10 साल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची देश की लोन ग्रोथ, ICICI, HDFC और SBI बने एक्सपर्ट्स की पहली पसंद
भारतीय बैंकिंग और वित्तीय सेक्टर से देश की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देने वाली एक बेहद बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आ रही है। देश में क्रेडिट यानी लोन लेने की रफ्तार (Loan Growth) पिछले 10 साल के सबसे ऊंचे और रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। उद्योगों के विस्तार, बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) के विकास और आम जनता के बीच होम लोन, कार लोन तथा पर्सनल लोन की बढ़ती मांग के चलते बैंकों के लोन पोर्टफोलियो में यह ऐतिहासिक उछाल दर्ज किया गया है। लोन ग्रोथ के इस मजबूत आंकड़े को देखते हुए घरेलू और वैश्विक ब्रोकरेज हाउस बैंकिंग शेयरों पर बेहद बुलिश हो गए हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस क्रेडिट बूम का सबसे बड़ा फायदा देश के दिग्गज बैंकों को मिलने वाला है।क्रेडिट बूम से चमकेगी बैंकों की किस्मत और बढ़ेगा मुनाफाबैंकिंग सेक्टर के जानकारों और मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि लोन ग्रोथ का 10 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचना यह दर्शाता है कि देश की आर्थिक गतिविधियां बेहद मजबूत स्थिति में हैं। मुंबई के दलाल स्ट्रीट से लेकर दिल्ली और बेंगलुरु जैसे बड़े कॉरपोरेट हब्स में क्रेडिट की मांग लगातार बढ़ रही है। बैंकों की एसेट क्वालिटी में सुधार और कम होते एनपीए (NPA) के बीच लोन की इस भारी डिमांड से आने वाली तिमाहियों में बैंकों के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) और शुद्ध मुनाफे में जबरदस्त बढ़ोतरी होने की पूरी उम्मीद है। यही वजह है कि बड़े निवेशक अब अपना फोकस बैंकिंग इंडेक्स पर बढ़ा रहे हैं।ब्रोकरेज की पसंदीदा लिस्ट में शामिल हुए ये 3 बड़े दिग्गज बैंकबाजार में आई इस तेजी के बीच दिग्गज ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म्स ने भारतीय बैंकिंग सेक्टर के तीन सबसे बड़े खिलाड़ियों पर अपना सबसे मजबूत भरोसा जताया है। ब्रोकरेज रिपोर्ट्स के अनुसार, प्राइवेट सेक्टर के महारथी ICICI Bank, देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC Bank और सरकारी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) को 'टॉप पिक' यानी सबसे पसंदीदा शेयरों की श्रेणी में रखा गया है। ब्रोकरेज हाउसेज का मानना है कि इन तीनों बैंकों के पास मजबूत डिपॉजिट बेस, देशव्यापी नेटवर्क और बेहतरीन डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद है, जो इन्हें इस लोन ग्रोथ का सबसे ज्यादा फायदा उठाने में मदद करेगा।निवेशकों के लिए क्या है एक्सपर्ट्स की राय और नए टारगेट प्राइसअगर आप शेयर बाजार के निवेशक हैं या बैंकिंग सेक्टर्स के शेयरों में लंबी अवधि के लिए दांव लगाना चाहते हैं, तो एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह एक बेहतरीन मौका साबित हो सकता है। ICICI Bank की लगातार मजबूत परफॉर्मेंस, मर्जर के बाद स्थिरता की ओर बढ़ रहे HDFC Bank और मजबूत रिटेल लोन बुक वाले SBI के शेयरों के टारगेट प्राइस में ब्रोकरेज ने बड़ा इजाफा किया है। एनालिस्ट्स का मानना है कि इन हैवीवेट शेयरों में निवेश करने से न केवल पोर्टफोलियो को मजबूती मिलेगी, बल्कि आने वाले समय में निवेशकों को बंपर और सुरक्षित रिटर्न भी मिल सकता है।
सप्ताह की शुरुआत में भारतीय शेयर बाजार हरे निशान पर, निवेशकों को रहत
मुंबई, वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के बीच हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार के सत्र में भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ हरे निशान में खुले।
इनकम टैक्स रिटर्न (ITR Filing 2026) दाखिल करने वाले करदाताओं के बीच इन दिनों एक नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है। रिटर्न सबमिट करने के बाद उसे दोबारा 'रिवाइज्ड' (संशोधित) करने वाले लोगों की संख्या में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है। इसकी सबसे बड़ी वजह इनकम टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा इस्तेमाल की जा रही आधुनिक तकनीक और डेटा निगरानी (Data Analytics) है। विभाग के पास अब पहले के मुकाबले कहीं अधिक तेजी से और विस्तृत वित्तीय जानकारी पहुंच रही है। ऐसे में कई टैक्सपेयर्स को रिटर्न भरने के बाद एहसास हो रहा है कि उनके कुछ बड़े लेनदेन रिकॉर्ड में बाद में जुड़े हैं, जिसके कारण उन्हें अपनी गलती सुधारने के लिए रिवाइज्ड रिटर्न का सहारा लेना पड़ रहा है।डेटा निगरानी का बढ़ा जाल, AIS में बाद में जुड़ रही हैं नई एंट्रीजइस पूरे बदलाव के पीछे की सबसे बड़ी वजह एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) का लगातार अपडेट होना है। AIS एक ऐसा डिजिटल दस्तावेज है जिसमें आपके पूरे साल की कमाई और बड़े वित्तीय लेनदेन का पूरा कच्चा चिट्ठा होता है। इसमें आपकी सैलरी, बैंक ब्याज, शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड की खरीद-बिक्री, डिविडेंड, विदेशी मुद्रा का लेन-देन और किसी भी प्रकार के कैपिटल गेन (पूंजीगत लाभ) का सटीक ब्यौरा दर्ज रहता है।असल समस्या यह है कि AIS कोई स्थिर दस्तावेज नहीं है; यह समय के साथ बदलता रहता है। बैंक, वित्तीय कंपनियां, और शेयर ब्रोकर समय-समय पर अपने डेटा को टैक्स विभाग के पास अपडेट करते हैं। ऐसे में जो टैक्सपेयर्स वित्तीय वर्ष खत्म होते ही जल्दबाजी में अपना आईटीआर दाखिल कर देते हैं, उन्हें कुछ हफ्तों बाद अपने एआईएस में नई एंट्रीज या नए लेनदेन दिखाई देने लगते हैं। सिस्टम में आंकड़ों का यह अंतर दिखते ही रिवाइज्ड रिटर्न भरना बेहद जरूरी हो जाता है।पहले नजरअंदाज हो जाने वाली गलतियां अब पकड़ रहा है AI सिस्टमआज का आयकर विभाग अत्याधुनिक तकनीक, डेटा एनालिटिक्स और फेसलेस स्क्रूटनी (Faceless Scrutiny) का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रहा है। विभाग का ऑटोमेटेड एआई सिस्टम दाखिल किए गए आईटीआर के आंकड़ों का मिलान सीधे AIS और टैक्सपेयर इन्फॉर्मेशन समरी (TIS) से करता है।पहले के समय में जो छोटी-मोटी विसंगतियां या वित्तीय चूक नजरअंदाज हो जाती थीं, उन्हें अब यह सिस्टम पलक झपकते ही पकड़ लेता है। यही कारण है कि समझदार टैक्सपेयर्स विभाग की तरफ से कोई कड़ा कानूनी नोटिस या पेनाल्टी आने का इंतजार करने के बजाय, खुद ही अपनी गलती स्वीकार करते हुए समय रहते रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करना ज्यादा सुरक्षित समझ रहे हैं।असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए क्या हैं रिवाइज्ड रिटर्न की डेडलाइंस?टैक्सपेयर्स के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि असेसमेंट ईयर (AY) 2026-27 के रिटर्न अभी भी पुराने 'इनकम टैक्स एक्ट, 1961' के तहत ही प्रोसेस किए जाएंगे। यह नियम तब भी प्रभावी रहेगा, जब 1 अप्रैल 2026 से देश में नया 'इनकम टैक्स एक्ट, 2025' लागू हो चुका है।मौजूदा नियमों के अनुसार, आयकर अधिनियम की धारा 139(5) के तहत बिना किसी शुल्क के रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2026 निर्धारित है। बशर्ते, इससे पहले आपका असेसमेंट (कर निर्धारण) पूरा न हुआ हो।बड़ी राहत का प्रस्ताव: फाइनेंस बिल 2026 में इस समयसीमा को बढ़ाकर 31 मार्च 2027 करने का प्रस्ताव रखा गया है। हालांकि, दिसंबर 2026 की समयसीमा बीतने के बाद रिवाइज्ड रिटर्न भरने पर करदाताओं को अतिरिक्त लेट फीस या शुल्क देना पड़ सकता है।अपडेटेड रिटर्न का विकल्प: यदि यह बढ़ी हुई समयसीमा भी हाथ से निकल जाती है, तो धारा 139(8A) के तहत 'अपडेटेड रिटर्न' (Updated Return) भरने का अंतिम मौका मिलता है। यह सुविधा 48 महीनों तक उपलब्ध रहती है, लेकिन इसमें आपको भारी अतिरिक्त टैक्स और पेनाल्टी चुकानी पड़ती है।पहली बार में ही सही ITR भरना क्यों है समझदारी? अपनाएं ये तरीकाबार-बार रिवाइज्ड रिटर्न भरने की झंझट और मानसिक तनाव से बचने का सबसे बेहतरीन तरीका यह है कि आप पहली बार में ही पूरी सावधानी के साथ सही रिटर्न भरें। इसके लिए आईटीआर दाखिल करने से पहले अपने पास मौजूद सभी दस्तावेजों का मिलान एआईएस, टीआईएस और फॉर्म 26AS से अवश्य कर लें।मिलान के दौरान अपने फॉर्म 16, बैंक स्टेटमेंट, ब्रोकर के पीएंडएल (P&L) स्टेटमेंट, ब्याज सर्टिफिकेट और कैपिटल गेन स्टेटमेंट को अपने सामने रखें। यदि आपको लगता है कि आपके AIS में कोई ट्रांजैक्शन गलत तरीके से दर्ज हो गया है या वह आपका नहीं है, तो आप तुरंत पोर्टल पर दी गई 'Report Incorrect Information' सुविधा का उपयोग करके अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।इन सेक्टर्स के निवेशकों को बरतनी होगी सबसे ज्यादा सावधानीजिन करदाताओं की आय के स्रोत सीमित हैं (जैसे केवल सैलरी), उन्हें ज्यादा परेशानी नहीं होती। लेकिन जिन लोगों के पास आय के कई जरिए हैं, उन्हें विशेष रूप से सतर्क रहना चाहिए। शेयर बाजार में एक्टिव ट्रेडर्स, म्यूचुअल फंड में नियमित निवेश करने वाले, विदेशी संपत्तियों या विदेशी धन का लेन-देन करने वाले और रियल एस्टेट (प्रॉपर्टी) की खरीद-बिक्री से कैपिटल गेन कमाने वाले लोगों को बिना क्रॉस-वेरिफिकेशन के अपना रिटर्न लॉक नहीं करना चाहिए। आपकी थोड़ी सी सजगता आपको आयकर विभाग की लंबी जांच और नोटिस के झंझट से हमेशा के लिए दूर रख सकती है।
सैलरी पाने वाले नौकरीपेशा लोगों के लिए अब इनकम टैक्स रिटर्न (ITR Filing 2026) भरना पहले के मुकाबले काफी आसान और डिजिटल हो चुका है। फॉर्म 16 (Form 16), फॉर्म 26एएस (Form 26AS) और इनकम टैक्स पोर्टल पर पहले से ही प्री-फिल्ड (तैयार) आने वाली जानकारियों की वजह से पूरी प्रक्रिया बेहद सुगम हो गई है। इसके बावजूद, हर साल लाखों टैक्सपेयर्स जल्दबाजी या जानकारी के अभाव में कुछ ऐसी गंभीर गलतियां कर बैठते हैं, जिनकी वजह से उनका रिफंड अटक जाता है, पेनल्टी के साथ अतिरिक्त टैक्स देना पड़ता है या सीधे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का कानूनी नोटिस आ जाता है। अगर आप भी इस साल अपना आईटीआर फाइल करने जा रहे हैं, तो इन 5 आम गलतियों से जरूर बचें।गलती 1: सिर्फ फॉर्म 16 को ही सब कुछ मान लेनाज्यादातर सैलरीड कर्मचारी यह मान लेते हैं कि कंपनी से मिले फॉर्म 16 में उनके टैक्स और कमाई की सारी जानकारी मौजूद है और वे सीधे उसी डेटा के आधार पर रिटर्न दाखिल कर देते हैं। लेकिन यह एक बड़ी भूल साबित हो सकती है। फॉर्म 16 में केवल आपकी सैलरी (वेतन) और उस पर कंपनी द्वारा काटे गए टीडीएस (TDS) का ब्यौरा होता है।यदि आपको बैंक खाते पर मिलने वाला ब्याज, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) या आरडी (RD) से ब्याज, कंपनियों के शेयर्स से मिला डिविडेंड, मकान का किराया, म्यूचुअल फंड या शेयर्स बेचने पर हुआ कैपिटल गेन (पूंजीगत लाभ) या फ्रीलांसिंग से कोई अतिरिक्त कमाई हुई है, तो वह फॉर्म 16 में नजर नहीं आएगी। ऐसी अन्य स्रोतों से हुई आय (Income from Other Sources) को छुपाना या भूल जाना आपको भारी पड़ सकता है।गलती 2: इन तीन महत्वपूर्ण दस्तावेजों का मिलान न करनाकई टैक्सपेयर्स सीधे फॉर्म 16 डाउनलोड करते हैं और बिना किसी वेरिफिकेशन के आईटीआर सबमिट कर देते हैं। इनकम टैक्स विभाग के पास आपके हर बड़े वित्तीय लेनदेन की खबर होती है। इसलिए रिटर्न भरने से पहले फॉर्म 16, फॉर्म 26AS और एआईएस (AIS - Annual Information Statement) का आपस में मिलान करना बेहद जरूरी है।