भारतीय बाजार में विदेशी निवेशकों की दमदार वापसी
मुंबई, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने इस सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में फिर से खरीदारी का रुख किया। एक्सचेंज के अस्थायी आंकड़ों के अनुसार, एफआईआई ने सप्ताह के दौरान 4,670 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे।
भारी गिरावट के बाद संभला शेयर बाजार, अगले हफ्ते कैसी रहेगी चाल?
Share Market Weekly Review : अमेरिका-ईरान युद्ध और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी की वजह से भारतीय शेयर बाजार के लिए यह हफ्ता काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। 3 दिन बाजार हरे निशान में तो 2 दिन लाल निशान में रहा। इस हफ्ते सेंसेक्स में 194 अंकों की गिरावट आई ...
जींद साइबर क्राइम पुलिस टीम ने फर्जी ऑनलाइन निवेश गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक और आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई एक शिकायत के आधार पर की गई, जिसमें एक व्यक्ति से 16 लाख 40 हजार रुपए की ठगी हुई थी। थाना साइबर क्राइम जींद के प्रभारी जगदीप सिंह ने बताया कि दनौदा खुर्द निवासी सुमित कुमार ने अपनी शिकायत में बताया कि वह इंस्टाग्राम पर एक विज्ञापन के संपर्क में आया था। इस विज्ञापन के माध्यम से उसे एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। बाद में उसे दूसरे व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल किया गया। यहां आरोपी ने खुद को सेबी रजिस्टर्ड विशेषज्ञ बताया और स्टॉक मार्केट में निवेश कर कम समय में भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया। सुमित ने अलग-अलग तारीखों में विभिन्न बैंक खातों में कुल 16 लाख 40 हजार रुपए भेज दिए। पैसे मांगने पर ठगी का एहसास हुआ कुछ समय बाद जब सुमित ने पैसे निकालने की कोशिश की, तो आरोपियों ने और पैसों की मांग की। तब उसे एहसास हुआ कि उसके साथ साइबर ठगी हुई है। उसकी शिकायत के आधार पर थाना साइबर क्राइम जींद में केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। तकनीकी जांच और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पहले ही खरक कलां (भिवानी) निवासी हिमांशु और उण (चरखी दादरी) निवासी आशीष को गिरफ्तार कर लिया था। उनकी पूछताछ में जोधपुर निवासी विशाल का नाम सामने आया। 11 जुलाई को थाना साइबर क्राइम जींद पुलिस ने तकनीकी जांच और साक्ष्यों के आधार पर जोधपुर निवासी आरोपी विशाल को नियमानुसार गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस की आमजन से अपील जींद पुलिस आमजन से अपील करती है कि सोशल मीडिया, व्हाट्सएप ग्रुप, फर्जी ट्रेडिंग ऐप या ऑनलाइन निवेश योजनाओं के झांसे में आकर किसी भी अनजान व्यक्ति को पैसे ट्रांसफर न करें। किसी भी निवेश से पहले संबंधित कंपनी अथवा व्यक्ति की वैधता की पूरी जांच अवश्य करें। यदि किसी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होती है, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 अथवा साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाएं।
भारतीय शेयर बाजार में आज सरकारी बैंकों (PSU Banks) के शेयरों ने जबरदस्त धूम मचा रखी है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा जारी किए गए शानदार तिमाही नतीजों और बंपर कमाई के आंकड़ों ने दलाल स्ट्रीट के समीकरण बदल दिए हैं। मुनाफे में आई इस भारी उछाल की खबर आते ही निवेशकों ने बैंकिंग शेयरों पर भरोसा जताया है, जिससे सरकारी बैंकिंग इंडेक्स में बड़ा उछाल दर्ज किया गया है। इस पूरे एक्शन में इंडियन बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र सबसे बड़े विनर बनकर उभरे हैं और इनके शेयरों में सबसे तगड़ी लिफ्टिंग देखने को मिल रही है।इंडियन बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र के शेयरों में तेजी की असली वजहबाजार खुलने के साथ ही इंडियन बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र के काउंटर्स पर खरीदारों की भारी भीड़ देखी गई। इस जबरदस्त तेजी के पीछे बैंकों का मजबूत फंडामेंटल और वित्तीय प्रदर्शन है। दोनों ही बैंकों ने अपने फंसे हुए कर्ज यानी एनपीए (NPA) को कम करने में बड़ी सफलता हासिल की है। इसके साथ ही, लोन बुक में आई मजबूती और नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में सुधार होने से बैंकों का शुद्ध मुनाफा उम्मीद से कहीं ज्यादा रहा है। इसी बंपर कमाई ने निवेशकों को इन शेयरों की आक्रामक खरीदारी करने के लिए प्रेरित किया है।क्रेडिट ग्रोथ और ग्रामीण भारत से मिल रहा है सरकारी बैंकों को बूस्टबैंकिंग सेक्टर के विशेषज्ञों का विश्लेषण: भारतीय अर्थव्यवस्था में जारी मजबूत रिकवरी का सीधा फायदा सरकारी बैंकों को मिल रहा है। विशेषकर टियर-2, टियर-3 शहरों और ग्रामीण इलाकों (Geographical Demand) में लोन की मांग तेजी से बढ़ी है। होम लोन, ऑटो लोन और एमएसएमई (MSME) सेक्टर को दिए गए कर्ज में हुई बढ़ोतरी ने बैंकों की क्रेडिट ग्रोथ को ऐतिहासिक स्तर पर पहुंचा दिया है, जिससे इनकी कमाई में यह बंपर उछाल दिख रहा है।लंबे समय तक निजी बैंकों से पीछे रहने के बाद, अब सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक अपनी डिजिटल बैंकिंग सेवाओं और बेहतर कस्टमर रीच के दम पर मार्केट शेयर वापस हासिल कर रहे हैं।रिटेल निवेशकों और स्थानीय बाजार के लिए आगे क्या हैं कमाई के मौके?स्थानीय शेयर बाजारों और ब्रोकिंग फर्म्स के अनुसार, इस तेजी ने रिटेल निवेशकों (Retail Investors) का हौसला काफी बढ़ा दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि सरकारी बैंकों में आई यह तेजी केवल शॉर्ट-टर्म सेंटीमेंट नहीं है, बल्कि यह इनके बदलते कामकाज का नतीजा है। जो निवेशक बैंकिंग सेक्टर में लॉन्ग-टर्म के लिए निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए यह एक बेहतरीन दौर साबित हो सकता है। हालांकि, बाजार के ऊंचे स्तरों को देखते हुए जानकारों ने सलाह दी है कि किसी भी बड़ी गिरावट पर धीरे-धीरे (Averaging) इन शेयरों को अपने पोर्टफोलियो में जोड़ना एक स्मार्ट रणनीति होगी।
गिरते बाजार में भी इन म्यूचुअल फंड्स ने मचाया धमाल! लार्जकैप की रफ्तार पड़ी सुस्त, निवेशकों की चांदी
भारतीय शेयर बाजार में जारी उतार-चढ़ाव और गिरावट के जोखिम के बीच म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए एक बेहद चौंकाने वाला ट्रेंड सामने आया है। आम तौर पर सुरक्षित माने जाने वाले लार्जकैप फंड्स (Large Cap Funds) इस बदलते दौर में सुस्त नजर आ रहे हैं। इसके विपरीत, बाजार के उतार-चढ़ाव को मात देते हुए मिडकैप (Mid Cap) और स्मॉलकैप (Small Cap) फंडों ने रिटर्न के मामले में बाजी मार ली है। इस प्रदर्शन ने रिटेल निवेशकों के बीच एक नई बहस छेड़ दी है कि मौजूदा समय में निवेश के लिए सबसे सही रणनीतिक विकल्प कौन सा है।लार्जकैप फंड्स की सुस्ती के पीछे क्या है असली वजह?बाजार के जानकारों का कहना है कि दिग्गज और बड़ी कंपनियों (Large Cap Companies) के शेयरों में हाल के दिनों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली का सीधा असर देखने को मिला है। चूंकि लार्जकैप फंड्स का मुख्य निवेश इन्हीं फ्रंटलाइन कंपनियों में होता है, इसलिए बाजार की गिरावट के दौरान इनका प्रदर्शन काफी हद तक थमा हुआ या सुस्त नजर आ रहा है। बड़े फंड मैनेजरों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक दबाव और वैल्यूएशन के ऊंचे स्तर पर होने की वजह से बड़ी कंपनियां शॉर्ट-टर्म में उस गति से आगे नहीं बढ़ पा रही हैं, जिसकी उम्मीद निवेशक कर रहे थे।मिडकैप और स्मॉलकैप फंडों ने कैसे पलटी बाजी?दूसरी तरफ, घरेलू सेक्टर्स में मजबूत डिमांड और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों (Local Economic Factors) के दम पर मझोली और छोटी कंपनियों के शेयरों ने शानदार रिकवरी दिखाई है। मिडकैप और स्मॉलकैप म्यूचुअल फंड्स ने इसी तेजी का पूरा फायदा उठाया है। इन फंड्स ने न केवल गिरते बाजार के जोखिम को बेहतर तरीके से मैनेज किया, बल्कि आक्रामक ग्रोथ चाहने वाले निवेशकों को उम्मीद से कहीं बेहतर रिटर्न कमा कर दिया है। यही वजह है कि सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए इन कैटेगरीज में लगातार रिकॉर्ड निवेश आ रहा है।बाजार विशेषज्ञों की राय: गिरते बाजार में लार्जकैप फंड्स पोर्टफोलियो को स्थिरता जरूर देते हैं, लेकिन अगर आप अल्फा (Alpha) यानी बेंचमार्क से ज्यादा रिटर्न कमाना चाहते हैं, तो मौजूदा चक्र में मिडकैप और स्मॉलकैप फंड्स ज्यादा मजबूत नजर आ रहे हैं। हालांकि, निवेशकों को अपने जोखिम लेने की क्षमता (Risk Appetite) को ध्यान में रखकर ही एसेट एलोकेशन करना चाहिए।स्थानीय और खुदरा निवेशकों के लिए आगे क्या है रणनीति?लोकल मार्केट सेंटिमेंट की बात करें तो भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों से आने वाले नए और खुदरा निवेशक (Retail Investors) अब काफी समझदार हो चुके हैं। वे बाजार की हर गिरावट को एक अवसर के रूप में देख रहे हैं। फाइनेंशियल एडवाइजर्स की सलाह है कि बाजार के इस सुस्त दौर में निवेशकों को एकमुश्त (Lumpsum) बड़ा निवेश करने से बचना चाहिए। इसके बजाय, मिड और स्मॉलकैप फंड्स में अपनी एसआईपी को जारी रखना या गिरावट के समय स्मॉलकैप में धीरे-धीरे निवेश बढ़ाना एक स्मार्ट और फायदेमंद लॉन्ग-टर्म रणनीति साबित हो सकती है।
चार हफ्तों की तेजी के बाद इस सप्ताह सेंसेक्स और निफ्टी में आई मामूली गिरावट
मुंबई, लगातार चार सप्ताह की तेजी के बाद भारतीय शेयर बाजार इस सप्ताह मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ।
भगवान विष्णु की पावन नगरी और महात्मा बुद्ध की ज्ञानस्थली गयाजी अब सूबे के नए पावर सेंटर के रूप में उभर रहा है। अठारहवीं बिहार विधानसभा के नवनिर्वाचित विधायकों के लिए लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (बिपार्ड) परिसर में दो दिवसीय प्रबोधन(ओरिएंटेशन) कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। मुख्य अतिथि देश के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस प्रबोधन कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नवविर्वाचित और अन्य विधायकों को सदन की कार्यप्रणाली से अवगत कराना है। इसके तहत उन्हें सदन को सुचारू रूप से चलाने और अनुशासन के साथ अपनी बात रखने की बारीकियां सिखाई जाएंगी। सदन में जनता की आवाज बुलंद करने का 'गुरुमंत्र' इस मौके पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विधायकों को संसदीय मर्यादा और सदन की बारीकियों का पाठ पढ़ाया। सभी विधायकों से अपील करते हुए कहा कि सदन की हर गतिविधियों को गंभीरता से समझें। विधायक जनता की समस्याओं को सदन में उठाने का सबसे सशक्त माध्यम हैं। यह बेहद सुखद और ऐतिहासिक अवसर है जब विधानसभा और विधान परिषद दोनों के अध्यक्ष एक साथ मंच पर मौजूद हैं। विधायकों को शून्यकाल, प्रश्नकाल समेत सदन की तमाम विधायी प्रक्रियाओं की बारीक जानकारी होनी चाहिए। तभी वे जनता की समस्याओं को सही समय पर और सही तरीके से उठा सकेंगे। विधानसभा के सत्रों के दौरान अधिक से अधिक समय सदन में बिताएं ताकि विधायी कार्यों को सीख सकें। जनप्रतिनिधियों का काम आसान करने के लिए सरकार की ओर से 'सहयोग कार्यक्रम' चलाया जा रहा है। इससे विधायकों और जनता दोनों को सीधा लाभ मिल रहा है। 12 जगहों पर नई टाउनशिप संबोधन के दौरान सीएम सम्राट ने राज्य में न्याय, निवेश, उद्योग और सुशासन को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि अब राज्य में 12 आधुनिक स्थानों पर नए बस स्टैंड का निर्माण किया जाएगा। बिहार में शहरीकरण और आधुनिक सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए सरकार 6.5 लाख करोड़ रुपए के निवेश से 12 चिन्हित स्थानों पर शानदार टाउनशिप विकसित करने जा रही है। शिक्षा क्षेत्र में बड़ा कदम सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि आगामी 15 तारीख को राज्य में 213 नए डिग्री कॉलेजों का शानदार शुभारंभ होने जा रहा है, जिससे उच्च शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति आएगी। तकनीक के इस दौर में बिहार विधानसभा को भी पूरी तरह अपग्रेड किया जाएगा। विधानसभा को पूरी तरह AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से लैस किया जाएगा, ताकि विधायी कार्यों में पारदर्शिता और तेजी आ सके। निशांत कुमार पहुंचे खास बात यह की कार्यक्रम में शामिल होने के लिए स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार भी गयाजी पहुंचे हैं। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंची अलीनगर से बीजेपी विधायक मैथिली ठाकुर ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से संसदीय और विधायी कार्यपालिका से जुड़ी बेहद महत्वपूर्ण जानकारियां मिलती हैं। देश-राज्य की दिग्गज हस्तियों का जमावड़ा बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने बताया कि बिहार विधानसभा के इतिहास में पहली बार चुने गए विधायकों को विधायी कार्यों में पूरी तरह दक्ष बनाने के लिए यह विशेष पहल की जा रही है। हमारा मुख्य प्रयास नए विधायकों को संसदीय प्रक्रियाओं, नियमों और सदन की कार्य संचालन नियमावली से पूरी तरह रूबरू कराना है, ताकि वे सदन के भीतर प्रभावी ढंग से अपनी बात रख सकें। लोकसभा की संस्था PRIDE सिखाएगी संसदीय गुर इस प्रबोधन कार्यक्रम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें लोकसभा की प्रतिष्ठित संस्था 'प्राइड' (PRIDE) के विशेषज्ञ मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। यह संस्था देशभर के जनप्रतिनिधियों को प्रशिक्षण देने के लिए जानी जाती है। इसके साथ ही बिहार विधानसभा के बेहद अनुभवी अधिकारी और वरिष्ठ राजनेता भी नए विधायकों का मार्गदर्शन करेंगे। दो दिनों के इस सघन प्रशिक्षण सत्र के दौरान विधायकों को प्रश्नकाल, शून्यकाल, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, निवेदन, याचिका और सदन के भीतर होने वाले डिबेट जैसे महत्वपूर्ण विधायी उपकरणों की व्यावहारिक व तकनीकी जानकारी दी जाएगी। 'विकसित बिहार के सपने को मिलेगी रफ्तार' विधानसभा अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि आजादी के बाद बिहार विकास की दौड़ में किन्हीं कारणों से पीछे छूट गया था। लेकिन अब केंद्र और राज्य में डबल इंजन की सरकार काम कर रही है। सरकार का एकमात्र लक्ष्य बिहार का सर्वांगीण विकास करना है। जब हमारे विधायक विधायी कार्यों में निपुण होंगे, तो वे सरकार की जनकल्याणकारी और बुनियादी ढांचे से जुड़ी योजनाओं को धरातल पर उतारने में अधिक सक्रिय और प्रभावी भूमिका निभा सकेंगे। दो दिनों तक चलने वाले इस ओरिएंटेशन को सात सत्रों में बांटा गया है। पहले दिन 4 और दूसरे दिन 3 सत्र होंगे। छावनी में बदला बिपार्ड परिसर उपराष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। डीएम शशांक शुभंकर, एसएसपी और सिटी एसपी अभिषेक कुमार ने खुद बिपार्ड परिसर का निरीक्षण किया है। अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल की सुरक्षा, प्रवेश और निकास मार्ग, पार्किंग, बैरिकेडिंग, त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा और आपातकालीन कंट्रोल रूम की व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया है। सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक को रोकने के लिए चप्पे-चप्पे पर मजिस्ट्रेट और बड़ी संख्या पुलिस बल की तैनाती की जा रही है। बदली रहेगी ट्रैफिक व्यवस्था वीवीआईपी सुरक्षा और आम जनता की सुविधा के लिए गयाजी प्रशासन ने 11 जुलाई को सुबह 8:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया है। इस दौरान कई प्रमुख रास्तों पर बड़े और छोटे वाहनों के परिचालन पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी। हालांकि, आपातकालीन सेवाओं जैसे एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड को इस प्रतिबंध से पूरी तरह मुक्त रखा गया है। इन रूटों पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध मानपुर से बाइपास होते हुए बोधगया अंडरपास तक बड़े वाहनों के प्रवेश पर पूरी रोक रहेगी। खटकाचक से बिपार्ड परिसर, पांच नंबर गेट, हवाई अड्डा मोड़ और धनावां मोड़ तक सभी प्रकार के वाहन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। यह रहेगा वैकल्पिक मार्ग (खुले रास्ते) आम लोग परेशानी से बचने के लिए सिकरिया मोड़ से मगध मेडिकल कॉलेज होते हुए चेरकी रोड के रास्ते अपने गंतव्य तक जा सकते हैं। इसके अलावा मानपुर से केंदुई, राजापुर और बोधगया मार्ग का उपयोग किया जा सकता है, जहां ट्रैफिक पुलिस सुचारू परिचालन कराएगी। ऐसी रहेगी कार्यक्रम की पूरी रूपरेखा यह दो दिवसीय ऐतिहासिक कार्यक्रम में आज यानी 11 जुलाई को सुबह ठीक 11:00 बजे विधिवत रूप से शुरू हो जाएगा। इसके लिए शुक्रवार शाम से ही बिहार सरकार के मंत्रियों और माननीय विधायकों का गयाजी पहुंचना शुरू हो गया था। दो दिनों तक चलने वाले इस गहन और सत्र-वार प्रशिक्षण का समापन 12 जुलाई को दोपहर बाद किया जाएगा।
अगर आप बिना किसी जोखिम के अपने पैसे को सुरक्षित रखते हुए हर महीने एक निश्चित और मोटी कमाई की तलाश में हैं, तो भारतीय डाक विभाग की पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS) आपके लिए सबसे बेहतरीन जरिया बन सकती है. केंद्र सरकार द्वारा समर्थित इस स्मॉल सेविंग्स स्कीम में निवेश करने पर बाजार के उतार-चढ़ाव का कोई असर नहीं पड़ता है. वर्तमान में मिल रही 7.4 फीसदी की दमदार सालाना ब्याज दर के हिसाब से यदि आप इसमें जॉइंट अकाउंट खोलकर निवेश करते हैं, तो आपको हर महीने घर बैठे करीब ₹9,250 की नियमित आमदनी होने लगेगी.क्या है पोस्ट ऑफिस MIS और क्यों है यह इतनी लोकप्रिय?पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS) एक बेहद भरोसेमंद सरकारी बचत योजना है. इसका मुख्य उद्देश्य निवेशकों को हर महीने एक निश्चित आय की गारंटी देना है. यही कारण है कि यह स्कीम देश के वरिष्ठ नागरिकों, नौकरी से रिटायर हो चुके कर्मचारियों और कम जोखिम में फिक्स्ड मंथली इनकम चाहने वाले मिडिल क्लास परिवारों के बीच जबरदस्त लोकप्रिय है. इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें आपकी जमा की गई मूल राशि (Principal Amount) पूरी तरह सुरक्षित रहती है और ब्याज का भुगतान सीधे आपके खाते में हर महीने कर दिया जाता है.₹15 लाख के निवेश पर हर महीने का पूरा गणितइस योजना में कोई भी भारतीय नागरिक सिंगल या जॉइंट अकाउंट के जरिए निवेश कर सकता है. सरकार प्रत्येक तिमाही में इसकी ब्याज दरों की समीक्षा करती है. वर्तमान में लागू 7.4% वार्षिक ब्याज दर के हिसाब से मुनाफे का कैलकुलेशन कुछ इस प्रकार है:कुल निवेश (जॉइंट अकाउंट): ₹15,00,000ब्याज दर: 7.4% प्रतिवर्षवार्षिक ब्याज की कमाई: ₹1,11,000मासिक आय (Monthly Income): लगभग ₹9,2505 साल में कुल मुनाफा: ₹5,55,000पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम की मैच्योरिटी अवधि 5 साल (60 महीने) की होती है. 5 साल पूरे होने पर निवेशक को उसकी ₹15 लाख की पूरी मूल राशि वापस सौंप दी जाती है और इस दौरान वह ₹5.55 लाख सिर्फ ब्याज के रूप में कमा चुका होता है.निवेश की अधिकतम सीमा और प्री-मैच्योर क्लोजर के नियमनियमों के मुताबिक, एक व्यक्ति अपने सिंगल अकाउंट के जरिए अधिकतम ₹9 लाख तक ही जमा कर सकता है, जबकि जॉइंट अकाउंट (अधिकतम 3 व्यक्ति) के माध्यम से ₹15 लाख तक निवेश करने की खुली छूट है. अगर आपको मैच्योरिटी से पहले पैसों की जरूरत पड़ती है, तो खाता बंद करने के लिए ये नियम लागू होंगे:खाता खोलने के पहले 1 वर्ष के भीतर आप इसे किसी भी हाल में बंद नहीं कर सकते.1 साल से 3 साल के बीच खाता बंद करने पर आपकी जमा मूल राशि से 2 प्रतिशत की कटौती की जाएगी.3 साल के बाद और 5 साल से पहले खाता बंद करने पर मूल राशि का 1 प्रतिशत काटकर शेष रकम लौटाई जाएगी.टैक्स बेनिफिट्स और खाता खोलने से जुड़ी जरूरी बातध्यान रखने वाली बात यह है कि पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में निवेश करने पर आयकर अधिनियम (Income Tax Act) की धारा 80C के तहत कोई टैक्स छूट नहीं मिलती है. इस योजना से मिलने वाला मासिक ब्याज आपकी कुल सालाना आय में जोड़ा जाता है और आपके टैक्स स्लैब के अनुसार उस पर टैक्स देय होता है. हालांकि, राहत की बात यह है कि डाक विभाग इस ब्याज राशि पर कोई टीडीएस (TDS) नहीं काटता है. चूंकि यह पूरी तरह डाक विभाग की योजना है, इसलिए इसका खाता केवल आधिकारिक पोस्ट ऑफिस में ही खोला जा सकता है, किसी भी सरकारी या प्राइवेट बैंक में यह सुविधा उपलब्ध नहीं है.
