भारत की अग्रणी स्पेस-टेक कंपनी अग्निकुल कॉसमॉस ने शनिवार को घोषणा की कि तमिलनाडु इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ने कंपनी में 25 करोड़ रुपए का निवेश मंजूर किया है
रुद्रा शेयर्स एंड स्टॉक ब्रोकर्स लिमिटेड ने ऑक्सानो कैपिटल के सहयोग से वैकल्पिक निवेश कोष पर आधारित निवेशक जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया। कार्यक्रम फॉर्च्यून पार्क बीबीडी, राणा प्रताप मार्ग स्थित दैनिक जागरण चौराहे के पास आयोजित हुआ। इसमें शहर के प्रमुख निवेशकों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और रुद्रा के व्यापारिक सहयोगियों ने भाग लिया। संगोष्ठी में ऑक्सानो कैपिटल के सह-संस्थापक आशीष पादियार ने निवेश की प्रक्रिया, रिसर्च आधारित कंपनियों के चयन और नवाचार करने वाली कंपनियों में शुरुआती चरण में निवेश की रणनीति को विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि सही शोध और दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ किया गया निवेश बेहतर परिणाम दे सकता है। सीडीएसएल की कार्यप्रणाली पर भी जानकारी कार्यक्रम में सीडीएसएल के रिसोर्स पर्सन ओमकार पाल ने प्रतिभागियों को डिपॉजिटरी सिस्टम और निवेशकों की सुरक्षा से जुड़ी प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आधुनिक डिजिटल व्यवस्था से निवेश प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुरक्षित हो गई है। न्यूनतम निवेश 25 लाख, पांच किस्तों में अवसर ऑक्सानो कैपिटल के प्रधान करण ने व्यावहारिक उदाहरणों के जरिए एआईएफ निवेश के लाभ और संभावनाओं को सरल भाषा में समझाया। उन्होंने बताया कि यह निवेश पूरी तरह से सेबी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप होता है। इस योजना में न्यूनतम निवेश राशि 25 लाख रुपये निर्धारित है, जिसे पांच किस्तों में निवेश किया जा सकता है। अब तक के प्रदर्शन के आधार पर कंपनी ने निवेशकों को करीब 33 प्रतिशत आईआरआर का प्रतिफल दिया है। निवेशकों की बढ़ती रुचि पर चर्चा कार्यक्रम की शुरुआत रुद्रा शेयर्स एंड स्टॉक ब्रोकर्स लिमिटेड के निदेशक श्री सिद्धार्थ बंसल ने की। उन्होंने कंपनी की यात्रा, उद्देश्य और वित्तीय सेवाओं में उसकी भूमिका पर प्रकाश डाला तथा ऑक्सानो कैपिटल और उसके सह-संस्थापकों का परिचय कराया।उन्होंने कहा कि छोटे और मझोले शहरों में निवेशकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है और वैकल्पिक निवेश भविष्य में निवेश का मजबूत माध्यम बन सकता है।
Stock Market Review Market ki Baat : अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। मार्च के दूसरे कारोबारी सप्ताह में सेंसेक्स 4355 अंक और निफ्टी 1299 अंक गिर गया। युद्ध के चलते बाजार पूंजीकरण में 33.68 ...
विकसित राजस्थान बनाने के लिए वर्ष 2047 तक प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 4.3 ट्रिलियन की बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उद्योगों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस सहित उद्यमियों के हित में कई निर्णय किए जा रहे हैं, मगर ऐसे दावों के बीच प्रदेश में रीको के 196 औद्योगिक क्षेत्रों में भूखंड खाली पड़े हैं। इनमें आबूरोड, अजमेर, अलवर, बांसवाड़ा, बालोतरा, भरतपुर, भीलवाड़ा, भिवाड़ी, बीकानेर, जोधपुर, चूरू, दौसा, जयपुर, जालोर, झालावाड़, झुंझुनूं, अजमेर, कोटा, पाली, राजसमंद, सवाई माधोपुर, सीकर, श्रीगंगानगर व उदयपुर के रीको एरिया शामिल हैं। विधानसभा में बताए गए आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में 196 औद्योगिक क्षेत्रों में उद्योग लगाने के लिए उद्यमियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। सबसे ज्यादा औद्योगिक क्षेत्र रीको के सीतापुरा और श्रीगंगानगर इकाई कार्यालयों के अंतर्गत है। सीतापुरा इकाई के अंतर्गत 12 औद्योगिक क्षेत्र शामिल है। इनमें संस्थानिक क्षेत्र, रामचन्द्रपुरा, बायोटेक जोन, ईपीआईपी लेदर जोन, विशेष आर्थिक क्षेत्र प्रथम व द्वितीय, प्रहलादपुरा और हुक्कण प्रमुख है। इसी तरह श्रीगंगानगर में भी 16 औद्योगिक क्षेत्रों में भूखंड खाली है। इनमें उद्योग विहार, एग्रो फूड पार्क, सादुलशहर, सूरतगढ़, रायसिंहनगर, अनूपगढ़, घड़साना, रावला और हनुमानगढ़ के विभिन्न चरण और नोहर शामिल है। इसी तरह अन्य प्रमुख इकाइयों में भीलवाड़ा के अंतर्गत 11 औद्योगिक क्षेत्रों में उद्योग लगाने की जमीन मौजूद है। इसमें चित्तौड़गढ़ के कुछ क्षेत्र भी है। जबकि अजमेर के अंतर्गत 8 क्षेत्र और कोटा व नागौर के अंतर्गत भी 8-9 औद्योगिक क्षेत्रों में प्लॉट खाली पड़े हैं। वहीं, आबूरोड में उडवारिया, पिपला रोहिडा, सारणेश्वर, चडुआल और बडगांव जैसे 6 क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं बनी हुई है। वहीं अजमेर संभाग में केकड़ी, सरवाड़, श्रीनगर, सावर, बडली, कालेसरा, मसूदा और सथाना में औद्योगिक भूखंड खाली हैं। अलवर के मत्स्य औद्योगिक क्षेत्र के एग्रो फूड पार्क में कृषि आधारित और भी उद्योग लगाने की कवायद की जा रही है। टेक्सटाइल उद्योगों के लिए भी कई संभावनाएं पाली, बालोतरा, जोधपुर, भीलवाड़ा सहित औद्योगिक क्षेत्रों में टेक्सटाइल उद्योग लगाने के लिए जमीन उपलब्धता के लिहाज से काफी संभावनाएं हैं। भरतपुर में बृज औद्योगिक क्षेत्र, जुरहरा, डीग, कोटडा, बाडी और विश्नोदा तो धौलपुर में भी भूखंड खाली पड़े हैं। भिवाड़ी जैसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र, बीकानेर में गजनेर, सिरेमिक पार्क गजनेर, श्रीराम जानकी सत्तासर, करणी विस्तार, खारा और नोखा विस्तार में जमीन उपलब्ध है। बोरानाडा जोधपुर, कांकाणी, शिल्पग्राम पाल और खुडियाला, चूरू के सरदारशहर, बीदासर, सादुलपुर, रतनगढ़ और तारानगर तथा दौसा के कोलाना में भी भूखंड खाली पड़े हैं।
यीडा में स्पार्क मिंडा ग्रुप करेगी 220 करोड़ का निवेश:प्राधिकरण ने कंपनी को लेटर ऑफ इंटेंट सौंपा
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने स्पार्क मिंडा टोयोडेंसो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को सेक्टर 8डी में 7 एकड़ भूखंड का लेटर ऑफ इंटेंट (एलओआई) सौंपा है। कंपनी इस परियोजना में लगभग 220 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। यह एलओआई यीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह और अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शैलेंद्र कुमार भाटिया ने कंपनी के कार्यकारी निदेशक अशोक दास और पीयूष गोयल को सौंपा। इस अवसर पर मिंडा ग्रुप के प्रमुख (कॉरपोरेट मामलों) अमित जालान भी उपस्थित रहे। उत्तर प्रदेश शासन की निवेश प्रोत्साहन नीति के तहत फॉर्च्यून 500 कंपनियों में शामिल होने के कारण कंपनी को सहायक अनुदान प्रदान किया गया है। स्पार्क मिंडा टोयोडेंसो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड इस परियोजना में लगभग 20 लाख यूनिट स्विच, सेंसर और अन्य संबंधित ऑटो स्विच प्रणालियों का उत्पादन करेगी। इस निवेश से क्षेत्र में कई प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। स्पार्क मिंडा ग्रुप की कंपनी मिंडा कॉरपोरेशन लिमिटेड की भारत सहित वियतनाम, इटली, जापान और इंडोनेशिया में कुल 27 उत्पादन इकाइयाँ कार्यरत हैं। कंपनी वैश्विक स्तर पर मेकेट्रॉनिक्स, सूचना एवं कनेक्टेड सिस्टम, प्लास्टिक एवं इंटीरियर, आफ्टरमार्केट उत्पाद तथा इलेक्ट्रिक वाहन और इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में सक्रिय है। कंपनी ने पुणे और बेंगलुरु में अनुसंधान एवं विकास (आर एंड डी) केंद्र भी स्थापित किए हैं।
Share Market 13 March : वैश्विक बाजारों में भारी बिकवाली, विदेशी निवेशकों की भारतीय बाजारों से बेरुखी, क्रूड के दामों में तेजी, डॉलर के मुकाबले रुपए में गिरावट और मुनाफा वसूली के चलते शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन भी शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज ...
Share Market Crash : शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन कमजोर शुरुआत हुई। सेंसेक्स 530 अंक फिसलकर 75504 के लेवल पर खुला वहीं 11 महीने के बाद निफ्टी 23,500 के नीचे फिसल गया। महंगे कच्चे तेल और वैश्विक अनिश्चितताओं ने आईटी, मेटल, ऑटो, फाइनेंशियल, पीएसयू बैंकिंग सेक्टर्स में जमकर बिकवाली हुई। सुबह 11:08 बजे सेंसेक्स 825 अंक गिरकर 75,209 पर था जबकि निफ्टी भी 307 अंक फिसलकर 23,333 अंक पर था। सेंसेक्स में 1.14 और निफ्टी में 1.3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। आयशर मोटर्स, M&M, मारुति सुजुकी, बजाज फाइनेंस, अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई जबकि कोल इंडिया, जियो फाइनेंशियल, अडाणी एंटरप्राइजेस और NTPC के शेयर हरे निशान में दिखाई दिए। एशियाई शेयर बाजार में भी बिकवाली की धारणा बनी हुई है। जापान का निक्कई 2 फिसदी गिर गया तो दक्षिण कोरिया के कोस्पी में लगभग 3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए थे। 4.77 ट्रिलियन डॉलर हुआ मार्केट कैप भारत की सभी लिस्टेड कंपनियों की कुल मार्केट वैल्यू करीब 4.77 ट्रिलियन डॉलर रह गई। साल की शुरुआत में यह करीब 5.3 ट्रिलियन डॉलर थी। बाजार में लगातार आ रही गिरावट की वजह से निवेशकों के लाखों करोड़ों रुपए स्वाहा हो गए। क्रूड 101 डॉलर पार अमेरिका ईरान युद्ध के 14वें दिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड के दाम 101 रुपए पार पहुंच गए। तेल संकट की वजह से शेयर बाजार में लिक्विडिटी की कमी दिखाई दे रही है। एफआईआई जमकर बिकवाली कर रहे हैं। रुपए की कमजोरी ने भी बिकवाली की धारणा के मजबूत किया है। निवेशक भी शेयरों में बिकवाली कर नकद राशि अपने पास जमा कर रहे है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने इसे वैश्विक तेल बाजार के इतिहास का 'सबसे बड़ा सप्लाई व्यवधान' बताया है। स्थिति को संभालने के लिए सदस्य देशों ने अपने रणनीतिक भंडार से 40 करोड़ बैरल तेल जारी करने का फैसला किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड की कीमतें 101 डॉलर पार हो गई। edited by : Nrapendra Gupta
Adani Total Gas Share Price: निवेशकों की चांदी! वैश्विक गैस संकट के बीच रॉकेट बना अडानी का यह शेयर।
Adani Total Gas Share Price: शुक्रवार को अडानी टोटल गैस के शेयरों में जोरदार उछाल। जानें क्यों रॉकेट बना यह स्टॉक, 52-वीक हाई और आज के ताजा ट्रेडिंग आंकड़े।
Stock Market Update: कच्चे तेल की आग में झुलसा शेयर बाजार, शुक्रवार को निवेशकों के करोड़ों डूबे!
