शेयर बाजार की धमाकेदार शुरुआत, सेंसेक्स 400 अंक उछला और निफ्टी 24,100 के पार
भारतीय शेयर बाजार में आज सुबह की शुरुआत बेहद शानदार और सकारात्मक रही है। ओपनिंग बेल बजते ही घरेलू स्टॉक मार्केट पूरी तरह से हरे निशान में नहाया हुआ नजर आया। मजबूत वैश्विक संकेतों और घरेलू संस्थागत निवेशकों की चौतरफा खरीदारी के दम पर सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही प्रमुख सूचकांकों ने तेज रफ्तार पकड़ ली है। बाजार खुलते ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स करीब 400 अंकों की भारी बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा, वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर 24,100 के पार निकल गया है।आईटी और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में आई तूफानी तेजीआज के शुरुआती कारोबार में सबसे ज्यादा चमक आईटी (Information Technology) और रियल्टी (Real Estate) सेक्टर के शेयरों में देखने को मिल रही है। दिग्गज आईटी कंपनियों के शेयरों में मजबूत लिवाली दर्ज की गई है, जिससे पूरे सेक्टर को बड़ा बूस्ट मिला है। इसके साथ ही रियल्टी इंडेक्स भी आज सुबह से ही रॉकेट बना हुआ है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक बाजारों से आ रहे अच्छे संकेतों और तकनीकी कंपनियों के बेहतर आउटलुक के कारण निवेशक इन सेक्टर्स पर जमकर दांव लगा रहे हैं, जिससे बाजार की इस तेजी को और मजबूती मिल रही है।वैश्विक संकेतों और लोकल सेंटीमेंट्स ने बाजार को दिया सहाराआज सुबह एशियाई बाजारों से मिल रहे मजबूत और सकारात्मक संकेतों ने भारतीय निवेशकों के हौसले बुलंद कर दिए हैं। अमेरिकी बाजारों में आई तेजी का सीधा असर आज हमारे घरेलू बाजार पर ओपनिंग के समय ही साफ तौर पर दिखाई दिया। इसके अलावा, देश के स्थानीय और क्षेत्रीय बाजारों से आ रहे मजबूत आर्थिक आंकड़े (Local Economic Data) और कॉर्पोरेट अर्निंग्स के बेहतर अनुमानों ने भी बाजार के सेंटीमेंट को बूस्ट करने का काम किया है। ओपनिंग मिनटों में ही चौतरफा खरीदारी आने से ट्रेडर्स काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं।निफ्टी के इन शेयर्स में दिख रही है सबसे ज्यादा हलचलशुरुआती कारोबार में निफ्टी के टॉप गेनर्स की सूची में आईटी और रियल्टी दिग्गजों के साथ-साथ कुछ चुनिंदा बैंकिंग शेयर्स भी शामिल हैं। निवेशकों द्वारा छोटे और मझोले (Midcap & Smallcap) शेयरों में भी दिलचस्पी दिखाए जाने के कारण बाजार का चौतरफा आउटलुक काफी मजबूत नजर आ रहा है। बाजार के जानकारों का कहना है कि अगर निफ्टी आज 24,100 के स्तर के ऊपर खुद को बनाए रखने में कामयाब रहता है, तो आने वाले ट्रेडिंग सेशन्स में हमें बाजार में और भी नए रिकॉर्ड बनते हुए दिखाई दे सकते हैं।निवेशकों और इंट्राडे ट्रेडर्स के लिए आज क्या है विशेषज्ञों की रायबाजार के मौजूदा रुख को देखते हुए मार्केट एक्सपर्ट्स और तकनीकी विश्लेषकों का कहना है कि आज इंट्राडे ट्रेडर्स को 'बाय ऑन डिप्स' यानी हर छोटी गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनानी चाहिए। निफ्टी के लिए अब 24,000 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट की तरह काम करेगा। विशेषज्ञों का सुझाव है कि आज के तेजी वाले माहौल में निवेशकों को आईटी और रियल्टी के साथ-साथ लार्ज-कैप शेयरों पर विशेष फोकस रखना चाहिए, लेकिन किसी भी नए निवेश से पहले स्टॉप-लॉस का कड़ाई से पालन करना बेहद जरूरी है।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश के गैर-बैंकिंग वित्तीय क्षेत्र (NBFC Sector) में पारदर्शिता और वित्तीय स्थिरता को बढ़ाने के लिए एक बहुत बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय बैंक ने अब 1 लाख करोड़ रुपये या उससे अधिक की संपत्ति (Asset Size) वाली नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFCs) को 'अपर लेयर' (NBFC-UL) कैटेगरी में रखने के नियमों को बेहद आसान और ठोस बना दिया है।आरबीआई के इस नए फैसले के बाद अब सबसे बड़ा असर देश के दिग्गज कॉर्पोरेट घराने टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस (Tata Sons) पर पड़ने जा रहा है। नए और कड़े रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के कारण टाटा संस के लिए अब शेयर बाजार (Stock Market) में लिस्ट होने से बचने के सभी रास्ते लगभग बंद हो गए हैं। आइए विस्तार से समझते हैं कि रिजर्व बैंक का यह नया नियम क्या है और इससे टाटा संस की मुश्किलें क्यों बढ़ गई हैं।अब क्या है अपर लेयर NBFC की पहचान का नया पैमाना?पहले के नियमों (फ्रेमवर्क) के तहत, अपर लेयर NBFC की पहचान करने के लिए कंपनियों के आकार (Size), इंटरकनेक्टेडनेस (आपसी जुड़ाव) और उनकी जटिलता पर आधारित एक पेचीदा स्कोरिंग पद्धति (Scoring Method) का इस्तेमाल किया जाता था। लेकिन अब केंद्रीय बैंक ने इस जटिल तरीके को हटाकर एक साफ और सीधा मानदंड अपना लिया है।नए संशोधन निर्देश, 2026 के अनुसार:1 लाख करोड़ का नियम: अब वे सभी NBFC अपर लेयर का हिस्सा होंगी, जिनका कुल एसेट साइज (संपत्ति का आकार) चालू वित्त वर्ष की लेटेस्ट ऑडिटेड बैलेंस शीट के अनुसार 1,00,000 करोड़ रुपये या उससे अधिक है।हर 3 साल में समीक्षा: इस 1 लाख करोड़ रुपये की एसेट साइज सीमा की समय-समय पर समीक्षा की जाएगी और हर 3 साल में इस लिमिट को दोबारा परखा जाएगा।ग्रुप एंटिटी के लिए नियम: यदि कोई NBFC किसी कमर्शियल बैंक की ग्रुप एंटिटी है और दोनों एक जैसा बिजनेस या गतिविधि कर रहे हैं, तो उस NBFC को सभी कड़े नियमों का पालन करना ही होगा, चाहे वह किसी भी लेयर में आती हो।स्केल बेस्ड रेगुलेशन (SBR) के तहत NBFC की 4 कैटेगरीरिजर्व बैंक वित्तीय जोखिम (Risk Profile) और देश की अर्थव्यवस्था के लिए उनके महत्व के आधार पर एनबीएफसी को रेगुलेट करता है। इसके तहत पूरे सेक्टर को चार स्तरों (Layers) में बांटा गया है:लेयर का नामकौन सी कंपनियां आती हैं इसमें?1. NBFC-बेस लेयर (NBFC-BL)सबसे निचले स्तर की कंपनियां, जिन पर कम नियम लागू होते हैं।2. NBFC-मिडिल लेयर (NBFC-ML)मध्यम आकार की एनबीएफसी।3. NBFC-अपर लेयर (NBFC-UL)1 लाख करोड़ रुपये से अधिक एसेट वाली शीर्ष कंपनियां, जिन पर कड़े नियम लागू होते हैं।4. NBFC-टॉप लेयर (NBFC-TL)यदि अपर लेयर की किसी कंपनी से सिस्टम को बहुत बड़ा जोखिम दिखता है, तो उसे इस टॉप लेयर में डाला जाता है।टाटा संस के लिए प्राइवेट बने रहने का रास्ता कैसे हुआ बंद?अपर लेयर एनबीएफसी को लेकर आए इस स्पष्टीकरण के बाद अब पूरा वित्तीय बाजार टाटा ग्रुप की पैरेंट कंपनी टाटा संस पर नजरें गड़ाए हुए है। टाटा संस वर्तमान में एक कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी (CIC) के रूप में रिजर्व बैंक के पास रजिस्टर्ड है।विवाद और पृष्ठभूमि:आरबीआई ने साल 2022 में ही टाटा संस को 'अपर-लेयर एनबीएफसी' की सूची में डाल दिया था। नियमों के मुताबिक, इस श्रेणी में आने वाली किसी भी कंपनी को तीन साल के भीतर यानी सितंबर 2025 तक शेयर बाजार में लिस्ट होना अनिवार्य था। लेकिन टाटा संस स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टिंग की कड़ी बाध्यताओं से बचना चाहती थी, जिसके लिए उसने अपना सीआईसी (CIC) लाइसेंस रद्द करने और एनबीएफसी रजिस्ट्रेशन सरेंडर करने की अर्जी आरबीआई को दी थी।क्यों बढ़ीं मुश्किलें?इकोनॉमिक टाइम्स इंटेलिजेंस ग्रुप (ETIG) के ताजा वित्तीय विश्लेषण के मुताबिक, केवल स्टैंडअलोन बेसिस (Standalone Basis) पर ही टाटा संस की कुल संपत्ति लगभग 1.9 लाख करोड़ रुपये की है। यह आरबीआई द्वारा तय की गई 1 लाख करोड़ रुपये की नई सीमा से बहुत ज्यादा है। वहीं कंपनी का कंसोलिडेटेड मार्केट कैप 300 अरब डॉलर से भी ऊपर जा चुका है।आरबीआई ने साफ कर दिया है कि वह नियमों में किसी भी कंपनी को कोई विशेष छूट नहीं देगा। ऐसे में टाटा संस का एसेट साइज बहुत बड़ा होने के कारण वह स्वतः ही अपर लेयर के दायरे में बनी रहेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्पष्ट रुख के बाद टाटा संस के एक 'प्राइवेट लिमिटेड' कंपनी बने रहने की बची-खुची संभावनाएं भी खत्म हो गई हैं और आने वाले समय में उसे भारतीय शेयर बाजार में अपना आईपीओ (IPO) लाना ही पड़ेगा।
देश के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित कॉर्पोरेट घराने 'टाटा ग्रुप' की होल्डिंग कंपनी टाटा संस (Tata Sons) को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) से एक बड़ा झटका लगा है। केंद्रीय बैंक ने नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कॉर्पोरेशन (NBFC) के नियमों को सख्त बनाए रखने का फैसला किया है, जिससे टाटा संस को रेगुलेटरी मोर्चे पर कोई राहत नहीं मिली है।आरबीआई ने एनबीएफसी की 'अपर-लेयर' (Upper-Layer) में शामिल होने के लिए एसेट (संपत्ति) की सीमा को 1 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2.5 लाख करोड़ रुपये करने की कॉर्पोरेट जगत की मांग को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। आसान भाषा में समझें तो आरबीआई के इस कड़े रुख का मतलब यह हुआ कि टाटा संस अभी भी रिजर्व बैंक के कड़े निगरानी दायरे (CIC-Core Investment Company) में बनी रहेगी और नियमों के तहत उसे भारतीय शेयर बाजार में लिस्ट होना अनिवार्य होगा।क्यों एसेट लिमिट में बदलाव चाहती थी टाटा संस?एनबीएफसी सेक्टर और टाटा ग्रुप की तरफ से लंबे समय से यह दलील दी जा रही थी कि किसी भी कंपनी के दर्जे को तय करने के लिए केवल संपत्ति का आकार ही नहीं, बल्कि उसके मुनाफे, वित्तीय स्थिरता और एसेट क्वालिटी को भी पैमाना बनाया जाना चाहिए। यदि आरबीआई इंडस्ट्री की मांग को मानते हुए एसेट लिमिट को बढ़ाकर ढाई लाख करोड़ रुपये कर देता, तो टाटा संस इस कड़े नियम के दायरे से पूरी तरह बाहर हो जाती।वित्तीय वर्ष 2026 (FY26) के आंकड़ों के अनुसार, टाटा संस की कुल standalone संपत्ति 1.75 लाख करोड़ रुपये दर्ज की गई है। यह संपत्ति आरबीआई की मौजूदा 1 लाख करोड़ रुपये की सीमा से तो अधिक है, लेकिन प्रस्तावित ढाई लाख करोड़ रुपये की सीमा से कम थी। हालांकि, रिजर्व बैंक अपने इस वित्तीय स्थिरता के फैसले से टस से मस नहीं हुआ।डूबी कंपनी तो पूरे फाइनेंशियल सिस्टम को खतरा: आरबीआईएक लाख करोड़ रुपये की इस सीमा को बरकरार रखने के पीछे रिजर्व बैंक ने बेहद मजबूत तर्क दिया है। आरबीआई का कहना है कि यह लिमिट मौजूदा एनबीएफसी सेक्टर की जमीनी हकीकत और इस दायरे में आने वाली कंपनियों के वित्तीय प्रोफाइल का गहन विश्लेषण करने के बाद ही तय की गई है।केंद्रीय बैंक ने साफ किया कि 'टू बिग टू फेल' (Too Big to Fail) के सिद्धांत के तहत इस स्तर की किसी भी बड़ी वित्तीय कंपनी के डूबने या संकट में आने से पूरे देश के फाइनेंशियल सिस्टम की स्थिरता और बैंकिंग नेटवर्क को बड़ा खतरा हो सकता है। आपको बता दें कि आरबीआई ने सबसे पहले सितंबर 2022 में ही टाटा संस को 'अपर-लेयर एनबीएफसी' की श्रेणी में डाला था, जिसके बाद से ही उसके लिए शेयर बाजार में अपना आईपीओ (IPO) लाना कानूनी रूप से जरूरी हो गया था।कर्ज चुकाकर रजिस्ट्रेशन सरेंडर करने की चाल; बोर्ड में खुलकर आया मतभेदशेयर बाजार में लिस्टिंग और आईपीओ की कड़े वैधानिक नियमों व बाध्यताओं से बचने के लिए टाटा संस ने पिछले दिनों एक रणनीतिक कदम उठाया था। कंपनी ने अपने ऊपर बकाया सभी तरह के कर्जों को पूरी तरह चुका दिया (Debt-Free) और खुद को कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी के दायरे से बाहर बताते हुए आरबीआई के पास अपना एनबीएफसी रजिस्ट्रेशन सरेंडर (रद्द) करने के लिए आवेदन कर दिया। टाटा संस का यह आवेदन अभी भी आरबीआई के पास लंबित (Pending) है।इस बीच, टाटा संस के बोर्ड रूम के भीतर लिस्टिंग को लेकर दो बड़े दिग्गजों के बीच वैचारिक मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं:नोएल टाटा (Noel Tata): टाटा ट्रस्ट्स द्वारा नामांकित डायरेक्टर नोएल टाटा कंपनी की शेयर बाजार में लिस्टिंग और आईपीओ लाने के सख्त खिलाफ हैं। उनका मानना है कि होल्डिंग कंपनी की गोपनीयता बनी रहनी चाहिए।वेणु श्रीनिवासन (Venu Srinivasan): ट्रस्ट के ही दूसरे नामांकित डायरेक्टर वेणु श्रीनिवासन लिस्टिंग के पक्ष में हैं। उनका तर्क है कि पब्लिक लिस्टिंग से पारदर्शिता बढ़ेगी।आपको बता दें कि टाटा ट्रस्ट्स ही टाटा संस में सबसे बड़ी और मुख्य शेयरधारक (Shareholder) है, इसलिए बोर्ड के इस आंतरिक विवाद पर पूरे बाजार की नजरें टिकी हैं।standalone बैलेंस शीट से होगी जांच; बढ़ेंगी टाटा संस की मुश्किलेंआरबीआई ने अपने नए आदेश में स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी एनबीएफसी कंपनी का मूल्यांकन उसके पूरे ग्रुप के एकीकृत खातों (Consolidated Accounts) के आधार पर नहीं, बल्कि उसकी व्यक्तिगत standalone ऑडिटेड बैलेंस शीट के आधार पर ही किया जाएगा। इसके अलावा, केंद्रीय बैंक अब हर 5 साल के बजाय हर 3 साल में इस एसेट लिमिट की समीक्षा करेगा ताकि तेजी से बदलते वित्तीय माहौल पर कड़ी नजर रखी जा सके।सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आरबीआई ने साफ तौर पर कहा है कि वह किसी भी विशिष्ट कंपनी को इस नियम में कोई 'विशेष छूट' या रियायत नहीं देगा। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आरबीआई की यह टिप्पणी भले ही सीधे तौर पर कुछ सरकारी एनबीएफसी के संदर्भ में आई हो, लेकिन इसका सीधा और गहरा असर टाटा संस के रजिस्ट्रेशन रद्द करने वाले आवेदन पर पड़ेगा, जिससे टाटा संस के लिए अब आईपीओ के रास्ते पर आगे बढ़ना लगभग तय माना जा रहा है।
