भारतीय शेयर बाजार के लिए सप्ताह का पहला दिन बेहद निराशाजनक रहा। सोमवार को चौतरफा बिकवाली के कारण दलाल स्ट्रीट पर हाहाकार मच गया। बीएसई (BSE) सेंसेक्स 1,313 अंक की भारी गिरावट के साथ 76,015 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि एनएसई (NSE) निफ्टी 360 अंक टूटकर ...
सूर्य का कृतिका नक्षत्र में महाप्रवेश: 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेगा शुभ फल
Sun Entry Transit Krittika Nakshatra 2026: ज्योतिष जगत में 11 मई 2026 की तारीख एक और बड़े बदलाव की गवाह बन रही है। ग्रहों के राजा सूर्य अब अपने मित्र मंगल के स्वामित्व वाली मेष राशि में चलते हुए 'कृतिका नक्षत्र' में प्रवेश कर चुके हैं। कृतिका नक्षत्र के अधिपति स्वयं सूर्य देव हैं, इसलिए वे यहाँ अत्यंत तेजस्वी और 'दिग्बली' महसूस करते हैं। दूसरी ओर इस नक्षत्र में मेष और वृषभ राशि आती है। सूर्य का अपने ही नक्षत्र में आना एक ऐसी ऊर्जा पैदा करता है जो अंधकार को मिटाकर सफलता का मार्ग प्रशस्त करती है। आइए जानते हैं वे 5 भाग्यशाली राशियाँ कौन सी हैं, जिनकी किस्मत इस गोचर से चमकने वाली है। 1. मेष राशि: मान-सम्मान का नया शिखर सूर्य आपके लग्न भाव में अपने ही नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं। यह समय आपके व्यक्तित्व को किसी चुंबकीय शक्ति जैसा बना देगा। समाज और कार्यक्षेत्र में आपकी धाक जमेगी। अगर आप सरकारी नौकरी या राजनीति से जुड़े हैं, तो कोई बड़ा पद या जिम्मेदारी आपके हिस्से आ सकती है। आपका आत्मविश्वास विरोधियों को पस्त कर देगा। ALSO READ: मंगल का मेष राशि में प्रवेश: 3 राशियों पर बढ़ेगा संकट, अगले कुछ दिन रहें बेहद सावधान 2. सिंह राशि: भाग्य का प्रचंड उदय चूँकि सूर्य आपकी राशि के स्वामी हैं और अब वे आपके भाग्य भाव (9वें घर) में स्थित कृतिका नक्षत्र में हैं, तो मान लीजिए कि आपके रुके हुए काम अब रॉकेट की रफ्तार से दौड़ेंगे। लंबी दूरी की यात्राएं न केवल सुखद होंगी, बल्कि धन लाभ का जरिया भी बनेंगी। पिता या गुरु के सहयोग से कोई बड़ा प्रोजेक्ट सफल होगा। 3. वृश्चिक राशि: शत्रुओं पर विजय और तरक्की सूर्य का यह नक्षत्र परिवर्तन आपके छठे भाव में हो रहा है। यह 'विजय योग' की स्थिति है। यदि आपका कोई अदालती मामला चल रहा है या ऑफिस में राजनीति हो रही है, तो जीत आपकी निश्चित है। स्वास्थ्य में सुधार होगा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए यह समय किसी वरदान से कम नहीं है। ALSO READ: मंगल का मेष राशि में गोचर, 6 राशियों के लिए अपराजेय योग शुरू 4. धनु राशि: संतान सुख और बौद्धिक लाभ आपके पांचवें भाव में सूर्य का प्रभाव आपकी निर्णय लेने की क्षमता को अद्भुत बना देगा। शेयर बाजार या रचनात्मक कार्यों से जुड़े लोगों को अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। संतान की ओर से कोई शुभ समाचार मिल सकता है जो परिवार में उत्सव का माहौल लाएगा। आपकी सलाह को लोग महत्व देंगे। ALSO READ: सूर्य का वृषभ राशि में गोचर 2026: 12 राशियों पर कैसा पड़ेगा असर? 5. कुंभ राशि: साहस और पराक्रम में वृद्धि तीसरे भाव में सूर्य का गोचर आपको निडर और साहसी बनाएगा। आपके छोटे भाई-बहनों के साथ संबंध सुधरेंगे और उनके माध्यम से लाभ के योग बनेंगे। मीडिया, लेखन या मार्केटिंग से जुड़े लोगों के लिए यह 'गोल्डन टाइम' है। आपकी वाणी में ऐसा प्रभाव होगा कि लोग आपकी बातों से आसानी से सहमत हो जाएंगे।
पीएम मोदी की अ्पील का असर आज शेयर बाजार से लेकर भोपाल में सराफा बाजार तक देखने को मिला। शेयर बाजार में जहां गोल्ड कंपनियों के शेयर में गिरावट देखने को मिली, वहीं सराफा बाजार में सन्नाटे के साथ आज कई सौदे रद्द भी हुए।
मंगल का मेष राशि में प्रवेश: 3 राशियों पर बढ़ेगा संकट, अगले कुछ दिन रहें बेहद सावधान
