भारत में क्रिप्टो करेंसी का क्रेज लगातार बढ़ता जा रहा है और मौजूदा आंकड़ों के अनुसार, देश में लगभग 3.9 करोड़ निवेशक डिजिटल एसेट्स के बाजार में सक्रिय हैं। निवेश के इस बढ़ते चलन के बीच भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक बार फिर निवेशकों को आगाह किया है। केंद्रीय बैंक की यह नई चेतावनी उन सभी लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो क्रिप्टो में अपना पैसा लगा रहे हैं। RBI ने बार-बार स्पष्ट किया है कि क्रिप्टो करेंसी का कोई वास्तविक अंतर्निहित मूल्य नहीं होता है और ये पूरी तरह से बाजार के जोखिमों के अधीन हैं। केंद्रीय बैंक का मानना है कि इस तरह के निवेश में पारदर्शिता की कमी और अत्यधिक अस्थिरता आम निवेशकों की गाढ़ी कमाई के लिए बड़ा खतरा बन सकती है।क्यों चिंतित है RBI और क्या है बड़ा रिस्क?भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी रिपोर्ट और गाइडलाइंस के माध्यम से कई बार यह दोहराया है कि क्रिप्टो करेंसी न तो कानूनी टेंडर है और न ही इसे भारत में मुद्रा के रूप में मान्यता प्राप्त है। RBI के शीर्ष अधिकारियों का कहना है कि क्रिप्टो बाजार में होने वाली अचानक गिरावट किसी भी निवेशक का पोर्टफोलियो चंद मिनटों में शून्य कर सकती है। इसके अलावा, साइबर सुरक्षा और मनी लॉन्ड्रिंग जैसी चिंताएं भी केंद्रीय बैंक की प्राथमिकताओं में हैं। भारत के करोड़ों निवेशकों को चेतावनी देते हुए RBI ने यह भी कहा है कि इस डिजिटल एसेट क्लास में निवेश करने से पहले निवेशक को पूरी तरह से इसके तकनीकी और आर्थिक जोखिमों को समझ लेना चाहिए। यदि आप क्रिप्टो में निवेश कर रहे हैं, तो किसी भी प्रकार की 'FOMO' (छूट जाने का डर) में आकर निर्णय लेने के बजाय पूरी सावधानी बरतें।डिजिटल एसेट निवेशकों के लिए जरूरी सुझावबाजार विशेषज्ञों और वित्तीय सलाहकारों का भी यही मानना है कि RBI की यह चेतावनी निवेशकों को सुरक्षित रखने के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह है। डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ते भारत में, क्रिप्टो के साथ-साथ सरकार समर्थित डिजिटल रुपया (e-Rupee) पर ध्यान केंद्रित करना अधिक सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है। यदि आप क्रिप्टो में निवेश जारी रखना चाहते हैं, तो हमेशा केवल अधिकृत और सुरक्षित प्लेटफार्मों का ही उपयोग करें। किसी भी अनजान स्कीम या लुभावने वादों वाले क्रिप्टो प्रोजेक्ट्स से दूर रहें, क्योंकि इनमें फ्रॉड की संभावना सबसे अधिक होती है। याद रखें कि निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, और क्रिप्टो के मामले में यह जोखिम कहीं अधिक है।
आज भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त रौनक देखने को मिल रही है। बाजार के प्रमुख सूचकांकों में आज सुबह से ही खरीदारी का माहौल बना हुआ है, जिससे निवेशकों का उत्साह बढ़ा है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स आज 500 अंकों की तेजी के साथ कारोबार कर रहा है, वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया है। बाजार के इस सकारात्मक रुख के पीछे वैश्विक संकेतों और घरेलू संस्थागत निवेशकों की सक्रियता को मुख्य कारण माना जा रहा है। सेंसेक्स और निफ्टी में आ रही इस तेजी ने निवेशकों के बीच विश्वास पैदा किया है, जिससे चुनिंदा मिडकैप और लार्जकैप शेयरों में भी रौनक देखी जा रही है।बाजार में तेजी का कारण और निफ्टी का नया पड़ावबाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निफ्टी का 24,000 के ऊपर टिके रहना एक मजबूत संकेत है। यदि बाजार इसी गति को बनाए रखता है, तो आने वाले दिनों में नए उच्चतम स्तर देखने को मिल सकते हैं। सेंसेक्स में 500 अंकों की उछाल के पीछे बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर का बड़ा योगदान रहा है। बाजार की इस तेजी के दौरान चुनिंदा स्टॉक्स में मुनाफावसूली का दौर भी चल रहा है, लेकिन कुल मिलाकर मार्केट का सेंटीमेंट 'बुलिश' बना हुआ है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे बाजार में किसी भी बड़ी हलचल के दौरान सतर्क रहें और अपने पोर्टफोलियो को सावधानी से मैनेज करें।Dr. Reddy’s में बड़ी गिरावट, निवेशकों की चिंता बढ़ीजहाँ एक ओर बाजार में हरियाली है, वहीं दूसरी ओर दिग्गज फार्मा कंपनी डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज (Dr. Reddy’s Laboratories) के शेयरों में आज भारी दबाव देखने को मिल रहा है। कंपनी के शेयर आज के कारोबारी सत्र में करीब 6 फीसदी तक टूट गए हैं। इस गिरावट के पीछे बाजार में चल रही नकारात्मक खबरों और तिमाही नतीजों से जुड़ी उम्मीदों को मुख्य वजह बताया जा रहा है। अचानक आई इस गिरावट से फार्मा सेक्टर के निवेशकों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, बाजार के जानकारों का कहना है कि किसी भी निवेश निर्णय से पहले कंपनी के फंडामेंटल्स और तकनीकी चार्ट को जरूर देखें।
बंगाल में ईडी की बड़ी कार्रवाई, क्रिप्टो और चिटफंड निवेश मामलों में कई ठिकानों पर छापेमारी
पश्चिम बंगाल में ईडी ने क्रिप्टो निवेश, चिटफंड और फर्जी शेयर बाजार योजनाओं से जुड़े मामलों में दुर्गापुर, हावड़ा और नदिया सहित कई स्थानों पर छापेमारी की।
यमुनानगर में क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर लाखों रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। गांधी नगर थाना पुलिस ने आर्थिक अपराध शाखा की प्रारंभिक जांच और एसपी की अनुमति के बाद तीन आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक साजिश रचने के आरोप में केस दर्ज किया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपियों ने एक्लेट कॉइन, बिटॉक्स और एक्लेट वर्ल्डके नाम पर हर महीने 5 से 6 प्रतिशत रिटर्न और 22 महीने में रकम दोगुनी करने का लालच देकर उससे और उसके परिवार से करीब 8.96 लाख रुपए निवेश कराए। बाद में केवल 90 हजार रुपए लौटाए गए, जबकि 8.05 लाख रुपए हड़प लिए गए। गुजरात में प्लॉट दिलाने का लालच शिकायतकर्ता कंवर साहिब निवासी त्यागी गार्डन ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह निर्मल और सुखदास को पहले से जानता था। इन्हीं के माध्यम से उसकी पहचान अंबाला निवासी अभिषेक गोयल और प्रदीप राणा से हुई। दोनों ने उसे एक्लेट कॉइन, बिटॉक्स और एक्लेट वर्ल्डके नाम की क्रिप्टो करेंसी स्कीम के बारे में बताया। आरोपियों ने दावा किया कि इस योजना में निवेश करने पर हर महीने 5 से 6 प्रतिशत रिटर्न मिलेगा और 22 महीने में रकम दोगुनी हो जाएगी। इसके अलावा अधिक निवेश करने पर परिवार सहित थाईलैंड का मुफ्त टूर और धोलेरा स्मार्ट सिटी (गुजरात) में प्लॉट दिलाने का भी लालच दिया गया। चेक की वैधता हुई समाप्त शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपियों की बातों पर भरोसा कर उसने मई से अक्टूबर 2023 के बीच अलग-अलग तारीखों में बैंक खातों और नकद के माध्यम से कुल 8 लाख 95 हजार 900 रुपए निवेश किए। शुरुआत में भरोसा बनाए रखने के लिए आरोपियों ने उसके खाते में 90 हजार रुपए वापस भेजे, लेकिन इसके बाद कोई रकम नहीं लौटाई। जब उसने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने 8 लाख रुपए और 3.66 लाख रुपए के पोस्ट डेटेड चेक दिए। बाद में कहा कि चेक बैंक में जमा न करें, वे सीधे खाते में पैसे ट्रांसफर कर देंगे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनके भरोसे में आकर उसने चेक बैंक में जमा नहीं किए और इस दौरान चेक की वैधता समाप्त हो गई। इसके बाद आरोपियों ने पैसे लौटाने से साफ इनकार कर दिया। अन्य लोगों से भी लाखों की ठगी का आरोप शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि आरोपियों ने कई अन्य लोगों से भी लाखों रुपए की ठगी की है। इनमें चुहड़पुर कलां निवासी मोहन लाल से 18 लाख रुपए, प्रताप नगर निवासी नवीन कुमार से 20.70 लाख रुपए, गुमथला राव निवासी अनिल कुमार से 3.84 लाख रुपए और भम्भौली निवासी सुशील कुमार से 3.35 लाख रुपए लेने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में उल्लेख किया गया है कि आरोपियों के खिलाफ साढौरा थाना में वर्ष 2025 में भी कथित क्रिप्टो धोखाधड़ी से जुड़ा मामला दर्ज है। गांधी नगर थाना प्रभारी जगबीर सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर अभिषेक गोयल निवासी महेश नगर अंबाला, प्रदीप राणा अंबाला और निर्मल निवासी अंबली अंबाला के खिलाफ केस दर्ज किया है।
मिश्रित वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गुरुवार को हल्की तेजी के साथ हुई। सुबह 9:20 पर सेंसेक्स 336 अंक या 0.42 प्रतिशत की तेजी के साथ 76,822 और निफ्टी 112 अंक या 0.47 प्रतिशत की मजबूती के साथ 23,994.35 पर था।
पिछले छह महीने वैश्विक और भारतीय निवेशकों के लिए बेहद उथल-पुथल भरे रहे हैं। पहले घरेलू इक्विटी मार्केट में मंदी आई और फिर अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते ग्लोबल स्टॉक मार्केट्स औंधे मुंह गिर गए। आमतौर पर जब शेयर बाजार गिरता है, तो निवेशक सुरक्षित निवेश के लिए सोने-चांदी की तरफ भागते हैं क्योंकि इन दोनों एसेट क्लास में उल्टा संबंध (Inverse Relationship) होता है। लेकिन इस बार इतिहास ने खुद को नहीं दोहराया। मजबूत डॉलर और अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) द्वारा ब्याज दरें न घटाने के कड़े संकेतों के चलते पिछले 6 महीनों में सोने की कीमतों में करीब 20% और चांदी में 43% की भारी गिरावट आई है। वहीं दूसरी ओर, युद्ध के दबाव से सेंसेक्स 11% और निफ्टी 8.6% तक टूट चुके हैं। जब कमाई के ये दोनों मुख्य रास्ते बंद हो गए, तब म्यूचुअल फंड की एक खास कैटेगरी 'मल्टी एसेट एलोकेशन फंड' (Multi-Asset Allocation Fund) निवेशकों के लिए संकटमोचक बनकर उभरी और तगड़ा मुनाफा कराया।सेबी के नियम और निवेश का पूरा गणितमार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) के कड़े नियमों के अनुसार, मल्टी एसेट एलोकेशन फंड्स के लिए यह अनिवार्य है कि वे कम से कम तीन अलग-अलग एसेट क्लास में से प्रत्येक में न्यूनतम 10% का निवेश (Allocation) बनाए रखें। ये तीन मुख्य साधन होते हैं:इक्विटी (Equity): शेयर बाजार में निवेश।डेट (Debt): फिक्स्ड इनकम और सरकारी सिक्योरिटीज।कमोडिटी (Commodity): सोना, चांदी या रियल एस्टेट (REITs)।चूंकि अलग-अलग समय पर हर एसेट क्लास का प्रदर्शन अलग होता है, इसलिए यह फंड ऑटोमैटिक तरीके से आपके रिस्क और रिटर्न को बैलेंस कर देता है।इन टॉप फंड्स ने पिछले 3 साल में दिया 20% तक का सालाना रिटर्नइस कैटेगरी में सबसे बड़ी एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) संभालने वाले फंड्स ने इक्विटी म्यूचुअल फंड्स को भी मात दे दी है। पिछले 3 सालों के प्रदर्शन की तालिका नीचे दी गई है:म्यूचुअल फंड का नामपिछले 3 साल का सालाना रिटर्न (CAGR)निप्पॉन इंडिया मल्टी एसेट एलोकेशन फंड19.92%एसबीआई (SBI) मल्टी एसेट एलोकेशन फंड17.50%आदित्य बिड़ला सन लाइफ मल्टी एसेट फंड17.40%मोतीलाल ओसवाल मल्टी एसेट फंड13.90%बार-बार पोर्टफोलियो बदलने के झंझट से मुक्तिमल्टी एसेट फंड का सबसे बड़ा व्यावहारिक फायदा यह है कि इसमें खुद निवेशकों को बाजार की चाल देखकर बार-बार अपने पोर्टफोलियो को रीबैलेंस (बदलना) नहीं करना पड़ता। फंड मैनेजर बाजार के उतार-चढ़ाव को देखते हुए खुद ही पैसे को सही जगह शिफ्ट कर देते हैं। इससे निवेशकों का पैसा केवल उन एसेट्स में फंसने से बच जाता है जो पहले अच्छा कर रहे थे पर अब मंदी में हैं। यह फंड उन एसेट्स में भी सही समय पर एंट्री दिलाता है जिन्हें वर्तमान में बाजार पसंद नहीं कर रहा, लेकिन भविष्य में वे बंपर रिटर्न दे सकते हैं।बाजार के दिग्गजों की राय: पोर्टफोलियो डाइवर्सिफ़िकेशन के लिए यही है बेस्ट टाइमफाइनेंशियल एक्सपर्ट्स और बाजार के जानकारों का साफ मानना है कि यदि आप मौजूदा वैश्विक मंदी और युद्ध के हालातों में अपने निवेश को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो पोर्टफोलियो में विविधता (Diversification) लाने का यह सबसे सही और सटीक समय है। मल्टी-एसेट फंड्स जोखिम को बहुत कम कर देते हैं क्योंकि जब इक्विटी और कमोडिटी दोनों नीचे जा रहे हों, तब डेट (Fixed Income) वाला हिस्सा आपके पोर्टफोलियो को भारी गिरावट से बचाए रखता है। नए और सुरक्षित निवेश की तलाश कर रहे लोगों के लिए यह हाइब्रिड मॉडल सबसे बेहतरीन विकल्प साबित हो रहा है।
त्रिपुरा बिजनेस कॉन्क्लेव 2026 में शामिल होंगे सिंधिया, निवेश और औद्योगिक विकास पर रहेगा फोकस
केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास और संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया 9 जुलाई को एक दिवसीय दौरे पर त्रिपुरा जाएंगे। इस दौरान वह अगरतला के हापानिया स्थित अंतरराष्ट्रीय मेला मैदान में आयोजित त्रिपुरा बिजनेस कॉन्क्लेव 2026 में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
बिलासपुर में शेयर बाजार और डीमैट अकाउंट से जुड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि दो लोगों के डिमैट खातों से 44 लाख 35 हजार 855 रुपए की हेराफेरी की गई। बताया जा रहा है कि बिना अनुमति खातों में ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर बदलकर शेयर और म्यूचुअल फंड ट्रांसफर कर दिए गए। इस मामले की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पूरा मामला तारबाहर थाना क्षेत्र का है। पुलिस के मुताबिक, क्रांति नगर के 47 वर्षीय रत्नेश दुबे ने तारबाहर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता, शकुंतला दुबे और रमेश प्रसाद दुबे के नाम से बिलासपुर के नारायण प्लाजा स्थित एसएमसी ग्लोबल सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड में दो डीमैट खाते थे। इनमें एक खाता दोनों के संयुक्त नाम से और दूसरा सिर्फ उनकी माता के नाम पर था। कंपनी ने नहीं दी खाते की जानकारी शिकायत के अनुसार, अज्ञात लोगों ने डिमैट खातों से जुड़े ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर बदल दिए। इसके बाद उन्होंने खातों पर कब्जा कर लिया और खाताधारकों की जानकारी या अनुमति के बिना कई लेन-देन कर दिए। रत्नेश दुबे का कहना है कि उन्हें इस धोखाधड़ी की जानकारी काफी देर से मिली। जब उन्होंने कंपनी से संपर्क किया तो उन्हें खातों की पूरी जानकारी नहीं दी गई। कंपनी ने एक बैंक खाते में शून्य बैलेंस होने की जानकारी दी, जबकि दूसरे खाते की कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई। 44 लाख रुपए से अधिक के निवेश में गड़बड़ी का आरोप शिकायत में बताया गया है कि 5 दिसंबर 2023 को करीब 31.25 लाख रुपए के शेयर और कुल 44.35 लाख रुपए के शेयर व म्यूचुअल फंड एसएमसी ग्लोबल सिक्योरिटीज में ट्रांसफर कर दिए गए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस ट्रांसफर की जानकारी परिवार को नहीं दी गई और न ही उनसे कोई अनुमति ली गई। पहले कंपनी को दी गई थी सूचना शिकायतकर्ता ने बताया कि धोखाधड़ी का पता चलने के बाद उन्होंने बिलासपुर स्थित एसएमसी कार्यालय और रायपुर के अधिकारियों से संपर्क किया। उन्होंने 26 जनवरी को कंपनी की आधिकारिक ई-मेल पर पूरे मामले की शिकायत भी भेजी, लेकिन कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। कर्मचारियों के मिलीभगत होने की आशंका शिकायतकर्ता ने आवेदन में यह भी आशंका जताई है कि इतनी बड़ी वित्तीय अनियमितता बिना अंदरूनी सहयोग के संभव नहीं है। इसलिए उन्होंने एसएमसी के कुछ कर्मचारियों की संभावित संलिप्तता की जांच कराने की मांग की है। तारबाहर पुलिस ने मामले में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हरियाणा में विदेशी निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में बुधवार को विदेशी उद्यमियों के साथ एक अहम बैठक हुई। जिसमें सीएम नायब सिंह सैनी से IKEA इंडिया के सीईओ पैट्रिक एंटोनी ने चंडीगढ़ में संत कबीर कुटीर स्थित सीएम आवास पर मुलाकात की। बैठक में गुरुग्राम में कंपनी के करीब ₹4000 करोड़ के निवेश वाले प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा की गई। कंपनी ने प्रोजेक्ट से जुड़ी सभी सरकारी मंजूरियां और क्लीयरेंस समय पर एवं सुगमता से पूरी कराने के लिए सीएम का आभार भी जताया। बैठक के दौरान हरियाणा में IKEA के भविष्य के निवेश पर भी विस्तार से चर्चा हुई। दोनों पक्षों के बीच राज्य में नए निवेश की संभावनाओं पर सहमति बनी। सरकार का मानना है कि इससे प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे। सरकार उद्योगों को अनुकूल माहौल देगी सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। राज्य में उद्योग स्थापित करने वाले निवेशकों को किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या प्रक्रियागत परेशानी नहीं आने दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य निवेश के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराना है।सीएम ने कहा कि हरियाणा आज देश के सबसे पसंदीदा निवेश स्थलों में शामिल है। सरकार की पारदर्शी नीतियां, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, मजबूत कनेक्टिविटी और उद्योग हितैषी माहौल के कारण बड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियां हरियाणा में निवेश के लिए आगे आ रही हैं। गुरुग्राम के ₹4000 करोड़ प्रोजेक्ट पर चर्चा बैठक के दौरान IKEA इंडिया के प्रतिनिधियों ने गुरुग्राम में चल रहे अपने ₹4000 करोड़ के प्रोजेक्ट की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से मिले सहयोग से परियोजना निर्धारित समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ रही है। कंपनी ने भविष्य में भी हरियाणा में निवेश बढ़ाने की इच्छा जताई। यह बैठक विदेश सहयोग विभाग के सौजन्य से संत कबीर कुटीर में आयोजित हुई, जिसमें राज्य में विदेशी निवेश बढ़ाने और औद्योगिक विकास को नई गति देने पर भी चर्चा की गई।
दोपहर करीब 2:20 बजे तक बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1,784 अंक की गिरावट के साथ 76,396 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 50 सूचकांक 541 अंक टूटकर 23,900 के स्तर से नीचे पहुंच गया।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीजफायर खत्म होने संबंधी एलान के बाद बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में हाहाकार मच गया। सभी सेक्टर्स लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। बैंक और FMCG शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट ...
