दमोह पुलिस ने गुरुवार शाम शहर के तीन गुल्ली इलाके में संचालित एक स्पा सेंटर पर छापामार कार्रवाई की। इस कार्रवाई के दौरान स्पा सेंटर में तीन युवक और तीन युवतियां आपत्तिजनक हालत में पाए गए। पुलिस ने मौके से संचालक समेत सभी छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने दी दबिश सीएसपी एचआर पांडे ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में अंजाम दी गई। पुलिस को काफी समय से सूचना मिल रही थी कि इस स्पा सेंटर की आड़ में अनैतिक देह व्यापार (सेक्स रैकेट) का धंधा चलाया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस की एक विशेष टीम ने स्पा सेंटर पर अचानक दबिश दी। जबलपुर और कोलकाता की रहने वाली हैं युवतियां छापेमारी के दौरान मौके से ग्राहक के रूप में पहुंचे तीन युवकों भगवानदास, अंकुर और पप्पू को आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा गया। इसके साथ ही पुलिस ने मौके से कुछ आपत्तिजनक सामग्री भी जब्त की है। पुलिस के मुताबिक, स्पा सेंटर का संचालक रीवा निवासी मोहम्मद आफताब अली है, जिसे भी गिरफ्तार कर लिया गया है। पकड़ी गई तीन युवतियों को महिला पुलिस की मदद से कोतवाली थाना लाया गया, जिनमें से एक जबलपुर और एक कोलकाता की रहने वाली है, जबकि तीसरी युवती के पते की जांच की जा रही है। गौरतलब है कि शहर में करीब 10 स्पा सेंटर संचालित हैं, जिन पर अक्सर ऐसे आरोप लगते रहते हैं। अनैतिक व्यापार अधिनियम के तहत मामला दर्ज पुलिस ने पकड़े गए सभी आरोपियों के खिलाफ अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है। इस पूरी कार्रवाई में तीन महिला पुलिस अधिकारियों की टीम ने मुख्य भूमिका निभाई। सीएसपी ने पांडे ने बताया- शहर में स्पा सेंटर मसाज सेंटर के रूप में ही रजिस्टर्ड होते हैं, लेकिन यदि कहीं भी नियमों के विरुद्ध गलत काम होने की शिकायत मिलेगी, तो आगे भी ऐसी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
अगर आप स्टार्टअप या किसी इंक्यूबेटर के साथ काम करते हुए पेटेंट कराते हैं, तब भी आप पीएचडी कर सकते हैं। ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (AICTE) के चेयरमैन प्रो. योगेश सिंह ने कानपुर में बताया कि हम रूल्स चेंज करने की कोशिश कर रहे हैं। जो आज पीएचडी का एक तरीका है कि दो पब्लिकेशन आपको करने होते हैं, तो अब हम उस पे जा रहे हैं कि अगर पेटेंट करेंगे तो भी पीएचडी कर सकते हैं। प्रो. सिंह सीएसजेएमयू कानपुर के दीक्षांत में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने आए थे। सीड मनी के लिए एआईसीटीई देगी फंड एआईसीटीई के चेयरमैन ने कहा कि आप अगर अपनी कंपनी शुरू करना चाहते हैं, आपका स्टार्टअप कंपनी है और इनोवेशन में कुछ करेंगे, तो आप 5 साल इन्वेस्ट कीजिए, इनक्यूबेटर में काम कीजिए। वहाँ पर आपको सीड मनी है और व्यवस्थाएं मिलेंगी, उसको एआईसीटीई फंड करेगी। और बाद में आप अपना प्रोडक्ट बनाते हैं, आपकी कंपनी चलती है, तो साथ-साथ में आपको पीएचडी भी मिल जाएगी। रीजनल लैंग्वेज से पढ़ने वाले बच्चों के मन में भय प्रो. योगेश सिंह ने टेक्निकल एजुकेशन के कोर्सेज को रीजनल लैंग्वेजेज में ट्रांसलेट पर बताया कि आज फर्स्ट ईयर, सेकंड ईयर, थर्ड ईयर तक का पूरा करिकुलम भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है। फिलहाल कुछ सौ बच्चे एडमिशन ले रहे हैं, बहुत सारी जगह सीट्स खाली हैं। तो उसका रीज़न एक ही है कि बच्चों के मन में कहीं भय है। उनको लगता है कि अगर इंग्लिश माध्यम में पढ़ाई करेंगे, तो हमको अच्छी जॉब मिलेगी। कार्पोरेट वर्ल्ड की जिम्मेदारी भय को निकाले अभी कॉर्पोरेट वर्ल्ड की ज़िम्मेदारी है और हम एजुकेशन से जुड़े लोगों की भी ज़िम्मेदारी है कि इस भय को बच्चों के मन से निकालें। यह धीरे-धीरे जाएगा, तो उसके बाद में यह आपको इसमें बढ़त देखने को मिलेगी। तो भाषा एक प्रभावी माध्यम है किसी भी चीज़ के लिए। लेकिन अब देश बदलता है, तो धीरे-धीरे ही बदलता है। शिक्षा के परिवर्तन बहुत धीरे आते हैं और धीरे आने भी चाहिए। एआई से फायदा होने वाला एआई के बढ़ते उपयोग पर कहा कि एआई से फायदा ही होने वाला है। भारत को तो नुकसान नहीं होगा। कंपैरिजन और एनालिसिस करना है, तो एआई आपको करके दे रहा है। पर उसमें से नया क्या निकालना है, क्या इनोवेशन हो सकती है, क्या समझ से हम लोगों की जिंदगी को अच्छा बनाने के लिए कुछ निकाल सकते हैं। यह तो मानव के मस्तिष्क का काम है।
बालाघाट वाणिज्यिक कर विभाग ने समय पर जीएसटी रिटर्न दाखिल न करने वाले करदाताओं के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने ऐसे 56 पंजीकृत व्यापारियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इन सभी व्यापारियों को लेट फीस के संबंध में नोटिस जारी कर वसूली की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है। समय पर रिटर्न दाखिल करना वैधानिक दायित्व राज्य कर सहायक आयुक्त सरिता सिरसाम ने बताया कि प्रत्येक पंजीकृत करदाता के लिए निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपना जीएसटी रिटर्न दाखिल करना एक वैधानिक दायित्व है। इसके बावजूद कई करदाता लगातार नियमों की अनदेखी कर रहे हैं और तय समय पर रिटर्न जमा नहीं कर रहे हैं, जिसके कारण विभाग को यह दंडात्मक कदम उठाना पड़ा है। लापरवाही पर लगेगा भारी ब्याज और पेनल्टी सहायक आयुक्त ने व्यापारियों को चेतावनी दी है कि रिटर्न दाखिल करने में देरी होने पर नियमानुसार विलंब शुल्क और ब्याज तो वसूला ही जाएगा, साथ ही अन्य वैधानिक कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। उन्होंने यह भी साफ किया कि जो करदाता लगातार रिटर्न दाखिल नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ सबसे कठोर कदम उठाते हुए उनका जीएसटी पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) हमेशा के लिए निरस्त किया जा सकता है। विभाग ने स्पष्ट की जीएसटी रिटर्न की समय-सीमा वाणिज्यिक कर विभाग ने व्यापारियों की सुविधा और स्पष्टता के लिए टर्नओवर के आधार पर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीखें दोबारा जारी की हैं। सहायता के लिए संपर्क करने की अपील वाणिज्यिक कर विभाग ने सभी बकायादार करदाताओं से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई से बचने के लिए अपने लंबित जीएसटी रिटर्न तुरंत दाखिल करें। विभाग का मानना है कि समय पर कर अनुपालन से प्रणाली में पारदर्शिता बनी रहती है। यदि किसी व्यापारी को रिटर्न दाखिल करने में कोई तकनीकी या प्रक्रियागत परेशानी आ रही है, तो वे सीधे राज्य कर सहायक आयुक्त कार्यालय, बालाघाट वृत्त या नजदीकी जीएसटी सहायता केंद्र पर जाकर मार्गदर्शन ले सकते हैं।
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की शानदार सफलता के बाद अब केंद्र सरकार दिल्ली-एनसीआर को देश के हाई-स्पीड रेल नेटवर्क का सबसे बड़ा जंक्शन बनाने जा रही है। इस महायोजना के तहत दिल्ली से देश के अलग-अलग कोनों को जोड़ने वाले चार नए बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का खाका तैयार किया गया है। केंद्रीय बजट में सात प्रमुख हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर में से दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी रूट को सबसे बड़ी प्राथमिकता दी गई है, जिस पर सरकार लगभग 2 लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश करने की तैयारी में है।दिल्ली-लखनऊ-वाराणसी रूट: यूपी के इन शहरों की चमकेगी किस्मतप्रस्तावित दिल्ली-वाराणसी कॉरिडोर के जरिए उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक, राजनीतिक और औद्योगिक शहरों को आपस में कनेक्ट किया जाएगा। यह आधुनिक रूट दिल्ली से शुरू होकर नोएडा, जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, कन्नौज, लखनऊ, रायबरेली, प्रयागराज और न्यू भदोही होते हुए सीधे वाराणसी पहुंचेगी। इतना ही नहीं, लखनऊ को सीधे रामनगरी अयोध्या से जोड़ने के लिए भी 124 से 135 किलोमीटर लंबा एक अलग हाई-स्पीड लिंक बनाने का शानदार प्लान है।देश का सबसे लंबा बुलेट ट्रेन रूट: दिल्ली से सिलीगुड़ी सिर्फ 6 घंटे मेंयह बुलेट ट्रेन कॉरिडोर भारत का सबसे लंबा हाई-स्पीड रेल रूट बनने जा रहा है। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने इसके सिविल स्ट्रक्चर डिजाइन के लिए टेंडर भी जारी कर दिए हैं। पहले से तय दिल्ली-वाराणसी लाइन को अब आगे बढ़ाकर पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक ले जाया जाएगा। लगभग 1705 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर दिल्ली, यूपी के बाद बिहार के बक्सर, पटना, बेगूसराय, खगड़िया, कटिहार और पश्चिम बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी (सिलीगुड़ी) से होकर गुजरेगा। इस रूट पर ट्रेनें 320 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी, जिससे दिल्ली से सिलीगुड़ी का सफर महज 6 घंटे में पूरा हो जाएगा, जबकि दिल्ली से लखनऊ सिर्फ 2 घंटे 10 मिनट और वाराणसी 3 घंटे 50 मिनट की दूरी पर रह जाएगा।दिल्ली से मुंबई का सफर भी होगा आसानदूसरा बड़ा कॉरिडोर दिल्ली को राजस्थान और गुजरात के रास्ते सीधे आर्थिक राजधानी मुंबई से जोड़ेगा। इस रूट पर सफर करने वाले यात्री बिना किसी रुकावट के हाई-स्पीड कनेक्टिविटी का आनंद ले सकेंगे। इसके तहत द्वारका, बिजवासन, गुरुग्राम, मानेसर, रेवाड़ी, बहरोड़ (नीमराना), शाहपुरा, जयपुर, किशनगढ़ (अजमेर), बिजयनगर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, डूंगरपुर, हिम्मतनगर और साबरमती (अहमदाबाद) जैसे स्टेशनों को शामिल करने का प्रस्ताव है।दिल्ली से कटरा: माता वैष्णो देवी के दर्शन होंगे बेहद आसानधार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली-अमृतसर कॉरिडोर का भी प्लान तैयार है। यह रूट रोहतक, जींद, कैथल, चंडीगढ़, मोहाली, लुधियाना और जालंधर होते हुए अमृतसर पहुंचेगा। भविष्य में इसे जालंधर से पठानकोट होते हुए सीधे जम्मू और कटरा तक विस्तार दिया जाएगा, जिससे वैष्णो देवी जाने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी और दिल्ली से अमृतसर की दूरी घटकर महज दो घंटे रह जाएगी।
भारी गिरावट से उबरा बाजार, सेंसेक्स 238 अंक चढ़कर बंद; निफ्टी 24,000 के करीब
पिछले दिन की भारी गिरावट से उबरते हुए भारतीय शेयर बाजार गुरुवार के सत्र में बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुआ
Share Bazaar में लौटी रौनक, Sensex 238 अंक उछला, Nifty में भी आई तेजी
Share Market Update News : भारतीय शेयर बाजार में एक दिन की भारी गिरावट के बाद फिर से रौनक लौटी है। कारोबारी सप्ताह के चौथे दिन यानी आज बीएसई का सेंसेक्स और एनएसई का निफ्टी हरे निशान पर रहे। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 238.22 अंक (0.31%) की बढ़त के ...
छत्तीसगढ़ में निवेश और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए राज्य मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (विनियमन-मुक्ति एवं सुविधा) विधेयक-2026 के प्रारूप को मंजूरी दे दी है। इस विधेयक का उद्देश्य व्यापार और उद्योग शुरू करने की प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी, डिजिटल और समयबद्ध बनाना है। सरकार का दावा है कि ऐसा कानून लागू करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य होगा। विधेयक लागू होने के बाद निवेशकों को सरकारी प्रक्रियाओं में होने वाली अनावश्यक देरी और जटिलताओं से राहत मिलेगी। इसमें डीम्ड परमिशन (Deemed Permission), स्व-प्रमाणीकरण (Self-certification), तृतीय-पक्ष सत्यापन (Third-party Verification), जोखिम-आधारित निरीक्षण (Risk-based Inspection) और दोहरे लाइसेंस की अनिवार्यता समाप्त करने जैसे अहम प्रावधान शामिल किए गए हैं। सरकार का कहना है कि इन सुधारों से राज्य में कारोबार करना आसान होगा, निवेश बढ़ेगा, उद्योगों को गति मिलेगी और बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
आलीराजपुर जिले के बोरी थाना क्षेत्र में एक सब्जी विक्रेता और उसके साथियों के साथ दिनदहाड़े मारपीट, पथराव और मोटरसाइकिलें छीनने का मामला सामने आया है। बुधवार को हुई इस वारदात के विरोध में गुरुवार को बोरी नगर के व्यापारियों ने एकजुट होकर अपनी दुकानें बंद रखी और बाजार बंद का आह्वान किया। पुलिस के अनुसार, बोरी इमली चौक निवासी और लहसुन-प्याज के कारोबारी फरियादी दुर्गेश ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। दुर्गेश बुधवार दोपहर करीब 3:45 बजे अपनी मोटरसाइकिल पर प्याज का थैला रखकर दुकान की तरफ जा रहा था। तभी जैन मंदिर के सामने उसे जितेंद्र, मुकेश और उनके दो अन्य साथी मिले। साइड से चलने की बात को लेकर आरोपियों ने दुर्गेश की चलती बाइक में लात मार दी और गाली-गलौज शुरू कर दी। जब दुर्गेश ने गाली देने से मना किया, तो जितेंद्र और मुकेश ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई। इसके बाद आरोपी उसे जबरन मोटरसाइकिल पर बैठाकर ले जाने लगे। अपने दोस्त को मुसीबत में देख जब रोहित और दीपक बीच-बचाव करने पहुंचे, तो आरोपियों ने चूलिया रोड पर उन पर भी पत्थरों से हमला कर दिया। इस पथराव में रोहित के सिर और दीपक के सिर और पीठ पर चोटें आई हैं। फालिया-गोफन दिखाकर दी धमकी, दो बाइक भी लूटीं फरियादी दुर्गेश ने अपनी रिपोर्ट में आरोप लगाया है कि आरोपियों ने धारदार हथियार फालिया और गोफन दिखाकर उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इसके साथ ही आरोपी मौके से रोहित की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (MP-69-ZC-2707) और दुर्गेश की पल्सर मोटरसाइकिल (MP-09-VN-6884) भी जबरन अपने साथ लूट ले गए। इस पूरी वारदात के प्रत्यक्षदर्शी के रूप में रोहित, संदीप और विशाल के नाम भी पुलिस रिपोर्ट में दर्ज किए गए हैं। घायलों का अस्पताल में इलाज, व्यापारियों में भारी आक्रोश वारदात के तुरंत बाद सभी घायलों को इलाज के लिए बोरी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज किया गया। इसके बाद फरियादी अपने साथियों के साथ बोरी थाने पहुंचा और आरोपियों के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई। इधर, दिनदहाड़े हुई इस गुंडागर्दी की घटना से बोरी नगर के व्यापारियों में भारी गुस्से और डर का माहौल देखा गया। आरोपियों की इस हरकत के खिलाफ गुरुवार को नगर पूरी तरह बंद रहा और बाजार की अधिकांश दुकानें बंद रहीं। व्यापारियों ने जिला प्रशासन और पुलिस से आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी करने और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने की पुरजोर मांग की है।
महंगाई और AI के बीच घिरी अमेरिकी अर्थव्यवस्था, IMF की रिपोर्ट में भारत के लिए आई राहत की खबर
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ताजा 'मिनट्स' (बैठक का ब्योरा) ने ग्लोबल मार्केट में हलचल मचा दी है। फेड ने अपनी हालिया चर्चाओं में दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के सामने खड़े तीन बड़े खतरों का जिक्र किया है, जो आने वाले समय में वैश्विक बाजार की दिशा तय करेंगे। फेड की रिपोर्ट में महंगाई (Inflation), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव और मिडिल ईस्ट (Middle East) में जारी भू-राजनीतिक तनाव को सबसे बड़ी चिंता बताया गया है। इन चिंताओं के कारण ब्याज दरों में कटौती को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है, जिसका सीधा असर शेयर बाजार और निवेशकों के सेंटीमेंट पर पड़ रहा है।फेड की तीन बड़ी चिंताएं: क्या है अर्थव्यवस्था का हाल?फेडरल रिजर्व के अधिकारियों ने अपनी बैठक में साफ किया है कि महंगाई अभी भी उनके लक्ष्य से ऊपर है, जिससे नीतिगत दरों में राहत देने में देरी हो सकती है। दूसरी ओर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की तेजी को लेकर फेड ने दोधारी तलवार वाली स्थिति का जिक्र किया है—जहां एक तरफ यह उत्पादकता बढ़ा रही है, वहीं दूसरी तरफ बाजार में अस्थिरता और श्रम बाजार में बदलाव का डर भी बना हुआ है। इसके अलावा, मिडिल ईस्ट के तनाव ने ग्लोबल सप्लाई चेन और ऊर्जा कीमतों को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं, जिससे आने वाले महीनों में महंगाई पर दबाव और बढ़ने की आशंका है। इन तीनों मोर्चों पर फेड की सतर्कता यह संकेत दे रही है कि अमेरिका में ब्याज दरों पर फैसला अभी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।IMF ने भारत को लेकर दी बड़ी राहत की खबरएक तरफ जहां दुनिया के प्रमुख देश अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं, वहीं अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भारत के लिए सकारात्मक संकेत दिए हैं। आईएमएफ ने भारत की विकास दर को लेकर भरोसा जताया है और कहा है कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है। आईएमएफ के अनुसार, भारत का घरेलू उपभोग और नीतिगत सुधार इसे दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में बनाए रखने में मदद कर रहे हैं। फेड की चिंताओं के बीच आईएमएफ का यह बयान विदेशी निवेशकों के लिए राहत की बात है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक बाजार में अस्थिरता बनी भी रहती है, तो भारत के फंडामेंटल्स इसे बड़े झटकों से बचाने में सक्षम हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर भारत में निवेश की संभावनाओं को नई ऊंचाइयां देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलिया की प्रमुख कंपनियों के लीडर्स को भारत में आने और विस्तार करने का खुला निमंत्रण दिया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ बनाना है। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (CECA) को जल्द से जल्द पूरा करने पर जोर दिया है, जो भविष्य में दोनों देशों के बीच व्यापार की बाधाओं को कम करने और द्विपक्षीय निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक ऐतिहासिक पड़ाव साबित होगा। इस न्योते को भारत के 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान के साथ जोड़कर देखा जा रहा है, जिससे ऑस्ट्रेलियाई निवेशकों के लिए एक आकर्षक मंच तैयार हो रहा है।CECA समझौता: आर्थिक विकास के नए रास्तेCECA यानी कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक कोऑपरेशन एग्रीमेंट को दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों की रीढ़ माना जा रहा है। पीएम मोदी ने बातचीत के दौरान इस बात पर स्पष्ट रूप से प्रकाश डाला कि यह समझौता केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह दोनों देशों के उद्योगों के लिए अवसरों का एक नया द्वार खोलेगा। इस एग्रीमेंट के पूरा होने से भारत में मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे क्षेत्रों में ऑस्ट्रेलियाई निवेश को गति मिलेगी। साथ ही, भारतीय कंपनियों को भी ऑस्ट्रेलिया के बाजार तक सीधी और आसान पहुंच प्राप्त होगी। व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री की यह सक्रियता भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन का एक प्रमुख केंद्र बनाने की रणनीति का अहम हिस्सा है।भारत-ऑस्ट्रेलिया साझेदारी का बढ़ता दायराऑस्ट्रेलियाई कंपनियों को भारत आमंत्रित करना और उनके साथ उच्च-स्तरीय संवाद स्थापित करना, भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपनी रणनीतिक स्थिति को मजबूत करने का संकेत है। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत का बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम और बुनियादी ढांचे में हो रहा सुधार ऑस्ट्रेलियाई निवेशकों के लिए बेहतरीन मौके पेश कर रहा है। तकनीक और ऊर्जा के क्षेत्र में ऑस्ट्रेलिया की विशेषज्ञता भारत के औद्योगिक विकास में मील का पत्थर साबित हो सकती है। इस दिशा में चल रहे प्रयासों से आने वाले समय में रोजगार के नए अवसर पैदा होने और दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं में तालमेल बढ़ने की पूरी संभावना है।
छत्तीसगढ़ में 2 अलग-अलग ठगी के मामले सामने आए हैं। भिलाई में शेयर ट्रेडिंग और गोल्ड ETF में निवेश के नाम पर प्रदेश के 1500 लोगों से करीब 1000 करोड़ रुपए की ठगी का आरोप है। कंपनी ने लोगों को हर महीने 10% प्रॉफिट और रकम डबल करने का झांसा दिया था। शुरू के कुछ महीने में मुनाफा दिया गया, लेकिन पिछले 10 महीनों से रुपए मिलने बंद हो गए। तब जाकर लोगों को ठगी का एहसास हुआ। बुधवार को मुख्य आरोपी योगेश साहू किसी दूसरे मामले में कोर्ट पहुंचा था। निवेशकों ने योगेश साहू को कोर्ट परिसर से पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। योगेश पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) और एरिना कैपिटल का संचालक है। इस मामले में सुपेला पुलिस ने योगेश के सहयोगी मेघा साहू, गोविंद साहू, राजेंद्र साहू, पद्मा साहू, लोमश साहू, ज्ञानप्रकाश साहू और उसके साथियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। शदाब सिद्दीकी से 1.61 करोड़, इन्द्रेश कुमार बांगरे से 1.12 करोड़ रुपए, विद्यानंद चंद्र दत्ता और अंकित दत्ता से 23 लाख, अरुण कुमार और प्रज्ञा दुबे ने 63 लाख रुपए निवेश किए थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना सुपेला थाना क्षेत्र की है। वहीं, दूसरा मामला कोंडागांव जिले का है जहां 43 शिक्षकों से करीब 12 करोड़ रुपए की ठगी हुई है। केशकाल पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी कम समय में पर्सनल लोन दिलाते थे और कुल राशि का केवल 40 प्रतिशत हिस्सा ही देते थे। शेष 60 प्रतिशत रकम अपने बैंक खातों में ट्रांसफर करा लेते थे। केस 1 - रकम दोगुनी करने का झांसा देकर ठगी पहला मामला दुर्ग जिले के भिलाई का है। शिकायतकर्ता और रिटायर्ड बीएसपी कर्मचारी राजू नामदेव ने सुपेला थाना प्रभारी को बताया कि, कंपनी के लोगों को निवेश पर हर महीने 10 प्रतिशत तक मुनाफा और रकम दोगुनी करने का झांसा दिया। आरोपियों का ऑफिस स्मृति नगर, सुपेला में बताया गया है। राजू नामदेव के मुताबिक, साल 2025 में उनकी मुलाकात योगेश साहू और राजेंद्र साहू से हुई थी। दोनों ने शेयर ट्रेडिंग और निवेश का ऐसा प्लान बताया, जिसमें कम समय में रकम दोगुनी होने का दावा किया गया। भरोसा दिलाने के लिए कई निवेशकों के मुनाफे के स्टेटमेंट भी दिखाए गए। उन्होंने 21 मार्च 2025 को अपने बैंक खाते से 15 लाख रुपए योग अकाउंटिंग एंड फाइनेंशियल सर्विस के खाते में ट्रांसफर कर दिए। शुरुआत में कुछ समय तक सब कुछ सामान्य रखा गया, लेकिन पिछले 9 से 10 महीने से न तो मुनाफा मिला और न ही मूल रकम वापस की गई। कई बार फोन करने और ऑफिस जाने के बाद भी सिर्फ आश्वासन मिलता रहा। इन लोगों से भी ठगी हुई शिकायत में यह भी कहा गया है कि, सिर्फ राजू नामदेव ही नहीं, बल्कि कई लोगों से भी बड़ी रकम ली गई। आरोप है कि शदाब सिद्दीकी से 1.61 करोड़ रुपए, इन्द्रेश कुमार बांगरे से 1.12 करोड़ रुपए, विद्यानंद चंद्र दत्ता, अंकित दत्ता से 23 लाख रुपए, अरुण कुमार और प्रज्ञा दुबे से 63 लाख रुपए निवेश के नाम पर लिए गए। इनके अलावा भी कई लोगों के साथ धोखाधड़ी की बात सामने आई है। अभी कई शिकायतकर्ता धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि जल्द ही प्रदेश भर में आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज हो सकती है। 2025 में आरोपी के खिलाफ दर्ज हुआ था मामला बताया जा रहा है कि मुख्य आरोपी आरोपी योगेश साहू के खिलाफ पहले से भी मामले दर्ज हैं। सुपेला और स्मृति नगर थाने में उसके खिलाफ पहले केस दर्ज हो चुके हैं। दोनों मामलों में उसे जमानत मिल चुकी है। बुधवार को वह अपने वकील के साथ कोर्ट पहुंचा था। इसकी जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में निवेशक कोर्ट पहुंच गए और उसे पकड़कर पहले कोतवाली थाने ले गए। बाद में मामला सुपेला थाना क्षेत्र का होने के कारण उसे सुपेला पुलिस के हवाले कर दिया गया। शिकायतकर्ताओं ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने, सभी निवेशकों की रकम वापस दिलाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। दूसरे शिकायकर्ता ने कहा- ‘मेरा भी डेढ़ करोड़ का नुकसान’ इसी मामले में शिकायतकर्ता विवेक सिंह ने भी पुलिस अधीक्षक को अलग से शिकायत दी है। उन्होंने बताया कि, उनकी मुलाकात आरोपी पक्ष के लोगों से एक रेस्टोरेंट में हुई थी। वहां उन्हें गोल्ड ETF और शेयर ट्रेडिंग में निवेश का प्लान बताया गया। दावा किया गया कि हर महीने 10 प्रतिशत तक लाभ मिलेगा और कुछ समय में रकम दोगुनी हो जाएगी। उन्होंने और उनके पिता ने अलग-अलग समय पर करीब 46 लाख रुपए निवेश किए। विवेक सिंह का दावा है कि उन्होंने खुद करीब 74 लाख रुपए ट्रांसफर किए हैं। परिचितों के जरिए उनका कुल निवेश करीब डेढ़ करोड़ रुपए तक पहुंच गया। उनका कहना है कि सिर्फ उनके ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में लोगों के पैसे फंसे हुए हैं। पूरे प्रदेश में लोग हुए हैं शिकार शिकायकर्ता विवेक सिंह का दावा है कि, पूरे छत्तीसगढ़ में 1000 से 1500 लोग इस निवेश योजना का शिकार हुए हैं। ठगी की रकम 1000 करोड़ रुपए से ज्यादा हो सकती है। उनका कहना है कि पुलिस यदि गंभीरता से जांच करे तो पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि 4 महीने पहले शिकायत देने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। बुधवार को जब पता चला कि आरोपी कोर्ट आया है तो निवेशकों ने उसे खुद पकड़ लिया। विवेक ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी के परिजनों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी और गाली-गलौज की। उन्होंने इस संबंध में भी पुलिस को आवेदन देने की बात कही है। पुलिस ने शुरू की जांच फिलहाल, सुपेला पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब निवेश से जुड़े दस्तावेज, बैंक खातों के लेन-देन और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि, इस मामले में कितने लोग प्रभावित हुए हैं और कुल कितनी रकम का निवेश कराया गया। केस 2 - 43 शिक्षकों से ठगी कोंडागांव जिले के 43 शिक्षकों से करीब 12 करोड़ की ठगी हुई है। 5 आरोपियों ने पीड़ितों को भरोसे में लेकर उनके नाम पर बैंक लोन निकलवाए और लोन की 60 प्रतिशत रकम अपने बैंक खातों में ट्रांसफर कराई। आरोपियों ने ये भी भरोसा दिलाया कि 2-3 सालों में पूरा लोन, एचआरए सहित चुका दिया जाएगा। इससे शिक्षक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर देते थे। बाद में आरोपी पैसे लेकर फरार हो जाते थे और पूरी ईएमआई का बोझ शिक्षकों पर आ जाता था। 3 महीने की जांच के बाद केशकाल पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा किया है। ………………….. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… 43 शिक्षकों से 10-12 करोड़ की ठगी का खुलासा: बैंकिंग सिस्टम की खामी का फायदा उठाकर उठाए कई लोन, जांच के बाद 5 आरोपी गिरफ्तार कम समय में अधिक पैसा कमाने और एक साथ कई बैंकों से पर्सनल लोन दिलाने का झांसा देकर शिक्षकों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक अंतरजिला संगठित गिरोह का कोंडागांव पुलिस ने पर्दाफाश किया है। करीब तीन महीने तक चली तकनीकी और वित्तीय जांच के बाद फरसगांव और केशकाल पुलिस ने पांच आरोपियों को अंबिकापुर, जशपुर और सारंगढ़ से गिरफ्तार किया है। पढ़ें पूरी खबर…
भारत में क्रिप्टो करेंसी का क्रेज लगातार बढ़ता जा रहा है और मौजूदा आंकड़ों के अनुसार, देश में लगभग 3.9 करोड़ निवेशक डिजिटल एसेट्स के बाजार में सक्रिय हैं। निवेश के इस बढ़ते चलन के बीच भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक बार फिर निवेशकों को आगाह किया है। केंद्रीय बैंक की यह नई चेतावनी उन सभी लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो क्रिप्टो में अपना पैसा लगा रहे हैं। RBI ने बार-बार स्पष्ट किया है कि क्रिप्टो करेंसी का कोई वास्तविक अंतर्निहित मूल्य नहीं होता है और ये पूरी तरह से बाजार के जोखिमों के अधीन हैं। केंद्रीय बैंक का मानना है कि इस तरह के निवेश में पारदर्शिता की कमी और अत्यधिक अस्थिरता आम निवेशकों की गाढ़ी कमाई के लिए बड़ा खतरा बन सकती है।क्यों चिंतित है RBI और क्या है बड़ा रिस्क?भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी रिपोर्ट और गाइडलाइंस के माध्यम से कई बार यह दोहराया है कि क्रिप्टो करेंसी न तो कानूनी टेंडर है और न ही इसे भारत में मुद्रा के रूप में मान्यता प्राप्त है। RBI के शीर्ष अधिकारियों का कहना है कि क्रिप्टो बाजार में होने वाली अचानक गिरावट किसी भी निवेशक का पोर्टफोलियो चंद मिनटों में शून्य कर सकती है। इसके अलावा, साइबर सुरक्षा और मनी लॉन्ड्रिंग जैसी चिंताएं भी केंद्रीय बैंक की प्राथमिकताओं में हैं। भारत के करोड़ों निवेशकों को चेतावनी देते हुए RBI ने यह भी कहा है कि इस डिजिटल एसेट क्लास में निवेश करने से पहले निवेशक को पूरी तरह से इसके तकनीकी और आर्थिक जोखिमों को समझ लेना चाहिए। यदि आप क्रिप्टो में निवेश कर रहे हैं, तो किसी भी प्रकार की 'FOMO' (छूट जाने का डर) में आकर निर्णय लेने के बजाय पूरी सावधानी बरतें।डिजिटल एसेट निवेशकों के लिए जरूरी सुझावबाजार विशेषज्ञों और वित्तीय सलाहकारों का भी यही मानना है कि RBI की यह चेतावनी निवेशकों को सुरक्षित रखने के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह है। डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ते भारत में, क्रिप्टो के साथ-साथ सरकार समर्थित डिजिटल रुपया (e-Rupee) पर ध्यान केंद्रित करना अधिक सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है। यदि आप क्रिप्टो में निवेश जारी रखना चाहते हैं, तो हमेशा केवल अधिकृत और सुरक्षित प्लेटफार्मों का ही उपयोग करें। किसी भी अनजान स्कीम या लुभावने वादों वाले क्रिप्टो प्रोजेक्ट्स से दूर रहें, क्योंकि इनमें फ्रॉड की संभावना सबसे अधिक होती है। याद रखें कि निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, और क्रिप्टो के मामले में यह जोखिम कहीं अधिक है।
आज भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त रौनक देखने को मिल रही है। बाजार के प्रमुख सूचकांकों में आज सुबह से ही खरीदारी का माहौल बना हुआ है, जिससे निवेशकों का उत्साह बढ़ा है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स आज 500 अंकों की तेजी के साथ कारोबार कर रहा है, वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया है। बाजार के इस सकारात्मक रुख के पीछे वैश्विक संकेतों और घरेलू संस्थागत निवेशकों की सक्रियता को मुख्य कारण माना जा रहा है। सेंसेक्स और निफ्टी में आ रही इस तेजी ने निवेशकों के बीच विश्वास पैदा किया है, जिससे चुनिंदा मिडकैप और लार्जकैप शेयरों में भी रौनक देखी जा रही है।बाजार में तेजी का कारण और निफ्टी का नया पड़ावबाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निफ्टी का 24,000 के ऊपर टिके रहना एक मजबूत संकेत है। यदि बाजार इसी गति को बनाए रखता है, तो आने वाले दिनों में नए उच्चतम स्तर देखने को मिल सकते हैं। सेंसेक्स में 500 अंकों की उछाल के पीछे बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर का बड़ा योगदान रहा है। बाजार की इस तेजी के दौरान चुनिंदा स्टॉक्स में मुनाफावसूली का दौर भी चल रहा है, लेकिन कुल मिलाकर मार्केट का सेंटीमेंट 'बुलिश' बना हुआ है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे बाजार में किसी भी बड़ी हलचल के दौरान सतर्क रहें और अपने पोर्टफोलियो को सावधानी से मैनेज करें।Dr. Reddy’s में बड़ी गिरावट, निवेशकों की चिंता बढ़ीजहाँ एक ओर बाजार में हरियाली है, वहीं दूसरी ओर दिग्गज फार्मा कंपनी डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज (Dr. Reddy’s Laboratories) के शेयरों में आज भारी दबाव देखने को मिल रहा है। कंपनी के शेयर आज के कारोबारी सत्र में करीब 6 फीसदी तक टूट गए हैं। इस गिरावट के पीछे बाजार में चल रही नकारात्मक खबरों और तिमाही नतीजों से जुड़ी उम्मीदों को मुख्य वजह बताया जा रहा है। अचानक आई इस गिरावट से फार्मा सेक्टर के निवेशकों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, बाजार के जानकारों का कहना है कि किसी भी निवेश निर्णय से पहले कंपनी के फंडामेंटल्स और तकनीकी चार्ट को जरूर देखें।
रायबरेली में रातापुर-गल्ला मंडी मार्ग की बदहाली को लेकर स्थानीय व्यापारियों और देवानंदपुर के सभासद जयप्रकाश वर्मा ने अनोखा प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क के गहरे गड्ढों में धान के पौधे लगाकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। यह प्रदर्शन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'गड्ढामुक्त प्रदेश' के दावों पर सवाल उठाता है। यह मार्ग रायबरेली शहर को अयोध्या और लखनऊ-प्रयागराज हाईवे से जोड़ता है। तीन किलोमीटर लंबी इस सड़क का निर्माण और चौड़ीकरण वर्ष 2013 में हुआ था। लगभग 13 वर्षों से यह सड़क बदहाल है और अब पूरी तरह उखड़ चुकी है। 100 से अधिक छोटे-बड़े गड्ढे इस मार्ग पर 100 से अधिक छोटे-बड़े गड्ढे बन चुके हैं। जिले की प्रमुख गल्ला मंडी इसी मार्ग पर स्थित होने के कारण यहां व्यावसायिक वाहनों का भारी दबाव रहता है। आंकड़ों के मुताबिक, प्रतिदिन लगभग 50,000 लोग, जिनमें स्कूली बच्चे भी शामिल हैं, इस मार्ग से गुजरते हैं। सड़क की खराब स्थिति के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं और लोग चोटिल होते हैं। देवानंदपुर के सभासद जयप्रकाश वर्मा ने बताया कि पिछले 15 वर्षों में जिला अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री के 'आईजीआरएस' (IGRS) पोर्टल तक दर्जनों शिकायतें की जा चुकी हैं। हालांकि, हर बार उन्हें केवल कोरा आश्वासन ही मिला। वर्मा ने यह भी कहा कि यह सड़क सबसे ज्यादा राजस्व देने वाली सड़कों में से एक है, फिर भी रायबरेली का कोई भी जनप्रतिनिधि इसकी सुध लेने को तैयार नहीं है। बारिश के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है। सड़कों को दुरुस्त करने का आश्वासन स्थानीय लोगों का आरोप है कि लगभग दो-तीन महीने पहले जिले के प्रभारी मंत्री राकेश सचान ने बारिश से पहले सभी सड़कों को दुरुस्त करने का आश्वासन दिया था, लेकिन जमीनी हकीकत में कोई बदलाव नहीं आया है।
यमुनानगर में क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर लाखों रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। गांधी नगर थाना पुलिस ने आर्थिक अपराध शाखा की प्रारंभिक जांच और एसपी की अनुमति के बाद तीन आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक साजिश रचने के आरोप में केस दर्ज किया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपियों ने एक्लेट कॉइन, बिटॉक्स और एक्लेट वर्ल्डके नाम पर हर महीने 5 से 6 प्रतिशत रिटर्न और 22 महीने में रकम दोगुनी करने का लालच देकर उससे और उसके परिवार से करीब 8.96 लाख रुपए निवेश कराए। बाद में केवल 90 हजार रुपए लौटाए गए, जबकि 8.05 लाख रुपए हड़प लिए गए। गुजरात में प्लॉट दिलाने का लालच शिकायतकर्ता कंवर साहिब निवासी त्यागी गार्डन ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह निर्मल और सुखदास को पहले से जानता था। इन्हीं के माध्यम से उसकी पहचान अंबाला निवासी अभिषेक गोयल और प्रदीप राणा से हुई। दोनों ने उसे एक्लेट कॉइन, बिटॉक्स और एक्लेट वर्ल्डके नाम की क्रिप्टो करेंसी स्कीम के बारे में बताया। आरोपियों ने दावा किया कि इस योजना में निवेश करने पर हर महीने 5 से 6 प्रतिशत रिटर्न मिलेगा और 22 महीने में रकम दोगुनी हो जाएगी। इसके अलावा अधिक निवेश करने पर परिवार सहित थाईलैंड का मुफ्त टूर और धोलेरा स्मार्ट सिटी (गुजरात) में प्लॉट दिलाने का भी लालच दिया गया। चेक की वैधता हुई समाप्त शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपियों की बातों पर भरोसा कर उसने मई से अक्टूबर 2023 के बीच अलग-अलग तारीखों में बैंक खातों और नकद के माध्यम से कुल 8 लाख 95 हजार 900 रुपए निवेश किए। शुरुआत में भरोसा बनाए रखने के लिए आरोपियों ने उसके खाते में 90 हजार रुपए वापस भेजे, लेकिन इसके बाद कोई रकम नहीं लौटाई। जब उसने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने 8 लाख रुपए और 3.66 लाख रुपए के पोस्ट डेटेड चेक दिए। बाद में कहा कि चेक बैंक में जमा न करें, वे सीधे खाते में पैसे ट्रांसफर कर देंगे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनके भरोसे में आकर उसने चेक बैंक में जमा नहीं किए और इस दौरान चेक की वैधता समाप्त हो गई। इसके बाद आरोपियों ने पैसे लौटाने से साफ इनकार कर दिया। अन्य लोगों से भी लाखों की ठगी का आरोप शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि आरोपियों ने कई अन्य लोगों से भी लाखों रुपए की ठगी की है। इनमें चुहड़पुर कलां निवासी मोहन लाल से 18 लाख रुपए, प्रताप नगर निवासी नवीन कुमार से 20.70 लाख रुपए, गुमथला राव निवासी अनिल कुमार से 3.84 लाख रुपए और भम्भौली निवासी सुशील कुमार से 3.35 लाख रुपए लेने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में उल्लेख किया गया है कि आरोपियों के खिलाफ साढौरा थाना में वर्ष 2025 में भी कथित क्रिप्टो धोखाधड़ी से जुड़ा मामला दर्ज है। गांधी नगर थाना प्रभारी जगबीर सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर अभिषेक गोयल निवासी महेश नगर अंबाला, प्रदीप राणा अंबाला और निर्मल निवासी अंबली अंबाला के खिलाफ केस दर्ज किया है।
