जेवर में 6,785 करोड़ का बड़ा निवेश! इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की ओर बढ़ा उत्तर प्रदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जेवर में 6,785 करोड़ रुपये के निवेश से अंबर एंटरप्राइजेज एवं कोरिया सर्किट्स के ज्वाइंट वेंचर ‘एसेंट के सर्किट्स’ का इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग प्लांट क्षेत्र में रोजगार व नए उद्योगों को गति प्रदान करेगा। ...
छत्तीसगढ़ सरकार नवा रायपुर को देश के बड़े टेक्सटाइल और गारमेंट निर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर यहां 81 एकड़ में आधुनिक टेक्सटाइल पार्क बनाया जा रहा है। इसका मकसद प्रदेश के युवाओं और महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराना और नए उद्योगों को बढ़ावा देना है। टेक्सटाइल पार्क में पहली गारमेंट निर्माण यूनिट लगाने का काम शुरू हो गया है। इस यूनिट में करीब 235 करोड़ रुपए का निवेश किया जा रहा है। इससे 4600 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। 25 जून को वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन और आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने इस यूनिट का भूमिपूजन किया। यह यूनिट तमिलनाडु की स्विफ्ट टेक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड लगा रही है। कंपनी यहां बच्चों के कपड़े (किड्सवियर), निट गारमेंट्स और अन्य वस्त्र तैयार करेगी। इन उत्पादों का निर्यात यूरोप और अमेरिका सहित कई देशों में किया जाएगा। तीन कंपनियों को मिली जमीन टेक्सटाइल पार्क में सिर्फ एक ही नहीं, बल्कि तीन कंपनियों को जमीन आवंटित की जा चुकी है। इनमें स्विफ्ट टेक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड के अलावा पुनीत क्रिएशन्स और दृष्टि डिजाइन्स एलएलपी भी शामिल हैं। इन तीनों कंपनियों के जरिए करीब 445 करोड़ रुपए का निवेश होने और 11 हजार से ज्यादा रोजगार सृजित होने की संभावना है। उद्योगों के लिए तैयार हो रही सभी सुविधाएं सरकार टेक्सटाइल पार्क में उद्योगों की जरूरत के हिसाब से सभी जरूरी सुविधाएं तैयार कर रही है। यहां पक्की सड़कें, बिजली, पानी, जल निकासी, स्ट्रीट लाइट, प्रशासनिक भवन, व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स, कॉमन फैसिलिटी सेंटर, इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन जैसी व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं। अच्छी सड़क और लॉजिस्टिक सुविधा मिलने से निवेशकों की रुचि भी लगातार बढ़ रही है। नई औद्योगिक नीति से मिलेगा फायदा राज्य सरकार ने औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में टेक्सटाइल और रेडीमेड गारमेंट सेक्टर को विशेष प्राथमिकता दी है। इस नीति के तहत उद्योगों को रोजगार बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन दिया जा रहा है। महिला कर्मचारियों के लिए 6 हजार रुपए और पुरुष कर्मचारियों के लिए 5 हजार रुपए प्रतिमाह तक की रोजगार सहायता पांच साल तक देने का प्रावधान रखा गया है। सरकार का दावा है कि नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद पिछले 18 महीनों में प्रदेश को 8 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इनसे 1.6 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने क्या कहा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि नवा रायपुर का टेक्सटाइल पार्क प्रदेश के युवाओं, खासकर महिलाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएगा। उन्होंने कहा कि सरकार निवेशकों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए तेजी से काम कर रही है। उद्योगों के विस्तार से रोजगार बढ़ेगा, आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी और छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख टेक्सटाइल एवं गारमेंट निर्माण केंद्र के रूप में अपनी नई पहचान बनाएगा।
नई दिल्ली/बिजनेस डेस्क: देश के करोड़ों टैक्सपेयर्स के लिए एक बेहद जरूरी और बड़ी खबर है। वित्त वर्ष 2025-26 (असेसमेंट ईयर 2026-27) के लिए आयकर रिटर्न (Income Tax Return - ITR) दाखिल करने की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। आयकर विभाग ने टैक्सपेयर्स की सुविधा के लिए ITR-1 (सहज), ITR-2, ITR-3 और ITR-4 (सुगम) फॉर्म की एक्सेल यूटिलिटी (Excel Utility) लाइव कर दी है। इसके साथ ही ITR-1 से लेकर ITR-5 तक के सभी जरूरी फॉर्म भी अधिसूचित (Notified) कर दिए गए हैं। इस ऑफलाइन एक्सेल यूटिलिटी की मदद से टैक्सपेयर्स बिना इंटरनेट के भी अपना रिटर्न आराम से तैयार कर सकते हैं और बाद में उसे ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाकर आसानी से अपलोड कर सकते हैं। ध्यान रहे, आम करदाताओं (Individual Taxpayers) के लिए बिना किसी लेट फीस के ITR दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2026 तय की गई है।इस बार ITR-1 (सहज) फॉर्म में क्या हुए हैं बड़े बदलाव?आयकर विभाग ने इस साल ITR-1 फॉर्म के ढांचे में कुछ महत्वपूर्ण और टैक्सपेयर्स-फ्रेंडली बदलाव किए हैं, जिन्हें फॉर्म भरने से पहले जान लेना बेहद जरूरी है:दो सेल्फ-ऑक्यूपाइड प्रॉपर्टी की छूट: अब योग्य टैक्सपेयर्स अपने मालिकाना हक वाली दो सेल्फ-ऑक्यूपाइड (खुद के रहने वाली) हाउस प्रॉपर्टी की पूरी जानकारी ITR-1 फॉर्म में ही दे सकते हैं।अनरियलाइज्ड रेंट (Unrealized Rent) का नया कॉलम: अगर आपकी प्रॉपर्टी से ऐसा कोई किराया था जो कानूनी तौर पर आपको मिलना तय था लेकिन किसी वजह से नहीं मिल पाया, तो उस 'अनरियलाइज्ड रेंट' की जानकारी देने के लिए फॉर्म में एक नया और विशेष कॉलम जोड़ दिया गया है।विदेशी रिटायरमेंट बेनिफिट्स से राहत: फॉर्म से विदेशी रिटायरमेंट बेनिफिट्स (Foreign Retirement Benefits) की अनिवार्य रिपोर्टिंग के नियम को अब पूरी तरह हटा दिया गया है।ध्यान दें: कौन से लोग नहीं भर सकते ITR-1 फॉर्म?नियमों के मुताबिक, सहज (ITR-1) फॉर्म केवल उन लोगों के लिए है जिनकी आय सैलरी, एक हाउस प्रॉपर्टी और अन्य स्रोतों (जैसे बैंक ब्याज) से कुल मिलाकर 50 लाख रुपये तक है। अगर आपकी आय के स्रोत नीचे दिए गए कैटेगरी में आते हैं, तो आप ITR-1 का उपयोग नहीं कर सकते:यदि आपकी आय किसी बिजनेस (व्यापार) या प्रोफेशन (जैसे डॉक्टर, वकील आदि) से होती है।यदि आपको शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड से शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन (STCG) हुआ हो।यदि आपको वित्त वर्ष में 1.25 लाख रुपये से अधिक का लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) हुआ हो।यदि आपको एक से अधिक किराए पर उठी हुई (Let-out) प्रॉपर्टी से रेंटल इनकम हो रही हो।रिटर्न फाइल करने की तैयारी: इन 5 डॉक्यूमेंट्स को जरूर रखें पासआयकर विभाग ने सख्त हिदायत दी है कि रिटर्न दाखिल करने की जल्दबाजी में कोई भी गलत जानकारी न भरें। लॉग इन करने से पहले अपने पास ये दस्तावेज और जानकारियां पूरी तरह तैयार रखें:Form-16 और वित्तीय विवरण: अपनी कंपनी से मिला फॉर्म-16, बैंक स्टेटमेंट और ब्याज प्रमाणपत्र (Interest Certificate)।AIS और Form-26AS का मिलान: अपने ई-फाइलिंग अकाउंट से एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) और फॉर्म-26AS डाउनलोड करके अपनी कुल कटी हुई टैक्स (TDS) राशि का मिलान कर लें।प्री-फिल्ड डेटा की री-चेकिंग: पोर्टल पर पहले से दर्ज (Pre-filled) जानकारियां जैसे आपका पैन (PAN), वर्तमान पता, एक्टिव मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और रिफंड पाने के लिए बैंक अकाउंट डिटेल्स को अच्छी तरह री-वेरिफाई कर लें। गलत फॉर्म चुनने या गलत डेटा भरने पर आपका रिटर्न 'डिफेक्टिव' (Defective Return) घोषित हो सकता है।सावधान! बिना ई-वेरिफिकेशन के रद्दी माना जाएगा आपका ITRकई टैक्सपेयर्स रिटर्न अपलोड करने के बाद रिलैक्स हो जाते हैं, जो कि एक बड़ी भूल है। ITR दाखिल करने के बाद उसका ई-वेरिफिकेशन (e-Verification) करना कानूनी रूप से अनिवार्य है। जब तक आप अपने रिटर्न को वेरिफाई नहीं करते, तब तक आयकर विभाग उसे मान्य नहीं मानता है।अगर आप किसी तकनीकी कारण से ऑनलाइन (आधार ओटीपी या नेट बैंकिंग के जरिए) वेरिफिकेशन नहीं कर पा रहे हैं, तो आपको अपने ITR-V की हस्ताक्षरित (सिग्नेचर की हुई) फिजिकल कॉपी रिटर्न दाखिल करने के 30 दिनों के भीतर सीपीसी (CPC) बेंगलुरु डाक द्वारा भेजनी होगी।छूटे हुए रिटर्न के लिए ITR-U की सुविधा और लेट फीस का गणितयदि किसी कारणवश आपने पिछले चार असेसमेंट वर्षों का अपना कोई टैक्स रिटर्न फाइल नहीं किया है, तो विभाग आपको 'अद्यतन रिटर्न' यानी ITR-U (Updated ITR) के जरिए उसे सुधारने या दोबारा भरने का एक मौका देता है।लेकिन याद रहे, अगर आप इस साल के लिए तय समय सीमा यानी 31 जुलाई 2026 के बाद अपना रिटर्न दाखिल करते हैं, तो आपको 5,000 रुपये तक की भारी लेट फीस (Late Fee under Section 234F) देनी पड़ सकती है, और यदि कोई टैक्स बकाया है, तो उस पर भारी ब्याज भी भुगतना होगा। इसलिए अंतिम दिनों की वेबसाइट क्रैश और हड़बड़ी से बचने के लिए समय रहते अपने सभी दस्तावेजों की जांच कर सही फॉर्म के साथ अपना ITR फाइल कर दें।
पठानकोट जिले में भू-माफियाओं द्वारा अवैध कॉलोनियां विकसित करने का सिलसिला जारी है। बूंगल भदानी, धारकलां और नीम पहाड़ी जैसे क्षेत्रों में बिना अनुमति कॉलोनियां विकसित की जा रही हैं। इन गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए जिला टाउन प्लानर (डीटीपी) विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है। हाल ही में बूंगल भदानी क्षेत्र में एक अवैध कॉलोनी विकसित किए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में जिला टाउन प्लानर (डीटीपी) कार्यालय ने संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए हैं। डीटीपी जी.एस. संधू ने बताया कि जिले में जहां भी बिना लाइसेंस या नियमों के विपरीत कॉलोनियां विकसित की जा रही हैं, वहां विभाग सख्त कार्रवाई कर रहा है। निवेश करने से पहले पूरी जांच करें उन्होंने जिले के लोगों से अपील की है कि वे अपनी मेहनत की कमाई किसी भी प्लॉट या प्रॉपर्टी में निवेश करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल अवश्य करें। उन्होंने बताया कि विभाग ने जिला प्रशासन की वेबसाइट पर लाइसेंस प्राप्त कॉलोनियों की सूची उपलब्ध करवाई है। निवेश करने से पहले यह सुनिश्चित करें कि संबंधित कॉलोनी लाइसेंस प्राप्त है या नियमित श्रेणी में आती है। अवैध निर्माण की जानकारी मिली को होगी कार्रवाई डीटीपी जी.एस. संधू ने चेतावनी दी कि यदि किसी क्षेत्र में अनधिकृत कॉलोनी या अवैध निर्माण की जानकारी मिलती है तो विभाग नियमानुसार सख्त कार्रवाई करेगा। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि किसी भी प्रकार का निवेश करने से पहले विभाग से संपर्क कर आवश्यक जानकारी और सलाह अवश्य लें, ताकि भविष्य में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
जून का आखिरी हफ्ता रहा रेंज बाउंड, जानिए अगले सप्ताह कैसी रहेगी बाजार की चाल
भारतीय शेयर बाजार के लिए जून का यह हफ्ता रेंज बाउंड ही रहा। अमेरिका ईरान में डील के बाद भी पश्चिम एशिया में तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। विदेशी निवेशकों (FII) की गतिविधियां और भारत-अमेरिका ट्रेड डील से जुड़ी उम्मीदों ने निवेशकों की धारणा को ...
विश्व बैंक की एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने बिहार अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम (BUTP) के तहत गयाजी और बोधगया में अलग-अलग शहरी विकास और आधारभूत संरचना परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान 5,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव पर भी विचार-विमर्श किया गया। प्रतिनिधिमंडल का स्वागत नगर आयुक्त-सह-अपर समाहर्ता आदित्य कुमार पीयूष ने किया। एक प्रस्तुतीकरण सत्र में प्रतिनिधिमंडल को शहर में चल रही शहरी विकास योजनाओं की स्थिति की जानकारी दी गई। इसमें शहर के सौंदर्यीकरण, स्वच्छता प्रबंधन, भूमिगत जल निकासी, सीवरेज नेटवर्क विस्तार, नागरिक सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और प्रमुख बाजार क्षेत्रों को पैदल यात्री अनुकूल बनाने की योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम का भी निरीक्षण किया टीम ने इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम का भी निरीक्षण किया, जहां इसे आधुनिक खेल परिसर के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इसके बाद, नव-निर्मित विरासत स्तंभ और मिर्जा गालिब गोलंबर के पास प्रस्तावित वेंडिंग ज़ोन परियोजना को भी देखा गया, जिसकी निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसके बाद, प्रतिनिधिमंडल ने विष्णुपद मंदिर परिसर का भ्रमण किया और विष्णुपद कॉरिडोर विकास परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। टीम ने मंदिर परिसर और उससे जुड़े घाट क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान क्षेत्र में संरचनाओं के संभावित पुनर्स्थापन, नागरिक सुविधाओं के पुनर्निर्माण, पहुंच मार्गों के उन्नयन, बहुस्तरीय वाहन पार्किंग के निर्माण और भगवान विष्णु की भव्य प्रतिमा स्थापना जैसे विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की। रिवरफ्रंट डेवलपमेंट मार्ग से होते हुए प्रतिनिधिमंडल बोधगया पहुंचा। बोधगया में टीम ने स्थानीय बाजारों और आवासीय क्षेत्रों का भ्रमण कर स्थानीय अर्थव्यवस्था, आजीविका गतिविधियों और नगरीय स्वरूप को देखा। अंत में, प्रतिनिधिमंडल ने गया और बोधगया के बीच प्रस्तावित 'मगध सैटेलाइट टाउनशिप' परियोजना स्थल का भी निरीक्षण किया। इस दौरान परियोजना की अवस्थिति, भूमि उपलब्धता, संपर्कता और भावी विकास की संभावनाओं का मूल्यांकन किया गया। रोजगार के क्षेत्र में होगा फायदा अवगत कराया गया कि प्रस्तावित टाउनशिप अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लगभग 3.5 किलोमीटर की दूरी पर है और इसे एयरोसिटी (Aerocity) मॉडल के अनुरूप विकसित करने का प्रस्ताव है, जिससे क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ रोजगार सृजन और समग्र विकास को नई गति प्राप्त होगी। विश्व बैंक की ओर से बिहार अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम के अंतर्गत राज्य में आने वाले 5 साल के दौरान शहरी और आधारभूत संरचना विकास के लिए लगभग ₹5,000 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव है। कार्यक्रम के प्रथम चरण में पटना, गया और मुजफ्फरपुर को सम्मिलित करते हुए राज्य के प्रथम अर्बन एक्सियल नोड (Urban Axial Node) के विकास पर विशेष बल दिया जा रहा है। आर्थिक विकास की संभावनाओं पर हुई बातभ्रमण के दौरान प्रतिनिधिमंडल और राज्य/स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों के बीच अलग-अलग शहरी अवसंरचना परियोजनाओं, दीर्घकालिक नगरीय नियोजन, आर्थिक विकास की संभावनाओं और शहरों के भावी विस्तार संबंधी विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। प्रतिनिधिमंडल में संयुक्त राज्य अमेरिका, इटली और जापान सहित विभिन्न देशों से आए शहरी नियोजन विशेषज्ञ, अवसंरचना विशेषज्ञ और अर्थशास्त्री शामिल थे।
लखनऊ में एक कारोबारी से फेसबुक पर दोस्ती कर डिजिटल गोल्ड ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर 3.27 करोड़ रुपए की साइबर ठगी कर ली गई। पीड़ित ने महिला समेत चार लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। अलीगंज के सेक्टर-एन निवासी दीपक अग्रवाल ने पुलिस से की शिकायत में बताया वह श्री इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर हैं और जल निगम के ठेके लेकर ट्यूबवेल स्थापना व पानी की टंकियों का निर्माण कराते हैं। साल 2025 में कारोबार में काफी नुकसान हो रहा था।इस दौरान अक्टूबर में फेसबुक पर रीना अग्रवाल नाम की महिला से संपर्क हुआ। बाद में उसने अपना नाम स्वीटी अहलावत बताया और खुद को अमेरिका स्थित डिजिटल गोल्ड मिरेकल (DGM) कंपनी में मार्केटिंग मैनेजर एवं एडवाइजर बताया।ट्रेडिंग में मुनाफे का लालच दिया स्वीटी ने अपनी बहन मीनू अहलावत और पिता अजीत सिंह अहलावत से भी बातचीत कराई। पिता को बीएसएफ में अधिकारी बताया। तीनों ने ट्रेडिंग में कभी नुकसान न होने और मोटे मुनाफे का भरोसा दिलाकर 25 नवंबर 2025 को डीजीएम में उनका अकाउंट खुलवाया। शुरुआत में 40 हजार रुपए जमा कराने के बाद लगातार निवेश कराया गया। दीपक का आरोप है कि ट्रेडिंग अकाउंट में प्रॉफिट सहित 10.23 लाख अमेरिकी डॉलर दिखाए गए, लेकिन रकम इंडियन एकाउंट में ट्रांसफर करने के लिए आयकर, स्टांप ड्यूटी और सेटलमेंट टैक्स के नाम पर करीब 3.5 करोड़ रुपए जमा करने की शर्त रख दी गई। आरोपियों ने उनकी पत्नी अंकिता अग्रवाल के नाम से भी दूसरा ट्रेडिंग अकाउंट खुलवाकर और निवेश कराया। पीड़ित का कहना है कि आरोपियों के बताए गए विभिन्न बैंक खातों में उन्होंने कुल 3 करोड़ 27 लाख 18 हजार 553 रुपए ट्रांसफर किए। बाद में महिला ने दोनों मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिए और फेसबुक अकाउंट भी डिलीट कर दिया। इसके बाद उन्हें अपने साथ साइबर ठगी का एहसास हुआ। दो करोड़ लोन लेकर निवेश किया दीपक ने शिकायत में आरोप लगाया है कि स्वीटी अहलावत, मीनू अहलावत, अजीत सिंह अहलावत और सुयोगा भटारिया संगठित गिरोह बनाकर लोगों को डिजिटल ट्रेडिंग के नाम पर ठग रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस रकम की व्यवस्था के लिए करीब दो करोड़ रुपए का बैंक से लोन भी लिया था, जिसकी 6 से 7 लाख रुए मासिक किस्त अभी भी चुका रहे हैं। वहीं मामले में इंस्पेक्टर साइबर थाना बृजेश यादव का कहना है मुकदमा दर्ज करके जांच की जा रही है।
