यस बैंक से आई बड़ी खबर: कर्मचारियों को बांटे 6,58,070 शेयर, खाते में आए ₹92 लाख से अधिक
प्राइवेट सेक्टर के दिग्गज यस बैंक (YES BANK) के निवेशकों और शेयर बाजार के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है। बैंक ने शेयर बाजार को दी गई अपनी नवीनतम रेगुलेटरी फाइलिंग में एक बड़ा अपडेट साझा किया है। यस बैंक ने अपनी विशेष स्टॉक ऑप्शन स्कीम के तहत लाखों नए इक्विटी शेयर आवंटित (Allot) किए हैं। इस बड़े फैसले के बाद बैंक की चुकता शेयर पूंजी (Paid-up Share Capital) में भी सीधे तौर पर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इस नई कॉरपोरेट अपडेट के बाद सोमवार को बाजार खुलते ही यस बैंक के शेयरों में अच्छी हलचल देखने को मिल सकती है। गौरतलब है कि बीते शुक्रवार को यस बैंक का शेयर 0.27% की मामूली गिरावट के साथ 25.4 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था।नॉमिनेशन एंड रेम्यूनेरेशन कमेटी ने दी मंजूरी, ₹2 की फेस वैल्यू पर जारी हुए शेयरयस बैंक द्वारा देश के दोनों प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज— बीएसई (BSE) और एनएसई (NSE) को दी गई आधिकारिक सूचना के अनुसार, बैंक की 'नॉमिनेशन एंड रेम्यूनेरेशन कमेटी' (Nomination & Remuneration Committee) ने 19 जून, 2026 को हुई बैठक में 6,58,070 इक्विटी शेयरों के नए आवंटन को अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है। ये सभी नए शेयर बैंक की विभिन्न कर्मचारी कल्याणकारी योजनाओं जैसे 'YBL ESOS 2020 Scheme' और 'YBL RSU Plan 2024' के तहत योग्य कर्मचारियों को जारी किए गए हैं। इन आवंटित किए गए नए शेयरों की फेस वैल्यू (Face Value) 2 रुपये प्रति शेयर तय की गई है।शेयरों के बदले बैंक के पास आए ₹92 लाख से अधिक, मजबूत हुई वित्तीय स्थितिइस बड़े शेयर आवंटन के माध्यम से यस बैंक ने कुल 92,18,221.30 रुपये (बानवे लाख अठारह हजार दो सौ इक्कीस रुपये और तीस पैसे) की अतिरिक्त पूंजी प्राप्त की है। यह पूरी राशि बैंक के कर्मचारियों द्वारा उनके स्टॉक ऑप्शंस (ESOP) का उपयोग करने के परिणामस्वरूप बैंक के खजाने में आई है। इस राशि के आने से बैंक की लिक्विडिटी और तात्कालिक वित्तीय स्थिति को और मजबूती मिलेगी।बैंक की पेड-अप कैपिटल में इजाफा, जानिए अब कितनी हुई कुल पूंजीनए शेयरों के सफल आवंटन के तुरंत बाद यस बैंक की कुल चुकता शेयर पूंजी (Paid-up Share Capital) का ग्राफ भी बढ़ गया है। इस आवंटन प्रक्रिया से पहले बैंक की कुल चुकता पूंजी 62,77,22,08,318 रुपये थी, जो कि अब नए शेयरों के जुड़ने के बाद बढ़कर कुल 62,77,35,24,458 रुपये के स्तर पर पहुंच गई है। चुकता पूंजी में यह बढ़ोतरी बैंक के लॉन्ग-टर्म इक्विटी बेस को और अधिक पारदर्शी बनाती है।आम निवेशकों के लिए क्या हैं इसके मायने? एक्सपर्ट्स ने दी अपनी रायशेयर बाजार के जानकारों के अनुसार, आमतौर पर जब भी कोई बैंक या लिस्टेड कंपनी अपने कर्मचारियों के लिए ईशॉप (ESOP - Employee Stock Option Plan) के तहत नए शेयर जारी करती है, तो इससे ओपन मार्केट में शेयरों की कुल संख्या में थोड़ी बढ़ोतरी (Equity Dilution) होती है। हालांकि, यस बैंक के मौजूदा मामले में अगर देखा जाए तो बैंक के शेयरों की कुल विशाल संख्या (3,138 करोड़ से अधिक) के मुकाबले यह 6.58 लाख शेयरों का नया आवंटन बेहद छोटा और नगण्य हिस्सा है। यही वजह है कि इसका यस बैंक के शेयर की कीमत पर कोई बड़ा नकारात्मक या तात्कालिक दबाव पड़ने की संभावना बेहद कम है, बल्कि यह बैंक के आंतरिक प्रबंधन और कर्मचारियों के भरोसे को सकारात्मक रूप से दर्शाता है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित वित्तीय धोखाधड़ी मामले की आरोपी नोहेरा शेख, हीरा ग्रुप ऑफ कंपनीज और उससे जुड़ी संस्थाओं की लगभग 159 करोड़ रुपए मूल्य की 23 अचल संपत्तियों की नीलामी कर दी है। एजेंसी ने शनिवार को कहा कि यह कदम देश भर में कथित तौर पर ठगे गए हजारों निवेशकों को उनका पैसा लौटाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
PM की पेट्रोल डीजल बचाने की अपील CM की रैली के लिए हुई धुंआ-धुंआ
आबूरोड। रुपया डॉलर के मुकाबले धड़ल्ले से गिर रहा है ऐसे में आयात बिल बढ़ने लगा है। विदेशी निवेशक देश के शेयर बाजार से पैसे निकाल रहे हैं। पेट्रोल और डीजल पर आयात निर्भरता के कारण ज्यादा डॉलर देने पड़ रहे हैं। विदेशी मुद्रा भंडार पड़ रहे दोहरे दबाव को कम करने के लिए प्रधानमंत्री […] The post PM की पेट्रोल डीजल बचाने की अपील CM की रैली के लिए हुई धुंआ-धुंआ appeared first on Sabguru News .
सेंसेक्स 1274 अंक उछला, फिर भी IT शेयरों ने बढ़ाई टेंशन! अगले हफ्ते बाजार में क्या होगा?
Share Market Weekly Review : भारतीय शेयर बाजार के लिए जून का तीसरा हफ्ता भी भारी उठापटक वाला रहा। अमेरिका ईरान पीस डील की वजह से 4 दिन बाजार हरे निशान में रहा तो आईटी शेयरों में भारी गिरावट के चलते हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन बाजार लाल निशान में बंद ...
अमेरिका-ईरान शांति समझौते की उम्मीद से शेयर बाजार में खुशहाली
मुंबई, अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर बढ़ी उम्मीदों तथा ब्रेंट क्रूड की कीमतों में गिरावट के कारण निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ।
क्ले क्राफ्ट का आईपीओ 96 गुना सब्सक्राइब हुआ
क्ले क्राफ्ट इंडिया लिमिटेड के 110.11 करोड़ रुपए के आईपीओ को करीब 96 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है। कंपनी के अनुसार, संस्थागत निवेशकों से 119 गुना, गैर-संस्थागत से 155 गुना और रिटेल निवेशकों से 72 गुना सब्सक्राइब मिला। आईपीओ से जुटाई गई राशि का उपयोग कंपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने आैर अत्याधुनिक मशीनों की खरीद के लिए करेगी। इससे कंपनी की उत्पादन क्षमता में करीब 4,000 मीट्रिक टन प्रति वर्ष की वृद्धि होगी, जो अभी सालाना लगभग 6,000 मीट्रिक टन है। कंपनी के पास 5,770 से अधिक उत्पादों की शृंखला, 130 से ज्यादा वितरकों का नेटवर्क और 1,390 से अधिक कर्मचारियों की टीम है। यह क्राकरी और टेबलवेयर उत्पादों का निर्माण कर रही है। कंपनी के शेयर 24 जून को एनएसई इमर्ज पर सूचीबद्ध होंगे।
भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का दौर, आईटी शेयरो में जारी रही बिकवाली
मुंबई, भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार के कारोबारी सत्र में लाल निशान में बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 607.08 अंक या 0.78 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 76,802.90 और निफ्टी 154.90 अंक या 0.64 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,013.10 पर था।
Share Bazaar में भारी गिरावट, Sensex 607 अंक लुढ़का, Nifty भी टूटा, IT शेयरों में बिकवाली का दिखा असर
Share Market Update News : भारतीय शेयर बाजार में आज बड़ी गिरावट आई। इसकी सबसे बड़ी वजह आईटी शेयरों में भारी बिकवाली रही। देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस का शेयर 7 प्रतिशत लुढ़क गया। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 607.08 अंक यानी 0.78 प्रतिशत लुढ़ककर 76802.90 पर आ गया, वहीं एनएसई का निफ्टी 154.90 अंक यानी 0.64 प्रतिशत टूटकर 24013.10 पर बंद हुआ। सेंसेक्स में सबसे ज्यादा नुकसान इंफोसिस को हुआ। इंफोसिस के शेयर में 9 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके बाद टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा में गिरावट आई। भारतीय शेयर बाजार में आज बड़ी गिरावट आई। इसकी सबसे बड़ी वजह आईटी शेयरों में भारी बिकवाली रही। देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस का शेयर 7 प्रतिशत लुढ़क गया। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 607.08 अंक यानी 0.78 प्रतिशत लुढ़ककर 76802.90 पर आ गया, वहीं एनएसई का निफ्टी 154.90 अंक यानी 0.64 प्रतिशत टूटकर 24013.10 पर बंद हुआ। ALSO READ: Share Bazaar में लगातार 5वें दिन तेजी, Sensex 77400 के पार, Nifty में भी जबरदस्त उछाल सेंसेक्स में सबसे ज्यादा नुकसान इंफोसिस को हुआ। इंफोसिस के शेयर में 9 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके बाद टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा में गिरावट आई। इसके अलावा रियल्टी, ऑटो और ऑयल एंड गैस सेक्टर भी दबाव में रहे। इस गिरावट से कंपनी के मार्केट कैप में 40000 करोड़ रुपए की गिरावट आई। बीएसई पर यह पिछले सत्र में 1,127.25 रुपए पर बंद हुआ था और आज 1,063.05 रुपए पर खुला। इस गिरावट से कंपनी का मार्केट कैप 3,63,500.47 करोड़ रुपए रह गया। दूसरी तरफ हेल्थकेयर, फार्मा, इंडिया डिफेंस, एनर्जी, इन्फ्रा, मीडिया, मेटल और कंजप्शन हरे निशान में बंद हुए। ALSO READ: लगातार चौथे दिन Share Bazaar में उछाल, Sensex 77000 के पार, Nifty में भी जोरदार तेजी इससे पहले यानी गुरुवार को मजबूत खरीदारी के दम पर भारतीय शेयर बाजार ने शुरुआती दबाव को पछाड़ते हुए लगातार 5वें दिन बढ़त का सिलसिला कायम रखा। टेक्सटाइल सेक्टर में भी जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली। इसकी वजह भारत और ब्रिटेन के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट यानी FTA रहा, जो 15 जुलाई 2026 से लागू होने जा रहा है। कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 254.36 अंक (0.33 फीसदी) की शानदार बढ़त के साथ 77409.98 के ऐतिहासिक स्तर पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 82.30 अंक (0.34 फीसदी) उछलकर 24168.00 के पार निकल गया, जो निवेशकों के मजबूत भरोसे को दर्शाता है। Edited By : Chetan Gour
