Raksha Bandhan Holiday 2026: रक्षाबंधन का त्योहार इस हफ्ते शुक्रवार, 28 अगस्त को मनाया जाएगा। ऐसे में शेयर बाजार के निवेशकों और ट्रेडर्स के मन में यह सवाल है कि क्या 28 अगस्त को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) में कारोबार होगा या छुट्टी रहेगी।अगर आप भी 28 अगस्त को ट्रेडिंग का प्लान बना रहे हैं, तो NSE और BSE की आधिकारिक हॉलीडे लिस्ट का यह अपडेट जरूर जान लें।क्या 28 अगस्त, रक्षाबंधन को खुला रहेगा शेयर बाजार?BSE और NSE के आधिकारिक हॉलीडे कैलेंडर के मुताबिक, 28 अगस्त 2026 शुक्रवार को रक्षाबंधन के अवसर पर शेयर बाजार में कोई छुट्टी नहीं है। बाजार सामान्य रूप से अपने तय समय पर खुला रहेगा और ट्रेडिंग चालू रहेगी।किन सेगमेंट्स में होगा कारोबार: इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव्स, करेंसी डेरिवेटिव्स, NDS-RST और ट्राई पार्टी रेपो समेत सभी सेगमेंट्स में सामान्य दिनों की तरह ट्रेडिंग होगी।मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) के कैलेंडर के अनुसार, रक्षाबंधन के दिन कमोडिटी मार्केट में भी मॉर्निंग और इवनिंग दोनों सेशंस में कामकाज चालू रहेगा।साल 2026 के बचे हुए महीनों में कब-कब बंद रहेगा शेयर बाजार?स्टॉक एक्सचेंज कैलेंडर के अनुसार, साल 2026 के बाकी बचे महीनों में भारतीय शेयर बाजार में कुल 6 ट्रेडिंग हॉलीडे शेड्यूल हैं:सितंबर: 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के मौके पर अगला ट्रेडिंग हॉलीडे रहेगा।अक्टूबर: 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी जयंती और 20 अक्टूबर को दशहरा पर बाजार बंद रहेगा।नवंबर: 10 नवंबर को दिवाली-बलिप्रतिपदा और 24 नवंबर को प्रकाश गुरुपर्व श्री गुरु नानक देव जी के अवसर पर छुट्टी रहेगी।दिसंबर: 25 दिसंबर को क्रिसमस के उपलक्ष्य में बाजार में कारोबार स्थगित रहेगा।28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन शेयर बाजार पूरी तरह चालू रहेगा। निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए शुक्रवार का दिन सामान्य कारोबारी दिन रहेगा। ट्रेडर अपनी ट्रेडिंग और इनवेस्टमेंट प्लानिंग बिना किसी रुकावट के बना सकते हैं।
Gold Price Outlook: क्यों बढ़ रही है सोने की कीमतें, एक्सपर्ट्स से जानें आगे कहां तक जा सकते है भाव
Gold Price Today: 17 जुलाई के बाद से सोने की ग्लोबल कीमत में 17% से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई है। मार्केट के जानकारों का कहना है कि इस तेज़ी की एक बड़ी वजह डिबेसमेंट ट्रेड (debasement trade) पर फिर से ध्यान देना है। निवेशक बढ़ते सरकारी कर्ज़ और लिक्विडिटी इंजेक्शन (बाज़ार में नकदी डालने) के लंबे समय के असर से बचने के लिए ऐसा कर रहे हैं।डिबेसमेंट ट्रेड क्या है?इसकी एक मुख्य वजह US बॉन्ड मार्केट में ज़्यादा दखलंदाज़ी है। US ट्रेज़री ने लिक्विडिटी-सपोर्ट बॉन्ड बायबैक ऑपरेशन बढ़ा दिए हैं। इस कदम से मार्केट का कामकाज तो आसान हुआ है, लेकिन ट्रेज़री यील्ड (बॉन्ड पर मिलने वाला रिटर्न) पर दबाव भी बढ़ा है। आम तौर पर, कम यील्ड होने पर बिना ब्याज वाले एसेट, जैसे सोना, ज़्यादा आकर्षक हो जाते हैं।