने यह कदम किन कारणों से उठाया, इसकी विस्तृत जांच की जा रही है।
शेयर बाजार में जोरदार तेजी, सेंसेक्स ने लगाई 900 अंकों की छलांग, निफ्टी भी 23,900 के ऊपर
विशेषज्ञों के अनुसार बाजार में आई तेजी की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के संकेत हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दावा किया कि दोनों देश एक बड़े समझौते के करीब पहुंच गए हैं।
गोंडा जिले में चोरी की एक बड़ी वारदात सामने आई है जहां कटरा बाजार थाना क्षेत्र के उर्दी गोंडा गांव में एक कपड़े व्यापारी के घर से लाखों रुपये की नकदी और सोने-चांदी के जेवरात चोरी हो गए। यह घटना तब हुई जब परिवार भीषण गर्मी के कारण छत पर सो रहा था। पीड़ित आरिफ कपड़े की दुकान चलाते हैं और दुकान के पीछे अपने परिवार के साथ रहते हैं। रविवार देर रात, भीषण गर्मी के चलते आरिफ और उनका परिवार मकान की छत पर सो रहा था। इसी दौरान अज्ञात चोर छत के रास्ते से घर में घुस गए। चोरों ने घर के अंदर बक्से और अलमारी का ताला तोड़कर लाखों रुपये के सोने-चांदी के आभूषण और लाखों रुपये की नकदी चुरा ली। यह नकदी कपड़े की दुकान की बिक्री से जमा की गई थी। सोमवार सुबह जब परिवार के सदस्य नीचे आए, तो उन्होंने कमरों में सामान बिखरा हुआ पाया और चोरी का पता चला। आरिफ ने तत्काल कटरा बाजार थाने को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया है। कटरा बाजार थाने के अतिरिक्त प्रभारी निरीक्षक कमलाकांत त्रिपाठी ने बताया कि चोरी की सूचना मिली है और मामले की जांच की जा रही है। त्रिपाठी ने आगे कहा कि परिवार द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। चोरी की इस घटना का खुलासा करने के लिए कई पुलिस टीमें गठित की गई हैं और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
मुजफ्फरपुर की मशहूर शाही लीची के सीजन में पार्सल लोडिंग के दौरान होने वाली अफरातफरी और परेशानियों को देखते हुए पूर्व मध्य रेलवे के समस्तीपुर रेल मंडल ने बड़ा फैसला लिया है। रेल मंडल ने गाड़ी संख्या 11062/11061 जयनगर-लोकमान्य तिलक टर्मिनस पवन एक्सप्रेस के मुजफ्फरपुर जंक्शन पर ठहराव समय में 10 मिनट की अतिरिक्त अस्थायी बढ़ोतरी कर दी है। अब यह ट्रेन जंक्शन पर कुल 15 मिनट तक रुकेगी। पांच मिनट में होती थी परेशानी दरअसल, पहले पवन एक्सप्रेस का मुजफ्फरपुर जंक्शन पर सिर्फ 5 मिनट का नियमित ठहराव था। इस कम समय में बड़ी मात्रा में शाही लीची के पार्सल को ट्रेन के पार्सल वैन में लोड करना काफी मुश्किल हो रहा था। कई बार ट्रेन खुल जाने के कारण लीची के कई पैकेज स्टेशन पर ही छूट जाते थे। इससे व्यापारियों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ पार्सल कर्मियों को भी भारी दबाव का सामना करना पड़ता था। रेलवे ने लिया त्वरित निर्णय व्यापारियों की लगातार शिकायतों और पार्सल विभाग से मिले फीडबैक के बाद समस्तीपुर रेल मंडल प्रशासन ने पूरे मामले की समीक्षा की। इसके बाद रेलवे ने त्वरित निर्णय लेते हुए पवन एक्सप्रेस को मुजफ्फरपुर जंक्शन पर 10 मिनट का अतिरिक्त अस्थायी ठहराव देने की मंजूरी दे दी। अब कुल 15 मिनट का समय मिलने से लीची पार्सल की लोडिंग व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से हो सकेगी। व्यापारियों को मिलेगी बड़ी सहूलियत इस फैसले से लीची कारोबारियों में खुशी का माहौल है। व्यापारी ब्रजकिशोर शाह ने बताया कि पहले ट्रेन केवल 5 मिनट रुकती थी, जिसके कारण अधिक मात्रा में लीची लोड नहीं हो पाती थी। कई बार जल्दबाजी में पैकेज छूट जाते थे। अब समय बढ़ाकर 15 मिनट किए जाने से व्यापारियों को काफी सहूलियत होगी और अधिक मात्रा में लीची सुरक्षित तरीके से भेजी जा सकेगी। भगदड़ जैसी स्थिति से राहत रेलवे अधिकारियों का कहना है कि अतिरिक्त समय मिलने से ट्रेन खुलने के दौरान प्लेटफॉर्म और पार्सल वैन के पास भगदड़ जैसी स्थिति नहीं बनेगी। साथ ही मुजफ्फरपुर की प्रसिद्ध शाही लीची समय पर और बिना नुकसान के देश के विभिन्न बाजारों तक पहुंच सकेगी।
