जग्गाखेड़ी में 8 नए औद्योगिक प्लॉटों की ई-बिडिंग शुरू:निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद
मंदसौर के जग्गाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र में निवेश और औद्योगिक विस्तार के नए अवसर खुले हैं। मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) ने यहां आठ नए औद्योगिक प्लॉटों के लिए ई-बिडिंग प्रक्रिया शुरू की है। पूर्व में सभी भूखंड आवंटित हो चुके थे, जिसके बाद नए निवेशकों की मांग पर अनुपयोगी भूमि को विकसित कर ये प्लॉट तैयार किए गए हैं। जग्गाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र के फेज-1 में जारी इन आठ प्लॉटों में दो भूखंड 1469.77 वर्गमीटर और छह भूखंड 1153.74 वर्गमीटर क्षेत्रफल के हैं। इन पर लघु एवं मध्यम स्तर के उद्योग स्थापित किए जा सकेंगे। निवेशकों ने इन नए भूखंडों में रुचि दिखाई है, जिससे औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है। एमपीआईडीसी ने प्रदेशभर में कुल 213 औद्योगिक प्लॉटों के आवंटन के लिए ई-बिडिंग प्रक्रिया शुरू की है, जिसमें मंदसौर का जग्गाखेड़ी क्षेत्र भी शामिल है। उद्योग जगत में इस पहल को लेकर उत्साह है। उम्मीद है कि इससे नए निवेश के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। जग्गाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र में बेहतर सड़क नेटवर्क, बिजली, पानी और अन्य आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। इन्हीं सुविधाओं के कारण निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ रही है। नए भूखंडों की उपलब्धता को उद्यमियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है, जिससे मंदसौर की औद्योगिक पहचान और मजबूत होगी। जग्गाखेड़ी अब मंदसौर के औद्योगिक विकास का एक प्रमुख केंद्र बन गया है। कृषि प्रधान जिले के रूप में अपनी पहचान रखने वाला मंदसौर अब उद्योग और निवेश के क्षेत्र में भी तेजी से प्रगति कर रहा है। फेज-1 में विकसित किए गए कुल 136 औद्योगिक प्लॉट पहले ही आवंटित हो चुके हैं। वर्तमान में यहां 78 इकाइयां कार्यरत हैं, जिनसे लगभग 700 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है। वहीं फेज-2 का विकास कार्य भी जारी है, जहां 219 नए औद्योगिक प्लॉट विकसित किए जा रहे हैं। ऐसे में फेज-1 में नए भूखंडों की उपलब्धता ने निवेशकों का उत्साह बढ़ा दिया है और इनके लिए प्रतिस्पर्धात्मक बिडिंग की संभावना जताई जा रही है। छोटे जिलों में औद्योगिकीकरण को मिल रही गति प्रदेश सरकार की औद्योगिक नीति का प्रभाव अब छोटे और मध्यम शहरों में भी दिखाई देने लगा है। मंदसौर, विदिशा, मंडला, कटनी सहित कई जिलों में उद्योगों के लिए बेहतर माहौल तैयार किया जा रहा है। उद्योग-अनुकूल नीतियों और निवेश प्रोत्साहन प्रयासों के चलते छोटे जिलों में भी निवेशकों की रुचि बढ़ रही है। एमपीआईडीसी के कार्यकारी संचालक राजेश राठौड़ के अनुसार मध्यप्रदेश निवेशकों की पसंदीदा औद्योगिक गंतव्य के रूप में उभर रहा है। प्रदेश के सभी क्षेत्रों में संतुलित औद्योगिक विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है और जग्गाखेड़ी में नए औद्योगिक भूखंडों की उपलब्धता इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे निवेश, रोजगार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (17 जून, 2026)
1. मेष (Aries) Today Horoscope Rashifal 17 June 2026: करियर: व्यापार में प्रतिद्वंदियों से आप आगे रहेंगे। लव: पार्टनर के साथ बातचीत में शांत रहना बेहतर है। धन: अचानक धन लाभ के योग हैं। स्वास्थ्य: गर्दन या कंधों में खिंचाव महसूस हो सकता है। उपाय: पक्षियों को दाना डालें। ALSO READ: Rambha Teej 2026: रम्भा तीज व्रत का क्या है महत्व, उपवास की विधि 2. वृषभ (Taurus) करियर: नई नौकरी की तलाश पूरी हो सकती है। लव: प्रेमीसंग किसी बात पर अनबन हो सकती है। धन: निवेश के लिए दिन उत्तम है। स्वास्थ्य: पेट खराब होने की आशंका है। उपाय: मंदिर में मिश्री का दान करें। 3. मिथुन (Gemini) करियर: कार्यस्थल पर काम का बोझ बढ़ सकता है। लव: जीवनसाथी के साथ समय बिताने से मामला सुलझेगा। धन: प्रॉपर्टी या वाहन खरीदने की योजना बन सकती है। स्वास्थ्य: मानसिक रूप से तरोताजा महसूस करेंगे। उपाय: गणेश जी को बेसन के लड्डू चढ़ाएं। 4. कर्क (Cancer) करियर: कार्यक्षेत्र में आज का दिन बेहतरीन परिणाम देगा। लव: पुराने पारिवारिक मतभेद सुलझेंगे। धन: खर्चे अचानक बढ़ सकते हैं, सोच-समझकर खर्च करें। स्वास्थ्य: मौसमी बीमारियों के प्रति सचेत रहें। उपाय: भगवान शिव का अभिषेक दूध से करें। 5. सिंह (Leo) करियर: व्यापार में आपकी नेतृत्व क्षमता निखरेगी। लव: पार्टनर के प्रति अधिक संवेदनशील रहेंगे। धन: पैतृक संपत्ति से लाभ होने के प्रबल योग हैं। स्वास्थ्य: आंखों में जलन की समस्या हो सकती है। उपाय: सूर्य देव को तांबे के पात्र से जल अर्पित करें। ALSO READ: Weekly Horoscope June 2026: साप्ताहिक राशिफल 15 से 21 जून, क्या इस हफ्ते पलटेगी आपकी किस्मत? पढ़ें अपनी राशि का हाल 6. कन्या (Virgo) करियर: कार्यक्षेत्र में आज अच्छे प्रमोशन के योग हैं। लव: प्रेमी के साथ छोटी यात्रा पर जा सकते हैं। धन: आज किसी अजनबी को उधार देने से बचें। स्वास्थ्य: योग और प्राणायाम को दिनचर्या में शामिल करें। उपाय: माथे पर केसर का तिलक लगाएं। 7. तुला (Libra) करियर: कार्यक्षेत्र में आज कोई बड़ा प्रोजेक्ट मिल सकता है। लव: दांपत्य तथा प्रेम जीवन सुखद रहेगा। धन: आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें। स्वास्थ्य: माइग्रेन या सिरदर्द की शिकायत हो सकती है। उपाय: छोटी कन्याओं को फल बांटें। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: नौकरीपेशा को पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि का दिन है। लव: बाहरी गुप्त संबंधों से बचें। धन: शेयर बाजार या लॉटरी में धन लगाने से बचें। स्वास्थ्य: जोड़ों के दर्द से परेशानी हो सकती है। उपाय: हनुमान जी को चोला चढ़ाएं। 9. धनु (Sagittarius) करियर: छात्रों को विदेश से जुड़ी अच्छी खबर मिल सकती है। लव: आज आप काफी रोमांटिक मूड में रहेंगे। धन: धन की बचत करने में सफल होंगे। स्वास्थ्य: पीठ के निचले हिस्से में दर्द की समस्या हो सकती है। उपाय: मंदिर के पुजारी को पीले वस्त्र दान करें। 10. मकर (Capricorn) करियर: नौकरी में जल्दबाजी में फैसला न लें। लव: रिश्तों में दूरियां बढ़ सकती हैं। धन: पुराने कर्ज चुकाने में सफल रहेंगे। स्वास्थ्य: त्वचा संबंधी एलर्जी हो सकती है। उपाय: पीपल के पेड़ के पास दीप जलाएं। 11. कुंभ (Aquarius) करियर: राजनीति या प्रशासन से जुड़े लोगों के रुके हुए काम पूरे होंगे। लव: पार्टनर के साथ डिनर पर जाने का प्लान बन सकता है। धन: सुख-साधनों पर खर्च होगा, जिससे मन प्रसन्न रहेगा। स्वास्थ्य: पैरों में सूजन हो सकती है। उपाय: बहते पानी में काले तिल प्रवाहित करें। 12. मीन (Pisces) करियर: कार्यस्थल की अपनी योजनाओं को गुप्त रखें, तभी सफलता मिलेगी। लव: लव पार्टनर का भरपूर सहयोग मिलेगा। धन: धन का आगमन निरंतर बना रहेगा। स्वास्थ्य: आज थकान की शिकायत हो सकती है। उपाय: गरीब बच्चों को स्टेशनरी का सामान दान करें। ALSO READ: Monsoon 2026 Prediction: मानसून 2026 को लेकर बड़ी भविष्यवाणी, जानिए क्या कहते हैं ग्रह-नक्षत्र
इंदौर में एक कथित रियल एस्टेट कारोबारी, उसकी पत्नी और पिता पर प्रॉपर्टी निवेश, प्लॉट बिक्री और समिति की सदस्यता दिलाने के नाम पर लाखों रुपए की धोखाधड़ी के आरोप लगे हैं। मामले में दो पीड़ितों ने मंगलवार को क्राइम ब्रांच और जोन-2 पुलिस अधिकारियों से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत लेकर पहुंचे मनीष लोहाना और निलेश बामनिया ने आरोप लगाया कि अभिषेक उमरे खुद को बड़ा रियल एस्टेट कारोबारी बताकर लोगों से संपर्क करता था। वह भारत सरकार लिखी वीआईपी नंबर की गाड़ियों का उपयोग करता था और प्रभावशाली परिवार से जुड़े होने का दावा कर लोगों का भरोसा जीतता था। मनीष लोहाना के मुताबिक अभिषेक उमरे ने उन्हें स्कीम नंबर-136 स्थित एक आईडीए प्लॉट में निवेश कराने और मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा दिया। शिकायत के अनुसार अलग-अलग किश्तों में अभिषेक और उसकी पत्नी के बैंक खातों में कुल 5.80 लाख रुपए जमा कराए गए। बाद में दबाव बनाने पर केवल 1.50 लाख रुपए लौटाए गए, जबकि 4.30 लाख रुपए अब तक वापस नहीं किए गए हैं। प्लॉट को अपना बताकर बेचने का वादा वहीं दूसरे शिकायतकर्ता निलेश बामनिया ने आरोप लगाया कि अभिषेक उमरे ने महालक्ष्मी नगर स्थित एक प्लॉट को अपना बताकर बेचने और एक समिति की सदस्यता दिलाने का वादा किया था। निलेश के अनुसार उन्होंने ऑनलाइन और नकद मिलाकर करीब 10 लाख रुपए दिए, लेकिन बाद में पता चला कि संबंधित प्लॉट अभिषेक के नाम पर ही नहीं है। साथ ही समिति से जुड़े कोई वैध दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं कराए गए। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि अभिषेक उमरे ने अन्य लोगों से भी प्रॉपर्टी निवेश और प्लॉट बिक्री के नाम पर रकम ली है। उन्होंने कमलेश देशमुख और तरुण पटेल सहित अन्य लोगों के साथ भी कथित धोखाधड़ी होने की जानकारी पुलिस अधिकारियों को दी। पूरे मामले में शिकायतकर्ताओं ने अभिषेक उमरे, उसकी पत्नी और पिता दिनेश उमरे की भूमिका की जांच कर वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।
मोहन मोहन सरकार की दूसरी ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट (जीआईएस-2027) भी भोपाल में होगी। जनवरी 2027 में प्रस्तावित इस निवेश महाकुंभ की तैयारियां उद्योग विभाग ने शुरू कर दी हैं। शुभारंभ के लिए पीएम नरेंद्र मोदी को बुलाने की तैयारियां की जा रही हैं। आयोजन स्थल के लिए लाल परेड ग्राउंड, ज्यूडिशियल एकेडमी के पास नीलबड़-रातीबड़ क्षेत्र और राष्ट्रीय मानव संग्रहालय की पुरानी जगह का निरीक्षण किया गया है। अंतिम चयन आमंत्रित उद्योगपतियों और निवेशकों की संभावित संख्या के आधार पर होगा। पिछली जीआईएस के दौरान सामने आई कमियों को दूर करने पर विशेष फोकस किया जा रहा है। हाल ही में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव दीपाली रस्तोगी ने तकनीकी व्यवधान और ध्वनि संबंधी समस्याओं का मुद्दा उठाया था। आयोजन को अधिक व्यवस्थित बनाने की तैयारी है। निवेश आकर्षित करने की दिशा में एमपीआईडीसी कोलार रोड स्थित सतगढ़ी के पास 172 एकड़ में नया मल्टी-प्रोडक्ट औद्योगिक क्षेत्र विकसित कर रहा है। यहां टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग और रेडीमेड गारमेंट्स से जुड़ी इकाइयों को बढ़ावा दिया जाएगा। ऐसे होगी अलग जीआईएस... दायरा बढ़ेगा, नए देशों, नए सेक्टरों पर जोर 1. अंतरराष्ट्रीय भागीदारी बढ़ाई जाएगी। इसीलिए इंडो लेटिन और इंडो-फ्रेंड्स मीट की जा रही है। इनके साथ अलग से मीट होगी। 2. अपकमिंग सेक्टर और सेमीकंडक्टर जैसे ऐसे क्षेत्र जिसमें निवेश शून्य है, होमवर्क किया जा रहा है। मप्र के ईको-सिस्टम को एक्सप्लोर किया जाएगा। 3. सीआईआई की तरह दूसरे इंडस्ट्रीयल चेंबर्स एंड कॉमर्स को भी इस बार बुलाएंगे। अलग से चर्चा रखी जाएगी। इससे समिट का दायरा बढ़ेगा। पिछली जीआईएस में 30.77 लाख करोड़ के प्रस्ताव, अब लक्ष्य और बड़ा भोपाल में आयोजित ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट (जीआईएस)-2025 में प्रदेश को 30.77 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले थे। इस आंकड़े में रीजनल इनवेस्टर्स समिट के दौरान प्राप्त प्रस्ताव भी शामिल थे। सबसे बड़ा प्रस्ताव अडाणी समूह का 1.10 लाख करोड़ रुपए का था। उद्योग विभाग को उम्मीद है कि जीआईएस-2027 में निवेश प्रस्तावों का आंकड़ा पिछली बार से अधिक रहेगा।
Share Bazaar में लगातार तीसरे दिन तेजी, Sensex 544 अंक उछला, Nifty पहुंचा 24000 के करीब
Share Market Update News : वैश्विक बाजारों में सकारात्मक रुख और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बीच मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन तेजी रही। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 544.15 अंक यानी 0.71 प्रतिशत उछलकर 76808.48 अंक पर ...
