रोहतक जिले में सांपला कस्बे के मुख्य बाजार में सड़क पर वाहन खड़े करने वालों के खिलाफ नगर पालिका प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस के सहयोग से ऐसे वाहन चालकों के चालान किए जा रहे हैं, जो अपनी कार सड़क पर खड़ी कर खरीदारी करते हैं। प्रशासन का कहना है कि इन वाहनों के कारण बाजार में बार-बार जाम की स्थिति बनती है, जिससे आम लोगों को परेशानी होती है। यह कार्रवाई यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के उद्देश्य से की जा रही है। व्यापारियों ने लगाया दोहरे रवैये का आरोप इस कार्रवाई के बीच व्यापारियों ने नगरपालिका प्रशासन पर दोहरे रवैये का आरोप लगाया है। व्यापारियों का कहना है कि पिछले महीने बाजार से अतिक्रमण हटाने के लिए सभी रेहड़ी-फड़ी वालों को हटाया गया था। हालांकि, अब वही रेहड़ी और रिक्शा चालक दोबारा बाजार में आकर अतिक्रमण करने लगे हैं। व्यापारियों का आरोप है कि नगरपालिका प्रशासन अब इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा, जिससे बाजार में फिर से अतिक्रमण बढ़ रहा है और दुकानदारों को परेशानी हो रही है। वाहन पार्क करने के लिए की गई अलग व्यवस्था नगरपालिका प्रशासन का कहना है कि बाजार में खरीदारी करने आने वाले लोगों के लिए वाहन पार्क करने की अलग से व्यवस्था की गई है। इसके बावजूद कई लोग अपनी कारें मुख्य सड़क पर ही खड़ी कर देते हैं, जिससे यातायात बाधित होता है और जाम लग जाता है। प्रशासन ने रेहड़ी-फड़ी संचालकों को भी चेतावनी दी है कि वे बाजार में अवैध रूप से अतिक्रमण न करें, अन्यथा उनके भी चालान किए जाएंगे। इसके अलावा, उन दुकानदारों को भी नोटिस जारी किए जा रहे हैं, जिन्होंने अपनी दुकानों के आगे फुटपाथ से बाहर रेहड़ी या ठेली लगाकर अतिक्रमण किया हुआ है।
मऊगंज और नईगढ़ी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने खाद-बीज की किल्लत, किसानों की भारी परेशानी और बढ़ती महंगाई को लेकर मोर्चा खोल दिया है। शनिवार शाम करीब 5 बजे मऊगंज के कॉलेज चौराहा और नईगढ़ी ब्लॉक चौराहे पर कांग्रेसियों ने जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान गुस्साए कार्यकर्ताओं ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का पुतला फूंका और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर हुए इस प्रदर्शन में मऊगंज जिला कांग्रेस अध्यक्ष हरिलाल आदिवासी ने कमान संभाली, जबकि नईगढ़ी में जिला कांग्रेस किसान अध्यक्ष नृपेन्द्र सिंह 'पिंटू' और ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अखिलेश पटेल की अगुवाई में कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। खाद-बीज की किल्लत से खरीफ की बुवाई प्रभावित मऊगंज में प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे जिला अध्यक्ष हरिलाल आदिवासी ने सरकार को घेरते हुए कहा कि सूबे की बीजेपी सरकार किसानों की सुध लेने में पूरी तरह नाकाम रही है। ऐन बुवाई के वक्त किसानों को सोसायटियों से खाद और बीज नहीं मिल पा रहा है, जिससे खरीफ की फसलों पर संकट मंडरा रहा है। उन्होंने डीजल-पेट्रोल के लगातार बढ़ते दामों और खेती-किसानी के सामानों पर बढ़ी महंगाई का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। ई-केवाईसी और स्लॉट बुकिंग से बढ़े किसान के चक्कर वहीं, नईगढ़ी में ब्लॉक अध्यक्ष अखिलेश पटेल ने कहा कि सरकार की किसान विरोधी नीतियों और झूठी घोषणाओं के खिलाफ यह प्रदर्शन किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ई-केवाईसी जैसी उलझी हुई प्रशासनिक प्रक्रियाओं के फेर में डालकर किसानों को खाद-बीज के लिए परेशान किया जा रहा है। किसान नेता नृपेन्द्र सिंह 'पिंटू' ने कहा कि खाद-बीज की कमी के साथ ही मूंग खरीदी में भी किसानों को लूटा जा रहा है। उन्होंने ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग व्यवस्था को किसानों के लिए सिरदर्द बताया। पुतला दहन में ये रहे शामिल मऊगंज में हुए प्रदर्शन के दौरान शेख मुख्तार सिद्दीकी, यदुवंश मिश्रा, मृत्युंजय चतुर्वेदी, मधुकर पांडे, रवी गुप्ता सहित कई कांग्रेसी पदाधिकारी मौजूद रहे। दूसरी तरफ, नईगढ़ी में कमलेश पटेल, शेषमणि पटेल, मंगलदीन सोनी, ऋषिराज पांडे, रोशन खान, दोराम प्रजापति, लक्ष्मण पटेल, रामसजीवन सोनी, अजय पटेल, पवन पटेल और रामजी कश्यप समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया।
प्राथमिक शेयर बाजार (IPO Market) के निवेशकों के लिए अगला हफ्ता बेहद रोमांचक और भारी हलचल वाला साबित होने जा रहा है। दलाल स्ट्रीट में दो बड़े और बहुप्रतीक्षित आईपीओ— एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट (SBI Funds Management) और अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड (Alpine Texworld) के शेयरों की लिस्टिंग होने वाली है। बाजार के जानकारों और रीटेल निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि इन दोनों कंपनियों की शेयर बाजार में कैसी धमाकेदार या सुस्त एंट्री होगी। यदि आप भी इन दोनों में से किसी भी आईपीओ में पैसा लगा चुके हैं या लिस्टिंग के दिन खरीदारी की योजना बना रहे हैं, तो ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) से आ रहे ताजा और धमाकेदार संकेत आपकी आंखें खोल देंगे, क्योंकि एक तरफ जहां एसबीआई फंड्स भारी मुनाफे की ओर इशारा कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड में निवेशकों की सांसें थमी हुई हैं।एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट आईपीओ का नया धमाका: ₹90 के पार पहुंचा जीएमपी, बंपर कमाई के संकेतदेश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की सहयोगी कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के आईपीओ को लेकर ग्रे मार्केट में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। आईपीओ वॉच के लेटेस्ट डेटा के मुताबिक, कंपनी का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) वर्तमान में ₹97 के स्तर पर मजबूती से ट्रेड कर रहा है। कंपनी ने अपने पब्लिक इश्यू का अपर प्राइस बैंड ₹574 प्रति इक्विटी शेयर तय किया था। इस लिहाज से देखें तो वर्तमान ट्रेंड के अनुसार एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के शेयर की बाजार में लिस्टिंग ₹670 के पार शानदार प्रीमियम के साथ हो सकती है, जो निवेशकों को लिस्टिंग के पहले ही दिन बंपर मुनाफा देने के लिए तैयार है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के आंकड़ों के मुताबिक, इस आईपीओ को निवेशकों का ऐतिहासिक रेस्पॉन्स मिला और यह कुल 41.66 गुना सब्सक्राइब हुआ, जिसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का हिस्सा रिकॉर्ड 140.11 गुना भरा था।₹11,693 करोड़ का मेगा ओएफएस: एसबीआई और अमुंडी इंडिया होल्डिंग्स बेच रहे अपनी हिस्सेदारीएसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का यह विशाल पब्लिक इश्यू करीब ₹11,693 करोड़ का है, जो पूरी तरह से 20.37 करोड़ इक्विटी शेयरों का 100% ऑफर फॉर सेल (OFS) है। इसका सीधा मतलब यह है कि आईपीओ के जरिए जुटाई गई पूरी रकम कंपनी के मुख्य बिजनेस में नहीं जाएगी, बल्कि इसे बेचने वाले मौजूदा शेयरधारक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और विदेशी पार्टनर अमुंडी इंडिया होल्डिंग (Amundi India Holding) के पास जाएगी। इस बंपर आईपीओ के सफल समापन के बाद देश के सबसे बड़े कमर्शियल बैंक एसबीआई की इस म्यूचुअल फंड हाउस में प्रमोटर हिस्सेदारी 61.76% से घटकर 55.46% पर आ जाएगी, जबकि वैश्विक निवेश फर्म अमुंडी की हिस्सेदारी 32.56% के स्तर पर बनी रहेगी।अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड आईपीओ की रफ्तार थमी: महज ₹1 पर पहुंचा जीएमपी, रीटेलर्स को भारी उम्मीदेंएसबीआई फंड्स के विपरीत, कपड़ा क्षेत्र की कंपनी अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड (Alpine Texworld IPO) के आईपीओ को लेकर ग्रे मार्केट का रुख बेहद ठंडा और सुस्त बना हुआ है। बाजार के सूत्रों के अनुसार, इसका जीएमपी फिलहाल मात्र ₹1 के स्तर पर रेंग रहा है। कंपनी ने इस आईपीओ के लिए ₹100 से ₹105 प्रति इक्विटी शेयर का प्राइस बैंड निर्धारित किया था, जिसके आधार पर इसकी अनुमानित लिस्टिंग प्राइस ₹106 प्रति शेयर के आसपास देखी जा रही है, जो बिल्कुल फ्लैट या मामूली बढ़त के साथ शुरुआत का संकेत है। हालांकि, सब्सक्रिप्शन के दौरान इस आईपीओ को कुल 1.40 गुना आवेदन मिले थे, जिसमें रीटेल इनवेस्टर्स (Retail Investors) की तरफ से सबसे अधिक दिलचस्पी और मांग दर्ज की गई थी।₹126.25 करोड़ के फ्रेश इश्यू का इनसाइड प्लान: गुजरात में नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाएगी कंपनीअल्पाइन टेक्सवर्ल्ड का यह आईपीओ पूरी तरह से 1.20 करोड़ इक्विटी शेयरों का फ्रेश इश्यू (Fresh Issue) है, यानी इसमें कोई ऑफर फॉर सेल शामिल नहीं है और जुटाया गया पूरा पैसा सीधे कंपनी के पास जाएगा। कंपनी प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि आईपीओ से प्राप्त होने वाली शुद्ध वित्तीय रकम का प्राथमिक उपयोग गुजरात के अहमदाबाद में उनकी प्रस्तावित तीसरी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में एक नई आधुनिक वीविंग यूनिट (Weaving Unit) स्थापित करने के लिए किया जाएगा, जिससे कंपनी के ग्रे फैब्रिक उत्पादन की क्षमता में भारी बढ़ोतरी होगी। इसके अतिरिक्त, इस फंड का एक बड़ा हिस्सा कंपनी के पुराने बकाया कर्जों को समय से पहले चुकाने और सामान्य कॉर्पोरेट कामकाजी खर्चों को पूरा करने के लिए आवंटित किया जाएगा, जो दीर्घकालिक दृष्टिकोण से कंपनी की बैलेंस शीट को मजबूत बनाएगा।
तरनतारन के अधीन आते खडूर साहिब विधानसभा क्षेत्र के कस्बा फतेहाबाद में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। यहां 50 लाख रुपये की मोटी फिरौती (रंगदारी) न मिलने के कारण बेखौफ अज्ञात हमलावरों ने एक प्रसिद्ध कपड़ा व्यापारी की दुकान को निशाना बनाते हुए अंधाधुंध फायरिंग कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर बड़ी आसानी से मौके से फरार हो गए। इस दुस्साहसिक घटना से स्थानीय व्यापारियों और आम जनता में भारी दहशत का माहौल है। मिली जानकारी के अनुसार, फतेहाबाद के जाने-माने कपड़ा व्यापारी महेंद्र सिंह के बेटे नवदीप सिंह को कुछ दिन पहले अज्ञात गैंगस्टरों/अपराधियों द्वारा फोन कर 50 लाख रुपये की फिरौती देने की धमकी दी गई थी। मांग पूरी न होने पर शुक्रवार शाम को दो मोटरसाइकिल सवार अज्ञात नकाबपोश युवक दुकान के बाहर पहुंचे और ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। कर्मचारियों ने छिपकर बचाई जान राहत की बात यह रही कि इस खूनी हमले में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। फायरिंग के समय दुकान के मालिक नवदीप सिंह वहां मौजूद नहीं थे। हालांकि, दुकान के भीतर मौजूद कर्मचारियों पर गोलियां चलने से अफरा-तफरी मच गई, जिन्होंने काउंटर के पीछे छिपकर बड़ी मुश्किल से अपनी जान बचाई। गोलियों की आवाज से पूरा बाजार दहल उठा। सीसीटीवी फुटेज कब्जे में, पुलिस ने किया हाई अलर्ट जारी घटना की भनक लगते ही डीएसपी हरिंदर सिंह के नेतृत्व में भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति का जायजा लिया। थाना श्री गोइंदवाल साहिब की पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए दुकान और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके। पीड़ित परिवार ने मांगी सुरक्षा पीड़ित व्यापारी नवदीप सिंह ने पुलिस प्रशासन से जान-माल की गुहार लगाते हुए तुरंत सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि फिरौती की लगातार मिल रही धमकियों से उनका पूरा परिवार खौफ के साए में जीने को मजबूर है। वहीं, डीएसपी हरिंदर सिंह ने बताया कि पुलिस विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है। सीमावर्ती इलाके में नाकाबंदी बढ़ा दी गई है और सुरक्षा के लिहाज से हाई अलर्ट जारी किया गया है।
फरीदाबाद में साइबर ठग लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। तीन अलग-अलग मामलों में साइबर अपराधियों ने शेयर बाजार में मोटा मुनाफा दिलाने, सरकारी अधिकारी बनकर बैंक खाते की जांच करने और कूरियर फ्रेंचाइजी दिलाने का झांसा देकर तीन लोगों से 23 लाख रुपए से अधिक की ठगी कर ली। तीनों मामलों में पीड़ितों की शिकायत पर साइबर थाना एनआईटी और साइबर अपराध थाना सेंट्रल फरीदाबाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मेडिकल स्टोर संचालक से हड़पे 15 लाख पहला मामला सैनिक कॉलोनी निवासी हरविंद्र पाल सिंह का है, जो एसजीएम नगर में मेडिकल स्टोर चलाते हैं। उन्होंने यूट्यूब पर ऑनलाइन ट्रेडिंग और शेयर बाजार से मोटा मुनाफा कमाने का वीडियो देखा। वीडियो में दिए गए नंबर पर संपर्क करने के बाद उन्हें व्हाट्सएप के जरिए एक लिंक भेजा गया और कथित पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विस (पीएमएस) का खाता खुलवाया गया। उन्होंने सबसे पहले 10 हजार रुपए निवेश किए, जिस पर उन्हें लाभ सहित 12 हजार 168 रुपए वापस मिले। इससे उनका भरोसा बढ़ गया। इसके बाद ठगों ने उनसे अलग-अलग तारीखों में निवेश और आईपीओ के नाम पर लगातार पैसे जमा कराए। जब उन्होंने अपनी रकम निकालनी चाही तो नए-नए बहाने बनाकर और पैसे मांगे गए। इस पूरे मामले में उन्हें केवल 62 हजार 168 रुपए ही वापस मिले, जबकि कुल 15 लाख 8 हजार 832 रुपए की ठगी हो गई। सरकारी अधिकारी बनकर महिला से ठगी दूसरा मामला सेक्टर-82 स्थित पुरी प्रणायम सोसाइटी निवासी कमलेश दुडेजा का है। उन्हें व्हाट्सएप पर एक कॉल आई, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को सरकारी अधिकारी बताया। आरोपी ने कहा कि उनका बैंक खाता जांच के दायरे में है और उसमें जमा राशि का सत्यापन करना जरूरी है। उसकी बातों में आकर महिला ने अपने बैंक खाते से 6 लाख रुपए बताए गए खाते में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद आरोपी ने महिला को अपनी सभी एफडी तुड़वाकर और अधिक पैसे ट्रांसफर करने के लिए कहा। इसी दौरान महिला के परिजनों को मामले की जानकारी मिल गई और उन्होंने समय रहते उन्हें रोक लिया। इसके बाद महिला ने साइबर हेल्पलाइन 1930 और साइबर अपराध थाना सेंट्रल में शिकायत दर्ज कराई। कूरियर कंपनी की फ्रेंचाइजी दिलाने का झांसा दिया तीसरा मामला सेक्टर-31 स्थित स्प्रिंग फील्ड कॉलोनी निवासी कारोबारी पीयूष अग्रवाल का है। उन्होंने फेसबुक पर कूरियर फ्रेंचाइजी का विज्ञापन देखा था। इसके बाद कंपनी के प्रतिनिधि बनकर बात करने वाले लोगों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि 2.50 लाख रुपए की सिक्योरिटी राशि जमा करने पर कूरियर फ्रेंचाइजी शुरू कर दी जाएगी और यह राशि पूरी तरह वापस कर दी जाएगी। पीयूष ने अलग-अलग किश्तों में पूरी राशि जमा कर दी। बाद में कंपनी ने ऑनलाइन एग्रीमेंट भी किया, लेकिन न तो फ्रेंचाइजी शुरू कराई और न ही पैसे लौटाए। लगातार बहाने बनाए जाने के बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने केस दर्ज कर शुरू की जांच तीनों मामलों में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। जांच के दौरान बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्ड, ट्रांजेक्शन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधी लोगों का भरोसा जीतकर उन्हें निवेश, सरकारी जांच, नौकरी, फ्रेंचाइजी या अन्य आकर्षक योजनाओं का लालच देकर ठगी कर रहे हैं।
नमस्कार, आज की सबसे बड़ी खबर अलवर से है। यहां कोर्ट ने हत्या के मामले में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष समेत 9 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। चलिए सिलसिलेवार पढ़ते हैं, राजस्थान दिनभर में क्या कुछ खास रहा... पहले टॉप 5 खबरें1. भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष समेत 9 को उम्रकैदअलवर में चुनावी रंजिश में हत्या के मामले में कोर्ट ने भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह समेत 9 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। सजा सुनाए जाने के बाद शनिवार को सभी दोषी कोर्ट परिसर से मूंछों पर ताव देते हुए बाहर निकले। पूरी खबर पढ़ें 2. जोधपुर में फिर 5 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ीजोधपुर में सिजेरियन डिलीवरी के बाद एक बार फिर 5 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ गई। डिलीवरी के बाद ज्यादा ब्लड लॉस होने पर सभी को हायर सेंटर रेफर किया गया। इनमें से 1 वेंटिलेटर पर है, जबकि 3 ICU में एडमिट हैं। 1 प्रसूता सामान्य वार्ड में एडमिट है। पूरी खबर पढ़ें 3. 500 रुपए नहीं देने पर युवक को हाथी से कुचलवायाबांसवाड़ा के पाटन थाना इलाके में युवक को हाथी ने सूंड से उठाकर पटक दिया। पैर से कुचलने से उसकी पसलियां टूट गईं। परिजनों का आरोप है कि हाथी वाले बाबा ने 500 रुपए मांगे थे, नहीं देने पर हाथी से हमला करवा दिया। वहीं पुलिस का कहना है कि हमला करवाने की बात गलत है। पूरी खबर पढ़ें 4. भाजपा नेता के घर 3 करोड़ रुपए कैश मिलेभाजपा नेता और शराब कारोबारी अशोक चांडक के घर से ED की टीम को 3 करोड़ कैश और 50 से ज्यादा प्रॉपर्टी के डॉक्युमेंट मिले। साथ ही कई संदिग्ध लेन-देन के रिकॉर्ड मिले हैं। बिहार में अवैध बजरी खनन में 131 करोड़ के गबन के आरोप में 8 ठिकानों पर ED ने छापा मारा था। पूरी खबर पढ़ें 5. हवेली की नींव से निकले सोने से भरे 15 कलशजयपुर में एक हवेली की खुदाई में खजाना मिलने का दावा है। मालिक का आरोप है कि ठेकेदार और उसके साथियों ने करीब 40-45 किलो चांदी की सिल्लियां, सोने के सिक्कों से भरे 14-15 कलश और 8 से 10 हजार पुराने चांदी के सिक्के आपस में बांट लिए। पूरी खबर पढ़ें अब 3 अहम खबरें6. तेज रफ्तार ट्रेलर पलटा, बाइक सवार बाल-बाल बचेदौसा जिले में जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे पर तेज रफ्तार ट्रेलर बेकाबू होकर पलट गया। गनीमत रही कि ट्रेलर आगे चल रहे LPG टैंकर से नहीं टकराया। इस दौरान हाईवे पर जा रहे बाइक सवार 2 व्यक्ति बाल-बाल बच गए। दोनों भरतपुर की तरफ जा रहे थे, लेकिन घबराकर लौट गए। पूरी खबर पढ़ें 7. व्यापारी का किडनैप, कार में डालकर ले गएबाड़मेर के रीको थाना इलाके में क्रेटा कार में आए 4 बदमाशों ने एक व्यापारी का किडनैप कर लिया। बदमाश पहले शोरूम में घुसे और व्यापारी पर डंडे से हमला कर दिया। इसके बाद 2 बदमाश उसे जबरन उठाकर कार में डालकर भाग हो गए। पूरी खबर पढ़ें 8. बॉयज हॉस्टल में घुसा मगरमच्छकोटा के बोरखेड़ा इलाके में एक बॉयज हॉस्टल के बेसमेंट में मगरमच्छ घुस गया। यहां मेस में खाना बना रहे कुक और कर्मचारियों ने मगरमच्छ को देखा तो डरकर बाहर भाग निकले। मगरमच्छ आने से हॉस्टल में रहने वाले कोचिंग छात्रों में भी डर गए। पूरी खबर पढ़ें खबर जो हटकर है9. लेपर्ड ने पर्यटकों के सामने किया शिकारजयपुर के झालाना लेपर्ड रिजर्व में लेपर्ड फ्लोरा के शावक ने एक जंगली खरगोश का शिकार किया। जंगली खरगोश घास में छुपकर बैठा था। शावक भी घात लगाकर बैठा था। मौका देखते ही शावक ने झपट्टा मारकर खरगोश को जबड़े में दबोच लिया। पूरी खबर पढ़ें कल क्या होगा खास10. करौली का 26वां स्थापना दिवस कलपूर्वी राजस्थान के करौली का 26वां स्थापना दिवस 19 जुलाई को मनाया जाएगा। इस मौके पर 'रन फोर करौली' और रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा।
2030 तक द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करने पर भारत-फिनलैंड की नजर
नई दिल्ली, एक नई रिपोर्ट के अनुसार, भारत और फिनलैंड ने आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने तथा प्रस्तावित ईयू-भारत फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) के जरिए वर्ष 2030 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने की संभावनाओं पर सहमति जताई है।
बिजली निगम के विरोध में व्यापारियों का चौक पर धरना:बिजली कटौती के साथ गलत बिल देने का भी आरोप
फर्रुखाबाद में शनिवार दोपहर करीब 12:30 बजे युवा व्यापार मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष अंकुर श्रीवास्तव के नेतृत्व में करीब एक दर्जन व्यापारियों ने चौक पर धरना दिया। व्यापारियों ने विद्युत निगम के खिलाफ बिजली कटौती और गलत बिल भेजने का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। धरने को संबोधित करते हुए अंकुर श्रीवास्तव ने कहा कि शहर में लगातार बिजली कटौती की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायत या जानकारी के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को फोन करने पर कॉल रिसीव नहीं की जाती। इसके अतिरिक्त, उपभोक्ताओं को गलत बिजली बिल भेजे जाने की भी शिकायतें मिली हैं। धरने की सूचना पर शहर कोतवाल और बिजली विभाग के एसडीओ अजय सिंह मौके पर पहुंचे। एसडीओ अजय सिंह ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि बिजली आपूर्ति और बिलिंग संबंधी शिकायतों का शीघ्र समाधान कराया जाएगा तथा व्यवस्था में आवश्यक सुधार किए जाएंगे। इस आश्वासन के बाद व्यापारियों ने धरना समाप्त कर दिया। मालूम होकि शहर में लगातार बिजली कटौती हो रही है कभी मेंटेनेंस के कार्य के नाम पर कटौती होती है तो कभी तार बदलने के नाम पर कटौती की जाती है।
July 2026 Horoscope for All Zodiac Signs: जुलाई 2026 का यह सप्ताह ग्रह-नक्षत्रों की दृष्टि से कई राशियों के लिए नए अवसर और महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आ सकता है। इस दौरान सूर्य, चंद्रमा, बुध, शुक्र, मंगल, गुरु और शनि की ग्रह स्थिति का प्रभाव करियर, व्यापार, आर्थिक स्थिति, प्रेम संबंध, पारिवारिक जीवन और स्वास्थ्य पर देखने को मिलेगा। यदि आप जानना चाहते हैं कि 20 जुलाई से 26 जुलाई 2026 के बीच आपकी राशि के सितारे क्या संकेत दे रहे हैं और किन उपायों से आप अपने सप्ताह को बेहतर बना सकते हैं, तो पढ़ें सभी सभर 12 राशियों का विस्तृत साप्ताहिक राशिफल। ALSO READ: Devshayani Ekadashi 2026: देवशयनी एकादशी से शुरू होंगे चातुर्मास, 4 महीने के लिए लग जाएगी मंगल कार्यों पर रोक साप्ताहिक राशिफल (20 जुलाई से 26 जुलाई 2026) मेष (21 मार्च – 20 अप्रैल) आर्थिक स्थिति मजबूत रहने के संकेत हैं और सप्ताह की शुरुआत में धन लाभ की खुशी मिल सकती है। परिवार में संपत्ति से जुड़ा कोई मामला विवाद का रूप ले सकता है, इसलिए जल्दबाजी में प्रतिक्रिया देने से बचें। यह सप्ताह आपको धैर्य और समझदारी से आगे बढ़ने की सलाह देता है। शांत रहकर लिए गए निर्णय मुश्किल परिस्थितियों को भी आपके पक्ष में कर सकते हैं। किसी सहकर्मी के साथ हुई बातचीत भविष्य की योजनाओं के लिए उपयोगी संकेत दे सकती है। भावनाओं को मन में दबाने के बजाय अपनों से खुलकर बात करना बेहतर रहेगा। प्रेम जीवन में जल्दबाजी से बचें और नए रिश्ते में कदम रखने से पहले खुद को समय दें। विदेश में पढ़ाई की योजना बना रहे लोगों को आर्थिक पक्ष पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। शुभ अंक: 17 | शुभ रंग: ब्लू वृषभ (21 अप्रैल – 20 मई) आप लंबे समय से रुके हुए कार्यों को व्यवस्थित ढंग से पूरा करने के लिए प्रेरित महसूस करेंगे। समय और प्राथमिकताओं का सही प्रबंधन आपको कम समय में बेहतर परिणाम देगा। नए लोगों से संपर्क बढ़ाना लाभदायक रहेगा, क्योंकि कुछ नई पहचानें भविष्य के अवसरों का द्वार खोल सकती हैं। आर्थिक रूप से यह समय स्थिरता और प्रगति का संकेत दे रहा है। किसी विशेषज्ञ या प्रशिक्षक का मार्गदर्शन आपकी फिटनेस यात्रा को नई दिशा देगा। प्रेम जीवन में साथी के साथ किसी खूबसूरत और रोमांटिक यात्रा की योजना बन सकती है। परिवार में कोई उत्सव या मिलन समारोह घर के माहौल को खुशियों से भर देगा। नए लोगों से बातचीत के लिए खुले रहें, क्योंकि साधारण-सी शुरुआत भविष्य में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। शुभ अंक: 3 | शुभ रंग: व्हाइट मिथुन (21 मई – 21 जून) कार्यक्षेत्र में फिलहाल वेतन वृद्धि या पदोन्नति के लिए दबाव बनाने का समय नहीं है; धैर्य रखें और खुद को बेहतर ढंग से तैयार करें। आर्थिक मामलों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी। बिना सोचे-समझे किया गया निवेश नुकसान पहुंचा सकता है। दूसरों की सलाह उपयोगी हो सकती है, लेकिन अंतिम निर्णय तथ्यों की अच्छी तरह जांच-पड़ताल के बाद ही लें। परिवार के साथ भावनात्मक जुड़ाव बढ़ाने के प्रयास रिश्तों को और मजबूत बनाएंगे। जीवनसाथी या प्रियजन के साथ दिल की बात करने से कई उलझनें दूर हो सकती हैं। प्रियजनों के साथ किसी धार्मिक या आध्यात्मिक यात्रा की योजना बन सकती है। अपने शौक और रुचियों को समय देना मानसिक ताजगी बनाए रखेगा। संपत्ति और दस्तावेजों से जुड़े मामलों का रिकॉर्ड संभालकर रखें। शुभ अंक: 22 | शुभ रंग: स्काई ब्लू कर्क (22 जून – 22 जुलाई) परिस्थितियां धीरे-धीरे आपके पक्ष में आती दिखाई देंगी और जीवन में नई गति का अनुभव होगा। ऊर्जा और आत्मविश्वास दोनों में वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र में बदलती परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने की क्षमता आपको आगे रखेगी। आर्थिक रूप से यह समय किसी सोच-समझकर किए गए निवेश के लिए अच्छा माना जा सकता है। व्यापार से जुड़े लोग यदि अपने काम का विस्तार करने में सफल होते हैं तो उनकी पहचान और मजबूत हो सकती है। पारिवारिक जीवन में रिश्तों में स्थिरता आएगी और आप परिस्थितियों को बेहतर ढंग से संभाल पाएंगे। प्रेम संबंधों में साथी का सहयोग और भरोसा आपको सुकून देगा। किराए या संपत्ति से जुड़े मामलों में सकारात्मक समझौते के योग हैं। हालांकि, यात्रा योजनाओं में देरी या थकान महसूस हो सकती है। शुभ अंक: 22 | शुभ रंग: इलेक्ट्रिक ग्रे सिंह (23 जुलाई – 23 अगस्त) यह सप्ताह आपके लिए नई उपलब्धियों और रुके हुए कार्यों में सफलता का संकेत दे रहा है। व्यापार का विस्तार करने की सोच रहे लोगों को नई और प्रभावी रणनीतियां मिल सकती हैं। वाहन या संपत्ति खरीदने की योजना एक कदम आगे बढ़ सकती है। कार्यक्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, लेकिन आपकी समझदारी आपको दूसरों से आगे रखेगी। आपकी रचनात्मक सोच उन समस्याओं का समाधान निकाल सकती है जिन्हें दूसरे असंभव मानते हैं। यात्रा रोमांचक साबित हो सकती है और कुछ लोगों के जीवन में कोई खास व्यक्ति भी प्रवेश कर सकता है। खान-पान और जीवनशैली में सुधार से स्वास्थ्य बेहतर रहेगा। सामाजिक या धार्मिक कार्यों में योगदान देने की इच्छा भी बढ़ सकती है। ALSO READ: देवशयनी एकादशी से चातुर्मास क्यों शुरू होता है? जानें धार्मिक मान्यता और आध्यात्मिक महत्व शुभ अंक: 8 | शुभ रंग: नेवी ब्लू कन्या (24 अगस्त – 23 सितंबर) कार्यक्षेत्र में देर तक काम करना पड़ सकता है, लेकिन परिवार की जिम्मेदारियों को नजरअंदाज करने से बचें। अल्पकालिक निवेश योजनाएं सही चुनाव करने पर लाभ दे सकती हैं। प्रेम जीवन में गर्मजोशी और अपनापन बढ़ेगा तथा साथी का व्यवहार अधिक सकारात्मक रहेगा। नियमित व्यायाम आपको ऊर्जावान और एकाग्र बनाए रखेगा। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों और नए स्नातकों को अच्छे अवसर मिल सकते हैं। पेशेवर जीवन में अपनी क्षमता साबित करने का सुनहरा मौका मिल सकता है। सामाजिक क्षेत्र में आपकी विश्वसनीयता और सादगी लोगों का दिल जीत लेगी। शुभ अंक: 5 | शुभ रंग: ग्रीन तुला (24 सितंबर – 23 अक्टूबर) इस सप्ताह बदलाव आपके जीवन में दस्तक दे सकते हैं और उन्हें खुले मन से स्वीकार करना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। ऊर्जा का स्तर ऊंचा रहेगा और आप अपने बड़े लक्ष्यों को पूरा करने के लिए प्रेरित महसूस करेंगे। घर से काम करने वालों के कार्यस्थल या दिनचर्या में बदलाव आ सकता है। पुराने निवेश अच्छे परिणाम देने लगेंगे, जिससे आर्थिक आत्मविश्वास बढ़ेगा। परिवार में बड़ों के प्रति सम्मान और धैर्य बनाए रखना आवश्यक होगा। किसी पारिवारिक समारोह या सामाजिक कार्यक्रम में किसी दिलचस्प व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है, लेकिन रिश्ते को धीरे-धीरे आगे बढ़ाना बेहतर रहेगा। लंबी कार्य यात्राएं थकाने वाली हो सकती हैं, इसलिए स्वास्थ्य का ध्यान रखें। संपत्ति से जुड़े निर्णय जल्दबाजी में न लें। शुभ अंक: 3 | शुभ रंग: रेड वृश्चिक (24 अक्टूबर – 22 नवंबर) कार्यस्थल का माहौल बेहतर बनाने के आपके प्रयास उत्पादकता बढ़ाने में मदद करेंगे। कोई नया कौशल सीखना या अनुभवी लोगों के साथ समय बिताना करियर के लिए लाभदायक रहेगा। आर्थिक रूप से आप लंबे समय से चाही गई किसी चीज पर खर्च करने का मन बना सकते हैं। नियमित व्यायाम और संतुलित खान-पान का सकारात्मक असर स्वास्थ्य पर दिखाई देगा। परिवार के साथ छोटी यात्रा या घूमने का कार्यक्रम रिश्तों को और मजबूत बनाएगा। संपत्ति से जुड़े मामलों में सकारात्मक प्रगति की संभावना है। कुछ उतार-चढ़ाव के बावजूद पूरा सप्ताह संतोषजनक रहेगा। कोई प्रेरणादायक व्यक्ति आपके जीवन में आकर आपको बड़े लक्ष्य तय करने के लिए प्रेरित कर सकता है। शुभ अंक: 6 | शुभ रंग: ऑरेंज धनु (23 नवंबर – 21 दिसंबर) आपके संपर्क और पहचान आपको सही लोगों तक पहुंचाने में मदद करेंगे। प्रेम की तलाश कर रहे लोगों की मुलाकात किसी दिलचस्प व्यक्ति से हो सकती है, जबकि प्रेम संबंधों में जुड़े लोग भावनात्मक रूप से खूबसूरत पल बिताएंगे। परिवार में आपका सरल और स्नेहपूर्ण व्यवहार पुराने मतभेदों को दूर करने में मदद करेगा। कार्यक्षेत्र में थोड़ी अतिरिक्त मेहनत भविष्य की सुरक्षा और सफलता को मजबूत कर सकती है। जीवनसाथी के साथ आर्थिक मामलों पर चर्चा करने से बचत और खर्चों में संतुलन आएगा। स्वास्थ्य के लिए अपनाई गई नई दिनचर्या अच्छे परिणाम देगी। यह ऐसा समय है जब सकारात्मक सोच और सक्रिय प्रयास सफलता को आपके करीब ला सकते हैं। शुभ अंक: 4 | शुभ रंग: डार्क ब्लू मकर (22 दिसंबर – 21 जनवरी) आपको अपने शरीर की जरूरतों को समझने और खुद को थोड़ा आराम देने की सलाह देता है। जरूरत से ज्यादा मेहनत करने के बजाय संतुलन बनाए रखना आपके लिए लाभदायक रहेगा। आर्थिक प्रगति धीरे-धीरे होगी, लेकिन भविष्य की स्थिति मजबूत बनी रहेगी। कार्यक्षेत्र में नए अवसर या लंबित योजनाओं को मंजूरी मिल सकती है। लंबे समय से चले आ रहे रिश्ते किसी गंभीर और स्थायी प्रतिबद्धता की ओर बढ़ सकते हैं। कुछ लोगों के लिए विवाह से जुड़ी चर्चाएं तेज हो सकती हैं। वाहन या संपत्ति खरीदने की योजना भी साकार होने के संकेत दे रही है। वर्तमान परेशानियों के बजाय नए अवसरों पर ध्यान केंद्रित करना इस सप्ताह आपको बेहतर परिणाम देगा। शुभ अंक: 15 | शुभ रंग: रेड कुंभ (22 जनवरी – 19 फरवरी) आपकी रचनात्मकता पूरे शिखर पर रहेगी और नए विचारों के साथ प्रयोग करने का अवसर मिलेगा। कार्यक्षेत्र में निरंतरता और खुले विचार आपको सही दिशा में आगे बढ़ाएंगे। आर्थिक मामलों में सतर्क रहने की जरूरत है और ऐसे किसी समझौते से बचना चाहिए जो भविष्य में बोझ बन जाए। अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखना बेहद जरूरी होगा। संतान की योजना बना रहे दंपतियों को शुभ संकेत मिल सकते हैं। अकेले की गई यात्रा आपके लिए सुकूनभरी साबित होगी और किसी यादगार मुलाकात का कारण भी बन सकती है। स्वास्थ्य से जुड़ी छोटी समस्याओं को नजरअंदाज न करें। परिवार में समझदारी और लचीला व्यवहार रिश्तों को मधुर बनाए रखेगा। शुभ अंक: 8 | शुभ रंग: नेवी ब्लू मीन (20 फरवरी – 20 मार्च) आप स्वयं को ऊर्जावान, मानसिक रूप से सजग और नए कार्यों के लिए उत्साहित महसूस करेंगे। आपका उत्साह आसपास के लोगों को भी प्रेरित करेगा। निवेश से लाभ मिलने की संभावना है, लेकिन अनावश्यक जोखिम लेने से बचें। जीवन के महत्वपूर्ण निर्णय लेते समय परिवार की सलाह को महत्व देना बेहतर रहेगा। कार्यक्षेत्र में कोई महत्वपूर्ण परियोजना अतिरिक्त समय और मेहनत मांग सकती है, लेकिन इससे आपकी प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी। आपकी अंतःप्रेरणा सही दिशा दिखाएगी और आपको समझदारी भरे निर्णय लेने में मदद करेगी। लंबे समय से रिश्ते में जुड़े लोगों को विवाह की मंजूरी या आशीर्वाद मिल सकता है। व्यापारिक यात्राएं नए संपर्क और अवसर प्रदान करेंगी। नई संपत्ति खरीदने से पहले किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह अवश्य लें। ALSO READ: Weekly Horoscope 20 to 26 July: साप्ताहिक अंक राशिफल: जानें किन मूलांक वालों पर रहेगी किस्मत मेहरबान शुभ अंक: 18 | शुभ रंग: मैजेंटा
वैश्विक तनाव के बावजूद भारतीय शेयर बाजार ने दिखाई मजबूती
मुंबई, अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और कमजोर वैश्विक संकेतों के बावजूद भारतीय शेयर बाजार ने सप्ताह का अंत मजबूती के साथ किया।
Share Market Weekly Review : अमेरिका ईरान युद्ध, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और रुपए में भारी गिरावट की वजह से भारतीय शेयर बाजार के लिए यह हफ्ता काफी उतार चढ़ाव भरा रहा। इस हफ्ते सेंसेक्स में 582 अंकों की बढ़त रही तो निफ्टी भी 126 अंक ऊपर बंद हुआ। ...
