भारतीय शेयर बाजारों में शुक्रवार, 25 सितंबर को तेजी ने फिर दस्तक दी। सेंसेक्स ने शुरुआत लाल निशान में की लेकिन कुछ ही देर में रुख बदल गया। कारोबार खत्म होने पर यह 315.20 अंकों की वृद्धि के साथ 73,895.74 पर बंद हुआ। इसी तरह निफ्टी भी गिरावट में खुला लेकिन फिर 77.40 अंकों की बढ़त के साथ 23,140.50 पर बंद हुआ। दिन में सेंसेक्स पिछले बंद भाव से 387.51 अंक तक चढ़कर 73,968.05 के हाई और निफ्टी पिछली क्लोजिंग से 99.6 अंकों की बढ़ोतरी के साथ 23,162.70 के हाई तक गया।लेकिन इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 40,487 करोड़ रुपये से ज्यादा घट गया। गुरुवार, 24 सितंबर को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,82,29,486.029 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को मार्केट बंद होने पर यह 4,81,88,998.45 करोड़ रुपये हो गया। यानि कि 40,487.579 करोड़ रुपये की कमी।एक दिन पहले कैसी रही थी बाजार की चालएक दिन पहले सेंसेक्स 1,247.71 अंक या 1.67 प्रतिशत गिरकर 3 महीने से अधिक के निचले स्तर 73,580.54 पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान एक समय यह 1,264.33 अंक फिसलकर 73,563.92 के लो तक चला गया था। निफ्टी 383.70 अंक या 1.64 प्रतिशत गिरकर 23,063.10 पर बंद हुआ था। यह 5 महीने से अधिक का निचला स्तर है।भारी बिकवाली की वजह रही कितेल की बढ़ती कीमतों ने महंगाई की चिंताएं फिर से बढ़ा दीं और इंश्योरेंस कमीशन पर प्रस्तावित कैप (सीमा) का असर फाइनेंशियल शेयरों पर पड़ा।हालांकि शुक्रवार कोकच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है। ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क, ब्रेंट क्रूड 1.2 प्रतिशत गिरकर 105.3 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है।Ola Electric Share Price: पहले 4 दिनों में 17% चढ़ा, अब एक झटके में 9% टूटा EV स्टॉक; जमकर मुनाफावसूलीरुपया मजबूतशुक्रवार को भारतीय करेंसी रुपया, अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 19 पैसे बढ़कर 95.80 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। रुपया गुरुवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 26 पैसे टूटकर 95.99 पर बंद हुआ था। कारोबारियों का कहना है कि मुद्रा बाजार में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को थामने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) हस्तक्षेप कर सकता है। घरेलू आयातकों, विशेषकर तेल कंपनियों की ओर से डॉलर की लगातार मांग, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख के चलते डॉलर सूचकांक में व्यापक मजबूती घरेलू मुद्रा पर दबाव बना रही है।Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
Stock Market Update: शेयर बाजार की आज की हलचल
Stock Market Update: शेयर बाजार की आज की हलचल
Stock Market Rise: सेंसेक्स 220 अंक तक उछला, एक दिन की भारी गिरावट के बाद 4 वजहों से बाजार फिर ग्रीन
शेयर बाजार में गुरुवार को आई बड़ी गिरावट के बाद शुक्रवार, 25 सितंबर को फिर से तेजी लौट आई है। सेंसेक्स ने शुरुआत लाल निशान में की और करीब 103 अंक तक टूटकर 73,477.77 के लो तक भी गया। लेकिन कुछ ही देर में यह हरे निशान में लौटा और पिछले बंद भाव से 220.4 अंक तक चढ़कर 73,800.94 के हाई तक गया। इसी तरह निफ्टी भी गिरावट में खुला, 23030 के लो तक गया और फिर पिछली क्लोजिंग से 58.5 अंक तक चढ़कर 23,121.60 का हाई देखा।एक दिन पहले सेंसेक्स 1,247.71 अंक या 1.67 प्रतिशत गिरकर 3 महीने से अधिक के निचले स्तर 73,580.54 पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान एक समय यह 1,264.33 अंक फिसलकर 73,563.92 के लो तक चला गया था। निफ्टी 383.70 अंक या 1.64 प्रतिशत गिरकर 23,063.10 पर बंद हुआ था। यह 5 महीने से अधिक का निचला स्तर है। आइए जानते हैं Stock Market में शुक्रवार को आई तेजी के अहम कारण डिटेल में...कच्चे तेल की कीमतों में गिरावटकच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है। ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क, ब्रेंट क्रूड 1.25 प्रतिशत गिरकर 105.2 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है।वैल्यू बाइंगपिछले सेशन में शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई थी। इसके चलते शुक्रवार को वैल्यू बाइंग देखने को मिली। निवेशक निचले स्तर पर खरीदारी कर रहे हैं। गुरुवार को Nifty50 और Sensex में 10 हफ्तों की सबसे बड़ी एक-दिनी गिरावट रही थी। तेल की बढ़ती कीमतों ने महंगाई की चिंताएं फिर से बढ़ा दीं और इंश्योरेंस कमीशन पर प्रस्तावित कैप (सीमा) का असर फाइनेंशियल शेयरों पर पड़ा।Axiom Gas Engineering ने किया मायूस, शेयर महज 1 प्रतिशत बढ़त में लिस्टरुपया मजबूतघरेलू शेयर बाजारों में सकारात्मक रुख के बीच शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 14 पैसे चढ़कर 95.85 पर पहुंच गया। रुपया गुरुवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 26 पैसे टूटकर 95.99 पर बंद हुआ था। कारोबारियों का कहना है कि मुद्रा बाजार में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को थामने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) हस्तक्षेप कर सकता है। घरेलू आयातकों, विशेषकर तेल कंपनियों की ओर से डॉलर की लगातार मांग, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख के चलते डॉलर सूचकांक में व्यापक मजबूती घरेलू मुद्रा पर दबाव बना रही है।India VIX में गिरावटपिछले सेशन में 23 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद, डर का पैमाना (Fear Gauge) India VIX 3 प्रतिशत गिरकर 12.32 तक चला गया। यह इंडेक्स भारतीय शेयर बाजार में अस्थिरता को मापता है। इसमें गिरावट का मतलब है कि निकट भविष्य में बाजार में कम उतार-चढ़ाव की उम्मीद है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ सकता है।Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार क्रय शक्ति समता के आधार पर करीब 20 ट्रिलियन डॉलर : पीयूष गोयल
भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार क्रय शक्ति समता के आधार पर करीब 20 ट्रिलियन डॉलर के करीब पहुंच गया है, जो इसे दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाते हैं। यह बयान वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने दिया।
Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, फ्लैट हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत
Stock Market Live Update: शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार के बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी की शुरुआत सुस्त रहने की संभावना है। GIFT निफ्टी फ्यूचर्स से मिले संकेतों के अनुसार, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी का दबाव बना हुआ है।सुबह 7:07 बजे, GIFT निफ्टी फ्यूचर्स, निफ्टी फ्यूचर्स के मुकाबले 34.4 अंक ऊपर ट्रेड कर रहा था, जो घरेलू शेयर बाजार के लिए सुस्त से लेकर सकारात्मक शुरुआत का संकेत दे रहा है।पिछले सेशन में, BSE सेंसेक्स 1.67% या 1,247.71 अंक गिरकर 73,580.54 पर बंद हुआ, जबकि NSE निफ्टी50 383.70 अंक या 1.64% गिरकर 23,063.10 पर बंद हुआ।इस बीच ग्लोबल संकेत भी कमजोर से मिले-जुले रहे। शुरुआती कारोबार में एशियाई बाजार मिले-जुले रहे।निवेशक ट्रंप-शी की बैठक, अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव, तेल की ऊंची कीमतों और ग्लोबल बॉन्ड की बिकवाली पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।जापान का निक्केई 225 0.48% ऊपर था, जबकि व्यापक टॉपिक्स (Topix) में 0.58% की बढ़त हुई। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 0.50% गिर गया। चीन और दक्षिण कोरिया के बाजार छुट्टी के कारण बंद रहे।मिडिल ईस्ट में जारी अनिश्चितता, ऊर्जा की बढ़ती कीमतों और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के बीच एशियाई शेयर बाजार सप्ताह के आखिरी कारोबारी सत्र में दाखिल हुए। ट्रेजरी यील्ड में लगातार बढ़ोतरी के कारण निवेशक लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरों के असर का भी आकलन कर रहे हैं।