डिंडौरी में चोरी के बाद किराना व्यापारी की हत्या:घर में अकेले थे व्यवसायी; आरोपियों की तलाश जारी
डिंडोरी जिले के विक्रमपुर चौकी क्षेत्र अंतर्गत हरई गांव में गुरुवार को एक किराना व्यवसायी की चोरी के बाद हत्या कर दी गई। अज्ञात बदमाशों ने व्यवसायी के घर में घुसकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान हरई निवासी किराना व्यवसायी ऊधोराम साहू के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे। विक्रमपुर चौकी पुलिस प्रभारी अतुल हरदहा भी घटनास्थल पर पहुंचे और जांच शुरू की। आरोपियों ने चोरी करने के बाद हत्या की प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वारदात के समय व्यापारी घर में अकेले थे। पुलिस आशंका जता रही है कि अज्ञात आरोपियों ने चोरी की घटना को अंजाम देने के दौरान ही उनकी हत्या की। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं और मामले की विवेचना जारी है। एसडीओपी अजय तिवारी ने बताया कि घटना के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। चोरी में कितना सामान ले जाया गया और हत्या के पीछे की वास्तविक वजह क्या है, इसका खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा। आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की टीमें सक्रियता से काम कर रही हैं।
व्यापारी से रोहित गोदारा गैंग के नाम पर 5 करोड़ रुपए की रंगदारी (फिरौती) मांगी गई है। फिरौती की रकम नहीं देने पर आरोपी ने व्यापारी के ऑफिस में गैस सिलेंडर फेंककर उड़ाने और पूरे परिवार की हत्या करने की धमकी दी है। धमकी के बाद से व्यापारी और उसका पूरा परिवार सहमा हुआ है। यह मामला बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ के दुलचासर का है। पीड़ित व्यापारी के भाई ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक (SP) को लिखित रिपोर्ट दी है। 5 और 7 जुलाई को आए धमकी भरे फोन व्यापारी के भाई ने एसपी को दी गई रिपोर्ट में बताया कि 5 और 7 जुलाई को उनके पास वीरेंद्र चारण नाम के एक व्यक्ति का फोन आया था। फोन करने वाले ने खुद को कुख्यात रोहित गोदारा गैंग का सदस्य बताया और सीधे 5 करोड़ रुपए की मांग कर दी। आरोपी ने साफ लफ्जों में चेतावनी दी कि अगर रुपए नहीं मिले तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। घर में कैद हुआ परिवार शिकायत के अनुसार, धमकी देने वाले ने व्यापारी को डराने के लिए कहा कि यदि पांच करोड़ रुपए का इंतजाम नहीं हुआ, तो वे उनके ऑफिस में गैस सिलेंडर फेंककर उसे ब्लास्ट कर देंगे। इसके साथ ही आरोपी ने परिवार के सभी सदस्यों को जान से मारने की धमकी भी दी है। इस घटना के बाद से डरा-सहमा परिवार अब घर से बाहर निकलने में भी कतरा रहा है। पीड़ित परिवार ने मांगी सुरक्षा, निष्पक्ष जांच की गुहार लगातार मिल रही धमकियों से परेशान पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। लिखित रिपोर्ट में मांग की गई है कि मामले की निष्पक्ष और तेजी से जांच की जाए। आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और व्यापारी व उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। शिकायत मिली है, जांच जारी है श्रीडूंगरगढ़ की SHO संध्या विश्नाई ने कहा- इस मामले में अभी तक कोई एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं की गई है। पुलिस को शिकायत मिली है, जिसके आधार पर मामले की जांच की जा रही है।
मिश्रित वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गुरुवार को हल्की तेजी के साथ हुई। सुबह 9:20 पर सेंसेक्स 336 अंक या 0.42 प्रतिशत की तेजी के साथ 76,822 और निफ्टी 112 अंक या 0.47 प्रतिशत की मजबूती के साथ 23,994.35 पर था।
पिछले छह महीने वैश्विक और भारतीय निवेशकों के लिए बेहद उथल-पुथल भरे रहे हैं। पहले घरेलू इक्विटी मार्केट में मंदी आई और फिर अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते ग्लोबल स्टॉक मार्केट्स औंधे मुंह गिर गए। आमतौर पर जब शेयर बाजार गिरता है, तो निवेशक सुरक्षित निवेश के लिए सोने-चांदी की तरफ भागते हैं क्योंकि इन दोनों एसेट क्लास में उल्टा संबंध (Inverse Relationship) होता है। लेकिन इस बार इतिहास ने खुद को नहीं दोहराया। मजबूत डॉलर और अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) द्वारा ब्याज दरें न घटाने के कड़े संकेतों के चलते पिछले 6 महीनों में सोने की कीमतों में करीब 20% और चांदी में 43% की भारी गिरावट आई है। वहीं दूसरी ओर, युद्ध के दबाव से सेंसेक्स 11% और निफ्टी 8.6% तक टूट चुके हैं। जब कमाई के ये दोनों मुख्य रास्ते बंद हो गए, तब म्यूचुअल फंड की एक खास कैटेगरी 'मल्टी एसेट एलोकेशन फंड' (Multi-Asset Allocation Fund) निवेशकों के लिए संकटमोचक बनकर उभरी और तगड़ा मुनाफा कराया।सेबी के नियम और निवेश का पूरा गणितमार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) के कड़े नियमों के अनुसार, मल्टी एसेट एलोकेशन फंड्स के लिए यह अनिवार्य है कि वे कम से कम तीन अलग-अलग एसेट क्लास में से प्रत्येक में न्यूनतम 10% का निवेश (Allocation) बनाए रखें। ये तीन मुख्य साधन होते हैं:इक्विटी (Equity): शेयर बाजार में निवेश।डेट (Debt): फिक्स्ड इनकम और सरकारी सिक्योरिटीज।कमोडिटी (Commodity): सोना, चांदी या रियल एस्टेट (REITs)।चूंकि अलग-अलग समय पर हर एसेट क्लास का प्रदर्शन अलग होता है, इसलिए यह फंड ऑटोमैटिक तरीके से आपके रिस्क और रिटर्न को बैलेंस कर देता है।इन टॉप फंड्स ने पिछले 3 साल में दिया 20% तक का सालाना रिटर्नइस कैटेगरी में सबसे बड़ी एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) संभालने वाले फंड्स ने इक्विटी म्यूचुअल फंड्स को भी मात दे दी है। पिछले 3 सालों के प्रदर्शन की तालिका नीचे दी गई है:म्यूचुअल फंड का नामपिछले 3 साल का सालाना रिटर्न (CAGR)निप्पॉन इंडिया मल्टी एसेट एलोकेशन फंड19.92%एसबीआई (SBI) मल्टी एसेट एलोकेशन फंड17.50%आदित्य बिड़ला सन लाइफ मल्टी एसेट फंड17.40%मोतीलाल ओसवाल मल्टी एसेट फंड13.90%बार-बार पोर्टफोलियो बदलने के झंझट से मुक्तिमल्टी एसेट फंड का सबसे बड़ा व्यावहारिक फायदा यह है कि इसमें खुद निवेशकों को बाजार की चाल देखकर बार-बार अपने पोर्टफोलियो को रीबैलेंस (बदलना) नहीं करना पड़ता। फंड मैनेजर बाजार के उतार-चढ़ाव को देखते हुए खुद ही पैसे को सही जगह शिफ्ट कर देते हैं। इससे निवेशकों का पैसा केवल उन एसेट्स में फंसने से बच जाता है जो पहले अच्छा कर रहे थे पर अब मंदी में हैं। यह फंड उन एसेट्स में भी सही समय पर एंट्री दिलाता है जिन्हें वर्तमान में बाजार पसंद नहीं कर रहा, लेकिन भविष्य में वे बंपर रिटर्न दे सकते हैं।बाजार के दिग्गजों की राय: पोर्टफोलियो डाइवर्सिफ़िकेशन के लिए यही है बेस्ट टाइमफाइनेंशियल एक्सपर्ट्स और बाजार के जानकारों का साफ मानना है कि यदि आप मौजूदा वैश्विक मंदी और युद्ध के हालातों में अपने निवेश को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो पोर्टफोलियो में विविधता (Diversification) लाने का यह सबसे सही और सटीक समय है। मल्टी-एसेट फंड्स जोखिम को बहुत कम कर देते हैं क्योंकि जब इक्विटी और कमोडिटी दोनों नीचे जा रहे हों, तब डेट (Fixed Income) वाला हिस्सा आपके पोर्टफोलियो को भारी गिरावट से बचाए रखता है। नए और सुरक्षित निवेश की तलाश कर रहे लोगों के लिए यह हाइब्रिड मॉडल सबसे बेहतरीन विकल्प साबित हो रहा है।
केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बेहद शानदार और बड़ी खुशखबरी है। महंगाई के मोर्चे पर राहत देते हुए सरकार जल्द ही महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 3 फीसदी का इजाफा करने जा रही है। नवीनतम औद्योगिक श्रमिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के आधिकारिक आंकड़ों ने इस बढ़ोतरी पर अपनी मुहर लगा दी है। इस नए संशोधन के बाद, जनवरी 2026 में मिलने वाले 60 फीसदी डीए के मुकाबले अब नया महंगाई भत्ता बढ़कर 63 फीसदी हो जाएगा, जिससे कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी और पेंशनभोगियों के खाते में आने वाली रकम में तगड़ी बढ़ोतरी होगी।कैसे तय होता है आपके डीए का पूरा गणित? जानिए फॉर्मूलासरकारी कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते का कैलकुलेशन किसी अनुमान पर नहीं, बल्कि श्रम ब्यूरो (Labour Bureau) द्वारा जारी होने वाले कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स पर आधारित एक विशेष गणितीय फॉर्मूले के तहत किया जाता है:$$DA\% = frac{ ext{12 महीने का औसत AICPI-IW (2001 बेस)} - 261.42}{261.42} imes 100$$चूंकि वर्तमान AICPI-IW का बेस ईयर (आधार वर्ष) 2016 है, इसलिए सटीक कैलकुलेशन के लिए पहले प्राप्त इंडेक्स को 2.88 से गुणा करके 2001 के बेस ईयर में बदला जाता है। इसी आधार पर कर्मचारियों का अंतिम महंगाई भत्ता तय होता है।मई के आंकड़ों से समझिए डीए का लाइव कैलकुलेशनश्रम ब्यूरो के नए आंकड़ों के अनुसार, मई महीने में औद्योगिक श्रमिकों के लिए इंडेक्स बढ़कर 150.8 के स्तर पर पहुंच गया है। मई तक के पिछले 12 महीनों का औसत AICPI-IW निकाला जाए, तो यह 148.075 बैठता है।स्टेप 1 (2001 बेस में बदलाव): $148.075 imes 2.88 = 426.456$स्टेप 2 (फॉर्मूले में वैल्यू रखना): $frac{426.456 - 261.42}{261.42} imes 100$स्टेप 3 (घटाने पर वैल्यू): $frac{165.036}{261.42} imes 100$स्टेप 4 (भाग देने पर अंतिम परिणाम): $0.6313 imes 100 = 63.13\%$सरकारी नियमानुसार, महंगाई भत्ते को कभी भी दशमलव (Decimal) में नहीं, बल्कि निकटतम पूर्णांक (Nearest Round Figure) में घोषित किया जाता है। इसलिए मौजूदा आंकड़ों के आधार पर आपका डीए 63% तय हो चुका है, जो जनवरी के 60% से पूरे 3% अधिक है।8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) पर आई बड़ी टाइमलाइनमहंगाई भत्ते में इस बढ़ोतरी के साथ-साथ केंद्रीय कर्मचारियों की नजरें 8वें वेतन आयोग के गठन और उसकी समय-सीमा पर भी टिकी हैं। प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि नए पे-स्केल की आधिकारिक सिफारिशें अगले साल के अंत तक सामने आ सकती हैं। हालांकि, वेतन में होने वाली वास्तविक वृद्धि को जनवरी 2026 से ही प्रभावी (Retroactive) माना जाएगा।ऐसे में जब भी नया वेतन आयोग पूरी तरह से धरातल पर उतरेगा, तो कर्मचारियों को 18 से 24 महीने का एकमुश्त बंपर एरियर (Arrears) मिलने की प्रबल संभावना है। फिलहाल जुलाई का डीए संशोधन 7वें वेतन आयोग के तहत ही होगा, लेकिन भविष्य में 8वां वेतन आयोग लागू होने पर जुलाई से बनने वाले वित्तीय अंतर की भरपाई एरियर के जरिए कर दी जाएगी।दिवाली पर होगी आधिकारिक घोषणा, एरियर के साथ आएगी सैलरीकेंद्र सरकार नियमानुसार साल में दो बार (1 जनवरी और 1 जुलाई) महंगाई भत्ते को संशोधित करती है। हालांकि, केंद्रीय कैबिनेट से इसकी औपचारिक मंजूरी मिलने में अक्सर कुछ महीनों का वक्त लग जाता है। लेकिन कर्मचारियों को इससे कोई नुकसान नहीं होता, क्योंकि बढ़ी हुई दरें हमेशा 1 जुलाई से ही प्रभावी मानी जाती हैं।उम्मीद जताई जा रही है कि जुलाई के इस डीए संशोधन का आधिकारिक एलान सरकार द्वारा इस साल अक्टूबर में दिवाली के त्योहारी सीजन के आसपास किया जाएगा। त्योहारी मौसम में होने वाले इस एलान से कर्मचारियों के खातों में पिछले महीनों के एरियर के साथ-साथ बढ़ी हुई सैलरी का भुगतान एक साथ होगा, जो बाजारों में भी रौनक लाएगा।
करनाल शहर में एक कारोबारी को वॉट्सएप कॉल और ऑडियो मैसेज के जरिए रोहित गोदारा गैंग द्वारा 1 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी गई। आरोपियों ने परिवार समेत जान से मारने की धमकी दी। धमकी देने वाले ने कारोबारी के बेटे की पढ़ाई और गतिविधियों तक की जानकारी होने का दावा किया, जिससे परिवार दहशत में आ गया। शिकायत के आधार पर सदर थाना करनाल में मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता कारोबारी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह पेशे से बिजनेसमैन हैं और उनकी फैक्ट्री भी है। बीती 1 जुलाई को करीब पौने 7 बजे उनके मोबाइल नंबर पर वॉट्सएप के जरिए वॉइस कॉल आई, जिसे वह उठा नहीं सके। इसके तुरंत बाद करीब 45 सेकंड का ऑडियो मैसेज आया। नाम लेकर मांगी फिरौती, बेटे की जानकारी भी दीजब उन्होंने ऑडियो सुना तो उसमें कॉलर ने खुद को एक बड़े गैंग से सम्बंधित बताया और गैंग का हवाला देते हुए 1 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी। ऑडियो में आरोपी ने उनके बेटे का नाम लेते हुए कहा कि उसे पता है कि वह कहां पढ़ता है और उसकी पूरी रेकी की जा चुकी है। इस बात से शिकायतकर्ता को यकीन हो गया कि धमकी देने वाले को उनके परिवार की पूरी जानकारी है। विदेशी नंबर से आया मैसेज, पुलिस को सौंपे सबूत धमकी देने वाला ऑडियो एक विदेशी मोबाइल नंबर से भेजा गया था। शिकायतकर्ता ने इस नंबर से प्राप्त ऑडियो और स्क्रीनशॉट अपनी शिकायत के साथ पुलिस को सौंप दिए हैं। उन्होंने पुलिस से अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। पुलिस ने दर्ज किया केस, जांच शुरूमामले की जच सब इंस्पेक्टर संदीप को सौंपी गई है। सदर थाना पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच की गई। घटना के बाद पीड़ित और उनका परिवार डरे हुए हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा देने और आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। SHO सदर तरसेम का कहना है कि शिकायत मिली है। शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।
बस्तर फाइटर्स भर्ती संशोधन को हरी झंडी मिल गई है। ये फैसला मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक लिया गया। बैठक में छत्तीसगढ़ के विकास, निवेश और प्रशासनिक सुधारों को गति देने के लिए कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसमें उद्योगों, आम जनता और किरायेदारों से जुड़े कानूनों को सरल और समकालीन बनाने के लिए कई अहम संशोधन भी शामिल हैं। इसके तहत राज्य में देश का पहला ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ विधेयक लागू होने जा रहा है, जिसमें छोटे पर्यावरणीय उल्लंघनों पर जेल का प्रावधान समाप्त कर केवल जुर्माने का नियम बनाया गया है। अन्य महत्वपूर्ण फैसले नवा रायपुर के लिए ओटीएस योजना: नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) के आबंटित भूखंडों व निर्मित परिसरों के बकाया ब्याज और अधिभार में राहत देने के लिए ‘वन टाइम सेटलमेंट योजना-2026’ को मंजूरी दी गई है। इससे इच्छुक न होने वाले आबंटिती समय पर भूमि सरेंडर कर सकेंगे। प्राइवेट यूनिवर्सिटी के लिए ‘रक्षित निधि’: छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) संशोधन विधेयक को मंजूरी दी गई है। अब इसमें ‘विन्यास निधि’ के स्थान पर ‘रक्षित निधि’ का प्रावधान होगा, जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर, लाइब्रेरी और अन्य सुविधाएं यूजीसी मानकों के अनुरूप करना अनिवार्य होगा।
त्रिपुरा बिजनेस कॉन्क्लेव 2026 में शामिल होंगे सिंधिया, निवेश और औद्योगिक विकास पर रहेगा फोकस
केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास और संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया 9 जुलाई को एक दिवसीय दौरे पर त्रिपुरा जाएंगे। इस दौरान वह अगरतला के हापानिया स्थित अंतरराष्ट्रीय मेला मैदान में आयोजित त्रिपुरा बिजनेस कॉन्क्लेव 2026 में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
कुवैत में जयशंकर की अहम बैठकें, ऊर्जा, रक्षा और व्यापार सहयोग बढ़ाने पर बनी सहमति
विदेश मंत्री (ईएएम) एस. जयशंकर ने बुधवार को कुवैत के प्रधानमंत्री शेख अहमद अब्दुल्ला अल-अहमद अल-सबाह से मुलाकात की। उन्होंने भारतीय समुदाय के कल्याण और सुरक्षा का ध्यान रखने के लिए कुवैत सरकार का धन्यवाद किया। साथ ही, उन्होंने भारत-कुवैत संबंधों को और मजबूत बनाने की उनकी सोच का स्वागत किया।
दरभंगा में स्पा सेंटर की आड़ में चल रहे देह व्यापार का भंडाफोड़
दरभंगा। बिहार के दरभंगा जिले में पुलिस ने स्पा सेंटर की आड़ में कथित रूप से चल रहे देह व्यापार का भंडाफोड़ करते हुए कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया है। क्राइम ब्रांच के पुलिस उपाधीक्षक उदय शंकर ने बुधवार को बताया कि सूचना मिली थी कि लहेरियासराय थाना क्षेत्र के जीएन गंज स्थित पंजाब […] The post दरभंगा में स्पा सेंटर की आड़ में चल रहे देह व्यापार का भंडाफोड़ appeared first on Sabguru News .
मंडी परिषद की नई व्यवस्था पर व्यापारियों का हल्ला:बोले- जियो टैगिंग और गेट पास नियम वापस लो
उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद की नई जियो वाहन टैगिंग व्यवस्था और गेट पास की समय-सीमा के विरोध में प्रदेशभर से आए गल्ला, सब्जी और किराना व्यापारियों ने गोमतीनगर स्थित मंडी परिषद कार्यालय पर प्रदर्शन किया। बुधवार को शाम 4 बजे व्यापारियों ने नारेबाजी करते हुए चार सूत्रीय ज्ञापन मंडी परिषद के निदेशक इंद्रविक्रम सिंह को सौंपा और नई व्यवस्था को तत्काल वापस लेने की मांग की। भारतीय कृषि उत्पाद उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में व्यापारियों ने कहा कि नई व्यवस्था लागू होने से प्रदेश के 73 हजार से अधिक कृषि उत्पाद के थोक व्यापारी, 25 लाख से ज्यादा फुटकर कारोबारी और मंडियों से जुड़े करोड़ों किसान अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होंगे। पहले से ऑनलाइन व्यवस्था, फिर नई टैगिंग क्यों? ज्ञानेश मिश्र ने कहा कि मंडी परिषद में पहले से 6-आर, 9-आर, गेट पास और दूसरे राज्यों से आने वाले कृषि उत्पादों के लिए प्री-अराइवल स्लिप की ऑनलाइन व्यवस्था लागू है। इससे मंडी शुल्क चोरी की कोई संभावना नहीं रहती। इसके बावजूद 1 जुलाई 2026 से जियो ऐप के जरिए वाहन लोडिंग और अनलोडिंग के समय अनिवार्य वाहन टैगिंग लागू कर दी गई है, जो 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की अधिकांश 251 गल्ला मंडियां ग्रामीण क्षेत्रों में हैं, जहां छोटे व्यापारी तकनीकी व्यवस्था का आसानी से इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। इसका सीधा असर किसानों की उपज की खरीद-बिक्री पर पड़ेगा। गेट पास की समय सीमा पर भी जताया विरोध व्यापारियों ने गेट पास की तय समय-सीमा को भी अव्यावहारिक बताया। उनका कहना है कि एक जिले से दूसरे जिले तक कृषि उत्पाद पहुंचाने में कई बार ट्रैफिक और अन्य कारणों से देरी हो जाती है। ऐसे मामलों में समय सीमा खत्म होने पर दंड लगाया जा रहा है, जबकि मंडी शुल्क चोरी की कोई संभावना नहीं होती। छोटे वाहनों में दोबारा टैगिंग संभव नहीं प्रतिनिधिमंडल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अजय वाजपेयी ने कहा कि नए नियमों के तहत हर बार माल भेजते समय और गंतव्य तक पहुंचने के बाद वाहन टैग करना अनिवार्य किया गया है। कई बार छोटे वाहन ट्रांसपोर्ट नगर में माल उतारकर दूसरे वाहनों में शिफ्ट करते हैं। ऐसे में दोबारा वाहन टैगिंग व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। किसी तकनीकी त्रुटि पर दंड का प्रावधान व्यापारियों के उत्पीड़न का कारण बनेगा। पार्टनरशिप और लाइसेंस प्रक्रिया आसान करने की मांग व्यापारियों ने प्रोपराइटरशिप फर्म को पार्टनरशिप में बदलने के नियमों को भी जटिल बताया। उनका कहना है कि नए पार्टनर से दुकान की अधिकतम बोली राशि का 51 फीसदी जमा कराने की शर्त अव्यावहारिक है, जिसके कारण अब तक एक भी आवेदन नहीं हुआ। इसके साथ ही नए लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को सरल बनाने, गारंटर की अनिवार्यता खत्म करने और जरूरी दस्तावेजों की संख्या कम करने की भी मांग उठाई गई। निदेशक ने दिया सरलीकरण का आश्वासन प्रदर्शन के बाद मंडी परिषद के निदेशक इंद्रविक्रम सिंह ने व्यापारियों की सभी मांगें सुनने के बाद नियमों के सरलीकरण का आश्वासन दिया। प्रदर्शन में प्रदेशभर से आए व्यापारी संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में गल्ला, किराना व कृषि उत्पाद कारोबारियों ने हिस्सा लिया।
दरभंगा शहर के लहेरियासराय थाना क्षेत्र स्थित जीएन गंज में पंजाब नेशनल बैंक के सामने संचालित एक स्पा सेंटर में पुलिस ने छापेमारी की है। यहां देह व्यापार के नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। यहां से 6 लोग अरेस्ट हुए है। डीएसपी उदय शंकर ने बताया है कि यहां ग्राहक फोन में फोटो देख कर लड़की को पसंद करते थे। कार्रवाई के दौरान तीन युवतियां, स्पा सेंटर के संचालक की पत्नी, एक ग्राहक और स्पा सेंटर का मैनेजर सहित कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार चारों महिलाओं को पुलिस की निगरानी में वन स्टॉप सेंटर भेज दिया गया है, जबकि फरार संचालक की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। क्राइम ब्रांच के डीएसपी उदय शंकर ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि स्पा सेंटर की आड़ में देह व्यापार कराया जा रहा है। सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान एक ग्राहक और एक युवती को आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा गया। मौके से पुलिस ने जांच से संबंधित कई आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि गिरफ्तार युवतियां दिल्ली, गुजरात सहित अन्य राज्यों की रहने वाली हैं। पुलिस के अनुसार उन्हें शहर के विभिन्न होटलों में ठहराया जाता था और ग्राहक मिलने पर स्पा सेंटर बुलाया जाता था। पसंद आने के बाद बुलाया जाता था स्पा सेंटर जांच के दौरान पुलिस ने मैनेजर और एक युवती के मोबाइल फोन की जांच की, जिसमें कई अन्य युवतियों की तस्वीरें मिलीं। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि ग्राहकों को पहले मोबाइल फोन पर युवतियों की तस्वीरें दिखाई जाती थीं। पसंद आने के बाद उन्हें स्पा सेंटर बुलाया जाता था। पुलिस के मुताबिक संबंधित स्पा सेंटर करीब तीन महीने पहले ही शुरू हुआ था। हालांकि, छापेमारी के दौरान स्पा सेंटर का संचालक मौके से फरार हो गया। उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। डीएसपी ने बताया कि मामले की वैज्ञानिक जांच के लिए एफएसएल टीम को बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से आवश्यक सबूत और नमूने इकट्ठे किए हैं। एफएसएल रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े थे और क्या इसका संबंध अन्य शहरों या राज्यों से भी था। पुलिस ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भरतपुर में व्यापारियों को गोली मार कर लूट करने वाले एक ही गैंग के लोग थे। पुलिस ने आज मुठभेड़ में एक आरोपी को पकड़ा है। बदमाश ने पुलिस को देखते ही 2 राउंड फायरिंग की और जवाबी फायरिंग में उसके पैर में गोली लगी है। उसे RBM अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। मामले में 2 और आरोपियों की तलाश की जा रही है, उनकी पहचान भी की जा चुकी हैं। ऐसे में, दोनों पर 25 हजार का इनाम भी रखा गया है। जवाबी फायरिंग में पैर में लग गोली एसपी राजेश मीणा ने बताया- 2 व्यापारियों को गोली मार कर लूट करने के मामले में एक आरोपी महेश (28) निवासी कासौट (डीग) को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी को लेकर मिले इनपुट के आधार पर सेवर थाना इलाके में छानबीन चल रही थी। इसी दौरान आरोपी ने पुलिस को देख कर 2 राउंड फायर किए। जवाबी फायरिंग में आरोपी के पैर में गोली लगी है। इसका RBM में इलाज चल रहा है। 2 और साथी; एक पर मर्डर केस इसके साथ 2 और आरोपी हैं, उनकी तलाश की जा रही है। दूसरा आरोपी प्रवीण उर्फ बॉबी निवासी कासौट (डीग) है। इस पर हत्या का मुकदमा दर्ज है। साथ ही एक और आरोपी है। फरार आरोपियों पर 25-25 हजार का इनाम रखा गया है। अभी तक की जांच में यह पता लगा है दोनों व्यापारियों को गोली मारने वाले एक ही आरोपी थे। अलग-अलग समय पर दोनों व्यापारियों से लूट हुई। दो व्यापारियों को मारी थी गोली पढ़ें व्यापारियों पर फायरिंग की ये खबर भी… भरतपुर में आधे घंटे में 2 व्यापारियों को गोली मारी:व्यापारी से कैश से भरा बैग लूटा, विरोध करने पर बर्तन व्यवसायी को अधमरा किया भरतपुर में बाइक सवार नकाबपोश बदमाशों ने महज आधे घंटे के भीतर दो अलग-अलग जगहों पर व्यापारियों को निशाना बनाया। (पूरी खबर पढ़ें) 5 लाख लूटने के लिए व्यापारी की गोली मारकर हत्या:धरने पर बैठे लोग कलेक्ट्रेट में घुसने लगे तो पुलिस से धक्का-मुक्की हुई; बिलखती रही पत्नी-बेटी भरतपुर में शनिवार रात बदमाशों ने 5 लाख रुपए से भरा बैग लूटने के लिए बर्तन व्यापारी को गोली मार दी थी। (पूरी खबर पढ़ें)
पलवल एसटीएफ यूनिट ने ई-कॉमर्स कंपनियों के ट्रकों से लूटपाट करने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड नईम को गिरफ्तार किया है। उस पर पांच हजार रुपए का इनाम घोषित था और वह बिहार के अररिया जिले में एक गंभीर मामले में वांछित था। आरोपी को गुप्त सूचना पर नूंह से पकड़ा गया। एसटीएफ यूनिट पलवल के प्रभारी अनिल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी नईम, जो नूंह के सतपुतिया गांव का निवासी है, अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों के कीमती सामान ले जाने वाले ट्रकों को निशाना बनाने वाले गिरोह का संचालन करता था। वह ट्रक चालकों की मिलीभगत से वारदातों को अंजाम देता था। 10 से 15 वारदातों में रहा शामिल नईम लूटे गए सामान को अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी से ठिकाने लगवाता था। पुलिस के अनुसार, आरोपी 10 से 15 वारदातों में शामिल रहा है, जिनमें से कुछ मामलों में एफआईआर भी दर्ज नहीं हुई थी। एसटीएफ के मुताबिक, आरोपी वर्ष 2023 में फरीदाबाद के सेक्टर-58 थाने में दर्ज एक ट्रक लूट के मामले में भी करीब तीन साल से फरार चल रहा था। जिसकी गिरफ्तारी पर पांच हजार रुपये का इनाम घोषित था। गिरफ्तारी के बाद उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए बिहार पुलिस को सौंप दिया गया है। बिहार पुलिस उससे आगे की पूछताछ करेगी, ताकि उसके गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार किया जा सके।
बिलासपुर में अघोषित बिजली कटौती से परेशान सकरी के नागरिकों और व्यापारियों ने बुधवार (8 जुलाई) को सकरी बंद रखा। व्यापारियों ने बाजार बंद कर बिजली कार्यालय का घेराव किया और निर्बाध बिजली आपूर्ति की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो चक्का जाम किया जाएगा। सकरी व्यापारी संघ के अनिल कौशिक ने बताया कि पिछले चार महीनों से सुबह के समय लगातार बिजली कटौती हो रही है। इस संबंध में बिजली विभाग के अधिकारियों को तीन बार चेतावनी दी जा चुकी है, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। इसी के विरोध में व्यापारी संघ ने सकरी बंद का निर्णय लिया, जिसे क्षेत्रवासियों का भी समर्थन मिला। बाजार बंद, व्यापार पर असर बुधवार सुबह सकरी के अधिकांश बाजार और दुकानें बंद रहीं। व्यापारियों का कहना है कि बिना पूर्व सूचना के हो रही बिजली कटौती से व्यापार पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। बिजली नहीं रहने से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बंद हो जाते हैं, ग्राहक परेशान होते हैं और छोटे कारोबारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। पानी की समस्या भी बढ़ी व्यापारियों ने बताया कि सुबह बिजली नहीं रहने से पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है। लोगों को पीने के पानी के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। कारोबार ठप होने से दुकानदार अपने कर्मचारियों को समय पर मजदूरी तक नहीं दे पा रहे हैं। बिजली कार्यालय का घेराव व्यापारी और स्थानीय नागरिक बिजली कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर नियमित एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। आंदोलन तेज करने की चेतावनी व्यापारी संघ ने कहा कि यह आंदोलन केवल व्यापारियों का नहीं, बल्कि पूरे सकरी क्षेत्र की जनता की समस्या को लेकर है। यदि अघोषित बिजली कटौती बंद नहीं हुई और बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा तथा चक्का जाम जैसे कदम उठाए जाएंगे।
हरियाणा में विदेशी निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में बुधवार को विदेशी उद्यमियों के साथ एक अहम बैठक हुई। जिसमें सीएम नायब सिंह सैनी से IKEA इंडिया के सीईओ पैट्रिक एंटोनी ने चंडीगढ़ में संत कबीर कुटीर स्थित सीएम आवास पर मुलाकात की। बैठक में गुरुग्राम में कंपनी के करीब ₹4000 करोड़ के निवेश वाले प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा की गई। कंपनी ने प्रोजेक्ट से जुड़ी सभी सरकारी मंजूरियां और क्लीयरेंस समय पर एवं सुगमता से पूरी कराने के लिए सीएम का आभार भी जताया। बैठक के दौरान हरियाणा में IKEA के भविष्य के निवेश पर भी विस्तार से चर्चा हुई। दोनों पक्षों के बीच राज्य में नए निवेश की संभावनाओं पर सहमति बनी। सरकार का मानना है कि इससे प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे। सरकार उद्योगों को अनुकूल माहौल देगी सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। राज्य में उद्योग स्थापित करने वाले निवेशकों को किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या प्रक्रियागत परेशानी नहीं आने दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य निवेश के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराना है।सीएम ने कहा कि हरियाणा आज देश के सबसे पसंदीदा निवेश स्थलों में शामिल है। सरकार की पारदर्शी नीतियां, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, मजबूत कनेक्टिविटी और उद्योग हितैषी माहौल के कारण बड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियां हरियाणा में निवेश के लिए आगे आ रही हैं। गुरुग्राम के ₹4000 करोड़ प्रोजेक्ट पर चर्चा बैठक के दौरान IKEA इंडिया के प्रतिनिधियों ने गुरुग्राम में चल रहे अपने ₹4000 करोड़ के प्रोजेक्ट की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से मिले सहयोग से परियोजना निर्धारित समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ रही है। कंपनी ने भविष्य में भी हरियाणा में निवेश बढ़ाने की इच्छा जताई। यह बैठक विदेश सहयोग विभाग के सौजन्य से संत कबीर कुटीर में आयोजित हुई, जिसमें राज्य में विदेशी निवेश बढ़ाने और औद्योगिक विकास को नई गति देने पर भी चर्चा की गई।
दोपहर करीब 2:20 बजे तक बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1,784 अंक की गिरावट के साथ 76,396 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 50 सूचकांक 541 अंक टूटकर 23,900 के स्तर से नीचे पहुंच गया।
पठानकोट के मुख्य गांधी चौक बाजार में सीवरेज ओवरफ्लो और मैनहोल की खराब व्यवस्था के कारण स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बाजार में गंदगी और दुर्गंध फैलने से लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है, जिससे व्यापार प्रभावित हो रहा है। व्यापारियों ने इस समस्या के समाधान की मांग करते हुए नगर निगम को धरने की चेतावनी दी है। व्यापार मंडल के चेयरमैन अनिल महाजन और प्रधान मनिन्दर सिंह ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि मुख्य मार्ग पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिनके कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। विशेषकर दुपहिया वाहन चालक अक्सर इन गड्ढों में फंसकर घायल हो रहे हैं। व्यापारिक नेताओं ने की शीघ्र करवाई की मांग व्यापारिक नेताओं ने यह भी बताया कि बाजार की खराब हालत और लगातार बनी रहने वाली दुर्गंध के कारण ग्राहकों की आवाजाही कम हो गई है। इससे स्थानीय दुकानदारों के कारोबार पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। उन्होंने मांग की है कि सीवरेज व्यवस्था को तत्काल ठीक किया जाए और सड़क के गड्ढों की मरम्मत शीघ्र करवाई जाए। व्यापार मंडल ने नगर निगम प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस संबंध में प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो व्यापारी नगर निगम कार्यालय के बाहर धरना देने को मजबूर होंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
बिलासपुर में नगर निगम द्वारा पानी टंकियों की हर छह महीने में सफाई के दावे झूठे साबित हुए हैं। दीवारों पर दर्ज पिछली सफाई की तारीखों से यह खुलासा हुआ है कि कई टंकियों की सफाई निर्धारित समय पर नहीं की गई है। व्यापार विहार स्थित 21 लाख लीटर क्षमता वाली पानी टंकी की सफाई हाल ही में की गई। इस प्रक्रिया में लगभग चार घंटे लगे, जिसके बाद टंकी से 20 बाल्टी रेत, काई, टंकी की दीवारों का मलबा और मटमैला गंदा पानी निकला। जानकारी के अनुसार, व्यापार विहार टंकी पर पिछली सफाई की तारीख 3 अगस्त 2025 दर्ज थी, जबकि शहर की सबसे बड़ी 22.50 लाख लीटर क्षमता वाली कुदुदंड पानी टंकी की सफाई 15 मार्च 2025 के बाद से नहीं हुई है। टंकियों की समय पर सफाई न होने से लोगों के घरों तक गंदा और मटमैला पानी पहुंचने की आशंका है, जिससे आमजन के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। टंकियों की सफाई के सत्यापन के लिए दीवारों पर पिछली और अगली सफाई की तारीखें दर्ज की जाती है, और यदि ये तारीखें अनुपस्थित हैं, तो यह सफाई ठेके में अनियमितता का संकेत है। नगर निगम की उपनेता संतोषी रामा बघेल ने आरोप लगाया कि उन्हें व्यापार विहार पानी टंकी की सफाई की कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई थी। उन्होंने यह भी बताया कि शाम को पानी आपूर्ति के समय या किसी वैकल्पिक व्यवस्था के बारे में भी कोई जानकारी साझा नहीं की गई। नल खोलते ही गंदा पानी.. वार्ड क्रमांक 62 शास्त्री नगर के पार्षद सीमा राजेश शुक्ला का कहना है कि कपिल नगर के कई घरों में कई महीने से नल खोलते साथ गंदा, मटमैला पानी आने लगता है, कुछ देर बाद वह साफ हो जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि टंकियों की सफाई साल साल भर बाद होती है, पहले सफाई की पूर्व सूचना दी जाती है, जिससे पता चलता था कि टंकी की सफाई हो रही है। विष्णुनगर में भी गंदा पानी पूर्व पार्षद परमेश्वर यादव ने आरोप लगाया कि अमृत मिशन की लाइन से जोड़ने के बाद घरों में गंदा पानी आने की शिकायतें आ रही हैं। इसके बारे में मैंने खुद कलेक्टर, विधायक और जल संसाधन विभाग को पत्र लिखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि टंकी की सफाई व्यवस्थित ढंग से नहीं हो रही। क्लोरीन पर 1.20 करोड़ खर्च आधिकारिक जानकारी के अनुसार नगर निगम एरिया की पानी टंकियों में सोडियम हाइपो क्लोराइड और मोटर पंप मंन लिक्विड क्लोरीन की सप्लाई पर साल भर में तकरीबन 70 लाख रूपए व्यय किए जाते हैं। इसी प्रकार अमृत मिशन योजना के अंतर्गत बिरकोना स्थित ट्रीटमेंट प्लांट की दो बड़ी पानी टंकियों में क्लोरीन पर करीब 50 लाख रुपए व्यय किए जाते हैं। नल जल विभाग के प्रभारी के मुताबिक शहर भर की 60 पानी टंकियों की सफाई पर 4 लाख रुपए व्यय किया जाता है। नल जल विभाग प्रभारी के ईई अनुपम तिवारी से सीधी बात:सवाल: टंकियों की सफाई साल भर से नहीं हुई, कब कब सफाई होती है, सत्यापन कैसे होता है?जवाब: दिसंबर- जनवरी में शहर की 60 पानी टंकियों की सफाई कराई गई थी, वर्ष में दो बार यानी 6-6 महीने में टंकियों की सफाई कराई जाती है। सत्यापन जीपीएस फोटोग्राफ से होता है।सवाल: टंकियों से निकलने वाली रेत, काई और गंदा मटमैला पानी लोगों के लिए कितना नुकसानदायक होगा?जवाब: क्लोरीनेटेड वाटर होने के कारण टंकी की दीवारों में कुछ केमिकल की परत जम जाती है, इसकी सफाई कराई जाती है। क्लोरीनेशन के चलते टंकी में काई नहीं आती, सप्लाई होने वाले पानी की प्रतिदिन सैंपलिंग की जाती है, ताकि लोगों को शुद्ध पानी प्राप्त हो।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीजफायर खत्म होने संबंधी एलान के बाद बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में हाहाकार मच गया। सभी सेक्टर्स लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। बैंक और FMCG शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट ...
