सोनीपत के गोकुल नगर में रहने वाले एक युवक को शेयर बाजार में निवेश कर रातों-रात अमीर बनने का सपना देखना महंगा पड़ गया। शातिर साइबर ठगों ने ऋषभ गुप्ता नाम के युवक से 'निशुल्क ट्रेडिंग' सिखाने के बहाने 9 लाख 28 हजार 610 रुपए, ठग लिए। ठगी का अहसास होने पर युवक ने साइबर थाना पुलिस को शिकायत दी, जिसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित ऋषभ गुप्ता ने पुलिस को बताया कि ठगी के खेल की शुरुआत 15 दिसंबर 2025 को एक अनजान फोन कॉल से हुई थी। कॉलर ने खुद को निवेश विशेषज्ञ बताते हुए उन्हें मुफ्त में शेयर मार्केट की बारीकियां सिखाने का निमंत्रण दिया। इसके बाद ऋषभ को एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ दिया गया, जहाँ 'रूद्रा शेयर निवेश कार्यक्रम' के नाम पर बड़ी-बड़ी बातें की गईं। 200 प्रतिशत लाभ का दिया लालच व्हाट्सएप ग्रुप के एडमिन और अन्य सदस्यों ने ऋषभ को भरोसा दिलाया कि उनकी कंपनी के जरिए निवेश करने पर 200 प्रतिशत तक का मुनाफा हो सकता है। ठगों ने 'रूद्र प्रो' (Rudra Pro) नाम का एक फर्जी मोबाइल एप्लीकेशन भी इंस्टॉल करवाया। ऋषभ ने उनकी बातों में आकर मुनाफे के लालच में 31 दिसंबर 2025 से 29 जनवरी 2026 के बीच अलग-अलग किस्तों में कुल 9.28 लाख रुपये ठगों के बताए गए बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। विड्रॉल रुकने पर हुआ ठगी का खुलासा धोखाधड़ी का पता तब चला जब ऋषभ ने अपने निवेश किए हुए पैसे और उस पर दिख रहे मुनाफे को निकालने (Withdraw) की कोशिश की। एप के जरिए पैसे निकालने के सारे प्रयास विफल रहे और ठगों ने और रुपयों की मांग शुरू कर दी। जब ऋषभ को अपनी गलती का अहसास हुआ, तब तक वह अपनी जीवन भर की जमापूंजी गंवा चुके थे। साइबर पुलिस ने दी चेतावनी ऋषभ की शिकायत पर सोनीपत साइबर थाना पुलिस ने धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस अब उन बैंक खातों और मोबाइल नंबर्स को ट्रेस कर रही है, जिनका इस्तेमाल इस वारदात में किया गया। साइबर एक्सपर्ट्स की सलाह… किसी भी अनजान व्हाट्सएप ग्रुप या टेलीग्राम चैनल के जरिए बताए गए 'ट्रेडिंग एप' पर भरोसा न करें। निवेश के लिए हमेशा SEBI द्वारा पंजीकृत ब्रोकर और आधिकारिक एप का ही चुनाव करें।
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र का जेवर आज देश की सेमीकंडक्टर महत्वाकांक्षा का प्रतीक बन गया है। इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड की डीडीआईसी ओसैट यूनिट का शिलान्यास केवल एक औद्योगिक परियोजना की शुरुआत नहीं, बल्कि भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में निर्णायक छलांग माना जा रहा है। 2028 तक शुरू होगी ओसैट यूनिटइंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड दरअसल एचसीएल टेक्नोलॉजीज और फॉक्सकॉन टेक्नोलॉजी ग्रुप का 60:40 संयुक्त उद्यम है, जो लगभग 3,700 करोड़ के निवेश से अत्याधुनिक ओसैट सुविधा स्थापित कर रहा है और इसके वर्ष 2028 तक परिचालन में आने की उम्मीद है। इस संयंत्र में स्मार्टफोन, लैपटॉप, ऑटोमोबाइल सिस्टम और औद्योगिक इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए डिस्प्ले ड्राइवर चिप्स का उत्पादन किया जाएगा। प्रति माह 20,000 वेफर्स की प्रोसेसिंग क्षमता वाला यह केंद्र देश में सेमीकंडक्टर कॉम्पोनेंट्स की बढ़ती घरेलू मांग को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगा। इस निवेश से 3,500 से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे। क्यों खास है यह यूनिट?यह देश की पहली डिस्प्ले ड्राइवर इंटीग्रेटेड सर्किट (डीडीआईसी) ओसैट सुविधा होगी। मोबाइल, टेलीविजन, लैपटॉप और ऑटोमोबाइल डिस्प्ले में प्रयुक्त होने वाले डीडीआईसी चिप्स की अब तक भारत में सीमित उत्पादन क्षमता थी। इस यूनिट के स्थापित होने से भारत की आयात निर्भरता में कमी आएगी और घरेलू विनिर्माण को मजबूती मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारत की भूमिका को सशक्त करेगा। यीडा क्षेत्र बनेगा टेक्नोलॉजी हबयमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र पहले ही लॉजिस्टिक्स और एयरोस्पेस निवेश के लिए चर्चित रहा है। अब सेमीकंडक्टर उद्योग के प्रवेश से यह क्षेत्र हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर के रूप में विकसित होने की राह पर है। एचसीएल ग्रुप और फॉक्सकॉन टेक्नोलॉजी ग्रुप के संयुक्त निवेश से स्थापित यह मेगा यूनिट तकनीकी उत्कृष्टता का केंद्र बनेगी। परियोजना से सलाना लगभग 45,000 करोड़ के जीडीपी योगदान का अनुमान है।
शनि ग्रह का उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र में गोचर, 12 राशियों का राशिफल
shani uttara bhadrapada nakshatra 2026: शनि देव 20 जनवरी 2026 को दोपहर लगभग 12:13 PM पर उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश कर चुके हैं। वक्री और मार्गी चाल के कारण वर्ष 2025 से 2027 के बीच शनि इस नक्षत्र में कई चरणों में रहेंगे। शनि देव का अपने ही नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद में प्रवेश करना ज्योतिषीय दृष्टि से एक अत्यंत प्रभावशाली घटना है। यह नक्षत्र मीन राशि में आता है, जिसका प्रतीक 'गहरे समुद्र का नाग' या 'बिस्तर के पीछे के दो पैर' माना जाता है। यह समय अनुशासन, धैर्य और आध्यात्मिक शुद्धि का है। जब शनि अपने ही नक्षत्र में होते हैं, तो वे अधिक शक्तिशाली हो जाते हैं और हमारे पिछले कर्मों का फल देने के लिए तैयार रहते हैं। 1. मेष (Aries) प्रभाव: यह गोचर आपके 12वें भाव में है। परिणाम: खर्चों में वृद्धि हो सकती है। विदेश यात्रा के योग बनेंगे। आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी, लेकिन नींद की कमी या पैरों में दर्द की समस्या हो सकती है। 2. वृषभ (Taurus) प्रभाव: 11वें भाव (लाभ स्थान) में। परिणाम: आर्थिक लाभ के लिए यह गोल्डन टाइम है। लंबे समय से रुके हुए काम पूरे होंगे और सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। बड़े भाई-बहनों से सहयोग मिलेगा। 3. मिथुन (Gemini) प्रभाव: 10वें भाव (करियर) में। परिणाम: कार्यक्षेत्र में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। काम का बोझ बढ़ेगा, लेकिन आपकी मेहनत का फल पदोन्नति (Promotion) के रूप में मिलेगा। राजनीति से जुड़े लोगों के लिए शुभ है। 4. कर्क (Cancer) प्रभाव: 9वें भाव (भाग्य) में। परिणाम: भाग्य का साथ धीरे-धीरे मिलेगा। लंबी दूरी की यात्राएं फलदायी होंगी। पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। धर्म-कर्म के कार्यों में मन लगेगा। 5. सिंह (Leo) - आपकी राशि/लग्न प्रभाव: 8वें भाव (अष्टम) में। परिणाम: यह समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। अचानक धन लाभ या हानि दोनों की संभावना है। गुप्त विद्याओं (Astrology, Occult) में रुचि बढ़ेगी। वाहन सावधानी से चलाएं। 6. कन्या (Virgo) प्रभाव: 7वें भाव (विवाह और साझेदारी) में। परिणाम: वैवाहिक जीवन में गंभीरता आएगी। बिजनेस पार्टनर के साथ पारदर्शिता रखें। अविवाहितों के लिए विवाह के प्रस्ताव आ सकते हैं, लेकिन निर्णय सोच-समझकर लें। 7. तुला (Libra) प्रभाव: 6ठे भाव (रोग, ऋण, शत्रु) में। परिणाम: शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी। पुराने कर्ज से मुक्ति मिल सकती है। स्वास्थ्य में सुधार होगा। कोर्ट-कचहरी के मामलों में फैसला आपके पक्ष में आ सकता है। 8. वृश्चिक (Scorpio) प्रभाव: 5वें भाव (संतान और बुद्धि) में। परिणाम: प्रेम संबंधों में दूरियां आ सकती हैं। संतान को लेकर चिंता रहेगी। शेयर बाजार या जुए-सट्टे से दूर रहें। रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। 9. धनु (Sagittarius) प्रभाव: 4थे भाव (सुख, माता, संपत्ति) में। परिणाम: घर में मरम्मत या नया वाहन खरीदने के योग हैं। माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। मानसिक शांति के लिए योग-ध्यान का सहारा लें। कार्यक्षेत्र में स्थान परिवर्तन संभव है। 10. मकर (Capricorn) प्रभाव: 3रे भाव (पराक्रम) में। परिणाम: आपके साहस और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। छोटे भाई-बहनों के साथ संबंध सुधरेंगे। छोटी यात्राएं लाभकारी रहेंगी। संचार कौशल (Communication) से लाभ होगा। 11. कुंभ (Aquarius) प्रभाव: 2रे भाव (धन और वाणी) में। परिणाम: बचत (Savings) करने में सफल रहेंगे। वाणी में थोड़ी कठोरता आ सकती है, इसलिए सोच-समझकर बोलें। पैतृक संपत्ति से जुड़ा कोई विवाद सुलझ सकता है। 12. मीन (Pisces) प्रभाव: 1ले भाव (लग्न) में। परिणाम: शनि आपके ऊपर से गुजर रहे हैं (साढ़ेसाती का प्रभाव)। यह आत्म-मंथन का समय है। आलस्य का त्याग करें। व्यक्तित्व में निखार आएगा, लेकिन जिम्मेदारी का अहसास ज्यादा होगा।
