बुल रन या बड़ी गिरावट? 2026 में शेयर बाजार किस दिशा में जाएगा?
2026 में शेयर बाजार की दिशा को लेकर बढ़ती अनिश्चितता, बुल रन की उम्मीदें और बड़ी गिरावट की आशंकाएँ निवेशकों को सोचने पर मजबूर कर रही हैं। वैश्विक संकेत, घरेलू आर्थिक कारक और नीति-निर्माताओं के फैसले बाजार का रुख तय करेंगे। जानिए किन वजहों से 2026 निर्णायक साल बन सकता है।
भारत के इंडस्ट्रियलिस्ट अनिल अग्रवाल के इकलौते बेटे अग्निवेश अग्रवाल की 49 साल के उम्र में निधन हो गया है। वह अमेरिका में स्कीइंग के दौरान घायल हो गए थे। न्यूयॉर्क के माउंट सिनाई में इलाज के दौरान ही उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया और अस्पताल में ही उन्होंने अंतिम सांस ली। अपने बेटे को याद करते हुए अनिल अग्रवाल कहते हैं कि वे अपनी निजी कमाई का 75% हिस्सा दान कर देंगे। अग्निवेश करीब 2.43 लाख करोड़ के वेदांता ग्रुप को छोड़ गए हैं। अब उनकी सिर्फ यादें हैं। उन्हीं यादों में एक है उनकी शाही शादी। दैनिक भास्कर की इस स्टोरी में देखिए कैसे अग्निवेश अग्रवाल की हुई थी भव्य शादी? जिसमें हेलिकॉप्टर से फूल बरसाए गए। चार्टर्ड प्लेन से मेहमानों को लाया गया था गोवा…. बिहार की राजधानी पटना में हुआ था अग्निवेश का जन्म अग्निवेश का जन्म 3 जून 1976 को पटना में हुआ था। उनकी शुरुआती पढ़ाई राजस्थान के अजमेर में हुई। 2001 में उनकी शादी गोवा के फोर्ट अगुआडा के बीच पर पूजा बांगुर से हुई थी। पूजा श्री सीमेंट के मैनेजिंग डायरेक्टर हरिमोहन बांगुर की बेटी है। अग्निवेश की शादी की गिनती भारत के शाही शादियों में की जाती है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इनकी शादी में 100 मिलियन डॉलर खर्च हुए थे। जिसकी वर्तमान में वैल्यू 800 करोड़ से अधिक है। इनकी शादी में शाहरुख खान ने भी डांस किया था। हेलिकॉप्टर से फूल बरसाए गए थे। चार्टर्ड फ्लाइट से कोलकाता और मुंबई से गेस्ट गोवा पहुंचे थे। दो बिजनेसमैन परिवार के बीच शाही शादी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अग्निवेश और पूजा बांगुर की शादी इन दोनों के परिवार वालों की सहमति से हुई। अनिल अग्रवाल और हरिमोहन बांगुर दोनों काफी अच्छे दोस्त हैं। दोनों भारत के बड़े इंडस्ट्रियलिस्ट है। अग्रवाल और बांगुर परिवार देश के सबसे पुराने और मजबूत कारोबारी घरानों में गिने जाते हैं। दोनों के परिवार के बीच काफी अच्छे संबंध रहे हैं। हरिमोहन बांगुर, सीमेंट सेक्टर में अपनी एक अलग पहचान बना चुके थे। वहीं, अनिल अग्रवाल भी मेटल इंडस्ट्री के बड़े नाम हो चुके थे। अनिल अग्रवाल की कंपनी को अग्निवेश संभालने लगे थे। अग्निवेश ने जैसे ही अपने पिता की कंपनी को संभालना शुरू किया, हरिमोहन बांगर ने खुद अपने बेटी की शादी का प्रस्ताव अनिल अग्रवाल के पास रखा। फिर दोनों के परिवार के बीच आपसी सहमति बनी। हिन्दू रीति रिवाज से दोनों की कुंडली का मिलान हुआ, तब शादी हुई। शाही शादी के लिए गोवा का बीच किया बुक दोनों परिवार ने मिलकर इस शाही शादी के लिए गोवा को चुना। इसके लिए गोवा का फोर्ट अगुआडा का बीच चुना गया। इस पूरे लग्जरी बीच को कई दिनों के लिए बुक किया गया था। शादी में पहले दिन राजस्थानी थीम, ऊंट, लोक नृत्य और पारंपरिक संगीत हुए। दूसरे दिन समुद्र किनारे वैदिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह हुआ। तीसरे दिन ग्रैंड रिसेप्शन रखा गया। इसमें शाहरुख खान ने भी डांस किया था। साथ में कई और सेलिब्रिटी भी पहुंचे थे। शादी के दौरान सजावट में विदेशी फूल, इटालियन लाइटिंग, सोने-चांदी के रंगों का इस्तेमाल हुआ। मेहमानों के लिए प्राइवेट चार्टड प्लेन, ट्रांसपोर्ट, सिक्योरिटी और पर्सनल अटेंडेंट की व्यवस्था थी। यह शादी उस दौर में भारत की सबसे महंगी शादियों में गिना गया। मुंबई, दिल्ली, कोलकत्ता सहित देश के अन्य शहरों से करीब 600 से अधिक मेहमान शादी में पहुंचे थे। इसमें से कई मेहमानों को चार्टर्ड फ्लाइट से बुलाया गया था। शादी का दिन- रस्में, मंडप और शाही माहौल शादी वाले दिन सुबह से ही रस्में शुरू हो गईं थी। समुद्र के किनारे बना मंडप पूरी तरह फूलों से सजा था। अग्निवेश अग्रवाल की शाही अंदाज़ में मंडप में एंट्री हुई। वहीं, पूजा बांगुर पारंपरिक डिजाइन के लहंगे में नजर आईं। मंडप को भी स्पेशल डिजाइनर ने सजाया था। सिर्फ सजावट पर करोड़ों रुपए खर्च हुए थे। हिन्दू रीति रिवाज से दोनों की काफी धूम-धाम से शादी सम्पन्न हुई। शादी वाले दिन सीमित लोग ही थी। करीब 100 से कम लोगों की मौजूदगी में शादी हुई। शादी के अगले दिन ग्रैंड रिसेप्शन रखा गया। रिसेप्शन में देश भर के अलग-अलग शहरों और विदेशों से बड़े-बड़े इंडस्ट्रियलिस्ट, बड़े-बड़े पॉलिटिशियन और बॉलीवुड के एक्टर पहुंचे थे। रिसेप्शन में मेहमानों के लिए इंटरनेशनल क्यू-जीन, खास तौर पर डिजाइन किए गए गिफ्ट्स और लाइव परफॉर्मेंस रखे गए। यह रिसेप्शन उस समय की सबसे हाई-प्रोफाइल सोशल गैदरिंग में गिना गया। खर्च और व्यवस्थाएं, क्यों बनी यह शादी मिसाल इस शादी का कुल खर्च उस समय करीब 100 मिलियन डॉलर बताया गया। आज की कीमत में यह करीब 800 करोड़ रुपए से अधिक है। खर्च में लोकेशन बुकिंग, सजावट, सिक्योरिटी, मेहमानों की मेजबानी, कलाकारों की फीस और लॉजिस्टिक्स शामिल थे। यही वजह है कि यह शादी आज भी भारत की सबसे महंगी शादियों की सूची में आती है। कौन-कौन से कलाकार आए, किसने कितना लिया मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अग्निवेश के इस शादी और रिसेप्शन में बॉलीवुड और म्यूजिक इंडस्ट्री के बड़े नाम शामिल हुए। इस शादी में लाइव स्टेज परफॉर्मेंस भी हुए थे, जिसमें शाहरुख खान ने स्टेज पर लाइव परफॉरमेंस दिया था। शाहरुख खान के अलावा रानी मुखर्जी, रवीना टंडन, दलेर मेहंदी और अमजद अली खान भी रिसेप्शन में पहुंचे थे और परफॉरमेंस दिया था। इन सभी ने तब के लाखों-करोड़ों रुपए चार्ज लिए थे।
BCCL IPO: 9 जनवरी को खुल रहा है साल का पहला सबसे बड़ा आईपीओ, वो 10 बातें जो आपको जाननी चाहिए
IPO: कोल इंडिया की सहायक कंपनी भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) 9 जनवरी को इस साल का पहला सबसे बड़ा आईपीओ लेकर आ रही है. वर्ष 1972 में स्थापित यह कंपनी कोकिंग कोल, नॉन-कोकिंग कोल और धुले हुए कोयले के उत्पादन में लगी हुई है. अब यह मार्केट में लिस्ट होने जा रही है.
शेयर बाजारों में चौतरफा बिकवाली, सेंसेक्स दो महीने के निचले स्तर पर
मुंबई। वैश्विक अनिश्चितताओं से दुनिया के दूसरे शेयर बाजारों की तरह भारतीय शेयर बाजारों में भी गुरुवार को बड़ी गिरावट देखी गई और प्रमुख सूचकांक करीब एक प्रतिशत की नीचे में बंद हुए। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 780.18 अंक (0.92 प्रतिशत) टूटकर गत 11 नवंबर के बाद के निचले स्तर 84,180.96 […] The post शेयर बाजारों में चौतरफा बिकवाली, सेंसेक्स दो महीने के निचले स्तर पर appeared first on Sabguru News .
महिला उद्यमियों के लिए पूंजी की समस्या अब बीते कल की बात होगी। केंद्र सरकार और प्रमुख बैंक जैसे PNB, CBI और ICICI महिलाओं को अपना बिजनेस शुरू करने के लिए 10 लाख से लेकर 1 करोड़ रुपये तक का बिना गारंटी वाला लोन दे रहे हैं। मुद्रा लोन से लेकर स्टैंड अप इंडिया तक, जानिए इन 5 बेहतरीन बिजनेस लोन योजनाओं की पूरी जानकारी, ब्याज दरें और आवेदन की प्रक्रिया। आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा कदम।
शेयर मार्केट में कोहराम : चौतरफा बिकवाली से हाहाकार; इन 5 कारणों से धड़ाम हुए भारतीय सूचकांक
शेयर बाजार में गुरुवार को भारी गिरावट: सेंसेक्स 780 अंक टूटा, जबकि निफ्टी 26,000 के अहम स्तर से नीचे बंद हुआ। आईटी, मेटल और रियल्टी शेयरों में चौतरफा बिकवाली ने निवेशकों के बीच डर पैदा कर दिया है। जानिए दलाल स्ट्रीट पर मची इस तबाही के मुख्य कारण, तकनीकी सपोर्ट लेवल्स और विशेषज्ञों की कल के बाजार के लिए क्या है रणनीति। बाजार की इस हलचल और आपके पोर्टफोलियो पर इसके असर की पूरी रिपोर्ट।
वेदांता के संस्थापक अनिल अग्रवाल के पुत्र अग्निवेश का निधन
नई दिल्ली/न्यूयॉर्क। वेदांता कंपनी के संस्थापक अनिल अग्रवाल के पुत्र अग्निवेश अग्रवाल (49) का न्यूयॉर्क में बुधवार को एक दुर्घटना में निधन हो गया। अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया पोस्ट पर यह जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के बाद अग्निवेश को न्यूयॉर्क में एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसी दौरान उन्हें दिल […] The post वेदांता के संस्थापक अनिल अग्रवाल के पुत्र अग्निवेश का निधन appeared first on Sabguru News .
निफ्टी और सेंसेक्स में अचानक क्यों आई ये बड़ी गिरावट ; क्या डूब जाएगा निवेशकों का पैसा?
