सतना शहर के बाजार क्षेत्र में सीवर प्रोजेक्ट के बाद खोदी गई सड़कों और गड्ढों का निरीक्षण करने सोमवार को सांसद गणेश सिंह, महापौर योगेश ताम्रकार और नगर निगम कमिश्नर शेर सिंह मीना तकनीकी अमले के साथ पहुंचे। कई महीनों से धूल, गड्ढों और ठप पड़े कारोबार से जूझ रहे व्यापारियों के लिए यह निरीक्षण राहत की उम्मीद लेकर आया है। दरअसल, शहर के प्रमुख बाजारों में सीवर लाइन बिछाने के बाद सड़कें लंबे समय से बदहाल हैं। जगह-जगह गहरे गड्ढे, उड़ती धूल और अधूरा निर्माण व्यापारियों के लिए बड़ी समस्या बन गया है। इससे दुकानों तक ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हुई है, जिसका सीधा असर कारोबार पर पड़ रहा है। बिगड़ते हालात के कारण जयस्तंभ चौक और हनुमान चौक के व्यापारियों को कई बार विरोध प्रदर्शन भी करना पड़ा है। सोमवार को जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के मौके पर पहुंचने से व्यापारियों में नई उम्मीद जगी। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सड़कों की स्थिति और गड्ढों को लेकर तकनीकी टीम से चर्चा की। अब व्यापारी इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि निरीक्षण के बाद सुधार कार्य कितनी तेजी से शुरू होते हैं। इस पूरे घटनाक्रम का एक राजनीतिक पहलू भी चर्चा में रहा। पिछले लगभग तीन महीनों से महापौर योगेश ताम्रकार और नगर निगम कमिश्नर शेर सिंह मीना के बीच निर्माण कार्यों और प्रशासनिक मुद्दों पर लगातार मतभेद सामने आते रहे हैं। महापौर द्वारा कमिश्नर को लिखे गए कई पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे, जिसमें उन्होंने अपनी बातों की अनदेखी का आरोप लगाया था। ऐसे माहौल में सांसद, महापौर और कमिश्नर का एक साथ बाजार क्षेत्र का निरीक्षण करना शहर में चर्चा का विषय बन गया है। लोगों का मानना है कि यदि विकास कार्यों को लेकर यही समन्वय आगे भी बना रहा, तो लंबे समय से अधूरे पड़े कामों में तेजी आ सकती है। हालांकि व्यापारियों का कहना है कि उन्हें अब निरीक्षण नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाला काम चाहिए। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि सोमवार का यह दौरा केवल औपचारिकता था या फिर बाजार क्षेत्र को बदहाली से बाहर निकालने की शुरुआत।
कैथल जिले में हाल ही में हुई आपराधिक घटनाओं के बाद एनकाउंटर कर तीन आरोपियों की गिरफ्तारी पर शहर के व्यापारियों ने एसपी से मिल पुलिस का आभार प्रकट किया। लकड़ी मार्केट एसोसिएशन कैथल के पदाधिकारी एवं व्यापारी प्रतिनिधिमंडल ने एसपी मनप्रीत सिंह सूदन से उनके कार्यालय में मुलाकात कर उन्हें सम्मानित किया। जिले में अपराधियों के खिलाफ की गई कार्रवाई के लिए धन्यवाद किया। एसपी कार्यालय पहुंचे व्यापारी एसपी कार्यालय पहुंचे व्यापारियों ने कहा कि जिले में हुई लूटपाट और अन्य आपराधिक घटनाओं के बाद व्यापारी वर्ग में चिंता का माहौल था, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों तक पहुंच बनाई और उन्हें गिरफ्तार कर अच्छा कार्य किया है। उन्होंने कहा कि पुलिस की इस कार्रवाई से न केवल अपराधियों में भय पैदा हुआ है बल्कि व्यापारियों और आम नागरिकों में भी सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है। आगे भी कार्रवाई की उम्मीद जताई लकड़ी मार्केट एसोसिएशन के पदाधिकारियों सतीश सोनी, नरेश कुमार व अन्य लोगों ने कहा कि व्यापारिक प्रतिष्ठानों, बाजारों तथा आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस की सक्रियता सराहनीय है। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में भी जिला पुलिस इसी प्रकार अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करती रहेगी और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखेगी। पुलिस को दें सूचना एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने व्यापारियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि जिला पुलिस आमजन की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अपराध एवं असामाजिक गतिविधियों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा तथा जिले में शांति, सौहार्द और सुरक्षा का वातावरण बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार सतर्क और सक्रिय रहेगी। उन्होंने व्यापारियों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
व्यापारियों की समस्याओं पर चर्चा और उनका समाधान करने के लिए हर महीने होने वाले व्यापार बंधु की बैठक पर एक व्यापारी नेता ने सवाल उठाए हैं। अब तक हुई बैठकों में उनके संगठन चैंबर आफ कॉमर्स को आमंत्रित किया जाता था लेकिन इस बार आमंत्रण नहीं मिला है। 19 जून को बैठक प्रस्तावित है। अब चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष संजय सिंहानिया ने इस बैठक पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके आवाज उठाने से अधिकारी घबरा गए हैं, जिसके चलते उन्हें बैठक से बाहर रखने की कोशिश की जा रही है। संजय सिंहानिया ने बारोप लगाया कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ बोलते हैं इसलिए उन्हें बैठक से बाहर कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इसी कारण उन्हें और उनके जैसे कुछ अन्य व्यापारी नेताओं को बैठक से वनवास दे दिया गया है। उन्होंने कहा कि उन्हें वनवास मंजूर है लेकिन भ्रष्टाचार नहीं। संजय सिंहानिया ने आरोप लगाया कि उन्होंने एक अधिकारी की शिकायत की थी। उसकी जांच भी उच्च अधिकारी कर रहे हैं लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब शिकायतकर्ता को टारगेट किया जा रहा है। उनका आरोप है कि अधिकारी ने जिलाधिकारी सभागार में व्यापारियों को देख लेने की धमकी भी दी थी। उन्होंने कहा कि उनके संगठन को बैठक से बाहर करना प्रतिशोध का तरीका है। उन्होंने कहा कि शिकायत दबेगी लेकिन आवाज नहीं दबेगी।उन्होंने कहा कि उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता है कि व्यापार बंधु की बैठक में बुलाया जाएगा या नहीं। बैठक में न बुलाकर व्यापारियों की एकता को खंडित करने का प्रयास किया जा रहा है। हम मुख्यमंत्री तक बात पहुंचाकर व्यापारियों को न्याय दिलवाएंगे।
महंगाई का महाविस्फोट: 9.68% पर पहुंची भारत की थोक महंगाई, ईंधन और खाने-पीने की चीजों ने बिगाड़ा बजट
Wholesale Price Index : मई 2026 में भारत की थोक महंगाई दर (WPI) बढ़कर 9.68 प्रतिशत पर पहुंच गई। यह दर 43 महीने में सबसे ज्यादा है। ये बाजार के 9.1 प्रतिशत के अनुमान और अप्रैल के 8.3 प्रतिशत के आंकड़े से काफी अधिक है। मई में थोक महंगाई दर बढ़ने का मुख्य कारण ईंधन और खाद्य वस्तुओं का महंगा होना है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने सोमवार को थोक मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई के आंकड़े जारी किए। आधार वर्ष को 2011-12 से बदलकर 2022-23 कर दिया गया है। ईंधन और बिजली में थोक मूल्य महंगाई मई में 30.33 फीसदी पर पहुंच गई। अप्रैल में यह 24.89 फीसदी थी। कच्चे पेट्रोलियम में महंगाई मई में 61.51 फीसदी रही। खाद्य वस्तुओं में महंगाई मई में 3.60 फीसदी दर्ज की गई। अप्रैल में यह 2.43 फीसदी थी। विनिर्मित उत्पादों में महंगाई अप्रैल के 6.68 फीसदी से बढ़कर मई में 7.48 फीसदी हो गई। खुदरा या उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई भी मई में 3.93 फीसदी पर पहुंच गई। भारतीय रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिए महंगाई का अनुमान 4.6 फीसदी से बढ़ाकर 5.1 फीसदी कर दिया है। वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि से मई के दूसरे पखवाड़े में पेट्रोल और डीजल के दाम 7.50 रुपये प्रति लीटर बढ़े थे। दरअसल, थोक स्तर पर कीमतों में इस तेजी के पीछे कच्चे माल, ईंधन, ऊर्जा और विनिर्मित वस्तुओं की लागत में बढ़ोतरी प्रमुख कारण मानी जा रही है। अपेक्षा से अधिक महंगाई के आंकड़ों ने यह संकेत दिया है कि आने वाले महीनों में उद्योगों की लागत और उपभोक्ताओं पर मूल्य दबाव बढ़ सकता है। थोक महंगाई दर क्या है थोक मूल्य सूचकांक (Wholesale Price Index) एक मूल्य सूचकांक है जो कुछ चुनी हुई वस्तुओं के सामूहिक औसत मूल्य का प्रतिनिधित्व करता है। भारत में थोक मूल्य सूचकांक को आधार मान कर महंगाई दर की गणना होती है। हालांकि थोक मूल्य और खुदरा मूल्य में काफी अंतर होने के कारण इस विधि को कुछ लोग सही नहीं मानते हैं। भारत में थोक मूल्य सूचकांक में 697 पदार्थों को शामिल किया गया है। इनमें खाद्यान्न, धातु, ईंधन, रसायन आदि हर तरह के पदार्थ शामिल हैं। अब मान लीजिए 10 मार्च को खत्म हुए हफ्ते में थोक मूल्य सूचकांक 120 है और 17 मार्च को यह बढ़कर 122 हो गया। प्रतिशत में अंतर लगभग 1.6 प्रतिशत हुआ और यही महंगाई दर मानी जाती है। सामानों के थोक भाव लेने और सूचकांक तैयार करने में समय लगता है, इसलिए मुद्रास्फीति की दर हमेशा दो हफ्ते पहले की होती है। भारत में हर हफ्ते थोक मूल्य सूचकांक का आकलन किया जाता है। इसलिए महंगाई दर का आकलन भी हफ्ते के दौरान कीमतों में हुए परिवर्तन दिखाता है। पहले डब्ल्यूपीआई मापने का बेस ईयर 2004-2005 था। लेकिन अप्रैल 2017 में सरकार ने इसे बदलकर 2011-12 कर दिया। WPI में सामग्रियों की तीन श्रेणियां WPI में सामग्रियों की तीन श्रेणियां होती हैं- प्राइमरी आर्टिकल्स, ईंधन और उत्पादित सामग्रियां। प्राइमरी आर्टिकल्स की भी दो उप-श्रेणियां हैं। पहली खाद्य उत्पाद। दूसरी गैर खाद्य उत्पाद। खाद्य उत्पादों में अनाज, धान, गेहूं, दालें, सब्जियां, फल, दूध, अंडा, मांस और मछली जैसी चीजें शामिल हैं। गैर खाद्य उत्पाद में तेल के बीज, खनिज संसाधन और कच्चा पेट्रोलियम शामिल है। डब्ल्यूपीआई की दूसरी श्रेणी है ईंधन। इसमें पेट्रोल, डीजल और LPG की कीमतें देखी जाती हैं। तीसरी और सबसे बड़ी श्रेणी है, मैन्युफैक्चर्ड गुड्स यानी उत्पादित सामग्रियां। इनमें कपड़ा, रेडिमेट कपड़े, कैमिकल, प्लास्टिक, सीमेंट, धातु, चीनी, तंबाकू उत्पाद, वसा उत्पाद जैसे मैन्युफैक्चर्ड खाद्य पदार्थ भी शामिल हैं। आम जनता पर क्या असर थोक महंगाई दर बढ़ने का सीधा असर आम आदमी पर पड़ता है। थोक में अगर किसी वस्तु के दाम बढ़ते हैं तो आम आदमी को रिटेल में भी इसके ज्यादा दाम चुकाने होते हैं। वहीं थोक में दाम घटने पर बाजार में वस्तु कम दाम पर मिल जाती है। edited by : Nrapendra Gupta
उन्नाव में भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचकर अपर जिलाधिकारी सुशील कुमार को ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने खाद्य प्रशासन विभाग पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करेंगे। व्यापारी नेता अखिलेश अवस्थी ने बताया कि उन्होंने 2 जून को खाद्य प्रशासन विभाग में कथित भ्रष्टाचार और अधिकारियों के कार्य करने के तरीके को लेकर एक ज्ञापन दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस ज्ञापन के चार दिन बाद ही खाद्य अधिकारी प्रियंका सिंह की ओर से उन्हें नोटिस जारी कर दिया गया। अवस्थी के अनुसार, नोटिस में यह उल्लेख किया गया था कि वह स्वयं खाद्य व्यापारी हैं, इसलिए इस तरह की शिकायत या आवाज नहीं उठा सकते। व्यापारी नेता ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र में यदि वह व्यापारियों का प्रतिनिधित्व करते हैं, तो क्या वे जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर उनकी समस्याएं नहीं उठा सकते? उन्होंने आरोप लगाया कि नोटिस के जरिए उन पर कार्रवाई की चेतावनी देकर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। अवस्थी ने चिंता व्यक्त की कि यदि एक व्यापारी नेता के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है, तो आम व्यापारी अपनी समस्याएं अधिकारियों तक कैसे पहुंचाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि लगभग एक वर्ष पहले भी भ्रष्टाचार की शिकायत करने पर उनके और एक अन्य व्यापारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। अखिलेश अवस्थी ने कहा कि अब फिर से उसी तरह कार्रवाई की चेतावनी दी जा रही है, जिसे व्यापारी समाज बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि वे व्यापारियों की समस्याओं और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर लगातार आवाज उठाते रहेंगे और किसी दबाव में पीछे नहीं हटेंगे। ज्ञापन सौंपने के बाद व्यापारी नेताओं ने बताया कि अपर जिलाधिकारी सुशील कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि एडीएम ने पूरे प्रकरण की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही है। व्यापारी नेता ने बताया कि नोटिस का जवाब भी दिया गया है। साथ ही पूरे मामले की जानकारी भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविकांत गर्ग को भी दे दी गई है। आंदोलन की चेतावनीव्यापारी नेता ने चेतावनी दी कि यदि 10 दिनों के अंदर खाद्य प्रशासन विभाग के खिलाफ जांच और कार्रवाई नहीं की गई तो व्यापारी आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर पूरे जिले के व्यापारी बाजार बंद कर बड़े चौराहे पर धरना-प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की आवाज दबाने का प्रयास स्वीकार नहीं किया जाएगा। भ्रष्टाचार और घूसखोरी के आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
LIVE: अमेरिका ईरान डील से इजराइल नाराज, भारतीय शेयर बाजार में उछाल
Latest News Today Live Updates in Hindi : अमेरिका ईरान डील से हार्मुज स्ट्रेट खुलने और युद्ध खत्म होने की उम्मीद में भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को तेज उछाल आया। हालांकि इजराइल इस समझौते से नाराज है। पल पल की जानकारी...
रेवाड़ी के धारूहेड़ा में ई-कॉमर्स कंपनी के वेंडर दो भाई 101 पार्सल में आया 14,04,720 कीमती सामान लेकर फरार होने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने कंपनी से आए पार्सल रिसीव तो किए, परंतु उन्हें सिस्टम में अपलोड़ नहीं किया। कंपनी फ्लिपकार्ड के सामान की ऑनलाइन डिलीवरी करती है। दोनों भाईयों ने कंपनी के साथ किए एग्रीमेंट में अपने एड्रेस भी गलत दिए थे। सामान जब दो दिन तक सिस्टम पर अपलोड नहीं किया। पार्सल वापस डिलीवरी हैब नहीं भेजे। जिस पर रिजनल मैनेजर ने धारूहेड़ा पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। एक जून को भेजे थे 101 पार्सल गांव बालधन निवासी नितेश कुमार ने पुलिस को शिकायत की। जिसमें आरोप लगाया कि वह एक डिलीवरी कंपनी में रिजनल मैनेजर के पद पर हैं। धारूहेड़ा में बास रोड पर उनकी एक शाखा है। जिसकी वेंडरशिप फ्रैंचाईज भिवाड़ी के कैप्टन चौक निवासी बलराम जोशी को दी हुई थी। रेवाड़ी से एक जून को फ्लिपकार्ड के सीलबंद 101 पार्सल धारूहेड़ा शाखा में भेजे। जहां वेंडर ने सभी पार्सल रिसीव कर लिए। रिसीव करने के बाद सिस्टम पर अपलोड नहीं किए। जिनमें 14,04,720 रुपए के कीमती मोबाइल व अन्य सामान था। सभी पार्सल मिसरूट ऑर्डर थे। जिन्हें रिसीव करने के बाद वापस रेवाड़ी डिलीवरी हैब भेजना था। एग्रीमेंट में दिया गलत एड्रेस शिकायत में बताया कि आरोपी ने चोरी की नीयत से आर्डर को सिस्टम में रिसीव नहीं किया और वापस भी नहीं भेजें। अपने स्तर पर बातचीत कर जब आर्डर वापस भेजने की कहने पर अपना फोन बंद कर लिया। वेंडर तभी से शाखा पर भी नहीं आ रहा है। जांच करने पर पता चला कि आरोपी द्वारा एग्रीमेंट में दिया गया एड्रेस भी फर्जी है। उसका सही एड्रेस कोटपुतली का बिवाली गांव है। बलराम जोशी के साथ उनके भाई कृष्ण शर्मा भी काम करते थे। उसके बाद से वह भी गायब हैं। 11 कर्मियों का वेतन पेडिंग नितेश ने बताया कि शिकायत के बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने जब आरोपी से सीसीटीवी फुटेज मांगी तो पहले एलईडी, फिर केबल और अंत में पासवर्ड नहीं होने की बात कहकर टाल दिया। इसके बाद से दोनों भाई फरार हैं। उनके मोबाइल भी बंद आ रहे हैं। शाखा कार्यालय भी बंद पड़ा है।
वर्दी असली नहीं थी, लेकिन उसका रौब असली था। एफआईआर फर्जी थी, लेकिन उसका डर असली था। इसी डर के सहारे एक रिटायर्ड प्रोफेसर और फर्जी डीआईजी ने दतिया के सर्राफा कारोबारी परिवार से 10 महीने में एक करोड़ 9 लाख 50 हजार रुपए वसूल लिए। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कारोबारी परिवार को लंबे समय तक यकीन ही नहीं हुआ कि जिसके सामने वे झुक रहे हैं, वह कोई असली अधिकारी नहीं, बल्कि फर्जी पहचान के सहारे खड़ा किया गया एक छलावा है। दैनिक भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि कैसे पुरानी पहचान, फर्जी रसूख और वर्दी के रौब को करोड़ों की वसूली का हथियार बनाया गया। पढ़िए, रिपोर्ट… भरोसे की नींव पर खड़ी की ठगी की इमारत दतिया के सर्राफा कारोबारी अरविंद अग्रवाल और उनके दिवंगत भाई रोहित अग्रवाल का परिवार वर्षों से सोने-चांदी के कारोबार से जुड़ा है। शहर में अच्छी साख रही है। इसी परिवार से रिटायर्ड प्रोफेसर अशोक कुमार गुप्ता की पुरानी पहचान थी। परिजन के अनुसार, प्रोफेसर गुप्ता की रोहित अग्रवाल से गहरी दोस्ती थी। वह कई बार जरूरत पड़ने पर दुकान पर आते थे और अपने सोने के आभूषण गिरवी रखकर रकम लेते थे। यही पुराना विश्वास बाद में ठगी की सबसे मजबूत कड़ी बन गया। प्रोफेसर गुप्ता की पहचान मनीष कुमार गुबरेले से भी थी, जिसकी कद-काठी, व्यक्तित्व और बोलने का अंदाज किसी पुलिस अधिकारी जैसा था। रोहित के निधन के बाद दोनों ने मिलकर परिवार की परिस्थितियों और अपनी पुरानी पहचान का फायदा उठाने की योजना बनाई। फर्जी डीआईजी बनकर दुकान में पहुंचा मनीष अक्टूबर 2024 की एक दोपहर अरविंद अग्रवाल अपनी सर्राफा दुकान पर बैठे थे। तभी तीन स्टार लगी वर्दी पहने मनीष वहां पहुंचा। उसने खुद को एंटी करप्शन एंड क्राइम कंट्रोल फोर्स (ACCF) का डीआईजी बताया। उसने आते ही रौबदार अंदाज में बातचीत शुरू की और कुछ दस्तावेज सामने रख दिए। ये दस्तावेज कथित तौर पर किसी सरकारी कार्रवाई से जुड़े हुए थे। आरोप है कि उनमें फर्जी शिकायत और फर्जी एफआईआर का मसौदा शामिल था। मनीष ने अरविंद को बताया कि उनके खिलाफ अवैध लेनदेन की गंभीर शिकायतें मिली हैं। किसी भी समय केस दर्ज हो सकता है। कार्रवाई हुई तो पूरा परिवार जेल जाएगा और सालों की कमाई हुई प्रतिष्ठा खत्म हो जाएगी। कानूनी कार्रवाई और बदनामी के डर ने व्यापारी परिवार को मानसिक रूप से तोड़ दिया। यहीं से शुरू हुआ करोड़ों की वसूली का सिलसिला। 10 किश्तों में 60 लाख, फिर 20 लाख का 'समझौता' पुलिस के अनुसार, केस का डर दिखाकर अक्टूबर 2024 से फरवरी 2025 के बीच अरविंद अग्रवाल से 10 अलग-अलग किश्तों में 60 लाख रुपए वसूले। इनमें 24 अक्टूबर को 5 लाख, 27 अक्टूबर को 5 लाख, 30 अक्टूबर को 2 लाख, 6 दिसंबर को 9 लाख, 15 दिसंबर को 5 लाख, 18 दिसंबर को 5 लाख, 3 जनवरी को 5 लाख, 16 जनवरी को 10 लाख, 6 फरवरी को 8 लाख और 12 फरवरी को 6 लाख रुपए दिए गए। इसके बाद भी मामला खत्म नहीं हुआ। मार्च 2025 में आरोपियों ने एक और मांग रखी। कहा गया कि केस को हमेशा के लिए बंद कराने के लिए 20 लाख रुपए देने होंगे। डर के कारण व्यापारी ने यह रकम भी दे दी। इस तरह अकेले अरविंद अग्रवाल से कुल 80 लाख रुपए वसूले गए। फिर परिवार की दूसरी पीढ़ी को बनाया निशाना अरविंद अग्रवाल से मोटी रकम हासिल करने के बाद आरोपियों ने परिवार के दूसरे हिस्से को निशाना बनाया। जून 2025 में मनीष नए किरदार में सामने आया। इस बार उसने खुद को झांसी एंटी करप्शन ब्यूरो का इंस्पेक्टर बताया। वह रोहित अग्रवाल के बेटे प्रियांश सिंघल की दुकान पर पहुंचा। उसने दावा किया कि प्रोफेसर अशोक गुप्ता का 100 ग्राम सोना रोहित अग्रवाल पर बकाया था। इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई गई है। उसने प्रियांश को भी कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी का डर दिखाया। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, जून से अगस्त 2025 के बीच प्रियांश से 6 किश्तों में 29.5 लाख रुपए वसूले गए। इनमें पांच किश्तें 5-5 लाख रुपए की थीं जबकि आखिरी किश्त 4.5 लाख रुपए की बताई गई है। यहीं से कुल वसूली का आंकड़ा 1 करोड़ 9 लाख 50 हजार रुपए तक पहुंच गया। वर्दी पहनने के बाद पुलिस वाले भी समझते थे अफसर मनीष कुमार हमेशा सफेद रंग की लग्जरी एसयूवी से चलता था। इससे लोगों को लगता था कि वह किसी विशेष एजेंसी या उच्च पदस्थ अधिकारी से जुड़ा है। झांसी के एक पॉश इलाके में उसका अत्याधुनिक सुविधाओं वाला ऑफिस भी था। बाहर से देखने पर यह किसी कॉर्पोरेट फर्म या सरकारी जांच एजेंसी जैसा लगता था। स्थानीय लोगों के अनुसार, जब वह वर्दी पहनकर निकलता था तो पुलिसकर्मी भी उसे अधिकारी समझते थे। इसका फायदा उठाकर वह लोगों पर दबाव बनाता था। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि वसूली की रकम से उसने झांसी के पास एक गांव में जमीन और लग्जरी कार भी खरीदी थी। कलेक्ट्रेट में मुलाकात बनी खुलासे का टर्निंग पॉइंट आरोपी मनीष कुमार की लगातार पैसों की मांग से परेशान प्रियांश सिंघल की मुलाकात एक दिन कलेक्ट्रेट में प्रोफेसर अशोक गुप्ता से हो गई। बातचीत के दौरान प्रियांश ने उनसे सीधे सवाल कर दिया कि जब उनका पूरा हिसाब-किताब चुकता कर दिया गया है, तो मनीष अब भी क्यों परेशान कर रहा है? यह सवाल सुनकर प्रोफेसर गुप्ता असहज हो गए। उन्होंने कहा कि वे मनीष नाम के किसी व्यक्ति को जानते ही नहीं हैं। इस मुलाकात के बाद प्रियांश ने खुद जानकारी जुटानी शुरू की। वह झांसी पहुंचा और उन दफ्तरों में पड़ताल की, जिनका नाम लेकर मनीष खुद को अधिकारी बताता था। पता चला कि वहां मनीष कुमार नाम का कोई अधिकारी पदस्थ ही नहीं है। इसके बाद परिवार ने पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने योजना बनाकर 10 जून को मनीष को पैसे देने के बहाने बुलाया। जैसे ही वह रकम लेने पहुंचा, पहले से मौजूद सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों ने उसे दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद उसने खुद को बचाने की कोशिश की। मामला खत्म कराने के लिए पूरी रकम लौटाने की पेशकश भी की। पुलिस को और पीड़ितों के सामने आने का इंतजार टीआई धीरेंद्र मिश्रा का कहना है कि हाल ही में पुलिस टीम झांसी स्थित मनीष के कार्यालय भी पहुंची, जहां ताला लगा मिला। पुलिस को संदेह है कि ऑफिस के भीतर फर्जी दस्तावेज, पहचान पत्र, सील-सिक्के और अन्य लोगों को ब्लैकमेल करने से जुड़े रिकॉर्ड मिल सकते हैं। जांच में सामने आया कि जिस एंटी करप्शन एंड क्राइम कंट्रोल फोर्स का नाम लेकर मनीष रौब दिखाता था, वह मूल रूप से एक ट्रस्ट से जुड़ी संस्था है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि संस्था के नाम और पद का इस्तेमाल किस सीमा तक किया गया। आशंका है कि कई अन्य लोग भी इसी तरह के दबाव और ब्लैकमेलिंग का शिकार हुए होंगे, लेकिन बदनामी के डर से सामने नहीं आए। फिलहाल मनीष गिरफ्तार है जबकि रिटायर्ड प्रोफेसर अशोक कुमार गुप्ता जांच एजेंसियों के रडार पर है। उसके खिलाफ मामला दर्ज किया जा चुका है। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह खेल सिर्फ दो लोगों तक सीमित था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क भी काम कर रहा था। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढे़ं… दतिया में फर्जी DIG ने सर्राफा कारोबारी से की वसूली दतिया में एंटी करप्शन एंड क्राइम कंट्रोल फोर्स का फर्जी डीआईजी बनकर लोगों को डराने-धमकाने वाला गिरोह पकड़ाया है। शहर के सर्राफा कारोबारी अरविंद अग्रवाल ने कोतवाली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि फर्जी डीआईजी मनीष कुमार गुबरेले और उसके सहयोगी एके गुप्ता ने गिरफ्तारी, एफआईआर और कार्रवाई का भय दिखाकर उनसे करीब 80 लाख रुपए वसूल लिए। पढे़ं पूरी खबर…
धमतरी जिले के खरतुली गांव के 38 वर्षीय किसान मोहित पवार ने पुणे से एमबीए करने के बाद निजी कंपनियों के नौकरी प्रस्ताव ठुकराकर खेती को चुना। वह एक एकड़ पैतृक जमीन पर हाईटेक तरीके से डच गुलाब की व्यावसायिक खेती कर रहे हैं। उनके फूलों की आपूर्ति अब छत्तीसगढ़ के साथ ओडिशा और झारखंड के बाजारों तक पहुंच रही है। मोहित पवार ने बताया कि डच गुलाब की खेती शुरू करने के लिए शुरुआती निवेश 50 से 60 लाख रुपये आंका गया था। पूंजी की जरूरत को देखते हुए उन्होंने बैंक से 65 लाख रुपये का कृषि ऋण लिया। इसके बाद गांव में पॉली हाउस और अन्य जरूरी ढांचा तैयार किया गया। अप्रैल 2025 से खेती शुरू की गई। पहले साल में उन्हें नुकसान भी हुआ। शुरुआती 4 से 5 महीनों में पौधों के रखरखाव और तकनीकी समझ की कमी के कारण उत्पादन प्रभावित हुआ। बाद में उन्होंने प्रबंधन और मार्केटिंग रणनीति के जरिए संचालन में सुधार किया। इसके बाद परियोजना घाटे से निकलकर मुनाफे में आ गई। वर्तमान में पॉली हाउस से रोज औसतन 12 किलो फूल तोड़े जा रहे हैं। इससे प्रतिदिन करीब 1000 से 1500 डंडियां बाजार के लिए तैयार होती हैं। शादी-विवाह और त्योहारों के मौसम में मांग बढ़ने पर पूरा उत्पादन ऊंचे दामों पर बिक जाता है। फूलों को पैक कर रायपुर भेजा जाता है। वहां से आगे अन्य राज्यों में सप्लाई होती है। मोहित पवार के अनुसार, इस खेती से सालाना 15 से 18 लाख रुपये की कुल आय हो रही है। बैंक ऋण की किस्त, जैविक खाद, रखरखाव, खेत में काम करने वाले 8 स्थानीय मजदूरों की मजदूरी जैसे खर्च निकालने के बाद भी सालाना 13 से 15 लाख रुपये की शुद्ध बचत का दावा किया गया है। उन्होंने बताया कि खेती को रासायनिक खाद से मुक्त रखा गया है। डच गुलाब के उन्नत पौधे पुणे से मंगाए गए। तापमान नियंत्रित करने वाला पॉली हाउस बनाया गया। सिंचाई के लिए इजरायली ड्रिप सिस्टम लगाया गया है। इस व्यवस्था में गर्मी के दिनों में भी रोजाना 350 से 400 लीटर पानी से काम चल जाता है। सर्दियों में सप्ताह में एक बार सिंचाई की जरूरत पड़ती है। कम पानी की खपत के कारण गिरते जलस्तर के बीच भी उत्पादन बनाए रखने में मदद मिल रही है। इनसे संपर्क करिए... 8349211191
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने पांच साल के अंदर दोनों देशों के बीच व्यापार को दोगुना करने के लिए एक उच्च-स्तरीय सिस्टम बनाने पर सहमति जताई।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट गए हैं। ऐसे में रविवार को छोटे कारोबारी और कारोबार की समस्याओं पर आधारित ‘विज़न इंडिया: प्लान, डेवलप, एसेंट’ नए शिखर सम्मेलन का आगरा में आयोजन किया गया। इसमें सपा अध्यक्ष ने विभिन्न जिलों से आए कारोबारी और व्यापारियों से संवाद किया। उन्होंने आगरा के विकास को लेकर अपना रोड मैप सबके सामने रखा। अखिलेश यादव और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन ने इसके सुपर सेशन में हिस्सा लिया। अखिलेश यादव ने छोटे कारोबारी और कारोबार के बारे में विस्तार से बात की। उन्होंने कहा, “छोटा कारोबार, यूपी की बुनियाद! हमारा मानना है की ‘छोटे कारोबार’ की समस्याओं, दिक्कतों, चुनौतियों, अपेक्षाओं, आकांक्षाओं को तब तक नहीं समझा जा सकता, जब तक हम उनकी परेशानियों को सुलझाने के लिए उनको स्थायी और अस्थायी में वर्गीकृत या क्लासिफाइड नहीं करेंगे।”उन्होंने कहाकि “एक संवेदनशील सरकार का कर्त्तव्य क़ेवल कानून बनाना नहीं, बल्कि उन लोगों का हाथ पकड़ना भी है जो हर दिन कठिन परिस्तिथियों में म़ेहनत करक़े अपने परिवार का जीवन ब़ेहतर बनाने की कोशिश कर रहे हैं।” “जब छोटा कारोबारी सुरक्षित होगा, सम्मानित होगा और आगे बढ़ेगा, तभी उत्तर प्रदेश सच मायनों में समृद्ध और मज़बूत बनेगा।”“उत्तर प्रदेश की ताकत बड़े बड़े कारखाने नहीं है। हमारी ताकत है छोटा दुकानदार, छोटा कारीगर। दूध-सब्जी बेचने वाला, फल वाला, कुल्फी वाला, मूंगफली वाला। यही लोग UP की रीढ़ है। 6 करोड़ से ज़्यादा परिवार इन्हीं छोटी दुकानों, ठेलों और खोमचों से अपना घर चलाते हैं।”“गरीब आदमी का सबसे बड़ा दुख यही है की वो काम करना चाहता है, लेकिन व्यवस्था उसे बार-बार रोकती है। हमें ऐसी व्यवस्था बनानी होगी जहाँ ईमानदारी से काम करने वाले को सम्मान मिले, ना की उसे हर दरवाज़े पर खड़ा होकर हाथ जोड़ना पड़े।”अखिलेश यादव ने आगरा और उसके आस-पास के शहरों—जैसे फ़िरोज़ाबाद और मथुरा-वृंदावन की गिरती अर्थव्यवस्था पर चर्चा की और उनके विकास व खुशहाली के लिए काम करने का संकल्प लिया। आगरा में 500 प्राइमरी स्कूल बंद हो गए हैंअखिलेश यादव ने कहा- आगरा में 500 प्राइमरी स्कूल बंद हो गए हैं। 2017 में 2090 थे अब केवल 1637 स्कूल बचे हैं। उन्होंने कहा- 14 एलोपैथिक स्वास्थ्य केंद्र थे। अब सब शून्य हो गए हैं। आगरा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की संख्या 2017 से पहले 25 थी अब 18 बचे हैं। निजी स्वास्थ्य 354 थे लेकिन अब 1100 हो गए हैं। प्राइवेट को इनकी सरकार बढ़ावा दे रही है। उन्होंने यूपी में कमिश्नरेट सिस्टम पर तंज कसते हुए कहाकि जैसे डायल 100 को 112 कर दिया। ऐसे ही पुलिस के रेट भी बढ़ गए। पीडीए का मतलब प्रेम, दया और अपनापन भी हैअखिलेश यादव ने कहा- पीडीए केवल एक राजनीतिक नारा नहीं है, बल्कि समाज को जोड़ने का संदेश भी है। पीडीए का मतलब प्रेम, दया और अपनापन भी है। पी (P) से प्रेम, डी (D) से दया और ए (A) से अपनापन। उन्होंने कहा- समाज में जितना अधिक प्रेम, दया और अपनापन बढ़ेगा, उतनी ही सामाजिक एकता और भाईचारा मजबूत होगा। यही मूल्य समाज को आगे बढ़ाने और लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने का काम करते हैं। फिरोजाबाद को एक आधुनिक 'ग्लास सिटी' के रूप में विकसित किया जाएगाअखिलेश यादव ने कहा- यदि फिरोजाबाद के उद्योगों को आगे बढ़ाने के लिए विशेष पैकेज देने की जरूरत पड़ी तो समाजवादी पार्टी की सरकार ऐसा करने में पीछे नहीं हटेगी। मौजूदा उद्योगों को कुछ सुविधाएं मिल रही हैं, लेकिन नए उद्यमियों और नई इकाइयों को स्थापित करने के लिए पर्याप्त सहयोग उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा- फिरोजाबाद को एक आधुनिक 'ग्लास सिटी' के रूप में विकसित किया जाएगा। दुनिया के जिन देशों और शहरों में कांच उद्योग की सबसे उन्नत तकनीकें और सुविधाएं उपलब्ध हैं, उन्हें यहां लाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि स्थानीय उद्योग वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें। अखिलेश यादव ने आगे कहा- उद्योग को मजबूती देने के लिए जरूरत पड़ने पर कॉमन फैसिलिटी सेंटर और ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट भी स्थापित किए जाएंगे। फिरोजाबाद से हमारा विशेष जुड़ाव रहा है। पिछली सरकार के दौरान हमने ग्लास सिटी के लिए करीब 500 हेक्टेयर जमीन भी चिह्नित कर ली थी। उस समय यह परियोजना पूरी नहीं हो सकी, लेकिन भविष्य में सरकार बनने पर ग्लास सिटी परियोजना को शुरू करने का काम प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
