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ITR Form Selection Rules: नौकरीपेशा लोग न करें ये बड़ी गलती, इनकम टैक्स का 'डिफेक्टिव रिटर्न' नोटिस आने से पहले जान लें ITR-1 और ITR-2 का ये कड़ा नियम

देश में इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return) फाइल करने का सीजन शुरू होते ही अधिकांश नौकरीपेशा लोग बिना सोचे-समझे सीधे ITR-1 (सहज फॉर्म) को चुन लेते हैं। माना कि यह टैक्स विभाग का सबसे आसान फॉर्म है, लेकिन टैक्स एक्सपर्ट्स के अनुसार इसे सिर्फ इसलिए नहीं चुनना चाहिए क्योंकि यह भरने में बहुत सरल है।मुंबई के जाने-माने चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) सुरेश सुराना के मुताबिक, अगर आपने पूरे सालभर के दौरान शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड, रियल एस्टेट या विदेशी संपत्ति से जुड़ा कोई भी छोटा-बड़ा लेन-देन किया है, तो आप ITR-1 फॉर्म भरने के लिए पूरी तरह अयोग्य हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में आपको नियमों के अनुसार ITR-2 या ITR-3 फॉर्म ही चुनना होगा। अगर आप गलती से भी गलत फॉर्म चुन लेते हैं, तो इनकम टैक्स विभाग आपको 'डिफेक्टिव रिटर्न' (दोषपूर्ण रिटर्न) का नोटिस भेज सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं वे 10 बड़े मामले, जिनमें आपके लिए ITR-1 फॉर्म भरना कानूनी रूप से मना है।1. शेयर या म्यूचुअल फंड बेचने पर शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन्स (STCG)अगर आपने शेयर बाजार में लिस्टेड शेयर्स या इक्विटी ओरिएंटेड म्यूचुअल फंड्स को खरीदकर 1 साल की अवधि पूरा होने से पहले ही बेच दिया है और उस पर आपको शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन हुआ है, तो आप ITR-1 नहीं भर सकते। इस कमाई को घोषित करने के लिए आपको ITR-2 फॉर्म चुनना अनिवार्य होगा।2. ₹1.25 लाख से ज्यादा का लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG)अगर लिस्टेड शेयरों या इक्विटी म्यूचुअल फंड्स को लंबे समय तक रखने के बाद बेचने पर आपको आयकर अधिनियम की धारा 112A के तहत एक वित्त वर्ष में ₹1.25 लाख से अधिक का लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन हुआ है, तो आपके लिए ITR-1 का रास्ता पूरी तरह बंद हो जाता है।3. जमीन, मकान, कमर्शियल प्रॉपर्टी या सोना बेचनायदि आपने सालभर में कोई प्रॉपर्टी (जैसे खाली जमीन, फ्लैट या कमर्शियल बिल्डिंग), ज्वेलरी या फिर डेट म्यूचुअल फंड बेचा है, तो उससे होने वाली कुल कमाई को आपको 'कैपिटल गेन्स शेड्यूल' (Capital Gains Schedule) में दिखाना होता है। यह विशेष शेड्यूल ITR-1 फॉर्म में उपलब्ध नहीं होता है, इसलिए इसके लिए ITR-2 भरना अनिवार्य है।4. बिजनेस या स्वतंत्र प्रोफेशन से होने वाली आमदनीअगर आप सैलरीड एम्प्लॉई होने के साथ-साथ फ्रीलांसिंग, कंसल्टेंसी, किसी अन्य तरह के स्वतंत्र प्रोफेशन या खुद के छोटे-मोटे बिजनेस से भी कमाई करते हैं, तो आप ITR-1 नहीं चुन सकते। ऐसे मामलों में आपको सीधे ITR-3 फॉर्म भरना पड़ता है, बशर्ते आप प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन स्कीम के तहत ITR-4 के योग्य न हों।5. F&O और इंट्राडे ट्रेडिंग (Intraday/Derivative Trading)शेयर बाजार में रोजाना की जाने वाली इंट्राडे ट्रेडिंग या फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) में ट्रेडिंग से होने वाली कमाई या घाटे को टैक्स की भाषा में 'बिजनेस इनकम' (स्पेक्युलेटिव/नॉन-स्पेक्युलेटिव) माना जाता है। इस तरह के वित्तीय लेन-देन को भी ITR-1 में नहीं दिखाया जा सकता।सैलरी के अलावा इन 5 तकनीकी स्थितियों में भी बदल जाएगा आपका फॉर्म6. अनलिस्टेड शेयरों (Unlisted Shares) में निवेशअगर आपने किसी ऐसी स्टार्टअप या कंपनी के शेयर खरीद रखे हैं जो फिलहाल घरेलू शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है, तो आप पूरे वित्तीय वर्ष में कभी भी ITR-1 फाइल करने के पात्र नहीं रहते हैं।7. किसी कंपनी में डायरेक्टर का पद संभालनाअगर आप किसी भी छोटी, बड़ी या प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में डायरेक्टर (Director) के पद पर कार्यरत हैं, तो आप अपनी सैलरी रिटर्न के लिए ITR-1 का उपयोग नहीं कर सकते। आपको विस्तृत विवरण के लिए ITR-2 या ITR-3 फॉर्म ही भरना होगा।8. विदेशी संपत्ति या विदेशी बैंक खाता होनाअगर आपके पास भारत की सीमाओं के बाहर कोई रियल एस्टेट प्रॉपर्टी है, किसी विदेशी कंपनी के शेयर्स (जैसे अमेरिकी शेयर बाजार के स्टॉक्स) हैं, या किसी विदेशी बैंक खाते में साइनिंग ऑथोरिटी है, तो आपको ITR-1 के बजाय अन्य फॉर्म्स में मौजूद विस्तृत 'Schedule FA' (फॉरेन एसेट्स) भरना अनिवार्य होगा।9. विदेश से होने वाली कोई भी अन्य कमाईयदि आपको विदेश से सैलरी, डिविडेंड, सेविंग्स पर ब्याज या किराए के रूप में कोई भी सोर्स इनकम हो रही है, तो उसकी जानकारी ITR-1 में सबमिट नहीं की जा सकती। इसके लिए ITR-2 या ITR-3 फॉर्म के साथ 'Schedule FSI' और 'Schedule TR' भरना पड़ता है।10. ₹50 लाख से ज्यादा की कुल कमाई या पुराना घाटायदि आपकी कुल सालाना टैक्सेबल इनकम (Taxable Income) सभी स्रोतों को मिलाकर ₹50 लाख से अधिक हो जाती है, तो आप ITR-1 फॉर्म का इस्तेमाल नहीं कर सकते। इसके अलावा, अगर आपका कोई पुराना बिजनेस या कैपिटल लॉस है जिसे आप इस साल के मुनाफे से एडजस्ट (Set-off/Carry forward) करना चाहते हैं, या फिर लॉटरी व घुड़दौड़ जैसी स्पेशल केटेगरी से बड़ी कमाई हुई है, तो भी आपके लिए ITR-1 मान्य नहीं होगा।टैक्स एक्सपर्ट की अंतिम सलाह: इनकम टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि सही ITR फॉर्म का चुनाव करना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि समय पर रिटर्न फाइल करना। अगर आप अनजाने में गलत फॉर्म चुन लेते हैं, तो टैक्स डिपार्टमेंट आपके रिटर्न को इनवैलिड या डिफेक्टिव घोषित कर देगा, जिससे आपका टैक्स रिफंड आने में महीनों की देरी होगी और आपको दोबारा जुर्माना या बिना जुर्माने के 'रिवाइज्ड रिटर्न' दाखिल करना पड़ सकता है। इसलिए फाइनल फाइलिंग से पहले अपने फॉर्म 26AS, AIS और सभी वित्तीय लेन-देन की समीक्षा अपने सीए से जरूर करा लें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 10:01 pm

म्यूचुअल फंड का महा-धमाका! ₹10,000 की मंथली SIP से बने ₹97 लाख, मिराए एसेट के इस फंड ने 16 साल में दिया छप्परफाड़ रिटर्न

म्यूचुअल फंड के जरिए शेयर बाजार से बड़ी वेल्थ क्रिएट करना पूरी तरह से अनुशासन (Discipline) और धैर्य का खेल है। जब कोई निवेशक लंबे समय तक बिना रुके निवेश जारी रखता है, तो कंपाउंडिंग की ताकत से कैसा जादुई रिटर्न मिलता है, इसका एक जीता-जागता और शानदार उदाहरण सामने आया है। मिराए एसेट म्यूचुअल फंड (Mirae Asset Mutual Fund) की एक धाकड़ स्कीम ने बाजार में अपने सफल 16 साल पूरे कर लिए हैं।फंड हाउस द्वारा जारी किए गए ताजा और प्रमाणित आंकड़ों के मुताबिक, जिन दूरदर्शी निवेशकों ने इस फंड की शुरुआत से ही हर महीने महज 10,000 रुपये की एसआईपी (SIP) जारी रखी थी, उनका फंड 31 मई 2026 तक बढ़कर लगभग 97 लाख रुपये हो चुका है। आइए विस्तार से समझते हैं निवेशकों को मालामाल करने वाली इस स्कीम के रिटर्न का पूरा रिपोर्ट कार्ड।₹19 लाख का कुल निवेश और मिले पूरे ₹97 लाखमिराए एसेट लार्ज एंड मिडकैप फंड (Mirae Asset Large & Midcap Fund) के आधिकारिक डेटा के अनुसार, लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट ने निवेशकों को छप्परफाड़ रिटर्न डिलीवर किया है। पिछले 16 वर्षों के सफर में ₹10,000 प्रति माह की एसआईपी के हिसाब से एक निवेशक ने कुल ₹19 लाख जमा किए। 31 मई 2026 तक यह ₹19 लाख का निवेश बढ़कर ₹96.9 लाख (करीब 97 लाख रुपये) के विशाल फंड में तब्दील हो गया। इस एसआईपी निवेश पर फंड ने 18.44% का बेहद जोरदार XIRR (एक्सटेंडेड इंटरनल रेट ऑफ रिटर्न) डिलीवर किया है, जो पारंपरिक निवेश विकल्पों के मुकाबले कहीं ज्यादा है।लंपसम (एकमुश्त) निवेश करने वाले भी हुए मालामालसिर्फ एसआईपी ही नहीं, बल्कि जिन लोगों ने इस स्कीम में एकमुश्त पैसा लगाया था, वे भी अमीर बन चुके हैं। अगर किसी निवेशक ने 9 जुलाई 2010 को इस फंड के 'रेगुलर प्लान-ग्रोथ' ऑप्शन में सिर्फ ₹10,000 का लंपसम निवेश किया होता, तो वह रकम आज 15 गुना से ज्यादा बढ़कर ₹1,50,690 हो चुकी होती। इसके मुकाबले, अगर यही पैसा इस स्कीम के मुख्य बेंचमार्क में लगाया गया होता, तो वह सिर्फ ₹76,908 ही बन पाता, यानी फंड ने बेंचमार्क से दोगुना मुनाफा कमा कर दिया।बेंचमार्क और सेंसेक्स को बुरी तरह पछाड़ापिछले 15 वर्षों के ऐतिहासिक प्रदर्शन को देखें तो इस फंड ने अपने बेंचमार्क और मेन इंडेक्स के मुकाबले काफी तगड़ा आउटपरफॉर्म किया है। पिछले 15 सालों में इस फंड ने 18.85% का कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) दिया है। इसके मुकाबले इस स्कीम के आधिकारिक बेंचमार्क 'Nifty LargeMidcap 250 TRI' ने इसी अवधि में केवल 14.60% का रिटर्न दिया। वहीं, देश के सबसे प्रमुख एडिशनल बेंचमार्क 'BSE Sensex TRI' की बात करें तो वह इस दौरान सिर्फ 11.22% का रिटर्न ही दे पाया, जो मिराए एसेट के मुकाबले बहुत कम है।₹42,000 करोड़ से ज्यादा का फंड मैनेजमेंट और एक्सपर्ट टीमयह सुपरहिट स्कीम एक ओपन-एंडेड इक्विटी योजना (Open-Ended Equity Scheme) है, जो मुख्य रूप से भारतीय शेयर बाजार की लार्ज-कैप (बड़ी कंपनियां) और मिड-कैप (मझोली कंपनियां) के बेहतरीन शेयरों में पैसा लगाती है। 31 मई 2026 तक यह फंड ₹42,792.20 करोड़ के विशाल एसेट बेस (AUM) को मैनेज कर रहा है। इस फंड की ऐतिहासिक सफलता के पीछे इसके अनुभवी फंड मैनेजर नीलेश सुराना का दिमाग है, जो इसकी शुरुआत से ही इससे जुड़े हैं। जनवरी 2019 से अंकित जैन भी सह-फंड मैनेजर के रूप में उनके साथ मिलकर इस फंड की कमान बखूबी संभाल रहे हैं।निवेशक ध्यान दें: हालांकि इस फंड का पिछला ट्रैक रिकॉर्ड असाधारण रहा है, लेकिन फंड हाउस ने स्पष्ट किया है कि यह स्कीम भविष्य में किसी भी प्रकार के गारंटीड रिटर्न का वादा नहीं करती है। इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में निवेश पूरी तरह से बाजार के जोखिमों के अधीन होता है, इसलिए कोई भी नया निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) की मदद जरूर लें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 9:16 pm

Retirement Planning: हर महीने ₹5000 की SIP और PPF में निवेश से तैयार करें ₹2 करोड़ का मजबूत रिटायरमेंट फंड; टैक्स कटने के बाद का पूरा गणित समझें

क्या आपने अपने बुढ़ापे को सुरक्षित करने के लिए रिटायरमेंट प्लानिंग (Retirement Planning) शुरू कर दी है? यदि आपका जवाब 'ना' है, तो इसे आज ही पूरा कर लें। पर्सनल फाइनेंस का सबसे बड़ा नियम है कि लंबी अवधि में नियमित रूप से निवेश करने पर चक्रवृद्धि ब्याज (Compounding Interest) का ऐसा जादू चलता है कि एक बड़ा फंड आसानी से तैयार हो जाता है। कई लोग बहुत देर से निवेश की शुरुआत करते हैं, जिससे उनके पैसे को बढ़ने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाता।लेकिन घबराइए मत, आज हम आपको एक ऐसा बेहतरीन और व्यावहारिक फॉर्मूला बताने जा रहे हैं, जिसके तहत आप हर महीने ₹5,000 की म्यूचुअल फंड एसआईपी (SIP) और ₹12,500 के पीपीएफ (PPF) निवेश के तालमेल से आसानी से ₹2 करोड़ का रिटायरमेंट फंड खड़ा कर सकते हैं। आइए जानते हैं टैक्स कटने के बाद के इस पूरे कैलकुलेशन को आसान शब्दों में।पीपीएफ (PPF): टैक्स के लिहाज से सबसे सुरक्षित और अट्रैक्टिव स्कीमपब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी पीपीएफ लंबी अवधि के सुरक्षित निवेश के लिए एक बेहतरीन सरकारी योजना है। इस स्कीम में एक वित्त वर्ष में अधिकतम ₹1.5 लाख (यानी ₹12,500 प्रति माह) तक का निवेश किया जा सकता है।EEE कैटेगरी का महालाभ: यह स्कीम एग्जेम्प्ट-एग्जेम्प्ट-एग्जेम्प्ट (EEE) की श्रेणी में आती है। इसका मतलब है कि इसमें पैसा जमा करने पर, मिलने वाले ब्याज (Interest) पर और मैच्योरिटी की पूरी राशि पर सरकार को एक रुपया भी टैक्स नहीं देना पड़ता।15 साल का कैलकुलेशन: मशहूर टैक्स एक्सपर्ट बलवंत जैन के अनुसार, पीपीएफ स्कीम 15 साल में मैच्योर होती है। यदि आप हर महीने ₹12,500 का निवेश करते हैं:कुल निवेश: ₹22,50,000अनुमानित ब्याज: ₹18,18,209मैच्योरिटी पर कुल राशि (पूरी तरह टैक्स फ्री): ₹40,68,209म्यूचुअल फंड इक्विटी SIP: ₹5,000 मासिक का दमपीपीएफ के साथ ही आपको म्यूचुअल फंड की एक अच्छी इक्विटी स्कीम में हर महीने ₹5,000 की एसआईपी (SIP) शुरू करनी है और इसे भी 15 साल तक लगातार जारी रखना है।15 साल का एसआईपी रिटर्न: 15 वर्षों में आपका कुल निवेश ₹9,00,000 होगा। यदि हम सालाना औसतन 12 फीसदी का रिटर्न ($12\% Return$) भी मानकर चलें, तो 15 साल बाद आपका यह पैसा बढ़कर ₹23,79,657 हो जाएगा।15 साल बाद कुल फंड: अब अगर पीपीएफ के ₹40,68,209 और एसआईपी के ₹23,79,657 को आपस में मिला दिया जाए, तो आपके पास कुल ₹64,47,866 का एक बड़ा कॉर्पस तैयार हो जाता है।ऐसे तैयार होगा 25 साल में ₹2 करोड़ का महा-फंडअब इस रणनीति का सबसे दिलचस्प हिस्सा शुरू होता है। आपको 15 साल बाद निवेश करना पूरी तरह बंद कर देना है। इसके बाद, दोनों योजनाओं से मिले कुल ₹64,47,866 को आपको म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम में एकमुश्त (Lump sum) 10 साल के लिए और छोड़ देना है।10 साल का कम्पाउंडिंग मैजिक: सालाना 12 फीसदी रिटर्न के अनुमान के हिसाब से यह ₹64,47,866 की एकमुश्त राशि अगले 10 वर्षों में बढ़कर ₹2,00,26,093 (2 करोड़ रुपये से ज्यादा) हो जाएगी। यानी आपको निवेश सिर्फ 15 साल करना है, लेकिन ₹2 करोड़ का यह फंड 25 साल में पूरी तरह मैच्योर होकर आपके हाथ में आ जाएगा।लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस (LTCG) टैक्स का नया पेंच भी समझेंनिवेश करते समय टैक्स के व्यावहारिक नियमों को ध्यान में रखना बेहद जरूरी है। म्यूचुअल फंड से होने वाले मुनाफे पर आपको लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस टैक्स (LTCG) चुकाना होगा। सरकार के मौजूदा नियमों के अनुसार, एक वित्त वर्ष में ₹1.25 लाख से ज्यादा के मुनाफे पर 12.5% की दर से टैक्स लगता है।अंतिम निष्कर्ष: टैक्स कटने के बाद आपके पास शुरुआत में ₹61,47,866 बचेंगे। जब आप इस शुद्ध राशि को म्यूचुअल फंड में एकमुश्त निवेश करेंगे, तो 10 साल और कुछ महीनों के भीतर आपका शुद्ध ₹2 करोड़ का फंड तैयार हो जाएगा। यह रणनीति उन युवाओं के लिए सबसे अचूक है जो अपने बुढ़ापे में बिना किसी पर निर्भर रहे एक स्वाभिमानी और सुखद जीवन जीना चाहते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 8:38 pm

लगातार दूसरे सत्र में बाजार में छाई हरियाली, सेंसेक्स में 828 अंकों की बढ़त; निफ्टी 1 प्रतिशत ऊपर

बुधवार की बड़ी गिरावट के बाद सकारात्मकम वैश्विक संकेतों के चलते लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार तेजी के साथ हरे निशान में बंद हुआ। इस दौरान सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में 1 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त देखने को मिली।

देशबन्धु 10 Jul 2026 5:10 pm

Share Bazaar में बड़ा उछाल, Sensex 828 अंक उछला, Nifty भी 24200 के पार

Share Market Update News : शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन भी मजबूती जारी है। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 827.57 अंक यानी 1.08 फीसदी के उछाल के साथ 77569.39 पर पहुंच गया, तो वहीं एनएसई का निफ्टी भी 244.10 अंक यानी 1.02 फीसदी की तेजी के साथ ...