India GDP Growth पर बढ़ा भरोसा S&P ने वृद्धि अनुमान बढ़ाकर 7 Percent किया
भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर दुनिया की बड़ी रेटिंग एजेंसियों का भरोसा एक बार फिर बढ़ा है। वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर चिंता बनी हुई है, इसके बावजूद भारत की घरेलू अर्थव्यवस्था उम्मीद से बेहतर रफ्तार दिखा रही है। इसी वजह से एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स, फिच रेटिंग्स और मूडीज ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि के अनुमान को बढ़ाया है। भारत की आर्थिक वृद्धि को लेकर वैश्विक संस्थानों का भरोसा लगातार मजबूत होता दिख रहा है। एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि का अनुमान 6.6 प्रतिशत से बढ़ाकर 7 प्रतिशत कर दिया है। वहीं, फिच रेटिंग्स ने भी अपना अनुमान 6.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.9 प्रतिशत कर दिया है। इससे पहले मूडीज ने भी पिछले सप्ताह वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की वृद्धि का अनुमान बढ़ाकर 7 प्रतिशत किया था। इतना ही नहीं, जेपी मॉर्गन चेज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेमी डिमॉन ने भी भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में शामिल बताया और देश की आर्थिक संभावनाओं को काफी अच्छा बताया है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर वैश्विक संस्थानों का भारत पर भरोसा अचानक क्यों बढ़ा है। मौजूद जानकारी के अनुसार, इसकी सबसे बड़ी वजह उम्मीद से बेहतर घरेलू आर्थिक प्रदर्शन है। अप्रैल से जून की तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था सालाना आधार पर 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ी। यह आंकड़ा कई अर्थशास्त्रियों और वैश्विक संस्थानों के अनुमान से बेहतर रहा। इसी मजबूत प्रदर्शन के बाद रेटिंग एजेंसियों ने पूरे वित्त वर्ष के लिए अपने अनुमान में बदलाव किया है। एसएंडपी के मुताबिक जून तिमाही की वृद्धि को औद्योगिक गतिविधियों, मजबूत घरेलू खपत, वस्तुओं के निर्यात और सरकारी निवेश में तेजी से सहारा मिला। यानी अर्थव्यवस्था की रफ्तार किसी एक क्षेत्र पर निर्भर नहीं रही। फिच ने भी बेहतर तिमाही वृद्धि को अपने अनुमान में बदलाव की प्रमुख वजह बताया। एजेंसी के अनुसार, 2026 की पहली छमाही में अमेरिका-ईरान संघर्ष से पैदा हुए झटकों और व्यापार की शर्तों में बदलाव के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने अपनी मजबूती बनाए रखी। गौरतलब है कि भारत की आर्थिक तस्वीर में घरेलू खपत की बड़ी भूमिका है। कई बड़ी एशियाई मैन्युफैक्चरिंग अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में भारत की वृद्धि विदेशी मांग पर कम निर्भर है। ऐसे में दुनिया में व्यापारिक तनाव या भू-राजनीतिक घटनाओं के बीच घरेलू बाजार अर्थव्यवस्था को सहारा देता है। एसएंडपी ने भी मजबूत खपत को वृद्धि अनुमान बढ़ाने की प्रमुख वजहों में शामिल किया है। नोमुरा के हालिया विश्लेषण में भी घरेलू मांग, खासकर लोगों की खपत को भारत की अर्थव्यवस्था का अहम सहारा बताया गया है। वैश्विक ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी का असर घरेलू ईंधन कीमतों पर सीमित रहने और महंगाई के सामान्य स्तर पर रहने से लोगों की खरीद क्षमता को भी कुछ राहत मिली है। इससे वाहन, मकान, यात्रा, वित्तीय सेवाओं और रोजमर्रा की वस्तुओं की मांग को सहारा मिलता है। दूसरा बड़ा सहारा निवेश है। सरकारी पूंजीगत खर्च आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहा है। एसएंडपी ने जून तिमाही में सरकारी निवेश की बढ़ती रफ्तार को वृद्धि का एक कारण बताया है। फिच को निजी निवेश में भी सुधार के संकेत दिखाई दे रहे हैं। एजेंसी को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2026-27 में निवेश 10 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ सकता है। जुलाई में गैर-खाद्य ऋण की सालाना वृद्धि