फॉर्म 26AS में आपके पैन कार्ड पर अलग-अलग संस्थाओं द्वारा काटे गए कुल टीडीएस (TDS), टीसीएस (TCS) और आपके द्वारा जमा किए गए सेल्फ-असेसमेंट या एडवांस टैक्स की जानकारी होती है। वहीं, AIS में आपके पूरे साल के वित्तीय इतिहास (जैसे हाई-वैल्यू ट्रांजैक्शन, शेयर बाजार में निवेश आदि) का विस्तृत ब्यौरा होता है। अगर इन तीनों दस्तावेजों के आंकड़ों और आपके द्वारा दाखिल किए गए आईटीआर के आंकड़ों में थोड़ा भी अंतर (Mismatch) मिलता है, तो आपका रिफंड रोक दिया जाता है या विभाग अतिरिक्त टैक्स की डिमांड नोटिस भेज देता है।गलती 3: गलत ITR फॉर्म का चुनाव करनाइनकम टैक्स विभाग ने अलग-अलग श्रेणी के टैक्सपेयर्स और उनकी आय के स्रोतों के आधार पर कई प्रकार के आईटीआर फॉर्म (जैसे ITR-1, ITR-2, ITR-3 और ITR-4) निर्धारित किए हैं। उदाहरण के लिए, यदि आपकी आय केवल सैलरी और एक मकान के किराए से है, तो आप ITR-1 (सहज) चुन सकते हैं।लेकिन, अगर आपको शेयर्स या प्रॉपर्टी बेचने से कैपिटल गेन हुआ है, आपके पास कोई विदेशी एसेट (विदेशी संपत्ति) है, आप किसी कंपनी में डायरेक्टर हैं, आपके पास एक से अधिक मकान हैं या आपकी कोई बिजनेस इनकम है, तो आपके ऊपर दूसरा आईटीआर फॉर्म लागू होगा। गलत फॉर्म चुनने पर आपके रिटर्न को 'डिफेक्टिव रिटर्न' (Defective Return) मानकर खारिज किया जा सकता है और आपको दोबारा सही फॉर्म के साथ रिवाइज्ड रिटर्न भरना पड़ेगा।गलती 4: एडवांस टैक्स की देनदारी को नजरअंदाज करनाअक्सर नौकरीपेशा लोग सोचते हैं कि उनकी कंपनी ने हर महीने सैलरी से टीडीएस (TDS) काट लिया है, इसलिए उनकी टैक्स से जुड़ी जिम्मेदारी पूरी हो गई। यह सोच हमेशा सही नहीं होती।अगर आपको सैलरी के अलावा बैंक ब्याज, मकान किराया, डिविडेंड या किसी अन्य शॉर्ट-टर्म निवेश से अच्छी खासी अतिरिक्त कमाई हुई है, तो आपकी कुल टैक्स देनदारी बढ़ जाती है। यदि वित्तीय वर्ष में आपकी कुल टैक्स देनदारी (टीडीएस कटने के बाद) ₹10,000 से अधिक बनती है, तो आपको नियमानुसार समय पर 'एडवांस टैक्स' (Advance Tax) जमा करना होता है। यदि आप समय पर एडवांस टैक्स नहीं चुकाते हैं, तो आयकर अधिनियम की धारा 234B और 234C के तहत आपको अतिरिक्त ब्याज चुकाना पड़ सकता है।गलती 5: बिना पुख्ता दस्तावेजों के टैक्स छूट (Deductions) का दावा करनासेक्शन 80C (PPF, LIC, ELSS आदि), 80D (हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम), होम लोन के ब्याज या एचआरए (HRA - हाउस रेंट अलाउंस) जैसी टैक्स छूट का दावा करते समय अक्सर लोग लापरवाही बरतते हैं। कई बार टैक्स बचाने के चक्कर में बिना किसी निवेश के ही फर्जी क्लेम कर दिए जाते हैं।यह ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि हालांकि आईटीआर दाखिल करते समय आपको कोई भी रसीद या दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड नहीं करना होता, लेकिन इनकम टैक्स डिपार्टमेंट स्क्रूटनी (जांच) के दौरान कभी भी आपसे इन दावों के पुख्ता प्रमाण या निवेश रसीदें मांग सकता है। यदि आपके पास मौके पर वैध दस्तावेज नहीं मिलते हैं, तो विभाग आपके दावों को खारिज कर टैक्स चोरी के मामले में भारी जुर्माना, अतिरिक्त टैक्स और ब्याज वसूल सकता है।
भारतीय शेयर बाजार के लिए हफ़्ते के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार, 22 जून को वैश्विक बाजारों (Global Markets) से बेहद शानदार और सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। घरेलू बाजार के खुलने से पहले गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) में करीब 100 अंकों की तेजी देखी गई है, जो दलाल स्ट्रीट के लिए एक दमदार और हरी बत्ती वाली शुरुआत का साफ इशारा है। इसके साथ ही, भारतीय बाजार को घरेलू मोर्चे पर संस्थागत निवेशकों का बड़ा सहारा मिला है। कैश मार्केट में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FIIs) ने ₹4,800 करोड़ की बंपर खरीदारी की है, हालांकि वायदा बाजार (Futures) में हल्की मुनाफावसूली या बिकवाली दर्ज की गई है।अमेरिकी बाजारों में थी छुट्टी, पर डाओ फ्यूचर्स में दिखी हल्की बढ़तअमेरिकी बाजारों (Wall Street) की बात करें तो पिछले कारोबारी सत्र यानी शुक्रवार को वहां 'जूनटीन्थ नेशनल इंडिपेंडेंस डे' (Juneteenth National Independence Day) के मौके पर आधिकारिक फेडरल छुट्टी थी। यह दिन अमेरिका में गुलामी प्रथा के अंत की याद में मनाया जाता है, जिसके कारण मुख्य बाजार बंद रहे। हालांकि, आज सुबह डाओ फ्यूचर्स (Dow Futures) में हल्की रौनक और बढ़त देखने को मिल रही है, जिससे वैश्विक सेंटिमेंट मजबूत हुआ है।अमेरिका-ईरान शांति वार्ता से एशियाई बाजारों में लौटी रौनक, निक्केई 1.75% उछलासोमवार को एशियाई बाजारों में चौतरफा हरियाली देखने को मिल रही है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता में सकारात्मक प्रगति (Progress) की खबरें हैं, जिसने युद्ध की चिंताओं को फिलहाल कम किया है:जापान और कोरिया: जापान का प्रमुख इंडेक्स निक्केई 225 (Nikkei 225) 1.75% की भारी बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है, जबकि टॉपिक्स (Topix) में 1.17% की मजबूती है। साउथ कोरिया का कोस्पी (Kospi) भी 1.54% चढ़कर ग्रीन जोन में बना हुआ है, हालांकि कोस्डैक (Kosdaq) में 0.57% की मामूली गिरावट देखी गई।गिफ्ट निफ्टी का जलवा: गिफ्ट निफ्टी सुबह 24,154 के मजबूत स्तर के आस-पास ट्रेड कर रहा था। यह निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले क्लोजिंग स्तर से लगभग 97 अंकों का बड़ा प्रीमियम (बढ़त) दिखाता है, जो भारतीय सूचकांकों के लिए एक बेहतरीन ओपनिंग का आधार तय कर रहा है।अन्य इंडेक्स: इसके विपरीत, हांगकांग के हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स में कुछ कमजोरी के संकेत मिल रहे हैं। वहीं, जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स आज 0.4% नीचे खिसक गया है।वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स पर ब्याज दरों का साया, यूएस-ईरान वार्ता के पहले दौर का रोडमैप सफलएक तरफ जहां एशियाई बाजार झूम रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स में थोड़ी सुस्ती देखी जा रही है। निवेशकों की नजरें अमेरिका-ईरान शांति वार्ता के तकनीकी पहलुओं पर टिकी हैं, लेकिन साथ ही भविष्य में ब्याज दरें (Interest Rates) बढ़ने के डर से यूएस स्टॉक फ्यूचर्स में गिरावट आई। एसएंडपी 500 फ्यूचर्स 0.5%, नैस्डैक फ्यूचर्स 0.7% और डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज फ्यूचर्स 0.4% तक गिर गए।राहत की बात यह है कि कूटनीतिक मोर्चे पर अच्छी खबरें हैं। ईरानी वार्ताकारों के अनुसार, अमेरिका के साथ शांति समझौते को लेकर बातचीत सही दिशा में बढ़ रही है, जिससे यह डर खत्म हो गया है कि दोनों देशों के बीच सीजफायर का प्रोसेस टूट जाएगा। मध्यस्थता कर रहे कतर और पाकिस्तान के अधिकारियों ने एक संयुक्त बयान जारी कर पुष्टि की है कि वार्ता का पहला सत्र सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है और अगले 60 दिनों के भीतर एक 'फाइनल डील' तक पहुंचने का रोडमैप पूरी तरह तैयार कर लिया गया है।चीन ने लगातार 13वें महीने नहीं बदले लोन रेट्स, जापानी बॉन्ड यील्ड में लगातार तीसरे दिन उछालएशिया की अन्य बड़ी आर्थिक खबरों पर नजर डालें तो:चीन एलपीआर (China LPR): चीन के केंद्रीय बैंक 'पीपल्स बैंक ऑफ चाइना' (PBOC) ने देश की सुस्त अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए जून महीने में भी अपनी बेंचमार्क लेंडिंग रेट्स (कर्ज दरों) में कोई बदलाव नहीं किया है। यह लगातार 13वां महीना है जब दरें स्थिर हैं। बैंक ने एक साल के लोन प्राइम रेट (LPR) को 3.00% और पांच साल के एलपीआर को 3.50% के पुराने स्तर पर ही बरकरार रखा है।जापानी बॉन्ड यील्ड: जापान में बढ़ती महंगाई और राजकोषीय (फिस्कल) चिंताओं के बीच सरकारी बॉन्ड यील्ड में लगातार तीसरे दिन तेजी का रुख रहा। बेंचमार्क 10-साल का जेजीबी (JGB) यील्ड 3 बेसिस पॉइंट बढ़कर 2.675% के स्तर पर पहुंच गया है।होर्मुज स्ट्रेट में सप्लाई धीमी होने से कच्चे तेल में उबाल, डॉलर की मजबूती से येन रिकॉर्ड निचले स्तर परक्रूड ऑयल: अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के शुरुआती दौर में आई कुछ कड़वाहट के कारण रणनीतिक समुद्री मार्ग 'होर्मुज स्ट्रेट' से जहाजों की आवाजाही थोड़ी धीमी हुई थी, जिसका असर कीमतों पर दिखा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.83% बढ़कर 81.24 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड फ्यूचर्स 2.04% की उछाल के साथ 77.40 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।सोना और चांदी: वैश्विक बाजार में महंगाई और उच्च ब्याज दरों की चिंता थोड़ी कम होने से बुलियन मार्केट में शानदार रिकवरी हुई है। सोने की कीमतें पिछले निचले स्तर से 1% से ज्यादा उछल गईं। स्पॉट गोल्ड का भाव 1.2% की बढ़त के साथ 4,209.03 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि हाजिर चांदी (Spot Silver) 2.6% की तूफानी तेजी के साथ 66.60 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।करेंसी मार्केट (Dollar Index): शांति समझौते को लेकर बनी शुरुआती अनिश्चितता के कारण सुरक्षित निवेश के तौर पर अमेरिकी डॉलर को मजबूती मिली है। इसके चलते ब्रिटिश पाउंड 0.24% गिरकर $1.32055 और यूरो 0.1% की नरमी के साथ $1.1462 पर आ गया। वहीं, जापानी येन में लगातार कमजोरी जारी है और यह फिसलकर 161.53 प्रति डॉलर के स्तर पर आ गया है, जो इसके पिछले दो साल के सबसे निचले स्तर के बेहद करीब है।
शेयर बाजार और आईपीओ में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर साइबर ठगों ने एक महिला से 62 लाख रुपए की ठगी कर ली। ठगों ने खुद को निवेश विशेषज्ञ बताकर महिला को व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा और शेयर बाजार में निवेश पर 30 प्रतिशत तक लाभ का भरोसा दिलाया। जब महिला ने अपनी रकम निकालने की कोशिश की तो ठगी का खुलासा हुआ। सेक्टर-27 निवासी प्रीति गृहिणी हैं। उनके पति एक निजी कंपनी में प्रबंधक हैं। प्रीति की शेयर बाजार में रुचि होने के कारण वह निवेश संबंधी जानकारियां जुटाती रहती थीं। व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर बनाया शिकार पीड़िता के अनुसार, तीन मार्च को उन्हें मार्क सिक्योरिटीज नाम के एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। ग्रुप में मौजूद एक व्यक्ति ने खुद को डॉ. राजीव सिंह बताकर शेयर बाजार और आईपीओ में निवेश की सलाह दी। उसने दावा किया कि उसके बताए निवेश से 30 प्रतिशत तक मुनाफा कमाया जा सकता है और पार्ट टाइम अच्छी आय अर्जित की जा सकती है। ऐप पर रजिस्ट्रेशन कराकर कराया निवेश ठगों की बातों पर भरोसा कर प्रीति ने उनके बताए एक निवेश ऐप पर पंजीकरण कराया। इसके बाद उन्हें शेयर और आईपीओ में निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया। ठगों ने अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा कराने को कहा। पीड़िता ने 17 बार में कुल 62 लाख रुपए विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। निवेश के दौरान उन्हें लगातार मुनाफा दिखाया जाता रहा, जिससे उनका भरोसा बढ़ता गया। रकम निकालने पर मांगे और पैसे 28 मार्च को जब प्रीति ने अपने निवेश और मुनाफे की रकम निकालने का प्रयास किया तो ठगों ने कर, प्रोसेसिंग शुल्क और अन्य मदों के नाम पर चार लाख रुपए और जमा कराने की मांग की। महिला ने अतिरिक्त रकम देने से इनकार किया तो ठगों ने उनका खाता फ्रीज करने की धमकी दी और बाद में संपर्क पूरी तरह तोड़ दिया। इसके बाद उन्हें एहसास हुआ कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुकी हैं। पुलिस कर रही जांच मामले की शिकायत पुलिस से की गई है। पुलिस संबंधित बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और निवेश प्लेटफॉर्म की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि साइबर ठग लोगों को अधिक मुनाफे का लालच देकर निशाना बना रहे हैं, इसलिए निवेश से पहले प्लेटफॉर्म और सलाहकार की सत्यता की जांच अवश्य करनी चाहिए।
