दरभंगा में पशुपालक के 5 गायें चोरी:पशु व्यापारी पर आरोप लगाया, पीड़ित ने थाने में शिकायत दर्ज कराई
दरभंगा जिले के जाले थाना क्षेत्र के पिठरिया (कला) गांव में एक पशुपालक के खलिहान से पांच गायों की चोरी का मामला सामने आया है। गांव की निवासी गायत्री देवी ने इस संबंध में जाले थाना में शिकायत दर्ज कराई है। गायत्री देवी ने पुलिस को बताया कि उन्होंने हाल ही में अपना घर बनवाया था, जिसके कारण उनकी तीन और उमेश कुंवर की दो गायें पास के उमेश कुंवर के खलिहान में बांधी गई थीं। 28 नवंबर, 2025 की रात करीब 12 बजे तक सभी पांच गायें खलिहान में मौजूद थीं, लेकिन सुबह 4 बजे देखने पर वे गायब मिलीं। पशुपालक ने व्यापारी पर चोरी का आरोप लगाया गायत्री देवी के अनुसार, चोरी से तीन दिन पहले रेवढा निवासी जयप्रकाश कलवारा गाय खरीदने के बहाने उनके घर आया था। घर पर कोई बड़ा सदस्य न होने पर उसने उनके बेटे सन्नी कुमार से गायें दिखाने को कहा और खलिहान से संबंधित सभी जानकारी प्राप्त कर ली। गायत्री देवी ने जयप्रकाश कलवारा पर चोरी का आरोप लगाया है और उसका मोबाइल नंबर भी पुलिस को उपलब्ध कराया है। पशु व्यापारी ने आरोपों को खारिज किया वहीं, जयप्रकाश कलवारा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उसने बताया कि वह मवेशियों की खरीद-बिक्री का काम करता है और गायत्री देवी के ससुर ने उसे गाय बेचने के लिए फोन किया था। हालांकि, कीमत तय न हो पाने के कारण वह वापस लौट गया था। जयप्रकाश ने दावा किया कि घटना के समय वह सीतामढ़ी जिले के नानपुर थाना क्षेत्र के मझौर में था। पुलिस का बयान जाले थाना के थानाध्यक्ष संदीप कुमार पाल ने बताया कि उन्हें इस संबंध में एक आवेदन प्राप्त हुआ है। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
जालोर में व्यापार मंडल ने हर महीने के अंतिम रविवार को अवकाश घोषित किया हैं। यह फैसला 13 नवंबर को कुछ श्रमिकों की शिकायत के बाद श्रमिक विभाग के निर्देशों पर व्यापार मंडल की ओर से लिया गया। इसके तहत इस बार भी नवंबर के अंतिम रविवार को 30 नवंबर अवकाश घोषित किया गया हैं। व्यापार मंडल एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा- अंतिम रविवार को पहले अवकाश का नियम, लेकिन शादियों की सीजन को लेकर कुछ व्यापारी दुकान खुली रखते हैं। उन्हें भी अवकाश के बारे में जानकारी दे दी गई है। दरअसल, जिले में 13 नवंबर को जालोर के कुछ श्रमिकों ने कलेक्टर को ज्ञापन दिया था। इसमें बताया कि महीने के अंतिम रविवार को अवकाश दिया जाता था, लेकिन अब कई व्यापारी इसकी अनुमति नहीं दे रहे हैं। वहीं, श्रमिकों को प्रतिदिन 12 से 15 घंटे तक कार्य करना पड़ रहा है। जबकि राज्य सरकार के श्रम कानूनों के अनुसार अधिकतम कार्य समय 9 से 10 घंटे प्रतिदिन तय है। श्रमिकों के संगठन ने कहा कि हम भी सामाजिक प्राणी हैं, हमारे परिवार और बच्चे हैं। ऐसे में महीने में एक दिन की भी छुट्टी न मिलना अमानवीय है। उन्होंने बताया- मीनाखेड़ा, सांचौर, जोधपुर, सुमेरपुर और शिवगंज जैसे शहरों में व्यापार मंडलों द्वारा साप्ताहिक अवकाश नियमित रूप से रखा जाता है। जालोर में भी पूर्व में यह व्यवस्था रही है, लेकिन हाल के वर्षों में इसे बंद कर दिया गया है। कर्मचारियों ने कलेक्टर से मांग की है कि वे श्रम कानूनों का पालन सुनिश्चित करवाएं और व्यापारिक प्रतिष्ठानों के अध्यक्ष को निर्देश दें कि व्यापारियों की बैठक आयोजित कर इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। इसके बाद 15 नवंबर को दी जनरल मर्चेट एसोसिएशन के पदाधिकारी व लेबर इंस्पेक्टर श्याम सुंदर ने वार्ता कर महीने के अंतिम दिन अवकाश की घोषणा की। एसोसिएशन की ओर से अवकाश की घोषणादी जनरल मर्चेट एसोसिएशन के अध्यक्ष जालम सिंह ने बताया- एसोसिएशन की ओर से कल महीने के अंतिम रविवार को अवकाश रहेगा और नियम पहले से हैं। लेकिन शादियों की सीजन के समय कुछ दुकानदार अपने दुकान खुली रखते हैं, या फिर रेगुलर ग्राहक आने पर खोलते हैं। बाकी महीने के हर अंतिम रविवार को अवकाश रहता हैं। ये खबर भी पढ़े- कर्मचारियों ने की साप्ताहिक अवकाश दिलाने की मांग:व्यापारियों पर लगाए श्रम कानूनों की अनदेखी के आरोप
सोना‑चांदी के दामों में रिकॉर्ड उछाल ; निवेशकों और खरीदारों के लिए अलर्ट
29 नवंबर 2025 को भारत में सोने और चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल देखा गया। मुंबई में 24 कैरेट सोना ₹12,846 प्रति ग्राम और चांदी ₹1,76,000 प्रति किलोग्राम तक पहुँची। वैश्विक बाजार और घरेलू मांग के चलते ज्वैलरी और निवेश पर असर हुआ।
गोंडा जिले में एक वाटर प्लांट संचालक की उसके दोस्तों ने शराब के नशे में सफारी गाड़ी से कुचलकर हत्या कर दी। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीन अन्य फरार हैं। यह घटना नगर कोतवाली क्षेत्र के रानीजोत गांव की है, जहां 27 वर्षीय नितिन मिश्रा की हत्या की गई। मृतक के पिता शंकर दयाल मिश्रा ने बताया कि नितिन को उसके दोस्त अतुल पांडे ने अपने साथियों अंशुमान सिंह, अभय तिवारी, वैभव दुबे, विवेक पांडेय और ऋषभ उर्फ रोहित के साथ मिलकर पहले चाय पिलाई और फिर शराब के नशे में धुत होकर सफारी गाड़ी से कुचल दिया। नगर कोतवाली पुलिस ने मृतक के पिता की तहरीर पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। जांच के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी अतुल पांडे, सीतापुर निवासी अभय तिवारी और गोंडा निवासी अंशुमान सिंह को गिरफ्तार कर लिया। घटना में इस्तेमाल की गई सफारी गाड़ी भी बरामद कर सीज कर दी गई है। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं, घटना के बाद से फरार चल रहे वैभव दुबे, विवेक पांडे और ऋषभ उर्फ रोहित सिंह की गिरफ्तारी के लिए कई पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। नगर कोतवाली के क्राइम इंस्पेक्टर सभाजीत सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि 'हम बड़े तुम बड़े' के विवाद में पहले गाली-गलौज हुई और फिर गुस्से में आकर उन्होंने नितिन पर गाड़ी चढ़ा दी। उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले में शामिल तीन अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
सोनभद्र में उद्योग बंधु बैठक हुई:व्यापार संगठन ने उठाए सवाल, मुख्य विकास अधिकारी मौजूद रहे
सोनभद्र में मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में जिला स्तरीय उद्योग बंधु की बैठक आयोजित की गई। बैठक में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के जिलाध्यक्ष कौशल शर्मा ने कई अहम समस्याओं पर चर्चा की। शर्मा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद आवारा कुत्तों और अन्य पशुओं की समस्या अभी भी कायम है। उन्होंने जिला प्रशासन से इन पशुओं को नगर क्षेत्र से हटाने की मांग की। इसके अलावा उन्होंने नगरीय क्षेत्रों में बने शौचालयों की दयनीय स्थिति पर चिंता जताई। शर्मा ने कहा कि यह प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत मिशन का उपहास है। स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर भी शर्मा ने सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि जिले में 150 से अधिक अवैध अस्पताल संचालित हैं, जिनमें से कई का पंजीकरण नहीं है। एंबुलेंस सेवाओं की खराब स्थिति पर भी उन्होंने चिंता व्यक्त की और कहा कि इन वाहनों में प्राथमिक उपचार की सुविधाएं नहीं हैं। बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी एवं संचालन उपायुक्त उद्योग विनोद चौधरी ने की। बैठक में जिला महामंत्री प्रितपाल सिंह, जिला उपाध्यक्ष नागेंद्र मोदनवाल, नगर उपाध्यक्ष गुरप्रीत सिंह सोखी एवं अन्य संगठन सदस्य उपस्थित रहे।
₹10,000 की SIP या ₹5 लाख एकमुश्त निवेश, जल्दी से कहां मिलेगा ₹1 करोड़ का फंड?
अगर आप ₹1 करोड़ का कॉर्पस जल्दी बनाना चाहते हैं, तो ये समझना जरूरी है कि SIP धीरे-धीरे, लेकिन स्थिर रूप से आपका लक्ष्य पूरा करता है, जबकि लंप सम निवेश प्रारंभ में उच्च जोखिम और संभावित हाई रिटर्न दोनों देता है.
आज के शेयर बाजार अपडेट: निफ्टी-50, सेंसेक्स और निवेशकों के लिए सुरक्षित स्टॉक्स का विश्लेषण
निफ्टी-50 और सेंसेक्स में निवेशकों की नजर प्रमुख स्टॉक्स पर टिकी है। ऑटो क्षेत्र में M&M और बजाज ऑटो, इन्फ्रास्ट्रक्चर में L&T, कोच्चिन शिपयार्ड और मजगाँ डॉक शिपबिल्डर्स निवेश के लिए प्रमुख विकल्प हैं।
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में टेक स्टार्स स्टार्टअप वीकेंड का तीन दिवसीय कार्यक्रम शुरू हो गया है। इसका उद्देश्य युवाओं में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देना है। यह आयोजन 30 नवंबर 2025 तक चलेगा। जिला प्रशासन और खेल-युवा कल्याण विभाग की ओर से बरदिहा लेक व्यू रिजॉर्ट, गंगरेल में इसका आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम उन सभी के लिए खुला है जो किसी नए विचार को व्यावसायिक रूप देना चाहते हैं, चाहे वे विद्यार्थी हों, नौकरीपेशा हों या वर्तमान में स्टार्टअप चला रहे उद्यमी। इस तीन दिवसीय आयोजन में मेंटोरशिप, टीम बिल्डिंग, पिच प्रेजेंटेशन और निवेशकों से संवाद जैसी गतिविधियां शामिल होंगी। विकासगढ़ के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी मेराज मीर ने बताया कि इस कार्यक्रम में 10 से अधिक निवेशक, 20 से अधिक अनुभवी मेंटर्स, 50 संभावित स्टार्टअप टीमें और 100 से अधिक प्रतिभागी हिस्सा लेंगे। स्टार्टअप अवसरों पर जानकारी उन्होंने ग्लोबल स्टार्टअप एक्सीलेरेटर टेक स्टार और इसकी विश्वभर में स्टार्टअप व उद्यमिता गतिविधियों में भूमिका पर भी प्रकाश डाला। यह आयोजन युवाओं, छात्रों, स्टार्टअप फाउंडर्स और प्रोफेशनल्स को व्यापक मार्गदर्शन और नेटवर्किंग के अवसर प्रदान करेगा। स्टार्टअप की ओर प्रेरित करने का आह्वान कलेक्टर ने युवाओं से अपने नवीन विचार साझा करने और टीम बनाकर उन्हें व्यावहारिक रूप देने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राज्य के युवाओं को स्टार्टअप इकोसिस्टम की ओर प्रेरित करना, उनके विचारों को प्रोजेक्ट के रूप में विकसित करना और आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करना है। कलेक्टर ने यह भी कहा कि यह आयोजन पूरे छत्तीसगढ़ में अपनी तरह का पहला है। यह धमतरी को स्टार्टअप हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। युवाओं की क्षमता पर क्षेत्रीय विधायक का विश्वास कार्यक्रम में पहुंचे क्षेत्रीय विधायक ओंकार साहू ने कहा कि धमतरी के युवाओं में अपार क्षमता है और ऐसे आयोजन से उन्हें अपने कौशल और रचनात्मकता को दिशा देने का अवसर मिलेगा। उन्होंने आशा जताई कि धमतरी से कई सफल स्टार्टअप सामने आएंगे और रोजगार के नए अवसर बनेंगे। महापौर ने तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने की बात कही महापौर रामू रोहरा ने कहा कि नगर निगम नवाचार और तकनीकी प्रगति को बढ़ावा देने के लिए हर संभव सहयोग करेगा। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे समाज की समस्याओं को पहचानकर उनके समाधान के लिए तकनीक-आधारित मॉडल विकसित करें। पूर्व विधायक ने युवाओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी पूर्व विधायक रंजना साहू ने युवाओं को आत्मविश्वास और दृढ़ता के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में स्टार्टअप रोजगार सृजन का बड़ा माध्यम बनकर उभर रहा है और ऐसे आयोजन स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करते हैं।
बिलासपुर के कथित तांत्रिक और पूर्व सीएम भूपेश बघेल के करीबी कृष्ण कुमार श्रीवास्तव उर्फ केके के खिलाफ तेलीबांधा पुलिस ने चार्जशीट पेश कर दी है। इसमें कई खुलासे हुए हैं। चार्जशीट में पुलिस ने दावा किया कि केके और उसके बेटे कंचन ने करोड़ों रुपए चीन और ऑस्ट्रेलिया में निवेश किया है। यह पैसा हवाला के माध्यम से भेजा गया है। दोनों के बैंक खातों की जांच में 441 करोड़ रुपए के लेन-देन का रिकॉर्ड मिला है। दोनों के मोबाइल की फॉरेंसिक जांच में पता चला है कि इन्होंने ऑनलाइन सट्टा एप महादेव बुक से जुड़ी मेस्टिजिक कंपनी में भी निवेश किया है। ठेका दिलाने का झांसा देकर 15 करोड़ लिए पुलिस के मुताबिक पिछली सरकार में बिलासपुर निवासी केके श्रीवास्तव (64) बेहद प्रभावशाली था। वह कई बड़े नेताओं से जुड़ा हुआ था। उसने नोएडा की रावत एसोसिएट कंपनी के मालिक अर्जुन सिंह को स्मार्ट सिटी के तहत 500 करोड़ के ठेके दिलाने का झांसा दिया और उनसे 15 करोड़ रुपए ले लिए। बता दें कि तेलीबांधा थाने में एफआईआर होने के बाद केके और कंचन फरार हो गए थे। पुलिस ने लंबी जांच के बाद 24 जून को केके को भोपाल से गिरफ्तार किया। कार से भागा नागपुर, फिर दिल्ली दूसरी ओर, युवा कांग्रेसी नेता आशीष शिंदे जांच के दौरान अपनी कार CG 04 PP 0007 में केके को छिपाकर नागपुर ले गया। वहां कुछ दिन रहने के बाद दोनों दिल्ली पहुंचे। लगभग एक महीने तक वहां छिपे रहने के बाद केके भोपाल आया और शिंदे रायपुर लौट गया। पुलिस ने शिंदे को आरोपी की मदद करने के लिए गिरफ्तार किया है। कमीशन पर लिए गए खाते चार्जशीट में कहा गया है कि कंचन ने अपने परिचित अब्बास अली और कई अन्य लोगों के बैंक खातों का उपयोग पैसों के लेन-देन के लिए किया। इनके खातों में करोड़ों रुपए के ट्रांजैक्शन मिले हैं। कई खातों को कमीशन पर लिया गया था। पुलिस ने आईसीआईसीआई बैंक, यस बैंक, आईडीएफसी, एचडीएफसी, इंडसइंड बैंक, कोटक महिंद्रा, पीएनबी, बैंक ऑफ बड़ौदा, एसबीआई, कैनरा बैंक और एक्सिस बैंक से लेन-देन का रिकॉर्ड खंगाला है। 5 खातों में 15 करोड़ रुपए ट्रांसफर अर्जुन सिंह ने ठेका मिलने की उम्मीद में 10 से 17 जुलाई 2023 के बीच कंचन और केके को 15 करोड़ रुपए भेजे। यह रकम अकाउंट नंबर 14900500…, 500000…, 0026050… 10126077… 001063400… में ट्रांसफर की गई। इनमें से तीन खाते बिलासपुर के अब्बास अली के नाम पर हैं, जो केके श्रीवास्तव के लिए काम करता था। केके पिता-पुत्र लगातार अर्जुन से संपर्क में थे और उन्हें वॉट्सएप पर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से जुड़े फर्जी दस्तावेज भेजते रहे, जिससे अर्जुन को भरोसा हो गया कि वह काम दिला देंगे। कुछ रकम लौटाने के बाद बाकी पैसा वापस नहीं किया गया। दोनों ने पैसे को निजी उपयोग में खर्च कर दिया। सीबीआई और ईडी करेगी जांच चार्जशीट में मनी लॉन्ड्रिंग और महादेव सट्टा बुक से संबंध का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट ईडी और सीबीआई को भेजी गई है। ईडी ने जांच शुरू कर दी है और सीबीआई भी जल्द पूछताछ करेगी। महादेव सट्टा मामले की जांच सीबीआई कर रही है और अब तक 120 से अधिक लोगों के बयान लिए जा चुके हैं। इस मामले में केके श्रीवास्तव का नाम सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, सीबीआई दिसंबर में पहला चार्जशीट दाखिल करने वाली है। इसमें गिरफ्तार आईपीएस और रापुसे अधिकारियों को बड़ी राहत मिल सकती है। कंचन घूम रहा, रिकॉर्ड में फरार पुलिस ने कंचन और अब्बास अली को फरार बताया है। जबकि कंचन को रायपुर और बिलासपुर में देखा गया है। पुलिस ने उसे बनारस से हिरासत में लिया था। उसे पूछताछ कर छोड़ दिया, जबकि एफआईआर में भी नामजद आरोपी है। ........................... इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें... पूर्व CM के करीबी 'KK' अरेस्ट...कारोबारी से ठगे 15 करोड़: NS इंटरप्राइजेस-RH इंटरनेशनल के नाम रकम ट्रांसफर; छत्तीसगढ़ के बड़े नेता इससे कराते थे तांत्रिक-पूजा छत्तीसगढ़ EOW की टीम ने पूर्व CM भूपेश बघेल के करीबी केके श्रीवास्तव को भोपाल से गिरफ्तार किया है। केके पर 500 करोड़ का प्रोजेक्ट दिलाने का झांसा देकर 15 करोड़ की ठगी करने का आरोप है। केके को EOW और ED टीम सालभर से तलाश कर रही थी। पढ़ें पूरी खबर...
जौनपुर एक मैजिक वाहन टायर फटने के कारण अनियंत्रित होकर करीब 20 फीट गहरी खाई में पलट गया। वाहन में लदी मुर्गों की जालियां टूटने से सैकड़ों मुर्गे सड़क पर बिखर गए, जिन्हें मौके पर मौजूद ग्रामीण लूट ले गए। यह मामला चंदवक क्षेत्र में वाराणसी–आजमगढ़ मार्ग पर गोमती पुल के पास शनिवार की है। मैजिक वाहन आजमगढ़ से मुगलसराय की ओर मुर्गे लेकर जा रहा था। वाहन में चालक अखिलेश गौतम तथा मुर्गा व्यवसायी अजीत सोनकर और विजय सोनकर सवार थे। गनीमत रही कि हादसे में सभी लोग सुरक्षित बच गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि गोमती पुल के पास अचानक वाहन का टायर फटते ही वह अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरा। पलटने के बाद जालियां टूट गईं और बड़ी संख्या में मुर्गे बाहर निकलकर भागने लगे। इतने में आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और उन्होंने मुर्गों को पकड़कर अपने घरों की ओर ले जाना शुरू कर दिया। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि ग्रामीणों ने उनके सैकड़ों मुर्गे लूट लिए। बाद में राहगीरों की मदद से कुछ मुर्गों को दोबारा जालियों में रखा गया। सूचना पर पहुंची पुलिस और जेसीबी की मदद से क्षतिग्रस्त मैजिक वाहन को खाई से बाहर निकाला गया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
बूंदी कोटा के एक व्यापारी को प्रेमजाल में फंसाकर (हनी ट्रैप) उसमे 35 हजार रुपए नकद व एक सोने का कड़ा लुटने वाले गिरोह का सदर थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए गिरोह की 2 मास्टरमाइंड महिला को बापर्दा गिरफ्तार करते हुए उसके दो सहयोगियों को पकड़ा है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान घटना में प्रयुक्त 2 मोटर साइकिल को भी जब्त किया है। मामले में अनुसंधान जारी है। एयर कंडीशनर लगवाने का दिया झांसा पुलिस अधीक्षक राजेंद्र कुमार मीणा के अनुसार कोटा गुमानपुरा निवासी फरियादी ने सदर थाने में रिपोर्ट दी थी। जिसमें बताया था कि उसके कोटा में इलेक्ट्रिकल की दुकान है। 26 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर अनजान नंबर से फोन आया और एयर कंडीशनर लेने को लेकर एक लड़की से बातचीत हुई। दुकान मालिक ने दुकान पर आने, की बात कही। दो दिन बाद एक लड़की दुकान पर आई और एयर कंडीशनर देखकर चली गई। उसके दो दिन बाद 29 तारीख को फिर उसी लड़की का मोबाइल पर मैसेज आया और कहा कि उसके पापा प्रॉपटी डीलर का कार्य करते हैं। उनके बड़े-बड़े लोगों से लेनदेन है। वह एयर कंडीशनर लगाने की साइट दिखा देगी और अगर डील फाइनल हो जाती है तो उसमें उसका कमीशन निकाल देना। इस पर दुकान मालिक ने हां कर दी। साइट दिखाने के बहाने होटल बुलाया, मांगे 10 लाख लड़की ने 5 नवंबर को मैसेज कर करीब 6.30 बजे देवपुरा के नानकपुरिया तिराहे पर इलेक्ट्रॉनिक व्यापारी को बुलाया और साइट दिखाने के बहाने उसे एक होटल में ले गई। जहां साइट को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई और कमरे में बैठकर खुद बात करने लग गई। बाद में लड़की ने कहा उसे वापस छोड़ दे, बाद में साइड बता दूंगी। लड़की को नाकपुरिया छोड़ना चाहा तो उसने मंडी गेट पर छोड़ने को कहा। जैसे में मंडी गेट पहुंचा तो अचानक एक गाड़ी से उतरकर एक महिला समेत समेत दो जने आए और आरोप लगाने लगे कि उसने इस लड़की के साथ होटल में गलत काम किया है। आरोपियों ने पीड़ित से 10 लाख रुपए की मांग की और उसे जबरन गाड़ी में बैठाकर तालेड़ा की ओर ले गए। सोने का कड़ा और नकदी लूटी, जंगल में छोड़ा रास्ते में आरोपियों ने पीड़ित की पत्नी को मोबाइल से फोन लगाकर उसके पति के बारे में पूछा, इस दौरान पीड़ित के चिल्लाने पर उन्होंने फोन काट दिया। इस आरोपी गाड़ी को घूमाते रहे और पीड़ित से मारपीट करते रहे। पैसों की व्यवस्था नहीं होने पर आरोपियों ने पीड़ित के हाथ से सोने का कड़ा और 35 हजार रूपए नकदी छीनकर, उसे जंगल में छोड़ गए। आरोपियों के खिलाफ कई थानों में हनी ट्रेप के मामले हैं दर्ज पुलिस ने मामला दर्जकर जांच शुरू की। जिसके बाद पुलिस ने तालेड़ा से लखविंद्र सिंह उर्फ लक्की व कोटा शहर संजय नगर निवासी आरोपी रौनक पंवार को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल करते हुए गिरोह की दो मास्टर माइंड महिलाओं को बापर्दा गिरफ्तार किया है। एसआई रामेश्चर आर्य ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर टीम गठित की गई थी। घटना स्थल का निरीक्षण कर तकनीकी साक्ष्य जुटाएं। आरोपियों को पकड़ने के लिए संदिग्ध स्थानों पर दबिश दी गई और घटना की अंजाम देने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया। अभी पूछताछ जारी है। कई और मामले खुलने की संभावना है। उन्होंने बताया कि गिरोह की दो मास्टर माइंड महिला और अन्य जनों के विरुद्ध कोटा सहित कई जगहों पर हनी ट्रेप के मामले दर्ज है। फर्जी आईडी बनाकर व्यापारियों बनाते जान-पहचान आरोपी शातिर अपराधी प्रवृत्ति के हैं। वे अलग-अलग सोशल मीडिया की फर्जी आईडी बनाकर व्यापारियों को मैसेज करते हैं और उनसे बातचीत के जरिए नजदीकी बढ़ाकर किसी काम के सिलसिले में होटल बुलाते हैं। कुछ देर बात करने के बाद गिरोह के सदस्यों द्वारा बताई जगह पर छोड़ने की बात करते हैं। वहां पहुंचने के बाद गिरोह के सदस्य डरा धमका कर पैसे लूट कर फरार हो जाते हैं। गिरोह में 2-3 महिला व पुरुष शामिल है। गिरोह के सदस्य लोगों को बलात्कार के मामले में फंसाने की धमकी देकर पैसे ऐंठते हैं। फरियादी से भी आरोपियों 10 लाख रुपए की मांग की गई थी। टीम में यह रहे शामिल सदर थाना प्रभारी रमेशचंद अर्थ की अगुआई में गठित टीम में एएसआई अशोक कुमार, कॉन्स्टेबल जेठाराम, हराम, हनुमान, गजेंद्र यादव, महिला कॉन्स्टेबल सोना गुर्जर, सोनू, सवाई शामिल रहे।
Indo - Russia व्यापारिक संबंध में नया मोड; 2030 तक 100 अरब डॉलर का लक्ष्य
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा और भारत-रूस बिजनेस फोरम से द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को नई गति मिलने की उम्मीद है। दोनों देशों ने 2030 तक 100 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्य तय किया है। ऊर्जा, फार्मा, कृषि, इंजीनियरिंग और आईटी सेवाओं सहित कई क्षेत्रों में व्यापक सहयोग को बढ़ावा मिल रहा है।
जयपुर के मुहाना मंडी परिसर में शुक्रवार को महात्मा ज्योतिबा फुले की 135वीं पुण्यतिथि पर किसानों, मजदूरों, व्यापारियों और मंडी में काम करने वाले विभिन्न वर्गों ने पहुंचकर पुष्पांजलि अर्पित की। सभी ने मिलकर सामाजिक सुधार, शिक्षा और किसानों के हित में किए गए फुले के योगदान को याद किया। जयपुर फल-सब्जी थोक विक्रेता संघ, मुहाना के अध्यक्ष योगेश तंवर ने बताया कि महात्मा ज्योतिबा फुले के योगदान को देखते हुए ही एशिया की सबसे बड़ी फल-सब्जी मंडी का नामकरण उनके नाम पर किया गया है। लगातार समाज के शोषित वर्ग, किसानों और महिलाओं के अधिकारों के लिए काम करने वाले फुले के सम्मान में मंडी का नामकरण उनके नाम पर रखा गया, ताकि उनके विचारों और योगदान को आने वाली पीढ़ियां भी याद रख सकें। व्यापारियों और किसानों ने दी श्रद्धांजलि उन्होंने बताया कि यह केवल एक पुष्पांजलि कार्यक्रम नहीं था, बल्कि फुले के विचारों को याद करने और उन्हें आगे बढ़ाने का संकल्प भी था। पुण्यतिथि पर मंडी में काम करने वाले मजदूरों, किसानों, व्यापारियों और माशाखोरों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लेकर महात्मा फुले को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने किसानों की शिक्षा, सामाजिक समानता और समाज में कमजोर तबकों के उत्थान के लिए जो कार्य किए, वह आज भी सभी के लिए प्रेरणा हैं। कार्यक्रम के दौरान मंडी परिसर में मौजूद विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों और मजदूर-किसान समुदाय ने भी अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
जयपुर में 4 से 6 जनवरी तक सीतापुरा के जेईसीसी में राजस्थान डिजिफेस्ट और टाई ग्लोबल समिट का आयोजन होगा। इसमें देश-विदेश के इंडस्ट्रियलिस्ट, इन्वेस्टर्स, इनोवेटर्स और स्टार्टअप बड़ी संख्या में शामिल होंगे। करीब 30 देशों के 200 से ज्यादा स्टार्टअप अपने आइडिया पेश करेंगे। तीन दिन तक टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और नए बिजनेस मॉडल पर कई सत्र होंगे। सरकार और टाई राजस्थान इस बड़े आयोजन की तैयारियों में लगातार काम कर रहे हैं। आयोजन के दौरान नई AI पॉलिसी लॉन्च करने की भी तैयारी है। इससे स्टार्टअप्स के लिए 200 करोड़ रुपए से ज्यादा फंडिंग मिलने की उम्मीद है। स्टार्टअप और इनोवेशन को मिलेगा मजबूत मंच नई AI पॉलिसी हो सकती है लॉन्च ऑर्गनाइजिंग कमेटी के चेयरमैन ने बताया- डिजिफेस्ट–टीजीएस 2026 के दौरान राज्य सरकार नई AI पॉलिसी लॉन्च करने की तैयारी में है। इसके साथ ही इनोवेशन और टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने वाली कई नई योजनाओं की घोषणा भी हो सकती है। इनमें AI फोकस्ड स्टार्टअप्स के लिए फंडिंग सपोर्ट और इंटरनेशनल कोलेबोरेशन बढ़ाने जैसी पहलें शामिल होंगी। सरकारी टीम और टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट इन योजनाओं पर काम कर रहे हैं। मध्यप्रदेश सरकार और टाई राजस्थान के बीच समझौता टाई राजस्थान की प्रेसिडेंट डॉ. शीनू झंवर ने बताया- समिट के लिए मध्यप्रदेश सरकार और टाई राजस्थान के बीच समझौता किया गया है। एमपी सरकार की ओर से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय दुबे और टाई राजस्थान की प्रेसिडेंट डॉ. शीनू झंवर ने एमओयू पर साइन किए। संजय दुबे ने बताया कि यह आयोजन दोनों राज्यों में युवा स्टार्टअप और इनोवेशन को बढ़ावा देगा। एमपी सरकार आयोजन को सफल बनाने में पूरा सहयोग करेगी। इंटरनेशनल स्पीकर्स की लिस्ट जारी आयोजन के लिए इंटरनेशनल और नेशनल स्पीकर्स की लिस्ट जारी कर दी गई है। इसमें दुनिया भर के ऐसे लोग शामिल हैं जो टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, स्टार्टअप, फाइनेंस, गेमिंग, फिल्म और डिजाइन जैसी इंडस्ट्री में अपना बड़ा योगदान दे चुके हैं। इनके अनुभव का फायदा राजस्थान और देशभर के युवा इनोवेटर्स को मिलेगा। लिस्ट में इंटरनेशनल इनोवेशन स्ट्रैटेजिस्ट एलेक्स ऑस्टरवाल्डर, ग्रैमी अवॉर्ड विनर और पर्यावरणविद् रिकी केज, आर्थिक नीति विशेषज्ञ प्रमोद भसीन, ग्लोबल एआई विजनरी श्रीकांत वेलामकन्नी, बीजेपी के विदेश मामलों के प्रभारी डॉ. विजय चौथाईवाले जैसे नाम शामिल हैं। इसके साथ इंडियन कॉमिक एसोसिएशन के प्रेसिडेंट अजीतेश शर्मा, शिपिंग शिप्रोकेट के सीईओ अक्षय गुलाटी, कारदेखो ग्रुप के को-फाउंडर अमित जैन, वीथ्री वेंचर्स के कॉ-फाउंडर अर्जुन वैद्य, इन्फोटेक सॉफ्टवेयर के एमडी आशीम पाटिल, द कन्वर्जेंस फाउंडेशन के सीईओ आशीष धवन, क्रिएटिव टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट आशीष कुलकर्णी, फैशन डिजाइनर चुक्स कॉलिंस, अन्नपूर्णा स्टूडियोज के सीटीओ सीवी राव, ईज माई ट्रिप के को-फाउंडर रिकांत पित्ती, एयू बैंक के एमडी संजय अग्रवाल, राज कॉमिक्स के को-फाउंडर संजय गुप्ता, एनविडिया के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट शंकर त्रिवेदी, पूर्व टेनिस खिलाड़ी विजय अमृतराज और आविष्कार के फाउंडर विनीत राय भी अपने सत्रों में शामिल होंगे।
26 नवंबर को यूपी के हापुड़ में गढ़मुक्तेश्वर गंगा श्मशान घाट पर हरियाणा की एक i20 कार पहुंची। चार लोग बिना किसी रस्म के जल्दबाजी में अर्थी जलाने लगे तो आस-पास के लोगों को शक हुआ। जब अर्थी का कपड़ा हटाया गया, तो उसमें मुर्दा नहीं बल्कि प्लास्टिक का पुतला मिला। सामने आया 50 लाख का बीमा घोटाला। पूरी कहानी जानने के लिए ऊपर दी गई इमेज पर क्लिक कर देखें वीडियो..