जयपुर अब तेजी से हेरिटेज शहर से आधुनिक मेट्रो शहर की ओर बढ़ रहा है। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, मजबूत कनेक्टिविटी और बढ़ते निवेश का त्रिकोण इस विकास की रीढ़ बन गया है। इस ग्रोथ ट्रायंगल को जमीन पर उतारने वाले प्रमुख नामों में शामिल हैं लव होम्स के डायरेक्टर अमित विजयवर्गीय। वह पिछले कई वर्षों से जयपुर के रियल एस्टेट क्षेत्र को नई दिशा दे रहे हैं। उनका मानना है कि दिल्ली-एनसीआर से मात्र ढाई घंटे की दूरी और वहां की तुलना में चौथाई कीमत पर उपलब्ध प्रॉपर्टी ने जयपुर को राष्ट्रीय स्तर पर निवेशकों का पसंदीदा स्थान बना दिया है। आईटी-फिनटेक कंपनियों के बैक ऑफिस आने और व्हाइट कॉलर जॉब्स बढ़ने से मिडिल तथा अपर मिडिल क्लास हाउसिंग की मांग में उछाल आया है। विजयवर्गीय पोस्ट कोविड बदलाव को अच्छी तरह समझते हैं। आज खरीदार सिर्फ चार दीवारी नहीं, बल्कि पूरी लाइफस्टाइल, गेटेड कम्युनिटी, क्लब हाउस, स्विमिंग पूल, ग्रीन एरिया और बच्चों के बेहतर पालन-पोषण की सुविधाएं खरीदना चाहते हैं। लव होम्स इसी सोच के साथ किफायती सेगमेंट में प्रीमियम सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है। रेरा ने पूरे सेक्टर में पारदर्शिता और विश्वास का माहौल बनाया है, जिससे बाहर के निवेशक और प्रवासी राजस्थानी भी आत्मविश्वास से जयपुर में निवेश कर रहे हैं। अमित विजयवर्गीय सरकार से आईटी पॉलिसी लाने की अपील करते रहे हैं, ताकि रोजगार बढ़े और जयपुर गुड़गांव या पुणे की राह पर और तेजी से आगे बढ़ सके। जयपुर का रियल एस्टेट भविष्य में और चमकने वाला है और अमित विजयवर्गीय जैसे डेवलपर्स इसी बदलाव की मजबूत नींव तैयार कर रहे हैं।
छत्तीसगढ़ के जीपीएम में रेलवे के सीनियर अधिकारी से साइबर ठगी की गई है। ठगों ने उन्हें शेयर बाजार में भारी मुनाफे का लालच देकर 20 लाख 70 हजार रुपए ठग लिए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस में जांच में जुट गई है। मामला गौरेला थाना क्षेत्र का है। पीड़ित अधिकारी की पहचान पेंड्रा रोड-गेवरा रेल लाइन परियोजना में कार्यरत उपकरण मैनेजर कुंदन कुमार के रूप में हुई है। वे मूल रूप से पटना (बिहार) के रहने वाले हैं और केंद्र सरकार के उपक्रम इरकॉन (IRCON) में पदस्थ हैं। फर्जी ट्रेडिंग ऐप के जरिए ठगी ठगों ने उन्हें 'मानसा कैपिटल' नामक एक फर्जी ट्रेडिंग कंपनी के जरिए शेयर बाजार में निवेश का झांसा दिया। कुंदन कुमार ने अलग-अलग किस्तों में कुल 20 लाख 70 हजार रुपए का निवेश किया।ठगों की ओर से तैयार किए गए फर्जी ट्रेडिंग ऐप पर पीड़ित को निवेश की गई राशि के बदले करीब 80 लाख रुपए का काल्पनिक मुनाफा दिखाया गया। पैसे विड्रॉ नहीं हुए जब उन्होंने इस राशि को अपने बैंक खाते में निकालने का प्रयास किया, तो पैसे विड्रॉ नहीं हुए। पैसे नहीं निकलने पर पीड़ित ने कंपनी के प्रतिनिधियों और निवेश के लिए संपर्क में रहने वाले जयप्रकाश वर्मा से बात करने की कोशिश की। उनके सभी मोबाइल नंबर और संबंधित पोर्टल बंद मिले। धोखाधड़ी का अहसास होने पर पीड़ित ने तत्काल गौरेला थाने में शिकायत दर्ज कराई।
चंडीगढ़ के उद्योग संगठनों ने मास्टर प्लान-2031, औद्योगिक नियमों और लैंड यूज पॉलिसी में ऐसे बदलाव करने की मांग की है, जिससे उद्योगों को लाभ हो। सार्वजनिक सुनवाई के दौरान व्यापारिक और औद्योगिक संगठनों ने स्क्रीनिंग कमेटी को अपने सुझाव दिए। उनका कहना है कि नियमों को सरल बनाया जाए, ताकि उद्योगों का विस्तार आसानी से हो सके और कारोबार पर अतिरिक्त खर्च का बोझ न पड़े। उद्योग संगठनों की ओर से प्रतिनिधि के रूप में चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल कन्वर्टेड प्लॉट ओनर्स एसोसिएशन के चेयरमैन चंदर वर्मा ने कहा कि अतिरिक्त फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) देने के लिए प्रशासन द्वारा रखी गई शर्तें व्यावहारिक नहीं हैं। उनका कहना है कि शहर के बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) की क्षमता को आधार बनाकर FAR सीमित करना उचित नहीं है। यदि इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की आवश्यकता है, तो यह प्रशासन की जिम्मेदारी है और इसका बोझ उद्योगों पर नहीं डाला जाना चाहिए। उद्योग संगठनों ने मांग की है कि अतिरिक्त FAR के लिए ली जाने वाली फीस कम की जाए। उनका कहना है कि पंजाब और हरियाणा में यह शुल्क कम है, इसलिए चंडीगढ़ में भी इसे घटाया जाए, ताकि यहां के उद्योग अन्य राज्यों के उद्योगों के बराबर प्रतिस्पर्धा कर सकें। कन्वर्टेड इंडस्ट्रियल प्लॉट को मिले अतिरिक्त FAR व्यापार संगठनों ने सुझाव दिया कि जिन औद्योगिक प्लॉटों का उपयोग बदला गया है, उन्हें अनिवार्य सर्विस एरिया के कारण होने वाले स्थान के नुकसान की भरपाई के लिए 0.50 अतिरिक्त FAR दिया जाए। साथ ही, फैक्ट्री परिसर में कर्मचारियों के लिए बनाए गए आवास को कुल FAR की गणना से बाहर रखा जाए। उद्योग संगठनों ने प्रशासन के उस प्रस्ताव का भी विरोध किया है, जिसमें अधिक FAR का लाभ लेने के लिए पुरानी इमारत को गिराकर दोबारा निर्माण करना अनिवार्य बताया गया है। उनका कहना है कि मौजूदा इमारतों पर ही अतिरिक्त मंजिलें बनाने की अनुमति दी जाए और मंजूरी की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए। इससे उद्योगों का समय और पैसों दोनों की बचत होगी। ग्राउंड कवरेज और मिक्स्ड लैंड यूज में छूट की मांग संगठनों ने सक्रिय मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के लिए अधिक ग्राउंड कवरेज की अनुमति देने की मांग की है। इसके अलावा, फेज-3 की तरह फेज-1 और फेज-2 के औद्योगिक क्षेत्रों में भी मिक्स्ड लैंड यूज की सुविधा लागू करने का सुझाव दिया गया है। उद्योग संगठनों का कहना है कि अनिवार्य सेंट्रल कोर्टयार्ड (आंगन) जैसे नियमों से भवन का उपयोग प्रभावित होता है और उत्पादन क्षमता घटती है। इसलिए इन प्रावधानों में भी व्यावहारिक बदलाव किए जाने चाहिए। साथ ही, जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (GPA) या कब्जे के दस्तावेजों के आधार पर संपत्ति रखने वालों को भी अतिरिक्त FAR का लाभ देने, MSME अधिनियम के तहत सभी सेवा क्षेत्र की गतिविधियों को मान्यता देने तथा भवन उल्लंघन और मिसयूज से जुड़े लंबित नोटिस वापस लेने की मांग भी की गई। उनका कहना है कि यदि प्रशासन अधिक FAR, कम शुल्क, मिक्स्ड लैंड यूज और सरल नियमों वाली संतुलित नीति लागू करता है, तो चंडीगढ़ में नए निवेश को बढ़ावा मिलेगा, उद्योगों का विस्तार होगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में एक बहुत बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। अब तक मुख्य रूप से एयर कंडीशनर (AC) और उसके कल-पुर्जे बनाने के लिए मशहूर एम्बर एंटरप्राइजेस (Amber Enterprises) ने अब देश के सबसे तेजी से बढ़ते स्मार्टफोन मार्केट में कदम रख दिया है। कंपनी ने दुनिया की दिग्गज स्मार्टफोन ब्रांड ओप्पो (Oppo) के साथ एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ी रणनीतिक डील फाइनल की है। इस खबर के बाहर आते ही दलाल स्ट्रीट से लेकर टेक इंडस्ट्री तक में हलचल मच गई है और बड़े-बड़े ग्लोबल ब्रोकरेज हाउसेस ने एम्बर एंटरप्राइजेस की इन्वेस्टमेंट रेटिंग को तुरंत अपग्रेड कर दिया है।ओप्पो के साथ मेगा पार्टनरशिप और एम्बर का मास्टर प्लानएम्बर एंटरप्राइजेस काफी समय से अपने बिजनेस पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई करने की कोशिश में जुटी थी। ओप्पो के साथ हुई इस नई पार्टनरशिप के तहत एम्बर अपनी सहायक कंपनियों के जरिए स्मार्टफोन के कंपोनेंट्स, प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB) और अन्य महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक्स पार्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग करेगी। इस डील को भारत सरकार की 'मेक इन इंडिया' और पीएलआई (PLI) स्कीम के तहत एक मील का पत्थर माना जा रहा है। ओप्पो जैसी बड़ी कंपनी का साथ मिलने से एम्बर को सीधे स्मार्टफोन सप्लाई चेन के टॉप टियर में एंट्री मिल गई है।ब्रोकरेज फर्म्स ने बढ़ाई रेटिंग और टारगेट प्राइसइस ऐतिहासिक डील की भनक लगते ही शेयर बाजार के विश्लेषक और नामी ब्रोकरेज फर्म्स एम्बर एंटरप्राइजेस के स्टॉक को लेकर बेहद बुलिश हो गए हैं। कई दिग्गज ब्रोकरेज हाउसेस ने कंपनी की रेटिंग को 'न्यूट्रल' से अपग्रेड करके 'बाय' (Buy) या 'आउटपरफॉर्म' की केटेगरी में डाल दिया है। जानकारों का मानना है कि स्मार्टफोन सेगमेंट में एंट्री करने से आने वाली तिमाहियों में कंपनी के रेवेन्यू और प्रॉफिट मार्जिन में बंपर उछाल देखने को मिल सकता है, जिससे निवेशकों को भी तगड़ा रिटर्न मिलने की उम्मीद है।नोएडा, ग्रेटर नोएडा और दक्षिण भारत के टेक हब्स को मिलेगा फायदाइस बड़ी डील का सीधा असर भारत के प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और टेक हब्स जैसे नोएडा, ग्रेटर नोएडा, चेन्नई और बेंगलुरु पर पड़ने वाला है। ओप्पो और एम्बर के इस गठजोड़ से इन क्षेत्रों में स्थित मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स में प्रोडक्शन की रफ्तार दोगुनी हो जाएगी। इसके साथ ही, इन लोकल मार्केट्स में न केवल हजारों नए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे, बल्कि कंपोनेंट सप्लायर्स के स्थानीय इकोसिस्टम को भी भारी मजबूती मिलेगी।भारतीय स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरिंग का बदलता परिदृश्यग्लोबल मार्केट में चीन पर निर्भरता कम करने के लिए भारत तेजी से स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरिंग का ग्लोबल बेस बनता जा रहा है। एम्बर जैसी घरेलू कंपनी का स्मार्टफोन कंपोनेंट मार्केट में उतरना यह साफ संकेत देता है कि आने वाले समय में देश के भीतर ही प्रीमियम और बजट स्मार्टफोन्स के पार्ट्स बड़े पैमाने पर तैयार होंगे। इससे विदेशी कंपनियों पर निर्भरता कम होगी और भारतीय बाजार में स्मार्टफोन की कीमतों में भी आने वाले दिनों में और अधिक प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है।
भारतीय एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री इस समय इतिहास के सबसे बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। जिस तरह आप और हम शेयर बाजार (Stock Market) में कंपनियों के शेयर्स खरीदकर मुनाफा कमाते हैं, ठीक उसी तरह अब फिल्मों में भी निवेश करने का मौका मिलने जा रहा है। देश के लगभग 22,000 करोड़ रुपये के विशाल सिनेमा बिजनेस में नए और आधुनिक फंड्स की एंट्री होने वाली है। इस कदम से न केवल फिल्म मेकर्स को तगड़ा बैकअप मिलेगा, बल्कि आम और बड़े निवेशकों के लिए कमाई के नए रास्ते भी खुलेंगे।फिल्मों में कॉर्पोरेट फंडिंग और नए एवेन्यू की एंट्रीअब तक फिल्मों में पैसा लगाने का अधिकार कुछ गिने-चुने प्रोडक्शन हाउसेस, डिस्ट्रीब्यूटर्स या बड़े फाइनेंशियर्स तक ही सीमित था। कई बार फिल्मों की फंडिंग को लेकर अनिश्चितता का माहौल भी रहता था। लेकिन अब इस ₹22,000 करोड़ के मार्केट को रेग्युलेटेड और कॉर्पोरेटिव बनाने की तैयारी चल रही है। नए फंड्स के आने से फिल्म निर्माण की प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और रिस्क मैनेजमेंट को बेहतर ढंग से हैंडल किया जा सकेगा।क्या है यह नया इन्वेस्टमेंट मॉडल और कैसे करेगा काम?इस नए सिस्टम के तहत, सिनेमा बिजनेस को शेयर बाजार की तरह एक स्ट्रक्चर्ड प्लेटफॉर्म पर लाने की कोशिश की जा रही है। इसके तहत बड़े इन्वेस्टमेंट फंड्स, वेंचर कैपिटलिस्ट और यहां तक कि रिटेल इन्वेस्टर्स भी किसी प्रोजेक्ट या प्रोडक्शन हाउस के जरिए फिल्मों में हिस्सेदारी खरीद सकेंगे। फिल्म के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन, ओटीटी राइट्स, सैटेलाइट राइट्स और म्यूजिक राइट्स से होने वाली कमाई का एक निश्चित हिस्सा निवेशकों को उनके शेयर (हिस्सेदारी) के अनुपात में डिविडेंड या प्रॉफिट के रूप में दिया जाएगा।भारतीय सिनेमा और क्षेत्रीय (Local) मार्केट्स को मिलेगा बूस्टइस नए फंड्स की एंट्री का सबसे बड़ा फायदा सिर्फ बॉलीवुड को ही नहीं, बल्कि क्षेत्रीय सिनेमा (जैसे साउथ, भोजपुरी, मराठी और बंगाली सिनेमा) को भी मिलेगा। लोकल मार्केट्स में कंटेंट की भारी डिमांड है, लेकिन बजट की कमी के कारण कई बेहतरीन कहानियां पर्दे तक नहीं पहुंच पातीं। नए इन्वेस्टमेंट मॉडल से देश के हर कोने के सिनेमा थिएटर्स और लोकल फिल्म मेकर्स को ग्लोबल लेवल पर अपनी पहचान बनाने के लिए जरूरी वित्तीय मदद मिल सकेगी।निवेशकों के लिए जोखिम और सुरक्षा के नियमशेयर बाजार की तरह ही सिनेमा बिजनेस में भी मुनाफा और नुकसान दोनों की संभावनाएं बराबर होती हैं। अगर फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही तो निवेशकों को बंपर रिटर्न मिल सकता है, वहीं फिल्म के फ्लॉप होने पर पूंजी डूबने का खतरा भी रहता है। हालांकि, नए फंड्स की एंट्री के साथ इसे सुरक्षित बनाने के लिए कड़े वित्तीय नियम और रिस्क-शेयरिंग एग्रीमेंट्स भी तैयार किए जा रहे हैं, ताकि निवेशकों के हितों की रक्षा की जा सके।
Aaj Ka Rashifal 27 June 2026: अंक ज्योतिष (Numerology) के अनुसार, हर व्यक्ति की जन्मतिथि का उसके जीवन में बेहद खास और गहरा महत्व होता है। जन्मतिथि से निकलने वाला मूलांक न सिर्फ इंसान के मूल स्वभाव, खूबियों और व्यक्तित्व के राज खोलता है, बल्कि उसके आने वाले कल यानी भविष्य की सटीक दिशा भी दिखाता है। आज का दिन अंक ज्योतिष के लिहाज से सभी जातकों को आर्थिक मामलों में विशेष रूप से समझदारी, अनुशासन और संयम बनाए रखने का बड़ा संकेत दे रहा है।भगवान गणेश के आशीर्वाद से आज अधिकांश मूलांक के लोगों को अपनी सुख-सुविधाओं पर होने वाले फिजूलखर्ची पर लगाम लगाने, एक सटीक बजट बनाकर चलने और अपने भविष्य की वित्तीय सुरक्षा को मजबूत करने पर ध्यान देने की सख्त जरूरत है। याद रखें, आज सही प्लानिंग और धैर्य के साथ लिया गया एक छोटा सा फैसला भी आने वाले समय में आपको बंपर धन लाभ और मानसिक शांति दिला सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि मूलांक 1 से लेकर 9 तक के जातकों के लिए आज का दिन कैसा रहने वाला है।मूलांक 1: जल्दबाजी में निवेश से बचें, बजट पर रखें फोकसअगर आपका जन्म किसी भी महीने की 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आपका मूलांक 1 है। आज का दिन आपको अपने वित्तीय भविष्य को लेकर बेहद गंभीर होने की चेतावनी दे रहा है। आज किसी के बहकावे में आकर या जल्दबाजी में बड़ा निवेश करने से पूरी तरह बचें। किसी भी तरह का आर्थिक लेन-देन करने से पहले उसके नफा-नुकसान का सही आकलन कर लें। आज केवल अपने तय बजट के अनुसार ही काम करें और दीर्घकालिक लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित रखें। आपका यही वित्तीय अनुशासन आपको आने वाले समय में बड़ी मजबूती देगा।मूलांक 2: लंबी अवधि की योजनाओं के लिए उत्तम दिनअगर आपका जन्म महीने की 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आपका मूलांक 2 है। आज आपको पैसों से जुड़े मामलों में अत्यधिक सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है। बिना किसी ठोस योजना के कहीं भी धन खर्च न करें और जितना हो सके बचत (Savings) को प्राथमिकता दें। हालांकि, यह समय भविष्य के लिए किसी बड़ी और लंबी अवधि की वित्तीय योजना (Long-term Financial Planning) को कागजों पर उतारने के लिए बेहद शानदार है। आपका धैर्य और सही रणनीति आपको आने वाले दिनों में बड़ी आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेंगी।मूलांक 3: नए अवसरों पर रखें पैनी नजर, होगा धन लाभअगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आपका मूलांक 3 है। आज आपको सबसे पहले अपनी वर्तमान आर्थिक स्थिति का निष्पक्ष और सही मूल्यांकन करना चाहिए। बाजार के बदलते रुख और आर्थिक खबरों पर अपनी पैनी नजर बनाए रखें, क्योंकि आज आपको कमाई के कुछ बेहतरीन और नए शॉर्ट-टर्म अवसर मिल सकते हैं। यदि परिस्थितियां मांगें, तो अपनी पुरानी वित्तीय योजनाओं में मामूली बदलाव करने से पीछे न हटें। आज आपका सटीक मैनेजमेंट आपको बड़ा मुनाफा दिला सकता है।मूलांक 4: पारिवारिक खर्चों में आएगी तेजी, भावनाओं पर रखें काबूअगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो आपका मूलांक 4 है। आज आपके घर और परिवार से जुड़े खर्चों में अचानक तेजी देखने को मिल सकती है। ऐसे में आपको भावनाओं या दिखावे में आकर कोई भी महंगी खरीदारी करने से बचना चाहिए। केवल उन्हीं चीजों पर पैसा लगाएं जो बेहद जरूरी हों। अपने घरेलू बजट को व्यवस्थित रखें और हर आर्थिक निर्णय बहुत सोच-समझकर लें। आज का यह संयम आपके भविष्य की आर्थिक स्थिरता को डिगने नहीं देगा।