बंपर लिस्टिंग: Knack Packaging ने निवेशकों को किया मालामाल, 10% प्रीमियम के साथ हुई धमाकेदार एंट्री
शेयर बाजार में आज नई कंपनी 'नैक पैकेजिंग' (Knack Packaging) ने दमदार शुरुआत की है। आईपीओ के जरिए निवेश करने वाले निवेशकों के लिए यह दिन बेहद खास रहा, क्योंकि कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग उम्मीद के मुताबिक शानदार रही। लिस्टिंग के साथ ही निवेशकों के चेहरे खिल गए हैं। बाजार में सुस्ती के बावजूद नैक पैकेजिंग ने निवेशकों को 10% का मुनाफा देकर यह साबित कर दिया है कि बेहतर फंडामेंटल वाली कंपनियों में निवेश हमेशा फायदे का सौदा होता है।निवेशकों के लिए मुनाफावसूली का मौका या होल्ड करें?लिस्टिंग के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या निवेशक अपना मुनाफा लेकर बाहर निकल जाएं या लंबी अवधि के लिए बने रहें? बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि नैक पैकेजिंग का बिजनेस मॉडल काफी मजबूत है और आने वाले समय में कंपनी की ग्रोथ की संभावनाएं काफी अधिक हैं। एक्सपर्ट्स की सलाह है कि जिन निवेशकों को अलॉटमेंट मिला है, उन्हें फिलहाल घबराहट में शेयर नहीं बेचना चाहिए। कंपनी के कारोबार में जो विस्तार देखने को मिल रहा है, वह संकेत देता है कि यह शेयर आने वाले समय में और भी अच्छी रिटर्न दे सकता है।क्या है कंपनी की मजबूती का राज?पैकेजिंग सेक्टर में अपनी पैठ जमाने वाली नैक पैकेजिंग ने पिछले कुछ समय में अपने वित्तीय प्रदर्शन में निरंतर सुधार दिखाया है। कंपनी जिस सेगमेंट में काम करती है, वहां मांग लगातार बनी रहती है। निवेशकों का भरोसा इस बात पर भी टिका है कि कंपनी का प्रबंधन आने वाले समय में कैपेक्स (CAPEX) पर ध्यान दे रहा है, जिससे उत्पादन क्षमता बढ़ेगी। तकनीकी रूप से भी शेयर का चार्ट स्ट्रक्चर लिस्टिंग के बाद मजबूत बना हुआ है, जो संकेत दे रहा है कि इसमें आगे भी तेजी का रुझान रह सकता है।एक्सपर्ट्स की आगे की रायमार्केट एनालिस्टों के मुताबिक, लिस्टिंग के बाद थोड़ी बहुत प्रॉफिट बुकिंग स्वाभाविक है, लेकिन यदि आप लंबी अवधि के निवेशक हैं, तो धैर्य रखना फायदेमंद होगा। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि यदि शेयर लिस्टिंग प्राइस से थोड़ा नीचे भी आता है, तो इसे एक मौका मानकर पोर्टफोलियो में बनाए रखें। हालांकि, किसी भी निर्णय से पहले निवेशकों को अपने वित्तीय सलाहकार से चर्चा कर लेनी चाहिए और स्टॉप लॉस का सख्ती से पालन करना चाहिए।
Q1 नतीजों में दम दिखाएंगे बैंक शेयर! HDFC और SBI समेत इन स्टॉक्स पर ब्रोकरेज की बड़ी खरीदारी की सलाह
शेयर बाजार में अब पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजों का सीजन शुरू होने वाला है, जिसे लेकर निवेशकों और एक्सपर्ट्स में खासा उत्साह देखा जा रहा है। इस तिमाही में बैंकिंग सेक्टर से शानदार प्रदर्शन की उम्मीद जताई जा रही है। बाजार के जानकारों और प्रमुख ब्रोकरेज हाउसों का मानना है कि लोन ग्रोथ में मजबूती और एसेट क्वालिटी में सुधार के चलते बैंक शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है। ऐसे में दिग्गज सरकारी और निजी बैंकों के शेयरों को पोर्टफोलियो में शामिल करने के लिए टॉप पिक के तौर पर देखा जा रहा है।बैंकिंग सेक्टर के लिए कैसी है उम्मीदें?Q1 की रिपोर्ट कार्ड में बैंकों के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पर बाजार की पैनी नजर रहने वाली है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय बैंकिंग सिस्टम में क्रेडिट ऑफटेक में लगातार इजाफा हो रहा है, जिसका सीधा असर बैंकों के मुनाफे पर दिखाई देगा। ब्रोकरेज हाउसों का अनुमान है कि बड़े बैंकों ने अपने ऑपरेशनल एफिशिएंसी को बेहतर किया है, जिससे उनका शुद्ध लाभ उम्मीद से बेहतर रह सकता है। यह तिमाही विशेष रूप से रिटेल और कॉर्पोरेट लोन बुक की सेहत को दर्शाएगी, जो बैंकिंग स्टॉक्स के लिए बड़े ट्रिगर का काम करेगी।HDFC और SBI समेत इन शेयरों पर दांवब्रोकरेज हाउसेज ने Q1 प्रीव्यू के आधार पर कई बैंकिंग स्टॉक्स पर बुलिश रुख अपनाते हुए उन्हें टॉप पिक में जगह दी है। लिस्ट में सबसे ऊपर देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और दिग्गज निजी बैंक HDFC बैंक शामिल हैं। इनके अलावा, ICICI बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक पर भी विशेषज्ञों की नजर बनी हुई है। जानकारों का कहना है कि इन बैंकों की मजबूत बैलेंस शीट और गिरता एनपीए (NPA) उन्हें मौजूदा बाजार की अस्थिरता में भी निवेश के लिए सुरक्षित और आकर्षक बनाता है।निवेशकों के लिए क्या है संकेत?अगर आप भी नतीजों के सीजन में बैंक शेयरों पर दांव लगाने की सोच रहे हैं, तो यह समय पोर्टफोलियो की समीक्षा के लिए सही है। ब्रोकरेज की रिपोर्ट के अनुसार, बैंकिंग इंडेक्स में आने वाले दिनों में अच्छी रिकवरी देखी जा सकती है। हालांकि, बाजार में किसी भी बड़े निवेश से पहले नतीजों के साथ-साथ बैंकों के प्रबंधन की भविष्य की गाइडेंस को समझना भी बेहद जरूरी है। उम्मीद की जा रही है कि Q1 के नतीजों के बाद बैंकिंग सेक्टर में एक नया मोमेंटम देखने को मिलेगा, जो निवेशकों के लिए लंबी अवधि में वेल्थ क्रिएशन का मौका बन सकता है।
बड़ा फैसला: अब रुपये में होगी FPI फीस पेमेंट, म्यूचुअल फंड नियमों में हुआ अहम बदलाव
भारतीय शेयर बाजार और निवेश जगत से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है। बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) और म्यूचुअल फंड सेक्टर को लेकर नए नियमों का ऐलान किया है। इस फैसले के बाद अब FPIs को अपनी फीस का भुगतान करने के लिए विदेशी मुद्रा पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होगी। यह कदम भारतीय मुद्रा 'रुपये' (INR) की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार्यता बढ़ाने और निवेश प्रक्रिया को सरल बनाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।अब रुपये में होगा FPI फीस का भुगतानअभी तक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) को अपनी पंजीकरण फीस और अन्य शुल्क का भुगतान आमतौर पर विदेशी मुद्रा में करना पड़ता था। लेकिन अब सेबी ने इसे आसान बना दिया है। नई गाइडलाइन के तहत, FPIs अब भारतीय रुपये में अपना भुगतान कर सकेंगे। इससे न केवल विदेशी निवेशकों के लिए प्रशासनिक प्रक्रिया आसान होगी, बल्कि उन्हें करेंसी कन्वर्जन के झंझट और उससे जुड़ी लागत से भी राहत मिलेगी। यह फैसला भारत के पूंजी बाजार को अधिक सुलभ बनाने के लिए लिया गया है।म्यूचुअल फंड नियमों में भी बड़े बदलावFPI नियमों के साथ-साथ म्यूचुअल फंड सेक्टर के लिए भी नई नियमावली जारी की गई है। इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में पारदर्शिता बढ़ाना और निवेशकों के हितों की रक्षा करना है। नए नियमों के अनुसार, फंड हाउसों को अब अपने पोर्टफोलियो और जोखिम प्रबंधन (Risk Management) पर और अधिक स्पष्टता देनी होगी। म्यूचुअल फंड के परिचालन खर्च और निवेश से संबंधित मानदंडों में जो बदलाव किए गए हैं, वे लंबी अवधि में निवेशकों के लिए बेहतर रिटर्न और सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करेंगे।निवेशकों और बाजार पर क्या होगा असर?विशेषज्ञों का मानना है कि इन बदलावों से भारतीय बाजार में निवेश का प्रवाह बढ़ सकता है। जब प्रक्रियाएं सरल होती हैं, तो विदेशी निवेशकों का भरोसा मजबूत होता है। रुपये में भुगतान की सुविधा मिलने से FPIs के लिए निवेश की लागत कम होगी। वहीं, म्यूचुअल फंड नियमों में बदलाव से पारदर्शिता बढ़ेगी, जिससे आम रिटेल निवेशकों का म्यूचुअल फंड के प्रति आकर्षण और बढ़ेगा। यह पूरे वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र को और अधिक मजबूत और वैश्विक स्तर के अनुकूल बनाने का एक प्रयास है।
ऑनलाइन फ्रॉड करने वाले गिरोह की रफ्तार पुलिस की जांच से भी तेज हो चुकी है। पुलिस जब तक इनके किसी एक तरीके को डिकोड करती है, ये ठगी का नया तरीका लेकर आ जाते हैं। ताजा मामले में शातिरों ने महू आर्मी केंटोनमेंट बोर्ड के नाम पर इंदौर और आसपास के उद्योगपतियों को टारगेट करना शुरू किया है। हाल ही में एक महिला उद्योगपति ने सूझबूझ से खुद को बचा लिया, लेकिन केंट बोर्ड के गार्ड्स के मुताबिक केंट बोर्ड के नाम पर रोज 4 से 5 लोग ऐसे ही माल लेकर आ रहे हैं और ठगी का शिकार हो रहे हैं। भमोरी क्षेत्र की कारोबारी पिंकी श्रीवास्तव ने बताया एक महीने पहले उन्हें वाट्सएप पर महू केंट बोर्ड के नाम से 2 लाख 15 हजार 230 रुपए का एक पर्चेस ऑर्डर मिला। केंट बोर्ड का हूबहू दिखने वाला ऑफिशियल लेटरहेड होने के कारण उन्होंने इसे गंभीरता से लिया। वाट्सएप पर केंट बोर्ड का अफसर बनकर बात कर रहे ठग ने उनसे सिलीकॉन (पीएस) प्रोडक्ट की मांग की। 5 रुपए के ट्रांजेक्शन से खुल गई पोलपिंकी ने दिल्ली से स्पेशल माल मंगवाया और खुद लोडिंग वाहन लेकर महू केंट बोर्ड पहुंचीं। वहां पहुंचते ही ठगों ने फोन पर उनकी लोकेशन वॉच की और गेट से दूर एक सुनसान जगह पर बुला लिया। ठगों ने फोन पर कहा, हम एक बैंक खाता भेज रहे हैं, पहले वेरिफिकेशन के लिए इसमें 5 रुपए का ट्रांजेक्शन करो, फिर आपके माल का पूरा पेमेंट ट्रांसफर करेंगे। बिना माल चेक किए भुगतान करने और अनजान खाते में पैसे डालने की जिद पर पिंकी को शंका हुई। उन्होंने गेट पर तैनात सुरक्षा गार्ड से बात की तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। साइबर अपराधियों के नए हथकंडे, जिनमें उलझ रही जनता फर्जी ट्रेडिंग और निवेश एप: टेलीग्राम या वाट्सएप ग्रुप में जोड़कर शेयर बाजार या क्रिप्टो में 200 गुना मुनाफे का लालच देना। छोटा प्रॉफिट देकर बड़ी रकम हड़प लेना।APK फाइल से मोबाइल हैक: बैंक, कूरियर या बिजली बिल अपडेट के नाम पर APK फाइल भेजना। इसे इंस्टॉल करते ही मोबाइल का पूरा एक्सेस ठगों के पास पहुंच जाता है।स्क्रीन शेयरिंग एप: एनीडेस्क जैसी रिमोट एक्सेस एप डाउनलोड कराकर सीधे बैंक खाते साफ करना।पार्ट-टाइम जॉब/टास्क फ्रॉड: ‘घर बैठे कमाई’ या ‘वीडियो लाइक कर पैसे कमाएं’ जैसे ऑफर देकर पहले छोटा भुगतान करना और फिर बड़े निवेश के नाम पर ठगी करना।वाट्सएप ‘बॉस’ स्कैम: कंपनी के मालिक या बड़े अफसर की डीपी लगाकर अकाउंटेंट को तत्काल फर्जी खाते में भुगतान का दबाव बनाना।फर्जी कस्टमर केयर व ई-मेल स्पूफिंग: गूगल सर्च पर नकली हेल्पलाइन नंबर डालना। बड़ी कंपनियों और लॉजिस्टिक व्यापारियों को हूबहू दिखने वाली फर्जी ई-मेल आईडी (स्पूफिंग) से टारगेट करना।क्यूआर कोड स्कैम: पैसे आपके खाते में आएंगे... कहकर क्यूआर कोड स्कैन कराना, जबकि स्कैन करते ही पीड़ित के खाते से पैसे कट जाते हैं।केवायसी/बैंक अपडेट पैनिक: “आज ही केवायसी अपडेट न होने पर खाता बंद हो जाएगा” का डर दिखाकर मालवेयर लिंक पर क्लिक कराना और सिस्टम हैक करना।म्यूल अकाउंट: ठगी की रकम को तुरंत छुपाने के लिए दूसरों के बैंक खाते किराए पर लेना। एक ही रकम को अलग-अलग खातों में घुमाकर जांच को उलझाना। अलग-अलग कारोबारियों को अलग-अलग पर्चेस ऑर्डरजो मामले सामने आए हैं, उनमें ठगों ने अलग-अलग कारोबारियों को अलग-अलग पर्चेस ऑर्डर भेजकर ठगी का प्रयास किया है। आर्मी स्कूल के नाम पर स्टेशनरी, आर्मी हॉस्पिटल के नाम पर भी खरीदी के ऑर्डर भेजने के मामले सामने आए हैं। ताजा मामले में जिस सिलीकॉन प्रॉडक्ट की बात कही जा रही, उसका उपयोग संभवत: मिलिट्री बैरक और क्वार्टर्स की वाटरप्रूफिंग, सड़कों और ब्रिजेज के जॉइंट्स और आर्मी अस्पतालों और लैब्स की सीलिंग में हो सकता है। कई उद्योगपतियों से हुई है ठगीसाइबर ठगों ने केंटोनमेंट बोर्ड के नाम से फर्जी दस्तावेज, पर्चेस ऑर्डर व अन्य तरीके से कई उद्योगपतियों से धोखाधड़ी के प्रयास किए हैं। कुछ कारोबारियों से ठगी हो भी चुकी है। इसे लेकर हमने इंदौर पुलिस कमिश्नर, ग्रामीण एसपी और साइबर सेल एसपी के कार्यालयों में पत्राचार व ई-मेल भी किए हैं। - सतीश अग्रवाल, ऑफिस सुपरिंटेंडेंट, केंटोनमेंट बोर्ड
आंध्र प्रदेश ने 9,076 करोड़ रुपए के निवेश वाली 11 परियोजनाओं को मंजूरी दी
आंध्र प्रदेश राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (एसआईपीबी) ने 9,076 करोड़ रुपए के निवेश वाली 11 परियोजनाओं को मंजूरी दी।
Share Bazaar में तेजी पर लगा विराम, Sensex 104 अंक टूटा, Nifty में भी आई गिरावट
Share Market Update News : लगातार 4 सत्रों की तेजी के बाद भारतीय शेयर बाजार में आज तेजी पर विराम लग गया है। कारोबार के दौरान मुनाफावसूली देखने को मिली। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 104.35 अंक यानी 0.13 फीसदी की गिरावट के साथ 78180.72 अंक पर ...