केनरा रोबेको की प्रदेश ‘निवेश बस यात्रा’ शुरू
जयपुर| केनरा रोबेको एसेट मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड ने राजस्थान में ‘निवेश बस यात्रा’ शुरू की है। इसका उद्देश्य म्यूचुअल फंड निवेश के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना और वित्तीय जानकारी देना है। केनरा रोबेको के एमडी रजनीश नरूला ने बताया कि यह बस जयपुर, अजमेर, कोटा, भीलवाड़ा, उदयपुर और जोधपुर जैसे प्रमुख शहरों का दौरा करेगी। लोगों से सीधे जुड़कर निवेश से जुड़ी बातें समझाएगी। इससे वित्तीय तंत्र मजबूत होगा। इससे पहले केरल, पंजाब, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और असम में ऐसी पहल की गई थी।
बिलासपुर के कथित तांत्रिक और पूर्व सीएम के करीबी कृष्ण कुमार श्रीवास्तव उर्फ केके के खिलाफ तेलीबांधा पुलिस ने चार्जशीट पेश कर दी है। इसमें कई खुलासे हुए हैं। चार्जशीट में पुलिस ने दावा किया कि केके और उसके बेटे कंचन ने करोड़ों रुपए चीन और ऑस्ट्रेलिया में निवेश किए हैं। यह पैसा हवाला के माध्यम से भेजा गया है। दोनों के बैंक खातों की जांच में 441 करोड़ रुपए के लेन-देन का रिकॉर्ड मिला है। दोनों के मोबाइल की फॉरेंसिक जांच में पता चला है कि इन्होंने ऑनलाइन सट्टा एप महादेव बुक से जुड़ी मेस्टिजिक कंपनी में भी निवेश किया है। पुलिस के मुताबिक पिछली सरकार में बिलासपुर निवासी केके श्रीवास्तव (64) बेहद प्रभावशाली था। वह कई बड़े नेताओं से जुड़ा हुआ था। उसने नोएडा की रावत एसोसिएट कंपनी के मालिक अर्जुन सिंह को स्मार्ट सिटी के तहत 500 करोड़ के ठेके दिलाने का झांसा दिया और उनसे 15 करोड़ रुपए ले लिए। बता दें कि तेलीबांधा थाने में एफआईआर होने के बाद केके और कंचन फरार हो गए थे। पुलिस ने लंबी जांच के बाद 24 जून को केके को भोपाल से गिरफ्तार किया। कार से भागा नागपुर, फिर दिल्ली: दूसरी ओर, युवा कांग्रेसी नेता आशीष शिंदे जांच के दौरान अपनी कार CG 04 PP 0007 में केके को छिपाकर नागपुर ले गया। वहां कुछ दिन रहने के बाद दोनों दिल्ली पहुंचे। लगभग एक महीने तक वहां छिपे रहने के बाद केके भोपाल आया और शिंदे रायपुर लौट गया। पुलिस ने शिंदे को आरोपी की मदद करने के लिए गिरफ्तार किया है। कमीशन पर लिए गए खाते: चार्जशीट में कहा गया है कि कंचन ने अपने परिचित अब्बास अली और कई अन्य लोगों के बैंक खातों का उपयोग पैसों के लेन-देन के लिए किया। इनके खातों में करोड़ों रुपए के ट्रांजेक्शन मिले हैं। कई खातों को कमीशन पर लिया गया था। पुलिस ने आईसीआईसीआई बैंक, यस बैंक, आईडीएफसी, एचडीएफसी, इंडसइंड बैंक, कोटक महिंद्रा, पीएनबी, बैंक ऑफ बड़ौदा, एसबीआई, कैनरा बैंक और एक्सिस बैंक से लेन-देन का रिकॉर्ड खंगाला है। 5 खातों में 15 करोड़ रुपए ट्रांसफरअर्जुन सिंह ने ठेका मिलने की उम्मीद में 10 से 17 जुलाई 2023 के बीच कंचन और केके को 15 करोड़ रुपए भेजे। यह रकम अकाउंट नंबर 14900500…, 500000…, 0026050…, 10126077…, 001063400… में ट्रांसफर की गई। इनमें से तीन खाते बिलासपुर के अब्बास अली के नाम पर हैं, जो केके श्रीवास्तव के लिए काम करता था। केके पिता-पुत्र लगातार अर्जुन से संपर्क में थे और उन्हें वाट्सएप पर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से जुड़े फर्जी दस्तावेज भेजते रहे, जिससे अर्जुन को भरोसा हो गया कि वह काम दिला देंगे। कुछ रकम लौटाने के बाद बाकी पैसा वापस नहीं किया गया। दोनों ने पैसे को निजी उपयोग में खर्च कर दिया। सीबीआई और ईडी करेगी जांचचार्जशीट में मनी लॉन्ड्रिंग और महादेव सट्टा बुक से संबंध का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट ईडी और सीबीआई को भेजी गई है। ईडी ने जांच शुरू कर दी है और सीबीआई भी जल्द पूछताछ करेगी। महादेव सट्टा मामले की जांच सीबीआई कर रही है और अब तक 120 से अधिक लोगों के बयान लिए जा चुके हैं। इस मामले में केके श्रीवास्तव का नाम सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, सीबीआई दिसंबर में पहला चार्जशीट दाखिल करने वाली है। इसमें गिरफ्तार आईपीएस और रापुसे अधिकारियों को बड़ी राहत मिल सकती है। कंचन घूम रहा, रिकॉर्ड में फरार पुलिस ने कंचन और अब्बास अली को फरार बताया है। जबकि कंचन को रायपुर और बिलासपुर में देखा गया है। पुलिस ने उसे बनारस से हिरासत में लिया था। उसे पूछताछ कर छोड़ दिया, जबकि एफआईआर में भी नामजद आरोपी है।
व्यापारी पर फायरिंग करने वाला आरोपी सबूत के अभाव में रिहा
रांची| अपर न्यायायुक्त शैलेंद्र कुमार की अदालत ने व्यवसायी ज्ञानचंद्र प्रसाद अग्रवाल पर फायरिंग से जुड़े नौ साल पुराने मामले में आरोपी राहुल कुमार उर्फ राहुल कुमार सिंह को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप सिद्ध करने में पूरी तरह विफल रहा। घटना 30 मई 2016 की है, जब अग्रवाल पर दो अज्ञात युवकों ने फायरिंग कर दी थी। घायल को रिम्स और फिर मेडिका अस्पताल में भर्ती कराया गया। मामला पहले अज्ञात आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुआ था, लेकिन बाद में पुलिस जांच के आधार पर राहुल कुमार को आरोपी बनाया गया था।
बिहार में निवेश के लिए 423 कंपनियों ने 1.80 लाख करोड़ निवेश का प्रस्ताव दिया है। इन कंपनियों के अत्याधुनिक ऑफिसों और इनके उद्योगों को निर्बाध बिजली देने के लिए सरकार ने तैयारी कर ली है। इन्हें 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए 167 पावर सब स्टेशन बनाए जाएंगे। बिजली कंपनी मुख्यालय के अधिकारियों के मुताबिक इसमें उत्तर बिहार में 91 और दक्षिण बिहार में 76 पावर सब स्टेशन है। यह बियाडा द्वारा उद्योग के लिए चिन्हित जमीन के आसपास होगा। इसके लिए एजेंसी चयन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इसका निर्माण कार्य जुलाई 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। शुक्रवार को ऊर्जा सचिव सह बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी के सीएमडी मनोज कुमार सिंह ने ऑपरेशन और मेंटेनेंस की समीक्षा की। इस दौरान इंजीनियरों को उद्योग के आने से बढ़ने वाले डिमांड को ध्यान में रखकर बिजली के इंफ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धता सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में बिहार के औद्योगिक परिदृश्य में व्यापक परिवर्तन होगा। इसके लिए हाई टेंशन लाइन (एचटी लाइन) की डिमांड बढ़ेगी। इस संभावित वृद्धि को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक तैयारी करें, ताकि, राज्य के औद्योगीकरण को सुचारू रूप से बिजली मिल सके। उद्योग को 11 केवी फीडर से बिजली सप्लाईराज्य में 167 पावर सब स्टेशन बनाने के लिए पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना के तहत टेंडर हुआ है। इसके निर्माण पर 1000 करोड़ की राशि खर्च हो रही है। इसमें राज्य और केंद्र दोनों की हिस्सेदारी है। अधिक बिजली खपत होने वाले उद्योग को इन पावर सब स्टेशन से 11 केवी फीडर के माध्यम से सीधे सप्लाई मिलेगी। कंपनी का रिन्युएबल एनर्जी पॉलिसी पर जोर है। उद्योग लगाने वाले कंपनियों से भी सोलर सहित अन्य माध्यमों से ग्रीन एनर्जी को लगाने के लिए सुझाव दिया जा रहा है।
रोजगार उपलब्ध कराने का निर्देशउद्योग मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने कहा है कि स्टेट इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड के माध्यम से एक लाख करोड़ के निवेश का प्रस्ताव मिला है। ये प्रस्ताव ऊर्जा, टेक्सटाइल, खाद्य प्रसंस्करण, इंजीनियरिंग सहित अन्य क्षेत्र में मिला है। बिहार के विभिन्न जिलों में फैक्ट्री खुलने से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। वे उद्योग भवन में समीक्षा बैठक कर रहे थे। जायसवाल ने विभिन्न योजना, औद्योगिक निवेश, रोजगार, एमएसएमई, मुख्यमंत्री उद्यमी योजना, बिहार लघु उद्यमी योजना, पीएम विश्वकर्मा, स्टार्टअप सहित अन्य योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। साथ ही उन्होंने आईएमसी गयाजी, मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क, मेगा फूड पार्क, एसईजेड जैसे परियोजनाओं के संचालन, लोगों को होने वाले फायदे के बारे में बातचीत की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विभिन्न योजनाओं के माध्यम से बिहार में नए रोजगार उपलब्ध कराने और युवाओं को उद्यमी बनाने के लिए काम करें। कहा कि युवाओं को वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण, बाजार और तकनीकी की जानकारी दी जाए।
सीतापुर के महोली कोतवाली कस्बे में पुलिस की लापरवाही के चलते एक शातिर जेब कतरे ने बेखौफ होकर गुड़ व्यापारी को निशाना बनाते हुए एक लाख रुपए उड़ा दिए। जेब कतरे की यह करतूत वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। घटना बृहस्पतिवार दोपहर की है, जब रन्नूपुर गांव निवासी 63 वर्षीय विशंभर वर्मा गुड़ आढ़तियों से वसूली कर लौट रहे थे। इलाके में दो गुड़ बेल संचालित करने वाले विशंभर नियमित रूप से आढ़तियों से भुगतान लेने आते हैं। उसी दिन उन्होंने करीब तीन लाख रुपए की वसूली की थी, जिसमें से दो लाख एक जेब में और एक लाख रुपए दूसरी जेब में रखे थे। विशंभर जब कोतवाली के निकट पिंकू आढ़त से वापस चौराहे की ओर आ रहे थे, तभी यूपी 27 नंबर की सफेद डिजायर कार उनका पीछा करती नजर आई। व्यापारी को शक तक नहीं हुआ। गुजिया मोड़ के पास कार उनके बराबर रुकी। उसमें बैठे व्यक्ति ने बड़ागांव रोड पर 112 पुलिस वाहन के पास छोड़ने की बात कहते हुए लिफ्ट मांग ली। पीड़ित विशंभर के रोकते ही वह युवक काली बैग हाथ में लेकर उनकी बाइक पर पीछे बैठ गया। बताया जाता है कि भीड़भाड़ वाले बाजार में करीब 700 मीटर का सफर तय करते हुए शातिर युवक ने बड़ी सफाई से व्यापारी की जेब काटकर उसमें रखे एक लाख रुपए निकाल लिए। थोड़ी दूरी पर कस्बा चौकी की तरफ बढ़ते समय विशंभर को जेब कटने का एहसास हुआ, जिसके बाद उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। लोगों का कहना है कि कस्बे में पुलिस की कमजोर गश्त और लापरवाही के चलते ऐसी घटनाओं के लिए अपराधी बेखौफ हैं। घटना के बाद कस्बा पुलिस ने CCTV फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है, जिसमें आरोपी स्पष्ट रूप से व्यापारी की बाइक पर बैठा दिखाई दे रहा है। शिकायत दर्ज होने के बावजूद करीब 24 घंटे बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस अब तक आरोपी का कोई सुराग नहीं जुटा सकी है।
खाली हुई देश की तिजोरी! लगातार तीसरे हफ्ते गिरावट, विदेशी मुद्रा भंडार घटकर $688.104 अरब पर पहुंचा
RBI ने शुक्रवार को बताया, 21 नवंबर को समाप्त सप्ताह के दौरान भारत का विदेशी मुद्रा भंडार (फॉरेक्स रिजर्व) 4.472 अरब डॉलर घटकर 688.104 अरब डॉलर पर आ गया, जिसका मुख्य कारण सोने के भंडार के मूल्य में भारी कमी रहा है.
प्रतापगढ़ में उर्वरक अनियमितता पर कार्रवाई:दो व्यापारियों के लाइसेंस निलंबित, एक वाहन जब्त
प्रतापगढ़ जिले में उर्वरक वितरण में अनियमितताओं पर कृषि विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। विभाग ने दो व्यापारियों के लाइसेंस निलंबित किए हैं और अवैध रूप से उर्वरक ले जा रहे एक वाहन को जब्त किया है। यह कार्रवाई कृषि विभाग द्वारा यूरिया उर्वरक की आपूर्ति और वितरण की निरंतर निगरानी के तहत की गई। 26 नवंबर को ग्राम पंचायत भचुंडला में अवैध रूप से उर्वरक परिवहन कर रहे एक वाहन को प्रशासन के सहयोग से जब्त किया गया।bजब्त किए गए वाहन में 49 बोरी यूरिया, 20 बोरी डीएपी और 10 बोरी पोटाश मिली। उर्वरक और वाहन को संबंधित थाना और लेम्प्स सहकारी समिति को सौंपा गया है। सहायक निदेशक कृषि पर्वतदान चारण और कृषि अधिकारी (उद्यान) सुरेश भाई मीणा ने यह कार्रवाई की। मामले में एफसीओ-1985 के तहत आगे की कार्रवाई जारी है। इससे पहले, 24 नवंबर को उर्वरक वितरण में अनियमितता पाए जाने पर दो व्यापारियों के लाइसेंस निलंबित किए गए थे। इसके अतिरिक्त, 28 नवंबर को एक अन्य व्यापारी का लाइसेंस भी निलंबित किया गया। उसने विभागीय कर्मचारी की अनुपस्थिति में रात के समय अनियमित रूप से यूरिया का वितरण किया था। संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) बंशीधर मीणा ने बताया कि विभाग जिले में उर्वरक वितरण की लगातार निगरानी कर रहा है। उन्होंने कहा कि अनियमितता पाए जाने पर भविष्य में भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। मीणा ने यह भी बताया कि यूरिया का वितरण केवल विभागीय कर्मचारी, कृषि पर्यवेक्षक या सहायक कृषि अधिकारी की उपस्थिति में ही सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। यह पूरी प्रक्रिया जिला कलेक्टर और अतिरिक्त निदेशक कृषि (विस्तार), उदयपुर के दिशा-निर्देशों में संचालित की जा रही है। मीणा ने रबी फसल के लिए उर्वरक वितरण के आंकड़े भी साझा किए। अक्टूबर माह में 9767.01 मीट्रिक टन (2,14,877 बोरी) और नवंबर माह में अब तक 8756.07 मीट्रिक टन (1,92,633 बोरी) यूरिया का वितरण किया जा चुका है। इस प्रकार, रबी सीजन के लिए निजी और सहकारी संस्थाओं के माध्यम से कुल 18,523.22 मीट्रिक टन (4,07,510 बोरी) यूरिया उपलब्ध कराया गया है।
थाना साइबर क्राइम पुलिस द्वारा शेयर मार्केट में निवेश कर लाभ कमाने का झांसा देकर 5.6 करोड़ रुपए की ठगी करने वाले दो ठगों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से साइबर अपराध में शामिल 02 मोबाइल फोन बरामद किए गए। इनके नाम साहब सिंह और नीरज हुई है। साइबर पुलिस ने बताया कि 30 अक्टूबर को सेक्टर-50 निवासी एक महिला ने शिकायत दी कि उसे एक वॉट्सऐप ग्रुप जोड़कर शेयर मार्केट में निवेश का झांसा दिया। ठगों ने पहले महिला को मुनाफा दिखाया और पैसे रिटर्न किए। विश्वास में लेने के बाद महिला ने ठगों के बताए खाते में पैसा ट्रांसफर करना शुरू किया। महिला ने 5.6 करोड़ अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किए। जब पैसे निकालने के लिए कहा तो महिला को ग्रुप से बाहर कर दिया। साइबर सेल ने बैंक खातों को फ्रीज कराया। जिसमें साहब सिंह के खाते में 65 लाख 27 हजार 404 रुपए आए थे। 'एनसीआरपी पोर्टल' उक्त बैंक खाते के खिलाफ 22 शिकायतें दर्ज है। साहब सिंह ने ये पैसा निकालकर अपने मेरठ निवासी साथी नीरज को सौंपा। इस काम के लिए उसे कमीशन मिला। बताया गया कि उसका साथी नीरज, चालू बैंक खातों को अपने एक अन्य साथी चरणजीत को उपलब्ध कराया था। जिसके बताए अनुसार सभी लोग यह कार्य करते थे और धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि इन्हीं खातों में आती थी। इस अवैध गतिविधि में शामिल प्रत्येक व्यक्ति को उसके अनुसार अपना-अपना कमीशन मिलता था।
नगर परिषद बूंदी ने शुक्रवार को शहर में सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। पुरानी परिषद के पास स्थित सब्जी मंडी में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान लगभग 20 किलोग्राम प्रतिबंधित प्लास्टिक सामग्री जब्त की गई। नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यापारियों से ₹1200 का जुर्माना भी वसूला गया। यह कार्रवाई स्वच्छ भारत मिशन और सिंगल यूज प्लास्टिक प्रतिबंध के तहत की गई। नगर परिषद का उद्देश्य शहर को प्लास्टिक मुक्त बनाना और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। अभियान के दौरान स्वास्थ्य निरीक्षक राजकुमार संगेला, स्वास्थ्य निरीक्षक कालू हरित, एमआईएस इंजीनियर शुभम पारीक, फायरमैन महेंद्र नायक, आशिक अली, जमादार आकाश झावा और महेश कौशिक सहित नगर परिषद के कई कर्मचारी मौजूद रहे। नगर परिषद ने नागरिकों और व्यापारियों से अपील की है कि वे सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग पूरी तरह बंद करें और स्वच्छ एवं हरा-भरा बूंदी बनाने में सहयोग दें।
Share Market : सपाट स्तर पर बंद हुए शेयर बाजार, Sensex और Nifty में मामूली गिरावट
Share Market Update News : हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार सपाट स्तर पर बंद हुआ। बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी में मामूली गिरावट आई। सेंसेक्स 13.71 अंक गिरकर 85,706.67 अंक पर बंद हुआ, वहीं एनएसई निफ्टी 12.60 अंक गिरकर 26,202.95 अंक पर आ गया। जबकि अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 7 पैसे कमजोर होकर 89.43 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। इससे पहले यानी गुरुवार को शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांक अपने सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद मामूली बढ़त के साथ बंद हुए। खबरों के अनुसार, शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार सपाट स्तर पर बंद हुआ। बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी में मामूली गिरावट आई। सेंसेक्स 13.71 अंक गिरकर 85,706.67 अंक पर बंद हुआ, वहीं एनएसई निफ्टी 12.60 अंक गिरकर 26,202.95 अंक पर आ गया। जबकि अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 7 पैसे कमजोर होकर 89.43 प्रति डॉलर (अनंतिम) पर बंद हुआ। ALSO READ: रिकॉर्ड स्तर से फिसला Share Bazaar, मामूली बढ़त में रहे Sensex और Nifty सेंसेक्स एक समय कारोबार के दौरान 392.07 अंक के उतार-चढ़ाव के साथ 85,969.89 के उच्च स्तर और 85,577.82 के निम्न स्तर तक गया। विदेशी निवेशकों की बिकवाली, मुनाफावसूली और क्रूड ऑयल के दाम में उछाल से निवेशकों का सेंटीमेंट कमजोर रहा। बीएसई मिडकैप इंडेक्स में 0.04 फीसदी की गिरावट देखी गई। वहीं बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स 0.13 फीसदी नीचे बंद हुआ। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन आज बढ़कर 474.37 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया, जो इसके पिछले कारोबारी दिन 474.33 लाख करोड़ रुपए रहा था। इस तरह BSE में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप आज करीब 4000 करोड़ रुपए बढ़ा है। ALSO READ: Share Bazaar में तूफानी तेजी, Sensex 1022 अंक उछला, Nifty भी 26000 के पार इससे पहले यानी गुरुवार को शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांक अपने सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद मामूली बढ़त के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 110.87 अंक यानी 0.13 प्रतिशत चढ़कर 85,720.38 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स एक समय 446.35 अंक उछलकर 86,055.86 के अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया था। निफ्टी भी कारोबार के अंत में 10.25 अंक यानी 0.04 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 26,215.55 पर बंद हुआ। Edited By : Chetan Gour
India Pharma Innovation 2025: स्विट्ज़रलैंड निवेश से भारत में बढ़ेगी फार्मा नवाचार क्षमता
भारत की फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री नवाचार और बायोलॉजिक्स की दिशा में बढ़ रही है। स्विट्ज़रलैंड के फार्मा निवेश और भारत-स्विट्ज़रलैंड सहयोग से वैश्विक स्तर पर उद्योग की नई ऊँचाइयाँ तय हो रही हैं, जिससे दोनों देशों को रणनीतिक और आर्थिक लाभ मिलेगा।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में दिल्ली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे-44 पर पुलिस और बदमाशों के बीच में मुठभेड़ हो गई। इसमें 2 बदमाशों की टांग में गोली लगने से घायल हो गए। इनके तीसरे साथी ने खुद को घिरता देख सरेंडर कर दिया। पुलिस इनका आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है। 13 दिन पहले इन बदमाशों ने सिरसला रोड पर व्यापारी का मर्डर किया था। पुलिस ने दोनों घायल बदमाशों को अस्पताल में भर्ती कराया है। जख्मी बदमाशों की पहचान साहिल 24 निवासी धर्मपुर दिल्ली और नितिन निवासी रेलवे कॉलोनी कुरुक्षेत्र के रूप में हुई, जबकि उनका तीसरा साथी अनमोल NIT गेट कुरुक्षेत्र के पास का रहने वाला है। तीनों बदमाश किसी वारदात को अंजाम देने के लिए बगैर नंबर की बाइक पर घूम रहे थे। टीम पर कर दी फायरिंगCIA-2 के इंचार्ज मोहन लाल ने बताया कि टीम को सूचना मिली कि जीटी रोड पर झिरबड़ी गांव के पास पल्सर बाइक पर 3 बदमाश हथियारों के साथ घूम रहे हैं। वे किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। सूचना पर टीम मौके पर पहुंची और उनको सरेंडर करने की चेतावनी दी, मगर उन्होंने टीम पर फायरिंग कर दी। गाड़ी की आड़ में छिपकर बचे उनमें से 2 बदमाशों ने टीम पर फायरिंग कर दी। टीम ने गाड़ी की आड़ लेकर खुद को बचाया। इस पर टीम की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की गई, जिसमें 2 बदमाश साहिल और नितिन की टांग में 1-1 गोली लगी, जबकि तीसरे ने खुद सरेंडर कर दिया। बदमाशों ने 4 राउंड फायरिंग कीमोहन लाल ने बताया कि बदमाशों की तरफ से टीम पर 4 राउंड फायरिंग की गई। वहीं टीम ने 3 राउंड चलाए। टीम ने बदमाशों को इलाज के लिए LNJP अस्पताल में भर्ती करवाया है। बदमाशों के कब्जे से पुलिस ने बगैर नंबर की बाइक, देसी कट्टा 315 और एक पिस्टल व कारतूस बरामद हुए। 13 दिन पहले किया था मर्डर CIA-2 के इंचार्ज मोहन लाल ने बताया कि इन बदमाशों ने 5 नवंबर की रात को सिरसला रोड पर दुकान में घुसकर व्यापारी को गोली मारी थी। बदमाश मुंह-सिर ढककर दुकान में घुसे थे। 2 दिन बाद व्यापारी रामबीर शर्मा की PGI चंडीगढ़ में मौत हो गई थी। तभी से पुलिस उनकी तलाश में थी। पूछताछ में आरोपियों ने मर्डर करने की बात कबूली है।
इंदौर के सराफा बाजार से हटाए गए दुकानदारों ने शुक्रवार को महापौर पुष्यमित्र भार्गव से मुलाकात की। महापौर ने कहा कि सराफा में मोमोस की दुकानें नहीं लगने दी जाएगी। जिन लोगों की चाइनीज, मोमोस की दुकान लग भी गई है। वह भी बंद कराकर उन्हें दूसरी वस्तुओं की दुकान खोलने के लिए कहा जाएगा। महापौर ने कहा कि सराफा में सुरक्षा जरूरी है, जिसकी मांग सोना-चांदी व्यापारियों ने एसोसिएशन के माध्यम से की थी। हम उसी कार्य पर लगे हैं। इंदौर की पहचान सराफा चौपाटी का वैभव बना रहे इस पर हम काम कर रहे हैं। हम इन्हें दूसरी जगह देंगे ताकि उनका भी नुकसान न हो। महापौर ने बार-बार आग्रह के बाद भी दो टूक यही जवाब दिया कि अब आपको सराफा में दुकान नहीं लगाने दी जाएगी। कई कारोबारियों ने एक व्यापारी के चार से पांच दुकान होने और निगम की सूची फाइनल होने में गलत सूची होने की बात भी कही गई। इस पर महापौर ने यह भी कहा था कि हम सूची की जांच करवा लेंगे और किसी की चार से पांच दुकान है तो उसकी भी जांच होगी। इंदौर के सराफा चौपाटी पर निगम की कार्रवाईगुरुवार रात नगर निगम की टीम फिर कार्रवाई करने पहुंची थी। इस दौरान जिनकी दुकानें नहीं लगने दी जा रही थीं, वे विरोध करने लगे। चौपाटी में जाने का रास्ता रोककर जमीन पर बैठ गए। साथ ही नारेबाजी करने लगे। हंगामा देखते ही मौके पर पुलिस की टीम पहुंच गई। उन्होंने लोगों को समझाइश दी। इससे पहले बुधवार को निगम की कार्रवाई के दौरान जमकर हंगामा हुआ था। गुरुवार को नगर निगम की टीम यहां फिर कार्रवाई करने पहुंची थी। गुरुवार रात हुए हंगामें की तस्वीरें...
GDP आंकड़ों से पहले बाजार संभला: भारतीय शेयर बाजार में हल्की बढ़त, निवेशक GDP डेटा के लिए सतर्क
भारतीय शेयर बाज़ार शुक्रवार को हल्की बढ़त के साथ रिकॉर्ड स्तरों के पास ठहरा। निफ्टी 26,229 और सेंसेक्स 85,784 पर मामूली बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे। निवेशकों ने तिमाही GDP डेटा से पहले सतर्क रुख अपनाया। आर्थिक संकेतों के इंतज़ार में बाज़ार दिनभर उतार-चढ़ाव में रहा।
Sudeep Pharma Share Price : सुदीप फार्मा ने शेयर बाज़ार में 23% प्रीमियम के साथ शानदार शुरुआत की। एनएसई और बीएसई पर मजबूत लिस्टिंग के साथ कंपनी का मार्केट कैप 8,188 करोड़ रुपये तक पहुंचा। 93 गुना सब्सक्राइब हुए आईपीओ से जुटाई गई राशि का उपयोग उत्पादन क्षमता बढ़ाने और नंदेसरी यूनिट के विस्तार में किया जाएगा।
सूदखोर वीरेंद्र और रोहित तोमर मामले में एक नया खुलासा हुआ है। तोमर भाई हनी ट्रैप गैंग भी ऑपरेट करते थे। पहले कारोबारियों की रेकी करवाते, फिर इस गैंग के सदस्य कारोबारियों से दोस्ती करते थे। इन्हें नशे की लत लगवाते और फिर हनी ट्रैप में फंसाते थे। होटलों और पब में ले-जाकर अश्लील वीडियो बनवाते और फिर यहीं से शुरू होता था इनका ब्लैकमेलिंग, सूदखोरी और वसूली का काला धंधा। दैनिक भास्कर ने तोमर ब्रदर्स के हनी ट्रैप गैंग मामले में पड़ताल की है। यह इस पूरे मामले में अब तक का सबसे बड़ा खुलासा है। सराफा कारोबारी हनी ट्रैप का हुआ शिकार भास्कर ने पड़ताल के दौरान रायपुर के उस सराफा कारोबारी को ढूंढ निकाला, जो हनी ट्रैप का शिकार हुआ। इस शख्स ने वीरेंद्र-रोहित और उसके गुर्गों से माता-पिता, बीवी, भाई को बचाने अपना सबकुछ गंवा डाला। पहले इस कारोबारी से 5000 रुपए रोजाना वसूली शुरू हुई, जो 2 लाख रुपए प्रति दिन तक जा पहुंची। ऐसा करते-करते उसने एक साल में ही 5 लाख लोन का 1.5 करोड़ रुपए दे डाला। ऐसे एक नहीं, कई पीड़ित हैं लेकिन वे सिर्फ 2 वजह से पुलिस के सामने नहीं आ रहे। पहला- बदनामी। दूसरा- वीरेंद्र-रोहित छूटे तो उनसे जान का खतरा। कारोबारी की आपबीती- कैसे तोमर ब्रदर्स के जाल में फंसा पीड़ित ने भास्कर से बातचीत में बताया मैं रायपुर में रहता हूं। साल 2017-18 में सराफा कारोबारी था, लेकिन आज मुझे दूसरे की दुकान में नौकरी करनी पड़ रही है। दरअसल, 2017 में मैं समता कॉलोनी स्थित स्पा सेंटर में रिलेक्स के लिए जाता था। वहीं मेरी मुलाकात राज आर्यन से हुई, वह बाउंसर था। बातचीत होते-होते दोस्ती हो गई। वह मुझे बार, पब में ले जाने लगा। पहले शनिवार, रविवार और उसके बाद तो लगभग रोज हम जाने लगे। इस दौरान मैं ज्यादा शराब पीने लगा, फिर होश नहीं रहता था। कभी फ्लैट में ले गया, कभी होटल में। वहां उसने मेरे लड़कियों के साथ अश्लील वीडियो बनाए। एक दिन राज ने मुझे वीडियो दिखाकर बोला- मामले को क्लोज करते हैं, 25 हजार रुपए दो। मैंने दे दिए। इसके बाद वह मुझे ब्लैकमेल करने लगा। एक दिन 5 लाख रुपए मांगा। नहीं देने पर बोला- वीडियो वायरल कर दूंगा। मैंने उसे पैसे दिए, उसने फिर 5 लाख मांगे। मैंने कहा- मेरे पास अब पैसे नहीं हैं। उसने मुझे कहा- एक भइया हैं, वे ब्याज में पैसे देते हैं। वह मुझे साईं बिला ले गया, जहां वीरेंद्र-रोहित दोनों थे। बोले- 5 लाख रुपए 10 प्रतिशत ब्याज पर दूंगा। मैं क्या करता... उन्होंने सीधे 1.75 लाख रुपए (25%) काटकर 3.25 लाख मुझे दिए, बोले- 100 दिन में 5 हजार रुपए प्रतिदिन के हिसाब से लौटाना है। उन्होंने ब्लैंक चेक, ब्लैंक स्टाम्प पेपर, ब्लैंक हुंडी पर कई साइन लिए। मैंने घर में किसी को इसके बारे में नहीं बताया। वीरेंद्र का वसूली एजेंट योगेश सिन्हा दुकान आने लगा। महीने भर भी नहीं हुए थे, बोला- अब 2 लाख रुपए प्रति दिन देना होगा। मैंने अपनी दुकान से चोरी की। मां, भाभी, पत्नी के गहने चुराए। मेरी दुकान का स्टॉक खाली हो गया। 6 किलो सोना भी उसे दे दिया। सारा लेन-देन कैश में होता था। जब सब तरफ से तबाह हो गया तो परिवार में बताया। कोतवाली थाने में एफआईआर करवाई। 25 नवंबर 2025 को पेशी थी, डेट आगे बढ़ गई। वीरेंद्र के लोग आज भी डराते, धमकाते हैं...। (बातचीत के दौरान कारोबारी बेहद डरा हुआ था। बोले- मैं रिश्तेदार,परिवार में किसी का सामना नहीं कर पाता। मुझे डर है कि तोमर ब्रदर्स के लोग मुझे मार डालेंगे। उसके अनुरोध पर ही उसकी फोटो प्रकाशित नहीं की जा रही है।) तोमर ब्रदर्स का भाठागांव में 10 करोड़ का घर भाठागांव स्थित तोमर ब्रदर्स का घर, जो किसी आलीशान बंगले से कम नहीं है। आकलन है कि इस बंगले की कीमत 10 करोड़ रुपए से अधिक है। पुलिस आने वाले समय में इसका भी वेरिफिकेशन करवाएगी। क्योंकि बंगले की साज-सज्जा, इसमें इस्तेमाल फर्नीचर, पर्दे और कंस्ट्रक्शन मटेरियल का पेमेंट नहीं किया है। रोहित तोमर अब भी फरार पुलिस, राजस्व के अनुमान के मुताबिक सभी जमीनों की कीमत 20 करोड़ रुपए से अधिक है। उसने जिस समय खरीदी की, वो कलेक्टर गाइड-लाइन से कम दर पर की। उसमें भी गड़बड़ी की। इतना ही नहीं, पुलिस यह भी पता लगा रही है कि उसने, परिवार के अलावा भी किन्हीं अन्य के नाम पर तो जमीनें नहीं खरीदीं। शिकायत पर कार्रवाई करेंगे एडिशनल एसपी लखन पटले ने कहा कि तोमर ब्रदर्स के खिलाफ लगातार शिकायतें आ रही हैं। कारोबारी सामने आ रहे हैं। बीते दिनों देवेंद्र नगर में एक कारोबारी की शिकायत पर एफआईआर दर्ज हुई है। शिकायतें आएंगी तो पुलिस वैधानिक कार्रवाई करेगी। ........................... इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें... तोमर-ब्रदर्स की मां बोली- खारुन आरती से दुश्मन बना लिए: छोटा बेटा संगत में बर्बाद हुआ; जानिए अंडे के ठेले से कैसे बनाई करोड़ों की संपत्ति? रायपुर के सूदखोर तोमर ब्रदर्स के साथ अब पूरे परिवार पर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। हालांकि वीरेंद्र और रोहित तोमर फरार हैं, दोनों की तलाश पुलिस कर रही है। इस बीच दैनिक भास्कर की टीम तोमर बंधुओं के आलीशान बंगले पहुंची। तोमर बंधुओं से अपनों ने भी किनारा कर लिया है। 5 हजार स्क्वायर फीट से ज्यादा एरिया में फैला यह बंगला वीरान था। पढ़ें पूरी खबर...
