शेयर बाजारों में लगातार तीसरे दिन तेजी, सेंसेक्स 208.17 अंक बढ़ा
बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 208.17 अंक (0.25 प्रतिशत) चढ़कर 84,273.92 अंक पर पहुंच गया।
साइबर ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कोटा शहर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। निवेश के नाम पर 3 करोड़ 88 लाख रुपए की ठगी करने वाले गिरोह के 6 आरोपियों को साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 4 लाख 49 हजार रुपये नकद और 7 एंड्रॉयड मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। एसपी तेजस्विनी गौतम ने बताया कि कोटा निवासी अनिल काला ने 13 नवंबर 2025 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तकनीकी जांच और बैंक खातों के विश्लेषण के आधार पर संदिग्ध खाताधारकों और खातों का संचालन करने वाले व्यक्तियों की पहचान की गई। जांच में सामने आया कि आरोपी अलग-अलग लोगों से बैंक खाते खरीदते थे और टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से विदेश में बैठे साइबर ठगों से ठगी की रकम इन खातों में डलवाते थे। इसके बाद आरोपी अपना कमीशन निकालकर बाकि रकम को यूएसडीटी (क्रिप्टोकरेंसी) में बदलकर विदेशी ठगों को ट्रांसफर कर देते थे। पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के कुछ सदस्य विदेश, विशेष रूप से कंबोडिया में सक्रिय साइबर अपराधियों के संपर्क में थे और ठगी की राशि की निकासी कर उन्हें उपलब्ध कराते थे। गिरफ्तार आरोपियों में दानिश खान, विकांत नरुका, अशफाक हुसैन, देवेन्द्र सिंह भाटी, शोकीन काठात और चन्द्रश्याम मीणा शामिल हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से 4.49 लाख रुपए नकद और 7 मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। वहीं आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। सीए को शेयर मार्केट का दिया झांसा डीएसपी गंगासहाय ने बताया कि आरोपियों ने टेलीग्राम पर ग्रुप बना रखे थे। इसके जरीये लोगों को जोड़ते और शेयर मार्केट, जमीनों, फर्मों में इन्वेस्टमेंट के नाम पर रूपए लगवाते थे। टेलीग्राम के जरिए ही सीए अनिल काला आरोपियों के संपर्क में आया। अनिल को आरोपियों ने शेयर मार्केट में रुपए लगाने और बडे़ प्रॉफिट का झांसा दिया। इस तरह कई महीने तक आरोपियेां ने उससे रुपए लगवाए। पहले प्रॉफिट दिखाया फिर रुपए देने में आनाकानी पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने कई महीनों तक परिवादी से ऑनलाइन रुपए लिए और इन्वेस्टमेंट के नाम पर लगाने का झांसा देते रहे। पहले आरोपी परिवादी को शेयर मार्केट में प्रॉफिट दिखाते रहे। इसके बाद प्रॉफिट की रकम और वापस से रकम ऑनलाइन लेकर झांसा देते रहे। बाद में जब परिवादी ने अपने रुपयों के विड्रॉल की बात कही तो आरोपी आनाकानी करने लगे। कभी लॉस की बात करते तो कभी सौदा नहीं होने की बात कहकर टालने लगे। जिसके बाद परिवादी की तरफ से मुकदमा दर्ज करवाया गया। पुलिस के अनुसार अभी आरोपियेां से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के बाद कई और चीजे इस वारदात में और अन्य वारदातों के खुलासे की भी संभावना है। पाली का अशफाक खरीदता था बैंक खाते पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी अशफाक है जो कि पाली का रहने वाला है। आरोपी अशफाक ने कोटा शहर के अलग अलग इलाकों में लोगों के बैंक खाते खरीदे थे। इसकी एवज में उन्हें कुछ कमीशन दिया जाता था। वहीं दूसरा आरोपी देवेन्द्र सिंह भाटी इन लोगों के खातों में रुपए ट्रांसफर करवाने का काम करता था। देवेन्द्र सिंह झाक अजमेर का रहने वाला है जो कि वर्तमान में ब्यावर में रह रहा था।
Share Bazaar में लगातार तीसरे दिन तेजी, Sensex 208 अंक चढ़ा, Nifty भी 25900 के पार
Share Market Update News : भारतीय शेयर बाजार में आज लगातार तीसरे दिन तेजी देखने को मिली। आज के कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स कारोबार के अंत में 208.17 अंक की उछाल के साथ 84273.92 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं एनएसई का निफ्टी भी 67.85 अंक की तेजी के साथ 25935.15 के स्तर पर रहा। बाजार में व्यापक खरीदारी के कारण निवेशकों का विश्वास मजबूत दिखाई दिया। अधिकांश सेक्टोरल सूचकांक हरे निशान में रहे। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक संकेतों में सुधार और घरेलू स्तर पर स्थिर आर्थिक परिस्थितियों के कारण निवेशकों का रुझान सकारात्मक बना हुआ है। खबरों के अनुसार, भारतीय शेयर बाजार में आज लगातार तीसरे दिन तेजी देखने को मिली। आज के कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स कारोबार के अंत में 208.17 अंक की उछाल के साथ 84273.92 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं एनएसई का निफ्टी भी 67.85 अंक की तेजी के साथ 25935.15 के स्तर पर रहा। ALSO READ: India-US Trade Deal से Share Bazaar में बहार, 8 महीने की सबसे बड़ी तेजी, Sensex 2073 अंक उछला, Nifty भी 25700 के पार बाजार में व्यापक खरीदारी के कारण निवेशकों का विश्वास मजबूत दिखाई दिया। अधिकांश सेक्टोरल सूचकांक हरे निशान में रहे। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक संकेतों में सुधार और घरेलू स्तर पर स्थिर आर्थिक परिस्थितियों के कारण निवेशकों का रुझान सकारात्मक बना हुआ है। लगातार तीसरे दिन की तेजी से यह स्पष्ट होता है कि बाजार में फिलहाल मजबूती का रुख कायम है। इसके अलावा निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांक में भी लगभग 0.4 प्रतिशत की बढ़त रही, जिससे यह संकेत मिला कि बड़ी कंपनियों के साथ-साथ मध्यम और छोटी कंपनियों में भी खरीदारी देखी गई। ALSO READ: Share Bazaar में आई तेजी, Sensex 222 अंक उछला, Nifty भी 25400 के पार सेंसेक्स में शामिल कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों में तेजी रही। निफ्टी पर सबसे अधिक बढ़त दर्ज करने वाले शेयरों में इटरनल, टाटा स्टील, बजाज ऑटो, पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन और महिंद्रा एंड महिंद्रा शामिल रहे। अमेरिकी बाजारों में मजबूती और नई दिल्ली और वाशिंगटन के बीच अंतरिम व्यापार ढांचे को लेकर आशावाद से निवेशकों का मनोबल बढ़ रहा है। ALSO READ: Budget से पहले Share Bazaar में तेजी, Sensex 487 अंक उछला, Nifty भी 25340 के पार भारतीय रुपया मंगलवार को 90.76 के पिछले बंद के मुकाबले 18 पैसे बढ़कर 90.58 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। इससे पहले यानी सोमवार को 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 485.35 अंक उछलकर 84,065.75 अंक पर बंद हुआ था, जबकि 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 173.60 अंक की बढ़त के साथ 25,867.30 पर बंद हुआ था। Edited By : Chetan Gour
निवेशकों के लिए डिफाइनेज मोमेंटम फ्रेमवर्क पेश
जयपुर | डिफाइनेज सिक्योरिटीज ने निवेशकों के लिए नया नॉइजलेस मोमेंटम फ्रेमवर्क शुरू किया है। इस मौके पर 100 से अधिक ट्रेडर्स और निवेशक मौजूद रहे। इसको सक्रिय ट्रेडर्स के लिए बनाया गया है। यह बाजार की अफवाहों से दूर रहकर ट्रेडिंग में मदद करेगा। डिफाइनेज के सीईओ प्रशांत शाह ने कहा कि यह भारत का पहला ऐसा रिटेल ट्रेडिंग ऑटोमेशन प्लेटफॉर्म है, जिसे निवेशक जरूरत के अनुसार कस्टमाइज कर सकेंगे।
शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर लाखों की ठगी करने वाले एक सक्रिय गिरोह का खुलासा राज्य साइबर पुलिस जोन जबलपुर ने किया है। गिरोह के 4 आरोपियों को इंदौर से गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी कॉल और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से लोगों को शेयर बाजार में मोटे मुनाफे का लालच देते थे और ठगी की रकम म्यूल खातों में ट्रांसफर कराते थे। पुलिस को गिरोह के मास्टर माइंड की तलाश है। उसकी गैरमौजूदगी में पूरे गैंग को आठवीं पास युवक चला रहा था। एसपी राज्य साइबर प्रणय नागवंशी ने बताया कि मामले में जबलपुर की एक महिला ने शिकायत की थी। शिकायत में बताया कि शेयर ट्रेडिंग में ज्यादा रिटर्न का भरोसा दिलाकर अलग-अलग खातों में कुल 14.16 लाख रुपए जमा करवाए गए। आरोपी फर्जी कॉल सेंटर से कॉल कर निवेश की सलाह देकर रकम म्यूल खातों में ट्रांसफर कराते थे। इसके बाद ठगी की राशि ऐशो-आराम में खर्च कर लेते थे। साइबर पुलिस ने इंदौर से पकड़ा, सरगना फरार सभी आरोपियों के काम बंटे थे इंस्पेक्टर नीलेश अहिरवार ने बताया कि गिरोह के सभी सदस्यों के काम बंटे हुए थे। अक्षय होटल मैनेजमेंट कर चुका है और उसे टेली कॉलिंग की अच्छी जानकारी है। इसलिए लोगों को कॉल या मैसेज कर वही झांसे में लेता था। दयानंद को मिथुन की मदद से खातों की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी थी। अनिकेत 8वीं पास है, जो गैंग लीडर की गैरमौजूदगी में गिरोह को चला रहा था। तकनीकी जांच से खुली परतें शिकायत पर धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया गया। तकनीकी जांच में संदिग्ध बैंक खातों, कॉल डिटेल्स और डिजिटल ट्रांजेक्शन के आधार पर गिरोह की पहचान हुई। जांच में सामने आया कि अनिकेत म्हात्रे इंदौर में कॉल सेंटर चलाता है। पुलिस ने अनिकेत और उसके साथियों दयानंद मांझी, अक्षय मंडलिक और मिथुन जाटव को गिरफ्तार किया। चारों इंदौर के रहने वाले हैं।
भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों पर घर के निवेशक भारी पड़ गए हैं. नई रिपोर्ट के मुताबिक, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने पहली बार निफ्टी50 इंडेक्स में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) से ज्यादा हिस्सेदारी हासिल करके उन्हें पीछे छोड़ दिया है.