भारतीय शेयर बाजार में आज तेज गिरावट देखने को मिली, जहां निफ्टी 221 अंक और सेंसेक्स 637 अंक फिसल गया। इस गिरावट से निवेशकों में सतर्कता बढ़ी है। वैश्विक संकेत, मुनाफावसूली और बढ़ते जोखिम बाजार की मौजूदा कमजोरी के प्रमुख कारण बने।
महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क पर शिकंजा कस दिया है। ED ने बुधवार को जानकारी दी कि इस केस में मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर समेत कई आरोपियों की करीब 92 करोड़ रुपए की संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच की गई हैं। यह कार्रवाई PMLA के तहत की गई है और इसे अब तक की सबसे अहम कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है। क्या-क्या संपत्ति जब्त हुई ED के मुताबिक, अटैच की गई संपत्तियों में 74.28 करोड़ रुपए से अधिक के बैंक डिपॉजिट शामिल हैं। ये डिपॉजिट परफेक्ट प्लान इन्वेस्टमेंट LLC और एक्सिम जनरल ट्रेडिंग–GZCO के नाम पर थे। जांच में सामने आया है कि इन कंपनियों का सीधा संबंध सौरभ चंद्राकर, अनिल कुमार अग्रवाल और विकास छपरिया से है। इसके अलावा 17.5 करोड़ रुपए की संपत्तियां दुबई स्थित कथित हवाला ऑपरेटर और Skyexchange.com से जुड़े गगन गुप्ता की बताई जा रही हैं। ED अफसरों के अनुसार पैसों को ठिकाने इनकी मदद से लगाया गया है। दुबई में बैठे हैं मुख्य आरोपी ED के अनुसार, महादेव ऐप को सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ने प्रमोट किया था। दोनों छत्तीसगढ़ के निवासी हैं और फिलहाल UAE (दुबई) में मौजूद बताए जा रहे हैं। भारत सरकार उनकी प्रत्यर्पण (Extradition) प्रक्रिया के लिए प्रयासरत है। कैसे चला अवैध सट्टेबाजी का खेल जांच एजेंसी का कहना है कि Mahadev Online Book (MOB) ऐप और Skyexchange.com के जरिए बड़े पैमाने पर अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी कराई जा रही थी। ऐप में कई रिग्ड गेम्स (ऐसे गेम जिसमें ऐप संचालक अपने मन से हार जीत तय करते है।) थे, जिनमें ग्राहकों की हार पहले से तय रहती थी। इससे कमाई गई काली रकम को इस तरह विदेश पहुंच रहे पैसे जांच अधिकारियों के अनुसार महादेव ऐप सिंडिकेट के सदस्य अपने ग्राहकों से लूटी रकम को हवाला नेटवर्क, ट्रेड-बेस्ड मनी लॉन्ड्रिंग, और क्रिप्टो एसेट्स के जरिए विदेश भेजा गया। बाद में इसी पैसे को FPI (Foreign Portfolio Investment) के नाम पर भारतीय शेयर बाजार में लगाया गया। ED ने किया ‘कैशबैक’ रैकेट खुलासा ED ने एक बड़े कैशबैक रैकेट का भी खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि FPI कंपनियां भारतीय लिस्टेड कंपनियों में भारी निवेश करती थीं और बदले में कंपनियों के प्रमोटरों को 30 से 40 प्रतिशत रकम नकद लौटानी पड़ती थी। ED का दावा है कि गगन गुप्ता को सलासर टेक्नो इंजीनियरिंग और टाइगर लॉजिस्टिक्स से जुड़े सौदों में कम से कम 98 करोड़ रुपए का फायदा हुआ। अब तक ये कार्रवाई की जांच अधिकारियों ने अब तक इस मामले में 5 चार्जशीट दाखिल ED ने की है। इसके साथ ही 13 आरोपी गिरफ्तार करके करीब 2,600 करोड़ रुपए की संपत्तियां जब्त या अटैच की जा चुकी हैं। ED के अधिकारियों के अनुसार इस पूरे नेटवर्क में छत्तीसगढ़ के कई हाई-प्रोफाइल नेता और अफसर भी जांच के दायरे में हैं। एजेंसी का कहना है कि महादेव ऐप एक ‘अंब्रेला सिंडिकेट’ की तरह काम करता था, जो अवैध बेटिंग से लेकर मनी लॉन्ड्रिंग तक की पूरी व्यवस्था उपलब्ध कराता था। मामले में जांच जारी रहने और कई और अहम खुलासे होने की बात ED के अधिकारियों ने कही है। सर्राफा कारोबारी की मदद से पहुंची प्रोटेक्शन मनी महादेव बुक के प्रमोटर्स ने राजनेता, ब्यूराेकेट्स और पुलिस अधिकारियों तक प्रोटेक्शन मनी (कार्रवाई से बचने के लिए पैसा) पहुंचाने के लिए छत्तीसगढ़ के सर्राफा कारोबारी की मदद ली है। EOW की जांच में खुलासा हुआ है। इसमें पता चला है कि श्री आभूषण ज्वैलर्स के मालिक सुनील कुमार दम्मानी को हवाला के जरिए प्रोटेक्शन मनी पहुंचती थी। इसे वह चंद्रभूषण वर्मा, राहुल वक्टे के माध्यम से कलेक्ट करता था। इस काम में रितेश कुमार यादव और किशन लाल वर्मा भी मदद करते थे। ये लोग चलाते थे पैनल चालान में अफसरों का नाम नहीं EOW ने कोर्ट में जो चालान पेश किया है। उस चालान में छत्तीसगढ़ के ब्यूरोकेट्स और पुलिस अधिकारियों का नाम नहीं है। अपने चालान में EOW के विवेचना अधिकारियों ने संबंधित ब्यूरोक्रेट्स/ पुलिस अफसर/ OSD पद जैसा नाम लिखा है। किसी भी अधिकारी को मामले में EOW की टीम ने नामजद आरोपी नहीं बनाया है। EOW ने इनके खिलाफ दर्ज किया है केस
निफ्टी 50 और सेंसेक्स में उतार-चढ़ाव के बीच आज भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों की नजर अहम कंपनियों और सेक्टोरल ट्रेंड्स पर रही। वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और आगामी नतीजों से पहले बाजार सतर्क दिखाई दिया। जानिए ताज़ा मार्केट मूवमेंट और स्टॉक्स इन फोकस।
अर्थशास्त्रियों ने भारत के वित्त वर्ष 2025-26 के पहले जीडीपी के अग्रिम अनुमानों की सराहना की और कहा कि यूएस के साथ द्विपक्षीय ट्रेड डील से निवेश को बढ़ावा मिलेगा
भारतीय शेयर बाजार में Tata Capital, Coal India और ONGC के स्टॉक्स पर निवेशकों की नजर बनी हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार इन स्टॉक्स में उतार-चढ़ाव और सरकारी नीतियों का असर निवेशकों के फैसलों को प्रभावित करेगा। जानें ताज़ा मार्केट अपडेट और निवेश रणनीति।
मुकेश अंबानी की कुल संपत्ति में हालिया गिरावट दर्ज की गई है, जबकि गौतम अडानी टॉप 20 वैश्विक अरबपतियों की सूची से बाहर हो गए हैं। शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव और वैश्विक आर्थिक दबावों ने भारत के दो बड़े उद्योगपतियों की रैंकिंग और नेटवर्थ को प्रभावित किया है।
वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश का निधन हो गया है। उनकी उम्र केवल 49 साल थी। अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया पोस्ट में इसकी जानकारी दी। अनिल अग्रवाल ने बताया कि उनके बेटे अग्निवेश का जन्म 3 जून 1976 को पटना में हुआ था। उन्होंने अपने बेटे को एक खिलाड़ी, संगीतकार और लीडर बताया, जो अपनी गर्मजोशी, विनम्रता और दयालुता के लिए जाने जाते थे। अग्रवाल ने X पर एक पोस्ट में लिखा- 'आज मेरे जीवन का सबसे दुखद दिन है। मेरे प्यारे बेटे अग्निवेश ने हमें बहुत जल्द ही अलविदा कह दिया। वह महज 49 साल के थे, स्वस्थ थे, जीवन से भरपूर थे और उनके सपने भी बहुत थे। अमेरिका में स्कीइंग दुर्घटना के बाद, न्यूयॉर्क के माउंट सिनाई अस्पताल में उनकी सेहत में सुधार हो रहा था। हमें लगा था कि अब सब कुछ ठीक हो गया है, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। अचानक हृदय गति रुकने से हमारे बेटे ने हमें उनसे छीन लिया। मेरे लिए, वे सिर्फ मेरे बेटे नहीं थे, वे मेरे दोस्त थे, मेरा गौरव थे, मेरी दुनिया थे, परिवार इस क्षति से व्याकुल हैं। किरण और मैं टूट गए हैं।' अनिल अग्रवाल ने बेटे के साथ तस्वीरें शेयर की हैं... बिहार के पटना से निकलकर ग्लोबल बिजनेस मैन बनने वाले अनिल अग्रवाल आज वेदांता ग्रुप के चेयरमैन हैं। फोर्ब्स की जुलाई 2025 लिस्ट के अनुसार, उनकी कुल संपत्ति 35,000 करोड़ रुपए तक पहुंच चुकी है। जिससे वे बिहार के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं। हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2025 में वे 16वें स्थान पर हैं, जबकि एनआरआई वेल्थ क्रिएटर्स में चौथे स्थान पर हैं। मेटल किंग के नाम से मशहूर अनिल अग्रवाल के परिवार की जड़ें राजस्थान में रही हैं। उनके पिता कारोबार के सिलसिले में बिहार चले गए थे। इससे पहले परिवार कुछ समय तक राजस्थान में रहा था। अनिल अग्रवाल का जन्म पटना में हुआ, पर उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई जयपुर के चौमूं और सीकर में की। जानिए कैसे पटना में जन्मे अनिल अग्रवाल ने लंदन तक का सफर पूरा किया। कैसे वो मेटल किंग बने... पटना टु लंदन वाया मुंबई अनिल अग्रवाल का जन्म 1954 में पटना के मारवाड़ी परिवार में हुआ। सरकारी स्कूल में पढ़े। पिता द्वारका प्रसाद अग्रवाल एल्यूमीनियम कंडक्टर के छोटे कारोबारी थे। पिता के बिजनेस में हाथ बंटाया। 19 की उम्र में बेहतर भविष्य की तलाश में मुंबई पहुंचे। वहां 9 बिजनेस किए, सभी फेल रहे। फिर वेदांता की स्थापना की। वेदांता, जिंक, लेड, एल्युमिनियम और सिल्वर बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है। इसके फाउंडर अनिल अग्रवाल इंडिया के मेटल मैन के नाम से जाने जाते हैं। कंपनी का मार्केट कैप करीब 83 हजार करोड़ रुपए है। हाल ही में उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा था, ‘मैंने सोचा नहीं था कि साधारण आदमी होते हुए राष्ट्र निर्माण से योगदान दूंगा।’ मालूम हो, वेदांता ने 8 साल में 3.39 लाख करोड़ रुपए टैक्स का योगदान दिया है। एक टिफिन बॉक्स-बिस्तर लेकर मुंबई गए अनिल अग्रवाल चार भाई-बहन थे। पिता की आमदनी बहुत ज्यादा नहीं थी। वे पटना में ही एक छोटी सी एल्युमिनियम कंडक्टर की दुकान चलाते थे। अनिल की शुरुआती पढ़ाई पटना में ही हुई। इसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए उन्हें पटना से बाहर जाना था, लेकिन उन्होंने तय किया कि वे पिता के बिजनेस में हाथ बटाएंगे। इसके बाद वे पिता के साथ काम करने लगे। हालांकि कुछ सालों बाद अनिल का मन फिर से बाहर जाने का करने लगा। 19 साल की उम्र में वे पटना से मुंबई आ गए। साथ में था एक टिफिन बॉक्स और बिस्तर। अनिल ने पिता को बिजनेस करते देखा था, इसलिए उन्हें नौकरी की दुनिया पसंद नहीं आई। छोटे-छोटे धंधे में हाथ आजमाया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली मुंबई आने के बाद कुछ सालों तक अनिल अग्रवाल अलग-अलग धंधे में हाथ आजमाते रहे। कुछ समय तक स्क्रैप का भी बिजनेस किया। कैंब्रिज में एक बार बोलते हुए उन्होंने बताया था कि मेरे शुरुआती 30 साल संघर्ष में बीते। सालों तक डिप्रेशन में रहा। उसके बाद मुंबई में एक घर लिया। फिर पत्नी और बेटे को भी बुला लिया। कैंब्रिज में स्पीच के दौरान अनिल ने पत्नी की तारीफ करते हुए कहा था कि उन्होंने उस छोटे से मकान को घर बना दिया। एक बार सोशल मीडिया पर अनिल ने बताया था 'मैंने बहुत उम्मीदों से पहली कंपनी खरीदी, लेकिन कोई खास फायदा नहीं हुआ। दस साल बहुत मुश्किल हालात में गुजरे। इसके बाद 1976 में शमशेर स्टर्लिंग केबल कंपनी खरीदी। तब मेरे पास वर्कर्स को सैलरी देने और रॉ मटेरियल खरीदने के लिए पैसे नहीं थे। दिन-दिनभर मैं पेमेंट क्लियर कराने के लिए बैंकों के चक्कर काटता था। इसके बाद मैंने अलग-अलग फील्ड में 9 बिजनेस शुरू किए। हर बिजनेस में असफलता मिली, लेकिन मैंने हार नहीं मानी।' 1976 में शुरू की वेदांता रिसोर्सेज इसके बाद 1976 में अनिल ने एक नई कंपनी शुरू की और नाम रखा वेदांता रिसोर्सेज। शुरुआत में ही इस बिजनेस में उन्हें फायदा होने लगा। इस प्रॉफिट का उन्होंने दूसरी कंपनियों का अधिग्रहण करने में इस्तेमाल किया। 1993 में उन्होंने औरंगाबाद में एल्युमिनियम शीट्स और फॉइल्स बनाने का प्लांट लगाया। इसके साथ ही यह भारत की पहली कॉपर रिफाइनरी प्राइवेट कंपनी बन गई। सरकार के एक फैसले ने अनिल अग्रवाल को भारत का ‘मेटल किंग’ बना दिया 2001 में भारत सरकार ने प्राइवेट कंपनियों को सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी का ऑफर दिया। तब वेदांता रिसोर्सेज ने भारत एल्युमिनियम कंपनी में 51% शेयर खरीद लिए। यह सौदा 551.50 करोड़ रुपए में हुआ। अगले ही साल वेदांता ने हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड में 65% हिस्सेदारी खरीद ली। इस तरह वेदांता रिसोर्सेज दो पब्लिक सेक्टर कंपनियों में आधे से ज्यादा शेयर की हिस्सेदार बन गई। कहा जाता है कि जब इन दोनों कंपनियों में वेदांता ने हिस्सेदारी खरीदी तब इनकी हालत अच्छी नहीं थी। दोनों ही माइनिंग कंपनियां थीं। वेदांता का भी इसी सेक्टर में बिजनेस था। ऐसे में, अनिल अग्रवाल के इस फैसले से वेदांता को खूब फायदा हुआ। यहीं से मेटल प्रोडक्शन सेक्टर में अनिल अग्रवाल स्थापित हो गए। उन्हें भारत का ‘मेटल मैन’ कहा जाने लगा। पहली भारतीय फर्म जो लंदन स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट हुई 2001 में वेदांता की सिस्टर कंपनी स्टरलाइड इंडस्ट्रीज, ब्रोकर हर्षद मेहता के साथ शेयर प्राइज के साथ छेड़छाड़ करने के मामले में फंस गई। इसमें BPL और विडियोकॉन जैसी कंपनियां भी शामिल थीं। शेयर बाजार में नियम-कानूनों को देखने वाली संस्था सिक्योरिटीज एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया यानी SEBI ने तब स्टरलाइट इंडस्ट्रीज को कैपिटल मार्केट में बैन कर दिया। 