नई दिल्ली के आलीशान होटल ताज पैलेस में आयोजित 'राष्ट्रीय हितधारक परामर्श 2026' के दूसरे दिन झारखंड के भविष्य को लेकर एक बड़ी और ऐतिहासिक चर्चा हुई. इस सत्र का मुख्य विषय 'डेस्टिनेशन झारखंड – पर्यटन निवेश एवं समावेशी विकास को गति' था. देश भर से आए नीति-निर्माताओं, बड़े उद्योगपतियों और पर्यटन क्षेत्र के दिग्गजों ने एक सुर में माना कि अब झारखंड को सिर्फ कोयले और खनिज का राज्य समझना भूल होगी. यह राज्य अब पूर्वी भारत का सबसे बड़ा और आकर्षक टूरिस्ट हब बनने के लिए पूरी तरह तैयार है.पर्यटन को मिला उद्योग का दर्जा, 5 करोड़ से ज्यादा पहुंचे सैलानीइस महामंथन में सामने आए आंकड़े चौंकाने वाले और उम्मीद जगाने वाले हैं. साल 2024 में झारखंड में रिकॉर्ड 5.85 करोड़ पर्यटक पहुंचे, जिनमें से 4.40 करोड़ लोग केवल धार्मिक और आध्यात्मिक यात्रा के लिए आए थे. सैलानियों की इस भारी तादाद को देखते हुए सरकार ने पर्यटन को बाकायदा 'उद्योग' का दर्जा दे दिया है. इस बड़े फैसले से अब प्राइवेट इंवेस्टर्स के लिए वित्तीय मदद और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के रास्ते पूरी तरह साफ हो गए हैं. सरकार अब देवघर या सम्मेद शिखर जैसे धार्मिक स्थलों के आगे बढ़कर इको-टूरिज्म, एडवेंचर स्पोर्ट्स, वॉटर स्पोर्ट्स और देश के पहले 'माइनिंग टूरिज्म' जैसी अनूठी परियोजनाओं पर काम कर रही है.आ रही है 'पर्यटन नीति-2026', स्काईवॉक और फ्लोटिंग रेस्तरां का दिखेगा जलवानिवेशकों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए हेमंत सोरेन सरकार जल्द ही 'पर्यटन नीति-2026' लॉन्च करने जा रही है. कागजी कार्रवाई और लालफीताशाही को खत्म करने के लिए 'डिजिटल सिंगल विंडो पंजीकरण व्यवस्था' लागू की जा रही है. केंद्र सरकार की 'प्रसाद' (PRASHAD) और 'स्वदेश दर्शन' योजनाओं के तालमेल से राज्य में सड़कों और बुनियादी सुविधाओं को चमकाया जा रहा है. सरकार ने निवेशकों को राज्य में लक्जरी होटल, रिसॉर्ट, रोपवे, एडवेंचर स्काईवॉक और फ्लोटिंग रेस्तरां बनाने के लिए बंपर सब्सिडी और आकर्षक प्रोत्साहन पैकेज का ऑफर दिया है.रोजगार का नया फॉर्मूला: 100 होमस्टे से 500 लोगों को मिलेगी आजीविकाइस मौके पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री सुदिव्य कुमार ने राज्य की नई सोच को सामने रखा. उन्होंने रोजगार का एक बहुत ही व्यावहारिक गणित समझाते हुए कहा कि एक बड़ा फाइव स्टार होटल करीब 200 लोगों को सीधा रोजगार देता है, लेकिन अगर हम गांव-गांव में 100 होमस्टे (Homestay) विकसित कर दें, तो लगभग 500 परिवारों को उनके घर पर ही आजीविका मिल जाएगी. इसी सोच के साथ सरकार 'होमस्टे नीति-2026' ला रही है, जो झारखंड को देश का सबसे पसंदीदा होमस्टे डेस्टिनेशन बनाएगी.मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में चल रहे इस मिशन को गति देने के लिए कैबिनेट मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, संजय प्रसाद यादव, इरफान अंसारी और शिल्पी नेहा तिर्की भी इस राष्ट्रीय परामर्श में मौजूद रहीं. सभी ने संकल्प लिया कि झारखंड को बेहद कम समय में पूर्वी भारत का सबसे पसंदीदा, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल (Eco-Friendly) पर्यटन स्थल बनाया जाएगा.
राजस्थान में बढ़ते ऑनलाइन निवेश (इन्वेस्टमेंट) फ्रॉड को देखते हुए राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने आमजन के लिए नई एडवाइजरी जारी की है। साइबर अपराधी Paytm Money और Nuvama AMC जैसी प्रतिष्ठित वित्तीय कंपनियों के नाम पर फर्जी वॉट्सएप ग्रुप बनाकर लोगों को निवेश के नाम पर ठगी का शिकार बना रहे हैं। सोशल मीडिया पर आकर्षक विज्ञापनों के जरिए लोगों को फंसाकर नकली निवेश प्लेटफॉर्म और फर्जी ऐप के माध्यम से लाखों रुपए की धोखाधड़ी की जा रही है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (साइबर क्राइम) विजय कुमार सिंह ने बताया कि साइबर ठग फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फ्री स्टॉक एनालिसिस, स्पेशल इन्वेस्टमेंट ऑफर और गारंटीड रिटर्न जैसे लुभावने विज्ञापन चलाते हैं। इन विज्ञापनों में Paytm Money और Nuvama AMC जैसी विश्वसनीय कंपनियों के नाम, लोगो और अधिकारियों की पहचान का गलत इस्तेमाल कर लोगों का भरोसा जीता जाता है। ऐसे होती है निवेश ठगी साइबर पुलिस के अनुसार, विज्ञापन पर क्लिक करते ही व्यक्ति को एक संदिग्ध वेबसाइट पर भेजा जाता है, जहां Apply to Join या Join WhatsApp Group का विकल्प दिखाई देता है। इसके बाद पीड़ित को फर्जी व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ दिया जाता है, जहां खुद को कंपनी का अधिकारी या निवेश विशेषज्ञ बताने वाले ठग अधिक मुनाफे और गारंटीड रिटर्न का लालच देते हैं। इसके बाद पीड़ित से फर्जी मोबाइल ऐप डाउनलोड कराया जाता है या नकली ट्रेडिंग वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करवाया जाता है। ये प्लेटफॉर्म असली निवेश ऐप की तरह दिखाई देते हैं। फिर अलग-अलग बैंक खातों में जल्द से जल्द निवेश राशि जमा कराने का दबाव बनाया जाता है और रकम जमा होते ही साइबर ठग संपर्क तोड़ देते हैं। SEBI पंजीकृत कंपनियां नहीं देतीं वॉट्सऐप पर निवेश सलाह राजस्थान पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कोई भी SEBI पंजीकृत वित्तीय संस्था या निवेश कंपनी व्हाट्सएप ग्रुप, सोशल मीडिया विज्ञापन या फर्जी ऐप के माध्यम से गारंटीड रिटर्न का वादा कर निवेश करने के लिए नहीं कहती। ऐसे किसी भी प्रस्ताव को संदेह की नजर से देखें और पहले उसकी सत्यता की जांच करें। संदेह होने पर तुरंत करें शिकायत यदि आपके साथ इस प्रकार की साइबर ठगी होती है या ऐसा कोई प्रयास किया जाता है, तो तुरंत निकटतम पुलिस थाना या साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल, साइबर हेल्पलाइन 1930 तथा राजस्थान साइबर हेल्पडेस्क 9256001930 और 9257510100 पर भी सूचना दें।
SEBI ने एक साथ 5 कंपनियों को दी हरी झंडी, जानिए निवेश से पहले हर एक की पूरी कुंडली
भारतीय प्राथमिक शेयर बाजार (Primary Market) में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए एक बेहद शानदार और बड़ी खबर सामने आ रही है। बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने आईपीओ मार्केट में तहलका मचाने के लिए एक साथ पांच दिग्गज कंपनियों के ड्राफ्ट पेपर्स (DRHP) को अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है। इन कंपनियों में डिफेंस सेक्टर से लेकर रिटेल, फर्नीचर रेंटल और एडवांस टेक्नोलॉजी मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी कंपनियां शामिल हैं। सेबी की इस हरी झंडी के बाद दलाल स्ट्रीट में हलचल काफी ज्यादा तेज हो गई है, और निवेशक अपने फंड को तैयार करने में जुट गए हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि इन पांचों कंपनियों का बिजनेस मॉडल क्या है और वे आईपीओ के जरिए कितना फंड जुटाने की तैयारी में हैं।टोंबो इमेजिंग इंडिया: डिफेंस सेक्टर की इस कंपनी के आईपीओ में 1.81 करोड़ शेयरों का ओएफएससेबी से मंजूरी पाने वाली पहली कंपनी टोंबो इमेजिंग इंडिया (Tombo Imaging India) है, जो मुख्य रूप से डिफेंस-केंद्रित (Defense-Focused) अत्याधुनिक प्रोडक्ट्स बनाने का काम करती है। कंपनी के प्रस्तावित आईपीओ में ₹2 की फेस वैल्यू वाले 1.81 करोड़ इक्विटी शेयरों तक का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है। इस ओएफएस के तहत प्रमोटर सेलिंग शेयरहोल्डर्स द्वारा 19.60 लाख इक्विटी शेयर, प्रमोटर ग्रुप द्वारा 3.40 लाख शेयर और बड़े संस्थागत निवेशकों द्वारा 1.56 करोड़ इक्विटी शेयर बाजार में बेचे जाएंगे। इस हाई-प्रोफाइल इश्यू के लिए जेएम फाइनेंशियल (JM Financial) और आईआईएफएल कैपिटल सर्विसेज लिमिटेड (IIFL Capital Services) को बुक रनिंग लीड मैनेजर नियुक्त किया गया है।मैरी रिटेल लिमिटेड: ₹522 करोड़ के नए शेयर और 10 नए कपड़ों के स्टोर खोलने का मेगा प्लानहैदराबाद आधारित रिटेल चेन मैरी रिटेल लिमिटेड (Mary Retail Limited) भी अपना आईपीओ लाने के लिए पूरी तरह तैयार है। कंपनी का यह प्रस्तावित आईपीओ ₹522 करोड़ मूल्य के नए शेयरों (Fresh Issue) और प्रमोटर मैरी वेंकट रेड्डी द्वारा 2.7 करोड़ मौजूदा शेयरों की बिक्री के प्रस्ताव (OFS) का एक बेहतरीन मिश्रण है। कंपनी इस आईपीओ से मिलने वाली नई पूंजी का इस्तेमाल अपना पुराना कर्ज चुकाने, देश में 10 नए कपड़ों के स्टोर खोलने, ज्वेलरी स्टोर-इन-स्टोर (SIS) के साथ एक हाइब्रिड कपड़ों का आउटलेट शुरू करने, दो नए स्टैंडअलोन ज्वेलरी स्टोर खोलने और मौजूदा गोदामों के लीज किराए का भुगतान करने के लिए करेगी। वर्तमान में कंपनी के पास तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र के 26 जिलों में 34 चालू स्टोर्स का मजबूत नेटवर्क है, जिसे नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट लिमिटेड (Nuvama Wealth Management) द्वारा मैनेज किया जा रहा है।रेंटोमोजो: ₹150 करोड़ का फ्रेश इश्यू और 2.28 लाख एक्टिव सब्सक्राइबर्स का मजबूत भरोसाफर्नीचर और एप्लायंसेज रेंटल मार्केट की जानी-मानी कंपनी रेंटोमोजो (Rentomojo) भी शेयर बाजार में लिस्ट होने के लिए तैयार है। कंपनी के आईपीओ में ₹150 करोड़ तक के इक्विटी शेयरों का नया इश्यू और मौजूदा शेयरधारकों द्वारा 2.84 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री का प्रस्ताव (OFS) शामिल किया गया है। ड्राफ्ट पेपर्स के अनुसार, रेंटोमोजो इस फंड का उपयोग कॉर्पोरेट ऋणों को चुकाने, अपने विशाल गोदामों (Warehouses) और एक्सपीरियंस स्टोर्स के लिए लीज रेंटल या लाइसेंस फीस का अग्रिम भुगतान करने के लिए करेगी। आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल तक कंपनी के पास देश के 22 प्रमुख शहरों में 2.28 लाख से अधिक एक्टिव सब्सक्राइबर थे और कंपनी के पास कुल 4.44 लाख स्क्वायर फीट एरिया वाले 21 अत्याधुनिक वेयरहाउस मौजूद हैं।जेटवर्क मैन्युफैक्चरिंग: ₹5,000 करोड़ तक फंड जुटाने का महा-लक्ष्य, दिग्गज वैश्विक निवेशकों का है साथइस पूरी सूची में सबसे बड़ा और बहुप्रतीक्षित नाम जेटवर्क मैन्युफैक्चरिंग (Zetwerk Manufacturing) का है, जो इस आईपीओ के जरिए ₹4,000 करोड़ से ₹5,000 करोड़ के बीच का विशाल फंड जुटाने की बड़ी योजना बना रही है। इस इश्यू के वास्तविक साइज और वैल्यूएशन की जानकारी आने वाले समय में बुक-बिल्डिंग प्रोसेस के जरिए ही तय की जाएगी। यह कंपनी एक एडवांस टेक्नोलॉजी-बेस्ड मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफ़ॉर्म चलाती है, जो ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स, डिफेंस, एयरोस्पेस और कैपिटल गुड्स जैसे कोर सेक्टर्स में सप्लायर्स के नेटवर्क को वैश्विक इंडस्ट्रियल डिमांड से जोड़ता है। इस कंपनी में खोसला वेंचर्स, बेली गिफ़ोर्ड, राकेश गंगवाल, एक्सेल, पीक XV और लाइटस्पीड जैसे दुनिया के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित वेंचर कैपिटलिस्ट्स ने भारी निवेश किया हुआ है।गुजरात विक्ट्री फोर्जिंग्स: वडोदरा यूनिट के विस्तार और नॉन-फेरस मेटल रीसाइक्लिंग पर फोकसपांचवीं कंपनी गुजरात विक्ट्री फोर्जिंग्स (Gujarat Victory Forgings) है, जिसके प्रस्तावित आईपीओ में 65 लाख तक इक्विटी शेयरों का नया इश्यू और प्रमोटर विजेंद्रकुमार बिशंबर गुप्ता द्वारा 1.32 करोड़ तक इक्विटी शेयरों का ऑफर फॉर सेल शामिल है। यह कंपनी मेटल स्क्रैप की अत्याधुनिक प्रोसेसिंग और रीसाइक्लिंग के जरिए नॉन-फेरस मेटल प्रोडक्ट्स (Non-Ferrous Metal Products) बनाने के मुख्य कारोबार में लगी हुई है। कंपनी नए इश्यू से मिलने वाले फंड का इस्तेमाल गुजरात के वडोदरा में स्थित अपनी मौजूदा यूनिट-III के विस्तार, कॉपर कैथोड की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को दोगुना करने और अपने कार्यशील पूंजी के खर्चों को पूरा करने में करेगी, जिससे आने वाले समय में कंपनी के रेवेन्यू में बड़ा उछाल आने की उम्मीद है।
SEBI ने म्यूचुअल फंड नियमों में किया बड़ा बदलाव, अब इंट्राडे उधारी से निपटाए जाएंगे आपके पेमेंट्स