नमस्कार, NEET-UG की दोबारा परीक्षा हुई। इस दौरान कई जगहों पर हिजाब और कलावा उतरवाए जाने को लेकर विवाद हुआ। उधर, राम मंदिर में रोज का चढ़ावा ₹12 लाख से कम होकर ₹1 लाख से कम हो गया है। मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ में आगे वैभव सूर्यवंशी के वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की खबर बताएंगे… ⏰ आज का प्रमुख इवेंट, जिस पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. NEET री-एग्जाम में एक-दो मिनट देर से पहुंचे छात्रों को नो-एंट्री, हिजाब पर विवाद, कलावा-इयररिंग्स उतरवाए देश के 22.79 लाख से ज्यादा छात्रों ने NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा दी। इसके लिए देश के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में 5,440 केंद्र बनाए गए। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे के बीच हुई। छात्रों को सुबह 11 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक एग्जाम सेंटरों में एंट्री दी गई। एक-दो मिनट देर से पहुंचने पर मुंबई में 2 और बेंगलुरु में 4 स्टूडेंट्स को एग्जाम सेंटर में एंट्री नहीं दी गई। नाक पर टेप चिपकाया: राजस्थान के अजमेर में हिजाब पहन कर आई एक छात्रा को एंट्री देने से पहले मना किया गया। काफी बहस के बाद उसे अंदर भेजा गया। उदयपुर में एक कैंडिडेट की नोज पिन नहीं निकली तो नाक पर टेप चिपकाया गया। मध्य प्रदेश के भोपाल में छात्रों के हाथ से कलावा काटकर हटाए गए। यूपी में लड़कियों के कान से इयररिंग्स उतरवाए गए। हैदराबाद में छात्रा ने सुसाइड किया: 19 साल की एक NEET छात्रा ने आत्महत्या कर ली। रविवार सुबह उसके अपार्टमेंट में फंदे से लटका शव मिला। पुलिस को आशंका है कि उसने री-एग्जाम के दबाव में यह कदम उठाया। मौके से मिले सुसाइड नोट में छात्रा ने अपनी मौत के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया। पूरी खबर पढ़ें... 2. योगी को आज राम मंदिर चढ़ावा चोरी की रिपोर्ट मिल सकती है, 7 पेन ड्राइव में सबूत चढ़ावा चोरी की जांच कर रही SIT आज सोमवार को CM योगी को शुरुआती रिपोर्ट सौंप सकती है। जांच टीम ने मौके से जुटाए गए सारे सबूत और लोगों से की पूछताछ का ब्योरा 7 पेन ड्राइव में सुरक्षित किया है। 6 दिन की जांच में 150 संदिग्धों के नाम सामने आए हैं। इनमें से 25 लोगों पर कार्रवाई के आसार हैं। जिन लोगों से SIT पूछताछ कर चुकी है, उन्हें अगले आदेश तक अयोध्या नहीं छोड़ने की चेतावनी दी गई है। रोज का चढ़ावा ₹1 लाख से कम हुआ: राम मंदिर में चढ़ावा चोरी विवाद का श्रद्धालुओं पर गहरा असर पड़ा है। यही वजह है कि पहले दानपेटियों से रोजाना 8 से 12 लाख रुपए तक चढ़ावा निकलता था। वो अब घटकर 1 लाख रुपए के नीचे आ गया है। हालांकि, श्रद्धालुओं की संख्या में कमी नहीं आई है। श्रद्धालुओं का कहना है- दान चोरी से दुख हुआ है। इसलिए ऑनलाइन दान करना ज्यादा बेहतर होगा। पूरी खबर पढ़ें... 3. इंग्लैंड दौरे पर गिल होंगे वनडे कप्तान, श्रेयस उपकप्तान; रोहित-विराट शामिल BCCI ने इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय वनडे टीम का ऐलान कर दिया। शुभमन गिल कप्तान बनाए गए हैं। श्रेयस अय्यर को उपकप्तानी दी गई है। विराट कोहली और रोहित शर्मा भी स्क्वॉड का हिस्सा हैं। श्रेयस अय्यर टी-20 टीम के कप्तान हैं। शतक बनाने वाले यशस्वी टीम से बाहर: अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे वनडे में शतक लगाने वाले यशस्वी जायसवाल को टीम में जगह नहीं मिली है। यशस्वी को चोटिल विराट कोहली की जगह अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे टीम में चुना गया था। इंग्लैंड के खिलाफ इस सीरीज को 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों के लिए अहम माना जा रहा है। दौरे पर पांच टी-20 और तीन वनडे मैच होंगे। टी-20 टीम का ऐलान पहले ही हो चुका है। पूरी खबर पढ़ें... 4. कॉकरोच जनता पार्टी का दूसरे दिन भी प्रदर्शन जारी, दीपके ने क्रिकेट खेला कॉकरोच जनता पार्टी का जंतर-मंतर पर लगातार दूसरे दिन भी प्रदर्शन जारी रहा। इस दौरान कई समाजसेवियों ने प्रदर्शनकारियों को खाने का सामान बांटा। CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने पानी और केले दान करने वाले लोगों का आधार कार्ड चेक किया। दीपके ने लोगों से ज्यादा से ज्यादा संख्या में शामिल होने की अपील की है। इस दौरान उन्होंने समर्थकों के साथ मिलकर क्रिकेट भी खेला। दीपके ने आगे कहा;- अगर PM मोदी धर्मेंद्र प्रधान जैसे अयोग्य मंत्री को नहीं हटाते हैं, तो इतिहास उन्हें सबसे अयोग्य प्रधानमंत्री मानेगा। पानी और लाइट को लेकर शिकायत: दीपके ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर के सार्वजनिक शौचालयों में पानी बंद कर दिया गया था। प्रदर्शनकारियों का यह भी कहना था कि रात में कुछ समय के लिए लाइट बंद कर दी गई थी। दीपके ने NEET पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपए मुआवजा देने की भी मांग की है। पूरी खबर पढ़ें... 5. वैभव सूर्यवंशी ने वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा, 11 बॉल में अर्धशतक; 50 ओवर क्रिकेट में फास्टेस्ट फिफ्टी वैभव सूर्यवंशी ने वनडे क्रिकेट इतिहास की सबसे तेज फिफ्टी लगा दी है। वैभव ने महज 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने सिर्फ 29 गेंदों पर 94 रन की पारी खेली। 10 चौके और 8 छक्के लगाए। वैभव से पहले 50 ओवर की क्रिकेट में फास्टेस्ट हाफ सेंचुरी श्रीलंका के कौशल्य वीरात्ने ने बनाई थी। उन्होंने 2006 में रागामा क्रिकेट क्लब की ओर से खेलते हुए 12 बॉल पर फिफ्टी पूरी की थी। मैच के हाईलाइट्स: इंडिया-ए ने फाइनल में श्रीलंका-ए को 66 रन से हराकर ट्राई सीरीज अपने नाम कर ली। इंडिया-ए ने दांबुला में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 9 विकेट पर 377 रन बनाए। जवाब में श्रीलंका-ए 47.1 ओवर में 311 रन पर सिमट गई। कप्तान तिलक वर्मा ने 67, ऋतुराज गायकवाड ने 40 और अनुकूल रॉय ने 15 गेंदों पर 39 रन का योगदान दिया। पूरी खबर पढ़ें... 6. योगी बोले- बेटियों को छेड़ने वाला यमराज के घर जाएगा, सपा मोहर्रम-ईद पर उदंडता कराती थी सीएम योगी ने रविवार को हमीरपुर में कहा- सपा सरकार में हर जिले में एक माफिया होता था। ये माफिया जमीनों पर कब्जा करते थे। व्यापारी और बेटी के लिए संकट खड़ा करते थे। पुलिस पर हमला करते थे। छवि खराब होती थी- बुंदेलखंड की। योगी ने कहा- आज माफिया के लिए कोई जगह नहीं है। माफिया अब जेल में है या मिट्टी मिल गए। अब बेटी की सुरक्षा में कोई सेंध नहीं लगा सकता है। अगर ऐसा दुस्साह कोई करता है तो यमराज के घर जाएगा। सपा ईद और मोहर्रम पर सड़कों पर उदंडता करवाती थी और कृष्ण जन्मोत्सव और कांवड़ यात्रा पर रोक लगाती थी। योगी ने कहा- 21 जून हो गया, लेकिन मानसून नहीं आया। चूंकि हम लोगों को दौरा हो रहा था। इसलिए भगवान ने कहा होगा- ज्यादा गर्मी न हो, इसलिए थोड़े-बहुत बादल देखने को मिल रहे हैं। पिछले दो साल मानसून अच्छा था। अगले 3 साल तक अलनीनो के कारण असमय और कम वर्षा की चेतावनी अभी से आ रही है। इसलिए मेरी अपील है कि पानी बचाइए। पढ़ें पूरी खबर… आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… नेशनल: कोलकाता में मोदी बोले-70 की उम्र में 50 जैसा दिखें:योग इसमें मददगार, यह सबको जोड़ता है; पीएम ने 5 आसन किए, लोगों को सिखाया (पूरी खबर पढ़ें) नेशनल: तमिलनाडु की सीफूड फैक्ट्री में गैस रिसाव, 2 की मौत: 65 से ज्यादा घायल, 9 वेंटिलेटर पर; मरने वालों में सभी महिलाएं (पूरी खबर पढ़ें) मौसम: मुंबई में बारिश, फिर एक्टिव हुआ मानसून: आगे बढ़ने के आसार, सोलापुर के पास 14 दिनों से रुका था; 8 राज्यों में तापमान 40C के पार (पूरी खबर पढ़ें) नेशनल: दिल्ली- ट्रेन में चढ़ने को लेकर यात्री की पीट-पीटकर हत्या: योगा एक्सप्रेस में सीट को लेकर विवाद; 8 हिरासत में (पूरी खबर पढ़ें) नेशनल: नेवी को मिले 3 स्वदेशी युद्धपोत: INS दूनागिरी ब्रह्मोस से लैस, रडार नहीं पकड़ पाएगा; INS संशोधक लगातार 12000km तक चल सकता है (पूरी खबर पढ़ें) बिजनेस: इस हफ्ते 5 फैक्टर्स शेयर बाजार के लिए अहम: विदेशी निवेशक लौटे, क्या निफ्टी पार करेगा 24,500 का स्तर; अमेरिका-ईरान वार्ता पर भी नजर (पूरी खबर पढ़ें) इंटरनेशनल: दावा- ब्रिटिश प्रधानमंत्री स्टार्मर आज तक इस्तीफा दे सकते हैं: पार्टी के 100 सांसद खिलाफ; 10 साल में 5 पीएम ने कार्यकाल से पहले पद छोड़ा (पूरी खबर पढ़ें) नेशनल: पंजाब के निहंगों ने उत्तराखंड में गुरुद्वारे पर कब्जा किया: कहा- घुसने वाले को काट देंगे, SP समझाने पहुंचीं तो धमकी दी (पूरी खबर पढ़ें) इंटरनेशनल: भारत बोला- PAK राष्ट्रपति का बयान नफरत फैलाने वाला: हमारे मामलों में दखल न दें; जरदारी बोले थे- वाराणसी की मस्जिद खतरे में, कार्रवाई रोकी जाए (पूरी खबर पढ़ें) बिजनेस: 31 जुलाई तक फाइल कर दें इनकम टैक्स रिटर्न: अगर इनकम 2.50 लाख से ज्यादा तो भरना जरूरी, इन 10 बातों का रखें ध्यान (पूरी खबर पढ़ें) ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... घर की दीवार से निकले 29 कोबरा ओडिशा के भद्रक जिले में एक घर की दीवार से 29 कोबरा सांप मिले। घरवालों को सांप की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद स्नेक कैचर को बुलाया गया। जांच में दीवार की दरार से 2 बड़े कोबरा और उनके 27 बच्चे निकले। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… स्पाई फाइल्स: पाकिस्तानी लड़की से इश्क, शादी और फिर फांसी की सजा: दोस्त की गलती से पकड़ा गया इंदिरा गांधी का ‘ब्लैक टाइगर’; जासूस रविंद्र कौशिक पार्ट-2 आज का एक्सप्लेनर: 13 दिन से अटका मानसून, मौसम के कौन से 5 सिस्टम जिम्मेदार; अब तक 38% कम बारिश, आखिर कब मिलेगी राहत भास्कर इन्वेस्टिगेशन: रौशन आनंद के भाई का 20 मिनट में हुआ पोस्टमॉर्टम: पॉइजन या कार्डियक अटैक जैसी रिपोर्ट बनी ही नहीं, विसरा के लिए पूरा हार्ट भेज दिया साइबर लिटरेसी- फर्जी लोन एप से सावधान: सरकार ने जारी की फर्जी लोन एप्स की लिस्ट, डाउनलोड करते और लोन लेते हुए रहें सतर्क ग्राउंड रिपोर्ट: भरत तिवारी एनकाउंटर-'हमारे सामने 3 गोली मारी, 5 कैसे निकली?': हथियार फेंकने के बाद पुलिस ने दौड़कर पकड़ा, दूर ले जाकर दागी बुलेट; गांववालों की आंखों-देखी जरूरत की खबर- डायबिटीज है तो रोज करें सूर्य नमस्कार: योग गुरु से जानें 12 बड़े फायदे, करने का सही तरीका, समय और जरूरी सावधानियां करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें... ⏳आज के दिन का इतिहास ️ मौसम का मिजाज वृष राशि वालों के लिए प्रॉपर्टी या वाहन खरीदने की योजना आगे बढ़ाने का अच्छा दिन है। कुंभ राशि वालों को जरूरी कागज और सामान संभालकर रखना होगा। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...