जियो आईपीओ का इंतजार खत्म, 27 करोड़ शेयरों तक का फ्रेश इश्यू लाएगी कंपनी
जियो प्लेटफॉर्म्स के बोर्ड ने आईपीओ दस्तावेज को मंजूरी दी सेबी, बीएसई और एनएसई के पास दाखिल होगा ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस देश के सबसे चर्चित IPO में से एक माने जा रहे जियो प्लेटफ़ॉर्म्स के सार्वजनिक निर्गम की औपचारिक प्रक्रिया शुरू हो गई है। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने स्टॉक एक्सचेंजों को दी जानकारी में बताया कि जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के बोर्ड ने 27 करोड़ इक्विटी शेयरों तक के फ्रेश इश्यू को मंजूरी दी है। इन शेयरों की फेस वैल्यू 10 रुपये प्रति शेयर होगी। इश्यू प्राइस बुक बिल्डिंग प्रक्रिया के जरिए तय किया जाएगा। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की 49वीं वार्षिक आम बैठक में चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश डी. अंबानी ने बताया कि जियो प्लेटफॉर्म्स के बोर्ड ने ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस को मंजूरी दे दी है और इसे आज सेबी के पास दाखिल किया जाएगा। कंपनी ने बीएसई और एनएसई को दी सूचना में भी कहा है कि यह आईपीओ आवश्यक नियामकीय मंजूरियों के अधीन रहेगा। एजीएम में मुकेश अंबानी ने इसे रिलायंस परिवार और उसके लाखों शेयरधारकों के लिए भावनात्मक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि रिलायंस और उसके शेयरधारकों का संबंध गर्व, विश्वास, सम्मान और साझा विकास पर आधारित एक गहरा और पवित्र रिश्ता है। मुकेश अंबानी ने कहा कि जियो की प्रस्तावित लिस्टिंग दुनिया को यह दिखाएगी कि भारत वैश्विक स्तर, वैश्विक क्षमता और वैश्विक मूल्य वाली टेक्नोलॉजी कंपनियां बना सकता है। मैं आपको और सभी संभावित नए निवेशकों को आश्वस्त करता हूं कि जियो का भविष्य और भी उज्ज्वल है। उन्होंने यह भी कहा कि इस वर्ष वैल्यू क्रिएशन का सबसे महत्वपूर्ण मील का पत्थर जियो का निकट भविष्य में आने वाला आईपीओ है। उनके अनुसार, यह रिलायंस शेयरधारकों के लिए बड़ा वैल्यू अनलॉक करेगा और नए निवेशकों के लिए आकर्षक निवेश अवसर पेश करेगा। जियो ने पिछले दस वर्षों में भारत के डिजिटल परिदृश्य को बदलने में निर्णायक भूमिका निभाई है। मुकेश अंबानी ने कहा कि जियो ने जब अपनी यात्रा शुरू की उस समय वॉइस महंगी थी, डेटा महंगा था और स्पीड कमजोर थी। जियो ने वॉइस को मुफ्त और हाई-स्पीड डेटा को किफायती बनाया, आज जियो का यूजर बेस 52.4 करोड़ को पार कर चुका है। कंपनी का 5जी सब्सक्राइबर बेस 26.8 करोड़ से अधिक है, जो चीन के बाहर किसी एक देश के ऑपरेटर के लिए सबसे बड़ा है। जियोएयरफाइबर भी 1.3 करोड़ कनेक्टेड होम्स तक पहुंच गया है और जियो दुनिया का सबसे बड़ा फिक्स्ड वायरलेस ब्रॉडबैंड ऑपरेटर बन गया है। जियो की अगली ग्रोथ यात्रा पांच प्रतिबद्धताओं पर आधारित होगी। इनमें जियो ट्रू 5जी को भारत की अगली डिजिटल छलांग की नींव बनाना, जियोएयरफाइबर के जरिए हाई-स्पीड होम ब्रॉडबैंड को देश के हर हिस्से तक पहुंचाना, भारतीय उद्यमों और छोटे कारोबारों को डिजिटल बनाना, हर जगह और हर व्यक्ति तक एआई पहुंचाना और भारत की टेक्नोलॉजी को दुनिया तक ले जाना शामिल है। जियो आईपीओ की औपचारिक प्रक्रिया शुरू होना केवल एक लिस्टिंग इवेंट नहीं है। यह भारत की टेक्नोलॉजी क्षमता, रिलायंस शेयरधारकों के वैल्यू अनलॉक और जियो की अगली ग्रोथ यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है।
भारतीय शेयर बाजार में आयी गिरावट, लाल निशान में खुला बाजार
मुंबई, सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार अपने लगातार पांच सत्रों की तेजी खोकर गिरावट के साथ लाल निशान में खुला।
एक्सेंचर के कमजोर अनुमान से आईटी शेयरों में बड़ी गिरावट, निफ्टी आईटी 6 प्रतिशत से ज्यादा टूटा
ग्लोबल टेक्नोलॉजी सर्विसेज कंपनी एक्सेंचर द्वारा अपने राजस्व वृद्धि (रेवेन्यू ग्रोथ) अनुमान में कटौती करने और मांग के कमजोर रहने के संकेत देने के बाद शुक्रवार को आईटी शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली। इसके चलते निफ्टी आईटी इंडेक्स 6 प्रतिशत से अधिक टूट गया और वैश्विक तकनीकी खर्च में सुधार की रफ्तार को लेकर निवेशकों की चिंताएं फिर बढ़ गईं।
भारत और स्विट्जरलैंड के बीच वर्ष 2018 से ‘ऑटोमैटिक एक्सचेंज ऑफ इंफॉर्मेशन’ (एईओआई) व्यवस्था लागू है। इसके तहत दोनों देशों के बीच हर साल बैंक खातों से जुड़ी जरूरी वित्तीय जानकारी साझा की जाती है।
आईटी सेक्टर में भारी बिकवाली से सेंसेक्स 800 अंक लुढ़का
मुंबई। आईटी सेक्टर की कंपनियों में भारी बिकवाली के दबाव में शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में बीएसई का सेंसेक्स 800 अंक गिर गया। लगातार पांच दिन की तेजी के बाद सेंसेक्स 557.12 अंक टूटकर 76,852.86 अंक पर खुला। आईटी कंपनियों में बिकवाली से इसकी गिरावट और बढ़ी। खबर लिखे जाते समय यह 811.19 अंक (1.05 […] The post आईटी सेक्टर में भारी बिकवाली से सेंसेक्स 800 अंक लुढ़का appeared first on Sabguru News .
साइबर ठगों ने एक कंपनी के कर्मचारी से 17 लाख रुपये की ठगी कर ली। उन्होंने क्रिप्टो करेंसी में निवेश करने पर मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर जाल में फंसाया। ठगों ने पिछले साल पीड़ित के वाट्सऐप नंबर एक एसएमएस भेजा। इसके बाद ग्रुप पर जोड़कर धीरे-धीरे करके रकम ट्रांसफर करा ली। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित स्टेलर जीवन सोसाइटी निवासी जसविंदर सिंह ने पुलिस को बताया कि वह एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं। वह शेयर बाजार में निवेश करने में भी रुचि रखते हैं। पिछले साल 23 जून को उनके वाट्सऐप पर एक मैसेज आया। भेजने वाले का दावा था कि क्रिप्टो करेंसी में निवेश करने पर वह मोटा मुनाफा दिला सकता है। उन्होंने निवेश करने पर रुचि जताई तो आरोपियों ने उन्हें एक ग्रुप पर जोड़ दिया। 200 से ज्यादा लोग पहले से जुड़े थेग्रुप में 200 से अधिक लोग जुड़े हुए थे। जालसाजों की टीम ग्रुप में निवेश करने के टिप्स दे रही थी। ग्रुप में जुड़े लोग रकम निवेश करने और मुनाफा मिलने की जानकारी के स्क्रीन शॉट साझा कर रहे थे। जालसाजों ने उन्हें निवेश करने पर कम से कम समय में तीन गुना तक मुनाफा दिलाने का दावा किया। इसके बाद ठगों ने उन्हें वेबसाइट पर पंजीकरण कराया और निवेश कराना शुरू कर दिया। शुरुआत में किए निवेश पर उन्हें लाभ हुआ। धीरे-धीरे कर ट्रांसफर किए 17 लाखइसके बाद वह धीरे-धीरे करके रकम जालसाजों द्वारा बताए बैंक खातों में ट्रांसफर करते चले गए। 20 अगस्त तक उन्होंने करीब 17 लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर किए। वेबसाइट पर निवेश की गई रकम से कई गुना अधिक दिखाई दे रही थी। जब उन्होंने रुपये निकालने के लिए कहा तो जालसाजों ने विभिन्न प्रकार के कर जमा करने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। उनको ग्रुप से बाहर कर दिया।
Share Bazaar में लगातार 5वें दिन तेजी, Sensex 77400 के पार, Nifty में भी जबरदस्त उछाल
Share Market Update News : मजबूत खरीदारी के दम पर भारतीय शेयर बाजार ने शुरुआती दबाव को पछाड़ते हुए लगातार 5वें दिन बढ़त का सिलसिला कायम रखा। टेक्सटाइल सेक्टर में भी जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली। इसकी वजह भारत और ब्रिटेन के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट ...
दिग्गज ब्रोकरेज फर्म 'मोतीलाल ओसवाल' (Motilal Oswal) ने बैंकिंग और मेटल सेक्टर में बहार आने की घोषणा करते हुए 5 दमदार स्टॉक्स की लिस्ट जारी की है, जिसमें SBI और टाटा स्टील जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इसके अलावा मैनकाइंड फॉर्मा, कमिंस इंडिया और ग्रो के ...
