चित्तौड़गढ़ के मंडफिया स्थित श्रीसांवलिया जी मंदिर में इस साल (2025-26) करीब 337 करोड़ का चढ़ावा आया है। ये 34 साल में सबसे ज्यादा है। बीते लगभग चार दशक में ऐसा कोई साल नहीं है जब मंदिर में चढ़ावे में कमी आई है। हर साल चढ़ावे की रकम बढ़ रही है। ट्रस्ट बनने के बाद से हर महीने होने वाली मैराथन काउंटिंग के लिए विशेष इंतजाम किए जाते है। इस चढ़ावे की काउंटिंग के लिए करीब 200 लोगों का स्टाफ लगता है, जिसमें बैंककर्मी और मंदिर प्रशासन के लोग शामिल होते हैं। काउंटिंग प्रक्रिया में पहले हाथों से पैसे गिने जाते हैं। उसके बाद मशीनों का इस्तेमाल होता है। मान्यता है कि ठाकुर जी यहां सेठजी के रूप में विराजमान हैं, एक बार अगर उन्हें पार्टनर बना लिया तो बिजनेस बढ़ता ही जाता है। इ सलिए भक्त यहां बकायदा स्टाम्प पर अमाउंट लिखवा कर लाते हैं। मन्नत पूरी होने पर लाखों की राशि लिखित में अपने कंपनी के लेटर हेड पर लिख कर दे जाते हैं। 3 तस्वीरों में समझिए काउंटिंग का प्रोसेस… काउंटिंग के लिए 200 का स्टाफ: मंदिर प्रशासन के अनुसार, मंदिर में हर महीने चतुर्दशी के दिन दान पात्र खोले जाते हैं। राजभोग आरती के बाद 11:45 बजे बैंक कर्मी और मंदिर प्रशासन के लोग इस काउंटिंग में शामिल होते हैं। इसमें करीब 200 लोग शामिल होते हैं। इस काउंटिंग में 5 से 10 दिन का समय लग जाता है। सबसे पहले नोटों को और सिक्कों को अलग किया जाता है। इसके बाद 5 मशीनों से इनकी काउंटिंग होती है। गहनों को वजन में काउंट किया जाता है। पहले भक्तों के सामने होती थी गिनती: मंदिर प्रशासन के अनुसार, कैश के साथ-साथ चेक, मनी ऑर्डर और ऑनलाइन माध्यम से भी बड़ी मात्रा में दान आता है। विदेशी श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के कारण फॉरेन करेंसी भी बड़ी मात्रा में मिलती है। मंदिर में 1992 से लेकर 2025 तक श्रद्धालुओं के सामने ही इस दान राशि की काउंटिंग होती थी। इसके बाद पिछले साल जुलाई के बाद से इसे अलग सेपरेट कर दिया गया है, ताकि काउंटिंग में कोई गड़बड़ी न आए। पहले श्रद्धालु दर्शन करते हुए आते थे और साथ-साथ दान की काउंटिंग भी देखते थे। काउंटिंग अब सत्संग भवन में की जाती है। 34 साल पहले आया था 65 लाख का चढ़ावा अतिरिक्त जिला कलेक्टर और श्री सांवलिया जी मंदिर मंडल की मुख्य कार्यपालक (CEO) प्रभा गौतम ने बताया- श्री सांवलिया जी मंदिर के लिए साल 1991 में राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी कर इस मंदिर का अधिग्रहण किया था। इसके बाद मंदिर प्रशासन का संचालन अब एडिशनल कलेक्टर के निर्देशन में होने लगा। तभी से मंदिर के दान पात्र हर महीने खोलने की परंपरा शुरू की गई। साल 1992 एक्ट के तहत श्री सांवलिया जी मंदिर ट्रस्ट का संचालन किया जा रहा है। अधिग्रहण के बाद जब शुरुआत में भंडार खोला गया तब (1991-92) इसकी काउंटिंग 65 लाख के करीब थी। इसी महीने 29 दिन में ही 41.67 करोड़ रुपए की राशि मंदिर में अर्पित की गई। साल 2025 को दीपावली (अक्टूबर-नवंबर) में 51 करोड़ से ज्यादा की राशि आई थी। मंदिर ने गोद ले रखे हैं 16 गांव CEO प्रभा गौतम ने बताया- मंडफिया सहित आसपास के 16 गांवों के विकास का कार्य मंदिर प्रशासन ही देखता है। जैसे हाई मास्क लाइट लगाना, सामुदायिक भवन का निर्माण करवाना। जिला कलेक्टर ने भी आदेश दिया है कि वहां पर जितने भी गवर्नमेंट परिसर से या भवन है वहां पर सही व्यवस्थाएं करवाया जाए। बच्चों, महिलाओं और आमजन से जुड़ी हुई सुविधा दी जाए। भक्तों की सुविधा के लिए करवाए जा रहे काम CEO प्रभा गौतम ने बताया- इसके अलावा मंदिर परिसर में व्यवस्थाएं देखना, लोगों के लिए दर्शन को सुविधाजनक बनाने पर काम किया जाता है। अभी ये प्लान है कि परिसर में तीन से चार जगह अलग-अलग टॉयलेट कॉम्प्लेक्स बनाए जाएंगे। साथ ही, पार्किंग में भी टॉयलेट बनाए जाएंगे। साथ ही स्नान घर भी बनाए जाने हैं। परिसर के पास ही 180 कमरों का की एक धर्मशाला बनाई जा रही है, जिसकी फिनिशिंग का काम चल रहा है। यह 6 महीने में पूरा हो जाएगा। पार्किंग की व्यवस्थाएं भी सुचारू करेंगे। मंदिर प्रशासन ने दान राशि से 16 गांवों के बाहर भी विकास करने की पिटिशन दाखिल की थी, लेकिन कोर्ट ने इसकी अनुमति नहीं दी। कैसे आता है इतना चढ़ावा मंदिर को लेकर मान्यता है कि ठाकुर जी यहां सेठजी के रूप में विराजमान है। यहां लोग बिजनेस में सांवलिया सेठ को अपना पार्टनर बनाते हैं। यही नहीं शादी, रिश्तेदारी में भी ठाकुर को अपना बना लेते हैं। कोरोना काल के बाद अचानक श्रद्धालुओं और चढ़ावे में उछाल आया था। श्रद्धालुओं की चिट्ठियां दान-पात्र से चढ़ावे के साथ ठाकुर जी को भेजी चिट्ठियां भी निकलती हैं। इसमें महिलाएं अपने परिवार और पति के बिजनेस को लेकर लिखती हैं। बिजनेसमैन स्टाम्प पर लिखवा कर पार्टनरशिप लेकर आते हैं। चिट्ठी 1 : स्टाम्प लिखा कर ले आया भक्त मैं …..निवासी जयपुर, राजस्थान यह साझेदारी करार ठाकुर जी महाराज श्री सांवलिया सेठ सांवरिया की मंदिर मंडल, मंडफिया, तहसील भदेसर, जिला चित्तौड़गढ़, पिन कोड -312027 के साथ करता हूं। जिसकी साझेदारी प्रतिशत और संपूर्ण सहमति शर्तें निम्नलिखित हैं- 1) यह कि मेरी समस्त शेयर बाजार एवं अन्य स्रोत से आय (वेतन को छोड़कर) के 10 प्रतिशत हिस्से की साझेदारी मैं ठाकुर जी महाराज श्री सांवरिया सेठ के साथ करता हूं। 2) यह है कि मेरी आय का 10 प्रतिशत हिस्सा एक/तीन माह या ठाकुर जी महाराज की इच्छा अनुसार ठाकुर जी महाराज श्रीमान सांवरिया सेठ को देने का करार करता हूं। 