आर्य समाज में होने वाली शादियों को लेकर कई बार विरोध की खबर सामने आती है। कई बार फर्जी प्रमाण-पत्रों के मामले भी सामने आते हैं। इसको लेकर आर्य समाज के स्वामी आर्यवेश ने बताया कि विवाह प्रमाण-पत्र केवल वही इकाई जारी कर सकती है, जिसे संबंधित प्रांत की आर्य प्रतिनिधि सभा से विधिवत मान्यता प्राप्त हो। यदि किसी मान्यता प्राप्त इकाई से तकनीकी त्रुटि हो जाए तो उसकी जांच की जाती है लेकिन अनाधिकृत संस्थाओं की ओर से लेटरहेड छपवाकर विवाह कराना और प्रमाण-पत्र देना पूरी तरह अवैध है। उन्होंने कहा कि सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा का पंजीकरण लगभग 115 साल पूर्व हो चुका है और संविधान के अनुसार इसकी प्राथमिक इकाई का नाम आर्य समाज ही होगा। ऐसे में अन्य संस्थाओं द्वारा उसी नाम से पंजीकरण कर विवाह कराना सोसाइटी एक्ट का उल्लंघन है। सभा का स्पष्ट मत है कि फर्जी संस्थाओं को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई, एफआईआर दर्ज कराने तथा रजिस्ट्रार कार्यालय में पंजीकरण निरस्त कराने की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि आर्य समाज में होने वाली शादी नियमों के तहत होती है। जहां हवन, सप्तपदी आदि होती है। यहां से शादी करने वाले को आर्य समाज के नियमों का पालन करने को एक संकल्प पत्र भी भरवाया जाता है, लेकिन कई लोग इन संकल्प को नहीं मानते हैं ये गलत है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि आर्य समाज जातियों के खिलाफ नहीं है।
मिला-जुला रहा भारतीय शेयर बाजार, टैरिफ से राहत के बाद कैसा रहेगा अगला हफ्ता?
Share Market Reviw Market ki Baat : भारतीय शेयर बाजार के लिए यह हफ्ता मिला जुला रहा। हफ्ते भर बाजार में बढ़त दिखाई दी लेकिन 19 फरवरी को बाजार में भारी गिरावट ने सब बराबर कर दिया। अमेरिका में ट्रैरिफ पर मचे घमासान का दुनिया भर के बाजारों पर सकारात्मक ...
ग्रेटरनोएडा के यमुना सिटी में CM योगी आदित्यनाथ पहली सेमीकंडक्टर यूनिट की नींव रखेंगे। PM नरेंद्र मोदी इस आयोजन में वर्चुअल जुड़ेंगे। इस यूनिट से 4 हजार लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। साथ ही, भारत की सेमीकंडक्टर एरिया में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। मैसर्स इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड कंपनी सेमीकंडक्टर यूनिट लगाएगी। ये कंपनी HCL और फॉक्सकॉन का जाइंट वेन्चर है। कंपनी को सेक्टर-28 में 48 एकड़ जमीन आवंटित की गई है। कंपनी यमुना सिटी में 3706.15 करोड़ का निवेश करेगी। यूनिट की आधारशिला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री अश्वनी वैष्णव रखेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिलान्यास समारोह को वर्चुअल रूप से संबोधित कर सकते हैं। समारोह को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी है। रूस-यूक्रेन युद्ध के बदले हालातवाहन, कंप्यूटर, लैपटॉप, सेलफोन आदि में सेमीकंडेक्टर सबसे अहम पार्ट है। इस निर्भरता को खत्म करने के लिए उत्तर प्रदेश में सेमीकंडक्टर का उत्पादन होगा। सेमीकंडक्टर एक सिलिकॉन चिप होती है। इनका इस्तेमाल कंप्यूटर, सेलफोन, गैजेट, वाहनों, माइक्रोवेव ओवन आदि में होता है। ये किसी उत्पाद को नियंत्रित करने के साथ मेमोरी फंक्शन को ऑपरेट करती है। कंप्यूटर, सेलफोन, गैजेट्स, वाहनों की मांग बढ़ने पर सेमीकंडक्टर की मांग भी बढ़ जाती है। रूस और यूक्रेन युद्ध के चलते सेमीकंडक्टर मांग के अनुरूप नहीं मिल पा रहे हैं। देश में कार की वेटिंग बढ़ने का एक कारण यह भी बताया जाता है। कंपनियां आने से देश में सेमीकंडक्टर में आत्मनिर्भरा बढ़ेगी। कंपनी 2,40,000 यूनिट स्माल पैनल ड्राइवर आईसी, डिस्प्ले इंटीग्रेटेड सर्किट का निर्माण करेगी। इसके लिए रोजाना 19 हजार केवीए बिजली की जरूरत पड़ेगी। 2000 एमएलडी पानी प्रतिदिन लगेगा। सेमीकंडक्टर पार्क में 5 कंपनियां आ चुकी सेमीकंडक्टर के लिए अबतक कुल पांच कंपनियां आवेदन कर चुकी हैं । सेक्टर-28 में पहली इकाई को जमीन भी मिल चुकी है। इसके अलावा टार्क कंपनी ने 125 एकड़ और भारत सेमी सिस्टम, कीन्स सेमीकॉन प्राइवेट लिमिटेड 50-50 एकड़, एडिटेक सेमीकंडक्टर को 100 एकड़ में अपनी यूनिट स्थापित करने का निवेश प्रस्ताव रखा है। इन इकाइयों को सेक्टर-10 में जगह दी जाएगी। पहले समझते हैं, पूरी स्कीम क्या है? स्कीम के तहत सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले फैब्रिकेशन यूनिट कंपनियों को 50% तक आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही लंबे समय की रणनीति तैयार करने के लिए इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन भी तैयार किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य डिस्प्ले के लिए 1 से 2 फैब यूनिट स्थापित करने का है। डिजाइनिंग और मैन्युफैक्चरिंग कॉम्पोनेंट्स के लिए 10-10 यूनिट लगाने का प्लान है। अगले 2-4 साल में 2 डिस्प्ले फैब्रिकेशन फैक्ट्री और 2 सेमीकंडक्टर फैक्ट्री की स्थापना की जाएगी। सरकार की इन पर करीब 30 से 50 हजार करोड़ रुपए निवेश करने की योजना है।आखिर ये सेमीकंडक्टर चिप होती क्या है? सेमीकंडक्टर को आप इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स का दिमाग समझिए। कंप्यूटर, लैपटॉप, कार, वॉशिंग मशीन, ATM, अस्पतालों की मशीन से लेकर हाथ में मौजूद स्मार्टफोन तक सेमीकंडक्टर चिप पर ही काम करते हैं। ये चिप एक दिमाग की तरह इन गैजेट्स को ऑपरेट करने में मदद करती है। इनके बिना हर एक इलेक्ट्रॉनिक आइटम अधूरा है। सेमीकंडक्टर चिप्स सिलिकॉन से बने होते हैं और सर्किट में इलेक्ट्रिसिटी कंट्रोल करने के काम आते हैं। ये चिप इलेक्ट्रॉनिक आइटम को ऑटोमैटिकली ऑपरेट करने में मदद करती है। उदाहरण के लिए, स्मार्ट वॉशिंग मशीन में कपड़े पूरी तरह धुलने के बाद ऑटोमैटिक मशीन बंद हो जाती है। इसी तरह कार में जब आप सीट बेल्ट लगाना भूल जाते हैं, तो कार आपको अलर्ट देती है। ये सेमीकंडक्टर की मदद से ही होता है। CM योगी का मिनट टू मिनट कार्यक्रम
सीडीएसएल आईपीएफ ने राजस्थान के शिक्षण संस्थानों में आयोजित किए निवेशक जागरूकता कार्यक्रम
अजमेर और अलवर के महाविद्यालयों में छात्रों एवं शिक्षकों को निवेश की बुनियादी बातों और सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक किया गया।
राजस्थान में निवेश और विकास पर कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ का संबोधन
उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने विधानसभा में औद्योगिक नीतियों, ₹8 लाख करोड़ के निवेश क्रियान्वयन और युवा सशक्तिकरण योजनाओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया।
गौडियम आईवीएफ एंड विमेन हेल्थ का ₹165 करोड़ का IPO आज से खुल गया है। जानें प्राइस बैंड, लॉट साइज, महत्वपूर्ण तारीखें और कंपनी की विस्तार योजनाएं। निवेश से पहले पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।
शेयर बाजार लाइव 20 फरवरी 2026: फेडरल बैंक, वारी एनर्जी, जाइडस लाइफ, आईसीआईसीआई प्रू लाइफ और HUL के शेयरों में बड़ी हलचल। जानें इन शेयरों के ताजा भाव और तेजी-मंदी की असल वजह।
आज भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत उतार-चढ़ाव के साथ हुई। निफ्टी 25,450 के स्तर को पार कर गया है, जहाँ टाइटन के शेयरों में मजबूती देखी गई, वहीं इंफोसिस के शेयरों में गिरावट आई। जानें वैश्विक संकेतों का भारतीय बाजार पर क्या असर पड़ा।
शेयर बाजार अपडेट: ONGC और ऑयल इंडिया में जबरदस्त उछाल, आईटी सेक्टर की फिसलन ने बढ़ाई चिंता