अमरीका के सुप्रीम कोर्ट में टीसीएस की याचिका खारिज
मुंबई। अमरीका के सुप्रीम कोर्ट ने एक दूसरी कंपनी के सॉफ्टवेयर तक अवैध पहुंच हासिल करने के एक मामले में भारतीय प्रौद्योगिकी कंपनी टीसीएस की पुनरीक्षण याचिका खारिज कर दी है। टीसीएस ने मंगलवार को शेयर बाजार को बताया कि अमरीकी सुप्रीम कोर्ट ने 15 जून को अमेरिकी प्रांतीय अपीलीय अदालत के फैसले के पुनरीक्षण […] The post अमरीका के सुप्रीम कोर्ट में टीसीएस की याचिका खारिज appeared first on Sabguru News .
सीतारमण का बड़ा बयान: विदेशी निवेश बढ़ने के लिए सरकार की नयी तैयारी
नई दिल्ली, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि सरकार देश में अधिक विदेशी पूंजी आकर्षित करने के लिए आगे भी कई कदम उठाएगी और बॉन्ड मार्केट के लिए हाल में घोषित उपाय इस दिशा में सिर्फ शुरुआत हैं।
निवेश की दुनिया में अक्सर लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि आखिर में अपनी गाढ़ी कमाई से बमुश्किल की जाने वाली बचत का रुपया-पैसा कहाँ लगाएं, जहां पर वह डूबे नहीं, बल्कि सुरक्षित भी रहे। ऐसे में आप अपना रुपया-पैसा पीपीएफ (Public Provident Fund) में लगाएं या एमएफ (Mutual Fund) में। क्योंकि सच यह है कि दोनों का उद्देश्य अलग-अलग है और सही समय पर सही विकल्प चुनना ही आपके लिए अधिक महत्वपूर्ण है। इसलिए आइए आज आपको बताते हैं कि कब पीपीएफ में निवेश करें और कब एमएफ में। पहले हम बात करते हैं कि पीपीएफ (PPF) में निवेश कब न करें? आपके लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि Public Provident Fund (PPF) उन लोगों के लिए बेहतर है जो अपनी पूंजी की सुरक्षा चाहते हैं। साथ ही एक निश्चित और जोखिम-मुक्त रिटर्न पसंद करते हैं। इसके अलावा, टैक्स भी बचाना चाहते हैं। और तो और, 15 वर्ष या उससे अधिक की लंबी अवधि के लिए निवेश कर सकते हैं। चूंकि इसका महत्वपूर्ण फंडा यह है कि PPF में हर महीने की 5 तारीख से पहले पैसा जमा करने पर उस महीने का ब्याज भी मिलता है। इसलिए यदि आप मासिक निवेश करते हैं तो 1 से 5 तारीख के बीच जमा करना अधिक फायदेमंद माना जाता है। इसे भी पढ़ें: FIR कराना हो जाएगा आसान, जब जानेंगे 2026 के कानून अब हम बात करते हैं कि Mutual Fund (MF) में कब निवेश करें? तो यह गांठ बांध लीजिए कि Mutual Fund उन निवेशकों के लिए बेहतर है जो महंगाई को मात देने वाला रिटर्न चाहते हैं। साथ ही लंबी अवधि (10-15 वर्ष या अधिक) के लिए निवेश कर सकते हैं। इसके अलावा, कुछ उतार-चढ़ाव (रिस्क) सहन कर सकते हैं। और तो और संपत्ति निर्माण (Wealth Creation) का लक्ष्य रखते हैं। चूंकि इसका महत्वपूर्ण फंडा यह है कि Mutual Fund में सही समय पकड़ने की बजाय SIP (Systematic Investment Plan) के जरिए नियमित निवेश करना अधिक प्रभावी माना जाता है। जो कि बाजार ऊपर हो या नीचे, SIP लागत को औसत कर देती है। सवाल है कि किसे चुनें? आपके निवेशक का लक्ष्य क्या है? आपके पास बेहतर विकल्प क्या है? आपकी पूंजी सुरक्षा कितनी है। चूंकि पीपीएफ से टैक्स बचत होती है, रिटायरमेंट के लिए सुरक्षित फंड रहता है और लंबी अवधि में अधिक रिटर्न रिटर्न मिलता है। जबकि म्युचुअल फंड धन सृजन (Wealth Creation) के लिए अच्छा है, बशर्ते कि आप संतुलित रणनीति अपनाएं। जहां तक PPF और Mutual Fund में सबसे असरदार रणनीति की बात है तो वित्तीय विशेषज्ञ अक्सर सलाह देते हैं कि निवेशक दोनों का संयोजन रखें। एक ओर सुरक्षा और टैक्स लाभ के लिए PPF अच्छा है तो संपत्ति निर्माण और महंगाई से आगे निकलने के लिए Equity Mutual Fund SIP बेहतर है। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई व्यक्ति हर महीने ₹10,000 निवेश करना चाहता है, तो वह ₹3,000–₹4,000 PPF में और शेष राशि अच्छे इक्विटी म्यूचुअल फंड की SIP में लगा सकता है। इससे सुरक्षा और वृद्धि दोनों का लाभ मिल सकता है। निष्कर्षतः यह कहा जा सकता है कि यदि आपका लक्ष्य पूंजी की सुरक्षा है तो PPF बेहतर है। और यदि आपका लक्ष्य लंबी अवधि में बड़ा धन बनाना है तो Mutual Fund अधिक उपयुक्त हो सकता है। वहीं, दोनों का संतुलित मिश्रण अधिकांश निवेशकों के लिए व्यावहारिक और प्रभावी रणनीति साबित हो सकता है। हाँ, यहां पर यह सदैव ध्यान रखें कि Mutual Fund बाजार जोखिमों के अधीन हैं, जबकि PPF अपेक्षाकृत सुरक्षित सरकारी योजना है। लिहाजा, निवेश का निर्णय अपनी आयु, लक्ष्य, जोखिम क्षमता और समयावधि को ध्यान में रखकर करें। - कमलेश पांडेय वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार
गुरुग्राम में गोल्फ कोर्स रोड पर डीएलएफ अंडर कंस्ट्रक्शन सुपर-लग्जरी प्रोजेक्ट ‘द डहलियाज’ में शेयर बाजार के दिग्गज निवेशक मधुसूदन केला ने ₹121 करोड़ का एक आलीशान फ्लैट खरीदा है। यह सौदा करीब ₹1.93 लाख प्रति वर्ग फुट की रिकॉर्ड दर पर हुआ है, जो देश के सबसे महंगे अपार्टमेंट सौदों में से एक है। यह गुरुग्राम में भी दूसरी सबसे बड़ी डील है। 'द डहलियाज' प्रोजेक्ट इस समय देश के अमीर उद्योगपतियों और मशहूर हस्तियों की पहली पसंद बना हुआ है। इससे पहले अक्टूबर 2025 में, दिल्ली-एनसीआर के एक नामी कारोबारी ने इसी प्रोजेक्ट में ₹380 करोड़ की लागत से 4 लग्जरी अपार्टमेंट खरीदे थे। इसके अलावा पूर्व भारतीय क्रिकेटर शिखर धवन भी इस प्रोजेक्ट में करीब ₹69 करोड़ का एक अपार्टमेंट अपने नाम करवा चुके हैं। यह जानकारी रियल एस्टेट डेटा एनालिटिक्स फर्म सीआरई मैट्रिक्स द्वारा प्राप्त किए गए दस्तावेजों से सामने आई है। इन दस्तावेजों के मुताबिक प्रॉपर्टी डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक मधुसूदन केला ने द डहेलियाज के टावर नंबर एक की 20वीं मंजिल पर अपार्टमेंट खरीदा है। इस घर का कुल कारपेट एरिया 6,233.39 स्क्वायर फीट (579.06 वर्ग मीटर) है। जिसमें 1810.75 स्क्वायर फीट (168.223 वर्ग मीटर) का बड़ा बालकनी एरिया भी शामिल है। 5 कार पार्किंग स्लॉट इस फ्लैट के साथ मधुसूदन केला को बेसमेंट में 5 कार पार्किंग स्लॉट भी अलॉट किए गए हैं। संपत्ति की कुल कंसीडरेशन वैल्यू 120.71 करोड़ रुपए तय की गई है। कारपेट एरिया के हिसाब से इस फ्लैट की मूल दर 1.93 लाख रुपए प्रति स्क्वायर फीट बैठती है। यह सौदा 15 अप्रैल 2026 को रजिस्टर्ड हुआ था। हालांकि मधुसूदन केला और डीएलएफ की तरफ से अभी कोई आधिकारिक स्टेटमेंट्स जारी नहीं किया गया है। प्रॉपर्टी एक्सपर्ट इसे मुंबई के मालाबार हिल और दिल्ली के लुंटियन जोन के बराबर मान रहे हैं। बड़े निवेशक है मधुसूदन केला मधुसूदन केला भारतीय शेयर बाजार की दुनिया का बड़ा नाम हैं। वह एमके वेंचर्स कैपिटल के फाउंडर हैं। वह अपने निवेश और फैमिली ऑफिस के निवेश को मैनेज करते हैं। इससे पहले वे रिलायंस कैपिटल एसेट मैनेजमेंट में चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसरऔर चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट रह चुके हैं। उन्होंने कंपनी में बड़े इक्विटी पोर्टफोलियो तैयार करने और अलग-अलग बाजार परिस्थितियों के लिए निवेश स्ट्रैटेजी बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। लंबे समय के लिए अच्छे निवेश अवसर पहचानने की क्षमता के कारण उनकी बाजार में खास पहचान है। निवेशक उनके बाजार संबंधी नजरिए और शेयर चुनने की क्षमता पर नजर रखते हैं। फिलहाल वे शेयर, स्टार्टअप्स और दूसरे वैकल्पिक निवेश विकल्पों में निजी निवेशक के तौर पर काम कर रहे हैं। अंडर-कंस्ट्रक्शन है दी डेहलियाज डीएलएफ का यह अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट अपनी भव्यता और आधुनिक सुविधाओं के लिए चर्चा में है। कंपनी अब तक इस प्रोजेक्ट में 221 फ्लैट बेच चुकी है, जिससे उसे कुल ₹16,000 करोड़ रुपए की बिक्री हासिल हुई है। इस लोकेशन पर डीएलएफ की दी कैमेलियाज का पजेशन किया जा चुका है। जिसमें देश के कई बड़े अमीर बिजनेसमैन रहते हैं। पांच साल में पजेशन का दावा डीएलएफ ने पिछले साल दावा किया था कि 5 साल में इस सोसाइटी के अपार्टमेंट का पजेशन दे दिया जाएगा। इस सोसाइटी का ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट यानि ओसी 31 दिसंबर 2031 तक मिलने की बात कही गई है। पजेशन सौंपने के बाद 5 साल तक अगर इमारत में कोई स्ट्रक्चरल डिफेक्ट आता है, तो उसे बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के 90 दिनों के अंदर ठीक करने की जिम्मेदारी बिल्डर की होगी।
इंदौर में लोकायुक्त पुलिस ने महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक लक्ष्मी नारायण कंडवाल को बुधवार सुबह पकड़ा था। उनके घर पर पांच घंटे से अधिक समय तक तलाशी चली। जांच में उनकी पत्नी शारदा, पुत्रवधु तनु और हर्षिता के नाम पर संपत्तियां और निवेश मिले। जिनकी कीमत करोड़ों रुपए में बताई गई है। यह संपत्ति कंडवाल की ज्ञात आय से काफी अधिक पाई गई है। हालांकि, कंडवाल के बारे में यह जानकारी भी सामने आई है कि उन्होंने नौकरी के दौरान सूदखोरी का काम भी किया। अपने बेटे अभिषेक के नाम से उन्होंने छह चेक बाउंस के मामले दर्ज कराए और बाद में उनमें कोर्ट में समझौता भी किया। अभिषेक ने वर्ष 2022 में रमेश मलकानी के खिलाफ करीब छह चेक बाउंस के मामले दर्ज कराए थे। इनमें प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में समझौता हुआ था। हालांकि, सभी चेक केसरबाग रोड स्थित एक संपत्ति के सौदे से जुड़े बताए गए थे। चूंकि बाद में इस मामले में रुपए लेकर अभिषेक ने समझौता कर लिया था, इसलिए लेनदेन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, जिस समय अभिषेक और रमेश मलकानी के बीच यह लेनदेन हुआ, उस समय वह पढ़ाई कर रहा था। ऐसे में पढ़ाई के दौरान उसके पास इतनी बड़ी राशि कहां से आई, इसे लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया जाता है कि लक्ष्मी नारायण कंडवाल ने अपनी ही संपत्ति से अभिषेक को रुपए देकर इस प्रॉपर्टी संबंधी काम में लगाया था। हालांकि, अब लोकायुक्त की टीम बच्चों के नाम पर की गई संपत्तियों की भी जांच कर सकती है। कंडवाल ने 1986 में शुरू की थी नौकरी कंडवाल ने वर्ष 1986 में ग्राम सुनाला के माध्यमिक विद्यालय में सहायक शिक्षक के रूप में नौकरी शुरू की थी। बाद में वे महिला एवं बाल विकास विभाग में विभिन्न पदों पर पदोन्नत होते हुए संयुक्त संचालक बने। हालांकि, कंडवाल के पुत्र अभिषेक और पवन के नाम पर एक सुपर मार्केट होने की जानकारी भी सामने आई है। जांच में इस व्यवसाय में करीब 35.73 लाख रुपए के निवेश की जानकारी मिली थी, लेकिन लोकायुक्त को कोर्ट में संपत्ति संबंधी मामलों, चेक बाउंस प्रकरणों और समझौते में प्राप्त राशि के संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई थी। नौकरी के दौरान यहां रहे कंडवाल कंडवाल के बारे में जानकारी मिली है कि वे नौकरी के दौरान नीमच, खरगोन, उज्जैन, जबलपुर, भोपाल, रीवा सहित अन्य स्थानों पर पदस्थ रहे हैं। हालांकि, लोकायुक्त अधिकारियों ने उनके परिवार के नाम पर मिली संपत्तियों के आधार पर इन पहलुओं को भी जांच में शामिल किया है। लोकायुक्त पुलिस जल्द ही इस मामले में पूरी संपत्ति का विवरण तैयार कर राज्य शासन को भेजेगी। वहीं, कंडवाल को पद से हटाने के लिए विभाग को पत्र भी भेज सकती है। ………………………… यह खबर भी पढ़ें… जॉइंट डायरेक्टर के पास आलीशान जिम, सुपर मार्केट इंदौर में लोकायुक्त टीम ने बुधवार सुबह महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक (जॉइंट डायरेक्टर) लक्ष्मी नारायण कंडवाल के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। शुरुआती जांच में अधिकारी की वैध आय की तुलना में 241 प्रतिशत अधिक संपत्ति मिलने के प्रमाण सामने आए हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें...
