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वाराणसी रेलवे स्टेशन की एक साल में रिकार्ड आमदनी:वित्तीय वर्ष 2025-26 में कमाए 750 करोड़, रोजाना सफर करते हैं 94 हजार यात्री

वाराणसी के कैंट रेलवे स्टेशन ने एक वित्तीय वर्ष में सर्वाधिक कमाई का रिकार्ड बनाया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में कैंट रेलवे स्टेशन ने 750 करोड़ की कमाई की है। जो अभी तक का रिकार्ड है। प्रधानमंत्री के सांसद बनने के बाद काशी में पर्यटन को बूम मिला है। जिसकी बानगी रेलवे स्टेशन पर देखने को मिली है। रेलवे की कमाई का जरिया यात्री किराया, पार्सल, स्टैंड, एनएफआर और कैटरिंग सहित कई अन्य माध्यम हैं। काशी के अलावा मथुरा, अयोध्या और चित्रकूट में भी श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। इस रिकार्ड कमाई के साथ ही वाराणसी का मुंबई की तरह एनएसजी-1 स्टेशन कैटेगरी बनी हुई है। वाराणसी जंक्शन ने की रिकार्ड आमदनी स्टेशन डायरेक्टरअर्पित गुप्ता ने बताया - वित्तीय वर्ष 2025-26 में वाराणसी जंक्शन रेलवे स्टेशन ने रिकार्ड कमाई की है। वाराणसी जंक्शन से अलग-अलग मद मिलाकर कुल 750 करोड़ की कमाई रेलवे को इस वर्ष हुई है। यह काशी में लगातार बढ़ रहे पर्यटकों की देन है। उन्होंने बताया वित्तीय वर्ष 2025-26 में कैंट स्टेशन पर 750 करोड़ रुपये की आमदनी हुई। जो की एक रिकार्ड है। पिछले साल कैंट रेलवे स्टशन पर क कमाई हुई थी। इस दौरान यह भी बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2023-2024 में 561 करोड़ की आमदनी हुई थी। कुल 34 फीसदी वृद्धि हुई है। साल 2023- 24 में 749 करोड़ मांगा साल भर में एक करोड़ 15 लाख यात्रियों ने किया सफर अर्पित गुप्ता ने बताया - वित्तीय वर्ष 2025-26 में वाराणसी जंक्शन से एक करोड़ 15 लाख यात्रियों ने सफर किया। इसमें रोजाना का आंकड़ा 94 हजार का है। पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों के आधार पर वाराणसी जंक्शन को पांच करोड़ की आमदनी देने वाले स्टेशन की श्रेणी यानी एनएसजी-1 में रखा गया है। इसमें मुंबई, दिल्ली जैसे शहर आते हैं। अर्पित ने बताया - कोरोना काल के बाद से स्टेशन पर भयंकर भीड़ देखने को मिल रही है। ऐसे में रेलवे लगातार लग्जरी सुविधाओं की यात्रियों के लिए तलाश कर रही है। यात्री सुविधा में लगातार हो रही बढ़ोतरी स्टेशन डायरेक्टर ने बताया - यात्री सुविधाओं में लगातार बढ़ोतरी की जा रही है। कुछ साल पहले तक वाराणसी के कैंट स्टेशन पर कोई लग्जरी सुविधा नहीं थी। लेकिन अब वोटिंग रूम, रेस्टोरेंट, लिफ्ट और लंच की व्यवस्था की गई है। जिसमें यात्री सुविधा का ख्याल रखा जा रहा है। इसके साथ ही साफ-सफाई की अच्छी व्यवस्था हर घंटे उपलब्ध है। एस्केलेटर, लिफ्ट और अन्य सुविधाओं की वजह से अब लोग स्टेशन पर आना और ट्रेन से यात्रा करना बेहतर समझ रहे है। ट्रेनों की लेट लतीफी भी कम हुई है, जिसका बड़ा फायदा अब रेलवे को मिल रहा है।

दैनिक भास्कर 15 Apr 2026 5:30 am

Stock Market : अमेरिका-ईरान तनाव से शेयर बाजार में हड़कंप, सेंसेक्स 703 अंक टूटा, निफ्टी भी लुढ़का

अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत विफल होने से वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ गई है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी गई। सेंसेक्स 703 अंक टूटकर बंद हुआ, जबकि निफ्टी में भी 200 अंकों से ज्यादा की गिरावट दर्ज ...