20 फरवरी 2026 को शेयर बाजार में मिला-जुला रुख रहा। वैश्विक तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से ONGC और ऑयल इंडिया के शेयरों में तेजी आई, जबकि 'एंथ्रोपिक शॉक' और वैश्विक दबाव के चलते आईटी सेक्टर के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
शिवपुरी जिले के करैरा थाना क्षेत्र में साइबर ठगों द्वारा डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन निवेश के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर ऑपरेशन मैट्रिक्स के तहत की गई जांच में खुलासा हुआ है कि करैरा के एक युवक का बैंक खाता ठगी की रकम ट्रांसफर और निकासी के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। ऑनलाइन निवेश के नाम पर 4.65 लाख की ठगी समन्वय पोर्टल पर दर्ज शिकायत क्रमांक 31601250002718 में बेंगलुरु (कर्नाटक) की एक महिला ने बताया कि उन्हें ऑनलाइन निवेश का लालच देकर 4 लाख 65 हजार रुपये ठग लिए गए। जांच में पता चला कि ठगी की रकम का एक हिस्सा, 50 हजार रुपये, 6 दिसंबर 2024 को करैरा की स्टेट बैंक शाखा (गांधी रोड) के एक खाते में ट्रांसफर किया गया। इस लेन-देन का यूटीआर नंबर 434189930641 है। बैंक स्टेटमेंट से यह भी सामने आया कि उसी दिन झांसी के खाती बाबा चौराहा स्थित एटीएम से नगद रकम निकाली गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है और लोगों से अपील कर रही है कि बिना जांच-पड़ताल किए किसी भी ऑनलाइन निवेश योजना में पैसा न लगाएं। डिजिटल अरेस्ट कर 11,500 रुपए की ठगी दूसरी शिकायत क्रमांक 33112240163133 उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले मंगेश प्रजापति ने दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने उन्हें “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाकर 11,500 रुपये ठग लिए।जांच में पता चला कि 29 दिसंबर 2024 को उनके पैसे दो हिस्सों में एक बैंक खाते में जमा कराए गए — 8,000 रुपये और 3,500 रुपये। इन लेन-देन के यूटीआर नंबर 364258648056 और 842718843581 हैं। उसी दिन खाते से 10,000 रुपये एटीएम के जरिए निकाल लिए गए। पुलिस मामले की जांच कर रही है और लोगों से अपील कर रही है कि किसी भी कॉल या मैसेज से डरकर तुरंत पैसे ट्रांसफर न करें। 10 प्रतिशत कमीशन पर दिया था एटीएम खाताधारक ने योगेश ने बताया कि झांसी के रहने वाले दीपक प्रजापति ने उससे संपर्क किया था। दीपक ने कहा था कि उसके बैंक खाते में कुछ पैसे डाले जाएंगे और बदले में उसे 10 प्रतिशत कमीशन मिलेगा। इसके बाद योगेश ने अपना एटीएम कार्ड दीपक को दे दिया। खाते में जो भी रकम आती थी, उसे दीपक ही निकालता था और योगेश को कमीशन के तौर पर नकद पैसे दे देता था। पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों ने मिलकर पहचान छिपाकर ऑनलाइन ठगी की। लोगों के पैसे धोखे से उनके खाते में डलवाए गए और फिर निकाल लिए गए। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 319(2), 316(2) और आईटी एक्ट की धारा 66(सी) व 66(डी) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। सुनारी चौकी प्रभारी ने पूरी जांच रिपोर्ट थाना प्रभारी करैरा को सौंप दी है। पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है और लोगों से अपील कर रही है कि किसी भी लालच में आकर अपना बैंक खाता या एटीएम कार्ड किसी को न दें।
इंदौर के हीरानगर थाना क्षेत्र में कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) के एक अर्दली पर नर्सिंग अधिकारियों से निवेश के नाम पर 2 करोड़ 92 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी युवक के साथ उसकी पत्नी और मां को भी आरोपी बनाया है। नर्सिंग अधिकारियों की शिकायत पर मामला दर्ज हीरानगर थाना प्रभारी सुशील पटेल के अनुसार नरेंद्र कुमार सागर, दयानंद बेनीवाल, अयुष दधीच और दलवीर प्रजापत की शिकायत पर दीपेश पुत्र दिनेश रायकवार, उसकी मां शीला रायकवार और पत्नी आकांक्षा रायकवार के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज की गई है। प्रॉपर्टी निवेश में मुनाफे का झांसा दिया पुलिस के अनुसार सभी पीड़ित कर्मचारी राज्य बीमा निगम में नर्सिंग ऑफिसर हैं और राजस्थान के निवासी हैं। आरोपी दीपेश निगम में अर्दली के पद पर कार्यरत है। उसने अधिकारियों से पहचान बढ़ाकर प्रॉपर्टी खरीद-बिक्री में निवेश कराने और अच्छा मुनाफा देने का भरोसा दिलाया। कंपनियों में निवेश के नाम पर रकम ली आरोपी ने पीड़ितों से कुल 2.92 करोड़ रुपए लेकर अपनी पत्नी और मां के नाम से संचालित रायकवार ट्रेडर्स और एकदंत कंपनी में निवेश करने की बात कही। आरोप है कि रकम लेने के बाद न तो कोई प्रॉपर्टी दिखाई गई और न ही पैसा निवेश किया गया। रकम वापस मांगने पर टालमटोल करता रहा पीड़ितों ने जब निवेश की जानकारी और पैसा वापस मांगा तो आरोपी लगातार टालमटोल करता रहा। इसके बाद सभी अधिकारियों ने हीरानगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस के मुताबिक नरेंद्र कुमार सागर ने 91 लाख रुपए, दयानंद बेनीवाल ने 62 लाख रुपए, अयुष दधीच ने 1 करोड़ 8 लाख रुपए और दलवीर प्रजापत ने 91 लाख 38 हजार रुपए आरोपी की कंपनियों में जमा कराए थे। अधिकांश रकम बैंक से लोन लेकर दी गई थी। पुलिस ने जांच शुरू की पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। निवेश की गई राशि और संबंधित कंपनियों के लेनदेन की जानकारी जुटाई जा रही है।
करीब 110 करोड़ रुपए की ठगी के आरोपों से घिरे एनी ग्रुप ऑफ कंपनीज पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी के लखनऊ जोनल कार्यालय ने मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत समूह की 7.30 करोड़ रुप ये मूल्य की तीन अचल और एक चल संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क (अटैच) कर लिया है। यह कार्रवाई एम/एस एनी बुलियन ट्रेडर्स और अन्य से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई है। दो राज्यों के 3 शहरों में संपत्तियां अटैचईडी द्वारा अटैच की गई अचल संपत्तियां एनी ग्रुप की कंपनी एनी बुलियन इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर हैं। इनमें जमीन और भवन शामिल हैं, जो लखनऊ, दिल्ली और उत्तराखंड के उत्तरकाशी में स्थित हैं। इसके अलावा एक फिक्स्ड डिपॉजिट को भी चल संपत्ति के रूप में अटैच किया गया है। ईडी के अनुसार, ये संपत्तियां निवेशकों से जुटाए गए रुपयों से खरीदी गई थीं। 110 करोड़ रुपए की ठगी के आरोपईडी ने यह जांच उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज कई एफआईआर और शिकायतों के आधार पर शुरू की थी। आरोप है कि अजीत कुमार गुप्ता और उनसे जुड़े अन्य व्यक्तियों एवं संस्थाओं ने जनता को भारी मुनाफे का झांसा देकर करीब 110 करोड़ रुपये की ठगी की। निवेशकों को विभिन्न योजनाओं में पैसा लगाने के लिए प्रेरित किया गया और बाद में उनकी रकम हड़प ली गई। जांच में सामने आया कि निवेशकों से एकत्रित धन को एनी ग्रुप की विभिन्न कंपनियों और ‘आई विजन क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी’ के माध्यम से घुमाया गया। यह सोसायटी भी अजीत कुमार गुप्ता के नियंत्रण में बताई गई है। इसी धन से एनी बुलियन इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर संपत्तियां खरीदी गईं। पहले भी हो चुकी है 9.1 करोड़ रुपए की कुर्कीईडी ने बताया कि इससे पहले वर्ष 2023 में भी इसी मामले में अजीत कुमार गुप्ता, उनकी पत्नी आईएफएस अधिकारी निहारिका सिंह और एनी ग्रुप से जुड़ी कंपनियों की 9.1 करोड़ रुपये मूल्य की चल और अचल संपत्तियां अटैच की गई थीं। ताजा कार्रवाई के बाद अब तक इस प्रकरण में कुल 16.4 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं। ईडी के अनुसार, मामले में आगे की जांच जारी है। जांच एजेंसी अन्य संपत्तियों और लेनदेन की भी पड़ताल कर रही है, ताकि निवेशकों के धन के दुरुपयोग की पूरी कड़ियां सामने लाई जा सकें।
कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने राजस्थान विधानसभा में कहा- राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट सबमिट में 35 लाख करोड़ रुपए के MoU में से 8 लाख करोड़ रुपए की ग्राउंडिंग हो चुकी है। साथ ही HPCL पचपदरा रिफाइनरी के डाउनस्ट्रीम प्रोजेक्ट्स को भी गति दी गई है। पेट्रो जोन में 50 से अधिक उत्पाद निर्माण की दिशा में काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि अलवर में 2200 करोड़ रुपए का निवेश, जयपुर में डाटा सेंटर और मेडिकल संस्थान, धौलपुर, जोधपुर और सीकर में नई औद्योगिक इकाइयां शुरू हो रही हैं। सरकार घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि निवेश, उत्पादन, निर्यात और रोजगार बढ़ाने के लिए नीतियों को तेजी से धरातल पर उतार रही है। औद्योगिक कॉरिडोर, नई औद्योगिक नीतियों, MSME प्रोत्साहन और राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट सबमिट के निवेश के जरिए राज्य को देश का प्रमुख औद्योगिक और रोजगार केंद्र बनाया जा रहा है। उन्होंने गुरुवार को उद्योग, निवेश, खेल और युवा सशक्तीकरण पर चर्चा के दौरान राज्य सरकार की कार्यशैली को नीति भी स्पष्ट, नीयत भी साफ परिणाम देता राजस्थान बताया। कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म, रिजॉल्व मंत्र और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राजस्थान ने विकास को कागजों से निकालकर क्रियान्वयन तक पहुंचाया है। राज्य में निवेश का मजबूत आधार तैयार किया गया है। राजस्थान आज देश के बड़े औद्योगिक नेटवर्क का केंद्र बन रहा है। उन्होंने कहा- दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के पांच नोड, जामनगर-अमृतसर इकोनॉमिक कॉरिडोर का 640 किमी हिस्सा, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का 370 किलोमीटर और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के लगभग 500 किमी हिस्से से राज्य को बड़ा लाभ मिल रहा है। लगभग ढाई लाख करोड़ रुपए की लागत वाली यह अवसंरचना भविष्य की औद्योगिक रीढ़ साबित होगी। दो वर्षों में 487 करोड़ रुपए का अनुदान दिया कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा- RIPS 2024 लागू करते समय स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए, जिससे उद्योगों को तेजी मिली। उन्होंने बताया- जहां पिछली सरकार के अंतिम दो वर्षों में 487 करोड़ रुपए का अनुदान दिया गया था। वहीं वर्तमान सरकार ने दो सालों में 1600 करोड़ रुपए से अधिक बांटे। MSME पॉलिसी 2024 के तहत उद्योगों को 6 प्रतिशत ब्याज अनुदान और 2 प्रतिशत अतिरिक्त सहायता दी जा रही है। सिंगल विंडो सिस्टम की सेवाएं 88 से बढ़ाकर 181 कर दी गई हैं। अलवर में 2200 करोड़ का निवेश होगा शुरूमंत्री ने कहा- सरकार ने 30 हजार स्वरोजगार आवेदन प्राप्त किए हैं। एक लाख नए उद्यमी तैयार करने का लक्ष्य रखा है। खेल क्षेत्र में 1786 खिलाड़ियों को 40 करोड़ रुपए से अधिक की प्रोत्साहन राशि दी गई और 186 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी मिली। खेलो इंडिया यूथ गेम्स में राजस्थान ने 60 पदक जीतकर तीसरा स्थान हासिल किया, जबकि शूटिंग में 32 स्वर्ण पदकों के साथ पहला स्थान प्राप्त किया।
यमुना एक्सप्रेसवे पर बनेगा हाइपरस्केल डेटा सेंटर, यीडा क्षेत्र में 400 करोड़ का होगा निवेश
Hyperscale Data Center: उत्तर प्रदेश को डिजिटल और टेक्नोलॉजी हब के रूप में स्थापित करने के प्रदेश सरकार के संकल्प को एक और बड़ी सफलता मिली है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में बीके सेल्स कॉर्पोरेशन लगभग 400 करोड़ रुपए के ...
Share Bazaar में हाहाकार, बिकवाली के दबाव में Sensex 1236 अंक लुढ़का, Nifty भी आया 25500 के नीचे
Share Market Update News : भारतीय शेयर बाजार में आज भारी बिकवाली देखने को मिली है। कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 1,236 अंक या 1.48 फीसदी लुढ़ककर 82,498.14 अंक पर बंद हुआ, वहीं एनएसई निफ्टी 365 अंक या 1.41 फीसदी गिरकर 25,454.35 पर आ गया। बाजार में ...
ऑनलाइन निवेश के नाम पर 1.11 करोड़ की ठगी:सहरसा में पुराने जान-पहचान का फायदा उठाया, FIR दर्ज
सहरसा में ऑनलाइन निवेश के नाम पर 1.11 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी का मामला सामने आया है। पुराने परिचय का फायदा उठाकर एक व्यक्ति से 1 करोड़ 11 लाख 35 हजार 364 रुपये ठगे गए। इस संबंध में साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। साइबर DSP अजीत कुमार ने बताया कि आरोपी की पहचान रूपेश कुमार मिश्रा (34) के रूप में हुई है। वह मूल रूप से बेगूसराय के चकपूर्णावास का निवासी है और वर्तमान में पटना के गोला रोड स्थित सावित्री इन्क्लेव में रहता है। पीड़ित शंभू झा सहरसा के सिमरी बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के एकपरहा गांव के निवासी हैं। तीन से चार गुना मुनाफा दिलाने का झांसा दिया दोनों के बीच पहले से परिचय था, जिसका लाभ उठाकर आरोपी ने ऑनलाइन बिजनेस में निवेश कर तीन से चार गुना मुनाफा दिलाने का झांसा दिया। ऊंचे रिटर्न के लालच और पुराने संबंधों पर विश्वास करते हुए पीड़ित ने आरोपी और उसकी पत्नी के खातों में अलग-अलग बैंक खातों से लगभग 385 बार में कुल 1,11,35,364 रुपये भेजे। लंबे समय तक कोई लाभ न मिलने और मूलधन वापस न होने पर पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद 16 फरवरी को साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई गई। शेष रकम निजी खर्च में इस्तेमाल की गई साइबर डीएसपी अजीत कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि प्राप्त राशि का एक बड़ा हिस्सा 'Lucky Spin' नामक ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म पर लगाया गया था। शेष रकम निजी खर्च में इस्तेमाल की गई। पुलिस आरोपी के बैंक खातों, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की गहन पड़ताल कर रही है। यह मामला ऑनलाइन निवेश के नाम पर बढ़ती साइबर ठगी की गंभीर चेतावनी है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले संबंधित कंपनी और प्लेटफॉर्म का सत्यापन करना आवश्यक है।
सोनीपत में क्रिप्टो करेंसी निवेश के नाम पर की गई 23 लाख रुपये की साइबर ठगी का बड़ा खुलासा हुआ है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और फर्जी वेबसाइट के जरिए रचे गए इस जाल में पहले पीड़ित को भारी मुनाफे का सपना दिखाया गया। फिर अलग-अलग बैंक खातों में मोटी रकम ट्रांसफर करवा ली गई। शिकायत सामने आते ही पुलिस ने तकनीकी जांच और ट्रांजेक्शन ट्रेल के आधार पर अंतर-राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया और करनाल से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। ठगी की गई राशि में से लाखों रुपये फ्रीज करवा लिए गए हैं तथा आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। सोनीपत पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त ममता सिंह आईपीएस, एडीजीपी के नेतृत्व तथा पुलिस उपायुक्त पश्चिम एवं साइबर कुशल पाल सिंह के मार्गदर्शन में थाना साइबर सोनीपत की टीम द्वारा की गई। साइबर थाना की टीम ने शिकायत मिलते ही तकनीकी साक्ष्य जुटाने शुरू किए और बैंक खातों की डिटेल खंगालते हुए आरोपियों तक पहुंच बनाई। टेलीग्राम कॉल से शुरू हुआ झांसा24 नवम्बर 2025 को सेक्टर-12 निवासी रमेश लाल ने थाना साइबर सोनीपत में शिकायत दी कि 16 सितम्बर 2025 को उन्हें टेलीग्राम पर एक अज्ञात महिला का कॉल आया। महिला ने स्वयं को “श्रुति, लिवरपुल (यूके)” बताया और क्रिप्टो करेंसी में निवेश कर कम समय में कई गुना लाभ दिलाने का भरोसा दिया। बातचीत के बाद उसे व्हाट्सएप नंबर और एक निवेश लिंक भेजा गया।पहले लाभ दिखाया, फिर 23 लाख ऐंठेशुरुआत में शिकायतकर्ता से दो लाख रुपये निवेश करवाए गए और फर्जी प्लेटफॉर्म पर लाभ दर्शाकर उसका विश्वास जीता गया। इसके बाद 25 अक्टूबर से 19 नवम्बर 2025 के बीच आरटीजीएस, एनईएफटी और यूपीआई के माध्यम से कुल 23 लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों में जमा करवा लिए गए। वेबसाइट पर करीब 2.33 करोड़ रुपये का मुनाफा दिखाया गया, लेकिन रकम निकालने के समय 19.85 लाख रुपये टैक्स के नाम पर जमा कराने की मांग की गई और भुगतान न करने पर खाता फ्रीज करने की धमकी दी गई। तब जाकर पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ।करनाल से चार आरोपी गिरफ्तारजांच के दौरान पुलिस ने करनाल से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें सोनू पुत्र जयभगवान, जो मूल रूप से गांव बिचपड़ी जिला सोनीपत का निवासी है और वर्तमान में अशोक विहार मधुबन करनाल में रह रहा था, दिनेश पुत्र मामन राम निवासी मुबारकाबाद जिला करनाल, पप्पू पुत्र बीरा निवासी ऊंचा समाना जिला करनाल तथा रमेशचंद पुत्र रोशन लाल निवासी सेक्टर-4 करनाल शामिल हैं।लाखों की राशि फ्रीज और बरामदथाना साइबर सोनीपत की टीम ने कार्रवाई करते हुए ठगी की गई राशि में से 9 लाख 14 हजार 256 रुपये संबंधित बैंक खातों में फ्रीज करवाए। इसके अतिरिक्त 29,500 रुपये बैंक माध्यम और नकद बरामद किए गए। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।आमजन से सतर्क रहने की अपीलसोनीपत पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अंजान कॉल, लिंक या सोशल मीडिया संदेश पर विश्वास न करें। निवेश से संबंधित किसी भी प्रस्ताव की सत्यता की जांच स्वयं करें और अधिक मुनाफे के लालच में आकर धनराशि ट्रांसफर न करें। साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