बाज़ार में तेज़ी के माहौल के बीच, US ट्रेज़री सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने लंबी अवधि की फिस्कल स्ट्रैटेजी (राजकोषीय रणनीति) की योजना का संकेत दिया है। इससे निवेशक सरकारी कर्ज़ और खर्च के ट्रेंड पर बारीकी से नज़र रखने लगे हैं। US का राष्ट्रीय कर्ज़ $40 ट्रिलियन के आंकड़े के करीब पहुंचने के साथ ही फिस्कल सस्टेनेबिलिटी (राजकोषीय स्थिरता) को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।साथ ही, जियोपॉलिटिकल रिस्क (भू-राजनीतिक जोखिम) भी सोने के लिए एक अहम सपोर्ट फैक्टर बन गए हैं। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ी (तेल की कीमत $90 प्रति बैरल से ऊपर) ने सुरक्षित निवेश (सेफ-हेवन एसेट) के तौर पर सोने की मांग को और बढ़ा दिया है। लगातार तीन दिनों से तेल की कीमतें $93 प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं।कमज़ोर डॉलर से सोने की कीमतों को मददसोने की कीमतों में तेज़ी US डॉलर के कमज़ोर होने के साथ भी हुई है। डॉलर इंडेक्स लगभग तीन महीने के निचले स्तर पर आ गया है, जिससे दूसरी करेंसी रखने वालों के लिए सोना ज़्यादा आकर्षक हो गया है और कीमतों को और बढ़ावा मिला है।सेंट्रल बैंक की मांग भी सपोर्ट का एक अहम आधार बनी हुई है। दुनिया भर के मॉनेटरी अथॉरिटीज़ (मौद्रिक प्राधिकरण) पारंपरिक रिजर्व एसेट से हटकर विविधता लाने और अनिश्चित मैक्रो-इकोनॉमिक माहौल में पोर्टफोलियो को मजबूत करने के लिए सोने का रिजर्व जमा कर रहे हैं।ऊंची कीमतों के बावजूद फिजिकल डिमांड (असली सोने की मांग) मज़बूत बनी हुई है, जबकि इन्वेस्टमेंट डिमांड (निवेश के लिए मांग) में फिर से तेजी के संकेत दिख रहे हैं। जुलाई में ग्लोबल गोल्ड ETF में लगभग $3 बिलियन का नेट इनफ्लो (निवेश) हुआ, जिससे लंबे समय से चल रहा आउटफ्लो (पैसे की निकासी) का दौर खत्म हो गया।मार्केट के जानकारों का कहना है कि यह तेज़ी अगस्त में भी जारी रही है, क्योंकि निवेशक फिस्कल डेफिसिट (राजकोषीय घाटे), करेंसी की स्थिरता और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच इस कीमती धातु में अपना निवेश बढ़ा रहे हैं। कई वजहों के एक साथ काम करने की वजह से, एनालिस्ट्स को उम्मीद है कि निकट भविष्य में सोने को अच्छा सपोर्ट मिलता रहेगा, हालांकि बॉन्ड यील्ड में कोई भी बड़ी हलचल या अमेरिकी डॉलर में उछाल इस तेज़ी की रफ़्तार पर असर डाल सकता है। फिलहाल, इन्वेस्टर्स का ध्यान फिस्कल रिस्क, जियोपॉलिटिकल झटकों और मार्केट की अस्थिरता से बचाव के तौर पर सोने की भूमिका पर केंद्रित दिख रहा है।2026 में कहां तक जाएंगे सोने के भावब्रोकरेज फर्म जेपी मॉर्गन के ताजा अनुमान के मुताबिक 2026 में सोने की कीमतें 6000 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच सकती है। वहीं गोल्डमैन सैक्स ने अनुमान लगाया है कि सोना 2026 में 5400 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच सकता है। वहीं MetalFocus का अनुमान है कि सोने की कीमतें 2026 में 5,000डॉलर प्रति औंस पर जा सकता है। जबकि Deutsche Bank का मानना है कि सोना 4,800 डॉलर प्रति औंस का स्तर छु सकता है। वहीं HSBC ने 4,750 और ING ने 4,600 डॉलर प्रति औंस का अनुमान लगाया है।Gold Price Today: विदेश में 3 महीने के हाई के करीब पहुंचा सोना, जैक्सन होल से पहले फेड के कदम पर बाजार की नजर(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