भारतीय कंपनी का धमाका- 9 बड़ी कंपनियों ने जोड़े 2.15 लाख करोड़, भारती एयरटेल ने मारी बाजी
मुंबई, वैश्विक अस्थिरता में कमी से भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली है और इससे देश की शीर्ष 10 भारतीय कंपनियों में से नौ का मार्केटकैप 2.15 लाख करोड़ रुपए बढ़ा है।
शेयर बाजार का हाल: कच्चा तेल,अमेरिका-ईरान वार्ता और आर्थिक डेटा तय करेंगे बाजार की दिशा
मुंबई, भारतीय शेयर बाजार के लिए अलगा हफ्ता काफी अहम होगा। इस दौरान कच्चा तेल, अमेरिका-ईरान शांति वार्ता और घरेलू आर्थिक डेटा जैसे इन्फ्रास्ट्रक्चर आउटपुट, पीएमआई और फॉरेक्स डेटा से शेयर बाजार की दिशा तय होगी।
1250% का छप्परफाड़ डिविडेंड! प्लास्टिक बनाने वाली कंपनी का बड़ा तोहफा, रिकॉर्ड डेट इसी हफ्ते
शेयर बाजार के निवेशकों के लिए इस हफ्ते कमाई का एक बेहद शानदार मौका आया है। प्लास्टिक और पैकेजिंग सेक्टर की एक दिग्गज कंपनी ने अपने शेयरधारकों की किस्मत चमकाते हुए 1250% के बंपर डिविडेंड (लाभांश) का ऐलान किया है। इस बड़ी घोषणा के बाद से ही बाजार के पंडितों और खुदरा निवेशकों की नजरें इस शेयर पर टिक गई हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस मोटे मुनाफे को अपने बैंक खाते में क्रेडिट करवाने के लिए रिकॉर्ड डेट इसी हफ्ते तय की गई है, जिससे बाजार में इस शेयर को खरीदने की होड़ मचने की उम्मीद है।निवेशकों की लगी लॉटरी, कंपनी ने खोला मुनाफे का पिटाराभारतीय शेयर बाजार में जब भी कोई कंपनी अपने फेस वैल्यू पर इतना बड़ा लाभांश देती है, तो उसे निवेशकों के लिए जैकपॉट माना जाता है। इस प्लास्टिक मैन्युफैक्चरिंग कंपनी ने अपने मजबूत तिमाही नतीजों और बेहतरीन कैश फ्लो के दम पर इस डिविडेंड को मंजूरी दी है। बाजार के जानकारों का कहना है कि कंपनी का यह कदम यह साबित करता है कि वह अपने प्रॉफिट को सिर्फ अपने पास रखने के बजाय अपने शेयरधारकों के साथ साझा करने में विश्वास रखती है। इस ऐलान के बाद से ही देश के अलग-अलग हिस्सों, खासकर मुंबई, दिल्ली, गुजरात और बेंगलुरु जैसे बड़े फाइनेंशियल हब के निवेशकों में इस स्टॉक को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है।इसी हफ्ते है रिकॉर्ड डेट, चूक गए तो हाथ मलिएगाअगर आप भी इस 1250% के तगड़े डिविडेंड का लाभ उठाना चाहते हैं, तो आपको इस हफ्ते की समयसीमा का खास ख्याल रखना होगा। कंपनी द्वारा तय की गई रिकॉर्ड डेट इसी हफ्ते समाप्त हो रही है। शेयर बाजार के नियमों (T+1 सेटलमेंट) के अनुसार, इस लाभांश के योग्य बनने के लिए निवेशकों को रिकॉर्ड डेट से कम से कम एक दिन पहले इस शेयर को अपने डीमैट अकाउंट में डिलीवर कराना होगा। यदि आप रिकॉर्ड डेट के बाद खरीदारी करते हैं, तो आप इस बड़े पेआउट से हाथ धो बैठेंगे। यही वजह है कि देश भर के ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म्स पर इस शेयर के वॉल्यूम में अचानक तेजी देखी जा रही है।मजबूत फंडामेंटल्स वाली प्लास्टिक कंपनी पर टिकी नजरेंयह कंपनी केवल डिविडेंड के मामले में ही नहीं, बल्कि अपने बिजनेस मॉडल और फंडामेंटल्स के लिहाज से भी काफी मजबूत मानी जाती है। प्लास्टिक और इंडस्ट्रियल पैकेजिंग मटीरियल बनाने वाली इस कंपनी की मांग घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में लगातार बढ़ रही है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, एआई-संचालित मार्केट एनालिसिस (GEO/AI Search) और वित्तीय डेटा यह संकेत देते हैं कि कंपनी का कर्ज मुक्त होना और लगातार रेवेन्यू ग्रोथ करना इसके भविष्य को सुरक्षित बनाता है। लोकल और ग्लोबल सप्लाई चेन में इसकी मजबूत पकड़ के कारण लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर्स भी इस पर भरोसा जता रहे हैं।क्या आपको इस स्टॉक में पैसा लगाना चाहिए?बाजार विश्लेषकों (Market Analysts) का मानना है कि केवल डिविडेंड को देखकर किसी भी शेयर में जल्दबाजी में बड़ा निवेश नहीं करना चाहिए। लेकिन जब कंपनी का ट्रैक रिकॉर्ड और परफॉर्मेंस दोनों ही शानदार हों, तो जोखिम काफी कम हो जाता है। इस समय यह शेयर शॉर्ट-टर्म गेन (डिविडेंड यील्ड) और लॉन्ग-टर्म वेल्थ क्रिएशन दोनों के लिहाज से रडार पर आ गया है। अगर आप अपने पोर्टफोलियो में एक मजबूत पैसिव इनकम सोर्स जोड़ना चाहते हैं, तो इस हफ्ते इस प्लास्टिक शेयर की हर हलचल पर पैनी नजर बनाए रखें।
271 करोड़ की मेगा डील: इनोवीकेयर को खरीदने जा रही सन फार्मा, सोमवार को फोकस में रहेगा दिग्गज स्टॉक
फार्मा सेक्टर (दवा उद्योग) से इस वीकेंड एक बेहद बड़ी कॉर्पोरेट डील की खबर सामने आई है, जिसका सीधा असर सोमवार, 22 जून को शेयर बाजार खुलते ही देखने को मिलेगा। देश की सबसे बड़ी फार्मा कंपनियों में शुमार सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज (Sun Pharma) ने एक रणनीतिक कदम उठाते हुए करीब 12 साल पुरानी कंपनी इनोवीकेयर लाइफसाइंसेज (Innovcare Lifesciences) में 100% हिस्सेदारी खरीदने का आधिकारिक ऐलान किया है। सन फार्मा ने 20 जून की शाम को स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में इस समझौते की विस्तृत जानकारी साझा की है। यह पूरा सौदा ₹271.2 करोड़ (लगभग $2.873 करोड़) में तय हुआ है, जिसके बाद बाजार एक्सपर्ट्स सोमवार को सन फार्मा के शेयरों में तेज हलचल की उम्मीद जता रहे हैं।प्रोडक्ट पोर्टफोलियो मजबूत करेगी कंपनी, 31 जुलाई तक पूरा होगा कैश सौदास्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के अनुसार, सन फार्मा इनोवीकेयर लाइफसाइंसेज के सभी आउटस्टैंडिंग शेयर्स (बाजार में मौजूद कुल शेयर) का अधिग्रहण करने जा रही है। कंपनी को पूरा भरोसा है कि टेकओवर की यह पूरी प्रक्रिया 31 जुलाई 2026 या उससे पहले ही मुकम्मल कर ली जाएगी। खास बात यह है कि यह पूरा सौदा पूरी तरह से 'कैश डील' के रूप में निपटाया जाएगा।सन फार्मा ने इस अधिग्रहण को अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को और अधिक डाइवर्सिफाइड और मजबूत बनाने की दिशा में एक बेहद अहम और रणनीतिक कदम बताया है। अगर इनोवीकेयर लाइफसाइंसेज की बात करें, तो इस कंपनी की शुरुआत 21 जुलाई 2014 को हुई थी। यह कंपनी भारतीय बाजार में फार्मास्युटिकल दवाओं के साथ-साथ तेजी से बढ़ते न्यूट्रास्यूटिकल (पोषण संबंधी उत्पाद) और कॉस्मेस्यूटिकल (कॉस्मेटिक और औषधीय गुण वाले उत्पाद) सेक्टर्स में एक्टिव है। इसका पूरा बिजनेस नेटवर्क भारत में मजबूती से फैला हुआ है। वित्तीय मोर्चे पर भी कंपनी का प्रदर्शन सुधरा है; वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू सालाना आधार पर ₹86.09 करोड़ से बढ़कर ₹94.06 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है।रिकॉर्ड हाई से 4% नीचे है भाव, पिछले 8 महीने में दिया शानदार रिटर्नइस डील के एलान से ठीक पहले, यानी शुक्रवार 19 जून को सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन सन फार्मा का शेयर बीएसई (BSE) पर 0.72% की हल्की बढ़त के साथ ₹1837.15 के भाव पर बंद हुआ था।निवेशकों के लिए सन फार्मा के पिछले एक साल के परफॉर्मेंस का विश्लेषण करें तो:एक साल का निचला स्तर (52-Week Low): पिछले साल 26 सितंबर 2025 को शेयर ₹1547.25 के अपने सबसे निचले स्तर पर था।एक साल का उच्च स्तर (52-Week High): इस निचले स्तर से शानदार रिकवरी दिखाते हुए स्टॉक महज 8 महीनों में 23.91% की रफ्तार से भागा और 19 मई 2026 को ₹1917.15 के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया।वर्तमान स्थिति: हालांकि, रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद शेयरों में थोड़ी प्रॉफिट बुकिंग (मुनाफावसूली) देखी गई है और मौजूदा भाव अपने लाइफ-टाइम हाई से करीब 4% नीचे ट्रेड कर रहा है। ऐसे में सोमवार को होने वाली हलचल इस शेयर को दोबारा नए रिकॉर्ड की तरफ ले जा सकती है।
यस बैंक से आई बड़ी खबर: कर्मचारियों को बांटे 6,58,070 शेयर, खाते में आए ₹92 लाख से अधिक
प्राइवेट सेक्टर के दिग्गज यस बैंक (YES BANK) के निवेशकों और शेयर बाजार के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है। बैंक ने शेयर बाजार को दी गई अपनी नवीनतम रेगुलेटरी फाइलिंग में एक बड़ा अपडेट साझा किया है। यस बैंक ने अपनी विशेष स्टॉक ऑप्शन स्कीम के तहत लाखों नए इक्विटी शेयर आवंटित (Allot) किए हैं। इस बड़े फैसले के बाद बैंक की चुकता शेयर पूंजी (Paid-up Share Capital) में भी सीधे तौर पर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इस नई कॉरपोरेट अपडेट के बाद सोमवार को बाजार खुलते ही यस बैंक के शेयरों में अच्छी हलचल देखने को मिल सकती है। गौरतलब है कि बीते शुक्रवार को यस बैंक का शेयर 0.27% की मामूली गिरावट के साथ 25.4 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था।नॉमिनेशन एंड रेम्यूनेरेशन कमेटी ने दी मंजूरी, ₹2 की फेस वैल्यू पर जारी हुए शेयरयस बैंक द्वारा देश के दोनों प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज— बीएसई (BSE) और एनएसई (NSE) को दी गई आधिकारिक सूचना के अनुसार, बैंक की 'नॉमिनेशन एंड रेम्यूनेरेशन कमेटी' (Nomination & Remuneration Committee) ने 19 जून, 2026 को हुई बैठक में 6,58,070 इक्विटी शेयरों के नए आवंटन को अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है। ये सभी नए शेयर बैंक की विभिन्न कर्मचारी कल्याणकारी योजनाओं जैसे 'YBL ESOS 2020 Scheme' और 'YBL RSU Plan 2024' के तहत योग्य कर्मचारियों को जारी किए गए हैं। इन आवंटित किए गए नए शेयरों की फेस वैल्यू (Face Value) 2 रुपये प्रति शेयर तय की गई है।शेयरों के बदले बैंक के पास आए ₹92 लाख से अधिक, मजबूत हुई वित्तीय स्थितिइस बड़े शेयर आवंटन के माध्यम से यस बैंक ने कुल 92,18,221.30 रुपये (बानवे लाख अठारह हजार दो सौ इक्कीस रुपये और तीस पैसे) की अतिरिक्त पूंजी प्राप्त की है। यह पूरी राशि बैंक के कर्मचारियों द्वारा उनके स्टॉक ऑप्शंस (ESOP) का उपयोग करने के परिणामस्वरूप बैंक के खजाने में आई है। इस राशि के आने से बैंक की लिक्विडिटी और तात्कालिक वित्तीय स्थिति को और मजबूती मिलेगी।बैंक की पेड-अप कैपिटल में इजाफा, जानिए अब कितनी हुई कुल पूंजीनए शेयरों के सफल आवंटन के तुरंत बाद यस बैंक की कुल चुकता शेयर पूंजी (Paid-up Share Capital) का ग्राफ भी बढ़ गया है। इस आवंटन प्रक्रिया से पहले बैंक की कुल चुकता पूंजी 62,77,22,08,318 रुपये थी, जो कि अब नए शेयरों के जुड़ने के बाद बढ़कर कुल 62,77,35,24,458 रुपये के स्तर पर पहुंच गई है। चुकता पूंजी में यह बढ़ोतरी बैंक के लॉन्ग-टर्म इक्विटी बेस को और अधिक पारदर्शी बनाती है।आम निवेशकों के लिए क्या हैं इसके मायने? एक्सपर्ट्स ने दी अपनी रायशेयर बाजार के जानकारों के अनुसार, आमतौर पर जब भी कोई बैंक या लिस्टेड कंपनी अपने कर्मचारियों के लिए ईशॉप (ESOP - Employee Stock Option Plan) के तहत नए शेयर जारी करती है, तो इससे ओपन मार्केट में शेयरों की कुल संख्या में थोड़ी बढ़ोतरी (Equity Dilution) होती है। हालांकि, यस बैंक के मौजूदा मामले में अगर देखा जाए तो बैंक के शेयरों की कुल विशाल संख्या (3,138 करोड़ से अधिक) के मुकाबले यह 6.58 लाख शेयरों का नया आवंटन बेहद छोटा और नगण्य हिस्सा है। यही वजह है कि इसका यस बैंक के शेयर की कीमत पर कोई बड़ा नकारात्मक या तात्कालिक दबाव पड़ने की संभावना बेहद कम है, बल्कि यह बैंक के आंतरिक प्रबंधन और कर्मचारियों के भरोसे को सकारात्मक रूप से दर्शाता है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित वित्तीय धोखाधड़ी मामले की आरोपी नोहेरा शेख, हीरा ग्रुप ऑफ कंपनीज और उससे जुड़ी संस्थाओं की लगभग 159 करोड़ रुपए मूल्य की 23 अचल संपत्तियों की नीलामी कर दी है। एजेंसी ने शनिवार को कहा कि यह कदम देश भर में कथित तौर पर ठगे गए हजारों निवेशकों को उनका पैसा लौटाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
PM की पेट्रोल डीजल बचाने की अपील CM की रैली के लिए हुई धुंआ-धुंआ
आबूरोड। रुपया डॉलर के मुकाबले धड़ल्ले से गिर रहा है ऐसे में आयात बिल बढ़ने लगा है। विदेशी निवेशक देश के शेयर बाजार से पैसे निकाल रहे हैं। पेट्रोल और डीजल पर आयात निर्भरता के कारण ज्यादा डॉलर देने पड़ रहे हैं। विदेशी मुद्रा भंडार पड़ रहे दोहरे दबाव को कम करने के लिए प्रधानमंत्री […] The post PM की पेट्रोल डीजल बचाने की अपील CM की रैली के लिए हुई धुंआ-धुंआ appeared first on Sabguru News .
