दुनिया में फिर बढ़ रही है भूख! जलवायु संकट और महंगाई ने करोड़ों लोगों की थाली से छीना पौष्टिक भोजन
भूख केवल भोजन की कमी नहीं, बल्कि समान अवसर, न्यायपूर्ण नीतियों और जलवायु सुरक्षा का भी प्रश्न है। आइए समझते हैं इस वैश्विक खाद्य संकट की पूरी कहानी।
बालाघाट में बहुचर्चित डबल मनी मामले में पुलिस ने सोमवार को 113 निवेशकों के नाम मीडिया को जारी किए हैं। इन निवेशकों में बालाघाट जिले के लांजी, बालाघाट सहित अन्य क्षेत्रों के अलावा छत्तीसगढ़ के भिलाई, धमतरी और मध्य प्रदेश के उज्जैन व सिवनी के लोग शामिल हैं। ये निवेशक डबल मनी के लालच में फंस गए थे। हालांकि, पुलिस ने अभी तक यह जानकारी नहीं दी है कि प्रत्येक निवेशक ने कितनी राशि का निवेश किया था। पुलिस का उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया के बाद जब्त की गई नकदी और संपत्ति की कुर्की से प्राप्त राशि से निवेशकों को उनका पैसा वापस दिलाना है। पुलिस ने सभी 113 निवेशकों से अपील की है कि वे 28 और 29 जुलाई को सुबह 10 बजे से शाम 4:30 बजे तक बालाघाट एसपी कार्यालय में अपने आवेदन जमा करें। आवेदनों के लिए एक निर्धारित प्रारूप जारी किया गया है। निवेशकों को अपने आवेदन के साथ चेक नंबर, बैंक खाता नंबर, बैंक का नाम, डबल मनी की राशि, निवेश की मूल राशि, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक, आरोपियों द्वारा दिए गए चेक और ऑनलाइन भुगतान के दस्तावेज संलग्न करने होंगे। मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) ने बताया कि इन दस्तावेजों के आधार पर निवेशकों की सुनवाई की जाएगी, ताकि न्यायालय के निर्देशानुसार उन्हें उनकी राशि वापस मिल सके। इनको किया है पुलिस ने गिरफ्तार इस मामले में सभी आठ मुख्य आरोपी - सोमेंद्र कंकरायाने, तामेश मंसूरे, राकेश मंसूरे, प्रदीप कंकरायाने, दिनेश कंकरायाने, रामप्रसाद मंसूरे, प्रदुम कंकरायाने और रुखचंद हरदे - फिलहाल पुलिस रिमांड पर हैं। इन्हें 2022 से फरार होने के बाद 20 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था।
शेयर मार्केट में निवेश कर डबल मुनाफा कमाने के चक्कर में 10 लाख की ठगी हो गई है। फेसबुक पर आई लिंक के सांझे में आकर अलग-अलग समय में कुल 10 लाख जमा करा दिए। लेकिन रिटर्न कुछ नहीं मिला। लिंक बंद होने पर पता चला कि सायबर ठगों ने रुपए ठग लिए। तब पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने सायबर ठगों के खातों से 5 लाख रुपए से अधिक की राशि को होल्ड कराया। मामला स्टेशन रोड थाना क्षेत्र से जुड़ा है। फरियादी द्वारा 12 मार्च 26 को साइबर सेल रतलाम में शिकायत दर्ज कराई थी। फरियादी ने बताया कि उसे फेसबुक पर एक लिंक प्राप्त हुई थी, जिसके माध्यम से उसे शेयर मार्केट में निवेश कर अधिक लाभ कमाने का लालच दिया गया। लालच में आकर फरियादी ने 27 फरवरी 2026 से 12 मार्च 2026 के बीच अलग-अलग किस्तों में 10 लाख रुपए से अधिक की राशि कथित निवेश के नाम पर जमा कर दी। ठगों द्वारा फरियादी को अधिक मुनाफा दिलाने का लालच देकर लगातार और राशि निवेश करने के कहते रहे। एप्लीकेशन बंद होने पर चला पताजब फरियादी द्वारा निवेश की गई राशि को वापस निकालने (विड्रॉल) करने का प्रयास तो संबंधित एप्लीकेशन बंद हो गई। इसके बाद फरियादी को अपने साथ साइबर ठगी का आभास हुआ। तब उसने तत्काल साइबर सेल रतलाम में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत पर साइबर सेल रतलाम द्वारा कार्रवाई करते हुए शिकायत को नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज किया। साइबर सेल टीम द्वारा प्राप्त शिकायत के आधार पर संबंधित बैंक खातों एवं लेनदेन की जानकारी निकालते हुए ठगों के खातों में पहुंची 5 लाख से अधिक राशि होल्ड करवाई। साइबर सेल की तत्परता के कारण फरियादी की ठगी गई राशि में से महत्वपूर्ण राशि को आगे ट्रांसफर होने से रोका। खातों में आई 2.68 लाख की राशिसाइबर सेल टीम द्वारा आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण करते हुए कोर्ट के समक्ष राशि रिफंड के लिए कार्रवाई की। कोर्ट द्वारा 5,04,126 लाख फरियादी के खाते में वापस किए जाने के आदेश जारी किए। आदेश के अनुपालन में अब तक फरियादी के बैंक खाते में 2,68,907 लाख की राशि प्राप्त हो चुकी है। सायबर सेल के अनुसार शेष राशि भी फरियादी के खाते में रिफंड करवाने की प्रक्रिया जारी है। 86 लाख से अधिक राशि होल्ड कराईएसपी अमित कुमार ने बताया कि साइबर अपराधों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। वर्ष 2026 में अब तक रतलाम पुलिस द्वारा साइबर ठगी के मामलों में कुल ₹86,28,026 की राशि ठगों के खातों में होल्ड करवाने में सफलता प्राप्त की है। इनमें से ₹20,23,739 की राशि फरियादियों के खातों में रिफंड करवाई जा चुकी है, जबकि शेष होल्ड राशि को भी संबंधित फरियादियों के खातों में वापस करवाने के लिए आवश्यक वैधानिक एवं न्यायालयीन प्रक्रिया जारी है। ठगों के खातों से राशि रिफंड कराने में प्रभारी सायबर सेल रतलाम सब इंस्पेक्टर जीवन बारिया, हेड कॉन्स्टेबल हिम्मत सिंह, कॉन्स्टेबल मोरसिंह एवं राहुल पाटीदार की भूमिका रही। अनजान लिंक पर ना करे लिंक रतलाम पुलिस ने आमजन से अपील की कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म विशेषकर फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्अप अथवा अन्य माध्यमों से प्राप्त किसी भी अनजान लिंक के माध्यम से शेयर मार्केट, ट्रेडिंग या निवेश के नाम पर पैसे जमा न करें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर घबराएं नहीं और तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करें। साथ ही संबंधित बैंक को भी तुरंत सूचित करें। साइबर अपराध की सूचना जितनी जल्दी दी जाएगी, ठगी गई राशि को होल्ड करवाने की संभावना उतनी ही अधिक होगी।
छत्तीसगढ़ के धमतरी में पुलिस को नशे के व्यापारियों पर बड़ी कार्रवाई में सफलता मिली है। मुंबई स्थित SAFEMA कोर्ट ने नशे से अर्जित अवैध संपत्ति फ्रीज करने का आदेश पारित किया है। जिले में पहली बार SAFEMA/NDPS एक्ट के तहत नशे के कारोबार से जुड़ी 35.85 लाख रुपए से अधिक की चल-अचल संपत्ति फ्रीज की गई है। नगर पुलिस और सिटी कोतवाली थाना प्रभारी ने वित्तीय विश्लेषण और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से जुड़े आरोपियों की संपत्तियों की जानकारी जुटाई। जांच में उनके बैंक खातों, फिक्स्ड डिपॉजिट, बीमा योजनाओं, वाहनों और अचल संपत्तियों में किए गए निवेश का खुलासा हुआ। पैसों को कई जगह किए थे निवेश इन संपत्तियों को NDPS एक्ट 1985 की धारा 68F के तहत फ्रीज करने की कार्रवाई की गई। इन प्रकरणों को सक्षम प्राधिकारी SAFEMA/NDPSA, मुंबई के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। प्रथम SAFEMA प्रकरण में आरोपी आरती रजक (पत्नी स्व. राम रजक) से संबंधित बैंक खातों और निवेशित राशि की जांच की गई। इसमें कुल 12 लाख 93 हजार 636.76 रुपए मूल्य की संपत्ति फ्रीज की गई है। फ्रीज की गई संपत्तियों में बैंक खाते, फिक्स्ड डिपॉजिट और अन्य वित्तीय निवेश शामिल हैं। दूसरे मामले में आरोपी करण सिंह धुरी, उनकी पत्नी उषा बाई धुरी और पुत्री जाइका धुरी से संबंधित बैंक खातों, वाहनों और अचल संपत्तियों सहित कुल 22 लाख 91 हजार 479.75 रुपए मूल्य की संपत्ति फ्रीज की गई।
बरेली के भोजीपुरा थाना क्षेत्र में मॉर्निंग वॉक पर निकले 65 वर्षीय परचून व्यापारी सियाराम श्रीवास्तव की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में 19 वर्षीय मोहम्मद अरमान को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि उसे लोगों की हत्या करने के लिए कान में 'जिन्न की आवाजें' सुनाई देती थीं। पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी तक पहुंचा गया। हत्या में इस्तेमाल चाकू, ओमनी वैन, खून से सने कपड़े और अन्य सामान बरामद कर लिया गया है। आरोपी के पिता को भी साक्ष्य छिपाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। CCTV फुटेज से आरोपी तक पहुंची पुलिस पुलिस के अनुसार, धौराटांडा निवासी सियाराम श्रीवास्तव 24 जुलाई की सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। कुछ देर बाद उनका शव बिबियापुर रोड पर मिला। पोस्टमार्टम में गले, सिर और सीने पर गंभीर चोटों की पुष्टि हुई। शुरुआती रिपोर्ट में मृतक के बेटे ने तीन पड़ोसियों पर हत्या का आरोप लगाया था, लेकिन जांच में उनकी भूमिका सामने नहीं आई। पहले वैन से टक्कर, फिर चाकू से हमला घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में एक सफेद ओमनी वैन संदिग्ध हालत में दिखाई दी। जांच में पता चला कि वाहन आरोपी के पिता के नाम पर पंजीकृत है। पूछताछ में अरमान ने कबूल किया कि उसने पहले व्यापारी को वैन से टक्कर मारी, फिर टूटे कांच और चाकू से हमला कर हत्या कर दी। वारदात के बाद उसने मृतक के पास रखे 1,200 रुपये भी निकाल लिए थे, जिनमें से 580 रुपये बरामद कर लिए गए हैं। पुलिस बोली- मानसिक भ्रम का मामला हो सकता है एसपी नॉर्थ ने बताया कि आरोपी सूखे नशे का आदी है और उसका मानसिक उपचार भी चल रहा था। पूछताछ में उसने दावा किया कि उसे कान में जिन्न की आवाजें सुनाई देती थीं, जो हत्या करने के लिए कहती थीं। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह हैलुसिनेशन (मानसिक भ्रम) का मामला प्रतीत होता है। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त चाकू, खून से सने कपड़े, मृतक का आधार कार्ड, मोबाइल फोन, शेष नकदी और वारदात में इस्तेमाल की गई ओमनी वैन बरामद कर ली है। आरोपी के पिता को साक्ष्य छिपाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
भारतीय शेयर बाजार में पिछले पांच कारोबारी सत्रों से जारी गिरावट का सिलसिला सोमवार को आखिरकार थम गया। वैश्विक स्तर पर तनाव कम होने और कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट के बाद घरेलू बाजार में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली। इस तेजी के चलते BSE ...
अमेठी नाला निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप:व्यापार मंडल ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग की
अमेठी नगर पंचायत में नाला निर्माण में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा है। व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष महेश सोनी के नेतृत्व में व्यापारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। व्यापारियों का आरोप है कि वर्ष 2021 से अब तक 10 करोड़ रुपये स्वीकृत होने के बावजूद नाले का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। व्यापारियों का कहना है कि नाला निर्माण न होने के कारण बारिश के मौसम में कस्बे वासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आदर्श नगर पंचायत अमेठी में नाला निर्माण को लेकर व्यापार मंडल ने गंभीर आरोप लगाए हैं। अलग-अलग रिपोर्ट लगाकर मामला दबाया गया व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष महेश सोनी ने आरोप लगाया कि वर्ष 2021 से अब तक नाला निर्माण के लिए राज्य वित्त, 15वें वित्त आयोग सहित विभिन्न मदों से लगभग 10 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी। इसके बावजूद नाला निर्माण में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ और पैसा खर्च होने के बाद भी कस्बे में नालों का निर्माण अधूरा है। सोनी ने बताया कि देवीपाटन मंदिर से डिग्री कॉलेज तक नाला निर्माण के लिए वर्ष 2020-2021 में बजट आवंटित किया गया था, लेकिन यह काम आज तक पूरा नहीं हुआ। इस मामले की पहले भी तीन बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन हर बार नगर पंचायत द्वारा अलग-अलग रिपोर्ट लगाकर मामले को दबा दिया गया। महेश सोनी ने कहा कि नगर पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही और भ्रष्टाचार के कारण सरकार की छवि धूमिल हो रही है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जाए। ज्ञापन मिलने के बाद जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी (एडीएम) से मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
शेयर बाजार में बंपर तेजी! सेंसेक्स 600 अंक उछला, निफ्टी 23,950 पार, CarTrade Tech के शेयर रॉकेट बने
घरेलू शेयर बाजार में लगातार जारी उतार-चढ़ाव के बीच आज निवेशकों के लिए बेहद शानदार और राहत भरी खबर सामने आई है। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत जबरदस्त तेजी और हरियाली के साथ हुई है। शुरुआती कारोबार में ही बम्बई स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स (Sensex) 600 से अधिक अंकों की छलांग लगाकर मजबूत स्थिति में ट्रेड कर रहा है। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (Nifty 50) भी 180 अंकों से ज्यादा की बढ़त दर्ज करते हुए 23,950 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया है। बाजार में आए इस बूम से दलाल स्ट्रीट में रौनक लौट आई है।वैश्विक बाजारों से मिले मजबूत संकेत और घरेलू खरीदारी का बूस्टर डोजबाजार के विश्लेषकों और ब्रोकरेज फर्म्स का मानना है कि आज की इस बड़ी तेजी के पीछे अमेरिकी बाजारों (Nasdaq और S&P 500) से मिले सकारात्मक संकेत और एशियाई बाजारों में लौटी मजबूती सबसे बड़ी वजह है। इसके साथ ही, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की ओर से बिकवाली का दबाव कम होने और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) द्वारा बैंकिंग, ऑटो और आईटी सेक्टर्स में की जा रही चौतरफा खरीदारी ने बाजार को तगड़ा सपोर्ट दिया है। अधिकांश सेक्टोरल इंडेक्स आज हरे निशान में कारोबार कर रहे हैं, जिससे रिटेल निवेशकों का सेंटिमेंट भी काफी मजबूत हुआ है।कारट्रेड टेक (CarTrade Tech) के शेयरों में 11% का जोरदार ब्लास्टआज के शुरुआती सत्र में सबसे ज्यादा सुर्खियां ऑनलाइन ऑटो क्लासिफाइड प्लेटफॉर्म कारट्रेड टेक (CarTrade Tech) के शेयर बटोर रहे हैं। कंपनी के शेयरों में शुरुआती ट्रेड में ही 11% से ज्यादा का तूफानी उछाल दर्ज किया गया है, जिसके बाद यह शेयर अपने नए शॉर्ट-टर्म हाई पर पहुंच गया है। हाल ही में आए मजबूत तिमाही नतीजों (Quarterly Results) और कंपनी द्वारा भविष्य की विकास योजनाओं को लेकर किए गए बड़े बदलावों के चलते निवेशकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। वॉल्यूम में भारी बढ़ोतरी के साथ इस शेयर में जमकर खरीदारी हो रही है।आज के टॉप गेनर्स और किन सेक्टर्स में दिख रही है चमक?कारट्रेड टेक के अलावा आज बाजार को ऊपर ले जाने में टाटा मोटर्स, मारुति सुजुकी, इंफोसिस, आईसीआईसीआई बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी दिग्गज कंपनियों का बड़ा योगदान है। निफ्टी के टॉप गेनर्स में ऑटो और आईटी स्टॉक्स सबसे आगे चल रहे हैं। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी 1.5% तक की तेजी दर्ज की जा रही है, जो यह दर्शाती है कि बाजार में ब्रॉडर लेवल पर रिकवरी हो रही है। जानकारों के मुताबिक, अगर निफ्टी 23,950 के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहता है, तो बहुत जल्द यह 24,000 के ऐतिहासिक स्तर को दोबारा छू सकता है।
सोनीपत में क्रिप्टोकरेंसी में निवेश किए 11 लाख रुपए के विवाद में महिला की आंख फोड़ दी। दावा है कि सात लोग महिला के घर में जबरन घुसे और उसपर बंदूक की बट से अटैक किया। उसके बाल नोचे और कपड़े फाड़ दिए। बचाने आए पति-बेटे और को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया और ईंट-लाठी से हमला कर दिया। मारपीट का वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो में महिला और उसके परिवार को पीटा जा रहा है। पति और बेटे को भी गंभीर चोटें आईं। इसके बाद पड़ोसियों ने घटना की सूचना डायल-112 पर दी और घायलों को पहले सिविल अस्पताल और बाद में गंभीर हालत के चलते पीजीआई रोहतक रेफर किया गया। दरअसल, महिला के परिवार ने तीन साल पहले क्रिप्टोक्रेंसी में निवेश किया था और उसपर अच्छा ब्याज मिलता था। इसके बाद उन्होंने अपने रिश्तेदारों को भी ये बताया तो उन्होंने भी पैसा लगा दिया। जब 2 साल बाद पैसे मिलने बंद हो गए तो रिश्तेदार उन्हीं से पैसे मांगने लगे थे। उधर, पुलिस ने शिकायत और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की अलग-अलग तस्वीर देखिए… पहले जानिए VIDEO में क्या दिख रहा… अब पढ़िए, पूरा मामला क्या है…. 3% मुनाफे का लालच देकर ₹19 लाख निवेश करवाया देवनगर ककरोई रोड निवासी पीड़िता उर्मिला (62) के बेटे अभिनव ने बताया कि वो मर्चेंट नेवी में नेविगेशन ऑफिसर। उन्होंने साल 2023 में गोहाना निवासी देवेंद्र के पास क्रिप्टोकरेंसी में करीब ₹8 लाख निवेश किए थे। देवेंद्र ने हर महीने 3% ब्याज देने का भरोसा दिया था। इसके बाद उर्मिला के कहने पर उनकी रिश्तेदार ममता ने करीब ₹3 लाख और गीता ने ₹8 लाख निवेश किए। शुरुआती दौर में सभी को तय ब्याज मिलता रहा, लेकिन वर्ष 2025 में भुगतान बंद हो गया। पैसे वापस नहीं मिले तो उर्मिला का नाम आया अभिनव के मुताबिक निवेशकों ने कई बार अपनी रकम वापस मांगी। पिछले महीने हुई बैठक में देवेंद्र ने चेक के जरिए सभी का पैसा लौटाने का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में वह मुकर गया। आरोप है कि देवेंद्र ने ममता और गीता से कहा कि सभी की रकम उर्मिला के खाते में भेज दी गई है और अब वे उर्मिला से पैसे लें। उर्मिला ने इस दावे को गलत बताते हुए कहा कि उनके खाते में कोई रकम नहीं आई। पैसों लेने के लिए घर पहुंचकर पीटा उर्मिला के इनकार करने के बाद दोनों पक्षों के बीच फोन पर कहासुनी होती रही। आरोप है कि इसी विवाद के चलते 21 जुलाई की शाम करीब 6 बजे सात लोग उर्मिला के घर पहुंच गए और मारपीट की। इसमें गीता-ममता के साथ प्रमोद उर्फ मनसा, दिनेश शामिल रहे, जबकि तीन अन्य अज्ञात बताए गए हैं। घर में घुसकर महिला की आंख फोड़ी शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने जबरन घर में घुसकर पूरे परिवार पर लाठी-डंडों और ईंट से हमला किया। उर्मिला का आरोप है कि प्रमोद उर्फ मनसा ने पहले उन्हें लात मारकर गिराया, फिर छाती पर पैर रखकर कपड़े फाड़ दिए और बंदूक की बट से आंख पर वार किया। हमले में उनकी आंख गंभीर रूप से घायल हो गई। उनका कहना है कि पड़ोसी बीच-बचाव नहीं करते तो उनकी जान जा सकती थी। पति-बेटे और बहू को भी पीटा उर्मिला के मुताबिक दिनेश और एक अन्य आरोपी ने उनके पति शिवचरण पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया, जिससे उनके सिर, चेहरे और जबड़े पर गंभीर चोटें आईं और वह बेहोश हो गए। बेटे अभिनव की छाती और कमर पर भी कई वार किए गए। वहीं बहू प्रिया को गीता और ममता ने थप्पड़ मारे। शोर सुनकर आसपास के लोग पहुंचे तो आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। PGI रेफर, वीडियो और सबूत पुलिस को दिए घटना के बाद डायल-112 पर सूचना दी गई। सभी घायलों को पहले सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां से उर्मिला और उनके पति शिवचरण की गंभीर हालत को देखते हुए पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया। उर्मिला का कहना है कि आंख से लगातार खून बहने के कारण बाद में निजी अस्पताल में भी इलाज कराना पड़ा। पीड़ित परिवार ने घटना की वायरल वीडियो, फटे कपड़े और मेडिकल लीगल रिपोर्ट (एमएलआर) पुलिस को सौंप दी है। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की पुलिस ने उर्मिला, शिवचरण और अभिनव की मेडिकल रिपोर्ट तथा शिकायत के आधार पर थाना शहर सोनीपत में एफआईआर दर्ज कर ली। सिटी थाना एएसआई सुरेंद्र ने बताया कि मामले में पुलिस जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी होगी। विवाद पैसों के लेनदेन से जुड़ा हुआ है।
लुधियाना में निवेश के नाम ठगी:3.30 करोड़ से ज्यादा ठगे, दो मामलों में 5 आरोपियों पर केस दर्ज
लुधियाना में निवेश पर मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी के दो अलग-अलग मामलों में शहर की पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। थाना जोधेवाल और थाना दुगरी पुलिस ने शिकायतों की जांच के बाद आरोपियों पर धोखाधड़ी, आपराधिक न्यासभंग और साजिश रचने सहित विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दोनों मामलों में आरोपियों पर कुल 3 करोड़ 29 लाख 96 हजार 110 रुपये की ठगी करने का आरोप है। 19.96 लाख लेकर न मुनाफा दिया, न रकम लौटाई थाना जोधेवाल पुलिस के अनुसार यह मामला PGD नंबर 785940 (सिस्टम नंबर 785418) पर दर्ज शिकायत की जांच के बाद सामने आया। शिकायतकर्ता इंद्रजीत सिंह निवासी ओमैक्स टाउनशिप, लुधियाना ने आरोप लगाया कि सिफत सिंह, लखविंदर सिंह और हरमीत कौर ने आपस में मिलीभगत कर उन्हें और उनके बेटे जगमोहित सिंह को अधिक मुनाफे का लालच दिया। शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपियों ने बेहतर रिटर्न का भरोसा देकर उनसे 19,96,110 रुपये निवेश करवाए। बाद में न तो कोई मुनाफा दिया गया और न ही मूल राशि लौटाई गई। जांच के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 406, 420 और 120-बी के तहत मामला दर्ज कर लिया। 2: 3.10 करोड़ रुपये निवेश करवाकर हड़पने का आरोप दूसरा मामला थाना दुगरी क्षेत्र का है। पुलिस के मुताबिक PGD नंबर 815287 (सिस्टम नंबर 814786) पर दर्ज शिकायत की जांच के बाद एफआईआर दर्ज की गई। शिकायतकर्ता मनजीत सिंह निवासी ईबीआरएस नगर, लुधियाना ने आरोप लगाया कि संजय आहूजा और हर्षिता आहूजा, जो सिंप्लेक्स फिनवेस्ट लिमिटेड से जुड़े हैं, ने उन्हें वर्ष 2020 से 2024 के दौरान निवेश पर मोटा मुनाफा देने का भरोसा देकर 3 करोड़ 10 लाख रुपये निवेश करवाए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि निवेश के बदले न तो तय मुनाफा दिया गया और न ही उनकी मूल राशि वापस की गई। जांच के बाद थाना दुगरी पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 406 और 420 के तहत मामला दर्ज कर लिया। दोनों मामलों की जांच जारी पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों में वित्तीय लेनदेन, निवेश से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सोमवार, 27 जुलाई 2026 के कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार के बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी 50 के हरे निशान के साथ मजबूत शुरुआत करने की पूरी उम्मीद है। पिछले सत्र में गिरावट का सामना करने वाले दलाल स्ट्रीट के लिए आज का दिन राहत भरा साबित हो सकता है। ग्लोबल मार्केट से मिल रहे सकारात्मक संकेतों, अमेरिका-ईरान के बीच तनाव घटने और कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट के चलते आज शेयर बाजार में जोरदार उड़ान देखने को मिल सकती है। निवेशकों की धारणा को मजबूत करने वाले ऐसे ही 7 प्रमुख संकेतों और बाजार के लेटेस्ट अपडेट पर आइए एक नजर डालते हैं।1. गिफ्ट निफ्टी दे रहा है शानदार गैप-अप की शुरुआत का संकेतभारतीय शेयर बाजार के लिए प्री-ओपनिंग में ही अच्छी खबर सामने आ रही है। गिफ्ट निफ्टी (GIFT Nifty) आज 23,934 के आसपास कारोबार करता नजर आया, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद भाव से करीब 127.5 अंकों का मजबूत प्रीमियम है। यह साफ तौर पर इस बात का संकेत दे रहा है कि आज घरेलू बाजार की शुरुआत एक शानदार गैप-अप के साथ हो सकती है।2. कच्चे तेल (Crude Oil) के दामों में 5% की बड़ी गिरावटबाजार के लिए सबसे बड़ी राहत की खबर क्रूड ऑयल के मोर्चे से आई है। ईरान द्वारा हमलों को रोकने की घोषणा करने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 5% से अधिक की भारी गिरावट दर्ज की गई है। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड फिसलकर करीब 92 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है, जबकि यूएस डब्ल्यूटीआई क्रूड भी गिरकर लगभग 85 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहा है। तेल सस्ता होने से भारत जैसे आयातक देशों को बड़ा आर्थिक फायदा मिलता है।3. एशियाई बाजारों में चौतरफा जोरदार तेजीवैश्विक मोर्चे पर एशियाई बाजारों की शुरुआत भी आज जबरदस्त बढ़त के साथ हुई है। जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 0.24% और टॉपिक्स 0.60% मजबूत हुआ है। इसके अलावा दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 0.44% और स्मॉल-कैप कोस्डैक 1.49% की छलांग के साथ कारोबार कर रहा है। ऑस्ट्रेलिया का बेंचमार्क S&P/ASX 200 भी 0.97% की तेजी के साथ हरे निशान में है, जिसका सकारात्मक असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिलेगा।4. अमरीकी बाजार वॉल स्ट्रीट से मिले मजबूत संकेतसप्ताहांत में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के बाद वॉल स्ट्रीट के फ्यूचर्स में भी अच्छी तेजी देखने को मिली। अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स में रविवार रात जोरदार उछाल दर्ज हुआ। डॉऊ जोन्स फ्यूचर्स में 244 अंक (0.5%) की बढ़त आई, एसएंडपी 500 फ्यूचर्स 0.6% चढ़ा, जबकि टेक शेयरों की अगुवाई वाले नैस्डैक 100 फ्यूचर्स ने 1.2% की शानदार तेजी के साथ मार्केट का नेतृत्व किया।5. अमेरिका-ईरान तनाव में नरमी और युद्ध के माहौल पर ब्रेकईरान पर पिछले 13 दिनों से लगातार चल रहे हमलों के बाद शुक्रवार देर रात से अमेरिका ने फिलहाल नए हमलों से परहेज किया है। इससे भू-राजनीतिक तनाव में काफी कमी आई है। वहीं, ईरान की सेना ने भी यह बयान दिया है कि तेहरान ने अपनी जवाबी सैन्य प्रतिक्रियाओं को फिलहाल रोक दिया है। हालांकि यमन के हूती विद्रोहियों की कुछ छिटपुट हरकतों के बावजूद ग्लोबल लेवल पर युद्ध का डर कम हुआ है, जिससे शेयर बाजारों ने राहत की सांस ली है।6. आज आने वाले हैं दिग्गज कंपनियों के Q1 नतीजेकॉर्पोरेट जगत के लिहाज से भी आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। आज देश भर की करीब 68 प्रमुख कंपनियां अपनी अप्रैल-जून तिमाही (Q1 FY27) के वित्तीय परिणाम घोषित करने वाली हैं। इनमें भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL), कोल इंडिया, इंडस टावर्स, कोफोर्ज, केनरा बैंक और टाटा पावर जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल हैं। इन कंपनियों के नतीजों के आधार पर आज चुनिंदा शेयरों में जबरदस्त एक्शन देखने को मिल सकता है।7. सोने की कीमतों में एक फीसदी से अधिक की तेजीकमोडिटी मार्केट की बात करें तो आज सोने के भावों में फिर से उछाल आया है। वैश्विक मांग और निवेश के कारण सोने की कीमतें सोमवार को 1% से ज्यादा चढ़ गईं। स्पॉट गोल्ड बढ़कर 4,103.99 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि अगस्त डिलीवरी वाला अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 0.9 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,106.10 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है।
Gold Price Fall 2026: अपने पीक से 37,000 रुपये धड़ाम हुआ सोना! जानें क्या यह है निवेश का सही समय
साल 2026 की शुरुआत में आसमान छूने वाली सोने की कीमतों (Gold Price Today) में अब भारी गिरावट देखने को मिल रही है। जनवरी 2026 में भारत में सोना 1 लाख 80 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के अपने रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया था, जो अब घटकर करीब 1.43 लाख रुपये पर आ गया है। यानी सोना अपने उच्चतम स्तर से सीधा 37,000 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो चुका है। वैश्विक स्तर पर भी सोने की चमक फीकी पड़ी है और जनवरी के 5,602 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर से करीब 28 फीसदी टूटकर यह अब 4,040 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा है। ऐसे में निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या लगातार गिरते बाजार में अब सोना खरीदना चाहिए या अभी कीमतों में और गिरावट आने का इंतजार करना चाहिए?सोने की कीमतों में भारी गिरावट के प्रमुख कारणआर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, सोने की कीमतों पर दबाव के पीछे दो सबसे बड़े कारण हैं: पहला, अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) की सख्त मौद्रिक नीति और दूसरा, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव। फेड के चेयरमैन केविन वॉर्श ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी प्राथमिकता सिर्फ महंगाई पर काबू पाना है। बाजार को उम्मीद नहीं है कि निकट भविष्य में ब्याज दरों में कोई कटौती होगी, बल्कि सितंबर की बैठक में दरें और बढ़ने की आशंका है। जब ब्याज दरें ज्यादा होती हैं, तो निवेशक सोने के बजाय बेहतर रिटर्न देने वाले अन्य विकल्पों की ओर रुख करते हैं, जिससे गोल्ड पर दबाव बढ़ता है। इसके अलावा ईरान युद्ध, सैन्य कार्रवाई और कच्चे तेल की कीमतों में जारी अनिश्चितता का भी सोने के ग्लोबल मार्केट पर गहरा असर पड़ा है।क्या अब सोना खरीदना फायदे का सौदा है? ( ऐतिहासिक आंकड़े)अगर आप सोने में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो इसके ऐतिहासिक ट्रेंड को समझना बेहद जरूरी है। भले ही शॉर्ट टर्म में सोने में भयंकर उतार-चढ़ाव देखा जा रहा हो, लेकिन लॉन्ग टर्म में गोल्ड हमेशा मुनाफे का सौदा रहा है। पिछले 30 सालों के आंकड़ों पर नजर डालें तो सोने ने निवेशकों को करीब 950 फीसदी का शानदार रिटर्न दिया है। वहीं, पिछले 5 सालों में भी इसकी सालाना चक्रवृद्धि दर (CAGR) 19 फीसदी के आसपास रही है। हालांकि, बाजार का इतिहास यह भी गवाह है कि जब भी सोना रिकॉर्ड हाई बनाता है, तो उसके बाद उसमें 40% तक का तगड़ा करेक्शन (गिरावट) भी देखने को मिलता है।निवेशकों के लिए क्या है सही रणनीति?बाजार के जानकारों और वेल्थ मैनेजर्स का मानना है कि ग्लोबल टेंशन और फेड रेट्स के कारण शॉर्ट टर्म में सोने की कीमतों में अस्थिरता बनी रह सकती है। इसलिए, अगर आप लंबी अवधि के नजरिए से अपने पोर्टफोलियो में 10 से 15 फीसदी गोल्ड रखना चाहते हैं, तो एक साथ सारा पैसा लगाने से बचें। इसके बजाय, गिरावट वाले इस बाजार में अलग-अलग समय पर धीरे-धीरे (SIP की तर्ज पर) सोने में खरीदारी करना एक समझदारी भरी और सुरक्षित रणनीति साबित हो सकती है।
