Sirmour News: भारतीय अर्थव्यवस्था के बदलते वैश्विक परिदृश्य व सतत विकास पर विचार मंथन
श्री गुरु गोबिंद सिंह राजकीय महाविद्यालय पांवटा साहिब में भारतीय अर्थव्यवस्था के बदलते वैश्विक परिदृश्य, अवसरों और चुनौतियों पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू हुआ।
Stock Market Update: सेंसेक्स 414 अंक चढ़ा, निफ्टी 23,146 के पार; IT शेयरों में जोरदार तेजी
Stock Market Update: सेंसेक्स 414 अंक चढ़ा, निफ्टी 23,146 के पार; IT शेयरों में जोरदार तेजी
सिरमौर: भारतीय अर्थव्यवस्था की चुनौतियों और हिमाचल में सतत विकास पर राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू
सिरमौर: भारतीय अर्थव्यवस्था की चुनौतियों और हिमाचल में सतत विकास पर राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू
Deloitte का आकलन: भारतीय अर्थव्यवस्था चालू वित्त वर्ष में 7.3 फीसदी तक बढ़ेगी
डेलॉयट इंडिया ने चालू वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था के 7.1 से 7.3 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान लगाया है। निजी निवेश में लगातार सुधार से मांग को अतिरिक्त समर्थन मिलने की उम्मीद है। बहुराष्ट्रीय पेशेवर सेवा कंपनी ने कहा कि हालांकि भू-राजनीतिक तनाव, ऊर्जा की कीमतों में उतार-चढ़ाव और व्यापार में व्यवधान आर्थिक वृद्धि की संभावनाओं के लिए जोखिम बने हुए हैं। डेलॉयट इंडिया की अर्थशास्त्री रुमकी मजूमदार ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत की आर्थिक वृद्धि को घरेलू खर्च में मजबूती और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे में लगातार निवेश से समर्थन मिला है। कारोबारों को अब बेहतर संपर्क सुविधा, मजबूत वित्तीय स्थिति और उत्पादन क्षमता का अधिक इस्तेमाल करने का लाभ मिल रहा है जिससे विस्तार की संभावना मजबूत हुई है। मजूमदार ने कहा, ‘‘सवाल यह है कि क्या ये परिस्थितियां आने वाले वर्षों में आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने में निजी निवेश की बड़ी भूमिका सुनिश्चित करेंगी। हाल के संकेत उम्मीद जगाते हैं। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में सकल स्थिर पूंजी निर्माण 11.9 प्रतिशत बढ़ा, जो चार साल में इसकी सबसे तेज वृद्धि है।’’डेलॉयट के आर्थिक परिदृश्य में वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की अर्थव्यवस्था 7.1 से 7.3 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2027-28 में 6.6 से 7.0 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान लगाया गया है। रिपोर्ट में कहा गया कि निजी निवेश में लगातार सुधार से भारत को मांग का एक अतिरिक्त स्रोत मिलेगा। साथ ही, इससे भविष्य की आर्थिक वृद्धि के लिए जरूरी उत्पादन क्षमता विकसित करने में मदद मिलेगी। हालांकि, भू-राजनीतिक तनाव, ऊर्जा की कीमतों में उतार-चढ़ाव और व्यापार में व्यवधान इस अनुमान के लिए जोखिम बने हुए हैं। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए डेलॉयट का जीडीपी वृद्धि अनुमान भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (ओईसीडी) के 7.1 प्रतिशत के अनुमान के बराबर है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ), एशियाई विकास बैंक (एडीबी), एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स और मूडीज ने सात प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगाया है। मजूमदार ने कहा कि सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा तथा कृत्रिम मेधा (एआई) के बुनियादी ढांचे जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में निवेश बढ़ने से निजी पूंजीगत व्यय को और गति मिलेगी, क्योंकि इन क्षेत्रों में शुरुआत में बड़े निवेश की जरूरत होती है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत ने कारोबार के विस्तार के लिए जरूरी कई परिस्थितियों में सुधार किया है। इन सुधारों को निजी निवेश में लगातार बढ़ोतरी में बदलना अब इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनियां अपनी अगली परियोजनाओं की योजना बनाने, उनके लिए वित्त जुटाने और उन्हें लागू करने को लेकर कितना भरोसा महसूस करती हैं।’’