ज़ी न्यूज़ 10 Jul 2026 4:55 pm

झारखंड में बरसेगा पैसा! सीएम हेमंत सोरेन के 'ग्लोबल मिशन' से खुली किस्मत, सिंगापुर और MakeMyTrip करेंगे बड़ा निवेश

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड को एक ग्लोबल औद्योगिक हब बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री के विशेष 'ग्लोबल निवेश मिशन' (Global Investment Mission) के सकारात्मक नतीजे सामने आने लगे हैं। देश-विदेश के बड़े कॉर्पोरेट घराने और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल अब झारखंड का रुख कर रहे हैं। इस अभियान के तहत सिंगापुर से आए उच्चस्तरीय निवेशकों से लेकर देश की दिग्गज ऑनलाइन ट्रैवल कंपनी मेकमायट्रिप (MakeMyTrip) तक ने झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों में भारी निवेश करने की गहरी दिलचस्पी दिखाई है।सिंगापुर के निवेशकों के साथ हुई हाई-लेवल मीटिंगझारखंड में औद्योगिक विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सिंगापुर के एक बड़े व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ अहम बैठक की। इस बैठक के दौरान राज्य की नई उद्योग नीति और निवेशकों को दी जाने वाली सहूलियतों पर विस्तार से चर्चा हुई। सिंगापुर के निवेशकों ने मुख्य रूप से झारखंड के सस्टेनेबल डेवलपमेंट, अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में काम करने की इच्छा जताई है। यह निवेश न केवल राज्य के बुनियादी ढांचे को वैश्विक स्तर पर लाएगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते भी खोलेगा।मेकमायट्रिप (MakeMyTrip) के साथ पर्यटन क्षेत्र का होगा कायाकल्पऔद्योगिक निवेश के साथ-साथ झारखंड के पर्यटन (Tourism) क्षेत्र को भी एक नया पंख लगने वाला है। देश की अग्रणी ट्रैवल टेक कंपनी मेकमायट्रिप ने झारखंड सरकार के साथ मिलकर काम करने का प्रस्ताव दिया है। कंपनी राज्य के खूबसूरत जलप्रपातों, धार्मिक स्थलों और प्राकृतिक जंगलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट करेगी। इसके तहत राज्य में इको-टूरिज्म, होमस्टे नेटवर्क और डिजिटल ट्रैवल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे सुदूर ग्रामीण इलाकों में भी लोगों को सीधे तौर पर आजीविका मिल सकेगी।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का विजन: झारखंड बनेगा औद्योगिक लीडरइस बड़ी कामयाबी पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड सिर्फ खनिज संपदा का राज्य नहीं है, बल्कि यहां हर उस सेक्टर के लिए अपार संभावनाएं हैं जो एक आधुनिक और प्रगतिशील राज्य के लिए जरूरी हैं। सरकार की नीतियां उद्योगों के अनुकूल हैं और सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए निवेशकों को हर संभव मदद दी जा रही है। सिंगापुर और मेकमायट्रिप जैसे बड़े ब्रांड्स का झारखंड पर भरोसा जताना इस बात का सबूत है कि आने वाले समय में राज्य की अर्थव्यवस्था में एक ऐतिहासिक उछाल आने वाला है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 3:07 pm

बड़ी तेजी से खुला बाजार- सेंसेक्स 77 हजार के पार

मुंबई, भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को हरे निशान में खुला। सुबह 9:29 पर सेंसेक्स 683 अंक या 0.89 प्रतिशत की मजबूती के साथ 77,425 और निफ्टी 205 अंक या 0.86 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,168 पर था।

देशबन्धु 10 Jul 2026 1:43 pm

सेंसेक्स-निफ्टी में जबरदस्त बहार, 700 अंक उछला बाजार; Vedanta Aluminium के शेयरों ने पकड़ी रफ्तार

भारतीय शेयर बाजार में आज जबरदस्त जोश देखने को मिल रहा है। हफ्ते के कारोबारी सत्र के दौरान प्रमुख सूचकांकों ने जोरदार छलांग लगाई है, जिससे निवेशकों के चेहरे खिल उठे हैं। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 700 अंकों से अधिक की तूफानी तेजी के साथ कारोबार कर रहा है, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 24,150 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया है। बाजार में आई इस खरीदारी के पीछे ग्लोबल संकेतों और घरेलू बाजार के मजबूत प्रदर्शन को बड़ी वजह माना जा रहा है।Vedanta Aluminium का दिखा कमालबाजार की इस तेजी में मेटल सेक्टर के दिग्गज शेयरों का खास योगदान रहा है। आज के सत्र में Vedanta Aluminium के शेयरों ने निवेशकों का दिल जीत लिया है। कंपनी के शेयर 3% से ज्यादा की उछाल के साथ ट्रेड कर रहे हैं। जानकारों का कहना है कि एल्युमीनियम की बढ़ती वैश्विक मांग और कंपनी के बेहतर परिचालन प्रदर्शन के कारण निवेशकों का भरोसा इस शेयर पर फिर से बढ़ा है। मेटल और कमोडिटी सेक्टर में आई इस हलचल ने आज निफ्टी को नई ऊंचाई पर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है।क्यों चढ़ रहा है बाजार?बाजार के जानकारों के अनुसार, निफ्टी का 24,150 के पार निकलना तकनीकी रूप से बेहद मजबूत संकेत है। आज के कारोबार में बैंकिंग, आईटी और मेटल सेक्टर में हुई चौतरफा खरीदारी ने इंडेक्स को सहारा दिया है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की सक्रियता और सकारात्मक घरेलू आर्थिक आंकड़ों ने बाजार में जोश भर दिया है। यदि निफ्टी इस स्तर पर खुद को टिकाए रखने में सफल रहता है, तो आने वाले दिनों में और भी नई रिकॉर्ड ऊंचाई देखने को मिल सकती है। हालांकि, एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि बाजार में किसी भी निवेश से पहले स्टॉप लॉस का ध्यान जरूर रखें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 1:33 pm

क्या है मुनाफे का गणित? AI बिजनेस की रफ्तार और ₹3000 के टारगेट पर दिग्गज ब्रोकरेजों की क्या है राय

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के पहली तिमाही (Q1) के नतीजों के बाद से ही शेयर बाजार में हलचल तेज है। आईटी सेक्टर की इस दिग्गज कंपनी ने अपने प्रदर्शन से निवेशकों का ध्यान खींचा है, खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्लाउड सेवाओं में कंपनी की बढ़ती पकड़ ने बाजार का भरोसा मजबूत किया है। ग्लोबल मार्केट में छाई अनिश्चितता के बावजूद, TCS ने जिस तरह से अपने मार्जिन और डील विन-रेशियो को मैनेज किया है, वह भविष्य के लिए अच्छे संकेत दे रहा है। एक्सपर्ट्स अब इस शेयर को लॉन्ग टर्म के लिए एक मजबूत विकल्प के तौर पर देख रहे हैं।AI का दम और नई डील से कंपनी को फायदाTCS के तिमाही नतीजों में सबसे अधिक चर्चा AI-संचालित समाधानों की है। कंपनी ने अपनी ऑर्डर बुक में जो बढ़ोतरी दिखाई है, उसमें जेनरेटिव एआई (GenAI) प्रोजेक्ट्स का बड़ा योगदान है। ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि कंपनी जिस तरह से अपने ग्राहकों को एआई के जरिए डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन में मदद कर रही है, उससे आने वाले समय में रेवेन्यू ग्रोथ को और मजबूती मिलेगी। क्लाउड एडॉप्शन और साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों में भी कंपनी की स्थिति काफी बेहतर बनी हुई है, जो इसे प्रतिस्पर्धियों से आगे खड़ा करती है।क्या ₹3000 का लक्ष्य हासिल करना मुमकिन है?ब्रोकरेज हाउस इस शेयर को लेकर काफी आशावादी नजर आ रहे हैं। कई बड़ी वित्तीय संस्थाओं ने TCS के लिए ₹3000 के आसपास का टारगेट रखा है। हालांकि, बाजार की मौजूदा चाल को देखते हुए निवेशकों के मन में यह सवाल है कि क्या अभी खरीदारी का सही मौका है? एक्सपर्ट्स की सलाह है कि बाजार के उतार-चढ़ाव को देखते हुए इसमें 'बाय ऑन डिप्स' (गिरावट पर खरीदारी) की रणनीति अपनानी चाहिए। TCS का मजबूत बैलेंस शीट और डिविडेंड देने का रिकॉर्ड इसे एक 'डिफेंसिव' स्टॉक के रूप में पेश करता है, जो पोर्टफोलियो को स्थिरता प्रदान करता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 1:31 pm

SBI फंड्स का 11,693 करोड़ का IPO 14 जुलाई से खुलेगा, जानिए प्राइस बैंड, GMP और पूरी डिटेल

SBI Funds Management IPO : देश में म्यूचुअल फंड की सबसे बड़ी कंपनी SBI फंड्स मैनेजमेंट का बहु प्रतिक्षित आईपीओ जल्द ही बाजार में आने वाली है। SBI फंड्स मैनेजमेंट का यह IPO 11,693 करोड़ रुपए का है। इसके एक शेयर का फेस वैल्यू 1 रुपया है। इसका प्राइस ...

ज़ी न्यूज़ 10 Jul 2026 11:37 am

तंत्र-मंत्र, ट्रेडिंग के नाम पर महिला से 85 लाख ठगे:जिन्न का डर दिखाया; पति की मौत के बाद भी लेता रहा पैसा

छत्तीसगढ़ के भिलाई में घरेलू परेशानियां दूर करने, तंत्र-मंत्र और पूजा-पाठ कराने का झांसा देकर महिला से करीब 85 लाख रुपए की ठगी की गई है। आरोपी ने महिला को कभी जिन्न और प्रेत बाधा का डर दिखाया, कभी निवेश पर मोटा मुनाफा दिलाने का वादा किया। गुप्त पूजा और पति के एक्सीडेंट होने की बात कर डराया। इसके बावजूद पति की सड़क हादसे में मौत हो गई, जब महिला ने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपी ने जान से मारने की धमकी और अलग-अलग बहाने बनाकर पैसे मांगता रहा। इस मामले में पुलिस ने गुरुवार को आरोपी के मध्य प्रदेश के इंदौर से गिरफ्तार किया है। पुलिस उसके बैंक खातों और पैसों के लेनदेन की जांच की जा रही है। मामला भिलाई नगर थाना क्षेत्र का है। रायपुर में हुई थी पहचान दरअसल, संगीता कश्यप ने 16 दिन पहले थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि 2023 में रायपुर में एक पारिवारिक कार्यक्रम के दौरान उसकी मुलाकात जबलपुर के रहने वाले पवन बधोरिया से हुई थी। बातचीत के दौरान उसने परिवार की परेशानियों का जिक्र किया। इस पर पवन बधोरिया ने दावा किया कि वह पूजा-पाठ कर सभी समस्याएं दूर कर सकता है। इसके बाद उसने संगीता से लगातार संपर्क रखा और पूजा-पाठ, तंत्र-मंत्र, अन्य धार्मिक कामों के नाम पर पैसे मांगने लगा। संगीता भरोसा करती रही और अलग-अलग किस्तों में उसे रकम देती गई। जिन्न और प्रेत का डर दिखाकर वसूले पैसे पीड़िता ने पुलिस को बताया कि पवन बधोरिया अक्सर कहता था कि परिवार पर जिन्न और प्रेत का साया है। अगर समय पर पूजा नहीं कराई गई तो पूरे परिवार को नुकसान हो सकता है। जब भी संगीता पैसे देने में देरी करती, वह कहता कि जिन्न नाराज हो जाएंगे और बड़ा अनर्थ हो जाएगा। पवन बधोरिया ने गुप्त पूजा कराने और 43 दिन तक लगातार दीपक जलाने जैसी बातें कहकर भी संगीता का भरोसा जीत लिया। पति के एक्सीडेंट की बात कही, बाद में सड़क हादसे में हुई मौत संगीता का आरोप है कि पवन बधोरिया ने कहा था कि अगर विशेष पूजा नहीं कराई गई तो उसके पति का एक्सीडेंट हो सकता है। इसके लिए उसने करीब डेढ़ लाख रुपए लिए। कुछ समय बाद पति की सड़क हादसे में मौत हो गई। इसके बाद भी पवन बधोरिया ने संगीता के डर और दुख का फायदा उठाया। अस्पताल में इलाज के दौरान भी वह लगातार पैसे मांगता रहा। कभी मां के ऑपरेशन का बहाना बनाया, कभी पिता की मौत की बात कही। कई बार खुद को पुलिस की गिरफ्त में बताकर भी पैसे मंगवाए। शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का लालच देकर भी ठगे पवन बधोरिया ने संगीता के बेटे को भी अपने जाल में फंसा लिया। उसने शेयर बाजार और ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश करने पर बड़ा मुनाफा मिलने का भरोसा दिलाया। उसने कहा कि वह बड़े निवेशकों के साथ काम करता है और जल्द करोड़ों रुपए का फायदा होगा। इस भरोसे में संगीता और उसके बेटे ने अलग-अलग किस्तों में बड़ी रकम उसके खातों में भेज दी, लेकिन न कोई मुनाफा मिला और न ही पैसे वापस मिले। एक बार आरोपी ने फोन कर कहा कि पुलिस ने उसे पकड़ लिया है और छूटने के लिए लाखों रुपए देने होंगे। उसने संगीता और उसके बेटे को झूठे केस में फंसाने और गुंडे भेजने की धमकी भी दी। डर की वजह से संगीता ने उसे कई लाख रुपए और भेज दिए। पैसे मांगने पर नस काटने की फोटो भेजी जब संगीता और उसके बेटे ने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपी टालमटोल करने लगा। शिकायत के अनुसार, अक्टूबर 2025 में उसने अपने हाथ की नस काटकर उसकी फोटो वॉट्सऐप पर भेजी। इससे वह संगीता पर मानसिक दबाव बनाता रहा, ताकि वह पैसे मांगना छोड़ दे। बाद में उसने सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा भी दिया। फर्जी नियुक्ति पत्र और जॉइनिंग का भरोसा देकर उसने संगीता से और पैसे लिए। एक बार पवन बधोरिया ने संगीता को भोपाल बुलाकर 4 लाख रुपए नकद भी ले लिए। जान से मारने की भी दी धमकी करीब दो साल तक अलग-अलग बहानों से पैसे लेने के बाद भी महिला को कोई फायदा नहीं मिला। जब उसने पूरी रकम वापस मांगी तो आरोपी ने साफ इनकार कर दिया और जान से मारने की धमकी देने लगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की। इस बीच पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में है। इसके बाद पुलिस इंदौर के लिए रवाना हुई और लोकल पुलिस की मदद से आरोपी को गिरफ्तार किया। बैंक खातों की जांच जारी पुलिस ने आरोपी के पास से बैंक खाते से जुड़ा मोबाइल और आधार कार्ड जब्त किया है। आरोपी को गुरुवार को कोर्ट में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। फिलहाल, पुलिस उसके बैंक खातों, पैसों के लेनदेन और इस मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। इस मामले में भिलाई नगर सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने बताया कि आरोपी पहले बिलासपुर के उसलापुर में रहता था और बाद में इंदौर के गांधी नगर इलाके में रहने लगा था। ………………….. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… प्रेत-बाधा का डर दिखाकर महिला से ठगे 85 लाख:कहा-जिन्न नाराज हुआ तो पति का एक्सीडेंट होगा,फिर हादसे में मौत, पैसे मांगने पर काटी नस छत्तीसगढ़ के भिलाई में घरेलू परेशानियां दूर करने, तंत्र-मंत्र और पूजा-पाठ कराने का झांसा देकर महिला से करीब 85 लाख रुपए की ठगी हुई है। आरोपी ने महिला को कभी जिन्न और प्रेत बाधा का डर दिखाया, कभी निवेश पर मोटा मुनाफा दिलाने का वादा किया। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 10 Jul 2026 10:01 am

दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए भारत का प्रवेशद्वार और नए निवेश का प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा त्रिपुरा: सिंधिया

केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास एवं संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने वर्चुअल माध्यम से ‘डेस्टिनेशन त्रिपुरा बिजनेस कॉन्क्लेव 2026’ को संबोधित करते हुए देश-विदेश के उद्योग जगत से त्रिपुरा की विकास यात्रा का सहभागी बनने और राज्य में निवेश करने का आह्वान किया।

देशबन्धु 10 Jul 2026 7:00 am

सीएम की मौजूदगी में 14 एमओयू पर हस्ताक्षर:नेशनल स्टेक होल्डर्स कंसल्टेशन, राज्य में 99,639 करोड़ का निवेश होगा, पहला न्यूक्लियर पावर प्लांट भी लगेगा

झारखंड के इतिहास में गुरुवार सुबह ऐसी खुशनुमा खबर आई, जो राज्य के लाखों युवाओं के सपनों को नई उड़ान देगी। नई दिल्ली में आयोजित नेशनल स्टेक होल्डर्स कंसल्टेशन के आखिरी दिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी में राज्य सरकार ने 99,639 करोड़ रुपए के निवेश वाले 14 समझौतों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इनमें 10 एमओयू उद्योग विभाग के साथ, दो आईटी विभाग के साथ और दो पर्यटन विभाग के साथ हुए हैं। इन समझौतों के अनुसार जिंदल न्यूक्लियर पावर प्रा. लि. 30 हजार करोड़ रुपए की लागत राज्य का पहला न्यूक्लियर पावर प्लांट लगाएगा। इस प्लांट में ईंधन के रूप में यूरेनियम, प्लूटोनियम और थोरियम का उपयोग किया जाता है। वहीं गूगल एआई आधारित प्रशिक्षण उपलब्ध कराएगा। इससे स्वास्थ्य सेवाओं, खासकर टीबी जैसी बीमारियों के उपचार और नियंत्रण के लिए एआई के उपयोग को लेकर भी समझौता हुआ है। टाटा स्टील भी 9600 करोड़ की लागत से जमशेदपुर और आसपास के इलाके में अपने स्टील और टीन प्लेट प्लांट्स का विस्तार करेगी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के समग्र विकास के लिए सरकार शॉट टर्म यो​जनाओं की बजाय लॉन्ग टर्म पार्टनरशिप पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को सभी योजनाओं को निश्चित समय-सीमा के भीतर धरातल पर उतारने को कहा। झारखंड को रिसर्च, इनोवेशन और आइडियाज का केंद्र बनाएंगे : हेमंतसमापन सत्र में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आज विभिन्न संस्थाओं से हुए एमओयू सिर्फ कागजी समझौता नहीं, बल्कि राज्य के उज्ज्वल भविष्य की उपलब्धियां हैं। झारखंड की पहचान खनिज संपदा से रही है। अब इसे रिसर्च, इनोवेशन और नए आइडियाज का केंद्र बनाना है। बेहतर कम्युनिकेशन की कमी के कारण झारखंड की क्षमता दुनिया के सामने पूरी तरह से नहीं आ पाई। सरकार इस गैप को खत्म कर देश-विदेश के निवेशकों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखेगी। जानिए...कौन सी कंपनी किस क्षेत्र में कितना निवेश करेगीजिंदल स्टील लिमिटेड: 40 हजार करोड़ का निवेश कर राज्य में स्टील प्लांट लगाएगा और स्टील उत्पादन की क्षमता बढ़ाएगा। इससे बड़ी संख्या में रोजगार पैदा होंगे।जिंदल न्यू​क्लियर पावर प्रा. लि.: 30 हजार करोड़ रुपए का निवेश कर राज्य में न्यूक्लियर पावर प्लांट लगाएगा। इससे भविष्य में झारखंड को सरप्लस बिजली मिल सकेगी।जिंदल रिन्यूवेबल्स प्रा. लि.: 650 करोड़ रुपए का निवेश कर सौर ऊर्जा और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों पर काम करेगी, जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना बिजली मिल सके।रूंग्टा संस प्रा. लि. और रूंगटा माइंस लि.: कुल 13 हजार करोड़ निवेश करेगा। इसका मुख्य फोकस खनन और मेटल इंडस्ट्री को आधुनिक बनाने और नई यूनिट्स बनाने पर होगा।टाटा स्टील और टाटा स्टील टीन प्लेट एक्सपेंशन: 9600 करोड़ रुपए से जमशेदपुर और आसपास के इलाकों में अपने स्टील और टीन प्लेट प्लांट का विस्तार करेगा। इससे रोजगार बढ़ेगे।अमलगम स्टील एंड पावर लिमिटेड: 4980 करोड से स्टील और पावर सेक्टर में क्षमता बढ़ाएगी और नए प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू करेगी।अंबुला सीमेंट (एपीजेएएल पावर प्लांट): सीमेंट क्षेत्र की यह दिग्गज कंपनी पावर प्लांट और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में 1000 करोड़ का निवेश करेगी।गूगल क्लाउड: आईटी विभाग के साथ मिलकर राज्य में ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने, एआई का ढांचा तैयार करने और डेटा सुरक्षित रखने पर काम करेगी। वाधवानी ग्रुप: युवाओं और सरकारी अधिका​िरयों को आधुनिक एआई तकनीक, कोडिंग और डिजिटल िस्कल्स की ट्रेनिंग देगा।ईज माई ट्रिप प्लानर्स: पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार की पार्टनर बनी है। यह झारखंड के माइनिंग टूरिज्म और सांस्कृतिक धरोहरों की ब्रांडिंग करेगी।वरुण बेवरेजेस: 409 करोड़ की लागत से नया बॉटलिंग और मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाएगी। इससे स्थानीय स्तर पर सप्लाई चेन व रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। आदिवासी समाज को मुख्य धारा से जोड़ें...मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की आत्मा आदिवासी समाज में बसती है। जियाडा के नियमों में आदिवासियों के लिए 25 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। इसे बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने की संभावनाओं पर विचार करें, ताकि आदिवासी समुदाय भी औद्योगिक विकास की मुख्यधारा से जुड़ सके।