Stock Market Fall: 243 प्वाइंट्स टूटा Sensex, इन 4 वजहों से Nifty आया 24100 के करीब
Stock Market Fall: अमेरिका और ईरान की बढ़ती तल्खी से कच्चे तेल में उबाल आया जिसमें स्टॉक मार्केट झुलस गया। इसकी आंच में सेंसेक्स 243 प्वाइंट्स फिसल गया तो निफ्टी भी 24100 के काफी करीब आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी बिकवाली का दबाव आया और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में गिरावट दिख रही है। अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 10:25 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 231.64 प्वाइंट्स यानी 0.30% की गिरावट के साथ 77,137.47 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 99.50 प्वाइंट्स यानी 0.41% की फिसलन के साथ 24,119.55 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 243.20 प्वाइंट्स टूटकर 77,125.91 और निफ्टी भी 103.60 प्वाइंट्स गिरकर 24,115.45 तक आ गया।Stock Market Fall: ये है वजहईरान पर आर्थिक प्रतिबंधों का ऐलानअमेरिका ने ईरान के ऑयल,डिजिटल एसेट,तकनीक,सोना,एविएशन और शिपिंग सेक्टर पर प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया है। अमेरिकी वित्त मंत्री ने कहा कि ईरान का साथ देने वाले देशों पर भी कार्रवाई होगी। उधर ईरान ने डॉलर सिस्टम से हटने की चेतावनी देते हुए कहा है कि यह एक्ट ऑफ वॉर है।कच्चे तेल में उबालअमेरिका और ईरान के बीच तनाव गहराने पर कच्चा तेल उबल पड़ा। वैश्विक ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड उछलकर प्रति बैरल $91 के करीब पहुंचा तो स्टॉक मार्केट में भी इसकी आंच महसूस हुई।Nifty की मंथली एक्सपायरी समेत एक्सपायरीज की बाढ़आज एनएसई के निफ्टी और बैंक निफ्टी समेत सभी इंडेक्सेज और स्टॉक्स के डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की मंथली एक्सपायरी है। ऐसे में ट्रेडर्स को आज अपनी मंथली पोजिशन को स्क्वेयर ऑफ करना है तो इसका असर मार्केट पर दिख रहा है। यह CAS (क्लोजिंग ऑक्शन सेशन) लागू होने के बाद पहली मंथली एक्सपायरी होगी।मेटल और आईटी स्टॉक्स का दबावमार्केट पर आज मेटल और ऑटी सेक्टर में बिकवाली का दबाव दिख रहा है। निफ्टी मेटल में करीब 1% और निफ्टी आईटी में आधे फीसदी से अधिक की गिरावट है तो निफ्टी ऑटो में भी आधे फीसदी से अधिक फिसलन है।स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ेंडिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार सुबह कारोबार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। मिले-जुले ग्लोबल संकेतों के बीच निवेशकों की बिकवाली से सेंसेक्स और निफ्टी दोनों दबाव में नजर आए। शुरुआती कारोबार में निफ्टी 24,200 के अहम स्तर से नीचे चला गया।
अर्थव्यवस्था: वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत, जानें आरबीआई बुलेटिन में क्या
आरबीआई के नवीनतम बुलेटिन के अनुसार, मजबूत घरेलू मांग और औद्योगिक गतिविधियों के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था वैश्विक चुनौतियों के बावजूद मजबूत बनी हुई है। मानसून की अच्छी स्थिति और कम अमेरिकी शुल्क प्रभाव ने भी इसमें योगदान दिया।
Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, कमजोर हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत
Stock Market Live Update: बाजार के लिए ग्लोबल संकेत नरम है। गिफ्ट निफ्टी में दबाव देखने को मिल रही है। कल अमेरिकी बाजार भी कमजोरी के साथ बंद हुए। NVIDIA के नतीजों और महंगाई आंकड़ों से पहले टेक शेयरों में बिकवाली रही। इधर एशिया में भी गिरावट रही। कोस्पी और निक्केई 2 -2 परसेंट नीचे है। इधर ईरान-US के बीच बढ़ते टेंशन से सोना-चांदी चमके है। सोना 4700 डॉलर तो चांदी 70 डॉलर के करीब पहुंचा। क्रूड भी 92 डॉलर के आसपास रहा। इधर बॉन्ड बायबैक के लिए 1 ट्रिलियन डॉलर का इमरजेंसी फंड इस्तेमाल हो सकता है। US ट्रेजरी के संकेत के बावजूद 10 साल की US यील्ड 4.7% के करीब पहुंचा।
केंद्र ने जून तिमाही का सर्विस पीपीआई अनुमान जारी किया, इंश्योरेंस सर्विस में महंगाई दर एक प्रतिशत से कम रही
Stock Market Today: हफ्ते के पहले दिन बाजार में रौनक, सेंसेक्स 200 अंक उछला, निफ्टी 24,300 के पार
Share Market Today:पिछले दो हफ्तों की लगातार गिरावट के बाद, हफ्ते के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने मजबूती के साथ वापसी की है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट से सेंसेक्स-निफ्टी को बड़ा सहारा मिला.
Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर
Market news :कच्चे तेल में नरमी से भारतीय बाजारों के सेंटिमेंट सुधरे हैं। गिफ्ट निफ्टी में करीब 70 प्वाइंट की बढ़त दिख रही है। FIIs की कैश और वायदा मिलाकर करीब 680 करोड़ की नेट खरीदारी देखने को मिली है। नेट शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट भी थोड़े कम हुए हैं। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।मार्केट ओवरव्यू21 अगस्त को उतार-चढ़ाव भरे सेशन में मार्केट पिछले सेशन की जबरदस्त रिकवरी को आगे नहीं बढ़ा पाए और सपाट बंद हुए। मेटल,PSU बैंक और रियल्टी शेयरों में बढ़त का असर ऑटो,IT,मीडिया और फार्मा शेयरों में बिकवाली से खत्म हो गया। मिले-जुले ग्लोबल संकेतों के बावजूद,मार्केट बढ़त के साथ खुला लेकिन उस बढ़त को बनाए नहीं रख पाया और पूरे सेशन के दौरान एक सीमित दायरे में ही घूमता रहा। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और दुनिया भर में बनी अनिश्चितताओं के बीच इन्वेस्टर्स सतर्क नजर आए। कारोबार के अंत में,सेंसेक्स 3.11 अंक बढ़कर 77,540.83 पर और निफ्टी 20.15 अंक या 0.08 प्रतिशत बढ़कर 24,252 पर बंद हुआ।ईरान के खिलाफ आर्थिक D-Day का एलान, ईरान की तेल निर्यात थामने की चेतावनीवेस्ट एशिया में अब आर-पार की लड़ाई दिख रही है। अमरिका ने ईरान के खिलाफ सबसे बड़ी इकोनॉमिक स्ट्राइक शुरू कर दी है। US के वित्त मंत्री ने कहा है कि ईरान के खिलाफ वॉर अब आखिरी चरण में है। ईरान का भी पलटवार हुआ है। उसने कहा कि ये प्रतिबंध एक्ट ऑफ वॉर की कटेगरी में आते हैं। अमेरिका का साथ देने वाले देशो को भी निशाना बनाते हुए एक्सपोर्ट ठप करेंगे।