शेयर बाजार में शुक्रवार को भारी गिरावट। सेंसेक्स 600 अंक टूटा और निफ्टी 23,500 के नीचे फिसला। जानें कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक तनाव का बाजार पर क्या असर हुआ।
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (13 मार्च, 2026)
1. मेष (Aries) Today 13 March horoscope in Hindi 2026 : करियर: कार्यक्षेत्र में आपके साहस और निर्णय लेने की क्षमता की सराहना होगी। लव: अविवाहितों के लिए विवाह की चर्चा घर में हो सकती है। धन: अचल संपत्ति में निवेश का विचार बन सकता है। स्वास्थ्य: उच्च रक्तचाप के मरीज थोड़ा सावधान रहें। उपाय: हनुमान जी को बूंदी का भोग लगाएं। ALSO READ: Dasha Mata Vrat 2026: दशा माता की पूजा करने का महत्व और पौराणिक कथा 2. वृषभ (Taurus) करियर: कार्यस्थल पर काम का दबाव अधिक रह सकता है। लव: रिश्तों में नयापन लाने के लिए कुछ खास प्लान करें। धन: बचत की योजना बनाना भविष्य के लिए अच्छा रहेगा। स्वास्थ्य: गले में इंफेक्शन की समस्या हो सकती है। उपाय: शिव चालीसा का पाठ करें। 3. मिथुन (Gemini) करियर: आज आपकी संचार क्षमता आपको कोई बड़ी डील दिलाने में मदद करेगी। लव: प्रेम संबंधों में कुछ गलतफहमियां हो सकती हैं। धन: शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड से लाभ मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य: मानसिक शांति के लिए योग का सहारा लें। उपाय: गाय को हरा चारा खिलाएं। 4. कर्क (Cancer) करियर: सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लोगों को शुभ समाचार मिल सकता है। लव: परिवार के साथ धार्मिक यात्रा पर जा सकते हैं। धन: रुका हुआ धन वापस मिल सकता है। स्वास्थ्य: ठंडी चीजों के सेवन से बचें। उपाय: हनुमान जी के मंदिर में दीपक जलाएं। 5. सिंह (Leo) करियर: कार्यक्षेत्र में लीडरशिप क्वालिटी दिखाने का मौका मिलेगा। लव: पार्टनर को सरप्राइज देने के लिए अच्छा दिन है। धन: धन के दिखावे में अधिक खर्च न करें। स्वास्थ्य: प्रतिदिन सुबह की सैर जारी रखें। उपाय: सूर्य देव को तांबे के लोटे से जल अर्पित करें। 6. कन्या (Virgo) करियर: नए प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू करने के लिए दिन अनुकूल है। लव: जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता रह सकती है। धन: पुराने निवेश से लाभ होगा। स्वास्थ्य: पाचन संबंधी विकार हो सकते हैं। उपाय: पक्षियों को दाना डालें। ALSO READ: 13 महीने का साल, गुरु बने राजा और मंगल मंत्री, रौद्र संवत्सर में इन 5 चीजों का अभी कर लें इंतजाम 7. तुला (Libra) करियर: आज नौकरीपेशा लोगों को बॉस का साथ मिलेगा। लव: पार्टनर के साथ बिताया गया समय यादगार रहेगा। धन: कारोबारियों को अचानक कोई खर्च सामने आ सकता है। स्वास्थ्य: कमर या पीठ के दर्द से थोड़ी परेशानी हो सकती है। उपाय: मंदिर में कपूर का दान करें। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: आज मेहनत का फल प्रमोशन के रूप में मिल सकता है। लव: पार्टनर के प्रति ईमानदार रहें। धन: लॉटरी या सट्टा बाजार से दूर रहें। स्वास्थ्य: एलर्जी या स्किन संबंधी समस्या हो सकती है। उपाय: आज हल्दी का दान करें। 9. धनु (Sagittarius) करियर: छात्रों को अपनी मेहनत के अनुसार परिणाम मिलेंगे। लव: किसी पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है। धन: आज संपत्ति की खरीद-बिक्री में लाभ होगा। स्वास्थ्य: भारी शारीरिक श्रम से बचें। उपाय: चने की दाल का दान करें। 10. मकर (Capricorn) करियर: कार्यस्थल पर काम का बोझ बढ़ सकता है। लव: घर के मामलों में साथ मिलकर निर्णय लें। धन: बजट बनाकर चलना ही बुद्धिमानी है। स्वास्थ्य: रात को सोने से पहले ध्यान करें। उपाय: हनुमान जी को लाल सिंदूर अर्पित करें। 11. कुंभ (Aquarius) करियर: नौकरी में पदोन्नति से मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। लव: लव पार्टनर के साथ चल रही अनबन खत्म होगी। धन: आकस्मिक धन लाभ के योग हैं। स्वास्थ्य: शारीरिक रूप से खुद को सक्रिय महसूस करेंगे। उपाय: जरूरतमंदों को काले चने का दान करें। 12. मीन (Pisces) करियर: नौकरी बदलने के लिए यह समय उत्तम है। लव: पार्टनर की भावनाओं को समझने की कोशिश करें। धन: धन की बचत करने में सफल रहेंगे। स्वास्थ्य: आंखों में जलन की समस्या हो सकती है। उपाय: हनुमान अष्टक का पाठ करें। ALSO READ: Jhulelal Jayanti 2026: वर्ष 2026 में झूलेलाल जयंती कब मनाई जाएगी?
सोनीपत जिले के खरखौदा में लोगों से निवेश पर मुनाफे का झांसा देकर 10.80 लाख रूपए ठगने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि रियल एस्टेट कंपनी ने विभिन्न योजनाओं के तहत पैसे निवेश करवाए और तय समय पर भुगतान करने का भरोसा दिया, लेकिन बाद में कंपनी संचालक रुपए लेकर फरार हो गए। पीड़ित का कहना है कि कंपनी ने कई साल तक लोगों का भरोसा जीतकर उनसे बड़ी रकम निवेश करवाई और फिर अचानक अपना कार्यालय बंद कर दिया। मामले की शिकायत मिलने पर खरखौदा थाना पुलिस ने कंपनी के निदेशक और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी व अमानत में खयानत सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। खरखौदा में खोला था कंपनी का कार्यालय खरखौदा के वार्ड नंबर-2 शास्त्री नगर के रहने वाले संदीप कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वर्ष 2012 में VACL इंडिया रियल एस्टेट लिमिटेड नाम की कंपनी खरखौदा में आई थी। कंपनी का कार्यालय सांपला रोड स्थित प्रताप स्कूल के सामने था, जबकि इसका मुख्य कार्यालय कानपुर (उत्तर प्रदेश) में बताया गया। कंपनी का निदेशक बिजेंद्र सिंह चौहान बताया गया है। कंपनी लोगों को अलग-अलग योजनाओं में निवेश करवाकर तय समय पर अधिक मुनाफा देने का भरोसा देती थी। 2015 से शुरू किया निवेश संदीप कुमार ने बताया कि कंपनी के झांसे में आकर उन्होंने 31 मार्च 2015 को पांच साल के लिए प्रति माह 2 हजार रुपए के हिसाब से कुल 1 लाख 20 हजार रुपए निवेश किए। इस योजना के तहत कंपनी को 31 मार्च 2020 तक उन्हें 1 लाख 76 हजार 4 रुपए लौटाने थे। इसके अलावा 30 जून 2015 को उन्होंने 1 लाख 1 हजार रुपए भी पांच साल के लिए स्थिर योजना में जमा कराए। बाद में और योजनाओं में भी लगाया पैसा पीड़ित के अनुसार कंपनी पर भरोसा करते हुए उन्होंने आगे भी कई योजनाओं में निवेश किया। इनमें 21 अगस्त 2019 को 25 हजार रुपए एक साल के लिए, 22 अक्टूबर 2019 को दो साल के लिए 2 लाख रुपये, 31 मार्च 2019 को तीन साल के लिए 1 लाख 50 हजार रुपए और 59 हजार 400 रुपए जमा कराए। इसके अलावा कंपनी की एक अन्य योजना के तहत एक साल के लिए 2 लाख रुपए और लगाए गए। कंपनी ने इन पैसों के बदले रजिस्ट्रेशन लेटर और पॉलिसी नंबर भी जारी किए थे। चेक देकर नहीं किया भुगतान संदीप कुमार ने बताया कि 2 लाख रुपए के निवेश के बदले कंपनी ने उन्हें 2 लाख 24 हजार रुपए का एसबीआई बैंक का चेक भी दिया था, जिसकी तारीख 5 जून 2020 थी। कुछ समय तक कंपनी स्कीम के अनुसार भुगतान करती रही, लेकिन बाद में अचानक भुगतान बंद कर दिया और वर्ष 2021 में कंपनी के संचालक कार्यालय बंद कर फरार हो गए। 10.80 लाख रुपए लगाए थे पीड़ित के अनुसार उन्होंने कंपनी में कुल 10 लाख 80 हजार 400 रुपए निवेश किए थे। कंपनी के संचालकों ने भरोसा जीतकर न केवल उनके, बल्कि अन्य कई लोगों के साथ भी धोखाधड़ी की और उनकी मेहनत की कमाई ठग ली। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस शिकायत के आधार पर खरखौदा थाना पुलिस ने कंपनी के निदेशक बिजेंद्र चौहान व अन्य आरोपियों के खिलाफ धारा 406, 420 आईपीसी और अनरेगुलेटेड डिपॉजिट स्कीम प्रतिबंध अधिनियम 2019 (BUDS Act) की धारा 21 के तहत केस नंबर 136 दिनांक 12 मार्च 2026 को दर्ज कर लिया है। मामले की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है और संबंधित अधिकारियों को भी इसकी जानकारी दे दी गई है।
