भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए कैसे सबसे बड़े इंजन बने त्योहार? देखें ब्लैक & व्हाइट
धनतेरस के मौके पर पूरा देश खरीदारी में जुटा है. शुक्रवार को देशभर में 1 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा का कारोबार होने का अनुमान है. 66 हजार करोड़ रुपये के सोने-चांदी की खरीदारी हो सकती है. इस पूरे फेस्टिव सीजन में भारत का कुल खर्च 7 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है. कैसे त्योहार सिर्फ आस्था और खुशियां ही नहीं, बल्कि 'फेस्टिव इकोनॉमी' के सबसे बड़े बूस्टर यानी इंजन बन चुके हैं, देखें ब्लैक एंड व्हाइट.
US Stock Market में भारी गिरावट से Nvidia के Jensen Huang को 15.1 अरब डॉलर का नुकसान
दुनिया की बड़ी तकनीकी कंपनियों के शेयरों में आई भारी गिरावट का असर अब उनके मालिकों की संपत्ति पर भी दिखने लगा है। अमेरिकी कंपनी एनवीडिया के प्रमुख जेनसन हुआंग को एक ही दिन में करीब 15.1 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है। इसके चलते दुनिया के सबसे अमीर 15 अरबपतियों की सूची में उनकी जगह नीचे खिसक गई है। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के मुताबिक, हुआंग अब 9वें स्थान से गिरकर 13वें स्थान पर पहुंच गए हैं। हुआंग के अलावा टेस्ला के प्रमुख एलन मस्क और ओरेकल के संस्थापक लैरी एलिसन की संपत्ति में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। मस्क को करीब 79.7 अरब डॉलर का नुकसान हुआ, जबकि एलिसन की संपत्ति 10.1 अरब डॉलर कम हो गई। शेयर बाजार में आई इस गिरावट ने दुनिया के कई बड़े अरबपतियों की कुल संपत्ति को प्रभावित किया है। इस गिरावट का सबसे बड़ा असर अमेरिकी तकनीकी शेयरों पर पड़ा। 5 नवंबर को नैस्डैक-100 सूचकांक में शामिल कंपनियों का कुल बाजार मूल्य एक ही दिन में करीब 2.5 लाख करोड़ डॉलर घट गया। वहीं, तकनीकी कंपनियों पर आधारित नैस्डैक कंपोजिट सूचकांक में गुरुवार को 5.5% की गिरावट आई। अप्रैल 2025 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से आयात शुल्क लगाने के बाद बाजार में आई गिरावट के बाद यह इसकी सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट मानी जा रही है। इस दौरान एनवीडिया और एएमडी के शेयरों में भी भारी बिकवाली देखने को मिली। गुरुवार के कारोबार में एनवीडिया के शेयर 9% और एएमडी के शेयर 17% तक टूट गए। खास बात यह है कि इसी सप्ताह एनवीडिया का बाजार मूल्य 5.02 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंच गया था। इसके साथ ही कंपनी ने एप्पल को पीछे छोड़कर दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी का स्थान फिर हासिल कर लिया था। लेकिन कुछ ही दिनों में बाजार का रुख बदलने से कंपनी के शेयरों पर दबाव बढ़ गया। दरअसल, अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की बड़ी जीत के बाद निवेशकों के बीच नई चिंताएं पैदा हुई हैं। बाजार को आशंका है कि आने वाले समय में कुछ राज्यों में नई सरकारें बड़े डेटा सेंटर बनाने की योजनाओं पर रोक लगा सकती हैं या उनके निर्माण से जुड़े नियम सख्त कर सकती हैं। टेक्सास समेत कई राज्यों में डेमोक्रेटिक पार्टी के नवनिर्वाचित गवर्नरों ने डेटा सेंटर परियोजनाओं पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। बता दें कि एआई से जुड़ी सेवाओं को चलाने के लिए बड़े डेटा सेंटर की जरूरत होती है। इन केंद्रों में हजारों शक्तिशाली कंप्यूटर और सर्वर लगाए