अमेरिकी फेड के फैसले के बाद भारतीय शेयर बाजार की फ्लैट शुरुआत, सेंसेक्स-निफ्टी में मामूली गिरावट
अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा सख्त रुख अपनाने के बाद वैश्विक शेयर बाजारों में गिरावट के बीच भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार के सत्र में कारोबार की शुरुआत फ्लैट की। इस दौरान निफ्टी50 और सेंसेक्स में मामूली गिरावट दर्ज की गई।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ लाने की तैयारी कर रही है। उसने 30,000 करोड़ के आईपीओ के लिए सेबी के पास दस्तावेज दाखिल किए हैं। इश्यू पूरी तरह से मौजूदा शेयरधारकों द्वारा ऑफर फॉर सेल पर आधारित होगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक NSE ने अपना Draft Red Herring Prospectus (DRHP) दाखिल कर दिया है। NSE पर लिस्ट सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैप लगभग 438.9 लाख करोड़ रुपये है, जो BSE के मुकाबले अधिक है। कौन कितने शेयर बेचेगा? एनएसई का प्रस्तावित आईपीओ पूरी तरह ऑफर फॉर सेल पर आधारित होगा। इसमें मौजूदा शेयरधारक कुल 14.89 करोड़ शेयर बेचेंगे। इस इश्यू के जरिए शेयरधारक मिलकर एनएसई में अपनी करीब छह प्रतिशत हिस्सेदारी बेचेंगे। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) 2.48 करोड़ शेयर बेचेगा, जबकि एमएस स्ट्रैटेजिक (मॉरीशस) लिमिटेड 1.60 करोड़ शेयरों की बिक्री करेगा। कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड 1.19 करोड़ शेयर, अरांडा इन्वेस्टमेंट्स (मॉरीशस) प्रा. लि. 1.12 करोड़ शेयर, बैंक ऑफ बड़ौदा 1.10 करोड़ शेयर और स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड 1.09 करोड़ शेयर बेचेगा। एनएसई के बोर्ड ने फरवरी में दी थी मंजूरी? एनएसई के निदेशक मंडल ने छह फरवरी को प्रस्तावित आईपीओ को मंजूरी दी थी। यह मंजूरी भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) मिलने के बाद दी गई थी। एनएसई ने इससे पहले 2016 में लगभग 10,000 करोड़ रुपए जुटाने के लिए आईपीओ दस्तावेज दाखिल किए थे, लेकिन सेबी ने कामकाज के संचालन और को-लोकेशन मामले से जुड़ी चिंताओं के कारण मंजूरी रोक दी थी। भारत के सबसे बड़े आईपीओ इससे पहले 2024 में हुंडई मोटर्स ने 27870 करोड़ और 2022 में एलआईसी ने 21008 करोड़ का आईपीओ लांच किया था। 2021 में पेटीएम ने आईपीओ से 18,300 करोड़ रुपए जुटाए थे जबकि 2025 में टाटा कैपटल्स और 2010 में कोल इंडिया 15,000 करोड़ से ज्यादा के आईपीओ लाए थे। अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें। edited by : Nrapendra Gupta
नारनौल में निवेश के नाम पर ₹3.69 लाख हड़पे:टेलीग्राम पर फंसाया, पहले 1450 रुपए लौटाकर जीता विश्वास
हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है। गांव खोर निवासी एक युवक से टेलीग्राम के माध्यम से निवेश और ऑनलाइन टास्क के नाम पर 3.69 लाख रुपए की ठगी कर ली गई। पीड़ित की शिकायत पर साइबर अपराध थाना नारनौल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गांव खोर निवासी सुनील पुत्र महेंद्र सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह वर्तमान में नीमराना स्थित जय मां भवानी ट्रांसपोर्ट कंपनी में कार्यरत है। 24 अप्रैल 2026 को उसकी टेलीग्राम आईडी पर एक अज्ञात आईडी से संदेश आया। संदेश भेजने वाली महिला ने अपना नाम आशा बताया और छोटे-छोटे ऑनलाइन टास्क पूरा कर मुनाफा कमाने का लालच दिया। कई बार जमा कराए रुपए शिकायतकर्ता के अनुसार उसने 25 अप्रैल को बताए गए यूपीआई खाते में 1,000 रुपए ट्रांसफर किए। इसके बदले उसे 1,450 रुपए वापस मिले, जिससे उसका भरोसा बढ़ गया। बाद में उसे एक अन्य टेलीग्राम आईडी से जोड़ा गया, जहां उससे पहले 2,000 और फिर 12,000 रुपए निवेश करवाए गए। इसके बाद आरोपियों ने उसका कथित मुनाफा रोक लिया और अधिक राशि जमा कराने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। आखिरी बार मांगे 22400 सुनील ने बताया कि बाद में उसे एक अन्य व्यक्ति से जोड़ा गया, जिसने स्वयं को मैनेजर बताते हुए अधिक लाभ का लालच दिया। आरोपियों के कहने पर उसने अलग-अलग किस्तों में पैसे ट्रांसफर किए। 13 मई को उसने अंतिम बार 22,400 रुपए भेजे, लेकिन इसके बाद भी उससे लगातार और पैसे मांगे जाते रहे। भाई के खाते से भेजे रुपए पीड़ित के अनुसार उसने अपने एसबीआई और यूको बैंक खातों के अलावा अपने भाई के बैंक खाते से भी रकम ट्रांसफर की। इस तरह कुल 3 लाख 69 हजार रुपए आरोपियों के खातों में भेज दिए गए। ठगी का एहसास होने पर उसने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई।
उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में राजधानी लखनऊ की भूमिका लगातार मजबूत होती जा रही है। जनपद की अर्थव्यवस्था 1.68 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है और प्रदेश की कुल जीडीपी में इसका योगदान 5.56 प्रतिशत है। प्रदेश की जीडीपी में 5.56% हिस्सेदारी के साथ लखनऊ वर्तमान में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में चौथे स्थान पर माना जा रहा है और सेवा क्षेत्र इसकी सबसे बड़ी ताकत है। लखनऊ क्यों है टॉप-5 में? लखनऊ की 1.68 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से सेवा क्षेत्र पर आधारित है। इसकी सेक्टरवार हिस्सेदारी इस प्रकार है।• सेवा क्षेत्र : 62.76%• औद्योगिक क्षेत्र : 30.14%• कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र : 7.10% लखनऊ की जीडीपी बढ़ाने वाले प्रमुख सेक्टर1. स्वास्थ्य सेवाएं (केजीएमयू, एसजीपीजीआई, निजी अस्पताल)2. शिक्षा और रिसर्च संस्थान3. आईटी एवं सेवा क्षेत्र4. रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर5. उद्योग, एमएसएमई और निवेश सेवा क्षेत्र के दम पर आगे बढ़ रही राजधानी की अर्थव्यवस्था वर्ष 2024-25 के आंकड़ों के अनुसार लखनऊ की अर्थव्यवस्था में सबसे बड़ा योगदान सेवा क्षेत्र का है। कुल जीडीपी में सेवा क्षेत्र की हिस्सेदारी 62.76 प्रतिशत है। शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग, सूचना प्रौद्योगिकी, रियल एस्टेट, होटल और पर्यटन जैसी गतिविधियां राजधानी की आर्थिक ताकत बनी हुई हैं। राजधानी होने के कारण सरकारी और निजी संस्थानों की बड़ी मौजूदगी भी इस क्षेत्र को मजबूती दे रही है।इसके बाद औद्योगिक क्षेत्र 30.14 प्रतिशत योगदान के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों की हिस्सेदारी 7.10 प्रतिशत है। टॉप-5 सेक्टर लखनऊ की अर्थव्यवस्था को दे रहे गति लखनऊ की जीडीपी को गति देने में सेवा क्षेत्र सबसे बड़ा योगदानकर्ता है। इसके अलावा औद्योगिक और विनिर्माण क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहे हैं। कृषि और उससे जुड़े व्यवसाय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहे हैं। निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा दे रही हैं, जबकि परिवहन और लॉजिस्टिक्स सेक्टर राजधानी को उत्तर भारत के महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी केंद्र के रूप में स्थापित कर रहे हैं।स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा संस्थानों, आईटी और डिजिटल सेवाओं, फार्मा उद्योग, एमएसएमई इकाइयों और रियल एस्टेट क्षेत्र में लगातार बढ़ रही गतिविधियां भी आर्थिक विकास के प्रमुख आधार बनकर उभरी हैं। 58,300 करोड़ के निवेश प्रस्तावों से मिलेगी नई रफ्तार ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के तहत लखनऊ में 58,300 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें से लगभग 28,900 करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर उतर चुका है। इससे करीब 37,500 रोजगार सृजित होने की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा 16 औद्योगिक इकाइयां वाणिज्यिक संचालन शुरू कर चुकी हैं, जिससे औद्योगिक गतिविधियों को और बल मिलेगा। कृषि, एफपीओ और आधुनिक तकनीक पर फोकस कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए 54 किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) गठित किए जा चुके हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से 2.70 लाख से अधिक किसान लाभान्वित हो रहे हैं। सरकार मिलेट्स उत्पादन, वैज्ञानिक खेती, डेयरी, पशुपालन और मत्स्य पालन को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी से बढ़ेगी आर्थिक ताकत कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे, आउटर रिंग रोड, एयरपोर्ट विस्तार, मेट्रो और सड़क परियोजनाओं से राजधानी की कनेक्टिविटी मजबूत हो रही है। जल जीवन मिशन, शहरी विकास और आधारभूत ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं के पूरा होने से आर्थिक गतिविधियों को और गति मिलने की उम्मीद है। आईटी , हेल्थ और एजुकेशन हब के रूप में विकसित करने की तैयारी सरकार की योजना लखनऊ को मेडिकल, एजुकेशन और आईटी सेक्टर के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की है। निवेशकों को बेहतर माहौल उपलब्ध कराने, नई औद्योगिक इकाइयों को बढ़ावा देने और डिजिटल सेवाओं का विस्तार करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। साथ ही स्मार्ट सिटी और सेफ सिटी परियोजनाओं के माध्यम से कानून व्यवस्था और शहरी सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था में राजधानी से बड़ी उम्मीदें वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री और लखनऊ के प्रभारी मंत्री सुरेश कुमार खन्ना का मानना है कि प्रदेश की वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने में राजधानी की भूमिका निर्णायक होगी। कृषि, उद्योग, निवेश और सेवा क्षेत्र में संतुलित विकास के जरिए लखनऊ को प्रदेश की आर्थिक राजधानी के रूप में स्थापित करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। आने वाले वर्षों में राजधानी का योगदान और बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। आगे क्या है योजना?58,300 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों, आईटी सिटी, डिफेंस कॉरिडोर, एक्सप्रेस-वे, एयरपोर्ट विस्तार, मेट्रो और औद्योगिक परियोजनाओं के जरिए लखनऊ को प्रदेश की वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बनाने की तैयारी की जा रही है।
