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भारतीय कंपनी का धमाका- 9 बड़ी कंपनियों ने जोड़े 2.15 लाख करोड़, भारती एयरटेल ने मारी बाजी

मुंबई, वैश्विक अस्थिरता में कमी से भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली है और इससे देश की शीर्ष 10 भारतीय कंपनियों में से नौ का मार्केटकैप 2.15 लाख करोड़ रुपए बढ़ा है।

देशबन्धु 21 Jun 2026 4:04 pm

शेयर बाजार का हाल: कच्चा तेल,अमेरिका-ईरान वार्ता और आर्थिक डेटा तय करेंगे बाजार की दिशा

मुंबई, भारतीय शेयर बाजार के लिए अलगा हफ्ता काफी अहम होगा। इस दौरान कच्चा तेल, अमेरिका-ईरान शांति वार्ता और घरेलू आर्थिक डेटा जैसे इन्फ्रास्ट्रक्चर आउटपुट, पीएमआई और फॉरेक्स डेटा से शेयर बाजार की दिशा तय होगी।

देशबन्धु 21 Jun 2026 1:42 pm

1250% का छप्परफाड़ डिविडेंड! प्लास्टिक बनाने वाली कंपनी का बड़ा तोहफा, रिकॉर्ड डेट इसी हफ्ते

शेयर बाजार के निवेशकों के लिए इस हफ्ते कमाई का एक बेहद शानदार मौका आया है। प्लास्टिक और पैकेजिंग सेक्टर की एक दिग्गज कंपनी ने अपने शेयरधारकों की किस्मत चमकाते हुए 1250% के बंपर डिविडेंड (लाभांश) का ऐलान किया है। इस बड़ी घोषणा के बाद से ही बाजार के पंडितों और खुदरा निवेशकों की नजरें इस शेयर पर टिक गई हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस मोटे मुनाफे को अपने बैंक खाते में क्रेडिट करवाने के लिए रिकॉर्ड डेट इसी हफ्ते तय की गई है, जिससे बाजार में इस शेयर को खरीदने की होड़ मचने की उम्मीद है।निवेशकों की लगी लॉटरी, कंपनी ने खोला मुनाफे का पिटाराभारतीय शेयर बाजार में जब भी कोई कंपनी अपने फेस वैल्यू पर इतना बड़ा लाभांश देती है, तो उसे निवेशकों के लिए जैकपॉट माना जाता है। इस प्लास्टिक मैन्युफैक्चरिंग कंपनी ने अपने मजबूत तिमाही नतीजों और बेहतरीन कैश फ्लो के दम पर इस डिविडेंड को मंजूरी दी है। बाजार के जानकारों का कहना है कि कंपनी का यह कदम यह साबित करता है कि वह अपने प्रॉफिट को सिर्फ अपने पास रखने के बजाय अपने शेयरधारकों के साथ साझा करने में विश्वास रखती है। इस ऐलान के बाद से ही देश के अलग-अलग हिस्सों, खासकर मुंबई, दिल्ली, गुजरात और बेंगलुरु जैसे बड़े फाइनेंशियल हब के निवेशकों में इस स्टॉक को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है।