अमेरिका-ईरान शांति समझौते की उम्मीद से शेयर बाजार में खुशहाली
मुंबई, अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर बढ़ी उम्मीदों तथा ब्रेंट क्रूड की कीमतों में गिरावट के कारण निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ।
क्ले क्राफ्ट का आईपीओ 96 गुना सब्सक्राइब हुआ
क्ले क्राफ्ट इंडिया लिमिटेड के 110.11 करोड़ रुपए के आईपीओ को करीब 96 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है। कंपनी के अनुसार, संस्थागत निवेशकों से 119 गुना, गैर-संस्थागत से 155 गुना और रिटेल निवेशकों से 72 गुना सब्सक्राइब मिला। आईपीओ से जुटाई गई राशि का उपयोग कंपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने आैर अत्याधुनिक मशीनों की खरीद के लिए करेगी। इससे कंपनी की उत्पादन क्षमता में करीब 4,000 मीट्रिक टन प्रति वर्ष की वृद्धि होगी, जो अभी सालाना लगभग 6,000 मीट्रिक टन है। कंपनी के पास 5,770 से अधिक उत्पादों की शृंखला, 130 से ज्यादा वितरकों का नेटवर्क और 1,390 से अधिक कर्मचारियों की टीम है। यह क्राकरी और टेबलवेयर उत्पादों का निर्माण कर रही है। कंपनी के शेयर 24 जून को एनएसई इमर्ज पर सूचीबद्ध होंगे।
दुर्ग जिले में निवेश के नाम पर 40 लाख रुपए की ठगी करने वाले पति-पत्नी को जामुल थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह दंपती 29 दिनों से फरार था। आरोपियों ने एक महिला से 25 लाख रुपए ठगे और उसकी सहेली के 15 लाख रुपए के सोने के गहने भी गिरवी रख दिए। मामले में अभी कई अन्य निवेशकों के पैसे फंसे होने की बात भी सामने आ रही है। पुलिस के अनुसार, आरोपी पवन हरिहर सिंह और उसकी पत्नी पिंकी सिंह ने प्रार्थिया फातिमा अहमद उर्फ स्वाती से संपर्क किया। उन्होंने खुद को फाइनेंशियल कंसलटेंट बताया और वेस्टिज कंपनी में निवेश पर कम समय में अच्छे लाभ का वादा किया। शुरुआती निवेश पर लाभ मिलने से फातिमा का विश्वास बढ़ गया। इसके बाद उन्होंने और अधिक रकम निवेश की। इसी भरोसे का फायदा उठाकर दंपती ने उनसे लगभग 25 लाख रुपए ठग लिए। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने फातिमा की सहेली रजनी बारसकर को भी झांसे में लिया। उन्होंने निवेश और वित्तीय व्यवस्था के नाम पर रजनी से सोने के आभूषण लिए। इन गहनों को भिलाई के पावर हाउस चौक स्थित IIFL गोल्ड फाइनेंस में अपने नाम पर गिरवी रखकर करीब 15 लाख रुपए प्राप्त किए गए। जब निवेशकों ने अपने पैसे और गहनों की जानकारी मांगी, तो आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी। कुछ समय बाद वे दोनों अचानक फरार हो गए। धोखाधड़ी का एहसास होने पर फातिमा अहमद उर्फ स्वाती ने 21 मई 2026 को जामुल थाना में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अपराध क्रमांक 345/2026 दर्ज कर धारा 318(4) और 3(5) बीएनएस के तहत जांच शुरू की। प्रकरण दर्ज होने के बाद से ही आरोपी लगातार पुलिस से बचने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस टीम उनकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी और तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे थे। मुखबिर की सूचना से टूटा फरारी का खेल करीब 29 दिन की तलाश के बाद पुलिस को मुखबिर से महत्वपूर्ण सूचना मिली। इसके आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर पवन हरिहर सिंह और पिंकी सिंह को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों ने धोखाधड़ी की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने 19 जून 2026 को दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। कई और निवेशकों के फंसे हैं पैसे जांच के दौरान यह भी जानकारी सामने आई है कि दंपती के झांसे में आने वाले लोगों की संख्या सिर्फ एक-दो नहीं है। पुलिस सूत्रों के अनुसार कई अन्य लोगों ने भी निवेश के नाम पर रकम फंसने की शिकायत की है। ऐसे में जांच का दायरा बढ़ सकता है और धोखाधड़ी की कुल राशि भी बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। दस्तावेज और साक्ष्य जब्त पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से धोखाधड़ी से संबंधित दस्तावेज, गिरवी रखे गए सोने के आभूषणों के रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त किए हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर लेन-देन और निवेश से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। क्या है पूरा मामला पुलिस के अनुसार आरोपियों का उद्देश्य ट्रेडिंग और निवेश में अधिक लाभ दिलाने का झांसा देकर लोगों का विश्वास जीतना और फिर आर्थिक फायदा उठाना था। शुरुआती लाभ दिखाकर उन्होंने निवेशकों को बड़ी रकम लगाने के लिए प्रेरित किया। जब रकम और गहने उनके कब्जे में आ गए तो उन्होंने धोखाधड़ी को अंजाम देकर फरारी काट ली। हालांकि 29 दिन बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा कर दिया।
भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का दौर, आईटी शेयरो में जारी रही बिकवाली
मुंबई, भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार के कारोबारी सत्र में लाल निशान में बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 607.08 अंक या 0.78 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 76,802.90 और निफ्टी 154.90 अंक या 0.64 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,013.10 पर था।
Share Bazaar में भारी गिरावट, Sensex 607 अंक लुढ़का, Nifty भी टूटा, IT शेयरों में बिकवाली का दिखा असर
Share Market Update News : भारतीय शेयर बाजार में आज बड़ी गिरावट आई। इसकी सबसे बड़ी वजह आईटी शेयरों में भारी बिकवाली रही। देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस का शेयर 7 प्रतिशत लुढ़क गया। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 607.08 अंक यानी 0.78 प्रतिशत लुढ़ककर 76802.90 पर आ गया, वहीं एनएसई का निफ्टी 154.90 अंक यानी 0.64 प्रतिशत टूटकर 24013.10 पर बंद हुआ। सेंसेक्स में सबसे ज्यादा नुकसान इंफोसिस को हुआ। इंफोसिस के शेयर में 9 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके बाद टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा में गिरावट आई। भारतीय शेयर बाजार में आज बड़ी गिरावट आई। इसकी सबसे बड़ी वजह आईटी शेयरों में भारी बिकवाली रही। देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस का शेयर 7 प्रतिशत लुढ़क गया। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 607.08 अंक यानी 0.78 प्रतिशत लुढ़ककर 76802.90 पर आ गया, वहीं एनएसई का निफ्टी 154.90 अंक यानी 0.64 प्रतिशत टूटकर 24013.10 पर बंद हुआ। ALSO READ: Share Bazaar में लगातार 5वें दिन तेजी, Sensex 77400 के पार, Nifty में भी जबरदस्त उछाल सेंसेक्स में सबसे ज्यादा नुकसान इंफोसिस को हुआ। इंफोसिस के शेयर में 9 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके बाद टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा में गिरावट आई। इसके अलावा रियल्टी, ऑटो और ऑयल एंड गैस सेक्टर भी दबाव में रहे। इस गिरावट से कंपनी के मार्केट कैप में 40000 करोड़ रुपए की गिरावट आई। बीएसई पर यह पिछले सत्र में 1,127.25 रुपए पर बंद हुआ था और आज 1,063.05 रुपए पर खुला। इस गिरावट से कंपनी का मार्केट कैप 3,63,500.47 करोड़ रुपए रह गया। दूसरी तरफ हेल्थकेयर, फार्मा, इंडिया डिफेंस, एनर्जी, इन्फ्रा, मीडिया, मेटल और कंजप्शन हरे निशान में बंद हुए। ALSO READ: लगातार चौथे दिन Share Bazaar में उछाल, Sensex 77000 के पार, Nifty में भी जोरदार तेजी इससे पहले यानी गुरुवार को मजबूत खरीदारी के दम पर भारतीय शेयर बाजार ने शुरुआती दबाव को पछाड़ते हुए लगातार 5वें दिन बढ़त का सिलसिला कायम रखा। टेक्सटाइल सेक्टर में भी जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली। इसकी वजह भारत और ब्रिटेन के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट यानी FTA रहा, जो 15 जुलाई 2026 से लागू होने जा रहा है। कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 254.36 अंक (0.33 फीसदी) की शानदार बढ़त के साथ 77409.98 के ऐतिहासिक स्तर पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 82.30 अंक (0.34 फीसदी) उछलकर 24168.00 के पार निकल गया, जो निवेशकों के मजबूत भरोसे को दर्शाता है। Edited By : Chetan Gour
जियो आईपीओ का इंतजार खत्म, 27 करोड़ शेयरों तक का फ्रेश इश्यू लाएगी कंपनी
जियो प्लेटफॉर्म्स के बोर्ड ने आईपीओ दस्तावेज को मंजूरी दी सेबी, बीएसई और एनएसई के पास दाखिल होगा ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस देश के सबसे चर्चित IPO में से एक माने जा रहे जियो प्लेटफ़ॉर्म्स के सार्वजनिक निर्गम की औपचारिक प्रक्रिया शुरू हो गई है। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने स्टॉक एक्सचेंजों को दी जानकारी में बताया कि जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के बोर्ड ने 27 करोड़ इक्विटी शेयरों तक के फ्रेश इश्यू को मंजूरी दी है। इन शेयरों की फेस वैल्यू 10 रुपये प्रति शेयर होगी। इश्यू प्राइस बुक बिल्डिंग प्रक्रिया के जरिए तय किया जाएगा। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की 49वीं वार्षिक आम बैठक में चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश डी. अंबानी ने बताया कि जियो प्लेटफॉर्म्स के बोर्ड ने ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस को मंजूरी दे दी है और इसे आज सेबी के पास दाखिल किया जाएगा। कंपनी ने बीएसई और एनएसई को दी सूचना में भी कहा है कि यह आईपीओ आवश्यक नियामकीय मंजूरियों के अधीन रहेगा। एजीएम में मुकेश अंबानी ने इसे रिलायंस परिवार और उसके लाखों शेयरधारकों के लिए भावनात्मक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि रिलायंस और उसके शेयरधारकों का संबंध गर्व, विश्वास, सम्मान और साझा विकास पर आधारित एक गहरा और पवित्र रिश्ता है। मुकेश अंबानी ने कहा कि जियो की प्रस्तावित लिस्टिंग दुनिया को यह दिखाएगी कि भारत वैश्विक स्तर, वैश्विक क्षमता और वैश्विक मूल्य वाली टेक्नोलॉजी कंपनियां बना सकता है। मैं आपको और सभी संभावित नए निवेशकों को आश्वस्त करता हूं कि जियो का भविष्य और भी उज्ज्वल है। उन्होंने यह भी कहा कि इस वर्ष वैल्यू क्रिएशन का सबसे महत्वपूर्ण मील का पत्थर जियो का निकट भविष्य में आने वाला आईपीओ है। उनके अनुसार, यह रिलायंस शेयरधारकों के लिए बड़ा वैल्यू अनलॉक करेगा और नए निवेशकों के लिए आकर्षक निवेश अवसर पेश करेगा। जियो ने पिछले दस वर्षों में भारत के डिजिटल परिदृश्य को बदलने में निर्णायक भूमिका निभाई है। मुकेश अंबानी ने कहा कि जियो ने जब अपनी यात्रा शुरू की उस समय वॉइस महंगी थी, डेटा महंगा था और स्पीड कमजोर थी। जियो ने वॉइस को मुफ्त और हाई-स्पीड डेटा को किफायती बनाया, आज जियो का यूजर बेस 52.4 करोड़ को पार कर चुका है। कंपनी का 5जी सब्सक्राइबर बेस 26.8 करोड़ से अधिक है, जो चीन के बाहर किसी एक देश के ऑपरेटर के लिए सबसे बड़ा है। जियोएयरफाइबर भी 1.3 करोड़ कनेक्टेड होम्स तक पहुंच गया है और जियो दुनिया का सबसे बड़ा फिक्स्ड वायरलेस ब्रॉडबैंड ऑपरेटर बन गया है। जियो की अगली ग्रोथ यात्रा पांच प्रतिबद्धताओं पर आधारित होगी। इनमें जियो ट्रू 5जी को भारत की अगली डिजिटल छलांग की नींव बनाना, जियोएयरफाइबर के जरिए हाई-स्पीड होम ब्रॉडबैंड को देश के हर हिस्से तक पहुंचाना, भारतीय उद्यमों और छोटे कारोबारों को डिजिटल बनाना, हर जगह और हर व्यक्ति तक एआई पहुंचाना और भारत की टेक्नोलॉजी को दुनिया तक ले जाना शामिल है। जियो आईपीओ की औपचारिक प्रक्रिया शुरू होना केवल एक लिस्टिंग इवेंट नहीं है। यह भारत की टेक्नोलॉजी क्षमता, रिलायंस शेयरधारकों के वैल्यू अनलॉक और जियो की अगली ग्रोथ यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है।
भारतीय शेयर बाजार में आयी गिरावट, लाल निशान में खुला बाजार
मुंबई, सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार अपने लगातार पांच सत्रों की तेजी खोकर गिरावट के साथ लाल निशान में खुला।
एक्सेंचर के कमजोर अनुमान से आईटी शेयरों में बड़ी गिरावट, निफ्टी आईटी 6 प्रतिशत से ज्यादा टूटा
ग्लोबल टेक्नोलॉजी सर्विसेज कंपनी एक्सेंचर द्वारा अपने राजस्व वृद्धि (रेवेन्यू ग्रोथ) अनुमान में कटौती करने और मांग के कमजोर रहने के संकेत देने के बाद शुक्रवार को आईटी शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली। इसके चलते निफ्टी आईटी इंडेक्स 6 प्रतिशत से अधिक टूट गया और वैश्विक तकनीकी खर्च में सुधार की रफ्तार को लेकर निवेशकों की चिंताएं फिर बढ़ गईं।
आईटी सेक्टर में भारी बिकवाली से सेंसेक्स 800 अंक लुढ़का
मुंबई। आईटी सेक्टर की कंपनियों में भारी बिकवाली के दबाव में शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में बीएसई का सेंसेक्स 800 अंक गिर गया। लगातार पांच दिन की तेजी के बाद सेंसेक्स 557.12 अंक टूटकर 76,852.86 अंक पर खुला। आईटी कंपनियों में बिकवाली से इसकी गिरावट और बढ़ी। खबर लिखे जाते समय यह 811.19 अंक (1.05 […] The post आईटी सेक्टर में भारी बिकवाली से सेंसेक्स 800 अंक लुढ़का appeared first on Sabguru News .