2003 में अनिल अग्रवाल लंदन चले गए। यहां कंपनी को नए नाम वेदांता रिसोर्सेज नाम से खड़ा किया। इसी साल उन्होंने वेदांता रिसोर्सेज को लंदन स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट किया। यह पहली बार था जब कोई भारतीय कंपनी लंदन स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट हुई थी। इसके बाद दूसरी और भी भारतीय कंपनियां लंदन स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट हुईं। अनिल अग्रवाल को ऑफरिंग से करीब 7 हजार करोड़ रुपए का फायदा भी हुआ। अब जानिए अनिल अग्रवाल की फैमिली को अनिल अग्रवाल अपनी सफलता का श्रेय अपनी पत्नी किरण अग्रवाल को देते हैं। उन्होंने न केवल पारिवारिक मोर्चे पर सहयोग दिया, बल्कि वेदांता समूह की सामाजिक पहलों में भी सक्रिय भूमिका निभाई है। अनिल अग्रवाल के दो बच्चे थे जिसमें बेटे अग्निवेश अग्रवाल ने 49 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया। अग्निवेश की शादी श्री सीमेंट की मैनेजिंग डायरेक्टर पूजा बांगुर से हुई थी। अनिल अग्रवाल की बेटी प्रिया अग्रवाल हेब्बर हैं। 2013 में उनकी शादी बैंकर आकर्ष हेब्बर से हुई थी। दोनों की एक बेटी माही है। अग्निवेश अग्रवाल वेदांता ग्रुप की इकाई तलवंडी साबो पावर लिमिटेड में बोर्ड सदस्य थे। वहीं, प्रिया अग्रवाल वेदांता के बोर्ड में शामिल हैं। साथ ही वे हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड की चेयरपर्सन हैं। अनिल अग्रवाल के परिवार में कौन-कौन है अनिल अग्रवाल के 2 बच्चे हैं। एक अग्निवेश और दूसरी बेची प्रिया अग्रवाल। अग्निवेश अग्रवाल वेदांता ग्रुप की इकाई तलवंडी साबो पावर लिमिटेड में बोर्ड सदस्य थे। वहीं, प्रिया अग्रवाल वेदांता के बोर्ड में शामिल हैं। साथ ही वे हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड की चेयरपर्सन हैं। कौन थे अग्निवेश अग्निवेश का जन्म 3 जून 1976 को पटना में हुआ था। एक मध्यमवर्गीय बिहारी परिवार से आने वाले अग्निवेश ने जीवन में खेल, संगीत और नेतृत्व के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई। उन्होंने मेयो कॉलेज, अजमेर से पढ़ाई की, इसके बाद फुजैराह गोल्ड की स्थापना की और हिंदुस्तान जिंक के चेयरमैन के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई। अपने पेशेवर योगदान के साथ-साथ वे सरल, संवेदनशील और मानवीय स्वभाव के लिए जाने जाते थे। पूजा बांगुर से अग्निवेश की शादी हुई थी वेदांता ग्रुप के चैयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश की शादी पूजा बांगुर से हुई थी। पूजा बांगुर श्री सीमेंट के प्रबंध निदेशक हरि मोहन बंगुर की बेटी हैं। इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दो कारोबारी घराने के बच्चों की ये शादी उस जमाने की सबसे महंगी शादियों में शुमार हुई थी। पूजा ने अग्निवेश अग्रवाल से गोवा के फोर्ट अगुआडा रिसॉर्ट के एक निजी समुद्र तट पर शादी की थी। दोनों की शादी में मुंबई और कोलकाता से जेट एयरवेज के चार्टर्ड विमान से 600 से अधिक मेहमान आए थे। 2013 में बैंकर आकर्ष से हुई बहन प्रिया की शादी अग्निवेश की बहन प्रिया अग्रवाल हेब्बर हैं। उनकी शादी 2013 से बैंकर आकर्ष हेब्बर से हुई थी। उनकी एक बेटी माही है। पूजा वेदांता लिमिटेड में गैर-कार्यकारी निदेशक और हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड की अध्यक्ष हैं। वह अनिल अग्रवाल फाउंडेशन की निदेशक भी हैं। उन्होंने ब्रिटेन के वारविक विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान और व्यवसाय प्रबंधन में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है। प्रिया वेदांता लिमिटेड में ईएसजी, निवेशक संबंध, कॉर्पोरेट संचार, मानव संसाधन, डिजिटल और सामाजिक प्रभाव विभागों का संचालन करती हैं। अग्निवेश अग्रवाल का करियर अग्निवेश वेदांता समूह और उससे जुड़ी कंपनियों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। वे हिंदुस्तान जिंक के गैर-कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में कार्यरत थे और 2019 में उन्होंने यह पद छोड़ दिया था। इसके अलावा, उन्होंने वेदांता द्वारा समर्थित कंपनी तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (टीएसपीएल) में निदेशक मंडल के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। इतना ही नहीं उन्होंने यूएई में स्थित एक बहुमूल्य धातु शोधन कंपनी, फुजैराह गोल्ड एफजेडसी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक की भी जिम्मेदारी निभाई थी। इसके अलावा वे ट्विन स्टार इंटरनेशनल लिमिटेड और स्टेरलाइट डिस्प्ले टेक्नोलॉजीज सहित समूह की अन्य सहायक कंपनियों में निदेशक पद संभाले। ------------------------------------- अनिल अग्रवाल के बेटे के निधन से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें... वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे का निधन: अमेरिका में स्कीइंग के दौरान घायल हुए थे; अग्रवाल ने लिखा- जीवन का सबसे अंधकारमय दिन वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश का निधन हो गया है। उनकी उम्र केवल 49 साल थी। अग्निवेश वेदांता समूह की कंपनी तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (TSPL) के बोर्ड में शामिल थे। अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया पोस्ट में जानकारी दी कि अग्निवेश अमेरिका में स्कीइंग के दौरान घायल हुए थे। पूरी खबर पढ़ें।
झारखंड की प्राकृतिक संपदा से रूबरू होंगे निवेशक
यह पहला अवसर होगा, जब 19 से 23 जनवरी तक दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक में झारखंड से जोहार की गूंज सुनाई देगी। झारखंड इसके जरिए क्रिटिकल मिनरल्स, खनन, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चर, इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल और ऑटोमोबाइल, अक्षय ऊर्जा, वस्त्र निर्माण, पर्यटन और वन उत्पाद जैसे क्षेत्रों में अपनी क्षमताओं को साझा करेगा। इन कदमों को मजबूती देने, झारखंड को विश्व पटल पर लाने एवं देश में अग्रणी राज्यों में झारखंड को शामिल करने के लिए मुख्यमंत्री के नेतृत्व में झारखंड का प्रतिनिधिमंडल स्विट्जरलैंड स्थित दावोस में आयोजित डब्ल्यूईएफ की वार्षिक बैठक में शामिल होने जा रहा है। इसका उद्देश्य झारखंड को एक प्रमुख निवेश का गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करना, वैश्विक उद्योग जगत के शीर्ष लोगों के साथ संवाद स्थापित करना और राज्य के फोकस एरिया में निवेश के नए अवसरों को आगे बढ़ाना है। इस दौरान बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ निवेश के प्रस्तावों पर चर्चा होगी। साथ ही झारखंड को अपॉरच्युनिटी स्टेट के रूप में प्रस्तुत करने पर विशेष फोकस रहेगा। ‘ग्रोथ इन हार्मनी विद नेचर’ थीम के साथ जुड़ेगा झारखंड इस बैठक में भारत की ओर से केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल एवं अन्य राज्यों का प्रतिनिधिमंडल भी शामिल होगा। इंडिया पवेलियन में केंद्र सरकार द्वारा झारखंड समेत देश के छह राज्यों को चुना गया है। झारखंड ग्रोथ इन हार्मनी विद नेचर के थीम के साथ इस बैठक में मौजूद रहेगा। बैठक में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी शामिल हो सकते हैं, इसके अतिरिक्त दुनिया भर के करीब 130 देशों के लगभग 3,000 प्रतिनिधि दावोस 2026 में भाग लेंगे। विश्व आर्थिक मंच 2026 का विषय ए स्पिरिट ऑफ डायलॉग और अन-लॉकिंग न्यू सोर्सेस ऑफ ग्रोथ रखा गया है, जिसके अंतर्गत वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
बिहार प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आकर्षित करने में काफी बुरे हाल में है। भारत सरकार के उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग के हालिया आंकड़ों ने स्पष्ट किया है कि बिहार निवेश खींचने में देश के अन्य राज्यों से बहुत पीछे है, यहां तक कि पड़ोसी राज्य झारखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल भी हमसे कहीं आगे हैं। बिहार देश के 29 राज्यों में 25वें नंबर पर है। नागालैंड, मणिपुर, लद्दाख और जम्मू-कश्मीर ही केवल बिहार से आगे हैं। भारत सरकार के सितंबर 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में देशभर में 3 लाख 84 हजार 369 करोड़ का विदेशी निवेश हुआ। इसमें बिहार के हिस्से इसमें केवल 6 करोड़ 9 लाख आया। बिहार से ही अलग हुआ पड़ोसी झारखंड भी 85 करोड़ 90 लाख के प्रत्यक्ष विदेशी निवेशी के साथ हमसे आगे है। यहां तक कि दूसरे पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल भी विदेशी निवेशी आकर्षित करने के मामले में बिहार से काफी अच्छी स्थिति में हैं। इस दौरान उत्तर प्रदेश ने 7078 करोड़ और पश्चिम बंगाल ने 2463 करोड़ का विदेशी निवेश अपने यहां हासिल करने में सफलता पाई है। बिहार में 2025 में आए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के तहत जापान की रिब्राइट पार्टनर इन्वेस्टमेंट लिमिटेड ने नालंदा में अंडा उत्पादन की इकाई में निवेश किया है। जिला निवेशनालंदा 4.05 करोड़गया 1.35 करोड़पटना 0.45 करोड़बेगूसराय 0.17 करोड़नवादा 0.08 करोड़ 3.60 लाख करोड़ का विदेशी निवेश 2025 में देश में आया 2024 में ही 1.81 लाख करोड़ के निवेश के लिए समझौता हुआ है l 56 हजार करोड़ का काम शुरू हो चुका है। 76 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियां पिछले 3 महीने में बिहार में निवेश के लिए तैयार हुई हैं। बिहार सरकार राष्ट्रीय के साथ अंतरराष्ट्रीय कंपनियों से भी बात कर रही है। कुछ महीनों में इसका रिजल्ट दिखाई देगा। -डॉ. दिलीप जायसवाल, उद्योग मंत्री, बिहार सरकार बिहार की परचेजिंग कैपेसिटी राष्ट्रीय औसत से काफी नीचे है। इस कारण लोकल मार्केट में खरीदारी कम है। यहां तीन महीने पहले कोई ड्राई पोर्ट तक नहीं था। प्रदेश कहीं भी समुद्र से नहीं जुड़ा है। इस कारण यहां उत्पादित माल के निर्यात में भी काफी कठिनाई है। लॉ एंड ऑर्डर काफी सुधर जाने के बावजूद विदेशियों को भरोसा नहीं हो रहा है। परंतु, हाल के दिनों में बिहार सरकार की ओर से उठाए गए कदमों से आने वाले दिनों में बेहतर परिणाम की उम्मीद है। केपीएस केसरी, पूर्व अध्यक्ष, बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन बिहार की निवेश ग्रहण क्षमता को भले ही विदेशियों ने ठीक से अभी एक्सप्लोर नहीं किया है, लेकिन यहां 75 करोड़ लोगों का बाजार बनने की क्षमता है। बिहार की 14 करोड़ आबादी के साथ ही नेपाल, बांग्लादेश, भूटान और म्यांमार जैसे देशों की बड़ी खरीदारी बिहार में आकर्षित की जा सकती है। इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और झारखंड के बडे़ हिस्से के लिए बिहार आज भी उपभोग और रोजगार का बाजार है। संरचनागत विकास से बिहार के इस स्ट्रेटजिक लोकेशन का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के लिए उपयोग किया जा सकता है। बिहार सरकार को इसके लिए अपनी धरती की ब्रांडिंग करनी होगी। निवेशकों के शहरों और विदेशी व्यापार मेलों में जाकर यह घोषित करना होगा कि बिहार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की जमीन पूरी तरह से तैयार है।
वेदांता संस्थापक अनिल अग्रवाल के पुत्र अग्निवेश का न्यूयॉर्क में निधन
वेदांता कंपनी के संस्थापक अनिल अग्रवाल के पुत्र अग्निवेश अग्रवाल (49) का न्यूयॉर्क में बुधवार को एक दुर्घटना में निधन हो गया
वेदांता चेयरमैन अनिल अग्रवाल के पुत्र अग्निवेश नहीं रहे, वेदांता ग्रुप में शोक की लहर
Anil Agarwal son Agnivesh dies : अग्निवेश अग्रवाल का 49 साल की उम्र में न्यूयॉर्क में अचानक दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया है. अग्निवेश अमेरिका में स्कीइंग दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे.
वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश का निधन हो गया है। उनकी उम्र केवल 49 साल थी। अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया पोस्ट में जानकारी दी कि अग्निवेश अमेरिका में स्कीइंग के दौरान घायल हुए थे। उन्हें इलाज के लिए माउंट सिनाई अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्हें बुधवार को कार्डियक अरेस्ट आया। अनिल अग्रवाल ने बुधवार रात करीब 10 बजे X पर पोस्ट कर बेटे के निधन की जानकारी दी। एक भावुक पोस्ट में बेटे के निधन को जीवन का सबसे अंधकारमय दिन बताया। उन्होंने लिखा कि वे अपने बेटे से किए हुए वादे को निभाते हुए अपनी कमाई का 75% समाज को लौटाएंगे। पढ़िए बेटे अग्निवेश के लिए अनिल अग्रवाल का पूरा पोस्ट अनिल अग्रवाल ने बेटे के साथ तस्वीरें शेयर की हैं... अनिल अग्रवाल ने बताया कि उनके बेटे अग्निवेश का जन्म 3 जून 1976 को पटना में हुआ था। अजमेर के मेयो कॉलेज से उसने पढ़ाई की और एक सफल पेशेवर करियर बनाया। फुजैराह गोल्ड की स्थापना में अग्निवेश ने अहम भूमिका निभाई और हिंदुस्तान जिंक के चेयरमैन भी रहे। अनिल अग्रवाल ने अपने बेटे को एक खिलाड़ी, संगीतकार और लीडर बताया, जो अपनी गर्मजोशी, विनम्रता और दयालुता के लिए जाने जाते थे। अग्निवेश 2019 तक हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के चेयरमैन रहे कॉमर्स में ग्रेजुएट अग्निवेश जिंक उत्पादक कंपनी हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के 2019 तक चेयरमैन रहे। उन्होंने भारत में माइनिंग में उस समय प्रचलित तकनीक को मॉडर्न बनाया, जिसे इंटरनेशनल बेंचमार्क माना गया। उन्होंने हिंदुस्तान जिंक को विश्व की टॉप कंपनियों में स्थापित करने में अहम रोल अदा किया। इनके साथ ही वे फुजैराह गोल्ड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक रहे हैं, जिसकी स्थापना 2009 में हुई थी और तब से वे अलुवर्क्स लिमिटेड के बोर्ड में शामिल थे। साथ ही वेदांता से जुड़ी पावर कंपनी के बोर्ड में भी शामिल थे। वे 1995 से 2013 तक मद्रास एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड के डायरेक्टर रहे। साथ ही 2009 से स्टरलाइट एनर्जी लिमिटेड के गैर-कार्यकारी निदेशक भी थे। इन कंपनियों में डायरेक्टर - तेंगपानी टी कंपनी लिमिटेड - ट्विन स्टार इंटरनेशनल लिमिटेड - स्टरलाइट इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड - स्टरलाइट इन्फ्रास्ट्रक्चर होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड - स्टरलाइट आयरन एंड स्टील कंपनी लिमिटेड - प्राइमेक्स हेल्थकेयर एंड रिसर्च प्राइवेट लिमिटेड अब अग्निवेश के पिता और वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बारे में जानें... जन्म पटना में हुआ, परिवार की जड़ें राजस्थान में मेटल किंग के नाम से मशहूर अनिल अग्रवाल के परिवार की जड़ें राजस्थान में रही हैं। उनके पिता मारवाड़ी समाज से थे, जो कारोबार के सिलसिले में बिहार चले गए थे। अनिल अग्रवाल का जन्म 1954 में पटना में हुआ। अनिल की शुरुआती पढ़ाई पटना में ही हुई। पिता की छोटी सी दुकान, आमदनी भी सीमित थी अनिल अग्रवाल के पिता द्वारका प्रसाद अग्रवाल पटना में एल्युमिनियम कंडक्टर की एक छोटी सी दुकान चलाते थे। पिता की आमदनी बहुत ज्यादा नहीं थी। अनिल अग्रवाल चार भाई-बहन थे। वे सरकारी स्कूल में पढ़े, इसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए उन्हें पटना से बाहर जाना था, लेकिन उन्होंने तय किया कि वे पिता के बिजनेस में हाथ बटाएंगे। 9 बिजनेस फेल हुए, फिर वेदांता की स्थापना की पटना में पिता के साथ कुछ साल काम करने के बाद अनिल का मन बाहर जाने का हुआ। 19 साल की उम्र में वे पटना से मुंबई आ गए। साथ में था एक टिफिन बॉक्स और बिस्तर। अनिल ने पिता को बिजनेस करते देखा था, इसलिए उन्हें नौकरी की दुनिया पसंद नहीं आई। मुंबई में उन्होंने 9 बिजनेस शुरू किए, लेकिन सभी फेल रहे। इसके बाद उन्होंने वेदांता की स्थापना की। अब जानिए वेदांता के एंपायर बनने की कहानी वेदांता आज जिंक, लेड, एल्युमिनियम और सिल्वर बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है। इसके फाउंडर अनिल अग्रवाल इंडिया के मेटल मैन के नाम से जाने जाते हैं। लेकिन उनका सफर चुनौतियों से भरा रहा है। छोटे-छोटे धंधे में हाथ आजमाया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली मुंबई आने के बाद कुछ साल तक अनिल अलग-अलग धंधे में हाथ आजमाते रहे। कुछ समय तक कबाड़ी का भी बिजनेस किया। कैंब्रिज में एक बार बोलते हुए उन्होंने बताया था कि मेरे शुरुआती 30 साल संघर्ष में बीते। सालों तक डिप्रेशन में रहा। उसके बाद मुंबई में एक घर लिया। फिर पत्नी और बेटे को भी बुला लिया। कैंब्रिज में स्पीच के दौरान अनिल ने पत्नी की तारीफ करते हुए कहा था कि उन्होंने उस छोटे से मकान को घर बना दिया। एक बार सोशल मीडिया पर अनिल ने बताया था, 'मैंने बहुत उम्मीदों से पहली कंपनी खरीदी, लेकिन कोई खास फायदा नहीं हुआ। दस साल बहुत मुश्किल हालातों में गुजरे। इसके बाद 1976 में शमशेर स्टर्लिंग केबल कंपनी खरीदी। तब मेरे पास वर्कर्स को सैलरी देने और रॉ मटेरियल खरीदने के लिए पैसे नहीं थे। दिन-दिन भर मैं पेमेंट क्लियर कराने के लिए बैंकों के चक्कर काटता था। इसके बाद मैंने अलग-अलग फील्ड में 9 बिजनेस शुरू किए। हर बिजनेस में असफलता मिली, लेकिन मैंने हार नहीं मानी।' इसके बाद 1976 में अनिल ने एक नई कंपनी शुरू की और नाम रखा वेदांता रिसोर्सेज। शुरुआत में ही इस बिजनेस में उन्हें फायदा होने लगा। इसका इस्तेमाल उन्होंने दूसरी कंपनियों का अधिग्रहण करने में किया। 1993 में उन्होंने औरंगाबाद में एल्युमिनियम शीट्स और फॉइल्स बनाने का प्लांट लगाया। साथ ही वेदांता भारत की पहली कॉपर रिफाइनरी प्राइवेट कंपनी बन गई। सरकार के एक फैसले ने अनिल अग्रवाल को भारत का ‘मेटल किंग’ बना दिया 2001 में भारत सरकार ने प्राइवेट कंपनियों को सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी का ऑफर दिया। तब वेदांता रिसोर्सेज ने भारत एल्युमिनियम कंपनी में 51% शेयर खरीद लिया। यह सौदा 551.50 करोड़ रुपए में हुआ। अगले ही साल वेदांता ने हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड में 65% हिस्सेदारी खरीद ली। इस तरह वेदांता रिसोर्सेज दो पब्लिक सेक्टर कंपनियों में आधे से ज्यादा शेयर की हिस्सेदार बन गई। कहा जाता है कि जब इन दोनों कंपनियों में वेदांता ने हिस्सेदारी खरीदी तब इनकी हालत अच्छी नहीं थी। दोनों ही माइनिंग कंपनियां थीं। वेदांता का भी इसी सेक्टर में बिजनेस था। ऐसे में, अनिल अग्रवाल के इस फैसले से वेदांता को खूब फायदा हुआ। यहीं से मेटल प्रोडक्शन सेक्टर में अनिल अग्रवाल स्थापित हो गए। उन्हें भारत का ‘मेटल मैन’ कहा जाने लगा। पहली भारतीय फर्म जो लंदन स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट हुई 2001 में वेदांता की सिस्टर कंपनी स्टरलाइड इंडस्ट्रीज, ब्रोकर हर्षद मेहता के साथ शेयर प्राइज के साथ छेड़छाड़ करने के मामले में फंस गई। इसमें BPL और विडियोकॉन जैसी कंपनियां भी शामिल थीं। शेयर बाजार में नियम-कानूनों को देखने वाली संस्था सिक्योरिटीज एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया यानी SEBI ने तब स्टरलाइट इंडस्ट्रीज को कैपिटल मार्केट में बैन कर दिया। 2003 में अनिल अग्रवाल लंदन चले गए। यहां कंपनी को नए नाम वेदांता रिसोर्सेज नाम से खड़ा किया। इसी साल उन्होंने वेदांता रिसोर्सेज को लंदन स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट किया। यह पहली बार था जब कोई भारतीय कंपनी लंदन स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट हुई थी। इसके बाद दूसरी और भी भारतीय कंपनियां लंदन स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट हुईं। अनिल अग्रवाल को ऑफरिंग से करीब 7 हजार करोड़ रुपए का फायदा भी हुआ।
महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप (Mahadev App) मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर सहित कई आरोपियों की करीब 92 करोड़ रुपए की ताजा संपत्तियां अस्थायी रूप से जब्त की हैं। ED ने बताया कि 74.28 करोड़ रुपए से ज्यादा के बैंक डिपॉजिट परफेक्ट प्लान इन्वेस्टमेंट LLC और एक्सिम जनरल ट्रेडिंग – GZCO में थे। ये कंपनियां सौरभ चंद्राकर, अनिल कुमार अग्रवाल और विकास छपरिया से जुड़ी हैं। इसके अलावा, 17.5 करोड़ रुपए की संपत्तियां दुबई स्थित कथित हवाला ऑपरेटर और Skyexchange.com से जुड़े गगन गुप्ता की भी जब्त की गई हैं। UAE में बताए जा रहे हैं सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल महादेव ऐप को सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ने प्रमोट किया था। दोनों छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं और फिलहाल संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में बताए जा रहे हैं। भारत सरकार उनकी प्रत्यर्पण (Extradition) की कोशिश कर रही है। ED ने बताया कि महादेव ऑनलाइन बुक (MOB) ऐप और Skyexchange.com के जरिए अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और जाली (रिग्ड) गेम्स के माध्यम से ग्राहक का हारना तय किया जाता था। इस अवैध कमाई को हवाला नेटवर्क, ट्रेड-बेस्ड मनी लॉन्ड्रिंग और क्रिप्टो एसेट्स के जरिए विदेश भेजा गया और बाद में FPI (Foreign Portfolio Investment) के नाम पर भारतीय शेयर बाजार में निवेश कराया गया। ED ने एक बड़े कैशबैक रैकेट का भी खुलासा किया है। इसमें FPI कंपनियां भारतीय लिस्टेड कंपनियों में भारी निवेश करती थी और बदले में कंपनियों के प्रमोटरों को निवेश की 30–40% रकम नकद लौटानी पड़ती थी। ED का दावा है कि गगन गुप्ता को सलासर टेक्नो इंजीनियरिंग और टाइगर लॉजिस्टिक्स जैसी कंपनियों से जुड़े सौदों में कम से कम 98 करोड़ रुपए का फायदा मिला। ED ने अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया अब तक ED ने इस मामले में 5 चार्जशीट दाखिल की हैं, 13 लोगों को गिरफ्तार किया है और करीब 2,600 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त या अटैच की है। एजेंसी का कहना है कि इस पूरे मामले में छत्तीसगढ़ के कई हाई-प्रोफाइल नेता और अफसर भी जांच के घेरे में हैं। ED के अनुसार, महादेव ऐप एक ‘अंब्रेला सिंडिकेट’ की तरह काम करता था, जो अवैध बेटिंग वेबसाइट्स के लिए यूजर जोड़ने से लेकर मनी लॉन्ड्रिंग तक की पूरी व्यवस्था करता था।
Piyush Goyal: बुधवार को केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने यूरोपीय देश लिकटेंस्टीन की पहली यात्रा की. इस दौरान उन्होंने वहां के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के साथ भारत-ईएफटीए व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (TEPA) के पर चर्चा की.
बाजार में 'हाहाकार' या सिर्फ मुनाफावसूली? जानिए बाजार की गिरावट के पीछे के गुप्त कारण
भारतीय शेयर बाजार में आज सतर्कता का माहौल देखने को मिला, जहां सेंसेक्स और निफ्टी में मुनाफावसूली के कारण कमजोरी रही। वैश्विक संकेत, तकनीकी स्तर और मूल्यांकन को लेकर निवेशकों की नजर अहम संकेतों पर टिकी रही।
Stock Market: दुनिया में बढ़ते Geopolitical issues को लेकर चिंताओं के कारण अस्थिरता के बीच भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को लगातार तीसरे सत्र में गिरावट जारी रही. बाजार बंद होने पर सेंसेक्स 102.20 अंक या 0.12% गिरकर 84,961.14 पर और निफ्टी 37.95 अंक या 0.14% गिरकर 26,140.75 पर बंद हुआ.
सिद्धार्थनगर जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने निवेश को बढ़ावा देने और रोजगार सृजन के लिए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने उद्योग बंधु-व्यापार बंधु की समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया कि अब किसी भी व्यापारी या उद्यमी का कोई भी मामला लंबित नहीं रहना चाहिए। बुधवार शाम को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में डीएम ने कहा कि यदि कोई निवेशक जिले में आता है, तो उसकी हर समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने पिछली कार्यवृत्ति की समीक्षा करते हुए उपायुक्त उद्योग को निर्देश दिए कि जिन निवेशकों के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर हो चुके हैं, उनसे सीधे संपर्क कर उनकी दिक्कतें दूर की जाएं और उन्हें अधिक निवेश के लिए प्रोत्साहित किया जाए। डीएम ने जोर देकर कहा कि निवेश केवल कागजों में नहीं, बल्कि जमीन पर उद्योगों के रूप में दिखना चाहिए। जिलाधिकारी ने व्यापारियों की समस्याओं को सुनते हुए संबंधित विभागों को समन्वय की कमी के लिए फटकार लगाई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समन्वय के अभाव में किसी व्यापारी को परेशानी हुई, तो जिम्मेदारी तय की जाएगी। डीएम ने रोजगार सृजन योजनाओं के तहत शासन से मिले लक्ष्यों को हर हाल में पूरा करने और विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना में अधिक से अधिक लाभार्थियों को जोड़ने के निर्देश भी दिए। निवेश मित्र पोर्टल पर लंबित मामलों को लेकर जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि पोर्टल पर लंबित फाइलें जिले की छवि खराब करती हैं और इन्हें तत्काल निस्तारित किया जाना चाहिए। डीएम ने यह भी निर्देश दिया कि स्वीकृत परियोजनाओं की सब्सिडी लाभार्थियों के बैंक खातों में समय पर भेजी जाए, इसमें किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस बैठक में दुग्ध, पशुपालन, एमएसएमई, उद्यान, पर्यटन, प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजनाओं और एक जनपद एक उत्पाद से जुड़ी समस्याएं भी सामने आईं। इन पर डीएम ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रजत कुमार चौरसिया, उपायुक्त उद्योग उदय प्रकाश, जिला पंचायत राज अधिकारी वाचस्पति झा, जिला आबकारी अधिकारी वीर अभिमन्यु कुमार, अधीक्षण अभियंता विद्युत अजय कुमार, लीड बैंक अधिकारी आरके सिन्हा सहित अन्य अधिकारी व व्यापारी उपस्थित रहे।
