Stock Market Update: बाजार लगातार 5वें हफ्ते गिरा, Nifty 23,400 के नीचे; तेल की बढ़ती कीमतों ने बढ़ाई चिंता
Services Sector और Exports के दम पर भारत की GDP Growth 7.8% तक पहुंची, IMF ने सराहा
भारत की अर्थव्यवस्था ने ऐसे समय में बेहतर प्रदर्शन किया है, जब दुनिया के कई हिस्से ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी के दबाव से जूझ रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने गुरुवार को भारत की 7.8 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि को उम्मीद से बेहतर बताया और कहा कि सेवा क्षेत्र तथा निर्यात की मजबूती ने इस प्रदर्शन में अहम भूमिका निभाई है। आईएमएफ की प्रवक्ता जूली कोजैक ने मीडिया से बातचीत में कहा कि भारत की वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि संस्था के कर्मचारियों के अनुमान से ऊपर रही है। उनके मुताबिक, पहली तिमाही में सेवा क्षेत्र और निर्यात ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया, जिसका सीधा असर देश की कुल आर्थिक वृद्धि पर पड़ा है। मौजूद जानकारी के अनुसार, भारत की वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून के दौरान 7.8 प्रतिशत रही है। यह आंकड़ा केंद्रीय सांख्यिकी मंत्रालय की ओर से जारी किया गया है। इस आंकड़े ने कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय अनुमानों को पीछे छोड़ा है। गौरतलब है कि इस बार सकल घरेलू उत्पाद के आंकड़ों में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में किए गए संशोधन और उत्पादक मूल्य सूचकांक की नई श्रृंखला को भी शामिल किया गया है। सरकार का कहना है कि इन बदलावों से आर्थिक गतिविधियों का आकलन बेहतर तरीके से किया जा सकेगा और सकल घरेलू उत्पाद के अनुमान की गुणवत्ता में सुधार होगा। हालांकि, आंकड़ों के जारी होने के बाद इनके भरोसे और गणना की पद्धति को लेकर देश-विदेश में चर्चा भी हुई है। खास तौर पर नई गणना पद्धति और संशोधित आंकड़ों को लेकर सवाल उठाए गए। केंद्र सरकार ने इन चिंताओं पर सफाई देते हुए कहा है कि जारी किए गए वृद्धि आंकड़े सही हैं और वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद की गणना के लिए इस्तेमाल की गई पद्धति भी उचित है। आईएमएफ की प्रवक्ता जूली कोजैक ने भारत के प्रदर्शन को ऊर्जा संकट के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि जब तेल या दूसरी ऊर्जा वस्तुओं की कीमतें बढ़ती हैं तो ऊर्जा आयात करने वाले देशों के भुगतान संतुलन पर दबाव बढ़ता है। इसके साथ ही सरकार की वित्तीय स्थिति पर भी इसका असर पड़ सकता है। भारत के मामले में ऊर्जा कीमतों का यह झटका ऐसे समय आया है जब अर्थव्यवस्था पहले की तुलना में मजबूत स्थिति में है। कोजैक ने कहा कि आईएमएफ भारतीय अर्थव्यवस्था पर बढ़ी हुई तेल कीमतों के प्रभाव पर नजर रख रहा है और भारत के लिए अपने नए आर्थिक अनुमान अक्टूबर में जारी करेगा। बता दें कि ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी की पृष्ठभूमि पश्चिम एशिया में बढ़े सैन्य तनाव से जुड़ी है। ईरान के साथ युद्ध और रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट में आवाजाही प्रभावित होने की आशंकाओं ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में चिंता बढ़ाई है। भारत जैसे बड़े ऊर्जा आयातक देश के लिए लंबे समय तक महंगा तेल आर्थिक दबाव बढ़ा सकता है। इसके बावजूद आईएमएफ ने भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख विकास इंजन बताया है। संस्था के अनुसार, मौजूदा आंकड़े यह दिखाते हैं कि बाहरी झटकों के बीच भी भारतीय अर्थव्यवस्था में पर्याप्त मजबूती बनी हुई है। हालांकि, आगे महंगे तेल की स्थिति कितनी लंबी रहती है, इसका असर आने वाली तिमाहियों की वृद्धि पर महत्वपूर्ण हो सकता है। अक्टूबर में आईएमएफ के नए अनुमान से यह तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है कि ऊर्जा कीमतों, वैश्विक व्यापार और घरेलू मांग के बीच भारत की आर्थिक रफ्तार किस दिशा में जाती है। फिलहाल 7.8 प्रतिशत की वृद्धि ने भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का संकेत जरूर दिया है।
Stock Market Update: शेयर बाजार में भूचाल, Sensex 700 अंक टूटा; Nifty 23,300 के नीचे
Stock Market Update: शेयर बाजार में भूचाल, Sensex 700 अंक टूटा; Nifty 23,300 के नीचे
Crude Oil Price हाइक से Stock Market पस्त, Sensex और Nifty में भारी गिरावट
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेज वृद्धि से सेंसेक्स और निफ्टी में शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक बाजारों में कमजोर रुख और विदेशी पूंजी की निकासी से भी निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई। बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 628.24 अंक फिसलकर 74,257.69 अंक पर और एनएसई निफ्टी 221.20 अंक टूटकर 23,255.10 अंक पर आ गया। सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से बजाज फाइनेंस, इंटरग्लोब एविएशन, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट और एक्सिस बैंक के शेयर में सबसे अधिक गिरावट रही। वहीं टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, इन्फोसिस, भारती एयरटेल और आईटीसी के शेयर बढ़त में रहे। एशिया के बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की 225, चीन का एसएसई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग काफी गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। अमेरिकी बाजार बृहस्पतिवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे। अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट कच्चा तेल का भाव वायदा कारोबार में 0.95 प्रतिशत की बढ़त के साथ 108.7 डॉलर प्रति बैरल रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बृहस्पतिवार को शुद्ध रूप से 438.24 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। सेंसेक्स बृहस्पतिवार को 138.36 अंक और निफ्टी 46.30 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ था।
India GDP Growth: IMF ने भारत की 7.8% ग्रोथ को बताया मजबूत संकेत, सर्विस और एक्सपोर्ट ने बढ़ाई रफ्तार
एक दिन तेजी देखने के बाद शेयर बाजार में 11 सितंबर को फिर से गिरावट है। मार्केट खुलने के कुछ पलों के अंदर सेंसेक्स पिछले बंद भाव से 742.53 अंक तक लुढ़ककर 74,160.16 के लो तक गया। इसी तरह निफ्टी पिछली क्लोजिंग से 246.4 अंकों की गिरावट के साथ 23,231.40 के लो तक गया। लेकिन फिर बाजार में हल्की रिकवरी दिखी। सेंसेक्स दिन के निचले स्तर से करीब 424 अंक और निफ्टी दिन के लो से 129 अंक तक उछला।गुरुवार को 3 दिन बाद शेयर बाजार में तेजी लौटी थी। सेंसेक्स 138.36 अंक या 0.19 प्रतिशत बढ़कर 74,902.59 पर बंद हुआ था। इसी तरह निफ्टी 46.30 अंक या 0.20 प्रतिशत बढ़कर 23,477.80 पर बंद हुआ था। आइए जानते हैं Stock Market में शुक्रवार को तेज गिरावट के बाद हुई रिकवरी के अहम कारण डिटेल में...