Stock Market Rules: शेयर बाजार की क्लोजिंग और F&O ट्रेडिंग के नियमों में बदलाव, जानें निवेशकों पर क्या होगा असर
Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर
Market news : भारतीय बाजार के लिए अच्छे संकेत दिख रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी में 80 प्वाइंट से ज्यादा की तेजी है। FIIs की कैश में बिकवाली हुई है, लेकिन वायदा में बड़ी कवरिंग नजर आई है। अमेरिकी बाजार में भी कल जोरदार रिकवरी दिखी। डाओ में 550 प्वाइंट से ज्यादा का उछाल दिखा। नैस्डैक और S&P में भी बढ़त रही। एशियाई बाजारों में भी रौनक दिख रही है। क्रूड 105 डॉलर प्रति बैरल के करीब दिख रहा है। US बॉन्ड यील्ड में भी नरमी आई है।यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।मार्केट ओवरव्यूगुरुवार को भारतीय इक्विटी बेंचमार्क में तेजी आई। जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO की घोषणा के बाद ऑटो, IT, प्राइवेट बैंकों और रिलायंस इंडस्ट्रीज में जोरदार खरीदारी के चलते निफ्टी और सेंसेक्स, दोनों में 1.5 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। कारोबार के अंत में, सेंसेक्स 1,533.72 अंक यानी 2.11 प्रतिशत की तेजी के साथ 74,315.61 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 374.65 अंक यानी 1.66 प्रतिशत की बढ़त के साथ 22,997.35 पर बंद हुआ।SEBI ने CAS में किए बड़े बदलाव, एक्सपायरी पर VWAP से होगा सेटलमेंटमार्केट रेगुलेटर सेबी ने क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) में बड़े बदलाव किए है। एक्सपायरी के दिन CAS के बजाए पुराने VWAP सिस्टम से सेटलमेंट होगा। CAS की टाइमिंग बदली गई है। अब CAS 3.30 बजे से 10 मिनट का होगा। यह फैसला 7 दिसंबर से लागू होगा।टेक महिंद्रा के नतीजे अनुमान के मुताबिक, Q2 में 0.9% रही विप्रो की IT सर्विसेज रेवेन्यू ग्रोथटेक महिंद्रा के दूसरी तिमाही के नतीजे अनुमान के मुताबिक रहे है। इसके मुनाफे में 7 परसेंट तो रेवेन्यू में 3 परसेंट की बढ़ोतरी हुई है। विप्रो के Q2 रिजल्ट भी उम्मीद के करीब रहे हैं। इसकी CC रेवेन्यू ग्रोथ फ्लैट रही है। IT सर्विसेज रेवेन्यू ग्रोथ 0.9% रही है। हालांकि Q3 में इसके माइनस 1.5% से 0.5% की रेंज में रहने का अनुमान किया गया है। वहीं, परसिस्टेंट सिस्टम का मुनाफा 27 परसेंट गिरा है। लेकिन CC रेवेन्यू ग्रोथ 7.8% रही है।एंजेव वन का Q2 मुनाफा 44.7% बढ़ा, रेवेन्यू फ्लैटदूसरी तिमाही में एंजेव वन के मुनाफे में तिमाही आधार पर 45 परसेंट का उछाल आया है। लेकिन रेवेन्यू ग्रोथ फ्लैट रही है। मार्जिन में 1060 Bps का तगड़ा उछाल देखने को मिला है। वहीं L&T FINANCE का Q2 मुनाफा 33 परसेंट बढ़ा है। इसे मजबूत रिटले ग्रोथ और NII में उछाल से बूस्ट मिला है।JIO के IPO पर बोले आकाश अंबानीJIO के IPO पर आकाश अंबानी ने कहा कि देश को डिजिटल सर्विस से कनेक्ट करना Jio का मिशन है। भारत में विकसित टेक्नोलॉजी का दूसरे देशों में इस्तेमाल होगा। IPO पर ईशा अंबानी ने कहा कि लॉन्ग टर्म प्लानिंग, स्केल और एग्जीक्यूशन पर फोकस है। यह आईपीओ 21 अक्टूबर से खुलेगा। इसकी प्राइस बैंड 1065 से 1119 रुपए प्रति शेयर है।