कच्चे तेल में मामूली नरमी, $91 के नीचे, सोना 4600 डॉलर के पारवेस्ट एशिया तनाव बढ़ने के बावजूद कच्चे तेल में नरमी है। यह 91 डॉलर के नीचे है। इधर सोना-चांदी चमके हैं। सोना 4600 डॉलर के पार चला गया है। 10 साल की US बॉन्ड यील्ड भी 4.7 के अहम लेवल के ऊपर है। हलांकि डॉलर इंडेक्स 99 डॉलर के नीचे है।अमेरिकी बाजारों में रही बढ़त, निक्केई और कॉस्पी में दबावशुक्रवार को अमेरिकी बाजारों में जोरदार तेजी दिखी। डाओ जोंस में 500 प्वाइंट से ज्यादा का उछाल आया। नैस्डैक और S&P में भी हल्की बढ़त रही। वहीं एशिया में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है। कॉस्पी में करीब 1.25 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार हो रहा है। निक्केई फ्लैट कारोबार कर रहा है।एशियाई करेंसीअमेरिकी डॉलर के मुकाबले ज़्यादातर एशियाई करेंसी में बढ़त देख रही है। इसमें इंडोनेशियाई रुपिया सबसे आगे है, जिसमें 0.305% की बढ़त हुई है। इसके बाद दक्षिण कोरियाई वॉन (0.216%),ताइवान डॉलर (0.154%),थाई बाहत (0.141%),चीनी रेनमिनबी (0.051%),जापानी येन (0.044%) और मलेशियन रिंगित (0.017%)का नंबर है। सिंगापुर डॉलर में कोई बदलाव नहीं हुआ है। जबकि फिलीपींस पेसो में डॉलर के मुकाबले 0.092% की गिरावट आई है।लेंसकार्ट और मीशो में बड़ी ब्लॉक डील संभवलेंसकार्ट में आज 2800 करोड़ रुपये की ब्लॉक डील हो सकती है। 4% डिस्कउंट पर 635 रुपये फ्लोर प्राइस तय की गई है। इसके साथ मीशो में भी करीब 957 करोड़ रुपये की ब्लॉक डील हो सकती है। इसके लिए 4 फीसदी तक के डिस्काउंट पर 197 रुपये के करीब फ्लोर प्राइस तय है। दोनों में बड़े निवेशक हिस्सेदारी बेच रहे हैं।Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआतशुरू हुई मोबाइल PLI 2.0 स्कीम, सरकार ने जारी किया नोटिफिकेशनडिक्सन और अंबर जैसी कंपनियों पर आज फोकस रखें। सरकार ने मोबाइल PLI 2.0 स्कीम का नोटिफिकेशन जारी किया है। सरकार 62500 करोड़ रुपये के इंसेंटिव देगी। यह स्कीम एक अप्रैल 2026 से ही लागू होगी और वित्त वर्ष 2031 तक चलेगी। इसके तहत सरकार 5% तक के इंसेंटिव देगीएफआईआई औरडीआईआई फंड फ्लो21 अगस्त को घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार नौवें सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और ₹2,124 करोड़ के शेयर खरीदे, जबकि विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) लगातार दूसरे सेशन में भी नेट सेलर बने रहे और ₹543 करोड़ के शेयर बेचे।
Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत
Stock Market Live Update: कच्चे तेल में नरमी से भारतीय बाजारों के सेंटिमेंट सुधरे है। गिफ्ट निफ्टी में करीब 70 प्वाइंट की बढ़त दिखा। FIIs की कैश और वायदा मिलाकर करीब 680 करोड़ की नेट खरीदारी रही। नेट शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट भी थोड़े कम हुए। शुक्रवार को अमेरिकी बाजारों में जोरदार तेजी दिखी। डाओ जोंस में 500 प्वाइंट से ज्यादा का उछाल आया। नैस्डैक और S&P में भी हल्की बढ़त रही। वहीं एशिया में मिला-जुला कारोबार हो रहा है। कॉस्पी में करीब सवा फीसदी की गिरावट आई। निक्केई फ्लैट रहा।इस बीच वेस्ट एशिया तनाव बढ़ने के बावजूद कच्चे तेल में नरमी आई। 91 डॉलर के नीचे पहुंचा। इधर सोना-चांदी चमके है। सोना 4600 डॉलर के पार निकला। 10 साल की US बॉन्ड यील्ड भी 4.7 के CRITICAL लेवल के ऊपर पहुंच गया। हालांकि डॉलर इंडेक्स 99 डॉलर के नीचे रहा।
