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पहली तिमाही में 7.8% जीडीपी वृद्धि दर हासिल करने में एम.एस.एम.ई का योगदान सराहनीय: वाणिज्य और उद्योग मंत्री

पहली तिमाही में 7.8% जीडीपी वृद्धि दर हासिल करने में एम.एस.एम.ई का योगदान सराहनीय: वाणिज्य और उद्योग मंत्री GDP7.8percent,piyushgoyalपहली तिमाही में 7.8% जीडीपी वृद्धि दर हासिल करने में एम.एस.एम.ई का योगदान सराहनीय: वाणिज्य और उद्योग मंत्री वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने वर्तमान वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 7.8% सकल घरेलू उत्‍पाद वृद्धि […]

टुडे इंडिया 3 Sep 2026 11:13 pm

GDP Growth Row: परिणाम पसंद नहीं आए तो प्रक्रिया को गलत बताना ठीक नहीं, फरवरी में नए तरीके की जानकारी दी गई थी

जीडीपी विकास दर पर विपक्ष द्वारा उठाए गए विवाद पर विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि आधार वर्ष बदलने से पिछले आंकड़ों में बदलाव सामान्य प्रक्रिया है। पूर्व मुख्य सांख्यिकीविद् टी.सी.ए. अनंत ने बताया कि यह प्रक्रिया फरवरी में ही सार्वजनिक की गई थी और तुलना नए आधार वर्ष के recalculated आंकड़ों से ही होती है।

जागरण 3 Sep 2026 10:56 pm

Stock Market Fall: हरे से लाल हुआ बाजार, लगातार चौथे दिन गिरावट में बंद; निवेशकों ने गंवाए ₹87279 करोड़

3 सितंबर को शेयर बाजार में दिन में दिखी हरियाली मार्केट बंद होने तक गिरावट में बदल गई। बाजार लगातार चौथे दिन लाल निशान में बंद हुआ। इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 87279 करोड़ रुपये घट गया। कारोबार खत्म होने पर सेंसेक्स 417.49 अंक टूटकर 76,152.86 पर और निफ्टी 41 अंक फिसलकर 23,873.45 पर बंद हुआ। इसके पीछे प्रॉफिट बुकिंग और IT, ऑटो, FMCG शेयरों में बिकवाली का बड़ा हाथ रहा। इससे पहले दिन में सेंसेक्स पिछली क्लोजिंग से 354.13 अंक तक उछलकर 76,924.48 के हाई तक गया था। निफ्टी भी पिछली क्लोजिंग से करीब 111 अंकों की बढ़त के साथ 24,025.40 के हाई तक गया।बुधवार, 2 सितंबर को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,87,97,259.056 करोड़ रुपये रहा था। गुरुवार को मार्केट बंद होने पर यह 4,87,09,979.50 करोड़ रुपये हो गया। यानि कि 87,279.556 करोड़ रुपये की गिरावट।एक दिन पहले कैसा रहा था बाजारइससे पहले बाजार में लगातार तीन दिन गिरावट दिखी थी। वैश्विक बाजारों में नरमी और पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की ऊंची कीमत के कारण 2 सितंबर को सेंसेक्स 373.93 अंक या 0.49 प्रतिशत टूटा। इंडेक्स 76,570.35 पर बंद हुआ। निफ्टी 141.35 अंक या 0.59 प्रतिशत फिसलकर 23,914.45 पर बंद हुआ। बीएसई स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.61 प्रतिशत के नुकसान में रहा। वहीं मिडकैप सेलेक्ट 0.51 प्रतिशत नीचे बंद हुआ।Lumino Industries Share Price: 34% के दमदार प्रीमियम पर लिस्टिंग; अब क्या करें- बाय, सेल या होल्ड?ग्लोबल मार्केट्स का हालवैश्विक बाजारों की बात करें तो एशियाई बाजारों में तेजी और गिरावट का मिलाजुला रुख है। निक्केई 225, हेंग सेंग और ताइवान वेटेड में गिरावट है। वहीं कॉस्पी, SET कंपोजिट, जकार्ता कंपोजिट और शंघाई कंपोजिट हरे निशान में हैं। इनमें 1 प्रतिशत तक की तेजी है। अमेरिकी बाजार बुधवार को बढ़त में बंद हुए थे। यूरोपीय बाजारों में गिरावट है।रुपया 17 पैसे मजबूत3 सितंबर को रुपया 17 पैसे मजबूत होकर 94.56 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को कहा कि 31 अगस्त तक फॉरेन करेंसी नॉन-रेजिडेंट (बैंक) या FCNR(B) जमा के तौर पर देश में 127.226 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश आया। इस जमा में उम्मीद से काफी अधिक राशि आने से रुपये को सपोर्ट मिला। रुपया बुधवार को 22 पैसे की तेजी के साथ 94.73 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

ज़ी न्यूज़ 3 Sep 2026 4:15 pm

Stock market Update: दिन के हाई से 372 अंक फिसला सेंसेक्स, इन वजहों से बाजार ने गंवाई शुरुआती बढ़त

Stock market Update:दिन के हाई से 372 अंक फिसला सेंसेक्स, इन वजहों से बाजार ने गंवाई शुरुआती बढ़त

समाचार नामा 3 Sep 2026 2:49 pm

Q1 GDP Growth: विनय क्वात्रा ने नैस्डैक में बजाई ओपनिंग बेल

7.8% जीडीपी वृद्धि दर के साथ भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना, अमेरिका से मजबूत व्यापारिक साझेदारी पर जोर।

प्रातःकाल 3 Sep 2026 2:00 pm

Stock Market Gain: सेंसेक्स में दिखी 354 अंकों तक की तेजी, निफ्टी फिर गया 24000 के पार; 3 दिन बाद 6 कारणों से हरियाली