3) यह कि मेरी शेयर बाजार से अधिकांश तीन माह में होने वाली आय का 10 प्रतिशत हिस्से की राशि तीन माह पूर्ण होने पर अगले माह की 10 तारीख तक श्री सांवलिया सेठ जी, मंदिर परिसर में मैं स्वयं आकर अर्पित करूंगा। चिट्ठी 2 : अपने बालक को संभालिए सांवलिया सेठ हे सांवरिया सेठ बाबा, एक नजर मेरे बिजनेस पर भी डाल दीजिए कि वह खूब आगे बढ़े और मेरी हर मनोकामना पूरी करिए। बाबा, प्रभु अपने बालक को संभाल लीजिए। चिट्ठी 3 : हम पति-पत्नी बच्चों की पढ़ाई करवा सकें मैं ....... संबलपुर (उड़ीसा) से। सेठ जी, मैं आपको अर्जी लगाने आई हूं। सेठ जी, मेरे दो बच्चे हैं। आप कृपा कीजिए कि हम पति-पत्नी उनकी पढ़ाई अच्छे से करवा सकें। बच्चे दोनों आपकी कृपा से अपने-अपने क्षेत्र में प्रतिष्ठावान बनें। सेठ जी, हम कर्ज मुक्त हो जाएं और हमारे हिस्से की प्रॉपर्टी हमें मिल जाए तो सेठ जी मैं आपको ₹100000 नकद भेंट चढ़ाऊंगी। ग्राफिक्स में देखिए सांवलिया सेठ का इतिहास… …. सांवलिया सेठ से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… सांवलिया सेठ के चढ़ावे का रिकॉर्ड टूटा, ₹51 करोड़ आए:भक्तों ने 1 किलो से ज्यादा सोना, 207 किलो से ज्यादा चांदी दान की चित्तौड़गढ़ के सांवलिया धाम में दीवाली पर चढ़ावे का नया रिकॉर्ड बना था। इस दौरान चढ़ावे ककी रकम 51 करोड़ से ज्यादा था। इसके अलावा सोने-चांदी की ज्वलेरी भी आई थी। पढ़ें पूरी खबर…
मेष राशि में बुद्धादित्य योग; बुध का गोचर, वहां सूर्य पहले से मौजूद... गर्मी से सेहत को खतरा
जयपुर | ग्रहों के राजकुमार ‘बुध’ ने गुरुवार को मीन राशि से निकलकर मंगल की राशि मेष में प्रवेश कर लिया है। यहां ग्रहों के राजा सूर्य पहले से ही विराजमान हैं, जिससे मेष राशि में ‘बुधादित्य राजयोग’ का निर्माण हो रहा है। पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान के ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास के अनुसार, मंगल और बुध के मध्य शत्रुता का भाव होने से यह गोचर राजनीति, व्यापार और स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत प्रभावशाली रहेगा। बुध पेट व नसों के कारक हैं, अतः इस परिवर्तन से पेट और नसों संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। सूर्य के साथ युति होने से शरीर में पित्त (गर्मी) की अधिकता, स्किन इन्फेक्शन और पेट की बीमारियां होने की आशंका है। आर्थिक दृष्टि से शेयर बाजार में तेजी आएगी और निवेश से जुड़े लोगों के लिए समय शुभ रहेगा। बाजार में खरीदारी बढ़ेगी और सोना-चांदी जैसी धातुओं के दाम कम हो सकते हैं। ज्योतिषाचार्य ने अचानक मौसमी बदलाव और धार्मिक स्थलों पर किसी दुर्घटना के प्रति भी सचेत किया है।
गोरखपुर के रहने वाले अवनीश शर्मा ने दैनिक भास्कर ऐप पर आयोजित क्विज़ कॉन्टेस्ट में सभी सवालों के सही जवाब देकर ऑटोमैटिक वॉशिंग मशीन अपने नाम की है। इनाम मिलने के बाद उनके घर में खुशी का माहौल है। अवनीश ने कहा कि यह उनके लिए बड़ा सरप्राइज था और उन्हें इसकी उम्मीद नहीं थी। दैनिक भास्कर से बातचीत में अवनीश शर्मा ने बताया कि वह पिछले 2 साल से ऐप का रेगुलर इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैं रोज ऐप पर न्यूज पढ़ता हूं, लेकिन मुझे इसमें शेयर बाजार की लाइव अपडेट और बिजनेस से जुड़ी खबरें सबसे ज्यादा पसंद हैं। बाजार की जानकारी तुरंत मिल जाती है, जो हमारे जैसे लोगों के लिए काफी काम की होती है।” जानिए कौन हैं अवनीश शर्मा?अवनीश शर्मा गोरखपुर के गोरखनाथ इलाके के रहने वाले हैं और पिछले 2 साल से दैनिक भास्कर ऐप के रेगुलर यूजर हैं। वह रोज न्यूज पढ़ते हैं और खुद को अपडेट रखते हैं। इसी आदत ने उन्हें इस कॉन्टेस्ट का विजेता बना दिया। उन्होंने बताया, “ऐप पर क्विज़ कॉन्टेस्ट चल रहा था। मैंने सोचा ट्राय करता हूं। मैंने सभी सवालों के सही जवाब दिए और बाद में पता चला कि मेरा नाम इनाम के लिए चुना गया है। वॉशिंग मशीन मिलना मेरे लिए बड़ी खुशी की बात है।” बिजनेस न्यूज की मिलती है सटीक जानकारी अवनीश ने बताया कि ऐप पर करंट अफेयर्स के साथ-साथ बिजनेस न्यूज लगातार अपडेट होती रहती है। वह बोले यह ऐप खासकर व्यापारियों के लिए काफी फायदेमंद है। शेयर बाजार और बिजनेस की जानकारी समय पर मिलती है, जिससे काम में मदद मिलती है और फैसले लेना आसान होता है। उन्होंने कहा, “गोरखपुर की लोकल न्यूज से लेकर नेशनल और इंटरनेशनल अपडेट तक सब कुछ एक ही जगह मिल जाता है। अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर जाने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे समय भी बचता है और मैं हमेशा अपडेट रहता हूं। साथ ही, नोटिफिकेशन फीचर से बड़ी खबरों की जानकारी तुरंत मिल जाती है। कोई भी जरूरी न्यूज मिस नहीं होती।”
भारत को टेक्नोलॉजी और निवेश में आगे बढ़ने के लिए वैश्विक पार्टनरशिप जरूरी: निवृत्ति राय
इन्वेस्ट इंडिया की प्रबंध निदेशक और सीईओ निवृत्ति राय ने भारत की आर्थिक वृद्धि, वैश्विक प्रतिस्पर्धा और निवेश के अवसरों को लेकर बातचीत की
बिकवाली के दबाव में Share Bazaar में आई गिरावट, Sensex 583 अंक लुढ़का, Nifty भी आया 24000 के नीचे
Share Market Update News : कच्चे तेल के ऊंचे स्तर, कमजोर वैश्विक रुख और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच भारतीय शेयर बाजार आज गिरावट के साथ बंद हुए। बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 582.86 अंक यानी 0.75 प्रतिशत लुढ़ककर 76,913.50 अंक पर ...