Effects of Mars Transit in Aries: 11 मई से 21 जून 2026 तक मंगल अपनी स्वराशि मेष में विराजमान होकर बेहद शक्तिशाली स्थिति में रहेंगे। ज्योतिष में इसे 'अंगारक शक्ति' का उदय माना जाता है। जहाँ यह गोचर कई राशियों के लिए भाग्य के द्वार खोलेगा, वहीं वृषभ, कन्या और तुला राशि वालों के लिए यह समय किसी 'अग्निपरीक्षा' से कम नहीं होगा। यहाँ बताया गया है कि आपको कहाँ संभलना है और कहाँ दांव खेलना है। 1. वृषभ राशि: बजट और स्वभाव पर नियंत्रण जरूरी मंगल आपके खर्चों के घर (12वें भाव) में गोचर कर रहे हैं। इस दौरान आपकी जेब पर भारी दबाव रह सकता है; बेवजह के खर्चे आपके मानसिक सुकून को छीन सकते हैं। सतर्क रहें: घर की शांति भंग न हो, इसके लिए जीवनसाथी के साथ विवाद से बचें। आपकी एक तीखी बात रिश्तों में कड़वाहट घोल सकती है। अच्छी खबर: अगर कोई पुराना कानूनी मामला या कोर्ट-कचहरी का चक्कर चल रहा है, तो मंगल का साहस आपको वहां जीत दिलाएगा। विरोधियों की चालें आपके सामने नाकाम होंगी। ALSO READ: मंगल का मेष राशि में प्रवेश: राजनीति से शेयर बाजार तक दिखेगा बड़ा असर, जानें देश-दुनिया पर क्या होगा प्रभाव 2. कन्या राशि: सेहत से समझौता पड़ेगा भारी मंगल का आपके आठवें भाव (चुनौती भाव) में होना एक तरह का 'स्पीड ब्रेकर' है। यह समय जीवन में अचानक उतार-चढ़ाव ला सकता है, खासकर स्वास्थ्य के मोर्चे पर। सतर्क रहें: गाड़ी चलाते समय सड़क पर पूरा ध्यान दें और किसी भी अनजान व्यक्ति पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। जल्दबाजी में लिया गया फैसला चोट या नुकसान का कारण बन सकता है। अच्छी खबर: आठवां भाव गुप्त धन का भी है। अप्रत्याशित रूप से आपको पुरानी पैतृक संपत्ति या अटका हुआ बीमा/फंड का पैसा मिल सकता है। ALSO READ: मंगल का मेष राशि में गोचर, 6 राशियों के लिए अपराजेय योग शुरू 3. तुला राशि: रिश्तों के कांच को बचाकर रखें मंगल आपके सप्तम भाव (साझेदारी और विवाह) में बैठकर आपको और आपके पार्टनर को थोड़ा 'जिद्दी' बना सकते हैं। वैचारिक मतभेदों की आग सुलझने के बजाय और भड़क सकती है। सतर्क रहें: अपनी वाणी को हथियार न बनने दें। रिश्तों में कड़वाहट आने से आपके मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है। धैर्य ही इस समय आपका सबसे बड़ा दोस्त है। अच्छी खबर: निजी जीवन में भले ही तनाव हो, लेकिन प्रोफेशनल लाइफ में आप चमकेंगे। अगर आप बिजनेस पार्टनरशिप में हैं या एक्सपोर्ट-इंपोर्ट का काम करते हैं, तो मोटा मुनाफा कमाने के लिए यह शानदार समय है। निष्कर्ष: मंगल की यह ऊर्जा एक दोधारी तलवार की तरह है। यदि आप अपने क्रोध और जल्दबाजी पर काबू पा लेते हैं, तो आप इन चुनौतियों को भी अवसरों में बदल सकते हैं। ALSO READ: मंगल का मेष राशि में महागोचर, 12 राशियों पर कैसा होगा असर? पढ़ें राशिफल
11 मई 2026 से मंगल देव अपने घर मेष राशि में प्रवेश कर रहे हैं। यहां वे 21 जून तक रहेंगे। ज्योतिष जगत में इसे एक 'विस्फोटक ऊर्जा' के संचार के रूप में देखा जा रहा है। यह गोचर केवल व्यक्तिगत जीवन ही नहीं, बल्कि सत्ता की गलियारों से लेकर शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव तक को प्रभावित करेगा। आइए जानते हैं क्या होंगे इसके बड़े असर। राजनीति और वैश्विक संघर्ष: बढ़ेगी तपिश दुनिया अब एक आक्रामक दौर की ओर कदम बढ़ा रही है। मंगल के मेष में आते ही सीमाओं पर हलचल तेज हो सकती है और सैन्य शक्ति का प्रदर्शन बढ़ेगा। अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अब कूटनीति से ज्यादा 'शक्ति' की भाषा बोली जाएगी। कई देशों के शीर्ष नेतृत्व में अचानक फेरबदल हो सकते हैं—कुछ नेता कड़े फैसले लेंगे, तो कुछ को अप्रत्याशित रूप से सत्ता छोड़नी पड़ सकती है। यह समय उन नेताओं के उदय का है जिनकी छवि 'लौह पुरुष' जैसी है। ALSO READ: मंगल का मेष राशि में गोचर, 6 राशियों के लिए अपराजेय योग शुरू प्रकृति का प्रचंड रूप: सावधान रहने का समय मंगल अग्नि का कारक है और मेष उसकी अपनी अग्नि राशि। ऐसे में प्रकृति के तेवर कड़े हो सकते हैं। आने वाले समय में भीषण लू, जंगलों में आग और ज्वालामुखी गतिविधियों में बढ़ोतरी देखी जा सकती है। दुनिया के तापमान में अचानक बड़े बदलाव और तकनीक या हथियारों से जुड़ी दुर्घटनाओं के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता है। यह समय 'अग्नि और वेग' के संतुलन को चुनौती देगा। ALSO READ: मंगल का मेष राशि में महागोचर, 12 राशियों पर कैसा होगा असर? पढ़ें राशिफल शेयर बाजार: जोखिम और जोश का संगम निवेशकों के लिए यह समय दिल थामकर बैठने वाला है। बाजार में 'रिस्क' लेने की भूख बढ़ेगी, जिससे अस्थिरता और अचानक खरीदारी का माहौल बनेगा। रक्षा (Defence) क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में बड़ी तेजी की उम्मीद है। चूँकि मंगल धातुओं के स्वामी हैं, इसलिए स्टील, लोहा और खनन (Mining) क्षेत्र से जुड़े स्टॉक्स में उछाल देखने को मिल सकता है। कमोडिटी बाजार में कीमतें बढ़ सकती हैं और एयरोस्पेस सेक्टर में नए सरकारी अनुबंधों की झड़ी लग सकती है। संक्षेप में: यह गोचर साहस, गति और बदलाव का संदेश लेकर आ रहा है। दुनिया अब शांतिपूर्ण ठहराव के बजाय एक साहसिक और उग्र क्रांति की ओर बढ़ रही है। ALSO READ: मंगल गोचर अलर्ट: 2 साल बाद मेष राशि में एंट्री से बदल सकती है दुनिया की दशा और दिशा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद सोमवार को ज्वेलरी शेयरों में भारी गिरावट देखी गई और शेयर 12 प्रतिशत तक फिसल गए, जिसमें टाइटन, कल्याण ज्वेलर्स, स्काई गोल्ड और ब्लूस्टोन ज्वेलरी एंड लाइफस्टाइल जैसी कंपनियों का नाम शामिल था।
हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिला में शेयर बाजार में निवेश पर करोड़ों रुपये का मुनाफा दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का नारनौल साइबर क्राइम थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। मामले में पुलिस ने दूसरे आरोपी को पंजाब के फरीदकोट से गिरफ्तार किया है। इससे पहले गिरोह के एक अन्य सदस्य को मध्य प्रदेश के ग्वालियर से पकड़ा गया था। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान फरीदकोट निवासी हरीश के रूप में हुई है। रिश्तेदारों के खाते में मंगाता था पैसे आरोपी अपने रिश्तेदारों और जानकारों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर उनमें ठगी की रकम मंगवाता था। इसके बाद वह एटीएम और चेक के माध्यम से नकदी निकालकर अपना कमीशन रखता और बाकी रकम अन्य खातों में ट्रांसफर कर देता था। 15 चेकबुक मिली पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 1.25 लाख रुपये नकद, 15 चेकबुक, 6 एटीएम कार्ड, 7 पासबुक, 4 मोबाइल फोन, 4 सिम कार्ड और 2 मोहरें बरामद की हैं। आरोपी को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है, ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंच बनाई जा सके। झूक निवासी के साथ हुई थी ठगी पुलिस प्रवक्ता सुमित कुमार ने बताया कि महेंद्रगढ़ जिले के गांव झूक निवासी सुंदर कुमार ने साइबर थाना नारनौल में शिकायत दी थी कि शेयर बाजार में निवेश के नाम पर उससे करीब 14.26 लाख रुपये की ठगी की गई। शिकायतकर्ता के अनुसार व्हाट्सएप पर खुद को एक्सिस सिक्योरिटी का अधिकारी बताने वाले लोगों ने उससे संपर्क किया और एक फर्जी ऐप डाउनलोड करवाया। 33 करोड़ रुपए का दिखाया मुनाफा ठगों ने 22 दिसंबर 2025 से 11 मार्च 2026 के बीच अलग-अलग खातों में 14 लाख 26 हजार 50 रुपये जमा करवा लिए। बाद में ऐप में 33 करोड़ रुपये से अधिक का फर्जी मुनाफा दिखाया गया और रकम निकालने के लिए 10 प्रतिशत टैक्स के नाम पर 3.34 करोड़ रुपये की मांग की गई। इसके बाद पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ और उसने पुलिस में शिकायत दी। एक हो चुका पहले गिरफ्तार जांच में सामने आया कि ठगी गई रकम में से 6.33 लाख रुपये ग्वालियर स्थित केकेवीआर कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड नामक फर्जी कंपनी के खाते में भेजे गए थे। इस खाते के खिलाफ देशभर में आठ शिकायतें दर्ज हैं, जबकि दिल्ली में 96 लाख रुपये की ठगी का मामला भी दर्ज है। पुलिस ने इससे पहले ग्वालियर से पंकज नामक आरोपी को गिरफ्तार किया था। आरोपी पूर्व में कई निजी बैंकों में असिस्टेंट मैनेजर और सेल्स ऑफिसर के पद पर कार्य कर चुका है। आरोप है कि उसने बैंकिंग अनुभव का दुरुपयोग करते हुए फर्जी दस्तावेजों और जाली हस्ताक्षरों के आधार पर कंपनी और बैंक खाते तैयार किए थे। पुलिस को उसके पास से ऑनलाइन बैंकिंग में इस्तेमाल किए जाने वाले सिम कार्ड भी मिले थे।
अगर आप भी अपने बच्चे के भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित बनाना चाहते हैं, तो केंद्र सरकार की 'एनपीएस वात्सल्य योजना' एक बेहतर विकल्प साबित हो सकती है। यह योजना बच्चों के लिए बनाई गई एक विशेष पेंशन स्कीम है, जिसमें माता-पिता या अभिभावक अपने नाबालिग बच्चों के नाम पर निवेश कर सकते हैं। इस योजना में लंबी अवधि में बड़ा फंड तैयार करने के साथ टैक्स बचत का भी फायदा मिलता है।
