शेयर बाजार में निवेश के नाम पर 51 लाख की ठगी
भास्कर न्यूज | सोनीपत शहर में शेयर बाजार और क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर भारी मुनाफे का झांसा देकर 51 लाख रुपए की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। साइबर अपराधियों ने सुनियोजित साजिश के तहत शहर निवासी अनिल को अपने जाल में फंसाकर लाखों रुपए ऐंठ लिए। मामले का खुलासा होने पर पीड़ित ने साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में अनिल ने बताया कि कुछ समय पहले उसकी पहचान ऑनलाइन माध्यम से कुछ लोगों से हुई थी। आरोपियों ने उसे शेयर बाजार और क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कर कम समय में कई गुना मुनाफा कमाने का लालच दिया। शुरुआत में उन्होंने निवेश की गई छोटी राशि पर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कथित मुनाफा दिखाकर उसका विश्वास जीत लिया। इसके बाद ठगों ने लगातार अधिक रकम निवेश करने के लिए प्रेरित किया। उनके झांसे में आकर अनिल ने 10 अप्रैल से 13 मई के बीच विभिन्न बैंक खातों में कुल 51 लाख रुपये जमा करा दिए। जब उसने अपनी मूल राशि और मुनाफा निकालने का प्रयास किया तो आरोपियों ने टैक्स और तकनीकी समस्याओं का बहाना बनाकर भुगतान टालना शुरू कर दिया। बाद में सभी मोबाइल नंबर बंद मिलने और संपर्क टूटने पर उसे ठगी का अहसास हुआ। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
सट्टे के 666 करोड़ रुपए दुबई से शेयरों में डाले ईडी ने सीज किए, कोर्ट ने नहीं दी ट्रेडिंग की मंजूरी
महादेव सट्टा एप के जरिए करोड़ों की काली कमाई करने वाले आरोपियों ने 666 करोड़ रुपए दुबई के रास्ते ‘विदेशी निवेश’ (एफपीआई) बनाकर 13 भारतीय कंपनियों के शेयरों में खपा दिया। इनका दुस्साहस देखिए कि अब ईडी द्वारा फ्रीज किए गए शेयरों की ट्रेडिंग की अनुमति मांगने हाईकोर्ट तक पहुंच गए। आरोपियों ने कोर्ट में दलील दी कि शेयरों के भाव गिरने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान’ हो रहा है। सट्टेबाजी और हवाला मामले के आरोपियों ने कोर्ट से गुहार लगाई कि या तो उन्हें इन शेयरों में ट्रेडिंग की अनुमति दी जाए या फिर ईडी खुद शेयरों की खरीद-बिक्री की व्यवस्था करे। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भारी-भरकम राशि को ‘प्रोसीड ऑफ क्राइम’ मानकर फ्रीज किया। अब कम्पनियों की शेयर होल्डिंग में ये शेयर ईडी रायपुर के नाम पर दिख रहे हैं। आरोपियों के दुस्साहस भरे आग्रह को किनारे लगाते हुए हाईकोर्ट ने उनकी रिट खारिज कर दी है। 2018 में छत्तीसगढ़ में सामने आए महादेव सट्टा एप मामले में ऑपरेटर के साथ ही कोलकाता और दुबई के हवाला कारोबारियों पर कार्रवाई हुई है। अलग-अलग कम्पनियों की शेयर होल्डिंग का अध्ययन करने पर दैनिक भास्कर को विदेशी पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (एफपीआई) के नाम पर 13 कंपनियों में लगभग 666 करोड़ रुपए की शेयर होल्डिंग की पूरी जानकारी मिली है। ये सभी शेयर पहले एफपीआई के नाम पर थे। 13 कंपनियों के कितने शेयरों में निवेश, भास्कर के पास हैं दस्तावेज एफपीआई से ईडी के नाम चढ़ी होल्डिंग भास्कर के पास ईडी द्वारा फ्रीज किए गए शेयर की डिटेल है। 13 कंपनियों में विदेशी निवेशक की 666 करोड़ की शेयर होल्डिंग ईडी ने फ्रीज की है। मई पहले हफ्ते के आंकड़े के हिसाब से 6419, 2179, 1640 और 1600 करोड़ की एक-एक कंपनी हैं। दो कम्पनियों का मार्केट कैप 900 करोड़ के करीब है। बाकी 7 कम्पनियों का वेल्यूएशन 300 से 15.60 करोड़ तक का है। आंकड़े स्क्रीनर डॉट इन और मार्केट से संबंधित वेबसाइट्स से लिए गए हैं। कंपनी का पत्र: एफपीआई से हमारा कोई सीधा संबंध नहीं 7 अगस्त 2025 को बालू फोर्ज कंपनी द्वारा बीएसई व एनएसई को लिखा हुआ आधिकारिक पत्र में एफएक्यू के 10 वें नंबर पर कम्पनी ने स्पष्ट किया है कि, फ्रीज की गई सिक्योरिटीज (शेयर) संबंधित निवेशकों द्वारा खुले बाजार से खरीदी गई थीं। कंपनी का उक्त एफपीआई (विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक) फर्म से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई संबंध नहीं है। काले धन को सफेद करने वाले मास्टरमाइंड दुबई में बसे कोलकाता के हरिशंकर टिबरेवाल व उनके सहयोगी गोविंद केड़िया की भूमिका उजागर हुई। टिबरेवाल स्काई एक्सचेंज के संचालक हैं। मार्च 2024 में ईडी ने टिबरेवाल से जुड़ी लगभग ₹580 करोड़ की सिक्योरिटी होल्डिंग्स फ्रीज की थीं। पहले ये होल्डिंग दुबई की 'जेनिथ मल्टी ट्रेडिंग डीएमसीसी' के नाम पर थी। नुकसान, इसलिए मांगी ट्रेडिंग की अनुमति ईडी द्वारा होल्डिंग फ्रीज करने के बाद शेयरों में गिरावट आई है। सबसे बड़ा ₹233 करोड़ से अधिक का निवेश ‘बालू फोर्ज' में है, जहां एफपीआई के रूप में हिस्सेदारी दिसंबर 2024 के 4.23% से घटकर मार्च-26 में 4.02% रह गई है। शेयर ₹700 से गिरकर ₹479 पर आ गया है। सर्वोटेक रिन्यूएबल में अक्टूबर-दिसंबर 2024 के बीच 2.30% शेयर खरीदे गए थे, जिसकी कीमत ₹198 से घटकर ₹93 के करीब रह गई है। 13 कम्पनियों में से 9 कम्पनियों में किए गए निवेश में सटोरियों को 20 से 65% का बड़ा घाटा हो रहा है, यही वजह है कि वे कोर्ट से ट्रेडिंग की अनुमति मांग रहे हैं। काली कमाई पर पीएमएलए के तहत कार्रवाई यदि शेयर मार्केट या किसी अन्य चल-अचल संपत्ति में किया गया निवेश अपराध के जरिए अर्जित रुपयों से हो, तो प्रवर्तन निदेशालय उसे ‘प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' (पीएमएलए) के सख्त प्रावधानों के तहत जब्त करता है... फ्रीज शेयरों की ट्रेडिंग विधि विरुद्ध: पांडेय ईडी के विशेष अधिवक्ता सौरभ पांडेय ने बताया, एफपीआई के जरिए शेयर बाजार में अलग-अलग कम्पनियों में किया गया इन्वेस्टमेंट ईडी द्वारा फ्रीज किया गया था। इसके खिलाफ गोविंद केड़िया और अन्य दो लोगों ने याचिकाएं लगाई थीं। उनका तर्क था कि शेयरों की कीमतें घटती-बढ़ती रहती हैं और मामला लंबित रहने तक उनका निवेश डूब सकता है। इसलिए या तो ईडी उन्हें ट्रेडिंग की अनुमति दे या खुद ट्रेडिंग की व्यवस्था करे। हमने कोर्ट में इसका पुरजोर विरोध किया और तर्क दिया कि अपराध की कमाई से खरीदी गई संपत्तियों पर ट्रेडिंग की याचना करना ही पूरी तरह विधि विरुद्ध है। हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी है।
CM योगी के नेतृत्व में बदली यूपी की पहचान, निवेशकों का बढ़ा भरोसा
Rajnath Singh Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नौसेना शौर्य वाटिका का भव्य लोकार्पण रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री एवं लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने ...