भिवानी में 2 लोगों से 8.19 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोपियों द्वारा निवेश का झांसा देकर पैसे एंठने का आरोप लगाया गया है। जबकि पैसे वापस मांगने पर धमकाया भी गया। इसकी शिकायत पर केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी। भिवानी के गांव कुड़ल निवासी संजय कुमार ने पुलिस को शिकायत दी। शिकायत में बताया कि 15 मार्च 2025 को बवानीखेड़ा निवासी नानड़ नामक व्यक्ति का उसके पास फोन आया, जिसने कहा कि वह एक फाउंडेशन में काम करता है और 5 लाख रुपए महीना कमाता है। कंपनी का मालिक भिवानी आ रहा है। आप एक बार भिवानी पहुंचो, इसके बाद वह गांव धारवानवास निवासी नवीन के साथ भिवानी आया और उनसे मिला। फाउंडेशन CMD ने यमुनानगर बुलाया उन्होंने कहा कि एनजीओ रजिस्टर्ड करवा रखी है शुरू के तीन महीने अपनी आईडी के लेवल खोलते रहना, इसके बाद 3 महीने पैमेंट अपने खाते में ले सकते हैं। 8 महीने में पेसे डबल करके कंपनी देती है। इसके बाद उन्होंने 1500 रुपए नकद दे दिए और घर चले गए। 22 अप्रैल 2025 को फाउंडेशन के सीएमडी ने यमुनानगर बुलाया। विश्वास में लेते हुए 10 हजार रुपए गाड़ी खर्च उसके खाते में डाल दिया। उन्होंने कहा जितना पैसा लगाओगे कंपनी चैक भी देगी। 3 लाख रुपए उनके खाते में डलवाए उन्होंने बताया कि 13 मई 2025 को उसने 3 लाख 25 हजार व नवीन के खाते से 3 लाख रुपए उनके खाते में डलवाए। इसके बाद उसकी 2 लाख 32 हजार की आईडी रजिस्टर कर दी। इसके बाद कहा कि आईडी पर विड्राल करते रहो, कंपनी से 3 महीने पिन लें और आईडी के लेवल खोलते रहें। 3 महीने बाद खाते में पैसे आना शुरू हो जाएगा। 18 मई 2025 को हिसार में 8-10 लोगों की मीटिंग हुई, जिसमें नवनी को 3 लाख रुपए का चैक दिया। भिवानी में मीटिंग हुई वहां पर उसने 1 लाख 91 हजार रुपए नकद दिए। 5 अगस्त 2025 को सतेंद्र ने 1500 रुपए ट्रांसफर किए। अधिकारी टालमटोल करने लगे उन्हें शक तब हुआ, जब 18 अगस्त 2025 को सतेंद्र ने विड्राल लगाया, लेकिन 72 घंटे में पैसे नहीं आए। इसके बाद तीन महीने होने के पश्चात नवीन ने 26 अगस्त 2025 को अकाउंट में पैसे निकालने का प्रयास किया, लेकिन नहीं निकले। जब कंपनी के अधिकारियों से बात की, तो टालमटोल करने लगे। कंपनी के खाते में नहीं राशि, चेक बाउंस भुगतान लेने के लिए चेक लगाने की बात कही, तो धमकी दी कि कोर्ट व प्रशासन से नहीं डरता। नवीन ने बैंक में चेक लगाया, तो कंपनी के खाते में पैसे नहीं होने के कारण चैक बाउंस हो गया। उसने आरोप लगाया कि उनसे करीब 8 लाख 19 हजार 500 रुपए की धोखाधड़ी की है। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस को दे दी। पुलिस ने केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी।
आयकरदाताओं व जीएसटी पंजीकृत व्यापारियों के राशन कार्ड होंगे रद्द, खाद्य सचिव ने की समीक्षा
भास्कर न्यूज | दुमका खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव राजेश कुमार शर्मा ने जरमुंडी प्रखंड सभागार में दुमका जिले में चल रही विभागीय योजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अपात्र लाभुकों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए ऐसे राशन कार्डों को रद्द करने का निर्देश दिया। समीक्षा बैठक में सचिव ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम और राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के तहत जुलाई माह में हुए खाद्यान्न वितरण की जानकारी ली। धोती-साड़ी योजना और मुख्यमंत्री चना दाल योजना समेत अन्य योजनाओं के क्रियान्वयन का भी बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भारत सरकार से मिले आंकड़ों के आधार पर राशन कार्डधारियों का सत्यापन कराया जाए और सत्यापन में अपात्र पाए जाने वालों के कार्ड नियमानुसार रद्द किए जाएं। सचिव ने खासतौर पर आयकर भुगतान करने वाले या जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों की पहचान कर उनके राशन कार्ड प्राथमिकता के आधार पर रद्द करने को कहा, क्योंकि ऐसे लाभुक पात्रता मानदंड पूरा नहीं करते। बैठक में उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने जिले के विभिन्न प्रखंडों में योजनाओं के क्रियान्वयन और अब तक हुए कार्यों की पूरी जानकारी सचिव को दी। सचिव ने सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को विभागीय निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने और पात्र लाभुकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का निर्देश दिया। बैठक में उपायुक्त अभिजीत सिन्हा, जिला आपूर्ति पदाधिकारी रवि शंकर सहित मौजूद थे।
मंडी में अब ‘एक व्यापारी, एक दुकान’:सभी आवंटन ई-नीलामी से, दुकान-गोदाम 30 साल के लिए मिलेंगे
प्रदेश की कृषि उपज मंडियों में दुकान, गोदाम और भूखंडों के आवंटन का सिस्टम बदल गया है। अब मंडी की कोई भी दुकान, प्लॉट या गोदाम ऑफलाइन या सीधे आवंटित नहीं होगा। सभी आवंटन सिर्फ ई-नीलामी से होंगे। सरकार ने पहली बार ‘एक व्यापारी-एक दुकान’ का नियम भी लागू किया है। कृषि विभाग ने नए नियमों का गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। नए नियम प्रदेश की 557 कृषि उपज मंडियों पर लागू होंगे। मंडी बोर्ड के पास प्रदेशभर में 35 हजार दुकानें व भूखंड, 3 हजार से ज्यादा गोदाम हैं। दुकान ट्रांसफर करना महंगा होगा, वास्तविक सौदे का 10% देना होगा 1. अब सिर्फ ऑनलाइन ई-नीलामी दुकान, प्लॉट और गोदाम का आवंटन केवल ऑनलाइन ई-नीलामी से होगा। नीलामी से 15 दिन पहले दो बड़े हिंदी अखबारों व अधिकृत पोर्टल पर विज्ञापन देना अनिवार्य होगा। 2. कोई भी व्यक्ति मंडी में एक से अधिक दुकान या भूखंड नहीं ले सकेगा। पहले बाधा नहीं थी। 3. लाइसेंस 30 साल का मिलेगा। पहले सिर्फ पांच साल का होता था। रिन्यू कराना पड़ता था। 4. बोली में शामिल होने के लिए बयाना राशि ऑनलाइन जमा करनी होगी। पूरी राशि 30 दिन में जमा करनी होगी। सालाना लाइसेंस फीस हर 5 साल में 10% बढ़ेगी। फीस जमा करने में देरी पर 16% वार्षिक ब्याज लगेगा। 5. दुकान ट्रांसफर करना महंगा होगा। कलेक्टर गाइडलाइन दर या सौदे की कीमत जो अधिक होगी, उसके 10% शुल्क। उत्तराधिकार मामले में 10 हजार प्रोसेसिंग फीस। 6. तीन बार नीलामी के बाद भी खरीदार नहीं मिला तो : यदि कोई दुकान या प्लॉट लगातार तीन बार नीलामी के बाद भी आवंटित नहीं होता है, तो उसे अधिकतम तीन साल के लिए कलेक्टर द्वारा तय दर पर किराए पर दिया जा सकेगा। इन 4 कारणों से रद्द किया जा सकेगा लाइसेंस
10 लाख की एक FD या 1-1 लाख की 10? निवेश से पहले जान लें ये राज, वरना हो सकता है नुकसान
फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) को आज भी निवेश का सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद तरीका माना जाता है। इसमें बाजार के उतार-चढ़ाव का कोई रिस्क नहीं होता और मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम भी पहले से तय होती है। लेकिन जब बात एक बड़ी रकम, जैसे 10 लाख रुपये के निवेश की आती है, तो अक्सर लोग दुविधा में पड़ जाते हैं। सवाल यह उठता है कि 10 लाख रुपये की एक ही एफडी करानी चाहिए, या फिर एक-एक लाख रुपये की 10 अलग-अलग एफडी कराना ज्यादा फायदेमंद रहेगा? आइए इस उलझन को सुलझाते हैं।ब्याज और मैच्योरिटी में कितना होता है अंतर?अगर आप 10 लाख रुपये की एक एफडी 10 साल के लिए 7 फीसदी ब्याज दर पर कराते हैं, तो मैच्योरिटी पर आपको करीब 20,01,597 रुपये मिलते हैं। वहीं, अगर आप एक लाख रुपये की 10 अलग-अलग एफडी बिल्कुल समान अवधि और ब्याज दर पर कराते हैं, तब भी आपको कुल मिलाकर 20,01,600 रुपये ही मिलेंगे। यानी रिटर्न के नजरिए से देखें तो दोनों ही विकल्पों में कोई खास अंतर नहीं है। 10 लाख की एकमुश्त एफडी का बस एक फायदा यह है कि आपको सिर्फ एक अकाउंट को मैनेज करना पड़ता है, जिससे कागजी कार्रवाई कम होती है।अचानक पैसों की जरूरत पड़ने पर क्या होगा?रिटर्न एक जैसा होने के बावजूद, वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि छोटी-छोटी एफडी कराना कहीं ज्यादा समझदारी है। इसका सबसे बड़ा कारण लिक्विडिटी यानी आपातकाल में पैसों की उपलब्धता है। अगर भविष्य में आपको अचानक 1 या 2 लाख रुपये की जरूरत पड़ जाती है और आपने 10 लाख की एकमुश्त एफडी कराई है, तो आपको पूरी एफडी तोड़नी पड़ेगी। इससे न सिर्फ आपको पेनल्टी देनी होगी, बल्कि बाकी रकम के ब्याज का भी भारी नुकसान होगा। वहीं 10 अलग-अलग एफडी होने पर आप सिर्फ जरूरत के हिसाब से 1 या 2 एफडी तुड़वा सकते हैं, जबकि बाकी एफडी सुरक्षित रहती हैं।पैसों की सुरक्षा और ज्यादा ब्याज का फायदाछोटी एफडी कराने का एक और बड़ा फायदा यह है कि आप अपने पैसे को अलग-अलग बैंकों में निवेश कर सकते हैं। हर बैंक की ब्याज दरें अलग होती हैं, ऐसे में आप बेहतरीन ऑफर्स का फायदा उठा सकते हैं। इसके अलावा, नियमों के अनुसार डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) के तहत किसी भी बैंक के बंद होने या डूबने की स्थिति में अधिकतम 5 लाख रुपये तक का ही बीमा कवर मिलता है। ऐसे में अपनी रकम को अलग-अलग छोटी एफडी में बांटने से आपका पैसा पूरी तरह से सुरक्षित रहता है। अंततः, यह आपकी जरूरत और जोखिम उठाने की क्षमता पर निर्भर करता है कि आप कौन सा विकल्प चुनते हैं।
प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम यानी आईपीओ बाजार में एक बार फिर से जबरदस्त हलचल और तेजी देखने को मिलने वाली है। अगले महीने यानी अगस्त के दौरान शेयर बाजार में बड़ा एक्शन शुरू होने जा रहा है, जहां क्विक कॉमर्स दिग्गज जेप्टो, ट्रूहॉम फाइनेंस और लॉजिस्टिक प्लेटफॉर्म शिपरॉकेट समेत एक दर्जन से ज्यादा बड़ी कंपनियां अपने आईपीओ लाने की पूरी तैयारी कर चुकी हैं। बाजार के जानकारों और मर्चेंट बैंकरों से मिली जानकारी के अनुसार, आने वाले महीने में इन तमाम कंपनियों के आईपीओ के जरिए कुल मिलाकर 25,000 करोड़ रुपये से अधिक की विशाल पूंजी जुटाए जाने की उम्मीद है, जिससे प्राइमरी मार्केट में निवेशकों के लिए कमाई के ढेरों अवसर खुलेंगे।अगस्त में आएगा 25,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का कुल आईपीओ वॉल्यूमशेयर बाजार के जानकारों का मानना है कि अगस्त के महीने में आने वाले इन नए आईपीओ में नए शेयरों को जारी करने के साथ-साथ मौजूदा निवेशकों और शेयरधारकों की तरफ से ऑफर फॉर सेल यानी ओएफएस का विकल्प भी शामिल होगा। इक्विरस कैपिटल के प्रबंध निदेशक और इन्वेस्टमेंट बैंकिंग हेड भावेश शाह ने इस बारे में विस्तार से बताते हुए कहा है कि मौजूदा समय में शेयर बाजार में बेहतर स्थिरता और निवेशकों के मजबूत होते भरोसे के कारण वे कंपनियां भी अब आगे आ रही हैं, जिन्होंने पहले बाजार की अनिश्चितताओं के चलते अपनी आईपीओ योजनाओं को कुछ समय के लिए टाल दिया था।जेप्टो और ट्रूहॉम फाइनेंस के आईपीओ पर टिकी सबकी निगाहेंआगामी समय में आने वाले सभी आरंभिक सार्वजनिक निर्गमों में सबसे बड़ा और बहुप्रतीक्षित नाम लोकप्रिय त्वरित वाणिज्य मंच यानी जेप्टो का है। कंपनी अपनी इस योजना के तहत नए शेयर जारी करके बाजार से करीब 8,010 करोड़ रुपये तक की भारी-भरकम राशि जुटाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसके साथ ही जेप्टो द्वारा लगभग 11.34 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री पेशकश यानी ओएफएस भी लाया जाएगा। दूसरी ओर, प्रमुख आवास वित्त कंपनी ट्रूहॉम फाइनेंस भी लगभग 3,000 करोड़ रुपये का आईपीओ लाने की पूरी तैयारी में जुटी है, जिसमें 1,500 करोड़ रुपये के नए शेयर और इतनी ही राशि का ओएफएस शामिल होने की संभावना है।लिस्ट में शामिल हैं शिपरॉकेट और मिल्की मिस्ट जैसी कई दिग्गज कंपनियांअगस्त के महीने में सिर्फ जेप्टो ही नहीं, बल्कि कई अन्य जानी-मानी कंपनियां भी अपने वित्तीय विस्तार के लिए पूंजी बाजार में उतरने जा रही हैं। एलिवेट कैंपसेज कुल 2,550 करोड़ रुपये के आईपीओ के तहत पूरी तरह से नए शेयरों को जारी करेगी। इसके अलावा लॉजिस्टिक स्टार्टअप शिपरॉकेट ने भी 2,342.35 करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए अपने जरूरी दस्तावेज दाखिल कर दिए हैं, जिसमें 1,100 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और 1,242.35 करोड़ रुपये का ओएफएस रखा गया है। इस लंबी फेहरिस्त में इनोवेटिवव्यू इंडिया 2,000 करोड़ रुपये तक और लोकप्रिय डेयरी ब्रांड मिल्की मिस्ट डेयरी फूड 1,553 करोड़ रुपये का आईपीओ लाने की योजना पर काम कर रहे हैं। इनके अलावा धूत ट्रांसमिशन, एआरसीआईएल, अर्डी इंडस्ट्रीज, गाजा अल्टरनेटिव एसेट मैनेजमेंट, रेज ऑफ बिलीफ, हाई-टेक इंजीनियर्स, शंकेश ज्वेलर्स और लर्नफ्लूएंस एजुकेशन जैसी कंपनियां भी बाजार में अपनी हिस्सेदारी पेश करने की तैयारी में हैं।निवेशकों का मजबूत होता भरोसा और मौजूदा बाजार का शानदार रुझानवित्तीय बाजार के विशेषज्ञों का साफ तौर पर यह मानना है कि कंपनियों द्वारा आईपीओ लाने की इस बढ़ती हुई रफ्तार से निवेशकों के अटूट भरोसे और भारतीय शेयर बाजार में मजबूत मांग का सीधा संकेत मिलता है। चालू वर्ष के दौरान अब तक कुल 36 कंपनियां अपने आईपीओ के जरिए बाजार में दस्तक दे चुकी हैं, जिनमें से अकेले नौ कंपनियों के शेयर इसी महीने शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुए हैं। इसके अलावा जुलाई के आखिरी दिनों में भी बाजार की रफ्तार सुस्त नहीं पड़ने वाली है, क्योंकि मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज और जूनिपर ग्रीन एनर्जी के आईपीओ क्रमशः 29 और 30 जुलाई को खुलने जा रहे हैं, जबकि एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स भी अगले सप्ताह ही अपना आईपीओ निवेशकों के लिए पेश करने की पूरी तैयारी कर रही है।
भारत के सबसे लोकप्रिय शेफ संजीव कपूर ने कहा- अगर भारत को स्वस्थ बनाना है तो घर के खाने को प्राथमिकता देनी होगी। बाहर का खाना व्यापार है, घर का खाना प्यार है। अब फैसला हमें करना है कि प्यार वाला खाना खाना है या व्यापार वाला। संजीव कपूर ने कहा- स्वस्थ जीवन की शुरुआत रसोई से होती है। उन्होंने लोगों से कुकिंग ऑयल की मात्रा आधी करने की अपील करते हुए कहा कि ऐसा करने से स्वाद पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा- अगर गोल्डन ट्रायंगल में किसी शहर को असली गोल्ड कहा जाए तो वह जयपुर है। राजस्थान का खान-पान, संस्कृति और यहां के लोगों का अपनापन इस शहर को देश ही नहीं, दुनिया में अलग पहचान देता है। पढ़िए संजीव कपूर की दैनिक भास्कर से खास बातचीत… सवाल: जयपुर आकर किस तरह का खास जुड़ाव महसूस करते हैं? संजीव कपूर: पूरी दुनिया अगर भारत को देखती है तो एक गोल्डन ट्रायंगल के रूप में देखती है। दिल्ली, आगरा और जयपुर के रूप में। मैं हमेशा कहता हूं कि अगर उसमें गोल्ड कोई है तो वह जयपुर है। लोग इसे पिंकसिटी कहते हैं, लेकिन मेरे हिसाब से यह गोल्डन सिटी है। क्योंकि यहां पर जो सब कुछ है, चाहे खाना हो, कल्चर हो, बिल्डिंग्स हों और सबसे बड़ी बात राजस्थान के लोग, वही सबसे बड़ी खासियत है। दिल्ली अपनी जगह है, आगरा अपनी जगह है, लेकिन राजस्थान की बात ही कुछ और है। यहां का पूरा कल्चर है, इसे बहुत प्यार से संभालकर रखा गया है। इसलिए मुझे यहां आना बहुत पसंद है। कोई भी बहाना होता है, कुछ भी कार्यक्रम होता है तो मैं जल्दी से हां कर देता हूं। सवाल: यहां के खाने में एक शेफ के तौर पर आपको सबसे खास क्या लगता है? संजीव कपूर: जयपुर की बात करें तो जाहिर सी बात है कि यहां राजस्थानी खाना है, लेकिन ऐसा नहीं है कि पूरे राजस्थान में एक जैसा खाना होता है। राजस्थान के अलग-अलग इलाकों का अलग स्वाद है। लेकिन अगर पूरे राजस्थान का फ्लेवर कहीं एक जगह मिल सकता है, तो वह जयपुर है। यहां मेवाड़ का भी स्वाद मिलेगा, मारवाड़ का भी मिलेगा और बाकी सभी क्षेत्रों का भी मिलेगा। सबसे अच्छी बात यह है कि यहां एक्सीलेंस भी है। छोटी जगहों पर भी अच्छा खाना मिलेगा, सड़क पर भी अच्छा मिलेगा, घरों में तो बात ही कुछ और है। हवेलियों का खाना अलग है और बड़े होटलों का अलग। क्योंकि कल्चर का एक बहुत बड़ा हिस्सा खाना होता है। यहां सस्ते में भी बढ़िया खाना मिलेगा और महंगे में भी मिलेगा। मैं हमेशा कहता हूं कि खाना सिर्फ स्वाद नहीं होता। हमारे पांचों सेंसेस बहुत जरूरी है। अगर मैं राजस्थानी खाने की बात करूं तो सिर्फ स्वाद नहीं, वो दिखने में भी खूबसूरत है, खुशबू में भी शानदार है और जो क्रिस्पिनेस है, जो टेक्स्चर है, वह भी कमाल का है। मतलब पांचों सेंसेस को सेटिस्टफाई करता है। सवाल: अगर पूरे भारत की एक थाली आपके सामने सजाई जाए तो उसमें कौन-कौन से व्यंजन होने चाहिए? संजीव कपूर: देखिए, बड़ा मुश्किल सवाल है। मेरा मानना यह है कि जहां पर आप हों, वहीं का खाना खाना चाहिए। उस समय वही आपका देश है। आज मैं जयपुर में हूं, तो मेरे लिए यहां की लोकल चीजें ही सबसे अच्छी हैं। यहां की धरती पर जो उग रहा है, यहीं के लोग जो बना रहे हैं, आज के मौसम का जो सीजनल खाना है, वही सबसे बढ़िया है। अभी आपसे मिलने से पहले शेफ ने पूछा कि सर क्या खिलाएं? उन्होंने कई डिशेज का नाम लिया। मैंने कहा कि यहां के स्थानीय स्वाद को चखाइए। मेरी थाली में दाल-बाटी-चूरमा रहेगा, राबड़ी, गट्टे का साग, लाल मांस तो रहेगा, लेकिन मेरा मानना है कि जो चीज कई साल से फेमस है, उसके अलावा वे चीजें होनी चाहिए जो गांव में बनती है, आम घरों में बनती है। अभी जोधपुर में दोस्त शैलेश लोढ़ाजी की बेटी की शादी में गया तो मैंने उनसे चक्की की सब्जी के लिए पूछ लिया। तब उन्होंने कहा कि सर अब कोई बनाना ही नहीं जानता। मैंने फिर भी उनसे यह बनवाने के लिए कह दिया। मैं चाहता हूं कि हमारा खाना सिर्फ 10 डिशेज तक सीमित न हो जाए। आज दुनिया भारतीय खाने को सिर्फ बटर चिकन, नान और बिरयानी तक ही जानती है, लेकिन भारत इससे कहीं बड़ा है। राजस्थान भी सिर्फ दाल-बाटी और केर-सांगरी तक सीमित नहीं है। यहां काचरी है, मथानिया मिर्च है। ऐसी बहुत सारी चीजें हैं, जिनके बारे में नई पीढ़ी को पता ही नहीं है। अगर हम इनके बारे में बात करेंगे, तो किसानों को भी फायदा मिलेगा। उनका बाजार भी बढ़ेगा। सवाल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुकिंग ऑयल कम करने की अपील की है। इसे कैसे लागू किया जा सकता है? संजीव कपूर: बहुत आसानी से किया जा सकता है। आज Air Fryer आ गए हैं। बहुत सारी चीजें बिना तेल के बन सकती हैं। पहले बर्तन ऐसे होते थे कि तेल ज्यादा डालना पड़ता था, लेकिन अब कुकवेयर इतना अच्छा हो गया है कि तेल की जरूरत बहुत कम रह गई है। मैं तो लोगों से सिर्फ एक बात कहता हूं, अगर आज किसी सब्जी में तीन चम्मच तेल डालते हैं तो कल से डेढ़ चम्मच डालना शुरू कर दीजिए। बस आधा कर दीजिए। स्वाद में कोई बड़ा फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि स्वाद तेल से नहीं, मसालों और संतुलन से आता है। सवाल: 'खाना खजाना' शुरू करने के पीछे आपकी सोच क्या थी? संजीव कपूर: जब खाना खजाना शुरू किया था, तब इतनी बड़ी सोच नहीं थी कि यह इतना बड़ा शो बन जाएगा। मेरी सिर्फ दो बातें थीं। पहली कि पुरुष भी किचन में जाएं। दूसरी, जो महिलाएं रोज खाना बनाती हैं, उनकी सराहना हो। घर में अक्सर लोग सिर्फ कमी निकालते हैं, लेकिन यह नहीं कहते कि खाना अच्छा बना है। मैं चाहता था कि लोग खाने की अच्छाइयां ढूंढना सीखें। धीरे-धीरे लोगों ने खाना बनाना सीखा। जिन लोगों को बिल्कुल खाना नहीं आता था, उन्होंने भी सीख लिया। सवाल: आपकी जिंदगी की सबसे यादगार तारीफ कौन-सी रही? संजीव कपूर: ऐसी हजारों कहानियां हैं, लेकिन एक कभी नहीं भूलता। मैं कोलंबो एयरपोर्ट पर था। एक महिला आईं, मेरे पैर छुए और रोने लगीं। उन्होंने बताया कि शादी के बाद उन्हें खाना बनाना नहीं आता था। ससुराल में उन्हें प्यार नहीं मिलता था। हालत ऐसी हो गई थी कि उन्होंने आत्महत्या करने तक का सोच लिया था। फिर किसी ने मेरी किताब दी और खाना खजाना देखने को कहा। उन्होंने खाना बनाना सीखा। 3 साल बाद वह महिला अपने पति के साथ हनीमून पर कोलंबो आई थीं। उन्होंने कहा कि शादी के समय हनीमून पर इसलिए नहीं जा पाए क्योंकि खाना बनाना नहीं आता था। आज पूरा परिवार बहुत प्यार करता है। यह सुनकर मुझे खुशी भी हुई, लेकिन उनके पति पर गुस्सा भी आया कि तीन साल तक ऐसा क्यों होने दिया। वह घटना मैं आज तक नहीं भूल पाया। सवाल: आज के युवाओं के लिए आपका क्या संदेश है, जो शेफ बनना चाहते हैं? संजीव कपूर: सब्र का फल मीठा होता है। यह पहले भी सही था और आज भी सही है। चाहे शेफ बनना हो या कोई भी प्रोफेशन। निरंतरता सबसे जरूरी है। शॉर्टकर्ट से कुछ समय तक काम कर सकते हैं, लेकिन लंबे समय तक वही सफल होता है जो लगातार सीखता है, मेहनत करता है और धैर्य रखता है।
रतलाम जिले के ढोढर के पास फोरलेन किनारे बांछड़ा बस्तियों में नाबालिग युवतियों से देह व्यापारी करवा रहे एक युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। नाबालिग से देह व्यापारी की सूचना मिलने पर पुलिस ने बांछड़ा बस्ती में पहले पंटर भेजा। सूचना कन्फर्म होने पर पुलिस टीम ने दबिश देकर युवक को पकड़ा। दो नाबालिग लड़कियों को रेस्क्यू कर वन स्टॉप सेंटर भेजा। जिले की रिंगनोद थाना पुलिस ने यह कार्रवाई की है। थाना प्रभारी आनंद सिंह आजाद ने बताया कि मुखबिर सूचना पर पंटर भेजने पर नाबालिग से तो देह व्यापार कराने की पुष्टि हुई। पुलिस टीम ने पंटर के इशारा करते ही आरोपी हंसू (19)पिता गोपाल चौहान निवासी बांछड़ा डेरा ढोढर के घर पर दबिश दी। घर में मिली दो बालिकाएं घर के अंदर से 12 व 14 साल की दो लड़कियां मिली। दोनों को रेस्क्यू कर आरोपी युवक हंसू चौहान को गिरफ्तार किया। युवक के खिलाफ अनैतिक देह व्यापार अधिनियम की धारा 3, 4, 5, 6 में पॉक्सो एक्ट की धारा और बीएनएस की धारा 143 (4) के तहत केस दर्ज किया। टीम में यह रहे शामिल कार्रवाई में थाना प्रभारी के साथ ढोढर चौकी प्रभारी रघुवीर जोशी, एएसआई अशोक चौहान, हेड कॉनस्टेबल सुधीर सिंह, नरेंद्र सिंह, कॉन्स्टेबल नरेंद्र सिंह हाड़ा, शोभाराम शर्मा, रवींद्र सिंह, निशा दडिंग आदि शामिल रहे।
हरदोई में व्यापारी के घर हुई 1.29 करोड़ की चोरी का खुलासा, तीन नौकर समेत 14 आरोपी गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के हरदोई में रेलवेगंज निवासी कारोबारी पंकज अग्रवाल के घर हुई करोड़ों रुपये की चोरी का देर रात पुलिस ने एक सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में 14 लोगों को गिरफ्तार किया है और दो बाल अपचारियों को संरक्षण में लिया है।
हरदोई में जिस व्यापारी ने सात साल तक नौकरों को परिवार का सदस्य मानकर आंख मूंदकर भरोसा किया, उन्हीं ने विश्वासघात कर करोड़ों रुपए की चोरी की साजिश रच डाली। पहले व्यापारी और उनकी पत्नी के खाने में नींद की गोलियां मिलाईं, फिर देर रात घर में रखी नकदी 8 बैग्स में भरी और उसे लेकर फरार हो गए। पुलिस ने जब व्यापारी के घर हुई चोरी का खुलासा किया तो सब हैरान रह गए। दरअसल, घर के तीन नौकरों ने चोरी को अंजाम दिया था और इसका मास्टरमाइंड मुनीम का जीजा था। शनिवार को हुए खुलासे में पुलिस ने बताया कि 3 नौकरों समेत 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उनके कब्जे से 1 करोड़ 28 लाख 99 हजार 310 रुपए नकद भी बरामद किए गए हैं। घटना शहर के रेलवेगंज इलाके की है। व्यापारी ने 17 जुलाई को चोरी की एफआईआर तो दर्ज कराई थी, लेकिन चोरी गई रकम का जिक्र नहीं किया था। एएसपी पूर्वी सुबोध गौतम ने बताया कि चोरी की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने करीब 150 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके अलावा सर्विलांस की मदद ली गई और आरोपियों की तलाश में उत्तराखंड व दिल्ली तक दबिश दी गई। लगातार जांच के बाद पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया गया। जानिए पूरा मामला... रेलवेगंज निवासी थोक किराना व्यापारी पंकज अग्रवाल ने 17 जुलाई को शहर कोतवाली में घर में चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शुरुआती रिपोर्ट में उन्होंने चोरी गई रकम का जिक्र नहीं किया था। उन्होंने अपने यहां काम करने वाले 20 वर्षीय शोभित और दो नाबालिग कर्मचारियों पर शक जताया था। मुनीम का जीजा निकला मास्टरमाइंड पुलिस जांच में सामने आया कि वारदात को अंजाम देने में घर के तीन नौकर शोभित और दो नाबालिग शामिल थे, जबकि पूरी साजिश का मास्टरमाइंड व्यापारी के मुनीम का जीजा अजय शुक्ला था। टड़ियावां थाना क्षेत्र के बेलाहा गांव निवासी अजय शुक्ला ने अपने दो साथियों शिवम और बदन के साथ मिलकर पूरी साजिश रची थी। मुनीम का रिश्तेदार होने के कारण अजय को व्यापारी के लेनदेन और घर में रखी नकदी की पूरी जानकारी थी। उसने अपनी साजिश में व्यापारी के तीनों नौकरों को शामिल किया। अजय रेलवेगंज में मजदूरी करता था। उसका साथी शिवम हरदोई शहर के नघेटा पूर्वी मोहल्ले का निवासी और पिकअप चालक है, जबकि बदन भी नघेटा पूर्वी का रहने वाला है और मजदूरी करता है। सात साल पुराने भरोसे का उठाया फायदा पुलिस के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि शोभित और दो अन्य नाबालिग नौकर व्यापारी के यहां काम करते-करते परिवार के बेहद करीब हो गए थे। वे दुकान से लेकर घर तक बेरोकटोक आते-जाते थे और दोनों जगहों के छोटे-मोटे काम भी करते थे। व्यापारी और उनके परिवार को तीनों नौकरों पर पूरा भरोसा था। वे दुकान के साथ-साथ घर के कामों में भी हाथ बंटाते थे। मुनीम का जीजा अजय शुक्ला यह सब जानता था। साथ ही उसे यह भी पता था कि व्यापारी के घर में बड़ी मात्रा में नकदी रहती है। इसी का फायदा उठाने के लिए उसने चोरी की योजना बनाई। मास्टरमाइंड अजय शुक्ला ने सबसे पहले शोभित और दोनों नाबालिग नौकरों का विश्वास जीता। वह रोज उनसे मिलता-जुलता रहा। इसके बाद उसने पूरी योजना उनके सामने रखी। शुरुआत में तीनों डर गए, लेकिन अजय के समझाने-बुझाने और भरोसा दिलाने के बाद वे चोरी की साजिश में शामिल हो गए। इसके बाद करीब एक सप्ताह तक सभी ने मिलकर रेकी की। खाने में मिलाईं नींद की गोलियां पुलिस के मुताबिक, 16 जुलाई की रात शोभित और दोनों नाबालिग कर्मचारियों ने व्यापारी और उनकी पत्नी के खाने में नींद की गोलियां मिला दीं। दोनों के गहरी नींद में जाने के बाद आरोपियों ने दूसरी मंजिल स्थित बेडरूम की अलमारी से नकदी से भरे आठ बैग निकाल लिए। नीचे पहले से अजय, शिवम और बदन पिकअप वाहन लेकर खड़े थे। सभी बैग वाहन में रखे गए और आरोपी फरार हो गए। लखनऊ में हिस्ट्रीशीटर से मिले वारदात के बाद सभी आरोपी लखनऊ पहुंचे। वहां उनकी मुलाकात हिस्ट्रीशीटर अमन और बाराबंकी निवासी महफूज उर्फ लाली से हुई। पुलिस का दावा है कि दोनों ने छह आरोपियों से चोरी की रकम अपने कब्जे में ले ली और फरार हो गए। सर्विलांस की मदद से पुलिस ने सबसे पहले शोभित और दोनों नाबालिगों को हिरासत में लिया। पूछताछ में अमन और महफूज के नाम सामने आए। इसके बाद पुलिस ने पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया। कोई ई-रिक्शा चालक, कोई ऑटो चालक, कोई मजदूर जांच में सामने आया कि गिरफ्तार 16 आरोपियों में कोई ई-रिक्शा चालक है, कोई ऑटो चालक, तो कोई मजदूरी करता है। पुलिस का कहना है कि जल्द अमीर बनने की चाह में सभी इस वारदात का हिस्सा बने। शोभित हरदोई देहात कोतवाली क्षेत्र के पेड़ा गांव का रहने वाला है। पुलिस ने अजय शुक्ला, शिवम, बदन, शोभित और दो नाबालिगों के अलावा लखनऊ निवासी दीपक, सनी गुप्ता, हरदोई निवासी विशाल, परम किशोर, केशव, सनी वाल्मीकि, नीरज और प्रिंस समेत कुल 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 1.28 करोड़ रुपए से अधिक की नकदी बरामद गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 1 करोड़ 28 लाख 99 हजार 310 रुपए नकद बरामद किए गए हैं। बरामद रकम में 10, 20, 50, 100, 200 और 500 रुपए के नोट शामिल हैं। पुलिस अन्य आरोपियों और चोरी की शेष रकम के संबंध में भी जांच कर रही है। एसओजी और सर्विलांस टीम की रही अहम भूमिका पूरे मामले के खुलासे में एसओजी प्रभारी राजेश यादव, स्वॉट प्रभारी अब्दुल जब्बार समेत कांस्टेबल अनिल, आकाश, आनंद और अन्य पुलिसकर्मियों की अहम भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों ने टीम की कार्रवाई को बड़ी सफलता बताया। ----------------------------- ये खबर भी पढ़ें… वाइस प्रिंसिपल के बेटे की गड्ढे में डूबकर मौत:नोएडा विकास प्राधिकरण की लापरवाही ने ली 6 साल के आव्यान की जान ग्रेटर नोएडा में नोएडा विकास प्राधिकरण की लापरवाही की वजह से 6 साल के बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई। बच्चा पानी से भरे गड्ढे में गिर गया। वह शनिवार शाम कॉलोनी में क्रिकेट खेल रहा था। इसी दौरान वह पानी भरे गड्ढे में डूब गया। साथ खेल रहे बच्चों ने शोर मचाया। आसपास के लोग भागकर आए। जैसे-तैसे उसे निकाला। अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पूरी खबर पढ़ें…