रायसेन जिले के ग्राम भुसीमेटा में 6.5 एकड़ भूमि पर स्थापित 2 मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट पिछले एक महीने से मीटर नहीं लगने के कारण बंद पड़ा है। प्लांट पूरी तरह तैयार है और बिजली उत्पादन के लिए सक्षम है, लेकिन विद्युत विभाग द्वारा अब तक मीटर स्थापित नहीं किए जाने से उत्पादन शुरू नहीं हो सका है। महिला किसान भारती रैकवार ने इस सोलर प्रोजेक्ट में करीब 9 करोड़ रुपये का निवेश किया है। बताया गया कि इसमें लगभग 6 करोड़ रुपये बैंक से कर्ज लिए गए हैं, जबकि 3 करोड़ रुपये से अधिक की राशि उन्होंने स्वयं और रिश्तेदारों से जुटाई है। करीब साढ़े छह एकड़ खेत में 4 हजार से अधिक सोलर प्लेटें लगाई गई हैं, जिनसे प्रतिदिन लगभग 12 हजार यूनिट बिजली उत्पादन का अनुमान है। एक माह से दफ्तरों के चक्करजानकारी के अनुसार 20 जनवरी को एमटीसीएल से विद्युत विभाग को प्लांट चालू करने और मीटर लगाने के संबंध में पत्र भेजा गया था। पत्र शाम चार बजे संबंधित अधिकारी तक पहुंचा, लेकिन कर्मचारियों को मौके पर नहीं भेजा गया। अगले दिन मार्गदर्शन के लिए पत्राचार किया गया, जिसके बाद से फाइल आगे नहीं बढ़ी। एक माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद मीटर स्थापना की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी, जिससे किसान को लगातार विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कलेक्ट्रेट पहुंचकर इच्छा मृत्यु की मांगसमस्या से परेशान होकर महिला किसान भारती रैकवार गुरुवार को कलेक्ट्रेट पहुंचीं और एडीएम मनोज उपाध्याय को आवेदन सौंपते हुए इच्छा मृत्यु की मांग की। उन्होंने कहा कि भारी निवेश और कर्ज के बोझ के कारण आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है और प्लांट बंद रहने से नुकसान हो रहा है। एडीएम ने विद्युत विभाग से मांगी जानकारीएडीएम मनोज उपाध्याय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विद्युत विभाग के सहायक अभियंता अंकुर सेठ से फोन पर चर्चा की। इस पर सहायक अभियंता ने बताया कि मार्गदर्शन मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। रिश्वत मांगने का भी आरोपमहिला किसान ने संबंधित अधिकारी पर रिश्वत मांगने का आरोप भी लगाया है, हालांकि इस आरोप की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि रायसेन जिले में 2 मेगावाट क्षमता के 6 से 7 अन्य सोलर प्रोजेक्ट भी इसी तरह की स्थिति से जूझ रहे हैं। इन परियोजनाओं में किसानों ने 6 से 7 एकड़ भूमि निवेश की है, लेकिन मीटर स्थापना और अन्य औपचारिकताओं में देरी के कारण कई प्रोजेक्ट लंबे समय से अटके हुए हैं। प्रशासनिक देरी से बढ़ रहा आर्थिक संकटस्थानीय स्तर पर यह मामला प्रशासनिक देरी और विभागीय समन्वय की कमी को भी उजागर कर रहा है। यदि जल्द मीटर स्थापना और अनुमति प्रक्रिया पूरी नहीं हुई, तो बड़े निवेश वाले ऐसे प्रोजेक्ट आर्थिक संकट में फंस सकते हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
Mukesh Ambani made several major announcements including an investment of ₹10 lakh crore over the next seven years
ठाणे: फेसबुक वर्चुअल स्टोर में निवेश के नाम पर शख्स से 1.17 करोड़ की ठगी
वर्तक नगर पुलिस ने तीन महिलाओं सहित चार आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया, धोखेबाजों ने 15 प्रतिशत कमीशन का लालच देकर की धोखाधड़ी।
भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ खुला, आईटी स्टॉक्स में खरीदारी
भारतीय शेयर बाजार गुरुवार के कारोबारी सत्र में तेजी के साथ खुला। सुबह 9:23 पर सेंसेक्स 114 अंक या 0.14 प्रतिशत की तेजी के साथ 83,861 और निफ्टी 39 अंक या 0.15 प्रतिशत की बढ़त के साथ 25,859 पर था
शेयर बाजार में भूचाल: सेंसेक्स 700 अंक लुढ़का,सेंसेक्स की करारी गिरावट ने बढ़ाई निवेशकों की चिंता
शेयर बाजार लाइव अपडेट 19 फरवरी 2026: शुरुआती बढ़त के बाद सेंसेक्स 700 अंक से ज्यादा टूटा, निफ्टी 25,600 के नीचे फिसला। आईटी शेयरों में तेजी, लेकिन बैंकिंग और मेटल में बिकवाली का दबाव।
Netweb Technologies के शेयरों में 3 दिनों में 17% से ज्यादा का उछाल। जानें NVIDIA के साथ मिलकर लॉन्च किए गए 'Make in India' AI सुपरकंप्यूटर और Tyrone Camarero Spark के बारे में।
आज का चांदी का भाव 19 फरवरी 2026: भारतीय बाजार में चांदी की कीमतों में दिखी हल्की तेजी। जानें दिल्ली, मुंबई और चेन्नई में चांदी के ताजा रेट्स और भविष्य का बाजार अनुमान।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने PACL लिमिटेड (पर्ल ग्रुप) और इससे जुड़ी कंपनियों से जुड़े बड़े पैमाने पर वित्तीय घोटाले के मामले में एक बड़ा एक्शन लिया है। ED के दिल्ली जोनल ऑफिस-II ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत 247 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है, जिनकी कुल कीमत ₹10,021.46 करोड़ है। यह अब तक का सबसे बड़ा सिंगल अटैचमेंट ऑर्डर है। यह प्रॉपर्टी मुख्य रूप से पंजाब के SAS नगर (मोहाली), रुपनगर और जीरकपुर इलाकों में स्थित हैं। जांच में पाया गया है कि ये संपत्तियां निवेशकों से जुटाए गए फंड्स से खरीदी गई थीं, इसलिए इन्हें 'प्रोसीड्स ऑफ क्राइम' माना गया है। सीबीआई ने 2014 में केस दर्ज था यह जांच CBI द्वारा 19 फरवरी 2014 को दर्ज FIR (नंबर RCBDI/2014/E/0004) पर आधारित है, जिसमें IPC की धारा 120-B और 420 के तहत मामला दर्ज किया गया था। यह FIR सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर दर्ज की गई थी। PACL और संबंधित संस्थाओं पर आरोप है कि उन्होंने 48 हजार करोड़ से ज्यादा की राशि लाखों निवेशकों से अवैध सामूहिक निवेश योजना (कलेक्टिव इन्वेस्टमेंट स्कीम) के जरिए जुटाई। कैश डाउन पेमेंट और किस्तों के प्लान दिखाए निवेशकों को कृषि भूमि की बिक्री और विकास के बहाने लुभाया गया, कैश डाउन पेमेंट और किस्तों के प्लान दिखाए गए, लेकिन ज्यादातर मामलों में भूमि डिलीवर नहीं की गई और निवेशकों का पैसा वापस नहीं किया गया। स्कीम में फ्रंट कंपनियां और रिवर्स सेल ट्रांजेक्शन का इस्तेमाल करके फ्रॉड को छिपाया गया और गलत फायदे कमाए गए। ED ने 2016 में ECIR दर्ज किया, 2018 में पहला प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दाखिल किया, उसके बाद 2022, 2025 और 2026 में तीन सप्लीमेंट्री प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट्स दाखिल कीं। स्पेशल PMLA कोर्ट ने सभी कंप्लेंट्स पर संज्ञान लिया है। पहले लुधियाना और जयपुर में अटैच की इस मामले में ED की जांच जारी है। इससे पहले भी जनवरी 2026 में लुधियाना और जयपुर में ₹1,986 करोड़ की 37 संपत्तियां अटैच की गई थीं, जिससे कुल अटैचमेंट ₹7,589 करोड़ तक पहुंच गया था। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमिटी (जस्टिस आर.एम. लोढ़ा की अध्यक्षता में) अटैच की गई संपत्तियों की बिक्री से निवेशकों को रिफंड देने की प्रक्रिया चला रही है। यह कार्रवाई PACL जैसे बड़े पोंजी स्कीम घोटालों में निवेशकों के हितों की रक्षा और मनी लॉन्ड्रिंग को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ED ने आगे की जांच जारी रखने की बात कही है।