वैश्विक और घरेलू सर्राफा बाजार से इस वक्त की सबसे बड़ी आर्थिक खबर सामने आ रही है। ग्लोबल मार्केट में छाई मंदी और अमेरिकी डॉलर सूचकांक (Dollar Index) में आई रिकॉर्ड मजबूती के चलते सोने और चांदी की कीमतों में भारी हाहाकार मचा हुआ है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आ रही इस बड़ी गिरावट का आलम यह है कि आज गुरुवार को सोने के दाम टूटकर नवंबर 2025 के बाद के अपने सबसे निचले स्तर (Lowest Level) पर आ गए हैं।अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बढ़ती संभावनाओं के कारण निवेशकों ने फिलहाल सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने से दूरी बना ली है। इंटरनेशनल मार्केट में हाजिर सोना (Spot Gold) करीब ढाई फीसदी की बड़ी गिरावट के साथ 3,997 डॉलर प्रति औंस पर आ गया है, जबकि चांदी भी फिसलकर 57 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही है। भारतीय घरेलू बुलियन मार्केट में भी इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है, जहां 24 कैरेट शुद्ध सोने की कीमत लुढ़ककर 141,220 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गई है।दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 1,200 और चांदी 4,000 रुपये लुढ़कीअमेरिकी मौद्रिक नीति (US Monetary Policy) को लेकर बदलते वैश्विक अनुमानों के बीच भारतीय बाजारों में पिछले कुछ कारोबारी सत्रों से लगातार गिरावट का रुख बना हुआ है। दिल्ली सर्राफा बाजार में बीते शाम को सोना 1,200 रुपये की बड़ी छलांग लगाकर सीधे 1,48,100 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जबकि इससे पिछले सत्र में यह 1,49,300 रुपये पर बंद हुआ था।सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी लगातार दूसरे दिन तगड़ी गिरावट दर्ज की गई है। चांदी का भाव 4,000 रुपये प्रति किलो टूटकर 2,31,000 रुपये प्रति किलो रह गया। गौर करने वाली बात यह है कि इससे ठीक पिछले सत्र में चांदी में 10,500 रुपये की अब तक की सबसे बड़ी ऐतिहासिक गिरावट देखी गई थी। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इस हालिया उठापटक के बाद चांदी अब अप्रैल की शुरुआत वाले अपने निचले स्तर पर वापस पहुंच गई है।क्यों टूट रहे हैं सोने-चांदी के दाम? ये हैं 2 सबसे बड़े कारणवैश्विक स्तर पर कीमती धातुओं की कीमतों में आ रहे इस बड़े क्रैश के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े भू-राजनीतिक और आर्थिक कारण काम कर रहे हैं:ईरान जंग का संकट टलना: वैश्विक स्तर पर पिछले काफी समय से ईरान और मिडल ईस्ट में युद्ध को लेकर जो गहरा डर बना हुआ था, वह अब धीरे-धीरे पूरी तरह टलने लगा है। जैसे ही युद्ध की आशंका कम हुई, निवेशकों ने सोने-चांदी जैसे सुरक्षित ठिकानों से अपना मुनाफावसूली (Profit Booking) कर पैसा निकालना शुरू कर दिया और उसे इक्विटी मार्केट में लगाने लगे हैं।अमेरिकी फेडरल रिजर्व का सख्त रुख: अमेरिकी केंद्रीय बैंक 'फेडरल रिजर्व' ने अपनी हालिया नीतिगत बैठक में ब्याज दरों को लेकर बेहद सख्त संकेत दिए हैं। बाजार के बड़े ट्रेडर्स अब यह मानकर चल रहे हैं कि फेडरल रिजर्व अपनी तय समय-सीमा से पहले, यानी आगामी सितंबर महीने की शुरुआत में ही ब्याज दरों में बढ़ोतरी का फैसला कर सकता है। जब भी ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो सोने की चमक फीकी पड़ जाती है।अपने ऑल-टाइम रिकॉर्ड हाई से धड़ाम हुए रेटइस साल की शुरुआत में जनवरी 2026 के दौरान सोने और चांदी ने जो आसमान छूते हुए रिकॉर्ड स्तर बनाए थे, वर्तमान कीमतें उस मुकाबले आधे से भी कम दाम पर आ चुकी हैं। चांदी जनवरी 2026 में 121 डॉलर प्रति औंस के अपने ऑल-टाइम हाई (All-Time High) पर थी, जो अब वहां से घटकर केवल 57 डॉलर प्रति औंस से भी नीचे आ गई है। यह दिसंबर 2025 के बाद का इसका सबसे निचला स्तर है। वहीं, सोना भी जनवरी में बनाए गए अपने ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्तर 5,594.82 डॉलर प्रति औंस से अब तक 1,500 डॉलर से ज्यादा टूट चुका है।13 महीने के रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा अमेरिकी डॉलरपृथ्वी फिनमार्ट के डायरेक्टर मनोज कुमार जैन के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर इस समय अपने 13 महीने के सबसे उच्चतम स्तर पर ट्रेड कर रहा है। डॉलर के मजबूत होने का सीधा और विपरीत असर सोने-चांदी की कीमतों पर पड़ता है। इसके अलावा, दुनिया भर में महंगाई की उम्मीदें कम होने से भी सोने को मिलने वाला पारंपरिक सपोर्ट कमजोर हुआ है।हालांकि, मनोज कुमार जैन का यह भी कहना है कि दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों (Central Banks) की तरफ से की जा रही लगातार सोने की खरीदारी की वजह से सोने को 3,900 डॉलर के पास एक बेहद मजबूत सपोर्ट मिल रहा है। इस सपोर्ट लेवल के कारण सोना किसी और बड़ी गिरावट से बच सकता है और आने वाले कुछ हफ्तों तक कीमतें इसी सीमित दायरे में बनी रह सकती हैं।घरेलू बुलियन और IBJA मार्केट की ताजा रेट लिस्टबुलियन मार्केट के समापन सत्र और इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा बुधवार शाम को जारी किए गए आधिकारिक रेट्स के अनुसार विभिन्न कैरेट के सोने और चांदी का भाव कुछ इस प्रकार दर्ज किया गया है:बुलियन मार्केट क्लोजिंग रेट्स (प्रति 10 ग्राम):24 कैरेट गोल्ड: 141,220 रुपये22 कैरेट गोल्ड: 129,452 रुपये20 कैरेट गोल्ड: 117,683 रुपये18 कैरेट गोल्ड: 105,915 रुपयेचांदी (प्रति किलो): 213,440 रुपयेIBJA आधिकारिक रेट लिस्ट (बुधवार शाम):24 कैरेट गोल्ड: 142,178 रुपये23 कैरेट गोल्ड: 141,609 रुपये22 कैरेट गोल्ड: 130,235 रुपये18 कैरेट गोल्ड: 106,634 रुपयेचांदी (क्लोजिंग प्राइस): 222,035 रुपये प्रति किलोशादियों और त्योहारों के सीजन से ठीक पहले सोने और चांदी की कीमतों में आई यह भारी गिरावट उन आम ग्राहकों के लिए आभूषण खरीदने का एक शानदार मौका हो सकती है, जो लंबे समय से सही दामों का इंतजार कर रहे थे।
योगी बोले- बीमारू टैग से बाहर निकला यूपी:बेंगलुरु में उद्योगपतियों को दिया निवेश का न्योता
बेंगलुरु में आयोजित उत्तर प्रदेश ग्लोबल ग्रोथ डायलॉग-2026 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उद्योग जगत के दिग्गजों के सामने नए उत्तर प्रदेश की तस्वीर रखी। योगी ने कहा- आज यूपी सेफ्टी, स्टेबिलिटी और स्पीड यानी 3S मॉडल पर आगे बढ़ रहा है। 9 साल पहले जिस यूपी की पहचान बीमारू राज्य के तौर पर होती थी, वही अब निवेश और उद्योग का बड़ा केंद्र बन रहा है। सभी क्षेत्रों में निवेश के लिए बेहतर माहौल तैयार किया है। मैं आज आप सबको यूपी में आमंत्रित करता हूं। इस कार्यक्रम में यूपी के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और देश के कई बड़े उद्योगपतियों ने शिरकत की। जहां यूपी सरकार ने नए निवेश को आकर्षित करने के लिए अपना विजन साझा किया। 2 तस्वीरें देखिए सीएम योगी के भाषण की 5 मुख्य बातें 1. यूपी बना 3S मॉडल, सेफ्टी, स्टेबिलिटी और स्पीडसीएम योगी ने कहा कि आज यूपी उद्योगों के लिए 3S मॉडल (सेफ्टी, स्टेबिलिटी और स्पीड) के रूप में उभर रहा है। किसी भी इंडस्ट्री के विकास के लिए मजबूत कानून व्यवस्था, स्थिर माहौल और तेज फैसले जरूरी होते हैं। यूपी ने खुद को एक मजबूत रूल ऑफ लॉ वाले राज्य के रूप में स्थापित किया है। पारदर्शी शासन और निवेश के अनुकूल नीतियों से प्रदेश में उद्योगों के लिए बेहतर माहौल तैयार हुआ है। 2. इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी में यूपी की नई पहचानयूपी में पिछले कुछ वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में बड़ा बदलाव हुआ है। प्रदेश में एक्सप्रेस-वे, सड़क, रेलवे, एयर और जलमार्ग कनेक्टिविटी का मजबूत नेटवर्क तैयार हुआ है। यूपी के पास देश का सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क और सबसे ज्यादा एक्सप्रेस-वे नेटवर्क है। दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और वाराणसी से हल्दिया तक नेशनल इनलैंड वाटरवे जैसी परियोजनाएं प्रदेश को नई गति दे रही हैं। 3. 9 साल में बदली यूपी की तस्वीर और परसेप्शन9 साल पहले उत्तर प्रदेश की पहचान खराब कानून व्यवस्था, पलायन और विकास की कमी वाले राज्य के रूप में होती थी। लेकिन आज यूपी की छवि पूरी तरह बदल चुकी है। अब प्रदेश निवेश, उद्योग और विकास की नई कहानी लिख रहा है। उन्होंने कहा कि यूपी में आज वह हर सुविधा उपलब्ध है, जो भारत की विकास यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी है। 4. MSME और इंडस्ट्री सेक्टर में तेज विकासयूपी में आज करीब 96 लाख MSME यूनिट काम कर रही हैं। 'वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट' योजना के जरिए स्थानीय उत्पादों और छोटे उद्योगों को नई पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि पिछले 9 वर्षों में प्रदेश में बड़े औद्योगिक संस्थानों की संख्या करीब 14 हजार से बढ़कर 33 हजार से अधिक हो गई है। मैन्युफैक्चरिंग और उद्योगों के लिए यूपी में निवेश की बड़ी संभावनाएं मौजूद हैं। 5. स्किल्ड टैलेंट और निवेश के लिए तैयार यूपीयूपी में युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट का मजबूत नेटवर्क है। प्रदेश हर साल बड़ी संख्या में STEM (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथमेटिक्स) ग्रेजुएट तैयार करता है। आईआईटी, आईआईएम, टेक्निकल यूनिवर्सिटी और वोकेशनल एजुकेशन संस्थानों के जरिए इंडस्ट्री की जरूरत के अनुसार स्किल्ड मैनपावर उपलब्ध है। उन्होंने निवेशकों से यूपी की ग्रोथ स्टोरी में भागीदार बनने और विकसित भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में सहयोग करने की अपील की। यूपी के निवेश अवसरों पर मंथन, कई सेक्टरों पर हुई चर्चा सीएम योगी ने 'उत्तर प्रदेश ग्लोबल ग्रोथ डायलॉग-2026' के तहत IT, ITeS, AI और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) को लेकर हुई उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इसमें उन्होंने टेक्नोलॉजी कंपनियों, निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों से यूपी में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। इस कार्यक्रम में देश के बड़े उद्योगपति, बिजनेस लीडर और निवेशक शामिल हुए। इसमें इन्फ्रास्ट्रक्चर, IT-ITeS, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) और FDI जैसे क्षेत्रों में यूपी में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने राज्य की निवेश नीतियों और विकास के अवसरों को लेकर अपने विचार साझा किए। IT और AI सेक्टर के निवेशकों से किया संवाद बैठक में प्रदेश की बेहतर कानून-व्यवस्था, निवेश के लिए अनुकूल नीतियों, कुशल मानव संसाधन और AI, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर व डिजिटल इनोवेशन के क्षेत्र में मौजूद अवसरों को सामने रखा गया। यूपी के विकास मॉडल को प्रस्तुत किया गया, जिसमें बेहतर शहरी विकास, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, अच्छी कनेक्टिविटी और निवेश के लिए अनुकूल नीतियों पर जोर दिया गया। निवेशकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने प्रदेश के सुशासन और मजबूत औद्योगिक माहौल की सराहना की। ………………………… ये खबर भी पढिए… राममंदिर चोरी-SIT ने चंपत राय समेत 17 को आरोपी माना:इन पर FIR लगभग तय; टिन्नू के पास मिलीं दानपात्रों की चाबियां अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने जांच रिपोर्ट में मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और निर्माण प्रभारी गोपाल राव समेत 17 लोगों को आरोपी माना है। इनके खिलाफ FIR होना लगभग तय माना जा रहा है। सूत्रों से यह जानकारी मिली है। पूरी खबर पढ़िए…
भिंड में साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों के बीच भिंड पुलिस ने लोगों को ऑनलाइन ठगी से बचाने के लिए 15 दिवसीय जागरूकता अभियान ‘सेफ क्लिक 2.0’ की शुरुआत की है। बुधवार से शुरू हुआ यह अभियान 8 जुलाई 2026 तक जिलेभर में संचालित किया जाएगा। इसके तहत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया जाएगा तथा सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार वर्मा के निर्देशन में शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य आम नागरिकों को इंटरनेट, स्मार्टफोन और डिजिटल प्लेटफॉर्म के सुरक्षित उपयोग की जानकारी देना है। अभियान के दौरान पुलिस लोगों को साइबर स्वच्छता (साइबर हाइजीन) के महत्व से भी अवगत कराएगी, ताकि ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में कमी लाई जा सके। भिंड पुलिस स्कूलों, कॉलेजों, कोचिंग सेंटरों, बैंक परिसरों, ग्राम पंचायतों, हाट-बाजारों और विभिन्न शासकीय-अर्धशासकीय कार्यालयों में विशेष कार्यक्रम आयोजित करेगी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को ओटीपी फ्रॉड, सिम स्वैपिंग, सेक्सटॉर्शन, डिजिटल अरेस्ट, म्यूल अकाउंट, फिशिंग, हैकिंग, पहचान की चोरी, साइबर स्टॉकिंग, साइबर बुलिंग, डेटा चोरी, फर्जी लोन, फर्जी नौकरी और निवेश के नाम पर होने वाली ठगी से बचने के उपाय बताए जाएंगे। अभियान के जिला स्तरीय नोडल अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप पटेल बनाए गए हैं। वहीं जिले के सभी अनुभागीय अधिकारी और थाना प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में प्रतिदिन जागरूकता गतिविधियों का संचालन करेंगे। तस्वीरों में देखिए पुलिस की एक्टिविटी साइबर ठगी होने पर तुरंत करें शिकायतभिंड पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, वीडियो कॉल, लॉटरी, पार्ट-टाइम जॉब या तत्काल लोन देने के प्रलोभन में न आएं। यदि कोई व्यक्ति ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है तो घटना के बाद का पहला घंटा ‘गोल्डन आवर’ माना जाता है। इस दौरान तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करने या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने से ठगी गई राशि को संबंधित बैंक खातों में फ्रीज कराया जा सकता है और रकम वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है। अभियान के शुभारंभ अवसर पर सीएसपी निरंजन राजपूत, एसडीओपी रविंद्र वास्कले, डीएसपी दीपक तोमर, यातायात निरीक्षक राघवेंद्र भार्गव, साइबर सेल के अधिकारी एवं विभिन्न थानों के प्रभारी मौजूद रहे।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के जमीन खरीद मामले को लेकर बुधवार को दिल्ली में कांग्रेस नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस सांसद व मीडिया विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा और मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री को घेरा है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि यह भूमि खरीद पूरी तरह से सत्ता के संरक्षण में हुई है। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जज (Sitting Judge) से कराने की मांग की है। इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व चुप्पी साधे हुए हैं। इस चुप्पी से साफ है कि इसमें भाजपा और आरएसएस की मिलीभगत है। दूसरी ओर, भाजपा ने कांग्रेस आरोपों पर पलटवार किया है। मंत्री चेतन्य काश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री ओबीसी समाज से हैं, इसलिए कांग्रेस पार्टी उन्हें बदनाम कर रही है। पटवारी ने पूछा- 'एक रुपए' में जमीन एक ट्रस्ट को क्यों दी जीतू पटवारी ने सरकार और भाजपा को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के परिवार की जमीन खरीदी की खबर छपे 30 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है। अगर यह खबर झूठी और बेबुनियाद है, तो मुख्यमंत्री या भाजपा ने अब तक संबंधित अखबार के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं की और मानहानि का मुकदमा दर्ज क्यों नहीं कराया? उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पर मामले को भटकाने का आरोप लगाया और कहा कि जब जमीन पर सवाल पूछा गया तो भाजपा ने मुख्यमंत्री के 'ओबीसी' होने का कार्ड खेल दिया। पटवारी ने पलटवार करते हुए पूछा कि क्या ओबीसी होने का मतलब यह है कि किसी को भी गलत काम करने की छूट मिल जाती है? मैं खुद ओबीसी समाज से आता हूं और मुख्यमंत्री से सीधे जवाब चाहता हूं। वीर भारत न्यास को 1 रुपए में 500 करोड़ की जमीन दी जीतू पटवारी ने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि उज्जैन में 'वीर भारत न्यास' नामक एक ट्रस्ट को 500 करोड़ रुपए की सरकारी जमीन महज '1 रुपए' की टोकन राशि पर दे दी गई। इस ट्रस्ट के ट्रस्टी श्रीराम तिवारी हैं, जो मुख्यमंत्री के सांस्कृतिक सलाहकार हैं। पटवारी ने मुख्यमंत्री से पूछा कि इस ट्रस्ट को इतनी महंगी जमीन किस आधार पर दी गई। मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके परिवार ने जो जमीनों का लैंड बैंक बनाया, उसकी आय का स्रोत क्या था? क्या इन संपत्तियों का विवरण सार्वजनिक नहीं होना चाहिए? उन्होंने चेतावनी दी कि यह घोटाला सिर्फ पहली सीरीज है। उन्होंने दावा किया कि चार दिन पहले ही मुख्यमंत्री के सानिध्य में छह विभागों में ट्रांसफर इंडस्ट्री चलाकर 1000 करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार का स्टिंग देखा है। पटवारी ने मांग की कि सरकार सभी परियोजनाओं की टाइमलाइन साझा करे और वर्ष 2023 के बाद मुख्यमंत्री के परिवार द्वारा खरीदी गई सभी जमीनों को लेकर एक 'श्वेत पत्र' (White Paper) जारी करे। मंत्री चेतन्य काश्यप बोले- सीएम ओबीसी इसलिए बदनाम कर रहे कांग्रेस के इन गंभीर आरोपों पर मध्य प्रदेश के एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप ने पलटवार किया है। उन्होंने भोपाल और दिल्ली में जीतू पटवारी द्वारा की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की छवि खराब करने की एक साजिश करार दिया। काश्यप ने साफ किया कि जीतू पटवारी जिस 'वीर भारत न्यास' ट्रस्ट पर 500 करोड़ की जमीन हथियाने का आरोप लगा रहे हैं, वह कोई निजी ट्रस्ट नहीं बल्कि पूरी तरह से एक सरकारी ट्रस्ट है। जमीन की खरीद CM बनने से पहले की मंत्री चेतन्य काश्यप ने जमीन की स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पास कुल 17 एकड़ जमीन है। वह उनके मुख्यमंत्री बनने से बहुत पहले की है और यह उनकी व्यक्तिगत संपत्ति है। मास्टर प्लान में किसी भी तरह का कोई बदलाव नहीं किया है। मुख्यमंत्री की पुत्रवधू ने 10 एकड़ जमीन खरीदी है, वह भी वर्तमान मास्टर प्लान के दायरे से पूरी तरह बाहर है। काश्यप ने कहा कि जीतू पटवारी ने पढ़ना-लिखना बंद कर दिया है। राज्यसभा चुनाव में मिली करारी हार की हताशा के कारण कांग्रेस इस तरह के बेबुनियाद आरोप लगा रही है। इस तरह की राजनीति करने वाली कांग्रेस को पहले अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर लगे जमीन गड़बड़ी के आरोपों की जांच करानी चाहिए। पवन खेड़ा बोले- 'इंसाइडर ट्रेडिंग' में आरएसएस का संरक्षण कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि यह मामला सिर्फ मध्य प्रदेश का स्थानीय मुद्दा नहीं है, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय विषय है क्योंकि उज्जैन और अयोध्या जैसे शहरों से पूरी दुनिया के करोड़ों लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। श्रद्धालु अपना पेट काटकर जो पैसा दानपात्र में डालते हैं, उसे लूटना लोगों की पीठ में खंजर घोंपने जैसा है। खेड़ा ने कहा कि जमीन हड़पने के इस खेल में शामिल लोगों को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का पूरा संरक्षण प्राप्त है, इसलिए आज के हालात 'संघम शरणम् गच्छामि' जैसे हो गए हैं। उन्होंने कहा कि आरएसएस खुद को एक गैर-पंजीकृत संस्था बनाकर रखता है ताकि उसके पास सारी शक्तियां तो रहें, लेकिन किसी भी गड़बड़ी पर उसकी कोई जिम्मेदारी और जवाबदेही तय न हो सके। खेड़ा बोले- मास्टर प्लान में बदलाव और शेयर मार्केट जैसी 'इंसाइडर ट्रेडिंग' हुई पवन खेड़ा ने मुख्यमंत्री के परिवार द्वारा की गई जमीन खरीदी की तुलना शेयर बाजार के 'इंसाइडर ट्रेडिंग' से की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के पास अंदरुनी और गोपनीय जानकारी थी कि उज्जैन के मास्टर प्लान 2035 में कौन सी सड़कें कहां से गुजरेंगी और कौन सा क्षेत्र विकास योजनाओं के लिए चिन्हित होगा। इस प्रभाव और जानकारी का दुरुपयोग करके मुख्यमंत्री के परिवार ने दिसंबर 2023 में उनके सीएम बनने के बाद 168 एकड़ में से 111 एकड़ जमीन उसी क्षेत्र में खरीद ली, जहां आगामी सिंहस्थ कुंभ मेला होने वाला है। उन्होंने कांग्रेस के नैतिक मूल्यों की याद दिलाते हुए कहा कि आदर्श हाउसिंग सोसायटी घोटाले में सिर्फ सास के नाम पर फ्लैट होने के आरोप पर कांग्रेस ने अशोक चव्हाण का इस्तीफा ले लिया था, लेकिन यहां सैकड़ों एकड़ जमीन के पुख्ता सबूत होने के बाद भी मीडिया में सन्नाटा है और मुख्यमंत्री की कुर्सी बरकरार है। उन्होंने अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री का उदाहरण देते हुए कहा कि आरएसएस से जुड़े मुख्यमंत्रियों पर सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती। ऊर्जा मंत्री बोले- कांग्रेस ने सीएम की छवि खराब की जीतू पटवारी के आरोपों पर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री की छवि कांग्रेस ने खराब की है। मुख्यमंत्री बनने से पहले उन्होंने और उनके परिवार ने जमीन खरीदी थी। मुख्यमंत्री बनने के बाद से कोई जमीन नहीं खरीदी। मुख्यमंत्री का परिवार व्यापार करने के लिए वह स्वतंत्र है और सभी के परिवार के लोग व्यापार करते हैं। सिर्फ मुख्यमंत्री के खिलाफ भ्रामक और निराधार जानकारियां कांग्रेस उठा रही है। मध्य प्रदेश की सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि मुख्यमंत्री की संपत्ति की बारे में जानकारी गलत दी जा रही है। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी कल इसके बारे में सभी के सामने अपना पक्ष रखा है। मुख्यमंत्री को बदनाम करने की साजिश कांग्रेस की हो रही है वह कभी कामयाब नहीं हो पाएगी
कोविड के बाद भारत का विदेशी निवेश, वैश्विक रुझान के विपरीत रही थी तेजी
नई दिल्ली, भारत का बाहरी देशों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (आउटवर्ड एफडीआई) कोविड-19 के बाद के दौर में तेजी से बढ़ा है, जबकि इसके विपरीत दुनिया भर में विदेशी निवेश में गिरावट देखी जा रही है। मंगलवार को जारी बैंक ऑफ बड़ौदा की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
दलाल स्ट्रीट पर आज सुबह से ही बुल्स का पूरा कब्जा देखने को मिल रहा है। हफ्ते के कारोबारी सत्र में घरेलू शेयर बाजार ने एक बार फिर शानदार वापसी की है। चौतरफा खरीदारी के दम पर बंबई स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स करीब 600 अंकों की छलांग लगाकर मजबूत स्थिति में कारोबार कर रहा है। वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 इंडेक्स भी तेजी का नया रिकॉर्ड बनाते हुए 23,950 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया है। बाजार में आई इस अचानक तेजी से निवेशकों की संपत्ति में भारी इजाफा हुआ है और पिछले कुछ दिनों से जारी सुस्ती पूरी तरह गायब हो चुकी है।ग्लोबल मार्केट के मजबूत संकेतों ने भरा बाजार में दम इस बड़ी तेजी के पीछे सबसे मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिलने वाले सकारात्मक संकेत हैं। अमेरिकी बाजारों में आई मजबूती और एशियाई बाजारों में लौटी हरियाली ने भारतीय निवेशकों के सेंटिमेंट को बूस्ट करने का काम किया है। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की ओर से बिकवाली का दबाव कम होने और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) की लगातार खरीदारी ने बाजार के निचले स्तरों पर मजबूत सपोर्ट दिया है। क्रूड ऑयल यानी कच्चे तेल की कीमतों में आई स्थिरता भी भारतीय अर्थव्यवस्था और घरेलू इक्विटी मार्केट के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट साबित हुई है।आईटी सेक्टर के शेयरों में लौटी भारी रौनक आज के इस तेजी के चक्रव्यूह में सबसे आगे देश का आईटी (Information Technology) इंडेक्स दौड़ रहा है। पिछले कुछ सत्रों से दबाव झेल रहे आईटी शेयरों में आज जबरदस्त शॉर्ट कवरिंग और नई खरीदारी देखी जा रही है। टीसीएस (TCS), इंफोसिस (Infosys), टेक महिंद्रा, विप्रो और एचसीएल टेक जैसे दिग्गज आईटी स्टॉक्स में भारी वॉल्यूम के साथ बढ़त दर्ज की गई है। जानकारों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर तकनीकी खर्च में सुधार की उम्मीदों और बड़े डील्स की घोषणाओं के चलते निवेशकों ने एक बार फिर आईटी सेक्टर पर अपना भरोसा जताया है, जिससे पूरा इंडेक्स चमक उठा है।लोकल और क्षेत्रीय बाजारों में बढ़ा रिटेल निवेशकों का भरोसा डिजिटल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स और एआई (AI) आधारित मॉडर्न इन्वेस्टमेंट टूल्स के आ जाने से भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक के लोकल निवेशक भी इस रैली का पूरा फायदा उठा रहे हैं। देश के अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों (Geographical Regions) से रिटेल निवेशकों की भागीदारी शेयर बाजार में लगातार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रही है। यह स्थानीय निवेश भारतीय शेयर बाजार को एक नया और मजबूत आधार प्रदान कर रहा है, जिससे वैश्विक उतार-चढ़ाव के बावजूद भारतीय बाजार लगातार रिकवरी मोड में बने हुए हैं।
भिलाई में घरेलू परेशानियां दूर करने, तंत्र-मंत्र और पूजा-पाठ कराने का झांसा देकर एक महिला से करीब 85 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी ने महिला को कभी जिन्न और प्रेत बाधा का डर दिखाया, कभी निवेश पर मोटा मुनाफा दिलाने का वादा किया। गुप्त पूजा और पति के एक्सीडेंट की भविष्यवाणी कर डराया। इतना ही नहीं, जब महिला ने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपी ने हाथ की नस काटकर व्हाट्सएप पर फोटो भेज दी और खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच में गिरफ्तार बताकर भी लाखों रुपए ऐंठ लिए। भिलाई की रहने वाली संगीता कश्यप ने कोतवाली थाना भिलाई नगर में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने जबलपुर निवासी पवन बधौलिया के खिलाफ धोखाधड़ी, धमकी और अन्य धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रिश्तेदार के जरिए हुई थी पहचान शिकायत के मुताबिक नवंबर 2023 में संगीता कश्यप एक पारिवारिक कार्यक्रम में रायपुर गई थीं। वहां रिश्तेदारों और परिचितों के साथ उनकी मुलाकात पवन बधौलिया से हुई। बातचीत के दौरान महिला ने अपनी घरेलू परेशानियों का जिक्र किया। इस पर पवन ने दावा किया कि उसकी पहुंच ऐसे लोगों तक है जो विशेष पूजा-पाठ और तंत्र-मंत्र के जरिए सारी समस्याएं दूर कर सकते हैं। महिला का आरोप है कि इसके बाद आरोपी लगातार उसे फोन कर ग्रह दोष, प्रेत बाधा और जिन्न का डर दिखाने लगा। वह कहता था कि जबलपुर में गुप्त पूजा कराई जा रही है और इसके लिए पैसे भेजने होंगे। आरोपी ने 43 दिन तक दिया जलाने जैसी बातें भी कहीं और पूजा के नाम पर लगातार रकम मांगता रहा। जिन्न से अनिष्ट हो जाएगा', कहकर बनाता था दबाव महिला ने पुलिस को बताया कि जब भी वह पैसे देने में देरी करती थी, आरोपी उसे डराता था कि जिन्न नाराज हो जाएंगे और परिवार को नुकसान पहुंचा सकते हैं। आरोप है कि उसने कई बार दैवीय शक्तियों का डर दिखाकर पैसे लिए। यहां तक कि अपने रिश्तेदार के जरिए 50 हजार रुपए भी एक क्यूआर कोड पर ट्रांसफर करवाए। पति के एक्सीडेंट की भविष्यवाणी कर मांगे डेढ़ लाख शिकायत में महिला का कहना है कि आरोपी ने उसे कहा था कि यदि विशेष पूजा नहीं कराई गई तो उसके पति का एक्सीडेंट हो सकता है। इसके लिए उसने 1.50 लाख रुपए लिए थे। बाद में महिला के पति का सड़क हादसा हो गया। पति की मौत हो गई। महिला को संदेह है कि आरोपी ने इसी डर का फायदा उठाकर उससे पैसे वसूले। उसने बताया कि पति के अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान भी आरोपी लगातार पैसों की मांग करता रहा। ट्रेडिंग और निवेश के नाम पर भी लिए लाखों महिला के बेटे विक्रांत कश्यप को भी आरोपी ने अपने जाल में फंसा लिया। आरोपी ने शेयर बाजार और ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश करने पर बड़ा मुनाफा मिलने का झांसा दिया। इसके बाद बेटे के बैंक खातों से भी अलग-अलग किस्तों में रकम भेजी गई। आरोपी ने दावा किया था कि वह कुछ लोगों के साथ मिलकर बड़ा निवेश कर रहा है, जिसमें करोड़ों रुपए का फायदा होगा और महिला को ब्याज समेत पूरी रकम लौटा दी जाएगी। लेकिन पैसा वापस नहीं मिला। कभी जेल में होने का बहाना, कभी मां के ऑपरेशन का महिला के अनुसार आरोपी अक्सर अपनी आर्थिक परेशानी बताकर पैसे मांगता था। कभी वह खुद को कोलकाता जेल में बंद बताता, तो कभी मां के ब्रेन हेमरेज और ऑपरेशन का हवाला देता। एक बार उसने पिता की मौत का बहाना बनाकर भी पैसे लिए। 16 अगस्त को आरोपी ने महिला को फोन कर कहा कि उसे उज्जैन के पास पुलिस ने पकड़ लिया है और अब मुंबई क्राइम ब्रांच ले जाया जा रहा है। उसने दावा किया कि पुलिस छोड़ने के लिए 7 लाख रुपए मांग रही है। महिला का आरोप है कि आरोपी ने उसे और उसके बेटे को फर्जी केस में फंसाने तथा गुंडे भेजने की धमकी दी। डर के कारण उसने अलग-अलग किश्तों में 5 लाख रुपए और भेज दिए। पैसे मांगने पर नस काटकर भेजी फोटो जब महिला और उसके बेटे ने अपने पैसों का हिसाब मांगा तो आरोपी टालमटोल करने लगा। शिकायत के मुताबिक, 12 अक्टूबर 2025 को उसने अपने हाथ की नस काटकर फोटो खींची और व्हाट्सएप पर भेज दी। इसके जरिए वह महिला पर मानसिक दबाव बनाता रहा। महिला का आरोप है कि जब उसने निवेश की रकम वापस मांगी तो आरोपी ने पैसा लौटाने के बजाय सरकारी नौकरी लगवाने का लालच दिया। उसने फर्जी नियुक्ति पत्र, जॉइनिंग लेटर और अधिकारियों से सिफारिश कराने जैसी बातें कहकर लाखों रुपए और ले लिए। आरोपी कभी कहता था कि नियुक्ति पत्र घर तक पहुंच गया था, कभी कहता था कि उसका दोस्त लेटर संभालकर रखा है। नौकरी के नाम पर महिला को भोपाल भी बुलाया गया, जहां उसने 4 लाख रुपए नकद दिए। पुलिस ने दर्ज किया केस मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी पवन बधौलिया के खिलाफ धोखाधड़ी और धमकी की धाराओं में अपराध दर्ज कर लिया है। महिला ने बैंक ट्रांजेक्शन, मोबाइल चैट और अन्य दस्तावेज पुलिस को सौंपे हैं। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है कि आखिर पूजा-पाठ, जिन्न, निवेश और नौकरी के नाम पर कितने लोगों को इस तरह ठगा गया है।