जमुई में जिला प्रशासन और बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (BIA) ने एक दिवसीय आउटरीच कार्यक्रम अद्भुत जमुई पर्यटन एवं उद्योग विकास की नई दिशा का आयोजन किया। बुधवार को समाहरणालय स्थित संवाद कक्ष में हुए इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों, निवेशकों और अधिकारियों ने जिले को एक उभरते औद्योगिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने पर चर्चा की। 70 के दशक का 'स्लीपिंग टाउन' अब पर्यटन क्षेत्र BIA के अध्यक्ष सुनील कुमार सिंह ने कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए जमुई की समृद्ध विरासत और खनिज संपदा को जिले की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि सत्तर के दशक का 'स्लीपिंग टाउन' अब पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान बनाने के लिए तैयार है। सिंह ने हेरिटेज, विलेज और एडवेंचर टूरिज्म की अपार संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने कुकुरझप डैम पर रोपवे निर्माण, पर्यटन स्थलों पर साइनेज लगाने और स्थानीय युवाओं को टूरिस्ट गाइड के रूप में प्रशिक्षित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने होम-स्टे योजना के तहत मिलने वाले ऋण का लाभ उठाने की भी अपील की। BIA के पूर्व अध्यक्ष संजय गोयनका ने औद्योगिक निवेश के लिए सरकार की नीतियों और बैंकिंग सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जमुई में लगभग 7100 करोड़ रुपये के निवेश की योजना तैयार है, और कुछ परियोजनाओं पर काम शुरू हो चुका है। होटल उद्योग, सैटेलाइट सिटी और इको-टूरिज्म पार्क गोयनका ने होटल उद्योग, सैटेलाइट सिटी और इको-टूरिज्म पार्क के लिए भूमि अधिग्रहण में मिल रही रियायतों को निवेशकों के लिए एक बड़ा अवसर बताया। एक अन्य पूर्व अध्यक्ष के.पी. केशरी ने जमुई की भौगोलिक स्थिति को इसकी बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि देवघर और कोलकाता के निकट होने के कारण यह एक महत्वपूर्ण पर्यटन केंद्र बन सकता है। जिला नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त-DM जिला पदाधिकारी ने अपने संबोधन में जमुई को 'बिहार का कोहिनूर' बताया। उन्होंने कहा कि यह जिला अब नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त हो चुका है। जिला पदाधिकारी ने सिमुलतला में वेलनेस सेंटर स्थापित करने और जिले के समग्र विकास के लिए तेजी से कार्य करने की बात भी कही। कार्यक्रम के अंत में यह निष्कर्ष निकला कि प्राकृतिक सौंदर्य, खनिज संपदा और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण जमुई निवेश और पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
Share Bazaar में आई बहार, Sensex 609 अंक उछला, Nifty भी 24170 के पार
Share Market Update News : वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली है। उतार-चढ़ाव के बाद कारोबारी दिन के अंत में सेंसेक्स 609.45 अंक (0.79%) की तेजी के साथ 77,496.36 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं नेशनल ...
Share Bazaar में आई गिरावट, Sensex 417 अंक टूटा, Nifty भी 24 हजार के नीचे
Share Market Update News : भारत के शेयर बाजार ने आज सुबह की शुरुआत तो सपाट हुई, लेकिन जल्द ही बाजार हरे रंग से रंग गया। अचानक तेज बिकवाली शुरू हो गई। कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 416.72 अंक या 0.54 प्रतिशत गिरकर 76,886.91 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई ...
पलवल में ऑनलाइन निवेश कर मोटा मुनाफा देने के झांसे में आकर एक सर्राफा व्यापारी से करीब तीन करोड़ रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। यह ठगी मार्च माह में की गई थी। साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर थाना प्रभारी नवीन कुमार के अनुसार, पलवल निवासी विक्रम सिंह ने शिकायत में बताया कि एक व्यक्ति ने उसे ‘अल्फा एलायंस आर्बिट्रेज ट्रेडिंग’ और ‘वेल्थ क्लब जी-10’ नामक वाट्सएप ग्रुप में जोड़ लिया। इन ग्रुपों को संचालित करने वाले लोग खुद को विदेशी संस्थागत निवेशक और शेयर बाजार विशेषज्ञ बताते थे। उन्होंने कई सप्ताह तक ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया और फोन में ‘मार्क सीएम’ नामक ऐप इंस्टॉल कराया, जिसके माध्यम से निवेश और ट्रेडिंग कराई जाती थी। छोटे निवेश पर दिखाया मुनाफा, फिर बढ़ाई रकम शुरुआत में ठगों ने छोटे निवेश पर अच्छा मुनाफा दिखाकर भरोसा जीता। इसके बाद दस प्रतिशत से लेकर तीन सौ प्रतिशत तक रिटर्न का लालच देकर अधिक निवेश करने का दबाव बनाया। जैसे-जैसे निवेश की राशि बढ़ती गई, पीड़ित को और अधिक लाभ दिखाया गया और उसे ‘शार्क क्लब जी-10’ जैसे अन्य ग्रुपों में भी शामिल किया गया। इस तरह पीड़ित से कुल तीन करोड़ पांच लाख पचास हजार रुपए ठग लिए गए। निकासी रोककर गायब हुए आरोपी पीड़ित ने बताया कि जब उसने पैसे निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने कैपिटल गेन टैक्स के नाम पर अतिरिक्त रकम जमा कराने को कहा। मना करने पर निकासी रोक दी गई और बाद में सभी आरोपियों ने संपर्क बंद कर दिया। ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने तुरंत साइबर थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। कई आरोपियों पर केस दर्ज, जांच जारी साइबर थाना प्रभारी नवीन कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर एसीपी गोडसे, परेश चौकसी, डॉ. राजीव सिंह, कमल नाथ अंचल, अंसारी अनीस, वरुण शाह, पारस पारीख, अंजलि मुर्मू, संदीप कुमार, बराखी गुप्ता और हिमांशु सहित अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। ये सभी वाट्सएप कॉल और अलग-अलग मोबाइल नंबरों के जरिए संपर्क में थे। पीड़ित ने पुलिस को संदिग्धों के मोबाइल नंबर, चैट स्क्रीनशॉट और बैंक लेनदेन से जुड़े दस्तावेज सौंपे हैं। पुलिस अब इन साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है।
विशाखापत्तनम में गूगल डेटा सेंटर ₹1.35 लाख करोड़ का निवेश और लाखों नौकरियों की उम्मीद
प्रमुख उद्योग संगठन एसोचैम ने सोमवार को भारत-न्यूजीलैंड व्यापार परिषद (आईएनजेडबीसी) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इसका उद्देश्य भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के तहत उद्योगों से जुड़े कदमों को व्यवस्थित रूप से लागू करना और दोनों देशों के व्यवसायों को इस समझौते से मिलने वाले अवसरों का पूरा लाभ दिलाना है।