जयपुर में त्रिपोलिया बाजार स्थित विद्याधर का रास्ता इलाके की एक पुश्तैनी हवेली में करोड़ों का खजाना मिलने का दावा किया गया। खजाने में दबे सोने से भरे कलश और 45 किलो चांदी को खुर्द-बुर्द करने को लेकर पुलिस में रिपोर्ट दी गई है। हवेली मालिक राहुल सेठी ने माणकचौक थाने मामला दर्ज कराया है। जिसमें बताया कि उनकी हवेली की खुदाई के दौरान ठेकेदार को खजाना मिला है, जिसे ठेकेदार और उसके साथियों ने करीब 40-45 किलो चांदी की सिल्लियां, सोने के सिक्कों से भरे 14-15 कलश और 8 से 10 हजार पुराने चांदी के सिक्के आपस में बांट लिए। ठेकेदार ने दावा किया है कि उसके पास दो वीडियो हैं, जिनमें आरोपी यहां मिले खजाने की बात कर रहे हैं। हालांकि, खजाना मिलने के दावों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है। भास्कर टीम ने की मौके पर पड़ताल मामले की सच्चाई जानने के लिए भास्कर टीम त्रिपोलिया बाजार स्थित विद्याधर का रास्ता स्थित प्लॉट नंबर 630 पर पहुंची, जहां से खजाना मिलने और उसके गायब होने का मुकदमा दर्ज हुआ है। मौके पर चार मंजिला नया भवन बना मिला, जिसके बाहर फिनिशिंग का काम चल रहा था। टीम ने हवेली मालिक राहुल सेठी से संपर्क करने का प्रयास भी किया, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। करीब 6 घंटे तक मौके पर पड़ताल के दौरान स्थानीय लोगों से बातचीत में कई अहम जानकारियां सामने आईं। 1970 के दशक के बड़े सेठ थे बद्रीनारायण सेठी पहचान उजागर नहीं करने की शर्त पर एक स्थानीय निवासी ने बताया कि राहुल सेठी के दादा बद्रीनारायण सेठी 1970 के दशक में जयपुर और मुंबई के बड़े व्यापारियों में गिने जाते थे। उनके दादा अक्सर बताया करते थे कि उन्होंने बद्रीनारायण सेठी के यहां सोने-चांदी की ईंटें और अथाह धन-दौलत अपनी आंखों से देखी थी। स्थानीय लोगों के अनुसार बद्रीनारायण सेठी मुंबई में जीडी मावा वाला एंड कंपनी नाम से मिठाई के बड़े कारोबारी थे और उनका व्यापार काफी फेमस था। परिवार का व्यापारिक इतिहास जानकारी के अनुसार बद्रीनारायण सेठी ने दो शादियां की थीं। पहली पत्नी से उनके बड़े पुत्र दुर्गालाल सेठी और दूसरी पत्नी से घनश्याम सेठी हुए। घनश्याम सेठी के दो पुत्र तरुण सेठी और राहुल सेठी हैं, जबकि दुर्गालाल सेठी के पुत्र अनिल सेठी हैं। पूरा परिवार लंबे समय से प्रतिष्ठित व्यापारिक परिवार के रूप में पहचाना जाता है। स्थानीय लोगों ने भी खजाने की चर्चा की पुष्टि की स्थानीय निवासी रामवतार बोहरा ने बताया कि उनका मकान सेठी परिवार की हवेली के सामने ही है। करीब एक साल पहले इस पुश्तैनी हवेली को तोड़ने का काम शुरू हुआ था। पहले यहां बहुत बड़ी हवेली थी, जिसे तोड़ने में लगभग चार से छह महीने का समय लगा। इसके बाद नया भवन बनाया गया। उन्होंने बताया कि इलाके में लंबे समय से चर्चा है कि हवेली की खुदाई के दौरान खजाना मिला था। उनका कहना है कि बद्रीनारायण सेठी आज के नहीं बल्कि आजादी से पहले के दौर के बड़े रईस थे और मुंबई में उनका बड़ा कारोबार था। ऐसे में लोगों को यह संभावना लगती है कि हवेली में कोई पुराना खजाना दबा हो सकता है। हालांकि उन्होंने भी स्पष्ट किया कि यह बातें सुनने में आई हैं और इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। विद्याधर के रास्ता का ऐतिहासिक महत्व जिस इलाके में कथित खजाना मिलने का दावा किया गया है, उसका अपना ऐतिहासिक महत्व भी है। जयपुर शहर के वास्तुकार पंडित विद्याधर शास्त्री के नाम पर इस मार्ग का नाम विद्याधर का रास्ता रखा गया था। यह क्षेत्र जयपुर के सबसे पुराने इलाकों में गिना जाता है और यहां कई ऐतिहासिक हवेलियां आज भी मौजूद हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार सेठी परिवार भी इस क्षेत्र के पुराने और समृद्ध परिवारों में शामिल रहा है। राहुल सेठी ने रिपोर्ट में क्या लगाए आरोप राहुल सेठी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी पुश्तैनी हवेली को तोड़कर नया भवन बनाने का ठेका डिवाइन-1 एलएलपी के माध्यम से दिया गया था। तोड़ाई का कार्य ठेकेदार महेश मल्होत्रा उर्फ छोटू को सौंपा गया था। उन्होंने बताया कि कार्य शुरू होने से पहले ठेकेदार को साफ निर्देश दिए गए थे कि यदि भवन की नींव, दीवारों या मलबे से कोई कीमती वस्तु, पुरानी संपत्ति या धन मिले तो उसे परिवार को सौंपा जाएगा। 45 किलो चांदी, 15 स्वर्ण कलश और हजारों सिक्के मिलने का दावा एफआईआर के अनुसार हवेली को तुड़वाने के दौरान करीब 40 से 45 किलो चांदी की सिल्लियां, सोने के सिक्कों से भरे 14 से 15 स्वर्ण कलश, 8 से 10 हजार पुराने चांदी के सिक्के और अन्य बहुमूल्य वस्तुएं मिलीं। आरोप है कि ठेकेदार महेश मल्होत्रा उर्फ छोटू पुत्र नेनूराम निवासी मंडी खटीकान मालियों का मोहल्ला ने अपने सहयोगियों अनुज, जगदीश, रजनी, रेहान, सुल्तान और पप्पू अजमेरा के साथ मिलकर यह पूरी संपत्ति मालिक को बताए बिना आपस में बांट ली और खुर्द-बुर्द कर दी। मजदूर ने खोला पूरा राज शिकायतकर्ता राहुल सेठी का कहना है कि हवेली में काम करने वाले एक मजदूर ने बाद में पूरी घटना की जानकारी दी। मजदूर के खुलासे के बाद उन्हें दो अहम वीडियो भी मिले। एक वीडियो अनुज का बताया गया है, जबकि दूसरा वीडियो ठेकेदार महेश मल्होत्रा उर्फ छोटू और उसके सहयोगी जगदीश का बताया जा रहा है। परिवादी का दावा है कि इन वीडियो में कथित रूप से मिली बहुमूल्य संपत्ति का जिक्र किया गया है। दोनों वीडियो पेन ड्राइव में सुरक्षित कर पुलिस को सौंप दिए गए हैं। माणकचौक थाने में एफआईआर दर्ज राहुल सेठी की शिकायत पर माणकचौक थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(5) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने पेन ड्राइव और अन्य साक्ष्य ले लिए हैं और वीडियो की फॉरेंसिक जांच सहित सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है। थानाधिकारी बोले- हर पहलू की होगी जांच माणकचौक थानाधिकारी राकेश खयालिया ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। वीडियो की सत्यता, संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ, दस्तावेजों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच के बाद ही साफ होगी सच्चाई फिलहाल मामले में किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। यह मामला पूरे जयपुर में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर शिकायतकर्ता करोड़ों रुपए के खजाने के गायब होने का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोग भी हवेली और सेठी परिवार की समृद्ध विरासत का हवाला दे रहे हैं। हालांकि, खजाना वास्तविकता में मिला था या नहीं। यदि मिला तो उसका क्या हुआ? इसका खुलासा अब पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल के बाद ही हो सकेगा।
आगरा में व्यापारियों की बैठक, पुलिस गश्त की मांग:बाजार में साफ-सफाई, अतिक्रमण हटाने पर भी चर्चा
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने शनिवार सुबह अकोला के जगनेर रोड स्थित कस्बा अकोला में व्यापारियों की समस्याओं पर एक बैठक आयोजित की। यह बैठक जिला अध्यक्ष अनिल शर्मा और अकोला इकाई के अध्यक्ष विष्णु अग्रवाल के नेतृत्व में हुई। इस बैठक में थाना कागारोल प्रभारी अंकुर राठी अपनी पुलिस टीम के साथ और ग्राम पंचायत अकोला के प्रधान प्रतिनिधि डॉ. गंभीर सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। बैठक के दौरान व्यापारियों ने कस्बे में नियमित पुलिस गश्त, बाजार की साफ-सफाई, प्रमुख चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने, बंदरों के आतंक से निजात दिलाने और अतिक्रमण हटाने जैसी प्रमुख मांगें उठाईं। थाना प्रभारी अंकुर राठी ने व्यापारियों से दुकानों के बाहर सामान न रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से अतिक्रमण की समस्या का समाधान संभव है। राठी ने नियमित पुलिस गश्त का भी आश्वासन दिया। प्रधान प्रतिनिधि डॉ. गंभीर सिंह ने बाजार में साफ-सफाई व्यवस्था सुधारने, दुकानों पर डस्टबिन रखने और सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने का आग्रह किया। उन्होंने बंदरों की समस्या के समाधान के लिए भी शीघ्र कार्रवाई का भरोसा दिलाया। मुख्य अतिथि एवं व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष अनिल शर्मा ने आश्वासन दिया कि व्यापारियों की सभी जायज समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यापारी के हितों से समझौता नहीं होगा। बैठक में राजपाल सिंघल, मनीराम वैश्य, ब्रजेंद्र वर्मा, किशनलाल सिंघल, प्रवेश साहू, गर्वित सिंघल, वीरेंद्र कांत, कमलेश चौधरी, पवन कुमार, मोहित अग्रवाल, सतीश कुमार, पुष्पा शर्मा सहित व्यापार मंडल के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित रहे।
भारतीय शेयर बाजार शानदार बढ़त के साथ हरे निशान में बंद
मुंबई, पश्चिम एशिया में जारी तनावों के बीच वैश्विक बाजारों के मिले-जुले संकेतों के चलते हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार शानदार बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुआ।
क्रेटा कार में आए चार बदमाशों ने एक व्यापारी को उसके जूते के शोरूम से कीडनैप कर लिया। बदमाश पहले शोरूम में घुसे और व्यापारी पर डंडे से हमला किया। इसके बाद दो बदमाश उसे जबरदस्ती उठाकर कार में डालकर भाग हो गए। पूरी वारदात शोरूम में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। घटना बाड़मेर जिले के रीको थाना इलाके में महादेव मार्केट स्थित एसजी मार्ट के पास शुक्रवार रात करीब 9 बजे हुई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने बाड़मेर और बालोतरा में तुरंत नाकाबंदी करवा दी। तस्कर के गांव की तरफ पुलिस ने किया पीछा शोरूम और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर रीको थाना पुलिस की दो टीमें तुरंत बदमाशों के पीछे लग गईं। पुलिस को पता चला कि मामले में शामिल तस्कर रेखाराम नागाणा थाना इलाके के रेवाला बाटाडू गांव का रहने वाला है। इसके बाद पुलिस ने तीन गाड़ियों से उतरलाई, नागाणा, चौखला, रेवाला बाटाडू और भाडखा की तरफ लगातार पीछा किया। लगातार पीछा होने और पुलिस का दबाव बढ़ता देख बदमाश व्यापारी के साथ मारपीट कर उसे रेवाला बाटाडू के पास कच्चे रास्ते पर छोड़कर फरार हो गए। इसके बाद पुलिस व्यापारी को अपने साथ थाने लेकर पहुंची। वहां उससे पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली गई और मेडिकल भी करवाया गया। फिलहाल पुलिस फरार बदमाशों की तलाश में जुटी हुई है। गर्दन और कमर से पकड़कर कार में डाला रीको थानाधिकारी चैन प्रकाश के अनुसार नागाणा थाना इलाके के चौखला गांव निवासी गणेश (25) पुत्र प्रहलादराम भांभू शुक्रवार रात सिणधरी रोड स्थित एसजी मार्ट के पास अपने स्काई शू जूतों के शोरूम में बैठा था। रात करीब 9 बजकर 10 मिनट पर एक क्रेटा कार वहां आकर रुकी। कार से दो बदमाश डंडा लेकर शोरूम के अंदर घुसे और गणेश पर हमला कर दिया। गणेश ने खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन दोनों बदमाशों ने उसकी गर्दन और कमर पकड़कर जबरदस्ती उठाया और बाहर खड़ी क्रेटा कार में डाल दिया। इसके बाद कार में बैठे अन्य बदमाशों के साथ उसे लेकर मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही रीको थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने तुरंत बाड़मेर और बालोतरा जिले में नाकाबंदी करवाई। शोरूम और आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान एक बदमाश की पहचान तस्कर रेखाराम महिया के रूप में हुई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है। मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश जारी रीको थानाधिकारी चैन प्रकाश ने बताया- पीड़ित के साथ मामूली मारपीट की गई है। बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पीड़ित का मेडिकल करवाकर बदमाशों की तलाश की जा रही है।
भोजपुर साइबर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। नौकरी दिलाने और निवेश पर कई गुना मुनाफा दिलाने का झांसा देकर 22.70 लाख ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के एक सदस्य को हरियाणा से गिरफ्तार किया है। जिसकी पहचान सोनीपत के सेक्टर-12 स्थित खान कॉलोनी निवासी मो. साहिल के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके पास से एक मोबाइल भी बरामद किया है। मामले में शामिल उसके दो साथी मोहित और करण की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। इस संबंध में शुक्रवार को साइबर डीएसपी रोशन कुमार ने प्रेस वार्ता कर जानकारी दी। गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों की तलाश जारी साइबर डीएसपी रोशन कुमार ने बताया कि मो. साहिल ने पूछताछ में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। उसने बताया कि अपने दो दोस्तों मोहित और करण के कहने पर उसने चेक के माध्यम से बैंक खाते से रुपए निकाले और उन्हें सौंप दिए। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है। कम लागत में ज्यादा मुनाफा का दिया लालच रोहतास जिले के दिनारा थाना क्षेत्र के डेढ़गांव निवासी कृषि स्नातक सेकंड ईयर की छात्रा अपूर्वा परमार ने 22 जुलाई 2025 को भोजपुर साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता ने बताया था कि टेलीग्राम के माध्यम से उसे पार्ट-टाइम नौकरी का ऑफर मिला। शुरुआत में गूगल मैप पर विभिन्न रेस्टोरेंट की रेटिंग बढ़ाने का काम कराया गया और भरोसा जीतने के लिए 200 और 300 रुपए का भुगतान भी किया गया। इसके बाद आरोपियों ने अधिक मुनाफा कमाने का लालच देकर निवेश करने के लिए प्रेरित किया। झांसे में आकर पीड़िता ने 5 और 6 जुलाई 2025 को अलग-अलग किश्तों में यूपीआई के माध्यम से कुल 22 लाख 70 हजार रुपए विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। जब काफी समय बाद भी न तो निवेश की राशि वापस मिली और न ही मुनाफा, तब उसे साइबर ठगी का एहसास हुआ। बैंक खातों की जांच शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर तकनीकी अनुसंधान शुरू किया गया। बैंक खातों के लेनदेन, मोबाइल नंबरों और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण करते हुए पुलिस ने हरियाणा के सोनीपत में छापेमारी कर मो. साहिल को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है, जिसकी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि गिरोह के फरार दो अन्य सदस्य मोहित और करण की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह ने बिहार सहित अन्य राज्यों में कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।
गुजरात: 26.2 लाख रुपए के ऑनलाइन निवेश घोटाले में पांच गिरफ्तार
सूरत शहर साइबर क्राइम सेल ने एक अंतरराज्यीय साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया
चिल्हर की किल्लत से राहत... चेंबर, SBI की पहल से 250 व्यापारियों में बांटे सिक्के
महासमुंद| जगन्नाथ रथ यात्रा के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री और भारतीय स्टेट बैंक के संयुक्त तत्वावधान में व्यापारियों के लिए सिक्का वितरण किया गया। पिछले कुछ महीनों से बाजार में चिल्लर (सिक्कों) की भारी किल्लत के कारण व्यापारियों को व्यापार संचालन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। चेंबर ऑफ कॉमर्स ने इस समस्या को संज्ञान में लेते हुए भारतीय स्टेट बैंक प्रबंधन से चर्चा की और सिक्का वितरण की योजना बनाई। इस सफल आयोजन से लगभग 250 व्यापारियों को सीधा लाभ मिला और उनकी चिल्लर की समस्या दूर हुई। इस दौरान स्टेट बैंक के मैनेजर प्रवीण गोलछा, आलोक शर्मा व शशांक सहित मनोजकांत साहू का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम में चेंबर टीम के शहर अध्यक्ष अभिषेक बाफना, प्रदेश मंत्री बसंत लूनिया, मेहुल सूचक, संरक्षक रितेश गोलछा, राकेश झावक, उपाध्यक्ष ताराचंद चांडक, दिलीप कृष्णानी, कोषाध्यक्ष रवि राठी, सचिव मोहित इसरानी और सहसचिव धीरज चोपड़ा प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
जयपुर व्यापार महासंघ की बैठक में व्यापारियों के हित और विकास पर मंथन
जयपुर | जयपुर व्यापार महासंघ की महत्वपूर्ण बैठक गुरुवार को आयोजित हुई, जिसमें मुख्य अतिथि जयपुर सांसद मंजू शर्मा और विशिष्ट अतिथि राजस्थान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष के.एल. जैन रहे। बैठक में जीएसटी प्रक्रिया को सरल बनाने, लघु व्यापारियों को वित्तीय सहायता, बाजारों के आधारभूत विकास, सुरक्षा और डिजिटल मार्केटिंग को बढ़ावा देने पर मंथन हुआ। सांसद मंजू शर्मा ने व्यापारियों की समस्याओं को केंद्र व राज्य सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से रखने का आश्वासन दिया। महासंघ के अध्यक्ष सुभाष गोयल व महामंत्री सुरेश सैनी ने बताया कि इस दौरान वीरेंद्र राणा, सुरेंद्र बज, हुकुमचंद अग्रवाल, राजेंद्र और विनोद अग्रवाल उपस्थित रहे।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल से संबद्ध पडरौना उद्योग व्यापार मंडल का 54वां स्थापना दिवस शुक्रवार देर शाम नगर में मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सदर विधायक मनीष जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि प्रदेश और देश की अर्थव्यवस्था व्यापारियों के योगदान से कुशलतापूर्वक चल रही है। कार्यक्रम में कई व्यापारियों को भामाशाह पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया। पडरौना नगर के एक होटल में हुए इस आयोजन में विधायक मनीष जायसवाल ने आगे कहा कि प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार व्यापारियों की हर समस्या का समाधान करने के लिए तत्पर है। उन्होंने बताया कि सरकार व्यापारियों के कर प्रावधानों को सरल बनाने और सुरक्षा व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर गंभीर है। प्रदेश में सजग व्यवस्था के कारण व्यापारी स्वयं को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। कार्यक्रम में जीएसटी विभाग के उपायुक्त राज्यकर राजेश यादव, श्रम प्रवर्तन अधिकारी अलंकृता उपाध्याय और यातायात निरीक्षक अश्वनी कुमार राय ने भी अपने-अपने विभाग से जुड़े कार्यों और योजनाओं की जानकारी दी। व्यापार मंडल के संरक्षक दीप नारायण अग्रवाल ने सभी आगंतुकों का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने व्यापारी हितों से जुड़े सरकार के कार्यों की सराहना की। संगठन के प्रदेश मंत्री जगदंबा अग्रवाल ने व्यापारी हित में संगठन द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस अवसर पर नगर के व्यापारी प्रदीप चहाड़िया, अजय गुप्ता, संजय मारोदिया, सतीश जिंदल, संजय बंका सहित संगठन से जुड़े कई व्यापारी उपस्थित रहे।
सहरसा में व्यापार संघ अध्यक्ष के स्टाफ के साथ लूट:बदमाशों ने हवाई फायरिंग कर फैलाई दहशत, जांच जारी
सहरसा के सदर थाना क्षेत्र में शुक्रवार को जिला व्यापार संघ के अध्यक्ष अर्जुन चौधरी के स्टाफ से मोबाइल छीनने की वारदात हुई। बाइक सवार दो अज्ञात बदमाशों ने मोबाइल झपटने के बाद दहशत फैलाने के उद्देश्य से हवा में दो राउंड फायरिंग की और मौके से फरार हो गए। नकदी लूटने का प्रयास, विरोध पर छीना मोबाइल जानकारी के अनुसार, जिला व्यापार संघ अध्यक्ष अर्जुन चौधरी के स्टाफ श्याम कुमार बटराहा की ओर जा रहे थे। रास्ते में बाइक सवार दो बदमाशों ने उन्हें रोककर पहले नकदी छीनने का प्रयास किया। विरोध करने पर बदमाश नकदी नहीं ले सके और उनका मोबाइल फोन छीनकर भाग निकले। फायरिंग से मची दहशत भागते समय बदमाशों ने लोगों में दहशत फैलाने के लिए हवा में दो राउंड फायरिंग की। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक दोनों आरोपी फरार हो चुके थे। घटना के बाद इलाके के व्यवसायियों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है तथा स्थानीय लोगों से पूछताछ कर रही है। सदर थानाध्यक्ष अजय कुमार पासवान ने बताया कि घटना की सूचना मिली है, लेकिन पीड़ित की ओर से अभी तक लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस बदमाशों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।
मध्यप्रदेश के करीब 4 लाख पेंशनर्स के लिए बड़ी राहत है। अब केंद्र सरकार जैसे ही महंगाई राहत (Dearness Relief-DR) बढ़ाएगी, मध्यप्रदेश सरकार भी उसे छत्तीसगढ़ की सहमति का इंतजार किए बिना लागू कर सकेगी। इससे वर्षों से चली आ रही देरी खत्म होगी और पेंशनर्स को समय पर बढ़ी हुई महंगाई राहत का लाभ मिल सकेगा। यह बदलाव मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ सरकारों की आपसी सहमति से लागू किया गया है। दोनों राज्यों ने तय किया है कि अब महंगाई राहत बढ़ाने के लिए एक-दूसरे की मंजूरी लेना जरूरी नहीं होगा। दोनों राज्य अपने-अपने स्तर पर केंद्र सरकार के फैसले के बाद डीआर घोषित कर उसका भुगतान कर सकेंगे। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। पहले 6-6 महीने तक करना पड़ता था इंतजार दरअसल, वर्ष 2000 में मध्यप्रदेश से अलग होकर छत्तीसगढ़ बनने के बाद पेंशनर्स को महंगाई राहत देने के लिए दोनों राज्यों की सहमति अनिवार्य कर दी गई थी। इसी वजह से कई बार महंगाई राहत बढ़ने के बावजूद पेंशनर्स को 6-6 महीने तक इंतजार करना पड़ता था। अब यह व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। केंद्र से ज्यादा महंगाई राहत नहीं दे सकेंगे राज्य मध्यप्रदेश के वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी और छत्तीसगढ़ शासन के वित्त विभाग के सचिव की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि अब पेंशनर्स की महंगाई राहत बढ़ाने के लिए विधायी संशोधन की जरूरत नहीं होगी। दोनों राज्य कार्यकारी आदेश जारी कर स्वतंत्र रूप से डीआर लागू कर सकेंगे। हालांकि, दोनों राज्यों के बीच वित्तीय भार की जानकारी साझा की जाएगी, लेकिन महंगाई राहत घोषित करने के लिए दूसरे राज्य की सहमति जरूरी नहीं होगी। साथ ही, कोई भी राज्य केंद्र सरकार द्वारा घोषित महंगाई राहत की दर से अधिक राहत नहीं देगा। वित्त मंत्री बोले- पेंशनर्स को समय पर मिलेगा लाभ उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पेंशनर्स के हित में संवेदनशील और सकारात्मक निर्णय लिया है। अब मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ महंगाई राहत देने का फैसला स्वतंत्र रूप से कर सकेंगे, जिससे अनावश्यक विलंब समाप्त होगा और प्रदेश के करीब 4 लाख पेंशनर्स एवं उनके परिवारों को समय पर लाभ मिलेगा।
भगवान बुद्ध की तपोस्थली, भगवान महावीर की निर्वाण स्थली और विश्व प्रसिद्ध नालंदा महाविहार की धरती अब एक नए और आधुनिक युग में प्रवेश करने को तैयार है। बिहार सरकार ने अगले बीस वर्षों के भीतर इस संपूर्ण क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर का पर्यटन, शिक्षा और ज्ञान केंद्र बनाने के लिए 'राजगीर रीजनल प्लानिंग एरिया (आरआरपीए) मास्टर प्लान-2045' का विस्तृत मसौदा तैयार किया है। इस महत्वाकांक्षी योजना को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया के तहत नालंदा कलेक्ट्रेट स्थित हरदेव भवन सभागार में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता प्रमंडलीय आयुक्त मयंक वरवड़े ने की। इस बैठक में जन प्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय नीति-निर्माताओं ने मास्टर प्लान के विभिन्न पहलुओं पर गहन विचार-मंथन किया, ताकि विकास की राह में आने वाली चुनौतियों का समय रहते समाधान निकाला जा सके। सुनियोजित विकास का रोडमैप इस मास्टर प्लान की सबसे बड़ी विशेषता इसका विकेंद्रीकृत विकास मॉडल है, जिसके तहत पांच अलग-अलग नगरों को उनकी विशिष्टता के आधार पर विकसित किया जाएगा। योजना के अनुसार, राजगीर को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन और संस्थागत हब के रूप में स्थापित किया जाएगा, जबकि नालंदा को विश्व धरोहर और वेलनेस टूरिज्म के मुख्य केंद्र के रूप में संवारा जाएगा। सिलाव को क्षेत्रीय व्यापार और थोक वाणिज्यिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। वहीं, पावापुरी को शिक्षा और उच्च स्तरीय सेवाओं का हब बनाया जाएगा और गिरियक को इको-टूरिज्म के आकर्षण केंद्र के रूप में पहचान दी जाएगी। इस योजना में न केवल ये शहर, बल्कि इनके आसपास के सौ से अधिक गांवों को भी शामिल किया गया है, ताकि पूरे क्षेत्र का समावेशी विकास सुनिश्चित हो सके। बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण और भविष्य की जरूरतें आने वाले दो दशकों में आबादी के दोगुने होने के अनुमान को देखते हुए, यातायात और सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तृत खाका खींचा गया है। क्षेत्र की प्रमुख सड़कों को 45 मीटर तक चौड़ा करने के साथ ही राजगीर, सिलाव और नालंदा रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प किया जाएगा। यातायात के दबाव को कम करने के लिए ऑर्डिनेंस फैक्ट्री बाईपास के पास एक नया अंतरराज्यीय बस टर्मिनल और सिलाव में ट्रांसपोर्ट नगर के साथ ट्रक टर्मिनल का निर्माण प्रस्तावित है। साथ ही, राजगीर और पावापुरी जैसे प्रमुख स्थलों पर मल्टीलेवल पार्किंग और आधुनिक ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली लागू की जाएगी। पर्यटकों की सुविधा के लिए ई-बस सेवा, गोल्फ कार्ट और डिजिटल गाइड सिस्टम जैसे नवाचारों को भी योजना का हिस्सा बनाया गया है। स्वास्थ्य, शिक्षा और औद्योगिक विकास पर विशेष जोर आर्थिक प्रगति के लिए इस मास्टर प्लान में पर्यटन के साथ-साथ औद्योगिक विकास को भी प्राथमिकता दी गई है। घोसरावां और सैदी जैसे क्षेत्रों में कृषि आधारित उद्योग, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां और कोल्ड चेन हब स्थापित किए जाएंगे, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 500 और 200 बेड वाले कई अत्याधुनिक अस्पतालों व ट्रॉमा सेंटरों के निर्माण का प्रस्ताव है। वहीं, शिक्षा के क्षेत्र में भी नए अनुसंधान और नवाचार संस्थानों की स्थापना पर ध्यान दिया गया है, ताकि नालंदा विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक विरासत को आधुनिक ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था से जोड़ा जा सके। पर्यावरण संरक्षण और किसानों के हितों का संतुलन विकास की इस दौड़ में प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण को सरकार ने विकास का आधार माना है। कुल भूमि का लगभग 46.7 प्रतिशत हिस्सा कृषि उपयोग के लिए सुरक्षित रखने का प्रस्ताव है, ताकि अनियंत्रित शहरीकरण से खेती की जमीन को बचाया जा सके। आहर-पईन प्रणाली के पुनर्जीवन, भूजल पुनर्भरण और वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन के जरिए क्षेत्र को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने की प्रतिबद्धता भी इस योजना में दिखाई गई है। राजगीर वन क्षेत्र और जल स्रोतों को संरक्षित करने के लिए इको-सेंसिटिव जोन में निर्माण कार्यों को कड़े पर्यावरणीय नियमों के दायरे में रखा जाएगा। जनभागीदारी से तैयार होगा अंतिम खाका बैठक के दौरान प्रमंडलीय आयुक्त मयंक वरवड़े ने स्पष्ट किया कि फंडिंग इस योजना की सबसे बड़ी चुनौती है, जिसे देखते हुए अंतिम मसौदे को व्यावहारिक बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों के सुझावों को प्राथमिकता दी जाएगी। सांसद कौशलेन्द्र कुमार ने मसौदे में हवाई अड्डे के प्रावधान पर जोर दिया, जबकि स्थानीय प्रतिनिधियों ने स्थानीय लोगों की समस्याओं और पहाड़ों से पानी के प्राकृतिक प्रवाह को बाधित न करने जैसे महत्वपूर्ण सुझाव रखे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह अभी एक प्रारूप है और अंतिम अधिसूचना जारी करने से पहले आम नागरिकों, सामाजिक संगठनों और विशेषज्ञों से आपत्तियां व सुझाव मांगे जाएंगे, ताकि एक सर्वमान्य और प्रभावी मास्टर प्लान लागू किया जा सके। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी उदिता सिंह, पुलिस अधीक्षक भारत सोनी समेत जिले के तमाम वरिष्ठ अधिकारी और प्रमुख जन प्रतिनिधि मौजूद रहे।
फुलेरा व्यापार महासंघ के अध्यक्ष और पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष मनोज आहुजा का जन्मदिन शुक्रवार को शहर में मनाया गया। इस अवसर पर शहर के गणमान्य नागरिकों, व्यापारियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर उन्हें शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम के दौरान शुभचिंतकों ने मनोज आहुजा का साफा और फूलमालाओं से स्वागत किया। इसके बाद केक काटकर जन्मदिन मनाया गया। उपस्थित लोगों ने उन्हें मिठाई खिलाई और स्वस्थ, सुखद तथा दीर्घायु जीवन की कामना की। इस अवसर पर सैकड़ों समर्थकों और प्रशंसकों ने उन्हें बधाई दी। इस अवसर पर व्यापार महासंघ के पदाधिकारियों ने मनोज आहुजा के कार्यों की सराहना की। उन्होंने बताया कि आहुजा लंबे समय से व्यापारियों के हितों के लिए कार्य कर रहे हैं। पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष के तौर पर उन्होंने शहर के विकास और जनहित के कार्यों में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके नेतृत्व में व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयास किए गए हैं, जिससे वे व्यापारिक और सामाजिक क्षेत्र में एक लोकप्रिय व्यक्ति के रूप में जाने जाते हैं। जन्मदिन समारोह में भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी भाग लिया। उन्होंने मनोज आहुजा का अभिनंदन किया और उनके सामाजिक तथा संगठनात्मक कार्यों की सराहना की। उपस्थित लोगों ने उनके जनसेवा के कार्यों को प्रेरणादायक बताया और भविष्य में भी समाज एवं व्यापारियों की सेवा करते रहने की शुभकामनाएं दीं। समारोह में विश्व हिन्दू परिषद के पुखराज स्वामी, भाजपा मंडल फुलेरा के पूर्व अध्यक्ष आलोक तिवारी, सुरेश मिश्रा, नरेना भाजपा मंडल अध्यक्ष भंवरलाल सैनी, हेमंत शर्मा, सीएल गोठवाल, कमलेश शर्मा, इकरामुद्दीन सहित व्यापार महासंघ के पदाधिकारी, भाजपा कार्यकर्ता, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। सभी ने मनोज आहुजा के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए उन्हें जन्मदिन की बधाई दी।
सुलतानपुर पुलिस ने अवैध असलहा तस्करी करने वाले दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। कुड़वार थाना क्षेत्र में शुक्रवार शाम 4 बजे हुई इस कार्रवाई के दौरान उनके कब्जे से एक पिस्टल, दो कट्टे, आठ जिंदा कारतूस और एक स्कॉर्पियो वाहन बरामद किया गया। पुलिस अधीक्षक चारु निगम के निर्देश पर जनपद में चलाए जा रहे अभियान के तहत कुड़वार पुलिस को यह सफलता मिली। मुखबिर की सूचना पर कुड़वार पुलिस टीम ने देवराम का पुरवा मजरा रवनिया पूरब क्षेत्र में घेराबंदी कर दोनों अभियुक्तों को पकड़ा। गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से एक .32 बोर की पिस्टल, दो 12 बोर के कट्टे, .32 बोर के चार और 12 बोर के चार सहित कुल आठ जिंदा कारतूस मिले। इसके अतिरिक्त, एक स्कॉर्पियो वाहन भी जब्त किया गया। आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि वे अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर अवैध असलहों की खरीद-फरोख्त करते हैं। बरामद असलहों को बेचने के उद्देश्य से वे सुलतानपुर शहर जा रहे थे। पुलिस कार्रवाई के दौरान उनके दो साथी कामरान और आकाश मिश्रा मौके से फरार हो गए। कामरान के पास दो .315 बोर के कट्टे और आकाश मिश्रा के पास एक .315 बोर का कट्टा तथा एक बड़ी नाल वाली .315 बोर की अद्धी थी। पुलिस ने फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए टीमों का गठन किया है और उनकी तलाश जारी है। बरामदगी और पूछताछ के आधार पर कुड़वार थाने में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार अभियुक्तों को नियमानुसार न्यायालय में पेश किया गया। फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी और अन्य विधिक कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान अंकित यादव (24 वर्ष, निवासी पलिया सरकौड़ा, थाना कुड़वार) और अभिषेक पाण्डेय (23 वर्ष, निवासी सरैया पूरे विसेन, थाना कुड़वार, स्थायी पता- जुडूपुर, थाना बंधुआकलां) के रूप में हुई है।
सीतापुर के लहरपुर इलाके में आगामी श्रावण मास और कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने की मांग को लेकर अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल, नगर इकाई पदाधिकारियों ने शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा, पेयजल, चिकित्सा, विद्युत व्यवस्था और यातायात प्रबंधन सहित कई महत्वपूर्ण मांगें प्रशासन के समक्ष रखी गईं। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने कहा कि श्रावण मास के दौरान बड़ी संख्या में कांवड़िए नगर और क्षेत्र से होकर गुजरते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। उन्होंने कांवड़ मार्गों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने तथा यात्रा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था किए जाने की मांग की। ज्ञापन में प्रमुख स्थानों पर शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, चिकित्सा शिविर और एम्बुलेंस उपलब्ध कराने की भी मांग की गई। इसके अलावा कांवड़ मार्गों पर स्थित विद्युत खंभों को सुरक्षा की दृष्टि से पन्नी से ढकने, खुले एवं झूलते बिजली के तारों की मरम्मत कराने तथा निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की बात कही गई। व्यापार मंडल ने नगर और कांवड़ मार्गों की विशेष साफ-सफाई, अस्थायी शौचालयों की व्यवस्था, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था तथा यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक डायवर्जन और अतिरिक्त पुलिस कर्मियों की तैनाती की भी मांग उठाई। पदाधिकारियों ने कहा कि समय रहते सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उपजिलाधिकारी ने ज्ञापन प्राप्त कर सभी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस दौरान व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष रियाज अहमद, महामंत्री हरीश रस्तोगी, उपाध्यक्ष मोहम्मद हाशिम अंसारी, जावेद अहमद, मौलाना सिराज खान, आकाश सिंह, शीलू शुक्ला, मोहम्मद सलीम, उस्मान खान, सगीर अहमद, ओमकार जायसवाल, शियाराम जायसवाल, शमशुल हसन, मुस्तकीम समेत बड़ी संख्या में व्यापारी एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।
Share Bazaar में बंपर उछाल, Sensex 965 अंक उछला, Nifty भी 24300 के पार
Share Market Update News : भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को यानी आज रिकॉर्ड बढ़त के साथ बंद हुआ। कारोबार के अंत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 964.58 अंक यानी 1.25 फीसदी की भारी बढ़त के साथ 78151.45 के स्तर पर बंद हुआ, वहीं नेशनल स्टॉक ...