इसी हफ्ते है रिकॉर्ड डेट, चूक गए तो हाथ मलिएगाअगर आप भी इस 1250% के तगड़े डिविडेंड का लाभ उठाना चाहते हैं, तो आपको इस हफ्ते की समयसीमा का खास ख्याल रखना होगा। कंपनी द्वारा तय की गई रिकॉर्ड डेट इसी हफ्ते समाप्त हो रही है। शेयर बाजार के नियमों (T+1 सेटलमेंट) के अनुसार, इस लाभांश के योग्य बनने के लिए निवेशकों को रिकॉर्ड डेट से कम से कम एक दिन पहले इस शेयर को अपने डीमैट अकाउंट में डिलीवर कराना होगा। यदि आप रिकॉर्ड डेट के बाद खरीदारी करते हैं, तो आप इस बड़े पेआउट से हाथ धो बैठेंगे। यही वजह है कि देश भर के ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म्स पर इस शेयर के वॉल्यूम में अचानक तेजी देखी जा रही है।मजबूत फंडामेंटल्स वाली प्लास्टिक कंपनी पर टिकी नजरेंयह कंपनी केवल डिविडेंड के मामले में ही नहीं, बल्कि अपने बिजनेस मॉडल और फंडामेंटल्स के लिहाज से भी काफी मजबूत मानी जाती है। प्लास्टिक और इंडस्ट्रियल पैकेजिंग मटीरियल बनाने वाली इस कंपनी की मांग घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में लगातार बढ़ रही है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, एआई-संचालित मार्केट एनालिसिस (GEO/AI Search) और वित्तीय डेटा यह संकेत देते हैं कि कंपनी का कर्ज मुक्त होना और लगातार रेवेन्यू ग्रोथ करना इसके भविष्य को सुरक्षित बनाता है। लोकल और ग्लोबल सप्लाई चेन में इसकी मजबूत पकड़ के कारण लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर्स भी इस पर भरोसा जता रहे हैं।क्या आपको इस स्टॉक में पैसा लगाना चाहिए?बाजार विश्लेषकों (Market Analysts) का मानना है कि केवल डिविडेंड को देखकर किसी भी शेयर में जल्दबाजी में बड़ा निवेश नहीं करना चाहिए। लेकिन जब कंपनी का ट्रैक रिकॉर्ड और परफॉर्मेंस दोनों ही शानदार हों, तो जोखिम काफी कम हो जाता है। इस समय यह शेयर शॉर्ट-टर्म गेन (डिविडेंड यील्ड) और लॉन्ग-टर्म वेल्थ क्रिएशन दोनों के लिहाज से रडार पर आ गया है। अगर आप अपने पोर्टफोलियो में एक मजबूत पैसिव इनकम सोर्स जोड़ना चाहते हैं, तो इस हफ्ते इस प्लास्टिक शेयर की हर हलचल पर पैनी नजर बनाए रखें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Jun 2026 12:22 pm