लगातार 3 कारोबारी सत्रों में गिरावट के बाद गुरुवार, 3 सितंबर को भारतीय शेयर बाजारों में हरियाली है। सेंसेक्स दिन में पिछली क्लोजिंग से 354.13 अंक तक उछला और 76,924.48 के हाई तक गया। इसी तरह निफ्टी भी हरे निशान में खुला और फिर करीब 111 अंकों की बढ़त के साथ 24,025.40 के हाई तक गया।2 सितंबर को सेंसेक्स 373.93 अंक या 0.49 प्रतिशत टूटा था और 76,570.35 पर बंद हुआ था। निफ्टी 141.35 अंक या 0.59 प्रतिशत फिसलकर 23,914.45 पर बंद हुआ था।वैश्विक बाजारों में नरमी और पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की ऊंची कीमत के कारण बाजार फिसला था। आइए जानते हैं Stock Market में गुरुवार को आई तेजी के अहम कारण डिटेल में...बैंक शेयरों में खरीदारीबैंकिंग शेयरों में तेजी है। निफ्टी बैंक इंडेक्स में 1 प्रतिशत तक की बढ़त दिखी। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, इंडसइंड बैंक 2 प्रतिशत उछले हैं। एक्सिस बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में 1.4 प्रतिशत की तेजी है। ICICI बैंक, HDFC बैंक, केनरा बैंक और यस बैंक में 1 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी है। SBI भी लगभग 1 प्रतिशत उछला है। निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स और PSU बैंक इंडेक्स में 1 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई।भारत ने देश की विदेशी मुद्रा लिक्विडिटी को मजबूत करने के मकसद से एक खास सेंट्रल बैंक प्रोग्राम के तहत विदेशी मुद्रा जमा के जरिए रिकॉर्ड 127.23 अरब अमेरिकी डॉलर जुटाए हैं। भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को कहा कि 31 अगस्त तक फॉरेन करेंसी नॉन-रेजिडेंट (बैंक) या FCNR(B) जमा के तौर पर 127.226 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश आया।वैल्यू बाइंगगुरुवार की तेजी से पहले भारतीय शेयर बाजारों में लगातार 3 कारोबारी सत्रों में गिरावट रही थी। इसके चलते 3 सितंबर की तेजी में कुछ हाथ वैल्यू बाइंग का भी है। निवेशकों ने कम भाव पर शेयर खरीद की।कच्चे तेल की कीमतों में गिरावटकच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट से भी सेंटिमेंट सुधरा है। ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 1.3 प्रतिशत की गिरावट के साथ 94.32 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। कच्चे तेल की कम कीमतें भारत के लिए अच्छी हैं क्योंकि देश अपनी तेल की कुल जरूरत का एक बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है।रुपया दो महीने के उच्चतम स्तर परभारतीय मुद्रा रुपया दो महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। 3 सितंबर को शुरुआती कारोबार में रुपया 47 पैसे की तेजी के साथ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.26 पर पहुंच गया। इसे FCNR(B) जमा में उम्मीद से काफी अधिक राशि आने से सपोर्ट मिला। रुपया बुधवार को 22 पैसे की तेजी के साथ 94.73 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।Kwick Forensic Solutions IPO Listing: निवेशकों को जबरदस्त मुनाफा, शेयर 66% के बंपर प्रीमियम पर लिस्टFII की खरीदविदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की ओर से लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में खरीद ने भी इक्विटी मार्केट को बल दिया। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, FIIs ने बुधवार को शुद्ध रूप से 6,688.37 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) भी नेट बायर बने रहे और उन्होंने 2 सितंबर को 2,812.98 करोड़ रुपये की इक्विटी खरीदी।इंडिया VIX में गिरावटबाजार की अस्थिरता मापने वाले इंडिया VIX में लगभग 4 प्रतिशत की गिरावट है। यह 11.12 पर आ गया है। इस इंडेक्स में गिरावट का मतलब है कि निकट भविष्य में अनिश्चितता कम है और बाजार की स्थिति अपेक्षाकृत शांत है।Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

ज़ी न्यूज़ 3 Sep 2026 12:05 pm

Stock Market Rise: बाजार में 3 दिन बाद तेजी, सेंसेक्स 349 अंक तक उछला; निवेशकों की दौलत ₹35679 करोड़ बढ़ी

शेयर बाजार में गुरुवार, 3 सितंबर को सुबह के कारोबार में तेजी है। सेंसेक्स करीब 349 अंक तक उछला गया है और इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 35679 करोड़ रुपये बढ़ गया। सेंसेक्स हरे निशान में खुलने के बाद 76,919.02 के हाई तक गया। इसी तरह निफ्टी भी हरे निशान में खुला और फिर करीब 111 अंकों की बढ़त के साथ 24,025.40 के हाई तक गया।बुधवार, 2 सितंबर को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 48797259.056 करोड़ रुपये रहा था। गुरुवार को मार्केट खुलने के कुछ पलों के अंदर यह बढ़कर 4,88,32,938.28 करोड़ रुपये हो गया। यानि कि 35,679.224 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी।इससे पहले बाजार में लगातार तीन दिन गिरावट दिखी थी। वैश्विक बाजारों में नरमी और पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की ऊंची कीमत के कारण 2 सितंबर को सेंसेक्स 373.93 अंक या 0.49 प्रतिशत टूटा। इंडेक्स 76,570.35 पर बंद हुआ। निफ्टी 141.35 अंक या 0.59 प्रतिशत फिसलकर 23,914.45 पर बंद हुआ। बीएसई स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.61 प्रतिशत के नुकसान में रहा। वहीं मिडकैप सेलेक्ट 0.51 प्रतिशत नीचे बंद हुआ।

ज़ी न्यूज़ 3 Sep 2026 9:31 am

Stock Market Today: शेयर बाजार में लौटी हरियाली, तीन दिनों की गिरावट के बाद सेंसेक्स-निफ्टी चढ़े, जानें वजह

तीन दिनों की लगातार गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार में रिकवरी देखी जा रही है.सरकारी और प्राइवेट बैंकों के साथ-साथ रियल्टी सेक्टर के शेयरों में आज अच्छी खरीदारी देखने को मिली.

