Stock Market Today: सेंसेक्स 500 अंक से ज्यादा टूटा, निफ्टी में भी गिरावट; ऑटो और IT शेयरों में बिकवाली
Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा फ्लैट शुरुआत के संकेत, एशिया बाजारों में कमजोरी
Stock Market Live Update: GIFT निफ्टी के संकेत बताते हैं कि निफ्टी 50 की शुरुआत गिरावट के साथ होगी, जो एशियाई और अमेरिकी बाजारों की कमजोरी को दर्शाती है। तेल की कीमतों में 1 प्रतिशत से ज्यादा की कमी आई, लेकिन ये अभी भी 115 डॉलर प्रति बैरल के ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। GIFT निफ्टी 6.5 अंक गिरकर 22,601.5 पर था।पश्चिम एशिया में तनाव के बीच तेल की कीमतें ऊंची बनी रहने से एशियाई बाजारों में काफी गिरावट देखी गई। जापान का निक्केई 225 और दक्षिण कोरिया का कोस्पी क्रमशः 0.34 प्रतिशत और 1.25 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे।इससे पहले, अमेरिकी बाजारों में डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज 1.23 प्रतिशत और S&P 500 0.52 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए। नैस्डैक कंपोजिट में 0.21 प्रतिशत की गिरावट रही।कच्चे तेल की कीमतों में थोड़ी कमी आई, लेकिन यह 115 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर बनी रहीं। गौरतलब है कि पिछले हफ्ते ब्रेंट क्रूड छह महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था, लेकिन सोमवार के सत्र में इसमें 1.39 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 115.1 डॉलर पर कारोबार कर रहा था। वहीं, WTI क्रूड भी 1.76 प्रतिशत गिरकर 101.5 डॉलर पर कारोबार कर रहा था।सोने के वायदा भाव में 0.30 प्रतिशत और चांदी के वायदा भाव में 0.39 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर
Market news : कच्चे तेल में थोड़ी नरमी से हमारे बाजार के सेंटिमेंट में थोड़ा सुधार दिख रहा है। गिफ्ट निफ्टी हरे निशान में है। शुक्रवार को FIIs और DIIs दोनों की खरीदारी दिखी थी। इधर फेड पॉलिसी और अर्निंग्स सीजन से पहले अमेरिकी बाजारों में दबाव दिखा। डाओ 600 प्वाइंट टूटा। एशियाई बाजारों में भी प्रेशर के साथ कामकाज हो रहा है। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।मार्केट ओवरव्यूशुक्रवार,23 अक्टूबर को भारतीय इक्विटी बाजारों में लगातार चौथे सत्र में भी गिरावट जारी रही। चौतरफा बिकवाली के बीच निफ्टी 22,400 के स्तर से नीचे फिसल गया था,लेकिन बाद में संभलकर लगभग 22,600 के स्तर पर आ गया। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 125.56 अंक या 0.17 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,123.83 पर बंद हुआ। यह दिन के निचले स्तर से 670 अंक सुधरा। वहीं, निफ्टी50 इंडेक्स भी दिन के निचले स्तर से 228 अंक सुधरकर 22,600 पर बंद हुआ। इसमें 87.65 अंक यानी 0.39 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली।ईरान पर हमले टलने की उम्मीद में क्रूड नरमईरान पर हमला टलने की उम्मीद में कच्चे तेल में थोड़ी नरमी आई है। 117 वाला क्रूड फिसलकर 115 डॉलर के पास आ गया है। ट्रंप ने कहा है कि ईरान पर अटैक नहीं करेंगे। ईरान ने भी कहा है कि डिप्लोमेसी को एक चांस देंगे।जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO ने तोड़े कई रिकॉर्डजियो प्लेटफॉर्म्स के IPO ने कई रिकॉर्ड तोड़े है। यह इश्यू 22 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ है। इसके लिए कुल 7.4 लाख करोड़ की बोलियां मिलीं हैं। IPO में रिकॉर्ड 1.38 करोड़ रुपए से अधिक आवेदन आए है। जियो प्लेटफॉर्म्स की मेगा लिस्टिंग बुधवार को होगी।