वैश्विक संकट के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत, RBI बुलेटिन में घरेलू मांग को मिला श्रेय
पश्चिम एशिया संकट के कारण बढ़ती महंगाई और मौजूदा व्यापार तनाव जैसी वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत की मजबूत आर्थिक बुनियाद और लक्षित नीतिगत उपाय अर्थव्यवस्था को सहारा दे रहे हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के शुक्रवार को जारी बुलेटिन में यह बात कही गई। अक्टूबर बुलेटिन में प्रकाशित ‘अर्थव्यवस्था की स्थिति’ शीर्षक वाले लेख के मुताबिक, पश्चिम एशिया में नए सिरे से भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति श्रृंखला में बाधाओं ने महंगाई का दबाव बढ़ाया है। इसके चलते प्रमुख केंद्रीय बैंकों ने नीतिगत ब्याज दरें बढ़ाई हैं। विकसित अर्थव्यवस्थाओं में सरकारी बॉन्ड पर मिलने वाले प्रतिफल की ऊंची दरों ने भी राजकोषीय और वित्तीय स्थिरता पर इसके असर को लेकर चिंताएं बढ़ाई हैं। लेख के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की तरफ से 2026 और 2027 के लिए वैश्विक आर्थिक परिदृश्य का अनुमान बढ़ाने के बावजूद वैश्विक अर्थव्यवस्था के सामने कई बड़े जोखिम बने हुए हैं। इनमें बढ़ती महंगाई, ऊंचा सार्वजनिक कर्ज और राजकोषीय स्थिरता से जुड़ी चिंताएं शामिल हैं। हालांकि, कृत्रिम मेधा (एआई) से मिलने वाले लाभ और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव कुछ राहत देने वाले कारक हैं। लेख में कहा गया है कि ऊर्जा का शुद्ध आयातक होने के बावजूद भारत में घरेलू मांग और सेवा क्षेत्र की मजबूती से सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि को समर्थन मिला है। उद्योग और सेवा क्षेत्र के महत्वपूर्ण आंकड़ें भी अर्थव्यवस्था की मजबूती दर्शाते हैं। आरबीआई के लेख के मुताबिक, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा महंगाई हाल के महीनों में बढ़ी है और इसका असर अधिक क्षेत्रों तक फैलने के संकेत मिले हैं। ऐसे में मौद्रिक नीति के रुख में इसके अनुरूप बदलाव की जरूरत हो सकती है। लेख में कहा गया है, विदेशी मुद्रा बाजार में सट्टेबाजी की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए रिजर्व बैंक ने कई नियामकीय उपाय किए हैं, जिनसे वैश्विक चुनौतियों से निपटने में मदद मिल रही है। एफसीएनआर (बी) अदला-बदली सुविधा के तहत मजबूत प्रवाह से विदेशी मुद्रा भंडार को भी समर्थन मिला। अगस्त में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई), बाह्य वाणिज्यिक उधारी (ईसीबी) और विदेश से भेजे गए धन के प्रवाह में मजबूती आई। अगस्त, 2026 में एफडीआई प्रवाह मजबूत बना रहा। संचार, विविध सेवाओं और विनिर्माण क्षेत्रों में कुल एफडीआई का दो-तिहाई से अधिक निवेश आया। अमेरिका, सिंगापुर और मॉरीशस से करीब 72 प्रतिशत एफडीआई प्रवाह हुआ। बुलेटिन के मुताबिक, सितंबर और अक्टूबर में 19 तारीख तक भारतीय शेयर बाजारों में ज्यादातर गिरावट का रुख रहा। वैश्विक तनाव बढ़ने, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और वित्तीय परिस्थितियों के सख्त होने से निवेशकों की जोखिम लेने की इच्छा प्रभावित हुई। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की बिकवाली से विदेशी निवेश पर दबाव पड़ा, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशक शुद्ध खरीदार बने रहे। आरबीआई ने स्पष्ट किया कि बुलेटिन में प्रकाशित लेख में व्यक्त विचार लेखकों के हैं और इन्हें केंद्रीय बैंक का आधिकारिक रुख नहीं माना जाना चाहिए।
भारतीय अर्थव्यवस्था की व्यापक आर्थिक बुनियाद मजबूत, नीतिगत हस्तक्षेपों से मिला सहारा: आबीआई बुलेटिन
भारतीय अर्थव्यवस्था की व्यापक आर्थिक बुनियाद मजबूत, नीतिगत हस्तक्षेपों से मिला सहारा: आबीआई बुलेटिन
