सरकारी स्कूलों को इस वित्तीय वर्ष में नहीं मिली विकास राशि, कार्य बाधित
झारखंड के प्राथमिक और मध्य विद्यालयों को प्रतिवर्ष मिलने वाली विद्यालय विकास निधि चालू वित्तीय वर्ष में अब तक जारी नहीं की गई है। इस कारण प्रदेश के हजारों सरकारी विद्यालयों में दैनिक शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्य बाधित हो गए हैं। शिक्षकों को विद्यालय संचालन के लिए जरूरी सामग्री अपनी जेब से खरीदनी पड़ रही है और कई विद्यालयों में बुनियादी व्यवस्था चरमरा गई है। अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के मुख्य प्रवक्ता नसीम अहमद ने कहा कि विद्यालयों में पढ़ाई और प्रशासन के लिए आवश्यक खल्ली, झाड़ू, शौचालय सफाई सामग्री, साबुन, उपस्थिति पंजी, कैश बुक, मध्यान्ह भोजन पंजी, लेजर बुक, मीटिंग बुक और अन्य 40–45 प्रकार के अनिवार्य रजिस्टर की खरीद विकास निधि से होती है। लेकिन निधि नहीं मिलने से यह सब सामग्री समय पर उपलब्ध नहीं हो पा रही है। सबसे खराब स्थिति उन विद्यालयों की है, जहां एकल शिक्षक या पारा शिक्षक के भरोसे स्कूल चल रहा है। सीमित मानदेय में कार्यरत पारा शिक्षकों के लिए निजी खर्च के साथ विद्यालय संचालन का खर्च उठाना संभव नहीं हो पा रहा है, जिससे ऐसे विद्यालयों की स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। विकास निधि के अभाव में विद्यालयों का रंग-रोगन नहीं हो पा रहा है, भवन जर्जर दिखने लगे हैं।
आमसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 की कई योजनाओं पर की गई चर्चा
भास्कर न्यूज| रानीपतरा पूर्णिया पूर्व प्रखंड के डिमिया छत्रजान पंचायत भवन परिसर में गुरुवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजनाओं को लेकर एक महत्वपूर्ण आम सभा का आयोजन किया गया। सभा की अध्यक्षता मुखिया अंगद मंडल ने की। इस दौरान मुखिया ने पंचायत में अब तक कराए गए विकास कार्यों का लेखा-जोखा ग्रामीणों के सामने प्रस्तुत किया। उन्होंने सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं सबकी योजना सबका विकास, कबीर अंत्येष्टि योजना, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, विकसित भारत अभियान आदि की जानकारी देते हुए इनके लाभ और प्रक्रिया के बारे में बताया। साथ ही पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर देते हुए ग्रामीणों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया। सभा को संबोधित करते हुए जिला परिषद सदस्य संजीव कुमार उर्फ विवेका यादव ने आम सभा की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ऐसे मंच से आम लोग अपनी समस्याएं सीधे जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के समक्ष रख सकते हैं, जिससे वंचित परिवारों की पहचान कर उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ा जा सकता है। विवेका यादव ने कबीर अंत्येष्टि योजना की विसंगतियों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि वर्तमान में इसका लाभ केवल बीपीएल परिवारों तक सीमित है। उन्होंने मांग की कि इस योजना का लाभ सभी वर्गों के जरूरतमंद परिवारों को दिया जाए। इस अवसर पर सरपंच शोभालाल यादव, समिति प्रतिनिधि आशीष कुमार, विभिन्न वार्डों के वार्ड सदस्य व वार्ड पंच, पंचायत के गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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