झुमरी तिलैया के नागेश्वर चौधरी ने विदेश में शानदार करियर बनाने के बाद अपने शहर लौटकर एक मिसाल पेश की है। वर्ष 2009 में एमसीए की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने यूनाइटेड किंगडम के मैनचेस्टर में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम शुरू किया। शुरुआत में 24 लाख रुपए सालाना पैकेज से करियर शुरू हुआ। आगे चलकर 1 करोड़ रुपए सालाना तक पहुंच गया। उन्होंने एलियन टेक, बॉश और ब्रेक टेक जैसी कंपनियों में काम करते हुए 3डी एनीमेशन डिजाइनिंग और कोडिंग के क्षेत्र में लंबा अनुभव हासिल किया। करीब 13 वर्षों तक विदेश में रहने के दौरान वे सिर्फ दो बार ही अपने घर लौट पाए, लेकिन मन हमेशा अपने शहर से जुड़ा रहा। विदेश में ही आया कपड़ों के कारोबार का आइडिया मैनचेस्टर में काम के दौरान ही नागेश्वर को कपड़ों के व्यापार का विचार आया। उन्होंने देखा कि भारत में 100 से 150 रुपए में मिलने वाले कपड़े वहां 8 से 10 हजार रुपए तक बिकते हैं। यही अंतर उनके लिए प्रेरणा बना। उन्होंने तय किया कि एक दिन अपने देश में रहकर इसी क्षेत्र में कुछ बड़ा करेंगे। इस सोच के साथ उन्होंने करोड़ों की नौकरी छोड़ने का बड़ा फैसला लिया। वर्ष 2022 में शादी के बाद एक निजी परिस्थिति ने उनके इस निर्णय को और मजबूत कर दिया, जब उन्होंने विदेश लौटने के बजाय पत्नी और परिवार के साथ अपने शहर में रहने का विकल्प चुना। झुमरी तिलैया में शुरू किया गारमेंट यूनिट भारत लौटने के बाद नागेश्वर ने वर्ष 2023 में अपने दादाजी की याद में ‘डेगन’ नाम से कपड़ों का ब्रांड लॉन्च किया। शुरुआत में दो मशीनों के साथ काम शुरू हुआ। कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन धीरे-धीरे कारोबार पटरी पर आ गया। आज उनके पास करीब 38 स्कूलों के यूनिफॉर्म के ऑर्डर आते हैं। 40 से अधिक कपड़ा व्यापारी उनसे जुड़े हैं। उनके स्टार्टअप में टी-शर्ट, ट्राउजर, एक्टिव वियर, कॉटन टी-शर्ट, विंटर जैकेट और ट्राउजर जैसे कई उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं, जिनकी गुणवत्ता ग्राहकों को पसंद आ रही है। ‘मेड इन कोडरमा’ की विदेशों में पहचान नागेश्वर के स्टार्टअप से आज करीब 20 स्थानीय लोगों को रोजगार मिला है। झुमरी तिलैया और आसपास के कारीगर मिलकर इन उत्पादों का निर्माण करते हैं। खास बात यह है कि यहां तैयार कपड़े अब अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच रहे हैं। मैनचेस्टर तक कॉटन टी-शर्ट, विंटर जैकेट और अन्य उत्पादों की सप्लाई हो रही है, जहां इनके फिनिशिंग और गुणवत्ता की सराहना हो रही है। नागेश्वर का मानना है कि यदि स्थानीय प्रतिभाओं को सही मंच मिले तो वे वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।
लखनऊ के इंदिरा नगर में शुक्रवार-शनिवार की बीच रात करीब 2 बजे बदमाशों ने एक व्यापारी के घर जमकर उत्पात मचाया। व्यापारी, उसकी पत्नी और बेटी को जमकर पीटा भी। इतना मारा कि तीनों के सिर फट गए। व्यापारी के सिर पर 18 टांके लगाने पड़े, उनकी हालत गंभीर है। पीड़ितों के अनुसार, हथियारबंद बदमाश घर में पहले से छिपे थे। रात में लॉकर तोड़ना शुरू किया तो आवाज सुनकर परिवार के लोगों की नींद खुल गई। घर के सभी सदस्यों ने शोर मचाया तो बदमाशों ने धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले में परिवार के 3 सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना अमराई गांव की है। व्यापारी उमेश चंद्र के घर में यह वारदात हुई। उनके बेटे दीपक ने आरोप लगाया कि वारदात के बाद डायल-112 को सूचना दी गई लेकिन पुलिस आधे घंटे बाद पहुंची। सभी गंभीर घायलों को सरकारी अस्पताल के बजाय निजी अस्पताल में इलाज के लिए भेज दिया। 3 तस्वीरें देखिए- पहले बेटी, फिर पिता और अंत में मां पर हमला उमेश चंद्र (55) घर में ही परचून की दुकान चलाते हैं। अमराई गांव के बजरंग चौराहे पर वह पिछले 3 साल से पत्नी शांति देवी, बेटी सीमा और बेटे दीपक के साथ रह रहे हैं। शुक्रवार रात सभी लोग खाना खाकर सो गए। अचानक तोड़फोड़ की आवाज आने लगी। सबसे पहले बेटी सीमा की आंख खुली। वह जिस कमरे से तोड़फोड़ की आवाज आ रही थी, उधर देखने गई। उसी समय बदमाशों ने उस पर हमला कर दिया। बेटी की चीख सुनकर पिता दौड़ते हुए पहुंचे। तभी घात लगाए बैठे एक बदमाश ने पीछे से उनके सिर पर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ कई वार किए। वह भी लहूलुहान होकर जमीन पर गिरे और बेहोश हो गए। पत्नी शांति देवी की भी आंख खुल चुकी थी। उन्होंने शोर मचाने की कोशिश की तभी एक बदमाश ने उन पर भी हमला कर दिया। वह भी गश खाकर गिर गईं। करीब 10 मिनट बाद पत्नी शांति को हल्का होश आया तो उन्होंने घर से बाहर निकलकर शोर मचाना शुरू किया। तब मोहल्लेवाले जागे और इकट्ठा हो गए। बेटा बोला- पुलिस ने खुद डिटेल ली, फॉरेंसिक टीम नहीं आई घटना की सूचना पड़ोसियों ने रहीमनगर में रह रहे व्यापारी के बेटे दीपक गुप्ता और पुलिस को सूचना दी। दीपक ने बताया कि सूचना के करीब आधे घंटे बाद पुलिस पहुंची। इसके बाद घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। घटना के बाद सभी लोग अस्पताल में हैं। लूट कितने की हुई, इसका अभी अंदाजा नहीं है। बजरंग चौराहे से 100 मीटर आगे ऑन रोड पर घर है। ऐसे घर में भी बदमाशों ने वारदात की। पुलिस गश्ती नहीं हो रही थी। पुलिस जब पहुंची भी तो खुद ही सिपाहियों ने कागज में सब नोट किया। बाद में न कोई फॉरेंसिक टीम आई और न ही डॉग स्क्वॉयड। उच्च अधिकारियों तक को इस वारदात की जानकारी नहीं दी गई। महिला ने पीछे के रास्ते भागते देखा मामले में पीड़ित परिवार का कहना है घर में कितने लोग घुसे थे, इसकी जानकारी नहीं है। बदमाश ताबड़तोड़ हमला कर रहे थे इसलिए उनकी गिनती नहीं कर पाए। हालांकि, जब उमेश की पत्नी शांति देवी को होश आया तो उन्होंने पीछे के रास्ते दो बदमाशों को भागते देखा। लेकिन, वह मेन दरवाजे से बाहर की तरफ मदद के लिए भागीं और शोर मचाया। डीसीपी पूर्वी डॉ. दीक्षा शर्मा ने बताया- कल रात में सो रहे 3 लोगों पर हमला करने के मामले में FIR दर्ज कर ली गई है। CCTV फुटेज से जांच की जा रही है। जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा। मामला दबाए रहने पर दरोगा और महिला कॉन्स्टेबल सस्पेंड डीसीपी ने माना कि वारदात के बाद पुलिसकर्मियों ने लापरवाही की। मौके पर समय पर नहीं पहुंचे और मामले को दबाए रखा। उच्च अधिकारियों को सूचना भी नहीं दी। दैनिक भास्कर एप पर खबर प्रकाशित होने के बाद उच्च अधिकारियों ने खुद संज्ञान लिया और मौके पर पहुंचे। पीड़ित के घर का माहौल और पीड़ितों की हालत देखकर मामले की गंभीरता समझ में आई। शाम को इस मामले में डीसीपी पूर्वी डॉ. दीक्षा शर्मा ने बयान जारी किया। देर रात दरोगा नागेंद्र कुमार और कॉन्स्टेबल दिव्या को सस्पेंड कर दिया। दरोगा नागेंद्र नाइट अफसर थे, देरी से घटनास्थल पहुंचे। वहीं, कॉन्स्टेबल दिव्या को घटना की सूचना मिली लेकिन उन्होंने इसे आगे नहीं बढ़ाया।
लखनऊ के इंदिरा नगर में शुक्रवार-शनिवार की बीच रात करीब 2 बजे बदमाशों ने एक व्यापारी के घर जमकर उत्पात मचाया। व्यापारी, उसकी पत्नी और बेटी को जमकर पीटा भी। इतना मारा कि तीनों के सिर फट गए। व्यापारी के सिर पर 18 टांके लगाने पड़े, उनकी हालत गंभीर है। पीड़ितों के अनुसार, हथियारबंद बदमाश घर में पहले से छिपे थे। रात में लॉकर तोड़ना शुरू किया तो आवाज सुनकर परिवार के लोगों की नींद खुल गई। घर के सभी सदस्यों ने शोर मचाया तो बदमाशों ने धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले में परिवार के 3 सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना अमराई गांव की है। व्यापारी उमेश चंद्र के घर में यह वारदात हुई। उनके बेटे दीपक ने आरोप लगाया कि वारदात के बाद डायल-112 को सूचना दी गई लेकिन पुलिस आधे घंटे बाद पहुंची। सभी गंभीर घायलों को सरकारी अस्पताल के बजाय निजी अस्पताल में इलाज के लिए भेज दिया। 3 तस्वीरें देखिए- पहले बेटी, फिर पिता और अंत में मां पर हमला उमेश चंद्र (55) घर में ही परचून की दुकान चलाते हैं। अमराई गांव के बजरंग चौराहे पर वह पिछले 3 साल से पत्नी शांति देवी, बेटी सीमा और बेटे दीपक के साथ रह रहे हैं। शुक्रवार रात सभी लोग खाना खाकर सो गए। अचानक तोड़फोड़ की आवाज आने लगी। सबसे पहले बेटी सीमा की आंख खुली। वह जिस कमरे से तोड़फोड़ की आवाज आ रही थी, उधर देखने गई। उसी समय बदमाशों ने उस पर हमला कर दिया। बेटी की चीख सुनकर पिता दौड़ते हुए पहुंचे। तभी घात लगाए बैठे एक बदमाश ने पीछे से उनके सिर पर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ कई वार किए। वह भी लहूलुहान होकर जमीन पर गिरे और बेहोश हो गए। पत्नी शांति देवी की भी आंख खुल चुकी थी। उन्होंने शोर मचाने की कोशिश की तभी एक बदमाश ने उन पर भी हमला कर दिया। वह भी गश खाकर गिर गईं। करीब 10 मिनट बाद पत्नी शांति को हल्का होश आया तो उन्होंने घर से बाहर निकलकर शोर मचाना शुरू किया। तब मोहल्लेवाले जागे और इकट्ठा हो गए। बेटा बोला- पुलिस ने खुद डिटेल ली, फॉरेंसिक टीम नहीं आई घटना की सूचना पड़ोसियों ने रहीमनगर में रह रहे व्यापारी के बेटे दीपक गुप्ता और पुलिस को सूचना दी। दीपक ने बताया कि सूचना के करीब आधे घंटे बाद पुलिस पहुंची। इसके बाद घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। घटना के बाद सभी लोग अस्पताल में हैं। लूट कितने की हुई, इसका अभी अंदाजा नहीं है। बजरंग चौराहे से 100 मीटर आगे ऑन रोड पर घर है। ऐसे घर में भी बदमाशों ने वारदात की। पुलिस गश्ती नहीं हो रही थी। पुलिस जब पहुंची भी तो खुद ही सिपाहियों ने कागज में सब नोट किया। बाद में न कोई फॉरेंसिक टीम आई और न ही डॉग स्क्वॉयड। उच्च अधिकारियों तक को इस वारदात की जानकारी नहीं दी गई। महिला ने पीछे के रास्ते भागते देखा मामले में पीड़ित परिवार का कहना है घर में कितने लोग घुसे थे, इसकी जानकारी नहीं है। बदमाश ताबड़तोड़ हमला कर रहे थे इसलिए उनकी गिनती नहीं कर पाए। हालांकि, जब उमेश की पत्नी शांति देवी को होश आया तो उन्होंने पीछे के रास्ते दो बदमाशों को भागते देखा। लेकिन, वह मेन दरवाजे से बाहर की तरफ मदद के लिए भागीं और शोर मचाया। डीसीपी पूर्वी डॉ. दीक्षा शर्मा ने बताया- कल रात में सो रहे 3 लोगों पर हमला करने के मामले में FIR दर्ज कर ली गई है। CCTV फुटेज से जांच की जा रही है। जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा। मामला दबाए रहने पर दरोगा और महिला कॉन्स्टेबल सस्पेंड डीसीपी ने माना कि वारदात के बाद पुलिसकर्मियों ने लापरवाही की। मौके पर समय पर नहीं पहुंचे और मामले को दबाए रखा। उच्च अधिकारियों को सूचना भी नहीं दी। दैनिक भास्कर एप पर खबर प्रकाशित होने के बाद उच्च अधिकारियों ने खुद संज्ञान लिया और मौके पर पहुंचे। पीड़ित के घर का माहौल और पीड़ितों की हालत देखकर मामले की गंभीरता समझ में आई। शाम को इस मामले में डीसीपी पूर्वी डॉ. दीक्षा शर्मा ने बयान जारी किया। देर रात दरोगा नागेंद्र कुमार और कॉन्स्टेबल दिव्या को सस्पेंड कर दिया। दरोगा नागेंद्र नाइट अफसर थे, देरी से घटनास्थल पहुंचे। वहीं, कॉन्स्टेबल दिव्या को घटना की सूचना मिली लेकिन उन्होंने इसे आगे नहीं बढ़ाया।
अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब भारत के चावल निर्यात पर साफ दिखने लगा है। मिडिल ईस्ट, जो भारतीय बासमती चावल का बड़ा बाजार है, वहां जाने वाला व्यापार हॉर्मूज स्ट्रेट प्रभावित होने से ठप पड़ गया है। हालात यह हैं कि हजारों करोड़ रुपये का चावल या तो बंदरगाहों पर रुका हुआ है या समुद्र में रास्ते में फंसा है। निर्यातकों के सामने आर्थिक संकट गहराने लगा है, वहीं आगामी धान सीजन को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। ऑल इंडिया राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं बोर्ड ऑफ ट्रेड के गैर-सरकारी सदस्य सतीश गोयल ने बताया कि हॉर्मूज स्ट्रेट के बंद होने से करीब एक लाख टन बासमती चावल बंदरगाहों पर पिछले 25 दिनों से रुका हुआ है। यह माल आगे नहीं बढ़ पा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो यह माल खराब होने का खतरा भी पैदा हो जाएगा। इस मामले को लेकर हाल ही में केंद्र सरकार से बातचीत की गई है, जहां से निर्यात को सुचारु बनाने के लिए समाधान निकालने का आश्वासन मिला है। हरियाणा का 1000 करोड़ से ज्यादा का माल फंसासतीश गोयल के अनुसार, हरियाणा के निर्यातकों का करीब एक से डेढ़ लाख टन चावल बंदरगाहों पर अटका हुआ है, जिसकी कीमत 1000 करोड़ रुपये से अधिक है। कुछ माल कांडला पोर्ट पर पड़ा है, जबकि कुछ समुद्र में जहाजों के जरिए बीच रास्ते में रुका हुआ है। इस स्थिति को बने हुए लगभग 25 दिन हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि इसका सबसे बड़ा नुकसान व्यापारियों को हो रहा है, क्योंकि बैंक ब्याज लगातार बढ़ रहा है और परिवहन खर्च भी बढ़ गया है।बारिश के मौसम में बंदरगाहों पर पड़ा चावल खराब होने की आशंका भी बढ़ गई है। ऐसे में निर्यातकों ने सरकार से मांग की है कि उन्हें वित्तीय राहत या अनुदान दिया जाए, ताकि नुकसान की भरपाई हो सके। सरकार ने आश्वासन दिया है कि व्यापारियों को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा और जल्द समाधान निकाला जाएगा। नया सीजन नजदीक, पेमेंट अटकी तो खरीद पर असरनिर्यातकों की चिंता इस बात को लेकर भी है कि दो से तीन महीने बाद नया धान सीजन शुरू होने वाला है। अगर मौजूदा माल समय पर विदेश नहीं पहुंचा और उसकी पेमेंट नहीं आई, तो व्यापारी नया धान खरीदने में सक्षम नहीं होंगे। इससे किसानों पर भी सीधा असर पड़ सकता है। सतीश गोयल ने बताया कि इस समय जो चावल सेलरों में तैयार हो रहा है, उस पर भी प्रति माह करीब 1 प्रतिशत की दर से ब्याज लग रहा है। यदि निर्यात में देरी होती है, तो यह लागत और बढ़ेगी, जिससे व्यापारियों की आर्थिक स्थिति और कमजोर हो सकती है। मिडिल ईस्ट बाजार पर सबसे ज्यादा असरभारत का बड़ा हिस्सा चावल निर्यात मिडिल ईस्ट देशों में जाता है। ईरान, इराक और सऊदी अरब जैसे देशों में हर साल करीब 30 लाख टन चावल भेजा जाता है, जिसमें प्रत्येक देश को लगभग 10-10 लाख टन निर्यात होता है। मौजूदा तनाव के चलते पूरा क्षेत्र अस्थिर हो गया है, जिससे व्यापार प्रभावित हो रहा है। निर्यातकों को फ्रेट और इंश्योरेंस की बढ़ती लागत का भी सामना करना पड़ रहा है। जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से शिपिंग चार्ज बढ़ गए हैं, वहीं जोखिम बढ़ने के कारण बीमा प्रीमियम भी महंगा हो गया है। सरकार के सामने रखी गई मांगेंनिर्यातकों ने केंद्र सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं। इनमें ट्रांसपोर्टेशन की समस्याओं का समाधान, बढ़े हुए रेट और ब्याज पर राहत, बंदरगाहों पर लगने वाले डेमरेज चार्ज को माफ करना और रास्ते में फंसे माल पर ‘वार कवर’ (बीमा सुरक्षा) देना शामिल है। सतीश गोयल ने बताया कि सरकार इन मांगों पर गंभीरता से विचार कर रही है और अगले सप्ताह फिर बैठक कर स्थिति की समीक्षा की जाएगी। रिकॉर्ड निर्यात के बाद इस साल बढ़ाने का लक्ष्य1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक भारत ने 65 लाख टन चावल का निर्यात किया था, जो एक रिकॉर्ड रहा। इस बार निर्यातकों का लक्ष्य 70 लाख टन तक पहुंचने का है, लेकिन मौजूदा हालात इस लक्ष्य के सामने बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं। सतीश गोयल ने कहा कि अगर अंतरराष्ट्रीय हालात जल्द सामान्य हो जाते हैं और हॉर्मूज का रास्ता खुल जाता है, तो निर्यात में फिर तेजी आ सकती है। लेकिन यदि तनाव लंबे समय तक बना रहता है, तो न केवल निर्यात प्रभावित होगा बल्कि विदेशी मुद्रा आय पर भी असर पड़ेगा। आगे की राह पर टिकी नजरेंफिलहाल चावल निर्यातक सरकार के फैसलों और अंतरराष्ट्रीय हालात में सुधार की उम्मीद लगाए बैठे हैं। अगर जल्द समाधान नहीं निकला, तो इसका असर व्यापारियों के साथ-साथ किसानों तक पहुंच सकता है। ऐसे में आने वाले कुछ सप्ताह चावल उद्योग के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं।
तलवार की नोक पर लूट : गुजराती व्यापारियों से 2.30 लाख रुपए और जेवरात लेकर भागे बदमाश, केस दर्ज
गोवर्धन विलास थाना क्षेत्र में एक गुजराती व्यापारी ने बदमाशों के खिलाफ तलवार दिखाकर दोस्त व उनसे सोने के जेवर और नकदी लूट ले जाने का मामला दर्ज कराया है। पुलिस के अनुसार गुजरात के नरोड़ा निवासी कौशल राजेंद्र वर्मा ने एसपी के समक्ष रिपोर्ट पेश की। इसमें बताया कि गत 4 जुलाई को वह साथी जयेन्द्र सिंह और दीप वर्मा के साथ कार में उदयपुर आए थे। यहां से व्यापार का काम पूरा कर रात 11 बजे बलीचा स्थित रजवाड़ा ढाबे से अहमदाबाद रवाना हुए। रात 11:30 बजे उन्होंने काया पुलिया के नीचे लघुशंका के लिए कार रोकी। वह और जयेंद्र नीचे उतरे। तभी दो बाइकों पर 5 बदमाश तलवार लेकर आए। बदमाशों ने जयेंद्र को तलवार दिखाकर सड़क पर गिरा दिया और कान से सोने की बाली छीन ली। फिर 3 बदमाशों ने जान से मारने की धमकी देते हुए उनका सोने का ढाई तोला ब्रेसलेट और 5 हजार रुपए नकदी लूट ली। फिर कार में रखा बैग लेकर भाग गए। 15-20 मिनट बाद दो बदमाश आए और लूटा हुआ बैग कार के पास फेंक कर भाग गए। बैग से 2.30 लाख रुपए, एटीएम कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और आधार कार्ड निकाल लिए।
रंगदारी के लिए 6 व्यापारियों की रैकी कर गैंगस्टरों को नंबर दिए थे
कमजोर पैरवी करने के लिए रिश्वत लेने के आरोपी सहायक निदेशक अभियोजन (एडीपी) कौशल सिंह राठौड़ को शनिवार को कोर्ट ने न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। राठौड़ ने जयपुर और शेखावाटी के छह कारोबारियों की रैकी कर गैंगस्टरों तक उनके मोबाइल नंबर पहुंचाने के आरोपी रघुराज सिंह के संगठित अपराध वाले मामले में कमजोर पैरवी के लिए घूस ली थी। एसीबी ने शुक्रवार को जयपुर रेलवे स्टेशन के पास उसे ₹50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। आरोप है कि उसने मामले में कमजोर पैरवी करने की एवज में कुल ₹3.25 लाख की रिश्वत मांगी थी। एसीबी ने आरोपी से पूछताछ के बाद शनिवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। जांच एजेंसी अब रिश्वत मांगने की पूरी प्रक्रिया, बातचीत और मामले से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है। जांच में सामने आया कि नीम का थाना निवासी रघुराज सिंह विदेश में बैठे गैंगस्टर रोहित गोदारा और वीरेंद्र चारण से जुड़ा था। रैकी की पुष्टि के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ संगठित अपराध की धाराएं जोड़कर कार्रवाई की थी। पुलिस आरोपी की आपराधिक गतिविधियों के आधार पर उसके खिलाफ संगठित अपराध की धाराएं लगाई थीं।
व्यापारी का अपहरण, 2 लाख फिरौती मांगी, पुलिस ने पीछा किया, रास्ते में पटककर भागे
सांगानेर के गुलाब विहार, श्योपुर रोड स्थित दुकान से एक व्यापारी का अपहरण कर बदमाशों ने ₹2 लाख की फिरौती मांगी। सूचना मिलते ही प्रतापनगर थाना पुलिस ने इलाके के करीब 100 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और 15 किलोमीटर तक बदमाशों का पीछा किया। पुलिस की गाड़ी पीछे लगी देख आरोपी व्यापारी को बीच रास्ते में पटककर फरार हो गए। पुलिस ने व्यापारी को सुरक्षित छुड़ाकर परिजनों के सुपुर्द किया और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर वाटिका, सांगानेर में दबिश देकर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। डीसीपी पूर्व रंजीता शर्मा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी मनीष सैनी (22) निवासी प्रताप नगर और अविनाश राव उर्फ बॉबी (24) निवासी सवाई माधोपुर हाल प्रताप नगर हैं। वारदात में शामिल तीसरा आरोपी किशन राजपूत फरार है। मनीष सैनी के खिलाफ प्रताप नगर और सांगानेर सदर थाने में चोरी और अन्य आपराधिक धाराओं के मामले पहले से दर्ज हैं। बेटी को धमकी- दो घंटे में रकम नहीं दी तो मार देंगे पंचवटी कॉलोनी (सांगानेर) निवासी रामदयाल की श्योपुर रोड पर दुकान है। 23 जुलाई शाम करीब 5:30 बजे दुकान पर मौजूद रामदयाल को मनीष सैनी, अविनाश राव उर्फ बॉबी और किशन राजपूत जबरन कार में डालकर ले गए। इसके बाद मनीष सैनी ने रामदयाल की बेटी संध्या को फोन कर 2 लाख रुपए की फिरौती मांगी और दो घंटे में रकम नहीं मिलने पर जान से मारने की धमकी दी। सूचना पर थानाधिकारी विक्रांत शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाशों की कार का रूट ट्रेस किया। इस कार्रवाई में हेड कांस्टेबल दयाराम की विशेष भूमिका रही।
फरीदाबाद के एनआईटी-5 स्थित रेलवे रोड पर संचालित नमस्ते फैमिली स्पा में शनिवार को पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 6 घंटे तक छापेमारी की। पुलिस को काफी समय से सूचना मिल रही थी कि स्पा सेंटर की आड़ में देह व्यापार कराया जा रहा है और यहां नशा बेचे जाने की गतिविधियां भी संचालित होती हैं। इसी सूचना के आधार पर दोपहर करीब 1 बजे एनआईटी थाना पुलिस और महिला थाना एनआईटी की टीम ने संयुक्त रूप से स्पा सेंटर पर छापा मारा। पुलिस ने स्पा सेंटर पहुंचते ही पूरे परिसर को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू की। इसके बाद स्पा सेंटर के सभी कमरों की तलाशी ली गई और वहां मौजूद लोगों से पूछताछ की गई। करीब 6 घंटे तक चली इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने स्पा सेंटर में मौजूद सभी महिलाओं को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने वहां काम करने वाले एक युवक को भी हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। स्पा सेंटर से मिला आपत्तिजनक सामान जांच के दौरान पुलिस ने स्पा सेंटर से कुल 7 महिलाओं को हिरासत में लिया, जिनमें 5 युवतियां और 2 महिलाएं शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इनमें से एक महिला अपने साथ 8 से 9 साल की बच्ची को भी लेकर आई थी। पुलिस बच्ची की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उससे जुड़े सभी तथ्यों की भी जांच कर रही है। छापेमारी के दौरान पुलिस को स्पा सेंटर से कई आपत्तिजनक सामान भी मिले हैं, जिन्हें जब्त कर लिया गया है। इसके अलावा स्पा सेंटर के रजिस्टर, दस्तावेज और अन्य रिकॉर्ड भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिए हैं। अब इन रिकॉर्ड के आधार पर यह पता लगाया जा रहा है कि स्पा सेंटर का संचालन कब से हो रहा था और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही है। पुलिस को मिली थी देह व्यापार कराने की सूचना प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि स्पा सेंटर में महिलाओं से देह व्यापार कराया जाता था। वहीं, यहां नशा बेचे जाने की सूचना भी पुलिस को मिली थी। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाने में लगी हुई है। एनआईटी थाना प्रभारी महावीर ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई है। उन्होंने कहा कि करीब 6 घंटे चली रेड के बाद हिरासत में ली गई 5 युवतियों, 2 महिलाओं और एक युवक से पूछताछ की जा रही है। यहां देखें फोटो… स्पा संचालक के खिलाफ केस दर्ज, जांच जारी स्पा संचालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि, फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है। हिरासत में लिए गए लोगों से लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जौनपुर में जिला उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की एक विशेष बैठक शनिवार शाम 4 बजे नगर के एक होटल में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता ज़िलाध्यक्ष इंद्रभान सिंह 'इंदु' ने की। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व राज्यसभा सांसद बनवारीलाल कंछल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। बैठक में जनपद की विभिन्न तहसीलों, नगरों और बाज़ार इकाइयों के पदाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की व्यापारिक समस्याओं को विस्तार से प्रस्तुत किया। व्यापारियों ने बाज़ारों में मूलभूत सुविधाओं की कमी, सुरक्षा व्यवस्था, अतिक्रमण, यातायात, बिजली, साफ-सफाई, ज़िला पंचायत द्वारा मनमाना शुल्क, खाद्य विभाग द्वारा सैंपलिंग के नाम पर उत्पीड़न और जीएसटी रिटर्न जैसी समस्याओं से मुख्य अतिथि को अवगत कराया। मुख्य अतिथि बनवारीलाल कंछल ने सभी पदाधिकारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने आश्वासन दिया कि व्यापारियों की प्रत्येक जायज़ समस्या के समाधान के लिए संगठन पूरी मज़बूती से काम करेगा। कंछल ने यह भी कहा कि व्यापारियों के हितों की रक्षा और उनके सम्मान के लिए संगठन हमेशा संघर्षरत रहेगा और ज़रूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों व शासन स्तर पर प्रभावी पहल की जाएगी। ज़िलाध्यक्ष इंद्रभान सिंह 'इंदु' ने सभी पदाधिकारियों से संगठन को और अधिक सशक्त एवं सक्रिय बनाने का आह्वान किया। उन्होंने ज़ोर दिया कि व्यापारी समाज की एकता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है। बैठक में प्रांतीय मंत्री शकील अहमद, ज़िला संगठन मंत्री अब्दुल हक अंसारी, विजय गुप्ता, मुकेश चन्द्र जायसवाल, संजय यादव, अरुण कमलापुरी, जीवन लाल अग्रहरि, डॉ. नरसिंह, लल्लन प्रताप सिंह, इकराम अंसारी और पवन गुप्ता सहित सैकड़ों पदाधिकारी मौजूद रहे। इस अवसर पर शाहगंज तहसील की पटैला बाज़ार के प्रतिष्ठित व्यवसायी विनोद सेठ को प्रांतीय मंत्री के पद पर मनोनीत किया गया। बैठक से पहले, प्रांतीय अध्यक्ष बनवारीलाल कंछल के जनपद आगमन पर ज़िलाध्यक्ष इंद्रभान सिंह इंदु ने बुके देकर उनका स्वागत किया। नगर की सीमा पर पहुंचने पर नगर अध्यक्ष घनश्याम साहू, महामंत्री आलोक रंजन सिन्हा, ज़िला कोषाध्यक्ष उमेशचंद गुप्त और त्रिलोचन इकाई के अध्यक्ष आलोक वर्मा के नेतृत्व में माल्यार्पण कर उनका भव्य स्वागत किया गया। बैठक का संचालन ज़िला महामंत्री आरिफ हबीब ने किया। उन्होंने सभी अतिथियों और उपस्थित पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया।
छतरपुर जिले के नौगांव नगर में शनिवार सुबह मंदिरों के सामने पशु अवशेष मिलने से तनाव फैल गया। सराफा बाजार, जैन मंदिर और साईं मंदिर के बाहर मुर्गी के पंख, पंजे और बकरे की खाल सहित अन्य पशु अवशेष पाए गए। इस घटना से व्यापारियों में आक्रोश बढ़ गया, जिसके विरोध में उन्होंने लगभग एक घंटे तक बाजार बंद रखा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। प्राप्त जानकारी के अनुसार, नगर में सफाई कर्मचारियों की छह दिनों से चल रही हड़ताल के कारण शुक्रवार रात सराफा बाजार के व्यापारियों ने स्वयं बाजार की सफाई की थी। शनिवार सुबह जब व्यापारी अपनी दुकानों पर पहुंचे, तो उन्हें मंदिरों के सामने ये पशु अवशेष पड़े मिले। व्यापारियों ने इस घटना को शहर का माहौल बिगाड़ने और सांप्रदायिक सौहार्द खराब करने का प्रयास बताया। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना स्थानीय प्रशासन को दी। सूचना मिलते ही तहसीलदार विजय चौधरी और नायब तहसीलदार प्रदीप सिंह लोधी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और वरिष्ठ अधिकारियों को पूरे मामले से अवगत कराया। कुछ देर बाद पुलिस अधीक्षक अमित मेश्राम, थाना प्रभारी संजय राय और भारी पुलिस बल भी मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने व्यापारियों से बातचीत की और उन्हें निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। व्यापारियों ने सौंपा ज्ञापनव्यापारियों ने प्रशासन को एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें घटना में शामिल लोगों की शीघ्र गिरफ्तारी, बाजार क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की मांग की। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आसपास के क्षेत्रों से साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। अधिकारियों ने बताया कि मामले की हर पहलू से गहन जांच की जा रही है और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
Share Market Weekly Review : अमेरिका ईरान युद्ध, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, रुपए की कमजोरी और ट्रंप टैरिफ की वजह से भारतीय शेयर बाजार के लिए यह हफ्ता काफी निराशाजनक रहा। इस हफ्ते सेंसेक्स में 2092 अंकों की गिरावट रही तो निफ्टी भी 567 अंक गिर गया। ...