भारतीय शेयर बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के संचालन और लिक्विडिटी मैनेजमेंट से जुड़े एक अत्यंत महत्वपूर्ण नियम में ऐतिहासिक बदलाव की घोषणा की है। बाजार की कार्यप्रणाली को अधिक सुचारू और निवेशकों के अनुकूल बनाने के लिए सेबी ने कारोबारी सत्र के दौरान ली और चुकाई जाने वाली 'इंट्राडे उधारी' (Intraday Borrowing) के दायरे का व्यापक विस्तार कर दिया है। नियामक द्वारा अधिसूचित यह नया वित्तीय ढांचा आगामी 1 सितंबर 2026 से पूरे देश में आधिकारिक रूप से प्रभावी हो जाएगा। आपको बता दें कि पुराने नियमों के तहत म्यूचुअल फंड हाउसेज को केवल अत्यंत आकस्मिक या अस्थायी कैश जरूरतों को पूरा करने के लिए ही कड़े नियामकीय दायरों में रहकर सीमित लोन लेने की अनुमति प्राप्त थी।पेमेंट्स में आएगी रॉकेट जैसी तेजी: यूनिटहोल्डर्स के रिडेम्पशन और डिविडेंड के लिए इस्तेमाल होगी उधारीसेबी द्वारा जारी किए गए नए दिशानिर्देशों के तहत अब सभी म्यूचुअल फंड कंपनियां (AMCs) अपने यूनिटहोल्डर्स को किए जाने वाले विभिन्न प्रकार के भुगतानों जैसे रिडेम्पशन (पैसा निकालने), IDCW (डिविडेंड पेमेंट) और ब्याज भुगतान को तुरंत निपटाने के लिए इस इंट्राडे उधारी सुविधा का खुलकर लाभ उठा सकेंगी। इसके अलावा, फंड हाउसेज इस अल्पकालिक पूंजी का उपयोग स्कीमों द्वारा किए जाने वाले दैनिक निवेश भुगतानों, मार्क-टू-मार्केट (MTM) देनदारियों को चुकता करने, विदेशी मुद्रा सेटलमेंट (Forex Settlements) और अपने पुराने चल रहे लोंस को रीफाइनेंस करने के लिए भी कर सकेंगे। हालांकि, सेबी ने इस पर एक बेहद सख्त वित्तीय शर्त लागू की है कि कारोबारी सत्र के दौरान ली गई सभी उधारियों को उसी ट्रेडिंग डे के समाप्त होने से पहले हर हाल में चुकता करना होगा। यदि कोई लोन अगले दिन तक कैरी फॉरवर्ड होता है, तो उसे सीधे तौर पर ओवरनाइट उधारी (Overnight Borrowings) माना जाएगा और उस पर कड़े नियामकीय प्रतिबंध लागू हो जाएंगे।निवेशकों पर नहीं पड़ेगा ₹1 का भी बोझ: लिक्विडिटी संकट से निपटने के लिए नियामक का बड़ा एक्शनबाजार नियामक सेबी ने यह बड़ा और साहसिक कदम मुख्य रूप से मार्केट सेटलमेंट टाइमिंग (Market Settlement Timings) में होने वाले अंतर और उसके कारण उत्पन्न होने वाली शॉर्ट-टर्म लिक्विडिटी (नकदी) की कमी को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने के लिए उठाया है। यह नया आदेश देश के सभी सक्रिय म्यूचुअल फंडों, एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMCs), ट्रस्टी कंपनियों, ट्रस्टी बोर्डों और एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) पर अनिवार्य रूप से लागू होगा। इस पूरे संशोधन की सबसे बड़ी और राहत देने वाली बात यह है कि इस इंट्राडे उधारी पर लगने वाले ब्याज और अन्य सभी प्रशासनिक खर्चों का पूरा वहन खुद म्यूचुअल फंड कंपनी (AMC) अपने कॉर्पोरेट फंड से करेगी। इसका ₹1 का भी अतिरिक्त बोझ म्यूचुअल फंड स्कीम या आम निवेशकों के रिटर्न पर बिल्कुल नहीं डाला जाएगा।रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची देश की एसेट: जून में इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में निवेश 26% उछलायह ऐतिहासिक नियामकीय बदलाव ऐसे समय में आया है जब भारतीय शेयर बाजारों में जारी उतार-चढ़ाव के बावजूद घरेलू निवेशकों का भरोसा म्यूचुअल फंड्स पर रिकॉर्ड स्तर पर बना हुआ है। एम्फी (AMFI) द्वारा जारी ताजा मासिक आंकड़ों के अनुसार, जून के महीने में इक्विटी (शेयर आधारित) योजनाओं में निवेशकों का इनफ्लो 26 प्रतिशत बढ़कर 28,973 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया, जो मई में 22,908 करोड़ रुपये था। हालांकि, कॉरपोरेट एडवांस और टैक्स पेमेंट्स के चलते डेट (बॉन्ड आधारित) योजनाओं से 1.09 लाख करोड़ रुपये की भारी निकासी दर्ज की गई, जिसके कारण जून में म्यूचुअल फंड उद्योग से कुल नेट निकासी 52,949 करोड़ रुपये दर्ज की गई। इन तमाम भारी उतार-चढ़ावों के बीच, भारतीय म्यूचुअल फंड उद्योग की कुल प्रबंधन अधीन परिसंपत्ति (AUM) जून के अंत में बढ़कर 82.22 लाख करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई है, जो मई के अंत में 81.60 लाख करोड़ रुपये दर्ज की गई थी।
देश में इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return) फाइल करने का सीजन शुरू होते ही अधिकांश नौकरीपेशा लोग बिना सोचे-समझे सीधे ITR-1 (सहज फॉर्म) को चुन लेते हैं। माना कि यह टैक्स विभाग का सबसे आसान फॉर्म है, लेकिन टैक्स एक्सपर्ट्स के अनुसार इसे सिर्फ इसलिए नहीं चुनना चाहिए क्योंकि यह भरने में बहुत सरल है।मुंबई के जाने-माने चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) सुरेश सुराना के मुताबिक, अगर आपने पूरे सालभर के दौरान शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड, रियल एस्टेट या विदेशी संपत्ति से जुड़ा कोई भी छोटा-बड़ा लेन-देन किया है, तो आप ITR-1 फॉर्म भरने के लिए पूरी तरह अयोग्य हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में आपको नियमों के अनुसार ITR-2 या ITR-3 फॉर्म ही चुनना होगा। अगर आप गलती से भी गलत फॉर्म चुन लेते हैं, तो इनकम टैक्स विभाग आपको 'डिफेक्टिव रिटर्न' (दोषपूर्ण रिटर्न) का नोटिस भेज सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं वे 10 बड़े मामले, जिनमें आपके लिए ITR-1 फॉर्म भरना कानूनी रूप से मना है।1. शेयर या म्यूचुअल फंड बेचने पर शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन्स (STCG)अगर आपने शेयर बाजार में लिस्टेड शेयर्स या इक्विटी ओरिएंटेड म्यूचुअल फंड्स को खरीदकर 1 साल की अवधि पूरा होने से पहले ही बेच दिया है और उस पर आपको शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन हुआ है, तो आप ITR-1 नहीं भर सकते। इस कमाई को घोषित करने के लिए आपको ITR-2 फॉर्म चुनना अनिवार्य होगा।2. ₹1.25 लाख से ज्यादा का लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG)अगर लिस्टेड शेयरों या इक्विटी म्यूचुअल फंड्स को लंबे समय तक रखने के बाद बेचने पर आपको आयकर अधिनियम की धारा 112A के तहत एक वित्त वर्ष में ₹1.25 लाख से अधिक का लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन हुआ है, तो आपके लिए ITR-1 का रास्ता पूरी तरह बंद हो जाता है।3. जमीन, मकान, कमर्शियल प्रॉपर्टी या सोना बेचनायदि आपने सालभर में कोई प्रॉपर्टी (जैसे खाली जमीन, फ्लैट या कमर्शियल बिल्डिंग), ज्वेलरी या फिर डेट म्यूचुअल फंड बेचा है, तो उससे होने वाली कुल कमाई को आपको 'कैपिटल गेन्स शेड्यूल' (Capital Gains Schedule) में दिखाना होता है। यह विशेष शेड्यूल ITR-1 फॉर्म में उपलब्ध नहीं होता है, इसलिए इसके लिए ITR-2 भरना अनिवार्य है।4. बिजनेस या स्वतंत्र प्रोफेशन से होने वाली आमदनीअगर आप सैलरीड एम्प्लॉई होने के साथ-साथ फ्रीलांसिंग, कंसल्टेंसी, किसी अन्य तरह के स्वतंत्र प्रोफेशन या खुद के छोटे-मोटे बिजनेस से भी कमाई करते हैं, तो आप ITR-1 नहीं चुन सकते। ऐसे मामलों में आपको सीधे ITR-3 फॉर्म भरना पड़ता है, बशर्ते आप प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन स्कीम के तहत ITR-4 के योग्य न हों।5. F&O और इंट्राडे ट्रेडिंग (Intraday/Derivative Trading)शेयर बाजार में रोजाना की जाने वाली इंट्राडे ट्रेडिंग या फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) में ट्रेडिंग से होने वाली कमाई या घाटे को टैक्स की भाषा में 'बिजनेस इनकम' (स्पेक्युलेटिव/नॉन-स्पेक्युलेटिव) माना जाता है। इस तरह के वित्तीय लेन-देन को भी ITR-1 में नहीं दिखाया जा सकता।सैलरी के अलावा इन 5 तकनीकी स्थितियों में भी बदल जाएगा आपका फॉर्म6. अनलिस्टेड शेयरों (Unlisted Shares) में निवेशअगर आपने किसी ऐसी स्टार्टअप या कंपनी के शेयर खरीद रखे हैं जो फिलहाल घरेलू शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है, तो आप पूरे वित्तीय वर्ष में कभी भी ITR-1 फाइल करने के पात्र नहीं रहते हैं।7. किसी कंपनी में डायरेक्टर का पद संभालनाअगर आप किसी भी छोटी, बड़ी या प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में डायरेक्टर (Director) के पद पर कार्यरत हैं, तो आप अपनी सैलरी रिटर्न के लिए ITR-1 का उपयोग नहीं कर सकते। आपको विस्तृत विवरण के लिए ITR-2 या ITR-3 फॉर्म ही भरना होगा।8. विदेशी संपत्ति या विदेशी बैंक खाता होनाअगर आपके पास भारत की सीमाओं के बाहर कोई रियल एस्टेट प्रॉपर्टी है, किसी विदेशी कंपनी के शेयर्स (जैसे अमेरिकी शेयर बाजार के स्टॉक्स) हैं, या किसी विदेशी बैंक खाते में साइनिंग ऑथोरिटी है, तो आपको ITR-1 के बजाय अन्य फॉर्म्स में मौजूद विस्तृत 'Schedule FA' (फॉरेन एसेट्स) भरना अनिवार्य होगा।9. विदेश से होने वाली कोई भी अन्य कमाईयदि आपको विदेश से सैलरी, डिविडेंड, सेविंग्स पर ब्याज या किराए के रूप में कोई भी सोर्स इनकम हो रही है, तो उसकी जानकारी ITR-1 में सबमिट नहीं की जा सकती। इसके लिए ITR-2 या ITR-3 फॉर्म के साथ 'Schedule FSI' और 'Schedule TR' भरना पड़ता है।10. ₹50 लाख से ज्यादा की कुल कमाई या पुराना घाटायदि आपकी कुल सालाना टैक्सेबल इनकम (Taxable Income) सभी स्रोतों को मिलाकर ₹50 लाख से अधिक हो जाती है, तो आप ITR-1 फॉर्म का इस्तेमाल नहीं कर सकते। इसके अलावा, अगर आपका कोई पुराना बिजनेस या कैपिटल लॉस है जिसे आप इस साल के मुनाफे से एडजस्ट (Set-off/Carry forward) करना चाहते हैं, या फिर लॉटरी व घुड़दौड़ जैसी स्पेशल केटेगरी से बड़ी कमाई हुई है, तो भी आपके लिए ITR-1 मान्य नहीं होगा।टैक्स एक्सपर्ट की अंतिम सलाह: इनकम टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि सही ITR फॉर्म का चुनाव करना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि समय पर रिटर्न फाइल करना। अगर आप अनजाने में गलत फॉर्म चुन लेते हैं, तो टैक्स डिपार्टमेंट आपके रिटर्न को इनवैलिड या डिफेक्टिव घोषित कर देगा, जिससे आपका टैक्स रिफंड आने में महीनों की देरी होगी और आपको दोबारा जुर्माना या बिना जुर्माने के 'रिवाइज्ड रिटर्न' दाखिल करना पड़ सकता है। इसलिए फाइनल फाइलिंग से पहले अपने फॉर्म 26AS, AIS और सभी वित्तीय लेन-देन की समीक्षा अपने सीए से जरूर करा लें।
म्यूचुअल फंड के जरिए शेयर बाजार से बड़ी वेल्थ क्रिएट करना पूरी तरह से अनुशासन (Discipline) और धैर्य का खेल है। जब कोई निवेशक लंबे समय तक बिना रुके निवेश जारी रखता है, तो कंपाउंडिंग की ताकत से कैसा जादुई रिटर्न मिलता है, इसका एक जीता-जागता और शानदार उदाहरण सामने आया है। मिराए एसेट म्यूचुअल फंड (Mirae Asset Mutual Fund) की एक धाकड़ स्कीम ने बाजार में अपने सफल 16 साल पूरे कर लिए हैं।फंड हाउस द्वारा जारी किए गए ताजा और प्रमाणित आंकड़ों के मुताबिक, जिन दूरदर्शी निवेशकों ने इस फंड की शुरुआत से ही हर महीने महज 10,000 रुपये की एसआईपी (SIP) जारी रखी थी, उनका फंड 31 मई 2026 तक बढ़कर लगभग 97 लाख रुपये हो चुका है। आइए विस्तार से समझते हैं निवेशकों को मालामाल करने वाली इस स्कीम के रिटर्न का पूरा रिपोर्ट कार्ड।₹19 लाख का कुल निवेश और मिले पूरे ₹97 लाखमिराए एसेट लार्ज एंड मिडकैप फंड (Mirae Asset Large & Midcap Fund) के आधिकारिक डेटा के अनुसार, लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट ने निवेशकों को छप्परफाड़ रिटर्न डिलीवर किया है। पिछले 16 वर्षों के सफर में ₹10,000 प्रति माह की एसआईपी के हिसाब से एक निवेशक ने कुल ₹19 लाख जमा किए। 31 मई 2026 तक यह ₹19 लाख का निवेश बढ़कर ₹96.9 लाख (करीब 97 लाख रुपये) के विशाल फंड में तब्दील हो गया। इस एसआईपी निवेश पर फंड ने 18.44% का बेहद जोरदार XIRR (एक्सटेंडेड इंटरनल रेट ऑफ रिटर्न) डिलीवर किया है, जो पारंपरिक निवेश विकल्पों के मुकाबले कहीं ज्यादा है।लंपसम (एकमुश्त) निवेश करने वाले भी हुए मालामालसिर्फ एसआईपी ही नहीं, बल्कि जिन लोगों ने इस स्कीम में एकमुश्त पैसा लगाया था, वे भी अमीर बन चुके हैं। अगर किसी निवेशक ने 9 जुलाई 2010 को इस फंड के 'रेगुलर प्लान-ग्रोथ' ऑप्शन में सिर्फ ₹10,000 का लंपसम निवेश किया होता, तो वह रकम आज 15 गुना से ज्यादा बढ़कर ₹1,50,690 हो चुकी होती। इसके मुकाबले, अगर यही पैसा इस स्कीम के मुख्य बेंचमार्क में लगाया गया होता, तो वह सिर्फ ₹76,908 ही बन पाता, यानी फंड ने बेंचमार्क से दोगुना मुनाफा कमा कर दिया।बेंचमार्क और सेंसेक्स को बुरी तरह पछाड़ापिछले 15 वर्षों के ऐतिहासिक प्रदर्शन को देखें तो इस फंड ने अपने बेंचमार्क और मेन इंडेक्स के मुकाबले काफी तगड़ा आउटपरफॉर्म किया है। पिछले 15 सालों में इस फंड ने 18.85% का कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) दिया है। इसके मुकाबले इस स्कीम के आधिकारिक बेंचमार्क 'Nifty LargeMidcap 250 TRI' ने इसी अवधि में केवल 14.60% का रिटर्न दिया। वहीं, देश के सबसे प्रमुख एडिशनल बेंचमार्क 'BSE Sensex TRI' की बात करें तो वह इस दौरान सिर्फ 11.22% का रिटर्न ही दे पाया, जो मिराए एसेट के मुकाबले बहुत कम है।₹42,000 करोड़ से ज्यादा का फंड मैनेजमेंट और एक्सपर्ट टीमयह सुपरहिट स्कीम एक ओपन-एंडेड इक्विटी योजना (Open-Ended Equity Scheme) है, जो मुख्य रूप से भारतीय शेयर बाजार की लार्ज-कैप (बड़ी कंपनियां) और मिड-कैप (मझोली कंपनियां) के बेहतरीन शेयरों में पैसा लगाती है। 31 मई 2026 तक यह फंड ₹42,792.20 करोड़ के विशाल एसेट बेस (AUM) को मैनेज कर रहा है। इस फंड की ऐतिहासिक सफलता के पीछे इसके अनुभवी फंड मैनेजर नीलेश सुराना का दिमाग है, जो इसकी शुरुआत से ही इससे जुड़े हैं। जनवरी 2019 से अंकित जैन भी सह-फंड मैनेजर के रूप में उनके साथ मिलकर इस फंड की कमान बखूबी संभाल रहे हैं।निवेशक ध्यान दें: हालांकि इस फंड का पिछला ट्रैक रिकॉर्ड असाधारण रहा है, लेकिन फंड हाउस ने स्पष्ट किया है कि यह स्कीम भविष्य में किसी भी प्रकार के गारंटीड रिटर्न का वादा नहीं करती है। इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में निवेश पूरी तरह से बाजार के जोखिमों के अधीन होता है, इसलिए कोई भी नया निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) की मदद जरूर लें।
लगातार दूसरे सत्र में बाजार में छाई हरियाली, सेंसेक्स में 828 अंकों की बढ़त; निफ्टी 1 प्रतिशत ऊपर
बुधवार की बड़ी गिरावट के बाद सकारात्मकम वैश्विक संकेतों के चलते लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार तेजी के साथ हरे निशान में बंद हुआ। इस दौरान सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में 1 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त देखने को मिली।
Share Bazaar में बड़ा उछाल, Sensex 828 अंक उछला, Nifty भी 24200 के पार
Share Market Update News : शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन भी मजबूती जारी है। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 827.57 अंक यानी 1.08 फीसदी के उछाल के साथ 77569.39 पर पहुंच गया, तो वहीं एनएसई का निफ्टी भी 244.10 अंक यानी 1.02 फीसदी की तेजी के साथ ...