शेयर बाजार में तहलका मचाने आ रही है दिग्गज फिटनेस कंपनी, ₹950 करोड़ का मेगा प्लान तैयार
भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में कमाई की उम्मीद लगाए बैठे निवेशकों के लिए कॉर्पोरेट जगत से एक बेहद शानदार और बड़ी खबर सामने आ रही है। देश की सबसे लोकप्रिय और अग्रणी फिटनेस व हेल्थकेयर स्टार्टअप कंपनी कल्ट.फिट (Cult.fit) ने दलाल स्ट्रीट पर कदम रखने की पूरी तैयारी कर ली है। बिजनेस जगत के गलियारों से आ रही पुख्ता खबरों के मुताबिक, कंपनी बहुत जल्द अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग यानी आईपीओ (IPO) बाजार में लॉन्च करने जा रही है। इस मेगा पब्लिक इश्यू के जरिए कंपनी का इरादा बाजार से करीब ₹950 करोड़ की मोटी रकम जुटाने का है।शानदार बिजनेस मॉडल और दिग्गज निवेशकों का है भरोसाकल्ट.फिट ने भारत में ट्रेडिशनल जिम और वर्कआउट के तौर-तरीकों को पूरी तरह से बदलकर रख दिया है। कंपनी अपने अनूठे ग्रुप वर्कआउट, योगा, डांस और डिजिटल फिटनेस सेशंस के दम पर देश के युवाओं के बीच एक बड़ा ब्रांड बन चुकी है। कल्ट.फिट को जोमैटो (Zomato), टाटा डिजिटल (Tata Digital) और मिकिन और कंपनी जैसे देश-विदेश के कई बड़े और दिग्गज संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) का मजबूत बैकअप हासिल है। यही वजह है कि बाजार के विशेषज्ञ इस आईपीओ को लेकर अभी से ही काफी ज्यादा उत्साहित नजर आ रहे हैं।₹950 करोड़ के आईपीओ फंड का कहां होगा इस्तेमाल?सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कल्ट.फिट इस आईपीओ से मिलने वाली ₹950 करोड़ की भारी-भरकम राशि का इस्तेमाल मुख्य रूप से अपने बिजनेस के विस्तार (Business Expansion) के लिए करने वाली है। कंपनी देश के टियर-2 और टियर-3 शहरों में अपने नए फिटनेस सेंटर्स खोलने, अपनी डिजिटल टेक्नोलॉजी और ऐप को और अधिक एडवांस बनाने के साथ-साथ कुछ नए हेल्थकेयर सेगमेंट में भी अपनी हिस्सेदारी मजबूत करने की योजना बना रही है। इसके अलावा, जुटाई गई रकम का एक हिस्सा कंपनी के सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों और पुराने कर्ज को चुकाने में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।न्यू-एज टेक स्टार्टअप्स की लिस्ट में होगी एंट्रीपिछले कुछ समय में शेयर बाजार में जोमैटो, नायका और पेटीएम जैसे न्यू-एज टेक स्टार्टअप्स की लिस्टिंग के बाद अब कल्ट.फिट भी इसी एलीट क्लब का हिस्सा बनने जा रही है। फिटनेस और वेलनेस सेक्टर से शेयर बाजार में लिस्ट होने वाली यह देश की चुनिंदा बड़ी कंपनियों में से एक होगी। बाजार विश्लेषकों (Market Analysts) का मानना है कि कोरोना महामारी के बाद से लोगों में हेल्थ और फिटनेस को लेकर जागरूकता बहुत तेजी से बढ़ी है, जिसका सीधा और बड़ा फायदा कल्ट.फिट के आईपीओ को मिल सकता है और यह निवेशकों को लंबी अवधि में तगड़ा रिटर्न दे सकता है।निवेशकों के लिए क्या हैं कमाई के मौके: कब आएगा आईपीओ?हालांकि कंपनी की ओर से अभी तक बाजार नियामक सेबी (SEBI) के पास ड्राफ्ट पेपर (DRHP) दाखिल करने और आईपीओ के प्राइस बैंड व सटीक तारीखों को लेकर कोई आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है, लेकिन मर्चेंट बैंकर्स के सूत्रों का कहना है कि इसके लिए अंदरूनी प्रक्रिया बहुत तेजी से चल रही है। रिटेल निवेशकों के लिए इस आईपीओ में दांव लगाने और एक तेजी से बढ़ती फिटनेस इंडस्ट्री का हिस्सा बनने का यह एक बेहतरीन मौका साबित हो सकता है। यदि आप भी आईपीओ में निवेश कर लिस्टिंग गेन या लॉन्ग टर्म प्रॉफिट कमाना चाहते हैं, तो कल्ट.फिट के इस अपकमिंग आईपीओ पर अपनी नजरें जरूर टिकाए रखें।
1 अगस्त से बदलने जा रहे हैं शेयर बायबैक के नियम, छोटे निवेशकों की जेब पर क्या होगा सीधा असर
भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में दांव लगाने वाले आम निवेशकों और लिस्टेड कंपनियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण खबर है। आगामी 1 अगस्त से शेयर बायबैक के नियमों में एक बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव होने जा रहा है। मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) और सरकार द्वारा लागू किए जा रहे इन नए नियमों का सीधा असर निवेशकों के मुनाफे और कंपनियों की बायबैक स्ट्रेटेजी पर पड़ने वाला है। अगर आप भी शेयर बाजार में ट्रेडिंग या लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट करते हैं, तो इस बदलाव को बारीकी से समझना आपके पोर्टफोलियो के लिए बेहद जरूरी है।क्या होते हैं शेयर बायबैक और क्यों बदल रही है इसकी व्यवस्थाजब कोई लिस्टेड कंपनी अपने ही मौजूदा शेयरधारकों से अपने शेयरों को वापस खरीदती है, तो उसे शेयर बायबैक कहा जाता है। कंपनियां अक्सर अपने शेयर की वैल्यू बढ़ाने या निवेशकों को रिवॉर्ड देने के लिए ऐसा करती हैं। अब तक कंपनियां बायबैक पर खुद टैक्स चुकाती थीं, जिससे निवेशकों को मिलने वाली रकम पूरी तरह टैक्स-फ्री होती थी। लेकिन 1 अगस्त से लागू होने वाले नए नियमों के तहत इस पूरी कर व्यवस्था (Taxation System) को और अधिक पारदर्शी और तर्कसंगत बनाने के लिए बदला जा रहा है, जिससे शेयर बाजार के इस बड़े कॉरपोरेट एक्शन का पूरा ढांचा ही बदल जाएगा।1 अगस्त से क्या बदलेगा: निवेशकों के लिए टैक्स का नया गणितनए नियम के लागू होने के बाद अब शेयर बायबैक से होने वाली कमाई को पूरी तरह से 'डिविडेंड' (लाभांश) की तरह माना जाएगा। इसका मतलब यह है कि 1 अगस्त के बाद यदि कोई कंपनी बायबैक लाती है, तो उस पर मिलने वाली अतिरिक्त रकम पर सीधे निवेशक के टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स लगेगा। उदाहरण के तौर पर, यदि आप 30 फीसदी के टैक्स स्लैब में आते हैं, तो बायबैक से होने वाले मुनाफे पर आपको 30 फीसदी टैक्स देना होगा। यह बदलाव विशेष रूप से उन बड़े और खुदरा निवेशकों (Retail Investors) को प्रभावित करेगा जो बायबैक के जरिए टैक्स-फ्री मुनाफा कमाते थे।कंपनियों की बायबैक योजनाओं पर पड़ेगा यह बड़ा असरइस नए नियम का असर सिर्फ निवेशकों पर ही नहीं, बल्कि कंपनियों की सोच पर भी दिखेगा। अब तक कंपनियां डिविडेंड देने के बजाय बायबैक को प्राथमिकता देती थीं क्योंकि इसमें टैक्स का बोझ कम बैठता था। लेकिन अब दोनों पर एक जैसा टैक्स नियम लागू होने के कारण कंपनियां शेयर बायबैक लाने से पहले कई बार सोचेंगी। बाजार विश्लेषकों (Market Experts) का मानना है कि इस बदलाव के बाद आने वाले दिनों में शेयर बाजार में कंपनियों द्वारा बायबैक लाने की संख्या में थोड़ी कमी देखी जा सकती है या फिर कंपनियां इसके लिए नई रणनीतियां तैयार करेंगी।छोटे और रिटेल निवेशकों को अब क्या रणनीति अपनानी चाहिएनियमों में होने वाले इस बदलाव को देखते हुए मार्केट एक्सपर्ट्स ने रिटेल इनवेस्टर्स को सतर्क रहने की सलाह दी है। अब किसी भी कंपनी के बायबैक ऑफर में सिर्फ प्रीमियम (ज्यादा कीमत) देखकर आंख मूंदकर निवेश न करें। निवेश करने से पहले अपने व्यक्तिगत टैक्स स्लैब (Tax Slab) की गणना जरूर कर लें, क्योंकि टैक्स कटने के बाद आपका वास्तविक मुनाफा उम्मीद से कम हो सकता है। यह नया नियम पूरी तरह से पारदर्शी है और लॉन्ग टर्म निवेशकों को मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों में टिके रहने के लिए प्रेरित करता है।
3 साल में ब्लू चिप शेयरों ने किया निराश! TCS, Infosys, ITC समेत कई दिग्गजों का रिटर्न कमजोर
2026 की पहली छह माही में भारतीय शेयर बाजार में आई गिरावट के चलते कई ब्लू चिप कंपनियों का पिछले 3 साल का रिटर्न करीब शून्य पर पहुंच गया। टीसीएस, आईटीसी, इंफोसिस, एशियन पेंट्स, एचडीएफसी बैंक, हिंदुस्तान यूनीलीवर, विप्रो, टाटा मोटर्स और एचसीएल टेक जैसी ...
एक दिन में सबसे ज्यादा एसएमई आईपीओ की हुई लिस्टिंग
मुंबई, भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार का कारोबारी सत्र ऐतिहासिक रहा। इस दौरान कुल 6 स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइज (एसएमई) कंपनियों की लिस्टिंग हुई, जो कि 2026 में एसएमई आईपीओ लिस्टिंग का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।
गुरुग्राम पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने निवेश के नाम पर करोड़ों की साइबर ठगी से जुड़े मामले में कार्रवाई की है। पुलिस ने बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान महाराष्ट्र के उल्हासनगर, जिला ठाणे निवासी चेतन सूर्यकांत जगताप के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, 6 अगस्त 2025 को थाना साइबर क्राइम में एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि आईपीओ और शेयरों में निवेश कर मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर उससे करीब 33 लाख 55 हजार रुपए की ठगी की गई। इस शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंकिंग ट्रांजैक्शन की गहन पड़ताल की। इसके बाद आरोपी चेतन सूर्यकांत जगताप को 6 जुलाई को मुंबई से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर गिरफ्तार किया गया। जिस खाते में रकम गई, वह चेतन का था पुलिस जांच में सामने आया कि शिकायतकर्ता से ठगी गई रकम में से 25 लाख 70 हजार रुपए जिस बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे, वह खाता आरोपी चेतन के नाम पर था। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसने अपना बैंक खाता 4 प्रतिशत कमीशन के बदले दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए दे दिया था। इसी खाते का उपयोग साइबर ठगी की रकम को ट्रांसफर करने में किया गया। पुलिस नेटवर्क का पता लगा रही फिलहाल गुरुग्राम पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है ताकि इस साइबर ठगी गिरोह के अन्य सदस्यों और पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
पडेट के बाद 11% तक टूटा Trent, निवेशकों को लगा बड़ा झटका
भारतीय शेयर बाजार में टाटा ग्रुप की दिग्गज रिटेल कंपनी ट्रेंट लिमिटेड (Trent Ltd) के शेयरों में आज भारी उथल-पुथल देखने को मिली है। कंपनी द्वारा वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही (Q1) के बिजनेस अपडेट जारी करने के तुरंत बाद इसके शेयरों में करीब 11% तक की भारी गिरावट दर्ज की गई। इस अचानक आई गिरावट से रिटेल और संस्थागत निवेशकों को बड़ा झटका लगा है।
भारतीय संस्कृति और वित्तीय बाजारों में सोने (Gold) को हमेशा से संकट का साथी और सबसे सुरक्षित निवेश माना जाता रहा है। हालांकि, बदलते डिजिटल दौर में अब लोग फिजिकल सोना यानी भारी-भरकम गहने या सिक्के खरीदकर लॉकर में रखने के बजाय गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF) में पैसा लगाना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। डिजिटल सोने के इस विकल्प में निवेशकों को न तो मेकिंग चार्ज और शुद्धता की कोई टेंशन होती है और न ही इसके चोरी होने का कोई डर रहता है। सबसे खास बात यह है कि सुरक्षित रहने के साथ-साथ इन फंड्स ने निवेशकों को बेहद दमदार रिटर्न भी कमा कर दिया है।म्यूचुअल फंड्स के हालिया ट्रैकिंग डेटा (ACE MF) के अनुसार, देश के बड़े और स्थापित गोल्ड ईटीएफ ने पिछले 3 वर्षों की अवधि में निवेशकों को 34% तक का शानदार सालाना कंपाउंडेड रिटर्न (CAGR) दिया है। प्रदर्शन की इस रेस में यूटीआई गोल्ड ईटीएफ (UTI Gold ETF) सबसे आगे निकल गया है। आइए समझते हैं कि आखिर गोल्ड ईटीएफ कैसे काम करता है और इस समय रिटर्न के मामले में कौन सी टॉप 5 स्कीम्स बाजार में धमाल मचा रही हैं।आखिर क्या होता है Gold ETF और यह कैसे काम करता है?गोल्ड ईटीएफ (Exchange Traded Fund) मूल रूप से एक म्यूचुअल फंड प्रोडक्ट ही है, जो सीधे तौर पर भौतिक सोने (Physical Gold) की कीमतों से लिंक होता है। यह फंड शेयर बाजार (NSE और BSE) पर लिस्टेड होता है। जिस तरह आप किसी कंपनी के शेयर को अपने डीमैट अकाउंट के जरिए जब चाहें खरीद और बेच सकते हैं, ठीक उसी तरह गोल्ड ईटीएफ में भी ट्रेडिंग की जा सकती है। इसका ग्राफ घरेलू बाजार में 24 कैरट सोने के वास्तविक भाव को ट्रैक करता है। जैसे ही बाजार में सोने के दाम बढ़ते हैं, आपके ईटीएफ यूनिट्स की वैल्यू भी बढ़ जाती है। इसमें उच्च लिक्विडिटी और बेहद कम ट्रैकिंग डिफरेंस जैसी बेहतरीन सुविधाएं मिलती हैं।3 साल के परफॉर्मेंस में UTI Gold ETF बना नंबर-1जुलाई 2026 के ताजा डेटा के मुताबिक, कम से कम ₹1,500 करोड़ से अधिक के एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) वाले बड़े फंड्स की श्रेणी में UTI Gold ETF का प्रदर्शन सबसे उत्कृष्ट रहा है:बेंचमार्क को बड़े अंतर से पछाड़ा: बीते 3 साल की अवधि में जहां इसके संबंधित बेंचमार्क ने महज 1.7% का ही मामूली रिटर्न दिया, वहीं यूटीआई गोल्ड ईटीएफ ने 34% का सालाना सीएजीआर (CAGR) रिटर्न देकर अपने बेंचमार्क को 32.2% के भारी अंतर से पछाड़ दिया।1 साल की अवधि का दमदार रिकॉर्ड: सिर्फ दीर्घकालिक ही नहीं, बल्कि पिछले 1 साल की छोटी अवधि में भी यह फंड शीर्ष पर रहा। इसने निवेशकों को 45.6% का बंपर मुनाफा दिया, जबकि इसी दौरान इसका बेंचमार्क इंडेक्स सिर्फ 10.1% की ग्रोथ दर्ज कर सका।देश का सबसे बड़ा गोल्ड फंड: अगर एसेट साइज (फंड साइज) की बात करें, तो वर्तमान में 'ICICI Pru Gold ETF' देश का सबसे बड़ा गोल्ड फंड बना हुआ है, जिसका कुल कॉर्पस ₹27,578.2 करोड़ के विशाल स्तर पर पहुंच चुका है।भारत के Top 5 Gold ETFs: रिटर्न और फंड साइज का पूरा रिपोर्ट कार्डयदि आप भी चालू वित्त वर्ष में सोने में डिजिटल और सुरक्षित तरीके से निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो एसेट्स और शानदार रिटर्न के मामले में देश की इन शीर्ष 5 स्कीम्स के प्रदर्शन पर नजर डाल सकते हैं:फंड का नाम (Gold ETF Scheme)3 साल का सालाना रिटर्न (CAGR)1 साल का कुल रिटर्नकुल फंड साइज (AUM)1. UTI Gold ETF34.0%45.6%₹1,500 Cr+2. ICICI Pru Gold ETF33.8%45.1%₹27,578.2 Cr3. HDFC Gold ETF33.5%44.8%₹5,000 Cr+4. SBI Gold Fund/ETF33.2%44.5%₹10,000 Cr+5. Nippon India Gold ETF33.0%44.2%₹9,000 Cr+(नोट: ऊपर दिए गए आंकड़े 2 जुलाई 2026 तक के लेटेस्ट म्यूचुअल फंड डेटा पर आधारित हैं। निवेश करने से पहले स्कीम के दस्तावेज ध्यान से पढ़ें।)