सोनीपत जिले के खरखौदा में लोगों से निवेश पर मुनाफे का झांसा देकर 10.80 लाख ठगने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि रियल एस्टेट कंपनी ने विभिन्न योजनाओं के तहत पैसे निवेश करवाए और तय समय पर भुगतान करने का भरोसा दिया, लेकिन बाद में कंपनी संचालक रुपये लेकर फरार हो गए। पीड़ित का कहना है कि कंपनी ने कई साल तक लोगों का भरोसा जीतकर उनसे बड़ी रकम निवेश करवाई और फिर अचानक अपना कार्यालय बंद कर दिया। मामले की शिकायत मिलने पर खरखौदा थाना पुलिस ने कंपनी के निदेशक और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी व अमानत में खयानत सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।खरखौदा में खोला था कंपनी का कार्यालयखरखौदा के वार्ड नंबर-2 शास्त्री नगर के रहने वाले संदीप कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वर्ष 2012 में VACL इंडिया रियल एस्टेट लिमिटेड नाम की कंपनी खरखौदा में आई थी। कंपनी का कार्यालय सांपला रोड स्थित प्रताप स्कूल के सामने था, जबकि इसका मुख्य कार्यालय कानपुर (उत्तर प्रदेश) में बताया गया। कंपनी का निदेशक बिजेंद्र सिंह चौहान बताया गया है। कंपनी लोगों को अलग-अलग योजनाओं में निवेश करवाकर तय समय पर अधिक मुनाफा देने का भरोसा देती थी। 2015 से शुरू किया निवेश, कई स्कीमों में लगाए पैसेसंदीप कुमार ने बताया कि कंपनी के झांसे में आकर उन्होंने 31 मार्च 2015 को पांच साल के लिए प्रति माह 2000 रुपये के हिसाब से कुल 1 लाख 20 हजार रुपये निवेश किए। इस योजना के तहत कंपनी को 31 मार्च 2020 तक उन्हें 1 लाख 76 हजार 4 रुपये लौटाने थे। इसके अलावा 30 जून 2015 को उन्होंने 1 लाख 1 हजार रुपये भी पांच साल के लिए स्थिर योजना में जमा कराए।बाद में और योजनाओं में भी लगाया पैसापीड़ित के अनुसार कंपनी पर भरोसा करते हुए उन्होंने आगे भी कई योजनाओं में निवेश किया। इनमें 21 अगस्त 2019 को 25 हजार रुपये एक साल के लिए, 22 अक्टूबर 2019 को दो साल के लिए 2 लाख रुपये, 31 मार्च 2019 को तीन साल के लिए 1 लाख 50 हजार रुपये और 59 हजार 400 रुपये जमा कराए। इसके अलावा कंपनी की एक अन्य योजना के तहत एक साल के लिए 2 लाख रुपये और लगाए गए। कंपनी ने इन पैसों के बदले रजिस्ट्रेशन लेटर और पॉलिसी नंबर भी जारी किए थे।चेक दिया लेकिन भुगतान नहीं कियासंदीप कुमार ने बताया कि 2 लाख रुपये के निवेश के बदले कंपनी ने उन्हें 2 लाख 24 हजार रुपये का एसबीआई बैंक का चेक भी दिया था, जिसकी तारीख 5 जून 2020 थी। कुछ समय तक कंपनी स्कीम के अनुसार भुगतान करती रही, लेकिन बाद में अचानक भुगतान बंद कर दिया और वर्ष 2021 में कंपनी के संचालक कार्यालय बंद कर फरार हो गए।कुल 10.80 लाख रुपये लगाए थे निवेश मेंपीड़ित के अनुसार उन्होंने कंपनी में कुल 10 लाख 80 हजार 400 रुपये निवेश किए थे। कंपनी के संचालकों ने भरोसा जीतकर न केवल उनके बल्कि अन्य कई लोगों के साथ भी धोखाधड़ी की और उनकी मेहनत की कमाई ठग ली।पुलिस ने दर्ज किया मामलाशिकायत के आधार पर खरखौदा थाना पुलिस ने कंपनी के निदेशक बिजेंद्र चौहान व अन्य आरोपियों के खिलाफ धारा 406, 420 आईपीसी और अनरेगुलेटेड डिपॉजिट स्कीम प्रतिबंध अधिनियम 2019 (BUDS Act) की धारा 21 के तहत केस नंबर 136 दिनांक 12 मार्च 2026 को दर्ज कर लिया है। मामले की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है और संबंधित अधिकारियों को भी इसकी जानकारी दे दी गई है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान में विकास की अपार संभावनाएं हैं और राज्य सरकार उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि निवेश को बढ़ावा देने, नवाचारों को प्रोत्साहन देने, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और सिंगल विंडो क्लीयरेंस जैसे फैसलों से प्रदेश में उद्योगों के लिए बेहतर माहौल बना है। उन्होंने आश्वस्त किया कि राजस्थान में निवेश करने वाली उद्यमियों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी तथा उनकी सभी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। मुख्यमंत्री गुरुवार को भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) राजस्थान के वार्षिक सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 2047 तक 4.3 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य के साथ कार्य कर रहे हैं। ग्राम पंचायतों से लेकर नगर निकायों तक के समग्र विकास का रोडमैप तैयार किया जा रहा है। 34 नई नीतियों से विकास को मिली रफ्तारमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार 34 नई नीतियां लाई है, जिससे उद्योगों को अनुकूल वातावरण मिले। प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति भी मजबूत हुई है, महिला अत्याचारों के मामलों में 10 प्रतिशत की कमी भी आई है तथा पुलिस को पर्याप्त संसाधन भी उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी को मजबूत करने के साथ ही सड़क नेटवर्क को भी सुदृढ़ किया गया है। एक जिला-एक उत्पाद योजना के माध्यम से जिले की स्थानीय विशिष्टताओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के लिए हमारी सरकार युवा नीति लाई है, जिससे उद्यमिता को बढ़ावा मिल सके। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत युवाओं को ब्याजमुक्त ऋण दिया जा रहा है। सीएम ने युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के नियुक्ति पत्र तथा महिलाओं को उद्यमिता के लिए वाउचर पत्र भी सौंपे। वित्तीय सहायता का तय समय-सीमा के भीतर उपयोग किया जाए: सीएम मुख्यमंत्री ने गुरूवार को सीएमओ में केन्द्र सहायता प्राप्त योजनाओं को लेकर बैठक ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्रीय सहायता प्राप्त योजनाओं में मिलने वाली वित्तीय सहायता का तय समय-सीमा के भीतर उपयोग किया जाए, ताकि राज्य को केन्द्र से निधि हस्तांतरण सतत रूप से हो। उन्होंने कहा कि ये योजनाएं राज्य के सर्वांगीण विकास और महिला, युवा, किसान, मजदूर सहित सभी वर्गों के उत्थान का प्रमुख माध्यम है। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के बुनियादी सुधार में इन योजनाओं की बड़ी भूमिका है। इन योजनाओं में प्राप्त निधि के समय पर उपयोग से अंतिम छोर के व्यक्ति को राहत मिलती है। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन), चिकित्सा शिक्षा, स्वायत्त शासन, स्कूल शिक्षा, कृषि, उद्यानिकी, ग्रामीण विकास, पंचायती राज, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, समेकित बाल विकास सेवाएं विभागों के अन्तर्गत संचालित केन्द्र सहायता प्राप्त योजनाओं की वित्तीय प्रगति के संबंध में अवगत कराया। बैठक में मुख्य सचिव वी.श्रीनिवास सहित संबंधित विभागों के एसीएस, प्रमुख सचिव, सचिव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
15 मार्च के बाद ढीली होगी जेब, एडवांस टैक्स से चूके, तो लगेगा ब्याज का झटका
क्या आपकी टैक्स देनदारी 10,000 रुपए से ज्यादा है? अगर है तो कैलेंडर पर 15 मार्च की तारीख को लाल घेरे में डाल लीजिए। आयकर विभाग के नियमों के मुताबिक यह एडवांस टैक्स की चौथी और अंतिम किस्त जमा करने की आखिरी डेडलाइन है। अगर इस बार चूक गए, तो सरकार आपसे केवल टैक्स ही नहीं, बल्कि भारी-भरकम ब्याज भी वसूलेगी। तय समय के भीतर एडवांस टैक्स नहीं भरने पर आयकर अधिनियम की धारा 234 वी और 234 के तहत बयान और पेनल्टी देनी पड़ सकती है। 15 मार्च तक 100 फीसदी टैक्स जमा नहीं होने पर हर महीने 1 फीसदी की दर से ब्याज लगना शुरू हो जाएगा। बताते चलें कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के अनुसार बोकारो जिले में लगभग एक लाख 55 हजार करदाता हैं। हालांकि उन सीनियर सिटीजन को एडवांस से छूट है। जिनकी आय व्यापार या व्यवसाय से नहीं होती। समय रहते टैक्स भरें : गौरव नोटिस का खतरा : देरी करने पर आयकर विभाग का नोटिस भी मिल सकता है। फ्रीलांसर और कारोबारी : जिनकी आय पर टीडीएस नहीं कटता। वेतनभोगी भी सावधान : अगर आपको वेतन के अलावा रेंटल इनकम, एफडी का ब्याज, शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड से मुनाफा हो रहा है, तो आपकी एडवांस टैक्स देना होगा। एनआरआई : जिनकी भारत में कोई कमाई है।
यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर को मिली रफ्तार, 35000 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव
UP Defence Industrial Corridor: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को रक्षा और एयरोस्पेस विनिर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (यूपीडीआईसी) तेजी से आगे बढ़ रहा है। ...
Share Bazaar में बड़ी गिरावट, Sensex 829 अंक फिसला, Nifty भी 23700 के नीचे
Share Market Update News : मिडल-ईस्ट में जारी जंग के बीच भारतीय शेयर बाजारों में गिरावट का सिलसिला लगातार जारी है। आज भी लगातार दूसरे दिन बड़ी गिरावट दर्ज की गई। शेयर बाजार पर सबसे बड़ा दबाव कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का रहा। खबरों के अनुसार, कारोबार ...