दर 19 प्रतिशत तक पहुंच गई थी। भारत की अर्थव्यवस्था ने बाहरी झटकों को जिस तरह संभाला है, वह भी वैश्विक भरोसे की बड़ी वजह है। अमेरिका-ईरान तनाव, ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव और व्यापार पर दबाव के बावजूद वृद्धि दर में बड़ी गिरावट नहीं आई है। मूडीज ने भी ईरान संघर्ष के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को अपने अनुमान में बदलाव का आधार बनाया है। वस्तुओं के निर्यात में मजबूती ने भी वृद्धि को अतिरिक्त सहारा दिया है। खपत, सरकारी खर्च, निजी निवेश और निर्यात जैसे कई आधार एक साथ काम कर रहे हैं। हालांकि, तस्वीर पूरी तरह जोखिम से मुक्त नहीं है। बता दें कि एसएंडपी को वित्त वर्ष में औसत महंगाई 5.1 प्रतिशत रहने की उम्मीद है और उसने भारतीय रिजर्व बैंक की नीतिगत दर में 25 आधार अंक की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया है। फिच भी अक्टूबर में 25 आधार अंक की बढ़ोतरी की संभावना देख रहा है। ऊंची तेल कीमतें, खाद्य महंगाई और अल नीनो से जुड़ी मौसम संबंधी चुनौतियां आगे दबाव बढ़ा सकती हैं। वरिष्ठ अर्थशास्त्री डॉ. अभिनव पी. त्रिपाठी के अनुसार, रेटिंग एजेंसियां वित्त वर्ष की शुरुआत में भारत की स्थिति को पहले के मुकाबले बेहतर मान रही हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि पूरा साल बिना किसी चुनौती के गुजरने वाला है। ऐसे में बढ़े हुए अनुमान भारत की मजबूत शुरुआत को दिखाते हैं, लेकिन आगे की वृद्धि पर घरेलू और वैश्विक परिस्थितियों का असर बना रहेगा।
Stock Market Crash: शेयर बाजार में हाहाकार, NSE पर 2,000 से अधिक शेयरों में गिरावट, जानिए लीजिए कारण
Stock Market Crash: शेयर बाजार में हाहाकार, NSE पर 2,000 से अधिक शेयरों में गिरावट, जानिए लीजिए कारण
Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर
Market news : GIFT Nifty के संकेतों को देखते हुए,24 सितंबर को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में गिरावट के साथ शुरुआत होने की संभावना है। GIFT Nifty शुरुआती कारोबार में लगभग 23,278 के निचले स्तर पर ट्रेड कर रहा था। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।मार्केट ओवरव्यू23 सितंबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स में रिकवरी आती दिखी। IT शेयरों को छोड़कर सभी सेक्टर में हुई खरीदारी के दम पर निफ्टी ने 23,400 का स्तर फिर से हासिल कर लिया। ग्लोबल संकेतों के मिले-जुले होने के बावजूद,मार्केट बढ़त के साथ खुला और मेटल,रियल्टी और FMCG शेयरों में आई खरीदारी के कारण पूरे सेशन के दौरान बढ़त बनाए रखी। लगातार छठे सेशन में तेल की कीमतों में गिरावट ने भी मार्केट के सेंटीमेंट को बेहतर बनाया। जबकि IT शेयरों में बिकवाली के दबाव ने बढ़त को सीमित रखा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 299.17 अंक या 0.40 प्रतिशत बढ़कर 74,828.25 पर और निफ्टी 117.80 अंक या 0.50 प्रतिशत बढ़कर 23,446.80 पर बंद हुआ।गिफ्ट निफ्टीशुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी लगभग 23,278 के निचले स्तर पर ट्रेड कर रहा था,जो घरेलू इक्विटी बाज़ार में कमज़ोर शुरुआत का संकेत है।एशियाई बाजारगुरुवार को शुरुआती कारोबार में एशियाई शेयर बाज़ार मिले-जुले रुख के साथ कारोबार कर रहे हैं। तीन दिन की छुट्टी के बाद निक्केई स्टॉक बेंचमार्क में बढ़त देखने को मिल रही है। टोक्यो का बाज़ार AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से जुड़ी ग्लोबल तेज़ी के साथ तालमेल बिठाता दिख रहा है। हालांकि,बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और तेल की कीमतों में उछाल का असर बाज़ार के जोखिम लेने के रुझान पर दिख रहा है। टॉपिक्स में 0.13 फीसदी और निक्केई में 1.74 फीसदी की तेजी नजर आ रही है। वहीं, ताइवान का बाजार 0.51 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है।अमेरिकी बाजारबुधवार को वॉल स्ट्रीट में गिरावट देखने को मिली। इसमें अल्फाबेट और अमेज़न की अहम भूमिका रही। ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी और ईरान के राष्ट्रपति के इस बयान कि तेहरान कभी भी अमेरिकी दबाव के आगे नहीं झुकेगा,ने बाजार पर असर डाला। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान को पूरी तरह खत्म करने की चेतावनी के एक दिन बाद,संयुक्त राष्ट्र में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन के भाषण के बाद तेल की कीमतों में लगभग 4% की बढ़ोतरी हुई और S&P 500 एनर्जी सेक्टर इंडेक्स में तेजी आई।S&P 500 इंडेक्स में 0.75% की गिरावट आई और यह 7,706.05 पर बंद हुआ। नैस्डैक 1.13% गिरकर 26,936.04 पर आ गया। जबकि डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.68% गिरकर 51,511.59 पर बंद हुआ।डॉलर इंडेक्सडॉलर इंडेक्स दूसरी प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले मामूली बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है। फिलहाल यह 101.16 पर दिख रहा है।US बॉन्ड यील्डमजबूत आर्थिक डेटा और डेट ऑक्शन में कम मांग के कारण ट्रेज़री यील्ड्स (ज़्यादातर कर्व पर) लगभग दो दशकों के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गईं, जिससे ग्लोबल बॉन्ड्स में बिकवाली और बढ़ गई। फेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की उम्मीदें भी बढ़ गईं हैं।जापान,ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड में सरकारी बॉन्ड की कीमतों में गिरावट आई है, क्योंकि US के 10-साल के बॉन्ड पर यील्ड 15 बेसिस पॉइंट बढ़कर 5.11% हो गई। यह बढ़ोतरी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अप्रैल 2025 में टैरिफ़ की घोषणा के बाद आई बाज़ार की उथल-पुथल के बाद से एक दिन में हुई सबसे बड़ी बढ़ोतरी है। हालांकि,2-साल के ट्रेजरी बॉन्ड मामूली गिरावट के साथ 4.89 पर ट्रेड कर रहे हैं।एशियन करेंसीअमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई मुद्राओं में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है। इंडोनेशियाई रुपया सबसे ज़्यादा मज़बूत हुआ है और पिछले क्लोज़ के मुकाबले 0.37% ऊपर चढ़ा है। जापानी येन भी 0.285% मज़बूत हुआ है। जबकि दक्षिण कोरियाई वॉन में 0.336% की गिरावट आई है।फ़िलिपींस के पेसो में 0.172% की गिरावट आई है,जबकि चीनी रेनमिनबी 0.171% गिर गई है। मलेशियाई रिंगित और ताइवान डॉलर में क्रमशः 0.191% और 0.22% की गिरावट दर्ज की गई है। सिंगापुर डॉलर और थाई बहत में मामूली गिरावट (क्रमशः 0.023% और 0.021%) देखी गई है और वे काफी हद तक सपाट दिख रहे हैं।सोने में हल्की बढ़तसोने की कीमतों में गिरावट थम गई है क्योंकि एनर्जी की कीमतों में तेज़ी और उम्मीद से बेहतर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों के कारण इस बात की संभावना बढ़ गई है कि महंगाई को काबू में करने के लिए फेडरल रिजर्व फिर से ब्याज दरें बढ़ा सकता है। एक दिन पहले की 1.7% की गिरावट के बाद आज सोना 0.27 फीसदी की बढ़त के साथ लगभग $4,290 प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा है। वहीं, कोमेक्स पर चांदी में 0.08 फीसदी की हल्की बढ़त दिख रही है।कच्चे तेल में गिरावटगुरुवार को कच्चे तेल की कीमतों में थोड़ी गिरावट आई है। इससे पहले के सेशन में कीमतें 4% बढ़ी थीं। गिरावट की वजह ईरान का यह बयान था कि वह अमेरिका-ईरान तनाव को खत्म करने के लिए बातचीत को तैयार है,हालांकि दोनों देशों के बीच बातचीत करने के तरीकों को लेकर अभी भी काफी मतभेद हैं। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 94 सेंट या 0.9% गिरकर $102.13 प्रति बैरल पर आ गया है,जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट फ्यूचर्स 59 सेंट या 0.7% गिरकर $91.56 पर आ गया है।विदेशी निवेशकों की बिकवाली थमीविदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार दो दिनों तक बिकवाली करने का सिलसिला रोक दिया और 23 सितंबर को ₹1,600 करोड़ के शेयर खरीदकर नेट खरीदार बन गए। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी खरीदारी जारी रखी और इस दौरान ₹2,341 करोड़ के शेयर खरीदे।Stocks In News: पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड से मिली अहम मंजूरी के बाद आज इस शेयर में देखने को मिल सकता है जोरदार एक्शन
Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा कमजोर शुरुआत के संकेत, ग्लोबल बाजारों में भी दबाव
Stock Market Live Update:गुरुवार को भारतीय शेयर बाज़ार के बेंचमार्क इंडेक्स, सेंसेक्स और निफ्टी 50 के निचले स्तर पर खुलने की उम्मीद है। इसकी वजह ग्लोबल बाज़ारों में आई गिरावट, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और US ट्रेजरी यील्ड में हुई बढ़ोतरी है।गिफ्ट निफ्टी के ट्रेंड्स भी आज भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स, निफ्टी 50 और सेंसेक्स के लिए 'गैप-डाउन' शुरुआत का संकेत दे रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी 23,266 के लेवल के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स की पिछली क्लोजिंग से लगभग 184 अंक नीचे है।पिछले सेशन में बाज़ार में रिकवरी जारी रही और दोनों बेंचमार्क इंडेक्स में लगभग आधे-आधे परसेंट की बढ़त देखी गई।ग्लोबल संकेत आज खराबग्लोबल संकेत आज खराब नजर आ रहे है। अमेरिका में 10 साल की बॉन्ड यील्ड में उछाल से सेंटिमेंट खराब हुए। 2007 के बाद सबसे ऊंचाई पर पहुंची। डॉलर इंडेक्स भी 101 के ऊपर कायम है। अमेरिकी बाजारो में भी भारी बिकवाली देखने को मिली। डाओ 350 प्वाइंट टूटा है। नैस्डेक में भी 1 परसेंट की गिरावट आई है। एशिया में जापान ऊपर है। कोरिया के बाजार बंद हैं।UN में ईरान का अमेरिका को करारा जवाब दिया है। ईरान के राष्ट्रपति ने ट्रंप की धमकियों के आगे झुकने से इनकार किया और कहा प्रतिबंध जारी रहे तो होर्मुज बंद रहेगा। कच्चा तेल 102 के करीब बना हुआ है।
Stock Market Updates: हरे निशान पर बंद हुआ बाजार! सेंसेक्स-निफ्टी में बड़ी तेजी, जानें किन शेयरों में रही सबसे ज्यादा हलचल
Stock Market Update: सेंसेक्स-निफ्टी में तेजी, निफ्टी 23,450 के पार
Stock Market Update: सेंसेक्स-निफ्टी में तेजी, निफ्टी 23,450 के पार
Real Estate Investment Trusts: यह लेख बताता है कि कैसे रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (REITs) निवेशकों को सीधे संपत्ति खरीदे बिना वाणिज्यिक संपत्तियों से नियमित आय (डिविडेंड) अर्जित करने का अवसर देते हैं।
फिच रेटिंग्स ने FY27 के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 6.9% किया। जानिए जून तिमाही के आंकड़े, सेक्टर वाइज प्रभाव और अक्टूबर में आरबीआई द्वारा 0.25% ब्याज दर बढ़ाने की संभावना पर पूरी रिपोर्ट।
हफ्ते के तीसरे ट्रेडिंग सेशन में बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, एशियन पेंट्स के शेयर बढ़त लेकर खुले।
Stock Market Live Update: ग्लोबल मार्केट से मिले-जुले संकेतों और कच्चे तेल की कम कीमतों के कारण, बुधवार को भारतीय शेयर बाजार के सुस्त शुरुआत करने की उम्मीद है। अमेरिका-ईरान बातचीत के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने के संकेतों से निवेशकों का भरोसा बढ़ने की संभावना है।गिफ्ट निफ्टी के ट्रेंड्स भी आज भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स, निफ्टी 50 और सेंसेक्स के लिए नकारात्मक शुरुआत का संकेत दे रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी 23,342 के लेवल के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स की पिछली क्लोजिंग से लगभग 53 अंक नीचे है।मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड में वेल्थ मैनेजमेंट के रिसर्च हेड सिद्धार्थ खेमका ने कहा, हालांकि ग्लोबल अस्थिरता अभी भी ज़्यादा है, लेकिन भारतीय इक्विटी के निकट भविष्य में साइडवेज से मामूली रूप से सकारात्मक रहने की संभावना है। पश्चिम एशिया में घटनाक्रम, ब्रेंट क्रूड में उतार-चढ़ाव, विदेशी निवेश और ग्लोबल संकेत निकट भविष्य में मुख्य कारक बने रहेंगे।
WEF की सितंबर 2026 रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की GDP Growth 6.7% रह सकती है. 74% अर्थशास्त्रियों को मजबूत आर्थिक ग्रोथ की उम्मीद है.