अंक ज्योतिष (Numerology) के अनुसार, हर व्यक्ति की जन्मतिथि का उसके जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। यह न केवल आपके स्वभाव और व्यक्तित्व के छिपे हुए राज उजागर करती है, बल्कि आने वाले समय और भविष्य की घटनाओं का सटीक संकेत भी देती है। आज यानी 07 जुलाई 2026 को ग्रहों और अंकों का विशेष संयोग कई मूलांक के जातकों के लिए तरक्की के नए रास्ते खोलने जा रहा है। हालांकि, आज के दिन किसी भी बड़े प्रोजेक्ट या निवेश में हाथ डालने से पहले बाजार की पूरी जानकारी लेना और अनुभवी लोगों से सलाह लेना बेहद जरूरी है। आइए विस्तार से जानते हैं कि मूलांक 1 से लेकर 9 तक के लोगों के लिए आज का दिन कैसा रहने वाला है।मूलांक 1: आर्थिक मामलों में मिलेगा बड़ा लाभअगर आपका जन्म किसी भी महीने की 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आपका मूलांक 1 है। आज का दिन आपके वित्तीय मामलों के लिए बेहद भाग्यशाली रहने वाला है। पूर्व में भविष्य को ध्यान में रखकर बनाई गई योजनाएं आज आपको बड़ा मुनाफा दे सकती हैं। कार्यक्षेत्र में आज आपको अपने बजट और बचत की नए सिरे से समीक्षा करनी चाहिए। फिजूलखर्ची पर पूरी तरह नियंत्रण रखें और केवल वही निर्णय लें जो आने वाले समय में आपको आर्थिक रूप से मजबूत बनाएं।मूलांक 2: नए अवसरों के साथ बरतें थोड़ी सावधानीजिन लोगों का जन्म महीने की 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, उनका मूलांक 2 बनता है। आज आपको करियर में तरक्की के कई नए अवसर मिल सकते हैं, विशेष रूप से तकनीकी (Tech) और नए स्टार्टअप से जुड़े क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को बड़ी सफलता मिलेगी। हालांकि, आपको जल्दबाजी में कोई भी बड़ा वित्तीय फैसला लेने से बचना चाहिए। इस समय शॉर्ट-टर्म के बजाय लंबी अवधि के निवेश (Long-term Investment) पर ध्यान केंद्रित करना आपके लिए अधिक फायदेमंद रहेगा।मूलांक 3: बड़े खर्चों और निवेश से आज दूरी बनाएंअगर आपकी जन्मतिथि 3, 12, 21 या 30 तारीख है, तो आपका मूलांक 3 है। आज का दिन आपके लिए थोड़ा संभलकर चलने का संकेत दे रहा है। बेहतर होगा कि आज आप किसी भी तरह के नए निवेश या बड़े खर्चों को टाल दें। यह समय कोई नया जोखिम उठाने का नहीं, बल्कि अपनी वर्तमान आर्थिक स्थिति को समझने और भविष्य के लिए एक मजबूत प्लानिंग तैयार करने का है। धैर्य से काम लें, आने वाला समय आपके पक्ष में होगा।मूलांक 4: बचत बढ़ाने और नई प्लानिंग के लिए उत्तम दिनजिन जातकों का जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, उनका मूलांक 4 है। आर्थिक दृष्टिकोण से आज का दिन आपके लिए काफी अनुकूल रहने वाला है। यदि आप लंबे समय से भविष्य के लिए किसी नई योजना पर काम कर रहे हैं, तो आज उसे शुरू करने का सही समय है। अपनी आय और व्यय में संतुलन बनाकर चलें और बचत बढ़ाने पर विशेष ध्यान दें। समझदारी से लिया गया एक छोटा सा फैसला भी आपकी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर देगा।मूलांक 5: जल्दबाजी से बचें, सोच-समझकर लगाएं पैसाअगर आपका जन्म किसी भी महीने की 5, 14 या 23 तारीख को हुआ है, तो आपका मूलांक 5 है। आज आपके सामने बिजनेस और नौकरी से जुड़े कुछ बेहतरीन और आकर्षक ऑफर आ सकते हैं। लेकिन किसी भी नए प्रोजेक्ट या स्कीम में पैसा लगाने से पहले उसकी पूरी पड़ताल जरूर कर लें। बाजार के जोखिमों को समझे बिना निवेश करना नुकसानदेह हो सकता है, इसलिए केवल उन्हीं योजनाओं को चुनें जो लंबे समय तक स्थिर लाभ देने का वादा करती हों।मूलांक 6: बड़े आर्थिक फैसले आज के लिए टालना ही बेहतरमहीने की 6, 15 या 24 तारीख को जन्मे लोगों का मूलांक 6 होता है। आज का दिन आपके लिए गहरी आत्म-समीक्षा और सोच-विचार करने का है। अगर आप आज कोई बड़ा प्रॉपर्टी या शेयर बाजार से जुड़ा फैसला लेने जा रहे हैं, तो उसे फिलहाल कुछ दिनों के लिए स्थगित कर दें। वर्तमान में अपनी जमा पूंजी को सुरक्षित रखने, दैनिक खर्चों को प्रबंधित करने और भविष्य की रणनीतियों पर फोकस करें। योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ने पर ही आर्थिक सुधार संभव है।मूलांक 7: बजट की समीक्षा से होगा शानदार मुनाफायदि आपकी जन्मतिथि 7, 16 या 25 तारीख है, तो आपका मूलांक 7 है। वित्तीय मामलों में आज सितारे आपके साथ हैं और दिन आपके पक्ष में रहने वाला है। आज आपको अपने पुराने निवेशों और वर्तमान बजट की गहराई से समीक्षा करनी चाहिए। गैर-जरूरी चीजों पर हो रहे खर्चों से खुद को दूर रखें। आज बनाई गई एक ठोस और अनुशासित वित्तीय योजना आपको भविष्य में उम्मीद से कहीं ज्यादा बड़ा लाभ दिला सकती है।मूलांक 8: तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों को मिलेगी तरक्कीजिन लोगों का जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, उनका मूलांक 8 बनता है। आज का दिन आपके लिए नए व्यापारिक अनुबंध और निवेश के शानदार मौके लेकर आया है। विशेषकर आईटी, सॉफ्टवेयर, गैजेट्स और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों के लिए समय बहुत उत्तम है। हालांकि, उत्साह में आकर बिना सोचे-समझे किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर न करें। सही रणनीति, उचित मार्गदर्शन और धैर्य के साथ कदम बढ़ाएंगे तो आपका भविष्य सुरक्षित रहेगा।मूलांक 9: निवेश में पूरी सावधानी और सतर्कता है जरूरीअगर आपका जन्म महीने की 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आपका मूलांक 9 है। आज आपको आर्थिक लेन-देन में बहुत ज्यादा सतर्क रहने की आवश्यकता है। आज के दिन किसी को बड़ा कर्ज देने, भारी खर्च करने या नया निवेश करने से पूरी तरह बचें। शॉर्ट-टर्म की लालच में आने के बजाय अपने दीर्घकालिक (Long-term) लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करें। समझदारी और सूझबूझ से लिया गया निर्णय ही आपको आने वाले संकटों से बचाएगा।
ग्लोबल स्टॉक मार्केट से आज कमजोरी के संकेत मिल रहे हैं। टेक्नोलॉजी स्टॉक्स (Tech Stocks) में बड़े पैमाने पर मुनाफावसूली और बिकवाली के चलते आज एशियाई बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। सबसे ज्यादा असर दक्षिण कोरिया के बाजार पर देखने को मिला है। यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स ने अपने तिमाही मुनाफे में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की है, लेकिन फिर भी निवेशक एआई (AI) रैली के ऊंचे वैल्यूएशन को लेकर सतर्क नजर आ रहे हैं।सैमसंग के रिकॉर्ड मुनाफे के बावजूद कोस्पी 4% टूटाएशियाई बाजारों में आज दक्षिण कोरिया का बेंचमार्क इंडेक्स कोस्पी (KOSPI) करीब 4% तक टूट गया। वहीं, स्मॉल-कैप इंडेक्स कोस्डैक (Kosdaq) में भी 0.72% की गिरावट देखी गई। टेक जायंट सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयर तिमाही ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 19 गुना की भारी बढ़ोतरी की रिपोर्ट के बाद भी 5% से ज्यादा फिसल गए। दरअसल, मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि इतनी शानदार ग्रोथ के बावजूद यह नतीजा बेहद ऊंची बाजार उम्मीदों से थोड़ा पीछे रह गया। इसके अलावा, एसके हाइनिक्स (SK Hynix) के शेयर भी 1% से ज्यादा गिरे हैं, जिसने हाल ही में अपनी अमेरिकी लिस्टिंग के लिए आधिकारिक प्रक्रिया शुरू की है।जापान और ऑस्ट्रेलिया के बाजारों का हालजापान के शेयर बाजार में भी मिला-जुला रुख देखने को मिला। निक्केई 225 (Nikkei 225) मामूली गिरावट के साथ ट्रेड करता नजर आया, जबकि व्यापक टॉपिक्स (Topix) इंडेक्स में 0.60% की बढ़त दर्ज की गई। उधर, ऑस्ट्रेलिया का बेंचमार्क इंडेक्स S&P/ASX 200 भी आज 0.12% की कमजोरी के साथ बंद हुआ। हॉन्गकॉन्ग के हैंगसेंग इंडेक्स (Hang Seng Index) का फ्यूचर्स 23,571 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जो इसके पिछले क्लोजिंग स्तर 23,616.32 से नीचे है।कच्चे तेल में नरमी और जापानी येन की स्थितिकमोडिटी मार्केट की बात करें तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड ऑयल की कीमतें $69 प्रति बैरल से नीचे आ गई हैं। बाजार में कच्चे तेल की ओवरसप्लाई बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं, क्योंकि सऊदी अरब ने हाल ही में तेल की कीमतों में कटौती की है। इसके साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के रास्ते शिपिंग गतिविधियों में सुधार होने से भी सप्लाई की चिंता कम हुई है। दूसरी ओर, फॉरेक्स मार्केट में जापानी येन डॉलर के मुकाबले 162.08 के स्तर पर बना हुआ है, जो कि करीब चार दशकों का सबसे निचला स्तर है।अमेरिकी शेयर बाजार में दिखी थी तेजीएशियाई बाजारों के विपरीत, अमेरिकी शेयर बाजार सोमवार को मजबूत बढ़त के साथ बंद हुए थे। यूएस मार्केट्स में ब्रॉडकॉम जैसी बड़ी चिपमेकर कंपनियों में तेजी के कारण रौनक रही, क्योंकि निवेशकों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों पर अपना भरोसा बनाए रखा है। S&P 500 इंडेक्स 0.72% बढ़कर 7,537.43 पर बंद हुआ, जबकि नैस्डैक कंपोजिट 1.12% की उछाल के साथ 26,121.16 पर रहा। इसके अलावा, डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.29% की बढ़त के साथ 53,055.91 के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ था। अमेरिका में शॉर्ट-टर्म ट्रेजरी बॉन्ड्स में भी तेजी देखी गई, जिससे यह संकेत मिल रहे हैं कि फेडरल रिजर्व आने वाले समय में ब्याज दरों में बढ़ोतरी से बच सकता है।
संतकबीरनगर में करोड़ों रुपये की निवेश धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों की गिरफ्तारी रविवार देर शाम महुली क्षेत्र से की गई। सोमवार शाम करीब 5 बजे उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। जांच में खुलासा हुआ है कि एक आरोपी ने करीब चार करोड़ रुपये और दूसरे ने 50 लाख रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित की थी। धनघटा के सीओ अभय नाथ मिश्र ने बताया कि महुली थाना क्षेत्र के हटवा गांव निवासी संतलाल मौर्य की तहरीर पर 18 अक्टूबर 2025 को मुकदमा दर्ज किया गया था। मुख्य आरोपी धनंजय शुक्ला, उसकी सहयोगी रजनी प्रजापति समेत 13 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन की धाराओं में केस दर्ज किया गया था। आरोप है कि आरोपियों ने शेयर बाजार में बैंक से अधिक मुनाफा दिलाने का झांसा देकर लोगों से अपने खातों में बड़ी रकम जमा कराई। शिकायतकर्ता संतलाल मौर्य ने भी अपने परिजनों के माध्यम से 51 लाख रुपये निवेश किए थे, लेकिन न तो उन्हें कोई लाभ मिला और न ही मूलधन वापस किया गया। बाद में आरोपी कार्यालय बंद कर फरार हो गए और मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ कर लिए। 'एआईपीएल ट्रेडिंग' के नाम पर चलता था फर्जी निवेश का खेल पुलिस ने 18 मई 2026 को मुख्य आरोपी धनंजय शुक्ला और रजनी प्रजापति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। कस्टडी रिमांड के दौरान पूछताछ में पता चला कि आरोपी 'एआईपीएल ट्रेडिंग' नामक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए निवेशकों को फर्जी वर्चुअल बैलेंस और बढ़ता हुआ मुनाफा दिखाकर निवेश के लिए प्रेरित करते थे। जांच में यह भी सामने आया कि निवेश की रकम वास्तव में शेयर बाजार में नहीं लगाई जाती थी। नए निवेशकों से मिली राशि से पुराने निवेशकों को भुगतान किया जाता था। पुलिस के अनुसार, इस तरीके से करीब 30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई। दो और आरोपी गिरफ्तार, करोड़ों की संपत्ति खरीदी जांच के दौरान पुलिस ने महुली क्षेत्र के गायघाट निवासी विक्रांत प्रकाश सिंह और चंदहर निवासी सत्यप्रकाश यादव को गिरफ्तार किया। जांच में दोनों की भूमिका नए निवेशकों को जोड़ने, धनराशि एकत्र करने तथा बैंक खातों और नकद लेनदेन के जरिए अवैध लाभ कमाने में पाई गई। पुलिस के मुताबिक, विक्रांत ने करीब चार करोड़ रुपये और सत्यप्रकाश ने करीब 50 लाख रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित कर खजनी, सहजनवा और संतकबीरनगर क्षेत्र में अचल संपत्तियां खरीदी थीं। अन्य आरोपियों और संपत्तियों की जांच जारी पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य आरोपियों, उनकी भूमिका और अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों की भी जांच की जा रही है। जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
भारतीय शेयर बाजार में निवेश करने वालों और बैंकिंग सेक्टर्स के निवेशकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण समय शुरू होने वाला है। जून तिमाही (Q1 FY27) के कॉरपोरेट नतीजों का सीजन दस्तक दे चुका है। इस बार बैंकों के तिमाही प्रदर्शन की तस्वीर पिछले कुछ क्वार्टर्स से काफी अलग और दिलचस्प नजर आ रही है। एक तरफ जहां देश में लोन (उधार) की मांग में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है, वहीं दूसरी तरफ बैंकों के पास जमा (Deposit) उस रफ्तार से नहीं बढ़ा है। क्रेडिट और डिपॉजिट के इसी अंतर के कारण कई दिग्गज बैंकों के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पर दबाव देखने को मिल सकता है, हालांकि खराब लोन के लिए पहले से किए गए मजबूत प्रावधानों (Provisions) के चलते ओवरऑल मुनाफा दमदार रहने की उम्मीद है।15 जुलाई से शुरू होगा नतीजों का महाकुंभ, ये हैं मुख्य तारीखेंबैंकिंग सेक्टर में पहली तिमाही के नतीजों की शुरुआत 15 जुलाई को जना स्मॉल फाइनेंस बैंक (Jana Small Finance Bank) के साथ होगी। इसके बाद 18 जुलाई को बाजार के चार सबसे बड़े दिग्गज— एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank), आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank), एक्सिस बैंक (Axis Bank) और कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) एक साथ अपने वित्तीय नतीजे घोषित करेंगे। इसके बाद 20 जुलाई को करूर वैश्य बैंक, 22 जुलाई को सीएसबी बैंक, 23 जुलाई को उज्जिवन स्मॉल फाइनेंस बैंक और 25 जुलाई को आईडीएफसी फर्स्ट बैंक (IDFC First Bank) के परिणाम सामने आएंगे। दिग्गज ब्रोकरेज हाउस सिस्टमैटिक्स इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के अनुसार, इस तिमाही में पूरे बैंकिंग सेक्टर का शुद्ध मुनाफा 13.7 फीसदी की दर से बढ़ सकता है।ये बड़े बैंक मचाएंगे धमाल, इस सरकारी बैंक से मिल सकता है बड़ा सरप्राइजब्रोकरेज रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस तिमाही में कुछ चुनिंदा बैंक निवेशकों की चांदी करा सकते हैं। आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) मजबूत एसेट क्वालिटी और लोन ग्रोथ के दम पर सबसे टॉप पर बना हुआ है। वहीं, देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक एसबीआई (SBI) कॉपोरेट लोन और सरकारी योजनाओं के दम पर शानदार मुनाफा कमा सकता है। एचडीएफसी बैंक से 15.5% की लोन ग्रोथ और स्थिर मार्जिन के साथ मजबूत नतीजों की उम्मीद है। एक्सिस बैंक का मुनाफा कम प्रोविजनिंग के चलते 28 फीसदी तक उछल सकता है। सबसे बड़ा सरप्राइज इंडियन बैंक (Indian Bank) और बैंक ऑफ इंडिया से मिल सकता है, जहां मजबूत रेटिंग अपग्रेड देखा गया है।इन बैंकों के शेयर कर सकते हैं निराश, मुनाफे पर दबाव की आशंकाजहां एक तरफ कई बैंकों में रौनक है, वहीं कुछ बड़े बैंकों को लेकर निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। इस लिस्ट में बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) का नाम सबसे आगे है, जहां यूएई (UAE) से जुड़े वन-टाइम सेटलमेंट और कमजोर लोन ग्रोथ के कारण मुनाफे में गिरावट की आशंका है। फेडरल बैंक (Federal Bank) की फीस इनकम कमजोर रहने से तिमाही आधार पर मुनाफा घट सकता है। इंडसइंड बैंक (IndusInd Bank) के माइक्रोफाइनेंस (MFI) कारोबार में सुधार के बावजूद मार्जिन पर दबाव के चलते कोई बहुत बड़ी ग्रोथ देखने को नहीं मिलेगी।क्या है बैंकिंग सेक्टर के सामने सबसे बड़ी चुनौती और कासा (CASA) का रोलइस तिमाही में बैंकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती उनके डिपॉजिट्स और कासा रेश्यो (Current Account & Savings Account) में आ रही सुस्ती है। रिटेल, हाउसिंग, व्हीकल और कॉर्पोरेट सेक्टर में लोन की मांग तो बंपर है, लेकिन बैंकों को लोन बांटने के लिए महंगे ब्याज पर फंड जुटाना पड़ रहा है। अगर आने वाले समय में भी डिपॉजिट ग्रोथ धीमी रहती है, तो बैंकों के नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर दबाव और ज्यादा गहरा सकता है, जिससे लोन ग्रोथ अच्छी होने के बाद भी बैंकों की शुद्ध कमाई प्रभावित हो सकती है। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक, केनरा बैंक, धनलक्ष्मी बैंक और आरबीएल बैंक जैसी संस्थाओं की लोन ग्रोथ पर इस बार विशेष नजर रहेगी।
लगातार चौथे सत्र में बाजार में छाई हरियाली