देवास। स्कूल और कॉलेजों के आसपास तंबाकू उत्पाद बेचने वालों के खिलाफ पुलिस और प्रशासन ने शुक्रवार को संयुक्त कार्रवाई करते हुए 10 दुकानों को सील कर दिया। करीब दो घंटे तक चले इस अभियान से शहरभर के दुकानदारों में हड़कंप मच गया। कार्रवाई एसडीएम अभिषेक शर्मा और सीएसपी सुमित अग्रवाल के नेतृत्व में की गई। अधिकारियों ने खुद की जांच अभियान के दौरान कई दुकानदार दुकानें बंद कर मौके से भाग निकले, लेकिन अधिकारियों ने दुकानें खुलवाकर जांच कराई। एसडीएम अभिषेक शर्मा और सीएसपी सुमित अग्रवाल ने स्वयं दुकानों के भीतर जाकर निरीक्षण किया। जिन दुकानों में सिगरेट, गुटखा और अन्य तंबाकू उत्पाद मिले, उन्हें तत्काल सील कर दिया गया। स्कूलों के आसपास चला अभियान टीम ने सबसे पहले केपी कॉलेज और राधाबाई स्कूल क्षेत्र में कार्रवाई की, जहां तंबाकू उत्पाद मिलने पर दुकानें सील की गईं। इसके बाद नाहर दरवाजा क्षेत्र में तीन दुकानों पर कार्रवाई हुई। कोतवाली क्षेत्र में चिमनाबाई, शिशु विहार सहित अन्य स्कूलों के आसपास चार दुकानों को सील किया गया। इटावा क्षेत्र में भी दो से तीन दुकानों पर कार्रवाई की गई। पुलिस बल रहा तैनात अभियान के दौरान कोतवाली थाना प्रभारी श्यामचंद्र शर्मा, नाहर दरवाजा थाना प्रभारी आलोक सोनी सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शैक्षणिक संस्थानों के आसपास तंबाकू उत्पादों की बिक्री किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीएसपी सुमित अग्रवाल ने कहा कि विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इस तरह का सघन अभियान आगे भी लगातार चलाया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार में तेजी
मुंबई, भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार के सत्र में बड़ी तेजी देखने को मिल रही है। दोपहर 12 बजे सेंसेक्स 801 अंक या 1.04 प्रतिशत की तेजी के साथ 77,999 और निफ्टी 205 अंक या 0.85 प्रतिशत की मजबूती के साथ 24,277 पर था।
मेरठ के सेंट्रल मार्केट मामले में मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी और प्रमुख सचिव पी. गुरु प्रसाद की व्यापारियों और महिलाओं के साथ हुई बैठक विफल रही। यह बैठक कमिश्नरी सभागार में शुक्रवार दोपहर 12 बजे हुई। सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेशों के बाद शासन ने इस मामले में कार्रवाई शुरू की है। बैठक में महिलाओं ने 'मकान के बदले मकान' और 'दुकान के बदले दुकान' का ऑफर मिलने की बात कही, लेकिन सेटबैक की कार्रवाई पर कोई आश्वासन नहीं दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह सुप्रीम कोर्ट का आदेश है और इसे मानना ही होगा। महिलाओं ने किया विरोध, कहा-कोई निर्णय नहीं निकला अधिकारियों के इस रुख के बाद कुछ महिलाओं ने विरोध जताया और कहा कि उनका धरना जारी रहेगा। इस बैठक में कोई ठोस निर्णय नहीं निकल सका। आवास आयुक्त बलकार सिंह और अन्य अधिकारी भी इस बैठक में शामिल थे। यह मामला सुप्रीम कोर्ट के कड़े तेवरों और सख्त आदेशों के बाद सुर्खियों में आया है। गत मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने शास्त्रीनगर के सेंट्रल मार्केट में आवासीय क्षेत्र में बने 44 व्यावसायिक निर्माणों को ध्वस्त करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने साफ कहा था कि आवासीय क्षेत्र में व्यावसायिक निर्माण को मंजूरी नहीं दी जा सकती। 3 महीने से चल रहा धरना जारी रहेगा सेंट्रल मार्केट से जुड़ा यह मामला लंबे समय से चल रहा है। सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्देशों के बाद अब प्रशासन पर इस मामले को जल्द से जल्द और नियमानुसार निपटाने का भारी दबाव है। मुख्यमंत्री के सलाहकार और प्रमुख सचिव का यह दौरा विवाद के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा था, लेकिन वार्ता विफल रही। इस प्रकरण को लेकर सेंट्रल मार्केट में पिछले 3 महीने से धरना चल रहा हैं। बैठक में से निकलने के बाद महिलाओं ने कहा कि अभी भी कोई निर्णय नहीं निकला है। सरकार की ओर से केवल आश्वासन मिला है। लेकिन सेटबैक की कार्रवाई अभी भी बरकरार है। जिसके विरोध में उनका धरना चल रहा है। उन्होंने धरना खत्म करने से इनकार करते हुए कहा कि उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा।
अंतरराष्ट्रीय शेयर बाजारों में शुक्रवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब अमेरिका से लेकर एशिया तक के प्रमुख सूचकांकों में भारी गिरावट दर्ज की गई। इस वैश्विक बिकवाली की सबसे बड़ी वजह पिछले काफी समय से बाजार के डार्लिंग रहे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर (चिप) सेक्टर के शेयरों में आई तेज मुनाफावसूली है। अमेरिकी बाजार के नियमित कारोबार की शुरुआत से पहले ही डाओ फ्यूचर्स (Dow Futures) 400 अंकों से अधिक टूट गया, जबकि नैस्डैक फ्यूचर्स (Nasdaq Futures) में 450 अंकों से ज्यादा की बड़ी गिरावट देखी गई। अमेरिकी बाजार से शुरू हुई इस गिरावट की लहर ने एशियाई बाजारों को भी अपनी चपेट में ले लिया, जिससे टेक और चिप से जुड़ी बड़ी कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली का दौर शुरू हो गया।अमेरिकी वॉल स्ट्रीट से शुरू हुआ तहलका: नैस्डैक में दर्ज हुई बड़ी गिरावटग्लोबल मार्केट में इस मंदी की शुरुआत अमेरिकी बाजार वॉल स्ट्रीट (Wall Street) से हुई, जहां गुरुवार को चिप और टेक्नोलॉजी सेक्टर के शेयरों पर भारी दबाव देखा गया था। इस चौतरफा बिकवाली के कारण टेक-हैवी नैस्डैक कंपोजिट (Nasdaq Composite) इंडेक्स 1.5% गिरकर बंद हुआ। इसके अलावा, एसएंडपी 500 (S&P 500) इंडेक्स में 0.5% की गिरावट दर्ज की गई, जबकि डाओ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज 105.67 अंक यानी करीब 0.2% नीचे आकर बंद हुआ। अमेरिकी बाजारों के इसी निराशाजनक प्रदर्शन ने शुक्रवार सुबह एशियाई बाजारों के खुलते ही निवेशकों के सेंटीमेंट्स को पूरी तरह बिगाड़ दिया।जापानी बाजार में सॉफ्टबैंक और टोक्यो इलेक्ट्रॉन धड़ाम: 9% तक टूटे शेयरअमेरिकी बाजार में आई इस गिरावट का सबसे बड़ा और तत्काल असर जापानी शेयर बाजार पर देखने को मिला। जापान के टेक्नोलॉजी और चिप सेक्टर से जुड़े दिग्गज शेयरों में जोरदार बिकवाली हुई। एआई और टेक इन्वेस्टमेंट के सबसे बड़े नाम सॉफ्टबैंक (SoftBank) के शेयरों में 9.2% की भारी गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा, चिप बनाने वाली मशीनों की प्रमुख कंपनी टोक्यो इलेक्ट्रॉन (Tokyo Electron) का शेयर करीब 9% और चिप टेस्टिंग इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनी एडवांटेस्ट (Advantest) का शेयर 9.4% तक टूट गया। वहीं, शुरुआती कारोबार में जापान का प्रमुख सूचकांक निक्केई 225 (Nikkei 225) करीब 0.6% और टॉपिक्स (Topix) 0.3% नीचे कारोबार कर रहे थे, लेकिन चुनिंदा टेक और एआई शेयरों में गिरावट का यह स्तर कहीं अधिक गंभीर था।आखिर क्यों अचानक एआई और चिप शेयरों से दूर भागने लगे निवेशक?बाजार के विशेषज्ञों के अनुसार, इस बिकवाली के पीछे निवेशकों की बढ़ती चिंताएं और एआई ट्रेड (AI Trade) को लेकर उठता संदेह है। पिछले कुछ वर्षों में निवेशकों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डेटा सेंटर्स और सेमीकंडक्टर कंपनियों में भारी निवेश किया था, जिससे इन कंपनियों के मूल्यांकन (Valuations) काफी ऊंचे स्तर पर पहुंच गए थे। अब निवेशकों के मन में यह बड़ा सवाल उठने लगा है कि एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर टेक दिग्गज कंपनियों द्वारा किया जा रहा अरबों डॉलर का यह भारी-भरकम खर्च आखिर कब और कितनी जल्दी वास्तविक मुनाफे में तब्दील होगा। इसी संदेह और अनिश्चितता के कारण निवेशकों ने इन शेयरों में मुनाफावसूली (Profit Booking) करना शुरू कर दिया है।वैनएक सेमीकंडक्टर ईटीएफ (SMH) में बड़ी गिरावट: पूरे चिप सेक्टर पर बढ़ा दबावसेमीकंडक्टर सेक्टर में चल रही इस कमजोरी की गंभीरता को दुनिया के सबसे बड़े चिप ईटीएफ, वैनएक सेमीकंडक्टर ईटीएफ (SMH) की चाल से समझा जा सकता है। यह ईटीएफ शुक्रवार को करीब 4% तक गिर गया, जबकि इस पूरे हफ्ते में इसमें 6.9% की बड़ी गिरावट दर्ज की जा चुकी है। यदि गिरावट का यह सिलसिला ऐसे ही जारी रहता है, तो यह पिछले चार हफ्तों में इस ईटीएफ की तीसरी सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट होगी। इसके अलावा, दुनिया की सबसे बड़ी चिप निर्माता कंपनी ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी (TSMC) द्वारा उम्मीद से बेहतर दूसरी तिमाही के नतीजे घोषित करने के बावजूद उसके शेयरों पर दबाव रहा, क्योंकि कंपनी ने भविष्य में एआई की मांग को पूरा करने के लिए अपने खर्च के अनुमान (Capital Expenditure Guidance) को बढ़ा दिया है।जापानी चिप कंपनी किओक्सिया को कोर्ट से लगा झटका: शेयर 14% से ज्यादा फिसलाजापानी मेमोरी चिप निर्माता कंपनी किओक्सिया (Kioxia) के शेयरों के लिए शुक्रवार का दिन बेहद खराब साबित हुआ और इसका शेयर 14% से अधिक टूट गया। दरअसल, अमेरिका के टेक्सास में एक फेडरल जूरी ने कंपनी को कंप्यूटर मेमोरी टेक्नोलॉजी से जुड़े पेटेंट उल्लंघन के एक मामले में वायासैट (Viasat) को 22.9 करोड़ डॉलर का भारी जुर्माना यानी हर्जाना देने का आदेश दिया है। इस न्यायिक फैसले के बाद कंपनी के ऊपर आए कानूनी और वित्तीय संकट को देखते हुए निवेशकों ने इस शेयर में भारी बिकवाली की। दूसरी ओर, दक्षिण कोरियाई बाजार शुक्रवार को छुट्टी के कारण बंद था, लेकिन इससे पहले गुरुवार को वहां की प्रमुख एआई मेमोरी चिप निर्माता कंपनी एसके हाइनिक्स (SK Hynix) का शेयर भी 11% से ज्यादा टूटकर बंद हुआ था।नेटफ्लिक्स के नतीजों ने भी बिगाड़ा मूड: अच्छे परफॉर्मेंस के बाद भी शेयर 8% टूटाकेवल चिप सेक्टर ही नहीं, बल्कि अमेरिका के एंटरटेनमेंट और स्ट्रीमिंग जाइंट नेटफ्लिक्स (Netflix) के तिमाही नतीजों ने भी टेक सेक्टर के सेंटीमेंट को कमजोर करने का काम किया। नेटफ्लिक्स ने दूसरी तिमाही के लिए जो वित्तीय परिणाम घोषित किए, वे हालांकि बाजार के अनुमान के बिल्कुल अनुरूप थे, लेकिन इसमें निवेशकों के लिए कोई नया या धमाकेदार सरप्राइज नहीं था। इसके तुरंत बाद नेटफ्लिक्स का शेयर 8% से अधिक लुढ़क गया। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि जब किसी बड़े टेक स्टॉक से बहुत ऊंची उम्मीदें जुड़ी होती हैं, तो केवल अनुमान के मुताबिक नतीजे आना भी शेयर को गिरावट से बचाने के लिए नाकाफी साबित होता है।क्या यह बड़ी मंदी की शुरुआत है? नेड डेविस रिसर्च के चीफ स्ट्रैटेजिस्ट का अहम विश्लेषणवैश्विक बाजारों में मची इस उथल-पुथल के बीच राहत की बात यह है कि एसएंडपी 500 इंडेक्स अभी भी जून में बनाए गए अपने ऑल-टाइम हाई (रिकॉर्ड स्तर) से केवल 1% ही नीचे ट्रेड कर रहा है। नेड डेविस रिसर्च के चीफ यूएस स्ट्रैटेजिस्ट एड क्लिसोल्ड का मानना है कि बाजार का पूरी तरह से न बिखरना यह दर्शाता है कि यह स्थिति किसी बड़ी गिरावट या मंदी (Recession) का संकेत नहीं है। क्लिसोल्ड के अनुसार, निकट अवधि में वैश्विक अर्थव्यवस्था की रफ्तार थोड़ी धीमी हो सकती है, लेकिन बड़े आर्थिक संकट की कोई आशंका नहीं है। यह गिरावट वास्तव में कुछ ओवरवैल्यूड (जरूरत से ज्यादा बढ़े हुए) सेक्टरों में एक स्वस्थ कंसॉलिडेशन (ठहराव) और मुनाफावसूली का दौर है, जो अंततः बाजार को अधिक संतुलित और मजबूत बनाएगा।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विरोध:राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ की बैठक; 'देश बचाओ मोर्चा' का ऐलान
बड़वानी जनपद की ग्राम पंचायत रेहगून के गवलाबेड़ी गांव में गुरुवार देर रात राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने 'देश बचाओ मोर्चा' के तहत बैठक आयोजित की। बैठक का उद्देश्य प्रस्तावित भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते को लेकर किसानों और युवाओं को जागरूक करना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, मजदूर और युवा शामिल हुए। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि प्रस्तावित व्यापार समझौता लागू होने पर कृषि, दुग्ध उत्पादन, सोयाबीन, मक्का, कपास और फल उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उनका दावा था कि इससे छोटे और सीमांत किसानों की आजीविका प्रभावित होगी तथा विदेशी कंपनियों की बाजार में हिस्सेदारी बढ़ेगी। समझौते को बताया किसान हितों के खिलाफ राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के प्रदेश संगठन महामंत्री गोपाल पाटीदार ने प्रस्तावित समझौते को किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदायक बताते हुए इसे रद्द करने की मांग की। उन्होंने किसानों से इस अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने और जनसमर्थन जुटाने का आह्वान किया। आंदोलन तेज करने की चेतावनी मालवा-निमाड़ प्रांत अध्यक्ष जगदीश यादव ने कहा कि यदि सरकार ने किसान हितों से जुड़े मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया तो संगठन प्रदेशभर में आंदोलन तेज करेगा। प्रांत उपाध्यक्ष कैलाश पाटीदार और किशोर पाटीदार ने भी किसानों से एकजुट होकर संघर्ष करने की अपील की। युवाओं ने ली सदस्यता, आंदोलन से जुड़ने का संकल्प बैठक के दौरान बड़ी संख्या में युवाओं ने राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ की सदस्यता ग्रहण की और 'देश बचाओ आंदोलन' से जुड़ने का संकल्प लिया। कार्यक्रम को खरगौन जिला अध्यक्ष संतोष यादव, तहसील अध्यक्ष सुखदेव पाटीदार और जिला कोषाध्यक्ष माधव यादव ने भी संबोधित किया। अंत में उपस्थित लोगों ने प्रस्तावित भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते के विरोध में नारे लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया।
छत्तीसगढ़ विधानसभा ने गुरुवार को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक-2026 पास कर दिया। सरकार का दावा है कि ऐसा कानून बनाने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य होगा। सरकार का कहना है कि इससे कारोबार शुरू करना आसान होगा, निवेश बढ़ेगा और लालफीताशाही कम होगी। वहीं, कांग्रेस ने इसका विरोध करते हुए कहा कि बिल बिना पर्याप्त चर्चा के जल्दबाजी में लाया गया है। मंत्री लखनलाल देवांगन ने पेश किया वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने विधानसभा में छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक-2026 पेश किया। चर्चा के बाद कुछ संशोधनों के साथ इसे सदन ने मंजूरी दे दी। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि यह कानून आने वाले समय की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। उनका कहना था कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की वजह से भविष्य में सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में नौकरियां कम हो सकती हैं। ऐसे में निवेश बढ़ाकर नए उद्योग लगाने और रोजगार पैदा करने पर जोर देना जरूरी है। चंद्राकर ने कहा कि, यह कानून लालफीताशाही खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने सुझाव दिया कि नियम बनने के बाद सरकार अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और उद्योग जगत के लोगों के लिए एक बड़ा सेमिनार आयोजित करे। उन्होंने यह भी कहा कि समिति में मुख्य सचिव के पद के लिए 'कन्वीनर की जगह मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO)' या 'सचिव' शब्द इस्तेमाल किया जाए। सरकार ने यह सुझाव मान लिया। कांग्रेस ने बिल का विरोध किया वहीं कांग्रेस विधायक दलेश्वर साहू ने विधेयक का विरोध किया। उन्होंने कहा कि सरकार इसे बिना पर्याप्त चर्चा और सलाह-मशविरा किए लेकर आई है। उनका कहना था कि इससे कारोबार शुरू करने की प्रक्रिया में कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा और उद्यमियों को खास फायदा नहीं मिलेगा। बहस का जवाब देते हुए मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि सरकार अलग-अलग विभागों में छोटे-छोटे बदलाव करने के बजाय एक ऐसा कानून लाई है, जिससे सभी विभागों में एक साथ सुधार लागू किए जा सकें। इससे कारोबारियों का समय बचेगा और सरकारी कामकाज भी तेज होगा। उन्होंने कहा कि सरकार पूरे प्रदेश में सेमिनार आयोजित कर लोगों और उद्योग जगत को इस कानून की जानकारी देगी। साथ ही सेवाओं की सूची में बदलाव के लिए हर बार नया कानून लाने की जरूरत नहीं होगी। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली समिति जरूरत के अनुसार इसमें बदलाव कर सकेगी। सरकार का दावा है कि इस कानून के लागू होने के बाद छत्तीसगढ़ ऐसा कानून बनाने वाला देश का पहला राज्य होगा। कानून से क्या बदलेगा सरकार के मुताबिक, कारोबार शुरू करने और चलाने की प्रक्रिया पहले से आसान होगी। छोटे और कम जोखिम वाले कारोबारों को कम कागजी कार्रवाई करनी पड़ेगी। कई मामलों में सरकारी निरीक्षण की जगह सेल्फ सर्टिफिकेशन या किसी अधिकृत विशेषज्ञ का प्रमाणपत्र ही पर्याप्त होगा। बड़े उद्योगों को तय समय सीमा के भीतर मंजूरी नहीं मिलने पर डीम्ड अप्रूवल यानी स्वत: अनुमति मिलने का प्रावधान होगा। कारोबारियों को हर साल लाइसेंस या अनुमति का नवीनीकरण कराने की जरूरत भी कम होगी। इस कानून के तहत आठ विभागों की 43 सेवाओं को नई और आसान व्यवस्था के दायरे में लाया जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे प्रदेश के 15 लाख से ज्यादा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) को फायदा मिलेगा।
अंक ज्योतिष (Numerology) के अनुसार, हर इंसान की जन्मतिथि का एक विशेष महत्व होता है। यह न केवल व्यक्ति के स्वभाव और व्यक्तित्व का आईना होती है, बल्कि उसके आने वाले कल और वित्तीय स्थिति का भी संकेत देती है। आज 17 जुलाई 2026 का दिन आर्थिक मामलों में हर मूलांक (Moolank) के जातकों के लिए बेहद खास और अलग-अलग परिणाम लेकर आया है।आज जहां कुछ मूलांक के लोगों को अप्रत्याशित धन लाभ और करियर में नए सुनहरे अवसर मिलेंगे, वहीं कुछ मूलांक वालों को अपने बढ़ते खर्चों और नए निवेशों को लेकर अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत है। आइए विस्तार से जानते हैं कि मूलांक 1 से लेकर 9 तक के जातकों के लिए आज का दिन पैसों के मामले में कैसा रहने वाला है:मूलांक 1: जल्दबाजी में बड़े फैसलों से बचेंजन्मतिथि: यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है।आर्थिक स्थिति: आज आपको वित्तीय मामलों में थोड़ा संभलकर कदम आगे बढ़ाने की जरूरत है। दिन की शुरुआत कुछ अनचाहे और अचानक होने वाले खर्चों से हो सकती है, जो आपके मासिक बजट को बिगाड़ सकते हैं।बिजनेस व निवेश: व्यापार जगत से जुड़े लोगों को आज किसी भी बड़ी या नई डील पर जल्दबाजी में हस्ताक्षर या फैसला नहीं करना चाहिए। दिन के उत्तरार्ध (दूसरे हिस्से) में फंसा हुआ पैसा या पुराना उधार वापस मिलने की उम्मीद है। फिलहाल नया लोन (कर्ज) लेने से बचें।मूलांक 2: तरक्की और बड़े मुनाफे के संकेतजन्मतिथि: यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है।आर्थिक स्थिति: आपके लिए आज का दिन आर्थिक दृष्टिकोण से बेहद शानदार और भाग्यशाली रहने वाला है। अतीत में किए गए निवेशों (Past Investments) से अब आपको बेहतरीन रिटर्न मिलना शुरू हो सकता है।करियर: नौकरीपेशा जातकों को कार्यस्थल पर प्रमोशन, इंसेंटिव या बोनस से जुड़ी कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। आज आप परिवार के लिए वाहन या कोई अन्य कीमती इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदने की ठोस योजना बना सकते हैं।मूलांक 3: आय और व्यय में बनी रहेगी होड़जन्मतिथि: यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है।आर्थिक स्थिति: आज आपकी आमदनी और खर्च दोनों समानांतर रूप से चलेंगे। एक तरफ से धन का आगमन होगा, तो दूसरी तरफ से अनावश्यक खर्चे भी सामने आ खड़े होंगे।उधार का दबाव: यदि आपने पूर्व में किसी से कर्ज लिया था, तो आज उसे चुकाने का मानसिक दबाव बढ़ सकता है। व्यापार में स्थिति सामान्य रहेगी, लेकिन पार्टनरशिप (साझेदारी) से जुड़े बड़े फैसलों को कुछ दिनों के लिए टाल देना ही समझदारी होगी।मूलांक 4 से 6 तक का वित्तीय लेखा-जोखामूलांक (Moolank)किनके लिए है? (Dates)कैसा रहेगा आज का आर्थिक दिन? (Financial Predictions)मूलांक 44, 13, 22 या 31 तारीखगोल्डन टाइम: आर्थिक मोर्चे पर आज आपकी बेहतरीन प्रगति होगी। लंबे समय से रुके हुए काम पूरे होने से आत्मविश्वास बढ़ेगा। सोना (Gold), फिक्स्ड डिपॉजिट या लंबी अवधि की सरकारी योजनाओं में निवेश के लिए आज का दिन सर्वोत्तम है।मूलांक 55, 14 या 23 तारीखनए अवसर: आज आपको व्यापार या नौकरी में कमाई के नए और आकर्षक अवसर हाथ लग सकते हैं। किसी पुरानी कंपनी या पुराने क्लाइंट से दोबारा बड़ा काम मिलने के संकेत हैं। हालांकि, भावनाओं में बहकर कोई बड़ा खर्च न करें।मूलांक 66, 15 या 24 तारीखसतर्क रहें: अचानक घरेलू खर्च बढ़ने से आज थोड़ी मानसिक चिंता हो सकती है। पैसों की तंगी को दूर करने के लिए किसी मित्र या करीबी रिश्तेदार से मदद लेनी पड़ सकती है। शेयर बाजार (Share Market) या किसी भी प्रकार के जोखिम भरे निवेश से आज पूरी तरह दूरी बना लें।मूलांक 7: संतुलित सोच से पूरे होंगे बड़े कामजन्मतिथि: यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है।आर्थिक स्थिति: आज आपको पैसों के लेन-देन में एक संतुलित और व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है। सुबह के समय कार्यों की रफ्तार थोड़ी धीमी रह सकती है, लेकिन दोपहर बाद स्थितियों में तेजी से सुधार होगा।धन लाभ: डूबा हुआ या अटका हुआ पैसा वापस मिलने के योग हैं। नौकरी और कारोबार में कुछ ऐसे नए रास्ते खुलेंगे जो भविष्य में आपकी आय को दोगुना करने में मददगार साबित होंगे। परिवार के सहयोग से बड़े खर्च भी आसानी से मैनेज हो जाएंगे।मूलांक 8: पुराने लेन-देन बढ़ा सकते हैं सिरदर्दजन्मतिथि:防护 यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है।आर्थिक स्थिति: आज पैसों के मामलों में आपको 'अति-सावधानी' बरतने की सलाह दी जाती है। पुराने लेन-देन या किसी पुराने विवाद के उभरने से मानसिक परेशानी हो सकती है।निवेश से बचें: क्रेडिटर्स (लेनदारों) का दबाव आज बढ़ सकता है, इसलिए जोखिम भरे सट्टे या शॉर्ट-टर्म निवेश से बिल्कुल दूर रहें। कामकाजी लोगों को साइड इनकम के नए मौके मिलेंगे, लेकिन उनका वास्तविक वित्तीय लाभ आपको धीरे-धीरे और रुक-रुक कर ही प्राप्त होगा।मूलांक 9: पुराने निवेश से बंपर रिटर्न की उम्मीदजन्मतिथि: यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है।आर्थिक स्थिति: मूलांक 9 वाले जातकों के लिए आज का दिन भाग्य का साथ दिलाने वाला है। आपके द्वारा पहले किए गए म्यूचुअल फंड या प्रॉपर्टी के निवेश से आज बड़ा आर्थिक लाभ मिल सकता है।नया स्टार्टअप: यदि आप कोई नया बिजनेस या स्टार्टअप शुरू करने की योजना बना रहे हैं, तो आज का दिन आपके पक्ष में रहेगा। नौकरीपेशा लोगों को सैलरी हाइक (Salary Hike) की खबर मिल सकती है। आज अपनी बचत और खर्चों के बीच एक सही संतुलन बनाकर चलें ताकि भविष्य का वित्तीय लक्ष्य सुरक्षित हो सके।
आगरा के टेडी बगिया से शहादरा तक सीएम ग्रिड योजना के तहत चल रहे सड़क निर्माण कार्य ने स्थानीय व्यापारियों और आम जनता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सड़क की बदहाली के कारण बारिश में कीचड़ और धूप में धूल के गुबार उड़ते रहते हैं, जिससे जनजीवन और व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि सड़क पर जलभराव और कीचड़ के कारण ग्राहक दुकानों पर आने से कतरा रहे हैं। मौसम साफ होने पर सुबह से रात तक उड़ने वाली धूल दुकानों के अंदर तक पहुंच जाती है, जिससे रखा सामान खराब हो रहा है और ग्राहकों को भी खरीदारी में असुविधा हो रही है। व्यापारियों का दावा है कि सड़क की इस खराब स्थिति के कारण उनका कारोबार लगभग आधा रह गया है। क्षेत्रीय लोगों और दुकानदारों ने इस समस्या के जल्द समाधान की मांग की है।
अपने जीवनभर की गाढ़ी कमाई को सुरक्षित रखने और उस पर एक तय व नियमित आय (Regular Income) पाने के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) आज भी देश के बुजुर्गों और वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) के बीच सबसे भरोसेमंद विकल्प बना हुआ है। शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव से दूर, जो लोग जोखिम मुक्त निवेश (Risk-Free Investment) की तलाश में हैं, उनके लिए यह समय बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है।जुलाई 2026 में देश के कई प्रमुख बैंक वरिष्ठ नागरिकों को 8.50% तक की उच्चतम ब्याज दर (Interest Rate) की पेशकश कर रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि इस लिस्ट में सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाले बैंकों में स्मॉल फाइनेंस बैंक (Small Finance Banks) सबसे आगे चल रहे हैं, जबकि देश के कई बड़े प्राइवेट (निजी) बैंक भी 7.75% से लेकर 8.00% तक का शानदार रिटर्न दे रहे हैं। आइए जानते हैं किस बैंक में मिल रहा है कितना ब्याज और निवेश करते समय आपको किन बातों का ख्याल रखना चाहिए:स्मॉल फाइनेंस बैंकों में मिल रहा है सबसे ज्यादा ब्याज (8.50% तक)यदि आप अपनी जमा राशि पर अधिकतम मुनाफा कमाना चाहते हैं, तो इस समय स्मॉल फाइनेंस बैंक वरिष्ठ नागरिकों के लिए सबसे बेस्ट रिटर्न दे रहे हैं:इक्विटास और शिवालिक स्मॉल फाइनेंस बैंक: ये दोनों बैंक इस समय सीनियर सिटीजंस को उनकी एफडी पर 8.50% तक का सालाना ब्याज ऑफर कर रहे हैं।जन और उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक: यहाँ वरिष्ठ नागरिकों को अधिकतम 8.30% तक की ब्याज दर मिल रही है।ESAF और सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक: इन दोनों बैंकों में जमा राशि पर अधिकतम 8.25% तक का रिटर्न उपलब्ध है।निजी (प्राइवेट) बैंकों की ब्याज दरें भी हैं आकर्षक (7.75% से 8.00%)जो निवेशक निजी बैंकों के नेटवर्क और उनकी सेवाओं को प्राथमिकता देते हैं, उनके लिए भी कई बैंकों ने अपनी दरें बेहद मजबूत रखी हैं:निजी बैंक का नाम (Private Banks)वरिष्ठ नागरिकों के लिए अधिकतम ब्याज दरDCB बैंक (DCB Bank)8.00%बंधन बैंक (Bandhan Bank)7.95%जम्मू एंड कश्मीर बैंक (J&K Bank)7.80%SBM बैंक इंडिया (SBM Bank India)7.80%इंडसइंड बैंक (IndusInd Bank)7.75%यस बैंक (Yes Bank)7.75%ध्यान दें: ये सभी ब्याज दरें एक निश्चित समयावधि (Tenure) की एफडी के लिए लागू हैं। अलग-अलग अवधि (जैसे 1 वर्ष, 2 वर्ष या 5 वर्ष) के लिए दरों में बदलाव हो सकता है, इसलिए निवेश से पहले बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट पर लेटेस्ट दरों को जरूर क्रॉस-चेक कर लें।सुरक्षा का पक्का इंतजाम: क्या है ₹5 लाख का DICGC इंश्योरेंस नियम?अक्सर स्मॉल फाइनेंस या छोटे निजी बैंकों में पैसा लगाने से पहले निवेशकों के मन में सुरक्षा को लेकर थोड़ा डर रहता है। ऐसे में आपको डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) के नियम को समझना बेहद जरूरी है:₹5 लाख तक का सरकारी कवर: आरबीआई (RBI) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक संस्था DICGC के नियमों के तहत, भारत के प्रत्येक शेड्यूल्ड बैंक में हर एक ग्राहक की ₹5 लाख तक की जमा राशि (मूलधन + ब्याज मिलाकर) पूरी तरह से बीमित (Insured) और सुरक्षित रहती है। किसी भी विषम परिस्थिति में बैंक के डूबने या दिवालिया होने पर सरकार यह राशि ग्राहक को लौटाने की गारंटी देती है।जोखिम कम करने की एक्सपर्ट ट्रिक (Multi-Bank Strategy):यदि आपके पास निवेश करने के लिए ₹15 या ₹20 लाख जैसी बड़ी रकम है, तो उसे किसी एक ही बैंक में फिक्स करने के बजाय ₹5-5 लाख के टुकड़ों में अलग-अलग 3 से 4 बैंकों में निवेश करें। ऐसा करने से आपकी पूरी की पूरी रकम 100% सरकारी बीमा कवर के दायरे में सुरक्षित रहेगी और आपको ऊंचे ब्याज का पूरा फायदा भी मिल जाएगा।FD में निवेश करने से पहले इन 4 बातों का हमेशा रखें ध्यानबैंकिंग और टैक्स एक्सपर्ट्स के अनुसार, केवल ऊंचे ब्याज के लालच में आकर जल्दबाजी में फैसला न लें। निवेश करने से पहले इन बातों की समीक्षा अवश्य करें:प्री-मैच्योर विड्रॉल पेनल्टी (Premature Penalty): यदि आपको अवधि पूरी होने से पहले अचानक पैसों की जरूरत पड़ जाए और आप एफडी तोड़ते हैं, तो बैंक आपसे कितना जुर्माना (Penल्टी) वसूल करेगा, इसकी जानकारी पहले ही ले लें।नियमित आय का विकल्प (Payout Options): यदि आपको घर खर्च चलाने के लिए हर महीने या हर तिमाही (Quarterly) निश्चित पैसों की जरूरत है, तो एफडी फॉर्म भरते समय 'मंथली या क्वार्टरली पेआउट' का विकल्प ही चुनें।विश्वसनीयता और ट्रैक रिकॉर्ड: बैंक का चुनाव करते समय उसकी वित्तीय स्थिति, मार्केट में उसकी साख और ग्राहकों के प्रति उसके पुराने ट्रैक रिकॉर्ड को जरूर देखें।टैक्स लायबिलिटी (TDS): याद रखें कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक वित्तीय वर्ष में एफडी से होने वाली ₹50,000 तक की ब्याज आय टैक्स-फ्री होती है। इससे अधिक आय होने पर बैंक टीडीएस (TDS) काटता है। टीडीएस से बचने के लिए समय पर Form 15H जमा करना न भूलें।निश्चित और सुरक्षित रिटर्न चाहने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए मौजूदा ब्याज दरों का यह दौर लंबी अवधि (Long Term) के लिए पैसा लॉक करने का एक बेहतरीन और सुनहरा अवसर माना जा सकता है।
साइबर अपराधियों ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा निवासी दो अलग-अलग लोगों से निवेश के बहाने 76 लाख रुपये की ठगी कर ली। डबल मुनाफे का झांसा देकर दोनों पीड़ितों से रुपये खाते में ट्रांसफर करा लिए गए। वे लोग रकम निकालने की कोशिश किए तो पैसा होल्ड कर दिया गया। पीडितों ने एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी, मामले में साइबर थाना पुलिस को केस ट्रांसफर किया गया है। केस-1सेक्टर-89 निवासी 60 साल के व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि वह प्राइवेट कंपनी से रिटायर्ड कर्मचारी हैं। साल 2023 में मार्वेलस माइनिंग कंपनी के बारे में गूगल से जानकारी हासिल की। कंपनी कर्मचारी ने इंदौर में हेडऑफिस होने की बात कही। ठगों ने पीड़ित को डबल मुनाफे का झांसा देकर साल 2024 अक्टूबर महीने तक 46 लाख रुपये निवेश करा दिए। कंपनी की ओर से उन्हें पोस्ट डेटेड चेक और नोटरीकृत स्टांप पेपर पर एग्रीमेंट भी दिया। फरवरी 2025 से कंपनी ने मासिक रिटर्न देना बंद कर दिया। साथ ही मूलधन भी नहीं लौटा रही है। पीड़ित ने कंपनी संचालक अमोल इनामदार से संपर्क करने की कोशिश की तो उनसे बातचीत नहीं हो पाई। केस-2ग्रेटर नोएडा वेस्ट के एसकेए ग्रीनआर्च निवासी 43 वर्षीय व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि वह प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं। उन्हें कुछ समय पहले एक अनजान नंबर से ठग ने वॉट्सऐप पर बातचीत की। इसके बाद पीड़ित को आरएनबी डेनीम और आरएमड्रीप वॉट्सऐप ग्रुप में शामिल कर लिया गया। शेयर बाजार में निवेश के बदले डबल मुनाफे की बात कही गई। झांसे में आने के बाद पीड़ित ने 30 लाख रुपये निवेश कर दिए।
कुशीनगर में एक अनोखी घटना सामने आई है, जहाँ मुंबई के व्यवसायी सुरेश सैनी ने अपने पालतू डॉगी 'रॉकी' का जन्मदिन धूमधाम से मनाया। कप्तानगंज निवासी सैनी ने रॉकी को अपने बेटे की तरह मानते हुए यह आयोजन किया। जन्मदिन समारोह में रॉकी को नए कपड़े पहनाए गए, केक काटा गया और मेहमानों के बीच उसे परिवार के सदस्य की तरह सम्मान दिया गया। इस आयोजन ने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया। समारोह के लिए एक विशेष मंच सजाया गया था। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने रॉकी के साथ तस्वीरें खिंचवाईं और उसे दुलार किया। मेहमानों के लिए भव्य भोज की व्यवस्था की गई, और देर रात तक ऑर्केस्ट्रा व सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए। बताया जा रहा है कि इस पूरे आयोजन पर लाखों रुपये खर्च किए गए। दैनिक भास्कर संवाददाता से बात करते हुए सुरेश सैनी ने बताया कि रॉकी उनके लिए सिर्फ एक पालतू कुत्ता नहीं, बल्कि उनके बेटे जैसा है। उन्होंने कहा, 'परिवार के बाकी सदस्यों की तरह उसका भी जन्मदिन मनाना मेरा फर्ज और मेरी खुशी है। जानवर बोल नहीं सकते, लेकिन उनका प्यार सबसे सच्चा होता है।' सैनी के अनुसार, रॉकी उनके सुख-दुख का साथी है और घर लौटने पर सबसे पहले वही उनका स्वागत करता है। उसकी वफादारी और निस्वार्थ प्रेम के कारण वह परिवार का अभिन्न हिस्सा बन गया है। सैनी ने यह भी कहा कि उन्हें सभी पशुओं से प्रेम है। यह जन्मदिन समारोह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि यह संदेश भी देता है कि रिश्ते केवल खून के नहीं होते। कुशीनगर में हुए इस अनोखे जन्मदिन समारोह की स्थानीय स्तर पर काफी चर्चा हो रही है।
प्रेम जाल या नौकरी का झांसा देकर लड़कियों को ट्रैप करता है गैंग दैनिक भास्कर बिहार के सीमांचल में देह व्यापार से जुड़े एक सिंडिकेट का पहली बार खुलासा कर रहा है जो रेस्क्यू कराई जा रही लड़कियों को फर्जीवाड़ा कर बालिका गृह से मुक्त करा लेता है। दोबारा इन लड़कियों को फिर उसी सिंडिकेट में धकेल दिया जा रहा है। इनपुट था कि सीमांचल के जिलों पूर्णिया और किशनगंज में खलीफा ‘सरनेम’ वाला एक गैंग इसी मोडस ऑपरेंडी के जरिए काम कर रहा है। भास्कर ने इसकी पड़ताल की। ऐसे मामलों से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज हाथ लगे। इनकी पड़ताल में सामने आया कि यह सिंडिकेट रेड लाइट इलाकों से रेस्क्यू की गई लड़कियों की लीगल कस्टडी तक हासिल कर रहा है। इस नेटवर्क को पूर्णिया, किशनगंज, सीतामढ़ी सहित अन्य जिलों में ‘खलीफा’ सरनेम वाला एक गैंग ऑपरेट कर रहा है। इनका नेटवर्क बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम और नेपाल तक फैला है। यह गैंग लड़कियों को प्रेम जाल या नौकरी का झांसा देकर लाता है और फिर बेच देता है। बच्चियों के नाम तक बदल दिए जाते हैं। पड़ताल में पता चला कि पूर्णिया का अब्दुल्ला नगर,रानीपतरा व जीरोमाइल, हरदा बाजार,किशनगंज का खगड़ा माछमारा और सीतामढ़ी का बोहा टोला, इस्लामपुर इनके मुख्य सेंटर हैं। वो सब कुछ जो आपके लिए जानना जरूरीक्या है मामलाखलीफा गिरोह बच्चियों को बालिका गृह से मुक्त कराने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रहा है। पुलिस की रेड के बाद रेस्क्यू कराई गई लड़कियों को यह गिरोह फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल और नकली अभिभावक बनकर बालिका गृह से छुड़ा लेता है। उन्हीं बच्चियों को रेड लाइट एरिया से दोबारा रेस्क्यू किया जा रहा है। कथित तौर पर कई मामलों में खुद इसी व्यापार से जुड़े रिश्तेदारों को बच्चियों की कस्टडी सौंप दी गई। यहां तक की खुद पुलिस रेड में पकड़ा गया कथित पिता जेल से लेटर लिखकर अपनी बेटी की कस्टडी तय कर रहा है, तो कहीं उसी धंधे से जुड़ी बहन को बच्ची सौंपी जा रही है। कई मामलों में वही नाम, वही गवाह, वही इलाके और वही सिंडिकेट बार-बार सामने आ रहे हैं। हाईकोर्ट का आदेश फिर भी सौंप दी जा रही कस्टडीपड़ताल में पता चला कि वर्ष 2021 में पटना हाईकोर्ट ने बच्चियों की कस्टडी को लेकर आदेश जारी किया था। ‘हनीफ-उर-रहमान बनाम बिहार राज्य (2021)’ फैसले में तय सुरक्षा मानकों जैसे सोशल इन्वेस्टीगेशन रिपोर्ट, स्वतंत्र सत्यापन, अभिभावकों की गहन जांच और बच्ची के‘बेस्ट इंटरेस्ट (सर्वोत्तम हित) की बात कही गई और इसका अनुपालन करने को कहा गया, इसके बावजूद इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं। दूसरी ओर किशोर न्याय अधिनियम (JJ Act) की धारा 94 के मुताबिक उम्र निर्धारण के लिए मैट्रिक के प्रमाणपत्र, जन्म प्रमाणपत्र और दोनों न होने पर मेडिकल बोर्ड की जांच मान्य है। सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न हाई कोर्ट अपने कई फैसलों में स्पष्ट कर चुके हैं कि आधार कार्ड उम्र निर्धारण का कानूनी दस्तावेज नहीं है। हर मामले में पेच1 निवास प्रमाण पत्र और उम्र की पुष्टि के लिए वार्ड पार्षदों और सरपंचों के लेटर हेड का सहारा लि जा रहा है। 2 एक मामले में पूर्णिया की एक वार्ड पार्षद ने लड़कियों के निवास प्रमाण पत्र बनाए, उम्र और परिजनों की पुष्टि की। हालांकि पार्षद के बेटे ने दावा किया कि उसकी मां, लड़की और परिजनों को नहीं जानतीं। मां पढ़ी-लिखी नहीं हैं, संभव हैं कि उन्हीं लोगों ने कागज तैयार कर सिर्फ मेरी मां से हस्ताक्षर करवा लिया हो। 3 एक अन्य मामले में सरपंच ने एक लड़की का निवास प्रमाण पत्र जारी किया। दावा किया कि उसका पिता उनके पास खुद आया था। भास्कर ने जब पिता से बात की तो उसने दावा किया कि उस समय वह जेल में था। बच्ची और उसके पिता के आधार में पता अलग-अलग मिला और अन्य दस्तावेजों में भी ऐसा ही मिला। नेपाल से असम एक ही पैटर्ननेपाल की 16 वर्षीय बच्ची को कपड़े के कारखाने में अच्छी मजदूरी दिलाने का झांसा देकर सीतामढ़ी लाया गया और फिर उसे मंजूर खलीफा के हाथों बेच दिया गया। उसे इसी साल अप्रैल में रेस्क्यू कराया गया। असम की 15 वर्षीय बच्ची को एक लड़के ने प्रेम-प्रसंग में फंसाकर भगाया और सीतामढ़ी लाकर 10 लाख रुपए में बेच दिया। सुप्रीम कोर्ट ने प्रज्जवला बनाम भारत सरकार के फैसले में कानून की व्याख्या की हैसुप्रीम कोर्ट के जस्टिस पारदीवाला और महादेवन की पीठ ने प्रज्जवला बनाम भारत सरकार के फैसले में वेश्यावृत्ति और मानव व्यापार को रोकने वाले आईटीपीए 1956 के कानून की व्याख्या की है। जिसके अनुसार पीड़ित लड़कियों का पुर्नवास सरकार की जिम्मेदारी है। पुलिस और न्यायिक व्यवस्था में सुराख और दस्तावेजों के फर्जीवाड़े से लड़कियों को वेश्यावृत्ति में दोबारा धकेलने वाले तंत्र के खुलासे के लिए सीबीआई जांच होनी चाहिए। आपराधिक दलालों के खिलाफ बीएनएस, आईटीपीए, पाक्सो के कानूनी प्रावधानों और मकोका के तहत मुकदमा दर्ज करके कठोर दंड मिलना चाहिए।- विराग गुप्ता, सुप्रीम कोर्ट के वकील और रेप लाज एंड डेथ पेनाल्टी के लेखक पूर्णिया की पार्षद के बनाए निवास प्रमाण पत्र और आधार में पते अलग। प्रोवेशन अधिकारी की रिपोर्ट में खुलासा।
साइबर ठगों के खिलाफ कार्रवाई:सोशल मीडिया पर ट्रेडिंग निवेश के नाम पर 50 करोड़ ठगे, 2 गिरफ्तार
साइबर ठगों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने 50 करोड़ रुपए से अधिक की ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए फर्जी कंपनी के दो डायरेक्टरों को गिरफ्तार किया है। डीजीपी राजीव शर्मा ने बताया कि फरीदाबाद से पकड़े गए आरोपी देवेंद्र शर्मा और निखिल लुथरा दिल्ली के नजफगढ़ के रहने वाले हैं। दोनों ने टेरापल्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से कंपनी बना रखी थी। इस संबंध में शहर के एक डॉक्टर ने जनवरी, 2025 में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि ‘विकासा कैपिटल’ नामक फर्जी निवेश पोर्टल के जरिए शेयर बाजार में भारी मुनाफे का लालच देकर उनसे 61.77 लाख रुपए की ठगी की। आरोपियों ने पहले सोशल मीडिया से फर्जी लिंक भेजकर एप डाउनलोड कराया और फिर निवेश के नाम पर रकम हड़प ली। जांच में आया कि गिरोह दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र से संचालित हो रहा था। आरोपी आईडीएफसी बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक में कंपनी के नाम से चालू खाते खोलकर ठगी की रकम जमा कराते और तुरंत दूसरे खातों में ट्रांसफर कर देते थे। इन खातों के खिलाफ देशभर में करीब 25 करोड़ रुपए की ठगी से जुड़े 40 शिकायतें और एक दर्जन मामले पहले से दर्ज हैं। साइबर क्राइम पोर्टल पर 250 से अधिक शिकायतें दर्ज मिली। गिरोह के खिलाफ अलग-अलग राज्यों में 50 से ज्यादा केस दर्ज है। साइबर क्राइम थाने के डिप्टी एसपी गजेंद्र शर्मा के नेतृत्व में गठित टीम जांच कर रही है। इधर, जयपुर कमिश्नरेट में सीएसटी ने एक दिन पहले शहर में संचालित ठगी के 3 कॉल सेंटर पर छापे मारकर 22 आरोपियों को पकड़ा था, जो फर्जी वीजा अप्लाई सेंटर चलाकर ऑनलाइन विज्ञापनों के लोगों को विदेश भेजने और जॉब दिलाने का झांसा देकर ठगी कर रहे थे। आरोपियों से मिले उपकरण और बैंक खातों की जांच की जा रही है।