मध्य प्रदेश: कटनी में निवेश की आड़ में धोखाधड़ी, 76 लाख रुपए की संपत्ति जब्त
मध्य प्रदेश के कटनी जिले में निवेश के नाम पर एक बड़ी धोखाधड़ी हुई। यह मामला पुलिस तक पहुंचा तो आरोपी को गिरफ्तार किया गया और उसके पास से 76 लाख की संपत्ति जब्त की गई।
गणित का नाम सुनते ही अक्सर लोगों के जेहन में स्कूल के दिनों की वे डरावनी यादें ताजा हो जाती हैं- अलजेब्रा, ज्योमेट्री, ट्रिगोनोमेट्री और कैलकुलस का एक अंतहीन चक्रवात... लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस गणित के लिए हमने हजारों घंटे बर्बाद किए, वह हमारे वास्तविक जीवन में कितना काम आता है? आधुनिक शोध और विशेषज्ञों का मानना है कि हम न सिर्फ गलत गणित पढ़ रहे हैं, बल्कि उसे आंकने का हमारा तरीका भी पूरी तरह गलत है। चौंकाने वाला तथ्य यह है कि अमेरिका समेत दुनिया के कई हिस्सों में गणित का वर्तमान पाठ्यक्रम 1893 की ‘कमेटी ऑफ टेन’ द्वारा निर्धारित किया गया था। उस दौर में रटकर गणना करना (रोट मैथ) आर्किटेक्ट, खगोलविदों और सिविल इंजीनियरों के लिए जरूरी था। पर आज, जब हमारे हाथ में सुपरकंप्यूटर जैसे स्मार्टफोन हैं, तब भी हम बच्चों को हाथ से जटिल समीकरण हल करना सिखा रहे हैं। ‘आफ्टरमैथ: द लाइफ-चेंजिंग मैथ दैट स्कूल्स वॉन्ट टीच यू’ के लेखक टेड डिनर्टस्मिथ कहते हैं, आज की दुनिया डेटा, एल्गोरिदम, सांख्यिकी व एआई से चलती है। पर हमारी शिक्षा नीति अब भी 19वीं सदी के रटने वाले गणित व मल्टीपल चॉइस टेस्ट स्कोर के पीछे भाग रही है।’ एक्सपर्ट मानते हैं अगर कंप्यूटर कोई काम बेहतर व तेज कर सकता है, तो बच्चों को उसी काम में उलझाए रखना गुणवत्ता का पैमाना नहीं हो सकता। गणित की अज्ञानता से जोखिम ओईसीडी के एजुकेशन डायरेक्टर एंड्रियास श्लीचर के मुताबिक गणित की व्यावहारिक समझ न होना सिर्फ अकादमिक कमी नहीं, बल्कि जिंदगी व स्वास्थ्य के लिए भी बड़ा जोखिम है। डेटा की समझ न होने से लोग मेडिकल टेस्ट की रिपोर्ट व डॉक्टरों द्वारा डेटा की गलत व्याख्या से जीवन-मरण से जुड़े गलत फैसले ले लेते हैं। वहीं, ‘मैथ एंग्जायटी’ के शिकार 93% लोग वित्तीय जाल में फंस रहे हैं; वे महंगाई व ब्याज के गणित को न समझ पाने से निवेश व भविष्य बर्बाद कर रहे हैं। यही अज्ञानता जनता को नीति-निर्धारकों के आंकड़ों के मायाजाल में भी उलझाती है। कई देशों में बेरोजगारी के आधिकारिक आंकड़े हकीकत छुपाते हैं, जबकि असली दर ज्यादा है। पर गणित से दूरी, यह गफलत समझा नहीं पाती। जनगणना जैसी प्रक्रियाओं में भी डेटा की गलतियों से संसाधनों का गलत आवंटन होता है। जब तक हम आंकड़ों में छिपा सच नहीं समझेंगे, तब तक गुमराह होते रहेंगे।एक्सपर्ट कहते हैं,‘गणित का सही ज्ञान न सिर्फ व्यक्तिगत सफलता के लिए जरूरी है, बल्कि यह लोकतंत्र को भी मजबूत करता है। जब नागरिक डेटा व आंकड़ों को समझना शुरू करेंगे, तभी सही सवाल पूछ सकेंगे। वक्त आ गया है कि हम रटने वाले गणित से बाहर निकलें और उस गणित को अपनाएं जो हमारा कल संवार सके। 80% वक्त गणना पर खर्च हो रहा, इसे एआई-कंप्यूटर को करने दें अमेरिकी शिक्षाविद् कॉनराड वोल्फ्राम का तर्क है कि हमें ‘डेटा एनालिटिक्स’ व ‘फाइनेंशियल लिटरेसी’ को महत्व देना चाहिए। वर्तमान शिक्षा 80% समय ‘गणना’ पर खर्च करती है, जबकि यह काम कंप्यूटर व एआई कहीं बेहतर कर सकते हैं। छात्रों को गणना के बोझ से मुक्त कर समस्या सुलझाने पर ध्यान देना चाहिए। छात्र सांख्यिकीय तर्क व वित्तीय फैसले सीखें जो जीवन को प्रभावित करते हैं। यदि छात्र स्कूल से निकलने के बाद टैक्स, निवेश या ब्याज दर नहीं समझ सकते, तो उनकी गणित की शिक्षा अधूरी है। इन व्यावहारिक आंकड़ों में दक्षता ही शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य होना चाहिए।
DII ने शेयर बाजार को संभाला, क्रूड 100 डॉलर पार, निवेशकों के लिए कैसा रहेगा अगला हफ्ता?
Share Market Weekly Review : हार्मुज पर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अभी भी बना हुआ है। अंतराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें अभी 100 डॉलर से ऊपर है। ऐसे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों पर ही शेयर बाजार की चाल टिकी हुई है। ...