दैनिक भास्कर 10 Jul 2026 5:30 am

Bullet Train Network in India: दिल्ली-एनसीआर बनेगा बुलेट ट्रेन का सबसे बड़ा हब, 2 लाख करोड़ के निवेश से यूपी, बिहार और बंगाल तक दौड़ेगी हाई-स्पीड ट्रेन

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की शानदार सफलता के बाद अब केंद्र सरकार दिल्ली-एनसीआर को देश के हाई-स्पीड रेल नेटवर्क का सबसे बड़ा जंक्शन बनाने जा रही है। इस महायोजना के तहत दिल्ली से देश के अलग-अलग कोनों को जोड़ने वाले चार नए बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का खाका तैयार किया गया है। केंद्रीय बजट में सात प्रमुख हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर में से दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी रूट को सबसे बड़ी प्राथमिकता दी गई है, जिस पर सरकार लगभग 2 लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश करने की तैयारी में है।दिल्ली-लखनऊ-वाराणसी रूट: यूपी के इन शहरों की चमकेगी किस्मतप्रस्तावित दिल्ली-वाराणसी कॉरिडोर के जरिए उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक, राजनीतिक और औद्योगिक शहरों को आपस में कनेक्ट किया जाएगा। यह आधुनिक रूट दिल्ली से शुरू होकर नोएडा, जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, कन्नौज, लखनऊ, रायबरेली, प्रयागराज और न्यू भदोही होते हुए सीधे वाराणसी पहुंचेगी। इतना ही नहीं, लखनऊ को सीधे रामनगरी अयोध्या से जोड़ने के लिए भी 124 से 135 किलोमीटर लंबा एक अलग हाई-स्पीड लिंक बनाने का शानदार प्लान है।देश का सबसे लंबा बुलेट ट्रेन रूट: दिल्ली से सिलीगुड़ी सिर्फ 6 घंटे मेंयह बुलेट ट्रेन कॉरिडोर भारत का सबसे लंबा हाई-स्पीड रेल रूट बनने जा रहा है। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने इसके सिविल स्ट्रक्चर डिजाइन के लिए टेंडर भी जारी कर दिए हैं। पहले से तय दिल्ली-वाराणसी लाइन को अब आगे बढ़ाकर पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक ले जाया जाएगा। लगभग 1705 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर दिल्ली, यूपी के बाद बिहार के बक्सर, पटना, बेगूसराय, खगड़िया, कटिहार और पश्चिम बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी (सिलीगुड़ी) से होकर गुजरेगा। इस रूट पर ट्रेनें 320 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी, जिससे दिल्ली से सिलीगुड़ी का सफर महज 6 घंटे में पूरा हो जाएगा, जबकि दिल्ली से लखनऊ सिर्फ 2 घंटे 10 मिनट और वाराणसी 3 घंटे 50 मिनट की दूरी पर रह जाएगा।दिल्ली से मुंबई का सफर भी होगा आसानदूसरा बड़ा कॉरिडोर दिल्ली को राजस्थान और गुजरात के रास्ते सीधे आर्थिक राजधानी मुंबई से जोड़ेगा। इस रूट पर सफर करने वाले यात्री बिना किसी रुकावट के हाई-स्पीड कनेक्टिविटी का आनंद ले सकेंगे। इसके तहत द्वारका, बिजवासन, गुरुग्राम, मानेसर, रेवाड़ी, बहरोड़ (नीमराना), शाहपुरा, जयपुर, किशनगढ़ (अजमेर), बिजयनगर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, डूंगरपुर, हिम्मतनगर और साबरमती (अहमदाबाद) जैसे स्टेशनों को शामिल करने का प्रस्ताव है।दिल्ली से कटरा: माता वैष्णो देवी के दर्शन होंगे बेहद आसानधार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली-अमृतसर कॉरिडोर का भी प्लान तैयार है। यह रूट रोहतक, जींद, कैथल, चंडीगढ़, मोहाली, लुधियाना और जालंधर होते हुए अमृतसर पहुंचेगा। भविष्य में इसे जालंधर से पठानकोट होते हुए सीधे जम्मू और कटरा तक विस्तार दिया जाएगा, जिससे वैष्णो देवी जाने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी और दिल्ली से अमृतसर की दूरी घटकर महज दो घंटे रह जाएगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 9 Jul 2026 4:32 pm

Share Bazaar में लौटी रौनक, Sensex 238 अंक उछला, Nifty में भी आई तेजी

Share Market Update News : भारतीय शेयर बाजार में एक दिन की भारी गिरावट के बाद फिर से रौनक लौटी है। कारोबारी सप्ताह के चौथे दिन यानी आज बीएसई का सेंसेक्स और एनएसई का निफ्टी हरे निशान पर रहे। कारोबार के अंत में सेंसेक्‍स 238.22 अंक (0.31%) की बढ़त के ...

ज़ी न्यूज़ 9 Jul 2026 4:03 pm

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक को कैबिनेट की मंजूरी:छत्तीसगढ़ में कारोबार करना होगा आसान, निवेशकों को मिलेगी डीम्ड परमिशन और सेल्फ-सर्टिफिकेशन जैसी सुविधाएं

छत्तीसगढ़ में निवेश और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए राज्य मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (विनियमन-मुक्ति एवं सुविधा) विधेयक-2026 के प्रारूप को मंजूरी दे दी है। इस विधेयक का उद्देश्य व्यापार और उद्योग शुरू करने की प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी, डिजिटल और समयबद्ध बनाना है। सरकार का दावा है कि ऐसा कानून लागू करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य होगा। विधेयक लागू होने के बाद निवेशकों को सरकारी प्रक्रियाओं में होने वाली अनावश्यक देरी और जटिलताओं से राहत मिलेगी। इसमें डीम्ड परमिशन (Deemed Permission), स्व-प्रमाणीकरण (Self-certification), तृतीय-पक्ष सत्यापन (Third-party Verification), जोखिम-आधारित निरीक्षण (Risk-based Inspection) और दोहरे लाइसेंस की अनिवार्यता समाप्त करने जैसे अहम प्रावधान शामिल किए गए हैं। सरकार का कहना है कि इन सुधारों से राज्य में कारोबार करना आसान होगा, निवेश बढ़ेगा, उद्योगों को गति मिलेगी और बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

दैनिक भास्कर 9 Jul 2026 3:52 pm

महंगाई और AI के बीच घिरी अमेरिकी अर्थव्यवस्था, IMF की रिपोर्ट में भारत के लिए आई राहत की खबर

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ताजा 'मिनट्स' (बैठक का ब्योरा) ने ग्लोबल मार्केट में हलचल मचा दी है। फेड ने अपनी हालिया चर्चाओं में दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के सामने खड़े तीन बड़े खतरों का जिक्र किया है, जो आने वाले समय में वैश्विक बाजार की दिशा तय करेंगे। फेड की रिपोर्ट में महंगाई (Inflation), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव और मिडिल ईस्ट (Middle East) में जारी भू-राजनीतिक तनाव को सबसे बड़ी चिंता बताया गया है। इन चिंताओं के कारण ब्याज दरों में कटौती को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है, जिसका सीधा असर शेयर बाजार और निवेशकों के सेंटीमेंट पर पड़ रहा है।फेड की तीन बड़ी चिंताएं: क्या है अर्थव्यवस्था का हाल?फेडरल रिजर्व के अधिकारियों ने अपनी बैठक में साफ किया है कि महंगाई अभी भी उनके लक्ष्य से ऊपर है, जिससे नीतिगत दरों में राहत देने में देरी हो सकती है। दूसरी ओर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की तेजी को लेकर फेड ने दोधारी तलवार वाली स्थिति का जिक्र किया है—जहां एक तरफ यह उत्पादकता बढ़ा रही है, वहीं दूसरी तरफ बाजार में अस्थिरता और श्रम बाजार में बदलाव का डर भी बना हुआ है। इसके अलावा, मिडिल ईस्ट के तनाव ने ग्लोबल सप्लाई चेन और ऊर्जा कीमतों को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं, जिससे आने वाले महीनों में महंगाई पर दबाव और बढ़ने की आशंका है। इन तीनों मोर्चों पर फेड की सतर्कता यह संकेत दे रही है कि अमेरिका में ब्याज दरों पर फैसला अभी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।IMF ने भारत को लेकर दी बड़ी राहत की खबरएक तरफ जहां दुनिया के प्रमुख देश अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं, वहीं अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भारत के लिए सकारात्मक संकेत दिए हैं। आईएमएफ ने भारत की विकास दर को लेकर भरोसा जताया है और कहा है कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है। आईएमएफ के अनुसार, भारत का घरेलू उपभोग और नीतिगत सुधार इसे दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में बनाए रखने में मदद कर रहे हैं। फेड की चिंताओं के बीच आईएमएफ का यह बयान विदेशी निवेशकों के लिए राहत की बात है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक बाजार में अस्थिरता बनी भी रहती है, तो भारत के फंडामेंटल्स इसे बड़े झटकों से बचाने में सक्षम हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 9 Jul 2026 1:53 pm

ऑस्ट्रेलियाई कंपनियों के लिए भारत में अवसर: PM मोदी ने दिया निवेश का न्योता, CECA समझौते को जल्द पूरा करने पर जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर भारत में निवेश की संभावनाओं को नई ऊंचाइयां देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलिया की प्रमुख कंपनियों के लीडर्स को भारत में आने और विस्तार करने का खुला निमंत्रण दिया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ बनाना है। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (CECA) को जल्द से जल्द पूरा करने पर जोर दिया है, जो भविष्य में दोनों देशों के बीच व्यापार की बाधाओं को कम करने और द्विपक्षीय निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक ऐतिहासिक पड़ाव साबित होगा। इस न्योते को भारत के 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान के साथ जोड़कर देखा जा रहा है, जिससे ऑस्ट्रेलियाई निवेशकों के लिए एक आकर्षक मंच तैयार हो रहा है।CECA समझौता: आर्थिक विकास के नए रास्तेCECA यानी कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक कोऑपरेशन एग्रीमेंट को दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों की रीढ़ माना जा रहा है। पीएम मोदी ने बातचीत के दौरान इस बात पर स्पष्ट रूप से प्रकाश डाला कि यह समझौता केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह दोनों देशों के उद्योगों के लिए अवसरों का एक नया द्वार खोलेगा। इस एग्रीमेंट के पूरा होने से भारत में मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे क्षेत्रों में ऑस्ट्रेलियाई निवेश को गति मिलेगी। साथ ही, भारतीय कंपनियों को भी ऑस्ट्रेलिया के बाजार तक सीधी और आसान पहुंच प्राप्त होगी। व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री की यह सक्रियता भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन का एक प्रमुख केंद्र बनाने की रणनीति का अहम हिस्सा है।भारत-ऑस्ट्रेलिया साझेदारी का बढ़ता दायराऑस्ट्रेलियाई कंपनियों को भारत आमंत्रित करना और उनके साथ उच्च-स्तरीय संवाद स्थापित करना, भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपनी रणनीतिक स्थिति को मजबूत करने का संकेत है। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत का बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम और बुनियादी ढांचे में हो रहा सुधार ऑस्ट्रेलियाई निवेशकों के लिए बेहतरीन मौके पेश कर रहा है। तकनीक और ऊर्जा के क्षेत्र में ऑस्ट्रेलिया की विशेषज्ञता भारत के औद्योगिक विकास में मील का पत्थर साबित हो सकती है। इस दिशा में चल रहे प्रयासों से आने वाले समय में रोजगार के नए अवसर पैदा होने और दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं में तालमेल बढ़ने की पूरी संभावना है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 9 Jul 2026 1:45 pm

शेयर निवेश में 1000-करोड़ की ठगी, भिलाई का CA गिरफ्तार:कोंडागांव में ठगों ने फर्जी लोन से 12 करोड़ निकाले; 43 शिक्षक बने शिकार

छत्तीसगढ़ में 2 अलग-अलग ठगी के मामले सामने आए हैं। भिलाई में शेयर ट्रेडिंग और गोल्ड ETF में निवेश के नाम पर प्रदेश के 1500 लोगों से करीब 1000 करोड़ रुपए की ठगी का आरोप है। कंपनी ने लोगों को हर महीने 10% प्रॉफिट और रकम डबल करने का झांसा दिया था। शुरू के कुछ महीने में मुनाफा दिया गया, लेकिन पिछले 10 महीनों से रुपए मिलने बंद हो गए। तब जाकर लोगों को ठगी का एहसास हुआ। बुधवार को मुख्य आरोपी योगेश साहू किसी दूसरे मामले में कोर्ट पहुंचा था। निवेशकों ने योगेश साहू को कोर्ट परिसर से पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। योगेश पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) और एरिना कैपिटल का संचालक है। इस मामले में सुपेला पुलिस ने योगेश के सहयोगी मेघा साहू, गोविंद साहू, राजेंद्र साहू, पद्मा साहू, लोमश साहू, ज्ञानप्रकाश साहू और उसके साथियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। शदाब सिद्दीकी से 1.61 करोड़, इन्द्रेश कुमार बांगरे से 1.12 करोड़ रुपए, विद्यानंद चंद्र दत्ता और अंकित दत्ता से 23 लाख, अरुण कुमार और प्रज्ञा दुबे ने 63 लाख रुपए निवेश किए थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना सुपेला थाना क्षेत्र की है। वहीं, दूसरा मामला कोंडागांव जिले का है जहां 43 शिक्षकों से करीब 12 करोड़ रुपए की ठगी हुई है। केशकाल पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी कम समय में पर्सनल लोन दिलाते थे और कुल राशि का केवल 40 प्रतिशत हिस्सा ही देते थे। शेष 60 प्रतिशत रकम अपने बैंक खातों में ट्रांसफर करा लेते थे। केस 1 - रकम दोगुनी करने का झांसा देकर ठगी पहला मामला दुर्ग जिले के भिलाई का है। शिकायतकर्ता और रिटायर्ड बीएसपी कर्मचारी राजू नामदेव ने सुपेला थाना प्रभारी को बताया कि, कंपनी के लोगों को निवेश पर हर महीने 10 प्रतिशत तक मुनाफा और रकम दोगुनी करने का झांसा दिया। आरोपियों का ऑफिस स्मृति नगर, सुपेला में बताया गया है। राजू नामदेव के मुताबिक, साल 2025 में उनकी मुलाकात योगेश साहू और राजेंद्र साहू से हुई थी। दोनों ने शेयर ट्रेडिंग और निवेश का ऐसा प्लान बताया, जिसमें कम समय में रकम दोगुनी होने का दावा किया गया। भरोसा दिलाने के लिए कई निवेशकों के मुनाफे के स्टेटमेंट भी दिखाए गए। उन्होंने 21 मार्च 2025 को अपने बैंक खाते से 15 लाख रुपए योग अकाउंटिंग एंड फाइनेंशियल सर्विस के खाते में ट्रांसफर कर दिए। शुरुआत में कुछ समय तक सब कुछ सामान्य रखा गया, लेकिन पिछले 9 से 10 महीने से न तो मुनाफा मिला और न ही मूल रकम वापस की गई। कई बार फोन करने और ऑफिस जाने के बाद भी सिर्फ आश्वासन मिलता रहा। इन लोगों से भी ठगी हुई शिकायत में यह भी कहा गया है कि, सिर्फ राजू नामदेव ही नहीं, बल्कि कई लोगों से भी बड़ी रकम ली गई। आरोप है कि शदाब सिद्दीकी से 1.61 करोड़ रुपए, इन्द्रेश कुमार बांगरे से 1.12 करोड़ रुपए, विद्यानंद चंद्र दत्ता, अंकित दत्ता से 23 लाख रुपए, अरुण कुमार और प्रज्ञा दुबे से 63 लाख रुपए निवेश के नाम पर लिए गए। इनके अलावा भी कई लोगों के साथ धोखाधड़ी की बात सामने आई है। अभी कई शिकायतकर्ता धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि जल्द ही प्रदेश भर में आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज हो सकती है। 2025 में आरोपी के खिलाफ दर्ज हुआ था मामला बताया जा रहा है कि मुख्य आरोपी आरोपी योगेश साहू के खिलाफ पहले से भी मामले दर्ज हैं। सुपेला और स्मृति नगर थाने में उसके खिलाफ पहले केस दर्ज हो चुके हैं। दोनों मामलों में उसे जमानत मिल चुकी है। बुधवार को वह अपने वकील के साथ कोर्ट पहुंचा था। इसकी जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में निवेशक कोर्ट पहुंच गए और उसे पकड़कर पहले कोतवाली थाने ले गए। बाद में मामला सुपेला थाना क्षेत्र का होने के कारण उसे सुपेला पुलिस के हवाले कर दिया गया। शिकायतकर्ताओं ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने, सभी निवेशकों की रकम वापस दिलाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। दूसरे शिकायकर्ता ने कहा- ‘मेरा भी डेढ़ करोड़ का नुकसान’ इसी मामले में शिकायतकर्ता विवेक सिंह ने भी पुलिस अधीक्षक को अलग से शिकायत दी है। उन्होंने बताया कि, उनकी मुलाकात आरोपी पक्ष के लोगों से एक रेस्टोरेंट में हुई थी। वहां उन्हें गोल्ड ETF और शेयर ट्रेडिंग में निवेश का प्लान बताया गया। दावा किया गया कि हर महीने 10 प्रतिशत तक लाभ मिलेगा और कुछ समय में रकम दोगुनी हो जाएगी। उन्होंने और उनके पिता ने अलग-अलग समय पर करीब 46 लाख रुपए निवेश किए। विवेक सिंह का दावा है कि उन्होंने खुद करीब 74 लाख रुपए ट्रांसफर किए हैं। परिचितों के जरिए उनका कुल निवेश करीब डेढ़ करोड़ रुपए तक पहुंच गया। उनका कहना है कि सिर्फ उनके ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में लोगों के पैसे फंसे हुए हैं। पूरे प्रदेश में लोग हुए हैं शिकार शिकायकर्ता विवेक सिंह का दावा है कि, पूरे छत्तीसगढ़ में 1000 से 1500 लोग इस निवेश योजना का शिकार हुए हैं। ठगी की रकम 1000 करोड़ रुपए से ज्यादा हो सकती है। उनका कहना है कि पुलिस यदि गंभीरता से जांच करे तो पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि 4 महीने पहले शिकायत देने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। बुधवार को जब पता चला कि आरोपी कोर्ट आया है तो निवेशकों ने उसे खुद पकड़ लिया। विवेक ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी के परिजनों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी और गाली-गलौज की। उन्होंने इस संबंध में भी पुलिस को आवेदन देने की बात कही है। पुलिस ने शुरू की जांच फिलहाल, सुपेला पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब निवेश से जुड़े दस्तावेज, बैंक खातों के लेन-देन और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि, इस मामले में कितने लोग प्रभावित हुए हैं और कुल कितनी रकम का निवेश कराया गया। केस 2 - 43 शिक्षकों से ठगी कोंडागांव जिले के 43 शिक्षकों से करीब 12 करोड़ की ठगी हुई है। 5 आरोपियों ने पीड़ितों को भरोसे में लेकर उनके नाम पर बैंक लोन निकलवाए और लोन की 60 प्रतिशत रकम अपने बैंक खातों में ट्रांसफर कराई। आरोपियों ने ये भी भरोसा दिलाया कि 2-3 सालों में पूरा लोन, एचआरए सहित चुका दिया जाएगा। इससे शिक्षक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर देते थे। बाद में आरोपी पैसे लेकर फरार हो जाते थे और पूरी ईएमआई का बोझ शिक्षकों पर आ जाता था। 3 महीने की जांच के बाद केशकाल पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा किया है। ………………….. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… 43 शिक्षकों से 10-12 करोड़ की ठगी का खुलासा: बैंकिंग सिस्टम की खामी का फायदा उठाकर उठाए कई लोन, जांच के बाद 5 आरोपी गिरफ्तार कम समय में अधिक पैसा कमाने और एक साथ कई बैंकों से पर्सनल लोन दिलाने का झांसा देकर शिक्षकों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक अंतरजिला संगठित गिरोह का कोंडागांव पुलिस ने पर्दाफाश किया है। करीब तीन महीने तक चली तकनीकी और वित्तीय जांच के बाद फरसगांव और केशकाल पुलिस ने पांच आरोपियों को अंबिकापुर, जशपुर और सारंगढ़ से गिरफ्तार किया है। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 9 Jul 2026 1:37 pm

Crypto में निवेश करने वालों के लिए बड़ी खबर: RBI ने जारी की नई चेतावनी, 3.9 करोड़ भारतीयों के लिए जानना जरूरी