होजरी कारोबारी से 20 करोड़ की ठगी, 2 व्यापारियों पर केस
होजरी कारोबारी से 20 करोड़ से ज्यादा रकम की ठगी का मामला सामने आया है। थाना फोकल पॉइंट पुलिस ने गुरुग्राम की एक होम फर्निशिंग कंपनी के दो कारोबारियों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। आरोप है कि दोनों ने पुराने कारोबारी संबंधों का फायदा उठाकर करोड़ों रुपए का माल उठाया, लेकिन भुगतान नहीं किया। शिकायतकर्ता सोम नाथ खोसला, मालिक ईशान फाइबर इंटरनेशनल मुंडियां खुर्द ने पुलिस को बताया कि उनकी कंपनी का आरोपियों के साथ लंबे समय से व्यापारिक लेन-देन चल रहा था। इसी दौरान आरोपियों ने अलग-अलग समय पर उनकी कंपनी से माल खरीदा, जिसकी कुल बकाया रकम 2,00,3,39,991.60 रुपए बनती है। कारोबारी ने कई बार भुगतान की मांग की, लेकिन आरोपी टालमटोल करते रहे और बाद में रकम देने से साफ इनकार कर दिया। मामले की शिकायत पुलिस को दी गई। जांच के बाद थाना फोकल पॉइंट की पुलिस ने गुरुग्राम स्थित अजमेश आसक होमफरनी कंपनी के मालिक संदीप सिंह कोचर और अमित कोचर के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया। जांच अधिकारी रंजीत सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों को जांच में शामिल होने के लिए बुलाया जाएगा और दस्तावेजों की जांच के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।
बिजकॉन 2.0 में नेटवर्किंग और स्टार्टअप्स को नई उड़ान
उदयपुर | बिजनेस सर्कल इंटरनेशनल (बीसीआई) द्वारा आयोजित प्रीमियम बिजनेस नेटवर्किंग कॉन्क्लेव बिजकॉन 2.0 विंधम ग्रैंड में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में शहर के प्रमुख उद्योगपति, कॉर्पोरेट प्रोफेशनल्स, स्टार्टअप फाउंडर्स और युवा एंटरप्रेन्योर्स शामिल हुए। बीसीआई के फाउंडर एंड चेयरमैन मुकेश माधवानी ने कहा कि बिजकॉन 2.0 उदयपुर के बिजनेस इकोसिस्टम को मजबूत करने और लोकल बिजनेस को नेशनल पहचान दिलाने का प्रभावी मंच है। कार्यक्रम में हाउस ऑफ रजवाड़ा, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, गीतांजलि मेडिकल कॉलेज सहित कई संस्थाएं सहयोगी रहीं। स्पीकर्स ने आधुनिक बिजनेस वातावरण, नेटवर्किंग, हेल्थ और लीडरशिप स्किल्स पर विचार साझा किए।
कृषि उपज मंडी व्यापार संघ, मनीष अग्रवाल बने अध्यक्ष
उदयपुर | कृषि उपज मंडी (अनाज) व्यापार संघ के वर्ष 2026-28 के चुनाव निर्विरोध सम्पन्न हुए। निर्वाचन अधिकारी राजकुमार की उपस्थिति में विभिन्न पदों पर पदाधिकारियों के नामों की घोषणा की गई। अध्यक्ष पद पर मनीष अग्रवाल को निर्विरोध चुना गया। वहीं उपाध्यक्ष राजेश सुखवाल, ओम प्रकाश तोषणीवाल, कोषाध्यक्ष सुरेश मुंदड़ा, संगठन मंत्री डीके राजपूरी तथा सह सचिव पद पर संदीप जैन को निर्विरोध चुना गया। निर्वाचन अधिकारी ने सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई देते हुए आशा जताई कि नई कार्यकारिणी व्यापारियों के हितों को प्राथमिकता देते हुए मंडी के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएगी।
30 कैटेगरी में भास्कर रियल एस्टेट एक्सीलेंस अवॉड्र्स