इंफोसिस के Q2 नतीजे कमजोर, कोफोर्ज का $ रेवेन्यू बढ़ा, मार्जिन फ्लैटQ2 में इंफोसिस के नतीजे निराश करने वाले रहे हैं। consent currency रेवेन्यू ग्रोथ उम्मीद से कम 1.2% रही है। EBIT मार्जिन 21% पर फ्लैट रहा हैं। वित्त वर्ष 2027 के लिए CC रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस घटाकर एक से दो परसेंट किया गया है। शुक्रवार को इंफोसिस का ADR 6.5 परसेंट से ज्यादा गिरा। वहीं कोफोर्ज के नतीजे भी फीके रहे। कंपनी का डॉलर रेवेन्यू 10% से ज्यादा बढ़ा लेकिन मार्जिन फ्लैट रहे।कोटक महिंद्रा बैंक के मुनाफे और NII में बढ़ोतरीदूसरी तिमाही में कोटक महिंद्रा के मुनाफे में करीब 30 परसेंट का उछाल आया है। इसकी ब्याज से होने वाली कमाई भी 16 परसेंट बढ़ी है। ग्रॉस और नेट NPA में भी कमी आई हैं। वहीं, इंडसइंड बैंक के नतीजे मिलेजुले रहे हैं। बैंक 437 करोड़ रुपए के घाटे से 1242 करोड़ रुपए के प्रॉफिट में आया है। ब्याज आय में 3.5 फीसदी से ज्यादा की ग्रोथ रही है। एसेट क्वालिटी में सुधार हुआ है।डॉक्टर रेड्डीज के नतीजे अनुमान से बेहतरदूसरी तिमाही में डॉक्टर रेड्डीज का मुनाफा 36% घटा है। मार्जिन पर भी 6% से ज्यादा का दबाव दिखा है। लेकिन दोनों आंकड़े अनुमान से थोड़े बेहतर रहे हैं। वहीं टोरंट फार्मा का रेवेन्यू 51% बढ़ा है। लेकिन प्रॉफिट में करीब 10% की गिरावट आई है। हालांकि मार्जिन में सुधार दिखा है।घाटे से मुनाफे में आई BPCLदूसरी तिमाही में BPCL घाटे से मुनाफे में आई है। कंपनी को 3962 करोड़ के घाटे के मुकाबले करीब 5000 करोड़ का फायदा हुआ है। हालांकि रेवेन्यू में हल्का दबाव दिखा है। EBITDA पॉजिटिव हुआ है।आज आएंगे टाटा कंज्यूमर के नतीजे, वायदा की 9 कंपनियों के नतीजों का भी इंतजारनतीजों के लिहाज से आज अहम दिन है। निफ्टी में शामिल टाटा कंज्यूमर के नतीजे आएंगे। टाटा कंज्यूमर का मुनाफा 14% बढ़ सकता है। मार्जिन में हल्का सुधार संभव है। वहीं APL APOLLO, पेटीएम, सोना BLW समेत वायदा की नौ कंपनियों के नतीजों का भी इंतजार रहेगा।फंड फ्लो एक्शन23 अक्टूबर को विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) नेट खरीदार बन गए और उन्होंने 887 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) भी लगातार चौथे सत्र में नेट खरीदार बने रहे और उन्होंने 3,236 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।एशियाई मुद्राएंअमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई मुद्राओं में मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है। फिलीपीन पेसो में सबसे ज्यादा 0.26 प्रतिशत की गिरावट आई है, जबकि इंडोनेशियाई रुपया 0.11 प्रतिशत नीचे आ गया है। ताइवान डॉलर में 0.06 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, वहीं थाई बाहत 0.006 प्रतिशत कमजोर हुआ है।दूसरी ओर दक्षिण कोरियाई वॉन में 0.09 प्रतिशत की बढ़त देखी गई। इसके बाद जापानी येन 0.07 प्रतिशत और चीनी रेनमिनबी 0.06 प्रतिशत मजबूत हुए हैं। मलेशियाई रिंगित और सिंगापुर डॉलर में भी पिछले बंद भाव के मुकाबले 0.03 प्रतिशत और 0.02 प्रतिशत की मजबूती आई है।
भारत की आर्थिक प्रगति, आत्मनिर्भरता और वैश्विक स्तर पर बढ़ती भूमिका को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की है। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया की तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और आर्थिक विकास के साथ नवाचार, आत्मनिर्भरता तथा आधुनिक बुनियादी ढांचे […] The post CM Yogi on Indian Economy: ‘भारत आर्थिक शक्ति का नया अध्याय लिख रहा’, योगी आदित्यनाथ ने PM मोदी के नेतृत्व को दिया श्रेय appeared first on https://rajsattaexpress.com .