मूलांक 5: सकारात्मक रहेगा दिन, नए निवेश से बढ़ेगा बैंक बैलेंसअगर आपका जन्म 5, 14 या 23 तारीख को हुआ है, तो आपका मूलांक 5 है। आज का दिन आपके आर्थिक मामलों के लिहाज से बेहद सकारात्मक और प्रोग्रेसिव रहने वाला है। आज आप अपने पुराने खर्चों को नियंत्रित करने में पूरी तरह सफल रहेंगे, जिससे आपका बजट संतुलित हो जाएगा। सराफा या शेयर बाजार में नए निवेश के बेहतरीन मौके आपके सामने आ सकते हैं। सही दिशा में और सही समय पर उठाए गए आपके कदम आपकी आर्थिक स्थिति को पहले से कई गुना मजबूत कर देंगे।मूलांक 6: फिजूलखर्ची पर लगाएं लगाम, छोटी बचत देगी बड़ा मुनाफाअगर आपका जन्म 6, 15 या 24 तारीख को हुआ है, तो आपका मूलांक 6 है। आज के दिन आपको अपनी कुल आय और होने वाले दैनिक खर्चों का एक सटीक हिसाब-किताब अपने पास जरूर रखना चाहिए। मौज-मस्ती और फिजूलखर्ची से खुद को दूर रखें और केवल अनिवार्य आवश्यकताओं पर ही धन व्यय करें। अंक ज्योतिष के अनुसार, आज आपके द्वारा की गई छोटी-छोटी बचत और निवेश की योजनाएं भी भविष्य में आपको बहुत बड़ा रिटर्न दे सकती हैं। विवेक से लिए गए निर्णय अंततः लाभदायक सिद्ध होंगे।मूलांक 7: लग्जरी चीजों से बनाएं दूरी, दिखावे में न गंवाएं पैसाअगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आपका मूलांक 7 है। आज के दिन आपके लिए अपनी संचित पूंजी और आर्थिक स्थिरता बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होगी। सुख-सुविधाओं और लग्जरी लाइफस्टाइल की चीजों पर मोटी रकम बर्बाद करने से बचें। अपने जीवन के बड़े और मुख्य आर्थिक लक्ष्यों पर फोकस बनाए रखें। आज बजट के कड़े नियमों का पालन करना और योजनाबद्ध तरीके से सुरक्षित जगहों पर निवेश करना ही आपके भविष्य को सुरक्षित बनाएगा।मूलांक 8: निवेश की समीक्षा के लिए श्रेष्ठ दिन, मिलेगी बड़ी सफलताअगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आपका मूलांक 8 है। आर्थिक दृष्टिकोण से आज का दिन आपके लिए काफी फलदायी और अच्छा माना जा सकता है। आज आप भविष्य की बड़ी जरूरतों को ध्यान में रखकर किसी नई इन्वेस्टमेंट स्कीम का हिस्सा बन सकते हैं। इसके साथ ही अपने पुराने निवेशों की एक बार बारीकी से समीक्षा (Review) जरूर कर लें ताकि आप सही दिशा में आगे बढ़ सकें। आज समझदारी और सूझबूझ से लिया गया कोई भी व्यावसायिक फैसला आपको बड़ा लाभ दिलाएगा।मूलांक 9: पैसों के मामलों में बनाएं संतुलन, जल्दबाजी से बचेंअगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आपका मूलांक 9 है। आज आपको अपने जीवन में पैसों की आवक और जावक के बीच एक मजबूत संतुलन स्थापित करने की जरूरत है। कार्यक्षेत्र में आपको कुछ नए और आकर्षक प्रोजेक्ट्स या डील मिल सकती हैं, लेकिन किसी भी पेपर पर साइन करने या अंतिम फैसला लेने में तनिक भी जल्दबाजी न दिखाएं। अपने आर्थिक लक्ष्यों की समय-समय पर समीक्षा करें और आवश्यकतानुसार रणनीति बदलें। सही प्लानिंग और धैर्य ही आज आपको आर्थिक सफलता के शिखर पर ले जाएंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज गौतमबुद्ध नगर के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह यमुना सिटी और नोएडा को कुल 9,228 करोड़ रुपये की औद्योगिक और विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे। सबसे पहले वह जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचेंगे। इसके बाद यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में 6,750 करोड़ रुपये के निवेश वाली दो इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण इकाइयों का शिलान्यास करेंगे। बाद में नोएडा में 2,478 करोड़ रुपये की 70 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। यमुना सिटी में 6,750 करोड़ का निवेशमुख्यमंत्री सेक्टर-10 स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (ईएमसी) में एसेंट सर्किट्स प्राइवेट लिमिटेड की करीब 3,220 करोड़ रुपये की परियोजना का शिलान्यास करेंगे। इस यूनिट में फ्लेक्सिबल पीसीबी, हाई-डेंसिटी इंटरकनेक्टेड पीसीबी और सेमीकंडक्टर सब्सट्रेट्स का निर्माण होगा। इसके बाद सेक्टर-8 में अंबर इंटरप्राइजेज इंडिया लिमिटेड की करीब 3,532 करोड़ रुपये की परियोजना की आधारशिला रखी जाएगी। 100 एकड़ में बनने वाली इस यूनिट में कॉपर क्लैड लैमिनेट्स, पीसीबी असेंबली, कंप्यूटर इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू उपकरणों का उत्पादन होगा। नोएडा में 70 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यासयमुना सिटी के कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री सेक्टर-96 पहुंचेंगे, जहां वह 2,478 करोड़ रुपये की 70 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इनमें 1,045 करोड़ रुपये की पांच परियोजनाओं का उद्घाटन और 1,434 करोड़ रुपये की 65 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है। इन प्रमुख परियोजनाओं का होगा लोकार्पण इन प्रमुख परियोजनाओं की रखेंगे आधारशिला सुरक्षा के कड़े इंतजाममुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए सेक्टर-96 में अस्थायी हेलीपैड बनाया गया है। कार्यक्रम स्थलों पर बॉम्ब स्क्वॉड, डॉग स्क्वॉड और भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। अधिकारियों ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं का अंतिम निरीक्षण भी किया। सीएम योगी हेलीकॉटर से जेवर एयरपोर्ट आएंगेमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दोपहर में करीब 1 बजे हेलीकॉटर से जेवर एयरपोर्ट पर उतरे। यहां पर डीएम ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वह गाड़ी से यमुना सिटी सेक्टर 10 के इएनसी( इलेक्ट्रिक मैन्यू फैक्चरिंग क्लस्टर) के लिए रवाना हो गए। वहां पर सीएम वह 6750 करोड़ के निवेश वाली तीन कंपनियों का शिलान्यास करने वाले हैं। इस दौरान सीएम का संबोधन भी होगा। इसके बाद साढ़े 3 बजे सीएम यहां से नोएडा के सेक्टर 96 जाएंगे। यहां पर नए नोएडा प्राधिकरण प्रशासनिक भवन का उद्घाटन करेंगे। उसके बाद 2478 करोड़ रुपए 70 परियोजनाओं का लोकापर्ण और शिलान्यास करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री एमएसएमई कार्यक्रम में शामिल होंगे। कार्यक्रम खत्म होने के बाद सीएम 4:30 से 6 बजे तक पीडब्ल्यूडी विभाग की समीक्षा करेंगे। फिर साढ़े बजे के करीब गाजियाबाद के सीआईएसएफ परिसर के लिए रवाना हो जाएंगे।
केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने गोवा की समृद्ध समुद्री विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार राज्य के समुद्री क्षेत्र के विकास को नई गति देने के लिए प्रतिबद्ध है।
कांग्रेस के नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद प्रवीण चक्रवर्ती जल्द ही छत्तीसगढ़ आ सकते हैं। हाल ही में कांग्रेस नेता सीए रवि ग्वालानी चेन्नई गए थे, जहां उन्होंने प्रवीण चक्रवर्ती से मुलाकात की और उन्हें छत्तीसगढ़ का राजकीय गमछा भेंट करते हुए राज्य का दौरा करने का निमंत्रण दिया। छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था, रोजगार और निवेश पर हुई चर्चा मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने, रोजगार के नए अवसर पैदा करने, निवेश बढ़ाने और विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने राष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक चुनौतियों और उनसे जुड़े संभावित समाधान पर भी विचार साझा किए। रवि ग्वालानी ने प्रवीण चक्रवर्ती को राज्यसभा सदस्य चुने जाने पर बधाई देते हुए कहा कि एक अनुभवी अर्थशास्त्री और नीतिगत विशेषज्ञ के रूप में उनकी मौजूदगी संसद में देश की आर्थिक नीतियों को और मजबूत बनाएगी। प्रवीण चक्रवर्ती ने छत्तीसगढ़ आने का निमंत्रण स्वीकार करते हुए कहा कि संसद के मानसून सत्र के बाद वे राज्य के दौरे का कार्यक्रम बनाने की कोशिश करेंगे। बतादें कि प्रवीण चक्रवर्ती इससे पहले भी रायपुर आ चुके हैं और वहां उन्होंने प्रोफेशनल्स कांग्रेस के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया था। वे ऑल इंडिया प्रोफेशनल्स कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। प्रवीण चक्रवर्ती ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पिलानी स्थित संस्थान से की है और विदेश के एक प्रतिष्ठित संस्थान से प्रबंधन की उच्च शिक्षा हासिल की है। वे वित्तीय क्षेत्र में भी काम कर चुके हैं और पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार के दौरान महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। सीए रवि ग्वालानी रायपुर स्थित भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान (ICAI) की शाखा के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। वे जिला कांग्रेस कमेटी में कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। फिलहाल वे प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया पैनलिस्ट के रूप में सक्रिय हैं और भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान की राष्ट्रीय परिषद की महिला एवं युवा सदस्य समिति के सह-नामित सदस्य भी हैं।
फॉक्सकॉन करेगा भारत में मैन्युफैक्चरिंग के लिए निवेश
नई दिल्ली, ताइवान के हॉन हाई टेक्नोलॉजी ग्रुप की सब्सिडियरी कंपनी फॉक्सकॉन सिंगापुर ने अपनी भारतीय इकाई फॉक्सकॉन हॉन हाई टेक्नोलॉजी इंडिया मेगा डेवलपमेंट प्राइवेट लिमिटेड में 37.2 मिलियन डॉलर के निवेश को मंजूरी दे दी है।
मोहर्रम के चलते बंद रहेगा शेयर बाजार, नहीं होगा कारोबार
मुंबई, मोहर्रम के चलते भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार के सत्र में बंद रहेगा। इस दौरान नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव्स, सिक्योरिटीज लेंडिग और बॉरोइंग (एसएलबी) और करेंसी डेरिवेटिव्स पर कारोबार पूरी तरह से बंद रहेगा।
छत्तीसगढ़ की दंतेवाड़ा पुलिस ने 61.06 लाख रुपए की साइबर ठगी के मामले में केरल से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि आरोपी साइबर ठगी की रकम के लेन-देन के लिए बैंक खाते किराए पर उपलब्ध कराते थे। इनमें से एक आरोपी के नाम पर 7 से 8 बैंक खाते संचालित मिले, जिनका इस्तेमाल ठगी की रकम ट्रांसफर करने और निकालने के लिए किया जाता था। मामला गीदम थाना क्षेत्र का है। गीदम के रहने वाले भूपेंद्र तेलामी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि ऑनलाइन टास्क और निवेश के नाम पर उससे अलग-अलग बैंक खातों में करीब 61.06 लाख रुपए जमा कराए गए। बाद में उसे पता चला कि वह साइबर ठगी का शिकार हो गया है। शिकायत के आधार पर धारा 318(4) बीएनएस और 66(डी) आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। तकनीकी जांच से जुड़े साइबर नेटवर्क के तार जांच के दौरान भारत सरकार के समन्वय पोर्टल, तकनीकी साक्ष्यों और बैंक खातों के विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने साइबर ठगी के नेटवर्क की कड़ियां जोड़ीं। इससे पहले इसी मामले में महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली और केरल से कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। फरार आरोपियों की तलाश में भेजी गई टीम ने केरलम के कोझिकोड से मोहम्मद नीजाज आरएम (21), अभिनव श्रीनिवास (23) और मोहम्मद साहिल (21) को गिरफ्तार किया। एक आरोपी के नाम पर मिले 7-8 बैंक खाते पूछताछ में मोहम्मद नीजाज ने स्वीकार किया कि उसके नाम से अलग-अलग बैंकों में 7-8 खाते संचालित थे। इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर करने और नकद निकासी के लिए किया जाता था। पुलिस को चकमा देकर भागा, अगले दिन फिर गिरफ्तार पुलिस के मुताबिक, आरोपियों को छत्तीसगढ़ लाते समय 20 जून को मोहम्मद नीजाज केरलम के मलाबार क्षेत्र स्थित एक लॉज से पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। स्थानीय थाना में मामला दर्ज कराने के बाद अगले ही दिन उसे दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया। कमीशन लेकर रकम दूसरे खातों और क्रिप्टो में भेजते थे पूछताछ में आरोपी अभिनव श्रीनिवास ने बताया कि वह परिचितों और अन्य लोगों के नाम से बैंक खाते खुलवाकर उनमें साइबर ठगी की रकम मंगवाता था। इसके बाद कमीशन लेकर रकम दूसरे बैंक खातों और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए आगे भेज देता था। वहीं, मोहम्मद साहिल ने भी अपने बैंक खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम के लेन-देन और निकासी में किए जाने की बात स्वीकार की। पुलिस को आरोपियों से साइबर नेटवर्क से जुड़े कई अहम डिजिटल और वित्तीय इनपुट मिले हैं। इनकी मदद से नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। एसपी की अपील- ऑनलाइन निवेश और टास्क के झांसे में न आएं एसपी गौरव राय ने बताया कि साइबर अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए लगातार तकनीकी जांच और अंतरराज्यीय कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद 27 जून तक न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन निवेश, पार्ट-टाइम जॉब, टास्क आधारित कमाई और अज्ञात लिंक के झांसे में न आएं। किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
अदाणी एयरपोर्ट्स ने गुरुवार को अपने एयरपोर्ट नेटवर्क के आसपास एकीकृत एयरपोर्ट सिटी विकसित करने के लिए एक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम की घोषणा की। इस परियोजना के पहले चरण में 20,000 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश किया जाएगा।
दूसरे सत्र में तेजी के साथ हरे निशान में बंद हुआ बाजार
मुंबई, हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार लगातार दूसरे सत्र में तेजी के साथ हरे निशान में बंद हुआ। हालांकि मंगलवार सत्र की गिरावट को छोड़ दें तो पिछले कई सत्रों में बाजार ने लगातार बढ़त दर्ज की है।
एमक्योर फार्मा शेयर अपडेट: भारतीय फार्मा सेक्टर की जानी-मानी कंपनी एमक्योर फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड (Emcure Pharmaceuticals) को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। दिग्गज ग्लोबल प्राइवेट इक्विटी फर्म बेन कैपिटल (Bain Capital) ने कंपनी में अपनी बची हुई पूरी हिस्सेदारी बेच दी है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर हुई एक ब्लॉक डील के जरिए बेन कैपिटल ने करीब 12 साल पुराने इस निवेश सफर को पूरी तरह खत्म करते हुए कंपनी से एग्जिट कर लिया है। बाजार के बड़े घरेलू और विदेशी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs/DIIs) ने इन शेयरों को हाथों-हाथ खरीदा है।₹352 करोड़ की ब्लॉक डील, इन दिग्गजों ने खरीदे एमक्योर के शेयरस्टॉक एक्सचेंज से मिले ब्लॉक डील डेटा के मुताबिक, बेन कैपिटल ने एमक्योर फार्मा में अपनी करीब 1 फीसदी हिस्सेदारी के बराबर यानी 19.4 लाख शेयर खुले बाजार में बेचे हैं। यह पूरी डील औसतन ₹1,817 प्रति शेयर की कीमत पर हुई, जिसकी कुल वैल्यू 352 करोड़ रुपये है।इस हिस्सेदारी को खरीदने के लिए देश के बड़े म्यूचुअल फंड्स और इंश्योरेंस कंपनियों ने भरोसा जताया है:HDFC स्टैंडर्ड लाइफ इंश्योरेंस: इसने सबसे बड़ा दांव लगाते हुए ₹130 करोड़ में 7.1 लाख शेयर खरीदे।एक्सिस म्यूचुअल फंड (Axis MF): फंड हाउस ने ₹50 करोड़ के शेयर पोर्टफोलियो में शामिल किए।आदित्य बिड़ला सन लाइफ MF: इन्होंने ₹47.5 करोड़ निवेश कर 2.6 लाख शेयर खरीदे।इसके अलावा ग्लोबल इनवेस्टर सेंटिमेंट को दर्शाते हुए HSBC म्यूचुअल फंड, गोल्डमैन सैक्स, मॉर्गन स्टेनली और बीएनपी पारिबा (BNP Paribas) जैसी दिग्गज संस्थाओं ने भी ₹25-25 करोड़ के शेयर खरीदे हैं।शार्क टैंक फेम नमिता थापर से है नाता, 2024 में आया था IPOएमक्योर फार्मा देश की उन चुनिंदा दवा कंपनियों में से है जिसकी पहचान घर-घर में है। बिजनेस रियलिटी शो 'शार्क टैंक इंडिया' (Shark Tank India) की लोकप्रिय जज नमिता थापर इस कंपनी में होल-टाइम डायरेक्टर हैं। उनके पिता सतीश रमनलाल मेहता इस कंपनी के फाउंडर, सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं।कंपनी के शेयर बाजार के सफर की बात करें तो:जुलाई 2024 में कंपनी का ₹1,952.03 करोड़ का आईपीओ (IPO) आया था।मौजूदा समय में कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Cap) ₹35,600 करोड़ के पार निकल चुका है।फिलहाल बीएसई (BSE) पर एमक्योर फार्मा के शेयर की कीमत ₹1,881.90 के स्तर पर टिकी हुई है।मार्च 2026 के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के मुताबिक, कंपनी में प्रमोटर्स के पास अभी भी 77.87 फीसदी की मजबूत हिस्सेदारी बनी हुई है।निवेशकों की कराई तगड़ी कमाई, 1 साल में 40% का बंपर रिटर्नबाजार में लिस्ट होने के बाद से ही इस फार्मा स्टॉक ने निवेशकों को लगातार मालामाल किया है। पिछले कुछ समय में शेयर के प्रदर्शन पर नजर डालें तो इसमें शानदार तेजी देखने को मिली है:1 साल का रिटर्न: शेयर की कीमत में करीब 40 प्रतिशत की मजबूती आई है।6 महीने का रिटर्न: इस अवधि में स्टॉक ने 30 प्रतिशत से ज्यादा का मुनाफा दिया है।2 हफ्ते का रिटर्न: हालिया दो हफ्तों में भी यह शेयर करीब 12 प्रतिशत उछला है।₹10 की फेस वैल्यू वाले इस स्टॉक में आ रही लगातार तेजी कंपनी के मजबूत बिजनेस मॉडल को दर्शाती है।कैसी है एमक्योर फार्मा की वित्तीय सेहत? जानिए मुनाफे के आंकड़ेहिस्सेदारी की इस फेरबदल के बीच कंपनी के वित्तीय नतीजे भी काफी मजबूत नजर आ रहे हैं। जनवरी-मार्च 2026 (Q4FY26) की तिमाही में स्टैंडअलोन आधार पर कंपनी का रेवेन्यू ₹1,467.70 करोड़ रहा, जबकि इस दौरान कंपनी ने ₹233.70 करोड़ का नेट प्रॉफिट (शुद्ध मुनाफा) दर्ज किया।अगर पूरे वित्त वर्ष 2026 (FY26) की बात करें, तो कंपनी ने स्टैंडअलोन बेसिस पर ₹5,243.19 करोड़ का कुल रेवेन्यू हासिल किया है और सालाना शुद्ध मुनाफा ₹732.96 करोड़ रहा है। वित्तीय मोर्चे पर इस मजबूती के कारण ही बेन कैपिटल के एग्जिट के बाद भी घरेलू फंड हाउसेज ने स्टॉक में खरीदारी करने में जरा भी देर नहीं लगाई।