साइबर ठगों ने एक कंपनी के कर्मचारी से 17 लाख रुपये की ठगी कर ली। उन्होंने क्रिप्टो करेंसी में निवेश करने पर मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर जाल में फंसाया। ठगों ने पिछले साल पीड़ित के वाट्सऐप नंबर एक एसएमएस भेजा। इसके बाद ग्रुप पर जोड़कर धीरे-धीरे करके रकम ट्रांसफर करा ली। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित स्टेलर जीवन सोसाइटी निवासी जसविंदर सिंह ने पुलिस को बताया कि वह एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं। वह शेयर बाजार में निवेश करने में भी रुचि रखते हैं। पिछले साल 23 जून को उनके वाट्सऐप पर एक मैसेज आया। भेजने वाले का दावा था कि क्रिप्टो करेंसी में निवेश करने पर वह मोटा मुनाफा दिला सकता है। उन्होंने निवेश करने पर रुचि जताई तो आरोपियों ने उन्हें एक ग्रुप पर जोड़ दिया। 200 से ज्यादा लोग पहले से जुड़े थेग्रुप में 200 से अधिक लोग जुड़े हुए थे। जालसाजों की टीम ग्रुप में निवेश करने के टिप्स दे रही थी। ग्रुप में जुड़े लोग रकम निवेश करने और मुनाफा मिलने की जानकारी के स्क्रीन शॉट साझा कर रहे थे। जालसाजों ने उन्हें निवेश करने पर कम से कम समय में तीन गुना तक मुनाफा दिलाने का दावा किया। इसके बाद ठगों ने उन्हें वेबसाइट पर पंजीकरण कराया और निवेश कराना शुरू कर दिया। शुरुआत में किए निवेश पर उन्हें लाभ हुआ। धीरे-धीरे कर ट्रांसफर किए 17 लाखइसके बाद वह धीरे-धीरे करके रकम जालसाजों द्वारा बताए बैंक खातों में ट्रांसफर करते चले गए। 20 अगस्त तक उन्होंने करीब 17 लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर किए। वेबसाइट पर निवेश की गई रकम से कई गुना अधिक दिखाई दे रही थी। जब उन्होंने रुपये निकालने के लिए कहा तो जालसाजों ने विभिन्न प्रकार के कर जमा करने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। उनको ग्रुप से बाहर कर दिया।
दो वर्षों में बदली ओडिशा की तस्वीर: मोहन चरण माझी सरकार का विकास, सुशासन और निवेश मॉडल
जून 2024 में जब ओडिशा की जनता ने राज्य में पहली बार भारतीय जनता पार्टी को पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता सौंपी, तब यह केवल राजनीतिक परिवर्तन नहीं था, बल्कि विकास और सुशासन की नई अपेक्षाओं का जनादेश भी था।
अमेरिकी फेड के फैसले के बाद भारतीय शेयर बाजार की फ्लैट शुरुआत, सेंसेक्स-निफ्टी में मामूली गिरावट
अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा सख्त रुख अपनाने के बाद वैश्विक शेयर बाजारों में गिरावट के बीच भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार के सत्र में कारोबार की शुरुआत फ्लैट की। इस दौरान निफ्टी50 और सेंसेक्स में मामूली गिरावट दर्ज की गई।
नारनौल में निवेश के नाम पर ₹3.69 लाख हड़पे:टेलीग्राम पर फंसाया, पहले 1450 रुपए लौटाकर जीता विश्वास
हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है। गांव खोर निवासी एक युवक से टेलीग्राम के माध्यम से निवेश और ऑनलाइन टास्क के नाम पर 3.69 लाख रुपए की ठगी कर ली गई। पीड़ित की शिकायत पर साइबर अपराध थाना नारनौल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गांव खोर निवासी सुनील पुत्र महेंद्र सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह वर्तमान में नीमराना स्थित जय मां भवानी ट्रांसपोर्ट कंपनी में कार्यरत है। 24 अप्रैल 2026 को उसकी टेलीग्राम आईडी पर एक अज्ञात आईडी से संदेश आया। संदेश भेजने वाली महिला ने अपना नाम आशा बताया और छोटे-छोटे ऑनलाइन टास्क पूरा कर मुनाफा कमाने का लालच दिया। कई बार जमा कराए रुपए शिकायतकर्ता के अनुसार उसने 25 अप्रैल को बताए गए यूपीआई खाते में 1,000 रुपए ट्रांसफर किए। इसके बदले उसे 1,450 रुपए वापस मिले, जिससे उसका भरोसा बढ़ गया। बाद में उसे एक अन्य टेलीग्राम आईडी से जोड़ा गया, जहां उससे पहले 2,000 और फिर 12,000 रुपए निवेश करवाए गए। इसके बाद आरोपियों ने उसका कथित मुनाफा रोक लिया और अधिक राशि जमा कराने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। आखिरी बार मांगे 22400 सुनील ने बताया कि बाद में उसे एक अन्य व्यक्ति से जोड़ा गया, जिसने स्वयं को मैनेजर बताते हुए अधिक लाभ का लालच दिया। आरोपियों के कहने पर उसने अलग-अलग किस्तों में पैसे ट्रांसफर किए। 13 मई को उसने अंतिम बार 22,400 रुपए भेजे, लेकिन इसके बाद भी उससे लगातार और पैसे मांगे जाते रहे। भाई के खाते से भेजे रुपए पीड़ित के अनुसार उसने अपने एसबीआई और यूको बैंक खातों के अलावा अपने भाई के बैंक खाते से भी रकम ट्रांसफर की। इस तरह कुल 3 लाख 69 हजार रुपए आरोपियों के खातों में भेज दिए गए। ठगी का एहसास होने पर उसने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई।
उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में राजधानी लखनऊ की भूमिका लगातार मजबूत होती जा रही है। जनपद की अर्थव्यवस्था 1.68 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है और प्रदेश की कुल जीडीपी में इसका योगदान 5.56 प्रतिशत है। प्रदेश की जीडीपी में 5.56% हिस्सेदारी के साथ लखनऊ वर्तमान में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में चौथे स्थान पर माना जा रहा है और सेवा क्षेत्र इसकी सबसे बड़ी ताकत है। लखनऊ क्यों है टॉप-5 में? लखनऊ की 1.68 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से सेवा क्षेत्र पर आधारित है। इसकी सेक्टरवार हिस्सेदारी इस प्रकार है।• सेवा क्षेत्र : 62.76%• औद्योगिक क्षेत्र : 30.14%• कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र : 7.10% लखनऊ की जीडीपी बढ़ाने वाले प्रमुख सेक्टर1. स्वास्थ्य सेवाएं (केजीएमयू, एसजीपीजीआई, निजी अस्पताल)2. शिक्षा और रिसर्च संस्थान3. आईटी एवं सेवा क्षेत्र4. रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर5. उद्योग, एमएसएमई और निवेश सेवा क्षेत्र के दम पर आगे बढ़ रही राजधानी की अर्थव्यवस्था वर्ष 2024-25 के आंकड़ों के अनुसार लखनऊ की अर्थव्यवस्था में सबसे बड़ा योगदान सेवा क्षेत्र का है। कुल जीडीपी में सेवा क्षेत्र की हिस्सेदारी 62.76 प्रतिशत है। शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग, सूचना प्रौद्योगिकी, रियल एस्टेट, होटल और पर्यटन जैसी गतिविधियां राजधानी की आर्थिक ताकत बनी हुई हैं। राजधानी होने के कारण सरकारी और निजी संस्थानों की बड़ी मौजूदगी भी इस क्षेत्र को मजबूती दे रही है।इसके बाद औद्योगिक क्षेत्र 30.14 प्रतिशत योगदान के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों की हिस्सेदारी 7.10 प्रतिशत है। टॉप-5 सेक्टर लखनऊ की अर्थव्यवस्था को दे रहे गति लखनऊ की जीडीपी को गति देने में सेवा क्षेत्र सबसे बड़ा योगदानकर्ता है। इसके अलावा औद्योगिक और विनिर्माण क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहे हैं। कृषि और उससे जुड़े व्यवसाय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहे हैं। निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा दे रही हैं, जबकि परिवहन और लॉजिस्टिक्स सेक्टर राजधानी को उत्तर भारत के महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी केंद्र के रूप में स्थापित कर रहे हैं।स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा संस्थानों, आईटी और डिजिटल सेवाओं, फार्मा उद्योग, एमएसएमई इकाइयों और रियल एस्टेट क्षेत्र में लगातार बढ़ रही गतिविधियां भी आर्थिक विकास के प्रमुख आधार बनकर उभरी हैं। 58,300 करोड़ के निवेश प्रस्तावों से मिलेगी नई रफ्तार ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के तहत लखनऊ में 58,300 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें से लगभग 28,900 करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर उतर चुका है। इससे करीब 37,500 रोजगार सृजित होने की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा 16 औद्योगिक इकाइयां वाणिज्यिक संचालन शुरू कर चुकी हैं, जिससे औद्योगिक गतिविधियों को और बल मिलेगा। कृषि, एफपीओ और आधुनिक तकनीक पर फोकस कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए 54 किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) गठित किए जा चुके हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से 2.70 लाख से अधिक किसान लाभान्वित हो रहे हैं। सरकार मिलेट्स उत्पादन, वैज्ञानिक खेती, डेयरी, पशुपालन और मत्स्य पालन को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी से बढ़ेगी आर्थिक ताकत कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे, आउटर रिंग रोड, एयरपोर्ट विस्तार, मेट्रो और सड़क परियोजनाओं से राजधानी की कनेक्टिविटी मजबूत हो रही है। जल जीवन मिशन, शहरी विकास और आधारभूत ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं के पूरा होने से आर्थिक गतिविधियों को और गति मिलने की उम्मीद है। आईटी , हेल्थ और एजुकेशन हब के रूप में विकसित करने की तैयारी सरकार की योजना लखनऊ को मेडिकल, एजुकेशन और आईटी सेक्टर के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की है। निवेशकों को बेहतर माहौल उपलब्ध कराने, नई औद्योगिक इकाइयों को बढ़ावा देने और डिजिटल सेवाओं का विस्तार करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। साथ ही स्मार्ट सिटी और सेफ सिटी परियोजनाओं के माध्यम से कानून व्यवस्था और शहरी सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था में राजधानी से बड़ी उम्मीदें वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री और लखनऊ के प्रभारी मंत्री सुरेश कुमार खन्ना का मानना है कि प्रदेश की वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने में राजधानी की भूमिका निर्णायक होगी। कृषि, उद्योग, निवेश और सेवा क्षेत्र में संतुलित विकास के जरिए लखनऊ को प्रदेश की आर्थिक राजधानी के रूप में स्थापित करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। आने वाले वर्षों में राजधानी का योगदान और बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। आगे क्या है योजना?58,300 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों, आईटी सिटी, डिफेंस कॉरिडोर, एक्सप्रेस-वे, एयरपोर्ट विस्तार, मेट्रो और औद्योगिक परियोजनाओं के जरिए लखनऊ को प्रदेश की वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बनाने की तैयारी की जा रही है।
शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक कर रहे सपाट कारोबार
मुंबई, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और अमेरिका-ईरान शांति समझौते को लेकर आशावाद के कारण घरेलू शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक सपाट कारोबार करते दिखाई दिए।
जग्गाखेड़ी में 8 नए औद्योगिक प्लॉटों की ई-बिडिंग शुरू:निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद
मंदसौर के जग्गाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र में निवेश और औद्योगिक विस्तार के नए अवसर खुले हैं। मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) ने यहां आठ नए औद्योगिक प्लॉटों के लिए ई-बिडिंग प्रक्रिया शुरू की है। पूर्व में सभी भूखंड आवंटित हो चुके थे, जिसके बाद नए निवेशकों की मांग पर अनुपयोगी भूमि को विकसित कर ये प्लॉट तैयार किए गए हैं। जग्गाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र के फेज-1 में जारी इन आठ प्लॉटों में दो भूखंड 1469.77 वर्गमीटर और छह भूखंड 1153.74 वर्गमीटर क्षेत्रफल के हैं। इन पर लघु एवं मध्यम स्तर के उद्योग स्थापित किए जा सकेंगे। निवेशकों ने इन नए भूखंडों में रुचि दिखाई है, जिससे औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है। एमपीआईडीसी ने प्रदेशभर में कुल 213 औद्योगिक प्लॉटों के आवंटन के लिए ई-बिडिंग प्रक्रिया शुरू की है, जिसमें मंदसौर का जग्गाखेड़ी क्षेत्र भी शामिल है। उद्योग जगत में इस पहल को लेकर उत्साह है। उम्मीद है कि इससे नए निवेश के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। जग्गाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र में बेहतर सड़क नेटवर्क, बिजली, पानी और अन्य आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। इन्हीं सुविधाओं के कारण निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ रही है। नए भूखंडों की उपलब्धता को उद्यमियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है, जिससे मंदसौर की औद्योगिक पहचान और मजबूत होगी। जग्गाखेड़ी अब मंदसौर के औद्योगिक विकास का एक प्रमुख केंद्र बन गया है। कृषि प्रधान जिले के रूप में अपनी पहचान रखने वाला मंदसौर अब उद्योग और निवेश के क्षेत्र में भी तेजी से प्रगति कर रहा है। फेज-1 में विकसित किए गए कुल 136 औद्योगिक प्लॉट पहले ही आवंटित हो चुके हैं। वर्तमान में यहां 78 इकाइयां कार्यरत हैं, जिनसे लगभग 700 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है। वहीं फेज-2 का विकास कार्य भी जारी है, जहां 219 नए औद्योगिक प्लॉट विकसित किए जा रहे हैं। ऐसे में फेज-1 में नए भूखंडों की उपलब्धता ने निवेशकों का उत्साह बढ़ा दिया है और इनके लिए प्रतिस्पर्धात्मक बिडिंग की संभावना जताई जा रही है। छोटे जिलों में औद्योगिकीकरण को मिल रही गति प्रदेश सरकार की औद्योगिक नीति का प्रभाव अब छोटे और मध्यम शहरों में भी दिखाई देने लगा है। मंदसौर, विदिशा, मंडला, कटनी सहित कई जिलों में उद्योगों के लिए बेहतर माहौल तैयार किया जा रहा है। उद्योग-अनुकूल नीतियों और निवेश प्रोत्साहन प्रयासों के चलते छोटे जिलों में भी निवेशकों की रुचि बढ़ रही है। एमपीआईडीसी के कार्यकारी संचालक राजेश राठौड़ के अनुसार मध्यप्रदेश निवेशकों की पसंदीदा औद्योगिक गंतव्य के रूप में उभर रहा है। प्रदेश के सभी क्षेत्रों में संतुलित औद्योगिक विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है और जग्गाखेड़ी में नए औद्योगिक भूखंडों की उपलब्धता इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे निवेश, रोजगार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
मोहन मोहन सरकार की दूसरी ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट (जीआईएस-2027) भी भोपाल में होगी। जनवरी 2027 में प्रस्तावित इस निवेश महाकुंभ की तैयारियां उद्योग विभाग ने शुरू कर दी हैं। शुभारंभ के लिए पीएम नरेंद्र मोदी को बुलाने की तैयारियां की जा रही हैं। आयोजन स्थल के लिए लाल परेड ग्राउंड, ज्यूडिशियल एकेडमी के पास नीलबड़-रातीबड़ क्षेत्र और राष्ट्रीय मानव संग्रहालय की पुरानी जगह का निरीक्षण किया गया है। अंतिम चयन आमंत्रित उद्योगपतियों और निवेशकों की संभावित संख्या के आधार पर होगा। पिछली जीआईएस के दौरान सामने आई कमियों को दूर करने पर विशेष फोकस किया जा रहा है। हाल ही में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव दीपाली रस्तोगी ने तकनीकी व्यवधान और ध्वनि संबंधी समस्याओं का मुद्दा उठाया था। आयोजन को अधिक व्यवस्थित बनाने की तैयारी है। निवेश आकर्षित करने की दिशा में एमपीआईडीसी कोलार रोड स्थित सतगढ़ी के पास 172 एकड़ में नया मल्टी-प्रोडक्ट औद्योगिक क्षेत्र विकसित कर रहा है। यहां टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग और रेडीमेड गारमेंट्स से जुड़ी इकाइयों को बढ़ावा दिया जाएगा। ऐसे होगी अलग जीआईएस... दायरा बढ़ेगा, नए देशों, नए सेक्टरों पर जोर 1. अंतरराष्ट्रीय भागीदारी बढ़ाई जाएगी। इसीलिए इंडो लेटिन और इंडो-फ्रेंड्स मीट की जा रही है। इनके साथ अलग से मीट होगी। 2. अपकमिंग सेक्टर और सेमीकंडक्टर जैसे ऐसे क्षेत्र जिसमें निवेश शून्य है, होमवर्क किया जा रहा है। मप्र के ईको-सिस्टम को एक्सप्लोर किया जाएगा। 3. सीआईआई की तरह दूसरे इंडस्ट्रीयल चेंबर्स एंड कॉमर्स को भी इस बार बुलाएंगे। अलग से चर्चा रखी जाएगी। इससे समिट का दायरा बढ़ेगा। पिछली जीआईएस में 30.77 लाख करोड़ के प्रस्ताव, अब लक्ष्य और बड़ा भोपाल में आयोजित ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट (जीआईएस)-2025 में प्रदेश को 30.77 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले थे। इस आंकड़े में रीजनल इनवेस्टर्स समिट के दौरान प्राप्त प्रस्ताव भी शामिल थे। सबसे बड़ा प्रस्ताव अडाणी समूह का 1.10 लाख करोड़ रुपए का था। उद्योग विभाग को उम्मीद है कि जीआईएस-2027 में निवेश प्रस्तावों का आंकड़ा पिछली बार से अधिक रहेगा।
सीतारमण का बड़ा बयान: विदेशी निवेश बढ़ने के लिए सरकार की नयी तैयारी
नई दिल्ली, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि सरकार देश में अधिक विदेशी पूंजी आकर्षित करने के लिए आगे भी कई कदम उठाएगी और बॉन्ड मार्केट के लिए हाल में घोषित उपाय इस दिशा में सिर्फ शुरुआत हैं।
निवेश की दुनिया में अक्सर लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि आखिर में अपनी गाढ़ी कमाई से बमुश्किल की जाने वाली बचत का रुपया-पैसा कहाँ लगाएं, जहां पर वह डूबे नहीं, बल्कि सुरक्षित भी रहे। ऐसे में आप अपना रुपया-पैसा पीपीएफ (Public Provident Fund) में लगाएं या एमएफ (Mutual Fund) में। क्योंकि सच यह है कि दोनों का उद्देश्य अलग-अलग है और सही समय पर सही विकल्प चुनना ही आपके लिए अधिक महत्वपूर्ण है। इसलिए आइए आज आपको बताते हैं कि कब पीपीएफ में निवेश करें और कब एमएफ में। पहले हम बात करते हैं कि पीपीएफ (PPF) में निवेश कब न करें? आपके लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि Public Provident Fund (PPF) उन लोगों के लिए बेहतर है जो अपनी पूंजी की सुरक्षा चाहते हैं। साथ ही एक निश्चित और जोखिम-मुक्त रिटर्न पसंद करते हैं। इसके अलावा, टैक्स भी बचाना चाहते हैं। और तो और, 15 वर्ष या उससे अधिक की लंबी अवधि के लिए निवेश कर सकते हैं। चूंकि इसका महत्वपूर्ण फंडा यह है कि PPF में हर महीने की 5 तारीख से पहले पैसा जमा करने पर उस महीने का ब्याज भी मिलता है। इसलिए यदि आप मासिक निवेश करते हैं तो 1 से 5 तारीख के बीच जमा करना अधिक फायदेमंद माना जाता है। इसे भी पढ़ें: FIR कराना हो जाएगा आसान, जब जानेंगे 2026 के कानून अब हम बात करते हैं कि Mutual Fund (MF) में कब निवेश करें? तो यह गांठ बांध लीजिए कि Mutual Fund उन निवेशकों के लिए बेहतर है जो महंगाई को मात देने वाला रिटर्न चाहते हैं। साथ ही लंबी अवधि (10-15 वर्ष या अधिक) के लिए निवेश कर सकते हैं। इसके अलावा, कुछ उतार-चढ़ाव (रिस्क) सहन कर सकते हैं। और तो और संपत्ति निर्माण (Wealth Creation) का लक्ष्य रखते हैं। चूंकि इसका महत्वपूर्ण फंडा यह है कि Mutual Fund में सही समय पकड़ने की बजाय SIP (Systematic Investment Plan) के जरिए नियमित निवेश करना अधिक प्रभावी माना जाता है। जो कि बाजार ऊपर हो या नीचे, SIP लागत को औसत कर देती है। सवाल है कि किसे चुनें? आपके निवेशक का लक्ष्य क्या है? आपके पास बेहतर विकल्प क्या है? आपकी पूंजी सुरक्षा कितनी है। चूंकि पीपीएफ से टैक्स बचत होती है, रिटायरमेंट के लिए सुरक्षित फंड रहता है और लंबी अवधि में अधिक रिटर्न रिटर्न मिलता है। जबकि म्युचुअल फंड धन सृजन (Wealth Creation) के लिए अच्छा है, बशर्ते कि आप संतुलित रणनीति अपनाएं। जहां तक PPF और Mutual Fund में सबसे असरदार रणनीति की बात है तो वित्तीय विशेषज्ञ अक्सर सलाह देते हैं कि निवेशक दोनों का संयोजन रखें। एक ओर सुरक्षा और टैक्स लाभ के लिए PPF अच्छा है तो संपत्ति निर्माण और महंगाई से आगे निकलने के लिए Equity Mutual Fund SIP बेहतर है। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई व्यक्ति हर महीने ₹10,000 निवेश करना चाहता है, तो वह ₹3,000–₹4,000 PPF में और शेष राशि अच्छे इक्विटी म्यूचुअल फंड की SIP में लगा सकता है। इससे सुरक्षा और वृद्धि दोनों का लाभ मिल सकता है। निष्कर्षतः यह कहा जा सकता है कि यदि आपका लक्ष्य पूंजी की सुरक्षा है तो PPF बेहतर है। और यदि आपका लक्ष्य लंबी अवधि में बड़ा धन बनाना है तो Mutual Fund अधिक उपयुक्त हो सकता है। वहीं, दोनों का संतुलित मिश्रण अधिकांश निवेशकों के लिए व्यावहारिक और प्रभावी रणनीति साबित हो सकता है। हाँ, यहां पर यह सदैव ध्यान रखें कि Mutual Fund बाजार जोखिमों के अधीन हैं, जबकि PPF अपेक्षाकृत सुरक्षित सरकारी योजना है। लिहाजा, निवेश का निर्णय अपनी आयु, लक्ष्य, जोखिम क्षमता और समयावधि को ध्यान में रखकर करें। - कमलेश पांडेय वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार
गुरुग्राम में गोल्फ कोर्स रोड पर डीएलएफ अंडर कंस्ट्रक्शन सुपर-लग्जरी प्रोजेक्ट ‘द डहलियाज’ में शेयर बाजार के दिग्गज निवेशक मधुसूदन केला ने ₹121 करोड़ का एक आलीशान फ्लैट खरीदा है। यह सौदा करीब ₹1.93 लाख प्रति वर्ग फुट की रिकॉर्ड दर पर हुआ है, जो देश के सबसे महंगे अपार्टमेंट सौदों में से एक है। यह गुरुग्राम में भी दूसरी सबसे बड़ी डील है। 'द डहलियाज' प्रोजेक्ट इस समय देश के अमीर उद्योगपतियों और मशहूर हस्तियों की पहली पसंद बना हुआ है। इससे पहले अक्टूबर 2025 में, दिल्ली-एनसीआर के एक नामी कारोबारी ने इसी प्रोजेक्ट में ₹380 करोड़ की लागत से 4 लग्जरी अपार्टमेंट खरीदे थे। इसके अलावा पूर्व भारतीय क्रिकेटर शिखर धवन भी इस प्रोजेक्ट में करीब ₹69 करोड़ का एक अपार्टमेंट अपने नाम करवा चुके हैं। यह जानकारी रियल एस्टेट डेटा एनालिटिक्स फर्म सीआरई मैट्रिक्स द्वारा प्राप्त किए गए दस्तावेजों से सामने आई है। इन दस्तावेजों के मुताबिक प्रॉपर्टी डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक मधुसूदन केला ने द डहेलियाज के टावर नंबर एक की 20वीं मंजिल पर अपार्टमेंट खरीदा है। इस घर का कुल कारपेट एरिया 6,233.39 स्क्वायर फीट (579.06 वर्ग मीटर) है। जिसमें 1810.75 स्क्वायर फीट (168.223 वर्ग मीटर) का बड़ा बालकनी एरिया भी शामिल है। 5 कार पार्किंग स्लॉट इस फ्लैट के साथ मधुसूदन केला को बेसमेंट में 5 कार पार्किंग स्लॉट भी अलॉट किए गए हैं। संपत्ति की कुल कंसीडरेशन वैल्यू 120.71 करोड़ रुपए तय की गई है। कारपेट एरिया के हिसाब से इस फ्लैट की मूल दर 1.93 लाख रुपए प्रति स्क्वायर फीट बैठती है। यह सौदा 15 अप्रैल 2026 को रजिस्टर्ड हुआ था। हालांकि मधुसूदन केला और डीएलएफ की तरफ से अभी कोई आधिकारिक स्टेटमेंट्स जारी नहीं किया गया है। प्रॉपर्टी एक्सपर्ट इसे मुंबई के मालाबार हिल और दिल्ली के लुंटियन जोन के बराबर मान रहे हैं। बड़े निवेशक है मधुसूदन केला मधुसूदन केला भारतीय शेयर बाजार की दुनिया का बड़ा नाम हैं। वह एमके वेंचर्स कैपिटल के फाउंडर हैं। वह अपने निवेश और फैमिली ऑफिस के निवेश को मैनेज करते हैं। इससे पहले वे रिलायंस कैपिटल एसेट मैनेजमेंट में चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसरऔर चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट रह चुके हैं। उन्होंने कंपनी में बड़े इक्विटी पोर्टफोलियो तैयार करने और अलग-अलग बाजार परिस्थितियों के लिए निवेश स्ट्रैटेजी बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। लंबे समय के लिए अच्छे निवेश अवसर पहचानने की क्षमता के कारण उनकी बाजार में खास पहचान है। निवेशक उनके बाजार संबंधी नजरिए और शेयर चुनने की क्षमता पर नजर रखते हैं। फिलहाल वे शेयर, स्टार्टअप्स और दूसरे वैकल्पिक निवेश विकल्पों में निजी निवेशक के तौर पर काम कर रहे हैं। अंडर-कंस्ट्रक्शन है दी डेहलियाज डीएलएफ का यह अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट अपनी भव्यता और आधुनिक सुविधाओं के लिए चर्चा में है। कंपनी अब तक इस प्रोजेक्ट में 221 फ्लैट बेच चुकी है, जिससे उसे कुल ₹16,000 करोड़ रुपए की बिक्री हासिल हुई है। इस लोकेशन पर डीएलएफ की दी कैमेलियाज का पजेशन किया जा चुका है। जिसमें देश के कई बड़े अमीर बिजनेसमैन रहते हैं। पांच साल में पजेशन का दावा डीएलएफ ने पिछले साल दावा किया था कि 5 साल में इस सोसाइटी के अपार्टमेंट का पजेशन दे दिया जाएगा। इस सोसाइटी का ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट यानि ओसी 31 दिसंबर 2031 तक मिलने की बात कही गई है। पजेशन सौंपने के बाद 5 साल तक अगर इमारत में कोई स्ट्रक्चरल डिफेक्ट आता है, तो उसे बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के 90 दिनों के अंदर ठीक करने की जिम्मेदारी बिल्डर की होगी।