वैल्यू बाइंगबड़ी गिरावट से निवेशकों ने निचले स्तरों पर शेयर खरीद यानि कि वैल्यू बाइंग की। इससे बाजार में रिकवरी दिखी। सेंसेक्स दिन के निचले स्तर से 424 अंक ऊपर चढ़कर 74,584.35 के हाई तक गया। निफ्टी दिन के लो से 129.45 अंक उछलकर 23,360.85 के हाई तक गया। IT शेयरों में खरीदारी के कारण बाजार का नुकसान कम हुआ।Qualiance International Listing: शानदार शुरुआत, शेयर 77% बढ़त में लिस्ट; फिर लगा अपर सर्किटवॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स में बढ़त11 सितंबर को वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स में बढ़त दिखी। गुरुवार को अमेरिकी शेयरों में लगातार चौथे सेशन में गिरावट रही थी। डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 316.56 अंक या 0.6% गिरकर 52,064.10 पर बंद हुआ। बेंचमार्क S&P 500 में 44.66 अंक या 0.58% की गिरावट आई और यह 7,591.70 पर बंद हुआ। नैस्डैक कम्पोजिट इंडेक्स 171.62 अंक या 0.65% गिरकर 26,081.73 पर बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के कारण अमेरिकी बाजारों में गिरावट रही थी।कच्चे तेल की कीमतों में गिरावटब्रेंट कच्चे तेल की कीमत लगभग 2 प्रतिशत टूटकर 105.55 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रही है। कच्चे तेल की कम कीमतें भारत के लिए एक पॉजिटिव ट्रिगर हैं। इसकी वजह है कि देश कच्चे तेल की अपनी कुल जरूरत का एक बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है।Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
इस साल गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) का त्योहार सोमवार, 14 सितंबर को पड़ रहा है। भक्तगण बप्पा को बड़े ही हर्षोल्लास और धूमधाम से घर लेकर आएंगे। इस मौके पर शेयर बाजार में छुट्टी रहने वाली है। BSE और NSE पर शेयरों की ट्रेडिंग नहीं होगी। बता दें कि शेयर बाजार हर शनिवार और रविवार को बंद रहते हैं। लेकिन कुछ दूसरे खास मौकों और सार्वजनिक अवकाशों पर भी इनमें छुट्टी रहती है।गणेश चतुर्थी पर NSE पर इक्विटीज, इक्विटी डेरिवेटिव्स, कॉरपोरेट बॉन्ड्स, न्यू डेट सेगमेंट्स, निगोशिएटेड ट्रेड रिपोर्टिंग प्लेटफॉर्म, इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीप्ट्स, म्यूचुअल फंड्स, सिक्योरिटी लेंडिंग एंड बॉरोइंग स्कीम्स, करेंसी डेरिवेटिव्स और इंट्रेस्ट रेट डेरिवेटिव्स सेगमेंट्स में छुट्टी रहने वाली है। कमोडिटी डेरिवेटिव्स में सुबह के सेशन में ट्रेडिंग नहीं होगी लेकिन शाम के सेशन (शाम 5 बजे से 11:30/11:55 बजे तक) में ट्रेडिंग चालू रहेगी।इसी तरह BSE पर 14 सितंबर को इक्विटी सेगमेंट, इक्विटी डेरिवेटिव सेगमेंट, करेंसी डेरिवेटिव्स सेगमेंट्स, NDS-RST, ट्राई पार्टी रेपो सेगमेंट्स में ट्रेडिंग हॉलिडे रहेगा। लेकिन कमोडिटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट और इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीप्ट्स (EGR) सेगमेंट में शाम का सेशन (शाम 5 बजे से 11:30/11:55 बजे तक) ओपन रहेगा।क्या MCX में भी है छुट्टीकमोडिटीज में ट्रेडिंग के प्लेटफॉर्म MCX (Multi Commodity Exchange) की बात करें तो इसमें भी गणेश चतुर्थी पर सुबह के सेशन में छुट्टी है। लेकिन शाम को 5 बजे से 11:30/11:55 बजे तक का सेशन ओपन रहेगा। शेयर बाजार की तरह MCX भी हर शनिवार, रविवार और कुछ खास मौकों व पब्लिक हॉलिडेज पर बंद रहता है।