ग्वालियर में क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर 1 करोड़ 41 लाख रुपए की ठगी के मामले में साइबर क्राइम पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने साइबर ठगों को कमीशन पर अपना बैंक खाता उपलब्ध कराया था। करीब 6 महीने पहले पिंटो पार्क क्षेत्र में बॉक्स फैक्ट्री संचालित करने वाले दुर्गाशंकर नागर को ई-मेल के जरिए क्रिप्टोकरेंसी में निवेश का ऑफर मिला। ठगों ने “गोल्ड DGM कॉइन फिक्स डॉट कॉम” नाम की फर्जी कंपनी में निवेश पर मोटा मुनाफा देने का झांसा दिया। दुर्गाशंकर नागर ने भरोसा कर दो महीने के भीतर अलग-अलग बैंक खातों में 1 करोड़ 41 लाख 17 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए, लेकिन उन्हें कोई मुनाफा नहीं मिला। ठगी का एहसास होने पर उन्होंने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। डीएसपी क्राइम मनीष यादव ने बताया कि क्रिप्टो निवेश के नाम पर हुई ठगी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उनके बैंक खातों में बड़े पैमाने पर संदिग्ध ट्रांजेक्शन मिले हैं और पूछताछ जारी है। जांच में खुला फर्स्ट लेयर का राज, गाजियाबाद से करते थे ऑपरेट पुलिस जांच में सामने आया कि ठगी की रकम का हिस्सा सबसे पहले गाजियाबाद के “महादेव सर्जिकल” नाम के खाते में पहुंचा। यह खाता गाजियाबाद के रहने वाले आदित्य शर्मा और प्रियांशु शर्मा का जॉइंट अकाउंट था, जिसमें 10 लाख 50 हजार रुपए ट्रांसफर हुए थे। पुलिस ने आरोपियों को नोटिस देकर ग्वालियर बुलाया, लेकिन वे नहीं आए। इसके बाद साइबर टीम गाजियाबाद में डेरा डालकर उनकी तलाश में जुटी रही। इसी बीच सूचना मिली कि आरोपी ग्वालियर में जमानत लेने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस ने बिरला हॉस्पिटल के पास से दोनों को दबोच लिया। 1% कमीशन पर देते थे बैंक खाता, मुख्य गिरोह तक पहुंचने की कोशिश पूछताछ में दोनों भाइयों ने कबूल किया कि उन्होंने 1 प्रतिशत कमीशन पर अपना बैंक खाता साइबर ठगों को दिया था। खाते की जांच में 1 करोड़ 68 लाख रुपए के अलग-अलग ट्रांजेक्शन सामने आए। हालांकि पुलिस को खाते में केवल 59 हजार रुपए ही बरामद हुए हैं। इस मामले में पुलिस पहले ही चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अब आदित्य और प्रियांशु को 2 दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस मनी ट्रेल खंगाल रही है, ताकि मुख्य साइबर ठगों तक पहुंचा जा सके। आशंका है कि यह गिरोह देशभर में कई लोगों को अपना शिकार बना चुका है।
उद्योगों के लिए नया ‘फॉर्मूला’:जितना निवेश उतनी जमीन, सर्विस सेक्टर लगा सकेंगे यूनिट
छत्तीसगढ़ को देश का औद्योगिक पावरहाउस बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा नीतिगत बदलाव किया है। वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा जारी नए गजट नोटिफिकेशन के अनुसार, ‘छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015’ में आमूलचूल संशोधन किए गए हैं इस नए बदलाव के तहत अब प्रदेश में उद्योगों को जमीन का आवंटन किसी अनुमान के बजाय सीधे तौर पर उनके निवेश से जोड़ दिया गया है। इस मास्टरस्ट्रोक के जरिए सरकार ने न केवल सर्विस सेक्टर के लिए औद्योगिक क्षेत्रों के दरवाजे खोले हैं, बल्कि दशकों से उद्यमियों के गले की फांस बनी एप्रोच रोड की समस्या और छोटे प्लॉटों को आपस में जोड़ने की कानूनी अड़चनों को भी जड़ से खत्म कर दिया है। इन नए नियमों से अब नीलाम हुए उद्योगों को दोबारा शुरू करना और निरस्त पट्टों की बहाली करना पहले से कहीं ज्यादा आसान और सस्ता हो जाएगा। नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के तहत किए गए इन बदलावों से जहां एक ओर नए निवेशकों को जमीन मिलना आसान होगा, वहीं जमीन लेकर उसे खाली छोड़ने वालों पर सख्ती की जाएगी। नए नियमों के अनुसार, यदि तय समय में आवंटित जमीन का पूरा उपयोग नहीं किया गया, तो 10% प्रीमियम देकर केवल 6 महीने की मोहलत मिलेगी। इसके बाद भी जमीन खाली रहने पर सरकार निर्मित क्षेत्र के आधार पर शेष भूमि वापस ले लेगी या एकतरफा कब्जा कर लेगी। हालांकि, चालू इकाइयां अपनी अतिरिक्त भूमि सरेंडर कर सकती हैं, जिसे मूल आबंटी द्वारा सुझाए गए नए निवेशक को 100% प्रीमियम पर दिया जा सकेगा। इसके लिए मूल आबंटी को 20% अतिरिक्त विनियामक प्रभार देना होगा। नए नियमों की खास बातें निवेश के आधार पर तय हुई जमीन की अधिकतम सीमा उद्योगों की श्रेणी और उनके प्लांट-मशीनरी में निवेश के आधार पर जमीन का आवंटन तय कर दिया गया है: निर्धारित शुल्क देना होगाऔद्योगिक जमीन अब राज्य की औद्योगिक विकास नीति के तहत परिभाषित सर्विस सेक्टर (सेवा क्षेत्र) की इकाइयों को भी उनके स्वीकृत भूमि उपयोग के अनुसार औद्योगिक जमीन का आवंटन किया जा सकेगा। हालांकि, इन सर्विस सेक्टर की इकाइयों को लघु विनिर्माण उद्योग हेतु निर्धारित दरों का न्यूनतम 4 गुना या नीलामी दर (जो भी अधिक हो) चुकाना होगा। ट्रांसफर नियम आसान हुआबैंक या नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल- एनसीएलटी द्वारा नीलाम उद्योगों को खरीदने पर अब मात्र 10% ट्रांसफर फीस देनी होगी। संगठन का स्वरूप बदलने (जैसे प्रोपराइटरशिप से कंपनी) पर इसे तब तक ‘हस्तांतरण’ नहीं माना जाएगा, जब तक मूल प्रमोटर्स का हिस्सा 51% या अधिक रहे। लीज निरस्त होने पर 25% शुल्क देकर पट्टा बहाल कराया जा सकेगा। बहाली के बाद 5 साल तक जमीन हस्तांतरण पर रोक रहेगी। इसी तरह उद्योगपतियों के प्लॉट तक पहुंचने का रास्ता नहीं है, तो एप्रोच रोड के लिए अलग से जमीन पट्टे पर मिलेगी। इसके लिए लघु उद्योगों की दर का 4 गुना या नीलामी दर देय होगी। साथ ही, अब पास-पास स्थित दो या अधिक प्लॉट्स का एकीकरण भी कराया जा सकेगा।
आगरा में हुआ इंडिया-न्यूजीलैंड बिजनेस मीट का आयोजन, आगरा का विश्व की शू कैपिटल के रूप में हुआ लांच, निर्यात और निवेश के नए युग की शुरुआतभारत के प्रमुख औद्योगिक केंद्र आगरा को “विश्व की जूता राजधानी” के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक एतिहासिक पहल की गई। रविवार को इंडिया - न्यूज़ीलैंड बिज़नेस मीट का आयोजन होटल अमर विलास में किया गया। जिसमें भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, केंद्रीय राज्यमंत्री भारत सरकार प्रो. एसपी सिंह बघेल तथा न्यूज़ीलैंड सरकार के व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मेक क्ले और न्यूजीलैंड के भारत में उच्चायुक्त पैट्रिक राटा सहित न्यूज़ीलैंड के लगभग एक दर्जन प्रतिनिधि मंडल ने शिरकत की। इस अवसर पर आगरा के फुटवियर उद्योग को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने, निर्यात को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन के लक्ष्य को रेखांकित किया गया। कार्यक्रम में यह स्पष्ट किया गया कि आगरा, जो पहले से ही भारत का सबसे बड़ा फुटवियर निर्माण क्लस्टर है, अब वैश्विक फुटवियर हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। वैश्विक मंच पर आगरा की मजबूत दावेदारीकार्यक्रम में बताया गया कि आगरा से भारत के लेदर फुटवियर निर्यात में 75% से अधिक का महत्वपूर्ण योगदान है। यहां 5,000 से अधिक MSME इकाइयाँ संचालित हैं, जो लगभग 4 से 5 लाख लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करती हैं। यूरोप, अमेरिका, यूके और मध्य-पूर्व जैसे बड़े बाजारों में आगरा के उत्पादों की मजबूत उपस्थिति है। परंपरा और आधुनिकता का संगमआगरा की सबसे बड़ी ताकत इसकी पीढ़ियों से चली आ रही कारीगरी है, जो आधुनिक मशीनरी के साथ मिलकर उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद तैयार करती है। लागत के मामले में यह क्लस्टर चीन और वियतनाम जैसे देशों के मुकाबले प्रतिस्पर्धी साबित हो रहा है, जिससे वैश्विक खरीदारों के लिए यह एक आकर्षक विकल्प बनता जा रहा है। FTA और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से मिलेगा बढ़ावाकार्यक्रम में विभिन्न फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA), CEPA और संभावित द्विपक्षीय व्यापार समझौतों के माध्यम से निर्यात में 3 से 5 गुना तक वृद्धि की संभावना जताई गई। साथ ही, भारत-न्यूज़ीलैंड सहयोग के तहत कच्चे माल की आपूर्ति, संयुक्त उत्पादन और डिजाइन इनोवेशन के नए अवसरों पर भी चर्चा की गई। इंफ्रास्ट्रक्चर और नीति समर्थन की अहम भूमिकाजेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, प्रस्तावित फुटवियर पार्क (YEIDA) और बेहतर लॉजिस्टिक्स सुविधाएँ आगरा को वैश्विक स्तर पर और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएंगी। साथ ही, उद्योग ने सरकार से 2030 तक कंपोनेंट्स पर शून्य ड्यूटी, ब्याज सब्सिडी और निर्यात प्रक्रियाओं को सरल बनाने जैसी मांगें भी रखीं। ब्रांड “आगरा” को वैश्विक पहचान देने की पहलइस पहल के तहत आगरा को “ताज नगरी” के साथ-साथ “फुटवियर उत्कृष्टता की नगरी” के रूप में ब्रांड किया जाएगा। GI टैग, अंतरराष्ट्रीय ब्रांडिंग अभियान और बायर -सेलर मीट के माध्यम से वैश्विक बाजार में आगरा की पहचान को और मजबूत किया जाएगा। निवेश और साझेदारी के लिए खुला आमंत्रणकार्यक्रम के अंत में वैश्विक ब्रांड्स, निवेशकों और नीति निर्माताओं को आगरा में निवेश और साझेदारी के लिए आमंत्रित किया गया। यह पहल न केवल आगरा बल्कि पूरे भारत के फुटवियर उद्योग को नई दिशा देने वाली साबित होगी। कार्यक्रम में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पियूष गोयल तथा न्यूज़ीलैंड सरकार के व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मेक क्ले की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि आगरा को “विश्व की जूता राजधानी” के रूप में स्थापित करना भारत के निर्यात को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और सरकार इस उद्योग को हर संभव नीति समर्थन प्रदान करेगी। वहीं मैक्ले ने भारत–न्यूज़ीलैंड सहयोग को मजबूत बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच कच्चे माल, डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन को मजबूती मिलेगी। इस दौरान सीएलई के चेयरमैन रमेश कुमार जुनेजा ने कहा कि आगरा का फुटवियर उद्योग देश के निर्यात का मजबूत स्तंभ है और उचित नीति समर्थन मिलने पर यह वैश्विक बाजार में और बड़ी हिस्सेदारी हासिल कर सकता है। वाइस चेयरमैन सीएलई मुख्तारुल अमिन ने उद्योग की परंपरागत कारीगरी और आधुनिक तकनीक के संयोजन को इसकी सबसे बड़ी ताकत बताते हुए निर्यात वृद्धि की अपार संभावनाएं जताईं। वहीं फुटवियर और चमड़ा उद्योग विकास परिषद के चेयरमैन पूरन डावर ने कहा कि आगरा को वैश्विक फुटवियर हब बनाने के लिए उद्योग और सरकार के बीच समन्वय अत्यंत आवश्यक है तथा यह पहल रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। एमडी, एफडीडीआई विवेक शर्मा ने स्किल डेवलपमेंट और डिजाइन इनोवेशन को उद्योग के भविष्य की कुंजी बताते हुए कहा कि प्रशिक्षित मानव संसाधन के माध्यम से भारत वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ सकता है। इसके साथ ही रीजनल चेयरमैन – नॉर्थ, सीएलई मोतीलाल सेठी ने कहा कि उत्तर भारत का फुटवियर उद्योग विशेष रूप से आगरा क्लस्टर, निर्यात वृद्धि और निवेश आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, बशर्ते उसे उचित इंफ्रास्ट्रक्चर और नीति समर्थन मिले।भारत के प्रमुख औद्योगिक केंद्र आगरा को “विश्व की जूता राजधानी” के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक एतिहासिक पहल की गई। रविवार को इंडिया - न्यूज़ीलैंड बिज़नेस मीट का आयोजन होटल अमर विलास में किया गया। जिसमें भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, केंद्रीय राज्यमंत्री भारत सरकार प्रो. एसपी सिंह बघेल तथा न्यूज़ीलैंड सरकार के व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मेक क्ले और न्यूजीलैंड के भारत में उच्चायुक्त पैट्रिक राटा सहित न्यूज़ीलैंड के लगभग एक दर्जन प्रतिनिधि मंडल ने शिरकत की। इस अवसर पर आगरा के फुटवियर उद्योग को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने, निर्यात को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन के लक्ष्य को रेखांकित किया गया। कार्यक्रम में यह स्पष्ट किया गया कि आगरा, जो पहले से ही भारत का सबसे बड़ा फुटवियर निर्माण क्लस्टर है, अब वैश्विक फुटवियर हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। वैश्विक मंच पर आगरा की मजबूत दावेदारीकार्यक्रम में बताया गया कि आगरा से भारत के लेदर फुटवियर निर्यात में 75% से अधिक का महत्वपूर्ण योगदान है। यहां 5,000 से अधिक MSME इकाइयाँ संचालित हैं, जो लगभग 4 से 5 लाख लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करती हैं। यूरोप, अमेरिका, यूके और मध्य-पूर्व जैसे बड़े बाजारों में आगरा के उत्पादों की मजबूत उपस्थिति है। परंपरा और आधुनिकता का संगमआगरा की सबसे बड़ी ताकत इसकी पीढ़ियों से चली आ रही कारीगरी है, जो आधुनिक मशीनरी के साथ मिलकर उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद तैयार करती है। लागत के मामले में यह क्लस्टर चीन और वियतनाम जैसे देशों के मुकाबले प्रतिस्पर्धी साबित हो रहा है, जिससे वैश्विक खरीदारों के लिए यह एक आकर्षक विकल्प बनता जा रहा है। FTA और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से मिलेगा बढ़ावाकार्यक्रम में विभिन्न फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA), CEPA और संभावित द्विपक्षीय व्यापार समझौतों के माध्यम से निर्यात में 3 से 5 गुना तक वृद्धि की संभावना जताई गई। साथ ही, भारत-न्यूज़ीलैंड सहयोग के तहत कच्चे माल की आपूर्ति, संयुक्त उत्पादन और डिजाइन इनोवेशन के नए अवसरों पर भी चर्चा की गई। इंफ्रास्ट्रक्चर और नीति समर्थन की अहम भूमिकाजेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, प्रस्तावित फुटवियर पार्क (YEIDA) और बेहतर लॉजिस्टिक्स सुविधाएँ आगरा को वैश्विक स्तर पर और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएंगी। साथ ही, उद्योग ने सरकार से 2030 तक कंपोनेंट्स पर शून्य ड्यूटी, ब्याज सब्सिडी