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (18 जून, 2026)
1. मेष राशि (Aries) Today Horoscope Rashifal 18 June 2026: करियर: ऑफिस में किसी पेंडिंग काम को पूरा करने में सफल होंगे। लव: पार्टनर के साथ छोटी सी सैर मन खुश कर देगी। धन: धन के मामले में दिन संतुलित है। स्वास्थ्य: शाम को आंखों में थकान महसूस हो सकती है। उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें। ALSO READ: सौर आषाढ़ मास 2026: जानिए इसका धार्मिक महत्व और विशेष परंपराएं 2. वृषभ (Taurus) करियर: आज खुद को शांत रखें और एक-एक कर काम निपटाएं। लव: जीवनसाथी के साथ सामंजस्य बढ़ेगा। धन: आज धन के मामले में हाथ थोड़ा तंग रह सकता है। स्वास्थ्य: पेट की समस्या परेशान कर सकती है। उपाय: छोटी कन्याओं को कुछ मीठा खिलाएं। 3. मिथुन (Gemini) करियर: आज टीम के साथ अच्छा तालमेल बना रहेगा। लव: सिंगल लोगों के लिए आज कोई नया रिश्ता दस्तक दे सकता है। धन: कहीं रुका हुआ पैसा वापस मिलने की उम्मीद है। स्वास्थ्य: मानसिक शांति के लिए थोड़ा समय अकेले बिताएं। उपाय: पक्षियों को पानी पिलाएं और दाना डालें। 4. कर्क (Cancer) करियर: कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों से बहस न करें। लव: भावुकता में आकर कोई बड़ा फैसला न लें। धन: घर की मरम्मत या सजावट पर पैसा खर्च हो सकता है। स्वास्थ्य: ठंडा पानी पीने से परहेज करें। उपाय: शिवलिंग पर जल अर्पित करें। 5. सिंह (Leo) करियर: आपके काम करने के तरीके की प्रशंसा होगी। लव: लव लाइफ में रोमांच रहेगा। धन: आज लिया गया आर्थिक फैसला भविष्य में लाभ देगा। स्वास्थ्य: ऊर्जा का स्तर ऊंचा रहेगा। उपाय: सूर्य देव को अर्घ्य दें। 6. कन्या (Virgo) करियर: बारीकियों पर ध्यान देने की आपकी आदत आज आपको बड़े नुकसान से बचा लेगी। लव: दांपत्य जीवन में सुख बना रहेगा। धन: धन आज सोच-समझकर खर्च करें। स्वास्थ्य: ज्यादा तनाव न लें, नींद पूरी करें। उपाय: गणेश जी को दूर्वा घास अर्पित करें। 7. तुला (Libra) करियर: आज ऑफिस में माहौल हल्का-फुल्का रहेगा। लव: रिश्तों में संतुलन बनाने की कोशिश करें। धन: विलासिता की वस्तुओं पर खर्च हो सकता है। स्वास्थ्य: कमर दर्द की शिकायत रह सकती है। उपाय: माथे पर केसर का तिलक लगाएं। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: आज मेहनत ज्यादा होगी, लेकिन निराश न हों। लव: आप अपने मन की बात पार्टनर से कह पाएंगे। धन: अचानक कोई बड़ा खर्च आ सकता है। स्वास्थ्य: पुराने रोगों से राहत मिलेगी। उपाय: हनुमान जी के सामने चमेली के तेल का दीपक जलाएं। ALSO READ: बुधादित्य और गजलक्ष्मी योग का दुर्लभ संयोग, 5 राशियों पर होगी धन-वर्षा 9. धनु (Sagittarius) करियर: अटके हुए सरकारी काम आज पूरे हो सकते हैं। लव: पार्टनर के साथ भविष्य बिताने पर चर्चा होगी। धन: शेयर बाजार या संपत्ति से लाभ मिलने के योग हैं। स्वास्थ्य: खुद को हाइड्रेटेड रखें। उपाय: शिव मंदिर में कपूर जलाएं। 10. मकर (Capricorn) करियर: कार्य में अनुशासन से योजनाओं में लाभ होगा। लव: पार्टनर के प्रति स्वभाव में नरमी लाएं। धन: धन संचय करने के लिए आज का दिन अच्छा है। स्वास्थ्य: घुटनों या जोड़ों में हल्का दर्द हो सकता है। उपाय: शनि मंदिर में सरसों के तेल का दान करें। 11. कुंभ (Aquarius) करियर: किसी पुराने प्रोजेक्ट पर दोबारा काम करना पड़ सकता है। लव: रिश्तों में नयापन महसूस होगा। धन: आज आमदनी अच्छी रहेगी, लेकिन अधिक खर्च से बचें। स्वास्थ्य: मानसिक रूप से तरोताजा महसूस करेंगे। उपाय: जरूरतमंदों को काले चने या तिल दान करें। 12. मीन (Pisces) करियर: आपकी सलाह आज दूसरों के काम आएगी। लव:पार्टनर की छोटी-छोटी खुशियों का ख्याल रखें। धन: कोई पुरानी उधारी वापस मिल सकती है। स्वास्थ्य: पैर में दर्द या सूजन हो सकती है। उपाय: भगवान विष्णु की पूजा करें। ALSO READ: Muharram 2026: कब से शुरू हो रहा है मोहर्रम मास, जानें सही डेट
शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक कर रहे सपाट कारोबार
मुंबई, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और अमेरिका-ईरान शांति समझौते को लेकर आशावाद के कारण घरेलू शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक सपाट कारोबार करते दिखाई दिए।
इंदौर में एक कथित रियल एस्टेट कारोबारी, उसकी पत्नी और पिता पर प्रॉपर्टी निवेश, प्लॉट बिक्री और समिति की सदस्यता दिलाने के नाम पर लाखों रुपए की धोखाधड़ी के आरोप लगे हैं। मामले में दो पीड़ितों ने मंगलवार को क्राइम ब्रांच और जोन-2 पुलिस अधिकारियों से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत लेकर पहुंचे मनीष लोहाना और निलेश बामनिया ने आरोप लगाया कि अभिषेक उमरे खुद को बड़ा रियल एस्टेट कारोबारी बताकर लोगों से संपर्क करता था। वह भारत सरकार लिखी वीआईपी नंबर की गाड़ियों का उपयोग करता था और प्रभावशाली परिवार से जुड़े होने का दावा कर लोगों का भरोसा जीतता था। मनीष लोहाना के मुताबिक अभिषेक उमरे ने उन्हें स्कीम नंबर-136 स्थित एक आईडीए प्लॉट में निवेश कराने और मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा दिया। शिकायत के अनुसार अलग-अलग किश्तों में अभिषेक और उसकी पत्नी के बैंक खातों में कुल 5.80 लाख रुपए जमा कराए गए। बाद में दबाव बनाने पर केवल 1.50 लाख रुपए लौटाए गए, जबकि 4.30 लाख रुपए अब तक वापस नहीं किए गए हैं। प्लॉट को अपना बताकर बेचने का वादा वहीं दूसरे शिकायतकर्ता निलेश बामनिया ने आरोप लगाया कि अभिषेक उमरे ने महालक्ष्मी नगर स्थित एक प्लॉट को अपना बताकर बेचने और एक समिति की सदस्यता दिलाने का वादा किया था। निलेश के अनुसार उन्होंने ऑनलाइन और नकद मिलाकर करीब 10 लाख रुपए दिए, लेकिन बाद में पता चला कि संबंधित प्लॉट अभिषेक के नाम पर ही नहीं है। साथ ही समिति से जुड़े कोई वैध दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं कराए गए। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि अभिषेक उमरे ने अन्य लोगों से भी प्रॉपर्टी निवेश और प्लॉट बिक्री के नाम पर रकम ली है। उन्होंने कमलेश देशमुख और तरुण पटेल सहित अन्य लोगों के साथ भी कथित धोखाधड़ी होने की जानकारी पुलिस अधिकारियों को दी। पूरे मामले में शिकायतकर्ताओं ने अभिषेक उमरे, उसकी पत्नी और पिता दिनेश उमरे की भूमिका की जांच कर वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।
मोहन मोहन सरकार की दूसरी ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट (जीआईएस-2027) भी भोपाल में होगी। जनवरी 2027 में प्रस्तावित इस निवेश महाकुंभ की तैयारियां उद्योग विभाग ने शुरू कर दी हैं। शुभारंभ के लिए पीएम नरेंद्र मोदी को बुलाने की तैयारियां की जा रही हैं। आयोजन स्थल के लिए लाल परेड ग्राउंड, ज्यूडिशियल एकेडमी के पास नीलबड़-रातीबड़ क्षेत्र और राष्ट्रीय मानव संग्रहालय की पुरानी जगह का निरीक्षण किया गया है। अंतिम चयन आमंत्रित उद्योगपतियों और निवेशकों की संभावित संख्या के आधार पर होगा। पिछली जीआईएस के दौरान सामने आई कमियों को दूर करने पर विशेष फोकस किया जा रहा है। हाल ही में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव दीपाली रस्तोगी ने तकनीकी व्यवधान और ध्वनि संबंधी समस्याओं का मुद्दा उठाया था। आयोजन को अधिक व्यवस्थित बनाने की तैयारी है। निवेश आकर्षित करने की दिशा में एमपीआईडीसी कोलार रोड स्थित सतगढ़ी के पास 172 एकड़ में नया मल्टी-प्रोडक्ट औद्योगिक क्षेत्र विकसित कर रहा है। यहां टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग और रेडीमेड गारमेंट्स से जुड़ी इकाइयों को बढ़ावा दिया जाएगा। ऐसे होगी अलग जीआईएस... दायरा बढ़ेगा, नए देशों, नए सेक्टरों पर जोर 1. अंतरराष्ट्रीय भागीदारी बढ़ाई जाएगी। इसीलिए इंडो लेटिन और इंडो-फ्रेंड्स मीट की जा रही है। इनके साथ अलग से मीट होगी। 2. अपकमिंग सेक्टर और सेमीकंडक्टर जैसे ऐसे क्षेत्र जिसमें निवेश शून्य है, होमवर्क किया जा रहा है। मप्र के ईको-सिस्टम को एक्सप्लोर किया जाएगा। 3. सीआईआई की तरह दूसरे इंडस्ट्रीयल चेंबर्स एंड कॉमर्स को भी इस बार बुलाएंगे। अलग से चर्चा रखी जाएगी। इससे समिट का दायरा बढ़ेगा। पिछली जीआईएस में 30.77 लाख करोड़ के प्रस्ताव, अब लक्ष्य और बड़ा भोपाल में आयोजित ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट (जीआईएस)-2025 में प्रदेश को 30.77 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले थे। इस आंकड़े में रीजनल इनवेस्टर्स समिट के दौरान प्राप्त प्रस्ताव भी शामिल थे। सबसे बड़ा प्रस्ताव अडाणी समूह का 1.10 लाख करोड़ रुपए का था। उद्योग विभाग को उम्मीद है कि जीआईएस-2027 में निवेश प्रस्तावों का आंकड़ा पिछली बार से अधिक रहेगा।
सीतारमण का बड़ा बयान: विदेशी निवेश बढ़ने के लिए सरकार की नयी तैयारी
नई दिल्ली, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि सरकार देश में अधिक विदेशी पूंजी आकर्षित करने के लिए आगे भी कई कदम उठाएगी और बॉन्ड मार्केट के लिए हाल में घोषित उपाय इस दिशा में सिर्फ शुरुआत हैं।