नोएडा में निवेश के नाम पर 22 लाख ठगे:75 साल के है बुजुर्ग, वाट्सऐप ग्रुप पर जोड़कर निवेश कराए गई रकम
निवेश में मुनाफा का लालच देकर साइबर ठगों ने 75 साल के बुजुर्ग से 21.94 लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के बाद अब साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। सेक्टर 76 स्थित सोसाइटी में रहने वाले प्रभात कुमार सिन्हा पूर्व में छत्तीसगढ़ की एक स्टील कंपनी से रिटायर्ड है। जनवरी में अज्ञात साइबर अपराधियों ने उनसे सोशल मीडिया और मोबाइल पर संपर्क किया और निवेश योजनाओं में कम समय में अधिक लाभ का झांसा दिया। सात जनवरी से 17 जनवरी के बीच कई किश्तों में रकम ट्रांसफर कराई गई। इस तरह से ट्रांसफर की रकमसाइबर ठगों ने निवेश पर आकर्षक रिटर्न दिखाकर बुजुर्ग को भरोसे में लिया। जब उन्होंने निवेश की गई रकम और लाभ वापस लेने का प्रयास किया तो आरोपियों ने संपर्क तोड़ दिया। इसके बाद उन्हें अपने साथ हुई धोखाधड़ी का एहसास हुआ। अलग-अलग तारीखों पर 19 हजार 412 रुपये, चार बार दो लाख रुपए, 2.25 लाख रुपये, 3.50 लाख रुपये, 5 लाख रुपये और 3 लाख रुपये सहित कई ट्रांजेक्शन किए। कुल मिलाकर उनके खाते से 21 लाख 94 हजार 412 रुपए निकल गए। पोर्टल पर भी की शिकायतमामले की शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी दर्ज कराई गई है। पीड़ित ने पुलिस से मांग की है कि संबंधित बैंक खाताधारकों, मोबाइल नंबर धारकों और अन्य सहयोगियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। ठगी गई राशि की रिकवरी कराई जाए।
नीमच कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने शनिवार को जिला मुख्यालय स्थित झांझरवाड़ा औद्योगिक क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र की वर्तमान स्थिति और वहां संचालित हो रही इकाइयों का बारीकी से अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि जिले में नए निवेश को आकर्षित करना और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना प्रशासन की मुख्य प्राथमिकता है। मूलभूत सुविधाओं को लेकर MPIDC को कड़े निर्देश कलेक्टर ने एमपीआईडीसी के अधिकारियों को निर्देशित किया कि नए निवेशकों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने उद्योग स्थापना के लिए जरूरी जमीन, बिजली, पानी और बेहतर सड़कों जैसी बुनियादी सुविधाएं समय पर मुहैया कराने पर जोर दिया। साथ ही, औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार के लिए आवंटित जमीन का राजस्व रिकॉर्ड से मिलान किया और वहां पहुंच मार्ग के लिए वैकल्पिक रास्ते तैयार करने को कहा। युवा उद्यमी के प्लांट का निरीक्षण और सराहना दौरे के दौरान कलेक्टर चंद्रा झांझरवाड़ा स्थित एसीसी (AAC) ब्लॉक बनाने वाली फैक्ट्री पहुंचे। उन्होंने वहां काम कर रहे मजदूरों की संख्या, कच्चे माल की उपलब्धता और सुरक्षा के इंतजामों को देखा। कलेक्टर ने युवा उद्यमी हातिम नजमी द्वारा किए गए नवाचार और कम समय में उद्योग स्थापित कर स्थानीय लोगों को काम देने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने प्लांट में फायर सेफ्टी उपकरणों की मौजूदगी की भी जांच की। राजस्व और उद्योग विभाग के अधिकारी रहे मौजूद निरीक्षण के दौरान कलेक्टर के साथ एसडीएम पराग जैन, तहसीलदार संतोष कुमार और एमपीआईडीसी के अमित सोनी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि औद्योगिक क्षेत्र में जो भी समस्याएं लंबित हैं, उन्हें जल्द दूर किया जाएगा ताकि नीमच में उद्योगों के लिए और भी बेहतर माहौल बन सके।
चित्रकूट साइबर सेल ने फर्जी शेयर निवेश और नौकरी दिलाने के नाम पर हुई ठगी के 17 पीड़ितों को राहत दिलाई है। सेल ने कुल 3 लाख 90 हजार 870 रुपए की ठगी गई रकम उनके खातों में वापस कराई है। पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक पीयूष कान्त राय के पर्यवेक्षण में साइबर सेल लगातार ऐसे मामलों पर काम कर रही है। साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार राय और उनकी टीम ने शिकायतों की जांच कर संबंधित बैंकों और एजेंसियों से समन्वय स्थापित किया, जिसके बाद यह रकम वापस कराई जा सकी। पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधियों ने पीड़ितों को फर्जी शेयर निवेश में अधिक मुनाफे का लालच दिया था। इसके अलावा, मोबाइल में एपीके फाइल डाउनलोड कराकर और घर बैठे रोजगार दिलाने के नाम पर भी लोगों से ठगी की गई थी। पीड़ितों ने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद कार्रवाई शुरू की गई। साइबर सेल ने आम जनता को चेतावनी दी है कि इन दिनों ठग टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से फर्जी एपीके फाइलें भेज रहे हैं। ये फाइलें आरटीओ चालान, एम-परिवहन, योनो एसबीआई जैसे विभिन्न नामों से भेजी जाती हैं। इन्हें डाउनलोड करते ही मोबाइल में मालवेयर सक्रिय हो जाता है, जिससे फोटो, कॉन्टैक्ट, मैसेज, ओटीपी और बैंकिंग संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी चोरी हो सकती है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपने बैंक खाते, एटीएम, ओटीपी और यूपीआई पिन की जानकारी किसी के साथ साझा न करें। किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक करने, स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड करने और सोशल मीडिया पर मिलने वाले लुभावने ऑफर के झांसे में आने से बचने की सलाह दी गई है। घर बैठे रोजगार, ऑनलाइन निवेश और सस्ते सामान के नाम पर मांगे जाने वाले एडवांस भुगतान से भी सावधान रहने को कहा गया है। पुलिस ने यह भी बताया कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते धनराशि को सुरक्षित कराया जा सके।
सेंसेक्स 639 अंक टूटा, ताइवान ने भारतीय शेयर बाजार को पछाड़ा, कैसा रहेगा जून का पहला हफ्ता
Share Market Weekly Review : पश्चिम एशिया संकट के साथ मौसम विभाग की कमजोर मानसून की चेतावनी से मई के आखिरी हफ्ते में भारतीय शेयर बाजार में गिरावट दिखाई दी। सेंसेक्स में इस हफ्ते 639 अंक की गिरावट रही, वहीं निफ्टी भी 172 अंक गिर गया। जानिए मार्केट ...
बिहार सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद जमा खान ने चैनपुर में एक कार्यक्रम के दौरान राज्य के औद्योगिक विकास और निवेश के माहौल पर बात की। उन्होंने कहा कि सरकार उद्योगपतियों को बिहार में निवेश के लिए लगातार प्रेरित कर रही है। इस दौरान उन्होंने विपक्षी नेताओं, विशेषकर तेजस्वी यादव पर निशाना साधा। मंत्री जमा खान ने बताया कि राज्य सरकार बिहार में औद्योगिक विकास को लेकर गंभीर है। इसके लिए बड़े उद्योगपतियों के साथ लगातार बैठकें की जा रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का जिक्र करते हुए कहा कि वे बिहार के विकास के लिए चौबीसों घंटे चिंतन-मनन करते हैं। सरकार का लक्ष्य बिहार को समृद्ध और औद्योगिक रूप से मजबूत बनाना है। ''सरकार राज्य के विकास के लिए धरातल पर काम कर रही'' विपक्षी नेताओं द्वारा राज्य की स्थिति पर उठाए गए सवालों पर मंत्री जमा खान ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष बिहार के हितों को लेकर कभी गंभीर नहीं रहा और उनके बयानों का कोई आधार नहीं है। मंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष केवल आलोचना करने तक सीमित रहता है, जबकि सरकार राज्य के विकास के लिए धरातल पर काम कर रही है। विपक्ष केवल नकारात्मक राजनीति कर रहा - मंत्री मोहम्मद जमा खान ने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार की औद्योगिक नीतियों के परिणामस्वरूप आने वाले दिनों में बिहार में बड़े उद्योगपति निवेश करेंगे। इससे राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने तेजस्वी यादव पर कटाक्ष करते हुए कहा कि विपक्ष केवल नकारात्मक राजनीति कर रहा है, जबकि एनडीए सरकार राज्य को विकास की राह पर ले जाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मध्य प्रदेश के छतरपुर से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसे सुनकर किसी को भी आंसू आ जाएं। शेयर मार्केट (MCX) ट्रेडिंग में भारी नुकसान और कर्ज के दबाव के चलते एक स्टॉक मार्केट ट्रेडर राजेश अग्रवाल ने अपने कमरे में सल्फास खाकर खुदकुशी कर ली, लेकिन घटना का दर्दनाक पहलू यह है कि मृतक की पत्नी और 15 साल के बेटे की मानसिक स्थिति ऐसी है कि उन्हें अब तक नहीं पता कि उनके घर का मुखिया अब इस दुनिया में नहीं है। जब पुलिस घर के अंदर कागजी कार्रवाई और शव को कब्जे में लेने में जुटी थी, तब पत्नी किचन में सामान्य रूप से रोटी बना रही थी और बेटा सोफे पर बैठा हुआ था। पापा उठेंगे तो बाहर आ जाएंगे… मृतक राजेश अग्रवाल के जाने के बाद उनकी पत्नी और बेटे की बातें सुनकर वहां मौजूद हर शख्स का कलेजा कांप गया। पत्नी वर्षा का कहना है- उन्हें बुखार आ गया है… सो रहे थे। उन्हें अस्पताल ले गए हैं, वो जल्दी वापस आ जाएंगे। 