भरतपुर के खेड़ली मोड़ थाना इलाके में एक मूंगफली व्यापारी के अपहरण की कोशिश, फायरिंग और मारपीट करने वाले बदमाश अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। जबकि स्थानीय लोगों ने एक बदमाश को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था। उसके बाद भी पुलिस आरोपियों का पता लगाने में नाकाम साबित हुई है। घटना को 36 घंटे से ज्यादा का समय बीत चुका है। साले को गाली दी इसलिए जीजा ने किया हमला कल मूंगफली व्यापारी कमलेश निवासी कानेटी जिला अलवर ने FIR दर्ज करवाते हुए बताया था कि मैं खेड़ली मोड़ पर मूंगफली की रेहड़ी लगाता हूं। 26 नवंबर को मैं अपनी रेहड़ी का सामान दुकान में रख रहा था। इतने में ईको वैन आई उसमें राजेश, राजवीर, तेजवीर, निवासी इमलारी थाना सीकरी और उनके साथी मौजूद थे। राजेश वैन में से उतरा उसने मेरे से कहा तूने मेरे साले को गाली क्यों दी, मैं तुझे जिंदा नहीं छोडूंगा। दो बदमाशों ने दो फायर किए उन्होंने कमलेश को वैन में पटक लिया और मारपीट करने लगे। बदमाश कमलेश का अपहरण कर ले जा रहे थे। इतने में आसपास के लोग इकट्ठे हो गए। उन्होंने वैन को रोका और, कमलेश को वैन से निकाला। जब आसपास के लोगों ने राजेश को रोकने की कोशिश की तो, राजेश ने एक फायर किया। आसपास के लोगों और कमलेश ने मुश्किल से अपनी जान बचाई। तभी राजवीर ने पिस्टल से दूसरा फायर किया। फरार आरोपियों का नहीं लगा पता इसी दौरान सूचना पर पुलिस की टीम पहुंची। बदमाश पुलिस को देखकर भाग गए। बदमाशों की वैन रोकने की कोशिश में एक कांस्टेबल सड़क पर गिर गया। जिससे उसे भी चोट आई है। घटना को 36 घंटे से भी ज्यादा का समय बीत चुका है लेकिन, पुलिस अभी बाकी आरोपियों को पकड़ नहीं पाई है।
डबरा में एक थोक किराना व्यापारी के पिता-बेटे से गुरुवार रात साढ़े पांच लाख रुपए लूट लिए गए। तीन नकाबपोश बदमाशों ने रेकी कर इस वारदात को अंजाम दिया। घटना उस समय हुई जब पिता-पुत्र अपनी दुकान बंद कर स्कूटी से घर लौट रहे थे। फरियादी पवन श्रीवास्तव (52) अपने पिता महेश श्रीवास्तव के साथ रात करीब 8:20 बजे अपनी थोक किराना दुकान बंद कर स्कूटी से गोपाल बाग सिटी स्थित अपने घर जा रहे थे। गोपाल बाग सिटी के बाहर पहुंचते ही, एक ट्रक के पीछे से तीन नकाबपोश बदमाश अचानक सामने आ गए। बदमाशों में से एक ने स्कूटी पर पीछे बैठे महेश श्रीवास्तव से बेग छीना। रुपयों से भरा बैग छीन कर भागे नकाबपोश बदमाश अचानक हुए हमले के कारण पिता महेश श्रीवास्तव और बेटा स्कूटी सहित सड़क पर गिर गए। इसी दौरान बदमाश ने उनसे दुकान की बिक्री के रुपयों से भरा बैग छीन लिया और भाग निकला। पिता ने बताया कि बैग में साढ़े पांच लाख रुपए थे। यह भी बताया कि उनके सिर पर चाकू जैसे धारदार हथियार से वार किया गया, जिससे वे घायल हो गए। पीड़ित की नगर के जवाहर गंज क्षेत्र में थोक किराने की दुकान है और वह वहीं से पैसे लेकर घर आ रहा था। गार्ड के चेहरे पर धूल फेंककर फरार हुआ लुटेरा रुपयों का बैग लेकर भाग रहे बदमाश को गोपाल बाग सिटी के सुरक्षा गार्ड ने पकड़ने की कोशिश की, लेकिन बदमाश ने गार्ड के चेहरे पर धूल फेंककर अंधेरे का फायदा उठाया और फरार हो गया। अन्य दो बदमाश दूसरी दिशा में भाग निकले। घटना के तुरंत बाद, घायल पिता और बेटे ने परिजनों के साथ थाने पहुंचे और मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और बदमाशों को पकड़ने के लिए पूरे क्षेत्र में घेराबंदी की है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। कुछ कैमरों में बदमाशों के फुटेज कैद हुए हैं, जिनके आधार पर उनकी तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस पर मौके पर पहुंची किराना व्यापारी से लूट की जानकारी जैसे ही डबरा की सिटी पुलिस को लगी तत्काल थाना प्रभारी सुरेश कुशवाहा सहित पुलिस बल मौके पर पहुंच गया सीसीटीवी देखें जगह-जगह बंदी भी कराई गई पर लुटेरे फरार हो गए पुलिस अब बाजार में अन्य जगह लगे सीसीटीवी देख रही है जिससे वारदात और लुटेरों की स्पष्ट जानकारी लग सके। बदमाश काफी देर से कर रहे थे रेकी किराना व्यापारी से लूट की वारदात अंजाम देने के लिए तीनों लुटेरे काफी देर से तैयारी में थे। पुलिस ने बाजार के सीसीटीवी देखे तो जिस रास्ते से होकर पिता-पुत्र गुजरे वहां पर तीन बाइक सवार बदमाश भी दिखाई दिए हैं और पिता-पुत्र के घर पहुंचने से पहले ही वह कॉलोनी के गेट पर आकर खड़े हो गए। इसी दौरान जैसे ही बाइक कॉलोनी के गेट पर पहुंची एक बदमाश ने दौड़ लगा दी और बैग छीनने का प्रयास किया जिससे पिता-पुत्र सड़क पर गिरे और वह बैग लेकर फरार हो गया। इस संबंध में सिटी थाना प्रभारी जी सुरेश कुशवाहा का कहना है कि किराना व्यापारी से साढ़े पांच लाख रुपए की लूट हुई है वारदात सीसीटीवी में कैद है। तीन बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया है। बाजार में अन्य जगहों के भी कैमरे देखे जा रहे हैं ताकि उनकी कुछ पहचान हो सके। मामला दर्ज कर लिया गया है शीघ्र ही आरोपी गिरफ्तार कर लिए जाएंगे।
पंचकूला में एक व्यापारी को नामी कंपनी की डिस्ट्रीब्यूटरशिप दिलाने के नाम पर ठगों ने लाखों रुपए का चूना लगा दिया। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ऑनलाइन डिटेल डालते ही आया कॉल सेक्टर-20 निवासी व्यापारी हरसूल सूद ने बताया कि वह इंडस्ट्रियल एरिया में टाइल फैक्ट्री चलाता है। 29 अक्टूबर को उसने एक नामी कंपनी की डिस्ट्रीब्यूटरशिप लेने के लिए ऑनलाइन वेबसाइट पर अपनी डिटेल डाली। इसके बाद उसके पास एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताया और वॉट्सऐप पर एक फॉर्म भरने को कहा। व्यापारी ने फॉर्म भर दिया, जिसके बाद उससे 85 हजार रुपए रजिस्ट्रेशन फीस के रूप में जमा करवा लिए गए। सिक्योरिटी के नाम पर मांगे 5.75 लाख रुपए 4 नवंबर को उसी व्यक्ति ने दोबारा कॉल कर एग्रीमेंट लेटर साइन कर भेजने को कहा। व्यापारी ने दस्तावेज साइन कर भेज दिए, जिसके बाद ठग ने सिक्योरिटी के नाम पर 5 लाख 75 हजार रुपए और जमा करवाए। ठग ने कहा कि कंपनी की टीम जल्द ही डिस्प्ले लगाने आएगी, लेकिन दो दिन बाद भी कोई नहीं आया। जब व्यापारी ने कंपनी से संपर्क किया तो पता चला कि उनकी ऐसी कोई वेबसाइट ही नहीं है। तब जाकर उसे ठगी का एहसास हुआ। पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच जारी साइबर क्राइम थाना के जांच अधिकारी एसआई प्रदीप कुमार ने बताया कि पीड़ित व्यापारी की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपियों की पहचान और ट्रांजेक्शन डिटेल्स की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे ऑनलाइन ठगों के झांसे में आने से बचना चाहिए और किसी भी वित्तीय लेनदेन से पहले कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट और संपर्क नंबर की पुष्टि करनी चाहिए।
साइबर ठगों ने सेक्टर 43 के रहने वाले बिल्डर से ऑनलाइन स्टोर चेन में निवेश कराने के नाम पर बिल्डर से 60 लाख रुपए ठग लिए। मुनाफे समेत पूरी रकम नहीं निकलने पर पीड़ित को ठगी का पता चला। पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ठगों की पहचान और तलाश में जुटी है। पहली बार में 20 प्रतिशत का मुनाफानोएडा सेक्टर 43 के रहने वाले मनोज, पेशे से बिल्डर हैं। वह 20 अगस्त को फेसबुक से माही नाम की महिला ठग के संपर्क में आये। उसके बाद वाट्स अप पर बात होने लगीं। ठग ने ऑनलाइन स्टोर से जुड़कर खुद कारोबार करना और 15-20 प्रतिशत तक लाभ होना बताया। मनोज को भी अपनी गारंटी पर कारोबार करने को राजी किया। मनोज ने ठग के कहने पर विश शाप नाम के स्टोर पर बल्क में माल खरीदना शुरू कर दिया और 24 घंटे में ही ऑनलाइन माल बेच दिया। पहली ही डील पर मनोज को 20 प्रतिशत का लाभ हुआ। 60 लाख रुपए किए निवेशरकम बैंक में खाते में ट्रांसफर होने पर मनोज का विश्वास बढ़ने लगा। फिर क्या था। जैसे-जैसे ठग कहते जाते। वैसे-वैसे मनोज करते जाते। मनोज ने 24 नवंबर तक 22 बार में 60 लाख रुपए निवेश कर दिए। एप पर 1.10 करोड़ रुपए दिखने लगे तो मनोज ने मुनाफे समेत रकम निकालने का आवेदन किया। ठगों ने कर के रूप में 11 लाख जमा कराने को बोला। मनोज के रकम जमा नहीं करने पर ठगों ने यूएस सरकार द्वारा एप खाता बंद करने की बात कहकर डराया। ठगों ने संपर्क तोड़ा11 लाख में से आठ लाख रुपए जमा करने की बात कही, लेकिन शक होने पर मनोज ने रकम नहीं दी तो ठगों ने संपर्क तोड़ दिया। ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने एनसीआरपी पोर्टल और साइबर क्राइम थाना पुलिस से शिकायत की। एडीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। ठगी में संलिप्त बैंक खातों की जानकारी जुटाई जा रही है। जल्द ही घटना का पर्दाफाश किया जाएगा।
गोंडा में वाहन की टक्कर से व्यापारी की मौत:हादसे में दोस्त घायल, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप
गोंडा जिले में बीती रात एक सड़क हादसे में मिनिरल वाटर प्लांट संचालक व्यापारी 27 वर्षीय व्यापारी नितिन मिश्र की मौत हो गई है। उनका दोस्त अरुण मिश्र (25) गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसका इलाज गोंडा मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। यह घटना नगर कोतवाली क्षेत्र के अग्रसेन चौराहे से रेलवे स्टेशन मोड़ के पास हुई है। पुलिस इस पूरी घटना को अज्ञात वाहन की टक्कर से हुआ हादसा मानकर जांच कर रही है। हालांकि अब मृतक के परिजनों ने इसे सोची-समझी साजिश के तहत हत्या करार दिया है। नितिन के पिता शंकर दयाल मिश्रा और चाचा सुरेश मिश्रा ने नगर कोतवाली में तहरीर दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी ने जानबूझकर उनके बेटे को टक्कर मारी। चाचा सुरेश मिश्रा के अनुसार, नितिन और अरुण बुधवार रात करीब 11:30 बजे अपने एक दोस्त को रेलवे स्टेशन छोड़ने गए थे, जिसे पंजाब जाना था। स्टेशन पर दोस्त को छोड़ने के बाद, जैसे ही वे बाइक से गेट के पास निकले, सामने से आ रही एक सफारी गाड़ी ने उन्हें रोक लिया। सफारी सवार युवकों से पुरानी रंजिश को लेकर कहासुनी हुई। इसके बाद, आधा दर्जन सफारी सवार युवकों ने नितिन और अरुण पर स्कॉर्पियो गाड़ी चढ़ा दी, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां नितिन मिश्र ने दम तोड़ दिया। घायल अरुण मिश्रा का इलाज जारी है। पुलिस ने नितिन के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। प्रभारी निरीक्षक विवेक त्रिवेदी ने बताया कि तहरीर मिल गई है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ऊसर भूमि पर लहलहाएगी उद्योगों की फसल:धुरियापार में अंबानी, अडाणी करेंगे सैकड़ों करोड़ का निवेश
दशकों तक पिछड़ेपन का दंश झेलने को मजबूर रहा पूर्वांचल प्रगति की नई मिसाल कायम कर रहा है। योगी सरकार में बदले माहौल के बाद निवेशकों ने गोरखपुर को अपना पसंदीदा डेस्टिनेशन बना लिया है। कभी पिछड़े क्षेत्रों में शामिल धुरियापार की ऊसर भूमि पर अब उद्योगों की फसल लहलहाएगी। यहां अंबानी, अडाणी सहित अन्य उद्योगपति सैकड़ों करोड़ का निवेश करने जा रहे हें। मुकेश अंबानी का रिलायंस समूह कैंपा कोला ब्रांड के कोल्ड ड्रिंक की बाटलिंग यूनिट लगाएगा जबकि अडाणी समह अंबुजा सीमेंट का प्लांट लगाने जा रहा है। अडाणी समूह को प्रथम चरण में 46.63 एकड़ जमीन आवंटित की जा चुकी है। रिलायंस समूह ने भी इसी क्षेत्र में 50 एकड़ जमीन पसंद की है। श्रेयश डिस्टिलरी एनर्जी लिमिटेड की ओर से धुरियापार औद्योगिक टाउनशिप में 60.48 एकड़ जमीन आवंटित कराई गई है। रिलायंस की ओर से प्रथम चरा में लगभग 300 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जाएगा। ये तीनों निवेशक यहां 4500 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करेंगे और लगभग 7000 लोगों को रोजगार मिलेगा। यहां एक अन्य बड़े निवेशक ने जमीन पसंद की है। गोरखपुर के जिस दक्षिणांचल को सबसे पिछड़ा क्षेत्र मान लिया गया था, अब वह आने वाले समय में विकास और नई औद्योगिक पहचान की आभा से चहक उठेगा। इसका आधार बनेगा गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे। लिंक एक्सप्रेसवे की शानदार रोड कनेक्टिविटी के चलते योगी सरकार दक्षिणांचल के धुरियापार में नए इंडस्ट्रियल टाउनशिप की परिकल्पना को साकार कर रही है। गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) ने धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप को आकार देने की गति तेज कर दी है। मुख्यमंत्री इस टाउनशिप को ग्रेटर गीडा के रूप में देखना चाहते हैं। 6876 एकड़ में विकसित हो रहा औद्योगिक क्षेत्र धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप को 6876 एकड़ में विकसित किया जा रहा है। यह औद्योगिक क्षेत्र 17 अधिसूचित ग्रामों में विस्तृत है। यह इंडस्ट्रियल टाउनशिप पूर्वांचल के सबसे बड़े इंडस्ट्रियल लैंड बैंक वाली होगी। इस इंडस्ट्रियल टाउनशिप के पहले फेज में गीडा द्वारा 800 एकड़ भूमि को अधिग्रहित कर उसे इंडस्ट्री की डिमांड के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। गीडा की सीईओ अनुज मलिक के अनुसार इंडस्ट्रियल टाउनशिप के औद्योगिक सेक्टर एस-5 में दो बड़े निवेशकों को जमीन आवंटित कर दी गई है। अनुज मलिक बताती हैं कि मूर्त रूप में आने के बाद धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप धुरियापार समेत समूचे गोरखपुर दक्षिणांचल के लिए गेम चेंजर साबित होगी। धुरियापार की पहचान अति पिछड़े क्षेत्र के रूप में रही लेकिन आने वाले दिनों में इसकी ख्याति गोरखपुर के नए औद्योगिक क्षेत्र के गेटवे के रूप में होगी। औद्योगिक विकास के साथ ही यहां रोजगार की बहार भी बहेगी।
स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने निरंतर प्रयास करने प्रेरित किया
भास्कर न्यूज | धमतरी ग्रीन पैकेजिंग में एमएसएमई के लिए अवसर व व्यावहारिक तरीके विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन धमतरी में किया गया। कार्यक्रम केन्द्रीय पेट्रो रसायन अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (सीपेट) रायपुर द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के सहयोग से तथा जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र धमतरी के सह-आयोजन में आरएएमपी योजना अंतर्गत किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. सीपी दुबे, प्रेसिडेंट, लघु उद्योग भारती छत्तीसगढ़ थे। अध्यक्षता आलोक साहू, संस्था प्रमुख सीआईपीईटी रायपुर ने की। कार्यशाला में जिले एवं आसपास के विभिन्न एमएसएमई उद्यमियों, स्टार्टअप प्रतिनिधियों तथा औद्योगिक संगठनों से जुड़े लगभग 45 प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता की। कार्यशाला में ग्रीन पैकेजिंग उद्योग की संभावनाओं, तकनीकी पहलुओं, विनिर्माण प्रक्रियाओं, प्रमाणन प्रणाली तथा बाजार उपलब्धताओं पर विस्तृत जानकारी दी गई। मुख्य वक्ता रेहान अली ने वेस्ट प्रोडक्ट से बायोग्रेडेबल पैकेजिंग सामग्री तैयार करने की उन्नत तकनीक, उनकी उपयोगिता तथा हरित पैकेजिंग के बढ़ते बाजार पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति बढ़ती जागरूकता एवं सरकारी नीतियों के कारण प्लास्टिक के विकल्प के रूप में ग्रीन पैकेजिंग का क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है, जो एमएसएमई के लिए व्यापक रोजगार एवं उद्यम अवसर उपलब्ध कराता है। इस अवसर पर प्रशांत चंद्राकर महाप्रबंधक, अरविंद तिवारी सहायक निदेशक एमएसएमई उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया तथा संभावित उद्यम स्थापित करने के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया गया। आयोजकों ने उपस्थित उद्यमियों को ग्रीन पैकेजिंग के क्षेत्र में नवाचार, तकनीकी उन्नयन और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास जारी रखने के लिए प्रेरित किया। टेस्टिंग विभाग के सीआईपीईटी सस्मिता मिश्रा ने ग्रीन पैकेजिंग की अवधारणा, बायोग्रेडेबल उत्पादों के मानक एवं प्रमाणन प्रक्रिया, गुणवत्ता जांच तथा इस क्षेत्र में उद्योग स्थापित करने की आवश्यक औद्योगिक ढांचागत जरूरतों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र न सिर्फ आर्थिक दृष्टि से लाभदायक है, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण, कचरा प्रबंधन एवं कार्बन फुटप्रिंट में कमी लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
राजधानी लखनऊ से निगरानी के बाद आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन विंग ने बहराइच सहित चार शहरों में एक बड़े रियल एस्टेट और मोल्डिंग नेटवर्क पर शिकंजा कस दिया है। विभाग को पिछले कई महीनों से संदेह था कि प्रदेश के कई शहरों से जुड़े इस नेटवर्क का संचालन लखनऊ से ही किया जा रहा है। इसके बाद बुधवार से शुरू हुई छापेमारी में करोड़ों की टैक्स अनियमितताएं सामने आई हैं। लखनऊ की इन्वेस्टिगेशन विंग ने खोला पूरा नेटवर्क लखनऊ IT विंग को इनपुट मिला था कि बहराइच के रियल एस्टेट कारोबारी अब्दुल रहमान उर्फ मोईन खान का टर्नओवर पांच साल में 6 करोड़ से बढ़कर 100 करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है, जबकि टैक्स भुगतान बेहद कम है। जांच की पुष्टि होने के बाद लखनऊ से निकली टीमें बहराइच, आगरा, मथुरा और बरेली के कुल 12 ठिकानों पर पहुंचीं। लखनऊ में बैठकर प्लॉटिंग प्लान और फंड मूवमेंट का समन्वय जांच में पता चला कि मोईन खान बहराइच में कई एकड़ जमीन पर प्लॉटिंग योजना तैयार कर रहा है, और इन योजनाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण लेन-देन तथा मीटिंग्स लखनऊ में हो रही थीं। लखनऊ टीम को संदेह है कि रियल एस्टेट कंपनियों—नगीन हाइट्स और किंग क्रॉस—का वित्तीय संचालन भी लखनऊ से ही नियंत्रित किया जा रहा था। 35 करोड़ का असुरक्षित ऋण, लखनऊ के जरिए धन चक्र का शक छापे के दौरान खुलासा हुआ कि मोईन खान ने अपने करीबी लोगों से लगभग 35 करोड़ रुपये का असुरक्षित ऋण लिया है। आयकर अधिकारियों का मानना है कि यह रकम मोईन खान द्वारा ही अलग-अलग खातों में भेजकर लोन की शक्ल में वापस मंगाई गई। अधिकारियों को संदेह है कि यह पूरी धन चक्र प्रक्रिया लखनऊ से ही मैनेज की गई। लखनऊ से मिली कमांड पर दूसरे शहरों में छापे आयकर विभाग ने बताया कि आगरा, मथुरा और बरेली की फर्में, जो मोईन खान की फर्म नगीन मोल्डिंग को सप्लाई करती थीं, भी संदिग्ध पाई गई हैं। इन फर्मों में भी करोड़ों की टैक्स चोरी के संकेत मिले हैं। जांच अधिकारी बताते हैं कि लखनऊ में चल रही फाइनेंस और सप्लाई चेन की गतिविधियां ही इन फर्मों को मोईन खान के कारोबार से जोड़ती हैं। लखनऊ IT ऑफिस में स्क्रूटनी जारी छापेमारी से मिले दस्तावेज़, डिजिटल रिकॉर्ड और बैंक लेन-देन अब लखनऊ IT कार्यालय में विश्लेषण के लिए भेजे जा रहे हैं। मोईन खान के आलीशान मकान के मूल्यांकन की रिपोर्ट भी लखनऊ मुख्यालय में तैयार हो रही है। अधिकारियों के अनुसार, मोईन खान फिलहाल जांच में सहयोग नहीं कर रहा है।
हिसार में मॉडल टाउन के रहने वाले रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल गुरनीश सिंह के साथ ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 71.27 लाख रुपए की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्हें वॉट्सऐप ग्रुप “H204-Reliance Market Nexus” में जोड़कर रिलायंस सिक्योरिटीज के नाम पर निवेश के लिए उकसाया गया और धीरे-धीरे भारी भरकम रकम हड़प ली गई। प्राथमिक जांच के बाद साइबर क्राइम थाना हिसार ने धारा 318(4), 61 BNS के तहत मामला दर्ज कर लिया है। शिकायतकर्ता के अनुसार,10 सितंबर 2025 को उन्हें “H204-Reliance Market Nexus” नामक वॉट्सऐप ग्रुप में शामिल किया गया। ग्रुप का दावा था कि यह रिलायंस सिक्युरिटीज का स्टॉक इन्वेस्टमेंट समूह है। ग्रुप एडमिन के रूप में राकेश जैन और अद्विका शर्मा स्वयं को विशेषज्ञ बताकर निवेश के लिए प्रेरित कर रहे। साइबर ठगों ने इस तरह जाल में फंसाया...
कोरबा में एक कपड़ा व्यापारी ने सस्ती दरों पर कपड़े बेचने का झांसा देकर कई ग्राहकों, कर्मचारियों और बड़े व्यापारियों से लगभग 5 लाख रुपए से अधिक की ठगी की है। यह मामला पुरानी बस्ती का है, जहां आरोपी पैसे लेकर फरार हो गया है। रायगढ़ जिले के विजय खुशलानी ने पुरानी बस्ती, कोरबा में छह महीने पहले एक दुकान किराए पर ली थी। उसने लोगों को कम कीमत पर कपड़े उपलब्ध कराने का लालच दिया और धीरे-धीरे कई लोगों को अपने जाल में फंसा लिया। खुशलानी ने 40 से अधिक लोगों से एडवांस के तौर पर 5 हजार से 40 हजार रुपए तक की राशि ली। कुल मिलाकर, वह लगभग 5 लाख रुपए कैश लेकर फरार हो गया। आरोपी रानी रोड, कोरबा में अपनी दीदी और जीजा के यहां रहता था। काम करने वाली लड़कियों का भी भुगतान नहीं किया उसने अपने सेल में काम करने वाली 15 लड़कियों का भी भुगतान नहीं किया। इसके अलावा उसने 5 से 10 बड़े कपड़ा व्यापारियों से लाखों रुपये का उधार कपड़ा लिया था, जिसका भुगतान भी नहीं किया। पीड़ितों ने बताया कि विजय रायगढ़ में भी लगभग 40 लाख रुपए की ठगी कर चुका है, जिसके खिलाफ रायगढ़ पुलिस में मामला दर्ज है। व्यापारी याकूब शेख ने बताया कि विजय उसकी सीतामढ़ी मुख्य मार्ग स्थित दुकान पर आया था। विजय ने याकूब से पुराने, न बिकने वाले कपड़े बेचने के लिए मांगे और बेचने के बाद पैसे देने का वादा किया। उसने लाखों के कपड़े लिए, लेकिन भुगतान नहीं किया और दुकान बंद करके फरार हो गया। कोतवाली थाना पुलिस ने इस मामले में शिकायत मिलने के बाद आगे की जांच और कार्रवाई करने की बात कही है।
मक्का के असमान दाम पर किसान भड़के:खिलचीपुर मंडी गेट बंद कर सड़क जाम, व्यापारियों पर मनमानी का आरोप
राजगढ़ जिले की खिलचीपुर कृषि उपज मंडी में गुरुवार दोपहर को मक्का बेचने पहुंचे किसानों ने अचानक विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कारण था- मक्का की खरीद में भारी अंतर। किसी किसान की मक्का 17–18 रुपए किलो में खरीदी जा रही थी, वहीं दूसरे किसान को उसी गुणवत्ता की मक्का के सिर्फ 13–14 रुपए किलो ही मिले। दामों में यह असमानता देखकर किसान आक्रोशित हो गए और मंडी का मुख्य गेट बंद कर दिया। इसके बाद किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अपने वाहनों को मंडी रोड पर खड़ा कर जाम लगा दिया। जाम लगते ही सड़क पर लंबी लाइनें लग गईं। आम राहगीर करीब आधे घंटे तक परेशान होते रहे। कई वाहन वापस मुड़कर दूसरे रास्तों से गुजरने को मजबूर हो गए। खण्डारबे गांव के किसान फूलसिंह ने बताया कि व्यापारियों द्वारा बोली मनमर्जी से लगाई जा रही थी। “हमने जब मंडी सचिव से शिकायत की तो उन्होंने कहा कि व्यापारी अपने हिसाब से खरीद कर सकते हैं। अगर मंडी में कोई तय व्यवस्था ही नहीं है, तो किसान को सही दाम कैसे मिलेगा?” घटना की जानकारी मिलते ही खिलचीपुर एसडीओपी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों से चर्चा कर उन्हें शांत कराया और जाम हटवाया। स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो सकी। किसानों ने मांग की है कि मंडी में मक्का की खरीद के लिए पारदर्शी प्रणाली लागू की जाए, ताकि सभी किसानों को समान और उचित दाम मिल सकें।
शेयर बाजारों में तेजी जारी, सेंसेक्स 86,000 अंक को छूकर लौटा
मुंबई। आईटी, निजी बैंकों और वित्तीय कंपनियों में लिवाली से गुरुवार को घरेलू शेयर बाजारों में लगातार दूसरे दिन तेजी रही और बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स बीच कारोबार में पहली बार 86,000 अंक को छूने में कामयाब रहा। सेंसेक्स बढ़त में खुलने के बाद बीच कारोबार में एक समय 446 अंक […] The post शेयर बाजारों में तेजी जारी, सेंसेक्स 86,000 अंक को छूकर लौटा appeared first on Sabguru News .
UAE के साथ भारत की दोस्ती, सिर्फ व्यापार नहीं बल्कि रणनीतिक सहयोग भी मजबूत
भारत‑UAE का व्यापार 2024‑25 में ₹ 9 लाख करोड़ के करीब पहुंचा। CEPA समझौते और निवेश में सुगमता से दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग और रणनीतिक साझेदारी मजबूत हुई। व्यापार वृद्धि, रोजगार और निवेश के अवसरों ने दोस्ती को स्थायी साझेदारी में बदला।
AI bubble fear in India : तेजी से उभरते AI तकनीक के चलते निवेशकों में एआई बबल को लेकर चिंता बढ़ी है। विशेषज्ञ इसे 2000 के डॉट कॉम बबल से जोड़ रहे हैं और चेतावनी दे रहे हैं कि यदि बबल फटे तो वैश्विक शेयर बाजार में भारी अस्थिरता और नुकसान हो सकता है।
Income Tax ने जारी किया अल्टीमेटम ; विदेशी बैंक खाते, प्रॉपर्टी या निवेश को छुपाने वाले सावधान
आयकर विभाग ने विदेशी संपत्ति या आय को ITR में घोषित न करने वालों को चेतावनी दी है। 28 नवम्बर से नोटिस भेजकर 31 दिसंबर 2025 तक संशोधित ITR दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। अस्वीकृति पर ₹10 लाख तक जुर्माना और कानूनी कार्रवाई संभव है।
सोने की कीमतों में स्थिरता ; निवेशकों के लिए आज का अपडेट, जानें भाव और अनुमान
आज सोने में हल्की गिरावट और चांदी में तेजी दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना ₹12,775/ग्राम पर, मुंबई में चांदी ₹173/ग्राम और ₹1,73,000/किलोग्राम रही। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोने के दाम ₹1,29,000 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकते हैं।
रिकॉर्ड स्तर से फिसला Share Bazaar, मामूली बढ़त में रहे Sensex और Nifty
Share Market Update News : सकारात्मक वैश्विक रुझानों और विदेशी कोषों की लिवाली के बीच भारतीय शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांक गुरुवार को अपने सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद मामूली बढ़त के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 110.87 अंक यानी 0.13 प्रतिशत चढ़कर ...
एनर्जी कोशेंट (ईक्यू) मैगजीन की ओर से राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित ‘ग्लोबल सोलर एक्सपो – राजस्थान 2025’ के दूसरे और अंतिम दिन इंडस्ट्री, सरकार और निवेशकों की रिकॉर्ड भागीदारी देखने को मिली। एक्सपो का मुख्य आकर्षण 'टॉप 100 सोलर अचीवर्स अवॉर्ड समारोह' रहा। इसमें उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा और सहकारिता एवं नागरिक उड्डयन विभाग के राज्य मंत्री गौतम कुमार दक ने राजस्थान और देशभर के सौर ऊर्जा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले नेताओं, कंपनियों और इनोवेटर्स को सम्मानित किया। उपमुख्यमंत्री बैरवा ने कहा- राजस्थान आज भारत की सौर राजधानी है। यह एक्सपो सिर्फ तकनीक का मंच नहीं, बल्कि ऊर्जा स्वतंत्रता, निवेश और रोजगार वृद्धि की नई संभावनाओं का रास्ता भी है। प्रमुख विषयों पर विचार साझा किए एक्सपो के दूसरे दिन आयोजित 'सूर्याकोन कॉन्फ्रेंस' के विभिन्न सत्रों में नवीकरणीय ऊर्जा के अगले दशक की दिशा पर व्यापक चर्चा की गई। विशेषज्ञों, डेवलपर्स, वित्तीय संस्थानों और टेक्नोलॉजी लीडर्स ने प्रमुख विषयों पर विचार साझा किए। मुख्य अतिथि पूर्व सांसद रामचरण बोहरा की उपस्थिति में उद्घाटन सत्र में उद्योग–सरकार के प्रतिनिधियों ने राजस्थान को भविष्य का ग्रीन-एनर्जी हब बनाने के लिए नीति, तकनीक और निवेश के एकीकृत रोडमैप पर व्यापक विमर्श किया। चर्चाओं का प्रमुख फोकस सोलर + स्टोरेज, सी एंड आई सेक्टर में आरई 100 ट्रांजिशन, अत्याधुनिक सौर तकनीकों और ग्रीन हाइड्रोजन की संभावनाओं पर रहा। पैनल में कलेक्टर जयपुर जितेन्द्र सोनी, इंडस्ट्री लीडर्स, तकनीकी विशेषज्ञ और आरआरईसीएल के अधिकारी शामिल रहे। कृषि के लिए सोलर पंपिंग सिस्टम महत्वपूर्ण उद्घाटन सत्र में वक्ताओं ने कहा- सोलर + स्टोरेज मॉडल राजस्थान की ऊर्जा सुरक्षा और स्थायी ग्रिड के लिए निर्णायक साबित होंगे। उद्योग में सर्कुलर इकॉनमी, रीसाइक्लिंग, स्किल डेवलपमेंट, हेरिटेज और मरुस्थलीय इलाकों में ऑफ-ग्रिड सोलर समाधान, और कृषि के लिए सोलर पंपिंग सिस्टम को भी ऊर्जा संक्रमण के महत्वपूर्ण स्तंभ बताया गया। सी एंड आई सत्र में विशेषज्ञों ने ओपन एक्सेस और ग्रुप कैप्टिव मॉडलों, नीति-नियमन, फाइनेंसिंग फ्रेमवर्क, पीपीए स्ट्रक्चर और स्थानीय अर्थव्यवस्था तथा रोजगार पर पड़ने वाले प्रभाव पर रोशनी डाली। चर्चाओं का जोर था कि आधुनिक तकनीकें और विकेंद्रीकृत ऊर्जा प्रणालियाँ आने वाले वर्षों में औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए गेमचेंजर होंगी। टेक लीडर्स की प्रस्तुतियों में अडाणी सोलर, पॉलीकैब और अन्य कंपनियों ने हाई-एफिशिएंसी मॉड्यूल्स, स्मार्ट इन्वर्टर्स, और नई क्लीन-टेक इनोवेशन प्रदर्शित कीं, जिन्होंने उद्योग सहभागियों के लिए नई तकनीकी संभावनाओं और सहयोग के मार्ग खोले। ग्रीन हाइड्रोजन पैनल ने इसे राजस्थान के अगले बड़े ऊर्जा अवसर के रूप में प्रस्तुत किया। चर्चा में नेट-ज़ीरो लक्ष्यों में इसकी भूमिका, इलेक्ट्रोलाइज़र टेक्नोलॉजी, उत्पादन लागत, ऊर्जा भंडारण के साथ एकीकृत मॉडल और डीकार्बोनाइज क्षेत्रों में इसके उपयोग पर गहन विचार साझा किए गए। विशेषज्ञों ने माना कि राजस्थान आने वाले समय में भारत का अग्रणी 'ग्रीन हाइड्रोजन हब' बन सकता है। अडाणी, पॉलीकैब, आईएनए सोलर, नवितास, सोलिस, आरपीएसजी, सोलिटेक सहित 100+ कंपनियों ने सोलर मॉड्यूल, इन्वर्टर्स, बैटरी स्टोरेज, ईवी चार्जिंग, स्मार्ट ग्रिड और क्लीन-टेक समाधानों का प्रदर्शन किया। विज़िटर्स ने नई तकनीकों को अत्यधिक सराहा और कई बी2बी मीटिंग्स में संभावित सहयोग पर चर्चा हुई।
छतरपुर में प्रमुख पेंशनर्स एसोसिएशन, जिला शाखा छतरपुर ने गुरुवार में प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में पेंशनभोगियों ने अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं। पेंशनरों की प्रमुख मांगों में महंगाई राहत (DA/DR) की बहाली शामिल है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 से मिलने वाली महंगाई राहत को तुरंत बहाल किया जाए, क्योंकि बाजार में बढ़ती कीमतों के कारण उन्हें अतिरिक्त राहत की सख्त ज़रूरत है। संघ ने पेंशन संशोधन-2000 के तहत 49 गुना वेतनमान लागू करने की भी मांग की है। उनका कहना है कि पुराने वेतनमान के अनुसार संशोधन लागू होने से पेंशनरों को बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी। इसके अतिरिक्त, परिवार पेंशन की राशि बढ़ाने की भी मांग की गई है ताकि पेंशनर की मृत्यु के बाद उसके परिवार को आर्थिक सुरक्षा मिल सके। बेहतर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोधबढ़ती इलाज लागत को देखते हुए, पेंशनरों ने बेहतर और सुलभ चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो वे अपनी शिकायत लेकर भोपाल जाएंगे। जिला अध्यक्ष बीपी सिंह ने बताया कि प्रांतीय निर्देश पर कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को पांच सूत्री ज्ञापन सौंपा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि देश के 4 लाख 50 हजार पेंशनर्स को इन सुविधाओं का लाभ मिल सके, यही इस ज्ञापन का उद्देश्य है।
हापुड़ के ब्रजघाट पर गुरुवार दोपहर चार युवक कार से एक शव लेकर आए। उसके लिए चिता सजाई और फिर उसे चादर में लिपटा हुआ ही लिटा दिया। वहां मौजूद लोगों को कुछ गड़बड़ लगी तो उन्होंने चादर हटाई। चाहर हटाते ही अंदर से एक मैनीक्विन (प्लास्टिक का पुतला) निकला। इसके बाद लोगों ने तत्काल पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। मामला गढ़मुक्तेश्वर थाना क्षेत्र के ब्रजघाट का है। इस पूरे मामले का एक वीडियो भी सामने आया है। अब पढ़िए पूरा मामला... दिल्ली के 2 कपड़ा व्यापारी कमल सोमानी और आशीष खुराना समेत 4 लोग गुरुवार को हापुड़ के गंगा किनारे ब्रजघाट पहुंचे। श्मशान घाट पर काम करने वाले नितिन ने बताया कि दोपहर में HR नंबर की i-20 कार आई। उसमें से उतरे दो लोगों ने दुकान से घी और अंतिम संस्कार के अन्य सामान खरीदे। इसके बाद घाट किनारे चिता सजाने के लिए बोला। जब चिता सज गई तो गाड़ी से चादर में लिपटी एक लाश निकाली और चिता पर लिटा दिया। नितिन ने बताया कि वो चादर नहीं खोल रहे थे। मुझे शक हुआ तो मैंने चादर खोलने के लिए कहा। इसपर उनसे मेरी बहस होने लगी। काफी देर बहस के बाद उन्होंने चादर हटाया तो अंदर से एक प्लास्टिक का पुतला निकला। इसके बारे में पूछने पर दोनों गोलमोल जवाब देने लगे। मैंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। नितिन ने बताया कि ब्रजघाट पर 4 लोग आए थे। पुलिस के पहुंचने से पहले दो युवक मौके से भाग गए, जबकि दो को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। गाड़ी से दो और प्लास्टिक के पुतले मिले हैं। पहले पूछताछ में इन लोगों ने बताया कि हमें ये बॉडी अंसारी हॉस्पिटल पालम दिल्ली के स्टाफ द्वारा सील करके दी गई थी। यहां देखा तो बॉडी की जगह पुतला निकला। हमें नहीं पता कि ये कैसे हुआ। बहाने से आधार और पैनकार्ड लिया थाइसके बाद पुलिस ने कमल और आशीष को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो दोनों ने पूरे मामले की सच्चाई बताई। पूछताछ में कमल ने कहा- मेरे ऊपर 50 लाख का कर्ज है। जिसको लेकर मैं काफी दिनों से डिप्रेशन में हूं। जिसे चुकाने के लिए मैंने ये योजना बनाई थी। मैंने अपने जानने वाले अंशुल जिसने कुछ समय के लिए मेरी कपड़ों की दुकान पर काम किया था। मैंने किसी बहाने से उसका आधार कार्ड और पैनकार्ड ले लिया था। इसके बाद मैंने अंशुल के नाम से एक साल पहले टाटा एआई का इंश्योरेंस करवाया, जिसकी किस्त नियमित तौर पर भर रहा था। पुलिस ने उससे बात की, जिसके पुतले का अंतिम संस्कार कर रहे थेकमल ने कहा- अंशुल के मरने की पुष्टि होने के बाद मुझे इंश्योरेंस के 50 लाख रुपए मिलते। इसीलिए मैंने अंशुल को मरा दिखाने के लिए दुकान का एक मैनीक्विन (प्लास्टिक का पुतला) लेकर ब्रजघाट अंतिम संस्कार के लिए आया था। अंतिम संस्कार के बाद मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर इंश्योरेंस के पैसे आसानी से मिल जाते। इसके बाद पुलिसवालों ने अंशुल से कमल सोमानी के मोबाइल से वीडियो कॉल करके बातचीत की। फोन पर अंशुल ने बताया कि मैं कुछ दिनों से अपने स्थायी निवास प्रयागराज में रह रहा हूं। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मनोज बालियान ने बताया कि हिरासत में लिए गए दोनों युवकों से पूछताछ की जा रही है। हर एंगल से जांच हो रही है। ---------------------------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें.... रील बनाने पर माफिया अतीक के छोटे बेटे पर FIR:गाना बजाया था- तूफान और हम जब भी आते हैं... फाड़ के जाते हैं प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद (20) पर पहला मुकदमा दर्ज हुआ है। भड़काऊ REEL को लेकर बुधवार देर रात धूमनगंज थाने में केस दर्ज किया गया। दरअसल, एक शादी समारोह में शामिल हुए अबान का एक भड़काऊ वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया। इसमें एक धमकी भरा डायलॉग भी जोड़ा गया। पढ़ें पूरी खबर...