सिटी रिपोर्टर }दैनिक भास्कर रियल एस्टेट एक्सीलेंस अवॉर्ड्स-2026 का आयोजन रविवार को जयपुर-दिल्ली हाईवे स्थित ताज आमेर में हुआ। अवॉर्ड सेरेमनी की मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री और पर्यटन मंत्री दिया कुमारी रहीं। उन्होंने अलग-अलग कैटेगरी में नामचीन बिल्डर्स को अवॉर्ड देकर सम्मानित किया। साथ ही जयपुर में रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट के नए अवसर तलाशने पर जोर दिया। अवॉर्ड सेरेमनी में रियल एस्टेट सेक्टर के उन विजनरी लीडर्स को सम्मानित किया गया, जो अपने काम, सोच और नई पहल से सेक्टर को नई ऊंचाइयों तक ले जा रहे हैं। कुल 30 कैटेगरी में अवॉर्ड दिए गए। इस मौके पर म्यूजिक बैंड की ओर से लाइव परफॉर्मेंस भी दी गई। सेरेमनी पॉवर्ड बाय प्लॉटपट्टा डॉट कॉम रही। इस अवसर पर दैनिक भास्कर के नेशनल एडिटर एल.पी. पंत, राजस्थान बिजनेस हेड बीएस शेखावत, जयपुर संपादक तरुण शर्मा, अतुल पब्लिसिटी से अतुल जैन और मनोज जैन, एसजी एडवरटाइजिंग से आशीष और ऋषभ सोमानी, राधिका एडवरटाइजिंग एजेंसी से बीआर सोमानी और नवनीत मौजूद रहे। इन खास लोगों को मिला सम्मान अमित विजयवर्गीय, सुनील जैन, अनुराग शर्मा, अक्षत ममोदिया, अनिल कुमार गुप्ता, तुषार पालडकर, आशीष कुमार, विनय चौरड़िया, प्रकाश अग्रवाल, धन्ना राम जाखड़, राजेश जैन, निखिल मदान, एन.के. गुप्ता, विनोद गोयल, रामबाबू अग्रवाल, रवि मुंद्रा, अजय कृष्ण मोदी, अनिल दाधीच, रविंद्र प्रताप सिंह, मुकेश रांकावत, मोहित जाजू, मकसूद खान, राजेश मीना, सोनू कुमार सोनी, अशोक शर्मा, डॉ. अनूप बरतरिया, आनंद मिश्रा, गोपाल राज शर्मा, दीपेंद्र सिंह खंगारोत, उद्धव पोद्दार, प्रदीप तोलानी, विवेक सेतिया, ललित गुप्ता और विवेक चतुर्वेदी को सम्मानित किया गया।
सांगानेर सदर थाना पुलिस ने सीतापुरा रीको एरिया में करीब एक माह पहले व्यापारी से हुई 3 लाख रुपए की लूट का खुलासा कर दिया। मामले में मास्टरमाइंड सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक नाबालिग को निरुद्ध किया गया है। जांच में सामने आया कि वारदात का मास्टरमाइंड पीड़ित का पूर्व नौकर ही निकला। दिवाली बोनस के ₹2100 रुपए नहीं देने से नाराज विकास ने साथियों के साथ मिलकर व्यापारी से 3 लाख रुपए लूटकर फरार हो गए थे। डीसीपी (दक्षिण) राजर्षि राज ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में विकास बैरवा (19), सुरेश पांचाल (27) निवासी सांबरिया (शिवदासपुरा) और सुनील सैनी निवासी क्वाटरा स्टैंड शामिल हैं। पूछताछ में सामने आया कि विकास बैरवा पहले मुकेश कुमार शर्मा की ‘रिद्धि सिद्धि लाइट एंड सैनेटरी’ दुकान पर नौकरी करता था। काम छोड़ने के दौरान अंतिम हिसाब में से ₹2100 रुपए बोनस काटे जाने से वह नाराज था। उसे पता था कि मुकेश रोज रात दुकान बंद कर नकदी लेकर घर जाते हैं। इसी रूटीन को आधार बनाकर उसने लूट की योजना बनाई। एडिशनल डीसीपी ललित किशोर शर्मा और चाकसू एसीपी भवानी सिंह शेखावत के सुपरविजन में थानाधिकारी अनिल जैमिनी के नेतृत्व में टीम बनाई। कांस्टेबल ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। मोबाइल टावर लोकेशन और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपियों को ट्रेस कर गिरफ्तार किया गया। आरोपियों को पकड़ने में थाना स्पेशल के रामावतार व हनुमान का विशेष सहयोग रहा। वारदात 28 अप्रैल 2026 की रात करीब 8:10 बजे की है। बीलवा निवासी मुकेश कुमार शर्मा (43) दुकान बंद कर घर जा रहे थे। बैग में 3 लाख रुपए, बेटे गौरव की 10वीं की मार्कशीट, की-पैड मोबाइल, डेल कंपनी का लैपटॉप, दुकान की चाबियां और बिल थे। दुकान से करीब 50 मीटर दूर गली में मुड़ते ही बिना नंबर की सफेद स्विफ्ट कार में आए बदमाश बैग छीनकर फरार हो गए। कार से आए बदमाश दुकान से करीब 50 मीटर दूर व्यापारी से बैग छीनकर भागे