भारतीय शेयर बाजारों में शुक्रवार, 23 अक्टूबर को लगातार चौथे कारोबारी सत्र में बिकवाली का दबाव रहा। बाजार ने शुरुआत तो हरे निशान में की लेकिन यह टिक न सकी और शुरुआती कारोबार में ही खत्म हो गई। बाद में सेंसेक्स 125.56 अंकों की गिरावट के साथ 73,123.83 और निफ्टी 87.65 अंक टूटकर 22,600 पर बंद हुआ। इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 7.42 लाख करोड़ रुपये घट गया। दिन में सेंसेक्स ने 73,766.51 और निफ्टी ने 22,787.25 का हाई देखा।फिर सेंसेक्स इस हाई से 1314 अंक और पिछले क्लोजिंग प्राइस से 797 अंक तक फिसलकर 72,452.37 के लो तक गया। इसी तरह निफ्टी भी दिन के हाई से 415 अंक और पिछली क्लोजिंग से 315.65 अंक तक गिरकर 22,372 के लो तक गया। 22 अक्टूबर को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 459.25 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा था। शुक्रवार को मार्केट बंद होने के बाद यह 451.83 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा दर्ज किया गया। यानि कि 7.42 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की कमी।निफ्टी पर इटर्नल, अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइज, ओएनजीसी, एशियन पेंट्स और TCS टॉप गेनर्स रहे। वहीं श्रीराम फाइनेंस, अदाणी एंटरप्राइजेस, JSW स्टील, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज और अदाणी पोर्ट्स टॉप लूजर्स रहे। निफ्टी के सेक्टोरल इंडेक्सेज में सबसे ज्यादा गिरावट मेटल शेयरों में दिखी।गुरुवार को कैसी रही थी बाजार की चालएक दिन पहले गुरुवार को सेंसेक्स 460.30 अंक या 0.62 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,249.39 पर बंद हुआ था। निफ्टी भी 123.70 अंक या 0.54 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,687.65 पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान एक समय सेंसेक्स 704.58 अंक और निफ्टी 256.5 अंक तक टूटा था।SBI Cards Q2 Results: शुद्ध मुनाफा 75% बढ़ा, रेवेन्यू में 3% का इजाफा; शेयर 4% गिरारुपये का हालशुक्रवार को अमेरिकी मुद्रा डॉलर के मुकाबले रुपया 13 पैसे टूटकर 94.94 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। वैश्विक स्तर पर डॉलर की मजबूती और ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतों के 114 डॉलर प्रति बैरल के पार होने से लगातार बनी व्यापक आर्थिक चुनौतियों के कारण रुपये पर दबाव है। रुपया गुरुवार को 94.81 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
Stock Market Update: शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 450 अंक टूटा; निफ्टी 22,500 के नीचे
Stock Market Update: शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 450 अंक टूटा; निफ्टी 22,500 के नीचे
शेयर बाजार में शुक्रवार, 23 अक्टूबर को लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट है। सेंसेक्स और निफ्टी ने शुरुआत हरे निशान में की। सेंसेक्स ने 73,766.51 और निफ्टी ने 22,787.25 का हाई देखा। कुछ ही देर में सेंसेक्स इस हाई से 1279 अंक और पिछले क्लोजिंग प्राइस से 761.92 अंक तक फिसला और 72,487.47 के लो तक गया। इसी तरह निफ्टी भी दिन के हाई से 380 अंक और पिछली क्लोजिंग से 280.6 अंक तक गिरकर 22,407.05 के लो तक गया।एक दिन पहले सेंसेक्स 460.30 अंक या 0.62 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,249.39 पर बंद हुआ था। निफ्टी भी 123.70 अंक या 0.54 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,687.65 अंक पर बंद हुआ था। आइए जानते हैं Stock Market में शुक्रवार आई तेज गिरावट के अहम कारण...