Magellanic Cloud Share : अमीर बनाने वाले स्टॉकने बनाया कंगाल ; निवेशकों में चिंता का माहौल जारी
Magellanic Cloud Share : Magellanic Cloud शेयर में 20% लोअर सर्किट लगा, निवेशकों की चिंता बढ़ी। पांच सालों में 1000% रिटर्न देने वाला यह स्टॉक तीन दिनों में 40% से अधिक टूट गया, जबकि कंपनी को करोड़ों रुपये का ऑर्डर भी मिला। वित्तीय प्रदर्शन में वृद्धि के बावजूद शेयर में गिरावट जारी रही।
हरियाणा के नूंह जिले के पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी और आतंकी फंडिंग के मामले में गिरफ्तार तावडू खंड के गांव खरखड़ी के रहने वाले एडवोकेट रिजवान को पुलिस ने कोर्ट में पेश कर 8 दिन के रिमांड पर लिया है। इसके साथ ही इस मामले में एक और खुलासा हुआ है। जिसमें पुलिस ने पंजाब के जालंधर के शाहकोट थाना क्षेत्र से मलेशियन पट्टी निवासी अजय अरोड़ा को भी गिरफ्तार किया है। अजय मिठाई व्यापारी है। जिस पर आरोप है कि वह पाकिस्तान से आई हुई रकम को रिजवान के पास पहुंच जाता था। अजय अरोड़ा भी 8 दिन के रिमांड पर है। मामला मीडिया के सामने नहीं आ सके, इसलिए जांच एजेंसियों ने बुधवार की रात करीब ढाई बजे दोनों को सीजेएम छवि गोयल की कोर्ट में पेश किया था। पाकिस्तानी हैंडलर से करोड़ों रुपए हवाला के जरिए भेजे सूत्र बताते है कि एडवोकेट रिजवान के पंजाब नेशनल बैंक खाते में पाकिस्तानी हैंडलर से करोड़ों रुपए हवाला के जरिए भेजे गए थे। इस राशि का इस्तेमाल पंजाब में आतंकी नेटवर्क मजबूत करने, देशविरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने और संदिग्ध तत्वों की फंडिंग में किया जा रहा था। पुलिस ने उसके पास से एक लैपटॉप और मोबाइल फोन बरामद किया है। शुरुआती जांच में इनमें कई संदिग्ध चैट, दस्तावेज और संपर्क मिले हैं, जिनका संबंध पाकिस्तानी नेटवर्क से जुड़ा बताया जा रहा है। दोनों ही उपकरण फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिए गए हैं। पंजाब का अजय अरोड़ा अरेस्ट इसी केस में पुलिस ने पंजाब के जालंधर के शाहकोट थाना क्षेत्र से मलेशियन पट्टी के अजय अरोड़ा को भी गिरफ्तार किया है। अजय अरोड़ा मिठाई का कारोबारी बताया जा रहा है, जो हवाला का काम भी करता था और वही पाकिस्तान से आई रकम रिजवान तक पहुंचाता था। पुलिस ने बुधवार की शाम रिजवान को पकड़ा, जिसके बाद पंजाब पुलिस के साथ संयुक्त टीम ने जालंधर में दबिश देकर अजय अरोड़ा को भी गिरफ्तार कर लिया। 33–34 लाख की बरामदगी अभी बाकी सरकारी वकील विजय सहरावत ने बताया कि DSP तावडू की ओर से 10 दिन के रिमांड की मांग की गई थी, लेकिन कोर्ट ने 8 दिन का रिमांड मंजूर किया। पुलिस ने बताया कि अजय अरोड़ा से लगभग 33–34 लाख रुपए की बरामदगी अभी बाकी है, जो जालंधर में उसके किसी साथी के पास है। मामले में पुलिस ने एडवोकेट रिजवान के साथी मुशर्रफ उर्फ परवेज को भी हिरासत में लिया है। जिससे पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई है।
बहराइच में नगीन ट्रेडर्स एंड मोल्डिंग के मालिक और रियल एस्टेट कारोबारी मोइन खान के प्रतिष्ठानों और आवास पर आयकर विभाग की छापेमारी बुधवार को शुरू हुई, जो गुरुवार दोपहर तक जारी रही। इस कार्रवाई में 24 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है। आयकर विभाग के 30 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी दस्तावेजों की गहन जांच कर रहे हैं। स्थानीय पुलिस भी आयकर टीम के सहयोग के लिए तैनात की गई है। मोइन खान के अकबरपुरा स्थित नगीन ट्रेडर्स, नाज़िरपुरा स्थित होटल और देहात कोतवाली इलाके में स्थित उनके आवास सहित कुल चार ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने करीब सात साल पहले नगीन ट्रेडर्स एंड माउंडलिंग कंपनी की स्थापना की थी। वह कैसरगंज और बहराइच में बड़े पैमाने पर रियल एस्टेट का कारोबार भी करते हैं। छापेमारी के संबंध में आयकर विभाग के अधिकारी फिलहाल कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। कारोबारी मोइन खान ने बताया कि आयकर विभाग की रेड चल रही है और वे टीम का पूरा सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि छापेमारी किस कारण से की जा रही है, इसका जवाब अधिकारी ही दे सकते हैं।
डिंडौरी के अमरपुर कस्बे में गुरुवार को व्यापारियों ने बाजार बंद रखा। यह बंद संदीपनी स्कूल के शिक्षक प्रशांत साहू की गिरफ्तारी और प्राचार्य प्रदीप सुरीन को पद से हटाने की मांग को लेकर किया गया। व्यापारियों ने मुख्यमंत्री, कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया और एसपी वाहिनी सिंह के नाम एक ज्ञापन एएसआई राम रतन झारिया को सौंपा। छात्राओं को अश्लील मैसेज भेजने के मामले में कार्रवाई की मांग व्यापारी संघ के उपाध्यक्ष राम कृष्ण यादव ने बताया कि शिक्षक प्रशांत साहू छात्राओं को उनके व्यक्तिगत नंबरों पर अश्लील मैसेज भेजते थे। प्राचार्य प्रदीप सुरीन को इस बारे में शिकायत की गई थी, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। यादव ने कहा कि अगर प्राचार्य समय रहते कार्रवाई करते तो यह स्थिति पैदा नहीं होती।। शिक्षक को गिरफ्तार करने, प्राचार्य को हटाने की मांग व्यापारियों ने मांग की है कि पुलिस आरोपी शिक्षक को तुरंत गिरफ्तार करे और जिला प्रशासन प्राचार्य को सात दिन के अंदर स्कूल से हटाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो अगले बुधवार को चक्काजाम किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। सहायक आयुक्त ने आरोपी शिक्षक को किया निलंबित यह मामला तब सामने आया जब 24 नवंबर को संदीपनी विद्यालय की कुछ छात्राओं ने डिंडोरी स्थित एसपी कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद सहायक आयुक्त ने तत्काल कार्रवाई करते हुए शिक्षक प्रशांत साहू को निलंबित कर दिया था। सिटी कोतवाली पुलिस ने भी इस संबंध में एफआईआर दर्ज की है
शाजापुर में सेवा निवृत्त सरकारी कर्मचारियों ने केंद्रीय पेंशनरों के अनुरूप महंगाई राहत (DR) दिए जाने की मांग की है। प्रमुख पेंशनर्स एसोसिएशन ने गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे शाजापुर जिला पंचायत सीईओ अनुपमा चौहान को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि वर्तमान में प्रदेश के पेंशनरों को 55 प्रतिशत महंगाई राहत मिल रही है। हाल ही में स्वीकृत 2 प्रतिशत की वृद्धि भी विलंब से प्रदान की गई, जिससे पेंशनरों और परिवार पेंशनरों का आर्थिक शोषण हो रहा है। एसोसिएशन का कहना है कि देश के अधिकांश राज्यों में केंद्रीय पेंशनरों के समान महंगाई राहत दी जा रही है, लेकिन मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में जुलाई 2019 से अब तक यह असमानता बनी हुई है। ज्ञापन में मांग की गई है कि 1 जुलाई 2019 से जून 2025 तक की लंबित महंगाई राहत राशि का भुगतान किया जाए। इसके अतिरिक्त, जुलाई 2025 से 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर महंगाई राहत 58 प्रतिशत घोषित करने की भी मांग की गई है। संगठन ने यह भी आग्रह किया है कि पेंशनर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल को चर्चा का अवसर दिया जाए, ताकि वर्षों से लंबित समस्याओं का समाधान हो सके। शासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए 27 नवंबर 2025 को राजस्व अधिकारियों के माध्यम से पुनः ज्ञापन प्रस्तुत किया जाएगा।
एमसीएक्स पर सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट, निवेशकों ने की प्रॉफिट बुकिंग
हाल की रैली के बाद ट्रेडर्स का रुझान प्रॉफिट बुकिंग की ओर बढ़ने से मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर गुरुवार को सोना और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई
शेयर मार्केट में बंपर उछाल, सेंसेक्स 86000 पार, निफ्टी 14 माह बाद ऑल टाइम हाई
share market news : भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को बंपर उछाल के साथ इतिहास रच दिया। सेंसेक्स 86000 पार पहुंच गया तो निफ्टी 26,295.55 प्वाइंट्स के साथ ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया।
महेश्वर के नर्मदा नदी के तट पर स्थित प्रसिद्ध तेली भटियाण आश्रम के संत सियाराम बाबा के निधन के लगभग एक वर्ष बाद आश्रम की पुरानी चहल-पहल काफी कम हो गई है। हनुमान जी के परम भक्त बाबा के जाने के बाद से श्रद्धालुओं की संख्या में गिरावट आई है, जिसका सीधा असर स्थानीय कारोबारियों और नाविकों की आजीविका पर पड़ा है। आश्रम के पास के दुकानदार भोलूसिंह सेंगर ने बताया कि पहले प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते थे, लेकिन अब यह संख्या घटकर केवल 100 से 200 रह गई है। स्थानीय दुकानदार सदाम खान सहित अन्य कारोबारियों ने भी बताया कि भक्तों की संख्या में कमी आई है, जिससे कई दुकानें बंद हो गई हैं और शेष पर सन्नाटा पसरा है। भट्यान निवासी नाविक शंकर केवट ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि पहले उनकी नाव के 40 से 50 चक्कर लगते थे, लेकिन अब कमाई आधी से भी कम रह गई है। एक लंगोट में बीता दिया पूरा जीवन 10 रु. से ज्यादा का दान नहीं लिया सियाराम बाबा का जीवन वैराग्य और समर्पण का प्रतीक रहा। उन्होंने 93 वर्ष की उम्र तक केवल एक लंगोट में रहकर जीवन बिताया। भीषण ठंड, बारिश या गर्मी हो, उन्होंने कभी तन को किसी अन्य वस्त्र से नहीं ढका। आज जहां कई साधु-संत लाखों-करोड़ों का दान सहज स्वीकार कर लेते हैं, वहीं सियाराम बाबा ने कभी भी ₹10 से अधिक का दान नहीं लिया। यह छोटी राशि भी उन्होंने क्षेत्र के मंदिरों के निर्माण कार्यों में लगा दी। 70% घटी भक्तों की संख्या, व्यापार में भी 75% की कमी बाबा के जीवित रहते देशभर से लोग उनके दर्शन और आशीर्वाद के लिए तेली भट्याण आश्रम पहुंचते थे। आश्रम में पाव रखने की जगह नहीं मिलती थी और दिनभर चहल-पहल रहती थी। भक्तों की संख्या बाबा के निधन के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में 70 फीसदी तक की भारी गिरावट आई है। आश्रम अब सुना-सुना रहता है, जहां हर तरफ सन्नाटा पसरा रहता है। बाबा के निधन के बाद प्रमुख व्यवस्थाएं बंद दुकानदार ने बताया कि भक्तों की संख्या घटने का मुख्य कारण बाबा के समय चलने वाली कुछ प्रमुख व्यवस्थाओं का बंद होना भी है। चाय, पानी, बिस्किट प्रसादी और परिक्रमा वासियों के लिए पूजन सामग्री वितरण की व्यवस्थाएं अब बंद हो गई हैं। हालांकि, परिक्रमा वासियों के लिए भोजन व्यवस्था अभी भी चालू है। संत सियाराम बाबा ट्रस्ट उनकी स्मृति को चिरस्थायी बनाने में जुटा है। बाबा की पुण्यतिथि के अवसर पर 1 दिसंबर, 2025 को मोक्ष एकादशी के दिन उनकी भव्य मूर्ति का अनावरण किया जाएगा। देखिए तस्वीरें.... ट्रस्ट के सदस्य डॉ. हरि बिरला ने जानकारी दी कि जयपुर, राजस्थान से 8.5 लाख रुपए की लागत से 5 फीट की संगमरमर की मूर्ति बनवाई गई है। इस मूर्ति में बाबा रामायण पढ़ते हुए अपनी चिर-परिचित मुद्रा में दर्शाए गए हैं। आश्रम में मंदिर और घाट निर्माण सहित कुल 40 लाख रुपए के निर्माण कार्य जारी हैं। इन कार्यों का वित्तपोषण बाबा द्वारा छोड़ी गई राशि और भक्तों के सहयोग से किया जा रहा है। सियाराम बाबा के निधन के बाद किसी को उनका उत्तराधिकारी नियुक्त नहीं किया गया है। आश्रम संचालन में बदलाव बाबा के बाद कोई उत्तराधिकारी घोषित नहीं किया गया है। ट्रस्ट ही आश्रम का संचालन संभाल रहा है। अखंड रामायण पाठ और बाबा की ज्योत पहले की तरह जल रही है। अब प्रसाद भक्त स्वयं लेते हैं। दान पेटी पर 10 रुपए से अधिक दान न करने का निर्देश लिखा है, पर श्रद्धालु स्वेच्छा से अधिक राशि जमा कर देते हैं। ट्रस्ट ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा तेली भटियाण गांव का नाम संत सियाराम बाबा के नाम पर रखने की की गई घोषणा को जल्द लागू करने की अपील की है।
भरतपुर के खेड़ली मोड़ थाने से 50 मीटर की दूरी पर खड़े एक मूंगफली के ठेले वाले पर 5 बदमाशों ने हमला कर दिया। साथ ही अपहरण की कोशिश भी की, बदमाशों ने एक राउंड कट्टे से फायर भी किया। स्थानीय लोगों ने एक बदमाश को पकड़ लिया। वहीं सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। एक पुलिसकर्मी ने बदमाशों की वैन रोकने की कोशिश भी की लेकिन, जैसे ही बदमाशों ने वैन को भगाया तो, पुलिसकर्मी सड़क पर जा गिरा। जिसे उसे भी चोट आई है। कट्टे और धारदार हथियार से व्यापारी पर हमला पीड़ित कमलेश कुमार सैनी ने बताया कि मैं खेड़ली मोड़ चौराहे पर मूंगफली का ठेला लगाता हूं। कल रात करीब 9 बजे मैं मूंगफली का कट्टा ठेले के ऊपर रख रहा था। तभी 5 बदमाश ईको वैन में आये। वह मुझे जबरन वैन में बैठा रहे थे। जब मैंने उनका विरोध किया तो, उन्होंने लात घूंसों से मेरे ऊपर हमला कर दिया। आसपास के लोगों ने मुझे बचाया। उन्होंने बीच बचाव करवाने आये लोगों से मारपीट कर दी। तभी उसमें से एक बदमाश ने फायर कर दिया। हम सभी ने मुश्किल से अपनी जान बचाई। एक पुलिसकर्मी सड़क पर गिरा आई चोट घटना की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। हमला करने वालों में मेरे मामा के लड़के और उनके साथी हैं। मेरे मामा के लड़कों ने शाम को मुझे धमकी भी दी थी। हमले के दौरान आसपास के लोग इकट्ठे हो गए। उन्होंने एक बदमाश को पकड़ लिया। जिसका नाम राजवीर है। बाकी 4 लोग ईको वैन सवार हो गए। मौके पर पहुंचे एक पुलिसकर्मी ने उन्हें रोकने की कोशिश भी की लेकिन, बदमाशों ने इतनी तेज वैन भगाई जिससे कांस्टेबल कमलेश सड़क पर गिर गया। घटना में पुलिसकर्मी के भी चोट आई है। घटना के बाद नाकाबंदी करवाई गई खेड़ली मोड़ थाना अधिकारी राजेश गुर्जर ने बताया कि घटना के बाद इलाके में नाकाबंदी कर दी गई थी। हमला करने वाले एक व्यक्ति को हिरासत में ले लिया गया था। बाकी आरोपियों की तलाश जारी है। प्राथमिक पूछताछ में हमले का कारण पुरानी रंजिश नजर आ रहा है।
हरियाणा के पंचकूला में व्यापारी के साथ परिचित ने ही 10 लाख रुपए का फ्रॉड कर दिया। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उन खातों की जांच चल रही है, जिसमें रकम ट्रांसफर हुई है। पंचकूला के सेक्टर-25 की केंद्रीय विहार सोसाइटी निवासी नरेंद्र शर्मा ने बताया कि उसका चंडीगढ मोटर मार्किट में ट्रांसपोर्ट का काम है। उसके पास सुनील शर्मा नाम का व्यक्ति करीब दस साल से आ रहा था। उसने बताया कि वह सार वेव सॉल्यूशन कंपनी में बतौर सेल्स डायरेक्टर काम करता है। कम्पनी ने एक स्कैनिंग प्रोजेक्ट अमेरिका से लिया है। हम इस प्रोजेक्ट के तहत लोगों को स्कैनिंग करने का प्रोजेक्ट दे रहे हैं। बुक स्कैनिंग प्रोजेक्ट के नाम पर फंसाया प्रोजेक्ट में आपको 30 हजार पन्नों की किताबें दी जाएगी जो आपको स्कैन करने के बाद पैन ड्राईव में डालकर वापिस कम्पनी में जमा करवानी है। जिसके बदले कम्पनी आपको 2,33,301 रुपए बतौर मेहनताना देगी। जिसके लिए आपको कम्पनी में 5,07,500 रुपए की राशि बतौर जमानत सार वेव सॉल्यूशन कम्पनी के खाते में जमा करवानी पडे़गी । उसके बाद सुनील शर्मा ने मुझे लालच देकर अपनी बातों में फंसा लिया। सिक्योरिटी के नाम पर लेते गए पैसे मैंने उसके कहे अनुसार जमानत की राशि जमा करवाई। उसके बाद मुझे प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद 2,33,301 रुपए मिल गए। अगला प्राेजेक्ट मुझे दिया गया तो उसके लिए भी इसी प्रकार जमानत राशि ली गई। इसी प्रकार से उन्होंने मेरे साथ 10 लाख 24 हजार रुपए का फ्रॉड कर दिया।
ग्वालियर में हर वर्ष के प्रति इस वर्ष भी श्रीमंत माधवराव सिंधिया ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण द्वारा 25 दिसंबर से व्यापार मिलेगा आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष भी मेला 25 दिसंबर से लेकर 25 फरवरी तक चलेगा। मेले में व्यापार करने वाले दुकानदार अपनी दुकानों को बनाकर लगातार तैयार कर रहे हैं।मेला सेक्टर में आने वाले सैलानियों की बात करें तो सबसे ज्यादा भीड़ झूला सेक्टर में देखने को मिलती है, क्योंकि यहां मेला घूमने आने वाले सैलानियों के लिए अलग-अलग डिजाइन और अलग-अलग तरीके के झूलने वाले झूले झूला सेक्टर में लगाए जाते हैं। मेला प्राधिकरण के अधिकारियों को कहना है कि मेले में दुकान लगाने वाले दुकानदारों को दुकान है, आवंटित कर दी गई है। मेले के लिए व्यवस्थाओं को लेकर संभागीय आयुक्त मनोज खत्री एवं एडीजीपी आशीष सक्सेना ने विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर मेले की तैयारियों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए थे। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह यादव, प्रभारी कलेक्टर रुचिका चौहान, नगर निगम आयुक्त संघप्रिय, सीईओ जिला पंचायत, एडीएम, मेला सचिव सहित विभागीय अधिकारी शामिल थे। एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड की रहेगी पूरी व्यवस्थासंभागीय आयुक्त मनोज खत्री ने मेला आयोजन से पूर्व मेले की साफ-सफाई, विद्युत व्यवस्था एवं पेयजल की व्यवस्था चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए थे। इसके साथ ही मेले में लगने वाले झूलों की सुरक्षा के संबंध में भी पुख्ता प्रबंध करने को कहा गया था। मेले के दौरान अस्थायी चिकित्सालय एवं एम्बुलेंस के साथ ही फायर ब्रिगेड की व्यवस्था करने को कहा गया था।संभागीय आयुक्त मनोज खत्री ने बैठक में कहा था कि मेला परिसर में अस्थायी अतिक्रमण को हटाने के लिये अभियान चलाकर कार्य किया जाए। इसके लिए एसडीएम, एडिशनल एसपी एवं अपर आयुक्त नगर निगम संयुक्त रूप से कार्रवाई सुनिश्चित करें। इस साल भी मेला सैलानियों के लिए 2 महीने लगेगा कानून व्यवस्था के संबंध में भी पुलिस अधीक्षक से समन्वय स्थापित कर मेले के दौरान सुरक्षा और पार्किंग के पुख्ता प्रबंध किए जाए। बैठक में यह भी तय किया गया था कि फायरब्रिगेड की उपलब्धता के एवज में नगर निगम को और सुरक्षा व्यवस्था के एवज में पुलिस वेलफेयर में मेला प्राधिकरण दो लाख रूपए की धनराशि उपलब्ध कराई जाए।बैठक में यह भी तय किया गया कि विभागीय प्रदर्शनियों के लिये सीईओ जिला पंचायत की अध्यक्षता में बैठक आयोजित कर संबंधित विभागों को समय रहते प्रदर्शनी लगाने के निर्देश दिए जाए। जिला प्रशासन की ओर से मेला अवधि में मजिस्ट्रियल अधिकारियों की तैनाती भी सुनिश्चित की जाए। एडीजीपी आशीष सक्सेना डी श्रीनिवास वर्मा ने कहा ग्वालियर व्यापार मेले में बड़ी संख्या में सैलानी आते हैं। सैलानियों की सुरक्षा के भी पुख्ता प्रबंध किए जाए। इसके साथ ही अग्नि दुर्घटना की रोकथाम के लिए भी पुख्ता प्रबंध हों। भव्यता से आयोजित हों सांस्कृतिक कार्यक्रम ग्वालियर व्यापार मेले में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा भी समय रहते तय करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भव्यता से करने की बात भी कही गई। स्थानीय कलाकारों को भी मेले में अपनी प्रस्तुति प्रस्तुत करने हेतु मंच एवं सुविधाएं उपलब्ध कराए। ग्वालियर मेला प्राधिकरण के सचिव सुनील कुमार त्रिपाठी ने बताया मेले की तैयारी हमारी जोरों पर चल रही है, और मेला जैसे हर वर्ष की तरह भरता है वह इस वर्ष भी 25 दिसंबर से भरने जा रहा है। लेकिन इस वर्ष मिला 25 दिसंबर से 25 जनवरी की जगह 25 फरवरी तक रहेगा।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बुधवार को रोसड़ा नगर परिषद के एक्जीक्यूटिव ऑफिसर उपेंद्रनाथ वर्मा के ठिकानों पर रेड की। आय से अधिक संपत्ति के मामले में पटना, समस्तीपुर में छापेमारी की गई। कार्रवाई करीब 7 घंटे तक चली। पटना और समस्तीपुर में तलाशी के दौरान उपेंद्रनाथ वर्मा के घर से 10.5 लाख से ज्यादा कैश मिला है। वहीं, पटना में 27 लाख से ज्यादा की ज्वेलरी बरामद हुई है। प्राथमिकी में दर्ज 11 डीड के साथ 3 जमीन की डीड (कुल 14 डीड) भी मिली है। छापेमारी में कई बीमा कंपनियों में निवेश के पेपर्स, एक इनोवा कार, एक स्विफ्ट डिजायर कार और एक बैंक पासबुक भी जब्त की गई है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की DSP अभिजीत कौर ने बताया कि उपेंद्रनाथ वर्मा पर गुप्त जांच में लगभग एक करोड़ 17 लाख की आय से अधिक संपत्ति का पता चला है। इसके बाद FIR दर्ज की गई। कोर्ट के आदेश पर समस्तीपुर के ऑफिस और आवास और पटना के आवास पर रेड किया। तलाशी के दौरान 10.5 लाख कैश, जमीन की डीड और निवेश के सबूत मिले हैं। पटना में रेड की तस्वीरें देखिए... समस्तीपुर में मजिस्ट्रेट के सामने खोला गया कमरा निगरानी की टीम समस्तीपुर पहुंची तो उपेंद्रनाथ वर्मा नहीं मिले। वो यहां अकेला कार्यालय के पास एक होटल के ऊपर में कमरा लेकर रहते हैं। कैमरा बंद था। फिर मजिस्ट्रेट को बुलाकर कमरा खुलवाया गया। अलमारी से 5 लाख 600 रुपए मिला। यहां करीब 1 साल से पदस्थापित है। 3 गाड़ियों से 11 लोगों की टीम रेड मारने पहुंची थी बताया जा रहा है कि दोपहर करीब 1 बजे टीम ने रेड की। तीन गाड़ियों से कुल 11 लोग अधिकारी छापेमारी करने पहुंचे थे। इसमें 3 डीएसपी, दो इंस्पेक्टर, 4 सब- इंस्पेक्टर, और 2 कॉन्स्टेबल थे। उपेंद्रनाथ वर्मा ने बताया कि, 'मेरे साथ गहरी साजिश रची गई है। मैं किसान परिवार से हूं। ये मेरी पारिवारिक संपत्ति है। मैं इसके पेपर्स कोर्ट में पेश करूंगा। हमारा कोई फ्लैट नहीं है, न ज्यादा अकाउंट हैं। सिर्फ मेरे पास 1 सैलरी अकाउंट है।' आय से करीब 86.3% अधिक संपत्ति का मामला निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने उपेंद्रनाथ वर्मा के खिलाफ निगरानी ने प्राथमिकी दर्ज की है। उन पर लगभग 1,16,90,319/- रुपए की आय से अधिक संपत्ति होने का आरोप है, जो उनके आय से करीब 86.3% अधिक है। ------------- ये खबर भी पढ़िए... पटना में सुपरिटेंडेंट इंजीनियर के घर से मिले 55 लाख:EOU ने की रेड, नोटों को जलाकर प्लास्टिक में डाला; करोड़ों की जमीन के पेपर-गहने जब्त
अधिक निवेश आकर्षित करने के लिए ज्यादा मांग पैदा करने पर फोकस करना होगा : जमशेद गोदरेज
गोदरेज एंड बॉयस के मैनेजिंग डायरेक्टर (एमडी) जमशेद गोदरेज ने कहा कि हमें अधिक निवेश आकर्षित करने के लिए ज्यादा से ज्यादा मांग पैदा करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए
स्वदेशी को बढ़ावा देने जयपुर में होगा व्यापारियों का महाकुंभ
जयपुर व्यापार महासंघ और बिजनेस सर्कल इंडिया (बीसीआई) की ओर से सुभाष नगर स्थित एक होटल में स्वदेशी और जीएसटी रिफॉर्म पर कार्यशाला हुई। मुख्य अतिथि राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सुनील सिंघी रहे और अध्यक्षता बोर्ड के सदस्य सुभाष गोयल व जयपुर व्यापार महासंघ के महामंत्री सुरेश सैनी ने की। कार्यशाला में घोषणा की गई कि आगामी दिनों में जयपुर में एक बड़ा व्यापारिक सम्मेलन होगा, जिसका उद्देश्य लोगों को स्वदेशी वस्तुओं से जोड़ना है। सिंघी ने कहा कि स्वदेशी अपनाने से हमारे स्टार्टअप को फायदा होगा और देश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। कार्यक्रम में स्वदेशी अपनाने और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए व्यापारी और उद्यमियों को प्रोत्साहित किया गया। स्वदेशी अपनाने वालों को बिजनेस एक्सीलेंस अवॉर्ड दिए जाएंगे। जयपुर को स्वदेशी मार्ट के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई। महिलाओं को उद्यमी बनाने और उनके उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए बीसीआई के प्रयासों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में बीसीआई अध्यक्ष प्रीति सक्सेना, बीसीआई महामंत्री वीरेंद्र, आईटी चेयरपर्सन निशिता सुरोलिया, हिम्मत सिंह नाथावत सहित बड़ी संख्या में व्यापारी, उद्यमी और अफसरों ने शिरकत की।
माय एफएम विजनरी अवॉर्ड्स में चमके युवा स्टार्टअप्स, नवाचार को मिला मंच
उदयपुर| 94.3 माय एफएम, दैनिक भास्कर के रेडियो समूह ने शहर में भव्य ‘माय विजनरी अवॉर्ड्स’ का आयोजन किया। इस समारोह में प्रदेश के उभरते स्टार्टअप्स, क्रिएटर्स और युवा उद्यमियों को सम्मानित किया गया। उद्देश्य था- नए विचारों को मंच देना, नवाचार को प्रोत्साहित करना और युवाओं में उद्यमिता का जोश बढ़ाना। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उदयपुर विधायक ताराचंद जैन रहे। उन्होंने विजेताओं को सम्मानित किया और युवाओं को नए अवसरों की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। अर्थ ग्रुप से अरविंदर सिंह और दीपा सिंह ने हेल्थ टेक और मेडिकल इनोवेशन पर अपने अनुभव साझा किए। आरके प्रॉपर्टी से कृष्णा कौशिक और आरएनटी से आरएल सुमन भी मंच पर मौजूद रहे। पंजाब नेशनल बैंक से सर्किल हेड रितेश पटेल ने स्टार्टअप को बैंकिंग सपोर्ट और फाइनेंशियल अवसरों की जानकारी दी। कार्यक्रम में डिजिटल पार्टनर संदीप ने ब्रांडिंग, डिजिटल ग्रोथ और ऑनलाइन बिजनेस विस्तार के महत्वपूर्ण टिप्स दिए। माय एफएम का यह आयोजन शहर के सैकड़ों युवा उद्यमियों के लिए प्रेरणा बना। मंच ने यह संदेश दिया कि सही दिशा, हौसला और नवाचार से युवा अपने सपनों को बड़े स्तर पर साकार कर सकते हैं।
किसके दम पर शेयर बाजार ने लगाई 1000 अंकों की छलांग ? निवेशकों की ₹5.5 लाख करोड़ की बंपर कमाई
लंबे वक्त के बाद शेयर बाजार ने जबरदस्त छलांग लगाई. बुधवार को सेंसेक्स 1000 अंकों की तेजी दर्ज की. निफ्टी ऑल-टाइम हाई के करीब बंद हुआ.निफ्टी ऑल-टाइम हाई 26,277 के करीब 26,205.30 पर बंद हुआ.
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बुधवार को रोसड़ा नगर परिषद के एक्जीक्यूटिव ऑफिसर उपेंद्रनाथ वर्मा के ठिकानों पर रेड की। आय से अधिक संपत्ति के मामले में पटना, समस्तीपुर में छापेमारी की गई। कार्रवाई करीब 7 घंटे तक चली। पटना और समस्तीपुर में तलाशी के दौरान उपेंद्रनाथ वर्मा के घर से 10.5 लाख से ज्यादा कैश मिला है। वहीं, पटना में 27 लाख से ज्यादा की ज्वेलरी बरामद हुई है। प्राथमिकी में दर्ज 11 डीड के साथ 3 जमीन की डीड (कुल 14 डीड) भी मिली है। छापेमारी में कई बीमा कंपनियों में निवेश के पेपर्स, एक इनोवा कार, एक स्विफ्ट डिजायर कार और एक बैंक पासबुक भी जब्त की गई है। पटना में रेड की तस्वीरें देखिए... समस्तीपुर में मजिस्ट्रेट के सामने खोला गया कमरा निगरानी की टीम समस्तीपुर पहुंची तो उपेंद्रनाथ वर्मा नहीं मिले। वो यहां अकेला कार्यालय के पास एक होटल के ऊपर में कमरा लेकर रहते हैं। कैमरा बंद था। फिर मजिस्ट्रेट को बुलाकर कमरा खुलवाया गया। अलमारी से 5 लाख 600 रुपए मिला। यहां करीब 1 साल से पदस्थापित है। 3 गाड़ियों से 11 लोगों की टीम रेड मारने पहुंची थी बताया जा रहा है कि दोपहर करीब 1 बजे टीम ने रेड की। तीन गाड़ियों से कुल 11 लोग अधिकारी छापेमारी करने पहुंचे थे। इसमें 3 डीएसपी, दो इंस्पेक्टर, 4 सब- इंस्पेक्टर, और 2 कॉन्स्टेबल थे। उपेंद्रनाथ वर्मा ने बताया कि, 'मेरे साथ गहरी साजिश रची गई है। मैं किसान परिवार से हूं। ये मेरी पारिवारिक संपत्ति है। मैं इसके पेपर्स कोर्ट में पेश करूंगा। हमारा कोई फ्लैट नहीं है, न ज्यादा अकाउंट हैं। सिर्फ मेरे पास 1 सैलरी अकाउंट है।' आय से करीब 86.3% अधिक संपत्ति का मामला निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने उपेंद्रनाथ वर्मा के खिलाफ निगरानी ने प्राथमिकी दर्ज की है। उन पर लगभग 1,16,90,319/- रुपए की आय से अधिक संपत्ति होने का आरोप है, जो उनके आय से करीब 86.3% अधिक है। ------------- ये खबर भी पढ़िए... पटना में सुपरिटेंडेंट इंजीनियर के घर से मिले 55 लाख:EOU ने की रेड, नोटों को जलाकर प्लास्टिक में डाला; करोड़ों की जमीन के पेपर-गहने जब्त पटना में आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने ग्रामीण कार्य विभाग के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर के विनोद कुमार राय के ठिकाने पर छापेमारी की है। भूतनाथ रोड में इनका 4 मंजिला घर है। इसी घर को खंगाला जा रहा है। विनोद की पोस्टिंग सीतामढ़ी में है और मधुबनी के अतिरिक्त प्रभार में हैं। इनके खिलाफ अवैध कमाई की सूचना EOU को मिली थी। EOU के अनुसार छापेमारी के लिए टीम गुरुवार की रात ही गई थी। घर में अकेली महिला होने की बात कह उन्हें अंदर जाने से रोका गया। पूरी खबर पढ़िए
अफगानिस्तान के उद्योग मंत्री का भारत दौरा: व्यापार सहयोग को मजबूती देने के लिए अहम चर्चा
अफगानिस्तान के वाणिज्य मंत्री Alhaj Nooruddin Azizi ने भारत दौरे के दौरान व्यापार, निवेश और कनेक्टिविटी बढ़ाने की दिशा में उच्च स्तरीय बैठकें कीं। दौरे से द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग में नई गति आने की उम्मीद है।