मुंबई, सकारात्मक वैश्विक संकेतों के चलते हफ्ते पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार लगातार चौथे सत्र में बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुआ।
राजस्थान पुलिस ने वॉट्सएप ग्रुप के जरिए देशभर में 500 करोड़ की साइबर ठगी करने वाले बदमाश को गिरफ्तार किया है। जो शेयर बाजार में फायदे का लालच देकर लोगों झांसे में लेता था। निवेश के नाम पर रुपए ले लेता। फाइनेंस कंपनियों की आड़ में लोगों के दस्तावेज हासिल करता था। इससे फर्जीवाड़े के लिए म्यूल बैंक अकाउंट खोलता था। पुलिस ने मामले में मुख्य सरगना युवराज सतीश मुदलियार (35) को महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार किया है। जो म्यून अकाउंट के जरिए ठगी की रकम को हवाला और क्रिप्टो कसेंसी के जरिए विदेशों तक पहुंचा रहा था। अतिरिक्त महानिदेशक (साइबर क्राइम) विजय कुमार सिंह ने बताया- स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में सेंधाराम चौधरी ने 16 लाख रुपए की साइबर धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। परिवादी ने बताया कि उसे '105 IND STOCKS ADV' नाम के वॉट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया था। ग्रुप में शेयर बाजार में निवेश और ट्रेडिंग के जरिए भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया गया। फर्जी योजनाओं में निवेश करने के नाम पर 16 लाख रुपए की ठगी कर ली गई। शिकायत मिलने के बाद साइबर क्राइम टीम ने वॉट्सएप ग्रुप की चैट, मोबाइल नंबर, डिजिटल ट्रेल और बैंक खातों की जांच की। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इसी एक वॉट्सएप ग्रुप के जरिए देशभर के लोगों से करीब 500 करोड़ रुपए की साइबर ठगी की जा चुकी थी। ऐसे चलता था करोड़ों की ठगी का खेल उप महानिरीक्षक (साइबर क्राइम) शांतनु कुमार सिंह ने बताया- जांच में सामने आया कि गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और वॉट्सएप ग्रुप के जरिए लोगों को शेयर बाजार में निवेश और ट्रेडिंग से कम समय में मोटा मुनाफा कमाने का लालच देता था। लोगों का विश्वास में लेने के लिए थोड़ा बहुत मुनाफा उनके खातों में भेजा जाता था। इससे पीड़ितों का भरोसा बढ़ जाता था। इसके बाद लोग अपनी जमा-पूंजी और बड़ी रकम निवेश कर देते थे। जैसे ही बड़ी राशि आरोपियों के खातों में पहुंचती। लोगों को वॉट्सएप ग्रुप से बाहर कर दिया जाता। ग्रुप डिलीट कर आरोपी फरार हो जाते। विशेष टीम गठित कर शुरू की गई जांच मामले की गंभीरता को देखते हुए टीम ने दर्जनों बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल डेटा का तकनीकी विश्लेषण किया। पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ते हुए गिरोह के मास्टरमाइंड तक पहुंचने में सफलता हासिल की। पुणे से गिरफ्तार हुआ मुख्य सरगना जांच के दौरान पुलिस ने गिरोह के मुख्य आरोपी युवराज सतीश मुदलियार (35) निवासी लोहगांव, पुणे (महाराष्ट्र) को पुणे से गिरफ्तार किया। आरोपी को ट्रांजिट वारंट पर जयपुर लाया गया है, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। फर्जी फाइनेंस कंपनियों की आड़ में तैयार करता था म्यूल बैंक खाते पूछताछ में आरोपी ने बताया- वह पुणे में ग्रेस फाइनेंस, पॉजिटिव बैलेंस और गुरु फाइनेंस के नाम से फर्जी लोन कंपनियां संचालित करता था। लोन दिलाने के नाम पर वह लोगों से पैन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक स्टेटमेंट, सैलरी स्लिप और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज ले लेता था। बाद में उन्हीं दस्तावेजों का दुरुपयोग कर म्यूल बैंक खाते खुलवाए जाते थे। खाताधारकों को इसके बदले करीब 10 हजार रुपए का कमीशन दिया जाता था। हवाला और क्रिप्टो के जरिए विदेश पहुंचती थी रकम इन म्यूल खातों में आने वाली करोड़ों रुपए की ठगी की रकम एटीएम से निकाल लेता था। इसके बाद हवाला नेटवर्क के माध्यम से आरोपी क्रिप्टो करेंसी खरीदता था। उसे विदेशों में बेच देता था। इस पूरे नेटवर्क के बदले उसे करीब 5 प्रतिशत कमीशन मिलता था। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों और क्रिप्टो करेंसी वॉलेट को फ्रीज कराने की कार्रवाई कर रही है। साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों, म्यूल अकाउंट संचालकों और हवाला नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश भी तेज कर दी गई है। पुलिस का मानना है कि आने वाले दिनों में इस देशव्यापी साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़े कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं। इस कार्रवाई को स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन के थानाधिकारी और उपाधीक्षक पुलिस गजेन्द्र शर्मा के नेतृत्व में गठित टीम ने अंजाम दिया। टीम में पुलिस निरीक्षक हरिराम, उप निरीक्षक अजय कुमार, कांस्टेबल भींवाराम, सुभाष चाहर और चालक कांस्टेबल सुबेसिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
डिफेंस सेक्टर में बंपर निवेश: ₹52,000 करोड़ की डिफेंस डील से इन 6 शेयरों में आएगी तूफानी तेजी
भारत सरकार द्वारा रक्षा क्षेत्र में ₹52,000 करोड़ के बड़े निवेश की मंजूरी से डिफेंस कंपनियों के लिए स्वर्णिम युग की शुरुआत हो गई है। ब्रोकरेज फर्मों के अनुसार, यह सरकारी फैसला आत्मनिर्भर भारत के तहत घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बूस्ट देगा, जिससे HAL, BEL, मझगांव डॉक, कोचीन शिपयार्ड, सोलर इंडस्ट्रीज और बीईएमएल (BEML) जैसे शेयरों में भारी उछाल संभव है।इन शेयरों पर रखें नजरएक्सपर्ट्स का मानना है कि इन कंपनियों के ऑर्डर बुक में रिकॉर्ड वृद्धि होने से निवेशकों को शानदार रिटर्न मिल सकता है। ब्रोकरेज ने इन स्टॉक्स को पोर्टफोलियो में शामिल करने की सलाह दी है और इनके लिए नए ऊंचे टारगेट प्राइस सेट किए हैं। लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए यह एक बेहतरीन मौका साबित हो सकता है।
वैश्विक संकेतों के बीच हरे निशान में खुला भारतीय शेयर बाजार
मुंबई, मिलेजुले वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार सोमवार को हरे निशान में खुला। सुबह 9:21 पर सेंसेक्स 280 अंक या 0.36 प्रतिशत की तेजी के साथ 78,044 और निफ्टी 76 अंक या 0.32 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,348 पर था।
झारखंड में औद्योगिक विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने दो महत्वपूर्ण नीतियों का ड्राफ्ट जारी किया है। उद्योग निदेशालय की ओर से झारखंड टेक्सटाइल, परिधान एवं फुटवियर नीति-2026 तथा झारखंड औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति 2026 का प्रारूप सार्वजनिक किया गया है। इन नीतियों के माध्यम से राज्य में निवेश के अवसरों को बढ़ाने और औद्योगिक ढांचे को मजबूत करने की योजना बनाई गई है। सरकार का लक्ष्य है कि बदलती वैश्विक और घरेलू औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप नीतियों को तैयार कर झारखंड को निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बनाया जाए। सिंगल विंडो पोर्टल पर उपलब्ध है ड्राफ्ट राज्य सरकार ने इन दोनों नीतियों पर उद्योग जगत, विशेषज्ञों, निवेशकों और आम नागरिकों से सुझाव एवं प्रतिक्रिया आमंत्रित की है। इसके लिए दोनों नीतियों का विस्तृत प्रारूप झारखंड सिंगल विंडो पोर्टल पर उपलब्ध कराया गया है। सरकार का मानना है कि व्यापक विचार-विमर्श और विभिन्न हितधारकों के सुझावों के आधार पर नीति को अंतिम रूप देने से यह अधिक व्यवहारिक और प्रभावी बन सकेगी। उद्योगपतियों की जरूरतों और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए नीति तैयार करने से राज्य में निवेश का माहौल बेहतर होगा और नए उद्योग स्थापित होने की संभावना बढ़ेगी। दिल्ली में दो दिवसीय वैश्विक परामर्श, सीएम करेंगे अध्यक्षता इसी क्रम में 8 और 9 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में वैश्विक स्तर का हितधारक परामर्श कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दो दिवसीय कार्यक्रम में देशभर के उद्योगपति, विनिर्माण क्षेत्र के प्रतिनिधि, टेक्सटाइल विशेषज्ञ, निवेशक और अर्थशास्त्री भाग लेंगे। 9 जुलाई को आयोजित विशेष फीडबैक सत्र की अध्यक्षता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे। इस दौरान नीतियों पर विस्तृत चर्चा होगी और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ अपने सुझाव साझा करेंगे, जिससे नीति को और बेहतर बनाया जा सके। एमओयू पर हस्ताक्षर की संभावना सरकार को उम्मीद है कि इस परामर्श कार्यक्रम के दौरान कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। इससे राज्य में औद्योगिक निवेश और तकनीकी सहयोग को नई गति मिलेगी। साथ ही, रोजगार के नए अवसर सृजित होने की संभावना भी बढ़ेगी। सरकार का मानना है कि पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल नीतियों के जरिए झारखंड को एक प्रमुख औद्योगिक हब के रूप में विकसित किया जा सकता है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे। इन बड़ी कंपनियों के साथ होगी चर्चा बैठक में आईटी क्षेत्र की प्रमुख कंपनियां टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंफोसिस, विप्रो, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा, एलटीआई माइंडट्री, कॉग्निजेंट, एक्सेंचर, आईबीएम इंडिया और कैपजेमिनी इंडिया के प्रतिनिधि शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील, लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी), महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर, मारुति सुजुकी इंडिया, जेएसडब्ल्यू स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट और ग्रासिम इंडस्ट्रीज सहित कई प्रमुख औद्योगिक समूहों तथा विभिन्न उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। पारदर्शी व सहभागी नीति पर जोर उद्योग निदेशालय के अनुसार, ड्राफ्ट नीतियों को सार्वजनिक करना सरकार की पारदर्शी और सहभागी नीति निर्माण प्रक्रिया का हिस्सा है। इससे मंत्रिमंडल की अंतिम मंजूरी से पहले विभिन्न वर्गों के सुझावों और अनुभवों को शामिल कर नीतियों को अधिक व्यावहारिक एवं प्रभावी बनाया जा सकेगा। निदेशालय का कहना है कि इन नीतियों का उद्देश्य झारखंड को निवेश के लिए अधिक आकर्षक बनाना, औद्योगिक विकास को नई दिशा देना तथा राज्य को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मजबूत आधार तैयार करना है। इन नीतियों पर भी निर्णय की है संभावना विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए उद्योग विभाग में यूरोपीय कंपनियों के लिए एक विशेष कोषांग (सेल) स्थापित करने की भी योजना है। इसके माध्यम से विदेशी निवेशकों को आवश्यक मार्गदर्शन, अनुमतियां और अन्य प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। नई नीतियों में खनन, आधारभूत संरचना, इस्पात, निर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा, ऑटोमोबाइल, खाद्य प्रसंस्करण और विनिर्माण क्षेत्र पर विशेष फोकस रहेगा। ईवी नीति में मिल सकती हैं नई रियायतें प्रस्तावित संशोधनों के तहत इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति में विनिर्माण इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए निवेश सब्सिडी को और आकर्षक बनाए जाने की संभावना है। मशीनरी, प्रदूषण नियंत्रण उपकरण और हरित ऊर्जा उपकरणों पर अतिरिक्त प्रोत्साहन देने के साथ भूमि आवंटन पर अधिकतम लीज प्रीमियम में छूट पर भी विचार किया जा रहा है। फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा फूड एंड फीड प्रोसेसिंग नीति में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए संशोधन किए जाने की संभावना है। विशेषकर जनजातीय विकास परियोजना क्षेत्रों में स्थापित होने वाली इकाइयों को प्लांट एवं मशीनरी, तकनीकी सिविल कार्यों और मेगा परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जा सकता है।
बिहार सरकार ने बीते दिनों कैबिनेट में पटना नगर निगम को 200 करोड़ तक का म्यूनिसिपल बांड जारी करने की मंजूरी दी थी। अब पटना नगर निगम शेयर बाजार में उतरने की तैयारी में है। निगम बॉन्ड जारी करने से पहले सभी औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी करने में लगा हुआ है। क्रेडिट रेटिंग मिलने के बाद म्युनिसिपल बॉन्ड को स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट किया जाएगा। बॉन्ड से जुटाई गई राशि को पटना को स्मार्ट सिटी बनाने में इस्तेमाल किया जाएगा। बॉन्ड की राशि का भुगतान नगर निगम को ही करना होगा हालांकि, इसे मंजूरी देने के बाद अब सरकार ने बॉन्ड के लिए नियम और शर्तें भी तय कर दी हैं। नगर विकास एवं आवास विभाग के अनुसार इस बॉन्ड के मूलधन और ब्याज के एक-एक रुपये का भुगतान नगर निगम को अपने ही राजस्व से करना होगा। सरकार इस भुगतान की कोई जिम्मेदारी नहीं लेगी। बॉन्ड जारी होने के चार साल बाद मूलधन की अदायगी शुरू होगी, जबकि पूरे 10 वर्षों तक नगर निगम को वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए निवेशकों का पैसा समय पर लौटाना होगा। SEBI के सभी नियमों का करना होगा पालन सरकार ने नगर निगम को SEBI के सभी नियमों का पालन करने का निर्देश दिया है। इसके तहत मर्चेंट बैंकर, कानूनी सलाहकार, क्रेडिट रेटिंग एजेंसी, डिबेंचर ट्रस्टी और अन्य जरूरी एजेंसियों की नियुक्ति करनी होगी। साथ ही समय-समय पर वित्तीय जानकारी सार्वजनिक करनी होगी।सरकार ने ये भी शर्त रखी है कि बॉन्ड के कारण शहर की सफाई, पेयजल, सड़क, रोशनी और अन्य जरूरी नागरिक सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ना चाहिए। पटना नगर निगम बॉन्ड जारी करने वाला बिहार का पहला नगर निकाय बनेगा। 200 करोड़ की राशि का उपयोग शहर की आधारभूत संरचना और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने में होगा
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने रविवार को प्रदेश कार्यालय में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित किया। नेताओं ने डॉ. मुखर्जी के राष्ट्रवाद को याद करते हुए उन्हें अखंड भारत का शिल्पकार बताया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि डॉ. मुखर्जी के ''एक देश में दो विधान, दो निशान और दो प्रधान नहीं चलेंगे' के संकल्प को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धारा 370 हटाकर पूरा किया। आज भारत 90 देशों को रक्षा उत्पाद निर्यात कर रहा है और मप्र में भी देश की नामी कंपनियों ने इस साल के पहले 6 महीनों में 86 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव दिए हैं। पार्टी सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश ने कहा कि देश की आजादी के बाद अखंडता के लिए पहला बलिदान डॉ. मुखर्जी ने दिया। उनकी दूरदृष्टि से पूर्वी पाकिस्तान के लिए गलियारा मांगने की पाकिस्तानी साजिश नाकाम हुई और पश्चिम बंगाल भारत का हिस्सा बना रहा। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि डॉ. मुखर्जी के विचारों से ही भाजपा विश्व का सबसे बड़ा दल बनी है। हमारे लिए बूथ केवल मतदान केंद्र नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण की इकाई है। प्रदेश भाजपा कार्यालय में सम्मेलन का शुभारंभ करते सह संगठन मंत्री शिवप्रकाश, प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल और सीएम मोहन यादव व अन्य। ताजा मुद्दों पर चर्चा, नरोत्तम के नाम पर भी मुहर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच चल रहे सियासी मुद्दे, प्रदेश कार्यसमिति और मंत्रियों के कामकाज-बयानबाजी को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के बीच डेढ़ घंटे अहम चर्चा हुई। बैठक 74 बंगले के बी-15 निवास पर हुई। इसमें दतिया में पार्टी प्रत्याशी की घोषणा की औपचारिकता पर भी बात हुई। कोर ग्रुप से बातचीत की परंपरा पूरी करके दो-तीन दिन के भीतर पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा का नाम जारी कर दिया जाएगा। बताया जा रहा है कि विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों पर भी शिवप्रकाश ने बात की। शाम को रवाना होने से पहले शिवप्रकाश ने खंडेलवाल से अलग से बात की। यह बैठक भी करीब एक घंटे तक चली। इसके बारे में सूत्रों का कहना है कि 15 जुलाई के बाद प्रस्तावित प्रदेश कार्यसमिति बैठक की जानकारी शिवप्रकाश को दी गई। साथ ही निगम-मंडलों में बची हुई नियुक्ति के बारे में बताया गया। शाम की बैठक में मुख्यमंत्री को भी रहना था, लेकिन वे दतिया चले गए थे।