स्पा की आड़ में देह व्यापार, 5 गिरफ्तार
जयपुर | विधायकपुरी थाना पुलिस ने भगवानदास रोड स्थित मॉल-21 में चल रहे लवाना स्पा सेंटर पर दबिश देकर अनैतिक गतिविधियों का भंडाफोड़ किया है। पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) राजर्षिराज ने बताया कि पुलिस को स्पा की आड़ में अवैध कार्य संचालित होने की सूचना मिली थी। इस पर थानाधिकारी नरेंद्र भडाना के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई करते हुए मौके से 2 युवकों संजीव लोधी (सागर, मप्र) और आकाश लोधी (अशोकनगर, मप्र) सहित 3 युवतियों को गिरफ्तार किया। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों व संचालक के बारे में जानकारी जुटा रही है।
इंदौर क्राइम ब्रांच ने क्रिप्टो करेंसी और फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस एक महिला आरोपी को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि चंडीगढ़, बेंगलुरु और दिल्ली से जुड़े अन्य आरोपी अभी फरार हैं। जांच में सामने आया है कि गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ था और इंदौर की होटलों में सेमिनार व मीटिंग आयोजित कर लोगों को झांसे में लिया जाता था। डीसीपी राजेश त्रिपाठी के अनुसार, मामले में हरप्रीत कौर उर्फ मोना निवासी विष्णुपुरी कॉलोनी, जसवंत सिंह उर्फ जस्सी निवासी चंडीगढ़, अनिरुद्ध दलवी निवासी बेंगलुरु, मुकेश तायडे और जोसेफ निवासी भोपाल के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया गया है। आरोपियों पर लोगों को 100 दिनों में रकम दोगुनी करने का लालच देकर निवेश करवाने और बाद में पैसा वापस नहीं करने का आरोप है। इन लोगों ने की शिकायत क्राइम ब्रांच को जिया पति सतीश वाधवानी, गुरजीत, अभिषेक, जसरथ, अमरजीत, हन्नी, साहिल, रोहित, पंकज, हरप्रीत कौर, गुरमीत कौर सहित कई लोगों ने शिकायत दी थी। पीड़ितों ने बताया कि आरोपियों ने क्रिप्टो करेंसी और फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश पर शुरुआत में 2 प्रतिशत मुनाफा और 100 दिन में रकम दोगुनी करने का दावा किया था। लेकिन बाद में न तो मुनाफा मिला और न ही मूल राशि वापस की गई। यूएस बेस्ड कंपनी बनाकर किया फर्जीवाड़ा जांच में सामने आया कि आरोपियों ने मिलकर “ए स्क्वेयर वर्ल्ड ग्लोबल कंसल्टेंसी” नाम से एक कथित यूएस बेस्ड कंपनी बनाई थी। हरप्रीत कौर उर्फ मोना ने अपने और कंपनी के बैंक खातों में निवेशकों से करीब ढाई करोड़ रुपए जमा करवाए थे। किटी पार्टी से पहचान, फिर होटल में सेमिनार पीड़िता जिया वाधवानी ने पुलिस को बताया कि उसकी पहचान हरप्रीत कौर से किटी पार्टी में हुई थी। हरप्रीत ने खुद को यूएस बेस्ड कंपनी से जुड़ा बताया। इसके बाद उसे भंवरकुआ स्थित होटल सोलारिस में जसवंत सिंह और अनिरुद्ध से मिलवाया गया, जहां पूरा निवेश प्लान समझाया गया। बाद में होटल रेडिसन में बड़ा सेमिनार आयोजित किया गया, जिसमें करीब 200 लोग शामिल हुए। वहां महंगे गिफ्ट और भारी मुनाफे का लालच देकर लोगों से निवेश करवाया गया। साइट अपडेट का बहाना बनाकर टालते रहे भुगतान पीड़ितों के मुताबिक, मार्च 2025 के बाद किसी भी निवेशक को भुगतान नहीं किया गया। जब लोगों ने हरप्रीत कौर से संपर्क किया तो उसने कंपनी की वेबसाइट अपडेट होने का बहाना बनाया और कहा कि जल्द ऑनलाइन पेमेंट कर दिया जाएगा। अप्रैल में भी इसी तरह टालमटोल की गई। दबाव बढ़ने पर आरोपियों ने झूम एप के जरिए ऑनलाइन मीटिंग की, जिसमें जसवंत और अनिरुद्ध भी जुड़े। उन्होंने जल्द भुगतान का आश्वासन दिया, लेकिन उसके बाद भी किसी को रकम नहीं मिली। रुपए मांगने पर दी धमकी जब निवेशकों ने लगातार अपने पैसे वापस मांगने शुरू किए तो आरोपियों ने साफ कह दिया कि कंपनी डूब चुकी है और अब किसी को कोई पैसा नहीं मिलेगा। इसके बाद सभी आरोपियों ने संपर्क बंद कर दिया। मामले में पीड़ितों ने क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई। फिलहाल पुलिस हरप्रीत कौर को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। क्राइम ब्रांच अब बैंक खातों, लेन-देन और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच कर रही है।
आज के दौर में नौकरी बदलने या नई जॉब तलाशने वालों के लिए सैलरी (CTC Package) सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक होती है। कोई भी उम्मीदवार किसी कंपनी का हिस्सा बनने से पहले यह जरूर सुनिश्चित करना चाहता है कि उसे मिलने वाला पैकेज उसकी योग्यताओं और उम्मीदों के मुताबिक है या नहीं। लेकिन कॉरपोरेट जगत में अक्सर कंपनियां जॉब वैकेंसी पोस्ट करते समय सैलरी रेंज का खुलासा नहीं करतीं, जिससे अंत में उम्मीदवार और कंपनी दोनों का कीमती समय और संसाधन बर्बाद होते हैं।ऐसा ही एक दिलचस्प और आंखें खोलने वाला मामला सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसने कॉर्पोरेट जगत में सैलरी ट्रांसपेरेंसी (सैलरी की साफ जानकारी) को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। एक स्टार्टअप फाउंडर ने सार्वजनिक रूप से अपनी गलती स्वीकार करते हुए बताया कि उनकी कंपनी में लंबी भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद एक क्वालिफाइड उम्मीदवार ने ₹20 लाख सालाना के जॉब ऑफर को सीधे खारिज कर दिया। वजह थी—उम्मीदवार की उम्मीद और कंपनी के बजट के बीच का एक बड़ा फासला।तीन हफ्ते की लंबी दौड़, 4 इंटरव्यू राउंड और अंत में 'नो डील'इस पूरे घटनाक्रम की इनसाइड स्टोरी साझा करते हुए स्टार्टअप फाउंडर अभिषेक अग्रवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन (LinkedIn) पर एक पोस्ट लिखी। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी ने एक विशिष्ट पद के लिए हायरिंग शुरू की थी। एक योग्य उम्मीदवार ने आवेदन किया और वह कंपनी के कड़े सिलेक्शन प्रोसेस का हिस्सा बना।कड़ी परीक्षा: उम्मीदवार ने एक-एक करके कुल 4 कठिन इंटरव्यू राउंड्स को सफलतापूर्वक पास किया।समय की बर्बादी: यह पूरी भर्ती प्रक्रिया करीब तीन सप्ताह (21 दिन) तक लगातार चलती रही। दोनों ही पक्षों ने इसमें काफी समय, ऊर्जा और मेहनत लगाई।सैलरी का पेंच: जब सारे राउंड क्लियर होने के बाद आखिरी चरण में फाइनल सैलरी ऑफर करने की बात आई, तो दोनों पक्षों के होश उड़ गए। कंपनी ने अपने निर्धारित बजट के अनुसार उम्मीदवार को ₹20 लाख सालाना का पैकेज ऑफर किया, जबकि उम्मीदवार अपनी मार्केट वैल्यू के हिसाब से ₹28 लाख सालाना की उम्मीद कर रहा था। ₹8 लाख के इसी बड़े अंतर (Gap) के कारण उम्मीदवार ने ऑफर स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया।'कंपटीटिव सैलरी' शब्द पर फाउंडर ने मानी अपनी बड़ी चूकअभिषेक अग्रवाल ने अपनी लिंक्डइन पोस्ट में बेहद ईमानदारी से स्वीकार किया कि इस निराशाजनक स्थिति के लिए पूरी तरह उनकी कंपनी की नीतियां जिम्मेदार थीं। उन्होंने अपनी चूक को डिकोड करते हुए दो मुख्य बातें कहीं:भ्रामक शब्द: जॉब विज्ञापन (Job Description) में सैलरी को लेकर कोई स्पष्ट आंकड़ा या रेंज नहीं दी गई थी। विज्ञापन में सिर्फ इतना लिखा था कि कंपनी 'कंपटीटिव सैलरी' (Competitive Salary) देगी। फाउंडर ने माना कि इस शब्द का पैमाना हर व्यक्ति के लिए अलग हो सकता है। उम्मीदवार ने अपने पिछले क्रेडेंशियल्स और अनुभव के आधार पर इसे ₹28 लाख समझ लिया, जबकि कंपनी के लिए ₹20 लाख ही कंपटीटिव था।शुरुआत में स्पष्टता जरूरी: फाउंडर ने माना कि अगर उन्होंने हायरिंग के पहले दिन या जॉब पोस्टिंग के समय ही सैलरी की एक तय सीमा (Salary Range) लिख दी होती, तो यह स्थिति पैदा ही नहीं होती। ऐसा करने से तीन सप्ताह तक चला यह लंबा नाटक रुक जाता और दोनों पक्षों का कीमती समय बच जाता।रोल एक, पर सैलरी अलग: क्यों पैदा होती है यह गलतफहमी?अभिषेक ने अपनी पोस्ट में नौकरी बाजार के एक कड़वे सच को भी उजागर किया। उन्होंने बताया कि एक ही पद (Designation) के लिए अलग-अलग कंपनियों में सैलरी स्ट्रक्चर पूरी तरह भिन्न हो सकता है।किसी शुरुआती स्टेज के स्टार्टअप या छोटी कंपनी में किसी मैनेजर या डेवलपर का पैकेज ₹15-20 लाख हो सकता है।वहीं, किसी बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी (MNC) या फंडेड स्टार्टअप में उसी समान रोल और जिम्मेदारी के लिए ₹30-40 लाख तक की सैलरी मिल सकती है।यही कारण है कि सिर्फ पद का नाम (Job Title) देखकर किसी भी नौकरी की वास्तविक सैलरी का सटीक अंदाजा लगाना नामुमकिन होता है। उम्मीदवार हमेशा अपनी मौजूदा स्किल, अनुभव और मार्केट की डिमांड के हिसाब से उम्मीदें ऊंची रखते हैं, जबकि कंपनियों के आंतरिक बजट की अपनी सीमाएं होती हैं।सोशल मीडिया पर फूटा यूजर्स का गुस्सा; ट्रांसपेरेंसी की बढ़ती मांगफाउंडर की यह पोस्ट सोशल मीडिया पर देखते ही देखते वायरल हो गई और नौकरीपेशा युवाओं ने कमेंट सेक्शन में अपनी भड़ास और राय निकालनी शुरू कर दी।यूजर्स की राय: अधिकांश वर्किंग प्रोफेशनल्स ने फाउंडर के स्टैंड का समर्थन किया और कहा कि कंपनियों को अपनी जॉब पोस्टिंग में सैलरी का दायरा छुपाना बंद करना चाहिए।निराशाजनक अनुभव: एक यूजर ने लिखा, 4 राउंड के मैराथन इंटरव्यू के बाद सिर्फ सैलरी बजट मैच न होने के कारण ऑफर का रुक जाना किसी भी उम्मीदवार के लिए बेहद मानसिक तनाव और निराशा से भरा होता है।बेस्ट प्रैक्टिस: कई एचआर एक्सपर्ट्स ने सलाह दी कि किसी भी भर्ती प्रक्रिया में पहले राउंड की एचआर स्क्रीनिंग कॉल के दौरान ही सैलरी की उम्मीदों (Expected CTC) और कंपनी के बजट पर खुलकर बात कर लेनी चाहिए, ताकि आगे का सफर पारदर्शी रहे।
सिरसा जिले के चौटाला गांव के मुख्य बाजार में पिछले 15 दिनों में चोरी की तीन घटनाएं हुई हैं। इन वारदातों से व्यापारियों और रेहड़ी संचालकों में चिंता बढ़ गई है। जिसके बाद उन्होंने पुलिस प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय व्यापारियों के अनुसार, चोर बेखौफ होकर रात के समय मुख्य बाजार में रेहड़ियों और दुकानों को निशाना बना रहे हैं। लगातार हो रही इन घटनाओं से व्यापारियों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। दुकानदारों का कहना है कि बार-बार चोरी होने के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ है, जिससे चोरों के हौसले बुलंद हैं। व्यापारियों ने लोगों से की संदिग्ध को पहचानने की अपील हाल ही में हुई चोरी की घटनाओं के बाद बाजार में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया है। इस व्यक्ति पर चोरी की वारदातों में शामिल होने का संदेह है। ग्रामीणों और व्यापारियों ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी को संदिग्ध की पहचान के संबंध में कोई जानकारी हो तो तुरंत पुलिस या संबंधित व्यक्तियों को सूचित करें। चोरी की घटनाओं का जल्द खुलासा करने की मांग बाजार के दुकानदारों ने पुलिस प्रशासन से रात्रि गश्त बढ़ाने, संदिग्ध व्यक्तियों पर कड़ी निगरानी रखने और चोरी की घटनाओं का जल्द खुलासा करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो व्यापारियों को और अधिक नुकसान झेलना पड़ सकता है। स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई है कि पुलिस प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेगा और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचेगा। साथ ही, बाजार क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा, ताकि व्यापारियों और आम नागरिकों में विश्वास बहाल हो सके।
नारनौल के नागरिक अस्पताल गेट के सामने स्थित रेलवे अंडरपास में बरसात के दौरान जलभराव की समस्या से राहत दिलाने के लिए सड़क को ऊंचा करने का कार्य शुरू किया गया है। इस कार्य का आसपास के व्यापारियों और उद्योग संचालकों ने विरोध शुरू कर दिया। दुकानदारों का कहना है कि सड़क का लेबल ऊंचा होने से भारी वाहन और मालवाहक गाड़ियां अंडरपास से नहीं निकल पाएंगी, जिससे उनके कारोबार पर असर पड़ेगा। इसको लेकर वहां के व्यापारियों ने कुछ देर के लिए धरना भी दिया। शहर में बने पांच अंडरपास दरअसल, नारनौल शहर में रेलवे के पांच अंडरपास बने हुए हैं। बरसात के मौसम में इनमें पानी भर जाने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार अंडरपासों में इतना पानी जमा हो जाता है कि आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है। दोनों ओर सड़क उठा रहे इसी समस्या के समाधान के लिए प्रशासन ने अंडरपास के दोनों ओर सड़क का स्तर ऊंचा करने का कार्य शुरू किया है, ताकि बारिश का पानी अंडरपास में प्रवेश न कर सके। इसके निर्माण का काम भी शुरू हो गया है। व्यापारियों ने किया विरोध काम शुरू होते ही नागरिक अस्पताल के सामने स्थित अंडरपास से जुड़े व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने विरोध जताया। व्यापारियों का कहना है कि सड़क पहले से ही ऊंची है और अब इसे और ऊंचा करने से उनकी गाड़ियों के नीचे लगे गार्डर और अन्य हिस्से अंडरपास से गुजरते समय अटक सकते हैं। इससे माल ढुलाई प्रभावित होगी और उद्योगों व दुकानों तक सामान पहुंचाने में दिक्कत आएगी। लगी हैं 40 फैक्ट्रियां व्यापारियों के अनुसार इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों वाहन गुजरते हैं। आसपास तेल मिल, वेल्डिंग वर्कशॉप, फैक्ट्रियां और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित हैं। उनका कहना है कि प्रशासन को जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान निकालना चाहिए, लेकिन ऐसा समाधान नहीं होना चाहिए जिससे व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हों। विरोध के दौरान कई व्यापारी मौके पर एकत्रित हुए और प्रशासन से सड़क की ऊंचाई बढ़ाने के निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की। वहीं निर्माण कार्य फिलहाल जारी है।
फ्रांस के नीस शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भारतीय समुदाय ने जोरदार स्वागत किया। इंतजार में खड़े लोगों ने पीएम के पहुंचते ही 'मोदी मोदी' और 'भारत माता की जय' के नारे लगाए
गोरखपुर में गैंगेस्टर एक्ट में फरार चल रहे आरोपी को कैंट पुलिस ने मुजफ्फरपुर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी और उसके गैंग ने 6 लाख रुपए लेकर दो व्यापारियों को असली के बजाय नकली सोना बेच दिया था। इसी मामले में वह पहले भी गिरफ्तार हो चुका था। लेकिन जमानत छूट गया। बाद में पुलिस ने पूरे गैंग पर गैंगेस्टर एक्ट लगाया। तभी से आरोपी फरार चल था। शनिवार को उसे पकड़ कर जेल भेज दिया गया। आरोपी की पहचान गुजरात के सूबेदार खेड़ा निवासी किशोर राठौर के रूप में हुई। जानिए पूरा मामला…जानकारी के मुताबिक, 7 जनवरी 2024 को सिद्धार्थनगर जिले के सर्राफा संजय कुमार गुप्ता और किराना व्यापारी घनश्याम प्रसाद को गिरोह ने अपना शिकार बनाया था। दोनों को पहले असली सोना दिखाकर भरोसे में लिया। जब वे सोना खरीदने को तैयार हो गए तब सिद्धार्थनगर से गोरखपुर में बुलाया। सिद्धार्थनगर से गोरखपुर बुलायालालच में फंसे दोनों व्यापारी तीन-तीन लाख रुपये में सोना खरीदने को तैयार थे। आरोपियों ने दोनों से छह लाख रुपये ले लिए और नकली सोना थमा कर फरार हो गए। रेलवे स्टेशन से हुई थी पहली गिरफ्तारीचेक कराने के बाद जब व्यापारियों को पता चला कि उनके साथ ठगी हुई। तब उन्होंने कैंट पुलिस को सूचना दी। उस समय सीसी कैमरा की मदद से पुलिस ने जांच शुरू की। सीडीआर और मोबाइल टॉवर लोकेशन से पूरी गैंग को तब रेलवे स्टेशन के पास से SOG और कैंट पुलिस ने धर दबोचा। पुलिस ने बढ़ाई धारा, गैंगेस्टर एक्ट लगाउनके पास से भारी मात्रा में नकली सोना और रुपये बरामद हुए थे। जेल भेजने के बाद आरोपी जमानत पर रिहा हो गए थे। बाद में पुलिस ने उनपर गैंगस्टर का केस दर्ज किया, और फिर सबकी गिरफ्तारी की। गैंग के अन्य आरोपी तो पकड़ें गए, लेकिन किशोर राठौर फरार था और वांछित चल रहा था। शनिवार को पुलिस ने उसे भी मुजफ्फरपुर से गिरफ्तार कर लिया। इंस्पेक्टर संजय सिंह ने बताया कि गिरफ्तारी गोलघर चौकी इंचार्ज अवनीश पांडेय, पैडलेगंज चौकी प्रभारी आशीष दुबे ने की है।
महंगाई के विरोध में कांग्रेस की बाड़मेर में रैली कल
भास्कर न्यूज़ | बाड़मेर बाड़मेर में गहराते पेयजल संकट को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने जिला मुख्यालय के सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता कर सरकार से त्वरित समाधान की मांग की। जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह चौधरी ने कहा कि भीषण गर्मी के बीच ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नियमित जलापूर्ति नहीं हो पा रही, जिससे लोगों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ रहा है और पशुधन भी प्रभावित हो रहा है। उन्होंने इंदिरा गांधी नहर परियोजना की घटती आपूर्ति क्षमता, जल जीवन मिशन में खामियों और जलदाय विभाग में कर्मचारियों की कमी को संकट की प्रमुख वजह बताया। नीट पेपर लीक, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ युवा कांग्रेस बाड़मेर 15 जून को जनआक्रोश रैली निकालेगी। रैली आदर्श स्टेडियम से सुबह 9 बजे शुरू होगी। कलेक्टर परिसर तक जाएगी। युवा कांग्रेस नेता तोगाराम मेघवाल ने बताया कि रैली को सफल बनाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में जनसंपर्क अभियान चल रहा है। युवा कांग्रेस की अलग-अलग टीमें गांव-गांव पहुंच रही हैं। कार्यकर्ता आमजन को रैली में आने का निमंत्रण दे रहे हैं। कांग्रेस ने मांग की कि क्षतिग्रस्त जल संरचनाओं की मरम्मत कराई जाए, योजनाओं की समीक्षा हो और अंतिम छोर तक निर्बाध पेयजल पहुंचे। चौधरी ने कहा कि समय पर कदम नहीं उठे तो पार्टी आंदोलन करेगी। एनएसयूआई जिलाध्यक्ष भूपेंद्र मेघवाल राजबेरा, जिलाध्यक्ष महिला कांग्रेस बाड़मेर किरण मेघवाल, निवर्तमान सभापति दीपक माली, ब्लॉक अध्यक्ष बाड़मेर करनाराम मेघवाल , वी पी सिंह आगोर, महावीर जैन, सोहनलाल मंसूरिया, राजू धनदेव, ब्लॉक अध्यक्ष सेड़वा ममता हुडडा, स्वरूप सिंह पंवार, हेम पर्वत गोस्वामी मौजूद रहे।
मुक्त व्यापार समझौतों से पंजाब के निर्यात को मिलेगी नई उड़ान
भास्कर न्यूज |लुधियाना भारत द्वारा यूनाइटेड किंगडम, यूरोपीय संघ और यूरोपियन फ्री ट्रेड एसोसिएशन के साथ किए गए और प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौतों से पंजाब के उद्योगों को बहुत बड़ा लाभ मिलेगा। यह बात फिक्की और सेंटर फॉर ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट लॉ द्वारा लुधियाना में आयोजित एक विशेष सम्मेलन में नीति निर्माताओं और उद्योगपतियों ने कही। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य पंजाब को एक अग्रणी निर्यात-आधारित अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करना था। पंजाब फाइनेंशियल कॉर्पोरेशन की प्रबंध निदेशक डॉ. सेनु दुग्गल (आईएएस) ने कहा कि पंजाब हमेशा से एक उद्यमशील राज्य रहा है। उन्होंने खेल सामग्री, साइकिल, हैंड टूल्स, इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल और फार्मास्यूटिकल्स के क्षेत्र में पंजाब की मजबूत स्थिति को रेखांकित करते हुए कहा कि हमारा मजबूत एमएसएमई इकोसिस्टम नए अंतरराष्ट्रीय अवसरों का लाभ उठाने के लिए पूरी तरह तैयार है। ब्रिटिश डिप्टी कमीशन (चंडीगढ़) के डिप्टी हेड ऑफ मिशन अमनदीप ग्रेवाल ने भारत-यूके एफटीए को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि यूके द्वारा भारतीय उत्पादों के लिए 99 प्रतिशत टैरिफ लाइनों को उदार बनाने से लुधियाना के टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग और इंजीनियरिंग गुड्स के निर्यातकों को बड़ा फायदा होगा। इससे कस्टम और बॉर्डर से जुड़ी अनुपालन प्रक्रियाएं भी सरल होंगी। फिक्की (पंजाब, हरियाणा, हिमाचल) के को-चेयर कुणाल यादव ने कहा कि फिक्की जल्द ही पंजाब से निर्यात वृद्धि में तेजी विषय पर एक विस्तृत अध्ययन कर इसकी रिपोर्ट पंजाब सरकार को सौंपेगी। वहीं, सीआईसीयू के अध्यक्ष उपकार सिंह आहूजा सहित अन्य विशेषज्ञों ने जोर दिया कि इस लाभ को उठाने के लिए स्थानीय उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता और सस्टेनेबिलिटी मानकों को अपनाना होगा।
लेकसिटी के युवा दंपती का स्टार्टअप मीशो ने खरीदा, 202 करोड़ में डील
लेकसिटी के अंशुल गुप्ता और उनकी प|ी ऐश्वर्या जैन के स्टार्टअप किराणा क्लब का अधिग्रहण ई-कॉमर्स कंपनी मीशो ने कर लिया है। यह डील करीब 202 करोड़ रुपए में हुई है। अंशुल और ऐश्वर्या किराणा क्लब के संस्थापक हैं। दोनों की स्कूली शिक्षा महाराणा मेवाड़ पब्लिक स्कूल से हुई है। अंशुल एक मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं। उनके माता-पिता दोनों सरकारी सेवक रहे हैं। पढ़ाई के बाद वे वर्ष 2015 के आसपास बेंगलुरु गए और विभिन्न स्टार्टअप्स में काम किया। इसी दौरान उन्हें छोटे कारोबारियों और किराना दुकानदारों की चुनौतियों को समझने का अवसर मिला। अंशुल बताते हैं कि बचपन से वे अपने नाना और मामा की दुकानों पर जाते रहे हैं। वहां उन्होंने देखा कि छोटे दुकानदारों को सामान की खरीद, बेहतर कीमत, नेटवर्किंग और जानकारी के अभाव जैसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इन्हीं चुनौतियों को करीब से देखने के बाद उन्होंने समाधान तैयार करने का विचार बनाया। वर्ष 2020 में अंशुल और ऐश्वर्या ने किराणा क्लब की शुरुआत की। यह एक बी-टू-बी यानी बायर टू बायर प्लेटफॉर्म है, जिसे छोटे किराना रिटेलर्स के लिए विकसित किया गया। एप बनाया, कम्युनिटी से बनाया नेटवर्क, आज देश के 45 लाख दुकानदार कनेक्ट इस स्टार्टअप ने दुकानदारों के लिए एक मोबाइल एप तैयार किया, जिसके माध्यम से उनकी कम्युनिटी बनाई गई। वर्तमान में इस नेटवर्क से 40 से 45 लाख दुकानदार जुड़े होने की जानकारी है। प्लेटफॉर्म का उद्देश्य किराना व्यापारियों को एक साथ जोड़ना और उन्हें बेहतर व्यावसायिक अवसर उपलब्ध कराना रहा। किराणा क्लब ने कम्यूनिटी, कॉमर्स और डिस्ट्रीब्यूशन को एक मंच पर लाते हुए दुकानदारों को सीधे कंपनियों से थोक ऑर्डर करने की सुविधा दी।
फ्रांस में अगले हफ्ते जी7 शिखर सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है। इस सम्मेलन में शामिल होने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी फ्रांस पहुंचने वाले हैं।
न्यूरिया में लकड़ी व्यापारी के गोदाम पर छापा:200 कुंतल अवैध लकड़ी जब्त, वन विभाग ने गोदाम सील किया
पीलीभीत जिले के न्यूरिया कस्बे में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की टीम ने दो लकड़ी व्यापारियों के गोदामों पर छापेमारी कर भारी मात्रा में अवैध लकड़ी बरामद की है। इसके बाद गोदामों को सील कर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसा गया है। सामाजिक वानिकी प्रभाग की टीम ने प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) भरत कुमार के नेतृत्व में शनिवार को न्यूरिया कस्बे में अचानक छापा मारा। यह कार्रवाई कस्बे के लकड़ी व्यापारी शादाब पुत्र रब्बा के गोदाम पर की गई। वन विभाग की इस औचक कार्रवाई से क्षेत्र के अवैध लकड़ी कारोबारियों में हड़कंप मच गया। गोदाम की तलाशी के दौरान वन विभाग को भारी मात्रा में प्रतिबंधित और अवैध लकड़ी का जखीरा मिला। छापेमारी में लगभग 100 कुंतल बेशकीमती सागौन और 100 कुंतल जंगली लिप्टिस की लकड़ी बरामद हुई। वन अधिकारियों को आशंका है कि यह खेप अवैध रूप से संरक्षित वन क्षेत्र से काटकर तस्करी के जरिए लाई गई थी। व्यापारी शादाब मौके पर लकड़ी के मालिकाना हक या परिवहन से जुड़े वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका। मामले की गंभीरता और अवैध लकड़ी की बड़ी खेप को देखते हुए वन विभाग की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए शादाब के गोदाम को सील कर दिया। डीएफओ भरत कुमार ने बताया कि पूरी लकड़ी जब्त कर ली गई है और गोदाम मालिक के खिलाफ सुसंगत वन अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। वन विभाग अब यह भी पता लगाने में जुटा है कि इस अवैध कटान और तस्करी के पीछे कौन-कौन से अन्य तस्कर शामिल हैं।
पानीपत में किला थाना क्षेत्र में व्यापारियों से संगठित रूप से करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है। इस गिरोह द्वारा पानीपत के एक कंबल व्यवसायी के साथ की गई ₹3.68 लाख से अधिक की ठगी के मामले में पुलिस ने आरोपियों को पानीपत जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लेकर गिरफ्तार किया था। इसके पहले आरोपियों को कोर्ट में पेश कर 3 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया था, ताकि वारदात से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा सकें। शनिवार को रिमांड अवधि पूरी होने पर पुलिस टीमों ने आरोपियों को फिर से कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत के तहत जेल भेज दिया गया है। फर्जी फर्म और बाउंस चेक का जाल थाना किला में दर्ज FIR के अनुसार, खादी कॉलोनी निवासी भीषम कक्कड़ का मनमोहन नगर में कंबलों का कारोबार है। अक्टूबर 2024 में आरोपी राहुल कुमार, दीपक कपूर और उनके साथी भीषम की दुकान पर आए थे। उन्होंने खुद को महादेव एंटरप्राइजेज, ओम ट्रेडर्स, नानक एंटरप्राइजेज और फर्निशिंग वाला जैसी फर्मों का मालिक बताकर करीब 2 हजार किलो कंबलों का ऑर्डर दिया। व्यापारी ने उन पर भरोसा कर ₹3,68,203 का माल सप्लाई कर दिया, जिसके बदले आरोपियों ने अलग-अलग चेक थमा दिए। जब ये चेक बैंक में लगाए गए तो वे बाउंस हो गए। इसके बाद जब पीड़ित ने अपनी पेमेंट मांगी, तो आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज की और उन्हें जान से मारने व गैंगस्टर से गायब करवाने की धमकियां दीं। मार्केट से करीब 30 से 40 करोड़ की ठगी का आरोप पुलिस जांच और शिकायतकर्ता के अनुसार, यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम करता है। ये लोग महंगे कपड़े और गाड़ियों में घूमकर खुद को अमीर व्यापारी दिखाते हैं और बाजार से उधार माल खरीदकर उसे कम दाम में नकद बेचकर फरार हो जाते हैं। इस गिरोह के खिलाफ पहले से ही तहसील कैंप थाने में भी केस दर्ज है। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा सहित कई राज्यों में पैर पसार चुका है और मार्केट से करीब 30 से 40 करोड़ रुपए की बड़ी ठगी को अंजाम दे चुका है। फिलहाल पुलिस इस मामले में शामिल अन्य कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। ये खबर भी पढ़ें… पानीपत-करनाल के 29 व्यापारियों से सवा करोड़ की ठगी: महंगी गाड़ियों और ब्रांडेड कपड़ों की रहीसजादी दिखा लगाया चूना, चेक बाउंस पर खुलासा हरियाणा के टेक्सटाइल हब पानीपत और पड़ोसी जिले करनाल में व्यापारियों के साथ संगठित रूप से करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। शातिर ठगों ने खुद को रईस उद्यमी बताकर 29 व्यापारियों से करीब 1,11,11,476 रुपए का माल उधार लिया और चंपत हो गए। इस मामले में तहसील कैंप थाना पुलिस ने 4 नामजद आरोपियों सहित पूरे गिरोह के खिलाफ BNS की धारा 111(2)(b) (संगठित अपराध) और 318(4) (धोखाधड़ी) के तहत केस दर्ज किया है। (पूरी खबर पढ़ें…)
अमेरिका ईरान डील पर निवेशकों की नजर, अगले हफ्ते शेयर बाजार में तेजी आएगी या मुनाफावसूली होगी?