AI निगल जाएगा 2 लाख बैंक कर्मियों की रोजी-रोटी? मॉर्गन स्टेनली ने दी चेतावनी, कैसा होगा आने वाला साल
मॉर्गन स्टेनली ने चेतावनी दी है कि 2030 तक यूरोप में 2 लाख बैंकिंग नौकरियां AI और ऑटोमेशन के कारण खतरे में हैं, वैश्विक शेयर बाजार में गिरावट की संभावना और क्रिप्टोकरेंसी पर दबाव बना हुआ है। भारत के निवेशक इस वैश्विक वित्तीय अस्थिरता में भी अवसर देख रहे हैं।
साइबर बदमाश ने यमुनानगर के एक व्यापारी से फर्जी ट्रेडिंग कंपनी बनाकर 10 लाख रुपए ठग लिए हैं। आरोपी ने पीड़ित को तीन गुना रिटर्न देने का लालच दिया और फिर कंपनी का सॉफ्टवेयर ही बंद कर दिया। पीड़ित ने आरोपी से जब इन्वेस्ट की हुई रकम वापिस मांगी तो उसे जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित की शिकायत पर बिलासपुर थाना पुलिस ने आरोपी अनिरुद्ध अन्नत दलवी निवासी मुंबई, महाराष्ट्र के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पंजाब में हुई थी आरोपी से मुलाकात पुलिस को दी शिकायत में राजेश कुमार ने बताया कि आरोपी अनिरुद्ध अन्नत दलवी ने 'ए स्क्वायर वर्ल्ड ट्रेडिंग कंपनी' नाम से एक फर्जी कंपनी चलाई थी। जिसके बारे में उसे अपने किसी जानकार से पता चला था। राजेश कुमार का कहना है कि अक्टूबर 2024 में डेरा बस्सी (पंजाब) में आरोपी अनिरुद्ध से उसकी मुलाकात हुई, जहां आरोपी ने कंपनी के बारे में जानकारी दी और निवेश पर 150 दिनों में तीन गुना रिटर्न देने का वादा किया। रकम लेकर कंपनी का सॉफ्टवेयर किया बंद शिकायत के अनुसार, आरोपी के झांसे में आकर राजेश कुमार ने विभिन्न तारीखों पर कुल 10,02,000 रुपए का निवेश किया। निवेश के कुछ दिन बाद उसे पता चला कि फरवरी 2025 के अंतिम सप्ताह में आरोपी ने कंपनी का सॉफ्टवेयर बंद कर दिया, जिससे उसे बड़ा झटका लगा। राजेश कुमार ने बताया कि उसने अपनी मेहनत की कमाई इस कंपनी में लगाई थी, लेकिन आरोपी भाग गया। जब पीड़ित ने फोन पर संपर्क किया, तो आरोपी ने पहले कंपनी दोबारा शुरू करने और पैसे लौटाने का आश्वासन दिया, लेकिन 6-7 महीने बीत जाने के बाद भी कुछ नहीं किया। आरोपी बोला- बड़े लोगों से भी हड़पे पैसे राजेश का आरोप है कि अब आरोपी पैसे मांगने पर परिवार सहित जान से मारने की धमकी देता है। आरोपी का यह भी कहना है कि उसने बड़े लोगों और अधिकारियों के पैसे भी हड़पे हैं वो भी उसका कुछ नहीं बिगाड़ पाए हैं। बिलासपुर थाने से मामले में जांच अधिकारी एसआई नरेश पाल बताया कि आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और पीड़ित की रकम वापस दिलाने के प्रयास किए जाएंगे।
अहमदाबाद: चांदी के निवेश में 30 करोड़ की महाठगी, सौ साल पुराने भरोसे का कत्ल कर फरार हुए पिता-पुत्र
गुजरात के अहमदाबाद (ढोलका) में चांदी निवेश के नाम पर 30 करोड़ रुपये की बड़ी धोखाधड़ी का पर्दाफाश हुआ है। सौ साल पुराने जूलरी प्रतिष्ठान के मालिक घनश्याम सोनी और उनके बेटों यश व दीप ने 56 निवेशकों को भारी मुनाफे का लालच देकर ठगा और फरार हो गए। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है। इस पोंजी स्कीम ने व्यापारिक जगत में हड़कंप मचा दिया है।
सोनीपत पुलिस ने शेयर बाजार में निवेश के नाम पर मोटा मुनाफा कमाने का सपना दिखाकर लोगों की मेहनत की कमाई डकारने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने पंजाब और मध्य प्रदेश में छापेमारी कर इस गिरोह के चार सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया। आरोपियों ने एक फर्जी वेबसाइट और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए सोनीपत के एक व्यक्ति से करीब 1 करोड़ 20 लाख 85 हजार 89 रुपए की धोखाधड़ी की थी। पुलिस आयुक्त ममता सिंह (IPS) और पुलिस उपायुक्त (साइबर) कुशल पाल सिंह के मार्गदर्शन में हुई इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए पुलिस प्रवक्ता ASI रविंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस ने शुभम (निवासी फतेहाबाद, हाल जीरकपुर, मोहाली, पंजाब), परविन्द्र (निवासी मानसा, पंजाब), जसप्रीत (निवासी मानसा, पंजाब) और संजय (निवासी इंदौर, मध्य प्रदेश) को गिरफ्तार किया है। व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ कर फंसाया पुलिस के अनुसार, 3 नवम्बर 2025 को जिला सोनीपत निवासी एक व्यक्ति ने थाना साइबर सोनीपत में शिकायत दर्ज कराई कि उनके मोबाइल पर आए एक अंजान लिंक पर क्लिक करने के उपरांत उन्हें F4-Reliance Wealth Academy नामक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ दिया गया। वहां अदविका नामक व्यक्ति ने स्वयं को Reliance Securities से जुड़ा कर्मचारी बताते हुए शेयर मार्केट में बड़ा मुनाफा दिलाने का लालच दिया। 1 करोड़ 20 लाख जमा कराने के बाद धमकी प्राइमरी मार्केट, शेयर ट्रेडिंग एवं आईपीओ के नाम पर शिकायतकर्ता से विभिन्न बैंक खातों में कुल ₹1,20,85,089/- जमा करवाए गए। इसके बाद आरोपियों ने नकली शेयर आवंटन दिखाते हुए और अधिक राशि जमा करवाने का दबाव बनाया तथा रकम न देने पर फंड फ्रीज करने की धमकी दी। शिकायतकर्ता द्वारा पैसे लौटाने का अनुरोध करने पर भी आरोपियों ने रकम वापस करने से मना कर दिया। जांच में यह सम्पूर्ण प्रकरण फर्जी वेबसाइट एवं फर्जी दस्तावेजों के आधार पर की गई साइबर ठगी पाया गया, जिस पर थाना साइबर सोनीपत में भारतीय न्याय संहिता की प्रासंगिक धाराओं के अंतर्गत अभियोग दर्ज किया गया। पुलिस ने शिकायत मिलते ही जुटाए सबूत थाना साइबर सोनीपत के प्रभारी इंस्पेक्टर बसंत कुमार ने अपनी टीम (ASI जोगेन्द्र, मुख्य सिपाही गुलशन, EHC विनोद, सिपाही नवीन एवं SPO दिनेश) के साथ कार्यवाही करते हुए ठगों के बारे में जानकारी एकत्रित की और इस गिरोह का भंडाफोड़ किया। चारों साइबर ठगों को पंजाब एवं मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया गया। ये हुआ बरामद पुलिस ने ठगी की गई राशि में से 29 लाख 32 हजार रुपए बैंक में फ्रीज करवाए। ठगों से 9,000 रुपए, वारदात में प्रयोग किए गए 4 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस बैंक खातों से अब तक 53 हजार 500 रुपए की रिकवरी कर चुकी है।
विदेशी भागे तो देसी निवेशकों ने बाजार को संभाला, म्यूचुअल फंड बना बाजार का असली हीरो
विदेशी निवेशकों ने वजहां बीते साल भारतीय बाजार से मुंह मोड़ा तो वहीं घरेलू निवेशकों ने बाजार को संभाले रखा. वर्ष 2025 में देश के प्रमुख घरेलू संस्थागत निवेशकों ने अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी संपत्तियों में 12 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की.
Share Market: लगातार तीसरे दिन लुढ़का शेयर बाजार, सेंसेक्स करीब 200 अंक फिसला
वैश्विक बाजार के मिले-जुले संकेतों के बीच भारती शेयर बाजार के प्रमुख बेंचमार्क बुधवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ खुले.
वैश्विक शेयर बाज़ारों में बढ़ती अस्थिरता और सोने की कीमतों में मजबूती ने निवेशकों का ध्यान खींचा है। बदलते आर्थिक संकेतों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या स्मार्ट मनी जोखिम भरे शेयरों से हटकर सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ रही है।
राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट में फर्स्ट चेक फर्स्ट कन्विक्शन सेशन की चर्चा में कहा गया कि बीते 10 सालों में स्टार्टअप के फर्स्ट चैक के साइज में बड़ा बदलाव आ गया है। केंद्रीय उद्योग संवर्धन में संयुक्त सचिव संजीव सिंह ने कहा कि सरकार ने 2016 से स्टार्टअप्स में निवेश को प्रोत्साहित किया है। केंद्र सरकार एजुटेक, मैन्यूफैक्चरिंग, डीपटेक, माइक्रो वीसी क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दे रही हैं। सरकार के प्रयासों एवं स्टार्टअप फाउंडर्स की मेहनत से स्टार्टअप्स को लेकर देश में वातावरण पूरी तरह बदल चुका है। निवेशकों की रुचि स्टार्टअप में लगातार बड़ी है। आज भारत दुनिया में यूनिकॉर्न बनाने वाला तीसरा देश बना है। आइवीकैप वेंचर्स के फाउंडर विक्रम गुप्ता ने कहा कि एक दशक में स्टार्टअप्स के क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन हुआ है। स्टार्टअप इंडिया, स्टैंडअप इंडिया जैसे कार्यक्रमों के कारण आज भारत में 2 लाख से ज्यादा स्टार्टअप्स चल रहे हैं। पहले स्टार्टअप्स में निवेश पर मन में संशय रहता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है। निवेशक उसके विस्तार की संभावना का आकलन करता है। स्टार्टअप में लक्ष्य के क्रियान्वयन की क्षमता, टीम की प्रतिभा व सफलता के लिए उत्साह का भी मूल्यांकन करता है। निवेशक यह भी ध्यान रखते हैं कि वे स्वयं अपने अनुभव के साथ किस स्तर पर स्टार्टअप के विकास में योगदान दे सकते हैं। कंपनी में निवेश करने से पहले स्टार्टअप जिस क्षेत्र से संबंधित है, उस क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह को गंभीरता से लिया जाता है। बड़ी कंपनियां छोटे निवेश से शुरू हुईंयूनिकॉर्न इंडिया वेंचर्स के मैनेजिंग पार्टनर अनिल जोशी ने कहा कि सभी बड़ी कंपनियां छोटे निवेश के साथ ही शुरू हुई हैं। स्टार्टअप फाउंडर की विश्वसनीयता पर ही पहला निवेश निर्भर करता है। जहां पहले नई सोच वाले उद्यमियों के पास कम विकल्प होते थे, वहीं आज निवेशकों का रुझान बढ़ाने से स्टार्टअप फाउंडर को मिलने वाले पहले चेक की राशि भी बढ़ी है।
शेयर मार्केट में निवेश का झांसा, ओडिशा के कारोबारी से रायपुर में 2 करोड़ की ठगी
शेयर मार्केट में निवेश पर बड़े मुनाफे का झांसा देकर ओडिशा के कारोबारी से 2 करोड़ रुपए की ठगी की गई है। मैसेंजर प्लेटफॉर्म पर कारोबारी एक ग्रुप से जुड़ा, जहां शेयर मार्केट में निवेश से संबंधित जानकारियां मिलने लगीं। कारोबारी ने शुरुआत में 1 लाख निवेश किए। इसके एवज में कारोबारी को 13 लाख रुपए का मुनाफा दिया गया। इससे कारोबारी झांसे में आ गया। इसके बाद ठगों ने कहा कि 2 करोड़ रुपए निवेश करने पर पांच दिन में 40 लाख रुपए का मुनाफा मिलेगा। इस ऑफर के साथ ही कारोबारी ठगों के झांसे में आ गया और 2 करोड़ रुपए निवेश कर दिया। इसके लिए कारोबारी को रायपुर बुलाया गया और फाफाडीह के पास उनसे कैश में पैसे लिए गए। कारोबारी रकम देकर वापस चला गया। इसके बाद न तो मुनाफा मिला और न ही मूल रकम वापस मिली। कारोबारी की शिकायत पर पुलिस ने जांच के बाद ठगी का केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने बताया कि ओडिशा निवासी नेमीचंद जैन का बड़ा कारोबार है। कुछ माह पहले नेमीचंद के मोबाइल पर एक लिंक आया था। उसे खोलने पर वह टेलीग्राम के एक ग्रुप से जुड़ गया। ग्रुप में ही टाटा कंसन्टेंसी कंपनी में निवेश से संबंधित मैसेज आने लगे। कुछ लोग लाखों और करोड़ों रुपए का मुनाफा मिलने का मैसेज भी डालने लगे। इसी दौरान कारोबारी के पास अर्चना अग्रवाल, हर्ष, विकास साहू, सुनीता नंदा, अजय त्रिपाठी, अजित पात्रा का फोन आने लगे। नेमीचंद से शुरुआत में 1 लाख निवेश कराए गए और बदले में उन्हें 13 लाख रुपए का मुनाफा दिया गया। शेयर मार्केट में निवेश पर मुनाफे की गारंटी नहीं साइबर एक्सपर्ट मोहित साहू के अनुसार शेयर मार्केट में निवेश पर मुनाफे की कोई गारंटी नहीं होती। शेयरों के दामों में लगातार उतार-चढ़ाव होता रहता है और बाजार की स्थिति के अनुसार मुनाफा या नुकसान होता है। यदि कोई व्यक्ति मोटे मुनाफे की गारंटी देकर निवेश कराने की बात करता है तो यह ठगी हो सकती है। शेयर मार्केट में निवेश हमेशा डीमैट अकाउंट के जरिए या रजिस्टर्ड ट्रेडर के माध्यम से करना चाहिए। इसमें कभी भी कैश में निवेश नहीं होता है।
Share Market News: नए साल की शुरुआत होते ही शेयर बाजार को लेकर कई सारी उम्मीदें की गईं थीं. हालांकि, अभी मार्केट की स्थिति, इन उम्मीदों पर पानी फेरते हुए नजर आ रही है. मंगलवार को बाजार के दोनों इंडेक्स में गिरावट दिखी. इसकी पीछे की वजहों में वेनेजुएला-अमेरिका संकट भी बताया जा रहा है.