बाकी बचे साल में शनिवार-रविवार के अलावा और कब बाजार बंद2 अक्टूबर: महात्मा गांधी जयंती20 अक्टूबर: दशहरा10 नवंबर: दिवाली-बलिप्रतिपदा24 नवंबर: प्रकाश पर्व श्री गुरु नानक देव25 दिसंबर: क्रिसमसशनिवार/रविवार को पड़ रही छुट्टियां8 नवंबर: दिवाली लक्ष्मी पूजनदिवाली के मौके पर मुहूर्त ट्रेडिंग रविवार, 8 नवंबर 2026 को होगी। मुहूर्त ट्रेडिंग का समय बाद में घोषित किया जाएगा।10 सितंबर को कैसी रही चालगुरुवार, 10 सितंबर को सेंसेक्स 138.36 अंकों की बढ़त के साथ 74,902.59 पर बंद हुआ। दिन में इसने 74,910.96 का हाई और 74,598.47 का लो देखा। निफ्टी 46.30 अंकों की बढ़त के साथ 23,477.80 पर सेटल हुआ। दिन में इसने 23,494.95 का हाई और 23,380.10 का लो देखा।Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
Stock Market Update: शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव, तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता
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'Smell Test' में फेल हुआ GDP का दावा! PM Modi के GDP Growth आंकड़ों पर जनता को भरोसा क्यों नहीं?
'आशुतोष की बात' में वरिष्ठ पत्रकार राजेश महापात्रा ने सरकार के जीडीपी आंकड़ों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ये आंकड़े अर्थशास्त्रियों के बुनियादी 'स्मेल टेस्ट' में पूरी तरह फेल हो चुके हैं।
GDP Growth vs. Reality: 7.8% growth—yet why aren't people's earnings rising?
'राजेश का अर्थ राज' में वरिष्ठ पत्रकार राजेश महापात्रा ने सवाल उठाया है कि हाई जीडीपी ग्रोथ के बावजूद आम आदमी की जेब खाली क्यों है? स्लम इलाकों की घटती खपत, बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी का जिक्र करते हुए उन्होंने सरकार से देश की असली आर्थिक तस्वीर पेश करने वाले आंकड़े जारी करने की मांग की है।
India's GDP Row: पहले Subhash Garg अब Shankar Sharma ने उठाए GDP Growth पर सवाल
पूर्व वित्त सचिव सुभाष गर्ग ने GDP के आधिकारिक आंकड़ों पर सवाल उठाए हैं। अब दिग्गज निवेशक शंकर शर्मा ने ‘Real Feel GDP’ का मुद्दा उठाते हुए कहा है कि आंकड़ों में ग्रोथ भले ही 7% से ज्यादा दिख रही हो, लेकिन आम लोगों को इसका असर उनकी रोजमर्रा की जिंदगी में उतना महसूस नहीं होता।
PM Modi के GDP Growth पर INDIA ने कसके सुनाया | Congress | Pawan Khera | Pappu Yadav | Manoj Jha
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जीडीपी ग्रोथ रेट 7.8% रहने पर देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने मंगलवार को वीडियो जारी कर कहा कि ये उपलब्धि देशवासियों की इच्छाशक्ति, मेहनत और सामूहिक ताकत का नतीजा है. अब इस वीडियो पर विपक्ष ने घेर लिया. विपक्ष ने क्या कुछ कहा. देखिए इस वीडियो में
Economy Boom or Fake Data? GDP Growth 7.8% की असली सच्चाई क्या है?
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 7.8% जीडीपी (GDP) ग्रोथ के आंकड़ों पर जहां पीएम मोदी और सरकार अपनी पीठ थपथपा रहे हैं, वहीं देश के जाने-माने अर्थशास्त्रियों ने इसकी सच्चाई पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
Stock Market Opening : हफ्ते की शानदार शुरुआत! 189 अंक चढ़कर खुला Nifty, सेंसेक्स 788 अंक ऊपर
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