लखनऊ में ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के नाम पर साइबर ठगी का करोड़ों की ठगी कर ली। पीड़ित को व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर निवेश कराया गया और शुरुआत में मुनाफा दिखाकर भरोसा जीता गया। बाद में सिक्योरिटी फीस और अन्य शुल्क के नाम पर लगातार रकम ट्रांसफर कराई जाती रही। इसके बाद और पैसों की डिमांड की गई तब ठगी का पता चला। ओम पुरी कॉलोनी, सेक्टर-4, वृंदावन योजना, आवास विकास निवासी विकास मिश्रा पुत्र रूद्र नारायण मिश्रा ने बताया 10 अगस्त 2025 को उनके व्हाट्सएप नंबर पर एक लिंक के जरिए उन्हें G922-Indian Stock VIP Group नाम के ग्रुप में जोड़ा गया। ग्रुप की एडवाइजर खुद को सिया वर्मा बताती थी। इसके बाद उन्हें “G13-DMA Customer Service” नाम के दूसरे ग्रुप में जोड़ा गया। यहां एक लिंक के माध्यम से “MOPIP” नाम का एप डाउनलोड कराया गया। ग्रुप में मौजूद एक ईमेल आईडी के जरिए भी संपर्क कराया गया। शुरुआत में दिखाया मुनाफा फिर मांगी सिक्योरिटी रकमपीड़ित का आरोप है कि ग्रुप के माध्यम से उन्हें ऑनलाइन ट्रेडिंग शुरू कराई गई। शुरुआती निवेश पर मुनाफा दिखाकर उनका विश्वास जीता गया। इसके बाद सिक्योरिटी, टैक्स और अन्य शुल्क के नाम पर अलग-अलग समय पर रकम जमा करने को कहा गया। पुलिस कर रही मामले की जांच 16 जनवरी से 10 फरवरी 2026 के बीच जालसाजों ने विभिन्न बैंक खातों में कई किश्तों में रुपये ट्रांसफर कराए। जब पीड़ित ने अपना पूरा पैसा निकालने की कोशिश की तो और रकम जमा करने की मांग की गई। शक होने पर उन्होंने रुपए देना बंद कर दिया। इस दौरान उनसे 1 करोड़ 17 लाख 33 हजार रुपए की ठगी की गई है। मामले की शिकायत साइबर क्राइम थाने में की गई है। इंस्पेक्टर साइबर थाना बृजेश यादव का कहना है कि व्हाट्सएप ग्रुप, एप लिंक और बैंक खातों के आधार पर जांच की जा रही है।
यूपी रेरा ने राज्य के अलग-अलग जिलों में 14 नई रियल एस्टेट परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं में 3,348.22 करोड़ का प्रस्तावित निवेश शामिल है। इनके जरिए 3,852 आवासीय और व्यावसायिक उपयोग की इकाइयों का विकास किया जाएगा। ये मंजूरी 196वीं प्राधिकरण बैठक में दी गई। बैठक की अध्यक्षता प्राधिकरण के अध्यक्षता संजय भूसरेड्डी ने की। निवेश और रोजगार सृजन को मिलेगा बलइन 14 परियोजनाओं में प्रस्तावित ₹3,348.22 करोड़ का निवेश प्रदेश में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उत्पन्न करेगा। निर्माण गतिविधियों के विस्तार से सीमेंट, स्टील, परिवहन, वित्तीय सेवाओं, लॉजिस्टिक्स तथा अन्य सहायक क्षेत्रों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को सकारात्मक गति मिलने की संभावना है।
पंजाब के लुधियाना में शेयर मार्केट में इन्वेस्टमेंट के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक आरोपी को साइबर क्राइम पुलिस ने हरियाणा के रेवाड़ी से गिरफ्तार किया है। पुलिस लगातार इस केस में आरोपी से अब सख्ती से पूछताछ कर रही है। पुलिस कमिश्नर स्वप्पन शर्मा के दिशा-निर्देशों पर चलाए गए अभियान के तहत डिप्टी कमिश्नर पुलिस हरपाल सिंह की निगरानी में और एडीसीपी वैभव सहिगल तथा एसीपी साइबर क्राइम मुराद जसवीर सिंह गिल की अगुवाई में थाना साइबर क्राइम टीम ने कार्रवाई की। शेयर मार्केट में मोटा मुनाफा दिलाने का दिया झांसा जानकारी देते हुए SHO सतबीर ने कहा कि मुकदमा नंबर 01/2024 के तहत पुलिस ने आरोपी विक्रम यादव निवासी हरियाणा को रेवाड़ी से गिरफ्तार किया। आरोपी पर आरोप है कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर पीड़ित को शेयर मार्केट में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा दिया और करीब 4 करोड़ 35 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली। डिजिटल सबूतों की गहन जांच जारी जांच में सामने आया कि ठगी गई रकम में से लगभग 60 लाख रुपये आरोपी के बैंक खाते में ट्रांसफर हुए थे। पुलिस ने आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ की, जबकि मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश के लिए लगातार छापेमारी जारी है। साथ ही डिजिटल सबूतों की गहन जांच की जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें। साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने से संपर्क करें।
नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित दुनिया के सबसे बड़े AI Expo में बिहार ने तकनीकी क्षेत्र में अपनी महत्वाकांक्षी योजनाओं और निवेश प्रस्तावों के साथ उपस्थिति दर्ज कराई। इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। कार्यक्रम में बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य की AI-आधारित विकास रणनीति को विस्तार से प्रस्तुत करते हुए बिहार को उभरते टेक हब के रूप में विकसित करने का रोडमैप साझा किया। AI Expo के दौरान बिहार पवेलियन निवेशकों, उद्योग प्रतिनिधियों और शिक्षाविदों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। इस अवसर पर बिहार सरकार द्वारा कुल 468 करोड़ रुपये की परियोजनाओं और निवेश से संबंधित समझौता ज्ञापन (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए। 60 करोड़ से मेगा AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बिहार सरकार ने Bihar AI Mission के अंतर्गत 60 करोड़ रुपए की लागत से Mega AI Centre of Excellence की स्थापना की घोषणा की। यह केंद्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स और उभरती तकनीकों पर अनुसंधान एवं प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र होगा। इसका उद्देश्य राज्य में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देना, स्थानीय युवाओं को अत्याधुनिक तकनीक में दक्ष बनाना और उद्योगों के साथ व्यावहारिक शोध को प्रोत्साहित करना है। साथ ही, AI Centre of Excellence के विकास के लिए अग्रणी शैक्षणिक संस्थानों और उद्योग जगत के बीच इंडस्ट्री-एकेडमिक पार्टनरशिप के समझौते भी किए गए, जिससे तकनीक और बाजार की आवश्यकताओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित हो सके। IIT पटना में 250 करोड़ का अत्याधुनिक रिसर्च पार्क IIT Patna में 250 करोड़ रुपए की लागत से Research Park स्थापित करने की घोषणा की गई। यह रिसर्च पार्क उद्योगों और शोधकर्ताओं के लिए एक साझा मंच प्रदान करेगा, जहां नवाचार, प्रोटोटाइप विकास और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर को गति मिलेगी। इस पहल से बिहार में उच्च स्तरीय तकनीकी अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ सहयोग की संभावनाएं मजबूत होंगी। विकसित भारत की लक्ष्य में बिहार की भूमिका होगी निर्णायक उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में बिहार की भूमिका निर्णायक होगी। राज्य सरकार उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने के लिए लगातार नई नीतियां बना रही है। बिहार में निवेशकों की रुचि तेजी से बढ़ रही है और हम तकनीक आधारित विकास मॉडल को अपनाकर रोजगार और आर्थिक अवसरों का विस्तार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि AI, साइबर सुरक्षा और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में बिहार आने वाले वर्षों में नई पहचान बनाएगा। 158 करोड़ के निवेश MoUs AI, Cybersecurity और Digital Services के क्षेत्र में प्रमुख निवेशकों के साथ 158 करोड़ रुपए के अतिरिक्त MoUs पर हस्ताक्षर किए गए। इन निवेशों से राज्य में डेटा सेंटर, साइबर सुरक्षा समाधान, क्लाउड सेवाएं और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को नई गति मिलेगी। AI Expo के दौरान बिहार सरकार ने Bihar GCC Policy 2026 और Bihar Semiconductor Policy 2026 का औपचारिक अनावरण किया। बिहार में Global Capability Centers (GCCs) की स्थापना को प्रोत्साहन, सेमीकंडक्टर एवं चिप डिजाइन से जुड़े उद्योगों को आकर्षित करना है। डेटा, साइबर सुरक्षा और डिजिटल सर्विस सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया कि इन नीतियों के माध्यम से निवेशकों को विशेष प्रोत्साहन, बुनियादी ढांचा समर्थन और कौशल विकास सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। रोजगार और कौशल विकास की बड़ी योजना। AI-आधारित विकास रणनीति के तहत ये लक्ष्य है इमरजिंग क्षेत्रों में 10,000 से अधिक नए रोजगार 50,000 से अधिक युवाओं को AI लिंक्ड प्रोग्राम के माध्यम से स्किल डेवलपमेंट GCCs, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर से जुड़े क्षेत्रों में निजी निवेश को आकर्षित करना सरकार का दावा है कि यह रणनीति पूरी तरह आउटकम ओरिएंटेड होगी, जिसमें तकनीकी विकास सीधे आर्थिक प्रगति और सामाजिक सशक्तिकरण में परिवर्तित होगा।