AI स्टार्टअप कंपनी एंथ्रोपिक ने अपने सबसे एडवांस AI मॉडल्स 'क्लाउड फेबल 5' और 'मिथॉस 5' को दुनियाभर में बंद कर दिया है। कंपनी ने यह फैसला अमेरिकी सरकार के उस आदेश के बाद लिया है, जिसमें विदेशी नागरिकों के लिए इन मॉडल्स के इस्तेमाल पर रोक लगाने को कहा गया था। अब भारतीयों समेत कोई भी गैर-अमेरिकी नागरिक इनका इस्तेमाल नहीं कर पाएगा। अमेरिकी अधिकारियों ने इसके पीछे नेशनल सिक्योरिटी और साइबर हमलों के खतरे का हवाला दिया है। यह पहली बार है जब किसी सरकार ने हार्डवेयर या चिप्स के बजाय सीधे AI सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया है। जेलब्रेक के जरिए साइबर हमले का डर अमेरिकी सरकार को डर है कि इन एडवांस AI मॉडल के जरिए सुरक्षा घेरे को 'जेलब्रेक' यानी डिजिटल जेल को बाईपास किया जा सकता है। ऐसा होने पर इनका इस्तेमाल कंप्यूटर सिस्टम्स में कमियां ढूंढने, सरकारी डेटा हैक करने या बैंकिंग सिस्टम और क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े साइबर हमले करने के लिए किया जा सकता है। 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेजॉन के रिसर्चर्स ने एक टेस्टिंग के दौरान कुछ खास प्रॉम्प्ट्स का इस्तेमाल करके एंथ्रोपिक के मॉडल से सॉफ्टवेयर की कुछ कमियां निकलवा ली थीं। इसकी जानकारी अमेरिकी वाणिज्य विभाग को दी गई, जिसके तुरंत बाद यह कड़ा एक्शन लिया गया। कंपनी बोली- पाबंदी का फैसला गलत इस मामले पर एंथ्रोपिक का कहना है कि सरकार का यह फैसला एक बड़ी गलतफहमी का नतीजा है। कंपनी के मुताबिक, जो कमियां पाई गई थीं, वे बहुत सीमित थीं और वैसी कमियां बाजार में मौजूद दूसरे पब्लिक AI मॉडल्स भी ढूंढ सकते हैं। इसके लिए इतने बड़े पैमाने पर पूरी दुनिया में बैन लगाना सही नहीं है। कंपनी ने बताया कि लॉन्चिंग से पहले उन्होंने अमेरिकी सरकारी एजेंसियों और ब्रिटेन के AI सेफ्टी इंस्टीट्यूट के साथ हफ्तों तक इसकी टेस्टिंग की थी, तब किसी को ऐसा कोई बड़ा खतरा नहीं मिला था। कंपनी अब सरकार से बातचीत कर रही है ताकि इस एक्सेस को जल्द से जल्द बहाल किया जा सके। तब तक यूजर्स कंपनी के बाकी पुराने AI मॉडल्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। ट्रंप प्रशासन के साथ पहले से चल रहा था विवाद एंथ्रोपिक और ट्रंप प्रशासन के बीच पिछले कुछ महीनों से तनाव चल रहा है। दरअसल, कंपनी ने अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों को डोमेस्टिक सर्विलांस (घरेलू जासूसी) और पूरी तरह से ऑटोमैटिक चलने वाले हथियारों में अपने AI मॉडल का इस्तेमाल करने देने से मना कर दिया था। इसके बाद पेंटागन ने एंथ्रोपिक को 'सप्लाई-चेन रिस्क' की लिस्ट में डाल दिया था। यह विवाद ऐसे समय में बढ़ा है जब कंपनी शेयर बाजार में अपना IPO लाने की तैयारी कर रही है, जिससे उसकी मार्केट वैल्यू करीब 1 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 92 लाख करोड़ रुपए) आंकी जा रही है। जोहो फाउंडर श्रीधर वेम्बू बोले- ग्लोबलाइजेशन अब खत्म अब तक अमेरिका का ध्यान सिर्फ AI चिप्स और सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी को दूसरे देशों (विशेषकर चीन) तक पहुंचने से रोकने पर था। लेकिन सॉफ्टवेयर पर लगे इस नए बैन ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। भारतीय टेक कंपनी जोहो के फाउंडर श्रीधर वेम्बू ने इस फैसले पर चिंता जताते हुए इसे भारत के लिए एक बड़ा वेक-अप कॉल बताया है। वेम्बू ने कहा कि अब ग्लोबलाइजेशन खत्म हो चुका है। भारत को अब विदेशी कंपनियों पर निर्भर रहने के बजाय तेजी से अपनी खुद की सॉवरेन AI क्षमताएं डेवलप करनी चाहिए और ओपन-सोर्स मॉडल्स को बढ़ावा देना चाहिए, क्योंकि भविष्य में कोई भी देश कभी भी अपनी टेक्नोलॉजी का एक्सेस बंद कर सकता है। नॉलेज बॉक्स: क्या होता है 'जेलब्रेक' और 'सॉवरेन AI'? जेलब्रेक: AI मॉडल्स में कुछ सुरक्षा नियम सेट किए जाते हैं, ताकि वे बम बनाना, साइबर हमला करना या अवैध काम सिखाने जैसी जानकारियां न दें। जब कोई हैकर या यूजर चालाकी से इन नियमों को तोड़कर AI से प्रतिबंधित जानकारी निकलवा लेता है, तो उसे 'जेलब्रेक' कहते हैं। सॉवरेन AI: किसी देश की ओर से खुद के डेटा, इंफ्रास्ट्रक्चर और वैज्ञानिकों की मदद से तैयार किया गया घरेलू AI सिस्टम। इस पर किसी बाहरी देश या विदेशी कंपनी का नियंत्रण नहीं होता। ------------ ये खबर भी पढ़ें… मिथॉस AI से बैंकिंग सिस्टम पर साइबर हमले का खतरा: वित्त मंत्री सीतारमण ने हाई-लेवल मीटिंग की; क्या है मिथॉस और यह क्यों खतरनाक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को बैंकों के प्रमुखों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग की। इस बैठक में एंथ्रोपिक के 'क्लॉड मिथॉस' AI मॉडल से बैंकिंग सेक्टर को होने वाले संभावित खतरों पर चर्चा की गई। यह एआई मॉडल इतना एडवांस है कि हैकर इसका इस्तेमाल दशकों पुरानी अज्ञात खामियों को खोजकर फाइनेंशियल सेक्टर पर साइबर हमले कर सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें…
जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा से करोड़ों की ठगी, प्रॉपर्टी निवेश के नाम पर लिए 17 करोड़ रुपए
मायानगरी में धोखाधड़ी के किस्से अक्सर सामने आते रहते हैं। अब बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा जाफरी धोखाधड़ी का शिकार हो गई हैं। हबीबा जाफरी से संपत्ति निवेश के नाम पर करीब 17.5 करोड़ रुपए की ठगी की गई है।
अरशद वारसी पर लगा शेयर मार्केट में बैन, जानिए क्या है मामला
बॉलीवुड एक्टर अरशद वारसी और उनकी पत्नी मारिया गोरेट्टी समेत 57 लोगों पर शेयर बाजार नियामक SEBI ने बैन लगा दिया है। उन्हें 1 साल के लिए सिक्योरिटी मार्केट से प्रतिबंधित कर दिया है। सेबी का कहना है कि ये लोग मार्केट में धोखाधड़ी जैसे कामों में पाए गए।
काजोल ने किया रियल एस्टेट में निवेश, खरीदी इतने करोड़ की कमर्शियल प्रॉपर्टी
बॉलीवुड एक्ट्रेस काजोल ने इंडस्ट्री में एक अलग मुकाम हासिल किया है। काजोल भले ही फिल्मों में कम नजर आती हो, लेकिन वह सुर्खियों में बनी रहती हैं। काजोल ने अब एक्टिंग के साथ-साथ रियल एस्टेट में भी कदम रख दिया है। काजोल ने मुंबई के गोरेगांव वेस्ट ...
खतरों के खिलाड़ी सीजन 14 के कंटेस्टेंट अभिषेक कुमार जिन्होंने बिग बॉस 17 में अपने कार्यकाल से काफी लोकप्रियता हासिल की, अपने आकर्षक व्यक्तित्व से लोगों के दिलों पर राज कर रहे हैं। विवादित रियलिटी शो में उनकी भागीदारी ने उन्हें स्टार बना दिया और उन्हें रातोंरात सफलता दिलाई। अभिषेक जो वर्तमान में रोहित शेट्टी के शो खतरों के खिलाड़ी 14 में हैं, ने साझा किया कि वह एक प्रोडक्शन हाउस खोलना चाहते हैं। इसे भी पढ़ें: Kartik Aaryan का खुलासा, Pyaar Ka Punchnama की सफलता के बावजूद उनके पास ‘कोई ऑफर नहीं था, कोई पैसा नहीं था ईटाइम्स टीवी के साथ एक इंटरव्यू में, अभिषेक ने खुलासा किया कि वह भविष्य के लिए पैसे बचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता चाहते हैं कि वह मुंबई में एक घर खरीदें, लेकिन वह एक व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। अभिषेक ने कहा कि वह एक उद्यमी बनना चाहते हैं और उनके बड़े सपने हैं जिन्हें वह हासिल करना चाहते हैं। अभिषेक कुमार मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते इंटरव्यू में, अभिषेक ने कहा कि उन्होंने पैसे बर्बाद करना बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते क्योंकि शहर काफी महंगा है और कहा कि किराए पर रहना एक समझदारी भरा फैसला है। उन्होंने यहां तक कहा कि घर खरीदने में बड़ी रकम लगाने और फिर हर महीने लोन के रूप में बैंक को बड़ी EMI चुकाने का कोई मतलब नहीं है। इसे भी पढ़ें: Karan Johar को कोर्ट से मिली राहत, फिल्म Shaadi Ke Director Karan Aur Johar की रिलीज परह लगी रोक अभिषेक ने कहा कि वह अपना पैसा निवेश करना चाहते हैं और उस पर ब्याज पाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह रवि दुबे और सरगुन मेहता की तरह एक प्रोडक्शन हाउस स्थापित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि उनका परिवार चंडीगढ़ में घर खरीदे, लेकिन मुंबई में नहीं क्योंकि वे वहीं रह सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह पैसे बचाना चाहते हैं और कोई दूसरा व्यवसाय शुरू करने में निवेश कर सकते हैं। KKK 14 की बात करें तो शिल्पा शिंदे शो से बाहर हो गईं। एक यूट्यूब चैनल के अनुसार, सनी वरुण ने बात की, गश्मीर, करणवीर, अदिति और अभिषेक ने निष्कासन स्टंट किया।
कंगना रनौत के किस बयान पर भड़की CISF की महिला जो सरेआम एक्ट्रेस को जड़ दिया थप्पड़, जानिए पूरा मामला
चंडीगढ़: हिमाचल की मंडी लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी सांसद एवं एक्ट्रेस कंगना रनौत से चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर बदसलूकी के पश्चात् हंगामा मचा हुआ है. दरअसल, 6 जून को कंगना दिल्ली जाने के लिए चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर पहुंची थीं. तभी सिक्योरिटी चेक के पश्चात् CISF की एक महिला जवान कुलविंदर कौर ने उनको थप्पड़ मार दिया. हालांकि CISF की अपराधी महिला कर्मी को निलंबित कर दिया गया है तथा उनके खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है. ऐसे में सवाल ये उठता है कि CISF की जवान ने थप्पड़ क्यों मारा, तो इसका जवाब है कंगना का 4 वर्ष पुराना एक ट्वीट. कंगना रनौत ने इस ट्वीट में 3 कृषि कानूनों के खिलाफ हुए किसान आंदोलन के चलते पंजाब की 80 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला किसान की गलत पहचान करते तथा उन्हें बिलकिस बानो कहा था. कंगना ने जो ट्वीट किया था उसमें एक वृद्ध महिला नजर आ रही थीं, जो भले ही झुककर चल रही थीं, लेकिन उन्होंने किसान आंदोलन का झंडा बुलंद किए हुए था. उनका नाम मोहिंदर कौर था. कंगना ने मोहिंदर कौर की फोटो को ट्वीट करते हुए लिखा था कि ''हा हा. ये वही दादी हैं जिन्हें टाइम मैगज़ीन की 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की लिस्ट में सम्मिलित किया गया था.... और ये 100 रुपये में उपलब्ध हैं. हालांकि कंगना रनौत ने बाद में ये ट्वीट डिलीट कर दिया था. बता दें कि कंगना ने जिस बिलकिस बानो का जिक्र किया था, वह 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला हैं तथा उन्होंने दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में CAA प्रोटेस्ट के चलते अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बटोरी थीं. कंगना के इस बयान को लेकर CISF की महिला जवान भड़की हुई थी. चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर कंगना से बदसलूकी का वीडियो सामने आया था, इसमें CISF की यह जवान कहती नजर आ रही है कि 'इसने बोला था किसान आंदोलन में 100-100 रुपये में महिलाएं बैठती थीं. वहां मेरी मां भी थी'. राहुल गांधी ने भाजपा पर लगाया शेयर बाजार में हेराफेरी का आरोप, बताया देश का सबसे बड़ा घोटाला उत्तर भारत में भीषण गर्मी का कहर जारी, यूपी के कुछ क्षेत्रों में राहत की उम्मीद बिहार के गया जिले में भीषण सड़क हादसा, तीन लोगों की मौत

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