भारतीय शेयर बाजार तेजी के साथ हरे निशान में खुला, सेंसेक्स में 400 अंकों की उछाल
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार तेजी के साथ हरे निशान में खुला
आरा में रविवार को फंदे से लटका हुआ आर्मी जवान का शव मिला है। शेयर बाजार में नुकसान से डिप्रेशन में था। जिसके चलते आत्महत्या की आशंका है। पत्नी ने भी आत्महत्या की बात कही है। मृतक की पहचान रोहतास जिले के नानो गांव निवासी गुरुचरण सिंह के पुत्र विजेंद्र कुमार(36) के तौर पर हुई। करीब 6 साल से नवादा थाना क्षेत्र के न्यू करमन टोला बस स्टैंड के पास किराए के घर में पत्नी और बच्चों के साथ रह रहे थे। वर्तमान में पश्चिम बंगाल के कोलकाता में 225 रेजीमेंट में पोस्टिंग थी। 10 दिन पहले ड्यूटी पर गए थे, लेकिन साली की शादी के कारण शनिवार को वापस घर आ गए थे। पैसे डूबने से डिप्रेशन में था मिली जानकारी के मुताबिक शेयर बाजार में करीब दो लाख रुपए रुपए इन्वेस्ट किया था, जो डूब गया। इसी बात से डिप्रेशन में था। रविवार को कमरे का दरवाजा बंद कर पंखे की कुंडी से फंदे के सहारे लटक गया। काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो पत्नी ने खिड़की से झांक कर देखा। शव कुंडी से लटका हुआ था। जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस के पहुंचने से पहले ही परिजनों ने शव फंदे से उतार लिया था। घर में मचा कोहराम मृतक तीन भाई-बहन में सबसे बड़ा था। परिवार में पत्नी मनोरमा देवी और दो पुत्र रोहित कुमार, लक्ष्य कुमार है। पत्नी मनोरमा देवी और परिवार के सभी सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है
नर्मदापुरम के मोहासा औद्योगिक क्षेत्र में सरकार जहां निवेश बढ़ाने और रोजगार के लिए दूसरे राज्यों के उद्योगपतियों को सस्ती जमीन दे रही है, वहीं उसी जमीन से मिट्टी का अवैध उत्खनन धड़ल्ले से किया जा रहा है। माफिया खुलेआम खुदाई कर मिट्टी का परिवहन कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभागों के अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं है। फेस-टू में चल रहा काम सूत्रों के मुताबिक अवैध उत्खनन औद्योगिक क्षेत्र के फेस-टू में हो रहा है। यहां कंपनियों को प्लांट लगाने के लिए जमीन आवंटित की जानी है। आरोप है कि प्लॉट विकसित होने से पहले ही माफिया जमीन को खोखला कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मिट्टी चोरी करने वालों पर सख्त कार्रवाई नहीं होने से उनका हौसला बढ़ गया है। यही वजह है कि उत्खनन रुकने का नाम नहीं ले रहा। पहले भी सामने आ चुका मामला मोहासा औद्योगिक क्षेत्र में अवैध उत्खनन का यह पहला मामला नहीं है। करीब डेढ़ महीने पहले फेस-वन के प्लॉट नंबर 18 से बड़े पैमाने पर मिट्टी चोरी का मामला सामने आया था। तब माफिया करीब 12 हजार 683 घनमीटर मिट्टी, यानी एक हजार से ज्यादा डंपर भरकर ले गए थे। सूत्रों का दावा है कि यह मिट्टी औद्योगिक क्षेत्र में ही स्थापित और निर्माणाधीन कुछ बड़ी कंपनियों में डाली गई। मामला उजागर होने पर खुली नींद जब यह मामला मीडिया में सामने आया, तब प्रशासन हरकत में आया। जिला खनिज अधिकारी, एसडीएम, नायब तहसीलदार और पटवारी मौके पर पहुंचे और खुदाई वाली जगह की नपती कराई। नपती में अवैध उत्खनन की पुष्टि तो हुई, लेकिन पंचनामे में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि मिट्टी किसने खोदी, कहां ले जाई गई और उसका उपयोग कहां हुआ। दूसरी बार बनाना पड़ा पंचनामा इसके बाद संयुक्त टीम को दोबारा मौके पर पहुंचकर नया पंचनामा तैयार करना पड़ा। बाद में खनिज विभाग ने देरी से अवैध उत्खनन का प्रकरण बनाकर अपर कलेक्टर के पास भेजा। ग्रामीणों का कहना है कि फेस-टू में जमीनों की रजिस्ट्री का काम जारी है और आगे प्लॉट काटे जाने हैं। इससे पहले ही बिजली ग्रिड के आसपास बिना अनुमति मिट्टी खोदकर ले जाई जा रही है। अफसरों के बयान एमपीआईडीसी के कार्यकारी निदेशक महेंद्र वर्मा ने कहा कि उन्हें अवैध उत्खनन की जानकारी नहीं है। वे स्टाफ को भेजकर मौके की जांच करवाएंगे।वहीं तहसीलदार महेंद्र चौहान ने बताया कि वे चौरागढ़ मेले में ड्यूटी पर हैं, जांच के लिए आरआई और पटवारी को भेजा जाएगा। जिला खनिज अधिकारी देवेश मरकाम से संपर्क नहीं हो सका।
लखनऊ में साइबर ठगों ने शेयर ट्रेडिंग और IPO में मोटे मुनाफे का लालच देकर एक युवक से लाखों रुपए ठग लिए। पीड़ित की शिकायत पर गुडम्बा थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। जानकीपुरम श्याम एन्क्लेव निवासी मयंक श्रीवास्तव के मुताबिक 8–9 दिसंबर को उनके पास एक कॉल आई, जिसमें उन्हें ट्रेडिंग से जुड़े व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ने की बात कही गई। ग्रुप में शामिल होने के बाद ठगों ने उनका ट्रेडिंग अकाउंट खुलवाया। पहले 5 हजार रुपये जमा कराए। अगले दिन अकाउंट में मुनाफा दिखाया गया, जिससे उनका भरोसा बन गया। पैसे निकालने के लिए 20 लाख जमा करने की शर्त रखी इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों में किश्तों में कुल 7 लाख 12 हजार 500 रुपये जमा कराए गए। ठगों ने IPO में निवेश कराने की बात कही और अकाउंट में 1 करोड़ रुपये की जीत दिखाई। जब पीड़ित ने रकम निकालने की मांग की तो ठगों ने 20 लाख रुपये और जमा करने की शर्त रख दी। शक होने पर पीड़ित ने SEBI से जानकारी ली, जहां बताया गया कि उनके साथ फ्रॉड हुआ है। इसके बाद 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई गई, जिस पर कार्रवाई करते हुए अलग-अलग खातों में भेजी गई 3 लाख 47 हजार रुपए होल्ड हो गए। पीड़ित ने बताया कि व्हाट्सऐप ग्रुप का नाम Steady Hain Group है। जिसका एडमिन काव्या गोडबोले बताया गया है। अकाउंट मैनेजर राघवन नारायणन नाम से संपर्क में था। ठगी में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों का पूरा विवरण पुलिस को सौंप दिया गया है। गुडम्बा पुलिस के मुताबिक तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। साइबर सेल की मदद से खातों और आरोपियों की पहचान की जा रही है। जल्द ही आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी।
बजट 2026 एसएमई और निवेशकों के लिए लाभकारी
मैनेजमेंट एसोसिएशन (एलएमए) द्वारा वैश्विक घटनाक्रम, भारतीय व्यवसाय पर प्रभाव एवं बजट 2026 विषय पर एक ज्ञानवर्धक सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र के मुख्य वक्ता ट्रांजेक्शन स्क्वायर के संस्थापक, चार्टर्ड अकाउंटेंट एवं स्वतंत्र निदेशक गिरीश वनवरी रहे। उन्होंने वैश्विक आर्थिक परिदृश्य और उसके भारतीय उद्योग पर पड़ने वाले प्रभावों पर विस्तार से अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ. प्रेम कुमार द्वारा गिरीश वनवरी का स्वागत किया। वनवरी ने वैश्विक भू-राजनीतिक एवं आर्थिक घटनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने भारत, बांग्लादेश और नेपाल से जुड़े तेल व्यापार के बदलते समीकरणों, ताइवान–चीन तनाव तथा रेड सी क्षेत्र में उत्पन्न शिपिंग संकट का वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर पड़ने वाले प्रभावों की जानकारी दी। केंद्रीय बजट 2026 पर चर्चा करते हुए वनवरी ने बजट की सराहना की और इसे एसएमई, उद्योग जगत और निवेशकों के लिए लाभकारी बताया। उन्होंने सरकार द्वारा घोषित कर अवकाश, प्रोत्साहन योजनाओं और वित्तीय लाभों की भी जानकारी दी। सत्र का एक प्रमुख आकर्षण वेल्थ मैनेजमेंट पर हुई चर्चा रही, जिसमें उन्होंने वसीयत (विल), लिविंग विल और ट्रस्ट के माध्यम से संरचित एस्टेट प्लानिंग के महत्व पर जोर दिया। एलएमए के महासचिव शोभन सोई ने एलएमए के अध्यक्ष गौरव मुंजाल को अध्यक्षीय उद्बोधन के लिए आमंत्रित किया। वरिष्ठ उपाध्यक्ष संदीप जैन द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। एलएमए की ओर से वीके गोयल (पूर्व अध्यक्ष) और संदीप जैन (वरिष्ठ उपाध्यक्ष) ने मुख्य वक्ता को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
शेयर बाजार में 9 फरवरी से शुरू होने वाला हफ्ता 'नतीजों का महाकुंभ' होने जा रहा है। बाटा इंडिया, आइशर मोटर्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, HUL और HAL जैसी 100 से अधिक दिग्गज कंपनियां अपने Q3 नतीजों का ऐलान करेंगी। जानिए सोमवार से शनिवार तक का पूरा रिजल्ट कैलेंडर और किन शेयरों पर रहेगी निवेशकों की सबसे पैनी नजर। बाजार की हलचल पर विशेष रिपोर्ट।
बलौदाबाजार में जमीन बिक्री और शेयर ट्रेडिंग के नाम पर लाखों की धोखाधड़ी करने वाले आरोपी मनोहर लाल साहू (35 वर्ष) को गिधौरी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी पर दो अलग-अलग मामलों में ठगी का आरोप है। पहला मामला जमीन बिक्री से जुड़ा है। प्रार्थी संतोष कुमार साहू ने जून 2017 में आरोपी मनोहर लाल साहू से रायपुर में 2000 वर्ग फीट जमीन खरीदने का सौदा किया था। संतोष ने आरोपी को नकद और ऑनलाइन माध्यम से कुल 8,11,000 रुपये दिए थे, लेकिन आरोपी ने जमीन की रजिस्ट्री नहीं कराई। रुपये वापस मांगने पर आरोपी टालमटोल करता रहा। इस संबंध में थाना गिधौरी में अपराध दर्ज कर जांच की जा रही थी। दूसरा प्रकरण शेयर ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी का है। आरोपी मनोहर लाल साहू ने रामनारायण साहू और अन्य साथियों के साथ मिलकर लोगों को शेयर बाजार में निवेश पर दो साल में राशि दोगुनी करने का झांसा दिया था। इस योजना के तहत कसडोल, लवन, गिधौरी, शिवरीनारायण, महासमुंद और रायगढ़ सहित कई इलाकों के लोग धोखाधड़ी का शिकार हुए। इस मामले में थाना गिधौरी में अपराध क्रमांक 170/2025, धारा 318(4), 3(5), 111 BNS के तहत प्रकरण दर्ज है। पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता के निर्देश पर गिधौरी थाना टीम ने आरोपी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में मनोहर लाल साहू ने जमीन बिक्री और शेयर ट्रेडिंग के नाम पर रामनारायण साहू व अन्य के साथ मिलकर धोखाधड़ी करने की बात स्वीकार की। आरोपी मनोहर लाल साहू, जो ग्राम अमलीडीह, थाना गिधौरी का निवासी है, को 08 फरवरी 2026 को न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस इस मामले में आरोपी के संभावित अन्य साथियों और अन्य घटनाओं की जांच कर रही है।
बीता हफ्ता बाजार के लिए खास अच्छा नहीं रहा. बाजार में बिकवाली हावी रही. हालांकि ट्रेड डील के ऐलान के बाद सेंसेक्स ने ऐतिहासिक उछाल भी हासिल की, लेकिन उस तेजी को बरकारर नहीं रखा जा सका. हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन सेसेंक्स लाल रंग के साथ बंद हुआ.