NDTV इंडिया 3 Sep 2026 9:25 am

Stock Market Today: इन शेयरों पर रहेगी नजर, Page Industries से HUDCO तक कई कंपनियों में बड़े अपडेट

Stock Market Today: इन शेयरों पर रहेगी नजर, Page Industries से HUDCO तक कई कंपनियों में बड़े अपडेट

समाचार नामा 3 Sep 2026 8:39 am

Stock Market live Updates: GIFT Nifty से मिल रहे मज़बूत शुरुआत के संकेत, US शेयरों में रिकवरी, एशियाई बाजारो में बढ़त

Stock Market live Updates : GIFT निफ्टी से मिल रहे संकेतों को देखते हुए लगता है कि 3 सितंबर को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स मज़बूती के साथ खुल सकता है। GIFT निफ्टी शुरुआती कारोबार में बढ़त के साथ लगभग 24,082.50 के स्तर पर ऊपर ट्रेड कर रहा था। वहीं, वेस्ट एशिया में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया,जिसके चलते 2 सितंबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स कमजोरी के साथ बंद हुए और लगातार तीसरे दिन भी बिकवाली का दौर जारी रहा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 373.93 अंक या 0.49 प्रतिशत गिरकर 76,570.35 पर और निफ्टी 141.35 अंक या 0.59 प्रतिशत गिरकर 23,914.45 पर बंद हुआ।

ज़ी न्यूज़ 3 Sep 2026 8:11 am

Indian Economy की मिली-जुली तस्वीर: GST Collection और Digital Payments में उछाल, लेकिन Manufacturing PMI ने बढ़ाई चिंता

भारतीय अर्थव्यवस्था ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही की शुरुआत में अब तक मजबूती के संकेत दिए हैं, लेकिन तस्वीर पूरी तरह एक जैसी नहीं है। एक तरफ कर संग्रह, डिजिटल भुगतान और वाहन बिक्री में तेजी दिखी है, वहीं कारखानों की गतिविधियों और रोजगार से जुड़े आंकड़ों ने चिंता बढ़ाई है। यानी घरेलू मांग फिलहाल अर्थव्यवस्था को सहारा दे रही है, लेकिन औद्योगिक क्षेत्र पर दबाव के संकेत साफ दिखाई दे रहे हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार अगस्त में सकल वस्तु एवं सेवा कर संग्रह करीब 15 प्रतिशत बढ़कर लगभग दो लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया। यह लगातार तीसरा महीना है जब कर संग्रह में दो अंकों की वृद्धि दर्ज हुई है। जुलाई में इसमें 15.4 प्रतिशत और जून में 13.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी। हालांकि अगस्त की मजबूती में आयात से मिलने वाले कर का बड़ा योगदान रहा। आयात से प्राप्त कर 29 प्रतिशत बढ़कर 62,604 करोड़ रुपये हो गया, जबकि घरेलू कारोबार से मिलने वाला संग्रह 9.3 प्रतिशत बढ़कर 1.37 लाख करोड़ रुपये रहा। अप्रैल से अगस्त के बीच कुल कर संग्रह 10.43 लाख करोड़ रुपये पहुंचा, जिसमें 11 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। डेलॉयट इंडिया के महेश जयसिंग के मुताबिक मजबूत घरेलू कर संग्रह हालिया आर्थिक गतिविधियों में बनी मजबूती से मेल खाता है। डिजिटल भुगतान के मोर्चे पर भी तस्वीर उत्साहजनक रही। अगस्त में एकीकृत भुगतान प्रणाली के जरिये रिकॉर्ड 24.5 अरब लेनदेन हुए, जबकि जुलाई में यह आंकड़ा 23.7 अरब था। सालाना आधार पर लेनदेन में 22.5 प्रतिशत वृद्धि हुई। इन लेनदेन का कुल मूल्य करीब 29.8 लाख करोड़ रुपये रहा। पे नियरबाय के संस्थापक और प्रबंध निदेशक आनंद कुमार बजाज ने कहा कि त्योहारों के मौसम में छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल भुगतान की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं। वाहन बिक्री ने भी घरेलू खपत की मजबूती का संकेत दिया। मारुति सुजुकी की कुल बिक्री 21.3 प्रतिशत बढ़कर 2,19,220 वाहन रही। महिंद्रा की यात्री वाहन बिक्री 50.4 प्रतिशत बढ़ी। हुंडई की कुल बिक्री में 8.8 प्रतिशत और घरेलू बिक्री में 23.6 प्रतिशत वृद्धि दर्ज हुई। बजाज की बिक्री 10 प्रतिशत, होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया की बिक्री 8 प्रतिशत और एस्कॉर्ट्स कुबोटा की ट्रैक्टर बिक्री 20.5 प्रतिशत बढ़ी। लेकिन विनिर्माण क्षेत्र ने चिंता बढ़ाई है। एचएसबीसी का भारत मैन्युफैक्चरिंग खरीद प्रबंधक सूचकांक अगस्त में घटकर 52.8 रह गया, जो पांच साल का सबसे निचला स्तर है। हालांकि 50 से ऊपर का आंकड़ा विस्तार दर्शाता है, लेकिन नए आदेश और उत्पादन की वृद्धि अगस्त 2021 के बाद सबसे कमजोर रही। रोजगार में भी ढाई साल बाद पहली बार कमी आई। एचएसबीसी की मुख्य भारत अर्थशास्त्री प्रांजल भंडारी ने इसे दो वर्षों से अधिक समय बाद रोजगार में पहली गिरावट बताया। वहीं कोल इंडिया का अगस्त उत्पादन 5.8 प्रतिशत घटा, हालांकि उसकी आपूर्ति 5.6 प्रतिशत बढ़ी। बता दें कि इसी दौरान पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से एक सितंबर को ब्रेंट कच्चा तेल 92 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया था। ऐसे में महंगी ऊर्जा, वैश्विक अनिश्चितता और कमजोर औद्योगिक मांग आने वाले महीनों में भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती बन सकती है, जबकि घरेलू खपत फिलहाल मजबूती का आधार बनी हुई हैं।

प्रभासाक्षी 2 Sep 2026 8:34 pm

India की 7.8% Real GDP Growth पर क्यों मचा है घमासान? Piyush Goyal ने Critics को दिया कड़ा संदेश