राजधानी जयपुर में क्रिप्टो करेंसी और यूएसडीटी में निवेश के नाम पर लोगों से साइबर ठगी करने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। जयपुर पुलिस कमिश्नरेट की स्पेशल टीम ने विद्याधर नगर थाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए एक महिला समेत तीन आरोपियों को पकड़ा है। आरोपियों पर लोगों को 70 दिन में निवेश की राशि दोगुनी करने का लालच देकर ठगी करने का आरोप है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में सीकर जिले के लापवा निवासी राजेंद्र बाजिया, झुंझुनूं जिले के ओजटू निवासी संजय स्वामी और सीकर जिले के लाडपुरा निवासी रेणुका गढ़वाल शामिल हैं। तीनों फिलहाल जयपुर में किराए के मकानों में रह रहे थे। फर्जी स्कीमों के जरिए निवेशकों को फंसाते थे जयपुर स्पेशल कमिश्नर ओमप्रकाश ने बताया कि आरोपी HLX, JUPITER, AiPF और Value City जैसे नामों से फर्जी निवेश योजनाएं संचालित कर रहे थे। इन योजनाओं में निवेश पर कम समय में दोगुना मुनाफा देने का दावा किया जाता था। आरोपियों का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा लोगों से पैसा जुटाकर कॉल सेंटर बंद कर फरार होना था। फर्जी प्लेटफॉर्म पर दिखाते थे नकली मुनाफा पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ब्लॉकचेन तकनीक के नाम पर तथाकथित मीम कॉइन तैयार कर उन्हें असली डिजिटल करेंसी बताकर निवेश करवाते थे। निवेशकों से रकम लेकर बदले में यूएसडीटी दिए जाते और फिर उन्हें आरोपियों द्वारा बनाए गए फर्जी प्लेटफॉर्म पर ट्रांसफर कराया जाता था। इस प्लेटफॉर्म पर निवेशकों को नकली लाभ दिखाकर अधिक निवेश के लिए प्रेरित किया जाता था। बेरोजगार युवाओं से चलवाते थे कॉल सेंटर आरोपी बेरोजगार युवाओं को बिजनेस और रोजगार का झांसा देकर कॉल सेंटर खुलवाते थे। वहां कर्मचारियों को प्रतिदिन लोगों को फोन कर निवेश के लिए तैयार करने और नए निवेशक जोड़ने का लक्ष्य दिया जाता था। 50 से ज्यादा लोगों के ठगी का शिकार होने की आशंका पुलिस को अब तक 50 से ज्यादा लोगों के साथ ठगी होने की जानकारी मिली है। हालांकि आरोपियों ने कुल कितनी राशि ठगी और किन-किन राज्यों के लोगों को निशाना बनाया, इसकी जांच जारी है। आरोपियों के खिलाफ विद्याधर नगर थाने में बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी निवेश योजना में अत्यधिक लाभ के दावों पर भरोसा न करें। साइबर ठगी की आशंका होने पर तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
ओपी राजभर का आरोप, अखिलेश ने मध्य प्रदेश में जमीनों में किया निवेश
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला
देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में अब स्वच्छ परिवहन, हरित ऊर्जा, सतत विकास और स्टार्टअप नवाचार को नई गति देने की तैयारी है। इसी दिशा में 26 जून को शेराटन ग्रैंड पैलेस में एचईवी कैपिटल कनेक्ट का आयोजन किया जा रहा है। इसे मध्य भारत का सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और सस्टेनेबिलिटी केंद्रित निवेश एवं नवाचार सम्मेलन माना जा रहा है। यह आयोजन केवल एक व्यावसायिक कॉन्क्लेव नहीं, बल्कि इंदौर और मध्य भारत को स्वच्छ तकनीक, हरित ऊर्जा और भविष्य के परिवहन क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की पहल है। इंदौर नगर निगम ने इस आयोजन का शहर मेजबान भागीदार है। स्टार्टअप और निवेशकों को जोड़ने का बड़ा मंच डॉ. ललित सिंह, सीईओ ने बताया कि कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य टियर-2, टियर-3 और टियर-4 शहरों के नवाचार आधारित स्टार्टअप्स को राष्ट्रीय स्तर के निवेशकों, कॉरपोरेट्स और उद्योग विशेषज्ञों से जोड़ना है। आयोजकों के अनुसार, अब तक इस आयोजन के लिए 50 करोड़ रुपए से अधिक की निवेश रुचि दर्ज की जा चुकी है। कार्यक्रम में 50 से अधिक स्टार्टअप, 12 निवेशक, 16 उद्योग विशेषज्ञ और 10 चयनित स्टार्टअप्स अपनी प्रस्तुति देंगे। इसके अलावा VIDA-Hero Group, TVS, Olectra, Cargo Matters सहित कई प्रमुख कंपनियां भी इसमें भाग लेंगी। 2400 स्टार्टअप्स में से चुने गए 10 फाइनलिस्ट कॉन्क्सेव के लिए देशभर से लगभग 2,400 स्टार्टअप्स ने रुचि दिखाई थी। बहुस्तरीय चयन प्रक्रिया के बाद 100 स्टार्टअप्स का चयन किया गया, जिनमें से 10 सर्वश्रेष्ठ स्टार्टअप्स को निवेशकों के सामने लाइव पिचिंग का अवसर मिलेगा। ये स्टार्टअप्स अपने बिजनेस मॉडल और तकनीकी समाधान वेंचर कैपिटल फर्मों, एंजेल निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी सहित कई प्रमुख हस्तियां रहेंगी मौजूद कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की वचुर्अली उपस्थिति संभावित है। कॉन्क्लेव में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, सांसद शंकर लालवानी और महापौर पुष्यमित्र भार्गव शिरकत करेंगे। स्वच्छ तकनीक और भविष्य के उद्योगों पर रहेगा फोकस कॉन्क्लेव में इलेक्ट्रिक वाहन, हरित ऊर्जा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), बैटरी एवं ऊर्जा भंडारण प्रणाली, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स टेक्नोलॉजी, क्लाइमेट टेक और सर्कुलर इकोनॉमी जैसे भविष्य के महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर चर्चा होगी। आयोजकों का मानना है कि यह आयोजन इंदौर और मध्य प्रदेश को स्वच्छ परिवहन तथा सतत विकास से जुड़े निवेशों का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इंदौर के लिए क्यों है महत्वपूर्ण इंदौर पहले ही स्वच्छता में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुका है। अब यह कॉन्क्लेव शहर को स्वच्छ तकनीक, हरित निवेश और नवाचार आधारित उद्योगों के केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में नई संभावनाएं प्रदान करेगा। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे स्थानीय स्टार्टअप्स को पूंजी, मार्गदर्शन और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने का अवसर मिलेगा।
मुंद्रा पोर्ट पर 2,988 किलो हेरोइन बरामदगी मामले में ED ने दिल्ली के 5 ठिकानों पर छापेमारी की। जांच में ड्रग्स से कमाए गए धन को नाइट क्लबों में निवेश किए जाने के संकेत मिले हैं।
उत्तर प्रदेश को देश का सबसे आकर्षक और प्रतिस्पर्धी निवेश गंतव्य (Investment Destination) बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में औद्योगिक सुधारों का सिलसिला तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में सोमवार को लखनऊ स्थित 'इन्वेस्ट यूपी' (Invest UP) कार्यालय में एक बेहद महत्वपूर्ण और उच्चस्तरीय निवेश संवाद आयोजित किया गया।इस बैठक में पश्चिम बंगाल, हरियाणा, दिल्ली, कर्नाटक और पंजाब समेत देश के विभिन्न राज्यों से आए लगभग १०० प्लाईवुड उद्योग प्रतिनिधियों और संभावित निवेशकों ने हिस्सा लिया। राज्य सरकार ने निवेशकों को भरोसा दिलाया है कि उनके सभी व्यावहारिक सुझावों और मुद्दों को सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष रखा जाएगा ताकि उत्तर प्रदेश को इस क्षेत्र का सबसे बड़ा हब बनाया जा सके।प्लाईवुड और एग्रोफॉरेस्ट्री के लिए आएगी स्पेशल पॉलिसी, पड़ोसी राज्यों का होगा अध्ययनउत्तर प्रदेश के अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त (IIDC) दीपक कुमार ने बैठक में राज्य सरकार की भविष्य की प्राथमिकताओं को साझा किया:डेडिकेटेड पॉलिसी: उन्होंने ऐलान किया कि उत्तर प्रदेश सरकार प्लाईवुड और एग्रोफॉरेस्ट्री (कृषि-वानिकी) उद्योग के लिए एक समर्पित और भविष्य उन्मुख नीति (Dedicated Policy) तैयार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।पड़ोसी राज्यों का अध्ययन: यूपी की नीति को देश में सबसे बेहतर और प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड जैसे पड़ोसी राज्यों की औद्योगिक नीतियों का गहन अध्ययन किया जाएगा।उद्योगपतियों की सहभागिता: नीति बनाने के लिए जो विशेष समिति (Committee) गठित की जाएगी, उसमें सरकारी अधिकारियों के साथ-साथ प्लाईवुड फेडरेशन के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा ताकि ग्राउंड लेवल की जरूरतों के अनुसार नीतियां बनाई जा सकें।६ महीने के भीतर होगा जमीन का अलॉटमेंट, ४-५ नए औद्योगिक क्लस्टर होंगे आरक्षितनिवेशकों को उत्तर प्रदेश में व्यापार शुरू करने में कोई दिक्कत न हो, इसके लिए इन्वेस्ट यूपी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) विजय किरन आनंद ने सरकार की ओर से बड़े कूटनीतिक फायदों की जानकारी दी:क्लस्टर आधारित विकास: राज्य सरकार अपने मौजूदा सरकारी लैंड बैंक (भूमि बैंक) में से ४ से ५ बड़े औद्योगिक क्लस्टरों की पहचान कर रही है, जिन्हें विशेष रूप से प्लाईवुड और संबद्ध उद्योगों के विकास के लिए आरक्षित (Reserve) किया जाएगा।त्वरित भूमि आवंटन: यदि किसी बड़े निवेशक को चिन्हित क्लस्टर से अलग अतिरिक्त जमीन की आवश्यकता होती है, तो उत्तर प्रदेश सरकार न केवल उसे जमीन उपलब्ध कराएगी बल्कि ६ महीने के भीतर उसका आवंटन (Allocation) भी सुनिश्चित करेगी।व्यापक सेक्टोरल नीतियां: सीईओ ने बताया कि यूपी की ३६ से अधिक सेक्टोरल नीतियां, रोजगार सहायता योजनाएं और पूंजीगत सब्सिडी (Capital Subsidy) निवेशकों को मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में विस्तार करने का एक सुरक्षित माहौल देती हैं।प्लाईवुड फेडरेशन का सुझाव: ओडीओपी की तर्ज पर बने वन इंडस्ट्रियल पार्कसंवाद के दौरान प्लाईवुड फेडरेशन के प्रतिनिधियों ने इस उद्योग को उत्तर प्रदेश के ग्रामीण विकास, कृषि और रोजगार की रीढ़ बताया। उन्होंने उत्तर प्रदेश की महत्वाकांक्षी योजना 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' (ODOP) की तर्ज पर ही राज्य में वन इंडस्ट्रियल पार्क (One Industrial Park) मॉडल विकसित करने का एक बेहतरीन सुझाव दिया।इसके साथ ही उद्योगपतियों ने व्यापार संचालन में आने वाली कुछ मुख्य व्यावहारिक चुनौतियों को भी अधिकारियों के सामने प्रमुखता से रेखांकित किया:निवेशकों की मुख्य चिंताएं / चुनौतियांसरकार का आश्वासन और समाधान* एग्रोफॉरेस्ट्री आधारित उद्योगों के कड़े लाइसेंस नियम।* एग्रो आधारित उद्योगों के लिए अलग और सरल नीति का प्रस्ताव।* वन विभाग के कड़े नियम और एनओसी (NOC) मिलने में देरी।* सिंगल विंडो क्लीयरेंस के जरिए जटिल प्रदूषण और वन नियमों का सरलीकरण।* प्रदूषण मानकों के उल्लंघन पर भारी दंडात्मक प्रावधान।* औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार द्वारा सीएम योगी के समक्ष व्यावहारिक समाधान का भरोसा।उद्योगपतियों और अफसरों के बीच हुए इस सकारात्मक संवाद के बाद यह तय माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश जल्द ही प्लाईवुड और लकड़ी आधारित विनिर्माण (Manufacturing) के क्षेत्र में देश का नेतृत्व करेगा, जिससे राज्य के किसानों और ग्रामीण युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
भारत सैटेलाइट निवेश का उभरता ग्लोबल हब, कनेक्टिविटी ग्रोथ ड्राइव कर रहे सेक्टर
इंडिया स्पेस कांग्रेस में कंसल्टेंट विशाल माथुर बोले... सिटी रिपोर्टर }नई दिल्ली में आयोजित इंडिया स्पेस कांग्रेस में जयपुर के बिजनेस स्ट्रैटेजिस्ट और सैटेलाइट कंसल्टेंट विशाल माथुर ने सैटेलाइट निवेश और रेगुलेटरी फ्रेमवर्क पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सैटेलाइट निवेश पर आयोजित पैनल डिस्कशन में हिस्सा लिया। माथुर ने कहा कि भारत का बड़ा कंज्यूमर बेस, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और बढ़ती कनेक्टिविटी जरूरतें इसे आकर्षक सैटेलाइट मार्केट बनाती हैं। उन्होंने कहा कि दूरदराज इलाकों में कनेक्टिविटी डिमांड और तेजी से डवलप होता स्पेस इकोसिस्टम भारत को आने वाले समय में ग्लोबल सैटेलाइट निवेश हब के रूप में मजबूत कर सकता है।
Major announcement by Bloomberg Philanthropies: $285 million investment for clean energy expansion; renewable energy to gain momentum by 2030.
लगातार तेजी के बाद हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुआ। मेटल, आईटी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के शेयरों में भारी बिकवाली और एशियाई बाजारों में कमजोरी तथा विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के चलते सेंसेक्स और निफ्टी में 1.1 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक शेयर बाजारों में गिरावट का असर घरेलू शेयर बाजारों पर भी पड़ा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हेमंत रूपानी ने मंत्रालय में मुलाकात करके एमपी में निवेश करने की इच्छा जताई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रूपानी को प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण को प्रोत्साहित करने के लिए संचालित योजनाओं गतिविधियों की जानकारी दी। रूपानी ने राज्य सरकार की उद्योग मित्र नीतियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि हिंदुस्तान कोका कोला समूह मध्यप्रदेश में 300 करोड़ रुपए का निवेश करने की योजना बना रहा है। इससे रोजगार के अवसर सृजित होंगे। प्रदेश के राजगढ़ जिले के पीलूखेड़ी इंडस्ट्रियल एरिया में हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेस की इकाई पहले से ही संचालित है। कोका कोला बेवरेजेस इसी क्षेत्र में अपना नया निवेश बढ़ा सकता है। इसको लेकर अब उद्योग विभाग के साथ कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा। मंत्रालय में आज मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मुलाकात के दौरान हिंदुस्तान कोका-कोला के नेशनल हेड विवेक झा, राज्य प्रमुख अश्विनी यीलेने तथा औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। जल संचय जन भागीदारी में एमपी का देश में तीसरा स्थान इसके पहले मंत्रालय में मंत्रियों के साथ मीटिंग के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 19 मार्च से प्रारंभ जल गंगा संवर्धन अभियान का 25 से 30 जून 2026 की अवधि में समारोहपूर्वक समापन होगा। भारत सरकार के जल संचय जन भागीदारी अभियान में मध्यप्रदेश का तीसरा स्थान है। डिंडौरी, खंडवा तथा शहडोल देश के प्रथम 10 जिलों में तथा खंडवा और इंदौर के नगरीय निकाय, देश के प्रथम 10 नगरीय निकायों में शामिल हैं। प्रदेश में अभियान में जल संरक्षण एवं संवर्धन में अच्छे कार्य हुए है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में समारोहपूर्वक समापन कार्यक्रम आयोजित किया जाए। अभियान अंतर्गत किए गए कार्यों की प्रदर्शनी, भाषण, ग्राम पंचायत में जनभागिता से किए गए कार्यों का प्रेजेंटेशन किया जाए और जल के सदुपयोग की शपथ भी दिलाई जाए।
Share Bazaar में बड़ी गिरावट, Sensex 893 अंक लुढ़का, Nifty भी 24000 के नीचे, आखिर क्यों ढहा बाजार?
Share Market Update News : भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को चौतरफा बिकवाली का भारी दबाव देखने को मिला। बाजार में यह गिरावट मुख्य रूप से आईटी शेयरों में आई तेज बिकवाली के कारण हुई। टीसीएस, इंफोसिस, विप्रो और एचसीएल टेक के शेयरों में सबसे ज्यादा ...
अमेरिकी सरकार द्वारा लगाए गए भारी टैरिफ की वजह से भारत का अमेरिका के साथ व्यापार मुनाफा (Trade Surplus) 40% तक गिर चुका है। इस बीच वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल अगले हफ्ते अमेरिकी सरकार के प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर से मुलाकात करेंगे। कहा जा रहा है कि इस ...