गुरुग्राम के खांडसा सब्जी मंडी में हुए भारत भूषण वलेचा मर्डर केस में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। मृतक की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पता चला है कि हमलावरों ने भरत भूषण पर जानकर दिल पर सुआ घोंपा ताकि उसकी मौके पर मौत हो जाए। उसके शरीर पर लेफ्ट साइड दिल के ठीक ऊपर दो गहरे जख्म मिले हैं। डॉक्टरों के मुताबिक नुकीले सुए से किए गए इन वारों के कारण भरत भूषण का दिल पंचर हो गया था, जिससे उसकी तुरंत मौत हो गई। घटना वाले दिन राहुल का किसी बात को लेकर भरत भूषण और उसके पिता से झगड़ा हो गया था। दरअसल भारत भूषण की दुकान के सामने फ्रूट का ट्रक लगना था, लेकिन वहां पर राहुल ने अनार की पेटियां लगा रखी थी। राहुल को आढ़ती जयभगवान किराए पर जगह दे रखी थी। भारत ने जब राहुल को पेटियों को हटाने को कहा तो दोनों में बहस हो गई। इसके बाद राहुल ने तुरंत फोन करके आरोपी आढ़ती जयभगवान को मौके पर बुला लिया। भारत और जयभगवान में पहले ही झगड़ा हो रखा था। इसी का बदला लेने को जयभगवान ने उसपर सुए से हमला कर दिया। पुलिस जांच में क्या सामने आया… चबूतरे के किराए को लेकर लड़ाई पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि इस हत्या के पीछे की साजिश मंडी में एक थड़े (चबूतरे) को किराए पर देने से शुरू हुई थी। मुख्य आरोपी जयभगवान ने अपनी दुकान के सामने बने थड़े को बिहार के रहने वाले राहुल नाम के युवक को किराए पर दे रखा था। इसको लेकर उसकी भारत भूषण से पहले भी बहस होती रहती थी। दो साल पुराना था गाड़ी खड़ी करने का विवाद स्थानीय व्यापारियों और पुलिस जांच से पता चला है कि जयभगवान और मृतक भारत भूषण के परिवार के बीच पिछले दो साल से दुकान के आगे गाड़ी लगाने और सामान रखने को लेकर मनमुटाव चल रहा था। इससे पहले भी कई बार दोनों के बीच कहासुनी और गाली-गलौज हो चुकी थी, लेकिन रविवार को रंजिश में जयभगवान ने कत्ल ही कर दिया। सट्टे के नेटवर्क का भी आरोप इसके अलावा मृतक के परिवारवालों का आरोप है कि जयभगवान बड़े पैमाने पर अवैध सट्टे का काम करता है और उसने अपने घर से ही सट्टे का पूरा नेटवर्क फैला रखा है। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि इसकी भी जांच की जाएगी, लेकिन वह सट्टा नेटवर्क चलाता था या खेलता था, इसके कोई सबूत नहीं मिले हैं। पढ़ें कैसे भारत की हत्या की गई…. CCTV में कैद हुई वारदात यह पूरी खूनी वारदात वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में साफ तौर पर कैद हो गई। फुटेज में साफ दिख रहा है कि किस तरह दोनों आरोपियों ने बाप-बेटे को घेरकर हमला किया और भारत को मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने इस फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है, जो अदालत में मुख्य सबूत बनेगा। पुलिस जांच कर रही इस संबंध में पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि पिता की शिकायत पर हत्या से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की धरपकड़ के लिए कई टीमें गठित की गई हैं। आरोपियों को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। सट्टे के अवैध नेटवर्क के आरोपों के बारे में पुलिस को कोई जानकारी नहीं है। अगर ऐसी कोई बात सामने आती है तो परिजन पुलिस को शिकायत करें।
जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा से करोड़ों की ठगी, प्रॉपर्टी निवेश के नाम पर लिए 17 करोड़ रुपए