मध्यप्रदेश को नई दिल्ली में आयोजित दो प्रमुख निवेश आयोजनों से ₹20,193 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इन प्रस्तावों के जरिए प्रदेश में 27,592 लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना जताई गई है। निवेश प्रस्ताव टेक्सटाइल, रक्षा, डेटा सेंटर, ट्रांसफॉर्मर निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा, इंजीनियरिंग और खिलौना उद्योग जैसे क्षेत्रों से जुड़े हैं। इस दौरान सीएम मोहन यादव ने निवेशकों को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का न्योता दिया, बोले- अनुकूल नीतियों से औद्योगिक विकास को गति मिलेगी। निवेश से औद्योगिक विकास को गति मिलेगी : सीएम भारत मंडपम में आयोजित भारत टेक्स-2026 के दौरान मप्र को टेक्सटाइल क्षेत्र में ₹1,592 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले। इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों के लिए ₹18,601 करोड़ के प्रस्ताव प्राप्त हुए। इस दौरान एमपीआईडीसी ने निर्यात संवर्धन, ई-कॉमर्स, वैश्विक व्यापार, एमएसएमई व औद्योगिक सहयोग से जुड़े 7 एमओयू पर हस्ताक्षर किए। सिटाक रे का डेटा सेंटर : ब्रह्मास्त्र एक्सप्लोसिव का रक्षा क्षेत्र में ₹5,030 करोड़, सिटाक रे का डेटा सेंटर में ₹5,000 करोड़, सनब्रिज का ₹3,300 करोड़ और सीमेंस एनर्जी का ट्रांसफॉर्मर निर्माण में 2,060 करोड़ का निवेश शामिल है।
छत्तीसगढ़ में निवेशकों को बड़ी राहत, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस कानून पास
उद्योग और उद्यमिता को बढ़ावा देते हुए छत्तीसगढ़ विधानसभा ने छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम, 2026 पारित कर दिया है। यह एक ट्रस्ट बेस्ड और रिस्क बेस्ड बिजनेस परमिशन सिस्टम है। विधेयक ध्वनि मत से पारित हो गया।
भारत-थाईलैंड के बीच बढ़ेगा व्यापार और संपर्क, राजदूत पुनीत अग्रवाल ने कई मुद्दों पर की चर्चा
भारत के थाईलैंड में राजदूत पुनीत अग्रवाल ने गुरुवार को थाईलैंड के विदेश मंत्रालय में दक्षिण एशिया, मध्य पूर्व और अफ्रीका मामलों की महानिदेशक (डीजी) उरासा मोंगकोलनाविन से मुलाकात की। दोनों ने भारत और थाईलैंड के स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप को और मजबूत बनाने के लिए कई अहम मुद्दों पर बातचीत की।
मध्य प्रदेश में निवेशकों को आमंत्रित करने का प्रयास जारी है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नई दिल्ली में निवेशकों से संवाद किया, राज्य में उपलब्ध सुविधाओं का जिक्र किया, साथ ही बताया कि राज्य में सबसे सस्ती बिजली उपलब्ध है।
दिल्ली में आयोजित 'भारत टेक्स-2026' और 'इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश' में एमपी को रोजगार की दिशा में बड़ा आश्वासन मिला है। इन दोनों बड़े आयोजनों के माध्यम से मप्र को कुल ₹20,193 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इससे प्रदेश में लगभग 27,592 लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि मध्यप्रदेश देश के अग्रणी निवेश गंतव्यों में अपनी स्थिति को और मजबूत करते हुए 'विकसित भारत-2047' के लक्ष्य में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देगा। निवेशकों को मुख्यमंत्री की 10 गारंटियां और GIS-2027 का आमंत्रण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई दिल्ली के होटल द लीला पैलेस में देश-विदेश के उद्योगपतियों और वैश्विक ब्रांड प्रतिनिधियों को संबोधित किया। उन्होंने मध्यप्रदेश को देश का उभरता हुआ औद्योगिक एवं टेक्सटाइल हब बताते हुए कहा कि राज्य निवेशकों के लिए नीति, नीयत, प्रतिभा, प्रवृत्ति, सुविधा, सामर्थ्य, ऊर्जा, उत्साह, सेवा और सुरक्षा की 10 गारंटियां लेकर आया है। मुख्यमंत्री ने सभी निवेशकों को जनवरी 2027 में आयोजित होने वाली 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट' (GIS-2027) में भाग लेने का विशेष आमंत्रण दिया और उन्हें अनुकूल नीतियों तथा त्वरित प्रशासनिक सहयोग का भरोसा दिलाया। भारत टेक्स-2026: वस्त्र और परिधान क्षेत्र में ₹1,592 करोड़ का निवेश भारत मंडपम में आयोजित टेक्सटाइल राउंडटेबल के दौरान मध्यप्रदेश के वस्त्र उद्योग को एक नई दिशा मिली। इस सत्र में प्रदेश के वस्त्र एवं परिधान उद्योग, पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क, तकनीकी वस्त्र, कौशल विकास और निर्यात संवर्धन पर गहन मंथन हुआ। इस विशेष आयोजन के माध्यम से प्रदेश को वस्त्र क्षेत्र में ₹1,592 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे कपड़ा उद्योग के क्षेत्र में लगभग 15,700 रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। रक्षा, डेटा सेंटर और भारी उद्योगों में ₹18,601 करोड़ का निवेश दिल्ली निवेश संवाद में अत्याधुनिक और रणनीतिक क्षेत्रों में भारी निवेश के प्रस्ताव आए हैं। रक्षा, डेटा सेंटर, ट्रांसफॉर्मर निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा, इंजीनियरिंग, ऑप्टिकल उत्पाद और खिलौना उद्योग जैसे विभिन्न क्षेत्रों में राज्य को ₹18,601 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले। इस निवेश से लगभग 11,892 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। इसमें ब्रह्मास्त्र एक्सप्लोसिव, सीमेंस एनर्जी, सिटाक रे, सनब्रिज डिफेन्स, हिमाचल फ्यूचरिस्टिक कम्युनिकेशंस और वीरा इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी प्रमुख कंपनियों ने अपने प्रस्ताव दिए हैं। कई देशों के प्रतिनिधियों से वन-टू-वन बैठक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापार विस्तार के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न देशों के मंत्रियों और राजनयिकों के साथ वन-टू-वन बैठकें कीं। श्रीलंका के उद्योग मंत्री सुनील हंदुन्नेत्ती और ब्राजील के राजदूत केनेथ फेलिक्स के साथ कृषि, जैव ईंधन, खनन और एयरोस्पेस पर सार्थक चर्चा हुई। वहीं रूसी वित्तीय प्रतिनिधिमंडल, इटली और फ्रांस के प्रतिनिधियों के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल इनोवेशन, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, खाद्य प्रसंस्करण और औद्योगिक डीकार्बोनाइजेशन जैसे भविष्य के क्षेत्रों में मिलकर काम करने पर सहमति बनी। वैश्विक व्यापार और निर्यात बढ़ाने के लिए सात महत्वपूर्ण एमओयू मप्र में व्यापारिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए एमपीआईडीसी (MPIDC) ने सात महत्वपूर्ण समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन्स (FIEO) और एसोचैम के साथ औद्योगिक सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी, जबकि अमेज़न ग्लोबल सेलिंग के साथ हुए समझौते से प्रदेश के छोटे उद्योगों (MSME) और शिल्पकारों को ई-कॉमर्स के माध्यम से वैश्विक बाजार मिलेगा। इसके अलावा विभिन्न अपैरल और टेक्सटाइल एक्सपोर्ट काउंसिल्स के साथ मिलकर वस्त्र निर्यात को बढ़ावा देने और बायर-सेलर मीट आयोजित करने पर भी समझौता हुआ। उद्योगों के विकास के लिए तैयार है मध्यप्रदेश का मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा राज्य की मजबूत नीतियों और बुनियादी ढांचे का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। निवेशकों को बताया गया कि मध्यप्रदेश में वर्तमान में 5 लाख किलोमीटर से अधिक का सड़क नेटवर्क, 8 क्रियाशील एयरपोर्ट, 6 अंतर्देशीय कंटेनर डिपो और उद्योगों के लिए सवा लाख एकड़ से अधिक का बड़ा लैंड बैंक उपलब्ध है। इसके साथ ही पर्याप्त बिजली-पानी की उपलब्धता, नए फूड पार्क, आईटी पार्क और मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स सुविधाओं का विस्तार राज्य को निवेश के लिए सबसे उत्तम स्थान बनाता है।
गाजियाबाद घंटाघर मंडी में ठेला लगाने पर विवाद-मारपीट:व्यापारियों और फल विक्रेताओं में झड़प
गाजियाबाद के घंटाघर सब्जी मंडी में गुरुवार को ठेला लगाकर फल बेचने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। यह कहासुनी जल्द ही मारपीट में बदल गई, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह घटना थाना कोतवाली नगर क्षेत्र की है। बताया जा रहा है कि बुजुर्ग फल विक्रेता शकील पिछले लगभग 50 वर्षों से इसी मंडी में ठेले पर फल बेचते हैं। उनके बेटे समीर और आसिफ भी इस काम में उनका सहयोग करते हैं। आरोप है कि जब वे ठेला लगाने पहुंचे, तो कुछ व्यापारियों ने इसका विरोध किया, जिसके बाद दोनों पक्षों में झड़प और मारपीट शुरू हो गई। वायरल वीडियो में कई लोग एक-दूसरे को धक्का देते और हाथापाई करते दिख रहे हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, करीब दो महीने पहले भी इसी स्थान को लेकर विवाद हुआ था। उस समय मामले का समाधान कर फल विक्रेताओं को दोबारा ठेला लगाने की अनुमति मिलने की बात सामने आई थी, लेकिन इसके बावजूद यह विवाद फिर से उत्पन्न हो गया। वहीं, दूसरे पक्ष यानी व्यापारियों का कहना है कि सड़क पर ठेला-पटरी लगने से अतिक्रमण होता है, जिससे बाजार में आने-जाने वाले लोगों को परेशानी होती है। व्यापारियों की शिकायत पर नगर निगम ने पहले पुलिस की मौजूदगी में सड़क से अतिक्रमण हटवाया था। उनका आरोप है कि दोबारा उसी जगह ठेला लगाने की कोशिश की गई, जिसके कारण विवाद बढ़ गया। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली नगर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराया। पुलिस ने बताया कि अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी हुई है।
जयपुर के डॉक्टर से 62 लाख रुपए की ठगी करने वाले गिरोह का साइबर क्राइम पुलिस ने खुलासा किया है और 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने शेयर मार्केट और IPO में निवेश के नाम पर मोटे मुनाफे का लालच देकर रुपए ठगे थे। गिरोह ने फर्जी कंपनी बनाकर देशभर में 50 करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी की और उस रकम को दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर कर लिया। गिरफ्तार आरोपी देवेंद्र शर्मा और निखिल लूथरा टेरापल्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर हैं और मूल रूप से दिल्ली के नजफगढ़ के रहने वाले हैं। जांच में सामने आया कि कंपनी के नाम पर वॉट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप के जरिए लोगों को निवेश के लिए फंसाते थे। देशभर में इस नेटवर्क के खिलाफ 250 से अधिक शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। जयपुर के डॉक्टर से की थी 61.77 लाख की ठगी ADG साइबर क्राइम वीके सिंह ने बताया- जयपुर निवासी डॉ. निखिल मेहता ने 23 जनवरी 2025 को साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि 'विकासा कैपिटल' नाम के फर्जी निवेश पोर्टल के जरिए IPO और अमेरिकी-भारतीय शेयर बाजार में निवेश पर भारी मुनाफे का लालच दिया गया। आरोपियों ने वॉट्सएप और टेलीग्राम के जरिए से फर्जी लिंक भेजकर मोबाइल में नकली एप इंस्टॉल करवाई। आरोपियों ने शुरुआत में मामूली मुनाफा दिखाकर भरोसा जीता। इसके बाद विभिन्न निवेश योजनाओं के नाम पर 61.77 लाख रुपए अलग-अलग फर्मों के खातों में जमा करा लिए। जब उसने रकम निकालने की कोशिश की तो विदेशी नियामक संस्था द्वारा खाता ब्लॉक होने का झूठा संदेश दिखाकर निकासी रोक दी गई। साइबर ठगी के लिए किया जाता था कंपनी का यूज ADG साइबर क्राइम वीके सिंह ने बताया- पूछताछ में आरोपियों ने कबूला कि उनकी कंपनी का इस्तेमाल साइबर ठगी से मिले रुपयों को विभिन्न खातों में ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था। जांच में सामने आया कि आरोपियों से जुड़े बैंक खातों को लेकर अब तक करीब 50 करोड़ रुपए की 40 शिकायतें और 10 से ज्यादा आपराधिक मामले विभिन्न राज्यों में दर्ज है। वहीं, साइबर क्राइम पोर्टल पर इस गिरोह के खिलाफ 250 से ज्यादा शिकायतें और देशभर में 50 से ज्यादा FIR दर्ज है। पुलिस का अनुमान है कि ठगी की वास्तविक रकम इससे कहीं ज्यादा हो सकती है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी वीके सिंह ने बताया- साइबर क्राइम थाना पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल सबूतों का विश्लेषण कर रही है। जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी की जाएगी।
दिल्ली सरकार ने राजधानी को देश का अग्रणी नवाचार और उद्यमिता केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए दिल्ली स्टार्टअप एवं इनक्यूबेशन नीति को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि अगले पांच वर्षों में इस नीति पर 400 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए जाएंगे। इसका उद्देश्य युवाओं को अपने विचारों को सफल स्टार्टअप में बदलने के लिए वित्तीय सहायता, मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध कराना है। गुरुवार को कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नीति युवाओं को नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनाने की दिशा में अहम पहल है। इसके तहत 11 राज्य विश्वविद्यालयों, 13 सरकारी वित्त पोषित कॉलेजों, पॉलिटेक्निक, आईटीआई और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में मजबूत नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया जाएगा। एकमुश्त वित्तीय सहायता देगी सरकार : रेखा गुप्ता सरकार पात्र संस्थानों में इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित करने और उन्हें सशक्त बनाने के लिए एकमुश्त वित्तीय सहायता देगी। साथ ही, इनके संचालन, मेंटरिंग, नेटवर्किंग और नवाचार गतिविधियों के लिए वार्षिक अनुदान भी उपलब्ध कराया जाएगा। स्टार्ट-अप्स को प्रोटोटाइप, प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट, उत्पाद विकास, बाजार परीक्षण और व्यवसायीकरण जैसे विभिन्न चरणों में माइलस्टोन आधारित सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को विशेषज्ञों का मार्गदर्शन, बौद्धिक संपदा से जुड़ी सहायता, प्रयोगशालाओं तक पहुंच और निवेशकों से जुड़ने के अवसर भी उपलब्ध होंगे। नीति के क्रियान्वयन की निगरानी स्टेट इन्क्यूबेशन पॉलिसी मॉनिटरिंग कमेटी (एसआईपीएमसी) करेगी। इसके अलावा, दिल्ली सरकार हर वर्ष ‘दिल्ली स्टार्टअप युवा महोत्सव’ का आयोजन करेगी, जिसमें स्टार्टअप, निवेशक, शिक्षण संस्थान और नीति निर्माता एक मंच पर आएंगे। स्टार्ट-अप नीति की प्रमुख बातें छात्रों के लिए दो बड़ी घोषणाएं
फिरोजपुर जिले के हल्का जीरा में आज दिनदहाड़े मेन बाजार में एक कपड़ा शोरूम पर 2 नकाबपोशों ने फायरिंग की। बताया जा रहा है कि बाइक पर सवार होकर आए 2 नकाबपोश फायरिंग के बाद फरार हो गए। साजन ने बताया कि वह अपनी दुकान पर काम कर रहा था तभी 2 नकाबपोशों ने गोली चला दी। पहले उन्हें ऐसे लगा कि जैसे बाइक का टायर फटा है। हालांकि शीशा टूटने पर उन्हें पता चला कि गोली चली है। बता दे कि उक्त कपड़ा व्यापारी का बड़ा शोरूम है, जिन्हें पहले भी फिरौती कॉल आ चुकी है । और उनके द्वारा इसकी शिकायत भी पुलिस ने की जा चुकी है। फिलहाल वाई फायरिंग मामले में पुलिस जांच में जुटी है । पुलिस अधिकारी जेएस ढिल्लों ने बताया कि वह घटना की जानकारी के बाद मौके का जायजा लिया गया है। जानकारी मिली है कि जीरा के बाजार में कपड़ा व्यापारी की दुकान के बाहर बाइक पर 2 युवक आए थे। वह वारदात के बाद फरार हो गए हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। पुलिस ने सीसीटीवी खंगाले इस संबंध में फिलहाल हालात का जायजा लेने के बाद अब उनके द्वारा विशेष पुलिस टीम बना दी गई है । हालांकि पुलिस द्वारा इलाके के सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले जा रहे है ताकि आरोपी फायरिंग करने के बाद कहां और किस दिशा की ओर गए है।
भोपाल के 10 नंबर मार्केट व्यापारी महासंघ ने गुरुवार को सांसद आलोक शर्मा को ज्ञापन सौंपा। जिसमें 10 नंबर मार्केट एवं अरेरा कॉलोनी मुख्य मार्ग क्षेत्र में मिक्स लैंड यूज लागू करने की मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि वर्ष 2005 के बाद से भोपाल विकास योजना का नया मास्टर प्लान लागू नहीं होने के कारण व्यापारियों को व्यावसायिक भूखंड उपलब्ध नहीं हो सके। जिससे उन्हें वर्षों से आवासीय भवनों में ही व्यापार संचालित करना पड़ रहा है। महासंघ के अध्यक्ष आनंद सोनी ने बताया, क्षेत्र के व्यापारी नगर निगम को नियमित रूप से कमर्शियल टैक्स, मध्य प्रदेश बिजली वितरण कंपनी को व्यावसायिक दरों पर बिजली शुल्क और नगर निगम से प्राप्त कमर्शियल लाइसेंस का शुल्क जमा कर रहे हैं। बावजूद सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में आवासीय भूखंडों पर संचालित व्यावसायिक गतिविधियों को बंद करने के नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इससे हजारों व्यापारियों और कर्मचारियों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो सकता है। वहीं शासन के राजस्व पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। ज्ञापन में सांसद से मांग की गई कि 10 नंबर मार्केट एवं अरेरा कॉलोनी के मुख्य मार्ग क्षेत्र में मिक्स लैंड यूज लागू कराने, नए मास्टर प्लान में आवश्यक संशोधन कराने और व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए शासन स्तर पर प्रभावी पहल की जाए। महासंघ के संरक्षक ओमप्रकाश साहू, कन्हैयालाल नैमानी, संजय सोनी, मनोज सिंह, भीक मुरारीलाल तलरेजा, किशन बाधवानी और संजय मल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष आतम तलरेजा, मुकेश जैन, प्रदीप गुप्ता, मुकेश अग्रवाल आदि मौजूद थे। भेल की जमीन का आवंटन नहीं होइधर, भेल की जमीन को लेकर भी मामला सुर्खियों में आ गया है। श्रमिक नेता दीपक गुप्ता ने कहा कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) को केवल सड़क चौड़ीकरण के लिए जगह दी गई, न कि अन्य किसी निर्माण के लिए। भेल की जमीन पर सबसे पहला अधिकार यहां के कार्य करने वाले कर्मचारियों ओर अधिकारियों का है। यदि किसी भी भूमि का आवंटन किया जाता है तो यहां के कर्मचारी आंदोलन करेंगे। बता दें कि इस मामले में भले प्रबंधन ने भी पिछले दिनों एनएचएआई को पत्र लिखा था।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित भारत टेक्स-2026 में सम्मिलित हुए। उन्होंने यहां देश-विदेश के प्रमुख टेक्सटाइल निवेशकों, उद्योग प्रतिनिधियों और वैश्विक ब्रांड्स के साथ राउंड टेबल बैठक की। ...
टेडी बगिया-शहादरा सड़क निर्माण से धूल-कीचड़:व्यापारी और आम जनता बदहाल सड़क से परेशान
आगरा के टेडी बगिया से शहादरा तक सीएम ग्रिड योजना के तहत चल रहे निर्माण कार्य ने व्यापारियों और आम जनता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सड़क की बदहाली के कारण बारिश में कीचड़ और धूप में धूल के गुबार उड़ते रहते हैं, जिससे जनजीवन और व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। स्थानीय व्यापारियों के अनुसार, सड़क पर जलभराव और कीचड़ के कारण ग्राहक दुकानों पर आने से कतरा रहे हैं। मौसम साफ होने पर सुबह से रात तक उड़ने वाली धूल दुकानों के अंदर तक पहुंच जाती है, जिससे सामान खराब हो रहा है और ग्राहकों को भी असुविधा हो रही है। व्यापारियों का दावा है कि सड़क की इस खराब स्थिति के कारण उनका कारोबार लगभग आधा रह गया है। क्षेत्रीय लोगों और दुकानदारों ने बताया कि बारिश के मौसम से पहले ही एक तरफ की सड़क खोद दी गई थी, जिससे भारी और हल्के वाहनों का दबाव दूसरी तरफ बढ़ गया है। बरसात में पानी भरने से गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे दोपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं। यह समस्या बार-बार की जा रही खुदाई के कारण उत्पन्न हुई है। पहले नाला बनाने के लिए सर्विस रोड खोदी गई, फिर सीवर लाइन डालने के लिए और अब पानी की पाइपलाइन डालने के लिए इसे फिर से खोदा जा रहा है। व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग की है ताकि इन समस्याओं से जल्द छुटकारा मिल सके। उन्होंने यह भी कहा है कि संबंधित कंपनी और नगर निगम को एक तरफ की सड़क के गड्ढे भरवाने चाहिए ताकि हादसों का खतरा कम हो। इसके साथ ही, निर्माण स्थल पर पानी का छिड़काव किया जाना चाहिए ताकि धूल न उड़े।
Stock Market : मामूली बढ़त में रहा Sensex, मुनाफावसूली से टूटा Nifty, उतार-चढ़ाव भरा कारोबार
Share Market Update News : वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में जारी उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को भारी उतार-चढ़ाव के बाद लगभग सपाट स्तर पर बंद हुए। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स मात्र 1.44 अंक की ...
जयपुर के स्टार्टअप 'द एक्सेसिबल नेशन' को देश के प्रतिष्ठित कमयाब ग्रांट्स 2026 के चार विजेता स्टार्टअप्स में शामिल किया गया है। इस उपलब्धि के तहत स्टार्टअप को 5 लाख रुपए का इक्विटी-फ्री अनुदान प्रदान किया गया है। कमयाब ग्रांट्स 2026 के लिए देशभर के 25 से अधिक राज्यों और 100 से ज्यादा शहरों से 300 से अधिक स्टार्टअप्स ने आवेदन किया था। कई चरणों में चली चयन प्रक्रिया में नवाचार, सामाजिक प्रभाव, समस्या समाधान क्षमता, विस्तार की संभावना और दीर्घकालिक स्थिरता जैसे मानकों पर स्टार्टअप्स का मूल्यांकन किया गया। इन सभी कसौटियों पर खरा उतरते हुए जयपुर के 'द एक्सेसिबल नेशन' ने अपनी मजबूत पहचान बनाई। उद्यमी सुनील चौधरी की ओर से स्थापित 'द एक्सेसिबल नेशन' का उद्देश्य तकनीक को हर व्यक्ति के लिए सरल और सुलभ बनाना है। यह प्लेटफॉर्म विशेष रूप से दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों और डिजिटल तकनीक के सीमित ज्ञान रखने वाले लोगों के लिए विकसित किया गया है, ताकि वे बैंकिंग, सरकारी सेवाओं, स्वास्थ्य सुविधाओं, शिक्षा और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग बिना किसी बाधा के कर सकें। स्टार्टअप की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें एक्सेसिबिलिटी (सुगम्यता) को किसी अतिरिक्त फीचर के रूप में नहीं, बल्कि पूरी तकनीकी प्रणाली की मूल अवधारणा के रूप में शामिल किया गया है। इससे ऐसे उपयोगकर्ताओं को भी स्वतंत्र और सुरक्षित डिजिटल अनुभव मिल सकेगा, जो सामान्य डिजिटल प्लेटफॉर्म का आसानी से उपयोग नहीं कर पाते। डिजिटल भारत को समावेशी बनाने की पहल चयन समिति के अनुसार, 'द एक्सेसिबल नेशन' केवल तकनीकी उत्पाद विकसित नहीं कर रहा, बल्कि देश के सामने मौजूद एक महत्वपूर्ण सामाजिक चुनौती का समाधान प्रस्तुत कर रहा है। जैसे-जैसे भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था का विस्तार हो रहा है, वैसे-वैसे यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि समाज का कोई भी वर्ग तकनीकी विकास से वंचित न रहे। 'कमयाब ग्रांट्स' हम होंगे कामयाब फाउंडेशन की पहल है, जिसका उद्देश्य ऐसे स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करना है जो सामाजिक समस्याओं के व्यावहारिक समाधान विकसित कर रहे हैं। आर्थिक सहायता के साथ चयनित स्टार्टअप्स को अनुभवी उद्यमियों की मेंटोरशिप, विशेषज्ञों का मार्गदर्शन, नेटवर्किंग और विभिन्न संस्थानों के साथ सहयोग के अवसर भी दिए जाते हैं। 'द एक्सेसिबल नेशन' को अब 1300 से अधिक स्कूलों और विश्वविद्यालयों के नेटवर्क के साथ संभावित सहयोग, राष्ट्रीय स्तर पर दृश्यता और अनुभवी उद्यमियों के मार्गदर्शन का लाभ भी मिलेगा। इससे स्टार्टअप अपने समाधान को देशभर में और अधिक प्रभावी ढंग से लागू कर सकेगा। इस अवसर पर उद्यमी एवं निवेशक अजय गुप्ता ने कहा कि किसी भी तकनीकी नवाचार की सफलता उसकी जटिलता से नहीं, बल्कि उससे बदलने वाले जीवन से तय होती है। उन्होंने कहा कि 'द एक्सेसिबल नेशन' ने इसलिए प्रभावित किया क्योंकि यह उन लोगों की वास्तविक समस्या का समाधान प्रस्तुत करता है, जिन्हें अक्सर डिजिटल विकास की मुख्यधारा में पर्याप्त स्थान नहीं मिल पाता। उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसे नवाचार भारत को अधिक समावेशी, सुलभ और समान अवसरों वाला समाज बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
शास्त्रीनगर में सेटबैक प्रकरण में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आंदोलन के बीच गुरुवार को धरना स्थल पर आपातकालीन बैठक बुलाई गई है।इस बैठक में योजना संख्या-7, शास्त्री नगर, जागृति विहार और माधवपुरम के व्यापारी व स्थानीय नागरिक शामिल होंगे। बैठक का आह्वान आंदोलन से जुड़े व्यापारियों की ओर से किया गया है। आयोजकों का कहना है कि बैठक में आंदोलन की आगे की रणनीति, कानूनी लड़ाई और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आगामी कदमों पर चर्चा कर निर्णय लिया जाएगा।अब व्यापारियों ने सवाल उठाया गया है कि जब फांसी जैसी सजा तक बदली जा सकती है, तो जनहित में सेटबैक नियमों पर पुनर्विचार क्यों नहीं किया जा सकता। साथ ही हमारा अधिकार हमें चाहिए, एकता ही हमारी शक्ति, सेटबैक नियम पर पुनर्विचार करो और हम लड़ेंगे, जीतेंगे जैसे नारों के जरिए लोगों से आंदोलन में सक्रिय भागीदारी की अपील की गई है। गौरतलब है कि शास्त्री नगर सहित आवास विकास परिषद की कई योजनाओं में सेटबैक और व्यावसायिक उपयोग को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। इस मामले को लेकर व्यापारी लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं और नियमों में राहत की मांग कर रहे हैं। ऐसे में गुरुवार की बैठक को आंदोलन की आगामी दिशा तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आईआईटी के सबसे कठिन कोर्स से निकले इस युवा ने बनाया AI स्टार्टअप, एक दिन में कमाए 77 करोड़ रुपये
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) को दुनिया भर में बेहतरीन इंजीनियर और इनोवेटर्स देने के लिए जाना जाता है, लेकिन हाल ही में एक आईआईटीयन ने सफलता की जो नई इबारत लिखी है, उसने पूरे टेक जगत को हैरान कर दिया है। आईआईटी से सबसे मुश्किल माने जाने वाले कोर्स की पढ़ाई पूरी करने के बाद इस युवा इंजीनियर ने नौकरी की पारंपरिक राह छोड़ने का फैसला किया। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में कदम रखते हुए अपना खुद का स्टार्टअप शुरू किया और हाल ही में उनकी कंपनी ने एक ही दिन के भीतर 77 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड तोड़ कमाई (Revenue) दर्ज की है। इस ऐतिहासिक कामयाबी ने भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम में एक नया बेंचमार्क स्थापित कर दिया है।आईआईटी का वो सबसे मुश्किल कोर्स और लीक से हटकर सोचने का जज्बाआईआईटी में दाखिला लेना अपने आप में एक बड़ी चुनौती है, लेकिन उसके भीतर भी कुछ ब्रांच और कोर्स जैसे कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग या एडवांस्ड डेटा साइंस को सबसे कठिन और कड़ा माना जाता है। इस युवा उद्यमी ने उसी चुनौतीपूर्ण शैक्षणिक माहौल में न केवल खुद को साबित किया, बल्कि एआई और मशीन लर्निंग की बारीकियों को भी गहराई से समझा। जहां अधिकांश छात्र पढ़ाई पूरी करते ही करोड़ों के पैकेज वाली विदेशी नौकरियों का रुख करते हैं, वहीं इन्होंने भारत में रहकर अपनी खुद की तकनीक और कंपनी खड़ी करने का जोखिम भरा लेकिन दूरदर्शी फैसला लिया।एआई स्टार्टअप की वो अनूठी तकनीक जिसने रातों-रात बदल दी किस्मतइस स्टार्टअप की अभूतपूर्व सफलता के पीछे एक ऐसा एआई-संचालित सॉफ़्टवेयर या समाधान (AI Solution) है, जिसने वैश्विक स्तर पर बड़ी कंपनियों की एक बहुत बड़ी और जटिल समस्या को चुटकियों में हल कर दिया है। चाहे वह ऑटोमेशन हो, डेटा एनालिटिक्स हो या फिर प्रेडिक्टिव कोडिंग; इस स्टार्टअप की तकनीक को बाजार में हाथों-हाथ लिया गया। हाल ही में हुए एक बड़े अंतरराष्ट्रीय करार या फंडिंग राउंड और प्रोडक्ट लॉन्च के चलते कंपनी के पास ऑर्डर्स की बाढ़ आ गई, जिसके परिणामस्वरूप महज 24 घंटे के भीतर कंपनी का रेवेन्यू ग्राफ 77 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया।भारतीय टेक और स्टार्टअप जगत के लिए क्यों है यह एक बड़ी मिसाल?यह सफलता की कहानी भारत के उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है जो तकनीकी क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं। यह साबित करता है कि अगर आपके पास सही हुनर, मजबूत शैक्षणिक आधार और आधुनिक तकनीक जैसे जनरेटिव एआई (Generative AI) की समझ है, तो आप भारत की धरती से भी वैश्विक स्तर का बिजनेस खड़ा कर सकते हैं। टेक विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाला समय पूरी तरह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का है, और भारतीय आईआईटीयंस इस वैश्विक एआई क्रांति (AI Revolution) का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
टेंट व्यापारी के 16 साल के बेटे की हत्या कर दी गई। उसके सिर पर गंभीर चोट के निशान हैं। शुरुआती जांच में मामला आपसी रंजिश या दोस्तों के बीच विवाद का लग रहा है। यह मामला अलवर के सदर थाना क्षेत्र के भूगोर का है। शव शहर से करीब 45 किमी दूर नौगांवा और नेवाड़ी के बीच एक फार्म हाउस की दीवार के पास पहाड़ी पर मिला है। 14 जुलाई को गुमशुदगी की रिपोर्ट दी थी तुषार कुमार की गुमशुदगी की शिकायत परिवार वाले 14 जुलाई को ही सदर थाने में दे दी थी। तुषार के मामा विनीत कुमार भूगोर में रहते हैं। तुषार अपने मामा के घर रहकर पढ़ाई करता था। वह 11वीं का स्टूडेंट था। तुषार का घर नौगांवा के तसई इंदिरा कॉलोनी में है। विनीत ने बताया- तुषार 14 जुलाई को भूगोर इलाके से अपने कुछ दोस्तों के साथ अचानक गायब हो गया था। काफी तलाश करने के बाद भी जब उसका कोई सुराग नहीं लगा, तो पुलिस को खबर दी। 15 जुलाई को तुषार का शव नौगांवा के पास पहाड़ियों में एक फॉर्म हाउस के बगल में मिला। तुषार के सिर पर गंभीर चोट के निशान हैं। आशंका जताई जा रही है कि उसके सिर पर वार कर हत्या की गई और शव को फेंक दिया गया। तुषार कुमार अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। कॉल डिटेल के आधार पर 2 दोस्त हिरासत में गुमशुदगी दर्ज होने के बाद सदर थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुषार के मोबाइल की कॉल डिटेल (CDR) खंगाली। कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस ने उन दोस्तों को चिन्हित किया, जो आखिरी वक्त में तुषार के साथ थे। परिजनों ने दोस्तों पर शक जताया है। इसके बाद पुलिस ने दोनों दोस्तों को हिरासत में लिया है। इनसे पूछताछ चल रही है। हर एंगल से की जा रही है जांच सदर थाना पुलिस के मुताबिक, शव का पोस्टमॉर्टम कराया जा चुका है। पुलिस मामले की हर एंगल से पड़ताल कर रही है। -- यह खबर भी पढ़िए… पड़ोसियों ने की 80 साल के व्यापारी की हत्या, रोज अंकल-अंकल कहते थे, चोरी करने घुसे अलवर शहर में बदमाशों ने घर में घुसकर व्यापारी की हत्या कर दी। उनके हाथ-पैर बांधकर मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। इसके बाद घर से करीब डेढ़-दो लाख रुपए लूटकर फरार हो गए। (पूरी खबर पढ़ें)
सोनीपत में सुरक्षित, शांतिपूर्ण और अपराधमुक्त माहौल तैयार करने के लिए पुलिस और व्यापारियों के बीच आपसी विश्वास का एक नया सेतु तैयार हुआ है। पुलिस आयुक्त ममता सिंह (IPS, ADGP) के निर्देशानुसार, शहर की कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए पुलिस प्रशासन अब हर महीने व्यापारियों के साथ सीधी बातचीत करेगा। इसी मुहिम के तहत बुधवार, 15 जुलाई को सिटी थाना परिसर में एक महत्वपूर्ण संवाद बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें पुलिस और व्यापारी प्रतिनिधियों ने मिलकर शहर की सुरक्षा का रोडमैप तैयार किया। सुरक्षा और सहयोग के लिए एक मंच पर आए अधिकारी और व्यापारी सहायक पुलिस आयुक्त (ACP City-2) निधि नैन की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में सिटी थाना प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार सहित कई पुलिसकर्मी मौजूद रहे। वहीं, व्यापारियों की ओर से जिला व्यापार मंडल सोनीपत के प्रधान संजय सिंगला, वरिष्ठ उपप्रधान रामनारायण गोयल, शहरी कार्यकारी प्रधान पवन तनेजा और केमिस्ट एसोसिएशन के सुरेश कादियान सहित भारी संख्या में प्रमुख व्यापारी प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य पुलिस और व्यापारियों के बीच आपसी समन्वय को बेहतर करना था। बाजारों की सुरक्षा और अतिक्रमण पर व्यापारियों ने रखे सुझाव बैठक के दौरान व्यापारी प्रतिनिधियों ने शहर की सुरक्षा और व्यवस्था से जुड़े कई अहम मुद्दे उठाए। व्यापारियों ने प्रमुख रूप से चिंताओं और सुझावों को साझा किया गया… पुलिस ओर जनता एक दूसरे के साझीदार : निधि नैनएसीपी सिटी-2 निधि नैन ने मीटिंग में कहा कि “पुलिस और जनता एक-दूसरे की साझेदार हैं। समाज के सहयोग के बिना कानून व्यवस्था को प्रभावी नहीं बनाया जा सकता। व्यापारियों द्वारा उठाए गए हर मुद्दे पर गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी और अब हर महीने यह संवाद बैठक होगी ताकि समस्याओं का समय पर समाधान हो सके।” व्यापार मंडल ने दिया पूर्ण सहयोग का आश्वासन सोनीपत पुलिस की इस अनूठी पहल का स्वागत करते हुए जिला व्यापार मंडल के प्रधान संजय सिंगला ने कहा कि पुलिस और समाज के बीच इस तरह के निरंतर संवाद से आपसी विश्वास मजबूत होता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि व्यापार मंडल शहर को सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने के हर पुलिस अभियान में प्रशासन का कंधा से कंधा मिलाकर सहयोग करेगा। यह बैठक बेहद सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई, जहां दोनों पक्षों ने एक सुर में माना कि नियमित संवाद और जनभागीदारी से ही सोनीपत को अपराधमुक्त और सुरक्षित बनाया जा सकता है।
बिलासपुर के व्यापार विहार रोड स्थित अमरॉन रॉयल ऑटोमोटिव में जीएसटी विभाग और छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने संयुक्त कार्रवाई की है। टीम ने लाखों रुपए कीमती प्रयुक्त लेड-एसिड बैटरियों से भरे एक ट्रक को जब्त कर लिया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि बैटरियों को आवश्यक अनुमति और वैधानिक दस्तावेजों के बिना नागपुर भेजने की तैयारी की जा रही थी। संयुक्त टीम ने मौके पर ट्रक, पुरानी बैटरियों और परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से जांच की। अधिकारियों के अनुसार शुरुआती जांच में कई अनियमितताएं सामने आने पर ट्रक को मौके पर ही जब्त कर लिया गया। बताया जा रहा है कि गणेश साहू नामक व्यक्ति बैटरियों को नागपुर भेजने की तैयारी में था। उससे पूछताछ की जा रही है और पूरे मामले की कड़ियां खंगाली जा रही हैं। एसिडयुक्त पानी नाले में बहाने की शिकायत कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि पुरानी बैटरियों से निकलने वाला एसिडयुक्त पानी खुले नाले में बहाया जा रहा था। इससे पर्यावरण और आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पर्यावरण विभाग ने प्रदूषण संबंधी पहलुओं की भी विस्तृत जांच शुरू कर दी है। जीएसटी विभाग खंगाल रहा खरीदी-बिक्री का रिकॉर्ड जीएसटी विभाग बैटरी स्क्रैप की खरीदी-बिक्री, स्टॉक और परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रहा है। कार्रवाई के दौरान स्क्रैप सामग्री भी जब्त की गई है। अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि प्रयुक्त बैटरियां कहां से लाई गई थीं। इन्हें नागपुर भेजने का निर्देश किसने दिया और पूरे कारोबार में कर संबंधी नियमों के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण से जुड़े प्रावधानों का पालन किया गया था या नहीं। फिलहाल, मामले की जांच जारी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित विभागों द्वारा आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
बुलंदशहर में व्यापारी की बेटी के अपहरण के बाद उत्पन्न तनावपूर्ण माहौल को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई से शांत कर दिया। एसपी देहात एवं आईपीएस अंतरिक्ष जैन के नेतृत्व में पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर अपहृत युवती को सकुशल बरामद कर लिया। युवती की बरामदगी के साथ ही इलाके में बढ़ता जनाक्रोश शांत हो गया और संभावित सांप्रदायिक तनाव टल गया। जहाँगीराबाद के एक व्यापारी की बेटी के अपहरण का आरोप दूसरे समुदाय के एक युवक पर लगाया गया था। घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों में भारी नाराजगी फैल गई। मामला दो समुदायों से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने इसे अत्यंत संवेदनशील मानते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की। चार नामजद, आठ टीमों को सौंपी गई जिम्मेदारी मामले में पूर्व सभासद के बेटे समेत चार लोगों के खिलाफ अपहरण का नामजद मुकदमा दर्ज किया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसपी देहात अंतरिक्ष जैन ने स्वयं अभियान की कमान संभाली और युवती की तलाश के लिए आठ विशेष पुलिस टीमों का गठन किया। टीमों को शहर और आसपास के संभावित ठिकानों पर तुरंत रवाना किया गया। 200 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले पुलिस टीमों ने शहर और बाहरी मार्गों पर लगे 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी सर्विलांस और सीसीटीवी से मिले इनपुट के आधार पर पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर युवती को सकुशल बरामद कर लिया। बरामदगी के बाद सामान्य हुआ माहौल युवती के सुरक्षित मिलने की सूचना मिलते ही व्यापारियों और स्थानीय लोगों का आक्रोश शांत हो गया। पुलिस ने पूरे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखी और किसी भी अप्रिय स्थिति को पैदा नहीं होने दिया। एसपी देहात बोले- आरोपियों पर होगी सख्त कार्रवाई एसपी देहात अंतरिक्ष जैन ने बताया कि मामला बेहद संवेदनशील था। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और त्वरित कार्रवाई के बल पर युवती को 24 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है और आरोपियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस की इस सक्रियता की स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने सराहना की है।