भारत में क्रिप्टो करेंसी का क्रेज लगातार बढ़ता जा रहा है और मौजूदा आंकड़ों के अनुसार, देश में लगभग 3.9 करोड़ निवेशक डिजिटल एसेट्स के बाजार में सक्रिय हैं। निवेश के इस बढ़ते चलन के बीच भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक बार फिर निवेशकों को आगाह किया है। केंद्रीय बैंक की यह नई चेतावनी उन सभी लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो क्रिप्टो में अपना पैसा लगा रहे हैं। RBI ने बार-बार स्पष्ट किया है कि क्रिप्टो करेंसी का कोई वास्तविक अंतर्निहित मूल्य नहीं होता है और ये पूरी तरह से बाजार के जोखिमों के अधीन हैं। केंद्रीय बैंक का मानना है कि इस तरह के निवेश में पारदर्शिता की कमी और अत्यधिक अस्थिरता आम निवेशकों की गाढ़ी कमाई के लिए बड़ा खतरा बन सकती है।क्यों चिंतित है RBI और क्या है बड़ा रिस्क?भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी रिपोर्ट और गाइडलाइंस के माध्यम से कई बार यह दोहराया है कि क्रिप्टो करेंसी न तो कानूनी टेंडर है और न ही इसे भारत में मुद्रा के रूप में मान्यता प्राप्त है। RBI के शीर्ष अधिकारियों का कहना है कि क्रिप्टो बाजार में होने वाली अचानक गिरावट किसी भी निवेशक का पोर्टफोलियो चंद मिनटों में शून्य कर सकती है। इसके अलावा, साइबर सुरक्षा और मनी लॉन्ड्रिंग जैसी चिंताएं भी केंद्रीय बैंक की प्राथमिकताओं में हैं। भारत के करोड़ों निवेशकों को चेतावनी देते हुए RBI ने यह भी कहा है कि इस डिजिटल एसेट क्लास में निवेश करने से पहले निवेशक को पूरी तरह से इसके तकनीकी और आर्थिक जोखिमों को समझ लेना चाहिए। यदि आप क्रिप्टो में निवेश कर रहे हैं, तो किसी भी प्रकार की 'FOMO' (छूट जाने का डर) में आकर निर्णय लेने के बजाय पूरी सावधानी बरतें।डिजिटल एसेट निवेशकों के लिए जरूरी सुझावबाजार विशेषज्ञों और वित्तीय सलाहकारों का भी यही मानना है कि RBI की यह चेतावनी निवेशकों को सुरक्षित रखने के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह है। डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ते भारत में, क्रिप्टो के साथ-साथ सरकार समर्थित डिजिटल रुपया (e-Rupee) पर ध्यान केंद्रित करना अधिक सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है। यदि आप क्रिप्टो में निवेश जारी रखना चाहते हैं, तो हमेशा केवल अधिकृत और सुरक्षित प्लेटफार्मों का ही उपयोग करें। किसी भी अनजान स्कीम या लुभावने वादों वाले क्रिप्टो प्रोजेक्ट्स से दूर रहें, क्योंकि इनमें फ्रॉड की संभावना सबसे अधिक होती है। याद रखें कि निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, और क्रिप्टो के मामले में यह जोखिम कहीं अधिक है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 9 Jul 2026 1:36 pm

निफ्टी ने 24,000 का स्तर किया पार, सेंसेक्स में 500 अंकों की रॉकेट तेजी; डॉ. रेड्डीज के शेयरों में भारी गिरावट

आज भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त रौनक देखने को मिल रही है। बाजार के प्रमुख सूचकांकों में आज सुबह से ही खरीदारी का माहौल बना हुआ है, जिससे निवेशकों का उत्साह बढ़ा है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स आज 500 अंकों की तेजी के साथ कारोबार कर रहा है, वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया है। बाजार के इस सकारात्मक रुख के पीछे वैश्विक संकेतों और घरेलू संस्थागत निवेशकों की सक्रियता को मुख्य कारण माना जा रहा है। सेंसेक्स और निफ्टी में आ रही इस तेजी ने निवेशकों के बीच विश्वास पैदा किया है, जिससे चुनिंदा मिडकैप और लार्जकैप शेयरों में भी रौनक देखी जा रही है।बाजार में तेजी का कारण और निफ्टी का नया पड़ावबाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निफ्टी का 24,000 के ऊपर टिके रहना एक मजबूत संकेत है। यदि बाजार इसी गति को बनाए रखता है, तो आने वाले दिनों में नए उच्चतम स्तर देखने को मिल सकते हैं। सेंसेक्स में 500 अंकों की उछाल के पीछे बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर का बड़ा योगदान रहा है। बाजार की इस तेजी के दौरान चुनिंदा स्टॉक्स में मुनाफावसूली का दौर भी चल रहा है, लेकिन कुल मिलाकर मार्केट का सेंटीमेंट 'बुलिश' बना हुआ है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे बाजार में किसी भी बड़ी हलचल के दौरान सतर्क रहें और अपने पोर्टफोलियो को सावधानी से मैनेज करें।Dr. Reddy’s में बड़ी गिरावट, निवेशकों की चिंता बढ़ीजहाँ एक ओर बाजार में हरियाली है, वहीं दूसरी ओर दिग्गज फार्मा कंपनी डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज (Dr. Reddy’s Laboratories) के शेयरों में आज भारी दबाव देखने को मिल रहा है। कंपनी के शेयर आज के कारोबारी सत्र में करीब 6 फीसदी तक टूट गए हैं। इस गिरावट के पीछे बाजार में चल रही नकारात्मक खबरों और तिमाही नतीजों से जुड़ी उम्मीदों को मुख्य वजह बताया जा रहा है। अचानक आई इस गिरावट से फार्मा सेक्टर के निवेशकों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, बाजार के जानकारों का कहना है कि किसी भी निवेश निर्णय से पहले कंपनी के फंडामेंटल्स और तकनीकी चार्ट को जरूर देखें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 9 Jul 2026 1:35 pm

बंगाल में ईडी की बड़ी कार्रवाई, क्रिप्टो और चिटफंड निवेश मामलों में कई ठिकानों पर छापेमारी

पश्चिम बंगाल में ईडी ने क्रिप्टो निवेश, चिटफंड और फर्जी शेयर बाजार योजनाओं से जुड़े मामलों में दुर्गापुर, हावड़ा और नदिया सहित कई स्थानों पर छापेमारी की।

देशबन्धु 9 Jul 2026 12:15 pm

मिश्रित वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार में तेजी के साथ कारोबार, कंज्यूमर स्टॉक्स में खरीदारी

मिश्रित वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गुरुवार को हल्की तेजी के साथ हुई। सुबह 9:20 पर सेंसेक्स 336 अंक या 0.42 प्रतिशत की तेजी के साथ 76,822 और निफ्टी 112 अंक या 0.47 प्रतिशत की मजबूती के साथ 23,994.35 पर था।

देशबन्धु 9 Jul 2026 10:10 am

मार्केट क्रैश में काम आया 'जादुई फॉर्मूला': जब फेल हो गए सोना और शेयर बाजार, तब मल्टी एसेट एलोकेशन फंड्स ने दिया 20% तक का बंपर रिटर्न

पिछले छह महीने वैश्विक और भारतीय निवेशकों के लिए बेहद उथल-पुथल भरे रहे हैं। पहले घरेलू इक्विटी मार्केट में मंदी आई और फिर अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते ग्लोबल स्टॉक मार्केट्स औंधे मुंह गिर गए। आमतौर पर जब शेयर बाजार गिरता है, तो निवेशक सुरक्षित निवेश के लिए सोने-चांदी की तरफ भागते हैं क्योंकि इन दोनों एसेट क्लास में उल्टा संबंध (Inverse Relationship) होता है। लेकिन इस बार इतिहास ने खुद को नहीं दोहराया। मजबूत डॉलर और अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) द्वारा ब्याज दरें न घटाने के कड़े संकेतों के चलते पिछले 6 महीनों में सोने की कीमतों में करीब 20% और चांदी में 43% की भारी गिरावट आई है। वहीं दूसरी ओर, युद्ध के दबाव से सेंसेक्स 11% और निफ्टी 8.6% तक टूट चुके हैं। जब कमाई के ये दोनों मुख्य रास्ते बंद हो गए, तब म्यूचुअल फंड की एक खास कैटेगरी 'मल्टी एसेट एलोकेशन फंड' (Multi-Asset Allocation Fund) निवेशकों के लिए संकटमोचक बनकर उभरी और तगड़ा मुनाफा कराया।सेबी के नियम और निवेश का पूरा गणितमार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) के कड़े नियमों के अनुसार, मल्टी एसेट एलोकेशन फंड्स के लिए यह अनिवार्य है कि वे कम से कम तीन अलग-अलग एसेट क्लास में से प्रत्येक में न्यूनतम 10% का निवेश (Allocation) बनाए रखें। ये तीन मुख्य साधन होते हैं:इक्विटी (Equity): शेयर बाजार में निवेश।डेट (Debt): फिक्स्ड इनकम और सरकारी सिक्योरिटीज।कमोडिटी (Commodity): सोना, चांदी या रियल एस्टेट (REITs)।चूंकि अलग-अलग समय पर हर एसेट क्लास का प्रदर्शन अलग होता है, इसलिए यह फंड ऑटोमैटिक तरीके से आपके रिस्क और रिटर्न को बैलेंस कर देता है।इन टॉप फंड्स ने पिछले 3 साल में दिया 20% तक का सालाना रिटर्नइस कैटेगरी में सबसे बड़ी एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) संभालने वाले फंड्स ने इक्विटी म्यूचुअल फंड्स को भी मात दे दी है। पिछले 3 सालों के प्रदर्शन की तालिका नीचे दी गई है:म्यूचुअल फंड का नामपिछले 3 साल का सालाना रिटर्न (CAGR)निप्पॉन इंडिया मल्टी एसेट एलोकेशन फंड19.92%एसबीआई (SBI) मल्टी एसेट एलोकेशन फंड17.50%आदित्य बिड़ला सन लाइफ मल्टी एसेट फंड17.40%मोतीलाल ओसवाल मल्टी एसेट फंड13.90%बार-बार पोर्टफोलियो बदलने के झंझट से मुक्तिमल्टी एसेट फंड का सबसे बड़ा व्यावहारिक फायदा यह है कि इसमें खुद निवेशकों को बाजार की चाल देखकर बार-बार अपने पोर्टफोलियो को रीबैलेंस (बदलना) नहीं करना पड़ता। फंड मैनेजर बाजार के उतार-चढ़ाव को देखते हुए खुद ही पैसे को सही जगह शिफ्ट कर देते हैं। इससे निवेशकों का पैसा केवल उन एसेट्स में फंसने से बच जाता है जो पहले अच्छा कर रहे थे पर अब मंदी में हैं। यह फंड उन एसेट्स में भी सही समय पर एंट्री दिलाता है जिन्हें वर्तमान में बाजार पसंद नहीं कर रहा, लेकिन भविष्य में वे बंपर रिटर्न दे सकते हैं।बाजार के दिग्गजों की राय: पोर्टफोलियो डाइवर्सिफ़िकेशन के लिए यही है बेस्ट टाइमफाइनेंशियल एक्सपर्ट्स और बाजार के जानकारों का साफ मानना है कि यदि आप मौजूदा वैश्विक मंदी और युद्ध के हालातों में अपने निवेश को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो पोर्टफोलियो में विविधता (Diversification) लाने का यह सबसे सही और सटीक समय है। मल्टी-एसेट फंड्स जोखिम को बहुत कम कर देते हैं क्योंकि जब इक्विटी और कमोडिटी दोनों नीचे जा रहे हों, तब डेट (Fixed Income) वाला हिस्सा आपके पोर्टफोलियो को भारी गिरावट से बचाए रखता है। नए और सुरक्षित निवेश की तलाश कर रहे लोगों के लिए यह हाइब्रिड मॉडल सबसे बेहतरीन विकल्प साबित हो रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 9 Jul 2026 8:47 am

निवेश-सुधारों को गति देने कई प्रस्ताव मंजूर:देश में पहली बार छत्तीसगढ़ लाएगा ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ विधेयक

बस्तर फाइटर्स भर्ती संशोधन को हरी झंडी मिल गई है। ये फैसला मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक लिया गया। बैठक में छत्तीसगढ़ के विकास, निवेश और प्रशासनिक सुधारों को गति देने के लिए कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसमें उद्योगों, आम जनता और किरायेदारों से जुड़े कानूनों को सरल और समकालीन बनाने के लिए कई अहम संशोधन भी शामिल हैं। इसके तहत राज्य में देश का पहला ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ विधेयक लागू होने जा रहा है, जिसमें छोटे पर्यावरणीय उल्लंघनों पर जेल का प्रावधान समाप्त कर केवल जुर्माने का नियम बनाया गया है। अन्य महत्वपूर्ण फैसले नवा रायपुर के लिए ओटीएस योजना: नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) के आबंटित भूखंडों व निर्मित परिसरों के बकाया ब्याज और अधिभार में राहत देने के लिए ‘वन टाइम सेटलमेंट योजना-2026’ को मंजूरी दी गई है। इससे इच्छुक न होने वाले आबंटिती समय पर भूमि सरेंडर कर सकेंगे। प्राइवेट यूनिवर्सिटी के लिए ‘रक्षित निधि’: छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) संशोधन विधेयक को मंजूरी दी गई है। अब इसमें ‘विन्यास निधि’ के स्थान पर ‘रक्षित निधि’ का प्रावधान होगा, जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर, लाइब्रेरी और अन्य सुविधाएं यूजीसी मानकों के अनुरूप करना अनिवार्य होगा।

दैनिक भास्कर 9 Jul 2026 5:30 am

त्रिपुरा बिजनेस कॉन्क्लेव 2026 में शामिल होंगे सिंधिया, निवेश और औद्योगिक विकास पर रहेगा फोकस

केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास और संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया 9 जुलाई को एक दिवसीय दौरे पर त्रिपुरा जाएंगे। इस दौरान वह अगरतला के हापानिया स्थित अंतरराष्ट्रीय मेला मैदान में आयोजित त्रिपुरा बिजनेस कॉन्क्लेव 2026 में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

देशबन्धु 9 Jul 2026 4:50 am

शेयर और म्यूचुअल फंड में 44.35 लाख की धोखाधड़ी:बिलासपुर में बिना अनुमति मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी बदलकर की डीमैट अकाउंट में फ्रॉड, FIR

बिलासपुर में शेयर बाजार और डीमैट अकाउंट से जुड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि दो लोगों के डिमैट खातों से 44 लाख 35 हजार 855 रुपए की हेराफेरी की गई। बताया जा रहा है कि बिना अनुमति खातों में ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर बदलकर शेयर और म्यूचुअल फंड ट्रांसफर कर दिए गए। इस मामले की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पूरा मामला तारबाहर थाना क्षेत्र का है। पुलिस के मुताबिक, क्रांति नगर के 47 वर्षीय रत्नेश दुबे ने तारबाहर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता, शकुंतला दुबे और रमेश प्रसाद दुबे के नाम से बिलासपुर के नारायण प्लाजा स्थित एसएमसी ग्लोबल सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड में दो डीमैट खाते थे। इनमें एक खाता दोनों के संयुक्त नाम से और दूसरा सिर्फ उनकी माता के नाम पर था। कंपनी ने नहीं दी खाते की जानकारी शिकायत के अनुसार, अज्ञात लोगों ने डिमैट खातों से जुड़े ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर बदल दिए। इसके बाद उन्होंने खातों पर कब्जा कर लिया और खाताधारकों की जानकारी या अनुमति के बिना कई लेन-देन कर दिए। रत्नेश दुबे का कहना है कि उन्हें इस धोखाधड़ी की जानकारी काफी देर से मिली। जब उन्होंने कंपनी से संपर्क किया तो उन्हें खातों की पूरी जानकारी नहीं दी गई। कंपनी ने एक बैंक खाते में शून्य बैलेंस होने की जानकारी दी, जबकि दूसरे खाते की कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई। 44 लाख रुपए से अधिक के निवेश में गड़बड़ी का आरोप शिकायत में बताया गया है कि 5 दिसंबर 2023 को करीब 31.25 लाख रुपए के शेयर और कुल 44.35 लाख रुपए के शेयर व म्यूचुअल फंड एसएमसी ग्लोबल सिक्योरिटीज में ट्रांसफर कर दिए गए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस ट्रांसफर की जानकारी परिवार को नहीं दी गई और न ही उनसे कोई अनुमति ली गई। पहले कंपनी को दी गई थी सूचना शिकायतकर्ता ने बताया कि धोखाधड़ी का पता चलने के बाद उन्होंने बिलासपुर स्थित एसएमसी कार्यालय और रायपुर के अधिकारियों से संपर्क किया। उन्होंने 26 जनवरी को कंपनी की आधिकारिक ई-मेल पर पूरे मामले की शिकायत भी भेजी, लेकिन कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। कर्मचारियों के मिलीभगत होने की आशंका शिकायतकर्ता ने आवेदन में यह भी आशंका जताई है कि इतनी बड़ी वित्तीय अनियमितता बिना अंदरूनी सहयोग के संभव नहीं है। इसलिए उन्होंने एसएमसी के कुछ कर्मचारियों की संभावित संलिप्तता की जांच कराने की मांग की है। तारबाहर पुलिस ने मामले में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

दैनिक भास्कर 8 Jul 2026 8:36 pm

हरियाणा में IKEA बढ़ाएगी निवेश, CM से CEO की मुलाकात:गुरुग्राम के ₹4000 करोड़ प्रोजेक्ट पर चर्चा; रोजगार बढ़ाने पर सहमति

हरियाणा में विदेशी निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में बुधवार को विदेशी उद्यमियों के साथ एक अहम बैठक हुई। जिसमें सीएम नायब सिंह सैनी से IKEA इंडिया के सीईओ पैट्रिक एंटोनी ने चंडीगढ़ में संत कबीर कुटीर स्थित सीएम आवास पर मुलाकात की। बैठक में गुरुग्राम में कंपनी के करीब ₹4000 करोड़ के निवेश वाले प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा की गई। कंपनी ने प्रोजेक्ट से जुड़ी सभी सरकारी मंजूरियां और क्लीयरेंस समय पर एवं सुगमता से पूरी कराने के लिए सीएम का आभार भी जताया। बैठक के दौरान हरियाणा में IKEA के भविष्य के निवेश पर भी विस्तार से चर्चा हुई। दोनों पक्षों के बीच राज्य में नए निवेश की संभावनाओं पर सहमति बनी। सरकार का मानना है कि इससे प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे। सरकार उद्योगों को अनुकूल माहौल देगी सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। राज्य में उद्योग स्थापित करने वाले निवेशकों को किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या प्रक्रियागत परेशानी नहीं आने दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य निवेश के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराना है।सीएम ने कहा कि हरियाणा आज देश के सबसे पसंदीदा निवेश स्थलों में शामिल है। सरकार की पारदर्शी नीतियां, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, मजबूत कनेक्टिविटी और उद्योग हितैषी माहौल के कारण बड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियां हरियाणा में निवेश के लिए आगे आ रही हैं। गुरुग्राम के ₹4000 करोड़ प्रोजेक्ट पर चर्चा बैठक के दौरान IKEA इंडिया के प्रतिनिधियों ने गुरुग्राम में चल रहे अपने ₹4000 करोड़ के प्रोजेक्ट की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से मिले सहयोग से परियोजना निर्धारित समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ रही है। कंपनी ने भविष्य में भी हरियाणा में निवेश बढ़ाने की इच्छा जताई। यह बैठक विदेश सहयोग विभाग के सौजन्य से संत कबीर कुटीर में आयोजित हुई, जिसमें राज्य में विदेशी निवेश बढ़ाने और औद्योगिक विकास को नई गति देने पर भी चर्चा की गई।

दैनिक भास्कर 8 Jul 2026 3:24 pm

शेयर बाजार में मची बड़ी हलचल: सेंसेक्स 1,700 अंक से ज्यादा टूटा, निवेशकों के 8 लाख करोड़ रुपये स्वाहा

दोपहर करीब 2:20 बजे तक बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1,784 अंक की गिरावट के साथ 76,396 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 50 सूचकांक 541 अंक टूटकर 23,900 के स्तर से नीचे पहुंच गया।

देशबन्धु 8 Jul 2026 3:15 pm

ट्रंप की एक चेतावनी और भारतीय शेयर बाजार में हाहाकार: सेंसेक्स 1,600 से ज्यादा अंक टूटा, रॉकेट बनी कच्चे तेल की कीमतें

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीजफायर खत्म होने संबंधी एलान के बाद बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में हाहाकार मच गया। सभी सेक्टर्स लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। बैंक और FMCG शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट ...