लखनऊ के इंदिरा नगर थाना क्षेत्र में शुक्रवार-शनिवार की बीच रात करीब 2 बजे घर के अंदर छुपे हथियार बंद बदमाशों ने डकैती की घटना को अंजाम दिया। उन्होंने देर रात लॉकर तोड़ना शुरू किया। आवाज सुनकर परिवार के लोगों की नींद खुल गई। विरोध करने पर बदमाशों ने धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले में परिवार के 3 सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। बजरंग चौराहे अमराई गांव निवासी उमेश चंद्र (55) घर में ही परचून की दुकान चलाते हैं। पिछले 3 साल से पत्नी शांति देवी के साथ रह रहे हैं। 3 दिन पहले बेटी सीमा घर आई थी। शुक्रवार रात सभी सदस्य खाना खाकर सो गए। अचानक से तोड़फोड़ की आवाज आने लगी। जिसकी आवाज सुनकर बेटी सीमा की आंख खुल गई। वह देखने गई तभी बदमाशों ने उस पर हमला कर दिया। बेटी की चीख सुनकर पिता दौड़ते पहुंचे। तभी घात लगाए बैठे बदमाश ने पीछे से उनके सिर पर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ कई वार किए। जिससे वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिरे और बेहोश हो गए। पत्नी शांति देवी की भी आंख खुल चुकी थी। उन्होंने शोर मचाने की कोशिश की तभी बदमाश ने उन पर भी हमला कर दिया। वह भी गश खाकर गिर गई। करीब 10 मिनट बाद पत्नी शांति को हल्का होश आया तो वह घर से बाहर निकाल कर शोर मचाना शुरू किया। इस पर मोहल्लेवाले व आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। इसके बाद रहीम नगर में रहने वाले बेटे दीपक गुप्ता व पुलिस को सूचना दी गई। सूचना के करीब आधे घंटे बाद पुलिस पहुंची। इसके बाद घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। जहां तीनों का गंभीर हालत में इलाज चल रहा है। बेटे दीपक का कहना है घटना के बाद से सभी अस्पताल में हैं, लूट कितने की हुई इसका आकलन नहीं किया जा सका है। रोड पर घर होने के बावजूद देर से पहुंची पुलिस व्यापारी उमेश का घर बजरंग चौराहे से 100 मीटर आगे ऑन रोड है। इसके बावजूद बदमाशों ने इतनी बड़ी घटना को अंजाम दिया। वहीं पुलिस की गश्ती पर भी सवाल खड़े हुए हैं। सूचना के आधे घंटे बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची।
दतिया विधानसभा उपचुनाव के प्रचार ने अंतिम चरण में रफ्तार पकड़ ली है। भाजपा ने चुनावी अभियान को धार देने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को दतिया दौरे पर रहेंगे। वे भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के समर्थन में दो विशाल जनसभाओं को संबोधित करेंगे, पार्टी पदाधिकारियों के साथ चुनावी रणनीति पर मंथन करेंगे और व्यापारियों से भी संवाद करेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री दोपहर 2 बजे उदगुंवा और शाम 4 बजे उपरांय में जनसभाओं को संबोधित करेंगे। दोनों सभाओं में वे भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान की अपील करेंगे। इसके बाद शाम 6:30 बजे दतिया स्थित भाजपा चुनाव कार्यालय में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की बैठक लेकर चुनावी रणनीति की समीक्षा करेंगे। रात 7:45 बजे होटल मोटल में आयोजित व्यापारियों के सम्मेलन में शामिल होकर व्यापारिक वर्ग से संवाद करेंगे। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर भाजपा संगठन और प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। पार्टी का मानना है कि मुख्यमंत्री की सभाओं और बैठकों से चुनाव प्रचार को नई गति मिलेगी तथा कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ेगा।
चित्तौड़गढ़ में क्रिप्टो और फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर निवेश कराकर 10 लाख रुपए से ज्यादा की कथित ठगी का मामला सामने आया है। जिला कारागृह में तैनात एक जेल सुरक्षा कर्मी की शिकायत पर कोतवाली थाना पुलिस ने 12 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि रूस की कंपनी बताकर XPO.RU वेबसाइट में निवेश कराया गया, तय मुनाफे का भरोसा दिया गया, लेकिन बाद में न पैसा लौटा और न ही वादा पूरा हुआ। रिश्तेदार के जरिए मीटिंग में बुलाकर दिया निवेश का प्रस्ताव परिवादी रामचंद्र, जो जिला कारागृह में जेल सुरक्षा कर्मी हैं, ने रिपोर्ट में बताया कि सबसे पहले उनके रिश्तेदार मोहनलाल रेगर ने उनसे संपर्क किया। उन्हें कलेक्ट्रेट चौराहे स्थित एक होटल में बुलाया गया, जहां कुछ अन्य लोगों से मुलाकात कराई गई। आरोप है कि वहां मौजूद लोगों ने खुद को XPO.RU कंपनी से जुड़ा बताते हुए कहा कि यह रूस की बड़ी ट्रेडिंग कंपनी है, जो कई देशों में काम करती है। दावा किया गया कि कंपनी क्रिप्टो और फॉरेक्स ट्रेडिंग के जरिए हर सप्ताह 4 से 5 प्रतिशत और हर महीने 15 से 20 प्रतिशत तक मुनाफा देती है। साथ ही तय अवधि पूरी होने पर पूरी निवेश राशि सुरक्षित लौटाने का भरोसा भी दिया गया। रेफरल बोनस और व्हाट्सएप ग्रुप से बढ़ाया भरोसा शिकायत के अनुसार आरोपियों ने कहा कि जितने ज्यादा लोग कंपनी से जुड़ेंगे, उतना ज्यादा कमीशन और बोनस मिलेगा। भरोसा बढ़ाने के लिए परिवादी को व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया और लगातार मीटिंगों में बुलाकर निवेश बढ़ाने के लिए प्रेरित किया जाता रहा। रिटायर्ड पुलिस अधिकारी का नाम लेकर किया भरोसा मजबूत परिवादी ने बताया कि बाद में इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित एक मीटिंग में उनकी मुलाकात एक रिटायर्ड पुलिस अधिकारी और अन्य लोगों से कराई गई। वहां भी दावा किया गया कि कंपनी पूरी तरह सुरक्षित है, सभी सरकारी नियमों के तहत काम कर रही है और खुद उन्होंने भी इसमें लाखों रुपए निवेश कर रखे हैं तथा नियमित मुनाफा मिल रहा है। इन दावों के बाद उन्होंने अलग-अलग लोगों के बैंक खातों और फोन-पे नंबरों पर ऑनलाइन ट्रांसफर और नकद भुगतान करना शुरू किया। कई बार छोटी रकम तो कई बार लाख रुपए के करीब राशि भी जमा कराई गई। जीपीएफ से पैसे निकाले, साढ़े आठ लाख का लोन भी लिया एफआईआर के अनुसार परिवादी ने जनवरी से नवंबर 2025 के बीच अलग-अलग तारीखों में विभिन्न आरोपियों को ऑनलाइन और नकद मिलाकर कुल 10 लाख 3 हजार 737 रुपए दिए। इतनी बड़ी रकम जुटाने के लिए उन्होंने अपने जीपीएफ से पैसे निकाले और करीब 8.50 लाख रुपए का लोन भी लिया। आरोप है कि रकम जमा कराने के बाद न तो तय मुनाफा मिला और न ही मूल निवेश वापस किया गया। जब पैसा लौटाने की मांग की गई तो आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी। इसके बाद परिवादी को अपने साथ धोखाधड़ी होने का संदेह हुआ। कंपनी को सरकारी मंजूरी वाली बताकर जोड़े निवेशक शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कंपनी से जुड़े लोगों ने बार-बार भरोसा दिलाया कि XPO.RU भारत में सभी जरूरी सरकारी संस्थाओं से मान्यता प्राप्त है और निवेश पूरी तरह सुरक्षित रहेगा। इसी भरोसे पर कई लोगों ने अपनी जमा पूंजी और कर्ज लेकर भी निवेश किया। परिवादी का आरोप है कि बाद में पता चला कि कंपनी के दावों और वास्तविक स्थिति में बड़ा अंतर है। विदेशी कंपनी, अधिक मुनाफा, सुरक्षित निवेश और रेफरल बोनस का लालच देकर लगातार नए निवेशक जोड़े जाते रहे। उनका आरोप है कि पूरे नेटवर्क का मकसद ज्यादा से ज्यादा लोगों से पैसा जुटाना था। 12 लोगों के खिलाफ एफआईआर, पुलिस कर रही जांच कोतवाली थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मोहनलाल रेगर, पीरूलाल रेगर, पंकज नामदेव, शिवनारायण लाठी, कमल कुमार रेगर, आशा बैरागी, अनिल खंडेलवाल, मंगलेश शर्मा, रजत शर्मा, विजय मौर्य, सुरेंद्र सैनी और अमन वैष्णव के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस पूरे नेटवर्क की भूमिका, पैसों के लेन-देन, निवेश के दावों और अन्य संभावित पीड़ितों की जानकारी जुटा रही है। जांच के दौरान बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजैक्शन और आरोपियों के बीच हुए संपर्कों की भी पड़ताल की जाएगी।
नोएडा में शेयर बाजार में निवेश पर मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगों ने दो महिलाओं से कुल 29 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने टेलीग्राम और व्हाट्सएप के जरिए संपर्क कर फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म पर मुनाफा दिखाया और धीरे-धीरे रकम ट्रांसफर करवा ली। जब पीड़िताओं ने पैसा निकालने की कोशिश की तो उन्हें ठगी का पता चला। दोनों मामलों में शुक्रवार को रात करीब 8 बजे साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। केस-1: पार्ट टाइम जॉब के बहाने 16 लाख की ठगी ग्रेटर नोएडा वेस्ट निवासी हाउस वाइफ बुलबुल को 2 दिसंबर को टेलीग्राम पर पार्ट टाइम जॉब का ऑफर मिला। शुरुआती टास्क पूरे करने के बाद ठगों ने शेयर बाजार में निवेश कर अधिक मुनाफा कमाने का लालच दिया। विश्वास जीतने के बाद 20 दिसंबर तक अलग-अलग किस्तों में उनसे 16 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। केस-2: फर्जी ग्रुप और सेबी का नाम लेकर ठगे 13 लाख सेक्टर-168 निवासी हाउस वाइफ शाहीन को 3 दिसंबर को 34 स्पेशल ट्रेनिंग नाम के एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। ग्रुप में निवेशकों के मुनाफे के संदेश और सेबी के कथित प्रमाणपत्र साझा किए गए, जिससे प्लेटफॉर्म भरोसेमंद लगा। इसके बाद ठगों ने उनसे एक एप डाउनलोड कराकर पंजीकरण कराया और 12 दिसंबर तक 13 लाख रुपये निवेश के नाम पर ट्रांसफर करा लिए। एप पर लगातार बढ़ता हुआ पोर्टफोलियो दिखाया गया, लेकिन जब शाहीन ने रकम निकालने का प्रयास किया तो निकासी नहीं हुई। तभी उन्हें ठगी का अहसास हुआ। नोएडा में शेयर बाजार में निवेश पर मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगों ने दो महिलाओं से कुल 29 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने टेलीग्राम और व्हाट्सएप के जरिए संपर्क कर फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म पर मुनाफा दिखाया और धीरे-धीरे रकम ट्रांसफर करवा ली। जब पीड़िताओं ने पैसा निकालने की कोशिश की तो उन्हें ठगी का पता चला। दोनों मामलों में शुक्रवार को साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। केस-1: पार्ट टाइम जॉब के बहाने 16 लाख की ठगी ग्रेटर नोएडा वेस्ट निवासी गृहिणी बुलबुल को 2 दिसंबर को टेलीग्राम पर पार्ट टाइम जॉब का ऑफर मिला। शुरुआती टास्क पूरे करने के बाद ठगों ने शेयर बाजार में निवेश कर अधिक मुनाफा कमाने का लालच दिया। विश्वास जीतने के बाद 20 दिसंबर तक अलग-अलग किस्तों में उनसे 16 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। केस-2: फर्जी ग्रुप और सेबी का नाम लेकर ठगे 13 लाख सेक्टर-168 निवासी गृहिणी शाहीन को 3 दिसंबर को 34 स्पेशल ट्रेनिंग नाम के एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। ग्रुप में निवेशकों के मुनाफे के संदेश और सेबी के कथित प्रमाणपत्र साझा किए गए, जिससे प्लेटफॉर्म भरोसेमंद लगा। इसके बाद ठगों ने उनसे एक एप डाउनलोड कराकर पंजीकरण कराया और 12 दिसंबर तक 13 लाख रुपये निवेश के नाम पर ट्रांसफर करा लिए। एप पर लगातार बढ़ता हुआ पोर्टफोलियो दिखाया गया, लेकिन जब शाहीन ने रकम निकालने का प्रयास किया तो निकासी नहीं हुई। तभी उन्हें ठगी का अहसास हुआ। बैंक खातों की जांच में जुटी पुलिस डीसीपी साइबर सुरक्षा शैव्या गोयल ने बताया कि दोनों शिकायतों के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। ठगी में इस्तेमाल बैंक खातों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर निवेश न करें और न ही बिना सत्यापन के किसी खाते में पैसा भेजें। यदि साइबर ठगी का शिकार हों तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन या एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। डीसीपी साइबर सुरक्षा शैव्या गोयल ने बताया कि दोनों शिकायतों के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। ठगी में इस्तेमाल बैंक खातों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर निवेश न करें और न ही बिना सत्यापन के किसी खाते में पैसा भेजें। यदि साइबर ठगी का शिकार हों तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन या एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
बाबूजी (सराफा व्यापारी) को मारने का कोई पछतावा नहीं है। बार-बार बकाया एक लाख रुपये के लिए सबके सामने टोकता था। इससे मेरी बेइज्जती होती थी। तड़पाकर मारा, अब कभी बकाया पैसे मांगने नहीं आएगा। यह कबूलनामा 10वीं फेल हत्यारोपी प्रिंस पांडेय का है। प्रिंस सराफा व्यापारी को बाबूजी बुलाता था। पुलिस की पूछताछ में कुछ इस अंदाज में उसने अपना जवाब दिया था। पुलिस का कहना था कि पकड़े जाने के बाद भी हत्या करने का उसे जरा भी पछतावा नहीं था। प्रिंस पांडेय हाई स्कूल में फेल हो चुका है। इसके बाद से ही वह अपने पिता कंदपनारायण पांडेय के साथ कपड़े की दुकान चला रहा था। प्रिंस का छोटा भाई पढ़ाई करता है। गोरखपुर के बेलीपार थाना क्षेत्र में सराफा व्यापारी रामलाल वर्मा (70) हत्याकांड में पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों को शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया। कोर्ट ने मुख्य आरोपी प्रिंस पांडेय और अंशु दुबे को जेल भेज दिया, जबकि किशोर को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया। बोर्ड ने उसे बाल सुधार गृह भेजने का आदेश दिया है। हत्या की साजिश में किशोर को भी शामिल कियाएसपी साउथ दिनेश कुमार पुरी ने बताया कि मुख्य आरोपी प्रिंस पांडेय ने हत्या की साजिश में पहले किशोर को शामिल किया था। हालांकि वारदात से पहले किशोर ने इसमें शामिल होने से मना कर दिया था। इसके बावजूद उसे हत्या की योजना की जानकारी थी, इसलिए पुलिस ने उसे भी आरोपी बनाया है। एसपी के मुताबिक, प्रिंस और किशोर की दोस्ती पढ़ाई के समय हुई थी। उस दौरान प्रिंस ने किशोर की मारपीट में मदद की थी। इसके बाद दोनों के बीच नजदीकी बढ़ गई थी। इसी का फायदा उठाकर प्रिंस ने किशोर को अपनी योजना के बारे में बताया था। वहीं, प्रिंस के मौसेरे भाई दिव्यांश पांडेय की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। पुलिस ने उसे भी हत्या की साजिश में शामिल आरोपी बनाया है। पुलिस जांच में सामने आया कि मलांव निवासी प्रिंस पांडेय ने रामलाल वर्मा से बाइक खरीदने के लिए एक लाख रुपये उधार लिए थे। काफी समय बाद भी रुपये वापस नहीं किए गए। रामलाल लगातार रुपये लौटाने के लिए कह रहे थे, जिससे परेशान होकर प्रिंस ने साथियों के साथ मिलकर हत्या की योजना बना ली। जांच के मुताबिक, घटना वाले दिन प्रिंस रामलाल को दुकान तक छोड़ने के बहाने बाइक पर बैठाकर ले गया था। रास्ते में अंशु दुबे भी बाइक पर सवार हो गया। दोनों आरोपी उन्हें मंदिर दर्शन कराने के बहाने कनइल कसिहार बंधे के पास ले गए। अंशु ने हाथ पकड़ा, प्रिंस ने चाकू मारा पुलिस के मुताबिक, अंशु ने रामलाल का हाथ पकड़ा और प्रिंस ने चाकू से उनकी गर्दन पर कई वार कर दिए। इसके बाद शव को राप्ती नदी में फेंककर आरोपी फरार हो गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चाकू से हत्या की पुष्टि हुई है। दो डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम किया था, जिसमें गर्दन पर चाकू के गंभीर वार के निशान मिले थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त बाइक, मृतक की सोने की चेन, अंगूठी, लॉकेट, नकदी, पेन और आधार कार्ड बरामद किए हैं। राप्ती तट पर बेटे ने किया दाह संस्कारमलांव गांव स्थित राप्ती नदी के तट पर शुक्रवार को सराफा व्यापारी रामलाल वर्मा का अंतिम संस्कार किया गया। बेटे संजय वर्मा ने पिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान परिजनों, रिश्तेदारों और ग्रामीणों की भारी भीड़ मौजूद रही। नम आंखों से लोगों ने रामलाल को अंतिम विदाई दी। संजय ने कहा कि आरोपियों ने उनके पिता के विश्वास को तोड़ा है। प्रिंस का उनके घर आना-जाना था और परिवार के लोग उसे अच्छी तरह जानते थे। उन्हें भरोसा था, लेकिन उसी विश्वास का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिया गया। कारोबारी के तीन बेटे, दो ज्वेलर और एक प्रॉपर्टी डीलर रामलाल के तीन बेटे संजय वर्मा, जितेंद्र वर्मा और अजय वर्मा हैं। इनमें संजय और जितेंद्र की शादी हो चुकी है। दोनों कस्बे में ही सोने-चांदी की अलग-अलग दुकान चलाते हैं। छोटे बेटे अजय की शादी नहीं हुई है। वह प्रॉपर्टी डीलर हैं। संजय ने बताया कि उनकी बड़ी बहन बाहर रहती हैं।
व्यापारी को 35 लाख की चपत, क्रेडिट कार्ड से लोन लेने वाला नौकर गिरफ्तार
उदयपुर | सूरजपोल थाना पुलिस ने चश्मा व्यापारी के क्रेडिट कार्ड से धोखाधड़ी कर 35 लाख रुपए का गबन करने के आरोपी नौकर को गिरफ्तार किया है। कोर्ट ने आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया। सर्वऋतु विलास निवासी विजय किंगरानी ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि बापू बाजार में उनकी ऑप्टिकल वर्ल्ड नाम से दुकान है। वहां काम करने वाले चिराग वाधवा (निवासी हरियाणा हाल आरएसजी, सवीना) ने विश्वास जीतकर बैंकिंग व जी-मेल आईडी के पासवर्ड लिए। फिर बैंक खातों में अपना मोबाइल नंबर अपडेट कराकर क्रेडिट कार्ड से करीब 35 लाख का पर्सनल लोन उठा लिया। बैंक से कॉल आने पर ठगी का पता चला।
ऑनलाइन ट्रेडिंग और शेयर बाजार में मुनाफे का झांसा देकर एक डॉक्टर से 8.51 लाख रुपए की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। झुंझुनूं पुलिस ने महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले से गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधियों ने झुंझुनूं निवासी डॉ. नवीन प्रकाश बंसल को ऑनलाइन ट्रेडिंग और शेयर बाजार में निवेश पर कम समय में भारी मुनाफा दिलाने का झांसा दिया। ठगों के झांसे में आकर डॉक्टर ने अलग-अलग किस्तों में कुल 8 लाख 51 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए उनके खातों में ट्रांसफर कर दिए। काफी समय तक न तो निवेश पर कोई रिटर्न मिला और न ही आरोपियों से संपर्क हो सका। इसके बाद डॉक्टर को ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने झुंझुनूं साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। महाराष्ट्र से पकड़े गए आरोपीएसपी कावेन्द्र सिंह सागर ने बताया कि एएसपी फूलचंद मीणा के मार्गदर्शन में विशेष टीम का गठन किया गया। साइबर थानाधिकारी रामखिलाड़ी मीणा के सुपरविजन और एसआई गोपाल लाल के नेतृत्व में टीम ने कॉल डिटेल, बैंक खातों की ट्रेल और मोबाइल लोकेशन के आधार पर जांच करते हुए आरोपियों की लोकेशन महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में ट्रेस की। इसके बाद पुलिस ने वहां दबिश देकर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में मोहम्मद शेख नसीर (47) निवासी सोनारगांव, थाना जानेफल, संदीप लठाड़ (33) निवासी दुर्गबोरी, थाना डोणगांव और राहुल सुरदास मेहेत्रे (41) निवासी लोणी गवली, थाना डोणगांव, जिला बुलढाणा (महाराष्ट्र) के रूप में हुई है। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ जारी है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह ने देश के अन्य राज्यों में कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया और इसके नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
बालाघाट में बहुचर्चित 'डबल मनी' घोटाले की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) को रिमांड पर लिए गए आरोपियों के पास से ₹18.61 करोड़ की संपत्ति के दस्तावेज, ₹14.82 करोड़ के चेक और 122 जमीनों की रजिस्ट्री मिली है। एसआईटी प्रमुख और सीएसपी मयंक तिवारी ने बताया कि आरोपी प्रद्युमन कंकरायने, रामप्रसाद मंसुरे और दिनेश कंकरायने के घरों से 122 जमीनों की रजिस्ट्री (कीमत ₹18.61 करोड़) मिली हैं। इसके अलावा, ऑनलाइन निवेश से जुड़े ₹14.82 करोड़ के 617 चेक, 20 रजिस्टर, भूमि ऋण पुस्तिकाएं, पावर ऑफ अटॉर्नी, लगभग 1500 कोरे चेक, 59 बैंक इंस्टा किट, टैक्स और जीएसटी रिटर्न के दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं। निवेशकों के पैसे लौटाने की प्रक्रिया होगी शुरू एसपी आदित्य मिश्रा ने जानकारी दी कि जब्त किए गए रजिस्टरों में दर्ज सभी निवेशकों की सुनवाई की जाएगी, ताकि उन्हें उनके निवेश का पैसा वापस दिलाया जा सके। इस सुनवाई की प्रक्रिया जल्द ही पुलिस विभाग द्वारा शुरू की जाएगी। 4 साल से फरार मास्टरमाइंड समेत 8 आरोपी गिरफ्तार बता दें कि लांजी क्षेत्र में 2016-17 से चल रहे इस खेल में 6 से 9 महीने में रकम दोगुनी करने का लालच देकर मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के लोगों से करोड़ों रुपए ऐंठे गए थे। बड्स एक्ट के तहत केस दर्ज होने के बाद आरोपी जमानत पर फरार हो गए थे। पुलिस ने 20 जुलाई को 4 साल से फरार मुख्य आरोपी सोमेंद्र कंकरायने समेत उसके 7 साथियों (तामेश मंसूरे, राकेश मंसूरे, प्रदीप कंकरायने, दिनेश कंकरायने, रामप्रसाद मंसूरे, प्रद्युमन कंकरायने और रूखचंद हरदे) को गिरफ्तार किया था।
श्रीगंगानगर में ऑनलाइन ई-कॉमर्स डिलीवरी और लॉजिस्टिक्स के नाम पर फर्म बनाकर इंस्टाकार्ट कंपनी के साथ करोड़ों की ठगी करने का मामला सामने आया है। कंपनी ने दंपती पर ठगी का आरोप लगाया है। सदर थाना पुलिस ने इंस्टाकार्ट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड की शिकायत पर गुरुवार को मामला दर्ज किया है। मास्टर सर्विस एग्रीमेंट साइन किया कंपनी के मैनेजर चंद्र प्रकाश सिंह ने रिपोर्ट में बताया कि आरोपी एम.एस तंवर डेयरी फार्म के नाम से काम करते थे। उन्होंने खुद को डिलीवरी, शिपमेंट हैंडलिंग और कैश कलेक्शन का एक्सपर्ट बताया था। कंपनी ने उनके भरोसे पर 20 अगस्त 2025 को कविता तंवर के साथ मास्टर सर्विस एग्रीमेंट साइन किया था। इसके बाद लालगढ़-मित्र-एसजीएन हब पर उन्हें ट्रांसपोर्टेशन, डिलीवरी और लॉजिस्टिक्स की जिम्मेदारी सौंपी गई। कंपनी का आरोप है कि आरोपी दंपती को ग्राहकों के महंगे सामान, इन्वेंट्री और सीओडी पेमेंट सौंपी जाती थी, लेकिन उन्होंने विश्वास का फायदा उठाया। 35 लाख 96 हजार के सामान गायब दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच हब पर असामान्य गतिविधियां और लंबित शिपमेंट्स की शिकायतें बढ़ने लगी। कंपनी की एसेट प्रोटेक्शन टीम ने जब सर्च किया तो पूरा मामले का खुलासा हुआ। जिसमें कई शिपमेंट्स का कोई हिसाब-किताब नहीं मिला। आरोपी कविता ने अपने मोबाइल नंबर से फ्लिपकार्ट अकाउंट बनाकर महंगे ऑर्डर किए। रियलमी, मोटोरोला, वीवो, पोको के स्मार्टफोन, एप्पल वॉच, एप्पल चार्जर, एचपी वेबकैम समेत ढेर सारा इलेक्ट्रॉनिक सामान गायब थे। गायब शिपमेंट की कीमत 35 लाख 96 हजार 70 रुपए है। इसके अलावा सीओडी कलेक्शन की 1 लाख 5 हजार पेमेंट जमा नहीं की गई। 36 लाख 1 हजार 818 रुपए का हुआ नुकसान जब कंपनी ने आरोपी कविता से जवाब मांगा तो संतोषजनक जवाब नहीं मिला, जबकि गौरव तंवर का कुछ पता नहीं है। गड़बड़ी सामने आने के बाद दोनों आरोपी कथित तौर पर मौके से फरार हो गए। कंपनी की ओर से बार-बार संपर्क करने के बावजूद न तो सामान बरामद हुआ और न ही पैसे जमा हुए। शिकायतकर्ता चंद्र प्रकाश सिंह ने एफआईआर में आरोप लगाया है कि आरोपी दंपती ने ऑपरेशनल एक्सेस और कंपनी के विश्वास का गलत फायदा उठाया। फिलहाल सदर थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब लेन-देन की डिटेल, गायब सामान की बरामदगी और अन्य संभावित आरोपीयों की तलाश में जुटी है।
सीवान में बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान पर स्ट्रेटेजी:व्यापार को आसान, ट्रांसपेरेंट बनाने के लिए मीटिंग
सीवान में व्यापार और निवेश को अधिक सरल, पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल बनाने की दिशा में शुक्रवार को समाहरणालय सभाकक्ष में जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय की अध्यक्षता में डिस्ट्रिक्ट बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान (DBRAP)-2025 को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया और जिला स्तर पर व्यापार से जुड़ी सेवाओं को समयबद्ध, ऑनलाइन और पारदर्शी बनाने के लिए विस्तृत चर्चा की। पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन से DBRAP-2025 की रूपरेखा पेश बैठक की शुरुआत जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक विवेक कुमार ने जिलाधिकारी एवं उप विकास आयुक्त का स्वागत करते हुए की। इसके बाद उन्होंने पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से DBRAP-2025 की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT), भारत सरकार की इस पहल का उद्देश्य जिला स्तर पर व्यापार से संबंधित सभी अनुमतियों, लाइसेंसों और सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है। क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी दी यह राज्य संचालित पहल स्थानीय स्तर पर अनुपालनों को सरल बनाकर उद्यमियों के लिए 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को मजबूत करेगी। उप विकास आयुक्त ने भी प्रस्तुतीकरण के दौरान DBRAP के उद्देश्यों और इसके क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी दी। अधिकारियों की जिम्मेदारियों को भी स्पष्ट किया उन्होंने बताया कि योजना के तहत 46 सेवाओं और 154 सुधारों को लागू किया जाएगा। इसमें समयबद्ध निरीक्षण प्रणाली, संपत्तियों का डिजिटलीकरण, निवेश प्रोत्साहन और विभागीय समन्वय जैसे महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं। साथ ही जिला और राज्य स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारियों को भी स्पष्ट किया गया। समयबद्ध निष्पादन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश बैठक में जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय ने सभी विभागों को लाइसेंस और अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के समयबद्ध निष्पादन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपनी अंतिम कार्ययोजना शीघ्र जिला उद्योग केन्द्र को उपलब्ध कराएं, ताकि समेकित प्रस्ताव उद्योग विभाग को समय पर भेजा जा सके। उन्होंने विभागों के बीच बेहतर समन्वय, जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि नगर विकास, श्रम, अग्निशमन सहित विभिन्न विभागों की 46 सेवाएं स्टेट सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से पूरी तरह ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही किसी भी विभाग द्वारा किए गए निरीक्षण की रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। निवेशकों की सुविधा के लिए जिला उद्योग केन्द्र को सिंगल पॉइंट ऑफ कॉन्टैक्ट के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे जिले में निवेश और उद्योग स्थापना की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक आसान और तेज हो सकेगी।
मुजफ्फरनगर पुलिस ने नकली नोटों की डिलीवरी देकर व्यापारी को चूना लगाने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। दिल्ली में 15 लाख रुपये की नकदी पहुंचाने के नाम पर आरोपियों ने नकली नोटों की गड्डियां थमा दीं और व्यापारी से 13 लाख रुपये की असली रकम लेकर फरार हो गए। मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि नकली नोट तैयार करने वाला मास्टरमाइंड अभी फरार है। शुक्रवार अपराह्न 4 बजे एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि सिविल लाइन निवासी व्यापारी संदीप कुच्छल की दिल्ली के एक कारोबारी से लेन-देन होता है। कुछ समय पहले आरके शर्मा नाम के व्यक्ति ने व्हाट्सएप के जरिए संपर्क कर कमीशन पर नकदी सुरक्षित पहुंचाने की बात कही। शुरुआती कुछ ट्रांजैक्शन सही होने से व्यापारी को उस पर भरोसा हो गया। इसके बाद व्यापारी ने दिल्ली भेजने के लिए 15 लाख रुपये की डिलीवरी तय की। पुलिस के मुताबिक गिरोह ने असली नोटों की जगह ऊपर-नीचे 500-500 के असली नोट लगाकर बीच में कागज भर दिए और सील पैक गड्डियां दिल्ली भेज दीं। वहीं दूसरी ओर व्यापारी से 13 लाख रुपये की असली नकदी ले ली। जब डिलीवरी खुली तो पूरा फर्जीवाड़ा सामने आ गया। मामले की जांच में जुटी एसओजी और कोतवाली नगर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर राजस्थान तक आरोपियों का पीछा किया और श्रीगंगानगर निवासी ब्रह्मदेव, बीकानेर निवासी श्रीराम उर्फ सुनील तथा प्रदीप को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 13 लाख रुपये की असली नकदी और 15 लाख रुपये के 500-500 रुपये के नकली नोट बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने फर्जी पहचान बनाकर पहले भरोसा जीतने और फिर नकली नोटों की डिलीवरी देकर ठगी करने की बात स्वीकार की है। एसएसपी ने बताया कि गिरोह का मुख्य सरगना अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं। इस सफल कार्रवाई पर पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की गई है।