वैश्विक संकट के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत, RBI बुलेटिन में घरेलू मांग को मिला श्रेय
पश्चिम एशिया संकट के कारण बढ़ती महंगाई और मौजूदा व्यापार तनाव जैसी वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत की मजबूत आर्थिक बुनियाद और लक्षित नीतिगत उपाय अर्थव्यवस्था को सहारा दे रहे हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के शुक्रवार को जारी बुलेटिन में यह बात कही गई। अक्टूबर बुलेटिन में प्रकाशित ‘अर्थव्यवस्था की स्थिति’ शीर्षक वाले लेख के मुताबिक, पश्चिम एशिया में नए सिरे से भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति श्रृंखला में बाधाओं ने महंगाई का दबाव बढ़ाया है। इसके चलते प्रमुख केंद्रीय बैंकों ने नीतिगत ब्याज दरें बढ़ाई हैं। विकसित अर्थव्यवस्थाओं में सरकारी बॉन्ड पर मिलने वाले प्रतिफल की ऊंची दरों ने भी राजकोषीय और वित्तीय स्थिरता पर इसके असर को लेकर चिंताएं बढ़ाई हैं। लेख के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की तरफ से 2026 और 2027 के लिए वैश्विक आर्थिक परिदृश्य का अनुमान बढ़ाने के बावजूद वैश्विक अर्थव्यवस्था के सामने कई बड़े जोखिम बने हुए हैं। इनमें बढ़ती महंगाई, ऊंचा सार्वजनिक कर्ज और राजकोषीय स्थिरता से जुड़ी चिंताएं शामिल हैं। हालांकि, कृत्रिम मेधा (एआई) से मिलने वाले लाभ और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव कुछ राहत देने वाले कारक हैं। लेख में कहा गया है कि ऊर्जा का शुद्ध आयातक होने के बावजूद भारत में घरेलू मांग और सेवा क्षेत्र की मजबूती से सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि को समर्थन मिला है। उद्योग और सेवा क्षेत्र के महत्वपूर्ण आंकड़ें भी अर्थव्यवस्था की मजबूती दर्शाते हैं। आरबीआई के लेख के मुताबिक, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा महंगाई हाल के महीनों में बढ़ी है और इसका असर अधिक क्षेत्रों तक फैलने के संकेत मिले हैं। ऐसे में मौद्रिक नीति के रुख में इसके अनुरूप बदलाव की जरूरत हो सकती है। लेख में कहा गया है, विदेशी मुद्रा बाजार में सट्टेबाजी की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए रिजर्व बैंक ने कई नियामकीय उपाय किए हैं, जिनसे वैश्विक चुनौतियों से निपटने में मदद मिल रही है। एफसीएनआर (बी) अदला-बदली सुविधा के तहत मजबूत प्रवाह से विदेशी मुद्रा भंडार को भी समर्थन मिला। अगस्त में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई), बाह्य वाणिज्यिक उधारी (ईसीबी) और विदेश से भेजे गए धन के प्रवाह में मजबूती आई। अगस्त, 2026 में एफडीआई प्रवाह मजबूत बना रहा। संचार, विविध सेवाओं और विनिर्माण क्षेत्रों में कुल एफडीआई का दो-तिहाई से अधिक निवेश आया। अमेरिका, सिंगापुर और मॉरीशस से करीब 72 प्रतिशत एफडीआई प्रवाह हुआ। बुलेटिन के मुताबिक, सितंबर और अक्टूबर में 19 तारीख तक भारतीय शेयर बाजारों में ज्यादातर गिरावट का रुख रहा। वैश्विक तनाव बढ़ने, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और वित्तीय परिस्थितियों के सख्त होने से निवेशकों की जोखिम लेने की इच्छा प्रभावित हुई। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की बिकवाली से विदेशी निवेश पर दबाव पड़ा, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशक शुद्ध खरीदार बने रहे। आरबीआई ने स्पष्ट किया कि बुलेटिन में प्रकाशित लेख में व्यक्त विचार लेखकों के हैं और इन्हें केंद्रीय बैंक का आधिकारिक रुख नहीं माना जाना चाहिए।
भारतीय अर्थव्यवस्था की व्यापक आर्थिक बुनियाद मजबूत, नीतिगत हस्तक्षेपों से मिला सहारा: आबीआई बुलेटिन