ज़ी न्यूज़ 8 Jul 2026 2:38 pm

Q1 नतीजों में दम दिखाएंगे बैंक शेयर! HDFC और SBI समेत इन स्टॉक्स पर ब्रोकरेज की बड़ी खरीदारी की सलाह

शेयर बाजार में अब पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजों का सीजन शुरू होने वाला है, जिसे लेकर निवेशकों और एक्सपर्ट्स में खासा उत्साह देखा जा रहा है। इस तिमाही में बैंकिंग सेक्टर से शानदार प्रदर्शन की उम्मीद जताई जा रही है। बाजार के जानकारों और प्रमुख ब्रोकरेज हाउसों का मानना है कि लोन ग्रोथ में मजबूती और एसेट क्वालिटी में सुधार के चलते बैंक शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है। ऐसे में दिग्गज सरकारी और निजी बैंकों के शेयरों को पोर्टफोलियो में शामिल करने के लिए टॉप पिक के तौर पर देखा जा रहा है।बैंकिंग सेक्टर के लिए कैसी है उम्मीदें?Q1 की रिपोर्ट कार्ड में बैंकों के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पर बाजार की पैनी नजर रहने वाली है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय बैंकिंग सिस्टम में क्रेडिट ऑफटेक में लगातार इजाफा हो रहा है, जिसका सीधा असर बैंकों के मुनाफे पर दिखाई देगा। ब्रोकरेज हाउसों का अनुमान है कि बड़े बैंकों ने अपने ऑपरेशनल एफिशिएंसी को बेहतर किया है, जिससे उनका शुद्ध लाभ उम्मीद से बेहतर रह सकता है। यह तिमाही विशेष रूप से रिटेल और कॉर्पोरेट लोन बुक की सेहत को दर्शाएगी, जो बैंकिंग स्टॉक्स के लिए बड़े ट्रिगर का काम करेगी।HDFC और SBI समेत इन शेयरों पर दांवब्रोकरेज हाउसेज ने Q1 प्रीव्यू के आधार पर कई बैंकिंग स्टॉक्स पर बुलिश रुख अपनाते हुए उन्हें टॉप पिक में जगह दी है। लिस्ट में सबसे ऊपर देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और दिग्गज निजी बैंक HDFC बैंक शामिल हैं। इनके अलावा, ICICI बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक पर भी विशेषज्ञों की नजर बनी हुई है। जानकारों का कहना है कि इन बैंकों की मजबूत बैलेंस शीट और गिरता एनपीए (NPA) उन्हें मौजूदा बाजार की अस्थिरता में भी निवेश के लिए सुरक्षित और आकर्षक बनाता है।निवेशकों के लिए क्या है संकेत?अगर आप भी नतीजों के सीजन में बैंक शेयरों पर दांव लगाने की सोच रहे हैं, तो यह समय पोर्टफोलियो की समीक्षा के लिए सही है। ब्रोकरेज की रिपोर्ट के अनुसार, बैंकिंग इंडेक्स में आने वाले दिनों में अच्छी रिकवरी देखी जा सकती है। हालांकि, बाजार में किसी भी बड़े निवेश से पहले नतीजों के साथ-साथ बैंकों के प्रबंधन की भविष्य की गाइडेंस को समझना भी बेहद जरूरी है। उम्मीद की जा रही है कि Q1 के नतीजों के बाद बैंकिंग सेक्टर में एक नया मोमेंटम देखने को मिलेगा, जो निवेशकों के लिए लंबी अवधि में वेल्थ क्रिएशन का मौका बन सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 11:47 am

बड़ा फैसला: अब रुपये में होगी FPI फीस पेमेंट, म्यूचुअल फंड नियमों में हुआ अहम बदलाव

भारतीय शेयर बाजार और निवेश जगत से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है। बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) और म्यूचुअल फंड सेक्टर को लेकर नए नियमों का ऐलान किया है। इस फैसले के बाद अब FPIs को अपनी फीस का भुगतान करने के लिए विदेशी मुद्रा पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होगी। यह कदम भारतीय मुद्रा 'रुपये' (INR) की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार्यता बढ़ाने और निवेश प्रक्रिया को सरल बनाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।अब रुपये में होगा FPI फीस का भुगतानअभी तक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) को अपनी पंजीकरण फीस और अन्य शुल्क का भुगतान आमतौर पर विदेशी मुद्रा में करना पड़ता था। लेकिन अब सेबी ने इसे आसान बना दिया है। नई गाइडलाइन के तहत, FPIs अब भारतीय रुपये में अपना भुगतान कर सकेंगे। इससे न केवल विदेशी निवेशकों के लिए प्रशासनिक प्रक्रिया आसान होगी, बल्कि उन्हें करेंसी कन्वर्जन के झंझट और उससे जुड़ी लागत से भी राहत मिलेगी। यह फैसला भारत के पूंजी बाजार को अधिक सुलभ बनाने के लिए लिया गया है।म्यूचुअल फंड नियमों में भी बड़े बदलावFPI नियमों के साथ-साथ म्यूचुअल फंड सेक्टर के लिए भी नई नियमावली जारी की गई है। इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में पारदर्शिता बढ़ाना और निवेशकों के हितों की रक्षा करना है। नए नियमों के अनुसार, फंड हाउसों को अब अपने पोर्टफोलियो और जोखिम प्रबंधन (Risk Management) पर और अधिक स्पष्टता देनी होगी। म्यूचुअल फंड के परिचालन खर्च और निवेश से संबंधित मानदंडों में जो बदलाव किए गए हैं, वे लंबी अवधि में निवेशकों के लिए बेहतर रिटर्न और सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करेंगे।निवेशकों और बाजार पर क्या होगा असर?विशेषज्ञों का मानना है कि इन बदलावों से भारतीय बाजार में निवेश का प्रवाह बढ़ सकता है। जब प्रक्रियाएं सरल होती हैं, तो विदेशी निवेशकों का भरोसा मजबूत होता है। रुपये में भुगतान की सुविधा मिलने से FPIs के लिए निवेश की लागत कम होगी। वहीं, म्यूचुअल फंड नियमों में बदलाव से पारदर्शिता बढ़ेगी, जिससे आम रिटेल निवेशकों का म्यूचुअल फंड के प्रति आकर्षण और बढ़ेगा। यह पूरे वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र को और अधिक मजबूत और वैश्विक स्तर के अनुकूल बनाने का एक प्रयास है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 11:45 am

आज और कल दिल्ली में होगा ग्लोबल कंसल्टेशन:वैश्विक परामर्श कार्यक्रम की सीएम हेमंत सोरेन करेंगे अध्यक्षता, निवेश के अवसर बढ़ाना उद्देश्य

8 और 9 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में वैश्विक स्तर का हितधारक परामर्श कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दो दिवसीय कार्यक्रम में देशभर के उद्योगपति, विनिर्माण क्षेत्र के प्रतिनिधि, टेक्सटाइल विशेषज्ञ, निवेशक और अर्थशास्त्री भाग लेंगे। 9 जुलाई को आयोजित विशेष फीडबैक सत्र की अध्यक्षता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे। इस दौरान नीतियों पर विस्तृत चर्चा होगी और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ अपने सुझाव साझा करेंगे, जिससे नीति को और बेहतर बनाया जा सके। झारखंड को निवेश के लिए आकर्षक बनाया जाएदरअसल, झारखंड में औद्योगिक विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने दो महत्वपूर्ण नीतियों का ड्राफ्ट जारी किया है। उद्योग निदेशालय की ओर से झारखंड टेक्सटाइल, परिधान एवं फुटवियर नीति-2026 तथा झारखंड औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति 2026 का प्रारूप सार्वजनिक किया गया है। इन नीतियों के माध्यम से राज्य में निवेश के अवसरों को बढ़ाने और औद्योगिक ढांचे को मजबूत करने की योजना बनाई गई है। सरकार का लक्ष्य है कि बदलती वैश्विक और घरेलू औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप नीतियों को तैयार कर झारखंड को निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बनाया जाए। सिंगल विंडो पोर्टल पर उपलब्ध है ड्राफ्ट राज्य सरकार ने इन दोनों नीतियों पर उद्योग जगत, विशेषज्ञों, निवेशकों और आम नागरिकों से सुझाव एवं प्रतिक्रिया आमंत्रित की है। इसके लिए दोनों नीतियों का विस्तृत प्रारूप झारखंड सिंगल विंडो पोर्टल पर उपलब्ध कराया गया है। सरकार का मानना है कि व्यापक विचार-विमर्श और विभिन्न हितधारकों के सुझावों के आधार पर नीति को अंतिम रूप देने से यह अधिक व्यवहारिक और प्रभावी बन सकेगी। उद्योगपतियों की जरूरतों और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए नीति तैयार करने से राज्य में निवेश का माहौल बेहतर होगा और नए उद्योग स्थापित होने की संभावना बढ़ेगी। एमओयू पर हस्ताक्षर की संभावना सरकार को उम्मीद है कि इस परामर्श कार्यक्रम के दौरान कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। इससे राज्य में औद्योगिक निवेश और तकनीकी सहयोग को नई गति मिलेगी। साथ ही, रोजगार के नए अवसर सृजित होने की संभावना भी बढ़ेगी। सरकार का मानना है कि पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल नीतियों के जरिए झारखंड को एक प्रमुख औद्योगिक हब के रूप में विकसित किया जा सकता है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे। इन बड़ी कंपनियों के साथ होगी चर्चा बैठक में आईटी क्षेत्र की प्रमुख कंपनियां टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंफोसिस, विप्रो, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा, एलटीआई माइंडट्री, कॉग्निजेंट, एक्सेंचर, आईबीएम इंडिया और कैपजेमिनी इंडिया के प्रतिनिधि शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील, लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी), महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर, मारुति सुजुकी इंडिया, जेएसडब्ल्यू स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट और ग्रासिम इंडस्ट्रीज सहित कई प्रमुख औद्योगिक समूहों तथा विभिन्न उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। इन नीतियों पर भी निर्णय की है संभावना विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए उद्योग विभाग में यूरोपीय कंपनियों के लिए एक विशेष कोषांग (सेल) स्थापित करने की भी योजना है। इसके माध्यम से विदेशी निवेशकों को आवश्यक मार्गदर्शन, अनुमतियां और अन्य प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। नई नीतियों में खनन, आधारभूत संरचना, इस्पात, निर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा, ऑटोमोबाइल, खाद्य प्रसंस्करण और विनिर्माण क्षेत्र पर विशेष फोकस रहेगा। ईवी नीति में मिल सकती हैं नई रियायतें प्रस्तावित संशोधनों के तहत इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति में विनिर्माण इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए निवेश सब्सिडी को और आकर्षक बनाए जाने की संभावना है। मशीनरी, प्रदूषण नियंत्रण उपकरण और हरित ऊर्जा उपकरणों पर अतिरिक्त प्रोत्साहन देने के साथ भूमि आवंटन पर अधिकतम लीज प्रीमियम में छूट पर भी विचार किया जा रहा है। फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा फूड एंड फीड प्रोसेसिंग नीति में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए संशोधन किए जाने की संभावना है। विशेषकर जनजातीय विकास परियोजना क्षेत्रों में स्थापित होने वाली इकाइयों को प्लांट एवं मशीनरी, तकनीकी सिविल कार्यों और मेगा परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जा सकता है।

दैनिक भास्कर 8 Jul 2026 7:00 am

पुलिस की जांच से भी तेज साइबर ठगों की रफ्तार:अब महू केंटोनमेंट बोर्ड का फर्जी पर्चेस ऑर्डर भेजकर उद्योगपतियों को बना रहे निशाना

ऑनलाइन फ्रॉड करने वाले गिरोह की रफ्तार पुलिस की जांच से भी तेज हो चुकी है। पुलिस जब तक इनके किसी एक तरीके को डिकोड करती है, ये ठगी का नया तरीका लेकर आ जाते हैं। ताजा मामले में शातिरों ने महू आर्मी केंटोनमेंट बोर्ड के नाम पर इंदौर और आसपास के उद्योगपतियों को टारगेट करना शुरू किया है। हाल ही में एक महिला उद्योगपति ने सूझबूझ से खुद को बचा लिया, लेकिन केंट बोर्ड के गार्ड्स के मुताबिक केंट बोर्ड के नाम पर रोज 4 से 5 लोग ऐसे ही माल लेकर आ रहे हैं और ठगी का शिकार हो रहे हैं। भमोरी क्षेत्र की कारोबारी पिंकी श्रीवास्तव ने बताया एक महीने पहले उन्हें वाट्सएप पर महू केंट बोर्ड के नाम से 2 लाख 15 हजार 230 रुपए का एक पर्चेस ऑर्डर मिला। केंट बोर्ड का हूबहू दिखने वाला ऑफिशियल लेटरहेड होने के कारण उन्होंने इसे गंभीरता से लिया। वाट्सएप पर केंट बोर्ड का अफसर बनकर बात कर रहे ठग ने उनसे सिलीकॉन (पीएस) प्रोडक्ट की मांग की। 5 रुपए के ट्रांजेक्शन से खुल गई पोलपिंकी ने दिल्ली से स्पेशल माल मंगवाया और खुद लोडिंग वाहन लेकर महू केंट बोर्ड पहुंचीं। वहां पहुंचते ही ठगों ने फोन पर उनकी लोकेशन वॉच की और गेट से दूर एक सुनसान जगह पर बुला लिया। ठगों ने फोन पर कहा, हम एक बैंक खाता भेज रहे हैं, पहले वेरिफिकेशन के लिए इसमें 5 रुपए का ट्रांजेक्शन करो, फिर आपके माल का पूरा पेमेंट ट्रांसफर करेंगे। बिना माल चेक किए भुगतान करने और अनजान खाते में पैसे डालने की जिद पर पिंकी को शंका हुई। उन्होंने गेट पर तैनात सुरक्षा गार्ड से बात की तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। साइबर अपराधियों के नए हथकंडे, जिनमें उलझ रही जनता फर्जी ट्रेडिंग और निवेश एप: टेलीग्राम या वाट्सएप ग्रुप में जोड़कर शेयर बाजार या क्रिप्टो में 200 गुना मुनाफे का लालच देना। छोटा प्रॉफिट देकर बड़ी रकम हड़प लेना।APK फाइल से मोबाइल हैक: बैंक, कूरियर या बिजली बिल अपडेट के नाम पर APK फाइल भेजना। इसे इंस्टॉल करते ही मोबाइल का पूरा एक्सेस ठगों के पास पहुंच जाता है।स्क्रीन शेयरिंग एप: एनीडेस्क जैसी रिमोट एक्सेस एप डाउनलोड कराकर सीधे बैंक खाते साफ करना।पार्ट-टाइम जॉब/टास्क फ्रॉड: ‘घर बैठे कमाई’ या ‘वीडियो लाइक कर पैसे कमाएं’ जैसे ऑफर देकर पहले छोटा भुगतान करना और फिर बड़े निवेश के नाम पर ठगी करना।वाट्सएप ‘बॉस’ स्कैम: कंपनी के मालिक या बड़े अफसर की डीपी लगाकर अकाउंटेंट को तत्काल फर्जी खाते में भुगतान का दबाव बनाना।फर्जी कस्टमर केयर व ई-मेल स्पूफिंग: गूगल सर्च पर नकली हेल्पलाइन नंबर डालना। बड़ी कंपनियों और लॉजिस्टिक व्यापारियों को हूबहू दिखने वाली फर्जी ई-मेल आईडी (स्पूफिंग) से टारगेट करना।क्यूआर कोड स्कैम: पैसे आपके खाते में आएंगे... कहकर क्यूआर कोड स्कैन कराना, जबकि स्कैन करते ही पीड़ित के खाते से पैसे कट जाते हैं।केवायसी/बैंक अपडेट पैनिक: “आज ही केवायसी अपडेट न होने पर खाता बंद हो जाएगा” का डर दिखाकर मालवेयर लिंक पर क्लिक कराना और सिस्टम हैक करना।म्यूल अकाउंट: ठगी की रकम को तुरंत छुपाने के लिए दूसरों के बैंक खाते किराए पर लेना। एक ही रकम को अलग-अलग खातों में घुमाकर जांच को उलझाना। अलग-अलग कारोबारियों को अलग-अलग पर्चेस ऑर्डरजो मामले सामने आए हैं, उनमें ठगों ने अलग-अलग कारोबारियों को अलग-अलग पर्चेस ऑर्डर भेजकर ठगी का प्रयास किया है। आर्मी स्कूल के नाम पर स्टेशनरी, आर्मी हॉस्पिटल के नाम पर भी खरीदी के ऑर्डर भेजने के मामले सामने आए हैं। ताजा मामले में जिस सिलीकॉन प्रॉडक्ट की बात कही जा रही, उसका उपयोग संभवत: मिलिट्री बैरक और क्वार्टर्स की वाटरप्रूफिंग, सड़कों और ब्रिजेज के जॉइंट्स और आर्मी अस्पतालों और लैब्स की सीलिंग में हो सकता है। कई उद्योगपतियों से हुई है ठगीसाइबर ठगों ने केंटोनमेंट बोर्ड के नाम से फर्जी दस्तावेज, पर्चेस ऑर्डर व अन्य तरीके से कई उद्योगपतियों से धोखाधड़ी के प्रयास किए हैं। कुछ कारोबारियों से ठगी हो भी चुकी है। इसे लेकर हमने इंदौर पुलिस कमिश्नर, ग्रामीण एसपी और साइबर सेल एसपी के कार्यालयों में पत्राचार व ई-मेल भी किए हैं। - सतीश अग्रवाल, ऑफिस सुपरिंटेंडेंट, केंटोनमेंट बोर्ड

दैनिक भास्कर 8 Jul 2026 6:36 am

एक दिन में सबसे ज्यादा एसएमई आईपीओ की हुई लिस्टिंग

मुंबई, भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार का कारोबारी सत्र ऐतिहासिक रहा। इस दौरान कुल 6 स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइज (एसएमई) कंपनियों की लिस्टिंग हुई, जो कि 2026 में एसएमई आईपीओ लिस्टिंग का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।

देशबन्धु 7 Jul 2026 2:04 pm

गुरुग्राम में 33.55 लाख की साइबर ठगी में आरोपी गिरफ्तार:इसी ने बैंक खाता उपलब्ध करवाया; निवेश के नाम पर किया था फ्रॉड

गुरुग्राम पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने निवेश के नाम पर करोड़ों की साइबर ठगी से जुड़े मामले में कार्रवाई की है। पुलिस ने बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान महाराष्ट्र के उल्हासनगर, जिला ठाणे निवासी चेतन सूर्यकांत जगताप के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, 6 अगस्त 2025 को थाना साइबर क्राइम में एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि आईपीओ और शेयरों में निवेश कर मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर उससे करीब 33 लाख 55 हजार रुपए की ठगी की गई। इस शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंकिंग ट्रांजैक्शन की गहन पड़ताल की। इसके बाद आरोपी चेतन सूर्यकांत जगताप को 6 जुलाई को मुंबई से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर गिरफ्तार किया गया। जिस खाते में रकम गई, वह चेतन का था पुलिस जांच में सामने आया कि शिकायतकर्ता से ठगी गई रकम में से 25 लाख 70 हजार रुपए जिस बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे, वह खाता आरोपी चेतन के नाम पर था। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसने अपना बैंक खाता 4 प्रतिशत कमीशन के बदले दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए दे दिया था। इसी खाते का उपयोग साइबर ठगी की रकम को ट्रांसफर करने में किया गया। पुलिस नेटवर्क का पता लगा रही फिलहाल गुरुग्राम पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है ताकि इस साइबर ठगी गिरोह के अन्य सदस्यों और पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

दैनिक भास्कर 7 Jul 2026 1:54 pm

मोदी के इंडोनेशिया दौरे से व्यापार-निवेश को नई उड़ान: इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स

जकार्ता/नई दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंडोनेशिया दौरे को लेकर वहां रह रहे भारतीय समुदाय और कारोबारी जगत में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।

देशबन्धु 7 Jul 2026 1:18 pm

30 करोड़ की निवेश ठगी में दो और गिरफ्तार:4 करोड़ व 50 लाख की अवैध संपत्ति का खुलासा, शेयर बाजार में निवेश कराए

