Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (07 जून, 2026)
1. मेष (Aries) Today 07 June horoscope in Hindi 2026 : करियर: आज आपको काम से थोड़ा ब्रेक लेने की जरूरत है। लव: पार्टनर के साथ किसी पारिवारिक मुद्दे पर चर्चा हो सकती है। धन: पैतृक संपत्ति से लाभ होने के संकेत हैं। स्वास्थ्य: शाम को थकान महसूस हो सकती है। उपाय: सूर्य देव को तांबे के लोटे से जल अर्पित करें। ALSO READ: वर्ष 2026 में कब निकलेगी जगन्नाथ यात्रा, क्या रहेगा इस बार खास? 2. वृषभ (Taurus) करियर: यदि आप घर से काम कर रहे हैं, तो आज का दिन उत्पादक रहेगा। लव: प्रेम संबंधों में रोमांस बढ़ेगा। धन: आज खरीदारी पर खर्च आपके बजट के अंदर ही रहेगा। स्वास्थ्य: आंखों में जलन या भारीपन महसूस हो सकता है। उपाय: मंदिर में लाल चंदन का दान करें। 3. मिथुन (Gemini) करियर: नेटवर्किंग क्षेत्र के लिए अच्छा दिन है। लव: किसी पुराने मित्र के प्रति आकर्षण महसूस हो। धन: किसी को उधार दिया हुआ पैसा वापस मिल सकता है। स्वास्थ्य: मानसिक शांति के लिए योग और प्राणायाम करें। उपाय: गाय को गुड़ और रोटी खिलाएं। 4. कर्क (Cancer) करियर: करियर को लेकर मन में कुछ दुविधा रह सकती है। लव: पार्टनर की भावनाओं को समझने की कोशिश करें। धन: अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य: पाचन संबंधी समस्या हो सकती है। उपाय: 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें। 5. सिंह (Leo) करियर: कार्यस्थल पर नई योजनाओं पर काम शुरू कर सकते हैं। लव: लव लाइफ शानदार रहेगी। धन: आज धन आगमन के नए स्रोत खुलेंगे। स्वास्थ्य: आउटडोर एक्टिविटीज में हिस्सा लेंगे। उपाय: आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें। 6. कन्या (Virgo) करियर: अधूरा काम पूरा करने के लिए आज का दिन सही है। लव: जीवनसाथी के साथ सामंजस्य बना रहेगा। धन: बाहर के क्षेत्र में आर्थिक लेनदेन में सावधानी बरतें। स्वास्थ्य: पैरों में दर्द में मालिश से लाभ होगा। उपाय: किसी गरीब को लाल फल दान करें। ALSO READ: गुरु का कर्क राशि में महागोचर, 2 राशियों के लिए अशुभ, 3 पर मिलाजुला प्रभाव, करें 5 उपाय 7. तुला (Libra) करियर: नौकरीपेशा लोगों को कल की तैयारी आज ही कर लेनी चाहिए। लव: अविवाहितों के लिए विवाह के नए रिश्ते आ सकते हैं। धन: शेयर बाजार में निवेश करने वाले जातकों को आज लाभ हो सकता है। स्वास्थ्य: अधूरी नींद स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है। उपाय: तांबे का एक टुकड़ा बहते जल में प्रवाहित करें। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: कार्यक्षेत्र में चुनौतियां आ सकती हैं। लव: पार्टनर के साथ विश्वास में कमी आ सकती है। धन: आज धन संचय करने में थोड़ी मुश्किल आ सकती है। स्वास्थ्य: माइग्रेन या सिरदर्द परेशान कर सकता है। उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें। 9. धनु (Sagittarius) करियर: करियर के क्षेत्र से आज कोई शुभ समाचार मिल सकता है। लव: प्रेम संबंधों में गहराई आएगी। धन: अचानक आय के नए रास्ते खुलेंगे। स्वास्थ्य: आज ताजे फलों का रस पिएं। उपाय: मस्तक पर केसर का तिलक लगाएं। 10. मकर (Capricorn) करियर: व्यापार में कुछ नए बदलाव करने का विचार करेंगे। लव: परिवार के साथ डिनर का प्रोग्राम बन सकता है। धन: आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। स्वास्थ्य: घुटनों के दर्द में राहत मिलेगी। उपाय: शिव मंदिर में घी का दीपक जलाएं। 11. कुंभ (Aquarius) करियर: नई स्किल्स सीखने का मन बनेगा। लव: लव लाइफ में कुछ नया और रोमांचक होगा। धन: भविष्य हेतु अपनी बचत को सुरक्षित रखें। स्वास्थ्य: मानसिक रूप से थोड़ा तनाव महसूस कर सकते हैं। उपाय: चंदन का तिलक लगाएं। 12. मीन (Pisces) करियर: करियर बनाने के इच्छुक लोगों को नये अवसर मिल सकते हैं। लव: लव पार्टनर आपकी हर बात को प्राथमिकता देगा। धन: किसी से रुका हुआ पैसा मिल सकता है। स्वास्थ्य: माइग्रेन की समस्या हो सकती है। उपाय: हल्दी की गांठ को पीले कपड़े में बांधकर अपने पास रखें। ALSO READ: 12 साल बाद बना हंस महापुरुष राजयोग, अगले कुछ महीने इन 5 राशियों पर होगी पैसों की बारिश
Share Market Weekly Review : भारतीय शेयर बाजार के लिए जून का पहला हफ्ता कुछ खास नहीं रहा। ताइवान के बाद दक्षिण कोरियाई शेयर बाजार भी भारत से आगे निकल गया। 3 दिन बाजार लाल और 2 दिन हरे निशान में रहा। सेंसेक्स में इस हफ्ते 532 अंक की गिरावट रही, वहीं ...
एमपी को वैश्विक निवेश और व्यापार के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए “भारत-लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन व्यापार एवं निवेश मंच-2026” का आयोजन आज 6 जून को इंदौर के रेडिसन होटल में होगा। इस अंतरराष्ट्रीय फोरम का आयोजन मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (MPIDC) और ग्लोबल इंडिया बिजनेस फोरम (GIBF) के संयुक्त सहयोग से किया जा रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सुबह 11 बजे करेंगे। मंच पर लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन क्षेत्र के 15 से अधिक देशों के राजदूत, उच्चायुक्त, राजनयिक प्रतिनिधि, निवेशक, उद्योगपति, निर्यातक, व्यापारिक संगठन और वरिष्ठ शासकीय अधिकारी शामिल होंगे। आयोजन में 350 से अधिक प्रतिनिधियों की भागीदारी प्रस्तावित है। व्यापार और निवेश संबंधों को मिलेगी नई दिशा यह मंच भारत और लैटिन अमेरिका- कैरेबियन देशों के बीच व्यापारिक, औद्योगिक और निवेश संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। इसके माध्यम से मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेशकों के सामने एक आकर्षक औद्योगिक और निर्यात गंतव्य के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा प्रदेश सरकार का मानना है कि यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय निवेश आकर्षित करने, निर्यात बढ़ाने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। 19% बढ़ा निर्यात मध्य प्रदेश और लैटिन अमेरिका- कैरेबियन देशों के बीच व्यापारिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य से इस क्षेत्र के देशों को लगभग 3,835 करोड़ रुपए का निर्यात हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक है। प्रदेश के फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग, कृषि आधारित उत्पाद, पैकेजिंग और विनिर्माण क्षेत्र के उत्पाद 33 से अधिक देशों तक पहुंच रहे हैं। ब्राजील, मैक्सिको, चिली सहित कई देश मध्यप्रदेश के प्रमुख व्यापारिक साझेदार बनकर उभरे हैं। निवेश संभावनाओं पर होंगी विशेष प्रस्तुतियां फोरम के दौरान विभिन्न देशों के राजनयिक प्रतिनिधि अपने-अपने देशों में निवेश और व्यापार की संभावनाओं पर प्रस्तुति देंगे। साथ ही व्यापार, विनिर्माण, कृषि, ऊर्जा, स्वास्थ्य सेवा, सूचना प्रौद्योगिकी, पर्यटन, फिनटेक और सतत विकास जैसे विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा निवेशकों, उद्योग प्रतिनिधियों और सरकारी एजेंसियों के बीच बी-टू-बी (B2B) तथा बी-टू-जी (B2G) बैठकें भी होंगी, जिससे नए व्यापारिक और निवेश समझौतों का मार्ग प्रशस्त हो सकेगा। कार्यक्रम की रूप रेखा- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा उद्घाटन।