Share Market Weekly Review : भारतीय शेयर बाजार के लिए जून का दूसरा हफ्ता भारी उठापटक वाला रहा। न्यूज बेस्ड बाजार में सेंसेक्स में 1283 अंकों का उछाल दिखाई दिया। निफ्टी में भी 256 अंकों का बढ़त रही। अमेरिका ईरान डील पर दुनियाभर के निवेशकों की नजरें ...
महू शहर के सराफा बाजार में शनिवार को अच्छी बारिश की कामना को लेकर एक भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन सराफा बाजार व्यापारी संघ द्वारा किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में व्यापारी और श्रद्धालु शामिल होंगे। सराफा व्यापारी अंकित पाल ने बताया कि व्यापारी संघ पिछले छह वर्षों से लगातार इस भंडारे का आयोजन कर रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में अच्छी वर्षा और खुशहाली सुनिश्चित करना है। मान्यता है कि इंद्रदेव को प्रसन्न करने के लिए आयोजित इस भंडारे में बड़ी संख्या में लोग प्रसादी ग्रहण करते हैं। इस वर्ष भी आयोजन में सराफा बाजार के व्यापारियों के साथ-साथ स्थानीय नागरिक भी शामिल होंगे। व्यापारी संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि भंडारे की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस दौरान श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की जाएगी और अच्छी बारिश की कामना के साथ विशेष पूजा-अर्चना भी की जाएगी।
BRICS चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के चंडीगढ़ चैप्टर के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर दीपक शुक्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर दुनिया में शांति बनाए रखने के लिए भारत की सक्रिय भूमिका जारी रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कई देशों में चल रहे युद्ध और तनाव का असर व्यापार, माल की सप्लाई और निवेश पर पड़ रहा है, जिससे कारोबारियों और उद्योगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। चंडीगढ़ चैप्टर के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि दुनिया में चल रहे युद्ध और संघर्षों के कारण कारोबार प्रभावित हो रहा है। इसका असर व्यापारियों, निर्यातकों और उद्योगपतियों पर पड़ रहा है। माल ढुलाई का खर्च बढ़ने, सामान की सप्लाई में दिक्कत आने और बाजार में अनिश्चितता के कारण व्यापार करना मुश्किल हो रहा है। पंजाब के व्यापार और उद्योग पर भी असर पत्र में कहा गया है कि पंजाब देश के प्रमुख कृषि और औद्योगिक राज्यों में से एक है। यहां का बड़ा कारोबार निर्यात और व्यापार पर निर्भर करता है। दुनिया में चल रहे युद्ध और तनाव का असर पंजाब के उद्योगों और व्यापार पर भी पड़ रहा है, जिससे लाखों लोगों की रोजी-रोटी प्रभावित हो सकती है। पत्र में यह भी कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की पहचान दुनिया में मजबूत हुई है। भारत हमेशा बातचीत और शांतिपूर्ण तरीके से विवादों को सुलझाने की बात करता है। ऐसे में भारत विभिन्न देशों के बीच बातचीत को बढ़ावा देकर तनाव कम करने में अहम भूमिका निभा सकता है। शांति से ही बढ़ेगा व्यापार और निवेश BRICS CCI ने पत्र में कहा कि दुनिया में शांति रहने से व्यापार बढ़ेगा, निवेशकों का भरोसा मजबूत होगा और आर्थिक विकास को गति मिलेगी। संगठन ने कहा कि भारत को अपने अंतरराष्ट्रीय प्रभाव का उपयोग कर शांति प्रयासों का समर्थन करना चाहिए, ताकि दुनिया में स्थिरता बनी रहे और कारोबार बेहतर तरीके से आगे बढ़ सके।
गाजियाबाद के लोनी में 15 दिन पहले डेयरी संचालक ओंकार की हत्या और अपहरण मामले में 50 हजार के इनामी को पुलिस ने पैर में गोली मारकर अरेस्ट किया है। जिससे पूछताछ की है। एसीपी लोनी सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि बंथला चिरौड़ी मार्ग पर देर रात 3 बजे यह मुठभेड़ हुई। जहां पुलिस ने एक स्विफ्ट कार को रोकने का प्रयास किया, जहां कार सवार ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने जवाबी फायरिंग में हमलावर को पैर में गोली मारकर अरेस्ट किया है। घायल ने अपना नाम गौरव नागर पुत्र गजराज निवासी गांव बादलपुर जिला नोएडा। मौके से एक 32 बोर की पिस्टल और एक स्विफ्ट कार बरामद हुई है। गौरव ने बताया कि मैंने अपने साथियों के साथ मिलकर नहर को मेरठ में रोहटा के पास गंगनहर में फेंक दिया था। एक दिन पहले दिल्ली पुलिस ने एनकाउंटर में 2 पकड़े दिल्ली क्राइम ब्रांच ने बृहस्पतिवार देर रात गाजियाबाद के वांछित अपराधी सौरभ और गोपाल मालवीय नगर इलाके में मौजूद हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने अरबिंदो कॉलेज के पास घेराबंदी की। पुलिस को देखकर दोनों आरोपियों ने भागने का प्रयास किया। इस दौरान हुई मुठभेड़ में दोनों घायल हो गए। इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इन पर भी 50-50 हजार का इनाम था। 10 गोली मारकर ले गए थे लाश लोनी क्षेत्र में 30 मई को डेयरी संचालक ओंकार निवासी गनौली को उसी के गांव के लोगों ने गोली मारने के बाद अपने साथ ले गए थे। जहां दूध व्यापारी को 10 गोलियां मारी गई थीं। परिजनों की शिकायत पर गांव के ही रहने वाले गौरव, सौरभ, गोपाल, मोहित समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस जांच में यह मामला पुरानी रंजिश से जुड़ा पाया गया। अभी तक 27 आरोपी जेल जा चुके हैं। 15 दिन में नहीं मिला ओंकार का शव मामले में गिरफ्तार आरोपी मोहित ने पूछताछ में बताया था कि ओमकार के शव को बागपत की एक नहर में फेंक दिया गया। वहीं दूसरे आरोपी गौरव ने दावा किया कि शव को पूठ गंग नहर में फेंका गया था। आरोपियों के अलग अलग बयानों के बयानों के चलते पुलिस की कहानी भी बदल रही है। ओंकार की तलाश के लिए पुलिस की 10 टीमें और एनडीआरएफ लगातार सर्च अभियान चला रही हैं, लेकिन घटना के 14 दिन बाद भी शव बरामद नहीं हो सका है। पंचायत में हुए विवाद के बाद रची गई हत्या की साजिश पुलिस जांच में सामने आया कि गोपाल के भाई अंकुर की हत्या के मामले में शिवम उर्फ शैंकी जेल गया था। जमानत पर रिहा होने के बाद उसके स्वागत का वीडियो देवांश ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया था। इसी बात को लेकर गोपाल और सौरभ की देवांश से रंजिश हो गई थी। बताया जा रहा है कि 20 मई को दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद 29 मई को गांव में पंचायत बुलाई गई। आरोप है कि पंचायत के दौरान ओमकार ने सौरभ के पिता विजेंद्र को थप्पड़ मार दिया था। पुलिस के अनुसार, इसी घटना से नाराज होकर आरोपियों ने बदला लेने की योजना बनाई और 30 मई को ओमकार की हत्या कर दी।
भारत और केन्या ने अलग-अलग क्षेत्रों में साझेदारी और निवेश पर की चर्चा
केन्या में भारत के उच्चायुक्त डॉ. आदर्श स्वैका ने केन्या के एल्डोरेट शहर (उवासिन गिशु प्रांत) का दौरा किया
इंदौर के पंढरीनाथ थाना क्षेत्र में स्क्रैप व्यापारी से 30 लाख रुपए की लूट के मामले में शुक्रवार को भी पुलिस जांच में जुटी रही। करीब 25 से अधिक पुलिस जवानों की टीम ने शहर के कई बाजारों और रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच में सामने आया है कि बदमाश वारदात से करीब एक घंटे पहले से ही व्यापारी की रैकी कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक निहालपुरा निवासी स्क्रैप व्यापारी मनय उर्फ मुकेश अग्रवाल के साथ नकली पुलिसकर्मी बनकर बदमाशों ने लूट की वारदात की थी। आरोपी उन्हें अपने साथ ले गए और रास्ते में रुपए से भरा बैग लेकर फरार हो गए। गाड़ी अड्डा से पीछे लगे थे बदमाश जांच में पता चला है कि बदमाश गाड़ी अड्डा इलाके से ही व्यापारी के पीछे लग गए थे। यहीं से व्यापारी ने सबसे पहले पेमेंट लिया था। इसके बाद आरोपी लगातार उनका पीछा करते रहे और मौका मिलते ही वारदात को अंजाम दे दिया। पुलिस को आरोपी कोतवाली थाना क्षेत्र में भी दिखाई दिए हैं। पुलिस को पहले से ही आशंका थी कि पूरी वारदात रेकी के बाद अंजाम दी गई है। अब जांच में यह बात लगभग स्पष्ट हो गई है कि आरोपी व्यापारी की गतिविधियों पर लगातार नजर रखे हुए थे। पुलिस को साथियों पर भी शक इस मामले में पुलिस को व्यापारी के साथ काम करने वाले कुछ लोगों पर भी शक है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस अधिकारियों तक दो संदिग्ध बदमाशों के नाम पहुंच चुके हैं और उनकी जल्द गिरफ्तारी हो सकती है। देर रात तक पुलिस की एक टीम गाड़ी अड्डा और जूनी इंदौर इलाके में आरोपियों की तलाश करती रही।
नोएडा में युवक से 17 लाख का फ्रॉड:मुनाफे का झांसा देकर जाल में फंसाया,निवेश के नाम पर पैसे जमा कराए
नोएडा के सेक्टर-49 क्षेत्र में शेयर बाजार में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का सपना दिखाकर साइबर जालसाजों ने एक युवक से 17 लाख 30 हजार रुपए की ठगी कर ली। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, सेक्टर-49 के बरौला स्थित हनुमान विहार निवासी 27 वर्षीय राकेश कुमार ने शिकायत में बताया कि वह शेयर बाजार में निवेश के जरिए अच्छा लाभ कमाना चाहते थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने खुद को निवेश विशेषज्ञ बताकर उनसे संपर्क किया और कम समय में अधिक रिटर्न का भरोसा दिलाया। आरोपियों ने विभिन्न माध्यमों से उन्हें निवेश करने के लिए प्रेरित किया। रकम वापस मांगने पर बंद किया संपर्क राकेश का आरोप है कि जालसाजों ने भरोसा जीतने के बाद अलग-अलग चरणों में उनसे कुल 17.30 लाख रुपए निवेश करा लिए। शुरुआत में उन्हें मुनाफे का लालच दिया गया, लेकिन जब उन्होंने अपनी रकम वापस निकालने की कोशिश की तो आरोपी टालमटोल करने लगे। बाद में आरोपियों ने उनसे संपर्क भी तोड़ दिया, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ। एनसीआरपी पर शिकायत के बाद दर्ज हुआ केस पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर शिकायत दर्ज कराई। इसके आधार पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जांच साइबर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने के लिए बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल लेनदेन की जांच कर रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन निवेश के नाम पर मिलने वाले आकर्षक ऑफर, अनजान व्यक्तियों, सोशल मीडिया ग्रुप और बिना सत्यापन वाले निवेश प्लेटफॉर्म पर भरोसा करने से बचें। साइबर ठगी के मामलों में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।
घरेलू सोने का उपयोग कर विदेशी मुद्रा बचाने की पेशकश
अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीयों से अपील की कि कम से कम एक साल के लिए भारत में सोने का आयात टाला जा सकता है, तो उन्होंने ऐसा उस बड़ी अनिश्चितता के संदर्भ में किया जिसका सामना देश कर रहा है।
छत्तीसगढ़ को 9,580 करोड़ रुपए के नए निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए: विष्णु देव साय
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट के अंतर्गत हैदराबाद में शुक्रवार को निवेशकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में निवेश का बढ़ता प्रवाह इस बात का संकेत है कि प्रदेश विकास की नई उड़ान भरने के लिए तैयार है।
कोंडागांव में धान खरीदी फड़ पर एक व्यापारी से मारपीट कर 2 हजार रुपए लूटने के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने कथित तौर पर मुख्यमंत्री से शिकायत करने की धमकी दी थी। विश्रामपुरी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए घटना में इस्तेमाल कार भी जब्त कर ली है। पुलिस के अनुसार, ग्राम कौन्दकेरा निवासी सकरूराम नाग 7 जून को सलना आश्रित ग्राम उड़िदगांव बांध के पास धान और मक्का खरीदी का फड़ लगाए हुए थे। दोपहर करीब 12 बजे, सफेद रंग की कार (क्रमांक CG-27 K-2722) से ज्ञानदास कोर्राम, राघवेन्द्र उर्फ रमन कोर्राम, दौनूराम पटेल, फुलसिंग कोर्राम और रोहित राम पाण्डे मौके पर पहुंचे। उन्होंने सकरूराम पर मुख्यमंत्री से शिकायत करने का आरोप लगाया। आरोप है कि पांचों आरोपियों ने पहले सकरूराम से गाली-गलौज की। इसके बाद उन्होंने हाथ-मुक्कों और थप्पड़ों से उसके साथ मारपीट की। मारपीट के बाद आरोपियों ने सकरूराम के पास रखे 2 हजार रुपए लूट लिए और मौके से फरार हो गए। पीड़ित की शिकायत पर विश्रामपुरी थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा के निर्देशन और थाना प्रभारी शंकरलाल ध्रुव के नेतृत्व में एक टीम गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई। पूछताछ के दौरान, सभी आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने ग्राम कौन्दकेरा निवासी ज्ञानदास कोर्राम (49), राघवेन्द्र उर्फ रमन कोर्राम (19), दौनूराम पटेल (64), फुलसिंग कोर्राम (46) और रोहित राम पाण्डे (46) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई सफेद रंग की नेक्सन कार (क्रमांक CG-27 K-2722) को भी जब्त कर लिया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य जुटाए गए हैं और उनके विरुद्ध आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
पटना समाहरणालय में आज डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. की अध्यक्षता में रेरा (रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी) से संबंधित महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में रेरा बिहार, जिला प्रशासन और नगर निकायों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान रेरा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन और उपभोक्ताओं के सुरक्षा पर विस्तार से चर्चा की गई। रेरा नियमों का पालन करना सभी के लिए जरूरी बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि रेरा के प्रावधान रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए बनाए गए हैं। बिल्डर, डेवलपर, प्रोमोटर, नगर निकायों के अधिकारी और आम नागरिक सभी को इन नियमों का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पटना तेजी से विकसित हो रहा है, इसलिए लोगों को रेरा नियमों की जानकारी होना बेहद जरूरी है। फ्लैट और प्लॉट खरीदने वालों को मिला अहम संदेश जिलाधिकारी ने कहा कि कोई भी आवासीय परियोजना जिसमें 8 से अधिक फ्लैट हों या जिसकी जमीन 500 वर्गमीटर से अधिक हो, उसका रेरा में पंजीकरण अनिवार्य है। इसी तरह 500 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्र में विकसित प्लॉटिंग परियोजनाओं का भी रेरा पंजीकरण आवश्यक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि फ्लैट या प्लॉट खरीदने से पहले संबंधित परियोजना का रेरा पंजीकरण नंबर जरूर जांचें। बिना पंजीकरण वाले प्रोजेक्ट में निवेश करने पर खरीदारों का पैसा फंस सकता है और ऐसे प्लॉटों के दाखिल-खारिज तथा निबंधन पर भी रोक लग सकती है। धोखाधड़ी करने वाले बिल्डरों को जेल तक हो सकती है जिलाधिकारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई बिल्डर या डेवलपर बिना रेरा पंजीकरण के प्लॉट या फ्लैट बेचता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे मामलों में जुर्माने के साथ जेल की सजा भी हो सकती है। जनता दरबार में अक्सर ऐसे मामले सामने आते हैं, जहां लोगों के साथ जमीन और फ्लैट खरीदने में धोखाधड़ी की गई होती है। सैटेलाइट तकनीक से हो रही निगरानी बैठक में बताया गया कि रेरा बिहार और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से सैटेलाइट इमेजरी आधारित निरीक्षण (Imagery Based Inspection-IBI) अभियान चला रहे हैं। इसके तहत सैटेलाइट तस्वीरों के माध्यम से ऐसे निर्माण परियोजनाओं की पहचान की जाती है, जो रेरा नियमों का उल्लंघन कर रही होती हैं। पटना में दानापुर-शिवाला-कन्हौली रोड, मीठापुर एलिवेटेड बाईपास से पुनपुन होते हुए सम्पतचक और एम्स से नौबतपुर तक के क्षेत्रों में संयुक्त निरीक्षण किया गया है। जिलाधिकारी ने जांच दलों को समय पर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। लोगों को जागरूक करने के लिए चलेंगे अभियान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता कार्यशालाएं आयोजित कर लोगों को रेरा कानून की जानकारी दें। उन्होंने कहा कि फ्लैट और प्लॉट खरीदने वालों को अपने अधिकारों और कानूनी सुरक्षा के बारे में जानकारी होना जरूरी है। रेरा जांच आयुक्त ने मांगा जिला प्रशासन का सहयोग बैठक में रेरा जांच आयुक्त संजय कुमार सिंह ने कहा कि रेरा कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने में जिला प्रशासन और नगर निकायों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उनके सहयोग के बिना नियमों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करना संभव नहीं है। बिहार के कई जिलों में कार्रवाई, पटना में 29 संदिग्ध प्रोजेक्ट चिन्हित रेरा बिहार के अनुसार, सैटेलाइट आधारित जांच अभियान के तहत सारण में 18, भागलपुर में 9, पूर्णिया में 5, दरभंगा में 19 और मुजफ्फरपुर में 11 बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है। वहीं पटना में अब तक 29 ऐसे बिल्डरों और परियोजनाओं की पहचान की गई है, जिन पर रेरा नियमों के उल्लंघन का संदेह है। अब रेरा और जिला प्रशासन की संयुक्त टीमें इन परियोजनाओं का स्थल निरीक्षण कर आवश्यक जानकारी जुटा रही हैं, जिसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बिलासपुर के थोक मार्केट व्यापार विहार में दोपहर करीब 3 बजे दो नकाबपोश बाइक सवार लुटेरों ने एक व्यापारी से 3 लाख रुपये से भरा बैग लूट लिया। घटना के बाद तारबाहर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू किया। फुटेज में नकाबपोश बाइक सवार लुटेरे नजर आए, जिसके आधार पर पुलिस ने पूरे क्षेत्र में नाकाबंदी कर बाइक सवार लोगों की जांच शुरू की है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है। देखिए तस्वीरें जानिए पूरा मामला लूट का शिकार हुए व्यापारी जांजगीर जिले के नवागढ़ क्षेत्र के निवासी हैं। उनके बेटे उमेश कुमार साहू ने बताया कि वे अपने पिता के साथ सामान खरीदने के लिए व्यापार विहार थोक मंडी पहुंचे थे। उमेश साहू के अनुसार, वे लोग लहसुन, मिर्च, आलू सहित अन्य कृषि उत्पादों की खरीद-फरोख्त करते हैं। उमेश ने बताया कि वे बड़ी रकम लेकर सामान खरीदने बाजार आए थे। खरीदारी के बाद जब वे आगे का सामान लेने जा रहे थे, तभी अंडा चौक के पास अज्ञात बदमाशों ने उन्हें निशाना बनाया। लुटेरों ने व्यापारी के हाथ से रुपयों से भरा बैग झपट लिया और बाइक पर बैठकर तेज रफ्तार में फरार हो गए। यह वारदात इतनी तेजी से हुई कि व्यापारी कुछ समझ पाते, उससे पहले ही आरोपी आंखों से ओझल हो चुके थे। घटना के बाद व्यापारी ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि बैग में करीब 3 लाख रुपए नकद थे, जो सामान खरीदने के लिए लाए गए थे। लूट की सूचना मिलते ही पुलिस ने शहर और आसपास के इलाकों में नाकेबंदी कर दी। साथ ही घटना स्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश जारी है।
कानपुर के साढ़ थाना क्षेत्र में सर्राफा व्यापारी से हुई लूट के मामले में फरार चल रहे एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को दबोचा और न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। यह कार्रवाई पुलिस द्वारा चलाए जा रहे चेकिंग अभियान के तहत की गई। फरवरी 2025 में हुई थी लूट की वारदातजानकारी के अनुसार, कुढ़नी कस्बा स्थित शुक्ला ज्वैलर्स के संचालक के साथ फरवरी 2025 में लूट की घटना हुई थी। व्यापारी दुकान बंद कर घर लौट रहे थे, तभी जंगली बाबा मंदिर के पास बदमाशों ने उन्हें निशाना बनाकर लूट की वारदात को अंजाम दिया था। एक आरोपी पहले ही भेजा जा चुका है जेलघटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी और पहले ही एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। हालांकि इस मामले में एक अन्य आरोपी फरार चल रहा था, जिसकी लगातार तलाश की जा रही थी। मुखबिर की सूचना पर हुई गिरफ्तारीपुलिस आयुक्त के निर्देशन में चल रहे संदिग्ध व्यक्ति एवं वाहन चेकिंग अभियान के दौरान साढ़ थाना पुलिस को सूचना मिली कि वांछित आरोपी कुढ़नी मंदिर के पास मौजूद है। सूचना पर टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पहचान और आपराधिक इतिहासगिरफ्तार आरोपी की पहचान गोलू उर्फ प्रशांत सिंह पुत्र कुलदीप कुमार, निवासी गढ़ी, थाना औंग, जनपद फतेहपुर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ साढ़, चकेरी और मलवा थाना क्षेत्रों में पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने भेजा जेलथाना प्रभारी कृष्ण कुमार ने बताया कि आरोपी को विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले में आगे की जांच और अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।
इंदौर लोकायुक्त की कार्यप्रणाली को लेकर एक शिकायत लोकायुक्त डीजी तक पहुंची है। आमतौर पर भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी की शिकायतें लोकायुक्त संगठन में की जाती हैं, लेकिन यह ऐसा मामला है, जिसमें एक शिकायतकर्ता ने लोकायुक्त संगठन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए लोकायुक्त भोपाल, उप-लोकायुक्त और डीजी लोकायुक्त को शिकायत भेजी है। एक व्यापारी शेखर का आरोप है कि उनके और उनके परिवार के खिलाफ इंदौर के जोन-1 के एक थाने में झूठी FIR दर्ज की गई थी। विवेचना के दौरान उनके नाबालिग बेटे का नाम भी प्रकरण में जोड़ दिया था। 16 अप्रैल 2026 को उन्हें थाने बुलाया गया तो मौजूद दो मीडियाकर्मियों में से एक ने अपना नाम कमलेश बताया। उसने नाबालिग बेटे का नाम मामले से हटाने के एवज में पहले एक लाख रुपए और बाद में 70 हजार रुपए की मांग की। यह राशि थाने की पुलिस के नाम पर मांगी जा रही थी। मीडियाकर्मी से बातचीत की रिकॉर्डिंग व्यापारी का कहना है कि मैंने एक मीडियाकर्मी से हुई बातचीत की फोन रिकॉर्डिंग की, जिसमें 70 हजार रुपए की मांग और पुलिस की ओर से मदद कराने का जिक्र है। इसके बाद मैंने 17 अप्रैल 2026 को लोकायुक्त कार्यालय पहुंचकर रिकॉर्डिंग सहित शिकायत दर्ज कराई। रिकॉर्डिंग की पेन ड्राइव भी सौंपी गई। साथ ही संबंधित लोगों के खिलाफ ट्रैप कार्रवाई की मांग की गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि लोकायुक्त कार्यालय ने ट्रैप कार्रवाई करने के बजाय केवल उनके बयान दर्ज किए और रिकॉर्डिंग जब्त कर ली। बाद में भी संबंधित लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। कुछ समय बाद उसी मीडियाकर्मी ने मुझसे मुलाकात कर कहा कि शिकायत की जानकारी पहले ही उसे मिल गई थी, जिससे वे सतर्क हो गए। इस आधार पर शिकायतकर्ता ने लोकायुक्त संगठन के वरिष्ठ अधिकारियों से घटनाक्रम की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। यह भी अनुरोध किया है कि यदि शिकायत की गोपनीय जानकारी लीक हुई है, तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए। लोकायुक्त के वकील आशीष खरे ने बताया- लोकायुक्त निजी व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करता है। यदि किसी लोक सेवक की रिकॉर्डिंग होती या पीड़ित की सीधे किसी लोक सेवक से बातचीत कराई जाती, तो मामला बन सकता था। इस प्रकार के मामलों में लोकायुक्त सामान्यतः संज्ञान नहीं लेता है। पुलिस अधिकारियों से की जानी चाहिए शिकायत लोकायुक्त के रिटायर्ड डीएसपी बीएस परिहार ने बताया कि ऐसे मामलों में लोकायुक्त केवल अवैध संपत्ति या किसी सरकारी अधिकारी अथवा कर्मचारी द्वारा रिश्वत मांगने संबंधी मामलों में कार्रवाई कर सकता है। उनके अनुसार, यह मामला फ्रॉड या चीटिंग की श्रेणी का प्रतीत होता है, जिसकी शिकायत संबंधित पुलिस अधिकारियों से की जानी चाहिए थी।
ट्रंप के बयान से Share Bazaar में तूफानी तेजी, Sensex 1695 अंक उछला, Nifty भी 23600 के पार
Share Market Update News : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दावा कि ईरान के साथ डील पर सहमति बन गई है। इसके साथ ही उन्होंने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने का भी आदेश दिया है। ट्रंप के इस बयान, कच्चे तेल की कीमत में गिरावट और मजबूत वैश्विक ...