शहर के कोतवाली इलाके में लूट का मामला सामने आया है। धनिया व्यापारी के लिए काम करने वाले युवक से कलेक्शन का पैसा लूटकर तीन बदमाश फरार हो गए। उन्होंने युवक की आंखों में मिर्ची झोंकी और 15 लाख से भरा बैग लेकर भाग गए। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मिली जानकारी के अनुसार राजस्थान के बीकानेर जिले के रहने वाले वासुदेव शर्मा वर्तमान में शहर की बड़ा जैन मंदिर गली में रहते हैं। वह कुंभराज के एक धनिया व्यापारी के लिए काम करते हैं। मंगलवार शाम वह पचोर से कलेक्शन कर अपने घर आ गए थे। बुधवार सुबह लगभग 10:30 बजे वह अपने घर से कुंभराज जाने के लिए निकले थे। बैग में 15 से 17 लाख रुपए नगदी थे। जैसे ही वह पायगा मोहल्ले के पास शीतला माता मंदिर के सामने पहुंचे, तभी सामने से तीन बदमाश बाइक पर आए और उनकी आंखों में मिर्ची झोंक दी और रुपयों से भरा बैग लेकर फरार हो गए। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। प्रभारी CSP आनंद राय भी मौके पर पहुंचे और मुआयना किया। लूट की वारदात को अंजाम देते बदमाश CCTV में भी कैद हो गए। प्रभारी CSP ने बताया कि फरियादी पेमेंट को कुंभराज देने जाने के लिए निकला था। शीतला माता मंदिर के पास यह घटना हुई है। अभी तीन आरोपी दुख रहे हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
अमृतसर के जंडियाला गुरु के मुख्य बाजार में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई। आग की चपेट में आने से दो दुकानें पूरी तरह जलकर राख हो गईं। घटना मंगलवार रात करीब 2 बजे की बताई जा रही है। आग से एक बर्तन स्टोर और एक फ्रूट-जूस की दुकान को नुकसान पहुंचा है। जानकारी के अनुसार, देर रात बाजार में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और दोनों दुकानों में रखा सामान जलने लगा। आग की लपटें देखकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और दुकानदारों को घटना की सूचना दी। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पाया काबू फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, जिससे आग को अन्य दुकानों तक फैलने से रोका जा सका। बाद में फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। लाखों का सामान जलकर राख इस दौरान बर्तन स्टोर और फ्रूट-जूस की दुकान में रखा लाखों रुपए का सामान जलकर राख हो गया। बर्तन स्टोर के मालिक तरुण जैन ने बताया कि यह दुकान उनके परिवार की कई पीढ़ियों की मेहनत से खड़ी हुई थी, लेकिन कुछ ही समय में आग ने सब कुछ तबाह कर दिया। इस घटना से उनका पूरा कारोबार प्रभावित हुआ है और उन्होंने सरकार से आर्थिक मदद की मांग की है। वहीं, फ्रूट और जूस की दुकान के मालिक संदीप ग्रोवर ने बताया कि रात को बाजार के लोगों ने फोन कर उन्हें आग लगने की सूचना दी। जब वह मौके पर पहुंचे तो दुकान पूरी तरह आग की चपेट में आ चुकी थी। उन्होंने बताया कि फ्रिज, जूस मशीनें और अन्य जरूरी सामान जलकर नष्ट हो गए। अधिकारियों ने लिया नुकसान का जायजा घटना की सूचना मिलते ही नगर परिषद अध्यक्ष सतिंदर सिंह, उपाध्यक्ष अमन विरक और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रभावित दुकानदारों से मुलाकात कर नुकसान का जायजा लिया और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। खुली तारों के कारण हादसों का खतरा वहीं, बाजार के व्यापारियों ने बिजली व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुरानी और खुली तारों के कारण हादसों का खतरा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से बिजली व्यवस्था में जल्द सुधार की मांग की, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
लखनऊ में 8 जुलाई को चिनहट की एक महिला पुलिस के पास पहुंची। उसने आरोप लगाया कि उसे 25 दिनों तक एक होटल में बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान जबरन देह व्यापार कराने की कोशिश की गई। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उसकी 2 वर्षीय बेटी को एक व्यक्ति अपने पास रखे हुए है। उसे वापस नहीं किया जा रहा। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। शिकायत मिलते ही चिनहट पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपी अनिल कुमार सिंह को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि महिला उसकी परिचित है और पिछले 25 दिनों से उसके साथ होटल में रह रही थी। उसके अनुसार, 5 जुलाई को महिला अपनी बेटी को छोड़कर चली गई थी। काफी तलाश के बाद भी जब उसका कोई पता नहीं चला तो बच्ची की देखभाल के लिए उसे अपनी एक परिचित महिला के पास सीतापुर भेज दिया।
उज्जैन में लगातार हो रही बारिश के बीच बुधवार सुबह एमआर-5 रोड पर बड़ा हादसा हो गया। शिव शक्ति सीमेंट की दुकान पर माल उतारने पहुंचा सीमेंट से भरा ट्राला सीमेंट की सड़क टूटने के कारण अनियंत्रित होकर सड़क किनारे नाले में पलट गया। हादसे में ट्राले में लदी करीब 3.50 लाख रुपए मूल्य की सीमेंट की बोरियां पानी में भीगकर खराब हो गईं। हालांकि चालक सुरक्षित बच गया और उसे कोई गंभीर चोट नहीं आई। दुकान संचालक के अनुसार लगातार बारिश के कारण नाले के पास सड़क के नीचे की मिट्टी बह गई थी, जिससे सड़क कमजोर हो चुकी थी। बुधवार सुबह जब ट्राला माल उतारने के लिए सड़क किनारे खड़ा हुआ तो जमीन धंस गई और वाहन का संतुलन बिगड़ने से वह सीधे नाले में जा गिरा। कई बार शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने नगर निगम पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सड़क की खराब स्थिति को लेकर कई बार शिकायत की गई थी, लेकिन अधिकारियों ने समय रहते मरम्मत नहीं कराई। लोगों का आरोप है कि यदि प्रशासन ने समय पर कार्रवाई की होती तो इस हादसे को टाला जा सकता था। शिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ा, प्रशासन अलर्ट लगातार हो रही बारिश के कारण मोक्षदायिनी शिप्रा नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ गया है। बढ़ते जलस्तर से नदी किनारे स्थित कुछ मंदिर जलमग्न हो गए हैं। स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने नदी के संवेदनशील और गहरे पानी वाले क्षेत्रों में लोगों और श्रद्धालुओं की आवाजाही पर रोक लगा दी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों और नदी के किनारों से दूर रहें तथा सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
गिरिडीह जिले के धनवार नगर पंचायत स्थित होटल डिस्कवरी में कथित देह व्यापार की सूचना पर प्रशासन ने छापेमारी कर बड़ी कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान होटल के एक कमरे से दो महिलाओं और दो पुरुषों को संदिग्ध अवस्था में हिरासत में लिया गया। कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया। आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। प्रशासन को पहले से ही इस होटल में अवैध गतिविधियों के संचालन की गुप्त सूचना मिल रही थी। इसी आधार पर योजनाबद्ध तरीके से टीम गठित कर होटल में दबिश दी गई। हिरासत में लिए गए सभी लोगों से पहचान संबंधी दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वे कोई वैध प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सके, जिसके बाद उन्हें पूछताछ के लिए धनवार थाना लाया गया। कार्रवाई से जुड़ी तस्वीरें देखें… चला सर्च अभियान, कई बिंदुओं पर जांच छापेमारी अभियान का नेतृत्व खोरीमहुआ एसडीपीओ अमरेंद्र कुमार, धनवार बीडीओ देवेंद्र कुमार दास और थाना प्रभारी ब्रजेश कुमार ने संयुक्त रूप से किया। पुलिस टीम ने होटल के विभिन्न कमरों की बारीकी से तलाशी ली। संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए होटल को तत्काल सील कर दिया। सीआई सह दंडाधिकारी अभिषेक कुमार को मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया, जिनकी मौजूदगी में मंगलवार रात करीब आठ बजे होटल डिस्कवरी को विधिवत सील कर दिया गया। जांच के दौरान पुलिस होटल के रजिस्टर, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कथित अवैध गतिविधियां कब से संचालित हो रही थीं। मैनेजर से पूछताछ, संचालक फरार पुलिस ने होटल के मैनेजर प्रदीप साहू को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। होटल संचालक मौके से फरार बताया जा रहा है। जिसकी तलाश में छापेमारी की जा रही है। जानकारी के अनुसार, होटल डिस्कवरी के खिलाफ पूर्व में भी दो बार इसी तरह की शिकायतों पर छापेमारी की जा चुकी थी। तब संचालक को कई बार चेतावनी दी गई थी। इसके बावजूद अवैध गतिविधियों की शिकायतें लगातार मिलती रहीं। इस बार प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए होटल को सील कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है।
8 और 9 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में वैश्विक स्तर का हितधारक परामर्श कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दो दिवसीय कार्यक्रम में देशभर के उद्योगपति, विनिर्माण क्षेत्र के प्रतिनिधि, टेक्सटाइल विशेषज्ञ, निवेशक और अर्थशास्त्री भाग लेंगे। 9 जुलाई को आयोजित विशेष फीडबैक सत्र की अध्यक्षता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे। इस दौरान नीतियों पर विस्तृत चर्चा होगी और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ अपने सुझाव साझा करेंगे, जिससे नीति को और बेहतर बनाया जा सके। झारखंड को निवेश के लिए आकर्षक बनाया जाएदरअसल, झारखंड में औद्योगिक विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने दो महत्वपूर्ण नीतियों का ड्राफ्ट जारी किया है। उद्योग निदेशालय की ओर से झारखंड टेक्सटाइल, परिधान एवं फुटवियर नीति-2026 तथा झारखंड औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति 2026 का प्रारूप सार्वजनिक किया गया है। इन नीतियों के माध्यम से राज्य में निवेश के अवसरों को बढ़ाने और औद्योगिक ढांचे को मजबूत करने की योजना बनाई गई है। सरकार का लक्ष्य है कि बदलती वैश्विक और घरेलू औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप नीतियों को तैयार कर झारखंड को निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बनाया जाए। सिंगल विंडो पोर्टल पर उपलब्ध है ड्राफ्ट राज्य सरकार ने इन दोनों नीतियों पर उद्योग जगत, विशेषज्ञों, निवेशकों और आम नागरिकों से सुझाव एवं प्रतिक्रिया आमंत्रित की है। इसके लिए दोनों नीतियों का विस्तृत प्रारूप झारखंड सिंगल विंडो पोर्टल पर उपलब्ध कराया गया है। सरकार का मानना है कि व्यापक विचार-विमर्श और विभिन्न हितधारकों के सुझावों के आधार पर नीति को अंतिम रूप देने से यह अधिक व्यवहारिक और प्रभावी बन सकेगी। उद्योगपतियों की जरूरतों और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए नीति तैयार करने से राज्य में निवेश का माहौल बेहतर होगा और नए उद्योग स्थापित होने की संभावना बढ़ेगी। एमओयू पर हस्ताक्षर की संभावना सरकार को उम्मीद है कि इस परामर्श कार्यक्रम के दौरान कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। इससे राज्य में औद्योगिक निवेश और तकनीकी सहयोग को नई गति मिलेगी। साथ ही, रोजगार के नए अवसर सृजित होने की संभावना भी बढ़ेगी। सरकार का मानना है कि पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल नीतियों के जरिए झारखंड को एक प्रमुख औद्योगिक हब के रूप में विकसित किया जा सकता है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे। इन बड़ी कंपनियों के साथ होगी चर्चा बैठक में आईटी क्षेत्र की प्रमुख कंपनियां टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंफोसिस, विप्रो, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा, एलटीआई माइंडट्री, कॉग्निजेंट, एक्सेंचर, आईबीएम इंडिया और कैपजेमिनी इंडिया के प्रतिनिधि शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील, लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी), महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर, मारुति सुजुकी इंडिया, जेएसडब्ल्यू स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट और ग्रासिम इंडस्ट्रीज सहित कई प्रमुख औद्योगिक समूहों तथा विभिन्न उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। इन नीतियों पर भी निर्णय की है संभावना विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए उद्योग विभाग में यूरोपीय कंपनियों के लिए एक विशेष कोषांग (सेल) स्थापित करने की भी योजना है। इसके माध्यम से विदेशी निवेशकों को आवश्यक मार्गदर्शन, अनुमतियां और अन्य प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। नई नीतियों में खनन, आधारभूत संरचना, इस्पात, निर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा, ऑटोमोबाइल, खाद्य प्रसंस्करण और विनिर्माण क्षेत्र पर विशेष फोकस रहेगा। ईवी नीति में मिल सकती हैं नई रियायतें प्रस्तावित संशोधनों के तहत इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति में विनिर्माण इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए निवेश सब्सिडी को और आकर्षक बनाए जाने की संभावना है। मशीनरी, प्रदूषण नियंत्रण उपकरण और हरित ऊर्जा उपकरणों पर अतिरिक्त प्रोत्साहन देने के साथ भूमि आवंटन पर अधिकतम लीज प्रीमियम में छूट पर भी विचार किया जा रहा है। फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा फूड एंड फीड प्रोसेसिंग नीति में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए संशोधन किए जाने की संभावना है। विशेषकर जनजातीय विकास परियोजना क्षेत्रों में स्थापित होने वाली इकाइयों को प्लांट एवं मशीनरी, तकनीकी सिविल कार्यों और मेगा परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जा सकता है।
तारकोल व्यापारी से 16.83 लाख रुपए की कथित ठगी, केस दर्ज
पानीपत | गांजबड़ निवासी तारकोल व्यापारी से असम के डीलर ने 16.83 लाख रुपए की ठगी कर ली। डीलर ने 54 लाख रुपए का माल मंगाया, जिसमें से 37.17 लाख रुपए की पेमेंट कर दी। बची हुई पेमेंट मांगी तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी। शिकायत पर सदर थाना पुलिस ने केस दर्जकिया है। पुलिस को दी शिकायत में दलबीर राठी ने बताया कि वह गांजबड़ का रहने वाला है। उसने कुबेर इंटरप्राइजेज के नाम से फर्म खोल रखी है। वह बिटमिन (तारकोल) का काम करता है। वर्ष 2020 से सरफेस टेक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ उसने काम शुरू किया था। 1 अप्रैल 2020 को उसने इस फर्म के मालिक असम के गुहावटी निवासी अवध किशोर को माल भेजा था, जिसके उसने पैसे दे दिए थे। वर्ष 2023 में इस फर्म के पास उसने 54,01,087 रुपए का माल भेजा था। जिसमें उसे फर्म ने 37,17,615 रुपए का भुगतान कर दिया। फर्म ने 16,83,472 रुपए देने थे। जब वह फर्म मालिक अवध किशोर से पैसे मांगता है तो वह जान से मारने की धमकी देता है। अब उसने फोन उठाने भी बंद कर दिए। आरोपी फर्म मालिक ने उससे 16.83 लाख रुपए की ठगी की है।
आंध्र प्रदेश ने 9,076 करोड़ रुपए के निवेश वाली 11 परियोजनाओं को मंजूरी दी
आंध्र प्रदेश राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (एसआईपीबी) ने 9,076 करोड़ रुपए के निवेश वाली 11 परियोजनाओं को मंजूरी दी।
भिंड जिले के गोहद क्षेत्र के एक भैंस व्यापारी ने सिटी कोतवाली के दो आरक्षकों पर मारपीट, अवैध वसूली और 3.50 लाख रुपए हड़पने का आरोप लगाया है। व्यापारी ने पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के बाद मामला चर्चा में है। ग्राम किचोली निवासी कासिम खान ने शिकायत में बताया कि वह 5 जुलाई को भैंस बेचने आगरा गए थे। 7 जुलाई की रात करीब एक बजे लौटते समय जौधपुर-कथोड़ी के पास गश्त कर रहे पुलिसकर्मियों ने उनका वाहन रोक लिया। उनका आरोप है कि आरक्षक गौरव तोमर और आनंद त्रिपाठी ने उनके साथ गाली-गलौज की और मारपीट की। इसके बाद उन्हें सिटी कोतवाली ले जाकर भी पीटा गया। पुलिस पर रिश्वत लेने का आरोप लगायाव्यापारी का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने छोड़ने के बदले 6 हजार रुपए मांगे। उनके पास मौजूद नकदी और मोबाइल से ऑनलाइन भुगतान भी करा लिया। बाद में जब वह अपने वाहन में रखे व्यापार के 3.50 लाख रुपए लेने पहुंचे तो रकम गायब मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बारे में पूछने पर उनके साथ दोबारा मारपीट की गई और वहां से भगा दिया गया। पीड़ित का कहना है कि उन्होंने पूरे मामले की जानकारी थाना प्रभारी को भी दी। इसके बाद एसपी को आवेदन देकर आरोपित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और गायब हुई रकम वापस दिलाने की मांग की है। टीआई बोले- जांच के बाद ही स्थिति होगी स्पष्ट सिटी कोतवाली थाना प्रभारी मुकेश शाक्य ने बताया कि भैंस व्यापारी की लिखित शिकायत मिली है। शिकायत के आधार पर जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि वह फिलहाल अवकाश पर हैं। व्यापारी ने दो आरक्षकों पर आरोप लगाए हैं। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
इंदौर के सियागंज की तीन दुकानों में चोरी:CCTV में कैद हुए बदमाश, व्यापारियों में आक्रोश
इंदौर के प्रमुख इलेक्ट्रिकल होलसेल बाजार सियागंज में चोरों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। सियागंज थाना क्षेत्र में देर रात बदमाशों ने तीन दुकानों के ताले तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। नकदी और अन्य सामान चोरी कर फरार हुए आरोपियों की पूरी करतूत दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई। पुलिस फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है। जानकारी के अनुसार, बदमाश देर रात बाजार में पहुंचे और तीन दुकानों के ताले तोड़कर अंदर घुस गए। वहां से नकदी और अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो गए। घटना की जानकारी सोमवार सुबह दुकानदारों के दुकान पहुंचने पर लगी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। व्यापारियों का कहना है कि सियागंज शहर का सबसे बड़ा इलेक्ट्रिकल होलसेल मार्केट है और थाना भी बाजार के नजदीक स्थित है। इसके बावजूद लगातार चोरी की घटनाएं हो रही हैं। उनका आरोप है कि पिछले एक महीने में करीब पांच बार दुकानों को निशाना बनाया जा चुका है, लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से चोरों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं। घटना के बाद बड़ी संख्या में व्यापारी सियागंज थाने पहुंचे और पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने क्षेत्र में रात्रिकालीन गश्त बढ़ाने, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। व्यापारियों ने चोरी से जुड़े सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को उपलब्ध कराए हैं। पुलिस का कहना है कि फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश की जा रही है।
श्री अमरनाथ यात्रा के मद्देनजर सीमावर्ती और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह चाक-चौबंद करने के उद्देश्य से सुजानपुर पुलिस प्रशासन पूरी तरह हरकत में आ गया है। इसी कड़ी में सुजानपुर पुलिस ने स्थानीय शहर के दुकानदारों, व्यापारियों और मौजिज लोगों के साथ एक विशेष समन्वय बैठक का आयोजन किया। इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता डीएसपी राजेश कक्कड़ ने की। बैठक के दौरान आगामी श्री अमरनाथ यात्रा के सफल और शांतिपूर्ण संचालन, शहर की कानून-व्यवस्था को बनाए रखने तथा सुरक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील पहलुओं पर उपस्थित प्रबुद्ध जनों के साथ विस्तार से चर्चा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश साझा किए गए। बिना पुलिस वेरिफिकेशन के कमरा या दुकान किराए पर देने पर पूर्ण रोक बैठक को संबोधित करते हुए डीएसपी राजेश कक्कड़ ने सभी दुकानदारों, व्यापारियों और मकान मालिकों से बेहद कड़े शब्दों में अपील की कि वे अपने व्यावसायिक या रिहायशी हितों के लिए किसी भी बाहरी राज्य या अज्ञात व्यक्ति को दुकान, मकान, गोदाम या अन्य कोई भी संपत्ति किराए पर देने से पहले उसका पुलिस सत्यापन (वेरिफिकेशन) अनिवार्य रूप से करवाएं। उन्होंने प्रशासनिक रुख साफ करते हुए स्पष्ट किया कि मकान मालिकों को सबसे पहले संबंधित थाने में संभावित किराएदार के पहचान पत्र और दस्तावेजों के साथ पुलिस को लिखित सूचना देनी होगी, और इस सत्यापन प्रक्रिया के पूरी तरह मुकम्मल होने के बाद ही किराएदारी की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाना चाहिए। आपराधिक पृष्ठभूमि वाले तत्वों पर नजर रखना मुख्य उद्देश्य, जनता से सहयोग की मांग डीएसपी कक्कड़ ने बैठक के दौरान व्यापारियों को समझाया कि पुलिस की इस कड़ाई का मुख्य उद्देश्य केवल यह सुनिश्चित करना है कि देश के किसी भी कोने से कोई भी राष्ट्रविरोधी या आपराधिक पृष्ठभूमि वाला संदिग्ध व्यक्ति भेष बदलकर शहर में आकर न बस सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि श्री अमरनाथ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी सुजानपुर पुलिस चौबीसों घंटे हाई अलर्ट पर है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सक्षम है, लेकिन इस सुरक्षा चक्र को तभी अभेद्य बनाया जा सकता है जब पुलिस को आम जनता का शत-प्रतिशत सहयोग प्राप्त हो। उन्होंने स्थानीय लोगों से अपने आस-पास नजर रखने और किसी भी संदिग्ध वस्तु, लावारिस वाहन या अनजान व्यक्ति की गतिविधि दिखने पर तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करने का आग्रह किया। नियमों का उल्लंघन करने वाले मकान मालिकों पर दर्ज होगी एफआईआर बैठक के आखिरी चरण में पुलिस अधिकारियों ने सभी व्यापारियों और होटल-सराय संचालकों से सुरक्षा संबंधी सरकारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने और स्थानीय प्रशासन का सहयोग करने का पुरजोर आग्रह किया। इसके साथ ही पुलिस प्रशासन ने एक सख्त चेतावनी भी जारी की है कि यदि भविष्य में औचक निरीक्षण या चेकिंग के दौरान कोई भी व्यक्ति बिना पुलिस सत्यापन के अपनी संपत्ति में किसी बाहरी या संदिग्ध किराएदार को रखता हुआ पाया गया, तो उस मकान मालिक या दुकानदार के खिलाफ विभागीय नियमों और कानूनी धाराओं के तहत तुरंत एफआईआर दर्ज कर सख्त दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
भीलवाड़ा शहर की आरके कॉलोनी के मुख्य मार्ग से मंगलवार को अतिक्रमण हटाया गया। लंबे समय से मिल रही शिकायतों के बाद नगर निगम का दस्ता जेसीबी लेकर मुख्य मार्ग पर पहुंचा और दुकानों के बाहर किए अवैध कब्जों और अतिक्रमण को ढहा दिया। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में कई दुकानदार खुद अपना सामान समेटते नजर आए और रास्ते भी चौड़े दिखाई दिए। आरके कॉलोनी रोड पर पिछले लंबे समय से कई दुकानदारों ने मेन रोड और नालियों के ऊपर पक्के निर्माण ,सीढ़ियां और रैंप बना कर अतिक्रमण किया था। इसके कारण पैदल चलने वाले राहगीरों को परेशानी हो रही थी। साथ ही आए दिन जाम के हालात बने हुए रहते थे। ऐसे में दुकानों के बाहर किए गए पक्के निर्माणों को जेसीबी की मदद से हटवाया गया। व्यापारियों ने कार्रवाई रोकने की मांग को लेकर बहस की, लेकिन दस्ते ने सभी अतिक्रमण तोड़ दिए। मौके पर मौजूद होमगार्ड और निगम के सुरक्षाकर्मियों ने भीड़ को कंट्रोल किया। अधिकारियों का कहना है की आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। नाली या सड़क पर अतिक्रमण करने पर सामान जब्त कर जुर्माना भी वसूला जाएगा। अब देखिए- तस्वीरें
शेयर बाजार में तहलका मचाने आ रही है दिग्गज फिटनेस कंपनी, ₹950 करोड़ का मेगा प्लान तैयार
भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में कमाई की उम्मीद लगाए बैठे निवेशकों के लिए कॉर्पोरेट जगत से एक बेहद शानदार और बड़ी खबर सामने आ रही है। देश की सबसे लोकप्रिय और अग्रणी फिटनेस व हेल्थकेयर स्टार्टअप कंपनी कल्ट.फिट (Cult.fit) ने दलाल स्ट्रीट पर कदम रखने की पूरी तैयारी कर ली है। बिजनेस जगत के गलियारों से आ रही पुख्ता खबरों के मुताबिक, कंपनी बहुत जल्द अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग यानी आईपीओ (IPO) बाजार में लॉन्च करने जा रही है। इस मेगा पब्लिक इश्यू के जरिए कंपनी का इरादा बाजार से करीब ₹950 करोड़ की मोटी रकम जुटाने का है।शानदार बिजनेस मॉडल और दिग्गज निवेशकों का है भरोसाकल्ट.फिट ने भारत में ट्रेडिशनल जिम और वर्कआउट के तौर-तरीकों को पूरी तरह से बदलकर रख दिया है। कंपनी अपने अनूठे ग्रुप वर्कआउट, योगा, डांस और डिजिटल फिटनेस सेशंस के दम पर देश के युवाओं के बीच एक बड़ा ब्रांड बन चुकी है। कल्ट.फिट को जोमैटो (Zomato), टाटा डिजिटल (Tata Digital) और मिकिन और कंपनी जैसे देश-विदेश के कई बड़े और दिग्गज संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) का मजबूत बैकअप हासिल है। यही वजह है कि बाजार के विशेषज्ञ इस आईपीओ को लेकर अभी से ही काफी ज्यादा उत्साहित नजर आ रहे हैं।₹950 करोड़ के आईपीओ फंड का कहां होगा इस्तेमाल?सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कल्ट.फिट इस आईपीओ से मिलने वाली ₹950 करोड़ की भारी-भरकम राशि का इस्तेमाल मुख्य रूप से अपने बिजनेस के विस्तार (Business Expansion) के लिए करने वाली है। कंपनी देश के टियर-2 और टियर-3 शहरों में अपने नए फिटनेस सेंटर्स खोलने, अपनी डिजिटल टेक्नोलॉजी और ऐप को और अधिक एडवांस बनाने के साथ-साथ कुछ नए हेल्थकेयर सेगमेंट में भी अपनी हिस्सेदारी मजबूत करने की योजना बना रही है। इसके अलावा, जुटाई गई रकम का एक हिस्सा कंपनी के सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों और पुराने कर्ज को चुकाने में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।न्यू-एज टेक स्टार्टअप्स की लिस्ट में होगी एंट्रीपिछले कुछ समय में शेयर बाजार में जोमैटो, नायका और पेटीएम जैसे न्यू-एज टेक स्टार्टअप्स की लिस्टिंग के बाद अब कल्ट.फिट भी इसी एलीट क्लब का हिस्सा बनने जा रही है। फिटनेस और वेलनेस सेक्टर से शेयर बाजार में लिस्ट होने वाली यह देश की चुनिंदा बड़ी कंपनियों में से एक होगी। बाजार विश्लेषकों (Market Analysts) का मानना है कि कोरोना महामारी के बाद से लोगों में हेल्थ और फिटनेस को लेकर जागरूकता बहुत तेजी से बढ़ी है, जिसका सीधा और बड़ा फायदा कल्ट.फिट के आईपीओ को मिल सकता है और यह निवेशकों को लंबी अवधि में तगड़ा रिटर्न दे सकता है।निवेशकों के लिए क्या हैं कमाई के मौके: कब आएगा आईपीओ?हालांकि कंपनी की ओर से अभी तक बाजार नियामक सेबी (SEBI) के पास ड्राफ्ट पेपर (DRHP) दाखिल करने और आईपीओ के प्राइस बैंड व सटीक तारीखों को लेकर कोई आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है, लेकिन मर्चेंट बैंकर्स के सूत्रों का कहना है कि इसके लिए अंदरूनी प्रक्रिया बहुत तेजी से चल रही है। रिटेल निवेशकों के लिए इस आईपीओ में दांव लगाने और एक तेजी से बढ़ती फिटनेस इंडस्ट्री का हिस्सा बनने का यह एक बेहतरीन मौका साबित हो सकता है। यदि आप भी आईपीओ में निवेश कर लिस्टिंग गेन या लॉन्ग टर्म प्रॉफिट कमाना चाहते हैं, तो कल्ट.फिट के इस अपकमिंग आईपीओ पर अपनी नजरें जरूर टिकाए रखें।
1 अगस्त से बदलने जा रहे हैं शेयर बायबैक के नियम, छोटे निवेशकों की जेब पर क्या होगा सीधा असर
भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में दांव लगाने वाले आम निवेशकों और लिस्टेड कंपनियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण खबर है। आगामी 1 अगस्त से शेयर बायबैक के नियमों में एक बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव होने जा रहा है। मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) और सरकार द्वारा लागू किए जा रहे इन नए नियमों का सीधा असर निवेशकों के मुनाफे और कंपनियों की बायबैक स्ट्रेटेजी पर पड़ने वाला है। अगर आप भी शेयर बाजार में ट्रेडिंग या लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट करते हैं, तो इस बदलाव को बारीकी से समझना आपके पोर्टफोलियो के लिए बेहद जरूरी है।क्या होते हैं शेयर बायबैक और क्यों बदल रही है इसकी व्यवस्थाजब कोई लिस्टेड कंपनी अपने ही मौजूदा शेयरधारकों से अपने शेयरों को वापस खरीदती है, तो उसे शेयर बायबैक कहा जाता है। कंपनियां अक्सर अपने शेयर की वैल्यू बढ़ाने या निवेशकों को रिवॉर्ड देने के लिए ऐसा करती हैं। अब तक कंपनियां बायबैक पर खुद टैक्स चुकाती थीं, जिससे निवेशकों को मिलने वाली रकम पूरी तरह टैक्स-फ्री होती थी। लेकिन 1 अगस्त से लागू होने वाले नए नियमों के तहत इस पूरी कर व्यवस्था (Taxation System) को और अधिक पारदर्शी और तर्कसंगत बनाने के लिए बदला जा रहा है, जिससे शेयर बाजार के इस बड़े कॉरपोरेट एक्शन का पूरा ढांचा ही बदल जाएगा।1 अगस्त से क्या बदलेगा: निवेशकों के लिए टैक्स का नया गणितनए नियम के लागू होने के बाद अब शेयर बायबैक से होने वाली कमाई को पूरी तरह से 'डिविडेंड' (लाभांश) की तरह माना जाएगा। इसका मतलब यह है कि 1 अगस्त के बाद यदि कोई कंपनी बायबैक लाती है, तो उस पर मिलने वाली अतिरिक्त रकम पर सीधे निवेशक के टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स लगेगा। उदाहरण के तौर पर, यदि आप 30 फीसदी के टैक्स स्लैब में आते हैं, तो बायबैक से होने वाले मुनाफे पर आपको 30 फीसदी टैक्स देना होगा। यह बदलाव विशेष रूप से उन बड़े और खुदरा निवेशकों (Retail Investors) को प्रभावित करेगा जो बायबैक के जरिए टैक्स-फ्री मुनाफा कमाते थे।कंपनियों की बायबैक योजनाओं पर पड़ेगा यह बड़ा असरइस नए नियम का असर सिर्फ निवेशकों पर ही नहीं, बल्कि कंपनियों की सोच पर भी दिखेगा। अब तक कंपनियां डिविडेंड देने के बजाय बायबैक को प्राथमिकता देती थीं क्योंकि इसमें टैक्स का बोझ कम बैठता था। लेकिन अब दोनों पर एक जैसा टैक्स नियम लागू होने के कारण कंपनियां शेयर बायबैक लाने से पहले कई बार सोचेंगी। बाजार विश्लेषकों (Market Experts) का मानना है कि इस बदलाव के बाद आने वाले दिनों में शेयर बाजार में कंपनियों द्वारा बायबैक लाने की संख्या में थोड़ी कमी देखी जा सकती है या फिर कंपनियां इसके लिए नई रणनीतियां तैयार करेंगी।छोटे और रिटेल निवेशकों को अब क्या रणनीति अपनानी चाहिएनियमों में होने वाले इस बदलाव को देखते हुए मार्केट एक्सपर्ट्स ने रिटेल इनवेस्टर्स को सतर्क रहने की सलाह दी है। अब किसी भी कंपनी के बायबैक ऑफर में सिर्फ प्रीमियम (ज्यादा कीमत) देखकर आंख मूंदकर निवेश न करें। निवेश करने से पहले अपने व्यक्तिगत टैक्स स्लैब (Tax Slab) की गणना जरूर कर लें, क्योंकि टैक्स कटने के बाद आपका वास्तविक मुनाफा उम्मीद से कम हो सकता है। यह नया नियम पूरी तरह से पारदर्शी है और लॉन्ग टर्म निवेशकों को मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों में टिके रहने के लिए प्रेरित करता है।
सहरसा में मंगलवार को भारतीय नगर स्थित रेड लाइट एरिया में देह व्यापार के खिलाफ छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान 18 लोगों को पकड़ा गया। इनमें 4 नाबालिग लड़कियां, 4 नाबालिग लड़के और 9 महिलाएं शामिल हैं। इसके अलावा, सेक्स रैकेट संचालित करने के आरोप में एक महिला को गिरफ्तार किया गया है। मामला सदर थाना क्षेत्र का है। साइबर DSP कल्याण आनंद ने बताया कि पिछले कई दिनों से देह व्यापार की शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों की सत्यता की जांच के बाद यह कार्रवाई की गई। पकड़े गए नाबालिगों और महिलाओं से पूछताछ की जा रही है। रेड से जुड़ी तस्वीरें देखिए…. सिलसिलेवार जानिए घटनाक्रम साइबर DSP ने बताया कि भारतीय नगर रेड लाइट एरिया में अवैध गतिविधियां संचालित की जा रही है। इसकी सूचना मिलने के बाद एक टीम गठित की गई। इस टीम में जिला पुलिस और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) को शामिल किया गया, फिर छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान पूर्व में सील किए गए मकानों से लड़कियों को बरामद किया गया है, यानी सील मकान में भी सेक्ट रैकेट संचालित किया जा रहा था। एक महिला को गिरफ्तार किया है, जिससे पूछताछ की जा रही है। पहले भी 10 महिलाओं को पकड़ा था साइबर डीएसपी ने बताया कि पहले भी इस रेड लाइट एरिया में छापेमारी की गई थी। इस दौरान 10 महिलाओं और चार नाबालिग लड़की को बरामद किया था। इसके अलावा जिस मकान में सेक्स रैकेट संचालित हो रहे थे, उन सभी मकानों को सील किया था। इसके बावजूद सील मकान में अवैध गतिविधियां संचालित की जा रही थी। पकड़े गए सभी नाबालिगों और महिलाओं से पूछताछ की जा रही है। इसके साथ ही एक गिरफ्तार महिला से पता लगाया जा रहा है कि सेक्स रैकेट के नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, नाबालिगों की काउंसलिंग और संरक्षण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
गुरुग्राम पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने निवेश के नाम पर करोड़ों की साइबर ठगी से जुड़े मामले में कार्रवाई की है। पुलिस ने बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान महाराष्ट्र के उल्हासनगर, जिला ठाणे निवासी चेतन सूर्यकांत जगताप के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, 6 अगस्त 2025 को थाना साइबर क्राइम में एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि आईपीओ और शेयरों में निवेश कर मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर उससे करीब 33 लाख 55 हजार रुपए की ठगी की गई। इस शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंकिंग ट्रांजैक्शन की गहन पड़ताल की। इसके बाद आरोपी चेतन सूर्यकांत जगताप को 6 जुलाई को मुंबई से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर गिरफ्तार किया गया। जिस खाते में रकम गई, वह चेतन का था पुलिस जांच में सामने आया कि शिकायतकर्ता से ठगी गई रकम में से 25 लाख 70 हजार रुपए जिस बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे, वह खाता आरोपी चेतन के नाम पर था। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसने अपना बैंक खाता 4 प्रतिशत कमीशन के बदले दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए दे दिया था। इसी खाते का उपयोग साइबर ठगी की रकम को ट्रांसफर करने में किया गया। पुलिस नेटवर्क का पता लगा रही फिलहाल गुरुग्राम पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है ताकि इस साइबर ठगी गिरोह के अन्य सदस्यों और पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
गोंडा जिले के कर्नलगंज विधानसभा क्षेत्र में सीएम ग्राम परिवहन योजना के तहत पसका-गोंडा रोडवेज बस सेवा का आज मंगलवार को शुभारंभ किया गया। भाजपा विधायक अजय कुमार सिंह ने आज मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे पसका पहुंचकर इस बस सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह सेवा मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026 के तहत शुरू की गई है। पसका क्षेत्र के लोग लंबे समय से परिवहन विभाग से रोडवेज बस चलाने की मांग कर रहे थे। स्थानीय विधायक अजय कुमार सिंह ने इस संबंध में कई बार शासन को पत्र लिखा था, जिसके बाद बस सेवा को मंजूरी मिली। इस बस सेवा के शुरू होने से पसका और आसपास के क्षेत्रों के लाखों लोगों को जिला मुख्यालय आने-जाने में सुविधा मिलेगी। इससे लंबे समय से चली आ रही परिवहन की समस्या का समाधान होगा। पहले लोगों को जिला मुख्यालय पहुंचने के लिए किराए के साधनों पर निर्भर रहना पड़ता था। विधायक अजय सिंह ने बताया कि यह सेवा श्रद्धालुओं, मरीजों, विद्यार्थियों, व्यापारियों और महिलाओं के लिए विशेष रूप से लाभकारी होगी। उन्होंने कहा कि पहले मरीजों को इलाज के लिए, बच्चों को शिक्षा के लिए, व्यापारियों को व्यापार के लिए और महिलाओं को बाजार जाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। रोडवेज बस सेवा शुरू होने पर स्थानीय लोगों ने भाजपा विधायक अजय सिंह और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का आभार व्यक्त किया है। विधायक ने कहा कि मेरे द्वारा परिवहन विभाग और उत्तर प्रदेश सरकार को पत्र लिखा गया था। मेरे पत्र के आधार पर ही रोडवेज बस चलाई जाने की अनुमति मिली थी, जिसका आज मेरे द्वारा हरी झंडी दिखा करके शुभारंभ किया गया। सुबह और शाम दोनों टाइम यहां से रोडवेज बस गोंडा जाएगी और गोंडा से यहां पर आएगी।
