बरबीघा नगर परिषद में एक अरब का बजट पास:अगले वित्तीय वर्ष के लिए नली-गली, पेयजल और सफाई को प्रमुखता
शेखपुरा। बरबीघा नगर परिषद की विशेष बैठक बुधवार को संपन्न हुई, जिसमें आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए एक अरब छह करोड़ पैंसठ लाख रुपए का बजट सर्वसम्मति से पारित किया गया। यह बजट बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा 84 के आलोक में आय-व्यय के सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें 1,06,65,00,000.00 रुपए का प्राक्कलन शामिल है, जिसके परिणामस्वरूप 4,65,488.00 रुपए का लाभ का बजट बनाया गया है। नगर परिषद के सभापति शोनू कुमार ने इस बजट को सदन के समक्ष प्रस्तुत किया। समिति ने इसे सर्वसम्मति से स्वीकार करते हुए अंगीकार किया। साथ ही, यह निर्णय लिया गया कि प्रस्तावित बजट को अनुमोदन के लिए संबंधित विभाग को भेजा जाएगा। पूर्व सभापति रौशन कुमार ने बताया कि इस बजट में नागरिकों के हित को ध्यान में रखते हुए नली-गली निर्माण, साफ-सफाई और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्रमुखता दी गई है। बैठक में पूर्व सभापति रौशन कुमार, उप सभापति नीतू कुमारी, वार्ड पार्षद प्रसून कुमार बल्ला, सुनील सिंह, अविनाश कुमार, अंजू देवी, विकास कुमार, अभय कुमार सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे। नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी रमन कुमार भी इस अवसर पर मौजूद रहे।
राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की ओर से राज्य के सभी सरकारी स्कूलों नामांकन के अनुसार पूरे सत्र में होने वाले कार्यों के लिए बजट दिया जाता है। लेकिन इस बार वित्तीय वर्ष समाप्त होने में 7 दिन पहले बजट जारी हुआ जिसको 31 मार्च तक खर्च करना होगा नहीं तो लैप्स हो जाएगा। परिषद की ओर से सत्र 2025-26 के लिए जारी इस कंपोजिट स्कूल ग्रांट में राज्य भर के 50 हजार 318 स्कूलों के लिए नामांकन अनुसार कुल 118.43 करोड़ रुपए जारी की गई है। जिसमें भरतपुर और डीग जिले के 1119 स्कूलों के लिए 3.10 करोड़ रुपए जारी किए गए है। जिसमें भरतपुर के 598 स्कूलों के 1.55 करोड़ और डीग के 521 स्कूलों लिए भी 1.55 करोड़ रुपए जारी किए गए है। इस बजट का सही उपयोग के लिए राज्य परियोजना निदेशक अनुपमा जोरवाल ने गाइडलाइन जारी की है। इस राशि का कम से कम 10 प्रतिशत हिस्सा अनिवार्य रूप से स्वच्छता एक्शन प्लान पर खर्च करना होगा। ग्रांट का उपयोग दरी-पट्टी, बिजली बिल, पेयजल व्यवस्था, स्टेशनरी, चॉक-डस्टर, खेल सामग्री, प्रयोगशाला रखरखाव और इंटरनेट संबंधी कार्यों के लिए किया जा सकेगा। स्वच्छता पर 10 प्रतिशत खर्च करना अनिवार्य शिक्षा परिषद ने साफ किया है कि राज्य के सभी स्कूलों को कुल ग्रांट का न्यूनतम 10 प्रतिशत हिस्सा स्वच्छता एक्शन प्लान पर खर्च करना होगा। इसमें शौचालय की सफाई, फिनाइल,टॉयलेट क्लीनर, साबुन, सैनिटाइजर और कचरा पात्र जैसी वस्तुओं पर खर्च करना अनिवार्य है। बालिकाओं के लिए डिसपेंसर और इन्सीनरेटर के रखरखाव को भी प्राथमिकता दी गई है। इस राशि से स्टाफ या ऑफिस के लिए फर्नीचर, जलपान, उत्सव आयोजन या फोटोग्राफी पर खर्च नहीं कर सकेंगे। यदि बजट का दुरुपयोग पाया गया, तो संस्था प्रधान से वसूली की जाएगी। नामांकन के अनुसार स्कूलों को बजट आवंटन की संख्या शिक्षा सत्र के शुरुआत में ही जारी हो राशि: मोहर सिंह शिक्षा परिषद द्वारा सरकारी स्कूलों को जारी की जाने वाली ग्रांट की राशि वित्तीय वर्ष समाप्त होने में सात दिन शेष जब जारी हुई है। जिसके कारण सभी स्कूल संस्था प्रधानों द्वारा भुगतान किया जाएगा। राशि पूरी खर्च नहीं हो पाएगी शिक्षा सत्र की शुरुआत यानी जुलाई माह में ही जारी करनी चाहिए जिससे स्कूलों में आवश्यकतानुसार सामग्री खरीदी जा सके।
नवादा में जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश की अध्यक्षता में जिला स्तरीय तकनीकी समिति (DLTC) की बैठक हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विभिन्न फसलों हेतु 'स्केल ऑफ फाइनेंस' (ऋण की सीमा) का निर्धारण करना था। जिला पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि विभिन्न फसलों की खेती के लिए ऋण का निर्धारण सटीक, व्यावहारिक और क्षेत्रीय परिस्थितियों के अनुरूप हो। उन्होंने जोर दिया कि ऋण का अत्यधिक या बहुत कम निर्धारण किसानों के हित में नहीं है, इसलिए संतुलित और यथार्थवादी वित्त पोषण सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से किसानों को दिए जाने वाले ऋण की सीमा वर्तमान कृषि लागत, बदलती आर्थिक परिस्थितियों और स्थानीय खेती की आवश्यकताओं के अनुसार तय की जाए। इसका उद्देश्य किसानों को समय पर पर्याप्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है। जिला पदाधिकारी ने बताया कि कृषि क्षेत्र में ऋण की उपलब्धता बढ़ाकर किसानों की आय बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए बैंकिंग प्रणाली और संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से काम करना होगा, ताकि किसानों को सरल, सुलभ और समयबद्ध ऋण मिल सके। बैठक में जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला अग्रणी प्रबंधक (LDM), जिला विकास प्रबंधक (NABARD), द नवादा सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और विभिन्न बैंकों व संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
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