कच्चे तेल की बढ़ती कीमतेंकच्चे तेल की कीमत में बनी हुई तेजी भारतीय शेयर बाजारों में गिरावट की एक बड़ी वजह है। अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स की कीमत बढ़कर 114 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है। इससे बाजार का सेंटिमेंट कमजोर हुआ है। प्रमुख निर्यातक देश सऊदी अरब पर हूती हमलों के बाद एनर्जी की सप्लाई में और अधिक बाधा आने को लेकर चिंता बढ़ गई है। कच्चे तेल की कीमत में तेजी भारत के लिए एक बड़ा जोखिम है। देश अपने कच्चे तेल की कुल जरूरत का एक बहुत बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। तेल महंगा होने पर देश में महंगाई बढ़ने का जोखिम रहता है।Tonbo Imaging India: जबरदस्त सब्सक्रिप्शन के बाद शानदार लिस्टिंग, मिला 66% का बंपर गेनFII की बिकवाली22 अक्टूबर 2026 को, FIIs नेट सेलर बने रहे। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने शुद्ध रूप से 3,458.70 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 2,891.32 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। घरेलू संस्थागत निवेशकों की यह खरीदारी विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के दबाव को केवल आंशिक रूप से ही कम कर पाई।इंडिया VIX में उछालबाजार में उतार-चढ़ाव का पैमाना माने जाने वाले 'इंडिया VIX' में 8% की बढ़ोतरी हुई है और यह 17 के स्तर पर पहुंच गया है। इससे पता चलता है कि मार्केट पार्टिसिपेंट्स को निकट भविष्य में बाजार पर दबाव बने रहने की आशंका है।Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
Stock Market: सेंसेक्स 300 अंक चढ़कर 73,500 के पार, IT शेयरों में तेजी; जियो IPO का आज आखिरी दिन
Stock Market: सेंसेक्स 300 अंक चढ़कर 73,500 के पार, IT शेयरों में तेजी; जियो IPO का आज आखिरी दिन
Stock Market Closing: 460 अंक टूटकर 73,249 पर आया सेंसेक्स; निफ्टी 124 अंक नीचे खिसका
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Stock Market Update: शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 600 अंक से ज्यादा टूटा, निफ्टी 22,600 के नीचे; निवेशकों के ₹5 लाख करोड़ स्वाहा
Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर
Market news : सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी के दिन बाजार के लिए मिले-जुले संकेत नजर आ रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी में करीब 60 प्वाइंट की गिरावट दिख रही है। कल FIIs और DIIs दोनों की कैश में खरीदारी हुई थी। सुबह एशियाई बाजारों में दबाव देखने को मिल रहा था। हालांकि, कल अमेरिकी बाजारों में अच्छी तेजी रही। मेटा, टेस्ला और IBM जैसी कंपनियों के उम्मीद से अच्छे नतीजों से नैस्डैक एक फीसदी से ज्यादा उछला।यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।मार्केट ओवरव्यूबुधवार, 21 अक्टूबर को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स लगातार दूसरे सत्र में दबाव में रहे। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और कॉरपोरेट नतीजों को लेकर बनी चिंताओं के बीच, ज्यादातर सेक्टरों में बिकवाली का असर बाजार के सेंटीमेंट पर पड़ा। बाजार बढ़त के साथ खुले और शुरुआती कुछ घंटों तक पॉजिटिव दायरे में रहे, लेकिन बाद में मुनाफावसूली (प्रॉफिट बुकिंग) के कारण सारी बढ़त खत्म हो गई। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 143.21 अंक या 0.19 प्रतिशत गिरकर 73,709.69 पर आ गया और निफ्टी 77.60 अंक या 0.34 प्रतिशत गिरकर 22,811.35 पर बंद हुआ।वेस्ट एशिया संकट गहराने के संकेतवेस्ट एशिया संकट गहराने के संकेत हैं। सऊदी अरामको पर ड्रोन हमले के बाद टेंशन बढ़ी है। इधर IRGC की चेतावनी में कहा गया है कि ईरान पर हमला करने वाले देश को बख्शेंगे नहीं। कच्चा तेल 110 डॉलर के ऊपर कायम है।जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO ने मचाया धमालजियो प्लेटफॉर्म्स के IPO ने धमाल मचाया है। यह पहले दिन ही 3 गुना से ज्यादा भर गया है। अभी तक एंकर निवेशकों समेत 3.2 लाख करोड़ की बोलियां मिली हैं। QIB सेगमेंट करीब 9.5 गुना सब्सक्राइब हुआ है। NIIs, Employees और शेयरहोल्डर्स का हिस्सा भी पूरी तरह भर गया है। आज IPO का दूसरा दिन है।मार्को रुबियो ने RIL रिफाइनरी का किया दौरारिलायंस की जामनगर रिफाइनरी में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का जोरदार स्वागत किया गया। इन्होंने रिलायंस की न्यू एनर्जी गीगाफैक्ट्रीज और डाटा सेंटर का दौरा किया। मुकेश अंबानी के साथ एनर्जी सप्लाई समेत US कंपनियों से टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग में साझेदारी बढ़ाने पर मंथन हुआ।19% बढ़ा इंडियन होटल्स का मुनाफा, KEI इंडस्ट्रीज का प्रॉफिट 29% उछलादूसरी तिमाही में इंडियन होटल्स का मुनाफा 19% से ज्यादा बढ़ा है। रेवेन्यू में 22% की बढ़त हुई है। मार्जिन में भी सुधार दिखा है। वहीं, KEI इंडस्ट्रीज का प्रॉफिट 29% बढ़ा है। मार्जिन में भी हल्का सुधार दिखा है।वायदा की 7 कंपनियों के नतीजे आजनतीजों के लिहाज से आज अहम दिन है। आज कोलगेट, हैवेल्स, स्विगी समेत वायदा की 7 कंपनियों के नतीजे आएंगे। हैवेल्स का प्रॉफिट चार परसेंट बढ़ सकता है। रेवेन्यू में 20% की तेजी संभव है। लेकिन मार्जिन पर दबाव देखने को मिल सकता है।एशियाई करेंसीजअमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई करेंसीज में मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है। दक्षिण कोरियाई वॉन, थाई बाह्ट और चीनी रेनमिनबी में मामूली बढ़त दर्ज की गई है। जबकि इंडोनेशियाई रुपिया, फिलीपीनी पेसो और ताइवान डॉलर में सबसे ज्यादा गिरावट आई है।विदेशी निवेशकों का एक्शन21 अक्टूबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 1,022 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। इसी दौरान घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी लगभग 1,614 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।Market Trend : निफ्टी के लिए 23000 के पार जाना काफी मुश्किल, शॉर्ट टर्म में बंपर कमाई के लिए इन शेयरों पर रहे नजर
Stock Market Live Update: बाजार का सेंटीमेंट अभी भी कमजोर बना हुआ है। हर रिकवरी पर बिकवाली देखने को मिल रही है। आज सेंसेक्स की साप्ताहिक एक्सपायरी है। बुधवार के आखिरी 30 मिनटों की बदौलत, निफ्टी 50 को 22,800 के स्तर के ऊपर बंद होने में कामयाबी मिली। यह स्तर अभी भी सबसे महत्वपूर्ण है, जिसे बनाए रखना जरूरी है।अर्निंग्स (कमाई के नतीजों) के अलावा, कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों पर नजर रखना जरूरी है, जो अभी भी 110 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं। बॉन्ड यील्ड पर भी नजर रखनी होगी, क्योंकि भारत का 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड अब 7.43% पर है, जो 2023 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। ऊपर की तरफ, अगर बाजार 23,000 के स्तर की ओर रिकवर होता है, तो वहां बिकवाली का दबाव देखने को मिल सकता है।आज जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO का दूसरा दिन है। पहले दिन इसे ऐतिहासिक रिस्पॉन्स मिला था, जिसमें 70,000 करोड़ रुपये की बोलियां लगाई गई थीं। सोमवार को बंद हुए चार IPO के रिफंड के रूप में आज सिस्टम में 1.8 लाख करोड़ रुपये की लिक्विडिटी वापस आ रही है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि यह पैसा किस तरफ जाता है।निफ्टी बैंक के लिए 54,500 - 55,500 का दायरा अहम बना हुआ है। जब तक यह 56,000 के स्तर के ऊपर लगातार बंद नहीं होता, तब तक वहां मोमेंटम में बदलाव आना मुश्किल है।आज नतीजों के बाद शेयरों में आने वाली प्रतिक्रिया पर नजर रखना जरूरी होगा। इसके अलावा, स्विगी (Swiggy), HPCL और हैवेल्स (Havells) पर भी नजर रखें, साथ ही ई-मुद्रा (eMudhra) में आगे क्या हलचल होती है, इस पर भी ध्यान दें।