ग्वालियर के मुरार स्थित सदर बाजार में ठगी का एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां 'आरके ज्वैलर्स' शॉप चलाने वाले सराफा व्यापारी को अपनी बातों में फंसाकर राजस्थान के दो सगे भाइयों ने नकली सोने की 7 ताबीज और सिक्के थमा दिए। बदले में ₹10.50 लाख की नकदी समेत ₹5.50 लाख के सोने-चांदी के जेवरात लेकर फरार हो गए। जब सोना वापस चेक किया तो वह नकली निकला। ठगी का अहसास होते ही पीड़ित व्यापारी ने साथी कारोबारियों के साथ पीछा कर एक आरोपी को आकाशवाणी चौराहे पर धर दबोचा, जबकि उसका सगा भाई माल लेकर भागने में सफल रहा। शुक्रवार को आरोपी का दूसरा साथी भी पुलिस के हाथ लग गया है। पुलिस ने फरियादी की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। 'पुश्तैनी गहने हैं, कुछ कैश और जेवर दे दो सदर बाजार मुरार निवासी 41 वर्षीय सराफा कारोबारी विकास जैन पुत्र दिनेश चंद्र जैन ने मुरार थाने में लिखित शिकायत में बताया है कि उनकी सदर बाजार में आरके ज्वैलर्स' नाम से सोने-चांदी की दुकान है। 23 जुलाई 2026 की सुबह करीब 11:30 बजे उनकी दुकान पर दो व्यक्ति सुंदर भोपा और उसका सगा भाई रामलाल उर्फ चांदवीर निवासी गोवर्धन, राजस्थान आए। उन्होंने दुकान पर आकर 7 'पुश्तैनी' सोने की तबजिया (कुल वजन करीब 130 ग्राम) दिखाते हुए कहा कि 'यह हमारा खानदानी सामान है, इसे बेचकर हमें कुछ नए सोने-चांदी के जेवर लेने हैं और कुछ नकद रुपयों की जरूरत है।' ₹16 लाख में तय हुआ सौदा, झोले में भरा ₹10.50 लाख कैश व्यापारी विकास जैन ने जब सोने की तबजिया को चेक किया तो वह सोने की निकली। साथ ही वजन किया, तो बाजार दर के हिसाब से उनका कुल मूल्य 16 लाख रुपए तय हुआ। दोनों भाइयों ने इस कीमत पर सहमति जता दी। विकास जैन ने उन्हें ₹10.50 लाख रुपए नकद दिए। इसके अलावा शेष ₹5,50,000 के बदले दो चांदी की करधोनी, दो चांदी के कड़े और 20 ग्राम वजन की दो जोड़ी सोने की झुमकियां दे दीं। दोनों आरोपी सारा सामान और कैश समेटकर दुकान से तुरंत निकल गए। जांच में निकला नकली सोना, आकाशवाणी चौराहे पर पकड़ाया आरोपी आरोपियों के जाने के तुरंत बाद जब विकास जैन ने उनके द्वारा दी गई तबजिया को कसौटी और तेजाब से गहराई से चेक किया, तो वे पूरी तरह से नकली (आर्टिफिशियल) निकलीं। ठगी का अहसास होते ही व्यापारी विकास जैन के होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत अपने आसपास के सराफा व्यापारियों को इसकी सूचना दी और आरोपियों की तलाश में दौड़े। पीछा करते हुए जब वे आकाशवाणी चौराहे पहुंचे, तो वहां आरोपी सुंदर दिख गया, जबकि उसका भाई रामलाल नकद और असली जेवर लेकर भीड़ का फायदा उठाकर भाग चुका था। विकास जैन और उनके साथियों ने भाग रहे सुंदर को दबोच लिया। इस दौरान मौके पर जमा हुई आक्रोशित भीड़ की धक्का-मुक्की में आरोपी सुंदर के शरीर और गाल पर हल्की चोटें भी आईं। आरोपियों से पूछताछ जारी व्यापारी और उनके साथी आरोपी सुंदर और उसके द्वारा दी गई नकली सोने की तबजिया को लेकर सीधे मुरार थाने पहुंचे थे। जिसके बाद मुरार थाना पुलिस ने फरियादी विकास जैन की लिखित शिकायत पर आरोपी सुंदर भोपा और उसके भाई रामलाल उर्फ चांदवीर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया। पुलिस पकड़े गए आरोपी सुंदर से पूछताछ कर रही है।
सब्जी मंडी चर्च के सामने स्थित पुराने भवन में पिछले 50-60 वर्षों से व्यापार कर रहे दुकानदारों और किरायेदारों ने नगर निगम की ओर से भवन ध्वस्त करने के आदेश और बेदखली की आशंका को लेकर कड़ा विरोध जताया है। शुक्रवार को व्यापारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने नगर निगम आयुक्त ओम प्रकाश मेहरा को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपने के दौरान आयुक्त के समक्ष अपनी बात रखते हुए व्यापारियों ने कहा कि भवन में करीब 10 दुकानें संचालित हैं, जिनसे लगभग 50 परिवारों और दर्जनों कर्मचारियों का पालन-पोषण जुड़ा हुआ है। व्यापारियों का आरोप है कि मकान मालिक और निगम की मिलीभगत से, जर्जर भवन का बहाना बनाकर उन्हें बेदखल करने की कोशिश की जा रही है। इमारत पूरी तरह जर्जर नहीं व्यापारी जयदेव सुखेजा ने बताया कि कई व्यापारी वर्ष 1960 यानी पिछले 60 वर्षों से कैलाश चंद अग्रवाल की इमारत में किराएदार हैं। व्यापारियों की अपील है कि यह इमारत पूरी तरह जर्जर नहीं है। यदि इसके ऊपरी हिस्से में कोई तकनीकी खराबी है या मरम्मत की जरूरत है, तो केवल उसी हिस्से को ठीक कराया जाना चाहिए, न कि पूरी दुकान को ध्वस्त कर उन्हें बेदखल किया जाए।रोजी-रोटी पर संकट और निगम आयुक्त का आश्वासनव्यापारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से उनकी रोजी-रोटी और परिवारों का भविष्य दांव पर लग जाएगा। जयदेव सुखेजा ने कहा कि दशकों से व्यापार कर रहे लोगों की आजीविका छीनना किसी भी तरह से न्यायसंगत नहीं है। नगर निगम को मकान मालिक का 'टूल' बनकर दुकानदारों के पेट पर लात नहीं मारनी चाहिए। हालांकि, व्यापारियों ने बताया कि निगम आयुक्त से उनकी सकारात्मक वार्ता हुई है और उन्होंने आश्वस्त किया है कि किसी भी व्यापारी का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। ज्ञापन में मुख्य रूप से रखी गई मांगें पूरे भवन को ढहाने के बजाय केवल ऊपरी हिस्से की आवश्यक मरम्मत की अनुमति दी जाए। स्वतंत्र विशेषज्ञों से भवन का निरीक्षण कराया गया है, जिसमें ग्राउंड की दुकानें पूरी तरह सुरक्षित पाई गई हैं। ऐसे में मरम्मत कार्य करवाया जाए और व्यापारियों के सामान और व्यवसाय की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। व्यापारियों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन संवेदनशीलता दिखाते हुए जनहित और न्यायसंगत तरीके से समस्या का समाधान निकालेगा।
वैश्विक व्यापार युद्ध भड़का! ट्रंप ने इजरायल-EU समेत 60 देशों पर लगाया नया टैरिफ, भारत भी लपेटे में
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बड़े फैसले ने पूरी दुनिया के व्यापारिक गलियारों में भूचाल ला दिया है। ट्रंप प्रशासन ने भारत, यूरोपीय संघ (EU), इजरायल और न्यूजीलैंड समेत दुनिया के 60 प्रमुख व्यापारिक साझेदार देशों से आने वाले सामानों पर 10% से लेकर 12.5% तक का भारी-भरकम नया टैरिफ (आयात शुल्क) लगाने का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। शुक्रवार से लागू हुए इस ऐतिहासिक और सख्त फैसले के बाद वैश्विक बाजारों में हाहाकार मच गया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ट्रंप ने अपने सबसे करीबी रणनीतिक मित्र इजरायल को भी इस आर्थिक कार्रवाई से बाहर नहीं रखा है, जिसके बाद वैश्विक स्तर पर एक नया ट्रेड वॉर छिड़ने की आशंका गहरा गई है।जबरन मजदूरी (Forced Labor) का गंभीर आरोप और ट्रेड एक्ट की धारा 301वाशिंगटन से जारी आधिकारिक आदेश के मुताबिक, अमेरिका ने इन 60 देशों पर आरोप लगाया है कि वे अपने यहां जबरन मजदूरी (Forced Labor) से बनने वाले सामानों के आयात और व्यापार पर प्रभावी प्रतिबंध लगाने में पूरी तरह नाकाम रहे हैं। अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) ने ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 301 (Section 301) के तहत यह सख्त कार्रवाई की है, जो अमेरिकी वाणिज्य को प्रभावित करने वाली अनुचित व्यापार नीतियों के खिलाफ राष्ट्रपति को ऐसे कड़े कदम उठाने का विशेषाधिकार देती है। यह नई दरें उस अस्थायी वैश्विक टैरिफ की जगह लेंगी जो हाल ही में समाप्त हुआ है।इजरायल से लेकर न्यूजीलैंड तक मचा बवाल, किस देश पर कितना लगा टैक्सअमेरिकी प्रशासन ने इन 60 देशों को उनकी मौजूदा नीतियों के आधार पर दो अलग-अलग स्लैब में बांटा है।10% का टैरिफ स्लैब: इस श्रेणी में भारत, यूरोपीय संघ (EU), ब्रिटेन, कनाडा, मैक्सिको और पाकिस्तान समेत 17 देशों को रखा गया है। इन देशों को थोड़ी राहत इसलिए मिली क्योंकि इन्होंने जबरन मजदूरी रोकने के लिए कुछ आंशिक कानून या प्रतिबद्धताएं दिखाई हैं।12.5% का टैरिफ स्लैब: चीन, इजरायल, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्राजील जैसे बाकी 43 से अधिक देशों पर 12.5% का सीधा अतिरिक्त आयात शुल्क थोप दिया गया है।इस फैसले से अमेरिकी बाजारों में आने वाले कुल आयात का करीब 99.4% हिस्सा सीधे प्रभावित होने जा रहा है, जिसने वैश्विक सप्लाई चेन की कमर तोड़ दी है।भारतीय निर्यातकों को तगड़ा झटका, कच्चे तेल और गैस को मिली राहतइस फैसले से भारत के कपड़ा, हस्तशिल्प, इंजीनियरिंग सामान और कृषि आधारित निर्यात क्षेत्रों को सीधी चोट पहुंचने की आशंका है, क्योंकि अमेरिका भारतीय उत्पादों के लिए सबसे बड़े बाजारों में से एक है। हालांकि, ट्रंप प्रशासन ने रणनीतिक चतुराई दिखाते हुए कुछ चुनिंदा जरूरी सामानों जैसे कच्चा तेल (Crude Oil), प्राकृतिक गैस (Natural Gas), चुनिंदा उर्वरक (Fertilizers) और आवश्यक कृषि उत्पादों को इस टैरिफ के दायरे से बाहर (Exempted) रखा है ताकि अमेरिकी घरेलू बाजार में महंगाई बेलगाम न हो जाए।वैश्विक प्रतिक्रिया: सहयोगियों ने अमेरिकी कदम को किया खारिजयूरोपीय संघ (EU) और न्यूजीलैंड समेत कई प्रमुख अमेरिकी सहयोगियों ने वाशिंगटन के इस फैसले पर सख्त नाराजगी जाहिर की है। व्यापार विशेषज्ञों और मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि जबरन मजदूरी की समस्या वैश्विक है और अमेरिका खुद भी इससे पूरी तरह अछूता नहीं है, ऐसे में केवल व्यापारिक वॉल्यूम के आधार पर मित्र देशों को निशाना बनाना अनुचित और जवाबी आर्थिक कार्रवाइयों को न्यौता देने जैसा है।
इंदौर में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे पुलिस कमिश्नर के विशेष अभियान के तहत लसूड़िया पुलिस ने गुरुवार को एमडी ड्रग की तस्करी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, क्राइम ब्रांच ने 18.75 लाख रुपए की धोखाधड़ी के मामले में एक रियल एस्टेट कंपनी की महिला डायरेक्टर को भी गिरफ्तार किया है। एमडी ड्रग के साथ दो पेडलर गिरफ्तार एडीशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए लसूड़िया पुलिस ने जफर निवासी ग्रीन पार्क कॉलोनी और जाहिद निवासी प्रतापगढ़ को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों के कब्जे से 50 ग्राम से अधिक एमडी ड्रग बरामद की गई है। पुलिस के अनुसार जफर लंबे समय से इलाके में एमडी ड्रग की सप्लाई और पेडलिंग का काम कर रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ा। पूछताछ में उसने राजस्थान से जाहिद के जरिए नशा मंगाने की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने जाल बिछाकर जाहिद को भी गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नशा किस नेटवर्क के माध्यम से इंदौर लाया जा रहा था और इसे किन-किन लोगों तक पहुंचाया जाता था। 18.75 लाख की धोखाधड़ी में महिला डायरेक्टर गिरफ्तार इधर, क्राइम ब्रांच के एडीशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि रियलिटी यूनाइटेड प्राइवेट इंफ्रा लिमिटेड की डायरेक्टर अनीता गहलोत को धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, अनीता गहलोत ने फरियादी विनिता डांगी को सस्ते दाम में प्लॉट दिलाने का झांसा दिया। ऑर्चिड पार्क कॉलोनी में शासन के पास विकास अनुमति के लिए बंधक प्लॉट J-16 का विक्रय अनुबंध तैयार कर उनसे 18 लाख 75 हजार रुपए ले लिए। बाद में प्लॉट का कब्जा और वैध हस्तांतरण नहीं किया गया। इस मामले में पहले ही एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच के बाद क्राइम ब्रांच ने अनीता गहलोत को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है और मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
महिला थाना पुलिस ने देह व्यापार के मामले में सात साल से फरार चल रहे 10 हजार रुपये के इनामी आरोपी संजू को उत्तर प्रदेश के मथुरा से गिरफ्तार किया है। आरोपी साधु का वेश धारण कर आश्रमों के आसपास रह रहा था। पुलिस की विशेष टीम ने गुरुवार रात दबिश देकर उसे पकड़ा। शुक्रवार को उसे ग्वालियर लाकर अदालत में पेश किया जाएगा। 2019 में दर्ज हुआ था मामला मामला वर्ष 2019 का है। महिला थाना पुलिस ने एक लापता युवती को बरामद किया था। काउंसलिंग के दौरान युवती ने आरोप लगाया था कि उसकी मां उसे जबरन संजू के पास भेजती थी। आरोपी उसके साथ दुष्कर्म करता था और उसे अन्य लोगों के पास भी भेजता था। इसके बाद पीड़िता को वन स्टॉप सेंटर भेजा गया और संजू व उसकी मां के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया। एफआईआर के बाद फरार हो गया एफआईआर दर्ज होने के बाद संजू फरार हो गया। पुलिस से बचने के लिए उसने मथुरा में साधु का वेश धारण कर लिया और वहीं रहने लगा। लंबे समय तक गिरफ्तारी नहीं होने पर ग्वालियर पुलिस ने उस पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। मुखबिर की सूचना पर दबिश हाल ही में पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी मथुरा में साधु के वेश में रह रहा है। सूचना मिलते ही महिला थाना पुलिस की टीम वहां पहुंची और गुरुवार रात उसे गिरफ्तार कर लिया। फरारी में मदद करने वालों की भी जांच पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ कर उसकी फरारी में मदद करने वालों और मामले से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी। इसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अफ्रीकी संघ (एयू) ने यमन के हूती समूह की ओर से लाल सागर में कमर्शियल तेल टैंकरों पर किए गए हमलों की कड़ी निंदा की
पंजाब पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ), जालंधर रेंज ने नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने एक नशा तस्कर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 1 किलो 536 ग्राम हेरोइन और एक हीरो डेस्टिनी स्कूटी बरामद की है। एएनटीएफ जालंधर रेंज की एआईजी वत्सला गुप्ता (आईपीएस) ने बताया कि यह कार्रवाई एएनटीएफ पंजाब के एडीजीपी निलाभ किशोर (आईपीएस) और डीएसपी बिक्रमजीत सिंह के दिशा-निर्देशों के तहत की गई। इसी अभियान के तहत 23 जुलाई को एएनटीएफ टीम ने अमृतसर बाईपास पर इंडिया गेट से आगे बिजली ग्रिड के सामने खाली जगह पर नाकाबंदी की। इस दौरान टीम ने आरोपी अमनदीप शर्मा उर्फ डॉन को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी अमनदीप शर्मा उर्फ डॉन पुत्र राजिंदर कुमार, निवासी गली नंबर 9, आजाद नगर छेहरटा, जिला अमृतसर का रहने वाला है। उसकी स्कूटी (नंबर PB-02-FG-4276) से हेरोइन बरामद होने के बाद एएसआई मनजीत सिंह की ओर से थाना एएनटीएफ, एसएएस नगर (मोहाली) में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है। आरोपी के नशा नेटवर्क की जांच में जुटी एंटी नारकोटिक्स टीम प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह 10वीं पास है और कपड़ों का कारोबार करता है। पुलिस के अनुसार, जल्दी अमीर बनने और महंगे शौक पूरे करने के लालच में वह हेरोइन तस्करी के धंधे में शामिल हो गया। एंटी नारकोटिक्स टीम अब आरोपी से आगे की पूछताछ कर रही है, ताकि नशा सप्लाई के पूरे नेटवर्क और शामिल अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
नोएडा में साइबर अपराधियों ने निवेश और फर्जी डिस्ट्रीब्यूटरशिप का झांसा देकर दो लोगों से करीब 36 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने वॉट्सऐप ग्रुप, सोशल मीडिया और ईमेल के जरिए संपर्क कर पीड़ितों का भरोसा जीता। रकम जमा कराने के बाद आरोपियों ने संपर्क तोड़ दिया। दोनों मामलों में साइबर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। केस-1: वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़कर निवेश कराया, 19.90 लाख की ठगी सेक्टर-12 निवासी मानस रंजन नायक ने पुलिस को बताया कि जुलाई 2025 में उन्हें एमओएफएसएल प्राइवेट इनसाइट हब नाम के वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ा गया। ग्रुप में ब्लॉक ट्रेडिंग के जरिए शेयर बाजार में अधिक मुनाफा दिलाने का दावा किया गया। इसके बाद उनका एक वेबसाइट पर निवेश खाता खुलवाया गया। ठगों ने भरोसा दिलाने के बाद 8 अगस्त से 28 अगस्त 2025 के बीच उनसे अलग-अलग किस्तों में 19.90 लाख रुपये जमा करा लिए। निवेश के बदले उनके खाते में बड़ी मात्रा में शेयर दिखाए गए, लेकिन जब उन्होंने शेयर बेचने की कोशिश की तो इसकी अनुमति नहीं मिली। ठगी का अहसास होने पर उन्होंने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर शिकायत दर्ज कराई। केस-2: कैंपा कोला की डिस्ट्रीब्यूटरशिप दिलाने के नाम पर 16 लाख ठगे ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क निवासी अमित कुमार ने पुलिस को बताया कि पिछले साल नवंबर में उन्हें ईमेल के जरिए कैंपा कोला की डिस्ट्रीब्यूटरशिप दिलाने का प्रस्ताव मिला। कारोबार शुरू कराने और डीलरशिप देने के नाम पर आरोपियों ने उनसे अलग-अलग चरणों में करीब 16 लाख रुपये जमा करा लिए। रकम मिलने के बाद आरोपियों ने संपर्क बंद कर दिया और न तो कोई डिस्ट्रीब्यूटरशिप दी और न ही पैसे लौटाए। पुलिस कर रही जांच दोनों मामलों में साइबर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल लेनदेन की जानकारी जुटाकर आरोपियों की पहचान करने में लगी है।
खेत के नीचे करोड़ों का खजाना दबा है..., अदृश्य शक्तियां बलि मांग रही हैं..., “एक आखिरी पूजा के बाद धन बरसने लगेगा...”। ऐसे झूठे दावे आज भी लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। गड़े धन का मिथक, तंत्र-मंत्र और रातो-रात अमीर बनने की चाह कई बार लोगों को ठगी से लेकर हत्या और नरबलि जैसे जघन्य अपराध तक पहुंचा रही है। मध्य प्रदेश में हाल के दिनों में सामने आए मामलों ने दिखाया है कि खजाने का सपना किस तरह लोगों की सोच पर हावी हो रहा है। कहीं लाखों रुपए की ठगी हुई तो कहीं तांत्रिक के बहकावे में पिता ने अपनी बेटी की ही हत्या कर दी। आखिर गड़े धन का यह मिथक कितना सच है और लोग इसके पीछे इतने अंधे क्यों हो जाते हैं? पढ़िए रिपोर्ट चार मामले, जिन्होंने चौंका दिया भोपाल: गड़े धन के लालच में बेटी की हत्याभोपाल के सूखी सेवनिया क्षेत्र में 14 जुलाई 2026 को पुलिस ने चैन सिंह को अपनी 17 वर्षीय बेटी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, एक तांत्रिक ने उसे भरोसा दिलाया था कि उसके खेत में सोने-चांदी का खजाना दबा है। वो खजाने को निकाल सकता है। 2 अप्रैल की रात अनुष्ठान के दौरान तांत्रिक ने दावा किया कि लड़की के शरीर में बाबा आ गया है। उसे नहीं मारा गया तो पूरा परिवार खत्म हो जाएगा। अंधविश्वास में डूबे पिता ने बेटी के सिर पर डंडा मारकर। फिर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। शव को खेत में दफना दिया। 3 अप्रैल को मां ने बेटी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। 7 मई को खेत की जुताई के दौरान उसका कंकाल मिला। जांच के बाद 14 जुलाई को पिता और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि तांत्रिक की तलाश जारी है। रायसेन: खजाना बलि मांग रहा है कहकर व्यापारी की हत्यारायसेन के गैरतगंज में गड़े धन की तलाश एक व्यापारी की जान ले गई। पुलिस के अनुसार, कथित तांत्रिक प्रहलाद साहू ने विजय जैन को विश्वास दिलाया कि परासिया नदी किनारे करोड़ों का खजाना दबा है और विशेष अनुष्ठान से उसे निकाला जा सकता है। 7 जुलाई को पूजा के दौरान तांत्रिक ने अचानक कहा- धरती गर्म है... दफीना बलि मांग रहा है। इसके बाद कुल्हाड़ी से विजय जैन की हत्या कर शव को रेत में दबा दिया गया। 13 जुलाई को शव का एक पैर बाहर दिखाई दिया, जिसके बाद मामला खुला। कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। बालाघाट: गड़े धन के लिए घर में घुसे, महिला पर हमलाबालाघाट के किरनापुर में 12 जुलाई को 11 लोग रात में एक घर में घुस गए। एक कथित तांत्रिक ने दावा किया था कि महिला लीलाबाई महेश्वरे के घर में बिस्तर के नीचे गड़ा धन है। महिला की नींद खुल गई तो पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने उसके चेहरे पर चाकू से कई वार कर दिए। खजाना नहीं मिला, इसलिए वे घर का सामान लूटकर भाग गए। पुलिस ने 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि वे गड़े धन के लालच में घर में घुसे थे। हालांकि उनके हाथ कुछ नहीं लगा। मंदसौर: नोटों की बारिश का झांसा देकर 12 लाख ठगेमंदसौर में 20 जुलाई 2026 को पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया। उन पर आरोप था कि उन्होंने किसान गोपाल धाकड़ से गड़ा धन निकालने और नोटों की बारिश कराने का झांसा देकर करीब 12 लाख रुपए ठग लिए। आरोपी तंत्र-मंत्र और पूजा-पाठ के नाम पर अलग-अलग किस्तों में रकम लेते रहे। भूत-प्रेत का डर दिखाया और नरबलि का झूठा नाटक भी रचा। एक बार जंगल में पूजा के बाद नोटों की एक पोटली देकर घर भेजा, लेकिन उसमें केवल 20-20 रुपए के नोटों की गड्डियां निकलीं। तब पीड़ित को ठगी का पता चला और उसने पुलिस में शिकायत की। मध्य प्रदेश ऐसे अंधविश्वास में सबसे आगेनेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के अनुसार, वर्ष 2024 में देशभर में टोना-टोटका (विचक्राफ्ट) से जुड़ी 54 हत्याएं दर्ज हुईं। इनमें अकेले मध्य प्रदेश में 17 मामले सामने आए, जो देश में सबसे अधिक हैं। दूसरे स्थान पर छत्तीसगढ़ रहा, जहां ऐसे 10 मामले दर्ज किए गए। शास्त्रों में तंत्र-मंत्र से अमीर बनने का कोई प्रमाण नहींदैनिक भास्कर ने इस विषय पर ज्योतिष और तंत्र साधना के जानकार डॉ. शिवओम दुबे शास्त्री से बात की। उनके अनुसार, प्राचीन समय में युद्ध या आक्रमण के दौरान लोग अपना धन जमीन में गाड़ देते थे, ताकि युद्ध या आक्रमण खत्म होने के बाद उसे निकाल सकें। समय के साथ यह लोक मान्यता बन गई कि ऐसे खजानों की रक्षा अदृश्य शक्तियां, नाग या आत्माएं करती हैं और विशेष तांत्रिक क्रियाओं से ही उन्हें प्राप्त किया जा सकता है। हालांकि, वे स्पष्ट कहते हैं कि शास्त्रों में गड़ा धन निकालने, नोटों की बारिश कराने या तंत्र-मंत्र से अचानक अमीर बनने का कोई प्रमाण नहीं मिलता। कुछ लोग लालच और अज्ञानता का फायदा उठाकर इसे ठगी का जरिया बना लेते हैं। ऐसे चलता है ये ठगी का पूरा खेलआज सोशल मीडिया पर गड़े धन और तांत्रिक क्रियाओं से जुड़े सैकड़ों भ्रामक वीडियो मौजूद हैं। इन्हें देखकर लोग प्रभावित होते हैं और कथित तांत्रिकों के संपर्क में पहुंच जाते हैं। इसके बाद शुरू होता है ठगी और शोषण का सिलसिला।
गोरखपुर के बेलीपार में सराफा व्यापारी रामलाल वर्मा (70) की हत्या कर फेंकी गई लाश बुधवार शाम राप्ती नदी में मिली थी। इस मामले में गुरुवार की देर रात पुलिस ने एक किशोर समेत 3 आरोपियों को पकड़कर हत्या की घटना का 24 घंटे के अंदर पर्दाफाश कर दिया। सीसीटीवी कैमरे की मदद से आरोपियों की पहचान हो पाई है। घटना में शामिल मुख्य आरोपी 10वीं में पढ़ता है। पुलिस के अनुसार, मलांव निवासी मुख्य आरोपी प्रिंस पांडेय ने सराफा व्यापारी से एक लाख रुपये उधार लिए थे। प्रिंस ने रुपये वापस मांगने से परेशान होकर ममेरे भाई के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त बाइक, लूटी गई सोने की चेन, अंगूठी, लॉकेट, 6,595 रुपये नकद, मृतक का पेन और आधार कार्ड बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने रामलाल को दुकान तक छोड़ने के बहाने बाइक पर बैठाया और सुनसान स्थान पर ले जाकर उनकी हत्या कर दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चाकू से हत्या की पुष्टि हुई है। दो डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम किया, जिसमें गर्दन के बाईं ओर चाकू के छह गंभीर वार के निशान मिले। गुरुवार देर शाम सराफा व्यापारी का शव एंबुलेंस से गांव लाया गया। रामलाल के तीन बेटे संजय वर्मा, जितेंद्र वर्मा और अजय वर्मा हैं। इसमे संजय और जितेंद्र की शादी हो चुकी है। दोनों कस्बे में ही सोने-चांदी की अलग-अलग दुकान चलाते हैं। छोटे बेटे अजय की शादी नहीं हुई है। वह प्रापर्टी डीलर है। संजय की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। इस घटना के बाद घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल है। संजय ने बताया कि उनकी बड़ी बहन बाहर रहती हैं। वह शुक्रवार सुबह आ जाएंगी। इसके बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा। मलांव में सोने चांदी की दुकान चलाते थे रामलालबांसगांव क्षेत्र के धस्का भटास निवासी रामलाल वर्मा की कटरा मलांव में सोने-चांदी की दुकान थी। बुधवार सुबह वह रोज की तरह घर से दुकान के लिए निकले थे। कौड़ीराम से ऑटो द्वारा कसिहार ऑटो स्टैंड पहुंचने पर वहां पहले से मौजूद प्रिंस पांडेय ने उन्हें दुकान तक छोड़ने की बात कहकर अपनी बाइक पर बैठा लिया। कुछ दूरी पर पहुंचने के बाद उसका ममेरा भाई अंशु दुबे, निवासी बुधनापार (सिकरीगंज), भी बाइक पर बैठ गया। दोनों आरोपी रामलाल को मंदिर दर्शन कराने के बहाने कनइल कसिहार बंधे के पास स्थित मंदिर ले गए। वहां अंशु ने पीछे से उनका हाथ पकड़ लिया, जबकि प्रिंस ने गर्दन पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए। इसके बाद आरोपियों ने उन्हें घसीटकर नदी किनारे पहुंचाया और राप्ती नदी में फेंककर फरार हो गए। पुलिस के अनुसार, इस साजिश में रूदाइन (मझगांव) निवासी एक 15 वर्षीय किशोर और प्रिंस का मौसेरा भाई दिव्यांश पांडेय भी शामिल था। पुलिस ने किशोर समेत तीन आरोपियों को हिरासत में ले लिया है, जबकि दिव्यांश की तलाश में दबिश दी जा रही है। एसपी साउथ दिनेश कुमार पुरी का कहना है कि पहचान छिपाने के उद्देश्य से आरोपी मृतक के पैन और आधार कार्ड भी अपने साथ ले गए थे। दस्तावेजों में उनकी पत्नी मेवाती देवी का पैन कार्ड भी शामिल था। सराफा व्यापारी ने एक लाख रुपये उधार दिए थेजांच में सामने आया कि क्षेत्र में रामलाल वर्मा को लोग ''बाबूजी'' के नाम से जानते थे। प्रिंस से उनका पुराना परिचय था। वह अक्सर रामलाल को बाइक से दुकान तक छोड़ता और घर भी पहुंचाता था, इसलिए परिवार के लोग भी उसे पहचानते थे। पुलिस के अनुसार, रामलाल ने कुछ समय पहले प्रिंस को बाइक खरीदने के लिए 1 लाख रुपये उधार दिए थे। काफी समय बीतने के बाद भी रुपये वापस नहीं मिलने पर वह लगातार तगादा कर रहे थे। इसी से परेशान होकर प्रिंस ने अपने साथियों के साथ हत्या की योजना बनाई। शव उतराता देखकर ग्रामीणों ने दी पुलिस को सूचनाबुधवार देर शाम कनइल कसिहार बंधे के पास राप्ती नदी में चरवाहों ने शव उतराता देखा और पुलिस को सूचना दी। फॉरेंसिक टीम के साथ पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया। घटनास्थल से खून के निशान, शराब की बोतलें, पानी की बोतल और मृतक की चप्पल बरामद हुई थी। मृतक के पुत्र संजय वर्मा की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। संजय ने बताया था कि उनके पिता गले में सोने की चेन और हाथ में सोने की अंगूठी पहनते थे। दुकान से घर आते-जाते समय उनके पास सोने-चांदी के आभूषण और नकदी भी रहती थी, जो घटना के बाद गायब थी। इसी आधार पर उन्होंने लूट के बाद हत्या की आशंका जताई थी। सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों तक पहुंची पुलिसहत्याकांड के खुलासे के लिए एसपी साउथ दिनेश पुरी ने बेलीपार पुलिस और एसओजी टीम को लगाया था। जांच के दौरान कौड़ीराम से कसिहार तक लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। फुटेज में बुधवार सुबह करीब 10:40 बजे रामलाल दो युवकों के साथ बाइक पर जाते दिखाई दिए। वह बाइक पर बीच में बैठे थे। इसी आधार पर पुलिस ने संदिग्धों की पहचान कर दबिश दी और तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में प्रिंस पांडेय और अंशु दुबे शामिल हैं। प्रिंस एक निजी कॉलेज में कक्षा 10 का छात्र है, जबकि अंशु कक्षा 9 में पढ़ता है। दोनों पढ़ाई के साथ कपड़े की दुकान पर भी काम करते हैं। चौथे आरोपी की तलाश जारी है। हत्या के विरोध में बंद रहा बाजारसराफा व्यापारी की हत्या के विरोध में गुरुवार को मलांव चौराहे का बाजार बंद रहा। व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने रामलाल वर्मा को श्रद्धांजलि अर्पित कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस दौरान ओम प्रकाश गुप्ता, मनोज मोदनवाल, सर्वेश पांडेय, रामअजोर तिवारी, सदानंद मौर्य, रणधीर यादव, अब्दुल रशीद, लव कुमार, भोलू शुक्ला, फिरोज, सोनाक्षी गुप्ता, मनीता गौर, सौदागर, अभय गौड़, हरिनाथ कसौधन समेत बड़ी संख्या में व्यापारी और स्थानीय लोग मौजूद रहे। इस संबंध में एसपी साउथ दिनेश पुरी ने बताया- सीसीटीवी फुटेज, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और पूछताछ के आधार पर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। एक अन्य आरोपी की पहचान हुई है, जिसकी तलाश जारी है। जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