मायानगरी में धोखाधड़ी के किस्से अक्सर सामने आते रहते हैं। अब बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा जाफरी धोखाधड़ी का शिकार हो गई हैं। हबीबा जाफरी से संपत्ति निवेश के नाम पर करीब 17.5 करोड़ रुपए की ठगी की गई है।
बुधादित्य राजयोग से चमकेगी 4 राशियों की किस्मत, नौकरी-व्यापार में होगा बड़ा लाभ
मई 2026 में ग्रहों की चाल एक अद्भुत संयोग बनाने जा रही है। 14 मई को जैसे ही सूर्य देव वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे, वहां पहले से मौजूद बुध ग्रह के साथ मिलकर वे 'बुधादित्य राजयोग' का निर्माण करेंगे। ज्योतिष शास्त्र में इस योग को अत्यंत शुभ, बौद्धिक ...
भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते का वैश्विक अर्थ
युद्ध की आशंकाओं के बीच आशा का सेतुः वैश्विक परिदृश्य इन दिनों युद्ध की अनिश्चितताओं, तनावों और भू-राजनीतिक खींचतान से भरा हुआ है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान और महाशक्तियों के बीच प्रतिस्पर्धा ने विश्व अर्थव्यवस्था के सामने कई प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। ऐसे समय में भारत और न्यूजीलैंड के ... Read more
स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने 'स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0' (एफओएफ 2.0) लॉन्च किया
अमेज़न MGM स्टूडियोज ने अपनी नई फिल्म 'रफ्तार' की रिलीज डेट की घोषणा कर दी है। इस फिल्म में राजकुमार राव और कीर्ति सुरेश लीड रोल में नजर आने वाले हैं। आदित्य निंबालकर के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म को 'कांपा फिल्म' के बैनर तले पत्रलेखा ने प्रोड्यूस ...
किसान यूनियन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ एकजुट होकर लड़ेंगे
भारतीय किसान यूनियन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने के लिए कमर कस रहे हैं
कपास के किसानों का उदाहरण हमारे सामने है, जहां आयात शुल्क हटाने से घरेलू कीमतों में भारी गिरावट आई और किसान संकट में घिर गए
व्यापार समझौते में सरकार की उलझन
किसी भी चीज को अपने लिए फायदेमंद बताने का हुनर कोई मोदी सरकार से सीखे
महंगाई और उसे बनाने वाला नया सूचकांक
अब 1.8 फीसदी कोई ऐसा संकेत नहीं है कि डर के मारे हम शोर मचाने लगें कि महंगाई जान मार रही है और सरकार को तुरन्त कुछ जरूरी कदम उठाने चाहिए।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के अप्रत्याशित विजेता हैं राहुल गांधी
मोदी सरकार ने व्यापार समझौते को एक बड़ी कामयाबी के तौर पर पेश किया है, जो 30 ट्रिलियन डालर के अमेरिकी बाजार में खास पहुंच की रणनीतिगत और आर्थिक मूल्य को दिखाता है।
भारत को कमजोर करने वाला अमेरिकी व्यापार समझौता
व्यापार समझौते के बदले में अमेरिका के आदेशों के आगे भारत झुक गया है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता भारत के किसानों के लिए सबसे बड़ा झटका साबित होगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार में उनके मंत्री और वफादार विशेषज्ञों को जनता को यह समझाने में बहुत दिक्कत हो रही है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से भारत को क्या-क्या बड़े फायदे हो रहे हैं
विवादित हो सकते हैं भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के वायदे
महीनों की बातचीत और अनिश्चितताओं के बाद पिछले सप्ताहांत भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के पहले हिस्से के सम्पन्न होने पर जो उत्साह था
अमेरिका से व्यापार समझौते में सब गोलमाल!