निवेश के नाम पर 61 लाख ठग क्रिप्टो करंसी में खपाए
भास्कर न्यूज | दंतेवाड़ा गीदम थाना क्षेत्र में ऑनलाइन टास्क और निवेश के नाम पर 61.06 लाख रुपए की ठगी के मामले में पुलिस ने केरल से अंतरराज्यीय गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर ठगी की रकम ठिकाने लगाने के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने का आरोप है। कोर्ट में पेशी के बाद तीनों को 27 जून तक न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। गीदम निवासी भूपेंद्र तेलामी को ऑनलाइन टास्क के जरिए भारी मुनाफे का झांसा दिया गया था। इसी बहाने 61.06 लाख रुपए की ठगी हुई। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य जुटाए। बैंक खातों की कड़ियां जोड़ीं। तार केरल से जुड़े मिले। पुलिस इस केस में पहले महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली, केरल से भी कई आरोपियों को पकड़ चुकी है। इस बार विशेष टीम ने केरल के कोझिकोड जिले में दबिश दी। तीन और आरोपियों को पकड़ा। गिरफ्तार आरोपियों में मोहम्मद नीजाज आर.एम. 21 साल का है। इसके नाम पर 7 से 8 अलग-अलग बैंकों में खाते चल रहे थे। इन खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम मंगाने और निकालने में होता था। दूसरा आरोपी अभिनव श्रीनिवास 23 साल का है। यह दूसरों के नाम पर फर्जी तरीके से बैंक खाते खुलवाता था। ठगी की रकम इन खातों में ट्रांसफर कराता था। मोटा कमीशन लेता था। रकम आगे भेज देता था। तीसरा आरोपी मोहम्मद साहिल 21 साल का है। यह लेन-देन की पूरी मॉनिटरिंग करता था। जांच में सामने आया है कि अभिनव श्रीनिवास ठगी की रकम को पुलिस की नजरों से बचाने के लिए क्रिप्टो में बदलकर आगे रूट करता था। पुलिस डिजिटल वॉलेट की जांच कर रही है।
नवा रायपुर में पहली गारमेंट यूनिट की नींव रखी गई 235 करोड़ का निवेश, 4650 को मिलेगा रोजगार
राज्य में औद्योगिक विकास को रफ्तार देने के लिए गुरुवार को नवा रायपुर के प्रस्तावित टेक्सटाइल पार्क में पहली गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की नींव रखी गई। वाणिज्य-उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन और आवास व पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने तमिलनाडु की स्विफ्ट टेक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड की 235 करोड़ रुपए की परियोजना का भूमिपूजन किया। इस यूनिट से 4650 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है। कंपनी यहां किड्स वियर और निट गारमेंट्स का उत्पादन करेगी। इनका निर्यात यूरोप और अमेरिका के बाजारों में किया जाएगा। नवा रायपुर में 81 एकड़ में विकसित हो रहे आधुनिक टेक्सटाइल पार्क में टेक्सटाइल, रेडीमेड गारमेंट, टेक्निकल टेक्सटाइल और सहायक उद्योगों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। पार्क में स्विफ्ट टेक्सटाइल्स के अलावा पुनीत क्रिएशन्स और दृष्टि डिजाइन्स एलएलपी को भी भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं। तीनों परियोजनाओं में करीब 445 करोड़ रुपए के निवेश से 11 हजार से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है। पांच साल तक उद्योगों को रोजगार सहायता छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में टेक्सटाइल और रेडीमेड गारमेंट्स को प्रमुख क्षेत्रों (थ्रस्ट सेक्टर) के रूप में प्राथमिकता दी गई है। नई नीति में रोजगार के अवसर पैदा करने वाले श्रम-प्रधान उद्योगों को प्रधानता दी गई है। रोजगार सृजन को और बढ़ावा देने नई नीति में महिला कर्मचारियों के लिए 6 हजार रुपए प्रति माह और पुरुष कर्मचारियों के लिए 5 हजार रुपए प्रति माह की दर से 5 साल की अवधि के लिए रोजगार सहायता देने के प्रावधान हैं। एक टेक्सटाइल फैक्ट्री सिर्फ इंडस्ट्रियल क्षमता ही नहीं बढ़ाती, बल्कि हजारों परिवारों के लिए रोजगार के साधन भी बनाती है। इस सेक्टर में युवाओं और महिलाओं को रोजगार देने की अपार क्षमता है। स्विफ्ट टेक्सटाइल्स की मेन्युफैक्चरिंग यूनिट की स्थापना महत्वपूर्ण कदम है। सरकार घर के पास ही रोजगार देने के लिए प्रतिबद्ध है।-लखन लाल देवांगन, वाणिज्य-उद्योग मंत्री हम छत्तीसगढ़ को देश का नया टेक्सटाइल हब बनाएंगे। बिजली, पानी, अधोसंरचना, कनेक्टिविटी समेत निवेशकों की जो भी जरूरतें होंगी, सभी हम प्राथमिकता से उपलब्ध कराएंगे। छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और युवाओं को ज्यादा से ज्यादा रोजगार उपलब्ध कराने के लिए हम पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रहे हैं। -ओपी चौधरी, आवास व पर्यावरण मंत्री।
SIP से अमीर बनने का सबसे बड़ा सीक्रेट! 28 साल के ऐतिहासिक डेटा ने खोले निवेश के 4 बड़े राज
अगर आप भी अपनी गाढ़ी कमाई को म्यूचुअल फंड में सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी SIP के जरिए निवेश कर रहे हैं या करने की सोच रहे हैं, तो आपके मन में यह सवाल जरूर आता होगा कि आखिर पैसा कितने दिनों के लिए लगाएं? बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच लार्ज कैप, मिड कैप या स्मॉल कैप में से कौन सा फंड आपके भविष्य के सपनों को सच करेगा? इन सभी उलझनों को दूर करने के लिए पिछले 28 सालों के मार्केट डेटा का एक बेहद दिलचस्प विश्लेषण सामने आया है, जो हर भारतीय निवेशक की आंखें खोल देगा।पहला जवाब: कम से कम कितने साल तक जारी रखनी चाहिए SIP?ऐतिहासिक डेटा का सबसे पहला और ठोस निष्कर्ष यह है कि एसआईपी में समय का बहुत बड़ा महत्व है। अगर आप सिर्फ 1 से 3 साल के लिए निवेश करते हैं, तो शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव के कारण आपको नुकसान होने का डर रहता है। लेकिन डेटा बताता है कि जैसे ही आप अपने निवेश की अवधि को 7 से 10 साल या उससे ऊपर ले जाते हैं, तो आपके नुकसान की संभावना (रिस्क) लगभग जीरो हो जाती है। लंबी अवधि में 'कंपाउंडिंग' (ब्याज पर ब्याज मिलना) का जादू काम करता है, जो आपके छोटे से निवेश को एक बड़े फंड में बदल देता है।दूसरा जवाब: लार्ज, मिड या स्मॉल कैप—कहां टिकेगा आपका पैसा?28 सालों के आंकड़ों ने फंड्स की परफॉर्मेंस को लेकर स्थिति बिल्कुल साफ कर दी है:लार्ज कैप फंड्स: ये देश की सबसे बड़ी और मजबूत कंपनियों (जैसे रिलायंस, टीसीएस) में पैसा लगाते हैं। यहां रिस्क सबसे कम होता है और रिटर्न में स्थिरता मिलती है। नए निवेशकों या सुरक्षित दांव खेलने वालों के लिए यह बेस्ट है।मिड कैप फंड्स: ये मझोली कंपनियों में निवेश करते हैं। डेटा के मुताबिक, लंबी अवधि में इन्होंने लार्ज कैप से बेहतर और स्मॉल कैप से अधिक स्थिर रिटर्न दिया है।स्मॉल कैप फंड्स: ये छोटी और तेजी से बढ़ती कंपनियों में पैसा लगाते हैं। इनमें रिस्क बहुत ज्यादा होता है, लेकिन जब बाजार तेज दौड़ता है, तो यही स्मॉल कैप फंड्स सबसे ज्यादा छप्परफाड़ रिटर्न कमा कर देते हैं।तीसरा जवाब: रिटर्न की रेस में किसने मारी बाजी?पिछले 28 वर्षों के लंबे सफर में अलग-अलग समय पर मार्केट ने कई उतार-चढ़ाव देखे—जैसे 2008 की मंदी या 2020 का कोरोना काल। डेटा गवाह है कि जिन निवेशकों ने बिना डरे स्मॉल और मिड कैप फंड्स में अपनी SIP को 15 से 20 साल तक जारी रखा, उन्हें औसतन 15 से 18 फीसदी तक का सालाना रिटर्न मिला है। वहीं, लार्ज कैप फंड्स ने भी विपरीत परिस्थितियों में 12 से 14 प्रतिशत का बेहद सुरक्षित और शानदार रिटर्न मेंटेन किया है, जो बैंक एफडी या पारंपरिक बचत योजनाओं से कहीं ज्यादा है।चौथा जवाब: भारतीय निवेशकों के लिए क्या है परफेक्ट पोर्टफोलियो फॉर्मूला?देश के टॉप फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स इस 28 साल के डेटा के आधार पर एक खास फॉर्मूला सुझाते हैं। भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था (GDP) का फायदा उठाने के लिए आपको अपने पैसे को किसी एक जगह ब्लॉक नहीं करना चाहिए। एक आदर्श पोर्टफोलियो के लिए अपनी कुल एसआईपी रकम का 50 फीसदी हिस्सा लार्ज कैप (स्थिरता के लिए), 30 फीसदी मिड कैप (ग्रोथ के लिए) और 20 फीसदी स्मॉल कैप (एक्स्ट्रा हाई रिटर्न के लिए) में बांटना सबसे समझदारी भरा और मुनाफे वाला कदम साबित होता है।
टाटा संस की लिस्टिंग टलेगी? RBI के इस बड़े यू-टर्न ने दी टाटा ग्रुप को राहत
भारतीय कॉर्पोरेट जगत और शेयर बाजार से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के एक हालिया कदम से देश के सबसे प्रतिष्ठित कारोबारी समूह, टाटा संस (Tata Sons) को बहुत बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जग गई है। बाजार में यह चर्चा तेजी से चल रही है कि क्या टाटा संस को शेयर बाजार में अनिवार्य रूप से लिस्ट होने के कड़े नियम से छूट मिल सकती है। अगर ऐसा होता है, तो टाटा ग्रुप के लिए यह किसी बड़ी लॉटरी से कम नहीं होगा।क्या था RBI का वो नियम जिससे बढ़ी थीं टाटा की मुश्किलें?पूरा मामला आरबीआई के 'अपर लेयर' एनबीएफसी (NBFC) नियमों से जुड़ा हुआ है। रिजर्व बैंक के स्केल-बेस्ड रेगुलेशन के तहत टाटा संस को एक कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी (CIC) और 'अपर लेयर' एनबीएफसी के रूप में क्लासीफाइड किया गया था। इस नियम के मुताबिक, ऐसी कंपनियों के लिए सितंबर 2025 तक शेयर बाजार में लिस्ट होना कानूनी रूप से अनिवार्य था। टाटा संस पिछले काफी समय से इस अनिवार्य लिस्टिंग से बचने के कानूनी रास्ते तलाश रहा था, क्योंकि ग्रुप अपनी होल्डिंग कंपनी का नियंत्रण पूरी तरह अपने पास रखना चाहता है।RBI का यू-टर्न और टाटा संस के लिए राहत का रास्ताअब रेगुलेटरी गलियारों से आ रही खबरों के मुताबिक, आरबीआई अपने कुछ कड़े नियमों में ढील देने या उनके रिव्यू पर विचार कर रहा है। सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय बैंक कुछ विशेष परिस्थितियों वाली बड़ी होल्डिंग कंपनियों को इस अनिवार्य लिस्टिंग के नियम से छूट देने की राह पर आगे बढ़ सकता है। अगर आरबीआई आधिकारिक तौर पर इस यू-टर्न को मंजूरी देता है, तो टाटा संस को आईपीओ (IPO) लाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे टाटा ट्रस्ट्स और ग्रुप कंपनियों को अपनी हिस्सेदारी बाजार में बेचने के दबाव से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी।लोकल मार्केट और निवेशकों पर क्या होगा इसका सीधा असर?मुंबई की दलाल स्ट्रीट से लेकर देश भर के रिटेल निवेशकों की नजरें इस खबर पर टिकी हैं। अगर टाटा संस की लिस्टिंग टलती है, तो टाटा ग्रुप की अन्य लिस्टेड कंपनियों जैसे टाटा मोटर्स, टाटा स्टील और टीसीएस (TCS) के शेयरों में एक बार फिर बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि लिस्टिंग टलने से टाटा संस के भीतर की रीस्ट्रक्चरिंग का दबाव खत्म होगा, जिससे ग्रुप अपनी पूंजी का इस्तेमाल नए जमाने के बिजनेस जैसे सेमीकंडक्टर, ईवी (EV) और डिजिटल सेक्टर में ज्यादा आक्रामक तरीके से कर पाएगा।
महिला साइबर ठग ने एक कारोबारी को करीब पांच माह तक लालच के जाल में फंसाकर 3.16 करोड़ रुपये ठग लिए। डिजिटल गोल्ड ट्रेडिंग कर करोड़ों रुपये कमाने का आरोपी ने झांसा दिया। पांच माह तक निवेश करने के बाद भी रकम नहीं निकली तो कारोबारी को संदेह हुआ। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सेक्टर-150 में रहने वाले रवि राजपाल ने पुलिस को बताया कि वह लेदर कारोबारी हैं। वह शेयर बाजार में निवेश करने में भी रुचि रखते हैं। 31 दिसंबर 2025 को उनके व्हाट्सऐप पर शेयर ट्रेडिंग संबंधी संदेश आया। महिला ने व्हाट्सएप ग्रुप पर भेजा था संदेश संदेश किसी रिया नाम की महिला ने भेजा था। उसने खुद को डिजिटल गोल्ड एक्सचेंज की जानकार बताया। रवि के मोबाइल नंबर को एसजीई एक्स नाम के व्हाट्सऐप ग्रुप पर जोड़ दिया। ग्रुप में महिला ठग के साथ अन्य सदस्य भी डिजिटल गोल्ड ट्रेडिंग में मुनाफा होने के स्क्रीन शाट साझा करते। रवि के पूछने पर महिला ने ठग ने बताया कि उसने पांच साल में कई करोड़ रुपये डिजिटल गोल्ड ट्रेडिंग में कमाए हैं। पार्ट टाइम इनकम की जा सकती है। पहले निवेश में 19000 का मुनाफा महिला ठग ने रवि को भी लिंक भेजकर एसजीए एक्स नाम की ऐप डाउनलोड कराया। उस पर पंजीकरण कराकर सबसे पहले 19 अप्रैल को 44 हजार रुपये का निवेश कराया। दो दिनों में ऐप पर 19 हजार रुपये का मुनाफा दिखने लगा। उन्होंने रकम को वापस अपने बैंक खाते में निकालकर देखा तो रकम क्लिक करते ही खाते में आ गई। 21 बार में डालें 3 करोड़ 16 लाख इससे रवि को महिला ठग पर विश्वास हो गया। महिला ठग के कहने पर रवि लगातार निवेश करने लगे। 26 मई तक पीड़ित कारोबारी ने 21 बार में तीन करोड़ 16 लाख दो हजार 423 रुपये ठगों के बताए बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए। ऐप पर छह करोड़ से ज्यादा का पोर्टफोलियो दिखने लगा। रवि जैसे ही रकम निकालने का प्रयास करता। महिला ठग और रकम निवेश कर ज्यादा मुनाफा कमाने की बात कहकर टरका देती। इससे रवि को संदेह हुआ। अलग-अलग राज्यों में खुले बैंक खातों में पहुंची रकमपुलिस को शुरुआती जांच में पता चला कि पीड़ित ने जिन बैंक खातों में रकम ट्रांसफर की थी, वह देश के विभिन्न राज्यों में खोले गए थे। इनमें महाराष्ट्र, तमिलनाडू, गुजरात, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और झारखंड आदि हैं। पुलिस इन बैंक खातों में जमा रकम को फ्रीज कराने का प्रयास कर रही है।
शेयर बाजार में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए एक और बड़ी खुशखबरी है। बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने तीन प्रमुख कंपनियों—कनोहर इलेक्ट्रिकल्स, टोरेंट गैस और सत्य एजेंसीज को अपना आईपीओ (IPO) लाने की औपचारिक मंजूरी दे दी है। इन तीनों कंपनियों के बाजार में उतरने से पूंजी जुटाने का रास्ता साफ हो गया है। ये कंपनियां न केवल अपने कारोबार का विस्तार करेंगी, बल्कि निवेशकों के लिए भी कमाई का एक नया मौका लेकर आएंगी।जानिए किन कंपनियों को मिली 'हरी झंडी'सेबी की मंजूरी पाने वाली इन तीनों कंपनियों का ताल्लुक देश के अलग-अलग राज्यों से है:कनोहर इलेक्ट्रिकल्स (उत्तर प्रदेश): यह ट्रांसफॉर्मर निर्माण क्षेत्र की दिग्गज कंपनी है।टोरेंट गैस (गुजरात): यह कंपनी सीएनजी और पाइप्ड नेचुरल गैस के क्षेत्र में तेजी से विस्तार कर रही है।सत्य एजेंसीज (तमिलनाडु): यह दक्षिण भारत की कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और होम अप्लायंसेज की बड़ी रिटेल चेन है।आईपीओ का साइज और निवेश का लक्ष्यकंपनियों द्वारा जमा किए गए ड्राफ्ट पेपर्स के अनुसार, सत्य एजेंसीज आईपीओ के जरिए कुल 600 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है, जिसमें 300 करोड़ रुपये के नए शेयर और 300 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है। वहीं, कनोहर इलेक्ट्रिकल्स 300 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी करेगी और प्रमोटर 1.45 करोड़ शेयरों की बिक्री करेंगे। टोरेंट गैस ने सेबी के 'प्री-फाइलिंग रूट' का इस्तेमाल किया है, जिससे वे अपने इश्यू साइज को फिलहाल गोपनीय रखने में सक्षम हैं। इन कंपनियों का मुख्य उद्देश्य कर्ज चुकाना, व्यावसायिक विस्तार और वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करना है।क्या है इन कंपनियों का बिजनेस मॉडल?कनोहर इलेक्ट्रिकल्स: यह कंपनी पावर ट्रांसमिशन, रेलवे और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर के लिए ट्रांसफॉर्मर बनाती है। यह भारतीय रेलवे के विद्युतीकरण में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी है।टोरेंट गैस: गुजरात के 34 जिलों में सक्रिय, टोरेंट गैस के पास 526 सीएनजी स्टेशन और 2 लाख से अधिक पाइप्ड गैस कनेक्शन हैं। यह ऊर्जा क्षेत्र की एक उभरती हुई बड़ी कंपनी है।सत्य एजेंसीज: दक्षिण भारत में इनका दबदबा है। तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक और पुडुचेरी में इनके फिजिकल स्टोर्स का विशाल नेटवर्क है, जो होम अप्लायंसेज और इलेक्ट्रॉनिक्स बेचते हैं।इन कंपनियों के आईपीओ बाजार में आने के बाद निवेशकों को पोर्टफोलियो में विविधता लाने का बेहतरीन मौका मिलेगा। आने वाले हफ्तों में इनके इश्यू प्राइस और तारीखों की घोषणा की जा सकती है।
Share Bazaar में लगातार दूसरे दिन तेजी, Sensex 109 अंक चढ़ा, Nifty फिर 24000 के पार
Share Market Update News : भारतीय शेयर बाजार में आज लगातार दूसरे दिन तेजी रही। कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 109 अंक (+0.14 फीसदी) की बढ़त के साथ 7100.47 पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 34 अंक (+0.14 फीसदी) चढ़कर 24056.00 के स्तर पर आ गया। आज ...