जमीन के नाम पर एआईएफ फंड का झांसा, सीए व निवेशकों से 10.92 करोड़ की ठगी
सहेली नगर निवासी चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) ध्रुव शाह और उनके साथियों के साथ जमीन निवेश के नाम पर 10.92 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। ठगी का मास्टरमाइंड अनिरुद्ध मजूमदार है, जिसने अपने गिरोह के साथ मिलकर फर्जी इकरारनामों और नकली खातेदारों का ऐसा जाल बुना कि पेशेवर निवेशक भी गच्चा खा गए। अंबामाता थाना पुलिस ने एसपी डॉ. अमृता दुहन के आदेश पर अनिरुद्ध मजूमदार सहित गिरोह के 10 सदस्यों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। प्रकरण के अनुसार इस धोखाधड़ी का सबसे बड़ा घटनाक्रम 23 फरवरी 2026 को सहेलियों की बाड़ी स्थित एक कैफे में हुआ। यहां आरोपी अनिरुद्ध ने डील फाइनल करने के नाम पर 1 करोड़ रुपए नकद और चेक मंगवाए। जैसे ही रकम टेबल पर आई, अनिरुद्ध और उसके साथी लूट की वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। पीड़ित जब आरोपी के घर पहुंचे तो उसने अपनी रसूखदार छवि और लग्जरी गाड़ियों का रौब दिखाते हुए सरकारी एजेंसियों में झूठी शिकायत करने और परिवार को जान से मारने की धमकी दी। फिलहाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजना सुखवाल मामले की गहन जांच कर रही हैं। 1.05 लाख वर्गफीट जमीन बताई, फिर शुरू किया फर्जी आधार कार्ड का खेल ठगी की शुरुआत अप्रैल 2025 में हुई थी, जब अनिरुद्ध ने ध्रुव शाह और प्रतीक नलवाया को शोभागपुरा में 1.05 लाख वर्गफीट जमीन दिखाकर 51 करोड़ रुपए का फर्जी प्रोजेक्ट प्लान समझाया। खुद को बड़ा रियल एस्टेट कारोबारी बताते हुए उसने एआईएफ फंड बनाने का झांसा दिया। 4 जून, 2025 से 19 जनवरी, 2026 के बीच निवेशकों से टुकड़ों में 5.64 करोड़ रुपए नकद ऐंठ लिए गए। पहचान में धोखाधड़ी कर देवेंद्र और नारायण डांगी को फर्जी आधार कार्ड के जरिए असली खातेदार बनाकर पेश किया गया। आरोपियों ने बैंक की नकली पे-इन स्लिप (जमा पर्ची) दिखाकर निवेशकों को विश्वास दिलाया कि उनका पैसा सुरक्षित रूप से बैंक में जमा हो रहा है। पुलिस ने अनिरुद्ध मजूमदार के साथ ही योगेश सालवी, रोशन डांगी, देवेन्द्र डांगी, नारायण डांगी, नंदलाल डांगी, चुन्नीलाल डांगी, देवीलाल डांगी, केसी बाई और वर्षा डांगी को नामजद किया है। पुलिस अब इन आरोपियों के बैंक खातों और संपत्तियों के रिकॉर्ड खंगाल रही है। 51 करोड़ का प्रोजेक्ट बताकर बिछाया फर्जी खातेदार व नकली रसीदों का जाल
सीकर में बुजुर्ग से 84 लाख की ठगी:शेयर बाजार में मुनाफे का लालच दिया, कोटक के नाम पर बनाया फर्जी ऐप
सीकर जिले में साइबर ठगों ने शेयर बाजार में मुनाफे का लालच देकर बुजुर्ग से 84 लाख रूपए ठग लिए। पीड़ित ने सीकर के साइबर थाने में मुकदमा दर्ज करवाया है। ठगों ने 72 वर्षीय बुजुर्ग को शेयर बाजार में ऊंचे रिटर्न का झांसा देकर 84 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी कर ली। ठगों ने बाकायदा मोबाइल के प्ले-स्टोर से फर्जी ऐप डाउनलोड करवाकर पीड़ित को विश्वास में लिया और धीरे-धीरे बुजुर्ग की जिंदगी भर की कमाई हड़प ली। सीकर साइबर थाने में दी शिकायत के अनुसार पीड़ित नरसाराम नेहरा ने बताया कि ठगी की शुरुआत गत 25 जनवरी को व्हाट्सएप पर 'D223 KOTAK FUTURE INNOVATION' नाम के एक ग्रुप का मैसेज आया। ग्रुप में शेयर मार्केट से जुड़े टिप्स और भारी मुनाफे के दावे किए जा रहे थे। जब नरसाराम ने इंट्रेस्ट दिखाया तो अन्विका मेहरा नाम की महिला ने कॉन्टेक्ट किया। ठगों ने खुद को कोटक सिक्योरिटीज का प्रतिनिधि बताया। विश्वास जीतने के लिए उन्होंने पीड़ित का नाम-पता लेकर रजिस्ट्रेशन किया और दावा किया कि उनका डीमैट अकाउंट खुल गया है। ठगों ने सिक्योरिटी एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) के नाम से फर्जी कन्फर्मेशन लेटर भी भेज दिया। इसके बाद पीड़ित को गूगल प्ले-स्टोर से KOTMAT और बाद में KOTPRO नाम के ऐप डाउनलोड करवाए गए। ऐप पर नरसाराम को मुनाफ के फर्जी आंकड़े दिखाए जाते थे। ठगों ने रोजाना 5% मुनाफा, 10% से 25% तक का तगड़ा रिटर्न, 20% से 50% तक का बेनिफिट दिलाने का झांसा दिया था। मुनाफे के लालच में आकर बुजुर्ग ने 26 फरवरी से 2 अप्रैल के बीच अलग-अलग किस्तों में कुल 84 लाख रुपए आरोपियों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। सीकर साइबर थाना पुलिस ने पीड़ित की रिपोर्ट मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बालोतरा जिले में एचआरआरएल रिफाइनरी के आसपास के क्षेत्र को विकसित औद्योगिक हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बैठक आयोजित की गई। जिला कलेक्टर सुशील कुमार यादव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में स्थानीय उद्यमियों, उद्योग प्रतिनिधियों और रीको अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में जिला कलेक्टर सुशील कुमार यादव ने कहा कि रिफाइनरी परियोजना के शुरू होने के बाद बालोतरा और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएं बनी हैं। उन्होंने