अमेरिका से व्यापार समझौते पर मोदी सरकार बड़ी कामयाबी की डींगे हांक रही है, लेकिन धरातल पर नजर आ रहा है कि वह हारी हुई लड़ाई लड़ रही है।
दो व्यापार समझौते और तीन चुनौतियां
करोड़ों गिग वर्कर्स को न्यूनतम मजदूरी और काम के तय घंटे जैसी बुनियादी चीजें देना भी उसका काम है
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की स्थिति को लेकर भ्रम की स्थिति
- नित्य चक्रवर्ती किसी भी व्यापारिक समझौते में हमेशा लेन-देन होता है। इसलिए, अमेरिका से ऐसी रियायतें पाने के लिए भारत की तरफ से कुछ रियायतें देने में कुछ भी गलत नहीं है, जो राष्ट्रीय हितों के लिए भारत के लिए ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं। लेकिन बातचीत बराबरी के आधार पर होनी चाहिए क्योंकि भारत, वह भारत है, जो एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था है भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर घोषणा की उम्मीद थी, लेकिन जिस तरह से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों ने सोशल मीडिया पर ऐसा किया, उससे बड़ा भ्रम पैदा हो गया है। नरेंद्र मोदी के साथ फोन पर बातचीत के बाद, ट्रंप ने सोमवार को दावा किया कि अमेरिका ने भारत के साथ एक व्यापार समझौता किया है, जिसके तहत उन्होंने भारतीय उत्पादों पर लगाए गए दंडात्मक टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है, जिसके बदले में भारत कुछ अमेरिकी सामान पर अपने टैरिफ कम करेगा, अधिक अमेरिकी उत्पाद खरीदेगा, और रूसी तेल की खरीद बंद कर देगा। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में, मोदी ने लिखा कि वह टैरिफ में कमी से 'खुश' हैं, लेकिन उन्होंने विवरण नहीं दिया, जिसमें यह भी शामिल नहीं था कि क्या उनका देश रूसी तेल खरीदना बंद कर देगा जैसा कि ट्रंप ने दावा किया था। उन्होंने यह भी नहीं बताया कि व्यापार समझौता अंतिम रूप से तय हो गया है। मोदी ने लिखा, 'जब दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र एक साथ काम करते हैं, तो इससे हमारे लोगों को फायदा होता है और आपसी लाभकारी सहयोग के लिए अपार अवसर खुलते हैं।' मोदी ने यह भी नहीं बताया जो ट्रंप ने कहा कि भारत '500अरब डॉलर से अधिक अमेरिकी ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, कृषि, कोयला, और कई अन्य उत्पादों के अलावा, अमेरिकी सामान खरीदने के लिए बहुत उच्च स्तर पर प्रतिबद्ध है,' और यह कि भारत 'संयुक्त राज्य अमेरिका के खिलाफ अपने टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को कम करके शून्य पर लाने के लिए आगे बढ़ेगा।' फोन पर बातचीत के बाद अमेरिकी और भारतीय नेताओं द्वारा जारी किए गए बयानों के लहजे में एक ध्यान देने योग्य अंतर था। नई दिल्ली में भाजपा और सरकारी हलकों में काफी उत्साह था। हर कोई भारतीय सरकार की तरफ से विस्तृत जानकारी की उम्मीद कर रहा था, लेकिन कुछ भी सामने नहीं आया। यहां तक कि अपनी पार्टी के सांसदों की बैठक में भी, मोदी ने अधिक विवरण नहीं दिया, सिवाय इसके कि भारत की ओर से धैर्य रखने का फल मिला। सटीक स्थिति क्या है? सरकारी सूत्र वाशिंगटन से अधिक विवरण की प्रतीक्षा करने के अलावा और कुछ नहीं बता रहे हैं। यह स्पष्ट है कि ट्रंप ने मौजूदा 50 प्रतिशत जिसमें 25 प्रतिशत जुर्माना भी शामिल है, के मुकाबले पारस्परिक व्यापार दर को घटाकर 18 प्रतिशत करने पर सहमति व्यक्त की है। ट्रंप के अनुसार, यह तुरंत प्रभाव से लागू होता है। अगर ऐसा है, तो यह भारत के लिए एक बड़ी जीत है, जबकि इसके मुकाबले चीन 37 प्रतिशत, वियतनाम 20 प्रतिशत, बांग्लादेश 20 प्रतिशत और यहां तक कि पाकिस्तान भी 19 प्रतिशत पर है। लेकिन भारत ने अमेरिका को सोयाबीन, डेयरी और अन्य कृषि उत्पादों के सेक्टर में क्या रियायतें दीं? क्या मोदी ने रूस से सस्ते दाम पर भी तेल का सारा आयात बंद करने पर सहमति दे दी है? पहले भी ट्रंप ने दावा किया था कि भारत ने रूस से खनिज तेल का आयात इंपोर्ट बंद कर दिया है, लेकिन आयातप्रतिस्पर्धी मूल्य के