चीनी 21 सेंट के पारसप्लाई की चिंता से इंटरनेशनल मार्केट में चीनी की कीमतों में जोरदार उछाल आया है। इसका भाव 21 सेंट प्रति पाउंड के साथ करीब 2 सालों की ऊंचाई पर पहुंच गया है। ब्राजील में क्रशिंग में देरी और भारत में कमजोर मॉनसून से उत्पादन गिरने की आशंका से इसके भाव में तेजी आई है।एशियन करेंसीशुक्रवार, 16 अक्टूबर को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अधिकांश एशियाई मुद्राओं में कमजोरी आई है, जिसमें दक्षिण कोरियाई वॉन और फिलीपीन पेसो सबसे ज्यादा गिरे हैं। इंडोनेशियाई रुपिया में 0.20 प्रतिशत की गिरावट आई है, जबकि दक्षिण कोरियाई वॉन 0.36 प्रतिशत और फिलीपीन पेसो 0.23 प्रतिशत कमजोर हुए हैं। जापानी येन में 0.08 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, वहीं थाई बाह्ट और सिंगापुर डॉलर में 0.05-0.05 प्रतिशत की कमी आई है। मलेशियाई रिंगित और चीनी रेनमिनबी में भी मामूली गिरावट देखी गई है। ये 0.02 प्रतिशत और 0.018 प्रतिशत नीचे आए हैं। इसके विपरीत, ताइवान डॉलर में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.05 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है। यह 9 लिस्टेड एशियाई मुद्राओं में एकमात्र ऐसी मुद्रा है जिसमें तेजी आई है।विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारीविदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने बिकवाली का सिलसिला जारी रखा और 15 अक्टूबर को लगभग 5,285 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाजार को कुछ सहारा दिया और इस दौरान 3,319 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।Market cues : 22850 के ऊपर टिकने पर ही निफ्टी के लिए खुलेगा 23000 की ओर बढ़ने का रास्ता
आईडीबीआई बैंक का 53,000 करोड़ रुपये का रणनीतिक विनिवेश मौजूदा वित्तीय वर्ष के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। दीपम सचिव अरुणिश चावला ने बताया कि कनाडा की फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स को बिक्री भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मंजूरी पर निर्भर है।
Stock Market Outlook: AlfAccurate Advisors के मैनेजिंग डायरेक्टर राजेश कोठारी का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार अगले 3 से 5 साल में अच्छा रिटर्न दे सकता है। इसके पीछे कंपनियों की कमाई में सुधार, अर्थव्यवस्था की मजबूती और शेयरों की वाजिब वैल्यूएशन जैसे कारण हैं।CNBC-TV18 को दिए इंटरव्यू में कोठारी ने कहा कि अब इक्विटी में निवेश बढ़ाने का समय है। निवेशकों को लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप, तीनों तरह के शेयरों में मौके तलाशने चाहिए। पिछले दो साल में बाजार से खास रिटर्न नहीं मिला है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का प्रदर्शन भी कमजोर रहा है।अर्थव्यवस्था की मजबूती पर भरोसाकोठारी के मुताबिक, महंगे कच्चे तेल और ऊंची ब्याज दरों की चिंताओं के बावजूद भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत है। नॉन-फूड क्रेडिट ग्रोथ 17-18%, इंडस्ट्रियल क्रेडिट ग्रोथ 20% और पर्सनल लोन में 16% की बढ़ोतरी इसका संकेत है। उनके मुताबिक, इंडस्ट्रियल क्रेडिट ग्रोथ 2011 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंची है।खपत, सरकार का कैपिटल एक्सपेंडिचर और निर्यात में सुधार भी अर्थव्यवस्था को सहारा दे रहे हैं। कंपनियों की कमाई में भी सुधार दिख रहा है। साथ ही, बाजार की वैल्यूएशन अपने 10 साल के औसत P/E रेशियो से नीचे है।FII की बिकवाली हर कंपनी के लिए खतरे का संकेत नहींकोठारी ने कहा कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली को सिर्फ भारत से उनकी नाराजगी के तौर पर नहीं देखना चाहिए। निवेशकों को नेट खरीद-बिक्री के बजाय कुल खरीद और बिक्री पर भी नजर डालनी चाहिए।