निवेशकों की सलाह के अनुसार होंगी राज्य की औद्योगिक नीतियां, दो के ड्राफ्ट जारी
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे फीडबैक सत्र की अध्यक्षता झारखंड में औद्योगिक विकास को नई गति देने और निवेश के अवसर बढ़ाने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। उद्योग निदेशालय ने झारखंड टेक्सटाइल, परिधान एवं फुटवियर नीति-2026 तथा झारखंड औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति -2026 का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। सरकार ने इन दोनों नीतियों पर उद्योग जगत, विशेषज्ञों, निवेशकों और आम नागरिकों से सुझाव एवं प्रतिक्रिया आमंत्रित की है। दोनों नीतियों का विस्तृत प्रारूप झारखंड सिंगल विंडो पोर्टल पर सार्वजनिक किया गया है, ताकि व्यापक विचार-विमर्श और विभिन्न हितधारकों से प्राप्त सुझावों के आधार पर इन्हें अंतिम रूप दिया जा सके। सरकार का उद्देश्य आधुनिक औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप नीतियां तैयार कर राज्य में घरेलू और वैश्विक निवेश को प्रोत्साहित करना है। सरकार का मानना है िक उद्योगपतियों के सुझाव और सुविधा के अनुसार औद्योगिक नीतियां तैयार होने से राज्य में िनवेश बढ़ेगा। इसी क्रम में 8 और 9 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में वैश्विक स्तर का हितधारक परामर्श (स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन) कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। 9 जुलाई को होने वाले विशेष फीडबैक सत्र की अध्यक्षता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे। दो दिवसीय कार्यक्रम में देशभर के उद्योगपति, विनिर्माण क्षेत्र के प्रतिनिधि, टेक्सटाइल विशेषज्ञ, निवेशक और अर्थशास्त्री भाग लेंगे। बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। इससे राज्य में औद्योगिक निवेश, तकनीकी सहयोग और रोजगार सृजन को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। इन नीतियों पर भी िनर्णय की है संभावना... यूरोपीय निवेशकों के लिए विशेष कोषांग विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए उद्योग विभाग में यूरोपीय कंपनियों के लिए एक विशेष कोषांग (सेल) स्थापित करने की भी योजना है। इसके माध्यम से विदेशी निवेशकों को आवश्यक मार्गदर्शन, अनुमतियां और अन्य प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। नई नीतियों में खनन, आधारभूत संरचना, इस्पात, निर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा, ऑटोमोबाइल, खाद्य प्रसंस्करण और विनिर्माण क्षेत्र पर विशेष फोकस रहेगा। इन बड़ी कंपनियों के साथ होगी चर्चा बैठक में आईटी क्षेत्र की प्रमुख कंपनियां टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंफोसिस, विप्रो, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा, एलटीआई माइंडट्री, कॉग्निजेंट, एक्सेंचर, आईबीएम इंडिया और कैपजेमिनी इंडिया के प्रतिनिधि शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील, लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी), महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर, मारुति सुजुकी इंडिया, जेएसडब्ल्यू स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट और ग्रासिम इंडस्ट्रीज सहित कई प्रमुख औद्योगिक समूहों तथा विभिन्न उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। पारदर्शी व सहभागी नीति पर जोर उद्योग निदेशालय के अनुसार, ड्राफ्ट नीतियों को सार्वजनिक करना सरकार की पारदर्शी और सहभागी नीति निर्माण प्रक्रिया का हिस्सा है। इससे मंत्रिमंडल की अंतिम मंजूरी से पहले विभिन्न वर्गों के सुझावों और अनुभवों को शामिल कर नीतियों को अधिक व्यावहारिक एवं प्रभावी बनाया जा सकेगा। निदेशालय का कहना है कि इन नीतियों का उद्देश्य झारखंड को निवेश के लिए अधिक आकर्षक बनाना, औद्योगिक विकास को नई दिशा देना तथा राज्य को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मजबूत आधार तैयार करना है। फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा फूड एंड फीड प्रोसेसिंग नीति में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए संशोधन िकए जाने की संभावना है। विशेषकर जनजातीय विकास परियोजना क्षेत्रों में स्थापित होने वाली इकाइयों को प्लांट एवं मशीनरी, तकनीकी सिविल कार्यों और मेगा परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन िदया जा सकता है। ईवी नीति में मिल सकती हैं नई रियायतें प्रस्तावित संशोधनों के तहत इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति में विनिर्माण इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए निवेश सब्सिडी को और आकर्षक बनाए जाने की संभावना है। मशीनरी, प्रदूषण नियंत्रण उपकरण और हरित ऊर्जा उपकरणों पर अतिरिक्त प्रोत्साहन देने के साथ भूमि आवंटन पर अधिकतम लीज प्रीमियम में छूट पर भी विचार किया जा रहा है।
लखनऊ में टीवी सीरियल स्क्रिप्ट राइटर से शेयर बाजार में निवेश कराने का झांसा देकर 1.09 करोड़ रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर डीसीपी दक्षिणी अमित आनंद के निर्देश पर कृष्णानगर पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सरोजनीनगर स्थित एक हाउसिंग सोसाइटी निवासी मनीषा सिंह ने पुलिस को बताया कि साल 2023 में उनके पारिवारिक मित्र के साथ कृष्णानगर के मानस नगर निवासी अश्विनी पांडेय उनके घर आया था। बातचीत के दौरान अश्विनी ने अपना प्लॉट बेचने की बात कही। दोनों के बीच सौदा तय हो गया और मनीषा ने एक लाख रुपए एडवांस भी दे दिए। हालांकि कुछ दिन बाद अश्विनी ने प्लॉट का सौदा रद्द कर दिया। इसके बाद अश्विनी ने मनीषा को शेयर बाजार में निवेश करने की सलाह देते हुए बताया कि उसका बेटा आशीष शेयर मार्केट का जानकार है और लोगों का पोर्टफोलियो तैयार करता है। मनीषा उसकी बातों में आ गईं। आरोप है कि जनवरी 2024 से जून 2024 के बीच आशीष ने शेयर बाजार में निवेश और पोर्टफोलियो बनाने के नाम पर उनसे कई किस्तों में कुल 1.09 करोड़ रुपए ले लिए, लेकिन न तो निवेश किया और न ही कोई पोर्टफोलियो तैयार किया। पीड़िता का कहना है कि रुपए वापस मांगने पर आशीष की मां मंजू और उसकी मंगेतर पारुल ने कुछ रकम लौटानी शुरू की, लेकिन बाद में वह भी बंद कर दी। लगातार टालमटोल से परेशान होकर उन्होंने डीसीपी दक्षिणी से शिकायत की। इंस्पेक्टर पीके सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर अश्विनी पांडेय, आशीष, मंजू और पारुल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले की विवेचना की जा रही है। जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
5 जुलाई को भारतीय शेयर बाजार के इतिहास का एक बड़ा ही खास दिन माना जाता है, क्योंकि इसी दिन वर्ष 1960 में देश के सबसे सफल निवेशकों में से एक राकेश झुनझुनवाला का जन्म हुआ था। उन्हें भारतीय शेयर बाजार का 'बिग बुल' और 'भारत का वॉरेन बफेट' कहा जाता था। चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) रहे झुनझुनवाला ने सिर्फ 5,000 रुपए की शुरुआती पूंजी से निवेश का सफर शुरू किया और अपनी दूरदर्शी सोच, धैर्य और बेहतरीन निवेश रणनीति के दम पर करीब 40,000 करोड़ रुपए की संपत्ति खड़ी कर दी। यही कारण है कि आज भी उनकी निवेश शैली लाखों निवेशकों के लिए प्रेरणा का काम करती है।
कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट के चलते शेयर बाजार में लगातार चौथे सप्ताह तेजी
मुंबई, कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट और वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों में राहत मिलने की उम्मीदों के चलते भारतीय शेयर बाजार में लगातार चौथे सप्ताह बढ़त दर्ज की गई।
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में जिस जगह अब तक टमाटर, गेहूं और चने की फसलें लहलहाती थीं। खेतों की ओर जाते किसानों की चहल-पहल ही इस इलाके की पहचान थी। कुछ महीनों बाद यही जमीन डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के रूप में पहचानी जाएगी। कोलारस क्षेत्र के पाली गांव के पास अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस अपनी यूनिट स्थापित करने जा रहा है। जिसकी लागत करीब 2500 करोड़ रुपए होगी। इस यूनिट से 2 हजार लोगों को सीधा रोजगार मिलेगा। 5 जुलाई को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और अदाणी समूह के अधिकारी इसका भूमि पूजन करेंगे। इससे पहले दैनिक भास्कर की टीम परियोजना स्थल और पाली गांव पहुंची। खेतों के बीच फैली इस जमीन पर अभी सन्नाटा है, लेकिन गांव में चर्चा सिर्फ एक है कि ‘क्या अब हमारे बच्चों को नौकरी के लिए गुजरात और महाराष्ट्र नहीं जाना पड़ेगा?’ ग्रामीणों की यही उम्मीद इस परियोजना को सिर्फ एक फैक्ट्री नहीं, बल्कि पूरे इलाके की आर्थिक तस्वीर बदलने वाले निवेश के रूप में देख रही है। हाईवे और रेलवे... यही बनी सबसे बड़ी ताकत ग्राउंड पर पहुंचने पर दिखता है कि पाली गांव का चयन सिर्फ संयोग नहीं है। प्रस्तावित फैक्ट्री स्थल राष्ट्रीय राजमार्ग-27 से लगा हुआ है। यही हाईवे राजस्थान और गुजरात तक सीधा संपर्क देता है। पास में एनएच-46 भी है, जिससे भोपाल और प्रदेश के दूसरे हिस्सों तक आसानी से पहुंचा जा सकता है। सबसे अहम बात यह है कि इस क्षेत्र से रेलवे लाइन भी गुजरती है। रक्षा क्षेत्र की फैक्ट्री के लिए भारी मशीनरी, कच्चा माल और तैयार उत्पादों की आवाजाही सड़क और रेल दोनों से आसान होगी। यही कारण है कि उद्योग विशेषज्ञ इस स्थान को रणनीतिक रूप से उपयुक्त मान रहे हैं। अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस: गोला-बारूद, ड्रोन जैसे उपकरण बनाती है कंपनी अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस पहले से रक्षा क्षेत्र में सक्रिय है। कंपनी छोटे हथियार, गोला-बारूद, ड्रोन, काउंटर-ड्रोन सिस्टम, सुरक्षा उपकरण और आधुनिक रक्षा तकनीक से जुड़े उत्पादों का निर्माण करती है। इसलिए माना जा रहा है कि शिवपुरी की यह यूनिट भी देश की रक्षा उत्पादन क्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। पाली गांव के पास बनने इस यूनिट को शिवपुरी का अब तक का सबसे बड़ा औद्योगिक निवेश माना जा रहा है। हालांकि कंपनी ने अभी यह सार्वजनिक नहीं किया है कि यहां कौन-कौन से रक्षा उत्पाद बनाए जाएंगे। सुरक्षा कारणों से ऐसी जानकारी आमतौर पर पहले साझा नहीं की जाती। गांव में सबसे ज्यादा चर्चा रोजगार की पाली गांव की चौपाल पर बैठे ग्रामीणों से बात हुई तो हर बातचीत रोजगार पर आकर ठहर गई। भारत सिंह यादव कहते हैं, “खेती से पूरे साल गुजारा नहीं हो पाता। गांव के कई लड़के गुजरात और महाराष्ट्र में काम करते हैं। अगर यहां फैक्ट्री शुरू हुई तो परिवार के लोग घर के पास ही नौकरी कर सकेंगे।” जनक यादव बताते हैं कि गांव के कई युवा रोजगार के लिए बाहर रहते हैं। “अगर यहां रोजगार मिलेगा तो पलायन रुकेगा और परिवार साथ रहेंगे।” सिद्धार्थ सिंह की मांग भी यही है कि स्थानीय युवाओं को भर्ती में प्राथमिकता मिले। स्थानीय युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट जरूरी ग्रामीणों का कहना है कि अगर उद्योग आ रहा है तो आईटीआई, पॉलिटेक्निक और तकनीकी संस्थानों में भी उद्योग की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण शुरू होना चाहिए। तभी स्थानीय युवाओं को इन नौकरियों का पूरा लाभ मिल सकेगा। 12 हजार से ज्यादा रोजगार की संभावना परियोजना से करीब 2 हजार लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने का अनुमान है। वहीं, ट्रांसपोर्ट, होटल, ढाबे, सुरक्षा सेवाएं, निर्माण कार्य, किराये के मकान और छोटे कारोबारों के जरिए 10 हजार से ज्यादा लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना जताई जा रही है। इसका असर सिर्फ पाली गांव तक सीमित नहीं रहेगा। कोलारस, बदरवास, शिवपुरी शहर और आसपास के गांवों के लोगों को भी इसका लाभ मिलने की उम्मीद है। खेती से उद्योग की ओर बढ़ता इलाका कोलारस क्षेत्र की पहचान अब तक कृषि प्रधान इलाके के रूप में रही है। यहां टमाटर, गेहूं, चना और दूसरी फसलों की खेती बड़े पैमाने पर होती है। लेकिन किसी बड़े उद्योग के आने का असर सिर्फ फैक्ट्री तक सीमित नहीं रहता। जहां उद्योग लगते हैं, वहां मकानों की मांग बढ़ती है। होटल, ढाबे, ट्रांसपोर्ट, गोदाम, सर्विस सेंटर और छोटे कारोबार विकसित होने लगते हैं। स्थानीय बाजार में नकदी का प्रवाह बढ़ता है और आसपास के गांवों की अर्थव्यवस्था भी गति पकड़ती है। अब सबसे बड़ी उम्मीद... स्थानीय युवाओं को मिले मौका भूमिपूजन से पहले गांव में सबसे ज्यादा चर्चा इसी बात की है कि फैक्ट्री में भर्ती कब शुरू होगी और क्या स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता मिलेगी। अगर ऐसा होता है तो वर्षों से रोजगार के लिए दूसरे राज्यों का रुख करने वाले हजारों युवाओं के लिए यह परियोजना नई शुरुआत बन सकती है। खेती के लिए पहचाने जाने वाले पाली गांव के पास 103 एकड़ जमीन पर शुरू होने वाला यह निवेश सिर्फ एक फैक्ट्री नहीं, बल्कि शिवपुरी की बदलती आर्थिक पहचान की कहानी है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि यह उम्मीदें कितनी जल्दी हकीकत में बदलती हैं।
पीथमपुर बनेगा लॉजिस्टिक्स हब:200 करोड़ का निवेश, 450 को मिलेगा रोजगार