छत्तीसगढ़ में नई कलेक्टर गाइडलाइंस की वजह से जमीन की कीमतें 5-9 गुना बढ़ गई हैं। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई और अंबिकापुर समेत कई जिलों में रियल एस्टेट कारोबारियों ने कीमतों का विरोध किया है। जिस जमीन की कीमत पहले 10 लाख रुपए थी, वह अब 70 लाख रुपए हो गई है। रियल एस्टेट कारोबारियों ने गाइडलाइंस में बदलाव को बेतुका बताया है। उन्होंने सरकार से गाइडलाइंस में बदलाव करने की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे रजिस्ट्री का बायकॉट करेंगे। वहीं किसानों ने भी चिंता जताई है कि जमीन की ज्यादा कीमतों की वजह से उन्हें अपनी जमीन बेचने के लिए खरीदार नहीं मिलेंगे। इससे उन पर पैसे का बोझ बढ़ेगा, जबकि पंजीयन विभाग का कहना है कि लंबे समय से जमीन की सरकारी कीमत नहीं बढ़ने की वजह से बाजार भाव और सरकारी कीमत में बड़ा अंतर हो गया था। भास्कर एक्सप्लेनर में 6 पॉइंट्स में समझिए…सरकार के गणित ने रातों-रात जमीन के दाम कैसे बढ़ा दिए, व्यापारी नई गाइडलाइंस का विरोध क्यों कर रहे हैं, उनकी क्या मांगें हैं और इसका आपकी जिंदगी पर क्या असर पड़ेगा? प्वाइंट 1. पिछली सरकार ने 30% छूट दी थी, वो अब खत्म पहले सरकार जमीन का मूल्य (बाजार मूल्य) निकालते समय 30% कम कर देती थी। उदाहरण के तौर पर अगर किसी जमीन का बाजार मूल्य 10 लाख है, तो रजिस्ट्री के समय इसे 30% कम कर दिया जाता था। यानी 10 लाख का सिर्फ 70% (7 लाख) माना जाता था। इसी कम किए गए मूल्य पर जमीन पर 4% और 75 लाख तक के मकानों पर 2% पंजीयन शुल्क लिया जाता था। अब सरकार ने 30% की छूट खत्म कर दी है। जमीन/मकान का पूरा 100% मूल्य ही गिना जाएगा, लेकिन पंजीयन ड्यूटी (4% और 2%) अभी भी वही रखी है, कम नहीं की गई। व्यापारियों की मांग और समस्या समझिए जब मूल्य कम किया जाता था (70%), तब 4% पंजीयन शुल्क लेना ठीक था, लेकिन अब मूल्य सीधा 100% गिना जा रहा है, तो लोगों का कहना है कि जब जमीन की कीमत बढ़ाकर 100% कर दी गई है। ऐसे में पंजीयन शुल्क में भी 3.2% कम किया जाए। इसे फिर से 0.8% किया जाए, ताकि भार बराबर रहे। रजिस्ट्रेशन ड्यूटी घटाने की मांग छत्तीसगढ़ में पहले रजिस्ट्रेशन ड्यूटी 30% कम होता था, इसलिए 4% में लेना ठीक था। अब मूल्य 100% हो गया तो शुल्क भी 4% से घटाकर 0.8% किया जाए, ताकि आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े। इन शॉर्ट पुराने नियम में जमीन सस्ती मानी जाती थी, इसलिए स्टांप ड्यूटी ज्यादा रखी गई थी। अब जमीन पूरी कीमत पर मानी जा रही है, लेकिन शुल्क अभी भी पहले जितना ही है, इसलिए इसे कम करने की मांग कर रहे हैं। प्वाइंट 2. एक ही जमीन की दाे अलग–अलग दर, इससे कीमत 9 गुना तक बढ़ी रियल स्टेट बिजनेसमैन गुरबख्श छाबड़ा ने बताया कि पहले नगरीय क्षेत्र (नगर निगम/नगर पालिका/नगर पंचायत) में जमीन की कीमत एक ही तरीके से निकाली जाती थी। लेकिन अब एक ही जमीन को दो हिस्सों में बांटकर दो अलग-अलग दरों से मूल्यांकन किया जा रहा है। इससे जमीन का कुल मूल्य बहुत ज्यादा बढ़ गया, लगभग 7 गुना से 9 गुना तक। यानी जो जमीन 10 लाख थी, उसकी कीमत 70 लाख तक हो चुकी है। जहां रजिस्ट्रेशन शुल्क 70 हजार लगता वो 7 लाख लगेगा। समझिए क्या हुआ है... मान लीजिए आपके पास एक बड़ा प्लॉट है, पहले सरकार पूरा प्लॉट एक ही रेट से कीमत तय करती थी। जैसे पूरा प्लॉट का 100 रुपए रेट है। तो पूरे प्लॉट का रेट 100 प्लॉट का आकार के हिसाब से तय होता था। यानी पूरा प्लाट 100 के हिसाब से बिक रहा होता था। अब सरकार कहती है इस कि वो इस बड़े प्लाट को दो हिस्से बाटेंगे। एक हिस्सा सड़क के पास और दूसरा हिस्सा भीतरी और दोनों का अलग-अलग रेट लगेगा। इससे हुआ यह है कि सड़क वाला हिस्सा बहुत महंगे रेट पर बिकेगा। इससे उसकी कुल कीमत बहुत बढ़ जाती है। कुछ इस तरह बढ़ गया है रेट इसको और सरल तरीके से समझना है तो एज्यूम कीजिए कि एक चाकलेट का एक बॉक्स है जिसमें 100 चॉकलेट हैं। पहले दुकानदार बोलता था, एक चॉकलेट 1 रुपए में आएगी। इस लिहाज से 100 चॉकलेट का मूल्य 100 रुपए हुआ। अब दुकानदार कहता है कि बॉक्स के ऊपर की 20 चॉकलेट “प्रीमियम” हैं। इनका रेट 10 रुपए प्रति चॉकलेट होगा। वहीं बाकी बचे 80 चॉकलेट का रेट सामान्य हैं, यानी 1 रुपए प्रति चॉकलेट तो अब नई कीमत बनेगी, 20 टॉफी 10 रुपए = 200 रुपए। और 80 टॉफी 1 रुपए = 80 रुपए तो कुल हुए 280 रुपए। इस तरह जो चॉकलेट का बॉक्स पहले 100 रूपए का था, वो अब 280 का है। यानी 180% ज्यादा। एक बार में 7 से 9 गुना बढ़ गई कीमत नई गाइडलाइन के आने के बाद पहले जो जमीन 1.77 करोड़ में मिल रही थी। वो अब 12.79 करोड़ में मिलेगी। इस तरह एक ही बार में 7 गुना (725%) बढ़ोतरी हो गई है। प्वाइंट 3. मल्टीस्टोरी बिल्डिंग के लिए जमीन से तीन गुना ज्यादा रजिस्ट्री शुल्क 2004 के पहले किसी भी बहुमंजिला भवन में रजिस्ट्री सिर्फ जमीन के अनुपात के आधार पर होती थी। यानी जितना हिस्सा आपके फ्लैट का जमीन पर आता है, उतना ही जमीन मूल्य माना जाता था। इससे रजिस्ट्री उचित रकम में हो जाती थी। अब बहुमंजिला भवन में फ्लैट/दुकान बेचते समय सरकार सुपर बिल्ट–अप एरिया पर मूल्यांकन करती है। मतलब आपकी दीवारों का एरिया उदाहरण से समझिए… मान लीजिए आपके बिल्डर के पास 10,000 वर्गफीट जमीन है तो उसका FAR यानी फ्लोर एरिया रेशियो 2.5 दिया है, यानी जमीन पर कुल 2.5 गुना निर्माण की अनुमति है। इसलिए बिल्डर 10,000 2.5 = 25,000 वर्गफीट भवन बना सकता है। सुपर बिल्ट–अप में बिल्डर इस 25,000 वर्गफीट को बढ़ाकर लगभग 30,000 वर्गफीट घोषित कर देता है। ( कॉमन एरिया जोड़ देता है) प्वाइंट 4: नवा रायपुर की जमीन अब शहरी जमीन में आएगी, इससे कीमतें बढ़ी सरकार ने नवा रायपुर के आसपास के सभी गांवों को ‘नगरीय क्षेत्र’ (Urban Area) घोषित कर दिया है। यानी अब इन गांवों की जमीन को गांव वाली जमीन नहीं, बल्कि शहर वाली जमीन के तौर पर कंसीडर्ड किया जाएगा। इसका इम्पैक्ट समझिए जब किसी जमीन को नगरीय क्षेत्र में माना जाता है तो उसका मूल्यांकन (rate) बढ़ जाता है। जमीन दो हिस्सों में बांटकर अलग-अलग दरों से मूल्य निकाला जाता है। इस तरह किसानों/ग्रामवासियों की जमीन का रेट अचानक 5 से 9 गुना तक बढ़ जाएगा। इससे रजिस्ट्री और स्टांप शुल्क भी बहुत ज्यादा बढ़ गया। व्यापारी बोले – गांव को शहर बताकर रेट बढ़ाया गया व्यापारियों का कहना है कि किसी भी इलाके को नगरीय क्षेत्र घोषित करने के लिए सरकार के साफ नियम और मापदंड होते हैं, जैसे— प्वाइंट 5: गांव की हर सड़क मेन रोड मानी जाएगी नई गाइड लाइन में कहा गया है कि ग्रामीण क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग, मुख्य जिला मार्ग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क और PWD की बनी सड़क सभी “मुख्य मार्ग” मानी जाएंगी। यानी अब गांव में बनी ज्यादातर पक्की सड़कें “मुख्य सड़क” के रूप में गिनी जा रही हैं। जमीन का रेट (गाइडलाइन वैल्यू) अक्सर “मुख्य सड़क” के पास होने के हिसाब से बहुत ज्यादा माना जाता है। बाहर और भीतर दोनों जमीन की कीमत बढ़ेगी गणित समझिए, गांव में सिर्फ 1–2 मुख्य सड़कें होती थीं। उन्हीं के पास जमीन का रेट ज्यादा होता था। मान लीजिए कि इनका रेट 10 लाख/एकड़ और अंदर की जमीन का रेट 3 लाख/एकड़ था। लेकिन नया नियम कहता है चाहे गांव के बीच की छोटी सड़क ही क्यों न हो उसे भी “मुख्य मार्ग” माना जा रहा है। इससे गांव की लगभग हर सड़क “मुख्य सड़क” बन जाएगी। और हर जमीन का रेट मुख्य सड़क रेट जैसा बढ़ जाएगा। व्यापारी बोले- सड़क बनने से गांव की रोड को NH नहीं माना जा सकता व्यापारियों और किसानों का कहना है कि यही समस्या है, प्रधानमंत्री–मुख्यमंत्री योजनाओं में हर गांव में सड़कें बन रहीं, कच्चे रास्तों का भी डामरीकरण हो रहा, बिजली–पानी–स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंच रही हैं। इसका मतलब यह नहीं कि हर गांव की हर सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग जैसा मान लिया जाए, और हर जमीन का रेट शहर के हाईवे जैसा बढ़ा दिया जाए। प्वाइंट 6: भारत माला परियोजना के आसपास की जमीनों का रेट भी बढ़ेगा भारत माला परियोजना के आसपास की जमीनों के रेट (गाइडलाइन वैल्यू) सरकार ने बढ़ा दिए हैं। कुछ जगहों पर 300%–500% तक। व्यापारियों का कहना है कि यह बढ़ोतरी वास्तविक स्थिति के हिसाब से नहीं है और जमीन मालिकों के लिए अनुचित है। इसे पांच पार्ट में समझिए पार्ट 1. रेट का निर्धारण गलत तरीके से किया व्यापारियों का कहना है कि सरकार ने जमीन की कीमत तय करने के लिए, कोई वैज्ञानिक स्टडी नहीं की, कोई जमीन का वास्तविक सर्वे नहीं किया, न जमीन का उपयोग देखा, न आसपास की स्थिति देखी। बल्कि उप-पंजीयक (सब-रजिस्ट्रार) से यह पूछ लिया कि यहां की जमीन कितनी होनी चाहिए। फिर उसी आंकड़े को सही मानकर रेट बढ़ा दिए। मतलब किसी एक अफसर की राय पर रेट तय कर दिया गया है। इस तरीके को व्यापारियों ने गलत और अव्यवहारिक बताया है। पार्ट 2. भारत माला रोड के पास जमीन को शहर की मुख्य रोड जैसा माना गया सरकार ने ग्राम कुरूं में 11000 रुपए प्रति वर्गमीटर और 2.52 करोड़ प्रति हैक्टेयर का रेट लगा दिया — सिर्फ इसलिए कि वहां भारत माला रोड लगी है। व्यापारियों का कहना है कि भारत माला एक्सप्रेस-वे की गांव में कोई सीधी एंट्री ही नहीं है, न चढ़ने का रास्ता, न उतरने का रास्ता गांव इसका उपयोग भी नहीं कर सकता। जब गांव इस रोड का उपयोग ही नहीं कर सकता, तो फिर उसकी जमीन को एक्सप्रेस-वे के पास बताकर महंगी कीमत क्यों लगाई जाए? इसे अनुचित बताया है। पार्ट 3 मुआवजा डिस्ट्रीब्यूशन को लेकर भी सवाल खड़े हुए जब भारत माला बन रही थी, तब सरकार ने रोड से थोड़े अंदर वाली जमीन की दर पर मुआवजा दिया था। अब गाइडलाइन में उन्हीं जमीनों को रोड से सटी जमीन मानकर बहुत महंगा रेट लगा दिया गया। यानी मुआवजा कम दिया और गाइडलाइन रेट अचानक बहुत ज्यादा कर दिया इसे व्यापारियों ने अतार्किक बताया है। पार्ट 4. रेट बढ़ाने के हिसाब को भी गलत बताया पिछले 7 साल में गाइडलाइन रेट नहीं बढ़े थे। अगर आम आर्थिक नियम देखें, तो बैंक ब्याज 6–8% के हिसाब सेरेट 190%–200% तक बढ़ना उचित होता। पार्ट 5. स्लैब बदलने से कीमत 5–9 गुना बढ़ गई पहले 506 वर्गमीटर तक जमीन का एक स्लैब था। इससे ज्यादा होने पर जमीन की गणना हैक्टेयर से होती थी (जो किफायती होती थी) अब स्लैब बढ़ाकर 1400 वर्गमीटर कर दिया गया। इसके इम्पैक्ट को इस तरह से समझिए, 0.4050 हैक्टेयर जमीन है – जिसकी पहले सीधे हैक्टेयर की दर से गणना (कम कीमत) होती थी। लेकिन अब पहले 1400 वर्गमीटर महंगी दर, फिर बाकी जमीन हैक्टेयर दर। इस तरह कैलकुलेशन होगा। यानी दोनों को जोड़कर कीमत 500%–900% तक बढ़ गई। इस पूरे मामले का दूसरा पक्ष भी जानिए... अंकित आनंद, सचिव आवास एवं पर्यावरण मंत्रालय बताते हैं कि नई गाइड आने के बाद से मनी लॉन्ड्रिंग नहीं होगी, बैंकों से ज्यादा लोन मिलेगा, किसानों का मुआवजा बढ़ेगा छत्तीसगढ़ में रियल स्टेट में उछाल आने के बावजूद 8 साल से गाइडलाइन की कीमत नहीं बढ़ाई गई थी। कीमत नहीं बढ़ने से किसानों को मुआवजे में भारी घाटा, भू-अर्जन के लिए सरकार को बड़ी मशक्कत करनी पड़ रही थी। मार्केट प्राइस और गाइडलाइन कीमत में बड़ा अंतर होने की वजह से मनी लॉन्ड्रिंग को बढ़ावा मिल रहा था।मिडिल क्लास परिवारों को मकान, प्लॉट खरीदने के लिए लोन लेने में दिक्कत होती थी क्योंकि गाइडलाइन के आधार पर बैंक लोन कम देते थे। नियमों में हर साल गाइडलाइन रिवीजन करने के साथ ही तथा बाजार में आकस्मिक तेजी पर भी विशेष रिवीजन करने का प्रावधान है।लेकिन छत्तीसगढ़ में कोई रिवीजन नही हो रहा था। गाइडलाइन कीमत नहीं बढ़ने से इनकम टैक्स भी कम मिल रहा था। अभी तक प्रचलित कलेक्टर गाइडलाइन में 9463 कंडिकाएं थी, जो अब घटकर 5763 हो गई हैं। यानी लोगों के राहत के लिए बेकार के नियमों को खत्म कर दिया गया है। सरकार बोली- आम लोगों को राहत मिलेगी वाणिज्यिक कर (पंजीयन) मंत्री ओपी चौधरी के निर्देश पर बनी गाइडलाइन पर सरकार का कहना है कि ये पूरी प्रक्रिया को वैज्ञानिक, पारदर्शी और लोगों के लिए आसान बनाया गया है। नगरीय क्षेत्रों की गाइडलाइन दरें रोड-वाइज बनाई गई हैं। इससे एक ही सड़क और समान परिस्थिति वाले क्षेत्रों की कीमतें एक जैसी रहें। इसके साथ ही बहुत अधिक दस्तावेजों को हटाकर उनकी संख्या कम कर दी गई है, ताकि लोगों के लिए दरें समझना आसान हो जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में भी सभी गांवों की दरों को नक्शे में चिह्नित किया गया है। कोशिश की गई है कि एक जैसी सड़क,भू-स्थिति और परिस्थितियों वाले गांवों की कीमतें भी समान रखी जाएं। मौजूदा दरों की वैज्ञानिक तरीके से मैपिंग करके एक संतुलित बेस रेट तैयार किया गया है और उसी के आधार पर नई गाइडलाइन दरें प्रस्तावित की गई हैं।
गाजियाबाद में ऑनलाइन निवेश के नाम पर 36 लाख 20 हजार रुपए की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। लोनी के नाईपुरा निवासी संसार पाल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि एक महिला ने फेसबुक और व्हाट्सएप के माध्यम से उनसे यह राशि ठगी है। पीड़ित के अनुसार, 23 सितंबर 2025 को उनकी फेसबुक पर एक महिला से चैट शुरू हुई। महिला ने अपना नाम सुष्मिता देसाई बताया और खुद को दिल्ली निवासी फैशन डिजाइनर बताया। कुछ दिनों की बातचीत के बाद महिला ने अपना व्हाट्सएप नंबर साझा किया। बातचीत के दौरान महिला ने संसार पाल का भरोसा जीता और खुद को व्यवसायी बताकर ऑनलाइन निवेश में बड़े मुनाफे का दावा किया। उसने पीड़ित को एक ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म के बारे में समझाया और लगातार लिंक भेजकर निवेश के लिए प्रेरित किया। महिला की बातों में आकर संसार पाल ने पहली बार 8 अक्टूबर 2025 को 20 हजार रुपए एक खाते में भेजे। महिला उन्हें बार-बार आश्वासन देती रही कि यह पैसा ट्रेडिंग लिंक पर लगा है और जल्द ही बड़ा लाभ मिलेगा। पीड़ित का कहना है कि महिला ने उन्हें 'TRUST Wallet' जैसा एक लिंक भी भेजा था, जिसमें निवेश दिखाया जाता था, लेकिन यह प्लेटफॉर्म नकली निकला। जब कई दिनों तक कोई लाभ नहीं मिला और महिला ने संदेशों का जवाब देना बंद कर दिया, तब संसार पाल को ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद पीड़ित ने सभी बैंक लेनदेन की रसीदें, चेक की प्रतियां, स्क्रीनशॉट और पूरी चैट का रिकॉर्ड इकट्ठा कर पुलिस को सौंप दिया। उन्होंने पुलिस प्रशासन से अपनी मेहनत की कमाई वापस दिलाने और इस ऑनलाइन ठगी गिरोह के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
Share Bazaar में तूफानी तेजी, Sensex 1022 अंक उछला, Nifty भी 26000 के पार
Share Market Update News : लगातार 3 दिनों की गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजारों में आज तूफानी तेजी आई। सेंसेक्स 1022 अंकों की छलांग लगाकर बंद हुआ, वहीं निफ्टी 26200 के पार पहुंच गया। आज हर सेक्टर में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली। सबसे अधिक तेजी मेटल शेयरों में रही, जो 2% से अधिक बढ़कर बंद हुआ। इसके अलावा बैंकिंग, कंज्यूमर ड्यूरेबल और ऑयल-गैस सेक्टर में भी मजबूत तेजी रही। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन आज बढ़कर 474.87 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया। खबरों के अनुसार, भारतीय शेयर बाजारों में आज तूफानी तेजी आई। सेंसेक्स 1022 अंकों की छलांग लगाकर बंद हुआ, वहीं निफ्टी 26200 के पार पहुंच गया। आज हर सेक्टर में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली। सबसे अधिक तेजी मेटल शेयरों में रही, जो 2% से अधिक बढ़कर बंद हुआ। इसके अलावा बैंकिंग, कंज्यूमर ड्यूरेबल और ऑयल-गैस सेक्टर में भी मजबूत तेजी रही। ALSO READ: Share Bazaar में लगातार दूसरे दिन तेजी, Sensex 446 अंक उछला, Nifty में भी रही तेजी बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन आज बढ़कर 474.87 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया। शेयर बाजार में चौतरफा तेजी के बीच सेंसेक्स के 30 में से 28 शेयर हरे निशान में यानी बढ़त के साथ बंद हुए। इसमें बजाज फिनसर्व (Bajaj Finserv) के शेयरों में 2.51 फीसदी की सबसे अधिक तेजी रही। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1,022.50 अंक या 1.21% की बड़ी छलांग लगाकर 85,609.51 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 320.50 अंक या 1.24% की तेजी के साथ 26,205.30 के स्तर पर बंद हुआ। शेयर बाजार में तेज़ी के कुछ कारण बताए गए हैं। ALSO READ: Share Bazaar में लौटी बहार, Sensex 590 से ज्यादा अंक उछला, Nifty भी 25870 के पार मसलन, अमेरिका में आने वाले दिनों में ब्याज दरों में कटौती देखने को मिल सकती है। शेयर मार्केट में निवेश करने वाले लोग इसको लेकर उम्मीद जता रहे हैं कि अमेरिका का केन्द्रीय बैंक (फेडरल रिजर्व) दिसंबर 2025 की पॉलिसी मीटिंग में ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। Edited By : Chetan Gour
दिसंबर 2025: जाने कब होंगी साल के आखिरी महीने में बैंक की छुट्टियां, व्यापारियों के लिए मार्गदर्शन
दिसंबर 2025 में भारत में बैंकों के अवकाश: राष्ट्रीय और राज्य‑विशेष छुट्टियाँ, क्रिसमस, गोवा लिबरेशन डे, गुरु घासीदास जयंती और अन्य महत्वपूर्ण दिन। ग्राहकों और व्यापारियों को अपने बैंकिंग लेनदेन की योजना बनाने के लिए जरूरी जानकारी।
सोना‑चांदी में तेजी: निवेशकों के लिए बनी आकर्षक संभावना, 24 कैरेट सोना ₹1,26,060
आज सोना‑चांदी की कीमतों में उछाल, 24 कैरेट सोना ₹1,26,060 और 22 कैरेट सोना ₹1,15,555 प्रति 10 ग्राम पर, चांदी ₹1,69,000 प्रति किलोग्राम पर पहुँची। अमेरिकी डॉलर की कमजोरी और त्योहारी मांग ने तेजी को बढ़ावा दिया।
BSE Sensex और Nifty 50 में उछाल ; निवेशकों के लिए अवसर और सतर्कता दोनों जरूरी
भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को रिकवरी देखी गई। Nifty 50 ने ₹26,205.30 छूते हुए 1.24% की तेजी दर्ज की, Sensex में 650–750 अंकों की मजबूती रही। अमेरिकी फेड द्वारा ब्याज दर कटौती की उम्मीद ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया, लेकिन बाजार अभी भी अस्थिर बना हुआ है।
Sholay Ramgarh location : कर्नाटक के रामनगर में स्थित शोले का रामगढ़ अब एशिया की सबसे बड़ी सिल्क मार्केट और ऐतिहासिक शूटिंग स्थल के रूप में प्रसिद्ध है। पहाड़ियां, ग्रेनाइट हिल, दुर्लभ पक्षियों की प्रजातियां और सिप्पी नगर के दृश्य इसे पर्यटकों और फिल्म प्रेमियों के लिए आकर्षक बनाते हैं।
Explainer: सेंसेक्स 800 और निफ्टी 300 अंक चढ़ा, शेयर बाजार में जबदस्त तेजी आने के 5 कारण
Sensex and Nifty: भारी उठा-पटक के बीच भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को जबरदस्त तेजी देखी गई. इस तेजी से निवेशकों के चेहरे पर खुशी साफ देखी गई. आइए जानते हैं बाजार में तेजी आने के 5 कारण-
नर्मदापुरम जिले के पिपरिया में एक बीज विक्रेता द्वारा वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी (SADO) के साथ गाली-गलौज और अभद्रता करने का मामला सामने आया है। घटना मंगलवार शाम की है, जब महिला अधिकारी हथवांस स्थित 'मां श्री कृषि सेवा केंद्र' पर निरीक्षण के लिए पहुंची थीं। विक्रेता ने सैंपल देने से मना कर दिया और मारने पर उतारू हो गया। महिला अधिकारी ने मौके पर ही वीडियो बनाया और रात में मंगलवारा थाने में आरोपी चैनसिंह ठाकुर के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने का केस दर्ज कराया। यह पूरा घटनाक्रम मंगलवार शाम 5.30 बजे का है। वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी सह बीज निरीक्षक निराली आर्य अपने स्टाफ बीएस उईके एवं चंद्रभान यादव के साथ शोभापुरा रोड, हथवांस (पिपरिया) स्थित 'मां श्री कृषि सेवा केंद्र' पहुंची थीं। वहां एसएडीओ ने स्टाफ को बीज के नमूने लेने और निरीक्षण करने के निर्देश दिए। सैंपल देने से मना किया, सस्पेंड कराने की धमकी दीदुकान संचालक चैनसिंह ठाकुर ने तुरंत निरीक्षण कराने और सैंपल देने से मना कर दिया। आरोप है कि उसने शासकीय कार्य में बाधा डालते हुए महिला अधिकारी व स्टाफ को गालियां दीं और अभद्र व्यवहार करने लगा। विक्रेता चैनसिंह मारने-पीटने पर उतारू हो गया। उसने महिला अफसर को निलंबित करवाने तक की धमकी दे दी। अधिकारी ने वीडियो बनाया तो और भड़कापरिस्थिति को देखते हुए एसएडीओ आर्य ने स्वयं मोबाइल से अभद्रता और गाली-गलौज का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। इस पर विक्रेता चैनसिंह और आक्रोशित हो गया। उसने उंगली दिखाते हुए धमकाया कि उल-जलूल बातें की तो अच्छा नहीं होगा। महिला अधिकारी के दूर रहने का कहने पर वह पीछे हटा। सांसद, विधायक के साथ मेरा बैठना उठना हैएसएडीओ निराली आर्य ने भास्कर से फोन पर चर्चा में कहा कि मैं अपनी टीम के साथ मां श्री कृषि सेवा केंद्र' सैंपल लेने व निरीक्षण करने पहुंची थी। दुकान का लाइसेंस रोहित ठाकुर के नाम से है। दुकान पर उसके पिता चैनसिंह ठाकुर बैठे मिले। पहले तो सब सामान्य माहौल था। टीम को सैंपल लेने को कहा। टीम प्रक्रिया करने लगी। दुकान पर पांच गेहूं की बोरियां रखी थीं, जिस संबंध में हमने दुकानदार चैनसिंह से पूछा, बिल दिखाने काे कहा। चैनसिंह ने कहा गेहूं की बोरियां हमारी नहीं, किसी किसान की हैं। जिसे वो नहीं जानते हैं। मैंने कहा ऐसे कैसे आपकी दुकान पर कोई गेहूं के बीज छोड़कर जा सकता है। जिस पर चैनसिंह भड़क गए। कहने लगे कि मेरी मंत्री शिवाजी पटेल, सांसद व विधायक के साथ उठना बैठना है। तुझे संस्पेड करवा दूंगा। माहौल को देखते हुए मैंने एक वीडियो बना लिया। जाने 18 सेकेंड के वीडियो का घटनाक्रम वीडियो बनाने पर चैनसिंह गुस्से में एसएडीओ की ओर आगे बढ़ते हुए कह रहे कि क्या फोटो उतार रही। एसएडीओ के दूर रहने का कहने पर चैनसिंह दूर चले गए और कहा आज के बाद तूने इतनी बेफिजूल बातें की तो ठीक नहीं होगा। एसएडीओ कह रही हैं कि अंकल इतनी बदतमीजी कर कैसे रहे हैं। रात में थाने पहुंचकर दर्ज कराई FIRघटना के बाद महिला अधिकारी निराली आर्य मंगलवारा थाना पहुंचीं। उन्होंने मंगलवार रात 8.45 बजे आरोपी विक्रेता चैनसिंह ठाकुर के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने और गाली-गलौज करने का मामला दर्ज कराया। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ग्वालियर के उपनगर मुरार सदर बाजार में सोमवार दोपहर सराफा कारोबारी महावीर जैन की दुकान पर अंधाधुंध फायरिंग कर दहशत फैलाने वाले चार नकाबपोश बदमाशों को पुलिस ने बेनकाब कर दिया है। नकाबपोश बदमाशों को दहशत फैलाने के लिए झांसी, औरैया, भिंड से बुलाया गया था। फायरिंग करने वाली गैंग को बदमाश कपिल यादव का ताऊ का लड़का नितिन यादव ऑपरेट कर रहा था। चार बदमाशों की पहचान होने के बाद एसएसपी ग्वालियर ने सभी बदमाशों पर 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित कर दिया है। बीते 24 घंटे में पुलिस ने दो राज्य मध्य प्रदेश के ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना व उत्तर प्रदेश के झांसी, गुरसरांय, आगरा में दबिश दी है। फिलहाल पुलिस को कोई बड़ी सफलता नहीं मिली है। घटना के बाद व्यापारियों ने पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। व्यापारियों का कहना है कि इस बार पुलिस से परिणाम चाहिए, न की बार-बार की खटर-पटर। व्यापारियों ने की एनकाउंटर की मांगमुरार के व्यापारी व सिंधिया समर्थक पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा कि व्यापारियों का कहना है कि बहुत सहन कर लिया है। अब पुलिस से सीधा परिणाम चाहिए। बार-बार की खटर-पटर नहीं चाहिए। मतलब व्यापारी बदमाशों का सीधा खात्मा चाहते हैं। व्यापारियों ने पहले पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन अब समय सीमा की चुनौती खत्म करते हुए जल्द बदमाशों की धरपकड़ करने की बात कही है। सीसीटीवी फुटेज से की बदमाशों की पहचानसदर बाजार में अंधाधुंध फायरिंग कर दहशत फैलाने वाले बदमाशों की पहचान पुलिस ने CCTV फुटेज के आधार पर की है। सोमवार को फायरिंग करने वाले बदमाशों में नितिन यादव (कपिल यादव के ताऊ का लड़का) निवासी बड़ागांव मुरार, हिमांशु उर्फ छोटू यादव निवासी गुरसरांय झांसी यूपी, कपिल उर्फ गौतम शर्मा निवासी बंधौली उटीला, रामू उर्फ सतेन्द्र यादव निवासी भवानीपुरा औरैया यूपी, हाल निवासी मौं भिंड मध्य प्रदेश के रूप में हुई है। सभी बदमाश बेहद शातिर थे और इनको लीड कपिल के ताऊ का लड़का नितिन यादव कर रहा था। बदमाशों की तलाश में आठ स्पेशल टीम दे रहीं दबिशग्वालियर एसएसपी धर्मवीर सिंह ने सदर बाजार में ताबड़तोड़ गोलियां चलाने वाले बदमाशों की तलाश में 80 पुलिस अधिकारी व जवान को मिलाकर आठ स्पेशल टीम का गठन किया है। इसमें क्राइम ब्रांच, मुरार थाना समेत अन्य थानों के चुनिंदा तेज तर्रार नेटवर्क वाले पुलिस जवान व अफसर शामिल किए गए हैं। यह पुलिस की टीम झांसी, आगरा, ग्वालियर, दतिया, भिंड व मुरैना में दबिश दे रही हैं।बाइक सवार विवेक यादव की तलाशबाजार में गोलीबारी के बाद जौरासी घाटी पर बदमाशों का पुलिस से सामना हुआ तो अपाचे बाइक वहीं छोड़कर बदमाश जंगल में कूद गए थे। पुलिस ने भी उनका पीछा किया, लेकिन बदमाश नहीं मिले। बरामद बाइक अनिल कुशवाह पुत्र रूपसिंह निवासी बंधौली उटीला की है। पुलिस अनिल कुशवाह को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है, जिस पर उसने कालू को बाइक देना बताया है। जबकि घटनास्थल पर जिस बाइक का उपयोग किया गया, उस बाइक का मालिक विवेक यादव पुत्र भूरे यादव निवासी बड़ागांव है, जो अभी तक पुलिस के हाथ नहीं आया है। उसकी तलाश में भी पुलिस लगातार दबिश दे रही है। दहशत के बाद खुले बाजारसोमवार को अंधाधुंध फायरिंग के बाद सदर बाजार का सराफा बाजार पूरी तरह बंद हो गया था। घटना के 24 घंटे बाद बदमाश नहीं पकड़े जाने से व्यापारियों में आक्रोश था। मंगलवार को बाजार बंद रखा जाता है, लेकिन दहशत के बीच बाजार में दुकानें खोली गईं। मंगलवार दोपहर 2 बजे व्यापारी महावीर जैन व उनके परिवार से मिलने के लिए चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज मध्य प्रदेश के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण अग्रवाल अन्य सदस्यों के साथ आए। प्रवीण अग्रवाल ने व्यापारियों से बात की और हर घड़ी उनके साथ चेंबर के खड़े होने का आश्वासन दिया है। साथ ही व्यापारियों ने कहा कि पुलिस को एक्शन का पूरा समय दे रहे हैं यदि पुलिस असफल होती है तो आंदोलन किया जाएगा। करोड़ों रुपए की जमीन बनी जान की दुश्मनऐसा पता लगा है कि कारोबारी महावीर जैन ने आठ साल पहले बड़ागांव में एक जमीन खरीदी थी। जिसकी कीमत लाखों में थी, लेकिन दो साल बाद ही इस जमीन की कीमत में अचानक उछाल आया और यह जमीन करोड़ों रुपए की हो गई। यहीं से दुश्मनी शुरू होती है। कपिल यादव व उसके परिवार की इस जमीन पर नजर खराब हो गई। यही कारण है कि बीते चार साल में कपिल यादव ने कई बार कारोबारी महावीर जैन व उसके परिवार पर हमला किया है।चार साल में बार-बार हमलासराफा कारोबारी महावीर जैन की दुकान पर अंधाधुंध फायरिंग पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई बार हमला हो चुका है। साल 2023 में जब महावीर जैन अपनी जमीन पर ट्रैक्टर चलवा रहे थे। तभी बदमाश कपिल यादव व उसके साथियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। व्यापारी और उसके बेटे ने घटनास्थल के पास एक स्कूल में छिपकर जान बचाई थी। बदमाशों ने स्कूल के बाहर पहुंचकर भी फायरिंग की थी। उसके बाद दो बार फिर हमले का प्रयास किया। जिस कारण साल 2024 में व्यापारी ने सीएम को पत्र लिखकर पलायन की चेतावनी दी थी। पुलिस के दबाव के चलते साल 2024 में बदमाश कपिल यादव ने सरेंडर कर दिया था पर जब वह जमानत पर बाहर आया तो शहर की सड़क पर जुलूस निकाला था।ऐसे समझिए पूरा घटनाक्रमशहर के उपनगर मुरार स्थित सदर बाजार में सोमवार (24 नवंबर 2025) को बाइक सवार चार से पांच बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग की थी। बाजार के व्यापारियों की मानें तो बदमाशों ने 20 से 25 गोलियां चलाई थीं। घटना के बाद महावीर जैन की दुकान में लगे CCTV कैमरे से पुलिस ने 33 सेकंड का फुटेज बरामद किया है। बदमाश दुकान में एक मिनट तक ठहरा था, लेकिन यह 33 सेकंड का फुटेज ही अपने आप में पूरी कहानी बताने के लिए काफी है। इसमें नकाबपोश बदमाश अंदर आता और एक के बाद एक तीन गोलियां चलाता नजर आ रहा है। पहली गोली चलते ही कारोबारी महावीर जैन का बेटा आकाश जैन कुर्सी के पीछे छुप जाता है। इसके बाद बदमाश अंदर आकर दो गोलियां और चलाता है। जिसमें एक गोली का छर्रा वहां दुकान में बैठे आगरा के कैटर्स गुड्डू जैन काे लगा था।पुलिस का कहनाएसएसपी धर्मवीर सिंह का कहना है कि व्यापारी वर्ग निश्चित रहें। पुलिस पूरी मुश्तैदी के साथ बदमाशों के पीछे लगी है। जल्द ही सभी बदमाशों को पकड़ लिया जाएगा। ये खबर भी पढ़िए... ग्वालियर में ज्वेलरी शॉप में ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई ग्वालियर के उपनगर मुरार के सदर बाजार में सोमवार दोपहर नकाबपोश बाइक सवार बदमाशों ने सराफा कारोबारी महावीर जैन की दुकान को टारगेट कर ताबड़तोड़ फायरिंग की। चार से पांच बदमाश दो बाइक पर आए और 10 मिनट में 20–25 राउंड फायर किए। पढ़ें पूरी खबर...