संतकबीरनगर में करोड़ों रुपये की निवेश धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों की गिरफ्तारी रविवार देर शाम महुली क्षेत्र से की गई। सोमवार शाम करीब 5 बजे उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। जांच में खुलासा हुआ है कि एक आरोपी ने करीब चार करोड़ रुपये और दूसरे ने 50 लाख रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित की थी। धनघटा के सीओ अभय नाथ मिश्र ने बताया कि महुली थाना क्षेत्र के हटवा गांव निवासी संतलाल मौर्य की तहरीर पर 18 अक्टूबर 2025 को मुकदमा दर्ज किया गया था। मुख्य आरोपी धनंजय शुक्ला, उसकी सहयोगी रजनी प्रजापति समेत 13 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन की धाराओं में केस दर्ज किया गया था। आरोप है कि आरोपियों ने शेयर बाजार में बैंक से अधिक मुनाफा दिलाने का झांसा देकर लोगों से अपने खातों में बड़ी रकम जमा कराई। शिकायतकर्ता संतलाल मौर्य ने भी अपने परिजनों के माध्यम से 51 लाख रुपये निवेश किए थे, लेकिन न तो उन्हें कोई लाभ मिला और न ही मूलधन वापस किया गया। बाद में आरोपी कार्यालय बंद कर फरार हो गए और मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ कर लिए। 'एआईपीएल ट्रेडिंग' के नाम पर चलता था फर्जी निवेश का खेल पुलिस ने 18 मई 2026 को मुख्य आरोपी धनंजय शुक्ला और रजनी प्रजापति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। कस्टडी रिमांड के दौरान पूछताछ में पता चला कि आरोपी 'एआईपीएल ट्रेडिंग' नामक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए निवेशकों को फर्जी वर्चुअल बैलेंस और बढ़ता हुआ मुनाफा दिखाकर निवेश के लिए प्रेरित करते थे। जांच में यह भी सामने आया कि निवेश की रकम वास्तव में शेयर बाजार में नहीं लगाई जाती थी। नए निवेशकों से मिली राशि से पुराने निवेशकों को भुगतान किया जाता था। पुलिस के अनुसार, इस तरीके से करीब 30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई। दो और आरोपी गिरफ्तार, करोड़ों की संपत्ति खरीदी जांच के दौरान पुलिस ने महुली क्षेत्र के गायघाट निवासी विक्रांत प्रकाश सिंह और चंदहर निवासी सत्यप्रकाश यादव को गिरफ्तार किया। जांच में दोनों की भूमिका नए निवेशकों को जोड़ने, धनराशि एकत्र करने तथा बैंक खातों और नकद लेनदेन के जरिए अवैध लाभ कमाने में पाई गई। पुलिस के मुताबिक, विक्रांत ने करीब चार करोड़ रुपये और सत्यप्रकाश ने करीब 50 लाख रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित कर खजनी, सहजनवा और संतकबीरनगर क्षेत्र में अचल संपत्तियां खरीदी थीं। अन्य आरोपियों और संपत्तियों की जांच जारी पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य आरोपियों, उनकी भूमिका और अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों की भी जांच की जा रही है। जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 10:38 pm

वॉट्सएप ग्रुप से 500 करोड़ का फ्रॉड करने वाला गिरफ्तार:फाइनेंस कंपनियों की आड़ में फर्जी बैंक खाते खुलवाए, विदेश भेज रहा था रुपए

राजस्थान पुलिस ने वॉट्सएप ग्रुप के जरिए देशभर में 500 करोड़ की साइबर ठगी करने वाले बदमाश को गिरफ्तार किया है। जो शेयर बाजार में फायदे का लालच देकर लोगों झांसे में लेता था। निवेश के नाम पर रुपए ले लेता। फाइनेंस कंपनियों की आड़ में लोगों के दस्तावेज हासिल करता था। इससे फर्जीवाड़े के लिए म्यूल बैंक अकाउंट खोलता था। पुलिस ने मामले में मुख्य सरगना युवराज सतीश मुदलियार (35) को महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार किया है। जो म्यून अकाउंट के जरिए ठगी की रकम को हवाला और क्रिप्टो कसेंसी के जरिए विदेशों तक पहुंचा रहा था। अतिरिक्त महानिदेशक (साइबर क्राइम) विजय कुमार सिंह ने बताया- स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में सेंधाराम चौधरी ने 16 लाख रुपए की साइबर धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। परिवादी ने बताया कि उसे '105 IND STOCKS ADV' नाम के वॉट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया था। ग्रुप में शेयर बाजार में निवेश और ट्रेडिंग के जरिए भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया गया। फर्जी योजनाओं में निवेश करने के नाम पर 16 लाख रुपए की ठगी कर ली गई। शिकायत मिलने के बाद साइबर क्राइम टीम ने वॉट्सएप ग्रुप की चैट, मोबाइल नंबर, डिजिटल ट्रेल और बैंक खातों की जांच की। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इसी एक वॉट्सएप ग्रुप के जरिए देशभर के लोगों से करीब 500 करोड़ रुपए की साइबर ठगी की जा चुकी थी। ऐसे चलता था करोड़ों की ठगी का खेल उप महानिरीक्षक (साइबर क्राइम) शांतनु कुमार सिंह ने बताया- जांच में सामने आया कि गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और वॉट्सएप ग्रुप के जरिए लोगों को शेयर बाजार में निवेश और ट्रेडिंग से कम समय में मोटा मुनाफा कमाने का लालच देता था। लोगों का विश्वास में लेने के लिए थोड़ा बहुत मुनाफा उनके खातों में भेजा जाता था। इससे पीड़ितों का भरोसा बढ़ जाता था। इसके बाद लोग अपनी जमा-पूंजी और बड़ी रकम निवेश कर देते थे। जैसे ही बड़ी राशि आरोपियों के खातों में पहुंचती। लोगों को वॉट्सएप ग्रुप से बाहर कर दिया जाता। ग्रुप डिलीट कर आरोपी फरार हो जाते। विशेष टीम गठित कर शुरू की गई जांच मामले की गंभीरता को देखते हुए टीम ने दर्जनों बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल डेटा का तकनीकी विश्लेषण किया। पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ते हुए गिरोह के मास्टरमाइंड तक पहुंचने में सफलता हासिल की। पुणे से गिरफ्तार हुआ मुख्य सरगना जांच के दौरान पुलिस ने गिरोह के मुख्य आरोपी युवराज सतीश मुदलियार (35) निवासी लोहगांव, पुणे (महाराष्ट्र) को पुणे से गिरफ्तार किया। आरोपी को ट्रांजिट वारंट पर जयपुर लाया गया है, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। फर्जी फाइनेंस कंपनियों की आड़ में तैयार करता था म्यूल बैंक खाते पूछताछ में आरोपी ने बताया- वह पुणे में ग्रेस फाइनेंस, पॉजिटिव बैलेंस और गुरु फाइनेंस के नाम से फर्जी लोन कंपनियां संचालित करता था। लोन दिलाने के नाम पर वह लोगों से पैन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक स्टेटमेंट, सैलरी स्लिप और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज ले लेता था। बाद में उन्हीं दस्तावेजों का दुरुपयोग कर म्यूल बैंक खाते खुलवाए जाते थे। खाताधारकों को इसके बदले करीब 10 हजार रुपए का कमीशन दिया जाता था। हवाला और क्रिप्टो के जरिए विदेश पहुंचती थी रकम इन म्यूल खातों में आने वाली करोड़ों रुपए की ठगी की रकम एटीएम से निकाल लेता था। इसके बाद हवाला नेटवर्क के माध्यम से आरोपी क्रिप्टो करेंसी खरीदता था। उसे विदेशों में बेच देता था। इस पूरे नेटवर्क के बदले उसे करीब 5 प्रतिशत कमीशन मिलता था। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों और क्रिप्टो करेंसी वॉलेट को फ्रीज कराने की कार्रवाई कर रही है। साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों, म्यूल अकाउंट संचालकों और हवाला नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश भी तेज कर दी गई है। पुलिस का मानना है कि आने वाले दिनों में इस देशव्यापी साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़े कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं। इस कार्रवाई को स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन के थानाधिकारी और उपाधीक्षक पुलिस गजेन्द्र शर्मा के नेतृत्व में गठित टीम ने अंजाम दिया। टीम में पुलिस निरीक्षक हरिराम, उप निरीक्षक अजय कुमार, कांस्टेबल भींवाराम, सुभाष चाहर और चालक कांस्टेबल सुबेसिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 4:17 pm

वैश्विक संकेतों के बीच हरे निशान में खुला भारतीय शेयर बाजार

मुंबई, मिलेजुले वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार सोमवार को हरे निशान में खुला। सुबह 9:21 पर सेंसेक्स 280 अंक या 0.36 प्रतिशत की तेजी के साथ 78,044 और निफ्टी 76 अंक या 0.32 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,348 पर था।

देशबन्धु 6 Jul 2026 12:30 pm

झारखंड में नई औद्योगिक नीतियों का ड्राफ्ट जारी:निवेश बढ़ाने को सरकार ने मांगे सुझाव, 8-9 जुलाई को दिल्ली में होगा ग्लोबल कंसल्टेशन

झारखंड में औद्योगिक विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने दो महत्वपूर्ण नीतियों का ड्राफ्ट जारी किया है। उद्योग निदेशालय की ओर से झारखंड टेक्सटाइल, परिधान एवं फुटवियर नीति-2026 तथा झारखंड औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति 2026 का प्रारूप सार्वजनिक किया गया है। इन नीतियों के माध्यम से राज्य में निवेश के अवसरों को बढ़ाने और औद्योगिक ढांचे को मजबूत करने की योजना बनाई गई है। सरकार का लक्ष्य है कि बदलती वैश्विक और घरेलू औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप नीतियों को तैयार कर झारखंड को निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बनाया जाए। सिंगल विंडो पोर्टल पर उपलब्ध है ड्राफ्ट राज्य सरकार ने इन दोनों नीतियों पर उद्योग जगत, विशेषज्ञों, निवेशकों और आम नागरिकों से सुझाव एवं प्रतिक्रिया आमंत्रित की है। इसके लिए दोनों नीतियों का विस्तृत प्रारूप झारखंड सिंगल विंडो पोर्टल पर उपलब्ध कराया गया है। सरकार का मानना है कि व्यापक विचार-विमर्श और विभिन्न हितधारकों के सुझावों के आधार पर नीति को अंतिम रूप देने से यह अधिक व्यवहारिक और प्रभावी बन सकेगी। उद्योगपतियों की जरूरतों और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए नीति तैयार करने से राज्य में निवेश का माहौल बेहतर होगा और नए उद्योग स्थापित होने की संभावना बढ़ेगी। दिल्ली में दो दिवसीय वैश्विक परामर्श, सीएम करेंगे अध्यक्षता इसी क्रम में 8 और 9 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में वैश्विक स्तर का हितधारक परामर्श कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दो दिवसीय कार्यक्रम में देशभर के उद्योगपति, विनिर्माण क्षेत्र के प्रतिनिधि, टेक्सटाइल विशेषज्ञ, निवेशक और अर्थशास्त्री भाग लेंगे। 9 जुलाई को आयोजित विशेष फीडबैक सत्र की अध्यक्षता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे। इस दौरान नीतियों पर विस्तृत चर्चा होगी और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ अपने सुझाव साझा करेंगे, जिससे नीति को और बेहतर बनाया जा सके। एमओयू पर हस्ताक्षर की संभावना सरकार को उम्मीद है कि इस परामर्श कार्यक्रम के दौरान कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। इससे राज्य में औद्योगिक निवेश और तकनीकी सहयोग को नई गति मिलेगी। साथ ही, रोजगार के नए अवसर सृजित होने की संभावना भी बढ़ेगी। सरकार का मानना है कि पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल नीतियों के जरिए झारखंड को एक प्रमुख औद्योगिक हब के रूप में विकसित किया जा सकता है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे। इन बड़ी कंपनियों के साथ होगी चर्चा बैठक में आईटी क्षेत्र की प्रमुख कंपनियां टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंफोसिस, विप्रो, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा, एलटीआई माइंडट्री, कॉग्निजेंट, एक्सेंचर, आईबीएम इंडिया और कैपजेमिनी इंडिया के प्रतिनिधि शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील, लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी), महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर, मारुति सुजुकी इंडिया, जेएसडब्ल्यू स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट और ग्रासिम इंडस्ट्रीज सहित कई प्रमुख औद्योगिक समूहों तथा विभिन्न उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। पारदर्शी व सहभागी नीति पर जोर उद्योग निदेशालय के अनुसार, ड्राफ्ट नीतियों को सार्वजनिक करना सरकार की पारदर्शी और सहभागी नीति निर्माण प्रक्रिया का हिस्सा है। इससे मंत्रिमंडल की अंतिम मंजूरी से पहले विभिन्न वर्गों के सुझावों और अनुभवों को शामिल कर नीतियों को अधिक व्यावहारिक एवं प्रभावी बनाया जा सकेगा। निदेशालय का कहना है कि इन नीतियों का उद्देश्य झारखंड को निवेश के लिए अधिक आकर्षक बनाना, औद्योगिक विकास को नई दिशा देना तथा राज्य को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मजबूत आधार तैयार करना है। इन नीतियों पर भी निर्णय की है संभावना विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए उद्योग विभाग में यूरोपीय कंपनियों के लिए एक विशेष कोषांग (सेल) स्थापित करने की भी योजना है। इसके माध्यम से विदेशी निवेशकों को आवश्यक मार्गदर्शन, अनुमतियां और अन्य प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। नई नीतियों में खनन, आधारभूत संरचना, इस्पात, निर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा, ऑटोमोबाइल, खाद्य प्रसंस्करण और विनिर्माण क्षेत्र पर विशेष फोकस रहेगा। ईवी नीति में मिल सकती हैं नई रियायतें प्रस्तावित संशोधनों के तहत इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति में विनिर्माण इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए निवेश सब्सिडी को और आकर्षक बनाए जाने की संभावना है। मशीनरी, प्रदूषण नियंत्रण उपकरण और हरित ऊर्जा उपकरणों पर अतिरिक्त प्रोत्साहन देने के साथ भूमि आवंटन पर अधिकतम लीज प्रीमियम में छूट पर भी विचार किया जा रहा है। फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा फूड एंड फीड प्रोसेसिंग नीति में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए संशोधन किए जाने की संभावना है। विशेषकर जनजातीय विकास परियोजना क्षेत्रों में स्थापित होने वाली इकाइयों को प्लांट एवं मशीनरी, तकनीकी सिविल कार्यों और मेगा परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जा सकता है।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 9:08 am

शेयर बाजार में उतरेगा पटना नगर निगम:200 करोड़ के म्युनिसिपल बॉन्ड की स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टिंग की तैयारी, सरकार नहीं लेगी भुगतान की जिम्मेदारी

बिहार सरकार ने बीते दिनों कैबिनेट में पटना नगर निगम को 200 करोड़ तक का म्यूनिसिपल बांड जारी करने की मंजूरी दी थी। अब पटना नगर निगम शेयर बाजार में उतरने की तैयारी में है। निगम बॉन्ड जारी करने से पहले सभी औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी करने में लगा हुआ है। क्रेडिट रेटिंग मिलने के बाद म्युनिसिपल बॉन्ड को स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट किया जाएगा। बॉन्ड से जुटाई गई राशि को पटना को स्मार्ट सिटी बनाने में इस्तेमाल किया जाएगा। बॉन्ड की राशि का भुगतान नगर निगम को ही करना होगा हालांकि, इसे मंजूरी देने के बाद अब सरकार ने बॉन्ड के लिए नियम और शर्तें भी तय कर दी हैं। नगर विकास एवं आवास विभाग के अनुसार इस बॉन्ड के मूलधन और ब्याज के एक-एक रुपये का भुगतान नगर निगम को अपने ही राजस्व से करना होगा। सरकार इस भुगतान की कोई जिम्मेदारी नहीं लेगी। बॉन्ड जारी होने के चार साल बाद मूलधन की अदायगी शुरू होगी, जबकि पूरे 10 वर्षों तक नगर निगम को वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए निवेशकों का पैसा समय पर लौटाना होगा। SEBI के सभी नियमों का करना होगा पालन सरकार ने नगर निगम को SEBI के सभी नियमों का पालन करने का निर्देश दिया है। इसके तहत मर्चेंट बैंकर, कानूनी सलाहकार, क्रेडिट रेटिंग एजेंसी, डिबेंचर ट्रस्टी और अन्य जरूरी एजेंसियों की नियुक्ति करनी होगी। साथ ही समय-समय पर वित्तीय जानकारी सार्वजनिक करनी होगी।सरकार ने ये भी शर्त रखी है कि बॉन्ड के कारण शहर की सफाई, पेयजल, सड़क, रोशनी और अन्य जरूरी नागरिक सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ना चाहिए। पटना नगर निगम बॉन्ड जारी करने वाला बिहार का पहला नगर निकाय बनेगा। 200 करोड़ की राशि का उपयोग शहर की आधारभूत संरचना और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने में होगा

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 5:32 am

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर सम्मेलन:सीएम बोले- इस साल मप्र को 86 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने रविवार को प्रदेश कार्यालय में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित किया। नेताओं ने डॉ. मुखर्जी के राष्ट्रवाद को याद करते हुए उन्हें अखंड भारत का शिल्पकार बताया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि डॉ. मुखर्जी के ''एक देश में दो विधान, दो निशान और दो प्रधान नहीं चलेंगे' के संकल्प को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धारा 370 हटाकर पूरा किया। आज भारत 90 देशों को रक्षा उत्पाद निर्यात कर रहा है और मप्र में भी देश की नामी कंपनियों ने इस साल के पहले 6 महीनों में 86 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव दिए हैं। पार्टी सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश ने कहा कि देश की आजादी के बाद अखंडता के लिए पहला बलिदान डॉ. मुखर्जी ने दिया। उनकी दूरदृष्टि से पूर्वी पाकिस्तान के लिए गलियारा मांगने की पाकिस्तानी साजिश नाकाम हुई और पश्चिम बंगाल भारत का हिस्सा बना रहा। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि डॉ. मुखर्जी के विचारों से ही भाजपा विश्व का सबसे बड़ा दल बनी है। हमारे लिए बूथ केवल मतदान केंद्र नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण की इकाई है। प्रदेश भाजपा कार्यालय में सम्मेलन का शुभारंभ करते सह संगठन मंत्री शिवप्रकाश, प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल और सीएम मोहन यादव व अन्य। ताजा मुद्दों पर चर्चा, नरोत्तम के नाम पर भी मुहर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच चल रहे सियासी मुद्दे, प्रदेश कार्यसमिति और मंत्रियों के कामकाज-बयानबाजी को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के बीच डेढ़ घंटे अहम चर्चा हुई। बैठक 74 बंगले के बी-15 निवास पर हुई। इसमें दतिया में पार्टी प्रत्याशी की घोषणा की औपचारिकता पर भी बात हुई। कोर ग्रुप से बातचीत की परंपरा पूरी करके दो-तीन दिन के भीतर पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा का नाम जारी कर दिया जाएगा। बताया जा रहा है कि विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों पर भी शिवप्रकाश ने बात की। शाम को रवाना होने से पहले शिवप्रकाश ने खंडेलवाल से अलग से बात की। यह बैठक भी करीब एक घंटे तक चली। इसके बारे में सूत्रों का कहना है कि 15 जुलाई के बाद प्रस्तावित प्रदेश कार्यसमिति बैठक की जानकारी शिवप्रकाश को दी गई। साथ ही निगम-मंडलों में बची हुई नियुक्ति के बारे में बताया गया। शाम की बैठक में मुख्यमंत्री को भी रहना था, लेकिन वे दतिया चले गए थे।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 5:30 am