271 करोड़ की मेगा डील: इनोवीकेयर को खरीदने जा रही सन फार्मा, सोमवार को फोकस में रहेगा दिग्गज स्टॉक

फार्मा सेक्टर (दवा उद्योग) से इस वीकेंड एक बेहद बड़ी कॉर्पोरेट डील की खबर सामने आई है, जिसका सीधा असर सोमवार, 22 जून को शेयर बाजार खुलते ही देखने को मिलेगा। देश की सबसे बड़ी फार्मा कंपनियों में शुमार सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज (Sun Pharma) ने एक रणनीतिक कदम उठाते हुए करीब 12 साल पुरानी कंपनी इनोवीकेयर लाइफसाइंसेज (Innovcare Lifesciences) में 100% हिस्सेदारी खरीदने का आधिकारिक ऐलान किया है। सन फार्मा ने 20 जून की शाम को स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में इस समझौते की विस्तृत जानकारी साझा की है। यह पूरा सौदा ₹271.2 करोड़ (लगभग $2.873 करोड़) में तय हुआ है, जिसके बाद बाजार एक्सपर्ट्स सोमवार को सन फार्मा के शेयरों में तेज हलचल की उम्मीद जता रहे हैं।प्रोडक्ट पोर्टफोलियो मजबूत करेगी कंपनी, 31 जुलाई तक पूरा होगा कैश सौदास्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के अनुसार, सन फार्मा इनोवीकेयर लाइफसाइंसेज के सभी आउटस्टैंडिंग शेयर्स (बाजार में मौजूद कुल शेयर) का अधिग्रहण करने जा रही है। कंपनी को पूरा भरोसा है कि टेकओवर की यह पूरी प्रक्रिया 31 जुलाई 2026 या उससे पहले ही मुकम्मल कर ली जाएगी। खास बात यह है कि यह पूरा सौदा पूरी तरह से 'कैश डील' के रूप में निपटाया जाएगा।सन फार्मा ने इस अधिग्रहण को अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को और अधिक डाइवर्सिफाइड और मजबूत बनाने की दिशा में एक बेहद अहम और रणनीतिक कदम बताया है। अगर इनोवीकेयर लाइफसाइंसेज की बात करें, तो इस कंपनी की शुरुआत 21 जुलाई 2014 को हुई थी। यह कंपनी भारतीय बाजार में फार्मास्युटिकल दवाओं के साथ-साथ तेजी से बढ़ते न्यूट्रास्यूटिकल (पोषण संबंधी उत्पाद) और कॉस्मेस्यूटिकल (कॉस्मेटिक और औषधीय गुण वाले उत्पाद) सेक्टर्स में एक्टिव है। इसका पूरा बिजनेस नेटवर्क भारत में मजबूती से फैला हुआ है। वित्तीय मोर्चे पर भी कंपनी का प्रदर्शन सुधरा है; वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू सालाना आधार पर ₹86.09 करोड़ से बढ़कर ₹94.06 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है।रिकॉर्ड हाई से 4% नीचे है भाव, पिछले 8 महीने में दिया शानदार रिटर्नइस डील के एलान से ठीक पहले, यानी शुक्रवार 19 जून को सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन सन फार्मा का शेयर बीएसई (BSE) पर 0.72% की हल्की बढ़त के साथ ₹1837.15 के भाव पर बंद हुआ था।निवेशकों के लिए सन फार्मा के पिछले एक साल के परफॉर्मेंस का विश्लेषण करें तो:एक साल का निचला स्तर (52-Week Low): पिछले साल 26 सितंबर 2025 को शेयर ₹1547.25 के अपने सबसे निचले स्तर पर था।एक साल का उच्च स्तर (52-Week High): इस निचले स्तर से शानदार रिकवरी दिखाते हुए स्टॉक महज 8 महीनों में 23.91% की रफ्तार से भागा और 19 मई 2026 को ₹1917.15 के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया।वर्तमान स्थिति: हालांकि, रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद शेयरों में थोड़ी प्रॉफिट बुकिंग (मुनाफावसूली) देखी गई है और मौजूदा भाव अपने लाइफ-टाइम हाई से करीब 4% नीचे ट्रेड कर रहा है। ऐसे में सोमवार को होने वाली हलचल इस शेयर को दोबारा नए रिकॉर्ड की तरफ ले जा सकती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Jun 2026 10:03 am

यस बैंक से आई बड़ी खबर: कर्मचारियों को बांटे 6,58,070 शेयर, खाते में आए ₹92 लाख से अधिक