ओडिशा बनेगा वैश्विक खनन निवेश का केंद्र ; 8–11 जनवरी तक होगा इंटरनेशनल माइनिंग एक्सपो 2026
4th Odisha Mining & Infrastructure International Expo 2026 का आयोजन 8–11 जनवरी को भुवनेश्वर में होगा। अंतरराष्ट्रीय खनन कंपनियां, आधुनिक तकनीक, नीति संवाद और निवेश अवसरों के साथ यह एक्सपो ओडिशा को वैश्विक माइनिंग हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में अहम कदम है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नगरीय निकायों की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए काम करें। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में निजी निवेश को बढ़ाने, नागरिक सेवा में सूचना प्रौद्योगिकी बेस्ड तकनीकी के अधिकतम उपयोग, अर्बन मोबिलिटी तथा ई-वाहन के उपयोग को प्रोत्साहित करने पर विशेष ध्यान दिया जाए। 'नमामि नर्मदे परियोजना' पर कार्य आरंभ कर नर्मदा नदी तट की नगरीय बसाहटों के अपशिष्ट प्रबंधन, पर्यावरणीय सुधार और री साइकिल किए गए जल के दोबारा उपयोग के लिए कार्य योजना बनाई जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ये बातें अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी की संचालक मंडल बैठक में कहीं। उन्होंने कहा कि सभी नगरीय निकायों में जलापूर्ति और सीवरेज व्यवस्थाओं के प्रति विशेष रूप से सजगता और सतर्कता बरती जाए ताकि इंदौर जैसी स्थिति दूसरे शहरों में न बनने पाए। बैठक में कंपनी के प्रबंधकीय, वित्तीय और लेखा परीक्षा तथा अंकेक्षण संबंधी विषयों पर विचार-विमर्श कर आवश्यक निर्णय लिए गए। कम्पनी में खुलेंगे चार नए सेक्शनमुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रदेश में शहरी विकास के लिए म.प्र. अर्बन डेवलपमेंट कंपनी में 4 स्वतंत्र व्यावसायिक प्रभागों के गठन के प्रस्ताव पर सहमति प्रदान की गई। इसमें परिसंपत्ति प्रबंधन और पीपीपी मोड, सूचना प्रौद्योगिकी, शहरी गतिशीलता और नमामि नर्मदे तथा हरित एवं नदी संरक्षण के लिए प्रभागों का गठन प्रस्तावित है। परिसंपत्ति प्रबंधन और पीपीपी प्रभाग के अंतर्गत नगरीय निकायों को आत्मनिर्भर बनाने, जन हित कार्यों में निजी निवेश को प्रोत्साहित करने, वित्तीय अनुशासन, नीति आयोग तथा अन्य संबद्ध विभागों से समन्वय तथा मेट्रोपोलिटन एरिया डेवलपमेंट प्लानिंग को प्राथमिकता से लिया जाएगा। इसमें सोलर प्रोजेक्ट्स, हरित बांड, अप्रयुक्त परिसंपत्तियों के वैकल्पिक उपयोग जैसे नवाचार भी प्रस्तावित हैं। सूचना प्रौद्योगिकी प्रभाग के अंतर्गत ई-नगर पालिका प्रणाली, सीसीटीवी-जीआईएस आधारित निगरानी व्यवस्था, नागरिक सेवा प्लेटफार्म के उन्नयन, टोल संग्रह ई-पोर्टल एवं ऑनलाइन राजस्व संग्रहण जैसी स्मार्ट सिटी प्रणालियां संचालित की जाएंगी। बैठक में बताया कि शहरी गतिशीलता प्रभाग के अंतर्गत मध्यप्रदेश ईवी पॉलिसी क्रियान्वयन, मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब, रोपवे, मल्टी लेवल पार्किंग, सार्वजनिक साइकिल सेवा, सिटी मोबिलिटी प्लान तथा ई-वाहन चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण किया जाएगा। मास्टर प्लान बनाकर योजनाएं पूरा कराएंमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के नगरीय निकायों के आस-पास के क्षेत्रों के नियोजित विकास के लिए योजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने नर्मदा और तापी नदी के सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व को देखते हुए नदियों के समग्र और सर्वांगीण विकास के लिए कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि 'नमामि गंगे' के समान 'नमामि नर्मदे परियोजना' का क्रियान्वयन सभी संबंधित विभाग समंवित रूप से करें। इसमें नगरीय विकास एवं आवास विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विभाग, उद्योग विभाग, वन एवं पर्यावरण विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है।
Stock Market: शेयर बाजार में पैसे लगाने से पहले जान लें ये 3 जरूरी नाम, निवेश करना होगा आसान
Share Market: शेयर मार्केट में उतार-चढ़ाव की स्थिति जारी रहती है. इस दौरान निवेशक निवेश की रणनीति बनाकर ही कोई कदम उठाते हैं. इन रणनीति के लिए बाजार और शेयर से जुड़े कुछ जरूरी नाम को जानना बेहद आवश्यक होता है. इनसे निवेशक जोखिम को कम कर सकता है और लंबे समय में बेहतर परिणाम हासिल कर सकता है.
कैथल में थाना साइबर क्राइम पुलिस ने 11 लाख 17 हजार की ठगी करने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने एक व्यक्ति से म्यूचुअल फंड में निवेश का झांसा देकर रुपए हड़पे थे। पकड़े गए आरोपियों की पहचान नया गांव जिला पटना, बिहार निवासी मुन्ना कुमार व संदलपुर जिला पटना, बिहार निवासी अश्वनी कुमार के रूप में हुई है। सेक्टर-20 कैथल निवासी रोहताश कुमार की शिकायत अनुसार 17 मार्च 2025 को उसे वॉट्सऐप ग्रुप आईसीआईसीआई सिक्योरिटी वाई-4 में जोड़ा गया। ग्रुप में लगातार म्यूचुअल फंड में निवेश से भारी मुनाफे के मैसेज भेजे जाते थे और आईसी डायरेक्ट नामक एप डाउनलोड करने को कहा गया। जिससे उसने एप डाउनलोड करने के बाद 19 मार्च 2025 को सबसे पहले 10 हजार रुपए बैंक खाता में ट्रांसफर किए। अलग-अलग समय में रुपए लिए इसके बाद 24 मार्च 2025 को भरोसा दिलाने के लिए ठगों ने उसके खाते में 10,650 रुपए वापस भेज दिए। 26 मार्च 2025 को पीड़ित ने दोबारा 10,000 रुपए और फिर 50,000 रुपए निवेश किए। 28 मार्च 2025 को उसने 34,000 रुपए और 50,000 रुपए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किए। 5 अप्रैल 2025 को 50,000 रुपए उसके खाता में भेजे। इसके बाद जब पीड़ित ने रकम निकालने की कोशिश की तो ठगों ने टैक्स के नाम पर और पैसे मांगे। 28 अप्रैल 2025 को पीड़ित ने 3 लाख 85 हजार 200 रुपए टैक्स के नाम पर जमा करवा दिए। पैसे न देने पर ग्रुप से हटाया 8 मई 2025 को आईसीआईसीआई सिक्योरिटी लिमिटेड की मोहर लगे फर्जी पत्र दिखाकर उससे 3,79,327 रुपए यूको बैंक खाते में ट्रांसफर करवा लिए। इसके बाद ठगों ने और 8 लाख 50 हजार रुपए की मांग की। पैसे न देने पर पीड़ित को वॉट्सऐप ग्रुप से हटा दिया गया। तभी उसे ठगी का एहसास हुआ। कुल मिलाकर उसके साथ से 11 लाख 17 हजार 527 रुपए की साइबर ठगी की गई। पुलिस प्रवक्ता प्रवीन श्योकंद ने बताया कि साइबर ठगी में दोनों आरोपियों के बैंक खाते प्रयोग किए गए थे। दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में भेज दिए गए हैं।
करनाल में शेयर ट्रेडिंग के नाम पर एक युवक से 16.82 लाख रुपए की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़कर पहले निवेश के लिए प्रेरित किया गया, फिर एक फर्जी ट्रेडिंग एप्लिकेशन इंस्टॉल करवाई गई। इसके बाद अलग-अलग तिथियों में कई बैंक खातों और यूपीआई आईडी पर पैसे ट्रांसफर कराए गए। ठगी का एहसास होने पर युवक ने साइबर क्राइम पोर्टल और थाना साइबर क्राइम करनाल में शिकायत दी, जिसके आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। वॉट्सऐप पर जोड़ा गया शेयर मार्केट ग्रुप करनाल के नेवल निवासी अमन को बीती 7 नवंबर को एक वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ा गया। ग्रुप का नाम JIOZ ARES लर्निंग ग्रुप था, जिसे शेयर मार्केट से जुड़ा ग्रुप बताया गया। इसके बाद वॉट्सऐप के माध्यम से लगातार शेयर ट्रेडिंग को लेकर बातचीत होती रही और मुनाफे का लालच दिया गया। लिंक भेजकर मोबाइल में ट्रेडिंग ऐप इंस्टॉल 03 दिसंबर को एक लिंक भेजकर अमन कुमार के मोबाइल में ARES DIVERSIFIED कंपनी के नाम से ट्रेडिंग एप्लिकेशन इंस्टॉल करवाई गई। ऐप के जरिए निवेश दिखाया गया और अलग-अलग खातों में पैसे डालने के लिए कहा गया। एक्सिस बैंक खाते से शुरू हुआ निवेश 10 दिसंबर को अमन ने अपने एक्सिस बैंक खाते से 50 हजार रुपए एक खाते में आईएमपीएस के जरिए ट्रांसफर किए। रिसीवर का नाम XEHAAN कैपिटल सर्विस बताया गया। 11 दिसंबर को इसी खाते में फिर 50 हजार रुपए ट्रांसफर किए गए। अलग-अलग तारीखों में लाखों रुपए किए ट्रांसफर 12 दिसंबर को 1 लाख रुपए एनईएफटी के जरिए ट्रांसफर किए गए। 15 दिसंबर को 5 लाख रुपए एनईएफटी से भेजे गए। इसी दिन 1 लाख रुपए और भेजे गए। 19 दिसंबर को 1 लाख रुपए यूपीआई आईडी बालाजी ट्रेडर्स पर भेजे गए। उसी दिन 50 हजार रुपए एक्सिस बैंक राठ, उत्तर प्रदेश के खाते में ट्रांसफर किए गए। अन्य बैंकों के खातों में भी डाली गई रकम 24 दिसंबर को 2.50 लाख रुपए एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक, वीकेआई जयपुर स्थित उमेश क्रॉकरी लिमिटेड के खाते में डाले गए। इसके बाद 29 दिसंबर को 58 हजार रुपए निकलवाए गए। 01 जनवरी को फिर से 5.40 लाख रुपए इसी एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के खाते में ट्रांसफर किए गए। कुल 16.82 लाख की ठगी, शिकायत दर्ज इन सभी लेनदेन में कुल 16.82 लाख रुपए की साइबर धोखाधड़ी की गई। पीड़ित ने 02 जनवरी को साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद थाना साइबर क्राइम करनाल में मामला दर्ज किया गया। शिकायत के आधार पर अभियोग दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और बैंक ट्रांजैक्शन के आधार पर आरोपियों की पहचान में जुटी है।
भारतीय शेयर बाजार में आज गिरावट ; IT और बैंकिंग सेक्टर में भारी बिकवाली
भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को BSE सेंसेक्स 444 अंक और NSE निफ्टी 93 अंक गिरकर बंद हुआ। वैश्विक आर्थिक दबाव और निवेशक अनिश्चितता के चलते बाजार में दबाव बढ़ा। विशेषज्ञ निवेशकों को सतर्क रहने और दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दे रहे हैं।
क्या सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ रहा है बुलियन बाजार ; जानें सोने-चांदी के आज के दाम
मुंबई में आज सोने और चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना ₹13,882 प्रति ग्राम और चांदी ₹253 प्रति ग्राम पर पहुंची। कीमतों में आई इस तेजी का बाजार पर क्या असर पड़ा और निवेशकों को किन संकेतों पर नजर रखनी चाहिए, पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
पूर्व प्रधान के बेटे ने अपने घर से गहने चुराए:धौलाना में 95 हजार का लोन, शेयर बाजार में निवेश किया
हाफिजपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में पूर्व प्रधान के पुत्र ने अपने ही घर से गहने चुराकर बैंक से 95 हजार रुपये का लोन लिया। उसने यह राशि शेयर बाजार में निवेश कर दी। बाद में युवक ने गहने चोरी होने की झूठी सूचना पुलिस को दी, लेकिन सख्ती से पूछताछ में उसने अपना अपराध कबूल कर लिया। युवक ने लगभग 15 दिन पहले घर से गहने चुराए थे। इन गहनों को बैंक में रखकर उसने 95 हजार रुपए का ऋण लिया और उसे शेयर बाजार में लगा दिया। सोमवार रात उसने घर में रखी अलमारी और सेफ का सामान बिखेर दिया, ताकि चोरी का नाटक रचा जा सके। सुबह युवक ने परिजनों को गहने चोरी होने की सूचना दी, जिसके बाद पुलिस को सूचित किया गया। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी प्रवीन कुमार पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच और बातचीत के दौरान पुलिस को युवक पर चोरी का संदेह हुआ। पुलिस युवक को हिरासत में लेकर थाने ले आई और उससे कड़ाई से पूछताछ की। पूछताछ में युवक ने स्वीकार किया कि उसने ही घर से गहने चुराकर बैंक से 95 हजार रुपए का लोन लिया था और उसे शेयर बाजार में निवेश किया था। उसने यह भी बताया कि किसी को उस पर शक न हो, इसलिए उसने घर में सामान बिखेरकर चोरी की झूठी अफवाह फैलाई थी। थाना प्रभारी प्रवीन कुमार ने बताया कि पुलिस जांच में गहने चोरी होने का मामला झूठा पाया गया है।