चूरू जिले के रतनगढ़ में खुदरा विक्रेता संघ ने एक व्यक्ति द्वारा व्यापारियों के खिलाफ लगातार झूठी शिकायतें करने के मामले में खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी (बीसीएमओ) डॉ. मनीष तिवाड़ी को ज्ञापन सौंपा है। खुदरा विक्रेता संघ के अध्यक्ष जयप्रकाश इंदौरिया और महामंत्री मातेश्वरी अजीतसरिया के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि कमल कुमार शर्मा नामक एक व्यक्ति स्थानीय व्यापारियों के खिलाफ लगातार झूठी और बेबुनियाद शिकायतें स्वास्थ्य विभाग को कर रहा है। संघ का आरोप है कि इस व्यक्ति का मुख्य उद्देश्य केवल व्यापारियों को परेशान करना और व्यापारिक माहौल को खराब करना है। इन झूठी शिकायतों के कारण क्षेत्र के ईमानदार व्यापारियों को मानसिक तनाव और अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संघ ने मांग की है कि भविष्य में इस व्यक्ति द्वारा की जाने वाली किसी भी शिकायत पर सीधे कार्रवाई करने के बजाय पहले उसकी जमीनी स्तर पर जांच करवाई जाए। जांच में तथ्य सही पाए जाने पर ही आगे कदम उठाया जाए, ताकि किसी निर्दोष व्यापारी को बेवजह परेशानी न झेलनी पड़े। इस अवसर पर दीपक मुरारका, पवन सराफ और निरंजन ताम्रायत सहित अनेक व्यापारी मौजूद थे।
खैरथल में 615 किलो पटाखे जब्त:व्यापारी गिरफ्तार, रिहायशी मकान में बना रखा था गोदाम
जयपुर में पटाखा फैक्ट्री हादसे के बाद खैरथल थाना पुलिस ने अवैध पटाखा फैक्ट्रियों और विस्फोटक भंडारण के खिलाफ अभियान चलाया है। पुलिस ने 615 किलो पटाखे जब्त किए हैं। पुलिस ने रिहायशी मकान में अवैध रूप से पटाखों का भंडारण करने के आरोप में एक व्यापारी को गिरफ्तार किया है। मकान में पटाखे रखे होने की सूचना पर कार्रवाई एडिशनल एसपी जयासिंह ने बताया- 11 जून को मुखबिर से सूचना मिली कि आनंद नगर क्षेत्र में नवीन कुमार के मकान में बनी दुकान में बड़ी मात्रा में पटाखे रखे हुए हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो दुकान में विभिन्न कंपनियों के पटाखों का भारी भंडार मिला। जांच के दौरान पुलिस ने कुल 615 किलो विस्फोटक सामग्री (पटाखे) बरामद कर जब्त कर ली। इसके बाद आरोपी नवीन कुमार निवासी आनंद नगर खैरथल को गिरफ्तार कर लिया गया। अभियान जारी रहेगा-एडिशनल एसपी एडिशनल एसपी जयासिंह का कहना है कि जिले में अवैध रूप से पटाखों का भंडारण करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने IDFC फर्स्ट बैंक से जुड़े करोड़ों रुपए के कथित गबन मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 2 अलग-अलग चार्जशीट दाखिल की हैं। इनमें एक मामला हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों से जुड़ा है, जबकि दूसरा मामला चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (CSCL) से संबंधित है। एजेंसी ने संकेत दिए हैं कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और भी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। CBI ने हरियाणा सरकार के धन के गबन से जुड़े मामले में पंचकूला स्थित विशेष सीबीआई कोर्ट में दूसरी चार्जशीट दाखिल की है। इस बार दो निजी व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है, जिन्हें कथित तौर पर अपराध से अर्जित धन का लाभार्थी बताया गया है। जिसमें सावन ज्वेलर्स के मालिक राजन कटौदिया व बिल्डर विक्रम वाधवा का नाम शामिल है। इससे पहले इसी मामले में 15 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की जा चुकी है। इनमें 3 सरकारी कर्मचारी, 6 बैंक अधिकारी, 2 कंपनियां और 4 निजी व्यक्ति शामिल थे। अब जानिए मुख्य आरोप और घोटाले का स्वरूप… चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी मामले में पहली चार्जशीट चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड से जुड़े मामले में सीबीआई ने चंडीगढ़ की विशेष कोर्ट में पहली चार्जशीट दाखिल की है। इसमें कुल सात आरोपियों को नामजद किया गया है। इनमें पांच बैंक अधिकारी, सीएससीएल का एक अधिकारी और एक निजी व्यक्ति शामिल है। अभी और चार्जशीट दाखिल होने की संभावना जांच एजेंसी का कहना है कि मामले की पड़ताल अभी जारी है और साक्ष्यों के आधार पर भविष्य में और भी चार्जशीट दाखिल की जा सकती हैं। सीबीआई ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों को न्याय के कटघरे तक पहुंचाने के लिए निष्पक्ष, गहन और समयबद्ध जांच की जाएगी।
पटना के निजी होटल में आयोजित मीडिया संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देश और बिहार में हुए विकास कार्यों की चर्चा की। इस दौरान उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों के साथ-साथ बिहार के लिए भविष्य की योजनाओं का भी विस्तृत खाका प्रस्तुत किया। CM सम्राट ने विकसित भारत को बताया सबसे बड़ा लक्ष्य मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके 12 वर्ष के कार्यकाल के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि, ‘लोकतांत्रिक व्यवस्था में इतने लंबे समय तक प्रधानमंत्री के पद पर रहते हुए देश का नेतृत्व करना एक बड़ी उपलब्धि है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं और अब देश को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ा जा रहा है।’ भाजपा ने अपने संकल्पों को किया पूरा- सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि, 'भारतीय जनता पार्टी 1950 में जनसंघ के रूप में अस्तित्व में आई थी और तब से लेकर आज तक पार्टी ने जो भी संकल्प जनता के सामने रखा, उसे पूरा करने का प्रयास किया। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35ए को समाप्त करना भाजपा की ऐतिहासिक प्रतिबद्धता थी, जिसे प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पूरा किया गया। इसके अलावा अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का सपना भी साकार हुआ। भाजपा कभी भी अपने एजेंडे और विचारों से पीछे नहीं हटी है।' बिहार में औद्योगिक निवेश को लेकर बड़ा लक्ष्य मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि, ‘बिहार में औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।’ सम्राट चौधरी ने घोषणा किया कि राज्य सरकार ने 20 नवंबर को सरकार के एक वर्ष पूरे होने तक बिहार में 5 लाख करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश को धरातल पर उतारने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि बिहार देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों में शामिल होगा। उद्योगों को 30 दिन में मिलेगी स्वीकृति उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए मुख्यमंत्री ने कहा कि, ‘जिस प्रकार अन्य प्रशासनिक सेवाओं के लिए समय सीमा तय की गई है, उसी तरह उद्योगों के लिए भी 30 दिनों की समय सीमा निर्धारित की जाएगी।’ उन्होंने कहा कि, ‘कोई भी निवेशक उद्योग लगाने के लिए आवेदन करेगा तो 30 दिनों के भीतर उसे स्वचालित रूप से आवश्यक अनुमति मिल जाएगी। इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और बिहार में उद्योगों की स्थापना तेज होगी।’ राजगीर और मुंगेर में बनेगा डिफेंस कॉरिडोर मुख्यमंत्री ने कहा कि, ‘देश में रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। वर्तमान में देश में 33 करोड़ मोबाइल फोन का निर्माण हो रहा है और रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में भी बड़ी प्रगति हुई है।’ उन्होंने घोषणा की कि बिहार में राजगीर और मुंगेर को डिफेंस कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे राज्य में रोजगार और निवेश के नए अवसर पैदा होंगे। एयरपोर्ट, हेलीपैड और एयरस्ट्रिप विकसित करने की योजना मुख्यमंत्री ने कहा कि, ‘बिहार के हर जिले को बेहतर हवाई संपर्क से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है। हाल ही में एक महत्वपूर्ण फाइल पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत राजगीर और सासाराम-कैमूर क्षेत्र के बीच नई एयरस्ट्रिप का निर्माण कराया जाएगा। राज्य के सभी जिलों में आवश्यकता के अनुसार एयरपोर्ट, हेलीपैड और एयरस्ट्रिप विकसित करने की योजना है।' पटना हवाई अड्डे के नए स्वरूप का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि, ‘वहां उतरने के बाद अब स्पष्ट रूप से महसूस होता है कि बिहार बदल रहा है।’ सड़क और बिजली के क्षेत्र में बिहार की बड़ी उपलब्धि मुख्यमंत्री सम्राट ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि, ‘इस योजना के माध्यम से देशभर में 50 लाख घरों तक सौर ऊर्जा पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे लोगों को सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध होगी।’ जीएसटी ने राज्यों की आर्थिक स्थिति को किया मजबूत सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि, 'जीएसटी लागू होने से पहले राज्यों की आबादी का आर्थिक महत्व उतना नहीं था, लेकिन आज परिस्थितियां बदल चुकी हैं। बिहार की लगभग 14 करोड़ आबादी राज्य की सबसे बड़ी ताकत है। शराबबंदी लागू होने के बावजूद बिहार को जीएसटी व्यवस्था के तहत केंद्र सरकार से लगभग 12.90 लाख करोड़ रुपये के कर संग्रह तंत्र का लाभ मिल रहा है। राज्य के बजट में प्रत्यक्ष हिस्सेदारी करीब 60 हजार करोड़ रुपये की है, जबकि शेष संसाधन केंद्र सरकार की सहायता और राज्य के स्वयं के प्रयासों से जुटाए जाते हैं।' जनधन और डीबीटी ने बदली गरीबों की जिंदगी सीएम सम्राट ने कहा कि, ‘जब जनधन योजना शुरू की गई थी, तब विपक्ष ने इसे लेकर कई तरह की आशंकाएं और भ्रम फैलाए थे। लेकिन आज यही जनधन खाते और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) व्यवस्था गरीबों तक सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पहुंचाने का सबसे प्रभावी माध्यम बन चुकी है। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का पैसा अब सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंच रहा हैं, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और भ्रष्टाचार में कमी आई है।’ शिक्षकों के वेतन और पेंशन पर नहीं लगेगी रोक मुख्यमंत्री ने वित्तीय प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि, ‘राज्य सरकार का प्रतिदिन का खर्च लगभग 1000 करोड़ रुपये के आसपास है। 12 जून तक ट्रेजरी में 1500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि उपलब्ध है। शिक्षकों का वेतन और पेंशन उनका मौलिक अधिकार है, इसलिए किसी भी परिस्थिति में इसे रोका नहीं जा सकता।’ उन्होंने अधिकारियों से कहा कि, ‘विकास योजनाओं के लिए उपयोगिता प्रमाणपत्र (यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट) जरूर लिया जाए, लेकिन वेतन और पेंशन भुगतान में किसी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए।’ नक्सलवाद पर बड़ी सफलता, अब खुद करेंगे बड़ी योजनाओं की समीक्षा मुख्यमंत्री सम्राट ने कहा कि, ‘वह स्वयं उस विधानसभा क्षेत्र के विधायक हैं, जहां कभी नक्सलियों ने एक पुलिस अधीक्षक (एसपी) की हत्या कर दी थी। लेकिन आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है और देश नक्सलवाद से लगभग मुक्त हो चुका है। अब विकास गांव-गांव तक पहुंच रहा है।’ उन्होंने बताया कि, ‘प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यों को निर्देश दिया है कि दो वर्ष से अधिक समय से लंबित योजनाओं की समीक्षा मुख्यमंत्री स्तर पर की जाए। इसी के तहत उन्होंने निर्णय लिया है कि 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली सभी प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा वह स्वयं करेंगे। इसके माध्यम से यह पता लगाया जाएगा कि योजनाएं कहां अटकी हुई हैं और उन्हें पूरा करने में क्या बाधाएं हैं।’
यमुनानगर में NASA से जुड़े उत्पादों के 6 देशों में बिक्री अधिकार होने का दावा करके 4 करोड़ रूपए से ज्यादा निवेश कराने के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया हे। इतना ही नहीं आरोपी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, बाबा रामदेव और अन्य नामी हस्तियों के साथ तस्वीरें दिखाकर पीड़ित का भरोसा जीता। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत येस वर्ल्ड, इनफ्लेक्टर इंडिया और बिग विसन कंपनी से जुड़े 5 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। आर्थिक अपराध शाखा की जांच के बाद थाना शहर यमुनानगर में धारा 420, 406 और 120-बी आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पीएम-सीएम के साथ फोटो दिखाकर जीता भरोसा शिकायतकर्ता त्रिलोचन सिंह निवासी लक्ष्मी नगर ने आरोप लगाया कि 2022 में शाहाबाद निवासी धीरज सैनी और धरमवीर वर्मा ने उसे येस वर्ल्ड कंपनी में निवेश करने के लिए प्रेरित किया। आरोपियों ने दावा किया कि कंपनी ग्रीन एनर्जी, कार्बन क्रेडिट और सेव अर्थ मिशन पर काम कर रही है और निवेशकों को अत्यधिक रिटर्न मिलेगा। शिकायत के अनुसार बाद में उसे जिरकपुर स्थित कंपनी कार्यालय ले जाया गया, जहां कंपनी के को-फाउंडर डॉ. संदीप चौधरी ने विभिन्न सेमिनारों के वीडियो और प्रस्तुतियां दिखाकर निवेश के लिए प्रेरित किया। पीड़ित ने कहा संदीप चौधरी ने दावा किया था कि उनकी कंपनी के पास NASA द्वारा विकसित इनफ्लेक्टर उत्पादों को 6 देशों में बेचने का विशेष अधिकार है। इसी दौरान निवेशकों को ऐसे ब्रोशर और प्रचार सामग्री भी दिखाई गई। जिनमें संदीप चौधरी की तस्वीरें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बाबा रामदेव, जनरल वीके. सिंह और अन्य चर्चित हस्तियों के साथ दिखाई गई थीं। अलग-अलग लोगों से कराया निवेश शिकायतकर्ता का आरोप है कि इन तस्वीरों और दावों को देखकर उसका भरोसा बढ़ा और उसने बड़ी रकम निवेश कर दी। आरोप है कि अप्रैल 2022 से दिसंबर 2023 के बीच शिकायतकर्ता ने विभिन्न खातों और माध्यमों से 15 लाख रुपए से अधिक की राशि निवेश की। बाद में कंपनी से भुगतान बंद हो गया और निवेश की गई रकम वापस नहीं मिली। शिकायतकर्ता ने दावा किया कि केवल उसके साथ ही नहीं बल्कि कई अन्य लोगों के साथ भी बड़े स्तर पर ठगी हुई। शिकायत के अनुसार वरुण चौहान से करीब 50 लाख रुपए, रुपिंदर सिंह से 30 लाख रुपए, राहुल गोयल से 7 लाख रुपए, लक्ष्मी देवी से 20 लाख रुपए, अरुण कुमार से 85 लाख रुपए, हरदीप धीमान और उसके साथियों से लगभग 37 लाख रुपए तथा सरबजोत सिंह उर्फ बाबा से करीब 62 लाख रुपए की रकम निवेश के नाम पर ली गई। अलग-अलग स्थानों पर होते थे सेमिनार शिकायतकर्ता ने अपने साथ लगभग 35 लाख रुपए, परिवार के साथ करीब 36 लाख रुपए और रिश्तेदारों तथा दोस्तों के साथ लगभग 50 लाख रुपए की ठगी होने का आरोप लगाया है। इसके अलावा कंपनी का नाम बदलकर Big Vision किए जाने के बाद 27 हजार अमेरिकी डॉलर (करीब 24.30 लाख रुपए) के गबन का भी आरोप लगाया गया है। इस प्रकार 4 करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी हुई। शिकायतकर्ता ने बताया कि निवेशकों को जिरकपुर, जयपुर, अहमदाबाद और अन्य स्थानों पर आयोजित सेमिनारों में बुलाया जाता था। जहां बड़े मुनाफे और अंतरराष्ट्रीय कारोबार के दावे किए जाते थे। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि कंपनी ने लोगों को आकर्षित करने के लिए बड़े-बड़े कार्यक्रम आयोजित किए और प्रभावशाली व्यक्तियों के साथ तस्वीरों का इस्तेमाल किया। पुलिस ने जांच के उपरांत शाहाबाद निवासी धीरज सैनी, धरमवीर वर्मा, इन्फ्लेक्टर इंडिया एवं यस वर्ल्ड के सह-संस्थापक डॉ. संदीप चौधरी, बिग विजन के संस्थापक सदस्य रतन त्यागी और यस वर्ल्ड के संस्थापक सदस्य अमित यादव के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
बुलंदशहर में व्यापारी सुरक्षा फोरम संस्थान के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी कुमार हर्ष और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिंह से मुलाकात की। यह मुलाकात प्रदेश महामंत्री अनिल देशभक्त और जिलाध्यक्ष रविंद्र गोयल के नेतृत्व में मुस्लिम इंटर कॉलेज मार्केट के पदाधिकारियों के साथ हुई। प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सरकारी भर्ती परीक्षाओं के दौरान मुस्लिम इंटर कॉलेज बाजार को पूरी तरह बंद करने का विरोध किया गया। व्यापारियों ने बताया कि सरकारी आदेश केवल परीक्षा केंद्र से 500 मीटर के दायरे में साइबर कैफे और फोटो स्टेट जैसी दुकानों को बंद करने के लिए है, न कि पूरे बाजार को। फोटो स्टेट की दुकानें बंद रहेंगी जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने व्यापारियों की शिकायत को गंभीरता से सुना। उन्होंने तत्काल आदेश जारी किए कि भविष्य में केवल वे साइबर कैफे और फोटो स्टेट की दुकानें बंद रहेंगी जो परीक्षा केंद्र के 500 मीटर के दायरे में आती हैं। व्यापारियों ने इस निर्णय के लिए अधिकारियों का धन्यवाद किया। इस अवसर पर मोहम्मद यासिर, सत्येंद्र, विक्की गोयल, मोहम्मद शमशाद, अमित चौधरी, मोहम्मद रियाजुद्दीन, शिवम गोयल और मोहम्मद मुजाहिद सहित दो दर्जन से अधिक व्यापारी मौजूद थे।
बैंक ने बढ़ाई ब्याज दर, विदेशी मुद्रा जमाकर्ताओं को फयदा
मुंबई, शीर्ष भारतीय बैंकों ने विदेशी मुद्रा में जमा (फॉरेन करेंसी नॉन-रेजिडेंट -एफसीएनआर (बी) डिपाजिट) विशेष रूप से अमेरिकी डॉलर जमा पर ब्याज दर को बढ़ाकर 6.6 प्रतिशत तक कर दिया है।
दमोह जिले के गैसाबाद में व्यारमा नदी पर नवनिर्मित पुल 8 महीने बाद यातायात के लिए खोल दिया गया है। गुरुवार शाम हटा विधायक उमा देवी खटीक ने कई जनप्रतिनिधियों और गैसाबाद थाना प्रभारी सौरभ शर्मा के साथ पुल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पुल की गुणवत्ता, सुरक्षा व्यवस्था और यातायात संचालन की स्थिति का जायजा लिया। सेतु विभाग की ओर से गैसाबाद की व्यारमा नदी पर 21 करोड़ रुपए की लागत से 225 मीटर लंबा यह पुल निर्मित किया गया है। लगभग आठ महीने पहले, पुल की जर्जर स्थिति को देखते हुए तत्कालीन कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने इस पर आवागमन रोक दिया था। इस निर्णय के कारण दमोह और पन्ना जिलों के बीच सीधा संपर्क बाधित हो गया था। सांसद ने कलेक्टर से बात कर पुल निर्माण करवाया पुल बंद होने से गैसाबाद के निवासियों को दमोह जाने के लिए 20 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता था। इसी तरह, दमोह और पन्ना के बीच यात्रा करने वाले लोगों को भी लंबी दूरी तय करनी पड़ रही थी, जिससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी होती थी। हटा के स्थानीय लोगों ने दमोह सांसद और हटा विधायक से पुल का अधूरा निर्माण कार्य पूरा कराने की मांग की थी। इसके बाद दोनों नेताओं ने विभागीय अधिकारियों से चर्चा की, जिसके परिणामस्वरूप निर्माण कार्य को अंतिम रूप दिया गया। पुल बंद होने से लोगों का व्यापार ठप था सोमवार से पुल पर आवागमन पूरी तरह बहाल हो गया है, जिससे क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिली है। अब भारी वाहन भी बिना किसी बाधा के पुल से गुजर पा रहे हैं। गैसाबाद के व्यापारियों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा था, क्योंकि उनका व्यापार काफी हद तक प्रभावित हो गया था। पुल खुलने से अब उनके व्यवसाय में सुधार की उम्मीद है। विधायक उमा देवी खटीक ने कहा कि लंबे समय से क्षेत्रवासी इस पुल के पूर्ण रूप से चालू होने की प्रतीक्षा कर रहे थे। पुल के शुरू होने से गैसाबाद सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में काफी सुविधा मिलेगी तथा दमोह और पन्ना जिलों के बीच संपर्क भी बेहतर होगा।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में खरीफ सीजन के दौरान किसानों को निर्धारित मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग की संयुक्त जांच टीम लगातार खाद दुकानों का निरीक्षण कर रही है। पुसौर इलाके में जांच के दौरान दो उर्वरक दुकानों में अनियमितताएं पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की गई। एक दुकान से 9 टन यूरिया जब्त किया गया, जबकि दूसरी दुकान पर 21 दिनों का विक्रय प्रतिबंध लगाया गया। किसानों के लिए निर्धारित खाद की कालाबाजारी, अवैध भंडारण या रिकॉर्ड में गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित दुकानदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। रिकॉर्ड में नहीं मिला 9 टन यूरिया कृषि विभाग के उप संचालक अनिल वर्मा ने बताया कि, संयुक्त जांच दल ने पुसौर स्थित अग्रवाल खाद भंडार का आकस्मिक निरीक्षण किया। जांच के दौरान प्रतिष्ठान में एचयूआरएल कंपनी का लगभग 9 टन यूरिया भंडारित मिला। स्टॉक पंजी, बिक्री अभिलेख और पीओएस मशीन के रिकॉर्ड का मिलान करने पर उक्त यूरिया का कोई उल्लेख नहीं मिला। वास्तविक भंडारण और दस्तावेजों में दर्ज स्टॉक के बीच स्पष्ट अंतर पाए जाने पर उर्वरक भंडारण एवं विक्रय नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आया। इसके बाद जांच दल ने पूरे 9 टन यूरिया को जब्त कर आगे की जांच शुरू कर दी। दूसरी दुकान में भी मिली गड़बड़ी इसके बाद टीम ने पुसौर स्थित बाबा मोहनदास एग्रो शॉप का निरीक्षण किया। यहां एसएसपी उर्वरक के स्टॉक का मिलान करने पर पीओएस एंट्री, स्टॉक रजिस्टर और वास्तविक भंडारण में अंतर पाया गया। जांच में उर्वरक वितरण व्यवस्था में लापरवाही और नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के तहत दुकान संचालक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 21 दिनों का विक्रय प्रतिबंध लगाया गया। कालाबाजारी पर सख्ती जारी उप संचालक अनिल वर्मा ने कहा कि खरीफ सीजन को देखते हुए जिले में उर्वरकों की उपलब्धता, भंडारण और वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है। किसानों के लिए निर्धारित खाद की कालाबाजारी, अवैध भंडारण या रिकॉर्ड में गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित दुकानदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कृषि विभाग की यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
जयपुर की पटाखा फैक्ट्री में हुए हादसे के बाद खैरथल-तिजारा पुलिस ने अवैध पटाखों के भंडारण और बिक्री के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। खैरथल थाना पुलिस ने शहर की दो दुकानों पर छापेमारी कर भारी मात्रा में आतिशबाजी बरामद की और दो व्यापारियों को गिरफ्तार किया।गुरुवार शाम को कार्रवाई शुरू हुई जो की देर रात तक चली। पुलिस टीम के अचानक पहुंचने से बाजार में हड़कंप मच गया, जिसके बाद कई व्यापारियों ने अपनी दुकानें और गोदाम बंद कर दिए। पुलिस के अनुसार, सूचना के आधार पर फर्म उद्धव दास इसरदास और मिनी सदर बाजार स्थित एक दुकान पर छापा मारा गया। इस दौरान एक दुकान से एक बड़ा बोरा और दूसरी दुकान से दो बड़े बोरे आतिशबाजी जब्त की गई। मौके पर पटाखों के भंडारण लाइसेंस और सुरक्षा मानकों से संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की गई। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने नवीन पुत्र लेखराज और इन्द्र कुमार पुत्र उद्धवदास को गिरफ्तार किया। दोनों के खिलाफ विस्फोटक सामग्री के भंडारण एवं बिक्री से जुड़े नियमों के उल्लंघन के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जया सिंह ने बताया कि जिले में अवैध रूप से संचालित पटाखा गोदामों और भंडारण स्थलों की तलाश के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
व्यापारियों की कई समस्याओं का मौके पर समाधान, तुरंत कार्रवाई का भरोसा दिया
भास्कर न्यूज | लुधियाना पंजाब सरकार द्वारा व्यापारियों और दुकानदारों की जमीनी स्तर की समस्याओं का स्थायी समाधान करने के उद्देश्य से गठित ट्रेडर्स कमीशन की एक महत्वपूर्ण और रचनात्मक बैठक लुधियाना में आयोजित की गई। इस बैठक में लुधियाना के दुकानदारों, व्यापारियों और उद्योगपतियों की बिजली विभाग से संबंधित आ रही विभिन्न दिक्कतों पर गहन विचार-विमर्श किया गया और कई समस्याओं का मौके पर ही निपटारा करवाया गया। यह प्रभावशाली बैठक ट्रेडर्स कमीशन के लुधियाना हलका चेयरमैनों की मौजूदगी में, जिला चेयरमैन परम्पाल सिंह बावा और वाइस चेयरमैन मोहित शर्मा की अगुवाई में हुई। बैठक में मुख्य रूप से पावरकॉम के मुख्य अभियंता (चीफ इंजीनियर)जगदेव सिंह हंस और बिजली विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इस दौरान व्यापारियों ने कमर्शियल व इंडस्ट्रियल बिजली सप्लाई, केबल, ट्रांसफार्मर और नए कनेक्शनों से जुड़ी जमीनी समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा, जिस पर चीफ इंजीनियर ने तुरंत सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिया। व्यापारियों की समस्याओं को सरकार के समक्ष मजबूती से उठाने के लिए इस बैठक में पंजाब ट्रेडर्स कमीशन के चेयरमैन प्रीत महिंदर सिंह और कमीशन मेंबर हरदीप सिंह चावला विशेष रूप से शामिल हुए। उनके अलावा, हलका पश्चिमी के चेयरमैन दविंदर सिंह घुम्मन, हलका उत्तरी के चेयरमैन महिंदर पाल सिंह, हलका आत्म नगर से अमनप्रीत सिंह, हलका साहनेवाल से अमनदीप शर्मा और जगजीत सिंह पूरबा सहित ट्रेडर्स कमीशन के कई अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी और नेता मौजूद रहे। पावरकॉम अधिकारियों के साथ चर्चा करते ट्रेडर्स कमीशन के पदाधिकारी।
नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव में गुरुवार शाम बैलहाई रोड पर एक शातिर ठग ने किराना दुकान संचालक को अपनी बातों के जाल में उलझाकर उसकी सोने की अंगूठी चुरा ली। पीड़ित ने गोटेगांव थाने पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई है। आरोपियों का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। सामान खरीदने के बहाने आया ठग बैलहाई रोड निवासी किराना व्यापारी राजेश कुमार जैन की दुकान पर शाम को एक अज्ञात व्यक्ति सामान खरीदने के बहाने आया। सामान लेने के दौरान उसने राजेश जैन से बातचीत शुरू की और उन्हें अपनी बातों में इस कदर उलझा लिया कि उसने व्यापारी से उंगली में पहनी सोने की अंगूठी उतारकर गल्ले में रखने को कहा। गल्ले में रखवाई अंगूठी और चालाकी से निकाल ली राजेश जैन ने बताया कि अज्ञात व्यक्ति के प्रभाव में आकर उन्होंने बिना किसी संदेह के अपनी अंगूठी उतारकर गल्ले में रख दी। आरोपी लगातार उन्हें अपनी बातों में व्यस्त रखता रहा और इसी बीच उसने चालाकी से गल्ले में हाथ डालकर अंगूठी निकाल ली, जिसकी भनक व्यापारी को नहीं लगी। अंगूठी उड़ाने के बाद आरोपी दुकान से बाहर निकला और सड़क पर पहले से स्टार्ट खड़ी बाइक पर अपने साथी के साथ बैठकर फरार हो गया। होश आने पर गायब मिली अंगूठी, पुलिस खंगाल रही फुटेज घटना के करीब 4-5 मिनट बाद जब राजेश जैन ने अंगूठी दोबारा पहनने के लिए गल्ला खोला, तो वह गायब थी। इसके बाद उन्होंने अपने भतीजे मन्नू जैन के साथ बाइक से आरोपियों की तलाश की, लेकिन बदमाशों का कोई सुराग नहीं मिला। पीड़ित ने गोटेगांव थाने पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई है। घटना की सूचना पर एसडीओपी मनीष त्रिपाठी ने पुलिस टीम को मौके पर भेजा। पुलिस ने घटनास्थल से लेकर भगतराम चौराहा तक के सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं, जिसमें बाइक सवार संदिग्ध मेन बाजार मार्ग से जबलपुर रोड की ओर भागते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस फुटेज के आधार पर ठगों की तलाश कर रही है।
सहरसा जिला व्यापार संघ ने गुरुवार शाम रेनबो रिसॉर्ट में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। यह सभा सहरसा जिला व्यापार संघ के पूर्व कोषाध्यक्ष और कोशी चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष अर्जुन दहलान की माता परमेश्वरी देवी के निधन पर आयोजित की गई थी। इसमें बड़ी संख्या में व्यापारी और गणमान्य लोग उपस्थित हुए और दिवंगत आत्मा को श्रद्धासुमन अर्पित किए। सभा की अध्यक्षता करते हुए जिला व्यापार संघ के अध्यक्ष अर्जुन चौधरी ने परमेश्वरी देवी को एक धार्मिक, सरल और संस्कारवान महिला बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने परिवार को उच्च मानवीय मूल्यों और सामाजिक दायित्वों की शिक्षा दी। चौधरी ने उनके जीवन को सेवा, त्याग और सदाचार का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनके निधन से दहलान परिवार के साथ-साथ पूरे व्यापारिक एवं सामाजिक क्षेत्र को अपूरणीय क्षति हुई है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की। जिला व्यापार संघ के सचिव विकास गुप्ता ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि माता-पिता का साया जीवन की सबसे बड़ी पूंजी होता है। उन्होंने उल्लेख किया कि परमेश्वरी देवी द्वारा परिवार को दिए गए संस्कारों और मूल्यों के कारण ही आज दहलान परिवार समाज और व्यापार जगत में सम्मानित स्थान रखता है। गुप्ता ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने की कामना की। श्रद्धांजलि सभा के अंत में, दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। उपस्थित सभी लोगों ने स्व. परमेश्वरी देवी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर नगर निगम उप मेयर गुड्डू हयात, जिला वैश्य समाज जिलाध्यक्ष मोहन साह, भाजपा उपाध्यक्ष राजीव रंजन साह, कोषाध्यक्ष गोपाल चौधरी, संगठन सचिव नवल सिंह, संयुक्त सचिव अशीष टिंकू, मेजर गौतम भगत, मोहम्मद नौशाद नजमी, सोनू भीमसेरिया, नितेश दहलान, सौरभ दहलान, गोपाल दहलान, पंकज गुप्ता, सत्यम राज, राहुल गौरव, विशाल सिंह, गौतम भगत, मनीष कुमार, शैलेन्द्र भगत, उमाशंकर भगत और संजीव सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