ऑनलाइन निवेश फ्रॉड पर ईडी की बड़ी कार्रवाई, चार शहरों में 8 ठिकानों पर छापेमारी
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कोलकाता जोनल ऑफिस ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत ऑनलाइन निवेश फ्रॉड के एक मामले में 1 और 4 जून 2026 को मुंबई, ठाणे, बैंगलोर और गुरुग्राम में आठ जगहों पर तलाशी अभियान चलाया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ में आयोजित D3 त्रिवेणी कार्यक्रम के दौरान सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर्स और डिजिटल क्रिएटर्स के साथ संवाद किया। कार्यक्रम में विभिन्न विषयों पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं, रोजगार, शिक्षा, निवेश, अयोध्या के विकास और प्रदेश की बदलती पहचान को लेकर अपनी सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का युवा अब पहचान के संकट से बाहर निकल चुका है और आज प्रदेश में रोजगार तथा अवसरों की कोई कमी नहीं है। सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर एवं शिक्षक वेदांत सिंह हजारी ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में करीब एक करोड़ नए युवा मतदाता पहली बार मतदान करेंगे। ऐसे में शिक्षा, रोजगार और अवसरों को लेकर जागरूक इस युवा वर्ग को सरकार पर भरोसा क्यों करना चाहिए। 2017 से पहले की स्थिति याद रखने की जरूरत: योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जवाब देते हुए कहा कि आज का युवा प्रतिभाशाली और ऊर्जा से भरपूर है। उन्होंने कहा कि 2027 में मतदान करने वाला 18 से 25 वर्ष का युवा वर्ष 2017 से पहले की परिस्थितियों को प्रत्यक्ष रूप से नहीं जानता। उस समय उत्तर प्रदेश की पहचान दंगों, कर्फ्यू, भ्रष्टाचार और विकास के अभाव से जुड़ी हुई थी। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब प्रदेश के कई युवा खुद को उत्तर प्रदेश का बताने में संकोच करते थे। राज्य की छवि देश और दुनिया में अच्छी नहीं थी, जिसका सबसे बड़ा नुकसान युवाओं को उठाना पड़ा। रोजगार और अवसरों की कमी के कारण उन्हें संघर्ष करना पड़ता था। पहचान से अवसर तक, बदली यूपी की तस्वीर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने प्रदेश की छवि बदलने का संकल्प लिया था और आज उसका परिणाम सामने है। उन्होंने दावा किया कि अब उत्तर प्रदेश का युवा देश और दुनिया में सम्मान के साथ अपनी पहचान बनाता है। उन्होंने कहा कि पहले लोग यूपी के युवाओं से दूरी बनाते थे, जबकि अब उन्हें सम्मान और अवसर दोनों मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश का माहौल बना है और देश में सर्वाधिक निवेश आकर्षित करने वाले राज्यों में उत्तर प्रदेश अग्रणी है। बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट और औद्योगिक परियोजनाओं ने रोजगार के नए अवसर पैदा किए हैं। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का किया जिक्र संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि यह उत्तर प्रदेश के विकास की नई पहचान है। उन्होंने बताया कि जेवर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की परिकल्पना वर्षों पहले हुई थी, लेकिन उनकी सरकार ने इसे जमीन पर उतारने का काम किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि एयरपोर्ट के लिए जिन किसानों की भूमि अधिग्रहित की गई थी, उन्हें पहली उड़ान में आमंत्रित किया गया। किसानों ने लखनऊ पहुंचकर उनसे मुलाकात की और सरकार के प्रति संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं में किसानों और युवाओं को साझेदार बनाया जा रहा है। अयोध्या आध्यात्मिक पर्यटन का वैश्विक मॉडल D3 त्रिवेणी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अयोध्या के विकास का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अयोध्या केवल एक धार्मिक नगरी नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों को विरासत में देने योग्य एक अनुपम उपहार है। अयोध्या ने यह साबित किया है कि आध्यात्मिक पर्यटन किसी शहर के विकास का मजबूत आधार बन सकता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले लोग अयोध्या का नाम लेने और वहां जाने से भी डरते थे, जबकि आज अयोध्या चारों दिशाओं से फोर लेन सड़कों, डबल ब्रॉडगेज रेलवे लाइन और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से जुड़ चुकी है। विपक्ष पर भी साधा निशाना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिना किसी दल का नाम लिए विपक्ष पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि अब रामभक्ति की बात वे लोग भी कर रहे हैं जिन्होंने कभी रामभक्तों पर गोलियां चलवाई थीं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने संत समाज की उपेक्षा की थी, उन्हें अब साधु-संतों के सम्मान की याद आ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश विकास, सांस्कृतिक विरासत और सुशासन के नए मॉडल के रूप में उभर रहा है और आने वाले वर्षों में युवाओं की भूमिका इसमें सबसे महत्वपूर्ण होगी।
बालाघाट में ट्रेडिंग के नाम पर सवा सौ करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। वारासिवनी पुलिस की शिकायत पर सुनवाई न किए जाने से नाराज होकर निवेशकों ने सीधे पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई है। सोमवार को निवेशकों ने वारासिवनी के वारा सरपंच राजा अली, मुद्दसर अली, फरहान और उनके साथियों पर केस दर्ज करने और अपनी रकम वापस दिलाने की मांग की है। लगभग आधा दर्जन से अधिक पीड़ित निवेशक एसपी दफ्तर पहुंचे थे। पीड़ित नगेंद्र रंगारे ने बताया कि उन्होंने ट्रेडिंग के नाम पर सात लाख रुपए का निवेश किया था, जबकि उनके साथ आए अन्य निवेशकों की कुल राशि लगभग 60 लाख रुपए है। उनका दावा है कि वारासिवनी और आसपास के इलाकों में कुल मिलाकर करीब सवा सौ करोड़ रुपए का फ्रॉड किया गया है। महीने में 6% मुनाफे का लालच निवेशकों ने बताया कि उन्हें ट्रेडिंग कंपनी में पैसा लगाने पर हर महीने 6 प्रतिशत मुनाफा (रिटर्न) दिलाने का भरोसा दिया गया था। आरोपियों ने खुद गारंटी लेते हुए निवेशकों से मोटी रकम जमा करवाई, लेकिन अब जब निवेशक अपना पैसा वापस मांग रहे हैं, तो उन्हें धमकियां दी जा रही हैं। पुलिस की ढिलाई से निवेशकों में नाराजगी एक अन्य पीड़ित सुनील पिपरेवार ने कहा कि ट्रेडिंग के नाम पर चूना लगाने वालों के खिलाफ स्थानीय स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। पुलिस की इस ढिलाई से सभी निवेशक परेशान और गुस्से में हैं। उन्होंने मांग की है कि पुलिस इस करोड़ों के घोटाले पर तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई करे और निवेशकों की डूबी हुई राशि वापस करवाए।
गुरुग्राम पुलिस ने शेयर बाजार में निवेश के नाम पर हुई 23.21 लाख रुपए की साइबर ठगी के मामले में 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी ठगी करने वाले गिरोह को बैंक खाते उपलब्ध कराते थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान विकास पांडे निवासी शिवपुरी, मध्य प्रदेश, वर्तमान में ग्वालियर और सुमित सेन निवासी ग्वालियर, मध्य प्रदेश के रूप में हुई है। यह कार्रवाई साइबर अपराध थाना दक्षिण गुरुग्राम की पुलिस ने की है। पुलिस के अनुसार, 9 फरवरी 2024 को एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता को वॉट्सएप ग्रुप के माध्यम से शेयरों में निवेश कर अधिक मुनाफा कमाने का झांसा दिया गया था। ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराते थे ठगों ने पीड़ित से विभिन्न बैंक खातों में लगभग 23 लाख 21 हजार रुपए ट्रांसफर करवाकर उसे साइबर ठगी का शिकार बनाया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और साइबर अपराध थाना दक्षिण की टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस जांच में सामने आया कि ठगी गई रकम में से 3 लाख रुपए जिस बैंक खाते में ट्रांसफर हुए थे, वह खाता सुभाष राठौड़ के नाम पर था। इस मामले में सुभाष राठौड़ को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पूछताछ में पता चला कि सुभाष ने अपना बैंक खाता 25 हजार रुपए में विकास पांडे और सुमित सेन को दिया था। 50 हजार रुपए में बेचा बैंक खाता इसके बाद, विकास पांडे और सुमित सेन ने वही बैंक खाता 50 हजार रुपए में एक अन्य व्यक्ति को बेच दिया। इस खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए किया गया था। गुरुग्राम पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और साइबर ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति या व्हाट्सएप/टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से मिलने वाले निवेश संबंधी प्रस्तावों पर भरोसा न करें और संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर थाना में दें।
LIVE: अमेरिका ईरान डील से इजराइल नाराज, भारतीय शेयर बाजार में उछाल
Latest News Today Live Updates in Hindi : अमेरिका ईरान डील से हार्मुज स्ट्रेट खुलने और युद्ध खत्म होने की उम्मीद में भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को तेज उछाल आया। हालांकि इजराइल इस समझौते से नाराज है। पल पल की जानकारी...