आधार पर हो रहा था। असल में, अभी भी, अन्तरराष्ट्रीय खनिज तेल व्यापार सूत्रों के अनुसार, रूसी कच्चा तेल अमेरिकी कच्चे तेल की तुलना में16डॉलर सस्ता है। अगर भारत रूसी तेल का पूरा आयात बंद कर देता है, तो भारत को यह अतिरिक्त लागत उठानी पड़ेगी। क्या मोदी सच में इसके लिए सहमत हो गए हैं? अगर वह सहमत हो गए हैं, तो उन्हें सामने आकर यह बात खुलकर बतानी चाहिए। आजकल किसी भी व्यापारिक समझौते में हमेशा लेन-देन होता है। इसलिए, अमेरिका से ऐसी रियायतें पाने के लिए भारत की तरफ से कुछ रियायतें देने में कुछ भी गलत नहीं है, जो राष्ट्रीय हितों के लिए भारत के लिए ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं। लेकिन बातचीत बराबरी के आधार पर होनी चाहिए क्योंकि भारत, वह भारत है, जो एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था है और जिसमें 2028 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की क्षमता है, जो चीन को भी पीछे छोड़ देगी। मोदी 1.4 अरब लोगों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और वह ट्रंप के कहने पर राष्ट्रीय हितों का बलिदान नहीं कर सकते। सवाल यह है कि क्या ट्रंप की शर्तों पर सहमत होते हुए भारत ने अपनी रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखी? अगर डील हो गई है, तो प्रधानमंत्री की यह बड़ी ज़िम्मेदारी है कि वह डील के बारे में विस्तार से बताएं। या, अगर यह अभी तक फाइनल नहीं हुई है और 18 प्रतिशत टैरिफ सिर्फ एक फ्रेमवर्क है, तो उन्हें यह भी बताना चाहिए। ट्रंप अपने ट्रूथ सोशल पर और भी बहुत कुछ कहते रहेंगे। अगर नरेंद्र मोदी असली स्थिति नहीं बताते हैं, तो वे बातें बिना चुनौती के बनी रहेंगी। यूरोपीय संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ लगातार व्यापार समझौते - एक जिसे 'सभी ट्रेड डील्स की जननी' कहा जा रहा है और दूसरा भारतीय सामान पर टैरिफ को 18 प्रतिशत तक कम करने वाला यह समझौता-से अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलने की व्यापक उम्मीद है, जिससे एक दशक में निर्यात में संभावित 150अरब डालर की वृद्धि होगी, ऐसा सरकार के करीबी विशेषज्ञ कहते हैं। ये समझौते टैरिफ कम करेंगे और बाज़ार की बाधाओं को आसान बनाएंगे, साथ ही भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को भी बढ़ावा देंगे, जिसमें श्रम-प्रधान टेक्सटाइल सेक्टर भी शामिल है। हालांकि, भारत चीन के मुकाबले अपनी प्रतिस्पर्धी बढ़त के ज़्यादा समय तक बने रहने की उम्मीद नहीं कर सकता, क्योंकि ट्रंप इस साल अप्रैल में अमेरिका-चीन व्यापार समझौते को अन्तिम रूप देने के लिए चीन जा रहे हैं और चीन के लिए टैरिफ दर निश्चित रूप से 20प्रतिशत से कम हो जाएगा। यह यूरोपीय यूनियन के 15 प्रतिशत या यूनाइटेड किंगडम के 10प्रतिशत के स्तर पर हो सकता है। इसलिए भारत को बहुत जल्द चीन के मुकाबले अपनी प्रतिस्पर्धी बढ़त को भूलना होगा। 50 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ ने कई चीज़ों पर असर डाला है। इनमें स्टील, टेक्सटाइल और फार्मास्यूटिकल्स जैसे सेक्टर शामिल हैं। उदाहरण के लिए, टैरिफ के बाद अमेरिका को स्टील की शिपमेंट में 40 प्रतिशत की गिरावट आई। यह सेक्टर पुन: सुधार की ओर जा रहा है और यह इस चरण में भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बहुत मददगार होगा। यह देखना होगा कि भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसके कुल असर का मूल्यांकन करने से पहले भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को आखिरकार उसके अन्तिम स्वरूप में आधिकारिक तौर पर कैसे पेश किया जाता है।
काजोल ने किया रियल एस्टेट में निवेश, खरीदी इतने करोड़ की कमर्शियल प्रॉपर्टी
बॉलीवुड एक्ट्रेस काजोल ने इंडस्ट्री में एक अलग मुकाम हासिल किया है। काजोल भले ही फिल्मों में कम नजर आती हो, लेकिन वह सुर्खियों में बनी रहती हैं। काजोल ने अब एक्टिंग के साथ-साथ रियल एस्टेट में भी कदम रख दिया है। काजोल ने मुंबई के गोरेगांव वेस्ट ...