लखनऊ के चिनहट क्षेत्र में साइबर ठगों ने शेयर बाजार में निवेश पर भारी मुनाफे का झांसा देकर मंडी परिषद के सेवानिवृत्त कंप्यूटर ऑपरेटर से 92.50 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने पीड़ित को व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर निवेश के नाम पर कई किस्तों में रकम जमा कराई और बाद में मोबाइल नंबर बंद कर फरार हो गए। पीड़ित की शिकायत पर चिनहट पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कमता निवासी दिनेश कुमार शर्मा ने बताया कि वर्ष 2019 में सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें बलबीर मेंटर नामक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। ग्रुप की एडमिन साक्षी शर्मा ने खुद को कोलकाता निवासी बताते हुए शेयर बाजार में निवेश पर 100 फीसदी लाभ का दावा किया। उसके कहने पर दिनेश ने एक निवेश एप डाउनलोड किया, जहां उनकी आईडी बनाई गई और निवेश की प्रक्रिया शुरू कराई गई। पीड़ित के अनुसार, शुरुआत में उन्होंने 18.50 लाख रुपये निवेश किए, लेकिन कोई लाभ नहीं मिला। जब उन्होंने मुनाफे की मांग की तो ठगों ने आईडी एड्रेस में गड़बड़ी बताकर उसे ठीक करने के नाम पर 29 लाख रुपये और जमा करा लिए। इसके बाद कथित कस्टमर सर्विस के जरिए सेबी खाता सक्रिय कराने के नाम पर 20 लाख रुपये और वसूले गए। रिश्तेदारों से उधार लेकर भी जमा की रकम दिनेश का आरोप है कि बार-बार रकम जमा कराने के बावजूद उन्हें न तो मुनाफा मिला और न ही मूल धन वापस हुआ। बाद में लॉगिन संबंधी समस्या बताकर 13 लाख रुपये और ऐंठ लिए गए। इस तरह ठगों ने उनसे कुल 92.50 लाख रुपये वसूल लिए। पीड़ित ने बताया कि उन्होंने अपनी पेंशन और जीवनभर की जमा पूंजी के अलावा रिश्तेदारों से उधार लेकर भी रकम जमा की थी। जब लगातार दबाव बनाने के बाद भी पैसा वापस नहीं मिला तो आरोपियों ने अपने मोबाइल नंबर बंद कर लिए। इसके बाद दिनेश ने चिनहट थाने में बलबीर, साक्षी शर्मा, एक निवेश कंपनी और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ तहरीर दी। चिनहट इंस्पेक्टर दिनेश चंद्र मिश्र ने बताया कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच उपनिरीक्षक मनोज कुमार राव को सौंपी गई है। पीड़ित से बैंक ट्रांजेक्शन और अन्य दस्तावेज मांगे गए हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जर्मनी के कॉन्सुलेट जनरल क्रिस्टोफ हॉलियर ने 10 और 11 जून को इंदौर व पीथमपुर का दो दिवसीय दौरा कर क्षेत्र की औद्योगिक, आईटी और पर्यटन संभावनाओं का विस्तृत अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने ऐतिहासिक धरोहरों से लेकर आधुनिक औद्योगिक इकाइयों तक का भ्रमण कर क्षेत्र की विकास क्षमता को करीब से समझा। दौरे के पहले दिनहॉलियर ने इंदौर के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों लालबाग पैलेस और राजवाड़ा का भ्रमण किया। उन्होंने शहर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक महत्व और स्थापत्य कला की सराहना करते हुए कहा कि इंदौर अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए एक आकर्षक पर्यटन केंद्र बनने की क्षमता रखता है। दौरे के दूसरे दिन उन्होंने पीथमपुर स्थित हेटिच इंडिया की इकाई महाले आनंद थर्मल सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड तथा इंदौर स्थित इंफोविन्स टेक्नोलॉजीज लिमिटेड का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने आधुनिक उत्पादन प्रक्रियाओं, तकनीकी नवाचारों और औद्योगिक अधोसंरचना की जानकारी ली। साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में इंदौर की बढ़ती भूमिका को भी समझा। इस अवसर पर एमपीआईडीसी इंदौर के कार्यकारी संचालक हिमांशु प्रजापति ने उन्हें इंदौर-पीथमपुर क्षेत्र की औद्योगिक प्रगति, निवेश अवसरों, विकसित हो रहे लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, आईटी इकोसिस्टम और व्यापारिक संभावनाओं से अवगत कराया। उन्होंने क्षेत्र में उपलब्ध विश्वस्तरीय औद्योगिक सुविधाओं, कुशल मानव संसाधन और निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल की जानकारी भी दी। कॉन्सुलेट जनरल हॉलियर ने कहा कि भारत, जर्मनी का दूसरा सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार है और दोनों देशों के बीच आर्थिक एवं निवेश संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंदौर-पीथमपुर क्षेत्र औद्योगिक और तकनीकी सहयोग के लिए अत्यंत संभावनाशील है तथा भविष्य में जर्मन उद्योगों और निवेशकों के लिए एक प्रमुख केंद्र बन सकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि मध्यप्रदेश में उपलब्ध औद्योगिक सुविधाएं और निवेश अनुकूल वातावरण भारत-जर्मनी सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे। इस दौरे को भारत और जर्मनी के बीच औद्योगिक, तकनीकी और निवेश संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष विनीत शारदा ने बड़ौत में मृतक व्यापारी सोहनलाल और उनके पुत्र विकास के परिवार से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जो पुलिसकर्मी या अधिकारी समाजवादी पार्टी की मानसिकता से काम कर रहे हैं, वे अपना बोरिया-बिस्तर बांध लें। उन्होंने व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर सरकार की गंभीरता पर भी जोर दिया। शारदा ने कहा कि ऐसे अधिकारियों को 'काला पानी' भेजने का काम किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर भीड़ ने किसी बदमाश को मारा है, तो भीड़ की हौसलाअफजाई करनी चाहिए। उन्होंने 48 घंटे के भीतर बाकी अपराधियों को भी कड़ी सजा दिलाने का आश्वासन दिया। यह घटना बड़ौत में हुई थी, जहां दुकान पर बैठे व्यापारी सोहनलाल और उनके पुत्र विकास की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना में वरुण लुहारी ने अपने साथियों के साथ मिलकर फायरिंग की थी, जिसमें पिता-पुत्र की मौत हो गई थी। इस दौरान हिस्ट्रीशीटर वरुण लुहारी भी घायल हो गया और उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने व्यापारियों की हत्या के मामले में मुकदमा दर्ज करते हुए वरुण के पिता को गिरफ्तार करते हुए जेल भेज दिया और अन्य अभियुक्त की तलाश शुरू कर दी। इस दौरान वरुण के परिवार के लोगों ने भीड़ में मौजूद व्यक्ति द्वारा वरुण को गोली मारने के मामले में मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी। इसके बाद पुलिस ने वरुण के परिवार की तहरीर पर दो व्यापारियों सहित 5-6 व्यक्तियों पर मामला दर्ज किया गया है। विनीत शारदा ने मृतक व्यापारी परिवार पर दर्ज मुकदमे को रद्द करने की मांग की। उन्होंने व्यापारी परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया और कहा कि कोई भी अधिकारी लापरवाही न बरते। उन्होंने स्पष्ट किया कि लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। शारदा ने कहा कि वह इस पूरी घटना और व्यापारियों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अवगत कराने के लिए लखनऊ जाएंगे। उन्होंने जाति-पात की राजनीति छोड़ने की भी अपील की।
भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप्स का आईएन-स्पेस ने चयन किया
नई दिल्ली, सरकारी एजेंसी इंडियन नेशनल स्पेस प्रमोशन एंड ऑथराइजेशन सेंटर (आईएन-स्पेस) ने गुरुवार को तीन भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप्स को अपने वित्तीय सहायता के लिए चुना है।
कानपुर में सड़क हादसे में बुजुर्ग दंपत्ति की मौत के विरोध में गुरुवार को जाजमऊ व्यापार मंडल अध्यक्ष ने अनोखा प्रदर्शन किया। घाटमा स्थित घटनास्थल पर मुंडन कराकर विरोध जता रहे व्यापारी नेता को रोकने पहुंची पुलिस से उनकी नोकझोंक हो गई। इस दौरान उनके सिर में चोट लग गई और वह लहूलुहान हो गए। बाद में पुलिस ने उन्हें और उनके एक साथी को हिरासत में लेकर अस्पताल पहुंचाया। हादसे के विरोध में किया प्रदर्शनजानकारी के अनुसार, पिछले शनिवार को एक बुजुर्ग दंपत्ति मंदिर दर्शन के लिए जा रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें कुचल दिया था, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के बाद क्षेत्र में लोगों में आक्रोश व्याप्त है और दोषी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। घटनास्थल पर शुरू कराया मुंडनदंपत्ति की मौत के विरोध में जाजमऊ व्यापार मंडल अध्यक्ष गुरुवार दोपहर घाटमा स्थित घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने विरोध दर्ज कराने के लिए सार्वजनिक रूप से अपना मुंडन कराना शुरू कर दिया। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें ऐसा करने से रोकने तथा समझाने का प्रयास किया। सिर में लगी चोट, पुलिस ने लिया हिरासत मेंप्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, व्यापारी नेता पुलिस की समझाइश के बावजूद मुंडन कराते रहे। इसी दौरान उनके सिर में कई जगह चोट लग गई, जिससे खून बहने लगा। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने उन्हें और उनके एक साथी को हिरासत में ले लिया तथा उपचार के लिए अस्पताल भेज दिया। कार्रवाई की मांग पर अड़े व्यापारीव्यापारी संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि बुजुर्ग दंपत्ति की मौत के मामले में न्याय और सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा था। वहीं पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं। घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है।
गुरुग्राम जिले में सोहना-मुंबई एक्सप्रेसवे पर गुरुवार रात को एक चलते ट्रक में भीषण आग लग गई। यह ट्रक ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट का कीमती सामान लेकर मुंबई से दिल्ली की ओर जा रहा था। गनीमत रही कि ड्राइवर और क्लीनर ने समय रहते ट्रक से कूदकर अपनी जान बचा ली। जानकारी के अनुसार, ट्रक मुंबई एक्सप्रेसवे से गुरुग्राम-दिल्ली की तरफ आ रहा था। सोहना एलिवेटेड हाईवे की ओर मुड़ते ही अचानक उसके केबिन से धुआं उठने लगा। देखते ही देखते आग की लपटें तेज हो गईं और पूरे केबिन को अपनी चपेट में ले लिया। चलती गाड़ी में आग देखकर एक्सप्रेसवे पर अन्य वाहन चालकों में भी हड़कंप मच गया। ड्राइवर ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए ट्रक को सड़क किनारे रोका और क्लीनर के साथ कूदकर सुरक्षित बाहर निकल आया। पार्सल और इलेक्ट्रॉनिक सामान लदा था ट्रक में फ्लिपकार्ट कंपनी के सैकड़ों पार्सल और इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद लदे हुए थे। केबिन में लगी आग इतनी तेजी से फैली कि उसने जल्द ही ट्रक के पिछले हिस्से को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें इतनी भयानक थीं कि आसमान में दूर से ही काले धुएं का गुबार देखा जा सकता था। एक्सप्रेसवे के सुरक्षाकर्मियों और राहगीरों ने तत्काल घटना की सूचना स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की 2 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। फायर ब्रिगेड ने पाया आग पर काबू फायर कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। फायर कर्मियों के अनुसार, अगर समय रहते आग पर काबू न पाया जाता तो पूरी गाड़ी और उसका सारा सामान जलकर राख हो जाता। आग की वजह से ट्रक का केबिन पूरी तरह नष्ट हो गया है और कंटेनर के अंदर रखे सामान को भी भारी नुकसान पहुंचा है। आग लगने का संभावित कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। कुछ देर ट्रैफिक हुआ प्रभावित एक्सप्रेसवे पर बीच रास्ते में ट्रक में आग लगने के कारण सोहना रोड पर ट्रैफिक प्रभावित हुआ। पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से एक तरफ के वाहनों को एक लेन से निकाला, जिससे हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। आग बुझने और क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त ट्रक को सड़क से हटाए जाने के बाद ही ट्रैफिक सुचारू हो पाया। शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगने की आशंका शुरुआती जांच में पुलिस और फायर ब्रिगेड का अनुमान है कि आग ट्रक के केबिन के भीतर वायरिंग में हुए किसी शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी होगी। गर्मी के मौसम में वाहनों में इस तरह के हादसे बढ़ जाते हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है ताकि आग लगने के सही कारणों का पता लगाया जा सके।
हरियाणा CM नीति आयोग की बैठक के लिए दिल्ली रवाना:रोडमैप करेंगे पेश, SYL समेत निवेश और रोजगार पर फोकस
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी राष्ट्रपति भवन के कल्चर सेंटर में नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली स्थित हरियाणा भवन से रवाना हो गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल शामिल होते हैं। बैठक का मुख्य फोकस ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को जमीन पर उतारना है। CM सैनी इस बैठक में हरियाणा के विकास का रोडमैप रखेंगे। उम्मीद है कि वे कृषि सुधार, जल संरक्षण, औद्योगिक निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार से जुड़ी योजनाओं के लिए केंद्र से ज्यादा मदद मांगेंगे। SYL नहर और चंडीगढ़ जैसे अंतर-राज्यीय मुद्दे भी उठ सकते है। सीएम ने पीएम को दी बधाई इससे एक दिन पहले हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री पद पर 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर हरियाणा की पौने तीन करोड़ जनता की ओर से उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को संबोधित अपने पत्र में कहा कि यह अवसर उनके वंदन और अभिनंदन का है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में सबसे लंबे समय तक निरंतर निर्वाचित एवं जन-जन के लोकप्रिय प्रधानमंत्री हैं। 140 करोड़ लोगों ने दी सत्ता मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में बीते 12 वर्ष राष्ट्र की सामूहिक चेतना के पुनर्जागरण, जनसेवा और विकास यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुए हैं। प्रधानमंत्री का यह कालखंड सेवा, सुशासन, संकल्प, समर्पण और राष्ट्र प्रथम की भावना से प्रेरित एक युगांतकारी यात्रा का साक्षी रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में देशवासियों ने विकसित, आत्मनिर्भर, सशक्त और गौरवशाली भारत के जिस सपने के साथ देश की बागडोर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों में सौंपी थी, आज 140 करोड़ भारतवासी उस सपने को साकार होते हुए देख रहे हैं। रेवाड़ी में की थी पहली रैली मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि 15 सितंबर, 2013 को रेवाड़ी में आयोजित देश के पूर्व सैनिकों की रैली से प्रधानमंत्री ने अपने लोकसभा चुनाव अभियान की शुरुआत की थी और उस रैली का उत्साह तथा हरियाणा के लोगों का स्नेह आज भी स्मरणीय है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा के लोग सदैव राष्ट्र निर्माण की अग्रिम पंक्ति में खड़े रहे हैं। प्रदेश के वीर जवानों, परिश्रमी किसानों, प्रतिभाशाली खिलाड़ियों और कर्मठ युवाओं ने हमेशा राष्ट्र के गौरव को बढ़ाया है। पिछले 12 वर्षों में देश ने जिस आत्मविश्वास, स्थिरता और विकास का अनुभव किया है, उससे हरियाणा का जन-जन भी नई ऊर्जा और नए विश्वास से भर गया है।
पन्ना में बृजपुर पुलिस ने खुद को डॉक्टर और दवाइयों का बड़ा कारोबारी बताकर लोगों से ठगी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर कई लोगों को झांसा देकर लाखों रुपए और जेवरात हड़प लिए थे। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय से रिमांड पर लेकर उसके कब्जे से सोने-चांदी के आभूषण और दवाइयां बरामद की हैं। भरोसा जीतकर बनाया लोगों को शिकार मामला बृजपुर थाना क्षेत्र के पहाड़ीखेड़ा गांव का है। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के बबेरू निवासी दीपक कुमार रैकवार अपनी पत्नी माया उर्फ रचना के साथ पिछले आठ से नौ महीनों से यहां किराए के मकान में रह रहा था। आरोपी ने आसपास के लोगों को बताया था कि वह निजी डॉक्टर होने के साथ दवाइयों का थोक कारोबार भी करता है। उसके व्यवहार और बातों पर भरोसा कर मकान मालिक और स्थानीय लोगों ने उससे नजदीकियां बढ़ा लीं। साझेदारी और नौकरी का झांसा देकर ठगे लाखों रुपए पुलिस के अनुसार, लोगों का विश्वास जीतने के बाद आरोपी ने ठगी शुरू की। उसने मकान मालिक विप्र मिश्रा को मेडिकल स्टोर और दवाइयों के कारोबार में साझेदारी का प्रस्ताव दिया। इस बहाने उसने उनसे 3 लाख 60 हजार रुपये ले लिए। इसके अलावा कुछ बेरोजगार युवाओं को नौकरी दिलाने का आश्वासन देकर करीब 2 लाख रुपये की रकम भी वसूल ली। आरोपी ने मनीषा यादव और रीना रैकवार को भी अपने झांसे में लेकर उनके सोने-चांदी के आभूषण हासिल कर लिए। रकम और जेवर लेकर फरार हुआ दंपती पुलिस जांच में सामने आया कि करीब 6 लाख 50 हजार रुपये की नकदी और जेवरात जुटाने के बाद आरोपी अपनी पत्नी के साथ एक रात अचानक मकान छोड़कर फरार हो गया। इसके बाद पीड़ितों को ठगी का पता चला और उन्होंने बृजपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। रिमांड पर लेकर की गई बरामदगी शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की और उसे गिरफ्तार कर लिया। न्यायालय से रिमांड मिलने के बाद पुलिस ने उसके कब्जे से लगभग 2 लाख 20 हजार रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवर और दवाइयां बरामद की हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपी ने अन्य लोगों को भी इसी तरह ठगी का शिकार बनाया है या नहीं।
बड़वानी जिले के खेतिया-पानसेमल कॉटन एसोसिएशन और क्षेत्र के व्यापारियों ने गुरुवार को पानसेमल विधायक श्याम बरड़े का उनके कार्यालय पर सम्मान किया। यह सम्मान मंडी शुल्क में कमी के राज्य सरकार के निर्णय के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और विधायक बरड़े का आभार व्यक्त करने हेतु किया गया। लगभग चार माह पहले व्यापारी संगठनों ने विधायक बरड़े से मुलाकात कर मंडी शुल्क घटाने की मांग की थी। विधायक बरड़े ने इस महत्वपूर्ण विषय को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के समक्ष प्रमुखता से उठाया। भोपाल प्रवास के दौरान विधायक ने मुख्यमंत्री से पुनः इस विषय पर चर्चा की। इसके परिणामस्वरूप, किसान और व्यापारी हित में मंडी शुल्क ₹1.50 प्रति क्विंटल से घटाकर मात्र ₹0.50 प्रति क्विंटल कर दिया गया है। मुख्यमंत्री के इस निर्णय का क्षेत्र के किसानों, व्यापारियों और कपास उद्योग से जुड़े लोगों ने स्वागत किया है। विधायक बरड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में केंद्र और प्रदेश सरकार किसानों और व्यापारियों के हितों के प्रति संवेदनशील है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में अधिक मंडी शुल्क होने के कारण जिनिंग एवं प्रेसिंग उद्योग महाराष्ट्र की ओर पलायन कर रहे थे, जिससे स्थानीय रोजगार प्रभावित हो रहा था। अब मंडी शुल्क में कमी से कपास उद्योग को नई गति मिलेगी, स्थानीय जिनिंग-प्रेसिंग इकाइयों को प्रोत्साहन मिलेगा तथा हजारों श्रमिकों के रोजगार सुरक्षित होंगे। इससे प्रदेश की मंडियां अधिक सशक्त, समृद्ध एवं प्रतिस्पर्धी बनेंगी। विधायक बरड़े ने इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त करते हुए किसानों एवं व्यापारियों को शुभकामनाएं दीं।
सहारनपुर के बेहट क्षेत्र के एक ठेकेदार ने शेयर मार्केट में निवेश कर रकम दोगुनी करने का झांसा देकर 65 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। मामले में पुलिस कार्रवाई न होने पर पीड़ित ने एसीजेएम प्रथम की कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। अब कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया है। ग्राम नानौली निवासी अर्जुन पुत्र जगदीश ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह ठेकेदारी का कार्य करता है। उसके रिश्तेदार सागर के माध्यम से उसकी पहचान मुजफ्फराबाद निवासी दीपक सैनी से हुई थी। आरोप है कि दीपक ने स्वयं को शेयर मार्केट का अनुभवी निवेशक बताते हुए कम समय में रकम दोगुनी करने और हर माह 10 प्रतिशत मुनाफा देने का भरोसा दिलाया। प्रार्थी के अनुसार, उसने 23 मार्च 2025 से 1 अक्टूबर 2025 के बीच करीब 65 लाख रुपए अलग-अलग तिथियों में ऑनलाइन ट्रांसफर और नकद रूप में दिए। आरोप है कि दीपक ने अधिकांश रकम अपनी पत्नी राधिका सैनी और बहन अंचल सैनी समेत अन्य लोगों के खातों में जमा कराई। जब अलग-अलग खातों में पैसा जमा कराने का कारण पूछा गया तो दीपक ने टैक्स और लेन-देन छिपाने की बात कहकर भरोसा दिलाया। अर्जुन का कहना है कि शुरुआत में कुछ भुगतान मुनाफे के रूप में किया गया, लेकिन बाद में रकम लौटाना बंद कर दिया गया। जब उसने अपनी मूल धनराशि और रिटर्न की मांग की तो आरोपी टालमटोल करता रहा और बाद में पैसा लौटाने से इंकार कर दिया। प्रार्थना पत्र में कहा कि जिन खातों में रकम ट्रांसफर की गई थी, उनमें से कुछ खाताधारकों ने बताया कि उनके खातों में धनराशि ऑनलाइन गैम्बलिंग और सट्टेबाजी से संबंधित लेन-देन के रूप में आई थी। इससे उसे संदेह हुआ कि निवेश के नाम पर ली गई रकम का इस्तेमाल अवैध गतिविधियों में किया गया। उसने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी की पत्नी का बैंक खाता पुलिस द्वारा फ्रीज किए जाने की जानकारी भी सामने आई। पीड़ित ने आरोप लगाया कि जब उसने धोखाधड़ी का विरोध किया तो आरोपी ने पैसा वापस न करने और जान से मारने की धमकी दी। उसके अनुसार आरोपी ने कहा कि वह इसी तरह लोगों से पैसा हड़पता है और दोबारा रकम मांगने पर हत्या करवा देगा। अर्जुन ने बताया कि उसने 8 मार्च 2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भी शिकायत भेजी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं, पुलिस मामले की जांच कर रही है।
ई-कॉमर्स वेयरहाउस के नाम पर देशभर में 71.59 करोड़ रुपए की ठगी, आरोपी डिटेन
स्टेट वेयरहाउस, सिटी हब और वर्चुअल दुकानदार बनाने के नाम पर देशभर में 71.59 करोड़ की ठगी का मामला सामने आया है। जयपुर के लॉजिस्टिक्स कारोबारी ने ई-कॉमर्स कंपनी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। इस मामले में प्रतापनगर पुलिस ने एक आरोपी को डिटेन किया है। पुलिस के अनुसार जयपुर स्थित मिल्करन लॉजिस्टिक्स के प्रोपराइटर देवेंद्र सिंह ने शिकायत दी। बताया कि वह जयपुर में मीशो, फ्लिप कार्ट और अमेजन जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ लॉजिस्टिक्स व वेयरहाउस चलाते हैं। कुछ समय पहले हिरणमगरी सेक्टर-4 के राणावत प्लाजा स्थित एयर पिन कोड डाक लॉजिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने साझेदारी करने के लिए उनसे संपर्क किया। जयपुर के कोटपूतली निवासी नरेश कुमार सैनी ने खुद को सीईओ और सुशील सोनी ने खुद को कंट्री हेड बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों ने कंपनी का रजिस्ट्रेशन रिश्तेदार हरियाणा निवासी योगेश कुमार और मनोज कुमार के नाम पर करवाया। फिर सभी बदमाशों ने मिलकर देशभर में स्टेट वेयरहाउस, सिटी हब और वर्चुअल दुकानदार बनाने की योजना बताकर लोगों से शुल्क वसूला। 23 राज्यों में 3-3 लाख लेकर वेयर हाउस खोले और 69 लाख रुपए वसूले। एक-एक लाख लेकर 650 से ज्यादा सिटी हब खोलकर 6.50 करोड़ वसूल लिए। इसके अलावा 5 लाख से ज्यादा वर्चुअल दुकानदार बनाकर 64.40 करोड़ रुपए ऐंठ गए। इसी तरह उनसे भी 3 लाख रुपए सिक्योरिटी के रूप में ले लिए। उन्होंने गत 1 मार्च को वेयर हाउस किराये पर लिया। इसका 2.10 लाख रुपए किराया भी उन्होंने भरा। इंफ्रास्ट्रक्चर पर 4 लाख रुपए खर्च किए। बदमाशों ने उन्हें इसी साल 17 जनवरी से कंपनी शुरू होने का आश्वासन दिया, लेकिन तारीख निकलने के बाद भी काम शुरू नहीं हुआ। किराया और खर्च के बारे में बात करने पर बदमाशों ने हर माह मिनिमम गारंटी 40 हजार रुपए देने की बात कही। वह भी नहीं दी गई। बदमाशों ने उनसे 9.10 लाख रुपए हड़प लिए। इस मामले में पुलिस ने सुशील सोनी को डिटेन कर पूछताछ कर रही है।
छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में सराफा व्यापारी प्रदीप सोनी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोपियों ने सोने-चांदी के जेवर लूट लिए थे। इस वारदात में शामिल मुख्य शूटर मनीष मंडल सहित 3 और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनमें बिहार का मनीष मंडल उर्फ राहुल और सुजीत उर्फ राजू दास शामिल है। इसके अलावा झारखंड के संतोष दास को भी अरेस्ट किया गया है। इससे पहले मास्टरमाइंड समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस की पूछताछ में पता चला कि कोटमीकला के साप्ताहिक हाट बाजार में बदमाशों ने सर्राफा व्यापारी प्रदीप सोनी का सोना-चांदी से भरा बैग लूटने की कोशिश की थी। लेकिन प्रदीप सोनी ने विरोध किया। इसी दौरान मुख्य शूटर मनीष मंडल उर्फ राहुल ने कट्टा निकालकर उन पर गोली चला दी। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल किए गए देसी कट्टे, चार जिंदा कारतूस, लूटा गया 40 ग्राम सोना, करीब साढ़े चार किलो चांदी, 7 मोबाइल फोन, दो बाइक और घटना में इस्तेमाल की गई एक स्विफ्ट कार बरामद की है। पहले देखिए ये तस्वीरें- मास्टरमाइंड सहित 3 आरोपी पकड़े गए थे पुलिस के मुताबिक, इस वारदात का मास्टरमाइंड बिलासपुर जिले के बिटकुला गांव का रहने वाला खुशीराम साहू है। उसने बाजार में सोना-चांदी व्यापारियों की रेकी कर पूरी साजिश रची थी। इस काम में उसके भतीजे राजाराम साहू और दामाद श्रेयांस शुक्ला ने भी मदद की। खुशीराम ने बिहार और झारखंड में अपने परिचित राहुल के जरिए शूटर बुलाए थे। राहुल अपने साथी सुजीत उर्फ राजू दास और संतोष दास के साथ बिहार से आया और सभी ने मिलकर लूट और हत्या की वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद आरोपी देवरीखुर्द स्थित गया प्रसाद रजक के घर पहुंचे, जहां लूटे गए सोने-चांदी के आभूषणों का बंटवारा किया गया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर खुशीराम साहू, राजाराम साहू और गया प्रसाद रजक को गिरफ्तार कर लिया। जानिए क्या है पूरा मामला जानकारी के अनुसार, मंगलवार (26 मई) शाम करीब 7 बजे 3 आरोपी एक पल्सर पर सवार होकर आए थे। बदमाशों ने सर्राफा व्यापारी प्रदीप सोनी को बेहद करीब से गोली मारी थी। दाहिने तरफ सीने में गोली लगी थी। सूचना मिलते ही कोटमी चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। गंभीर रूप से घायल प्रदीप सोनी को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने घटना स्थल को सील कर दिया था। मौके से खून के धब्बे और खाली कारतूस बरामद किए गए थे। बिलासपुर का खुशीराम निकला मास्टरमाइंड पुलिस जांच में सामने आया है कि बिलासपुर जिले के बिटकुला निवासी खुशीराम सही पूरे हत्याकांड का मास्टरमाइंड था। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर कोटमी बाजार स्थित ज्वेलरी कारोबारी की पहले रेकी की और फिर लूट की योजना बनाई। बिहार- झारखंड से बुलाए गए थे शूटर जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि खुशीराम ने वारदात को अंजाम देने के लिए बिहार से तीन शूटर मनीष मंडल उर्फ राहुल, सुजीत उर्फ राजू दास और संतोष दास बुलाए थे। इन्हीं शूटरों ने सर्राफा व्यापारी प्रदीप सोनी की गोली मारकर हत्या की और लूट की घटना को अंजाम दिया। घटना के बाद सभी आरोपी अलग-अलग दिशाओं में फरार हो गए थे। भागते समय राहुल उर्फ मनीष मंडल और संतोष कुमार दास रास्ता भटक गए, जिसके चलते दोनों ने बोदरापारा तिलोरा की पहाड़ी (टेकरी) पर रात बिताई। वहीं, आरोपी राजू उर्फ सरगुन उर्फ सुजीत, खुशीराम साहू और गया राम रजक के साथ मोटरसाइकिल पर बैठकर गया राम रजक के घर पहुंच गया, जहां उन्होंने रात गुजारी। रात बीतने के बाद 27 मई 2026 की सुबह राहुल उर्फ मनीष मंडल ने फोन करके खुशीराम साहू से संपर्क किया। बातचीत होने के बाद खुशीराम साहू, राजू और गया राम रजक तीनों बोदरापारा तिलोरा की टेकरी पहुंचे, जहां राहुल और संतोष रात से छिपे हुए थे। इसके बाद वे दोनों को अपने साथ लेकर वहां से निकल गए। सोना-चांदी को निकाला, डिब्बे को जलाया बोदरापारा तिलोरा की टेकरी में आरोपियों ने लूटे गए सोना-चांदी को अलग निकाल लिया था। इसके बाद उन्होंने सामान रखने वाले डिब्बे, झिल्ली और अन्य पैकिंग सामग्री को जलाकर सबूत मिटाने की कोशिश की। वहीं, बाकी कुछ सामान को अलग-अलग जगहों पर छिपा दिया था, ताकि पुलिस को उनकी भनक न लगे। लूट के सामान का किया गया बंटवारा पुलिस जांच में पता चला कि आरोपियों ने देवरीखुर्द में गया प्रसाद रजक के घर बैठकर लूटे गए सोने-चांदी के आभूषणों का आपस में बंटवारा किया था। हिस्सा बांटने के बाद 27 मई को सभी आरोपी अपने-अपने हिस्से का सामान लेकर दो मोटरसाइकिलों से बस्तीबगरा की ओर निकल गए। वहीं, राहुल उर्फ मनीष मंडल, राजू और संतोष बस और ट्रेन के जरिए वापस झारखंड भाग गए। दूसरी ओर, मास्टरमाइंड खुशीराम साहू ने अपने दामाद श्रेयांश शुक्ला को बस्तीबगरा बुलाया और उसे भी लूट का कुछ हिस्सा देकर रवाना कर दिया। इसके बाद वह खुद मोटरसाइकिल से बिटकुला (सीपत) चला गया। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि खुशीराम साहू और गया प्रसाद रजक ने वारदात में इस्तेमाल देसी कट्टा, दो जिंदा कारतूस और लूट के कुछ आभूषण टेकरी में छिपाकर रखे थे। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर इन्हें बरामद कर लिया। इसके अलावा, राजाराम साहू और खुशीराम साहू की निशानदेही पर लूटे गए आभूषणों का कुछ हिस्सा बिटकुला गांव के पास रेलवे ट्रैक किनारे एक नाले से भी बरामद किया गया। पुलिस ने मुख्य शूटर राहुल को बिहार के बांका जिले से, राजू को बिहार के रजौन क्षेत्र से और संतोष दास को झारखंड के गोड्डा जिले से गिरफ्तार किया। राहुल के पास से लूट के कुछ आभूषण, संतोष के पास से एक देसी कट्टा और एक जिंदा कारतूस, जबकि राजू के पास से वारदात में इस्तेमाल किया गया कीपैड मोबाइल बरामद किया गया है। पुलिस ने इस मामले में शामिल सभी सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। …………………….. इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… पेंड्रा सर्राफा व्यापारी हत्याकांड, मास्टरमाइंड समेत 3 गिरफ्तार:गोली मारने वाले बिहार-झारखंड के 3 शूटर फरार, कट्टा-कारतूस और लूटे गए जेवरात बरामद छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में सर्राफा व्यापारी प्रदीप सोनी हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मास्टरमाइंड सहित 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस वारदात का मास्टरमाइंड बिलासपुर जिले के बिटकुला गांव का रहने वाला खुशीराम साहू है। उसने बाजार में सोना-चांदी व्यापारियों की रेकी कर पूरी साजिश रची थी। पढ़ें पूरी खबर…