उनके मुताबिक, विदेशी निवेशक उन कंपनियों से पैसा निकाल रहे हैं, जो उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाईं। इसलिए बिकवाली का कारण कई बार देश के बजाय किसी खास कंपनी का कमजोर प्रदर्शन होता है।इन सेक्टरों में दिख रहे हैं मौकेकोठारी को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS), एयरोस्पेस, कॉन्ट्रैक्ट डेवलपमेंट एंड मैन्युफैक्चरिंग (CDMO) और ऑटो एंसिलरी कंपनियों में संभावनाएं दिख रही हैं। EMS सेक्टर को सरकार की PLI स्कीम और भारतीय कंपनियों की बढ़ती उत्पादन क्षमता से मदद मिल रही है।बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज भी उनकी पसंद में शामिल हैं। मजबूत क्रेडिट ग्रोथ, बेहतर एसेट क्वालिटी और नियंत्रित क्रेडिट लागत से इस सेक्टर को फायदा मिल सकता है। उन्हें स्पेशियलिटी केमिकल्स, कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी और ट्रैवल, मीडिया व डिजिटल एडवर्टाइजिंग प्लेटफॉर्म कारोबार में भी अवसर दिखते हैं।हर शेयर में तेजी की उम्मीद न करेंकोठारी ने स्टॉक चुनते समय सावधानी बरतने की सलाह दी। उनके मुताबिक, पिछले पांच साल में कोई भी लार्जकैप कंपनी हर साल 20% की ग्रोथ दर्ज नहीं कर पाई। मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों में भी करीब 8% ही लगातार इतनी ग्रोथ हासिल कर पाईं।उन्होंने कहा कि कई प्लेटफॉर्म कंपनियां अब कर्ज-मुक्त हो चुकी हैं। इससे कारोबार को लंबे समय तक आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।Reliance Jio Origin Story: ईशा अंबानी ने सुनाया जियो की शुरुआत का दिलचस्प किस्सा, वो घटना जिसने भारत में ला दी डिजिटल क्रांतिDisclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। कारोबार की शुरुआत लगभग सपाट रहने के बाद बाजार ने तेजी पकड़ी और एक घंटे के भीतर सेंसेक्स 1,000 अंकों से ज्यादा उछल गया। कारोबार बंद होने तक बीएसई सेंसेक्स 1,533 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ, ...
Stock Market Today: शेयर बाजार में जोरदार उछाल, सेंसेक्स 1000 अंक चढ़ा; कच्चे तेल की गिरती कीमतों से मिला सहारा
वैश्विक बाजारों में मंदी और महंगाई के दबाव के बावजूद भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को मजबूती के साथ शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया भी मजबूत नजर आया। हालांकि, प्रमुख सूचकांकों में तेजी के बीच स्मॉलकैप और मिडकैप जैसे व्यापक सूचकांकों (broader indices) में सुस्ती देखी गई। 30 शेयरों वाला बीएसई (BSE) सेंसेक्स 183.91 अंक (0.25%) की बढ़त के साथ 72,965.80 पर खुला, जबकि एनएसई (NSE) निफ्टी 50 48.60 अंक चढ़कर 22,671.30 पर खुला। पिछले कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 72,781.89 और निफ्टी 22,622.70 के स्तर पर बंद हुए थे। पिछले कारोबारी सत्र में, सेंसेक्स 72,781.89 पर और निफ्टी 50, 22,622.70 पर बंद हुआ था। हालांकि, शुरुआती सत्र में व्यापक सूचकांक (broader indices) लाल निशान में कारोबार करते दिखे। BSE मिडकैप सिलेक्ट इंडेक्स 3.16 अंक नीचे आया, जबकि BSE स्मॉलकैप सिलेक्ट इंडेक्स 17.31 अंक (0.19%) गिरकर 8,995.66 पर आ गया। इसे भी पढ़ें: Sensex 252 अंक टूटा, Nifty में भी गिरावट, थोक महंगाई बढ़ने से सहमा बाजार सेंसेक्स में शामिल शेयरों में TCS, M&M, HCL टेक, टेक महिंद्रा और रिलायंस में तेजी रही। शुरुआती कारोबार में TCS 2.26% की बढ़त के साथ सबसे आगे रहा। दूसरी ओर, सन फार्मा, पावर ग्रिड, बजाज फाइनेंस, इंडिगो और NTPC में गिरावट देखी गई, जिसमें सन फार्मा 1.08% नीचे रहा। शुरुआती कारोबार में बाजार का रुख नकारात्मक रहा; NSE पर 1,106 शेयरों में तेजी के मुकाबले 1,188 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। 