प्राइवेट सेक्टर के दिग्गज यस बैंक (YES BANK) के निवेशकों और शेयर बाजार के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है। बैंक ने शेयर बाजार को दी गई अपनी नवीनतम रेगुलेटरी फाइलिंग में एक बड़ा अपडेट साझा किया है। यस बैंक ने अपनी विशेष स्टॉक ऑप्शन स्कीम के तहत लाखों नए इक्विटी शेयर आवंटित (Allot) किए हैं। इस बड़े फैसले के बाद बैंक की चुकता शेयर पूंजी (Paid-up Share Capital) में भी सीधे तौर पर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इस नई कॉरपोरेट अपडेट के बाद सोमवार को बाजार खुलते ही यस बैंक के शेयरों में अच्छी हलचल देखने को मिल सकती है। गौरतलब है कि बीते शुक्रवार को यस बैंक का शेयर 0.27% की मामूली गिरावट के साथ 25.4 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था।नॉमिनेशन एंड रेम्यूनेरेशन कमेटी ने दी मंजूरी, ₹2 की फेस वैल्यू पर जारी हुए शेयरयस बैंक द्वारा देश के दोनों प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज— बीएसई (BSE) और एनएसई (NSE) को दी गई आधिकारिक सूचना के अनुसार, बैंक की 'नॉमिनेशन एंड रेम्यूनेरेशन कमेटी' (Nomination & Remuneration Committee) ने 19 जून, 2026 को हुई बैठक में 6,58,070 इक्विटी शेयरों के नए आवंटन को अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है। ये सभी नए शेयर बैंक की विभिन्न कर्मचारी कल्याणकारी योजनाओं जैसे 'YBL ESOS 2020 Scheme' और 'YBL RSU Plan 2024' के तहत योग्य कर्मचारियों को जारी किए गए हैं। इन आवंटित किए गए नए शेयरों की फेस वैल्यू (Face Value) 2 रुपये प्रति शेयर तय की गई है।शेयरों के बदले बैंक के पास आए ₹92 लाख से अधिक, मजबूत हुई वित्तीय स्थितिइस बड़े शेयर आवंटन के माध्यम से यस बैंक ने कुल 92,18,221.30 रुपये (बानवे लाख अठारह हजार दो सौ इक्कीस रुपये और तीस पैसे) की अतिरिक्त पूंजी प्राप्त की है। यह पूरी राशि बैंक के कर्मचारियों द्वारा उनके स्टॉक ऑप्शंस (ESOP) का उपयोग करने के परिणामस्वरूप बैंक के खजाने में आई है। इस राशि के आने से बैंक की लिक्विडिटी और तात्कालिक वित्तीय स्थिति को और मजबूती मिलेगी।बैंक की पेड-अप कैपिटल में इजाफा, जानिए अब कितनी हुई कुल पूंजीनए शेयरों के सफल आवंटन के तुरंत बाद यस बैंक की कुल चुकता शेयर पूंजी (Paid-up Share Capital) का ग्राफ भी बढ़ गया है। इस आवंटन प्रक्रिया से पहले बैंक की कुल चुकता पूंजी 62,77,22,08,318 रुपये थी, जो कि अब नए शेयरों के जुड़ने के बाद बढ़कर कुल 62,77,35,24,458 रुपये के स्तर पर पहुंच गई है। चुकता पूंजी में यह बढ़ोतरी बैंक के लॉन्ग-टर्म इक्विटी बेस को और अधिक पारदर्शी बनाती है।आम निवेशकों के लिए क्या हैं इसके मायने? एक्सपर्ट्स ने दी अपनी रायशेयर बाजार के जानकारों के अनुसार, आमतौर पर जब भी कोई बैंक या लिस्टेड कंपनी अपने कर्मचारियों के लिए ईशॉप (ESOP - Employee Stock Option Plan) के तहत नए शेयर जारी करती है, तो इससे ओपन मार्केट में शेयरों की कुल संख्या में थोड़ी बढ़ोतरी (Equity Dilution) होती है। हालांकि, यस बैंक के मौजूदा मामले में अगर देखा जाए तो बैंक के शेयरों की कुल विशाल संख्या (3,138 करोड़ से अधिक) के मुकाबले यह 6.58 लाख शेयरों का नया आवंटन बेहद छोटा और नगण्य हिस्सा है। यही वजह है कि इसका यस बैंक के शेयर की कीमत पर कोई बड़ा नकारात्मक या तात्कालिक दबाव पड़ने की संभावना बेहद कम है, बल्कि यह बैंक के आंतरिक प्रबंधन और कर्मचारियों के भरोसे को सकारात्मक रूप से दर्शाता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 20 Jun 2026 6:34 pm

हीरा ग्रुप मामले में ईडी ने की 159 करोड़ रुपए की संपत्तियों की नीलामी, धोखाधड़ी का शिकार हुए निवेशकों को मिलेगी राहत

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित वित्तीय धोखाधड़ी मामले की आरोपी नोहेरा शेख, हीरा ग्रुप ऑफ कंपनीज और उससे जुड़ी संस्थाओं की लगभग 159 करोड़ रुपए मूल्य की 23 अचल संपत्तियों की नीलामी कर दी है। एजेंसी ने शनिवार को कहा कि यह कदम देश भर में कथित तौर पर ठगे गए हजारों निवेशकों को उनका पैसा लौटाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

देशबन्धु 20 Jun 2026 5:23 pm

सेंसेक्स 1274 अंक उछला, फिर भी IT शेयरों ने बढ़ाई टेंशन! अगले हफ्ते बाजार में क्या होगा?