यमुनानगर जिले में फ्लैट दिलाने के नाम पर डेढ़ करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का गंभीर मामला सामने आया है। आर्थिक अपराध शाखा की जांच के बाद थाना सढौरा में जीरकपुर और मोहाली के दो आरोपी बिल्डरों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और जान से मारने की धमकी देने की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पीड़ित के अनुसार एक आरोपी पर पहले से आपराधिक केस दर्ज है और वह करनाल कोर्ट से भगौड़ा भी घोषित हो चुका है। पुलिस केस दर्ज करके आरोपियों को गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है। डेढ़ करोड़ लेकर कब्जा दिलाने का दावा सढौरा थाना पुलिस को दी शिकायत में राजीव कुमार पुत्र रामचंद्र निवासी मोहल्ला मिर्जा वार्ड नंबर 17 यमुनानगर ने बताया कि वर्ष 2022 से उसका संपर्क आरोपियों से था। उसके साले शुभम बेदी के माध्यम से उसकी जान-पहचान अमित दुआ और इंद्रजीत से हुई, जो जीरकपुर और मोहाली में रियल एस्टेट का काम करते हैं। जुलाई 2023 में आरोपियों ने एक नए प्रोजेक्ट में फ्लैट दिलाने का झांसा देकर उनसे करीब डेढ़ करोड़ रुपए निवेश करवा लिए। शिकायत के अनुसार, कुछ राशि नगद और कुछ कंपनी खाते में दी गई। नगद रकम सढौरा में आरोपियों को दी गई, जिसके गवाह शुभम बेदी और याकेश कुमार बताए गए हैं। फ्लैटों का निर्माण बाकी कहकर टाला आरोपियों के आश्वासन पर शिकायतकर्ता और अन्य लोग सितंबर 2024 तक इंतजार करते रहे, लेकिन समय बीत जाने पर शुभम बेदी के माध्यम से संपर्क किया तो आरोपियों ने कहा कि फ्लैटों में थोड़ा निर्माण बाकी है और जल्द कब्जा दे दिया जाएगा, लेकिन तय समय बीत जाने के बाद भी न तो फ्लैट मिला और न ही पैसे वापस किए गए। जब शिकायतकर्ता ने राशि वापस मांगी, तो आरोप है कि आरोपियों ने न केवल इनकार किया, बल्कि गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपियों ने कहा कि उन्होंने सारा पैसा नगद लिया है और उनके पास कोई सबूत नहीं है। पटियाला में झूठा केस कराया दर्ज इतना ही नहीं, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उसे डराने और दबाव बनाने के लिए आरोपियों ने उसके खिलाफ पटियाला के सिविल लाइन थाने में झूठा मामला दर्ज करवाया, जिसमें वह फिलहाल जमानत पर है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि आरोपी अमित दुआ के खिलाफ पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह करनाल कोर्ट से भगौड़ा भी घोषित हो चुका है। आर्थिक अपराध शाखा यमुनानगर की जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके आधार पर थाना सढौरा में विभिन्न धाराओं के तहत तहत दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जयपुर में राजस्थान डिजीफेस्ट-टाई ग्लोबल समिट-2026 में सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए। उन्होंने मप्र को देश का सबसे बेहतर इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन बताया। साथ ही कहा कि मप्र हॉस्पिटैलिटी सेक्टर से लेकर एआई, ड्रोन और सेमी कंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग सहित कई सेक्टर में निवेश करने पर अनुदान दे रहा है। सीएम डॉ. यादव ने राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा से भी मुलाकात की। समिट में निवेशकों को संबोधित करते हुए सीएम डॉ. यादव ने कहा कि मप्र और राजस्थान दो भाइयों जैसे हैं। दोनों राज्य मिलकर काम करेंगे ताकि आईटी सेक्टर में नए निवेश मिलें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) परियोजना की सौगात दी है। इससे राजस्थान के 15 और मप्र के 13 जिलों को फायदा मिलेगा। उन्होंने ये भी कहा कि मप्र में पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल खोलने की शुरुआत हो चुकी है। जयपुर, भोपाल -इंदौर जैसे शहर आईटी लीडर बनेंगे एसीएस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संजय दुबे ने कहा कि टियर 1 शहरों में अब भारी ट्रैफिक और प्रदूषण जैसी समस्याएं बढ़ चुकी हैं। इस वजह से अब टियर 2 शहर जैसे भोपाल, इंदौर व जयपुर टेक्नोलॉजी में लीडर बनेंगे। मप्र ने नई निवेश नीतियां बनाकर सामने रखी हैं। भोपाल में प्रस्तावित नॉलेज सिटी व जीसीसी, सेमी कंडक्टर व स्टार्ट अप पालिसी के बारे में भी बताया। उद्योगपतियों ने मप्र की सेंट्रल लोकेशन, लॉजिस्टिक्स के फायदे व तेजी से विकसित हो रहे सरकार-उद्योग साझेदारी मॉडल पर बात की।
नवादा के एक निजी होटल में बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी सात निश्चय-3 योजना के अंतर्गत समृद्ध उद्योग, सशक्त बिहार अभियान के तहत सोमवार को उद्योग वार्ता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश और पुलिस अधीक्षक सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डीएम रवि प्रकाश ने बताया कि सात निश्चय-3 का दूसरा प्रमुख निश्चय “समृद्ध उद्योग, सशक्त बिहार” है। इसका उद्देश्य बिहार को पूर्वी भारत का प्रमुख प्रौद्योगिकी हब बनाना है। राज्य में बड़े उद्योगों के लिए निःशुल्क भूमि, आकर्षक अनुदान और कम से कम 50 लाख करोड़ रुपये निजी निवेश का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि उद्योग स्थापना प्रक्रिया को सरल और सहज बनाया जा रहा है। छोटे उद्योगों को भी मिलेगा समर्थन डीएम ने बताया कि छोटे उद्योगों के लिए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग निदेशालय गठित किया गया है, जबकि स्थानीय उत्पादों के निर्यात हेतु बिहार विपणन प्रोत्साहन प्राधिकरण की स्थापना की जा रही है। इसके अलावा, बंद पड़ी चीनी मिलों को पुनर्जीवित करने का भी संकल्प लिया गया है। उन्होंने कहा कि नवादा के रजौली प्रखंड के भड़रा क्षेत्र में नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है, जहां भूमि अधिग्रहण कार्य प्रगति पर है। उद्यमियों को लाभ और प्रोत्साहन जिला उद्योग केंद्र के परियोजना प्रबंधक अमित विक्रम भारद्वाज ने पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज-2025 (BIIPP-2025) के तहत उपलब्ध सब्सिडी, अनुदान और अन्य सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने रजौली औद्योगिक क्षेत्र की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला। कार्यक्रम में उद्यमियों ने अपने अनुभव साझा किए। पुष्प अंजुरी प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक रजनीकांत पांडेय ने बताया कि सरकार से मिले 10 लाख रुपये सीड फंड से उन्होंने अपने व्यवसाय की शुरुआत की, जो आज सफल साबित हुआ। उद्यमियों की समस्याओं पर चर्चा उद्यमियों ने विद्युत आपूर्ति, जल निकासी, बुनकरों की समस्याएं, विपणन, ब्रांडिंग और परिवहन संबंधी चुनौतियों को उठाया। डीएम ने सभी संबंधित विभागों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए और हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। कार्यक्रम का समापन और उपस्थित पदाधिकारी कार्यक्रम का समापन चैम्बर ऑफ कॉमर्स अध्यक्ष राजेश्वर प्रसाद के धन्यवाद ज्ञापन से हुआ। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, जिला भूअर्जन पदाधिकारी, श्रम अधीक्षक, अग्रणी जिला प्रबंधक समेत कई अन्य अधिकारी और उद्यमी उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि राज्य सरकार उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है और नवादा क्षेत्र को औद्योगिक निवेश और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए गंभीरता से काम कर रही है।
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट:9 माह में देश में 26.6 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव, मप्र को सिर्फ 3.2%
भोपाल में फरवरी 2025 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) में राज्य सरकार ने 30.77 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिलने का दावा किया था। इसे राज्य की निवेश क्षमता और औद्योगिक संभावनाओं के संकेत के रूप में प्रस्तुत किया गया। लेकिन इसके बाद सामने आए राष्ट्रीय निवेश आंकड़े एक अलग तस्वीर दिखाते हैं। हाल में आई बैंक ऑफ बड़ौदा की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीनों (अप्रैल से दिसंबर 2025) के दौरान देशभर में कुल 26.6 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव सामने आए। इस रिपोर्ट में अकेले 25.3% निवेश प्रस्ताव आंध्र प्रदेश को मिले। यानी हर चार में से एक रुपया निवेश प्रस्ताव के रूप में आंध्र में गया। इसके बाद ओडिशा (13.1%), महाराष्ट्र (12.8%), तेलंगाना (9.5%) और गुजरात (7.1%) का स्थान रहा। मध्य प्रदेश की हिस्सेदारी महज 3.2% दर्ज की गई। इस तरह, जीआईएस में किए गए बड़े दावों के बावजूद, चालू वित्त वर्ष के राष्ट्रीय निवेश आंकड़ों में मध्य प्रदेश अपेक्षाकृत पीछे दिखाई देता है। जबकि GIS में 30 लाख करोड़ के दावे थे आंध्र ने एआई-डेटा सेंटर के प्रोजेक्ट्स में मारी बाजी आंध्र आगे क्यों है?आंध्र में 1.3 लाख करोड़ रुपए की एआई आधारित डेटा सेंटर परियोजना, 98,000 करोड़ रुपए की 1 गीगावाट डेटा सेंटर योजना, 1.1 लाख करोड़ रुपए की स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाएं और 82,000 करोड़ रुपए का नवीकरणीय ऊर्जा निवेश शामिल हैं। मप्र क्यों पिछड़ा?...देश में पावर (22.6%) व मेटल्स (17.3%) में निवेश बढ़ा, लेकिन मप्र को हाई-वैल्यू सेक्टरों जैसे एआई, डेटा सेंटर, मेगा एनर्जी और पोर्ट-प्रोजेक्ट्स का फायदा नहीं मिला।
लुधियाना की मॉडल टाउन थाना पुलिस ने स्टडी वीजा के नाम पर बिजनेस में निवेश करवाकर करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी करने के आरोप में इमिग्रेशन सेंटर के संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों ने पीड़ित को झांसे में लेकर करीब 1 करोड़ 5 लाख रुपए हड़प लिए और समय पूरा होने पर भी रकम वापस नहीं की। पुलिस को दी गई शिकायत में इंदिरा नगर, अब्दुल्लापुर बस्ती के रहने वाले करण छाबड़ा ने बताया कि आरोपी अमरदीप सिंह और उसकी पत्नी लखविंदर कौर निवासी डी-2 ग्लोबल एजुकेशन एंड इमिग्रेशन दुगरी रोड ने उनके साथ संपर्क किया था। आरोपियों ने अलग-अलग छात्रों के स्टडी वीजा संबंधी काम और बिजनेस विस्तार के लिए पीड़ित को अपने विश्वास में लिया। विभिन्न एग्रीमेंट के माध्यम से आरोपियों ने करण छाबड़ा से कुल 1 करोड़ 5 लाख रुपए बिजनेस में इन्वेस्ट करवाए थे। विश्वास बनाकर के बाद की धोखाधड़ी जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पहले से तय शर्तों के मुताबिक निवेश की गई राशि और उस पर बनने वाला लाभ समय पर वापस नहीं किया। पीड़ित ने जब अपनी रकम मांगी तो आरोपी टाल-मटोल करने लगे। पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ कि अमरदीप और लखविंदर ने आपसी मिलीभगत से बेईमानी की नीयत से यह पूरी राशि हड़प ली है। इन धाराओं के तहत हुआ मामला दर्ज अक्टूबर 2025 से चल रही इस जांच के बाद मॉडल टाउन पुलिस ने 3 जनवरी 2026 को आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा धारा 316(2), 318(4) ,61(2) के तहत केस दर्ज किया है।
निवेश पर दोगुना मुनाफे का झांसा देकर 1.25 करोड़ ठगे
निवेश करने पर दोगुना मुनाफा होने का झांसा देकर साइबर अपराधियों ने बुद्धा कॉलोनी के सतीश मोहन से 1.25 करोड़ की ठगी कर ली। उन्होंने साइबर थाने में लिखित शिकायत की है। उन्होंने पुलिस को बताया कि एक युवती ने फोन किया और खुद को बिजनेस एक्सपर्ट बताया। निवेश करने पर दोगुना मुनाफा मिलने का झांसा दिया। इसके बाद 1.25 करोड़ की ठगी कर ली। उसने मोबाइल में एक एप इंस्टॉल करवाया। इसी के माध्यम से निवेश कर रहे थे। एप पर मुनाफा भी दिखा रहा था। जब 16 लाख निवेश कर दिया, तब मुनाफे के साथ पैसा निकालना चाहा। तब शातिर ने जीएसटी सहित अन्य तरह के टैक्स भरने की बात कही। 1.25 करोड़ गंवाने के बाद अहसास हुआ कि ठगी के शिकार हो रहे हैं। इसके बाद पुलिस से संपर्क किया। इसी तरह तीन अन्य लोगों से भी 1.50 लाख से 1.80 लाख तक की ठगी की गई है। मोबाइल चुरा कर भी खाते से निकाल रहे पैसा : इधर साइबर थाने के डीएसपी नीतीश चंद्र धारिया ने कहा कि मोबाइल चुरा कर खाते से पैसा निकालने के मामले बढ़े हैं। शातिर लोगों का मोबाइल चुरा लेते हैं और उनके खाते से पैसा निकाल लेते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि आपका मोबाइल चोरी होता है तो सबसे पहले संबंधित मोबाइल ऑपरेटर से बात कर सिम को लॉक कराएं। बैंक को फोन कर खाता फ्रीज कराएं। साथ ही Ceir.gov.in पर मोबाइल गुम या चोरी होने की शिकायत करें। निवेश करने से पहले सेबी की वेबसाइट पर चेक करें निवेश पर मुनाफा कमाने का झांसा देकर ठगी के मामले में बढ़े हैं। हर महीने 10 से अधिक केस साइबर थाने में दर्ज हो रहे हैं। किसी अज्ञात व्यक्ति के कहने पर निवेश करने के चक्कर में नहीं पड़ें। निवेश करने से पहले SEBI की वेबसाइट पर संबंधित प्लेटफार्म को चेक करें और उसका रजिस्ट्रेशन नंबर जांच लें। ठग अक्सर दबाव डालते हैं कि यह ऑफर सीमित समय तक के लिए है। इससे बचें। फर्जी ऑफर वाले फोन, मेल, एसएमएस को इग्नोर करें। अगर आप ठगी के शिकार हो जाते हैं तो सबसे पहले 1930 पर फोन करें और cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।