गोरखपुर में 10वीं के छात्र ने 70 साल के सराफा कारोबारी की हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक, 19 साल छात्र ने कारोबारी से एक लाख रुपए उधार लिए थे। रुपए न लौटाने पड़ें, इसलिए उसने लिफ्ट देने के बहाने कारोबारी को बाइक पर बैठाया। फिर भगवान राम के दर्शन कराने के बहाने सुनसान जगह ले गया। प्लान के मुताबिक, आरोपी छात्र के दो दोस्त वहां पहले से मौजूद थे। आरोपियों ने कारोबारी की गर्दन पर चाकू से 6 बार वार किए। फिर दोनों हाथ पकड़कर उन्हें करीब 500 मीटर तक घसीटा और राप्ती नदी में फेंककर फरार हो गए। ग्रामीणों ने शव को उतराता देखा तो पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने CCTV फुटेज खंगाले तो छात्र कारोबारी को बाइक पर बैठाकर ले जाता दिखा। गुरुवार रात 10 बजे पुलिस ने आरोपी छात्र प्रिंस, उसके ममेरे भाई अंशू (18) और एक किशोर को गिरफ्तार कर लिया। एक आरोपी अभी फरार है। लिफ्ट देकर बाइक पर बैठाया, फिर गर्दन पर चाकू मारे एसपी साउथ दिनेश पुरी ने बताया कि बांसगांव क्षेत्र के धस्का भटास के रहने वाले रामलाल वर्मा की कटरा मलांव में सोने-चांदी की दुकान थी। आरोपी प्रिंस से उनका पुराना परिचय था। वह अक्सर रामलाल को बाइक से दुकान तक छोड़ता और घर भी पहुंचाता था, इसलिए परिवार के लोग भी उसे पहचानते थे। बुधवार सुबह 9 बजे रामलाल रोज की तरह घर से दुकान के लिए निकले थे। सुबह 10 बजे वह कसिहार ऑटो स्टैंड पहुंचे। यहां आरोपी छात्र पहले से घात लगाकर बैठा था। उसने कारोबारी से कहा कि वह उनकी दुकान की तरफ जा रहा है, इसलिए उन्हें छोड़ देगा। कारोबारी राजी हो गए और बाइक पर बैठ गए। रास्ते में कुछ दूरी पर आरोपी का ममेरा भाई अंशू (18) मिला। प्रिंस ने उसे भी बाइक पर बैठा लिया। इसके बाद दोनों आरोपी कारोबारी को भगवान राम के दर्शन कराने के बहाने कनइल कसिहार बांध के पास स्थित मंदिर ले गए। यहां उन्हें एक किशोर और छात्र का मौसेरा भाई दिव्यांश पांडेय मिला। मंदिर के पास पहुंचने पर अंशू ने कारोबारी के दोनों हाथ पीछे से पकड़ लिए। छात्र ने जेब से चाकू निकाला और कारोबारी की गर्दन पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। कारोबारी लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े। थोड़ी देर में उनकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपी शव को नदी में फेंककर बाइक से फरार हो गए। 100 CCTV कैमरे खंगाले, आरोपी बाइक से ले जाते दिखे पुलिस ने बताया कि शाम करीब 5 बजे ग्रामीणों ने नदी में शव उतराता देखा और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकलवाया। घटनास्थल से खून के निशान, शराब की बोतलें, पानी की बोतल और मृतक की चप्पल मिली। शिनाख्त होने के बाद दो डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमॉर्टम किया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में चाकू से हत्या की पुष्टि हुई। कारोबारी के बेटे संजय वर्मा ने लूट के बाद हत्या की आशंका जताते हुए शिकायत दी। इसके आधार पर पुलिस ने बुधवार शाम ही अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। संजय ने पुलिस को बताया कि उनके पिता गले में सोने की चेन और हाथ में सोने की अंगूठी पहनते थे। दुकान से घर आते-जाते समय उनके पास सोने-चांदी के आभूषण और नकदी भी रहती थी, जो गायब थी। इसी आधार पर उन्होंने लूट के बाद हत्या की आशंका जताई थी। इसके बाद घटना के खुलासे के लिए पुलिस और एसओजी टीम को लगाया गया। पुलिस ने कौड़ीराम से कसिहार तक लगे 100 CCTV कैमरे खंगाले। फुटेज में बुधवार सुबह 10:40 बजे रामलाल दो युवकों के साथ बाइक पर जाते दिखाई दिए। वह बाइक पर बीच में बैठे थे। इसी आधार पर पुलिस ने गुरुवार शाम संदिग्धों की पहचान कर दबिश दी और तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी अंशू कक्षा 9 में पढ़ता है। अंशू और प्रिंस पढ़ाई के साथ कपड़े की दुकान पर भी काम करते हैं। अब पुलिस प्रिंस के मौसेरे भाई दिव्यांश पांडेय की तलाश में दबिश दे रही है। कारोबारी के तीन बेटे, दो ज्वेलर और एक प्रॉपर्टी डीलर रामलाल के तीन बेटे संजय वर्मा, जितेंद्र वर्मा और अजय वर्मा हैं। इनमें संजय और जितेंद्र की शादी हो चुकी है। दोनों कस्बे में ही सोने-चांदी की अलग-अलग दुकान चलाते हैं। छोटे बेटे अजय की शादी नहीं हुई है। वह प्रॉपर्टी डीलर हैं। संजय ने बताया कि उनकी बड़ी बहन बाहर रहती हैं। ………………..ये खबर भी पढ़िए- पति को सांप डसवाने वाली को करैत कहां से मिला:मेरठ के सपेरे बोले- इतने खतरनाक सांप को नहीं पकड़ सकते; हम यह काम नहीं करते मेरठ में पति अतुल को करैत सांप से डसवाकर हत्या करने वाली दामिनी प्रेमी तुषार के साथ फिलहाल जिला जेल में बंद है। दामिनी-तुषार ने जिस करैत सांप से अतुल की हत्या की, उसका नाम सुनकर तो सपेरे भी घबरा गए। सपेरों की बस्ती में रहने वालों ने कहा कि इतना जहरीला सांप तो सपेरे भी नहीं पकड़ते। जिसने भी यह सांप दिया है, उसने नशे में सांप पकड़कर दिया होगा। या फिर कोई बहुत हिम्मतवाला होगा। करैत सांप इतना जहरीला है कि 100 में से एक-दो सपेरे ही इसे पकड़ने की हिम्मत जुटा पाएंगे। पढ़ें पूरी खबर
जांजगीर-चांपा जिले में शेयर मार्केट में निवेश कर रकम दोगुनी करने का लालच देकर एक व्यापारी से 2 करोड़ 4 लाख 97 हजार 502 रुपये की ठगी करने वाले फरार पति-पत्नी को चांपा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी लंबे समय से फरार थे। पुलिस ने नया रायपुर से उन्हें पकड़कर लैपटॉप, टैबलेट, मोबाइल फोन और चेकबुक जब्त किए हैं। पुलिस के अनुसार, चांपा निवासी बैटरी व्यापारी हेमदत्त केशरवानी ने 24 मई को थाना चांपा में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनकी पहचान मारुति विहार कॉलोनी निवासी हरिशंकर गुप्ता और उनकी पत्नी रेखा गुप्ता से थी। हरिशंकर ने खुद को यूनियन बैंक चांपा का कर्मचारी बताया और शेयर ट्रेडिंग में निवेश करने पर रकम दोगुनी होने का भरोसा दिलाया। 2 करोड़ से ज्यादा निवेश कराया आरोपियों के झांसे में आकर व्यापारी ने बैंक से लोन लेकर तथा अन्य लोगों के माध्यम से चेक और आरटीजीएस के जरिए 2.04 करोड़ रुपये से अधिक उनके खातों में जमा करा दिए। बाद में आरोपियों ने केवल 39 लाख 99 हजार 400 रुपये लौटाए और बाकी रकम देने में टालमटोल करते हुए फरार हो गए। तकनीकी जांच से नया रायपुर में मिले मामला दर्ज होने के बाद चांपा पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपियों की लोकेशन नया रायपुर में ट्रेस की। पुलिस टीम ने दबिश देकर हरिशंकर गुप्ता (43) और रेखा गुप्ता (42) को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों ने ठगी की बात स्वीकार कर ली। इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और चेकबुक जब्त पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लैपटॉप, टैबलेट, मोबाइल फोन और चेकबुक जब्त किए हैं। दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) एवं 3(5) के तहत कार्रवाई कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
गुना शहर से खिलौना व्यापारी के बेटे के अपहरण के सनसनीखेज मामले में गुना कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर अपहृत युवक को सकुशल मुक्त करा लिया। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना में इस्तेमाल अर्टिगा कार जब्त की गई है। जानकारी के अनुसार महालक्ष्मीनगर निवासी वीर सिंह रजक ने 21 जुलाई को कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उनका 24 वर्षीय बेटा नीतेश रजक खिलौनों का व्यापार करता है। वह राजस्थान के धौलपुर की एक फैक्ट्री से माल लाता था। उसका पैसों का लेनदेन धौलपुर निवासी शिवम शर्मा से चलता था। 20 जुलाई की रात शिवम शर्मा ने नीतेश को उधारी चुकता करने के लिए जयस्तंभ चौराहे पर बुलाया। वहां शिवम और उसके साथी ने नीतेश को जबरन कार में बैठाया और अपहरण कर ले गए। फरियादी की रिपोर्ट पर पुलिस ने बीएनएस की धारा 140(3) के तहत मामला दर्ज किया। एसपी ने गठित की विशेष टीम, 12 घंटे में सफलताअपहरण की गंभीरता को देखते हुए एसपी हितिका वासल ने तुरंत विशेष टीम का गठन किया। कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक राजकुमार शर्मा के नेतृत्व में टीम ने सर्चिंग शुरू की। पुलिस ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया। सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने 21 जुलाई की रात ही नीतेश को सकुशल मुक्त करा लिया। दो आरोपी गिरफ्तार, कार जब्तपुलिस ने मौके से दोनों आरोपियों को दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों में शिवम शर्मा (28) निवासी धौलपुर राजस्थान और यशवंत सिंह दांगी (35) निवासी गंजबासौदा जिला विदिशा शामिल हैं। आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल अर्टिगा कार एमपी 07 सीजे 6951 जब्त की गई है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी राजकुमार शर्मा, ASI हरिचरण मीना, प्रधान आरक्षक दिलीप सेन, आरक्षक अजय सिकरवार और हाकिम सिंह की मुख्य भूमिका रही।
बेमेतरा शहर की एकमात्र चौपाटी गुरुवार को पूरी तरह बंद रही। चौपाटी के सभी दुकानदारों और संचालकों ने मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला लगाकर एक दिवसीय विरोध प्रदर्शन किया। पावभाजी, मोमोज, गुपचुप, आइसक्रीम समेत अन्य फूड स्टॉल संचालकों ने बढ़ती गुंडागर्दी, शराबखोरी और असामाजिक गतिविधियों के विरोध में अपनी दुकानें बंद रखीं। दुकानदारों का आरोप है कि पिछले कुछ समय से चौपाटी परिसर में लगातार मारपीट, गाली-गलौज, चाकूबाजी और शराब पीकर उत्पात मचाने की घटनाएं हो रही हैं। इससे परिवार और महिलाओं ने चौपाटी आना लगभग बंद कर दिया है, जिसका सीधा असर व्यापार पर पड़ रहा है। शराबखोरी और सट्टे की गतिविधियों का भी आरोप व्यापारियों का कहना है कि कुछ असामाजिक तत्व चौपाटी के आसपास शराब पीकर हंगामा करते हैं। साथ ही सट्टा जैसी अवैध गतिविधियां भी संचालित होने की शिकायत है। इन घटनाओं से चौपाटी का माहौल खराब हो गया है और दुकानदारों की रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है। कार्रवाई नहीं हुई तो होगा उग्र आंदोलन विरोध प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों ने कहा कि यदि शिकायत के बाद भी पुलिस प्रशासन ने सख्त कार्रवाई नहीं की, तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि चौपाटी को सुरक्षित बनाना और असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। पुलिस सुरक्षा बढ़ाने की मांग दुकानदारों ने प्रशासन से चौपाटी में नियमित पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। उनका कहना है कि असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होने पर ही परिवार और महिलाएं दोबारा चौपाटी आएंगे और व्यापार सामान्य हो सकेगा।
बिलासपुर में दो महीने तक लिव-इन रिलेशनशिप में रखने के बाद एक व्यावसायी युवक ने युवती से शादी करने से इनकार कर दिया। परेशान युवती जब दुष्कर्म का केस दर्ज कराने थाने पहुंची, तब पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। बाद में एसएसपी के निर्देश पर व्यवसायी के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज किया गया। घटना सरकंडा थाना क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार, 23 वर्षीय युवती की जनवरी 2026 में सिंधी कॉलोनी निवासी व्यवसायी पवन मतलानी से पहचान हुई। फिर दोनों आपस में बातचीत करने लगे और उनके बीच दोस्ती हो गई। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। युवती का आरोप है कि व्यवसायी ने शादी का वादा कर उसे अपने घर ले जाकर करीब दो महीने तक साथ रखा। फिर बाद में उसे वापस घर भेज दिया। शादी का वादा कर किया दुष्कर्म, अब छोड़ा साथ युवती का आरोप है कि, युवक ने उसके साथ शादी करने का झांसा देकर दुष्कर्म किया। इस दौरान लगातार उसने व्यवसायी युवक से शादी करने की बात कही। लेकिन, वह हर बार टालमटोल करता रहा। बाद में उसने शादी से साफ इंकार कर दिया और उससे दूरी बनाने लगा। पुलिस ने नहीं की कार्रवाई, एसएसपी के निर्देश पर FIR इसके बाद युवती ने सरकंडा थाने में शिकायत दर्ज कराई। लेकिन, पुलिस ने शिकायत लेकर कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे परेशान होकर युवती एसएसपी ऑफिस पहुंच गई। उनके निर्देश पर सरकंडा पुलिस ने व्यवसायी के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज किया है। जहर खाने से अस्पताल में भर्ती था युवक पुलिस के अनुसार, आरोपी व्यवसायी ने कुछ दिन पहले जहरीला पदार्थ सेवन कर लिया था, जिसके बाद उसे शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद युवती ने उससे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उसने दूरी बना ली। पुलिस का कहना है कि मामला दर्ज होने की जानकारी मिलते ही आरोपी घर छोड़कर फरार हो गया है। उसकी तलाश की जा रही है।
मध्य प्रदेश में बने उत्पाद नई दिल्ली में बिकेंगे। अगले महीने होने वाले भारतीय व्यापार महोत्सव-2026 में एमपी के हस्तशिल्प, एमएसएमई, जनजातीय उत्पादों को भी मंच मिलेगा। यह आयोजन कैट यानी, कान्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स करेगा। इसे लेकर गुरुवार को एक प्रतिनिधिमंडल ने अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई से भी मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष सुनील अग्रवाल, सुनील जैन, संदीप गोधा, जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र शर्मा मौजूद थे। इस दौरान बैठक भी हुई। इसमें जिलाध्यक्ष शर्मा ने बताया कि भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, इंडियन ट्रेड प्रमोशन ऑर्गेनाइजेशन (ITPO) और कैट के संयुक्त तत्वावधान में 12 से 15 अगस्त तक भारत मंडपम, नई दिल्ली में भारतीय व्यापार महोत्सव 2026 होगा। यह भारत का पहला एवं सबसे बड़ा स्वदेशी व्यापार महोत्सव होगा। जिसमें देशभर के उद्योग, व्यापार, एमएसएमईएस, स्टार्टअप, जीआई उत्पाद, हस्तशिल्प एवं निवेश के व्यापक अवसर उपलब्ध होंगे। एमपी को मिले बेहतर मंचअध्यक्ष शर्मा ने बताया कि इस महोत्सव में मध्य प्रदेश सरकार भी अपने चार से पांच स्टॉल लगाएगी। ताकि, प्रदेश के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा और सशक्त मंच प्राप्त हो सके। अपर मुख्य सचिव मंडलोई ने शासन की सहभागिता पर सकारात्मक आश्वासन दिया और राज्य के विभिन्न विभागों के माध्यम से महोत्सव में प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने पर सहमति व्यक्त की। आगामी चरण में महोत्सव की आयोजन समिति द्वारा विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिए जाने पर भी सकारात्मक सहमति जताई गई।
अमेरिका-ईरान तनाव से कच्चा तेल 98 डॉलर पार:कतर से LNG सप्लाई भी अटकने की आशंका; महंगाई बढ़ सकती है
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड आज 23 जुलाई को 4% बढ़कर 98 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। यह पिछले 6 हफ्तों में सबसे ज्यादा है। वहीं अमेरिकी क्रूड भी 89 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से भारत में महंगाई बढ़ सकती है। कच्चे तेल के महंगे होने से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के फ्यूल मार्जिन पर दबाव बढ रहा है। अगर लंबे समय तक क्रूड महंगा बना रहता है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ सकती है। लाल सागर में तेल टैंकरों पर हमला, हूतियों ने नाकेबंदी का ऐलान किया तेल की कीमतों में अचानक आए इस उछाल की बड़ी वजह पश्चिम एशिया का बिगड़ता माहौल है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के साथ अब यह विवाद फारसी खाड़ी के अन्य हिस्सों में भी फैल गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब के तेल टैंकरों पर हमला कर दिया है। यह हमला हुती ग्रुप की ओर से बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर नाकेबंदी की घोषणा करने के ठीक एक दिन बाद हुआ है, जिससे ग्लोबल ऑयल सप्लाई चेन पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है। तेल कंपनियों के शेयर 2.5% तक टूटे कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का सीधा असर भारत की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) पर पड़ा है… भारत अपनी जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल आयात करता है। क्रूड महंगा होने से देश का आयात बिल बढ़ता है, जिससे महंगाई बढ़ने और कंपनियों के मार्जिन पर असर पड़ने की आशंका रहती है। अक्टूबर तक LNG सप्लाई अटकने के आसार ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, कतर एनर्जी मिड-अक्टूबर तक लिक्विफाइड नेचुरल गैस यानी LNG के शिपमेंट पर 'फोर्स मैज्योर' को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है। कतर ने जून में ही एशिया और यूरोप के कुछ ग्राहकों को सूचित किया था कि अगस्त और सितंबर के कार्गो रद्द रहेंगे। अगर यह पाबंदी अक्टूबर तक खिंचती है, तो सर्दियां शुरू होने से पहले गैस का ग्लोबल संकट और गहरा सकता है, क्योंकि यूरोप और एशियाई देश सीमित LNG सप्लाई के लिए आपस में प्रतिस्पर्धा करेंगे। सेंसेक्स 364 और निफ्टी 127 अंक गिरी कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से भारतीय शेयर बाजार पर बिकवाली का भारी दबाव बन गया है। 23 जुलाई को सेंसेक्स 364 अंक की गिरावट के साथ 76,391 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 127 अंक की गिरावट रही, ये 23,870 पर बंद हुआ। रियल्टी, एनर्जी और बैंकिंग शेयर्स में ज्यादा बिकवाली रही। मई में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े थे मई में IOC, BPCL और HPCL ने महंगे अंतरराष्ट्रीय क्रूड कीमतों का हवाला देते हुए किस्तों में पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में ₹7.50-₹7.50 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। देश के 1 लाख से ज्यादा पेट्रोल पंपों में से 90% से अधिक पर इन तीनों सरकारी कंपनियों का नियंत्रण है। आगे क्या? पश्चिम एशिया में अगर यह गतिरोध लंबा खींचता है, तो कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल का आंकड़ा पार कर सकती हैं। इससे आने वाले दिनों में भारतीय शेयर बाजार, खासकर बैंकिंग, ऑटो और पेंट कंपनियों के शेयरों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। --------------------------- ये खबर भी पढ़ें… सोना ₹274 बढ़कर ₹1.46 लाख पर पहुंचा: 4 दिन में ₹4,398 महंगा हो चुका, चांदी आज ₹360 चढ़कर ₹2.26 लाख पर पहुंची सोने-चांदी की कीमतों में आज यानी 23 जुलाई को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी 360 रुपए बढ़कर 2.26 लाख रुपए पर पहुंच गई है। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 274 रुपए चढ़कर 1.46 लाख रुपए पर पहुंच गया है। 4 दिन में सोना 4,398 रुपए और 10,346 रुपए चांदी महंगी हो चुकी है। पूरी खबर पढ़ें…
बलौदाबाजार के कसडोल थाना क्षेत्र में बुधवार देर रात यातायात पुलिस की चेकिंग को लेकर विवाद हो गया। व्यापारियों ने विधायक संदीप साहू से शिकायत की कि पुलिस बाजार के दिन वाहन जांच के नाम पर ग्रामीणों को परेशान करती है और अवैध वसूली करती है। व्यापारियों ने बताया कि कसडोल में 4-5 जगह चेकिंग पॉइंट लगाए गए हैं। बाजार के दिन गांव से आने वाले लोगों को बार-बार रोका जाता है। इससे ग्रामीण बाजार आने से बच रहे हैं, जिसका असर स्थानीय व्यापार पर पड़ रहा है। व्यापारियों की शिकायत मिलने के बाद विधायक संदीप साहू अपने समर्थकों और व्यापारियों के साथ देर रात कसडोल थाना पहुंचे। उन्होंने थाना परिसर में धरना शुरू कर दिया और पुलिस पर जांच के नाम पर लोगों से वसूली करने का आरोप लगाया। थाना गेट पर नारेबाजी, एक घंटे तक जाम धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। करीब एक घंटे तक थाना गेट के सामने जाम जैसी स्थिति बनी रही, जिससे आसपास का यातायात प्रभावित हुआ। अधिकारियों ने दिया जांच का भरोसा मामले की जानकारी मिलने पर एसडीओपी के.के. वासनिक और थाना प्रभारी प्रवीण मिंज मौके पर पहुंचे। उन्होंने विधायक से चर्चा कर पूरे मामले की जांच और उचित कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद धरना खत्म कर दिया गया। पुलिस को एक सप्ताह का अल्टीमेटम धरना समाप्त करने के बाद विधायक ने पुलिस को एक सप्ताह का समय दिया। उन्होंने कहा कि अगर स्थिति नहीं बदली तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। 'चेकिंग का नहीं, गलत तरीके का विरोध' विधायक संदीप साहू ने कहा कि उन्हें पुलिस की चेकिंग से कोई आपत्ति नहीं है। कार्रवाई शराब पीकर वाहन चलाने वालों, स्कूल समय में बच्चों को परेशान करने वाले बाइकर्स और हाईवे पर नियम तोड़ने वालों के खिलाफ होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि बाजार आने वाले ग्रामीणों को बेवजह परेशान करना और कथित अवैध वसूली तुरंत बंद की जाए।
मध्य पूर्व में तनाव से भारतीय शेयर बाजार में गिरावट
मुंबई, भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गुरुवार को लाल निशान में हुई। सुबह 9:21 पर सेंसेक्स 208 अंक या 0.27 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 76,553 और निफ्टी 51 अंक या 0.22 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,941 पर था।
एआई, ई-कॉमर्स और फैशन डिजाइनिंग का दबदबा, बीकॉम की मांग भी बरकरार
भास्कर न्यूज | जालंधर शहर के कॉलेजों में नए शैक्षणिक सत्र के लिए दाखिले की प्रक्रिया जोरों पर है। इस बार एडमिशन ट्रेंड में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। छात्र केवल पारंपरिक डिग्री तक सीमित न रहकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डाटा साइंस, ई-कॉमर्स और स्किल-बेस्ड कोर्सों को पहली प्राथमिकता दे रहे हैं। कई संस्थानों में बढ़ती मांग के कारण सीटें बढ़ानी पड़ी हैं, तो कहीं 80 से 90 प्रतिशत सीटें फुल हो चुकी हैं। हालांकि, बैंकिंग और फाइनेंस क्षेत्र में करियर के बेहतरीन विकल्पों के चलते बीकॉम की मांग भी मजबूती से टिकी हुई है। कंपनियों में अब सिर्फ थ्योरी की जगह प्रैक्टिकल नॉलेज और डिजिटल स्किल्स की मांग बढ़ गई है। डिजिटल मार्केटिंग, डाटा एनालिटिक्स और एआई जैसे कोर्स करने के बाद छात्रों को शुरुआती स्तर पर बेहतर जॉब प्रोफाइल मिल रहे हैं। ई-कॉमर्स और टेक्नोलॉजी का दायरा हर क्षेत्र में फैलने से युवाओं का रुझान इन आधुनिक विषयों की तरफ तेजी से बढ़ा है। आयुषी, एडमिशन काउंसलर जीएनडीयू कॉलेज (लाडोवाली रोड): इंटीग्रेटेड एमबीए (5 वर्षीय): 120 में से 60 सीटें फुल। बीकॉम: 250 में से 50% से ज्यादा दाखिले पूरे। बी-वॉक (ई-कॉमर्सऔर डिजिटल मार्केटिंग): भारी मांग के कारण सीटें 30 से बढ़ाकर 60 की गईं, जिनमें से 55 भर चुकी हैं। दोआबा कॉलेज बीसीए विद एआई: 90% सीटें फुल। बीटीएचएम (होटल मैनेजमेंट): 90% दाखिले पूर्ण। बीकॉम रेगुलर: लगभग 80% सीटें भर चुकी हैं। एसडी कॉलेज फॉर वुमेन: बी-वॉक कॉस्मेटॉलोजी और बीएससी फैशन डिजाइनिंग: 30-30 की क्षमता वाली दोनों सीटें 100% हाउसफुल। बीकॉम व बीकॉम फाइनेंशियल सर्विसेज: रोजाना 5 से 6 नए एडमिशन। निजी कॉलेज: एमबीए, एमसीए, बीबीए (एयरलाइंस और एयरपोर्ट मैनेजमेंट), बीएससी लैब टेक्नोलॉजी और बी-वॉक एआई में रोजाना 2 से 3 दाखिले जारी। नए तकनीकी कोर्सों की होड़ के बावजूद बीकॉम की मांग घटने के बजाय मजबूती से बनी हुई है। इसका मुख्य कारण यह है कि बीकॉम छात्रों को करियर के बहुमुखी रास्ते प्रदान करता है। यह डिग्री चार्टर्ड अकाउंटेंसी, कंपनी सेक्रेटरी और सीएमए जैसे प्रतिष्ठित कोर्सों के लिए मजबूत नींव तैयार करती है। इसके अलावा, बीकॉम के बाद बैंकिंग, अकाउंटिंग और कॉरपोरेट फाइनेंस के क्षेत्रों में सीधे रोजगार के अवसर मिलते हैं। साथ ही, एमबीए करने और विभिन्न सरकारी नौकरियों की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी भरोसेमंद विकल्प माना जाता है। छात्रों का नजरिया अब पूरी तरह बदल चुका है। वे अब केवल कागज की डिग्री हासिल करने के बजाय ऐसे व्यावहारिक कोर्स चुन रहे हैं जो उन्हें बाजार की तेजी से बदलती जरूरतों के हिसाब से पूरी तरह तैयार कर सकें। आज के प्रतिस्पर्धी दौर में इंडस्ट्री भी बड़ी तेजी से बदली है। अब कंपनियों में केवल सैद्धांतिक (थ्योरी) ज्ञान के बजाय तकनीकी और प्रैक्टिकल स्किल्स रखने वाले कुशल उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जा रही है। एआई , डाटा एनालिटिक्स, ई-कॉमर्स और डिजिटल मार्केटिंग का इस्तेमाल आज छोटे-बड़े हर सेक्टर में अनिवार्य रूप से हो रहा है। यही वजह है कि युवाओं के बीच पारंपरिक पढ़ाई की तुलना में जॉब-ओरिएंटेड और स्किल-बेस्ड कोर्स पहली पसंद बन रहे हैं, ताकि वे सीधे रोजगार के अवसरों से जुड़ सकें।
3.25 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने की कवायद तेज
राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के तहत जिले में हुए निवेश प्रस्तावों को गति देने के लिए जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल ने बुधवार को समीक्षा बैठक ली। जिला उद्योग केंद्र के अनुसार जिले में 1035 एमओयू के जरिए 3.25 लाख करोड़ रुपए से अधिक निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 65,208 करोड़ रुपए के 212 एमओयू की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं की औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं, उनके निवेशकों से व्यक्तिगत संपर्क कर काम शुरू कराया जाए। एनओसी और अन्य प्रशासनिक कारणों से लंबित मामलों के लिए तय समय सीमा में कार्रवाई करने तथा निष्प्रभावी प्रस्तावों को नियमानुसार निरस्त करने के निर्देश भी दिए।
घर से निकले व्यापारी का शव तालकटोरा में मिला
नाहरगढ़ थाना क्षेत्र में घर छोड़कर निकले एक कैटरिंग व्यापारी का शव बुधवार सुबह तालकटोरा में मिलने से सनसनी फैल गई। सूचना पर पुलिस और सिविल डिफेंस की टीम मौके पर पहुंची तथा शव को बाहर निकालकर एसएमएस अस्पताल पहुंचाया। मृतक की पहचान गणगौरी बाजार निवासी मनमोहन शर्मा (62) के रूप में हुई। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। हेड कांस्टेबल राजकृष्ण ने बताया कि मनमोहन शर्मा कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े थे। 19 जुलाई की रात उन्होंने बेटे का जन्मदिन मनाया था। घर पर सहस्रघट का आयोजन किया गया था, जिसमें परिजन और रिश्तेदार शामिल हुए। रात करीब 12 बजे केक काटने के बाद सभी सो गए। अगले दिन सुबह मनमोहन घर पर नहीं मिले। बाद में दोपहर में परिजनों से उनका संपर्क हुआ तो पता चला कि वे दिल्ली में हैं। परिजन उन्हें लेकर 21 जुलाई तड़के करीब 3:15 बजे जयपुर लौटे, लेकिन करीब आधे घंटे बाद ही वह बिना बताए फिर घर से निकल गए। परिजनों ने नाहरगढ़ थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिनमें वह मंगलवार शाम तक तालकटोरा क्षेत्र में जाते दिखाई दिए। बुधवार सुबह लोगों ने तालकटोरा में शव तैरता देखा और पुलिस को सूचना दी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पुलिस ने व्यापारियों के साथ किया संवाद
जयपुर | मुरलीपुरा थाना क्षेत्र में राजधानी कृषि उपज मंडी कुकरखेड़ा में जनसहभागिता कार्यक्रम हुआ। पुलिस ने व्यापारियों से संवाद किया और सुझावों और सामंजस्य पर चर्चा की। पुलिस उपायुक्त प्रशांत किरण ने कहा कि अभियान का उद्देश्य कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करना और अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है। एसीपी शिवकुमार भारद्वाज ने बताया कि व्यापारियों के साथ नियमित बैठकें कर समस्याओं का समाधान किया जा रहा।
व्यापार मंडल ने जीएसटी विभाग के अधिकारियों को समस्याएं बताईं
भास्कर न्यूज | अमृतसर पंजाब प्रदेश व्यापार मंडल की जिला इकाई के प्रधान सुरिंदर दुग्गल की अगुवाई में एक शिष्टमंडल ने जीएसटी विभाग की सहायक राजस्व अधिकारी राजविंदर कौर, एटीसी प्रगति सेठी, एटीसी महेश गुप्ता और एटीसी मधुसूदन के साथ अहम बैठक की। बैठक में व्यापार मंडल के राज्य अध्यक्ष प्यारे लाल सेठ, महासचिव समीर जैन और वरिष्ठ उपाध्यक्ष रंजन अग्रवाल भी विशेष रूप से मौजूद रहे। व्यापारी नेताओं ने कहा कि व्यापारी वर्ग प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और राजस्व में 24 प्रतिशत की रिकॉर्ड वृद्धि इसका सबूत है। विभाग द्वारा सर्वे के नाम पर दफ्तरों में बेवजह रेड कर व्यापारियों में भय का माहौल बनाया जा रहा है। उन्होंने मांग रखी कि डोर-टू-डोर सर्वे और निरीक्षण केवल ठोस व प्रामाणिक सूचना के आधार पर ही किया जाए और कार्रवाई का स्पष्ट व लिखित कारण बताया जाए। व्यापारियों ने जीएसटी रिफंड में हो रही देरी को तुरंत दूर करने, चेकिंग के समय स्थानीय एसोसिएशन के प्रतिनिधि को साथ रखने, अधिकारियों द्वारा व्यापार-अनुकूल व्यवहार करने और जीएसटी भवन में पूर्व में वादा किए गए व्यापारी विजिटर रूम को जल्द स्थापित करने की मांग उठाई। जीएसटी अधिकारियों ने व्यापार मंडल की सभी मांगों को गंभीरता से सुनते हुए प्रक्रिया को पारदर्शी व व्यापार-अनुकूल बनाने का आश्वासन दिया। इस मौके पर राकेश ठुकराल, रामिंदर सोढ़ी, रणजीत सिंह नागपाल, हरविंदर अरोड़ा, गिन्नी भाटिया, अश्विनी शर्मा, ओपी बुलानी, विपन वाधवा, गुरदीप सिंह, अमित कोहली आदि उपस्थित थे।
बालोतरा में पिछले 55 दिनों से बंद पड़े कपड़ा उद्योग को फिर से शुरू कराने की मांग को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सीईटीपी ट्रस्ट के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मुलाकात की। रोजगार पर संकट की बात की प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को उद्योग बंद रहने से उत्पन्न आर्थिक संकट, श्रमिकों के रोजगार पर पड़े प्रभाव और व्यापारियों और उद्योग से जुड़े हजारों परिवारों की समस्याओं के बारे में बताया। उन्होंने इसे जल्द से जल्द शुरू करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया। सीएम ने दिया कार्रवाई का आश्वासन मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और संबंधित विषय पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। उद्योग जगत अब सरकार के आगामी निर्णय का इंतजार कर रहा है, जिससे हजारों श्रमिकों और कारोबारियों को राहत मिल सके। इस दौरान भाजपा किसान मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री कैलाश चौधरी, पचपदरा विधायक अरुण चौधरी, सिवाना विधायक हमीर सिंह भायल, तथा सीईटीपी ट्रस्ट की ओर से महेंद्र श्रीश्रीमाल, सिद्धार्थ माहेश्वरी और संजय छाजेड़ सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