स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने सोशल मीडिया के जरिए निवेश के नाम पर धोखाधड़ी कर करोड़ों रुपए ऐंठने वाली गैंग के सहयोगी बदमाश को अरेस्ट किया है। सोशल मीडिया के जरिए प्रचार-प्रचार कर गिरोह ने 82 हजार लोगों को जोड़ ठगी की। मोटे रिटर्न के साथ ही 6 लाख रुपए में स्कॉर्पियो देने तक की घोषणा की थी। एसओजी की ओर से मेन आरोपी व उसके साथियों को अरेस्ट कर पूर्व में जेसी भेजा जा चुका है। एडीजी (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया- निवेश ठग गैंग के सहयोगी सुरेश सैनी (34) निवासी भोपालगढ जोधपुर को अरेस्ट किया गया है। उसका भोपालगढ़ में जेसीबी रिपेयर का वर्कशॉप है। इस कारण ग्रामीणों में उसकी अच्छी पकड़ है। ठगी के मामले में वह पिछले तीन महीने से फरार चल रहा था। एसओजी टीम ने बुधवार रात दबिश देकर उसे जोधपुर से पकड़ा है। एसओजी की ओर से गिरफ्तार आरोपी सुरेश सैनी से पूछताछ की जा रही है। मामले में पूर्व में मेन आरोपी बंशीलाल उर्फ प्रिंस सैनी, ममता भाटी और दिनेश बागड़ी को अरेस्ट कर जेसी भेजा जा चुका है। ठगी के लिए तैयार की थी वेबसाइडसाल-2025 में एसओजी को शिकायत मिली कि सोशल मीडिया के जरिए क्रिप्टो करेंसी और आकर्षण निवेश प्लान के जरिए आमजन से धोखाधड़ी कर करोड़ों रुपए ऐंठने में एक गिरोह सक्रिय है। एसओजी की ओर से जांच में सामने आया कि गिरोह की ओर से जोधपुर इलाके में सोशल मीडिया के जरिए मोर्ट रिर्टन का झूठा आश्वासन देकर रुपए ऐंठे जा रहे है। गिरोह का मेन आरोपी बंशीलाल उर्फ प्रिंस सैनी है। जिसने सॉफ्टवेयर डेवलपर रजनीश कुमार से मिलीभगत कर ठगी के लिए वेबसाइड तैयार करवाई। जिसमें 250 रुपए में आईडी शुरू कर करीब 82 हजार लोगों को जोड़ा गया। उनसे करीब 2 करोड़ रुपए प्राप्त किए गए। 6 लाख में स्कॉर्पियो और 12 लाख में फॉर्च्युनर गाड़ीइसके बाद आरोपी प्रिंस सैनी ने हार्वेस्ट एआई टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी स्थापित कर खुद को निदेशक और अपनी मंगेतर ममता सैनी को सह-निदेशक बनाया। कंपनी के जरिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर डिजिटल करेंसी 'एसवीटी कॉइन' लॉन्च करके और उसे क्रिप्टो एक्सचेंज पर सूचीबद्ध कराने का भ्रामक प्रचार किया गया। निवेश पर विभिन्न इनामी योजनाएं चलाई गई। जिसमें 5.90 लाख रुपए में स्कॉर्पियो और 12 लाख रुपए में फॉर्च्युनर गाड़ी जैसे प्रलोभन फेसबुक, इंस्टाग्राम आदि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए फैलाए गए। झूठी प्लानिंग कर डिजिटल करेंसी में करवाया निवेशझूठी प्लानिंग के जरिए लोगों को डिजिटल करेंसी में निवेश के लिए प्रेरित कर 2360 रुपए प्रति आईडी के हिसाब से करीब 336 ट्रांजेक्शन के जरिए से रेजर-पे पेमेंट गेटवे पर करीब 2.21 करोड़, डीसीबी बैंक में 51.34 लाख और बैंक ऑफ इंडिया में करीब 20.21 लाख (कुल करीब 4 करोड़ 92 लाख 44 हजार रुपए) ऑनलाइन प्राप्त किए गए। इनके अलावा 40 लोगों से लिखित इकरारनामा कर कंपनी में निवेश करवाया गया। सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर प्रचार-प्रचार किया गया। अक्टूबर-2025 में भोपालगढ़ में 'डबल सेंचुरी रिवार्ड सेरेमनी' नामक प्रोग्राम आयोजित कर 250 स्कॉर्पियो गाड़ियां देने की घोषणा की गई। जिसमें 251 व्यक्तियों से करीब 15 करोड़ रुपए ठगी से प्राप्त किए गए। सहयोगी ने ग्रामीणा को फांसागिरोह के आरोपियों की ओर से इस पैसे का यूज अपनी निजी विलासिता, विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संगठनों को दान और निजी यूज के लिए महंगे वाहन खरीदने में किया गया। गिरफ्तार सह आरोपी सुरेश सैनी ने भी इस धोखाधड़ी में सक्रिय भूमिका निभाते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में 6 लाख रुपए में स्कॉर्पियो गाड़ी दिलाने का लालच देकर 56 लोगों से करीब 3.5 करोड़ रुपए इकट्ठे किए। कंपनी में 1173 आईडी लगाकर करीब 28 लाख रुपए सोशल मीडिया ऐप और क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर जमा करवाए। ठगी के एवज में कमीशन रुप में उसने अपने भाई के नाम पर एक स्कॉर्पियो गाड़ी मेन आरोपी से प्राप्त की थी, जिसे जब्तकर लिया गया है।
एक समय था जब फॉर्मूला-1 को दुनिया की सबसे तेज कार रेस के रूप में जाना जाता था। ट्रैक पर इंजन की गूंज, सेकंडों की होड़ और ड्राइवरों की तकनीकी क्षमता ही इसकी पहचान थी। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में यह खेल तेजी से बदल गया है। आज फॉर्मूला-1 केवल मोटरस्पोर्ट नहीं रहा, बल्कि ग्लैमर, मनोरंजन और लाइफस्टाइल का एक बड़ा वैश्विक ब्रांड बन चुका है। इस बदलाव के पीछे सबसे बड़ी भूमिका अमेरिकी मीडिया कंपनी लिबर्टी मीडिया की रही है। कंपनी ने 2017 में फॉर्मूला-1 को अपने नियंत्रण में लिया और इसके बाद खेल की प्रस्तुति, डिजिटल रणनीति और दर्शकों तक पहुंच को पूरी तरह नए तरीके से तैयार किया। लक्ष्य साफ था- एफ1 को सिर्फ रेस नहीं, बल्कि एक बड़े मनोरंजन शो के रूप में पेश करना। इस बदलाव को गति देने में नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज “ड्राइव टू सर्वाइव’ ने अहम भूमिका निभाई। इस सीरीज में रेस के पीछे की दुनिया दिखाई गई- ड्राइवरों की निजी जिंदगी, टीमों के बीच प्रतिस्पर्धा, रणनीति और पर्दे के पीछे होने वाली राजनीति। इससे दर्शकों का जुड़ाव बढ़ा और लोग केवल रेस देखने के बजाय ड्राइवरों की कहानियों में भी दिलचस्पी लेने लगे। लिबर्टी मीडिया ने खास तौर पर युवाओं और नए दर्शकों को ध्यान में रखकर रणनीति बनाई। सोशल मीडिया पर सक्रियता बढ़ाई गई, छोटे वीडियो, गेमिंग कंटेंट और डिजिटल इंटरैक्शन को बढ़ावा दिया गया। इसका असर आंकड़ों में साफ दिखता है। 2018 में एफ-1 के ऑनलाइन फॉलोअर्स करीब 2 करोड़ थे, जो 8 साल में 6 गुना बढ़कर 11.5 करोड़ हो चुके हैं। डिज्नी और लेगो जैसे ब्रांड्स के साथ साझेदारी कर एफ-1 बच्चों और किशोरों तक भी पहुंचने की कोशिश कर रहा है, ताकि आने वाले समय में दर्शकों का आधार और बड़ा हो सके। इस रणनीति का असर एफ-1 की कमाई पर भी दिख रहा है। 2025 में फॉर्मूला-1 की कुल कमाई करीब 32,000 करोड़ रुपए तक पहुंच गई। शेयर बाजार में इसकी कुल वैल्यू लगभग 1.74 लाख करोड़ रुपए से अधिक आंकी जा रही है। कई देश भी इसे अपने यहां आयोजित करने के लिए बड़ी रकम देने को तैयार रहते हैं। चीन और सऊदी अरब जैसे देश एक ग्रां प्री रेस की मेजबानी के लिए भारी फीस चुकाते हैं, क्योंकि इससे पर्यटन, निवेश और अंतरराष्ट्रीय पहचान बढ़ती है। रेस से आगे... कैसे ‘प्रीमियम लाइफस्टाइल ब्रांड’ बन गया एफ-1 फॉर्मूला-1 अब सिर्फ कार कंपनियों का खेल नहीं रहा। लग्जरी और टेक्नोलॉजी कंपनियां भी तेजी से इससे जुड़ रही हैं। फ्रांस की लग्जरी समूह एलवीएमएच (लुई विटों) ने 8,300 करोड़ रुपए की 10 साल की साझेदारी की है। यह दिखाता है कि एफ-1 अब एक प्रीमियम लाइफस्टाइल प्लेटफॉर्म बन चुका है। एपल ने 6,200 करोड़ रुपए की बड़ी डील के जरिए इस खेल से हाथ मिलाया है, ताकि खासकर अमेरिकी बाजार में इसकी पहुंच और मजबूत हो सके। लिबर्टी मीडिया ने मोटोजीपी (बाइक रेसिंग) को भी खरीद लिया है। योजना यह है कि बाइक रेसिंग को भी उतना ही लोकप्रिय और मुनाफे वाला बनाया जा सके।
घरेलू गैस आपूर्ति को प्राथमिकता देने के सरकार के नए आदेश के बाद अडाणी टोटल गैस, गुजरात गैस और MGL के शेयरों में 15% तक की तेजी देखी गई। मध्य पूर्व में तनाव के बीच सरकार के 'नेचुरल गैस रेगुलेशन ऑर्डर 2026' का असर बाजार पर साफ दिख रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ 300 बिलियन डॉलर की ऐतिहासिक रिफाइनरी डील का दावा किया है। हालांकि, रिलायंस ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, जिससे बाजार में अटकलों का बाजार गर्म है। पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।
मध्य पूर्व तनाव का असर, लाल निशान में खुला भारतीय बाजार
मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष के कारण भारतीय शेयर बाजार गुरुवार के कारोबारी सत्र में लाल निशान में खुला
भारतीय शेयर बाजार में आज भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स करीब 1000 अंक लुढ़का और निफ्टी 23,600 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे आ गया। वैश्विक कमजोरी और कच्चे तेल (Crude Oil) की बढ़ती कीमतों के कारण निवेशकों में डर का माहौल है। पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।