Stock Market View : बाजार पर बात करते हुए SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का कहना है कि हफ़्ते की एक्सपायरी के दिन बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी मामूली बढ़त के साथ खुला लेकिन ऊंचे स्तरों पर टिक नहीं पाया और ज़्यादातर समय इसमें बिकवाली का दबाव देखने को। हालांकि,आखिरी घंटे में आई थोड़ी रिकवरी से इंडेक्स को नुकसान कुछ कम करने में मदद मिली। आखिरकार यह 0.36% गिरकर 23329 पर बंद हुआ। डेली चार्ट पर निफ्टी ने एक 'बेयरिश कैंडल' बनाई, जो निकट भविष्य में और कमजोरी आने का संकेत है।तकनीकी रूप से देखें तो निफ्टी पर दबाव बना हुआ है क्योंकि यह अपने अहम शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा है। इसके अलावा,डेली RSI भी बेयरिश जोन में बना हुआ है,जो कमजोर मोमेंटम का संकेत है। निफ्टी में शामिल कंपनियों में कोल इंडिया और एटरनल सबसे ज्यादा बढ़त वाली कंपनियां रहीं,जबकि टाटा कंज्यूमर और नेस्ले इंडिया में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई। सेक्टर के हिसाब से देखें तो निफ्टी मीडिया और निफ्टी रियल्टी ने अच्छा प्रदर्शन किया,जबकि निफ्टी IT और निफ्टी सीमेंट में सबसे ज्यादा गिरावट रही।सेंसेक्स-निफ्टी की तरह ही,ब्रॉडर मार्केट में भी कमजोरी दिखी और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ़्टी स्मॉलकैप 100 दोनों ही गिरावट के साथ बंद हुए। बाजार का दायरा कमजोर रहा क्योंकि एडवांस/डिक्लाइन रेश्यो में गिरने वाले शेयरों की संख्या ज्यादा रही। निफ़्टी 500 में शामिल 306 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए, जिससे पूरे बाजार में बड़े पैमाने पर बिकवाली का दबाव साफ पता चलता है।आगे 23450-23500 का जोन इंडेक्स के लिए एक अहम रेजिस्टेंस एरिया का काम कर सकता है। अगर इंडेक्स लगातार 23500 के ऊपर लगातार बना रहता है तो शॉर्ट टर्म में चल रही पुलबैक रैली 23650 के लेवल तक बढ़ सकती है।दूसरी ओर 23230-23200 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया का काम करेगा। अगर इंडेक्स 23200 के नीचे जाता है तो शॉर्ट-टर्म स्ट्रक्चर कमजोर हो सकता है और इंडेक्स का करेक्टिव ट्रेंड फिर से शुरू हो सकता है।बैंक निफ्टी व्यूबैंकिंग बेंचमार्क बैंक निफ्टी पिछले नौ ट्रेडिंग सेशन से लगभग 1300 पॉइंट्स की सीमित रेंज में ही घूम रहा है। यह इंडेक्स अपने शॉर्ट और मीडियम टर्म मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा है। पिछले दो ट्रेडिंग सेशन में यह अपने 200-दिन के EMA लेवल को पार करने में नाकाम रहा है। मोमेंटम इंडिकेटर्स भी एक ही दायरे में चल रहे हैं और डेली RSI न्यूट्रल जोन में बना हुआ है।आगे चलकर 56700-56800 के आसपास स्थित 200-डे EMA इंडेक्स के लिए एक अहम रेजिस्टेंस एरिया का काम कर सकता है। अगर इंडेक्स मजबूती से 56800 के ऊपर जाता है तो इससे रैली का एक नया दौर शुरू हो सकता है और शॉर्ट टर्म में 57400 के लेवल तक पहुंचने का रास्ता बन सकता है।नीचे की तरफ,55800-55700 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया बना रहेगा। अगर यह 55700 के नीचे टिकता है तो इसमें गिरावट का दौर फिर से शुरू हो सकता है और यह शॉर्ट टर्म में 55200 के लेवल को टेस्ट कर सकता है।डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