ललितपुर जिले के ग्राम कुआघोषी निवासी छत्रपाल सिंह ने मुंबई निवासी एक व्यक्ति पर 10 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। छत्रपाल सिंह ने महरौनी कोतवाली में निवेश के नाम पर ठगी, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज कराया है। पीड़ित छत्रपाल सिंह पुत्र माधव सिंह ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि उनकी पहचान फोन के माध्यम से दशरथ कोखरे नामक व्यक्ति से हुई थी, जो वर्तमान में नवी मुंबई, महाराष्ट्र में रहता है। आरोपी ने स्वयं को सोहम इम्पैक्स नामक फर्म से जुड़ा बताया और उसमें निवेश करने का प्रस्ताव दिया। दशरथ ने छत्रपाल को हर महीने 10 से 15 प्रतिशत तक मुनाफा देने और समय पर पूरी रकम वापस करने का भरोसा दिलाया। आरोपी की बातों में आकर छत्रपाल ने अपनी जमीन और जेवर गिरवी रखकर पैसों की व्यवस्था की। इसके बाद 15 जुलाई 2025 को उन्होंने आरटीजीएस के माध्यम से फर्म के खाते में 10 लाख रुपये ट्रांसफर किए। कुछ समय तक आरोपी टालमटोल करता रहा, लेकिन जब लंबे समय बाद भी न तो मुनाफा मिला और न ही मूलधन वापस हुआ, तो पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। पीड़ित का आरोप है कि जब उसने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपी ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने छत्रपाल सिंह की शिकायत पर आरोपी दशरथ कोखरे के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
राजस्थान लगातार कर्ज में डूब रहा है। सरकार सामान्य प्रशासनिक खर्च के लिए भी उधार ले रही है। विधानसभा में 3 फरवरी को पेश हुई कैग रिपोर्ट के अनुसार इस उधार के लिए सरकार भारी-भरकम ब्याज चुका रही है। इसलिए आर्थिक बोझ तेजी से बढ़ रहा है। वहीं, इस रिपोर्ट में सरकार ने कहां-कहां निवेश किया है इसकी भी जानकारी है। राजस्थान सरकार ने आम आदमी का 62 हजार करोड़ रुपए भी अलग-अलग सरकारी कंपनियों व अन्य जगह निवेश कर रखा है। इस निवेश पर साल 2024-25 में सरकार को केवल 6 करोड़ का लाभांश (डिवडेंड) मिला। खर्चे चलाने के लिए सरकार ने लिया भारी कर्ज कैग रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान सरकार ने 133 मौकों पर 271 दिनों के लिए रिजर्व बैंक से 91,251 करोड़ रुपए का विशेष एडवांस लिया, जिस पर उसे 161 करोड़ रुपए का ब्याज देना पड़ा। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 57 मौके ऐसे आए जब सरकार ने 100 दिनों के लिए एडवांस लिया। इन 57 मौकों पर सरकार ने 31,029 करोड़ रुपये एडवांस लिए और इसके लिए 19 करोड़ रुपये ब्याज के रूप में चुकाए। विकास और संपत्तियां बनाने में कर्ज का आधे से कम खर्च कैग रिपोर्ट के अनुसार साल 2020- 21 से लेकर 2024-25 में सरकार ने हर साल कर्ज लिया, लेकिन ठोस विकास और भविष्य की संपत्तियां बनाने में उसका आधा भी खर्च नहीं किया। कर्ज का आधा हिस्सा प्रशासनिक और दूसरे खर्चों में चला गया। सरकार ने 2024-25 में 59,098 करोड़ का कर्ज लिया और उसमें से पूंजीगत खर्च 30,777 करोड़ ही किया। साल 2020- 21 में सरकार ने 48,941 करोड़ का कर्ज लिया, लेकिन पूंजीगत खर्च 15,271 करोड़ ही रहा। सरकार ने 2024- 25 में 65 बार में लिया 75 हजार करोड़ के लॉन्ग टर्म कर्ज कैग रिपोर्ट के अनुसार साल 2024-25 में सरकार ने 65 अलग अलग कर्ज लिए। करीब 75185 करोड़ 7.4% से लेकर 7.65% की अलग-अलग ब्याज दर पर लिए गए हैं। यह कर्ज 2032 से लेकर 2051 के बीच में चुकाए जाएंगे। अनुदान में 15000 करोड़ की बढ़ोतरी पिछले पांच साल के दौरान स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं को दिए जाने वाले अनुदान के पैसे में करीब 15, 000 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई है। साल 2020-21 में 39,745 करोड़ रुपए दिए गए थे जो 2024- 25 में बढ़कर 54,819 करोड रुपए हो गए। जिला परिषद, पंचायत समितियों और नगर पालिकाओं को 2024-25 में 4819 करोड़ रुपए दिए गए। जिला परिषदों को 7940 करोड़, नगर पालिका और नगर निगम को सजा 7355 करोड़, ग्राम पंचायत और पंचायत समितियां को 12,313 करोड़ का अनुदान दिया गया। राजस्थान सरकार के 62 हजार 818 करोड़ के निवेश पर साल 2024-25 में केवल 6 करोड़ का लाभ हुआ। सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) में राज्य सरकार ने अंश पूंजी के रूप में 62,818 करोड़ का निवेश किया था। भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि लाभांश के रूप में सरकार को केवल 6 करोड़ ही मिले थे। रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2024-25 के दौरान राज्य सरकार ने सरकारी कंपनियों, जॉइंट वेंचर और सहकारी समितियों में 1047 करोड़ का निवेश किया था। सरकार ने रोडवेज में 855 करोड़ रुपए और राजस्थान पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड में 170 करोड़ रुपए का निवेश किया था।
यमुना विकास क्षेत्र के औद्योगिक सेक्टर-33 में विकसित किए जा रहे टॉय पार्क में निवेश और निर्माण दोनों ही स्तर पर तेजी से काम होता दिख रहा है। प्राधिकरण द्वारा टॉय पार्क के लिए आरक्षित 100 एकड़ भूमि पर कुल 154 औद्योगिक भूखंड नियोजित किए गए हैं। जिनमें से 143 भूखंडों का आवंटन पूरा हो चुका है। यह आंकड़े प्रदेश में औद्योगिक निवेश को लेकर निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार का फोकस स्पष्ट है कि औद्योगिक परियोजनाओं को केवल मंजूरी तक सीमित न रखते हुए उनका समय पर क्रियान्वित सुनिश्चित करना। यमुना एक्सप्रेसवे पर विकसित हो रहा टॉय पार्क इसी नीति का उदाहरण बनकर उभर रहा है। पारदर्शी आवंटन, तेज लीज प्रक्रिया और निर्माण गतिविधियों के चलते उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। 120 आवंटियों को चेक लिस्ट जारीयमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की एक रिपोर्ट के अनुसार, टॉय पार्क के अंतर्गत 143 आवंटित भूखंडों में से 124 निवेशकों द्वारा लीज प्लान प्रस्तुत किए जा चुके हैं, जबकि 19 मामलों में लीज प्लान अभी प्राप्त नहीं हुए हैं। इन निवेशकों को एक महीने के अंदर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। अब तक 120 आवंटियों को चेकलिस्ट जारी की जा चुकी है और 4 मामलों में चेकलिस्ट जारी करने की प्रक्रिया प्रगति पर है। 