बताया कि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और क्षेत्र आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बनेगा। राजस्थान पेट्रो जोन पर चर्चा रीको इकाई प्रभारी कुलदीप दाधीच ने राजस्थान पेट्रो जोन की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि रिफाइनरी के निकट बोरावास-कालावा, सिन्धियों की ढाणी, वेदरलाई, मालियों की ढाणी, थोब और जेरला जैसे क्षेत्रों में औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। डाउनस्ट्रीम उद्योगों के लिए मिलेगी जमीन इस क्षेत्र में पेट्रोकेमिकल आधारित डाउनस्ट्रीम उद्योगों के लिए औद्योगिक भूखंड उपलब्ध कराए जा रहे हैं। राजस्थान पेट्रो जोन को एचआरआरएल रिफाइनरी के पास विकसित किया जा रहा है, जहां पॉलीप्रोपाइलीन एवं पॉलीएथिलीन आधारित उद्योगों की स्थापना की व्यापक संभावनाएं हैं। भूमि आवंटन की प्रक्रिया शुरू उद्योगों के साथ-साथ स्कूल, कॉलेज, ग्रुप हाउसिंग, मल्टीप्लेक्स, हॉस्पिटल, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, रिसोर्ट, होटल-मोटल और मॉल जैसी आधुनिक सुविधाओं के लिए भी भूमि आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। रीको इन परियोजनाओं में निवेश के इच्छुक निवेशकों से प्रस्ताव आमंत्रित करने की तैयारी कर रहा है, जिससे क्षेत्र में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार हो सके। प्रस्तुतीकरण में यह भी बताया गया कि यह क्षेत्र राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे और एक्सप्रेस-वे से बेहतर रूप से जुड़ा हुआ है, जिससे निवेशकों को परिवहन और लॉजिस्टिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा। बैठक में स्थानीय उद्यमियों ने भी उद्योग स्थापना से संबंधित विभिन्न सुझाव एवं समस्याएं रखीं। उद्यमियों ने भूमि आवंटन प्रक्रिया को सरल बनाने, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, बिजली-पानी की बेहतर उपलब्धता तथा स्थानीय युवाओं को कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की मांग की।बैठक में रीको अधिकारियों, स्थानीय उद्योगपतियों एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
Royal Enfield का आंध्रप्रदेश में बड़ा प्लांट, 2000 नौकरियां और 2200 करोड़ का निवेश
रॉयल एनफिल्ड (Royal Enfield) आंध्र प्रदेश में अपना नया मोटरसाइकिल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करने की तैयारी कर रही है। इस परियोजना में कंपनी करीब 2,200 करोड़ रुपये का निवेश कर सकती है। खास बात यह है कि तमिलनाडु के बाहर कंपनी का यह पहला बड़ा ...
गोरखपुर में एसबीआई के मैनेजर के साथ 42.50 लाख रुपये की जालसाजी का मामला सामने आया है। शेयर बाजार में अधिक मुनाफा कमाने की लालच में मैनेजर जालसाजों के जाल में फंस गए। ठगी की घटना के बाद वह कई दिनों तक सदमे में रहे। बुधवार को तहरीर देकर उन्होंने अज्ञात के खिलाफ साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस पूरे मामले की जांच पड़ताल कर रही है। विस्तार से पढ़िए पूरा मामला पीड़ित नीरज कुमार ने बताया कि वह जनवरी के अंत और फरवरी की शुरुआत में व्हाट्सएप पर बने दो निवेश समूहों से जुड़े थे। इन समूहों में खुद को विशेषज्ञ बताने वाले लोगों द्वारा शेयर बाजार में भारी मुनाफे का दावा किया जाता था। रोजाना ऑनलाइन सेशन लेकर निवेश के टिप्स दिए जाते थे और कुछ सदस्यों द्वारा लगातार मुनाफा दिखाकर भरोसा बढ़ाया जाता था। ठगों ने खुद को बड़े निवेश समूहों और विदेशी संस्थागत निवेशकों से जुड़ा बताया। उन्होंने फर्जी दस्तावेज दिखाकर भरोसा दिलाया कि उनके जरिए प्री-ओपन मार्केट में ट्रेडिंग कर भारी लाभ कमाया जा सकता है। इसके बाद पीड़ित को एक ऐप के जरिए ट्रेडिंग खाता खुलवाया गया और निवेश के नाम पर रकम जमा कराई गई। शुरुआत में पीड़ित को मुनाफा दिखाया गया, जिससे उसका विश्वास और मजबूत हो गया। इसके बाद ठगों ने आईपीओ में निवेश के नाम पर बड़ी रकम लगाने के लिए प्रेरित किया। खाते में मुनाफा बढ़ता दिखाया गया, लेकिन जब पीड़ित ने पैसे निकालने की कोशिश की तो विभिन्न बहाने बनाकर भुगतान रोका जाता रहा। कुछ समय बाद पीड़ित को संदेह हुआ और जांच करने पर पता चला कि जिन कार्यक्रमों और कंपनियों का हवाला दिया जा रहा था, वे पूरी तरह फर्जी थे। इसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ। पुलिस के मुताबिक, यह सुनियोजित साइबर ठगी का मामला है, जिसमें लोगों को लालच देकर फंसाया जाता है। शुरुआती लाभ दिखाकर भरोसा जीता जाता है और फिर बड़ी रकम हड़प ली जाती है। फिलहाल, पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी है और खातों के जरिए लेनदेन की जांच की जा रही है।