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड को एक ग्लोबल औद्योगिक हब बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री के विशेष 'ग्लोबल निवेश मिशन' (Global Investment Mission) के सकारात्मक नतीजे सामने आने लगे हैं। देश-विदेश के बड़े कॉर्पोरेट घराने और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल अब झारखंड का रुख कर रहे हैं। इस अभियान के तहत सिंगापुर से आए उच्चस्तरीय निवेशकों से लेकर देश की दिग्गज ऑनलाइन ट्रैवल कंपनी मेकमायट्रिप (MakeMyTrip) तक ने झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों में भारी निवेश करने की गहरी दिलचस्पी दिखाई है।सिंगापुर के निवेशकों के साथ हुई हाई-लेवल मीटिंगझारखंड में औद्योगिक विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सिंगापुर के एक बड़े व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ अहम बैठक की। इस बैठक के दौरान राज्य की नई उद्योग नीति और निवेशकों को दी जाने वाली सहूलियतों पर विस्तार से चर्चा हुई। सिंगापुर के निवेशकों ने मुख्य रूप से झारखंड के सस्टेनेबल डेवलपमेंट, अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में काम करने की इच्छा जताई है। यह निवेश न केवल राज्य के बुनियादी ढांचे को वैश्विक स्तर पर लाएगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते भी खोलेगा।मेकमायट्रिप (MakeMyTrip) के साथ पर्यटन क्षेत्र का होगा कायाकल्पऔद्योगिक निवेश के साथ-साथ झारखंड के पर्यटन (Tourism) क्षेत्र को भी एक नया पंख लगने वाला है। देश की अग्रणी ट्रैवल टेक कंपनी मेकमायट्रिप ने झारखंड सरकार के साथ मिलकर काम करने का प्रस्ताव दिया है। कंपनी राज्य के खूबसूरत जलप्रपातों, धार्मिक स्थलों और प्राकृतिक जंगलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट करेगी। इसके तहत राज्य में इको-टूरिज्म, होमस्टे नेटवर्क और डिजिटल ट्रैवल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे सुदूर ग्रामीण इलाकों में भी लोगों को सीधे तौर पर आजीविका मिल सकेगी।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का विजन: झारखंड बनेगा औद्योगिक लीडरइस बड़ी कामयाबी पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड सिर्फ खनिज संपदा का राज्य नहीं है, बल्कि यहां हर उस सेक्टर के लिए अपार संभावनाएं हैं जो एक आधुनिक और प्रगतिशील राज्य के लिए जरूरी हैं। सरकार की नीतियां उद्योगों के अनुकूल हैं और सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए निवेशकों को हर संभव मदद दी जा रही है। सिंगापुर और मेकमायट्रिप जैसे बड़े ब्रांड्स का झारखंड पर भरोसा जताना इस बात का सबूत है कि आने वाले समय में राज्य की अर्थव्यवस्था में एक ऐतिहासिक उछाल आने वाला है।
राजधानी भोपाल में साइबर ठगी और निवेश के नाम पर धोखाधड़ी के दो मामले सामने आए हैं। एक मामले में शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर रिटायर्ड बैंक कर्मचारी से 23 लाख रुपए ठग लिए गए। वहीं, दूसरे मामले में रियल एस्टेट कारोबार में निवेश के नाम पर फिजियोथेरेपिस्ट से 10 लाख रुपए की धोखाधड़ी की गई। पुलिस ने दोनों मामलों में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इंस्टाग्राम से शुरू हुई 23 लाख की ठगी मिसरोद थाना पुलिस के मुताबिक, सलैया निवासी 48 वर्षीय रोहित वर्मा निजी बैंक से रिटायर्ड हैं। उन्होंने इंस्टाग्राम पर शेयर ट्रेडिंग से जुड़ा एक ऐप डाउनलोड किया था। इसके बाद आरोपियों ने अधिक मुनाफे का लालच देकर उनसे अलग-अलग किस्तों में करीब 23 लाख रुपए निवेश करा लिए। जब रोहित वर्मा ने मुनाफा और अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने संपर्क बंद कर दिया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जांच कर रही है। मामले में शुक्रवार को केस दर्ज किया गया है। रियल एस्टेट में निवेश के नाम पर 10 लाख की धोखाधड़ी निशातपुरा थाना क्षेत्र में फिजियोथेरेपिस्ट नीरज तिवारी ने अपने रिश्तेदार संजय तिवारी को रियल एस्टेट कारोबार में निवेश के लिए 10 लाख रुपए दिए थे। आरोप है कि रकम लौटाने के बजाय आरोपी टालमटोल करता रहा। पिछले साल उसने 2 लाख रुपए लौटाए और बाकी रकम जल्द देने का भरोसा दिया, लेकिन बाद में पैसे नहीं लौटाए। जांच के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गुरुवार को धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है।
बड़ी तेजी से खुला बाजार- सेंसेक्स 77 हजार के पार
मुंबई, भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को हरे निशान में खुला। सुबह 9:29 पर सेंसेक्स 683 अंक या 0.89 प्रतिशत की मजबूती के साथ 77,425 और निफ्टी 205 अंक या 0.86 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,168 पर था।
सेंसेक्स-निफ्टी में जबरदस्त बहार, 700 अंक उछला बाजार; Vedanta Aluminium के शेयरों ने पकड़ी रफ्तार
भारतीय शेयर बाजार में आज जबरदस्त जोश देखने को मिल रहा है। हफ्ते के कारोबारी सत्र के दौरान प्रमुख सूचकांकों ने जोरदार छलांग लगाई है, जिससे निवेशकों के चेहरे खिल उठे हैं। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 700 अंकों से अधिक की तूफानी तेजी के साथ कारोबार कर रहा है, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 24,150 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया है। बाजार में आई इस खरीदारी के पीछे ग्लोबल संकेतों और घरेलू बाजार के मजबूत प्रदर्शन को बड़ी वजह माना जा रहा है।Vedanta Aluminium का दिखा कमालबाजार की इस तेजी में मेटल सेक्टर के दिग्गज शेयरों का खास योगदान रहा है। आज के सत्र में Vedanta Aluminium के शेयरों ने निवेशकों का दिल जीत लिया है। कंपनी के शेयर 3% से ज्यादा की उछाल के साथ ट्रेड कर रहे हैं। जानकारों का कहना है कि एल्युमीनियम की बढ़ती वैश्विक मांग और कंपनी के बेहतर परिचालन प्रदर्शन के कारण निवेशकों का भरोसा इस शेयर पर फिर से बढ़ा है। मेटल और कमोडिटी सेक्टर में आई इस हलचल ने आज निफ्टी को नई ऊंचाई पर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है।क्यों चढ़ रहा है बाजार?बाजार के जानकारों के अनुसार, निफ्टी का 24,150 के पार निकलना तकनीकी रूप से बेहद मजबूत संकेत है। आज के कारोबार में बैंकिंग, आईटी और मेटल सेक्टर में हुई चौतरफा खरीदारी ने इंडेक्स को सहारा दिया है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की सक्रियता और सकारात्मक घरेलू आर्थिक आंकड़ों ने बाजार में जोश भर दिया है। यदि निफ्टी इस स्तर पर खुद को टिकाए रखने में सफल रहता है, तो आने वाले दिनों में और भी नई रिकॉर्ड ऊंचाई देखने को मिल सकती है। हालांकि, एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि बाजार में किसी भी निवेश से पहले स्टॉप लॉस का ध्यान जरूर रखें।
क्या है मुनाफे का गणित? AI बिजनेस की रफ्तार और ₹3000 के टारगेट पर दिग्गज ब्रोकरेजों की क्या है राय
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के पहली तिमाही (Q1) के नतीजों के बाद से ही शेयर बाजार में हलचल तेज है। आईटी सेक्टर की इस दिग्गज कंपनी ने अपने प्रदर्शन से निवेशकों का ध्यान खींचा है, खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्लाउड सेवाओं में कंपनी की बढ़ती पकड़ ने बाजार का भरोसा मजबूत किया है। ग्लोबल मार्केट में छाई अनिश्चितता के बावजूद, TCS ने जिस तरह से अपने मार्जिन और डील विन-रेशियो को मैनेज किया है, वह भविष्य के लिए अच्छे संकेत दे रहा है। एक्सपर्ट्स अब इस शेयर को लॉन्ग टर्म के लिए एक मजबूत विकल्प के तौर पर देख रहे हैं।AI का दम और नई डील से कंपनी को फायदाTCS के तिमाही नतीजों में सबसे अधिक चर्चा AI-संचालित समाधानों की है। कंपनी ने अपनी ऑर्डर बुक में जो बढ़ोतरी दिखाई है, उसमें जेनरेटिव एआई (GenAI) प्रोजेक्ट्स का बड़ा योगदान है। ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि कंपनी जिस तरह से अपने ग्राहकों को एआई के जरिए डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन में मदद कर रही है, उससे आने वाले समय में रेवेन्यू ग्रोथ को और मजबूती मिलेगी। क्लाउड एडॉप्शन और साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों में भी कंपनी की स्थिति काफी बेहतर बनी हुई है, जो इसे प्रतिस्पर्धियों से आगे खड़ा करती है।क्या ₹3000 का लक्ष्य हासिल करना मुमकिन है?ब्रोकरेज हाउस इस शेयर को लेकर काफी आशावादी नजर आ रहे हैं। कई बड़ी वित्तीय संस्थाओं ने TCS के लिए ₹3000 के आसपास का टारगेट रखा है। हालांकि, बाजार की मौजूदा चाल को देखते हुए निवेशकों के मन में यह सवाल है कि क्या अभी खरीदारी का सही मौका है? एक्सपर्ट्स की सलाह है कि बाजार के उतार-चढ़ाव को देखते हुए इसमें 'बाय ऑन डिप्स' (गिरावट पर खरीदारी) की रणनीति अपनानी चाहिए। TCS का मजबूत बैलेंस शीट और डिविडेंड देने का रिकॉर्ड इसे एक 'डिफेंसिव' स्टॉक के रूप में पेश करता है, जो पोर्टफोलियो को स्थिरता प्रदान करता है।
SBI फंड्स का 11,693 करोड़ का IPO 14 जुलाई से खुलेगा, जानिए प्राइस बैंड, GMP और पूरी डिटेल
SBI Funds Management IPO : देश में म्यूचुअल फंड की सबसे बड़ी कंपनी SBI फंड्स मैनेजमेंट का बहु प्रतिक्षित आईपीओ जल्द ही बाजार में आने वाली है। SBI फंड्स मैनेजमेंट का यह IPO 11,693 करोड़ रुपए का है। इसके एक शेयर का फेस वैल्यू 1 रुपया है। इसका प्राइस ...
केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास एवं संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने वर्चुअल माध्यम से ‘डेस्टिनेशन त्रिपुरा बिजनेस कॉन्क्लेव 2026’ को संबोधित करते हुए देश-विदेश के उद्योग जगत से त्रिपुरा की विकास यात्रा का सहभागी बनने और राज्य में निवेश करने का आह्वान किया।
झारखंड के इतिहास में गुरुवार सुबह ऐसी खुशनुमा खबर आई, जो राज्य के लाखों युवाओं के सपनों को नई उड़ान देगी। नई दिल्ली में आयोजित नेशनल स्टेक होल्डर्स कंसल्टेशन के आखिरी दिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी में राज्य सरकार ने 99,639 करोड़ रुपए के निवेश वाले 14 समझौतों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इनमें 10 एमओयू उद्योग विभाग के साथ, दो आईटी विभाग के साथ और दो पर्यटन विभाग के साथ हुए हैं। इन समझौतों के अनुसार जिंदल न्यूक्लियर पावर प्रा. लि. 30 हजार करोड़ रुपए की लागत राज्य का पहला न्यूक्लियर पावर प्लांट लगाएगा। इस प्लांट में ईंधन के रूप में यूरेनियम, प्लूटोनियम और थोरियम का उपयोग किया जाता है। वहीं गूगल एआई आधारित प्रशिक्षण उपलब्ध कराएगा। इससे स्वास्थ्य सेवाओं, खासकर टीबी जैसी बीमारियों के उपचार और नियंत्रण के लिए एआई के उपयोग को लेकर भी समझौता हुआ है। टाटा स्टील भी 9600 करोड़ की लागत से जमशेदपुर और आसपास के इलाके में अपने स्टील और टीन प्लेट प्लांट्स का विस्तार करेगी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के समग्र विकास के लिए सरकार शॉट टर्म योजनाओं की बजाय लॉन्ग टर्म पार्टनरशिप पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को सभी योजनाओं को निश्चित समय-सीमा के भीतर धरातल पर उतारने को कहा। झारखंड को रिसर्च, इनोवेशन और आइडियाज का केंद्र बनाएंगे : हेमंतसमापन सत्र में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आज विभिन्न संस्थाओं से हुए एमओयू सिर्फ कागजी समझौता नहीं, बल्कि राज्य के उज्ज्वल भविष्य की उपलब्धियां हैं। झारखंड की पहचान खनिज संपदा से रही है। अब इसे रिसर्च, इनोवेशन और नए आइडियाज का केंद्र बनाना है। बेहतर कम्युनिकेशन की कमी के कारण झारखंड की क्षमता दुनिया के सामने पूरी तरह से नहीं आ पाई। सरकार इस गैप को खत्म कर देश-विदेश के निवेशकों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखेगी। जानिए...कौन सी कंपनी किस क्षेत्र में कितना निवेश करेगीजिंदल स्टील लिमिटेड: 40 हजार करोड़ का निवेश कर राज्य में स्टील प्लांट लगाएगा और स्टील उत्पादन की क्षमता बढ़ाएगा। इससे बड़ी संख्या में रोजगार पैदा होंगे।जिंदल न्यूक्लियर पावर प्रा. लि.: 30 हजार करोड़ रुपए का निवेश कर राज्य में न्यूक्लियर पावर प्लांट लगाएगा। इससे भविष्य में झारखंड को सरप्लस बिजली मिल सकेगी।जिंदल रिन्यूवेबल्स प्रा. लि.: 650 करोड़ रुपए का निवेश कर सौर ऊर्जा और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों पर काम करेगी, जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना बिजली मिल सके।रूंग्टा संस प्रा. लि. और रूंगटा माइंस लि.: कुल 13 हजार करोड़ निवेश करेगा। इसका मुख्य फोकस खनन और मेटल इंडस्ट्री को आधुनिक बनाने और नई यूनिट्स बनाने पर होगा।टाटा स्टील और टाटा स्टील टीन प्लेट एक्सपेंशन: 9600 करोड़ रुपए से जमशेदपुर और आसपास के इलाकों में अपने स्टील और टीन प्लेट प्लांट का विस्तार करेगा। इससे रोजगार बढ़ेगे।अमलगम स्टील एंड पावर लिमिटेड: 4980 करोड से स्टील और पावर सेक्टर में क्षमता बढ़ाएगी और नए प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू करेगी।अंबुला सीमेंट (एपीजेएएल पावर प्लांट): सीमेंट क्षेत्र की यह दिग्गज कंपनी पावर प्लांट और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में 1000 करोड़ का निवेश करेगी।गूगल क्लाउड: आईटी विभाग के साथ मिलकर राज्य में ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने, एआई का ढांचा तैयार करने और डेटा सुरक्षित रखने पर काम करेगी। वाधवानी ग्रुप: युवाओं और सरकारी अधिकािरयों को आधुनिक एआई तकनीक, कोडिंग और डिजिटल िस्कल्स की ट्रेनिंग देगा।ईज माई ट्रिप प्लानर्स: पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार की पार्टनर बनी है। यह झारखंड के माइनिंग टूरिज्म और सांस्कृतिक धरोहरों की ब्रांडिंग करेगी।वरुण बेवरेजेस: 409 करोड़ की लागत से नया बॉटलिंग और मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाएगी। इससे स्थानीय स्तर पर सप्लाई चेन व रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। आदिवासी समाज को मुख्य धारा से जोड़ें...मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की आत्मा आदिवासी समाज में बसती है। जियाडा के नियमों में आदिवासियों के लिए 25 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। इसे बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने की संभावनाओं पर विचार करें, ताकि आदिवासी समुदाय भी औद्योगिक विकास की मुख्यधारा से जुड़ सके।
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की शानदार सफलता के बाद अब केंद्र सरकार दिल्ली-एनसीआर को देश के हाई-स्पीड रेल नेटवर्क का सबसे बड़ा जंक्शन बनाने जा रही है। इस महायोजना के तहत दिल्ली से देश के अलग-अलग कोनों को जोड़ने वाले चार नए बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का खाका तैयार किया गया है। केंद्रीय बजट में सात प्रमुख हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर में से दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी रूट को सबसे बड़ी प्राथमिकता दी गई है, जिस पर सरकार लगभग 2 लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश करने की तैयारी में है।दिल्ली-लखनऊ-वाराणसी रूट: यूपी के इन शहरों की चमकेगी किस्मतप्रस्तावित दिल्ली-वाराणसी कॉरिडोर के जरिए उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक, राजनीतिक और औद्योगिक शहरों को आपस में कनेक्ट किया जाएगा। यह आधुनिक रूट दिल्ली से शुरू होकर नोएडा, जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, कन्नौज, लखनऊ, रायबरेली, प्रयागराज और न्यू भदोही होते हुए सीधे वाराणसी पहुंचेगी। इतना ही नहीं, लखनऊ को सीधे रामनगरी अयोध्या से जोड़ने के लिए भी 124 से 135 किलोमीटर लंबा एक अलग हाई-स्पीड लिंक बनाने का शानदार प्लान है।देश का सबसे लंबा बुलेट ट्रेन रूट: दिल्ली से सिलीगुड़ी सिर्फ 6 घंटे मेंयह बुलेट ट्रेन कॉरिडोर भारत का सबसे लंबा हाई-स्पीड रेल रूट बनने जा रहा है। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने इसके सिविल स्ट्रक्चर डिजाइन के लिए टेंडर भी जारी कर दिए हैं। पहले से तय दिल्ली-वाराणसी लाइन को अब आगे बढ़ाकर पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक ले जाया जाएगा। लगभग 1705 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर दिल्ली, यूपी के बाद बिहार के बक्सर, पटना, बेगूसराय, खगड़िया, कटिहार और पश्चिम बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी (सिलीगुड़ी) से होकर गुजरेगा। इस रूट पर ट्रेनें 320 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी, जिससे दिल्ली से सिलीगुड़ी का सफर महज 6 घंटे में पूरा हो जाएगा, जबकि दिल्ली से लखनऊ सिर्फ 2 घंटे 10 मिनट और वाराणसी 3 घंटे 50 मिनट की दूरी पर रह जाएगा।दिल्ली से मुंबई का सफर भी होगा आसानदूसरा बड़ा कॉरिडोर दिल्ली को राजस्थान और गुजरात के रास्ते सीधे आर्थिक राजधानी मुंबई से जोड़ेगा। इस रूट पर सफर करने वाले यात्री बिना किसी रुकावट के हाई-स्पीड कनेक्टिविटी का आनंद ले सकेंगे। इसके तहत द्वारका, बिजवासन, गुरुग्राम, मानेसर, रेवाड़ी, बहरोड़ (नीमराना), शाहपुरा, जयपुर, किशनगढ़ (अजमेर), बिजयनगर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, डूंगरपुर, हिम्मतनगर और साबरमती (अहमदाबाद) जैसे स्टेशनों को शामिल करने का प्रस्ताव है।दिल्ली से कटरा: माता वैष्णो देवी के दर्शन होंगे बेहद आसानधार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली-अमृतसर कॉरिडोर का भी प्लान तैयार है। यह रूट रोहतक, जींद, कैथल, चंडीगढ़, मोहाली, लुधियाना और जालंधर होते हुए अमृतसर पहुंचेगा। भविष्य में इसे जालंधर से पठानकोट होते हुए सीधे जम्मू और कटरा तक विस्तार दिया जाएगा, जिससे वैष्णो देवी जाने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी और दिल्ली से अमृतसर की दूरी घटकर महज दो घंटे रह जाएगी।
भारी गिरावट से उबरा बाजार, सेंसेक्स 238 अंक चढ़कर बंद; निफ्टी 24,000 के करीब
पिछले दिन की भारी गिरावट से उबरते हुए भारतीय शेयर बाजार गुरुवार के सत्र में बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुआ
Share Bazaar में लौटी रौनक, Sensex 238 अंक उछला, Nifty में भी आई तेजी
Share Market Update News : भारतीय शेयर बाजार में एक दिन की भारी गिरावट के बाद फिर से रौनक लौटी है। कारोबारी सप्ताह के चौथे दिन यानी आज बीएसई का सेंसेक्स और एनएसई का निफ्टी हरे निशान पर रहे। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 238.22 अंक (0.31%) की बढ़त के ...