गोरखपुर के तारामंडल क्षेत्र के बुद्धनगर में स्पा सेंटर की आड़ में चल रहे देह व्यापार के नेटवर्क का रामगढ़ताल पुलिस ने पर्दाफाश किया है। छापेमारी के दौरान पांच युवतियों को मुक्त कराया गया, जबकि महिला समेत तीन आरोपियो को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब फरार स्पा संचालक की तलाश में जुटी है और पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। एक सप्ताह पहले मिली सूचना पुलिस को करीब एक सप्ताह पहले सूचना मिली थी कि बुद्धनगर स्थित एक स्पा सेंटर में मसाज और वेलनेस सेवाओं की आड़ में देह व्यापार संचालित किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में ठोस साक्ष्य नहीं मिलने पर पुलिस ने निगरानी जारी रखी। इसके बाद ग्राहक बनकर पहुंची पुलिस टीम ने मौके पर छापा मारकर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया। कार्रवाई के दौरान धर्मशाला बाजार निवासी विक्की वर्मा, मूल रूप से चंडीगढ़ निवासी और वर्तमान में पैडलेगंज में रहने वाले मंदीप सिंह तथा पादरी बाजार निवासी रिंकी लता को गिरफ्तार किया। सीओ कैंट अरुण कुमार एस की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच में पता चला कि स्पा सेंटर में मौजूद पांच युवतियां दिल्ली, गाजीपुर, मिर्जापुर और गोरखपुर की रहने वाली हैं। सभी शहर में किराये के मकानों में रह रही थीं। पूछताछ में सामने आया कि उन्हें अच्छी नौकरी, अधिक आय और स्पा में काम दिलाने का झांसा देकर बुलाया गया था। कुछ युवतियों ने बताया कि उन्होंने आनलाइन स्पा सेंटर में नौकरी का विज्ञापन देखा था, जिसके बाद संपर्क किया गया। पुलिस ने उनके बयान दर्ज करने के बाद उन्हें मुक्त कर दिया। एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि पूरे नेटवर्क की जांच कराई जा रही है। स्पा सेंटर मालिक के पकड़े जाने पर स्थिति साफ होगी।
थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक स्थित भारतीय दूतावास में भारतीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल ने नवनियुक्त राजदूत पुनीत अग्रवाल से शिष्टाचार मुलाकात की। इस बैठक के दौरान थाईलैंड से जुड़े विभिन्न सामाजिक, व्यावसायिक एवं भारतीय समुदाय के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। राजदूत अग्रवाल ने थाईलैंड में रहने और व्यापार करने वाले भारतीय समुदाय, विशेषकर राजस्थानी प्रवासियों को हरसंभव सहयोग और समर्थन देने का आश्वासन दिया। जयपुर-बैंकॉक सीधी उड़ान और वीजा नियमों का मुद्दा उठा बैठक में प्रतिनिधिमंडल के सदस्य संजय गौड़ (राजस्थान) ने जयपुर से बैंकॉक के लिए सीधी हवाई सेवा (डायरेक्ट फ्लाइट) न होने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने राजदूत को अवगत कराया कि सीधी उड़ान न होने के कारण राजस्थान के पर्यटकों और व्यापारियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। इसके साथ ही, उन्होंने आगामी दिनों में वीजा प्रक्रिया में होने वाले संभावित बदलावों और उससे पर्यटन व्यवसाय (टूरिज्म बिजनेस) पर पड़ने वाले असर से भी राजदूत को अवगत कराया। व्यापार और निवेश बढ़ाने पर बनी सहमति बैठक के दौरान भारत और थाईलैंड के बीच व्यापार, निवेश तथा आपसी सहयोग को और मजबूत बनाने पर भी गहन विचार-विमर्श हुआ। दोनों पक्षों ने भारत-थाईलैंड के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, आर्थिक एवं जनसंपर्क संबंधों को आगे बढ़ाते हुए सतत एवं साझा विकास के लिए ठोस सहयोग पर सहमति व्यक्त की। व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल में संजय गौड़ ( राजस्थान) , रंजीत सिंह (बिहार) के.बी. महंताजी(उड़ीसा) सुरेश राठी (हरियाणा) विकास अरोड़ा (दिल्ली), धर्मेंद्र शर्मा (हरियाणा), शांतनु जी ( उत्तर प्रदेश) एवं हिमांशु भगत (महाराष्ट्र 9) बैंकॉक स्थित थाईलैंड के भारतीय दूतावास में शामिल हुए l
लखनऊ में व्यापारियों और जीएसटी अधिकारियों की बैठक:अधिकारी बोले- व्यापारी हित में काफी बदलाव किया गया
लखनऊ में जीएसटी विभाग और व्यापारी संवाद कार्यक्रम का आयोजन हुआ। यहियागंज बाजार में आयोजित बैठक में व्यापारियों और विभागीय अधिकारियों के बीच जीएसटी से जुड़ी विभिन्न समस्याओं, सुझावों और पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम में जीएसटी विभाग की ओर से जीएसटी उपायुक्त खंड-4 राखी सिंह, राज्य कर अधिकारी खंड-4 संतोष कुमार और राज्य कर अधिकारी खंड-3 शची मिश्रा मौजूद रहीं। कार्यक्रम में मुख्य रूप से यहियागंज उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र मौजूद रहे। संवाद के दौरान व्यापारियों ने जीएसटी पंजीकरण, नोटिस प्रक्रिया, ई-वे बिल तथा रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म (आरसीएम) से जुड़े कई प्रश्न अधिकारियों के सामने रखे। अधिकारियों से जीएसटी से संबंधित जो परेशानियां और जिज्ञासा थी उसे बारे में जानकारी हासिल किया। जीएसटी उपायुक्त राखी सिंह ने व्यापारियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए कहा कि जीएसटी पंजीकरण प्रक्रिया को बेहद सरल बनाया गया है। अब व्यापारी घर बैठे ऑनलाइन पंजीकरण करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा किसी भी कार्रवाई से पहले सेक्टर स्तर पर मामलों की स्क्रूटनी की जाती है, ताकि अनावश्यक नोटिस जारी न हों। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर कोई व्यापारी एएसएमटी-10 नोटिस का समयबद्ध एवं संतोषजनक उत्तर प्रस्तुत कर देता है तो मामला उसी स्तर पर समाप्त किया जा सकता है। अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने व्यापारियों की ओर से कई महत्वपूर्ण सुझाव विभाग के सामने रखे। उन्होंने कहा कि ई-वे बिल से संबंधित हालिया नियम भविष्य में व्यापारियों के लिए कठिनाइयां पैदा कर सकते हैं। उनका कहना था कि ई-वे बिल की वैधता अवधि समाप्त होने पर वह स्वतः निष्प्रभावी हो जाता है, ऐसे में उसे पुनः क्लोज करने की व्यवस्था अतिरिक्त अनुपालन बोझ बढ़ाएगी। उन्होंने ट्रांसपोर्ट भाड़े पर लागू आरसीएम व्यवस्था पर भी आपत्ति जताते हुए कहा कि यदि जीएसटी का भुगतान परिवहनकर्ता द्वारा किया जाए और व्यापारी को उसकी इनपुट टैक्स क्रेडिट मिल जाए तो अनावश्यक प्रक्रियाओं से बचा जा सकेगा।
बालाघाट पुलिस ने जिले की राशन दुकानों से सरकारी खाद्यान्न चोरी करने वाले चार अंतर्राज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई गढ़ी, बैहर, बिरसा और मलाजखंड थाना क्षेत्रों में हुई। आरोपियों का एक साथी, उत्तर प्रदेश के जालौन निवासी इंद्रजीत रैदास, अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस जालौन गई है। पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने बताया कि जल्द ही फरार आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इन थाना क्षेत्रों के ग्रामीण इलाकों में स्थित राशन दुकानों से चावल की बोरियां चोरी होने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और अपने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बछेरापाछ-भोरा जंगल में घेराबंदी की। यहां से पुलिस ने एक पिकअप वाहन में भरा लगभग 250 क्विंटल राशन और वाहन बरामद किया, साथ ही चार आरोपियों को मौके से पकड़ा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान छत्तीसगढ़ के कवर्धा कबीरधाम निवासी सानू मंसूरी (27), रज्जन वर्मा (26), और उत्तर प्रदेश के जालौन निवासी सद्दाम शाह (28) व रिजवान शाह (28) के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे सभी यूपी के जालौन के दोस्त हैं और पिछले दो महीने से कबाड़ खरीदने की आड़ में ग्रामीण क्षेत्रों में घूमकर सरकारी राशन दुकानों की रेकी कर रहे थे। उन्होंने सुनसान और सीसीटीवी रहित राशन दुकानों को चिन्हित कर चोरी की योजना बनाई। इसके बाद वे पिकअप और मोटरसाइकिल का इस्तेमाल कर दुकानों से गेहूं और चावल की बोरियां चुराते थे। आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है, जिसके बाद उन्हें विधिवत गिरफ्तार किया गया। पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने यह भी बताया कि आरोपियों ने चोरी किया गया चावल बालाघाट के बिरसा, मंडला और जबलपुर के व्यापारियों को बेचा है। पुलिस इन व्यापारियों से भी पूछताछ करेगी। एसपी मिश्रा ने खाद्यान्न चोरी के इस मामले में आरोपियों और चोरी के माल को पकड़ने वाली टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में सर्राफा व्यापारी प्रदीप सोनी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोपियों ने सोने-चांदी के जेवर लूट लिए थे। इस वारदात में शामिल मुख्य शूटर मनीष मंडल सहित 3 और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनमें बिहार का मनीष मंडल उर्फ राहुल और सुजीत उर्फ राजू दास शामिल है। इसके अलावा झारखंड के संतोष दास को भी अरेस्ट किया गया है। इससे पहले मास्टरमाइंड समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस की पूछताछ में पता चला कि कोटमीकला के साप्ताहिक हाट बाजार में बदमाशों ने सर्राफा व्यापारी प्रदीप सोनी का सोना-चांदी से भरा बैग लूटने की कोशिश की थी। लेकिन प्रदीप सोनी ने विरोध किया। इसी दौरान मुख्य शूटर मनीष मंडल उर्फ राहुल ने कट्टा निकालकर उन पर गोली चला दी। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल किए गए देसी कट्टे, चार जिंदा कारतूस, लूटा गया 40 ग्राम सोना, करीब साढ़े चार किलो चांदी, 7 मोबाइल फोन, दो बाइक और घटना में इस्तेमाल की गई एक स्विफ्ट कार बरामद की है। पहले देखिए ये तस्वीरें- मास्टरमाइंड सहित 3 आरोपी पकड़े गए थे पुलिस के मुताबिक, इस वारदात का मास्टरमाइंड बिलासपुर जिले के बिटकुला गांव का रहने वाला खुशीराम साहू है। उसने बाजार में सोना-चांदी व्यापारियों की रेकी कर पूरी साजिश रची थी। इस काम में उसके भतीजे राजाराम साहू और दामाद श्रेयांस शुक्ला ने भी मदद की। खुशीराम ने बिहार और झारखंड में अपने परिचित राहुल के जरिए शूटर बुलाए थे। राहुल अपने साथी सुजीत उर्फ राजू दास और संतोष दास के साथ बिहार से आया और सभी ने मिलकर लूट और हत्या की वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद आरोपी देवरीखुर्द स्थित गया प्रसाद रजक के घर पहुंचे, जहां लूटे गए सोने-चांदी के आभूषणों का बंटवारा किया गया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर खुशीराम साहू, राजाराम साहू और गया प्रसाद रजक को गिरफ्तार कर लिया। जानिए क्या है पूरा मामला जानकारी के अनुसार, मंगलवार (26 मई) शाम करीब 7 बजे 3 आरोपी एक पल्सर पर सवार होकर आए थे। बदमाशों ने सर्राफा व्यापारी प्रदीप सोनी को बेहद करीब से गोली मारी थी। दाहिने तरफ सीने में गोली लगी थी। सूचना मिलते ही कोटमी चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। गंभीर रूप से घायल प्रदीप सोनी को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने घटना स्थल को सील कर दिया है। मौके से खून के धब्बे और खाली कारतूस बरामद किए गए थे। बिलासपुर का खुशीराम निकला मास्टरमाइंड पुलिस जांच में सामने आया है कि बिलासपुर जिले के बिटकुला निवासी खुशीराम सही पूरे हत्याकांड का मास्टरमाइंड था। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर कोटमी बाजार स्थित ज्वेलरी कारोबारी की पहले रेकी की और फिर लूट की योजना बनाई। बिहार- झारखंड से बुलाए गए थे शूटर जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि खुशीराम ने वारदात को अंजाम देने के लिए बिहार से तीन शूटर मनीष मंडल उर्फ राहुल, सुजीत उर्फ राजू दास और संतोष दास बुलाए थे। इन्हीं शूटरों ने सर्राफा व्यापारी प्रदीप सोनी की गोली मारकर हत्या की और लूट की घटना को अंजाम दिया। घटना के बाद सभी आरोपी अलग-अलग दिशाओं में फरार हो गए थे। भागते समय राहुल उर्फ मनीष मंडल और संतोष कुमार दास रास्ता भटक गए, जिसके चलते दोनों ने बोदरापारा तिलोरा की पहाड़ी (टेकरी) पर रात बिताई। वहीं, आरोपी राजू उर्फ सरगुन उर्फ सुजीत, खुशीराम साहू और गया राम रजक के साथ मोटरसाइकिल पर बैठकर गया राम रजक के घर पहुंच गया, जहां उन्होंने रात गुजारी। रात बीतने के बाद 27 मई 2026 की सुबह राहुल उर्फ मनीष मंडल ने फोन करके खुशीराम साहू से संपर्क किया। बातचीत होने के बाद खुशीराम साहू, राजू और गया राम रजक तीनों बोदरापारा तिलोरा की टेकरी पहुंचे, जहां राहुल और संतोष रात से छिपे हुए थे। इसके बाद वे दोनों को अपने साथ लेकर वहां से निकल गए। सोना-चांदी को निकाला, डिब्बे को जलाया बोदरापारा तिलोरा की टेकरी में आरोपियों ने लूटे गए सोना-चांदी को अलग निकाल लिया था। इसके बाद उन्होंने सामान रखने वाले डिब्बे, झिल्ली और अन्य पैकिंग सामग्री को जलाकर सबूत मिटाने की कोशिश की। वहीं, बाकी कुछ सामान को अलग-अलग जगहों पर छिपा दिया था, ताकि पुलिस को उनकी भनक न लगे। लूट के सामान का किया गया बंटवारा पुलिस जांच में पता चला कि आरोपियों ने देवरीखुर्द में गया प्रसाद रजक के घर बैठकर लूटे गए सोने-चांदी के आभूषणों का आपस में बंटवारा किया था। हिस्सा बांटने के बाद 27 मई को सभी आरोपी अपने-अपने हिस्से का सामान लेकर दो मोटरसाइकिलों से बस्तीबगरा की ओर निकल गए। वहीं, राहुल उर्फ मनीष मंडल, राजू और संतोष बस और ट्रेन के जरिए वापस झारखंड भाग गए। दूसरी ओर, मास्टरमाइंड खुशीराम साहू ने अपने दामाद श्रेयांश शुक्ला को बस्तीबगरा बुलाया और उसे भी लूट का कुछ हिस्सा देकर रवाना कर दिया। इसके बाद वह खुद मोटरसाइकिल से बिटकुला (सीपत) चला गया। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि खुशीराम साहू और गया प्रसाद रजक ने वारदात में इस्तेमाल देसी कट्टा, दो जिंदा कारतूस और लूट के कुछ आभूषण टेकरी में छिपाकर रखे थे। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर इन्हें बरामद कर लिया। इसके अलावा, राजाराम साहू और खुशीराम साहू की निशानदेही पर लूटे गए आभूषणों का कुछ हिस्सा बिटकुला गांव के पास रेलवे ट्रैक किनारे एक नाले से भी बरामद किया गया। पुलिस ने मुख्य शूटर राहुल को बिहार के बांका जिले से, राजू को बिहार के रजौन क्षेत्र से और संतोष दास को झारखंड के गोड्डा जिले से गिरफ्तार किया। राहुल के पास से लूट के कुछ आभूषण, संतोष के पास से एक देसी कट्टा और एक जिंदा कारतूस, जबकि राजू के पास से वारदात में इस्तेमाल किया गया कीपैड मोबाइल बरामद किया गया है। पुलिस ने इस मामले में शामिल सभी सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। …………………….. इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… पेंड्रा सर्राफा व्यापारी हत्याकांड, मास्टरमाइंड समेत 3 गिरफ्तार:गोली मारने वाले बिहार-झारखंड के 3 शूटर फरार, कट्टा-कारतूस और लूटे गए जेवरात बरामद छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में सर्राफा व्यापारी प्रदीप सोनी हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मास्टरमाइंड सहित 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस वारदात का मास्टरमाइंड बिलासपुर जिले के बिटकुला गांव का रहने वाला खुशीराम साहू है। उसने बाजार में सोना-चांदी व्यापारियों की रेकी कर पूरी साजिश रची थी। पढ़ें पूरी खबर…
सुलतानपुर में अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने बुधवार को 'सेवा संकल्प दिवस' मनाया। यह दिन संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मंत्री संदीप बंसल के जन्मदिन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश की सभी जिला इकाइयाँ इस दिन को भव्य रूप से मनाती हैं, जिसमें जरूरतमंदों और असहाय लोगों को फल और शरबत वितरित किए जाते हैं। इसी कड़ी में, सुलतानपुर जनपद में प्रदेश मंत्री हिमांशु मालवीय के नेतृत्व में 'सेवा संकल्प दिवस' और 'बड़े मंगल' के अवसर पर शरबत वितरण का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं और जरूरतमंद लोगों ने शरबत ग्रहण किया। कार्यक्रम का आयोजन अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल की नगर टीम और जिला युवा टीम के सहयोग से संपन्न हुआ। इसे सफल बनाने में जिला प्रभारी परविंद्र भालोठिया, जिला संरक्षक अजय जायसवाल, जिला संगठन महामंत्री अमरचंद साहू, जिला मंत्री सुनील सिंह, जिला संगठन मंत्री धर्मेंद्र सिंह, नगर महामंत्री राजेश श्रीवास्तव, जिला युवा अध्यक्ष श्याम सुंदर कसौधन, युवा नगर अध्यक्ष भोलानाथ सोनी, बजरंगी साहू, यश जायसवाल, अमनमोहन श्रीवास्तव, महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष पूनम अग्रहरि, गीता शर्मा, विकासवती श्रीवास्तव, सुनीता टंडन, आरती शर्मा, गीता गुप्ता और अमरेश कुमारी यादव सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।
बुलंदशहर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने क्रिप्टोकरेंसी निवेश धोखाधड़ी के शिकार एक युवक को उसके पांच लाख रुपये वापस दिलाए हैं। पीड़ित ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है। पुलिस के अनुसार, अनूपशहर क्षेत्र के शाहजहांपुर गांव निवासी धीरेश मोहन शर्मा ने 6 मार्च 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि अज्ञात साइबर ठगों ने उन्हें क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कर भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया और लाखों रुपये की ठगी कर ली। इस शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम थाने में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिंह के निर्देश और पुलिस अधीक्षक अपराध नरेश कुमार के पर्यवेक्षण में, साइबर क्राइम पुलिस टीम ने तकनीकी जांच की। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप, ठगी गई धनराशि में से पांच लाख रुपये पीड़ित के बैंक खाते में सफलतापूर्वक वापस करा दिए गए। साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रभात कुमार, निरीक्षक आसिफ अली और साइबर क्राइम टीम की इस कार्रवाई की पीड़ित तथा उसके परिजनों ने सराहना की है। साइबर पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के बहकावे में आकर बैंक खाता संख्या, एटीएम पिन, ओटीपी या सीवीवी जैसी गोपनीय जानकारी साझा न करें। यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है, तो उसे तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए, ताकि समय रहते धनराशि को सुरक्षित किया जा सके।
भारत सरकार के रेल मंत्रालय ने पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के ठाकुरगंज-सिलीगुड़ी रेलखंड के दोहरीकरण परियोजना को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना के तहत 56.41 किलोमीटर लंबे रेलखंड पर दूसरी रेल लाइन बिछाई जाएगी, जिससे ट्रेनों का परिचालन अधिक सुगम और तेज हो सकेगा। रेल मंत्रालय ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 916.18 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की है। रेलवे बोर्ड के निदेशक (गति शक्ति) दीपक सिंह ने पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के मालीगांव मुख्यालय को इस संबंध में स्वीकृति पत्र जारी किया है। इस मंजूरी के बाद परियोजना को जल्द शुरू करने की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है। सिविल निर्माण में 671.55 करोड़ होंगे खर्च रेलवे द्वारा जारी वित्तीय विवरण के अनुसार, परियोजना में 671.55 करोड़ रुपए सिविल निर्माण कार्यों पर खर्च होंगे। वहीं, अन्य संबंधित कार्यों के लिए 149.69 करोड़ रुपये और बिजली, ट्रैक्शन डिस्ट्रीब्यूशन (टीआरडी) तथा जनरेटर से जुड़े कार्यों पर 94.94 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, डबल लाइन बनने से इस महत्वपूर्ण रेलखंड की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। वर्तमान में एकल लाइन होने के कारण ट्रेनों के क्रॉसिंग और परिचालन में अक्सर देरी होती है। दूसरी लाइन बिछने के बाद मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों का संचालन अधिक सुचारु होगा, जिससे ट्रेनों की समयपालन क्षमता में भी सुधार आएगा। परिवहन को मिलेगी नई गति यह रेलखंड बिहार के किशनगंज जिले को पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी क्षेत्र से जोड़ता है। दोहरीकरण परियोजना से यात्रियों के साथ-साथ क्षेत्र में व्यापार, उद्योग और माल परिवहन को भी नई गति मिलेगी। रेलवे अब तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी कर निर्माण कार्य शुरू करेगा। इस परियोजना को सीमांचल और उत्तर-पूर्व भारत की रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अजमेर के कचहरी रोड पर बुधवार को सड़क डिवाइडर निर्माण के विरोध में व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा। नगर निगम द्वारा रामसेतु फ्लाईओवर के नीचे बनाए जा रहे डिवाइडर के विरोध में व्यापारियों ने दो घंटे तक अपनी दुकानें बंद रखीं और निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। व्यापारियों का आरोप है कि स्थानीय व्यापारिक संगठनों को विश्वास में लिए बिना मनमाने तरीके से डिवाइडर का निर्माण किया जा रहा है, जिससे व्यापार और यातायात दोनों प्रभावित होंगे। कचहरी रोड व्यापारिक एसोसिएशन के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में बड़ी संख्या में दुकानदार शामिल हुए। एसोसिएशन के पदाधिकारी सरबजीत सिंह छाबड़ा ने कहा कि राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी शहर के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए करोड़ों रुपए का बजट उपलब्ध करा रहे हैं। उनका उद्देश्य यातायात को सुगम बनाना, दोपहिया वाहनों की पार्किंग की सुविधा देना और व्यापारियों व ग्राहकों को राहत पहुंचाना है, लेकिन निगम के अधिकारी उनके विजन के विपरीत कार्य कर रहे हैं। प्रोजेक्ट की जानकारी तक नहीं दी व्यापारियों का कहना है कि कचहरी रोड सहित कई जगहों पर डिवाइडर बनाए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार निगम अधिकारियों से प्रोजेक्ट की ड्राइंग दिखाने और व्यापारियों से चर्चा कर काम करने का आग्रह किया गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। व्यापारियों के अनुसार पूरे मार्ग पर डिवाइडर बनने से ग्राहकों के लिए वाहन पार्क करना मुश्किल हो जाएगा। दुकानदारों को माल उतारने-चढ़ाने में भी परेशानी होगी, जिससे व्यापार प्रभावित होगा। अगली बार पूरे दिन बंद और चक्का जाम की चेतावनी व्यापारियों ने दो घंटे के बंद को सांकेतिक चेतावनी बताते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगली बार पूरे दिन बाजार बंद रखा जाएगा, विशाल रैली निकाली जाएगी और चक्का जाम भी किया जाएगा। व्यापारियों ने कहा कि किसी भी स्थिति की जिम्मेदारी जिला प्रशासन और नगर निगम की होगी। प्रदर्शन के दौरान व्यापार मंडल के पदाधिकारी, सैकड़ों दुकानदार और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
इंदौर में चल रहे पांच दिवसीय ब्रिक्स कृषि सम्मेलन का बुधवार को दूसरा दिन है। सम्मेलन में ब्रिक्स देशों समेत करीब 20 देशों के कृषि मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं। बुधवार सुबह प्रतिनिधि राजवाड़ा पहुंचे, जहां उन्होंने हेरिटेज वॉक में हिस्सा लिया। इसके बाद ग्रामीण हाट बाजार का भ्रमण भी किया। इसके बाद संयुक्त घोषणा-पत्र को लेकर विभिन्न सत्रों में चर्चा होगी। वहीं शाम को सदस्य देशों के बीच द्विपक्षीय बैठकें भी आयोजित की जाएंगी। कल भारत-रूस के बीच हुई अहम बैठक सम्मेलन के पहले दिन मंगलवार को भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई। इसमें कृषि व्यापार बढ़ाने, तकनीकी सहयोग मजबूत करने और खाद्य सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। दोनों देशों ने जलवायु अनुकूल खेती और कृषि अनुसंधान में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई। 20 देशों के प्रतिनिधि हो रहे शामिल सम्मेलन में ब्रिक्स सदस्य देशों के अलावा साझेदार देशों के कृषि मंत्री, अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं। आयोजन 9 से 13 जून तक इंदौर में होगा। इन मुद्दों पर हो रही चर्चा 11 जून तक कृषि कार्य समूह की बैठकें सम्मेलन की शुरुआत 9 जून से कृषि कार्य समूह (Agriculture Working Group) की बैठकों के साथ हुई। विभिन्न देशों के अधिकारी और विशेषज्ञ खाद्य सुरक्षा, पोषण, कृषि व्यापार, पशुपालन, मत्स्य पालन, कृषि अनुसंधान और किसानों की आय बढ़ाने जैसे मुद्दों पर चर्चा करेंगे। बैठकों में विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों की चुनौतियों, कृषि ऋण, बाजार तक पहुंच और आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर फोकस रहेगा। 12 जून को मंत्रिस्तरीय संवाद 12 जून को कृषि मंत्रियों के बीच विशेष संवाद होगा। इसमें छोटे किसानों, महिलाओं और युवाओं की भूमिका, डिजिटल तकनीक और भविष्य की खाद्य सुरक्षा पर चर्चा होगी। 13 जून को होगी कृषि मंत्रियों की मुख्य बैठक सम्मेलन के अंतिम दिन ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों की मुख्य बैठक होगी। इसमें कृषि सहयोग, जलवायु परिवर्तन, खाद्य हानि कम करने और कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने पर मंथन होगा। बैठक के बाद संयुक्त दस्तावेज जारी किया जाएगा। मध्यप्रदेश के लिए बड़ा अवसर विशेषज्ञों का मानना है कि इस सम्मेलन से मध्यप्रदेश को कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और निर्यात के क्षेत्र में वैश्विक पहचान मिलेगी। साथ ही निवेश और तकनीकी सहयोग की नई संभावनाएं भी खुलेंगी। अब जानिए आने वाले दिनों का शेड्यूल कार्यक्रम दिन-2: बुधवार, 10 जून 2026 दिन-3 : गुरुवार, 11 जून 2026 दिन-4 : शुक्रवार, 12 जून 2026 दिन-5 : शनिवार, 13 जून 2026
कर्नाटक के मांड्या जिले में कपड़ा व्यापारी ने अपनी पत्नी और बेटे की हत्या करने के बाद आत्महत्या कर ली।
अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग शुरू हुए तीन महीने से अधिक हो गए। 3400 km दूर हो रही लड़ाई का असर बिहार पर पड़ रहा है। बाजार मंदी की ओर बढ़ता दिख रहा है। लड़ाई के चलते पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमत बढ़ी। इसके चलते सभी सामान के दाम बढ़ गए। आम आदमी की कमाई नहीं बढ़ी और सामान की कीमत बढ़ गई। इसका असर हुआ कि लोग कम खरीदारी कर रहे हैं। इससे सरकार की कमाई घटी है। इसे आंकड़ों में समझें तो अप्रैल 2025 की तुलना में अप्रैल 2026 में 285 करोड़ रुपए कम GST कलेक्शन हुआ। इसी तरह मई 2025 से मई 2026 में 246 करोड़ रुपए कम पैसे सरकार को मिले। भास्कर की स्पेशल रिपोर्ट में जानिए क्या बिहार मंदी की ओर बढ़ चला है? बिहार का बाजार सुस्त क्यों हुआ? सुस्त बाजार का संकेत दे रहा जीएसटी कलेक्शन बिहार का डोमेस्टिक GST कलेक्शन गिर रहा है। माना जा रहा है कि इसकी वजह डिमांड की कमी है। बिहार के लोगों की पर्चेजिंग पावर कम होने के संकेत हैं। सीनियर इकोनॉमिस्ट प्रो. नवल किशोर चौधरी ने कहा, ‘यह काफी दुखद है। अर्थव्यवस्था के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं।’ इन 8 वजह से कम हुआ जीएसटी कलेक्शन 1. ईरान-इजराइल युद्ध: लड़ाई के चलते तेल और गैस संकट पैदा हुआ। पेट्रोल डीजल के दाम बढ़े। रसोई गैस की कीमत बढ़ी है। इसके चलते लोगों ने आना जाना कम किया है। लोग घर से बाहर कम निकल रहें हैं। रेस्टोरेंट में कम जा रहे हैं। बाजार-मॉल जाकर खरीददारी कम कर रहे हैं। 2. बढ़ती महंगाई: सामान और सेवाओं की कीमत बढ़ गई है। वहीं, आमदनी स्थिर है। इससे लोग गैर जरूरी खर्चों में कटौती कर रहे हैं। प्रो. नवल किशोर ने कहा, ‘लोगों की आमदनी स्थिर रहे या कम हो जाए और दूसरी ओर प्रोडक्ट और सर्विसेज महंगे तो लेन-देन सुस्त हो जाता है। देश का वर्तमान खुदरा महंगाई दर लगभग 3.4 फीसदी है, जबकि खाद्य महंगाई दर 4.2 प्रतिशत के आसपास दर्ज की गई है। वहीं दूसरी तरफ थोक महंगाई दर में उछाल देखा गया है और यह बढ़कर 8.30 फीसदी पहुंच गया है।’ 3. GST स्लैब में बदलाव: 22 सितंबर 2025 को हुई GST स्लैब में बदलाव के चलते भी टैक्स कलेक्शन कम हुआ है। 28% स्लैब वाले कई प्रोडक्ट्स को 18% के स्लैब में लाया गया। 18% GST स्लैब में आने वाले करीब 400 प्रोडक्ट्स पर GST घटाकर 5% या जीरो कर दिया गया। इसका असर बिहार जैसे उपभोक्ता राज्य पर पड़ा है। 4. बेमौसम बारीश ने घटाई किसानों की आमदनी: बेमौसम बारिश ने किसानों की फसल खराब की। सितंबर-अक्टूबर में भारी बारिश हुई, जिससे गेहूं समेत रबी सीजन की दूसरी फसलों को लगाने में देर हुई। इसके बाद मार्च-अप्रैल में जब गेहूं, सरसों और दूसरी फसलें तैयार थी तब बारिश ने नुकसान पहुंचाया। इससे किसानों की आमदनी घटी है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की खरीद क्षमता कम हुई है। जीविका दीदियों को मिले 10-10 हजार रुपए से ग्रामीण इलाके में बाजार को थोड़ा बढ़ावा मिला था। दूसरी किस्त अभी तक जारी नहीं हुई है। 5. सरकारी तंत्र और रिफंड सिस्टम: जीएसटी कलेक्शन में कमी की यह भी एक वजह है। इस दौरान सरकारी सिस्टम से रिफंड के मामले नहीं निपटाए होंगे। 6. कर चोरी और फर्जी बिलिंग: अनौपचारिक क्षेत्र में कर चोरी, फेक बिलिंग और बिना बिल के नकद लेनदेन की वजह से सरकारी खजाने में भारी नुकसान देखने को मिलता है। 7.औद्योगिक उत्पादन मे गिरावट: मांग घटने से औद्योगिक उत्पादन में गिरावट आती है। इससे टैक्स संग्रह घट जाता है। 8. रिफंड और इनपुट टैक्स क्रेडिट का समायोजन: कई बार निर्यातकों को समय पर टैक्स रिफंड या इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) जारी किए जाते हैं। इससे संबंधित माह के 'नेट जीएसटी कलेक्शन' के आंकड़ों में अस्थायी रूप से कमी दर्ज की जाती है। आम लोग खरीदारी कम कर रहे, इसलिए घटा राजस्व बिहार में GST कलेक्शन में आई कमी पर आर्थशास्त्री प्रो.नवल किशोर ने कहा, ‘इसकी वजह घरेलू खपत में कमी और सरकार द्वारा टैक्स दरों में कटौती करना है। जीएसटी एक उपभोग आधारित कर है। जब आम लोग खरीदारी कम करते हैं या सरकार आवश्यक वस्तुओं पर टैक्स कम कर देती है तो कुल राजस्व घट जाता है।’ खाने-पीने के खर्च में की कटौती बढ़ी हुई महंगाई को लेकर हमने कुछ महिलाओं से बात की। गृहिणी नीलू ने कहा, 'पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ गई है। इससे महंगाई बढ़ी है। पहले मैं तकरीबन हर एक दो दिन पर बाजार निकल जाती थी। अब बाजार जाना कम कर दिया है। बहुत जरूरी होने पर ही मार्केट जाती हूं।' अनामिका ने कहा बाजार में रौनक घटी है। बुटिक में पहले की तरह महिलाएं नहीं आ रही हैं। मैंने भी जाना कम किया है। बड़ी हुई महंगाई का असर है कि मैंने खाने-पीने पर खर्च में कटौती कर दी है।