जोधपुर की साइबर थाना पुलिस ने फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर निवेश का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 7 लाख 70 हजार रुपए नकद बरामद किए हैं। आरोपी 'एडम कैपिटल' (Adam Capital) नामक कंपनी के जरिए जोधपुर में हर महीने करीब 5 करोड़ रुपए का निवेश करवाते थे। साइबर थाने के सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) पदमदान चारण ने बताया कि पुलिस कमिश्नर राजेंद्र सिंह (या जो वर्तमान में कार्यरत हों) के नेतृत्व में साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत टीम ने इस बड़े गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस टीम ने न्यू पावर हाउस रोड पर स्थित एक बिल्डिंग में चल रहे 'एडम कैपिटल' कंपनी के ऑफिस पर दबिश दी। वहां से आरोपी दीपक पाल सिंह और निर्मल कुमार को दस्तयाब किया गया। मौके से नकद राशि के साथ-साथ निवेश का हिसाब-किताब और ठगी में प्रयुक्त डिजिटल सामग्री भी जब्त की गई है। निवेश पर 10% लाभ का लालच देकर करते थे आर्थिक अपराध साइबर थाना अधिकारी सुरेश सारण ने बताया कि भदवासिया निवासी परिवादी रामस्वरूप की रिपोर्ट पर इस ठगी का खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि आरोपी दीपक पाल सिंह और निर्मल लाहौटी 'एडम कैपिटल' कंपनी के नाम से लोगों से निवेश करवाते थे। ये शातिर ठग निवेशकों और ब्रोकरों को हर महीने कम से कम 10% लाभ का झांसा देते थे। शुरुआती निवेश के बाद, आरोपी उसी पैसे को व्यापार में घाटा (Loss) दिखाकर हड़प लेते थे और आमजन के साथ आर्थिक धोखाधड़ी को अंजाम देते थे। जोधपुर के 2 आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने इस मामले में आरोपी दीपक पाल सिंह (निवासी रूपनगर, पाल रोड) और निर्मल लाहौटी (निवासी वर्धमान नगर, शोभावतों की ढाणी) को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में निरीक्षक सुरेश सारण, एएसआई कान सिंह, हेड कॉन्स्टेबल रामदयाल और कॉन्स्टेबल महिपाल की मुख्य भूमिका रही। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी कंपनी में ट्रेडिंग करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि वह SEBI, FEMA, RBI या BSE में रजिस्टर्ड है या नहीं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विदेश में रजिस्टर्ड किसी भी गैर-अधिकृत कंपनी में निवेश करना भी अपराध की श्रेणी में आता है।
जिले में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए रीको ने निवेशकों को बड़ी राहत देते हुए डायरेक्ट अलॉटमेंट (सीधे आवंटन) योजना के 10वें चरण की शुरुआत की है। इसमें कुछ औद्योगिक क्षेत्रों में भूखंड आवंटन दरों में 40 प्रतिशत तक की कमी की गई है, जिससे कम लागत में उद्योग स्थापित करना संभव हो सकेगा। भुगतान को भी आसान बनाया गया है। सफल आवेदकों को केवल 25 प्रतिशत राशि जमा करनी होगी। शेष 75 प्रतिशत राशि 19 त्रैमासिक किस्तों में 8.50 प्रतिशत ब्याज के साथ या 120 दिनों में ब्याज मुक्त जमा करने का विकल्प मिलेगा। इस से छोटे और मध्यम निवेशकों को लाभ मिलेगा। 14 मई शाम 6 बजे तक जमा कराई जा सकेगी धरोहर राशि रीको के अतिरिक्त महाप्रबंधक अजय पंड्या के अनुसार कलड़वास (विस्तार) में 5, आमली में 63, सगतपुरा (भींडर) में 6 और श्रीराम जानकी क्षेत्र में 43 भूखंड शामिल हैं। महिला उद्यमियों के लिए 2, भूतपूर्व सैनिकों के लिए 1, दिव्यांगजनों के लिए 1 और शहीदों के आश्रितों के लिए 1 भूखंड आरक्षित हैं। श्रीराम जानकी माल की टूस और सगतपुरा (भींडर) क्षेत्र में फ्लेक्सिबल लैंड लीज पॉलिसी के तहत 33 वर्ष की लीज अवधि के लिए आवंटन दर में 40% तक की कमी की गई है, जिससे निवेशकों को कम लागत में भूमि उपलब्ध हो सकेगी।
एआई की होड़ ने बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों पर भारी दबाव बढ़ा दिया है। एआई में वे दूसरों से पीछे न रह जाएं इसके लिए अरबों डॉलर झोंक रही हैं। इससे लागत बढ़ रही है, जिसे घटाने के लिए कंपनियां वर्करों की छंटनी कर रही हैं। माइक्रोसॉफ्ट और मेटा जैसी दिग्गज कंपनियों के साथ-साथ नई कंपनियां भी लागत घटाने में जुट गई हैं। ओपन एआई सहित कई नई कंपनियां कड़े फैसले लेने जा रही हैं। माइक्रोसॉफ्ट ने संकेत दिया है कि वह एआई की योजनाओं में पैसा लगाने के लिए लागत में कटौती जारी रखेगी। मेटा ने एआई को अपनी सबसे बड़ी प्राथमिकता बनाया है। इसके साथ अमेजन,गूगल, टेस्ला, स्पेसएक्स भी एआई पर नया निवेश कर रही हैं। टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री में कर्मचारियों की छंटनी पर नजर रखने वाली लेऑफ डॉट एफवाईआई के मुताबिक इस वर्ष 98 कंपनियों ने 92 हजार से अधिक कर्मचारी कम करने का इरादा जाहिर किया है। ओपन एआई ने बहुत बड़े खर्चीले इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट का विचार बदल दिया है। कंपनी ने खुद के डेटा सेंटर बनाने और चलाने की योजना छोड़ दी है। इसकी बजाय कंपनी मौजूदा क्लाउड कंपनियों से किराए पर सर्वर लेगी। इससे उसकी बैलेंस शीट पर थोड़ा असर पड़ेगा। फिर भी, 56 लाख करोड़ पए खर्च करने पड़ सकते हैं। दूसरी ओर कड़ी प्रतिस्पर्धा भी बढ़ रही है। दरअसल, एंथ्रोपिक जैसे प्रतिद्वंद्वियों ने तकनीकी क्षमता में बढ़ोतरी की है। उसने नए मॉडल क्लॉड मायथोस से तकनीकी दबाव बढ़ाया है। इसके जवाब में ओपन एआई ने नया मॉडल जीपीटी-5.5 पेश किया है। हालांकि विशेषज्ञों के अनुसार उसकी क्षमता अभी काफी कम