छत्तीसगढ़ में निवेश और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए राज्य मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (विनियमन-मुक्ति एवं सुविधा) विधेयक-2026 के प्रारूप को मंजूरी दे दी है। इस विधेयक का उद्देश्य व्यापार और उद्योग शुरू करने की प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी, डिजिटल और समयबद्ध बनाना है। सरकार का दावा है कि ऐसा कानून लागू करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य होगा। विधेयक लागू होने के बाद निवेशकों को सरकारी प्रक्रियाओं में होने वाली अनावश्यक देरी और जटिलताओं से राहत मिलेगी। इसमें डीम्ड परमिशन (Deemed Permission), स्व-प्रमाणीकरण (Self-certification), तृतीय-पक्ष सत्यापन (Third-party Verification), जोखिम-आधारित निरीक्षण (Risk-based Inspection) और दोहरे लाइसेंस की अनिवार्यता समाप्त करने जैसे अहम प्रावधान शामिल किए गए हैं। सरकार का कहना है कि इन सुधारों से राज्य में कारोबार करना आसान होगा, निवेश बढ़ेगा, उद्योगों को गति मिलेगी और बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
महंगाई और AI के बीच घिरी अमेरिकी अर्थव्यवस्था, IMF की रिपोर्ट में भारत के लिए आई राहत की खबर
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ताजा 'मिनट्स' (बैठक का ब्योरा) ने ग्लोबल मार्केट में हलचल मचा दी है। फेड ने अपनी हालिया चर्चाओं में दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के सामने खड़े तीन बड़े खतरों का जिक्र किया है, जो आने वाले समय में वैश्विक बाजार की दिशा तय करेंगे। फेड की रिपोर्ट में महंगाई (Inflation), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव और मिडिल ईस्ट (Middle East) में जारी भू-राजनीतिक तनाव को सबसे बड़ी चिंता बताया गया है। इन चिंताओं के कारण ब्याज दरों में कटौती को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है, जिसका सीधा असर शेयर बाजार और निवेशकों के सेंटीमेंट पर पड़ रहा है।फेड की तीन बड़ी चिंताएं: क्या है अर्थव्यवस्था का हाल?फेडरल रिजर्व के अधिकारियों ने अपनी बैठक में साफ किया है कि महंगाई अभी भी उनके लक्ष्य से ऊपर है, जिससे नीतिगत दरों में राहत देने में देरी हो सकती है। दूसरी ओर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की तेजी को लेकर फेड ने दोधारी तलवार वाली स्थिति का जिक्र किया है—जहां एक तरफ यह उत्पादकता बढ़ा रही है, वहीं दूसरी तरफ बाजार में अस्थिरता और श्रम बाजार में बदलाव का डर भी बना हुआ है। इसके अलावा, मिडिल ईस्ट के तनाव ने ग्लोबल सप्लाई चेन और ऊर्जा कीमतों को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं, जिससे आने वाले महीनों में महंगाई पर दबाव और बढ़ने की आशंका है। इन तीनों मोर्चों पर फेड की सतर्कता यह संकेत दे रही है कि अमेरिका में ब्याज दरों पर फैसला अभी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।IMF ने भारत को लेकर दी बड़ी राहत की खबरएक तरफ जहां दुनिया के प्रमुख देश अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं, वहीं अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भारत के लिए सकारात्मक संकेत दिए हैं। आईएमएफ ने भारत की विकास दर को लेकर भरोसा जताया है और कहा है कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है। आईएमएफ के अनुसार, भारत का घरेलू उपभोग और नीतिगत सुधार इसे दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में बनाए रखने में मदद कर रहे हैं। फेड की चिंताओं के बीच आईएमएफ का यह बयान विदेशी निवेशकों के लिए राहत की बात है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक बाजार में अस्थिरता बनी भी रहती है, तो भारत के फंडामेंटल्स इसे बड़े झटकों से बचाने में सक्षम हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर भारत में निवेश की संभावनाओं को नई ऊंचाइयां देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलिया की प्रमुख कंपनियों के लीडर्स को भारत में आने और विस्तार करने का खुला निमंत्रण दिया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ बनाना है। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (CECA) को जल्द से जल्द पूरा करने पर जोर दिया है, जो भविष्य में दोनों देशों के बीच व्यापार की बाधाओं को कम करने और द्विपक्षीय निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक ऐतिहासिक पड़ाव साबित होगा। इस न्योते को भारत के 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान के साथ जोड़कर देखा जा रहा है, जिससे ऑस्ट्रेलियाई निवेशकों के लिए एक आकर्षक मंच तैयार हो रहा है।CECA समझौता: आर्थिक विकास के नए रास्तेCECA यानी कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक कोऑपरेशन एग्रीमेंट को दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों की रीढ़ माना जा रहा है। पीएम मोदी ने बातचीत के दौरान इस बात पर स्पष्ट रूप से प्रकाश डाला कि यह समझौता केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह दोनों देशों के उद्योगों के लिए अवसरों का एक नया द्वार खोलेगा। इस एग्रीमेंट के पूरा होने से भारत में मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे क्षेत्रों में ऑस्ट्रेलियाई निवेश को गति मिलेगी। साथ ही, भारतीय कंपनियों को भी ऑस्ट्रेलिया के बाजार तक सीधी और आसान पहुंच प्राप्त होगी। व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री की यह सक्रियता भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन का एक प्रमुख केंद्र बनाने की रणनीति का अहम हिस्सा है।भारत-ऑस्ट्रेलिया साझेदारी का बढ़ता दायराऑस्ट्रेलियाई कंपनियों को भारत आमंत्रित करना और उनके साथ उच्च-स्तरीय संवाद स्थापित करना, भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपनी रणनीतिक स्थिति को मजबूत करने का संकेत है। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत का बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम और बुनियादी ढांचे में हो रहा सुधार ऑस्ट्रेलियाई निवेशकों के लिए बेहतरीन मौके पेश कर रहा है। तकनीक और ऊर्जा के क्षेत्र में ऑस्ट्रेलिया की विशेषज्ञता भारत के औद्योगिक विकास में मील का पत्थर साबित हो सकती है। इस दिशा में चल रहे प्रयासों से आने वाले समय में रोजगार के नए अवसर पैदा होने और दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं में तालमेल बढ़ने की पूरी संभावना है।
भारत में क्रिप्टो करेंसी का क्रेज लगातार बढ़ता जा रहा है और मौजूदा आंकड़ों के अनुसार, देश में लगभग 3.9 करोड़ निवेशक डिजिटल एसेट्स के बाजार में सक्रिय हैं। निवेश के इस बढ़ते चलन के बीच भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक बार फिर निवेशकों को आगाह किया है। केंद्रीय बैंक की यह नई चेतावनी उन सभी लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो क्रिप्टो में अपना पैसा लगा रहे हैं। RBI ने बार-बार स्पष्ट किया है कि क्रिप्टो करेंसी का कोई वास्तविक अंतर्निहित मूल्य नहीं होता है और ये पूरी तरह से बाजार के जोखिमों के अधीन हैं। केंद्रीय बैंक का मानना है कि इस तरह के निवेश में पारदर्शिता की कमी और अत्यधिक अस्थिरता आम निवेशकों की गाढ़ी कमाई के लिए बड़ा खतरा बन सकती है।क्यों चिंतित है RBI और क्या है बड़ा रिस्क?भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी रिपोर्ट और गाइडलाइंस के माध्यम से कई बार यह दोहराया है कि क्रिप्टो करेंसी न तो कानूनी टेंडर है और न ही इसे भारत में मुद्रा के रूप में मान्यता प्राप्त है। RBI के शीर्ष अधिकारियों का कहना है कि क्रिप्टो बाजार में होने वाली अचानक गिरावट किसी भी निवेशक का पोर्टफोलियो चंद मिनटों में शून्य कर सकती है। इसके अलावा, साइबर सुरक्षा और मनी लॉन्ड्रिंग जैसी चिंताएं भी केंद्रीय बैंक की प्राथमिकताओं में हैं। भारत के करोड़ों निवेशकों को चेतावनी देते हुए RBI ने यह भी कहा है कि इस डिजिटल एसेट क्लास में निवेश करने से पहले निवेशक को पूरी तरह से इसके तकनीकी और आर्थिक जोखिमों को समझ लेना चाहिए। यदि आप क्रिप्टो में निवेश कर रहे हैं, तो किसी भी प्रकार की 'FOMO' (छूट जाने का डर) में आकर निर्णय लेने के बजाय पूरी सावधानी बरतें।डिजिटल एसेट निवेशकों के लिए जरूरी सुझावबाजार विशेषज्ञों और वित्तीय सलाहकारों का भी यही मानना है कि RBI की यह चेतावनी निवेशकों को सुरक्षित रखने के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह है। डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ते भारत में, क्रिप्टो के साथ-साथ सरकार समर्थित डिजिटल रुपया (e-Rupee) पर ध्यान केंद्रित करना अधिक सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है। यदि आप क्रिप्टो में निवेश जारी रखना चाहते हैं, तो हमेशा केवल अधिकृत और सुरक्षित प्लेटफार्मों का ही उपयोग करें। किसी भी अनजान स्कीम या लुभावने वादों वाले क्रिप्टो प्रोजेक्ट्स से दूर रहें, क्योंकि इनमें फ्रॉड की संभावना सबसे अधिक होती है। याद रखें कि निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, और क्रिप्टो के मामले में यह जोखिम कहीं अधिक है।
आज भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त रौनक देखने को मिल रही है। बाजार के प्रमुख सूचकांकों में आज सुबह से ही खरीदारी का माहौल बना हुआ है, जिससे निवेशकों का उत्साह बढ़ा है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स आज 500 अंकों की तेजी के साथ कारोबार कर रहा है, वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया है। बाजार के इस सकारात्मक रुख के पीछे वैश्विक संकेतों और घरेलू संस्थागत निवेशकों की सक्रियता को मुख्य कारण माना जा रहा है। सेंसेक्स और निफ्टी में आ रही इस तेजी ने निवेशकों के बीच विश्वास पैदा किया है, जिससे चुनिंदा मिडकैप और लार्जकैप शेयरों में भी रौनक देखी जा रही है।बाजार में तेजी का कारण और निफ्टी का नया पड़ावबाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निफ्टी का 24,000 के ऊपर टिके रहना एक मजबूत संकेत है। यदि बाजार इसी गति को बनाए रखता है, तो आने वाले दिनों में नए उच्चतम स्तर देखने को मिल सकते हैं। सेंसेक्स में 500 अंकों की उछाल के पीछे बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर का बड़ा योगदान रहा है। बाजार की इस तेजी के दौरान चुनिंदा स्टॉक्स में मुनाफावसूली का दौर भी चल रहा है, लेकिन कुल मिलाकर मार्केट का सेंटीमेंट 'बुलिश' बना हुआ है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे बाजार में किसी भी बड़ी हलचल के दौरान सतर्क रहें और अपने पोर्टफोलियो को सावधानी से मैनेज करें।Dr. Reddy’s में बड़ी गिरावट, निवेशकों की चिंता बढ़ीजहाँ एक ओर बाजार में हरियाली है, वहीं दूसरी ओर दिग्गज फार्मा कंपनी डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज (Dr. Reddy’s Laboratories) के शेयरों में आज भारी दबाव देखने को मिल रहा है। कंपनी के शेयर आज के कारोबारी सत्र में करीब 6 फीसदी तक टूट गए हैं। इस गिरावट के पीछे बाजार में चल रही नकारात्मक खबरों और तिमाही नतीजों से जुड़ी उम्मीदों को मुख्य वजह बताया जा रहा है। अचानक आई इस गिरावट से फार्मा सेक्टर के निवेशकों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, बाजार के जानकारों का कहना है कि किसी भी निवेश निर्णय से पहले कंपनी के फंडामेंटल्स और तकनीकी चार्ट को जरूर देखें।
बंगाल में ईडी की बड़ी कार्रवाई, क्रिप्टो और चिटफंड निवेश मामलों में कई ठिकानों पर छापेमारी
पश्चिम बंगाल में ईडी ने क्रिप्टो निवेश, चिटफंड और फर्जी शेयर बाजार योजनाओं से जुड़े मामलों में दुर्गापुर, हावड़ा और नदिया सहित कई स्थानों पर छापेमारी की।
यमुनानगर में क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर लाखों रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। गांधी नगर थाना पुलिस ने आर्थिक अपराध शाखा की प्रारंभिक जांच और एसपी की अनुमति के बाद तीन आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक साजिश रचने के आरोप में केस दर्ज किया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपियों ने एक्लेट कॉइन, बिटॉक्स और एक्लेट वर्ल्डके नाम पर हर महीने 5 से 6 प्रतिशत रिटर्न और 22 महीने में रकम दोगुनी करने का लालच देकर उससे और उसके परिवार से करीब 8.96 लाख रुपए निवेश कराए। बाद में केवल 90 हजार रुपए लौटाए गए, जबकि 8.05 लाख रुपए हड़प लिए गए। गुजरात में प्लॉट दिलाने का लालच शिकायतकर्ता कंवर साहिब निवासी त्यागी गार्डन ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह निर्मल और सुखदास को पहले से जानता था। इन्हीं के माध्यम से उसकी पहचान अंबाला निवासी अभिषेक गोयल और प्रदीप राणा से हुई। दोनों ने उसे एक्लेट कॉइन, बिटॉक्स और एक्लेट वर्ल्डके नाम की क्रिप्टो करेंसी स्कीम के बारे में बताया। आरोपियों ने दावा किया कि इस योजना में निवेश करने पर हर महीने 5 से 6 प्रतिशत रिटर्न मिलेगा और 22 महीने में रकम दोगुनी हो जाएगी। इसके अलावा अधिक निवेश करने पर परिवार सहित थाईलैंड का मुफ्त टूर और धोलेरा स्मार्ट सिटी (गुजरात) में प्लॉट दिलाने का भी लालच दिया गया। चेक की वैधता हुई समाप्त शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपियों की बातों पर भरोसा कर उसने मई से अक्टूबर 2023 के बीच अलग-अलग तारीखों में बैंक खातों और नकद के माध्यम से कुल 8 लाख 95 हजार 900 रुपए निवेश किए। शुरुआत में भरोसा बनाए रखने के लिए आरोपियों ने उसके खाते में 90 हजार रुपए वापस भेजे, लेकिन इसके बाद कोई रकम नहीं लौटाई। जब उसने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने 8 लाख रुपए और 3.66 लाख रुपए के पोस्ट डेटेड चेक दिए। बाद में कहा कि चेक बैंक में जमा न करें, वे सीधे खाते में पैसे ट्रांसफर कर देंगे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनके भरोसे में आकर उसने चेक बैंक में जमा नहीं किए और इस दौरान चेक की वैधता समाप्त हो गई। इसके बाद आरोपियों ने पैसे लौटाने से साफ इनकार कर दिया। अन्य लोगों से भी लाखों की ठगी का आरोप शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि आरोपियों ने कई अन्य लोगों से भी लाखों रुपए की ठगी की है। इनमें चुहड़पुर कलां निवासी मोहन लाल से 18 लाख रुपए, प्रताप नगर निवासी नवीन कुमार से 20.70 लाख रुपए, गुमथला राव निवासी अनिल कुमार से 3.84 लाख रुपए और भम्भौली निवासी सुशील कुमार से 3.35 लाख रुपए लेने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में उल्लेख किया गया है कि आरोपियों के खिलाफ साढौरा थाना में वर्ष 2025 में भी कथित क्रिप्टो धोखाधड़ी से जुड़ा मामला दर्ज है। गांधी नगर थाना प्रभारी जगबीर सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर अभिषेक गोयल निवासी महेश नगर अंबाला, प्रदीप राणा अंबाला और निर्मल निवासी अंबली अंबाला के खिलाफ केस दर्ज किया है।
मिश्रित वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गुरुवार को हल्की तेजी के साथ हुई। सुबह 9:20 पर सेंसेक्स 336 अंक या 0.42 प्रतिशत की तेजी के साथ 76,822 और निफ्टी 112 अंक या 0.47 प्रतिशत की मजबूती के साथ 23,994.35 पर था।
पिछले छह महीने वैश्विक और भारतीय निवेशकों के लिए बेहद उथल-पुथल भरे रहे हैं। पहले घरेलू इक्विटी मार्केट में मंदी आई और फिर अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते ग्लोबल स्टॉक मार्केट्स औंधे मुंह गिर गए। आमतौर पर जब शेयर बाजार गिरता है, तो निवेशक सुरक्षित निवेश के लिए सोने-चांदी की तरफ भागते हैं क्योंकि इन दोनों एसेट क्लास में उल्टा संबंध (Inverse Relationship) होता है। लेकिन इस बार इतिहास ने खुद को नहीं दोहराया। मजबूत डॉलर और अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) द्वारा ब्याज दरें न घटाने के कड़े संकेतों के चलते पिछले 6 महीनों में सोने की कीमतों में करीब 20% और चांदी में 43% की भारी गिरावट आई है। वहीं दूसरी ओर, युद्ध के दबाव से सेंसेक्स 11% और निफ्टी 8.6% तक टूट चुके हैं। जब कमाई के ये दोनों मुख्य रास्ते बंद हो गए, तब म्यूचुअल फंड की एक खास कैटेगरी 'मल्टी एसेट एलोकेशन फंड' (Multi-Asset Allocation Fund) निवेशकों के लिए संकटमोचक बनकर उभरी और तगड़ा मुनाफा कराया।सेबी के नियम और निवेश का पूरा गणितमार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) के कड़े नियमों के अनुसार, मल्टी एसेट एलोकेशन फंड्स के लिए यह अनिवार्य है कि वे कम से कम तीन अलग-अलग एसेट क्लास में से प्रत्येक में न्यूनतम 10% का निवेश (Allocation) बनाए रखें। ये तीन मुख्य साधन होते हैं:इक्विटी (Equity): शेयर बाजार में निवेश।डेट (Debt): फिक्स्ड इनकम और सरकारी सिक्योरिटीज।कमोडिटी (Commodity): सोना, चांदी या रियल एस्टेट (REITs)।चूंकि अलग-अलग समय पर हर एसेट क्लास का प्रदर्शन अलग होता है, इसलिए यह फंड ऑटोमैटिक तरीके से आपके रिस्क और रिटर्न को बैलेंस कर देता है।इन टॉप फंड्स ने पिछले 3 साल में दिया 20% तक का सालाना रिटर्नइस कैटेगरी में सबसे बड़ी एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) संभालने वाले फंड्स ने इक्विटी म्यूचुअल फंड्स को भी मात दे दी है। पिछले 3 सालों के प्रदर्शन की तालिका नीचे दी गई है:म्यूचुअल फंड का नामपिछले 3 साल का सालाना रिटर्न (CAGR)निप्पॉन इंडिया मल्टी एसेट एलोकेशन फंड19.92%एसबीआई (SBI) मल्टी एसेट एलोकेशन फंड17.50%आदित्य बिड़ला सन लाइफ मल्टी एसेट फंड17.40%मोतीलाल ओसवाल मल्टी एसेट फंड13.90%बार-बार पोर्टफोलियो बदलने के झंझट से मुक्तिमल्टी एसेट फंड का सबसे बड़ा व्यावहारिक फायदा यह है कि इसमें खुद निवेशकों को बाजार की चाल देखकर बार-बार अपने पोर्टफोलियो को रीबैलेंस (बदलना) नहीं करना पड़ता। फंड मैनेजर बाजार के उतार-चढ़ाव को देखते हुए खुद ही पैसे को सही जगह शिफ्ट कर देते हैं। इससे निवेशकों का पैसा केवल उन एसेट्स में फंसने से बच जाता है जो पहले अच्छा कर रहे थे पर अब मंदी में हैं। यह फंड उन एसेट्स में भी सही समय पर एंट्री दिलाता है जिन्हें वर्तमान में बाजार पसंद नहीं कर रहा, लेकिन भविष्य में वे बंपर रिटर्न दे सकते हैं।बाजार के दिग्गजों की राय: पोर्टफोलियो डाइवर्सिफ़िकेशन के लिए यही है बेस्ट टाइमफाइनेंशियल एक्सपर्ट्स और बाजार के जानकारों का साफ मानना है कि यदि आप मौजूदा वैश्विक मंदी और युद्ध के हालातों में अपने निवेश को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो पोर्टफोलियो में विविधता (Diversification) लाने का यह सबसे सही और सटीक समय है। मल्टी-एसेट फंड्स जोखिम को बहुत कम कर देते हैं क्योंकि जब इक्विटी और कमोडिटी दोनों नीचे जा रहे हों, तब डेट (Fixed Income) वाला हिस्सा आपके पोर्टफोलियो को भारी गिरावट से बचाए रखता है। नए और सुरक्षित निवेश की तलाश कर रहे लोगों के लिए यह हाइब्रिड मॉडल सबसे बेहतरीन विकल्प साबित हो रहा है।