धार के भैंसोला में विकसित हो रहे पीएम मित्र पार्क में अब दूसरे चरण में निवेशकों को जमीन देने की शुरुआत कर दी गई है। लगभग 2050 करोड़ की लागत से 2158 एकड़ जमीन पर ये प्रोजेक्ट विकसित हो रहा है। पहले चरण के डेवलपमेंट के लिए 773 करोड़ के टेंडर भी जारी हो चुके हैं। अब तक पहले चरण के जमीन आवंटन से कुल 23 निवेशकों से 412 करोड़ का निवेश प्रोजेक्ट के लिए मिल चुका है। दूसरे चरण में जमीन आवंटन के लिए निवेशक 25 नवंबर से 15 दिसंबर तक आवेदन कर सकेंगे। पहले चरण के बाद भी पीएम मित्र प्रोजेक्ट में करीब 350 एकड़ जमीन बची है। कुल 2158 एकड़ में विकसित हो रहे पार्क में उद्योगों हेतु 1294 एकड़ उपलब्ध है। पूरी जमीन के मिल गए थे प्रस्ताव सितम्बर में पहले चरण के आवंटन में ही पूरी जमीन के निवेश प्रस्ताव आ गए थे। कुल 91 निवेशकों ने प्रस्ताव दे दिए थे। बुकिंग में 25% राशि देने के बाद एमपीआईडीसी 30 दिनों में बाकी 75% राशि कराता है। एक महीने में लगभग 950 एकड़ जमीन के बदले राशि आई। कई एमएसएमई सेक्टर के निवेशक राशि जमा नहीं कर सके। उद्योग विभाग के मुताबिक आगे अलॉटमेंट से पहले अधिक सावधानी रखी जाएगी।
नवीं पातशाही गुरु तेग बहादुर सिंह के शहीदी पर्व के उपलक्ष्य में जहां एक ओर सिख संगत लंगर बनाने और लोगों को भोजन खिलाने में सेवा दे रही थी। वहीं दूसरी ओर शहर के व्यापारी और बिजनेस मैन कीर्तन दरबार में आने वाले लोगों को जूते की सेवाएं देते नजर आए। रुपए-पैसे और अमीरी गरीबी जैसी चीजों को भूलकर सिख पूरी तरह से सेवा भाव में डूबे नजर आए और लोगों के जूते एकत्रित करने के साथ ही उन्हें साफ करते नजर आए। इस सबके पीछे सिर्फ एक ही चीज थी, गुरुओं की दी गई शिक्षा। गुरुओं ने हमेशा ऊंच-नीच और अमीरी-गरीबी से दूर रहकर लोगों को समानता का भाव सिखाया। सिख मंगलवार को इस सीख को सार्थक करते नजर आए। 50 सालों से दे रहे जूतों की सेवा कीर्तन दरबार में आने वाले श्रद्धालुओं के जूतों को संभालने और उन्हें सुरक्षा के साथ रखने वाले सिखों ने बताया कि वह 50 सालों से धार्मिक आयोजनों में यह सेवा दे रहे हैं। उनका यंग मैन सिख एसोसिएशन नाम का एक संगठन है, जो पूरे साल लोगों की सेवा करता है। शहर में जब भी किसी गुरुद्वारे में या अन्य किसी जगह पर गुरु से जुड़ा धार्मिक आयोजन या अनुष्ठान होता है, तो उनका संगठन वहां जाता है और जूतों की सेवा देता है। उनके संगठन में 100 सदस्य हैं, जो धार्मिक अनुष्ठान में आने वाले लोगों के जूते संभालते हैं और सुरक्षा से रखकर उन्हें वापस करते हैं। कई सिख यहां पर जूते साफ कर भेदभाव को भी मिटाने का काम करते हैं। लोगों की जान बचाने को हुआ रक्तदान गुरु के शहीदी पर्व के दौरान मेडिकल कैंप का आयोजन भी किया गया। इस दौरान शहर के विभिन्न मेडिकल ग्रुपों के जरिए कैंप लगाया गया, जिसमें सिख समाज के लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। जिससे कि दुर्घटना में घायल हुए लोगों और थैलीसीमिया से प्रभावित लोगों की जान बचाई जा सके। इस दौरान बड़ी संख्या में ब्लड एकत्रित किया गया। चिकित्सकों ने दी फ्री सेवाएं कार्यक्रम के दौरान विभिन्न मेडिकल कैंप भी लगाए गए, जहां पर लोगों की फ्री जांच की गई और उनको दवाइयां दी गई। इस दौरान चिकित्सकों ने भी गुरु की सेवा में फ्री सेवाएं दी और लोगों की जांच की। एचएएल के चिकित्सक डॉ पीयूष त्रिपाठी ने बताया कि वह हर साल गुरु पर्व में अपनी फ्री सेवाएं देते हैं। यह बोले सिख सेवादार पिता को देखकर शुरू की सेवा शहीदी पर्व में जूते की सेवाएं दे रहे जसवीर सिंह सचदेव ने बताया कि उनका कास्मेटिक्स चीजों का व्यापार है। वह और उनका ग्रुप हर गुरुद्वारे से जुड़े हर धार्मिक कार्यक्रम में जूतों की सेवा देते हैं। उनके पिता यह सेवा करते थे, उन्हें देखकर वह भी लोगों के सेवा काम में जुट गए। सेवा करके मिलता है सुकून जूतों की सेवा दे रहे गौरव भाटिया ने बताया कि उनका टायर का बिजनेस है। सालों से वह यह सेवा दे रहे हैं, इससे उन्हें सुकून मिलता है। उन्होंने बताया कि गुरुओं ने भी यही संदेश दिया है कि लोगों की सेवा करो और कभी अमीरी गरीबी और ऊंच-नींच का भेदभाव न करो। गुरु की इसी सीख को वह लोगों तक पहुंचाने में जुटे हैं।
सरदारशहर में चलती कार में लगी आग, VIDEO:जिंदा जलने से व्यापारी की मौत, पल्लू की ओर जा रहा था
चलती कार में अचानक आग लगने से एक युवक जिंदा जल गया। घटना चूरू जिले के सरदारशहर थाना क्षेत्र की है। थाना अधिकारी मदनलाल विश्नोई ने बताया-घटना मंगलवार शाम साढे 7 बजे की है। थाने में सूचना मिली कि थाना क्षेत्र से निकल रहे जयपुर-श्रीगंगानगर मेगा हाईवे पर हरियासर और धड़सोतान के बीच एक कार में आग लग गई है। सूचना पर टीम मौके पर पहुंची। पल्लू की ओर जा रहा था कार सवारपुलिस ने बताया-कार में आग लगने के बाद ड्राइवर बाहर नहीं निकल पाया। जिससे उसकी मौत हो गई। ड्राइवर की पहचान लालचंद सोनी (35) निवासी सरदारशहर के रूप में हुई। लालचंद कार से पल्लू की ओर जा रहा था। इस दौरान अचानक कार में आग लग गई। घटना की सूचना पर 8 बजे दमकल मौके पर पहुंची और 30 मिनट में आग पर काबू पाया। जानकारी के अनुसार लालचंद, बस स्टैंड के पास स्थित अपने घर पर ही सोने-चांदी की जड़ाई का काम करता था। उसकी तीन बेटियां हैं। लालचंद दिल्ली से पुरानी कार लाकर बेचने का भी काम करता था थाना अधिकारी ने बताया- शव को सरदारशहर अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवा दिया है। परिजनों की रिपोर्ट पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। गाड़ी को साइड में कराकर हाईवे पर ट्रैफिक सुचारू किया गया है। ........ यह भी पढ़ें राजस्थान में कंटेनर में ब्लास्ट के बाद आग लगी, VIDEO:ड्राइवर जिंदा जला, कंकाल मिला; दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के पोल से टकराने से हादसा राजस्थान के दौसा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बेकाबू कंटेनर में LED पोल से टकरा गया। टक्कर के बाद कंटेनर में ब्लास्ट हो गया और आग लग गई, जिससे ड्राइवर जिंदा जल गया। हादसा राहुवास थाना क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर 12 बजे हुआ। हादसे का सीसीटीवी भी सामने आया है, जिसमें कंटेनर दिल्ली की ओर से आ रहा है। इस दौरान धमाके के बाद आग लग गई। (यहां पढ़ें पूरी खबर)
इंदौर में संचालित ई-कॉमर्स डिलीवरी प्लेटफॉर्म कंपनियों के एजेंटों और प्रबंधकों को पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने बैठक के लिए बुलाया। बैठक का मुख्य उद्देश्य शहर में तेजी से बढ़ती ऑनलाइन डिलीवरी सेवाओं के कारण यातायात पर पड़ रहे प्रभाव और इससे जुड़ी सुरक्षा चिंताओं की समीक्षा करना था। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि डिलीवरी सेवाओं की गतिशीलता महत्वपूर्ण है, लेकिन यह ट्रैफिक नियमों की अनदेखी और आम जनता की सुरक्षा से समझौता करके नहीं होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उद्देश्य सेवाओं को बाधित करना नहीं, बल्कि उन्हें शहर के ट्रैफिक और सुरक्षा ढांचे के अनुरूप एकीकृत करना है। बैठक में पुलिस कमिश्नर के निर्देश पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने कहा है कि कंपनियों के 10 हजार से ज्यादा डिलीवरी एजेंट्स है पूरे इंदौर में, जो घरों में जाकर डिलीवरी करते है। ये सभी घरों में जाकर सामान डिलीवर करते है उनका वैरिफिकेशन बेहतर होना चाहिए, ताकि सुरक्षा का कोई इश्यू पैदा ना हो। गाड़ियों की स्पीड लिमिट हो। ऐसी फीचर्स होना चाहिए कि इनके द्वारा कोई अनियमितता करने पर वह अपने आप बंद हो जाए या उनके द्वारा की गई डिलीवरी को फेल मान लिया जाए। प्रबंधकों ने उनके यहां की सिक्योरिटी फीचर्स की जानकारी भी पुलिस को दी है। गूगल शीट का दिया सुझाव पुलिस कमिश्नर ने कहा कि प्रबंधकों ने यह अपेक्षा की है कि ये डिलीवरी करने वालों की जानकारी गूगल शीट में भर देंगे और पुलिस उनको वेरिफाई कर ले। इस प्रोसेस को भी स्थापित कर रहे है। डिलीवरी करने वालों के रिकॉर्ड भी चेक किए जाएंगे। कंपनियों के प्रबंधकों ने ये भी बताया कि वे थर्ड-पार्टी वेरिफिकेशन भी करवाते हैं।
नई दिल्ली में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ को स्टील, ऊर्जा, सीमेंट, बायोफ्यूल और पर्यटन क्षेत्रों की प्रतिष्ठित कंपनियों से 6800 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले। इनमें 6321.25 करोड़ का औद्योगिक निवेश और 505 करोड़ का पर्यटन निवेश शामिल है। आने वाले सालों में इन परियोजनाओं से 3000 से अधिक रोजगार अवसर सृजित होंगे। इस कार्यक्रम के बाद छत्तीसगढ़ को मिले कुल निवेश प्रस्तावों की राशि बढ़कर 7.90 लाख करोड़ हो गई है। सीएम ने निवेशकों से की सीधी बातचीत कार्यक्रम का आयोजन नई दिल्ली स्थित होटल द ललित में किया गया। जहां मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निवेशकों से सीधी बातचीत की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ आज देश का सबसे भरोसेमंद और तेजी से उभरता हुआ औद्योगिक गंतव्य बन चुका है। उन्होंने कहा कि सिंगल विंडो सिस्टम, ऊर्जा की उपलब्धता, खनिज संसाधनों की प्रचुरता और निवेशक-हितैषी नीतियों ने राज्य को उद्योगों के लिए आदर्श बनाया है। एनर्जी समिट में मिला था साढ़े तीन लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में आयोजित एनर्जी समिट में राज्य को साढ़े तीन लाख करोड़ से अधिक निवेश प्रस्ताव मिले हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ न सिर्फ स्टील हब है, बल्कि ग्रीन स्टील और नवीकरणीय ऊर्जा में भी अपार संभावनाएं रखता है। पर्यटन क्षेत्र पर उन्होंने कहा कि बस्तर अब निवेश और टूरिज्म का नया केंद्र बन रहा है, जहां सुरक्षा व्यवस्था और इंफ्रास्ट्रचर तेजी से बेहतर हुआ है। कार्यक्रम में उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, मुख्य सचिव विकास शील, पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्य निवेश प्रस्ताव पर्यटन क्षेत्र में मिले ये प्रस्ताव
बाजार से घर जा रहे ट्रेलर अचानक नीचे गिर गया। लोग देखकर अचंभित हो गए। आसपास के पास लोग हॉस्पिटल लेकर गए। वहां पर डॉक्टरों ने डेथ घोषित कर दी। घटना बालोतरा जिले के पादरू कस्बे सोमवार दोपहर करीब 1 बजे की है। आज उसका सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। बालोतरा हॉस्पिटल में चैक करने पर हार्ट अटैक होना पाया गया। ट्रेलर की तमिलनाडु में कपड़े सिलाई की शॉप है। दरअसल, पादरू दर्जियों का वास निवासी अशोक कुमार (45) पुत्र गेबाराम तमिलनाडू ट्रेलर की शॉप है। दीपावली से पहले अपने गांव आया था। तब से गांव में ही था। बीते दिनों घर पर मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा थी। सोमवार को बाजार से अपने घर की तरफ जा रहा था। पादरू-बालोतरा रोड पर चलते-चलते नीचे गिर गया। पीछे चल रहा एक बुजुर्ग देखकर अचंभित रह गया। उसका भी कुछ समझा में नही आया। तभी दुकान पर खड़े व्यक्ति भाग कर आया। उसे संभाला और पादरू हॉस्पिटल लेकर गए। वहां पर डॉक्टरों ने बालोतरा रेफर कर दिया। वहां पर डॉक्टरों ने ईसीजी करवाई गई थी। हार्ट तीन स्टेप आए थे। परिजनों ने लाने में लेट कर दिया था । बालोतरा नाहटा हॉस्पिटल के डॉक्टर राजेंद्र पालीवाल का कहना है कि बालोतरा हॉस्पिटल लेकर आए थे तब उनकी डेथ हो चुकी थी। पोस्टमार्टम के लिए पूछा गया था। तब उन्होंने मना कर दिया था। उनके साथ आए लोगों से पूछने पर पादरू बाजार में चलते हुए गिरना बताया था। प्रारंभिक हार्ट अटैक की संभावना ज्यादा है। चार बच्चों के पिता ट्रेलर चार बच्चों के पिता है। इनके दो बेटे ओर दो बेटियां है। सबसे बड़ी बेटी है और सबसे छोटी बच्ची है। तमिलनाडू में ही सिलाई की शॉप का काम करते है। लंबे समय से वहीं पर है। 3 तारीख को थी रिटर्न टिकट भतीज जेठाराम डाबी ने बताया- घर में मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा 26 व 27 नवंबर को होनी थी। पादरू-बालोतरा बाजार से घर जा रहा था अशोक कुमार (45) पुत्र गेबाराम दर्जी निवासी दर्जियों का वास पादरू क्या काम करते है ट्रेल
उज्जैन के शिप्रा तट पर आयोजित कार्तिक मेले में नगर पालिका निगम ने मौत का कुआं और नाव झूला को सील कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद इन झूलों के संचालकों ने निगम से भूखंड आवंटन के लिए जमा कराई गई राशि वापस करने की मांग की है। संचालकों का कहना है कि निगम की कार्रवाई से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। कार्तिक मेला 4 नवंबर से 3 दिसंबर तक आयोजित किया जा रहा है। मेले में बाहरी व्यापारियों को दुकानें और खुली भूमि ऑनलाइन आवंटित की गई थीं। निगम प्रशासन ने 19 नवंबर को सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए मौत का कुआं और नाव झूला को सील किया। संचालकों का आरोप है कि उन्होंने निगम को निर्धारित शुल्क जमा करने के बाद ही मेले में भूखंड प्राप्त किया था। उनका यह भी कहना है कि वे पुलिस प्रशासन से अनुमति लेकर ही मौत का कुआं और नाव झूला का संचालन कर रहे थे। इसके बावजूद निगम अधिकारियों ने दोनों झूलों को सील कर दिया, जिससे उन्हें लाखों रुपए का नुकसान हो रहा है। व्यापारियों ने नगर निगम महापौर मुकेश टटवाल से मुलाकात कर अपनी समस्या बताई। उन्होंने निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा है। इस मामले में निगम अधिकारी नियमानुसार कार्रवाई करने की बात कह रहे हैं।
भोपाल देहात क्षेत्र में पदस्थ थाना प्रभारी आशीष सप्रे को सोमवार दोपहर एसपी रामशरण प्रजापति ने लाइन अटैच करने का आदेश जारी कर दिया। आदेश में टीआई को तत्काल प्रभाव से लाइन में आमद देने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि 24 घंटे में ही यह आदेश निरस्त कर दिया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार टीआई को लाइन अटैच करने की कार्रवाई पशु मेले को शिफ्ट कराने की धमकी देने और व्यापारियों से बदसलूकी के आरोपों के बाद की गई थी। लाइन अटैच किए जाने की खबर मिलते ही टीआई आशीष सप्रे ने आपत्ति जताते हुए सोमवार शाम एसपी कार्यालय पहुंचकर अपनी सफाई दी, मगर एसपी ने उनके पक्ष को स्वीकार नहीं किया और लाइन में आमद लेने के आदेश पर कायम रहे। कुछ ही घंटों में दूसरा आदेश अप्रत्याशित रूप से कुछ ही घंटे बाद एसपी कार्यालय से एक और आदेश जारी हुआ, जिसमें टीआई का लाइन अटैच आदेश निरस्त कर दिया गया। अब टीआई सप्रे अपने पद पर यथावत रहेंगे। हालांकि एसपी रामशरण प्रजापति ने इस फैसले को पूरी तरह प्रशासनिक दृष्टि से लिया गया निर्णय बताया है। उन्होंने मंगलवार को आदेश निरस्त किए जाने की आधिकारिक पुष्टि की। विरोध प्रदर्शन की चेतावनी ने बदला फैसला? पुलिस सूत्रों के मुताबिक टीआई को लाइन हाजिर करने का आदेश सामने आने के बाद कई हिंदू संगठनों ने इसका विरोध शुरू कर दिया था। संगठनों ने चेतावनी दी थी कि यदि आदेश वापस नहीं लिया गया तो विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। दबाव बढ़ने पर देर रात आदेश वापस लेने की प्रक्रिया शुरू हुई।
हिसार जिले में एक छात्र से ऑनलाइन ट्रेडिंग क्रिप्टो मार्केट में निवेश करवाकर धोखे से 47.70 लाख रुपए ठग लिए। इस संबंध में हिसार की आठ मरला कॉलोनी निवासी छात्र की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने अज्ञात पर केस दर्ज किया है। छात्र ने बताया कि उसकी उम्र 31 साल है और हिसार के कैंप चौक पर उनकी मिठाई की दुकान है। छात्र ने पुलिस को बताया कि 28 अगस्त को उसके मोबाइल पर एक वॉट्सऐप मैसेज आया। लड़की ने अपना नाम इसानवी शर्मा बताया और कहा कि ऑनलाइन ट्रेडिंग क्रिप्टो मार्केट में काम करने से अच्छा मुनाफा होगा। बदले में उसने पासपोर्ट की फोटो और दिल्ली मालवीय नगर की लोकेशन वॉट्सऐप कर दी। इस कारण उस पर विश्वास करके पैसे लगा दिए। शुरू में तो पैसे लगाकर मुनाफा भी कमाया मगर धीरे-धीरे विश्वास इतना जमा लिया कि उसके कहे अनुसार दूसरी जगह पर निवेश कर दिए, इतना ही नहीं भाई के पैसे भी लगा दिए। छात्र से इस तरह पैसे लगवाए और धोखाधड़ी की...
1 दिसंबर से व्यापार मंडल का सदस्यता अभियान:व्यापारी महासम्मेलन होगा, स्वाभिमान यात्रा निकाली जाएगी
उत्तर प्रदेश संयुक्त व्यापार मंडल की एक महत्वपूर्ण बैठक दीवान बाजार स्थित कार्यालय पर संपन्न हुई। इसमें संगठन विस्तार, सुरक्षा व्यवस्था और व्यापारी हितों से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में यह प्रमुख निर्णय लिया गया कि 1 दिसंबर से मंडल का सदस्यता अभियान फिर से शुरू किया जाएगा। इस अभियान के तहत जिलेभर के नए व्यापारियों को बड़े पैमाने पर संगठन से जोड़ने का लक्ष्य है। प्रदेश महामंत्री विपिन गुप्ता ने बताया कि फरवरी माह में एक भव्य व्यापारी महासम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें प्रदेश सरकार के कई मंत्रियों को आमंत्रित किया जाएगा। सम्मेलन में व्यापारी वर्ग की समस्याओं, सुझावों और सुरक्षा संबंधित मसलों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल जॉनी ने व्यापारियों को SIR प्रक्रिया के बारे में जागरूक किया। उन्होंने उन व्यापारियों से आग्रह किया जिन्होंने अभी तक अपने फॉर्म जमा नहीं किए हैं, वे अपने क्षेत्र के बीएलओ की मदद से शीघ्र प्रक्रिया पूरी करें। उन्होंने यह भी घोषणा की कि मुरादाबाद से एक विशाल व्यापारी स्वाभिमान यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें सैकड़ों व्यापारी शामिल होंगे। यह यात्रा व्यापारिक एकजुटता का प्रदर्शन करेगी। विपिन गुप्ता ने जानकारी दी कि हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के दौरान व्यापारियों को प्राथमिकता के आधार पर शस्त्र लाइसेंस देने की मांग उठाई गई थी। उन्होंने बैठक में पुनः इस मुद्दे पर जोर दिया कि व्यापारियों की सुरक्षा को देखते हुए शस्त्र लाइसेंस देने में प्राथमिकता दी जाए। साथ ही, उन्होंने व्यापारियों से जल्द जीएसटी पंजीकरण कराने का आग्रह किया ताकि वे सरकारी योजनाओं और लाभों का फायदा उठा सकें। दिसंबर माह में घने कोहरे की संभावना को देखते हुए व्यापार मंडल ने सड़क सुरक्षा के लिए बड़े वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाने का निर्णय लिया है। इसके लिए जिला प्रशासन के सहयोग से विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल जॉनी ने की, जबकि संचालन महामंत्री विपिन गुप्ता ने किया। बैठक में टोनी सहगल, सुप्रीत खन्ना, दीपक कत्याल और नसीमुद्दीन सहित कई प्रमुख व्यापारी उपस्थित रहे।
हिसार जिले के हांसी में प्रशासन ने मंगलवार को शहर को जाम और अव्यवस्था से मुक्त कराने के लिए एक बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। इस अभियान का नेतृत्व एसडीएम राजेश खोथ ने किया, जिसमें नगर परिषद हांसी की टीम भी शामिल थी। बड़सी गेट, जींद चौक और मुख्य बाजार में दुकानदारों द्वारा किए गए अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई की गई। अभियान के तहत फुटपाथ और सड़क पर फैले सामान को हटवाया गया। इस दौरान कई व्यापारियों का सामान जब्त भी किया गया। एसडीएम ने मौके पर मौजूद व्यापारियों को चेतावनी दी कि व्यापार करना उनका अधिकार है, लेकिन किसी अन्य व्यक्ति या राहगीर के लिए परेशानी का कारण बनना स्वीकार्य नहीं होगा। हांसी में अतिक्रमण हटाओ अभियान की 2 तस्वीरें... एसडीएम बोले- बार-बार चेतावनी का असर नहीं एसडीएम ने बताया कि बढ़ते अतिक्रमण से न केवल जाम लगता है, बल्कि शहर की सुंदरता भी प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने पहले कई बार बैठकें की, बाजारों का निरीक्षण किया और दुकानदारों से अपील कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। लेकिन बार-बार चेतावनी के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ। इससे पहले सोमवार शाम को भी जींद चौक और तोरण द्वार के पास अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया गया था, जिसकी स्थानीय लोगों ने सराहना की। नागरिकों का कहना था कि अतिक्रमण हटने के बाद ऐतिहासिक तोरण द्वार और भगवान विश्वकर्मा चौक का नजारा वर्षों बाद साफ और सुंदर दिखाई दिया। लोगों ने प्रशासन के इस कदम को शहर के हित में महत्वपूर्ण बताया। निरंतर जारी रहेगा अभियान एसडीएम राजेश खोथ ने स्पष्ट किया कि यह अभियान एक दिन का नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। उन्होंने व्यापारियों को चेतावनी दी कि वे केवल अपने तय दायरे में ही सामान लगाएं, अन्यथा प्रशासन दोबारा सख्त कार्रवाई करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि शहरवासियों को जाम-मुक्त, सुरक्षित और व्यवस्थित सड़कें उपलब्ध कराना है। अभियान के बाद बाजारों में व्यवस्था में सुधार देखा गया, जिससे लोगों की आवाजाही आसान हुई। कुछ दुकानदारों ने भी स्वीकार किया कि यदि सभी अपने दायरे में रहें तो शहर का माहौल और बेहतर हो सकता है।
अलवर कृषि उपजमंडी में साधु के वेश में आए दो ठगों ने दो व्यापारियों को ठग लिया। उनकी जेब से 8 हजार रुपए लेकर पार हो गए। ठगों ने एक व्यापारी से कहा कि आपके बेटे पर संकट है। उसे टाल दिया है। दूसरे व्यापारी से कहा कि आपका विवादित भूखंड का मामला जल्दी सुलझ जाएगा। जेब में जितने रुपए हैं निकाल लो। फिर रकम लेकर बाबा मुंह में ले गया और निगल गया। बोला आपके बेटा का संकट मैं पी गया हूं। अब चलता हूं। ये देख व्यापारी कुछ नहीं बोल पाए। कृषि उपज मंडी की दाऊ दयाल वृद्धि चंद फर्म के मालिक नरेंद्र गोयल ने बताया कि उनकी दुकान पर दो साधु आए थे। उन्होंने आते ही मुझसे 2 रुपए का सिक्का मांगा। खुद को नागा साधु बताने वाले बाबा को दो रुपए नहीं मिलने पर 10 थमा दिए। ठग ने मुट्ठी बंद करवाई और उसके बाद मुट्ठी को खोल कर उसमें एक शिवलिंग और रुद्राक्ष निकला और कहा कि तुम तो बहुत भाग्यशाली हो। फिर साधु ने पूछा कि आपके बेटे पर संकट है। तुम चाहे तो मैं उसका संकट काट सकता हूं। जिसके लिए कुछ रुपए की जरूरत पड़ेगी। व्यापारी ने 500 रुपए निकाले तो साधु ने कहा कि जितने भी आपकी जेब में है निकाल लो। मैं एक भी रुपया नहीं लूंगा। तुमको वापस कर दूंगा। इसके बाद साधु ने पूरे पैसे मुट्ठी में बंद कर लिए और फिर मुंह में पैसे लेकर गायब कर दिए। ऊपर से पानी पी गया। यह देख हम कुछ नहीं बोल पाए। उसके तुरंत बाद वो बोला कि बेटे का संकट काट दिया है। प्लॉट का झगड़ा खत्म हो जाएगा, ढाई हजार रुपए ले गया इसी तरह से मित्तल ट्रेडिंग कंपनी के मालिक ज्ञान चंद मित्तल ने बताया कि दो साधु आए उसके पास भी आए। आते ही एक ने कहा कि 10 रुपए दो। फिर ठग ने कहा कि आपको कोई संकट है। व्यापारी ने कहा कि उसके प्लॉट पर कब्जे का झगड़ा है। वो सुलझ जाए तो बहुत अच्छा हो। फिर ठग ने कहा कि आपका काम हो जएगा। तुरंत जेब में जितने पैसे हैं निकाल कर हाथ में रख लो। व्यापारी ने करीब ढाई हजार रुपए निकाल लिए। तुरंत ठग ने रुपए लिए और कहा कि तुम्हारा काम हो जाएगा। अब मैं चलता हूं। उसे रोकने का प्रयास भी नहीं किया। पता नहीं उस समय क्या हो गया था। उसके जाने के बाद पता चला कि यह तो ठगी हो गई। बाद में उसे ढूंढ़ा गया लेकिन नहीं मिला। अब पुलिस को शिकायत करेंगे।
बलरामपुर में वीर विनय चौराहा से पहलवारा और संतोषी माता मंदिर तक सड़क चौड़ीकरण के लिए चिह्नित अतिक्रमण (मंगलवार) से हटाए जाएंगे। नगर पालिका प्रशासन यह कार्रवाई शुरू करेगा। व्यापारियों को दी गई 72 घंटे की मोहलत रविवार को समाप्त हो चुकी है। नगर पालिका प्रशासन ने सड़क के दोनों ओर 12-12 मीटर चौड़ाई नापकर लाल निशान लगाए थे। रविवार देर रात तक कई दुकानदारों ने कार्रवाई से बचने के लिए टीन शेड सहित आगे की संरचनाएं स्वयं हटा ली थीं। हालांकि, दुकानों के अंदर लगे लाल निशान वाले हिस्से को अभी तक नहीं हटाया गया है। बहराइच, गोंडा और तुलसीपुर मार्ग के साथ-साथ मुख्य बाजार क्षेत्र में दुकानों के अवैध विस्तार के कारण दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। रेलवे क्रॉसिंग बंद होने पर बहराइच मार्ग पर पीपल तिराहा से वीर विनय चौराहा तक वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे आवागमन घंटों प्रभावित होता है। प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के मद्देनजर सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया तेज की गई है। लोक निर्माण विभाग, नगर पालिका और राजस्व टीमों ने गुरुवार रात आठ बजे के बाद संयुक्त रूप से नापी की थी। वीर विनय चौराहा क्षेत्र में सड़क के बाएं हिस्से पर कुछ खुली जगह है, जबकि दाईं ओर की दुकानें सड़क में अतिक्रमण कर बनी हुई हैं। इन दुकानों पर कई वर्ष पहले भी बुलडोजर की कार्रवाई हुई थी, जिसके बाद व्यापारी आधी टूटी दुकानों में ही कारोबार कर रहे थे। नगर पालिका ने व्यापारियों से बातचीत कर स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने के लिए समय दिया था, जो अब समाप्त हो चुका है। नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पुलिस बल की मांग कर ली गई है और मंगलवार को यह अभियान चलाया जाएगा।
व्यापार मंडल ने लंबित जीएसटी जारी करने की मांग की; राज्यव्यापी विरोध की चेतावनी
भास्कर न्यूज | लुधियाना पंजाब प्रदेश व्यापार मंडल (पीपीबीएम) ने आज माता रानी चौक स्थित अपने कार्यालय में बैठक आयोजित की। व्यापार नेताओं ने कहा कि पिछले 7–8 महीनों से बार-बार सरकार के समक्ष मुद्दा उठाने के बावजूद, लंबित जीएसटी और वैट रिफंड अभी तक जारी नहीं किए गए हैं। नेताओं ने बताया कि अगस्त में सरकार ने लगभग ₹220 करोड़ का भुगतान किया था, लेकिन करीब ₹650 करोड़ अभी भी लंबित है, जो व्यापारियों को अब तक प्राप्त नहीं हुआ है। नेताओं ने कहा कि यह मामला कई बार लुधियाना डीईटीसी रंधीर कौर के समक्ष रखा गया, जिन्होंने वेबसाइट अपग्रेडेशन के कारण देरी का हवाला देते हुए जल्द रिफंड जारी होने का आश्वासन दिया था। यह मुद्दा पंजाब व्यापार आयोग के चेयरमैन अनिल ठाकुर के समक्ष भी उनके लुधियाना दौरे के दौरान उठाया गया था, और उन्होंने भी शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया था। लेकिन अब व्यापारियों को लगता है कि पंजाब सरकार उनके मुद्दों पर गंभीर नहीं है। नेताओं ने जोर देकर कहा कि टैक्स रिफंड छोटे और मध्यम व्यापारियों की कार्यशील पूंजी होती है। भुगतान में देरी होने के कारण व्यापारी नए ऋण लेने को मजबूर हैं, जो 0.25% स्टांप ड्यूटी के कारण महंगे पड़ते हैं और वह भुगतान भी समय पर नहीं हो पाता क्योंकि सरकार कार्यशील पूंजी रोक रही है। उन्होंने बताया कि पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा ने इस समस्या का समाधान निकालने की कोशिश की थी और आदेश दिया था कि 0.25% स्टांप ड्यूटी केवल एक बार ही लागू की जाए, चाहे ऋण गिरवी जमीन के खिलाफ हो या व्यापारिक ऋण के रूप में। लेकिन उन्होंने जोर दिया कि छोटे और मध्यम व्यापारियों को इस स्टांप ड्यूटी से पूरी तरह राहत दी जानी चाहिए, क्योंकि यह उनके कर्ज जाल का एक बड़ा कारण बनती जा रही है। नेताओं ने पुनः सरकार से मांग की कि लंबित जीएसटी और वैट रिफंड तुरंत जारी किए जाएं; अन्यथा राज्य की रीढ़ माने जाने वाले छोटे और मध्यम व्यापारियों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा और वे भी उद्योगपतियों की तरह पंजाब छोड़ने को मजबूर हो सकते हैं। नेताओं ने यह भी बताया कि जल्द ही राज्य-स्तरीय व्यापारियों की बैठक आयोजित की जाएगी और यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो उन्हें रिफंड में लगातार हो रही देरी के खिलाफ राज्यव्यापी विरोध करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। बैठक में राज्य महासचिव सुनील मेहरा, राज्य सचिव आयुष अग्रवाल, जिला अध्यक्ष प्रवीण गोयल, जिला चेयरमैन पवन लहर, जिला महासचिव परवीन शर्मा, अश्वनी महाजन, उमेश सोनी, पवन मल्होत्रा और अन्य प्रमुख सदस्य उपस्थित थे।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने चैंबर भवन का लोकार्पण किया, व्यापारियों की एकता को सराहा
उदयपुर | सेक्टर-14 स्थित चैंबर ऑफ कॉमर्स उदयपुर डिवीजन के नवनिर्मित बहुमंजिला भवन का लोकार्पण सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने किया। इस मौके पर सैकड़ों व्यापारी, समाजसेवी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। बिरला ने उदयपुर व्यापारियों की एकता और सहयोग भावना की खुलकर प्रशंसा करते हुए कहा, इतना विशाल व आकर्षक भवन सक्षम नेतृत्व और एकजुट व्यापारी समाज की प्रतिबद्धता के बिना संभव नहीं है। उदयपुर ने जो उदाहरण प्रस्तुत किया है, वह पूरे देश के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने व्यापारियों को नए-नए इनोवेशन और प्रयोग अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि बदलते समय के साथ व्यापार जगत को भी आगे बढ़ना चाहिए। बिरला ने अपनी व्यापारिक पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए राष्ट्रहित में योगदान देने का आह्वान किया। चेंबर अध्यक्ष पारस सिंघवी ने भूमि आवंटन से लेकर निर्माण तक की चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा यह भवन सिर्फ ईंटों और सीमेंट से नहीं, बल्कि हजारों व्यापारियों की भावनाओं, सहयोग और समर्पण से बना है। कार्यक्रम में घोषणा की गई कि भवन की मध्य मंजिल स्थित विशाल सभागार को धरनेंद्र सभागार नाम दिया जाएगा, जिसे भामाशाह इंदर सिंह मेहता परिवार ने चेंबर को समर्पित किया। कार्यक्रम में पूर्व राजपरिवार के सदस्य डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने कहा दान कुछ रुपए का हो या करोड़ों का, मायने नहीं रखता। दान आस्था से किया जाए तो समाज उसका सम्मान करता है। व्यापारी समाज को मेवाड़ की ईमानदारी, परिश्रम और सत्यनिष्ठा की परंपरा बनाए रखनी चाहिए। इस मौके पर चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी ने उदयपुर से मुंबई के लिए सीधी ट्रेन चलाने का आग्रह लोकसभा अध्यक्ष से किया। इस दौरान राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया, शहर विधायक ताराचंद जैन, ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़, कांग्रेस जिलाध्यक्ष फतेह सिंह राठौड़ आदि मौजूद थे। इधर, भाजपा नेताओं ने किया स्वागत : लोकसभा स्पीकर बिरला भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अलका मुंदड़ा के निवास पर पहुंचे। यहां मुंदड़ा परिवार के साथ शहर विधायक ताराचंद जैन, भाजपा शहर जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़, पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश भट्ट, ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इस दौरान नानालाल वया, प्रेम सिंह शक्तावत, प्रदीप श्रीमाली, प्रकाश अग्रवाल, रोबिन सिंह, दिनेश गुप्ता, सीमा खटीक, लवदेव बागड़ी, खुशलता श्रीमाली, प्रवीण मारवाड़ी, सतीश शर्मा आदि मौजूद रहे।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा- व्यापारियों को नए-नए इनोवेशन और नए प्रयोग करने चाहिए। जिस प्रकार से देश और दुनिया में उन्नति हो रही है। वैसे ही व्यापारियों को व्यापार को भी आगे बढ़ाने चाहिए। बिरला सोमवार शाम को चेंबर ऑफ कॉमर्स उदयपुर डिवीजन के सेक्टर–14 स्थित नवनिर्मित बहुमंजिला चेंबर भवन के लोकार्पण के बाद संबोधित कर रहे थे। बिरला ने कहा- यह भवन उदयपुर व्यापार जगत की अदम्य एकता, त्याग भावना और आर्थिक सहयोग का जीवंत उदाहरण है। बिरला ने कहा- चेंबर अध्यक्ष पारस सिंघवी ने इस भवन के माध्यम से जो उदाहरण पेश किया है, वह सबके लिए प्रेरणादायक है। साथ ही बिरला ने अपनी व्यापारिक पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए व्यापार जगत को राष्ट्रहित में निरंतर योगदान देने की प्रेरणा दी। यहां का हर व्यापारी अपने आप में भामाशाहसमारोह की अध्यक्षता करते हुए महाराणा प्रताप के वंशज डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने कहा- यहां का हर व्यापारी अपने आप में भामाशाह की झलक देखता है। दान कुछ रुपए का हो या करोड़ों का यह मायने नहीं रखता है। दान किसी पवित्र आस्था के साथ किया गया है, इसका समाज सम्मान करता है। उन्होंने कहा- व्यापारी समाज मेवाड़ की ऐतिहासिक परंपरा-ईमानदारी, परिश्रम और सत्यनिष्ठा को अपने व्यापार और व्यवहार में सदैव बनाए रखें। जोशी ने उदयपुर से मुंबई के लिए सीधी ट्रेन चलाने का किया आग्रह कार्यक्रम में शामिल हुए चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी ने बिरला को उदयपुर से मुंबई के लिए सीधी ट्रेन चलाने का आग्रह किया। चैंबर ऑफ कॉमर्स उदयपुर डिवीजन अध्यक्ष पारस सिंघवी ने चेंबर भवन के भूमि आवंटन से लेकर संपूर्ण निर्माण प्रक्रिया तक की कठिनाइयों और संघर्षों के बारे में बताया। यह भवन हजारों व्यापारियों की भावनाओं, सहयोग और समर्पण से बनापारस सिंघवी ने कहा- यह भवन सिर्फ ईंटों और सीमेंट से नहीं, बल्कि हजारों व्यापारियों की भावनाओं, सहयोग और समर्पण से बना है। उन्होंने सभी दानदाताओं, भामाशाहों, अपनी कार्यकारिणी, पूर्व पदाधिकारियों तथा व्यापारी समाज के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए संपूर्ण व्यापारी समाज का आभार व्यक्त किया। विशाल सभागार को 'धरनेंद्र सभागार' के नाम से जाना जाएगाकार्यक्रम में बताया गया कि भवन की मध्य मंजिल स्थित विशाल सभागार को 'धरनेंद्र सभागार' के नाम से जाना जाएगा, जिसे भामाशाह इंदर सिंह मेहता परिवार द्वारा उदारतापूर्वक चेंबर को समर्पित किया है। कार्यक्रम संयोजक दिनेश चावत, सह संयोजक राकेश जैन, सुखलाल साहू के साथ चेम्बर पदाधिकारियों ने स्वागत किया। इस दौरान राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया, शहर विधायक ताराचंद जैन, उदयपुर ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा, सहकारिता प्रकोष्ठ संयोजक प्रमोद सामर, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़, भाजपा देहात जिलाध्यक्ष पुष्कर तेली, कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष फतह सिंह राठौड़, समाजसेवी विनोद फंदोत मंचासीन रहे। कार्यक्रम में चेंबर के भामाशाहों का भी सम्मान किया गया। इस दौरान सलाहकार जानकीलाल मुंदड़ा, शब्बीर के. मुस्तफा, धीरेंद्र सचान, विकास सुराणा, संरक्षक अंबालाल बोहरा, इंदर सिंह मेहता, कार्यकारी अध्यक्ष: हिम्मत सिंह बडाला आदि लोग रहे। कार्यक्रम का संचालन आलोक पगारिया ने किया।