शेयर बाजार की धमाकेदार शुरुआत, सेंसेक्स 400 अंक उछला और निफ्टी 24,100 के पार
भारतीय शेयर बाजार में आज सुबह की शुरुआत बेहद शानदार और सकारात्मक रही है। ओपनिंग बेल बजते ही घरेलू स्टॉक मार्केट पूरी तरह से हरे निशान में नहाया हुआ नजर आया। मजबूत वैश्विक संकेतों और घरेलू संस्थागत निवेशकों की चौतरफा खरीदारी के दम पर सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही प्रमुख सूचकांकों ने तेज रफ्तार पकड़ ली है। बाजार खुलते ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स करीब 400 अंकों की भारी बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा, वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर 24,100 के पार निकल गया है।आईटी और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में आई तूफानी तेजीआज के शुरुआती कारोबार में सबसे ज्यादा चमक आईटी (Information Technology) और रियल्टी (Real Estate) सेक्टर के शेयरों में देखने को मिल रही है। दिग्गज आईटी कंपनियों के शेयरों में मजबूत लिवाली दर्ज की गई है, जिससे पूरे सेक्टर को बड़ा बूस्ट मिला है। इसके साथ ही रियल्टी इंडेक्स भी आज सुबह से ही रॉकेट बना हुआ है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक बाजारों से आ रहे अच्छे संकेतों और तकनीकी कंपनियों के बेहतर आउटलुक के कारण निवेशक इन सेक्टर्स पर जमकर दांव लगा रहे हैं, जिससे बाजार की इस तेजी को और मजबूती मिल रही है।वैश्विक संकेतों और लोकल सेंटीमेंट्स ने बाजार को दिया सहाराआज सुबह एशियाई बाजारों से मिल रहे मजबूत और सकारात्मक संकेतों ने भारतीय निवेशकों के हौसले बुलंद कर दिए हैं। अमेरिकी बाजारों में आई तेजी का सीधा असर आज हमारे घरेलू बाजार पर ओपनिंग के समय ही साफ तौर पर दिखाई दिया। इसके अलावा, देश के स्थानीय और क्षेत्रीय बाजारों से आ रहे मजबूत आर्थिक आंकड़े (Local Economic Data) और कॉर्पोरेट अर्निंग्स के बेहतर अनुमानों ने भी बाजार के सेंटीमेंट को बूस्ट करने का काम किया है। ओपनिंग मिनटों में ही चौतरफा खरीदारी आने से ट्रेडर्स काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं।निफ्टी के इन शेयर्स में दिख रही है सबसे ज्यादा हलचलशुरुआती कारोबार में निफ्टी के टॉप गेनर्स की सूची में आईटी और रियल्टी दिग्गजों के साथ-साथ कुछ चुनिंदा बैंकिंग शेयर्स भी शामिल हैं। निवेशकों द्वारा छोटे और मझोले (Midcap & Smallcap) शेयरों में भी दिलचस्पी दिखाए जाने के कारण बाजार का चौतरफा आउटलुक काफी मजबूत नजर आ रहा है। बाजार के जानकारों का कहना है कि अगर निफ्टी आज 24,100 के स्तर के ऊपर खुद को बनाए रखने में कामयाब रहता है, तो आने वाले ट्रेडिंग सेशन्स में हमें बाजार में और भी नए रिकॉर्ड बनते हुए दिखाई दे सकते हैं।निवेशकों और इंट्राडे ट्रेडर्स के लिए आज क्या है विशेषज्ञों की रायबाजार के मौजूदा रुख को देखते हुए मार्केट एक्सपर्ट्स और तकनीकी विश्लेषकों का कहना है कि आज इंट्राडे ट्रेडर्स को 'बाय ऑन डिप्स' यानी हर छोटी गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनानी चाहिए। निफ्टी के लिए अब 24,000 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट की तरह काम करेगा। विशेषज्ञों का सुझाव है कि आज के तेजी वाले माहौल में निवेशकों को आईटी और रियल्टी के साथ-साथ लार्ज-कैप शेयरों पर विशेष फोकस रखना चाहिए, लेकिन किसी भी नए निवेश से पहले स्टॉप-लॉस का कड़ाई से पालन करना बेहद जरूरी है।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश के गैर-बैंकिंग वित्तीय क्षेत्र (NBFC Sector) में पारदर्शिता और वित्तीय स्थिरता को बढ़ाने के लिए एक बहुत बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय बैंक ने अब 1 लाख करोड़ रुपये या उससे अधिक की संपत्ति (Asset Size) वाली नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFCs) को 'अपर लेयर' (NBFC-UL) कैटेगरी में रखने के नियमों को बेहद आसान और ठोस बना दिया है।आरबीआई के इस नए फैसले के बाद अब सबसे बड़ा असर देश के दिग्गज कॉर्पोरेट घराने टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस (Tata Sons) पर पड़ने जा रहा है। नए और कड़े रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के कारण टाटा संस के लिए अब शेयर बाजार (Stock Market) में लिस्ट होने से बचने के सभी रास्ते लगभग बंद हो गए हैं। आइए विस्तार से समझते हैं कि रिजर्व बैंक का यह नया नियम क्या है और इससे टाटा संस की मुश्किलें क्यों बढ़ गई हैं।अब क्या है अपर लेयर NBFC की पहचान का नया पैमाना?पहले के नियमों (फ्रेमवर्क) के तहत, अपर लेयर NBFC की पहचान करने के लिए कंपनियों के आकार (Size), इंटरकनेक्टेडनेस (आपसी जुड़ाव) और उनकी जटिलता पर आधारित एक पेचीदा स्कोरिंग पद्धति (Scoring Method) का इस्तेमाल किया जाता था। लेकिन अब केंद्रीय बैंक ने इस जटिल तरीके को हटाकर एक साफ और सीधा मानदंड अपना लिया है।नए संशोधन निर्देश, 2026 के अनुसार:1 लाख करोड़ का नियम: अब वे सभी NBFC अपर लेयर का हिस्सा होंगी, जिनका कुल एसेट साइज (संपत्ति का आकार) चालू वित्त वर्ष की लेटेस्ट ऑडिटेड बैलेंस शीट के अनुसार 1,00,000 करोड़ रुपये या उससे अधिक है।हर 3 साल में समीक्षा: इस 1 लाख करोड़ रुपये की एसेट साइज सीमा की समय-समय पर समीक्षा की जाएगी और हर 3 साल में इस लिमिट को दोबारा परखा जाएगा।ग्रुप एंटिटी के लिए नियम: यदि कोई NBFC किसी कमर्शियल बैंक की ग्रुप एंटिटी है और दोनों एक जैसा बिजनेस या गतिविधि कर रहे हैं, तो उस NBFC को सभी कड़े नियमों का पालन करना ही होगा, चाहे वह किसी भी लेयर में आती हो।स्केल बेस्ड रेगुलेशन (SBR) के तहत NBFC की 4 कैटेगरीरिजर्व बैंक वित्तीय जोखिम (Risk Profile) और देश की अर्थव्यवस्था के लिए उनके महत्व के आधार पर एनबीएफसी को रेगुलेट करता है। इसके तहत पूरे सेक्टर को चार स्तरों (Layers) में बांटा गया है:लेयर का नामकौन सी कंपनियां आती हैं इसमें?1. NBFC-बेस लेयर (NBFC-BL)सबसे निचले स्तर की कंपनियां, जिन पर कम नियम लागू होते हैं।2. NBFC-मिडिल लेयर (NBFC-ML)मध्यम आकार की एनबीएफसी।3. NBFC-अपर लेयर (NBFC-UL)1 लाख करोड़ रुपये से अधिक एसेट वाली शीर्ष कंपनियां, जिन पर कड़े नियम लागू होते हैं।4. NBFC-टॉप लेयर (NBFC-TL)यदि अपर लेयर की किसी कंपनी से सिस्टम को बहुत बड़ा जोखिम दिखता है, तो उसे इस टॉप लेयर में डाला जाता है।टाटा संस के लिए प्राइवेट बने रहने का रास्ता कैसे हुआ बंद?अपर लेयर एनबीएफसी को लेकर आए इस स्पष्टीकरण के बाद अब पूरा वित्तीय बाजार टाटा ग्रुप की पैरेंट कंपनी टाटा संस पर नजरें गड़ाए हुए है। टाटा संस वर्तमान में एक कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी (CIC) के रूप में रिजर्व बैंक के पास रजिस्टर्ड है।विवाद और पृष्ठभूमि:आरबीआई ने साल 2022 में ही टाटा संस को 'अपर-लेयर एनबीएफसी' की सूची में डाल दिया था। नियमों के मुताबिक, इस श्रेणी में आने वाली किसी भी कंपनी को तीन साल के भीतर यानी सितंबर 2025 तक शेयर बाजार में लिस्ट होना अनिवार्य था। लेकिन टाटा संस स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टिंग की कड़ी बाध्यताओं से बचना चाहती थी, जिसके लिए उसने अपना सीआईसी (CIC) लाइसेंस रद्द करने और एनबीएफसी रजिस्ट्रेशन सरेंडर करने की अर्जी आरबीआई को दी थी।क्यों बढ़ीं मुश्किलें?इकोनॉमिक टाइम्स इंटेलिजेंस ग्रुप (ETIG) के ताजा वित्तीय विश्लेषण के मुताबिक, केवल स्टैंडअलोन बेसिस (Standalone Basis) पर ही टाटा संस की कुल संपत्ति लगभग 1.9 लाख करोड़ रुपये की है। यह आरबीआई द्वारा तय की गई 1 लाख करोड़ रुपये की नई सीमा से बहुत ज्यादा है। वहीं कंपनी का कंसोलिडेटेड मार्केट कैप 300 अरब डॉलर से भी ऊपर जा चुका है।आरबीआई ने साफ कर दिया है कि वह नियमों में किसी भी कंपनी को कोई विशेष छूट नहीं देगा। ऐसे में टाटा संस का एसेट साइज बहुत बड़ा होने के कारण वह स्वतः ही अपर लेयर के दायरे में बनी रहेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्पष्ट रुख के बाद टाटा संस के एक 'प्राइवेट लिमिटेड' कंपनी बने रहने की बची-खुची संभावनाएं भी खत्म हो गई हैं और आने वाले समय में उसे भारतीय शेयर बाजार में अपना आईपीओ (IPO) लाना ही पड़ेगा।
देश के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित कॉर्पोरेट घराने 'टाटा ग्रुप' की होल्डिंग कंपनी टाटा संस (Tata Sons) को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) से एक बड़ा झटका लगा है। केंद्रीय बैंक ने नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कॉर्पोरेशन (NBFC) के नियमों को सख्त बनाए रखने का फैसला किया है, जिससे टाटा संस को रेगुलेटरी मोर्चे पर कोई राहत नहीं मिली है।आरबीआई ने एनबीएफसी की 'अपर-लेयर' (Upper-Layer) में शामिल होने के लिए एसेट (संपत्ति) की सीमा को 1 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2.5 लाख करोड़ रुपये करने की कॉर्पोरेट जगत की मांग को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। आसान भाषा में समझें तो आरबीआई के इस कड़े रुख का मतलब यह हुआ कि टाटा संस अभी भी रिजर्व बैंक के कड़े निगरानी दायरे (CIC-Core Investment Company) में बनी रहेगी और नियमों के तहत उसे भारतीय शेयर बाजार में लिस्ट होना अनिवार्य होगा।क्यों एसेट लिमिट में बदलाव चाहती थी टाटा संस?एनबीएफसी सेक्टर और टाटा ग्रुप की तरफ से लंबे समय से यह दलील दी जा रही थी कि किसी भी कंपनी के दर्जे को तय करने के लिए केवल संपत्ति का आकार ही नहीं, बल्कि उसके मुनाफे, वित्तीय स्थिरता और एसेट क्वालिटी को भी पैमाना बनाया जाना चाहिए। यदि आरबीआई इंडस्ट्री की मांग को मानते हुए एसेट लिमिट को बढ़ाकर ढाई लाख करोड़ रुपये कर देता, तो टाटा संस इस कड़े नियम के दायरे से पूरी तरह बाहर हो जाती।वित्तीय वर्ष 2026 (FY26) के आंकड़ों के अनुसार, टाटा संस की कुल standalone संपत्ति 1.75 लाख करोड़ रुपये दर्ज की गई है। यह संपत्ति आरबीआई की मौजूदा 1 लाख करोड़ रुपये की सीमा से तो अधिक है, लेकिन प्रस्तावित ढाई लाख करोड़ रुपये की सीमा से कम थी। हालांकि, रिजर्व बैंक अपने इस वित्तीय स्थिरता के फैसले से टस से मस नहीं हुआ।डूबी कंपनी तो पूरे फाइनेंशियल सिस्टम को खतरा: आरबीआईएक लाख करोड़ रुपये की इस सीमा को बरकरार रखने के पीछे रिजर्व बैंक ने बेहद मजबूत तर्क दिया है। आरबीआई का कहना है कि यह लिमिट मौजूदा एनबीएफसी सेक्टर की जमीनी हकीकत और इस दायरे में आने वाली कंपनियों के वित्तीय प्रोफाइल का गहन विश्लेषण करने के बाद ही तय की गई है।केंद्रीय बैंक ने साफ किया कि 'टू बिग टू फेल' (Too Big to Fail) के सिद्धांत के तहत इस स्तर की किसी भी बड़ी वित्तीय कंपनी के डूबने या संकट में आने से पूरे देश के फाइनेंशियल सिस्टम की स्थिरता और बैंकिंग नेटवर्क को बड़ा खतरा हो सकता है। आपको बता दें कि आरबीआई ने सबसे पहले सितंबर 2022 में ही टाटा संस को 'अपर-लेयर एनबीएफसी' की श्रेणी में डाला था, जिसके बाद से ही उसके लिए शेयर बाजार में अपना आईपीओ (IPO) लाना कानूनी रूप से जरूरी हो गया था।कर्ज चुकाकर रजिस्ट्रेशन सरेंडर करने की चाल; बोर्ड में खुलकर आया मतभेदशेयर बाजार में लिस्टिंग और आईपीओ की कड़े वैधानिक नियमों व बाध्यताओं से बचने के लिए टाटा संस ने पिछले दिनों एक रणनीतिक कदम उठाया था। कंपनी ने अपने ऊपर बकाया सभी तरह के कर्जों को पूरी तरह चुका दिया (Debt-Free) और खुद को कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी के दायरे से बाहर बताते हुए आरबीआई के पास अपना एनबीएफसी रजिस्ट्रेशन सरेंडर (रद्द) करने के लिए आवेदन कर दिया। टाटा संस का यह आवेदन अभी भी आरबीआई के पास लंबित (Pending) है।इस बीच, टाटा संस के बोर्ड रूम के भीतर लिस्टिंग को लेकर दो बड़े दिग्गजों के बीच वैचारिक मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं:नोएल टाटा (Noel Tata): टाटा ट्रस्ट्स द्वारा नामांकित डायरेक्टर नोएल टाटा कंपनी की शेयर बाजार में लिस्टिंग और आईपीओ लाने के सख्त खिलाफ हैं। उनका मानना है कि होल्डिंग कंपनी की गोपनीयता बनी रहनी चाहिए।वेणु श्रीनिवासन (Venu Srinivasan): ट्रस्ट के ही दूसरे नामांकित डायरेक्टर वेणु श्रीनिवासन लिस्टिंग के पक्ष में हैं। उनका तर्क है कि पब्लिक लिस्टिंग से पारदर्शिता बढ़ेगी।आपको बता दें कि टाटा ट्रस्ट्स ही टाटा संस में सबसे बड़ी और मुख्य शेयरधारक (Shareholder) है, इसलिए बोर्ड के इस आंतरिक विवाद पर पूरे बाजार की नजरें टिकी हैं।standalone बैलेंस शीट से होगी जांच; बढ़ेंगी टाटा संस की मुश्किलेंआरबीआई ने अपने नए आदेश में स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी एनबीएफसी कंपनी का मूल्यांकन उसके पूरे ग्रुप के एकीकृत खातों (Consolidated Accounts) के आधार पर नहीं, बल्कि उसकी व्यक्तिगत standalone ऑडिटेड बैलेंस शीट के आधार पर ही किया जाएगा। इसके अलावा, केंद्रीय बैंक अब हर 5 साल के बजाय हर 3 साल में इस एसेट लिमिट की समीक्षा करेगा ताकि तेजी से बदलते वित्तीय माहौल पर कड़ी नजर रखी जा सके।सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आरबीआई ने साफ तौर पर कहा है कि वह किसी भी विशिष्ट कंपनी को इस नियम में कोई 'विशेष छूट' या रियायत नहीं देगा। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आरबीआई की यह टिप्पणी भले ही सीधे तौर पर कुछ सरकारी एनबीएफसी के संदर्भ में आई हो, लेकिन इसका सीधा और गहरा असर टाटा संस के रजिस्ट्रेशन रद्द करने वाले आवेदन पर पड़ेगा, जिससे टाटा संस के लिए अब आईपीओ के रास्ते पर आगे बढ़ना लगभग तय माना जा रहा है।
वैश्विक और घरेलू सर्राफा बाजार से इस वक्त की सबसे बड़ी आर्थिक खबर सामने आ रही है। ग्लोबल मार्केट में छाई मंदी और अमेरिकी डॉलर सूचकांक (Dollar Index) में आई रिकॉर्ड मजबूती के चलते सोने और चांदी की कीमतों में भारी हाहाकार मचा हुआ है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आ रही इस बड़ी गिरावट का आलम यह है कि आज गुरुवार को सोने के दाम टूटकर नवंबर 2025 के बाद के अपने सबसे निचले स्तर (Lowest Level) पर आ गए हैं।अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बढ़ती संभावनाओं के कारण निवेशकों ने फिलहाल सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने से दूरी बना ली है। इंटरनेशनल मार्केट में हाजिर सोना (Spot Gold) करीब ढाई फीसदी की बड़ी गिरावट के साथ 3,997 डॉलर प्रति औंस पर आ गया है, जबकि चांदी भी फिसलकर 57 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही है। भारतीय घरेलू बुलियन मार्केट में भी इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है, जहां 24 कैरेट शुद्ध सोने की कीमत लुढ़ककर 141,220 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गई है।दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 1,200 और चांदी 4,000 रुपये लुढ़कीअमेरिकी मौद्रिक नीति (US Monetary Policy) को लेकर बदलते वैश्विक अनुमानों के बीच भारतीय बाजारों में पिछले कुछ कारोबारी सत्रों से लगातार गिरावट का रुख बना हुआ है। दिल्ली सर्राफा बाजार में बीते शाम को सोना 1,200 रुपये की बड़ी छलांग लगाकर सीधे 1,48,100 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जबकि इससे पिछले सत्र में यह 1,49,300 रुपये पर बंद हुआ था।सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी लगातार दूसरे दिन तगड़ी गिरावट दर्ज की गई है। चांदी का भाव 4,000 रुपये प्रति किलो टूटकर 2,31,000 रुपये प्रति किलो रह गया। गौर करने वाली बात यह है कि इससे ठीक पिछले सत्र में चांदी में 10,500 रुपये की अब तक की सबसे बड़ी ऐतिहासिक गिरावट देखी गई थी। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इस हालिया उठापटक के बाद चांदी अब अप्रैल की शुरुआत वाले अपने निचले स्तर पर वापस पहुंच गई है।क्यों टूट रहे हैं सोने-चांदी के दाम? ये हैं 2 सबसे बड़े कारणवैश्विक स्तर पर कीमती धातुओं की कीमतों में आ रहे इस बड़े क्रैश के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े भू-राजनीतिक और आर्थिक कारण काम कर रहे हैं:ईरान जंग का संकट टलना: वैश्विक स्तर पर पिछले काफी समय से ईरान और मिडल ईस्ट में युद्ध को लेकर जो गहरा डर बना हुआ था, वह अब धीरे-धीरे पूरी तरह टलने लगा है। जैसे ही युद्ध की आशंका कम हुई, निवेशकों ने सोने-चांदी जैसे सुरक्षित ठिकानों से अपना मुनाफावसूली (Profit Booking) कर पैसा निकालना शुरू कर दिया और उसे इक्विटी मार्केट में लगाने लगे हैं।अमेरिकी फेडरल रिजर्व का सख्त रुख: अमेरिकी केंद्रीय बैंक 'फेडरल रिजर्व' ने अपनी हालिया नीतिगत बैठक में ब्याज दरों को लेकर बेहद सख्त संकेत दिए हैं। बाजार के बड़े ट्रेडर्स अब यह मानकर चल रहे हैं कि फेडरल रिजर्व अपनी तय समय-सीमा से पहले, यानी आगामी सितंबर महीने की शुरुआत में ही ब्याज दरों में बढ़ोतरी का फैसला कर सकता है। जब भी ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो सोने की चमक फीकी पड़ जाती है।अपने ऑल-टाइम रिकॉर्ड हाई से धड़ाम हुए रेटइस साल की शुरुआत में जनवरी 2026 के दौरान सोने और चांदी ने जो आसमान छूते हुए रिकॉर्ड स्तर बनाए थे, वर्तमान कीमतें उस मुकाबले आधे से भी कम दाम पर आ चुकी हैं। चांदी जनवरी 2026 में 121 डॉलर प्रति औंस के अपने ऑल-टाइम हाई (All-Time High) पर थी, जो अब वहां से घटकर केवल 57 डॉलर प्रति औंस से भी नीचे आ गई है। यह दिसंबर 2025 के बाद का इसका सबसे निचला स्तर है। वहीं, सोना भी जनवरी में बनाए गए अपने ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्तर 5,594.82 डॉलर प्रति औंस से अब तक 1,500 डॉलर से ज्यादा टूट चुका है।13 महीने के रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा अमेरिकी डॉलरपृथ्वी फिनमार्ट के डायरेक्टर मनोज कुमार जैन के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर इस समय अपने 13 महीने के सबसे उच्चतम स्तर पर ट्रेड कर रहा है। डॉलर के मजबूत होने का सीधा और विपरीत असर सोने-चांदी की कीमतों पर पड़ता है। इसके अलावा, दुनिया भर में महंगाई की उम्मीदें कम होने से भी सोने को मिलने वाला पारंपरिक सपोर्ट कमजोर हुआ है।हालांकि, मनोज कुमार जैन का यह भी कहना है कि दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों (Central Banks) की तरफ से की जा रही लगातार सोने की खरीदारी की वजह से सोने को 3,900 डॉलर के पास एक बेहद मजबूत सपोर्ट मिल रहा है। इस सपोर्ट लेवल के कारण सोना किसी और बड़ी गिरावट से बच सकता है और आने वाले कुछ हफ्तों तक कीमतें इसी सीमित दायरे में बनी रह सकती हैं।घरेलू बुलियन और IBJA मार्केट की ताजा रेट लिस्टबुलियन मार्केट के समापन सत्र और इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा बुधवार शाम को जारी किए गए आधिकारिक रेट्स के अनुसार विभिन्न कैरेट के सोने और चांदी का भाव कुछ इस प्रकार दर्ज किया गया है:बुलियन मार्केट क्लोजिंग रेट्स (प्रति 10 ग्राम):24 कैरेट गोल्ड: 141,220 रुपये22 कैरेट गोल्ड: 129,452 रुपये20 कैरेट गोल्ड: 117,683 रुपये18 कैरेट गोल्ड: 105,915 रुपयेचांदी (प्रति किलो): 213,440 रुपयेIBJA आधिकारिक रेट लिस्ट (बुधवार शाम):24 कैरेट गोल्ड: 142,178 रुपये23 कैरेट गोल्ड: 141,609 रुपये22 कैरेट गोल्ड: 130,235 रुपये18 कैरेट गोल्ड: 106,634 रुपयेचांदी (क्लोजिंग प्राइस): 222,035 रुपये प्रति किलोशादियों और त्योहारों के सीजन से ठीक पहले सोने और चांदी की कीमतों में आई यह भारी गिरावट उन आम ग्राहकों के लिए आभूषण खरीदने का एक शानदार मौका हो सकती है, जो लंबे समय से सही दामों का इंतजार कर रहे थे।