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने उन अर्थशास्त्रियों और आलोचकों पर निशाना साधा जिन्होंने हालिया GDP आंकड़ों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में देश की रिकॉर्ड 7.8% वास्तविक आर्थिक वृद्धि 140 करोड़ भारतीयों की कड़ी मेहनत को दिखाती है और इसे अलग-अलग GDP सीरीज़ के आंकड़ों की तुलना करके खारिज नहीं किया जा सकता। गोयल ने कहा सच को छिपाया नहीं जा सकता... मंत्री ये आंकड़े खुद नहीं बनाते। उन्होंने आलोचकों पर लोगों का मनोबल गिराने के लिए आर्थिक आंकड़ों को गलत तरीके से पेश करने का आरोप लगाया। सरकार की बदली हुई GDP सीरीज़ और इस दावे के बीच उनकी ये बातें सामने आईं कि अगर पिछले साल की GDP को कम नहीं किया गया होता, तो पहली तिमाही में ग्रोथ लगभग 2.6% होती। इसे भी पढ़ें: Ram Mandir Trust के CEO Jeetendra Mishra का पहला बयान: इसे रामलला का आशीर्वाद मानता हूं गोयल ने उन लोगों पर भी निशाना साधा जो हाल के आंकड़ों पर सवाल उठा रहे थे, जिनमें पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग और अर्थशास्त्री व रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन शामिल हैं। हालांकि, उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया और कहा, कुछ बेरोज़गार लोग खुद को अर्थशास्त्री कहते हैं और देश को नुकसान पहुँचाने के लिए टीवी चैनलों पर आते हैं। उनकी बातों में न आएं। गर्ग ने ग्रोथ के ताज़ा आंकड़ों के आधार पर सवाल उठाए हैं, वहीं राजन ने भी भारत की आर्थिक वृद्धि और इन आंकड़ों को तैयार करने के तरीके पर सवाल खड़े किए हैं। गोयल ने ऐसे आलोचकों पर अर्थव्यवस्था के बारे में नकारात्मक माहौल बनाने का आरोप लगाया और लोगों से अपील की कि वे उनकी बातों से प्रभावित न हों। इसे भी पढ़ें: भारत-UAE की 100 बिलियन डॉलर की यारी, सकपकाया चीन उन्होंने कहा आप दुनिया को बताएं कि 140 करोड़ भारतीयों की यह उपलब्धि ऐसी है जिस पर हम सभी को गर्व है। उन्होंने उन विपक्षी नेताओं पर भी निशाना साधा, जिनके बारे में उन्होंने आरोप लगाया कि वे भारत को एक मृत अर्थव्यवस्था के तौर पर दिखाना चाहते थे। गोयल ने कहा, वे फिर से नाकाम होंगे। जैसे वे पहले भी कई बार नाकाम हो चुके हैं। और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत और भी तेज़ी से तरक्की करेगा। इसे भी पढ़ें: मदद नहीं मुआवजा चाहिए, भारत सहित 3 देशों से खफा नेपाल! सरकार ने 2.6% ग्रोथ के दावे को खारिज किया सरकार ने इस तर्क को खारिज कर दिया कि पहली तिमाही में आर्थिक विकास दर 2.6% के करीब थी। सरकार ने इस तुलना को दो बिल्कुल अलग-अलग चीजों की तुलना (apples and oranges) जैसा बताया। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के सचिव सौरभ गर्ग ने कहा कि यह दावा अलग-अलग GDP सीरीज के आंकड़ों की तुलना करने और वास्तविक विकास दर की गणना के लिए इस्तेमाल होने वाले 'स्थिर-मूल्य' (constant-price) के बजाय 'वर्तमान-मूल्य' (current-price) के अनुमानों का उपयोग करने पर आधारित था। यह तर्क पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने दिया था। उन्होंने कहा कि अगर पिछले साल की GDP को लगभग 86 लाख करोड़ रुपये से घटाकर 80 लाख करोड़ रुपये नहीं किया गया होता, तो वर्तमान कीमतों पर GDP ग्रोथ लगभग 2.6% होती। सौरभ गर्ग ने कहा कि आलोचकों द्वारा बताई गई Q1 FY2025-26 के लिए 86.05 लाख करोड़ रुपये की संख्या पुरानी GDP सीरीज से थी, जिसमें 2011-12 आधार वर्ष (base year) था। उस सीरीज को तब बदल दिया गया जब सरकार ने फरवरी 2026 में 2022-23 आधार वर्ष वाली नई सीरीज शुरू की।