रांची में ईडी और पुलिस के बीच चल रहे विवाद की अब सीबीआई जांच होगी। झारखंड हाईकोर्ट ने 23 करोड़ रुपए के पेयजल घोटाले के आरोपी संतोष कुमार द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के मामले में सीबीआई जांच का निर्देश दिया है। जस्टिस एसके द्विवेदी की अदालत ने बुधवार को आदेश देते हुए कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है। अदालत ने सीबीआई निदेशक को इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान करने का निर्देश दिया है। साथ ही रांची के एयरपोर्ट थाना प्रभारी को मामले से जुड़े सभी दस्तावेज और साक्ष्य सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया गया है। इस मामले में 24 फरवरी को विस्तृत सुनवाई हुई थी। इसके बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। अदालत ने अपने आदेश में पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि ईडी अफसरों पर पुलिस ने जल्दबाजी में कार्रवाई की है। अदालत ने कहा कि यह मामला असाधारण परिस्थितियों से जुड़ा है और इसमें कई प्रभावशाली लोग व राजनीतिज्ञ भी शामिल बताए जा रहे हैं, इसलिए निष्पक्ष जांच जरूरी है। वह सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी हैपेयजल घोटाले के आरोपी ने लगाया मारपीट का आरोप: 23 करोड़ रुपए के पेयजल घोटाले के आरोपी संतोष कुमार ने ईडी के रांची जोनल कार्यालय में पदस्थापित सहायक निदेशक प्रतीक व सहायक प्रवर्तन अधिकारी शुभम भारती के खिलाफ एयरपोर्ट थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। संतोष ने आरोप लगाया था कि अधिकारियों ने पूछताछ के दौरान उसके साथ मारपीट की और गंभीर चोट पहुंचाई। एफआईआर दर्ज होने के बाद एयरपोर्ट थाना की पुलिस जांच के लिए ईडी कार्यालय पहुंची और पूछताछ शुरू कर दी। इसके खिलाफ ईडी के दोनों अधिकारियों ने झारखंड हाईकोर्ट में निष्पक्ष जांच करने के लिए याचिका दाखिल की। ईडी की दलील... खुद सिर पर जग मार लिया: हाईकोर्ट में ईडी अधिकारियों की ओर से कहा गया कि शिकायतकर्ता संतोष कुमार को पहले से चिकित्सीय समस्याएं थीं। 12 जनवरी 2026 को संतोष खुद बयान दर्ज कराने ईडी ऑफिस आए थे। पूछताछ के दौरान वे उत्तेजित हो गए और टेबल पर रखा जग उठाकर सिर पर मार लिया। मामूली चोट लगी। सदर अस्पताल में उनकी मरहम-पट्टी कराई गई। फिर वे घर चले गए। अगले दिन केस कर दिया। बड़े नामों के खुलासे की आशंका, इसलिए मामला सीबीआई तक पहुंचा पेयजल स्वच्छता विभाग के कैशियर संतोष कुमार पर 23 करोड़ रुपए के गबन का आरोप है। इस मामले में रांची पुलिस ने उसके खिलाफ दो प्राथमिकी दर्ज की है। पूछताछ के दौरान संतोष कुमार ने करोड़ों रुपए शेयर बाजार में निवेश करने और कुछ बड़े अधिकारियों की भूमिका का भी जिक्र किया था। हालांकि पुलिस की जांच मुख्य रूप से संतोष कुमार तक ही सीमित रही। इसके बाद ईडी ने इस मामले में ईसीआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान कई प्रभावशाली लोगों के नाम सामने आने लगे। माना जा रहा है कि यही इस केस का टर्निंग प्वाइंट बना। बड़े नाम सामने न आएं, इसलिए ईडी अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई। कोर्ट ने इसे हाई प्रोफाइल मामला मानते हुए सीबीआई जांच का आदेश दे दिया।
करोड़ों रुपए के आदर्श क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी धोखाधड़ी मामले में राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में मंशा जताते हुए आग्रह किया है कि देश व राजस्थान के लाखों निवेशकों की राहत के लिए ईडी की सहमति से आरोपियों की संपत्तियों की नीलामी की जाए। राज्य सरकार के एएजी शिवमंगल शर्मा ने कहा कि विधिक प्रक्रिया के जरिए आरोपियों की संपत्ति नीलाम कर निवेशकों को उनकी राशि दिलवाई जानी चाहिए। राज्य सरकार ने यह पक्ष राहुल मोदी व अन्य की एसएलपी के मामले में रखा। राजस्थान सरकार की ओर से एएसजी एसडी संजय, एएजी शिव मंगल शर्मा व अधिवक्ता संस्कृती पाठक उपस्थित हुए। गौरतलब है कि 28 दिसंबर 2018 को एसओजी, जयपुर ने इस मामले में आदर्श क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटी धोखाधड़ी केस में एफआईआर दर्ज की। यह एफआईआर आदर्श क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड के संस्थापक मुकेश मोदी और इसके प्रबंध निदेशक राहुल मोदी सहित अन्य पदाधिकारियों व अन्य के खिलाफ थी।
चंडीगढ़ नगर निगम में स्मार्ट सिटी फंड से जुड़े लगभग 116.84 करोड़ के घोटाले बड़ा खुलासा हुआ है। सामने आए दस्तावेजों के अनुसार निगम का सरकारी पैसा केवल फर्जी एफडी के जरिए ही नहीं हड़पा गया, बल्कि उसे ओपन मार्केट में बिल्डरों, होटलियर्स और ज्वैलर्स को मोटे ब्याज पर इस्तेमाल करने के लिए भी दिया गया। दस्तावेजों के अनुसार यह पूरा खेल 20 मार्च 2025 के आसपास शुरू हुआ और करीब दस महीनों तक पैसा ओपन मार्केट में चलता रहा। इस दौरान प्राइवेट खातों में लगातार बड़े पैमाने पर ट्रांजेक्शन होते रहे। सरकारी खाते से पैसा प्राइवेट खातों में जाता और कुछ समय बाद दोबारा उसी राशि को वापस सरकारी खाते में ट्रांसफर कर दिया जाता था। बताया जा रहा है कि इस दौरान मिलने वाला ब्याज कथित तौर पर कुछ बिचौलियों और अधिकारियों के बीच बांट लिया जाता था। निगम अधिकारियों को भनक तक नहीं मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह बताई जा रही है कि नगर निगम के सरकारी खाते से बड़ी रकम बार-बार प्राइवेट खातों में ट्रांसफर होती रही, लेकिन निगम के कई अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। सूत्रों के अनुसार सैकड़ों बार इस तरह पैसों का लेन-देन किया गया। पहले सरकारी खाते से पैसा प्राइवेट खातों में भेजा जाता था और कुछ महीनों बाद वही रकम फिर से प्राइवेट खातों से वापस सरकारी खाते में ट्रांसफर कर दी जाती थी। यह प्रक्रिया एक-दो बार नहीं, बल्कि कई बार दोहराई गई। खुलासे से बचने के लिए बनाई गई एफडी जानकारी के अनुसार चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में यह फैसला लिया गया था कि प्रोजेक्ट का पैसा नगर निगम के अन्य खातों में ट्रांसफर किया जाएगा। इसके बाद यह राशि नगर निगम के खाते में भी ट्रांसफर कर दी गई। इसके बावजूद अकाउंट ब्रांच की ओर से 116.84 करोड़ की एफडी (फिक्स्ड डिपॉजिट) बनवा दी गई, जबकि यह रकम पहले से ही निगम के सुरक्षित खातों में मौजूद थी। नियमों के अनुसार इस राशि की केवल एक एफडी बननी चाहिए थी, लेकिन इसके बजाय 11 एफडी बनाई गईं। हैरानी की बात यह है कि रिकॉर्ड में केवल एक ही एफडी की एंट्री दर्ज की गई, जिसे सही बताया जा रहा है। आईडीएफसी बैंक में करवाई गई 11 एफडी 28 मार्च 2025 को 1 साल के लिए 25 करोड़ रुपये की एफडी, मैच्योरिटी 27 मार्च 2026 28 मार्च 2025 को 1 साल के लिए 25 करोड़ रुपये की एफडी, मैच्योरिटी 27 मार्च 2026 28 मार्च 2025 को 1 साल के लिए 10 करोड़ रुपये की एफडी, मैच्योरिटी 27 मार्च 2026 28 मार्च 2025 को 1 साल के लिए 10 करोड़ रुपये की एफडी, मैच्योरिटी 27 मार्च 2026 28 मार्च 2025 को 1 साल के लिए 10 करोड़ रुपये की एफडी 28 मार्च 2025 को 1 साल के लिए 10 करोड़ रुपये की एफडी 28 मार्च 2025 को 6 करोड़ 61 लाख 11 हजार 278 रुपये की एफडी 2 अप्रैल 2025 को 1 साल के लिए 10 करोड़ रुपये की एफडी, मैच्योरिटी 1 अप्रैल 2026 2 अप्रैल 2025 को 1 साल के लिए 5 करोड़ रुपये की एफडी 6 अप्रैल 2025 को 1 साल के लिए 5 करोड़ रुपये की एफडी, मैच्योरिटी 5 अप्रैल 2026 6 अप्रैल 2025 को 22 लाख 90 हजार 386 रुपये 37 पैसे की एफडी
आदर्श कॉपरेटिव सोसायटी के देशभर में लाखों निवेशकों के लिए राहतभरी खबर है। सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को राजस्थान सरकार ने आरोपी मुकेश मोदी, राहुल मोदी सहित 6 अन्य आरोपियों की जमानत का विरोध किया। वहीं कहा कि सोसायटी की अटैच संपत्तियों को नीलाम करके निवेशकों को राशि दिलाई जाए। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की बेंच ने आरोपियों की डिफॉल्ट बेल याचिकाओं पर सुनवाई की। राज्य सरकार की ओर से पैरवी करते हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसडी संजय और अतिरिक्त महाधिवक्ता शिवमंगल शर्मा ने कहा- राजस्थान सहित पूरे भारत के निवेशकों को सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में विधिक प्रक्रिया के तहत निवेशित राशि वापस दिलाई जानी चाहिए। एसओजी की चार्जशीट के अनुसार सोसायटी के आरोपियों ने राजस्थान सहित 7 राज्यों में लाखों लोगों से 14 हजार 800 करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी की थी। अटैच संपत्तियों को अधिकतम मूल्य पर बेचा जाएराज्य सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में कहा गया- आरोपी व्यक्तियों की संपत्तियों को आधिकारिक परिसमापक (ऑफिशियल लिक्विडिटर) द्वारा सार्वजनिक नीलामी से अधिकतम मूल्य पर बेचा जाना चाहिए। सरकार ने कहा- अभी तक ईडी की स्वीकृति के बिना कोई भी संपत्ति नहीं बेची गई है। सरकार ने आरोपियों की जमानत का विरोध करते हुए कहा- जब हजारों करोड़ रुपए की संपत्तियां अपराध की आय से अर्जित किया जाना बताया जा रहा है तो इतने वर्षों की हिरासत के बाद आरोपियों की अब डिफॉल्ट बेल की मांग स्वीकार्य नहीं है। 28 राज्यों में 806 शाखाएं खोलकर लोगों को दिया झांसामामले में पुलिस और एसओजी कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। ये राज्य में सबसे बड़े फ्रॉड में से एक है। इस सोसायटी ने देश के 28 राज्यों में 806 शाखाएं खोली थी। इनमें से 309 राजस्थान में थीं। सोसायटी की ओर से लोगों को झांसा दिया जाता था कि उनकी निवेश की हुई रकम कंपनियों व लोगों को ऊंची ब्याज दर पर लोन के रूप में दी जाती है। इस झांसे में आकर 20 लाख लोगों ने 14800 करोड़ रुपए का निवेश सोसाइटी में किया था। इनके संचालकों ने रिश्तेदारों के नाम पर ही 45 फर्जी कंपनियां खोलीं और सोसाइटी में निवेश की गई रकम में से 12414 करोड़ रुपए इन्हीं फर्जी कंपनियों को बतौर लोन देना दिखाया। सोसाइटी में लगे लोगों के रुपए से संचालकों ने पूरे देश में संपत्ति खरीदी। 2018 में एसओजी ने किया था मामला दर्जमामले में सबसे पहले स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) ने 28 दिसंबर 2018 को आदर्श क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड के संस्थापक मुकेश मोदी, प्रबंध निदेशक राहुल मोदी सहित अन्य पदाधिकारियों और नियंत्रकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। वहीं आरोपियों की गिरफ्तारी जून 2019 में हुई थी। …….. ये खबर भी पढ़ें आदर्श क्रेडिट सोसायटी घोटाला, 135 करोड़ की संपत्ति अटैच:ईडी ने अलग-अलग जिलों में कार्रवाई की; मुकेश-राहुल मोदी के नाम थी प्रॉपर्टी देश में 15 हजार करोड़ रुपए का चिटफंड घोटाला करने वाली आदर्श क्रेडिट सोसायटी को लेकर प्रवर्तन निदेशालय( ईडी) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की। ईडी ने सोसायटी के मुकेश मोदी और उसके भतीजे राहुल मोदी की 135 करोड़ की प्रॉपर्टी अटैच की है। (पूरी खबर पढ़ें)