जोधपुर के एक व्यापारी ने अपने ही रिश्तेदारों पर करोड़ों रुपए की ठगी और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। फलोदी पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ में पुलिस जुट गई है। पूछताछ में और भी कई बड़े खुलासे हो सकते है। व्यापारी का कहना है कि रिश्तेदारी के भरोसे उसने 2.08 करोड़ रुपए उधार दिए थे, लेकिन रकम लौटाने के बजाय आरोपियों ने उसे और उसके बेटे को गोली मारने की धमकी दी। आरोपी नीलेश भंसाली पहले स्टील का व्यापार करता था। इस दौरान उसने कई जगहों से बैंक लोन भी ले लिए, जिनके पैसे नहीं चुकाए। आरोपी कई व्यापारियों से भी पैसे ले चुका था। मामले को लेकर जोधपुर के व्यापारी दिनेश देशलहरा(57) पुत्र भंवरलाल ने फलोदी थाने में रिपोर्ट दी है। रिपोर्ट में बताया कि वे तारा ऑटो फाइनेंस और तारा ऑटो कॉर्प नाम से फाइनेंस कंपनी चलाते हैं। जिसकी एक ब्रांच फलोदी में भी है। रिश्तेदार फाइनेंस के नाम पर मांगने आए थे रुपए उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में उनके रिश्तेदार नीलेश भंसाली और उसकी पत्नी प्रिया जैन निजी काम के लिए फाइनेंस के नाम पर पैसे मांगने आए थे। रिश्तेदारी में भरोसा करते हुए दिनेश ने प्रिया जैन के एक्सिस बैंक खाते में करीब 98.49 लाख रुपए और नीलेश के बताए बैंक ऑफ इंडिया खाते में 50 लाख रुपए जमा करवा दिए। पति-पत्नी ने पैसे लौटाने से किया मना आगे बताया कि कुछ समय बाद दोनों ने संपर्क तोड़ लिया और पैसे लौटाने से भी मना कर दिया। दिनेश के मुताबिक, जांच के दौरान पता चला कि नीलेश ने जिस खाते में 50 लाख रुपए मंगवाए, वह किसी राजेंद्र कुमावत के नाम से था। जब राजेंद्र से पूछा गया तो उसने बताया कि उसने यह रकम नीलेश को दे दी है। व्यापारी ने रिपोर्ट में बताया कि वर्तमान में प्रिया जैन और नीलेश भंसाली में ब्याज सहित 2 करोड़ 8 लाख 78 हजार 649 रुपए बकाया है। व्यापारी ने जान से मारने की धमकी देने का लगाया आरोप व्यापारी का आरोप है कि नीलेश और प्रिया ने पैसे लौटाने से मना कर दिया। उसे कॉल पर धमकियां भी दी। इसके चलते व्यापारी ने पुलिस से सुरक्षा और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस अब मामला दर्ज कर जांच में जुट गई है। पुलिस के मुताबिक, अब तक की पड़ताल में सामने आया कि आरोपी पहले स्टील का व्यापार करता था। इस दौरान उसने कई बैंकों से लोन भी ले लिया, लेकिन बाद में लोन को चुकाया नहीं। इसकी वजह से आरोपी आरबीआई से डिफाल्टर घोषित हो रखा है। आरोपी के खाते में यदि रकम आती है तो उसे बैंक फ्रीज कर देता है। इसलिए आरोपी जिन लोगों से भी उधार मांगता उन रुपयों को अपनी पत्नी के अकाउंट में डलवाता था। आरोपी को पुलिस ने पकड़ लिया है। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी इधर, अब आरोपी से ठगी का शिकार हुए अन्य व्यापारी भी सामने आ रहे हैं। वहीं इस पूरे मामले को लेकर फलोदी थाना अधिकारी भंवरलाल ने बताया कि आरोपी को हिरासत में लिया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है।
महोबा में व्यापारी जहरखुरानी का शिकार बना:चाय में नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोश किया, 30 हजार रुपए लूटे
महोबा में एक व्यापारी के साथ जहरखुरानी की वारदात सामने आई है। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के निवासी पवन विश्वकर्मा को चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर बेहोश कर दिया गया। आरोपी उनकी जेब से 30 हजार रुपए निकालकर फरार हो गया। पीड़ित को महोबा के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 32 वर्षीय पवन विश्वकर्मा मेलों में लोहे का सामान बेचते हैं। वह महोबा में सामान खरीदने के लिए घर से 39 हजार रुपए लेकर निकले थे। यह घटना उस समय हुई जब वह प्राइवेट बस से महोबा आ रहे थे। बस यात्रा के दौरान एक अनजान व्यक्ति ने उनसे बातचीत शुरू की और बाद में चाय पिलाने की पेशकश की। व्यापारी को इस बात का अंदाजा नहीं था कि चाय में नशीला पदार्थ मिला हुआ है। चाय पीते ही पवन विश्वकर्मा बेहोश हो गए। बेहोश होने के बाद आरोपी ने उनकी बाहरी जेब में रखे 30 हजार रुपए निकाल लिए और मौके से फरार हो गया। व्यापारी को महोबा नवीन प्राइवेट बस स्टैंड पहुंचने पर होश आया, जहां उन्होंने अपने पैसे गायब पाए। उनकी अंदर की जेब में रखे 9 हजार रुपए सुरक्षित मिले। घटना से घबराए व्यापारी ने तुरंत अपने भाई नरेंद्र विश्वकर्मा को फोन पर सूचना दी। उसी समय बस स्टैंड पर महोबा के व्यापारी नीरज द्विवेदी ने उन्हें अचेत अवस्था में देखा और तत्काल जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया। डॉक्टरों के अनुसार, व्यापारी के शरीर में अभी भी नशीले पदार्थ का असर है और उनका उपचार जारी है। स्थानीय पुलिस का कहना है कि उन्हें अभी तक इस घटना की औपचारिक सूचना नहीं मिली है, लेकिन शिकायत मिलने पर विस्तृत जांच की जाएगी।
मुजफ्फरनगर में साप्ताहिक पीठ लगाने वाले व्यापारियों पर कथित पुलिस लाठीचार्ज और अभद्रता का मामला गरमा गया है। हिंदू युवा वाहिनी के क्षेत्र संगठन मंत्री प्रहलाद पाहुजा ने सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन भेजकर जिला प्रशासन और नगर मजिस्ट्रेट के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। जानकारी के अनुसार, जिला प्रशासन ने मंगलवार को लगने वाली साप्ताहिक पीठ का ठेका प्रदर्शनी मैदान में दिया था। यहां गुजरात से आए व्यापारी वर्षों से पुराने कपड़े बेचकर अपनी आजीविका चला रहे थे। दो सप्ताह पहले प्रशासन ने अचानक प्रदर्शनी मैदान में साप्ताहिक पीठ बंद कर नुमाइश लगाने का ठेका जारी कर दिया। आक्रोशित लोगों ने कार्रवाई की मांग की इसके बाद, व्यापारियों को नुमाइश ग्राउंड के बाहर फुटपाथ पर बैठकर अपना व्यापार जारी रखना पड़ा। आरोप है कि इसी दौरान जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर पुलिस ने इन व्यापारियों को हटाने के लिए लाठीचार्ज किया। इस कार्रवाई में महिलाएं और बुजुर्ग व्यापारी भी घायल हुए। व्यापारियों का सामान भी सड़क किनारे फेंक दिया गया, जिससे उन्हें भारी नुकसान हुआ। इस घटना के बाद, प्रभावित व्यापारियों ने हिंदू युवा वाहिनी के क्षेत्रीय संगठन मंत्री प्रहलाद पाहुजा से संपर्क किया। पाहुजा सभी परिवारों को साथ लेकर जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। पाहुजा के मुताबिक, जब उन्होंने नगर मजिस्ट्रेट को पूरी घटना बताई, तो उन्होंने व्यापारियों से उनके मूल निवास के बारे में पूछा। व्यापारियों द्वारा गुजरात का निवासी बताए जाने पर, नगर मजिस्ट्रेट ने कथित तौर पर उन्हें गुजरात लौट जाने की सलाह दी। प्रहलाद पाहुजा ने इस टिप्पणी को असंवेदनशील, अमानवीय और संविधान के विरुद्ध बताया। उन्होंने कहा कि देश के किसी भी नागरिक को भारत के किसी भी राज्य में व्यापार और आजीविका चलाने का मौलिक अधिकार है।
मक्का के कम दाम पर किसानों का प्रदर्शन:व्यापारियों पर मनमाने भाव का आरोप, एसडीएम ने की समझाइश
हरदा जिला मुख्यालय की कृषि उपज मंडी में सोमवार को मक्का के कम दाम मिलने से नाराज किसानों ने हंगामा किया। किसानों ने मंडी के अंदर करीब दो घंटे तक चक्काजाम कर प्रदर्शन किया। उनका आरोप था कि मंडी व्यापारी उनकी उपज मनमाने भाव पर खरीद रहे हैं। सूचना मिलने पर एसडीएम अशोक डेहरिया और मंडी समिति के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों से चर्चा की और उन्हें उपज का उचित दाम दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसानों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया। ग्राम अजनास के देवल सिंह ने बताया कि वह अपने नानाजी की 20 बोरा मक्का लेकर रविवार को मंडी आए थे। दोपहर बाद हुए भाव में उनकी मक्का मात्र 1011 रुपए प्रति क्विंटल के भाव से खरीदी गई। उन्होंने कहा कि दो दिनों का ट्रॉली का भाड़ा ही 4000 रुपए हो गया है, जबकि उपज का भाव बहुत कम मिला। देवल सिंह ने बताया कि उन्हें इस सौदे में खासा नुकसान हुआ है, लेकिन अगली फसल के लिए खाद की व्यवस्था हेतु पैसों की जरूरत के चलते मक्का बेचना उनकी मजबूरी थी। किसानों के समर्थन में पहुंचे कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहन विश्नोई ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने का दावा करने वाली सरकार के राज में किसानों को अपनी उपज का कम दाम मिल रहा है, जिससे उन्हें प्रति क्विंटल 1400 से 1600 रुपए का घाटा हो रहा है। एसडीएम अशोक डेहरिया ने बताया कि मक्का की उपज की आवक अधिक होने के कारण भाव कम हुए हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि किसानों को उनकी उपज का उचित दाम दिलाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। किसानों और व्यापारियों से चर्चा कर सामंजस्य स्थापित करने का प्रयास जारी है।
बिलासपुर में सड़क पर अतिक्रमण हटाने पहुंचे व्यापारी और एडिशनल एसपी के बीच जमकर बहसबाजी हो गई। इस दौरान सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों को हटाने पर व्यापारी ने ट्रैफिक नियम को लेकर सवाल खड़े करने लगा। व्यापारी ने कहा कि एडिशनल एसपी ट्रैफिक रामगोपाल करियारे से कहा कि आपकी पढ़ाई को मैं दाद देता हूं सर... दरअसल, एडिशनल एसपी ट्रैफिक अपनी टीम लेकर गोलबाजार और सदर बाजार जैसे व्यस्ततम इलाके में यातायात व्यवस्था बनाने पहुंचे थे। इस दौरान सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों को जब्त करने की बात पर व्यापारी से विवाद की स्थिति बन गई थी। एडिशनल एसपी ट्रैफिक गोपाल करियारे टीम के साथ सड़क किनारे से दुकानों और ठेलों का अतिक्रमण हटवा रहे थे। इस दौरान एडिशनल एसपी करियारे व्यापारियों को समझाइश दे रहे थे कि वो अपनी गाड़ियां सड़क पर खड़ी न करे। तभी एक दुकानदार का बेटा ASP से उलझ गया। देखते ही देखते उसका पिता भी मौके पर पहुंचा और पुलिस को ही नियम समझाने लगा। गाड़ी जब्त करने पर हुई बहस एएसपी (ट्रैफिक) सड़क से दुकानों और ठेलों का अतिक्रमण हटवा रहे थे। पुलिस व्यापारियों को समझा ही रही थी कि सड़क पर कब्ज़ा न करें, तभी एक दुकानदार की गाड़ी को उन्होंने जब्त करने की बात कहने लगे। सफेद पट्टी से किनारे बाइक को जब्त करने पर मचा बवाल इस कार्रवाई के दौरान एडिशनल एसपी करियारे सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों को जब्त करने की चेतावनी देने लगे। उनकी बातों को सुनकर एक व्यापारी दुकान से बाहर आ गया। वहीं उनका बेटा भी बाहर आया। जिसके बाद दोनों नियम के अनुसार बाइक खड़ी करने की बात कहने लगे। उनका कहना था कि बाइक खड़ी करने के लिए सड़क किनारे पट्टी पुलिस ने ही लगाई है। व्यापारी बोला आपकी पढ़ाई की दाद देता हूं जिस पर एडिशनल एसपी ने उन्हें ग्राहकों की बाइक सड़क किनारे खड़ी करने की बात कही। उनकी बातें सुनकर व्यापारी कहने लगा कि ग्राहक पैदल थोड़ी न दुकान आएंगे। इतना सुनते ही एएसपी नियम की बात कहने लगे, तब व्यापारी ने कहा जबरदस्त है सर, आपकी पढ़ाई को दाद देता हूं, आप गलत बात बोलेंगे तब इसका विरोध करेंगे, व्यापारी ने सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों को जब्त करने पर वीडियो बनाने की चेतावनी देने लगा। हालांकि, विरोध के बाद एएसपी करियारे अपनी टीम के साथ आगे बढ़ गए। ASP करियारे बोले-सड़क खाली रखना जरूरी ASP करियारे ने कहा कि शहर के व्यस्ततम इलाकों में व्यापारी पुलिस की कार्रवाई का हमेशा विरोध करते हैं। लेकिन अतिक्रमण हटे बिना शहर की यातायात व्यवस्था सुधर नहीं सकती। सड़क पर दुकानें, ठेले लगाकर यातायात बाधित करना गलत है और इसे रोकना हमारी जिम्मेदारी है।” उन्होंने व्यापारियों के साथ ही लोगों से सड़क पर गाड़ी पार्किंग नहीं करने की अपील की है।
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में पुलिस ने एक चलती बारात को रोककर धमाल गाड़ी जब्त कर ली। इस कार्रवाई से नाराज बाराती और शहर के व्यापारी सिटी कोतवाली पहुंचे, जहां उन्होंने विरोध प्रदर्शन किया। आखिरकार, लोगों के दबाव में पुलिस को धमाल सिस्टम छोड़ना पड़ा। मामला मनेंद्रगढ़ सिटी कोतवाली थाने का है। यहां 23 नवंबर को अर्पित जैन की बारात धमाल पार्टी के साथ उनके घर से होटल जा रही थी। बारात जैसे ही पीडब्ल्यूडी चौक के पास पहुंची, पुलिस ने उसे रोक दिया और धमाल सिस्टम सहित गाड़ी जब्त कर थाने ले आई। चलती बारात में पुलिस की इस कार्रवाई का चैंबर ऑफ कॉमर्स ने निंदा की है। उनका कहना है कि इस कार्रवाई से एक प्रतिष्ठित व्यापारी की प्रतिष्ठा उनके रिश्तेदारों के सामने धूमिल हुई है। थाने पहुंचकर बारातियों ने नाराजगी जताई पुलिस की इस कार्रवाई की जानकारी मिलने पर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज जैन सहित शहर के कई व्यापारी और बाराती सिटी कोतवाली पहुंचे। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की और काफी देर तक पुलिस अधिकारियों से बहस की। चलती बारात रोककर कार्रवाई को बताया गलत व्यापारियों ने कहा कि मनेन्द्रगढ़ के इतिहास में पहली बार किसी चलती बारात को रोककर इस तरह की कार्रवाई की गई है, जो निंदनीय है। उन्होंने तर्क दिया कि यदि पुलिस को कोलाहल अधिनियम के तहत कार्रवाई करनी ही थी, तो बारात के होटल पहुंचने के बाद भी ऐसा किया जा सकता था। इस कार्रवाई से एक प्रतिष्ठित व्यापारी की प्रतिष्ठा उनके रिश्तेदारों के सामने धूमिल हुई है। इस पूरे मामले पर जब थाना प्रभारी मनीष तिवारी से जानकारी मांगी गई, तो उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
सूरजपुर में 220 बोरा धान जब्त:व्यापारी के गोदाम से किया गया बरामद, राजस्व टीम ने की कार्रवाई
सूरजपुर जिले के भैयाथान क्षेत्र में प्रशासन ने अवैध धान भंडारण के खिलाफ कार्रवाई की है। एसडीएम भैयाथान चांदनी कंवर और तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व टीम ने ग्राम रजबहर स्थित एक व्यापारी के गोदाम पर छापा मारा। इस दौरान 220 बोरा (88 क्विंटल) अवैध रूप से भंडारित धान जब्त किया गया। कलेक्टर एस. जयवर्धन ने जिले में अवैध धान भंडारण और परिवहन को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके तहत जिले के साथ-साथ सीमावर्ती क्षेत्रों में भी बैरिकेड लगाकर अवैध धान परिवहन पर रोक लगाई जा रही है। अंतरराज्यीय धान परिवहन पर भी जिला प्रशासन की कड़ी नजर है। जिला प्रशासन इन दिनों अवैध धान भंडारण पर लगातार कार्रवाई कर रहा है। रजबहर स्थित गोदाम में मिले धान के संबंध में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इसके बाद प्रशासन की टीम ने धान को जब्त कर गोदाम को सील कर दिया।
बहादुरपुर में नगर पालिका के सफाई कर्मचारी राजेश प्रजापत पर अवैध वसूली के आरोप सामने आने के बाद शनिवार को क्षेत्र में लोगों ने उसका पुतला फूंका। राजेश पर आरोप है कि वह लंबे समय से रेहड़ी-पटरी वालों और छोटे दुकानदारों से पर्ची और ड्यूटी का हवाला देकर रकम वसूल रहा है। यह विवाद तब बढ़ा जब राजेश और रजाई का काम करने वाले सोकत के व कर्मचारी के बीच का वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में सोकत ने दावा किया कि राजेश दो बार उससे 2300 रुपए ले चुका है। वीडियो सामने आने पर स्थानीय लोग मौके पर जमा हुए और विरोध किया। लोगों का कहना है कि राजेश को सफाई का काम दिया गया है, लेकिन वह खुद को अधिकारी की तरह पेश करते हुए धमकी देकर पैसे मांगता है। शनिवार को भी वह ड्यूटी खत्म होने के बाद रजाई वाले के पास पहुंचा और पैसे मांगने लगा। वीडियो बनते ही राजेश ने उसे धमकाने की कोशिश की। वार्ड नंबर 15 के पार्षद एमपीएस भीम रघुवीर ने कहा कि राजेश की शिकायत पहले भी प्रशासन तक पहुंच चुकी है लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। पार्षद भीम सिंह ने दावा किया कि अंबेडकर स्मारक के लिए स्वीकृत 19 हजार रुपए में से 1000 रुपए राजेश ने कमीशन के नाम पर ऑनलाइन ट्रांजैक्शन से ले लिए। इस लेन-देन का स्क्रीनशॉट और रजिस्टर में एंट्री मौजूद है। इस पूरे मामले पर नगर पालिका EO महिमा ने कहा कि कर्मचारी ने उनके नाम का गलत उपयोग किया है। EO ने बताया कि रजाई व्यापारी ने कुछ दिन पहले अस्थायी अनुमति के लिए बात की थी लेकिन अनुमति दी नहीं गई थी कहा था की देख लेंगे। EO ने कहा — “कर्मचारी ने मेरे नाम का गलत इस्तेमाल किया है। मेंने उसे नहीं भेजा था लेकिन अगर उसने पावर का गलत उपयोग किया है तो जांच में स्पष्ट होगा। कार्रवाई होगी।” EO के अनुसार राजेश को सिर्फ पर्ची काटने का अधिकार दिया गया था, लेकिन जिस तरीके से वह इसका उपयोग कर रहा है, वह नियमों के खिलाफ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में सफाई की स्थिति खराब है और कर्मचारी वसूली में ज्यादा रुचि दिखा रहा है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि कर्मचारी पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
भरतपुर जिले के रूपवास में रह रहे नट समाज ने कस्बे के बाजारों से एक रैली निकाली। समाज के लोगों का कहना है कि 12 नवंबर को रूपवास में कस्बे में जो सर्राफा व्यापारी से लूट हुई थी वह हमारे बच्चों ने नहीं की है। घटना के समय हमारे बच्चे ATM मशीन से पैसे निकालने के लिए गए थे। घटनास्थल पर भीड़ को देखकर वह वहीं रुक गए। दूसरे दिन पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। फायरिंग की घटना के बाद पुलिस पर बढ़ा दबाव समाज के लोगों का कहना है कि 12 नवंबर की शाम करीब 7 बजे रूपवास कस्बे के मुख्य बाजार बांके बिहारी कॉलोनी में कुछ अज्ञात बदमाशों ने सर्राफा व्यापारी से लूट की कोशिश की थी। जब बदमाश सर्राफा व्यापारी से लूट की वारदात करने में असफल रहे तो, बदमाशों ने सर्राफा व्यापारी पर फायरिंग कर दी। घटना स्थल से जा रहे एक किराना व्यापारी को गोली लग गई। रूपवास में इस तरह की घटना पहली बार हुई। इस घटना को लेकर लोगों का विरोध बढ़ा और गुस्सा पुलिस पर फूटने लगा। पुलिस ने नट समाज के चार युवक गिरफ्तार किए व्यापारी ने आक्रोशित होकर बाजार बंद कर दिया। व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों ने आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस को 72 घंटे का समय दिया। पुलिस आरोपियों को पकड़ने में असफल नजर आ रही थी। क्योंकि उस जगह कोई सीसीटीवी कैमरा मौजूद नहीं था। पुलिस के पास बदमाशों की कोई पहचान नहीं थी। पुलिस ने नट समाज के एक नाबालिग सहित 3 युवकों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने व्यापारी से लूट फायरिंग में चारों को आरोपी बताया। चारों युवक निर्दोष पुलिस के पास चारों युवकों के खिलाफ कोई सबूत नहीं है। जिन युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है उनके ऊपर पहले से कोई मामला दर्ज नहीं है। पुलिस ने तीन युवकों के सिर मुंडवाकर बाजार में घुमाया। उन्हें सरेआम बेइज्जत किया गया। बिना किसी अपराध के युवकों को जेल भेज दिया गया। जबकि युवकों के परिजनों के पास उनके निर्दोष होने के सभी सबूत हैं। जिस समय घटना हुई तीनों युवक ATM मशीन से पैसे निकाल रहे थे। वह भीड़ को देखकर घटना स्थल पर रुक गए थे। पुलिस ने फायरिंग और लूट के आरोप में चार युवक किए थे गिरफ्तार दरअसल बांके बिहारी कॉलोनी के पास तीन बाइक सवार बदमाशों ने दुकान बंद कर आ रहे सर्राफा व्यापारी धीरज रघुवंशी से उसका गहनों और कैश से भरा बैग लूटने की कोशिश की थी। जब लुटेरे वारदात को अंजाम नहीं दे पाए तो, उन्होंने धीरज पर फायरिंग कर दी। गोली धीरज के तो, नहीं लगी लेकिन, पास से जा रहे एक किराना व्यापारी अरुण सिंघल के गोली लग गई। जिसके बाद बदमाश फरार हो गए। पुलिस इलाके के आसपास सीसीटीवी खंगाल कर एक नाबालिग और गुर्जर, सौरभ, चंद्रकेश उर्फ़ लुक्का निवासी बांगड़ कॉलोनी को गिरफ्तार कर लिया था।
फिरोजाबाद नगर निगम में पार्षदों की बैठक के बाद मंगल बाजार को हटाने की चर्चाओं से छोटे व्यापारियों में रोष है। मंगल बाजार कमेटी के अध्यक्ष देश दीपक यादव ने इसे हजारों गरीब व्यापारियों की आजीविका पर हमला बताया है और कहा कि इसे किसी भी कीमत पर हटने नहीं दिया जाएगा। यादव ने बताया कि मंगल बाजार में छोटे व्यापारी पिछले सात वर्षों से दुकानें लगा रहे हैं और यह गरीब तबके के लोगों की रोजी-रोटी का साधन है। उन्होंने इस कदम को जनविरोधी करार दिया। कमेटी के अनुसार, नगर निगम में प्रस्ताव पास हो चुका है और मंगल बाजार 25 तारीख को हर हाल में लगेगा। व्यापारियों ने बाजार को व्यवस्थित रखने और मूलभूत सुविधाएं जैसे शुद्ध पेयजल, सुलभ शौचालय और स्थायी पुलिस पिकेट की स्थापना की मांग की है। देश दीपक यादव ने चेतावनी दी कि जो भी बाजार के माहौल को खराब करने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पूर्व विधायक मोहनदेव शंखवार का आरोप है कि सुभाष तिराहा पर अक्सर जाम लगता है, लेकिन वहां कोई व्यवस्था नहीं की जाती। इसके विपरीत, सप्ताह में केवल एक दिन लगने वाले छोटे व्यापारियों के बाजार को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने व्यापार मंडल के कुछ पदाधिकारियों पर व्यापारियों की समस्याओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि स्मार्ट सिटी होने के बावजूद स्टेशन रोड, बाजार और नगर निगम परिसर के सामने टैक्सी स्टैंड पर अव्यवस्थित पार्किंग के कारण रोजाना जाम लगता है। उन्होंने नगर निगम और प्रशासन पर छोटे व्यापारियों को परेशान करने और लूटने का आरोप लगाया। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि गरीबों के हितों की अनदेखी की गई तो एक बड़ा जनहित आंदोलन शुरू किया जाएगा। मंगल बाजार कमेटी ने प्रशासन से अपील की है कि बाजार को हटाने के बजाय बेहतर सुविधाएं देकर उसके नियमित संचालन में सहयोग करें, ताकि छोटे व्यापारी सम्मानपूर्वक अपनी आजीविका चला सकें।
नालंदा में देर रात एक बार फिर बड़ी चोरी की घटना ने स्थानीय कारोबारियों और आम जनता को सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाने को मजबूर कर दिया है। थाने से महज 500 मीटर ही दूरी पर छबीलापुर बाजार स्थित जगदंबा ज्वेलरी शॉप में अज्ञात बदमाशों ने सेंधमारी कर करीब 20 लाख रुपए के आभूषण चुरा लिए। प्रशासन की लगातार उदासीनता से आक्रोशित व्यापारियों ने राजगीर-छबीलापुर मुख्य सड़क को जाम कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। पीड़ित कारोबारी की पहचान चंदन वर्मा के तौर पर हुई है। चंदन ने बताया कि चोरों ने दुकान की पिछली दीवार में सेंध लगाकर अंदर प्रवेश किया। मुख्य तिजोरी का ताला तोड़कर सारे आभूषण उड़ा ले गए। इसमें कुछ ग्राहकों के जेवरात भी शामिल थे, जो मरम्मत के लिए रखे गए थे। सारी जमा पूंजी खत्म हो गई। बार-बार हो रही चोरी की घटनाएं स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में बाजार की कई दुकानों में इसी तरह सेंधमारी और चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन पुलिस प्रशासन अब तक एक भी मामले का खुलासा नहीं कर सका है। हमलोग बार-बार पुलिस से गुहार लगाते रहे हैं। इसके बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। व्यापारियों ने लगाए गंभीर आरोप व्यापारियों ने स्थानीय प्रशासन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पुलिस की निष्क्रियता से चोरों का हौसला बुलंद हो गया है। वे खुलेआम वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। सड़क जाम कर रहे व्यापारियों ने मांग की है कि तत्काल चोरों को गिरफ्तार किया जाए। पीड़ित कारोबारी को मुआवजा दिया जाए और बाजार में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाया जाए। जल्द कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। जांच में जुटी पुलिस वहीं, इस संबंध में छबीलापुर थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार ने कहा कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। सर्किल इंस्पेक्टर भी घटनास्थल पर मौजूद हैं। आक्रोशित व्यापारियों को समझाया जा रहा है। जांच शुरू कर दी गई है। जल्द ही चोरों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
बैतूल में व्यापारी ने सल्फास खाकर की आत्महत्या:परिजन बोले-कर्ज और आर्थिक तंगी से था परेशान
बैतूल के बडोरा स्थित द्वारका नगर में रहने वाले 45 वर्षीय सुदर्शन पिता धनराज प्रजापति ने शुक्रवार सुबह सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली। सुदर्शन की सदर बाजार में चाय की दुकान थी, जो पिछले दो महीनों से बंद पड़ी हुई थी। परिजनों के अनुसार, दुकान नहीं चलने और लगातार बढ़ते कर्ज की वजह से सुदर्शन मानसिक तनाव में थे। उनके भाई श्यामसुंदर प्रजापति ने बताया कि वे उधारी लेकर दुकान चलाने की कोशिश करते थे, लेकिन आर्थिक हालात सुधर नहीं रहे थे। इसी कारण वे कई दिनों से परेशान और निराश रहते थे। घटना के समय सुदर्शन की पत्नी और 10 वर्षीय बेटा घर पर ही मौजूद थे। बताया गया कि उन्होंने सल्फास खाने के कुछ समय बाद तबीयत बिगड़ने की शिकायत की, जिसके बाद परिजन उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। अस्पताल चौकी पुलिस ने मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार, मृतक का भाई बैतूल कोर्ट में लिपिक के पद पर कार्यरत है।
अलवर शहर में टेल्को चौराहे के पास राधा ज्वेलर्स पर दो दिन पहले दिनदहाड़े दुकान में घुसकर करीब 38 लाख रुपए की लूट के बदमाश पुलिस की पकड़ से दूर हैं। जिसको लेकर सर्राफा सहित अन्य व्यापारियों में बड़ा विरोध हैं। सोमवार सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक सभी सर्राफा और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। भवानी तोप चौराहे पर एकत्रित होकर मिनी सचिवालय तक पैदल मार्च निकालेंंगे। उसके बाद कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपेंगे। 38 लाख रुपए के गहने और नकदी ले गए थे आरोपी अलवर में टेल्को चौराहे के पास राधा ज्वेलर्स पर शनिवार को हुई इस घटना में तीन बदमाश हथियारों के साथ दुकान में घुसे और करीब 38 लाख के सोने-चांदी के जेवर और नकदी लेकर फरार हो गए थे। वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद है। पुलिस ने आसपास के कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ बदमाशों के संभावित रूट पर भी निगरानी बढ़ाई है, लेकिन अब तक कोई ठोस सफलता नहीं मिली है। व्यापारी बोले- शहर में नाकाबंदी नाम की व्यवस्था नहीं अग्रवाल धर्मशाला में शहर के सर्राफा व्यापार संघ, स्वर्णकार समाज, संयुक्त व्यापार महासंघ सहित कई व्यापारिक संगठनों की बैठक हुई। व्यापारियों ने घटना पर नाराजगी जताते हुए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और माल बरामदगी की मांग की। व्यापारियों ने कहा- शहर में दिनदहाड़े व्यापारी और दुकानें निशाने पर हैं, जबकि पुलिस सिर्फ हेलमेट और बेल्ट चेक करने में लगी रहती है। शहर में नाकाबंदी नाम की कोई व्यवस्था नहीं है। बदमाश खुलेआम घूम रहे हैं और पुलिस कार्रवाई के नाम पर केवल औपचारिकताएं कर रही हैं। 6 टीमें लगी हुईं, सुराग नहीं मिला संयुक्त व्यापार महासंघ के अध्यक्ष हरमीत सिंह मेहंदीरता ने कहा- यह कोई साधारण चोरी नहीं, बल्कि बड़ी लूट है। पुलिस की 6 टीमें लगी हैं, लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं मिला। ज्वेलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक गर्ग ने कहा- शहर में व्यापारी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। लगातार वारदातें बढ़ रही हैं और पुलिस का रवैया ढीला बना हुआ है।
किशनगंज जिला नेपाल, बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल सहित कई सीमावर्ती इलाकों से घिरा होने के कारण मानव तस्करी का बड़ा हब माना जाता है। अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का फायदा उठाते हुए तस्कर यहां से लड़कियों को झांसा देकर ले जाते हैं या बाहर से लाकर देह व्यापार में ढकेल देते हैं। पिछले 3-4 सालों में 16 से अधिक लड़कियां मुक्त जानकारी के अनुसार पिछले चार वर्षों में 16 से ज्यादा बालिग और नाबालिग लड़कियों को देह व्यापार की गिरफ्त से छुड़ाया गया है।तीन वर्ष पूर्व खगड़ा रेड लाइट एरिया से दो नाबालिग लड़कियों को मुक्त कराया गया था, जिनमें से एक को समस्तीपुर से जबरन लाया गया था। काउंसिलिंग के दौरान इस लड़की ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए थे। असम और अन्य राज्यों से भी लड़कियां लाई गईं इससे पहले भी खगड़ा रेड लाइट एरिया से चार लड़कियों की रिहाई हुई थी, जिनमें असम से लाकर बेची गई लड़कियां भी शामिल थीं।कोरोना काल के बाद भी लगभग आधा दर्जन नाबालिगों को राहत दिलाई गई। 2023 में कोलकाता की नाबालिग की रिहाई साल 2023 में किशनगंज शहर से पश्चिम बंगाल के कोलकाता की एक नाबालिग लड़की को मुक्त कराया गया।यह कार्रवाई बंगाल सीआईडी की सूचना पर तत्कालीन एसपी इनामुल हक मेगनू द्वारा गठित टीम ने की थी।पुलिस की जांच में देह व्यापार के संगठित नेटवर्क का खुलासा भी हुआ था। 28 मई की बड़ी कार्रवाई, नाबालिग लड़की मुक्त हाल के दिनों में 28 मई को एसपी सागर कुमार के निर्देश पर खगड़ा रेड लाइट एरिया में छापेमारी की गई।दरभंगा से लाई गई एक नाबालिग लड़की को मुक्त कराया गया, जिसे घर में झगड़े के बाद निकलने के दौरान रेलवे स्टेशन पर आरोपी ने फुसलाया था। पुलिस जांच में सामने आया कि नाबालिगों को बाहर से लाकर देह व्यापार कराया जाता था। यह तस्करी एक संगठित रैकेट द्वारा संचालित थी। इस कार्रवाई में पांच महिलाओं सहित 11 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनके खिलाफ प्राथमिकी की गई। 6 अगस्त की छापेमारी- 5 गिरफ्तार, एक नाबालिग बरामद 6 अगस्त को भी खगड़ा रेड लाइट एरिया में पुलिस ने छापा मारा।बाहर से लाई गई नाबालिग लड़की के देह व्यापार में धकेले जाने की सूचना पर 2 पुरुष और 3 महिलाओं के खिलाफ केस दर्ज किया गया। 5 महिलाएं और एक नाबालिग लड़की मुक्त कराई गई। एसपी सागर कुमार की सख्त मोर्चाबंदी पिछले कुछ महीनों में आधा दर्जन से ज्यादा तस्करों और संचालकों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। लगातार छापेमारी और निगरानी जारी है। पुलिस का दावा है कि मानव तस्करी व देह व्यापार के नेटवर्क को पूरी तरह तोड़ने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।
भीलवाड़ा में एक कपड़ा व्यापारी को एक कंपनी में 30 करोड़ रुपए का निवेश और मोटे मुनाफे का झांसा देकर प्रोसेसिंग फीस के नाम पर 1 करोड़ 40 लाख रूपए की ठगी के मामले का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। मामले में गैंग का खुलासा करते हुए 6 बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है। मोटे मुनाफे का लालच देकर बनाया शिकारमामला शहर के प्रताप नगर थाना इलाके का है। थाना प्रभारी राजपाल ने बताया कि एक व्यापारी ने थाने में आकर रिपोर्ट दी थी। जिसमें बताया था कि एक कंपनी में 30 करोड़ रुपए का निवेश करने और मोटे मुनाफे का झांसा देकर प्रोमेसरी नोट पर साइन करवाए और सिक्योरिटी के 30 करोड़ रुपए के चेक डरा धमकाकर और जान से मारने का डर दिखाकर ले लिए। 1 करोड़ 40 लाख कैश और खातों में डलवाएइस कम्पनी में प्रोसेसिंग फीस के नाम पर इन लोगों ने 1 करोड़ 40 लाख रुपए बैंक अकाउंट और कैश में लिए। इस पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और एक टीम का गठन किया। इस टीम ने लोकल पुलिसिंग, कॉल डिटेल और टेक्निकल डेटा की मदद से करीब 200 किलोमीटर पीछा कर इस मामले में शामिल 6 ठगों को पकड़ा। गिरफ्तार सभी व्यक्तियों से डिटेल में पूछताछ की जा रही है। ये रहे टीम में शामिलआरोपियों को पकड़ने की गई टीम में प्रताप नगर थाना प्रभारी राजपाल, एएसआई एजाजुद्दीन, हेड कॉन्स्टेबल सुनील, कॉन्स्टेबल सुरेश, धीरज, रामनिवास, प्रकाश और मगाराम शामिल रहे। इनको किया गिरफ्तारपुलिस ने इस वारदात में शामिल मोहम्मद अफरात मलिक (38) पुत्र तारीख मलिक निवासी मुंबई महाराष्ट्र, सुरेश हीरालाल उर्फ विनोद भाई (33) पुत्र हीरालाल निवासी अहमदाबाद, विपुल कुमार (28) पुत्र दशरथ भाई निवासी अहमदाबाद,अभय राज (22) पुत्र पवन कुमार निवासी अहमदाबाद, चिराग (33) पुत्र अशोक निवासी अहमदाबाद, रोहित (31) पुत्र जगन्नाथ निवासी अहमदाबाद को गिरफ्तार किया है।
पर्यटन नीति, निवेश अवसरों की जानकारी साझा करेंगे शर्मा
राजनांदगांव| इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर का आयोजन नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम, प्रगति मैदान में किया जा रहा है। जिसमें इस वर्ष छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड सक्रिय रूप से सहभागिता कर रहा है। इस मंच के माध्यम से छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थल, समृद्ध संस्कृति और राज्य में विकसित हो रही नई पर्यटन संभावनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत किया जाएगा। इस आयोजन में छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा विशेष रूप से शामिल होंगे और राज्य की पर्यटन नीति, निवेश अवसरों एवं भविष्य की विकास योजनाओं पर जानकारी साझा करेंगे। कार्यक्रम के तहत 24 नवंबर को स्टेट डे’ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति, लोकनृत्य और पर्यटन विशेष आकर्षण रहेंगे। वहीं 25 नवंबर को होटल द ललित, नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड द्वारा विशेष रोड शो आयोजित किया जाएगा। जिसमें टूर ऑपरेटर्स, स्टेकहोल्डर्स और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के प्रतिनिधियों को राज्य में पर्यटन निवेश और सहयोग के अवसरों से अवगत कराया जाएगा।
पुलिस-प्रशासन और व्यापार मंडलों की हर 3 माह में होगी बैठक, ट्रैफिक प्रबंधन सुधारेंगे
जयपुर व्यापार मंडल के बैनर तले 50 से अधिक व्यापार मंडलों के प्रतिनिधियों ने पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल से मुलाकात की और समस्याएं रखी। बैठक में पुलिस प्रशासन तथा व्यापार मंडलों की हर 3 माह में एक विशेष बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया। बाजार से अतिक्रमण हटाने, ट्रैफिक प्रबंधन, रात्रिकालीन गश्त बढ़ाने, व्यापारियों से समन्वय व असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई पर चर्चा की गई। जयपुर व्यापार मंडल संरक्षक पवन गोयल, अध्यक्ष डॉ. ललित सांचौरा और राजीव आहुजा ने कमिश्नर का दुपट्टा एवं बुके देकर अभिनंदन किया। बैठक में प्रमोद गोयल, राजीव अहूजा, मोहन सिंह बिदावत, प्रकाश चंद्र अग्रवाल सहित कई प्रतिनिधि मौजूद थे।