प्रभासाक्षी 2 Sep 2026 8:10 pm

GDP Growth: सरकार ने 2.6% GDP ग्रोथ के दावे को खारिज किया, 7.8% को सटीक बताया

GDP Growth:सरकार ने पहली तिमाही की GDP ग्रोथ 2.6% रहने के दावे को खारिज कर दिया है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के सचिव सौरभ गर्ग ने कहा कि 7.8% की GDP ग्रोथ का आंकड़ा मजबूत प्रोडक्शन डेटा पर आधारित है। उन्होंने पुराने और नए GDP डेटा की तुलना को ‘सेब और संतरे की तुलना’ जैसा बताया। PTI के मुताबिक, सरकार ने कहा कि दोनों आंकड़े अलग-अलग डेटा सीरीज के हैं और उनकी सीधी तुलना नहीं की जा सकती।यह विवाद पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग के बयान के बाद शुरू हुआ था। उनका कहना था कि अगर पिछले साल की पहली तिमाही की GDP को ₹86 लाख करोड़ से घटाकर ₹80 लाख करोड़ नहीं किया जाता, तो मौजूदा ग्रोथ करीब 2.6% होती।सरकार ने 2.6% के दावे को क्यों बताया गलत?सौरभ गर्ग के मुताबिक, आलोचक FY26 की पहली तिमाही के पुराने ₹86.05 लाख करोड़ के GDP आंकड़े की तुलना नए ₹80 लाख करोड़ के आंकड़े से कर रहे हैं। यह ₹86.05 लाख करोड़ का आंकड़ा पुराने 2011-12 बेस ईयर वाली GDP सीरीज का था।फरवरी 2026 में सरकार ने 2022-23 को बेस ईयर मानकर नई GDP सीरीज जारी की। इसके बाद पुरानी सीरीज की जगह नई सीरीज लागू हो गई। नई सीरीज में Q1 FY26 का GDP पहले ₹80.32 लाख करोड़ आंका गया। बाद में यह ₹80.44 लाख करोड़ हुआ और फिर नए IIP और PPI डेटा के आधार पर इसे ₹80 लाख करोड़ किया गया।PTI के मुताबिक, मंत्रालय ने कहा कि यह सामान्य डेटा रिवीजन की प्रक्रिया है। इसका मकसद पिछले साल का GDP घटाकर मौजूदा ग्रोथ रेट को बढ़ाना नहीं था।असली तुलना किससे होनी चाहिए?सरकार का कहना है कि GDP ग्रोथ की तुलना एक ही डेटा सीरीज और स्थिर कीमतों पर की जानी चाहिए। नई 2022-23 बेस ईयर सीरीज के मुताबिक, FY27 की पहली तिमाही में भारत की रियल GDP ग्रोथ 7.8% रही।मंत्रालय ने स्टील, सीमेंट और ऑटोमोबाइल जैसे सेक्टरों में मजबूत वॉल्यूम ग्रोथ का भी हवाला दिया। PTI के मुताबिक, सरकार का तर्क है कि वास्तविक उत्पादन में बढ़ोतरी के आंकड़े भी मजबूत आर्थिक गतिविधि दिखाते हैं।मैन्युफैक्चरिंग में रियल ग्रोथ ज्यादा कैसे?मैन्युफैक्चरिंग की रियल GVA ग्रोथ 9.2% रही, जबकि नॉमिनल ग्रोथ 7.7% रही। इसके चलते इंप्लिसिट GVA डिफ्लेटर माइनस 1.5% रहा।मंत्रालय ने कहा कि इसका मतलब फैक्ट्री गेट कीमतें घटीं, यह जरूरी नहीं है। नई पद्धति में आउटपुट और इनपुट को अलग-अलग डिफ्लेट किया जाता है। अगर कच्चे माल और दूसरे इनपुट की कीमतें आउटपुट कीमतों से ज्यादा तेजी से बढ़ती हैं, तो ऐसा अंतर आ सकता है।माइनिंग में रियल ग्रोथ घटी, नॉमिनल क्यों बढ़ी?Q1 FY27 में माइनिंग की रियल GVA 2.4% घटी। लेकिन नॉमिनल GVA 22.3% बढ़ी। PTI के मुताबिक, इसकी बड़ी वजह मिनरल्स की कीमतों में तेज उछाल रही।माइनिंग और क्वॉरिंग की PPI महंगाई अप्रैल में 22% और मई में 21.2% रही। कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतों में भी तेज बढ़ोतरी दर्ज हुई।GDP डिफ्लेटर और CPI-WPI में अंतर क्यों?सरकार ने कहा कि GDP डिफ्लेटर को CPI और WPI से सीधे नहीं मिलाया जा सकता। CPI घरों के खर्च की तय बास्केट को मापता है। WPI मुख्य रूप से वस्तुओं की कीमतों को ट्रैक करता है। वहीं, GDP डिफ्लेटर निवेश, सरकारी खर्च, एक्सपोर्ट और सर्विसेज समेत पूरी अर्थव्यवस्था को कवर करता है।मंत्रालय ने कहा कि उत्पादन और खर्च के आधार पर निकाले गए GDP आंकड़ों के बीच सांख्यिकीय अंतर भी सामान्य है। जैसे-जैसे ज्यादा डेटा आता है, इसमें बदलाव हो सकता है। इसलिए मौजूदा अंतर को GDP में किसी गड़बड़ी का सबूत नहीं माना जाना चाहिए।Pharma Mutual Funds: 1 साल में 30% तक रिटर्न, 10 फंड ने दिया 20% से ज्यादा फायदा; क्या अभी भी है निवेश का मौका?

ज़ी न्यूज़ 2 Sep 2026 7:37 pm

Stock market Alert: शेयर बाजार में भारी गिरावट, लाल निशान में खुले सेंसेक्स के सभी 30 शेयर

Stock market Alert:शेयर बाजार में भारी गिरावट, लाल निशान में खुले सेंसेक्स के सभी 30 शेयर

समाचार नामा 2 Sep 2026 2:35 pm

Stock Market live Updates : GIFT Nifty से सुस्त शुरुआत के संकेत, US और एशियाई बाजार गिरे

Stock Market live Updates : GIFT निफ्टी के संकेतों को देखते हुए,2 सितंबर को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स की शुरुआत सुस्त होने की संभावना है। GIFT निफ्टी शुरुआती कारोबार में लगभग 24,042.50 के स्तर पर सपाट कारोबार कर रहा था। वहीं, 1 सितंबर को उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय इक्विटी इंडेक्स लगातार दूसरे सेशन में मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। FMCG,IT,मीडिया और मेटल शेयरों में खरीदारी का असर ऑटो,बैंकिंग,फार्मा और रियल्टी शेयरों में बिकवाली से खत्म हो गया। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 12.99 अंक या 0.02 प्रतिशत गिरकर 76,944.28 पर और निफ्टी 24.60 अंक या 0.10 प्रतिशत गिरकर 24,055.80 पर बंद हुआ।

ज़ी न्यूज़ 2 Sep 2026 7:52 am

भारतीय अर्थव्यवस्था का 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ना, उद्योगों के लिए सुनहरा दौर: इंडस्ट्री

New Delhi, 1 सितंबर . India की अर्थव्यवस्था के वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून अवधि) में 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ने पर इंडियन कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (आईसीईएम) के अध्यक्ष और जेसीबी इंडिया सीईओ और एमडी दीपक शेट्टी ने कहा कि यह भारतीय उद्योगों के लिए सुनहरा दौर है. अब तक हमारी ... Read more

डेली किरण 1 Sep 2026 5:59 pm

PM Modi के GDP Growth पर INDIA ने कसके सुनाया | Congress | Pawan Khera | Pappu Yadav | Manoj Jha

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जीडीपी ग्रोथ रेट 7.8% रहने पर देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने मंगलवार को वीडियो जारी कर कहा कि ये उपलब्धि देशवासियों की इच्छाशक्ति, मेहनत और सामूहिक ताकत का नतीजा है. अब इस वीडियो पर विपक्ष ने घेर लिया. विपक्ष ने क्या कुछ कहा. देखिए इस वीडियो में

लाइव हिन्दुस्तान 1 Sep 2026 5:25 pm

वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रथम तिमाही में आर्थिक विकास दर ने चौंकाया