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गंदरबल जिले में फर्जी ऑनलाइन निवेश घोटाले का पर्दाफाश करते हुए 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। अब तक की जांच में 209 करोड़ रुपये के लेन-देन की पुष्टि हुई है और पूरी जांच के बाद यह आंकड़ा 400 करोड़ रुपए से पार जाने की आशंका है। इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड हरियाणा के हिसार का एक एमबीबीएस डॉक्टर बताया गया है। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी एकांत योगदत्त उर्फ डॉ. मॉर्फीन हिसार का रहने वाला है। वह एमबीबीएस की पढ़ाई के दौरान फिलीपींस में साइबर ठगी के तरीके सीखकर गिरोह का सरगना बना। पुलिस ने उसे चीन से दिल्ली लौटने पर इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया। कैसे चलता था फर्जी निवेश का खेल गिरोह पैसावॉल्ट डॉट कॉम जैसी फर्जी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को कॉइन ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का झांसा देता था। निवेश शुरू होते ही रकम को बडगाम, श्रीनगर, गंदरबल और बारामूला के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता, फिर मल्टी-लेयरिंग के जरिए जम्मू-कश्मीर से बाहर और विदेशों तक भेज दिया जाता ताकि मनी ट्रेल पकड़ में न आए। जांच की शुरुआत सफापोरा निवासी फिरदौस अहमद मीर की शिकायत पर हुई। गंदरबल थाने में बीएनएस और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर एसएसपी खालिल अहमद पोसवाल ने एसआईटी गठित की। हिसार कनेक्शन सुर्खियों में बना पुलिस का दावा है कि हिसार का डॉक्टर ही पूरे रैकेट का दिमाग था। उसके तार विदेशी नागरिकों, खासकर चीनी संपर्कों से जुड़े मिले हैं। वह कश्मीर के स्थानीय ऑपरेटिव्स के जरिए नेटवर्क चलाता था। आरोपियों में गंदरबल, बडगाम, बारामूला और अन्य इलाकों के लोग शामिल हैं, जो क्षेत्रीय हेड और अकाउंट मोबिलाइजर की भूमिका निभा रहे थे। गिरोह बीपीएल खाताधारकों को हर महीने 8 से 10 हजार रुपये देने का लालच देकर उनके बैंक खाते और एटीएम कार्ड किराए पर लेता था। कुछ बैंक कर्मचारियों की संलिप्तता भी सामने आई है, जो इन खातों से जुड़े क्यूआर कोड उपलब्ध कराते थे। 835 खाते खंगाले, 209 करोड़ की पुष्टिअब तक 835 खातों का ब्योरा जुटाया गया है, जिनमें से 290 खातों की जांच में 209 करोड़ रुपये देशभर के निवेशकों से आने की पुष्टि हुई है। पुलिस ने आरोपियों की संपत्ति अटैच करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि अवास्तविक मुनाफे का लालच देने वाली वेबसाइटों से सावधान रहें और बैंक खाते किराए पर न दें। फिलीपींस से डॉक्टरी की पढ़ाई की और वहीं से ठगी का गुर सीखापूरे नेटवर्क का सरगना हरियाणा के हिसार का डाॅ. एकांत योगदत्त उर्फ डॉ. मॉर्फिन है। उसने फिलीपींस से एमबीबीएस की पढ़ाई के दौरान ठगी का ये गुर सीखा। उसके पास चीनी नागरिकों से जुड़े कई लिंक मिले हैं। डाॅ. एकांत गांदरबल के मोहम्मद इब्राहिम शाह उर्फ यावर, नासिर अहमद गनी, नुनर के खुर्शीद अहमद, सफापोरा के इशफाक अहमद, बडगाम के मकसूद अहमद उर्फ डॉ. अल्बर्ट, तनवीर अहमद उर्फ डॉ. मार्टिन, बारामुला के सरकारी शिक्षक तौसीफ अहमद मीर के साथ मिलकर ठगी का ये गिरोह चला रहा था। स्थानीय ठग गरीबी रेखा से नीचे के खाताधारकों से संपर्क करते। खाते के बदले उन्हें प्रति माह 8-10 हजार रुपये देते थे। आरोपी उनके एटीएम कार्ड भी ले लेते थे।
शेयर बाजार लाल निशान में खुला, मेटल स्टॉक्स पर दबाव
भारतीय शेयर बाजार मंगलवार के कारोबारी सत्र में लाल निशान में खुला। सुबह 9:23 पर सेंसेक्स 175 अंक या 0.21 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 83,098 और निफ्टी 78 अंक या 0.31 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,572 पर था
बुलंदशहर में ऑनलाइन निवेश के नाम पर एक युवक से 7.11 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम पुलिस थाने में अज्ञात ठगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। खुर्जा के चंद्रलोक निवासी अंकुश सोलंकी पुत्र किरण पाल सिंह सोलंकी ने पुलिस को दिए अपने प्रार्थना पत्र में बताया कि यह ठगी 21 नवंबर 2025 से शुरू हुई। उन्हें 'MOSTBET' वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन गेमिंग में निवेश का झांसा दिया गया था। शुरुआत में ठगों ने अंकुश का विश्वास जीता और उनसे बार-बार अलग-अलग बैंक खातों में यूपीआई के जरिए पैसे जमा करवाए। अंकुश सोलंकी के अनुसार, जब उन्होंने अपनी जमा की गई धनराशि निकालने का प्रयास किया, तो ठगों ने उन्हें नए-नए टास्क पूरे करने के लिए कहा। अपने पैसे वापस पाने की उम्मीद में वह लगातार और निवेश करते रहे। हालांकि, कुछ समय बाद ठगों ने जवाब देना बंद कर दिया और उन्हें धन निकासी की अनुमति नहीं दी गई। जांच में यह सामने आया कि यह पूरी प्रक्रिया एक सुनियोजित साइबर ठगी थी। पीड़ित अंकुश सोलंकी के अनुसार, विभिन्न बैंक खातों में कुल 7,11,000 रुपये ट्रांसफर कर उनसे ठगी की गई है। पीड़ित ने साइबर क्राइम पुलिस से मामले में एफआईआर दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने साइबर ठगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कदम उठाने और बैंक खातों व लेन-देन की जांच कर ठगी गई धनराशि वापस दिलाने का आग्रह किया है। पुलिस ने अंकुश सोलंकी के प्रार्थना पत्र के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
छत्तीसगढ़ ने पंजाब के उद्यमियों को दिया निवेश का न्यौता
भास्कर न्यूज | लुधियाना छत्तीसगढ़ सरकार के स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के चेयरमैन राजीव अग्रवाल ने पंजाब के उद्योगपतियों को छत्तीसगढ़ में अपने कारोबार को बढ़ावा देने का आहवान किया है। सीएसआईडीसी ने पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के साथ मिलकर लुधियाना में छत्तीसगढ़ में निवेश के अवसरों पर पर एक सत्र का आयोजन किया। जिसमें पंजाब से पीएचडीसीसीआई के सदस्य,फैडरेशन ऑफ इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल ऑर्गेनाइजेशन ने भाग लिया। सीएसआईडीसी के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने सत्र में राज्य की उद्योग पॉलिसी, बुनियादी ढांचे की ताकत, सेक्टर के हिसाब से इंसेंटिव और छत्तीसगढ़ में विकसित हो रहे इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम के बारे में बताया गया। उन्होंने राज्य की मजबूत कनेक्टिविटी, कुशल लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रगतिशील औद्योगिक नीतियां और पारदर्शी निवेश सुविधा तंत्र के बारे में पंजाब के उद्योगपतियों के समक्ष अपना रोड मैप साझा किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ के स्थिर नीति ढांचे, क्षेत्र-विशिष्ट प्रोत्साहनों और समर्पित औद्योगिक पार्कों के बारे में बात की, जो सामूहिक रूप से राज्य को विनिर्माण, खाद्य प्रसंस्करण, इंजीनियरिंग और उभरते क्षेत्रों के लिए एक आदर्श केंद्र के रूप में स्थापित करते हैं। उन्होंने लुधियाना स्थित उद्योगों को इन शक्तियों का लाभ उठाने और छत्तीसगढ़ में दीर्घकालिक विकास के अवसरों का पता लगाने के लिए आमंत्रित किया। इस अवसर पर डॉ.अनिरुद्ध गुप्ता कन्वीनर, रीजनल एजुकेशन एंड स्किल डेवलपमेंट कमेटी,पीएचडीसीसीआई एवं सीईओ डीसीएम ग्रुप ऑफ स्कूल्स, सीए विशाल गर्ग, को-कन्वीनर- लुधियाना जोन, पीएचडीसीसीआई एवं पार्टनर, विकास गर्ग एंड एसोसिएट्स, गुरमीत कुल्लर, अध्यक्ष फीको,सेशन को अतुल के ठाकुर, सीनियर सेक्रेटरी, स्टेट डेवलपमेंट काउंसिल और छत्तीसगढ़ स्टेट चैप्टर पीएचडीसीआई ने मॉडरेट किया।
अगले दो वर्षों में भारत के AI सेक्टर में 200 अरब डॉलर से ज्यादा निवेश की उम्मीद: अश्विनी वैष्णव
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में...