पीथमपुर और पश्चिमी इंदौर क्षेत्र को देश के प्रमुख लॉजिस्टिक्स सेंटर के रूप में विकसित करने की तैयारी तेज हो गई है। ऑटोमोबाइल और मैन्युफैक्चरिंग के बाद अब यह क्षेत्र 2,000 करोड़ की चार बड़ी लॉजिस्टिक्स परियोजनाओं के साथ नया आकार ले रहा है। इसी कड़ी में निजी क्षेत्र की कंपनी गेटवे डिस्ट्रिपार्क्स यहां करीब 200 करोड़ का निवेश कर एक आधुनिक लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित करने जा रही है। कंपनी ने इसके लिए लगभग 30 एकड़ निजी जमीन चिह्नित की है, जिसके अधिग्रहण और वैधानिक प्रक्रिया की जिम्मेदारी एमपीआईडीसी को सौंपी जाएगी। इस प्रोजेक्ट से करीब 450 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। आकार ले रहे हैं ये 3 अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स 1. मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क, पीथमपुर : यह क्षेत्र का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है, जो 255 एकड़ में विकसित हो रहा है। 1110 करोड़ की इस योजना पर अब तक 160 करोड़ खर्च हो चुके हैं। यहां 4 लाख वर्गफीट का वेयरहाउसिंग स्पेस और 150 कमरों का होटल निर्माण अंतिम चरण में है। अगले महीने से वेयरहाउसिंग संचालन शुरू होने की उम्मीद है। सड़क-रेल नेटवर्क से जुड़े इस पार्क से करीब 10 हजार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे। 2. एक्ससियो लॉजिस्टिक्स पार्क, माचल: 600 करोड़ के निवेश से 22.3 हेक्टेयर में बन रहे इस पार्क में आधुनिक वेयरहाउस, कोल्ड चेन, ट्रक टर्मिनल और स्मार्ट इन्वेंट्री सिस्टम जैसी सुविधाएं होंगी। इससे लगभग 4000 लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है। 3. कामाख्या लॉजिस्टिक्स पार्क, पीथमपुर (सेक्टर-7): करीब 20 एकड़ में 127 करोड़ के निवेश से बन रहा यह पार्क स्थानीय उद्योगों को आधुनिक वेयरहाउसिंग सुविधा देगा। इसके चालू होने पर करीब 200 लोगों को रोजगार मिलेगा। 14,650 से ज्यादा रोजगार के अवसर, उद्योगों की घटेगी लागत बिजनेस इम्पैक्ट : चारों परियोजनाओं के पूरा होने पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 14,650 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसके साथ ही पैकेजिंग, कोल्ड चेन, ट्रांसपोर्ट, होटल और रिटेल जैसे सहायक कारोबारों को भी बड़ा बूस्ट मिलेगा। पीथमपुर पहले से ही ऑटोमोबाइल, फार्मा, इंजीनियरिंग और टेक्सटाइल उद्योगों का बड़ा केंद्र है। नया लॉजिस्टिक्स नेटवर्क विकसित होने से यहां के उद्योगों को कच्चा माल मंगाने और तैयार उत्पाद कम समय व कम लागत में देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। इससे इंदौर-पीथमपुर औद्योगिक कॉरिडोर की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता काफी बढ़ जाएगी।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पूर्णकालिक सदस्य अमरजीत सिंह ने कहा कि म्यूचुअल फंड में निवेश कुछ चुनिंदा लोगों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि यह देश के करोड़ों लोगों की वित्तीय सुरक्षा और संपत्ति निर्माण की मजबूत नींव बनना चाहिए।
वैश्विक बाजार के मिले-जुले संकेतों के बीच हफ्ते के आखिरी कारोबारी सत्र यानी शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार लगातार तीसरे दिन बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुआ। इस दौरान आईटी, रियल्टी, फार्मा और हेल्थकेयर शेयरों में शानदार तेजी देखने को मिली।
निवेशकों को आकर्षित करने में सफल रहा अदाणी ग्रुप
अहमदाबाद, अदाणी ग्रुप वैश्विक संस्थागत निवेशकों और भारत के बड़े म्यूचुअल फंड्स को आकर्षित करने में सफल रहा है और यह ग्रुप को लेकर निवेशकों के सेंटीमेंट में स्पष्ट बदलाव को दिखाता है।
गुरुग्राम पुलिस की साइबर अपराध दक्षिण थाना टीम ने निवेश के नाम पर करोड़ों रुपए की साइबर ठगी के मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान जयपुर निवासी पराग जोशी के रूप में हुई है, जिसने ठगों को अपना बैंक अकाउंट उपलब्ध कराया था। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, 8 सितंबर 2025 को एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता को स्टॉक मार्केट में निवेश कर भारी मुनाफा कमाने का झांसा दिया गया था। साइबर ठगों ने एक फर्जी निवेश योजना के माध्यम से उससे करीब 1 करोड़ 9 लाख रुपए की ठगी की। इस शिकायत के आधार पर थाना साइबर क्राइम गुरुग्राम में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। निजी कंपनी के नाम पर खुलवाया था बैंक अकाउंट जांच के दौरान, पुलिस ने साक्ष्यों और बैंकिंग लेनदेन का विश्लेषण किया और 1 जुलाई को आरोपी पराग जोशी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि ठगी की रकम में से लगभग 12 लाख रुपए जिस बैंक खाते में आए थे, वह खाता पराग जोशी ने एक निजी कंपनी के नाम पर खुलवाया था। उसने यह बैंक खाता साइबर ठगी में शामिल एक अन्य आरोपी को 1.20 लाख रुपए के बदले उपलब्ध कराया था। पुलिस ने आरोपी पराग जोशी को अदालत में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान पुलिस इस गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों और ठगी की रकम के इस्तेमाल के बारे में जानकारी जुटाएगी। गुरुग्राम पुलिस ने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है और जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी की जा सकती है।
अंग्रेजी कैलेंडर का सातवां महीना यानी जुलाई 2026 कई लोगों के जीवन में खुशियों की नई सौगात लेकर आने वाला है। अंक ज्योतिष के अनुसार, यह महीना कई जातकों के लिए बेहद भाग्यशाली रहने वाला है। सिंगल लोगों के जीवन में किसी खास की एंट्री हो सकती है, तो वहीं लंबे समय से नौकरी में प्रमोशन का इंतजार कर रहे कामकाजी लोगों का इंतजार खत्म हो सकता है। व्यापार में भारी मुनाफे और आमदनी के नए स्रोत बढ़ने के भी मजबूत योग बन रहे हैं।जुलाई महीने का अपना सटीक भविष्यफल जानने के लिए आपको अपनी जन्मतिथि (Birthdate) को जोड़कर अपना मूलांक निकालना होगा। उदाहरण के लिए, यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो अंकों को जोड़ने पर आपका मूलांक 1 (जैसे: 2+8=10, 1+0=1) होगा। आइए जानते हैं मूलांक 1 से लेकर 9 तक के लिए जुलाई 2026 का पूरा अंक ज्योतिषफल।मूलांक 1 (यदि जन्म 1, 10, 19, 28 तारीख को हुआ हो)करिअर और नौकरी: जुलाई का महीना आपके लिए करियर के नए और सुनहरे अवसर लेकर आ सकता है। अगर आप नौकरी बदलने या प्रमोशन का इंतजार कर रहे हैं, तो महीने के उत्तरार्ध में कोई सकारात्मक खबर मिल सकती है। कार्यस्थल पर आपके नेतृत्व और सटीक निर्णय लेने की क्षमता की तारीफ होगी, लेकिन किसी भी बड़े फैसले को जल्दबाजी में लेने से बचें।व्यापार: कारोबारियों के लिए नए क्लाइंट्स और बड़े प्रोजेक्ट्स मिलने की प्रबल संभावना है। पुराने व्यापारिक संपर्कों से भी बड़ा मुनाफा हो सकता है। जो लोग पार्टनरशिप में बिजनेस कर रहे हैं, उन्हें कागजी कार्रवाई और लिखित समझौतों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।आर्थिक स्थिति: इस महीने आय के स्रोत काफी मजबूत रहेंगे, लेकिन इसके साथ ही खर्चों में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। यदि आप किसी नई जगह निवेश करने की सोच रहे हैं, तो बाजार की पूरी जानकारी जरूर जुटा लें। फालतू खर्चों पर लगाम लगाने से आपकी बचत सुरक्षित रहेगी।प्रेम और वैवाहिक जीवन: लव लाइफ में आपसी विश्वास और तालमेल बढ़ेंगे। यदि पार्टनर के साथ किसी बात को लेकर अनबन चल रही थी, तो बातचीत के जरिए उसका समाधान निकल जाएगा। शादीशुदा जातकों को अपने जीवनसाथी की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।पारिवारिक जीवन: परिवार में किसी मांगलिक या शुभ कार्य का आयोजन हो सकता है। माता-पिता का पूरा सहयोग मिलेगा, जिससे घर का माहौल शांतिपूर्ण और सुखद बना रहेगा।स्वास्थ्य: अधिक भागदौड़ के कारण थकान, सिरदर्द या अनिद्रा (नींद की कमी) जैसी परेशानियाँ हो सकती हैं। शरीर को पर्याप्त आराम दें और अपनी दिनचर्या अनुशासित रखें।शुभ रंग व दिन: सुनहरा और नारंगी रंग आपके लिए भाग्यशाली रहेगा। शुभ दिनों में रविवार और सोमवार शामिल हैं।मूलांक 2 (यदि जन्म 2, 11, 20, 29 तारीख को हुआ हो)करियर और नौकरी: यह महीना आपको कार्यस्थल पर धैर्य और समझदारी के साथ आगे बढ़ने की सलाह देता है। ऑफिस में सहकर्मियों के साथ टीमवर्क में काम करने से आपको बेहतरीन नतीजे मिलेंगे। सीनियर्स और बॉस के साथ अपने संबंध मधुर बनाए रखें, इससे आपको भविष्य में लाभ होगा।व्यापार: यदि आप किसी नए बिजनेस को शुरू करने का मन बना रहे हैं, तो जमीन स्तर पर बाजार का अच्छी तरह अध्ययन कर लें। पुराने और भरोसेमंद ग्राहकों के सहयोग से आपका मौजूदा कारोबार सुचारू रूप से चलता रहेगा।आर्थिक स्थिति: जुलाई के महीने में आपकी आमदनी सामान्य बनी रहेगी, लेकिन घरेलू सुख-सुविधाओं पर खर्च बढ़ सकता है। किसी करीबी मित्र या रिश्तेदार को बड़ा कर्ज या पैसा उधार देने से पहले अच्छी तरह सोच-विचार कर लें।प्रेम और वैवाहिक जीवन: भावनात्मक दृष्टिकोण से यह समय काफी अच्छा रहने वाला है। रिश्तों में मजबूती आएगी और आपसी भरोसा बढ़ेगा। अविवाहित जातकों के जीवन में किसी नए रिश्ते की शुरुआत हो सकती है।पारिवारिक जीवन: घर-परिवार के किसी बड़े सदस्य या काम की जिम्मेदारी अचानक आपके कंधों पर आ सकती है। शांति और ठंडे दिमाग से काम लेने पर आप सभी पारिवारिक जिम्मेदारियों को आसानी से निभा सकेंगे।स्वास्थ्य: मानसिक तनाव और बेवजह की चिंता से बचने की कोशिश करें। मानसिक शांति के लिए योग और ध्यान (Meditation) को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।शुभ रंग व दिन: सफेद और क्रीम रंग आपके लिए उत्तम हैं। शुभ दिनों में सोमवार और शुक्रवार का सहयोग मिलेगा।मूलांक 3 (यदि जन्म 3, 12, 21, 30 तारीख को हुआ हो)करियर और नौकरी: शिक्षा, मीडिया, मार्केटिंग, राइटिंग, कला और क्रिएटिव फील्ड से जुड़े लोगों के लिए यह महीना बेहद शानदार रहने वाला है। आपको अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए नए मंच मिलेंगे। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे छात्रों या इंटरव्यू दे रहे जातकों को सफलता मिलने की पूरी उम्मीद है।व्यापार: बिजनेस के विस्तार (Expansion) की आपकी योजनाएं अब रफ्तार पकड़ेंगी। कारोबार को बढ़ाने के लिए बनाई गई नई मार्केटिंग स्ट्रेटेजी इस महीने आपको बड़ा मुनाफा कमा कर दे सकती है।आर्थिक स्थिति: आपको इस महीने एक्स्ट्रा इनकम (अतिरिक्त आय) के बेहतरीन मौके हाथ लग सकते हैं। हालांकि, शेयर बाजार या किसी भी तरह के जोखिम भरे निवेश से आपको पूरी तरह दूरी बनाकर रखनी चाहिए।प्रेम और वैवाहिक जीवन: प्रेम संबंधों में मधुरता घुलेगी और जीवनसाथी हर मोड़ पर सहयोग करेगा। यदि जीवनसाथी के साथ कोई पुराना मनमुटाव चल रहा था, तो वह इस महीने पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।पारिवारिक जीवन: परिवार के सदस्यों के साथ किसी धार्मिक यात्रा या पिकनिक पर जाने का प्लान बन सकता है, जिससे आपसी तालमेल और मजबूत होगा।स्वास्थ्य: पेट और पाचन से जुड़ी दिक्कतों से बचने के लिए बाहर के खाने-पीने से परहेज करें। संतुलित और सात्विक आहार लें।शुभ रंग व दिन: पीला और हल्का नारंगी रंग शुभ फल देगा। दिनों में गुरुवार और रविवार आपके लिए अनुकूल रहेंगे।मूलांक 4 (यदि जन्म 4, 13, 22, 31 तारीख को हुआ हो)करिअर और नौकरी: आपकी पुरानी कड़ी मेहनत का मीठा फल अब आपको मिलने वाला है। लंबे समय से अटके हुए ऑफिशियल काम इस महीने पूरे हो जाएंगे। ऑफिस में आपका अनुशासन और समय की पाबंदी सीनियर्स को प्रभावित करेंगी।व्यापार: बिजनेस में स्थिरता (Stability) बनी रहेगी, जिससे आपका मानसिक तनाव कम होगा। पुराने ग्राहकों का आपके प्रति भरोसा और बढ़ेगा। हालांकि, किसी भी नए बड़े निवेश में हाथ डालने से पहले सावधानी बरतें।आर्थिक स्थिति: पैसों के मामले में आपकी स्थिति पहले के मुकाबले काफी मजबूत होगी। इसके बावजूद किसी भी तरह के बड़े और गैर-जरूरी खर्चों को फिलहाल के लिए टाल देना ही समझदारी होगी।प्रेम और वैवाहिक जीवन: रिश्तों में अपनी जिद और गुस्से को आड़े न आने दें। पार्टनर के साथ किसी भी विवाद को शांत मन से बैठकर बातचीत के जरिए सुलझाने का प्रयास करें।पारिवारिक जीवन: घर के किसी बेहद महत्वपूर्ण निर्णय या पारिवारिक मसले में आपकी राय को विशेष महत्व दिया जाएगा, जिससे परिवार में आपका सम्मान बढ़ेगा।स्वास्थ्य: पीठ दर्द, कमर दर्द या जोड़ों में खिंचाव की समस्या आपको थोड़ा परेशान कर सकती है। डॉक्टर की सलाह लें और हल्के व्यायाम को अपने रूटीन में शामिल करें।शुभ रंग व दिन: नीला और ग्रे (स्लेटी) रंग आपके लिए सकारात्मक रहेगा। शुभ दिनों में शनिवार और रविवार का साथ मिलेगा।मूलांक 5 (यदि जन्म 5, 14, 23 तारीख को हुआ हो)करिअर और नौकरी: जुलाई का यह महीना आपकी प्रोफेशनल लाइफ में बड़े और सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है। आप किसी दूसरी जगह ट्रांसफर हो सकते हैं या ऑफिस में कोई बड़ी नई जिम्मेदारी मिल सकती है। आपके बेहतरीन कम्युनिकेशन स्किल्स (संचार कौशल) की वजह से आपको वर्कप्लेस पर नई पहचान मिलेगी।व्यापार: व्यापारियों के लिए यह समय नए एग्रीमेंट्स और बड़े ऑर्डर्स मिलने का है। जो लोग ऑनलाइन बिजनेस, डिजिटल मार्केटिंग या ई-कॉमर्स से जुड़े हैं, उन्हें इस महीने बंपर मुनाफा होने के आसार हैं।आर्थिक स्थिति: आर्थिक मोर्चे पर यह महीना आपके लिए भाग्यशाली रहेगा। लंबे समय से फंसा हुआ या रुका हुआ धन अचानक वापस मिल सकता है। कम समय में ज्यादा मुनाफे के चक्कर में आकर किसी भी सट्टेबाजी या जोखिम भरे काम में पैसा न लगाएं।प्रेम और वैवाहिक जीवन: लव लाइफ में रोमांस और नया उत्साह देखने को मिलेंगे। जो लोग सिंगल हैं, उनकी मुलाकात सोशल मीडिया या किसी इवेंट के दौरान किसी बेहद खास व्यक्ति से हो सकती है।पारिवारिक जीवन: घर में हंसी-खुशी का माहौल बना रहेगा। भाई-बहनों का पूरा सहयोग मिलेगा और परिवार के साथ किसी छोटी दूरी की यात्रा पर जाने के योग बन रहे हैं।स्वास्थ्य: काम की अधिकता के कारण भागदौड़ ज्यादा रहेगी, इसलिए शरीर को पर्याप्त आराम दें और समय पर पौष्टिक भोजन करना न भूलें।शुभ रंग व दिन: हरा रंग आपके लिए सबसे ज्यादा लकी साबित होगा। दिनों में बुधवार और शुक्रवार आपके लिए शुभ हैं।मूलांक 6 (यदि जन्म 6, 15, 24 तारीख को हुआ हो)करिअर और नौकरी: जुलाई का महीना आपके करियर में संतुलन और निरंतर प्रगति लेकर आ रहा है। कार्यस्थल पर आपकी मेहनत और मिलनसार व्यवहार की हर कोई तारीफ करेगा। यदि आप सैलरी हाइक (वेतन वृद्धि) या प्रमोशन की उम्मीद कर रहे हैं, तो महीने के आखिरी हफ्ते में कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है।व्यापार: बाजार में आपकी साख बढ़ेगी जिससे पुराने ग्राहकों का भरोसा मजबूत होगा। जो जातक फैशन, कॉस्मेटिक्स, होटल, इंटीरियर डिजाइनिंग, कला या लक्जरी आइटम्स के बिजनेस में हैं, उन्हें बड़े ऑर्डर्स मिलने की पूरी उम्मीद है। पार्टनरशिप में पारदर्शिता रखें।आर्थिक स्थिति: इस महीने आपकी आमदनी बढ़ने के साथ-साथ खर्चों का ग्राफ भी ऊपर जा सकता है। आप नया वाहन, घर या परिवार की सुख-सुविधाओं पर पैसा खर्च कर सकते हैं। एक सटीक बजट बनाकर चलेंगे तो कोई दिक्कत नहीं होगी।प्रेम और वैवाहिक जीवन: प्रेम संबंधों में गहराई आएगी और पार्टनर के साथ भावनात्मक जुड़ाव बढ़ेगा। शादीशुदा लोगों के लिए जीवनसाथी के हर कदम पर साथ देना उनके हौसले को बढ़ाएगा। पुराने मनमुटाव दूर होंगे।पारिवारिक जीवन: घर में किसी मांगलिक प्रसंग या उत्सव की रूपरेखा बन सकती है। सप्ताहांत (Weekend) पर परिवार के साथ क्वालिटी टाइम बिताने से आपको मानसिक शांति मिलेगी।स्वास्थ्य: खान-पान में लापरवाही भारी पड़ सकती है। ज्यादा मीठा, तली-भुनी चीजें और जंक फूड से पूरी तरह से परहेज करें। जो लोग शुगर या बढ़ते वजन से परेशान हैं, वे विशेष सावधानी बरतें।शुभ रंग व दिन: गुलाबी और हल्का नीला रंग आपके लिए अनुकूल हैं। शुभ दिनों में शुक्रवार और सोमवार शामिल हैं।मूलांक 7 (यदि जन्म 7, 16, 25 तारीख को हुआ हो)करियर और नौकरी: यह महीना आपके लिए अपनी स्किल्स को अपग्रेड करने, कुछ नया सीखने और भविष्य के लिए बड़ी प्लानिंग करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। जो लोग आईटी (IT), एजुकेशन, रिसर्च, डेटा एनालिसिस और कंसल्टिंग के क्षेत्र में कार्यरत हैं, उनके लिए तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे। जोश में आकर नौकरी बदलने का फैसला न लें।व्यापार: कारोबारी इस महीने अपने बिजनेस के बेतहाशा विस्तार की बजाय अपने प्रोडक्ट्स या सर्विसेज की क्वालिटी (गुणवत्ता) को सुधारने पर ज्यादा फोकस करें। इस महीने बनाई गई नई बिजनेस स्ट्रेटेजी आपको भविष्य में बड़ा आर्थिक लाभ देगी।