दिनांक 31 अगस्त 2026 को सायंकाल में केंद्र सरकार ने भारत के वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रथम तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि दर के आंकड़े जारी किए हैं। विश्व बैंक एवं अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष सहित अन्य वैश्विक संस्थानों, एसोचेम, भारतीय रिजर्व बैंक आदि के अनुमानों को धत्ता बताते हुए अप्रेल-जून 2026 की तिमाही में भारत के सकल घरेलू उत्पाद में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। जबकि, उक्त संस्थानों ने उक्त अवधि में 6.5 प्रतिशत से 7 प्रतिशत के बीच की वृद्धि दर का अनुमान लगाया था। उक्त वृद्धि दर वैश्विक स्तर पर विभिन्न प्रकार की आर्थिक समस्याओं के बीच हासिल हुई है, इसलिए भारत के लिए यह एक मील का पत्थर साबित होगी। रूस-यूक्रेन युद्ध तो बहुत लम्बे समय से चल रहा है, ईरान-अमेरिका/इजराईल युद्ध भी इस तिमाही में जारी रहा, जिसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि देखने को मिली थी। एक समय तो कच्चे तेल की कीमतें 120 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गई थीं। ज्ञातव्य हो कि भारत अपनी जरूरत का 80 प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल आयात करता है। ईरान द्वारा स्ट्रेट ओफ होर्मुज को बंद करने के पश्चात इस मार्ग से गुजरने वाले तेल के जहाजों को रोक दिया गया था एवं कच्चे तेल की आपूर्ति पर इसका विपरीत प्रभाव पड़ा था। परंतु, भारत ने इस दयनीय स्थिति को बहुत ही सूझ बूझ के साथ सम्भाला और अन्य कई देशों से तेल एवं गैस का आयात जारी रखा, जिससे भारत में न तो तेल की आपूर्ति कम हुई और न ही भारत में पेट्रोल एवं डीजल की कीमतों में भारी वृद्धि हुई। जबकि अन्य कई देशों में तो पेट्रोल एवं डीजल की कीमतों में 50 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज हुई है। भारत के युवाओं (जेन-जी) को इस बात को समझना होगा कि भारत आज आर्थिक विकास के जिस दौर से गुजर रहा है, वह बहुत ही संवेदनशील है। यदि देश में किसी भी प्रकार की अराजकता फैलायी जाती है तो आर्थिक विकास की पटरी से भारत डीरेल हो सकता है। आगे आने वाले 10 वर्षों तक भारत यदि विकास दर की इसी ट्रेजेक्टरी में अपने आप को बनाए रखने में सफल होता है तो भारत के वर्ष 1947 में विकसित राष्ट्र बनने के सपने को साकार होने से कोई रोक नहीं सकता है। अर्थ के लगभग प्रत्येक क्षेत्र में अप्रेल-जून 2026 तिमाही में सराहनीय वृद्धि दर हासिल की गई है। सकल मूल्य संवर्धन में वृद्धि दर 8.2 प्रतिशत की रही है जो अप्रेल-जून 2025 की तिमाही में 7 प्रतिशत की रही थी। विनिर्माण के क्षेत्र में वृद्धि दर पिछले वर्ष की तिमाही में 8.3 प्रतिशत की रही थी जो इस वर्ष की तिमाही में बढ़कर 9.2 प्रतिशत की हो गई है। इसी प्रकार सेवा के क्षेत्र में भी आर्थिक विकास दर इस वर्ष की प्रथम तिमाही में बढ़कर 10 प्रतिशत पर पहुंच गई जो पिछले वर्ष इसी अवधि में 8 प्रतिशत रही थी। भारत की अर्थव्यवस्था उपभोग आधारित है, अतः निजी उपभोग में इस वर्ष की तिमाही में 7.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है जो पिछले वर्ष इसी अवधि में 6.8 प्रतिशत रही थी। सकल स्थिर पूंजी निर्माण में भी अतुलनीय 11.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में केवल 5.8 प्रतिशत की रही थी। इसी प्रकार, रोजगार निर्मित करने वाले क्षेत्रों में भी विकास दर प्रभावशाली रही है। वित्तीय क्षेत्र में वृद्धि दर 12.1 प्रतिशत की दर्ज हुई है तो व्यापार, होटल, यातायात एवं संचार के क्षेत्र में 8.5 प्रतिशत की विकास दर हासिल की गई है। साथ ही गैस एवं विजली उत्पादन में भी वृद्धि दर 8.9 प्रतिशत की रही है। इसे भी पढ़ें: UPA के 'Fragile Five' से 7.8% GDP ग्रोथ तक: Ravi Shankar Prasad ने PM Modi के आर्थिक प्रबंधन को सराहा वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रथम तिमाही में सराहनीय विकास दर हासिल करने को केंद्र सरकार की योजनाओं की सफलता के रूप में भी देखा जा सकता है। केंद्र सरकार ने मेक इन इंडिया नामक योजना को तेजी से आगे बढ़ाया है और इसने भारत को कई क्षेत्रों में आत्म निर्भर बनाने का कार्य सफलतापूर्वक किया है। विशेष रूप से सूचना प्रौद्योगिकी, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, डिजिटल भुगतान, फिन टेक, इंजिनीयरिंग डिजाइन, व्यापार परामर्श, वैश्विक ग्लोबल योग्यता सेंटर, आदि क्षेत्रों में भारत आज पूरे विश्व में लीड कर रहा है। मेक इन इंडिया योजना ने भारतीय नागरिकों में जोश भरा और भारत की प्रतिभा का डंका पूरे विश्व में बज गया है। दूसरे, भारत में उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना को भी लागू किया गया। इस योजना ने भारत को उपभोक्ता बाजार से निकालकर मजबूत वैश्विक विनिर्माण हब में बदल दिया है। उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 14 प्रमुख क्षेत्रों में करीब 2.3 लाख करोड़ रुपए का निवेश हुआ है, 16.5 लाख करोड़ रुपए से अधिक का कुल उत्पादन हुआ है एवं 12 लाख से अधिक रोजगार के नए अवसर निर्मित हुए। इसके उपरांत प्रारम्भ हुई प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के अंतर्गत सड़क, रेल, बंदरगाह, एयरपोर्ट और लाजिस्टिक को पहली बार इंटीग्रेटेड तरीके से जोड़ने की कोशिश की गई। समर्पित मालवाहक गलियारों का निर्माण तो इस दृष्टि से मील का पत्थर साबित हुए हैं। नए एक्स्प्रेस वे ने माल ढुलाई का समय घटाया। लागत को कम किया और भारतीय उत्पादों को वैश्विक बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनाया। 86,300 करोड़ अमेरिकी डॉलर का निर्यात इस सफलता की कहानी को दर्शाता है। निर्यात में अतुलनीय वृद्धि दर उस समय पर हासिल की गई है जब अमेरिका की टैरिफ नीति ने पूरे विश्व को परेशान किया हुआ है। साथ ही, रूस यूक्रेन युद्ध, ईरान इजराईल-अमेरिका युद्ध, इजराईल हमास युद्ध एवं वैश्विक स्तर पर अस्थिरता का बने रहना भी शामिल है। इन परिस्थितियों के बीच भारत ने उत्पादों एवं सेवा के क्षेत्र में निर्यात का रिकार्ड बनाया है। जबकि कई देशों की अर्थव्यवस्थाओं में सुस्ती बनी हुई है। भारत के कुल निर्यात में सेवा क्षेत्र की कुल हिस्सेदारी तेजी से बढ़ रही है। यदि भारत को चीन जैसी विनिर्माण क्षेत्र की ताकत बनाना है तो भारत को हाई वैल्यू मैन्युफेक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, मशीनरी, और सूक्षम, लघु एवं मध्यम उद्योग के क्षेत्र को और अधिक मजबूत करना होगा। घरेलू उत्पाद बढ़ाकर न केवल उत्पादों के आयात को कम किये जाने का प्रयास किया जा रहा है बल्कि वैश्विक बाजार में अपनी हिस्सेसरी भी बढ़ाई जा रही है। भारत में हाल ही में आई मोबाइल एवं इलेक्ट्रॉनिक क्रांति का भी इसमें बहुत बड़ा योगदान है। वर्ष 2014 में भारत में केवल 2 मोबाइल उत्पादन इकाईयां कार्यरत थीं। आज भारत मोबाइल निर्माण के क्षेत्र में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा निर्माता देश बन गया है। ऐपल की फ्लेगशिप कम्पनी अब मैन्युफेक्चरिंग इन इंडिया की ओर आगे बढ़ रही हैं। इलेक्ट्रॉनिक उत्पादन 2014-15 के 1.9 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 2025-26 में 13.11 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। रक्षा के क्षेत्र में भी उत्पादन एवं निर्यात तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। रक्षा के क्षेत्र में भारत अपनी छोटी मोटी जरूरतों के लिए अन्य देशों की ओर देखता था आज वह फिलिपींस को ब्रह्मोस मिसाईल का निर्यात कर रहा है। कई अफ्रीकी देशों को मेड इन इंडिया हेलिकोप्टर निर्यात कर रहा है। अब देश की कुल जरूरत का लगभा 65 प्रतिशत रक्षा उत्पाद देश में ही निर्मित हो रहा हैं। जो रक्षा उत्पादन वर्ष 2014-15 में 46,429 करोड़ रुपए का था वह 2025-26 में बढ़कर 1.78 लाख करोड़ रुपए के रिकार्ड स्तर पर पहुंच चुका है। रक्षा निर्यात 38,424 करोड़ रुपए के उच्चत्तम स्तर पर पहुंच चुका है। आज रक्षा के क्षेत्र में विभिन्न उत्पादों का निर्यात 100 से अधिक देशों को किया जा रहा है। ऑटोमोबाइल के क्षेत्र में उत्पादन में अतुलनीय वृद्धि दर्ज हुई है एवं फार्मा क्षेत्र में तो भारत को फार्मेसी आफ द वर्ल्ड कहा जा रहा है। भारत की एक्स्पोर्ट बास्केट भी बढ़ रही है - पेट्रोलीयम उत्पाद, इंजिनीयरिंग उत्पाद, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, ऑटोमोबाइल, टेक्स्टायल जैसे कई क्षेत्रों में विकास दर तेजी से बढ़ रही है। भारत किसी एक सेक्टर पर निर्भर नहीं है। कई क्षेत्रों में एक साथ आगे बढ़ रहा है। दुनिया की सप्लाई चैन में भारत की नई भूमिका तय हो रही है। भारत एक लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर का निर्यात करने की ओर आगे बढ़ रहा है। - प्रहलाद सबनानी सेवानिवृत्त उपमहाप्रबंधक, भारतीय स्टेट बैंक के-8, चेतकपुरी कालोनी, झांसी रोड, लश्कर, ग्वालियर - 474 009