जाते हैं, जिन्हें चलाने के लिए भारी मात्रा में बिजली और पानी की जरूरत पड़ती है। अमेरिका के कई इलाकों में स्थानीय लोग पहले से ही बिजली की बढ़ती खपत और पानी के इस्तेमाल को लेकर चिंता जता रहे हैं। उन्हें आशंका है कि डेटा सेंटर बनने से स्थानीय संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में एआई के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल ने एनवीडिया, एएमडी और दूसरी तकनीकी कंपनियों के कारोबार को काफी आगे बढ़ाया है। एआई मॉडल तैयार करने और उन्हें चलाने के लिए खास तरह की कंप्यूटर चिप और बड़े डेटा सेंटर की जरूरत होती है। इसी वजह से कंपनियां इस क्षेत्र में अरबों डॉलर का निवेश कर रही हैं। हालांकि, अब निवेशकों का ध्यान केवल कंपनियों की भविष्य की कमाई पर नहीं, बल्कि इन सुविधाओं को बनाने और चलाने में आने वाली लागत पर भी है। विशेषज्ञों का मानना है कि एआई कारोबार का अगला दौर कंपनियों के लिए बड़ी परीक्षा साबित हो सकता है। अब उन्हें यह दिखाना होगा कि भारी निवेश के बदले पर्याप्त कमाई भी हो रही है। ऐसे में डेटा सेंटर निर्माण पर किसी तरह की रोक या देरी का असर केवल तकनीकी कंपनियों के शेयरों पर ही नहीं, बल्कि दुनिया के बड़े अरबपतियों की संपत्ति पर भी पड़ सकता है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्यों का Capex 8.5 लाख करोड़ रुपये पहुंचने का अनुमान: Crisil
मुंबई, छह नवंबर राज्यों का पूंजीगत व्यय वित्त वर्ष 2026-27 में 10-12 प्रतिशत बढ़कर करीब 8.5 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है। केंद्र से अधिक सहायता और राजकोषीय मजबूती के साथ पूंजीगत व्यय बढ़ने की संभावना है। रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने शुक्रवार को जारी एक रिपोर्ट में यह कहा। रिपोर्ट के अनुसार, राज्यों के कुल बजट में निर्धारित पूंजीगत व्यय का करीब 84 प्रतिशत खर्च होने की उम्मीद है, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह आंकड़ा 82 प्रतिशत रहा था। पूंजीगत व्यय की वृद्धि दर पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में दर्ज 8.6 प्रतिशत से अधिक रहने का अनुमान है। इसे पूंजीगत निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता (एसएएससीआई) योजना के तहत आवंटन 33 प्रतिशत बढ़ाकर दो लाख करोड़ रुपये किए जाने से समर्थन मिलेगा। वित्त वर्ष 2020-21 में शुरू की गई इस योजना के तहत राज्यों को उनकी सामान्य उधार सीमा के अतिरिक्त 50 साल के लिए ब्याज-मुक्त ऋण दिए जाते हैं। क्रिसिल रेटिंग्स के वरिष्ठ निदेशक अनुज सेठी ने कहा, ‘‘एसएएससीआई के तहत अधिक सहायता मिलने से राज्यों को अपनी सामान्य उधार सीमा का इस्तेमाल किए बिना निवेश करने की अतिरिक्त गुंजाइश मिलती है। इस योजना के तहत आवंटित राशि का उपयोग काफी अच्छा रहा है जिससे इस वित्तपोषण को पूंजीगत खर्च में बदलने में मदद मिलनी चाहिए।’’माल एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह और केंद्र से करों में हिस्सेदारी मिलने के समर्थन से राजस्व प्राप्तियों की वृद्धि दर, राजस्व व्यय की वृद्धि दर से करीब 0.75 प्रतिशत अधिक रहने का अनुमान है। इससे कुल राजस्व घाटा मोटे तौर पर स्थिर रखने में मदद मिलेगी। रिपोर्ट में कहा गया कि शहरी बुनियादी ढांचे, खासकर जलापूर्ति, स्वच्छता, आवास एवं शहरी विकास के क्षेत्र में अधिक वृद्धि दर्ज होने की उम्मीद है। इसे राज्यों की ओर से अधिक आवंटन और केंद्र की योजनाओं से समर्थन मिलेगा। क्रिसिल रेटिंग्स के निदेशक आदित्य झावर ने कहा, ‘‘शहरी बुनियादी ढांचा पूंजीगत खर्च को गति देगा। जलापूर्ति, स्वच्छता, आवास और शहरी विकास (डब्ल्यूएसएस-एच-यूडी) खंड में वृद्धि दर दहाई अंक के उच्च स्तर पर रहने की उम्मीद है।’’