भारतीय अर्थव्यवस्था की व्यापक आर्थिक बुनियाद मजबूत, नीतिगत हस्तक्षेपों से मिला सहारा: आबीआई बुलेटिन
Stock Market Update: शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 450 अंक टूटा; निफ्टी 22,500 के नीचे
Stock Market Update: शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 450 अंक टूटा; निफ्टी 22,500 के नीचे
शेयर बाजार में शुक्रवार, 23 अक्टूबर को लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट है। सेंसेक्स और निफ्टी ने शुरुआत हरे निशान में की। सेंसेक्स ने 73,766.51 और निफ्टी ने 22,787.25 का हाई देखा। कुछ ही देर में सेंसेक्स इस हाई से 1279 अंक और पिछले क्लोजिंग प्राइस से 761.92 अंक तक फिसला और 72,487.47 के लो तक गया। इसी तरह निफ्टी भी दिन के हाई से 380 अंक और पिछली क्लोजिंग से 280.6 अंक तक गिरकर 22,407.05 के लो तक गया।एक दिन पहले सेंसेक्स 460.30 अंक या 0.62 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,249.39 पर बंद हुआ था। निफ्टी भी 123.70 अंक या 0.54 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,687.65 अंक पर बंद हुआ था। आइए जानते हैं Stock Market में शुक्रवार आई तेज गिरावट के अहम कारण...कच्चे तेल की बढ़ती कीमतेंकच्चे तेल की कीमत में बनी हुई तेजी भारतीय शेयर बाजारों में गिरावट की एक बड़ी वजह है। अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स की कीमत बढ़कर 114 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है। इससे बाजार का सेंटिमेंट कमजोर हुआ है। प्रमुख निर्यातक देश सऊदी अरब पर हूती हमलों के बाद एनर्जी की सप्लाई में और अधिक बाधा आने को लेकर चिंता बढ़ गई है। कच्चे तेल की कीमत में तेजी भारत के लिए एक बड़ा जोखिम है। देश अपने कच्चे तेल की कुल जरूरत का एक बहुत बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। तेल महंगा होने पर देश में महंगाई बढ़ने का जोखिम रहता है।Tonbo Imaging India: जबरदस्त सब्सक्रिप्शन के बाद शानदार लिस्टिंग, मिला 66% का बंपर गेनFII की बिकवाली22 अक्टूबर 2026 को, FIIs नेट सेलर बने रहे। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने शुद्ध रूप से 3,458.70 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 2,891.32 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। घरेलू संस्थागत निवेशकों की यह खरीदारी विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के दबाव को केवल आंशिक रूप से ही कम कर पाई।इंडिया VIX में उछालबाजार में उतार-चढ़ाव का पैमाना माने जाने वाले 'इंडिया VIX' में 8% की बढ़ोतरी हुई है और यह 17 के स्तर पर पहुंच गया है। इससे पता चलता है कि मार्केट पार्टिसिपेंट्स को निकट भविष्य में बाजार पर दबाव बने रहने की आशंका है।Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
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पूर्व वित्त सचिव सुभाष गर्ग ने GDP के आधिकारिक आंकड़ों पर सवाल उठाए हैं। अब दिग्गज निवेशक शंकर शर्मा ने ‘Real Feel GDP’ का मुद्दा उठाते हुए कहा है कि आंकड़ों में ग्रोथ भले ही 7% से ज्यादा दिख रही हो, लेकिन आम लोगों को इसका असर उनकी रोजमर्रा की जिंदगी में उतना महसूस नहीं होता।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जीडीपी ग्रोथ रेट 7.8% रहने पर देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने मंगलवार को वीडियो जारी कर कहा कि ये उपलब्धि देशवासियों की इच्छाशक्ति, मेहनत और सामूहिक ताकत का नतीजा है. अब इस वीडियो पर विपक्ष ने घेर लिया. विपक्ष ने क्या कुछ कहा. देखिए इस वीडियो में
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