साइंस कॉलेज चौपाटी को जल्दबाजी में आमानाका ब्रिज के नीचे शिफ्ट कर दिया गया, लेकिन नई जगह पर चौपाटी का व्यवस्थापन नहीं हो पाया है। शनिवार को नगर निगम ने सभी 60 दुकानों को आमानाका ब्रिज के नीचे रख दिया, लेकिन रविवार तक स्थिति जस की तस रही। दुकानदार दुकानें नहीं खोल पा रहे हैं, क्योंकि यहां न बिजली की व्यवस्था है, न पानी की। शौचालय और सुरक्षा जैसी मूलभूत जरूरतों का भी शिफ्टिंग से पहले ध्यान नहीं रखा गया। नगर निगम ने साइंस कॉलेज के पास स्थित चौपाटी को हटाकर आमानाका ओवरब्रिज के नीचे शिफ्ट किया। इसके कारण दुकानदारों का व्यापार पूरी तरह बाधित हो गया। नई जगह पर मूलभूत सुविधाएं नहीं होने से व्यापारी दुकानें शुरू नहीं कर पा रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि चौपाटी में चलने वाली दुकानों के लिए सबसे जरूरी बिजली और पानी है। बिजली कनेक्शन होने पर ही वे दुकानों को रोशन रख सकेंगे और फ्रिज, इंडक्शन, एग्जॉस्ट जैसी जरूरी सुविधाएं चला पाएंगे। इस मामले को लेकर पूर्व मेयर एजाज ढेबर कार्यकर्ताओं के साथ डिप्टी सीएम अरुण साव से मिलेंगे। 57 टेंसाइल कैनोपी होंगे शिफ्टवेंडिंग जोन को आकर्षक बनाने के लिए करोड़ों रुपए की लागत से टेंसाइल कैनोपी, विद्युत पोल, पाथवे और बैठने की व्यवस्था बनाई गई थी। फिलहाल यहां से केवल दुकानों को शिफ्ट किया गया है। आने वाले दिनों में यहां लगे 57 टेंसाइल कैनोपी और विद्युत पोल भी नई जगह ले जाए जाएंगे। जानिए... क्या है टेंसाइल कैनोपीटेंसाइल कैनोपी मजबूत कपड़े और स्टील के तारों से बनाई जाने वाली छत होती है, जो धूप, बारिश और ओलों से बचाव करती है। यह आधुनिक, हल्की, आकर्षक और लंबे समय तक टिकने वाली संरचना होती है, जिसे पार्क, मैदान और होटलों में सजावटी उपयोग के लिए लगाया जाता है। दुकानदारों ने रखी अपनी बातहटाने से पहले व्यवस्था कर लेते तो बेहतर होतानिगम प्रशासन ने अगर शिफ्टिंग से पहले पूरी व्यवस्था कर ली जाती, तो दुकानदारों को दुकानें चलाने में सुविधा होती। यहां न बिजली है, न पानी, न शौचालय। सफाई भी नहीं कराई गई। हटाने से पहले व्यवस्था कर लेते तो बेहतर होता।रामदास यादव, दुकानदार मनमर्जी तरीके से रख दी गई दुकानेंसाइंस कॉलेज चौपाटी में सभी दुकानें एक लाइन में व्यवस्थित थीं, लेकिन नई जगह तीन-तीन लाइनों में कम जगह में दुकानें मनमर्जी तरीके से रख दी गई हैं। आगे दुकान खोलने को लेकर अनिश्चितता और चिंता है। सुविधाएं जल्दी मिलनी चाहिए।हैदर, जूस दुकान का संचालक दिसंबर के अंत तक मिल जाएंगी सभी सुविधाएंहमारी योजना पूरी व्यवस्था के साथ शिफ्टिंग की थी। फिलहाल दुकानों को शिफ्ट किया गया है। 3-4 दिनों में बिजली, पानी और सफाई जैसी मूलभूत सुविधाएं विकसित कर दी जाएंगी। दिसंबर के अंत तक साइंस कॉलेज में लगी टेंसाइल कैनोपी और विद्युत पोल भी शिफ्ट कर नई जगह वेंडिंग जोन को सुसज्जित किया जाएगा। -विश्वदीप, निगम आयुक्त 31 मई 2023 को बना था वेंडिंग जोन, शुरू से ही विवादरायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने 31 मई 2023 को यूथ-हब वेंडिंग जोन का निर्माण पूरा किया था। 5 अक्टूबर 2023 से इसका संचालन मेसर्स गुरु हरकिशन होटल एंड रिसॉर्ट्स को तीन साल के अनुबंध पर दिया गया था। अभी अनुबंध की अवधि एक साल और बची है। निर्माण होते ही वर्तमान विधायक राजेश मूणत और भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध किया था। वहीं, चौपाटी शिफ्टिंग के दौरान दुकानदारों व कांग्रेसियों ने प्रदर्शन किया।
प्रदेश सरकार ने पर्यटन इंडस्ट्री को और मजबूत बनाने के लिए राजस्थान पर्यटन विकास बोर्ड का गठन किया है। इसका उद्देश्य राज्य में पर्यटन के लिए आधारभूत संरचना का विकास, निजी निवेश को बढ़ावा, पर्यटकों के लिए सुविधाओं का विस्तार और राजस्थान को देसी-विदेशी पर्यटकों के लिए फेवरेट डेस्टिनेशन बनाना है। इससे पहले प्रदेश में पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों के ठहरने और खाने की व्यवस्था करने के लिए राजस्थान पर्यटन विकास निगम (आरटीडीसी) बनाया गया था। इसकी प्रदेश में 43 पर्यटन इकाई हैं। प्रदेश के सभी पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की सुविधा, नए विकास कार्य, नगरीय विभागों से जुड़े कार्य सहित अन्य सभी कामों के लिए कोई एक विभाग और संस्था नहीं है। सरकार ने सभी विभागों को जोड़ते हुए एक बोर्ड बनाया है। इस बोर्ड के अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगे। पर्यटन कला एवं संस्कृति मंत्री उपाध्यक्ष रहेंगे। इसके अलावा राजस्थान धरोहर संरक्षण एवं संवर्धन प्राधिकरण के अध्यक्ष, वन, जल, पीडल्ब्यूडी, पर्यटन, वित्त सहित अन्य विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव और प्रमुख शासन सचिव सदस्य होंगे। पर्यटन विभाग के आयुक्त/निदेशक को सदस्य सचिव बनाया गया है। साथ ही पर्यटन, कला एवं संस्कृति क्षेत्र के तीन विशेषज्ञों को भी शामिल किया जाएगा। इन्हें राज्य सरकार सदस्य बनाएगी। बता दें कि बोर्ड के गठन को लेकर उप शासन सचिव सुरेश कुमार बुनकर ने 20 नवंबर को आदेश जारी किया था। बता दें कि प्रदेश में राजस्थान धरोहर संरक्षण एवं संवर्धन प्राधिकरण भी बना हुआ है। इसका काम राजस्थान की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहरों का संरक्षण, जीर्णोद्धार और संवर्धन करना है। साल में दो बैठकें होंगी, बोर्ड के निर्णयों को धरातल पर उतारने के लिए कार्यकारी समिति : पर्यटन विकास बोर्ड की साल में दो बार बैठक होगी। इसमें लिए गए निर्णयों को धरातल पर उतारने और उन्हें पूरा करवाने के लिए अलग से कार्यकारी समिति का गठन किया गया है। इसकी अध्यक्षता पर्यटन विभाग के प्रभारी सचिव करेंगे। समिति में विभिन्न विभागों के प्रभारी सचिव सदस्य होंगे। बोर्ड का प्रशासनिक विभाग पर्यटन विभाग होगा और इसके लिए अलग से संविधान व नियम बनाए जाएंगे। सरकार के इस कदम से राजस्थान पर्यटन को नई दिशा मिलेगी और प्रदेश वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत स्थिति में आएगा। ये प्रमुख काम होंगे इस बोर्ड के जिम्मे {पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए नवाचार और सुधार पर विचार-विमर्श। {अन्य राज्यों के साथ समन्वय के लिए कार्य योजनाओं पर मार्गदर्शन। {पर्यटक स्थलों पर सुविधाओं का अनुमोदन। {आरामदायक आवास स्थलों का विकास और जीर्णोद्धार। {कला, संस्कृति, पुरातत्व और हस्तशिल्प के संरक्षण पर सुझाव। {संग्रहालयों का आधुनिकीकरण और सांस्कृतिक मेलों को बढ़ावा। {राजस्थान पर्यटन अवसंरचना और क्षमता निर्माण निधि (आरटीआईसीएफ) से नवाचार को प्रोत्साहन देना। पर्यटन मंत्री उपाध्यक्ष रहेंगे, सभी विभागों के सचिव सदस्य बनेंगे, तीन विशेषज्ञ भी शामिल होंगे
स्टार्ट अप्स, होटल, रेस्तरां, मॉल, शोरूम जैसे निजी प्रतिष्ठानों के कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा का दायरा और मजबूत होने जा रहा है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने श्रम विभाग से राज्य के उन सभी प्रतिष्ठानों का डेटा मांगा है, जहां 20 या उससे अधिक कर्मचारी काम कर रहे हैं। भोपाल रीजन में ही ऐसे 2 लाख से ज्यादा कर्मचारी हैं। अब ऐसे सभी संस्थानों को हर कर्मचारी का पीएफ काटना अनिवार्य होगा। इस ड्राइव के तहत ईपीएफओ यह भी जांचने जा रहा है कि इनमें से कितने प्रतिष्ठान अभी तक पीएफ रजिस्ट्रेशन से बाहर हैं। इन्हें इसके दायरे में लाया जाएगा। नियमों के उल्लंघन पर रिकवरी के साथ ब्याज और पेनल्टी भी लगेगी। ईपीएफओ के जोनल ऑफिस के रीजनल कमिश्नर-1 शिखर शर्मा ने बताया कि यह कदम लंबे समय में सुरक्षा, बचत और रिटायरमेंट बेनिफिट्स को मजबूत करने वाला साबित होगा। इनमें कई यूनिट्स तेजी से बढ़ते रोजगार का आधार बन चुकी हैं, इसलिए ईपीएफओ चाह रहा है कि हर कर्मचारी को पीएफ और उसकी हर योजना का फायदा मिले। फायदे... हर महीने बचत होगी। नौकरी बदलने पर पीएफ की रकम सुरक्षित रहेगी। {बीमा कवर अपने आप लागू होगा। {रिटायरमेंट व नौकरी छूटने पर आर्थिक सहारा मिलेगा। ईपीएफओ की यह कवरेज ड्राइव सामाजिक सुरक्षा ढांचे को मजबूत करेगी। इससे यह साफ हो जाएगा कि 20+ कर्मचारी वाले प्रतिष्ठानों में से कितने अब तक पीएफ व्यवस्था में नहीं थे और कितने नए कवर होंगे। -चंद्रशेखर परसाई, ईपीएफ मामलों के जानकार
दिल्ली : व्यापार मेला में बिहार दिवस समारोह, निवेशकों को बेहतरीन अवसर दे रही राज्य सरकार
दिल्ली के भारत मंडपम में 14 से 27 नवंबर तक चलने वाले अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में रविवार को बिहार दिवस समारोह का आयोजन किया गया
सीकर जिले में सेवद बड़ी निवासी व्यापारी को धमकाने के मामले में पुलिस ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने गिरफ्तार किया तो आरोपी दोनों हाथों से मुंह छुपाने लगे। पुलिस ने दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर सख्त पूछताछ शुरू कर दी है। जिला पुलिस अधीक्षक प्रवीण नायक नूनावत ने बताया कि दोनों आरोपियों से जुड़ी आगे की कड़ी जोड़कर अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। इसके अलावा खाटूश्यामजी के व्यापारी के धमकी प्रकरण से जुड़े कनेक्शन को भी खंगाला जा रहा है। सीकर जिला पुलिस अधीक्षक प्रवीण नायक नूनावत ने बताया कि गत 17 नवंबर को सेवद बड़ी निवासी व्यवसायी ने शिकायत दी कि 15 और 16 नवंबर को रोहित गोदारा व नवीन बॉक्सर ने उसके व्हाट्सप नंबर पर वॉयस रिकॉर्डिंग भेजकर फिरौती मांगी और फिरौती नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी। पूरे मामले की जानकारी मिलने के बाद 4 टीमों का गठन किया गया। पुलिस टीमों ने सीकर, बीकानेर व चुरू जेल से पिछले 2 सालों में जमानत पर रिहा हुए अपराधियों की जानकारी भी जुटाई। एसपी नूनावत ने बताया कि पुलिस की एक टीम को सीकर की खुली जेल से वर्ष 2022 में आजीवन कारावास की सजा भुगत कर रिहा हुए अपराधी सुरेंद्र बांगड़वा के बारे में जानकारी तो पता चला कि वह पीड़ित व्यापारी के ट्रक ड्राईवर की नौकरी कर चुका है। अपराधी सुरेंद्र 2009 में चुरू जिले के सालासर थाना इलाके में एक हत्या करके रतनगढ़ और बीकानेर जेल में आजीवन कारावास की सजा काट चुका था। पुलिस टीम को शक हुआ तो अपराधी सुरेंद्र के साथ जेल में रहे अपराधियों के रिकॉर्ड निकाले गए। इसी बीच आरोपी सुरेंद्र और पीड़ित व्यापारी के बीच विवाद व धमकी देने की जानकारी मिली। पुलिस ने पहले सुरेंद्र बांगड़वा और उसकी निशानदेही पर दूसरे आरोपी हेमंत शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। एसपी नूनावत ने बताया कि आजीवन कारावास की सजा के दौरान सुरेंद्र बांगड़वा को रतनगढ़ जेल में रहने के दौरान आरोपी को फरार करवाने के मामले में आरोपी नवीन बॉक्सर से जान-पहचान हो गई थी। उसके बाद सुरेंद्र बांगड़वा लगातार नवीन बॉक्सर के संपर्क में रहा। आजीवन कारावास की सजा भुगतने के बाद आरोपी सुरेंद्र गांव में रहते हुए नवीन बॉक्सर से सोशल मीडिया की एक विशेष मोबाईल एपलिकेशन के जरिए संपर्क में रहा। नवीन बॉक्सर ने सुरेंद्र बांगड़वा को 4-5 युवा लड़के ग्रुप में जोड़ने के लिए कहा तो सुरेंद्र ने अपने बुआजी के लड़के के दोस्त हेमंत शर्मा से नवीन बॉक्सर का संपर्क करवाया। हेमंत शर्मा के मोबाइल में भी विशेष एपलिकेशन डाउनलोड करवाया गया। उसके बाद हेमंत शर्मा भी गत 2 वर्ष से नवीन बॉक्सर से लगातार संपर्क में है। नवीन बॉक्सर ने फिरौती के लिए दोनों को पैसे वालों की सूचना देने के लिए कहा। इस बीच सुरेंद्र व पीड़ित व्यापारी के बीच रूपए के लेन-देन को लेकर विवाद हो गया। सुरेंद्र ने हेमंत शर्मा के जरिए नवीन बॉक्सर तक कारोबारी से रूपए मांगने की सूचना पहुंचा दी। सुरेंद्र इसी साल पीड़ित व्यापारी के पास ट्रक ड्राइवरी करने लगा। आरोपी सुरेंद्र ने करीब 8 महीने तक ट्रक ड्राईवरी की तथा परिवादी के बारे में पूरी जानकारी जुटाकर अक्टूबर माह में ट्रक ड्राइवरी छोड़ दी। सुरेंद्र ने पीड़ित व्यापारी के मोबाइल नंबर, परिवार और बिजनेश के बारे में संपूर्ण जानकारी नवीन बॉक्सर को उपलब्ध करवाई। पुलिस ने सुरेंद्र और हेमंत को गिरफ्तार अन्य जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। पुलिस टीमों में सदर थानाधिकारी इंद्राज मारोड़िया, एएसआई नरेश कुमार, हैड कांस्टेबल राजेंद्र कुमार, कांस्टेबल अनिल कुमार, साइबर एक्सपर्ट नौरंग लाल समेत कई पुलिसकर्मी शामिल थे।
अलवर में टेल्को चौराहे के पास राधा ज्वेलर्स पर करीब 40 लाख रुपए की लूट के विरोध में रविवार को शहर के व्यापारी एकजुट हुए। व्यापारियों ने कहा- 24 नवंबर को सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक सभी सर्राफा और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। व्यापारी सुबह 10 बजे भवानी तोप पर एकत्र होंगे। जहां से मिनी सचिवालय तक पैदल मार्च निकालकर जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा जाएगा। व्यापारियों ने कहा कि अलवर में कानून व्यवस्था लगातार बिगड़ रही है। 40 लाख रुपए के गहने और नकदी ले गए थे आरोपीअलवर में टेल्को चौराहे के पास राधा ज्वेलर्स पर शनिवार को हुई इस घटना में तीन बदमाश हथियारों के साथ दुकान में घुसे और करीब 40 लाख के सोने-चांदी के जेवर और नकदी लेकर फरार हो गए थे। वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद है। पुलिस ने आसपास के कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ बदमाशों के संभावित रूट पर भी निगरानी बढ़ाई है, लेकिन अब तक कोई ठोस सफलता नहीं मिली है। व्यापारी बोले- शहर में नाकाबंदी नाम की व्यवस्था नहीं अग्रवाल धर्मशाला में शहर के सर्राफा व्यापार संघ, स्वर्णकार समाज, संयुक्त व्यापार महासंघ सहित कई व्यापारिक संगठनों की बैठक हुई। व्यापारियों ने घटना पर नाराजगी जताते हुए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और माल बरामदगी की मांग की। व्यापारियों ने कहा- शहर में दिनदहाड़े व्यापारी और दुकानें निशाने पर हैं, जबकि पुलिस सिर्फ हेलमेट और बेल्ट चेक करने में लगी रहती है। शहर में नाकाबंदी नाम की कोई व्यवस्था नहीं है। बदमाश खुलेआम घूम रहे हैं और पुलिस कार्रवाई के नाम पर केवल औपचारिकताएं कर रही हैं। 6 टीमें लगी हुईं, सुराग नहीं मिलासंयुक्त व्यापार महासंघ के अध्यक्ष हरमीत सिंह मेहंदीरता ने कहा- यह कोई साधारण चोरी नहीं, बल्कि बड़ी लूट है। पुलिस की 6 टीमें लगी हैं, लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं मिला। ज्वेलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक गर्ग ने कहा- शहर में व्यापारी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। लगातार वारदातें बढ़ रही हैं और पुलिस का रवैया ढीला बना हुआ है।
पंचकूला में पुलिस ने अहमदाबाद से 1.75 करोड़ रुपए की ठगी में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान नवीन भाई पुत्र सेवांती लाल निवासी अहमदाबाद के तौर पर हुई। जिसे कोर्ट में पेश कर 4 दिन के पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। पंचकूला निवासी शिकायतकर्ता ने 31 जुलाई 2024 को साइबर थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत के अनुसार 5 जुलाई 2024 को शिकायतकर्ता को फेसबुक पर शेयर मार्केट से संबंधित एक विज्ञापन दिखाई दिया, जिसे उसने लाइक किया। इसके बाद उसे वॉट्सऐप के माध्यम से एक लिंक प्राप्त हुआ। जिसके जरिए उसे शेयर बाजार में निवेश कर दुगुना लाभ कमाने का लालच दिया गया। ठग से की जा रही पूछताछ इसी झांसे में आकर शिकायतकर्ता ने बड़ी राशि का निवेश कर दिया और कुल मिलाकर उससे करीब 1 करोड़ 75 लाख रुपए की ठगी की गई। गिरफ्तारी के समय आरोपी के खाते में 10 लाख रुपए की रकम मिली है। जिससे रिमांड पर पूछताछ चल रही है। अब तक 11 ठग गिरफ्तार : SHO युद्धवीर साइबर थाना प्रभारी युद्धवीर सिंह ने बताया कि शिकायत की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना पंचकूला में भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(2), 318(4), 336(3), 338, 340 और 61 के तहत मामला दर्ज किया गया था। जिसकी जांच सब-इंस्पेक्टर भूप सिंह द्वारा की जा रही है। जिन्होंने गुजरात के अहमदाबाद जिले में रेड की और टीम की मदद से 11वें आरोपी को गिरफ्तार किया।
अलवर के एनईबी थाना क्षेत्र में चोरी की वारदातें लगातार बढ़ रही हैं। 200 फीट रोड के पास रामनगर और शिव नगर में चोरों ने दो घरों को निशाना बनाकर लाखों के जेवर और नगदी चोरी कर ले गए। दोनों मामलों में एनईबी थाने में रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है और पुलिस अज्ञात चोरों की तलाश में जुटी हुई है।वहीं शिवाजी पार्क थाना इलाके के तिजारा फाटक के पास रहने वाले पोक्सों कोर्ट 1 सरकारी वकील के घर से भी जेवर नगदी चोरी हूई है पहला मामला लेक्चरर कपिल सैनी के घर का है। घटना 20 तारीख की रात की बताई जा रही है। CCTV फुटेज में तीन चोर बाइक से आते दिखाई दिए हैं। बाइक गली में खड़ी की और मकान की साइड की दीवार चढ़कर अंदर पहुंचे। अंदर जाने के बाद चोरों ने कमरों के ताले तोड़कर अलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवर और नगदी चोरी कर ली। लेक्चरर कपिल की बहन संगीता ने बताया कि उनके माता-पिता घर पर रहते हैं जबकि भाई कपिल और भाभी अजमेर में पोस्टेड हैं। पिता 19 तारीख को अजमेर गए थे और उन्हें भी घर आने के लिए कहा गया था, लेकिन वो नहीं आ पाए। संगीता ने बताया कि उनके परिवार के सभी सदस्यों के मोबाइल में कैमरे की लाइव एक्सेस थी और वो रात 12 बजे तक कैमरा देखते रहे, लेकिन उसके बाद नहीं देखा और उसी दौरान चोरी हो गई। घर से करीब तीन लाख रुपये के जेवर और पचास हजार रुपये नकद चोरी हुए हैं। दूसरा मामला शिव नगर निवासी स्टील व्यापारी अनीश कुमार के घर का है। अनीश अपने परिवार के साथ भरतपुर में रिश्तेदारी में शादी में गए हुए थे। उन्होंने बताया कि वो मोबाइल पर CCTV फुटेज देख रहे थे लेकिन रात करीब 12 बजे कैमरा अचानक बंद हो गया। सोचा बिजली चली गई होगी। लेकिन जब वे रविवार सुबह घर लौटे तो देखा कि कमरे के ताले टूटे पड़े हैं और अलमारी खुली हुई है। घर से करीब 3 तोला सोना, चांदी के गहने और करीब डेढ़ लाख रुपये नकद चोरी हो गए। चोर CCTV का चिप भी साथ ले गए। दो बैग भी गायब हुए थे जिसमें घर के कागज रखे थे जो बाद में पास में खाली प्लॉट में पड़े मिले, जबकि बाकी सामान चोरी हो चुका था। शनिवार देर रात पोक्सो कोर्ट नंबर 1 के सरकारी वकील विनोद कुमार शर्मा के घर में चोरी की घटना सामने आई है। शर्मा ने बताया कि शनिवार शाम वह अपने परिवार के साथ तिजारा फाटक के पास स्थित खाटूश्याम मंदिर में रहने वाले पुजारी की बेटी की शादी में गए थे। वे रात करीब 8 बजे घर से निकले और 11 बजे लौटे, तो दरवाजे के अंदर के ताले टूटे मिले। अलमारी चेक की तो उसमें रखी सोने की नथ, 12 चांदी के सिक्के और करीब 92,हजार रुपये नकद गायब थे।घटना के बाद तुरंत पुलिस को कॉल कर सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और रविवार को इस मामले में FIR दर्ज की गई है। रामनगर के स्थानीय लोगों का कहना है कि इसी क्षेत्र में पिछले पांच दिनों में चार से ज्यादा चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं। शिकायतें देने के बावजूद अभी तक पुलिस किसी भी चोर को पकड़ नहीं सकी है जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है।
पंजाब के लुधियाना में लगभग 75 लोगों से ठगी का मामला सामने आया है। लोगों को मोहाली स्थित शासा मेडिकटेक प्राइवेट लिमिटेड ने डेटा सेंटर में निवेश पर निश्चित रिटर्न देने के नाम पर 3 करोड़ रुपए की ठगी की है। कंपनी के निदेशकों के वादे पर विश्वास करके लोगों ने अपनी कमाई का निवेश किया। लोगों के पैसे डूब गए क्योंकि कंपनी ने निवेशकों के खातों में मासिक रिटर्न जमा करना बंद कर दिया। कंपनी के पांच निदेशकों के खिलाफ मामला दर्ज पीड़ितों की शिकायत पर लुधियाना पुलिस ने कंपनी के पांच निदेशकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों की पहचान रमेश पॉल निवासी न्यू करतार नगर खन्ना,अनिल पांडे,उनकी पत्नी शिवानी पांडे निवासी राजपुरा, सुनील कुमार बादल निवासी राजपुरा और सौरव यादव के रूप में हुई है। दो साल तक दिया रिटर्न, फिर बंद शिकायतकर्ता राजिंदर कुमार शर्मा और अन्य ने आरोप लगाया कि लगभग 75 निर्दोष निवेशकों ने कंपनी के डेटा सेंटर में लगभग 3 करोड़ रुपए का निवेश किया था। लगभग दो वर्षों तक प्रत्येक निवेशक को सुनिश्चित रिटर्न दिया गया था, लेकिन बाद में कंपनी ने अपने धोखाधड़ी के इरादे के कारण निवेशकों के बैंक खातों में रिटर्न जमा करना बंद कर दिया। डेटा सेंटर स्थापित करने की थी परियोजना शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कंपनी के निदेशकों ने राजपुरा-चंडीगढ़ रोड राजपुरा और गाजियाबाद (यूपी) साइट पर एक डेटा सेंटर स्थापित करने की परियोजना के साथ उनसे संपर्क किया था। नवंबर 2022 से उन्होंने देश भर के निवेशकों से भारी मात्रा में धन (लगभग 100-150 करोड़) एकत्र करना शुरू कर दिया। शिकायतकर्ता ने पुलिस को कहा कि हमें उनके आधिकारिक लेटरहेड पर लिखित समझौतों के माध्यम से आश्वासन दिया कि वे 10 वर्षों तक हर महीने की 5 तारीख से पहले निश्चित मासिक भुगतान के रूप में पैसा वापस करेंगे लेकिन बाद में उन्होंने रिटर्न पर डिफ़ॉल्ट करना शुरू कर दिया। 3 से 4 लोगों की सदमे के कारण हो चुकी मौत शिकायतकर्ताओं ने आगे आरोप लगाया कि हमारे निवेशित धन की वापसी के बार-बार अनुरोधों पर निदेशकों ने आनाकानी की। इस धोखाधड़ी के आचरण के कारण कई निवेशक जिन्होंने अपनी कमाई और ऋण का निवेश किया था वे गहरी वित्तीय संकट में चले गए। दुख की बात है कि इस धोखाधड़ी के कारण तनाव, वित्तीय कमी और उत्पीड़न के कारण 3-4 लोगों की मौत भी हो चुकी है। शिकायतकर्ता ने मांग की कि पुलिस निवेशकों के पैसे की सुरक्षा के लिए चल और अचल संपत्तियों, बैंक खातों और संपत्तियों, पासपोर्ट को जब्त करे। साथ ही एक विस्तृत जांच करें और यह सुनिश्चित करने के लिए सख्त कानूनी कार्रवाई करें कि निवेशकों की कमाई वापस मिल जाए। पुलिस अधिकारियों मामले की जांच की जिसके बाद FIR दर्ज की है।
चंदौली जिले के मुगलसराय कस्बा में सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने दौरा किया। उन्होने बदमाशों के गोली से मृत हुए दवा व्यापारी रोहितास पाल उर्फ रोमी पाल के परिजनों से शोक संवेदना व्यक्त किया। इसके बाद उन्होंने घटना को लेकर परिजनों से जानकारी ली। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के सरकार में व्यापारी, किसान, मजदूर और महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। भाजपा के लोग केवल भ्रम फैलाकर लोगों को गुमराह करते हैं। इनके पास लोगों की सुरक्षा को लेकर कोई रोडमैप नहीं हैं। क्योकि ज्यादातर अपराधी भाजपा सरकार के संरक्षण में आपराधिक कार्यो को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुगलसराय में दवा व्यापारी रोहितास पाल की हत्या की घटना से लोग काफी दहशत में हैं। चंदौली के अलावा पूरे प्रदेश में दवा व्यापारी के हत्या की घटना चर्चा का विषय बन गई हैं। भाजपा सरकार जीरो टालरेंस की बात करती हैं, लेकिन मुगलसराय के अलावा प्रदेश के हर शहर का दबा कुचला, व्यापारी, किसान, महिलाएं इनके आतंक से परेशान हैं। कहा कि पुलिस प्रशासन के लोग सत्ताधारी दल के दवाब में काम कर रहा हैं। प्रदेश में कई घटनाएं ऐसी भी सामने में आई हैं। जिसमें मुख्य आरोपी को बचाने के चक्कर में पुलिस के द्वारा मामले को डायवर्ट कर दिया जाता हैं। कही न कही मुगलसराय के रोहितास पाल के हत्या की घटना में ऐसा ही संदेह हो रहा हैं। उन्होने कहा कि चंदौली में एक माह में दर्जनों घटनाएं हुई हैं। लेकिन आपराधी आज भी खुलेआम सड़कों पर घूम रहे हैं। ऐसे में सरकार में बैठे लोगों से आम जनता को कोई उम्मीद नहीं हैं। लेकिन विपक्ष में सपा के कार्यकर्ता आमजन की बात को उठाने के लिए कटिबद्ध हैं। इस दौरान विधान परिषद के नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव, सांसद वीरेंद्र सिंह, विधायक प्रभुनारायण सिंह यादव, पूर्व विधायक मनोज सिंह, सपा जिलाध्यक्ष सत्यनारायण राजभर आदि मौजूद रहें।
सिंगरौली की एक छात्रा को पटना (बिहार) में कोचिंग के नाम पर देह व्यापार के जाल में फंसाया गया था। वह गुरुवार रात बिहार के किशनगंज स्थित रेडलाइट एरिया से भाग निकली और बहादुरगंज थाने पहुंची। पुलिस ने उसकी शिकायत पर कार्रवाई करते हुए देर रात छापेमारी कर तीन अन्य लड़कियों को भी मुक्त कराया। छात्रा ने पुलिस को बताया कि वह एक महीने पहले सिंगरौली से पटना में कोचिंग के लिए आई थी। वहां उसकी मुलाकात दो लड़कियों से हुई, जिन्होंने उसे मॉल में नौकरी और बेहतर रहने की सुविधा का झांसा दिया। उनके झांसे में आकर छात्रा उनके साथ चली गई, जिसके बाद उसे किशनगंज के प्रेमनगर स्थित रेडलाइट इलाके में पहुंचा दिया गया। युवती के अनुसार, वहां उस पर कई दिनों तक देह व्यापार के लिए दबाव बनाया जाता रहा। गुरुवार रात युवती मौका पाकर पिछली गलियों से भाग निकली। उसने एनएच-327 के पास स्थानीय लोगों से मदद मांगी, जिन्होंने बहादुरगंज थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और युवती को सुरक्षित थाने ले गई। पढ़ने के लिए आई थी पटना बहादुरगंज थाना प्रभारी संदीप कुमार ने बताया कि युवती ने अपने प्रारंभिक बयान में स्पष्ट किया है कि वह पढ़ने के लिए पटना आई थी, लेकिन उसे किशनगंज ले जाकर देह व्यापार में धकेला गया। उसकी निशानदेही पर पुलिस टीम ने रेड-लाइट क्षेत्र से तीन अन्य लड़कियों को भी बचाया। मामले की जांच मानव तस्करी के कोण से की जा रही है।
देश के 26 बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स ने अपने एप्स और वेबसाइट्स पर डार्क पैटर्न्स का इस्तेमाल बंद करने की घोषणा की थी, लेकिन इनमें से सिर्फ 5 कंपनियां ही पूरी तरह से डार्क पैटर्न फ्री हो पाई हैं। अन्य 21 कंपनियों के प्लेटफॉर्म्स पर अब भी कन्ज्यूमर्स से हिडन चार्जेस वसूल रहे हैं। यह दावा सिटिजन एंगेजमेंट प्लेटफॉर्म लोकल सर्किल्स ने अपनी स्टडी रिपोर्ट में किया है। 26 कंपनियों ने CCPA को सेल्फ-डिक्लेरेशन लेटर सौंपा था दरअसल, डिपार्टमेंट ऑफ कंज्यूमर अफेयर्स ने गुरुवार (20 नवंबर) को बताया था कि 26 कंपनियों ने इंटरनल या थर्ड-पार्टी ऑडिट के बाद सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) को सेल्फ-डिक्लेरेशन लेटर सौंप चुकी हैं। इन कंपनियों में फ्लिपकार्ट, मिंत्रा, जोमेटो और स्विगी जैसे प्लेटफॉर्म शामिल हैं। ये कंपनियां ग्रॉसरी, फूड डिलीवरी, फार्मेसी, फैशन और ट्रैवल सेगमेंट की हैं। कंपनियों ने ये डिक्लेरेशन अपनी वेबसाइट्स पर अपलोड भी किए हैं। डिपार्टमेंट ऑफ कंज्यूमर अफेयर्स ने इसे डिजिटल कंज्यूमर सेफ्टी के लिए बड़ा कदम बताया था और कहा था कि बाकी कंपनियों को भी सेल्फ-रेगुलेशन अपनाने के लिए प्रेरित करेगा। कंपनियों ने सिर्फ ड्रिप प्राइसिंग के इश्यू को खत्म किया लोकल सर्किल्स ने इन प्लेटफॉर्मों की तरफ से किए गए दावे की पड़ताल की। इसमें 26 में से सिर्फ 5 प्लेटफॉर्म ही अपने दावे पर खरे उतरे। संस्था के फाउंडर सचिन तपड़िया ने कहा कि नियामकीय सख्ती के चलते ई-कॉमर्स कंपनियों ने सेल्फ-ऑडिट की घोषणा की है। हमारी जांच में इनमें से 90% प्लेटफॉर्म पर इन 13 तरह के डार्क पैटर्न में से कोई न कोई अब भी एक्टिव मिला। फिलहाल मीशो, इज माई ट्रिप, जेप्टो और बिग बॉस्केट ही डार्क पैटर्न-फ्री हैं।’ उन्होंने आगे कहा कि अभी ज्यादातर प्लेटफॉर्म्स ने ड्रिप प्राइसिंग के इश्यू को खत्म किया है। इतने भर से इन्हें लगता है कि ये डार्क पैटर्न फ्री हो गए हैं। इन प्लेटफॉर्म पर जबरन कार्रवाई वाले डार्क पैटर्न अब भी हैं। मसलन, आप कोई प्रोडक्ट लें तो उसमें दूसरी सर्विस जुड़ जाती है। एक और सर्विस जुड़ने से एक्सट्रा चार्ज लग जाता है। किन 26 कंपनियों ने खुद को डार्क पैटर्न फ्री किया? CCPA को मिले डिक्लेरेशन लेटर्स के मुताबिक, 26 प्लेटफॉर्म्स ने अपनी साइट्स पर जीरो डार्क पैटर्न्स होने की पुष्टि की है। 3 महीने में सेल्फ डिक्लेरेशन सबमिट करने को कहा था डिपार्टमेंट ऑफ कंज्यूमर अफेयर्स ने जून 2025 में एक एडवाइजरी जारी की थी, जिसमें ई-कॉमर्स कंपनियों को 3 महीने के अंदर सेल्फ-ऑडिट करने और डिक्लेरेशन सबमिट करने को कहा था। नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन (NCH) के जरिए सोशल मीडिया कैंपेन, इंफॉर्मेटिव वीडियोज और वर्कशॉप्स चलाए गए, ताकि कंज्यूमर्स डार्क पैटर्न्स पहचान सकें और शिकायत दर्ज करा सकें। CCPA ने इसे एक मिसाल बताया है और बाकी डिजिटल प्लेयर्स से भी वैसा ही करने को कहा। अगर कोई कंपनी डेडलाइन मिस करती है, तो रेगुलेटरी एक्शन हो सकता है। डार्क पैटर्न्स फ्री प्लेटफॉर्म से कंज्यूमर्स को क्या फायदा अभी कंपनियों ने अपनी मर्जी से ये वादा किया है कि वो डार्क पैटर्न्स नहीं चलाएंगी, लेकिन आने वाले समय में सरकार इसे सख्ती से लागू भी कर सकती है। इससे कंज्यूमर्स को अब शॉपिंग एप्स इस्तेमाल करते समय कम ट्रिक्स का सामना करना पड़ेगा, जिससे सेफ और ट्रांसपेरेंट एक्सपीरियंस मिलेगा। डिपार्टमेंट ने कहा कि ये अभियान डिजिटल कंज्यूमर सेफ्टी को मजबूत करेगा। भविष्य में और भी कंपनियां इसमें शामिल होंगी। कंज्यूमर्स को डार्क पैटर्न्स के बारे में एजुकेशनल कैंपेन से ये भी समझाया जाएगा कि डार्क पैटर्न्स होते क्या हैं और इन्हें कैसे पकड़ा जाए। ये लंबे समय में ये ई-कॉमर्स सेक्टर को ज्यादा भरोसेमंद बनाएगा। डार्क पैटर्न्स क्या हैं? डार्क पैटर्न्स वो ट्रिक्स हैं, जो ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान यूजर्स को गुमराह करती हैं। जैसे फेक अर्जेंसी क्रिएट करना, जहां लिखा हो 'अभी खरीदो वरना स्टॉक खत्म', या चुपके से कार्ट में एक्स्ट्रा आइटम ऐड कर देना। 2023 में नोटिफाई हुई गाइडलाइंस फॉर प्रिवेंशन एंड रेगुलेशन ऑफ डार्क पैटर्न्स में 13 ऐसे पैटर्न्स को बैन किया गया है। इनमें फॉल्स अर्जेंसी, बास्केट स्नीकिंग, कन्फर्म शेमिंग, फोर्स्ड एक्शन, सब्सक्रिप्शन ट्रैप, इंटरफेस इंटरफियरेंस, बेट एंड स्विच, ड्रिप प्राइसिंग, डिस्गाइज्ड ऐड्स, नेगिंग, ट्रिक वर्डिंग, SAAS बिलिंग और रोग मैलवेयर शामिल हैं। ये ट्रिक्स कंज्यूमर्स को अनचाहे प्रोडक्ट्स खरीदने या सब्सक्रिप्शन में फंसाने के लिए इस्तेमाल होती हैं। कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 2019 के तहत ये गाइडलाइंस 30 नवंबर 2023 को लागू हुईं, ताकि डिजिटल मार्केट में ट्रांसपेरेंसी आए।
व्यापार समझौते की शर्त के रूप ट्रंप चाहते हैं भारत रूसी तेल आयात में कमी लाए
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कूटनीतिक परेशानियां बढ़ती जा रही हैं क्योंकि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की 5 और 6 दिसंबर को प्रस्तावित भारत यात्रा के दिन नज़दीक आ रहे हैं
यह महंगाई नहीं, नग्न बाजारवाद का बेशर्म परीक्षण है!
जब आपूर्ति कम होती है तो बाजार में चीजें दिखाई नहीं पड़ती हैं और उनकी कालाबाजारी होती है
'भारत-अमेरिका कृषि व्यापार : अवसर, जोखिम और संतुलन की चुनौती
भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंध लगातार व्यापक होने की संभावनाओं के बीच कृषि क्षेत्र इस साझेदारी का सबसे संवेदनशील और विवादास्पद हिस्सा बना हुआ है
मोदी सरकार व्यापार पैटर्न को संतुलित करे और घरेलू खपत को बढ़ावा दे
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारतीय निर्यात पर 25प्रतिशत टैरिफ लगाने का फैसला किया है जो आज एक अगस्त से लागू हो गया है
काजोल ने किया रियल एस्टेट में निवेश, खरीदी इतने करोड़ की कमर्शियल प्रॉपर्टी
बॉलीवुड एक्ट्रेस काजोल ने इंडस्ट्री में एक अलग मुकाम हासिल किया है। काजोल भले ही फिल्मों में कम नजर आती हो, लेकिन वह सुर्खियों में बनी रहती हैं। काजोल ने अब एक्टिंग के साथ-साथ रियल एस्टेट में भी कदम रख दिया है। काजोल ने मुंबई के गोरेगांव वेस्ट ...
जानिए क्यों पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास पर है 2100 करोड़ रुपए निवेश
पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास अपने करियर के शानदार दौर से गुजर रहे हैं, और निर्विवाद रूप से अखिल भारतीय सुपरस्टार के रूप में अपनी जगह पक्की कर रहे हैं। बाहुबली, सलार, कल्कि 2898 एडी जैसी बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने वाली फिल्मों के साथ, उन्होंने भारतीय ...
'एक रात के 5 लाख' क्या इस महंगाई की वजह बने हैं विक्की कौशल और कैटरीना कैफ
राजस्थान अपने खूबसूरत किलों और महलों के लिए विश्वभर में जाना जाता है। कला और संस्कृति के इस अनूठे संगम, शाही ठाठ बाठ समेत राजपुताना वास्तुकला का आनंद उठाने दुनिया के कोने-कोने से पर्यटक यहां आते हैं..........
खतरों के खिलाड़ी सीजन 14 के कंटेस्टेंट अभिषेक कुमार जिन्होंने बिग बॉस 17 में अपने कार्यकाल से काफी लोकप्रियता हासिल की, अपने आकर्षक व्यक्तित्व से लोगों के दिलों पर राज कर रहे हैं। विवादित रियलिटी शो में उनकी भागीदारी ने उन्हें स्टार बना दिया और उन्हें रातोंरात सफलता दिलाई। अभिषेक जो वर्तमान में रोहित शेट्टी के शो खतरों के खिलाड़ी 14 में हैं, ने साझा किया कि वह एक प्रोडक्शन हाउस खोलना चाहते हैं। इसे भी पढ़ें: Kartik Aaryan का खुलासा, Pyaar Ka Punchnama की सफलता के बावजूद उनके पास ‘कोई ऑफर नहीं था, कोई पैसा नहीं था ईटाइम्स टीवी के साथ एक इंटरव्यू में, अभिषेक ने खुलासा किया कि वह भविष्य के लिए पैसे बचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता चाहते हैं कि वह मुंबई में एक घर खरीदें, लेकिन वह एक व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। अभिषेक ने कहा कि वह एक उद्यमी बनना चाहते हैं और उनके बड़े सपने हैं जिन्हें वह हासिल करना चाहते हैं। अभिषेक कुमार मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते इंटरव्यू में, अभिषेक ने कहा कि उन्होंने पैसे बर्बाद करना बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते क्योंकि शहर काफी महंगा है और कहा कि किराए पर रहना एक समझदारी भरा फैसला है। उन्होंने यहां तक कहा कि घर खरीदने में बड़ी रकम लगाने और फिर हर महीने लोन के रूप में बैंक को बड़ी EMI चुकाने का कोई मतलब नहीं है। इसे भी पढ़ें: Karan Johar को कोर्ट से मिली राहत, फिल्म Shaadi Ke Director Karan Aur Johar की रिलीज परह लगी रोक अभिषेक ने कहा कि वह अपना पैसा निवेश करना चाहते हैं और उस पर ब्याज पाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह रवि दुबे और सरगुन मेहता की तरह एक प्रोडक्शन हाउस स्थापित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि उनका परिवार चंडीगढ़ में घर खरीदे, लेकिन मुंबई में नहीं क्योंकि वे वहीं रह सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह पैसे बचाना चाहते हैं और कोई दूसरा व्यवसाय शुरू करने में निवेश कर सकते हैं। KKK 14 की बात करें तो शिल्पा शिंदे शो से बाहर हो गईं। एक यूट्यूब चैनल के अनुसार, सनी वरुण ने बात की, गश्मीर, करणवीर, अदिति और अभिषेक ने निष्कासन स्टंट किया।

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