76 निवेशकों को मिला पजेशनभूमि हस्तांतरण के स्तर पर भी टॉय पार्क परियोजना ने ठोस रफ्तार पकड़ी है। अब तक 108 निवेशकों के पक्ष में लीज डीड की जा चुकी है। जबकि 76 निवेशकों को विधिवत पजेशन भी प्रदान कर दिया गया है। इसके साथ ही परियोजना अब केवल फाइलों में नहीं, बल्कि जमीनी निर्माण की दिशा में आगे बढ़ चुकी है। निर्माण कार्य भी प्रगति परनिर्माण गतिविधियों की बात करें तो 15 निवेशकों के भवन मानचित्र स्वीकृत हो चुके हैं, जबकि 4 औद्योगिक इकाइयों में निर्माण कार्य की शुरुआत भी हो गई है। इसे टॉय पार्क के वास्तविक रूप लेने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। योगी सरकार का जोर है कि आवंटन के साथ-साथ परियोजनाएं समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतरें, जिससे रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिल सके। 7 भूखंडों के अधिग्रहण की कार्रवाई जारीप्राधिकरण के अनुसार, टॉय पार्क के दूसरे चरण के अंतर्गत कुल 11 भूखंडों में से 4 भूखंडों की भूमि उपलब्ध हो चुकी है, जिन्हें नई योजना के तहत प्रकाशित किया गया है। शेष 7 भूखंड, जिनका कुल क्षेत्रफल 6.71 एकड़ है, अभी आवंटन से शेष हैं। इन भूखंडों के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है, ताकि जल्द से जल्द इन्हें भी निवेशकों के लिए उपलब्ध कराया जा सके। टॉय इंडस्ट्री के लिए आधुनिक औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित करने की योजनाटॉय पार्क के अंतर्गत खिलौना उद्योग से जुड़ी विनिर्माण इकाइयों की स्थापना का प्रस्ताव है, जिसमें प्लास्टिक, लकड़ी, फैब्रिक, धातु एवं इलेक्ट्रॉनिक खिलौनों के निर्माण से संबंधित गतिविधियां शामिल होंगी। योजना के तहत कॉमन फैसिलिटी सेंटर, डिजाइन, पैकेजिंग, टेस्टिंग, वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स से जुड़ा आधारभूत ढांचा विकसित किया जाना प्रस्तावित है। इसके साथ ही एमएसएमई और स्टार्टअप्स को औद्योगिक गतिविधियों से जोड़ने, कौशल विकास को बढ़ावा देने और रोजगार सृजन की दिशा में भी व्यवस्था किए जाने की परिकल्पना की गई है, जिससे यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र को खिलौना उद्योग के एक संगठित औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा सके।
ट्रेडिंग में निवेश का झांसा देकर 90 लाख की ठगी:काकोरी में व्यवसायी के साथ घटना, 4 महीने में ऐंठी रकम
काकोरी में एक व्यवसायी से ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर 90 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। कोर्ट के आदेश पर काकोरी थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। धर्मेंद्र सिंह के मुताबिक वर्ष 2024 में उनकी मुलाकात बलजीत सिंह और राजेंद्र सिंह के जरिए विकास जागड़ा, रोशन लाल जागड़ा, बिरमा राम उर्फ ललित और उषा रानी से हुई थी। आरोप है कि इन लोगों ने उन्हें दो कंपनियों में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का झांसा दिया। आरोपितों के झांसे में आकर धर्मेंद्र सिंह ने अक्टूबर 2024 से जनवरी 2025 के बीच अलग-अलग किस्तों में कुल 90 लाख रुपये उनके खातों में ट्रांसफर कर दिए। काफी समय बीतने के बाद भी जब न तो लाभांश मिला और न ही रकम वापस की गई तो पीड़ित ने रुपये लौटाने की मांग की। इसके बाद आरोपितों ने उन्हें दुबई बुलाकर एक कंपनी में साझेदार बनाने का दावा किया। वहां दिल्ली मेट्रो प्रोजेक्ट से जुड़े जाली दस्तावेज दिखाकर भरोसा दिलाने की कोशिश की गई। आरोप है कि इसके बाद भी कई तरह के प्रलोभन देकर ठगी की गई और पांच करोड़ रुपये और निवेश करने का दबाव बनाया गया। पीड़ित के विरोध करने पर आरोपितों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित ने मामले की शिकायत कोर्ट में की, जिसके आदेश पर काकोरी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपों की जांच की जा रही है और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
रेवाड़ी जिला साइबर थाना पुलिस ने 1.55 करोड़ की साइबर ठगी के तीन आरोपी गिरफ्तार किए है। आरोपियों ने गुड़ियानी निवासी से शेयर मार्केट में निवेश के पर 2024 में ठगी की थी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गुजरात के नीलकंठ रेसी कम प्लाजा नीयर सन्तोषवादी, दंतेश्वर, वडोदरा के प्रफुल्ल जगदीश बाविस्कर, महादेव नगर नीयर ज्योति नगर जदेश्वर रोड भरूच गुजरात हाल विस्तीरिया हाइट वडोदरा के राज महेंद्र भाई चौहान तथा परंजित नगर, नीयर सत्यनारायण सोसायटी दंतेश्वर वडोदरा के शर्मा विवेक जगदीश के रूप में हुई है, जिन्हें कोर्ट में पेश किया गया। जहां से जगदीश को दो दिन के पुलिस रिमांड और दो को जेल भेज दिया। फाइल डाउनलोड करवाकर की थी ठगी गांव गुड़ियानी के दिनेश ने पुलिस को शिकायत दी थी। जिसमें बताया कि वह एक व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ा था। 27 जून 2024 को उसे एक एपीके फाइल मिली। ग्रुप एडमिन ने उसे फाइल डाउनलोड करने को कहा। डाउनलोड करते ही उसके मोबाइल फोन पर बार्लेज सिल नाम की कंपनी एप इंस्टाल हो गई। फिर उसे शेयर मार्केट में निवेश करने को कहा। जिसके लिए अलग-अलग खाता नंबर दिए गए। शिकायत में बताया कि उसने 28 जून को 5 हजार रुपए ट्रांसफर किए। इसके बाद 22 जुलाई तक अलग अलग खातों में 1.55 करोड़ रुपए ट्रांसफर करवा लिए। बाद में उसे साइबर ठगी का अहसास हुआ। जिसके बाद पुलिस को मामले की शिकायत दी। पुलिस ने जांच के बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
सपाट शुरुआत: सेंसेक्स-निफ्टी लाल निशान में खुले, निवेशकों की नजर RBI पर
वैश्विक बाजारों में बिकवाली के चलते भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार के कारोबारी सत्र में लाल निशान में खुला
गुना में निवेशकों ने दिखाई रुचि, उद्योग संवाद कार्यक्रम में मिले 591 करोड़ रुपए के प्रस्ताव