निवेश की दुनिया में अक्सर लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि आखिर में अपनी गाढ़ी कमाई से बमुश्किल की जाने वाली बचत का रुपया-पैसा कहाँ लगाएं, जहां पर वह डूबे नहीं, बल्कि सुरक्षित भी रहे। ऐसे में आप अपना रुपया-पैसा पीपीएफ (Public Provident Fund) में लगाएं या एमएफ (Mutual Fund) में। क्योंकि सच यह है कि दोनों का उद्देश्य अलग-अलग है और सही समय पर सही विकल्प चुनना ही आपके लिए अधिक महत्वपूर्ण है। इसलिए आइए आज आपको बताते हैं कि कब पीपीएफ में निवेश करें और कब एमएफ में। पहले हम बात करते हैं कि पीपीएफ (PPF) में निवेश कब न करें? आपके लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि Public Provident Fund (PPF) उन लोगों के लिए बेहतर है जो अपनी पूंजी की सुरक्षा चाहते हैं। साथ ही एक निश्चित और जोखिम-मुक्त रिटर्न पसंद करते हैं। इसके अलावा, टैक्स भी बचाना चाहते हैं। और तो और, 15 वर्ष या उससे अधिक की लंबी अवधि के लिए निवेश कर सकते हैं। चूंकि इसका महत्वपूर्ण फंडा यह है कि PPF में हर महीने की 5 तारीख से पहले पैसा जमा करने पर उस महीने का ब्याज भी मिलता है। इसलिए यदि आप मासिक निवेश करते हैं तो 1 से 5 तारीख के बीच जमा करना अधिक फायदेमंद माना जाता है। इसे भी पढ़ें: FIR कराना हो जाएगा आसान, जब जानेंगे 2026 के कानून अब हम बात करते हैं कि Mutual Fund (MF) में कब निवेश करें? तो यह गांठ बांध लीजिए कि Mutual Fund उन निवेशकों के लिए बेहतर है जो महंगाई को मात देने वाला रिटर्न चाहते हैं। साथ ही लंबी अवधि (10-15 वर्ष या अधिक) के लिए निवेश कर सकते हैं। इसके अलावा, कुछ उतार-चढ़ाव (रिस्क) सहन कर सकते हैं। और तो और संपत्ति निर्माण (Wealth Creation) का लक्ष्य रखते हैं। चूंकि इसका महत्वपूर्ण फंडा यह है कि Mutual Fund में सही समय पकड़ने की बजाय SIP (Systematic Investment Plan) के जरिए नियमित निवेश करना अधिक प्रभावी माना जाता है। जो कि बाजार ऊपर हो या नीचे, SIP लागत को औसत कर देती है। सवाल है कि किसे चुनें? आपके निवेशक का लक्ष्य क्या है? आपके पास बेहतर विकल्प क्या है? आपकी पूंजी सुरक्षा कितनी है। चूंकि पीपीएफ से टैक्स बचत होती है, रिटायरमेंट के लिए सुरक्षित फंड रहता है और लंबी अवधि में अधिक रिटर्न रिटर्न मिलता है। जबकि म्युचुअल फंड धन सृजन (Wealth Creation) के लिए अच्छा है, बशर्ते कि आप संतुलित रणनीति अपनाएं। जहां तक PPF और Mutual Fund में सबसे असरदार रणनीति की बात है तो वित्तीय विशेषज्ञ अक्सर सलाह देते हैं कि निवेशक दोनों का संयोजन रखें। एक ओर सुरक्षा और टैक्स लाभ के लिए PPF अच्छा है तो संपत्ति निर्माण और महंगाई से आगे निकलने के लिए Equity Mutual Fund SIP बेहतर है। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई व्यक्ति हर महीने ₹10,000 निवेश करना चाहता है, तो वह ₹3,000–₹4,000 PPF में और शेष राशि अच्छे इक्विटी म्यूचुअल फंड की SIP में लगा सकता है। इससे सुरक्षा और वृद्धि दोनों का लाभ मिल सकता है। निष्कर्षतः यह कहा जा सकता है कि यदि आपका लक्ष्य पूंजी की सुरक्षा है तो PPF बेहतर है। और यदि आपका लक्ष्य लंबी अवधि में बड़ा धन बनाना है तो Mutual Fund अधिक उपयुक्त हो सकता है। वहीं, दोनों का संतुलित मिश्रण अधिकांश निवेशकों के लिए व्यावहारिक और प्रभावी रणनीति साबित हो सकता है। हाँ, यहां पर यह सदैव ध्यान रखें कि Mutual Fund बाजार जोखिमों के अधीन हैं, जबकि PPF अपेक्षाकृत सुरक्षित सरकारी योजना है। लिहाजा, निवेश का निर्णय अपनी आयु, लक्ष्य, जोखिम क्षमता और समयावधि को ध्यान में रखकर करें। - कमलेश पांडेय वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार
गुरुग्राम में गोल्फ कोर्स रोड पर डीएलएफ अंडर कंस्ट्रक्शन सुपर-लग्जरी प्रोजेक्ट ‘द डहलियाज’ में शेयर बाजार के दिग्गज निवेशक मधुसूदन केला ने ₹121 करोड़ का एक आलीशान फ्लैट खरीदा है। यह सौदा करीब ₹1.93 लाख प्रति वर्ग फुट की रिकॉर्ड दर पर हुआ है, जो देश के सबसे महंगे अपार्टमेंट सौदों में से एक है। यह गुरुग्राम में भी दूसरी सबसे बड़ी डील है। 'द डहलियाज' प्रोजेक्ट इस समय देश के अमीर उद्योगपतियों और मशहूर हस्तियों की पहली पसंद बना हुआ है। इससे पहले अक्टूबर 2025 में, दिल्ली-एनसीआर के एक नामी कारोबारी ने इसी प्रोजेक्ट में ₹380 करोड़ की लागत से 4 लग्जरी अपार्टमेंट खरीदे थे। इसके अलावा पूर्व भारतीय क्रिकेटर शिखर धवन भी इस प्रोजेक्ट में करीब ₹69 करोड़ का एक अपार्टमेंट अपने नाम करवा चुके हैं। यह जानकारी रियल एस्टेट डेटा एनालिटिक्स फर्म सीआरई मैट्रिक्स द्वारा प्राप्त किए गए दस्तावेजों से सामने आई है। इन दस्तावेजों के मुताबिक प्रॉपर्टी डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक मधुसूदन केला ने द डहेलियाज के टावर नंबर एक की 20वीं मंजिल पर अपार्टमेंट खरीदा है। इस घर का कुल कारपेट एरिया 6,233.39 स्क्वायर फीट (579.06 वर्ग मीटर) है। जिसमें 1810.75 स्क्वायर फीट (168.223 वर्ग मीटर) का बड़ा बालकनी एरिया भी शामिल है। 5 कार पार्किंग स्लॉट इस फ्लैट के साथ मधुसूदन केला को बेसमेंट में 5 कार पार्किंग स्लॉट भी अलॉट किए गए हैं। संपत्ति की कुल कंसीडरेशन वैल्यू 120.71 करोड़ रुपए तय की गई है। कारपेट एरिया के हिसाब से इस फ्लैट की मूल दर 1.93 लाख रुपए प्रति स्क्वायर फीट बैठती है। यह सौदा 15 अप्रैल 2026 को रजिस्टर्ड हुआ था। हालांकि मधुसूदन केला और डीएलएफ की तरफ से अभी कोई आधिकारिक स्टेटमेंट्स जारी नहीं किया गया है। प्रॉपर्टी एक्सपर्ट इसे मुंबई के मालाबार हिल और दिल्ली के लुंटियन जोन के बराबर मान रहे हैं। बड़े निवेशक है मधुसूदन केला मधुसूदन केला भारतीय शेयर बाजार की दुनिया का बड़ा नाम हैं। वह एमके वेंचर्स कैपिटल के फाउंडर हैं। वह अपने निवेश और फैमिली ऑफिस के निवेश को मैनेज करते हैं। इससे पहले वे रिलायंस कैपिटल एसेट मैनेजमेंट में चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसरऔर चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट रह चुके हैं। उन्होंने कंपनी में बड़े इक्विटी पोर्टफोलियो तैयार करने और अलग-अलग बाजार परिस्थितियों के लिए निवेश स्ट्रैटेजी बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। लंबे समय के लिए अच्छे निवेश अवसर पहचानने की क्षमता के कारण उनकी बाजार में खास पहचान है। निवेशक उनके बाजार संबंधी नजरिए और शेयर चुनने की क्षमता पर नजर रखते हैं। फिलहाल वे शेयर, स्टार्टअप्स और दूसरे वैकल्पिक निवेश विकल्पों में निजी निवेशक के तौर पर काम कर रहे हैं। अंडर-कंस्ट्रक्शन है दी डेहलियाज डीएलएफ का यह अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट अपनी भव्यता और आधुनिक सुविधाओं के लिए चर्चा में है। कंपनी अब तक इस प्रोजेक्ट में 221 फ्लैट बेच चुकी है, जिससे उसे कुल ₹16,000 करोड़ रुपए की बिक्री हासिल हुई है। इस लोकेशन पर डीएलएफ की दी कैमेलियाज का पजेशन किया जा चुका है। जिसमें देश के कई बड़े अमीर बिजनेसमैन रहते हैं। पांच साल में पजेशन का दावा डीएलएफ ने पिछले साल दावा किया था कि 5 साल में इस सोसाइटी के अपार्टमेंट का पजेशन दे दिया जाएगा। इस सोसाइटी का ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट यानि ओसी 31 दिसंबर 2031 तक मिलने की बात कही गई है। पजेशन सौंपने के बाद 5 साल तक अगर इमारत में कोई स्ट्रक्चरल डिफेक्ट आता है, तो उसे बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के 90 दिनों के अंदर ठीक करने की जिम्मेदारी बिल्डर की होगी।
इंदौर में लोकायुक्त पुलिस ने महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक लक्ष्मी नारायण कंडवाल को बुधवार सुबह पकड़ा था। उनके घर पर पांच घंटे से अधिक समय तक तलाशी चली। जांच में उनकी पत्नी शारदा, पुत्रवधु तनु और हर्षिता के नाम पर संपत्तियां और निवेश मिले। जिनकी कीमत करोड़ों रुपए में बताई गई है। यह संपत्ति कंडवाल की ज्ञात आय से काफी अधिक पाई गई है। हालांकि, कंडवाल के बारे में यह जानकारी भी सामने आई है कि उन्होंने नौकरी के दौरान सूदखोरी का काम भी किया। अपने बेटे अभिषेक के नाम से उन्होंने छह चेक बाउंस के मामले दर्ज कराए और बाद में उनमें कोर्ट में समझौता भी किया। अभिषेक ने वर्ष 2022 में रमेश मलकानी के खिलाफ करीब छह चेक बाउंस के मामले दर्ज कराए थे। इनमें प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में समझौता हुआ था। हालांकि, सभी चेक केसरबाग रोड स्थित एक संपत्ति के सौदे से जुड़े बताए गए थे। चूंकि बाद में इस मामले में रुपए लेकर अभिषेक ने समझौता कर लिया था, इसलिए लेनदेन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, जिस समय अभिषेक और रमेश मलकानी के बीच यह लेनदेन हुआ, उस समय वह पढ़ाई कर रहा था। ऐसे में पढ़ाई के दौरान उसके पास इतनी बड़ी राशि कहां से आई, इसे लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया जाता है कि लक्ष्मी नारायण कंडवाल ने अपनी ही संपत्ति से अभिषेक को रुपए देकर इस प्रॉपर्टी संबंधी काम में लगाया था। हालांकि, अब लोकायुक्त की टीम बच्चों के नाम पर की गई संपत्तियों की भी जांच कर सकती है। कंडवाल ने 1986 में शुरू की थी नौकरी कंडवाल ने वर्ष 1986 में ग्राम सुनाला के माध्यमिक विद्यालय में सहायक शिक्षक के रूप में नौकरी शुरू की थी। बाद में वे महिला एवं बाल विकास विभाग में विभिन्न पदों पर पदोन्नत होते हुए संयुक्त संचालक बने। हालांकि, कंडवाल के पुत्र अभिषेक और पवन के नाम पर एक सुपर मार्केट होने की जानकारी भी सामने आई है। जांच में इस व्यवसाय में करीब 35.73 लाख रुपए के निवेश की जानकारी मिली थी, लेकिन लोकायुक्त को कोर्ट में संपत्ति संबंधी मामलों, चेक बाउंस प्रकरणों और समझौते में प्राप्त राशि के संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई थी। नौकरी के दौरान यहां रहे कंडवाल कंडवाल के बारे में जानकारी मिली है कि वे नौकरी के दौरान नीमच, खरगोन, उज्जैन, जबलपुर, भोपाल, रीवा सहित अन्य स्थानों पर पदस्थ रहे हैं। हालांकि, लोकायुक्त अधिकारियों ने उनके परिवार के नाम पर मिली संपत्तियों के आधार पर इन पहलुओं को भी जांच में शामिल किया है। लोकायुक्त पुलिस जल्द ही इस मामले में पूरी संपत्ति का विवरण तैयार कर राज्य शासन को भेजेगी। वहीं, कंडवाल को पद से हटाने के लिए विभाग को पत्र भी भेज सकती है। ………………………… यह खबर भी पढ़ें… जॉइंट डायरेक्टर के पास आलीशान जिम, सुपर मार्केट इंदौर में लोकायुक्त टीम ने बुधवार सुबह महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक (जॉइंट डायरेक्टर) लक्ष्मी नारायण कंडवाल के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। शुरुआती जांच में अधिकारी की वैध आय की तुलना में 241 प्रतिशत अधिक संपत्ति मिलने के प्रमाण सामने आए हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें...