उज्जैन साइबर सेल ने फर्जी निवेश योजना के नाम पर 25 लाख रुपए की ठगी करने वाले गिरोह के एक खातेधारक को तेलंगाना से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर देश के 17 राज्यों से करोड़ों रुपए के अवैध लेन-देन का आरोप है। पुलिस के अनुसार, उज्जैन के एक सेवानिवृत्त इंजीनियर को 'इक्विटी रिसर्च' नामक एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा था। इस ग्रुप में खुद को गोल्डमैन सैक्स कंपनी से जुड़ा बताकर निवेश के लिए प्रेरित किया गया। ग्रुप के सदस्य नियमित रूप से निवेश और मुनाफे से संबंधित पोस्ट साझा करते थे, जिससे पीड़ित को विश्वास हो गया। अलग-अलग बैंक खातों में 25 लाख जमा कराए आरोपियों ने पीड़ित से अलग-अलग बैंक खातों में कुल 25 लाख रुपए जमा करवाए। इसके बाद उन्हें प्रतिदिन लगभग 50 हजार रुपए का आभासी मुनाफा दिखाया जाता रहा। जब पीड़ित ने अपनी जमा राशि और मुनाफा निकालने का प्रयास किया, तो उन्हें पैसे नहीं मिले, जिसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ। इस मामले की शिकायत सितंबर 2024 में राज्य साइबर सेल उज्जैन में दर्ज की गई थी। प्रकरण में अपराध संख्या 270/2024, धारा 318(4) बीएनएस और 66-डी आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। साइबर सेल की टीम, जिसमें मोहन सिंह सोलंकी, हरेंद्रपाल सिंह राठौर और सुनील शर्मा शामिल थे, ने लगातार तीन दिनों तक वारंगल और मलकाजगिरी जिलों में तलाश कर आरोपी सैयद मोईन कुरैशी (30) को गिरफ्तार किया। किराये के मकान के पते पर खुलवाया खाता पूछताछ में सामने आया कि आरोपी सैयद मोईन कुरैशी ने अपने पुराने किराये के मकान के पते पर एक बैंक खाता खुलवाया था। उसने यह खाता 60 हजार रुपए में किसी अन्य व्यक्ति को उपलब्ध कराया था, ताकि ठगी की राशि उसमें जमा की जा सके। आरोपी केवल 10वीं कक्षा तक पढ़ा है और मटन की दुकान चलाता है। पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी के बैंक खाते में पिछले 40 दिनों में लगभग 2 करोड़ रुपए के लेन-देन हुए हैं। ये लेन-देन देश के 17 विभिन्न राज्यों से जुड़े हैं। पीड़ित इंजीनियर द्वारा लगभग 18 लाख रुपए इसी खाते में जमा करवाए गए थे।
'NDA में बढ़ रहा परिवारवाद का चेहरा':बक्सर में सुधाकर सिंह बोले- बिहार अब गुजरात का उपनिवेश बन जाएगा
बिहार की राजनीति में परिवारवाद को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के जदयू से जुड़ने की चर्चाओं के बीच बक्सर के सांसद सुधाकर सिंह ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि परिवारवाद का चेहरा दिन-प्रतिदिन NDA में ही बढ़ता जा रहा है, जबकि यही लोग लगातार राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पर परिवारवाद का आरोप लगाते रहे हैं। सांसद सुधाकर सिंह ने कहा कि NDA की राजनीति की बुनियाद ही राजद पर परिवारवाद का आरोप लगाकर खड़ी की गई थी। वर्षों तक राजद और लालू परिवार को निशाना बनाकर यह कहा गया कि वहां केवल परिवार को ही बढ़ावा दिया जाता है। उन्होंने दावा किया कि आज वही तस्वीर NDA के भीतर भी साफ दिखाई दे रही है। ''ऐसे दर्जनों नाम हैं जिनकी पूरी राजनीतिक श्रृंखला परिवार से जुड़ी हुई'' उन्होंने NDA में परिवारवाद के कई उदाहरण दिए। इनमें भाजपा के राष्ट्रीय पदाधिकारी नितिन नवीन, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान (दिवंगत रामविलास पासवान के पुत्र), पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के बेटे, मंत्री अशोक चौधरी की पुत्री सांभवी चौधरी और उपेन्द्र कुशवाहा के पुत्र दीपक प्रसाद शामिल हैं। सांसद ने कहा कि ऐसे दर्जनों नाम हैं जिनकी पूरी राजनीतिक श्रृंखला परिवार से जुड़ी हुई है। सुधाकर सिंह ने कहा कि जब इतने बड़े पैमाने पर परिवार के लोग राजनीति में आगे बढ़ाए जा रहे हैं, तो फिर केवल राजद पर परिवारवाद का आरोप लगाना पूरी तरह से राजनीतिक दोहरापन है। उन्होंने आरोप लगाया कि NDA के नेता जनता को भ्रमित करने के लिए परिवारवाद का मुद्दा उठाते हैं, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है। बिहार की राजनीति को लेकर भी चिंता जताई इसके साथ ही सांसद सुधाकर सिंह ने बिहार की राजनीति को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अब बिहार को गुजरात मॉडल बनाने की बात कही जा रही है। उनका कहना था कि 1990 से 2026 तक बिहार का फैसला यहां की जनता और लोग तय करते रहे हैं, लेकिन अब स्थिति बदलती नजर आ रही है। सांसद ने आरोप लगाया कि आने वाले समय में बिहार के फैसले बाहरी लोग तय करेंगे। उन्होंने कहा कि जिस तरह अन्य राज्यों में राजनीतिक नियंत्रण बाहर से होता है, उसी तरह बिहार भी गुजरात के प्रभाव में आ सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि अगर यही स्थिति रही तो बिहार एक तरह से गुजरात का उपनिवेश बनकर रह जाएगा। सुधाकर सिंह के इस बयान के बाद बिहार की सियासत में परिवारवाद और बाहरी प्रभाव को लेकर बहस और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
संसद के बजट सत्र के दूसरे फेज का आज दूसरा दिन है। आज लोकसभा में स्पीकर ओम बिड़ला के खिलाफ विपक्ष के ‘नो कॉन्फिडेंस मोशन’ पर चर्चा संभव है। सूत्रों के मुताबिक, विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी ‘नो कॉन्फिडेंस मोशन’ लाने की तैयारी है। इसका ड्राफ्ट तैयार हो चुका है। अगले हफ्ते प्रस्ताव पेश किया जाएगा। सत्र के पहले दिन राज्यसभा-लोकसभा में विपक्ष ने अमेरिकी-इजराइल और ईरान जंग के हालातों और भारत पर इसके असर पर चर्चा की मांग को लेकर हंगामा किया। देश के ऊर्जा संकट पर चर्चा की मांग की। केंद्रीय संसदीय मंत्री किरिन रिजिजू ने कहा- स्पीकर के खिलाफ मोशन विपक्ष के मोशन पर चर्चा के लिए हम तैयार हैं, वे चर्चा करें, लेकिन विपक्ष दूसरा मोशन ले आया है, जिसका विदेश मंत्री ने दोनों सदनों में बहुत अच्छे से जबाव दिया है। लोकसाभ में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा- प्रधानमंत्री मोदी को ब्लैकमेल किया जा रहा है। उनके पास भारतीय जनता के हितों को बेचने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। मेरी बात याद रखिए, वे संसद में नहीं आएंगे। वेस्ट एशिया पर संकट जयशंकर बोले- हम शांति और बातचीत से समाधान के पक्ष में विदेश मंत्री ने सोमवार को पहले राज्यसभा में और फिर लोकसभा में गल्फ देशों से भारतीयों की वापसी और एनर्जी संकट को लेकर तैयारियों के बारे में बताया था। उन्होंने कहा था कि इस समय ईरान की लीडरशिप से कॉन्टैक्ट मुश्किल है, लेकिन भारत शांति और बातचीत के पक्ष में है। राज्यसभा में जब जयशंकर संबोधन दे रहे थे तब विपक्ष ने राज्यसभा का वॉक आउट किया। लोकसभा में उनके संबोधन के दौरान विपक्ष ने वी वॉन्ट डिस्कशन के नारे लगाए, खबू हंगामा किया। चेयर के बार-बार बोलने पर भी विपक्षी सांसद शांत नहीं हुए थे। पूरी खबर पढ़ें… विदेश मंत्री ने कहा- 67,000 नागरिक इंटरनेशनल बॉर्डर पार कर चुके, 6 बड़ी बातें मौजूदा संघर्ष भारत के लिए भी चिंता की बात है। हम पड़ोसी हैं, और वेस्ट एशिया में स्थिरता बनाए रखना हमारी भी जिम्मेदारी है। खाड़ी देशों में एक करोड़ भारतीय रहते और काम करते हैं। ईरान में भी, कुछ हजार भारतीय पढ़ाई या नौकरी के लिए हैं। यह इलाका हमारी एनर्जी सिक्योरिटी के लिए बहुत जरूरी है और इसमें तेल और गैस के कई जरूरी सप्लायर शामिल हैं। सप्लाई चेन में रुकावटें और अस्थिरता गंभीर मुद्दे हैं। हमने दो भारतीय नाविकों (मर्चेंट शिपिंग) को खो दिया है, और एक अभी भी लापता है। मुंबई के शिपिंग डायरेक्टरेट जनरल ने 14 जनवरी को भारतीय नाविकों से कहा था कि वे एम्बेसी की एडवाइजरी मानें और किनारे पर बेवजह आने-जाने से बचें। वेस्ट एशिया से हमारे लोगों को वापस लाने की पूरी कोशिश की जा रही है। 