आज के दौर में हर कोई अपने भविष्य को सुरक्षित करने और वित्तीय आजादी (Financial Freedom) पाने के लिए निवेश करना चाहता है। जब बात निवेश की आती है, तो म्यूचुअल फंड (Mutual Funds) में SIP यानी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (Systematic Investment Plan) को सबसे सुरक्षित, आसान और लोकप्रिय जरिया माना जाता है।अक्सर लोगों के मन में यह उलझन रहती है कि आखिर मुझे हर महीने कितने रुपये से SIP की शुरुआत करनी चाहिए? ₹500, ₹1,000 या सीधे ₹5,000? अगर आपके मन में भी यही सवाल है, तो निवेश के इस आसान गणित और फॉर्मूले को समझकर आप आसानी से तय कर सकते हैं कि आपके बजट और भविष्य के लक्ष्यों के लिए कौन सी रकम सबसे बेस्ट रहेगी।कितनी रकम से शुरू कर सकते हैं SIP?म्यूचुअल फंड की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह किसी अमीर व्यक्ति के लिए ही नहीं, बल्कि एक आम दिहाड़ी मजदूर या स्टूडेंट के लिए भी उतना ही सुलभ है।न्यूनतम निवेश (Minimum Investment): आप देश के अधिकांश अच्छे म्यूचुअल फंड्स में महज ₹500 प्रति माह की छोटी सी रकम से अपनी SIP शुरू कर सकते हैं। कुछ चुनिंदा फंड्स तो ₹100 से भी शुरुआत की अनुमति देते हैं।अधिकतम सीमा: एसआईपी में निवेश की कोई अधिकतम सीमा (No Upper Limit) नहीं होती। आप अपने बजट के हिसाब से हर महीने हजारों या लाखों रुपये निवेश कर सकते हैं।₹500, ₹1,000 और ₹5,000 की SIP का गणित (15 साल के लिए - 12% संभावित रिटर्न पर)लॉन्ग टर्म (लंबी अवधि) में निवेश करने पर कंपाउंडिंग (Compounding - चक्रवृद्धि ब्याज) का जादू कैसे काम करता है, इसे आप नीचे दिए गए अनुमानित एसआईपी कैलकुलेटर (SIP Calculator) के आंकड़ों से आसानी से समझ सकते हैं:मासिक SIP रकम15 साल में कुल निवेश12% रिटर्न पर कुल फंड (अनुमानित)15% रिटर्न पर कुल फंड (अनुमानित)₹500₹90,000₹2.52 लाख₹3.39 लाख₹1,000₹1.80 लाख₹5.05 लाख₹6.77 लाख₹5,000₹9.00 लाख₹25.23 लाख₹33.84 लाखनोट: यह गणना म्यूचुअल फंड के ऐतिहासिक प्रदर्शन के आधार पर एक अनुमान है। शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव के कारण वास्तविक रिटर्न थोड़ा कम या ज्यादा हो सकता है।आपके लिए कौन सी रकम रहेगी बेस्ट? चुनिए अपना 'आसान फॉर्मूला'कितनी रकम से शुरुआत करनी है, यह पूरी तरह से आपकी मौजूदा आय (Income) और आपके भविष्य के लक्ष्यों (Financial Goals) पर निर्भर करता है। इसके लिए आप इन 3 श्रेणियों के फॉर्मूले को देख सकते हैं:1. स्टूडेंट्स और शुरुआती नौकरीपेशा लोगों के लिए (₹500 का फॉर्मूला)अगर आप अभी कॉलेज में हैं, आपको कम पॉकेट मनी मिलती है या आपने अभी-अभी इंटर्नशिप या कम वेतन वाली नौकरी शुरू की है, तो आपके लिए ₹500 प्रति माह की SIP सबसे बेस्ट है।फायदा: इससे आपकी जेब पर बोझ भी नहीं पड़ेगा और आपको कम उम्र से ही नियमित निवेश करने की एक अच्छी आदत (Financial Discipline) पड़ जाएगी।2. मध्यम आय वर्ग और छोटे लक्ष्यों के लिए (₹1,000 का फॉर्मूला)अगर आपकी सैलरी ठीक-ठाक है और आप अगले 5 से 10 साल में कार खरीदने, वेकेशन पर जाने या किसी छोटे फंड के निर्माण की योजना बना रहे हैं, तो ₹1,000 से ₹2,000 प्रति माह की एसआईपी आपके लिए एक आदर्श शुरुआत है।फायदा: इस रकम को आप आसानी से अपने घरेलू खर्चों में से बचा सकते हैं और 10-15 साल में यह एक बड़ा कॉर्पस बनकर तैयार हो जाता है।3. बड़े सपनों और रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए (₹5,000 का फॉर्मूला)यदि आप एक स्थापित प्रोफेशनल हैं, आपके पास नियमित अच्छी आय है और आपका लक्ष्य बच्चों की उच्च शिक्षा, उनकी शादी या खुद के लिए एक बड़ा रिटायरमेंट फंड (Retirement Fund) तैयार करना है, तो आपको कम से कम ₹5,000 प्रति माह या उससे अधिक की एसआईपी से शुरुआत करनी चाहिए।फायदा: 15 से 20 साल की लंबी अवधि में ₹5,000 की एसआईपी कंपाउंडिंग की ताकत से आपको आसानी से 'करोड़पति' बनाने की क्षमता रखती है।सबसे जादुई फॉर्मूला—'स्टेप-अप एसआईपी' (Step-Up SIP)अगर आप आज ₹5,000 से शुरुआत नहीं कर सकते, तो निराश होने की जरूरत नहीं है। निवेश का सबसे अचूक और जादुई फॉर्मूला है 'स्टेप-अप एसआईपी'।यह कैसे काम करता है? आप आज महज ₹1,000 से अपनी एसआईपी शुरू करें और हर साल जैसे-जैसे आपकी सैलरी या आमदनी बढ़े, अपनी एसआईपी की रकम को 10% या 20% बढ़ा (Top-up) दें।असर: आज की ₹1,000 की एसआईपी को अगर आप हर साल सिर्फ 10% बढ़ाते जाते हैं, तो यह सामान्य एसआईपी के मुकाबले अंत में आपको दोगुने से भी ज्यादा का फंड बनाकर देती है।अंतिम निष्कर्ष (Golden Rule):निवेश की दुनिया में सबसे जरूरी बात यह नहीं है कि आप कितनी बड़ी रकम से शुरुआत कर रहे हैं, बल्कि सबसे जरूरी यह है कि आप कितनी जल्दी शुरुआत कर रहे हैं। देर करने से बेहतर है कि आप आज ही महज ₹500 से अपनी वित्तीय यात्रा की शुरुआत करें और समय के साथ इसे बढ़ाते जाएं।
सहारनपुर में बुधवार को शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर हर महीने 5.5 प्रतिशत मुनाफा दिलाने का झांसा देकर 27 लाख रुपए हड़पने का मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि रकम वापस मांगने पर आरोपियों ने तमंचा दिखाकर जान से मारने की धमकी दी, मूल एग्रीमेंट छीन लिया और जातिसूचक शब्द कहकर अपमानित किया। विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) के आदेश पर थाना कुतुबशेर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शामली के दयानंद नगर निवासी दीपक कुमार ने अदालत में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह अनुसूचित जाति से हैं। उनका परिचय दोस्त अभिषेक सैनी के माध्यम से रुड़की निवासी दिनेश कुमार से हुआ था। दिनेश ने खुद को इंटरनेशनल शेयर मार्केट का कारोबारी बताते हुए 27 लाख रुपए निवेश करने पर हर महीने 5.5 प्रतिशत मुनाफा देने का दावा किया। उसने रकम सुरक्षित होने का भरोसा देते हुए पोस्ट डेटेड चेक और लिखित एग्रीमेंट देने की बात कही। शिकायत के मुताबिक, 7 दिसंबर 2024 को दीपक ने 10-12 लोगों से उधार लेकर 27 लाख रुपए नगद सहारनपुर तहसील में दिनेश को दिए। उसी दिन 50 रुपए के स्टांप पर नोटरीयुक्त एग्रीमेंट तैयार किया गया, जिस पर गवाह के रूप में अभिषेक सैनी के हस्ताक्षर भी हैं। आरोपी ने पंजाब नेशनल बैंक की लक्सर शाखा के चार पोस्ट डेटेड चेक दिए और अग्रिम मुनाफे के रूप में 10 हजार रुपए खाते में भेजे। पीड़ित का दावा है कि एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर के फोटो और वीडियो भी उसके पास मौजूद हैं। आरोप है कि इसके बाद करीब डेढ़ साल तक आरोपी मुनाफा और मूल रकम लौटाने के नाम पर टालमटोल करता रहा। बाद में 25 अप्रैल 2026 को रकम लौटाने का आश्वासन दिया गया। पीड़ित के अनुसार, तय स्थान पर पहुंचने पर दिनेश कुमार, उसके जीजा अनूप सिंह, शेर सिंह और दो अन्य लोग कार से आए। पैसे मांगने पर आरोपियों ने तमंचा दिखाकर धमकाया और 7 दिसंबर 2024 का मूल एग्रीमेंट जबरन छीन लिया। दीपक का आरोप है कि आरोपियों ने जातिसूचक शब्द कहकर उसका अपमान किया और कार्रवाई करने पर जान से मारने की धमकी दी। थाना कुतुबशेर में रिपोर्ट दर्ज नहीं होने पर उसने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया, जिसके आदेश पर पुलिस ने दिनेश कुमार, अनूप सिंह, शेर सिंह और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
बैतूल के गंज थाना क्षेत्र में किराना व्यापारी से लूट के प्रयास के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर की सूचना के आधार पर इस वारदात का खुलासा किया। यह घटना 1 जुलाई की रात रामकृष्ण बगिया के पास हुई थी। दिलबहार चौक स्थित किराना दुकान के संचालक अपने पिता के साथ अलग-अलग स्कूटी से घर लौट रहे थे। तभी मोटरसाइकिल पर सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने उन्हें रोका। आरोपियों ने व्यापारी की आंखों में मिर्च पाउडर फेंका और चाकू दिखाकर स्कूटी में रखा बैग लूटने का प्रयास किया। हालांकि, बैग में नकदी न मिलने और व्यापारी के पिता द्वारा शोर मचाने पर बदमाश मौके से फरार हो गए। यह वारदात पुलिस कंट्रोल रूम, एसपी कार्यालय और पुलिस लाइन से कुछ ही दूरी पर हुई थी, जिसके कारण यह मामला काफी चर्चा में रहा। घटना के बाद कांग्रेस नेता अम्बरदीप बुनकर सहित कई लोग मौके पर पहुंचे थे, जिन्होंने बदमाशों का पीछा भी किया था। पुलिस ने घटनास्थल और शहर के कई सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में आरोपी वारदात के बाद भागते हुए और एक टोल प्लाजा से गुजरते हुए कैद हुए थे। इन साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची। जांच अधिकारी उप निरीक्षक उत्तम मस्तकार ने टीआई नीरज पाल के नेतृत्व में कार्रवाई की। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर की सूचना के आधार पर नर्मदापुरम निवासी अरुण पिता भुजंग महार (25) को हिरासत में लिया। पूछताछ में अरुण ने अपने साथी के साथ वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। इस मामले में दूसरा आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस दोनों आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाल रही है, ताकि यह पता चल सके कि वे पहले भी ऐसी वारदातों में शामिल रहे हैं या नहीं।
कासगंज पुलिस ने आगामी कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित संपन्न कराने के उद्देश्य से शहर में पैदल गश्त और फ्लैग मार्च किया। यह कार्रवाई बुधवार, 15 जुलाई 2026 को प्रभारी निरीक्षक कोतवाली कासगंज के नेतृत्व में पर्याप्त पुलिस बल के साथ की गई। फ्लैग मार्च बिलराम गेट, बारहद्वारी, सोरों गेट, चामुंडा मंदिर, ठंडी सड़क, बस स्टैंड, माल गोदाम चौराहा, गांधी मूर्ति, सर्राफा मार्केट और नदराई गेट सहित कांवड़ यात्रा के प्रमुख मार्गों तथा मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों से होकर गुजरा। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया। पुलिस अधिकारियों ने आम नागरिकों और व्यापारियों से संवाद किया। उन्होंने लोगों से शांति एवं सौहार्द बनाए रखने की अपील की और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया। प्रभारी निरीक्षक ने व्यापारियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को सुना और उन्हें सुरक्षा का आश्वासन दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिस पूरी तरह सतर्क रहेगी और कानून-व्यवस्था भंग करने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की इस पहल का उद्देश्य जनता में विश्वास कायम करना, असामाजिक तत्वों पर निगरानी रखना और कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराना है। जिला पुलिस ने सभी नागरिकों से प्रशासन का सहयोग करने और आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की बिक्री पर कड़ा रुख अपनाया है। न्यायालय ने राज्य सरकार को यह पता लगाने का निर्देश दिया है कि क्या ई-कॉमर्स और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से इसका कारोबार किया जा रहा है। यदि ऑनलाइन बिक्री पाई जाती है, तो उसके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजन राय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने अधिवक्ता मोतीलाल यादव की जनहित याचिका और उससे संबद्ध अन्य याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान दिया। सुनवाई के दौरान, याचिकाकर्ता ने न्यायालय को बताया कि प्रतिबंध के बावजूद चाइनीज मांझा विभिन्न ऑनलाइन पोर्टलों पर आसानी से उपलब्ध है। इस दावे के समर्थन में मीडिया रिपोर्टों का भी हवाला दिया गया। इस पर न्यायालय ने सरकारी अधिवक्ता को निर्देश दिया कि ऑनलाइन बिक्री के आरोपों की जांच कर अगली सुनवाई में विस्तृत रिपोर्ट पेश की जाए। मामले की सुनवाई के दौरान, न्यायालय के पूर्व आदेश के अनुपालन में कई वरिष्ठ अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित हुए। इनमें पुलिस महानिदेशक, अपर मुख्य सचिव (गृह), प्रमुख सचिव (राज्य कर), प्रमुख सचिव (पर्यावरण) और अपर मुख्य सचिव (इन्फ्रा एवं औद्योगिक विकास) शामिल थे। इससे पहले, राज्य सरकार ने न्यायालय को सूचित किया था कि चाइनीज मांझे के निर्माण, बिक्री और उपयोग पर प्रभावी रोक लगाने के लिए 'उत्तर प्रदेश घातक मांझा (निर्माण, विक्रय एवं उपयोग का प्रतिषेध) अधिनियम' लाने की प्रक्रिया चल रही है। प्रस्तावित कानून में चाइनीज मांझे से घायल होने या मृत्यु होने की स्थिति में पीड़ितों या उनके आश्रितों को मुआवजा देने का प्रावधान भी शामिल करने का प्रस्ताव है।
मंदसौर स्थित विश्व प्रसिद्ध अष्टमुखी भगवान पशुपतिनाथ मंदिर की दान पेटियों को बुधवार को खोला गया। पहले दिन की गणना में 24 लाख 2 हजार 450 रुपये नकद प्राप्त हुए हैं। दान पेटियों से विदेशी मुद्रा और सोने-चांदी के आभूषण भी मिले हैं। मंदिर प्रबंधन समिति ने बताया कि दान राशि की गणना पारदर्शी प्रक्रिया के तहत की गई। सुबह से शुरू हुई यह गणना देर शाम तक चली। शेष दान राशि की गणना गुरुवार को पूरी की जाएगी। दान पेटियों से ब्राजील और नेपाल सहित विभिन्न देशों की विदेशी मुद्राएं भी प्राप्त हुई हैं। विदेशी मुद्रा की प्राप्ति से यह स्पष्ट होता है कि बाबा पशुपतिनाथ मंदिर में देश के साथ-साथ विदेशों से भी श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। विदेशी मुद्रा की विस्तृत गणना गुरुवार को की जाएगी। विश्व प्रसिद्ध अष्टमुखी भगवान पशुपतिनाथ मंदिर देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र बन रहा है। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या मंदिर की दान राशि में वृद्धि का संकेत है, जो बाबा पशुपतिनाथ के प्रति गहरी आस्था को दर्शाता है।
भारत-ब्रिटेन के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के बाद रोहतक से फास्टनर्स की पहली निर्यात शिपमेंट आज यूपीएस से ब्रिटेन के लिए रवाना की गई। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) के अधिकारियों एवं यूपीएस के अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर ऑर्डर को रवाना किया। डीजीएफटी की सहायक निदेशक हेमलता हेड़ाऊ, सहायक निदेशक हीरा लाला, अनुभाग प्रमुख योगेंद्र मीणा ने कहा कि भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता भारतीय विनिर्माण और निर्यात क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इससे विशेष रूप से एमएसएमई एवं विनिर्माण उद्योगों को वैश्विक बाजारों में नई संभावनाएं प्राप्त होंगी और भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता अधिक सशक्त होगी। समझौते से उद्योगों को निर्यात बढ़ाने का मिलेगा अवसरयोगेंद्र मीणा ने कहा कि इस समझौते से हरियाणा सहित पूरे देश के उद्योगों को निर्यात बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर मिलेगा। फास्टनर उद्योग के लिए यह एक नए युग की शुरुआत है, जो मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत और भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने के राष्ट्रीय संकल्प को मजबूती प्रदान करेगा। हरियाणा से पहली फास्टनर्स निर्यात शिपमेंट रवाना यूपीएस के निदेशक अमित जैन ने कहा कि कंपनी के लिए यह अत्यंत गौरव का क्षण है कि भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते के बाद हरियाणा से पहली फास्टनर्स निर्यात शिपमेंट ब्रिटेन के लिए रवाना की जा रही है। यह समझौता भारतीय उद्योगों के लिए नए व्यापारिक अवसरों के द्वार खोलेगा और देश के निर्यात को नई गति प्रदान करेगा। आत्मनिर्भर भारत की दिशा में साबित होगा मील का पत्थरअनुभाग प्रमुख योगेंद्र मीणा ने हरी झंडी दिखाकर फास्टनर्स की पहली निर्यात शिपमेंट को ब्रिटेन के लिए रवाना किया और इस उपलब्धि को भारतीय उद्योग, निर्यात क्षेत्र और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया। योगेंद्र मीणा ने कहा कि आने वाले समय में निश्चित तौर पर निर्यात में बढ़ावा होगा।
बस्ती में उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के बैनर तले व्यापारियों ने बुधवार दोपहर 12 बजे बिजली विभाग की नीतियों के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चार सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। यह प्रदर्शन प्रदेश अध्यक्ष लोकेश अग्रवाल के आह्वान पर जिलाध्यक्ष राकेश सिंह के नेतृत्व में हुआ। बड़ी संख्या में व्यापारी राजकीय इंटर कॉलेज परिसर में एकत्र हुए। यहां से उन्होंने मोटरसाइकिल जुलूस निकाला, जो गांधीनगर होते हुए झंडा तिराहा पहुंचा। इसके बाद व्यापारी पैदल मार्च करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग की नीतियां लाखों उपभोक्ताओं और व्यापारियों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डाल रही हैं। उन्होंने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप कर जनहित में राहत प्रदान करने की मांग की। मंडल अध्यक्ष डॉ. हरिमूर्ति सिंह, मंडल महामंत्री रत्नाकर श्रीवास्तव और संगठन महामंत्री किशन सिंह ने प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने 47 लाख उपभोक्ताओं पर बढ़ाए गए विद्युत लोड के निर्णय को वापस लेने की मांग की। साथ ही, बिजली मीटर की कीमत 700 रुपये से बढ़ाकर 5300 रुपये किए जाने के फैसले को भी रद्द करने की मांग की गई। अन्य मांगों में बिजली बिलों पर लगाए गए 10 प्रतिशत फ्यूल सरचार्ज को समाप्त करना और उपभोक्ताओं से ली जा रही अतिरिक्त सिक्योरिटी राशि की वसूली तत्काल रोकने की मांग शामिल थी। जिलाध्यक्ष राकेश सिंह ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया, तो प्रदेशव्यापी आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संगठन व्यापारियों और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करने को तैयार है। इस प्रदर्शन में जिला महामंत्री आलोक दुबे, भारत राम 'बबलू' अग्रहरी, नगर अध्यक्ष राणा महेंद्र प्रताप, कमलेश चौधरी, कुलदीप श्रीवास्तव, वंदना वर्मा सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी, व्यापारी और नागरिक मौजूद रहे।
इंदौर की सराफा पुलिस ने लाखों रुपए की साइबर ठगी के मामले में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस के मुताबिक फ्रूट व्यापारी के मोबाइल पर पेटीएम सस्पेंड होने का मैसेज आया। इसके बाद उन्होंने ऐप अपडेट किया तो उनका अकाउंट हैक हो गया और करीब 3.92 लाख रुपए निकाल लिए गए। पुलिस मामले की जांच कर रही है। नोटिफिकेशन में बताया पेटीएम सस्पेंड सराफा पुलिस के अनुसार, विद्याचल कॉलोनी निवासी कल्पेश जैन की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। कल्पेश ने बताया कि वे हुकुमचंद मार्ग पर फ्रूट का कारोबार करते हैं। 2 जून को उनके मोबाइल पर एक नोटिफिकेशन आया, जिसमें पेटीएम सस्पेंड होने की जानकारी दी गई थी। इसके कुछ देर बाद दूसरा नोटिफिकेशन आया, जिसमें पेटीएम अपडेट करने का विकल्प था। उन्होंने ऐप अपडेट किया, जिसके बाद मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। दोबारा चालू करने पर पेटीएम ऐप नहीं खुला। पेमेंट किया तो पता चला लिमिट खत्म 5 जून को उन्होंने एक ग्राहक को पेमेंट करने की कोशिश की तो पता चला कि ट्रांजेक्शन लिमिट समाप्त हो चुकी है। बैंक जाकर जानकारी लेने पर पता चला कि 2 जून से 5 जून के बीच उनके अकाउंट से आधा दर्जन से अधिक ट्रांजेक्शन के जरिए 3 लाख 92 हजार रुपए निकाल लिए गए। इसके बाद पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की जांच के बाद सराफा पुलिस ने मंगलवार को मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
थोक महंगाई को लेकर कांग्रेस का केंद्र पर हमला, जयराम रमेश बोले- देश आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहा
जून में WPI महंगाई बढ़ने के बाद कांग्रेस ने मोदी सरकार पर निशाना साधा। जयराम रमेश ने बढ़ती महंगाई, कृषि संकट और उद्योगों पर बढ़ती लागत को लेकर सरकार से जवाब मांगा।
बैतूल पुलिस ने 1.93 करोड़ रुपए के ऑनलाइन निवेश घोटाले में फरार चल रहे आरोपी योगेश कुमार साहू को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी करीब डेढ़ साल से फरार था। उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। रिमांड के दौरान पुलिस उसे छत्तीसगढ़ ले जाकर पूछताछ करेगी। आरोपी का वीडियो भी सामने आया है। यह मामला 9 फरवरी 2025 को सामने आया था। गंज क्षेत्र के भग्गूढाना निवासी कुलदीप राठौर ने बैतूल बाजार थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने 'रोबोट्रेड' नाम के ऑनलाइन ट्रेडिंग ऐप के जरिए निवेश पर ज्यादा मुनाफा देने का झांसा दिया था। निवेश के नाम पर रुपए लिए और निकालने पर रोक लगा दीशुरुआत में ऐप पर निवेश बढ़ता हुआ और मुनाफा मिलता हुआ दिखाया गया। इससे निवेशकों का भरोसा जीत लिया गया। इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों में करोड़ों रुपए जमा कराए गए। जब पीड़ित ने अपनी रकम निकालने की कोशिश की तो निकासी रोक दी गई। बाद में आरोपियों से संपर्क भी टूट गया। तब करीब 1.93 करोड़ रुपए की ठगी का पता चला। पुलिस ने इस मामले में धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी और आईटी एक्ट की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान मुख्य आरोपी मिलन राठौर को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। उस पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित था। इसके अलावा पंकज उर्फ ज्ञानप्रकाश साहू को भी गिरफ्तार किया गया था। अब पुलिस ने फरार आरोपी योगेश कुमार साहू (35), निवासी पामवुड रेसिडेंसी, कातुलबोर्ड, जिला दुर्ग (छत्तीसगढ़) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, वह इस पूरे नेटवर्क की अहम कड़ी है। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी को छत्तीसगढ़ ले जाकर बैंक खातों, डिजिटल डिवाइस, पैसों के लेनदेन और अन्य संभावित आरोपियों के बारे में पूछताछ की जाएगी। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि ठगी की रकम किन खातों में भेजी गई और उसका इस्तेमाल कहां किया गया।
छत से गिरकर मूंगफली व्यापारी की मौत:आधी रात हादसा, मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर ने मृत घोषित किया
हरदोई जिले के लोनार कोतवाली क्षेत्र के बावन कस्बे में एक मूंगफली व्यापारी की आधी रात को छत से गिरकर मौत हो गई। गंभीर हालत में परिजनों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टर ने बुधवार तड़के 3:10 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान 50 वर्षीय धनीराम के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र के सुरजीपुर के निवासी थे। वह लोनार कोतवाली क्षेत्र के बावन कस्बे के मुजाजपुर मोहल्ले में अपने परिवार के साथ रहते थे और कस्बे में ही मूंगफली का व्यापार करते थे। धनीराम के बड़े बेटे नागेंद्र ने बताया कि मंगलवार रात पूरा परिवार खाना खाकर मकान की पहली मंजिल की छत पर सोने गया था। धनीराम छत पर गली की ओर किनारे सो रहे थे। आशंका है कि रात में नींद के दौरान करवट लेते समय वह असंतुलित होकर सीधे नीचे सड़क पर जा गिरे, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। घटना का पता तब चला जब धनीराम की सबसे छोटी बेटी रागिनी रात में लघुशंका के लिए उठी। उसने बिस्तर पर पिता को नहीं पाया और अपनी मां श्रीदेवी को जगाया। परिजनों ने घर के अंदर तलाश करने के बाद बाहर देखा, तो धनीराम गली में लहूलुहान और अचेत अवस्था में पड़े मिले। परिजन तुरंत उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बावन ले गए। वहां से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान बुधवार तड़के डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। धनीराम अपने पीछे पत्नी, दो बेटे और तीन बेटियों का परिवार छोड़ गए हैं। शहर कोतवाल संजय त्यागी ने बताया कि शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर बुधवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित हो रहा है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा पहले चाचा-भतीजे की जोड़ी वसूली पर निकल जाते थे। प्रदेश में सुरक्षा का माहौल नहीं था। बेटियां और व्यापारी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करते थे, लेकिन आज उत्तर प्रदेश सुरक्षित होने के साथ युवाओं को रोजगार और सम्मान देने वाला प्रदेश बन रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 'कौशल से स्वावलंबन, स्वावलंबन से सम्मान' थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में कौशल विकास और रोजगार से जुड़ी कई नई पहल की शुरुआत की। साथ ही कौशल सारथी और कौशल सेतु डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया और 400 युवाओं को सम्मानित किया। 3 तस्वीरें देखिए… ……………. कार्यक्रम के पल-पल अपडेट्स के लिए नीचे लाइव व्लॉग से गुजर जाइए…
भारत-अमेरिका के प्रस्तावित व्यापार समझौते के विरोध में बुधवार को देशभर में बड़े स्तर पर मोटरसाइकिल मार्च निकाला जाएगा। किसान संगठनों ने इस मार्च के जरिए केंद्र सरकार के सामने अपना विरोध दर्ज कराने का ऐलान किया है। किसान संगठनों का कहना है कि यह समझौता किसानों, मजदूरों, छोटे व्यापारियों और आम लोगों के हितों के खिलाफ है। किसान मजदूर संघर्ष समिति के राज्य नेता सरवन सिंह पंधेर ने बताया कि देश बचाओ मोर्चा के आह्वान पर पूरे देश में मोटरसाइकिल मार्च आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन का उद्देश्य केंद्र सरकार तक यह संदेश पहुंचाना है कि देश का किसान और मजदूर वर्ग भारत-अमेरिका के प्रस्तावित व्यापार समझौते का विरोध करता है। पंजाब के 23 जिलों में मोटरसाइकिल मार्च निकाले जाएंगे पंधेर ने बताया कि पंजाब के सभी 23 जिलों में मोटरसाइकिल मार्च निकाले जाएंगे, जिनमें किसान मजदूर मोर्चा, संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक), आजाद किसान मोर्चा सहित कई किसान संगठन हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब के अलावा हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, दिल्ली और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में भी विरोध प्रदर्शन, मोटरसाइकिल मार्च और साइकिल रैलियां आयोजित की जाएंगी। कृषि उत्पादों के आयात की कोई आवश्यकता नहीं सरवन सिंह पंधेर ने दावा किया कि भारत कृषि उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भर देश है। उन्होंने कहा कि देश में अनाज, दालें, फल, सब्जियां, फूल और तिलहन समेत अधिकांश आवश्यक कृषि उत्पादों का पर्याप्त उत्पादन होता है। ऐसे में विदेशों से कृषि उत्पादों के आयात की कोई आवश्यकता नहीं है। भारत के अधिकांश किसान छोटी जोतों पर खेती करते हैं उन्होंने आशंका जताई कि यदि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता लागू होता है तो अमेरिकी कृषि उत्पाद कम या शून्य आयात शुल्क पर भारतीय बाजार में आ सकते हैं। उनका कहना है कि अमेरिका में किसानों और कृषि कंपनियों को भारी सरकारी सब्सिडी मिलती है, जबकि भारत के अधिकांश किसान छोटी जोतों पर खेती करते हैं। पंधेर के अनुसार, ऐसी स्थिति में भारतीय किसानों के लिए प्रतिस्पर्धा करना बेहद कठिन हो जाएगा, जिससे छोटे और मध्यम किसानों के साथ-साथ छोटे उद्योगों और व्यापारियों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। समझौता वापस न होने पर बड़े किसान आंदोलन की चेतावनी पंधेर ने देशवासियों से अपील की कि वे आज होने वाले मोटरसाइकिल मार्च में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर अपना समर्थन दें। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार ने प्रस्तावित व्यापार समझौते पर पुनर्विचार नहीं किया, तो किसान संगठन व्यापक आंदोलन का रास्ता अपनाने पर विचार करेंगे।
ऑनलाइन निवेश से 1.93 करोड़ की ठगी का आरोपी गिरफ्तार
भास्कर संवाददाता | बैतूल ऑनलाइन निवेश के नाम पर 1 करोड़ 93 लाख रुपए की धोखाधड़ी के मामले में फरार आरोपी योगेश कुमार साहू को बैतूल बाजार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिछले डेढ़ वर्ष से फरार था। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया। वहां से उसे 5 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। मामले में भग्गूढाना, गंज बैतूल निवासी कुलदीप राठौर ने 9 फरवरी 2025 को थाना बैतूल बाजार में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि मिलन राठौर, पंकज उर्फ ज्ञानप्रकाश साहू, देवकृष्ण साहू और योगेश कुमार साहू ने ऑनलाइन रोबोट्रेड एप्लिकेशन के माध्यम से निवेश के नाम पर करीब 1.93 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की। पुलिस ने मामले में धारा 420, 409, 467, 471 आईपीसी और 66-डी आईटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया था। जांच शुरू की थी। विवेचना के दौरान दो आरोपियों, मिलन राठौर और पंकज उर्फ ज्ञानप्रकाश साहू, को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। डेढ़ साल से फरार योगेश कुमार साहू (35), निवासी पामवुड रेसिडेंसी, कातुलबोर्ड, थाना मोहन नगर, जिला दुर्ग, छत्तीसगढ़ को पुलिस ने गिरफ्तार किया। रिमांड अवधि में आरोपी से ठगी की राशि और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं पर पूछताछ की जा रही है। बैतूल पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन के निर्देशन और अधिकारियों के मार्गदर्शन में हुई कार्रवाई में थाना प्रभारी विजय सिंह ठाकुर सहित पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस ने लोगों से ऑनलाइन निवेश में सावधानी बरतने की अपील की है।
FUISI; 10 हजार स्टार्टअप्स को वैश्विक स्तर पर पहुंचाएगा
फेडरेशन ऑफ यूनिकॉर्न इनोवेटिव स्टार्टअप्स एंड इंडस्ट्रीज (FUISI) की बोर्ड बैठक में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने पर चर्चा हुई। प्रेसिडेंट डॉ. आनंद पोद्दार ने बताया कि संगठन का लक्ष्य देश के 10,000 स्टार्टअप्स को मेंटर करना है। यह पहल सरकार के ‘विकसित भारत’ विजन के तहत पानी, क्लीन एनर्जी, एग्री व एआई जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे स्टार्टअप्स को वैश्विक स्तर पर ले जाएगी। बैठक में डॉ. लोकेश अग्रवाल, शुभम सक्सेना, लोकेश गुप्ता सहित कई विशेषज्ञों व बोर्ड सदस्यों ने भाग लिया।
जहां एक ओर ग्लोबल टेंशन के चलते पूरी दुनिया पर महंगाई का साया मंडरा रहा है और भारत में भी थोक महंगाई जून में बढ़कर 9.87 प्रतिशत हो गई है, वहीं इन सब के बीच बिहार के प्रॉपर्टी बाजार से बेहद चौंकाने वाले आंकड़े सामने आ रहे हैं। राज्य में लोग धड़ल्ले से जमीन और मकानों की खरीदारी कर रहे हैं। बीते 3 सालों में प्रदेश में स्टांप शुल्क और रजिस्ट्रेशन से मिलने वाले राजस्व (रेवेन्यू) में रिकॉर्ड तोड़ तेजी दर्ज की गई है। इसी तेजी को देखते हुए बिहार सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 में सिर्फ स्टांप ड्यूटी और निबंधन शुल्क से ₹10,000 करोड़ की बंपर कमाई का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।बजटीय आंकड़ों में बड़ी छलांग: 2 साल में 21% से ज्यादा की वृद्धिबिहार सरकार को संपत्ति बाजार में आई इस तेजी से अपने खजाने को भरने की पूरी उम्मीद है। वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में तय किया गया ₹10,000 करोड़ का यह लक्ष्य, साल 2025-26 के संशोधित अनुमान (₹8,250 करोड़) से करीब 21 फीसदी ज्यादा है। अगर हम साल 2024-25 के आंकड़ों को देखें, तो उस दौरान इस मद से ₹7,976 करोड़ की वास्तविक कमाई हुई थी। ये लगातार बढ़ते आंकड़े साफ दर्शाते हैं कि राज्य में संपत्तियों की रजिस्ट्री का सिलसिला बेहद मजबूत बना हुआ है।अनुमान से 476 करोड़ रुपये ज्यादा बटोर चुकी है सरकारसरकार का यह भरोसा केवल कागजी उम्मीदों पर नहीं है, बल्कि पिछले सालों के प्रदर्शन पर आधारित है। वित्त वर्ष 2024-25 के बजट में सरकार ने स्टांप ड्यूटी से ₹7,500 करोड़ जुटाने का अनुमान लगाया था, लेकिन जब वास्तविक आंकड़े आए तो खजाने में ₹7,976 करोड़ जमा हुए। यानी सरकार को उम्मीद से 6 फीसदी ज्यादा और करीब ₹476 करोड़ का अतिरिक्त मुनाफा हुआ, जो यह साबित करता है कि बिहार में रियल एस्टेट मार्केट की रफ्तार अपेक्षा से कहीं अधिक तेज है।भूमि राजस्व से भी होगी ₹800 करोड़ की तगड़ी कमाईसिर्फ जमीनों की रजिस्ट्री से ही नहीं, बल्कि डायरेक्ट लैंड रेवेन्यू (भूमि राजस्व) के जरिए भी बिहार सरकार अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत कर रही है। नए बजट 2026-27 में भूमि राजस्व के तहत ₹800 करोड़ जुटाने का टारगेट फिक्स किया गया है, जो पिछले साल के संशोधित अनुमान (₹700 करोड़) से 14 प्रतिशत अधिक है। वहीं, साल 2024-25 में यह कमाई महज ₹571 करोड़ थी। यह क्रमिक विकास दिखाता है कि सरकार जमीन से जुड़े राजस्व स्रोतों का दायरा बढ़ाने की ठोस रणनीति पर काम कर रही है।अगस्त से पूरी तरह पेपरलेस और डिजिटल होगी रजिस्ट्री प्रक्रियाजमीन की खरीद-बिक्री में होने वाले फर्जीवाड़े को रोकने और प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार प्रशासनिक सुधार भी कर रही है। आगामी अगस्त 2026 से बिहार में जमीन, फ्लैट और मकानों की रजिस्ट्री चरणबद्ध तरीके से पूरी तरह पेपरलेस और डिजिटल होने जा रही है। इसकी शुरुआत 11 जुलाई को हाजीपुर जिला निबंधन कार्यालय से की जा चुकी है। बिहार निबंधन नियमावली 2026 के पहले चरण में 10 कार्यालयों को डिजिटल किया जा रहा है, जिसमें हाजीपुर के बाद 18 जुलाई से 9 और कार्यालय जुड़ जाएंगे। इसके बाद लोगों को मोटी फाइलें लेकर दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे।सर्किल रेट 100% तक बढ़ा; जेब पर पड़ेगा सीधा असरराजस्व को दोगुनी रफ्तार से बढ़ाने के लिए सरकार ने जमीन के मूल्यांकन और सरकारी दरों में भारी बढ़ोतरी कर दी है। नई व्यवस्था के तहत शहरी क्षेत्रों में जमीन की न्यूनतम कीमत यानी सर्किल रेट में 100 फीसदी तक का इजाफा किया गया है। वहीं, ग्रामीण और पेरिफेरल (अर्ध-शहरी) इलाकों में सर्किल रेट को 1.6 गुना तक बढ़ा दिया गया है। इसके अलावा, स्टांप शुल्क को भी 7% से बढ़ाकर 8% कर दिया गया है, जबकि 2% का निबंधन शुल्क पहले की तरह लागू रहेगा। रक्सौल जैसे कई सीमावर्ती इलाकों में सरकारी दरें बढ़ने से अब सीधे तौर पर खरीदारों की जेब पर भार बढ़ेगा और सरकार का रेवेन्यू भी इसी अनुपात में बढ़ेगा।विपक्ष के आर्थिक दावों के बीच सरकार की दोहरी रणनीतिपिछले कुछ समय से बिहार की वित्तीय स्थिति और राजकोषीय घाटे को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर रहा है। ऐसे में आर्थिक मोर्चे पर खुद को साबित करने के लिए सरकार दोहरी रणनीति अपना रही है। एक तरफ निवेश बढ़ाने के लिए औद्योगिक परियोजनाओं को लीज पर जमीनें दी जा रही हैं, हाईवे पर टोल टैक्स और पंचायतों में कर संग्रह मजबूत किया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ, रजिस्ट्री को डिजिटल कर जनता को सुविधा देने के साथ-साथ बढ़े हुए सर्किल रेट और स्टांप ड्यूटी के जरिए सरकारी खजाने को रिकॉर्ड स्तर पर ले जाने की तैयारी पूरी हो चुकी है।
ग्वालियर में साइबर ठग लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। बीते 24 घंटे में शहर में ऑनलाइन ठगी के दो अलग-अलग मामले दर्ज हुए हैं। पहले मामले में महाराजपुरा के एक रिटायर्ड अधिकारी को पेंशन कार्ड बनाने का झांसा देकर APK फाइल भेजी गई। फाइल डाउनलोड करते ही मोबाइल हैक हो गया और खाते से 1.73 लाख रुपए निकाल लिए गए। वहीं, दूसरे मामले में माधौगंज के एक व्यापारी के खाते से बिना किसी कॉल, ओटीपी या लिंक क्लिक किए 1.37 लाख रुपए उड़ा लिए गए। दोनों मामलों की जांच साइबर सेल की मदद से शुरू कर दी गई है। केस-1: पेंशन कार्ड के नाम पर भेजी APK फाइल, खाते से उड़ाए ₹1.73 लाख महाराजपुरा थाना क्षेत्र के डीडी नगर निवासी 66 वर्षीय अनूप कुमार चौबे उद्योग विभाग से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। 10 जुलाई को फेसबुक देखते समय उन्हें पेंशन कार्ड बनाने का एक विज्ञापन दिखाई दिया। उन्होंने उसमें अपनी जानकारी भर दी। कुछ देर बाद एक अज्ञात नंबर से कॉल आया और प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर व्हाट्सएप पर एक APK (Android Package Kit) फाइल भेजी गई। फाइल डाउनलोड करते ही उनका मोबाइल हैंग हो गया। इसी दौरान ठगों ने मोबाइल का रिमोट एक्सेस लेकर तीन ट्रांजेक्शन में उनके खाते से 1 लाख 73 हजार रुपए निकाल लिए। बैंक पहुंचने पर उन्हें ठगी का पता चला। पहले उन्होंने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की, जिसके बाद महाराजपुरा थाने में एफआईआर दर्ज की गई। केस-2: न कॉल आया, न OTP; फिर भी खाते से कट गए ₹1.37 लाख माधौगंज थाना क्षेत्र की सिंधु आदर्श कॉलोनी निवासी 45 वर्षीय व्यापारी बृजेश तलरेजा का बैंक ऑफ इंडिया की नया बाजार शाखा में खाता है। 24 मई को अचानक उनके मोबाइल पर खाते से पैसे कटने के मैसेज आने लगे। उन्होंने बताया कि न तो किसी का फोन आया था, न किसी लिंक पर क्लिक किया और न ही किसी को ओटीपी बताया। इसके बावजूद ठगों ने UPI सिस्टम की तकनीकी खामी (लूपहोल) का फायदा उठाकर 10 ट्रांजेक्शन में 1 लाख 37 हजार 951 रुपए निकाल लिए। माधौगंज पुलिस ने मामला दर्ज कर ट्रांजेक्शन वाले बैंक खातों और यूपीआई आईडी की जांच शुरू कर दी है। साइबर सेल की सलाह पुलिस का पक्ष पुलिस के मुताबिक दोनों मामलों में आईटी एक्ट और धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। साइबर सेल की मदद से जिन बैंक खातों और यूपीआई आईडी में रकम ट्रांसफर हुई है, उन्हें ट्रेस कर फ्रीज कराने की कार्रवाई की जा रही है।
सीकर में बजरंग कांटा स्थित बजाज सर्किल से कृषि मंडी तिराहे तक रोड को 100 फीट चौड़ी करने का विरोध तेज हो गया है। 3 दिन पहले नगर परिषद कमिश्नर को ज्ञापन देने के बाद आज फिर जयपुर रोड के व्यापारियों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में व्यापारियों ने रोड को 80 फीट ही चौड़ा करने की मांग की है। व्यापारियों ने कहा कि रोड के हिसाब से ही दुकान बनाई थी, अब सड़क चौड़ी होगी तो दुकानें खत्म हो जाएंगी और सैकड़ों परिवारों के रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। दशकों पुराने रोजगार को उजाड़ना बिल्कुल गलत व्यापारियों ने ज्ञापन देकर कहा कि रोड को वॉल-टू-वॉल बनाया जाए। विकास के नाम पर दशकों पुराने रोजगार को उजाड़ना बिल्कुल सही नहीं है, व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखा जाना चाहिए। व्यापारियों का कहना है कि सिटी बस और टैक्सी स्टैंड को शिफ्ट किया जाए। डिपो तिराहे के पास लोक परिवहन बसों और अन्य भारी गाड़ियों का स्टॉपेज हटाया जाए। रोड के दोनों ओर वॉल-टू-वॉल सड़क बनाकर RCC ढक्कनों से पूरी तरह ढका जाए। बाजार उजाड़ने से सैकड़ों मजदूर और कर्मचारी होंगे बेरोजगार व्यापारियों ने कहा कि रोड किनारे बेढंग से लगे बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर (डीपी) ट्रैफिक में बड़ी बाधा हैं, इन्हें रोड के किनारों पर लगाया जाए। अनाज मंडी में आने-जाने वाली गाड़ियों की एंट्री व एग्जिट अलग-अलग की जाए। रोड पर काफी गाड़ियां पार्क रहती हैं और कुछ अस्थाई अतिक्रमण हैं जिस वजह से ट्रैफिक जाम रहता है। इसलिए गाड़ियों की पार्किंग व्यवस्था की जाए और अस्थाई अतिक्रमण हटाए जाएं। 50 साल से स्थापित बाजार को उजाड़ने से सैकड़ों मजदूर और कर्मचारी भी बेरोजगार हो जाएंगे। इसलिए व्यापारियों की सहूलियत को भी ध्यान में रखने की जरूरत है।
गोरखपुर में ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (GBC) 5.0 को लेकर तैयारी तेज हो गई है। मंडल में लगभग 6321 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतरने को तैयार हैं। इसमें सर्वाधिक निवेश गोरखपुर में हो रहा है। मंडल में 10 हजार 999 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्ताव गत वर्ष इंवेस्टर्स समिट में मिला था। कमिश्नर अनिल ढींगरा ने मंगलवार की शाम गीडा की सीईओ अनुज मलिक एवं अन्य अधिकारियों के साथ GBC 5.0 को लेकर बैठक की। कमिश्नर ने कहा कि नए उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सभी अधिकारी सहयोग करें। अधिकारी हर तरह का सहयोग प्रदान करें, जिससे किसी भी उद्यमी को कोई परेशानी न होने पाए। आने वाले समय में गोरखपुर मंडल के जिलों में नए उद्योग स्थापित होने से रोजगार का सृजन होगा। जिससे यहां के युवकों को यहीं रोजगार मिल सकेगा। जानिए किस जिले में कौन प्रमुख इकाइयां लगेंगी गोरखपुर में अडाणी समूह की अंबुजा सीमेंट, कोका कोला की बाटलिंग कंपनी अमृत बॉटलर्स, श्रेयस डिस्टिलरी, एपीएल अपोलो ट्यूब््स लिमिटेड, समर कूल होम अप्लायंसेज सहित लगभग 272 औद्योगिक इकाइयां स्थापित होंगी। इसी तरह महराजगंज जिले में शांति फाउंडेशन की ओर से निजी विश्वविद्यालय, राइस मिल, मुरमुरा प्लांट सहित 57 इकाइयां स्थापित होंगी। कुशीनगर जिले में गोल्डेन बेकरी, फ्लोर मिल, होटल सहित 90 इकाइयों की स्थापना होनी है। इसी तरह देवरिया जिले में फॉरेवर डिसनरी का विस्तारीकरण होगा, आर्यन फिश फीड सहित 59 औद्योगिक इकाइयां स्थापित होंगी। जमीन का हो चुका है आवंटन जितनी इकाइयों को गोरखपुर में निवेश करना है, उनमें से अधिकतर को जमीन का आवंटन किया जा चुका है। अडाणी समूह एवं श्रेयस डिस्टिलरी को ग्रेटर गीडा यानी धुरियापार औद्योगिक टाउनशिप में जमीन उपलब्ध कराई गई है। इस टाउनशिप में रेलवे लिंक भी होगा। इसके साथ ही कोका कोला की बाटलिंग इकाई अमृत बॉटलर्स को सेक्टर 28 में जगह दी गई है। अन्य इकाइयों को भी गीडा के विभिन्न सेक्टरों में जमीन आवंटित की गई है।