बस्तर फाइटर्स भर्ती संशोधन को हरी झंडी मिल गई है। ये फैसला मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक लिया गया। बैठक में छत्तीसगढ़ के विकास, निवेश और प्रशासनिक सुधारों को गति देने के लिए कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसमें उद्योगों, आम जनता और किरायेदारों से जुड़े कानूनों को सरल और समकालीन बनाने के लिए कई अहम संशोधन भी शामिल हैं। इसके तहत राज्य में देश का पहला ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ विधेयक लागू होने जा रहा है, जिसमें छोटे पर्यावरणीय उल्लंघनों पर जेल का प्रावधान समाप्त कर केवल जुर्माने का नियम बनाया गया है। अन्य महत्वपूर्ण फैसले नवा रायपुर के लिए ओटीएस योजना: नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) के आबंटित भूखंडों व निर्मित परिसरों के बकाया ब्याज और अधिभार में राहत देने के लिए ‘वन टाइम सेटलमेंट योजना-2026’ को मंजूरी दी गई है। इससे इच्छुक न होने वाले आबंटिती समय पर भूमि सरेंडर कर सकेंगे। प्राइवेट यूनिवर्सिटी के लिए ‘रक्षित निधि’: छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) संशोधन विधेयक को मंजूरी दी गई है। अब इसमें ‘विन्यास निधि’ के स्थान पर ‘रक्षित निधि’ का प्रावधान होगा, जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर, लाइब्रेरी और अन्य सुविधाएं यूजीसी मानकों के अनुरूप करना अनिवार्य होगा।
बिलासपुर में शेयर बाजार और डीमैट अकाउंट से जुड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि दो लोगों के डिमैट खातों से 44 लाख 35 हजार 855 रुपए की हेराफेरी की गई। बताया जा रहा है कि बिना अनुमति खातों में ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर बदलकर शेयर और म्यूचुअल फंड ट्रांसफर कर दिए गए। इस मामले की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पूरा मामला तारबाहर थाना क्षेत्र का है। पुलिस के मुताबिक, क्रांति नगर के 47 वर्षीय रत्नेश दुबे ने तारबाहर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता, शकुंतला दुबे और रमेश प्रसाद दुबे के नाम से बिलासपुर के नारायण प्लाजा स्थित एसएमसी ग्लोबल सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड में दो डीमैट खाते थे। इनमें एक खाता दोनों के संयुक्त नाम से और दूसरा सिर्फ उनकी माता के नाम पर था। कंपनी ने नहीं दी खाते की जानकारी शिकायत के अनुसार, अज्ञात लोगों ने डिमैट खातों से जुड़े ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर बदल दिए। इसके बाद उन्होंने खातों पर कब्जा कर लिया और खाताधारकों की जानकारी या अनुमति के बिना कई लेन-देन कर दिए। रत्नेश दुबे का कहना है कि उन्हें इस धोखाधड़ी की जानकारी काफी देर से मिली। जब उन्होंने कंपनी से संपर्क किया तो उन्हें खातों की पूरी जानकारी नहीं दी गई। कंपनी ने एक बैंक खाते में शून्य बैलेंस होने की जानकारी दी, जबकि दूसरे खाते की कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई। 44 लाख रुपए से अधिक के निवेश में गड़बड़ी का आरोप शिकायत में बताया गया है कि 5 दिसंबर 2023 को करीब 31.25 लाख रुपए के शेयर और कुल 44.35 लाख रुपए के शेयर व म्यूचुअल फंड एसएमसी ग्लोबल सिक्योरिटीज में ट्रांसफर कर दिए गए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस ट्रांसफर की जानकारी परिवार को नहीं दी गई और न ही उनसे कोई अनुमति ली गई। पहले कंपनी को दी गई थी सूचना शिकायतकर्ता ने बताया कि धोखाधड़ी का पता चलने के बाद उन्होंने बिलासपुर स्थित एसएमसी कार्यालय और रायपुर के अधिकारियों से संपर्क किया। उन्होंने 26 जनवरी को कंपनी की आधिकारिक ई-मेल पर पूरे मामले की शिकायत भी भेजी, लेकिन कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। कर्मचारियों के मिलीभगत होने की आशंका शिकायतकर्ता ने आवेदन में यह भी आशंका जताई है कि इतनी बड़ी वित्तीय अनियमितता बिना अंदरूनी सहयोग के संभव नहीं है। इसलिए उन्होंने एसएमसी के कुछ कर्मचारियों की संभावित संलिप्तता की जांच कराने की मांग की है। तारबाहर पुलिस ने मामले में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दोपहर करीब 2:20 बजे तक बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1,784 अंक की गिरावट के साथ 76,396 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 50 सूचकांक 541 अंक टूटकर 23,900 के स्तर से नीचे पहुंच गया।
8 और 9 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में वैश्विक स्तर का हितधारक परामर्श कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दो दिवसीय कार्यक्रम में देशभर के उद्योगपति, विनिर्माण क्षेत्र के प्रतिनिधि, टेक्सटाइल विशेषज्ञ, निवेशक और अर्थशास्त्री भाग लेंगे। 9 जुलाई को आयोजित विशेष फीडबैक सत्र की अध्यक्षता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे। इस दौरान नीतियों पर विस्तृत चर्चा होगी और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ अपने सुझाव साझा करेंगे, जिससे नीति को और बेहतर बनाया जा सके। झारखंड को निवेश के लिए आकर्षक बनाया जाएदरअसल, झारखंड में औद्योगिक विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने दो महत्वपूर्ण नीतियों का ड्राफ्ट जारी किया है। उद्योग निदेशालय की ओर से झारखंड टेक्सटाइल, परिधान एवं फुटवियर नीति-2026 तथा झारखंड औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति 2026 का प्रारूप सार्वजनिक किया गया है। इन नीतियों के माध्यम से राज्य में निवेश के अवसरों को बढ़ाने और औद्योगिक ढांचे को मजबूत करने की योजना बनाई गई है। सरकार का लक्ष्य है कि बदलती वैश्विक और घरेलू औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप नीतियों को तैयार कर झारखंड को निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बनाया जाए। सिंगल विंडो पोर्टल पर उपलब्ध है ड्राफ्ट राज्य सरकार ने इन दोनों नीतियों पर उद्योग जगत, विशेषज्ञों, निवेशकों और आम नागरिकों से सुझाव एवं प्रतिक्रिया आमंत्रित की है। इसके लिए दोनों नीतियों का विस्तृत प्रारूप झारखंड सिंगल विंडो पोर्टल पर उपलब्ध कराया गया है। सरकार का मानना है कि व्यापक विचार-विमर्श और विभिन्न हितधारकों के सुझावों के आधार पर नीति को अंतिम रूप देने से यह अधिक व्यवहारिक और प्रभावी बन सकेगी। उद्योगपतियों की जरूरतों और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए नीति तैयार करने से राज्य में निवेश का माहौल बेहतर होगा और नए उद्योग स्थापित होने की संभावना बढ़ेगी। एमओयू पर हस्ताक्षर की संभावना सरकार को उम्मीद है कि इस परामर्श कार्यक्रम के दौरान कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। इससे राज्य में औद्योगिक निवेश और तकनीकी सहयोग को नई गति मिलेगी। साथ ही, रोजगार के नए अवसर सृजित होने की संभावना भी बढ़ेगी। सरकार का मानना है कि पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल नीतियों के जरिए झारखंड को एक प्रमुख औद्योगिक हब के रूप में विकसित किया जा सकता है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे। इन बड़ी कंपनियों के साथ होगी चर्चा बैठक में आईटी क्षेत्र की प्रमुख कंपनियां टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंफोसिस, विप्रो, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा, एलटीआई माइंडट्री, कॉग्निजेंट, एक्सेंचर, आईबीएम इंडिया और कैपजेमिनी इंडिया के प्रतिनिधि शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील, लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी), महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर, मारुति सुजुकी इंडिया, जेएसडब्ल्यू स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट और ग्रासिम इंडस्ट्रीज सहित कई प्रमुख औद्योगिक समूहों तथा विभिन्न उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। इन नीतियों पर भी निर्णय की है संभावना विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए उद्योग विभाग में यूरोपीय कंपनियों के लिए एक विशेष कोषांग (सेल) स्थापित करने की भी योजना है। इसके माध्यम से विदेशी निवेशकों को आवश्यक मार्गदर्शन, अनुमतियां और अन्य प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। नई नीतियों में खनन, आधारभूत संरचना, इस्पात, निर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा, ऑटोमोबाइल, खाद्य प्रसंस्करण और विनिर्माण क्षेत्र पर विशेष फोकस रहेगा। ईवी नीति में मिल सकती हैं नई रियायतें प्रस्तावित संशोधनों के तहत इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति में विनिर्माण इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए निवेश सब्सिडी को और आकर्षक बनाए जाने की संभावना है। मशीनरी, प्रदूषण नियंत्रण उपकरण और हरित ऊर्जा उपकरणों पर अतिरिक्त प्रोत्साहन देने के साथ भूमि आवंटन पर अधिकतम लीज प्रीमियम में छूट पर भी विचार किया जा रहा है। फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा फूड एंड फीड प्रोसेसिंग नीति में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए संशोधन किए जाने की संभावना है। विशेषकर जनजातीय विकास परियोजना क्षेत्रों में स्थापित होने वाली इकाइयों को प्लांट एवं मशीनरी, तकनीकी सिविल कार्यों और मेगा परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जा सकता है।
ऑनलाइन फ्रॉड करने वाले गिरोह की रफ्तार पुलिस की जांच से भी तेज हो चुकी है। पुलिस जब तक इनके किसी एक तरीके को डिकोड करती है, ये ठगी का नया तरीका लेकर आ जाते हैं। ताजा मामले में शातिरों ने महू आर्मी केंटोनमेंट बोर्ड के नाम पर इंदौर और आसपास के उद्योगपतियों को टारगेट करना शुरू किया है। हाल ही में एक महिला उद्योगपति ने सूझबूझ से खुद को बचा लिया, लेकिन केंट बोर्ड के गार्ड्स के मुताबिक केंट बोर्ड के नाम पर रोज 4 से 5 लोग ऐसे ही माल लेकर आ रहे हैं और ठगी का शिकार हो रहे हैं। भमोरी क्षेत्र की कारोबारी पिंकी श्रीवास्तव ने बताया एक महीने पहले उन्हें वाट्सएप पर महू केंट बोर्ड के नाम से 2 लाख 15 हजार 230 रुपए का एक पर्चेस ऑर्डर मिला। केंट बोर्ड का हूबहू दिखने वाला ऑफिशियल लेटरहेड होने के कारण उन्होंने इसे गंभीरता से लिया। वाट्सएप पर केंट बोर्ड का अफसर बनकर बात कर रहे ठग ने उनसे सिलीकॉन (पीएस) प्रोडक्ट की मांग की। 5 रुपए के ट्रांजेक्शन से खुल गई पोलपिंकी ने दिल्ली से स्पेशल माल मंगवाया और खुद लोडिंग वाहन लेकर महू केंट बोर्ड पहुंचीं। वहां पहुंचते ही ठगों ने फोन पर उनकी लोकेशन वॉच की और गेट से दूर एक सुनसान जगह पर बुला लिया। ठगों ने फोन पर कहा, हम एक बैंक खाता भेज रहे हैं, पहले वेरिफिकेशन के लिए इसमें 5 रुपए का ट्रांजेक्शन करो, फिर आपके माल का पूरा पेमेंट ट्रांसफर करेंगे। बिना माल चेक किए भुगतान करने और अनजान खाते में पैसे डालने की जिद पर पिंकी को शंका हुई। उन्होंने गेट पर तैनात सुरक्षा गार्ड से बात की तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। साइबर अपराधियों के नए हथकंडे, जिनमें उलझ रही जनता फर्जी ट्रेडिंग और निवेश एप: टेलीग्राम या वाट्सएप ग्रुप में जोड़कर शेयर बाजार या क्रिप्टो में 200 गुना मुनाफे का लालच देना। छोटा प्रॉफिट देकर बड़ी रकम हड़प लेना।APK फाइल से मोबाइल हैक: बैंक, कूरियर या बिजली बिल अपडेट के नाम पर APK फाइल भेजना। इसे इंस्टॉल करते ही मोबाइल का पूरा एक्सेस ठगों के पास पहुंच जाता है।स्क्रीन शेयरिंग एप: एनीडेस्क जैसी रिमोट एक्सेस एप डाउनलोड कराकर सीधे बैंक खाते साफ करना।पार्ट-टाइम जॉब/टास्क फ्रॉड: ‘घर बैठे कमाई’ या ‘वीडियो लाइक कर पैसे कमाएं’ जैसे ऑफर देकर पहले छोटा भुगतान करना और फिर बड़े निवेश के नाम पर ठगी करना।वाट्सएप ‘बॉस’ स्कैम: कंपनी के मालिक या बड़े अफसर की डीपी लगाकर अकाउंटेंट को तत्काल फर्जी खाते में भुगतान का दबाव बनाना।फर्जी कस्टमर केयर व ई-मेल स्पूफिंग: गूगल सर्च पर नकली हेल्पलाइन नंबर डालना। बड़ी कंपनियों और लॉजिस्टिक व्यापारियों को हूबहू दिखने वाली फर्जी ई-मेल आईडी (स्पूफिंग) से टारगेट करना।क्यूआर कोड स्कैम: पैसे आपके खाते में आएंगे... कहकर क्यूआर कोड स्कैन कराना, जबकि स्कैन करते ही पीड़ित के खाते से पैसे कट जाते हैं।केवायसी/बैंक अपडेट पैनिक: “आज ही केवायसी अपडेट न होने पर खाता बंद हो जाएगा” का डर दिखाकर मालवेयर लिंक पर क्लिक कराना और सिस्टम हैक करना।म्यूल अकाउंट: ठगी की रकम को तुरंत छुपाने के लिए दूसरों के बैंक खाते किराए पर लेना। एक ही रकम को अलग-अलग खातों में घुमाकर जांच को उलझाना। अलग-अलग कारोबारियों को अलग-अलग पर्चेस ऑर्डरजो मामले सामने आए हैं, उनमें ठगों ने अलग-अलग कारोबारियों को अलग-अलग पर्चेस ऑर्डर भेजकर ठगी का प्रयास किया है। आर्मी स्कूल के नाम पर स्टेशनरी, आर्मी हॉस्पिटल के नाम पर भी खरीदी के ऑर्डर भेजने के मामले सामने आए हैं। ताजा मामले में जिस सिलीकॉन प्रॉडक्ट की बात कही जा रही, उसका उपयोग संभवत: मिलिट्री बैरक और क्वार्टर्स की वाटरप्रूफिंग, सड़कों और ब्रिजेज के जॉइंट्स और आर्मी अस्पतालों और लैब्स की सीलिंग में हो सकता है। कई उद्योगपतियों से हुई है ठगीसाइबर ठगों ने केंटोनमेंट बोर्ड के नाम से फर्जी दस्तावेज, पर्चेस ऑर्डर व अन्य तरीके से कई उद्योगपतियों से धोखाधड़ी के प्रयास किए हैं। कुछ कारोबारियों से ठगी हो भी चुकी है। इसे लेकर हमने इंदौर पुलिस कमिश्नर, ग्रामीण एसपी और साइबर सेल एसपी के कार्यालयों में पत्राचार व ई-मेल भी किए हैं। - सतीश अग्रवाल, ऑफिस सुपरिंटेंडेंट, केंटोनमेंट बोर्ड
एक दिन में सबसे ज्यादा एसएमई आईपीओ की हुई लिस्टिंग
मुंबई, भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार का कारोबारी सत्र ऐतिहासिक रहा। इस दौरान कुल 6 स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइज (एसएमई) कंपनियों की लिस्टिंग हुई, जो कि 2026 में एसएमई आईपीओ लिस्टिंग का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।
गुरुग्राम पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने निवेश के नाम पर करोड़ों की साइबर ठगी से जुड़े मामले में कार्रवाई की है। पुलिस ने बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान महाराष्ट्र के उल्हासनगर, जिला ठाणे निवासी चेतन सूर्यकांत जगताप के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, 6 अगस्त 2025 को थाना साइबर क्राइम में एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि आईपीओ और शेयरों में निवेश कर मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर उससे करीब 33 लाख 55 हजार रुपए की ठगी की गई। इस शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंकिंग ट्रांजैक्शन की गहन पड़ताल की। इसके बाद आरोपी चेतन सूर्यकांत जगताप को 6 जुलाई को मुंबई से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर गिरफ्तार किया गया। जिस खाते में रकम गई, वह चेतन का था पुलिस जांच में सामने आया कि शिकायतकर्ता से ठगी गई रकम में से 25 लाख 70 हजार रुपए जिस बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे, वह खाता आरोपी चेतन के नाम पर था। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसने अपना बैंक खाता 4 प्रतिशत कमीशन के बदले दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए दे दिया था। इसी खाते का उपयोग साइबर ठगी की रकम को ट्रांसफर करने में किया गया। पुलिस नेटवर्क का पता लगा रही फिलहाल गुरुग्राम पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है ताकि इस साइबर ठगी गिरोह के अन्य सदस्यों और पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
मोदी के इंडोनेशिया दौरे से व्यापार-निवेश को नई उड़ान: इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स
जकार्ता/नई दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंडोनेशिया दौरे को लेकर वहां रह रहे भारतीय समुदाय और कारोबारी जगत में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।