8 मार्च तक हमारे लगभग 67,000 नागरिक इंटरनेशनल बॉर्डर पार कर चुके हैं। संबंधित मंत्रालय जवाब देने के लिए कोऑर्डिनेट कर रहे हैं। लड़ाई लगातार बढ़ रही है। इलाके में सुरक्षा की स्थिति काफी खराब हो गई है। असल में, लड़ाई दूसरे देशों में भी फैल गई है। इससे तबाही और मौतें बढ़ रही हैं। इजराइल-यूएस और ईरान के बीच लड़ाई जारी है, बल्कि कुछ खाड़ी देशों पर हमले भी हुए हैं। ईरान में लीडरशिप लेवल पर कई लोग मारे गए हैं, साथ ही इस इलाके में इंफ्रास्ट्रक्चर भी तबाह हुआ है। इस समय लीडरशिप लेवल पर ईरान के साथ कॉन्टैक्ट करना साफ तौर पर मुश्किल है। ईरान के विदेश मंत्री ने ईरानी वॉरशिप लावन को कोच्चि पोर्ट पर डॉक करने की इजाजत देने के भारत का शुक्रिया अदा किया है। राहुल गांधी बोले- मेरी बात याद रखिए, पीएम मोदी संसद नहीं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा- पश्चिम एशिया में चल रहा युद्ध हमारी अर्थव्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचा रहा है, लेकिन हमारे कॉम्प्रोमाइज्ड प्रधानमंत्री में इस पर चर्चा करने का साहस नहीं है। शेयर बाजार गिर रहा है, LPG की कीमतें बढ़ रही हैं और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें ऐतिहासिक स्तर तक पहुंच रही हैं। इसका सीधा असर आम आदमी, घरेलू बजट और छोटे व मध्यम व्यवसायों पर पड़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी को ब्लैकमेल किया जा रहा है। उनके पास भारतीय जनता के हितों को बेचने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। मेरी बात याद रखिए, वे संसद में नहीं आएंगे। लोकसभा के स्पीकर को हटाने की प्रक्रिया को जानिए... भारतीय संविधान का अनुच्छेद 94(c) लोकसभा को यह अधिकार देता है कि अगर सदन का बहुमत चाहे तो प्रस्ताव पास करके स्पीकर को पद से हटा सकता है। स्पीकर बिरला को हटाने का प्रस्ताव पास होना मुश्किल, सरकार के पास बहुमत नियमों के अनुसार स्पीकर को हटाने का प्रस्ताव लोकसभा में साधारण बहुमत से पारित होता है। मौजूदा लोकसभा में एनडीए के पास करीब 290 से अधिक सांसदों का समर्थन है, इसलिए प्रस्ताव पारित होना कठिन है। प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान स्पीकर स्वयं सदन की अध्यक्षता नहीं करेंगे, लेकिन उन्हें अपना पक्ष रखने और मतदान करने का अधिकार होगा। सदन की पहले फेज की कार्यवाही: राहुल की सदस्यता खत्म करने का नोटिस 12 फरवरी :भाजपा सांसद ने राहुल की सदस्यता खत्म करने का नोटिस दिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्र सरकार राहुल गांधी के खिलाफ सदन में उनकी स्पीच के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस लाने की तैयारी में है। इस पर प्रियंका गांधी ने कहा था कि मोदीजी ने छाती 56 इंच की नपवाई थी। उनके खिलाफ भी प्रस्ताव आना चाहिए। पूरी खबर पढ़ें… 11 फरवरी : राहुल बोले- अडाणी पर केस मोदी पर दबाव बनाने के लिए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बजट पर चर्चा के दौरान एपस्टीन फाइल्स और अडाणी पर अमेरिका में चल रहे केस का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अडाणी पर चल रहा केस, दरअसल मोदी पर दबाव बनाने का तरीका है। पूरी खबर पढ़ें… 10 फरवरी : लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस पेश विपक्ष ने संसद की कार्यवाही के 10वें दिन लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस पेश किया था। इसमें 118 सांसदों के हस्ताक्षर थे। न्यूज एजेंसी IANS ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि ओम बिरला अब लोकसभा नहीं जाएंगे। अविश्वास प्रस्ताव के गिरने के बाद ही वह स्पीकर की चेयर संभालेंगे। पूरी खबर पढ़ें… 9 फरवरी: लोकसभा केवल 13 मिनट चली, विपक्ष की मांग राहुल गांधी को बोलने दें बजट सत्र के 9 वें दिन लोकसभा की कार्यवाही केवल 13 मिनट ही चल पाई थी। विपक्ष सदन में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बोलने देने की मांग करता रहा था। राहुल गांधी ने लोकसभा में कहा था कि 1 घंटा पहले स्पीकर के पास हम गए, स्पीकर ने हमें कमिट किया कि मुझे बजट डिस्कशन से पहले बोलने दिए जाएगा, आप मुझे बोलने नहीं दे रही हैं। मैं आपसे पूछना चाहता हूं कि आप मुझे बोलने देंगी या नहीं। पूरी खबर पढ़ें… पहले फेज की कार्यवाही: राहुल PM की पाठशाला जाएं तो कामयाब होंगे 6 फरवरी: केंद्रीय मंत्री बिट्टू बोले- राहुल PM की पाठशाला जाएं तो कामयाब होंगे लोकसभा में हंगामा और नारेबाजी हुई। पहली बार 3 मिनट और दूसरी बार 7 मिनट तक ही कार्यवाही चल सकी। इसके बाद लोकसभा 9 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दी गई। राज्यसभा को भी सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया था। पूरी खबर पढ़ें… 5 फरवरी : लोकसभा में PM की स्पीच के बिना धन्यवाद प्रस्ताव पास, राज्यसभा में 97 मिनट बोले बजट सत्र के 7वें दिन लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव हंगामे के बीच पास हुआ। 2004 के बाद पहली बार यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री के भाषण के बिना पास हुआ। प्रधानमंत्री ने राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर करीब 97 मिनट का भाषण दिया था। पूरी खबर पढ़ें… 4 फरवरी : स्पीकर के ऑफिस में BJP और विपक्ष के सांसदों के बीच बहस लोकसभा में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने गांधी परिवार और कांग्रेस पर लिखी किताबें और नोट्स दिखाए। उन्होंने कहा कि इन किताबों में गांधी परिवार और कांग्रेस परिवार की मक्कारी, गद्दारी, भ्रष्टाचार और अय्याशी का जिक्र है। पूरी खबर पढ़ें… 3 फरवरी : राहुल ने कहा- मैं विपक्ष का नेता, मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा लोकसभा में राहुल ने कहा था कि एक दिन पहले मैंने इस आर्टिकल पर अपना भाषण शुरू किया था। स्पीकर सर ने कहा था इसे ऑथेंटिकेट करें। मैं आज इसे ऑथेंटिकेट कर रहा हूं। मैंने जैसा कल कहा था कि राष्ट्रपति की स्पीच में नेशनल सिक्योरिटी का महत्वपूर्ण मुद्दा है। वैसे ही हंगामा होने लगा। राहुल बोले- मुझे परमिशन नहीं दी जा रही है। मैं विपक्ष का नेता हूं। पूरी खबर पढ़ें… पहले फेज की कार्यवाही: राहुल ने चीनी घुसपैठ का मुद्दा उठाया 2 फरवरी : राहुल बोले- चीनी टैंक लद्दाख बॉर्डर पहुंचे, शाह-राजनाथ ने टोका लोकसभा में राहुल के भाषण के दौरान जोरदार हंगामा हुआ था। राहुल ने पूर्व आर्मी चीफ जनरल नरवणे की अनपब्लिश्ड बुक का हवाला देते हुए कहा था कि 4 चीनी टैंक लद्दाख बॉर्डर के पास पहुंच गए थे। राहुल के ऐसा कहते ही पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फिर गृह मंत्री शाह ने उन्हें टोका। पूरी खबर पढ़ें… 1 फरवरी : बजट 2026-27 पेश- ऑपरेशन सिंदूर के बाद रक्षा बजट 15% बढ़ा, इनकम टैक्स में बदलाव नहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश किया। वे संसद में 85 मिनट बोलीं, लेकिन आम आदमी के लिए कोई बड़ा ऐलान नहीं किया। हालांकि टैक्स फाइल करने में सहूलियत, रेलवे प्रोजेक्ट और 3 नए आयुर्वेदिक AIIMS जैसी नई बातें कही हैं। पूरी खबर पढ़ें… 29 जनवरी : देश का 'आर्थिक रिपोर्ट कार्ड' संसद में पेश, पीएम बोले थे- हमारी रिफॉर्म एक्सप्रेस चल पड़ी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश का 'आर्थिक रिपोर्ट कार्ड' यानी इकोनॉमिक सर्वे लोकसभा में पेश किया गया। इस सर्वे में बताया गया है वित्त वर्ष 2026-2027 में जीडीपी ग्रोथ 6.8% से 7.2% की रेंज में रहने का अनुमान है। पीएम ने सदन के बाहर मीडिया को संबोधित करते हुए कहा था- हमारी सरकार की पहचान रही है, रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म। अब हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़े हैं। पूरी खबर पढ़ें… 28 जनवरी : राष्ट्रपति ने 45 मिनट स्पीच दी, कहा- ऑपरेशन सिंदूर, VB- जी राम जी कानून मुद्दों का जिक्र किया संसद का बजट सत्र राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ। राष्ट्रपति ने अपनी 45 मिनट की स्पीच में ऑपरेशन सिंदूर, VB- जी राम जी कानून, दुनिया में भारत की भूमिका जैसे मुद्दों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश में वर्तमान में 150 वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं। पूरी खबर पढ़ें…
राज्यपाल से निवेश-विकास पर चर्चा
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन व उनकी पत्नी विधायक कल्पना सोरेन ने सोमवार शाम लोकभवन में राज्यपाल संतोष गंगवार से भेंट की। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को राज्य सरकार द्वारा संचालित विकास व लोक कल्याणकारी योजनाओं के कार्यान्वयन की जानकारी दी। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम, दावोस तथा यूनाइटेड किंग्डम की अपनी हालिया यात्रा के बारे में भी अवगत कराया। उन्होंने बताया कि इस यात्रा के दौरान राज्य की निवेश-उन्मुख नीतियों और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता को वैश्विक समुदाय के सामने प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया गया। इस कारण राज्य को कई निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इस दौरान राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार भी मौजूद थे।
मधुबनी में उद्यमियों के साथ सेमिनार:उद्योग विस्तार और नए निवेश को बढ़ावा देने पर चर्चा
मधुबनी जिलाधिकारी आनंद शर्मा के निर्देश पर पंडौल औद्योगिक क्षेत्र परिसर में सोमवार को उद्यमियों के साथ एक सेमिनार आयोजित किया गया। इसमें जिला उद्योग केंद्र, मधुबनी के परियोजना प्रबंधक, बीयाडा (BIADA) दरभंगा के उप महाप्रबंधक, पंडौल औद्योगिक क्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक और कई उद्यमी शामिल हुए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देना, उद्यमियों की समस्याओं को सुनना और राज्य सरकार की औद्योगिक प्रोत्साहन योजनाओं की जानकारी देना था। सेमिनार के दौरान, जिला उद्योग केंद्र, मधुबनी के परियोजना प्रबंधक ने उद्यमियों को राज्य निवेश प्रोत्साहन परिषद, बिहार औद्योगिक प्रोत्साहन नीति, 2016 और बिहार औद्योगिक प्रोत्साहन पैकेज, 2025 के विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने इन योजनाओं के तहत उपलब्ध प्रोत्साहन, अनुदान और अन्य सुविधाओं के बारे में विस्तार से बताया, ताकि उद्यमी इनका अधिकतम लाभ उठाकर अपने उद्योगों का विस्तार कर सकें और जिले में नए निवेश को बढ़ावा मिल सके। रोजगार सृजन में योगदान देने के लिए भी प्रोत्साहित किया उद्यमियों से आग्रह किया गया कि वे राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जा रही सुविधाओं का लाभ उठाएं और अधिक से अधिक निवेश करें। उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन में योगदान देने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया। इस अवसर पर, उद्यमियों ने औद्योगिक गतिविधियों के संचालन में आ रही विभिन्न समस्याओं और चुनौतियों से अधिकारियों को अवगत कराया। अधिकारियों ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। प्रशासन और उद्यमियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि इस प्रकार के नियमित संवाद कार्यक्रमों से प्रशासन और उद्यमियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। इससे जिले में औद्योगिक विकास को नई गति मिलने की संभावना है।