15 साल के बेटे रौनक ने कहा- पापा ने 2 दिन से दरवाजा नहीं खोला था। उन्होंने खाना नहीं खाया था, इसलिए उन्हें नींद आ गई है। उठ जाएंगे तो बाहर आ जाएंगे। राजेश की बहनें जब भाई की मौत की खबर सुनकर छतरपुर पहुंचीं तो भाभी और भतीजे की हालत देखकर फूट-फूट कर रो पड़ीं। बहनों ने रोते हुए कहा- भैया तो चले गए, पर इन दोनों की मानसिक स्थिति बच्चों जैसी है। भाई इन्हें भी अपने साथ लेकर चला जाता, अब इनका क्या होगा? बंद कमरे का खुला दरवाजा तो नीचे मिली लाश ओरछा रोड थाना पुलिस के मुताबिक, राजेश अग्रवाल दो दिन से घर के एक कमरे में बंद थे। कॉलोनी वालों को जब कुछ संदिग्ध लगा तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दरवाजा धक्का देकर खोला तो राजेश जमीन पर बिछे बिस्तर पर मृत मिले। कमरे में एसी और लाइट चालू थी। शव के पास ही मोबाइल, लैपटॉप और सल्फास की डिब्बी पड़ी थी। लैपटॉप पर MCX (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) की वेबसाइट खुली थी और नोटपैड पर ट्रेडिंग से जुड़ी अंकगणनाएं लिखी थीं। पुश्तैनी मकान के बाद छतरपुर का घर भी बिका, 70 लाख का कर्ज था मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बरुआ सागर के रहने वाले राजेश अग्रवाल चार बहनों में इकलौते भाई और सबसे छोटे थे। काम की तलाश में वह 12 साल पहले छतरपुर शिफ्ट हुए थे। शुरुआत में उन्होंने बरुआ सागर का पुश्तैनी मकान बेचा। इसके बाद छतरपुर में एक मकान खरीदा, लेकिन शेयर बाजार के घाटे और कर्ज के दलदल में फंसने के कारण उन्हें वह मकान भी करीब 70 लाख रुपए में बेचना पड़ा। फिलहाल, वह किराए के मकान में रह रहे थे। वर्षों से घर में कैद था परिवार, कोरोना काल के बाद बिगड़े हालात परिजनों और पड़ोसियों के मुताबिक, राजेश बेहद रिजर्व नेचर (कम बात करने वाले) के थे। वह अपनी बहनों या मां से भी ज्यादा बात नहीं करते थे। पड़ोसियों ने बताया कि राजेश के अलावा परिवार का कोई भी सदस्य कभी घर से बाहर नहीं निकलता था। राजेश की साली वंदना ने बताया कि शादी के समय वर्षा नॉर्मल थी और ग्रेजुएशन के बाद ट्यूशन पढ़ाती थी, लेकिन छतरपुर आने और खासकर कोरोना काल के बाद स्थितियां बिगड़ गईं। बेटे रौनक की पढ़ाई भी छूट चुकी थी। उसके पैरों का इलाज दिल्ली में चल रहा था। परिवार पूरी तरह घर की चहारदीवारी में कैद होकर रह गया था। बहनों का आरोप- बड़े कारोबारियों के दबाव में आकर दी जान राजेश की बहन रूबी सिंघल और साली वंदना का आरोप है कि राजेश को MCX के धंधे में धकेलने वाले और कर्ज का दबाव बनाने वाले लोग ही इस मौत के जिम्मेदार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजेश को बुरी तरह टॉर्चर किया जा रहा था, जिसके कारण उन्हें मजबूरन यह आत्मघाती कदम उठाना पड़ा। परिवार ने पुलिस-प्रशासन से दोषियों को कड़ी सजा देने और बेसहारा बची बूढ़ी मां, पत्नी और बच्चे की मदद करने की गुहार लगाई है। यह खबर भी पढ़ें पत्नी रोटियां बनाती रही...कमरे में पड़ी थी पति की लाश:UP के ट्रेडर की नाक से बह रहा था खून; दरवाजा तोड़कर अंदर घुसी पुलिस मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्टॉक मार्केट ट्रेडर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घर के बंद कमरे में शव मिला। शव जमीन पर बिछे बिस्तर पर पड़ा था। नाक से खून बह रहा था। कमरे में लैपटॉप चालू हालत में था, जिसमें MCX और शेयर बाजार से जुड़ी वेबसाइट खुली हुई थी। पढ़ें पूरी खबर
पाली में दैनिक भास्कर का प्रॉपर्टी एक्सपो आज से:एंट्री रहेगी फ्री, EMI और निवेश की जानकारी मिलेगी
पालीवासियों के लिए दैनिक भास्कर का प्रीमियम प्रॉपर्टी एक्सपो 2026 शनिवार और रविवार को कॉलेज रोड स्थित रोटरी क्लब में शुरू होगा। 2026 में शहर में पहली बार होने वाले इस एक्सपो का शुभारंभ मुख्य अतिथि एसपी मोनिका सैन करेंगी। दो दिन तक चलने वाले इस एक्सपो में पाली और जोधपुर के प्रमुख बिल्डर्स एवं डेवलपर्स अपने रेजिडेंशियल और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स की जानकारी देंगे। यहां फ्लैट, प्लॉट, विला और कमर्शियल प्रॉपर्टी के कई विकल्प एक ही स्थान पर उपलब्ध रहेंगे। पहली बार एक मंच पर कई रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स प्रीमियम प्रॉपर्टी एक्सपो 2026 में रियल एस्टेट सेक्टर की कई प्रतिष्ठित कंपनियां और उनके प्रोजेक्ट्स शामिल होंगे। विजिटर्स को विभिन्न रेजिडेंशियल और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स की जानकारी एक ही जगह पर मिलेगी। एक्सपो में नई लॉन्चिंग्स, एक्सक्लूसिव ऑफर्स और निवेश के विभिन्न विकल्पों की जानकारी भी दी जाएगी। कई प्रमुख बिल्डर्स और डेवलपर्स होंगे शामिल एक्सपो में आशापूर्णा बिल्डकॉन, स्काई रेजिडेंसेस, आदिनाथ बिल्डवेल, एचकेबी वेंचर्स, शुभम डेवलपर, धरती इंफ्रा एवं बीसीएम ग्रुप पाली सहित कई प्रमुख रियल एस्टेट ग्रुप्स भाग ले रहे हैं। आयोजन के रेडियो पार्टनर 94.3 माय एफएम हैं। गिफ्ट पार्टनर भी जुड़े गिफ्ट पार्टनर के रूप में गीतांजलि सोनी डायरेक्टर गीतांजलि सलून, चंद्रप्रकाश गहलोत डायरेक्टर पुष्प हिना और मुपुब मेहता डायरेक्टर ट्रिबा ऑयल जुड़े हुए हैं। एक्सपो में आने वाले लोगों को विभिन्न प्रोजेक्ट्स और सुविधाओं की जानकारी दी जाएगी। कारोबारियों ने बताया निवेश का अवसर मगराज जैन, डायरेक्टर बीसीएम ग्रुप ने कहा कि प्रीमियम प्रॉपर्टी एक्सपो 2026 ग्राहकों और बिल्डर्स के बीच मजबूत कनेक्ट बनाने का अवसर है। एचकेबी वेंचर्स के डायरेक्टर आर्यन जल्होत्रा ने कहा कि वर्तमान समय रियल एस्टेट में निवेश के लिए उपयुक्त माना जा रहा है। शुभम डेवलपर्स के डायरेक्टर राहुल जैन ने कहा कि पाली रोड, जोधपुर तेजी से विकसित होती हुई प्रीमियम लोकेशन बन चुकी है। एसबीआई फाइनेंस डेस्क रहेगा आकर्षण आयोजन का प्रमुख आकर्षण एसबीआई बैंक का फाइनेंस डेस्क रहेगा। यहां बैंक प्रतिनिधि होम लोन, ब्याज दरों, EMI और फाइनेंसिंग से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराएंगे। एक्सपो से संबंधित अधिक जानकारी के लिए 7790869216 पर संपर्क किया जा सकता है।
निजी कंपनी के सुपरवाइजर को शेयर मार्केट में निवेश का झांसा, 12 लाख ठगे
राजधानी के धनेली इलाके में निजी कंपनी के सुपरवाइजर से 12 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने शेयर मार्केट में निवेश का झांसा देकर अलग-अलग किश्तों में रकम जमा कराई। जब पीड़ित ने पैसा निकालने की कोशिश की, तो उससे सर्विस चार्ज और टैक्स के नाम पर और पैसे मांगे गए। धनेली निवासी राजेंद्र पांडेय एक निजी कंपनी में सुपरवाइजर हैं। करीब एक माह पहले उन्हें सोशल मीडिया पर एक मैसेज मिला, जिसमें शेयर मार्केट में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का झांसा दिया गया। दिए गए लिंक के जरिए वे एक मैसेंजर ग्रुप से जुड़ गए। इसके बाद ठगों ने उनसे एक एप डाउनलोड कराया और उसमें निवेश के नाम पर पैसे जमा कराना शुरू कर दिया। झांसे में आकर राजेंद्र ने रिश्तेदारों से कर्ज लेकर भी कुल 12 लाख रुपए जमा कर दिए। बाद में टैक्स के नाम पर और पैसे मांगने शुरू किए थे।