मोदी के इंडोनेशिया दौरे से व्यापार-निवेश को नई उड़ान: इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स
जकार्ता/नई दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंडोनेशिया दौरे को लेकर वहां रह रहे भारतीय समुदाय और कारोबारी जगत में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।
भरतपुर में 5 जुलाई को किराना व्यापारी और बर्तन व्यापारी को गोली मार दी थी। बदमाशों ने चंद्रभान और प्रमोद कुमार मित्तल को गोली मारी थी। जिसमें बर्तन व्यापारी चंद्रभान की मौत हो गई थी, जबकि किराना व्यापारी का इलाज जारी है। बदमाश किराना व्यापारी से प्रमोद कुमार से 60 हजार रुपए से भरा बैग भी लूटकर ले गए थे। दोनों घटनाओं को लेकर भरतपुर के व्यापारियों में आक्रोश है। घटना को दिन बीत जाने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। जिसे लेकर मंगलवार को परचून और किरान संघ ने एक बैठक आयोजित की गई। जिसमें फैसला लिया गया कि आगामी 9 जुलाई को व्यापारी अपनी दुकानें बंद रखेंगे। आमजन को निशाना बना रहे बदमाश व्यापार महासंघ के जिला महामंत्री विपुल शर्मा ने बताया- पिछले कुछ दिनों में अपराध लगातार बढ़ रहे है। व्यापारियों के साथ आमजन को भी बदमाश अपना निशाना बना रहे हैं। एक ही रात में दो व्यापारियों को गोली मार दी गई। यह बहुत ही दर्दनाक घटना है। एक व्यापारी की हत्या भी हो चुकी है। ध्यान नहीं दे रही पुलिस विपुल शर्मा ने बताया- इस तरह की घटना होना पुलिस पर सवाल खड़े करती है। पुलिस का ध्यान सिर्फ आमजन को परेशान करने पर है। पुलिस का वाहनों के चालान काटना एक मात्र उद्देश्य है। अगर शहर में कहीं भी ट्रैफिक पुलिसकर्मी खड़े हैं और, वहां झगड़ा हो जाता है तो, ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को कोई मतलब नहीं रहता। व्यापारी 9 जुलाई को बंद रखेंगे दुकानें विपुल शर्मा ने बताया- मंगलवार को व्यापारियों की बैठक हुई। जिसमें फैसला लिया गया कि व्यापारियों को गोली मारने वाले बदमाशों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। अगर वह नहीं पकड़े जाते हो व्यापार महासंघ आंदोलन की प्लानिंग बनाएगा। इसकी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी। साथ ही बर्तन व्यापारी और किराना परचून व्यापारी 9 जुलाई को दुकानें बंद कर विरोध प्रदर्शन करेंगे। दो दिन बाद भी नहीं लगा सुराग दरअसल 5 जुलाई की देर शाम आधे घंटे के अंदर दो व्यापारियों को गोली मारकर लूट की वारदात को अंजाम दिया गया था। जिसमें से बर्तन व्यापारी चंद्रभान की मौत हो गई। वहीं किराना व्यापारी प्रमोद कुमार मित्तल का इलाज जारी है। प्रमोद कुमार मित्तल से बदमाश 60 हजार रुपए से भरा लूटकर फरार हो गए थे। घटना के दो दिन बीत जाने के बाद भी आरोपियों का कुछ सुराग नहीं लग पाया है। ये खबर भी पढ़ें… 5 लाख लूटने के लिए व्यापारी की गोली मारकर हत्या:धरने पर बैठे लोग कलेक्ट्रेट में घुसने लगे तो पुलिस से धक्का-मुक्की हुई; बिलखती रही पत्नी-बेटी भरतपुर में शनिवार रात बदमाशों ने 5 लाख रुपए से भरा बैग लूटने के लिए बर्तन व्यापारी को गोली मार दी थी। घायल व्यापारी की रविवार रात 1:30 बजे जयपुर के SMS हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मौत हो गई।भरतपुर में गंगा मंदिर स्थित बर्तन बाजार आज (सोमवार को) बंद रखा गया। इसके साथ ही कलेक्ट्रेट के बाहर परिजनों ने व्यापारियों के साथ प्रदर्शन किया। पढ़े पूरी खबर…
उत्तराखंड के रामनगर में पुलिस ने एक नामी रिसॉर्ट में चल रहे हाईप्रोफाइल सेक्स रैकेट और कॉकटेल पार्टी का भंडाफोड़ किया है। सोमवार शाम को पुलिस ने कुल 52 पुरुषों और 10 लड़कियों को गिरफ्तार किया। यह पार्टी उत्तर प्रदेश के किसानों को नकली कीटनाशक बेचने के नेटवर्क को बढ़ावा देने के लिए आयोजित की गई थी। इस हाईप्रोफाइल पार्टी का आयोजन मेरठ की एक कीटनाशक दवा कंपनी के मालिक उमेन्द्र कुमार ने किया था। उमेन्द्र ने अपने व्यापारिक नेटवर्क को बढ़ाने और नकली कीटनाशकों की बिक्री को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह कॉकटेल पार्टी रखी थी। इसमें कथित तौर पर मनोरंजन के लिए सेक्स रैकेट का सहारा लिया गया। उत्तराखंड पुलिस की इस कार्रवाई में बुलंदशहर का एक व्यापारी भी पकड़ा गया है। गिरफ्तार आरोपियों में ब्रजेश पुत्र सुनील सिंह शामिल है, जो बुलंदशहर के कोतवाली सिकंद्राबाद स्थित गांव गोपालपुर का निवासी है। बताया जा रहा है कि ब्रजेश की बुलंदशहर में अपनी पेस्टीसाइड कंपनी है और वह इस नेटवर्क का एक अहम हिस्सा था। पुलिस के अनुसार, सोमवार शाम को पुख्ता सूचना के आधार पर रामनगर के रिसॉर्ट में छापेमारी की गई। मौके से गिरफ्तार किए गए सभी 52 पुरुष और 10 महिलाएं उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के रहने वाले हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया, यह पार्टी केवल मनोरंजन के लिए नहीं थी, बल्कि इसके पीछे किसानों को नकली कीटनाशक दवाइयां बेचने और सप्लाई चेन को मजबूत करने का एक बड़ा रैकेट काम कर रहा था। गिरफ्तार सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस खुलासे के बाद उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कृषि एवं व्यापारिक हलकों में हड़कंप मच गया है। पुलिस इस नेटवर्क के तार यूपी के अन्य किन जिलों और बड़े डीलरों से जुड़े हैं, इसकी जांच कर रही है।
भारतीय संस्कृति और वित्तीय बाजारों में सोने (Gold) को हमेशा से संकट का साथी और सबसे सुरक्षित निवेश माना जाता रहा है। हालांकि, बदलते डिजिटल दौर में अब लोग फिजिकल सोना यानी भारी-भरकम गहने या सिक्के खरीदकर लॉकर में रखने के बजाय गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF) में पैसा लगाना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। डिजिटल सोने के इस विकल्प में निवेशकों को न तो मेकिंग चार्ज और शुद्धता की कोई टेंशन होती है और न ही इसके चोरी होने का कोई डर रहता है। सबसे खास बात यह है कि सुरक्षित रहने के साथ-साथ इन फंड्स ने निवेशकों को बेहद दमदार रिटर्न भी कमा कर दिया है।म्यूचुअल फंड्स के हालिया ट्रैकिंग डेटा (ACE MF) के अनुसार, देश के बड़े और स्थापित गोल्ड ईटीएफ ने पिछले 3 वर्षों की अवधि में निवेशकों को 34% तक का शानदार सालाना कंपाउंडेड रिटर्न (CAGR) दिया है। प्रदर्शन की इस रेस में यूटीआई गोल्ड ईटीएफ (UTI Gold ETF) सबसे आगे निकल गया है। आइए समझते हैं कि आखिर गोल्ड ईटीएफ कैसे काम करता है और इस समय रिटर्न के मामले में कौन सी टॉप 5 स्कीम्स बाजार में धमाल मचा रही हैं।आखिर क्या होता है Gold ETF और यह कैसे काम करता है?गोल्ड ईटीएफ (Exchange Traded Fund) मूल रूप से एक म्यूचुअल फंड प्रोडक्ट ही है, जो सीधे तौर पर भौतिक सोने (Physical Gold) की कीमतों से लिंक होता है। यह फंड शेयर बाजार (NSE और BSE) पर लिस्टेड होता है। जिस तरह आप किसी कंपनी के शेयर को अपने डीमैट अकाउंट के जरिए जब चाहें खरीद और बेच सकते हैं, ठीक उसी तरह गोल्ड ईटीएफ में भी ट्रेडिंग की जा सकती है। इसका ग्राफ घरेलू बाजार में 24 कैरट सोने के वास्तविक भाव को ट्रैक करता है। जैसे ही बाजार में सोने के दाम बढ़ते हैं, आपके ईटीएफ यूनिट्स की वैल्यू भी बढ़ जाती है। इसमें उच्च लिक्विडिटी और बेहद कम ट्रैकिंग डिफरेंस जैसी बेहतरीन सुविधाएं मिलती हैं।3 साल के परफॉर्मेंस में UTI Gold ETF बना नंबर-1जुलाई 2026 के ताजा डेटा के मुताबिक, कम से कम ₹1,500 करोड़ से अधिक के एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) वाले बड़े फंड्स की श्रेणी में UTI Gold ETF का प्रदर्शन सबसे उत्कृष्ट रहा है:बेंचमार्क को बड़े अंतर से पछाड़ा: बीते 3 साल की अवधि में जहां इसके संबंधित बेंचमार्क ने महज 1.7% का ही मामूली रिटर्न दिया, वहीं यूटीआई गोल्ड ईटीएफ ने 34% का सालाना सीएजीआर (CAGR) रिटर्न देकर अपने बेंचमार्क को 32.2% के भारी अंतर से पछाड़ दिया।1 साल की अवधि का दमदार रिकॉर्ड: सिर्फ दीर्घकालिक ही नहीं, बल्कि पिछले 1 साल की छोटी अवधि में भी यह फंड शीर्ष पर रहा। इसने निवेशकों को 45.6% का बंपर मुनाफा दिया, जबकि इसी दौरान इसका बेंचमार्क इंडेक्स सिर्फ 10.1% की ग्रोथ दर्ज कर सका।देश का सबसे बड़ा गोल्ड फंड: अगर एसेट साइज (फंड साइज) की बात करें, तो वर्तमान में 'ICICI Pru Gold ETF' देश का सबसे बड़ा गोल्ड फंड बना हुआ है, जिसका कुल कॉर्पस ₹27,578.2 करोड़ के विशाल स्तर पर पहुंच चुका है।भारत के Top 5 Gold ETFs: रिटर्न और फंड साइज का पूरा रिपोर्ट कार्डयदि आप भी चालू वित्त वर्ष में सोने में डिजिटल और सुरक्षित तरीके से निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो एसेट्स और शानदार रिटर्न के मामले में देश की इन शीर्ष 5 स्कीम्स के प्रदर्शन पर नजर डाल सकते हैं:फंड का नाम (Gold ETF Scheme)3 साल का सालाना रिटर्न (CAGR)1 साल का कुल रिटर्नकुल फंड साइज (AUM)1. UTI Gold ETF34.0%45.6%₹1,500 Cr+2. ICICI Pru Gold ETF33.8%45.1%₹27,578.2 Cr3. HDFC Gold ETF33.5%44.8%₹5,000 Cr+4. SBI Gold Fund/ETF33.2%44.5%₹10,000 Cr+5. Nippon India Gold ETF33.0%44.2%₹9,000 Cr+(नोट: ऊपर दिए गए आंकड़े 2 जुलाई 2026 तक के लेटेस्ट म्यूचुअल फंड डेटा पर आधारित हैं। निवेश करने से पहले स्कीम के दस्तावेज ध्यान से पढ़ें।)
रतलाम में 19 दिन पूर्व सराफा व्यापारी के घर फायरिंग के मामले में फरार बजरंग दल के पूर्व संयोजक विनोद उर्फ वीनू शर्मा को पुलिस अभी तक पकड़ नहीं पाई है। पुलिस ने सोमवार को वीनू शर्मा समेत तीन फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। पुलिस ने आरोपियों की संपत्ति की भी जांच शुरू कर दी है। शहर के डीडी नगर थाना अंतर्गत सेफी नगर में सराफा व्यापारी कमल सोनी के घर पर 19 जून को फायरिंग हुई थी। दो बाइक पर सवार चार बदमाशों ने फायरिंग कर भाग गए थे। चारों बदमाश मुंह पर कपड़ा बांध कर आए थे। फायरिंग की घटना सीसीटीवी में कैद हो गई थी। इसके बाद पुलिस ने शहर के अन्य सीसीटीवी व तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच की। अभी तक पांच गिरफ्तार पुलिस ने फायरिंग करने वाले एक बाइक पर सवार विनीत उर्फ चुचु (25) पिता महेंद्रसिंह बड़गोतिया निवासी रिटायर्ड कॉलोनी (लक्ष्मणपुरा), भोला (29) पिता रामेश्वर पाटीदार निवासी पैलेस रोड को गिरफ्तार किया था। गोलीकांड की साजिश में शामिल अजय उर्फ गट्टू (24) पिता हरिराम चौहान निवासी आनंद कॉलोनी, रवींद्र (32) पिता मिथलेश राजन निवासी रेलनगर, कन्हैया (43) पिता हीरालाल नायक को गिरफ्तार कर जेल भेजा चुका है। बजरंग दल का नेता समेत तीन फरार पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में बजरंग दल का पूर्व जिला संयोजक विनोद उर्फ विनोद शर्मा के कहने पर फायरिंग करना बताया था। इसके बाद से पुलिस उसे तलाश कर रही है, लेकिन अभी तक पकड़ नहीं पाई। वहीं दूसरी बाइक पर सवार वसीम उर्फ पांडू (36) पिता शब्बीर पठान निवासी चिंगीपुरा और अदनान मुकाती भी पुलिस गिरफ्त से दूर है। एसपी अमित कुमार ने इन तीनों की गिरफ्तारी के लिए 10-10 हजार का इनाम घोषित किया है। दूसरी बाइक पर सवार आरोपी वसीम उर्फ पांडू रतलाम शहर में 21 सितंबर 2017 में हुए तरुण सांखला हत्याकांड का नामजद आरोपी भी रह चुका है। 40 लाख की ली थी सुपारीसैफी नगर निवासी सराफा व्यापारी कमल सोनी के बेटे दिव्यांश का सरवन निवासी आदित्य सोमानी के साथ एमसीएक्स से जुड़े करीब 1 करोड़ रुपए की लेन-देन का विवाद चल रहा था। दिव्यांश ने आदित्य सोमानी के खिलाफ सरवन थाने में केस दर्ज कराया था। इसके अगले दिन ही रतलाम में सराफा व्यापारी के घर फायरिंग हो गई थी। तब सराफा व्यापारी ने वीनू शर्मा द्वारा रुपयों की वसूली के लिए धमकाया था। फायरिंग करने की भी धमकी दी थी। खुद व्यापारी ने इस बात को कहा था। इसके बाद पुलिस जांच में सामने आया था कि बजरंग दल का पूर्व जिला संयोजक विनोद उर्फ वीनू शर्मा ने रुपए दिलाने के लिए 40 लाख रुपए में सुपारी ली थी। उसने साथी गुंडों को भेजकर सैफी नगर में सराफा व्यापारी के घर पर फायरिंग करवाई थी। डीडी नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव ने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों में भी दबिश दी है। 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है।
भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ ने 17 मंडलों में संयोजक व सह-संयोजकों की घोषणा की
भास्कर न्यूज | बालोद भारतीय जनता पार्टी व्यापार प्रकोष्ठ जिला बालोद द्वारा संगठन विस्तार को गति देते हुए जिले के सभी 17 मंडलों के लिए मंडल संयोजकों एवं सह-संयोजकों की घोषणा की गई है। इसमें डौंडीलोहारा मंडल संयोजक देव प्रसाद साहू, सहसंयोजक दर्शन संचेती, रेंगाडबरी के संयोजक संतोष गुप्ता, सहसंयोजक जयचंद साहू, कुसुमकसा संयोजक अंकित टाटिया, सहसंयोजक मनीष जेठवानी, दल्लीराजहरा संयोजक मनन गुप्ता, सहसंयोजक पवन सोनी, जुंगेरा संयोजक कमलेश साहू, सहसंयोजक रामेश्वर पटेल, करहीभदर संयोजक ओमप्रकाश साहू, सहसंयोजक खिलेश्वर सार्वा, मिरीटोला संयोजक चिंटू राजा, सहसंयोजक शुभम सालुंके, बालोद संयोजक तरूण राठी, सहसंयोजक हरीश दहिया, अर्जुंदा संयोजक चंदन साहू, सिकोसा संयोजक धर्मचंद जैन, गुरूर संयोजक नंदकिशोर सिन्हा, सहसंयोजक अमर छाबड़िया, ओटेबंद संयोजक किशोर साहू, सहसंयोजक नरेंद्र चंद्राकर, सुरेगांव संयोजक अजय देवांगन सहसंयोजक टेकराम सिन्हा, देवरी संयोजक गजानंद चौधरी, सहसंयोजक जागृत देवांगन, सनोद संयोजक ललित चांडक, सहसंयोजक चंपेश गुरूपंच, गुंडरदेही संयोजक मनीष गुप्ता, डौंडी संयोजक रुपेश जैन, सहसंयोजक विनय जायसवाल को बनाया गया है। संयोजक गोविंद वाधवानी ने बताया कि यह नियुक्तियां भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक सुभाष अग्रवाल के अनुमोदन तथा भाजपा जिला अध्यक्ष देशमुख की अनुशंसा के उपरांत की गई हैं। मंडल स्तर तक काम होगा उन्होंने बताया कि इन नियुक्तियों का उद्देश्य संगठन को मंडल स्तर तक और अधिक मजबूत बनाना, व्यापारी वर्ग के साथ सतत संवाद स्थापित करना तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी एवं व्यापारी हितैषी योजनाओं की जानकारी प्रत्येक व्यापारी तक पहुंचाना है। जिला संयोजक गोविंद वाधवानी ने कहा कि संयोजक एवं सह-संयोजक संगठन की रीति- नीति के अनुरूप राष्ट्रहित की भावना के साथ कार्य करेंगे।
अमृतसर पुलिस की बड़ी कामयाबी, व्यापारी पर फायरिंग करने वाले दोनों शूटर गिरफ्तार
पंजाब की अमृतसर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक व्यापारी पर फायरिंग करने वाले दोनों शूटरों को गिरफ्तार किया है।
एआई और डिजिटल तकनीक एमएसएमई, स्टार्टअप और निर्यातकों को नई ताकत दे सकती है: पीयूष गोयल
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डिजिटल तकनीकें एमएसएमई, स्टार्टअप, निर्यातकों और स्थानीय कारोबारों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं
संतकबीरनगर में करोड़ों रुपये की निवेश धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों की गिरफ्तारी रविवार देर शाम महुली क्षेत्र से की गई। सोमवार शाम करीब 5 बजे उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। जांच में खुलासा हुआ है कि एक आरोपी ने करीब चार करोड़ रुपये और दूसरे ने 50 लाख रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित की थी। धनघटा के सीओ अभय नाथ मिश्र ने बताया कि महुली थाना क्षेत्र के हटवा गांव निवासी संतलाल मौर्य की तहरीर पर 18 अक्टूबर 2025 को मुकदमा दर्ज किया गया था। मुख्य आरोपी धनंजय शुक्ला, उसकी सहयोगी रजनी प्रजापति समेत 13 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन की धाराओं में केस दर्ज किया गया था। आरोप है कि आरोपियों ने शेयर बाजार में बैंक से अधिक मुनाफा दिलाने का झांसा देकर लोगों से अपने खातों में बड़ी रकम जमा कराई। शिकायतकर्ता संतलाल मौर्य ने भी अपने परिजनों के माध्यम से 51 लाख रुपये निवेश किए थे, लेकिन न तो उन्हें कोई लाभ मिला और न ही मूलधन वापस किया गया। बाद में आरोपी कार्यालय बंद कर फरार हो गए और मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ कर लिए। 'एआईपीएल ट्रेडिंग' के नाम पर चलता था फर्जी निवेश का खेल पुलिस ने 18 मई 2026 को मुख्य आरोपी धनंजय शुक्ला और रजनी प्रजापति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। कस्टडी रिमांड के दौरान पूछताछ में पता चला कि आरोपी 'एआईपीएल ट्रेडिंग' नामक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए निवेशकों को फर्जी वर्चुअल बैलेंस और बढ़ता हुआ मुनाफा दिखाकर निवेश के लिए प्रेरित करते थे। जांच में यह भी सामने आया कि निवेश की रकम वास्तव में शेयर बाजार में नहीं लगाई जाती थी। नए निवेशकों से मिली राशि से पुराने निवेशकों को भुगतान किया जाता था। पुलिस के अनुसार, इस तरीके से करीब 30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई। दो और आरोपी गिरफ्तार, करोड़ों की संपत्ति खरीदी जांच के दौरान पुलिस ने महुली क्षेत्र के गायघाट निवासी विक्रांत प्रकाश सिंह और चंदहर निवासी सत्यप्रकाश यादव को गिरफ्तार किया। जांच में दोनों की भूमिका नए निवेशकों को जोड़ने, धनराशि एकत्र करने तथा बैंक खातों और नकद लेनदेन के जरिए अवैध लाभ कमाने में पाई गई। पुलिस के मुताबिक, विक्रांत ने करीब चार करोड़ रुपये और सत्यप्रकाश ने करीब 50 लाख रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित कर खजनी, सहजनवा और संतकबीरनगर क्षेत्र में अचल संपत्तियां खरीदी थीं। अन्य आरोपियों और संपत्तियों की जांच जारी पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य आरोपियों, उनकी भूमिका और अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों की भी जांच की जा रही है। जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
कर वसूली पूरी, सुविधाएं शून्य:व्यापारी नगर निगम पर भड़के, बोले नगर निगम को 'नरक निगम' बना दिया
कानपुर में जलभराव, चोक नालियों, ओवरफ्लो सीवर और शहर में फैली गंदगी के विरोध में उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल ने नगर निगम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार दोपहर दो बजे संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने नगर निगम मुख्यालय पहुंचकर अपर नगर आयुक्त संतोष यादव और महाप्रबंधक जलकल आनंद कुमार त्रिपाठी को ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने शहर की बदहाल सफाई व्यवस्था पर नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की मांग की। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि नगर निगम संपत्ति कर, स्वच्छता शुल्क, नाली कर, पार्किंग और विज्ञापन सहित विभिन्न मदों में करोड़ों रुपये की वसूली करता है। इसके बावजूद शहरवासियों और व्यापारियों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। संगठन ने कहा कि स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि लोग नगर निगम को व्यंग्य में 'नरक निगम' कहने लगे हैं, जिससे शहर की छवि प्रभावित हो रही है। ज्ञापन में जोन-2 के वार्ड-11 सफीपुर, वार्ड-24 कृष्णा नगर, वार्ड-26 गांधी ग्राम, वार्ड-46 यशोदा नगर और वार्ड-62 स्वर्ण जयंती विहार की समस्याओं का विशेष रूप से उल्लेख किया गया। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि इन क्षेत्रों में नियमित सफाई नहीं होती, नालियां और नाले सिल्ट से भरे हैं, सीवर ओवरफ्लो कर रहे हैं। कई स्थानों पर चेंबरों की टूटी या खुली पट्टियां हादसों का कारण बन रही हैं। बरसात में जलभराव और कूड़े के ढेर से संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। संगठन ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि हर वर्ष बरसात शुरू होने के बाद सड़कों की खुदाई और इंटरलॉकिंग उखाड़ने का काम शुरू कर दिया जाता है। इससे आम जनता और व्यापारियों की परेशानी कई गुना बढ़ जाती है। इसके अलावा, शिकायतों के बावजूद अधिकारी फोन नहीं उठाते और कंट्रोल रूम भी प्रभावी ढंग से काम नहीं करता। जिलाध्यक्ष महेश वर्मा ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो व्यापारी लोकतांत्रिक आंदोलन करेंगे। इस पूरे मामले को नगर आयुक्त, जिलाधिकारी और शासन स्तर तक उठाया जाएगा। इस दौरान संगठन के रवि सिंह, श्याम सुंदर, आनंद गुप्ता, विष्णु सोनी, अभय सिंह सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
खेरवाड़ा में संयुक्त व्यापार महासंघ संस्थान के दायित्व ग्रहण समारोह में सांसद सीपी जोशी ने शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने व्यापारी वर्ग को देश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ बताया। समारोह में अतिथियों ने खेरवाड़ा के विकास के लिए कुल एक करोड़ रुपये देने की घोषणा भी की। भारत चौथी आर्थिक शक्ति बन चुका है - जोशी चित्तौड़गढ़ सांसद और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी ने अपने संबोधन में कहा कि व्यापारी वर्ग प्रदेश और देश की अर्थव्यवस्था के विकास में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत चौथी आर्थिक शक्ति बन चुका है और जल्द ही तीसरी आर्थिक शक्ति बनेगा, जिसमें व्यापारियों का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने आगे बताया कि खेरवाड़ा कस्बे में एनएच 48 पर एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण जल्द शुरू होगा। इस परियोजना में स्थानीय व्यापार महासंघ की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। अध्यक्ष अमित कलाल और संरक्षक पारस जैन के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से दिल्ली में कई बार मुलाकात की थी। इस प्रतिनिधिमंडल में सीपी जोशी, सांसद डॉ. रावत और पूर्व सांसद अर्जुन लाल मीणा भी शामिल थे। वृक्षारोपण करने का आग्रह किया सांसद जोशी ने व्यापार महासंघ के पदाधिकारियों से वर्षा ऋतु में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत वृक्षारोपण करने का आग्रह किया। उन्होंने आगामी लोकसभा सत्र, जो 20 जुलाई से शुरू होगा, के दौरान सभी पदाधिकारियों को नई दिल्ली आकर लोकसभा देखने का निमंत्रण भी दिया। 10 करोड़ रुपये की लागत से बनेगी नहर समारोह की अध्यक्षता कर रहे उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने खेरवाड़ा क्षेत्र के विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने घोषणा की कि एनएच 48 पर जाने वाली नहर को 10 करोड़ रुपये की लागत से नया बनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, कस्बे के अस्पताल मार्ग पर 25 लाख रुपये की लागत से एक उद्यान और 25 लाख रुपये की लागत से एक पुस्तकालय का निर्माण भी किया जाएगा। रावत ने एकलव्य मॉडल स्कूल के सामने स्थित पहाड़ पर वाकिंग ट्रेक बनाने का भी सुझाव दिया। उन्होंने क्षेत्र में समाज व देश विरोधी मानसिकता को लेकर चल रहे दुष्प्रचार से भी सतर्क रहने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि भाजपा देहात जिला अध्यक्ष पुष्कर तेली ने संयुक्त व्यापार महासंघ के भवन निर्माण हेतु राशि उपलब्ध कराने तथा अति विशिष्ट अतिथि पूर्व विधायक नानालाल आहारी ने खेरवाड़ा मोक्ष धाम के लिए जनजाति विकास विभाग से 10 लाख रुपए दिलाने की भी घोषणा की । प्रारंभ में व्यापार महासंघ के नवनिर्वाचित अध्यक्ष अमित कलाल ने स्वागत उद्बोधन दिया तथा संस्थापक संरक्षक पारस जैन ने महासंघ की स्थापना 1983 से लेकर वर्तमान समय तक का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। ये कार्यकर्ता-पदाधिकारी और आमजन रहे मौजूद समारोह में मुख्य अतिथि सीपी जोशी ने महासंघ के नवनिर्वाचित अध्यक्ष अमित कलाल, महामंत्री नरेंद्र पंचोली, वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रमोद अग्रवाल, उपाध्यक्ष गजेंद्र कोठारी, गुणवंत फढ़िया, प्रेमचंद कलाल, गणेश कलाल, धनपाल शाह एवं नरेश पटेल, मंत्री मुकेश सिसोदिया, नरेंद्र मुडलिया, मुकेश कलाल, मनीष चौबीसा, विशाल पंचोली, कोषाध्यक्ष लव सीतलानी, सह कोषाध्यक्ष मुकेश बी कलाल, प्रचार प्रचार मंत्री धर्मेंद्र जैन ,संगठन मंत्री प्रवीण कलाल,सह संगठन मंत्री अंकित पटेल, प्रवक्ता माजूम जैन, सह प्रवक्ता गौरव वाधवानी, मीडिया प्रभारी सुनील राजपुरोहित एवं विशेष आमंत्रित कार्यकारिणी सदस्य राजेंद्र कोठारी, बजरंग अग्रवाल, श्याम सुंदर कोठारी, हसमुख जैन, रविंद्र जोधावत, पोपट कलाल, अशोक कलाल , पुष्कर पंचोली, नानजी भाई पटेल, नईमुद्दीन रिजवी, नरेश मोची, रमेश चंद्र जोधावत एवं भरत कुमार भाटिया को पद एवं गोपनीयता की शपथ एवं दायित्व ग्रहण कराया। समारोह में पूर्व प्रधान अमृतलाल डामोर, खेरवाड़ा सरपंच लक्ष्मी देवी आहारी, उप सरपंच विक्रांत कोठारी ,प्रसिद्ध कवि बलवंत जैन बल्लू, देवनारायण पटेल ओडा ग्रुप, डॉक्टर दिनेश बंसल, महेश चंद्र कलाल, आनंद जैन सहित ऋषभदेव ,उदयपुर, डूंगरपुर के व्यापार संघ के प्रतिनिधि सहित कस्बे के व्यापारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। संचालन समाजसेवी हेमंत मेहता ने किया और आभार महामंत्री नरेंद पंचोली ने ज्ञापित किया।
कैथल में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने हरियाणा की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने रोहतक स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (UHSR) द्वारा मेडिकल और पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों की फीस में की गई बढ़ोतरी को छात्रों के भविष्य पर डकैती और खुली वसूली करार दिया। कहा-युवा हो रहे प्रताड़ित सुरजेवाला ने कहा कि हरियाणा में डॉक्टर, नर्स और फार्मासिस्ट बनने का सपना देखने वाले गरीब और मध्यमवर्गीय युवाओं के अरमानों पर सरकार ने महंगाई का एक नया नायब बम फोड़ दिया है। हर साल 10% की अतिरिक्त सालाना वृद्धि और 20 हजार रुपए तक की लेट फीस का आतंक युवाओं को मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है। फीस में हुई भारी बढ़ोतरी का विवरण साझा किया सुरजेवाला ने फीस में हुई भारी बढ़ोतरी का विस्तृत विवरण साझा करते हुए लूट का पूरा गणित बेतहाशा फीस वृद्धि करार दिया। सुरजेवाला कहा कि सरकार ने शिक्षा को व्यापार बना दिया है। MBBS प्रति वर्ष की फीस को सीधे ढाई हजार से बढ़ाकर 10 हजार रुपए कर दिया। एमफार्मा फीस को तीन से सीधे बढ़ाकर 12 हजार कर दिया। बीपीटी को 4500 रुपए कर दिया गया है। एमडी व एमएस फीस को ढाई हजार से सीधे 20 हजार कर दिया गया है। बढ़ी फीस वापस लेने की मांग राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने चेतावनी देते हुए कहा कि यह मार सिर्फ यहीं नहीं रुकती। नई दरें 1 अगस्त से लागू होने जा रही हैं और आने वाले 5 वर्षों तक हर साल फीस में 10% की अतिरिक्त सालाना वृद्धि का प्रावधान कर छात्रों को परमानेंट आर्थिक संकट में धकेल दिया गया है। कांग्रेस पार्टी इस फैसले का पुरजोर विरोध करती है और मांग करती है कि बढ़ी हुई फीस के आदेश को तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाए। यदि सरकार ने यह फैसला वापस नहीं लिया तो कांग्रेस सड़कों से लेकर विधानसभा तक छात्रों के हक की लड़ाई लड़ेगी।
पंजाब संयुक्त मुलाजिम मंच और पंजाब मुलाजिम व पेंशनर्स फ्रंट के बैनर तले सोमवार को विभिन्न विभागों के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों ने संगरूर से आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर के बरनाला स्थित आवास का तीखा घेराव किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार की कथित कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस रोष प्रदर्शन से पहले मुलाजिम नेताओं बलजिंदर प्रभु, तरसेम भट्ठल, दर्शन चीमा, मोहन सिंह छन्ना, मनोहर लाल अरोड़ा, जगराज रामा, सुखजंट सिंह और गमदूर सिंह की अगुवाई में स्थानीय कचहरी चौक में एक विशाल धरना दिया गया, जिसके बाद सभी प्रदर्शनकारी मार्च करते हुए सांसद के आवास तक पहुंचे। रैली को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने सरकार के सामने अपनी मांगें रखीं। कर्मचारियों और पेंशनर्स की प्रमुख मांगें: महंगाई भत्ता (DA): बकाया 18 प्रतिशत महंगाई भत्ते की किस्तें तुरंत जारी की जाएं। भत्ते और पेंशन योजना: एसीपी (ACP) भत्ता दोबारा लागू किया जाए और पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल हो। वेतन आयोग में सुधार: पंजाब के कर्मचारियों पर 17 जुलाई 2020 के पत्र के जरिए लागू किए गए केंद्रीय वेतन आयोग के फैसले को रद्द किया जाए। प्रोबेशन पीरियड: प्रोबेशन (परख काल) अवधि बढ़ाने वाले 15 जनवरी 2015 के पत्र को तुरंत वापस लिया जाए। पेंशन संशोधन: पेंशनर्स को 2.59 के गुणांक (मल्टीप्लिकेशन फैक्टर) के अनुसार संशोधित पेंशन दी जाए। कच्चे मुलाज़िम व न्यूनतम मजदूरी: सभी कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए और मानभत्ते (मानदेय) पर काम करने वाली महिलाओं पर न्यूनतम मजदूरी कानून लागू हो। 15 जुलाई को मोहाली कूच की चेतावनी कर्मचारी नेताओं ने स्पष्ट किया कि सांसद के आवास का घेराव उनके आंदोलन का दूसरा चरण है। अपनी मांगों को लेकर संघर्ष को और तेज करने का एलान करते हुए नेताओं ने बताया कि अगले पड़ाव के रूप में 15 जुलाई को बड़ी संख्या में कर्मचारी और पेंशनर्स मोहाली की तरफ कूच करेंगे। उन्होंने सभी संगठनों और साथियों से अभी से इस राज्य स्तरीय आंदोलन की तैयारियां शुरू करने की अपील की है।
बिलासपुर में व्यापार विहार स्थित 21 लाख लीटर क्षमता वाली पानी टंकी की सफाई लगातार बारिश के कारण स्थगित कर दी गई है। नगर निगम के नल जल विभाग ने पहले शाम की पानी आपूर्ति बाधित होने की सूचना दी थी, लेकिन अब यह अपने निर्धारित समय पर होगी। नगर निगम के नल जल विभाग के प्रभारी और कार्यपालन अभियंता अनुपम तिवारी ने बताया कि व्यापार विहार टंकी की सफाई अब मौसम साफ होने पर की जाएगी। इस कारण पानी की आपूर्ति सुचारू रहेगी। उन्होंने यह भी बताया कि सुबह पर्याप्त पानी की आपूर्ति की गई थी, ताकि लोग टंकी की सफाई के दौरान अपनी आवश्यकतानुसार पानी जमा कर सकें। तिवारी ने जानकारी दी कि शासन के निर्देशानुसार 15 जुलाई तक शहर की सभी पानी टंकियों की सफाई पूरी की जानी है। अब तक शहर की कुल 60 टंकियों में से 32 की सफाई हो चुकी है। इन टंकियों की सफाई का ठेका मयंक मिश्रा को 1 पैसे प्रति लीटर (टंकी की क्षमता के अनुसार) की दर पर दिया गया है। व्यापार विहार पानी टंकी से तालापारा, मरीमाई रोड, भारत चौक, कुम्हारपारा, ग्रीन पार्क कॉलोनी, अज्ञेयनगर, विनोबा नगर, क्रांति नगर और बैंक कॉलोनी जैसे क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति की जाती है।
वैश्विक संकेतों के बीच हरे निशान में खुला भारतीय शेयर बाजार
मुंबई, मिलेजुले वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार सोमवार को हरे निशान में खुला। सुबह 9:21 पर सेंसेक्स 280 अंक या 0.36 प्रतिशत की तेजी के साथ 78,044 और निफ्टी 76 अंक या 0.32 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,348 पर था।
नागौर जिले की पीह ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच और पूर्व छात्र नेता अमरचंद जाजड़ा के बड़े भाई देवकरण जाजड़ा (35) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। अजमेर में JLN अस्पताल को सोमवार सुबह से ही परिजन, ग्रामीण और समाज के लोग मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठे हुए हैं। उनकी मांग है कि पुलिस हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार करे, मृतक का मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान जब्त कर निष्पक्ष जांच की जाए। मांगें पूरी होने पर ही पोस्टमॉर्टम कराने और शव उठाने की बात कही जा रही है। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए मौके पर 2 डीएसपी (DSP) सहित 4 थानों का पुलिस जाब्ता तैनात किया गया है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार परिजनों से समझाइश में जुटे हैं। 5-6 महीने से रची जा रही थी साजिश पीह के पूर्व सरपंच अमरचंद जाजड़ा ने बातचीत में आरोप लगाया कि उनके भाई की मौत सामान्य नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या है। उनका कहना है कि पिछले पांच-छह महीनों से देवकरण की हत्या की साजिश रची जा रही थी। इस संबंध में संदिग्ध लोगों के नाम पुलिस को दिए जा चुके हैं और उन्हें तत्काल हिरासत में लेने की मांग की गई है। उन्होंने बताया कि मामला व्यापारिक रंजिश से जुड़ा हो सकता है। देवकरण रविवार सुबह करीब 11:30 बजे घर से निकले थे। शाम करीब 4:30 बजे गेगल थाना पुलिस का फोन आया कि उनकी तबीयत खराब होने पर उन्हें जेएलएन (JLN) अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके साथ ही भाई की गाड़ी की चाबी, मोबाइल सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान भी वहां नहीं मिले हैं। 'मेरे पीछे पुलिस लगी है... मुझे बचाओ' पोस्टमॉर्टम से पहले कार्रवाई की मांग परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि जब तक हत्या का मामला दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक वे पोस्टमॉर्टम कराने और शव लेने को तैयार नहीं होंगे। इसी मांग को लेकर सोमवार को मोर्चरी के बाहर धरना जारी रहा। सांसद-विधायक ने की निष्पक्ष जांच की मांग मामले को लेकर नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने प्रथम दृष्टया इसे हत्या का मामला बताते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। वहीं, परबतसर विधायक रामनिवास गावड़िया ने भी घटना पर दुख जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस जुटा रही वैज्ञानिक साक्ष्य एडिशनल एसपी (ग्रामीण) डॉ. लालचंद कायल ने बताया- परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम कराने की तैयारी की जा रही है। एफएसएल (FSL) टीम ने घटनास्थल, कार और आसपास से साक्ष्य जुटाए हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। ये खबर भी पढ़िए.. पूर्व सरपंच के भाई की संदिग्ध स्थिति में मौत:आरोप- नशीला पदार्थ देकर की हत्या; अजमेर के जेएलएन अस्पताल में जुटे लोग नागौर के पीह गांव के पूर्व सरपंच और प्रशासक अमरचंद जाजड़ा के भाई देवकरण जाजड़ा की अजमेर में संदिग्ध स्थिति में रविवार को मौत हो गई। पढ़ें पूरी खबर