संतकबीरनगर में करोड़ों रुपये की निवेश धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों की गिरफ्तारी रविवार देर शाम महुली क्षेत्र से की गई। सोमवार शाम करीब 5 बजे उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। जांच में खुलासा हुआ है कि एक आरोपी ने करीब चार करोड़ रुपये और दूसरे ने 50 लाख रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित की थी। धनघटा के सीओ अभय नाथ मिश्र ने बताया कि महुली थाना क्षेत्र के हटवा गांव निवासी संतलाल मौर्य की तहरीर पर 18 अक्टूबर 2025 को मुकदमा दर्ज किया गया था। मुख्य आरोपी धनंजय शुक्ला, उसकी सहयोगी रजनी प्रजापति समेत 13 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन की धाराओं में केस दर्ज किया गया था। आरोप है कि आरोपियों ने शेयर बाजार में बैंक से अधिक मुनाफा दिलाने का झांसा देकर लोगों से अपने खातों में बड़ी रकम जमा कराई। शिकायतकर्ता संतलाल मौर्य ने भी अपने परिजनों के माध्यम से 51 लाख रुपये निवेश किए थे, लेकिन न तो उन्हें कोई लाभ मिला और न ही मूलधन वापस किया गया। बाद में आरोपी कार्यालय बंद कर फरार हो गए और मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ कर लिए। 'एआईपीएल ट्रेडिंग' के नाम पर चलता था फर्जी निवेश का खेल पुलिस ने 18 मई 2026 को मुख्य आरोपी धनंजय शुक्ला और रजनी प्रजापति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। कस्टडी रिमांड के दौरान पूछताछ में पता चला कि आरोपी 'एआईपीएल ट्रेडिंग' नामक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए निवेशकों को फर्जी वर्चुअल बैलेंस और बढ़ता हुआ मुनाफा दिखाकर निवेश के लिए प्रेरित करते थे। जांच में यह भी सामने आया कि निवेश की रकम वास्तव में शेयर बाजार में नहीं लगाई जाती थी। नए निवेशकों से मिली राशि से पुराने निवेशकों को भुगतान किया जाता था। पुलिस के अनुसार, इस तरीके से करीब 30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई। दो और आरोपी गिरफ्तार, करोड़ों की संपत्ति खरीदी जांच के दौरान पुलिस ने महुली क्षेत्र के गायघाट निवासी विक्रांत प्रकाश सिंह और चंदहर निवासी सत्यप्रकाश यादव को गिरफ्तार किया। जांच में दोनों की भूमिका नए निवेशकों को जोड़ने, धनराशि एकत्र करने तथा बैंक खातों और नकद लेनदेन के जरिए अवैध लाभ कमाने में पाई गई। पुलिस के मुताबिक, विक्रांत ने करीब चार करोड़ रुपये और सत्यप्रकाश ने करीब 50 लाख रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित कर खजनी, सहजनवा और संतकबीरनगर क्षेत्र में अचल संपत्तियां खरीदी थीं। अन्य आरोपियों और संपत्तियों की जांच जारी पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य आरोपियों, उनकी भूमिका और अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों की भी जांच की जा रही है। जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
लगातार चौथे सत्र में बाजार में छाई हरियाली
मुंबई, सकारात्मक वैश्विक संकेतों के चलते हफ्ते पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार लगातार चौथे सत्र में बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुआ।
वैश्विक संकेतों के बीच हरे निशान में खुला भारतीय शेयर बाजार
मुंबई, मिलेजुले वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार सोमवार को हरे निशान में खुला। सुबह 9:21 पर सेंसेक्स 280 अंक या 0.36 प्रतिशत की तेजी के साथ 78,044 और निफ्टी 76 अंक या 0.32 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,348 पर था।
झारखंड में औद्योगिक विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने दो महत्वपूर्ण नीतियों का ड्राफ्ट जारी किया है। उद्योग निदेशालय की ओर से झारखंड टेक्सटाइल, परिधान एवं फुटवियर नीति-2026 तथा झारखंड औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति 2026 का प्रारूप सार्वजनिक किया गया है। इन नीतियों के माध्यम से राज्य में निवेश के अवसरों को बढ़ाने और औद्योगिक ढांचे को मजबूत करने की योजना बनाई गई है। सरकार का लक्ष्य है कि बदलती वैश्विक और घरेलू औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप नीतियों को तैयार कर झारखंड को निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बनाया जाए। सिंगल विंडो पोर्टल पर उपलब्ध है ड्राफ्ट राज्य सरकार ने इन दोनों नीतियों पर उद्योग जगत, विशेषज्ञों, निवेशकों और आम नागरिकों से सुझाव एवं प्रतिक्रिया आमंत्रित की है। इसके लिए दोनों नीतियों का विस्तृत प्रारूप झारखंड सिंगल विंडो पोर्टल पर उपलब्ध कराया गया है। सरकार का मानना है कि व्यापक विचार-विमर्श और विभिन्न हितधारकों के सुझावों के आधार पर नीति को अंतिम रूप देने से यह अधिक व्यवहारिक और प्रभावी बन सकेगी। उद्योगपतियों की जरूरतों और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए नीति तैयार करने से राज्य में निवेश का माहौल बेहतर होगा और नए उद्योग स्थापित होने की संभावना बढ़ेगी। दिल्ली में दो दिवसीय वैश्विक परामर्श, सीएम करेंगे अध्यक्षता इसी क्रम में 8 और 9 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में वैश्विक स्तर का हितधारक परामर्श कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दो दिवसीय कार्यक्रम में देशभर के उद्योगपति, विनिर्माण क्षेत्र के प्रतिनिधि, टेक्सटाइल विशेषज्ञ, निवेशक और अर्थशास्त्री भाग लेंगे। 9 जुलाई को आयोजित विशेष फीडबैक सत्र की अध्यक्षता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे। इस दौरान नीतियों पर विस्तृत चर्चा होगी और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ अपने सुझाव साझा करेंगे, जिससे नीति को और बेहतर बनाया जा सके। एमओयू पर हस्ताक्षर की संभावना सरकार को उम्मीद है कि इस परामर्श कार्यक्रम के दौरान कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। इससे राज्य में औद्योगिक निवेश और तकनीकी सहयोग को नई गति मिलेगी। साथ ही, रोजगार के नए अवसर सृजित होने की संभावना भी बढ़ेगी। सरकार का मानना है कि पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल नीतियों के जरिए झारखंड को एक प्रमुख औद्योगिक हब के रूप में विकसित किया जा सकता है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे। इन बड़ी कंपनियों के साथ होगी चर्चा बैठक में आईटी क्षेत्र की प्रमुख कंपनियां टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंफोसिस, विप्रो, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा, एलटीआई माइंडट्री, कॉग्निजेंट, एक्सेंचर, आईबीएम इंडिया और कैपजेमिनी इंडिया के प्रतिनिधि शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील, लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी), महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर, मारुति सुजुकी इंडिया, जेएसडब्ल्यू स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट और ग्रासिम इंडस्ट्रीज सहित कई प्रमुख औद्योगिक समूहों तथा विभिन्न उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। पारदर्शी व सहभागी नीति पर जोर उद्योग निदेशालय के अनुसार, ड्राफ्ट नीतियों को सार्वजनिक करना सरकार की पारदर्शी और सहभागी नीति निर्माण प्रक्रिया का हिस्सा है। इससे मंत्रिमंडल की अंतिम मंजूरी से पहले विभिन्न वर्गों के सुझावों और अनुभवों को शामिल कर नीतियों को अधिक व्यावहारिक एवं प्रभावी बनाया जा सकेगा। निदेशालय का कहना है कि इन नीतियों का उद्देश्य झारखंड को निवेश के लिए अधिक आकर्षक बनाना, औद्योगिक विकास को नई दिशा देना तथा राज्य को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मजबूत आधार तैयार करना है। इन नीतियों पर भी निर्णय की है संभावना विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए उद्योग विभाग में यूरोपीय कंपनियों के लिए एक विशेष कोषांग (सेल) स्थापित करने की भी योजना है। इसके माध्यम से विदेशी निवेशकों को आवश्यक मार्गदर्शन, अनुमतियां और अन्य प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। नई नीतियों में खनन, आधारभूत संरचना, इस्पात, निर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा, ऑटोमोबाइल, खाद्य प्रसंस्करण और विनिर्माण क्षेत्र पर विशेष फोकस रहेगा। ईवी नीति में मिल सकती हैं नई रियायतें प्रस्तावित संशोधनों के तहत इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति में विनिर्माण इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए निवेश सब्सिडी को और आकर्षक बनाए जाने की संभावना है। मशीनरी, प्रदूषण नियंत्रण उपकरण और हरित ऊर्जा उपकरणों पर अतिरिक्त प्रोत्साहन देने के साथ भूमि आवंटन पर अधिकतम लीज प्रीमियम में छूट पर भी विचार किया जा रहा है। फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा फूड एंड फीड प्रोसेसिंग नीति में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए संशोधन किए जाने की संभावना है। विशेषकर जनजातीय विकास परियोजना क्षेत्रों में स्थापित होने वाली इकाइयों को प्लांट एवं मशीनरी, तकनीकी सिविल कार्यों और मेगा परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जा सकता है।
निवेशकों को आकर्षित करने में सफल रहा अदाणी ग्रुप
अहमदाबाद, अदाणी ग्रुप वैश्विक संस्थागत निवेशकों और भारत के बड़े म्यूचुअल फंड्स को आकर्षित करने में सफल रहा है और यह ग्रुप को लेकर निवेशकों के सेंटीमेंट में स्पष्ट बदलाव को दिखाता है।
अंग्रेजी कैलेंडर का सातवां महीना यानी जुलाई 2026 कई लोगों के जीवन में खुशियों की नई सौगात लेकर आने वाला है। अंक ज्योतिष के अनुसार, यह महीना कई जातकों के लिए बेहद भाग्यशाली रहने वाला है। सिंगल लोगों के जीवन में किसी खास की एंट्री हो सकती है, तो वहीं लंबे समय से नौकरी में प्रमोशन का इंतजार कर रहे कामकाजी लोगों का इंतजार खत्म हो सकता है। व्यापार में भारी मुनाफे और आमदनी के नए स्रोत बढ़ने के भी मजबूत योग बन रहे हैं।जुलाई महीने का अपना सटीक भविष्यफल जानने के लिए आपको अपनी जन्मतिथि (Birthdate) को जोड़कर अपना मूलांक निकालना होगा। उदाहरण के लिए, यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो अंकों को जोड़ने पर आपका मूलांक 1 (जैसे: 2+8=10, 1+0=1) होगा। आइए जानते हैं मूलांक 1 से लेकर 9 तक के लिए जुलाई 2026 का पूरा अंक ज्योतिषफल।मूलांक 1 (यदि जन्म 1, 10, 19, 28 तारीख को हुआ हो)करिअर और नौकरी: जुलाई का महीना आपके लिए करियर के नए और सुनहरे अवसर लेकर आ सकता है। अगर आप नौकरी बदलने या प्रमोशन का इंतजार कर रहे हैं, तो महीने के उत्तरार्ध में कोई सकारात्मक खबर मिल सकती है। कार्यस्थल पर आपके नेतृत्व और सटीक निर्णय लेने की क्षमता की तारीफ होगी, लेकिन किसी भी बड़े फैसले को जल्दबाजी में लेने से बचें।व्यापार: कारोबारियों के लिए नए क्लाइंट्स और बड़े प्रोजेक्ट्स मिलने की प्रबल संभावना है। पुराने व्यापारिक संपर्कों से भी बड़ा मुनाफा हो सकता है। जो लोग पार्टनरशिप में बिजनेस कर रहे हैं, उन्हें कागजी कार्रवाई और लिखित समझौतों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।आर्थिक स्थिति: इस महीने आय के स्रोत काफी मजबूत रहेंगे, लेकिन इसके साथ ही खर्चों में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। यदि आप किसी नई जगह निवेश करने की सोच रहे हैं, तो बाजार की पूरी जानकारी जरूर जुटा लें। फालतू खर्चों पर लगाम लगाने से आपकी बचत सुरक्षित रहेगी।प्रेम और वैवाहिक जीवन: लव लाइफ में आपसी विश्वास और तालमेल बढ़ेंगे। यदि पार्टनर के साथ किसी बात को लेकर अनबन चल रही थी, तो बातचीत के जरिए उसका समाधान निकल जाएगा। शादीशुदा जातकों को अपने जीवनसाथी की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।पारिवारिक जीवन: परिवार में किसी मांगलिक या शुभ कार्य का आयोजन हो सकता है। माता-पिता का पूरा सहयोग मिलेगा, जिससे घर का माहौल शांतिपूर्ण और सुखद बना रहेगा।स्वास्थ्य: अधिक भागदौड़ के कारण थकान, सिरदर्द या अनिद्रा (नींद की कमी) जैसी परेशानियाँ हो सकती हैं। शरीर को पर्याप्त आराम दें और अपनी दिनचर्या अनुशासित रखें।शुभ रंग व दिन: सुनहरा और नारंगी रंग आपके लिए भाग्यशाली रहेगा। शुभ दिनों में रविवार और सोमवार शामिल हैं।मूलांक 2 (यदि जन्म 2, 11, 20, 29 तारीख को हुआ हो)करियर और नौकरी: यह महीना आपको कार्यस्थल पर धैर्य और समझदारी के साथ आगे बढ़ने की सलाह देता है। ऑफिस में सहकर्मियों के साथ टीमवर्क में काम करने से आपको बेहतरीन नतीजे मिलेंगे। सीनियर्स और बॉस के साथ अपने संबंध मधुर बनाए रखें, इससे आपको भविष्य में लाभ होगा।व्यापार: यदि आप किसी नए बिजनेस को शुरू करने का मन बना रहे हैं, तो जमीन स्तर पर बाजार का अच्छी तरह अध्ययन कर लें। पुराने और भरोसेमंद ग्राहकों के सहयोग से आपका मौजूदा कारोबार सुचारू रूप से चलता रहेगा।आर्थिक स्थिति: जुलाई के महीने में आपकी आमदनी सामान्य बनी रहेगी, लेकिन घरेलू सुख-सुविधाओं पर खर्च बढ़ सकता है। किसी करीबी मित्र या रिश्तेदार को बड़ा कर्ज या पैसा उधार देने से पहले अच्छी तरह सोच-विचार कर लें।प्रेम और वैवाहिक जीवन: भावनात्मक दृष्टिकोण से यह समय काफी अच्छा रहने वाला है। रिश्तों में मजबूती आएगी और आपसी भरोसा बढ़ेगा। अविवाहित जातकों के जीवन में किसी नए रिश्ते की शुरुआत हो सकती है।पारिवारिक जीवन: घर-परिवार के किसी बड़े सदस्य या काम की जिम्मेदारी अचानक आपके कंधों पर आ सकती है। शांति और ठंडे दिमाग से काम लेने पर आप सभी पारिवारिक जिम्मेदारियों को आसानी से निभा सकेंगे।स्वास्थ्य: मानसिक तनाव और बेवजह की चिंता से बचने की कोशिश करें। मानसिक शांति के लिए योग और ध्यान (Meditation) को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।शुभ रंग व दिन: सफेद और क्रीम रंग आपके लिए उत्तम हैं। शुभ दिनों में सोमवार और शुक्रवार का सहयोग मिलेगा।मूलांक 3 (यदि जन्म 3, 12, 21, 30 तारीख को हुआ हो)करियर और नौकरी: शिक्षा, मीडिया, मार्केटिंग, राइटिंग, कला और क्रिएटिव फील्ड से जुड़े लोगों के लिए यह महीना बेहद शानदार रहने वाला है। आपको अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए नए मंच मिलेंगे। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे छात्रों या इंटरव्यू दे रहे जातकों को सफलता मिलने की पूरी उम्मीद है।व्यापार: बिजनेस के विस्तार (Expansion) की आपकी योजनाएं अब रफ्तार पकड़ेंगी। कारोबार को बढ़ाने के लिए बनाई गई नई मार्केटिंग स्ट्रेटेजी इस महीने आपको बड़ा मुनाफा कमा कर दे सकती है।आर्थिक स्थिति: आपको इस महीने एक्स्ट्रा इनकम (अतिरिक्त आय) के बेहतरीन मौके हाथ लग सकते हैं। हालांकि, शेयर बाजार या किसी भी तरह के जोखिम भरे निवेश से आपको पूरी तरह दूरी बनाकर रखनी चाहिए।प्रेम और वैवाहिक जीवन: प्रेम संबंधों में मधुरता घुलेगी और जीवनसाथी हर मोड़ पर सहयोग करेगा। यदि जीवनसाथी के साथ कोई पुराना मनमुटाव चल रहा था, तो वह इस महीने पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।पारिवारिक जीवन: परिवार के सदस्यों के साथ किसी धार्मिक यात्रा या पिकनिक पर जाने का प्लान बन सकता है, जिससे आपसी तालमेल और मजबूत होगा।स्वास्थ्य: पेट और पाचन से जुड़ी दिक्कतों से बचने के लिए बाहर के खाने-पीने से परहेज करें। संतुलित और सात्विक आहार लें।शुभ रंग व दिन: पीला और हल्का नारंगी रंग शुभ फल देगा। दिनों में गुरुवार और रविवार आपके लिए अनुकूल रहेंगे।मूलांक 4 (यदि जन्म 4, 13, 22, 31 तारीख को हुआ हो)करिअर और नौकरी: आपकी पुरानी कड़ी मेहनत का मीठा फल अब आपको मिलने वाला है। लंबे समय से अटके हुए ऑफिशियल काम इस महीने पूरे हो जाएंगे। ऑफिस में आपका अनुशासन और समय की पाबंदी सीनियर्स को प्रभावित करेंगी।व्यापार: बिजनेस में स्थिरता (Stability) बनी रहेगी, जिससे आपका मानसिक तनाव कम होगा। पुराने ग्राहकों का आपके प्रति भरोसा और बढ़ेगा। हालांकि, किसी भी नए बड़े निवेश में हाथ डालने से पहले सावधानी बरतें।आर्थिक स्थिति: पैसों के मामले में आपकी स्थिति पहले के मुकाबले काफी मजबूत होगी। इसके बावजूद किसी भी तरह के बड़े और गैर-जरूरी खर्चों को फिलहाल के लिए टाल देना ही समझदारी होगी।प्रेम और वैवाहिक जीवन: रिश्तों में अपनी जिद और गुस्से को आड़े न आने दें। पार्टनर के साथ किसी भी विवाद को शांत मन से बैठकर बातचीत के जरिए सुलझाने का प्रयास करें।पारिवारिक जीवन: घर के किसी बेहद महत्वपूर्ण निर्णय या पारिवारिक मसले में आपकी राय को विशेष महत्व दिया जाएगा, जिससे परिवार में आपका सम्मान बढ़ेगा।स्वास्थ्य: पीठ दर्द, कमर दर्द या जोड़ों में खिंचाव की समस्या आपको थोड़ा परेशान कर सकती है। डॉक्टर की सलाह लें और हल्के व्यायाम को अपने रूटीन में शामिल करें।शुभ रंग व दिन: नीला और ग्रे (स्लेटी) रंग आपके लिए सकारात्मक रहेगा। शुभ दिनों में शनिवार और रविवार का साथ मिलेगा।मूलांक 5 (यदि जन्म 5, 14, 23 तारीख को हुआ हो)करिअर और नौकरी: जुलाई का यह महीना आपकी प्रोफेशनल लाइफ में बड़े और सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है। आप किसी दूसरी जगह ट्रांसफर हो सकते हैं या ऑफिस में कोई बड़ी नई जिम्मेदारी मिल सकती है। आपके बेहतरीन कम्युनिकेशन स्किल्स (संचार कौशल) की वजह से आपको वर्कप्लेस पर नई पहचान मिलेगी।व्यापार: व्यापारियों के लिए यह समय नए एग्रीमेंट्स और बड़े ऑर्डर्स मिलने का है। जो लोग ऑनलाइन बिजनेस, डिजिटल मार्केटिंग या ई-कॉमर्स से जुड़े हैं, उन्हें इस महीने बंपर मुनाफा होने के आसार हैं।आर्थिक स्थिति: आर्थिक मोर्चे पर यह महीना आपके लिए भाग्यशाली रहेगा। लंबे समय से फंसा हुआ या रुका हुआ धन अचानक वापस मिल सकता है। कम समय में ज्यादा मुनाफे के चक्कर में आकर किसी भी सट्टेबाजी या जोखिम भरे काम में पैसा न लगाएं।प्रेम और वैवाहिक जीवन: लव लाइफ में रोमांस और नया उत्साह देखने को मिलेंगे। जो लोग सिंगल हैं, उनकी मुलाकात सोशल मीडिया या किसी इवेंट के दौरान किसी बेहद खास व्यक्ति से हो सकती है।पारिवारिक जीवन: घर में हंसी-खुशी का माहौल बना रहेगा। भाई-बहनों का पूरा सहयोग मिलेगा और परिवार के साथ किसी छोटी दूरी की यात्रा पर जाने के योग बन रहे हैं।स्वास्थ्य: काम की अधिकता के कारण भागदौड़ ज्यादा रहेगी, इसलिए शरीर को पर्याप्त आराम दें और समय पर पौष्टिक भोजन करना न भूलें।शुभ रंग व दिन: हरा रंग आपके लिए सबसे ज्यादा लकी साबित होगा। दिनों में बुधवार और शुक्रवार आपके लिए शुभ हैं।