मिथुन राशि में सूर्य का प्रवेश आज, बुध से युति दिखाएगी कई प्रभाव
ग्रहों के राजा सूर्यदेव 15 जून, सोमवार को वृषभ राशि से निकलकर मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। ज्योतिषीय दृष्टि से यह राशि परिवर्तन महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसका सीधा प्रभाव देश-दुनिया की गतिविधियों और सभी 12 राशियों के जातकों के जीवन पर पड़ेगा। सूर्य 15 जून से मिथुन राशि में अपना गोचर शुरू करेंगे और अगले एक महीने यानी 16 जुलाई तक इसी राशि में विराजमान रहेंगे। ज्योतिषविद डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि सूर्य को तेज, यश, मान-सम्मान, उच्च पद, नेतृत्व क्षमता और सरकारी सफलता का कारक ग्रह माना गया है। मिथुन राशि के स्वामी बुध हैं और सूर्य-बुध की आपस में मित्रता होने के कारण यह गोचर संवाद, शिक्षा, व्यापार, राजनीति, मीडिया और लोगों की निर्णय क्षमता को विशेष रूप से प्रभावित करेगा। शासन-प्रशासन में नई नीतियां आ सकती हैं और राजनीतिक गतिविधियों में तेजी देखने को मिलेगी। शुरुआती दौर में शेयर बाजार में कुछ गिरावट और व्यापारिक गतिविधियों में मंदी रह सकती है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय व्यापार में बढ़ोतरी के साथ बाजार दोबारा गति पकड़ेगा। राजनीतिक क्षेत्र में उथल-पुथल, आरोप-प्रत्यारोप, सत्ता-संगठनों में बड़े बदलाव और धरना-प्रदर्शन जैसी गतिविधियां बढ़ सकती हैं। प्राकृतिक आपदाओं की आशंका भी रहेगी। शिक्षा व्यवस्था में सुधार के योग हैं, जबकि मनोरंजन, फिल्म और फैशन से जुड़े क्षेत्र चर्चा में रहेंगे। सभी 12 राशियों पर इस गोचर के ये असर संभावित, जानिए आपके लिए क्या सलाह मेष : भाग्य का भरपूर साथ मिलेगा। नौकरीपेशा लोगों की प्रतिष्ठा और कार्यक्षेत्र में प्रभाव बढ़ेगा। नई जिम्मेदारियां मिलने के साथ लाभ के अवसर मिलेंगे। वृष : आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और आय के नए स्रोत बनेंगे। परिवार के साथ सुखद समय बीतेगा। नौकरीपेशा और व्यापारियों को सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। मिथुन : कार्यस्थल पर सफलता-उपलब्धियों के योग हैं। धन का उपयोग सही कार्यों में होगा, लेकिन अनावश्यक चिंता और चिड़चिड़ापन संभव है। क्रोध और उधार देने से बचें। कर्क : इस अवधि में भाग्य से ज्यादा अपनी मेहनत पर भरोसा करना होगा। कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों में बड़ी राहत मिल सकती है। अधिकारी आपके काम से संतुष्ट रहेंगे। सिंह : स्वास्थ्य को लेकर विशेष सतर्कता बरतनी होगी। हालांकि, कार्यक्षेत्र में सहयोग मिलने से लंबे समय से अटकी योजनाएं पूरी होंगी और कामकाज में प्रगति होगी। कन्या : व्यापार और व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए यह समय विशेष रूप से लाभकारी रहेगा। निवेश और विस्तार की योजनाओं में सफलता मिलेगी और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। तुला : स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां मानसिक बेचैनी बढ़ा सकती हैं। विद्यार्थियों का पढ़ाई में मन कम लगेगा और नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता लें। वृश्चिक : नौकरी में स्थानांतरण या कार्यक्षेत्र में बदलाव के योग बन रहे हैं। मन में निराशा या क्रोध की भावना बढ़ सकती है, इसलिए धैर्य रखें। पुराना मित्र मिल सकता है। धनु : नौकरीपेशा लोगों को धन लाभ और पदोन्नति के अवसर मिल सकते हैं। व्यापारियों के लिए भी लाभ की स्थिति रहेगी। बड़े निवेश से पहले विशेषज्ञों की सलाह जरूर लें। मकर : घर में धार्मिक या मांगलिक आयोजन होने के योग हैं। जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सफलता मिलने से आत्मविश्वास बढ़ेगा और परिवार के साथ यात्रा की योजना बन सकती है। कुंभ : कामकाज के क्षेत्र में लाभदायक परिस्थितियां बनेंगी। इंटरव्यू और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलने की पूरी संभावना है। शैक्षणिक कार्यों में अच्छे परिणाम मिलेंगे। मीन : नौकरी में परिवर्तन या नई जिम्मेदारी मिलने के योग हैं। कार्य के सिलसिले में स्थान परिवर्तन करना पड़ सकता है। इस अवधि में वाहन या मकान खरीदने का विचार साकार हो सकता है।
इंदौर क्राइम ब्रांच ने क्रिप्टो करेंसी और फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस एक महिला आरोपी को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि चंडीगढ़, बेंगलुरु और दिल्ली से जुड़े अन्य आरोपी अभी फरार हैं। जांच में सामने आया है कि गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ था और इंदौर की होटलों में सेमिनार व मीटिंग आयोजित कर लोगों को झांसे में लिया जाता था। डीसीपी राजेश त्रिपाठी के अनुसार, मामले में हरप्रीत कौर उर्फ मोना निवासी विष्णुपुरी कॉलोनी, जसवंत सिंह उर्फ जस्सी निवासी चंडीगढ़, अनिरुद्ध दलवी निवासी बेंगलुरु, मुकेश तायडे और जोसेफ निवासी भोपाल के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया गया है। आरोपियों पर लोगों को 100 दिनों में रकम दोगुनी करने का लालच देकर निवेश करवाने और बाद में पैसा वापस नहीं करने का आरोप है। इन लोगों ने की शिकायत क्राइम ब्रांच को जिया पति सतीश वाधवानी, गुरजीत, अभिषेक, जसरथ, अमरजीत, हन्नी, साहिल, रोहित, पंकज, हरप्रीत कौर, गुरमीत कौर सहित कई लोगों ने शिकायत दी थी। पीड़ितों ने बताया कि आरोपियों ने क्रिप्टो करेंसी और फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश पर शुरुआत में 2 प्रतिशत मुनाफा और 100 दिन में रकम दोगुनी करने का दावा किया था। लेकिन बाद में न तो मुनाफा मिला और न ही मूल राशि वापस की गई। यूएस बेस्ड कंपनी बनाकर किया फर्जीवाड़ा जांच में सामने आया कि आरोपियों ने मिलकर “ए स्क्वेयर वर्ल्ड ग्लोबल कंसल्टेंसी” नाम से एक कथित यूएस बेस्ड कंपनी बनाई थी। हरप्रीत कौर उर्फ मोना ने अपने और कंपनी के बैंक खातों में निवेशकों से करीब ढाई करोड़ रुपए जमा करवाए थे। किटी पार्टी से पहचान, फिर होटल में सेमिनार पीड़िता जिया वाधवानी ने पुलिस को बताया कि उसकी पहचान हरप्रीत कौर से किटी पार्टी में हुई थी। हरप्रीत ने खुद को यूएस बेस्ड कंपनी से जुड़ा बताया। इसके बाद उसे भंवरकुआ स्थित होटल सोलारिस में जसवंत सिंह और अनिरुद्ध से मिलवाया गया, जहां पूरा निवेश प्लान समझाया गया। बाद में होटल रेडिसन में बड़ा सेमिनार आयोजित किया गया, जिसमें करीब 200 लोग शामिल हुए। वहां महंगे गिफ्ट और भारी मुनाफे का लालच देकर लोगों से निवेश करवाया गया। साइट अपडेट का बहाना बनाकर टालते रहे भुगतान पीड़ितों के मुताबिक, मार्च 2025 के बाद किसी भी निवेशक को भुगतान नहीं किया गया। जब लोगों ने हरप्रीत कौर से संपर्क किया तो उसने कंपनी की वेबसाइट अपडेट होने का बहाना बनाया और कहा कि जल्द ऑनलाइन पेमेंट कर दिया जाएगा। अप्रैल में भी इसी तरह टालमटोल की गई। दबाव बढ़ने पर आरोपियों ने झूम एप के जरिए ऑनलाइन मीटिंग की, जिसमें जसवंत और अनिरुद्ध भी जुड़े। उन्होंने जल्द भुगतान का आश्वासन दिया, लेकिन उसके बाद भी किसी को रकम नहीं मिली। रुपए मांगने पर दी धमकी जब निवेशकों ने लगातार अपने पैसे वापस मांगने शुरू किए तो आरोपियों ने साफ कह दिया कि कंपनी डूब चुकी है और अब किसी को कोई पैसा नहीं मिलेगा। इसके बाद सभी आरोपियों ने संपर्क बंद कर दिया। मामले में पीड़ितों ने क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई। फिलहाल पुलिस हरप्रीत कौर को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। क्राइम ब्रांच अब बैंक खातों, लेन-देन और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच कर रही है।
छतरपुर में चर्चित एमसीएक्स (MCX) ऑनलाइन सट्टा कारोबार से जुड़े व्यापारी राजेश अग्रवाल आत्महत्या मामले में पुलिस ने फरार आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने रविवार को आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए इनाम राशि 5 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपए कर दी। इसके साथ ही, शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर वांटेड आरोपियों के फोटोयुक्त पोस्टर भी लगाए। पोस्टर लगाने की यह कार्रवाई देर रात अपोलो क्रॉस मार्केट और अंतरराज्यीय बस स्टैंड क्षेत्र से शुरू हुई। इसके बाद चौबे तिराहा, डाकखाना चौराहा, रेलवे स्टेशन और शहर के अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर भी पोस्टर लगाए गए हैं। इन पोस्टरों के जरिए आम लोगों से फरार आरोपियों के बारे में जानकारी देने की अपील की जा रही है। पोस्टर पर आरोपियों को फोटो और नामसब इंस्पेक्टर अंकुर चौबे ने बताया कि पोस्टरों में शरद अग्रवाल, कल्लू कलई, अनवर खान, सुरेश नगरिया और मोनू उर्फ दीपक अग्रवाल के नाम और तस्वीरें प्रकाशित की गई हैं। पुलिस इन सभी आरोपियों की लगातार तलाश कर रही है, लेकिन वे अब तक फरार हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। जिले और आसपास के क्षेत्रों की पुलिस इकाइयों को भी अलर्ट पर रखा गया है। इस पोस्टर अभियान का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों की मदद से फरार आरोपियों तक जल्द से जल्द पहुंचना है। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगापुलिस ने नागरिकों से अपील की कि यदि उन्हें इन आरोपियों के संबंध में कोई भी जानकारी मिलती है, तो वे तत्काल नजदीकी थाने, पुलिस कंट्रोल रूम या वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित करें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। उल्लेखनीय है कि एमसीएक्स ऑनलाइन सट्टा कारोबार से जुड़े विवादों के चलते व्यापारी राजेश अग्रवाल की आत्महत्या का यह मामला शहर में काफी चर्चा में रहा है। मामले में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से पुलिस पर लगातार दबाव है। एसपी रजत सकलेचा का कहना है कि पब्लिक स्थानों पर और जहां पर आरोपियों के मिलने की संभावना है वहां पोस्टर लगाए गए हैं। ताकि लोग पहचान कर सूचना दे सकें। ये खबरें भी पढ़ें… पत्नी रोटियां बनाती रही...कमरे में पड़ी थी पति की लाश छतरपुर जिले में स्टॉक मार्केट ट्रेडर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घर के बंद कमरे में शव मिला। शव जमीन पर बिछे बिस्तर पर पड़ा था। नाक से खून बह रहा था। कमरे में लैपटॉप चालू हालत में था, जिसमें MCX और शेयर बाजार से जुड़ी वेबसाइट खुली हुई थी। ओरछा रोड थाना के सब इंस्पेक्टर दीपक यादव के मुताबिक, मृतक की पहचान राजेश अग्रवाल के रूप में हुई है। परिवार मूल रूप से उत्तरप्रदेश के झांसी जिले के बरुआसागर का रहने वाला है। परिवार ने वहां का मकान बेच दिया था। पूरी खबर पढ़िए… मां-भाभी-भतीजे को साथ ले जाते कहते रो पड़ीं बहनें; बेटा बोला- पापा को नींद आ गई दैनिक भास्कर डिजिटल की टीम राजेश अग्रवाल के घर पहुंची। इस दौरान राजेश की पत्नी वर्षा अग्रवाल और 15 साल के बेटे रौनक अग्रवाल से बातचीत करने की कोशिश की। दोनों को राजेश की मौत के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उन्हें लग रहा है कि राजेश अभी जिंदा है। पूरी स्टोरी पढ़िए…