पिछले साल खरीदारों को मालामाल करने वाले सोने-चांदी की चमक फीकी पड़ गई है। वर्ष 2025 में सोना 73.94% और चांदी 167.53% महंगी हुई थी। इस साल पहले पांच माह में सोने से मात्र 17.91 और चांदी से 14.58% ही रिटर्न मिला। 29 जनवरी के मौजूदा स्तर से सोना 12.5 और चांदी 32 फीसदी नीचे बिक रहे हैं। तब सोना 1.84 लाख रुपए प्रति दस ग्राम और चांदी 4 लाख रुपए प्रति किलो थी। अभी सोना 1.61 लाख रुपए प्रति दस ग्राम और चांदी 2.71 लाख रुपए प्रति किलोग्राम है। इस साल 23 मार्च को तो चांदी के भाव घटकर 2,11,500 रुपए प्रति किलो तक रह गए थे। यानी रिकॉर्ड स्तर से करीब 47 फीसदी सस्ती हो गई थी। इसी दिन सोना भी उच्चतम स्तर से 24.7 फीसदी गिरकर 1,38,500 रुपए प्रति दस ग्राम बिका था। फरवरी से अब तक देखें तो 28 फरवरी को सोना 1.72 लाख रुपए प्रति दस ग्राम, जबकि 2 मार्च को चांदी 2.98 लाख रुपए प्रति किलोग्राम के अधिकतम भाव पर बिकी है। काबिलेगौर है कि 31 दिसंबर, 2024 को सोना 78,300 रुपए प्रति दस ग्राम और चांदी 88,400 रुपए प्रति किलोग्राम थी। इसके बाद वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव, डॉलर में कमजोरी और सुरक्षित निवेश की मांग से 31 दिसंबर 2025 तक सोना बढ़कर 1,36,200 रुपए प्रति दस ग्राम और चांदी 2,36,500 रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई थी। आगे क्या...अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति, डॉलर इंडेक्स और वैश्विक भू-राजनीतिक हालात आने वाले महीनों में सोने-चांदी की दिशा तय करेंगे। यदि अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती या वैश्विक तनाव बढ़ता है तो निवेशक सुरक्षित निवेश के लिए सोने-चांदी की खरीद तेज कर सकते हैं। वहीं, शेयर बाजार में मजबूती और डॉलर में तेजी आने पर इनकी कीमत घटने की संभावना है। डेढ़ साल में सोना-चांदी में उतार-चढ़ाव सोर्स : सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी, जयपुर। सोना रुपए प्रति दस ग्राम, चांदी रुपए प्रति किलोग्राम चांदी में अवसर के साथ जोखिम भीपिछले डेढ़ साल में असाधारण तेजी के बाद बाजार संतुलन की ओर बढ़ रहा है। महंगाई और वैश्विक अनिश्चितताओं से सोना लंबे समय तक सुरक्षित निवेश बना रहेगा, लेकिन चांदी में जोखिम अधिक होगा।-डॉ संजय जोशी, एमडी, एसकेजे ज्वेलर्स कीमत घटने के बावजूद खरीदारी कम“कीमत घटने के बाद भी गोल्ड ज्वैलरी की सेल 40% तक कम है। कमजोर मांग से सोना-चांदी डिस्काउंट पर बिक रहे हैं। आर्थिक मंदी की आशंका, अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता से सोना-चांदी में उतार-चढ़ाव रहने की संभावना है।”-मनीष खूंटेटा, सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी के उपाध्यक्ष
मप्र के बिगड़े वनों को सुधारने के लिए निजी निवेशकों को शामिल करने की सरकार की मुहिम अब एक कदम और आगे बढ़ गई है। पहले चरण में प्राइवेट कंपनियों के लिए वन विकास निगम के पास मौजूद खाली पड़ी जमीन पर निवेश के द्वार खोले जाएंगे। मप्र वन विकास निगम के हाल ही में अध्यक्ष बने पूर्व वन मंत्री रामनिवास रावत की अध्यक्षता में आगामी 3 जून को एमपी- एसएफडीसी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक होने जा रही है। इस बैठक के एजेंडे में सबसे अहम और बड़ा मुद्दा यह है कि क्या निगम के नियंत्रण वाली 4.25 लाख हेक्टेयर जमीन में से खाली पड़ी लगभग 35 हजार हेक्टेयर वन भूमि पर प्राइवेट कंपनियों को प्लांटेशन (पौधरोपण) और सस्टेनेबल हार्वेस्टिंग गतिविधियों के लिए निजी निवेश के जरिए भागीदार बनाया जाए। बोर्ड की हरी झंडी के बाद एजीएम में लगेगी अंतिम मुहर जानकारों का कहना है कि 3 जून को होने वाली बैठक में वन विकास निगम का बोर्ड इस नीति को सैद्धांतिक मंजूरी दे सकता है। बोर्ड से हरी झंडी मिलने के बाद, इस पूरे प्रस्ताव को निगम की आगामी 'एनुअल जनरल मीटिंग' (एजीएम) में अंतिम निर्णय और वैधानिक स्वीकृति के लिए रखा जाएगा। वन विकास निगम के इस कदम को राज्य सरकार की उस बड़ी वन लीज नीति के पायलट प्रोजेक्ट (पहले चरण) के रूप में देखा जा रहा है, जिसकी रूपरेखा पिछले दिनों मुख्य सचिव के निर्देश पर तैयार की गई है। केंद्र की गाइडलाइन और कॉर्पोरेट निवेश का नया मॉडल: दरअसल, केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा 2 जनवरी 2026 को जारी की गई नई गाइडलाइन के बाद राज्यों के लिए यह रास्ता खुला है। केंद्र के नए नियमों के तहत ऐसी गतिविधियों को 'वानिकी गतिविधि' (फॉरेस्ट्री एक्टिविटी) मानकर नेट प्रेजेंट वैल्यू (एनपीवी) और प्रतिपूरक वनीकरण शुल्क से छूट दी गई है। 51 साल से वन भूमि पर प्लांटेशन व कटाई का काम कर रहा निगम वन विकास निगम के पास प्रदेश के 22 जिलों में कुल 4.25 लाख हेक्टेयर वन भूमि है। बीते 51 साल में वन विकास निगम 3.90 लाख हेक्टेयर वन भूमि को उपचारित कर चुका है। इसमें से 3.14 लाख हेक्टेयर वन भूमि में प्लांटेशन क्षेत्र है। बाकी जमीन पर पौधे तैयार करने की नर्सरी, 15 डिपो और 13 इमारती लकड़ी के डिपो हैं। करीब 35 हजार हेक्टेयर खाली जमीन ऐसी है जिसका वन विभाग निगम अब तक कोई उपयोग नहीं कर सका है।
New Rule : 1 जून से बदल जाएंगे पैसे, टैक्स, UPI और बैंकिंग के नियम, आपकी जेब पर पड़ेगा सीधा असर
जून महीने में टैक्स भुगतान से लेकर शेयर बाजार में निवेश और डिजिटल बैंकिंग तक कई बड़े वित्तीय नियमों में बदलाव होने जा रहा है। इनका आपके रोजमर्रा जीवन पर भी प्रभाव पड़ेगा। जानिए कौनसे नियम बदल रहे हैं।
मजबूत वैश्विक संकेतों से भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में खुला; सेंसेक्स 76,000 के ऊपर
मजबूत वैश्विक संकेतों से भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार के सत्र में हरे निशान में खुला। सुबह 9:24 पर सेंसेक्स 213 अंक या 0.28 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,080 और निफ्टी 44 अंक या 0.20 प्रतिशत की तेजी के साथ 23,951 पर था।
ग्रेटर नोएडा में साइबर ठगों ने शेयर बाजार में निवेश के नाम पर एक रिटायर्ड प्रबंधक से 47 लाख 90 हजार रुपये की ठगी कर ली। जालसाजों ने व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए पीड़ित को फंसाया और कम समय में मोटा मुनाफा कमाने का लालच दिया। मामले में पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला ग्रेटर नोएडा की एटीएस डोल्से सोसाइटी निवासी 56 साल की रूपम गुप्ता ने पुलिस को बताया कि वह एक ऑटोमोबाइल कंपनी में प्रबंधक के पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। वर्तमान में वह खिलौनों की दुकान चलाते हैं। 28 अप्रैल को उनके व्हाट्सऐप पर शेयर ट्रेडिंग से जुड़ा एक संदेश आया, जिसमें निवेश पर भारी मुनाफे का दावा किया गया था। संदेश भेजने वाले व्यक्ति ने खुद को क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर नामक ट्रेडिंग कंपनी का कर्मचारी बताया। उसने रूपम गुप्ता को एक व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ दिया, जिसका एडमिन कथित राजेश अहीर नामक व्यक्ति था। ग्रुप में 244 से अधिक सदस्य जुड़े थे और वहां निवेश व मुनाफे से संबंधित जानकारी लगातार साझा की जा रही थी। ग्रुप में दिखाए जा रहे मुनाफे से प्रभावित होकर रूपम गुप्ता ने अलग-अलग चरणों में कुल 47 लाख 90 हजार रुपये निवेश कर दिए। निवेश के बाद उनके खाते में रकम तीन गुना तक बढ़ी हुई दिखाई जाने लगी। हालांकि जब उन्होंने पैसा निकालने की कोशिश की तो जालसाजों ने टैक्स और अन्य शुल्क के नाम पर और धनराशि जमा कराने की मांग शुरू कर दी। लगातार नई-नई मांगों के बाद रूपम गुप्ता को ठगी का एहसास हुआ। उन्होंने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस का कहना है कि मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है और साइबर अपराधियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
गुना इंडस्ट्रियल क्षेत्र:छोटे निवेशकों ने दिखाया भरोसा, 601 करोड़ के 131 प्रस्ताव