New Delhi, 21 अक्टूबर . भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने Wednesday को कहा कि वैश्विक अनिश्चितता का घरेलू आर्थिक गतिविधियों पर कुछ असर जारी रहेगा. पश्चिम एशिया में…
21 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजारों में पहले अच्छी तेजी दिखी लेकिन यह टिक न सकी। लिहाजा बाजार लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में लाल निशान में बंद हुए। सेंसेक्स 143.21 अंक या 0.19 प्रतिशत गिरकर 73,709.69 पर और निफ्टी 77.60 अंक या 0.34 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,811.35 पर बंद हुआ।इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 6.73 लाख करोड़ रुपये घट गया। 19 अक्टूबर को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 468.51 लाख करोड़ रुपये था।बुधवार को मार्केट बंद होने के बाद यह 461.78 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा दर्ज किया गया। यानि कि 6.73 लाख करोड़ रुपये से ज्यादाकी कमी। 20 अक्टूबर को दशहरा पर शेयर बाजार बंद थे। बुधवार को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स पिछली क्लोजिंग से 829 अंक तक चढ़कर 74,682.19 के हाई तक गया। निफ्टी भी पिछली क्लोजिंग से 232 अंक तक चढ़कर 23,120.90 के हाई तक गया।निफ्टी पर इंफोसिस, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, TCS, अल्ट्राटेक सीमेंट टॉप गेनर्स रहे। वहीं बजाज फाइनेंस, BSE, इटर्नल, आयशर मोटर्स और ट्रेंट टॉप लूजर्स रहे। निफ्टी के सेक्टोरल इंडेक्सेज में सबसे ज्यादा गिरावट केमिकल्स और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों में दिखी।सोमवार को कैसी रही थी बाजार की चाल19 अक्टूबर को महानवमी के मौके पर सेंसेक्स 876.37 अंक या 1.17 प्रतिशत गिरकर 73,852.90 पर बंद हुआ था। निफ्टी 257.20 अंक या 1.11 प्रतिशत टूटकर 22,888.95 पर सेटल हुआ था। दिन में सेंसेक्स पिछले बंद भाव से 1020.73 अंक तक गिरकर 73,708.54 के लो तक गया। निफ्टी पिछली क्लोजिंग से 301 अंक तक फिसलकर 22,845 के लो तक गया।Waaree Renewable Tech Share Price: मुनाफा 36% घटने से बिगड़ा सेंटिमेंट, शेयर में दिखी 12% तक की बड़ी गिरावटरुपये का हालरुपया बुधवार को अमेरिकी मुद्रा डॉलर के मुकाबले 46 पैसे मजबूत होकर 94.45 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। अमेरिकी डॉलर की मांग पर अंकुश लगाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के हस्तक्षेप से रुपये को सपोर्ट मिला। हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिकी डॉलर में मजबूती ने रुपये की बढ़त को सीमित किया। रुपया सोमवार को 2 पैसे टूटकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.91 पर बंद हुआ था। मंगलवार को दशहरा के कारण विदेशी मुद्रा बाजार बंद था।Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
Stock Market Rise: बाजार में तेजी लौटी, सेंसेक्स 829 अंक तक उछला; फिर भी निवेशकों की दौलत घटी