निवेशकों की सलाह के अनुसार होंगी राज्य की औद्योगिक नीतियां, दो के ड्राफ्ट जारी

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे फीडबैक सत्र की अध्यक्षता झारखंड में औद्योगिक विकास को नई गति देने और निवेश के अवसर बढ़ाने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। उद्योग निदेशालय ने झारखंड टेक्सटाइल, परिधान एवं फुटवियर नीति-2026 तथा झारखंड औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति -2026 का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। सरकार ने इन दोनों नीतियों पर उद्योग जगत, विशेषज्ञों, निवेशकों और आम नागरिकों से सुझाव एवं प्रतिक्रिया आमंत्रित की है। दोनों नीतियों का विस्तृत प्रारूप झारखंड सिंगल विंडो पोर्टल पर सार्वजनिक किया गया है, ताकि व्यापक विचार-विमर्श और विभिन्न हितधारकों से प्राप्त सुझावों के आधार पर इन्हें अंतिम रूप दिया जा सके। सरकार का उद्देश्य आधुनिक औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप नीतियां तैयार कर राज्य में घरेलू और वैश्विक निवेश को प्रोत्साहित करना है। सरकार का मानना है िक उद्योगपतियों के सुझाव और सुविधा के अनुसार औद्योगिक नीतियां तैयार होने से राज्य में िनवेश बढ़ेगा। इसी क्रम में 8 और 9 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में वैश्विक स्तर का हितधारक परामर्श (स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन) कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। 9 जुलाई को होने वाले विशेष फीडबैक सत्र की अध्यक्षता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे। दो दिवसीय कार्यक्रम में देशभर के उद्योगपति, विनिर्माण क्षेत्र के प्रतिनिधि, टेक्सटाइल विशेषज्ञ, निवेशक और अर्थशास्त्री भाग लेंगे। बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। इससे राज्य में औद्योगिक निवेश, तकनीकी सहयोग और रोजगार सृजन को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। इन नीतियों पर भी िनर्णय की है संभावना... यूरोपीय निवेशकों के लिए विशेष कोषांग विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए उद्योग विभाग में यूरोपीय कंपनियों के लिए एक विशेष कोषांग (सेल) स्थापित करने की भी योजना है। इसके माध्यम से विदेशी निवेशकों को आवश्यक मार्गदर्शन, अनुमतियां और अन्य प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। नई नीतियों में खनन, आधारभूत संरचना, इस्पात, निर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा, ऑटोमोबाइल, खाद्य प्रसंस्करण और विनिर्माण क्षेत्र पर विशेष फोकस रहेगा। इन बड़ी कंपनियों के साथ होगी चर्चा बैठक में आईटी क्षेत्र की प्रमुख कंपनियां टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंफोसिस, विप्रो, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा, एलटीआई माइंडट्री, कॉग्निजेंट, एक्सेंचर, आईबीएम इंडिया और कैपजेमिनी इंडिया के प्रतिनिधि शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील, लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी), महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर, मारुति सुजुकी इंडिया, जेएसडब्ल्यू स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट और ग्रासिम इंडस्ट्रीज सहित कई प्रमुख औद्योगिक समूहों तथा विभिन्न उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। पारदर्शी व सहभागी नीति पर जोर उद्योग निदेशालय के अनुसार, ड्राफ्ट नीतियों को सार्वजनिक करना सरकार की पारदर्शी और सहभागी नीति निर्माण प्रक्रिया का हिस्सा है। इससे मंत्रिमंडल की अंतिम मंजूरी से पहले विभिन्न वर्गों के सुझावों और अनुभवों को शामिल कर नीतियों को अधिक व्यावहारिक एवं प्रभावी बनाया जा सकेगा। निदेशालय का कहना है कि इन नीतियों का उद्देश्य झारखंड को निवेश के लिए अधिक आकर्षक बनाना, औद्योगिक विकास को नई दिशा देना तथा राज्य को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मजबूत आधार तैयार करना है। फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा फूड एंड फीड प्रोसेसिंग नीति में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए संशोधन िकए जाने की संभावना है। विशेषकर जनजातीय विकास परियोजना क्षेत्रों में स्थापित होने वाली इकाइयों को प्लांट एवं मशीनरी, तकनीकी सिविल कार्यों और मेगा परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन िदया जा सकता है। ईवी नीति में मिल सकती हैं नई रियायतें प्रस्तावित संशोधनों के तहत इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति में विनिर्माण इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए निवेश सब्सिडी को और आकर्षक बनाए जाने की संभावना है। मशीनरी, प्रदूषण नियंत्रण उपकरण और हरित ऊर्जा उपकरणों पर अतिरिक्त प्रोत्साहन देने के साथ भूमि आवंटन पर अधिकतम लीज प्रीमियम में छूट पर भी विचार किया जा रहा है।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 5:30 am

टीवी स्क्रिप्ट राइटर से 1.09 करोड़ की ठगी:पोर्टफोलियो बनाने के नाम पर कई किस्तों में लिए रुपए, लखनऊ में 4 लोगों पर एफआईआर

लखनऊ में टीवी सीरियल स्क्रिप्ट राइटर से शेयर बाजार में निवेश कराने का झांसा देकर 1.09 करोड़ रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर डीसीपी दक्षिणी अमित आनंद के निर्देश पर कृष्णानगर पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सरोजनीनगर स्थित एक हाउसिंग सोसाइटी निवासी मनीषा सिंह ने पुलिस को बताया कि साल 2023 में उनके पारिवारिक मित्र के साथ कृष्णानगर के मानस नगर निवासी अश्विनी पांडेय उनके घर आया था। बातचीत के दौरान अश्विनी ने अपना प्लॉट बेचने की बात कही। दोनों के बीच सौदा तय हो गया और मनीषा ने एक लाख रुपए एडवांस भी दे दिए। हालांकि कुछ दिन बाद अश्विनी ने प्लॉट का सौदा रद्द कर दिया। इसके बाद अश्विनी ने मनीषा को शेयर बाजार में निवेश करने की सलाह देते हुए बताया कि उसका बेटा आशीष शेयर मार्केट का जानकार है और लोगों का पोर्टफोलियो तैयार करता है। मनीषा उसकी बातों में आ गईं। आरोप है कि जनवरी 2024 से जून 2024 के बीच आशीष ने शेयर बाजार में निवेश और पोर्टफोलियो बनाने के नाम पर उनसे कई किस्तों में कुल 1.09 करोड़ रुपए ले लिए, लेकिन न तो निवेश किया और न ही कोई पोर्टफोलियो तैयार किया। पीड़िता का कहना है कि रुपए वापस मांगने पर आशीष की मां मंजू और उसकी मंगेतर पारुल ने कुछ रकम लौटानी शुरू की, लेकिन बाद में वह भी बंद कर दी। लगातार टालमटोल से परेशान होकर उन्होंने डीसीपी दक्षिणी से शिकायत की। इंस्पेक्टर पीके सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर अश्विनी पांडेय, आशीष, मंजू और पारुल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले की विवेचना की जा रही है। जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 5 Jul 2026 9:20 pm

भारतीय शेयर बाजार के 'बिग बुल': राकेश झुनझुनवाला आखिर कैसे बने 5,000 रुपए से 40,000 करोड़ रुपए का साम्राज्य खड़ा करने वाले निवेश के 'बेताज बादशाह'

5 जुलाई को भारतीय शेयर बाजार के इतिहास का एक बड़ा ही खास दिन माना जाता है, क्योंकि इसी दिन वर्ष 1960 में देश के सबसे सफल निवेशकों में से एक राकेश झुनझुनवाला का जन्म हुआ था। उन्हें भारतीय शेयर बाजार का 'बिग बुल' और 'भारत का वॉरेन बफेट' कहा जाता था। चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) रहे झुनझुनवाला ने सिर्फ 5,000 रुपए की शुरुआती पूंजी से निवेश का सफर शुरू किया और अपनी दूरदर्शी सोच, धैर्य और बेहतरीन निवेश रणनीति के दम पर करीब 40,000 करोड़ रुपए की संपत्ति खड़ी कर दी। यही कारण है कि आज भी उनकी निवेश शैली लाखों निवेशकों के लिए प्रेरणा का काम करती है।

देशबन्धु 5 Jul 2026 2:32 pm

कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट के चलते शेयर बाजार में लगातार चौथे सप्ताह तेजी

मुंबई, कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट और वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों में राहत मिलने की उम्मीदों के चलते भारतीय शेयर बाजार में लगातार चौथे सप्ताह बढ़त दर्ज की गई।

देशबन्धु 4 Jul 2026 1:36 pm

निवेशकों को आकर्षित करने में सफल रहा अदाणी ग्रुप

अहमदाबाद, अदाणी ग्रुप वैश्विक संस्थागत निवेशकों और भारत के बड़े म्यूचुअल फंड्स को आकर्षित करने में सफल रहा है और यह ग्रुप को लेकर निवेशकों के सेंटीमेंट में स्पष्ट बदलाव को दिखाता है।

देशबन्धु 3 Jul 2026 4:28 pm

Numerology July 2026: जुलाई में चमकेगी इन मूलांक वालों की किस्मत, नौकरी में प्रमोशन और बिजनेस में तगड़े मुनाफे के योग

अंग्रेजी कैलेंडर का सातवां महीना यानी जुलाई 2026 कई लोगों के जीवन में खुशियों की नई सौगात लेकर आने वाला है। अंक ज्योतिष के अनुसार, यह महीना कई जातकों के लिए बेहद भाग्यशाली रहने वाला है। सिंगल लोगों के जीवन में किसी खास की एंट्री हो सकती है, तो वहीं लंबे समय से नौकरी में प्रमोशन का इंतजार कर रहे कामकाजी लोगों का इंतजार खत्म हो सकता है। व्यापार में भारी मुनाफे और आमदनी के नए स्रोत बढ़ने के भी मजबूत योग बन रहे हैं।जुलाई महीने का अपना सटीक भविष्यफल जानने के लिए आपको अपनी जन्मतिथि (Birthdate) को जोड़कर अपना मूलांक निकालना होगा। उदाहरण के लिए, यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो अंकों को जोड़ने पर आपका मूलांक 1 (जैसे: 2+8=10, 1+0=1) होगा। आइए जानते हैं मूलांक 1 से लेकर 9 तक के लिए जुलाई 2026 का पूरा अंक ज्योतिषफल।मूलांक 1 (यदि जन्म 1, 10, 19, 28 तारीख को हुआ हो)करिअर और नौकरी: जुलाई का महीना आपके लिए करियर के नए और सुनहरे अवसर लेकर आ सकता है। अगर आप नौकरी बदलने या प्रमोशन का इंतजार कर रहे हैं, तो महीने के उत्तरार्ध में कोई सकारात्मक खबर मिल सकती है। कार्यस्थल पर आपके नेतृत्व और सटीक निर्णय लेने की क्षमता की तारीफ होगी, लेकिन किसी भी बड़े फैसले को जल्दबाजी में लेने से बचें।व्यापार: कारोबारियों के लिए नए क्लाइंट्स और बड़े प्रोजेक्ट्स मिलने की प्रबल संभावना है। पुराने व्यापारिक संपर्कों से भी बड़ा मुनाफा हो सकता है। जो लोग पार्टनरशिप में बिजनेस कर रहे हैं, उन्हें कागजी कार्रवाई और लिखित समझौतों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।आर्थिक स्थिति: इस महीने आय के स्रोत काफी मजबूत रहेंगे, लेकिन इसके साथ ही खर्चों में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। यदि आप किसी नई जगह निवेश करने की सोच रहे हैं, तो बाजार की पूरी जानकारी जरूर जुटा लें। फालतू खर्चों पर लगाम लगाने से आपकी बचत सुरक्षित रहेगी।प्रेम और वैवाहिक जीवन: लव लाइफ में आपसी विश्वास और तालमेल बढ़ेंगे। यदि पार्टनर के साथ किसी बात को लेकर अनबन चल रही थी, तो बातचीत के जरिए उसका समाधान निकल जाएगा। शादीशुदा जातकों को अपने जीवनसाथी की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।पारिवारिक जीवन: परिवार में किसी मांगलिक या शुभ कार्य का आयोजन हो सकता है। माता-पिता का पूरा सहयोग मिलेगा, जिससे घर का माहौल शांतिपूर्ण और सुखद बना रहेगा।स्वास्थ्य: अधिक भागदौड़ के कारण थकान, सिरदर्द या अनिद्रा (नींद की कमी) जैसी परेशानियाँ हो सकती हैं। शरीर को पर्याप्त आराम दें और अपनी दिनचर्या अनुशासित रखें।शुभ रंग व दिन: सुनहरा और नारंगी रंग आपके लिए भाग्यशाली रहेगा। शुभ दिनों में रविवार और सोमवार शामिल हैं।मूलांक 2 (यदि जन्म 2, 11, 20, 29 तारीख को हुआ हो)करियर और नौकरी: यह महीना आपको कार्यस्थल पर धैर्य और समझदारी के साथ आगे बढ़ने की सलाह देता है। ऑफिस में सहकर्मियों के साथ टीमवर्क में काम करने से आपको बेहतरीन नतीजे मिलेंगे। सीनियर्स और बॉस के साथ अपने संबंध मधुर बनाए रखें, इससे आपको भविष्य में लाभ होगा।व्यापार: यदि आप किसी नए बिजनेस को शुरू करने का मन बना रहे हैं, तो जमीन स्तर पर बाजार का अच्छी तरह अध्ययन कर लें। पुराने और भरोसेमंद ग्राहकों के सहयोग से आपका मौजूदा कारोबार सुचारू रूप से चलता रहेगा।आर्थिक स्थिति: जुलाई के महीने में आपकी आमदनी सामान्य बनी रहेगी, लेकिन घरेलू सुख-सुविधाओं पर खर्च बढ़ सकता है। किसी करीबी मित्र या रिश्तेदार को बड़ा कर्ज या पैसा उधार देने से पहले अच्छी तरह सोच-विचार कर लें।प्रेम और वैवाहिक जीवन: भावनात्मक दृष्टिकोण से यह समय काफी अच्छा रहने वाला है। रिश्तों में मजबूती आएगी और आपसी भरोसा बढ़ेगा। अविवाहित जातकों के जीवन में किसी नए रिश्ते की शुरुआत हो सकती है।पारिवारिक जीवन: घर-परिवार के किसी बड़े सदस्य या काम की जिम्मेदारी अचानक आपके कंधों पर आ सकती है। शांति और ठंडे दिमाग से काम लेने पर आप सभी पारिवारिक जिम्मेदारियों को आसानी से निभा सकेंगे।स्वास्थ्य: मानसिक तनाव और बेवजह की चिंता से बचने की कोशिश करें। मानसिक शांति के लिए योग और ध्यान (Meditation) को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।शुभ रंग व दिन: सफेद और क्रीम रंग आपके लिए उत्तम हैं। शुभ दिनों में सोमवार और शुक्रवार का सहयोग मिलेगा।मूलांक 3 (यदि जन्म 3, 12, 21, 30 तारीख को हुआ हो)करियर और नौकरी: शिक्षा, मीडिया, मार्केटिंग, राइटिंग, कला और क्रिएटिव फील्ड से जुड़े लोगों के लिए यह महीना बेहद शानदार रहने वाला है। आपको अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए नए मंच मिलेंगे। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे छात्रों या इंटरव्यू दे रहे जातकों को सफलता मिलने की पूरी उम्मीद है।व्यापार: बिजनेस के विस्तार (Expansion) की आपकी योजनाएं अब रफ्तार पकड़ेंगी। कारोबार को बढ़ाने के लिए बनाई गई नई मार्केटिंग स्ट्रेटेजी इस महीने आपको बड़ा मुनाफा कमा कर दे सकती है।आर्थिक स्थिति: आपको इस महीने एक्स्ट्रा इनकम (अतिरिक्त आय) के बेहतरीन मौके हाथ लग सकते हैं। हालांकि, शेयर बाजार या किसी भी तरह के जोखिम भरे निवेश से आपको पूरी तरह दूरी बनाकर रखनी चाहिए।प्रेम और वैवाहिक जीवन: प्रेम संबंधों में मधुरता घुलेगी और जीवनसाथी हर मोड़ पर सहयोग करेगा। यदि जीवनसाथी के साथ कोई पुराना मनमुटाव चल रहा था, तो वह इस महीने पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।पारिवारिक जीवन: परिवार के सदस्यों के साथ किसी धार्मिक यात्रा या पिकनिक पर जाने का प्लान बन सकता है, जिससे आपसी तालमेल और मजबूत होगा।स्वास्थ्य: पेट और पाचन से जुड़ी दिक्कतों से बचने के लिए बाहर के खाने-पीने से परहेज करें। संतुलित और सात्विक आहार लें।शुभ रंग व दिन: पीला और हल्का नारंगी रंग शुभ फल देगा। दिनों में गुरुवार और रविवार आपके लिए अनुकूल रहेंगे।मूलांक 4 (यदि जन्म 4, 13, 22, 31 तारीख को हुआ हो)करिअर और नौकरी: आपकी पुरानी कड़ी मेहनत का मीठा फल अब आपको मिलने वाला है। लंबे समय से अटके हुए ऑफिशियल काम इस महीने पूरे हो जाएंगे। ऑफिस में आपका अनुशासन और समय की पाबंदी सीनियर्स को प्रभावित करेंगी।व्यापार: बिजनेस में स्थिरता (Stability) बनी रहेगी, जिससे आपका मानसिक तनाव कम होगा। पुराने ग्राहकों का आपके प्रति भरोसा और बढ़ेगा। हालांकि, किसी भी नए बड़े निवेश में हाथ डालने से पहले सावधानी बरतें।आर्थिक स्थिति: पैसों के मामले में आपकी स्थिति पहले के मुकाबले काफी मजबूत होगी। इसके बावजूद किसी भी तरह के बड़े और गैर-जरूरी खर्चों को फिलहाल के लिए टाल देना ही समझदारी होगी।प्रेम और वैवाहिक जीवन: रिश्तों में अपनी जिद और गुस्से को आड़े न आने दें। पार्टनर के साथ किसी भी विवाद को शांत मन से बैठकर बातचीत के जरिए सुलझाने का प्रयास करें।पारिवारिक जीवन: घर के किसी बेहद महत्वपूर्ण निर्णय या पारिवारिक मसले में आपकी राय को विशेष महत्व दिया जाएगा, जिससे परिवार में आपका सम्मान बढ़ेगा।स्वास्थ्य: पीठ दर्द, कमर दर्द या जोड़ों में खिंचाव की समस्या आपको थोड़ा परेशान कर सकती है। डॉक्टर की सलाह लें और हल्के व्यायाम को अपने रूटीन में शामिल करें।शुभ रंग व दिन: नीला और ग्रे (स्लेटी) रंग आपके लिए सकारात्मक रहेगा। शुभ दिनों में शनिवार और रविवार का साथ मिलेगा।मूलांक 5 (यदि जन्म 5, 14, 23 तारीख को हुआ हो)करिअर और नौकरी: जुलाई का यह महीना आपकी प्रोफेशनल लाइफ में बड़े और सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है। आप किसी दूसरी जगह ट्रांसफर हो सकते हैं या ऑफिस में कोई बड़ी नई जिम्मेदारी मिल सकती है। आपके बेहतरीन कम्युनिकेशन स्किल्स (संचार कौशल) की वजह से आपको वर्कप्लेस पर नई पहचान मिलेगी।व्यापार: व्यापारियों के लिए यह समय नए एग्रीमेंट्स और बड़े ऑर्डर्स मिलने का है। जो लोग ऑनलाइन बिजनेस, डिजिटल मार्केटिंग या ई-कॉमर्स से जुड़े हैं, उन्हें इस महीने बंपर मुनाफा होने के आसार हैं।आर्थिक स्थिति: आर्थिक मोर्चे पर यह महीना आपके लिए भाग्यशाली रहेगा। लंबे समय से फंसा हुआ या रुका हुआ धन अचानक वापस मिल सकता है। कम समय में ज्यादा मुनाफे के चक्कर में आकर किसी भी सट्टेबाजी या जोखिम भरे काम में पैसा न लगाएं।प्रेम और वैवाहिक जीवन: लव लाइफ में रोमांस और नया उत्साह देखने को मिलेंगे। जो लोग सिंगल हैं, उनकी मुलाकात सोशल मीडिया या किसी इवेंट के दौरान किसी बेहद खास व्यक्ति से हो सकती है।पारिवारिक जीवन: घर में हंसी-खुशी का माहौल बना रहेगा। भाई-बहनों का पूरा सहयोग मिलेगा और परिवार के साथ किसी छोटी दूरी की यात्रा पर जाने के योग बन रहे हैं।स्वास्थ्य: काम की अधिकता के कारण भागदौड़ ज्यादा रहेगी, इसलिए शरीर को पर्याप्त आराम दें और समय पर पौष्टिक भोजन करना न भूलें।शुभ रंग व दिन: हरा रंग आपके लिए सबसे ज्यादा लकी साबित होगा। दिनों में बुधवार और शुक्रवार आपके लिए शुभ हैं।मूलांक 6 (यदि जन्म 6, 15, 24 तारीख को हुआ हो)करिअर और नौकरी: जुलाई का महीना आपके करियर में संतुलन और निरंतर प्रगति लेकर आ रहा है। कार्यस्थल पर आपकी मेहनत और मिलनसार व्यवहार की हर कोई तारीफ करेगा। यदि आप सैलरी हाइक (वेतन वृद्धि) या प्रमोशन की उम्मीद कर रहे हैं, तो महीने के आखिरी हफ्ते में कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है।व्यापार: बाजार में आपकी साख बढ़ेगी जिससे पुराने ग्राहकों का भरोसा मजबूत होगा। जो जातक फैशन, कॉस्मेटिक्स, होटल, इंटीरियर डिजाइनिंग, कला या लक्जरी आइटम्स के बिजनेस में हैं, उन्हें बड़े ऑर्डर्स मिलने की पूरी उम्मीद है। पार्टनरशिप में पारदर्शिता रखें।आर्थिक स्थिति: इस महीने आपकी आमदनी बढ़ने के साथ-साथ खर्चों का ग्राफ भी ऊपर जा सकता है। आप नया वाहन, घर या परिवार की सुख-सुविधाओं पर पैसा खर्च कर सकते हैं। एक सटीक बजट बनाकर चलेंगे तो कोई दिक्कत नहीं होगी।प्रेम और वैवाहिक जीवन: प्रेम संबंधों में गहराई आएगी और पार्टनर के साथ भावनात्मक जुड़ाव बढ़ेगा। शादीशुदा लोगों के लिए जीवनसाथी के हर कदम पर साथ देना उनके हौसले को बढ़ाएगा। पुराने मनमुटाव दूर होंगे।पारिवारिक जीवन: घर में किसी मांगलिक प्रसंग या उत्सव की रूपरेखा बन सकती है। सप्ताहांत (Weekend) पर परिवार के साथ क्वालिटी टाइम बिताने से आपको मानसिक शांति मिलेगी।स्वास्थ्य: खान-पान में लापरवाही भारी पड़ सकती है। ज्यादा मीठा, तली-भुनी चीजें और जंक फूड से पूरी तरह से परहेज करें। जो लोग शुगर या बढ़ते वजन से परेशान हैं, वे विशेष सावधानी बरतें।शुभ रंग व दिन: गुलाबी और हल्का नीला रंग आपके लिए अनुकूल हैं। शुभ दिनों में शुक्रवार और सोमवार शामिल हैं।मूलांक 7 (यदि जन्म 7, 16, 25 तारीख को हुआ हो)करियर और नौकरी: यह महीना आपके लिए अपनी स्किल्स को अपग्रेड करने, कुछ नया सीखने और भविष्य के लिए बड़ी प्लानिंग करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। जो लोग आईटी (IT), एजुकेशन, रिसर्च, डेटा एनालिसिस और कंसल्टिंग के क्षेत्र में कार्यरत हैं, उनके लिए तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे। जोश में आकर नौकरी बदलने का फैसला न लें।व्यापार: कारोबारी इस महीने अपने बिजनेस के बेतहाशा विस्तार की बजाय अपने प्रोडक्ट्स या सर्विसेज की क्वालिटी (गुणवत्ता) को सुधारने पर ज्यादा फोकस करें। इस महीने बनाई गई नई बिजनेस स्ट्रेटेजी आपको भविष्य में बड़ा आर्थिक लाभ देगी।आर्थिक स्थिति: आर्थिक मामलों में महीना सामान्य रहेगा। जहां एक तरफ आकस्मिक धन लाभ के योग बन रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ अनचाहे और अचानक आने वाले खर्च आपका बजट बिगाड़ सकते हैं। निवेश करने से पहले किसी वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) की मदद लें।प्रेम और वैवाहिक जीवन: इस महीने आप स्वभाव से थोड़े अंतर्मुखी रह सकते हैं, जिससे आप अपनी भावनाएं पार्टनर के सामने खुलकर नहीं रख पाएंगे। इस वजह से साथी के मन में गलतफहमी पैदा हो सकती है। संवादहीनता से बचें और खुलकर बात करें।पारिवारिक जीवन: परिवार का पूरा सपोर्ट आपके साथ रहेगा, लेकिन काम के बढ़ते दबाव के बीच आप मानसिक शांति के लिए खुद के साथ अकेले में कुछ वक्त बिताने की जरूरत महसूस करेंगे।स्वास्थ्य: पर्याप्त नींद न लेना आपकी सेहत पर भारी पड़ सकता है। मानसिक तनाव और सिरदर्द से बचने के लिए योग, प्राणायाम और वॉक को अपने डेली रूटीन का हिस्सा बनाएं।शुभ रंग व दिन: बैंगनी और सफेद रंग आपके ओरा को मजबूत करेगा। दिनों में सोमवार और गुरुवार का साथ मिलेगा।मूलांक 8 (यदि जन्म 8, 17, 26 तारीख को हुआ हो)करियर और नौकरी: जुलाई का यह महीना कार्यस्थल पर आपके धैर्य और कठिन परिश्रम की परीक्षा ले सकता है, लेकिन घबराएं नहीं, यही मेहनत आपको महीने के अंत तक बड़ी सफलता दिलाएगी। ऑफिस में वर्कलोड और जिम्मेदारियाँ बढ़ सकती हैं। सरकारी, प्रशासनिक, बैंकिंग, लॉ या मैनेजमेंट से जुड़े लोगों को मान-सम्मान मिलेगा।व्यापार: किसी पुरानी प्रॉपर्टी, पूर्व में किए गए निवेश या लंबे समय से रुकी हुई बिजनेस डील्स से अचानक तगड़ा मुनाफा होने की उम्मीद है। हालांकि, किसी भी नए डील या सरकारी दस्तावेज पर बिना पढ़े और बिना सोचे-समझे हस्ताक्षर करने की भूल न करें।आर्थिक स्थिति: लंबे समय से अटका हुआ या डूबा हुआ पैसा वापस मिलने के योग हैं। हालांकि, भावनाओं में बहकर किसी अनजान स्कीम में भारी निवेश करने से बचें, अन्यथा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।प्रेम और वैवाहिक जीवन: काम की व्यस्तता के चलते आप अपने लाइफ पार्टनर को पर्याप्त समय नहीं दे पाएंगे, जिससे थोड़े शिकवे-शिकायतें बढ़ सकती हैं। प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ में बैलेंस बनाकर रखें, पुराने विवाद धीरे-धीरे सुलझ जाएंगे।पारिवारिक जीवन: घर के किसी वरिष्ठ या बुजुर्ग सदस्य की सलाह आपके किसी बड़े संकट को टालने में मददगार साबित होगी। पैतृक संपत्ति से जुड़ा कोई अहम फैसला इस महीने लिया जा सकता है।स्वास्थ्य: हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप), जोड़ों के दर्द या अत्यधिक शारीरिक थकान को सामान्य मानकर नजरअंदाज करने की गलती न करें। समय-समय पर डॉक्टर से चेकअप कराते रहें।शुभ रंग व दिन: गहरा नीला और काला रंग आपके लिए सुरक्षा कवच का काम करेगा। शुभ दिनों में शनिवार और शुक्रवार अनुकूल रहेंगे।मूलांक 9 (यदि जन्म 9, 18, 27 तारीख को हुआ हो)करिअर और नौकरी: जुलाई 2026 आपके लिए बड़ी उपलब्धियों और सफलताओं का महीना साबित होने वाला है। जो काम महीनों से अटके हुए थे, वे अब तेजी से पूरे होने लगेंगे। सेना, पुलिस, प्रशासन, मेडिकल, सोशल सर्विस और राजनीति से जुड़े जातकों को इस महीने कोई बड़ा पद या विशेष सफलता मिल सकती है।व्यापार: बिजनेस में विस्तार की जो योजनाएं ठंडे बस्ते में थीं, वे अब अमलीजामा पहनेंगी। बाजार में नए संपर्क और बड़े क्लाइंट्स आपके साथ जुड़ेंगे। कोर्ट-कचहरी या प्रतिद्वंदियों के साथ चल रहे पुराने विवाद सुलझने से आपके काम में तेजी आएगी।आर्थिक स्थिति: धन आगमन के बेहद खूबसूरत और मजबूत योग बन रहे हैं। बिजनेस में रुका हुआ पुराना पेमेंट क्लियर हो जाएगा, जिससे आपकी फाइनेंशियल कंडीशन काफी मजबूत होगी। फिर भी, बड़ा निवेश करने से पहले जोखिमों का आकलन जरूर कर लें।प्रेम और वैवाहिक जीवन: लव लाइफ और वैवाहिक जीवन में गजब का आपसी तालमेल और भावनात्मक मजबूती देखने को मिलेगी। हर मुश्किल परिस्थिति में पार्टनर ढाल बनकर आपके साथ खड़ा रहेगा। अविवाहितों के लिए विवाह के बेहतरीन प्रस्ताव आ सकते हैं।पारिवारिक जीवन: परिवार में किसी सदस्य की नौकरी या विवाह से जुड़ा कोई शुभ समाचार मिल सकता है। घर में किसी मांगलिक या धार्मिक कार्य की योजना बनेगी, जिससे पूरे घर का माहौल सकारात्मक और ऊर्जावान रहेगा।स्वास्थ्य: इस महीने आपकी शारीरिक ऊर्जा और इम्युनिटी बहुत अच्छी रहेंगी। हालांकि, आपको अपने अत्यधिक गुस्से और मानसिक उत्तेजना पर कंट्रोल रखना होगा, वरना ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। नियमित वर्कआउट करें।शुभ रंग व दिन: लाल और मैरून रंग आपके भाग्य में वृद्धि करेगा। शुभ दिनों में मंगलवार और रविवार आपके लिए सर्वश्रेष्ठ रहेंगे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Jun 2026 8:54 am