अडानी ग्रुप के गुना में निवेश करने के बाद औद्योगिक माहौल में बदलाव आया है। देशी के शीर्ष उद्योगपतियों में शामिल गौतम अडानी ने गुना में निवेश किया तो छोटे निवेशक भी यहां का रुख करने लगे।मालवा का द्वार कहा जाने वाला गुना जिला अब मध्य प्रदेश के बड़े औद्योगिक हब के रूप में स्थापित होने जा रहा है। हाल ही में आयोजित इन्वेस्टर मीट में निवेशकों ने गुना की धरती पर जबरदस्त भरोसा दिखाया है। जिले के पिपरौदा खुर्द औद्योगिक पार्क में उद्योग लगाने के लिए निवेशकों द्वारा कुल 131 प्रस्ताव मिले हैं, जिनके जरिए 601.4 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव (Intention to Invest) सौंपे गए हैं। इस महा-निवेश से न केवल जिले की अर्थव्यवस्था बुलेट ट्रेन की रफ्तार पकड़ेगी, बल्कि स्थानीय हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि अडानी जैसे बड़े समूह के कदम पड़ने से गुना की क्रेडिबिलिटी (साख) बढ़ी है, यही वजह है कि अब छोटे और मध्यम श्रेणी के एमएसएमई उद्योगपति भी यहां निवेश के लिए कतार में खड़े हैं। मावन: 1 हजार करोड़ का निवेश ग्राम मावन में अडानी ग्रुप द्वारा 1059 करोड़ रुपये के भारी-भरकम निवेश से सीमेंट ग्राइंडिंग यूनिट स्थापित की जा रही है। यह विशाल परियोजना मावन में 32.783 हेक्टेयर भूमि पर आकार ले रही है। इस यूनिट को हर साल 10 लाख टन उत्पादन क्षमता के साथ विकसित किया जा रहा है। रोजगार की बहार: इस अकेले प्रोजेक्ट से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 500 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। कृषि में हम मॉडल विकसित कर रहे हैं कि किसान 50 हजार रुपए नहीं, बल्कि 15 लाख रुपए प्रति एकड़ तक कमाए। सब्जी से पांच लाख, थाई अमरूद से 10 लाख और गुलाब पॉली हाउस से 15 लाख प्रति एकड़ आमदनी गुना में होने लगी है। अडानी समूह 1 हजार करोड़ के निवेश के बाद 600 करोड़ के और निवेश प्रस्ताव आए हैं। -किशोर कन्याल, कलेक्टर, गुना
वीएसीएल जन सहयोग क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड के खिलाफ ईओडब्ल्यू ने केस दर्ज किया है। जांच में सामने आया कि संस्था अधिक ब्याज, कम समय में रकम दोगुनी-तिगुनी करने और नौकरी दिलाने का लालच देकर अलग-अलग योजनाओं में निवेश करवाती थी। करीब 3000 निवेशकों से राशि जमा कराने के बाद परिपक्वता अवधि पूरी होने पर भी रकम वापस नहीं की गई। ईओडब्ल्यू थाना भोपाल में संस्था के तत्कालीन अध्यक्ष राकेश कुमार शर्मा, उपाध्यक्ष बीएस चौहान, अभिषेक शर्मा, संचालकों और अन्य सहयोगियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। उन्हें धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, अमानत में खयानत और मप्र निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम की धाराओं में आरोपी बनाया गया है। ईओडब्ल्यू के अनुसार संस्था का रजिस्ट्रेशन 3 सितंबर 2013 को मप्र सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 के तहत हुआ था। संस्था का पहला दफ्तर अरेरा कॉलोनी के 11 नंबर स्टॉप स्थित ई-6/76 में संचालित हुआ, जिसे बाद में मानसरोवर कॉम्पलेक्स में शिफ्ट किया गया। 12% ब्याज और दोगुनी रकम का दावा जांच में पाया गया कि संस्था डेली डिपॉजिट, मासिक बचत, फिक्स डिपॉजिट, रिकरिंग डिपॉजिट और मासिक आय योजना जैसी स्कीमों के जरिए निवेश जुटा रही थी। निवेशकों को जन सहयोग कैश क्रेडिट सर्टिफिकेट जारी किए जाते थे, जिनमें जमा राशि, ब्याज दर, परिपक्वता तिथि और भुगतान राशि का जिक्र रहता था। प्रचार सामग्री और सर्टिफिकेट के जरिए निवेशकों को 12 प्रतिशत या उससे ज्यादा ब्याज, साढ़े पांच साल में रकम दोगुनी या तिगुनी होने और आकर्षक लाभ मिलने का भरोसा दिया जाता था। कई लोगों को नौकरी और कमीशन पर काम देने का झांसा देकर भी निवेश करवाया गया। बैंक खाते में 1.64 करोड़ रुपए जमा मिले: जांच के दौरान बैंक ऑफ बड़ौदा की हबीबगंज शाखा से संस्था के बैंक खाते की जानकारी ली गई। रिकॉर्ड परीक्षण में खाते में लगातार बड़ी मात्रा में राशि जमा और निकासी होना पाया गया। बैंक रिकॉर्ड के अनुसार खाते में करीब 1 करोड़ 64 लाख 64 हजार 504 रुपए जमा करवाए गए थे। खाते का संचालन मुख्य रूप से संस्था के अध्यक्ष राकेश शर्मा द्वारा किया जा रहा था। पैसा मांगा तो ऑफिस बंद जांच में 40 निवेशकों और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए गए। निवेशकों ने बताया कि संस्था वर्ष 2013-14 से निवेश ले रही थी। जब लोगों ने राशि वापस मांगी तो शुरुआत में जल्द भुगतान का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में कार्यालय अधिकतर समय बंद मिलने लगा। आरोपियों ने मोबाइल फोन बंद कर लिए और निवेशकों से संपर्क खत्म कर दिया। कुछ निवेशकों के चेक बाउंस भी हुए। जांच में दस्तावेज मिले ईओडब्ल्यू को जांच के दौरान कुछ दस्तावेज मिले हैं, जिनसे आरोपी राकेश शर्मा द्वारा संपत्ति खरीदे जाने की जानकारी सामने आई। जांच में पाया गया कि संस्था के संचालन काल के दौरान वर्ष 2014 में ग्राम दीवानगंज, जिला विदिशा में 25 लाख रुपए और 1 करोड़ रुपए की दो अचल संपत्तियां खरीदी गई थीं। इसके अलावा आवासीय भूखंड से जुड़े दस्तावेज भी जांच एजेंसी को मिले हैं।
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्टॉक मार्केट ट्रेडर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घर के बंद कमरे में शव मिला। शव जमीन पर बिछे बिस्तर पर पड़ा था। नाक से खून बह रहा था। कमरे में लैपटॉप चालू हालत में था, जिसमें MCX और शेयर बाजार से जुड़ी वेबसाइट खुली हुई थी। ओरछा रोड थाना के सब इंस्पेक्टर दीपक यादव के मुताबिक, मृतक की पहचान राजेश अग्रवाल के रूप में हुई है। परिवार मूल रूप से उत्तरप्रदेश के झांसी जिले के बरुआसागर का रहने वाला है। परिवार ने वहां का मकान बेच दिया था। लंबे समय से छतरपुर में रह रहा था। करीब एक महीने पहले ही परिवार नए मकान में शिफ्ट हुआ था। इससे पहले वे सामने वाले मकान में रहते थे। घर के एक कमरे में राजेश पिछले दो दिनों से बंद हैं। बाहर नहीं निकले हैं। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। ये तस्वीरें देखिए… जमीन पर बिछे बिस्तर पर मृत मिले राजेश अग्रवाल पुलिस ने काफी देर तक दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद दरवाजे को धक्का मारकर खोला गया। अंदर का दृश्य देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। राजेश अग्रवाल जमीन पर बिछे बिस्तर पर मृत अवस्था में पड़े थे। उनके शरीर पर केवल बनियान और अंडरवियर था। लैपटॉप पर खुली थी MCX और शेयर बाजार की साइट पुलिस के मुताबिक, कमरे की लाइट जली हुई थी। शव के पास मोबाइल फोन पड़ा था, जबकि सामने लैपटॉप ऑन हालत में रखा था। लैपटॉप स्क्रीन पर MCX और शेयर बाजार से जुड़ा पोर्टल खुला हुआ था, जिसमें लगातार आंकड़े दिखाई दे रहे थे। पुलिस ने मौके से इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अन्य जरूरी साक्ष्यों को सुरक्षित किया है। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि मृतक शेयर कारोबार और MCX ट्रेडिंग से जुड़ा हुआ था। 2 दिन से कमरे में बंद था राजेश मृतक की 90 वर्षीय मां ने पुलिस को बताया कि राजेश अग्रवाल पिछले दो दिनों से अपने कमरे में बंद था। वह मंगलवार रात करीब 8 से 9 बजे कमरे में गया था, जिसके बाद बाहर नहीं निकला। राजेश अक्सर कई-कई घंटों तक कमरे में बंद रहता था। बीच-बीच में बाहर निकलकर थोड़ा खाना खा लेता था या फ्रिज से पानी लेकर वापस कमरे में चला जाता था। इसी वजह से शुरू में किसी को ज्यादा शक नहीं हुआ। पत्नी रसोई में रोटियां बनाती रही, बेटे को नहीं था अहसास पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि मृतक की पत्नी और बेटा मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं। पुलिस जब मौके पर पहुंची तब भी दोनों सामान्य हालात को समझ नहीं पा रहे थे। पत्नी रसोई में रोटियां बनाती रही, जबकि बेटा घर के सोफे पर बैठा रहा। इस दौरान दोनों को यह तक समझ नहीं आ रहा था कि घर के अंदर क्या हो चुका है। पुलिस के मुताबिक सिर्फ मृतक की बुजुर्ग मां ही ऐसी स्थिति में थीं, जो घटना के बारे में कुछ जानकारी दे सकीं। शव के पास किसी संघर्ष के स्पष्ट निशान नहीं मिले हैं, लेकिन मृतक की नाक से खून निकल रहा था। बेटे ने रजिस्टर देकर रिश्तेदारों के नंबर बताए जांच के दौरान मृतक के बेटे ने पुलिस को एक रजिस्टर दिया, जिसमें रिश्तेदारों और परिचितों के मोबाइल नंबर लिखे हुए थे। पुलिस ने उसी रजिस्टर के आधार पर परिजनों और समाज के लोगों को सूचना दी। कमरे में AC चालू था। माना जा रहा है कि मौत को 24 घंटे पहले हो चुकी है। पड़ोसियों से भी नहीं था ज्यादा संपर्क पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि परिवार का किसी से ज्यादा मेलजोल नहीं था। घर के सदस्य बहुत कम बाहर दिखाई देते थे। शुरुआती सूचना भी पुलिस को मुखबिरों के माध्यम से मिली थी कि पिछले दो दिनों से राजेश अग्रवाल से संपर्क नहीं हो पा रहा था। MCX ट्रेडिंग और सट्टे से जुड़ा होने की चर्चा बताया जा रहा है कि- राजेश अग्रवाल MCX ट्रेडिंग और सट्टे के कारोबार से जुड़ा हुआ था। यह भी चर्चा है कि वह पहले जुआ खेलते हुए पकड़ा जा चुका है। हालांकि पुलिस ने फिलहाल इस मामले में आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। मृतक के कामकाज, मोबाइल डेटा, लैपटॉप रिकॉर्ड और आर्थिक गतिविधियों की भी जांच की जाएगी। FSL जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने FSL टीम को मौके पर बुलाया। टीम ने कमरे और आसपास के इलाके की बारीकी से जांच की। घटनास्थल से जरूरी सैंपल और इलेक्ट्रॉनिक सबूत जुटाए गए हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और FSL जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह सामने आ सकेगी। फिलहाल मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है।