भास्कर संवाददाता| गुना जिले में निवेश, रोजगार सृजन एवं निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आज एक जिला स्तरीय रणनीतिक नेतृत्व एवं उद्योग संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। निवेश एवं बाजार विस्तार सत्र के दौरान घरेलू निवेशकों द्वारा जिले में संभावित निवेश अवसरों, औद्योगिक विस्तार एवं रोजगार सृजन की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम में कुल 591 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिससे जिले में नए औद्योगिक उपक्रमों, रोजगार के अवसरों एवं आर्थिक विकास को गति मिलने की संभावना है। कार्यक्रम में कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल सहभागिता करते हुए जिले में निवेश एवं औद्योगिक विकास की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम में जिला प्रशासन, निवेशक प्रतिनिधि, चैंबर ऑफ कॉमर्स, एमपीआईडीसी, जिला उद्योग केंद्र, उद्यानिकी विभाग, उत्पादक समूह, स्पाइस बोर्ड, एचडीएफसी बैंक, ईएक्सआईएम बैंक, एफआईईओ, इंडिया पोस्ट, जेम पोर्टल तथा अन्य प्रमुख औद्योगिक एवं निर्यात संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कलेक्टर कन्याल ने बताया कि पिपरौदा, चैनपुरा एवं बीनगंज, स्पाइस पार्क सहित विभिन्न स्थानों पर औद्योगिक क्षेत्रों का विकास किया जा रहा है। गुना भौगोलिक दृष्टि से औद्योगिक गतिविधियों के लिए उपयुक्त है, क्योंकि यहां से भोपाल, ग्वालियर और इंदौर जैसे प्रमुख शहरों की निकटता उपलब्ध है। भविष्य में गुना से निर्यात गतिविधियों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जिले में कानून-व्यवस्था सुदृढ़ है तथा भूमि आवंटन की प्रक्रिया सरल बनाई गई है। बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार भी निरंतर किया जा रहा है, जिससे निवेशकों को बेहतर वित्तीय सहयोग मिल सके। इसके साथ ही जिज्जी की पंचायत और गुलाब उत्पादन मॉडल की जानकारी भी सभी को दी। कलेक्टर ने विजन गुना के तहत भावी कार्य योजना भी प्रस्तुत की।
राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम थ्रेट एनालिटिक्स यूनिट ने एक नया और बेहद चिंताजनक ट्रेंड सामने लाया है, जिसमें डिजिटल ठग मैट्रिमोनियल और डेटिंग प्लेटफॉर्म्स का दुरुपयोग कर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। डीआईजी साइबर क्राइम विकास शर्मा ने बताया कि जांच के दौरान सामने आया है कि जालसाज अब Jeevansaathi.com, Shaadi.com जैसे मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म्स के साथ-साथ Tinder, Bumble और Cupid जैसे डेटिंग एप्स का इस्तेमाल कर मासूम लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। शादी या रिश्तों की तलाश कर रहे लोगों को भावनात्मक रूप से जोड़कर उनसे निवेश के नाम पर लाखों रुपये ऐंठे जा रहे हैं। नकली प्रोफाइल से भावनात्मक जाल तक का सफर शर्मा ने बताया कि साइबर ठग बेहद योजनाबद्ध और शातिर तरीके से इस गिरोह को संचालित करते हैं। सबसे पहले वे आकर्षक और चोरी की गई तस्वीरों के जरिए असली लगने वाली नकली प्रोफाइल बनाते हैं। इनमें फर्जी नाम, पेशा, विदेश में नौकरी और अधिक आय जैसी जानकारियां भरी जाती हैं। संपर्क स्थापित होने के बाद ये ठग कई हफ्तों तक वीडियो कॉल, व्हाट्सएप और चैटिंग के माध्यम से पीड़ित का भरोसा जीतते हैं। कई बार नकली बैकग्राउंड का उपयोग कर खुद को बड़े ऑफिस या विदेश में कार्यरत दिखाया जाता है। जब पीड़ित पूरी तरह इनके भावनात्मक जाल में फंस जाता है, तब उसे क्रिप्टोकरेंसी, शेयर मार्केट या हाई-रिटर्न इन्वेस्टमेंट स्कीम में पैसा लगाने के लिए प्रेरित किया जाता है। इस दौरान भावनात्मक दबाव और ब्लैकमेलिंग का भी सहारा लिया जाता है। पुलिस की एडवाइजरी: इन बातों का रखें विशेष ध्यान नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राजस्थान पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर सतर्क रहने की अपील की है। ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत यदि कोई व्यक्ति इस तरह की साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो घबराने के बजाय तुरंत पुलिस को सूचना दे। इसके लिए साइबर हेल्पलाइन नंबर: 1930, ऑनलाइन शिकायत पोर्टल: https://cybercrime.gov.in और राजस्थान पुलिस हेल्पलाइन: 9256001930, 9257510100 पर शिकायत कर सकते है।
बजट जन आकांक्षाओं पर आधारित: भाजपा महंगाई घटाने को लेकर कुछ भी नहीं: कांग्रेस
भास्कर न्यूज | गरियाबंद केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत आम बजट 2026-27 को भाजपा ने जहां इसे विकसित भारत की नींव बताया वहीं कांग्रेस ने इसे नई बोतल में पुरानी शराब बताया। भाजपा नेता पूर्व नपा अध्यक्ष गफ्फू मेमन ने बजट को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह बजट विकसित भारत के सपने को साकार करने की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रस्तुत यह बजट जन-आकांक्षाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिसमें कृषि, ग्रामीण विकास, अधोसंरचना, उद्योग, रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और परिवहन जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। वहीं कांग्रेस नेता और प्रदेश ओलंपिक के उपाध्यक्ष हरमेश चावड़ा ने कहा कि यह बजट नई बोतल में पुरानी शराब है, जिससे जनता को केवल निराशा मिली है। उन्होंने कहा कि सरकार एक बार फिर ऋण पर निर्भरता बढ़ाने जा रही है, जबकि किसानों, बेरोजगार युवाओं और महंगाई से जूझ रही जनता के लिए कोई ठोस राहत नहीं दी गई है। शेयर बाजार की गिरावट ने सरकार की आर्थिक नीतियों की दिशा और दशा दोनों को उजागर कर दिया है। बजट में किसानों के लिए कोई नई प्रभावी योजना नहीं है, युवाओं के रोजगार के लिए स्पष्ट रोडमैप का अभाव है और महंगाई पर नियंत्रण के लिए भी कोई ठोस पहल नहीं दिखाई देती।
राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी के तहत जोधपुर–पाली–मारवाड़ और कंकाणी इंडस्ट्रियल एरिया को प्रायोरिटी सेमीकंडक्टर कॉरिडोर घोषित किया जाएगा। यहां निवेशकों को फास्ट-ट्रैक लैंड अलॉटमेंट, सिंगल विंडो रजिस्ट्रेशन और सभी जरूरी सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध कराई जाएंगी। ओएसएटी और एटीएमपी यूनिट्स पर फोकस : सरकार का मुख्य फोकस आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (ओएसएटी) और असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग (एटीएमपी ) यूनिट्स में निवेश लाने पर रहेगा। इसके साथ ही सेंसर मैन्युफैक्चरिंग और फैबलेस डिजाइन सेक्टर को भी बढ़ावा दिया जाएगा। राज्य में विश्व-स्तरीय सेमीकंडक्टर पार्क विकसित किए जाएंगे, ताकि बड़े एंकर निवेशक आकर्षित हो सकें। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत आने वाली परियोजनाओं को राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त प्रोत्साहन भी मिलेगा। पानी, बिजली जैसी सुविधाएं सरकार देगी : सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री की जरूरतों को देखते हुए सरकार पानी, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करेगी, ताकि उद्योगों को संचालन में कोई दिक्कत न हो। पॉलिसी लागू करने के लिए दो कमेटियां : सेमीकंडक्टर यूनिट लगाने के लिए निवेशकों को राजनिवेश पोर्टल के जरिए आवेदन करना होगा। पॉलिसी के क्रियान्वयन के लिए स्टेट लेवल सैंक्शनिंग कमेटी और स्टेट एम्पावर्ड कमेटी का गठन किया जाएगा।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील के बाद रुपया 1 प्रतिशत से ज्यादा मजबूत, बढ़ा निवेशकों का भरोसा
भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील होने के बाद भारतीय रुपया 1 प्रतिशत से ज्यादा मजबूत हो गया। रुपया डॉलर के मुकाबले 90.29 के स्तर पर ट्रेड करता दिखा
अनूपपुर के जैतहरी स्थानीय व्यापारी राकेश कुमार अग्रवाल (52) से क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर 91 लाख 32 हजार 187 रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ित ने बुधवार को जैतहरी थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। क्रिप्टो में निवेश पर अच्छे रिटर्न का दिया लालच पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार, 19 जनवरी की शाम अग्रवाल के मोबाइल नंबर पर पीटर पॉल नामक व्यक्ति का व्हाट्सएप कॉल आया। खुद को क्रिप्टो करेंसी मार्केट में सीनियर अकाउंट मैनेजमेंट बताने वाले पीटर पॉल ने उन्हें निवेश पर अच्छे रिटर्न का लालच दिया और “Compoundes.top” लिंक भेजकर ट्रेडिंग अकाउंट खुलवाया। शुरुआत में रिफंड से बढ़ा विश्वास, लाखों रुपए जमा करवाए शुरुआत में 50 हजार रुपए के निवेश पर 72 हजार रुपए का रिफंड मिला और 1 लाख 50 हजार रुपए की ट्रेडिंग पर 4 लाख रुपए का फायदा दिखाया गया। इससे अग्रवाल का विश्वास बढ़ा और उन्होंने 31 जनवरी और 1 फरवरी को लाखों रुपए जमा किए। इसके बाद भी पैसे वापस नहीं आए। जानकारी मांगने पर दिया इनकार अग्रवाल ने जब पीटर पॉल से संपर्क किया तो उसने जानकारी देने से इनकार कर दिया और और अधिक पैसा लगाने पर मुनाफा मिलने का लालच दिया। बैंक स्टेटमेंट की जांच पर पता चला कि 22 जनवरी से 1 फरवरी के बीच कुल 91 लाख 32 हजार 187 रुपए की धोखाधड़ी हुई। पुलिस ने 25 लाख रुपए पर होल्ड लगवा दिया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
बुरहानपुर केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026 को आमजन तक पहुंचाने के लिए नेपानगर विधायक मंजू दादू को अनुसूचित जनजाति का टोली प्रमुख नियुक्त किया गया है। इसी क्रम में बुधवार को विधायक ने नेपानगर और नावरा में भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचकर कार्यशालाओं के माध्यम से बजट की बारीकियों और इसमें लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों से अवगत कराया। नेपानगर में आयोजित कार्यशाला में विधायक ने कार्यकर्ताओं को बजट के मुख्य बिंदुओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्रीय बजट 2026 में सरकार ने मैन्युफैक्चरिंग, एक्सपोर्ट और ग्रीन एनर्जी को राहत प्रदान की है, जबकि शेयर बाजार से जुड़े निवेश और कुछ गतिविधियों को महंगा किया गया है। सरकार ने दावा किया है कि यह बजट विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर बढ़ने में महत्वपूर्ण साबित होगा। बजट में इलेक्ट्रिक व्हीकल, सोलर पैनल और ग्रीन एनर्जी उत्पादन से जुड़े कुछ उपकरणों पर ड्यूटी कम की गई है। इसके अतिरिक्त, कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 दवाओं और 7 दुर्लभ बीमारियों के इलाज के लिए विदेश से मंगवाई जाने वाली दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी हटा दी गई है, जिससे ये दवाएं भारतीय बाजार में सस्ती होंगी। भाजपा कार्यालय नावरा में आयोजित कार्यशाला में विधायक मंजू दादू ने संसद में प्रस्तुत केंद्रीय बजट पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि बजट में 2047 तक के विजन को प्रस्तुत किया गया है। पहली बार स्वास्थ्य बजट एक लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचा है, और शिक्षा का बजट 1 लाख 39 हजार करोड़ रुपये है, जिससे 800 जिलों में एक-एक गर्ल्स हॉस्टल खोला जाएगा। विधायक ने जोर देकर कहा कि यह बजट 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं को दर्शाता है और विकसित भारत के लिए एक स्पष्ट रूपरेखा तैयार करता है। इसे देश के हर वर्ग के लोगों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
गुरुग्राम में एक रिटायर्ड कर्नल से फॉरेक्स ट्रेडिंग (Forex Trading) के नाम पर करीब ढाई करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस संबंध में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। चकरपुर के फेस-2 निवासी रिटायर्ड कर्नल विमल नारंग ने पुलिस को दी जानकारी में बताया कि उनके परिचित सागर राज ने उनसे निवेश के नाम पर संपर्क किया था। सागर राज ने खुद को एक कंपनी का डायरेक्टर बताया था। 3 गुना फायदे के लालच में आए आरोपी ने कर्नल नारंग को कई निवेशकों को हुए बड़े मुनाफे का झांसा दिया। उसने उन्हें निवेशकों को मिले पैसों के स्क्रीनशॉट दिखाए और 3 गुना फायदे का लालच दिया। कर्नल नारंग आरोपी की बातों में आ गए और उसे ऑनलाइन पैसे भेज दिए। आरोपी ने फोन उठाना बंद किया उन्होंने बताया कि पिछले महीने एक फ्लैट बेचकर उन्हें करीब डेढ़ करोड़ रुपये मिले थे, उन्होंने उस पैसे को भी निवेश में लगा दिया। जब कर्नल नारंग ने मुनाफा होने पर अपने पैसे निकालने की कोशिश की, तो उन्हें कोई रकम नहीं मिली। इसके बाद आरोपी ने उनका फोन उठाना भी बंद कर दिया। पुलिस ने केस दर्ज किया सेक्टर-29 थाना प्रभारी ने बताया कि आर्थिक अपराध शाखा की जांच के बाद इस मामले में केस दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है।
रेवाड़ी जिले में साइबर ठगों ने शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर किसान से 61.64 लाख की ठगी कर ली। साइबर ठगों ने वाट्सएप पर लिंक भेजकर 12 से 31 जनवरी तक अलग अलग खातों में राशि ट्रांसफर करवाई। शिकायत मिलने के बाद साइबर पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। यू ट्यूब पर विज्ञापन दिखाकर ठगी कोसली के शहादत नगर निवासी राजेंद्र सिंह ने साइबर पुलिस को शिकायत दी। जिसमें बताया कि वह खेती बाड़ी का काम करता है। 17 दिसंबर को वह यू ट्यूब देख रहा था। इसी दौरान उसने एक विज्ञापन देखा। जिसमें पार्ट टाइम पैसे कमाने की बात कही गई थी। जिसके बाद उसने संपर्क किया। मोटे मुनाफे का दिया लालच फोन पर बातचीत में उसे शेयर मार्केंट में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का लालच दिया। इसके बाद उसे वॉट्सएप ग्रुप में जोड़ाकर एक लिंक भेजा गया। 12 जनवरी को उससे एक खाते में पहली बार पैसे ट्रांसफर करवाए। इसके बाद 31 दिसंबर तक अलग अलग खातों में 61.64 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। 31 जनवरी को जब उसने पैसे निकालने का प्रयास किया तो उसे ठगी का एहसास हुआ।