प्रभासाक्षी 1 Sep 2026 4:23 pm

Stock Market Today: 6 महीने में 200% से अधिका रिटर्न, कंपनी को मिला 2329 करोड़ रुपये का कामल

Stock Market Today: 6 महीने में 200% से अधिका रिटर्न, कंपनी को मिला 2329 करोड़ रुपये का कामल

समाचार नामा 1 Sep 2026 3:10 pm

देश की 7.8 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि पर नेता बोले- पीएम मोदी की दूरदर्शी सोच से इकोनॉमी में शानदार प्रदर्शन

New Delhi, 1 सितंबर . वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में देश की 7.8 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि को लेकर नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आई है. से बातचीत करते हुए भाजपा नेता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि Prime Minister मोदी के करिश्माई नेतृत्व और दूरदर्शी सोच की वजह से आज हमारी इकोनॉमी शानदार प्रदर्शन कर ... Read more

डेली किरण 1 Sep 2026 2:53 pm

Economy Boom or Fake Data? GDP Growth 7.8% की असली सच्चाई क्या है?

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 7.8% जीडीपी (GDP) ग्रोथ के आंकड़ों पर जहां पीएम मोदी और सरकार अपनी पीठ थपथपा रहे हैं, वहीं देश के जाने-माने अर्थशास्त्रियों ने इसकी सच्चाई पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

सत्य हिंदी 1 Sep 2026 2:24 pm

धमाकेदार GDP Growth पर Sensex में 468 प्वाइंट्स की रिकवरी, 5 वजहों से Nifty फिर 24100 के पार