है। चीनी एआई कंपनी डीपसीक ने नया ओपन-सोर्स मॉडल लाने की घोषणा की है। साफ, है एआई की यह दौड़ अब केवल तकनीक की नहीं, बल्कि पूंजी, प्रतिभा और टिकाऊ बिजनेस मॉडल की लड़ाई बन चुकी है। नए टूल्स ने खर्च भी बढ़ाए हैं एआई कंपनियों पर उनके टूल्स की सफलता भी भारी पड़ रही है। ओपन एआई और एंथ्रोपिक ने यूजर की तरफ से टास्क निपटाने वाले अपने एजेंट टूल्स को जोरशोर से आगे बढ़ाया है। उन्हें नए सब्सक्राइबर तो मिले हैं पर इन टूल्स में कंप्यूटिंग पॉवर की अधिक खपत हो रही है, जिससे कंपनियों को दूसरी जगह पर लागत कम करना पड़ रही है। कर्मचारी हटाए जा रहे, एआई में भारी निवेश - माइक्रोसॉफ्ट ने अमेरिका में अपने 7 फीसदी कर्मचारियों, खासकर सीनियर अधिकारियों को जल्द रिटायरमेंट का ऑफर दिया है। - मेटा ने अपने दस फीसदी (8हजार) कर्मचारी कम करने की घोषणा की है। - अमेजन एंथ्रोपिक पर 2.35 लाख करोड़ रुपए और निवेश कर रही है। गूगल 3.76 लाख करोड़ रुपए लगाएगी। - टेस्ला के इस साल एआई पर .35 लाख करोड़ रुपए खर्च करने की संभावना है। इलोन मस्क की रॉकेट कंपनी स्पेस एक्स ने एआई स्टार्टअप कर्सर से करार किया है।
अरशद वारसी पर लगा शेयर मार्केट में बैन, जानिए क्या है मामला
बॉलीवुड एक्टर अरशद वारसी और उनकी पत्नी मारिया गोरेट्टी समेत 57 लोगों पर शेयर बाजार नियामक SEBI ने बैन लगा दिया है। उन्हें 1 साल के लिए सिक्योरिटी मार्केट से प्रतिबंधित कर दिया है। सेबी का कहना है कि ये लोग मार्केट में धोखाधड़ी जैसे कामों में पाए गए।
काजोल ने किया रियल एस्टेट में निवेश, खरीदी इतने करोड़ की कमर्शियल प्रॉपर्टी
बॉलीवुड एक्ट्रेस काजोल ने इंडस्ट्री में एक अलग मुकाम हासिल किया है। काजोल भले ही फिल्मों में कम नजर आती हो, लेकिन वह सुर्खियों में बनी रहती हैं। काजोल ने अब एक्टिंग के साथ-साथ रियल एस्टेट में भी कदम रख दिया है। काजोल ने मुंबई के गोरेगांव वेस्ट ...
जानिए क्यों पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास पर है 2100 करोड़ रुपए निवेश
पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास अपने करियर के शानदार दौर से गुजर रहे हैं, और निर्विवाद रूप से अखिल भारतीय सुपरस्टार के रूप में अपनी जगह पक्की कर रहे हैं। बाहुबली, सलार, कल्कि 2898 एडी जैसी बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने वाली फिल्मों के साथ, उन्होंने भारतीय ...
कंगना रनौत के किस बयान पर भड़की CISF की महिला जो सरेआम एक्ट्रेस को जड़ दिया थप्पड़, जानिए पूरा मामला
चंडीगढ़: हिमाचल की मंडी लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी सांसद एवं एक्ट्रेस कंगना रनौत से चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर बदसलूकी के पश्चात् हंगामा मचा हुआ है. दरअसल, 6 जून को कंगना दिल्ली जाने के लिए चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर पहुंची थीं. तभी सिक्योरिटी चेक के पश्चात् CISF की एक महिला जवान कुलविंदर कौर ने उनको थप्पड़ मार दिया. हालांकि CISF की अपराधी महिला कर्मी को निलंबित कर दिया गया है तथा उनके खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है. ऐसे में सवाल ये उठता है कि CISF की जवान ने थप्पड़ क्यों मारा, तो इसका जवाब है कंगना का 4 वर्ष पुराना एक ट्वीट. कंगना रनौत ने इस ट्वीट में 3 कृषि कानूनों के खिलाफ हुए किसान आंदोलन के चलते पंजाब की 80 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला किसान की गलत पहचान करते तथा उन्हें बिलकिस बानो कहा था. कंगना ने जो ट्वीट किया था उसमें एक वृद्ध महिला नजर आ रही थीं, जो भले ही झुककर चल रही थीं, लेकिन उन्होंने किसान आंदोलन का झंडा बुलंद किए हुए था. उनका नाम मोहिंदर कौर था. कंगना ने मोहिंदर कौर की फोटो को ट्वीट करते हुए लिखा था कि ''हा हा. ये वही दादी हैं जिन्हें टाइम मैगज़ीन की 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की लिस्ट में सम्मिलित किया गया था.... और ये 100 रुपये में उपलब्ध हैं. हालांकि कंगना रनौत ने बाद में ये ट्वीट डिलीट कर दिया था. बता दें कि कंगना ने जिस बिलकिस बानो का जिक्र किया था, वह 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला हैं तथा उन्होंने दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में CAA प्रोटेस्ट के चलते अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बटोरी थीं. कंगना के इस बयान को लेकर CISF की महिला जवान भड़की हुई थी. चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर कंगना से बदसलूकी का वीडियो सामने आया था, इसमें CISF की यह जवान कहती नजर आ रही है कि 'इसने बोला था किसान आंदोलन में 100-100 रुपये में महिलाएं बैठती थीं. वहां मेरी मां भी थी'. राहुल गांधी ने भाजपा पर लगाया शेयर बाजार में हेराफेरी का आरोप, बताया देश का सबसे बड़ा घोटाला उत्तर भारत में भीषण गर्मी का कहर जारी, यूपी के कुछ क्षेत्रों में राहत की उम्मीद बिहार के गया जिले में भीषण सड़क हादसा, तीन लोगों की मौत

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