योगी बोले- बीमारू टैग से बाहर निकला यूपी:बेंगलुरु में उद्योगपतियों को दिया निवेश का न्योता
बेंगलुरु में आयोजित उत्तर प्रदेश ग्लोबल ग्रोथ डायलॉग-2026 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उद्योग जगत के दिग्गजों के सामने नए उत्तर प्रदेश की तस्वीर रखी। योगी ने कहा- आज यूपी सेफ्टी, स्टेबिलिटी और स्पीड यानी 3S मॉडल पर आगे बढ़ रहा है। 9 साल पहले जिस यूपी की पहचान बीमारू राज्य के तौर पर होती थी, वही अब निवेश और उद्योग का बड़ा केंद्र बन रहा है। सभी क्षेत्रों में निवेश के लिए बेहतर माहौल तैयार किया है। मैं आज आप सबको यूपी में आमंत्रित करता हूं। इस कार्यक्रम में यूपी के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और देश के कई बड़े उद्योगपतियों ने शिरकत की। जहां यूपी सरकार ने नए निवेश को आकर्षित करने के लिए अपना विजन साझा किया। 2 तस्वीरें देखिए सीएम योगी के भाषण की 5 मुख्य बातें 1. यूपी बना 3S मॉडल, सेफ्टी, स्टेबिलिटी और स्पीडसीएम योगी ने कहा कि आज यूपी उद्योगों के लिए 3S मॉडल (सेफ्टी, स्टेबिलिटी और स्पीड) के रूप में उभर रहा है। किसी भी इंडस्ट्री के विकास के लिए मजबूत कानून व्यवस्था, स्थिर माहौल और तेज फैसले जरूरी होते हैं। यूपी ने खुद को एक मजबूत रूल ऑफ लॉ वाले राज्य के रूप में स्थापित किया है। पारदर्शी शासन और निवेश के अनुकूल नीतियों से प्रदेश में उद्योगों के लिए बेहतर माहौल तैयार हुआ है। 2. इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी में यूपी की नई पहचानयूपी में पिछले कुछ वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में बड़ा बदलाव हुआ है। प्रदेश में एक्सप्रेस-वे, सड़क, रेलवे, एयर और जलमार्ग कनेक्टिविटी का मजबूत नेटवर्क तैयार हुआ है। यूपी के पास देश का सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क और सबसे ज्यादा एक्सप्रेस-वे नेटवर्क है। दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और वाराणसी से हल्दिया तक नेशनल इनलैंड वाटरवे जैसी परियोजनाएं प्रदेश को नई गति दे रही हैं। 3. 9 साल में बदली यूपी की तस्वीर और परसेप्शन9 साल पहले उत्तर प्रदेश की पहचान खराब कानून व्यवस्था, पलायन और विकास की कमी वाले राज्य के रूप में होती थी। लेकिन आज यूपी की छवि पूरी तरह बदल चुकी है। अब प्रदेश निवेश, उद्योग और विकास की नई कहानी लिख रहा है। उन्होंने कहा कि यूपी में आज वह हर सुविधा उपलब्ध है, जो भारत की विकास यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी है। 4. MSME और इंडस्ट्री सेक्टर में तेज विकासयूपी में आज करीब 96 लाख MSME यूनिट काम कर रही हैं। 'वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट' योजना के जरिए स्थानीय उत्पादों और छोटे उद्योगों को नई पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि पिछले 9 वर्षों में प्रदेश में बड़े औद्योगिक संस्थानों की संख्या करीब 14 हजार से बढ़कर 33 हजार से अधिक हो गई है। मैन्युफैक्चरिंग और उद्योगों के लिए यूपी में निवेश की बड़ी संभावनाएं मौजूद हैं। 5. स्किल्ड टैलेंट और निवेश के लिए तैयार यूपीयूपी में युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट का मजबूत नेटवर्क है। प्रदेश हर साल बड़ी संख्या में STEM (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथमेटिक्स) ग्रेजुएट तैयार करता है। आईआईटी, आईआईएम, टेक्निकल यूनिवर्सिटी और वोकेशनल एजुकेशन संस्थानों के जरिए इंडस्ट्री की जरूरत के अनुसार स्किल्ड मैनपावर उपलब्ध है। उन्होंने निवेशकों से यूपी की ग्रोथ स्टोरी में भागीदार बनने और विकसित भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में सहयोग करने की अपील की। यूपी के निवेश अवसरों पर मंथन, कई सेक्टरों पर हुई चर्चा सीएम योगी ने 'उत्तर प्रदेश ग्लोबल ग्रोथ डायलॉग-2026' के तहत IT, ITeS, AI और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) को लेकर हुई उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इसमें उन्होंने टेक्नोलॉजी कंपनियों, निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों से यूपी में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। इस कार्यक्रम में देश के बड़े उद्योगपति, बिजनेस लीडर और निवेशक शामिल हुए। इसमें इन्फ्रास्ट्रक्चर, IT-ITeS, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) और FDI जैसे क्षेत्रों में यूपी में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने राज्य की निवेश नीतियों और विकास के अवसरों को लेकर अपने विचार साझा किए। IT और AI सेक्टर के निवेशकों से किया संवाद बैठक में प्रदेश की बेहतर कानून-व्यवस्था, निवेश के लिए अनुकूल नीतियों, कुशल मानव संसाधन और AI, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर व डिजिटल इनोवेशन के क्षेत्र में मौजूद अवसरों को सामने रखा गया। यूपी के विकास मॉडल को प्रस्तुत किया गया, जिसमें बेहतर शहरी विकास, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, अच्छी कनेक्टिविटी और निवेश के लिए अनुकूल नीतियों पर जोर दिया गया। निवेशकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने प्रदेश के सुशासन और मजबूत औद्योगिक माहौल की सराहना की। ………………………… ये खबर भी पढिए… राममंदिर चोरी-SIT ने चंपत राय समेत 17 को आरोपी माना:इन पर FIR लगभग तय; टिन्नू के पास मिलीं दानपात्रों की चाबियां अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने जांच रिपोर्ट में मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और निर्माण प्रभारी गोपाल राव समेत 17 लोगों को आरोपी माना है। इनके खिलाफ FIR होना लगभग तय माना जा रहा है। सूत्रों से यह जानकारी मिली है। पूरी खबर पढ़िए…
भिंड में साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों के बीच भिंड पुलिस ने लोगों को ऑनलाइन ठगी से बचाने के लिए 15 दिवसीय जागरूकता अभियान ‘सेफ क्लिक 2.0’ की शुरुआत की है। बुधवार से शुरू हुआ यह अभियान 8 जुलाई 2026 तक जिलेभर में संचालित किया जाएगा। इसके तहत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया जाएगा तथा सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार वर्मा के निर्देशन में शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य आम नागरिकों को इंटरनेट, स्मार्टफोन और डिजिटल प्लेटफॉर्म के सुरक्षित उपयोग की जानकारी देना है। अभियान के दौरान पुलिस लोगों को साइबर स्वच्छता (साइबर हाइजीन) के महत्व से भी अवगत कराएगी, ताकि ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में कमी लाई जा सके। भिंड पुलिस स्कूलों, कॉलेजों, कोचिंग सेंटरों, बैंक परिसरों, ग्राम पंचायतों, हाट-बाजारों और विभिन्न शासकीय-अर्धशासकीय कार्यालयों में विशेष कार्यक्रम आयोजित करेगी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को ओटीपी फ्रॉड, सिम स्वैपिंग, सेक्सटॉर्शन, डिजिटल अरेस्ट, म्यूल अकाउंट, फिशिंग, हैकिंग, पहचान की चोरी, साइबर स्टॉकिंग, साइबर बुलिंग, डेटा चोरी, फर्जी लोन, फर्जी नौकरी और निवेश के नाम पर होने वाली ठगी से बचने के उपाय बताए जाएंगे। अभियान के जिला स्तरीय नोडल अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप पटेल बनाए गए हैं। वहीं जिले के सभी अनुभागीय अधिकारी और थाना प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में प्रतिदिन जागरूकता गतिविधियों का संचालन करेंगे। तस्वीरों में देखिए पुलिस की एक्टिविटी साइबर ठगी होने पर तुरंत करें शिकायतभिंड पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, वीडियो कॉल, लॉटरी, पार्ट-टाइम जॉब या तत्काल लोन देने के प्रलोभन में न आएं। यदि कोई व्यक्ति ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है तो घटना के बाद का पहला घंटा ‘गोल्डन आवर’ माना जाता है। इस दौरान तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करने या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने से ठगी गई राशि को संबंधित बैंक खातों में फ्रीज कराया जा सकता है और रकम वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है। अभियान के शुभारंभ अवसर पर सीएसपी निरंजन राजपूत, एसडीओपी रविंद्र वास्कले, डीएसपी दीपक तोमर, यातायात निरीक्षक राघवेंद्र भार्गव, साइबर सेल के अधिकारी एवं विभिन्न थानों के प्रभारी मौजूद रहे।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के जमीन खरीद मामले को लेकर बुधवार को दिल्ली में कांग्रेस नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस सांसद व मीडिया विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा और मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री को घेरा है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि यह भूमि खरीद पूरी तरह से सत्ता के संरक्षण में हुई है। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जज (Sitting Judge) से कराने की मांग की है। इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व चुप्पी साधे हुए हैं। इस चुप्पी से साफ है कि इसमें भाजपा और आरएसएस की मिलीभगत है। दूसरी ओर, भाजपा ने कांग्रेस आरोपों पर पलटवार किया है। मंत्री चेतन्य काश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री ओबीसी समाज से हैं, इसलिए कांग्रेस पार्टी उन्हें बदनाम कर रही है। पटवारी ने पूछा- 'एक रुपए' में जमीन एक ट्रस्ट को क्यों दी जीतू पटवारी ने सरकार और भाजपा को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के परिवार की जमीन खरीदी की खबर छपे 30 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है। अगर यह खबर झूठी और बेबुनियाद है, तो मुख्यमंत्री या भाजपा ने अब तक संबंधित अखबार के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं की और मानहानि का मुकदमा दर्ज क्यों नहीं कराया? उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पर मामले को भटकाने का आरोप लगाया और कहा कि जब जमीन पर सवाल पूछा गया तो भाजपा ने मुख्यमंत्री के 'ओबीसी' होने का कार्ड खेल दिया। पटवारी ने पलटवार करते हुए पूछा कि क्या ओबीसी होने का मतलब यह है कि किसी को भी गलत काम करने की छूट मिल जाती है? मैं खुद ओबीसी समाज से आता हूं और मुख्यमंत्री से सीधे जवाब चाहता हूं। वीर भारत न्यास को 1 रुपए में 500 करोड़ की जमीन दी जीतू पटवारी ने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि उज्जैन में 'वीर भारत न्यास' नामक एक ट्रस्ट को 500 करोड़ रुपए की सरकारी जमीन महज '1 रुपए' की टोकन राशि पर दे दी गई। इस ट्रस्ट के ट्रस्टी श्रीराम तिवारी हैं, जो मुख्यमंत्री के सांस्कृतिक सलाहकार हैं। पटवारी ने मुख्यमंत्री से पूछा कि इस ट्रस्ट को इतनी महंगी जमीन किस आधार पर दी गई। मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके परिवार ने जो जमीनों का लैंड बैंक बनाया, उसकी आय का स्रोत क्या था? क्या इन संपत्तियों का विवरण सार्वजनिक नहीं होना चाहिए? उन्होंने चेतावनी दी कि यह घोटाला सिर्फ पहली सीरीज है। उन्होंने दावा किया कि चार दिन पहले ही मुख्यमंत्री के सानिध्य में छह विभागों में ट्रांसफर इंडस्ट्री चलाकर 1000 करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार का स्टिंग देखा है। पटवारी ने मांग की कि सरकार सभी परियोजनाओं की टाइमलाइन साझा करे और वर्ष 2023 के बाद मुख्यमंत्री के परिवार द्वारा खरीदी गई सभी जमीनों को लेकर एक 'श्वेत पत्र' (White Paper) जारी करे। मंत्री चेतन्य काश्यप बोले- सीएम ओबीसी इसलिए बदनाम कर रहे कांग्रेस के इन गंभीर आरोपों पर मध्य प्रदेश के एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप ने पलटवार किया है। उन्होंने भोपाल और दिल्ली में जीतू पटवारी द्वारा की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की छवि खराब करने की एक साजिश करार दिया। काश्यप ने साफ किया कि जीतू पटवारी जिस 'वीर भारत न्यास' ट्रस्ट पर 500 करोड़ की जमीन हथियाने का आरोप लगा रहे हैं, वह कोई निजी ट्रस्ट नहीं बल्कि पूरी तरह से एक सरकारी ट्रस्ट है। जमीन की खरीद CM बनने से पहले की मंत्री चेतन्य काश्यप ने जमीन की स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पास कुल 17 एकड़ जमीन है। वह उनके मुख्यमंत्री बनने से बहुत पहले की है और यह उनकी व्यक्तिगत संपत्ति है। मास्टर प्लान में किसी भी तरह का कोई बदलाव नहीं किया है। मुख्यमंत्री की पुत्रवधू ने 10 एकड़ जमीन खरीदी है, वह भी वर्तमान मास्टर प्लान के दायरे से पूरी तरह बाहर है। काश्यप ने कहा कि जीतू पटवारी ने पढ़ना-लिखना बंद कर दिया है। राज्यसभा चुनाव में मिली करारी हार की हताशा के कारण कांग्रेस इस तरह के बेबुनियाद आरोप लगा रही है। इस तरह की राजनीति करने वाली कांग्रेस को पहले अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर लगे जमीन गड़बड़ी के आरोपों की जांच करानी चाहिए। पवन खेड़ा बोले- 'इंसाइडर ट्रेडिंग' में आरएसएस का संरक्षण कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि यह मामला सिर्फ मध्य प्रदेश का स्थानीय मुद्दा नहीं है, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय विषय है क्योंकि उज्जैन और अयोध्या जैसे शहरों से पूरी दुनिया के करोड़ों लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। श्रद्धालु अपना पेट काटकर जो पैसा दानपात्र में डालते हैं, उसे लूटना लोगों की पीठ में खंजर घोंपने जैसा है। खेड़ा ने कहा कि जमीन हड़पने के इस खेल में शामिल लोगों को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का पूरा संरक्षण प्राप्त है, इसलिए आज के हालात 'संघम शरणम् गच्छामि' जैसे हो गए हैं। उन्होंने कहा कि आरएसएस खुद को एक गैर-पंजीकृत संस्था बनाकर रखता है ताकि उसके पास सारी शक्तियां तो रहें, लेकिन किसी भी गड़बड़ी पर उसकी कोई जिम्मेदारी और जवाबदेही तय न हो सके। खेड़ा बोले- मास्टर प्लान में बदलाव और शेयर मार्केट जैसी 'इंसाइडर ट्रेडिंग' हुई पवन खेड़ा ने मुख्यमंत्री के परिवार द्वारा की गई जमीन खरीदी की तुलना शेयर बाजार के 'इंसाइडर ट्रेडिंग' से की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के पास अंदरुनी और गोपनीय जानकारी थी कि उज्जैन के मास्टर प्लान 2035 में कौन सी सड़कें कहां से गुजरेंगी और कौन सा क्षेत्र विकास योजनाओं के लिए चिन्हित होगा। इस प्रभाव और जानकारी का दुरुपयोग करके मुख्यमंत्री के परिवार ने दिसंबर 2023 में उनके सीएम बनने के बाद 168 एकड़ में से 111 एकड़ जमीन उसी क्षेत्र में खरीद ली, जहां आगामी सिंहस्थ कुंभ मेला होने वाला है। उन्होंने कांग्रेस के नैतिक मूल्यों की याद दिलाते हुए कहा कि आदर्श हाउसिंग सोसायटी घोटाले में सिर्फ सास के नाम पर फ्लैट होने के आरोप पर कांग्रेस ने अशोक चव्हाण का इस्तीफा ले लिया था, लेकिन यहां सैकड़ों एकड़ जमीन के पुख्ता सबूत होने के बाद भी मीडिया में सन्नाटा है और मुख्यमंत्री की कुर्सी बरकरार है। उन्होंने अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री का उदाहरण देते हुए कहा कि आरएसएस से जुड़े मुख्यमंत्रियों पर सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती। ऊर्जा मंत्री बोले- कांग्रेस ने सीएम की छवि खराब की जीतू पटवारी के आरोपों पर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री की छवि कांग्रेस ने खराब की है। मुख्यमंत्री बनने से पहले उन्होंने और उनके परिवार ने जमीन खरीदी थी। मुख्यमंत्री बनने के बाद से कोई जमीन नहीं खरीदी। मुख्यमंत्री का परिवार व्यापार करने के लिए वह स्वतंत्र है और सभी के परिवार के लोग व्यापार करते हैं। सिर्फ मुख्यमंत्री के खिलाफ भ्रामक और निराधार जानकारियां कांग्रेस उठा रही है। मध्य प्रदेश की सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि मुख्यमंत्री की संपत्ति की बारे में जानकारी गलत दी जा रही है। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी कल इसके बारे में सभी के सामने अपना पक्ष रखा है। मुख्यमंत्री को बदनाम करने की साजिश कांग्रेस की हो रही है वह कभी कामयाब नहीं हो पाएगी
कोविड के बाद भारत का विदेशी निवेश, वैश्विक रुझान के विपरीत रही थी तेजी
नई दिल्ली, भारत का बाहरी देशों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (आउटवर्ड एफडीआई) कोविड-19 के बाद के दौर में तेजी से बढ़ा है, जबकि इसके विपरीत दुनिया भर में विदेशी निवेश में गिरावट देखी जा रही है। मंगलवार को जारी बैंक ऑफ बड़ौदा की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