182 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) ने क्या संकेत दिया? इसे भी पढ़ें: शुरुआती गिरावट के बाद संभले Sensex और Nifty, आईटी शेयरों में खरीदारी से बाजार को सहारा निफ्टी 50 के शुरुआती संकेतक 'गिफ्ट निफ्टी' ने आज नकारात्मक शुरुआत का संकेत दिया। यह पिछले बंद भाव 22,622.50 के मुकाबले 97.5 अंक गिरकर 22,525 पर खुला। बुधवार को विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) बिकवाल बने रहे और 14 अक्टूबर, 2026 को उन्होंने 1,857.44 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) खरीदार बने रहे और उन्होंने 2,670.44 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। चॉइस ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर ने कहा, गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) में बढ़त के चलते बाजार की शुरुआत थोड़ी सकारात्मक हो सकती है, लेकिन कुल मिलाकर बाजार को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। वैश्विक स्तर पर बनी अनिश्चितता और हाल ही में हुई प्रॉफिट बुकिंग बाजार की तेजी को सीमित कर सकती है। बढ़ती अस्थिरता और FIIs की लगातार बिकवाली पर ध्यान देने की जरूरत है, जबकि DIIs की खरीदारी बाजार को कुछ सहारा दे सकती है। बाजार की चाल उतार-चढ़ाव भरी हो सकती है। निवेशक कंपनियों के नतीजों, कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव और अलग-अलग सेक्टर में खरीदारी के रुझान पर नजर रखेंगे। इसे भी पढ़ें: 14 October 2026 Stock Market Updates | आईटी शेयरों में खरीदारी से सेंसेक्स सपाट खुला, निफ्टी 22,700 के स्तर पर टिका आज एशियाई बाजार महंगाई के और खराब होने के संकेतों के बीच, अमेरिकी बाजारों में जुलाई के बाद की सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली, जिसका असर एशियाई बाजारों पर भी पड़ा और वहां भी शेयर गिरे। खबर लिखे जाने के समय, जापान का निक्केई 225 (Nikkei 225) सूचकांक 3,478.29 अंक या 5.13 प्रतिशत गिरकर 64,266 पर आ गया। इसी तरह, हांगकांग का हैंग सेंग (Hang Seng) 367.17 अंक या 1.51 प्रतिशत गिर गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) 481.69 अंक या 8.72 प्रतिशत लुढ़क गया। शंघाई का SSE कंपोजिट इंडेक्स 74.58 अंक या 1.98 प्रतिशत नीचे आ गया।
Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा फ्लैट ओपनिंग के संकेत, एशिया बाजारों में दबाव
Stock Market Live Update: भारतीय शेयर बाज़ार के गिरावट के साथ खुलने की संभावना है, क्योंकि गुरुवार, 15 अक्टूबर को GIFT निफ्टी ने सुस्त शुरुआत का संकेत दिया। इस बीच, गुरुवार को एशियाई बाज़ार गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे, जबकि मंगलवार को अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स में भी गिरावट आई।गिफ्ट निफ्टी 22,601 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स की पिछली क्लोजिंग से लगभग 10 अंक नीचे है। इससे भारतीय शेयर बाजार सूचकांकों के लिए एक नेगेटिव या फ्लैट शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं।आज सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी का दिन काफी हलचल भरा रहने की उम्मीद है। IPOs की शुरुआत, प्राइस बैंड का ऐलान, नतीजों पर प्रतिक्रिया और बड़े सौदों पर प्रतिक्रिया - इन सभी पर नज़र रहेगी। हालांकि, निफ्टी 'एक दिन ऊपर, अगले दिन नीचे' वाले पैटर्न से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा है, क्योंकि बुधवार की तरह ही अच्छी बढ़त के बाद भी आगे और खरीदारी (follow-up buying) नहीं दिख रही है। इंडेक्स अभी भी अहम लेवल से ऊपर बना हुआ है और नीचे की तरफ 22,550 - 22,500 का ज़ोन एक अहम सपोर्ट लेवल होगा जिस पर नज़र रखनी होगी।ऊपर की तरफ, 22,750 - 22,800 का ज़ोन एक अहम रुकावट (hurdle) होगा और अगर निफ्टी इसके ऊपर लगातार बना रहता है, तो यह वापस 23,000 के लेवल तक जा सकता है। Nifty Bank अभी भी 54,500 - 55,500-55,700 की रेंज में बना हुआ है।