Share Market Weekly Review : भारतीय शेयर बाजार के लिए जून का तीसरा हफ्ता भी भारी उठापटक वाला रहा। अमेरिका ईरान पीस डील की वजह से 4 दिन बाजार हरे निशान में रहा तो आईटी शेयरों में भारी गिरावट के चलते हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन बाजार लाल निशान में बंद ...

वेब दुनिया 20 Jun 2026 3:07 pm

अमेरिका-ईरान शांति समझौते की उम्मीद से शेयर बाजार में खुशहाली

मुंबई, अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर बढ़ी उम्मीदों तथा ब्रेंट क्रूड की कीमतों में गिरावट के कारण निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ।

देशबन्धु 20 Jun 2026 1:32 pm

क्ले क्राफ्ट का आईपीओ 96 गुना सब्सक्राइब हुआ

क्ले क्राफ्ट इंडिया लिमिटेड के 110.11 करोड़ रुपए के आईपीओ को करीब 96 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है। कंपनी के अनुसार, संस्थागत निवेशकों से 119 गुना, गैर-संस्थागत से 155 गुना और रिटेल निवेशकों से 72 गुना सब्सक्राइब मिला। आईपीओ से जुटाई गई राशि का उपयोग कंपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने आैर अत्याधुनिक मशीनों की खरीद के लिए करेगी। इससे कंपनी की उत्पादन क्षमता में करीब 4,000 मीट्रिक टन प्रति वर्ष की वृद्धि होगी, जो अभी सालाना लगभग 6,000 मीट्रिक टन है। कंपनी के पास 5,770 से अधिक उत्पादों की शृंखला, 130 से ज्यादा वितरकों का नेटवर्क और 1,390 से अधिक कर्मचारियों की टीम है। यह क्राकरी और टेबलवेयर उत्पादों का निर्माण कर रही है। कंपनी के शेयर 24 जून को एनएसई इमर्ज पर सूचीबद्ध होंगे।

दैनिक भास्कर 20 Jun 2026 5:30 am

दुर्ग में 40 लाख की ठगी, पति-पत्नी गिरफ्तार:फाइनेंशियल कंसलटेंट बताकर ऐंठे रकम, वेस्टिज निवेश और गहने गिरवी रख की धोखाधड़ी