भिलाई में घरेलू परेशानियां दूर करने, तंत्र-मंत्र और पूजा-पाठ कराने का झांसा देकर एक महिला से करीब 85 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी ने महिला को कभी जिन्न और प्रेत बाधा का डर दिखाया, कभी निवेश पर मोटा मुनाफा दिलाने का वादा किया। गुप्त पूजा और पति के एक्सीडेंट की भविष्यवाणी कर डराया। इतना ही नहीं, जब महिला ने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपी ने हाथ की नस काटकर व्हाट्सएप पर फोटो भेज दी और खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच में गिरफ्तार बताकर भी लाखों रुपए ऐंठ लिए। भिलाई की रहने वाली संगीता कश्यप ने कोतवाली थाना भिलाई नगर में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने जबलपुर निवासी पवन बधौलिया के खिलाफ धोखाधड़ी, धमकी और अन्य धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रिश्तेदार के जरिए हुई थी पहचान शिकायत के मुताबिक नवंबर 2023 में संगीता कश्यप एक पारिवारिक कार्यक्रम में रायपुर गई थीं। वहां रिश्तेदारों और परिचितों के साथ उनकी मुलाकात पवन बधौलिया से हुई। बातचीत के दौरान महिला ने अपनी घरेलू परेशानियों का जिक्र किया। इस पर पवन ने दावा किया कि उसकी पहुंच ऐसे लोगों तक है जो विशेष पूजा-पाठ और तंत्र-मंत्र के जरिए सारी समस्याएं दूर कर सकते हैं। महिला का आरोप है कि इसके बाद आरोपी लगातार उसे फोन कर ग्रह दोष, प्रेत बाधा और जिन्न का डर दिखाने लगा। वह कहता था कि जबलपुर में गुप्त पूजा कराई जा रही है और इसके लिए पैसे भेजने होंगे। आरोपी ने 43 दिन तक दिया जलाने जैसी बातें भी कहीं और पूजा के नाम पर लगातार रकम मांगता रहा। जिन्न से अनिष्ट हो जाएगा', कहकर बनाता था दबाव महिला ने पुलिस को बताया कि जब भी वह पैसे देने में देरी करती थी, आरोपी उसे डराता था कि जिन्न नाराज हो जाएंगे और परिवार को नुकसान पहुंचा सकते हैं। आरोप है कि उसने कई बार दैवीय शक्तियों का डर दिखाकर पैसे लिए। यहां तक कि अपने रिश्तेदार के जरिए 50 हजार रुपए भी एक क्यूआर कोड पर ट्रांसफर करवाए। पति के एक्सीडेंट की भविष्यवाणी कर मांगे डेढ़ लाख शिकायत में महिला का कहना है कि आरोपी ने उसे कहा था कि यदि विशेष पूजा नहीं कराई गई तो उसके पति का एक्सीडेंट हो सकता है। इसके लिए उसने 1.50 लाख रुपए लिए थे। बाद में महिला के पति का सड़क हादसा हो गया। पति की मौत हो गई। महिला को संदेह है कि आरोपी ने इसी डर का फायदा उठाकर उससे पैसे वसूले। उसने बताया कि पति के अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान भी आरोपी लगातार पैसों की मांग करता रहा। ट्रेडिंग और निवेश के नाम पर भी लिए लाखों महिला के बेटे विक्रांत कश्यप को भी आरोपी ने अपने जाल में फंसा लिया। आरोपी ने शेयर बाजार और ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश करने पर बड़ा मुनाफा मिलने का झांसा दिया। इसके बाद बेटे के बैंक खातों से भी अलग-अलग किस्तों में रकम भेजी गई। आरोपी ने दावा किया था कि वह कुछ लोगों के साथ मिलकर बड़ा निवेश कर रहा है, जिसमें करोड़ों रुपए का फायदा होगा और महिला को ब्याज समेत पूरी रकम लौटा दी जाएगी। लेकिन पैसा वापस नहीं मिला। कभी जेल में होने का बहाना, कभी मां के ऑपरेशन का महिला के अनुसार आरोपी अक्सर अपनी आर्थिक परेशानी बताकर पैसे मांगता था। कभी वह खुद को कोलकाता जेल में बंद बताता, तो कभी मां के ब्रेन हेमरेज और ऑपरेशन का हवाला देता। एक बार उसने पिता की मौत का बहाना बनाकर भी पैसे लिए। 16 अगस्त को आरोपी ने महिला को फोन कर कहा कि उसे उज्जैन के पास पुलिस ने पकड़ लिया है और अब मुंबई क्राइम ब्रांच ले जाया जा रहा है। उसने दावा किया कि पुलिस छोड़ने के लिए 7 लाख रुपए मांग रही है। महिला का आरोप है कि आरोपी ने उसे और उसके बेटे को फर्जी केस में फंसाने तथा गुंडे भेजने की धमकी दी। डर के कारण उसने अलग-अलग किश्तों में 5 लाख रुपए और भेज दिए। पैसे मांगने पर नस काटकर भेजी फोटो जब महिला और उसके बेटे ने अपने पैसों का हिसाब मांगा तो आरोपी टालमटोल करने लगा। शिकायत के मुताबिक, 12 अक्टूबर 2025 को उसने अपने हाथ की नस काटकर फोटो खींची और व्हाट्सएप पर भेज दी। इसके जरिए वह महिला पर मानसिक दबाव बनाता रहा। महिला का आरोप है कि जब उसने निवेश की रकम वापस मांगी तो आरोपी ने पैसा लौटाने के बजाय सरकारी नौकरी लगवाने का लालच दिया। उसने फर्जी नियुक्ति पत्र, जॉइनिंग लेटर और अधिकारियों से सिफारिश कराने जैसी बातें कहकर लाखों रुपए और ले लिए। आरोपी कभी कहता था कि नियुक्ति पत्र घर तक पहुंच गया था, कभी कहता था कि उसका दोस्त लेटर संभालकर रखा है। नौकरी के नाम पर महिला को भोपाल भी बुलाया गया, जहां उसने 4 लाख रुपए नकद दिए। पुलिस ने दर्ज किया केस मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी पवन बधौलिया के खिलाफ धोखाधड़ी और धमकी की धाराओं में अपराध दर्ज कर लिया है। महिला ने बैंक ट्रांजेक्शन, मोबाइल चैट और अन्य दस्तावेज पुलिस को सौंपे हैं। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है कि आखिर पूजा-पाठ, जिन्न, निवेश और नौकरी के नाम पर कितने लोगों को इस तरह ठगा गया है।
ओपी राजभर का आरोप, अखिलेश ने मध्य प्रदेश में जमीनों में किया निवेश
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला
देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में अब स्वच्छ परिवहन, हरित ऊर्जा, सतत विकास और स्टार्टअप नवाचार को नई गति देने की तैयारी है। इसी दिशा में 26 जून को शेराटन ग्रैंड पैलेस में एचईवी कैपिटल कनेक्ट का आयोजन किया जा रहा है। इसे मध्य भारत का सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और सस्टेनेबिलिटी केंद्रित निवेश एवं नवाचार सम्मेलन माना जा रहा है। यह आयोजन केवल एक व्यावसायिक कॉन्क्लेव नहीं, बल्कि इंदौर और मध्य भारत को स्वच्छ तकनीक, हरित ऊर्जा और भविष्य के परिवहन क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की पहल है। इंदौर नगर निगम ने इस आयोजन का शहर मेजबान भागीदार है। स्टार्टअप और निवेशकों को जोड़ने का बड़ा मंच डॉ. ललित सिंह, सीईओ ने बताया कि कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य टियर-2, टियर-3 और टियर-4 शहरों के नवाचार आधारित स्टार्टअप्स को राष्ट्रीय स्तर के निवेशकों, कॉरपोरेट्स और उद्योग विशेषज्ञों से जोड़ना है। आयोजकों के अनुसार, अब तक इस आयोजन के लिए 50 करोड़ रुपए से अधिक की निवेश रुचि दर्ज की जा चुकी है। कार्यक्रम में 50 से अधिक स्टार्टअप, 12 निवेशक, 16 उद्योग विशेषज्ञ और 10 चयनित स्टार्टअप्स अपनी प्रस्तुति देंगे। इसके अलावा VIDA-Hero Group, TVS, Olectra, Cargo Matters सहित कई प्रमुख कंपनियां भी इसमें भाग लेंगी। 2400 स्टार्टअप्स में से चुने गए 10 फाइनलिस्ट कॉन्क्सेव के लिए देशभर से लगभग 2,400 स्टार्टअप्स ने रुचि दिखाई थी। बहुस्तरीय चयन प्रक्रिया के बाद 100 स्टार्टअप्स का चयन किया गया, जिनमें से 10 सर्वश्रेष्ठ स्टार्टअप्स को निवेशकों के सामने लाइव पिचिंग का अवसर मिलेगा। ये स्टार्टअप्स अपने बिजनेस मॉडल और तकनीकी समाधान वेंचर कैपिटल फर्मों, एंजेल निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी सहित कई प्रमुख हस्तियां रहेंगी मौजूद कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की वचुर्अली उपस्थिति संभावित है। कॉन्क्लेव में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, सांसद शंकर लालवानी और महापौर पुष्यमित्र भार्गव शिरकत करेंगे। स्वच्छ तकनीक और भविष्य के उद्योगों पर रहेगा फोकस कॉन्क्लेव में इलेक्ट्रिक वाहन, हरित ऊर्जा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), बैटरी एवं ऊर्जा भंडारण प्रणाली, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स टेक्नोलॉजी, क्लाइमेट टेक और सर्कुलर इकोनॉमी जैसे भविष्य के महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर चर्चा होगी। आयोजकों का मानना है कि यह आयोजन इंदौर और मध्य प्रदेश को स्वच्छ परिवहन तथा सतत विकास से जुड़े निवेशों का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इंदौर के लिए क्यों है महत्वपूर्ण इंदौर पहले ही स्वच्छता में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुका है। अब यह कॉन्क्लेव शहर को स्वच्छ तकनीक, हरित निवेश और नवाचार आधारित उद्योगों के केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में नई संभावनाएं प्रदान करेगा। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे स्थानीय स्टार्टअप्स को पूंजी, मार्गदर्शन और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने का अवसर मिलेगा।
उत्तर प्रदेश को देश का सबसे आकर्षक और प्रतिस्पर्धी निवेश गंतव्य (Investment Destination) बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में औद्योगिक सुधारों का सिलसिला तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में सोमवार को लखनऊ स्थित 'इन्वेस्ट यूपी' (Invest UP) कार्यालय में एक बेहद महत्वपूर्ण और उच्चस्तरीय निवेश संवाद आयोजित किया गया।इस बैठक में पश्चिम बंगाल, हरियाणा, दिल्ली, कर्नाटक और पंजाब समेत देश के विभिन्न राज्यों से आए लगभग १०० प्लाईवुड उद्योग प्रतिनिधियों और संभावित निवेशकों ने हिस्सा लिया। राज्य सरकार ने निवेशकों को भरोसा दिलाया है कि उनके सभी व्यावहारिक सुझावों और मुद्दों को सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष रखा जाएगा ताकि उत्तर प्रदेश को इस क्षेत्र का सबसे बड़ा हब बनाया जा सके।प्लाईवुड और एग्रोफॉरेस्ट्री के लिए आएगी स्पेशल पॉलिसी, पड़ोसी राज्यों का होगा अध्ययनउत्तर प्रदेश के अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त (IIDC) दीपक कुमार ने बैठक में राज्य सरकार की भविष्य की प्राथमिकताओं को साझा किया:डेडिकेटेड पॉलिसी: उन्होंने ऐलान किया कि उत्तर प्रदेश सरकार प्लाईवुड और एग्रोफॉरेस्ट्री (कृषि-वानिकी) उद्योग के लिए एक समर्पित और भविष्य उन्मुख नीति (Dedicated Policy) तैयार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।पड़ोसी राज्यों का अध्ययन: यूपी की नीति को देश में सबसे बेहतर और प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड जैसे पड़ोसी राज्यों की औद्योगिक नीतियों का गहन अध्ययन किया जाएगा।उद्योगपतियों की सहभागिता: नीति बनाने के लिए जो विशेष समिति (Committee) गठित की जाएगी, उसमें सरकारी अधिकारियों के साथ-साथ प्लाईवुड फेडरेशन के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा ताकि ग्राउंड लेवल की जरूरतों के अनुसार नीतियां बनाई जा सकें।६ महीने के भीतर होगा जमीन का अलॉटमेंट, ४-५ नए औद्योगिक क्लस्टर होंगे आरक्षितनिवेशकों को उत्तर प्रदेश में व्यापार शुरू करने में कोई दिक्कत न हो, इसके लिए इन्वेस्ट यूपी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) विजय किरन आनंद ने सरकार की ओर से बड़े कूटनीतिक फायदों की जानकारी दी:क्लस्टर आधारित विकास: राज्य सरकार अपने मौजूदा सरकारी लैंड बैंक (भूमि बैंक) में से ४ से ५ बड़े औद्योगिक क्लस्टरों की पहचान कर रही है, जिन्हें विशेष रूप से प्लाईवुड और संबद्ध उद्योगों के विकास के लिए आरक्षित (Reserve) किया जाएगा।त्वरित भूमि आवंटन: यदि किसी बड़े निवेशक को चिन्हित क्लस्टर से अलग अतिरिक्त जमीन की आवश्यकता होती है, तो उत्तर प्रदेश सरकार न केवल उसे जमीन उपलब्ध कराएगी बल्कि ६ महीने के भीतर उसका आवंटन (Allocation) भी सुनिश्चित करेगी।व्यापक सेक्टोरल नीतियां: सीईओ ने बताया कि यूपी की ३६ से अधिक सेक्टोरल नीतियां, रोजगार सहायता योजनाएं और पूंजीगत सब्सिडी (Capital Subsidy) निवेशकों को मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में विस्तार करने का एक सुरक्षित माहौल देती हैं।प्लाईवुड फेडरेशन का सुझाव: ओडीओपी की तर्ज पर बने वन इंडस्ट्रियल पार्कसंवाद के दौरान प्लाईवुड फेडरेशन के प्रतिनिधियों ने इस उद्योग को उत्तर प्रदेश के ग्रामीण विकास, कृषि और रोजगार की रीढ़ बताया। उन्होंने उत्तर प्रदेश की महत्वाकांक्षी योजना 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' (ODOP) की तर्ज पर ही राज्य में वन इंडस्ट्रियल पार्क (One Industrial Park) मॉडल विकसित करने का एक बेहतरीन सुझाव दिया।इसके साथ ही उद्योगपतियों ने व्यापार संचालन में आने वाली कुछ मुख्य व्यावहारिक चुनौतियों को भी अधिकारियों के सामने प्रमुखता से रेखांकित किया:निवेशकों की मुख्य चिंताएं / चुनौतियांसरकार का आश्वासन और समाधान* एग्रोफॉरेस्ट्री आधारित उद्योगों के कड़े लाइसेंस नियम।* एग्रो आधारित उद्योगों के लिए अलग और सरल नीति का प्रस्ताव।* वन विभाग के कड़े नियम और एनओसी (NOC) मिलने में देरी।* सिंगल विंडो क्लीयरेंस के जरिए जटिल प्रदूषण और वन नियमों का सरलीकरण।* प्रदूषण मानकों के उल्लंघन पर भारी दंडात्मक प्रावधान।* औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार द्वारा सीएम योगी के समक्ष व्यावहारिक समाधान का भरोसा।उद्योगपतियों और अफसरों के बीच हुए इस सकारात्मक संवाद के बाद यह तय माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश जल्द ही प्लाईवुड और लकड़ी आधारित विनिर्माण (Manufacturing) के क्षेत्र में देश का नेतृत्व करेगा, जिससे राज्य के किसानों और ग्रामीण युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
भारत सैटेलाइट निवेश का उभरता ग्लोबल हब, कनेक्टिविटी ग्रोथ ड्राइव कर रहे सेक्टर
इंडिया स्पेस कांग्रेस में कंसल्टेंट विशाल माथुर बोले... सिटी रिपोर्टर }नई दिल्ली में आयोजित इंडिया स्पेस कांग्रेस में जयपुर के बिजनेस स्ट्रैटेजिस्ट और सैटेलाइट कंसल्टेंट विशाल माथुर ने सैटेलाइट निवेश और रेगुलेटरी फ्रेमवर्क पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सैटेलाइट निवेश पर आयोजित पैनल डिस्कशन में हिस्सा लिया। माथुर ने कहा कि भारत का बड़ा कंज्यूमर बेस, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और बढ़ती कनेक्टिविटी जरूरतें इसे आकर्षक सैटेलाइट मार्केट बनाती हैं। उन्होंने कहा कि दूरदराज इलाकों में कनेक्टिविटी डिमांड और तेजी से डवलप होता स्पेस इकोसिस्टम भारत को आने वाले समय में ग्लोबल सैटेलाइट निवेश हब के रूप में मजबूत कर सकता है।
लगातार तेजी के बाद हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुआ। मेटल, आईटी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के शेयरों में भारी बिकवाली और एशियाई बाजारों में कमजोरी तथा विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के चलते सेंसेक्स और निफ्टी में 1.1 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक शेयर बाजारों में गिरावट का असर घरेलू शेयर बाजारों पर भी पड़ा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हेमंत रूपानी ने मंत्रालय में मुलाकात करके एमपी में निवेश करने की इच्छा जताई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रूपानी को प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण को प्रोत्साहित करने के लिए संचालित योजनाओं गतिविधियों की जानकारी दी। रूपानी ने राज्य सरकार की उद्योग मित्र नीतियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि हिंदुस्तान कोका कोला समूह मध्यप्रदेश में 300 करोड़ रुपए का निवेश करने की योजना बना रहा है। इससे रोजगार के अवसर सृजित होंगे। प्रदेश के राजगढ़ जिले के पीलूखेड़ी इंडस्ट्रियल एरिया में हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेस की इकाई पहले से ही संचालित है। कोका कोला बेवरेजेस इसी क्षेत्र में अपना नया निवेश बढ़ा सकता है। इसको लेकर अब उद्योग विभाग के साथ कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा। मंत्रालय में आज मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मुलाकात के दौरान हिंदुस्तान कोका-कोला के नेशनल हेड विवेक झा, राज्य प्रमुख अश्विनी यीलेने तथा औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। जल संचय जन भागीदारी में एमपी का देश में तीसरा स्थान इसके पहले मंत्रालय में मंत्रियों के साथ मीटिंग के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 19 मार्च से प्रारंभ जल गंगा संवर्धन अभियान का 25 से 30 जून 2026 की अवधि में समारोहपूर्वक समापन होगा। भारत सरकार के जल संचय जन भागीदारी अभियान में मध्यप्रदेश का तीसरा स्थान है। डिंडौरी, खंडवा तथा शहडोल देश के प्रथम 10 जिलों में तथा खंडवा और इंदौर के नगरीय निकाय, देश के प्रथम 10 नगरीय निकायों में शामिल हैं। प्रदेश में अभियान में जल संरक्षण एवं संवर्धन में अच्छे कार्य हुए है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में समारोहपूर्वक समापन कार्यक्रम आयोजित किया जाए। अभियान अंतर्गत किए गए कार्यों की प्रदर्शनी, भाषण, ग्राम पंचायत में जनभागिता से किए गए कार्यों का प्रेजेंटेशन किया जाए और जल के सदुपयोग की शपथ भी दिलाई जाए।
मुंबई, कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत मंगलवार को सपाट हुई। सेंसेक्स 8.02 अंक की मामूली कमजोरी के साथ 77,086.05 और निफ्टी 31.60 अंक की गिरावट के साथ 24,071.30 पर खुला।
शॉपिंग एप में निवेश का झांसा देकर 20.89 लाख ठगे, म्यूल खाताधारक आरोपी गिरफ्तार
भास्कर न्यूज | उदयपुर साइबर थाना पुलिस ने शॉपिंग एप में निवेश कराने का झांसा देकर व्यवसायी से 20.89 लाख रुपए ठगने के मामले में पुलिस ने म्यूल खाताधारक आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी के खाते में 7.79 लाख रुपए और बकाया 13.1 लाख रुपए अन्य 7 खातों में जमा हुए थे। डीएसपी विनय चौधरी ने बताया कि मामले में मध्यप्रदेश के रतलाम निवासी म्यूल खाताधारक दीपेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ने खुद के नाम का खाता खुलवाकर दोस्त को कमीशन पर दिया हुआ था। इसी खाते में ठगी के 20.89 लाख में से 7 लाख 79 हजार 871 रुपए जमा हुए थे। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। बता दें, हाथीपोल के गुलाबेश्वर मार्ग निवासी व्यवसायी मोडीलाल पूर्बिया ने गत 19 जनवरी को रिपोर्ट दी थी कि पिछले साल 28 नवंबर को फेसबुक फ्रेंड रेह रेड्डी ने उनसे वाट्सएप पर बात की। फिर 2 दिसंबर को उसने क्लब 21 मॉल एक्सचेंज इंवेस्टमेंट मेनेजमेंट शॉपिंग एप के बारे में बताकर राशि निवेश करने के लिए कहा। इसके लिए आईडी और पासवर्ड उपलब्ध करवाए। लॉगिन करने पर ठगों ने अच्छा मुनाफ होने का झांसा दिया। फिर 4 से 7 दिसंबर के बीच अलग-अलग 8 बैंक खातों में कुल 20.89 लाख रुपए जमा करवा कर हड़प लिए। राशि वापस मांगने पर फर्जी कंपनी के टैक्स नोटिस उन्हें भेजे। फिर टैक्स भरने का दबाव बनाया। उन्हें और भी बैंक खाते भेजे, जिनमें 10 लाख रुपए जमा कराने के लिए कहा।
चीन ने जारी किया विदेशी निवेश बढ़ाने के लिए नई कार्य योजना जारी
बीजिंग, चीन ने विदेशी निवेश को स्थिर रखने और उसे बढ़ावा देने के उद्देश्य से नई कार्य योजना जारी की है। चीनी वाणिज्य मंत्रालय, राष्ट्रीय विकास एवं सुधार आयोग और वित्त मंत्रालय ने संयुक्त रूप से इस योजना की घोषणा की। योजना में पांच प्रमुख क्षेत्रों के तहत 15 उपाय प्रस्तावित किए गए हैं।
सप्ताह की शुरुआत में भारतीय शेयर बाजार हरे निशान पर, निवेशकों को रहत
मुंबई, वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के बीच हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार के सत्र में भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ हरे निशान में खुले।