रायपुर में शेयर बाजार में ज्यादा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर एक युवक से 6 लाख की ठगी की गई। आरोपी महिला ने टेलीग्राम चैनल के जरिए युवक से संपर्क किया और शेयर ट्रेडिंग में अधिक रिटर्न का लालच दिया। इसके बाद उसने धीरे-धीरे युवक से पैसे ट्रांसफर करवा लिए। जब युवक को ठगी का पता चला, तब उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस के अनुसार पीड़ित का नाम गिरधन लाल ओगरे है। जानिए पूरा मामला पीड़ित गिरधन लाल ओगरे ने बताया कि वह काम की तलाश कर रहा था। इसी दौरान वह एक टेलीग्राम चैनल से जुड़ा, जहां शेयर ट्रेडिंग और निवेश से कम समय में ज्यादा पैसा कमाने का दावा किया जा रहा था। चैनल से जुड़ने के बाद एक महिला ने उससे संपर्क किया और खुद को शेयर मार्केट की एक्सपर्ट बताया। आरोप है कि महिला ने पहले छोटे निवेश पर अच्छा मुनाफा दिलाकर युवक का भरोसा जीता। इसके बाद उसने युवक को बड़ी रकम निवेश करने के लिए कहा। आरोपी महिला ने अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर करवाए और दावा किया कि शेयर ट्रेडिंग के जरिए जल्द ही मोटा रिटर्न मिलेगा। पैसे मांगने पर आरोपियों ने तोड़ा संपर्क कुछ समय बाद जब पीड़ित ने अपनी 6 लाख रुपए जमा रकम वापस मांगनी शुरू की, तो आरोपी टालमटोल करने लगी। बाद में महिला और उससे जुड़े लोगों ने संपर्क बंद कर दिया। इसके बाद युवक को ठगी का एहसास हुआ। पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस से की है। पुलिस ने अज्ञात आरोपी महिला और उससे जुड़े लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर सेल भी मामले की पड़ताल कर रही है। बिना जांच के ना करें निवेश: पुलिस पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया, टेलीग्राम चैनल और ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए ठगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। लोगों से अपील की गई है कि बिना जांच-पड़ताल किसी भी ऑनलाइन निवेश योजना में पैसा न लगाएं और लालच देने वाले अनजान लोगों से सतर्क रहें।
सरगुजा में चिटफंड कंपनी खोलकर निवेशकों से 9 करोड़ 26 लाख रुपये जमा कराकर ठगी के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी चिटफंड कंपनी में बतौर अधिकारी कार्यरत थे। मामला गांधीनगर थाना क्षेत्र का है। यह कार्रवाई दो वर्ष बाद की गई है। जानकारी के मुताबिक, 04 सितंबर 2024 को मैनपाट निवासी देवराज यादव ने गांधीनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वेलफेयर बिल्डिंग एंड ईस्टेट प्राईवेट लिमिटेड कंपनी नमनाकला का कार्यालय खोलकर निवेशकों को निवेशित राशि कम समय में दोगुना करने का झांसा देकर ठगी की गई। पुलिस ने कंपनी के डायरेक्टर व एडवाईजरी हेड बलराम पाठक, जोनल मैनेजर अखिलेश प्रजापति व अन्य के खिलाफ अपराध दर्ज किया था। जांच में कंपनी द्वारा निवेशकों से करीब 9 करोड़ 26 लाख रुपये कंपनी में जमा कराना पाया गया। आरोपियो द्वारा कंपनी के नाम पर कई बैंकों में खाते खोलकर पैसे जमा कराए गए। कंपनी में पैसे जमा करने वाले ज्यादातर लोग कम पढ़े लिखे एवं गरीब तबके के लोग हैं। दो आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार चिटफंड कंपनी के डायरेक्टर एवं पदाधिकारियों ने एजेंटों के माध्यम से पैसा जमा कराया। कंपनी को रिजर्व बैंक या अन्य सक्षम प्राधिकारी की अनुमति नहीं थी। मामले में पुलिस ने ईनामी चिट और धन परिचालन स्कीम (पाबंदी) अधिनियम 1978 की धारा 4,5,6 एवं छत्तीसगढ़ के निक्षेपको का हितों का संरक्षण नियम 2005 की धारा 10 का अपराध दर्ज किया था। प्रकरण की विवेचना दौरान आरोपी अखिलेश कुमार प्रजापति (56 वर्ष) निवासी पलामू झारखंड व बलराम पाठक (64 वर्ष), निवासी पलामू झारखण्ड को हिरासत में लिया गया। दोनों ने कंपनी का प्रचार कर लोगों से निवेश कराने में भूमिका स्वीकार की। गांधीनगर थाना प्रभारी प्रवीण कुमार द्विवेदी ने बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया है। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (28 मई, 2026)
1. मेष (Aries) Today Horoscope Rashifal 28 May 2026: करियर: नौकरी में अपनी बात रखने का सही समय है। लव: अविवाहितों के लिए विवाह की चर्चा चल सकती है। धन: धन निवेश में लाभ होगा। रुका हुआ पैसा वापस मिलेगा। स्वास्थ्य: मोबाइल का कम प्रयोग करें। उपाय: ॐ नमः शिवाय का 108 बार जाप करें। ALSO READ: Vastu tips for gifting watch: बर्थडे पर बच्चों को घड़ी गिफ्ट देने से क्या होता हैं? 2. वृषभ (Taurus) करियर: व्यापार में विस्तार की योजना सफल होगी। लव: पार्टनर के साथ रिश्तों में मधुरता आएगी। धन: दीर्घकालिक निवेश के लिए आज का दिन श्रेष्ठ है। स्वास्थ्य: गले में खराश या इंफेक्शन की संभावना है। उपाय: लक्ष्मी जी को गुलाब अर्पित करें। 3. मिथुन (Gemini) करियर: कार्यस्थल पर आपकी बुद्धि की सराहना होगी। लव: पार्टनर से कोई सरप्राइज मिल सकता है। धन: शेयर बाजार और कमोडिटी से लाभ के योग हैं। स्वास्थ्य: फिट रहने के लिए योग शुरू करें। उपाय: भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करें। 4. कर्क (Cancer) करियर: नौकरी में अधिकारी प्रसन्न रहेंगे। लव: भावुकता में आकर कोई बड़ा फैसला न लें। धन: भूमि-भवन के सौदों में लाभ होगा। स्वास्थ्य: पेट संबंधी विकार हो सकते हैं। उपाय: चांदी के पात्र से गंगाजल मिश्रित जल पिएं। 5. सिंह (Leo) करियर: आत्मविश्वास के बल पर कठिन कार्यों को आसानी से पूरा करेंगे। लव: लव पार्टनर के साथ थोड़ा मनमुटाव हो सकता है। धन: आज किया गया निवेश भविष्य में बड़ा मुनाफा देगा। स्वास्थ्य: हृदय रोगी नियमित टहलें। उपाय: आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें। ALSO READ: 3 साल बाद आई अधिकमास की पद्मिनी एकादशी, जानें व्रत का महत्व, शुभ मुहूर्त और पौराणिक कथा 6. कन्या (Virgo) करियर: कार्यस्थल से बड़ी उपलब्धि हासिल होगी। लव: वैवाहिक जीवन सुखमय रहेगा। धन: आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। स्वास्थ्य: धूप से बचें और स्वच्छता रखें। उपाय: पक्षियों को हरा मूंग खिलाएं। 7. तुला (Libra) करियर: नए अवसर मिलेंगे लेकिन सोच-समझकर कदम बढ़ाएं। लव: रिश्तों में नयापन लाने की कोशिश करेंगे। धन: विलासिता की वस्तुओं पर खर्च होगा। स्वास्थ्य: पीठ में दर्द हो सकता है। उपाय: मंदिर में सफेद मिठाई का दान करें। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: आपकी कार्यक्षमता दूसरों को प्रभावित करेगी। लव: पार्टनर के साथ किसी पुरानी बात पर बहस हो सकती है। धन: अचानक धन लाभ के अवसर मिलेंगे। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव महसूस कर सकते हैं। उपाय: हनुमान मंदिर में बूंदी का प्रसाद बांटें। 9. धनु (Sagittarius) करियर: करियर में एक बड़ा उछाल देखने को मिलेगा। लव: प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी। धन: आज का दिन आपके लिए विशेष फलदायी है। स्वास्थ्य: लिवर और पाचन का ख्याल रखें। उपाय: विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। 10. मकर (Capricorn) करियर: कार्यस्थल पर राजनीति का शिकार हो सकते हैं। लव: जीवनसाथी के साथ सामंजस्य अच्छा रहेगा। धन: इस समय बजट बनाकर चलना ही समझदारी होगी। स्वास्थ्य: घुटनों या पैरों में दर्द की समस्या हो सकती है। उपाय: आज गुरु मंत्र का जाप करें। 11. कुंभ (Aquarius) करियर: स्टार्टअप या बिजनेस में नए पार्टनर जुड़ सकते हैं। लव: सोशल मीडिया पर किसी पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है। धन: धन निवेश के लिए विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। स्वास्थ्य: मौसमी बीमारियों से बचें। उपाय: जरूरतमंदों को अनाज का दान करें। 12. मीन (Pisces) करियर: कार्यक्षेत्र में अपने काम पर ध्यान केंद्रित करें। लव: प्रेमियों में शांति का माहौल रहेगा। धन: पैतृक संपत्ति के मामले आपके पक्ष में सुलझेंगे। स्वास्थ्य: सर्दी-जुकाम की शिकायत रह सकती है। उपाय: मस्तक पर पीला तिलक लगाएं। ALSO READ: Weekly Horoscope May 25 to 31: साप्ताहिक राशिफल 2026, हर राशि के लिए क्या लेकर आ रहा है नया सप्ताह