Donald Trump Stock Market: ट्रंप ने किए 1000 सौदे, 263 करोड़ डॉलर के बड़े लेनदेन का खुलासा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निवेश से जुड़ी गतिविधियां एक बार फिर चर्चा में हैं। अमेरिका के सरकारी नैतिकता कार्यालय की ओर से शनिवार को जारी वित्तीय खुलासे के मुताबिक ट्रंप ने जून में 1,000 से अधिक प्रतिभूति लेनदेन किए। इन सभी सौदों की कुल अनुमानित कीमत 7.81 करोड़ डॉलर से 26.31 करोड़ डॉलर के बीच बताई गई है। अमेरिकी नियमों के तहत प्रत्येक सौदे की वास्तविक राशि के बजाय एक निर्धारित मूल्य सीमा बताई जाती है। मौजूदा जानकारी के अनुसार, जून में ट्रंप के निवेश में बर्कशायर हैथवे, वीजा, मास्टरकार्ड और सिंटास जैसी बड़ी कंपनियां शामिल रहीं। उन्होंने 18 जून को बर्कशायर हैथवे के 10 लाख से 50 लाख डॉलर मूल्य के शेयर खरीदे और 24 जून को इसकी कुछ हिस्सेदारी बेची। इसी तरह मेटा के 10 लाख से 50 लाख डॉलर मूल्य के शेयर 18 जून को बेचे गए, जबकि बाद में महीने में छोटी मात्रा में फिर खरीदारी की गई। ट्रंप के सौदों में पालांटिर भी खास तौर पर शामिल रही। उन्होंने 3 जून को 1,001 से 15,000 डॉलर मूल्य के शेयर खरीदे। इसके बाद 16 जून को 15,001 से 50,000 डॉलर और 18 जून को 5 लाख से 10 लाख डॉलर मूल्य के शेयर बेचे। 23 और 24 जून को उन्होंने फिर इस कंपनी के शेयर खरीदे। यह खरीद अमेरिका और ईरान के बीच 14 जून को हुए शांति समझौते के बाद हुई थी। बता दें कि जून में सबसे बड़ा एकल लेनदेन 22 जून को हुआ, जब ट्रंप ने वैनगार्ड समूह के एक निवेश कोष में 50 लाख से 2.5 करोड़ डॉलर मूल्य की हिस्सेदारी बेची। इसके अलावा कॉइनबेस, वीजा और होम डिपो जैसी कंपनियों से जुड़े लेनदेन भी खुलासे में दर्ज हैं। गौरतलब है कि ट्रंप की निवेश गतिविधियों का यह सिलसिला नया नहीं है। वर्ष 2025 में उन्होंने 21,000 से अधिक प्रतिभूति सौदे किए थे। उन सौदों का कुल अनुमानित मूल्य 60 करोड़ से 1.86 अरब डॉलर के बीच था। कई मौकों पर एक ही प्रतिभूति की खरीद और बिक्री एक ही दिन में किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी। राष्ट्रपति के निवेश को लेकर हितों के टकराव का मुद्दा भी उठता रहा है। हालांकि व्हाइट हाउस का कहना है कि ट्रंप के निवेश स्वतंत्र रूप से संचालित खातों में रखे गए हैं और राष्ट्रपति या उनके परिवार का निवेश संबंधी फैसलों पर कोई नियंत्रण नहीं है। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता डेविस इंग्ल ने कहा कि निवेश कंप्यूटर आधारित मॉडल के जरिए स्वतंत्र प्रबंधकों द्वारा किए जाते हैं। ट्रंप के बेटे एरिक ट्रंप ने भी पहले कहा है कि संपत्तियां एक ऐसे न्यास में हैं जिसे स्वतंत्र रूप से संचालित किया जाता है। व्हाइट हाउस के मुताबिक निवेश संबंधी फैसलों में राष्ट्रपति या उनके परिवार की कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं है। हालांकि इतनी बड़ी संख्या में सौदों और राष्ट्रपति पद से जुड़े बाजार प्रभावों के कारण इन खुलासों पर नजर बनी हुई है।
SBI Vision 2030: 200 लाख करोड़ का कारोबार और Indian Economy में बड़ी भूमिका, बोले Chairman CS Setty