ऑनलाइन निवेश फ्रॉड पर ईडी की बड़ी कार्रवाई, चार शहरों में 8 ठिकानों पर छापेमारी
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कोलकाता जोनल ऑफिस ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत ऑनलाइन निवेश फ्रॉड के एक मामले में 1 और 4 जून 2026 को मुंबई, ठाणे, बैंगलोर और गुरुग्राम में आठ जगहों पर तलाशी अभियान चलाया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ में आयोजित D3 त्रिवेणी कार्यक्रम के दौरान सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर्स और डिजिटल क्रिएटर्स के साथ संवाद किया। कार्यक्रम में विभिन्न विषयों पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं, रोजगार, शिक्षा, निवेश, अयोध्या के विकास और प्रदेश की बदलती पहचान को लेकर अपनी सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का युवा अब पहचान के संकट से बाहर निकल चुका है और आज प्रदेश में रोजगार तथा अवसरों की कोई कमी नहीं है। सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर एवं शिक्षक वेदांत सिंह हजारी ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में करीब एक करोड़ नए युवा मतदाता पहली बार मतदान करेंगे। ऐसे में शिक्षा, रोजगार और अवसरों को लेकर जागरूक इस युवा वर्ग को सरकार पर भरोसा क्यों करना चाहिए। 2017 से पहले की स्थिति याद रखने की जरूरत: योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जवाब देते हुए कहा कि आज का युवा प्रतिभाशाली और ऊर्जा से भरपूर है। उन्होंने कहा कि 2027 में मतदान करने वाला 18 से 25 वर्ष का युवा वर्ष 2017 से पहले की परिस्थितियों को प्रत्यक्ष रूप से नहीं जानता। उस समय उत्तर प्रदेश की पहचान दंगों, कर्फ्यू, भ्रष्टाचार और विकास के अभाव से जुड़ी हुई थी। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब प्रदेश के कई युवा खुद को उत्तर प्रदेश का बताने में संकोच करते थे। राज्य की छवि देश और दुनिया में अच्छी नहीं थी, जिसका सबसे बड़ा नुकसान युवाओं को उठाना पड़ा। रोजगार और अवसरों की कमी के कारण उन्हें संघर्ष करना पड़ता था। पहचान से अवसर तक, बदली यूपी की तस्वीर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने प्रदेश की छवि बदलने का संकल्प लिया था और आज उसका परिणाम सामने है। उन्होंने दावा किया कि अब उत्तर प्रदेश का युवा देश और दुनिया में सम्मान के साथ अपनी पहचान बनाता है। उन्होंने कहा कि पहले लोग यूपी के युवाओं से दूरी बनाते थे, जबकि अब उन्हें सम्मान और अवसर दोनों मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश का माहौल बना है और देश में सर्वाधिक निवेश आकर्षित करने वाले राज्यों में उत्तर प्रदेश अग्रणी है। बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट और औद्योगिक परियोजनाओं ने रोजगार के नए अवसर पैदा किए हैं। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का किया जिक्र संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि यह उत्तर प्रदेश के विकास की नई पहचान है। उन्होंने बताया कि जेवर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की परिकल्पना वर्षों पहले हुई थी, लेकिन उनकी सरकार ने इसे जमीन पर उतारने का काम किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि एयरपोर्ट के लिए जिन किसानों की भूमि अधिग्रहित की गई थी, उन्हें पहली उड़ान में आमंत्रित किया गया। किसानों ने लखनऊ पहुंचकर उनसे मुलाकात की और सरकार के प्रति संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं में किसानों और युवाओं को साझेदार बनाया जा रहा है। अयोध्या आध्यात्मिक पर्यटन का वैश्विक मॉडल D3 त्रिवेणी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अयोध्या के विकास का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अयोध्या केवल एक धार्मिक नगरी नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों को विरासत में देने योग्य एक अनुपम उपहार है। अयोध्या ने यह साबित किया है कि आध्यात्मिक पर्यटन किसी शहर के विकास का मजबूत आधार बन सकता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले लोग अयोध्या का नाम लेने और वहां जाने से भी डरते थे, जबकि आज अयोध्या चारों दिशाओं से फोर लेन सड़कों, डबल ब्रॉडगेज रेलवे लाइन और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से जुड़ चुकी है। विपक्ष पर भी साधा निशाना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिना किसी दल का नाम लिए विपक्ष पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि अब रामभक्ति की बात वे लोग भी कर रहे हैं जिन्होंने कभी रामभक्तों पर गोलियां चलवाई थीं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने संत समाज की उपेक्षा की थी, उन्हें अब साधु-संतों के सम्मान की याद आ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश विकास, सांस्कृतिक विरासत और सुशासन के नए मॉडल के रूप में उभर रहा है और आने वाले वर्षों में युवाओं की भूमिका इसमें सबसे महत्वपूर्ण होगी।
गुरुग्राम पुलिस ने शेयर बाजार में निवेश के नाम पर हुई 23.21 लाख रुपए की साइबर ठगी के मामले में 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी ठगी करने वाले गिरोह को बैंक खाते उपलब्ध कराते थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान विकास पांडे निवासी शिवपुरी, मध्य प्रदेश, वर्तमान में ग्वालियर और सुमित सेन निवासी ग्वालियर, मध्य प्रदेश के रूप में हुई है। यह कार्रवाई साइबर अपराध थाना दक्षिण गुरुग्राम की पुलिस ने की है। पुलिस के अनुसार, 9 फरवरी 2024 को एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता को वॉट्सएप ग्रुप के माध्यम से शेयरों में निवेश कर अधिक मुनाफा कमाने का झांसा दिया गया था। ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराते थे ठगों ने पीड़ित से विभिन्न बैंक खातों में लगभग 23 लाख 21 हजार रुपए ट्रांसफर करवाकर उसे साइबर ठगी का शिकार बनाया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और साइबर अपराध थाना दक्षिण की टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस जांच में सामने आया कि ठगी गई रकम में से 3 लाख रुपए जिस बैंक खाते में ट्रांसफर हुए थे, वह खाता सुभाष राठौड़ के नाम पर था। इस मामले में सुभाष राठौड़ को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पूछताछ में पता चला कि सुभाष ने अपना बैंक खाता 25 हजार रुपए में विकास पांडे और सुमित सेन को दिया था। 50 हजार रुपए में बेचा बैंक खाता इसके बाद, विकास पांडे और सुमित सेन ने वही बैंक खाता 50 हजार रुपए में एक अन्य व्यक्ति को बेच दिया। इस खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए किया गया था। गुरुग्राम पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और साइबर ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति या व्हाट्सएप/टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से मिलने वाले निवेश संबंधी प्रस्तावों पर भरोसा न करें और संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर थाना में दें।
मिथुन राशि में सूर्य का प्रवेश आज, बुध से युति दिखाएगी कई प्रभाव
ग्रहों के राजा सूर्यदेव 15 जून, सोमवार को वृषभ राशि से निकलकर मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। ज्योतिषीय दृष्टि से यह राशि परिवर्तन महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसका सीधा प्रभाव देश-दुनिया की गतिविधियों और सभी 12 राशियों के जातकों के जीवन पर पड़ेगा। सूर्य 15 जून से मिथुन राशि में अपना गोचर शुरू करेंगे और अगले एक महीने यानी 16 जुलाई तक इसी राशि में विराजमान रहेंगे। ज्योतिषविद डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि सूर्य को तेज, यश, मान-सम्मान, उच्च पद, नेतृत्व क्षमता और सरकारी सफलता का कारक ग्रह माना गया है। मिथुन राशि के स्वामी बुध हैं और सूर्य-बुध की आपस में मित्रता होने के कारण यह गोचर संवाद, शिक्षा, व्यापार, राजनीति, मीडिया और लोगों की निर्णय क्षमता को विशेष रूप से प्रभावित करेगा। शासन-प्रशासन में नई नीतियां आ सकती हैं और राजनीतिक गतिविधियों में तेजी देखने को मिलेगी। शुरुआती दौर में शेयर बाजार में कुछ गिरावट और व्यापारिक गतिविधियों में मंदी रह सकती है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय व्यापार में बढ़ोतरी के साथ बाजार दोबारा गति पकड़ेगा। राजनीतिक क्षेत्र में उथल-पुथल, आरोप-प्रत्यारोप, सत्ता-संगठनों में बड़े बदलाव और धरना-प्रदर्शन जैसी गतिविधियां बढ़ सकती हैं। प्राकृतिक आपदाओं की आशंका भी रहेगी। शिक्षा व्यवस्था में सुधार के योग हैं, जबकि मनोरंजन, फिल्म और फैशन से जुड़े क्षेत्र चर्चा में रहेंगे। सभी 12 राशियों पर इस गोचर के ये असर संभावित, जानिए आपके लिए क्या सलाह मेष : भाग्य का भरपूर साथ मिलेगा। नौकरीपेशा लोगों की प्रतिष्ठा और कार्यक्षेत्र में प्रभाव बढ़ेगा। नई जिम्मेदारियां मिलने के साथ लाभ के अवसर मिलेंगे। वृष : आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और आय के नए स्रोत बनेंगे। परिवार के साथ सुखद समय बीतेगा। नौकरीपेशा और व्यापारियों को सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। मिथुन : कार्यस्थल पर सफलता-उपलब्धियों के योग हैं। धन का उपयोग सही कार्यों में होगा, लेकिन अनावश्यक चिंता और चिड़चिड़ापन संभव है। क्रोध और उधार देने से बचें। कर्क : इस अवधि में भाग्य से ज्यादा अपनी मेहनत पर भरोसा करना होगा। कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों में बड़ी राहत मिल सकती है। अधिकारी आपके काम से संतुष्ट रहेंगे। सिंह : स्वास्थ्य को लेकर विशेष सतर्कता बरतनी होगी। हालांकि, कार्यक्षेत्र में सहयोग मिलने से लंबे समय से अटकी योजनाएं पूरी होंगी और कामकाज में प्रगति होगी। कन्या : व्यापार और व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए यह समय विशेष रूप से लाभकारी रहेगा। निवेश और विस्तार की योजनाओं में सफलता मिलेगी और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। तुला : स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां मानसिक बेचैनी बढ़ा सकती हैं। विद्यार्थियों का पढ़ाई में मन कम लगेगा और नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता लें। वृश्चिक : नौकरी में स्थानांतरण या कार्यक्षेत्र में बदलाव के योग बन रहे हैं। मन में निराशा या क्रोध की भावना बढ़ सकती है, इसलिए धैर्य रखें। पुराना मित्र मिल सकता है। धनु : नौकरीपेशा लोगों को धन लाभ और पदोन्नति के अवसर मिल सकते हैं। व्यापारियों के लिए भी लाभ की स्थिति रहेगी। बड़े निवेश से पहले विशेषज्ञों की सलाह जरूर लें। मकर : घर में धार्मिक या मांगलिक आयोजन होने के योग हैं। जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सफलता मिलने से आत्मविश्वास बढ़ेगा और परिवार के साथ यात्रा की योजना बन सकती है। कुंभ : कामकाज के क्षेत्र में लाभदायक परिस्थितियां बनेंगी। इंटरव्यू और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलने की पूरी संभावना है। शैक्षणिक कार्यों में अच्छे परिणाम मिलेंगे। मीन : नौकरी में परिवर्तन या नई जिम्मेदारी मिलने के योग हैं। कार्य के सिलसिले में स्थान परिवर्तन करना पड़ सकता है। इस अवधि में वाहन या मकान खरीदने का विचार साकार हो सकता है।