Stock Market Closing: धनतेरस पर शेयर बाजार में दिवाली जैसा जश्न! सेंसेक्स 1,718 अंक उछला, निफ्टी 25,000 के पार, निवेशकों की दौलत ₹40 हजार करोड़ बढ़ी
US Stock Market Crash: अमेरिकी बाजार में 18 महीने की सबसे बड़ी गिरावट, एक दिन में डूबे 236 लाख करोड़ रुपये; एशियाई बाजार भी धड़ाम
Stock Market Today: धनतेरस पर सेंसेक्स 600 अंक चढ़ा, निफ्टी में भी तेजी; विदेशी निवेशकों ने 7 दिन में खरीदे ₹32 हजार करोड़ के शेयर
Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा कमजोर शुरुआत के संकेत, नतीजों के बाद एयरटेल पर नजर
Stock Market Live Update: अमेरिका में भारी गिरावट और कच्चे तेल के फिर 100 डॉलर के करीब पहुंचने से भारतीय बाजार के भी सेंटिमेंट कमजोर हुआ। गिफ्ट निफ्टी में 170 प्वाइंट से ज्यादा फिसला है। हालांकि FIIs कल कैश में कल करीब 15000 करोड़ की भारी खरीदारी रही। चार साल में सबसे बड़ी BUYING, US की 10 साल की यील्ड 5.4% से घटकर 4.8% पर पहुंचा।US में डेटा सेंटर और AI की रफ्तार में ब्रेक के डर से US मार्केट में भारी तबाही मची है। चिप इंडेक्स में बड़ा क्रैश हुआ। मार्च 2020 के बाद नैस्डैक में सबसे बड़ी गिरावट रही। नैस्डैक S&P 5.5% तक फिसले, डाओ में भी 1800 प्वाइंट लुढ़का है। कल की गिरावट में 2.5 ट्रिलियन डॉलर मार्केट कैप साफ है। 7 सबसे बड़े टेक शेयरों का एक दिन में $1 ट्रिलियन स्वाहा हुआ।इस बीच AI क्रैश के डर से एशिया में भी भारी गिरावट आई। कोरिया के बाजार कोस्पी में 9% की भारी गिरावट आई। ट्रेडिंग 20 मिनट के लिए रोकनी पड़ी। जापान का बाजार निक्केई भी 7% टूटा है। ताइवान का मार्केट भी 9% नीचे है।
धनतेरस से एक दिन पहले 5 नंवबर को शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी दिखी। दिवाली की रौनक बाजार में छाती दिखाई दी। सेंसेक्स और निफ्टी ने बढ़त में शुरुआत की। उसके बाद दिन में सेंसेक्स पिछले बंद भाव से 2,163.63 अंक तक उछलकर 79,465.03 के हाई तक गया। इसी तरह निफ्टी भी 619 अंक तक चढ़कर 24,579.90 के हाई तक गया। निफ्टी पर केमिकल और मीडिया को छोड़कर अन्य सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में हैं।विदेशी संस्थागत निवेशकों की ओर से खरीद और कच्चे तेल के दाम में नरमी के बीच भारतीय शेयर बाजार लगातार छठवें कारोबारी सत्र में तेजी दर्ज कर रहे हैं। एक दिन पहले सेंसेक्स 383.55 अंक या 0.50 प्रतिशत चढ़कर दो महीने से अधिक के उच्चतम स्तर 77,301.40 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 149.75 अंक या 0.63 प्रतिशत बढ़कर 23,960.60 पर बंद हुआ।Samvat 2083: ये 7 स्टॉक करा सकते हैं तगड़ा मुनाफा, Kotak Neo का है सिलेक्शनDisclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
5 November, 2026 Stock Market Updates: सेंसेक्स 1,600 अंक उछला, निफ्टी 24,350 के पार