दो वर्षों में बदली ओडिशा की तस्वीर: मोहन चरण माझी सरकार का विकास, सुशासन और निवेश मॉडल

जून 2024 में जब ओडिशा की जनता ने राज्य में पहली बार भारतीय जनता पार्टी को पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता सौंपी, तब यह केवल राजनीतिक परिवर्तन नहीं था, बल्कि विकास और सुशासन की नई अपेक्षाओं का जनादेश भी था।

देशबन्धु 18 Jun 2026 6:30 pm

सीतारमण का बड़ा बयान: विदेशी निवेश बढ़ने के लिए सरकार की नयी तैयारी

नई दिल्ली, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि सरकार देश में अधिक विदेशी पूंजी आकर्षित करने के लिए आगे भी कई कदम उठाएगी और बॉन्ड मार्केट के लिए हाल में घोषित उपाय इस दिशा में सिर्फ शुरुआत हैं।

देशबन्धु 16 Jun 2026 3:48 pm

यदि आप निवेशकर्ता हैं और बेहतर मुनाफा चाहते हैं तो यह जानिए कि कब लगाएं PPF में पैसा और कब निवेश करें Mutual Fund में?

निवेश की दुनिया में अक्सर लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि आखिर में अपनी गाढ़ी कमाई से बमुश्किल की जाने वाली बचत का रुपया-पैसा कहाँ लगाएं, जहां पर वह डूबे नहीं, बल्कि सुरक्षित भी रहे। ऐसे में आप अपना रुपया-पैसा पीपीएफ (Public Provident Fund) में लगाएं या एमएफ (Mutual Fund) में। क्योंकि सच यह है कि दोनों का उद्देश्य अलग-अलग है और सही समय पर सही विकल्प चुनना ही आपके लिए अधिक महत्वपूर्ण है। इसलिए आइए आज आपको बताते हैं कि कब पीपीएफ में निवेश करें और कब एमएफ में। पहले हम बात करते हैं कि पीपीएफ (PPF) में निवेश कब न करें? आपके लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि Public Provident Fund (PPF) उन लोगों के लिए बेहतर है जो अपनी पूंजी की सुरक्षा चाहते हैं। साथ ही एक निश्चित और जोखिम-मुक्त रिटर्न पसंद करते हैं। इसके अलावा, टैक्स भी बचाना चाहते हैं। और तो और, 15 वर्ष या उससे अधिक की लंबी अवधि के लिए निवेश कर सकते हैं। चूंकि इसका महत्वपूर्ण फंडा यह है कि PPF में हर महीने की 5 तारीख से पहले पैसा जमा करने पर उस महीने का ब्याज भी मिलता है। इसलिए यदि आप मासिक निवेश करते हैं तो 1 से 5 तारीख के बीच जमा करना अधिक फायदेमंद माना जाता है। इसे भी पढ़ें: FIR कराना हो जाएगा आसान, जब जानेंगे 2026 के कानून अब हम बात करते हैं कि Mutual Fund (MF) में कब निवेश करें? तो यह गांठ बांध लीजिए कि Mutual Fund उन निवेशकों के लिए बेहतर है जो महंगाई को मात देने वाला रिटर्न चाहते हैं। साथ ही लंबी अवधि (10-15 वर्ष या अधिक) के लिए निवेश कर सकते हैं। इसके अलावा, कुछ उतार-चढ़ाव (रिस्क) सहन कर सकते हैं। और तो और संपत्ति निर्माण (Wealth Creation) का लक्ष्य रखते हैं। चूंकि इसका महत्वपूर्ण फंडा यह है कि Mutual Fund में सही समय पकड़ने की बजाय SIP (Systematic Investment Plan) के जरिए नियमित निवेश करना अधिक प्रभावी माना जाता है। जो कि बाजार ऊपर हो या नीचे, SIP लागत को औसत कर देती है। सवाल है कि किसे चुनें? आपके निवेशक का लक्ष्य क्या है? आपके पास बेहतर विकल्प क्या है? आपकी पूंजी सुरक्षा कितनी है। चूंकि पीपीएफ से टैक्स बचत होती है, रिटायरमेंट के लिए सुरक्षित फंड रहता है और लंबी अवधि में अधिक रिटर्न रिटर्न मिलता है। जबकि म्युचुअल फंड धन सृजन (Wealth Creation) के लिए अच्छा है, बशर्ते कि आप संतुलित रणनीति अपनाएं। जहां तक PPF और Mutual Fund में सबसे असरदार रणनीति की बात है तो वित्तीय विशेषज्ञ अक्सर सलाह देते हैं कि निवेशक दोनों का संयोजन रखें। एक ओर सुरक्षा और टैक्स लाभ के लिए PPF अच्छा है तो संपत्ति निर्माण और महंगाई से आगे निकलने के लिए Equity Mutual Fund SIP बेहतर है। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई व्यक्ति हर महीने ₹10,000 निवेश करना चाहता है, तो वह ₹3,000–₹4,000 PPF में और शेष राशि अच्छे इक्विटी म्यूचुअल फंड की SIP में लगा सकता है। इससे सुरक्षा और वृद्धि दोनों का लाभ मिल सकता है। निष्कर्षतः यह कहा जा सकता है कि यदि आपका लक्ष्य पूंजी की सुरक्षा है तो PPF बेहतर है। और यदि आपका लक्ष्य लंबी अवधि में बड़ा धन बनाना है तो Mutual Fund अधिक उपयुक्त हो सकता है। वहीं, दोनों का संतुलित मिश्रण अधिकांश निवेशकों के लिए व्यावहारिक और प्रभावी रणनीति साबित हो सकता है। हाँ, यहां पर यह सदैव ध्यान रखें कि Mutual Fund बाजार जोखिमों के अधीन हैं, जबकि PPF अपेक्षाकृत सुरक्षित सरकारी योजना है। लिहाजा, निवेश का निर्णय अपनी आयु, लक्ष्य, जोखिम क्षमता और समयावधि को ध्यान में रखकर करें। - कमलेश पांडेय वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार

प्रभासाक्षी 16 Jun 2026 3:15 pm

जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा से करोड़ों की ठगी, प्रॉपर्टी निवेश के नाम पर लिए 17 करोड़ रुपए

मायानगरी में धोखाधड़ी के किस्से अक्सर सामने आते रहते हैं। अब बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा जाफरी धोखाधड़ी का शिकार हो गई हैं। हबीबा जाफरी से संपत्ति निवेश के नाम पर करीब 17.5 करोड़ रुपए की ठगी की गई है।

वेब दुनिया 15 May 2026 4:34 pm

अरशद वारसी पर लगा शेयर मार्केट में बैन, जानिए क्या है मामला

बॉलीवुड एक्टर अरशद वारसी और उनकी पत्नी मारिया गोरेट्टी समेत 57 लोगों पर शेयर बाजार नियामक SEBI ने बैन लगा दिया है। उन्हें 1 साल के लिए सिक्योरिटी मार्केट से प्रतिबंधित कर दिया है। सेबी का कहना है कि ये लोग मार्केट में धोखाधड़ी जैसे कामों में पाए गए।

वेब दुनिया 30 May 2025 12:15 pm

जानिए क्यों पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास पर है 2100 करोड़ रुपए निवेश

पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास अपने करियर के शानदार दौर से गुजर रहे हैं, और निर्विवाद रूप से अखिल भारतीय सुपरस्टार के रूप में अपनी जगह पक्की कर रहे हैं। बाहुबली, सलार, कल्कि 2898 एडी जैसी बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने वाली फिल्मों के साथ, उन्होंने भारतीय ...

वेब दुनिया 23 Oct 2024 11:58 am

Khatron Ke Khiladi 14 | मुंबई में घर नहीं बल्कि प्रोडक्शन हाउस में निवेश करने की योजना बना रहे हैं Abhishek Kumar, इस टीवी कपल को बताया प्रेरणास्रोत

खतरों के खिलाड़ी सीजन 14 के कंटेस्टेंट अभिषेक कुमार जिन्होंने बिग बॉस 17 में अपने कार्यकाल से काफी लोकप्रियता हासिल की, अपने आकर्षक व्यक्तित्व से लोगों के दिलों पर राज कर रहे हैं। विवादित रियलिटी शो में उनकी भागीदारी ने उन्हें स्टार बना दिया और उन्हें रातोंरात सफलता दिलाई। अभिषेक जो वर्तमान में रोहित शेट्टी के शो खतरों के खिलाड़ी 14 में हैं, ने साझा किया कि वह एक प्रोडक्शन हाउस खोलना चाहते हैं। इसे भी पढ़ें: Kartik Aaryan का खुलासा, Pyaar Ka Punchnama की सफलता के बावजूद उनके पास ‘कोई ऑफर नहीं था, कोई पैसा नहीं था ईटाइम्स टीवी के साथ एक इंटरव्यू में, अभिषेक ने खुलासा किया कि वह भविष्य के लिए पैसे बचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता चाहते हैं कि वह मुंबई में एक घर खरीदें, लेकिन वह एक व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। अभिषेक ने कहा कि वह एक उद्यमी बनना चाहते हैं और उनके बड़े सपने हैं जिन्हें वह हासिल करना चाहते हैं। अभिषेक कुमार मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते इंटरव्यू में, अभिषेक ने कहा कि उन्होंने पैसे बर्बाद करना बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते क्योंकि शहर काफी महंगा है और कहा कि किराए पर रहना एक समझदारी भरा फैसला है। उन्होंने यहां तक ​​कहा कि घर खरीदने में बड़ी रकम लगाने और फिर हर महीने लोन के रूप में बैंक को बड़ी EMI चुकाने का कोई मतलब नहीं है। इसे भी पढ़ें: Karan Johar को कोर्ट से मिली राहत, फिल्म Shaadi Ke Director Karan Aur Johar की रिलीज परह लगी रोक अभिषेक ने कहा कि वह अपना पैसा निवेश करना चाहते हैं और उस पर ब्याज पाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह रवि दुबे और सरगुन मेहता की तरह एक प्रोडक्शन हाउस स्थापित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि उनका परिवार चंडीगढ़ में घर खरीदे, लेकिन मुंबई में नहीं क्योंकि वे वहीं रह सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह पैसे बचाना चाहते हैं और कोई दूसरा व्यवसाय शुरू करने में निवेश कर सकते हैं। KKK 14 की बात करें तो शिल्पा शिंदे शो से बाहर हो गईं। एक यूट्यूब चैनल के अनुसार, सनी वरुण ने बात की, गश्मीर, करणवीर, अदिति और अभिषेक ने निष्कासन स्टंट किया।

प्रभासाक्षी 13 Jun 2024 5:55 pm

कंगना रनौत के किस बयान पर भड़की CISF की महिला जो सरेआम एक्ट्रेस को जड़ दिया थप्पड़, जानिए पूरा मामला

चंडीगढ़: हिमाचल की मंडी लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी सांसद एवं एक्ट्रेस कंगना रनौत से चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर बदसलूकी के पश्चात् हंगामा मचा हुआ है. दरअसल, 6 जून को कंगना दिल्ली जाने के लिए चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर पहुंची थीं. तभी सिक्योरिटी चेक के पश्चात् CISF की एक महिला जवान कुलविंदर कौर ने उनको थप्पड़ मार दिया. हालांकि CISF की अपराधी महिला कर्मी को निलंबित कर दिया गया है तथा उनके खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है. ऐसे में सवाल ये उठता है कि CISF की जवान ने थप्पड़ क्यों मारा, तो इसका जवाब है कंगना का 4 वर्ष पुराना एक ट्वीट. कंगना रनौत ने इस ट्वीट में 3 कृषि कानूनों के खिलाफ हुए किसान आंदोलन के चलते पंजाब की 80 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला किसान की गलत पहचान करते तथा उन्हें बिलकिस बानो कहा था. कंगना ने जो ट्वीट किया था उसमें एक वृद्ध महिला नजर आ रही थीं, जो भले ही झुककर चल रही थीं, लेकिन उन्होंने किसान आंदोलन का झंडा बुलंद किए हुए था. उनका नाम मोहिंदर कौर था. कंगना ने मोहिंदर कौर की फोटो को ट्वीट करते हुए लिखा था कि ''हा हा. ये वही दादी हैं जिन्हें टाइम मैगज़ीन की 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की लिस्ट में सम्मिलित किया गया था.... और ये 100 रुपये में उपलब्ध हैं. हालांकि कंगना रनौत ने बाद में ये ट्वीट डिलीट कर दिया था. बता दें कि कंगना ने जिस बिलकिस बानो का जिक्र किया था, वह 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला हैं तथा उन्होंने दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में CAA प्रोटेस्ट के चलते अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बटोरी थीं. कंगना के इस बयान को लेकर CISF की महिला जवान भड़की हुई थी. चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर कंगना से बदसलूकी का वीडियो सामने आया था, इसमें CISF की यह जवान कहती नजर आ रही है कि 'इसने बोला था किसान आंदोलन में 100-100 रुपये में महिलाएं बैठती थीं. वहां मेरी मां भी थी'. राहुल गांधी ने भाजपा पर लगाया शेयर बाजार में हेराफेरी का आरोप, बताया देश का सबसे बड़ा घोटाला उत्तर भारत में भीषण गर्मी का कहर जारी, यूपी के कुछ क्षेत्रों में राहत की उम्मीद बिहार के गया जिले में भीषण सड़क हादसा, तीन लोगों की मौत

न्यूज़ ट्रॅक लाइव 7 Jun 2024 10:05 am