लखनऊ के अलीगंज इलाके में ऑनलाइन निवेश के नाम पर एक युवक से जालसाजों ने ठगी कर ली। अच्छा मुनाफे का झांसा देकर एक-एक करके कई बार में 2 लाख रुपए से जयादा ट्रांसफर करवा लिए। पीड़ित ने इस मामले में अलीगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। श्रीपुरम त्रिवेणी नगर-2 निवासी शौर्य कमल मिश्र ने बताया कि 25 दिसंबर की रात करीब 9 बजे टेलीग्राम प्लेटफॉर्म के जरिए अज्ञात लोगों ने उनसे संपर्क किया। आरोपियों ने कम समय में ज्यादा मुनाफा देने का झांसा देकर निवेश करवा लिया। आरोपियों ने भरोसा दिलाने के लिए फायदे भरे स्क्रीनशॉट और फर्जी ट्रांजेक्शन दिखाए। इसके बाद अलग-अलग खातों में UPI और नेट बैंकिंग के जरिए 2 लाख 8 हजार रुपए ट्रांसफर करा लिए। जब पैसा वापस मंगा तो आरोपियों ने प्रोसेसिंग फीस के नाम पर और पैसे जमा करने का दबाव बनाया। शक होने पर उन्होंने आगे पैसा देने से इनकार कर दिया। पीड़ित के मुकदमा लिखने के बाद साइबर क्राइम टीम ने खाता फ्रीज कर दिया है।
देश के लिए फायदेमंद है चाइल्ड केयर में निवेश करना
न्यूयार्क में मेयर का चुनाव जीतने वाले जोहरान ममदानी की जीत का एक बड़ा कारण शहर के सभी बच्चों के लिए राज्य प्रायोजित चाइल्ड केयर की गारंटी देना था।
अरशद वारसी पर लगा शेयर मार्केट में बैन, जानिए क्या है मामला
बॉलीवुड एक्टर अरशद वारसी और उनकी पत्नी मारिया गोरेट्टी समेत 57 लोगों पर शेयर बाजार नियामक SEBI ने बैन लगा दिया है। उन्हें 1 साल के लिए सिक्योरिटी मार्केट से प्रतिबंधित कर दिया है। सेबी का कहना है कि ये लोग मार्केट में धोखाधड़ी जैसे कामों में पाए गए।
काजोल ने किया रियल एस्टेट में निवेश, खरीदी इतने करोड़ की कमर्शियल प्रॉपर्टी
बॉलीवुड एक्ट्रेस काजोल ने इंडस्ट्री में एक अलग मुकाम हासिल किया है। काजोल भले ही फिल्मों में कम नजर आती हो, लेकिन वह सुर्खियों में बनी रहती हैं। काजोल ने अब एक्टिंग के साथ-साथ रियल एस्टेट में भी कदम रख दिया है। काजोल ने मुंबई के गोरेगांव वेस्ट ...
जानिए क्यों पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास पर है 2100 करोड़ रुपए निवेश
पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास अपने करियर के शानदार दौर से गुजर रहे हैं, और निर्विवाद रूप से अखिल भारतीय सुपरस्टार के रूप में अपनी जगह पक्की कर रहे हैं। बाहुबली, सलार, कल्कि 2898 एडी जैसी बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने वाली फिल्मों के साथ, उन्होंने भारतीय ...
खतरों के खिलाड़ी सीजन 14 के कंटेस्टेंट अभिषेक कुमार जिन्होंने बिग बॉस 17 में अपने कार्यकाल से काफी लोकप्रियता हासिल की, अपने आकर्षक व्यक्तित्व से लोगों के दिलों पर राज कर रहे हैं। विवादित रियलिटी शो में उनकी भागीदारी ने उन्हें स्टार बना दिया और उन्हें रातोंरात सफलता दिलाई। अभिषेक जो वर्तमान में रोहित शेट्टी के शो खतरों के खिलाड़ी 14 में हैं, ने साझा किया कि वह एक प्रोडक्शन हाउस खोलना चाहते हैं। इसे भी पढ़ें: Kartik Aaryan का खुलासा, Pyaar Ka Punchnama की सफलता के बावजूद उनके पास ‘कोई ऑफर नहीं था, कोई पैसा नहीं था ईटाइम्स टीवी के साथ एक इंटरव्यू में, अभिषेक ने खुलासा किया कि वह भविष्य के लिए पैसे बचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता चाहते हैं कि वह मुंबई में एक घर खरीदें, लेकिन वह एक व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। अभिषेक ने कहा कि वह एक उद्यमी बनना चाहते हैं और उनके बड़े सपने हैं जिन्हें वह हासिल करना चाहते हैं। अभिषेक कुमार मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते इंटरव्यू में, अभिषेक ने कहा कि उन्होंने पैसे बर्बाद करना बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते क्योंकि शहर काफी महंगा है और कहा कि किराए पर रहना एक समझदारी भरा फैसला है। उन्होंने यहां तक कहा कि घर खरीदने में बड़ी रकम लगाने और फिर हर महीने लोन के रूप में बैंक को बड़ी EMI चुकाने का कोई मतलब नहीं है। इसे भी पढ़ें: Karan Johar को कोर्ट से मिली राहत, फिल्म Shaadi Ke Director Karan Aur Johar की रिलीज परह लगी रोक अभिषेक ने कहा कि वह अपना पैसा निवेश करना चाहते हैं और उस पर ब्याज पाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह रवि दुबे और सरगुन मेहता की तरह एक प्रोडक्शन हाउस स्थापित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि उनका परिवार चंडीगढ़ में घर खरीदे, लेकिन मुंबई में नहीं क्योंकि वे वहीं रह सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह पैसे बचाना चाहते हैं और कोई दूसरा व्यवसाय शुरू करने में निवेश कर सकते हैं। KKK 14 की बात करें तो शिल्पा शिंदे शो से बाहर हो गईं। एक यूट्यूब चैनल के अनुसार, सनी वरुण ने बात की, गश्मीर, करणवीर, अदिति और अभिषेक ने निष्कासन स्टंट किया।
कंगना रनौत के किस बयान पर भड़की CISF की महिला जो सरेआम एक्ट्रेस को जड़ दिया थप्पड़, जानिए पूरा मामला
चंडीगढ़: हिमाचल की मंडी लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी सांसद एवं एक्ट्रेस कंगना रनौत से चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर बदसलूकी के पश्चात् हंगामा मचा हुआ है. दरअसल, 6 जून को कंगना दिल्ली जाने के लिए चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर पहुंची थीं. तभी सिक्योरिटी चेक के पश्चात् CISF की एक महिला जवान कुलविंदर कौर ने उनको थप्पड़ मार दिया. हालांकि CISF की अपराधी महिला कर्मी को निलंबित कर दिया गया है तथा उनके खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है. ऐसे में सवाल ये उठता है कि CISF की जवान ने थप्पड़ क्यों मारा, तो इसका जवाब है कंगना का 4 वर्ष पुराना एक ट्वीट. कंगना रनौत ने इस ट्वीट में 3 कृषि कानूनों के खिलाफ हुए किसान आंदोलन के चलते पंजाब की 80 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला किसान की गलत पहचान करते तथा उन्हें बिलकिस बानो कहा था. कंगना ने जो ट्वीट किया था उसमें एक वृद्ध महिला नजर आ रही थीं, जो भले ही झुककर चल रही थीं, लेकिन उन्होंने किसान आंदोलन का झंडा बुलंद किए हुए था. उनका नाम मोहिंदर कौर था. कंगना ने मोहिंदर कौर की फोटो को ट्वीट करते हुए लिखा था कि ''हा हा. ये वही दादी हैं जिन्हें टाइम मैगज़ीन की 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की लिस्ट में सम्मिलित किया गया था.... और ये 100 रुपये में उपलब्ध हैं. हालांकि कंगना रनौत ने बाद में ये ट्वीट डिलीट कर दिया था. बता दें कि कंगना ने जिस बिलकिस बानो का जिक्र किया था, वह 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला हैं तथा उन्होंने दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में CAA प्रोटेस्ट के चलते अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बटोरी थीं. कंगना के इस बयान को लेकर CISF की महिला जवान भड़की हुई थी. चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर कंगना से बदसलूकी का वीडियो सामने आया था, इसमें CISF की यह जवान कहती नजर आ रही है कि 'इसने बोला था किसान आंदोलन में 100-100 रुपये में महिलाएं बैठती थीं. वहां मेरी मां भी थी'. राहुल गांधी ने भाजपा पर लगाया शेयर बाजार में हेराफेरी का आरोप, बताया देश का सबसे बड़ा घोटाला उत्तर भारत में भीषण गर्मी का कहर जारी, यूपी के कुछ क्षेत्रों में राहत की उम्मीद बिहार के गया जिले में भीषण सड़क हादसा, तीन लोगों की मौत

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