दुर्ग जिले में निवेश के नाम पर 40 लाख रुपए की ठगी करने वाले पति-पत्नी को जामुल थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह दंपती 29 दिनों से फरार था। आरोपियों ने एक महिला से 25 लाख रुपए ठगे और उसकी सहेली के 15 लाख रुपए के सोने के गहने भी गिरवी रख दिए। मामले में अभी कई अन्य निवेशकों के पैसे फंसे होने की बात भी सामने आ रही है। पुलिस के अनुसार, आरोपी पवन हरिहर सिंह और उसकी पत्नी पिंकी सिंह ने प्रार्थिया फातिमा अहमद उर्फ स्वाती से संपर्क किया। उन्होंने खुद को फाइनेंशियल कंसलटेंट बताया और वेस्टिज कंपनी में निवेश पर कम समय में अच्छे लाभ का वादा किया। शुरुआती निवेश पर लाभ मिलने से फातिमा का विश्वास बढ़ गया। इसके बाद उन्होंने और अधिक रकम निवेश की। इसी भरोसे का फायदा उठाकर दंपती ने उनसे लगभग 25 लाख रुपए ठग लिए। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने फातिमा की सहेली रजनी बारसकर को भी झांसे में लिया। उन्होंने निवेश और वित्तीय व्यवस्था के नाम पर रजनी से सोने के आभूषण लिए। इन गहनों को भिलाई के पावर हाउस चौक स्थित IIFL गोल्ड फाइनेंस में अपने नाम पर गिरवी रखकर करीब 15 लाख रुपए प्राप्त किए गए। जब निवेशकों ने अपने पैसे और गहनों की जानकारी मांगी, तो आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी। कुछ समय बाद वे दोनों अचानक फरार हो गए। धोखाधड़ी का एहसास होने पर फातिमा अहमद उर्फ स्वाती ने 21 मई 2026 को जामुल थाना में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अपराध क्रमांक 345/2026 दर्ज कर धारा 318(4) और 3(5) बीएनएस के तहत जांच शुरू की। प्रकरण दर्ज होने के बाद से ही आरोपी लगातार पुलिस से बचने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस टीम उनकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी और तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे थे। मुखबिर की सूचना से टूटा फरारी का खेल करीब 29 दिन की तलाश के बाद पुलिस को मुखबिर से महत्वपूर्ण सूचना मिली। इसके आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर पवन हरिहर सिंह और पिंकी सिंह को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों ने धोखाधड़ी की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने 19 जून 2026 को दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। कई और निवेशकों के फंसे हैं पैसे जांच के दौरान यह भी जानकारी सामने आई है कि दंपती के झांसे में आने वाले लोगों की संख्या सिर्फ एक-दो नहीं है। पुलिस सूत्रों के अनुसार कई अन्य लोगों ने भी निवेश के नाम पर रकम फंसने की शिकायत की है। ऐसे में जांच का दायरा बढ़ सकता है और धोखाधड़ी की कुल राशि भी बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। दस्तावेज और साक्ष्य जब्त पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से धोखाधड़ी से संबंधित दस्तावेज, गिरवी रखे गए सोने के आभूषणों के रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त किए हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर लेन-देन और निवेश से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। क्या है पूरा मामला पुलिस के अनुसार आरोपियों का उद्देश्य ट्रेडिंग और निवेश में अधिक लाभ दिलाने का झांसा देकर लोगों का विश्वास जीतना और फिर आर्थिक फायदा उठाना था। शुरुआती लाभ दिखाकर उन्होंने निवेशकों को बड़ी रकम लगाने के लिए प्रेरित किया। जब रकम और गहने उनके कब्जे में आ गए तो उन्होंने धोखाधड़ी को अंजाम देकर फरारी काट ली। हालांकि 29 दिन बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा कर दिया।

दैनिक भास्कर 19 Jun 2026 10:13 pm

भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का दौर, आईटी शेयरो में जारी रही बिकवाली

मुंबई, भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार के कारोबारी सत्र में लाल निशान में बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 607.08 अंक या 0.78 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 76,802.90 और निफ्टी 154.90 अंक या 0.64 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,013.10 पर था।

देशबन्धु 19 Jun 2026 4:57 pm

Share Bazaar में भारी गिरावट, Sensex 607 अंक लुढ़का, Nifty भी टूटा, IT शेयरों में बिकवाली का दिखा असर