5 नवंबर 2026 को भारतीय इक्विटी बेंचमार्क सूचकांक - सेंसेक्स और निफ्टी - गैप-अप के साथ खुले। अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के नतीजों के बाद वैश्विक धारणा में सुधार हुआ और राजनीतिक अनिश्चितता कम होने से वॉल स्ट्रीट में भी तेजी देखी गई। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1,609.54 अंक (यानी 2.08 प्रतिशत) उछलकर 78,910.94 पर खुला, जबकि निफ्टी 417.45 अंक की बढ़त के साथ 24,378.05 पर खुला। पिछले कारोबारी सत्र में, सेंसेक्स 77,301.40 पर और निफ्टी 50, 23,960.60 पर बंद हुआ था। इसी तरह, शुरुआती सत्र में अन्य सूचकांक भी हरे निशान में रहे। जहां बीएसई मिडकैप सिलेक्ट इंडेक्स 290.36 अंक उछला, वहीं बीएसई स्मॉलकैप सिलेक्ट इंडेक्स 116.03 अंक (यानी 1.64 प्रतिशत) ऊपर था, लेकिन 9,037.31 के स्तर पर लाल निशान में कारोबार कर रहा था। सेंसेक्स के सभी शेयर हरे निशान में रहे, जिसमें इंडिगो 6.72 प्रतिशत की बढ़त के साथ सबसे आगे रहा। एशियन पेंट्स, HDFC बैंक, बजाज फाइनेंस और ICICI बैंक भी सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे। शुरुआती कारोबार में बाजार का रुख सकारात्मक रहा; NSE पर 2,769 शेयरों में तेजी आई, जबकि 458 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। 69 शेयरों की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ। गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) ने क्या संकेत दिया? इसे भी पढ़ें: Stockal Securities मामले में 1 Million Dollar के नुकसान से मानसिक रूप से टूटा निवेशक निफ्टी 50 के शुरुआती संकेतक, 'गिफ्ट निफ्टी' ने आज बाजार में मजबूत शुरुआत का संकेत दिया। यह पिछले बंद भाव 23,950 के मुकाबले 385.5 अंक ऊपर, 24,335.50 पर खुला। बुधवार, 4 नवंबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने खरीदारी जारी रखी और 7,284.03 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बिकवाली का सिलसिला जारी रखा और 3,712.23 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च VP, सचिन गुप्ता ने कहा, निफ्टी की लगातार तेजी, बेहतर होते टेक्निकल स्ट्रक्चर और FIIs के मजबूत निवेश के चलते बाजार का कुल रुख सकारात्मक बना हुआ है। गिफ्ट निफ्टी के सकारात्मक संकेत तेजी के माहौल को और मजबूत करते हैं, जबकि बैंक निफ्टी में रिकवरी से पूरे बाजार को मजबूती मिल रही है। अगर खरीदारी का सिलसिला जारी रहता है, तो सूचकांक अपनी तेजी को बरकरार रख सकते हैं और उच्च रेजिस्टेंस स्तरों (resistance levels) को टेस्ट कर सकते हैं। इसे भी पढ़ें: विदेशी बाजार में US Dollar की मजबूती से गिरा Rupee, शुरुआती कारोबार में 94.55 पर पहुंचा आज एशियाई बाजारों का हाल डेमोक्रेट्स की बड़ी जीत के बाद वॉल स्ट्रीट में तेजी आई, लेकिन एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। खबर लिखे जाने तक, जापान का निक्केई 225 (Nikkei 225) 909.63 अंक या 1.46 प्रतिशत गिरकर 61,280 पर आ गया था। वहीं, हांगकांग का हैंग सेंग (Hang Seng) 736.50 अंक या 2.99 प्रतिशत उछल गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) 250.30 अंक या 4.40 प्रतिशत नीचे आ गया। शंघाई का SSE कंपोजिट इंडेक्स 3.62 अंक या 0.10 प्रतिशत ऊपर था।
Stock Market Rally: भारतीय बाजार फिर हुआ $5 ट्रिलियन का, अब इन 3 बातों पर रहेगी नजर