चंडीगढ़ साइबर सेल पुलिस ऑनलाइन निवेश ठगी के मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के साथ ही इस मामले में अब तक कुल चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।आरोपियों को साइबर सेल के इंचार्ज इंस्पेक्टर दविंदर की अगुआई में गिरफतार किया गया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान आदित्य जैन (26) निवासी जयपुर, राजस्थान के रूप में हुई है। उसके खिलाफ पहले से ही लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया था। आरोपी को 7 मार्च 2026 को इस मामले में औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया और अदालत से दो दिन का पुलिस रिमांड लिया गया है। निवेश के नाम पर ठगे पैसे यह मामला 17 फरवरी 2024 को दर्ज एफआईआर के तहत सामने आया था। शिकायतकर्ता सचिन अग्रवाल ने पुलिस को बताया था कि उन्हें फेसबुक पर शेयर बाजार में निवेश से जुड़े विज्ञापन दिखाई दिए। इसके बाद उन्हें टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया, जहां कुछ लोगों ने उन्हें एक मोबाइल ऐप के जरिए शेयर बाजार में निवेश करने के लिए प्रेरित किया। आरोपियों ने उन्हें रोजाना ट्रेडिंग टिप्स, ऑनलाइन सेशन और “स्पिन एंड विन” जैसे ऑफर दिखाकर भरोसा दिलाया। साथ ही एक ऐप के जरिए डिमैट अकाउंट खुलवाने के लिए कहा। ऐप में फर्जी मुनाफा दिखाकर भरोसा बढ़ाया गया, जबकि असल में कोई ट्रेडिंग नहीं हो रही थी। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने ज्यादा मुनाफे का लालच देकर शिकायतकर्ता से अलग-अलग बैंक खातों में करीब 27 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। जांच में सामने आया कि जिन बैंक खातों में पैसे भेजे गए, वे फर्जी तरीके से खोले गए थे और एक संगठित साइबर ठगी गिरोह के जरिए चलाए जा रहे थे। जयपुर से 3 आरोपी गिरफ्तार इससे पहले पुलिस ने जयपुर में छापेमारी कर तीन आरोपियों मंजीत बुरी, आशीष सक्सेना और हिमांशु गौतम को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे मुख्य आरोपी आदित्य जैन के निर्देश पर काम कर रहे थे और वही ठगी के लिए बैंक खाते उपलब्ध करवाता था। जांच में यह भी सामने आया कि वारदात के बाद आदित्य जैन गिरफ्तारी से बचने के लिए दुबई भाग गया था। बाद में उसे एक अन्य मामले में राजस्थान पुलिस ने इंटरपोल की मदद से गिरफ्तार किया। इसके बाद प्रोडक्शन वारंट लेकर चंडीगढ़ पुलिस ने उसे इस मामले में गिरफ्तार किया। पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि आरोपियों से बरामद मोबाइल नंबर देश के अलग-अलग राज्यों में दर्ज 350 से अधिक साइबर ठगी की शिकायतों और 13 एफआईआर से जुड़े हुए हैं। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।
Stock Market Crash: शेयर बाजार में खुलते ही मचा कोहराम, सेंसेक्स 2400 अंक टूटा, निफ्टी भी धड़ाम
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के असर से वैश्विक बाजारों में हड़कंप। सप्ताह के पहले दिन भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 2400 अंक टूटा और निफ्टी भी बुरी तरह फिसला।
भीलवाड़ा बेस्ड एल्फिन एग्रो इंडिया का एसएमई आईपीओ के सब्सक्रिप्शन का आज अंतिम दिन
भीलवाड़ा | भीलवाड़ा बेस्ड एल्फिन एग्रो इंडिया लिमिटेड का 25.03 करोड़ रुपए का एसएमई आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए बीएसई एसएमई प्लेटफॉर्म पर 5 मार्च को ओपन हुआ था जिसकी सब्सक्रिप्शन 9 मार्च को बंद होगा। एल्फिन एग्रो इंडिया लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर दीपक पाल डागा व डायरेक्टर सीए आयुष डागा के अनुसार, कंपनी एफएमसीजी सेक्टर में एक्टिव है। कंपनी प्रमुख रूप से चक्की आटा, सूजी, मैदा, एडिबल ऑयल आदि एग्रो प्रोडक्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग के साथ बिक्री का कार्य करती है। कंपनी के ब्रांड नेम शिवनंदी', 'एल्फिन' व 'श्री श्याम' है। कंपनी की भीलवाड़ा में दो मैन्युफैचिंग यूनिट्स कार्यरत है। कंपनी इस आईपीओ में कुल 53,25,000 शेयर ऑफर कर रही है। यह पूरा फ्रेश इश्यू है। कंपनी ने आईपीओ का प्राइस बैंड 47 रुपए प्रति शेयर निर्धारित किया है। कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में 124.71 करोड़ की रेवेन्यू पर 3.68 करोड़ का नेट प्रॉफिट रिपोर्ट किया था, जबकि वित्तीय वर्ष 2024-25 में कंपनी ने 146.44 करोड़ की रेवेन्यू पर 5.08 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था।
देश के लिए फायदेमंद है चाइल्ड केयर में निवेश करना
न्यूयार्क में मेयर का चुनाव जीतने वाले जोहरान ममदानी की जीत का एक बड़ा कारण शहर के सभी बच्चों के लिए राज्य प्रायोजित चाइल्ड केयर की गारंटी देना था।
अरशद वारसी पर लगा शेयर मार्केट में बैन, जानिए क्या है मामला
बॉलीवुड एक्टर अरशद वारसी और उनकी पत्नी मारिया गोरेट्टी समेत 57 लोगों पर शेयर बाजार नियामक SEBI ने बैन लगा दिया है। उन्हें 1 साल के लिए सिक्योरिटी मार्केट से प्रतिबंधित कर दिया है। सेबी का कहना है कि ये लोग मार्केट में धोखाधड़ी जैसे कामों में पाए गए।
काजोल ने किया रियल एस्टेट में निवेश, खरीदी इतने करोड़ की कमर्शियल प्रॉपर्टी
बॉलीवुड एक्ट्रेस काजोल ने इंडस्ट्री में एक अलग मुकाम हासिल किया है। काजोल भले ही फिल्मों में कम नजर आती हो, लेकिन वह सुर्खियों में बनी रहती हैं। काजोल ने अब एक्टिंग के साथ-साथ रियल एस्टेट में भी कदम रख दिया है। काजोल ने मुंबई के गोरेगांव वेस्ट ...
जानिए क्यों पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास पर है 2100 करोड़ रुपए निवेश
पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास अपने करियर के शानदार दौर से गुजर रहे हैं, और निर्विवाद रूप से अखिल भारतीय सुपरस्टार के रूप में अपनी जगह पक्की कर रहे हैं। बाहुबली, सलार, कल्कि 2898 एडी जैसी बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने वाली फिल्मों के साथ, उन्होंने भारतीय ...
कंगना रनौत के किस बयान पर भड़की CISF की महिला जो सरेआम एक्ट्रेस को जड़ दिया थप्पड़, जानिए पूरा मामला
चंडीगढ़: हिमाचल की मंडी लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी सांसद एवं एक्ट्रेस कंगना रनौत से चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर बदसलूकी के पश्चात् हंगामा मचा हुआ है. दरअसल, 6 जून को कंगना दिल्ली जाने के लिए चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर पहुंची थीं. तभी सिक्योरिटी चेक के पश्चात् CISF की एक महिला जवान कुलविंदर कौर ने उनको थप्पड़ मार दिया. हालांकि CISF की अपराधी महिला कर्मी को निलंबित कर दिया गया है तथा उनके खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है. ऐसे में सवाल ये उठता है कि CISF की जवान ने थप्पड़ क्यों मारा, तो इसका जवाब है कंगना का 4 वर्ष पुराना एक ट्वीट. कंगना रनौत ने इस ट्वीट में 3 कृषि कानूनों के खिलाफ हुए किसान आंदोलन के चलते पंजाब की 80 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला किसान की गलत पहचान करते तथा उन्हें बिलकिस बानो कहा था. कंगना ने जो ट्वीट किया था उसमें एक वृद्ध महिला नजर आ रही थीं, जो भले ही झुककर चल रही थीं, लेकिन उन्होंने किसान आंदोलन का झंडा बुलंद किए हुए था. उनका नाम मोहिंदर कौर था. कंगना ने मोहिंदर कौर की फोटो को ट्वीट करते हुए लिखा था कि ''हा हा. ये वही दादी हैं जिन्हें टाइम मैगज़ीन की 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की लिस्ट में सम्मिलित किया गया था.... और ये 100 रुपये में उपलब्ध हैं. हालांकि कंगना रनौत ने बाद में ये ट्वीट डिलीट कर दिया था. बता दें कि कंगना ने जिस बिलकिस बानो का जिक्र किया था, वह 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला हैं तथा उन्होंने दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में CAA प्रोटेस्ट के चलते अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बटोरी थीं. कंगना के इस बयान को लेकर CISF की महिला जवान भड़की हुई थी. चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर कंगना से बदसलूकी का वीडियो सामने आया था, इसमें CISF की यह जवान कहती नजर आ रही है कि 'इसने बोला था किसान आंदोलन में 100-100 रुपये में महिलाएं बैठती थीं. वहां मेरी मां भी थी'. राहुल गांधी ने भाजपा पर लगाया शेयर बाजार में हेराफेरी का आरोप, बताया देश का सबसे बड़ा घोटाला उत्तर भारत में भीषण गर्मी का कहर जारी, यूपी के कुछ क्षेत्रों में राहत की उम्मीद बिहार के गया जिले में भीषण सड़क हादसा, तीन लोगों की मौत

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