और निर्यात प्रक्रियाओं को सरल बनाने जैसी मांगें भी रखीं। ब्रांड “आगरा” को वैश्विक पहचान देने की पहलइस पहल के तहत आगरा को “ताज नगरी” के साथ-साथ “फुटवियर उत्कृष्टता की नगरी” के रूप में ब्रांड किया जाएगा। GI टैग, अंतरराष्ट्रीय ब्रांडिंग अभियान और बायर -सेलर मीट के माध्यम से वैश्विक बाजार में आगरा की पहचान को और मजबूत किया जाएगा। निवेश और साझेदारी के लिए खुला आमंत्रणकार्यक्रम के अंत में वैश्विक ब्रांड्स, निवेशकों और नीति निर्माताओं को आगरा में निवेश और साझेदारी के लिए आमंत्रित किया गया। यह पहल न केवल आगरा बल्कि पूरे भारत के फुटवियर उद्योग को नई दिशा देने वाली साबित होगी। कार्यक्रम में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पियूष गोयल तथा न्यूज़ीलैंड सरकार के व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मेक क्ले की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि आगरा को “विश्व की जूता राजधानी” के रूप में स्थापित करना भारत के निर्यात को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और सरकार इस उद्योग को हर संभव नीति समर्थन प्रदान करेगी। वहीं मैक्ले ने भारत–न्यूज़ीलैंड सहयोग को मजबूत बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच कच्चे माल, डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन को मजबूती मिलेगी। इस दौरान सीएलई के चेयरमैन रमेश कुमार जुनेजा ने कहा कि आगरा का फुटवियर उद्योग देश के निर्यात का मजबूत स्तंभ है और उचित नीति समर्थन मिलने पर यह वैश्विक बाजार में और बड़ी हिस्सेदारी हासिल कर सकता है। वाइस चेयरमैन सीएलई मुख्तारुल अमिन ने उद्योग की परंपरागत कारीगरी और आधुनिक तकनीक के संयोजन को इसकी सबसे बड़ी ताकत बताते हुए निर्यात वृद्धि की अपार संभावनाएं जताईं। वहीं फुटवियर और चमड़ा उद्योग विकास परिषद के चेयरमैन पूरन डावर ने कहा कि आगरा को वैश्विक फुटवियर हब बनाने के लिए उद्योग और सरकार के बीच समन्वय अत्यंत आवश्यक है तथा यह पहल रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। एमडी, एफडीडीआई विवेक शर्मा ने स्किल डेवलपमेंट और डिजाइन इनोवेशन को उद्योग के भविष्य की कुंजी बताते हुए कहा कि प्रशिक्षित मानव संसाधन के माध्यम से भारत वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ सकता है। इसके साथ ही रीजनल चेयरमैन – नॉर्थ, सीएलई मोतीलाल सेठी ने कहा कि उत्तर भारत का फुटवियर उद्योग विशेष रूप से आगरा क्लस्टर, निर्यात वृद्धि और निवेश आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, बशर्ते उसे उचित इंफ्रास्ट्रक्चर और नीति समर्थन मिले।
कपूरथला में एक फाइनेंस कंपनी की महिला पार्टनर के खिलाफ 9 लाख 30 हजार रुपए की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। थाना सिटी पुलिस ने यह कार्रवाई एक व्यक्ति की शिकायत पर की है। थाना सिटी के एसएचओ अमनदीप नाहर ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में सिटी एन्क्लेव निवासी गुरप्रीत सिंह ने बताया कि जनवरी 2022 में विक्रमजीत सिंह और उनकी पत्नी रजनी बाला उनके घर आए थे। उन्होंने खुद को 'राजा फाइनेंस' कंपनी का संचालक बताया और निवेश के लिए प्रेरित किया। पीड़ित उनके झांसे में आ गया और पहले 3 लाख रुपए दिए। बाद में अलग-अलग समय पर कुल 9.30 लाख रुपए कंपनी में निवेश कर दिए। पीड़ित बोला- कंपनी पंजीकृत नहीं थी शिकायतकर्ता गुरप्रीत सिंह ने यह भी बताया कि 'राजा फाइनेंस' कंपनी पंजीकृत नहीं थी। विक्रमजीत सिंह ने निवेश की गई रकम के बदले 9.30 लाख रुपये का एक चेक दिया था, जिसकी अदायगी की तारीख 20 फरवरी 2025 थी। हालांकि, चेक की तारीख से पहले ही 7 फरवरी 2025 को विक्रमजीत सिंह का निधन हो गया। इसके बाद पीड़ित ने कंपनी की पार्टनर रजनी बाला से अपनी रकम वापस मांगी, लेकिन उन्होंने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया। पुलिस ने गुरप्रीत सिंह की शिकायत पर रजनी बाला के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है और मामले की जांच जारी है। आरोपी महिला की गिरफ्तारी अभी नहीं हुई है।
हिसार जिले के अग्रोहा धाम में वैश्य समाज के प्रतिनिधियों की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बजरंग गर्ग की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में देश के विभिन्न शहरों—हैदराबाद, अहमदाबाद, पुणे, दिल्ली व उत्तर प्रदेश से आए प्रतिनिधियों ने भाग लेकर समाज और क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। बजरंग गर्ग ने सरकार से अग्रोहा में टैक्सटाइल हब और इंडस्ट्रीज जोन स्थापित करने की मांग की। महाराजा अग्रसेन की नीतियों को पहुंचाने का कार्य बैठक को संबोधित करते हुए बजरंग गर्ग ने कहा कि अग्रोहा धाम देश व प्रदेश में अपनी इकाइयों का लगातार विस्तार कर रहा है और महाराजा अग्रसेन जी की नीतियों व आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महाराजा अग्रसेन ने अपने समय में समाजवाद की भावना को बढ़ावा देते हुए जरूरतमंदों को सहयोग देने और समाज को सशक्त बनाने का मार्ग दिखाया था, जिस पर अग्रवाल समाज आज भी चल रहा है। व्यापार और सामाजिक क्षेत्र में योगदान उन्होंने कहा कि वैश्य समाज ने न केवल देश बल्कि विदेशों में भी व्यापार व उद्योग जगत में अपनी अलग पहचान बनाई है और भारत का नाम वैश्विक स्तर पर ऊंचा करने में अहम भूमिका निभाई है। समाज के लोगों ने मेडिकल कॉलेज, अस्पताल, स्कूल, धर्मशालाएं, मंदिर व गौशालाओं के निर्माण के माध्यम से सामाजिक व धार्मिक क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है। टैक्सटाइल हब और इंडस्ट्रीज जोन की मांग बजरंग गर्ग ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि अग्रोहा व हरियाणा के समग्र विकास के लिए यहां टैक्सटाइल हब और इंडस्ट्रीज जोन स्थापित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस दिशा में कदम उठाती है तो देशभर से वैश्य समाज के व्यापारी अग्रोहा में करोड़ों-अरबों रुपये का निवेश करने के लिए तैयार हैं, जिससे क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। सरकार से तुरंत ठोस कदम उठाने की अपील उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सरकार को अग्रोहा के विकास की ओर गंभीरता से ध्यान देते हुए व्यापार व उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए तुरंत प्रभाव से ठोस कदम उठाने चाहिए।