मुंबई, कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत मंगलवार को सपाट हुई। सेंसेक्स 8.02 अंक की मामूली कमजोरी के साथ 77,086.05 और निफ्टी 31.60 अंक की गिरावट के साथ 24,071.30 पर खुला।
शॉपिंग एप में निवेश का झांसा देकर 20.89 लाख ठगे, म्यूल खाताधारक आरोपी गिरफ्तार
भास्कर न्यूज | उदयपुर साइबर थाना पुलिस ने शॉपिंग एप में निवेश कराने का झांसा देकर व्यवसायी से 20.89 लाख रुपए ठगने के मामले में पुलिस ने म्यूल खाताधारक आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी के खाते में 7.79 लाख रुपए और बकाया 13.1 लाख रुपए अन्य 7 खातों में जमा हुए थे। डीएसपी विनय चौधरी ने बताया कि मामले में मध्यप्रदेश के रतलाम निवासी म्यूल खाताधारक दीपेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ने खुद के नाम का खाता खुलवाकर दोस्त को कमीशन पर दिया हुआ था। इसी खाते में ठगी के 20.89 लाख में से 7 लाख 79 हजार 871 रुपए जमा हुए थे। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। बता दें, हाथीपोल के गुलाबेश्वर मार्ग निवासी व्यवसायी मोडीलाल पूर्बिया ने गत 19 जनवरी को रिपोर्ट दी थी कि पिछले साल 28 नवंबर को फेसबुक फ्रेंड रेह रेड्डी ने उनसे वाट्सएप पर बात की। फिर 2 दिसंबर को उसने क्लब 21 मॉल एक्सचेंज इंवेस्टमेंट मेनेजमेंट शॉपिंग एप के बारे में बताकर राशि निवेश करने के लिए कहा। इसके लिए आईडी और पासवर्ड उपलब्ध करवाए। लॉगिन करने पर ठगों ने अच्छा मुनाफ होने का झांसा दिया। फिर 4 से 7 दिसंबर के बीच अलग-अलग 8 बैंक खातों में कुल 20.89 लाख रुपए जमा करवा कर हड़प लिए। राशि वापस मांगने पर फर्जी कंपनी के टैक्स नोटिस उन्हें भेजे। फिर टैक्स भरने का दबाव बनाया। उन्हें और भी बैंक खाते भेजे, जिनमें 10 लाख रुपए जमा कराने के लिए कहा।
फेसबुक और इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी मेटा ने क्रेड (CRED) एप के फाउंडर कुणाल शाह को वॉट्सएप का नया ग्लोबल हेड बनाया है। वे विल कैथकार्ट की जगह लेंगे, जो 7 साल से वॉट्सएप की कमान संभाल रहे थे। कैथकार्ट अब मेटा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े नए प्रोजेक्ट्स पर काम करेंगे। सोमवार को यह जानकारी मेटा CEO मार्क जुकरबर्ग ने एक पोस्ट कर दी है। उन्होंने बताया कि कंपनी ने यह फैसला उस डील के तहत लिया है, जिसमें मेटा UPI और बिल पेमेंट एप क्रेड में करीब 8,550 करोड़ रुपए निवेश करेगी। इसके बदले मेटा को क्रेड में 20% की हिस्सेदारी मिलेगी। इसके बाद क्रेड कंपनी की कुल वैल्यूएशन बढ़कर ₹43,239 करोड़ हो जाएगी। वॉट्सएप में AI इंटीग्रेशन और विज्ञापन से कमाई बढ़ाने पर फोकस होगा मेटा के मुताबिक, कुणाल शाह के बॉस बनने के बाद वॉट्सएप का पूरा ध्यान दो बड़ी चीजों पर होगा। मितेन संपत बने क्रेड के अंतरिम CEO, IPO लाने की तैयारी तेज वॉट्सएप के ग्लोबल हेड की कमान संभालने के लिए कुणाल शाह क्रेड CEO के अपने मौजूदा ऑपरेटिंग पद से इस्तीफा देंगे। इसके बाद वह मेटा का हिस्सा बनेंगे। क्रेड ने फिलहाल मितेन संपत को कंपनी का अंतरिम CEO बनाया है। मितेन संपत साल 2020 से क्रेड में स्ट्रेटजी और फाइनेंस विभाग की कमान संभाल रहे थे। क्रेड के बोर्ड और मैनेजमेंट ने बताया कि वे कंपनी के लिए एक लॉन्ग-टर्म मैनेजमेंट स्ट्रक्चर तैयार करने पर काम कर रहे हैं, क्योंकि कंपनी आने वाले समय में अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग यानी IPO लाने की योजना बना रही है। वॉट्सएप-फेसबुक-इंस्टाग्राम के प्लस वर्जन आएंगे मेटा ने हाल ही में इंस्टाग्राम, फेसबुक और वॉट्सएप के लिए नए सब्सक्रिप्शन प्लान पेश किए हैं। इसके तहत एप्स के ‘प्लस’ वर्जन रोल आउट किए गए हैं। इस प्लान को लेने वाले यूजर्स को स्पेशल टूल्स और कस्टमाइजेशन के विकल्प मिलेंगे। पूरी खबर पढ़ें… क्रेड का डेटा सुरक्षित, मेटा को नहीं मिलेगी जानकारीइस बड़ी डील के बाद क्रेड के ग्राहकों के मन में डेटा प्राइवेसी को लेकर सवाल उठ रहे थे। हालांकि, मेटा ने साफ तौर पर स्पष्ट किया है कि एक रणनीतिक निवेशक (Strategic Investor) बनने के बावजूद उसे क्रेड के ग्राहकों की किसी भी तरह की निजी या फाइनेंशियल जानकारी का एक्सेस नहीं दिया जाएगा। ग्राहकों का डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा। नई फंडिंग से बिजनेस बढ़ाने और क्रेड को आगे ले जाने का प्लान निवेश और लीडरशिप में हुए इस बड़े बदलाव पर बात करते हुए कुणाल शाह ने कहा कि क्रेड की शुरुआत सिर्फ अच्छे क्रेडिट स्कोर वाले लोगों को रिवॉर्ड देने के एक आइडिया से हुई थी, जो आज लाखों मेंबर्स और मुनाफे वाले बिजनेस मॉडल के साथ एक बड़ा प्लेटफॉर्म बन चुका है। उन्होंने बताया कि क्रेड की लीडरशिप टीम अगले फेज में कंपनी को और आगे ले जाएगी। नए अंतरिम CEO मितेन संपत ने भी कहा कि इस फ्रेश कैपिटल (नई फंडिंग) का इस्तेमाल अलग-अलग वर्टिकल्स में लीडरशिप मजबूत करने और क्रेड को शेयर बाजार में लिस्ट कराने से पहले बिजनेस का दायरा बढ़ाने के लिए किया जाएगा। ------------------ पूरी खबर पढ़ें… ब्रोकरेज हाउसेज ने डिकोड की रिलायंस की AGM: जियो IPO से कमाई का रास्ता खुलेगा, न्यू एनर्जी और AI से ग्रोथ मिलेगी; शेयर आज 2% चढ़ा रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के शेयर में आज कारोबार के दौरान 2% से ज्यादा की तेजी है। कंपनी का शेयर ₹1,345 के स्तर पर पहुंच गया है। शुक्रवार को हुई 49वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) के बाद कई बड़े ब्रोकरेज हाउसेज ने इसके भविष्य के रोडमैप और जियो इन्फोकॉम के IPO के लिए सेबी (Sebi) के पास दाखिल ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस (DRHP) को लेकर अपनी एनालिसिस रिपोर्ट जारी की है। पूरी खबर पढ़ें…
चीन ने जारी किया विदेशी निवेश बढ़ाने के लिए नई कार्य योजना जारी
बीजिंग, चीन ने विदेशी निवेश को स्थिर रखने और उसे बढ़ावा देने के उद्देश्य से नई कार्य योजना जारी की है। चीनी वाणिज्य मंत्रालय, राष्ट्रीय विकास एवं सुधार आयोग और वित्त मंत्रालय ने संयुक्त रूप से इस योजना की घोषणा की। योजना में पांच प्रमुख क्षेत्रों के तहत 15 उपाय प्रस्तावित किए गए हैं।
10 साल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची देश की लोन ग्रोथ, ICICI, HDFC और SBI बने एक्सपर्ट्स की पहली पसंद
भारतीय बैंकिंग और वित्तीय सेक्टर से देश की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देने वाली एक बेहद बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आ रही है। देश में क्रेडिट यानी लोन लेने की रफ्तार (Loan Growth) पिछले 10 साल के सबसे ऊंचे और रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। उद्योगों के विस्तार, बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) के विकास और आम जनता के बीच होम लोन, कार लोन तथा पर्सनल लोन की बढ़ती मांग के चलते बैंकों के लोन पोर्टफोलियो में यह ऐतिहासिक उछाल दर्ज किया गया है। लोन ग्रोथ के इस मजबूत आंकड़े को देखते हुए घरेलू और वैश्विक ब्रोकरेज हाउस बैंकिंग शेयरों पर बेहद बुलिश हो गए हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस क्रेडिट बूम का सबसे बड़ा फायदा देश के दिग्गज बैंकों को मिलने वाला है।क्रेडिट बूम से चमकेगी बैंकों की किस्मत और बढ़ेगा मुनाफाबैंकिंग सेक्टर के जानकारों और मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि लोन ग्रोथ का 10 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचना यह दर्शाता है कि देश की आर्थिक गतिविधियां बेहद मजबूत स्थिति में हैं। मुंबई के दलाल स्ट्रीट से लेकर दिल्ली और बेंगलुरु जैसे बड़े कॉरपोरेट हब्स में क्रेडिट की मांग लगातार बढ़ रही है। बैंकों की एसेट क्वालिटी में सुधार और कम होते एनपीए (NPA) के बीच लोन की इस भारी डिमांड से आने वाली तिमाहियों में बैंकों के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) और शुद्ध मुनाफे में जबरदस्त बढ़ोतरी होने की पूरी उम्मीद है। यही वजह है कि बड़े निवेशक अब अपना फोकस बैंकिंग इंडेक्स पर बढ़ा रहे हैं।ब्रोकरेज की पसंदीदा लिस्ट में शामिल हुए ये 3 बड़े दिग्गज बैंकबाजार में आई इस तेजी के बीच दिग्गज ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म्स ने भारतीय बैंकिंग सेक्टर के तीन सबसे बड़े खिलाड़ियों पर अपना सबसे मजबूत भरोसा जताया है। ब्रोकरेज रिपोर्ट्स के अनुसार, प्राइवेट सेक्टर के महारथी ICICI Bank, देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC Bank और सरकारी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) को 'टॉप पिक' यानी सबसे पसंदीदा शेयरों की श्रेणी में रखा गया है। ब्रोकरेज हाउसेज का मानना है कि इन तीनों बैंकों के पास मजबूत डिपॉजिट बेस, देशव्यापी नेटवर्क और बेहतरीन डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद है, जो इन्हें इस लोन ग्रोथ का सबसे ज्यादा फायदा उठाने में मदद करेगा।निवेशकों के लिए क्या है एक्सपर्ट्स की राय और नए टारगेट प्राइसअगर आप शेयर बाजार के निवेशक हैं या बैंकिंग सेक्टर्स के शेयरों में लंबी अवधि के लिए दांव लगाना चाहते हैं, तो एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह एक बेहतरीन मौका साबित हो सकता है। ICICI Bank की लगातार मजबूत परफॉर्मेंस, मर्जर के बाद स्थिरता की ओर बढ़ रहे HDFC Bank और मजबूत रिटेल लोन बुक वाले SBI के शेयरों के टारगेट प्राइस में ब्रोकरेज ने बड़ा इजाफा किया है। एनालिस्ट्स का मानना है कि इन हैवीवेट शेयरों में निवेश करने से न केवल पोर्टफोलियो को मजबूती मिलेगी, बल्कि आने वाले समय में निवेशकों को बंपर और सुरक्षित रिटर्न भी मिल सकता है।
सप्ताह की शुरुआत में भारतीय शेयर बाजार हरे निशान पर, निवेशकों को रहत
मुंबई, वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के बीच हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार के सत्र में भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ हरे निशान में खुले।
इनकम टैक्स रिटर्न (ITR Filing 2026) दाखिल करने वाले करदाताओं के बीच इन दिनों एक नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है। रिटर्न सबमिट करने के बाद उसे दोबारा 'रिवाइज्ड' (संशोधित) करने वाले लोगों की संख्या में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है। इसकी सबसे बड़ी वजह इनकम टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा इस्तेमाल की जा रही आधुनिक तकनीक और डेटा निगरानी (Data Analytics) है। विभाग के पास अब पहले के मुकाबले कहीं अधिक तेजी से और विस्तृत वित्तीय जानकारी पहुंच रही है। ऐसे में कई टैक्सपेयर्स को रिटर्न भरने के बाद एहसास हो रहा है कि उनके कुछ बड़े लेनदेन रिकॉर्ड में बाद में जुड़े हैं, जिसके कारण उन्हें अपनी गलती सुधारने के लिए रिवाइज्ड रिटर्न का सहारा लेना पड़ रहा है।डेटा निगरानी का बढ़ा जाल, AIS में बाद में जुड़ रही हैं नई एंट्रीजइस पूरे बदलाव के पीछे की सबसे बड़ी वजह एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) का लगातार अपडेट होना है। AIS एक ऐसा डिजिटल दस्तावेज है जिसमें आपके पूरे साल की कमाई और बड़े वित्तीय लेनदेन का पूरा कच्चा चिट्ठा होता है। इसमें आपकी सैलरी, बैंक ब्याज, शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड की खरीद-बिक्री, डिविडेंड, विदेशी मुद्रा का लेन-देन और किसी भी प्रकार के कैपिटल गेन (पूंजीगत लाभ) का सटीक ब्यौरा दर्ज रहता है।असल समस्या यह है कि AIS कोई स्थिर दस्तावेज नहीं है; यह समय के साथ बदलता रहता है। बैंक, वित्तीय कंपनियां, और शेयर ब्रोकर समय-समय पर अपने डेटा को टैक्स विभाग के पास अपडेट करते हैं। ऐसे में जो टैक्सपेयर्स वित्तीय वर्ष खत्म होते ही जल्दबाजी में अपना आईटीआर दाखिल कर देते हैं, उन्हें कुछ हफ्तों बाद अपने एआईएस में नई एंट्रीज या नए लेनदेन दिखाई देने लगते हैं। सिस्टम में आंकड़ों का यह अंतर दिखते ही रिवाइज्ड रिटर्न भरना बेहद जरूरी हो जाता है।पहले नजरअंदाज हो जाने वाली गलतियां अब पकड़ रहा है AI सिस्टमआज का आयकर विभाग अत्याधुनिक तकनीक, डेटा एनालिटिक्स और फेसलेस स्क्रूटनी (Faceless Scrutiny) का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रहा है। विभाग का ऑटोमेटेड एआई सिस्टम दाखिल किए गए आईटीआर के आंकड़ों का मिलान सीधे AIS और टैक्सपेयर इन्फॉर्मेशन समरी (TIS) से करता है।पहले के समय में जो छोटी-मोटी विसंगतियां या वित्तीय चूक नजरअंदाज हो जाती थीं, उन्हें अब यह सिस्टम पलक झपकते ही पकड़ लेता है। यही कारण है कि समझदार टैक्सपेयर्स विभाग की तरफ से कोई कड़ा कानूनी नोटिस या पेनाल्टी आने का इंतजार करने के बजाय, खुद ही अपनी गलती स्वीकार करते हुए समय रहते रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करना ज्यादा सुरक्षित समझ रहे हैं।असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए क्या हैं रिवाइज्ड रिटर्न की डेडलाइंस?टैक्सपेयर्स के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि असेसमेंट ईयर (AY) 2026-27 के रिटर्न अभी भी पुराने 'इनकम टैक्स एक्ट, 1961' के तहत ही प्रोसेस किए जाएंगे। यह नियम तब भी प्रभावी रहेगा, जब 1 अप्रैल 2026 से देश में नया 'इनकम टैक्स एक्ट, 2025' लागू हो चुका है।मौजूदा नियमों के अनुसार, आयकर अधिनियम की धारा 139(5) के तहत बिना किसी शुल्क के रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2026 निर्धारित है। बशर्ते, इससे पहले आपका असेसमेंट (कर निर्धारण) पूरा न हुआ हो।बड़ी राहत का प्रस्ताव: फाइनेंस बिल 2026 में इस समयसीमा को बढ़ाकर 31 मार्च 2027 करने का प्रस्ताव रखा गया है। हालांकि, दिसंबर 2026 की समयसीमा बीतने के बाद रिवाइज्ड रिटर्न भरने पर करदाताओं को अतिरिक्त लेट फीस या शुल्क देना पड़ सकता है।अपडेटेड रिटर्न का विकल्प: यदि यह बढ़ी हुई समयसीमा भी हाथ से निकल जाती है, तो धारा 139(8A) के तहत 'अपडेटेड रिटर्न' (Updated Return) भरने का अंतिम मौका मिलता है। यह सुविधा 48 महीनों तक उपलब्ध रहती है, लेकिन इसमें आपको भारी अतिरिक्त टैक्स और पेनाल्टी चुकानी पड़ती है।पहली बार में ही सही ITR भरना क्यों है समझदारी? अपनाएं ये तरीकाबार-बार रिवाइज्ड रिटर्न भरने की झंझट और मानसिक तनाव से बचने का सबसे बेहतरीन तरीका यह है कि आप पहली बार में ही पूरी सावधानी के साथ सही रिटर्न भरें। इसके लिए आईटीआर दाखिल करने से पहले अपने पास मौजूद सभी दस्तावेजों का मिलान एआईएस, टीआईएस और फॉर्म 26AS से अवश्य कर लें।मिलान के दौरान अपने फॉर्म 16, बैंक स्टेटमेंट, ब्रोकर के पीएंडएल (P&L) स्टेटमेंट, ब्याज सर्टिफिकेट और कैपिटल गेन स्टेटमेंट को अपने सामने रखें। यदि आपको लगता है कि आपके AIS में कोई ट्रांजैक्शन गलत तरीके से दर्ज हो गया है या वह आपका नहीं है, तो आप तुरंत पोर्टल पर दी गई 'Report Incorrect Information' सुविधा का उपयोग करके अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।इन सेक्टर्स के निवेशकों को बरतनी होगी सबसे ज्यादा सावधानीजिन करदाताओं की आय के स्रोत सीमित हैं (जैसे केवल सैलरी), उन्हें ज्यादा परेशानी नहीं होती। लेकिन जिन लोगों के पास आय के कई जरिए हैं, उन्हें विशेष रूप से सतर्क रहना चाहिए। शेयर बाजार में एक्टिव ट्रेडर्स, म्यूचुअल फंड में नियमित निवेश करने वाले, विदेशी संपत्तियों या विदेशी धन का लेन-देन करने वाले और रियल एस्टेट (प्रॉपर्टी) की खरीद-बिक्री से कैपिटल गेन कमाने वाले लोगों को बिना क्रॉस-वेरिफिकेशन के अपना रिटर्न लॉक नहीं करना चाहिए। आपकी थोड़ी सी सजगता आपको आयकर विभाग की लंबी जांच और नोटिस के झंझट से हमेशा के लिए दूर रख सकती है।