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) का कुल कारोबार वर्ष 2030 तक बढ़कर करीब ₹200 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है। बैंक के चेयरमैन सी. एस. शेट्टी ने कहा कि मौजूदा वृद्धि दर को देखते हुए 2030 तक एसबीआई का कुल कारोबार ₹170-180 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है और इसके ₹200 लाख करोड़ के स्तर को छूने की भी संभावना है। उस समय बैंक अपनी 75वां स्थापना दिवस मनाएगा। एसबीआई की स्थापना एक जुलाई, 1955 को संसद के कानून के तहत हुई थी। देश के सबसे बड़े ऋणदाता एसबीआई का कुल कारोबार जून, 2026 के अंत में बढ़कर ₹110.01 लाख करोड़ हो गया है। इसमें बैंक के कुल ऋण और अग्रिम शामिल हैं। बैंक ने पिछले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में पहली बार ₹100 लाख करोड़ के कुल कारोबार का आंकड़ा पार किया था। शेट्टी ने कहा कि एसबीआई की वृद्धि की गति भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन से गहराई से जुड़ी हुई है। यदि भारतीय अर्थव्यवस्था 7-8 प्रतिशत की दर से बढ़ती है, तो बैंक के बही-खाते में सालाना करीब 11-12 प्रतिशत की वृद्धि की क्षमता है। ऐसी स्थिति में बैंक का कारोबार लगभग हर छह वर्ष में दोगुना हो सकता है। शेट्टी ने पीटीआई-के साथ साक्षात्कार में स्पष्ट किया कि 2030 के लिए ₹200 लाख करोड़ का कोई औपचारिक लक्ष्य निर्धारित नहीं किया गया है, बल्कि यह मौजूदा वृद्धि के आधार पर संभावित स्तर है। एसबीआई ने अपने ‘दृष्टिकोण 2030’ के तहत ग्राहकों, कर्मचारियों, शेयरधारकों तथा सरकार और नियामकों-इन चार प्रमुख हितधारकों की जरूरतों को प्राथमिकता दी है। बैंक का लक्ष्य ग्राहकों के अनुभव में सुधार, कर्मचारियों की उत्पादकता बढ़ाने, शेयरधारकों के लिए मूल्य सृजन और देश की आर्थिक वृद्धि में अपनी भूमिका को मजबूत करना है। शेट्टी ने कहा कि बैंक कृषि, सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) और ग्रामीण अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों को समर्थन देने के साथ बचत जुटाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा। उन्होंने कहा कि सूक्ष्म स्तर पर ऋण वृद्धि को समर्थन देने के लिए पर्याप्त पूंजी बनाए रखना महत्वपूर्ण लक्ष्य है। पूंजी के मोर्चे पर एसबीआई साझा इक्विटी टियर-1 (सीईटी1) अनुपात करीब 12 प्रतिशत और पूंजी पर्याप्तता अनुपात (सीआरएआर) करीब 15 प्रतिशत बनाए रखने का लक्ष्य रखता है। वहीं, बैंक लगातार अपनी दक्षता और उत्पादकता बढ़ाकर लागत-से-आय अनुपात में करीब 2-3 प्रतिशत अंक की कमी लाने पर भी ध्यान दे रहा है। चेयरमैन ने कहा कि विशेष लक्ष्य और आंकड़े हर साल अनुमान और प्रगति के आधार पर बदलते हैं। लेकिन ये व्यापक लक्ष्य विभिन्न आर्थिक चक्रों में एसबीआई की रणनीति को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे।
Stock Market Opening : हफ्ते की शानदार शुरुआत! 189 अंक चढ़कर खुला Nifty, सेंसेक्स 788 अंक ऊपर
Stock Market Opening :हफ्ते की शानदार शुरुआत! 189 अंक चढ़कर खुला Nifty, सेंसेक्स 788 अंक ऊपर

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