Stock Market Update: सेंसेक्स-निफ्टी में शुरुआती बढ़त के बाद दबाव, IT शेयरों में बिकवाली
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भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार अगले एक दशक में तीन गुना होने का अनुमान: जेपी मॉर्गन के सीईओ जेमी डिमन
अमेरिकी बैंक जेपी मॉर्गन चेस के सीईओ जेमी डिमन ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था का आकार अगले एक दशक में करीब तीन गुना हो सकता है और कंपनी देश में अपना विस्तार कर रही है।
Stock Market Today 22 September, 2026: मामूली तेजी के साथ खुला शेयर बाजार, आईटी स्टॉक्स में गिरावट
हफ्ते के दूसरे ट्रेडिंग सेशन में ट्रेंट, इंडिगो, एशियन पेंट्स जैसी प्रमुख कंपनियों के शेयर बढ़त लेकर खुले।
GDP Growth vs. Reality: 7.8% growth—yet why aren't people's earnings rising?
'राजेश का अर्थ राज' में वरिष्ठ पत्रकार राजेश महापात्रा ने सवाल उठाया है कि हाई जीडीपी ग्रोथ के बावजूद आम आदमी की जेब खाली क्यों है? स्लम इलाकों की घटती खपत, बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी का जिक्र करते हुए उन्होंने सरकार से देश की असली आर्थिक तस्वीर पेश करने वाले आंकड़े जारी करने की मांग की है।
India's GDP Row: पहले Subhash Garg अब Shankar Sharma ने उठाए GDP Growth पर सवाल
पूर्व वित्त सचिव सुभाष गर्ग ने GDP के आधिकारिक आंकड़ों पर सवाल उठाए हैं। अब दिग्गज निवेशक शंकर शर्मा ने ‘Real Feel GDP’ का मुद्दा उठाते हुए कहा है कि आंकड़ों में ग्रोथ भले ही 7% से ज्यादा दिख रही हो, लेकिन आम लोगों को इसका असर उनकी रोजमर्रा की जिंदगी में उतना महसूस नहीं होता।
PM Modi के GDP Growth पर INDIA ने कसके सुनाया | Congress | Pawan Khera | Pappu Yadav | Manoj Jha
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जीडीपी ग्रोथ रेट 7.8% रहने पर देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने मंगलवार को वीडियो जारी कर कहा कि ये उपलब्धि देशवासियों की इच्छाशक्ति, मेहनत और सामूहिक ताकत का नतीजा है. अब इस वीडियो पर विपक्ष ने घेर लिया. विपक्ष ने क्या कुछ कहा. देखिए इस वीडियो में
Economy Boom or Fake Data? GDP Growth 7.8% की असली सच्चाई क्या है?
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 7.8% जीडीपी (GDP) ग्रोथ के आंकड़ों पर जहां पीएम मोदी और सरकार अपनी पीठ थपथपा रहे हैं, वहीं देश के जाने-माने अर्थशास्त्रियों ने इसकी सच्चाई पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
Stock Market Opening : हफ्ते की शानदार शुरुआत! 189 अंक चढ़कर खुला Nifty, सेंसेक्स 788 अंक ऊपर
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Stock Market Timing Change: निवेशकों के लिए बड़ी खबर! आज से बदल गई NSE-BSE की ट्रेडिंग टाइमिंग, देखें नया शेड्यूल

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