सैलरी पाने वाले नौकरीपेशा लोगों के लिए अब इनकम टैक्स रिटर्न (ITR Filing 2026) भरना पहले के मुकाबले काफी आसान और डिजिटल हो चुका है। फॉर्म 16 (Form 16), फॉर्म 26एएस (Form 26AS) और इनकम टैक्स पोर्टल पर पहले से ही प्री-फिल्ड (तैयार) आने वाली जानकारियों की वजह से पूरी प्रक्रिया बेहद सुगम हो गई है। इसके बावजूद, हर साल लाखों टैक्सपेयर्स जल्दबाजी या जानकारी के अभाव में कुछ ऐसी गंभीर गलतियां कर बैठते हैं, जिनकी वजह से उनका रिफंड अटक जाता है, पेनल्टी के साथ अतिरिक्त टैक्स देना पड़ता है या सीधे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का कानूनी नोटिस आ जाता है। अगर आप भी इस साल अपना आईटीआर फाइल करने जा रहे हैं, तो इन 5 आम गलतियों से जरूर बचें।गलती 1: सिर्फ फॉर्म 16 को ही सब कुछ मान लेनाज्यादातर सैलरीड कर्मचारी यह मान लेते हैं कि कंपनी से मिले फॉर्म 16 में उनके टैक्स और कमाई की सारी जानकारी मौजूद है और वे सीधे उसी डेटा के आधार पर रिटर्न दाखिल कर देते हैं। लेकिन यह एक बड़ी भूल साबित हो सकती है। फॉर्म 16 में केवल आपकी सैलरी (वेतन) और उस पर कंपनी द्वारा काटे गए टीडीएस (TDS) का ब्यौरा होता है।यदि आपको बैंक खाते पर मिलने वाला ब्याज, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) या आरडी (RD) से ब्याज, कंपनियों के शेयर्स से मिला डिविडेंड, मकान का किराया, म्यूचुअल फंड या शेयर्स बेचने पर हुआ कैपिटल गेन (पूंजीगत लाभ) या फ्रीलांसिंग से कोई अतिरिक्त कमाई हुई है, तो वह फॉर्म 16 में नजर नहीं आएगी। ऐसी अन्य स्रोतों से हुई आय (Income from Other Sources) को छुपाना या भूल जाना आपको भारी पड़ सकता है।गलती 2: इन तीन महत्वपूर्ण दस्तावेजों का मिलान न करनाकई टैक्सपेयर्स सीधे फॉर्म 16 डाउनलोड करते हैं और बिना किसी वेरिफिकेशन के आईटीआर सबमिट कर देते हैं। इनकम टैक्स विभाग के पास आपके हर बड़े वित्तीय लेनदेन की खबर होती है। इसलिए रिटर्न भरने से पहले फॉर्म 16, फॉर्म 26AS और एआईएस (AIS - Annual Information Statement) का आपस में मिलान करना बेहद जरूरी है।फॉर्म 26AS में आपके पैन कार्ड पर अलग-अलग संस्थाओं द्वारा काटे गए कुल टीडीएस (TDS), टीसीएस (TCS) और आपके द्वारा जमा किए गए सेल्फ-असेसमेंट या एडवांस टैक्स की जानकारी होती है। वहीं, AIS में आपके पूरे साल के वित्तीय इतिहास (जैसे हाई-वैल्यू ट्रांजैक्शन, शेयर बाजार में निवेश आदि) का विस्तृत ब्यौरा होता है। अगर इन तीनों दस्तावेजों के आंकड़ों और आपके द्वारा दाखिल किए गए आईटीआर के आंकड़ों में थोड़ा भी अंतर (Mismatch) मिलता है, तो आपका रिफंड रोक दिया जाता है या विभाग अतिरिक्त टैक्स की डिमांड नोटिस भेज देता है।गलती 3: गलत ITR फॉर्म का चुनाव करनाइनकम टैक्स विभाग ने अलग-अलग श्रेणी के टैक्सपेयर्स और उनकी आय के स्रोतों के आधार पर कई प्रकार के आईटीआर फॉर्म (जैसे ITR-1, ITR-2, ITR-3 और ITR-4) निर्धारित किए हैं। उदाहरण के लिए, यदि आपकी आय केवल सैलरी और एक मकान के किराए से है, तो आप ITR-1 (सहज) चुन सकते हैं।लेकिन, अगर आपको शेयर्स या प्रॉपर्टी बेचने से कैपिटल गेन हुआ है, आपके पास कोई विदेशी एसेट (विदेशी संपत्ति) है, आप किसी कंपनी में डायरेक्टर हैं, आपके पास एक से अधिक मकान हैं या आपकी कोई बिजनेस इनकम है, तो आपके ऊपर दूसरा आईटीआर फॉर्म लागू होगा। गलत फॉर्म चुनने पर आपके रिटर्न को 'डिफेक्टिव रिटर्न' (Defective Return) मानकर खारिज किया जा सकता है और आपको दोबारा सही फॉर्म के साथ रिवाइज्ड रिटर्न भरना पड़ेगा।गलती 4: एडवांस टैक्स की देनदारी को नजरअंदाज करनाअक्सर नौकरीपेशा लोग सोचते हैं कि उनकी कंपनी ने हर महीने सैलरी से टीडीएस (TDS) काट लिया है, इसलिए उनकी टैक्स से जुड़ी जिम्मेदारी पूरी हो गई। यह सोच हमेशा सही नहीं होती।अगर आपको सैलरी के अलावा बैंक ब्याज, मकान किराया, डिविडेंड या किसी अन्य शॉर्ट-टर्म निवेश से अच्छी खासी अतिरिक्त कमाई हुई है, तो आपकी कुल टैक्स देनदारी बढ़ जाती है। यदि वित्तीय वर्ष में आपकी कुल टैक्स देनदारी (टीडीएस कटने के बाद) ₹10,000 से अधिक बनती है, तो आपको नियमानुसार समय पर 'एडवांस टैक्स' (Advance Tax) जमा करना होता है। यदि आप समय पर एडवांस टैक्स नहीं चुकाते हैं, तो आयकर अधिनियम की धारा 234B और 234C के तहत आपको अतिरिक्त ब्याज चुकाना पड़ सकता है।गलती 5: बिना पुख्ता दस्तावेजों के टैक्स छूट (Deductions) का दावा करनासेक्शन 80C (PPF, LIC, ELSS आदि), 80D (हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम), होम लोन के ब्याज या एचआरए (HRA - हाउस रेंट अलाउंस) जैसी टैक्स छूट का दावा करते समय अक्सर लोग लापरवाही बरतते हैं। कई बार टैक्स बचाने के चक्कर में बिना किसी निवेश के ही फर्जी क्लेम कर दिए जाते हैं।यह ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि हालांकि आईटीआर दाखिल करते समय आपको कोई भी रसीद या दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड नहीं करना होता, लेकिन इनकम टैक्स डिपार्टमेंट स्क्रूटनी (जांच) के दौरान कभी भी आपसे इन दावों के पुख्ता प्रमाण या निवेश रसीदें मांग सकता है। यदि आपके पास मौके पर वैध दस्तावेज नहीं मिलते हैं, तो विभाग आपके दावों को खारिज कर टैक्स चोरी के मामले में भारी जुर्माना, अतिरिक्त टैक्स और ब्याज वसूल सकता है।
भारतीय शेयर बाजार के लिए हफ़्ते के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार, 22 जून को वैश्विक बाजारों (Global Markets) से बेहद शानदार और सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। घरेलू बाजार के खुलने से पहले गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) में करीब 100 अंकों की तेजी देखी गई है, जो दलाल स्ट्रीट के लिए एक दमदार और हरी बत्ती वाली शुरुआत का साफ इशारा है। इसके साथ ही, भारतीय बाजार को घरेलू मोर्चे पर संस्थागत निवेशकों का बड़ा सहारा मिला है। कैश मार्केट में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FIIs) ने ₹4,800 करोड़ की बंपर खरीदारी की है, हालांकि वायदा बाजार (Futures) में हल्की मुनाफावसूली या बिकवाली दर्ज की गई है।अमेरिकी बाजारों में थी छुट्टी, पर डाओ फ्यूचर्स में दिखी हल्की बढ़तअमेरिकी बाजारों (Wall Street) की बात करें तो पिछले कारोबारी सत्र यानी शुक्रवार को वहां 'जूनटीन्थ नेशनल इंडिपेंडेंस डे' (Juneteenth National Independence Day) के मौके पर आधिकारिक फेडरल छुट्टी थी। यह दिन अमेरिका में गुलामी प्रथा के अंत की याद में मनाया जाता है, जिसके कारण मुख्य बाजार बंद रहे। हालांकि, आज सुबह डाओ फ्यूचर्स (Dow Futures) में हल्की रौनक और बढ़त देखने को मिल रही है, जिससे वैश्विक सेंटिमेंट मजबूत हुआ है।अमेरिका-ईरान शांति वार्ता से एशियाई बाजारों में लौटी रौनक, निक्केई 1.75% उछलासोमवार को एशियाई बाजारों में चौतरफा हरियाली देखने को मिल रही है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता में सकारात्मक प्रगति (Progress) की खबरें हैं, जिसने युद्ध की चिंताओं को फिलहाल कम किया है:जापान और कोरिया: जापान का प्रमुख इंडेक्स निक्केई 225 (Nikkei 225) 1.75% की भारी बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है, जबकि टॉपिक्स (Topix) में 1.17% की मजबूती है। साउथ कोरिया का कोस्पी (Kospi) भी 1.54% चढ़कर ग्रीन जोन में बना हुआ है, हालांकि कोस्डैक (Kosdaq) में 0.57% की मामूली गिरावट देखी गई।गिफ्ट निफ्टी का जलवा: गिफ्ट निफ्टी सुबह 24,154 के मजबूत स्तर के आस-पास ट्रेड कर रहा था। यह निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले क्लोजिंग स्तर से लगभग 97 अंकों का बड़ा प्रीमियम (बढ़त) दिखाता है, जो भारतीय सूचकांकों के लिए एक बेहतरीन ओपनिंग का आधार तय कर रहा है।अन्य इंडेक्स: इसके विपरीत, हांगकांग के हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स में कुछ कमजोरी के संकेत मिल रहे हैं। वहीं, जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स आज 0.4% नीचे खिसक गया है।वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स पर ब्याज दरों का साया, यूएस-ईरान वार्ता के पहले दौर का रोडमैप सफलएक तरफ जहां एशियाई बाजार झूम रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स में थोड़ी सुस्ती देखी जा रही है। निवेशकों की नजरें अमेरिका-ईरान शांति वार्ता के तकनीकी पहलुओं पर टिकी हैं, लेकिन साथ ही भविष्य में ब्याज दरें (Interest Rates) बढ़ने के डर से यूएस स्टॉक फ्यूचर्स में गिरावट आई। एसएंडपी 500 फ्यूचर्स 0.5%, नैस्डैक फ्यूचर्स 0.7% और डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज फ्यूचर्स 0.4% तक गिर गए।राहत की बात यह है कि कूटनीतिक मोर्चे पर अच्छी खबरें हैं। ईरानी वार्ताकारों के अनुसार, अमेरिका के साथ शांति समझौते को लेकर बातचीत सही दिशा में बढ़ रही है, जिससे यह डर खत्म हो गया है कि दोनों देशों के बीच सीजफायर का प्रोसेस टूट जाएगा। मध्यस्थता कर रहे कतर और पाकिस्तान के अधिकारियों ने एक संयुक्त बयान जारी कर पुष्टि की है कि वार्ता का पहला सत्र सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है और अगले 60 दिनों के भीतर एक 'फाइनल डील' तक पहुंचने का रोडमैप पूरी तरह तैयार कर लिया गया है।चीन ने लगातार 13वें महीने नहीं बदले लोन रेट्स, जापानी बॉन्ड यील्ड में लगातार तीसरे दिन उछालएशिया की अन्य बड़ी आर्थिक खबरों पर नजर डालें तो:चीन एलपीआर (China LPR): चीन के केंद्रीय बैंक 'पीपल्स बैंक ऑफ चाइना' (PBOC) ने देश की सुस्त अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए जून महीने में भी अपनी बेंचमार्क लेंडिंग रेट्स (कर्ज दरों) में कोई बदलाव नहीं किया है। यह लगातार 13वां महीना है जब दरें स्थिर हैं। बैंक ने एक साल के लोन प्राइम रेट (LPR) को 3.00% और पांच साल के एलपीआर को 3.50% के पुराने स्तर पर ही बरकरार रखा है।जापानी बॉन्ड यील्ड: जापान में बढ़ती महंगाई और राजकोषीय (फिस्कल) चिंताओं के बीच सरकारी बॉन्ड यील्ड में लगातार तीसरे दिन तेजी का रुख रहा। बेंचमार्क 10-साल का जेजीबी (JGB) यील्ड 3 बेसिस पॉइंट बढ़कर 2.675% के स्तर पर पहुंच गया है।होर्मुज स्ट्रेट में सप्लाई धीमी होने से कच्चे तेल में उबाल, डॉलर की मजबूती से येन रिकॉर्ड निचले स्तर परक्रूड ऑयल: अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के शुरुआती दौर में आई कुछ कड़वाहट के कारण रणनीतिक समुद्री मार्ग 'होर्मुज स्ट्रेट' से जहाजों की आवाजाही थोड़ी धीमी हुई थी, जिसका असर कीमतों पर दिखा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.83% बढ़कर 81.24 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड फ्यूचर्स 2.04% की उछाल के साथ 77.40 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।सोना और चांदी: वैश्विक बाजार में महंगाई और उच्च ब्याज दरों की चिंता थोड़ी कम होने से बुलियन मार्केट में शानदार रिकवरी हुई है। सोने की कीमतें पिछले निचले स्तर से 1% से ज्यादा उछल गईं। स्पॉट गोल्ड का भाव 1.2% की बढ़त के साथ 4,209.03 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि हाजिर चांदी (Spot Silver) 2.6% की तूफानी तेजी के साथ 66.60 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।करेंसी मार्केट (Dollar Index): शांति समझौते को लेकर बनी शुरुआती अनिश्चितता के कारण सुरक्षित निवेश के तौर पर अमेरिकी डॉलर को मजबूती मिली है। इसके चलते ब्रिटिश पाउंड 0.24% गिरकर $1.32055 और यूरो 0.1% की नरमी के साथ $1.1462 पर आ गया। वहीं, जापानी येन में लगातार कमजोरी जारी है और यह फिसलकर 161.53 प्रति डॉलर के स्तर पर आ गया है, जो इसके पिछले दो साल के सबसे निचले स्तर के बेहद करीब है।
नोएडा में थाना साइबर क्राइम पुलिस ने निवेश पर मुनाफे का लालच देकर ठगी करने वाले शख्स को गिरफ्तार किया है। वह पेशे से डॉक्टर है। वह सोशल मीडिया एप पर महिला बनकर लोगों से संपर्क करता था। निवेश करने के बाद नाम पर उन्हें जाल में फंसाता था। पुलिस ने उसके पास से ठगी में इस्तेमाल एक मोबाइल फोन बरामद किया है। डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि थाना साइबर क्राइम पुलिस ने ग्रेटर नोएडा क्षेत्र से रामाकृष्ण पेदगावेगी को गिरफ्तार किया है। उसकी अरेस्टिंग इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर हुई है। वह मूलरूप से आंध्र प्रदेश का रहने वाला है। उसकी उम्र 37 वर्ष है। जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फ्रेंड ऐप व अन्य डेटिंग साइटों पर महिला की फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों से संपर्क करता था।शुरुआत में छोटे निवेश पर फर्जी मुनाफा दिखाकर भरोसा दिलाता था। इसके बाद वह अधिक धनराशि का निवेश करवाता था। लोगों से जिस बैंक खाते में पैसा जमा कराया जाता था, वह एक म्यूल अकाउंट था। इस खाते की इंटरनेट बैंकिंग के लिए आरोपी का मोबाइल नंबर रजिस्ट्रर्ड था। इसी के जरिये वह ठगी की रकम विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर देता था। उसने शहर के एक ही व्यक्ति के साथ भी फर्जीवाड़ा किया था। इस संबंध में साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज कराया गया था।
नमस्कार, NEET-UG की दोबारा परीक्षा हुई। इस दौरान कई जगहों पर हिजाब और कलावा उतरवाए जाने को लेकर विवाद हुआ। उधर, राम मंदिर में रोज का चढ़ावा ₹12 लाख से कम होकर ₹1 लाख से कम हो गया है। मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ में आगे वैभव सूर्यवंशी के वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की खबर बताएंगे… ⏰ आज का प्रमुख इवेंट, जिस पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. NEET री-एग्जाम में एक-दो मिनट देर से पहुंचे छात्रों को नो-एंट्री, हिजाब पर विवाद, कलावा-इयररिंग्स उतरवाए देश के 22.79 लाख से ज्यादा छात्रों ने NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा दी। इसके लिए देश के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में 5,440 केंद्र बनाए गए। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे के बीच हुई। छात्रों को सुबह 11 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक एग्जाम सेंटरों में एंट्री दी गई। एक-दो मिनट देर से पहुंचने पर मुंबई में 2 और बेंगलुरु में 4 स्टूडेंट्स को एग्जाम सेंटर में एंट्री नहीं दी गई। नाक पर टेप चिपकाया: राजस्थान के अजमेर में हिजाब पहन कर आई एक छात्रा को एंट्री देने से पहले मना किया गया। काफी बहस के बाद उसे अंदर भेजा गया। उदयपुर में एक कैंडिडेट की नोज पिन नहीं निकली तो नाक पर टेप चिपकाया गया। मध्य प्रदेश के भोपाल में छात्रों के हाथ से कलावा काटकर हटाए गए। यूपी में लड़कियों के कान से इयररिंग्स उतरवाए गए। हैदराबाद में छात्रा ने सुसाइड किया: 19 साल की एक NEET छात्रा ने आत्महत्या कर ली। रविवार सुबह उसके अपार्टमेंट में फंदे से लटका शव मिला। पुलिस को आशंका है कि उसने री-एग्जाम के दबाव में यह कदम उठाया। मौके से मिले सुसाइड नोट में छात्रा ने अपनी मौत के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया। पूरी खबर पढ़ें... 2. योगी को आज राम मंदिर चढ़ावा चोरी की रिपोर्ट मिल सकती है, 7 पेन ड्राइव में सबूत चढ़ावा चोरी की जांच कर रही SIT आज सोमवार को CM योगी को शुरुआती रिपोर्ट सौंप सकती है। जांच टीम ने मौके से जुटाए गए सारे सबूत और लोगों से की पूछताछ का ब्योरा 7 पेन ड्राइव में सुरक्षित किया है। 6 दिन की जांच में 150 संदिग्धों के नाम सामने आए हैं। इनमें से 25 लोगों पर कार्रवाई के आसार हैं। जिन लोगों से SIT पूछताछ कर चुकी है, उन्हें अगले आदेश तक अयोध्या नहीं छोड़ने की चेतावनी दी गई है। रोज का चढ़ावा ₹1 लाख से कम हुआ: राम मंदिर में चढ़ावा चोरी विवाद का श्रद्धालुओं पर गहरा असर पड़ा है। यही वजह है कि पहले दानपेटियों से रोजाना 8 से 12 लाख रुपए तक चढ़ावा निकलता था। वो अब घटकर 1 लाख रुपए के नीचे आ गया है। हालांकि, श्रद्धालुओं की संख्या में कमी नहीं आई है। श्रद्धालुओं का कहना है- दान चोरी से दुख हुआ है। इसलिए ऑनलाइन दान करना ज्यादा बेहतर होगा। पूरी खबर पढ़ें... 