इंदौर क्राइम ब्रांच ने क्रिप्टो करेंसी और फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस एक महिला आरोपी को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि चंडीगढ़, बेंगलुरु और दिल्ली से जुड़े अन्य आरोपी अभी फरार हैं। जांच में सामने आया है कि गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ था और इंदौर की होटलों में सेमिनार व मीटिंग आयोजित कर लोगों को झांसे में लिया जाता था। डीसीपी राजेश त्रिपाठी के अनुसार, मामले में हरप्रीत कौर उर्फ मोना निवासी विष्णुपुरी कॉलोनी, जसवंत सिंह उर्फ जस्सी निवासी चंडीगढ़, अनिरुद्ध दलवी निवासी बेंगलुरु, मुकेश तायडे और जोसेफ निवासी भोपाल के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया गया है। आरोपियों पर लोगों को 100 दिनों में रकम दोगुनी करने का लालच देकर निवेश करवाने और बाद में पैसा वापस नहीं करने का आरोप है। इन लोगों ने की शिकायत क्राइम ब्रांच को जिया पति सतीश वाधवानी, गुरजीत, अभिषेक, जसरथ, अमरजीत, हन्नी, साहिल, रोहित, पंकज, हरप्रीत कौर, गुरमीत कौर सहित कई लोगों ने शिकायत दी थी। पीड़ितों ने बताया कि आरोपियों ने क्रिप्टो करेंसी और फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश पर शुरुआत में 2 प्रतिशत मुनाफा और 100 दिन में रकम दोगुनी करने का दावा किया था। लेकिन बाद में न तो मुनाफा मिला और न ही मूल राशि वापस की गई। यूएस बेस्ड कंपनी बनाकर किया फर्जीवाड़ा जांच में सामने आया कि आरोपियों ने मिलकर “ए स्क्वेयर वर्ल्ड ग्लोबल कंसल्टेंसी” नाम से एक कथित यूएस बेस्ड कंपनी बनाई थी। हरप्रीत कौर उर्फ मोना ने अपने और कंपनी के बैंक खातों में निवेशकों से करीब ढाई करोड़ रुपए जमा करवाए थे। किटी पार्टी से पहचान, फिर होटल में सेमिनार पीड़िता जिया वाधवानी ने पुलिस को बताया कि उसकी पहचान हरप्रीत कौर से किटी पार्टी में हुई थी। हरप्रीत ने खुद को यूएस बेस्ड कंपनी से जुड़ा बताया। इसके बाद उसे भंवरकुआ स्थित होटल सोलारिस में जसवंत सिंह और अनिरुद्ध से मिलवाया गया, जहां पूरा निवेश प्लान समझाया गया। बाद में होटल रेडिसन में बड़ा सेमिनार आयोजित किया गया, जिसमें करीब 200 लोग शामिल हुए। वहां महंगे गिफ्ट और भारी मुनाफे का लालच देकर लोगों से निवेश करवाया गया। साइट अपडेट का बहाना बनाकर टालते रहे भुगतान पीड़ितों के मुताबिक, मार्च 2025 के बाद किसी भी निवेशक को भुगतान नहीं किया गया। जब लोगों ने हरप्रीत कौर से संपर्क किया तो उसने कंपनी की वेबसाइट अपडेट होने का बहाना बनाया और कहा कि जल्द ऑनलाइन पेमेंट कर दिया जाएगा। अप्रैल में भी इसी तरह टालमटोल की गई। दबाव बढ़ने पर आरोपियों ने झूम एप के जरिए ऑनलाइन मीटिंग की, जिसमें जसवंत और अनिरुद्ध भी जुड़े। उन्होंने जल्द भुगतान का आश्वासन दिया, लेकिन उसके बाद भी किसी को रकम नहीं मिली। रुपए मांगने पर दी धमकी जब निवेशकों ने लगातार अपने पैसे वापस मांगने शुरू किए तो आरोपियों ने साफ कह दिया कि कंपनी डूब चुकी है और अब किसी को कोई पैसा नहीं मिलेगा। इसके बाद सभी आरोपियों ने संपर्क बंद कर दिया। मामले में पीड़ितों ने क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई। फिलहाल पुलिस हरप्रीत कौर को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। क्राइम ब्रांच अब बैंक खातों, लेन-देन और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच कर रही है।
छतरपुर में चर्चित एमसीएक्स (MCX) ऑनलाइन सट्टा कारोबार से जुड़े व्यापारी राजेश अग्रवाल आत्महत्या मामले में पुलिस ने फरार आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने रविवार को आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए इनाम राशि 5 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपए कर दी। इसके साथ ही, शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर वांटेड आरोपियों के फोटोयुक्त पोस्टर भी लगाए। पोस्टर लगाने की यह कार्रवाई देर रात अपोलो क्रॉस मार्केट और अंतरराज्यीय बस स्टैंड क्षेत्र से शुरू हुई। इसके बाद चौबे तिराहा, डाकखाना चौराहा, रेलवे स्टेशन और शहर के अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर भी पोस्टर लगाए गए हैं। इन पोस्टरों के जरिए आम लोगों से फरार आरोपियों के बारे में जानकारी देने की अपील की जा रही है। पोस्टर पर आरोपियों को फोटो और नामसब इंस्पेक्टर अंकुर चौबे ने बताया कि पोस्टरों में शरद अग्रवाल, कल्लू कलई, अनवर खान, सुरेश नगरिया और मोनू उर्फ दीपक अग्रवाल के नाम और तस्वीरें प्रकाशित की गई हैं। पुलिस इन सभी आरोपियों की लगातार तलाश कर रही है, लेकिन वे अब तक फरार हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। जिले और आसपास के क्षेत्रों की पुलिस इकाइयों को भी अलर्ट पर रखा गया है। इस पोस्टर अभियान का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों की मदद से फरार आरोपियों तक जल्द से जल्द पहुंचना है। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगापुलिस ने नागरिकों से अपील की कि यदि उन्हें इन आरोपियों के संबंध में कोई भी जानकारी मिलती है, तो वे तत्काल नजदीकी थाने, पुलिस कंट्रोल रूम या वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित करें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। उल्लेखनीय है कि एमसीएक्स ऑनलाइन सट्टा कारोबार से जुड़े विवादों के चलते व्यापारी राजेश अग्रवाल की आत्महत्या का यह मामला शहर में काफी चर्चा में रहा है। मामले में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से पुलिस पर लगातार दबाव है। एसपी रजत सकलेचा का कहना है कि पब्लिक स्थानों पर और जहां पर आरोपियों के मिलने की संभावना है वहां पोस्टर लगाए गए हैं। ताकि लोग पहचान कर सूचना दे सकें। ये खबरें भी पढ़ें… पत्नी रोटियां बनाती रही...कमरे में पड़ी थी पति की लाश छतरपुर जिले में स्टॉक मार्केट ट्रेडर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घर के बंद कमरे में शव मिला। शव जमीन पर बिछे बिस्तर पर पड़ा था। नाक से खून बह रहा था। कमरे में लैपटॉप चालू हालत में था, जिसमें MCX और शेयर बाजार से जुड़ी वेबसाइट खुली हुई थी। ओरछा रोड थाना के सब इंस्पेक्टर दीपक यादव के मुताबिक, मृतक की पहचान राजेश अग्रवाल के रूप में हुई है। परिवार मूल रूप से उत्तरप्रदेश के झांसी जिले के बरुआसागर का रहने वाला है। परिवार ने वहां का मकान बेच दिया था। पूरी खबर पढ़िए… मां-भाभी-भतीजे को साथ ले जाते कहते रो पड़ीं बहनें; बेटा बोला- पापा को नींद आ गई दैनिक भास्कर डिजिटल की टीम राजेश अग्रवाल के घर पहुंची। इस दौरान राजेश की पत्नी वर्षा अग्रवाल और 15 साल के बेटे रौनक अग्रवाल से बातचीत करने की कोशिश की। दोनों को राजेश की मौत के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उन्हें लग रहा है कि राजेश अभी जिंदा है। पूरी स्टोरी पढ़िए…
शेयर मार्केट और आईपीओ में मुनाफे का लालच देकर एक युवक से 26.98 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने ठगों के अलग-अलग बैंक खातों में 5.65 लाख रुपए होल्ड करवाए। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद 1.50 लाख रुपए पीड़ित को रिफंड भी करवा दिए गए। जांच में सामने आया कि ठगों ने खुद को सेबी रजिस्टर्ड बताया था और फर्जी मोबाइल ऐप के जरिए वारदात की थी। पुलिस के अनुसार, पीड़ित ने 13 अप्रैल को साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया कि ठगों ने पीड़ित को कोटक सिक्योरिटीज प्राइवेट मार्केट ट्रेडिंग नाम के वॉट्सऐप ग्रुपों में जोड़ा। इसके बाद दो फर्जी ट्रेडिंग एप्लीकेशन डाउनलोड करवा दिए। 26.98 लाख रुपए खातों में ट्रांसफर करवाएठगों ने मानसिक दबाव बनाया और 25 फरवरी से 30 मार्च के बीच पीड़ित और उसके परिवार के लोगों के बैंक खातों से कुल 26.98 लाख रुपए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवा लिए। उसके बाद सहमति के बिना ही शेयर आवंटित दिखा दिए और केस सेटल करने के नाम पर और मोटी रकम मांगने लगे। पीड़ित ने साइबर थाने में शिकायत की। इसके बाद पुलिस ने जांच करते हुए ट्रांजेक्शन के आधार पर अलग- अलग बैंक खातों में रुपए होल्ड करवाए और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की।