41 सिम बिना सत्यापन के जारी की, इन्हीं से हुआ 17.14 करोड़ का फ्रॉड
अजमेर| शहर के एक प्रोपट्री डीलर के साथ 8.50 लाख रुपए की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने 84 दिनों के दौरान अलग-अलग कई बैंक खातों में प्रोपट्री डीलर से राशि जमा कराई। पीड़ित को जब ठगी का अहसास हुआ तो उसने साइबर थाने में संपर्क किया। साइबर थाने के प्रोग्रामर ने बताया कि श्रीराम विहार कॉलोनी वैशाली नगर निवासी हितेश साहू ने रिपोर्ट पेश की है। साहू ने बताया कि 19 नवंबर 2025 को उसके पास एक कॉल आया था। कॉलर ने खुद को शेयर मार्केट का सलाहकार बताया। अच्छा मुनाफा कमाने की बात कहकर शेयर मार्केट में निवेश करने के लिए कहा। उसने कंपनी का नाम वाई-63 आरबीके मार्केट परिवार नाम की कंपनी का नाम बताकर इसमें इंवेस्ट करने का झांसा दिया। गूगल पर इस कंपनी को जांचा गया तो सेबी से मिलती जुलती कंपनी लगने पर विश्वास बढ़ गया। इसके बाद युवक ने चार बार अलग-अलग खातों में कुल 8.50 लाख रुपए की राशि जमा करा दी। रिटायर्ड अफसर को मनीलॉन्ड्रिंग केस में संदिग्ध बता धमकी दी, 5 माह डिजिटल अरेस्ट करते रहे, 66.49 लाख रुपए ठगे प्रदेश में साइबर ठगों के बढ़ रहे हौंसले: कहीं रिटायर्ड अधिकरियों व लोगों को झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दे कर रहे ठगी, तो कहीं संगठित अपराध को दे रहे अंजाम अनूपगढ़ | शहर के 9 सिम विक्रेताओं की आेर से बिना सत्यापन प्रक्रिया अपनाए 41 सिम कार्ड जारी करने का मामला सामने आया है। इन 41 सिम कार्ड से देश में कुल 17 करोड़ 14 लाख 86 हजार 564 रुपए का साइबर फ्रॉड किया गया है। अनूपगढ़ से जारी हुई इन सिम कार्डों में से एक भी सिम अनूपगढ़ लोकल एरिया में उपयोग में नहीं ली जा रही है। अनूपगढ़ पुलिस ने स्वयं संज्ञान लेकर 9 सिम विक्रेताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह मामला एसआई गोविंद सिंह ने दर्ज करवाया है। मामले के अनुसार एमएचए - डीओटी द्वारा देश में घटित साइबर अपराधों का विश्लेषण किया गया, जिसके बाद साइबर अपराधों में उपयोग लिए गए मोबाइल सिम के विक्रेताओं की सूची साइबर क्राइम राजस्थान जयपुर, गृह मंत्रालय व दूर संचार विभाग के पत्र के जरिए अनूपगढ़ पुलिस को साइबर पोर्टल पर प्राप्त हुई। थानाधिकारी ने बताया कि भारत सरकार के दूरसंचार विभाग डीओटी द्वारा मोबाइल सिम बेचने के लिए नियम निर्धारित किए गए हैं जिसकी अवहेलना करते हुए अनूपगढ़ के 9 मोबाइल सिम विक्रेताओं ने 41 सिम कार्ड संदिग्ध व्यक्तियों को विक्रय किए हैं। जिसका उपयोग वर्तमान में साइबर अपराधों को अंजाम देने में किया जा रहा है। इन 41 मोबाइल नंबर के विरुद्ध राष्ट्रीय साइबर अपराध रिर्पोटिंग पोर्टल पर विभिन्न शिकायतें दर्ज हैं। अनूपगढ़ शहर के मोबाइल सिम विक्रेताओं ने कुल 957 सिम कार्ड जारी किए हैं, जिसमें से 41 सिम कार्ड ऐसे जारी किए गए हैं जिनमें ग्राहक सत्यापन प्रक्रिया की पालना नहीं की गई। निजी स्वार्थ के चलते जारी िकए गए इन सिम कार्ड का उपयोग साइबर अपराध को अंजाम देने में किया गया। भरतपुर के जवाहर नगर निवासी एक सेवानिवृत अधिकारी के साथ ठगों ने खतरनाक और लंबा जाल बिछाया। ठगों ने खुद को एनकाउंटर स्पेशलिस्ट आईपीएस और बैंगलोर पुलिस बताकर पीड़ित को करीब पांच महीने तक डिजिटल अरेस्ट रखा और उसे डरा-धमका कर करीब 66.49 लाख रुपए ठग लिए। जिले के एक सेवानिवृत्त अधिकारी ने इस मामले में साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू की है। पीड़ित ने बताया वह ठगों से इस कदर डर गया कि उसने कई बार सुसाइड करने की भी कोशिश की। ठगी का यह सिलसिला 18 अगस्त 2025 से शुरू होकर 29 जनवरी 2026 तक यानी लगभग साढ़े पांच महीने तक चला। ठगों ने जांच के नाम पर पीड़ित को करीब पांच महीने तक डिजिटल अरेस्ट में रखा। रोज सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक उसे ऑनलाइन निगरानी में रखा जाता था। इसके बाद भी हर तीन घंटे में रिपोर्टिंग करानी पड़ती थी। पीड़ित को अपनी लोकेशन, गतिविधि और साथ मौजूद व्यक्ति की जानकारी देनी होती थी। डिजिटल अरेस्ट के चलते पीड़ित ने दिन के सभी रुटीन कार्य छोड़ दिए थे। घर में उस समय केवल प|ी साथ रहती थी। प|ी को बार-बार शक होता था, लेकिन पीड़ित खुद को किसी सरकारी प्रोजेक्ट में व्यस्त बताकर बात टाल देता था। पीड़ित का बेटा एमबीए कर मुंबई में नौकरी करता है और रोज शाम बातचीत होती थी। पीड़ित की दो बेटियां भी हैं, जिनकी शादी हो चुकी है, उन्हें भी कुछ नहीं बताया गया। ठगों ने धमकाया था कि यदि किसी को बताया तो परिवार के सदस्यों को सात साल की सजा होगी। इसी डर के कारण पीड़ित किसी को कुछ नहीं बता पाया।पीड़ित ने प|ी की पीएनबी बैंक की एफडी और पोस्ट ऑफिस की 36 लाख रुपए की एफडी तुड़वाई।ठगों ने आरटीजीएस और यूपीआई से अलग-अलग किस्तों में 22.05 लाख, 35.70 लाख और 6.55 लाख रुपए ट्रांसफर करवाए। पैसे मिलने पर ठग बाकायदा सुप्रीम कोर्ट के फर्जी लेटरहैड पर राशि प्राप्ति की रसीद भी भेजते थे ताकि पीड़ित को शक न हो। यह पूरा मानसिक टॉर्चर तब खत्म हुआ जब पीड़ित अहसास हुआ कि वह किसी बड़ी साजिश का शिकार हो चुका है। इसके बाद पीडि़त ने पुलिस को सूचना दी। भरतपुर एसपी दिगंत आनंद ने बताय कि पीड़ित को करीब पांच महीने तक डिजिटल अरेस्ट में रखकर 66.49 लाख रुपये की ठगी की गई। मामला सामने आते ही तुरंत एफआईआर दर्ज की गई और एक विशेष टीम गठित कर जांच शुरू कर दी गई है। शेयर बाजार में निवेश के नाम पर ठगे 8.50 लाख
देश के लिए फायदेमंद है चाइल्ड केयर में निवेश करना
न्यूयार्क में मेयर का चुनाव जीतने वाले जोहरान ममदानी की जीत का एक बड़ा कारण शहर के सभी बच्चों के लिए राज्य प्रायोजित चाइल्ड केयर की गारंटी देना था।
अरशद वारसी पर लगा शेयर मार्केट में बैन, जानिए क्या है मामला
बॉलीवुड एक्टर अरशद वारसी और उनकी पत्नी मारिया गोरेट्टी समेत 57 लोगों पर शेयर बाजार नियामक SEBI ने बैन लगा दिया है। उन्हें 1 साल के लिए सिक्योरिटी मार्केट से प्रतिबंधित कर दिया है। सेबी का कहना है कि ये लोग मार्केट में धोखाधड़ी जैसे कामों में पाए गए।
काजोल ने किया रियल एस्टेट में निवेश, खरीदी इतने करोड़ की कमर्शियल प्रॉपर्टी
बॉलीवुड एक्ट्रेस काजोल ने इंडस्ट्री में एक अलग मुकाम हासिल किया है। काजोल भले ही फिल्मों में कम नजर आती हो, लेकिन वह सुर्खियों में बनी रहती हैं। काजोल ने अब एक्टिंग के साथ-साथ रियल एस्टेट में भी कदम रख दिया है। काजोल ने मुंबई के गोरेगांव वेस्ट ...