Stock Market Rally: घरेलू स्टॉक मार्केट में आज लगातार छठे दिन रौनक है। इन छह दिनों की तेजी के साथ भारतीय मार्केट की वैल्यू एक बार फिर $5 ट्रिलियन के पार हो गई। इन छह कारोबारी दिनों में निवेशकों की दौलत में करीब ₹30 लाख करोड़ का इजाफा हुआ है। इस दौरान सेंसेक्स (Sensex) करीब 6400 प्वाइंट्स ऊपर चढ़ गया तो निफ्टी 50 (Nifty 50) 22500 के नीचे आने के बाद तेजी से रिकवर होकर आज 24400 के पार पहुंच गया। निफ्टी के सभी 50 स्टॉक्स इस दौरान मजबूत हुए हैं और निफ्टी 8% से अधिक ऊपर चढ़ा। हालांकि ब्रोडर लेवल पर स्थिति थोड़ी कमजोर रही और मिडकैप इंडेक्स में 5% तो स्मॉलकैप इंडेक्स में 3% की तेजी आई।इन वजहों से मार्केट में छाई रौनक28 अक्टूबर के निचले स्तर से छह कारोबारी दिनों में सेंसेक्स और निफ्टी में 8-8% से अधिक की तेजी आई है। इन्हें कई बातों से सपोर्ट मिला है, जैसे कि कंपनियों के धमाकेदार कारोबार नतीजे, अमेरिकी मिडटर्म इलेक्शन में ट्रंप के रिपब्लिकशन पार्टी की शिकस्त और कच्चे तेल का धड़ाम होना।विदेशी निवेशकों की ताबड़तोड़ खरीदारी ने इस माहौल को और मजबूत किया, जिन्होंने लगातार चार कारोबारी दिनों में ₹20,834.06 करोड़ के शेयरों की नेट खरीदारी की, जिसमें से सबसे अधिक यानी ₹7,284.03 करोड़ के शेयरों की नेट खरीदारी 4 नवंबर को की। विदेशी निवेशकों की खरीदारी को सेबी के प्रस्ताव से सपोर्ट मिला है। न्यूज एजेंसी रायटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक सेबी ने सरकार से FIIs को एलटीसीजी पर टैक्स से छूट का प्रस्ताव दिया है।अब आगे क्या?मार्केट ने $5 ट्रिलियन यानी $5 लाख करोड़ के मार्केट कैप का अहम मनोवैज्ञानिक स्तर छू लिया। अब निवेशकों को आने वाले हफ्तों में कुछ घरेलू और ग्लोबल बातों पर नजर रहेगी-1. सितंबर तिमाही के नतीजों का दौर अब अपने आखिरी चरण में है। अधिकतर कंपनियों के नतीजे अब तक तो एनालिस्ट्स की उम्मीदों के मुताबिक रहे हैं या उनसे बेहतर रहे हैं।2. दिसंबर में आने वाली आरबीआई की पॉलिसी पर नजर रहेगा। दिग्गज बैंकर उदय कोटक को उम्मीद है कि इस वित्त वर्ष 2027 के आखिरी तक आरबीआई दरों में 75 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी करेगा। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि दिसंबर में 25 बेसिस पॉइंट्स की और बढ़ोतरी होती है या नहीं।3. अमेरिका में हो रहे घटनाक्रमों पर भी मार्केट की कड़ी नजर रहेगी, खासतौर से ऐसे समय में, जब डेमोक्रेट्स ने सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स, दोनों जगह मिडटर्म चुनावों में शानदार जीत हासिल की है। मार्केट की नजर इस बात पर रहेगी कि क्या सरकार पर ईरान के साथ कोई समझौता करने का दबाव होगा, और क्या AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से जुड़ा कारोबार और कम होगा।5 वजह, Nifty लंबे इंतजार बाद 24400 के पारडिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
India's GDP Row: पहले Subhash Garg अब Shankar Sharma ने उठाए GDP Growth पर सवाल
पूर्व वित्त सचिव सुभाष गर्ग ने GDP के आधिकारिक आंकड़ों पर सवाल उठाए हैं। अब दिग्गज निवेशक शंकर शर्मा ने ‘Real Feel GDP’ का मुद्दा उठाते हुए कहा है कि आंकड़ों में ग्रोथ भले ही 7% से ज्यादा दिख रही हो, लेकिन आम लोगों को इसका असर उनकी रोजमर्रा की जिंदगी में उतना महसूस नहीं होता।
PM Modi के GDP Growth पर INDIA ने कसके सुनाया | Congress | Pawan Khera | Pappu Yadav | Manoj Jha
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जीडीपी ग्रोथ रेट 7.8% रहने पर देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने मंगलवार को वीडियो जारी कर कहा कि ये उपलब्धि देशवासियों की इच्छाशक्ति, मेहनत और सामूहिक ताकत का नतीजा है. अब इस वीडियो पर विपक्ष ने घेर लिया. विपक्ष ने क्या कुछ कहा. देखिए इस वीडियो में
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