सीएम सुक्खू की अध्यक्षता में प्राधिकरण की बैठक में निवेश के 42 औद्योगिक प्रस्तावों को मंजूरी
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता मेंआयोजित राज्य एकल खिड़की की स्वीकृति एवं अनुश्रवण प्राधिकरण की 32वीं बैठक में 5877.0 करोड़ रुपए के प्रस्तावित निवेश वाले 42 औद्योगिक निवेश प्रस्तावों मंजूरी प्रदान की गई। इससे राज्य में 13,355 रोगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।
स्टार्टअप पंजाब सीड फंडिंग प्रोग्राम में जिले के दो स्टार्टअप्स को मिली सहायता
जालंधर | चंडीगढ़ स्थित म्यूनिसिपल भवन में आयोजित ‘स्टार्टअप पंजाब सीड फंडिंग प्रोग्राम’ के तहत जालंधर के दो स्टार्टअप्स को पंजाब सरकार की स्टार्टअप प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत सीड फंडिंग सहायता प्रदान की गई। इस अवसर पर स्टार्टअप मेंटर एवं कंपनी सेक्रेटरी सीएस गौरव ठाकुर विशेष रूप से उपस्थित रहे और दोनों स्टार्टअप्स को इस उपलब्धि पर बधाई दी। सीएस गौरव ठाकुर ने बताया कि इनमें से एक स्टार्टअप भारतीय वीडियो-शेयरिंग प्लेटफॉर्म के क्षेत्र में कार्य कर रहा है, जबकि दूसरा विज्ञान शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार के माध्यम से विद्यार्थियों के लिए आधुनिक शिक्षण समाधान विकसित कर रहा है। उन्होंने कहा कि अभिनव विचार, मजबूत व्यावसायिक मॉडल और समर्पित टीमवर्क के आधार पर दोनों स्टार्टअप्स को यह समर्थन प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि किसी भी स्टार्टअप की सफलता और प्रगति में सही मार्गदर्शन, निवेश के लिए तैयारी, नियामकीय अनुपालन तथा सरकारी योजनाओं तक प्रभावी पहुंच महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सीएस गौरव ठाकुर के अनुसार, पंजाब सरकार ने स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए सीड ग्रांट राशि को 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया है। इसके अलावा पात्र स्टार्टअप्स को दूसरे चरण में 10 लाख रुपये तक की अतिरिक्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का भी प्रावधान किया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस तरह की योजनाएं प्रदेश में नवाचार, उद्यमिता और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।
व्यापार व बुनियादी समस्याओं को ले सीजीएम से मिले चेंबर के प्रतिनिधि
सिटी रिपोर्टर | बोकारो बोकारो चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के एक प्रतिनिधिमंडल ने बीएसएल के नगर सेवा विभाग के मुख्य महाप्रबंधक कुंदन कुमार से मुलाकात कर मांगपत्र सौंपा। चैंबर अध्यक्ष मनोज चौधरी के नेतृत्व में नगर के समग्र विकास, नागरिक सुविधाओं और व्यापारिक हितों को लेकर एक विस्तृत सुझाव पत्र सौंपा गया। मनोज चौधरी और महामंत्री राजकुमार जायसवाल ने कहा कि सिटी सेंटर में लीज राशि, रेंट और सर्विस चार्ज में 100 से 446 गुना तक की अप्रत्याशित वृद्धि की गई है। उन्होंने झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश के अनुरूप इसमें सुधार करने का आग्रह किया। चेंबर अध्यक्ष ने उनको अवगत कराते हुए कहा कि अत्यधिक शुल्क और कड़े प्रतिबंधों के कारण यहां के स्थानीय व्यापारी शहर से पलायन करने पर विचार कर रहे हैं। चेंबर के महासचिव ने नियमों को बिजनेस-फ्रेंडली बनाने का प्रस्ताव रखा। पेयजल, पार्किंग, बिजली आिद समस्याओं पर चर्चा शहर में जर्जर हो रहे सिटी सेंटर के ब्लॉक बी, सी, ई के जर्जर विद्युत पैनलों को बदलने, पेयजल आपूर्ति सुधारने और सेक्टर-9 से चंद्रपुरा सड़क का पुनर्निर्माण की मांग रखी गई। अल्पना सिनेमा हॉल को डिमॉलिश कर वहां पार्किंग बनाने की मांग की गई।
20 साल में 150 रुपए बढ़ी खिलाड़ियों की खुराक राशि, महंगाई दर 260% बढ़ गई
भास्कर संवाददाता | बांसवाड़ा स्कूली खेलकूद प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के भत्ते में शिक्षा विभाग ने बीते 20 साल में महज 150 रुपए की बढ़ोतरी की है। साल 2005 में खिलाड़ियों को दैनिक भत्ता 100 रुपए मिलता था, जो साल 2019 में बढ़कर 150 रुपए और इसके 7 साल बाद फिर से 100 रुपए की बढ़ोतरी कर इसे 150 रुपए से बढ़ाकर 250 रुपए प्रतिदिन कर दिया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय राजस्थान की ओर से खिलाड़ियों के दैनिक खुराक भत्ते में 66 प्रतिशत की बढ़ोतरी करते हुए इन्हें सत्र 2026-27 से लागू करने की घोषणा की है। दरअसल, पिछले कई वर्षों से खिलाड़ियों और शारीरिक शिक्षा शिक्षकों की ओर से बढ़ती महंगाई के बीच खुराक भत्ता बढ़ाने की मांग उठाई जा रही थी। ऐसे में बढ़ी हुई राशि से खिलाड़ियों को थोड़ी राहत जरूर मिलेगी। यह सुविधा क्षेत्रीय, जिला और राज्य स्तरीय विद्यालयी खेलकूद प्रतियोगिताओं के साथ-साथ प्रशिक्षण शिविरों व राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से पूर्व आयोजित शिविरों में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को मिलेगी। शारीरिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष विनोद पानेरी ने बताया कि बढ़ी हुई खुराक राशि खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं के दौरान बेहतर भोजन और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद करेगी, जिससे उनका प्रदर्शन भी बेहतर हो सकेगा। भत्ते के रूप में मिलने वाली इसी राशि में खिलाड़ी को सुबह का नाश्ता, दोपहर का भोजन, शाम का नाश्ता और रात का भोजन करना होता है। इसके अलावा रहने की व्यवस्था भी इसी राशि में करनी होती है। खिलाड़ियों का कहना है कि महंगाई के इस दौर में यह सब मुमकिन ही नहीं है। सरकार इस भत्ते की राशि का बहाना करती है, जबकि इस राशि में एक समय का नाश्ता और भोजन मिलना भी मुश्किल है। ऐसे में ज्यादातर टूर्नामेंट्स में स्कूलों के कमरों में ही सोना पड़ता है।
व्यापारी पर हमले के 2 आरोपी गिरफ्तार
बाड़मेर | शहर में 20 मई को दिनदहाड़े एक व्यापारी पर हॉकी और लोहे के पाइप से हमला कर पैर तोड़ने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मंगलवार को दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें 2 दिन के पुलिस रिमांड पर सौंप दिया है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है। एएसपी पदमपुरी ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि बीती 20 मई को विश्वकर्मा सर्किल के पास एक व्यापारी के साथ बेरहमी से मारपीट की गई थी। वारदात के बाद पुलिस की विशेष टीम ने तकनीकी इनपुट और मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर बदमाशों की तलाश शुरू की। सोमवार शाम को पुलिस ने जाल बिछाकर दो आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान चंद्र प्रकाश पुत्र नेपालसिंह निवासी चूली और हेमराज सिंह निवासी मोढ़ा के रूप में हुई है।
कल होगी स्टार्टअप इंडिया की तेजस कार्यशाला
बड़वानी| जिले के युवाओं और उद्यमियों को स्वरोजगार व नवाचार से जोड़ने के उद्देश्य से स्टार्टअप इंडिया के तहत गुरुवार को सुबह 10 बजे निजी रिसोर्ट में दो दिनी तेजस कार्यशाला होगी। डीपीआईआईटी, भारत सरकार व जिला प्रशासन के सहयोग से होने वाले आयोजन में स्टार्टअप पंजीयन, बिजनेस मॉडल, प्लानिंग, मार्केट रिसर्च, इन्क्यूबेशन, मेंटरशिप, फंडिंग, सीड फंड, क्रेडिट गारंटी, पेटेंट, बौद्धिक संपदा, मुद्रा लोन, आयात-निर्यात नीति व गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस पोर्टल की जानकारी विशेषज्ञ देंगे।
प्रदेश सरकार द्वारा कृषि उपज मंडियों में विक्रय होने वाली कृषि उपज पर मंडी शुल्क में 0.50% वृद्धि किए जाने के कैबिनेट निर्णय का व्यापारियों ने विरोध किया है। उनका कहना है कि इस फैसले का सीधा असर कृषि व्यापार और किसानों दोनों पर पड़ेगा। मध्य प्रदेश सकल अनाज, दलहन एवं तिलहन व्यापारी महासंघ के अनुसार मंडी शुल्क बढ़ने से व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित होंगी। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलने में भी कठिनाई आ सकती है। व्यापारियों का तर्क है कि अतिरिक्त शुल्क का भार अंततः किसानों पर ही पड़ेगा, जिससे कृषि उपज की प्रतिस्पर्धात्मकता प्रभावित होगी। व्यापारियों ने यह भी कहा कि देश के अधिकांश कृषि उत्पादक राज्यों में मंडी शुल्क 1% या उससे कम है। ऐसे में मध्य प्रदेश में शुल्क बढ़ने से यहां के व्यापारियों को अन्य राज्यों के व्यापारियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने में परेशानी का सामना करना पड़ेगा। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष गोपालदास अग्रवाल ने सरकार से मांग की है कि मंडी शुल्क बढ़ाने के निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए और इसे वापस लिया जाए। उनका कहना है कि यह निर्णय कृषि व्यापार को प्रभावित करने के साथ-साथ किसानों के हितों पर भी प्रतिकूल असर डाल सकता है।
चंडीगढ़ की मंडियों में कारोबार करने वाले व्यापारियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। यूटी प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने स्टेट एग्रीकल्चरल मार्केटिंग बोर्ड के सुधार प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके तहत अब मंडी लाइसेंस लेने के लिए व्यापारियों को बैंक गारंटी या कैश सिक्योरिटी जमा नहीं करानी होगी। इसके साथ ही लाइसेंस की वैधता अवधि 3 साल से बढ़ाकर 10 साल कर दी गई है। प्रशासक की मंजूरी के बाद पंजाब एग्रीकल्चरल प्रोड्यूस मार्केट रूल्स, 1962 के नियम 17 और 21 में संशोधन लागू कर दिया गया है। यह बदलाव पंजाब मंडी बोर्ड की तर्ज पर किया गया है। व्यापार शुरू करना होगा आसान नए नियमों के तहत मंडी लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले कारोबारियों को अब किसी प्रकार की वित्तीय सिक्योरिटी जमा नहीं करनी पड़ेगी। इससे व्यापार शुरू करने में आने वाली शुरुआती आर्थिक बाधाएं कम होंगी और छोटे व नए कारोबारियों को भी राहत मिलेगी। मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि इस फैसले से लाइसेंसिंग प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और कारोबारी-अनुकूल बनेगी। लाइसेंस नवीनीकरण का झंझट भी खत्म पहले मंडी लाइसेंस की वैधता केवल 3 वर्ष होती थी, जिसके बाद कारोबारियों को नवीनीकरण के लिए प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था। अब लाइसेंस सीधे 10 वर्षों तक वैध रहेगा। इससे व्यापारियों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने और कागजी कार्रवाई से राहत मिलेगी। कृषि व्यापार को मिलेगा बढ़ावा स्टेट एग्रीकल्चरल मार्केटिंग बोर्ड का मानना है कि नए नियमों से चंडीगढ़ की रेगुलेटेड मंडियों में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और अधिक कारोबारी कृषि व्यापार से जुड़ सकेंगे। विभाग के अनुसार यह कदम ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने और कृषि विपणन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में उठाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रशासनिक औपचारिकताएं कम होने से न केवल मौजूदा व्यापारियों को लाभ होगा, बल्कि युवा और नए उद्यमियों के लिए भी कृषि कारोबार के क्षेत्र में अवसर बढ़ेंगे।
नमस्कार, आज की सबसे बड़ी खबर जयपुर से है। पटाखा गोदाम में आग लगने से बच्चे समेत 4 की मौत हो गई। चलिए सिलसिलेवार पढ़ते हैं, राजस्थान दिनभर में क्या कुछ खास रहा... पहले टॉप 5 खबरें 1. जयपुर में पटाखा गोदाम में आग,बच्चे समेत 7 की मौत जयपुर के खोह नागोरियान इलाके में स्थित पटाखा फैक्ट्री में मंगलवार सुबह 11 बजे भीषण आग लग गई। जिसमें एक बच्चे समेत 7 लोगों की मौत हो गई और 4 मजदूर झुलस गए। जिन्हें SMS हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। पूरी खबर पढ़ें 2. अफसरों के निजी फोन का बिल नहीं भरेगी सरकारराजस्थान में निजी फोन का बिल सरकार के नाम पर फाड़ने वाले सरकारी कर्मचारी और अधिकारियों के खिलाफ सरकार ने सख्ती की है। सामान्य प्रशासन विभाग ने एक गाइडलाइन जारी कर निजी फोन के बिलों के भुगतान पर रोक लगा दी है। पूरी खबर पढ़ें 3. व्यापारी की जेब में बम की तरह फटा चाइनीज मोबाइलजोधपुर में किराना व्यापारी की पैंट की जेब में रखा मोबाइल अचानक बम की तरह ब्लास्ट हो गया। इसके बाद मोबाइल में आग लग गई। व्यापारी के घुटने के ऊपर (जांघ) का हिस्सा और हाथ की अंगुलियां गंभीर रूप से झुलस गईं। चमड़ी तक उधड़ गई है। पूरी खबर पढ़ें 4. सरकारी हॉस्पिटल में डिलीवरी, 6 महिलाओं की किडनी फेलकोटा के बाद बीकानेर के PBM हॉस्पिटल में डॉक्टरों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। सिजेरियन डिलीवरी के बाद एक-एक कर 6 महिलाओं की हालत बिगड़ गई। उनकी किडनी फेल हो गई। पूरी खबर पढ़ें 5. रोडवेज बस में 70 में से 68 यात्री बिना टिकटझालावाड़ रोडवेज डिपो की एक बस में फ्लाइंग टीम की जांच के दौरान बेहद चौंकाने वाली अनियमितता सामने आई है। कोटा से झालावाड़ आ रही इस बस में सवार 70 में से 68 यात्री बिना टिकट सफर करते पाए गए। पूरी बस में केवल 2 यात्रियों के पास ही वैध टिकट थे। पूरी खबर पढ़ें अब 3 अहम खबरें 6. शिक्षामंत्री बोले-किरोड़ी बेईमान हैं, तो मैं भी ईमानदार नहींकृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा पर कांग्रेस नेताओं के आरोप पर मंत्री मदन दिलावर ने कहा-अगर किरोड़ी लाल मीणा बेईमान हैं, तो फिर मदन दिलावर कभी ईमानदार हो ही नहीं सकता है। विपक्ष को दूसरों पर उंगली उठाने से पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। पूरी खबर पढ़ें 7. पुलिस हिरासत में चलती ट्रेन से कूदा तस्करझालावाड़ में पुलिस हिरासत में नशा तस्करी का एक आरोपी चलती ट्रेन से कूद गया। गिरते ही उसका सिर धड़ से अलग हो गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना भवानीमंडी स्टेशन से पहले धुआंखेड़ी स्टेशन के पास हुई। आरोपी को कोटा से भवानीमंडी ले जाया जा रहा था। पूरी खबर पढ़ें 8. राजस्थान में 141 RPS अफसरों के ट्रांसफरपुलिस मुख्यालय की ओर से सोमवार रात एक आदेश जारी कर 141 आरपीएस (राजस्थान पुलिस सेवा) अफसरों के तबादले किए है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (कार्मिक) बीजू जॉर्ज जोसफ की ओर से जारी लिस्ट में कई DYSP को इधर-उधर किया गया है। पूरी खबर पढ़ें खबर जो हटकर है 9. सांड की मौत, जेसीबी पर शव यात्रा निकाली खैरथल-तिजारा जिले के कोटकासिम के मसवासी गांव में मंगलवार सुबह एक बूढ़े सांड की मौत हो गई। ग्रामीणों ने शव यात्रा निकालकर वैदिक मंत्रों के साथ पूरे विधि-विधान से दफनाया। पूरी खबर पढ़ें कल क्या है खास 10. मंगलवार को मंदिरों में होगी विशेष पूजा-अर्चना10 जून को राजस्थान के प्रमुख मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना होगी। प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और देश के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले पीएम मोदी की दीर्घायु के लिए प्रार्थनाएं की जाएंगी।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, झालावाड़ ने एवरग्रीन मोटर्स शोरूम, झालावाड़ और एवरग्रीन मोटर्स सर्विस सेंटर, कोटा के खिलाफ एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। आयोग ने सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार का दोषी मानते हुए परिवादी को कुल 2.70 लाख रुपए की क्षतिपूर्ति, मानसिक संताप और परिवाद व्यय देने का आदेश दिया है। जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष ईश्वरी लाल वर्मा और सदस्य वीरेन्द्र सिंह रावत ने रेलवे स्टेशन रोड निवासी पीड़ित जोनसन टी. सेम द्वारा प्रस्तुत परिवाद को स्वीकार किया। आयोग ने एवरग्रीन मोटर्स, झालावाड़ और कोटा को 45 दिनों के भीतर परिवादी को आर्थिक क्षति के रूप में 2 लाख रुपए, मानसिक संताप के लिए 50 हजार रुपए और परिवाद व्यय के रूप में 20 हजार रुपए का भुगतान करने का निर्देश दिया है। परिवादी ने आयोग को बताया कि उन्होंने 6 फरवरी 2022 को एवरग्रीन मोटर्स, झालावाड़ से महिंद्रा एक्सयूवी-700 वाहन खरीदा था। 27 अक्टूबर 2024 को कोटा से झालावाड़ आते समय मोड़क के पास अचानक एक जानवर सामने आ जाने से उनका वाहन दुर्घटनाग्रस्त होकर क्षतिग्रस्त हो गया था। दुर्घटना की सूचना टोल फ्री नंबर पर देने के बाद, वाहन को टोइंग के जरिए झालावाड़ स्थित शोरूम एवं सर्विस सेंटर ले जाने के बजाय सीधे कोटा स्थित एवरग्रीन मोटर्स सर्विस सेंटर पहुंचाया गया। परिवादी का आरोप था कि वाहन खरीदते समय उन्हें यह आश्वासन दिया गया था कि वाहन से संबंधित सभी सेवाएं एवं सुविधाएं झालावाड़ स्थित शोरूम पर उपलब्ध रहेंगी और किसी भी कार्य के लिए उन्हें बाहर नहीं जाना पड़ेगा। इसके बावजूद वाहन की मरम्मत के लिए उन्हें बार-बार कोटा जाने के लिए मजबूर होना पड़ा। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान, समय की बर्बादी और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा। मामले की सुनवाई के दौरान, आयोग ने दोनों पक्षों की दलीलें और प्रस्तुत साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद विपक्षी पक्ष द्वारा सेवा में कमी और उपभोक्ता के साथ अनुचित व्यापार व्यवहार करने की बात को सही पाया।
बुलंदशहर में ईंट व्यापारी से मारपीट, लूट का आरोप:पीड़ित ने एसएसपी से की सख्त कार्रवाई की मांग
ककोड़ थाना क्षेत्र के एक ईंट व्यापारी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को शिकायत दी है। व्यापारी ने कुछ लोगों पर मारपीट, लूटपाट और जान से मारने की नीयत से हमला करने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित के अनुसार, यह घटना 8 जून को हुई थी। वह ईंटों की बिक्री के लगभग डेढ़ लाख रुपये लेकर अपने साथी के साथ वापस लौट रहा था। रास्ते में कुछ लोगों ने उन्हें रोक लिया और गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। आरोपियों ने पीड़ित के पास से नकदी, एक बाइक और एक कार छीन ली। आसपास के लोगों के इकट्ठा होने पर आरोपी मौके से फरार हो गए। पीड़ित ने बताया कि पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मंगलवार को लूटी गई नकदी, बाइक और कार बरामद कर ली है। साथ ही, एक आरोपी को हिरासत में भी लिया गया है। हालांकि, पीड़ित का आरोप है कि आरोपी पक्ष के कुछ लोग और उनके परिचित लगातार उस पर मामले में समझौता करने का दबाव बना रहे हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि वह समझौता करता है, तो इससे गलत संदेश जाएगा। उनका मानना है कि भविष्य में आरोपी अन्य लोगों के साथ भी ऐसी घटनाओं को अंजाम दे सकते हैं। इसी कारण वह एसएसपी कार्यालय पहुंचे और मामले में निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग दोहराई।
कैनविज घोटाला- निवेशकों का गुस्सा फूटा:15 जून से कलेक्ट्रेट पर आमरण अनशन की चेतावनी
बरेली में कैनविज क्रेडिट कोऑपरेटिव कंपनी में निवेश की गई रकम वापस न मिलने से परेशान निवेशकों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ रहा है। पीड़ितों ने जिलाधिकारी को संबोधित एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा है। उन्होंने मामले की विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा की जा रही कार्रवाई की स्थिति सार्वजनिक करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। निवेशकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई नहीं हुई, तो वे 15 जून से कलेक्ट्रेट परिसर में बेमियादी धरना और आमरण अनशन शुरू करेंगे। पीड़ितों का आरोप है कि कंपनी संचालकों और एजेंटों ने लोगों को कम समय में धनराशि दोगुनी करने और आकर्षक ब्याज का लालच देकर करोड़ों रुपए निवेश कराए थे। मध्यमवर्गीय परिवारों को निशाना बनाया पीड़ितों का कहना है कि कई बार शिकायतें दिए जाने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। कई मामलों में तो उन्हें मुकदमों की प्रगति की जानकारी भी नहीं दी जा रही है। पीड़ितों की ओर से आवाज उठा रहे सुरेंद्र कुमार ने आरोप लगाया कि कंपनी से जुड़े लोगों ने ग्रामीण क्षेत्रों और मध्यमवर्गीय परिवारों को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर निवेश कराया। सुरेंद्र कुमार ने दावा किया कि घोटाले की वास्तविक राशि मीडिया में सामने आ रहे आंकड़ों से कहीं अधिक हो सकती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आर्थिक नुकसान और मानसिक तनाव के कारण कई परिवार गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। पीड़ितों की धनराशि वापस दिलाई जाए सुरेंद्र कुमार ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए। आरोपितों और उनसे जुड़े लोगों की चल-अचल संपत्तियों, बैंक खातों और अन्य वित्तीय लेनदेन की गहन जांच कराई जाए, ताकि पीड़ितों की धनराशि वापस दिलाई जा सके। पीड़ितों ने प्रशासन से यह भी मांग की है कि मामले में दर्ज मुकदमों की स्थिति सार्वजनिक की जाए, आरोपितों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए और निवेशकों की फंसी हुई रकम वापस दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। शिकायत के दौरान के पी सिंह, प्रमोद कुमार, अनुज भारती, सूरजपाल, ज्ञानप्रकाश, सक्सेना, मिश्री लाल, वीरेंद्र पाल, पवन सक्सेना, सुरेंद्र, अमन पटेल, विमला देवी, सपना सिंह, दुलारो देवी, पूनम, रामलली, अंकित पटेल, कमल कुमार, आरती, लता पटेल और पंकज त्रिपाठी सहित कई अन्य निवेशक मौजूद थे।
इंदौर से वसूली करने आए व्यापारी से हुई लूट का जबलपुर पुलिस ने मंगलवार को खुलासा कर दिया। पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से लूटे गए रुपए, चाकू, मोबाइल और दो टू-व्हीलर जब्त की गई है। घटना माढ़ोताल थाना के हाइवे से लगी सर्विस रोड की है। यहां 7 जून को व्यापारियों के आंखों में मिर्च झोंककर उनके पास रखे 2 लाख रुपए लूटे गए थे। वारदात का मास्टरमाइंड इंदौर में ही रहने वाला व्यापारियों का दोस्त ही था, उसी ने जबलपुर से 500 किलोमीटर दूर इंदौर में बैठकर फोन के जरिए दोस्तों को गाइड करते हुए लूट कराई थी। व्यापार की उधारी लेने गए थे जबलपुर दरअसल, इंदौर निवासी अभय कुमार सिंह ने माढ़ोताल थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि व्यापार की उधारी लेने के लिए दोस्त लखन चौरसिया के साथ जबलपुर आया था। इंदौर में ही उसका एक दोस्त पीयूष पटेल रहता है। पीयूष जबलपुर का ही रहने वाला है। उसने कहा था कि जीजा पाटन बायपास में रहते हैं, उनके घर जाकर रूक सकते हैं। दोनों व्यापारी उनके घर गए और रुक गए। फिर पीयूष के जीजा की एक्सिस बाइक लेकर दोनों मझौली गांव गए। वहां वीरेंद्र कुमार नेमा से व्यापार के उधारी के 2 लाख रुपए लेकर जबलपुर वापस पीयूष के जीजा के घर आ गए। उसी दिन पीयूष ने फोन किया कि मेरा एक सामान एक लड़का लेकर आ रहा है, उसे साथ में ले आना। एक लड़का बाइक से पाटन बायपास आया, और एक पैकेट दिया, जिसे अभय ने अपने पास रख लिया। लड़के ने दोनों को बस स्टैंड छोड़ने की बात कही व्यापारी इंदौर वापस जाने की तैयारी कर रहे थे, इसी बीच पैकेट लेकर आए लड़के ने उन दोनों को बस स्टैंड तक छोड़ देने के बात कही। दोनों लड़के की बाइक पर बैठ गए। बाइक सवार व्यापारियों को सर्विस लाइन से होते ले जा रहा था। 7 जून को शाम लगभग 7.30 बजे एक सफेद रंग की एक्टिवा में 3 अज्ञात लड़के आए और दोनों व्यापारियों के ऊपर मिर्च पावडर फेंक दिया। गाड़ी अनियंत्रित होकर गिर गई। व्यापारी संभल पाते, तब तक तीनों बदमाशों ने चाकू की नोक पर बैग मे रखे 2 लाख रुपए लूट कर फरार हो गए। उनके साथ बाइक चला रहा लड़का राजेंद्र भी भागने लगा, उसे अभय और लखन ने मिलकर पकड़ लिया। रिपोर्ट पर धारा 309(6) बीएनएस का अपराध दर्ज किया गया। मास्टरमाइंड पीयूष अब भी फरार मंगलवार की सुबह मुखबिरों से पता चला कि घटना के वक्त पीयूष पटेल का दोस्त राजेंद्र पटेल भी मोटर साइकिल पर दीनदयाल बस स्टैंड जाता हुआ देखा गया था। पुलिस ने राजेंद्र पटेल से जब पूछताछ की गई तो उसने बताया कि इंदौर में रहने वाले पीयूष पटेल के कहने पर ही वारदात को अंजाम दिया। इसमें साथी आलोक पांडे, रोहित उर्फ रोहन ठाकुर , शरद बेन, बृजेश उर्फ बिज्जू अन्ना शामिल थे। पुलिस ने चंद घंटों में ही सभी आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, हालांकि, मास्टरमाइंड पीयूष अभी फरार है। नाम पता गिरफ्तार आरोपी
शेखपुरा में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को जिले के विभिन्न प्रखंड मुख्यालयों पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन महंगाई, बेरोजगारी, बदहाल शिक्षा व्यवस्था, ध्वस्त कानून व्यवस्था और बढ़ते भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्यव्यापी कार्यक्रम के तहत आयोजित किया गया था। इसमें बड़ी संख्या में प्रखंड और जिला स्तरीय कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। शेखपुरा प्रखंड मुख्यालय के समीप आयोजित धरना-प्रदर्शन में पूर्व विधायक विजय सम्राट भी शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर अध्यक्ष चंद्रावली पासवान ने की, जबकि पूर्व विधायक एवं जिला प्रभारी प्रेमा चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। ''जनता की आवाज बुलंद करने के उद्देश्य से धरना -प्रदर्शन'' धरना को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक विजय सम्राट ने बताया कि यह राज्यव्यापी कार्यक्रम है, जिसके तहत पूरे बिहार के साथ-साथ शेखपुरा जिले के सभी प्रखंड मुख्यालयों पर धरना आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन महंगाई, बेरोजगारी, बढ़ती आपराधिक घटनाओं, लूट, हत्या, चोरी और भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता की आवाज बुलंद करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। सम्राट ने आरोप लगाया कि जिले में लगातार हत्या और लूट की घटनाएं हो रही हैं, जिससे आम लोगों में भय का माहौल है। उन्होंने दावा किया कि सरकार कानून व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। सरकार वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटाने में लगी हुई - पूर्व विधायक उन्होंने यह भी कहा कि जनता विभिन्न समस्याओं से जूझ रही है, जबकि सरकार वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटाने में लगी हुई है। विजय सम्राट ने बताया कि कई विभागों के कर्मचारियों को महीनों से वेतन नहीं मिला है, और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने से छात्र-छात्राओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। पूर्व विधायक ने चेतावनी दी कि जनता अब जागरूक हो चुकी है। यदि एक माह के भीतर स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो राजद कार्यकर्ता सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेंगे। उन्होंने घोषणा की कि प्रखंड मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन के बाद 17 जून को जिला मुख्यालय पर भी व्यापक धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा, जिसमें जिले भर के कार्यकर्ता शामिल होंगे। इस धरना-प्रदर्शन में जनार्दन यादव, बेचू खान, आलोक कुमार, विद्यानंद चौहान, विजय पासवान, रामदेवी यादव, शंभू यादव, ज्ञान प्रकाश यादव सहित बड़ी संख्या में राजद कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बिहार सरकार के सूचना प्रावैधिकी (आईटी) विभाग ने दुनिया भर में बसे बिहारियों को राज्य के विकास से जोड़ने के लिए एक नई पहल शुरू की है। आईटी मंत्री नीतीश मिश्रा ने एक विशेष डिजिटल प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया। यह प्लेटफॉर्म देश और विदेश में रहने वाले बिहार मूल के लोगों को बिहार में निवेश, रोजगार, स्टार्टअप, शिक्षा और विकास से जुड़ी जानकारियों से जोड़ेगा। दुनियाभर के बिहारियों को एक मंच पर लाने की कोशिश मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा, आज लाखों बिहारी देश और विदेश के अलग-अलग हिस्सों में रहकर विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। कई लोग बड़े उद्योगों, तकनीकी कंपनियों, शिक्षा, चिकित्सा और शोध के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। सरकार चाहती है कि उनका अनुभव और ज्ञान बिहार के काम आए। इसी उद्देश्य से यह डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है। बिहार में निवेश के अवसरों की मिलेगी जानकारी इस प्लेटफॉर्म के जरिए प्रवासी बिहारियों को राज्य में उपलब्ध निवेश और कारोबार के अवसरों की जानकारी मिलेगी। जो लोग बिहार में उद्योग लगाना चाहते हैं या किसी परियोजना में निवेश करना चाहते हैं, उन्हें जरूरी जानकारी और सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे बिहार में नए उद्योग लगेंगे, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और राज्य के आर्थिक विकास को मजबूती मिलेगी। युवाओं को मिलेगा विशेषज्ञों का मार्गदर्शन मंत्री ने कहा कि दुनिया के अलग-अलग देशों और शहरों में काम कर रहे बिहारी विशेषज्ञ अपने अनुभव और ज्ञान को बिहार के युवाओं के साथ साझा कर सकेंगे। इससे छात्रों, स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं और नए उद्यमियों को काफी फायदा होगा। यह मंच शिक्षा, तकनीक, कौशल विकास और नवाचार के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने का काम करेगा। स्टार्टअप और नए उद्यमों को होगा लाभ नीतीश मिश्रा ने कहा कि बिहार सरकार स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। नए डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से बिहार के स्टार्टअप्स को देश-विदेश के विशेषज्ञों और निवेशकों से जुड़ने का मौका मिलेगा। इससे नए विचारों को आगे बढ़ाने और व्यवसाय का विस्तार करने में मदद मिलेगी। ऑनलाइन पंजीकरण की होगी सुविधा इस प्लेटफॉर्म पर बिहार मूल के लोग ऑनलाइन पंजीकरण करा सकेंगे। पंजीकरण के दौरान वे अपने काम, अनुभव और विशेषज्ञता की जानकारी साझा करेंगे। इसके आधार पर उन्हें राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों से जोड़ा जाएगा। मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि बिहार के लोगों ने पूरी दुनिया में अपनी पहचान बनाई है। यदि उनके अनुभव, ज्ञान और संसाधनों को राज्य के विकास से जोड़ा जाए तो बिहार को नई दिशा और नई गति मिल सकती है। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म उसी सोच का हिस्सा है।