झारखंड में औद्योगिक विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने दो महत्वपूर्ण नीतियों का ड्राफ्ट जारी किया है। उद्योग निदेशालय की ओर से झारखंड टेक्सटाइल, परिधान एवं फुटवियर नीति-2026 तथा झारखंड औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति 2026 का प्रारूप सार्वजनिक किया गया है। इन नीतियों के माध्यम से राज्य में निवेश के अवसरों को बढ़ाने और औद्योगिक ढांचे को मजबूत करने की योजना बनाई गई है। सरकार का लक्ष्य है कि बदलती वैश्विक और घरेलू औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप नीतियों को तैयार कर झारखंड को निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बनाया जाए। सिंगल विंडो पोर्टल पर उपलब्ध है ड्राफ्ट राज्य सरकार ने इन दोनों नीतियों पर उद्योग जगत, विशेषज्ञों, निवेशकों और आम नागरिकों से सुझाव एवं प्रतिक्रिया आमंत्रित की है। इसके लिए दोनों नीतियों का विस्तृत प्रारूप झारखंड सिंगल विंडो पोर्टल पर उपलब्ध कराया गया है। सरकार का मानना है कि व्यापक विचार-विमर्श और विभिन्न हितधारकों के सुझावों के आधार पर नीति को अंतिम रूप देने से यह अधिक व्यवहारिक और प्रभावी बन सकेगी। उद्योगपतियों की जरूरतों और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए नीति तैयार करने से राज्य में निवेश का माहौल बेहतर होगा और नए उद्योग स्थापित होने की संभावना बढ़ेगी। दिल्ली में दो दिवसीय वैश्विक परामर्श, सीएम करेंगे अध्यक्षता इसी क्रम में 8 और 9 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में वैश्विक स्तर का हितधारक परामर्श कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दो दिवसीय कार्यक्रम में देशभर के उद्योगपति, विनिर्माण क्षेत्र के प्रतिनिधि, टेक्सटाइल विशेषज्ञ, निवेशक और अर्थशास्त्री भाग लेंगे। 9 जुलाई को आयोजित विशेष फीडबैक सत्र की अध्यक्षता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे। इस दौरान नीतियों पर विस्तृत चर्चा होगी और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ अपने सुझाव साझा करेंगे, जिससे नीति को और बेहतर बनाया जा सके। एमओयू पर हस्ताक्षर की संभावना सरकार को उम्मीद है कि इस परामर्श कार्यक्रम के दौरान कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। इससे राज्य में औद्योगिक निवेश और तकनीकी सहयोग को नई गति मिलेगी। साथ ही, रोजगार के नए अवसर सृजित होने की संभावना भी बढ़ेगी। सरकार का मानना है कि पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल नीतियों के जरिए झारखंड को एक प्रमुख औद्योगिक हब के रूप में विकसित किया जा सकता है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे। इन बड़ी कंपनियों के साथ होगी चर्चा बैठक में आईटी क्षेत्र की प्रमुख कंपनियां टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंफोसिस, विप्रो, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा, एलटीआई माइंडट्री, कॉग्निजेंट, एक्सेंचर, आईबीएम इंडिया और कैपजेमिनी इंडिया के प्रतिनिधि शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील, लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी), महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर, मारुति सुजुकी इंडिया, जेएसडब्ल्यू स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट और ग्रासिम इंडस्ट्रीज सहित कई प्रमुख औद्योगिक समूहों तथा विभिन्न उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। पारदर्शी व सहभागी नीति पर जोर उद्योग निदेशालय के अनुसार, ड्राफ्ट नीतियों को सार्वजनिक करना सरकार की पारदर्शी और सहभागी नीति निर्माण प्रक्रिया का हिस्सा है। इससे मंत्रिमंडल की अंतिम मंजूरी से पहले विभिन्न वर्गों के सुझावों और अनुभवों को शामिल कर नीतियों को अधिक व्यावहारिक एवं प्रभावी बनाया जा सकेगा। निदेशालय का कहना है कि इन नीतियों का उद्देश्य झारखंड को निवेश के लिए अधिक आकर्षक बनाना, औद्योगिक विकास को नई दिशा देना तथा राज्य को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मजबूत आधार तैयार करना है। इन नीतियों पर भी निर्णय की है संभावना विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए उद्योग विभाग में यूरोपीय कंपनियों के लिए एक विशेष कोषांग (सेल) स्थापित करने की भी योजना है। इसके माध्यम से विदेशी निवेशकों को आवश्यक मार्गदर्शन, अनुमतियां और अन्य प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। नई नीतियों में खनन, आधारभूत संरचना, इस्पात, निर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा, ऑटोमोबाइल, खाद्य प्रसंस्करण और विनिर्माण क्षेत्र पर विशेष फोकस रहेगा। ईवी नीति में मिल सकती हैं नई रियायतें प्रस्तावित संशोधनों के तहत इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति में विनिर्माण इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए निवेश सब्सिडी को और आकर्षक बनाए जाने की संभावना है। मशीनरी, प्रदूषण नियंत्रण उपकरण और हरित ऊर्जा उपकरणों पर अतिरिक्त प्रोत्साहन देने के साथ भूमि आवंटन पर अधिकतम लीज प्रीमियम में छूट पर भी विचार किया जा रहा है। फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा फूड एंड फीड प्रोसेसिंग नीति में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए संशोधन किए जाने की संभावना है। विशेषकर जनजातीय विकास परियोजना क्षेत्रों में स्थापित होने वाली इकाइयों को प्लांट एवं मशीनरी, तकनीकी सिविल कार्यों और मेगा परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जा सकता है।
भरतपुर में शनिवार रात लूट की कोशिश के दौरान गोली लगने से घायल हुए बर्तन व्यापारी की जयपुर के एसएमएस हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मौत हो गई। बदमाश उनसे करीब 5 लाख रुपए से भरा बैग लूटने की कोशिश कर रहे थे। चंद्रभान ने बैग नहीं छोड़ा, तो बदमाशों ने उनके पेट में गोली मार दी। गोली लगने के बाद वह बाइक चलाकर भरतपुर के आरबीएम हॉस्पिटल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक इलाज किया। शनिवार रात करीब 12:30 बजे उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। इसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें जयपुर के SMS हॉस्पिटल रेफर कर दिया। वहां ऑपरेशन कर उनके पेट से गोली निकाली गई। ऑपरेशन के बाद उन्हें वार्ड में शिफ्ट किया गया, लेकिन इलाज के दौरान रविवार रात करीब 1:30 बजे उनकी मौत हो गई। परिजनों ने SMS हॉस्पिटल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। वहीं, व्यापारी की मौत के बाद व्यापारियों में भारी नाराजगी है। उन्होंने पुलिस को दो दिन के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार करने का अल्टीमेटम दिया है। ऐसा नहीं होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी है। मथुरा से लौटते समय बदमाश पीछे लग गए मृतक के बेटे केशव निवासी सुभाष नगर ने बताया कि शनिवार को उनके पिता चंद्रभान (46) मथुरा में प्लॉट देखने गए थे। उनके साथ दुकान पर काम करने वाला एक युवक भी था। चंद्रभान अपने साथ 5 लाख रुपए भी लेकर गए थे। भरतपुर लौटते समय तीन बाइक सवार बदमाश उनका पीछा करने लगे। पहले दुकान पर काम करने वाले युवक को उसके घर छोड़ा। इसके बाद जब वह अपने घर की तरफ जा रहे थे, तब अनोखी होटल के पास तीन बाइक सवार बदमाशों ने रुपयों से भरा बैग छीनने की कोशिश की। चंद्रभान ने बैग नहीं छोड़ा तो बदमाशों ने उनके पेट में गोली मार दी और मौके से फरार हो गए। खुद बाइक चलाकर पहुंचे हॉस्पिटल पेट में गोली लगने के बाद भी चंद्रभान ने हिम्मत नहीं हारी। दर्द और खून बहने के बावजूद उन्होंने खुद ही अपनी बाइक संभाली और सीधे भरतपुर के आरबीएम हॉस्पिटल पहुंच गए। हॉस्पिटल पहुंचते ही उन्होंने अपने परिजनों को फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिवार के लोग घबराए हुए हॉस्पिटल पहुंचे। डॉक्टरों ने तुरंत उनका इलाज शुरू किया और गंभीर हालत को देखते हुए आईसीयू में भर्ती कर लिया। शनिवार रात करीब 12:30 बजे उनकी हालत अचानक ज्यादा बिगड़ गई। इसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए जयपुर के एसएमएस हॉस्पिटल रेफर कर दिया। वहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर उनके पेट में फंसी गोली निकाल दी। ऑपरेशन के बाद उन्हें वार्ड में शिफ्ट किया गया, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। इलाज के दौरान रविवार रात करीब 1:30 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। चंद्रभान की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिवार ने एसएमएस हॉस्पिटल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है और पूरे मामले की जांच की मांग की है। परिवार में तीन बच्चे, व्यापारियों में रोष चंद्रभान के परिवार में तीन बच्चे हैं। सबसे बड़ा बेटा केशव 25 साल का है, बेटी डिम्पल 30 साल की है और सबसे छोटा बेटा कान्हा 16 साल का है। चंद्रभान अपने बेटे केशव के साथ बर्तन की दुकान संभालते थे। उनकी मौत के बाद भरतपुर के व्यापारियों में रोष है। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि अगर दो दिन के अंदर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो वे आंदोलन करेंगे।
इंदौर में ओटीटी सब्सक्रिप्शन बंद कराने के बहाने एक दवा व्यापारी और उनकी पत्नी के बैंक खातों से 1.08 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित ने गूगल पर मिले एक कथित कस्टमर केयर नंबर पर कॉल किया था। आरोपी ने पहले 5 रुपए ट्रांसफर कर प्रक्रिया पूरी करने का झांसा दिया। इसके कुछ ही देर बाद मोबाइल स्क्रीन बंद हो गई और दोनों के बैंक खातों से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए 1.08 लाख रुपए निकाल लिए गए। पीड़ित की शिकायत पर जूनी इंदौर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गूगल से मिला नंबर बना ठगी की वजहसाइबर सेल में गोपाल कॉलोनी निवासी निर्मल नवलानी ने शिकायत दर्ज कराई। वे दवा व्यापारी हैं और उन्होंने अलग-अलग ओटीटी प्लेटफॉर्म के सब्सक्रिप्शन ले रखे थे। 4 जून को दवा बाजार स्थित कार्यालय से उन्होंने गूगल पर जियो हॉटस्टार का सब्सक्रिप्शन बंद कराने के लिए एक नंबर खोजा। कॉल करने पर सामने वाले व्यक्ति ने खुद को कस्टमर सपोर्ट प्रतिनिधि बताया और सब्सक्रिप्शन बंद कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी। 5 रुपए ट्रांसफर करते ही मोबाइल स्क्रीन हुई बंदआरोपी ने निर्मल से कहा कि प्रक्रिया पूरी करने के लिए पहले 5 रुपए एक खाते में ट्रांसफर करने होंगे। निर्मल ने अपने गूगल पे से राशि भेज दी। इसके कुछ ही देर बाद मोबाइल की स्क्रीन बंद हो गई। मोबाइल दोबारा चालू करने पर बैंक ट्रांजेक्शन के लगातार मैसेज आने लगे। पति-पत्नी के खातों से कुल 1.08 लाख रुपए निकलेसबसे पहले बैंक ऑफ बड़ौदा खाते से 8 हजार रुपए और फिर 50 हजार रुपए निकल गए। इसके बाद निर्मल की पत्नी शारदा के खाते से 20 हजार और 30 हजार रुपए के दो ट्रांजेक्शन हो गए। इस तरह दोनों खातों से कुल 1 लाख 8 हजार रुपए की ठगी कर ली गई। बैंक खाते फ्रीज कराए, फिर FIR दर्ज हुईनिर्मल को ठगी का संदेह होते ही उन्होंने तत्काल बैंक से संपर्क कर दोनों खाते फ्रीज कराए। इसके बाद साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। बाद में उन्हें जूनी इंदौर थाने भेजा गया, जहां पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। पुलिस आरोपियों के बैंक खातों और ट्रांजेक्शन की जानकारी जुटाकर जांच कर रही है।
राजापार्क में चश्मा व्यापारी का शव फंदे से लटका मिला
जयपुर | आदर्श नगर थाना क्षेत्र में राजापार्क स्थित एक होटल के कमरे में 32 वर्षीय चश्मा व्यापारी का शव फंदे से लटका हुआ मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने रविवार को कमरे का दरवाजा तोड़कर शव बाहर निकाला। एसएमएस अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। थानाप्रभारी मनीष गुप्ता ने बताया कि मृतक की पहचान राजापार्क निवासी मानव छावड़ा (32) के रूप में हुई है। उसने गुरुवार को गली नंबर-2 स्थित होटल साहिब में कमरा बुक कराया था। रविवार दोपहर कंट्रोल रूम से सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। दरवाजा तोड़ने पर युवक पंखे से बिस्तर पर बिछाए जाने वाले कपड़े के सहारे फंदे से लटका मिला। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतक के खिलाफ रुपए के लेनदेन से जुड़ा एक मामला न्यायालय में विचाराधीन था और शुक्रवार को उसकी पेशी भी हुई थी। पुलिस को पारिवारिक विवाद और पत्नी से तलाक को लेकर तनाव की जानकारी भी मिली है।
एडवाइजरी:पुराने ई-कॉमर्स खाते से साइबर ठगी का खतरा, पासवर्ड बदलने की चेतावनी
ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म पर बनाए गए पुराने और लंबे समय से उपयोग में नहीं आ रहे ई-कॉमर्स अकाउंट अब साइबर ठगों के निशाने पर हैं। राज्य साइबर पुलिस के अनुसार पिछले एक वर्ष में ऐसे करीब 30 मामले सामने आए हैं। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ठग निष्क्रिय अकाउंट में सेव भुगतान माध्यम, कार्ड डिटेल और रिवॉर्ड पॉइंट्स का दुरुपयोग कर रहे हैं। अधिकांश लोग ऐसे अकाउंट की नियमित निगरानी नहीं करते, जिससे अनधिकृत गतिविधियों का पता देर से चलता है। पुलिस ने उपयोग में नहीं आने वाले अकाउंट से सेव कार्ड डिटेल हटाने और पासवर्ड बदलने की सलाह दी है। साइबर पुलिस का कहना है कि कई लोग ऑनलाइन खरीदारी के लिए अकाउंट बनाते समय कार्ड या अन्य भुगतान संबंधी जानकारी सेव कर देते हैं। बाद में वे अकाउंट का इस्तेमाल बंद कर देते हैं। फिर भी उसमें मौजूद वित्तीय जानकारी हटाना भूल जाते हैं। साइबर अपराधी इसी लापरवाही का फायदा उठाते हैं। इस तरह की शिकायतें राज्य साइबर पुलिस और जिला साइबर पुलिस के पास आए दिन आ रही हैं। इस तरह बढ़ती ठगी को लेकर आरबीआई, बैंक, पुलिस अपने-अपने माध्यमों से लोगों के लिए एडवाइजरी जारी कर रहे हैं। अलग-अलग तरीकों से वारदात इसके लिए ठग अकाउंट तक पहुंच बनाने के कई तरीके अपनाते हैं। इनमें डेटा लीक से मिले पासवर्ड, फिशिंग लिंक, फर्जी मैसेज, मालवेयर, सिम स्वैप जैसी तकनीकें शामिल हैं। बड़ी संख्या में लोग अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर एक ही पासवर्ड का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में किसी एक प्लेटफॉर्म से डेटा लीक होने पर साइबर अपराधी उसी पासवर्ड से अन्य शॉपिंग अकाउंट्स में लॉग-इन की कोशिश करते हैं। अकाउंट तक पहुंचते ही खरीदारी शुरू: एक बार अकाउंट तक पहुंच मिलने के बाद ठग सेव किए गए कार्ड या भुगतान माध्यमों का इस्तेमाल कर खरीदारी कर सकते हैं। वे रिवॉर्ड पॉइंट्स का दुरुपयोग भी कर सकते हैं। अकाउंट निष्क्रिय होता है। इसलिए कई बार ग्राहकों को लंबे समय तक इसकी जानकारी नहीं मिलती। सावधान…आपके पास भी ऐसा अकाउंट है पिछले 6 से 12 महीने से अकाउंट में लॉग-इन नहीं किया है। { कार्ड या भुगतान संबंधी जानकारी सेव है। { लंबे समय से पासवर्ड नहीं बदला है। { ट्रांजेक्शन अलर्ट नियमित रूप से नहीं देखते हैं। { एक ही पासवर्ड कई एप और वेबसाइट पर इस्तेमाल करते हैं। बचाव के 6 आसान उपाय ऐसे हटाएं सेव कार्ड डिटेल इसलिए बढ़ रहा है खतरा ऑनलाइन खरीदारी बढ़ने के साथ लोगों के कई ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर अकाउंट बन गए हैं। इनमें से बड़ी संख्या ऐसे अकाउंट्स की है, जिनका कई साल से इस्तेमाल नहीं हुआ। फिर भी उनमें भुगतान संबंधी जानकारी अब भी मौजूद है। साइबर अपराधी इन्हीं निष्क्रिय अकाउंट्स को आसान टारगेट मानकर हमला कर रहे हैं।
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने रविवार को प्रदेश कार्यालय में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित किया। नेताओं ने डॉ. मुखर्जी के राष्ट्रवाद को याद करते हुए उन्हें अखंड भारत का शिल्पकार बताया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि डॉ. मुखर्जी के ''एक देश में दो विधान, दो निशान और दो प्रधान नहीं चलेंगे' के संकल्प को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धारा 370 हटाकर पूरा किया। आज भारत 90 देशों को रक्षा उत्पाद निर्यात कर रहा है और मप्र में भी देश की नामी कंपनियों ने इस साल के पहले 6 महीनों में 86 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव दिए हैं। पार्टी सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश ने कहा कि देश की आजादी के बाद अखंडता के लिए पहला बलिदान डॉ. मुखर्जी ने दिया। उनकी दूरदृष्टि से पूर्वी पाकिस्तान के लिए गलियारा मांगने की पाकिस्तानी साजिश नाकाम हुई और पश्चिम बंगाल भारत का हिस्सा बना रहा। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि डॉ. मुखर्जी के विचारों से ही भाजपा विश्व का सबसे बड़ा दल बनी है। हमारे लिए बूथ केवल मतदान केंद्र नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण की इकाई है। प्रदेश भाजपा कार्यालय में सम्मेलन का शुभारंभ करते सह संगठन मंत्री शिवप्रकाश, प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल और सीएम मोहन यादव व अन्य। ताजा मुद्दों पर चर्चा, नरोत्तम के नाम पर भी मुहर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच चल रहे सियासी मुद्दे, प्रदेश कार्यसमिति और मंत्रियों के कामकाज-बयानबाजी को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के बीच डेढ़ घंटे अहम चर्चा हुई। बैठक 74 बंगले के बी-15 निवास पर हुई। इसमें दतिया में पार्टी प्रत्याशी की घोषणा की औपचारिकता पर भी बात हुई। कोर ग्रुप से बातचीत की परंपरा पूरी करके दो-तीन दिन के भीतर पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा का नाम जारी कर दिया जाएगा। बताया जा रहा है कि विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों पर भी शिवप्रकाश ने बात की। शाम को रवाना होने से पहले शिवप्रकाश ने खंडेलवाल से अलग से बात की। यह बैठक भी करीब एक घंटे तक चली। इसके बारे में सूत्रों का कहना है कि 15 जुलाई के बाद प्रस्तावित प्रदेश कार्यसमिति बैठक की जानकारी शिवप्रकाश को दी गई। साथ ही निगम-मंडलों में बची हुई नियुक्ति के बारे में बताया गया। शाम की बैठक में मुख्यमंत्री को भी रहना था, लेकिन वे दतिया चले गए थे।
निवेशकों की सलाह के अनुसार होंगी राज्य की औद्योगिक नीतियां, दो के ड्राफ्ट जारी
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे फीडबैक सत्र की अध्यक्षता झारखंड में औद्योगिक विकास को नई गति देने और निवेश के अवसर बढ़ाने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। उद्योग निदेशालय ने झारखंड टेक्सटाइल, परिधान एवं फुटवियर नीति-2026 तथा झारखंड औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति -2026 का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। सरकार ने इन दोनों नीतियों पर उद्योग जगत, विशेषज्ञों, निवेशकों और आम नागरिकों से सुझाव एवं प्रतिक्रिया आमंत्रित की है। दोनों नीतियों का विस्तृत प्रारूप झारखंड सिंगल विंडो पोर्टल पर सार्वजनिक किया गया है, ताकि व्यापक विचार-विमर्श और विभिन्न हितधारकों से प्राप्त सुझावों के आधार पर इन्हें अंतिम रूप दिया जा सके। सरकार का उद्देश्य आधुनिक औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप नीतियां तैयार कर राज्य में घरेलू और वैश्विक निवेश को प्रोत्साहित करना है। सरकार का मानना है िक उद्योगपतियों के सुझाव और सुविधा के अनुसार औद्योगिक नीतियां तैयार होने से राज्य में िनवेश बढ़ेगा। इसी क्रम में 8 और 9 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में वैश्विक स्तर का हितधारक परामर्श (स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन) कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। 9 जुलाई को होने वाले विशेष फीडबैक सत्र की अध्यक्षता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे। दो दिवसीय कार्यक्रम में देशभर के उद्योगपति, विनिर्माण क्षेत्र के प्रतिनिधि, टेक्सटाइल विशेषज्ञ, निवेशक और अर्थशास्त्री भाग लेंगे। बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। इससे राज्य में औद्योगिक निवेश, तकनीकी सहयोग और रोजगार सृजन को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। इन नीतियों पर भी िनर्णय की है संभावना... यूरोपीय निवेशकों के लिए विशेष कोषांग विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए उद्योग विभाग में यूरोपीय कंपनियों के लिए एक विशेष कोषांग (सेल) स्थापित करने की भी योजना है। इसके माध्यम से विदेशी निवेशकों को आवश्यक मार्गदर्शन, अनुमतियां और अन्य प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। नई नीतियों में खनन, आधारभूत संरचना, इस्पात, निर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा, ऑटोमोबाइल, खाद्य प्रसंस्करण और विनिर्माण क्षेत्र पर विशेष फोकस रहेगा। इन बड़ी कंपनियों के साथ होगी चर्चा बैठक में आईटी क्षेत्र की प्रमुख कंपनियां टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंफोसिस, विप्रो, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा, एलटीआई माइंडट्री, कॉग्निजेंट, एक्सेंचर, आईबीएम इंडिया और कैपजेमिनी इंडिया के प्रतिनिधि शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील, लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी), महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर, मारुति सुजुकी इंडिया, जेएसडब्ल्यू स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट और ग्रासिम इंडस्ट्रीज सहित कई प्रमुख औद्योगिक समूहों तथा विभिन्न उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। पारदर्शी व सहभागी नीति पर जोर उद्योग निदेशालय के अनुसार, ड्राफ्ट नीतियों को सार्वजनिक करना सरकार की पारदर्शी और सहभागी नीति निर्माण प्रक्रिया का हिस्सा है। इससे मंत्रिमंडल की अंतिम मंजूरी से पहले विभिन्न वर्गों के सुझावों और अनुभवों को शामिल कर नीतियों को अधिक व्यावहारिक एवं प्रभावी बनाया जा सकेगा। निदेशालय का कहना है कि इन नीतियों का उद्देश्य झारखंड को निवेश के लिए अधिक आकर्षक बनाना, औद्योगिक विकास को नई दिशा देना तथा राज्य को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मजबूत आधार तैयार करना है। फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा फूड एंड फीड प्रोसेसिंग नीति में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए संशोधन िकए जाने की संभावना है। विशेषकर जनजातीय विकास परियोजना क्षेत्रों में स्थापित होने वाली इकाइयों को प्लांट एवं मशीनरी, तकनीकी सिविल कार्यों और मेगा परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन िदया जा सकता है। ईवी नीति में मिल सकती हैं नई रियायतें प्रस्तावित संशोधनों के तहत इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति में विनिर्माण इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए निवेश सब्सिडी को और आकर्षक बनाए जाने की संभावना है। मशीनरी, प्रदूषण नियंत्रण उपकरण और हरित ऊर्जा उपकरणों पर अतिरिक्त प्रोत्साहन देने के साथ भूमि आवंटन पर अधिकतम लीज प्रीमियम में छूट पर भी विचार किया जा रहा है।
अरवल जिला मुख्यालय के जनकपुर धाम इलाके में पुलिस ने कथित देह व्यापार के एक नेटवर्क के खिलाफ छापेमारी कर 8 नाबालिग लड़कियों को रेस्क्यू किया। इस कार्रवाई के दौरान महिला संचालिकाओं सहित कुल 14 लोगों को हिरासत में लिया गया। गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई पुलिस के अनुसार, जनकपुर धाम इलाके में लंबे समय से कथित रूप से अवैध गतिविधियां संचालित होने की सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने छापेमारी की। तलाशी के दौरान कई कमरों से जांच से संबंधित आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई। नाबालिगों के शोषण की आशंका पुलिस की प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि रेस्क्यू की गई नाबालिग लड़कियों का कथित रूप से शोषण किया जा रहा था और उनसे जबरन देह व्यापार कराया जा रहा था। हालांकि, मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है। मेडिकल जांच के बाद सुरक्षित संरक्षण में भेजा गया रेस्क्यू की गई सभी 8 नाबालिग लड़कियों का सदर अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद उन्हें सुरक्षित संरक्षण में भेज दिया गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि लड़कियों को यहां कौन लाया, उन्हें इस गतिविधि में किसने धकेला और पूरे नेटवर्क में किन-किन लोगों की भूमिका रही। 14 लोग हिरासत में पुलिस ने इस मामले में महिला संचालिकाओं सहित 14 लोगों को हिरासत में लिया है। साइबर डीएसपी मुशीर आलम ने बताया कि महिला संचालिकाओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मानव तस्करी के पहलू से भी जांच पुलिस पूरे मामले की जांच मानव तस्करी और संगठित अपराध के पहलू से भी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद जनकपुर धाम इलाके में हलचल का माहौल है।
‘SITकी जांच रिपोर्ट आने तक राम मंदिर ट्रस्ट के किसी भी पदाधिकारी को दोषी न ठहराया जाए और तथ्यों के आधार पर ही निष्कर्ष निकाला जाए। चंपतराय के राम मंदिर में किए गए योगदान पर भी विचार किया जाए।’ राम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावा प्रकरण को लेकर जारी विवाद के बीच अयोध्या व्यापार मंडल ने रविवार शाम पांच बजे पीसी कर यह अपील की। व्यापार मंडल के अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने कहा- जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति पर आरोप लगाना न्यायसंगत नहीं है। सभी पक्षों से संयम बरतने और जांच एजेंसियों को निष्पक्ष रूप से अपना कार्य करने देना चाहिए। जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो अयोध्या व्यापार मंडल सबसे पहले उसका बहिष्कार करेगा और कठोर कार्रवाई की मांग करेगा। व्यापार मंडल अध्यक्ष की प्रमुख बातें… बार एसोसिएशन के प्रस्ताव का किया स्वागत: दान प्रकरण में गिरफ्तार आरोपियों की पैरवी नहीं करने संबंधी बार एसोसिएशन फैजाबाद के प्रस्ताव का स्वागत करते हुए इसे सराहनीय निर्णय बताया। कहा- कानून अपना काम कर रहा है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित होनी चाहिए। चंपत राय ने अपना पूरा जीवन राष्ट्र और श्रीराम मंदिर आंदोलन को समर्पित किया है। मंदिर आंदोलन के दौरान संतों को एक मंच पर लाने, ऐतिहासिक साक्ष्यों को संकलित करने और मंदिर पक्ष को मजबूत करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। राम जन्मभूमि प्रकरण में न्यायालय का फैसला भी ठोस साक्ष्यों के आधार पर आया था। राम मंदिर से बदली अयोध्या की आर्थिक तस्वीर: राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या में व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसरों में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। पहले जहां स्थानीय लोगों को रोजगार के लिए अन्य शहरों का रुख करना पड़ता था, वहीं अब देशभर से लोग अयोध्या में निवेश और व्यापार की संभावनाएं तलाश रहे हैं। रेलवे स्टेशन, रामपथ, धर्मपथ, एयरपोर्ट और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार के प्रयासों की भी सराहना की। कहा- मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं विकसित की गई हैं, जिससे देश-विदेश से आने वाले भक्तों को सुविधाजनक दर्शन का अनुभव मिल रहा है। 6 जुलाई की बैठक पर टिकी निगाहें दान प्रकरण को लेकर संत समाज के बाद अब अयोध्या व्यापार मंडल भी चंपत राय के समर्थन में खुलकर सामने आ गया है। ऐसे में 6 जुलाई को प्रस्तावित बैठक पर सभी की निगाहें टिकी हैं। माना जा रहा है कि बैठक में ट्रस्ट के नेतृत्व, दान प्रकरण और आगे की रणनीति को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हो सकती है। बैठक में महामंत्री नंदलाल गुप्ता, अचल गुप्ता, विनोद श्रीवास्तव, श्याम सुंदर कसेरा, सरदार कमलजीत, सरदार महेंद्र, जितेंद्र मोदनवाल, सोनू अग्रहरि, रंजीत गुप्ता, राकेश गुप्ता और निखिल गुप्ता समेत अयोध्या धाम के वरिष्ठ व्यापारी उपस्थित रहे।
दरभंगा में रविवार को 22 साल की एक युवती 24 दिनों बाद घर लौट आई। युवती ने एक युवक पर किडनैपिंग के बाद जबरन शादी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि आरोपी युवक ने उसे नेपाल में बंधक जबरन शादी की। इसके बाद देह व्यापार के लिए मजबूर करता था। देह व्यापार से करने पर मारपीट करता था। वहीं, युवती के घर लौटने की सूचना मिलते ही जाले थाने की पुलिस गांव पहुंची तो ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना था- शिकायत करने के बावजूद कार्रवाई नहीं की। अब युवती मिल गई है तो क्यों आए है। युवती जाले थाना क्षेत्र के एक गांव की है। युवती 12 जून से गायब थी। वहीं, आरोपी युवक शिवराज कुमार ने युवती के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि हम दोनों के बीच अफेयर चल रहा था। आपसी सहमति से शादी की है। पहले जानिए युवती ने युवक पर क्या-क्या लगाए आरोप रविवार को घर लौटने के बाद युवती ने बताया कि, ‘12 जून की दोपहर करीब तीन बजे शिवराज कुमार जबरन अपने साथ ले गया। इसके बाद एक मंदिर में उसे जबरन माला पहनाई और तस्वीरें खींची। शादी के कागजात पहले से तैयार थे, जिन पर उससे केवल हस्ताक्षर कराए।’ शादी के बाद नेपाल ले जाकर एक कमरे में बंधक बनाकर रखा था। वहां आरोपी की मौसी और अन्य परिजन मेरे साथ मारपीट की। हमको धमकी दी गई कि यदि उसने किसी को घटना की जानकारी दी तो तुम्हारे परिवार को नुकसान पहुंचाएंगे। युवती ने आरोप लगाया कि उस पर अदालत में अपनी मर्जी से शादी करने का झूठा बयान देने का दबाव बनाया। इस दौरान हमारे साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाया और बाद में उसे देह व्यापार के लिए मजबूर किया गया। विरोध करने पर लोहे की रॉड से मारपीट की गई। मौका मिलने पर आज किसी तरह नेपाल से भागकर घर पहुंची है। बयान लेने पहुंची पुलिस का ग्रामीणों ने किया विरोध युवती के घर लौटने की सूचना मिलने पर जाले थाने की पुलिस उसका बयान दर्ज करने पहुंची। इस दौरान परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस का विरोध किया। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क जाम को लेकर दर्ज की गई FIR से स्थानीय लोगों का नाम हटाए। इसके बाद मामले की जांच में सहयोग करेंगे। गांव के लोगों के आक्रोश के कारण पुलिस को वापस लौटना पड़ा। पुलिस ने बताया कि कोर्ट की प्रक्रिया के अनुसार युवती का बयान दर्ज कराया जाएगा। सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरें युवती के गायब होने के बाद कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही थी, जिनमें युवती की मांग में सिंदूर लगा दिख रहा था। नेपाल के जनकपुर धाम की भी कुछ तस्वीरें सामने आई थी। बताया जा रहा है कि युवती जीविका परियोजना में कम्युनिटी मोबिलाइजर (सीएम) के पद पर कार्यरत थी। मां ने दर्ज कराई थी FIR युवती की मां ने 15 जून को जाले थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनकी बेटी जीविका समूह की बैठक में जाने की बात कहकर घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। एफआईआर में शिवराज कुमार सहनी और संतोष कुमार सहनी को नामजद आरोपी बनाया गया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि आरोपियों की ओर से लगातार धमकी मिल रहे है। आशंका है कि बेटी को बेचने या देह व्यापार में धकेलने की कोशिश की जा रही है। सड़क जाम कर किया गया था प्रदर्शन युवती की बरामदगी की मांग को लेकर 15 और 16 जून को परिजनों और ग्रामीणों ने जाले-औराई मुख्य सड़क के खड़का जीरो माइल पर जाम कर प्रदर्शन किया था। इस दौरान एंबुलेंस सहित कई गाड़ियां घंटों जाम में फंसी रही। इस मामले में जाले थाना में कांड संख्या 124/26 दर्ज किया गया, जिसमें 10 नामजद और 100 अज्ञात लोगों पर सड़क जाम, सरकारी कार्य में बाधा और अन्य आरोप लगाए गए थे। इसमें लड्डू झा, गणेश पासवान, सचिन्दर सहनी, गुड्डू पासवान, प्रेम पासवान, राजन पासवान, चन्दन पासवान, सुशील पासवान, रोहित पासवान और उमेश पासवान शामिल थे। आरोपी युवक ने आरोपों से किया इनकार आरोपी शिवराज कुमार ने युवती के सभी आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि हम दोनों पिछले तीन साल से एक-दूसरे को जानते थे और प्रेम संबंध में थे। हम दोनों अपनी मर्जी से शादी की थी और नेपाल में साथ रह रहे थे। युवती अपने परिवार के दबाव में मेरे खिलाफ बयान दे रही है। मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस बोली- हर पहलू की हो रही जांच जाले थाना प्रभारी संदीप कुमार पाल ने बताया कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। पीड़िता का कोर्ट में धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराया जाएगा। पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), नेपाल में रहने से जुड़े साक्ष्य, मंदिर और विवाह से संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल युवती अपने परिवार के साथ है।
5 जुलाई को भारतीय शेयर बाजार के इतिहास का एक बड़ा ही खास दिन माना जाता है, क्योंकि इसी दिन वर्ष 1960 में देश के सबसे सफल निवेशकों में से एक राकेश झुनझुनवाला का जन्म हुआ था। उन्हें भारतीय शेयर बाजार का 'बिग बुल' और 'भारत का वॉरेन बफेट' कहा जाता था। चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) रहे झुनझुनवाला ने सिर्फ 5,000 रुपए की शुरुआती पूंजी से निवेश का सफर शुरू किया और अपनी दूरदर्शी सोच, धैर्य और बेहतरीन निवेश रणनीति के दम पर करीब 40,000 करोड़ रुपए की संपत्ति खड़ी कर दी। यही कारण है कि आज भी उनकी निवेश शैली लाखों निवेशकों के लिए प्रेरणा का काम करती है।
हरदोई रेलवे स्टेशन पर रविवार की सुबह 11:30 बजे उद्योग व्यापार एकता एसोसिएशन की हरदोई इकाई ने प्रमुख ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर स्टेशन अधीक्षक नरसी लाल मीणा को रेल मंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने कहा कि जिले की बढ़ती औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों के कारण हरदोई रेलवे स्टेशन पर महत्वपूर्ण ट्रेनों का ठहराव अब आवश्यक हो गया है। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने बताया कि सांसद जयप्रकाश रावत लंबे समय से हरदोई में प्रमुख ट्रेनों के ठहराव के लिए प्रयास कर रहे हैं। अब इस अभियान को व्यापारियों और अधिवक्ताओं का भी समर्थन मिल रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जनप्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों की इस संयुक्त पहल से रेलवे प्रशासन जल्द ही सकारात्मक निर्णय लेगा। रेलवे के राजस्व में होगी वृद्धि ज्ञापन में बताया गया कि हरदोई उत्तर प्रदेश का एक महत्वपूर्ण जिला है, जो लखनऊ, बरेली, शाहजहांपुर, सीतापुर और कानपुर जैसे प्रमुख शहरों को रेल मार्ग से जोड़ता है। संडीला औद्योगिक क्षेत्र तेजी से प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित हुआ है। यहां पेप्सीको (वरुण बेवरेजेज), बर्जर पेंट्स, बालाजी वेफर्स और वेबले एंड स्कॉट जैसी प्रतिष्ठित कंपनियां संचालित हैं। इन उद्योगों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में कर्मचारी, तकनीकी विशेषज्ञ, कारोबारी और अधिकारी आते-जाते हैं, जिन्हें पर्याप्त रेल सुविधाओं के अभाव में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। व्यापारियों ने ट्रेन संख्या 12583/12584, 22545/22546, 19269/19270, 12237/12238 और 15043/15044 लखनऊ-काठगोदाम-लखनऊ एक्सप्रेस का हरदोई स्टेशन पर नियमित ठहराव सुनिश्चित करने की मांग की। उनका कहना है कि इससे उद्योग, व्यापार, शिक्षा, पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा, यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी और रेलवे के राजस्व में भी वृद्धि होगी। इस अवसर पर उद्योग व्यापार एकता एसोसिएशन के प्रांतीय प्रवक्ता गौरव अग्रवाल, शोभित गुप्ता, वेद प्रकाश गुप्ता 'राजू', विनोद गुप्ता, कमल गुप्ता, अमन सिंह, अपूर्व गुप्ता सहित कई अन्य पदाधिकारी और व्यापारी उपस्थित थे।
भिवानी जिले के सिवानी मंडी नगर पालिका क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय लोगों और व्यापारियों में रोष है। आरोप है कि ठेकेदार ने दुकानों के सामने सड़क का निर्माण अधूरा छोड़ दिया है, जिससे दुकानदारों, ग्राहकों और राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। इससे व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, निर्माण कार्य की उचित निगरानी न होने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। उन्होंने मांग की है कि पहले दुकानों के सामने का अधूरा निर्माण कार्य पूरा किया जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके। निवासियों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार द्वारा लगाए जा रहे ब्लॉक घटिया गुणवत्ता के हैं, जो लगने से पहले ही टूट रहे हैं। उनका कहना है कि ठेकेदार कार्य में लापरवाही बरत रहा है। जल्द निर्माण पूरा होने का इंतजार इस संबंध में नगर पालिका के जेई मनदीप कुमार ने बताया कि ठेकेदार को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि अधूरा निर्माण कार्य जल्द ही पूरा करा दिया जाएगा। अब स्थानीय लोग नगर पालिका के आश्वासन पर अमल होने और अधूरे निर्माण कार्य के जल्द पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं।