देश में निजी निवेश पर कांग्रेस के दावे भ्रामक, अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत: अमित मालवीय
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता अमित मालवीय ने कांग्रेस सांसद जयराम रमेश पर सरकार की आर्थिक नीति की आलोचना करने के लिए भयभीत करने वाले और बकाया करने वाले तर्क देने का आरोप लगाया
बीते दो वर्षों से टेक इंडस्ट्री में नारा गूंज रहा है...‘एआई जल्द ही सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की जगह ले लेगा और कंपनियों का खर्च आधा हो जाएगा।’ इस वादे ने शेयर बाजार को आसमान पर पहुंचा दिया, कंपनियों ने बड़े पैमाने पर छंटनी की और करोड़ों रुपए एआई इन्फ्रा खर्च कर दिए। पर, जब इन टूल्स को काम पर लगाया गया, तो जो इनवॉइस सामने आई उसने दिग्गज कंपनियों को हिला दिया। सबसे बड़ा झटका माइक्रोसॉफ्ट को लगा। कंपनी ने एंथ्रोपिक में 48 हजार करोड़ रु. निवेश किए और अपने 1 लाख इंजीनियरों को ‘क्लॉड कोड’ का एक्सेस दे दिया। उम्मीद थी कि उत्पादकता बढ़ेगी, पर हर शब्द पर भुगतान की मजबूरी ने लागत को बेकाबू कर दिया। इस वजह से जून तक सभी लाइसेंस रद्द कर दिए गए व इंजीनियरों को माइक्रोसॉफ्ट के इन-हाउस टूल पर शिफ्ट करना पड़ा। उबर ने दिसंबर 2025 में अपने 5,000 इंजीनियरों को क्लॉड कोड दिया। 84% डेवलपर्स इसका इस्तेमाल करने लगे और 70% कोड एआई से आने लगा। नतीजा यह हुआ कि इंजीनियर हर महीने 47 हजार से 1.9 लाख रुपए का व्यक्तिगत बिल बनाने लगे। एक सीटीओ ने तो दो घंटे के डेमो में 1.1 लाख रु. खर्च कर दिए। अप्रैल तक ही उबर ने 2026 का पूरा एआई बजट खत्म कर दिया। एनवीडिया ने भी माना कि उनकी टीम के लिए कंप्यूटिंग की लागत कर्मचारियों की सैलरी से ज्यादा हो गई है। दरअसल, साधारण एआई लगभग मुफ्त हो चुका है, पर गंभीर कोडिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले टॉप-टियर एआई के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। ओपनएआई ने नया मॉडल दोगुने दाम पर उतारा, जबकि एंथ्रोपिक ने टेक्स्ट गिनने का तरीका बदल दिया, जिससे बिल बढ़ने लगा। बेजोस बोले- यह संकट नहीं ‘एआई बबल’ के डर को खारिज करते हुए अमेजन के फाउंडर जेफ बेजोस ने कहा कि यह संकट नहीं, बल्कि ‘सदी में एक बार मिलने वाला सबसे बड़ा अवसर’ है। वहीं, सॉफ्टबैंक के प्रमुख मासायोशी सन 9.5 लाख करोड़ रु. का नया एआई फंड ‘प्रोजेक्ट इजा नागी’ लॉन्च कर रहे हैं। उनका तर्क है कि आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस कुछ वर्षों में इंसानी दिमाग से 10 गुना ज्यादा स्मार्ट हो जाएगा। एआई में बिग टेक का महा निवेश...एंथ्रोपिक की बादशाहत माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, मेटा व अमेजन इस साल एआई इन्फ्रा पर रिकॉर्ड 69 लाख करोड़ रु. खर्च कर रहे हैं। गार्टनर के अनुसार, वैश्विक एआई खर्च 240 लाख करोड़ रु. हो जाएगा। माइक्रोसॉफ्ट का एआई बिजनेस 3.53 लाख करोड़ के रन रेट (अनुमानित लाभ) पर है, जबकि गूगल का क्लाउड बैकलॉग 43.93 लाख करोड़ रु. पार कर चुका है। एंथ्रोपिक ने इस साल 2.86 लाख करोड़ के दो फंडिंग राउंड पूरे किए, जिससे वैल्यूएशन 86 लाख करोड़ हो गई है। वहीं रिलायंस ग्रुप 7 वर्षों में भारत के एआई इन्फ्रा पर ₹10 लाख करोड़ निवेश करेगा। एक कॉल और एआई कानून ध्वस्त अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ऐसे सरकारी आदेश पर साइन करने वाले थे, जिसके तहत सरकार को शक्तिशाली एआई मॉडल के लॉन्च से पहले 90 दिनों तक उसकी सुरक्षा जांच का हक मिलता। इसके लिए टेक दिग्गज (ऑल्टमैन, पिचाई, नडेला) वॉशिंगटन पहुंच चुके थे। लेकिन ऐन वक्त पर, ट्रम्प के पूर्व सलाहकार और 449 एआई कंपनियों में भागीदार डेविड साक्स ने राष्ट्रपति को फोन किया और तर्क दिया कि नियमों से एआई डेवलपमेंट धीमा होगा व चीन बाजी मार ले जाएगा। मस्क-जुकरबर्ग ने भी यही दबाव बनाया। नतीजतन ट्रम्प ने आदेश रद्द कर दिया। चौंकाने वाली बात यह है कि कानून स्वैच्छिक था, फिर भी टेक दिग्गजों ने महज 12 घंटे में महीनों की राष्ट्रीय सुरक्षा नीति पलटवा दी।
नियत, नए निवेश को बढ़ावा देने की पहल...:प्रदेश में लगेगा सेमी कंडक्टर प्लांट, दूसरे SEZ को मंजूरी
छत्तीसगढ़ सरकार ने नवा रायपुर में दूसरे विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) की स्थापना को मंजूरी दे दी है। इस सेज की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि यहां छत्तीसगढ़ का पहला सेमी कंडक्टर (माइक्रोचिप) निर्माण संयंत्र स्थापित किया जाएगा। राज्य सरकार ने पॉलीमेटेक इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड को नवा रायपुर में 10.13 हेक्टेयर क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं इंजीनियरिंग आधारित सेज विकसित करने की स्वीकृति दी है। इस प्लांट में आधुनिक सेमी कंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों का निर्माण किया जाएगा। यह विशेष आर्थिक क्षेत्र राज्य के निर्यात को बढ़ावा देने, नए निवेश आकर्षित करने और छत्तीसगढ़ को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स आपूर्ति श्रृंखला से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके साथ ही कौशल विकास, नवाचार और तकनीकी क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेंगे। अनुमान है कि इस परियोजना से अगले पांच वर्षों में 1300 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे। साथ ही राज्य में कुशल युवाओं के लिए हाई-टेक उद्योगों में काम करने के नए रास्ते खुलेंगे और तकनीकी कौशल विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। राज्य के तकनीकी भविष्य की मजबूत नींव : साय सीएम साय ने कहा कि सेमी कंडक्टर तकनीक भविष्य की जरूरत है। नवा रायपुर में राज्य का पहला सेमी कंडक्टर निर्माण संयंत्र स्थापित होना केवल उद्योग की शुरुआत नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के तकनीकी भविष्य की मजबूत नींव है। इससे युवाओं को बेहतर रोजगार मिलेगा, तकनीकी कौशल बढ़ेगा और राज्य नई औद्योगिक पहचान के साथ आगे बढ़ेगा। युवाओं और राज्य को कैसे होगा फायदा? राज्य के युवाओं को इलेक्ट्रॉनिक्स या आईटी में इंजीनियरिंग करने के बाद नौकरी के लिए बेंगलुरु, हैदराबाद या पुणे जैसे शहरों में जाना पड़ता है। इस प्लांट के आने से हाई-टेक और कुशल रोजगार के डायरेक्ट अवसर पैदा होंगे। सेमी कंडक्टर प्लांट एक 'एंकर इंडस्ट्री' की तरह होता है। इसके आने के बाद मोबाइल, लैपटॉप और अन्य गैजेट्स बनाने वाली सहायक कंपनियां भी नवा रायपुर का रुख करेंगी। हाई-वैल्यू इलेक्ट्रॉनिक्स चीजों के उत्पादन और निर्यात से राज्य के राजस्व में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज होगी।
शेयर बाजार में जोरदार तेजी, सेंसेक्स ने लगाई 900 अंकों की छलांग, निफ्टी भी 23,900 के ऊपर
विशेषज्ञों के अनुसार बाजार में आई तेजी की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के संकेत हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दावा किया कि दोनों देश एक बड़े समझौते के करीब पहुंच गए हैं।
