Stock Market : अमेरिका-ईरान तनाव से शेयर बाजार में हड़कंप, सेंसेक्स 703 अंक टूटा, निफ्टी भी लुढ़का
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत विफल होने से वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ गई है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी गई। सेंसेक्स 703 अंक टूटकर बंद हुआ, जबकि निफ्टी में भी 200 अंकों से ज्यादा की गिरावट दर्ज ...
प्रदेश के करीब 2 लाख बेरोजगार 5 से 7 महीनों से भत्ते को तरस रहे हैं। भत्ता नहीं मिलने से बेरोजगार युवाओं को आर्थिक संबल नहीं मिल पा रहा है। मुख्यमंत्री युवा संबल योजना के तहत मिलने वाले इस भत्ते के लिए रोजगार निदेशालय ने बिल तैयार करके वित्त विभाग में भिजवा दिए थे, लेकिन बजट के अभाव में बिल पास नहीं हो पाए। यह देरी बेरोजगारों पर अब भारी पड़ रही है। पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में तैयार यह बिल अब नए वित्तीय वर्ष के हिसाब से नए सिरे से प्रोसेस करने होंगे। इस कारण भत्ते में और देरी होगी। अभी भी तय नहीं है कि भत्ता कब से मिलेगा। इसको लेकर अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। भत्ता नहीं मिलने से बेरोजगारों को आर्थिक रूप से परेशान होना पड़ रहा है। सरकार हर महीने अधिकतम 2 लाख बेरोजगारों को भत्ता देती है। इस पर करीब 60 करोड़ रुपए खर्च होते हैं। पिछले 7 महीने से भत्ता नहीं मिलने से बेरोजगारों के करीब 420 करोड़ रुपए फंसे हुए हैं। दिसंबर तक के बिल तैयार करके रोजगार निदेशालय ने वित्त विभाग में भिजवा दिए थे, लेकिन बजट जारी नहीं हुआ और बिल अटके रहे। बजट जारी हो जाता तो भत्ता सीधे बेरोजगारों के खातों में ट्रांसफर हो जाता। वित्त वर्ष 2025-26 खत्म हो गया। अधिकारियों को समय रहते बजट स्वीकृत और बिल पास करने चाहिए थे। वित्तीय वर्ष खत्म हो गया और बिल अटके रहे। अब नए सिरे से बिल प्रोसेस होंगे तो भत्ता मिलने में देरी होगी। वित्त विभाग को चाहिए कि भत्ते के लिए बजट तुरंत जारी करे, ताकि युवाओं को संबल मिल सके। - राधे मीणा, अध्यक्ष, राजस्थान युवा बेरोजगार महासंघ भत्ता के लिए बिल बनाकर वित्त विभाग को भिजवा दिए गए थे। विभाग उपलब्ध बजट के हिसाब से बिल पास करता रहता है। पिछले वित्तीय वर्ष में तैयार बिल केंसिल हुए हैं, सिस्टम से डिलीट नहीं हुए। इस कारण बेरोजगार युवाओं को भत्ता मिलने में परेशानी नहीं आएगी। - विवेक भारद्वाज, असिस्टेंट डायरेक्टर (ट्रेनिंग) रोजगार निदेशालय
Gold Prices Surge- ऐतिहासिक उछाल से सर्राफा बाजार में मची हलचल, निवेशकों में उत्साह
वैश्विक अस्थिरता के बीच भारतीय सर्राफा बाजार में सोने की दरों में भारी उछाल, 22 और 18 कैरेट के दाम भी आसमान पर।
ईरान युद्ध से भारतीय अर्थव्यवस्था को जोरदार झटका संभव
पश्चिम एशिया में चल रहे व्यापक युद्ध, जिसमें अमेरिका-इज़राइल जोड़ी और ईरान शामिल हैं

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