3. इंग्लैंड दौरे पर गिल होंगे वनडे कप्तान, श्रेयस उपकप्तान; रोहित-विराट शामिल BCCI ने इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय वनडे टीम का ऐलान कर दिया। शुभमन गिल कप्तान बनाए गए हैं। श्रेयस अय्यर को उपकप्तानी दी गई है। विराट कोहली और रोहित शर्मा भी स्क्वॉड का हिस्सा हैं। श्रेयस अय्यर टी-20 टीम के कप्तान हैं। शतक बनाने वाले यशस्वी टीम से बाहर: अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे वनडे में शतक लगाने वाले यशस्वी जायसवाल को टीम में जगह नहीं मिली है। यशस्वी को चोटिल विराट कोहली की जगह अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे टीम में चुना गया था। इंग्लैंड के खिलाफ इस सीरीज को 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों के लिए अहम माना जा रहा है। दौरे पर पांच टी-20 और तीन वनडे मैच होंगे। टी-20 टीम का ऐलान पहले ही हो चुका है। पूरी खबर पढ़ें... 4. कॉकरोच जनता पार्टी का दूसरे दिन भी प्रदर्शन जारी, दीपके ने क्रिकेट खेला कॉकरोच जनता पार्टी का जंतर-मंतर पर लगातार दूसरे दिन भी प्रदर्शन जारी रहा। इस दौरान कई समाजसेवियों ने प्रदर्शनकारियों को खाने का सामान बांटा। CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने पानी और केले दान करने वाले लोगों का आधार कार्ड चेक किया। दीपके ने लोगों से ज्यादा से ज्यादा संख्या में शामिल होने की अपील की है। इस दौरान उन्होंने समर्थकों के साथ मिलकर क्रिकेट भी खेला। दीपके ने आगे कहा;- अगर PM मोदी धर्मेंद्र प्रधान जैसे अयोग्य मंत्री को नहीं हटाते हैं, तो इतिहास उन्हें सबसे अयोग्य प्रधानमंत्री मानेगा। पानी और लाइट को लेकर शिकायत: दीपके ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर के सार्वजनिक शौचालयों में पानी बंद कर दिया गया था। प्रदर्शनकारियों का यह भी कहना था कि रात में कुछ समय के लिए लाइट बंद कर दी गई थी। दीपके ने NEET पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपए मुआवजा देने की भी मांग की है। पूरी खबर पढ़ें... 5. वैभव सूर्यवंशी ने वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा, 11 बॉल में अर्धशतक; 50 ओवर क्रिकेट में फास्टेस्ट फिफ्टी वैभव सूर्यवंशी ने वनडे क्रिकेट इतिहास की सबसे तेज फिफ्टी लगा दी है। वैभव ने महज 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने सिर्फ 29 गेंदों पर 94 रन की पारी खेली। 10 चौके और 8 छक्के लगाए। वैभव से पहले 50 ओवर की क्रिकेट में फास्टेस्ट हाफ सेंचुरी श्रीलंका के कौशल्य वीरात्ने ने बनाई थी। उन्होंने 2006 में रागामा क्रिकेट क्लब की ओर से खेलते हुए 12 बॉल पर फिफ्टी पूरी की थी। मैच के हाईलाइट्स: इंडिया-ए ने फाइनल में श्रीलंका-ए को 66 रन से हराकर ट्राई सीरीज अपने नाम कर ली। इंडिया-ए ने दांबुला में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 9 विकेट पर 377 रन बनाए। जवाब में श्रीलंका-ए 47.1 ओवर में 311 रन पर सिमट गई। कप्तान तिलक वर्मा ने 67, ऋतुराज गायकवाड ने 40 और अनुकूल रॉय ने 15 गेंदों पर 39 रन का योगदान दिया। पूरी खबर पढ़ें... 6. योगी बोले- बेटियों को छेड़ने वाला यमराज के घर जाएगा, सपा मोहर्रम-ईद पर उदंडता कराती थी सीएम योगी ने रविवार को हमीरपुर में कहा- सपा सरकार में हर जिले में एक माफिया होता था। ये माफिया जमीनों पर कब्जा करते थे। व्यापारी और बेटी के लिए संकट खड़ा करते थे। पुलिस पर हमला करते थे। छवि खराब होती थी- बुंदेलखंड की। योगी ने कहा- आज माफिया के लिए कोई जगह नहीं है। माफिया अब जेल में है या मिट्टी मिल गए। अब बेटी की सुरक्षा में कोई सेंध नहीं लगा सकता है। अगर ऐसा दुस्साह कोई करता है तो यमराज के घर जाएगा। सपा ईद और मोहर्रम पर सड़कों पर उदंडता करवाती थी और कृष्ण जन्मोत्सव और कांवड़ यात्रा पर रोक लगाती थी। योगी ने कहा- 21 जून हो गया, लेकिन मानसून नहीं आया। चूंकि हम लोगों को दौरा हो रहा था। इसलिए भगवान ने कहा होगा- ज्यादा गर्मी न हो, इसलिए थोड़े-बहुत बादल देखने को मिल रहे हैं। पिछले दो साल मानसून अच्छा था। अगले 3 साल तक अलनीनो के कारण असमय और कम वर्षा की चेतावनी अभी से आ रही है। इसलिए मेरी अपील है कि पानी बचाइए। पढ़ें पूरी खबर… आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… नेशनल: कोलकाता में मोदी बोले-70 की उम्र में 50 जैसा दिखें:योग इसमें मददगार, यह सबको जोड़ता है; पीएम ने 5 आसन किए, लोगों को सिखाया (पूरी खबर पढ़ें) नेशनल: तमिलनाडु की सीफूड फैक्ट्री में गैस रिसाव, 2 की मौत: 65 से ज्यादा घायल, 9 वेंटिलेटर पर; मरने वालों में सभी महिलाएं (पूरी खबर पढ़ें) मौसम: मुंबई में बारिश, फिर एक्टिव हुआ मानसून: आगे बढ़ने के आसार, सोलापुर के पास 14 दिनों से रुका था; 8 राज्यों में तापमान 40C के पार (पूरी खबर पढ़ें) नेशनल: दिल्ली- ट्रेन में चढ़ने को लेकर यात्री की पीट-पीटकर हत्या: योगा एक्सप्रेस में सीट को लेकर विवाद; 8 हिरासत में (पूरी खबर पढ़ें) नेशनल: नेवी को मिले 3 स्वदेशी युद्धपोत: INS दूनागिरी ब्रह्मोस से लैस, रडार नहीं पकड़ पाएगा; INS संशोधक लगातार 12000km तक चल सकता है (पूरी खबर पढ़ें) बिजनेस: इस हफ्ते 5 फैक्टर्स शेयर बाजार के लिए अहम: विदेशी निवेशक लौटे, क्या निफ्टी पार करेगा 24,500 का स्तर; अमेरिका-ईरान वार्ता पर भी नजर (पूरी खबर पढ़ें) इंटरनेशनल: दावा- ब्रिटिश प्रधानमंत्री स्टार्मर आज तक इस्तीफा दे सकते हैं: पार्टी के 100 सांसद खिलाफ; 10 साल में 5 पीएम ने कार्यकाल से पहले पद छोड़ा (पूरी खबर पढ़ें) नेशनल: पंजाब के निहंगों ने उत्तराखंड में गुरुद्वारे पर कब्जा किया: कहा- घुसने वाले को काट देंगे, SP समझाने पहुंचीं तो धमकी दी (पूरी खबर पढ़ें) इंटरनेशनल: भारत बोला- PAK राष्ट्रपति का बयान नफरत फैलाने वाला: हमारे मामलों में दखल न दें; जरदारी बोले थे- वाराणसी की मस्जिद खतरे में, कार्रवाई रोकी जाए (पूरी खबर पढ़ें) बिजनेस: 31 जुलाई तक फाइल कर दें इनकम टैक्स रिटर्न: अगर इनकम 2.50 लाख से ज्यादा तो भरना जरूरी, इन 10 बातों का रखें ध्यान (पूरी खबर पढ़ें) ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... घर की दीवार से निकले 29 कोबरा ओडिशा के भद्रक जिले में एक घर की दीवार से 29 कोबरा सांप मिले। घरवालों को सांप की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद स्नेक कैचर को बुलाया गया। जांच में दीवार की दरार से 2 बड़े कोबरा और उनके 27 बच्चे निकले। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… स्पाई फाइल्स: पाकिस्तानी लड़की से इश्क, शादी और फिर फांसी की सजा: दोस्त की गलती से पकड़ा गया इंदिरा गांधी का ‘ब्लैक टाइगर’; जासूस रविंद्र कौशिक पार्ट-2 आज का एक्सप्लेनर: 13 दिन से अटका मानसून, मौसम के कौन से 5 सिस्टम जिम्मेदार; अब तक 38% कम बारिश, आखिर कब मिलेगी राहत भास्कर इन्वेस्टिगेशन: रौशन आनंद के भाई का 20 मिनट में हुआ पोस्टमॉर्टम: पॉइजन या कार्डियक अटैक जैसी रिपोर्ट बनी ही नहीं, विसरा के लिए पूरा हार्ट भेज दिया साइबर लिटरेसी- फर्जी लोन एप से सावधान: सरकार ने जारी की फर्जी लोन एप्स की लिस्ट, डाउनलोड करते और लोन लेते हुए रहें सतर्क ग्राउंड रिपोर्ट: भरत तिवारी एनकाउंटर-'हमारे सामने 3 गोली मारी, 5 कैसे निकली?': हथियार फेंकने के बाद पुलिस ने दौड़कर पकड़ा, दूर ले जाकर दागी बुलेट; गांववालों की आंखों-देखी जरूरत की खबर- डायबिटीज है तो रोज करें सूर्य नमस्कार: योग गुरु से जानें 12 बड़े फायदे, करने का सही तरीका, समय और जरूरी सावधानियां करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें... ⏳आज के दिन का इतिहास ️ मौसम का मिजाज वृष राशि वालों के लिए प्रॉपर्टी या वाहन खरीदने की योजना आगे बढ़ाने का अच्छा दिन है। कुंभ राशि वालों को जरूरी कागज और सामान संभालकर रखना होगा। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...
भारतीय कंपनी का धमाका- 9 बड़ी कंपनियों ने जोड़े 2.15 लाख करोड़, भारती एयरटेल ने मारी बाजी
मुंबई, वैश्विक अस्थिरता में कमी से भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली है और इससे देश की शीर्ष 10 भारतीय कंपनियों में से नौ का मार्केटकैप 2.15 लाख करोड़ रुपए बढ़ा है।
शेयर बाजार का हाल: कच्चा तेल,अमेरिका-ईरान वार्ता और आर्थिक डेटा तय करेंगे बाजार की दिशा
मुंबई, भारतीय शेयर बाजार के लिए अलगा हफ्ता काफी अहम होगा। इस दौरान कच्चा तेल, अमेरिका-ईरान शांति वार्ता और घरेलू आर्थिक डेटा जैसे इन्फ्रास्ट्रक्चर आउटपुट, पीएमआई और फॉरेक्स डेटा से शेयर बाजार की दिशा तय होगी।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित वित्तीय धोखाधड़ी मामले की आरोपी नोहेरा शेख, हीरा ग्रुप ऑफ कंपनीज और उससे जुड़ी संस्थाओं की लगभग 159 करोड़ रुपए मूल्य की 23 अचल संपत्तियों की नीलामी कर दी है। एजेंसी ने शनिवार को कहा कि यह कदम देश भर में कथित तौर पर ठगे गए हजारों निवेशकों को उनका पैसा लौटाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
अमेरिका-ईरान शांति समझौते की उम्मीद से शेयर बाजार में खुशहाली
मुंबई, अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर बढ़ी उम्मीदों तथा ब्रेंट क्रूड की कीमतों में गिरावट के कारण निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ।
क्ले क्राफ्ट का आईपीओ 96 गुना सब्सक्राइब हुआ
क्ले क्राफ्ट इंडिया लिमिटेड के 110.11 करोड़ रुपए के आईपीओ को करीब 96 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है। कंपनी के अनुसार, संस्थागत निवेशकों से 119 गुना, गैर-संस्थागत से 155 गुना और रिटेल निवेशकों से 72 गुना सब्सक्राइब मिला। आईपीओ से जुटाई गई राशि का उपयोग कंपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने आैर अत्याधुनिक मशीनों की खरीद के लिए करेगी। इससे कंपनी की उत्पादन क्षमता में करीब 4,000 मीट्रिक टन प्रति वर्ष की वृद्धि होगी, जो अभी सालाना लगभग 6,000 मीट्रिक टन है। कंपनी के पास 5,770 से अधिक उत्पादों की शृंखला, 130 से ज्यादा वितरकों का नेटवर्क और 1,390 से अधिक कर्मचारियों की टीम है। यह क्राकरी और टेबलवेयर उत्पादों का निर्माण कर रही है। कंपनी के शेयर 24 जून को एनएसई इमर्ज पर सूचीबद्ध होंगे।
दुर्ग जिले में निवेश के नाम पर 40 लाख रुपए की ठगी करने वाले पति-पत्नी को जामुल थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह दंपती 29 दिनों से फरार था। आरोपियों ने एक महिला से 25 लाख रुपए ठगे और उसकी सहेली के 15 लाख रुपए के सोने के गहने भी गिरवी रख दिए। मामले में अभी कई अन्य निवेशकों के पैसे फंसे होने की बात भी सामने आ रही है। पुलिस के अनुसार, आरोपी पवन हरिहर सिंह और उसकी पत्नी पिंकी सिंह ने प्रार्थिया फातिमा अहमद उर्फ स्वाती से संपर्क किया। उन्होंने खुद को फाइनेंशियल कंसलटेंट बताया और वेस्टिज कंपनी में निवेश पर कम समय में अच्छे लाभ का वादा किया। शुरुआती निवेश पर लाभ मिलने से फातिमा का विश्वास बढ़ गया। इसके बाद उन्होंने और अधिक रकम निवेश की। इसी भरोसे का फायदा उठाकर दंपती ने उनसे लगभग 25 लाख रुपए ठग लिए। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने फातिमा की सहेली रजनी बारसकर को भी झांसे में लिया। उन्होंने निवेश और वित्तीय व्यवस्था के नाम पर रजनी से सोने के आभूषण लिए। इन गहनों को भिलाई के पावर हाउस चौक स्थित IIFL गोल्ड फाइनेंस में अपने नाम पर गिरवी रखकर करीब 15 लाख रुपए प्राप्त किए गए। जब निवेशकों ने अपने पैसे और गहनों की जानकारी मांगी, तो आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी। कुछ समय बाद वे दोनों अचानक फरार हो गए। धोखाधड़ी का एहसास होने पर फातिमा अहमद उर्फ स्वाती ने 21 मई 2026 को जामुल थाना में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अपराध क्रमांक 345/2026 दर्ज कर धारा 318(4) और 3(5) बीएनएस के तहत जांच शुरू की। प्रकरण दर्ज होने के बाद से ही आरोपी लगातार पुलिस से बचने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस टीम उनकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी और तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे थे। मुखबिर की सूचना से टूटा फरारी का खेल करीब 29 दिन की तलाश के बाद पुलिस को मुखबिर से महत्वपूर्ण सूचना मिली। इसके आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर पवन हरिहर सिंह और पिंकी सिंह को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों ने धोखाधड़ी की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने 19 जून 2026 को दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। कई और निवेशकों के फंसे हैं पैसे जांच के दौरान यह भी जानकारी सामने आई है कि दंपती के झांसे में आने वाले लोगों की संख्या सिर्फ एक-दो नहीं है। पुलिस सूत्रों के अनुसार कई अन्य लोगों ने भी निवेश के नाम पर रकम फंसने की शिकायत की है। ऐसे में जांच का दायरा बढ़ सकता है और धोखाधड़ी की कुल राशि भी बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। दस्तावेज और साक्ष्य जब्त पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से धोखाधड़ी से संबंधित दस्तावेज, गिरवी रखे गए सोने के आभूषणों के रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त किए हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर लेन-देन और निवेश से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। क्या है पूरा मामला पुलिस के अनुसार आरोपियों का उद्देश्य ट्रेडिंग और निवेश में अधिक लाभ दिलाने का झांसा देकर लोगों का विश्वास जीतना और फिर आर्थिक फायदा उठाना था। शुरुआती लाभ दिखाकर उन्होंने निवेशकों को बड़ी रकम लगाने के लिए प्रेरित किया। जब रकम और गहने उनके कब्जे में आ गए तो उन्होंने धोखाधड़ी को अंजाम देकर फरारी काट ली। हालांकि 29 दिन बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा कर दिया।
भारतीय शेयर बाजार में आयी गिरावट, लाल निशान में खुला बाजार
मुंबई, सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार अपने लगातार पांच सत्रों की तेजी खोकर गिरावट के साथ लाल निशान में खुला।
एक्सेंचर के कमजोर अनुमान से आईटी शेयरों में बड़ी गिरावट, निफ्टी आईटी 6 प्रतिशत से ज्यादा टूटा
ग्लोबल टेक्नोलॉजी सर्विसेज कंपनी एक्सेंचर द्वारा अपने राजस्व वृद्धि (रेवेन्यू ग्रोथ) अनुमान में कटौती करने और मांग के कमजोर रहने के संकेत देने के बाद शुक्रवार को आईटी शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली। इसके चलते निफ्टी आईटी इंडेक्स 6 प्रतिशत से अधिक टूट गया और वैश्विक तकनीकी खर्च में सुधार की रफ्तार को लेकर निवेशकों की चिंताएं फिर बढ़ गईं।
साइबर ठगों ने एक कंपनी के कर्मचारी से 17 लाख रुपये की ठगी कर ली। उन्होंने क्रिप्टो करेंसी में निवेश करने पर मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर जाल में फंसाया। ठगों ने पिछले साल पीड़ित के वाट्सऐप नंबर एक एसएमएस भेजा। इसके बाद ग्रुप पर जोड़कर धीरे-धीरे करके रकम ट्रांसफर करा ली। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित स्टेलर जीवन सोसाइटी निवासी जसविंदर सिंह ने पुलिस को बताया कि वह एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं। वह शेयर बाजार में निवेश करने में भी रुचि रखते हैं। पिछले साल 23 जून को उनके वाट्सऐप पर एक मैसेज आया। भेजने वाले का दावा था कि क्रिप्टो करेंसी में निवेश करने पर वह मोटा मुनाफा दिला सकता है। उन्होंने निवेश करने पर रुचि जताई तो आरोपियों ने उन्हें एक ग्रुप पर जोड़ दिया। 200 से ज्यादा लोग पहले से जुड़े थेग्रुप में 200 से अधिक लोग जुड़े हुए थे। जालसाजों की टीम ग्रुप में निवेश करने के टिप्स दे रही थी। ग्रुप में जुड़े लोग रकम निवेश करने और मुनाफा मिलने की जानकारी के स्क्रीन शॉट साझा कर रहे थे। जालसाजों ने उन्हें निवेश करने पर कम से कम समय में तीन गुना तक मुनाफा दिलाने का दावा किया। इसके बाद ठगों ने उन्हें वेबसाइट पर पंजीकरण कराया और निवेश कराना शुरू कर दिया। शुरुआत में किए निवेश पर उन्हें लाभ हुआ। धीरे-धीरे कर ट्रांसफर किए 17 लाखइसके बाद वह धीरे-धीरे करके रकम जालसाजों द्वारा बताए बैंक खातों में ट्रांसफर करते चले गए। 20 अगस्त तक उन्होंने करीब 17 लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर किए। वेबसाइट पर निवेश की गई रकम से कई गुना अधिक दिखाई दे रही थी। जब उन्होंने रुपये निकालने के लिए कहा तो जालसाजों ने विभिन्न प्रकार के कर जमा करने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। उनको ग्रुप से बाहर कर दिया।