इस साल आईओएस 27 के साथ एपल नए एआई फीचर्स ला सकता है। नई सिरी सिर्फ सवालों के जवाब नहीं देगी, बल्कि फोन के कई काम खुद संभाल सकेगी। उदाहरण के तौर पर रिमाइंडर्स लगाना, मैसेजेस तैयार करना या एप्स के बीच काम करना आसान हो सकता है। वहीं गूगल भी एंड्रॉइड में जेमिनी को जोड़ने की तैयारी में है। इसका उद्देश्य है कि एआई छोटे काम खुद करने लगे। जानते हैं कौन से बदलाव आएंगे। एपल लॉन्च करेगा नई सिरी... जीमेल में आ रहा एआई इनबॉक्स गूगल - अब ब्लिंकिट जैसे एप्स जेमिनी से जुड़ेंगे 1. ब्लिंकिट जैसे एप्स भी एआई से जुड़ेंगे - जेमिनी अब ब्लिंकिट, जेप्टो और उबर जैसे एप्स के साथ सीधे काम कर सकेगा। यह इन सभी एप्स पर तुलना करके आपके लिए सबसे सही विकल्प चुनने में मदद करेगा। 2. नया एजेंट ‘जेमिनी स्पार्क’लॉन्च होगा यह गूगल का नया ‘पर्सनल एआई एजेंट’ होगा। ऑनलाइन टास्क पूरे कर सकेगा। रिमाइंडर्स व बुकिंग्स भी संभाल लेगा। 3. जीमेल एआई इनबॉक्स - यह ईमेल्स का सार खुद तैयार करेगा। यूजर बिना पूरा मेल पढ़े ही जरूरी जानकारी समझ सकेंगे और सीधे उसी जगह से जवाब दे पाएंगे। यह अब बड़े स्तर पर जारी किया जा सकता है। 4. जीमेल लाइव - नया वॉइस-बेस्ड फीचर होगा। इसमें जेमिनी से बोलकर ईमेल मैनेज कर सकेंगे। जैसे, किसी मेल के बारे में पूछना, जवाब लिखना आवाज से होगा। एपल- नई सिरी से ज्यादा स्मार्ट होगा आईफोन 1. लिखने और सुधारने में मदद- Write With Siri और Help Me Write जैसे फीचर्स यूजर को लिखने में मदद करेंगे। सिरी टेक्स्ट सुधार सकेगी, बेहतर वाक्य सुझा सकेगी और टाइपिंग को आसान बना सकेगी। 2. आवाज से बनेंगे शॉर्टकट- यूजर सिर्फ बोलकर बता सकेंगे कि उन्हें कौन सा काम जल्दी करना है। इसके बाद सिरी अपने आप उस काम का शॉर्टकट तैयार कर देगी। 3. निजी डिजिटल सहायक की तरह काम - सिरी सुबह न्यूज, रिमाइंडर्स, शेयर बाजार की जानकारी और पूरे दिन की प्लानिंग जैसी चीजों में मदद कर सकती है। यानी फोन एक पर्सनल असिस्टेंट की तरह काम करने लगेगा। 4. ऑटो डिलीट चैट हिस्ट्री- प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए सिरी में ऑटो-डिलीट फीचर होगा। इसमें तय कर सकेंगे कि चैट्स 30 दिन बाद अपने आप डिलीट हो जाएं।
जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा से करोड़ों की ठगी, प्रॉपर्टी निवेश के नाम पर लिए 17 करोड़ रुपए
मायानगरी में धोखाधड़ी के किस्से अक्सर सामने आते रहते हैं। अब बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा जाफरी धोखाधड़ी का शिकार हो गई हैं। हबीबा जाफरी से संपत्ति निवेश के नाम पर करीब 17.5 करोड़ रुपए की ठगी की गई है।
अरशद वारसी पर लगा शेयर मार्केट में बैन, जानिए क्या है मामला
बॉलीवुड एक्टर अरशद वारसी और उनकी पत्नी मारिया गोरेट्टी समेत 57 लोगों पर शेयर बाजार नियामक SEBI ने बैन लगा दिया है। उन्हें 1 साल के लिए सिक्योरिटी मार्केट से प्रतिबंधित कर दिया है। सेबी का कहना है कि ये लोग मार्केट में धोखाधड़ी जैसे कामों में पाए गए।
काजोल ने किया रियल एस्टेट में निवेश, खरीदी इतने करोड़ की कमर्शियल प्रॉपर्टी
बॉलीवुड एक्ट्रेस काजोल ने इंडस्ट्री में एक अलग मुकाम हासिल किया है। काजोल भले ही फिल्मों में कम नजर आती हो, लेकिन वह सुर्खियों में बनी रहती हैं। काजोल ने अब एक्टिंग के साथ-साथ रियल एस्टेट में भी कदम रख दिया है। काजोल ने मुंबई के गोरेगांव वेस्ट ...
खतरों के खिलाड़ी सीजन 14 के कंटेस्टेंट अभिषेक कुमार जिन्होंने बिग बॉस 17 में अपने कार्यकाल से काफी लोकप्रियता हासिल की, अपने आकर्षक व्यक्तित्व से लोगों के दिलों पर राज कर रहे हैं। विवादित रियलिटी शो में उनकी भागीदारी ने उन्हें स्टार बना दिया और उन्हें रातोंरात सफलता दिलाई। अभिषेक जो वर्तमान में रोहित शेट्टी के शो खतरों के खिलाड़ी 14 में हैं, ने साझा किया कि वह एक प्रोडक्शन हाउस खोलना चाहते हैं। इसे भी पढ़ें: Kartik Aaryan का खुलासा, Pyaar Ka Punchnama की सफलता के बावजूद उनके पास ‘कोई ऑफर नहीं था, कोई पैसा नहीं था ईटाइम्स टीवी के साथ एक इंटरव्यू में, अभिषेक ने खुलासा किया कि वह भविष्य के लिए पैसे बचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता चाहते हैं कि वह मुंबई में एक घर खरीदें, लेकिन वह एक व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। अभिषेक ने कहा कि वह एक उद्यमी बनना चाहते हैं और उनके बड़े सपने हैं जिन्हें वह हासिल करना चाहते हैं। अभिषेक कुमार मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते इंटरव्यू में, अभिषेक ने कहा कि उन्होंने पैसे बर्बाद करना बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते क्योंकि शहर काफी महंगा है और कहा कि किराए पर रहना एक समझदारी भरा फैसला है। उन्होंने यहां तक कहा कि घर खरीदने में बड़ी रकम लगाने और फिर हर महीने लोन के रूप में बैंक को बड़ी EMI चुकाने का कोई मतलब नहीं है। इसे भी पढ़ें: Karan Johar को कोर्ट से मिली राहत, फिल्म Shaadi Ke Director Karan Aur Johar की रिलीज परह लगी रोक अभिषेक ने कहा कि वह अपना पैसा निवेश करना चाहते हैं और उस पर ब्याज पाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह रवि दुबे और सरगुन मेहता की तरह एक प्रोडक्शन हाउस स्थापित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि उनका परिवार चंडीगढ़ में घर खरीदे, लेकिन मुंबई में नहीं क्योंकि वे वहीं रह सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह पैसे बचाना चाहते हैं और कोई दूसरा व्यवसाय शुरू करने में निवेश कर सकते हैं। KKK 14 की बात करें तो शिल्पा शिंदे शो से बाहर हो गईं। एक यूट्यूब चैनल के अनुसार, सनी वरुण ने बात की, गश्मीर, करणवीर, अदिति और अभिषेक ने निष्कासन स्टंट किया।
कंगना रनौत के किस बयान पर भड़की CISF की महिला जो सरेआम एक्ट्रेस को जड़ दिया थप्पड़, जानिए पूरा मामला
चंडीगढ़: हिमाचल की मंडी लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी सांसद एवं एक्ट्रेस कंगना रनौत से चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर बदसलूकी के पश्चात् हंगामा मचा हुआ है. दरअसल, 6 जून को कंगना दिल्ली जाने के लिए चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर पहुंची थीं. तभी सिक्योरिटी चेक के पश्चात् CISF की एक महिला जवान कुलविंदर कौर ने उनको थप्पड़ मार दिया. हालांकि CISF की अपराधी महिला कर्मी को निलंबित कर दिया गया है तथा उनके खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है. ऐसे में सवाल ये उठता है कि CISF की जवान ने थप्पड़ क्यों मारा, तो इसका जवाब है कंगना का 4 वर्ष पुराना एक ट्वीट. कंगना रनौत ने इस ट्वीट में 3 कृषि कानूनों के खिलाफ हुए किसान आंदोलन के चलते पंजाब की 80 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला किसान की गलत पहचान करते तथा उन्हें बिलकिस बानो कहा था. कंगना ने जो ट्वीट किया था उसमें एक वृद्ध महिला नजर आ रही थीं, जो भले ही झुककर चल रही थीं, लेकिन उन्होंने किसान आंदोलन का झंडा बुलंद किए हुए था. उनका नाम मोहिंदर कौर था. कंगना ने मोहिंदर कौर की फोटो को ट्वीट करते हुए लिखा था कि ''हा हा. ये वही दादी हैं जिन्हें टाइम मैगज़ीन की 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की लिस्ट में सम्मिलित किया गया था.... और ये 100 रुपये में उपलब्ध हैं. हालांकि कंगना रनौत ने बाद में ये ट्वीट डिलीट कर दिया था. बता दें कि कंगना ने जिस बिलकिस बानो का जिक्र किया था, वह 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला हैं तथा उन्होंने दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में CAA प्रोटेस्ट के चलते अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बटोरी थीं. कंगना के इस बयान को लेकर CISF की महिला जवान भड़की हुई थी. चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर कंगना से बदसलूकी का वीडियो सामने आया था, इसमें CISF की यह जवान कहती नजर आ रही है कि 'इसने बोला था किसान आंदोलन में 100-100 रुपये में महिलाएं बैठती थीं. वहां मेरी मां भी थी'. राहुल गांधी ने भाजपा पर लगाया शेयर बाजार में हेराफेरी का आरोप, बताया देश का सबसे बड़ा घोटाला उत्तर भारत में भीषण गर्मी का कहर जारी, यूपी के कुछ क्षेत्रों में राहत की उम्मीद बिहार के गया जिले में भीषण सड़क हादसा, तीन लोगों की मौत

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