शेयर मार्केट और आईपीओ में मुनाफे का लालच देकर एक युवक से 26.98 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने ठगों के अलग-अलग बैंक खातों में 5.65 लाख रुपए होल्ड करवाए। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद 1.50 लाख रुपए पीड़ित को रिफंड भी करवा दिए गए। जांच में सामने आया कि ठगों ने खुद को सेबी रजिस्टर्ड बताया था और फर्जी मोबाइल ऐप के जरिए वारदात की थी। पुलिस के अनुसार, पीड़ित ने 13 अप्रैल को साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया कि ठगों ने पीड़ित को कोटक सिक्योरिटीज प्राइवेट मार्केट ट्रेडिंग नाम के वॉट्सऐप ग्रुपों में जोड़ा। इसके बाद दो फर्जी ट्रेडिंग एप्लीकेशन डाउनलोड करवा दिए। 26.98 लाख रुपए खातों में ट्रांसफर करवाएठगों ने मानसिक दबाव बनाया और 25 फरवरी से 30 मार्च के बीच पीड़ित और उसके परिवार के लोगों के बैंक खातों से कुल 26.98 लाख रुपए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवा लिए। उसके बाद सहमति के बिना ही शेयर आवंटित दिखा दिए और केस सेटल करने के नाम पर और मोटी रकम मांगने लगे। पीड़ित ने साइबर थाने में शिकायत की। इसके बाद पुलिस ने जांच करते हुए ट्रांजेक्शन के आधार पर अलग- अलग बैंक खातों में रुपए होल्ड करवाए और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की।
Monsoon : मौसम के महादानव अल-नीनो को परास्त करेगा Indian Ocean Dipole, जानिए कैसे होगी झमाझम बारिश
प्रशांत महासागर में विकसित हुए अल नीनो (El Nio) के बीच मौसम वैज्ञानिक अब एक और महत्वपूर्ण जलवायु प्रणाली इंडियन ओशन डाइपोल (Indian Ocean Dipole - IOD) पर नजर बनाए हुए हैं। यह मौसमीय घटना हिंद महासागर में समुद्र की सतह के तापमान में होने वाले ...
बालाघाट जिले के वारासिवनी थाना क्षेत्र में क्रिप्टो ट्रेडिंग (Crypto Trading) के नाम पर 7 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। यहां एक युवक ने दूसरे युवक पर लाखों रुपए ठगने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। दूसरी तरफ, आरोपी ने खुद को भी इस खेल का शिकार बताते हुए आरोपों को गलत ठहराया है। जानकारी के मुताबिक, वारासिवनी के रहने वाले नगेंद्र रंगारे ने रिजवान उर्फ राजा अली के खिलाफ पुलिस में शिकायत की है। नगेंद्र का आरोप है कि रिजवान ने उसे एक ट्रेडिंग कंपनी में पैसा लगाने पर हर महीने 5 प्रतिशत मुनाफा (प्रॉफिट) दिलाने का भरोसा दिया था। रिजवान ने इस निवेश की खुद गारंटी ली थी, जिसके बाद नगेंद्र झांसे में आ गया। नगेंद्र ने बताया कि उसने जुलाई से दिसंबर 2024 के बीच बैंक ट्रांसफर और कैश के जरिए अलग-अलग किस्तों में करीब 7 लाख रुपए रिजवान को दिए। शुरुआत में तो नगेंद्र को मुनाफे के तौर पर कुछ पैसे मिले, लेकिन बाद में यह भुगतान पूरी तरह बंद हो गया। नगेंद्र का यह भी आरोप है कि उसकी एक शिक गया था। जब उसने अपने पैसे वापस मांगे, तो रिजवान टालमटोल करने लगा और अब उसे जान से मारने की धमकियां दे रहा है। पीड़ित ने सबूत के तौर पर पुलिस को बैंक के दस्तावेज और व्हाट्सएप चैट सौंपी है। आरोपी का दावा: मैं खुद ठगी का शिकार हूं दूसरी ओर, आरोपी रिजवान उर्फ राजा अली ने इन सभी आरोपों पर अपनी सफाई दी है। रिजवान का कहना है कि लवी चौधरी उर्फ नवाब अली नाम के एक शख्स ने देशभर में क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर लोगों से पैसा निवेश कराया था। रिजवान के मुताबिक, वह खुद इस कंपनी में एक निवेशक (इन्वेस्टर) था और उसने भी पैसे लगाए थे। रिजवान ने दावा किया कि कुछ समय तक तो कंपनी ने उसे और अन्य लोगों को मुनाफा दिया, लेकिन बाद में भुगतान बंद कर दिया। उसका कहना है कि अब लोग उस पर झूठे आरोप लगाकर जबरन वसूली करने की कोशिश कर रहे हैं। रिजवान ने इस मामले में पुलिस को अपना बयान दे दिया है और सरकार से मांग की है कि सभी निवेशकों का डूबा हुआ पैसा वापस दिलाया जाए। पुलिस कर रही है जांच वारासिवनी थाना पुलिस ने दोनों पक्षों की बातें सुनने और शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस बैंक ट्रांजैक्शन और अन्य तकनीकी सबूतों को खंगाल रही है, जिसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
AI स्टार्टअप कंपनी एंथ्रोपिक ने अपने सबसे एडवांस AI मॉडल्स 'क्लाउड फेबल 5' और 'मिथॉस 5' को दुनियाभर में बंद कर दिया है। कंपनी ने यह फैसला अमेरिकी सरकार के उस आदेश के बाद लिया है, जिसमें विदेशी नागरिकों के लिए इन मॉडल्स के इस्तेमाल पर रोक लगाने को कहा गया था। अब भारतीयों समेत कोई भी गैर-अमेरिकी नागरिक इनका इस्तेमाल नहीं कर पाएगा। अमेरिकी अधिकारियों ने इसके पीछे नेशनल सिक्योरिटी और साइबर हमलों के खतरे का हवाला दिया है। यह पहली बार है जब किसी सरकार ने हार्डवेयर या चिप्स के बजाय सीधे AI सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया है। जेलब्रेक के जरिए साइबर हमले का डर अमेरिकी सरकार को डर है कि इन एडवांस AI मॉडल के जरिए सुरक्षा घेरे को 'जेलब्रेक' यानी डिजिटल जेल को बाईपास किया जा सकता है। ऐसा होने पर इनका इस्तेमाल कंप्यूटर सिस्टम्स में कमियां ढूंढने, सरकारी डेटा हैक करने या बैंकिंग सिस्टम और क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े साइबर हमले करने के लिए किया जा सकता है। 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेजॉन के रिसर्चर्स ने एक टेस्टिंग के दौरान कुछ खास प्रॉम्प्ट्स का इस्तेमाल करके एंथ्रोपिक के मॉडल से सॉफ्टवेयर की कुछ कमियां निकलवा ली थीं। इसकी जानकारी अमेरिकी वाणिज्य विभाग को दी गई, जिसके तुरंत बाद यह कड़ा एक्शन लिया गया। कंपनी बोली- पाबंदी का फैसला गलत इस मामले पर एंथ्रोपिक का कहना है कि सरकार का यह फैसला एक बड़ी गलतफहमी का नतीजा है। कंपनी के मुताबिक, जो कमियां पाई गई थीं, वे बहुत सीमित थीं और वैसी कमियां बाजार में मौजूद दूसरे पब्लिक AI मॉडल्स भी ढूंढ सकते हैं। इसके लिए इतने बड़े पैमाने पर पूरी दुनिया में बैन लगाना सही नहीं है। कंपनी ने बताया कि लॉन्चिंग से पहले उन्होंने अमेरिकी सरकारी एजेंसियों और ब्रिटेन के AI सेफ्टी इंस्टीट्यूट के साथ हफ्तों तक इसकी टेस्टिंग की थी, तब किसी को ऐसा कोई बड़ा खतरा नहीं मिला था। कंपनी अब सरकार से बातचीत कर रही है ताकि इस एक्सेस को जल्द से जल्द बहाल किया जा सके। तब तक यूजर्स कंपनी के बाकी पुराने AI मॉडल्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। ट्रंप प्रशासन के साथ पहले से चल रहा था विवाद एंथ्रोपिक और ट्रंप प्रशासन के बीच पिछले कुछ महीनों से तनाव चल रहा है। दरअसल, कंपनी ने अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों को डोमेस्टिक सर्विलांस (घरेलू जासूसी) और पूरी तरह से ऑटोमैटिक चलने वाले हथियारों में अपने AI मॉडल का इस्तेमाल करने देने से मना कर दिया था। इसके बाद पेंटागन ने एंथ्रोपिक को 'सप्लाई-चेन रिस्क' की लिस्ट में डाल दिया था। यह विवाद ऐसे समय में बढ़ा है जब कंपनी शेयर बाजार में अपना IPO लाने की तैयारी कर रही है, जिससे उसकी मार्केट वैल्यू करीब 1 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 92 लाख करोड़ रुपए) आंकी जा रही है। जोहो फाउंडर श्रीधर वेम्बू बोले- ग्लोबलाइजेशन अब खत्म अब तक अमेरिका का ध्यान सिर्फ AI चिप्स और सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी को दूसरे देशों (विशेषकर चीन) तक पहुंचने से रोकने पर था। लेकिन सॉफ्टवेयर पर लगे इस नए बैन ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। भारतीय टेक कंपनी जोहो के फाउंडर श्रीधर वेम्बू ने इस फैसले पर चिंता जताते हुए इसे भारत के लिए एक बड़ा वेक-अप कॉल बताया है। वेम्बू ने कहा कि अब ग्लोबलाइजेशन खत्म हो चुका है। भारत को अब विदेशी कंपनियों पर निर्भर रहने के बजाय तेजी से अपनी खुद की सॉवरेन AI क्षमताएं डेवलप करनी चाहिए और ओपन-सोर्स मॉडल्स को बढ़ावा देना चाहिए, क्योंकि भविष्य में कोई भी देश कभी भी अपनी टेक्नोलॉजी का एक्सेस बंद कर सकता है। नॉलेज बॉक्स: क्या होता है 'जेलब्रेक' और 'सॉवरेन AI'? जेलब्रेक: AI मॉडल्स में कुछ सुरक्षा नियम सेट किए जाते हैं, ताकि वे बम बनाना, साइबर हमला करना या अवैध काम सिखाने जैसी जानकारियां न दें। जब कोई हैकर या यूजर चालाकी से इन नियमों को तोड़कर AI से प्रतिबंधित जानकारी निकलवा लेता है, तो उसे 'जेलब्रेक' कहते हैं। सॉवरेन AI: किसी देश की ओर से खुद के डेटा, इंफ्रास्ट्रक्चर और वैज्ञानिकों की मदद से तैयार किया गया घरेलू AI सिस्टम। इस पर किसी बाहरी देश या विदेशी कंपनी का नियंत्रण नहीं होता। ------------ ये खबर भी पढ़ें… मिथॉस AI से बैंकिंग सिस्टम पर साइबर हमले का खतरा: वित्त मंत्री सीतारमण ने हाई-लेवल मीटिंग की; क्या है मिथॉस और यह क्यों खतरनाक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को बैंकों के प्रमुखों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग की। इस बैठक में एंथ्रोपिक के 'क्लॉड मिथॉस' AI मॉडल से बैंकिंग सेक्टर को होने वाले संभावित खतरों पर चर्चा की गई। यह एआई मॉडल इतना एडवांस है कि हैकर इसका इस्तेमाल दशकों पुरानी अज्ञात खामियों को खोजकर फाइनेंशियल सेक्टर पर साइबर हमले कर सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें…
भारत और केन्या ने अलग-अलग क्षेत्रों में साझेदारी और निवेश पर की चर्चा
केन्या में भारत के उच्चायुक्त डॉ. आदर्श स्वैका ने केन्या के एल्डोरेट शहर (उवासिन गिशु प्रांत) का दौरा किया
नोएडा में युवक से 17 लाख का फ्रॉड:मुनाफे का झांसा देकर जाल में फंसाया,निवेश के नाम पर पैसे जमा कराए