- राजनयिक समुदाय का सम्मान।- GRULAC (लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन समूह) के प्रतिनिधि का विशेष संबोधन।- भारत-लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन विशेष संस्करण का विमोचन।- MPIDC द्वारा मध्यप्रदेश की निवेश संभावनाओं पर प्रस्तुति।- व्यापार एवं निवेश अवसरों पर पैनल चर्चा।- फार्मा, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल और फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र पर विशेष सत्र।- आईटी, पर्यटन, फिनटेक और शिक्षा क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर विमर्श।- निवेशकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ B2B एवं B2G बैठकें। वैश्विक पहचान को मिलेगी मजबूती राज्य सरकार के अनुसार यह आयोजन मध्यप्रदेश को अंतरराष्ट्रीय निवेश मानचित्र पर नई पहचान दिलाने के साथ-साथ विदेशी निवेश, निर्यात वृद्धि और औद्योगिक विकास के नए अवसर उपलब्ध कराएगा। इंदौर में आयोजित होने वाला यह फोरम भारत और लैटिन अमेरिका- कैरेबियन देशों के बीच आर्थिक सहयोग का एक महत्वपूर्ण मंच साबित हो सकता है।
जून में 5 ग्रह करेंगे गोचर, 12 साल बाद 8 को गजलक्ष्मी राजयोग
ज्योतिषीय नजरिए से जून का महीना विशेष होने वाला है। इस माह सूर्य, गुरु, बुध, मंगल और शुक्र जैसे 5 बड़े ग्रहों का महत्वपूर्ण राशि परिवर्तन हो रहा है। इसकी शुरुआत गत 2 जून को देवगुरु बृहस्पति के उच्च राशि कर्क में प्रवेश के साथ हो चुकी है। ग्रहों की इस महा-हलचल से गजलक्ष्मी, हंस और रूचक जैसे कई शुभ राजयोग बनेंगे। ज्योतिषविदों की राय में इस गोचर के प्रभाव से जहां अंतरराष्ट्रीय व्यापार और शेयर बाजार में अचानक तेजी आएगी, वहीं रियल एस्टेट और होटल कारोबार चमकेगा। हालांकि वैश्विक स्तर पर यह समय राजनीतिक उठापटक, सत्ता परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं (भूकंप, विमान व गैस दुर्घटना) का भी संकेत दे रहा है। देश की राजनीति में संगठन व मंत्रिमंडल में चौंकाने वाले बदलाव दिखेंगे, वहीं फिल्म व खेल जगत से कोई दुखद समाचार मिल सकता है। ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि गत 2 जून को देवगुरु बृहस्पति मिथुन राशि से निकलकर अपनी उच्च राशि कर्क में प्रवेश कर चुके हैं। साथ ही वे अत्यंत शुभ माने जाने वाले पुष्य नक्षत्र में भी आ गए हैं। 8 को राक्षस गुरु शुक्र भी कर्क राशि में आएंगे, देवगुरु बृहस्पति के साथ करेंगे युति धन और वैभव के कारक शुक्र ग्रह कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। वहां पहले से मौजूद गुरु के साथ उनकी युति होगी, जिससे 12 साल बाद बेहद शुभ गज लक्ष्मी राजयोग का निर्माण होगा। फिर 15 जून को ग्रहों के राजा सूर्य देव अपने मित्र ग्रह की राशि मिथुन में प्रवेश करेंगे और 16 जुलाई तक यहीं रहकर मान-सम्मान व सफलता के द्वार खोलेंगे। इसके बाद 21 जून को मंगल का गोचर होगा। साहस और ऊर्जा के सेनापति मंगल ग्रह वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे। यह कुछ राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण रह सकता है। बुद्धि और व्यापार के कारक बुध का 22 जून को कर्क राशि में प्रवेश होगा। यानी इस पूरे महीने शनि मीन राशि में, राहु कुंभ राशि में और केतु सिंह राशि में ही विराजमान रहेंगे। मौसम व सुरक्षा : देश की सेना की ताकत और कानून व्यवस्था मजबूत होगी। मौसम में अचानक बड़े बदलाव होंगे, मुंबई में भारी बारिश की संभावना है। भूकंप, अग्निकांड या गैस रिसाव जैसी आपदाओं की भी आशंका रहेगी। देश-दुनिया व बाजार पर संभावित असर राजनीति : केंद्र सरकार के संगठन और मंत्रिमंडल में कई चौंकाने वाले नाम सामने आएंगे। जून-जुलाई का समय थोड़ा कठिन रहेगा। विदेशों में भी सत्ता परिवर्तन के योग हैं। बाजार व व्यापार: भारतीय बाजारों और शेयर मार्केट में अचानक तेजी आएगी। रियल एस्टेट और होटल-रेस्टोरेंट कारोबारियों के लिए समय बहुत अच्छा रहेगा। बाजार से अचानक कोई जरूरी वस्तु गायब होने से उसके दाम बढ़ सकते हैं।
Share Market : उतार-चढ़ाव के बाद आई गिरावट, Sensex 117 अंक टूटा, Nifty भी 23400 के नीचे
Share Market Update News : भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समीक्षा और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच उतार-चढ़ाव भरे कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार आज मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 116.67 अंक या 0.16 ...
आरबीआई के निवेश नियमों में ढील के बाद डॉलर के मुकाबले 50 पैसे मजबूत हुआ रुपया
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) के लिए निवेश नियमों में ढील देने और पूंजी प्रवाह बढ़ाने के उद्देश्य से कई उपायों की घोषणा के बाद शुक्रवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूती के साथ कारोबार करता दिखा।
पुष्प ब्रांड; आईपीओ के लिए सेबी में डीआरएचपी दाखिल किया
जयपुर| इंदौर स्थित पैकेज्ड मसाला कंपनी पुष्प ब्रांड (इंडिया) लिमिटेड ने प्रस्तावित आईपीओ के लिए सेबी के समक्ष ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) दाखिल किया। इश्यू में प्रमोटर और निवेशक शेयरधारकों द्वारा 74.45 लाख इक्विटी शेयरों की बिक्री पेशकश शामिल है। कंपनी वर्तमान में पुष्प और मुनीमजी ब्रांड के तहत मसाले एवं खाद्य उत्पाद बेचती है। वित्त वर्ष 2026 तक इसके पोर्टफोलियो में 312 एसकेयू शामिल थे, इनमें 129 शुद्ध मसाले, 173 मिश्रित मसाले और 10 अन्य उत्पाद श्रेणियां शामिल हैं। कंपनी वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में ‘पुष्प कड़क चाय’ लॉन्च करने की तैयारी है।
भोपाल में देश की सबसे महत्वाकांक्षी शिक्षा परियोजनाओं में से एक आकार ले सकती है। केंद्र सरकार की प्रस्तावित यूनिवर्सिटी टाउनशिप योजना के तहत भौंरी क्षेत्र में 700 से 1000 एकड़ में यूनिवर्सिटी सिटी विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए राज्य सरकार और मैनिट मिलकर केंद्र के सामने विस्तृत प्रस्ताव रखेंगे। मुख्य सचिव अनुराग जैन की मौजूदगी में 3 जून को इसकी पहली उच्चस्तरीय बैठक भी हो चुकी है। प्रस्तावित यूनिवर्सिटी सिटी, राजा भोज एयरपोर्ट और भौंरी के पास विकसित की जा रही 3700 एकड़ की नॉलेज एंड एआई सिटी का हिस्सा होगी। यहां विवि, रिसर्च सेंटर, स्टार्टअप हब, स्किल डेवलपमेंट संस्थान और उद्योग एक ही इकोसिस्टम में विकसित किए जाएंगे। फायदा क्या? दिल्ली-नागपुर कॉरिडोर पर उद्योगों के लिए टैलेंट व रिसर्च हब बनेगा क्या है यूनिवर्सिटी सिटी?केंद्र सरकार ने बजट 2026 में देश में 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप बनाने की घोषणा की है। इसके लिए 9 एनआईटी को प्रारंभिक मसौदा तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है, जिनमें भोपाल का मैनिट भी है। दिल्ली-नागपुर कॉरिडोर देश के सबसे बड़े औद्योगिक और लॉजिस्टिक गलियारों में से एक है। इसके आसपास इंडस्ट्री, वेयरहाउसिंग, एआई, टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग हब विकसित किए जा रहे हैं। यूनिवर्सिटी टाउनशिप का उद्देश्य इन्हीं क्षेत्रों के लिए रिसर्च, इनोवेशन व स्किल्ड मैनपावर तैयार करना है। मैनिट और मप्र सरकार भोपाल की दावेदारी का प्रस्ताव तैयार करेंगे। भोपाल की दावेदारी मजबूत क्यों है?