बांसवाड़ा में अनाज व्यापारी के घर की कुंदी तोड़कर चोर करीब 250 ग्राम सोने की ज्वेलरी, 15 किलो चांदी और 13 लाख कैश समेत करीब 75 लाख रुपए का सामान ले गए। घटना के समय व्यापारी पत्नी के साथ घर के आगे कमरे में सो रहे थे। घटना जिला मुख्यालय से करीब 70 किलोमीटर दूर कुशलगढ़ थाना क्षेत्र के टीमेड़ा बस स्टैंड क्षेत्र में सोमवार की रात करीब 12 बजे हुई। कारोबारी की तीन बेटियां है, जिनमें एक लंदन(इंग्लैंड) और दो बेंगलुरु में मल्टीनेशनल कंपनी में कार्यरत हैं। कुशलगढ़ थानाधिकारी प्रवीण सिंह सिसोदिया ने बताया कि पीड़ित व्यापारी अशोक कुमार पुत्र महावीर प्रसाद अग्रवाल की ओर से मंगलवार को मिली रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अलमारी तोड़कर ज्वेलरी और कैश ले गएरिपोर्ट में व्यापारी अशोक कुमार ने बताया कि वारदात के समय वे अपनी पत्नी के साथ मकान के आगे के कमरे में सो रहे थे। घर के पीछे की तरफ मगरी माता पहाड़ी की ओर कुछ अतिरिक्त कमरों का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसका फायदा उठाकर चोर घर के पिछले हिस्से से घुस गए। जब तड़के 3:30 बजे अशोक कुमार उठे, तो घर के तीनों दरवाजे खुले हुए थे। कमरों में जाने पर पता चला कि तिजोरी टूटी थी और अलमारियों का सारा सामान अस्त-व्यस्त बिखरा था। अलमारी में रखे सोने-चांदी के पुश्तैनी जेवर और कैश भी गायब था। घर में रखी चांदी की गाय की मूर्ति को कांच के बॉक्स सहित उठाकर रसोई में ही छोड़ गए। सूचना पर कुशलगढ़ थानाधिकारी प्रवीण सिंह सिसोदिया पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे और मुआयना किया। मौके पर पहुंची एफएसएल टीम ने फिंगरप्रिंट्स और अन्य सबूत जुटाए। साइबर टीम ने मोबाइल टावर डंप और एक्टिव नंबर्स को खंगालकर जांच शुरू की। थानाधिकारी बोले- सीसीटीवी कैमरों से जांच कर रहे हैंथानाधिकारी ने बताया- आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की गई, जिसमें रात करीब सवा 12 बजे एक संदिग्ध व्यक्ति घर की तरफ आता दिखाई दिया है। सीसीटीवी और तकनीकी इनपुट्स के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। इस बीच घटना की जानकारी मिलते ही जिले के दूसरे कारोबारी बजरंग भाई अग्रवाल, अशोक भाई, प्रीतेश भाई पडियार, राहुल भाई बटेब्रा सहित कई व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन से गहरी नाराजगी जताई। व्यापारियों ने थानाधिकारी से कहा कि क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाए। साथ ही आरोपियों को जल्दी गिरफ्तार कर चोरी गया माल बरामद किया जाए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बरनाला जिले की तपा मंडी में चोरी की लगातार बढ़ती घटनाओं ने व्यापारियों और शहरवासियों की चिंता बढ़ा दी है। हाल ही में, शहर की कई दुकानों के बाहर एक संदिग्ध युवक चोरी की नीयत से घूमता हुआ सीसीटीवी कैमरों में कैद हुआ है। यह पहली घटना नहीं है; इससे कुछ दिन पहले भी एक ही रात में दो दुकानों में चोरी हुई थी, जिसमें एक संदिग्ध कैमरे में दिखाई दिया था। इन लगातार सामने आ रही वारदातों ने व्यापारियों के बीच भय का माहौल पैदा कर दिया है। घटना के बाद, व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने सीसीटीवी फुटेज और संदिग्ध की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की हैं। उन्होंने लोगों से उसकी पहचान कराने की अपील करते हुए कहा कि यदि किसी को भी संदिग्ध व्यक्ति के बारे में कोई जानकारी हो तो तुरंत तपा पुलिस को सूचित करें। व्यापारी बोले- चोरी की बढ़ती घटनाओं से बाजार का माहौल प्रभावित व्यापारियों का कहना है कि चोरी की बढ़ती घटनाओं से बाजार का माहौल प्रभावित हो रहा है और रात के समय दुकानों की सुरक्षा को लेकर डर बना हुआ है। व्यापार मंडल ने पुलिस प्रशासन से शहर में रात्रि गश्त बढ़ाने, प्रमुख बाजारों में नियमित निगरानी रखने और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्ध को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है। शहरवासियों ने भी पुलिस और आम जनता के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया है, ताकि संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दी जा सके। फिलहाल, तपा पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्ध की पहचान करने में जुटी है। पुलिस ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी की वारदातों का खुलासा किया जाएगा।
भगवान शिव की आराधना के पवित्र माह सावन की शुरुआत से पहले ही धर्मनगरी काशी का रुद्राक्ष बाजार पूरी तरह गुलजार हो चुका है। देश-विदेश से लगातार बढ़ रहे ऑर्डर और श्रद्धालुओं की बढ़ती आस्था के चलते इस बार रुद्राक्ष की मांग में वृद्धि दर्ज की जा रही है। व्यापारियों का अनुमान है कि सावन के दौरान वाराणसी में रुद्राक्ष का कारोबार 40 से 50 करोड़ रुपये से अधिक तक पहुंच सकता है। देश के साथ साथ विदेश से आने वाले पर्यटक कर रहे खरीदारी दशाश्वमेध घाट स्थित रुद्राक्ष के थोक व्यापारी अंजलि जायसवाल ने बताया कि जून महीने से ही रुद्राक्ष की मांग बढ़ने लगती है। जैसे-जैसे सावन नजदीक आता है, वैसे-वैसे देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी ऑर्डर मिलने शुरू हो जाते हैं। सावन और महाशिवरात्रि के दौरान यह मांग अपने चरम पर पहुंच जाती है। उन्होंने बताया कि उनके प्रतिष्ठान पर नेपाल, इंडोनेशिया, भारत, हरिद्वार और हिमालय क्षेत्र के रुद्राक्ष उपलब्ध हैं। शास्त्रों के अनुसार नेपाली रुद्राक्ष को सबसे अधिक प्रभावशाली और शुभ माना जाता है। यही वजह है कि बाजार में इसकी मांग सबसे ज्यादा रहती है। इस वर्ष विशेष रूप से 5 मुखी से लेकर 14 मुखी रुद्राक्ष की खरीदारी में तेजी देखी जा रही है। श्रद्धालु अपनी आस्था और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार अलग-अलग मुख वाले रुद्राक्ष खरीद रहे हैं। समान्य रुद्राक्ष का रेट 100 रूपया पहुंचा बढ़ती मांग का असर कीमतों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। सामान्य रुद्राक्ष जहां 100 रुपये से उपलब्ध हैं, वहीं दुर्लभ और उच्च गुणवत्ता वाले रुद्राक्षों की कीमत 50 से 60 लाख रुपये तक पहुंच रही है। किसी भी रुद्राक्ष का मूल्य उसकी गुणवत्ता, दुर्लभता, आकार और उसमें मौजूद मुखों की संख्या के आधार पर तय होता है। अंजलि जायसवाल ने बताया कि काशी से रुद्राक्ष की आपूर्ति केवल भारत तक सीमित नहीं है। यहां से अमेरिका, कनाडा, सिंगापुर, मलेशिया, इंडोनेशिया, दुबई, दक्षिण अफ्रीका और चीन सहित कई देशों में नियमित रूप से रुद्राक्ष भेजे जाते हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार बढ़ रही मांग के कारण भी रुद्राक्ष की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है। विदेशी श्रद्धालु और भारतीय मूल के लोग भी बड़ी संख्या में ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से ऑर्डर दे रहे हैं।
भरतपुर के बिहारी जी मंदिर में ऑयल मिल व्यापारी की मां का दान किया हीरा गायब है। दावा है कि उन्होंने मंदिर में हीरा दिसंबर 2024 में चढ़ाया था। इसके बाद उन्हें 6 महीने बाद पता चला कि मूर्ति पर हीरा नहीं कांच का टुकड़ा लगा है। महिला का दावा है कि उन्होंने कई बार देवस्थान विभाग से अपने भेंट किए हीरे की स्लिप मांगी लेकिन, उन्हें नहीं दी गई। महिला का आरोप है कि उन्हें यह कहा गया कि क्या पता आपने कांच का टुकड़ा चढ़ाया हो। इसके बाद से लगातार वो अपनी बहू के साथ हीरे की जांच की मांग कर रही हैं। मामले को लेकर देवस्थान विभाग के आयुक्त मुकेश मीणा ने कहा- मैं उस वक्त यहां तैनात नहीं था। ऐसे में, मैं बता नहीं सकता कि वह हीरा है या कांच का टुकड़ा। समझिए पूरा मामला … दिल्ली से खरीदा था हीरा मीरा बंसल की बहू कृपाली ने बताया- सास मीरा बंसल ने बिहारीजी की भक्त हैं। उनकी इच्छा थी कि एक हीरा बिहारीजी की मूर्ति पर भी हो। ऐसे में, 2024 दिसंबर में दिल्ली के करोल बाग स्थित कुंदन लाल एंड संस के यहां से हीरा खरीदा था। ये हीरा 3 लाख 64 हजार रुपए में खरीदा था। जून 2025 से यहां आने वाले भक्तों और हमारे मिलने वाले लोगों ने कहा कि ये हीरा तुम्हारा दिया हुआ नहीं लग रहा। इसकी चमक वैसी नहीं है। पहले जैसी चमक नहीं रही कृपाली ने बताया- इसके बाद वहां जाकर हमारे परिवार ने हीरे को देखा तो, वहां पर पहले जैसे हीरे की चमक नहीं थी। इसके बाद देवस्थान विभाग के आयुक्त मुकेश मीणा से बात की गई लेकिन, उन्होंने संतुष्टि पूर्वक कोई जवाब नहीं दिया। हीरा चढ़ाने के बाद कई बार हीरा दान के लिए देवस्थान विभाग से स्लिप मांगी लेकिन, नहीं दी। मामला रफा-दफा करने की कोशिश कृपाली ने दावा किया कि इसी दौरान देवस्थान विभाग से दो कर्मचारी सूरजभान और पुष्पेंद्र घर आए। मामले को रफा-दफा करने की बात कही। लेकिन, हमने कहा कि हीरे की जांच करवा दीजिए। इसके बाद हमने देवस्थान विभाग उदयपुर, भरतपुर विधायक सुभाष गर्ग, सीएम भजन लाल शर्मा से लिखित में इसकी शिकायत की है। अधिकारी बोले- कांच का टुकड़ा कृपाली ने आरोप लगाया कि अब देवस्थान विभाग के अधिकारी कहते हैं कि क्या पता तुमने बिहारीजी पर कांच का टुकड़ा चढ़ाया हो। जब हमने हीरा दान किया था उस समय देवस्थान विभाग ने हीरे की जांच नहीं की थी। उन्हें उस समय जांच करनी चाहिए थी। देवस्थान विभाग ने हीरा गायब किया और अब उसे वह कांच का टुकड़ा बता रहे हैं। हमारे पास हीरे का बिल, उसका नंबर और सर्टिफिकेट भी है। हमने पुलिस में शिकायत नहीं की है, हम केवल हीरे की जांच करवाना चाहते हैं। आयुक्त बोले- हीरे दान की डेट अलग मामले को लेकर देवस्थान विभाग के आयुक्त मुकेश मीणा ने कहा- जब हीरा दान किया गया था। उस समय में कहीं और तैनात था। अब वह हीरा है या कांच का टुकड़ा उसके बारे में मैं नहीं बता सकता। मुझे नहीं पता कि उस समय कौन अधिकारी था या कौन कर्मचारी था। रसीद किसने नहीं दी इसके बारे में मैं कैसे बता सकता हूं। हमारे रिकॉर्ड में हीरा दान 15 नवंबर को किया गया था। मीरा बंसल का कहना है कि उन्होंने 10 दिसंबर को हीरा दान किया था। हीरा वेरीफाई नहीं हुआ है। हीरे की जांच के लिए कमेटी बनाई हुई है। जो कर्मचारी बंसल के घर गए थे उनके बारे में मुझे पता नहीं है।
केंद्र सरकार की प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में पंजाब के किसान संगठनों ने आज राज्यव्यापी आंदोलन के तहत विभिन्न टोल प्लाजा को टोल-फ्री कर दिया। इसी कड़ी में, भारतीय किसान यूनियन (BKU) सिद्धूपुर के कार्यकर्ताओं ने पटियाला-राजपुरा-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर स्थित धरेड़ी जट्टां टोल प्लाजा पर जोरदार धरना प्रदर्शन किया और बैरियर हटाकर वाहनों को बिना किसी शुल्क के जाने दिया। किसानों ने इस दौरान सरकार पर किसानों के साथ किए गए वादे को पूरा न करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि यदि अमेरिका के साथ हो रहे व्यापार समझौते में कृषि उत्पादों को शामिल किया गया तो इसका सड़क पर उतर कर विरोध किया जाएगा। क्योंकि इससे भारती किसानों पर बुरी मार पड़ेगी। 5 घंटे तक चला सांकेतिक प्रदर्शन किसान नेताओं ने बताया कि यह विरोध प्रदर्शन सुबह 11 बजे से शुरू होकर शाम 4 बजे तक जारी रहा। इस 5 घंटे की अवधि के दौरान, पंजाब के विभिन्न हाईवे और टोल प्लाजा से गुजरने वाले आम वाहन चालकों को बिना कोई टोल टैक्स दिए सीधे निकलने दिया गया। प्रदर्शन के दौरान भारी संख्या में पहुंचे किसानों ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कृषि और किसानों को बर्बाद कर देगी यह डील धरने को संबोधित करते हुए किसान नेताओं ने गंभीर आरोप लगाए और कहा कि भारत और अमेरिका के बीच होने वाला यह व्यापार समझौता देश के कृषि क्षेत्र के लिए घातक साबित होगा। इस डील के लागू होने से भारतीय किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। सरकार विदेशी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए देश के अन्नदाता के हितों के साथ खिलवाड़ कर रही है। आगामी बड़े आंदोलन की चेतावनी किसान जत्थेबंदियों ने स्पष्ट किया कि आज का यह कदम केवल एक सांकेतिक विरोध (Symbolic Protest) था, ताकि सरकार को किसानों की चिंताओं और अधिकारों के प्रति सचेत किया जा सके। किसान नेताओं ने केंद्र सरकार को दोटूक चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस प्रस्तावित ट्रेड डील को तुरंत नहीं रोका गया और कृषि क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई, तो पंजाब के सभी किसान संगठन एकजुट होकर आने वाले दिनों में देशव्यापी और बड़े पैमाने पर आंदोलन की रणनीति तैयार करेंगे।
पंजाब के CM भगवंत मान ने दिल्ली में कहा कि राज्य में निवेश करने का यह उपयुक्त समय है। सरकार ने निवेशकों के लिए समयबद्ध सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया है, जिससे सभी आवश्यक मंजूरियां तय समय में मिलती हैं। उन्होंने दावा किया कि 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' के मामले में पंजाब देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। सीएम ने कहा कि मोहाली देश की सिलिकॉन वैली बनने की ओर बढ़ रहा है। मोहाली अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से पांच मिनट के दायरे में उद्योगों के लिए जरूरी सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने अलग विभाग बनाया है। उन्होंने दावा किया कि अब तक पंजाब में करीब 2 लाख करोड़ रुपये का निवेश हुआ है, जिससे 5 लाख रोजगार मिला हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के पास 6 एयरपोर्ट हैं, जिनमें 2 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट शामिल हैं। रेलवे कनेक्टिविटी को भी मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने उद्योगपतियों से कहा कि पंजाब में संसाधनों और कुशल लोगों की कोई कमी नहीं है, अब सिर्फ उनके निवेश का इंतजार है। अब सीएम की स्पीच के 7 मेन प्वाइंट जानिए 1. टेक्सटाइल सेक्टर में निवेश की अपार संभावनाएं मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब का टेक्सटाइल सेक्टर आज भी देश के प्रमुख उद्योगों में शामिल है। लुधियाना देश के करीब 90 फीसदी होजरी और गारमेंट उद्योग का प्रमुख केंद्र है, जहां बड़े ब्रांड से लेकर एमएसएमई तक काम कर रहे हैं। इसके अलावा जालंधर और अमृतसर भी प्रमुख औद्योगिक शहर हैं। इसी वजह से पंजाब ने इस क्षेत्र में पार्टनर स्टेट बनने का फैसला लिया है। 2. उद्योगपति चुनावी फंड का जरिया नहीं, परिवार का हिस्सा मान ने कहा कि सरकार का काम उद्योगों को सुविधाएं देना और निवेश के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना है। उन्होंने कहा कि व्यापारी और उद्योगपति सरकार के लिए चुनावी फंड का जरिया नहीं, बल्कि परिवार का हिस्सा हैं। 3. उद्योगपति बोला, निवेश करेंगे, बस तंग मत करना मुख्यमंत्री ने एक किस्सा सुनाते हुए कहा कि सरकार बनने के बाद कई उद्योगपति उनसे मिलने आए। एक उद्योगपति ने कहा कि वह करोड़ों रुपये का निवेश करना चाहता है, लेकिन सरकार का सहयोग चाहिए। जब उन्होंने पूछा कि किस तरह का सहयोग चाहिए तो उद्योगपति ने हाथ जोड़कर कहा, बस हमें तंग मत करना। सीएम ने कहा कि इससे पता चलता है कि पहले उद्योगों के साथ कैसा व्यवहार होता था। 4. पहले इंडस्ट्री को ATM की तरह इस्तेमाल किया जाता था सीएम ने आरोप लगाया कि पहले खराब माहौल से कई उद्योग पंजाब छोड़कर बद्दी और अन्य राज्यों में चले गए। उद्योगों को एटीएम की तरह इस्तेमाल किया जाता था, लेकिन उनकी सरकार ने यह व्यवस्था पूरी तरह बदल दी है। 5.पंजाब बिजली में सरप्लस राज्य मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब आज बिजली सरप्लस राज्य है। राज्य सरकार की तीन और निजी क्षेत्र की दो कोयला खदानें हैं। पंजाब को हर साल करीब 70 लाख मीट्रिक टन कोयला मिलता है और फिलहाल दो महीने का कोयला स्टॉक उपलब्ध है। इसलिए अब उद्योगों पर बिजली कटौती या किसी तरह का प्रतिबंध नहीं लगाया जाता। 6. उद्योगों के लिए 22 सलाहकार समितियां सीएम ने कहा कि सरकार ने उद्योगों के साथ लगातार संवाद बनाए रखा है। विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों के लिए 22-23 सलाहकार समितियां गठित की गई हैं। होटल उद्योग के लिए भी अलग समिति बनाई गई है, जिसमें उसी क्षेत्र के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। 7. इसी महीने आएगी एक और स्टील कंपनी मुख्यमंत्री ने बताया कि टाटा स्टील ने पंजाब में 3,200 करोड़ रुपये निवेश किए है। इसके अलावा आईची स्टील ने भी 2,600 करोड़ रुपये का निवेश किया है। उन्होंने कहा कि इसी महीने कंपनी शुरू होगी पंजाबी दुनिया भर में अपनी मेहनत और उद्यमशीलता के लिए जाने जाते हैं। पंजाब ऐसा राज्य है, जहां आने वाला कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं रहता और हर मुश्किल में लोग एक-दूसरे की मदद के लिए आगे आते हैं।
भारत में थोक महंगाई दर जून में 9.87 प्रतिशत रही, ईंधन और ऊर्जा की कीमतों में 27 प्रतिशत का इजाफा
भारत में थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) पर आधारित महंगाई या थोक महंगाई दर जून में सालाना आधार पर 9.87 प्रतिशत रही है, जो कि मई में 9.68 प्रतिशत थी। यह जानकारी वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की ओर से मंगलवार को जारी आंकड़ों में दी गई।
422 मेगावाट क्षमता वाली किशाऊ बहुउद्देश्यीय जलविद्युत परियोजना का समझौता ज्ञापन (MOU) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में भारत सरकार और साझेदार राज्यों के बीच जल्द हस्ताक्षरित होगा। MOU पर हस्ताक्षर से पहले केंद्र ने इसका प्रारूप परियोजना से जुड़े सभी राज्यों को भेजकर सुझाव और टिप्पणियां मांगी हैं। इसी सिलसिले में सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी मंगलवार को एमओयू के प्रारूप की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना के क्रियान्वयन में हिमाचल प्रदेश के अधिकारों और हितों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में हुई बैठक में 422 मेगावाट किशाऊ परियोजना के क्रियान्वयन पर सहमति बनी है। इसके तहत हिमाचल प्रदेश को परियोजना में कोई वित्तीय निवेश नहीं करना होगा, जबकि राज्य को हर वर्ष लगभग 600 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने पूर्व में तैयार एमओयू के प्रारूप को अस्वीकार कर प्रदेश के हितों को सुरक्षित रखने वाली नई शर्तों और प्रावधानों को सभी हितधारकों से मंजूरी दिलाई। इससे राज्य के दीर्घकालिक हित सुरक्षित हुए और परियोजना के क्रियान्वयन का रास्ता भी साफ हुआ। हरियाणा-दिल्ली-राजस्थान उठाएंगे बिजली कंपोनेंट खर्च मुख्यमंत्री ने कहा कि नई व्यवस्था के तहत सभी साझेदार राज्यों (हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान) को बिजली और पानी में उनका वैध हिस्सा मिलेगा। वहीं हिमाचल को अपनी जरूरत के अनुसार जलाशय से पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य ने यमुना बेसिन में 378 मिलियन घन मीटर पानी पर अपना अधिकार भी सुरक्षित किया है। बीबीएमबी के बकाया वसूली के प्रयास तेज: CM सुक्खू ने कहा कि किशाऊ परियोजना पर हुआ यह समझौता हिमाचल के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। इससे राज्य का वैध हिस्सा और दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित होंगे। राज्य सरकार भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) की परियोजनाओं से हिमाचल को मिलने वाली 13,066 मिलियन यूनिट बिजली के लंबित बकाये की वसूली के प्रयास भी तेज कर रही है। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद यह मामला करीब 15 वर्षों से लंबित है। आठ साल से चला आ रहा गतिरोध समाप्त मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार के प्रयासों से किशाऊ परियोजना में हिमाचल के वित्तीय योगदान को लेकर पिछले आठ वर्षों से चला आ रहा गतिरोध समाप्त हुआ है। इससे राज्य पर पड़ने वाला भारी वित्तीय बोझ टल गया। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने परियोजना में राज्य की हिस्सेदारी के रूप में लगभग 800 करोड़ रुपये देने पर सहमति जताई थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने इसका विरोध करते हुए ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की, जिसके तहत हिमाचल को परियोजना में कोई पूंजीगत निवेश नहीं करना होगा और राज्य को उसके सभी वैध लाभ मिलते रहेंगे। सीएम के अलावा ये अधिकारी रहे मौजूद मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव आरडी नजीम, प्रधान सचिव देवेश कुमार और हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक आबिद हुसैन सादिक उपस्थित रहे। मुख्य सचिव कमलेश कुमार पंत नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
भिलाई के सुपेला क्षेत्र के रावण भाटा में मंगलवार को नगर निगम की अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान विवाद की स्थिति बन गई। स्थानीय व्यापारियों और रहवासियों ने निगम पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि निगम ने केवल कुछ दुकानों पर बुलडोजर चलाया, जबकि प्रभावशाली लोगों और राजनीतिक संगठनों से जुड़े लोगों की दुकानों को छोड़ दिया। विरोध कर रहे व्यापारियों ने निगम अधिकारियों का घेराव किया और नगर निगम मुर्दाबाद के नारे लगाए। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और सड़क पर जाम की स्थिति बन गई। विरोध के चलते निगम को कुछ समय के लिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई रोकनी पड़ी। मामले में जोन आयुक्त दीपक कोसरिया का कहना है कि विरोध करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों पर FIR दर्ज की जाएगी। देखिए पहले ये तस्वीरें- 'कार्रवाई सभी पर एक जैसी हो' स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यदि सड़क किनारे बनी दुकानें अतिक्रमण की श्रेणी में आती हैं, तो कार्रवाई सभी पर समान रूप से होनी चाहिए। उनका आरोप है कि राजनीतिक संरक्षण प्राप्त लोगों की दुकानों को जानबूझकर छोड़ दिया गया, जबकि अन्य दुकानों पर बुलडोजर चला दिया गया। इसी कथित भेदभाव के विरोध में बड़ी संख्या में व्यापारी सड़क पर उतर आए। पुलिस ने संभाला मोर्चा बढ़ते तनाव को देखते हुए मौके पर पुलिस और प्रशासन की टीम तैनात की गई। पुलिस ने लोगों को समझाइश देकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। फिलहाल निगम की टीम और पुलिस बल मौके पर मौजूद है।हालात पर नजर बनाए हुए है। 'अतिक्रमण हटाएं, लेकिन निष्पक्ष कार्रवाई करें' प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि वे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के विरोध में नहीं हैं, लेकिन कार्रवाई निष्पक्ष और समान होनी चाहिए। उनका कहना है कि यदि अतिक्रमण हटाना है तो पूरी लाइन की सभी दुकानों पर एक साथ कार्रवाई की जाए। चुनिंदा दुकानों को निशाना बनाने से लोगों में नाराजगी है। स्थिति सामान्य करने में जुटा प्रशासन विरोध के बीच प्रशासन स्थिति को सामान्य बनाने का प्रयास कर रहा है। मौके पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और आगे की कार्रवाई को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के बीच चर्चा जारी है। पक्षपात के आरोपों को किया खारिज जोन आयुक्त दीपक कोसरिया ने पक्षपात के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कार्रवाई केवल उन लोगों के खिलाफ की गई है, जिन्होंने नाली से बाहर तक शेड निकालकर अतिक्रमण किया है। जिनका शेड नाली की सीमा तक है, उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा सकती। सभी पर एक जैसी कार्रवाई करना संभव नहीं है।
इंदौर में ट्रक से लाए जा रहे चने की खेप में हेराफेरी का मामला सामने आया है। व्यापारी की शिकायत पर सोमवार को भंवरकुआ पुलिस ने ट्रक ड्राइवर और उसके साथियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। आरोप है कि 29 टन चने में से करीब 15 टन चना रास्ते में गायब कर दिया गया। वजन बराबर दिखाने के लिए ट्रक में पत्थर और पानी की केन रख दी गई। हरदा से मंगाया था चना भंवरकुआ पुलिस के मुताबिक पालदा स्थित एग्रो एलएलपी दाल मिल के संचालक राजुल सारडा ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि शहर के व्यापारियों के ऑर्डर पर हरदा मंडी से पंजाब ट्रांसपोर्ट के माध्यम से 29 टन चना मंगाया था। 9 जुलाई को ट्रक इंदौर पहुंचा। जांच में हुआ खुलासा फर्म के कर्मचारी धीरज जैन ने ट्रक की जांच की तो माल कम मिला। ट्रक के अंदर चने की जगह पत्थर और पानी की केन रखी हुई थीं। इसकी जानकारी तुरंत व्यापारी को दी गई। इसके बाद दूसरे कर्मचारी बालू को मौके पर भेजकर दोबारा वजन कराया गया। 15 टन चना गायब जांच में सामने आया कि 29 टन चने में से करीब 15 टन चना गायब था। आरोप है कि रास्ते में चना निकाल लिया गया और वजन संतुलित रखने के लिए ट्रक में पत्थर और पानी की केन भर दी गई। ड्राइवर और साथियों पर केस शिकायत के आधार पर भंवरकुआ पुलिस ने ट्रक ड्राइवर समीर खान निवासी देवास और उसके साथियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता (FTA) दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों को नई दिशा दे सकता है। इससे व्यापार बढ़ेगा, निवेश के नए अवसर बनेंगे और भारतीय कंपनियों के लिए न्यूजीलैंड के साथ ऑस्ट्रेलिया और प्रशांत क्षेत्र के बाजारों तक पहुंच आसान होगी। भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। वहीं न्यूजीलैंड कृषि, डेयरी, शिक्षा, तकनीक और सुशासन के लिए जाना जाता है। दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाएं एक-दूसरे की पूरक हैं। ऐसे में FTA दोनों देशों के लिए फायदे का सौदा साबित हो सकता है। भारतीय कंपनियों को मिलेगा नया बाजार ग्लोबल फाइनेंस सर्विसेज लिमिटेड केसंस्थापक एवं निदेशक अजय कुमार के मुताबिक, FTA लागू होने पर भारतीय IT, फार्मा, इंजीनियरिंग, मेडिकल उपकरण, टेक्सटाइल, फाइनेंशियल सर्विसेज और स्टार्टअप सेक्टर को न्यूजीलैंड के बाजार तक आसान पहुंच मिलेगी। साथ ही भारतीय कंपनियां न्यूजीलैंड के जरिए ऑस्ट्रेलिया और प्रशांत क्षेत्र के अन्य देशों में भी कारोबार बढ़ा सकेंगी। वहीं न्यूजीलैंड की कृषि, डेयरी, फूड प्रोसेसिंग, शिक्षा, पर्यटन और हाई-टेक कंपनियों को भारत जैसे बड़े उपभोक्ता बाजार तक पहुंच मिलेगी। भारतीय युवाओं के लिए बढ़ सकते हैं रोजगार के अवसर अजय कुमार कहते हैं- न्यूजीलैंड में स्वास्थ्य, शिक्षा, इंजीनियरिंग, निर्माण, सूचना प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में कुशल पेशेवरों की कमी है। अगर FTA के तहत पेशेवर योग्यताओं को पारस्परिक मान्यता मिलती है और वर्क परमिट की प्रक्रिया आसान होती है, तो भारतीय डॉक्टर, नर्स, इंजीनियर, शिक्षक और IT प्रोफेशनल्स के लिए रोजगार के नए अवसर खुल सकते हैं। कृषि और डेयरी में मिलेगा तकनीकी सहयोग न्यूजीलैंड आधुनिक डेयरी प्रबंधन, पशुपालन और टिकाऊ कृषि तकनीक के लिए दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन तकनीकों का उपयोग भारत में होने से किसानों की उत्पादकता बढ़ सकती है, डेयरी सेक्टर मजबूत होगा और फूड प्रोसेसिंग उद्योग को भी गति मिलेगी। तकनीक और स्टार्टअप सेक्टर में बढ़ेगा सहयोग दोनों देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), फिनटेक, साइबर सिक्योरिटी, डिजिटल पेमेंट और स्टार्टअप इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम कर सकते हैं। इससे दोनों देशों के स्टार्टअप और रिसर्च संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ेगा। निवेश बढ़ने की भी उम्मीद न्यूजीलैंड राजनीतिक स्थिरता, पारदर्शी प्रशासन और निवेशकों के अनुकूल नीतियों के लिए जाना जाता है। ऐसे में भारतीय उद्योगपतियों और निवेशकों के लिए वहां कारोबार बढ़ाने और वैश्विक विस्तार के नए अवसर बन सकते हैं। छोटे उद्योगों और किसानों के हितों का भी रखना होगा ध्यान विशेषज्ञों का कहना है कि FTA का पूरा लाभ तभी मिलेगा, जब सरकार घरेलू उद्योगों, MSME, किसानों और सेवा क्षेत्र के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। साथ ही गुणवत्ता मानकों, सीमा शुल्क प्रक्रिया और नियमों को भी सरल बनाना होगा। प्रवासी भारतीय निभा सकते हैं अहम भूमिका न्यूजीलैंड में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग स्वास्थ्य, शिक्षा, बैंकिंग, व्यापार और सेवा क्षेत्र में काम कर रहे हैं। यह समुदाय दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। क्या है FTA? मुक्त व्यापार समझौता (Free Trade Agreement-FTA) दो देशों के बीच ऐसा व्यापारिक समझौता होता है, जिसमें आयात-निर्यात पर लगने वाले शुल्क (टैरिफ) और अन्य व्यापारिक बाधाओं को कम या खत्म किया जाता है। इसका उद्देश्य व्यापार बढ़ाना, निवेश आकर्षित करना और दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना होता है। (लेखक अजय कुमार, ग्लोबल फाइनेंस सर्विसेज लिमिटेड, ऑकलैंड (न्यूज़ीलैंड) के संस्थापक एवं निदेशक हैं। आर्टिकल में व्यक्त विचार उनके निजी हैं।)
मुंबई में चल रहे कपड़ों के फेयर में जयपुर के कपड़ों ने अपनी खास पहचान बनाई है। फेयर में पहुंची बॉलीवुड एक्ट्रेस जरीन खान ने भी इन कपड़ों की तारीख की। साथ ही जयपुर की स्टॉल का भी दौरा किया। बता दें ये फेयर क्लोदिंग मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (CMAI) आयोजित कर रहा है। जरीन खान ने कपड़ों की तारीफ करते हुए डिज़ाइन, गुणवत्ता और रंगों की सराहना की। इस दौरान रामाज कुर्तीज के ऑनर मोहित टेलर ने जरीन खान को खास डिजाइन की कुर्ती गिफ्ट की। इस अवसर पर मोहित टेलर ने CMAI द्वारा आयोजित सफल प्रदर्शनी के लिए आयोजकों को बधाई एवं शुभकामनाएँ भी दीं। CMAI का नेशनल गारमेंट फेयर देश के प्रमुख बी2बी परिधान व्यापार आयोजनों में से एक है। विभिन्न राज्यों से आए व्यापारियों ने इस कलेक्शन की डिज़ाइन, रंग-संयोजन और गुणवत्ता की मुक्त कंठ से सराहना की मोहित टेलर ने बताया CMAI का नेशनल गारमेंट फेयर देश के प्रमुख बी2बी परिधान व्यापार आयोजनों में से एक है। कपड़ों की फेस्टिवल रेंज को देशभर से आए व्यापारियों और खरीदारों ने काफी पसंद किया। ये एग्जीबिशन 15 जुलाई तक है।
भारत-अमेरिका के प्रस्तावित व्यापार समझौते के विरोध में बुधवार को देशभर में बड़े स्तर पर मोटरसाइकिल मार्च निकाला जाएगा। किसान संगठनों ने इस मार्च के जरिए केंद्र सरकार के सामने अपना विरोध दर्ज कराने का ऐलान किया है। उनका कहना है कि यह समझौता किसानों, मजदूरों, छोटे व्यापारियों और आम लोगों के हितों के खिलाफ है। किसान मजदूर संघर्ष समिति के राज्य नेता सरवन सिंह पंधेर ने बताया कि देश बचाओ मोर्चा के आह्वान पर पूरे देश में मोटरसाइकिल मार्च आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन का उद्देश्य केंद्र सरकार तक यह संदेश पहुंचाना है कि देश का किसान और मजदूर वर्ग भारत-अमेरिका के प्रस्तावित व्यापार समझौते का विरोध करता है। पंजाब के 23 जिलों में मोटरसाइकिल मार्च निकाले जाएंगे पंधेर ने बताया कि पंजाब के सभी 23 जिलों में मोटरसाइकिल मार्च निकाले जाएंगे, जिनमें किसान मजदूर मोर्चा, संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक), आजाद किसान मोर्चा सहित कई किसान संगठन हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब के अलावा हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, दिल्ली और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में भी विरोध प्रदर्शन, मोटरसाइकिल मार्च और साइकिल रैलियां आयोजित की जाएंगी। कृषि उत्पादों के आयात की कोई आवश्यकता नहीं सरवन सिंह पंधेर ने दावा किया कि भारत कृषि उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भर देश है। उन्होंने कहा कि देश में अनाज, दालें, फल, सब्जियां, फूल और तिलहन समेत अधिकांश आवश्यक कृषि उत्पादों का पर्याप्त उत्पादन होता है। ऐसे में विदेशों से कृषि उत्पादों के आयात की कोई आवश्यकता नहीं है। भारत के अधिकांश किसान छोटी जोतों पर खेती करते हैं उन्होंने आशंका जताई कि यदि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता लागू होता है तो अमेरिकी कृषि उत्पाद कम या शून्य आयात शुल्क पर भारतीय बाजार में आ सकते हैं। उनका कहना है कि अमेरिका में किसानों और कृषि कंपनियों को भारी सरकारी सब्सिडी मिलती है, जबकि भारत के अधिकांश किसान छोटी जोतों पर खेती करते हैं। पंधेर के अनुसार, ऐसी स्थिति में भारतीय किसानों के लिए प्रतिस्पर्धा करना बेहद कठिन हो जाएगा, जिससे छोटे और मध्यम किसानों के साथ-साथ छोटे उद्योगों और व्यापारियों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। समझौता वापस न होने पर बड़े किसान आंदोलन की चेतावनी पंधेर ने देशवासियों से अपील की कि वे बुधवार को होने वाले मोटरसाइकिल मार्च में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर अपना समर्थन दें। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार ने प्रस्तावित व्यापार समझौते पर पुनर्विचार नहीं किया, तो किसान संगठन व्यापक आंदोलन का रास्ता अपनाने पर विचार करेंगे।
मेरठ के शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट के भविष्य पर आज सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होगी। आवास एवं विकास परिषद और व्यापारियों के बीच चल रहे इस विवाद में कोर्ट का फैसला 44 सील किए गए व्यावसायिक भवनों समेत पूरे बाजार की दिशा तय कर सकता है। सुनवाई से पहले व्यापारियों में चिंता और अनिश्चितता का माहौल है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने 17 दिसंबर 2024 को स्कीम नंबर-7 के आवासीय भवनों में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद आवास एवं विकास परिषद ने 8 अप्रैल 2026 को पूर्ण रूप से व्यावसायिक उपयोग में पाए गए 44 भवनों को सील कर दिया था। साथ ही 815 भवन स्वामियों को नोटिस जारी किए गए थे। मामले की सुनवाई मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट की सूची में 302वें नंबर पर है। आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना की याचिका पर चल रही इस सुनवाई में सरकार, आवास एवं विकास परिषद, व्यापारी पक्ष और अन्य संबंधित पक्षों की ओर से कुल 52 अधिवक्ता अदालत में अपना पक्ष रखेंगे। तीन महीने के इस समय में व्यवारियों द्वारा लगातार प्रदर्शन करने के साथ- शहर बंद करने की घोषणा, नोटिस का विरोध जलप्रिनिधियों से मुलाकात, वकीलों से मुलाकात और तमाम काम किए गए लेकिन कुछ हासिल नहीं हुआ। पहले समझिए सेंट्रल मार्किट का गणित सेंट्रल मार्किट में कुल 860 संपत्तियां हैं, जिन्हें नियमों को ताक पर रखकर तैयार किया गया है। यह सभी या तो आवास रहे या फिर आवासीय जमीन। लेकिन जमीन के मालिक ने नियमों को नजर अंदाज कर यहां कॉमर्शियल निर्माण कर डाला। इनके खिलाफ शिकायत हुई, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया और पहले चरण में 44 संपत्तियों को सील करा दिया। अब 816 संपत्तियां हैं, जिन पर एक्शन की तैयारी है। 860 संपत्तियों में मकानों की संख्या 630 860 संपत्तियों में 230 आवासीय प्लॉट अब जानिए कब क्या हुआ व्यापारियों की निगाहें अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं, क्योंकि इस सुनवाई का असर न केवल 44 सील भवनों बल्कि शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट के सैकड़ों व्यापारियों और स्थानीय कारोबार पर भी पड़ सकता है।
हसौद के व्यापारी जांगड़े को प्रदेश स्तर पर मिली जगह
हसौद| भाजपा व्यापारी प्रकोष्ठ छत्तीसगढ़ की प्रदेश कार्यसमिति में हसौद के व्यवसायी परमानंद जांगड़े को सदस्य नियुक्त किया गया है। जांगड़े कृष्णा मेडिकल स्टोर के संचालक हैं। पार्टी संगठन ने बताया कि जांगड़े लंबे समय से भाजपा से जुड़े रहे हैं और व्यापारी वर्ग के बीच सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। इसी आधार पर उन्हें प्रदेश कार्यसमिति में जिम्मेदारी दी गई। जानकारी के अनुसार, जांगड़े सक्ती जिले से प्रदेश कार्यसमिति में शामिल होने वाले प्रमुख व्यापारियों में शामिल हैं। हसौद व्यापारी संघ के सदस्यों ने कहा कि प्रदेश स्तर पर प्रतिनिधित्व मिलने से क्षेत्र के व्यापारियों की समस्याएं और सुझाव संगठन तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेंगे। परमानंद जांगड़े ने कहा कि वे नई जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगे।
27 टीमों ने पेश किए सोशल स्टार्टअप मॉडल, टॉप 5 को मिलेगी ग्रांट
भास्कर न्यूज | लुधियाना सिटी-नीड्स इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड के डॉल्फिन टैंक स्टूडेंट स्टार्टअप प्रोग्राम के मॉक प्रेजेंटेशन राउंड में, डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन, लुधियाना के साथ मिलकर, नर सेवा फाउंडेशन और गुलज़ार ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस के सपोर्ट से, अलग-अलग एजुकेशनल इन्स्टीट्यूशन्स को रिप्रजेंट करने वाली 27 स्टूडेंट टीमों ने जोश के साथ हिस्सा लिया। यह इवेंट खालसा कॉलेज फॉर विमेन, घुमार मंडी में ऑर्गनाइज किया गया था, जहां स्टूडेंट्स ने अपने एनजीओ विजिट के नतीजों को दिखाया और उन सोशल वजहों को पेश किया। जिन्हें उन्होंने बहुत ज़्यादा फील्ड रिसर्च के बाद पहचाना था। डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन, लुधियाना डॉल्फिन टैंक स्टूडेंट स्टार्टअप प्रोग्राम का ऑफिशियल पार्टनर है। इस इनिशिएटिव को 1 अप्रैल को लुधियाना के डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने लॉन्च किया था, जिसका मकसद युवाओं के नेतृत्व वाले सोशल इनोवेशन को बढ़ावा देना और एजुकेशनल इन्स्टीट्यूशन्स और जमीनी स्तर के एनजीओ के बीच कोलेबोरेशन को मज़बूत करना था। लॉन्च होने के बाद से, इस प्रोग्राम में अलग-अलग कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज़ के 150 से ज़्यादा स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया है, जिससे यह इस इलाके के सबसे अनोखे सोशल एंटरप्रेन्योरशिप और एक्सपीरिएंशियल लर्निंग इनिशिएटिव्स में से एक बन गया है। सलेक्शन प्रोसेस के हिस्से के तौर पर, हर टीम ने एक जाने-माने जूरी पैनल के सामने प्रेजेंटेशन दिया, जिसमें सिटी-नीड्स के फाउंडर मनीत दीवान, नर सेवा फाउंडेशन के फाउंडर बीडी गोयल; नर सेवा फाउंडेशन के स्ट्रेटेजिक एडवाइजर और डायरेक्टर सीए पंकज गर्ग, नर सेवा फाउंडेशन की डायरेक्टर भावना गोयल, नर सेवा फाउंडेशन की मैनेजर आशु चुघ और गुलज़ार ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस के चीफ इनक्यूबेशन ऑफिसर तिलक राज शामिल थे। पूरे दिन, स्टूडेंट्स ने अलग-अलग नॉन-गवर्नमेंटल ऑर्गनाइजेशन के सामने आने वाली चुनौतियों पर रोशनी डाली और बताया कि कैसे उन्होंने दो एनजीओ विजिट करने के बाद खास वजहों और जरूरतों को फाइनल किया। प्रेजेंटेशन में पार्टिसिपेंट्स की जमीनी मुद्दों की समझ और सस्टेनेबल और असरदार सॉल्यूशन डेवलप करने के उनके कमिटमेंट को दिखाया गया। जूरी ने टीमों को एक कॉम्प्रिहेंसिव इवैल्यूएशन मैट्रिक्स पर इवेल्युएट किया, जिसमें पहचानी गई प्रॉब्लम की रेलिवेंस, इम्पैक्ट पोटेंशियल, इम्प्लीमेंटेशन की फीजिबिलिटी, बजट जस्टिफिकेशन, सस्टेनेबिलिटी, और टीमों की समझ और प्रेजेंटेशन स्किल्स का असेसमेंट किया गया। एक हार्ड इवैल्यूएशन प्रोसेस के बाद, जूरी ने टॉप दस टीमों को शॉर्टलिस्ट किया। जिन्होंने एक्सीलेंट इनसाइट, इनोवेशन और सोशल कमिटमेंट दिखाया। शॉर्टलिस्टेड टीमें अब ग्रैंड फिनाले में आगे बढ़ेंगी, जहां वे 18 जुलाई को “डॉल्फिन्स” के सामने अपने डिटेल्ड को प्रेजेंट करेंगी। इन दस फाइनलिस्ट में से, टॉप पांच टीमों में से हर एक को अपने-अपने एनजीओ के साथ पार्टनरशिप में अपने सोशल कॉज को इम्प्लीमेंट करने के लिए 250,000 का ग्रांट मिलेगा, जिससे स्टूडेंट्स अपने आइडियाज को ग्राउंड पर मीनिंगफुल एक्शन में बदल सकें। डॉल्फिन टैंक स्टूडेंट स्टार्टअप प्रोग्राम को नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 के विजन के हिसाब से डिज़ाइन किया गया है, जो एक्सपीरिएंशियल लर्निंग, कम्युनिटी एंगेजमेंट, क्रिटिकल थिंकिंग, एंटरप्रेन्योरशिप और मल्टीडिस्पिलनरी एजुकेशन पर ज़ोर देता है। स्टूडेंट्स को नॉन-गवर्नमेंटल ऑर्गनाइजेशन के साथ सीधे काम करने और असल दुनिया की सोशल चुनौतियों का सामना करने में मदद करके, यह प्रोग्राम क्लासरूम के बाहर हैंड्स-ऑन एक्सपोजर देता है और लीडरशिप, इनोवेशन और प्रॉब्लम-सॉल्विंग स्किल्स को बढ़ावा देता है।