सितंबर में WPI थोक महंगाई दर उछलकर 11.39 फीसदी हुई, ईंधन और खाद्य वस्तुएं महंगी
देश में महंगाई को लेकर चिंता बढ़ती नजर आ रही है। सितंबर 2026 में थोक महंगाई दर बढ़कर 11.39% पर पहुंच गई, जबकि अगस्त में यह 9.92% थी। ईंधन, खाद्य पदार्थों और तैयार सामान की कीमतों में तेजी ने थोक महंगाई को दोहरे अंकों में पहुंचा दिया है। 14 अक्टूबर को जारी आंकड़ों के मुताबिक, थोक स्तर पर कीमतों में बढ़ोतरी का असर अर्थव्यवस्था के कई प्रमुख क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है। थोक मूल्य इंडेक्स यानी डब्ल्यूपीआई सितंबर में बढ़कर 112.5 हो गया, जबकि अगस्त में यह 110.8 था। इस तरह एक महीने के भीतर इंडेक्स में करीब 1.5% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह इंडेक्स बताता है कि बाजार में सामान की थोक कीमतों में कितना बदलाव हुआ है। वहीं, घरेलू उत्पादकों को मिलने वाली कीमतों पर नजर रखने वाला उत्पादक मूल्य इंडेक्स भी अगस्त के 110.8 से बढ़कर सितंबर में 112.5 पर पहुंच गया। इससे उत्पादन से जुड़े प्रमुख क्षेत्रों में कीमतें बढ़ सकते हैं। महंगाई बढ़ने की सबसे बड़ी वजह ईंधन और बिजली की कीमतों में तेजी रही। इस श्रेणी की महंगाई अगस्त के 22.9% से बढ़कर सितंबर में 25.9% हो गई। कोयले और लिग्नाइट की महंगाई में भी तेज उछाल देखने को मिला। अगस्त में यह दर 1.6% थी, जो सितंबर में बढ़कर 9.3% पहुंच गई। वहीं, कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस की महंगाई 34.4% से बढ़कर 57.3% हो गई। खनिज तेल की महंगाई भी 38.5% से बढ़कर 40% पर पहुंच गई। गौरतलब है कि ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का असर केवल परिवहन तक सीमित नहीं रहता। इससे माल ढुलाई, बिजली उत्पादन और कई उद्योगों की लागत बढ़ सकती है। कंपनियां यदि बढ़ी हुई लागत का बोझ ग्राहकों पर डालती हैं, तो रोजमर्रा के सामान की कीमतों में भी इजाफा हो सकता है। मैन्युफैक्चर्ड सामान की कीमतों में भी तेजी दर्ज की गई है। थोक मूल्य इंडेक्स में करीब दो-तिहाई हिस्सेदारी रखने वाले मैन्युफैक्चर्ड उत्पादों की महंगाई अगस्त के 8.4% से बढ़कर सितंबर में 9.8% हो गई। बुनियादी धातुओं की महंगाई 10.9% से उछलकर 17% पर पहुंच गई। इसी तरह रसायन और रासायनिक उत्पादों की महंगाई 14.3% से बढ़कर 16.7% दर्ज की गई। इन क्षेत्रों में बढ़ती कीमतें निर्माण, मशीनों और दूसरे औद्योगिक सामान की लागत को प्रभावित कर सकती हैं। खाद्य पदार्थों की महंगाई ने भी चिंता बढ़ाई है। थोक खाद्य इंडेक्स की महंगाई अगस्त के 7.1% से बढ़कर सितंबर में 8.7% हो गई। प्राथमिक खाद्य वस्तुओं की महंगाई 5.7% से बढ़कर 8.1% पहुंच गई। हालांकि, तैयार खाद्य उत्पादों की महंगाई में मामूली राहत मिली और यह 9.7% से घटकर 9.4% पर आ गई। बता दें कि थोक महंगाई और खुदरा महंगाई में अंतर होता है। थोक महंगाई उत्पादकों और कारोबारियों के स्तर पर कीमतों में बदलाव दिखाती है, जबकि खुदरा महंगाई का संबंध आम उपभोक्ताओं द्वारा चुकाई जाने वाली कीमतों से है। सितंबर में खुदरा महंगाई दर भी बढ़कर 5.5% बताई गई है। इससे अर्थशास्त्रियों के बीच इस साल आगे ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना को लेकर चर्चा तेज हुई है। मौजूद आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में उत्पादक मूल्य इंडेक्स के सभी 4 प्रमुख उत्पादन क्षेत्रों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि, थोक महंगाई में उछाल के बावजूद ब्याज दरों पर अंतिम फैसला लेने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक को खुदरा कीमतों, आर्थिक गतिविधियों और महंगाई के आगे के रुझान पर भी ध्यान देना होगा। यदि ईंधन, खाद्य और औद्योगिक सामान की कीमतें लगातार बढ़ती रहती हैं, तो इसका असर कारोबार, घरेलू बजट और आर्थिक विकास पर पड़ सकता है।
सेंसेक्स की कंपनियों में शामिल आईटी कंपनी इन्फोसिस के शेयर आज सबसे ज्यादा 2.51 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए।
Stock Market View : 13 अक्टूबर के शानदार सेशन के बाद मार्केट पर आज फिर दबाव देखने को मिल रहा है। निफ्टी 22,700 के लेवल से नीचे आ गया है। बुल्स मोमेंटम बनाए रखने के लिए संघर्ष रहे हैं। सेंसेक्स भी थोड़ा नीचे है और 73,000 के लेवल से नीचे फिसल गया है। निफ्टी बैंक इंडेक्स भी मंदडियों की पकड़ से जूझ रहा है और लगभग 100 अंक नीचे है। बाजार जानकारों का कहना है कि निफ्टी के लिए निचले स्तर पर 22,700 का लेवल बचाए रखना अहम होगा। वहीं, फिर से तेजी पकड़ने के लिए 23,000 के लेवल तक पहुंचना भी जरूरी होगा।ऐसे माहौल में मार्केट आउटलुक पर चर्चा करते हुए डाइमेंशन्स कॉर्पोरेट फाइनेंस सर्विसेज़ ( Dimensions Corporate Finance Services) के मैनेजिंग डायरेक्टर अजय श्रीवास्तव ने कहा कि रुपए में गिरावट और महंगाई बढ़ने के चलते बाजार पर दबाव देखने को मिल रहा है। बाजार की गिरावट से कोई सरप्राइज नहीं है। अगले 6 महीने तक बाजार में मुनाफावूसली की रणनीति काम करती दिखेगी।मिडकैप में अच्छी तेजी रही है। प्राइमरी मार्केट पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि IPO का सबसे ज्यादा फायदा एंकर निवेशकों ने उठाया है। IPO से रिटेल निवेशकों को खास फायदा नहीं हुआ है। बाजार की तेजी में मुनाफावसूली की रणनीति रखें। मिडकैप में प्रॉफिट बुकिंग की रणनीति बेहतर काम करेगी।उन्होंने आगे कहा कि इस समय इंजीनियरिंग में पावर और एक्सपोर्ट सेगमेंट में कमाई के मौके हैं। इन सेगमेंट में क्वालिटी शेयरों पर फोकस करें। नॉन-फेरस मेटल की थीम भी बेहतर है। NBFCs में गोल्ड लोन कंपनियां बेहतर लग रही हैं।फार्मा शेयरों पर बात करते हुए उन्होंने आगे कहा कि CDMO शेयर लंबी अवधि के नजरिए से अच्छे लग रहे हैं। इनमें एंट्री पर ध्यान दें। इसके अलावा इंडिया का होटल सेक्टर अच्छा कर सकता है। न्यू ऐज शेयर भी लंबी अवधि के लिहाज से अच्छे लग रहे हैं। आईटी शेयरों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि IT काफी ओवरसोल्ड है। इस सेक्टर को रुपए की गिरावट से फायदा होगा। फिर भी IT सेक्टर में अभी दम नहीं नजर आ रहा है। उनका यह भी मानना है कि स्टारलिंक से टेलीकॉम की तस्वीर बदलती नजर आएगी।Market Insight : भारत का बाजार खराब नहीं है, सिर्फ टॉप 10 शेयर में हो रही है दिक्कतडिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
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पूर्व वित्त सचिव सुभाष गर्ग ने GDP के आधिकारिक आंकड़ों पर सवाल उठाए हैं। अब दिग्गज निवेशक शंकर शर्मा ने ‘Real Feel GDP’ का मुद्दा उठाते हुए कहा है कि आंकड़ों में ग्रोथ भले ही 7% से ज्यादा दिख रही हो, लेकिन आम लोगों को इसका असर उनकी रोजमर्रा की जिंदगी में उतना महसूस नहीं होता।
PM Modi के GDP Growth पर INDIA ने कसके सुनाया | Congress | Pawan Khera | Pappu Yadav | Manoj Jha
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