मुख्य सचिव के साथ बैठक में एसीएस संजय दुबे, अनुपम राजन और मैनिट के प्रोफेसर मौजूद रहे। शासन का मानना है कि एयरपोर्ट, आईटी पार्क और प्रस्तावित औद्योगिक गलियारों की वजह से भोपाल इस परियोजना के लिए उपयुक्त स्थान है। शुरुआती चरण में 700 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने और जरूरत पड़ने पर लैंड पूलिंग से अतिरिक्त जमीन जुटाने की तैयारी है। मध्यप्रदेश को क्या फायदा होगा?परियोजना को मंजूरी मिलने पर अगले पांच वर्षों में प्रदेश को करीब 10 हजार करोड़ रुपए का निवेश मिल सकता है। इससे उच्च शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। औद्योगिक इकाइयों को प्रशिक्षित मानव संसाधन मिलेगा, जबकि विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय शिक्षा और रिसर्च सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध हो सकेंगी। यहां क्या खास होगा?सार्वजनिक और निजी दोनों संस्थान अपने कैंपस खोल सकेंगे। उन्हें फीस, प्रवेश प्रक्रिया, फैकल्टी भर्ती और पाठ्यक्रम तय करने की स्वतंत्रता होगी। सड़क, कॉमन लैब, लाइब्रेरी, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और हॉस्टल जैसी साझा सुविधाओं का संचालन एक विशेष प्रयोजन इकाई (एसपीवी) करेगी।
मध्य प्रदेश 6 जूनको भारत–लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन व्यापार एवं निवेश फोरम 2026 की मेजबानी करेगा। इंदौर के रेडिसन ब्लू होटल में आयोजित होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय फोरम में लैटिन अमेरिका एवं कैरिबियन क्षेत्र के 15 देशों के वरिष्ठ राजनयिक प्रतिनिधि, निवेशक, उद्योगपति और व्यापार विशेषज्ञ शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे। यह आयोजन ग्लोबल इंडिया बिज़नेस फोरम द्वारा मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) के सहयोग से किया जा रहा है। फोरम का उद्देश्य भारत और लैटिन अमेरिका-कैरेबियन देशों के बीच व्यापारिक एवं निवेश संबंधों को मजबूत करना तथा मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना है। 15 देशों के राजदूत और निवेशक जुटेंगे फोरम में 15 देशों के राजदूत, एक उच्चायुक्त और एक महावाणिज्यदूत सहित वरिष्ठ राजनयिक प्रतिनिधि भाग लेंगे। इनके अलावा निवेशक, निर्यातक, व्यापार आयुक्त, एमएसएमई प्रतिनिधि, उद्योग जगत के प्रमुख और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम में 350 से अधिक प्रतिनिधियों और चार प्रमुख वाणिज्य एवं उद्योग मंडलों की सहभागिता रहेगी। निर्यात बढ़ाने और निवेश आकर्षित करने पर रहेगा फोकस मध्यप्रदेश से वर्ष 2025-26 में लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन देशों को लगभग 4,186 करोड़ का निर्यात हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में 12.6%अधिक है। राज्य के निर्यात में फार्मास्युटिकल्स क्षेत्र की हिस्सेदारी सबसे अधिक रही है। ब्राजील, मैक्सिको और चिली मध्यप्रदेश के प्रमुख व्यापारिक साझेदार देशों में शामिल हैं। मध्यप्रदेश की निवेश क्षमता का होगा प्रदर्शन कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में होगा। उद्घाटन सत्र में दीप प्रज्ज्वलन, राजनयिक प्रतिनिधियों का सम्मान, विशेष प्रकाशन का विमोचन तथा मुख्यमंत्री का संबोधन होगा। इस दौरान एमपीआईडीसी मध्यप्रदेश की औद्योगिक और निवेश संभावनाओं पर विशेष प्रस्तुति देगा। व्यापार और निवेश पर होंगी तीन प्रमुख पैनल चर्चाएं फोरम में विभिन्न देशों के प्रतिनिधिमंडल अपनी निवेश संभावनाओं और व्यापारिक अवसरों पर प्रस्तुति देंगे। इसके साथ ही तीन प्रमुख विषयों पर पैनल चर्चा आयोजित की जाएगी। व्यापार एवं निवेश के नए अवसर विनिर्माण क्षेत्र में निवेश (फार्मास्युटिकल्स, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल और फूड प्रोसेसिंग) सेवा क्षेत्र में निवेश (आईटी, पर्यटन, फिनटेक और शिक्षा) के अवसर होंगे। कार्यक्रम के अंत में बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) और बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (B2G) बैठकों का आयोजन होगा, जिससे निवेश और व्यापारिक साझेदारियों को बढ़ावा मिलेगा। 5 जून को होगा राजनयिक रात्रिभोज फोरम से एक दिन पहले 5 जून की शाम रेडिसन ब्लू होटल में विदेशी प्रतिनिधिमंडलों, उद्योगपतियों और वरिष्ठ अधिकारियों के सम्मान में विशेष राजनयिक रात्रिभोज का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन मध्यप्रदेश को अंतरराष्ट्रीय निवेश मानचित्र पर और अधिक मजबूत पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) की ओर से 5 जून को चंडीगढ़ में दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरणजीत सिंह संधू के सम्मान में एक विशेष स्वागत समारोह आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में उद्योग जगत, व्यापार संगठनों, उद्यमियों और विभिन्न सरकारी विभागों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। कार्यक्रम का आयोजन पीएचडीसीसीआई के पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ चैप्टर्स के साथ-साथ रीजनल फैशन टेक्स टेक फोरम के सहयोग से किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम का उद्देश्य उद्योग और सरकार के बीच संवाद को मजबूत करना तथा विकास से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श करना है। जानिए क्या होगा समारोह में समारोह के दौरान ट्रांसफॉर्मिंग ग्रोथ: विज़न, इनोवेशन एंड सस्टेनेबिलिटी विषय पर एक विशेष सत्र भी आयोजित किया जाएगा। इसमें आर्थिक विकास, निवेश के अवसर, नई तकनीकों के उपयोग, उद्योगों में नवाचार और सतत विकास जैसे विषयों पर चर्चा होगी। विशेषज्ञ और उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधि अपने विचार साझा करेंगे। पीएचडीसीसीआई पंजाब के चेयर करण गिल्होत्रा ने कहा कि यह कार्यक्रम उद्योग और सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण मंच बनेगा। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों को एक साथ बैठकर विकास, निवेश और रोजगार बढ़ाने से जुड़े विषयों पर चर्चा करने का अवसर मिलेगा। भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा रीजनल फैशन टेक्स टेक फोरम की चेयर हिमानी अरोड़ा ने कहा कि उद्योगों की प्रगति के लिए सरकार और निजी क्षेत्र के बीच मजबूत सहयोग जरूरी है। यह कार्यक्रम दोनों पक्षों को एक-दूसरे के विचार समझने और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा करने का अवसर देगा। पीएचडीसीसीआई के डिप्टी सेक्रेटरी जनरल नवीन सेठ ने कहा कि इस तरह के आयोजन निवेश को बढ़ावा देने, नई संभावनाएं तलाशने और आर्थिक विकास को गति देने में मददगार साबित होते हैं। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को अपनी समस्याएं और सुझाव रखने का भी अवसर मिलेगा।
Share Bazaar में आई मामूली तेजी, Sensex 14 अंक चढ़ा, Nifty भी 23400 के पार
Share Market Update News : भारतीय शेयर बाजार में आज बेहद उतार-चढ़ाव भरा और सुस्त कारोबार देखने को मिला। भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति के फैसले से ठीक एक दिन पहले निवेशकों ने पूरी तरह से सावधानी बरतने का रुख अपनाया। इसके चलते कारोबार के ...