ई-रिक्शा में यात्रा के दौरान आगरा के व्यापारी के बैग से 30 लाख के नगीने चुराए, मामला दर्ज
जयपुर| ट्रांसपोर्ट नगर से सांगानेर गेट जाने को ई-रिक्शा में बैठे आगरा के व्यापारी के बैग से 30 लाख के नगीने व पन्ने चुरा लिए। पीड़ित वैभव अग्रवाल ने ट्रांसपोर्ट नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि ट्रांसपोर्ट नगर चौराहे से ई-रिक्शा में बैठे थे। इस दौरान किसी बैग की चेन खोलकर नगीने व पन्ने का पैकेट चुरा लिया। पैकेट में नगीने व पन्ना रखे थे। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर बदमाशों की पहचान के लिए रूट पर सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने में जुटी है।
हापुड़ के सांसद प्रतिनिधि और व्यापारी नेता अशोक बबली की बेटी के विवाह समारोह के दौरान मैरिज होम से कन्यादान के लगभग 10 लाख रुपये से भरा बैग चोरी हो गया। इस घटना के 36 घंटे बाद भी पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिला है, जिससे शहर के व्यापारियों में भारी नाराजगी है। संयुक्त हापुड़ उद्योग व्यापार मंडल ने पुलिस की कार्रवाई पर कड़ा विरोध जताया है। सोमवार रात 9 बजे चैंबर ऑफ कॉमर्स स्थित व्यापार मंडल कार्यालय में संयुक्त हापुड़ उद्योग व्यापार मंडल की बैठक हुई। इसमें वक्ताओं ने बताया कि मैरिज होम के कमरे की खिड़की की जाली काटकर अज्ञात चोरों ने कन्यादान का बैग चुरा लिया, जिसमें लगभग 10 लाख रुपये की नकदी थी। संयुक्त हापुड़ उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष ललित अग्रवाल छावनी वालों ने बताया कि घटना के कई घंटे बाद भी पुलिस किसी आरोपी तक नहीं पहुंच पाई है, जिससे व्यापारिक समुदाय में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि मंगलवार, 14 जुलाई को सुबह 11 बजे व्यापार मंडल का एक प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचेगा। वहां वे घटना के विरोध में ज्ञापन सौंपेंगे और पुलिस प्रशासन से मामले का शीघ्र खुलासा करने, आरोपियों को गिरफ्तार करने तथा चोरी हुई नकदी बरामद करने की मांग करेंगे। व्यापार मंडल ने सभी पदाधिकारियों, विभिन्न व्यापारिक एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों और व्यापारियों से अपील की है कि वे मंगलवार सुबह 11 बजे पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर अधिक से अधिक संख्या में एकजुटता दिखाएं। बैठक में संयुक्त हापुड़ उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष ललित अग्रवाल (छावनी वाले), संयोजक मनीष कंसल (मक्खन), संजय अग्रवाल, राजीव गर्ग, सोनू बंसल, आशीष मित्तल, अमित गोयल, पुलकित सिंघल, डॉ. आशीष अग्रवाल, सुभाष लुहारी, विशाल गोयल, विपिन पंसारी, हरेंद्र कौशिक, मनीष सेनेटरी, अमित कंसल, जतिन सर्राफ, वीरेंद्र गर्ग 'बिट्टू' सहित बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद थे।
इस्कॉन लखनऊ ने सोमवार को हरिनाम संकीर्तन यात्रा निकाली। यह यात्रा भगवान श्री जगन्नाथ की रथ यात्रा में लोगों को उसमें शामिल होने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से निकाली गई। मंदिर अध्यक्ष अपरिमेय श्याम प्रभु के मार्गदर्शन में श्रद्धालुओं को रथ यात्रा में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया। हरिनाम संकीर्तन की शुरुआत हलवासिया चौराहे से हुई। यात्रा नावेल्टी चौराहा, लालबाग और हजरतगंज चौराहे से होते हुए जहांगीराबाद पैलेस पर संपन्न हुई। पूरे मार्ग में भक्तों ने भजन-कीर्तन करते हुए लोगों से 16 जुलाई को निकलने वाली रथ यात्रा में शामिल होने का आह्वान किया। यात्रा में इस्कॉन के भक्तों के साथ बड़ी संख्या में राहगीर और स्थानीय लोग भी शामिल हुए। श्रद्धालु हरिनाम संकीर्तन पर झूमते और नृत्य करते नजर आए, जिससे पूरे मार्ग पर भक्तिमय माहौल बना रहा।रथ यात्रा मार्ग के कई व्यापारियों ने भी इस पहल का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। उन्होंने 16 जुलाई को रथ यात्रा के दौरान भगवान श्री जगन्नाथ की आरती करने, पुष्पवर्षा करने तथा श्रद्धालुओं के लिए जल, फल और अन्य पेय पदार्थों की व्यवस्था करने का संकल्प लिया।
मधुबनी पुलिस ने अवैध कोडीनयुक्त सिरप और विदेशी मुद्रा की तस्करी करने वाले एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। लदनियां थाना पुलिस ने विशेष छापेमारी अभियान के तहत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनके पास से 19.9 लीटर कोडीनयुक्त सिरप, नेपाली, सऊदी अरब और यूएई की मुद्रा के साथ भारतीय नकदी भी बरामद की है। पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने सोमवार को एक प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी। एसपी बोले-गुप्त सूचना पर कार्रवाई एसपी योगेंद्र कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने कड़हरवा दरोगा चापी के पास से बाइक सवार ब्रह्मदेव कुमार राम को पकड़ा। उसकी तलाशी लेने पर एक बोरे में 19 लीटर कोडीनयुक्त सिरप और एक मोबाइल फोन मिला। पूछताछ में ब्रह्मदेव ने बताया कि वह खाजेडीह चौक स्थित बब्लू मेडिकल हॉल से सिरप खरीदकर नेपाल सीमा क्षेत्र में बेचता था। उसने पिपराही निवासी शंभू प्रसाद साह के साथ मिलकर इस धंधे में निवेश करने और मुनाफा बांटने की बात भी कबूली। ब्रह्मदेव की निशानदेही पर पुलिस ने खाजेडीह चौक स्थित बब्लू मेडिकल हॉल पर छापा मारा और उसके संचालक बब्लू कुमार चौधरी को गिरफ्तार कर लिया। दुकान की तलाशी के दौरान 0.9 लीटर कोडीनयुक्त सिरप, एक मोबाइल और 20 हजार रुपये नकद बरामद हुए। पुलिस ने दुकान पर की छापेमारी इसके बाद पुलिस ने पिपराही में शंभू प्रसाद साह की दुकान पर भी छापेमारी की। वहां से पुलिस ने 11,42,100 नेपाली रुपये, 750 नकली नेपाली रुपये, छह सऊदी रियाल, यूएई का पांच दिरहम का एक नोट, 5,13,101 रुपये भारतीय मुद्रा और एक कीपैड मोबाइल जब्त किया। एसपी ने बताया कि तीनों आरोपियों के खिलाफ लदनियां थाना में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस इस तस्करी नेटवर्क के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक्स की भी गहन जांच कर रही है, ताकि इसमें शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
लखनऊ के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (AKTU) के इनोवेशन हब की ओर से 18 जुलाई को 'सिडबी फंड ऑफ द फंड्स इन्क्यूबेटर अवेयरनेस कार्यशाला' आयोजित की जाएगी। कार्यशाला का उद्देश्य स्टार्टअप्स और इन्क्यूबेटर्स को निवेश और फंडिंग के अवसरों की जानकारी देना है। कार्यशाला में विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी संस्थानों से दो इन्क्यूबेशन प्रभारी और दो बेस्ट इनोवेटर या स्टार्टअप प्रतिनिधि भाग लेंगे। इसमें शामिल होने के लिए संस्थानों को 16 जुलाई तक गूगल फॉर्म के माध्यम से पंजीकरण कराना होगा। एक्सपर्ट्स देंगे टिप्स कार्यशाला में विशेषज्ञ उत्तर प्रदेश सरकार के 1,000 करोड़ रुपये के यूपी फंड ऑफ फंड्स के तहत स्टार्टअप्स के लिए उपलब्ध निवेश अवसरों, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और वित्तीय सहायता प्राप्त करने की पूरी प्रक्रिया की जानकारी देंगे। इसके अलावा उत्तर प्रदेश सरकार, सिडबी और विभिन्न अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड (AIF) के विशेषज्ञ स्टार्टअप्स को निवेश प्राप्त करने, उपयुक्त एआईएफ से संपर्क स्थापित करने और प्रभावी निवेश प्रस्ताव तैयार करने के बारे में मार्गदर्शन देंगे। कार्यक्रम में सिडबी के प्रतिनिधि स्टार्टअप को इन्वेस्टिबल कैसे बनाया जाए विषय पर विशेष सत्र भी लेंगे। इसमें बिजनेस मॉडल, रेवेन्यू मॉडल, वित्तीय योजना और निवेशकों को आकर्षित करने की रणनीतियों पर विस्तार से जानकारी दी जाएगी। विश्वविद्यालय के डीन इनोवेशन प्रो.बीएन मिश्रा ने सभी संबद्ध संस्थानों से प्रतिनिधियों को कार्यशाला में भेजने का अनुरोध किया है। AKTU- बीटेक प्रवेश के पहले चरण की चॉइस फिलिंग शुरू AKTU से संबद्ध इंजीनियरिंग कॉलेजों में बीटेक प्रवेश प्रक्रिया के तहत पहले चरण की चॉइस फिलिंग और लॉकिंग सोमवार, 13 जुलाई से शुरू हो गई है। अभ्यर्थी 16 जुलाई तक अपनी पसंद के कॉलेज और शाखा का चयन कर सकेंगे। पहले चरण का सीट आवंटन 18 जुलाई को जारी किया जाएगा। इस चरण में सीटों का आवंटन जेईई के माध्यम से आवेदन करने वाले उत्तर प्रदेश के अभ्यर्थियों के लिए किया जाएगा।विश्वविद्यालय ने सभी पात्र अभ्यर्थियों से निर्धारित समय सीमा के भीतर चॉइस फिलिंग और लॉकिंग की प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है।
इंदौर के गांधी नगर थाना क्षेत्र में सरकारी पीडीएस (सार्वजनिक वितरण प्रणाली) के राशन की कालाबाजारी का मामला सामने आया है। सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों की सतर्कता से करीब 100 कट्टे सरकारी अनाज से लदी एक संदिग्ध गाड़ी पकड़ी गई है। सूचना मिलने पर पुलिस और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की टीम मौके पर पहुंची और वाहन को जब्त कर जांच शुरू कर दी। घेराबंदी कर रोकी गई संदिग्ध गाड़ी नगर निगम के एमआईसी सदस्य मनीष शर्मा 'मामा' ने बताया कि क्षेत्र में सरकारी राशन की हेराफेरी की सूचना मिलने पर सामाजिक कार्यकर्ता सक्रिय हुए। मानव अधिकार संगठन से जुड़े तनिष्क चौकसे, बजरंग दल के बाहुबली प्रखंड संयोजक रोहित बढ़वाया, कार्यकर्ता हेमराज यादव और प्रखंड गौरक्षा प्रमुख राहुल राठौर सहित अन्य लोगों ने संदिग्ध वाहन की घेराबंदी कर उसे रोक लिया। वाहन की जांच में करीब 100 कट्टे सरकारी पीडीएस राशन मिलने का दावा किया गया। आशंका है कि इस अनाज को अवैध रूप से ऊंचे दामों पर बेचने के लिए ले जाया जा रहा था। पुलिस और खाद्य विभाग को दी सूचना वाहन पकड़े जाने के बाद इसकी सूचना गांधी नगर पुलिस और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एमआईसी सदस्य मनीष शर्मा भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने वाहन को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। मौके से वाहन मालिक, जिसकी पहचान बंटी के रूप में हुई है, तथा कथित रूप से राशन के मालिक रामजी गुप्ता को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। दस्तावेजों की जांच के बाद होगी कार्रवाई खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के अनुसार विशेष टीम जब्त राशन, वाहन और संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। एमआईसी सदस्य मनीष शर्मा ने सरकारी राशन की कथित कालाबाजारी का खुलासा करने में सहयोग करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं का सम्मान भी किया।
भारत में जून में खुदरा महंगाई 4.38 प्रतिशत रही; अदरक और टमाटर का दाम बढ़ा
भारत में खुदरा महंगाई दर जून में सालाना आधार पर बढ़कर 4.38 प्रतिशत (अनंतिम) हो गई है, जो कि मई में 3.93 प्रतिशत (अंतिम) थी। यह जानकारी सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी डेटा में दी गई।
राजधानी भोपाल के बैरागढ़ में सोमवार दोपहर दिनदहाड़े एक कपड़ा व्यापारी पर हुए जानलेवा हमले का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। वीडियो में दो बदमाश महज तीन सेकंड के भीतर व्यापारी पर दो बार चाकू से हमला करते नजर आ रहे हैं। हमलावर वारदात के बाद पीठ में धंसा चाकू छोड़कर मौके से फरार हो गए। घायल व्यापारी पीठ में चाकू धंसा होने के बावजूद करीब 20 फीट तक जान बचाने के लिए भागा। वारदात के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है। बदमाशों ने लगातार दो वार किए पुलिस के मुताबिक सेवा सदन के पीछे स्थित मैचिंग सेंटर संचालक नीरज जिनयानी सोमवार दोपहर रोजाना की तरह अपनी दुकान खोलकर बाहर एक्टिवा पर बैठे थे। इसी दौरान पीछे से दो अज्ञात युवक पहुंचे। दोनों ने बिना किसी बातचीत या विवाद के अचानक नीरज पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहा है कि दोनों बदमाशों ने कुछ ही सेकंड में लगातार दो वार किए। दूसरे वार के बाद चाकू व्यापारी की पीठ में धंस गया। इसके बावजूद आरोपी उसे वहीं छोड़कर भाग निकले। परिजनों ने तत्काल अस्पताल पहुंचाया हमले के बाद घायल नीरज को आसपास मौजूद लोगों ने संभाला और तत्काल निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही बैरागढ़ थाना प्रभारी अशोक गौतम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। एफएसएल टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। हमले के कारणों का फिलहाल खुलासा नहीं प्रारंभिक जांच में हमले की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। घायल की हालत को देखते हुए पुलिस अभी उसके विस्तृत बयान दर्ज नहीं कर सकी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है और हमलावरों की पहचान के लिए तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि वारदात पूरी तरह सुनियोजित प्रतीत होती है, क्योंकि हमलावर सीधे व्यापारी के पास पहुंचे और हमला कर तुरंत फरार हो गए। थाना प्रभारी बोले हर पहलू पर जांच जारी टीआई अशोक गौतम ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। CCTV बना सबसे बड़ा सुराग वारदात का पूरा घटनाक्रम पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है। फुटेज में दो युवक पीछे से आते हैं और महज तीन सेकंड में दो बार चाकू से हमला कर फरार हो जाते हैं। पुलिस फुटेज के आधार पर आरोपियों के हुलिए, आने-जाने के रास्ते और संभावित पहचान की पड़ताल कर रही है। बिना विवाद सीधे किया हमला पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि हमलावरों ने व्यापारी से किसी तरह की बातचीत नहीं की। दोनों सीधे उसके पास पहुंचे और हमला कर दिया। इससे पुलिस पुरानी रंजिश, सुपारी या पूर्व नियोजित हमले समेत सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।
उज्जैन शहर में सड़कों के चौड़ीकरण के बीच यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए महापौर मुकेश टटवाल सोमवार को स्वयं सड़क पर उतरे। नई सड़क क्षेत्र में लगातार लग रहे ट्रैफिक जाम को देखते हुए उन्होंने दुकानों के बाहर अवैध रूप से रखा सामान हटवाया। महापौर ने हाथ में माइक लेकर दुकानदारों को सख्त चेतावनी दी कि यदि दोबारा नाली या सड़क पर सामान रखा मिला, तो नगर निगम उसे तत्काल जब्त कर लेगा और किसी भी स्थिति में वापस नहीं किया जाएगा। नई सड़क पर नगर निगम की रिमूवल गैंग के साथ पहुंचे महापौर की माइक से की गई घोषणा के बाद व्यापारियों में हड़कंप मच गया। कई दुकानदारों ने तुरंत दुकानों के बाहर रखा सामान हटाकर अंदर रख लिया। नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यातायात में बाधा बनने वाले किसी भी अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आने वाले दिनों में यदि किसी भी दुकानदार का सामान निर्धारित सीमा से बाहर मिला, तो बिना किसी रियायत के जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। मीडिया से चर्चा में महापौर मुकेश टटवाल ने कहा- उज्जैन में इस समय कई प्रमुख सड़कों का चौड़ीकरण तेजी से चल रहा है। निर्माण कार्य के कारण वैकल्पिक मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ गया है। विशेष रूप से नई सड़क, घंटाघर और तेलीवाड़ा मार्ग पर वाहनों की आवाजाही अधिक है। उन्होंने कहा, इन मार्गों पर कई दुकानदार नालियों के ऊपर तक अपना सामान रख देते हैं। इसके अलावा ग्राहकों के वाहन भी सड़क पर खड़े हो जाते हैं, जिससे आम लोगों को आवागमन में परेशानी होती है। नगर निगम की टीम लगातार समझाइश दे रही थी, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं होने पर आज स्वयं मौके पर पहुंचकर व्यापारियों को अंतिम चेतावनी दी गई है।
भारत में विदेशी निवेशकों की बिकवाली का दौर खत्म
मुंबई, भारत में विदेशी निवेशकों की बिकवाली का दौर करीब समाप्त हो गया है और विदशी निवेशकों की कम हिस्सेदारी और मजबूत घरेलू आधार के चलते भारतीय इक्विटी बाजार के लिए धारणा सकारात्मक बनी हुई है।
अशोकनगर शहर की यादव कॉलोनी और दीपेश कॉलोनी में संचालित कथित देह व्यापार के अड्डे पर पुलिस की छापेमार कार्रवाई के बाद ब्लैकमेलिंग का मामला भी सामने आया है। रविवार रात पुलिस ने मुख्य आरोपी सीमा अहिरवार, उसके दामाद सहित तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया। मौके से दो अन्य महिलाएं और छह पुरुष आपत्तिजनक स्थिति में मिले, जिन पर नियमानुसार कार्रवाई की गई। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 2.10 लाख रुपए नकद और तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। सोमवार को पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सीमा अहिरवार को देह व्यापार के मामले में दो साल के भीतर दूसरी बार गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई उनके निर्देश पर एसडीओपी सनव बी. खान के नेतृत्व में कोतवाली पुलिस ने की। अश्लील फोटो-वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का आरोप कार्रवाई के बाद एक पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित विक्रांत जैन के अनुसार, सीमा अहिरवार, उसकी बेटी अंजली अहिरवार और दामाद भारत अहिरवार ने देह व्यापार के दौरान उसके अश्लील फोटो और वीडियो बना लिए। इसके बाद उन्हें वायरल करने, झूठे दुष्कर्म के मामले में फंसाने और आत्महत्या की धमकी देकर आरोपियों ने कई प्लॉट अपने नाम करा लिए। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने एक अर्टिगा कार खरीदी और लगातार रुपए की मांग कर ब्लैकमेल किया। तीन लोगों पर अलग मामला दर्ज विक्रांत जैन की शिकायत पर कोतवाली थाना पुलिस ने सीमा अहिरवार, भारत अहिरवार और अंजली अहिरवार के खिलाफ बीएनएस की धारा 308(2) और 308(6) के तहत अलग मामला दर्ज किया है। सीमा और भारत को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अंजली की तलाश की जा रही है। वहीं, देह व्यापार के मामले में आरोपियों के खिलाफ अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम की धारा 3, 4, 5 और 7 के तहत भी मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि सीमा अहिरवार पहले भी इसी तरह के मामले में पकड़ी जा चुकी है। अब पुलिस रिमांड लेकर उससे पूछताछ करेगी, ताकि ब्लैकमेलिंग और संपत्ति से जुड़े अन्य मामलों की भी जांच की जा सके।
भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की धमाकेदार वापसी
मुंबई, भारतीय शेयर बाजार में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) जुलाई में शुद्ध खरीदार रहे हैं और इस दौरान उन्होंने 15,000 करोड़ रुपए से भी अधिक का निवेश किया है।
भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर में आया 3.2 अरब डॉलर का निजी इक्विटी निवेश
नई दिल्ली, भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर में जनवरी-जून अवधि यानी 2026 की पहली छमाही में 3.2 अरब डॉलर का निजी इक्विटी निवेश आया है। इसमें सालाना आधार पर 33 प्रतिशत की बढ़त देखी गई है।
भरतपुर में बर्तन व्यापारी पर फायरिंग करने वालों की पुलिस ने भरे बाजार परेड निकाली। इसके साथ ही, आरोपियों से सीन रिक्रिएट भी करवाया। दोनों लगभग 50 मीटर तक लंगड़ाते हुए चले। आरोपियों को बाजार से गुजरते हुए राहगीर देखते रहे। यही वो आरोपी हैं जिन्होंने पुलिस की पिस्टल छीनकर थानाधिकारी पर फायर किया था। पुलिस दोनों को व्यापारी की दुकान के पास भी ले गई, जहां उन्होंने रैकी की थी। मामले की जांच कर रहे IO पवन यादव ने बताया- 4 जुलाई को हुए व्यापारी हत्याकांड में बलराम और प्रवीण आरोपी हैं। दोनों को 12 बजे घटनास्थल पर ले जाकर सीन रिक्रिएट कराया गया है। यही दोनों आरोपी पुलिस की पिस्टल छीनकर चिकसाना थाना अधिकारी ब्रजेश मीणा पर फायरिंग करने की घटना में भी शामिल थे। उस मामले की जांच जारी है। अब देखें बदमाशों की तस्वीरें… दो व्यापारियों को मारी थी गोली बुलंदशहर में छिपे थे दो आरोपी 8 जुलाई को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान आरोपी महेश को गिरफ्तार कर लिया था। महेश के पैर में गोली लगी थी। 9 जुलाई को पुलिस को मिली थी कि आरोपी प्रवीण और बलराम उत्तरप्रदेश के बुलंदशहर में छुपे हुए हैं। पुलिस ने बुलंदशहर में दबिश दी और, दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। SHO पर भी किया था फायर जब पुलिस की टीमें दोनों आरोपियों को भरतपुर लेकर आ रही थी तो, उस समय आरोपी प्रवीण ने चिकसाना थाना इलाके में टॉयलेट जाने का बहाना बनाया। जैसे ही पुलिस ने गाड़ियों को रोका तो, प्रवीण ने एक पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनकर चिकसाना थाना अधिकारी ब्रजेश मीणा के ऊपर दो फायर किए। एक गोली थाना अधिकरी के बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। एक आरोपी को भेजा गया जेल फायरिंग करने के बाद दोनों आरोपियों ने भागने की कोशिश कि जवाबी कार्रवाई में प्रवीण के पैर में गोली लगी। वहीं बलराम के गिरने के कारण पैर में चोट आई। पुलिस ने महेश को जेल भेज दिया है। आज प्रवीण और बलराम को कोर्ट में पेश किया गया है। व्यापारियों पर फायरिंग की ये खबर भी पढ़े बदमाश ने पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनी, SHO को गोली मारी:बुलेटप्रूफ जैकेट से बची जान; व्यापारी की हत्या कर हुए थे फरार भरतपुर पुलिस पर उत्तरप्रदेश के बुलंदशहर में बदमाश ने पिस्टल छीनकर फायरिंग कर दी। एक गोली SHO के मारी, हालांकि बुलेटप्रूफ जैकेट पहनने के कारण जान बच गई। पूरी खबर पढ़ें…
रुपए में स्थिरता लाने के बाद एफआईआई निवेश में हुई बढ़ोतरी: एसबीआई रिसर्च
नई दिल्ली, सरकार द्वारा पिछले महीने और ज्यादा विदेशी फंड आकर्षित करने और रुपए में उतार-चढ़ाव को स्थिर करने के उपाय घोषित किए जाने के बाद भारत में विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 7 अरब डॉलर निवेश किए हैं।
मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने से भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में खुला
मुंबई, मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने से भारतीय शेयर बाजार सोमवार के कारोबारी सत्र में लाल निशान में खुला। सुबह 9:18 पर सेंसेक्स 649 अंक या 0.84 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,920 और निफ्टी 184 अंक या 0.76 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 24,022 पर था।
एफपीआई निवेश को वापस लाने में भारत का मजबूत आर्थिक आधार कर रहा मदद: एक्सपर्ट्स
नई दिल्ली, सरकार की ओर से डेट निवेश के टैक्स नियमों में किए गए बदलाव विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) को आकर्षित करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
झाबुआ शहर में बस स्टैंड स्थित 13 जर्जर दुकानों के पुनर्निर्माण को लेकर नगर पालिका और व्यापारियों के बीच विवाद सोमवार को बढ़ गया। सकल व्यापारी संघ के आह्वान पर शहर के सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रहे। केवल मेडिकल और दूध जैसी आवश्यक सेवाएं ही खुली रहीं। बस स्टैंड, हॉस्पिटल रोड, चंद्रशेखर आजाद मार्ग, राजवाड़ा चौक और राजगढ़ नाका जैसे प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों में सन्नाटा पसरा रहा। PPP मॉडल पर जताई आपत्ति व्यापारियों का कहना है कि नगर पालिका ने पहले पुनर्निर्माण के बाद दुकानें पूर्व दुकानदारों को वापस देने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब अनुबंध की शर्तों में बदलाव कर पीपीपी मॉडल लागू किया जा रहा है। इससे उनके भविष्य पर अनिश्चितता का संकट खड़ा हो गया है। विरोध के दौरान बड़ी संख्या में व्यापारी राजवाड़ा चौक पर एकत्र हुए, जहां नगर पालिका उपाध्यक्ष लाखनसिंह सोलंकी भी उनके साथ मौजूद रहे। बाजार बंद की तस्वीरे… प्रमुख बाजारों में पसरा सन्नाटा बंद के कारण बस स्टैंड, हॉस्पिटल रोड, चंद्रशेखर आजाद मार्ग, राजवाड़ा चौक और राजगढ़ नाका सहित शहर के प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों में पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहा। इधर, रविवार देर शाम नगर पालिका अध्यक्ष कविता सिंगार और राजस्व सभापति विजय चौहान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रशासन का पक्ष रखा। विजय चौहान ने कहा कि व्यापारियों के साथ कई दौर की चर्चा हो चुकी है और जर्जर धर्मशाला व दुकानों को हटाने के बाद ही पुनर्निर्माण की पूरी योजना स्पष्ट होगी। नगर पालिका अध्यक्ष कविता सिंगार ने व्यापारियों और शहरवासियों से किसी के बहकावे में नहीं आने तथा प्रशासन का सहयोग करने की अपील की थी। हालांकि सोमवार का सफल बंद इस बात का संकेत रहा कि व्यापारी फिलहाल अपने रुख पर कायम हैं। अब सभी की नजरें इस विवाद के समाधान को लेकर प्रशासन और व्यापारियों के बीच होने वाली अगली बातचीत पर टिकी हैं।
भोपाल में 'एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0' का शुभारंभ हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। मध्यप्रदेश को देश का प्रमुख तकनीकी और औद्योगिक हब बनाने के उद्देश्य से आयोजित इस कॉन्क्लेव में देश-विदेश के उद्योगपति, निवेशक और नीति विशेषज्ञ शामिल हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पिछले 12 सालों में भारत ने दुनिया में सबसे तेज गति से विकास करने वाले देशों में अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की पहचान पहले केवल कृषि क्षेत्र तक सीमित थी, लेकिन अब प्रदेश में ड्रोन से लेकर मिसाइल तक का निर्माण हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कॉन्क्लेव में 51 प्रकार की विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनके माध्यम से प्रदेश में करीब 40 हजार करोड़ रुपए के निवेश और लगभग 35 हजार रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह आयोजन मध्यप्रदेश को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव का यह तीसरा संस्करण है। पिछले वर्ष वे बार्सिलोना गए थे, जिसके बाद स्पेन, अमेरिका और कनाडा की कंपनियों ने मध्यप्रदेश में 228 करोड़ रुपए का निवेश किया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में बार्सिलोना यात्रा के दौरान 1 गीगावाट क्षमता वाले एआई डेटा सेंटर के लिए एमओयू हुआ था और अब उस कंपनी के प्रतिनिधि भोपाल पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश भविष्य की तकनीकों पर तेजी से काम कर रहा है। एआई डेटा सेंटर, साइंस सिटी और अन्य हाई-टेक सेक्टर प्रदेश के विकास की नई पहचान बन रहे हैं। इंदौर के सुपर कॉरिडोर में बनेगा नया आईटी पार्कइंदौर के सुपर कॉरिडोर पर 3,000 वर्गफुट क्षेत्र में आईटी पार्क विकसित किया जाएगा। यहां विश्वस्तरीय कंपनियों को प्लग एंड प्ले सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे बिना किसी अतिरिक्त इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किए तुरंत अपना संचालन शुरू कर सकें। भोपाल आईटी पार्क का होगा विस्तारभोपाल आईटी पार्क में करीब 4 लाख वर्गफुट क्षेत्र में एक अत्याधुनिक आईटी पार्क विकसित किया जाएगा। यहां भी विश्वस्तरीय डिजिटल सेवा कंपनियों को प्लग एंड प्ले सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। कोलार रोड पर भी बनेगा नया आईटी पार्कभोपाल के कोलार रोड क्षेत्र में 5 एकड़ भूमि पर एक नया आईटी पार्क विकसित किया जाएगा। यहां आधुनिक बहुमंजिला भवन बनाया जाएगा, जिसमें आईटी और डिजिटल सेक्टर की कंपनियों को संचालन के लिए स्थान उपलब्ध कराया जाएगा। इससे प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), नवाचार, अनुसंधान और उद्योग-अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए वह पूरी तरह प्रतिबद्ध है। युवाओं को मिलेंगे रोजगार के नए अवसर इस कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य मध्यप्रदेश को हाई-टेक उद्योगों का केंद्र बनाना है। कार्यक्रम के जरिए सेमीकंडक्टर (चिप निर्माण), डेटा सेंटर और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) जैसे आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा। इन बड़े उद्योगों के प्रदेश में आने से आईटी (IT), इंजीनियरिंग और तकनीकी क्षेत्र के स्थानीय युवाओं को अपने ही राज्य में बेहतरीन और उच्च वेतन वाली नौकरियां मिलेंगी। कार्यक्रम में तकनीकी विजन और निवेश पर रहा फोकस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित इस कॉन्क्लेव में आज राज्य सरकार के तकनीकी विजन को दुनिया के सामने रखा जाएगा। कार्यक्रम में कई महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदारियों और समझौतों (MoUs) का आदान-प्रदान होगा, जो राज्य के डिजिटल ढांचे को मजबूत करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम स्थल पर लगी तकनीकी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। देश-विदेश की दिग्गज कंपनियों का जमावड़ा इस कॉन्क्लेव में सीटीआरएलएस (CtrlS) डेटासेंटर्स, केन्स टेक्नोलॉजीस, फुजियामा पॉवर और न्योबोल्ट लिमिटेड जैसी देश-विदेश की नामी और प्रतिष्ठित कंपनियां शामिल हो रही हैं। इन कंपनियों के प्रतिनिधि आज निवेश और सहयोग की संभावनाओं पर अपने विचार रखेंगे। साथ ही, आईआईएम इंदौर (IIM Indore) और आईआईएसईआर (IISER) जैसे प्रमुख शैक्षणिक संस्थान भी इसमें शामिल हैं, जो युवाओं के कौशल विकास और अनुसंधान को बढ़ावा देंगे। पिछले आयोजनों का रिकॉर्ड एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव के पहले दो आयोजनों ने प्रदेश में निवेश की रफ्तार को नई गति दी है। इसके पहले एडिशन (कॉन्क्लेव 1.0) में राज्य को 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले थे, जिससे करीब 75 हजार रोजगार के अवसर बने। वहीं दूसरे एडिशन (कॉन्क्लेव 2.0) में 12 हजार करोड़ रुपए से अधिक का निवेश आया, जिससे 48 हजार युवाओं को रोजगार मिला। आज शुरू हो रहा तीसरा संस्करण इस सफलता को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा।
महेंद्रगढ़ जिले के कनीना में रविवार दोपहर बाद एक व्यापारी से साढ़े तीन लाख रुपए की नकदी लेकर बदमाश फरार हो गए। पीड़ित व्यापारी का आरोप है कि आरोपियों ने पहले पता पूछने के बहाने उसे बातचीत में उलझाया और फिर उसकी जेब से नकदी निकालकर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद व्यापारी घबराहट की स्थिति में घर पहुंचा, जहां परिजनों ने डायल-112 पर सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। पता पूछने के बहाने बाइक सवारों ने रोका पीड़ित व्यापारी सीताराम ने बताया कि वह अपने पास करीब साढ़े तीन लाख रुपए लेकर जा रहा था। इसमें दो लाख रुपए घर से और डेढ़ लाख रुपये अपने भाई से लेकर निकला था। जब वह कनीना में नहर पुलिया के पास पहुंचा तो मोटरसाइकिल पर आए दो युवक और एक अन्य व्यक्ति ने उसे रोक लिया। सुरेंद्र कौशिक का घर पूछा सीताराम के अनुसार, एक युवक ने उससे सुरेंद्र कौशिक का घर पूछते हुए कहा कि उसे काठवास के सरपंच से मिलना है। उसने बताया कि उसे संबंधित व्यक्ति के बारे में कोई जानकारी नहीं है, लेकिन युवक लगातार बातचीत करता रहा। इसी दौरान अचानक उसे घबराहट महसूस होने लगी, पूरा शरीर पसीने से भीग गया और उसकी आवाज तक बंद हो गई। इसी बीच आरोपी उसकी पजामे की जेब में रखी नकदी निकालकर फरार हो गए। 112 पर दी पुलिस को सूचना व्यापारी ने बताया कि घटना के बाद वह सीधे घर पहुंचा। उसकी हालत देखकर परिजनों ने कारण पूछा, तब उसने पूरी घटना बताई। इसके बाद परिवार ने डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और उसकी शिकायत के आधार पर कार्रवाई शुरू की। पुलिस चेक कर रही सीसीटीवी सीताराम ने बताया कि बाद में पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी देखी। फुटेज में एक आरोपी हेलमेट पहने और दूसरे ने चेहरे पर काला कपड़ा बांध रखा था। उन्होंने कहा कि उनके साथ इस तरह की घटना पहली बार हुई है। ट्रांसपोर्ट कार्यालय के पास वारदात घटना नहर पुलिया के पास, बिजेंद्र हलवाई की दुकान और ट्रांसपोर्ट कार्यालय के नजदीक हुई। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि वारदात में कितने लोग शामिल थे और उन्होंने किस तरीके से घटना को अंजाम दिया। मामले की जांच में जुटी पुलिस थाना शहर प्रभारी सब इंस्पेक्टर तपेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि कनीना मंडी निवासी व्यापारी सीताराम से नहर पुलिया के समीप अज्ञात बदमाशों ने करीब तीन लाख रुपए लूट लिए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, घटनास्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए।
चंडीगढ़ में सोमवार (13 जुलाई) को किसानों की बाइक रैली और प्रदर्शन के चलते यातायात व्यवस्था प्रभावित रहने की संभावना है। भारतीय किसान यूनियन (राजेवाल) के नेतृत्व में पंजाब के किसान मोहाली से बाइक रैली निकालकर सेक्टर-34 स्थित प्रदर्शनी मैदान पहुंचेंगे। यहां मुख्यमंत्री और राज्यपाल के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम दो ज्ञापन सौंपे जाएंगे। भारत-अमेरिकी व्यापार समझौते, पानी और भूमि नीति समेत कई मांगों को लेकर हो रहे इस प्रदर्शन के मद्देनजर चंडीगढ़ पुलिस अलर्ट पर है। आम लोगों की सुविधा के लिए सुबह 10:30 बजे से दोपहर 3 बजे तक कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्ट किया जाएगा और कुछ जगहों पर आवाजाही भी सीमित रहेगी। ऐसे में घर से निकलने से पहले ट्रैफिक रूट जरूर जांच लें। सभी जिलों के किसान शामिल होंगे बीकेयू (राजेवाल) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बलबीर सिंह राजेवाल ने बताया कि 13 जुलाई को होने वाली मोटरसाइकिल रैली में पंजाब के सभी जिलों से किसान शामिल होंगे। उन्होंने इसे राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन बताते हुए कहा कि बड़ी संख्या में किसान चंडीगढ़ पहुंचकर अमेरिकी व्यापार समझौते, पंजाब के पानी और भूमि नीति समेत अन्य मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ आवाज उठाएंगे। हालांकि, रैली में शामिल होने वाले किसानों की संख्या को लेकर उन्होंने कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है। 13 जुलाई को लोग हुए थे परेशान 11 जुलाई 2026 को विभिन्न किसान संगठनों ने सेक्टर-34 प्रदर्शनी मैदान में अमेरिकी व्यापार समझौते और भूमि नीति के विरोध में प्रदर्शन किया था। इस दौरान किसान बसों के जरिए सेक्टर-34 पहुंचे थे और कार्यक्रम के बाद वापस लौट गए थे। हालांकि, प्रदर्शन के चलते लोगों को यातायात संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। इसी को देखते हुए पुलिस इस बार पहले से तैयारी कर रही है, ताकि आम लोगों को किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।
कन्नौज में चाइनीज मांझा पर रोक लगाने की पहल:व्यापारियों को जागरूक कर सूती मांझा के उपयोग पर जोर दिया
कन्नौज में चाइनीज मांझे पर प्रभावी रोक लगाने के लिए प्रशासन ने पहल की है। इसी क्रम में राज्य कर कार्यालय में व्यापार मंडलों के पदाधिकारियों और स्थानीय धागा व्यापारियों के साथ एक बैठक आयोजित की गई। यह बैठक रविवार शाम 5 बजे हुई, जिसमें चाइनीज एवं सिंथेटिक मांझे के निर्माण, बिक्री और उपयोग पर प्रभावी रोक सुनिश्चित करने के लिए व्यापारियों को जागरूक किया गया। बैठक में राज्य कर विभाग के उपायुक्त राजीव त्यागी, सहायक आयुक्त मनीष कुमार राय, राज्य कर अधिकारी अत्युत्तम सिंह, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका श्यामेंद्र मोहन चौधरी, उप निदेशक कृषि संतोष कुमार और जिला खनन अधिकारी संदेश पटेल सहित कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। उच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए, उपायुक्त राज्य कर राजीव त्यागी ने बताया कि चाइनीज एवं सिंथेटिक मांझे का प्रयोग मानव जीवन, पशु-पक्षियों और पर्यावरण के लिए अत्यंत घातक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के मांझे से सड़क दुर्घटनाएं, गंभीर चोटें और पक्षियों की मृत्यु जैसी घटनाएं होती हैं। त्यागी ने सभी व्यापारियों से मानवता और प्रकृति के हित में ऐसे मांझे की खरीद-बिक्री पूरी तरह बंद करने का आह्वान किया। व्यापारियों से यह भी अपील की गई कि वे बाजारों, कस्बों और मोहल्लों में व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को चाइनीज एवं सिंथेटिक मांझे के दुष्परिणामों से अवगत कराएं। साथ ही, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल सूती मांझे के उपयोग को बढ़ावा दें।
शास्त्री नगर प्रकरण में 14 जुलाई को प्रस्तावित सर्वोच्च न्यायालय की सुनवाई से एक दिन पहले आज क्षेत्र में सर्वधर्म सामूहिक प्रार्थना एवं रुद्राभिषेक का आयोजन किया जा रहा है । आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम का उद्देश्य न्याय, सत्य, सामाजिक सद्भाव और क्षेत्र के सकारात्मक समाधान की कामना करना है। आयोजकों ने बताया कि यह आयोजन पूरी तरह शांतिपूर्ण, सामाजिक और आध्यात्मिक स्वरूप का होगा। इसका उद्देश्य किसी व्यक्ति, संस्था या समुदाय के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करना नहीं है, बल्कि ईश्वर से सत्य की विजय, न्याय की स्थापना और शास्त्री नगर के नागरिकों के अधिकारों की रक्षा की प्रार्थना करना है। कार्यक्रम के तहत सोमवार सुबह रुद्राभिषेक एवं श्रीराम रक्षा स्तोत्र पाठ होगा। इसके बाद दोपहर 12:30 बजे सर्वधर्म सामूहिक प्रार्थना आयोजित की जाएगी, जिसमें विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और क्षेत्र के नागरिकों के शामिल होने की बात कही गई है। आयोजकों का कहना है कि शास्त्री नगर का मुद्दा केवल एक कॉलोनी तक सीमित नहीं है, बल्कि हजारों परिवारों के भविष्य, जीवनभर की जमा-पूंजी और आशियाने से जुड़ा विषय है। ऐसे समय में समाज के सभी वर्गों का एक मंच पर आकर न्याय, सद्बुद्धि और सौहार्द की कामना करना लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक एकता का संदेश देगा।