अजमेर जिले के किशनगढ़ में 4 बदमाशों ने मार्बल व्यापारी पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। स्कॉर्पियो में आए बदमाशों ने गोदाम में बैठे व्यापारी के सिर पर लाठी मारी। व्यापारी ने भी हिम्मत दिखाते हुए बदमाशों का सामना किया। इसके बाद अकेले पड़े व्यापारी को बदमाशों ने घेर कर पीटा। गोदाम में नीचे गिरा कर ताबड़तोड़ लाठियां मारीं। मामला गांधीनगर थाना इलाके स्थित मार्बल एरिया का बुधवार सुबह 8 बजकर 20 मिनट का है। घटना गोदाम में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई। अब देखिए तस्वीरों में पूरी घटना… पीड़ित व्यापारी ने दी रिपोर्ट SHO अनिल शर्मा ने बताया- मार्बल व्यापारी गोवर्धन ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट की रिपोर्ट दी है। सीसीटीवी के आधार पर बदमाशों की पहचान कर तलाश की जा रही है। भाई के साथ गोदाम पर बैठा था पीड़ित मार्बल व्यापारी गोवर्धन ने बताया- बुधवार की सुबह 8 बजे वह अपने मार्बल गोदाम पर भाई के साथ बातचीत कर रहे थे। इस दौरान सुबह 8 बजकर 20 मिनट पर एक स्कॉर्पियो गोदाम के बाहर आकर रूकी। जिसमें से चार युवक नीचे उतरे और गेट में घुसते ही डंडे से चार बार ताबड़तोड़ हमला किया। इसके बाद बदमाश गोदाम के अंदर घुस आए और जमीन पर पटककर उसके साथ मारपीट की। घटना के बाद बदमाश मौके से भाग निकले। सिर और हाथ पर आई चोट पुलिस ने बताया- हमले में गंभीर रूप से घायल व्यापारी को फौरन किशनगढ़ के राजकीय अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे अस्पताल में भर्ती कर लिया। व्यापारी के सिर और हाथ में चोट आई हैं। बदमाशों की तलाश में जुटी पुलिस थाना अधिकारी अनिल शर्मा ने बताया-पीड़ित की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर लिया है। सीसीटीवी के आधार पर बदमाशों की शिनाख्त की जा रही है। जल्द आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। … यह खबर भी पढ़े जयपुर में बिजनेसमैन की पत्नी से दिनदहाड़े लूट; VIDEO:चाकू दिखाकर धमकाया, फिर चेन छीन ले गया बदमाश; मंदिर जा रही थी महिला जयपुर में दिन-दहाड़े बिजनेसमैन की पत्नी से लूट का मामला सामने आया है। बदमाश चाकू दिखाकर बिजनेसमैन की पत्नी से चेन छीन ले गया। (पढ़ें पूरी खबर)
लखनऊ में बुधवार को अपर जिलाधिकारी (नगर) की अध्यक्षता में जिला स्तरीय उद्योग बंधु समिति की बैठक हुई। बैठक में निवेश मित्र पोर्टल पर विभिन्न विभागों में लंबित 70 मामलों पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को जल्द निस्तारण के निर्देश दिए गए। बैठक में अमौसी-नादरगंज और सरोजनीनगर औद्योगिक क्षेत्रों में जलभराव, यूटिलिटी डक्ट, सड़क चौड़ीकरण और ड्रेनेज जैसी समस्याओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को इन कार्यों में तेजी लाने और उद्योगों से जुड़े लंबित मामलों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। एलडीए समेत कई विभागों में 70 मामले तय समय से ज्यादा लंबित बैठक में निवेश मित्र पोर्टल की समीक्षा के दौरान सामने आया कि एलडीए, आवास विकास, फिल्म बंधु, चिकित्सा, कृषि, विद्युत, आबकारी, खाद्य, यूपीसीडा और अन्य विभागों के 70 मामले तय समय सीमा के बाद भी लंबित हैं। पर जिलाधिकारी (नगर) ने सभी विभागों को हर सप्ताह समीक्षा कर इन मामलों का समयबद्ध निस्तारण करने और उसकी प्रगति पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निवेश से जुड़े किसी भी प्रकरण को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाए। 24 करोड़ की यूटिलिटी डक्ट परियोजना पर आगे बढ़ेगा काम अमौसी-नादरगंज औद्योगिक क्षेत्र में रोड नंबर-1 और 4 पर अंडरग्राउंड बिजली केबल शिफ्ट कर यूटिलिटी डक्ट बनाने की योजना की भी समीक्षा की गई। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 24.09 करोड़ रुपए है। यूपीसीडा ने बताया कि प्रस्ताव सैद्धांतिक मंजूरी के लिए मुख्यालय भेजा जा चुका है। बैठक में यह भी तय हुआ कि यूपीपीसीएल और यूपीसीडा की संयुक्त तकनीकी टीम एंड-टू-एंड केबल ट्रेंच की फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करेगी, ताकि आगे की कार्रवाई जल्द शुरू हो सके। NHAI के एलिवेटेड रोड से बिगड़ी जल निकासी, सीएंडडीएस तैयार करेगा प्लान सरोजनीनगर औद्योगिक क्षेत्र में एनएचएआई के निर्माणाधीन एलिवेटेड रोड की वजह से जल निकासी प्रभावित होने का मुद्दा भी बैठक में उठा। अधिकारियों ने बताया कि नगर निगम, सिंचाई विभाग, जलकल, एलडीए, यूपीसीडा, एनएचएआई और सीएंडडीएस के अधिकारियों ने संयुक्त निरीक्षण कर लिया है। अब सीएंडडीएस विस्तृत कार्ययोजना तैयार करेगा, जिसके आधार पर स्थायी समाधान की दिशा में काम शुरू होगा। व हीं अमौसी औद्योगिक क्षेत्र में जलभराव दूर करने के लिए 700 मीटर नाले के निर्माण का 1.05 करोड़ रुपए का प्रस्ताव भी स्वीकृति के लिए भेजा गया है। 5.7 किलोमीटर सड़क चौड़ीकरण का काम तेज करने के निर्देश बैठक में नादरगंज औद्योगिक क्षेत्र से सुनहरा रोड होते हुए रिंग रोड तक 5.7 किलोमीटर सड़क के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अपर जिलाधिकारी (नगर) ने लोक निर्माण विभाग और संबंधित अधिकारियों को परियोजना की स्वीकृति और निर्माण प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उद्योगों से जुड़े बुनियादी ढांचे के काम में देरी नहीं होनी चाहिए और अगली बैठक में सभी विभाग अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें। बैठक में उपायुक्त उद्योग, जिला सूचना अधिकारी, जिला आबकारी अधिकारी, अग्निशमन अधिकारी, उप नगर आयुक्त, यूपीसीडा, प्रदूषण नियंत्रण विभाग, बिजली विभाग, लोक निर्माण विभाग, एलडीए, आवास विकास, जल निगम तथा विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
समस्तीपुर में संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर विभिन्न किसान संगठनों ने भारत-अमेरिका प्रस्तावित कृषि व्यापार समझौते के विरोध में प्रदर्शन किया। किसानों ने शहर में विरोध मार्च निकाला और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के अंत में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया गया। किसानों का विरोध मार्च शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए स्टेशन चौक पहुंचा, जहां एक सभा आयोजित की गई। सभा में किसान नेताओं ने प्रस्तावित भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौते को देश के किसानों, कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए हानिकारक बताया। उन्होंने इस समझौते को तत्काल रद्द करने की मांग की। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि ऐसे समझौतों से देश की कृषि व्यवस्था पर कॉरपोरेट कंपनियों का प्रभाव बढ़ेगा और छोटे-मध्यम किसानों की आजीविका प्रभावित होगी। अधिग्रहण की योजनाओं को वापस लेने की भी मांग नेताओं ने अपने संबोधन में कहा कि किसान संगठन खेती और कृषि भूमि को कॉरपोरेट कंपनियों को सौंपने की किसी भी नीति का पुरजोर विरोध करेंगे। उन्होंने बिहार में प्रस्तावित 12 सैटेलाइट टाउनशिप और टोपो लैंड के नाम पर लैंड पूलिंग के माध्यम से कृषि भूमि के कथित अधिग्रहण की योजनाओं को वापस लेने की भी मांग की। उनका तर्क था कि किसानों की सहमति के बिना कृषि भूमि का उपयोग बदलना अस्वीकार्य होगा। प्रदर्शन के दौरान किसान नेताओं ने शिक्षा से जुड़े मुद्दों को भी उठाया। उन्होंने पेपर लीक की घटनाओं के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की। इसके अतिरिक्त, छात्रों के प्रदर्शन पर कथित लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी इस्तीफे की मांग की गई।
मेरठ में बुधवार को प्रदर्शन से पहले कांग्रेसी नेताओं को पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर दिया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष गौरव भाटी के आवास पर पुलिस पहुंची है। जिलाध्यक्ष के आवास पर आज महंगाई विरोधी, महंगी बिजली, बिजली कटौती को लेकर बैठक थी। इस बैठक में तमाम कांग्रेसी नेताओं को आना था। लेकिन नेताओं के पहुंचने से पहले ही पुलिस गौरव भाटी के आवास पर पहुंच गई है। पुलिस ने जिलाध्यक्ष को हाउस अरेस्ट कर लिया है। दरअसल आज बुधवार को मेरठ ज़िला कांग्रेस कमेटी द्वारा उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अजय राय के आह्वान पर खरीफ की फसल की बोआई व रोपाई के लिए किसानों को हो रही खाद की समस्याओं व सरकार द्वारा प्रदेश में लगाए गए स्मार्ट मीटरों की शिकायतों को लेक एक बैठक्र की गई थी। बैठक मेरठ जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष गौरव भाटी के आवास पर थी। इस बैठक के बाद डीएम को एक ज्ञापन भी दिया जाना था। लेकिन कांग्रेसियों को पुलिस ने सुबह से ही नजरबंद कर दिया।
शहडोल जिले में करोड़ों रुपये की कथित निवेश ठगी के मामले में बुढ़ार पुलिस ने शिकायत के लगभग दो महीने बाद एफआईआर दर्ज की है। जीएनएस फाइनेंशियल सर्विस प्राइवेट लिमिटेड पर निवेशकों को अधिक मुनाफे का लालच देकर निवेश कराने और उनकी जानकारी के बिना डीमैट खातों में ट्रेडिंग कर आर्थिक नुकसान पहुंचाने का आरोप है। मामले की जांच के लिए पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। 19 मई को हुई थी शिकायत पुलिस के मुताबिक, गोपालपुर करकटी निवासी मगनयन सिंह ने 19 मई को बुढ़ार थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप है कि कंपनी के संचालकों और एजेंटों ने अधिक रिटर्न का भरोसा दिलाकर बड़ी राशि निवेश कराई। बाद में उनकी अनुमति के बिना डीमैट खातों में ट्रेडिंग की गई, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ। प्रारंभिक जांच में शिकायत के तथ्यों की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज बुढ़ार थाना पुलिस ने कंपनी से जुड़े सुखनंदन यादव, मुकेश यादव, सरोज यादव, विजय पाल और मोहम्मद अनीम के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस दस्तावेजों, बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि कथित ठगी से कितने निवेशक प्रभावित हुए हैं और कुल कितनी राशि का लेन-देन हुआ। पुलिस मामले से जुड़े सभी वित्तीय रिकॉर्ड और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही है। एसपी ने गठित की एसआईटी पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल ने लंबित अपराधों की समीक्षा के दौरान मामले को गंभीर मानते हुए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। टीम को आरोपियों की गिरफ्तारी, साक्ष्य संकलन, तकनीकी विश्लेषण और निष्पक्ष विवेचना की जिम्मेदारी दी गई है। जानकारी के अनुसार, संभागायुक्त के निर्देश के बाद मामले की जांच में तेजी आई है। वहीं, कई पीड़ितों का आरोप है कि कंपनी के जिम्मेदार लोग लंबे समय से फरार हैं और कार्यालय भी बंद पड़ा है।
फरीदाबाद में सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती हरियाणा पुलिस के एक जवान के लिए भारी पड़ गई। फेसबुक पर आयशा खान नाम से जुड़ी एक युवती ने पहले विश्वास जीता और फिर शेयर बाजार में मोटे मुनाफे का लालच देकर करीब 19.69 लाख रुपये की ठगी कर ली। जब पुलिसकर्मी ने निवेश की गई रकम वापस निकालनी चाही तो उसे पता चला कि वह साइबर जालसाजों का शिकार हो चुका है। फेसबुक के जरिए मुलाकात जानकारी के अनुसार, सेक्टर-30 पुलिस लाइन में रहने वाले पुलिस कर्मचारी फैजल ने बताया कि वह मूल रूप से जिला पुन्हाना नूंह रहने वाले है। 12 जून को फेसबुक पर एक युवती की फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली। बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ और कुछ ही दिनों में युवती ने खुद को शेयर बाजार में निवेश की जानकार बताते हुए कम समय में दोगुना रिटर्न मिलने का दावा किया। उसने यह भरोसा भी दिलाया कि निवेश में किसी तरह का नुकसान नहीं होगा और यदि नुकसान हुआ तो कंपनी उसकी भरपाई करेगी। 19.69 लाख निवेश किए 18 जून को आरोपी युवती ने व्हाट्सऐप पर एक लिंक भेजकर थिंकमार्केट नाम के ऐप के जरिए निवेश करने की सलाह दी। भरोसे में आए पुलिसकर्मी ने 19 जून से 17 जुलाई के बीच अपने, अपने पिता और कुछ परिचितों के बैंक खातों से अलग-अलग खातों में कुल 19 लाख 69 हजार 96 रुपये ट्रांसफर कर दिए। मुनाफा निकालने पर ठगी का पता चला कुछ समय बाद जब उसने निवेश की गई राशि और मुनाफा निकालने का प्रयास किया तो कंपनी की ओर से भुगतान देने से मना कर दिया गया। इसके बाद उसे एहसास हुआ कि उसके साथ सुनियोजित साइबर धोखाधड़ी हुई है। पुलिस कर रही मामले की जांच पीड़ित की शिकायत पर साइबर अपराध सेंट्रल थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। जांच एजेंसियां रकम ट्रांसफर हुए बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की पड़ताल कर रही हैं। थाना इंचार्ज बसंत कुमार के मुताबिक आरोपियों की पहचान कर उन्हें पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
पीथमपुर में पतंजलि को आवंटित जमीन अब उद्योग वापस लेने की तैयारी में है। दो बार कंपनी को पहले भी नोटिस दिया जा चुका है। हालांकि पिछले एक दशक के ऐसे निवेश प्रस्तावों की बात करें तो कई एमओयू हुए, जमीन आरक्षित हुई, लेकिन फैक्ट्री जमीन पर नहीं उतर सकी। पिछले 10 साल में जापानी निवेश प्रस्ताव, रिलायंस एडीए व पतंजलि जैसे तीन बड़े निवेशकों के लिए करीब 419 एकड़ जमीन आरक्षित की गई, लेकिन एक भी प्रस्ताव उत्पादन तक नहीं पहुंचा। अब एमपीआईडीसी ने पतंजलि को नोटिस देकर फाइल उद्योग विभाग को भेज दी है। इधर, राज्य सरकार नौवीं ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट(जीआईएस)की तैयारियों में जुटी है और निवेशकों को लुभाने के लिए देश-विदेश में प्रयास कर रही है। पतंजलिजमीन मिली लेकिन न प्लांट लगा, न रोजगार मिला सरकार ने 2017 में पतंजलि को 40 एकड़ जमीन 25 लाख रुपए प्रति एकड़ से आवंटित की थी, लेकिन 9 साल बाद भी यहां उत्पादन शुरू नहीं हो सका। कंपनी को 2019 तक प्लांट चालू करना था। कोविड के दौरान समय-सीमा भी बढ़ाई गई, फिर भी निर्माण अधूरा है। इंडोरामा से लगी इस जमीन में अब भी 41 एकड़ वैसे ही आरक्षित है। कुछ जमीन राल्सन, डाबर और यूके की हेलियान ग्रुप को दी गई। ये थे दावे रिलायंस एडीए रक्षा उत्पादन के लिए आरक्षित थी जमीन रिलायंस एडीए के लिए पीथमपुर में 200 एकड़ जमीन आरक्षित की गई थी, लेकिन कंपनी ने तय राशि जमा नहीं की और निर्धारित अवधि में परियोजना शुरू नहीं हो सकी। फिर शासन ने आरक्षित भूमि का बड़ा हिस्सा अन्य निवेशकों को आवंटित कर दिया। अब सेक्टर-6 से लगी इस जमीन पर रिलायंस का प्रोजेक्ट आगे बढ़ता नहीं दिख रहा। यह जमीन 25 लाख रुपए प्रति एकड़ में देने का करार था। ये थे दावे ₹46 हजार करोड़ रुपए के निवेश के तहत प्रदेश में कई औद्योगिक परियोजनाओं का प्रस्ताव था। पीथमपुर में तीन रक्षा उत्पाद निर्माण संयंत्र स्थापित करने की घोषणा। डेटा सेंटर पार्क और सोलर पैनल निर्माण इकाई लगाने की योजना। 300 एकड़ की जरूरत बताई, बाद में 200 एकड़ जमीन आरक्षित हुई। तीन साल में परियोजना शुरू करने की शर्त थी, लेकिन काम शुरू नहीं। इन कंपनियों से भी जमीन भी वापस ली 178 एकड़ जमीन आरक्षित रही लेकिन जापानी निवेश नहीं आया पीथमपुर में जापान व दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के निवेश के लिए 178 एकड़ जमीन आरक्षित की गई थी। 2019 की जीआईएस के दौरान जेट्रो (JETRO) के प्रतिनिधिमंडल ने निवेश का प्रस्ताव भी दिया था। पुराने वाहनों की रिसाइक्लिंग व बीएस-6 मानकों वाले वाहन बनाने की तकनीक लाने की बात कही गई, लेकिन परियोजना आगे नहीं बढ़ी। बाद में यह जमीन अन्य को आवंटित कर दी। मुख्यालय से होगा फैसलाहमने इंदौर रीजन में ऐसे 55 प्लॉट निकाले थे, जिनमें काम शुरू नहीं हुआ था। कुछ लोगों ने नोटिस के बाद काम शुरू किया है। पतंजलि को जमीन राज्य शासन ने अलॉट की थी। इसलिए हमने पूरा मामला मुख्यालय को भेज दिया है। उस पर निर्णय वहीं से होगा। - हिमांशु प्रजापति, कार्यकारी संचालक, एमपीआईडीसी
नीमचखेड़ा-देवाली में अपराध बढ़े, परेशान व्यापारियों ने एसपी दुहन को ज्ञापन सौंपा
अन्य आपराधिक गतिविधियां बढ़ी हैं और बदमाश बेखौफ हो गए हैं। उदयपुर| शहर नीमचखेड़ा और देवाली क्षेत्र में बढ़ते अपराधों से परेशान व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने मंगलवार को एसपी से कार्रवाई की मांग की। आरोप है कि नीमचखेड़ा पार्क और पास के अस्पताल परिसर में असामाजिक तत्व खुलेआम नशा करते और महिलाओं पर छींटाकशी करते है। क्षेत्र में पुलिस गश्त बंद होने से बदमाशों के हौसले बढ़ गए हैं। नीमचखेड़ा-देवाली व्यापार मंडल ने ज्ञापन में बताया कि क्षेत्र से गुजरने वाली महिलाओं और छात्राओं पर आए दिन फब्तियां कसी जाती हैं। इससे उनके लिए अकेले निकलना मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों ने पुलिस से ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। कुछ युवक मॉडिफाइड साइलेंसर वाली बाइकों से तेज आवाज में पटाखे जैसी आवाज निकालते हुए सड़कों पर दौड़ते हैं। उन्हें रोकने या टोकने पर वे मारपीट और धमकी पर उतर आते हैं। पहले चेतक और पीसीआर की नियमित गश्त होती थी, लेकिन काफी समय से यह बंद है। इससे चोरी और अन्य आपराधिक गतिविधियां बढ़ी हैं और बदमाश बेखौफ हो गए हैं।
मुख्य बाजार में नालियों की सफाई नहीं होने से व्यापारी हो रहे परेशान
सादुलपुर | मुख्य बाजार घंटाघर के पास नालियों की नियमित रूप से सफाई नहीं होने से व्यापारी परेशान है। निर्मल मालू ने बताया कि दुर्गा माता मंदिर के आस-पास नालियों की सफाई हुए एक सप्ताह हो गया। नियमित रूप से सफाई नहीं होने के कारण नालियां जाम हो जाती है और गंदा पानी सड़क पर बिखर जाता है। मालू ने बताया कि सफाई करने के दौरान कचरा उठाया नहीं जाता, बल्कि नालियों के पास एकत्रित कर दिया जाता है, जिससे वह वापस नालियों में गिरकर जाम कर देता है। उन्होंने नियमित रूप से नालियों की सफाई करवाने की मांग की है।
पूर्णिया। मंगलवार को इंजीनियरिंग कॉलेज, पूर्णिया में एसएसपी डॉ. शौर्य सुमन की अध्यक्षता में एक साइबर अपराध जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान एसएसपी ने छात्र-छात्राओं को साइबर ठगी के नए तरीकों से सावधान रहने और डिजिटल दुनिया का जिम्मेदारी से उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने स्मैक व अन्य मादक पदार्थों से दूर रहने का भी आह्वान किया। एसएसपी ने बताया कि इन दिनों क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर बड़े पैमाने पर साइबर ठगी की जा रही है। अधिक और जल्दी पैसा कमाने के लालच में लोग बिना जांच-पड़ताल किए निवेश कर देते हैं, जिसका फायदा साइबर अपराधी उठाते हैं। ऑनलाइन निवेश करने से पहले पूरी जानकारी लेने की सलाह उन्होंने स्पष्ट किया कि ठगी करने वाले गिरोह लोगों से पैसे लेकर उन्हें कई बैंक खातों के माध्यम से विदेशों तक ट्रांसफर कर देते हैं, जिससे धन की रिकवरी और कानूनी कार्रवाई काफी कठिन हो जाती है। इसलिए किसी भी ऑनलाइन निवेश से पहले पूरी जानकारी और सावधानी बरतना आवश्यक है। मोबाइल फोन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए डॉ. सुमन ने कहा, आपके हाथ में मौजूद मोबाइल एक समुद्र की तरह है। यदि इसका सही उपयोग करेंगे तो ज्ञान और सफलता प्राप्त करेंगे, लेकिन गलत उपयोग जीवन को भटका सकता है। उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए बताया कि उन्होंने अपनी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी किसी कोचिंग संस्थान से नहीं की, बल्कि घर बैठे मोबाइल और तकनीक का सकारात्मक उपयोग कर सफलता हासिल की। एसएसपी ने छात्रों को नशे से दूर रहने की सलाह दी एसएसपी ने इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों से स्मैक समेत अन्य मादक पदार्थों से दूर रहने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि नशा युवाओं के भविष्य को बर्बाद कर देता है और उन्हें अपराध की ओर भी धकेल सकता है। डॉ. सुमन ने इंजीनियरिंग के छात्रों से कहा कि देश को साइबर अपराधों से सुरक्षित रखने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। तकनीकी ज्ञान का उपयोग समाज और देशहित में करना युवाओं की जिम्मेदारी है। शॉर्टकट से पैसा कमाने की लालच से बचे इस अवसर पर उपस्थित एडीएम लॉ एंड ऑर्डर राजकुमार गुप्ता ने भी छात्रों को साइबर ठगी के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि शॉर्टकट से अधिक पैसा कमाने की चाह अक्सर लोगों को इसका शिकार बना देती है। इसलिए ऐसे प्रलोभनों से बचना चाहिए।उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि किसी के साथ साइबर ठगी होती है तो बिना समय गंवाए तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई कर धन की रिकवरी की संभावना बढ़ सके। कार्यक्रम में इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रिंसिपल, शिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।
देशभर में निवेशकों के लिए अच्छे राज्यों में राजस्थान 10वें नंबर पर है, जबकि 17 बड़े राज्यों में राजस्थान 8वें स्थान पर है। देश में निवेश के लिए अच्छे माहौल और इंफ्रास्ट्रक्चर के हिसाब से अलग-अलग मापदंडों पर नीति आयोग की रिपोर्ट में राजस्थान को अग्रणी राज्य (फ्रंट रनर स्टेट) की कैटेगरी में रखा गया है। नीति आयोग की रिपोर्ट में खराब प्रदर्शन वाले सेक्टर्स में सुधार की जरूरत भी बताई है। नीति आयोग ने इन्वेस्टमेंट के माहौल, उसके लिए सरकारी नीतियों, इंफ्रास्ट्रक्चर सहित कई पैरामीटर्स के आधार पर राज्यों की रैंकिंग तैयार करने के साथ ही सुधार के सुझाव भी दिए हैं। इन्वेस्टमेंट फ्रेंडली राज्यों की रैंकिंग में पहले स्थान पर 56.6 अंकों के साथ गुजरात है। वहीं दूसरे स्थान पर महाराष्ट्र, तीसरे स्थान पर तमिलनाडु, चौथे स्थान पर गोवा और पांचवें पर ओडिशा है। राजस्थान 48.1 अंकों के साथ देशभर में 10वें स्थान पर है। व्यापारिक माहौल सुधारने, एफडीआई बढ़ाने की नसीहत नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार- राज्य को व्यापारिक माहौल (बिजनस क्लाइमेट सुधारने, एफडीआई बढ़ाने और उद्योगों को कर्ज में सुधार की जरूरत बताई है। रिपोर्ट के अनुसार- राज्य में अभी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) राष्ट्रीय औसत से 12% कम है। निवेश समझौतों (MoUs) को धरातल पर उतारने के मामले में राजस्थान बड़े राज्यों में 11वें स्थान पर है। इसमें भी सुधार करने की आवश्यकता बताई है। उद्योगों को दिए जाने वाले बैंक कर्ज के मामले में भी राजस्थान को सुधार लाने की नसीहत दी गई है। औद्योगिक कर्ज औसत से 4% कम है। बैंकिंग सेक्टर से उद्योगों को मिलने वाले क्रेडिट फ्लो को बढ़ाने की सिफारिश की गई है। राजस्थान को टॉप परफॉर्मर से नीचे फ्रंटरनर राज्यों में रखा गया राजस्थान को फ्रंट रनर राज्यों की कैटेगरी में रखा गया है। फ्रंट रनर राज्यों में आंध्र प्रदेश, असम, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश शामिल है। टॉप परफॉर्मेंस में गोवा, गुजरात, महाराष्ट्र, ओडिशा और तमिलनाडु शामिल है। इंफ्रास्ट्रक्चर कैटेगरी में बिहार-यूपी से पीछे राजस्थान इंफ्रास्ट्रक्चर की कैटेगरी में राजस्थान 17 बड़े राज्यों में 12वें नंबर पर है। इस मामले में बिहार, उत्तर प्रदेश जैसे राज्य राजस्थान से ऊपर हैं। बिहार 11वें, उत्तर प्रदेश 10वें और महाराष्ट्र 9वें स्थान पर है। इस कैटेगरी में गुजरात टॉप पर है। तमिलनाडु दूसरे, केरल तीसरे और बंगाल चौथे नंबर पर है। संसाधनों के मामले में राजस्थान बड़े राज्यों में चौथे स्थान पर संसाधनों के मामले में राजस्थान 17 बड़े राज्यों में चौथे स्थान पर है। राजस्थान और मध्य प्रदेश 7.7 अंकों के साथ संयुक्त रूप से चौथे स्थान पर हैं। वहीं छत्तीसगढ़ 8 अंकों के साथ रैंक में तीसरे, महाराष्ट्र 8.1 अंकों के साथ दूसरे और ओडिशा 8.2 अंकों के साथ पहले स्थान पर है। निवेश फ्रेंडली सरकारी नीति मामले में राजस्थान तीसरे स्थान पर, रेगुलेटरी ईज में दूसरा नंबर निवेश फ्रेंडली सरकारी नीतियों के मामले में राजस्थान 17 बड़े राज्यों में तीसरे स्थान पर है। इस कैटेगरी में मध्य प्रदेश पहले और गुजरात दूसरे स्थान पर है। रेगुलेटरी ईज मामले में राजस्थान 8.1 अंकों के साथ छत्तीसगढ़ के बाद दूसरे स्थान पर है। संस्थागत माहौल में 13वीं रैंक इंस्टीट्यूशन एनवायरनमेंट मामले में राजस्थान 17 में से 13वीं रैंक पर है। राजस्थान केवल झारखंड, ओडिशा, कर्नाटक और तेलंगाना से ही आगे है। बाकी सभी बड़े राज्य राजस्थान से आगे हैं। संसाधनों के मामले में राजस्थान अग्रणी राज्यों में नीति आयोग ने संसाधनों के मामले में राजस्थान का प्रदर्शन मजबूत दिखाया है। रिपोर्ट के अनुसार- राजस्थान में भारत के कुल गैर-धातु खनिज उत्पादन का 33% और धातु खनिज उत्पादन का 14% हिस्सा है। निर्माण परमिट के लिए परसेप्शन स्कोर में राजस्थान बड़े राज्यों की श्रेणी में टॉप तीन राज्यों में शामिल है, जो इस कैटेगरी के औसत से छह अंक ज्यादा है। इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में भी राजस्थान टॉप राज्यों में है। वेयरहाउसिंग (गोदाम) क्षमता में राजस्थान देश में तीसरे स्थान पर है।
फिरोजाबाद में भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने मंगलवार को फिरोजाबाद में जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन भेजा। संगठन ने किसानों की बढ़ती लागत, फसलों के उचित मूल्य और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। संगठन के जिलाध्यक्ष प्रेम अतुल यादव के नेतृत्व में किसानों ने खेती की बढ़ती लागत, फसलों के उचित मूल्य, उर्वरकों की उपलब्धता और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि डीजल, बिजली, बीज और उर्वरकों की कीमतों में लगातार वृद्धि से खेती की लागत में भारी इजाफा हुआ है। इसके विपरीत, किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य नहीं मिल रहा है। विशेष रूप से आलू उत्पादक किसान गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। किसानों ने आरोप लगाया कि समय पर उर्वरक उपलब्ध न होने और कालाबाजारी के कारण उन्हें अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भाकियू ने बाढ़, सूखा और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से फसलों को हुए नुकसान का भी उल्लेख किया। संगठन ने प्रभावित किसानों को पर्याप्त मुआवजा देने की मांग की। संगठन ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर गहरी चिंता व्यक्त की। भाकियू ने चेतावनी दी कि यदि कृषि और डेयरी क्षेत्र को विदेशी कंपनियों के लिए खोल दिया गया, तो छोटे और सीमांत किसानों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। जिलाध्यक्ष प्रेम अतुल यादव ने मांग की कि किसानों की उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) उत्पादन लागत के आधार पर तय किया जाए। उन्होंने उर्वरकों की कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाने और कृषि से जुड़े किसी भी व्यापारिक समझौते में किसानों की राय को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
रेलवे के रिटायर प्रिंसिपल चीफ इंजीनियर से 40 लाख की ठगी का मामला सामने आया है। मुंबई की एक फाइनेंस कंपनी ने 40 लाख रुपये एफडी में निवेश कराए और बाद में रुपये लौटाने से इंकार कर दिया। रिटायर अफसर की शिकायत पर सिविल लाइंस थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। तीन किश्तों में जमा की रकमजगदीश चंद्र चौरसिया (आईआईटी, आईईएस 1990 बैच) ने पुलिस को बताया, उन्होंने नवी मुंबई स्थित अपओनली टेक्नोलॉजीज में नवंबर 2022 से जनवरी 2023 के बीच तीन किश्तों में कुल 40 लाख रुपये जमा किए थे। कंपनी ने उन्हें प्रीमियम ग्राहक बताते हुए 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का भरोसा दिया था। शुरुआती दौर में हर महीने 40 हजार रुपये ब्याज भी दिया। एफडी सर्टिफिकेट में अलग शर्तेंशिकायतकर्ता का आरोप है कि बाद में जारी एफडी प्रमाणपत्र में 9 प्रतिशत ब्याज और सात वर्ष की लॉक-इन अवधि दर्ज मिली। उनका कहना है कि निवेश के समय न तो इसकी जानकारी दी गई और न ही उन्होंने ऐसी किसी शर्त पर सहमति दी। पहले घटाया ब्याज, फिर भुगतान भी रोकाफरवरी 2024 के बाद कंपनी ने मासिक भुगतान 40 हजार से घटाकर 30 हजार रुपये कर दिया। बाद में टीडीएस का हवाला देकर इसे 27 हजार रुपये कर दिया गया। इसके बावजूद कई महीनों का भुगतान पूरा नहीं किया गया। सितंबर 2025 में 15 हजार, अक्टूबर से दिसंबर 2025 तक 20-20 हजार रुपये दिए गए, जबकि अप्रैल और मई 2026 का कोई भुगतान नहीं किया गया। बेटी की शादी के लिए मांगे पैसेपीड़ित ने पुलिस को बताया कि बेटी की शादी के लिए उन्हें रुपयों की जरूरत थी तो उन्होंने कंपनी से एफडी का मूलधन लौटाने का अनुरोध किया, लेकिन कंपनी ने सात साल की लॉक-इन अवधि का हवाला देकर पैसा देने से इनकार कर दिया। संचालकों ने फोन उठाना बंद कियाशिकायत में कंपनी के तीन संचालकों शंभू राय, धीरज सिंह और रोहित कुमार के नाम भी दर्ज हैं। आरोप है कि तीनों अब फोन नहीं उठा रहे हैं। शिकायतकर्ता ने दावा किया कि पिछले छह महीनों में उन्होंने करीब 50 बार ईमेल और व्हाट्सऐप के जरिए संपर्क किया, जिसके सभी रिकॉर्ड उनके पास सुरक्षित हैं। इन आरोपों में दर्ज हुई एफआईआरसिविल लाइंस थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर कंपनी और उसके संचालकों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और अन्य संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी रामाश्रय यादव ने बताया कि निवेश, भुगतान और कंपनी के दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