नोएडा के सेक्टर-49 क्षेत्र में शेयर बाजार में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का सपना दिखाकर साइबर जालसाजों ने एक युवक से 17 लाख 30 हजार रुपए की ठगी कर ली। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, सेक्टर-49 के बरौला स्थित हनुमान विहार निवासी 27 वर्षीय राकेश कुमार ने शिकायत में बताया कि वह शेयर बाजार में निवेश के जरिए अच्छा लाभ कमाना चाहते थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने खुद को निवेश विशेषज्ञ बताकर उनसे संपर्क किया और कम समय में अधिक रिटर्न का भरोसा दिलाया। आरोपियों ने विभिन्न माध्यमों से उन्हें निवेश करने के लिए प्रेरित किया। रकम वापस मांगने पर बंद किया संपर्क राकेश का आरोप है कि जालसाजों ने भरोसा जीतने के बाद अलग-अलग चरणों में उनसे कुल 17.30 लाख रुपए निवेश करा लिए। शुरुआत में उन्हें मुनाफे का लालच दिया गया, लेकिन जब उन्होंने अपनी रकम वापस निकालने की कोशिश की तो आरोपी टालमटोल करने लगे। बाद में आरोपियों ने उनसे संपर्क भी तोड़ दिया, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ। एनसीआरपी पर शिकायत के बाद दर्ज हुआ केस पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर शिकायत दर्ज कराई। इसके आधार पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जांच साइबर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने के लिए बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल लेनदेन की जांच कर रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन निवेश के नाम पर मिलने वाले आकर्षक ऑफर, अनजान व्यक्तियों, सोशल मीडिया ग्रुप और बिना सत्यापन वाले निवेश प्लेटफॉर्म पर भरोसा करने से बचें। साइबर ठगी के मामलों में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।
शेयर बाजार में हर दिन 5% के मुनाफे और आईपीओ अलॉटमेंट का लालच देकर सांची दुग्ध संघ ट्रेनिंग सेंटर के उप महाप्रबंधक से 1 करोड़ 77 लाख रुपए ठगने का मामला सामने आया है। ठगों ने 31 बार में करोड़ों रुपए ऐंठे। साइबर पुलिस जानकारी जुटाते हुए जिस खाते में रुपए गए उस खाता धारक को पकड़ा तो वह बोला कि मैंने तो 26 हजार रुपए में खाता बेचा था। एसपी, राज्य साइबर पुलिस सव्यसांची सराफ ने बताया कि मक्सी रोड स्थित सांची दुग्ध संघ ट्रेनिंग सेंटर के उप महाप्रबंधक दीपक कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले उन्हें एस108 कोटक वेल्थ इनसाइट' नाम के एक वॉट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया था। ग्रुप में हर दिन शेयर मार्केट से भारी मुनाफा कमाने के दावे किए जाते थे। इसे देखकर दीपक कुमार भी झांसे में आ गए। ग्रुप के एडमिन ने उन्हें नियोकोट प्रो नामक एक फर्जी ट्रेडिंग एप्लीकेशन इंस्टॉल करवाई। इसके बाद उनसे आधार और पेनकार्ड लेकर एप पर फर्जी अकाउंट खुलवा दिया गया और धोखाधड़ी की।
छत्तीसगढ़ को 9,580 करोड़ रुपए के नए निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए: विष्णु देव साय
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट के अंतर्गत हैदराबाद में शुक्रवार को निवेशकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में निवेश का बढ़ता प्रवाह इस बात का संकेत है कि प्रदेश विकास की नई उड़ान भरने के लिए तैयार है।
भारतीय शेयर बाजार करीब 2 प्रतिशत उछले; निवेशकों को 10 लाख करोड़ रुपए का फायदा
अमेरिका-ईरान के बीच के बीच तनाव कम होने से भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार के कारोबारी सत्र में जोरदार तेजी देखने को मिली। दिन के अंत में सेंसेक्स 1,695.40 अंक या 2.30 प्रतिशत की तेजी के साथ 75,527.95 और निफ्टी 461.30 अंक या 1.99 प्रतिशत की मजबूती के साथ 23,622.90 पर बंद हुआ।
पटना के निजी होटल में आयोजित मीडिया संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देश और बिहार में हुए विकास कार्यों की चर्चा की। इस दौरान उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों के साथ-साथ बिहार के लिए भविष्य की योजनाओं का भी विस्तृत खाका प्रस्तुत किया। CM सम्राट ने विकसित भारत को बताया सबसे बड़ा लक्ष्य मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके 12 वर्ष के कार्यकाल के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि, ‘लोकतांत्रिक व्यवस्था में इतने लंबे समय तक प्रधानमंत्री के पद पर रहते हुए देश का नेतृत्व करना एक बड़ी उपलब्धि है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं और अब देश को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ा जा रहा है।’ भाजपा ने अपने संकल्पों को किया पूरा- सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि, 'भारतीय जनता पार्टी 1950 में जनसंघ के रूप में अस्तित्व में आई थी और तब से लेकर आज तक पार्टी ने जो भी संकल्प जनता के सामने रखा, उसे पूरा करने का प्रयास किया। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35ए को समाप्त करना भाजपा की ऐतिहासिक प्रतिबद्धता थी, जिसे प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पूरा किया गया। इसके अलावा अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का सपना भी साकार हुआ। भाजपा कभी भी अपने एजेंडे और विचारों से पीछे नहीं हटी है।' बिहार में औद्योगिक निवेश को लेकर बड़ा लक्ष्य मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि, ‘बिहार में औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।’ सम्राट चौधरी ने घोषणा किया कि राज्य सरकार ने 20 नवंबर को सरकार के एक वर्ष पूरे होने तक बिहार में 5 लाख करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश को धरातल पर उतारने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि बिहार देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों में शामिल होगा। उद्योगों को 30 दिन में मिलेगी स्वीकृति उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए मुख्यमंत्री ने कहा कि, ‘जिस प्रकार अन्य प्रशासनिक सेवाओं के लिए समय सीमा तय की गई है, उसी तरह उद्योगों के लिए भी 30 दिनों की समय सीमा निर्धारित की जाएगी।’ उन्होंने कहा कि, ‘कोई भी निवेशक उद्योग लगाने के लिए आवेदन करेगा तो 30 दिनों के भीतर उसे स्वचालित रूप से आवश्यक अनुमति मिल जाएगी। इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और बिहार में उद्योगों की स्थापना तेज होगी।’ राजगीर और मुंगेर में बनेगा डिफेंस कॉरिडोर मुख्यमंत्री ने कहा कि, ‘देश में रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। वर्तमान में देश में 33 करोड़ मोबाइल फोन का निर्माण हो रहा है और रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में भी बड़ी प्रगति हुई है।’ उन्होंने घोषणा की कि बिहार में राजगीर और मुंगेर को डिफेंस कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे राज्य में रोजगार और निवेश के नए अवसर पैदा होंगे। एयरपोर्ट, हेलीपैड और एयरस्ट्रिप विकसित करने की योजना मुख्यमंत्री ने कहा कि, ‘बिहार के हर जिले को बेहतर हवाई संपर्क से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है। हाल ही में एक महत्वपूर्ण फाइल पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत राजगीर और सासाराम-कैमूर क्षेत्र के बीच नई एयरस्ट्रिप का निर्माण कराया जाएगा। राज्य के सभी जिलों में आवश्यकता के अनुसार एयरपोर्ट, हेलीपैड और एयरस्ट्रिप विकसित करने की योजना है।' पटना हवाई अड्डे के नए स्वरूप का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि, ‘वहां उतरने के बाद अब स्पष्ट रूप से महसूस होता है कि बिहार बदल रहा है।’ सड़क और बिजली के क्षेत्र में बिहार की बड़ी उपलब्धि मुख्यमंत्री सम्राट ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि, ‘इस योजना के माध्यम से देशभर में 50 लाख घरों तक सौर ऊर्जा पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे लोगों को सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध होगी।’ जीएसटी ने राज्यों की आर्थिक स्थिति को किया मजबूत सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि, 'जीएसटी लागू होने से पहले राज्यों की आबादी का आर्थिक महत्व उतना नहीं था, लेकिन आज परिस्थितियां बदल चुकी हैं। बिहार की लगभग 14 करोड़ आबादी राज्य की सबसे बड़ी ताकत है। शराबबंदी लागू होने के बावजूद बिहार को जीएसटी व्यवस्था के तहत केंद्र सरकार से लगभग 12.90 लाख करोड़ रुपये के कर संग्रह तंत्र का लाभ मिल रहा है। राज्य के बजट में प्रत्यक्ष हिस्सेदारी करीब 60 हजार करोड़ रुपये की है, जबकि शेष संसाधन केंद्र सरकार की सहायता और राज्य के स्वयं के प्रयासों से जुटाए जाते हैं।' जनधन और डीबीटी ने बदली गरीबों की जिंदगी सीएम सम्राट ने कहा कि, ‘जब जनधन योजना शुरू की गई थी, तब विपक्ष ने इसे लेकर कई तरह की आशंकाएं और भ्रम फैलाए थे। लेकिन आज यही जनधन खाते और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) व्यवस्था गरीबों तक सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पहुंचाने का सबसे प्रभावी माध्यम बन चुकी है। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का पैसा अब सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंच रहा हैं, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और भ्रष्टाचार में कमी आई है।’ शिक्षकों के वेतन और पेंशन पर नहीं लगेगी रोक मुख्यमंत्री ने वित्तीय प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि, ‘राज्य सरकार का प्रतिदिन का खर्च लगभग 1000 करोड़ रुपये के आसपास है। 12 जून तक ट्रेजरी में 1500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि उपलब्ध है। शिक्षकों का वेतन और पेंशन उनका मौलिक अधिकार है, इसलिए किसी भी परिस्थिति में इसे रोका नहीं जा सकता।’ उन्होंने अधिकारियों से कहा कि, ‘विकास योजनाओं के लिए उपयोगिता प्रमाणपत्र (यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट) जरूर लिया जाए, लेकिन वेतन और पेंशन भुगतान में किसी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए।’ नक्सलवाद पर बड़ी सफलता, अब खुद करेंगे बड़ी योजनाओं की समीक्षा मुख्यमंत्री सम्राट ने कहा कि, ‘वह स्वयं उस विधानसभा क्षेत्र के विधायक हैं, जहां कभी नक्सलियों ने एक पुलिस अधीक्षक (एसपी) की हत्या कर दी थी। लेकिन आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है और देश नक्सलवाद से लगभग मुक्त हो चुका है। अब विकास गांव-गांव तक पहुंच रहा है।’ उन्होंने बताया कि, ‘प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यों को निर्देश दिया है कि दो वर्ष से अधिक समय से लंबित योजनाओं की समीक्षा मुख्यमंत्री स्तर पर की जाए। इसी के तहत उन्होंने निर्णय लिया है कि 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली सभी प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा वह स्वयं करेंगे। इसके माध्यम से यह पता लगाया जाएगा कि योजनाएं कहां अटकी हुई हैं और उन्हें पूरा करने में क्या बाधाएं हैं।’