शेयर बाजार और आईपीओ में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर साइबर ठगों ने एक महिला से 62 लाख रुपए की ठगी कर ली। ठगों ने खुद को निवेश विशेषज्ञ बताकर महिला को व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा और शेयर बाजार में निवेश पर 30 प्रतिशत तक लाभ का भरोसा दिलाया। जब महिला ने अपनी रकम निकालने की कोशिश की तो ठगी का खुलासा हुआ। सेक्टर-27 निवासी प्रीति गृहिणी हैं। उनके पति एक निजी कंपनी में प्रबंधक हैं। प्रीति की शेयर बाजार में रुचि होने के कारण वह निवेश संबंधी जानकारियां जुटाती रहती थीं। व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर बनाया शिकार पीड़िता के अनुसार, तीन मार्च को उन्हें मार्क सिक्योरिटीज नाम के एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। ग्रुप में मौजूद एक व्यक्ति ने खुद को डॉ. राजीव सिंह बताकर शेयर बाजार और आईपीओ में निवेश की सलाह दी। उसने दावा किया कि उसके बताए निवेश से 30 प्रतिशत तक मुनाफा कमाया जा सकता है और पार्ट टाइम अच्छी आय अर्जित की जा सकती है। ऐप पर रजिस्ट्रेशन कराकर कराया निवेश ठगों की बातों पर भरोसा कर प्रीति ने उनके बताए एक निवेश ऐप पर पंजीकरण कराया। इसके बाद उन्हें शेयर और आईपीओ में निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया। ठगों ने अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा कराने को कहा। पीड़िता ने 17 बार में कुल 62 लाख रुपए विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। निवेश के दौरान उन्हें लगातार मुनाफा दिखाया जाता रहा, जिससे उनका भरोसा बढ़ता गया। रकम निकालने पर मांगे और पैसे 28 मार्च को जब प्रीति ने अपने निवेश और मुनाफे की रकम निकालने का प्रयास किया तो ठगों ने कर, प्रोसेसिंग शुल्क और अन्य मदों के नाम पर चार लाख रुपए और जमा कराने की मांग की। महिला ने अतिरिक्त रकम देने से इनकार किया तो ठगों ने उनका खाता फ्रीज करने की धमकी दी और बाद में संपर्क पूरी तरह तोड़ दिया। इसके बाद उन्हें एहसास हुआ कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुकी हैं। पुलिस कर रही जांच मामले की शिकायत पुलिस से की गई है। पुलिस संबंधित बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और निवेश प्लेटफॉर्म की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि साइबर ठग लोगों को अधिक मुनाफे का लालच देकर निशाना बना रहे हैं, इसलिए निवेश से पहले प्लेटफॉर्म और सलाहकार की सत्यता की जांच अवश्य करनी चाहिए।
नोएडा में थाना साइबर क्राइम पुलिस ने निवेश पर मुनाफे का लालच देकर ठगी करने वाले शख्स को गिरफ्तार किया है। वह पेशे से डॉक्टर है। वह सोशल मीडिया एप पर महिला बनकर लोगों से संपर्क करता था। निवेश करने के बाद नाम पर उन्हें जाल में फंसाता था। पुलिस ने उसके पास से ठगी में इस्तेमाल एक मोबाइल फोन बरामद किया है। डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि थाना साइबर क्राइम पुलिस ने ग्रेटर नोएडा क्षेत्र से रामाकृष्ण पेदगावेगी को गिरफ्तार किया है। उसकी अरेस्टिंग इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर हुई है। वह मूलरूप से आंध्र प्रदेश का रहने वाला है। उसकी उम्र 37 वर्ष है। जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फ्रेंड ऐप व अन्य डेटिंग साइटों पर महिला की फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों से संपर्क करता था।शुरुआत में छोटे निवेश पर फर्जी मुनाफा दिखाकर भरोसा दिलाता था। इसके बाद वह अधिक धनराशि का निवेश करवाता था। लोगों से जिस बैंक खाते में पैसा जमा कराया जाता था, वह एक म्यूल अकाउंट था। इस खाते की इंटरनेट बैंकिंग के लिए आरोपी का मोबाइल नंबर रजिस्ट्रर्ड था। इसी के जरिये वह ठगी की रकम विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर देता था। उसने शहर के एक ही व्यक्ति के साथ भी फर्जीवाड़ा किया था। इस संबंध में साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज कराया गया था।
दो वर्षों में बदली ओडिशा की तस्वीर: मोहन चरण माझी सरकार का विकास, सुशासन और निवेश मॉडल
जून 2024 में जब ओडिशा की जनता ने राज्य में पहली बार भारतीय जनता पार्टी को पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता सौंपी, तब यह केवल राजनीतिक परिवर्तन नहीं था, बल्कि विकास और सुशासन की नई अपेक्षाओं का जनादेश भी था।
सीतारमण का बड़ा बयान: विदेशी निवेश बढ़ने के लिए सरकार की नयी तैयारी
नई दिल्ली, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि सरकार देश में अधिक विदेशी पूंजी आकर्षित करने के लिए आगे भी कई कदम उठाएगी और बॉन्ड मार्केट के लिए हाल में घोषित उपाय इस दिशा में सिर्फ शुरुआत हैं।
निवेश की दुनिया में अक्सर लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि आखिर में अपनी गाढ़ी कमाई से बमुश्किल की जाने वाली बचत का रुपया-पैसा कहाँ लगाएं, जहां पर वह डूबे नहीं, बल्कि सुरक्षित भी रहे। ऐसे में आप अपना रुपया-पैसा पीपीएफ (Public Provident Fund) में लगाएं या एमएफ (Mutual Fund) में। क्योंकि सच यह है कि दोनों का उद्देश्य अलग-अलग है और सही समय पर सही विकल्प चुनना ही आपके लिए अधिक महत्वपूर्ण है। इसलिए आइए आज आपको बताते हैं कि कब पीपीएफ में निवेश करें और कब एमएफ में। पहले हम बात करते हैं कि पीपीएफ (PPF) में निवेश कब न करें? आपके लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि Public Provident Fund (PPF) उन लोगों के लिए बेहतर है जो अपनी पूंजी की सुरक्षा चाहते हैं। साथ ही एक निश्चित और जोखिम-मुक्त रिटर्न पसंद करते हैं। इसके अलावा, टैक्स भी बचाना चाहते हैं। और तो और, 15 वर्ष या उससे अधिक की लंबी अवधि के लिए निवेश कर सकते हैं। चूंकि इसका महत्वपूर्ण फंडा यह है कि PPF में हर महीने की 5 तारीख से पहले पैसा जमा करने पर उस महीने का ब्याज भी मिलता है। इसलिए यदि आप मासिक निवेश करते हैं तो 1 से 5 तारीख के बीच जमा करना अधिक फायदेमंद माना जाता है। इसे भी पढ़ें: FIR कराना हो जाएगा आसान, जब जानेंगे 2026 के कानून अब हम बात करते हैं कि Mutual Fund (MF) में कब निवेश करें? तो यह गांठ बांध लीजिए कि Mutual Fund उन निवेशकों के लिए बेहतर है जो महंगाई को मात देने वाला रिटर्न चाहते हैं। साथ ही लंबी अवधि (10-15 वर्ष या अधिक) के लिए निवेश कर सकते हैं। इसके अलावा, कुछ उतार-चढ़ाव (रिस्क) सहन कर सकते हैं। और तो और संपत्ति निर्माण (Wealth Creation) का लक्ष्य रखते हैं। चूंकि इसका महत्वपूर्ण फंडा यह है कि Mutual Fund में सही समय पकड़ने की बजाय SIP (Systematic Investment Plan) के जरिए नियमित निवेश करना अधिक प्रभावी माना जाता है। जो कि बाजार ऊपर हो या नीचे, SIP लागत को औसत कर देती है। सवाल है कि किसे चुनें? आपके निवेशक का लक्ष्य क्या है? आपके पास बेहतर विकल्प क्या है? आपकी पूंजी सुरक्षा कितनी है। चूंकि पीपीएफ से टैक्स बचत होती है, रिटायरमेंट के लिए सुरक्षित फंड रहता है और लंबी अवधि में अधिक रिटर्न रिटर्न मिलता है। जबकि म्युचुअल फंड धन सृजन (Wealth Creation) के लिए अच्छा है, बशर्ते कि आप संतुलित रणनीति अपनाएं। जहां तक PPF और Mutual Fund में सबसे असरदार रणनीति की बात है तो वित्तीय विशेषज्ञ अक्सर सलाह देते हैं कि निवेशक दोनों का संयोजन रखें। एक ओर सुरक्षा और टैक्स लाभ के लिए PPF अच्छा है तो संपत्ति निर्माण और महंगाई से आगे निकलने के लिए Equity Mutual Fund SIP बेहतर है। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई व्यक्ति हर महीने ₹10,000 निवेश करना चाहता है, तो वह ₹3,000–₹4,000 PPF में और शेष राशि अच्छे इक्विटी म्यूचुअल फंड की SIP में लगा सकता है। इससे सुरक्षा और वृद्धि दोनों का लाभ मिल सकता है। निष्कर्षतः यह कहा जा सकता है कि यदि आपका लक्ष्य पूंजी की सुरक्षा है तो PPF बेहतर है। और यदि आपका लक्ष्य लंबी अवधि में बड़ा धन बनाना है तो Mutual Fund अधिक उपयुक्त हो सकता है। वहीं, दोनों का संतुलित मिश्रण अधिकांश निवेशकों के लिए व्यावहारिक और प्रभावी रणनीति साबित हो सकता है। हाँ, यहां पर यह सदैव ध्यान रखें कि Mutual Fund बाजार जोखिमों के अधीन हैं, जबकि PPF अपेक्षाकृत सुरक्षित सरकारी योजना है। लिहाजा, निवेश का निर्णय अपनी आयु, लक्ष्य, जोखिम क्षमता और समयावधि को ध्यान में रखकर करें। - कमलेश पांडेय वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार
AI स्टार्टअप कंपनी एंथ्रोपिक ने अपने सबसे एडवांस AI मॉडल्स 'क्लाउड फेबल 5' और 'मिथॉस 5' को दुनियाभर में बंद कर दिया है। कंपनी ने यह फैसला अमेरिकी सरकार के उस आदेश के बाद लिया है, जिसमें विदेशी नागरिकों के लिए इन मॉडल्स के इस्तेमाल पर रोक लगाने को कहा गया था। अब भारतीयों समेत कोई भी गैर-अमेरिकी नागरिक इनका इस्तेमाल नहीं कर पाएगा। अमेरिकी अधिकारियों ने इसके पीछे नेशनल सिक्योरिटी और साइबर हमलों के खतरे का हवाला दिया है। यह पहली बार है जब किसी सरकार ने हार्डवेयर या चिप्स के बजाय सीधे AI सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया है। जेलब्रेक के जरिए साइबर हमले का डर अमेरिकी सरकार को डर है कि इन एडवांस AI मॉडल के जरिए सुरक्षा घेरे को 'जेलब्रेक' यानी डिजिटल जेल को बाईपास किया जा सकता है। ऐसा होने पर इनका इस्तेमाल कंप्यूटर सिस्टम्स में कमियां ढूंढने, सरकारी डेटा हैक करने या बैंकिंग सिस्टम और क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े साइबर हमले करने के लिए किया जा सकता है। 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेजॉन के रिसर्चर्स ने एक टेस्टिंग के दौरान कुछ खास प्रॉम्प्ट्स का इस्तेमाल करके एंथ्रोपिक के मॉडल से सॉफ्टवेयर की कुछ कमियां निकलवा ली थीं। इसकी जानकारी अमेरिकी वाणिज्य विभाग को दी गई, जिसके तुरंत बाद यह कड़ा एक्शन लिया गया। कंपनी बोली- पाबंदी का फैसला गलत इस मामले पर एंथ्रोपिक का कहना है कि सरकार का यह फैसला एक बड़ी गलतफहमी का नतीजा है। कंपनी के मुताबिक, जो कमियां पाई गई थीं, वे बहुत सीमित थीं और वैसी कमियां बाजार में मौजूद दूसरे पब्लिक AI मॉडल्स भी ढूंढ सकते हैं। इसके लिए इतने बड़े पैमाने पर पूरी दुनिया में बैन लगाना सही नहीं है। कंपनी ने बताया कि लॉन्चिंग से पहले उन्होंने अमेरिकी सरकारी एजेंसियों और ब्रिटेन के AI सेफ्टी इंस्टीट्यूट के साथ हफ्तों तक इसकी टेस्टिंग की थी, तब किसी को ऐसा कोई बड़ा खतरा नहीं मिला था। कंपनी अब सरकार से बातचीत कर रही है ताकि इस एक्सेस को जल्द से जल्द बहाल किया जा सके। तब तक यूजर्स कंपनी के बाकी पुराने AI मॉडल्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। ट्रंप प्रशासन के साथ पहले से चल रहा था विवाद एंथ्रोपिक और ट्रंप प्रशासन के बीच पिछले कुछ महीनों से तनाव चल रहा है। दरअसल, कंपनी ने अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों को डोमेस्टिक सर्विलांस (घरेलू जासूसी) और पूरी तरह से ऑटोमैटिक चलने वाले हथियारों में अपने AI मॉडल का इस्तेमाल करने देने से मना कर दिया था। इसके बाद पेंटागन ने एंथ्रोपिक को 'सप्लाई-चेन रिस्क' की लिस्ट में डाल दिया था। यह विवाद ऐसे समय में बढ़ा है जब कंपनी शेयर बाजार में अपना IPO लाने की तैयारी कर रही है, जिससे उसकी मार्केट वैल्यू करीब 1 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 92 लाख करोड़ रुपए) आंकी जा रही है। जोहो फाउंडर श्रीधर वेम्बू बोले- ग्लोबलाइजेशन अब खत्म अब तक अमेरिका का ध्यान सिर्फ AI चिप्स और सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी को दूसरे देशों (विशेषकर चीन) तक पहुंचने से रोकने पर था। लेकिन सॉफ्टवेयर पर लगे इस नए बैन ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। भारतीय टेक कंपनी जोहो के फाउंडर श्रीधर वेम्बू ने इस फैसले पर चिंता जताते हुए इसे भारत के लिए एक बड़ा वेक-अप कॉल बताया है। वेम्बू ने कहा कि अब ग्लोबलाइजेशन खत्म हो चुका है। भारत को अब विदेशी कंपनियों पर निर्भर रहने के बजाय तेजी से अपनी खुद की सॉवरेन AI क्षमताएं डेवलप करनी चाहिए और ओपन-सोर्स मॉडल्स को बढ़ावा देना चाहिए, क्योंकि भविष्य में कोई भी देश कभी भी अपनी टेक्नोलॉजी का एक्सेस बंद कर सकता है। नॉलेज बॉक्स: क्या होता है 'जेलब्रेक' और 'सॉवरेन AI'? जेलब्रेक: AI मॉडल्स में कुछ सुरक्षा नियम सेट किए जाते हैं, ताकि वे बम बनाना, साइबर हमला करना या अवैध काम सिखाने जैसी जानकारियां न दें। जब कोई हैकर या यूजर चालाकी से इन नियमों को तोड़कर AI से प्रतिबंधित जानकारी निकलवा लेता है, तो उसे 'जेलब्रेक' कहते हैं। सॉवरेन AI: किसी देश की ओर से खुद के डेटा, इंफ्रास्ट्रक्चर और वैज्ञानिकों की मदद से तैयार किया गया घरेलू AI सिस्टम। इस पर किसी बाहरी देश या विदेशी कंपनी का नियंत्रण नहीं होता। ------------ ये खबर भी पढ़ें… मिथॉस AI से बैंकिंग सिस्टम पर साइबर हमले का खतरा: वित्त मंत्री सीतारमण ने हाई-लेवल मीटिंग की; क्या है मिथॉस और यह क्यों खतरनाक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को बैंकों के प्रमुखों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग की। इस बैठक में एंथ्रोपिक के 'क्लॉड मिथॉस' AI मॉडल से बैंकिंग सेक्टर को होने वाले संभावित खतरों पर चर्चा की गई। यह एआई मॉडल इतना एडवांस है कि हैकर इसका इस्तेमाल दशकों पुरानी अज्ञात खामियों को खोजकर फाइनेंशियल सेक्टर पर साइबर हमले कर सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें…
अरशद वारसी पर लगा शेयर मार्केट में बैन, जानिए क्या है मामला
बॉलीवुड एक्टर अरशद वारसी और उनकी पत्नी मारिया गोरेट्टी समेत 57 लोगों पर शेयर बाजार नियामक SEBI ने बैन लगा दिया है। उन्हें 1 साल के लिए सिक्योरिटी मार्केट से प्रतिबंधित कर दिया है। सेबी का कहना है कि ये लोग मार्केट में धोखाधड़ी जैसे कामों में पाए गए।
काजोल ने किया रियल एस्टेट में निवेश, खरीदी इतने करोड़ की कमर्शियल प्रॉपर्टी
बॉलीवुड एक्ट्रेस काजोल ने इंडस्ट्री में एक अलग मुकाम हासिल किया है। काजोल भले ही फिल्मों में कम नजर आती हो, लेकिन वह सुर्खियों में बनी रहती हैं। काजोल ने अब एक्टिंग के साथ-साथ रियल एस्टेट में भी कदम रख दिया है। काजोल ने मुंबई के गोरेगांव वेस्ट ...
जानिए क्यों पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास पर है 2100 करोड़ रुपए निवेश
पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास अपने करियर के शानदार दौर से गुजर रहे हैं, और निर्विवाद रूप से अखिल भारतीय सुपरस्टार के रूप में अपनी जगह पक्की कर रहे हैं। बाहुबली, सलार, कल्कि 2898 एडी जैसी बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने वाली फिल्मों के साथ, उन्होंने भारतीय ...
खतरों के खिलाड़ी सीजन 14 के कंटेस्टेंट अभिषेक कुमार जिन्होंने बिग बॉस 17 में अपने कार्यकाल से काफी लोकप्रियता हासिल की, अपने आकर्षक व्यक्तित्व से लोगों के दिलों पर राज कर रहे हैं। विवादित रियलिटी शो में उनकी भागीदारी ने उन्हें स्टार बना दिया और उन्हें रातोंरात सफलता दिलाई। अभिषेक जो वर्तमान में रोहित शेट्टी के शो खतरों के खिलाड़ी 14 में हैं, ने साझा किया कि वह एक प्रोडक्शन हाउस खोलना चाहते हैं। इसे भी पढ़ें: Kartik Aaryan का खुलासा, Pyaar Ka Punchnama की सफलता के बावजूद उनके पास ‘कोई ऑफर नहीं था, कोई पैसा नहीं था ईटाइम्स टीवी के साथ एक इंटरव्यू में, अभिषेक ने खुलासा किया कि वह भविष्य के लिए पैसे बचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता चाहते हैं कि वह मुंबई में एक घर खरीदें, लेकिन वह एक व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। अभिषेक ने कहा कि वह एक उद्यमी बनना चाहते हैं और उनके बड़े सपने हैं जिन्हें वह हासिल करना चाहते हैं। अभिषेक कुमार मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते इंटरव्यू में, अभिषेक ने कहा कि उन्होंने पैसे बर्बाद करना बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते क्योंकि शहर काफी महंगा है और कहा कि किराए पर रहना एक समझदारी भरा फैसला है। उन्होंने यहां तक कहा कि घर खरीदने में बड़ी रकम लगाने और फिर हर महीने लोन के रूप में बैंक को बड़ी EMI चुकाने का कोई मतलब नहीं है। इसे भी पढ़ें: Karan Johar को कोर्ट से मिली राहत, फिल्म Shaadi Ke Director Karan Aur Johar की रिलीज परह लगी रोक अभिषेक ने कहा कि वह अपना पैसा निवेश करना चाहते हैं और उस पर ब्याज पाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह रवि दुबे और सरगुन मेहता की तरह एक प्रोडक्शन हाउस स्थापित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि उनका परिवार चंडीगढ़ में घर खरीदे, लेकिन मुंबई में नहीं क्योंकि वे वहीं रह सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह पैसे बचाना चाहते हैं और कोई दूसरा व्यवसाय शुरू करने में निवेश कर सकते हैं। KKK 14 की बात करें तो शिल्पा शिंदे शो से बाहर हो गईं। एक यूट्यूब चैनल के अनुसार, सनी वरुण ने बात की, गश्मीर, करणवीर, अदिति और अभिषेक ने निष्कासन स्टंट किया।
कंगना रनौत के किस बयान पर भड़की CISF की महिला जो सरेआम एक्ट्रेस को जड़ दिया थप्पड़, जानिए पूरा मामला
चंडीगढ़: हिमाचल की मंडी लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी सांसद एवं एक्ट्रेस कंगना रनौत से चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर बदसलूकी के पश्चात् हंगामा मचा हुआ है. दरअसल, 6 जून को कंगना दिल्ली जाने के लिए चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर पहुंची थीं. तभी सिक्योरिटी चेक के पश्चात् CISF की एक महिला जवान कुलविंदर कौर ने उनको थप्पड़ मार दिया. हालांकि CISF की अपराधी महिला कर्मी को निलंबित कर दिया गया है तथा उनके खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है. ऐसे में सवाल ये उठता है कि CISF की जवान ने थप्पड़ क्यों मारा, तो इसका जवाब है कंगना का 4 वर्ष पुराना एक ट्वीट. कंगना रनौत ने इस ट्वीट में 3 कृषि कानूनों के खिलाफ हुए किसान आंदोलन के चलते पंजाब की 80 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला किसान की गलत पहचान करते तथा उन्हें बिलकिस बानो कहा था. कंगना ने जो ट्वीट किया था उसमें एक वृद्ध महिला नजर आ रही थीं, जो भले ही झुककर चल रही थीं, लेकिन उन्होंने किसान आंदोलन का झंडा बुलंद किए हुए था. उनका नाम मोहिंदर कौर था. कंगना ने मोहिंदर कौर की फोटो को ट्वीट करते हुए लिखा था कि ''हा हा. ये वही दादी हैं जिन्हें टाइम मैगज़ीन की 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की लिस्ट में सम्मिलित किया गया था.... और ये 100 रुपये में उपलब्ध हैं. हालांकि कंगना रनौत ने बाद में ये ट्वीट डिलीट कर दिया था. बता दें कि कंगना ने जिस बिलकिस बानो का जिक्र किया था, वह 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला हैं तथा उन्होंने दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में CAA प्रोटेस्ट के चलते अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बटोरी थीं. कंगना के इस बयान को लेकर CISF की महिला जवान भड़की हुई थी. चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर कंगना से बदसलूकी का वीडियो सामने आया था, इसमें CISF की यह जवान कहती नजर आ रही है कि 'इसने बोला था किसान आंदोलन में 100-100 रुपये में महिलाएं बैठती थीं. वहां मेरी मां भी थी'. राहुल गांधी ने भाजपा पर लगाया शेयर बाजार में हेराफेरी का आरोप, बताया देश का सबसे बड़ा घोटाला उत्तर भारत में भीषण गर्मी का कहर जारी, यूपी के कुछ क्षेत्रों में राहत की उम्मीद बिहार के गया जिले में भीषण सड़क हादसा, तीन लोगों की मौत

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