राजधानी रायपुर में शेयर मार्केट और आईपीओ (इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग) में भारी मुनाफा दिलाने का लालच देकर ठगों ने कारोबारी और उसके परिचितों से 84 लाख 63 हजार रुपए की ठगी की है। मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने 3 आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। मामला देवेंद्र नगर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार सेक्टर-1 देवेंद्र नगर निवासी अविनाश लोखंडे शेयर बाजार से जुड़ी एक ब्रोकिंग फर्म का संचालन करते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि जून 2025 में कुछ लोगों ने व्हाट्सऐप के जरिए से उनसे संपर्क किया था। आरोपियों ने खुद को निवेश सलाहकार बताते हुए शेयर ट्रेडिंग और आईपीओ में कम समय में अधिक मुनाफा कमाने का दावा किया। उनके झांसे में आकर अविनाश और उनके परिचितों ने अलग-अलग किश्तों में 84 लाख 63 हजार रुपए निवेश कर दिए। बाद में जब मुनाफा और मूल रकम वापस नहीं मिली, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ। पहले दिलाया भरोसा, फिर लगाया चूना पीड़ित के अनुसार, शुरुआत में आरोपियों ने अविनाश से एक ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर खाता खुलवाया। कुछ समय तक सामान्य ट्रेडिंग कराकर उन्हें मुनाफा भी दिखाया गया, जिससे उनका भरोसा बढ़ गया। इसके बाद आरोपियों ने प्रीमियम आईपीओ कम कीमत पर उपलब्ध कराने का झांसा दिया और अधिक रकम निवेश करने के लिए कहा। आरोपियों की बातों पर भरोसा कर अविनाश और उनके परिचित निवेशकों ने बड़ी राशि निवेश कर दी। हालांकि, बाद में न तो उन्हें वादा किया गया मुनाफा मिला और न ही निवेश की गई रकम वापस मिली। इसके बाद उन्हें एहसास हुआ कि वे साइबर ठगी का शिकार हो गए हैं। शिकायत के अनुसार अविनाश लोखंडे के अलावा उनके परिचित अमित अग्रवाल, अशोक वर्मा, सौरभ अग्रवाल और श्याम सुंदर अग्रवाल ने भी निवेश करने की सहमति दी। इसके बाद आरोपियों के निर्देश पर सभी ने अलग-अलग बैंक खातों में आरटीजीएस के माध्यम से कुल 84 लाख 63 हजार रुपए जमा कराए। आईपीओ नहीं मिला, बंद हो गए मोबाइल रकम जमा होने के बाद निवेशकों को न तो किसी आईपीओ का आवंटन मिला और न ही उनकी निवेश की गई राशि वापस की गई। जब पीड़ितों ने आरोपियों से संपर्क करने की कोशिश की, तो उनके सभी मोबाइल नंबर बंद मिले, जिस ऑनलाइन ट्रेडिंग ऐप के माध्यम से निवेश कराया जा रहा था, वह भी अचानक बंद हो गया। इसके बाद पीड़ितों को ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस संबंधित बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म की जांच कर रही है। पुलिस ने लोगों को किया सतर्क कारोबारी की शिकायत पर पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर सेल और देवेंद्र नगर थाना की संयुक्त टीम मामले की जांच में जुटी हुई है। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के झांसे में आकर निवेश न करें। निवेश से पहले पूरी जांच-पड़ताल करें और केवल भरोसेमंद प्लेटफॉर्म का ही इस्तेमाल करें।
चंडीगढ़ में एक बुजुर्ग महिला साइबर ठगों के जाल में फंसकर 49.91 लाख रुपए गंवा बैठी। ठगों ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पुराने भाषण को एआई तकनीक से बदलकर तैयार किए गए डीपफेक वीडियो के जरिए उन्हें निवेश पर भारी मुनाफे का भरोसा दिलाया। यूएस-ईरान युद्ध के दौरान निवेश करने पर अधिक रिटर्न मिलने का लालच देकर आरोपियों ने उनसे कुल 49.91 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए। शिकायत मिलने के बाद चंडीगढ़ साइबर सेल ने बुधवार को अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानिए महिला कैसे हुई ठगी का शिकार:- बढ़ रहे हैं निवेश और डीपफेक ठगी के मामले साइबर सेल के अनुसार, चंडीगढ़ और ट्राइसिटी क्षेत्र में निवेश के नाम पर साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। पहले ठग खुद को सीबीआई या ईडी अधिकारी बताकर डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों को डराते थे, जबकि अब एआई आधारित फर्जी वीडियो और निवेश योजनाओं का सहारा लेकर लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। हाल ही में सेक्टर-47 के एक बुजुर्ग दंपती से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 2.25 करोड़ रुपए की ठगी का मामला भी सामने आया था।
मध्य प्रदेश वन विकास निगम ने वन भूमि पर व्यावसायिक वृक्षारोपण में निजी निवेशकों की भागीदारी का प्रस्ताव फिलहाल वापस ले लिया है। राज्य सरकार की स्पष्ट नीति बनने तक निगम इस दिशा में आगे नहीं बढ़ेगा। यह फैसला बुधवार को वन भवन में निगम अध्यक्ष रामनिवास रावत की अध्यक्षता में हुई बोर्ड ऑफ गवर्नेंस की बैठक में लिया गया। बैठक में निगम की 10 हजार हेक्टेयर खाली वन भूमि पर कमर्शियल प्लांटेशन के लिए निजी निवेश आकर्षित करने का प्रस्ताव रखा गया था। इसके लिए 21 पेज का एक्शन प्लान भी तैयार किया गया था, पर बोर्ड सदस्यों के बीच इस पर सहमति नहीं बन सकी। बैठक में वन विभाग के प्रमुख सचिव संदीप यादव ने कहा कि राज्य सरकार इस विषय पर नीति तैयार कर रही है। नीति बनने के बाद ही ऐसे प्रस्तावों पर निर्णय लिया जाना चाहिए। इसके बाद प्रस्ताव को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला लिया गया। बैठक में निगम की आय-व्यय की समीक्षा भी की गई। बोर्ड ने निगम के लाभ का 20% हिस्सा राज्य सरकार को लाभांश के रूप में देने पर सहमति जताई। अध्यक्ष रामनिवास रावत ने निगम की आय बढ़ाने के निर्देश दिए। वहीं प्रबंध संचालक एचयू खान ने एनएचएआई व एमपीआरडीसी जैसी सरकारी एजेंसियों के सड़क किनारे पौधरोपण का काम वन विकास निगम को सौंपने का प्रस्ताव रखा।
गिरावट के साथ लाल निशान में खुला भारतीय शेयर बाजार, सेंसेक्स में 700 अंकों से ज्यादा की गिरावट
अमेरिका-ईरान शांति वार्ता को लेकर अनिश्चितता के बीच नकारात्मक वैश्विक संकेतों के चलते सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ लाल निशान में खुला
इंदौर की एक युवती ने निवेश के नाम पर एक बुजुर्ग के साथ लाखों रुपए की ठगी की वारदात को अंजाम दिया। बुजुर्ग को बातों में उलझाकर विभिन्न बैंक खातों में लाखों रुपए ट्रांसफर करवा लिए गए। इस मामले में साइबर सेल को शिकायत की गई है। पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है। एमआईजी पुलिस के पास पॉश इलाके में रहने वाले 85 वर्षीय बुजुर्ग मनोहरलाल नागोरी निवासी अनुराग नगर की शिकायत पहुंची थी। मामले में पुलिस मंगलवार को उनसे मिली और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई। मनोहरलाल ने बताया कि उनके साथ करीब 51 लाख 80 हजार रुपए की ठगी हुई है। पुलिस ने बताया कि मनोहरलाल घर पर ही रहते हैं। 18 अप्रैल को उनके पास व्हाट्सएप पर एक युवती का कॉल आया। उसने अपना नाम शिवानी बताया। उसने कहा कि वह आनंद राठी ग्रुप से जुड़ी है और कंपनी की मैनेजर के रूप में बात कर रही है। उसने बताया कि कंपनी निवेश से जुड़े आइडिया और शेयर बाजार की जानकारी साझा करती है। एक ग्रुप में शेयरों की तेजी-मंदी, आईपीओ और अन्य निवेश संबंधी विषयों के बारे में जानकारी दी जाती है। युवती ने कंपनी का हेड ऑफिस मुंबई में होना बताया और एक लोकेशन भी मोबाइल पर शेयर की। इसके बाद शिवानी नाम की युवती ने उन्हें एआर डिपॉजिट नाम के एक सर्विसिंग ग्रुप में जोड़ा। वहां उन्हें एक लिंक भेजी गई। बताया गया कि इसके माध्यम से उनका एक ऑनलाइन अकाउंट खोला जाएगा। इसके बाद मनोहरलाल ने सबसे पहले 1 लाख 10 हजार रुपए उस अकाउंट में जमा किए। उन्हें जमा की गई राशि पर बड़ा मुनाफा मिलने का दावा किया गया। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग करीब एक दर्जन से अधिक बैंक खातों में 51 लाख 80 हजार रुपए जमा कर दिए। उन्हें प्रतिदिन शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव और बाजार बढ़ने पर होने वाले मुनाफे की जानकारी दी जाती थी। इससे प्रभावित होकर उन्होंने निवेश की राशि लगातार बढ़ा दी। इसके बाद 26 मई को जब उन्होंने अपने अकाउंट से 14 लाख रुपए निकालने की कोशिश की, तो उन्हें बताया गया कि उनके अकाउंट का क्रेडिट स्कोर पर्याप्त नहीं है। उन्होंने दिए गए नंबरों पर संपर्क किया, लेकिन कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्हें पता चला कि उनके साथ निवेश के नाम पर धोखाधड़ी हुई है। उन्होंने मामले की शिकायत साइबर हेल्पलाइन पर दर्ज कराई।
एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने मंगलवार को जोधपुर में एमडी ड्रग्स की फैक्ट्री पकड़ी है। वहीं बाड़मेर में कच्चा माल बरामद किया। टीम ने बाड़मेर के धनाऊ क्षेत्र के भुणियां गांव में खेत पर बने एक कमरे में छापा मारा था। इसमें एमडी ड्रग्स बनाने का केमिकल मिला। वहीं, 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया। ANTF के आईजी विकास कुमार ने बताया- मुख्य आरोपी नारायणराम विश्नोई (30) नशे और अय्याशी के कारण कर्ज में डूब गया था। वहीं उसका दोस्त अशोक कुमार (25) शेयर बाजार में रुपए दोगुने करने के चक्कर में कर्जदार बन गया। इस पर दोनों ने मिलकर जोधपुर में ड्रग्स की फैक्ट्री बनाई। दोनों ने यूट्यूब से ड्रग्स बनाना सीखा, लेकिन खराब क्वालिटी के कारण माल जल जाता था। ऐसे में कच्चा माल सप्लायर को वापस देते समय आरोपी पकडे़ गए। जोधपुर ग्रामीण के कापरड़ा थाना पुलिस और ANTF ने बाड़मेर के खेत में मुख्य आरोपी नारायणराम, अशोक सहित सुमेर सिंह (29), प्रेम सिंह (29), विजयपाल सिंह (20) और हेमाराम विश्नोई (40) को गिरफ्तार किया। इनमें कई आरोपी एमडी बनाने के साथ केमिकल्स के बारे में अच्छी जानकारी रखते हैं। ऐसे में उन्होंने कर्ज में डूबे नारायणराम को ड्रग्स बनाने के लिए कहा था। टीम ने मौके से ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाले केमिकल, उपकरण और संदिग्ध मिश्रण जब्त किए हैं। ANTF के आईजी विकास कुमार ने बताया- गैंग में शामिल आरोपी शॉर्टकट से अमीर बनने और कर्ज उतारने के चक्कर में जुर्म की दुनिया में उतरे थे। मुख्य आरोपी नारायणराम विश्नोई निवासी रामड़ावास कलां (जोधपुर) और अशोक कुमार निवासी केरिया (जालोर) दो-तीन बार बाड़मेर आए तो टीम को शक हो गया था। उसी आधार पर उन पर निगरानी रखी गई। बाड़मेर के एक खेत में आरोपी रुककर MD ड्रग बनाने में काम आने वाले कच्चे माल की डीलिंग करने वाले थे। वहां से टीम ने इन्हें पकड़ा। जब पूछताछ हुई तो पता चला कि आरोपियों की फैक्ट्री जोधपुर में है। एक सुराग और खुलती गई राज की परतें ANTF को मारवाड़ में एमडी (MD) ड्रग्स फैक्ट्री डालने का इनपुट मिला था। टीम ने जाल बिछाया और बाड़मेर के धनाऊ क्षेत्र के भुणियां गांव में हेमाराम विश्नोई के खेत पर बने एक कमरे में छापा मारा। वहां टीम को 42.660 किलोग्राम का एक ड्रम मिला। इसमें एमडी बनाने का केमिकल भरा हुआ था। यहां पकड़े गए आरोपी नारायणराम से पूछताछ की तो उसने बताया कि जोधपुर के कापरड़ा स्थित रामड़ावास कल्ला गांव में मैंने अपने घर पर पूरी लैब और केमिकल छुपा रखे हैं। पुलिस ने तुरंत जोधपुर की टीम को अलर्ट किया और वहां से भारी मात्रा में उपकरण, कांच की बोतलें और एसिड बरामद किए गए। कर्ज में डूबे तो चुना ड्रग्स बनाने का रास्ता एएनटीएफ के आईजी विकास कुमार ने बताया- नारायणराम पहले बेंगलुरु में स्टील-फर्नीचर की दुकान पर काम करता था। वहां उसकी दोस्ती मध्य प्रदेश के मंदसौर निवासी प्रेम सिंह व सुमेर सिंह और रतलाम निवासी विजयपाल से हुई, जो नशा करते थे और एमडी बनाना जानते थे। बाद में नारायणराम गांव आया और शादी की। नशे और अय्याशी के चक्कर में पत्नी के गहने तक बेच दिए। कर्ज में डूब गया। आईजी विकास कुमार ने बताया- नारायणराम का साथी अशोक कुमार नशेड़ी था। उसने पैसा डबल करने के चक्कर में शेयर मार्केट में मोटा पैसा लगाया। वहां बर्बाद होकर कर्जदार बन गया। ऐसे में दोनों दोस्तों ने कर्ज से बाहर निकलने के लिए बेंगलुरु वाले दोस्तों को जोधपुर बुला लिया। उनके साथ मिलकर एमडी बनाने की साजिश रची थी। वहीं बाड़मेर निवासी हेमाराम विश्नोई केमिकल और कच्चे माल की व्यवस्था करने में शामिल था। बाड़मेर में खेत भी इसका ही था। हर बार जल जाता था माल आईजी विकास कुमार ने बताया- आरोपियों में नारायणराम को-ऑर्डिनेटर बना। वहीं अशोक सप्लायर बना। हेमाराम केमिकल लाया और सुमेर सिंह को फैक्ट्री मैनेजर बनाया गया। वहीं प्रेम सिंह और विजयपाल केमिस्ट बने। यूट्यूब से फॉर्मूला देखकर ये लोग एमडी बनाने की कोशिश कर रहे थे। प्रॉब्लम यह हुई कि ये जितनी बार भी प्रोसेस करते, एमडी बनने की बजाय माल जल जाता। इस पर मध्य प्रदेश वाले एक्सपर्ट ने कहा- ब्रोमो केमिकल ही खराब क्वालिटी का है। इसे सप्लायर को वापस करो। ऐसे में ये लोग खराब केमिकल वापस करने के लिए बाड़मेर में सप्लायर का इंतजार ही कर रहे थे कि एएनटीएफ ने इन्हें दबोच लिया। टीम ने बाड़मेर से 42.660 किलोग्राम अवैध केमिकल सहित एक कार जब्त की। वहीं जोधपुर से कई केमिकल, कांच की बोतलें, लिक्विड मिश्रण और ड्रग्स निर्माण के उपकरण बरामद किए।
इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र में ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। मेडिकल की पढ़ाई कर रहे एक छात्र से निवेश के नाम पर लाखों रुपए की धोखाधड़ी की गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक फरियादी अभिषेक डोडिया मेडिकल स्टूडेंट है। उसने शिकायत में बताया कि 8 अप्रैल के आसपास उसके व्हाट्सएप नंबर पर दो अलग-अलग नंबरों से मैसेज आए। मैसेज करने वालों ने खुद को धर्मा रिसर्च कंपनी का प्रतिनिधि बताया। आरोपियों ने दावा किया कि उनकी कंपनी शेयर मार्केट और अन्य निवेश प्लेटफॉर्म पर काम करती है और निवेश पर अच्छा रिटर्न दिलाती है। रकम वापस करने मांगे रुपए शुरुआत में अभिषेक ने निवेश करने से इनकार कर दिया, लेकिन आरोपी लगातार उससे संपर्क करते रहे। इसके बाद 11 अप्रैल से 6 मई के बीच आरोपियों ने अलग-अलग बहाने बनाकर उससे 13 ट्रांजेक्शन में करीब 4 लाख 55 हजार रुपए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवा लिए। जब अभिषेक ने निवेश की गई राशि और मुनाफा वापस मांगा तो आरोपियों ने कहा कि और पैसे जमा करने पर ही रकम वापस मिल सकेगी, अन्यथा पूरा पैसा डूब जाएगा। इसके बाद आरोपी बहानेबाजी करने लगे। ठगी का एहसास होने पर अभिषेक ने बाणगंगा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अब मोबाइल नंबरों और बैंक खातों के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है।
पलवल जिले के हथीन क्षेत्र में एक युवक से शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर 1 लाख 40 हजार रुपए की ऑनलाइन धोखाधड़ी हुई है। साइबर अपराधियों ने टेलीग्राम ग्रुप और एक फर्जी वेबसाइट का इस्तेमाल कर इस वारदात को अंजाम दिया। जिला साइबर थाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर क्राइम थाना प्रभारी नवीन कुमार ने बताया कि अंधरोला गांव निवासी हैदर अली ने अपनी शिकायत में कहा कि उसे एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया था। इस ग्रुप में शेयर मार्केट निवेश के 'विशेषज्ञ टिप्स' दिए जाते थे। ठगों ने ग्रुप में फर्जी सदस्यों और रोजाना मुनाफे के झूठे स्क्रीनशॉट पोस्ट कर हैदर अली का विश्वास जीता। फर्जी वेबसाइट पर पंजीकरण कराया विश्वास जीतने के बाद ठगों ने पीड़ित को एक फर्जी वेबसाइट पर पंजीकरण कराया। पिछले दो-तीन महीनों के दौरान पीड़ित को लगातार अधिक मुनाफे का लालच देकर अलग-अलग किस्तों में कुल 1 लाख 40 हजार रुपए ट्रांसफर करवा लिए गए। जब पीड़ित को यह एहसास हुआ कि ग्रुप और वेबसाइट दोनों फर्जी हैं, तो उसने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस पोर्टल से शिकायत मिलने के बाद साइबर क्राइम थाना ने इस संबंध में मुकदमा दर्ज कर लिया है। साइबर थाना प्रभारी नवीन कुमार ने आमजन से अपील की है कि वे टेलीग्राम, वॉट्सएप या अन्य सोशल मीडिया ऐप्स पर शेयर बाजार निवेश और घर बैठे भारी मुनाफे के झांसे में न आएं। उन्होंने सलाह दी कि किसी भी अनजान वेबसाइट पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी या पैसे ट्रांसफर करने से पहले उसकी प्रामाणिकता की जांच अवश्य कर लें।