जानिए क्यों पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास पर है 2100 करोड़ रुपए निवेश
पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास अपने करियर के शानदार दौर से गुजर रहे हैं, और निर्विवाद रूप से अखिल भारतीय सुपरस्टार के रूप में अपनी जगह पक्की कर रहे हैं। बाहुबली, सलार, कल्कि 2898 एडी जैसी बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने वाली फिल्मों के साथ, उन्होंने भारतीय ...
'एक रात के 5 लाख' क्या इस महंगाई की वजह बने हैं विक्की कौशल और कैटरीना कैफ
राजस्थान अपने खूबसूरत किलों और महलों के लिए विश्वभर में जाना जाता है। कला और संस्कृति के इस अनूठे संगम, शाही ठाठ बाठ समेत राजपुताना वास्तुकला का आनंद उठाने दुनिया के कोने-कोने से पर्यटक यहां आते हैं..........
खतरों के खिलाड़ी सीजन 14 के कंटेस्टेंट अभिषेक कुमार जिन्होंने बिग बॉस 17 में अपने कार्यकाल से काफी लोकप्रियता हासिल की, अपने आकर्षक व्यक्तित्व से लोगों के दिलों पर राज कर रहे हैं। विवादित रियलिटी शो में उनकी भागीदारी ने उन्हें स्टार बना दिया और उन्हें रातोंरात सफलता दिलाई। अभिषेक जो वर्तमान में रोहित शेट्टी के शो खतरों के खिलाड़ी 14 में हैं, ने साझा किया कि वह एक प्रोडक्शन हाउस खोलना चाहते हैं। इसे भी पढ़ें: Kartik Aaryan का खुलासा, Pyaar Ka Punchnama की सफलता के बावजूद उनके पास ‘कोई ऑफर नहीं था, कोई पैसा नहीं था ईटाइम्स टीवी के साथ एक इंटरव्यू में, अभिषेक ने खुलासा किया कि वह भविष्य के लिए पैसे बचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता चाहते हैं कि वह मुंबई में एक घर खरीदें, लेकिन वह एक व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। अभिषेक ने कहा कि वह एक उद्यमी बनना चाहते हैं और उनके बड़े सपने हैं जिन्हें वह हासिल करना चाहते हैं। अभिषेक कुमार मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते इंटरव्यू में, अभिषेक ने कहा कि उन्होंने पैसे बर्बाद करना बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते क्योंकि शहर काफी महंगा है और कहा कि किराए पर रहना एक समझदारी भरा फैसला है। उन्होंने यहां तक कहा कि घर खरीदने में बड़ी रकम लगाने और फिर हर महीने लोन के रूप में बैंक को बड़ी EMI चुकाने का कोई मतलब नहीं है। इसे भी पढ़ें: Karan Johar को कोर्ट से मिली राहत, फिल्म Shaadi Ke Director Karan Aur Johar की रिलीज परह लगी रोक अभिषेक ने कहा कि वह अपना पैसा निवेश करना चाहते हैं और उस पर ब्याज पाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह रवि दुबे और सरगुन मेहता की तरह एक प्रोडक्शन हाउस स्थापित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि उनका परिवार चंडीगढ़ में घर खरीदे, लेकिन मुंबई में नहीं क्योंकि वे वहीं रह सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह पैसे बचाना चाहते हैं और कोई दूसरा व्यवसाय शुरू करने में निवेश कर सकते हैं। KKK 14 की बात करें तो शिल्पा शिंदे शो से बाहर हो गईं। एक यूट्यूब चैनल के अनुसार, सनी वरुण ने बात की, गश्मीर, करणवीर, अदिति और अभिषेक ने निष्कासन स्टंट किया।

33 C