यमुनानगर में NASA से जुड़े उत्पादों के 6 देशों में बिक्री अधिकार होने का दावा करके 4 करोड़ रूपए से ज्यादा निवेश कराने के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया हे। इतना ही नहीं आरोपी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, बाबा रामदेव और अन्य नामी हस्तियों के साथ तस्वीरें दिखाकर पीड़ित का भरोसा जीता। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत येस वर्ल्ड, इनफ्लेक्टर इंडिया और बिग विसन कंपनी से जुड़े 5 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। आर्थिक अपराध शाखा की जांच के बाद थाना शहर यमुनानगर में धारा 420, 406 और 120-बी आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पीएम-सीएम के साथ फोटो दिखाकर जीता भरोसा शिकायतकर्ता त्रिलोचन सिंह निवासी लक्ष्मी नगर ने आरोप लगाया कि 2022 में शाहाबाद निवासी धीरज सैनी और धरमवीर वर्मा ने उसे येस वर्ल्ड कंपनी में निवेश करने के लिए प्रेरित किया। आरोपियों ने दावा किया कि कंपनी ग्रीन एनर्जी, कार्बन क्रेडिट और सेव अर्थ मिशन पर काम कर रही है और निवेशकों को अत्यधिक रिटर्न मिलेगा। शिकायत के अनुसार बाद में उसे जिरकपुर स्थित कंपनी कार्यालय ले जाया गया, जहां कंपनी के को-फाउंडर डॉ. संदीप चौधरी ने विभिन्न सेमिनारों के वीडियो और प्रस्तुतियां दिखाकर निवेश के लिए प्रेरित किया। पीड़ित ने कहा संदीप चौधरी ने दावा किया था कि उनकी कंपनी के पास NASA द्वारा विकसित इनफ्लेक्टर उत्पादों को 6 देशों में बेचने का विशेष अधिकार है। इसी दौरान निवेशकों को ऐसे ब्रोशर और प्रचार सामग्री भी दिखाई गई। जिनमें संदीप चौधरी की तस्वीरें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बाबा रामदेव, जनरल वीके. सिंह और अन्य चर्चित हस्तियों के साथ दिखाई गई थीं। अलग-अलग लोगों से कराया निवेश शिकायतकर्ता का आरोप है कि इन तस्वीरों और दावों को देखकर उसका भरोसा बढ़ा और उसने बड़ी रकम निवेश कर दी। आरोप है कि अप्रैल 2022 से दिसंबर 2023 के बीच शिकायतकर्ता ने विभिन्न खातों और माध्यमों से 15 लाख रुपए से अधिक की राशि निवेश की। बाद में कंपनी से भुगतान बंद हो गया और निवेश की गई रकम वापस नहीं मिली। शिकायतकर्ता ने दावा किया कि केवल उसके साथ ही नहीं बल्कि कई अन्य लोगों के साथ भी बड़े स्तर पर ठगी हुई। शिकायत के अनुसार वरुण चौहान से करीब 50 लाख रुपए, रुपिंदर सिंह से 30 लाख रुपए, राहुल गोयल से 7 लाख रुपए, लक्ष्मी देवी से 20 लाख रुपए, अरुण कुमार से 85 लाख रुपए, हरदीप धीमान और उसके साथियों से लगभग 37 लाख रुपए तथा सरबजोत सिंह उर्फ बाबा से करीब 62 लाख रुपए की रकम निवेश के नाम पर ली गई। अलग-अलग स्थानों पर होते थे सेमिनार शिकायतकर्ता ने अपने साथ लगभग 35 लाख रुपए, परिवार के साथ करीब 36 लाख रुपए और रिश्तेदारों तथा दोस्तों के साथ लगभग 50 लाख रुपए की ठगी होने का आरोप लगाया है। इसके अलावा कंपनी का नाम बदलकर Big Vision किए जाने के बाद 27 हजार अमेरिकी डॉलर (करीब 24.30 लाख रुपए) के गबन का भी आरोप लगाया गया है। इस प्रकार 4 करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी हुई। शिकायतकर्ता ने बताया कि निवेशकों को जिरकपुर, जयपुर, अहमदाबाद और अन्य स्थानों पर आयोजित सेमिनारों में बुलाया जाता था। जहां बड़े मुनाफे और अंतरराष्ट्रीय कारोबार के दावे किए जाते थे। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि कंपनी ने लोगों को आकर्षित करने के लिए बड़े-बड़े कार्यक्रम आयोजित किए और प्रभावशाली व्यक्तियों के साथ तस्वीरों का इस्तेमाल किया। पुलिस ने जांच के उपरांत शाहाबाद निवासी धीरज सैनी, धरमवीर वर्मा, इन्फ्लेक्टर इंडिया एवं यस वर्ल्ड के सह-संस्थापक डॉ. संदीप चौधरी, बिग विजन के संस्थापक सदस्य रतन त्यागी और यस वर्ल्ड के संस्थापक सदस्य अमित यादव के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीदों से उपजे सकारात्मक वैश्विक संकेतों के चलते हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार बड़ी तेजी के साथ हरे निशान में खुला।
जर्मनी के कॉन्सुलेट जनरल क्रिस्टोफ हॉलियर ने 10 और 11 जून को इंदौर व पीथमपुर का दो दिवसीय दौरा कर क्षेत्र की औद्योगिक, आईटी और पर्यटन संभावनाओं का विस्तृत अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने ऐतिहासिक धरोहरों से लेकर आधुनिक औद्योगिक इकाइयों तक का भ्रमण कर क्षेत्र की विकास क्षमता को करीब से समझा। दौरे के पहले दिनहॉलियर ने इंदौर के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों लालबाग पैलेस और राजवाड़ा का भ्रमण किया। उन्होंने शहर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक महत्व और स्थापत्य कला की सराहना करते हुए कहा कि इंदौर अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए एक आकर्षक पर्यटन केंद्र बनने की क्षमता रखता है। दौरे के दूसरे दिन उन्होंने पीथमपुर स्थित हेटिच इंडिया की इकाई महाले आनंद थर्मल सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड तथा इंदौर स्थित इंफोविन्स टेक्नोलॉजीज लिमिटेड का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने आधुनिक उत्पादन प्रक्रियाओं, तकनीकी नवाचारों और औद्योगिक अधोसंरचना की जानकारी ली। साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में इंदौर की बढ़ती भूमिका को भी समझा। इस अवसर पर एमपीआईडीसी इंदौर के कार्यकारी संचालक हिमांशु प्रजापति ने उन्हें इंदौर-पीथमपुर क्षेत्र की औद्योगिक प्रगति, निवेश अवसरों, विकसित हो रहे लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, आईटी इकोसिस्टम और व्यापारिक संभावनाओं से अवगत कराया। उन्होंने क्षेत्र में उपलब्ध विश्वस्तरीय औद्योगिक सुविधाओं, कुशल मानव संसाधन और निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल की जानकारी भी दी। कॉन्सुलेट जनरल हॉलियर ने कहा कि भारत, जर्मनी का दूसरा सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार है और दोनों देशों के बीच आर्थिक एवं निवेश संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंदौर-पीथमपुर क्षेत्र औद्योगिक और तकनीकी सहयोग के लिए अत्यंत संभावनाशील है तथा भविष्य में जर्मन उद्योगों और निवेशकों के लिए एक प्रमुख केंद्र बन सकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि मध्यप्रदेश में उपलब्ध औद्योगिक सुविधाएं और निवेश अनुकूल वातावरण भारत-जर्मनी सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे। इस दौरे को भारत और जर्मनी के बीच औद्योगिक, तकनीकी और निवेश संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने से लाल निशान में बाजार
मुंबई, अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने से वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के चलते गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ लाल निशान में खुला।
हरियाणा CM नीति आयोग की बैठक के लिए दिल्ली रवाना:रोडमैप करेंगे पेश, SYL समेत निवेश और रोजगार पर फोकस
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी राष्ट्रपति भवन के कल्चर सेंटर में नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली स्थित हरियाणा भवन से रवाना हो गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल शामिल होते हैं। बैठक का मुख्य फोकस ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को जमीन पर उतारना है। CM सैनी इस बैठक में हरियाणा के विकास का रोडमैप रखेंगे। उम्मीद है कि वे कृषि सुधार, जल संरक्षण, औद्योगिक निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार से जुड़ी योजनाओं के लिए केंद्र से ज्यादा मदद मांगेंगे। SYL नहर और चंडीगढ़ जैसे अंतर-राज्यीय मुद्दे भी उठ सकते है। सीएम ने पीएम को दी बधाई इससे एक दिन पहले हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री पद पर 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर हरियाणा की पौने तीन करोड़ जनता की ओर से उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को संबोधित अपने पत्र में कहा कि यह अवसर उनके वंदन और अभिनंदन का है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में सबसे लंबे समय तक निरंतर निर्वाचित एवं जन-जन के लोकप्रिय प्रधानमंत्री हैं। 140 करोड़ लोगों ने दी सत्ता मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में बीते 12 वर्ष राष्ट्र की सामूहिक चेतना के पुनर्जागरण, जनसेवा और विकास यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुए हैं। प्रधानमंत्री का यह कालखंड सेवा, सुशासन, संकल्प, समर्पण और राष्ट्र प्रथम की भावना से प्रेरित एक युगांतकारी यात्रा का साक्षी रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में देशवासियों ने विकसित, आत्मनिर्भर, सशक्त और गौरवशाली भारत के जिस सपने के साथ देश की बागडोर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों में सौंपी थी, आज 140 करोड़ भारतवासी उस सपने को साकार होते हुए देख रहे हैं। रेवाड़ी में की थी पहली रैली मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि 15 सितंबर, 2013 को रेवाड़ी में आयोजित देश के पूर्व सैनिकों की रैली से प्रधानमंत्री ने अपने लोकसभा चुनाव अभियान की शुरुआत की थी और उस रैली का उत्साह तथा हरियाणा के लोगों का स्नेह आज भी स्मरणीय है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा के लोग सदैव राष्ट्र निर्माण की अग्रिम पंक्ति में खड़े रहे हैं। प्रदेश के वीर जवानों, परिश्रमी किसानों, प्रतिभाशाली खिलाड़ियों और कर्मठ युवाओं ने हमेशा राष्ट्र के गौरव को बढ़ाया है। पिछले 12 वर्षों में देश ने जिस आत्मविश्वास, स्थिरता और विकास का अनुभव किया है, उससे हरियाणा का जन-जन भी नई ऊर्जा और नए विश्वास से भर गया है।