रतलाम के पलसोड़ी क्षेत्र में बनाए जा रहे इंडस्ट्रीज कॉरिडोर (निवेश क्षेत्र) को लेकर ग्रामीणों द्वारा विरोध किया जा रहा है। 26 अप्रैल (रविवार) को बड़े स्तर पर विरोध को लेकर महापंचायत की जा रही है। इस महापंचायत में चार राज्यों के प्रतिनिधियों के शामिल होने का दावा किया है। बता दें कि रतलाम से गुजर रहे दिल्ली-मुंबई 8 लेन एक्सप्रेस वे के पास पलसोड़ी क्षेत्र में 1700 हेक्टेयर क्षेत्र में निवेश क्षेत्र बन रहा है। कई कंपनियों ने यहां पर काम शुरू कर दिया है। निवेश क्षेत्र की जमीन पर पलसोड़ी समेत 5 गांवों की जमीन अधिग्रहण की जाना है। इसे लेकर ग्रामीण 3 अप्रैल से विरोध स्वरूप धरना दे रहे हैं। धरने में पहले दिन सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार, रतलाम जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशुराम निनामा समेत अन्य बाप पार्टी व जयस व कांग्रेस के नेताओं द्वारा शामिल होकर विरोध किया गया। आदिवासी परिवार के बैनर तले महापंचायत धरने के 24वें दिन रविवार को पलसोड़ी के हायर सेकंडरी स्कूल में सुबह 11 बजे से आदिवासी परिवार के बैनर तले चार राज्यों के प्रतिनिधियों व सामाजिक लोगों की महापंचायत रखी गई है। दावा किया है कि इस महापंचायत में प्रदेश के अलावा राजस्थान, गुजरात व महाराष्ट्र के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इन गांवों की जमीनों का होना है अधिग्रहण बिबड़ौद, सरवनीखुर्द, जुनवानिया, रामपुरिया, पलसोड़ी में रह रहे लोगों की जमीन निवेश क्षेत्र में आ रही है। जो लोग रह रहे हैं उनके पास किसी प्रकार के जमीन संबंधित कोई दस्तावेज नहीं है। ग्रामीणों कहना है कि हमारी पुश्तैनी जमीन है। इसी जमीन पर खेती कर परिवार का पालन पोषण करते है। ऐसे में हमें हटा देंगे तो हम कहां जाएंगे। भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा संयोजक दिनेश माल ने बताया पूर्व में पलसोड़ी ग्राम पंचायत द्वारा ग्राम सभा रख कर निवेश क्षेत्र में किए जा रहे कामों को लेकर आपत्ति जताई थी। प्रशासन को भी आपत्ति से अवगत कराया गया। लेकिन किसी ने संज्ञान नहीं लिया। जो सालों से रह रहे है उन्हे कैसे हटाया जा सकता है। रविवार को चार राज्यों के प्रतिनिदियों की महापंचायत की जा रही है।
भोपाल के ऐशबाग इलाके में जिम में निवेश करने का झांसा देकर जालसाज ने एक व्यक्ति से 32 लाख रुपए की ठगी कर ली। घटनाक्रम तीन साल पुराना है। फरियादी ने एक साल पहले इस मामले की शिकायत थाने में की। शिकायत की जांच के बाद शनिवार को पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की जा सकी है। टीआई संदीप पवार के मुताबिक हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रहने वाले कबीश माहेश्वरी प्राइवेट जॉब करते हैं। 2022 में उनकी मुलाकात शुभम गुप्ता से हुई थी। पहले बातचीत हुई और फिर दोनों के बीच दोस्ती हो गई। आरोपी युवक ने उसे झांसा देते हुए कहा कि वह अगर जिम के काम में निवेश करता है, तो उसे अच्छा मुनाफा होगा। इसके लिए उसे करीब 32 लाख रुपए का निवेश करना होगा। रकम लेने के बाद धमकाने लगा आरोपी युवक की बातों में आकर फरियादी ने उसे 32 लाख रुपए दे दिए। रकम लेने के बाद ना तो कोई जिम खोला गया और ना ही रकम वापस लौटाई गई। जब राशि वापस मांगी तो वह धमकाने लगा। इस मामले को लेकर फरियादी ने थाना पुलिस को लिखित में आवेदन दिया था। आवेदन की जांच के बाद पुलिस ने आरोपी शुभग गुप्ता पर एफआईआर दर्ज की। पुलिस का कहना है जल्द ही आरोपी युवक की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल के कैदी वार्ड में शुक्रवार को हत्या के आरोप में बंद कैदी अशोक कुमार महतो ने सातवीं मंजिल की खिड़की से छलांग लगाकर अपनी जान दे दी। घटना इतनी अचानक हुई कि मौके पर मौजूद डॉक्टर, नर्स, पुलिसकर्मी और परिजन कुछ समझ ही नहीं पाए। अशोक को चेकअप के लिए वार्ड से बाहर ले जाया जा रहा था, तभी वह खिड़की के पास पहुंचा और नीचे कूद गया। गिरते ही उसकी मौके पर ही मौत हो गई। आज वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। पत्नी और बच्चों की हत्या था आरोपी अशोक कुमार महतो चौका थाना क्षेत्र के कुरली गांव का निवासी था। 2024 से घाघीडीह जेल में बंद था। उस पर अपनी पत्नी और डेढ़ साल के मासूम बच्चे की हत्या का गंभीर आरोप था। बताया जाता है कि शेयर बाजार में भारी नुकसान के बाद वह गहरे अवसाद में चला गया था। इसी मानसिक स्थिति में उसने यह जघन्य अपराध किया। जेल में रहते हुए भी उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। उसका ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल लगातार अस्थिर बना हुआ था। जिसके चलते उसे एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उसे रिम्स रांची रेफर करने की तैयारी की थी। 37 दिन में दूसरी बार घटी घटना अस्पताल में हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, बीते 37 दिनों में अस्पताल परिसर से कूदकर आत्महत्या की यह दूसरी घटना है। जबकि इसी अवधि में तीन अन्य मरीजों ने भी जान देने की कोशिश की थी। अस्पताल की खिड़कियों में पारंपरिक लोहे की ग्रिल की जगह स्लाइडिंग सिस्टम लगा है। जिसे आसानी से खोला जा सकता है। यही व्यवस्था अब मरीजों के लिए खतरा बन गई है। अस्पताल प्रबंधन ने पिछले एक साल में 14 बार स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर खिड़कियों में ग्रिल लगाने की मांग की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। पिता के सामने कूद गया बेटा घटना के वक्त अशोक के पिता विजय चंद्र महतो भी अस्पताल में मौजूद थे। बेटे के भर्ती होने की सूचना पर वे सुबह ही मिलने पहुंचे थे, लेकिन पुलिस की मौजूदगी के कारण वे वार्ड के बाहर ही खड़े थे। इसी दौरान उन्होंने अपने बेटे को खिड़की की ओर जाते और अचानक छलांग लगाते देखा। यह मंजर इतना भयावह था कि वे घबरा कर मौके से भाग गए। करीब दो घंटे बाद वे वापस लौटे और पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। उनके बयान पर यूडी केस दर्ज कर लिया गया है। उल्लेखनीय है कि पांच दिन पहले भी अशोक ने जेल में आत्महत्या की कोशिश की थी, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। --------------------------------------- इसे भी पढ़ें कैदी ने अस्पताल की 7वीं मंजिल से कूदकर की आत्महत्या:जेल से लाया गया था इलाज के लिए, पहले भी कर चुका था सुसाइड का प्रयास जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में इलाज करा रहे एक कैदी ने शुक्रवार को अस्पताल की सातवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतक कैदी की पहचान अशोक कुमार के रूप में हुई है। उसे रविवार को घाघीडीह केंद्रीय कारा में गला काटकर आत्महत्या करने की कोशिश के बाद गंभीर हालत में एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पूरी खबर यहां पढ़ें…
बिना निवेश का मुनाफा:भोपाल की छतों पर साल भर में तैयार हो रही 4 लाख यूनिट बिजली
