20 साल में 150 रुपए बढ़ी खिलाड़ियों की खुराक राशि, महंगाई दर 260% बढ़ गई
भास्कर संवाददाता | बांसवाड़ा स्कूली खेलकूद प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के भत्ते में शिक्षा विभाग ने बीते 20 साल में महज 150 रुपए की बढ़ोतरी की है। साल 2005 में खिलाड़ियों को दैनिक भत्ता 100 रुपए मिलता था, जो साल 2019 में बढ़कर 150 रुपए और इसके 7 साल बाद फिर से 100 रुपए की बढ़ोतरी कर इसे 150 रुपए से बढ़ाकर 250 रुपए प्रतिदिन कर दिया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय राजस्थान की ओर से खिलाड़ियों के दैनिक खुराक भत्ते में 66 प्रतिशत की बढ़ोतरी करते हुए इन्हें सत्र 2026-27 से लागू करने की घोषणा की है। दरअसल, पिछले कई वर्षों से खिलाड़ियों और शारीरिक शिक्षा शिक्षकों की ओर से बढ़ती महंगाई के बीच खुराक भत्ता बढ़ाने की मांग उठाई जा रही थी। ऐसे में बढ़ी हुई राशि से खिलाड़ियों को थोड़ी राहत जरूर मिलेगी। यह सुविधा क्षेत्रीय, जिला और राज्य स्तरीय विद्यालयी खेलकूद प्रतियोगिताओं के साथ-साथ प्रशिक्षण शिविरों व राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से पूर्व आयोजित शिविरों में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को मिलेगी। शारीरिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष विनोद पानेरी ने बताया कि बढ़ी हुई खुराक राशि खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं के दौरान बेहतर भोजन और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद करेगी, जिससे उनका प्रदर्शन भी बेहतर हो सकेगा। भत्ते के रूप में मिलने वाली इसी राशि में खिलाड़ी को सुबह का नाश्ता, दोपहर का भोजन, शाम का नाश्ता और रात का भोजन करना होता है। इसके अलावा रहने की व्यवस्था भी इसी राशि में करनी होती है। खिलाड़ियों का कहना है कि महंगाई के इस दौर में यह सब मुमकिन ही नहीं है। सरकार इस भत्ते की राशि का बहाना करती है, जबकि इस राशि में एक समय का नाश्ता और भोजन मिलना भी मुश्किल है। ऐसे में ज्यादातर टूर्नामेंट्स में स्कूलों के कमरों में ही सोना पड़ता है।
अररिया जिला समाहरणालय के परमान सभागार में डीएम विनोद दूहन की अध्यक्षता में जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति की बैठक आयोजित की गई। इसमें वरीय उप समाहर्ता (बैंकिंग), अग्रणी जिला प्रबंधक और विभिन्न बैंकों के जिला समन्वयक व शाखा प्रबंधक उपस्थित रहे। बैठक में डीएम ने विभिन्न बैंकिंग योजनाओं, ऋण वितरण और वित्तीय समावेशन की प्रगति की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान अररिया जिले का क्रेडिट-डिपॉजिट (सीडी) रेशियो 92.54 प्रतिशत पाया गया, जो बिहार राज्य के औसत 87.94 प्रतिशत से बेहतर है। इस उपलब्धि पर संतोष व्यक्त करते हुए, डीएम विनोद दूहन ने सभी बैंकों को वित्तीय वर्ष 2026-27 तक सीडी रेशियो को शत-प्रतिशत तक पहुंचाने का निर्देश दिया। किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना की समीक्षा भी की गई, जिसका उद्देश्य कृषि क्षेत्र के किसानों को सस्ता ऋण उपलब्ध कराना है। बताया गया कि जिले में लगभग 1.78 लाख पंजीकृत किसानों को केसीसी से जोड़ा जाना है। पशुपालन के लिए प्रति पशु 32,000 रुपये तक का केसीसी ऋण दिया जा सकता है। बैंकों को केसीसी लोन वितरण में तेजी लाएं डीएम ने सभी बैंकों को केसीसी ऋण वितरण में तेजी लाने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया। बैठक में लंबित आवेदनों के शीघ्र निपटारे पर भी जोर दिया गया। भारतीय ओवरसीज बैंक द्वारा केसीसी आवेदनों के निपटारे में सुस्ती बरतने पर डीएम ने नाराजगी जताई और सुधारात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) की प्रगति की भी समीक्षा की गई। डीएम ने सभी बैंकों को वित्तीय वर्ष 2026-27 के निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप ऋण स्वीकृति और वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैंकों की कार्यप्रणाली में सुधार करें उनके विरुद्ध उच्चाधिकारियों को कार्रवाई हेतु पत्र भेजने का फैसला लिया गया। बैठक के दौरान यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ बड़ौदा के कुछ शाखा प्रबंधकों की अनुपस्थिति पर भी नाराजगी व्यक्त की गई। डीएम ने संबंधित बैंकों के उच्चाधिकारियों को उचित कार्रवाई के लिए पत्र जारी करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने सभी बैंक अधिकारियों से अपील की कि कार्यप्रणाली में सुधार लाकर सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय सहयोग करें, ताकि जिले के अंतिम छोर तक वित्तीय सेवाएं पहुंच सकें।
वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की जीडीपी के 7.7 प्रतिशत की दर से बढ़ने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश की आर्थिक प्रगति की सराहना की है
ईरान युद्ध से भारतीय अर्थव्यवस्था को जोरदार झटका संभव
पश्चिम एशिया में चल रहे व्यापक युद्ध, जिसमें अमेरिका-इज़राइल जोड़ी और ईरान शामिल हैं

40 C