चित्रकूट के राजापुर कस्बे में एक किराना व्यापारी के बेटे का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है। युवक की मौत से आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने नेशनल हाईवे पर शव रखकर घंटों प्रदर्शन किया, जिससे लंबा जाम लग गया। प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद देर रात करीब 1 बजे जाम खुलवाया जा सका। जानकारी के अनुसार, राजापुर निवासी किराना व्यापारी गुलाब के पुत्र पंकज का शव शनिवार रात नादिन कुर्मियान स्थित महादेव इंटर कॉलेज के पास बरामद हुआ। शव के समीप ही उसकी मोटरसाइकिल भी खड़ी मिली। युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं है। पंकज की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने इसे संदिग्ध मौत बताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। इसके बाद उन्होंने शव को नेशनल हाईवे पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी शामिल हो गए। जाम की सूचना पर सीओ राजापुर और एसडीएम राजापुर सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने कई घंटों तक परिजनों से बातचीत की और उन्हें शांत कराने का प्रयास किया। प्रशासन द्वारा निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद देर रात करीब 1 बजे परिजन माने और हाईवे से जाम हटाया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मौत के कारणों का पता लगाया जाएगा। पुलिस फिलहाल सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है। घटना के बाद से पूरे राजापुर कस्बे में शोक और चर्चा का माहौल है।
भरतपुर में बाइक सवार नकाबपोश बदमाशों ने महज आधे घंटे के भीतर दो अलग-अलग जगहों पर व्यापारियों को निशाना बनाया। बदमाशों ने दोनों ही वारदातों में ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। पहली वारदात में बदमाशों ने एक किराना व्यापारी से ₹60 हजार लूट लिए, इसके बाद उसे गोली मार दी। दूसरी वारदात में एक बर्तन व्यापारी से ₹5 लाख लूटने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहने पर उसके पेट में गोली मार दी। दोनों घायलों को गंभीर हालत में आरबीएम (RBM) अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बर्तन व्यापारी को गंभीर हालत में जयपुर रेफर किया गया। इन घटनाओं से शहर के व्यापारियों में गुस्सा है। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक (SP) राजेश कुमार मीणा ने टीम के साथ मौका-मुआयना किया। बदमाशों को पकड़ने के लिए तत्काल 10 विशेष टीमों का गठन किया गया है। वारदात-1 बदमाशों ने कट्टा दिखाकर कहा- जल्दी बैग दे घायल किराना व्यापारी प्रमोद कुमार मित्तल (52) के बेटे निशांक (निशु) मित्तल ने बताया कि उनके पिता की मथुरा गेट इलाके में 'मित्तल प्रोविजन स्टोर' के नाम से दुकान है। शनिवार रात करीब 9 बजे दोनों पिता-पुत्र दुकान बंद कर बाइक से घर लौट रहे थे। घर से महज 400 मीटर पहले बिजलीघर चौराहे (मथुरा गेट इलाका) के पास पीछे से आए एक बाइक पर सवार तीन नकाबपोश बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। प्रमोद न्यू पुष्प वाटिका कॉलोनी के रहने वाले हैं। घायल व्यापारी के बेटे निशांत मित्तल ने बताया- बदमाशों ने कट्टा दिखाकर कहा-जल्दी बैग दे। जान बचाने के लिए पिता ने बिना विरोध किए ₹60 हजार से भरा बैग उन्हें सौंप दिया। इसके बावजूद बदमाशों ने पीछे से तीन राउंड फायर किए। एक गोली पिता की गर्दन के निचले हिस्से (कंधे के पास) में धंस गई और वे सड़क पर गिर पड़े। बदमाश बैग लेकर फरार हो गए। निशांक ने एम्बुलेंस का इंतजार करने के बजाय खून से लथपथ पिता को तुरंत बाइक पर बैठाया और सीधे आरबीएम अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के मुताबिक, गोली अभी शरीर में ही फंसी है, जिसे ऑपरेशन कर निकाला जाएगा। वारदात-2 ₹5 लाख लूटने का विरोध किया तो पेट में दाग दी गोलीदूसरी वारदात सुभाष नगर निवासी चंद्रभान (46) के साथ हुई, जो अनाह गेट पर बर्तनों की दुकान चलाते हैं। दुकान पर साथ बैठने वाले उनके बेटे केशव ने बताया कि चंद्रभान शनिवार को मथुरा में अपने एक रिश्तेदार से प्लॉट खरीदने के लिए ₹5 लाख उधार लेने गए थे। शनिवार रात करीब साढ़े नौ बजे रुपए लेकर जब वे बाइक से भरतपुर लौट रहे थे, तभी बदमाशों ने रास्ते से ही उनकी रेकी शुरू कर दी। अनोखी होटल (सुभाष नगर) के पास पहुंचते ही बाइक सवार बदमाशों ने चंद्रभान को रुकवा लिया और रुपयों से भरा बैग छीनने लगे। चंद्रभान ने हिम्मत दिखाते हुए बैग को कसकर पकड़ लिया और विरोध किया। इससे बौखलाए बदमाशों ने सीधे उनके पेट में गोली मार दी। हालांकि, गोली मारने के बाद भी बदमाश बैग छीनने में सफल नहीं हो सके और खाली हाथ ही भाग निकले। चंद्रभान का भी आरबीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायल बर्तन व्यापारी चंद्रभान को रात करीब डेढ़ बजे जयपुर रेफर किया गया। उनका ऑपरेशन अब जयपुर में ही किया जाएगा। अस्पताल पहुंचे व्यापारी वारदातों की खबर फैलते ही शहर के व्यापारी, व्यापार मंडल के पदाधिकारी और सैकड़ों लोग आरबीएम अस्पताल में जमा हो गए। व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई और एसपी से मिलकर शहर में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने व आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की। व्यापारियों का कहना है कि लगातार हो रही इन वारदातों से बाजार में डर का माहौल है। एसपी बोले- जल्द होगा वारदातों का खुलासा भरतपुर के SP राजेश कुमार मीणा ने कहा- दोनों घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया है। बदमाशों की पहचान और धरपकड़ के लिए पुलिस की 10 अलग-अलग टीमें काम कर रही हैं। शहर के सभी एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स सहित आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। जल्द ही बदमाशों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। चंद्रभान के तीन बच्चे हैं- डिंपल (30), केशव (25) और कान्हा (16)।
बीआईटी इन्क्यूबेशन सेंटर का शुभारंभ: आधिकारिक लोगो लॉन्च, पेश किए एआई और ई-कॉमर्स स्टार्टअप आइडिया
जयपुर | बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान (बीआईटी) जयपुर की ओर से बीआईएसआर में इन्क्यूबेशन सेंटर का प्रस्तुति कार्यक्रम आयोजित किया गया। निदेशक डॉ. पीयूष तिवारी ने बताया कि यह सेंटर विद्यार्थियों के विचारों को सफल स्टार्टअप में बदलने के लिए संसाधन और मार्गदर्शन देगा। समारोह में सेंटर का आधिकारिक लोगो लॉन्च किया गया और डॉ. पुनीत शर्मा ने विजन प्रस्तुत किया। छात्रों ने एआई, ई-कॉमर्स और स्मार्ट सुरक्षा आधारित स्टार्टअप आइडिया पेश किए। इस दौरान उद्योग विशेषज्ञों के साथ संवाद सत्र हुआ और डॉ. पूर्णेन्दु घोष की दो पुस्तकों का लोकार्पण भी किया गया।
बागपत जनपद के रमाला थाना क्षेत्र में दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर पर एक कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। इस हादसे में कार में सवार तीन लोग घायल हो गए। कार के एयरबैग खुलने से तीनों की जान बच गई। शामली निवासी व्यापारी गौरव गोयल ने बताया कि वह अपने पिता दिनेश कुमार गोयल और पत्नी पूजा गोयल के साथ दिल्ली से शामली लौट रहे थे। रमाला थाना क्षेत्र में हाईवे पर बेरीकेड्स पड़े थे, लेकिन वहां कोई साइन बोर्ड नहीं लगा था। गौरव गोयल ने इसे एक्सप्रेस-वे कर्मियों की लापरवाही बताया, जिसके कारण उनकी गाड़ी अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। हादसे में कार क्षतिग्रस्त हो गई। गौरव गोयल ने शनिवार को रमाला थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए कार्रवाई की मांग की है। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने क्षतिग्रस्त कार को सड़क किनारे हटवाया। गौरव गोयल ने आरोप लगाया कि यह गंभीर हादसा रोड के ठेकेदार और अधिकारियों की लापरवाही के कारण हुआ है। उन्होंने पुलिस से जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
लखनऊ व्यापार मंडल ने शनिवार को लाटूश रोड स्थित अपने कार्यालय में अग्नि सुरक्षा जागरूकता संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें होटल, रेस्टोरेंट और विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठानों से जुड़े बड़ी संख्या में व्यापारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता व्यापार मंडल अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने की। मुख्य अतिथि मुख्य अग्निशमन अधिकारी अंकुश मित्तल और चौक अग्निशमन विभाग के अधिकारी पुष्पेंद्र यादव रहे। उन्होंने व्यापारियों को आग लगने की घटनाओं से बचाव, सुरक्षा उपायों और आपातकालीन परिस्थितियों में अपनाई जाने वाली सावधानियों की विस्तृत जानकारी दी। फायर एक्सटिंग्विशर के उपयोग का प्रदर्शन किया इस कार्यक्रम का सबसे आकर्षक हिस्सा अग्निशमन उपकरणों का सीधा प्रदर्शन रहा। अधिकारियों ने मौके पर ही फायर एक्सटिंग्विशर के उपयोग का प्रदर्शन किया और व्यापारियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया। व्यापारियों ने भी इन सुरक्षा उपकरणों के संचालन की जानकारी प्राप्त की। व्यापार मंडल अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने इस अवसर पर कहा कि व्यापारी वर्ग हमेशा जनहानि से बचाव तथा अपने प्रतिष्ठानों, कर्मचारियों और करोड़ों रुपये की संपत्ति की सुरक्षा को प्राथमिकता देता है। उन्होंने जोर दिया कि व्यापारियों को अग्नि सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें आवश्यक सुविधाएं और पर्याप्त समय भी मिलना चाहिए। मानकों को पूरा करने में विभाग हरसंभव सहयोग मुख्य अग्निशमन अधिकारी अंकुश मित्तल ने व्यापारियों को आश्वस्त किया कि सुरक्षा मानकों को पूरा करने में विभाग हरसंभव सहयोग करेगा। उन्होंने बताया कि जागरूकता और उचित प्रशिक्षण से आगजनी की घटनाओं में होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। वरिष्ठ महामंत्री पवन मनोचा ने अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन करने को प्रत्येक व्यापारी की जिम्मेदारी बताया। राजेंद्र कुमार अग्रवाल ने सभी व्यापारिक प्रतिष्ठानों में अग्निशमन उपकरणों की नियमित जांच और रखरखाव की आवश्यकता की बात कही।
शिवपुरी जिले के पिछोर थाना क्षेत्र में एक थोक व्यापारी की दुकान और गोदाम से लाखों रुपये का सामान चोरी हो गया। अज्ञात बदमाशों ने ताले तोड़कर नकदी, सोने के आभूषण, आर्टिफिशियल ज्वेलरी, कपड़े और बड़ी मात्रा में किराना व तेल का सामान चुरा लिया। पुलिस ने व्यापारी की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित व्यापारी विजय कुमार गुप्ता (52) ने बताया कि पुराना चुंगी नाका पर उनकी थोक सामान की एजेंसी और गोदाम है। इसी परिसर की दूसरी मंजिल पर आर्टिफिशियल ज्वेलरी और लहंगा-चुनरी की दुकान भी संचालित होती है। उन्होंने शुक्रवार शाम करीब 7 बजे दुकान और गोदाम बंद किया था। शनिवार सुबह लगभग 8:41 बजे पड़ोसी दुकानदार मनोज विश्वकर्मा ने गुप्ता को फोन पर दुकान और गोदाम के गेट खुले होने की सूचना दी। मौके पर पहुंचने पर व्यापारी ने देखा कि ताले टूटे हुए थे और अंदर से बड़ी मात्रा में सामान गायब था। चोरों ने प्रेस्टीज ब्रांड के तेल की 35 पेटियां (आधा लीटर), 5 लीटर की 7 पेटियां, 1 लीटर की 30 पेटियां, कोलू सरसों तेल की 15 पेटियां और 12 लीटर वाले प्रेस्टीज तेल के 25 नग चुराए। इसके अतिरिक्त, जय गुटखा की 8 बोरियां भी चोरी की गईं। ऊपर स्थित दुकान से आर्टिफिशियल ज्वेलरी, लहंगा-चुनरी, लगभग 2 तोला सोने का हार, 7 ग्राम सोने के कान के आभूषण और दुकान में रखी करीब 52 हजार रुपये की नकदी भी चुराई गई। घटना की सूचना मिलते ही पिछोर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय में संचालित जेम्स एंड ज्वेलरी पाठ्यक्रम की अनियमितताओं को लेकर रायपुर के सराफा व्यापारियों ने राज्यपाल रमेन डेका से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। रायपुर सराफा एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष हरख मालू के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने पाठ्यक्रम की वर्तमान स्थिति पर चिंता जताते हुए इसे तत्काल सुधारने की मांग की। व्यापारियों ने बताया कि शासन द्वारा पाठ्यक्रम के लिए लगभग 50 लाख रुपये स्वीकृत किए जाने के बावजूद इस सत्र में प्रवेश बेहद कम रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राशि के उपयोग में पारदर्शिता नहीं है और पाठ्यक्रम का संचालन भी लगभग ठप हो चुका है। उनका कहना था कि राज्यपाल के पूर्व निर्देश के बाद भी पिछले छह महीनों में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।शीघ्र समाधान का दिया भरोसा ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि लंबे समय से पाठ्यक्रम की समीक्षा बैठक नहीं हुई है। न तो विद्यार्थियों के प्लेसमेंट की कोई योजना बनाई गई और न ही नए प्रवेश बढ़ाने के लिए प्रभावी प्रयास किए गए। व्यापारियों का कहना है कि प्रशासनिक उदासीनता के कारण 'स्किल इंडिया' की भावना के अनुरूप शुरू किया गया यह रोजगारपरक पाठ्यक्रम अपने उद्देश्य से भटक गया है। राज्यपाल रमेन डेका ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर पाठ्यक्रम के नियमित संचालन और आवश्यक सुधार के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे। प्रतिनिधिमंडल में हरख मालू, प्रमित नियोगी, देवेंद्र सोनी, रविकांत लूक्कड़ और अमित अंबानी सहित अन्य सराफा व्यापारी मौजूद रहे।
ललितपुर में एक व्यापारी से व्यापार में निवेश के नाम पर 65 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुलिस ने मुंबई की एक कंपनी की संचालिका सहित तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और धमकी देने का मुकदमा दर्ज किया है। कोतवाली सदर क्षेत्र के ग्राम बम्होरी कलां निवासी मुकेश रजक उर्फ कोरी ने शनिवार को शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि व्यापारिक गतिविधियों के दौरान उनकी मुलाकात मुंबई के कांदीवली निवासी चेतन शाह और हिमांशु शाह से हुई थी। आरोपियों ने किया अभद्र व्यवहार बातचीत के बाद, मुकेश रजक ने 28 जून 2024 को उनकी कंपनी देव एलीट एलएलपी की संचालिका रेवती शाह को व्यापार में निवेश के उद्देश्य से 65 लाख रुपये दिए थे। रकम प्राप्त करने के बाद, आरोपियों ने एक लिखित अनुबंध किया और सुरक्षा के तौर पर 72.50 लाख रुपये के चेक सौंपे। जब इन चेकों को बैंक में प्रस्तुत किया गया, तो खाते में पर्याप्त राशि न होने के कारण वे अनादृत (बाउंस) हो गए। पीड़ित का आरोप है कि इसके बाद उन्होंने कई बार अपनी रकम वापस मांगी, लेकिन आरोपी लगातार टालमटोल करते रहे। हाल ही में रकम मांगने पर आरोपियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, जातिसूचक टिप्पणी की और जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया। मुकेश रजक ने मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक से की। इसके बाद पुलिस ने चेतन शाह, हिमांशु शाह और रेवती शाह के विरुद्ध मामला पंजीकृत कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
भाकपा-माले कार्यकर्ताओं ने आज बेगूसराय पार्टी कार्यालय कमलेश्वरी भवन से झंडा बैनर के साथ मार्च निकाला। जो समाहरणालय द्वार पर पहुंच सभा में बदल गया। सभा को संबोधित करते हुए जिला सचिव दिवाकर प्रसाद ने कहा कहा कि बिहार में सुशासन की जगह पुलिस राज, बुलडोजर राज और फर्जी मुठभेड़ों का दौर चल रहा है। मॉब लिंचिंग, जाति पूछकर हत्याएं, दलितों-पिछड़ों और गरीबों पर बढ़ते हमले और पुलिस दमन लोकतंत्र और संविधान पर गंभीर हमला है। बिहार और देश के सामने सबसे बड़ी चुनौती कानून के राज को बचाने की है। सरकार कानून और न्याय की जगह एनकाउंटर, बुलडोजर और दमन को शासन का मॉडल बनाना चाहती है। विधानसभा से लेकर सड़क तक जनता इन सवालों को पूरी ताकत से उठाएगी और इस मॉडल को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। आरा के बेलौटी गांव की चर्चा करते हुए कहा कि भरत तिवारी की बहन ने स्पष्ट रूप से आरोप लगाया कि सरकार दोषियों को बचाने और पूरे मामले को मैनेज करने में लगी है। सरकार का रवैया संदेह पैदा करता जांच की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है और सरकार का रवैया संदेह पैदा करता है। प्रभावशाली लोगों की भूमिका की निष्पक्ष जांच हो और जांच पूरी होने तक संबंधित लोगों को तत्काल निलंबित किया जाए। किसी भी घटना को जाति के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। चाहे भरत तिवारी हो, राजगीर के पिंटु पासवान और श्रवण पासवान दलित युवक हो या किसी भी समुदाय का कोई पीड़ित, सभी को समान न्याय मिलना चाहिए। आज स्थिति यह है कि कहीं जाति पूछकर हत्या की जा रही है तो कहीं मंदिर में प्रवेश करने पर लोगों को पीट-पीटकर मार दिया जा रहा है। ऐसी घटनाएं सभ्य समाज पर कलंक है। उन्होंने कहा कि दूसरी ओर महंगाई चरम पर है, मनरेगा को लगातार कमजोर किया जा रहा है। नए श्रम कानूनों सहित कई कानून मेहनतकश जनता के अधिकारों पर हमला कर रहे हैं। नौजवान रोजगार की मांग कर रहे हैं, लेकिन उन्हें बेरोजगारी और पेपर लीक मिल रहा है। दिल्ली में आइसा के नेता शिक्षा और रोजगार के सवाल पर अनशन पर बैठे हैं। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। राम के नाम पर मंदिर बनाने का नारा देकर करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था का इस्तेमाल किया गया। अब चंदा और भूमि घोटालों के आरोप सामने आ रहे हैं। यह करोड़ों श्रद्धालुओं की भावना के साथ खिलवाड़ है, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
जयपुर के राजापार्क क्षेत्र में लागू वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर व्यापारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। दुकानदारों का कहना है कि वन-वे सिस्टम लागू होने के बाद उनका व्यापार करीब 50 प्रतिशत तक प्रभावित हुआ है। उनका आरोप है कि पार्किंग की कमी, अतिक्रमण और कमजोर ट्रैफिक प्रबंधन के कारण ग्राहकों की आवाजाही घट गई है। व्यापारियों ने प्रशासन से व्यवस्था की समीक्षा कर व्यावहारिक समाधान निकालने की मांग की है। इस व्यवस्था से ट्रैफिक जाम की समस्या खत्म होने के बजाय बाजार का कारोबार लगातार गिर रहा है। व्यापारियों का कहना है कि राजापार्क फैशन, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य रिटेल कारोबार का बड़ा बाजार है, जहां शहर के अलग-अलग इलाकों से लोग खरीदारी के लिए आते हैं। लेकिन अब वन-वे सिस्टम के कारण ग्राहकों को लंबा चक्कर लगाना पड़ता है, जिससे बड़ी संख्या में लोग बाजार आने से बच रहे हैं। इसका सीधा असर दुकानदारों की आय पर पड़ रहा है। जाम कम करने के लिए लागू किया गया था सिस्टम यातायात पुलिस ने राजापार्क में बढ़ते ट्रैफिक दबाव और जाम की समस्या को देखते हुए वन-वे सिस्टम लागू किया था। इसके तहत गोविंद मार्ग पर परनामी मंदिर चौराहे से ध्रुव मार्ग तक वाहनों की आवाजाही एक दिशा में कर दी गई। वहीं विद्यालय मार्ग पर भी प्रवेश केवल गोविंद मार्ग की ओर रखा गया है। इसके अलावा रॉन्ग साइड वाहन चलाने वालों और सफेद पट्टी के बाहर वाहन खड़ा करने वालों के खिलाफ लगातार चालान और नो-पार्किंग की कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, व्यापारियों का कहना है कि इस व्यवस्था से ट्रैफिक में कोई बड़ा सुधार नहीं हुआ, बल्कि ग्राहकों की संख्या जरूर कम हो गई। कई इलाकों के ग्राहक बाजार आने से बच रहे व्यापारियों का कहना है कि पंचवटी सर्किल से परनामी चौराहे की ओर से जाने वाले मार्ग पर प्रतिबंध होने के कारण तिलक नगर, जवाहर नगर, आदर्श नगर सहित आसपास के इलाकों से आने वाले ग्राहकों को लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। कई लोग इसी वजह से राजापार्क आने के बजाय दूसरे बाजारों का रुख कर रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि उन्होंने लाखों रुपए निवेश कर बड़ी-बड़ी दुकानें ली हैं और हर महीने भारी किराया दे रहे हैं, लेकिन ग्राहकों की संख्या लगातार कम होने से आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। व्यापार आधा रह गया, किराया निकालना मुश्किल राजापार्क में मोबाइल शॉप संचालित करने वाले हरीश कुमार ने बताया कि मेरी दुकान का मासिक किराया करीब 60 हजार रुपए है। पहले बाजार में ग्राहकों की अच्छी आवाजाही रहती थी, लेकिन वन-वे सिस्टम लागू होने के बाद कारोबार लगभग 60 प्रतिशत तक घट गया है। उन्होंने कहा कि इतना अधिक किराया देने के बावजूद व्यापार लगातार प्रभावित हो रहा है। उनका आरोप है कि बाजार में जगह-जगह ठेले लगे हुए हैं और लोग सड़क पर ही वाहन खड़े कर देते हैं। इससे जाम लगता है, लेकिन इन समस्याओं पर कार्रवाई करने के बजाय केवल वन-वे लागू कर दिया गया, जिसका नुकसान व्यापारियों को उठाना पड़ रहा है। काम कम हुआ तो स्टाफ भी घटाना पड़ा मोबाइल रिपेयरिंग का काम करने वाले अभिषेक ने बताया कि उनकी दुकान छोटी है, लेकिन हर महीने 30 हजार रुपए किराया और बिजली समेत करीब 40 हजार रुपए खर्च हो जाता है। पहले दुकान पर दो कर्मचारी काम करते थे, लेकिन कारोबार घटने के कारण अब केवल एक कर्मचारी ही रखा है। उन्होंने कहा कि वन-वे सिस्टम लागू होने के बाद दुकान पर आने वाले ग्राहकों की संख्या आधे से भी कम रह गई है। अगर यही स्थिति बनी रही तो छोटे व्यापारियों के लिए दुकान चलाना मुश्किल हो जाएगा। वन-वे नहीं, बेहतर ट्रैफिक मैनेजमेंट की जरूरत व्यापारियों का कहना है कि अगर प्रशासन वास्तव में जाम की समस्या खत्म करना चाहता है तो वन-वे सिस्टम लागू करने के बजाय बाजार में पर्याप्त संख्या में ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात किए जाए। सड़क पर गलत तरीके से वाहन खड़े करने वालों के वाहन तुरंत हटाए जाए और उनके खिलाफ चालान की कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि बाजार में जगह-जगह अतिक्रमण और ठेले हटाए जाए, पार्किंग की समुचित व्यवस्था की जाए और ट्रैफिक को व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जाए। इससे व्यापार भी प्रभावित नहीं होगा और जाम की समस्या भी काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। पार्किंग, अतिक्रमण और सुविधाओं का भी अभाव व्यापारियों का आरोप है कि पूरे बाजार में पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। मजबूरी में लोग सड़क किनारे वाहन खड़े कर देते हैं, जिससे ट्रैफिक प्रभावित होता है। वहीं जगह-जगह ठेले और अतिक्रमण भी सड़क की चौड़ाई कम कर रहे हैं। इसके अलावा इतने बड़े बाजार में सार्वजनिक महिला शौचालय तक उपलब्ध नहीं है, जबकि यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में परिवार और महिलाएं खरीदारी के लिए आती हैं। 400 से ज्यादा दुकानों पर असर राजापार्क में करीब 400 दुकानें संचालित हैं, जहां रेडीमेड गारमेंट्स, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, फुटवियर, कॉस्मेटिक्स और लेटेस्ट फैशन से जुड़े प्रतिष्ठान हैं। इनमें से अधिकांश दुकानें किराये पर हैं, जिनका मासिक किराया 40 हजार रुपए से लेकर एक लाख रुपए तक है। व्यापारियों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आने वाले समय में कई दुकानों को बंद करने या खाली करने की नौबत आ सकती है। व्यापारियों की मांग- अतिक्रमण हटाए प्रशासन व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि वन-वे सिस्टम की दोबारा समीक्षा कर बाजार के हितों को ध्यान में रखते हुए नई ट्रैफिक व्यवस्था बनाई जाए। साथ ही पार्किंग की समुचित व्यवस्था, अतिक्रमण हटाने, ट्रैफिक पुलिस की नियमित तैनाती और बुनियादी सुविधाओं के विकास पर भी प्राथमिकता से काम किया जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकाला गया तो राजापार्क का व्यापार लगातार प्रभावित होता रहेगा।
मिर्जापुर में समाजवादी पार्टी ने जिला कार्यालय लोहिया ट्रस्ट पर महान योद्धा लक्खी शाह बंजारा की 446वीं जयंती मनाई। इस अवसर पर लक्खी शाह बंजारा के चित्र पर माल्यार्पण किया गया। गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए पार्टी के मड़िहान विधानसभा अध्यक्ष शैलेश पटेल ने बताया कि लक्खी शाह बंजारा का जन्म 4 जुलाई 1580 को पंजाब के मुजफ्फरगढ़ में हुआ था। वे एक बड़े व्यापारी और महान योद्धा थे, जिन्होंने दिल्ली में रायसीना, बाराखंभा, नरेला और मालचा जैसे क्षेत्रों की स्थापना की थी। गोष्ठी का संचालन जिला प्रवक्ता अशोक सिंह मुन्ना ने किया। उन्होंने बताया कि लक्खी शाह बंजारा ने सौ वर्ष की आयु तक जीवन जिया। उन्हें विशेष रूप से 1675 में गुरु तेग बहादुर का अंतिम संस्कार करने के लिए इतिहास में याद किया जाता है। उनके घर वाले स्थल पर आज दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के अंतर्गत गुरुद्वारा रकाब गंज साहेब स्थित है। इस जयंती समारोह में डॉ. शक्ति श्रीवास्तव, शैलेश पटेल, हरिशंकर यादव, अभय यादव, रवि सोनकर, जमाल अहमद, सलीम बादशाह, अनीस खान, सूर्यमणि यादव, राम मिलन यादव, लालबहादुर यादव, कन्हैया यादव, ज़ाहिद अख्तर, आशीष कोल और शिव कुमार यादव सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।
सुल्तानपुर के भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश महामंत्री रवीन्द्र त्रिपाठी के नेतृत्व में शनिवार को उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से भेंट की। इस दौरान जनपद के औद्योगिक विकास और धोपाप धाम के विकास से संबंधित विभिन्न मांगों का एक ज्ञापन सौंपा गया। रवीन्द्र त्रिपाठी ने उपमुख्यमंत्री को बताया कि जनपद के पुनर्गठन के बाद सुल्तानपुर का प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र अमेठी में चला गया है। इससे जनपद में औद्योगिक विकास प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि कई उद्यमी उद्योग स्थापित करना चाहते हैं, लेकिन औद्योगिक क्षेत्र और उपयुक्त भूमि की कमी के कारण उन्हें कठिनाई हो रही है। श्री त्रिपाठी ने सुल्तानपुर में एक बड़े औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित किए जा रहे औद्योगिक गलियारे के काम में तेजी लाई जाए और वहां भूखंड आवंटन में सुल्तानपुर के उद्यमियों को प्राथमिकता मिले। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी इन्द्रजीत सिंह जनपद में उद्योगों की स्थापना और औद्योगिक विकास के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। उनके माध्यम से उद्योग बंधु की बैठकों में पारित प्रस्ताव शासन को भेजे जा रहे हैं। श्री त्रिपाठी ने उपमुख्यमंत्री से इन प्रस्तावों पर शीघ्र और सकारात्मक कार्रवाई का अनुरोध किया। इस अवसर पर रवीन्द्र त्रिपाठी ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को धोपाप धाम में आयोजित कथा का प्रसाद, अंगवस्त्र (पटका) और धोपाप धाम की स्मृति-प्रतिमा भेंट की। उन्होंने धोपाप धाम के घाटों के विकास और सड़क निर्माण संबंधी मांग-पत्र भी सौंपा, साथ ही उपमुख्यमंत्री को धोपाप धाम आने का निमंत्रण दिया। उपमुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और मांगों पर सकारात्मक तथा उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल में भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष रमेश अग्रहरि, अजय कुमार बिंद और जयप्रकाश मिश्र सहित अन्य पदाधिकारी शामिल थे।
महाराजगंज में सदर विधान सभा क्षेत्र के बरगदवा राजा के फुरसतपुर बाजार में बरसात के मौसम में जलभराव और कीचड़ के कारण व्यापारियों और ग्रामीणों को वर्षों से भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बाजार तक आने-जाने का मार्ग जर्जर होने से आवागमन बाधित रहता है, जिससे स्थानीय व्यापार और दैनिक जीवन प्रभावित होता है। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए सदर विधायक जय मंगल कन्नौजिया ने उत्तर प्रदेश सरकार के वन मंत्री अरुण सक्सेना से मुलाकात कर फुरसतपुर बाजार में सड़क निर्माण की मांग उठाई है। विधायक कन्नौजिया ने हाल ही में लखनऊ में अपर मुख्य वन संरक्षक से भी भेंट की थी। इस दौरान उन्होंने सड़क निर्माण के संबंध में एक पत्र सौंपते हुए आवश्यक कार्रवाई की मांग की। वन मंत्री से मुलाकात के दौरान विधायक जय मंगल कन्नौजिया ने फुरसतपुर बाजार के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि यह बाजार क्षेत्र के हजारों वनटांगिया लोगों, ग्रामीणों और व्यापारियों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र है। बरसात के दिनों में सड़क पूरी तरह कीचड़ और जलभराव की चपेट में आ जाती है, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। इसका सर्वाधिक असर मरीजों, स्कूली बच्चों, किसानों और व्यापारियों पर पड़ता है। विधायक ने इसे केवल सड़क निर्माण का विषय नहीं, बल्कि हजारों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और उनकी सुविधाओं से जुड़ा महत्वपूर्ण मामला बताया। उन्होंने वन मंत्री से जनहित को देखते हुए वन विभाग से संबंधित सभी आवश्यक औपचारिकताओं को शीघ्र पूरा कर सड़क निर्माण की स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया, ताकि क्षेत्र के लोगों को स्थायी राहत मिल सके। विधायक ने यह भी बताया कि इस सड़क के निर्माण के लिए वे अपनी विधायक निधि से धन उपलब्ध करा रहे हैं। विधायक कन्नौजिया ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'वनटांगिया लोगों को मुख्य धारा में शामिल करने' के ड्रीम प्रोजेक्ट का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने वनटांगिया गांवों को राजस्व ग्राम का दर्जा भी दिलाया है, जो इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
पन्ना में सोशल मीडिया पर 'अमीरी का दिखावा' एक कपड़ा व्यापारी के बेटे के अपहरण का कारण बना। अपहरणकर्ताओं ने 10 लाख रुपए की फिरौती मांगी थी। पन्ना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अपहृत युवक को सुरक्षित छुड़ा लिया और घटना में शामिल तीनों आरोपियों को हथियारों सहित गिरफ्तार कर लिया। यह घटना 27 जून 2026 को हुई, जब पवई के कपड़ा व्यापारी राजेश कुमार डेंगरे के 19 वर्षीय बेटे अंशुल उर्फ कान्हा डेंगरे का अपहरण कर लिया गया। कुछ ही देर बाद परिवार को एक अज्ञात नंबर से फोन आया, जिसमें अंशुल की रिहाई के बदले 10 लाख रुपए की फिरौती मांगी गई। परिजनों ने तत्काल पवई थाने में इसकी सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू ने तुरंत कार्रवाई का निर्देश दिया। पवई थाना प्रभारी निरीक्षक सुशील कुमार अहिरवार के नेतृत्व में एक विशेष रेस्क्यू टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने तकनीकी इनपुट्स का उपयोग करते हुए अपहृत कान्हा को कम समय में सकुशल बरामद कर उसके माता-पिता को सौंप दिया। हालांकि, पुलिस के बढ़ते दबाव के कारण आरोपी उस समय मौके से भागने में सफल रहे थे। इनको किया गिरफ्तार पुलिस ने आरोपियों की तलाश जारी रखी और साइबर सेल तथा विशेष टीम ने मुखबिरों का जाल बिछाया। पुख्ता जानकारी मिलने के बाद, पुलिस ने शनिवार 4 जुलाई को घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में राजकमल रजक (19 वर्ष), राजकुमार पाल (25 वर्ष) और शिवेंद्र सिंह (18 वर्ष) शामिल हैं, ये सभी ग्राम सिमरा कला, पवई के निवासी हैं। राजकमल रजक के बैंक खाते में फिरौती की रकम भेजी गई थी। पुलिस ने आरोपियों के पास से पिस्तौल, कट्टे और बाइक भी बरामद की है। सोशल मीडिया की रील्स देखकर बनाई योजना पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कुबूल किया कि कान्हा अक्सर सोशल मीडिया पर अपने महंगे स्मार्टफोन और समृद्ध जीवनशैली की तस्वीरें व वीडियो साझा करता था। उसे बेहद अमीर समझकर आरोपियों ने कर्ज चुकाने और रातों-रात पैसा कमाने के चक्कर में इस सनसनीखेज वारदात की साजिश रच डाली। बस यहीं हमारे साथ धोखा हो गया। डेढ़ लाख रुपए खाते में किए थे ट्रांसफरअपहरण के दौरान डरे-सहमे परिजनों ने आरोपियों के दबाव में आकर राजकमल रजक के बैंक खाते में ₹1,48,000 ट्रांसफर कर दिए थे। जैसे ही पुलिस को इसकी भनक लगी, पन्ना पुलिस और साइबर सेल ने फौरन नेशनल साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) की मदद ली। पुलिस ने बैंक से संपर्क कर उस खाते को तत्काल होल्ड (फ्रीज) करवा दिया। नतीजा यह हुआ कि आरोपी चाहकर भी एक रुपया नहीं निकाल पाए। यह पूरी रकम बैंक में सुरक्षित है, जिसे कानूनी प्रक्रिया के बाद पीड़ित परिवार को सौंप दिया जाएगा। हथियार और बाइक जब्त गिरफ्तार बदमाशों के पास से वारदात में इस्तेमाल की गई 1 देसी पिस्टल, 2 देसी कट्टे, 1 जिंदा कारतूस और 2 बाइक्स जब्त की गई हैं। कोर्ट में पेशी के बाद तीनों आरोपियों को पवई की उप-जेल (न्यायिक अभिरक्षा) भेज दिया गया है। इस पूरे ऑपरेशन को सफलता के मुकाम तक पहुंचाने में थाना प्रभारी निरीक्षक सुशील कुमार अहिरवार, उप निरीक्षक सरिता तिवारी, सहायक उप निरीक्षक राम सजीवन तिवारी, प्रधान आरक्षक नीरज रैकवार, विनोद कुमार, बुद्ध सिंह यादव, आरक्षक राहुल अहिरवार, रमाकांत कुर्मी, राकेश डुडवे और पन्ना साइबर सेल की पूरी टीम का विशेष योगदान रहा।
भारत और इजरायल के बीच 8 सितंबर 2025 को हस्ताक्षरित ऐतिहासिक द्विपक्षीय निवेश समझौता (बीआईए) शनिवार से आधिकारिक रूप से लागू हो गया। इस समझौते को दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने और निवेशकों के लिए सुरक्षित, पारदर्शी तथा भरोसेमंद निवेश माहौल तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
महू में शुक्रवार सुबह करीब 6:30 बजे कैंटोनमेंट बोर्ड ने ड्रीमलैंड चौराहे के पीछे स्थित 15 वर्ष पुराने शिव मंदिर को तोड़ दिया। इस कार्रवाई के बाद मालवा परिसर के व्यापारियों और हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश फैल गया। व्यापारी प्रतिदिन इस मंदिर में पूजा-अर्चना करते थे। मंदिर तोड़े जाने की खबर मिलते ही मालवा परिसर के व्यापारियों ने तत्काल अपनी दुकानें बंद रखने का निर्णय लिया। जानकारी के अनुसार, मंदिर परिसर में लगा ग्रेनाइट उखड़ने लगा था। इसके चलते भगवान शिव परिवार की प्रतिमाओं को अस्थायी रूप से दुकान नंबर 53 में सुरक्षित रखा गया था। चबूतरे का निर्माण कार्य चल रहा था ताकि मूर्तियों की पुनः विधि-विधान से स्थापना की जा सके। इसी दौरान कैंटोनमेंट बोर्ड ने निर्माण को तोड़ दिया। मालवा परिसर व्यापारी संघ के अध्यक्ष अंजनी जोशी ने बताया कि इस घटना के विरोध में पूरे मालवा परिसर को बंद रखा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि व्यापारियों का एक प्रतिनिधिमंडल कैंटोनमेंट बोर्ड कार्यालय पहुंचा। वहां अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि सोमवार से मंदिर निर्माण का कार्य दोबारा शुरू कर दिया जाएगा और मंदिर का पुनः निर्माण कराया जाएगा। जोशी ने चेतावनी दी कि यदि सोमवार से मंदिर निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हुआ, तो मालवा परिसर के व्यापारी उग्र आंदोलन करेंगे। इस दौरान विभिन्न हिंदू संगठनों के पदाधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे और उन्होंने व्यापारियों के साथ कैंटोनमेंट बोर्ड कार्यालय पहुंचकर विरोध दर्ज कराया। वहीं, कैंटोनमेंट बोर्ड के इंजीनियर अमित व्यास ने बताया कि बोर्ड को शिकायत मिली थी कि वहां दुकान का निर्माण किया जा रहा है। इसी शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए निर्माण को हटाया गया। उन्होंने कहा कि यदि मंदिर से संबंधित कोई समस्या है, तो शीघ्र ही मंदिर का कार्य पुनः करवाया जाएगा।
कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट के चलते शेयर बाजार में लगातार चौथे सप्ताह तेजी
मुंबई, कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट और वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों में राहत मिलने की उम्मीदों के चलते भारतीय शेयर बाजार में लगातार चौथे सप्ताह बढ़त दर्ज की गई।
भीलवाड़ा में ट्रांसपोर्ट कारोबार पर लगातार बढ़ रहे टैक्स, नए नियमों, ई-चालान और अन्य प्रशासनिक प्रावधानों के विरोध में शनिवार को ट्रांसपोर्ट मार्केट बंद रहा। बंद को लेकर भीलवाड़ा में करीब 400 छोटे और बड़े दुकाने और ऑफिस बंद रहे। वहीं बंद के दौरान 3 करोड़ से ज्यादा का व्यापार प्रभावित होने का अनुमान है। ट्रांसपोर्ट नगर में दिनभर लोडिंग-अनलोडिंग,माल की डिलीवरी और परिवहन से जुड़े सभी व्यावसायिक कार्य बंद रहे। विरोध रैली निकाल कर ज्ञापन दिया ट्रांसपोर्ट मार्केट से ट्रांसपोर्टर ने शहर के मुख्य बाजारों में होते हुए रैली निकली। अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। संगठनों ने चेतावनी दी है कि समस्याओं का समाधान नहीं होने पर चक्का जाम और आंदोलन तेज किया जाएगा। इस दौरान भीलवाड़ा गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन, भीलवाड़ा थोक ट्रांसपोर्ट समिति और भीलवाड़ा थोक ट्रांसपोर्ट वेलफेयर समिति के पदाधिकारी शामिल हुए। नए नियम और टैक्स से ट्रांसपोर्टर परेशान भीलवाड़ा गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन अध्यक्ष विश्वबंधु सिंह राठौड़ ने बताया- ट्रांसपोर्ट कारोबार पर लगातार नए नियम, बढ़ते टैक्स, भारी जुर्माना और अतिरिक्त वित्तीय बोझ से व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। बीएस-6, सीएनजी और इलेक्ट्रिक जैसे पर्यावरण अनुकूल वाहनों पर भी ग्रीन टैक्स वसूलने का विरोध किया जा रहा है। साथ ही ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि सामान्य परिस्थितियों में भी मनमाने ढंग से ई-चालान जारी किए जा रहे हैं। समाधान नहीं होने पर चक्का जाम की चेतावनी विश्वबंधु सिंह राठौड़ ने बताया- प्रदेश के कई फिटनेस सेंटर बंद होने या उनकी कार्यप्रणाली प्रभावित रहने से वाहनों के फिटनेस प्रमाण-पत्र समय पर नहीं बन पा रहे हैं। जिससे वाहन खड़े रहने और आर्थिक नुकसान की स्थिति बन रही है। प्रदर्शन कर कलेक्टर काे ज्ञापन दिया संगठनों ने परमिट, फिटनेस, टैक्स, ई-चालान, बढ़ते जुर्माने और व्यावसायिक वाहनों में जीपीएस अनिवार्यता को भी प्रमुख समस्याएं बताते हुए जीपीएस व्यवस्था को समाप्त करने या स्वैच्छिक करने की मांग दोहराई। बड़ी संख्या में ट्रांसपोर्टर इकट्ठा हुए विरोध प्रदर्शन के बाद जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया। इसके साथ ही चेतावनी दी है कि अगर समाधान नहीं हुआ तो चक्का जाम किया जाएगा।
भारत के 7 स्टार्टअप्स को 30 लाख रुपए के साथ मिलेगा मेंटरशिप और मार्गदर्शन
नई दिल्ली, भारत के 7 स्टार्टअप्स को उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) समर्थित फिक्की-मर्सिडीज-बेंज भारत इनोवेशन एंड बिजनेस आइडियाज चैलेंज प्रोग्राम के तहत फंडिंग के साथ-साथ संरचित मेंटरशिप और विशेषज्ञों का मार्गदर्शन भी मिलेगा।
दमोह जिले के सुखी पिपरिया गांव में शुक्रवार रात एक गल्ला व्यापारी के घर लाखों की लूट हुई। 6 अज्ञात बदमाशों ने व्यापारी विजय जैन और उनकी पत्नी कीर्ति जैन के हाथ-पैर बांधकर वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों ने बंदूक की बट से हमला भी किया और करीब 8 तोला सोना, जेवर और 1 लाख रुपए नकद लूटकर फरार हो गए। सीएसपी एचआर पांडे ने बताया की सूखी पिपरिया गांव में विजय जैन के घर पर अज्ञात आरोपियों के द्वारा 8 तोला सोना और कुछ नगदी छीन कर ले गए हैं। यह घटना देहात थाना क्षेत्र की नरसिंहगढ़ चौकी अंतर्गत शुक्रवार देर रात करीब 2 से 3 बजे हुई। पीड़ित के पड़ोसी देवेंद्र पटेल ने बताया कि विजय जैन अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ दूसरी मंजिल पर सो रहे थे। 6 नकाबपोश बदमाश बाउंड्री के सहारे ऊपर पहुंचे और खुले गेट से सीधे कमरे में घुस गए। बदमाशों ने तुरंत विजय जैन की कनपटी पर बंदूक रख दी। उन्होंने एक साड़ी से उनके हाथ और लोअर से पैर बांध दिए। इसके बाद, आरोपियों ने उनके सीने पर बैठकर अलमारी की चाबी मांगी। जब पत्नी ने चाबी देने से मना किया, तो बदमाशों ने विजय जैन के सिर पर बंदूक की बट से हमला कर दिया। इससे घबराई पत्नी ने तत्काल अलमारी की चाबी दे दी। सोना और नकदी ले गए आरोपी करीब 8 तोला सोना, कीर्ति जैन के पहने हुए जेवर और लगभग 1 लाख रुपये नकद लूटकर ले गए। भागते समय, बदमाश विजय जैन के दो मोबाइल फोन भी अपने साथ ले गए, ताकि पुलिस को तुरंत सूचना न दी जा सके। वारदात के बाद, पीड़ित दंपति ने पड़ोसियों को जानकारी दी और फिर पुलिस को सूचित किया। शनिवार सुबह देहात थाना पुलिस के साथ दमोह एसपी आनंद कलादगी भी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने पीड़ित से जानकारी लेने के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित की हैं। रोहित और सूनील नाम लिए इसके अलावा जिस समय आरोपी घटना को अंजाम दे रहे थे उनके द्वारा रोहित और सुनील दो नाम लिए गए। लूट के बाद आरोपी भाग गए तो पीड़ित ने तत्काल ही पड़ोसियों को सूचना दी। पुलिस को अवगत कराया रात में ही पुलिस मौके पर पहुंची थी, लेकिन कोई खास सुराग नहीं लगा। घटनास्थल पहुंचे पुलिस अधिकारीसुबह एसपी आनंद कलादगी, सीएसपी एचआर पांडे, देहात थाना टीआई धर्मेंद्र उपाध्याय, फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट टीम के साथ घटनास्थल पहुंचे और मामले में जांच शुरू की। बताया गया है कि आरोपी व्यापारी के साथ जब मारपीट कर लूट की घटना को अंजाम दे रहे थे। तब वह दो लोगों के नाम बार-बार ले रहे थे। पीड़ित के द्वारा पुलिस को इन दो लोगों के नाम के संबंध में जानकारी दी गई तो पुलिस ने दो संदिग्ध को भी उठाया है, लेकिन अभी कोई खास जानकारी नहीं लगी है।
बहादुरगढ़ में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी बहादुरगढ़ पहुंचे। यहां उन्होंने एशियन फुटवियर के निजी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। धोनी के आगमन को लेकर शहर में उत्साह का माहौल देखने को मिला और कार्यक्रम स्थल पर उनके प्रशंसकों की भीड़ उमड़ पड़ी। उद्योग जगत के लोगों से किया संवाद कार्यक्रम के दौरान महेंद्र सिंह धोनी ने एशियन फुटवियर से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों, उद्योग जगत के प्रमुख उद्यमियों और अन्य गणमान्य लोगों से मुलाकात की। इस दौरान ब्रांड, उद्योग और व्यापार से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम पूरी तरह निजी रहा, जिसमें चुनिंदा लोगों को ही आमंत्रित किया गया था। एक झलक पाने को बेताब दिखे प्रशंसक धोनी के बहादुरगढ़ पहुंचने की खबर मिलते ही उनके प्रशंसकों में खासा उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम स्थल के बाहर बड़ी संख्या में लोग अपने पसंदीदा क्रिकेट स्टार की एक झलक पाने के लिए पहुंचे। सुरक्षा व्यवस्था के बीच धोनी ने कार्यक्रम में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। लंबे समय से एशियन फुटवियर के ब्रांड एंबेसडर महेंद्र सिंह धोनी लंबे समय से एशियन फुटवियर के ब्रांड एंबेसडर हैं। कंपनी के साथ उनका जुड़ाव वर्षों पुराना है और वे समय-समय पर कंपनी के विभिन्न कार्यक्रमों और ब्रांड गतिविधियों में शामिल होते रहे हैं। बहादुरगढ़ स्थित कंपनी के कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी को उद्योग जगत के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मेरठ के परीक्षितगढ़ रोड पर शुक्रवार रात नगर निगम की बिना तिरपाल ढंकी कूड़ा गाड़ियों के गुजरने से व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा। परीक्षितगढ़ रोड एवं जेल चुंगी व्यापार संघ के पदाधिकारियों और व्यापारियों ने चार कूड़ा गाड़ियों को बीच रास्ते रोककर नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। व्यापारियों का आरोप है कि खुले वाहनों में पशु अवशेष युक्त कूड़ा ले जाने से पूरे बाजार में दुर्गंध फैलती है और संक्रमण का खतरा बना रहता है। प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने वाहन चालकों से बिना तिरपाल कूड़ा ढोने का कारण पूछा। चालकों ने बताया कि वाहन कमेला क्षेत्र से आ रहे हैं और डिपो प्रभारी के निर्देश पर ही बिना तिरपाल के कूड़ा लेकर जा रहे हैं। यह सुनकर व्यापारियों का आक्रोश और बढ़ गया। व्यापारियों ने बताया कि इस मार्ग से प्रतिदिन करीब 50 कूड़ा गाड़ियां गुजरती हैं। कई बार वाहनों से कूड़ा और पशु अवशेष सड़क व दुकानों के सामने गिर जाते हैं, जिससे पूरे बाजार में बदबू फैल जाती है। इससे ग्राहकों और राहगीरों को परेशानी होती है और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बना रहता है। हंगामे की सूचना पर डिपो प्रभारी कुलदीप कुमार ने व्यापारियों से फोन पर बातचीत कर आश्वासन दिया कि आगे से बिना तिरपाल ढंकी कोई भी कूड़ा गाड़ी इस मार्ग से नहीं भेजी जाएगी। इसके बाद व्यापारियों ने प्रदर्शन समाप्त किया। प्रदर्शन में व्यापार संघ के महामंत्री दिनेश चौधरी, प्रवीण गुप्ता, डॉ. अखिल सिंघल, डॉ. मनोज कुमार, मनीष रस्तोगी, मल्लिकार्जुन शर्मा, अनिल शर्मा, संदीप बंसल, राजेश यादव, कंचन समेत बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।
ग्वालियर में रिटायर्ड स्वास्थ्य कर्मचारी से 1.58 करोड़ रुपए की डिजिटल अरेस्ट ठगी के मामले में साइबर पुलिस ने मुरैना के पोरसा से शुक्रवार रात दो चचेरे भाइयों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि दोनों टेलीग्राम के जरिए विदेशी (चाइनीज) नेटवर्क से जुड़े थे और ठगी की रकम को बायनेन्स (Binance) के माध्यम से USDT (क्रिप्टोकरेंसी) में बदलकर आगे भेजते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 10 एटीएम कार्ड, 3 चेकबुक, 2 मोबाइल और 3 सिम कार्ड बरामद किए हैं। इससे पहले इस मामले में नासिक के एक लोहा कारोबारी को भी गिरफ्तार किया जा चुका है, जिसके खाते में ठगी की रकम की पहली लेयर पहुंची थी। CBI-ED अधिकारी बनकर 1.58 करोड़ ठगे जनकगंज निवासी रिटायर्ड स्वास्थ्य कर्मचारी मीनाक्षी नाखरे को ठगों ने खुद को CBI और ED का अधिकारी बताकर वीडियो कॉल पर 'डिजिटल हाउस अरेस्ट' कर लिया था। मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने और गिरफ्तारी का डर दिखाकर उनसे अलग-अलग बैंकों की एफडी तुड़वाकर 1.58 करोड़ रुपए कथित जांच के नाम पर विभिन्न खातों में ट्रांसफर करा लिए थे। ऐसे पहुंची पुलिस आरोपियों तक बैंक खातों की ट्रांजेक्शन हिस्ट्री खंगालने पर पुलिस को मुरैना के पोरसा निवासी राहुल तोमर के खाते में ठगी के 4 लाख रुपए मिलने का पता चला। पूछताछ में राहुल ने बताया कि उसने कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता अपने चचेरे भाई रोहित तोमर को इस्तेमाल करने के लिए दिया था। इसके बाद पुलिस ने रोहित को भी गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में रोहित ने स्वीकार किया कि वह टेलीग्राम के जरिए विदेशी नेटवर्क के संपर्क में था और ठगी की रकम से बाइनेंस पर USDT खरीदकर आगे ट्रांसफर करता था। डीएसपी साइबर मनीष यादव ने बताया कि दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच का दायरा बढ़ाया गया है और जिन-जिन खातों में ठगी की रकम पहुंची है, उनकी भी पड़ताल की जा रही है। ये खबर भी पढ़ें… रिटायर्ड लैब टेक्नीशियन से हुई थी 1.58 करोड़ की ठगी ग्वालियर की 69 वर्षीय रिटायर्ड लैब टेक्नीशियन को ठगने वाले पकड़े जाने लगे हैं। बुजुर्ग को दिल्ली पुलिस के IPS अधिकारी व CBI ऑफिसर बनकर 33 दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर 1.58 करोड़ की ठगी में पकड़े गए महाराष्ट्र के लोहा कारोबारी बिट्ठल फलसे से कई नए खुलासे हुए हैं। बुजुर्ग से ठगी गई रकम में से 19 लाख 50 हजार रुपए इस कारोबारी के ICICI बैंक के करंट अकाउंट में गए थे।पूरी खबर पढ़ें
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में जिस जगह अब तक टमाटर, गेहूं और चने की फसलें लहलहाती थीं। खेतों की ओर जाते किसानों की चहल-पहल ही इस इलाके की पहचान थी। कुछ महीनों बाद यही जमीन डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के रूप में पहचानी जाएगी। कोलारस क्षेत्र के पाली गांव के पास अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस अपनी यूनिट स्थापित करने जा रहा है। जिसकी लागत करीब 2500 करोड़ रुपए होगी। इस यूनिट से 2 हजार लोगों को सीधा रोजगार मिलेगा। 5 जुलाई को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और अदाणी समूह के अधिकारी इसका भूमि पूजन करेंगे। इससे पहले दैनिक भास्कर की टीम परियोजना स्थल और पाली गांव पहुंची। खेतों के बीच फैली इस जमीन पर अभी सन्नाटा है, लेकिन गांव में चर्चा सिर्फ एक है कि ‘क्या अब हमारे बच्चों को नौकरी के लिए गुजरात और महाराष्ट्र नहीं जाना पड़ेगा?’ ग्रामीणों की यही उम्मीद इस परियोजना को सिर्फ एक फैक्ट्री नहीं, बल्कि पूरे इलाके की आर्थिक तस्वीर बदलने वाले निवेश के रूप में देख रही है। हाईवे और रेलवे... यही बनी सबसे बड़ी ताकत ग्राउंड पर पहुंचने पर दिखता है कि पाली गांव का चयन सिर्फ संयोग नहीं है। प्रस्तावित फैक्ट्री स्थल राष्ट्रीय राजमार्ग-27 से लगा हुआ है। यही हाईवे राजस्थान और गुजरात तक सीधा संपर्क देता है। पास में एनएच-46 भी है, जिससे भोपाल और प्रदेश के दूसरे हिस्सों तक आसानी से पहुंचा जा सकता है। सबसे अहम बात यह है कि इस क्षेत्र से रेलवे लाइन भी गुजरती है। रक्षा क्षेत्र की फैक्ट्री के लिए भारी मशीनरी, कच्चा माल और तैयार उत्पादों की आवाजाही सड़क और रेल दोनों से आसान होगी। यही कारण है कि उद्योग विशेषज्ञ इस स्थान को रणनीतिक रूप से उपयुक्त मान रहे हैं। अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस: गोला-बारूद, ड्रोन जैसे उपकरण बनाती है कंपनी अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस पहले से रक्षा क्षेत्र में सक्रिय है। कंपनी छोटे हथियार, गोला-बारूद, ड्रोन, काउंटर-ड्रोन सिस्टम, सुरक्षा उपकरण और आधुनिक रक्षा तकनीक से जुड़े उत्पादों का निर्माण करती है। इसलिए माना जा रहा है कि शिवपुरी की यह यूनिट भी देश की रक्षा उत्पादन क्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। पाली गांव के पास बनने इस यूनिट को शिवपुरी का अब तक का सबसे बड़ा औद्योगिक निवेश माना जा रहा है। हालांकि कंपनी ने अभी यह सार्वजनिक नहीं किया है कि यहां कौन-कौन से रक्षा उत्पाद बनाए जाएंगे। सुरक्षा कारणों से ऐसी जानकारी आमतौर पर पहले साझा नहीं की जाती। गांव में सबसे ज्यादा चर्चा रोजगार की पाली गांव की चौपाल पर बैठे ग्रामीणों से बात हुई तो हर बातचीत रोजगार पर आकर ठहर गई। भारत सिंह यादव कहते हैं, “खेती से पूरे साल गुजारा नहीं हो पाता। गांव के कई लड़के गुजरात और महाराष्ट्र में काम करते हैं। अगर यहां फैक्ट्री शुरू हुई तो परिवार के लोग घर के पास ही नौकरी कर सकेंगे।” जनक यादव बताते हैं कि गांव के कई युवा रोजगार के लिए बाहर रहते हैं। “अगर यहां रोजगार मिलेगा तो पलायन रुकेगा और परिवार साथ रहेंगे।” सिद्धार्थ सिंह की मांग भी यही है कि स्थानीय युवाओं को भर्ती में प्राथमिकता मिले। स्थानीय युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट जरूरी ग्रामीणों का कहना है कि अगर उद्योग आ रहा है तो आईटीआई, पॉलिटेक्निक और तकनीकी संस्थानों में भी उद्योग की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण शुरू होना चाहिए। तभी स्थानीय युवाओं को इन नौकरियों का पूरा लाभ मिल सकेगा। 12 हजार से ज्यादा रोजगार की संभावना परियोजना से करीब 2 हजार लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने का अनुमान है। वहीं, ट्रांसपोर्ट, होटल, ढाबे, सुरक्षा सेवाएं, निर्माण कार्य, किराये के मकान और छोटे कारोबारों के जरिए 10 हजार से ज्यादा लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना जताई जा रही है। इसका असर सिर्फ पाली गांव तक सीमित नहीं रहेगा। कोलारस, बदरवास, शिवपुरी शहर और आसपास के गांवों के लोगों को भी इसका लाभ मिलने की उम्मीद है। खेती से उद्योग की ओर बढ़ता इलाका कोलारस क्षेत्र की पहचान अब तक कृषि प्रधान इलाके के रूप में रही है। यहां टमाटर, गेहूं, चना और दूसरी फसलों की खेती बड़े पैमाने पर होती है। लेकिन किसी बड़े उद्योग के आने का असर सिर्फ फैक्ट्री तक सीमित नहीं रहता। जहां उद्योग लगते हैं, वहां मकानों की मांग बढ़ती है। होटल, ढाबे, ट्रांसपोर्ट, गोदाम, सर्विस सेंटर और छोटे कारोबार विकसित होने लगते हैं। स्थानीय बाजार में नकदी का प्रवाह बढ़ता है और आसपास के गांवों की अर्थव्यवस्था भी गति पकड़ती है। अब सबसे बड़ी उम्मीद... स्थानीय युवाओं को मिले मौका भूमिपूजन से पहले गांव में सबसे ज्यादा चर्चा इसी बात की है कि फैक्ट्री में भर्ती कब शुरू होगी और क्या स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता मिलेगी। अगर ऐसा होता है तो वर्षों से रोजगार के लिए दूसरे राज्यों का रुख करने वाले हजारों युवाओं के लिए यह परियोजना नई शुरुआत बन सकती है। खेती के लिए पहचाने जाने वाले पाली गांव के पास 103 एकड़ जमीन पर शुरू होने वाला यह निवेश सिर्फ एक फैक्ट्री नहीं, बल्कि शिवपुरी की बदलती आर्थिक पहचान की कहानी है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि यह उम्मीदें कितनी जल्दी हकीकत में बदलती हैं।
वनोपज से स्टार्टअप तक युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की जा रही पहल
भास्कर न्यूज | सुकमा जिले के गांवों के युवाओं को रोजगार तलाशने के बजाय रोजगार देने वाला उद्यमी बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने शुक्रवार को अहम पहल की। जिला प्रशासन के मार्गदर्शन और वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के तत्वावधान में शबरी ऑडिटोरियम में आयोजित एक दिवसीय तेजस कार्यशाला में करीब 350 युवाओं, महिला स्व-सहायता समूहों, एमएसएमई उद्यमियों, आईटीआई और पॉलिटेक्निक के विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यशाला का उद्देश्य स्थानीय संसाधनों पर आधारित स्टार्टअप, फूड प्रोसेसिंग, ओडीओपी (एक जिला-एक उत्पाद) और नवाचार को बढ़ावा देना रहा। मुख्य अतिथि जिला पंचायत सीईओ मुकुंद ठाकुर ने कहा कि जिले में कृषि, वनोपज और हस्तशिल्प आधारित उद्योगों की अपार संभावनाएं हैं। यदि युवा आधुनिक तकनीक और नवाचार को अपनाकर स्टार्टअप शुरू करें तो वे आत्मनिर्भर बनने के साथ जिले की अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा दे सकते हैं। उन्होंने युवाओं से स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने का आह्वान किया। कार्यशाला में देशभर से आए विशेषज्ञों ने स्टार्टअप इंडिया के तहत डीपीआईआईटी मान्यता, रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया, सफल बिजनेस मॉडल, डिजिटल मार्केटिंग और बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) की जानकारी दी। वहीं बैंक अधिकारियों और इन्क्यूबेशन सेंटर के विशेषज्ञों ने ऋण, निवेश, वित्तीय सहायता और व्यवसाय विस्तार की प्रक्रियाओं को सरल तरीके से समझाया। गांव में ही स्वरोजगार से जोड़ना उद्देश्य: प्रभारी महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र कैलाश कश्यप ने बताया कि पहल का उद्देश्य युवाओं को केवल स्टार्टअप तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें कृषि, वनोपज और हस्तशिल्प आधारित स्थानीय उत्पादों से जोड़कर स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। कार्यशाला के अंत में प्रतिभागियों ने इसे उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की मांग की। आयोजन में जनप्रतिनिधि, चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स, लीड बैंक, स्टार्टअप इंडिया और इन्क्यूबेशन सेंटर के विशेषज्ञ भी मौजूद रहे।
पीथमपुर बनेगा लॉजिस्टिक्स हब:200 करोड़ का निवेश, 450 को मिलेगा रोजगार
पीथमपुर और पश्चिमी इंदौर क्षेत्र को देश के प्रमुख लॉजिस्टिक्स सेंटर के रूप में विकसित करने की तैयारी तेज हो गई है। ऑटोमोबाइल और मैन्युफैक्चरिंग के बाद अब यह क्षेत्र 2,000 करोड़ की चार बड़ी लॉजिस्टिक्स परियोजनाओं के साथ नया आकार ले रहा है। इसी कड़ी में निजी क्षेत्र की कंपनी गेटवे डिस्ट्रिपार्क्स यहां करीब 200 करोड़ का निवेश कर एक आधुनिक लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित करने जा रही है। कंपनी ने इसके लिए लगभग 30 एकड़ निजी जमीन चिह्नित की है, जिसके अधिग्रहण और वैधानिक प्रक्रिया की जिम्मेदारी एमपीआईडीसी को सौंपी जाएगी। इस प्रोजेक्ट से करीब 450 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। आकार ले रहे हैं ये 3 अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स 1. मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क, पीथमपुर : यह क्षेत्र का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है, जो 255 एकड़ में विकसित हो रहा है। 1110 करोड़ की इस योजना पर अब तक 160 करोड़ खर्च हो चुके हैं। यहां 4 लाख वर्गफीट का वेयरहाउसिंग स्पेस और 150 कमरों का होटल निर्माण अंतिम चरण में है। अगले महीने से वेयरहाउसिंग संचालन शुरू होने की उम्मीद है। सड़क-रेल नेटवर्क से जुड़े इस पार्क से करीब 10 हजार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे। 2. एक्ससियो लॉजिस्टिक्स पार्क, माचल: 600 करोड़ के निवेश से 22.3 हेक्टेयर में बन रहे इस पार्क में आधुनिक वेयरहाउस, कोल्ड चेन, ट्रक टर्मिनल और स्मार्ट इन्वेंट्री सिस्टम जैसी सुविधाएं होंगी। इससे लगभग 4000 लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है। 3. कामाख्या लॉजिस्टिक्स पार्क, पीथमपुर (सेक्टर-7): करीब 20 एकड़ में 127 करोड़ के निवेश से बन रहा यह पार्क स्थानीय उद्योगों को आधुनिक वेयरहाउसिंग सुविधा देगा। इसके चालू होने पर करीब 200 लोगों को रोजगार मिलेगा। 14,650 से ज्यादा रोजगार के अवसर, उद्योगों की घटेगी लागत बिजनेस इम्पैक्ट : चारों परियोजनाओं के पूरा होने पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 14,650 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसके साथ ही पैकेजिंग, कोल्ड चेन, ट्रांसपोर्ट, होटल और रिटेल जैसे सहायक कारोबारों को भी बड़ा बूस्ट मिलेगा। पीथमपुर पहले से ही ऑटोमोबाइल, फार्मा, इंजीनियरिंग और टेक्सटाइल उद्योगों का बड़ा केंद्र है। नया लॉजिस्टिक्स नेटवर्क विकसित होने से यहां के उद्योगों को कच्चा माल मंगाने और तैयार उत्पाद कम समय व कम लागत में देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। इससे इंदौर-पीथमपुर औद्योगिक कॉरिडोर की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता काफी बढ़ जाएगी।
कनाडा के क्यूबेक प्रांत के अंतरराष्ट्रीय संबंध मंत्री क्रिस्टोफर स्कीट ने मुंबई के विधान भवन में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पूर्णकालिक सदस्य अमरजीत सिंह ने कहा कि म्यूचुअल फंड में निवेश कुछ चुनिंदा लोगों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि यह देश के करोड़ों लोगों की वित्तीय सुरक्षा और संपत्ति निर्माण की मजबूत नींव बनना चाहिए।
एसपी ने मुख्यालय मंझनपुर में किया पैदल गश्त:व्यापारियों से सीसीटीवी लगाने और अतिक्रमण हटाने की अपील
कौशांबी में कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने और आमजन में सुरक्षा का भरोसा बढ़ाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण प्रजापत ने शुक्रवार शाम मंझनपुर कस्बे में पुलिस बल के साथ पैदल गश्त किया। इस दौरान उन्होंने प्रमुख बाजारों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। गश्त के दौरान एसपी ने व्यापारियों से संवाद किया और उनसे अपनी दुकानों तथा प्रतिष्ठानों पर उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाने की अपील की। उन्होंने बताया कि सीसीटीवी कैमरे अपराधों की रोकथाम और घटनाओं के शीघ्र खुलासे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। एसपी ने व्यापारियों से सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस का सहयोग करने का भी आग्रह किया। एसपी ने बाजार में अतिक्रमण की समस्या पर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने रेहड़ी-पटरी संचालकों और दुकानदारों से सड़क तथा सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण न करने की अपील की। एसपी ने स्पष्ट किया कि अतिक्रमण से यातायात बाधित होता है और आम लोगों को परेशानी होती है। यदि कोई अतिक्रमण करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधीक्षक ने उपस्थित लोगों से किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, गतिविधि या कानून-व्यवस्था से जुड़ी सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके। उन्होंने आश्वस्त किया कि जनपद में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
लखनऊ के गोमती नगर विस्तार के ग्राम अरदौनामऊ में एलडीए की अधिग्रहित जमीन पर फर्जी एनओसी (NOC) जारी हो गई। जालसाजों ने अफसरों के फर्जी साइन किए और जमीन पर निर्माण करने की अनुमति दे दी। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निर्देश पर हुई जांच में फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। इसके बाद एलडीए के नायब तहसीलदार ने रियल एस्टेट कंपनी जेनिथ एंड जेनिथ सिविल प्लानर्स प्रा. लि. समेत अज्ञात लोगों के खिलाफ सुशांत गोल्फ सिटी थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। एलडीए के सहायक चकबंदी अधिकारी तुलसीराम ने बताया कि कुछ दिन पहले व्हाट्सएप पर एक कथित एनओसी मिली थी। यह एनओसी सहायक चकबंदी अधिकारी (अर्जन) के नाम से जारी दिखाई गई थी। जांच में पता चला कि यह पत्र एलडीए ने कभी जारी ही नहीं किया। पत्र पर किए गए हस्ताक्षर और कार्यालय की मोहर दोनों फर्जी पाए गए।जांच में सामने आया कि फर्जी एनओसी के जरिए ग्राम अरदौनामऊ की जमीन पर विकास कार्य कराने की तैयारी थी। जबकि यह भूमि वर्ष 2001 में अमर शहीद पथ गोमती नगर विस्तार योजना के तहत अधिग्रहित हो चुकी है। अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जमीन का स्वामित्व राज्य सरकार और एलडीए में निहित है। एलडीए का कहना है कि फर्जी दस्तावेज तैयार कर प्राधिकरण के अभिलेखों का दुरुपयोग किया गया और जमीन को वैध दिखाने की कोशिश की गई। इसी आधार पर कंपनी और उससे जुड़े अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। जमीन खरीदने से पहले जांच कराएं एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने लोगों से अपील की है कि जमीन खरीदने से पहले उसके दस्तावेजों की एलडीए से जांच जरूर कराएं। उन्होंने बताया कि वेलनेस सिटी और आईटी सिटी परियोजनाओं के लिए कई गांवों की भूमि अधिग्रहण और अधिसूचना की प्रक्रिया में है। ऐसे क्षेत्रों में जमीन खरीदते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (AKTU) की विद्या परिषद की बैठक शुक्रवार को कुलपति प्रो. जेपी पाण्डेय की अध्यक्षता में हुई। बैठक में विश्वविद्यालय के 24वें दीक्षांत समारोह में प्रदान किए जाने वाले पदकों और डिग्रियों को मंजूरी दी गई। साथ ही छात्रों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। दीक्षांत समारोह में इस बार 83 मेधावी छात्रों को कुल 84 पदक प्रदान किए जाएंगे। इनमें 35 स्वर्ण, 23 रजत और 24 कांस्य पदक शामिल हैं। चांसलर मेडल अंशिका राणा को दिया जाएगा, जो अजय कुमार गर्ग इंजीनियरिंग कॉलेज की बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग की छात्रा हैं। वहीं एससी वर्ग का कमल रानी वरुण स्मृति स्वर्ण पदक इशिका को प्रदान किया जाएगा, जो KIET ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की छात्रा हैं। समारोह में 62,537 छात्रों को डिग्री और 52 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की जाएगी। पदक विजेताओं में 52 छात्राएं और 31 छात्र शामिल हैं। AI पॉलिसी को मिली मंजूरी बैठक में इंडस्ट्रियल रिसर्च प्रमोशन स्कीम के प्रस्ताव को भी सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। इसके तहत रिसर्च करने वाले शिक्षकों को विश्वविद्यालय एवं इंडस्ट्री मिलकर 10 लख रुपए तक का अनुदान प्रदान करेंगे। इस स्कीम का मकसद है इंडस्ट्रियल समस्याओं के समाधान या नवाचार को लेकर शोध करना। इसके अलावा विश्वविद्यालय ने अपनी AI पॉलिसी भी बनाई है जिस पर सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। जल्दी ही इसे लागू किया जाएगा। इस प्रस्ताव पर भी लगी मुहर बैठक में छात्रों को बड़ी राहत देते हुए निर्णय लिया गया कि अब मार्कशीट और डिग्री के साथ ट्रांसक्रिप्ट भी निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा विश्वविद्यालय में ऑनर्स और माइनर कोर्स संचालित होने के कारण MOOCs के ऑनर्स कोर्स को समाप्त करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। पांच छात्र स्टार्टअप भी होंगे सम्मानित दीक्षांत समारोह में इस वर्ष पांच नवाचारी छात्र स्टार्टअप को भी सम्मानित किया जाएगा। 7 जुलाई को आयोजित समारोह में आनंदीबेन पटेल चयनित स्टार्टअप को पुरस्कार प्रदान करेंगी।इन स्टार्टअप का होगा सम्मान
वैश्विक बाजार के मिले-जुले संकेतों के बीच हफ्ते के आखिरी कारोबारी सत्र यानी शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार लगातार तीसरे दिन बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुआ। इस दौरान आईटी, रियल्टी, फार्मा और हेल्थकेयर शेयरों में शानदार तेजी देखने को मिली।
मन्दसौर जिले के पिपलियामंडी स्थित सब्जी मंडी में शेड के अभाव में किसानों और व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दौरान नीलामी स्थल पर कीचड़ और जलभराव के कारण सब्जियां भीगकर खराब हो रही हैं, जिससे किसानों को उचित दाम नहीं मिल पा रहे हैं। यह समस्या पिछले लगभग 20 वर्षों से बनी हुई है। किसानों और व्यापारियों का कहना है कि मंडी में मूलभूत सुविधाओं की कमी है। नीलामी स्थल पर शेड न होने से बारिश में सब्जियां पानी और कीचड़ में भीग जाती हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। कई बार तो सब्जियां बह भी जाती हैं। इस समस्या को लेकर शुक्रवार को जिला कांग्रेस महासचिव अनिल शर्मा ने सब्जी मंडी का दौरा किया। उन्होंने किसानों और आढ़तियों से चर्चा कर उनकी शिकायतें सुनीं। किसान नाथूलाल पाटीदार ने बताया कि शेड के अभाव में उनकी सब्जियां खराब हो जाती हैं और उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने जल्द समाधान की मांग की। आढ़ती राजेश सैनी ने बताया कि नगर परिषद द्वारा मंडी में शेड, वाहन पार्किंग जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। इसके अलावा, मंडी में निराश्रित पशुओं का जमावड़ा भी लगा रहता है, जिससे कई बार लोग घायल हो चुके हैं। व्यापारियों ने मांग की है कि या तो सब्जी मंडी को सुविधायुक्त स्थान पर स्थानांतरित किया जाए या वर्तमान स्थल पर आवश्यक व्यवस्थाएं विकसित की जाएं। जिला कांग्रेस महासचिव अनिल शर्मा ने कहा कि सब्जी नीलामी प्रतिदिन सुबह 4 बजे से शुरू होकर लगभग साढ़े 8 बजे तक चलती है, और बारिश के मौसम में यह समस्या और बढ़ जाती है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे मंडी की समस्याओं को लेकर नगर परिषद के सीएमओ से चर्चा करेंगे और जल्द समाधान का प्रयास करेंगे। शर्मा ने सुझाव दिया कि वर्तमान नीलामी स्थल पर शेड का निर्माण किया जाए या फिर लहसुन मंडी जैसे सुविधायुक्त स्थान पर सब्जी नीलामी की व्यवस्था की जाए।
निवेशकों को आकर्षित करने में सफल रहा अदाणी ग्रुप
अहमदाबाद, अदाणी ग्रुप वैश्विक संस्थागत निवेशकों और भारत के बड़े म्यूचुअल फंड्स को आकर्षित करने में सफल रहा है और यह ग्रुप को लेकर निवेशकों के सेंटीमेंट में स्पष्ट बदलाव को दिखाता है।
इंदौर में दो साइबर ठगी के मामले दर्ज:व्यापारी से 1.80 लाख और गृहिणी के खाते से 14.39 लाख रुपए उड़ाए
इंदौर में साइबर ठगी के दो अलग-अलग मामलों में तुकोगंज और एरोड्रम थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पहले मामले में कंप्यूटर व्यापारी से लैपटॉप बेचने के नाम पर 1.80 लाख रुपए की ठगी की गई, जबकि दूसरे मामले में एक गृहिणी के मोबाइल से छेड़छाड़ कर उनके बैंक खाते से 14.39 लाख रुपए निकाल लिए गए। लैपटॉप सप्लाई के नाम पर 1.80 लाख की ठगी तुकोगंज थाना पुलिस के अनुसार चितावद निवासी अंकित मित्तल, जो सिल्वर मॉल में कंप्यूटर व्यवसाय करते हैं, ने शिकायत दर्ज कराई कि 3 जून को उनके वॉट्सऐप पर सत्यराज नामक व्यक्ति का संदेश आया। उसने खुद को तमिलनाडु की शक्ति इंटरप्राइजेज का प्रतिनिधि बताते हुए सस्ते दामों पर लैपटॉप उपलब्ध कराने का दावा किया। अंकित ने पहले माल देखने की शर्त रखी। इस पर आरोपी ने बताया कि लैपटॉप दिल्ली में एक व्यापारी के पास रखे हैं। अंकित ने अपने परिचित के माध्यम से दिल्ली में माल की पुष्टि कराई। इसके बाद आरोपी के कहने पर उन्होंने 1.80 लाख रुपए बताए गए खाते में ट्रांसफर कर दिए। राशि भेजने के बाद न तो लैपटॉप की डिलीवरी हुई और न ही आरोपी ने फोन उठाया। बाद में दिल्ली के व्यापारी से संपर्क करने पर पता चला कि उसके पास ऐसा कोई माल नहीं था। जांच में सामने आया कि किसी साइबर ठग ने सत्यराज के नाम से वॉट्सऐप का दुरुपयोग कर फर्जी खाते में पैसे ट्रांसफर करा लिए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मोबाइल हैक कर गृहिणी के खाते से 14.39 लाख पार दूसरा मामला एरोड्रम थाना क्षेत्र का है, जहां गृहिणी चेताली माहेश्वरी के बैंक खाते से साइबर ठगों ने 14 लाख 39 हजार रुपए निकाल लिए। पुलिस के अनुसार 1 जून को महिला के मोबाइल पर एक संदिग्ध संदेश आया। लिंक पर क्लिक करने के कुछ समय बाद उनके खाते से लगातार 14 अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए लाखों रुपए विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए गए। लेनदेन की जानकारी मिलते ही महिला ने अपने पति को सूचना दी और तत्काल बैंक से संपर्क कर खाता फ्रीज कराया। इसके बाद साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई गई। जांच के बाद पुलिस ने संबंधित बैंक खाताधारकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर साइबर ठगों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस दोनों मामलों में तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान और बैंक खातों की जांच कर रही है।