राजधानी के बड़े सरकारी और निजी भवनों की छतें अब सिर्फ खाली जगह नहीं, बल्कि बिजली पैदा करने वाली ‘खदानें’ बन गई हैं। शहर के 13 बड़े परिसरों, जिनमें रेलवे स्टेशन, कॉलेज और यूनिवर्सिटी शामिल हैं, की छतों से साल भर में 4 लाख यूनिट बिजली पैदा की जा रही है। खास बात यह है कि यह पूरा बदलाव ‘रेस्को’ मॉडल पर हो रही है, यानी भवन मालिकों को एक पैसा भी निवेश नहीं करना पड़ा। निजी वेंडरों ने खुद सिस्टम लगाए हैं और अब इन भवनों को मात्र 1.38 से 2 रुपए प्रति यूनिट की दर से बिजली मिल रही है। सौर ऊर्जा के इस इस्तेमाल से वातावरण में हर साल 4446 टन कार्बन डाइऑक्साइड को घुलने से रोका जा रहा है। विशेषज्ञों की मानें तो यह प्रभाव सालाना 2 लाख पेड़ लगाने के बराबर है। प्रदूषण कम करने के साथ-साथ ये बड़े संस्थान अपने बिजली बिलों में सालाना 29 लाख रुपए तक की बचत कर रहे हैं। हाल ही में कुक्कुट पालन अनुसंधान केंद्र ने भी अनुबंध किया है। इन संस्थानों में तैयार हो रही सस्ती बिजली अब इन इमारतों पर तैयारी आगे क्या : नवकरणीय ऊर्जा विभाग अब केंद्र और राज्य सरकार के 200 और भवनों को इस नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी में है। इसमें गांधी मेडिकल कॉलेज, लोकायुक्त भवन और इनकम टैक्स ऑफिस जैसे बड़े दफ्तर शामिल हैं। अगले डेढ़-दो सालों में जब ये सिस्टम तैयार होंगे, तब 13 लाख यूनिट बिजली बनेगी। यह उपलब्धि सालाना 7 लाख पेड़ लगाने के बराबर होगी
पंचकूला नगर निगम मेयर चुनाव को लेकर शुक्रवार को सियासी हलचल तेज हो गई। भाजपा और कांग्रेस के मेयर प्रत्याशियों ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। नामांकन पत्र के अनुसार दोनों के पास करोड़ों की चल-अचल संपति है। कांग्रेस प्रत्याशी सुधा भारद्वाज के शपथ पत्र अनुसार, उनके पास करीब 2.49 लाख रुपए कैश मौजूद हैं। 7 अलग-अलग बैंक खातों में भी दपंती का 11 लाख रुपए जमा है। वहीं, भारद्वाज दपंती ने 7 लोगों को भी लाखों रुपए का कर्ज दे रखा है। इतना ही नहीं सुधा के पास 495 ग्राम सोना तथा उनके पति संजीव भारद्वाज के पास 103 ग्राम सोना व 32 बोर रिवॉल्वर और 12 बोर दोनाली बंदूक भी हैं। सुधा भारद्वाज के पास केवल स्कूटी है लेकिन उनके पति के पास फोर्ड इंडेवर कार है। 7 लोगों को दिया लोन, पति ने भी दिया कर्ज BJP प्रत्याशी श्याम लाल बंसल: जमीन में करोड़ों का निवेश भाजपा प्रत्याशी श्याम लाल बंसल के शपथ पत्र में सबसे बड़ी संपत्ति जमीन के रूप में सामने आई है। उनके पास करीब ₹12.20 करोड़ की कृषि भूमि है, जबकि उनकी पत्नी के नाम ₹45.70 करोड़ की जमीन दर्ज है। बंसल परिवार की अंबाला व पंचकूला में खेती योग्य जमीनें हैं। बंसल के पास 3 प्रापॅर्टी तथा उनकी पत्नी के पास 5 प्रापॅर्टी हैं। वहीं, बंसल के खातों में भी करीब 33 लाख रुपए तथा उनकी पत्नी के खातों में 9 करोड़ रुपए जमा हैं। प्रॉपर्टी-कैश, जमीन तथा गोल्ड सहित हर मामले में बंसल की पत्नी उनसे अमीर हैं। बंसल के पास एक 2015 मॉडल की टोयोटा फॉर्च्यूनर गाड़ी है। जिसकी कीमत करीब ₹15.86 लाख दर्शाई गई है। बंसल दंपति के पास आभूषण
देश के लिए फायदेमंद है चाइल्ड केयर में निवेश करना
न्यूयार्क में मेयर का चुनाव जीतने वाले जोहरान ममदानी की जीत का एक बड़ा कारण शहर के सभी बच्चों के लिए राज्य प्रायोजित चाइल्ड केयर की गारंटी देना था।
अरशद वारसी पर लगा शेयर मार्केट में बैन, जानिए क्या है मामला
बॉलीवुड एक्टर अरशद वारसी और उनकी पत्नी मारिया गोरेट्टी समेत 57 लोगों पर शेयर बाजार नियामक SEBI ने बैन लगा दिया है। उन्हें 1 साल के लिए सिक्योरिटी मार्केट से प्रतिबंधित कर दिया है। सेबी का कहना है कि ये लोग मार्केट में धोखाधड़ी जैसे कामों में पाए गए।
काजोल ने किया रियल एस्टेट में निवेश, खरीदी इतने करोड़ की कमर्शियल प्रॉपर्टी
बॉलीवुड एक्ट्रेस काजोल ने इंडस्ट्री में एक अलग मुकाम हासिल किया है। काजोल भले ही फिल्मों में कम नजर आती हो, लेकिन वह सुर्खियों में बनी रहती हैं। काजोल ने अब एक्टिंग के साथ-साथ रियल एस्टेट में भी कदम रख दिया है। काजोल ने मुंबई के गोरेगांव वेस्ट ...
जानिए क्यों पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास पर है 2100 करोड़ रुपए निवेश
पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास अपने करियर के शानदार दौर से गुजर रहे हैं, और निर्विवाद रूप से अखिल भारतीय सुपरस्टार के रूप में अपनी जगह पक्की कर रहे हैं। बाहुबली, सलार, कल्कि 2898 एडी जैसी बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने वाली फिल्मों के साथ, उन्होंने भारतीय ...
कंगना रनौत के किस बयान पर भड़की CISF की महिला जो सरेआम एक्ट्रेस को जड़ दिया थप्पड़, जानिए पूरा मामला
चंडीगढ़: हिमाचल की मंडी लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी सांसद एवं एक्ट्रेस कंगना रनौत से चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर बदसलूकी के पश्चात् हंगामा मचा हुआ है. दरअसल, 6 जून को कंगना दिल्ली जाने के लिए चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर पहुंची थीं. तभी सिक्योरिटी चेक के पश्चात् CISF की एक महिला जवान कुलविंदर कौर ने उनको थप्पड़ मार दिया. हालांकि CISF की अपराधी महिला कर्मी को निलंबित कर दिया गया है तथा उनके खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है. ऐसे में सवाल ये उठता है कि CISF की जवान ने थप्पड़ क्यों मारा, तो इसका जवाब है कंगना का 4 वर्ष पुराना एक ट्वीट. कंगना रनौत ने इस ट्वीट में 3 कृषि कानूनों के खिलाफ हुए किसान आंदोलन के चलते पंजाब की 80 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला किसान की गलत पहचान करते तथा उन्हें बिलकिस बानो कहा था. कंगना ने जो ट्वीट किया था उसमें एक वृद्ध महिला नजर आ रही थीं, जो भले ही झुककर चल रही थीं, लेकिन उन्होंने किसान आंदोलन का झंडा बुलंद किए हुए था. उनका नाम मोहिंदर कौर था. कंगना ने मोहिंदर कौर की फोटो को ट्वीट करते हुए लिखा था कि ''हा हा. ये वही दादी हैं जिन्हें टाइम मैगज़ीन की 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की लिस्ट में सम्मिलित किया गया था.... और ये 100 रुपये में उपलब्ध हैं. हालांकि कंगना रनौत ने बाद में ये ट्वीट डिलीट कर दिया था. बता दें कि कंगना ने जिस बिलकिस बानो का जिक्र किया था, वह 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला हैं तथा उन्होंने दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में CAA प्रोटेस्ट के चलते अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बटोरी थीं. कंगना के इस बयान को लेकर CISF की महिला जवान भड़की हुई थी. चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर कंगना से बदसलूकी का वीडियो सामने आया था, इसमें CISF की यह जवान कहती नजर आ रही है कि 'इसने बोला था किसान आंदोलन में 100-100 रुपये में महिलाएं बैठती थीं. वहां मेरी मां भी थी'. राहुल गांधी ने भाजपा पर लगाया शेयर बाजार में हेराफेरी का आरोप, बताया देश का सबसे बड़ा घोटाला उत्तर भारत में भीषण गर्मी का कहर जारी, यूपी के कुछ क्षेत्रों में राहत की उम्मीद बिहार के गया जिले में भीषण सड़क हादसा, तीन लोगों की मौत

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