सोनभद्र जिले के रेणुकूट क्षेत्र में सीएमबी चिट फंड कंपनी के संचालक के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 1.42 करोड़ रुपये की चल एवं अचल संपत्ति कुर्क कर ली है। आरोपी पर निवेश के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये जमा कराने और भुगतान न करने का आरोप है। वह फिलहाल न्यायिक अभिरक्षा में जेल में बंद है। पुलिस के अनुसार, थाना अनपरा में भागीरथी मौर्या पुत्र रमापति मौर्या, निवासी मुंहकुचवां (मिर्जापुर) एवं वर्तमान निवासी मुर्धवा, रेणुकूट के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज है। आरोपी सीएमबी नाम से चिट फंड कंपनी संचालित कर लोगों से निवेश कराता था और समय पूरा होने पर धन वापस नहीं करता था। शिकायतों के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले की सुनवाई के दौरान अपर सिविल जज ने अपराध से अर्जित संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया। न्यायालय के आदेश के अनुपालन में उपजिलाधिकारी दुद्धी रवि पासवान और क्षेत्राधिकारी पिपरी हर्ष पाण्डेय के नेतृत्व में पुलिस व राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। टीम ने मुर्धवा स्थित आराजी संख्या 557ग की 0.0195 हेक्टेयर भूमि (अनुमानित मूल्य 17.55 लाख रुपये) तथा उस पर बने मकान (अनुमानित मूल्य 1.09 करोड़ रुपये) को कुर्क किया। इसके अलावा मौजा कटौधी स्थित आराजी संख्या 97क की 0.273 हेक्टेयर भूमि (अनुमानित मूल्य 4.10 लाख रुपये) भी जब्त की गई। अचल संपत्तियों का कुल अनुमानित मूल्य करीब 1.31 करोड़ रुपये है। इसके अतिरिक्त आरोपी की किया सोनेट कार, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 11 लाख रुपये है, उसे भी न्यायालय के आदेश पर जब्त कर लिया गया। इस तरह कुर्क की गई चल एवं अचल संपत्तियों का कुल मूल्य लगभग 1.42 करोड़ रुपये है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि आर्थिक अपराध कर आम लोगों की गाढ़ी कमाई हड़पने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। अपराध से अर्जित संपत्तियों को चिन्हित कर कानून के अनुसार कुर्क करने की प्रक्रिया आगे भी जारी रखी जाएगी।
दमोह के सागर नाका स्थित सब्जी मंडी में अतिक्रमण और बकाया मंडी शुल्क की शिकायतें मिलने के बाद कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के निर्देश पर मंगलवार दोपहर एसडीएम सौरव गंधर्व ने मंडी का निरीक्षण किया। उन्होंने व्यापारियों से बातचीत कर स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने व्यापारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन व्यापारियों का मंडी शुल्क बकाया है, वे उसे तुरंत जमा करें। साथ ही, अनाधिकृत रूप से टीन शेड पर किए गए कब्जे को भी हटा लें। उन्होंने कहा कि मंडी शुल्क जमा करने के बाद ही दुकानों को संचालित करने की अनुमति दी जाएगी। व्यापारियों ने एसडीएम को आश्वस्त किया कि जिस भी व्यापारी का मंडी शुल्क बकाया होगा, उसकी भरपाई सुनिश्चित की जाएगी। अवैध कब्जे की शिकायत एसडीएम सौरव गंधर्व ने बताया कि उन्हें सब्जी मंडी में कुछ व्यापारियों द्वारा अवैध कब्जे की शिकायत मिली थी। निरीक्षण में दो मुख्य बातें सामने आईं: पहली, 2015 में पुरानी मंडी से जिन व्यापारियों को यहां स्थानांतरित किया गया था, वे आज भी उन्हीं जगहों पर काबिज हैं। दूसरी, कुछ व्यापारियों का मंडी शुल्क बकाया है, जबकि कुछ ने मंडी में प्लॉट के लिए भुगतान कर रखा है।
शेयर मार्केट में मोटा मुनाफा कमाने का लालच ग्वालियर के एक कारोबारी को भारी पड़ गया। साइबर ठगों ने व्हाट्सएप कॉल के जरिए संपर्क कर पहले निवेश पर मुनाफा देकर भरोसा जीता, फिर अलग-अलग किश्तों में 15.27 लाख रुपए निवेश करा लिए। जब कारोबारी ने अपनी जमा राशि वापस मांगी तो ठगों ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाटीपुर थाना क्षेत्र स्थित चौहान प्याऊ के सामने तोमर बिल्डिंग निवासी 49 वर्षीय विवेक सिंह तोमर ने पुलिस को बताया कि 29 जून 2026 को उनके मोबाइल पर व्हाट्सएप कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को शेयर मार्केट से जुड़ा बताते हुए निवेश पर पहले ट्रेनिंग और फिर 10 प्रतिशत तक मुनाफा देने का दावा किया। पहले मुनाफा देकर जीता भरोसा ठग की बातों में आकर विवेक ने सबसे पहले 50 हजार रुपए बताए गए बैंक खाते में ट्रांसफर किए। कुछ समय बाद उनके खाते में 8,910 रुपए मुनाफे के रूप में भेजे गए। इससे उनका भरोसा बढ़ गया और उन्होंने 3 जुलाई को 4.97 लाख रुपए, 6 जुलाई को 4.95 लाख रुपए तथा बाद में अन्य किश्तों में रकम मिलाकर कुल 15 लाख 27 हजार रुपए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए। रकम वापस मांगी तो ठगों ने किया इनकार जब विवेक ने निवेश की पूरी राशि वापस निकालने की कोशिश की तो आरोपियों ने पैसे लौटाने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ। उन्होंने तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 और साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की। खातों की जांच में जुटी पुलिस सीएसपी मनीष यादव ने बताया कि शेयर बाजार में मुनाफे का झांसा देकर एक व्यक्ति से करीब 15 लाख रुपए से अधिक की साइबर ठगी की गई है। पीड़ित की शिकायत पर प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। पुलिस यह पता लगा रही है कि ट्रांसफर की गई राशि किन-किन बैंक खातों में पहुंची और आरोपियों तक कैसे पहुंचा जा सकता है।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में सहारा इंडिया निवेश घोटाले के मामले में करीब 3 साल से फरार चल रहे सहारा इंडिया कबीर चौक शाखा के ब्रांच मैनेजर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से पुलिस से बचकर छिप रहा था। गिरफ्तार करने के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, मामले में कृष्णा विहार कॉलोनी निवासी विकास निगानिया (35) ने 29 सितंबर 2022 को कोतवाली थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि सहारा इंडिया के अधिकारियों, कर्मचारियों ने कंपनी की विश्वसनीयता और आरबीआई से अधिकृत होने का झूठा भरोसा दिलाकर साल 2017 में उनसे, उनकी माता और पत्नी से अलग-अलग योजनाओं में करीब 40 लाख रुपएका निवेश कराया था। निवेश की अवधि पूरी होने के बाद भी निवेशकों की राशि वापस नहीं की गई। जांच में सामने आया कि निवेशकों से सहारा इंडिया के नाम पर रकम लेकर अलग-अलग सहकारी समितियों के नाम से बॉन्ड जारी किए गए और सुनियोजित तरीके से धोखाधड़ी की गई। मामले में सहारा इंडिया रायगढ़ के कबीर चौक शाखा के ब्रांच मैनेजर विजय कुमार शराफ (54), निवासी विकास नगर, कोतरारोड, फरार था। 'ऑपरेशन क्लीन हंट' अभियान के तहत पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी अपने ससुराल कोतरारोड आया हुआ है। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस ने दबिश देकर उसे हिरासत में ले लिया। आरोपी से कई दस्तावेज जब्त पूछताछ में आरोपी ने मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्यों की जानकारी दी। उसके कब्जे से सहारा इंडिया के कबीर चौक फ्रेंचाइजी कार्यालय से संबंधित विकास एवं प्रशासनिक आदेश, कंपनी के एमओयू (MOU) की प्रतियां और अन्य दस्तावेज जब्त किए गए। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। पहले भी कई आरोपी जा चुके हैं जेल इस मामले में कोतवाली पुलिस पहले ही सहारा इंडिया रायगढ़ के पूर्व शाखा प्रबंधक ओमप्रकाश शर्मा, खरसिया के पूर्व शाखा प्रबंधक पुष्पेंद्र कुमार साहू, कंपनी डायरेक्टर करुणेश अवस्थी, सेक्टर मैनेजर अमृतलाल श्रीवास और 6 जुलाई 2024 को बिलासपुर के रीजनल मैनेजर रजनीश तिवारी को गिरफ्तार कर विशेष न्यायाधीश रायगढ़ की अदालत में चालान पेश कर चुकी है। 3,848 निवेशकों से 40.78 करोड़ की धोखाधड़ी पुलिस ने आरोपियों से आईडी कार्ड, नियुक्ति एवं कार्य आदेश संबंधी दस्तावेज, बैंक खातों की जानकारी, जमीन के दस्तावेज तथा धोखाधड़ी की रकम से खरीदी गई कार और बाइक भी जब्त की है। जांच में रायगढ़ सहित अन्य जिलों से मिली शिकायतों के आधार पर अब तक 3,848 निवेशकों के साथ 40 करोड़ 78 लाख 16 हजार 739 रुपए की धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है। मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश लगातार जारी है। SSP बोले- किसी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि निवेशकों के साथ धोखाधड़ी करने वाले किसी भी आरोपी को कानून से बचने नहीं दिया जाएगा। आर्थिक अपराधों में फरार आरोपियों की लगातार तलाश की जा रही है और आम जनता के विश्वास के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
नई दिल्ली के भारत मंडपम में 12 से 15 अगस्त तक होने वाले देश के सबसे बड़े ट्रेड फेयर भारत व्यापार महोत्सव के लिए छत्तीसगढ़ में बिजनेस डेलीगेट रजिस्ट्रेशन शुरू हो गया है। रायपुर स्थित कैट (CAIT) प्रदेश कार्यालय में इसके लिए बैठक आयोजित की गई। पहले ही दिन प्रदेश के कई व्यापारिक संगठनों और व्यापारियों ने उत्साह के साथ अपना पंजीयन कराया। बैठक में कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी ने कहा कि इस बार महोत्सव में छत्तीसगढ़ की मजबूत भागीदारी सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। उनका कहना है कि आने वाले दिनों में प्रदेश के सभी जिलों से व्यापारी, उद्योगपति, स्टार्टअप और एमएसएमई प्रतिनिधि बड़ी संख्या में इस आयोजन में शामिल होंगे। कारोबार बढ़ाने के अवसर अमर पारवानी ने बताया कि भारत व्यापार महोत्सव सिर्फ प्रदर्शनी नहीं, बल्कि देशभर के व्यापार और उद्योग जगत का बड़ा मंच है। यहां उद्योगपति, निर्माता, वितरक, आयात-निर्यात से जुड़े कारोबारी, निवेशक और स्टार्टअप एक साथ आएंगे। इससे नए व्यापारिक संबंध बनाने और कारोबार बढ़ाने के अवसर मिलेंगे। महोत्सव में शामिल होने वाले व्यापारियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बिजनेस नेटवर्किंग, बी-टू-बी बैठकों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), नई तकनीकों, डिजिटल बिजनेस, आयात-निर्यात और वैश्विक बाजार की जानकारी मिलेगी। साथ ही उद्योग विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं से सीधे संवाद का अवसर भी मिलेगा। राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने का मौका कैट के प्रदेश अध्यक्ष परमानंद जैन ने कहा कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ के व्यापारियों, उद्यमियों, एमएसएमई और स्टार्टअप के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का अच्छा मौका है। बैठक में महोत्सव के प्रचार-प्रसार, जिलावार भागीदारी, व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल और अधिक से अधिक पंजीयन सुनिश्चित करने की कार्ययोजना पर भी चर्चा की गई।
जालंधर के गुरुनानक पुरा में प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज (ROB) के विरोध में दुकानदारों और लोगों ने आज प्रदर्शन किया। इस दौरान इलाके की पूरी मार्केट बंद रखी गई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ओवरब्रिज बनने से उनके रोजगार छिन जाएंगे और व्यापार ठप हो जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि एक सप्ताह पहले रेल राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू ने गढ़ा और गुरुनानकपुरा ओवरब्रिज का उद्घाटन किया था। इस दौरान उनसे ओवरब्रिज की जगह अंडरब्रिज बनाने की अपील की गई थी। करोड़ों का नुकसान होने का अनुमान दुकानदारों ने नंगलशामा रोड पर बने पुल का उदाहरण दिया, जहां 300 से अधिक दुकानदारों का कामकाज ठप हो गया था और कई घरों के निकासी मार्ग बंद हो गए थे। उनका डर है कि गुरुनानक पुरा फाटक पर नया ओवरब्रिज बनने से उनकी दुकानें भी बंद हो जाएंगी, जिससे उन्हें करोड़ों का नुकसान होगा। भाजपा नेता रविंद्र धीर ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को लिखा लेटर भाजपा नेता रविंद्र धीर ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर अंडरब्रिज बनाने की अपील की है। स्थानीय निवासी अनीता अरोड़ा ने कहा कि आरओबी बनने से दुकानदारों को भारी नुकसान होगा। उन्होंने अंडरब्रिज बनाने की मांग करते हुए यह भी कहा कि ओवरब्रिज के नीचे अक्सर नशेड़ियों का जमावड़ा लग जाता है, जिससे आसपास के लोगों में छीना-झपटी का खतरा बढ़ जाता है। बच्चों को स्कूल और कॉलेज जाने में होगी परेशानी एक बुजुर्ग व्यक्ति ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि यदि ओवरब्रिज बनता है, तो नगर निगम को 3 साल तक दुकानदारों और घरों से प्रॉपर्टी टैक्स, पानी बिल सहित अन्य टैक्स नहीं लेने चाहिए। उन्होंने यह भी चिंता जताई कि ओवरब्रिज बनने से बच्चों को स्कूल और कॉलेज जाने में परेशानी होगी। उन्होंने दावा किया कि इलाके में आराम से अंडरब्रिज बन सकता है, लेकिन ओवरब्रिज से दुकानदारों का कामकाज ठप हो जाएगा और उन्हें करोड़ों का नुकसान होगा, जिससे इलाका निवासियों के पास आत्महत्या के अलावा कोई विकल्प नहीं रह जाएगा।
कैथल में नरवाना और करनाल से लड़कियों को बुलाकर देह व्यापार करवाने के मामले में पुलिस ने फाइव स्टार होटल संचालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। आरोपी रुपए देकर लड़कियों से अनैतिक कार्य करवा रहा था। मामले में कैथल निवासी युवक डिंपल के खिलाफ इम्मोरल ट्रैफिक एक्ट 1956 के तहत सिविल लाइन थाना में केस दर्ज कर लिया है। साथ ही यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपी के साथ इस कार्य में किसी और का भी हिस्सा था या नहीं। पुलिस की ओर से मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पुलिस लगातार होटलों और स्पा सेंटरों में अनैतिक कार्यों की सूचना पर छापेमारी कर रही है। एक दिन पहले पुलिस ने की थी रेड बता दें कि सोमवार शाम को कैथल में पुलिस की टीम ने एक होटल पर रेड कर सैक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया था। होटल में तीन युवक व तीन युवतियां आपत्तिजनक हालात में पाए गए। सभी अलग अलग कमरों में बेड पर मिले। उनके अलावा एक अन्य युवक सहित कुल सात युवक व युवतियों को पुलिस टीम पकड़ कर गाड़ियों में बैठाकर अपने साथ पूछताछ के लिए ले गई। फाइव स्टार के नाम से बना होटल मामले को लेकर सिविल लाइन थाना एसएचओ रमेश चंद्र ने बताया कि पुलिस को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि करनाल बाईपास के पास गंदे नाले के नजदीक स्थित फाइव स्टार होटल में अनैतिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने टीम गठित कर छापेमारी की और मौके से सात लोगों को काबू किया। उन्होंने बताया कि होटल में करनाल, नरवाना और अन्य स्थानों से लड़कियों को बुलाया गया था। मामले की जांच में जुटी पुलिस होटल का संचालक रुपए देकर लड़कियों से देह व्यापार करवा रहा था। ग्राहकों को खुद बलाकर उनके सामने लड़कियों को पेश किया जाता था और उसके बाद दाम निर्धारत किए जाते थे। उन्होंने बताया कि होटल संचालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।
आईआईटी के सबसे कठिन कोर्स से निकले इस युवा ने बनाया AI स्टार्टअप, एक दिन में कमाए 77 करोड़ रुपये
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) को दुनिया भर में बेहतरीन इंजीनियर और इनोवेटर्स देने के लिए जाना जाता है, लेकिन हाल ही में एक आईआईटीयन ने सफलता की जो नई इबारत लिखी है, उसने पूरे टेक जगत को हैरान कर दिया है। आईआईटी से सबसे मुश्किल माने जाने वाले कोर्स की पढ़ाई पूरी करने के बाद इस युवा इंजीनियर ने नौकरी की पारंपरिक राह छोड़ने का फैसला किया। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में कदम रखते हुए अपना खुद का स्टार्टअप शुरू किया और हाल ही में उनकी कंपनी ने एक ही दिन के भीतर 77 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड तोड़ कमाई (Revenue) दर्ज की है। इस ऐतिहासिक कामयाबी ने भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम में एक नया बेंचमार्क स्थापित कर दिया है।आईआईटी का वो सबसे मुश्किल कोर्स और लीक से हटकर सोचने का जज्बाआईआईटी में दाखिला लेना अपने आप में एक बड़ी चुनौती है, लेकिन उसके भीतर भी कुछ ब्रांच और कोर्स जैसे कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग या एडवांस्ड डेटा साइंस को सबसे कठिन और कड़ा माना जाता है। इस युवा उद्यमी ने उसी चुनौतीपूर्ण शैक्षणिक माहौल में न केवल खुद को साबित किया, बल्कि एआई और मशीन लर्निंग की बारीकियों को भी गहराई से समझा। जहां अधिकांश छात्र पढ़ाई पूरी करते ही करोड़ों के पैकेज वाली विदेशी नौकरियों का रुख करते हैं, वहीं इन्होंने भारत में रहकर अपनी खुद की तकनीक और कंपनी खड़ी करने का जोखिम भरा लेकिन दूरदर्शी फैसला लिया।एआई स्टार्टअप की वो अनूठी तकनीक जिसने रातों-रात बदल दी किस्मतइस स्टार्टअप की अभूतपूर्व सफलता के पीछे एक ऐसा एआई-संचालित सॉफ़्टवेयर या समाधान (AI Solution) है, जिसने वैश्विक स्तर पर बड़ी कंपनियों की एक बहुत बड़ी और जटिल समस्या को चुटकियों में हल कर दिया है। चाहे वह ऑटोमेशन हो, डेटा एनालिटिक्स हो या फिर प्रेडिक्टिव कोडिंग; इस स्टार्टअप की तकनीक को बाजार में हाथों-हाथ लिया गया। हाल ही में हुए एक बड़े अंतरराष्ट्रीय करार या फंडिंग राउंड और प्रोडक्ट लॉन्च के चलते कंपनी के पास ऑर्डर्स की बाढ़ आ गई, जिसके परिणामस्वरूप महज 24 घंटे के भीतर कंपनी का रेवेन्यू ग्राफ 77 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया।भारतीय टेक और स्टार्टअप जगत के लिए क्यों है यह एक बड़ी मिसाल?यह सफलता की कहानी भारत के उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है जो तकनीकी क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं। यह साबित करता है कि अगर आपके पास सही हुनर, मजबूत शैक्षणिक आधार और आधुनिक तकनीक जैसे जनरेटिव एआई (Generative AI) की समझ है, तो आप भारत की धरती से भी वैश्विक स्तर का बिजनेस खड़ा कर सकते हैं। टेक विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाला समय पूरी तरह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का है, और भारतीय आईआईटीयंस इस वैश्विक एआई क्रांति (AI Revolution) का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
एफपीआई निवेश को वापस लाने में भारत का मजबूत आर्थिक आधार कर रहा मदद: एक्सपर्ट्स
नई दिल्ली, सरकार की ओर से डेट निवेश के टैक्स नियमों में किए गए बदलाव विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) को आकर्षित करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
मोदी के इंडोनेशिया दौरे से व्यापार-निवेश को नई उड़ान: इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स
जकार्ता/नई दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंडोनेशिया दौरे को लेकर वहां रह रहे भारतीय समुदाय और कारोबारी जगत में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।
निवेशकों को आकर्षित करने में सफल रहा अदाणी ग्रुप
अहमदाबाद, अदाणी ग्रुप वैश्विक संस्थागत निवेशकों और भारत के बड़े म्यूचुअल फंड्स को आकर्षित करने में सफल रहा है और यह ग्रुप को लेकर निवेशकों के सेंटीमेंट में स्पष्ट बदलाव को दिखाता है।
नई दिल्ली, भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में जून में गतिविधियों में वृद्धि देखी गई है, जिससे मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई 54.2 पर रहा है। यह जानकारी एचएसबीसी फ्लैश इंडिया पीएमआई डेटा में बुधवार को दी गई।
ललित सुरजन की कलम से राजनीति बनाम व्यापार
'यह कहने की आवश्यकता नहीं है कि राजनीति और व्यापार दोनों किसी हद तक एक-दूसरे पर आश्रित हैं
मारुति सुजुकी ने जोड़े पांच स्टार्टअप्स, एआई और ऑपरेशनल को बनाएगी और स्मार्ट
नई दिल्ली, देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने सोमवार को घोषणा की कि उसने पांच स्टार्टअप्स को अपने साथ जोड़ा है।
दो वर्षों में बदली ओडिशा की तस्वीर: मोहन चरण माझी सरकार का विकास, सुशासन और निवेश मॉडल
जून 2024 में जब ओडिशा की जनता ने राज्य में पहली बार भारतीय जनता पार्टी को पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता सौंपी, तब यह केवल राजनीतिक परिवर्तन नहीं था, बल्कि विकास और सुशासन की नई अपेक्षाओं का जनादेश भी था।
सीतारमण का बड़ा बयान: विदेशी निवेश बढ़ने के लिए सरकार की नयी तैयारी
नई दिल्ली, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि सरकार देश में अधिक विदेशी पूंजी आकर्षित करने के लिए आगे भी कई कदम उठाएगी और बॉन्ड मार्केट के लिए हाल में घोषित उपाय इस दिशा में सिर्फ शुरुआत हैं।
निवेश की दुनिया में अक्सर लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि आखिर में अपनी गाढ़ी कमाई से बमुश्किल की जाने वाली बचत का रुपया-पैसा कहाँ लगाएं, जहां पर वह डूबे नहीं, बल्कि सुरक्षित भी रहे। ऐसे में आप अपना रुपया-पैसा पीपीएफ (Public Provident Fund) में लगाएं या एमएफ (Mutual Fund) में। क्योंकि सच यह है कि दोनों का उद्देश्य अलग-अलग है और सही समय पर सही विकल्प चुनना ही आपके लिए अधिक महत्वपूर्ण है। इसलिए आइए आज आपको बताते हैं कि कब पीपीएफ में निवेश करें और कब एमएफ में। पहले हम बात करते हैं कि पीपीएफ (PPF) में निवेश कब न करें? आपके लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि Public Provident Fund (PPF) उन लोगों के लिए बेहतर है जो अपनी पूंजी की सुरक्षा चाहते हैं। साथ ही एक निश्चित और जोखिम-मुक्त रिटर्न पसंद करते हैं। इसके अलावा, टैक्स भी बचाना चाहते हैं। और तो और, 15 वर्ष या उससे अधिक की लंबी अवधि के लिए निवेश कर सकते हैं। चूंकि इसका महत्वपूर्ण फंडा यह है कि PPF में हर महीने की 5 तारीख से पहले पैसा जमा करने पर उस महीने का ब्याज भी मिलता है। इसलिए यदि आप मासिक निवेश करते हैं तो 1 से 5 तारीख के बीच जमा करना अधिक फायदेमंद माना जाता है। इसे भी पढ़ें: FIR कराना हो जाएगा आसान, जब जानेंगे 2026 के कानून अब हम बात करते हैं कि Mutual Fund (MF) में कब निवेश करें? तो यह गांठ बांध लीजिए कि Mutual Fund उन निवेशकों के लिए बेहतर है जो महंगाई को मात देने वाला रिटर्न चाहते हैं। साथ ही लंबी अवधि (10-15 वर्ष या अधिक) के लिए निवेश कर सकते हैं। इसके अलावा, कुछ उतार-चढ़ाव (रिस्क) सहन कर सकते हैं। और तो और संपत्ति निर्माण (Wealth Creation) का लक्ष्य रखते हैं। चूंकि इसका महत्वपूर्ण फंडा यह है कि Mutual Fund में सही समय पकड़ने की बजाय SIP (Systematic Investment Plan) के जरिए नियमित निवेश करना अधिक प्रभावी माना जाता है। जो कि बाजार ऊपर हो या नीचे, SIP लागत को औसत कर देती है। सवाल है कि किसे चुनें? आपके निवेशक का लक्ष्य क्या है? आपके पास बेहतर विकल्प क्या है? आपकी पूंजी सुरक्षा कितनी है। चूंकि पीपीएफ से टैक्स बचत होती है, रिटायरमेंट के लिए सुरक्षित फंड रहता है और लंबी अवधि में अधिक रिटर्न रिटर्न मिलता है। जबकि म्युचुअल फंड धन सृजन (Wealth Creation) के लिए अच्छा है, बशर्ते कि आप संतुलित रणनीति अपनाएं। जहां तक PPF और Mutual Fund में सबसे असरदार रणनीति की बात है तो वित्तीय विशेषज्ञ अक्सर सलाह देते हैं कि निवेशक दोनों का संयोजन रखें। एक ओर सुरक्षा और टैक्स लाभ के लिए PPF अच्छा है तो संपत्ति निर्माण और महंगाई से आगे निकलने के लिए Equity Mutual Fund SIP बेहतर है। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई व्यक्ति हर महीने ₹10,000 निवेश करना चाहता है, तो वह ₹3,000–₹4,000 PPF में और शेष राशि अच्छे इक्विटी म्यूचुअल फंड की SIP में लगा सकता है। इससे सुरक्षा और वृद्धि दोनों का लाभ मिल सकता है। निष्कर्षतः यह कहा जा सकता है कि यदि आपका लक्ष्य पूंजी की सुरक्षा है तो PPF बेहतर है। और यदि आपका लक्ष्य लंबी अवधि में बड़ा धन बनाना है तो Mutual Fund अधिक उपयुक्त हो सकता है। वहीं, दोनों का संतुलित मिश्रण अधिकांश निवेशकों के लिए व्यावहारिक और प्रभावी रणनीति साबित हो सकता है। हाँ, यहां पर यह सदैव ध्यान रखें कि Mutual Fund बाजार जोखिमों के अधीन हैं, जबकि PPF अपेक्षाकृत सुरक्षित सरकारी योजना है। लिहाजा, निवेश का निर्णय अपनी आयु, लक्ष्य, जोखिम क्षमता और समयावधि को ध्यान में रखकर करें। - कमलेश पांडेय वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार
घरेलू सोने का उपयोग कर विदेशी मुद्रा बचाने की पेशकश
अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीयों से अपील की कि कम से कम एक साल के लिए भारत में सोने का आयात टाला जा सकता है, तो उन्होंने ऐसा उस बड़ी अनिश्चितता के संदर्भ में किया जिसका सामना देश कर रहा है।
भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप्स का आईएन-स्पेस ने चयन किया
नई दिल्ली, सरकारी एजेंसी इंडियन नेशनल स्पेस प्रमोशन एंड ऑथराइजेशन सेंटर (आईएन-स्पेस) ने गुरुवार को तीन भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप्स को अपने वित्तीय सहायता के लिए चुना है।
जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा से करोड़ों की ठगी, प्रॉपर्टी निवेश के नाम पर लिए 17 करोड़ रुपए
मायानगरी में धोखाधड़ी के किस्से अक्सर सामने आते रहते हैं। अब बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा जाफरी धोखाधड़ी का शिकार हो गई हैं। हबीबा जाफरी से संपत्ति निवेश के नाम पर करीब 17.5 करोड़ रुपए की ठगी की गई है।
भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते का वैश्विक अर्थ
युद्ध की आशंकाओं के बीच आशा का सेतुः वैश्विक परिदृश्य इन दिनों युद्ध की अनिश्चितताओं, तनावों और भू-राजनीतिक खींचतान से भरा हुआ है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान और महाशक्तियों के बीच प्रतिस्पर्धा ने विश्व अर्थव्यवस्था के सामने कई प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। ऐसे समय में भारत और न्यूजीलैंड के ... Read more
स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने 'स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0' (एफओएफ 2.0) लॉन्च किया
अमेज़न MGM स्टूडियोज ने अपनी नई फिल्म 'रफ्तार' की रिलीज डेट की घोषणा कर दी है। इस फिल्म में राजकुमार राव और कीर्ति सुरेश लीड रोल में नजर आने वाले हैं। आदित्य निंबालकर के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म को 'कांपा फिल्म' के बैनर तले पत्रलेखा ने प्रोड्यूस ...
काजोल ने किया रियल एस्टेट में निवेश, खरीदी इतने करोड़ की कमर्शियल प्रॉपर्टी
बॉलीवुड एक्ट्रेस काजोल ने इंडस्ट्री में एक अलग मुकाम हासिल किया है। काजोल भले ही फिल्मों में कम नजर आती हो, लेकिन वह सुर्खियों में बनी रहती हैं। काजोल ने अब एक्टिंग के साथ-साथ रियल एस्टेट में भी कदम रख दिया है। काजोल ने मुंबई के गोरेगांव वेस्ट ...
जानिए क्यों पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास पर है 2100 करोड़ रुपए निवेश
पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास अपने करियर के शानदार दौर से गुजर रहे हैं, और निर्विवाद रूप से अखिल भारतीय सुपरस्टार के रूप में अपनी जगह पक्की कर रहे हैं। बाहुबली, सलार, कल्कि 2898 एडी जैसी बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने वाली फिल्मों के साथ, उन्होंने भारतीय ...
'एक रात के 5 लाख' क्या इस महंगाई की वजह बने हैं विक्की कौशल और कैटरीना कैफ
राजस्थान अपने खूबसूरत किलों और महलों के लिए विश्वभर में जाना जाता है। कला और संस्कृति के इस अनूठे संगम, शाही ठाठ बाठ समेत राजपुताना वास्तुकला का आनंद उठाने दुनिया के कोने-कोने से पर्यटक यहां आते हैं..........
खतरों के खिलाड़ी सीजन 14 के कंटेस्टेंट अभिषेक कुमार जिन्होंने बिग बॉस 17 में अपने कार्यकाल से काफी लोकप्रियता हासिल की, अपने आकर्षक व्यक्तित्व से लोगों के दिलों पर राज कर रहे हैं। विवादित रियलिटी शो में उनकी भागीदारी ने उन्हें स्टार बना दिया और उन्हें रातोंरात सफलता दिलाई। अभिषेक जो वर्तमान में रोहित शेट्टी के शो खतरों के खिलाड़ी 14 में हैं, ने साझा किया कि वह एक प्रोडक्शन हाउस खोलना चाहते हैं। इसे भी पढ़ें: Kartik Aaryan का खुलासा, Pyaar Ka Punchnama की सफलता के बावजूद उनके पास ‘कोई ऑफर नहीं था, कोई पैसा नहीं था ईटाइम्स टीवी के साथ एक इंटरव्यू में, अभिषेक ने खुलासा किया कि वह भविष्य के लिए पैसे बचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता चाहते हैं कि वह मुंबई में एक घर खरीदें, लेकिन वह एक व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। अभिषेक ने कहा कि वह एक उद्यमी बनना चाहते हैं और उनके बड़े सपने हैं जिन्हें वह हासिल करना चाहते हैं। अभिषेक कुमार मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते इंटरव्यू में, अभिषेक ने कहा कि उन्होंने पैसे बर्बाद करना बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते क्योंकि शहर काफी महंगा है और कहा कि किराए पर रहना एक समझदारी भरा फैसला है। उन्होंने यहां तक कहा कि घर खरीदने में बड़ी रकम लगाने और फिर हर महीने लोन के रूप में बैंक को बड़ी EMI चुकाने का कोई मतलब नहीं है। इसे भी पढ़ें: Karan Johar को कोर्ट से मिली राहत, फिल्म Shaadi Ke Director Karan Aur Johar की रिलीज परह लगी रोक अभिषेक ने कहा कि वह अपना पैसा निवेश करना चाहते हैं और उस पर ब्याज पाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह रवि दुबे और सरगुन मेहता की तरह एक प्रोडक्शन हाउस स्थापित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि उनका परिवार चंडीगढ़ में घर खरीदे, लेकिन मुंबई में नहीं क्योंकि वे वहीं रह सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह पैसे बचाना चाहते हैं और कोई दूसरा व्यवसाय शुरू करने में निवेश कर सकते हैं। KKK 14 की बात करें तो शिल्पा शिंदे शो से बाहर हो गईं। एक यूट्यूब चैनल के अनुसार, सनी वरुण ने बात की, गश्मीर, करणवीर, अदिति और अभिषेक ने निष्कासन स्टंट किया।

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