सतना पुलिस ने ट्रक और हाइवा की बैटरी चोरी करने वाले एक गिरोह का रविवार को पर्दाफाश किया है। इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके कब्जे से दो बैटरी, 14 पाना-पेचकस और एक फोर व्हीलर समेत कुल 9 लाख रुपये का सामान जब्त किया है। जानकारी के अनुसार, यह गिरोह सतना-रीवा समेत कई स्थानों पर फोर व्हीलर में घूम-घूमकर मालवाहकों की बैटरी चुराता था। पन्ना-छतरपुर की तरफ से रेत लाकर सोहावल मोड़ के पास व्यापार करने वाले वाहन मालिक अक्सर रात में अपने वाहनों को ड्राइवर-कंडक्टर के भरोसे छोड़कर घर चले जाते थे। बदमाश इसी मौके का फायदा उठाकर वारदातों को अंजाम देते थे। लगातार हो रही चोरियों से परेशान होकर वाहन मालिकों ने पुलिस को सूचना दी और खुद भी निगरानी का प्लान बनाया। उन्होंने 4-5 रातों से पेट्रोलिंग शुरू की। शनिवार देर रात सोहावल मोड़ के पास रेत कारोबारी पुनीत सिंह पिता शिवमंगल सिंह निवासी अहरी टोला, के हाइवा क्रमांक एमपी 19 जेडई 8896 के पास कुछ संदिग्ध गतिविधि दिखी। व्यवसायियों ने मिलकर घेराबंदी कीपुनीत सिंह ने तत्काल पुलिस को सूचित किया और व्यवसायी जीपी यादव, प्रवीण सिंह, पुजेरी सिंह, दिनेश सिंह और सचिन सिंह के साथ मिलकर घेराबंदी की। उन्होंने बैटरी खोल रहे दो युवकों को पकड़ा, जबकि कुछ दूरी पर बोलेरो में मौजूद उनके तीसरे साथी को भी दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अमन (23 वर्ष) पिता जितेंद्र सिंह, उदय (19 वर्ष) पिता शशि सिंह, निवासी माधवगढ़-टिकुरिया, थाना रामपुर बाघेलान और अजीत कुमार (30 वर्ष) पिता अवधेश कुमार रवि, निवासी घूरडांग, थाना कोलगवां के रूप में हुई। तीनों को रात में ही पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने उनके कब्जे से बैटरी, पाना-पेचकस के अलावा बोलेरो क्रमांक एमपी 16 सी 6911 भी जब्त की है। पूछताछ में उगले कई कारनामेपूछताछ में आरोपियों ने सतना समेत नागौद, रामपुर, रीवा और पन्ना समेत अन्य स्थानों पर भारी वाहनों से बैटरी चोरी करने का खुलासा किया, जिसके संबंध में संबंधित थानों की पुलिस से जानकारी जुटाई जा रही है, तो वहीं रविवार को तीनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। पुलिस टीम अब उनके सहयोगियों और बैटरी खरीदने वालों की तलाश में जुट गई है।
शिवहर जिले में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की कवायद तेज हो गई है। इसी बीच, चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष एवं शिवहर अनुमंडल के सांसद प्रतिनिधि रमाकांत प्रसाद गुप्ता ने शहर में समुचित पार्किंग व्यवस्था की मांग उठाई है। उन्होंने सरकार और जिला प्रशासन से स्पष्ट कहा है कि ईवी चार्जिंग स्टेशन से पहले पार्किंग की व्यवस्था की जाए। रमाकांत प्रसाद गुप्ता ने समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता, सांसद लवली आनंद, जिला पदाधिकारी प्रतिभा रानी और नगर परिषद सभापति राजन नंदन सिंह से शहर के दो से तीन प्रमुख स्थानों पर पार्किंग स्थल विकसित करने का आग्रह किया है। वाहन चालक सुरक्षित तरीके से अपने वाहन खड़े कर सकेंगेउन्होंने बताया कि 10 जुलाई को जिला पदाधिकारी प्रतिभा रानी की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे स्थित होटल, ढाबा, शॉपिंग मॉल, मल्टीलेवल पार्किंग, परिवहन केंद्र और अन्य व्यावसायिक परिसरों में प्राथमिकता के आधार पर ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने पर चर्चा हुई थी। चैंबर अध्यक्ष का तर्क है कि यदि शहर में पहले व्यवस्थित पार्किंग बनाई जाए और वहीं ईवी चार्जिंग पॉइंट भी स्थापित किए जाएं, तो ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले वाहन चालक सुरक्षित तरीके से अपने वाहन खड़े कर सकेंगे। वे निर्धारित शुल्क पर चार्जिंग करा पाएंगे और निश्चिंत होकर बाजार में खरीदारी भी कर सकेंगे। यातायात व्यवस्था सुधरेगी और ग्राहकों की संख्या बढ़ेगीगुप्ता ने कहा कि ऐसी एकीकृत व्यवस्था से वाहन चोरी की आशंका कम होगी, शहर में यातायात व्यवस्था सुधरेगी और बाहर से आने वाले ग्राहकों की संख्या बढ़ेगी। इसका सीधा लाभ स्थानीय व्यापारियों को मिलेगा, जिससे शिवहर शहर आधुनिक और व्यवस्थित शहर की दिशा में आगे बढ़ेगा। रमाकांत प्रसाद गुप्ता ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि ईवी चार्जिंग स्टेशन की योजना को पार्किंग व्यवस्था के साथ जोड़कर लागू किया जाए, ताकि इसका अधिकतम लाभ आम लोगों और व्यापार जगत दोनों को मिल सके।
झाबुआ में बस स्टैंड पर स्थित 13 जर्जर दुकानों के नए सिरे से निर्माण को लेकर नगर पालिका और व्यापारियों के बीच विवाद काफी बढ़ गया है। नगर पालिका ने इन दुकानों को पीपीपी मॉडल पर बनाने का फैसला किया है, जिसके विरोध में सकल व्यापारी संघ ने 13 जुलाई को झाबुआ शहर बंद रखने का ऐलान किया है। रविवार शाम को संघ के पदाधिकारियों ने बाजारों में घूमकर दुकानदारों से इस बंद को सफल बनाने की अपील की। क्या है विवाद की मुख्य वजह? व्यापारियों का आरोप है कि नगर पालिका ने उन्हें धोखा दिया है। उनका कहना है कि 18 जून को कलेक्टर, नगर पालिका अध्यक्ष और सीएमओ के साथ हुई बैठक में यह तय हुआ था कि दुकानें बनने के बाद वे मौजूदा दुकानदारों को ही दी जाएंगी। साथ ही एग्रीमेंट की शर्तें भी व्यापारियों की मर्जी से तय होनी थीं। लेकिन बाद में नगर पालिका ने व्यापारियों को बिना बताए पीपीपी मॉडल के तहत निर्माण का प्रस्ताव पास कर दिया। इससे सालों से वहां धंधा कर रहे दुकानदारों के रोजगार पर संकट आ गया है। व्यापारी संघ की मांग: पीपीपी मॉडल हो रद्द व्यापारी संघ का कहना है कि वे विकास के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन प्रशासन का यह रवैया विश्वासघात जैसा है। उनकी मांग है कि पीपीपी मॉडल को तुरंत रद्द करके नगर पालिका अपने स्तर पर ही दुकानों का निर्माण कराए। इसके अलावा विशेष बैठक बुलाकर सरकारी गाइडलाइन के हिसाब से मौजूदा दुकानदारों को वहीं पर दुकानें देने का प्रस्ताव पास किया जाए। इस आंदोलन को लेकर सकल व्यापारी संघ के अध्यक्ष पंकज जैन मोगरा, सचिव हिमांशु त्रिवेदी और कैट के जिलाध्यक्ष मुकेश जैन नाकोड़ा ने एकजुटता दिखाई है। दूसरी तरफ, नगर पालिका का पक्ष रखते हुए सीएमओ मिलन पटेल ने कहा कि पूरी कार्रवाई परिषद के प्रस्ताव के मुताबिक ही की जा रही है और वे इस प्रोजेक्ट में व्यापारियों को भी साथ लेकर चलने की कोशिश करेंगे।
किसान मजदूर संघर्ष कमेटी अचल साहिब (जिला गुरदासपुर) द्वारा जोन अध्यक्ष डॉ. हरदीप सिंह मेहता के नेतृत्व में एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक 'भारत बचाओ मोर्चा' द्वारा भारत-अमेरिका कर-मुक्त व्यापार समझौते के विरोध में घोषित देशव्यापी मोटरसाइकिल मार्च और दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन की तैयारियों की रूपरेखा तैयार करने के लिए बुलाई गई थी। बैठक के दौरान रणनीति साझा करते हुए बताया गया कि आगामी 15 जुलाई को संगठन द्वारा एक विशाल देशव्यापी मोटरसाइकिल मार्च निकाला जाएगा। इसके साथ ही, उसी दिन गुरदासपुर में मुख्य कृषि अधिकारी के कार्यालय के सामने एक विशेष रोष प्रदर्शन भी किया जाएगा। यह प्रदर्शन इलाके में यूरिया खाद की हो रही कालाबाजारी के विरोध में आयोजित होगा, ताकि किसानों को आ रही दिक्कतों को दूर किया जा सके। 21 जुलाई को दिल्ली के किसान घाट पर जुटेंगे किसान-मजदूर जोन अध्यक्ष डॉ. हरदीप सिंह मेहता ने आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए कहा कि 'भारत बचाओ मोर्चा' के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर 21 जुलाई को गुरदासपुर जिले से बड़ी संख्या में किसान और मजदूर दिल्ली के लिए रवाना होंगे। सभी प्रदर्शनकारी दिल्ली स्थित किसान घाट पर एकत्र होकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेंगे। भारत-अमेरिका कर-मुक्त व्यापार समझौते का पुरजोर विरोध बैठक को संबोधित करते हुए जिला गुरदासपुर के अध्यक्ष हरभजन सिंह वैरोनंगल ने कहा कि संगठन भारत-अमेरिका कर-मुक्त व्यापार समझौते का हर स्तर पर कड़ा विरोध करेगा। उन्होंने इस समझौते को पूरी तरह से किसान और मजदूर विरोधी करार दिया और कहा कि इससे देश के ग्रामीण और कृषि क्षेत्र को भारी नुकसान पहुंचेगा। कोर कमेटी के सदस्यों का किया गया सम्मान बैठक के समापन पर संगठन के प्रति उत्कृष्ट सेवाओं और संघर्ष में योगदान के लिए जिला अध्यक्ष हरभजन सिंह वैरोनंगल सहित कोर कमेटी के अन्य प्रमुख सदस्यों को धार्मिक चिन्ह 'सिरोपा' भेंट कर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इस मौके पर भारी संख्या में स्थानीय किसान और मजदूर नेता मौजूद रहे।
दमोह देहात थाना क्षेत्र की नरसिंहगढ़ चौकी अंतर्गत सूखी पिपरिया गांव में गल्ला व्यापारी को बंधक बनाकर साढ़े 12 लाख रुपए की लूट के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। रविवार शाम दमोह एसपी आनंद कलादगी ने इस मामले का खुलासा किया। घटना में शामिल चार अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 10 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था। एसपी आनंद कलादगी ने बताया कि यह घटना 4 जुलाई की रात को हुई थी। सूखी पिपरिया गांव निवासी विजय जैन के घर में छह आरोपी घुस गए थे। उन्होंने कट्टे की नोक पर विजय जैन और उनकी पत्नी को बंधक बनाकर सोने-चांदी के जेवरात लूट लिए थे। इस दौरान चार आरोपी घर के अंदर घुसे थे, जबकि दो आरोपी बाहर पहरा दे रहे थे। पीड़ित ने नरसिंहगढ़ चौकी में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 30 पुलिसकर्मियों की 8 टीमें गठित की गईं। सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले गए। पुलिस को रविवार सुबह बटियागढ़ थाना क्षेत्र से दमोह निवासी शंकर पिता राजेश यादव और राहुल पिता नन्हे भाई अहिरवार को गिरफ्तार करने में सफलता मिली। चार आरोपी अब भी फरार गिरफ्तार आरोपियों के पास से लूटे गए 42 ग्राम सोने के आभूषण, 500 ग्राम चांदी के आभूषण, एक देसी कट्टा, एक कटर और घटना में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद की गई है। बरामद माल की कुल कीमत साढ़े आठ लाख रुपए बताई गई है। आरोपियों ने अपना जुर्म भी कबूल कर लिया है। इस मामले में दीपू बंसल और रानू पटेल सहित चार अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। पुलिस ने बताया कि घर के अंदर घुसकर लूट करने वालों में शंकर यादव, राहुल अहिरवार, दीपू बंसल और रानू पटेल शामिल थे। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही है और मामले में डकैती की धाराएं भी जोड़ी जाएंगी। डकैती की धारा लगेगी एसपी ने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश के लिए टीम लगी हुई है। इस मामले में डकैती की धारा भी जोड़ी जाएगी। सभी आरोपियों ने गैंग बनाकर घटना को अंजाम दिया है जो इसमें माहिर हैं। सभी चार नामजद आरोपी पहले से ही आदतन अपराधी है। जिसमें शंकर यादव के पुराने 17 अपराध हैं, राहुल अहिरवार के तीन अपराध हैं, दीपू बंसल के 14 अपराध हैं, रानू पटेल के आठ पुराने अपराध हैं।
नमस्कार, आज की सबसे बड़ी खबर डूंगरपुर से है। यहां बड़ी गांव में तालाब में नहाने पहुंचे 4 भाई-बहनों की मौत हो गई, जबकि 2 बच्चों को बचा लिया गया। चलिए सिलसिलेवार पढ़ते हैं, राजस्थान दिनभर में क्या कुछ खास रहा... पहले टॉप 5 खबरें1. तालाब में नहाते समय 6 डूबे, 4 भाई-बहनों की मौतडूंगरपुर के बड़ी गांव में वात्रक तालाब में नहाने पहुंचे 4 भाई-बहनों की डूबने से मौत हो गई। इनमें 3 सगे और एक उनकी फुफेरी बहन है। 2 बच्चों को उनमें से एक के पिता ने बचा लिया। बड़ी गांव निवासी 2 बहनों और भाई की मौत के बाद परिवार में अब केवल माता-पिता बचे हैं। पूरी खबर पढ़ें 2. प्रश्नपत्र की गाड़ी के पीछे-पीछे एग्जाम सेंटर में घुसे अभ्यर्थीRPSC की सीनियर टीचर भर्ती परीक्षा रविवार को प्रदेश के 27 जिलों में 1221 सेंटर पर शुरू हुई। पाली के बांगड़ स्कूल में सुबह 9 बजे पहुंचे अभ्यर्थियों को एंट्री नहीं दी गई। इस दौरान प्रश्नपत्र लेकर पहुंची गाड़ी के लिए गेट खोला तो उसके पीछे-पीछे कुछ अभ्यर्थी भी घुस गए। पूरी खबर पढ़ें 3. बुजुर्ग के हत्यारों को सिर मुंडवाकर घुमायाअलवर शहर में बुजुर्ग व्यापारी की हत्या के आरोपी 2 युवकों की पुलिस ने परेड निकाली। दोनों हत्यारे फटे कपड़ों में लंगड़ाते हुए चल रहे थे और सिर मुंडा हुआ था। पुलिस रविवार सुबह दोनों आरोपियों को घटनास्थल पर लेकर गई और वारदात का सीन रीक्रिएट कराया। पूरी खबर पढ़ें 4. बारिश के लिए किसानों ने किया हवनराजस्थान में मानसून कमजोर पड़ गया है। अच्छी बारिश के लिए बाड़मेर जिले के भुरटिया गांव में किसानों ने हवन किया। सैटेलाइट इमेज में राजस्थान के ऊपर से मानसून वाले बादल गायब नजर आ रहे हैं। मौसम विभाग ने 15 जुलाई तक किसी तरह का अलर्ट जारी नहीं किया है। पूरी खबर पढ़ें 5. घर में सो रहे युवक को कुल्हाड़ी मारी, सिर में धंसीबारां जिले के भंवरगढ़ थाना इलाके में घर में सो रहे युवक पर बदमाशों ने कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। हमला इतना जोरदार था कि कुल्हाड़ी के आगे का हिस्सा युवक के सिर में ही धंस गया। बारां जिला अस्पताल में डॉक्टर कुल्हाड़ी निकाल नहीं सके तो कोटा रेफर कर दिया। पूरी खबर पढ़ें अब 3 अहम खबरें6. एयरफोर्स जवान का हाथ तोड़ा, कुल्हाड़ी से सिर फोड़ाजोधपुर के विवेक विहार थाना इलाके में जमीन पर अवैध कब्जे और तारबंदी हटाने को लेकर सगे भतीजों ने एयरफोर्स जवान और उनके छोटे भाई पर हमला बोल दिया। दोनों भाइयों को कुल्हाड़ी, सरियों और लाठियों से पीट-पीट कर अधमरा कर दिया। पूरी खबर पढ़ें 7. रोहित गोदारा गैंग ने प्रॉपर्टी कारोबारी से मांगे 2 करोड़सीकर जिले में प्रॉपर्टी कारोबारी को विदेश में बैठे गैंगस्टर रोहित गोदारा की गैंग ने धमकी दी है और 2 करोड़ की फिरौती मांगी है। गैंगस्टर वीरेंद्र चारण ने विदेशी नंबरों से वॉट्सएप कॉल कर धमकाया कि फिरौती नहीं दी तो तुम्हें और तुम्हारे परिवार को जान से खत्म कर देंगे। पूरी खबर पढ़ें 8. ट्रेलर में भिड़ंत के बाद आग लगी, ड्राइवर जिंदा जलासिरोही जिले के अनादरा थाना इलाके में NH-168 पर दो ट्रेलर की आमने-सामने भिड़ंत के बाद आग लग गई। हदासे में एक ट्रेलर का ड्राइवर जिंदा जल गया, जबकि दूसरे ट्रेलर के ड्राइवर समेत तीन लोगों ने कूदकर जान बचाई। पूरी खबर पढ़ें खबर जो हटकर है9. रिटायर्ड प्रोफेसर की कविता ने बनाया रिकॉर्डजयपुर के रिटायर्ड प्रोफेसर डॉ. हरि मोहन सक्सेना ने ऐसी हिंदी कविता रची है, जिसके सभी 116 शब्द और 24 पंक्तियां हिंदी वर्णमाला के 'क' अक्षर से शुरू होती हैं। इसे इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने मान्यता प्रदान की है। पूरी खबर पढ़ें कल क्या होगा खास10. 'रन अगेंस्ट पेपर लीक' थीम पर 5KM की मैराथनदेशभर में भर्ती परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक के खिलाफ सोमवार को जयपुर में छात्र सड़क पर उतरेंगे। NSUI राजस्थान की ओर से 'रन अगेंस्ट पेपर लीक' थीम पर 5 किलोमीटर की मैराथन होगी। इसके विजेताओं को नकद पुरस्कार भी दिए जाएंगे। पूरी खबर पढ़ें
कैथल में हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रदेशाध्यक्ष बजरंग दास गर्ग ने कहा कि व्यापारियों से जेल और विदेश में बैठे बदमाशों द्वारा फिरौती मांगी जा रही है। कॉल आते हैं कि इतने रुपए तैयार रखना। ऐसी स्थिति हरियाणा के अंदर इस समय बनी हुई है। जेलों में अपराधियों के पास मोबाइल कहां से आते हैं, ऐसे में लगता है कि जेलों के प्रशासन की मिलीभगत है। वो भी घुसपैठ में शामिल हैं। गर्ग ने कहा कि अगर किसी जेल से बदमाशों का व्यापारियों के पास कॉल आता है तो सरकार को चाहिए कि संबंधित जेल के प्रशासन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। जेल तो अपराध का अड्डा बन गई हैं। गर्ग बोले- व्यापारियों को तंग करने वालों को कॉलर पकड़ कर दीवार से चिपका देंगे बजरंग दास गर्ग रविवार को व्यापार मंडल की ओर से सनातन धर्म मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने रामकुमार बंसल को संगठन का जिला प्रधान नियुक्त किया। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि सीएम के एक कार्यक्रम में कई जिलों की पुलिस लगा दी जाती है। थाने व चौकी खाली हो जाते हैं। पुलिस की सुरक्षा जनता के लिए है। अगर जनता की सुरक्षित नहीं तो फिर ऐसी सुरक्षा का क्या फायदा है। अपराधियों के साथ-साथ कई बार अधिकारियों द्वारा भी व्यापारियों को तंग करने के मामले सामने आते हैं। अगर हरियाणा में कोई अधिकारी व्यापारियों को अनावश्यक रूप से तंग करेगा तो उसे कॉलर पकड़ कर दीवार से चिपका देंगे, उसको बख्शेंगे नहीं। सांप को मारना है तो पहले उसकी मां को मारो उन्होंने कहा कि, अगर सांप को मारना है तो सांप की मां को मारना होगा। अपराधियों के आकाओं की मुंडी जेल में ही रगड़ दी जाए तो बाहर उनके गुर्गे सांस तक नहीं निकालेंगे। इस समय अपराधियों के बीच ये चल रहा है कि चार गोली पुलिस को लग गई और चार अपराधियों को लग गई। इससे कुछ नहीं होने वाला है। व्यापारी राजस्व भी देते हैं और डर के मारे फिरौतियां भी देनी पड़ती हैं। कहा- हरियाणा में व्यापार और उद्योग ठप हो रहे उन्होंने कहा कि आज हरियाणा में व्यापार और उद्योग ठप हो रहे हैं। गांवों में 70 प्रतिशत छोटे उद्योग बंद हो गए। उद्योग बंद होने के कारण हरियाणा में लाखों लोग बेरोजगार हो गए हैं। हरियाणा में लगातार बेरोजगारी के कारण नशा और अपराध बढ़ गया। गर्ग ने कहा कि, व्यापारी जानमाल की सुरक्षा को लेकर भयभीत हैं। प्रदेश में ऐसा कोई दिन नहीं जाता, जिस दिन लूट, हत्या या फिरौती की घटना न होती हो। ऐसे में सरकार पूरी तरह विफल हो रही है। सरकार को चाहिए कि व्यापार व उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं बनाए। व्यापार बढ़ेगा तो रोजगार बढ़ेगा और रोजगार मिला तो सरकार के खजाने में भी धन पहुंचेगा। सरकार को उद्योगों के लिए पॉलिसी बनानी चाहिए। जिला प्रधान रामकुमार बंसल ने कहा कि जल्द ही जिले में कार्यकारिणी बनाई जाएगी। सभी शहरों में इसका विस्तार किया जाएगा। अगर सरकार व्यापार को बढ़ाने के लिए और व्यापारियों की सुरक्षा के लिए काम करेगी तो व्यापारी सरकार के साथ हैं। व्यापार मंडल व्यापारियों के हितों के लिए काम करेगा।
अलवर शहर में बुजुर्ग व्यापारी की हत्या के दोनों आरोपियों की पुलिस ने परेड निकाली। दोनों हत्यारे फटे कपड़ों में लंगड़ाते हुए चल रहे थे और सिर मुंडा हुआ था। पुलिस रविवार सुबह दोनों आरोपियों को घटनास्थल पर लेकर गई और वारदात का सीन रीक्रिएट कराया। आरोपियों को देखने के लिए भीड़ जमा हो गई। इस दौरान लोगों ने अलवर पुलिस जिंदाबाद के नारे लगाए और आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की। दरअसल, बुजुर्ग दिनेश अग्रवाल (80) अलवर नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन अजय अग्रवाल के मामा और पूर्व CMHO डॉ. सुबोध अग्रवाल के चचेरे भाई थे। अजय अग्रवाल साल 2023 में कांग्रेस के टिकट पर अलवर शहर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ चुके हैं। अब वे कांग्रेस में नहीं हैं। देखिए पुलिस की कार्रवाई के PHOTOS… पुलिस ने घटनास्थल पर सीन रीक्रिएट किया कोतवाली थाना प्रभारी रमेश सैनी ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ कर यह जाना गया कि वे किस रास्ते से घर में घुसे, हत्या और लूट की वारदात कैसे की और बाद में किस रास्ते से फरार हुए। पुलिस इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि दो नाबालिगों को निरुद्ध किया गया है। एक अन्य आरोपी अब भी फरार है, जिसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। जांच में सामने आया है कि बदमाशों ने 9 जुलाई की रात वारदात को अंजाम दिया था। प्रारंभिक जांच में हत्या के बाद घर से हजारों रुपए की लूट की बात भी सामने आई है। पुलिस फरार आरोपी की तलाश और लूटे गए सामान की बरामदगी में जुटी हुई है। बेटे के घर नहीं पहुंचे तो किया फोन बहू रीमा अग्रवाल ने बताया- मेरे ससुर दिनेश चंद अग्रवाल खदाना मोहल्ले वाले मकान में अकेले रहते थे। वे स्वाभिमानी थे और बुढ़ापे में भी अपना सारा काम खुद ही करते थे। वे रोजाना रात का खाना खाने के लिए खदाना मोहल्ले से एक किलोमीटर दूर स्कीम नंबर 4 में हमारे घर आते थे। जब गुरुवार (9 जुलाई) शाम वे खाना खाने नहीं पहुंचे तो करीब 7:30 बजे मेरे पति विकास ने उन्हें फोन किया। उनका लैंडलाइन नंबर बंद आया। इसके बाद मेरे पति वहां पहुंचे तो मेरे ससुर कमरे में चारपाई पर मृत पड़े मिले। बदमाशों ने उनके हाथ, पैर और मुंह को कपड़ों से कसकर बांध रखा था, ताकि वे चिल्ला नहीं सकें। घर की अलमारियां टूटी हुई थीं और सारा सामान बिखरा पड़ा था। --- ये खबर भी पढ़ें… जीएसटी अफसर के घर को लूटने वाले लंगड़ाते हुए चले:पुलिस ने परेड निकाली, सीन रीक्रिएट कराया; शक नहीं हो इसलिए 5-6 बार कपड़े बदले अलवर की शालीमार सोसायटी में जीएसटी असिस्टेंट कमिश्नर ओमप्रकाश के घर हुई लूट के मामले में पुलिस ने चार बदमाशों को शनिवार शाम गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपियों को मौका तस्दीक कराने के लिए घटना स्थल यानी जीएसटी अधिकारी के घर पर लेकर पहुंची। चारों आरोपी लंगड़ाते हुए चले। (पढ़िए पूरी खबर)
किशनगंज पुलिस ने मानव तस्करी और देह व्यापार के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान नया सवेरा 3.0 के तहत बड़ी कार्रवाई की है। बहादुरगंज थाना क्षेत्र के प्रेमनगर रेड लाइट इलाके में एक कथित देह व्यापार अड्डे का भंडाफोड़ किया गया। इस दौरान पांच पीड़ित महिलाओं और किशोरियों को रेस्क्यू किया गया, जबकि चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि प्रेमनगर क्षेत्र में नाबालिग लड़कियों से जबरन देह व्यापार कराया जा रहा है। सूचना के सत्यापन के बाद एसडीपीओ खुसरो सिराज के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। इस दल में बहादुरगंज पुलिस, महिला थाना, एएसटीयू और राज्य व जिला स्तर की समन्वयक टीमें शामिल थीं। 3 नाबालिग लड़कियां शामिल टीम जब प्रेमनगर पहुंची, तो कई लोग पुलिस को देखकर भागने लगे। तलाशी के दौरान आशा बेगम के घर से पांच महिलाओं और किशोरियों को बरामद किया गया, जिनमें तीन नाबालिग लड़कियां भी शामिल हैं। रेस्क्यू की गई पीड़िताओं ने पुलिस को बताया कि उनसे जबरन देह व्यापार कराया जाता था और कुछ आरोपी ग्राहकों को बुलाने का काम करते थे। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से तीन पुरुषों को भी हिरासत में लिया। जांच के क्रम में घर से 10 इस्तेमाल किए गए निरोध और तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद कर जब्त किए गए। आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह मामला संगठित तरीके से संचालित देह व्यापार का प्रतीत होता है। पुलिस ने आशा बेगम, दिवाकर पंडित, मोहम्मद असद और नासीर आलम को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों के खिलाफ बहादुरगंज थाना कांड संख्या 434/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि रेस्क्यू की गई सभी पीड़िताओं का चिकित्सीय परीक्षण कराया जा रहा है और उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया जारी है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की कार्रवाई की जा रही है। किशनगंज पुलिस ने यह भी कहा कि नया सवेरा 3.0 अभियान के तहत मानव तस्करी, बाल श्रम और महिलाओं-बच्चों के शोषण से जुड़े अपराधों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
खंडवा जिले के हरसूद विकासखंड में यूरिया खाद की कथित कालाबाजारी और स्टॉक में बड़ी अनियमितता का मामला सामने आया है। कृषि विभाग की जांच के बाद छनेरा स्थित मेसर्स इनफिनिटी एग्रो के संचालक आयुष पांडे के खिलाफ हरसूद थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने उर्वरक (नियंत्रण) आदेश और आवश्यक वस्तु अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उर्वरक निरीक्षक एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी गोरेलाल वास्कले ने बताया कि 8 जुलाई को सहायक संचालक कृषि जितेंद्र सिंह रावत और अन्य अधिकारियों ने दुकान का निरीक्षण किया था। जांच के दौरान ऑनलाइन रिकॉर्ड, पीओएस मशीन और गोदाम में मौजूद वास्तविक स्टॉक में बड़ा अंतर मिला। जांच रिपोर्ट के आधार पर 11 जुलाई को हरसूद थाने में शिकायत दी गई, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया। पीओएस में 172.26 मीट्रिक टन यूरिया, गोदाम खाली मिला जांच में सामने आया कि पीओएस मशीन में विभिन्न कंपनियों की 3,828 बैग यानी 172.26 मीट्रिक टन यूरिया का स्टॉक दर्ज था, जबकि गोदाम में एक भी बैग नहीं मिला। वहीं, मध्यप्रदेश शासन की ई-विकास (E-Token) प्रणाली में 4,318 बैग यानी 194.31 मीट्रिक टन यूरिया का स्टॉक दर्ज था। डिजिटल रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में बड़ा अंतर पाया गया। एसएसपी खाद के स्टॉक में भी मिली गड़बड़ी कृष्णा फॉस्केम लिमिटेड की सिंगल सुपर फॉस्फेट (SSP) खाद के स्टॉक में भी अंतर मिला। पीओएस मशीन में स्टॉक शून्य था। जबकि ई-विकास पोर्टल पर 27.90 मीट्रिक टन और गोदाम में 9 मीट्रिक टन खाद मौजूद मिली। विभाग के अनुसार तीनों रिकॉर्ड समान होना चाहिए था। जांच में कई अन्य अनियमितताएं भी मिलीं निरीक्षण के दौरान बिना O Form के उर्वरक का व्यापार, किसानों को बिक्री बिल नहीं देना, स्टॉक रजिस्टर का संधारण नहीं करना, मूल्य सूची और स्टॉक बोर्ड प्रदर्शित नहीं करना, जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराना तथा पीओएस मशीन और ई-टोकन प्रणाली के अनुसार बिक्री दर्ज नहीं करना जैसी अनियमितताएं भी सामने आईं। स्टॉक में अंतर का संतोषजनक जवाब भी नहीं दिया गया। इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला पुलिस ने उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 की धारा 4, 5, 8 और 35 के उल्लंघन तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3 और 7 के तहत मामला दर्ज किया है। हरसूद पुलिस का कहना है कि कृषि विभाग की जांच रिपोर्ट, पीओएस रिकॉर्ड, ई-विकास पोर्टल के डेटा और अन्य दस्तावेजों के आधार पर विवेचना की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
औरैया में राज्य कर विभाग ने शनिवार शाम धागा कारोबारियों के साथ विशेष 'व्यापारी संवाद कार्यक्रम' आयोजित कर प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की बिक्री पर सख्त चेतावनी दी। अधिकारियों ने कहा कि चाइनीज मांझा गंभीर हादसों का कारण बन रहा है, इसलिए इसके निर्माण और बिक्री से पूरी तरह दूर रहें। ककोर स्थित राज्य कर विभाग कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त प्रदीप कुमार ने की। कार्यक्रम में सहायक आयुक्त शिव शंकर चौरसिया, जय सिंह यादव, पंकज कुमार पाण्डेय, राज्य कर अधिकारी विजय शंकर दीक्षित, स्थानीय व्यापार मंडलों के प्रतिनिधि और धागा कारोबारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने व्यापारियों की समस्याएं सुनकर उनके समाधान का आश्वासन दिया। सुरक्षित और वैध धागों के व्यापार पर दिया जोर उपायुक्त प्रदीप कुमार ने व्यापारियों से विभागीय नियमों का पालन करते हुए केवल सुरक्षित और वैध धागों का कारोबार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित चाइनीज मांझा लोगों की जान के लिए खतरा बन चुका है और इससे कई गंभीर दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। व्यापारियों ने दिया नियमों के पालन का भरोसा विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए कि चाइनीज मांझे के निर्माण और बिक्री से पूरी तरह दूरी बनाए रखें। इस पर व्यापारियों ने भरोसा दिलाया कि वे केवल वैध एवं सुरक्षित धागों का ही व्यापार करेंगे और प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की बिक्री नहीं करेंगे, ताकि जनसुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
मोदी के इंडोनेशिया दौरे से व्यापार-निवेश को नई उड़ान: इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स
जकार्ता/नई दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंडोनेशिया दौरे को लेकर वहां रह रहे भारतीय समुदाय और कारोबारी जगत में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।
निवेशकों को आकर्षित करने में सफल रहा अदाणी ग्रुप
अहमदाबाद, अदाणी ग्रुप वैश्विक संस्थागत निवेशकों और भारत के बड़े म्यूचुअल फंड्स को आकर्षित करने में सफल रहा है और यह ग्रुप को लेकर निवेशकों के सेंटीमेंट में स्पष्ट बदलाव को दिखाता है।
नई दिल्ली, भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में जून में गतिविधियों में वृद्धि देखी गई है, जिससे मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई 54.2 पर रहा है। यह जानकारी एचएसबीसी फ्लैश इंडिया पीएमआई डेटा में बुधवार को दी गई।
ललित सुरजन की कलम से राजनीति बनाम व्यापार
'यह कहने की आवश्यकता नहीं है कि राजनीति और व्यापार दोनों किसी हद तक एक-दूसरे पर आश्रित हैं
मारुति सुजुकी ने जोड़े पांच स्टार्टअप्स, एआई और ऑपरेशनल को बनाएगी और स्मार्ट
नई दिल्ली, देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने सोमवार को घोषणा की कि उसने पांच स्टार्टअप्स को अपने साथ जोड़ा है।
दो वर्षों में बदली ओडिशा की तस्वीर: मोहन चरण माझी सरकार का विकास, सुशासन और निवेश मॉडल
जून 2024 में जब ओडिशा की जनता ने राज्य में पहली बार भारतीय जनता पार्टी को पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता सौंपी, तब यह केवल राजनीतिक परिवर्तन नहीं था, बल्कि विकास और सुशासन की नई अपेक्षाओं का जनादेश भी था।
सीतारमण का बड़ा बयान: विदेशी निवेश बढ़ने के लिए सरकार की नयी तैयारी
नई दिल्ली, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि सरकार देश में अधिक विदेशी पूंजी आकर्षित करने के लिए आगे भी कई कदम उठाएगी और बॉन्ड मार्केट के लिए हाल में घोषित उपाय इस दिशा में सिर्फ शुरुआत हैं।
निवेश की दुनिया में अक्सर लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि आखिर में अपनी गाढ़ी कमाई से बमुश्किल की जाने वाली बचत का रुपया-पैसा कहाँ लगाएं, जहां पर वह डूबे नहीं, बल्कि सुरक्षित भी रहे। ऐसे में आप अपना रुपया-पैसा पीपीएफ (Public Provident Fund) में लगाएं या एमएफ (Mutual Fund) में। क्योंकि सच यह है कि दोनों का उद्देश्य अलग-अलग है और सही समय पर सही विकल्प चुनना ही आपके लिए अधिक महत्वपूर्ण है। इसलिए आइए आज आपको बताते हैं कि कब पीपीएफ में निवेश करें और कब एमएफ में। पहले हम बात करते हैं कि पीपीएफ (PPF) में निवेश कब न करें? आपके लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि Public Provident Fund (PPF) उन लोगों के लिए बेहतर है जो अपनी पूंजी की सुरक्षा चाहते हैं। साथ ही एक निश्चित और जोखिम-मुक्त रिटर्न पसंद करते हैं। इसके अलावा, टैक्स भी बचाना चाहते हैं। और तो और, 15 वर्ष या उससे अधिक की लंबी अवधि के लिए निवेश कर सकते हैं। चूंकि इसका महत्वपूर्ण फंडा यह है कि PPF में हर महीने की 5 तारीख से पहले पैसा जमा करने पर उस महीने का ब्याज भी मिलता है। इसलिए यदि आप मासिक निवेश करते हैं तो 1 से 5 तारीख के बीच जमा करना अधिक फायदेमंद माना जाता है। इसे भी पढ़ें: FIR कराना हो जाएगा आसान, जब जानेंगे 2026 के कानून अब हम बात करते हैं कि Mutual Fund (MF) में कब निवेश करें? तो यह गांठ बांध लीजिए कि Mutual Fund उन निवेशकों के लिए बेहतर है जो महंगाई को मात देने वाला रिटर्न चाहते हैं। साथ ही लंबी अवधि (10-15 वर्ष या अधिक) के लिए निवेश कर सकते हैं। इसके अलावा, कुछ उतार-चढ़ाव (रिस्क) सहन कर सकते हैं। और तो और संपत्ति निर्माण (Wealth Creation) का लक्ष्य रखते हैं। चूंकि इसका महत्वपूर्ण फंडा यह है कि Mutual Fund में सही समय पकड़ने की बजाय SIP (Systematic Investment Plan) के जरिए नियमित निवेश करना अधिक प्रभावी माना जाता है। जो कि बाजार ऊपर हो या नीचे, SIP लागत को औसत कर देती है। सवाल है कि किसे चुनें? आपके निवेशक का लक्ष्य क्या है? आपके पास बेहतर विकल्प क्या है? आपकी पूंजी सुरक्षा कितनी है। चूंकि पीपीएफ से टैक्स बचत होती है, रिटायरमेंट के लिए सुरक्षित फंड रहता है और लंबी अवधि में अधिक रिटर्न रिटर्न मिलता है। जबकि म्युचुअल फंड धन सृजन (Wealth Creation) के लिए अच्छा है, बशर्ते कि आप संतुलित रणनीति अपनाएं। जहां तक PPF और Mutual Fund में सबसे असरदार रणनीति की बात है तो वित्तीय विशेषज्ञ अक्सर सलाह देते हैं कि निवेशक दोनों का संयोजन रखें। एक ओर सुरक्षा और टैक्स लाभ के लिए PPF अच्छा है तो संपत्ति निर्माण और महंगाई से आगे निकलने के लिए Equity Mutual Fund SIP बेहतर है। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई व्यक्ति हर महीने ₹10,000 निवेश करना चाहता है, तो वह ₹3,000–₹4,000 PPF में और शेष राशि अच्छे इक्विटी म्यूचुअल फंड की SIP में लगा सकता है। इससे सुरक्षा और वृद्धि दोनों का लाभ मिल सकता है। निष्कर्षतः यह कहा जा सकता है कि यदि आपका लक्ष्य पूंजी की सुरक्षा है तो PPF बेहतर है। और यदि आपका लक्ष्य लंबी अवधि में बड़ा धन बनाना है तो Mutual Fund अधिक उपयुक्त हो सकता है। वहीं, दोनों का संतुलित मिश्रण अधिकांश निवेशकों के लिए व्यावहारिक और प्रभावी रणनीति साबित हो सकता है। हाँ, यहां पर यह सदैव ध्यान रखें कि Mutual Fund बाजार जोखिमों के अधीन हैं, जबकि PPF अपेक्षाकृत सुरक्षित सरकारी योजना है। लिहाजा, निवेश का निर्णय अपनी आयु, लक्ष्य, जोखिम क्षमता और समयावधि को ध्यान में रखकर करें। - कमलेश पांडेय वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार
घरेलू सोने का उपयोग कर विदेशी मुद्रा बचाने की पेशकश
अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीयों से अपील की कि कम से कम एक साल के लिए भारत में सोने का आयात टाला जा सकता है, तो उन्होंने ऐसा उस बड़ी अनिश्चितता के संदर्भ में किया जिसका सामना देश कर रहा है।
भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप्स का आईएन-स्पेस ने चयन किया
नई दिल्ली, सरकारी एजेंसी इंडियन नेशनल स्पेस प्रमोशन एंड ऑथराइजेशन सेंटर (आईएन-स्पेस) ने गुरुवार को तीन भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप्स को अपने वित्तीय सहायता के लिए चुना है।
जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा से करोड़ों की ठगी, प्रॉपर्टी निवेश के नाम पर लिए 17 करोड़ रुपए
मायानगरी में धोखाधड़ी के किस्से अक्सर सामने आते रहते हैं। अब बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा जाफरी धोखाधड़ी का शिकार हो गई हैं। हबीबा जाफरी से संपत्ति निवेश के नाम पर करीब 17.5 करोड़ रुपए की ठगी की गई है।
भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते का वैश्विक अर्थ
युद्ध की आशंकाओं के बीच आशा का सेतुः वैश्विक परिदृश्य इन दिनों युद्ध की अनिश्चितताओं, तनावों और भू-राजनीतिक खींचतान से भरा हुआ है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान और महाशक्तियों के बीच प्रतिस्पर्धा ने विश्व अर्थव्यवस्था के सामने कई प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। ऐसे समय में भारत और न्यूजीलैंड के ... Read more
स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने 'स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0' (एफओएफ 2.0) लॉन्च किया
अमेज़न MGM स्टूडियोज ने अपनी नई फिल्म 'रफ्तार' की रिलीज डेट की घोषणा कर दी है। इस फिल्म में राजकुमार राव और कीर्ति सुरेश लीड रोल में नजर आने वाले हैं। आदित्य निंबालकर के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म को 'कांपा फिल्म' के बैनर तले पत्रलेखा ने प्रोड्यूस ...
काजोल ने किया रियल एस्टेट में निवेश, खरीदी इतने करोड़ की कमर्शियल प्रॉपर्टी
बॉलीवुड एक्ट्रेस काजोल ने इंडस्ट्री में एक अलग मुकाम हासिल किया है। काजोल भले ही फिल्मों में कम नजर आती हो, लेकिन वह सुर्खियों में बनी रहती हैं। काजोल ने अब एक्टिंग के साथ-साथ रियल एस्टेट में भी कदम रख दिया है। काजोल ने मुंबई के गोरेगांव वेस्ट ...
जानिए क्यों पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास पर है 2100 करोड़ रुपए निवेश
पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास अपने करियर के शानदार दौर से गुजर रहे हैं, और निर्विवाद रूप से अखिल भारतीय सुपरस्टार के रूप में अपनी जगह पक्की कर रहे हैं। बाहुबली, सलार, कल्कि 2898 एडी जैसी बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने वाली फिल्मों के साथ, उन्होंने भारतीय ...
'एक रात के 5 लाख' क्या इस महंगाई की वजह बने हैं विक्की कौशल और कैटरीना कैफ
राजस्थान अपने खूबसूरत किलों और महलों के लिए विश्वभर में जाना जाता है। कला और संस्कृति के इस अनूठे संगम, शाही ठाठ बाठ समेत राजपुताना वास्तुकला का आनंद उठाने दुनिया के कोने-कोने से पर्यटक यहां आते हैं..........
खतरों के खिलाड़ी सीजन 14 के कंटेस्टेंट अभिषेक कुमार जिन्होंने बिग बॉस 17 में अपने कार्यकाल से काफी लोकप्रियता हासिल की, अपने आकर्षक व्यक्तित्व से लोगों के दिलों पर राज कर रहे हैं। विवादित रियलिटी शो में उनकी भागीदारी ने उन्हें स्टार बना दिया और उन्हें रातोंरात सफलता दिलाई। अभिषेक जो वर्तमान में रोहित शेट्टी के शो खतरों के खिलाड़ी 14 में हैं, ने साझा किया कि वह एक प्रोडक्शन हाउस खोलना चाहते हैं। इसे भी पढ़ें: Kartik Aaryan का खुलासा, Pyaar Ka Punchnama की सफलता के बावजूद उनके पास ‘कोई ऑफर नहीं था, कोई पैसा नहीं था ईटाइम्स टीवी के साथ एक इंटरव्यू में, अभिषेक ने खुलासा किया कि वह भविष्य के लिए पैसे बचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता चाहते हैं कि वह मुंबई में एक घर खरीदें, लेकिन वह एक व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। अभिषेक ने कहा कि वह एक उद्यमी बनना चाहते हैं और उनके बड़े सपने हैं जिन्हें वह हासिल करना चाहते हैं। अभिषेक कुमार मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते इंटरव्यू में, अभिषेक ने कहा कि उन्होंने पैसे बर्बाद करना बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते क्योंकि शहर काफी महंगा है और कहा कि किराए पर रहना एक समझदारी भरा फैसला है। उन्होंने यहां तक कहा कि घर खरीदने में बड़ी रकम लगाने और फिर हर महीने लोन के रूप में बैंक को बड़ी EMI चुकाने का कोई मतलब नहीं है। इसे भी पढ़ें: Karan Johar को कोर्ट से मिली राहत, फिल्म Shaadi Ke Director Karan Aur Johar की रिलीज परह लगी रोक अभिषेक ने कहा कि वह अपना पैसा निवेश करना चाहते हैं और उस पर ब्याज पाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह रवि दुबे और सरगुन मेहता की तरह एक प्रोडक्शन हाउस स्थापित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि उनका परिवार चंडीगढ़ में घर खरीदे, लेकिन मुंबई में नहीं क्योंकि वे वहीं रह सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह पैसे बचाना चाहते हैं और कोई दूसरा व्यवसाय शुरू करने में निवेश कर सकते हैं। KKK 14 की बात करें तो शिल्पा शिंदे शो से बाहर हो गईं। एक यूट्यूब चैनल के अनुसार, सनी वरुण ने बात की, गश्मीर, करणवीर, अदिति और अभिषेक ने निष्कासन स्टंट किया।

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