जानिए क्यों पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास पर है 2100 करोड़ रुपए निवेश
पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास अपने करियर के शानदार दौर से गुजर रहे हैं, और निर्विवाद रूप से अखिल भारतीय सुपरस्टार के रूप में अपनी जगह पक्की कर रहे हैं। बाहुबली, सलार, कल्कि 2898 एडी जैसी बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने वाली फिल्मों के साथ, उन्होंने भारतीय ...
खतरों के खिलाड़ी सीजन 14 के कंटेस्टेंट अभिषेक कुमार जिन्होंने बिग बॉस 17 में अपने कार्यकाल से काफी लोकप्रियता हासिल की, अपने आकर्षक व्यक्तित्व से लोगों के दिलों पर राज कर रहे हैं। विवादित रियलिटी शो में उनकी भागीदारी ने उन्हें स्टार बना दिया और उन्हें रातोंरात सफलता दिलाई। अभिषेक जो वर्तमान में रोहित शेट्टी के शो खतरों के खिलाड़ी 14 में हैं, ने साझा किया कि वह एक प्रोडक्शन हाउस खोलना चाहते हैं। इसे भी पढ़ें: Kartik Aaryan का खुलासा, Pyaar Ka Punchnama की सफलता के बावजूद उनके पास ‘कोई ऑफर नहीं था, कोई पैसा नहीं था ईटाइम्स टीवी के साथ एक इंटरव्यू में, अभिषेक ने खुलासा किया कि वह भविष्य के लिए पैसे बचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता चाहते हैं कि वह मुंबई में एक घर खरीदें, लेकिन वह एक व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। अभिषेक ने कहा कि वह एक उद्यमी बनना चाहते हैं और उनके बड़े सपने हैं जिन्हें वह हासिल करना चाहते हैं। अभिषेक कुमार मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते इंटरव्यू में, अभिषेक ने कहा कि उन्होंने पैसे बर्बाद करना बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते क्योंकि शहर काफी महंगा है और कहा कि किराए पर रहना एक समझदारी भरा फैसला है। उन्होंने यहां तक कहा कि घर खरीदने में बड़ी रकम लगाने और फिर हर महीने लोन के रूप में बैंक को बड़ी EMI चुकाने का कोई मतलब नहीं है। इसे भी पढ़ें: Karan Johar को कोर्ट से मिली राहत, फिल्म Shaadi Ke Director Karan Aur Johar की रिलीज परह लगी रोक अभिषेक ने कहा कि वह अपना पैसा निवेश करना चाहते हैं और उस पर ब्याज पाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह रवि दुबे और सरगुन मेहता की तरह एक प्रोडक्शन हाउस स्थापित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि उनका परिवार चंडीगढ़ में घर खरीदे, लेकिन मुंबई में नहीं क्योंकि वे वहीं रह सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह पैसे बचाना चाहते हैं और कोई दूसरा व्यवसाय शुरू करने में निवेश कर सकते हैं। KKK 14 की बात करें तो शिल्पा शिंदे शो से बाहर हो गईं। एक यूट्यूब चैनल के अनुसार, सनी वरुण ने बात की, गश्मीर, करणवीर, अदिति और अभिषेक ने निष्कासन स्टंट किया।
कंगना रनौत के किस बयान पर भड़की CISF की महिला जो सरेआम एक्ट्रेस को जड़ दिया थप्पड़, जानिए पूरा मामला
चंडीगढ़: हिमाचल की मंडी लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी सांसद एवं एक्ट्रेस कंगना रनौत से चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर बदसलूकी के पश्चात् हंगामा मचा हुआ है. दरअसल, 6 जून को कंगना दिल्ली जाने के लिए चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर पहुंची थीं. तभी सिक्योरिटी चेक के पश्चात् CISF की एक महिला जवान कुलविंदर कौर ने उनको थप्पड़ मार दिया. हालांकि CISF की अपराधी महिला कर्मी को निलंबित कर दिया गया है तथा उनके खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है. ऐसे में सवाल ये उठता है कि CISF की जवान ने थप्पड़ क्यों मारा, तो इसका जवाब है कंगना का 4 वर्ष पुराना एक ट्वीट. कंगना रनौत ने इस ट्वीट में 3 कृषि कानूनों के खिलाफ हुए किसान आंदोलन के चलते पंजाब की 80 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला किसान की गलत पहचान करते तथा उन्हें बिलकिस बानो कहा था. कंगना ने जो ट्वीट किया था उसमें एक वृद्ध महिला नजर आ रही थीं, जो भले ही झुककर चल रही थीं, लेकिन उन्होंने किसान आंदोलन का झंडा बुलंद किए हुए था. उनका नाम मोहिंदर कौर था. कंगना ने मोहिंदर कौर की फोटो को ट्वीट करते हुए लिखा था कि ''हा हा. ये वही दादी हैं जिन्हें टाइम मैगज़ीन की 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की लिस्ट में सम्मिलित किया गया था.... और ये 100 रुपये में उपलब्ध हैं. हालांकि कंगना रनौत ने बाद में ये ट्वीट डिलीट कर दिया था. बता दें कि कंगना ने जिस बिलकिस बानो का जिक्र किया था, वह 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला हैं तथा उन्होंने दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में CAA प्रोटेस्ट के चलते अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बटोरी थीं. कंगना के इस बयान को लेकर CISF की महिला जवान भड़की हुई थी. चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर कंगना से बदसलूकी का वीडियो सामने आया था, इसमें CISF की यह जवान कहती नजर आ रही है कि 'इसने बोला था किसान आंदोलन में 100-100 रुपये में महिलाएं बैठती थीं. वहां मेरी मां भी थी'. राहुल गांधी ने भाजपा पर लगाया शेयर बाजार में हेराफेरी का आरोप, बताया देश का सबसे बड़ा घोटाला उत्तर भारत में भीषण गर्मी का कहर जारी, यूपी के कुछ क्षेत्रों में राहत की उम्मीद बिहार के गया जिले में भीषण सड़क हादसा, तीन लोगों की मौत

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