सहारनपुर के बेहट क्षेत्र के एक ठेकेदार ने शेयर मार्केट में निवेश कर रकम दोगुनी करने का झांसा देकर 65 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। मामले में पुलिस कार्रवाई न होने पर पीड़ित ने एसीजेएम प्रथम की कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। अब कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया है। ग्राम नानौली निवासी अर्जुन पुत्र जगदीश ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह ठेकेदारी का कार्य करता है। उसके रिश्तेदार सागर के माध्यम से उसकी पहचान मुजफ्फराबाद निवासी दीपक सैनी से हुई थी। आरोप है कि दीपक ने स्वयं को शेयर मार्केट का अनुभवी निवेशक बताते हुए कम समय में रकम दोगुनी करने और हर माह 10 प्रतिशत मुनाफा देने का भरोसा दिलाया। प्रार्थी के अनुसार, उसने 23 मार्च 2025 से 1 अक्टूबर 2025 के बीच करीब 65 लाख रुपए अलग-अलग तिथियों में ऑनलाइन ट्रांसफर और नकद रूप में दिए। आरोप है कि दीपक ने अधिकांश रकम अपनी पत्नी राधिका सैनी और बहन अंचल सैनी समेत अन्य लोगों के खातों में जमा कराई। जब अलग-अलग खातों में पैसा जमा कराने का कारण पूछा गया तो दीपक ने टैक्स और लेन-देन छिपाने की बात कहकर भरोसा दिलाया। अर्जुन का कहना है कि शुरुआत में कुछ भुगतान मुनाफे के रूप में किया गया, लेकिन बाद में रकम लौटाना बंद कर दिया गया। जब उसने अपनी मूल धनराशि और रिटर्न की मांग की तो आरोपी टालमटोल करता रहा और बाद में पैसा लौटाने से इंकार कर दिया। प्रार्थना पत्र में कहा कि जिन खातों में रकम ट्रांसफर की गई थी, उनमें से कुछ खाताधारकों ने बताया कि उनके खातों में धनराशि ऑनलाइन गैम्बलिंग और सट्टेबाजी से संबंधित लेन-देन के रूप में आई थी। इससे उसे संदेह हुआ कि निवेश के नाम पर ली गई रकम का इस्तेमाल अवैध गतिविधियों में किया गया। उसने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी की पत्नी का बैंक खाता पुलिस द्वारा फ्रीज किए जाने की जानकारी भी सामने आई। पीड़ित ने आरोप लगाया कि जब उसने धोखाधड़ी का विरोध किया तो आरोपी ने पैसा वापस न करने और जान से मारने की धमकी दी। उसके अनुसार आरोपी ने कहा कि वह इसी तरह लोगों से पैसा हड़पता है और दोबारा रकम मांगने पर हत्या करवा देगा। अर्जुन ने बताया कि उसने 8 मार्च 2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भी शिकायत भेजी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं, पुलिस मामले की जांच कर रही है।
ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का लालच देकर साइबर ठगों ने एक कारोबारी से 12 लाख रुपए की ठगी कर ली। जब पीड़ित ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने जवाब देना बंद कर दिया। मामले में साइबर क्राइम थाना सेक्टर-36 में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। सेक्टर-137 निवासी सुलभ गांधी ने शिकायत में बताया कि कुछ समय पहले उनसे कुछ लोगों ने संपर्क किया था। आरोपियों ने खुद को शेयर बाजार से जुड़ा बताते हुए ऑनलाइन ट्रेडिंग के जरिए कम समय में अच्छा मुनाफा कमाने का भरोसा दिलाया। उनकी बातों पर विश्वास कर सुलभ ने एक ब्रोकर डिमैट अकाउंट खुलवाया और निवेश शुरू कर दिया। पीड़ित के अनुसार शुरुआत में उन्हें लाभ का भरोसा दिया गया, लेकिन खाते में लगातार नुकसान दिखाया जाता रहा। हर बार आरोपियों ने बाजार में उतार-चढ़ाव का हवाला देते हुए और पैसा निवेश करने की सलाह दी। उनका कहना था कि अतिरिक्त निवेश करने पर भविष्य में बड़ा मुनाफा मिलेगा। आरोप है कि निवेश सीमा बढ़ाने, होल्डिंग चार्ज और नुकसान की भरपाई जैसे अलग-अलग कारण बताकर उनसे बार-बार रकम जमा कराई गई। इस तरह सुलभ ने करीब 12 लाख रुपए निवेश कर दिए। इसके बावजूद उन्हें कोई लाभ नहीं मिला। जब उन्हें ठगी का शक हुआ और उन्होंने अपनी जमा रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी। बाद में न तो पैसा लौटाया गया और न ही उनकी बात का कोई जवाब दिया गया। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना सेक्टर-36 पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा से करोड़ों की ठगी, प्रॉपर्टी निवेश के नाम पर लिए 17 करोड़ रुपए
मायानगरी में धोखाधड़ी के किस्से अक्सर सामने आते रहते हैं। अब बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा जाफरी धोखाधड़ी का शिकार हो गई हैं। हबीबा जाफरी से संपत्ति निवेश के नाम पर करीब 17.5 करोड़ रुपए की ठगी की गई है।
अरशद वारसी पर लगा शेयर मार्केट में बैन, जानिए क्या है मामला
बॉलीवुड एक्टर अरशद वारसी और उनकी पत्नी मारिया गोरेट्टी समेत 57 लोगों पर शेयर बाजार नियामक SEBI ने बैन लगा दिया है। उन्हें 1 साल के लिए सिक्योरिटी मार्केट से प्रतिबंधित कर दिया है। सेबी का कहना है कि ये लोग मार्केट में धोखाधड़ी जैसे कामों में पाए गए।
काजोल ने किया रियल एस्टेट में निवेश, खरीदी इतने करोड़ की कमर्शियल प्रॉपर्टी
बॉलीवुड एक्ट्रेस काजोल ने इंडस्ट्री में एक अलग मुकाम हासिल किया है। काजोल भले ही फिल्मों में कम नजर आती हो, लेकिन वह सुर्खियों में बनी रहती हैं। काजोल ने अब एक्टिंग के साथ-साथ रियल एस्टेट में भी कदम रख दिया है। काजोल ने मुंबई के गोरेगांव वेस्ट ...
खतरों के खिलाड़ी सीजन 14 के कंटेस्टेंट अभिषेक कुमार जिन्होंने बिग बॉस 17 में अपने कार्यकाल से काफी लोकप्रियता हासिल की, अपने आकर्षक व्यक्तित्व से लोगों के दिलों पर राज कर रहे हैं। विवादित रियलिटी शो में उनकी भागीदारी ने उन्हें स्टार बना दिया और उन्हें रातोंरात सफलता दिलाई। अभिषेक जो वर्तमान में रोहित शेट्टी के शो खतरों के खिलाड़ी 14 में हैं, ने साझा किया कि वह एक प्रोडक्शन हाउस खोलना चाहते हैं। इसे भी पढ़ें: Kartik Aaryan का खुलासा, Pyaar Ka Punchnama की सफलता के बावजूद उनके पास ‘कोई ऑफर नहीं था, कोई पैसा नहीं था ईटाइम्स टीवी के साथ एक इंटरव्यू में, अभिषेक ने खुलासा किया कि वह भविष्य के लिए पैसे बचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता चाहते हैं कि वह मुंबई में एक घर खरीदें, लेकिन वह एक व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। अभिषेक ने कहा कि वह एक उद्यमी बनना चाहते हैं और उनके बड़े सपने हैं जिन्हें वह हासिल करना चाहते हैं। अभिषेक कुमार मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते इंटरव्यू में, अभिषेक ने कहा कि उन्होंने पैसे बर्बाद करना बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते क्योंकि शहर काफी महंगा है और कहा कि किराए पर रहना एक समझदारी भरा फैसला है। उन्होंने यहां तक कहा कि घर खरीदने में बड़ी रकम लगाने और फिर हर महीने लोन के रूप में बैंक को बड़ी EMI चुकाने का कोई मतलब नहीं है। इसे भी पढ़ें: Karan Johar को कोर्ट से मिली राहत, फिल्म Shaadi Ke Director Karan Aur Johar की रिलीज परह लगी रोक अभिषेक ने कहा कि वह अपना पैसा निवेश करना चाहते हैं और उस पर ब्याज पाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह रवि दुबे और सरगुन मेहता की तरह एक प्रोडक्शन हाउस स्थापित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि उनका परिवार चंडीगढ़ में घर खरीदे, लेकिन मुंबई में नहीं क्योंकि वे वहीं रह सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह पैसे बचाना चाहते हैं और कोई दूसरा व्यवसाय शुरू करने में निवेश कर सकते हैं। KKK 14 की बात करें तो शिल्पा शिंदे शो से बाहर हो गईं। एक यूट्यूब चैनल के अनुसार, सनी वरुण ने बात की, गश्मीर, करणवीर, अदिति और अभिषेक ने निष्कासन स्टंट किया।
कंगना रनौत के किस बयान पर भड़की CISF की महिला जो सरेआम एक्ट्रेस को जड़ दिया थप्पड़, जानिए पूरा मामला
चंडीगढ़: हिमाचल की मंडी लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी सांसद एवं एक्ट्रेस कंगना रनौत से चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर बदसलूकी के पश्चात् हंगामा मचा हुआ है. दरअसल, 6 जून को कंगना दिल्ली जाने के लिए चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर पहुंची थीं. तभी सिक्योरिटी चेक के पश्चात् CISF की एक महिला जवान कुलविंदर कौर ने उनको थप्पड़ मार दिया. हालांकि CISF की अपराधी महिला कर्मी को निलंबित कर दिया गया है तथा उनके खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है. ऐसे में सवाल ये उठता है कि CISF की जवान ने थप्पड़ क्यों मारा, तो इसका जवाब है कंगना का 4 वर्ष पुराना एक ट्वीट. कंगना रनौत ने इस ट्वीट में 3 कृषि कानूनों के खिलाफ हुए किसान आंदोलन के चलते पंजाब की 80 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला किसान की गलत पहचान करते तथा उन्हें बिलकिस बानो कहा था. कंगना ने जो ट्वीट किया था उसमें एक वृद्ध महिला नजर आ रही थीं, जो भले ही झुककर चल रही थीं, लेकिन उन्होंने किसान आंदोलन का झंडा बुलंद किए हुए था. उनका नाम मोहिंदर कौर था. कंगना ने मोहिंदर कौर की फोटो को ट्वीट करते हुए लिखा था कि ''हा हा. ये वही दादी हैं जिन्हें टाइम मैगज़ीन की 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की लिस्ट में सम्मिलित किया गया था.... और ये 100 रुपये में उपलब्ध हैं. हालांकि कंगना रनौत ने बाद में ये ट्वीट डिलीट कर दिया था. बता दें कि कंगना ने जिस बिलकिस बानो का जिक्र किया था, वह 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला हैं तथा उन्होंने दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में CAA प्रोटेस्ट के चलते अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बटोरी थीं. कंगना के इस बयान को लेकर CISF की महिला जवान भड़की हुई थी. चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर कंगना से बदसलूकी का वीडियो सामने आया था, इसमें CISF की यह जवान कहती नजर आ रही है कि 'इसने बोला था किसान आंदोलन में 100-100 रुपये में महिलाएं बैठती थीं. वहां मेरी मां भी थी'. राहुल गांधी ने भाजपा पर लगाया शेयर बाजार में हेराफेरी का आरोप, बताया देश का सबसे बड़ा घोटाला उत्तर भारत में भीषण गर्मी का कहर जारी, यूपी के कुछ क्षेत्रों में राहत की उम्मीद बिहार के गया जिले में भीषण सड़क हादसा, तीन लोगों की मौत

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