दो वर्षों में बदली ओडिशा की तस्वीर: मोहन चरण माझी सरकार का विकास, सुशासन और निवेश मॉडल
जून 2024 में जब ओडिशा की जनता ने राज्य में पहली बार भारतीय जनता पार्टी को पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता सौंपी, तब यह केवल राजनीतिक परिवर्तन नहीं था, बल्कि विकास और सुशासन की नई अपेक्षाओं का जनादेश भी था।
सीतारमण का बड़ा बयान: विदेशी निवेश बढ़ने के लिए सरकार की नयी तैयारी
नई दिल्ली, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि सरकार देश में अधिक विदेशी पूंजी आकर्षित करने के लिए आगे भी कई कदम उठाएगी और बॉन्ड मार्केट के लिए हाल में घोषित उपाय इस दिशा में सिर्फ शुरुआत हैं।
निवेश की दुनिया में अक्सर लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि आखिर में अपनी गाढ़ी कमाई से बमुश्किल की जाने वाली बचत का रुपया-पैसा कहाँ लगाएं, जहां पर वह डूबे नहीं, बल्कि सुरक्षित भी रहे। ऐसे में आप अपना रुपया-पैसा पीपीएफ (Public Provident Fund) में लगाएं या एमएफ (Mutual Fund) में। क्योंकि सच यह है कि दोनों का उद्देश्य अलग-अलग है और सही समय पर सही विकल्प चुनना ही आपके लिए अधिक महत्वपूर्ण है। इसलिए आइए आज आपको बताते हैं कि कब पीपीएफ में निवेश करें और कब एमएफ में। पहले हम बात करते हैं कि पीपीएफ (PPF) में निवेश कब न करें? आपके लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि Public Provident Fund (PPF) उन लोगों के लिए बेहतर है जो अपनी पूंजी की सुरक्षा चाहते हैं। साथ ही एक निश्चित और जोखिम-मुक्त रिटर्न पसंद करते हैं। इसके अलावा, टैक्स भी बचाना चाहते हैं। और तो और, 15 वर्ष या उससे अधिक की लंबी अवधि के लिए निवेश कर सकते हैं। चूंकि इसका महत्वपूर्ण फंडा यह है कि PPF में हर महीने की 5 तारीख से पहले पैसा जमा करने पर उस महीने का ब्याज भी मिलता है। इसलिए यदि आप मासिक निवेश करते हैं तो 1 से 5 तारीख के बीच जमा करना अधिक फायदेमंद माना जाता है। इसे भी पढ़ें: FIR कराना हो जाएगा आसान, जब जानेंगे 2026 के कानून अब हम बात करते हैं कि Mutual Fund (MF) में कब निवेश करें? तो यह गांठ बांध लीजिए कि Mutual Fund उन निवेशकों के लिए बेहतर है जो महंगाई को मात देने वाला रिटर्न चाहते हैं। साथ ही लंबी अवधि (10-15 वर्ष या अधिक) के लिए निवेश कर सकते हैं। इसके अलावा, कुछ उतार-चढ़ाव (रिस्क) सहन कर सकते हैं। और तो और संपत्ति निर्माण (Wealth Creation) का लक्ष्य रखते हैं। चूंकि इसका महत्वपूर्ण फंडा यह है कि Mutual Fund में सही समय पकड़ने की बजाय SIP (Systematic Investment Plan) के जरिए नियमित निवेश करना अधिक प्रभावी माना जाता है। जो कि बाजार ऊपर हो या नीचे, SIP लागत को औसत कर देती है। सवाल है कि किसे चुनें? आपके निवेशक का लक्ष्य क्या है? आपके पास बेहतर विकल्प क्या है? आपकी पूंजी सुरक्षा कितनी है। चूंकि पीपीएफ से टैक्स बचत होती है, रिटायरमेंट के लिए सुरक्षित फंड रहता है और लंबी अवधि में अधिक रिटर्न रिटर्न मिलता है। जबकि म्युचुअल फंड धन सृजन (Wealth Creation) के लिए अच्छा है, बशर्ते कि आप संतुलित रणनीति अपनाएं। जहां तक PPF और Mutual Fund में सबसे असरदार रणनीति की बात है तो वित्तीय विशेषज्ञ अक्सर सलाह देते हैं कि निवेशक दोनों का संयोजन रखें। एक ओर सुरक्षा और टैक्स लाभ के लिए PPF अच्छा है तो संपत्ति निर्माण और महंगाई से आगे निकलने के लिए Equity Mutual Fund SIP बेहतर है। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई व्यक्ति हर महीने ₹10,000 निवेश करना चाहता है, तो वह ₹3,000–₹4,000 PPF में और शेष राशि अच्छे इक्विटी म्यूचुअल फंड की SIP में लगा सकता है। इससे सुरक्षा और वृद्धि दोनों का लाभ मिल सकता है। निष्कर्षतः यह कहा जा सकता है कि यदि आपका लक्ष्य पूंजी की सुरक्षा है तो PPF बेहतर है। और यदि आपका लक्ष्य लंबी अवधि में बड़ा धन बनाना है तो Mutual Fund अधिक उपयुक्त हो सकता है। वहीं, दोनों का संतुलित मिश्रण अधिकांश निवेशकों के लिए व्यावहारिक और प्रभावी रणनीति साबित हो सकता है। हाँ, यहां पर यह सदैव ध्यान रखें कि Mutual Fund बाजार जोखिमों के अधीन हैं, जबकि PPF अपेक्षाकृत सुरक्षित सरकारी योजना है। लिहाजा, निवेश का निर्णय अपनी आयु, लक्ष्य, जोखिम क्षमता और समयावधि को ध्यान में रखकर करें। - कमलेश पांडेय वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार
AI स्टार्टअप कंपनी एंथ्रोपिक ने अपने सबसे एडवांस AI मॉडल्स 'क्लाउड फेबल 5' और 'मिथॉस 5' को दुनियाभर में बंद कर दिया है। कंपनी ने यह फैसला अमेरिकी सरकार के उस आदेश के बाद लिया है, जिसमें विदेशी नागरिकों के लिए इन मॉडल्स के इस्तेमाल पर रोक लगाने को कहा गया था। अब भारतीयों समेत कोई भी गैर-अमेरिकी नागरिक इनका इस्तेमाल नहीं कर पाएगा। अमेरिकी अधिकारियों ने इसके पीछे नेशनल सिक्योरिटी और साइबर हमलों के खतरे का हवाला दिया है। यह पहली बार है जब किसी सरकार ने हार्डवेयर या चिप्स के बजाय सीधे AI सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया है। जेलब्रेक के जरिए साइबर हमले का डर अमेरिकी सरकार को डर है कि इन एडवांस AI मॉडल के जरिए सुरक्षा घेरे को 'जेलब्रेक' यानी डिजिटल जेल को बाईपास किया जा सकता है। ऐसा होने पर इनका इस्तेमाल कंप्यूटर सिस्टम्स में कमियां ढूंढने, सरकारी डेटा हैक करने या बैंकिंग सिस्टम और क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े साइबर हमले करने के लिए किया जा सकता है। 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेजॉन के रिसर्चर्स ने एक टेस्टिंग के दौरान कुछ खास प्रॉम्प्ट्स का इस्तेमाल करके एंथ्रोपिक के मॉडल से सॉफ्टवेयर की कुछ कमियां निकलवा ली थीं। इसकी जानकारी अमेरिकी वाणिज्य विभाग को दी गई, जिसके तुरंत बाद यह कड़ा एक्शन लिया गया। कंपनी बोली- पाबंदी का फैसला गलत इस मामले पर एंथ्रोपिक का कहना है कि सरकार का यह फैसला एक बड़ी गलतफहमी का नतीजा है। कंपनी के मुताबिक, जो कमियां पाई गई थीं, वे बहुत सीमित थीं और वैसी कमियां बाजार में मौजूद दूसरे पब्लिक AI मॉडल्स भी ढूंढ सकते हैं। इसके लिए इतने बड़े पैमाने पर पूरी दुनिया में बैन लगाना सही नहीं है। कंपनी ने बताया कि लॉन्चिंग से पहले उन्होंने अमेरिकी सरकारी एजेंसियों और ब्रिटेन के AI सेफ्टी इंस्टीट्यूट के साथ हफ्तों तक इसकी टेस्टिंग की थी, तब किसी को ऐसा कोई बड़ा खतरा नहीं मिला था। कंपनी अब सरकार से बातचीत कर रही है ताकि इस एक्सेस को जल्द से जल्द बहाल किया जा सके। तब तक यूजर्स कंपनी के बाकी पुराने AI मॉडल्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। ट्रंप प्रशासन के साथ पहले से चल रहा था विवाद एंथ्रोपिक और ट्रंप प्रशासन के बीच पिछले कुछ महीनों से तनाव चल रहा है। दरअसल, कंपनी ने अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों को डोमेस्टिक सर्विलांस (घरेलू जासूसी) और पूरी तरह से ऑटोमैटिक चलने वाले हथियारों में अपने AI मॉडल का इस्तेमाल करने देने से मना कर दिया था। इसके बाद पेंटागन ने एंथ्रोपिक को 'सप्लाई-चेन रिस्क' की लिस्ट में डाल दिया था। यह विवाद ऐसे समय में बढ़ा है जब कंपनी शेयर बाजार में अपना IPO लाने की तैयारी कर रही है, जिससे उसकी मार्केट वैल्यू करीब 1 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 92 लाख करोड़ रुपए) आंकी जा रही है। जोहो फाउंडर श्रीधर वेम्बू बोले- ग्लोबलाइजेशन अब खत्म अब तक अमेरिका का ध्यान सिर्फ AI चिप्स और सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी को दूसरे देशों (विशेषकर चीन) तक पहुंचने से रोकने पर था। लेकिन सॉफ्टवेयर पर लगे इस नए बैन ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। भारतीय टेक कंपनी जोहो के फाउंडर श्रीधर वेम्बू ने इस फैसले पर चिंता जताते हुए इसे भारत के लिए एक बड़ा वेक-अप कॉल बताया है। वेम्बू ने कहा कि अब ग्लोबलाइजेशन खत्म हो चुका है। भारत को अब विदेशी कंपनियों पर निर्भर रहने के बजाय तेजी से अपनी खुद की सॉवरेन AI क्षमताएं डेवलप करनी चाहिए और ओपन-सोर्स मॉडल्स को बढ़ावा देना चाहिए, क्योंकि भविष्य में कोई भी देश कभी भी अपनी टेक्नोलॉजी का एक्सेस बंद कर सकता है। नॉलेज बॉक्स: क्या होता है 'जेलब्रेक' और 'सॉवरेन AI'? जेलब्रेक: AI मॉडल्स में कुछ सुरक्षा नियम सेट किए जाते हैं, ताकि वे बम बनाना, साइबर हमला करना या अवैध काम सिखाने जैसी जानकारियां न दें। जब कोई हैकर या यूजर चालाकी से इन नियमों को तोड़कर AI से प्रतिबंधित जानकारी निकलवा लेता है, तो उसे 'जेलब्रेक' कहते हैं। सॉवरेन AI: किसी देश की ओर से खुद के डेटा, इंफ्रास्ट्रक्चर और वैज्ञानिकों की मदद से तैयार किया गया घरेलू AI सिस्टम। इस पर किसी बाहरी देश या विदेशी कंपनी का नियंत्रण नहीं होता। ------------ ये खबर भी पढ़ें… मिथॉस AI से बैंकिंग सिस्टम पर साइबर हमले का खतरा: वित्त मंत्री सीतारमण ने हाई-लेवल मीटिंग की; क्या है मिथॉस और यह क्यों खतरनाक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को बैंकों के प्रमुखों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग की। इस बैठक में एंथ्रोपिक के 'क्लॉड मिथॉस' AI मॉडल से बैंकिंग सेक्टर को होने वाले संभावित खतरों पर चर्चा की गई। यह एआई मॉडल इतना एडवांस है कि हैकर इसका इस्तेमाल दशकों पुरानी अज्ञात खामियों को खोजकर फाइनेंशियल सेक्टर पर साइबर हमले कर सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें…
जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा से करोड़ों की ठगी, प्रॉपर्टी निवेश के नाम पर लिए 17 करोड़ रुपए
मायानगरी में धोखाधड़ी के किस्से अक्सर सामने आते रहते हैं। अब बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा जाफरी धोखाधड़ी का शिकार हो गई हैं। हबीबा जाफरी से संपत्ति निवेश के नाम पर करीब 17.5 करोड़ रुपए की ठगी की गई है।
काजोल ने किया रियल एस्टेट में निवेश, खरीदी इतने करोड़ की कमर्शियल प्रॉपर्टी
बॉलीवुड एक्ट्रेस काजोल ने इंडस्ट्री में एक अलग मुकाम हासिल किया है। काजोल भले ही फिल्मों में कम नजर आती हो, लेकिन वह सुर्खियों में बनी रहती हैं। काजोल ने अब एक्टिंग के साथ-साथ रियल एस्टेट में भी कदम रख दिया है। काजोल ने मुंबई के गोरेगांव वेस्ट ...
जानिए क्यों पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास पर है 2100 करोड़ रुपए निवेश
पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास अपने करियर के शानदार दौर से गुजर रहे हैं, और निर्विवाद रूप से अखिल भारतीय सुपरस्टार के रूप में अपनी जगह पक्की कर रहे हैं। बाहुबली, सलार, कल्कि 2898 एडी जैसी बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने वाली फिल्मों के साथ, उन्होंने भारतीय ...
खतरों के खिलाड़ी सीजन 14 के कंटेस्टेंट अभिषेक कुमार जिन्होंने बिग बॉस 17 में अपने कार्यकाल से काफी लोकप्रियता हासिल की, अपने आकर्षक व्यक्तित्व से लोगों के दिलों पर राज कर रहे हैं। विवादित रियलिटी शो में उनकी भागीदारी ने उन्हें स्टार बना दिया और उन्हें रातोंरात सफलता दिलाई। अभिषेक जो वर्तमान में रोहित शेट्टी के शो खतरों के खिलाड़ी 14 में हैं, ने साझा किया कि वह एक प्रोडक्शन हाउस खोलना चाहते हैं। इसे भी पढ़ें: Kartik Aaryan का खुलासा, Pyaar Ka Punchnama की सफलता के बावजूद उनके पास ‘कोई ऑफर नहीं था, कोई पैसा नहीं था ईटाइम्स टीवी के साथ एक इंटरव्यू में, अभिषेक ने खुलासा किया कि वह भविष्य के लिए पैसे बचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता चाहते हैं कि वह मुंबई में एक घर खरीदें, लेकिन वह एक व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। अभिषेक ने कहा कि वह एक उद्यमी बनना चाहते हैं और उनके बड़े सपने हैं जिन्हें वह हासिल करना चाहते हैं। अभिषेक कुमार मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते इंटरव्यू में, अभिषेक ने कहा कि उन्होंने पैसे बर्बाद करना बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते क्योंकि शहर काफी महंगा है और कहा कि किराए पर रहना एक समझदारी भरा फैसला है। उन्होंने यहां तक कहा कि घर खरीदने में बड़ी रकम लगाने और फिर हर महीने लोन के रूप में बैंक को बड़ी EMI चुकाने का कोई मतलब नहीं है। इसे भी पढ़ें: Karan Johar को कोर्ट से मिली राहत, फिल्म Shaadi Ke Director Karan Aur Johar की रिलीज परह लगी रोक अभिषेक ने कहा कि वह अपना पैसा निवेश करना चाहते हैं और उस पर ब्याज पाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह रवि दुबे और सरगुन मेहता की तरह एक प्रोडक्शन हाउस स्थापित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि उनका परिवार चंडीगढ़ में घर खरीदे, लेकिन मुंबई में नहीं क्योंकि वे वहीं रह सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह पैसे बचाना चाहते हैं और कोई दूसरा व्यवसाय शुरू करने में निवेश कर सकते हैं। KKK 14 की बात करें तो शिल्पा शिंदे शो से बाहर हो गईं। एक यूट्यूब चैनल के अनुसार, सनी वरुण ने बात की, गश्मीर, करणवीर, अदिति और अभिषेक ने निष्कासन स्टंट किया।
कंगना रनौत के किस बयान पर भड़की CISF की महिला जो सरेआम एक्ट्रेस को जड़ दिया थप्पड़, जानिए पूरा मामला
चंडीगढ़: हिमाचल की मंडी लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी सांसद एवं एक्ट्रेस कंगना रनौत से चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर बदसलूकी के पश्चात् हंगामा मचा हुआ है. दरअसल, 6 जून को कंगना दिल्ली जाने के लिए चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर पहुंची थीं. तभी सिक्योरिटी चेक के पश्चात् CISF की एक महिला जवान कुलविंदर कौर ने उनको थप्पड़ मार दिया. हालांकि CISF की अपराधी महिला कर्मी को निलंबित कर दिया गया है तथा उनके खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है. ऐसे में सवाल ये उठता है कि CISF की जवान ने थप्पड़ क्यों मारा, तो इसका जवाब है कंगना का 4 वर्ष पुराना एक ट्वीट. कंगना रनौत ने इस ट्वीट में 3 कृषि कानूनों के खिलाफ हुए किसान आंदोलन के चलते पंजाब की 80 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला किसान की गलत पहचान करते तथा उन्हें बिलकिस बानो कहा था. कंगना ने जो ट्वीट किया था उसमें एक वृद्ध महिला नजर आ रही थीं, जो भले ही झुककर चल रही थीं, लेकिन उन्होंने किसान आंदोलन का झंडा बुलंद किए हुए था. उनका नाम मोहिंदर कौर था. कंगना ने मोहिंदर कौर की फोटो को ट्वीट करते हुए लिखा था कि ''हा हा. ये वही दादी हैं जिन्हें टाइम मैगज़ीन की 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की लिस्ट में सम्मिलित किया गया था.... और ये 100 रुपये में उपलब्ध हैं. हालांकि कंगना रनौत ने बाद में ये ट्वीट डिलीट कर दिया था. बता दें कि कंगना ने जिस बिलकिस बानो का जिक्र किया था, वह 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला हैं तथा उन्होंने दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में CAA प्रोटेस्ट के चलते अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बटोरी थीं. कंगना के इस बयान को लेकर CISF की महिला जवान भड़की हुई थी. चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर कंगना से बदसलूकी का वीडियो सामने आया था, इसमें CISF की यह जवान कहती नजर आ रही है कि 'इसने बोला था किसान आंदोलन में 100-100 रुपये में महिलाएं बैठती थीं. वहां मेरी मां भी थी'. राहुल गांधी ने भाजपा पर लगाया शेयर बाजार में हेराफेरी का आरोप, बताया देश का सबसे बड़ा घोटाला उत्तर भारत में भीषण गर्मी का कहर जारी, यूपी के कुछ क्षेत्रों में राहत की उम्मीद बिहार के गया जिले में भीषण सड़क हादसा, तीन लोगों की मौत

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