किदवई नगर में शातिर दंपत्ति ने स्टॉक ब्रोकिंग कंपनी एंजेल वन की फ्रेंचाइजी देकर निवेश कराया, फिर 40 लाख रुपये हड़प लिए। शातिरों ने कई बार में पूरी रकम निवेश कराई। बीच-बीच में मुनाफा भी देते रहे, फिर बंद कर दिया। पीड़िता को अपने साथ फ्राड का संदेह होने पर रकम मांगी तो उससे गाली-गलौज की। साथ ही उसके पति को अपनी पत्नी से रेप में फंसाने की धमकी दी। फ्रेंचाइजी दिलाकर हड़पी रकम साकेत नगर निवासी कारोबारी शुभम जेटली की पत्नी साक्षी शर्मा ने बताया कि उनके पति अक्टूबर 2024 में अहिरवा के सदानंद नगर निवासी पंकज पांडेय के संपर्क में आए। इसके बाद अपनी पत्नी अपूर्वी निगम के साथ आने-जाने लगे। आरोपी दंपत्ति को उन्हें मायके से बड़ी धनराशि मिलने का पता था, इसलिए उनसे पैसे बढ़ाने की बात कही। विश्वास में लेकर पंकज ने बताया गया कि वह एंजेल वन में मैनेजर हैं और उसकी फ्रेंचाइजी 1.50 लाख में दे देंगे, जिससे अपना व्यापार बढ़ाओ। इस पर साक्षी ने पति के नाम पर फ्रेंचाइजी ली, फिर नवंबर 2024 को पति के खाते से च्वाइस इक्यूटी ब्रोकिंग प्रा. लि में पांच लाख रुपए डाले। इसके बाद कई बार में खुद के खाते से एंजेल वन में पांच लाख डाले। फिर कंपनी से कुछ मुनाफा भी उन्हें मिला। इस पर आरोपी पंकज ने विश्वास में लेकर प्रार्थिनी के खाते से 20 लाख डलवाए। दिसंबर 2024 में उनके व पति के खाते से फिर पांच-पांच का निवेश कराया। इस तरह उन्होंने 40 लाख रुपये निवेश किया। लेकिन कुछ समय बाद पैसा आना बंद हो गया। पता किया तो जानकारी हुई कि आरोपी ने 20 लाख रुपये अपने खाते लिए, निवेश नहीं किया है। इस पर उन्होंने आरोपी पकंज व उसकी पत्नी अपूर्वी से कहा तो टालमटोल कर समय मांगा। काफी समय बाद भी पैसे नहीं दिए। जब उन्होंने आरोपी दंपत्ति पर दबाव बनाया तो पंकज ने गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी दी। केस–2 चकेरी के एचएएल कालोनी निवासी आदित्य प्रताप सिंह ने बताया कि दो जून 2024 की दोपहर उनके पास अनजान नंबर से कॉल आई। फोन पर बात करने वाली युवती ने खुद को इंडिगो एयरलाइंस का कर्मचारी बताया। साथ ही उन्हें ग्राउंड स्टाफ यानी सुपरवाइजर की नौकरी देने का झांसा दिया। नौकरी के कारण वह झांसे में आ गए। सवाल-जवाब के बाद उसने व्हाट्सएप पर दस्तावेज मांगे। रजिस्ट्रेशन फार्म भरने के लिए एक लिंक भेजा। दस्तावेज भेजने के बाद 350 रुपये फीस के नाम पर एक खाते में ट्रांसफर कराए। इसके बाद अगले दिन व्हाट्सएप पर एक नियुक्ति पत्र भेजकर सिक्योरिटी फीस के नाम पर 7500 रुपये लिए। चार जून को फिर से उनसे ट्रेनिंग फीस के नाम पर करीब 10 हजार की मांग की। इस पर उसे ठगी का अहसास हुआ। आरोप है कि थाने में सुनवाई न होने पर उसने डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता से शिकायत की। थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर साइबर सेल की मदद से कार्रवाई की जा रही है। केस–3 आवास विकास तीन के महाबलीपुरम निवासी शरद कुमार शुक्ला के मुताबिक 13 सितंबर को उनके फेसबुक अकाउंट पर आए लिंक को उनके छोटे बेटे वेदांश ने खोलकर उस पर 99 रुपए का ऑनलाइन भुगतान कर दिया। जिसके बाद 24 सितंबर के बीच उनके अकाउंट से कई बार में साढ़े छह लाख की रकम पार हो गई। लेकिन उनके बड़े बेटे सुयश के केएमसी हॉस्पिटल में भर्ती होने के चलते वह इस ओर ध्यान नहीं दे सके। मामले की जानकारी होने पर पीड़ित ने साइबर सेल में अपनी शिकायत दर्ज कराई। कल्याणपुर थाना प्रभारी ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर साइबर सेल की मदद से मामले की जांच की जा रही है।
गया में जमीन की बिक्री के नाम पर एक करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी हुई। पीड़िता कविता चौधरी ने मुफ्फसिल थाना में केस दर्ज कराया है, लेकिन केस दर्ज होने के 2 माह बाद भी नामजद आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पीड़िता का आरोप है कि पुलिस कार्रवाई के नाम पर टालमटोल कर रही है। कविता चौधरी जहानाबाद जिले के काको प्रखंड के पिंजौरा गांव की रहने वाली है। उनके पति मर्चेंट नेवी में कार्यरत हैं। कविता का मायका गया के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के बाराडीह में है। पीड़िता के पति प्रशांत कुमार के अनुसार, उनके ससुर गोपाल चौधरी के रिटायरमेंट के बाद मिले पैसों को जमीन में निवेश कराने का झांसा देकर ब्रोकर कुनाल कुमार ने सलेमपुर गांव में जमीन दिखाई। जमीन को व्यवसायिक बताते हुए एग्रीमेंट कराया गया।आरोप है कि 3 अप्रैल 2024 को एक हजार रुपये के स्टांप पर एग्रीमेंट हुआ। उसी दिन 25 लाख रुपये ले लिए गए। छह महीने में रजिस्ट्री का भरोसा दिया गया। इसके बाद अलग-अलग तारीखों में कुल 60 लाख रुपए लिए गए। रजिस्ट्री की तारीख बार-बार बढ़ाई जाती रही। फिर 10 जुलाई 2025 को तीन चेक से 37 लाख और 3 लाख नगद भी ले लिए गए। इस तरह एक करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम हड़प ली गई। जिस जमीन का एग्रीमेंट कराया गया था, वह पहले ही किसी और को बेच दी गई पीड़िता के पति का आरोप है कि जिस जमीन का एग्रीमेंट कराया गया था, वह पहले ही किसी और को बेच दी गई थी। इसकी जानकारी छिपाकर उनके नाम दूसरी जमीन की रजिस्ट्री करवा दी गई, जो न तो एग्रीमेंट के मुताबिक थी और न ही उनकी सहमति के अनुसार। यह ही नहीं जिस जमीन की रजिस्ट्री की गई उसका म्यूटेशन कराने गए तो वह जमीन किसी और के नाम निकली। म्यूटेशन नहीं हो सका। ब्रोकर ने इस जमीन की रजिस्ट्री के लिए भी अलग से 4 लाख रुपए लिए। जब पूरे खेल का खुलासा हुआ तो लोकल थाने में शिकायत की गई। 24 अक्टूबर 2025 को वरीय पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई गई। इसके बाद मुफ्फसिल थाना में केस दर्ज हुआ। इसी बीच आरोपी कुनाल कुमार पर जाति सूचक गाली देने और पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है। पीड़ित ने फोन कॉल का रिकॉर्ड होने का दावा किया है। आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग सवाल यह है कि इतना बड़ा मामला दर्ज होने के बावजूद अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पीड़िता के पति प्रशांत कुमार का कहना है कि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और पुलिस कार्रवाई से बच रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही। जानबूझकर देरी की जा रही है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी हो, ठगी की रकम वापस कराई जाए और धमकी देने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। इधर मुफस्सिल एसएचओ एसके द्विवेदी ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगी है। पुलिस इस मामले में आरोपी पर नजर बराबर बनाए है। शीघ्र ही आरोपी की गिरफ्तारी होगी।
इस साल फैक्ट्री में काम करने के लिए बनाए गए इंसानों जैसे दिखने वाले रोबोट का डिस्प्ले होगा। एपल के फोल्डेबल फोन्स की लॉन्चिंग भी हो सकती है। ग्लोबल इकोनॉमी की दिशा तय करने वाली बड़ी मीटिंग्स भी होंगी। 2026 के टेक और बिजनेस के 10 बड़े इवेंट... --------------------------------------------- नए साल की कवरेज में 30 दिसंबर, यानी मंगलवार को पढ़िए... मैदान पर रोते दिखे विराट कोहली: नीले ड्रम में पति की लाश छिपाने वाली मुस्कान, तीन बड़ी भगदड़, 25 तस्वीरों में देखिए 2025 का भारत -------------------------------------------- ये खबर भी पढ़े... 1. सोने में इस साल 1 लाख पर 80 हजार मुनाफा:2026 में गोल्ड, शेयर, प्रॉपर्टी में 15% तक रिटर्न की उम्मीद; कहां करें निवेश इस साल सोने ने 1 लाख रुपए के निवेश को करीब 1.80 लाख बना दिया। यहां, 80% रिटर्न मिला। वहीं शेयर बाजार 1 लाख का निवेश करीब 1.11 लाख ही बना। इसमें 11% रिटर्न मिला। मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक 2026 में सोना, शेयर और प्रॉपर्टी में 12 से 15% तक रिटर्न मिल सकता है। यानी, 1 लाख के निवेश पर करीब 15 हजार मुनाफा हो सकता है। पूरी खबर पढ़े... 2. 31 दिसंबर तक निपटा लें 4 काम:आधार-पैन लिंक के लिए आखिरी 5 दिन; गाड़ी खरीदें, स्मॉल सेविंग्स शुरू करें इस महीने के आखिर यानी, 31 दिसंबर तक गाड़ी खरीदने का अच्छा मौका है। क्योंकि 1 जनवरी से कंपनियां दाम बढ़ाने वाली हैं। वहीं छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरें भी घट सकती हैं। इसलिए अभी निवेश का प्लान बना रहे हैं तो ज्यादा ब्याज का फायदा मिल सकता है। पूरी खबर पढ़े...
Weekly Numerology Horoscope: वर्ष 2026 का प्रारंभ गुरुवार से हो रहा है जो की देवगुरु है अतः यह वर्ष हर दृष्टि से 2025 की अपेक्षा अच्छा जाने की संभावना है। इस वर्ष मूल्यवान धातुओ और शेयर बाजार में तेजी देखने को मिल सकती है। प्रचंड गर्मी होने की प्रबल ...
अरशद वारसी पर लगा शेयर मार्केट में बैन, जानिए क्या है मामला
बॉलीवुड एक्टर अरशद वारसी और उनकी पत्नी मारिया गोरेट्टी समेत 57 लोगों पर शेयर बाजार नियामक SEBI ने बैन लगा दिया है। उन्हें 1 साल के लिए सिक्योरिटी मार्केट से प्रतिबंधित कर दिया है। सेबी का कहना है कि ये लोग मार्केट में धोखाधड़ी जैसे कामों में पाए गए।
काजोल ने किया रियल एस्टेट में निवेश, खरीदी इतने करोड़ की कमर्शियल प्रॉपर्टी
बॉलीवुड एक्ट्रेस काजोल ने इंडस्ट्री में एक अलग मुकाम हासिल किया है। काजोल भले ही फिल्मों में कम नजर आती हो, लेकिन वह सुर्खियों में बनी रहती हैं। काजोल ने अब एक्टिंग के साथ-साथ रियल एस्टेट में भी कदम रख दिया है। काजोल ने मुंबई के गोरेगांव वेस्ट ...
खतरों के खिलाड़ी सीजन 14 के कंटेस्टेंट अभिषेक कुमार जिन्होंने बिग बॉस 17 में अपने कार्यकाल से काफी लोकप्रियता हासिल की, अपने आकर्षक व्यक्तित्व से लोगों के दिलों पर राज कर रहे हैं। विवादित रियलिटी शो में उनकी भागीदारी ने उन्हें स्टार बना दिया और उन्हें रातोंरात सफलता दिलाई। अभिषेक जो वर्तमान में रोहित शेट्टी के शो खतरों के खिलाड़ी 14 में हैं, ने साझा किया कि वह एक प्रोडक्शन हाउस खोलना चाहते हैं। इसे भी पढ़ें: Kartik Aaryan का खुलासा, Pyaar Ka Punchnama की सफलता के बावजूद उनके पास ‘कोई ऑफर नहीं था, कोई पैसा नहीं था ईटाइम्स टीवी के साथ एक इंटरव्यू में, अभिषेक ने खुलासा किया कि वह भविष्य के लिए पैसे बचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता चाहते हैं कि वह मुंबई में एक घर खरीदें, लेकिन वह एक व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। अभिषेक ने कहा कि वह एक उद्यमी बनना चाहते हैं और उनके बड़े सपने हैं जिन्हें वह हासिल करना चाहते हैं। अभिषेक कुमार मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते इंटरव्यू में, अभिषेक ने कहा कि उन्होंने पैसे बर्बाद करना बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते क्योंकि शहर काफी महंगा है और कहा कि किराए पर रहना एक समझदारी भरा फैसला है। उन्होंने यहां तक कहा कि घर खरीदने में बड़ी रकम लगाने और फिर हर महीने लोन के रूप में बैंक को बड़ी EMI चुकाने का कोई मतलब नहीं है। इसे भी पढ़ें: Karan Johar को कोर्ट से मिली राहत, फिल्म Shaadi Ke Director Karan Aur Johar की रिलीज परह लगी रोक अभिषेक ने कहा कि वह अपना पैसा निवेश करना चाहते हैं और उस पर ब्याज पाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह रवि दुबे और सरगुन मेहता की तरह एक प्रोडक्शन हाउस स्थापित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि उनका परिवार चंडीगढ़ में घर खरीदे, लेकिन मुंबई में नहीं क्योंकि वे वहीं रह सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह पैसे बचाना चाहते हैं और कोई दूसरा व्यवसाय शुरू करने में निवेश कर सकते हैं। KKK 14 की बात करें तो शिल्पा शिंदे शो से बाहर हो गईं। एक यूट्यूब चैनल के अनुसार, सनी वरुण ने बात की, गश्मीर, करणवीर, अदिति और अभिषेक ने निष्कासन स्टंट किया।
कंगना रनौत के किस बयान पर भड़की CISF की महिला जो सरेआम एक्ट्रेस को जड़ दिया थप्पड़, जानिए पूरा मामला
चंडीगढ़: हिमाचल की मंडी लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी सांसद एवं एक्ट्रेस कंगना रनौत से चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर बदसलूकी के पश्चात् हंगामा मचा हुआ है. दरअसल, 6 जून को कंगना दिल्ली जाने के लिए चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर पहुंची थीं. तभी सिक्योरिटी चेक के पश्चात् CISF की एक महिला जवान कुलविंदर कौर ने उनको थप्पड़ मार दिया. हालांकि CISF की अपराधी महिला कर्मी को निलंबित कर दिया गया है तथा उनके खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है. ऐसे में सवाल ये उठता है कि CISF की जवान ने थप्पड़ क्यों मारा, तो इसका जवाब है कंगना का 4 वर्ष पुराना एक ट्वीट. कंगना रनौत ने इस ट्वीट में 3 कृषि कानूनों के खिलाफ हुए किसान आंदोलन के चलते पंजाब की 80 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला किसान की गलत पहचान करते तथा उन्हें बिलकिस बानो कहा था. कंगना ने जो ट्वीट किया था उसमें एक वृद्ध महिला नजर आ रही थीं, जो भले ही झुककर चल रही थीं, लेकिन उन्होंने किसान आंदोलन का झंडा बुलंद किए हुए था. उनका नाम मोहिंदर कौर था. कंगना ने मोहिंदर कौर की फोटो को ट्वीट करते हुए लिखा था कि ''हा हा. ये वही दादी हैं जिन्हें टाइम मैगज़ीन की 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की लिस्ट में सम्मिलित किया गया था.... और ये 100 रुपये में उपलब्ध हैं. हालांकि कंगना रनौत ने बाद में ये ट्वीट डिलीट कर दिया था. बता दें कि कंगना ने जिस बिलकिस बानो का जिक्र किया था, वह 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला हैं तथा उन्होंने दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में CAA प्रोटेस्ट के चलते अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बटोरी थीं. कंगना के इस बयान को लेकर CISF की महिला जवान भड़की हुई थी. चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर कंगना से बदसलूकी का वीडियो सामने आया था, इसमें CISF की यह जवान कहती नजर आ रही है कि 'इसने बोला था किसान आंदोलन में 100-100 रुपये में महिलाएं बैठती थीं. वहां मेरी मां भी थी'. राहुल गांधी ने भाजपा पर लगाया शेयर बाजार में हेराफेरी का आरोप, बताया देश का सबसे बड़ा घोटाला उत्तर भारत में भीषण गर्मी का कहर जारी, यूपी के कुछ क्षेत्रों में राहत की उम्मीद बिहार के गया जिले में भीषण सड़क हादसा, तीन लोगों की मौत

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