छत्तीसगढ़ पावर ट्रांसमिशन कंपनी एनएसई और बीएसई में लिस्टिंग की तैयारी कर रही है। पूंजी जुटाने के लिए कंपनी जल्द ही इनिशियल पब्लिक आॅफरिंग (आईपीओ) लाएगी। इसके बाद यह छत्तीसगढ़ सरकार की पहली कंपनी बन जाएगी, जिसके शेयर स्टॉक मार्केट में ट्रेड करेंगे। ट्रांसमिशन आईपीओ से कितने करोड़ रुपए जुटाएगी, इसकी रूपरेखा तैयार की जा रही है। इससे पहले पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी भी स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड है, लेकिन वह ट्रेड नहीं करती। डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी ने 2014-15 और 2015-16 में बांड जारी लोगों से पैसे जुटाए हैं। छत्तीसगढ़ पावर ट्रांसमिशन कंपनी के आईपीओ लाने के बाद कंपनी अपना कुछ अंश आम लोगों को बेच देगी। ये शेयर स्ट्रॉक मार्केट में ट्रेड होंगे। शेयर की खरीदी-बिक्री होने से कंपनी के बिजनेस परफार्मेंस के आधार पर मार्केट में शेयर के प्राइज बढ़ते जाते हैं। इससे कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन बढ़ता जाता है। कंपनी को नेशनल फ्रेम मिलता है। आम लोग कंपनी में हिस्सेदार बन जाते हैं। प्राफिट बढ़ने पर कंपनी उसे डिविडेंड के रूप में अपने शेयर होल्डर्स को बांटती है। क्या है ट्रांसमिशन कंपनी का काम छत्तीसगढ़ ट्रांसमिशन कंपनी प्रदेश की पावर उत्पादन और वितरण कंपनी को ट्रांसमिशन लाइन उपलब्ध कराती है। इसके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप करती है। पावर प्लांट से उत्पादित होने वाली बिजली ट्रांसमिशन कंपनी की लाइनों के जरिए ही वितरण कंपनी के सबस्टेशन तक पहुंचती है। सबस्टेशन से बिजली लोगों के घरों में पहुंचती है। कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि ट्रांसमिशन कंपनी के लॉस में रहने की स्थिति बहुत ही कम या नहीं के बराबर रहती है। दरअसल, ट्रांसमिशन कंपनी की डिलिंग आम उपभोक्ताओं से नहीं होती। निजी और सरकारी बिजली उत्पादन और वितरण कंपनियों से रहती है। इसलिए लॉसेस की संभावना कम ही रहती है। ट्रांसमिशन कंपनी अपना आईपीओ लाती है और उसके शेयर पब्लिक के बीच ट्रेड होते हैं तो शेयर धारकों को रिस्क कम रहेगा। शेयर जारी करना यानी कंपनी प्राइवेट हाथों में देना नहीं आम लोगों में यह धारणा है कि कंपनी अगर शेयर मार्केट के जरिए अपनी हिस्सेदारी आम लोगों को बेचती है, तो इससे कंपनी प्राइवेट हाथों में चली जाएगी। दरअसल, कंपनियां जब आईपीओ लाती है तो कंपनी के कुल शेयर (अंश) का एक छोटा सा हिस्सा आम लोगों को बेचती है। छत्तीसगढ़ ट्रांसमिशन कंपनी भी आईपीओ के जरिए छोटा सा हिस्सा बेचेगी। इसके बावजूद कंपनी की होल्डिंग सरकार के पास ही रहेगी। सरकार का ही इसपर नियंत्रण रहेगा। कंपनी अपने शेयर धारकों को लाभांश बांटेगी। देश की कौन-कौन सरकारी कंपनियां ला रहीं अपना आईपीओ केंद्र सरकार की ऊर्जा कंपनी पहले से लिस्टेड हैं देश के कई राज्यों की सरकारी पावर कंपनियां अपना आईपीओ लांच कर आम लोगों से पैसे जुटा रही हैं। केंद्र सरकार की ऊर्जा कंपनियां पहले से स्टॉक मार्केट में लिस्टेड हैं। छत्तीसगढ़ ट्रांसमिशन कंपनी के भी आईपीओ लाने के विषय में उच्च स्तर पर चर्चा चल रही है। यह शासन स्तर का मामला है। -राजेश कुमार शुक्ला, एमडी पावर ट्रांसमिशन कंपनी
ग्वालियर में साइबर अपराधियों की दहशत चरम पर पहुंच गई है। मई महीने का आखिरी दिन पूरी तरह से साइबर ठगों के नाम रहा, जिन्होंने शहर के अलग-अलग इलाकों में जाल बिछाकर 8 से अधिक लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाया। इसमें सबसे बड़ी वारदात जनकगंज थाना क्षेत्र में सामने आई, जहां एक किराना कारोबारी को फेसबुक पर युवती से दोस्ती और निवेश के नाम पर सवा आठ लाख रुपए की ठगी की गई है। ठगों ने ऑनलाइन ट्रेडिंग ऐप के जरिए कारोबारी को चूना लगाया है। शहर के विभिन्न थानों में अलग-अलग ऑनलाइन फ्रॉड के आठ मामले दर्ज किए गए हैं। फेसबुक पर 'बेंगलुरू की सोनिया' ने बुना जालजनकगंज थाना पुलिस ने बताया कि भूरे बाबा की बस्ती छत्री बाजार निवासी शैलेंद्र उपाध्याय सिकंदर कंपू क्षेत्र में किराना एवं जनरल स्टोर चलाते हैं। सितंबर 2025 में शैलेंद्र की फेसबुक पर सोनिया शर्मा नाम की एक प्रोफाइल से दोस्ती हुई। बातचीत के दौरान शातिर युवती ने खुद को बेंगलुरू का निवासी बताया और कहा कि वह कपड़ों की एक बड़ी फैक्ट्री संचालित करती है। विश्वास जीतने के बाद सोनिया ने शैलेंद्र को ऑनलाइन ट्रेडिंग में पैसे लगाकर घर बैठे मोटा मुनाफा कमाने का लालच दिया। उसने एक लिंक भेजकर मोबाइल में एक फ्रॉड ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड कराया। 20 हजार पर 60 हजार कमाकर फंसा व्यापारीशुरुआत में शैलेंद्र ने जब 10 हजार रुपए लगाए तो ऐप के वॉलेट में 15 हजार रुपए का रिटर्न दिखा। जब 20 हजार रुपए लगाए तो 60 हजार रुपए का मुनाफा दिखा। इस फर्जी मुनाफे को असली मानकर शैलेंद्र ने अपनी गाढ़ी कमाई से अलग-अलग किस्तों में कुल 8 लाख 20 हजार रुपए निवेश कर दिए। स्क्रीन पर दिखे 50 लाख, निकालने के नाम पर मांगे 10 लाखकुछ समय बाद शैलेंद्र के मोबाइल ऐप स्क्रीन पर उनका कुल फंड और मुनाफा बढ़कर करीब 50 लाख रुपए दिखाई देने लगा। इतनी बड़ी रकम देखकर जब शैलेंद्र ने उसे अपने बैंक खाते में ट्रांसफर विड्रॉल करने की कोशिश की, तो ट्रांजैक्शन ब्लॉक हो गया। जब उन्होंने सोनिया से संपर्क किया, तो उसने एक नया पैतरा चला। उसने कहा कि रकम बड़ी है, इसलिए वेरिफिकेशन फीस के नाम पर 10 लाख रुपए और जमा करने होंगे। साथ ही मेरे हेड अनिल मैथ्यू को कमीशन देना होगा। इतनी बड़ी रकम और मांगने पर शैलेंद्र के होश उड़ गए। उन्हें समझ आ गया कि वे साइबर फ्रॉड का शिकार हो चुके हैं। पीड़ित ने तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद जनकगंज पुलिस ने मामला दर्ज किया। ब्लैक संडे: शहर के अन्य थानों में भी दर्ज हुए ठगी के मामलेमहीने के आखिरी दिन शैलेंद्र के अलावा शहर के 8 अन्य नागरिकों के बैंक खातों में भी साइबर अपराधियों ने सेंध लगाई। थानों से मिली जानकारी के मुताबिक आठ ऑनलाइन फ्रॉड के मामले दर्ज किए गए हैं, जो इस प्रकार है। साइबर सेल और पुलिस प्रशासन की चेतावनीग्वालियर साइबर एक्सपर्ट धर्मेंद्र कुमार ने बताया किमहीने के अंतिम दिनों में ऑनलाइन फ्रॉड के मामलों में तेजी आई है। सभी संबंधित थानों में पीड़ितों की शिकायत पर अज्ञात ठगों के खिलाफ आईटी एक्ट और धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। बैंक खातों के लेन-देन को खंगाला जा रहा है ताकि जिन खातों में पैसा ट्रांसफर हुआ है, उन्हें फ्रीज कराया जा सके। जनता से अपील है कि फेसबुक या सोशल मीडिया पर अज्ञात युवतियों के कहने पर किसी भी अनधिकृत ट्रेडिंग ऐप में निवेश न करें। शुरुआती भारी मुनाफा हमेशा एक जाल होता है।