फोटो फ्रेम व्यापारी से 17 हजार ठगे:फेसबुक विज्ञापन के जरिए झांसा देकर बनाया शिकार
चूरू में एक फोटो फ्रेम व्यापारी साइबर ठगी का शिकार हो गया है। ठगों ने फेसबुक विज्ञापन के जरिए उसे कम कीमत पर सामान उपलब्ध कराने का झांसा दिया। व्यापारी से करीब 17 हजार रुपए की ऑनलाइन ठगी की गई है। यह घटना चूरू के गेस्ट हाउस के पास रहने वाले 45 वर्षीय एक व्यक्ति के साथ हुई, जिनकी फोटो फ्रेम की दुकान है। उन्होंने अपने व्यवसाय के लिए फेसबुक पर फोटो फ्रेम के पीछे लगाई जाने वाली शीट का एक विज्ञापन देखा था। विज्ञापन में सामान की कीमत बहुत कम बताई गई थी, जिससे आकर्षित होकर उन्होंने दिए गए नंबर पर संपर्क किया। बातचीत के दौरान ठगों ने फंसायाठगों ने बातचीत के दौरान व्यापारी को अपने विश्वास में ले लिया और ऑनलाइन भुगतान की प्रक्रिया समझाई। इसके बाद, आरोपियों ने अलग-अलग बहाने बनाकर पीड़ित से पैसे ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब सामान नहीं पहुंचा, तब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ। पीड़ित ने इस मामले की शिकायत कोतवाली थाना की साइबर सेल में दर्ज कराई है। 'लालच देकर बनाते है शिकार'साइबर सेल के इंचार्ज सुनील कुमार ने बताया कि साइबर ठग आजकल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बेहद कम दामों में सामान बेचने के आकर्षक विज्ञापन पोस्ट करके लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। वे बातचीत के दौरान लोगों का भरोसा जीतते हैं और ऑनलाइन भुगतान करवाने के बाद अपना संपर्क पूरी तरह से बंद कर देते हैं।
चंडीगढ़ में पंजाब सरकार द्वारा नए स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सम्मानित किया। इस मौके उन्हें सीड ग्रांट के चेक वितरित किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी भी एक राजनीतिक स्टार्टअप है। जब उनकी पार्टी राजनीति में आई थी तो इसका भी विरोध हुआ था, लेकिन आज पार्टी के 92 विधायक हैं, हमारे कई नेता पूर्व मुख्यमंत्रियों के परिवारों को हराकर विधानसभा पहुंचे हैं। सीएम की स्पीच को 3 प्वाइंट में जानिए कहते थे एक साल नहीं चलेंगे : सीएम ने कहा कि किसी भी नए स्टार्टअप का शुरुआत में विरोध होता है। बाद में पूरी दुनिया असेप्ट कर लेती। जब वे राजनीति में आए तो कहा कि राजनीति में आ गए हैं और चुनाव लड़ रहे हैं, कहते थे एक साल नहीं चलेंगे। लेकिन पार्टी लगातार आगे बढ़ी और अब 2027 में आ गए, अगले साल 2032 में चले आए। आम आदमी पार्टी भी एक राजनीतिक स्टार्टअप है। यह उस समय आया जब राजनीति चंद परिवारों तक तक सीमित रह गई थी। पार्टियों ने अपनी पांच-पांच साल की बारियां बांटी हुई थी। तब अरविंद केजरीवाल ने आम आदमी पार्टी बना।। पार्टी क झाड़ू चुनाव चिन्ह रखा। चन्नी, बादल समेत कई नेताओं को हराकर पहुंचे : सीएम ने कहा कि उनके कई विधायक कई बड़े नेताओं को हराकर विधानसभा में पहुंचे है। पूर्व मुख्यमंत्री चरनजीत सिंह चन्नी दोनों सीटो, अमरिदंर सिंह और प्रकाश सिंह बादल परिवार सहित, हरचरण सिंह बराड़, राजिंदर कौर भट्ठल सहित कई बड़े राजनीतिक परिवारों के उम्मीदवारों को हराकर विधानसभा पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी देश की राजनीति में एक बड़ा राजनीतिक स्टार्टअप है। आज ऐसे लोग भी जिला परिषद के चेयरमैन, नगर काउंसिल प्रधान और मेयर बने हैं, जिनके बारे में पहले किसी ने नहीं सोचा था। प्रिंसिपल बन गई, लुधियाना की मेयर: सीएम ने लुधियाना में एक शिक्षिका सोशल मीडिया पर पोस्ट किया करती थी। वह आम आदमी पार्टी में शामिल हुई, पार्टी ने उसे पार्षद की टिकट दी। और बाद में वह लुधियाना मेयर बन गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि विचार तभी सफल होता है जब वह सच्चाई और लोगों के भरोसे पर आधारित हो। अंडे की किस्मत में टूटना लिखा होता है। अंडा बाहर की फोर्स से टूटता है तो जिंदगी खत्म होती है, जबकि अंदर से टूटे तो जिंदगी शुरू हो जाएगी। नया रास्ता बनाने का लोग विरोध करते हैं। कुछ नया करने. की कोशिश करे।
गाजीपुर में होटल कारोबारी विनीत राय हत्याकांड के नामजद आरोपी कमलेश चौधरी के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के बाद व्यापारियों ने राहत महसूस की है। व्यापार मंडल और स्वर्ण व्यवसायी संगठनों के प्रतिनिधियों ने पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा को धन्यवाद पत्र सौंपा और पुलिस कार्रवाई की सराहना की। व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष गुड्डू केसरी ने बताया कि विनीत राय हत्याकांड के बाद व्यापारी वर्ग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा था। उन्होंने पुलिस की प्रभावी कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि एक आरोपी के मुठभेड़ में मारे जाने से व्यापारियों का मनोबल बढ़ा है। कठोर कार्रवाई की मांग हालांकि, केसरी ने यह भी कहा कि मामले के अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होने तक व्यापारियों की चिंता पूरी तरह खत्म नहीं होगी। सर्राफा व्यापारी महामंत्री संतोष शर्मा ने कहा कि दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने पूरे व्यापारी समाज को प्रभावित किया था। उन्होंने पुलिस प्रशासन से फरार आरोपियों के खिलाफ जल्द और कठोर कार्रवाई की मांग की, ताकि व्यापारियों में सुरक्षा और विश्वास का माहौल मजबूत हो सके। व्यापारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि पुलिस शेष आरोपियों को भी जल्द कानून के दायरे में लाएगी।
रायबरेली में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने विधायकों के साथ मिलकर केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने पैदल मार्च निकाला और राष्ट्रपति व राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा। यह प्रदर्शन दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक चला। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा सरकार विरोधी नारे लगाए और अखिलेश यादव जिंदाबाद के नारे भी लगाए। सपा के जिलाध्यक्ष इंजीनियर वीरेंद्र यादव ने बताया कि पार्टी लगातार बढ़ती महंगाई, पेपर लीक और महिलाओं के खिलाफ हो रहे अत्याचारों को लेकर सरकार की उदासीनता का विरोध कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने आम जनता को मुश्किल में डाल दिया है। यादव ने कहा कि पिछले दो महीनों में गैस सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल के दाम तीन बार बढ़ाए गए हैं। उन्होंने युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का भी आरोप लगाया, जिसमें सरकारी भर्तियों के पेपर लीक होना एक बड़ी समस्या है। वीरेंद्र यादव ने बताया कि इन नीतियों के कारण पटरी दुकानदारों की रोजी-रोटी प्रभावित हुई है और कई दुकानें बंद हो गई हैं, जिससे उनके परिवार भुखमरी की कगार पर हैं। उन्होंने कहा कि इन्हीं मुद्दों को लेकर जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति और राज्यपाल को ज्ञापन भेजा गया है। वीरेंद्र यादव ने यह भी कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव 2027 और लोकसभा चुनाव 2029 में जनता अपने मतों का प्रयोग कर इस 'जनविरोधी' भाजपा सरकार को सत्ता से हटा देगी और 2027 में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी।
बाड़मेर में व्यापारी पर हॉकी और लोहे के पाइप से हमला कर पैर तोड़ने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मंगलवार को पुलिस ने दोनों को कोर्ट में पेश किया गया। वहां दोनों को 2 दिन पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। आपको बता दें कि 20 मई को दिनदहाड़े युवकों ने एक व्यापारी से रुपए लेन-देन को लेकर मारपीट की थी। एएसपी पदमपुरी ने बताया- 20 मई को एक युवक के साथ में दो बदमाशों ने मारपीट की थी। पुलिस टीम ने तकनीकी और सूचना के आधार पर बदमाशों की तलाश शुरू की। सोमवार शाम को चंद्र प्रकाश पुत्र नेपालसिंह निवास चूली, और हेमराज सिंह निवासी मोढ़ा को गिरफ्तार किया है। दोनों को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया। दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। फिलहाल आरोपियों को मौका तस्दीक करने के साथ पूछताछ की जाएगी। यह था मामला पुलिस ने बताया- माहेश्वरी भवन के पास निवासी प्रवीण अग्रवाल (42) पुत्र रामकिशोर 20 मई को सुबह करीब 11 बजे विश्वकर्मा सर्किल के पास कुछ काम से आए थे। इस दौरान वहां पर दो बदमाशों ने उस पर हॉकी, सरियों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इससे व्यापारी के दोनों पैर टूट गए। वहीं हाथ का अंगूठा टूट गया। चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के लोग पहुंचे। तभी मौके से बदमाश भाग गए। लोगों ने लहुलुहान हालात में बाड़मेर हॉस्पिटल लेकर आए थे। ------------------------------------------------------- पढ़ें इससे जुड़ी खबर… ऑनलाइन गेमिंग के विवाद में व्यापारी के पैर तोड़े:हॉकी और लोहे के पाइप से घेरकर पीटा, आसपास के लोग आए तो छोड़ कर भागे
उन्नाव में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने मंगलवार को मुख्यमंत्री को संबोधित सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। जिला अध्यक्ष रजनीकांत श्रीवास्तव के नेतृत्व में व्यापारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से यह ज्ञापन प्रस्तुत किया। इसमें व्यापारियों के हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की गई है। रजनीकांत श्रीवास्तव ने बताया कि यह ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री तक भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अन्य वर्गों के लिए कई बीमा योजनाएं उपलब्ध हैं, लेकिन जीएसटी पंजीकृत व्यापारी अभी भी ऐसी सुविधाओं से वंचित हैं। व्यापार मंडल ने सभी जीएसटी पंजीकृत व्यापारियों के लिए स्वास्थ्य बीमा की मांग की, ताकि बीमारी या आकस्मिक स्थिति में उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिल सके। दूसरी प्रमुख मांग के रूप में, व्यापार मंडल ने जीएसटी पंजीकृत व्यापारियों की दुकानों के लिए एक करोड़ रुपये तक के अग्नि एवं दुर्घटना बीमा की व्यवस्था करने को कहा। उनका तर्क था कि आगजनी जैसी घटनाओं से व्यापारियों को भारी नुकसान होता है, इसलिए सरकार को इस संबंध में एक विशेष योजना लागू करनी चाहिए। ज्ञापन में जीएसटी और आयकर विभागों द्वारा विलंब से कर जमा करने पर लगाए जाने वाले 18 प्रतिशत ब्याज को कम करने की भी मांग की गई। श्रीवास्तव ने बताया कि सरकार जहां जमा धनराशि पर कम ब्याज देती है, वहीं व्यापारियों से 18 प्रतिशत की दर से शुल्क वसूला जाता है। इसे घटाकर 9 प्रतिशत करने का आग्रह किया गया है। व्यापारियों ने विभिन्न विभागों में लाइसेंस नवीनीकरण प्रक्रिया को सरल बनाने की भी मांग की। उन्होंने सुझाव दिया कि जिन विभागों में आजीवन लाइसेंस की व्यवस्था लागू हो चुकी है, उसी तर्ज पर अन्य विभागों में भी लाइसेंस को आजीवन मान्यता दी जाए। इससे व्यापारियों को बार-बार नवीनीकरण की प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। ज्ञापन में विभागीय सर्वे, छापेमारी और सैंपलिंग के दौरान पारदर्शिता सुनिश्चित करने की भी मांग शामिल है। व्यापार मंडल का कहना है कि आयकर, जीएसटी और अन्य विभागों के अधिकारी बिना स्पष्ट पहचान के व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर पहुंचते हैं, जिससे भ्रम और उत्पीड़न की स्थिति पैदा होती है।
भारतीय शेयर बाजार तेजी के साथ हरे निशान में खुला, सेंसेक्स में 400 से ज्यादा अंकों की बढ़त
पश्चिम एशिया में जारी तनावों पर अस्थायी विराम के बीच वैश्विक बाजारों से मिले मिले-जुले संकेतों के चलते हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार तेजी के साथ हरे निशान में खुला।
भरतपुर के गंगा मंदिर के सौंदर्यीकरण का काम किया जा रहा है। गंगा मंदिर के चारों तरफ ऐतिहासिक दुकानें हैं। उन दुकानों के बाहर व्यापारियों ने पक्का निर्माण कर उसके ऐतिहासिक रूप को ढक दिया था। वापस दुकानों को ऐतिहासिक रूप देने के लिए दुकानों के आगे बने पक्के निर्माण तोड़े जा रहे हैं। दुकानों के ऐतिहासिक रूप अतिक्रमण से ढका नगर निगम आयुक्त श्रवण विश्नोई ने बताया कि गंगा मंदिर के सौंदर्यीकरण का काम किया जा रहा है। जिसके लिए मंदिर के नीचे चारों तरफ बनी दुकानों का सौंदर्यीकरण हो रहा है। दुकानों के आगे व्यापारियों ने पक्के निर्माण कर लिए थे। जिसके कारण दुकानों का ऐतिहासिक स्वरूप ढक गया था। कई व्यापारियों ने मांगा समय दुकानों को वापस ऐतिहासिक रूप देने के लिए यह कार्रवाई की जा रही है। कुछ दुकानों के मालिक खुद ही पक्के निर्माणों को तोड़ रहे हैं। कुछ दुकानों को नगर निगम के बुलडोजर द्बारा तोड़ा गया है। कई व्यापारी ऐसे हैं जिन्होंने निर्माण को तोड़ने के लिए समय मांगा है।
सीहोर स्थित कुबेरेश्वर धाम के बाहर मंगलवार सुबह सौ से ज्यादा छोटे-बड़े व्यापारियों ने अचानक गेट नंबर 1 और 2 बंद किए जाने के विरोध में धरना दिया। दुकानदारों का आरोप है कि बिना पूर्व सूचना के गेट बंद करने से उनकी बिक्री पूरी तरह ठप हो गई है और आजीविका पर संकट आ गया है। हालांकि, पुलिस की समझाइश और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपने के बाद व्यापारियों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया है। प्रदर्शनकारी व्यापारियों का कहना है कि उन्होंने कुबेरेश्वर धाम पर भरोसा कर कर्ज लेकर और अपनी जीवन भर की जमा-पूंजी लगाकर यहां दुकानें खोली थीं। उनका आरोप है कि प्रबंधन ने बिना किसी ठोस कारण के अचानक दोनों मुख्य गेटों पर ताला लगा दिया है। इससे श्रद्धालुओं का आवागमन अन्य रास्तों से होने लगा है और इन गेटों के सामने सन्नाटा पसरा हुआ है। देखिए प्रदर्शन के दौरान की तस्वीरें… 'नाम बड़ा होने पर स्थानीय लोगों को किया दरकिनार'नाराज दुकानदारों ने कहा कि कुबेरेश्वर धाम की स्थापना और श्रद्धालुओं की सेवा में सीहोर के स्थानीय लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अब जब धाम का नाम बड़ा हो गया है, तो छोटे व्यापारियों को दरकिनार किया जा रहा है। कई दुकानदारों ने दुकानों में लाखों रुपये का सामान भरा था, जो अब ग्राहकों के न आने से खराब होने की कगार पर पहुंच गया है। प्रबंधन बोला- कावड़ यात्रा की तैयारी के लिए बंद किए गेटव्यापारियों के विरोध और आरोपों पर वितलेश सेवा समिति के पदाधिकारी समीर शुक्ला ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि आगामी कावड़ यात्रा की तैयारियों के लिए परिसर में कॉरिडोर बनाने का काम तेजी से चल रहा है। निर्माण कार्य में कोई बाधा न आए और श्रद्धालुओं की सुरक्षा बनी रहे, इसी वजह से फिलहाल इन दोनों गेटों को बंद किया गया है। ज्ञापन सौंपने के बाद खत्म किया धरनाशुरुआत में व्यापारियों ने चेतावनी दी थी कि जब तक दोनों गेट दोबारा नहीं खोले जाते, उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। इस मामले में मंडी थाना प्रभारी सुनील मैहर ने बताया कि व्यापारी गेट खोलने की प्रमुख मांग को लेकर अड़े थे। पुलिस और प्रशासन ने उनसे चर्चा की, जिसके बाद उन्होंने अपना मांग पत्र (ज्ञापन) सौंपा और धरना समाप्त कर दिया।
जोधपुर में किराना व्यापारी की पैंट की जेब में रखा मोबाइल अचानक बम की तरह ब्लास्ट हो गया। इसके बाद मोबाइल में आग लग गई। व्यापारी के घुटने के ऊपर (जांघ) का हिस्सा और हाथ की अंगुलियां गंभीर रूप से झुलस गईं। चमड़ी तक उधड़ गई है। तड़पते हुए व्यापारी ने खुद को बचाने के लिए जेब से जलता हुआ फोन बाहर निकालने की कोशिश की, तो उनके हाथ की अंगुलियां जल गईं। यह घटना मंडोर कृषि मंडी इलाके में सोमवार दोपहर में हुई। घायल व्यापारी गोपाल सोनी (39) को तुरंत मंडोर के सैटेलाइट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। हालत गंभीर होने के कारण मंगलवार सुबह करीब 11:30 बजे गोपाल सोनी के दोस्त नीरज बंसल उन्हें महात्मा गांधी हॉस्पिटल लेकर गए। यहां उनका इलाज चल रहा है। उन्होंने कहा कि घाव गहरा है। हॉस्पिटल के प्लास्टिक सर्जन राजेश गालवा की देखरेख में व्यापारी का इलाज चल रहा है। हादसे की PHOTOS… ऐसा लगा जैसे जोरदार करंट लगा हो लाल सागर इलाके के रहने वाले व्यापारी गोपाल सोनी ने हॉस्पिटल से भास्कर को बताया कि सोमवार दोपहर करीब 3:30 बजे वे मंडी स्थित अपनी किराना दुकान पर बैठे थे। उन्होंने बताया- मैं हमेशा अपना मोबाइल शर्ट की ऊपर वाली जेब में रखता हूं। सोमवार को टी-शर्ट पहनी थी, इसलिए फोन पैंट की जेब में था। मैं काउंटर की दराज (ड्रॉवर) में कुछ चेक कर रहा था कि अचानक तेज धमाका हुआ और पैंट में आग लग गई। एक पल के लिए मुझे लगा कि पास रखे लैपटॉप से मुझे करंट लगा है। लेकिन जैसे ही नीचे देखा, जेब से धुंआ और आग निकल रही थी। मैं दर्द के मारे चिल्लाता हुआ टेबल से दूर भागा। जेब से जलता फोन निकाला तो उंगलियां भी जल गईं। फोन न ओवरहीट था, न 100% चार्ज... फिर क्यों फटा? इस हादसे ने स्मार्टफोन यूजर्स की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि गोपाल के मुताबिक फोन में ब्लास्ट होने का कोई शुरुआती संकेत नहीं मिला था। गोपाल सोनी ने बताया- 2 साल पहले वीवो (Vivo) कंपनी का मोबाइल खरीदा था। आमतौर पर माना जाता है कि 100% से ज्यादा चार्ज होने या रातभर चार्जिंग पर छोड़ने से फोन फटते हैं, लेकिन हादसे के वक्त मोबाइल सिर्फ 87% चार्ज था। पीड़ित के अनुसार, ब्लास्ट से ठीक पहले फोन बिल्कुल नॉर्मल था। न तो वह गर्म (Heat) हुआ था और न ही उसमें कोई खराबी का संकेत दिख रहा था। अचानक हुए इस ब्लास्ट से दुकान में मौजूद अन्य व्यापारी भी सहम गए। हादसे के बाद दुकान में मची अफरा-तफरी धमाके के साथ ही गोपाल की पैंट की जेब से तेज धुंआ और आग की लपटें उठने लगीं। गोपाल दर्द से चीखते हुए दुकान में ही इधर-उधर भाग रहे थे। चिल्लाने की आवाज सुनकर कृषि मंडी के अन्य व्यापारी और पड़ोसी तुरंत दुकान की तरफ दौड़े। व्यापारियों ने तुरंत गोपाल को संभाला, उन्हें कुर्सी पर बैठाया और झुलसी हुई हालत में मंडोर के सैटेलाइट हॉस्पिटल पहुंचाया। जांघ का हिस्सा गंभीर रूप से जलने के कारण अब उन्हें स्पेशल बर्न वार्ड में ले जाया जा रहा है। --- ये खबर भी पढ़ें… मोबाइल चार्जिंग पॉइंट के पास रखी पेट्रोल बोतल में ब्लास्ट:आग लगने से युवक 40 प्रतिशत झुलसा, खाना खाते समय चला रहा था फोन अलवर में मोबाइल चार्जिंग पॉइंट में स्पार्किंग के कारण उसके पास रखी पेट्रोल से भरी बोतल में ब्लास्ट हो गया। चार्जिंग पर लगा मोबाइल युवक के हाथ में था। विस्फोट के कारण आग लगने से युवक गंभीर रूप से झुलस गया। (पूरी खबर पढ़ें)
जालंधर के न्यू ज्वाहर नगर में मंगलवार को एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) के घर पर ईडी ने छापेमारी की है। ईडी की टीम सुबह मौके पर पहुंची और घर में दस्तावेजों की जांच शुरू की। बताया जा रहा है कि पंजाब में कई जगहों पर भी ईडी की रेड की गई है। हालांकि, संबंधित व्यापारी और CA को लेकर अभी तक पुलिस या ईडी की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है। छापेमारी को पूरी तरह गोपनीय रखा गया था। रेड के बाद व्यापारी वर्ग में दहशत का माहौल है। जानकारी के अनुसार, जालंधर के दो नेताओं के घर भी ईडी टीम के पहुंचने की सूचना मिली है। इससे पहले ईडी जालंधर में लवली यूनिवर्सिटी के चेयरमैन और पंजाब से राज्यसभा सदस्य अशोक मित्तल के घर भी छापेमारी कर चुकी है। एजेंसी की इस कार्रवाई पर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर लिखा- ED पार्टी आज फिर पंजाब के हिंदू व्यापारियों पर ED की रेड कर रही है। ED पार्टी पंजाब के छोटे छोटे हिंदू व्यापारियों को तंग कर रही है। मेरी सभी व्यापारियों से अपील है कि घबराने की कोई बात नहीं है। पूरा पंजाब और पंजाब सरकार आपके साथ है। हम सब मिलकर ED पार्टी का मुकाबला करेंगे। हम इस खबर को अपडेट कर रहे हैं…
पंजाब में एक बार फिर ईडी एक्टिव हो गई। आज फिर से रेड चल रही है। यह दावा आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने किया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा है कि ED पार्टी आज फिर पंजाब के हिंदू व्यापारियों पर ED की रेड कर रही है। ED पार्टी पंजाब के छोटे छोटे हिंदू व्यापारियों को तंग कर रही है। मेरी सभी व्यापारियों से अपील है - घबराने की कोई बात नहीं है, पूरा पंजाब और पंजाब सरकार आपके साथ है, हम सब मिलकर ED पार्टी का मुकाबला करेंगे। पंजाब ही ED पार्टी का खेल खत्म करेगा इसी तरह आम आदमी पार्टी के हरियाणा के प्रेसिडेंट सुशील कुमार गुप्ता का भी ईडी को लेकर बयान बाया है। उन्होंने केजरीवाल की पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा है कि ED पार्टी का खेल खत्म करने की शुरुआत पंजाब ही करेगा । हिंदुओं को बर्बाद करने पर तुले ED Party वाले आम आदमी पार्टी के सीनियर नेता व राष्ट्रीय प्रवक्ता अनुराग ढांडा ने कहा कि - ED Party पंजाब के हिंदू व्यापारियों के मन में डर बिठाना चाहती है। कितने शर्म की बात है हिंदुओं के वोट मांगते हैं और हिंदुओं को ही बर्बाद करने पर तुले हैं ED Party वाले।
व्यापारी पर हमले का मुख्य आरोपी गिरफ्तार:हिण्डोली में वारदात में इस्तेमाल कार-कुल्हाड़ी बरामद
बूंदी जिले की हिण्डोली थाना पुलिस ने एक व्यापारी पर जानलेवा हमले के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई कार और कुल्हाड़ी भी बरामद की है। यह मामला 30 मई का है, जब फरियादी नरेश कुमार ने हिण्डोली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि 5-7 लोगों ने उनके साथ मारपीट की और उनकी कार में तोड़फोड़ की। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। मामले की जांच के लिए थानाधिकारी मुकेश कुमार यादव के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।इस टीम ने 7 जून को मुख्य आरोपी मुकट बिहारी उर्फ मुकट (28) निवासी धनपुरा को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। न्यायालय से पुलिस रिमांड मिलने के बाद आरोपी की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त कार और कुल्हाड़ी जब्त की गई। अन्य आरोपियों की तलाश जारीपुलिस अब इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। पुलिस अधीक्षक अवनीश कुमार ने बताया कि इस प्रकरण में निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई की जाएगी तथा सभी आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस कार्रवाई में थानाधिकारी मुकेश कुमार यादव, सहायक उपनिरीक्षक भागचंद, आरटी लोकेश, कॉन्स्टेबल सुनील और कॉन्स्टेबल कालूराम की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा से करोड़ों की ठगी, प्रॉपर्टी निवेश के नाम पर लिए 17 करोड़ रुपए
मायानगरी में धोखाधड़ी के किस्से अक्सर सामने आते रहते हैं। अब बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा जाफरी धोखाधड़ी का शिकार हो गई हैं। हबीबा जाफरी से संपत्ति निवेश के नाम पर करीब 17.5 करोड़ रुपए की ठगी की गई है।
भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते का वैश्विक अर्थ
युद्ध की आशंकाओं के बीच आशा का सेतुः वैश्विक परिदृश्य इन दिनों युद्ध की अनिश्चितताओं, तनावों और भू-राजनीतिक खींचतान से भरा हुआ है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान और महाशक्तियों के बीच प्रतिस्पर्धा ने विश्व अर्थव्यवस्था के सामने कई प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। ऐसे समय में भारत और न्यूजीलैंड के ... Read more
स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने 'स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0' (एफओएफ 2.0) लॉन्च किया
अमेज़न MGM स्टूडियोज ने अपनी नई फिल्म 'रफ्तार' की रिलीज डेट की घोषणा कर दी है। इस फिल्म में राजकुमार राव और कीर्ति सुरेश लीड रोल में नजर आने वाले हैं। आदित्य निंबालकर के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म को 'कांपा फिल्म' के बैनर तले पत्रलेखा ने प्रोड्यूस ...
किसान यूनियन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ एकजुट होकर लड़ेंगे
भारतीय किसान यूनियन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने के लिए कमर कस रहे हैं
कपास के किसानों का उदाहरण हमारे सामने है, जहां आयात शुल्क हटाने से घरेलू कीमतों में भारी गिरावट आई और किसान संकट में घिर गए
व्यापार समझौते में सरकार की उलझन
किसी भी चीज को अपने लिए फायदेमंद बताने का हुनर कोई मोदी सरकार से सीखे
महंगाई और उसे बनाने वाला नया सूचकांक
अब 1.8 फीसदी कोई ऐसा संकेत नहीं है कि डर के मारे हम शोर मचाने लगें कि महंगाई जान मार रही है और सरकार को तुरन्त कुछ जरूरी कदम उठाने चाहिए।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के अप्रत्याशित विजेता हैं राहुल गांधी
मोदी सरकार ने व्यापार समझौते को एक बड़ी कामयाबी के तौर पर पेश किया है, जो 30 ट्रिलियन डालर के अमेरिकी बाजार में खास पहुंच की रणनीतिगत और आर्थिक मूल्य को दिखाता है।
काजोल ने किया रियल एस्टेट में निवेश, खरीदी इतने करोड़ की कमर्शियल प्रॉपर्टी
बॉलीवुड एक्ट्रेस काजोल ने इंडस्ट्री में एक अलग मुकाम हासिल किया है। काजोल भले ही फिल्मों में कम नजर आती हो, लेकिन वह सुर्खियों में बनी रहती हैं। काजोल ने अब एक्टिंग के साथ-साथ रियल एस्टेट में भी कदम रख दिया है। काजोल ने मुंबई के गोरेगांव वेस्ट ...
जानिए क्यों पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास पर है 2100 करोड़ रुपए निवेश
पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास अपने करियर के शानदार दौर से गुजर रहे हैं, और निर्विवाद रूप से अखिल भारतीय सुपरस्टार के रूप में अपनी जगह पक्की कर रहे हैं। बाहुबली, सलार, कल्कि 2898 एडी जैसी बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने वाली फिल्मों के साथ, उन्होंने भारतीय ...
'एक रात के 5 लाख' क्या इस महंगाई की वजह बने हैं विक्की कौशल और कैटरीना कैफ
राजस्थान अपने खूबसूरत किलों और महलों के लिए विश्वभर में जाना जाता है। कला और संस्कृति के इस अनूठे संगम, शाही ठाठ बाठ समेत राजपुताना वास्तुकला का आनंद उठाने दुनिया के कोने-कोने से पर्यटक यहां आते हैं..........
खतरों के खिलाड़ी सीजन 14 के कंटेस्टेंट अभिषेक कुमार जिन्होंने बिग बॉस 17 में अपने कार्यकाल से काफी लोकप्रियता हासिल की, अपने आकर्षक व्यक्तित्व से लोगों के दिलों पर राज कर रहे हैं। विवादित रियलिटी शो में उनकी भागीदारी ने उन्हें स्टार बना दिया और उन्हें रातोंरात सफलता दिलाई। अभिषेक जो वर्तमान में रोहित शेट्टी के शो खतरों के खिलाड़ी 14 में हैं, ने साझा किया कि वह एक प्रोडक्शन हाउस खोलना चाहते हैं। इसे भी पढ़ें: Kartik Aaryan का खुलासा, Pyaar Ka Punchnama की सफलता के बावजूद उनके पास ‘कोई ऑफर नहीं था, कोई पैसा नहीं था ईटाइम्स टीवी के साथ एक इंटरव्यू में, अभिषेक ने खुलासा किया कि वह भविष्य के लिए पैसे बचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता चाहते हैं कि वह मुंबई में एक घर खरीदें, लेकिन वह एक व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। अभिषेक ने कहा कि वह एक उद्यमी बनना चाहते हैं और उनके बड़े सपने हैं जिन्हें वह हासिल करना चाहते हैं। अभिषेक कुमार मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते इंटरव्यू में, अभिषेक ने कहा कि उन्होंने पैसे बर्बाद करना बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते क्योंकि शहर काफी महंगा है और कहा कि किराए पर रहना एक समझदारी भरा फैसला है। उन्होंने यहां तक कहा कि घर खरीदने में बड़ी रकम लगाने और फिर हर महीने लोन के रूप में बैंक को बड़ी EMI चुकाने का कोई मतलब नहीं है। इसे भी पढ़ें: Karan Johar को कोर्ट से मिली राहत, फिल्म Shaadi Ke Director Karan Aur Johar की रिलीज परह लगी रोक अभिषेक ने कहा कि वह अपना पैसा निवेश करना चाहते हैं और उस पर ब्याज पाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह रवि दुबे और सरगुन मेहता की तरह एक प्रोडक्शन हाउस स्थापित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि उनका परिवार चंडीगढ़ में घर खरीदे, लेकिन मुंबई में नहीं क्योंकि वे वहीं रह सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह पैसे बचाना चाहते हैं और कोई दूसरा व्यवसाय शुरू करने में निवेश कर सकते हैं। KKK 14 की बात करें तो शिल्पा शिंदे शो से बाहर हो गईं। एक यूट्यूब चैनल के अनुसार, सनी वरुण ने बात की, गश्मीर, करणवीर, अदिति और अभिषेक ने निष्कासन स्टंट किया।

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