फतेहाबाद शहर के 4 मरला कॉलोनी स्थित रोज कैफे में शुक्रवार को पुलिस ने रेड की। इस दौरान डीएसपी संजय कुमार, महिला थाना प्रभारी मंजू सिंह के नेतृत्व में पुलिसकर्मी पहुंचे। उन्होंने करीब तीन घंटे तक कैफे पर निरीक्षण किया। टीम को तीन छात्राएं और चार शादीशुदा महिलाएं कैफे में मिलीं। इस दौरान 3 युवक भी थे। इन छात्राओं के पास बैग भी थे, जिनमें किताबें मिलीं। जांच के बाद पुलिस उन्हें अपने साथ महिला थाना ले गई। महिला थाने में छात्राओं के परिजनों को बुलाया गया। परिजनों के आने के बाद तीनों छात्राओं, दो अन्य युवकों को छोड़ दिया गया। वहीं, कैफे संचालक और काउंटर पर बैठने वाले युवक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। देह व्यापार करवाता था कैफे संचालक जानकारी के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि कैफे संचालक और काउंटर पर बैठने वाला युवक देह व्यापार करवाते थे। इस कैफे का संचालक डीएसपी रोड निवासी दीपक गोस्वामी है। इसके बाद डीएसपी संजय कुमार के नेतृत्व में टीम भेजी गई। तीन घंटे के निरीक्षण के बाद तीन छात्राओं को एक गाड़ी, चार महिलाओं को दूसरी गाड़ी में पुलिस लेकर गई। इसके बाद कैफे के काउंटर पर बैठे युवक को बाइक पर बिठाकर पुलिसकर्मी ले गए। बाद में पुलिस खुद ही कैफे को बंद करके चली गई। पुलिस के मुताबिक कैफे में बाहर से लड़कियां बुलाकर देह व्यापार करवाया जाता है। टीम मौके पर पहुंची तब कैफे संचालक दीपक मौके पर नहीं था। काउंटर पर कबीर बस्ती निवासी युवक अजय कुमार मिला। वहां चार महिलाए भी मौजूद थी। जिनमें से एक रतिया और दूसरी हिसार जिले के निवासी हैं जबकि दो अन्य पंजाब के अमृतसर और मानसा जिले की रहने वाली हैं। पंजाब और रतिया वाली तीनों रतिया में ही किराए पर मकान लेकर रही हैं। 50 फीसदी हिस्सा महिलाओं को मिलता, बाकी कैफे संचालक रखता पुलिस के अनुसार, इन महिलाओं से यहां देह व्यापार करवाया जाता था। राह चलते ग्राहकों को भी बुलाया जाता था। इसके बाद कमाई का 50 फीसदी हिस्सा इन महिलाओं को मिलता था जबकि बाकी 50 फीसदी में से आधा हिस्सा कैफे संचालक दीपक गोस्वामी और काउंटर पर बैठने वाला युवक अजय रखते थे। तीनों छात्राओं और दो युवकों के बुलाए परिजन महिला थाने में पुलिस ने तीनों छात्राओं और दो अन्य युवकों के परिजन बुलाए। परिजनों के आने के बाद तीनों छात्राओं और दोनों युवकों को पुलिस ने उनके साथ भेज दिया। पुलिस के अनुसार, अनैतिक व्यापार रोकथाम अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कैफे संचालक दीपक गोस्वामी और उसके साथी अजय कुमार के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।
गुरुग्राम पुलिस की साइबर अपराध दक्षिण थाना टीम ने निवेश के नाम पर करोड़ों रुपए की साइबर ठगी के मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान जयपुर निवासी पराग जोशी के रूप में हुई है, जिसने ठगों को अपना बैंक अकाउंट उपलब्ध कराया था। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, 8 सितंबर 2025 को एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता को स्टॉक मार्केट में निवेश कर भारी मुनाफा कमाने का झांसा दिया गया था। साइबर ठगों ने एक फर्जी निवेश योजना के माध्यम से उससे करीब 1 करोड़ 9 लाख रुपए की ठगी की। इस शिकायत के आधार पर थाना साइबर क्राइम गुरुग्राम में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। निजी कंपनी के नाम पर खुलवाया था बैंक अकाउंट जांच के दौरान, पुलिस ने साक्ष्यों और बैंकिंग लेनदेन का विश्लेषण किया और 1 जुलाई को आरोपी पराग जोशी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि ठगी की रकम में से लगभग 12 लाख रुपए जिस बैंक खाते में आए थे, वह खाता पराग जोशी ने एक निजी कंपनी के नाम पर खुलवाया था। उसने यह बैंक खाता साइबर ठगी में शामिल एक अन्य आरोपी को 1.20 लाख रुपए के बदले उपलब्ध कराया था। पुलिस ने आरोपी पराग जोशी को अदालत में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान पुलिस इस गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों और ठगी की रकम के इस्तेमाल के बारे में जानकारी जुटाएगी। गुरुग्राम पुलिस ने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है और जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी की जा सकती है।
व्यापारी नेता पर भतीजे ने चाकू से हमला किया:घटना CCTV में कैद, आसपास के लोगों ने चाकू छीनकर जान बचाई
संतकबीरनगर जिले के खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र के मगहर कस्बे में एक व्यापारी नेता विजय प्रकाश कान्दू पर उनके भतीजे ने धारदार हथियार से हमला कर दिया। इस हमले का सीसीटीवी फुटेज शुक्रवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। विजय प्रकाश गंभीर रूप से घायल हो गए हैं और उनका निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस को दी गई तहरीर में शुभम कान्दू ने बताया कि यह घटना 1 जुलाई 2026 की शाम करीब 5 बजे हुई, जब उनके पिता विजय प्रकाश अपनी दुकान के बाहर बैठे थे। इसी दौरान उनके भतीजे अमरनाथ उर्फ भोलू ने उन पर चाकू से हमला कर दिया। सीसीटीवी फुटेज में हमलावर चाकू छिपाकर आता और अचानक वार करता दिख रहा है। हालांकि, मौके पर मौजूद लोगों ने उसे पकड़कर चाकू छीन लिया, जिसके बाद हमलावर भीड़ से भाग निकला। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि घटना के बाद आरोपी पक्ष ने पुलिस को गुमराह करने और उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की। परिजनों ने यह भी बताया कि पहले वे पारिवारिक संबंधों के कारण कानूनी कार्रवाई से बचना चाहते थे। हालांकि, रात में विजय प्रकाश की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें दोबारा अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल से लौटते समय रात करीब 1 बजे रवि प्रकाश और दो अज्ञात लोगों ने उनकी गाड़ी ओवरटेक कर रोक ली। उन पर मुकदमा न करने का दबाव डाला गया और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। कोतवाली प्रभारी पुलिस ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है और इस मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
जीपीएम के मरवाही थाना क्षेत्र में 20 जून 2026 को ग्राम उषाढ़ निवासी 41 वर्षीय गिरीश यादव का दो बदमाशों ने पिस्टल की नोक पर अपहरण कर लिया था। आरोपी उन्हें जबरन कार में बैठाकर ले गए थे। घटना के बाद पीड़ित की पत्नी ने मरवाही थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए गिरीश यादव को सुरक्षित बरामद कर लिया। इस मामले में अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। पुलिस अभी भी तीन फरार आरोपियों की तलाश कर रही है। इनमें प्रीत उर्फ प्रीतम खूटे (जिला सक्ती), अब्दुल खान उर्फ पप्पू (जिला कोरबा) और मुकेश संधू (जिला रायपुर) शामिल हैं। फरार आरोपियों पर कई गंभीर मामले दर्ज पुलिस के अनुसार, तीनों फरार आरोपी आदतन अपराधी हैं। इनके खिलाफ मरवाही के अलावा कोरबा, सक्ती और ओडिशा के मलकानगिरी जिले में भी कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने लोगों से मांगी मदद गौरेला-पेंड्रा-मरवाही पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को इन फरार आरोपियों के बारे में कोई जानकारी मिले, तो तुरंत नजदीकी पुलिस थाना या जीपीएम पुलिस को सूचना दें। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
सोनीपत में खल व्यापारी के गल्ले से ढाई लाख चोरी:दो दुकानों के शटर तोड़कर अंदर घुसे चोर; CCTV में कैद
सोनीपत जिले के गोहाना शहर में चोरों ने एक ही रात में दो दुकानों को निशाना बना लिया। जहां एक व्यापारी की दुकान से 2.50 लाख की चोरी की गई। रोहतक रोड स्थित धर्मपुरा बस्ती के सामने अज्ञात चोरों ने दुकानों के शटर तोड़कर अंदर प्रवेश किया और वारदात करके फरार हो गए। सीसीटीवी में संदिग्ध लोग कैद हो गए है। सबसे बड़ी वारदात खल-बिनौला व्यापारी की दुकान पर हुई, जहां गल्ले से करीब ढाई लाख रुपए चोरी कर लिए गए। वहीं साथ लगती किराना दुकान का शटर भी तोड़कर चोरी की गई। सूचना मिलते ही डायल-112 पुलिस, फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट और थाना शहर गोहाना की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। खल-बिनौले की दुकान से ढाई लाख रुपए चोरी पुलिस को दी शिकायत में उत्तम नगर गली नंबर-1 निवासी मोहित जैन ने बताया कि उनकी रोहतक रोड पर धर्मपुरा बस्ती के सामने खल-बिनौला की दुकान है। एक जुलाई की रात वह रोजाना की तरह दुकान बंद कर अपने घर चले गए थे। अगले दिन सुबह जब दुकान पर पहुंचे, तो शटर टूटा हुआ मिला। अंदर जाकर गल्ला चेक किया तो उसमें रखे करीब 2.50 लाख रुपए गायब थे। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी और कानूनी कार्रवाई की मांग की। किराना दुकान को भी बनाया निशाना मोहित जैन ने पुलिस को बताया कि उनकी दुकान के साथ स्थित अशोक बजाज की किराना दुकान का शटर भी टूटा हुआ मिला। चोर वहां भी चोरी की वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। इससे आशंका जताई जा रही है कि एक ही गिरोह ने योजनाबद्ध तरीके से दोनों दुकानों को निशाना बनाया। फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट ने जुटाए साक्ष्य घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 के माध्यम से पुलिस मौके पर पहुंची। जांच अधिकारी एएसआई मनीष सरकारी वाहन और पुलिस स्टाफ के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट ईएचसी नीलम ने भी मौके का निरीक्षण कर जरूरी साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने दुकान के शटर, गल्ले और अन्य स्थानों की बारीकी से जांच की, ताकि आरोपियों तक पहुंचा जा सके। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस प्राथमिक जांच के बाद पुलिस ने मोहित जैन की शिकायत के आधार पर थाना शहर गोहाना में अज्ञात चोरों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305 और 331(4) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। पुलिस का कहना है कि तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी का प्रयास किया जाएगा।
भरतपुर के होटल में देह व्यापार, संचालक पर FIR:यूपी और बंगाल से लाई एक नाबालिग समेत 9 लड़कियां पकड़ी
भरतपुर शहर के एक होटल में देह व्यापार के लिए राजस्थान, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल से लड़कियां मंगवाई जाती थीं। इसका खुलासा तब हुआ, जब गुरुवार को पुलिस ने चार पुलिसकर्मियों को बोगस ग्राहक बनाकर होटल भेजा। सूचना की पुष्टि होते ही पुलिस ने दबिश देकर एक नाबालिग सहित 9 लड़कियों को पकड़ा। पुलिस के अनुसार होटल के जरिए ग्राहकों तक लड़कियों की सप्लाई की जाती थी। मामले में होटल संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। साथ ही होटल मालिक की भूमिका और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। सूचना मिली, 4 पुलिसकर्मी बने बोगस ग्राहक पुलिस को सूचना मिली थी कि भरतपुर शहर के एक होटल में लंबे समय से देह व्यापार का धंधा चल रहा है। इसके बाद सीओ सिटी आशिमा वासवानी के निर्देशन में चार पुलिसकर्मी बोगस ग्राहक बनकर होटल पहुंचे। देह व्यापार की सूचना की पुष्टि होते ही पुलिस टीम ने होटल पर दबिश दे दी। होटल से 1 नाबालिग समेत 9 लड़कियां मिलीं पुलिस कार्रवाई के दौरान होटल से एक नाबालिग सहित कुल 9 लड़कियां मिलीं। पुलिस के अनुसार सभी लड़कियों को दूसरे राज्यों से बुलाया गया था। होटल से रजिस्टर और अन्य दस्तावेज भी जब्त कर लिए गए हैं। सभी लड़कियों के दस्तावेजों की जांच की जा रही है। होटल संचालक पर एफआईआर, चौकी से 50 मीटर दूर चलता था धंधा सीओ सिटी आशिमा वासवानी ने बताया कि होटल संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार होटल में लंबे समय से देह व्यापार चल रहा था। हैरानी की बात यह है कि होटल से महज 50 मीटर की दूरी पर ही पुलिस चौकी स्थित है। यूपी, राजस्थान और पश्चिम बंगाल की हैं लड़कियां पुलिस जांच में सामने आया कि होटल से मिली लड़कियां उत्तर प्रदेश, राजस्थान और पश्चिम बंगाल की रहने वाली हैं। पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि लड़कियों को होटल तक कौन लाया और इस धंधे से जुड़े अन्य लोग कौन हैं।
पंजाब के करीब 8 लाख सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों की नजर आज पंजाब एंव हरियाणा हाईकोर्ट पर है। दो दिन से सुनवाई टल रही है लेकिन आज इस पर आज फैसला आ सकता है। लंबे समय से लंबित महंगाई भत्ता (DA) और पे-कमिशन एरियर के मामले में सुनवाई होगी। हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने 8 अप्रैल को पंजाब सरकार को 30 जून तक लंबित डीए का भुगतान करने का निर्देश दिया था। इस आदेश को सरकार ने डबल बेंच में चुनौती दी। डबल बेंच ने सिंगल बेंच के आदेश पर रोक नहीं लगाई, लेकिन सरकार से सीलबंद लिफाफे में भुगतान की योजना मांगी थी। अब गुरुवार की सुनवाई में अदालत यह देखेगी कि सरकार ने बकाया डीए के भुगतान के लिए क्या रोडमैप तैयार किया है। सरकार किस्तों में भुगतान का प्रस्ताव रखती है या वित्तीय स्थिति का हवाला देकर और समय मांगती है, इस पर फैसला निर्भर करेगा। केंद्र से 18% पीछे पंजाब के कर्मचारी फिलहाल पंजाब के कर्मचारियों को 42 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है, जबकि केंद्र सरकार के कर्मचारियों की तुलना में 18 प्रतिशत डीए अभी भी लंबित है। कर्मचारी संगठन लंबे समय से इस अंतर को समाप्त करने और बकाया राशि जारी करने की मांग कर रहे हैं। कर्मचारी संगठनों की ओर से पेश वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का हवाला दिया है, जिसमें कहा गया था कि महंगाई भत्ता कोई बोनस या अनुग्रह राशि नहीं, बल्कि कर्मचारियों के वेतन का हिस्सा है। इसी आधार पर कर्मचारी बकाया डीए के भुगतान की मांग कर रहे हैं। कर्मचारी संगठन हो रहे लामबंद कर्मचारी संगठनों ने पहले ही सरकार को चेतावनी दी है कि यदि हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलती और भुगतान को लेकर स्पष्ट फैसला नहीं आता, तो 17 जुलाई को पंजाब में महारैली और महाबंद का ऐलान किया जा सकता है। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि यदि कर्मचारियों और पेंशनरों के परिवारों को जोड़ दिया जाए तो यह संख्या करीब 40 लाख लोगों तक पहुंचती है। ऐसे में इस मुद्दे का राजनीतिक असर भी आगामी समय में देखने को मिल सकता है।
सतना जिले की उचेहरा थाना पुलिस ने मंदिरों में चोरी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में पांच चोरों और चोरी का सामान खरीदने वाले तीन व्यापारियों सहित कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह ने गोबरावकला स्थित सिद्धेश्वरनाथ मंदिर समेत पांच देव स्थानों पर चोरी की वारदातों को अंजाम दिया था। सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। उचेहरा थाना प्रभारी सतीश मिश्रा ने बताया कि 27 जून को गोबरावकला के सिद्धेश्वरनाथ मंदिर के पुजारी चंद्रिका प्रसाद (70 वर्ष) दोपहर की पूजा के बाद घर चले गए थे। शाम को जब वे आरती के लिए वापस लौटे, तो उन्होंने भगवान शंकर और माता-पार्वती के मंदिरों से पीतल के घंटे गायब पाए। परिक्रमा मार्ग में भी गंदगी फैली हुई थी। पुजारी ने ग्रामीणों के साथ थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। सूचना पर पुलिस ने दी थी दबिश जांच के दौरान, वारदात के पांचवें दिन पुलिस को मुखबिरों से सूचना मिली कि उरदनी गांव के कुछ लोग पीतल के घंटे बेचने की बात कर रहे हैं। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने गांव में दबिश दी और अमित कोल (22), अतुल साकेत (28), प्रीतम कोल (24), विनय साकेत (23) और योगेन्द्र उर्फ ओम साकेत (26) को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में इन सभी आरोपियों ने चोरी की वारदातों को अंजाम देना कबूल किया। आरोपियों ने खेरदाई मंदिर उरदनी, राजाबाबा मंदिर परसमनिया और नरहठी मंदिर में भी चोरी करने का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि चोरी का सारा सामान उचेहरा के बर्तन व्यापारी राजेश ताम्रकार (50, वार्ड क्रमांक-7), विजय ताम्रकार (40, वार्ड क्रमांक-6) और कैलाश ताम्रकार (41, वार्ड क्रमांक-13) को बेचा था। पुलिस ने आरोपियों के बयानों की पुष्टि करते हुए तीनों व्यापारियों को भी हिरासत में ले लिया। उनके कब्जे से नौ घंटे, एक कलश और सिक्कों सहित लगभग 38 हजार रुपये का चोरी का सामान बरामद किया गया है।
पीथमपुर के घाटा बिल्लौद स्थित राम कृष्णा गार्डन में 'सायबर सुरक्षा अभियान 2.0 सेफ क्लिक' का आयोजन किया गया। मध्य प्रदेश शासन पुलिस मुख्यालय भोपाल की ओर से संचालित अभियान में घाटा बिल्लौद और लेबड़ के ग्रामीण और व्यापारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। इसका मुख्य उद्देश्य डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। धार के पुलिस कप्तान सचिन शर्मा के मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पारुल बेलापुरकर और सीएसपी रवि सोनेरे ने कार्यक्रम में शिरकत की। थाना प्रभारी बागदून (पीथमपुर) निरीक्षक सुनील शर्मा और चौकी प्रभारी घाटा बिल्लौद निलेश कुमार मालविया ने ग्रामीणों को डिजिटल सुरक्षा के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने डिजिटल दुनिया में सावधानी बरतने की आवश्यकता पर जोर दिया। सायबर ठगी से बचने के उपाय बताए अधिकारियों ने सायबर ठगी से बचने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने ग्रामीणों को अनजान नंबरों से आने वाले वीडियो कॉल न उठाने की सलाह दी। साथ ही, मुफ्त उपहार या लॉटरी का प्रलोभन देने वाले संदिग्ध लिंक या फोटो पर क्लिक करने से बचने को कहा। मोबाइल में अज्ञात APK फाइल डाउनलोड करने से भी मना किया गया, क्योंकि ऐसी फाइलें डेटा और पैसे चुरा सकती हैं। यदि कोई व्यक्ति सायबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो उसे तत्काल राष्ट्रीय सायबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करना चाहिए। यह नंबर ठगी हुई राशि को ब्लॉक करने में सहायक होता है। सायबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल की अपील इस जन-जागरूकता अभियान को सफल बनाने में पुलिस बल के आरक्षक मंगल सिंह मेड़ा और आरक्षक श्यामू राजावत ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्थानीय समाजसेवी रमेश मीणा, लखन यादव, मुकेश सिसोदिया सहित घाटा बिल्लौद और लेबड़ के समस्त व्यापारी संगठनों ने भी इस सुरक्षा संकल्प को आगे बढ़ाने का वादा किया। इस तरह की एकजुटता दर्शाती है कि सायबर सुरक्षा किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। तस्वीरे देखिए…
नई दिल्ली, भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में जून में गतिविधियों में वृद्धि देखी गई है, जिससे मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई 54.2 पर रहा है। यह जानकारी एचएसबीसी फ्लैश इंडिया पीएमआई डेटा में बुधवार को दी गई।
ललित सुरजन की कलम से राजनीति बनाम व्यापार
'यह कहने की आवश्यकता नहीं है कि राजनीति और व्यापार दोनों किसी हद तक एक-दूसरे पर आश्रित हैं
मारुति सुजुकी ने जोड़े पांच स्टार्टअप्स, एआई और ऑपरेशनल को बनाएगी और स्मार्ट
नई दिल्ली, देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने सोमवार को घोषणा की कि उसने पांच स्टार्टअप्स को अपने साथ जोड़ा है।
चीन में एक ही कंपनी के करीब 7 लाख डिलीवरी कर्मचारियों की जगह रोबोट ले सकते हैं। ई-कॉमर्स कंपनी जेडी.कॉम के संस्थापक रिचर्ड लियू ने एपीईसी चाइना सीईओ फोरम में कहा कि भविष्य में डिलीवरी कर्मचारियों की आवश्यकता नहीं होगी। सारी डिलीवरी रोबोट द्वारा की जाएगी। कंपनी के करीब 7 लाख डिलीवरी और फ्रंटलाइन कर्मचारी इस बदलाव से प्रभावित हो सकते हैं। जेडी.कॉम पहले से ही अपने वेयरहाउस, सॉर्टिंग सेंटर और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में बड़े पैमाने पर ऑटोमेशन का उपयोग कर रही है। रिचर्ड लियू ने बताया कि उनकी कंपनी ने एआई और रोबोटिक्स से प्रभावित होने वाले कर्मचारियों के लिए एक निर्वाण योजना शुरू की है। इसके तहत चीन के लगभग 120 शिक्षण संस्थानों की मदद से कर्मचारियों को रोबोट मरम्मत, रखरखाव, मॉनिटरिंग और तकनीकी संचालन जैसे कौशल सिखाए जाएंगे। 100 से ज्यादा काम रोबोट से करवाने की कोशिश चीन की कोशिश है कि इस साल के आखिर तक ह्यूमनॉइड रोबोट 100 से ज्यादा तरह के असल जिंदगी के कामों में सक्रिय हो जाएं। चीन के उद्योग मंत्रालय ने सरकारी उद्यमों को निर्देश दिए हैं कि वे रोबोट्स को ‘वर्क मोड’ में लाएं। भारत में क्या स्थिति है? भारत में अभी लास्ट-माइल डिलीवरी काफी हद तक मानव श्रमिकों पर निर्भर है। हालांकि बड़े वेयरहाउस, ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स, मैन्युफैक्चरिंग और ग्राहक सेवा क्षेत्रों में एआई व ऑटोमेशन का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। नौकरियों की प्रकृति बदल सकते हैं रोबोट विशेषज्ञों के अनुसार रोबोट जॉब खत्म नहीं करेंगे, बल्कि नौकरियों की प्रकृति बदलेंगे। इंसान रोबोट की मरम्मत, मेंटेनेंस, मॉनिटरिंग और तकनीकी संचालन जैसे काम करेंगे। रोबोट ऑपरेटर और रोबोट मेंटेनेंस इंजीनियर जैसी नई नौकरियां उभर सकती हैं। चीन की 44% वर्कफोर्स अस्थायी रोजगार में लगी थिंक चाइना की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन की गिग इकोनॉमी दुनिया में सबसे बड़ी है। डिलीवरी और राइड-हेलिंग जैसे प्लेटफॉर्म पर 8.4 करोड़ लोग काम करते हैं। अस्थायी रोजगार पर निर्भर आबादी 32 करोड़ (करीब 44%) तक पहुंच गई है।
दो वर्षों में बदली ओडिशा की तस्वीर: मोहन चरण माझी सरकार का विकास, सुशासन और निवेश मॉडल
जून 2024 में जब ओडिशा की जनता ने राज्य में पहली बार भारतीय जनता पार्टी को पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता सौंपी, तब यह केवल राजनीतिक परिवर्तन नहीं था, बल्कि विकास और सुशासन की नई अपेक्षाओं का जनादेश भी था।
सीतारमण का बड़ा बयान: विदेशी निवेश बढ़ने के लिए सरकार की नयी तैयारी
नई दिल्ली, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि सरकार देश में अधिक विदेशी पूंजी आकर्षित करने के लिए आगे भी कई कदम उठाएगी और बॉन्ड मार्केट के लिए हाल में घोषित उपाय इस दिशा में सिर्फ शुरुआत हैं।
निवेश की दुनिया में अक्सर लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि आखिर में अपनी गाढ़ी कमाई से बमुश्किल की जाने वाली बचत का रुपया-पैसा कहाँ लगाएं, जहां पर वह डूबे नहीं, बल्कि सुरक्षित भी रहे। ऐसे में आप अपना रुपया-पैसा पीपीएफ (Public Provident Fund) में लगाएं या एमएफ (Mutual Fund) में। क्योंकि सच यह है कि दोनों का उद्देश्य अलग-अलग है और सही समय पर सही विकल्प चुनना ही आपके लिए अधिक महत्वपूर्ण है। इसलिए आइए आज आपको बताते हैं कि कब पीपीएफ में निवेश करें और कब एमएफ में। पहले हम बात करते हैं कि पीपीएफ (PPF) में निवेश कब न करें? आपके लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि Public Provident Fund (PPF) उन लोगों के लिए बेहतर है जो अपनी पूंजी की सुरक्षा चाहते हैं। साथ ही एक निश्चित और जोखिम-मुक्त रिटर्न पसंद करते हैं। इसके अलावा, टैक्स भी बचाना चाहते हैं। और तो और, 15 वर्ष या उससे अधिक की लंबी अवधि के लिए निवेश कर सकते हैं। चूंकि इसका महत्वपूर्ण फंडा यह है कि PPF में हर महीने की 5 तारीख से पहले पैसा जमा करने पर उस महीने का ब्याज भी मिलता है। इसलिए यदि आप मासिक निवेश करते हैं तो 1 से 5 तारीख के बीच जमा करना अधिक फायदेमंद माना जाता है। इसे भी पढ़ें: FIR कराना हो जाएगा आसान, जब जानेंगे 2026 के कानून अब हम बात करते हैं कि Mutual Fund (MF) में कब निवेश करें? तो यह गांठ बांध लीजिए कि Mutual Fund उन निवेशकों के लिए बेहतर है जो महंगाई को मात देने वाला रिटर्न चाहते हैं। साथ ही लंबी अवधि (10-15 वर्ष या अधिक) के लिए निवेश कर सकते हैं। इसके अलावा, कुछ उतार-चढ़ाव (रिस्क) सहन कर सकते हैं। और तो और संपत्ति निर्माण (Wealth Creation) का लक्ष्य रखते हैं। चूंकि इसका महत्वपूर्ण फंडा यह है कि Mutual Fund में सही समय पकड़ने की बजाय SIP (Systematic Investment Plan) के जरिए नियमित निवेश करना अधिक प्रभावी माना जाता है। जो कि बाजार ऊपर हो या नीचे, SIP लागत को औसत कर देती है। सवाल है कि किसे चुनें? आपके निवेशक का लक्ष्य क्या है? आपके पास बेहतर विकल्प क्या है? आपकी पूंजी सुरक्षा कितनी है। चूंकि पीपीएफ से टैक्स बचत होती है, रिटायरमेंट के लिए सुरक्षित फंड रहता है और लंबी अवधि में अधिक रिटर्न रिटर्न मिलता है। जबकि म्युचुअल फंड धन सृजन (Wealth Creation) के लिए अच्छा है, बशर्ते कि आप संतुलित रणनीति अपनाएं। जहां तक PPF और Mutual Fund में सबसे असरदार रणनीति की बात है तो वित्तीय विशेषज्ञ अक्सर सलाह देते हैं कि निवेशक दोनों का संयोजन रखें। एक ओर सुरक्षा और टैक्स लाभ के लिए PPF अच्छा है तो संपत्ति निर्माण और महंगाई से आगे निकलने के लिए Equity Mutual Fund SIP बेहतर है। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई व्यक्ति हर महीने ₹10,000 निवेश करना चाहता है, तो वह ₹3,000–₹4,000 PPF में और शेष राशि अच्छे इक्विटी म्यूचुअल फंड की SIP में लगा सकता है। इससे सुरक्षा और वृद्धि दोनों का लाभ मिल सकता है। निष्कर्षतः यह कहा जा सकता है कि यदि आपका लक्ष्य पूंजी की सुरक्षा है तो PPF बेहतर है। और यदि आपका लक्ष्य लंबी अवधि में बड़ा धन बनाना है तो Mutual Fund अधिक उपयुक्त हो सकता है। वहीं, दोनों का संतुलित मिश्रण अधिकांश निवेशकों के लिए व्यावहारिक और प्रभावी रणनीति साबित हो सकता है। हाँ, यहां पर यह सदैव ध्यान रखें कि Mutual Fund बाजार जोखिमों के अधीन हैं, जबकि PPF अपेक्षाकृत सुरक्षित सरकारी योजना है। लिहाजा, निवेश का निर्णय अपनी आयु, लक्ष्य, जोखिम क्षमता और समयावधि को ध्यान में रखकर करें। - कमलेश पांडेय वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार
आज के दौर में नौकरी बदलने या नई जॉब तलाशने वालों के लिए सैलरी (CTC Package) सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक होती है। कोई भी उम्मीदवार किसी कंपनी का हिस्सा बनने से पहले यह जरूर सुनिश्चित करना चाहता है कि उसे मिलने वाला पैकेज उसकी योग्यताओं और उम्मीदों के मुताबिक है या नहीं। लेकिन कॉरपोरेट जगत में अक्सर कंपनियां जॉब वैकेंसी पोस्ट करते समय सैलरी रेंज का खुलासा नहीं करतीं, जिससे अंत में उम्मीदवार और कंपनी दोनों का कीमती समय और संसाधन बर्बाद होते हैं।ऐसा ही एक दिलचस्प और आंखें खोलने वाला मामला सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसने कॉर्पोरेट जगत में सैलरी ट्रांसपेरेंसी (सैलरी की साफ जानकारी) को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। एक स्टार्टअप फाउंडर ने सार्वजनिक रूप से अपनी गलती स्वीकार करते हुए बताया कि उनकी कंपनी में लंबी भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद एक क्वालिफाइड उम्मीदवार ने ₹20 लाख सालाना के जॉब ऑफर को सीधे खारिज कर दिया। वजह थी—उम्मीदवार की उम्मीद और कंपनी के बजट के बीच का एक बड़ा फासला।तीन हफ्ते की लंबी दौड़, 4 इंटरव्यू राउंड और अंत में 'नो डील'इस पूरे घटनाक्रम की इनसाइड स्टोरी साझा करते हुए स्टार्टअप फाउंडर अभिषेक अग्रवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन (LinkedIn) पर एक पोस्ट लिखी। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी ने एक विशिष्ट पद के लिए हायरिंग शुरू की थी। एक योग्य उम्मीदवार ने आवेदन किया और वह कंपनी के कड़े सिलेक्शन प्रोसेस का हिस्सा बना।कड़ी परीक्षा: उम्मीदवार ने एक-एक करके कुल 4 कठिन इंटरव्यू राउंड्स को सफलतापूर्वक पास किया।समय की बर्बादी: यह पूरी भर्ती प्रक्रिया करीब तीन सप्ताह (21 दिन) तक लगातार चलती रही। दोनों ही पक्षों ने इसमें काफी समय, ऊर्जा और मेहनत लगाई।सैलरी का पेंच: जब सारे राउंड क्लियर होने के बाद आखिरी चरण में फाइनल सैलरी ऑफर करने की बात आई, तो दोनों पक्षों के होश उड़ गए। कंपनी ने अपने निर्धारित बजट के अनुसार उम्मीदवार को ₹20 लाख सालाना का पैकेज ऑफर किया, जबकि उम्मीदवार अपनी मार्केट वैल्यू के हिसाब से ₹28 लाख सालाना की उम्मीद कर रहा था। ₹8 लाख के इसी बड़े अंतर (Gap) के कारण उम्मीदवार ने ऑफर स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया।'कंपटीटिव सैलरी' शब्द पर फाउंडर ने मानी अपनी बड़ी चूकअभिषेक अग्रवाल ने अपनी लिंक्डइन पोस्ट में बेहद ईमानदारी से स्वीकार किया कि इस निराशाजनक स्थिति के लिए पूरी तरह उनकी कंपनी की नीतियां जिम्मेदार थीं। उन्होंने अपनी चूक को डिकोड करते हुए दो मुख्य बातें कहीं:भ्रामक शब्द: जॉब विज्ञापन (Job Description) में सैलरी को लेकर कोई स्पष्ट आंकड़ा या रेंज नहीं दी गई थी। विज्ञापन में सिर्फ इतना लिखा था कि कंपनी 'कंपटीटिव सैलरी' (Competitive Salary) देगी। फाउंडर ने माना कि इस शब्द का पैमाना हर व्यक्ति के लिए अलग हो सकता है। उम्मीदवार ने अपने पिछले क्रेडेंशियल्स और अनुभव के आधार पर इसे ₹28 लाख समझ लिया, जबकि कंपनी के लिए ₹20 लाख ही कंपटीटिव था।शुरुआत में स्पष्टता जरूरी: फाउंडर ने माना कि अगर उन्होंने हायरिंग के पहले दिन या जॉब पोस्टिंग के समय ही सैलरी की एक तय सीमा (Salary Range) लिख दी होती, तो यह स्थिति पैदा ही नहीं होती। ऐसा करने से तीन सप्ताह तक चला यह लंबा नाटक रुक जाता और दोनों पक्षों का कीमती समय बच जाता।रोल एक, पर सैलरी अलग: क्यों पैदा होती है यह गलतफहमी?अभिषेक ने अपनी पोस्ट में नौकरी बाजार के एक कड़वे सच को भी उजागर किया। उन्होंने बताया कि एक ही पद (Designation) के लिए अलग-अलग कंपनियों में सैलरी स्ट्रक्चर पूरी तरह भिन्न हो सकता है।किसी शुरुआती स्टेज के स्टार्टअप या छोटी कंपनी में किसी मैनेजर या डेवलपर का पैकेज ₹15-20 लाख हो सकता है।वहीं, किसी बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी (MNC) या फंडेड स्टार्टअप में उसी समान रोल और जिम्मेदारी के लिए ₹30-40 लाख तक की सैलरी मिल सकती है।यही कारण है कि सिर्फ पद का नाम (Job Title) देखकर किसी भी नौकरी की वास्तविक सैलरी का सटीक अंदाजा लगाना नामुमकिन होता है। उम्मीदवार हमेशा अपनी मौजूदा स्किल, अनुभव और मार्केट की डिमांड के हिसाब से उम्मीदें ऊंची रखते हैं, जबकि कंपनियों के आंतरिक बजट की अपनी सीमाएं होती हैं।सोशल मीडिया पर फूटा यूजर्स का गुस्सा; ट्रांसपेरेंसी की बढ़ती मांगफाउंडर की यह पोस्ट सोशल मीडिया पर देखते ही देखते वायरल हो गई और नौकरीपेशा युवाओं ने कमेंट सेक्शन में अपनी भड़ास और राय निकालनी शुरू कर दी।यूजर्स की राय: अधिकांश वर्किंग प्रोफेशनल्स ने फाउंडर के स्टैंड का समर्थन किया और कहा कि कंपनियों को अपनी जॉब पोस्टिंग में सैलरी का दायरा छुपाना बंद करना चाहिए।निराशाजनक अनुभव: एक यूजर ने लिखा, 4 राउंड के मैराथन इंटरव्यू के बाद सिर्फ सैलरी बजट मैच न होने के कारण ऑफर का रुक जाना किसी भी उम्मीदवार के लिए बेहद मानसिक तनाव और निराशा से भरा होता है।बेस्ट प्रैक्टिस: कई एचआर एक्सपर्ट्स ने सलाह दी कि किसी भी भर्ती प्रक्रिया में पहले राउंड की एचआर स्क्रीनिंग कॉल के दौरान ही सैलरी की उम्मीदों (Expected CTC) और कंपनी के बजट पर खुलकर बात कर लेनी चाहिए, ताकि आगे का सफर पारदर्शी रहे।
घरेलू सोने का उपयोग कर विदेशी मुद्रा बचाने की पेशकश
अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीयों से अपील की कि कम से कम एक साल के लिए भारत में सोने का आयात टाला जा सकता है, तो उन्होंने ऐसा उस बड़ी अनिश्चितता के संदर्भ में किया जिसका सामना देश कर रहा है।
भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप्स का आईएन-स्पेस ने चयन किया
नई दिल्ली, सरकारी एजेंसी इंडियन नेशनल स्पेस प्रमोशन एंड ऑथराइजेशन सेंटर (आईएन-स्पेस) ने गुरुवार को तीन भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप्स को अपने वित्तीय सहायता के लिए चुना है।
जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा से करोड़ों की ठगी, प्रॉपर्टी निवेश के नाम पर लिए 17 करोड़ रुपए
मायानगरी में धोखाधड़ी के किस्से अक्सर सामने आते रहते हैं। अब बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा जाफरी धोखाधड़ी का शिकार हो गई हैं। हबीबा जाफरी से संपत्ति निवेश के नाम पर करीब 17.5 करोड़ रुपए की ठगी की गई है।
भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते का वैश्विक अर्थ
युद्ध की आशंकाओं के बीच आशा का सेतुः वैश्विक परिदृश्य इन दिनों युद्ध की अनिश्चितताओं, तनावों और भू-राजनीतिक खींचतान से भरा हुआ है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान और महाशक्तियों के बीच प्रतिस्पर्धा ने विश्व अर्थव्यवस्था के सामने कई प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। ऐसे समय में भारत और न्यूजीलैंड के ... Read more
स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने 'स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0' (एफओएफ 2.0) लॉन्च किया
अमेज़न MGM स्टूडियोज ने अपनी नई फिल्म 'रफ्तार' की रिलीज डेट की घोषणा कर दी है। इस फिल्म में राजकुमार राव और कीर्ति सुरेश लीड रोल में नजर आने वाले हैं। आदित्य निंबालकर के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म को 'कांपा फिल्म' के बैनर तले पत्रलेखा ने प्रोड्यूस ...
काजोल ने किया रियल एस्टेट में निवेश, खरीदी इतने करोड़ की कमर्शियल प्रॉपर्टी
बॉलीवुड एक्ट्रेस काजोल ने इंडस्ट्री में एक अलग मुकाम हासिल किया है। काजोल भले ही फिल्मों में कम नजर आती हो, लेकिन वह सुर्खियों में बनी रहती हैं। काजोल ने अब एक्टिंग के साथ-साथ रियल एस्टेट में भी कदम रख दिया है। काजोल ने मुंबई के गोरेगांव वेस्ट ...
जानिए क्यों पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास पर है 2100 करोड़ रुपए निवेश
पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास अपने करियर के शानदार दौर से गुजर रहे हैं, और निर्विवाद रूप से अखिल भारतीय सुपरस्टार के रूप में अपनी जगह पक्की कर रहे हैं। बाहुबली, सलार, कल्कि 2898 एडी जैसी बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने वाली फिल्मों के साथ, उन्होंने भारतीय ...
'एक रात के 5 लाख' क्या इस महंगाई की वजह बने हैं विक्की कौशल और कैटरीना कैफ
राजस्थान अपने खूबसूरत किलों और महलों के लिए विश्वभर में जाना जाता है। कला और संस्कृति के इस अनूठे संगम, शाही ठाठ बाठ समेत राजपुताना वास्तुकला का आनंद उठाने दुनिया के कोने-कोने से पर्यटक यहां आते हैं..........
खतरों के खिलाड़ी सीजन 14 के कंटेस्टेंट अभिषेक कुमार जिन्होंने बिग बॉस 17 में अपने कार्यकाल से काफी लोकप्रियता हासिल की, अपने आकर्षक व्यक्तित्व से लोगों के दिलों पर राज कर रहे हैं। विवादित रियलिटी शो में उनकी भागीदारी ने उन्हें स्टार बना दिया और उन्हें रातोंरात सफलता दिलाई। अभिषेक जो वर्तमान में रोहित शेट्टी के शो खतरों के खिलाड़ी 14 में हैं, ने साझा किया कि वह एक प्रोडक्शन हाउस खोलना चाहते हैं। इसे भी पढ़ें: Kartik Aaryan का खुलासा, Pyaar Ka Punchnama की सफलता के बावजूद उनके पास ‘कोई ऑफर नहीं था, कोई पैसा नहीं था ईटाइम्स टीवी के साथ एक इंटरव्यू में, अभिषेक ने खुलासा किया कि वह भविष्य के लिए पैसे बचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता चाहते हैं कि वह मुंबई में एक घर खरीदें, लेकिन वह एक व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। अभिषेक ने कहा कि वह एक उद्यमी बनना चाहते हैं और उनके बड़े सपने हैं जिन्हें वह हासिल करना चाहते हैं। अभिषेक कुमार मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते इंटरव्यू में, अभिषेक ने कहा कि उन्होंने पैसे बर्बाद करना बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते क्योंकि शहर काफी महंगा है और कहा कि किराए पर रहना एक समझदारी भरा फैसला है। उन्होंने यहां तक कहा कि घर खरीदने में बड़ी रकम लगाने और फिर हर महीने लोन के रूप में बैंक को बड़ी EMI चुकाने का कोई मतलब नहीं है। इसे भी पढ़ें: Karan Johar को कोर्ट से मिली राहत, फिल्म Shaadi Ke Director Karan Aur Johar की रिलीज परह लगी रोक अभिषेक ने कहा कि वह अपना पैसा निवेश करना चाहते हैं और उस पर ब्याज पाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह रवि दुबे और सरगुन मेहता की तरह एक प्रोडक्शन हाउस स्थापित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि उनका परिवार चंडीगढ़ में घर खरीदे, लेकिन मुंबई में नहीं क्योंकि वे वहीं रह सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह पैसे बचाना चाहते हैं और कोई दूसरा व्यवसाय शुरू करने में निवेश कर सकते हैं। KKK 14 की बात करें तो शिल्पा शिंदे शो से बाहर हो गईं। एक यूट्यूब चैनल के अनुसार, सनी वरुण ने बात की, गश्मीर, करणवीर, अदिति और अभिषेक ने निष्कासन स्टंट किया।

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