21 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजारों में तेजी लौटी है। इससे पहले 19 अक्टूबर को बाजार में तगड़ी गिरावट देखी गई थी। 20 अक्टूबर को दशहरा पर शेयर बाजार बंद थे। बुधवार को सेंसेक्स हरे निशान में खुला और फिर 829 अंक तक चढ़कर 74,682.19 के हाई तक गया। इसी तरह निफ्टी भी बढ़त में खुलने के बाद पिछली क्लोजिंग से 232 अंक तक चढ़कर 23,120.90 के हाई तक गया। बाजार में तेजी के बावजूद BSE पर लिस्टेड कंपनियों के मार्केट कैप में 2.12 लाख करोड़ रुपये की गिरावट दिखी।19 अक्टूबर को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,68,51,452.069 करोड़ रुपये था। बुधवार को मार्केट खुलने के कुछ देर बाद यह 4,66,38,571.76 करोड़ रुपये से ज्यादा दर्ज किया गया। यानि कि 2,12,880.309 करोड़ रुपये की कमी।सोमवार के कैसी रही थी बाजार की चाल19 अक्टूबर को महानवमी के मौके पर सेंसेक्स 876.37 अंक या 1.17 प्रतिशत गिरकर 73,852.90 पर बंद हुआ था। निफ्टी 257.20 अंक या 1.11 प्रतिशत टूटकर 22,888.95 पर सेटल हुआ था। दिन में सेंसेक्स पिछले बंद भाव से 1020.73 अंक तक गिरकर 73,708.54 के लो तक गया। निफ्टी पिछली क्लोजिंग से 301 अंक तक फिसलकर 22,845 के लो तक गया।Stocks to Watch: 21 अक्टूबर को Bajaj Finance, Hindustan Zinc, L&T Tech, PC Jeweller समेत इन शेयरों पर रहेगा फोकसDisclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
वैश्विक सुस्ती के बीच Indian Economy 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ रही: Rajnath Singh
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि जहां कई बड़ी अर्थव्यवस्थाएं आर्थिक सुस्ती का सामना कर रही हैं, वहीं भारतीय अर्थव्यवस्था लगभग 7.8 प्रतिशत की दर से आगे बढ़ रही है और वैश्विक आर्थिक विकास में भारत का योगदान 16 प्रतिशत से अधिक है। शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में शामिल होने के लिए दो दिवसीय यात्रा पर ताजिकिस्तान गए राजनाथ ने प्रवासी भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक आर्थिक विकास में 16 प्रतिशत से अधिक का योगदान देता है और लगभग 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है, जबकि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण कई बड़ी अर्थव्यवस्थाएं आर्थिक सुस्ती का सामना कर रही हैं। राजनाथ ने कहा कि भारत ने 38 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं, जिससे भारतीय विनिर्माताओं और उत्पादकों के लिए नये बाजार खुले हैं। उन्होंने कहा कि भारत-ब्रिटेन और भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच व्यापार समझौतों से भारत के 99 प्रतिशत निर्यात पर शुल्क समाप्त होने की उम्मीद है, जिससे देश की व्यापार संभावनाओं और वैश्विक आर्थिक साझेदारियों को मजबूती मिलेगी। राजनाथ ने कहा कि भारत का रक्षा निर्यात बढ़कर रिकॉर्ड 38,424 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, जबकि रक्षा उत्पादन बढ़कर 1.80 लाख करोड़ रुपये हो गया है।
India's GDP Row: पहले Subhash Garg अब Shankar Sharma ने उठाए GDP Growth पर सवाल
पूर्व वित्त सचिव सुभाष गर्ग ने GDP के आधिकारिक आंकड़ों पर सवाल उठाए हैं। अब दिग्गज निवेशक शंकर शर्मा ने ‘Real Feel GDP’ का मुद्दा उठाते हुए कहा है कि आंकड़ों में ग्रोथ भले ही 7% से ज्यादा दिख रही हो, लेकिन आम लोगों को इसका असर उनकी रोजमर्रा की जिंदगी में उतना महसूस नहीं होता।
PM Modi के GDP Growth पर INDIA ने कसके सुनाया | Congress | Pawan Khera | Pappu Yadav | Manoj Jha
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जीडीपी ग्रोथ रेट 7.8% रहने पर देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने मंगलवार को वीडियो जारी कर कहा कि ये उपलब्धि देशवासियों की इच्छाशक्ति, मेहनत और सामूहिक ताकत का नतीजा है. अब इस वीडियो पर विपक्ष ने घेर लिया. विपक्ष ने क्या कुछ कहा. देखिए इस वीडियो में
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