लखनऊ के अलीगंज थाना क्षेत्र में युवक ने साइबर ठगों के जाल में फंसकर 43 लाख रुपए गंवा दिए। ठगों ने उन्हें व्हाट्सएप निवेश ग्रुप और फार्लोन CM नामक ट्रेडिंग ऐप के जरिए भारी मुनाफे का लालच देकर निवेश कराया। जब पीड़ित ने रकम निकालने की कोशिश की तो ठगों ने इनकम टैक्स के नाम पर और पैसे जमा करने का दबाव बनाया। तब युवक को धोखाधड़ी का अहसास हुआ और पुलिस से शिकायत की। व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर फंसाया गया चंद्रलोक कॉलोनी, अलीगंज निवासी अभिषेक भारती ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 25 मार्च को उन्हें B7 इंवेस्टमेंट स्ट्रेजी डिसकशन व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया था। 11 मई को A17 वर्मा इंवेस्टमेंट क्लब इंटर्नशिप टीम नाम के दूसरे ग्रुप में शामिल किया गया। दोनों ग्रुपों का संचालन खुद को निवेश विशेषज्ञ बताने वाले जयेश वर्मा नामक व्यक्ति और उसकी टीम कर रही थी। शुरुआत में ग्रुप में शेयर बाजार और निवेश से जुड़ी सामान्य चर्चाएं कर भरोसा जीता गया। इसके बाद आरोपियों ने फार्लोन CM नामक ट्रेडिंग ऐप का प्रचार करते हुए कम समय में कई गुना मुनाफा मिलने का दावा किया। भरोसा बढ़ाने के लिए आरोपियों ने खुद को वैध संस्था साबित करने के उद्देश्य से सेबी का प्रमाणपत्र भी उपलब्ध कराया। एक बैंक खाते का विवरण देकर निवेश को पूरी तरह सुरक्षित बताया। दोस्तों से उधार लेकर पैसा दिया पीड़ित ने बताया कि ऐप में सीधे पैसा जमा करने की सुविधा नहीं थी। हर बार निवेश के लिए आरना नामक महिला अलग-अलग बैंक खातों की जानकारी भेजती थी। जिनमें रकम ट्रांसफर करनी होती थी। इसके बाद ठगों ने गोल्डलाइन-P नामक आईपीओ में निवेश कराने का झांसा दिया। 200 से 300 प्रतिशत तक लाभ मिलने का दावा किया। 10 गुना सब्सक्रिप्शन के नाम पर भी अतिरिक्त रुपए जमा कराई गई। आरोपियों ने बाद में बताया कि अपेक्षा से अधिक शेयर आवंटित हुए हैं और उन्हें बेचने के लिए आउटस्टैंडिंग अमाउंट जमा करना जरूरी है। लगातार दबाव और बातों में आकर अभिषेक ने 43 लाख रुपए जमा कर दिए। पर्सनल इनकम टैक्स मांगने पर शक हुआ पीड़ित के अनुसार, कुछ समय बाद ऐप में उनके खाते में करीब 1.24 करोड़ रुपए दिखने लगे, जिसमें लगभग 43 लाख रुपए निवेश और करीब 80 लाख रुपए लाभ दर्शाया गया था। जब उन्होंने रकम निकालने की कोशिश की तो निकालने नहीं दिया। आरोपियों ने प्रॉफिट पर 15 प्रतिशत पर्सनल इनकम टैक्स जमा करने की शर्त रखी। संदेह होने पर जांच करने पर पता चला कि व्हाट्सएप समूह के अधिकांश सदस्य और मोबाइल नंबर फर्जी हैं। पूरा नेटवर्क लोगों से ठगी करने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है। इस पर उन्होंने पुलिस से शिकायत की। उनकी तहरीर पर अलीगंज पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इंस्पेक्टर अलीगंज का कहना है मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी गई है।
बीते दो वर्षों से टेक इंडस्ट्री में नारा गूंज रहा है...‘एआई जल्द ही सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की जगह ले लेगा और कंपनियों का खर्च आधा हो जाएगा।’ इस वादे ने शेयर बाजार को आसमान पर पहुंचा दिया, कंपनियों ने बड़े पैमाने पर छंटनी की और करोड़ों रुपए एआई इन्फ्रा खर्च कर दिए। पर, जब इन टूल्स को काम पर लगाया गया, तो जो इनवॉइस सामने आई उसने दिग्गज कंपनियों को हिला दिया। सबसे बड़ा झटका माइक्रोसॉफ्ट को लगा। कंपनी ने एंथ्रोपिक में 48 हजार करोड़ रु. निवेश किए और अपने 1 लाख इंजीनियरों को ‘क्लॉड कोड’ का एक्सेस दे दिया। उम्मीद थी कि उत्पादकता बढ़ेगी, पर हर शब्द पर भुगतान की मजबूरी ने लागत को बेकाबू कर दिया। इस वजह से जून तक सभी लाइसेंस रद्द कर दिए गए व इंजीनियरों को माइक्रोसॉफ्ट के इन-हाउस टूल पर शिफ्ट करना पड़ा। उबर ने दिसंबर 2025 में अपने 5,000 इंजीनियरों को क्लॉड कोड दिया। 84% डेवलपर्स इसका इस्तेमाल करने लगे और 70% कोड एआई से आने लगा। नतीजा यह हुआ कि इंजीनियर हर महीने 47 हजार से 1.9 लाख रुपए का व्यक्तिगत बिल बनाने लगे। एक सीटीओ ने तो दो घंटे के डेमो में 1.1 लाख रु. खर्च कर दिए। अप्रैल तक ही उबर ने 2026 का पूरा एआई बजट खत्म कर दिया। एनवीडिया ने भी माना कि उनकी टीम के लिए कंप्यूटिंग की लागत कर्मचारियों की सैलरी से ज्यादा हो गई है। दरअसल, साधारण एआई लगभग मुफ्त हो चुका है, पर गंभीर कोडिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले टॉप-टियर एआई के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। ओपनएआई ने नया मॉडल दोगुने दाम पर उतारा, जबकि एंथ्रोपिक ने टेक्स्ट गिनने का तरीका बदल दिया, जिससे बिल बढ़ने लगा। बेजोस बोले- यह संकट नहीं ‘एआई बबल’ के डर को खारिज करते हुए अमेजन के फाउंडर जेफ बेजोस ने कहा कि यह संकट नहीं, बल्कि ‘सदी में एक बार मिलने वाला सबसे बड़ा अवसर’ है। वहीं, सॉफ्टबैंक के प्रमुख मासायोशी सन 9.5 लाख करोड़ रु. का नया एआई फंड ‘प्रोजेक्ट इजा नागी’ लॉन्च कर रहे हैं। उनका तर्क है कि आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस कुछ वर्षों में इंसानी दिमाग से 10 गुना ज्यादा स्मार्ट हो जाएगा। एआई में बिग टेक का महा निवेश...एंथ्रोपिक की बादशाहत माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, मेटा व अमेजन इस साल एआई इन्फ्रा पर रिकॉर्ड 69 लाख करोड़ रु. खर्च कर रहे हैं। गार्टनर के अनुसार, वैश्विक एआई खर्च 240 लाख करोड़ रु. हो जाएगा। माइक्रोसॉफ्ट का एआई बिजनेस 3.53 लाख करोड़ के रन रेट (अनुमानित लाभ) पर है, जबकि गूगल का क्लाउड बैकलॉग 43.93 लाख करोड़ रु. पार कर चुका है। एंथ्रोपिक ने इस साल 2.86 लाख करोड़ के दो फंडिंग राउंड पूरे किए, जिससे वैल्यूएशन 86 लाख करोड़ हो गई है। वहीं रिलायंस ग्रुप 7 वर्षों में भारत के एआई इन्फ्रा पर ₹10 लाख करोड़ निवेश करेगा। एक कॉल और एआई कानून ध्वस्त अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ऐसे सरकारी आदेश पर साइन करने वाले थे, जिसके तहत सरकार को शक्तिशाली एआई मॉडल के लॉन्च से पहले 90 दिनों तक उसकी सुरक्षा जांच का हक मिलता। इसके लिए टेक दिग्गज (ऑल्टमैन, पिचाई, नडेला) वॉशिंगटन पहुंच चुके थे। लेकिन ऐन वक्त पर, ट्रम्प के पूर्व सलाहकार और 449 एआई कंपनियों में भागीदार डेविड साक्स ने राष्ट्रपति को फोन किया और तर्क दिया कि नियमों से एआई डेवलपमेंट धीमा होगा व चीन बाजी मार ले जाएगा। मस्क-जुकरबर्ग ने भी यही दबाव बनाया। नतीजतन ट्रम्प ने आदेश रद्द कर दिया। चौंकाने वाली बात यह है कि कानून स्वैच्छिक था, फिर भी टेक दिग्गजों ने महज 12 घंटे में महीनों की राष्ट्रीय सुरक्षा नीति पलटवा दी।
इस साल आईओएस 27 के साथ एपल नए एआई फीचर्स ला सकता है। नई सिरी सिर्फ सवालों के जवाब नहीं देगी, बल्कि फोन के कई काम खुद संभाल सकेगी। उदाहरण के तौर पर रिमाइंडर्स लगाना, मैसेजेस तैयार करना या एप्स के बीच काम करना आसान हो सकता है। वहीं गूगल भी एंड्रॉइड में जेमिनी को जोड़ने की तैयारी में है। इसका उद्देश्य है कि एआई छोटे काम खुद करने लगे। जानते हैं कौन से बदलाव आएंगे। एपल लॉन्च करेगा नई सिरी... जीमेल में आ रहा एआई इनबॉक्स गूगल - अब ब्लिंकिट जैसे एप्स जेमिनी से जुड़ेंगे 1. ब्लिंकिट जैसे एप्स भी एआई से जुड़ेंगे - जेमिनी अब ब्लिंकिट, जेप्टो और उबर जैसे एप्स के साथ सीधे काम कर सकेगा। यह इन सभी एप्स पर तुलना करके आपके लिए सबसे सही विकल्प चुनने में मदद करेगा। 2. नया एजेंट ‘जेमिनी स्पार्क’लॉन्च होगा यह गूगल का नया ‘पर्सनल एआई एजेंट’ होगा। ऑनलाइन टास्क पूरे कर सकेगा। रिमाइंडर्स व बुकिंग्स भी संभाल लेगा। 3. जीमेल एआई इनबॉक्स - यह ईमेल्स का सार खुद तैयार करेगा। यूजर बिना पूरा मेल पढ़े ही जरूरी जानकारी समझ सकेंगे और सीधे उसी जगह से जवाब दे पाएंगे। यह अब बड़े स्तर पर जारी किया जा सकता है। 4. जीमेल लाइव - नया वॉइस-बेस्ड फीचर होगा। इसमें जेमिनी से बोलकर ईमेल मैनेज कर सकेंगे। जैसे, किसी मेल के बारे में पूछना, जवाब लिखना आवाज से होगा। एपल- नई सिरी से ज्यादा स्मार्ट होगा आईफोन 1. लिखने और सुधारने में मदद- Write With Siri और Help Me Write जैसे फीचर्स यूजर को लिखने में मदद करेंगे। सिरी टेक्स्ट सुधार सकेगी, बेहतर वाक्य सुझा सकेगी और टाइपिंग को आसान बना सकेगी। 2. आवाज से बनेंगे शॉर्टकट- यूजर सिर्फ बोलकर बता सकेंगे कि उन्हें कौन सा काम जल्दी करना है। इसके बाद सिरी अपने आप उस काम का शॉर्टकट तैयार कर देगी। 3. निजी डिजिटल सहायक की तरह काम - सिरी सुबह न्यूज, रिमाइंडर्स, शेयर बाजार की जानकारी और पूरे दिन की प्लानिंग जैसी चीजों में मदद कर सकती है। यानी फोन एक पर्सनल असिस्टेंट की तरह काम करने लगेगा। 4. ऑटो डिलीट चैट हिस्ट्री- प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए सिरी में ऑटो-डिलीट फीचर होगा। इसमें तय कर सकेंगे कि चैट्स 30 दिन बाद अपने आप डिलीट हो जाएं।
जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा से करोड़ों की ठगी, प्रॉपर्टी निवेश के नाम पर लिए 17 करोड़ रुपए
मायानगरी में धोखाधड़ी के किस्से अक्सर सामने आते रहते हैं। अब बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा जाफरी धोखाधड़ी का शिकार हो गई हैं। हबीबा जाफरी से संपत्ति निवेश के नाम पर करीब 17.5 करोड़ रुपए की ठगी की गई है।
अरशद वारसी पर लगा शेयर मार्केट में बैन, जानिए क्या है मामला
बॉलीवुड एक्टर अरशद वारसी और उनकी पत्नी मारिया गोरेट्टी समेत 57 लोगों पर शेयर बाजार नियामक SEBI ने बैन लगा दिया है। उन्हें 1 साल के लिए सिक्योरिटी मार्केट से प्रतिबंधित कर दिया है। सेबी का कहना है कि ये लोग मार्केट में धोखाधड़ी जैसे कामों में पाए गए।
काजोल ने किया रियल एस्टेट में निवेश, खरीदी इतने करोड़ की कमर्शियल प्रॉपर्टी
बॉलीवुड एक्ट्रेस काजोल ने इंडस्ट्री में एक अलग मुकाम हासिल किया है। काजोल भले ही फिल्मों में कम नजर आती हो, लेकिन वह सुर्खियों में बनी रहती हैं। काजोल ने अब एक्टिंग के साथ-साथ रियल एस्टेट में भी कदम रख दिया है। काजोल ने मुंबई के गोरेगांव वेस्ट ...
जानिए क्यों पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास पर है 2100 करोड़ रुपए निवेश
पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास अपने करियर के शानदार दौर से गुजर रहे हैं, और निर्विवाद रूप से अखिल भारतीय सुपरस्टार के रूप में अपनी जगह पक्की कर रहे हैं। बाहुबली, सलार, कल्कि 2898 एडी जैसी बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने वाली फिल्मों के साथ, उन्होंने भारतीय ...
खतरों के खिलाड़ी सीजन 14 के कंटेस्टेंट अभिषेक कुमार जिन्होंने बिग बॉस 17 में अपने कार्यकाल से काफी लोकप्रियता हासिल की, अपने आकर्षक व्यक्तित्व से लोगों के दिलों पर राज कर रहे हैं। विवादित रियलिटी शो में उनकी भागीदारी ने उन्हें स्टार बना दिया और उन्हें रातोंरात सफलता दिलाई। अभिषेक जो वर्तमान में रोहित शेट्टी के शो खतरों के खिलाड़ी 14 में हैं, ने साझा किया कि वह एक प्रोडक्शन हाउस खोलना चाहते हैं। इसे भी पढ़ें: Kartik Aaryan का खुलासा, Pyaar Ka Punchnama की सफलता के बावजूद उनके पास ‘कोई ऑफर नहीं था, कोई पैसा नहीं था ईटाइम्स टीवी के साथ एक इंटरव्यू में, अभिषेक ने खुलासा किया कि वह भविष्य के लिए पैसे बचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता चाहते हैं कि वह मुंबई में एक घर खरीदें, लेकिन वह एक व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। अभिषेक ने कहा कि वह एक उद्यमी बनना चाहते हैं और उनके बड़े सपने हैं जिन्हें वह हासिल करना चाहते हैं। अभिषेक कुमार मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते इंटरव्यू में, अभिषेक ने कहा कि उन्होंने पैसे बर्बाद करना बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते क्योंकि शहर काफी महंगा है और कहा कि किराए पर रहना एक समझदारी भरा फैसला है। उन्होंने यहां तक कहा कि घर खरीदने में बड़ी रकम लगाने और फिर हर महीने लोन के रूप में बैंक को बड़ी EMI चुकाने का कोई मतलब नहीं है। इसे भी पढ़ें: Karan Johar को कोर्ट से मिली राहत, फिल्म Shaadi Ke Director Karan Aur Johar की रिलीज परह लगी रोक अभिषेक ने कहा कि वह अपना पैसा निवेश करना चाहते हैं और उस पर ब्याज पाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह रवि दुबे और सरगुन मेहता की तरह एक प्रोडक्शन हाउस स्थापित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि उनका परिवार चंडीगढ़ में घर खरीदे, लेकिन मुंबई में नहीं क्योंकि वे वहीं रह सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह पैसे बचाना चाहते हैं और कोई दूसरा व्यवसाय शुरू करने में निवेश कर सकते हैं। KKK 14 की बात करें तो शिल्पा शिंदे शो से बाहर हो गईं। एक यूट्यूब चैनल के अनुसार, सनी वरुण ने बात की, गश्मीर, करणवीर, अदिति और अभिषेक ने निष्कासन स्टंट किया।
कंगना रनौत के किस बयान पर भड़की CISF की महिला जो सरेआम एक्ट्रेस को जड़ दिया थप्पड़, जानिए पूरा मामला
चंडीगढ़: हिमाचल की मंडी लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी सांसद एवं एक्ट्रेस कंगना रनौत से चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर बदसलूकी के पश्चात् हंगामा मचा हुआ है. दरअसल, 6 जून को कंगना दिल्ली जाने के लिए चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर पहुंची थीं. तभी सिक्योरिटी चेक के पश्चात् CISF की एक महिला जवान कुलविंदर कौर ने उनको थप्पड़ मार दिया. हालांकि CISF की अपराधी महिला कर्मी को निलंबित कर दिया गया है तथा उनके खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है. ऐसे में सवाल ये उठता है कि CISF की जवान ने थप्पड़ क्यों मारा, तो इसका जवाब है कंगना का 4 वर्ष पुराना एक ट्वीट. कंगना रनौत ने इस ट्वीट में 3 कृषि कानूनों के खिलाफ हुए किसान आंदोलन के चलते पंजाब की 80 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला किसान की गलत पहचान करते तथा उन्हें बिलकिस बानो कहा था. कंगना ने जो ट्वीट किया था उसमें एक वृद्ध महिला नजर आ रही थीं, जो भले ही झुककर चल रही थीं, लेकिन उन्होंने किसान आंदोलन का झंडा बुलंद किए हुए था. उनका नाम मोहिंदर कौर था. कंगना ने मोहिंदर कौर की फोटो को ट्वीट करते हुए लिखा था कि ''हा हा. ये वही दादी हैं जिन्हें टाइम मैगज़ीन की 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की लिस्ट में सम्मिलित किया गया था.... और ये 100 रुपये में उपलब्ध हैं. हालांकि कंगना रनौत ने बाद में ये ट्वीट डिलीट कर दिया था. बता दें कि कंगना ने जिस बिलकिस बानो का जिक्र किया था, वह 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला हैं तथा उन्होंने दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में CAA प्रोटेस्ट के चलते अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बटोरी थीं. कंगना के इस बयान को लेकर CISF की महिला जवान भड़की हुई थी. चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर कंगना से बदसलूकी का वीडियो सामने आया था, इसमें CISF की यह जवान कहती नजर आ रही है कि 'इसने बोला था किसान आंदोलन में 100-100 रुपये में महिलाएं बैठती थीं. वहां मेरी मां भी थी'. राहुल गांधी ने भाजपा पर लगाया शेयर बाजार में हेराफेरी का आरोप, बताया देश का सबसे बड़ा घोटाला उत्तर भारत में भीषण गर्मी का कहर जारी, यूपी के कुछ क्षेत्रों में राहत की उम्मीद बिहार के गया जिले में भीषण सड़क हादसा, तीन लोगों की मौत

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