वेब दुनिया 13 Apr 2026 5:03 pm

बजट के फेर में फंसा ‘आर्थिक संबल’:2 लाख बेरोजगारों का 420 करोड़ का भत्ता अटका, 7 माह से खाली हाथ, वित्तीय वर्ष बदला...और देरी होगी

प्रदेश के करीब 2 लाख बेरोजगार 5 से 7 महीनों से भत्ते को तरस रहे हैं। भत्ता नहीं मिलने से बेरोजगार युवाओं को आर्थिक संबल नहीं मिल पा रहा है। मुख्यमंत्री युवा संबल योजना के तहत मिलने वाले इस भत्ते के लिए रोजगार निदेशालय ने बिल तैयार करके वित्त विभाग में भिजवा दिए थे, लेकिन बजट के अभाव में बिल पास नहीं हो पाए। यह देरी बेरोजगारों पर अब भारी पड़ रही है। पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में तैयार यह बिल अब नए वित्तीय वर्ष के हिसाब से नए सिरे से प्रोसेस करने होंगे। इस कारण भत्ते में और देरी होगी। अभी भी तय नहीं है कि भत्ता कब से मिलेगा। इसको लेकर अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। भत्ता नहीं मिलने से बेरोजगारों को आर्थिक रूप से परेशान होना पड़ रहा है। सरकार हर महीने अधिकतम 2 लाख बेरोजगारों को भत्ता देती है। इस पर करीब 60 करोड़ रुपए खर्च होते हैं। पिछले 7 महीने से भत्ता नहीं मिलने से बेरोजगारों के करीब 420 करोड़ रुपए फंसे हुए हैं। दिसंबर तक के बिल तैयार करके रोजगार निदेशालय ने वित्त विभाग में भिजवा दिए थे, लेकिन बजट जारी नहीं हुआ और बिल अटके रहे। बजट जारी हो जाता तो भत्ता सीधे बेरोजगारों के खातों में ट्रांसफर हो जाता। वित्त वर्ष 2025-26 खत्म हो गया। अधिकारियों को समय रहते बजट स्वीकृत और बिल पास करने चाहिए थे। वित्तीय वर्ष खत्म हो गया और बिल अटके रहे। अब नए सिरे से बिल प्रोसेस होंगे तो भत्ता मिलने में देरी होगी। वित्त विभाग को चाहिए कि भत्ते के लिए बजट तुरंत जारी करे, ताकि युवाओं को संबल मिल सके। - राधे मीणा, अध्यक्ष, राजस्थान युवा बेरोजगार महासंघ भत्ता के लिए बिल बनाकर वित्त विभाग को भिजवा दिए गए थे। विभाग उपलब्ध बजट के हिसाब से बिल पास करता रहता है। पिछले वित्तीय वर्ष में तैयार बिल केंसिल हुए हैं, सिस्टम से डिलीट नहीं हुए। इस कारण बेरोजगार युवाओं को भत्ता मिलने में परेशानी नहीं आएगी। - विवेक भारद्वाज, असिस्टेंट डायरेक्टर (ट्रेनिंग) रोजगार निदेशालय

दैनिक भास्कर 13 Apr 2026 5:30 am

Gold Prices Surge- ऐतिहासिक उछाल से सर्राफा बाजार में मची हलचल, निवेशकों में उत्साह

वैश्विक अस्थिरता के बीच भारतीय सर्राफा बाजार में सोने की दरों में भारी उछाल, 22 और 18 कैरेट के दाम भी आसमान पर।

प्रातःकाल 12 Apr 2026 10:19 am

ईरान युद्ध से भारतीय अर्थव्यवस्था को जोरदार झटका संभव

पश्चिम एशिया में चल रहे व्यापक युद्ध, जिसमें अमेरिका-इज़राइल जोड़ी और ईरान शामिल हैं

देशबन्धु 11 Mar 2026 4:14 am