Stock Market Rally: उम्मीद से बेहतर जीडीपी ग्रोथ (GDP Growth) और निचले स्तर पर वैल्यू बाइंग से मार्केट को तगड़ा सपोर्ट मिला और सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) रेड से ग्रीन हो गए। इंट्रा-डे के निचले स्तर से सेंसेक्स 468 प्वाइंट्स रिकवर हो गया तो निफ्टी भी 24100 के पार पहुंच गया। हालाकि ब्रोडर लेवल पर दबाव बना हुआ है लेकिन स्मॉलकै स्पेस में हल्की। निफ्टी मिडकैप 100 में 1% से अधिक गिरावट है तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 हल्का लाल है।अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 01:01 PM पर सेंसेक्स 116.77 प्वाइंट्स यानी 0.15% की बढ़त के साथ 77,074.04 और निफ्टी भी 3.75 प्वाइंट्स यानी 0.02% की बढ़त के साथ 24,084.15 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 76,764.26 के इंट्रा-डे लो से 467.61 प्वाइंट्स रिकवर होकर 77,231.87 और निफ्टी भी 24,009.50 के इंट्रा-डे लो से 133.65 प्वाइंट्स ऊपर चढ़कर 24,143.15 तक पहुंचा था। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 193.01 प्वाइंट्स और निफ्टी 70.90 प्वाइंट्स टूटकर इंट्रा-डे के निचले स्तर तक आया था।Stock Market Rally: ये है वजहघरेलू इकॉनमी की मजबूतीबाहरी चुनौतियों के असर को घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूती ने कुछ हद तक कम कर दिया। इस वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2026 में भारतीय अर्थव्यवस्था 7.8% की रफ्तार से बढ़ी जोकि उम्मीद से अधिक रही। यह बढ़त ऐसे समय में दिखी जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध ने वैश्विक स्तर पर अनिश्चितताओं को बढ़ाया है। ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ-टेक फर्म एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर का कहना है कि जून तिमाही में 7.8% की जीडीपी ग्रोथ आरबीआई के 7% के अनुमान और मार्केट की उम्मीद से अधिक रही।वैल्यू बाइंगएक कारोबारी दिन मार्केट में कोहराम मचा हुआ था, जिसे देखकर निवेशकों ने धड़ाधड़ पैसा डालना शुरू कर दिया। निचले स्तर पर खरीदारी से मार्केट को सपोर्ट मिला।रुपये में उछालघरेलू स्तर पर मजबूत ग्रोथ, फिस्कल स्लिपेज यानी राजकोषीय घाटे में बढ़ोतरी पर नियंत्रण और पोर्टफोलियो से जुड़े निवेश के कारण एक अमेरिकी डॉलर की तुलना में रुपया 26 पैसे बढ़कर 94.96 पर पहुंच गया जिससे मार्केट को सपोर्ट मिला।FMCG और IT Stocks से मजबूत सपोर्टमार्केट को आज एफएमसीजी और आईटी स्टॉक्स से मजबूत सपोर्ट मिला जिनके निफ्टी इंडेक्स में 1% की तेजी आई है। निफ्टी मेटल भी आधे फीसदी से अधिक मजबूत हुआ है। हालांकि दूसरी तरफ सरकारी और प्राइवेट बैंक और ऑटो कंपनियां मार्केट को नीचे खींचने की कोशिश कर रहे हैं और इनके निफ्टी इंडेक्स आदे-आधे फीसदी से अधिक टूट गए।टेक्निकल आउटलुकजियोजीत इंवेस्टमेंट्स की चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स का कहना है कि एक कारोबारी दिन पहले अगस्त के निचले स्तर से आई रिकवरी और उससे बने हैमर पैटर्न से बाजार में बढ़त की उम्मीद बनी है। उनका कहना है कि फिलहाल नजर 24150 या 24215 के मामूली टारगेट पर है। हालांकि अगर यह लेवल पार नहीं हो पाता है या 24060-24000 के दायरे में दोबारा गिरावट आती है, तो बाजार 23575 तक फिसल सकता है। स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

ज़ी न्यूज़ 1 Sep 2026 1:04 pm

Stock Market News: सितंबर के पहले दिन बाजार को लगा झटका, Sensex 140 अंक टूटा; Nifty 24,030 के करीब|

सितंबर के पहले दिन घरेलू शेयर बाजार गिरावट के साथ खुला, जहां सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में कारोबार करते नजर आए।

प्रातःकाल 1 Sep 2026 10:19 am

‘दुनिया युद्ध में डूबी हुई है, भारत तेज गति से प्रगति कर रहा’, 7.8 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि पर पीएम मोदी ने दी बधाई

New Delhi, 1 सितंबर . वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में देश की 7.8 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि को लेकर Prime Minister Narendra Modi ने देशवासियों को बहुत-बहुत बधाई दी. उन्होंने कहा कि 7.8 प्रतिशत ग्रोथ से देश खुशियों से भर गया है. मैं देशवासियों को उनके संकल्प शक्ति, पुरुषार्थ के लिए बधाई देता हूं. ... Read more

डेली किरण 1 Sep 2026 9:58 am

Stock Market Today: सेंसेक्स 307 अंक टूटा, निफ्टी 24,100 के नीचे, Crude Oil ने बढ़ाई निवेशकों की चिंता

Stock Market Today: सेंसेक्स 307 अंक टूटा, निफ्टी 24,100 के नीचे, Crude Oil ने बढ़ाई निवेशकों की चिंता

समाचार नामा 1 Sep 2026 9:32 am

Stock Market Today 1 September, 2026: शेयर बाजार में आज शुरुआती कारोबार सुस्त! सेंसेक्स-निफ्टी हल्की गिरावट के साथ खुले, 1350 शेयरों में तेजी

सिंतबर 2026 के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत हल्की कमजोरी के साथ हुई। मिले-जुले वैश्विक संकेतों के बीच निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी मामूली गिरावट के साथ खुले।

ज़ी न्यूज़ 1 Sep 2026 9:30 am

India GDP Growth: पहली तिमाही में 7.8% की रफ्तार से बढ़ी अर्थव्यवस्था, RBI के अनुमान को भी छोड़ा पीछे

India GDP Growth: पहली तिमाही में 7.8% की रफ्तार से बढ़ी अर्थव्यवस्था, RBI के अनुमान को भी छोड़ा पीछे

समाचार नामा 1 Sep 2026 9:29 am

वित्त वर्ष 27 में भारत की रियल जीडीपी वृद्धि दर 7-7.2 प्रतिशत रहने की उम्मीद

नई दिल्ली, भारत की रियल जीडीपी वृद्धि दर वित्त वर्ष 27 में 7-7.2 प्रतिशत के बीच रहने की उम्मीद है।

देशबन्धु 31 Aug 2026 4:28 pm

Stock Market Opening : हफ्ते की शानदार शुरुआत! 189 अंक चढ़कर खुला Nifty, सेंसेक्स 788 अंक ऊपर

Stock Market Opening :हफ्ते की शानदार शुरुआत! 189 अंक चढ़कर खुला Nifty, सेंसेक्स 788 अंक ऊपर

समाचार नामा 3 Aug 2026 9:42 am

Stock Market Timing Change: निवेशकों के लिए बड़ी खबर! आज से बदल गई NSE-BSE की ट्रेडिंग टाइमिंग, देखें नया शेड्यूल

Stock Market Timing Change: निवेशकों के लिए बड़ी खबर! आज से बदल गई NSE-BSE की ट्रेडिंग टाइमिंग, देखें नया शेड्यूल

समाचार नामा 3 Aug 2026 9:14 am