AI स्टार्टअप कंपनी एंथ्रोपिक ने अपने सबसे एडवांस AI मॉडल्स 'क्लाउड फेबल 5' और 'मिथॉस 5' को दुनियाभर में बंद कर दिया है। कंपनी ने यह फैसला अमेरिकी सरकार के उस आदेश के बाद लिया है, जिसमें विदेशी नागरिकों के लिए इन मॉडल्स के इस्तेमाल पर रोक लगाने को कहा गया था। अब भारतीयों समेत कोई भी गैर-अमेरिकी नागरिक इनका इस्तेमाल नहीं कर पाएगा। अमेरिकी अधिकारियों ने इसके पीछे नेशनल सिक्योरिटी और साइबर हमलों के खतरे का हवाला दिया है। यह पहली बार है जब किसी सरकार ने हार्डवेयर या चिप्स के बजाय सीधे AI सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया है। जेलब्रेक के जरिए साइबर हमले का डर अमेरिकी सरकार को डर है कि इन एडवांस AI मॉडल के जरिए सुरक्षा घेरे को 'जेलब्रेक' यानी डिजिटल जेल को बाईपास किया जा सकता है। ऐसा होने पर इनका इस्तेमाल कंप्यूटर सिस्टम्स में कमियां ढूंढने, सरकारी डेटा हैक करने या बैंकिंग सिस्टम और क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े साइबर हमले करने के लिए किया जा सकता है। 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेजॉन के रिसर्चर्स ने एक टेस्टिंग के दौरान कुछ खास प्रॉम्प्ट्स का इस्तेमाल करके एंथ्रोपिक के मॉडल से सॉफ्टवेयर की कुछ कमियां निकलवा ली थीं। इसकी जानकारी अमेरिकी वाणिज्य विभाग को दी गई, जिसके तुरंत बाद यह कड़ा एक्शन लिया गया। कंपनी बोली- पाबंदी का फैसला गलत इस मामले पर एंथ्रोपिक का कहना है कि सरकार का यह फैसला एक बड़ी गलतफहमी का नतीजा है। कंपनी के मुताबिक, जो कमियां पाई गई थीं, वे बहुत सीमित थीं और वैसी कमियां बाजार में मौजूद दूसरे पब्लिक AI मॉडल्स भी ढूंढ सकते हैं। इसके लिए इतने बड़े पैमाने पर पूरी दुनिया में बैन लगाना सही नहीं है। कंपनी ने बताया कि लॉन्चिंग से पहले उन्होंने अमेरिकी सरकारी एजेंसियों और ब्रिटेन के AI सेफ्टी इंस्टीट्यूट के साथ हफ्तों तक इसकी टेस्टिंग की थी, तब किसी को ऐसा कोई बड़ा खतरा नहीं मिला था। कंपनी अब सरकार से बातचीत कर रही है ताकि इस एक्सेस को जल्द से जल्द बहाल किया जा सके। तब तक यूजर्स कंपनी के बाकी पुराने AI मॉडल्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। ट्रंप प्रशासन के साथ पहले से चल रहा था विवाद एंथ्रोपिक और ट्रंप प्रशासन के बीच पिछले कुछ महीनों से तनाव चल रहा है। दरअसल, कंपनी ने अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों को डोमेस्टिक सर्विलांस (घरेलू जासूसी) और पूरी तरह से ऑटोमैटिक चलने वाले हथियारों में अपने AI मॉडल का इस्तेमाल करने देने से मना कर दिया था। इसके बाद पेंटागन ने एंथ्रोपिक को 'सप्लाई-चेन रिस्क' की लिस्ट में डाल दिया था। यह विवाद ऐसे समय में बढ़ा है जब कंपनी शेयर बाजार में अपना IPO लाने की तैयारी कर रही है, जिससे उसकी मार्केट वैल्यू करीब 1 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 92 लाख करोड़ रुपए) आंकी जा रही है। जोहो फाउंडर श्रीधर वेम्बू बोले- ग्लोबलाइजेशन अब खत्म अब तक अमेरिका का ध्यान सिर्फ AI चिप्स और सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी को दूसरे देशों (विशेषकर चीन) तक पहुंचने से रोकने पर था। लेकिन सॉफ्टवेयर पर लगे इस नए बैन ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। भारतीय टेक कंपनी जोहो के फाउंडर श्रीधर वेम्बू ने इस फैसले पर चिंता जताते हुए इसे भारत के लिए एक बड़ा वेक-अप कॉल बताया है। वेम्बू ने कहा कि अब ग्लोबलाइजेशन खत्म हो चुका है। भारत को अब विदेशी कंपनियों पर निर्भर रहने के बजाय तेजी से अपनी खुद की सॉवरेन AI क्षमताएं डेवलप करनी चाहिए और ओपन-सोर्स मॉडल्स को बढ़ावा देना चाहिए, क्योंकि भविष्य में कोई भी देश कभी भी अपनी टेक्नोलॉजी का एक्सेस बंद कर सकता है। नॉलेज बॉक्स: क्या होता है 'जेलब्रेक' और 'सॉवरेन AI'? जेलब्रेक: AI मॉडल्स में कुछ सुरक्षा नियम सेट किए जाते हैं, ताकि वे बम बनाना, साइबर हमला करना या अवैध काम सिखाने जैसी जानकारियां न दें। जब कोई हैकर या यूजर चालाकी से इन नियमों को तोड़कर AI से प्रतिबंधित जानकारी निकलवा लेता है, तो उसे 'जेलब्रेक' कहते हैं। सॉवरेन AI: किसी देश की ओर से खुद के डेटा, इंफ्रास्ट्रक्चर और वैज्ञानिकों की मदद से तैयार किया गया घरेलू AI सिस्टम। इस पर किसी बाहरी देश या विदेशी कंपनी का नियंत्रण नहीं होता। ------------ ये खबर भी पढ़ें… मिथॉस AI से बैंकिंग सिस्टम पर साइबर हमले का खतरा: वित्त मंत्री सीतारमण ने हाई-लेवल मीटिंग की; क्या है मिथॉस और यह क्यों खतरनाक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को बैंकों के प्रमुखों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग की। इस बैठक में एंथ्रोपिक के 'क्लॉड मिथॉस' AI मॉडल से बैंकिंग सेक्टर को होने वाले संभावित खतरों पर चर्चा की गई। यह एआई मॉडल इतना एडवांस है कि हैकर इसका इस्तेमाल दशकों पुरानी अज्ञात खामियों को खोजकर फाइनेंशियल सेक्टर पर साइबर हमले कर सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें…
जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा से करोड़ों की ठगी, प्रॉपर्टी निवेश के नाम पर लिए 17 करोड़ रुपए
मायानगरी में धोखाधड़ी के किस्से अक्सर सामने आते रहते हैं। अब बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा जाफरी धोखाधड़ी का शिकार हो गई हैं। हबीबा जाफरी से संपत्ति निवेश के नाम पर करीब 17.5 करोड़ रुपए की ठगी की गई है।
अरशद वारसी पर लगा शेयर मार्केट में बैन, जानिए क्या है मामला
बॉलीवुड एक्टर अरशद वारसी और उनकी पत्नी मारिया गोरेट्टी समेत 57 लोगों पर शेयर बाजार नियामक SEBI ने बैन लगा दिया है। उन्हें 1 साल के लिए सिक्योरिटी मार्केट से प्रतिबंधित कर दिया है। सेबी का कहना है कि ये लोग मार्केट में धोखाधड़ी जैसे कामों में पाए गए।
जानिए क्यों पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास पर है 2100 करोड़ रुपए निवेश
पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास अपने करियर के शानदार दौर से गुजर रहे हैं, और निर्विवाद रूप से अखिल भारतीय सुपरस्टार के रूप में अपनी जगह पक्की कर रहे हैं। बाहुबली, सलार, कल्कि 2898 एडी जैसी बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने वाली फिल्मों के साथ, उन्होंने भारतीय ...
खतरों के खिलाड़ी सीजन 14 के कंटेस्टेंट अभिषेक कुमार जिन्होंने बिग बॉस 17 में अपने कार्यकाल से काफी लोकप्रियता हासिल की, अपने आकर्षक व्यक्तित्व से लोगों के दिलों पर राज कर रहे हैं। विवादित रियलिटी शो में उनकी भागीदारी ने उन्हें स्टार बना दिया और उन्हें रातोंरात सफलता दिलाई। अभिषेक जो वर्तमान में रोहित शेट्टी के शो खतरों के खिलाड़ी 14 में हैं, ने साझा किया कि वह एक प्रोडक्शन हाउस खोलना चाहते हैं। इसे भी पढ़ें: Kartik Aaryan का खुलासा, Pyaar Ka Punchnama की सफलता के बावजूद उनके पास ‘कोई ऑफर नहीं था, कोई पैसा नहीं था ईटाइम्स टीवी के साथ एक इंटरव्यू में, अभिषेक ने खुलासा किया कि वह भविष्य के लिए पैसे बचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता चाहते हैं कि वह मुंबई में एक घर खरीदें, लेकिन वह एक व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। अभिषेक ने कहा कि वह एक उद्यमी बनना चाहते हैं और उनके बड़े सपने हैं जिन्हें वह हासिल करना चाहते हैं। अभिषेक कुमार मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते इंटरव्यू में, अभिषेक ने कहा कि उन्होंने पैसे बर्बाद करना बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते क्योंकि शहर काफी महंगा है और कहा कि किराए पर रहना एक समझदारी भरा फैसला है। उन्होंने यहां तक कहा कि घर खरीदने में बड़ी रकम लगाने और फिर हर महीने लोन के रूप में बैंक को बड़ी EMI चुकाने का कोई मतलब नहीं है। इसे भी पढ़ें: Karan Johar को कोर्ट से मिली राहत, फिल्म Shaadi Ke Director Karan Aur Johar की रिलीज परह लगी रोक अभिषेक ने कहा कि वह अपना पैसा निवेश करना चाहते हैं और उस पर ब्याज पाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह रवि दुबे और सरगुन मेहता की तरह एक प्रोडक्शन हाउस स्थापित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि उनका परिवार चंडीगढ़ में घर खरीदे, लेकिन मुंबई में नहीं क्योंकि वे वहीं रह सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह पैसे बचाना चाहते हैं और कोई दूसरा व्यवसाय शुरू करने में निवेश कर सकते हैं। KKK 14 की बात करें तो शिल्पा शिंदे शो से बाहर हो गईं। एक यूट्यूब चैनल के अनुसार, सनी वरुण ने बात की, गश्मीर, करणवीर, अदिति और अभिषेक ने निष्कासन स्टंट किया।
कंगना रनौत के किस बयान पर भड़की CISF की महिला जो सरेआम एक्ट्रेस को जड़ दिया थप्पड़, जानिए पूरा मामला
चंडीगढ़: हिमाचल की मंडी लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी सांसद एवं एक्ट्रेस कंगना रनौत से चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर बदसलूकी के पश्चात् हंगामा मचा हुआ है. दरअसल, 6 जून को कंगना दिल्ली जाने के लिए चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर पहुंची थीं. तभी सिक्योरिटी चेक के पश्चात् CISF की एक महिला जवान कुलविंदर कौर ने उनको थप्पड़ मार दिया. हालांकि CISF की अपराधी महिला कर्मी को निलंबित कर दिया गया है तथा उनके खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है. ऐसे में सवाल ये उठता है कि CISF की जवान ने थप्पड़ क्यों मारा, तो इसका जवाब है कंगना का 4 वर्ष पुराना एक ट्वीट. कंगना रनौत ने इस ट्वीट में 3 कृषि कानूनों के खिलाफ हुए किसान आंदोलन के चलते पंजाब की 80 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला किसान की गलत पहचान करते तथा उन्हें बिलकिस बानो कहा था. कंगना ने जो ट्वीट किया था उसमें एक वृद्ध महिला नजर आ रही थीं, जो भले ही झुककर चल रही थीं, लेकिन उन्होंने किसान आंदोलन का झंडा बुलंद किए हुए था. उनका नाम मोहिंदर कौर था. कंगना ने मोहिंदर कौर की फोटो को ट्वीट करते हुए लिखा था कि ''हा हा. ये वही दादी हैं जिन्हें टाइम मैगज़ीन की 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की लिस्ट में सम्मिलित किया गया था.... और ये 100 रुपये में उपलब्ध हैं. हालांकि कंगना रनौत ने बाद में ये ट्वीट डिलीट कर दिया था. बता दें कि कंगना ने जिस बिलकिस बानो का जिक्र किया था, वह 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला हैं तथा उन्होंने दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में CAA प्रोटेस्ट के चलते अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बटोरी थीं. कंगना के इस बयान को लेकर CISF की महिला जवान भड़की हुई थी. चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर कंगना से बदसलूकी का वीडियो सामने आया था, इसमें CISF की यह जवान कहती नजर आ रही है कि 'इसने बोला था किसान आंदोलन में 100-100 रुपये में महिलाएं बैठती थीं. वहां मेरी मां भी थी'. राहुल गांधी ने भाजपा पर लगाया शेयर बाजार में हेराफेरी का आरोप, बताया देश का सबसे बड़ा घोटाला उत्तर भारत में भीषण गर्मी का कहर जारी, यूपी के कुछ क्षेत्रों में राहत की उम्मीद बिहार के गया जिले में भीषण सड़क हादसा, तीन लोगों की मौत

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