आर्थिक स्थिति: आर्थिक मामलों में महीना सामान्य रहेगा। जहां एक तरफ आकस्मिक धन लाभ के योग बन रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ अनचाहे और अचानक आने वाले खर्च आपका बजट बिगाड़ सकते हैं। निवेश करने से पहले किसी वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) की मदद लें।प्रेम और वैवाहिक जीवन: इस महीने आप स्वभाव से थोड़े अंतर्मुखी रह सकते हैं, जिससे आप अपनी भावनाएं पार्टनर के सामने खुलकर नहीं रख पाएंगे। इस वजह से साथी के मन में गलतफहमी पैदा हो सकती है। संवादहीनता से बचें और खुलकर बात करें।पारिवारिक जीवन: परिवार का पूरा सपोर्ट आपके साथ रहेगा, लेकिन काम के बढ़ते दबाव के बीच आप मानसिक शांति के लिए खुद के साथ अकेले में कुछ वक्त बिताने की जरूरत महसूस करेंगे।स्वास्थ्य: पर्याप्त नींद न लेना आपकी सेहत पर भारी पड़ सकता है। मानसिक तनाव और सिरदर्द से बचने के लिए योग, प्राणायाम और वॉक को अपने डेली रूटीन का हिस्सा बनाएं।शुभ रंग व दिन: बैंगनी और सफेद रंग आपके ओरा को मजबूत करेगा। दिनों में सोमवार और गुरुवार का साथ मिलेगा।मूलांक 8 (यदि जन्म 8, 17, 26 तारीख को हुआ हो)करियर और नौकरी: जुलाई का यह महीना कार्यस्थल पर आपके धैर्य और कठिन परिश्रम की परीक्षा ले सकता है, लेकिन घबराएं नहीं, यही मेहनत आपको महीने के अंत तक बड़ी सफलता दिलाएगी। ऑफिस में वर्कलोड और जिम्मेदारियाँ बढ़ सकती हैं। सरकारी, प्रशासनिक, बैंकिंग, लॉ या मैनेजमेंट से जुड़े लोगों को मान-सम्मान मिलेगा।व्यापार: किसी पुरानी प्रॉपर्टी, पूर्व में किए गए निवेश या लंबे समय से रुकी हुई बिजनेस डील्स से अचानक तगड़ा मुनाफा होने की उम्मीद है। हालांकि, किसी भी नए डील या सरकारी दस्तावेज पर बिना पढ़े और बिना सोचे-समझे हस्ताक्षर करने की भूल न करें।आर्थिक स्थिति: लंबे समय से अटका हुआ या डूबा हुआ पैसा वापस मिलने के योग हैं। हालांकि, भावनाओं में बहकर किसी अनजान स्कीम में भारी निवेश करने से बचें, अन्यथा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।प्रेम और वैवाहिक जीवन: काम की व्यस्तता के चलते आप अपने लाइफ पार्टनर को पर्याप्त समय नहीं दे पाएंगे, जिससे थोड़े शिकवे-शिकायतें बढ़ सकती हैं। प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ में बैलेंस बनाकर रखें, पुराने विवाद धीरे-धीरे सुलझ जाएंगे।पारिवारिक जीवन: घर के किसी वरिष्ठ या बुजुर्ग सदस्य की सलाह आपके किसी बड़े संकट को टालने में मददगार साबित होगी। पैतृक संपत्ति से जुड़ा कोई अहम फैसला इस महीने लिया जा सकता है।स्वास्थ्य: हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप), जोड़ों के दर्द या अत्यधिक शारीरिक थकान को सामान्य मानकर नजरअंदाज करने की गलती न करें। समय-समय पर डॉक्टर से चेकअप कराते रहें।शुभ रंग व दिन: गहरा नीला और काला रंग आपके लिए सुरक्षा कवच का काम करेगा। शुभ दिनों में शनिवार और शुक्रवार अनुकूल रहेंगे।मूलांक 9 (यदि जन्म 9, 18, 27 तारीख को हुआ हो)करिअर और नौकरी: जुलाई 2026 आपके लिए बड़ी उपलब्धियों और सफलताओं का महीना साबित होने वाला है। जो काम महीनों से अटके हुए थे, वे अब तेजी से पूरे होने लगेंगे। सेना, पुलिस, प्रशासन, मेडिकल, सोशल सर्विस और राजनीति से जुड़े जातकों को इस महीने कोई बड़ा पद या विशेष सफलता मिल सकती है।व्यापार: बिजनेस में विस्तार की जो योजनाएं ठंडे बस्ते में थीं, वे अब अमलीजामा पहनेंगी। बाजार में नए संपर्क और बड़े क्लाइंट्स आपके साथ जुड़ेंगे। कोर्ट-कचहरी या प्रतिद्वंदियों के साथ चल रहे पुराने विवाद सुलझने से आपके काम में तेजी आएगी।आर्थिक स्थिति: धन आगमन के बेहद खूबसूरत और मजबूत योग बन रहे हैं। बिजनेस में रुका हुआ पुराना पेमेंट क्लियर हो जाएगा, जिससे आपकी फाइनेंशियल कंडीशन काफी मजबूत होगी। फिर भी, बड़ा निवेश करने से पहले जोखिमों का आकलन जरूर कर लें।प्रेम और वैवाहिक जीवन: लव लाइफ और वैवाहिक जीवन में गजब का आपसी तालमेल और भावनात्मक मजबूती देखने को मिलेगी। हर मुश्किल परिस्थिति में पार्टनर ढाल बनकर आपके साथ खड़ा रहेगा। अविवाहितों के लिए विवाह के बेहतरीन प्रस्ताव आ सकते हैं।पारिवारिक जीवन: परिवार में किसी सदस्य की नौकरी या विवाह से जुड़ा कोई शुभ समाचार मिल सकता है। घर में किसी मांगलिक या धार्मिक कार्य की योजना बनेगी, जिससे पूरे घर का माहौल सकारात्मक और ऊर्जावान रहेगा।स्वास्थ्य: इस महीने आपकी शारीरिक ऊर्जा और इम्युनिटी बहुत अच्छी रहेंगी। हालांकि, आपको अपने अत्यधिक गुस्से और मानसिक उत्तेजना पर कंट्रोल रखना होगा, वरना ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। नियमित वर्कआउट करें।शुभ रंग व दिन: लाल और मैरून रंग आपके भाग्य में वृद्धि करेगा। शुभ दिनों में मंगलवार और रविवार आपके लिए सर्वश्रेष्ठ रहेंगे।
सीतारमण का बड़ा बयान: विदेशी निवेश बढ़ने के लिए सरकार की नयी तैयारी
नई दिल्ली, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि सरकार देश में अधिक विदेशी पूंजी आकर्षित करने के लिए आगे भी कई कदम उठाएगी और बॉन्ड मार्केट के लिए हाल में घोषित उपाय इस दिशा में सिर्फ शुरुआत हैं।
निवेश की दुनिया में अक्सर लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि आखिर में अपनी गाढ़ी कमाई से बमुश्किल की जाने वाली बचत का रुपया-पैसा कहाँ लगाएं, जहां पर वह डूबे नहीं, बल्कि सुरक्षित भी रहे। ऐसे में आप अपना रुपया-पैसा पीपीएफ (Public Provident Fund) में लगाएं या एमएफ (Mutual Fund) में। क्योंकि सच यह है कि दोनों का उद्देश्य अलग-अलग है और सही समय पर सही विकल्प चुनना ही आपके लिए अधिक महत्वपूर्ण है। इसलिए आइए आज आपको बताते हैं कि कब पीपीएफ में निवेश करें और कब एमएफ में। पहले हम बात करते हैं कि पीपीएफ (PPF) में निवेश कब न करें? आपके लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि Public Provident Fund (PPF) उन लोगों के लिए बेहतर है जो अपनी पूंजी की सुरक्षा चाहते हैं। साथ ही एक निश्चित और जोखिम-मुक्त रिटर्न पसंद करते हैं। इसके अलावा, टैक्स भी बचाना चाहते हैं। और तो और, 15 वर्ष या उससे अधिक की लंबी अवधि के लिए निवेश कर सकते हैं। चूंकि इसका महत्वपूर्ण फंडा यह है कि PPF में हर महीने की 5 तारीख से पहले पैसा जमा करने पर उस महीने का ब्याज भी मिलता है। इसलिए यदि आप मासिक निवेश करते हैं तो 1 से 5 तारीख के बीच जमा करना अधिक फायदेमंद माना जाता है। इसे भी पढ़ें: FIR कराना हो जाएगा आसान, जब जानेंगे 2026 के कानून अब हम बात करते हैं कि Mutual Fund (MF) में कब निवेश करें? तो यह गांठ बांध लीजिए कि Mutual Fund उन निवेशकों के लिए बेहतर है जो महंगाई को मात देने वाला रिटर्न चाहते हैं। साथ ही लंबी अवधि (10-15 वर्ष या अधिक) के लिए निवेश कर सकते हैं। इसके अलावा, कुछ उतार-चढ़ाव (रिस्क) सहन कर सकते हैं। और तो और संपत्ति निर्माण (Wealth Creation) का लक्ष्य रखते हैं। चूंकि इसका महत्वपूर्ण फंडा यह है कि Mutual Fund में सही समय पकड़ने की बजाय SIP (Systematic Investment Plan) के जरिए नियमित निवेश करना अधिक प्रभावी माना जाता है। जो कि बाजार ऊपर हो या नीचे, SIP लागत को औसत कर देती है। सवाल है कि किसे चुनें? आपके निवेशक का लक्ष्य क्या है? आपके पास बेहतर विकल्प क्या है? आपकी पूंजी सुरक्षा कितनी है। चूंकि पीपीएफ से टैक्स बचत होती है, रिटायरमेंट के लिए सुरक्षित फंड रहता है और लंबी अवधि में अधिक रिटर्न रिटर्न मिलता है। जबकि म्युचुअल फंड धन सृजन (Wealth Creation) के लिए अच्छा है, बशर्ते कि आप संतुलित रणनीति अपनाएं। जहां तक PPF और Mutual Fund में सबसे असरदार रणनीति की बात है तो वित्तीय विशेषज्ञ अक्सर सलाह देते हैं कि निवेशक दोनों का संयोजन रखें। एक ओर सुरक्षा और टैक्स लाभ के लिए PPF अच्छा है तो संपत्ति निर्माण और महंगाई से आगे निकलने के लिए Equity Mutual Fund SIP बेहतर है। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई व्यक्ति हर महीने ₹10,000 निवेश करना चाहता है, तो वह ₹3,000–₹4,000 PPF में और शेष राशि अच्छे इक्विटी म्यूचुअल फंड की SIP में लगा सकता है। इससे सुरक्षा और वृद्धि दोनों का लाभ मिल सकता है। निष्कर्षतः यह कहा जा सकता है कि यदि आपका लक्ष्य पूंजी की सुरक्षा है तो PPF बेहतर है। और यदि आपका लक्ष्य लंबी अवधि में बड़ा धन बनाना है तो Mutual Fund अधिक उपयुक्त हो सकता है। वहीं, दोनों का संतुलित मिश्रण अधिकांश निवेशकों के लिए व्यावहारिक और प्रभावी रणनीति साबित हो सकता है। हाँ, यहां पर यह सदैव ध्यान रखें कि Mutual Fund बाजार जोखिमों के अधीन हैं, जबकि PPF अपेक्षाकृत सुरक्षित सरकारी योजना है। लिहाजा, निवेश का निर्णय अपनी आयु, लक्ष्य, जोखिम क्षमता और समयावधि को ध्यान में रखकर करें। - कमलेश पांडेय वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार
जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा से करोड़ों की ठगी, प्रॉपर्टी निवेश के नाम पर लिए 17 करोड़ रुपए
मायानगरी में धोखाधड़ी के किस्से अक्सर सामने आते रहते हैं। अब बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा जाफरी धोखाधड़ी का शिकार हो गई हैं। हबीबा जाफरी से संपत्ति निवेश के नाम पर करीब 17.5 करोड़ रुपए की ठगी की गई है।
अरशद वारसी पर लगा शेयर मार्केट में बैन, जानिए क्या है मामला
बॉलीवुड एक्टर अरशद वारसी और उनकी पत्नी मारिया गोरेट्टी समेत 57 लोगों पर शेयर बाजार नियामक SEBI ने बैन लगा दिया है। उन्हें 1 साल के लिए सिक्योरिटी मार्केट से प्रतिबंधित कर दिया है। सेबी का कहना है कि ये लोग मार्केट में धोखाधड़ी जैसे कामों में पाए गए।
काजोल ने किया रियल एस्टेट में निवेश, खरीदी इतने करोड़ की कमर्शियल प्रॉपर्टी
बॉलीवुड एक्ट्रेस काजोल ने इंडस्ट्री में एक अलग मुकाम हासिल किया है। काजोल भले ही फिल्मों में कम नजर आती हो, लेकिन वह सुर्खियों में बनी रहती हैं। काजोल ने अब एक्टिंग के साथ-साथ रियल एस्टेट में भी कदम रख दिया है। काजोल ने मुंबई के गोरेगांव वेस्ट ...
जानिए क्यों पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास पर है 2100 करोड़ रुपए निवेश
पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास अपने करियर के शानदार दौर से गुजर रहे हैं, और निर्विवाद रूप से अखिल भारतीय सुपरस्टार के रूप में अपनी जगह पक्की कर रहे हैं। बाहुबली, सलार, कल्कि 2898 एडी जैसी बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने वाली फिल्मों के साथ, उन्होंने भारतीय ...
खतरों के खिलाड़ी सीजन 14 के कंटेस्टेंट अभिषेक कुमार जिन्होंने बिग बॉस 17 में अपने कार्यकाल से काफी लोकप्रियता हासिल की, अपने आकर्षक व्यक्तित्व से लोगों के दिलों पर राज कर रहे हैं। विवादित रियलिटी शो में उनकी भागीदारी ने उन्हें स्टार बना दिया और उन्हें रातोंरात सफलता दिलाई। अभिषेक जो वर्तमान में रोहित शेट्टी के शो खतरों के खिलाड़ी 14 में हैं, ने साझा किया कि वह एक प्रोडक्शन हाउस खोलना चाहते हैं। इसे भी पढ़ें: Kartik Aaryan का खुलासा, Pyaar Ka Punchnama की सफलता के बावजूद उनके पास ‘कोई ऑफर नहीं था, कोई पैसा नहीं था ईटाइम्स टीवी के साथ एक इंटरव्यू में, अभिषेक ने खुलासा किया कि वह भविष्य के लिए पैसे बचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता चाहते हैं कि वह मुंबई में एक घर खरीदें, लेकिन वह एक व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। अभिषेक ने कहा कि वह एक उद्यमी बनना चाहते हैं और उनके बड़े सपने हैं जिन्हें वह हासिल करना चाहते हैं। अभिषेक कुमार मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते इंटरव्यू में, अभिषेक ने कहा कि उन्होंने पैसे बर्बाद करना बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते क्योंकि शहर काफी महंगा है और कहा कि किराए पर रहना एक समझदारी भरा फैसला है। उन्होंने यहां तक कहा कि घर खरीदने में बड़ी रकम लगाने और फिर हर महीने लोन के रूप में बैंक को बड़ी EMI चुकाने का कोई मतलब नहीं है। इसे भी पढ़ें: Karan Johar को कोर्ट से मिली राहत, फिल्म Shaadi Ke Director Karan Aur Johar की रिलीज परह लगी रोक अभिषेक ने कहा कि वह अपना पैसा निवेश करना चाहते हैं और उस पर ब्याज पाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह रवि दुबे और सरगुन मेहता की तरह एक प्रोडक्शन हाउस स्थापित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि उनका परिवार चंडीगढ़ में घर खरीदे, लेकिन मुंबई में नहीं क्योंकि वे वहीं रह सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह पैसे बचाना चाहते हैं और कोई दूसरा व्यवसाय शुरू करने में निवेश कर सकते हैं। KKK 14 की बात करें तो शिल्पा शिंदे शो से बाहर हो गईं। एक यूट्यूब चैनल के अनुसार, सनी वरुण ने बात की, गश्मीर, करणवीर, अदिति और अभिषेक ने निष्कासन स्टंट किया।
कंगना रनौत के किस बयान पर भड़की CISF की महिला जो सरेआम एक्ट्रेस को जड़ दिया थप्पड़, जानिए पूरा मामला
चंडीगढ़: हिमाचल की मंडी लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी सांसद एवं एक्ट्रेस कंगना रनौत से चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर बदसलूकी के पश्चात् हंगामा मचा हुआ है. दरअसल, 6 जून को कंगना दिल्ली जाने के लिए चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर पहुंची थीं. तभी सिक्योरिटी चेक के पश्चात् CISF की एक महिला जवान कुलविंदर कौर ने उनको थप्पड़ मार दिया. हालांकि CISF की अपराधी महिला कर्मी को निलंबित कर दिया गया है तथा उनके खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है. ऐसे में सवाल ये उठता है कि CISF की जवान ने थप्पड़ क्यों मारा, तो इसका जवाब है कंगना का 4 वर्ष पुराना एक ट्वीट. कंगना रनौत ने इस ट्वीट में 3 कृषि कानूनों के खिलाफ हुए किसान आंदोलन के चलते पंजाब की 80 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला किसान की गलत पहचान करते तथा उन्हें बिलकिस बानो कहा था. कंगना ने जो ट्वीट किया था उसमें एक वृद्ध महिला नजर आ रही थीं, जो भले ही झुककर चल रही थीं, लेकिन उन्होंने किसान आंदोलन का झंडा बुलंद किए हुए था. उनका नाम मोहिंदर कौर था. कंगना ने मोहिंदर कौर की फोटो को ट्वीट करते हुए लिखा था कि ''हा हा. ये वही दादी हैं जिन्हें टाइम मैगज़ीन की 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की लिस्ट में सम्मिलित किया गया था.... और ये 100 रुपये में उपलब्ध हैं. हालांकि कंगना रनौत ने बाद में ये ट्वीट डिलीट कर दिया था. बता दें कि कंगना ने जिस बिलकिस बानो का जिक्र किया था, वह 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला हैं तथा उन्होंने दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में CAA प्रोटेस्ट के चलते अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बटोरी थीं. कंगना के इस बयान को लेकर CISF की महिला जवान भड़की हुई थी. चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर कंगना से बदसलूकी का वीडियो सामने आया था, इसमें CISF की यह जवान कहती नजर आ रही है कि 'इसने बोला था किसान आंदोलन में 100-100 रुपये में महिलाएं बैठती थीं. वहां मेरी मां भी थी'. राहुल गांधी ने भाजपा पर लगाया शेयर बाजार में हेराफेरी का आरोप, बताया देश का सबसे बड़ा घोटाला उत्तर भारत में भीषण गर्मी का कहर जारी, यूपी के कुछ क्षेत्रों में राहत की उम्मीद बिहार के गया जिले में भीषण सड़क हादसा, तीन लोगों की मौत

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