मूलांक 6 (यदि जन्म 6, 15, 24 तारीख को हुआ हो)करिअर और नौकरी: जुलाई का महीना आपके करियर में संतुलन और निरंतर प्रगति लेकर आ रहा है। कार्यस्थल पर आपकी मेहनत और मिलनसार व्यवहार की हर कोई तारीफ करेगा। यदि आप सैलरी हाइक (वेतन वृद्धि) या प्रमोशन की उम्मीद कर रहे हैं, तो महीने के आखिरी हफ्ते में कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है।व्यापार: बाजार में आपकी साख बढ़ेगी जिससे पुराने ग्राहकों का भरोसा मजबूत होगा। जो जातक फैशन, कॉस्मेटिक्स, होटल, इंटीरियर डिजाइनिंग, कला या लक्जरी आइटम्स के बिजनेस में हैं, उन्हें बड़े ऑर्डर्स मिलने की पूरी उम्मीद है। पार्टनरशिप में पारदर्शिता रखें।आर्थिक स्थिति: इस महीने आपकी आमदनी बढ़ने के साथ-साथ खर्चों का ग्राफ भी ऊपर जा सकता है। आप नया वाहन, घर या परिवार की सुख-सुविधाओं पर पैसा खर्च कर सकते हैं। एक सटीक बजट बनाकर चलेंगे तो कोई दिक्कत नहीं होगी।प्रेम और वैवाहिक जीवन: प्रेम संबंधों में गहराई आएगी और पार्टनर के साथ भावनात्मक जुड़ाव बढ़ेगा। शादीशुदा लोगों के लिए जीवनसाथी के हर कदम पर साथ देना उनके हौसले को बढ़ाएगा। पुराने मनमुटाव दूर होंगे।पारिवारिक जीवन: घर में किसी मांगलिक प्रसंग या उत्सव की रूपरेखा बन सकती है। सप्ताहांत (Weekend) पर परिवार के साथ क्वालिटी टाइम बिताने से आपको मानसिक शांति मिलेगी।स्वास्थ्य: खान-पान में लापरवाही भारी पड़ सकती है। ज्यादा मीठा, तली-भुनी चीजें और जंक फूड से पूरी तरह से परहेज करें। जो लोग शुगर या बढ़ते वजन से परेशान हैं, वे विशेष सावधानी बरतें।शुभ रंग व दिन: गुलाबी और हल्का नीला रंग आपके लिए अनुकूल हैं। शुभ दिनों में शुक्रवार और सोमवार शामिल हैं।मूलांक 7 (यदि जन्म 7, 16, 25 तारीख को हुआ हो)करियर और नौकरी: यह महीना आपके लिए अपनी स्किल्स को अपग्रेड करने, कुछ नया सीखने और भविष्य के लिए बड़ी प्लानिंग करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। जो लोग आईटी (IT), एजुकेशन, रिसर्च, डेटा एनालिसिस और कंसल्टिंग के क्षेत्र में कार्यरत हैं, उनके लिए तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे। जोश में आकर नौकरी बदलने का फैसला न लें।व्यापार: कारोबारी इस महीने अपने बिजनेस के बेतहाशा विस्तार की बजाय अपने प्रोडक्ट्स या सर्विसेज की क्वालिटी (गुणवत्ता) को सुधारने पर ज्यादा फोकस करें। इस महीने बनाई गई नई बिजनेस स्ट्रेटेजी आपको भविष्य में बड़ा आर्थिक लाभ देगी।आर्थिक स्थिति: आर्थिक मामलों में महीना सामान्य रहेगा। जहां एक तरफ आकस्मिक धन लाभ के योग बन रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ अनचाहे और अचानक आने वाले खर्च आपका बजट बिगाड़ सकते हैं। निवेश करने से पहले किसी वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) की मदद लें।प्रेम और वैवाहिक जीवन: इस महीने आप स्वभाव से थोड़े अंतर्मुखी रह सकते हैं, जिससे आप अपनी भावनाएं पार्टनर के सामने खुलकर नहीं रख पाएंगे। इस वजह से साथी के मन में गलतफहमी पैदा हो सकती है। संवादहीनता से बचें और खुलकर बात करें।पारिवारिक जीवन: परिवार का पूरा सपोर्ट आपके साथ रहेगा, लेकिन काम के बढ़ते दबाव के बीच आप मानसिक शांति के लिए खुद के साथ अकेले में कुछ वक्त बिताने की जरूरत महसूस करेंगे।स्वास्थ्य: पर्याप्त नींद न लेना आपकी सेहत पर भारी पड़ सकता है। मानसिक तनाव और सिरदर्द से बचने के लिए योग, प्राणायाम और वॉक को अपने डेली रूटीन का हिस्सा बनाएं।शुभ रंग व दिन: बैंगनी और सफेद रंग आपके ओरा को मजबूत करेगा। दिनों में सोमवार और गुरुवार का साथ मिलेगा।मूलांक 8 (यदि जन्म 8, 17, 26 तारीख को हुआ हो)करियर और नौकरी: जुलाई का यह महीना कार्यस्थल पर आपके धैर्य और कठिन परिश्रम की परीक्षा ले सकता है, लेकिन घबराएं नहीं, यही मेहनत आपको महीने के अंत तक बड़ी सफलता दिलाएगी। ऑफिस में वर्कलोड और जिम्मेदारियाँ बढ़ सकती हैं। सरकारी, प्रशासनिक, बैंकिंग, लॉ या मैनेजमेंट से जुड़े लोगों को मान-सम्मान मिलेगा।व्यापार: किसी पुरानी प्रॉपर्टी, पूर्व में किए गए निवेश या लंबे समय से रुकी हुई बिजनेस डील्स से अचानक तगड़ा मुनाफा होने की उम्मीद है। हालांकि, किसी भी नए डील या सरकारी दस्तावेज पर बिना पढ़े और बिना सोचे-समझे हस्ताक्षर करने की भूल न करें।आर्थिक स्थिति: लंबे समय से अटका हुआ या डूबा हुआ पैसा वापस मिलने के योग हैं। हालांकि, भावनाओं में बहकर किसी अनजान स्कीम में भारी निवेश करने से बचें, अन्यथा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।प्रेम और वैवाहिक जीवन: काम की व्यस्तता के चलते आप अपने लाइफ पार्टनर को पर्याप्त समय नहीं दे पाएंगे, जिससे थोड़े शिकवे-शिकायतें बढ़ सकती हैं। प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ में बैलेंस बनाकर रखें, पुराने विवाद धीरे-धीरे सुलझ जाएंगे।पारिवारिक जीवन: घर के किसी वरिष्ठ या बुजुर्ग सदस्य की सलाह आपके किसी बड़े संकट को टालने में मददगार साबित होगी। पैतृक संपत्ति से जुड़ा कोई अहम फैसला इस महीने लिया जा सकता है।स्वास्थ्य: हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप), जोड़ों के दर्द या अत्यधिक शारीरिक थकान को सामान्य मानकर नजरअंदाज करने की गलती न करें। समय-समय पर डॉक्टर से चेकअप कराते रहें।शुभ रंग व दिन: गहरा नीला और काला रंग आपके लिए सुरक्षा कवच का काम करेगा। शुभ दिनों में शनिवार और शुक्रवार अनुकूल रहेंगे।मूलांक 9 (यदि जन्म 9, 18, 27 तारीख को हुआ हो)करिअर और नौकरी: जुलाई 2026 आपके लिए बड़ी उपलब्धियों और सफलताओं का महीना साबित होने वाला है। जो काम महीनों से अटके हुए थे, वे अब तेजी से पूरे होने लगेंगे। सेना, पुलिस, प्रशासन, मेडिकल, सोशल सर्विस और राजनीति से जुड़े जातकों को इस महीने कोई बड़ा पद या विशेष सफलता मिल सकती है।व्यापार: बिजनेस में विस्तार की जो योजनाएं ठंडे बस्ते में थीं, वे अब अमलीजामा पहनेंगी। बाजार में नए संपर्क और बड़े क्लाइंट्स आपके साथ जुड़ेंगे। कोर्ट-कचहरी या प्रतिद्वंदियों के साथ चल रहे पुराने विवाद सुलझने से आपके काम में तेजी आएगी।आर्थिक स्थिति: धन आगमन के बेहद खूबसूरत और मजबूत योग बन रहे हैं। बिजनेस में रुका हुआ पुराना पेमेंट क्लियर हो जाएगा, जिससे आपकी फाइनेंशियल कंडीशन काफी मजबूत होगी। फिर भी, बड़ा निवेश करने से पहले जोखिमों का आकलन जरूर कर लें।प्रेम और वैवाहिक जीवन: लव लाइफ और वैवाहिक जीवन में गजब का आपसी तालमेल और भावनात्मक मजबूती देखने को मिलेगी। हर मुश्किल परिस्थिति में पार्टनर ढाल बनकर आपके साथ खड़ा रहेगा। अविवाहितों के लिए विवाह के बेहतरीन प्रस्ताव आ सकते हैं।पारिवारिक जीवन: परिवार में किसी सदस्य की नौकरी या विवाह से जुड़ा कोई शुभ समाचार मिल सकता है। घर में किसी मांगलिक या धार्मिक कार्य की योजना बनेगी, जिससे पूरे घर का माहौल सकारात्मक और ऊर्जावान रहेगा।स्वास्थ्य: इस महीने आपकी शारीरिक ऊर्जा और इम्युनिटी बहुत अच्छी रहेंगी। हालांकि, आपको अपने अत्यधिक गुस्से और मानसिक उत्तेजना पर कंट्रोल रखना होगा, वरना ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। नियमित वर्कआउट करें।शुभ रंग व दिन: लाल और मैरून रंग आपके भाग्य में वृद्धि करेगा। शुभ दिनों में मंगलवार और रविवार आपके लिए सर्वश्रेष्ठ रहेंगे।
दो वर्षों में बदली ओडिशा की तस्वीर: मोहन चरण माझी सरकार का विकास, सुशासन और निवेश मॉडल
जून 2024 में जब ओडिशा की जनता ने राज्य में पहली बार भारतीय जनता पार्टी को पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता सौंपी, तब यह केवल राजनीतिक परिवर्तन नहीं था, बल्कि विकास और सुशासन की नई अपेक्षाओं का जनादेश भी था।
सीतारमण का बड़ा बयान: विदेशी निवेश बढ़ने के लिए सरकार की नयी तैयारी
नई दिल्ली, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि सरकार देश में अधिक विदेशी पूंजी आकर्षित करने के लिए आगे भी कई कदम उठाएगी और बॉन्ड मार्केट के लिए हाल में घोषित उपाय इस दिशा में सिर्फ शुरुआत हैं।
निवेश की दुनिया में अक्सर लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि आखिर में अपनी गाढ़ी कमाई से बमुश्किल की जाने वाली बचत का रुपया-पैसा कहाँ लगाएं, जहां पर वह डूबे नहीं, बल्कि सुरक्षित भी रहे। ऐसे में आप अपना रुपया-पैसा पीपीएफ (Public Provident Fund) में लगाएं या एमएफ (Mutual Fund) में। क्योंकि सच यह है कि दोनों का उद्देश्य अलग-अलग है और सही समय पर सही विकल्प चुनना ही आपके लिए अधिक महत्वपूर्ण है। इसलिए आइए आज आपको बताते हैं कि कब पीपीएफ में निवेश करें और कब एमएफ में। पहले हम बात करते हैं कि पीपीएफ (PPF) में निवेश कब न करें? आपके लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि Public Provident Fund (PPF) उन लोगों के लिए बेहतर है जो अपनी पूंजी की सुरक्षा चाहते हैं। साथ ही एक निश्चित और जोखिम-मुक्त रिटर्न पसंद करते हैं। इसके अलावा, टैक्स भी बचाना चाहते हैं। और तो और, 15 वर्ष या उससे अधिक की लंबी अवधि के लिए निवेश कर सकते हैं। चूंकि इसका महत्वपूर्ण फंडा यह है कि PPF में हर महीने की 5 तारीख से पहले पैसा जमा करने पर उस महीने का ब्याज भी मिलता है। इसलिए यदि आप मासिक निवेश करते हैं तो 1 से 5 तारीख के बीच जमा करना अधिक फायदेमंद माना जाता है। इसे भी पढ़ें: FIR कराना हो जाएगा आसान, जब जानेंगे 2026 के कानून अब हम बात करते हैं कि Mutual Fund (MF) में कब निवेश करें? तो यह गांठ बांध लीजिए कि Mutual Fund उन निवेशकों के लिए बेहतर है जो महंगाई को मात देने वाला रिटर्न चाहते हैं। साथ ही लंबी अवधि (10-15 वर्ष या अधिक) के लिए निवेश कर सकते हैं। इसके अलावा, कुछ उतार-चढ़ाव (रिस्क) सहन कर सकते हैं। और तो और संपत्ति निर्माण (Wealth Creation) का लक्ष्य रखते हैं। चूंकि इसका महत्वपूर्ण फंडा यह है कि Mutual Fund में सही समय पकड़ने की बजाय SIP (Systematic Investment Plan) के जरिए नियमित निवेश करना अधिक प्रभावी माना जाता है। जो कि बाजार ऊपर हो या नीचे, SIP लागत को औसत कर देती है। सवाल है कि किसे चुनें? आपके निवेशक का लक्ष्य क्या है? आपके पास बेहतर विकल्प क्या है? आपकी पूंजी सुरक्षा कितनी है। चूंकि पीपीएफ से टैक्स बचत होती है, रिटायरमेंट के लिए सुरक्षित फंड रहता है और लंबी अवधि में अधिक रिटर्न रिटर्न मिलता है। जबकि म्युचुअल फंड धन सृजन (Wealth Creation) के लिए अच्छा है, बशर्ते कि आप संतुलित रणनीति अपनाएं। जहां तक PPF और Mutual Fund में सबसे असरदार रणनीति की बात है तो वित्तीय विशेषज्ञ अक्सर सलाह देते हैं कि निवेशक दोनों का संयोजन रखें। एक ओर सुरक्षा और टैक्स लाभ के लिए PPF अच्छा है तो संपत्ति निर्माण और महंगाई से आगे निकलने के लिए Equity Mutual Fund SIP बेहतर है। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई व्यक्ति हर महीने ₹10,000 निवेश करना चाहता है, तो वह ₹3,000–₹4,000 PPF में और शेष राशि अच्छे इक्विटी म्यूचुअल फंड की SIP में लगा सकता है। इससे सुरक्षा और वृद्धि दोनों का लाभ मिल सकता है। निष्कर्षतः यह कहा जा सकता है कि यदि आपका लक्ष्य पूंजी की सुरक्षा है तो PPF बेहतर है। और यदि आपका लक्ष्य लंबी अवधि में बड़ा धन बनाना है तो Mutual Fund अधिक उपयुक्त हो सकता है। वहीं, दोनों का संतुलित मिश्रण अधिकांश निवेशकों के लिए व्यावहारिक और प्रभावी रणनीति साबित हो सकता है। हाँ, यहां पर यह सदैव ध्यान रखें कि Mutual Fund बाजार जोखिमों के अधीन हैं, जबकि PPF अपेक्षाकृत सुरक्षित सरकारी योजना है। लिहाजा, निवेश का निर्णय अपनी आयु, लक्ष्य, जोखिम क्षमता और समयावधि को ध्यान में रखकर करें। - कमलेश पांडेय वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार
जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा से करोड़ों की ठगी, प्रॉपर्टी निवेश के नाम पर लिए 17 करोड़ रुपए
मायानगरी में धोखाधड़ी के किस्से अक्सर सामने आते रहते हैं। अब बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा जाफरी धोखाधड़ी का शिकार हो गई हैं। हबीबा जाफरी से संपत्ति निवेश के नाम पर करीब 17.5 करोड़ रुपए की ठगी की गई है।
काजोल ने किया रियल एस्टेट में निवेश, खरीदी इतने करोड़ की कमर्शियल प्रॉपर्टी
बॉलीवुड एक्ट्रेस काजोल ने इंडस्ट्री में एक अलग मुकाम हासिल किया है। काजोल भले ही फिल्मों में कम नजर आती हो, लेकिन वह सुर्खियों में बनी रहती हैं। काजोल ने अब एक्टिंग के साथ-साथ रियल एस्टेट में भी कदम रख दिया है। काजोल ने मुंबई के गोरेगांव वेस्ट ...
जानिए क्यों पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास पर है 2100 करोड़ रुपए निवेश
पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास अपने करियर के शानदार दौर से गुजर रहे हैं, और निर्विवाद रूप से अखिल भारतीय सुपरस्टार के रूप में अपनी जगह पक्की कर रहे हैं। बाहुबली, सलार, कल्कि 2898 एडी जैसी बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने वाली फिल्मों के साथ, उन्होंने भारतीय ...
खतरों के खिलाड़ी सीजन 14 के कंटेस्टेंट अभिषेक कुमार जिन्होंने बिग बॉस 17 में अपने कार्यकाल से काफी लोकप्रियता हासिल की, अपने आकर्षक व्यक्तित्व से लोगों के दिलों पर राज कर रहे हैं। विवादित रियलिटी शो में उनकी भागीदारी ने उन्हें स्टार बना दिया और उन्हें रातोंरात सफलता दिलाई। अभिषेक जो वर्तमान में रोहित शेट्टी के शो खतरों के खिलाड़ी 14 में हैं, ने साझा किया कि वह एक प्रोडक्शन हाउस खोलना चाहते हैं। इसे भी पढ़ें: Kartik Aaryan का खुलासा, Pyaar Ka Punchnama की सफलता के बावजूद उनके पास ‘कोई ऑफर नहीं था, कोई पैसा नहीं था ईटाइम्स टीवी के साथ एक इंटरव्यू में, अभिषेक ने खुलासा किया कि वह भविष्य के लिए पैसे बचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता चाहते हैं कि वह मुंबई में एक घर खरीदें, लेकिन वह एक व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। अभिषेक ने कहा कि वह एक उद्यमी बनना चाहते हैं और उनके बड़े सपने हैं जिन्हें वह हासिल करना चाहते हैं। अभिषेक कुमार मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते इंटरव्यू में, अभिषेक ने कहा कि उन्होंने पैसे बर्बाद करना बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते क्योंकि शहर काफी महंगा है और कहा कि किराए पर रहना एक समझदारी भरा फैसला है। उन्होंने यहां तक कहा कि घर खरीदने में बड़ी रकम लगाने और फिर हर महीने लोन के रूप में बैंक को बड़ी EMI चुकाने का कोई मतलब नहीं है। इसे भी पढ़ें: Karan Johar को कोर्ट से मिली राहत, फिल्म Shaadi Ke Director Karan Aur Johar की रिलीज परह लगी रोक अभिषेक ने कहा कि वह अपना पैसा निवेश करना चाहते हैं और उस पर ब्याज पाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह रवि दुबे और सरगुन मेहता की तरह एक प्रोडक्शन हाउस स्थापित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि उनका परिवार चंडीगढ़ में घर खरीदे, लेकिन मुंबई में नहीं क्योंकि वे वहीं रह सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह पैसे बचाना चाहते हैं और कोई दूसरा व्यवसाय शुरू करने में निवेश कर सकते हैं। KKK 14 की बात करें तो शिल्पा शिंदे शो से बाहर हो गईं। एक यूट्यूब चैनल के अनुसार, सनी वरुण ने बात की, गश्मीर, करणवीर, अदिति और अभिषेक ने निष्कासन स्टंट किया।
कंगना रनौत के किस बयान पर भड़की CISF की महिला जो सरेआम एक्ट्रेस को जड़ दिया थप्पड़, जानिए पूरा मामला
चंडीगढ़: हिमाचल की मंडी लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी सांसद एवं एक्ट्रेस कंगना रनौत से चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर बदसलूकी के पश्चात् हंगामा मचा हुआ है. दरअसल, 6 जून को कंगना दिल्ली जाने के लिए चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर पहुंची थीं. तभी सिक्योरिटी चेक के पश्चात् CISF की एक महिला जवान कुलविंदर कौर ने उनको थप्पड़ मार दिया. हालांकि CISF की अपराधी महिला कर्मी को निलंबित कर दिया गया है तथा उनके खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है. ऐसे में सवाल ये उठता है कि CISF की जवान ने थप्पड़ क्यों मारा, तो इसका जवाब है कंगना का 4 वर्ष पुराना एक ट्वीट. कंगना रनौत ने इस ट्वीट में 3 कृषि कानूनों के खिलाफ हुए किसान आंदोलन के चलते पंजाब की 80 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला किसान की गलत पहचान करते तथा उन्हें बिलकिस बानो कहा था. कंगना ने जो ट्वीट किया था उसमें एक वृद्ध महिला नजर आ रही थीं, जो भले ही झुककर चल रही थीं, लेकिन उन्होंने किसान आंदोलन का झंडा बुलंद किए हुए था. उनका नाम मोहिंदर कौर था. कंगना ने मोहिंदर कौर की फोटो को ट्वीट करते हुए लिखा था कि ''हा हा. ये वही दादी हैं जिन्हें टाइम मैगज़ीन की 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की लिस्ट में सम्मिलित किया गया था.... और ये 100 रुपये में उपलब्ध हैं. हालांकि कंगना रनौत ने बाद में ये ट्वीट डिलीट कर दिया था. बता दें कि कंगना ने जिस बिलकिस बानो का जिक्र किया था, वह 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला हैं तथा उन्होंने दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में CAA प्रोटेस्ट के चलते अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बटोरी थीं. कंगना के इस बयान को लेकर CISF की महिला जवान भड़की हुई थी. चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर कंगना से बदसलूकी का वीडियो सामने आया था, इसमें CISF की यह जवान कहती नजर आ रही है कि 'इसने बोला था किसान आंदोलन में 100-100 रुपये में महिलाएं बैठती थीं. वहां मेरी मां भी थी'. राहुल गांधी ने भाजपा पर लगाया शेयर बाजार में हेराफेरी का आरोप, बताया देश का सबसे बड़ा घोटाला उत्तर भारत में भीषण गर्मी का कहर जारी, यूपी के कुछ क्षेत्रों में राहत की उम्मीद बिहार के गया जिले में भीषण सड़क हादसा, तीन लोगों की मौत

35 C