Share Market Update News : भारतीय शेयर बाजार में आज बड़ी गिरावट आई। इसकी सबसे बड़ी वजह आईटी शेयरों में भारी बिकवाली रही। देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस का शेयर 7 प्रतिशत लुढ़क गया। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 607.08 अंक यानी 0.78 प्रतिशत लुढ़ककर 76802.90 पर आ गया, वहीं एनएसई का निफ्टी 154.90 अंक यानी 0.64 प्रतिशत टूटकर 24013.10 पर बंद हुआ। सेंसेक्स में सबसे ज्यादा नुकसान इंफोसिस को हुआ। इंफोसिस के शेयर में 9 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके बाद टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा में गिरावट आई। भारतीय शेयर बाजार में आज बड़ी गिरावट आई। इसकी सबसे बड़ी वजह आईटी शेयरों में भारी बिकवाली रही। देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस का शेयर 7 प्रतिशत लुढ़क गया। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 607.08 अंक यानी 0.78 प्रतिशत लुढ़ककर 76802.90 पर आ गया, वहीं एनएसई का निफ्टी 154.90 अंक यानी 0.64 प्रतिशत टूटकर 24013.10 पर बंद हुआ। ALSO READ: Share Bazaar में लगातार 5वें दिन तेजी, Sensex 77400 के पार, Nifty में भी जबरदस्त उछाल सेंसेक्स में सबसे ज्यादा नुकसान इंफोसिस को हुआ। इंफोसिस के शेयर में 9 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके बाद टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा में गिरावट आई। इसके अलावा रियल्टी, ऑटो और ऑयल एंड गैस सेक्टर भी दबाव में रहे। इस गिरावट से कंपनी के मार्केट कैप में 40000 करोड़ रुपए की गिरावट आई। बीएसई पर यह पिछले सत्र में 1,127.25 रुपए पर बंद हुआ था और आज 1,063.05 रुपए पर खुला। इस गिरावट से कंपनी का मार्केट कैप 3,63,500.47 करोड़ रुपए रह गया। दूसरी तरफ हेल्थकेयर, फार्मा, इंडिया डिफेंस, एनर्जी, इन्फ्रा, मीडिया, मेटल और कंजप्शन हरे निशान में बंद हुए। ALSO READ: लगातार चौथे दिन Share Bazaar में उछाल, Sensex 77000 के पार, Nifty में भी जोरदार तेजी इससे पहले यानी गुरुवार को मजबूत खरीदारी के दम पर भारतीय शेयर बाजार ने शुरुआती दबाव को पछाड़ते हुए लगातार 5वें दिन बढ़त का सिलसिला कायम रखा। टेक्सटाइल सेक्टर में भी जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली। इसकी वजह भारत और ब्रिटेन के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट यानी FTA रहा, जो 15 जुलाई 2026 से लागू होने जा रहा है। कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 254.36 अंक (0.33 फीसदी) की शानदार बढ़त के साथ 77409.98 के ऐतिहासिक स्तर पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 82.30 अंक (0.34 फीसदी) उछलकर 24168.00 के पार निकल गया, जो निवेशकों के मजबूत भरोसे को दर्शाता है। Edited By : Chetan Gour

वेब दुनिया 19 Jun 2026 4:45 pm

जियो आईपीओ का इंतजार खत्म, 27 करोड़ शेयरों तक का फ्रेश इश्यू लाएगी कंपनी

जियो प्लेटफॉर्म्स के बोर्ड ने आईपीओ दस्तावेज को मंजूरी दी सेबी, बीएसई और एनएसई के पास दाखिल होगा ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस देश के सबसे चर्चित IPO में से एक माने जा रहे जियो प्लेटफ़ॉर्म्स के सार्वजनिक निर्गम की औपचारिक प्रक्रिया शुरू हो गई है। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने स्टॉक एक्सचेंजों को दी जानकारी में बताया कि जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के बोर्ड ने 27 करोड़ इक्विटी शेयरों तक के फ्रेश इश्यू को मंजूरी दी है। इन शेयरों की फेस वैल्यू 10 रुपये प्रति शेयर होगी। इश्यू प्राइस बुक बिल्डिंग प्रक्रिया के जरिए तय किया जाएगा। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की 49वीं वार्षिक आम बैठक में चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश डी. अंबानी ने बताया कि जियो प्लेटफॉर्म्स के बोर्ड ने ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस को मंजूरी दे दी है और इसे आज सेबी के पास दाखिल किया जाएगा। कंपनी ने बीएसई और एनएसई को दी सूचना में भी कहा है कि यह आईपीओ आवश्यक नियामकीय मंजूरियों के अधीन रहेगा। एजीएम में मुकेश अंबानी ने इसे रिलायंस परिवार और उसके लाखों शेयरधारकों के लिए भावनात्मक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि रिलायंस और उसके शेयरधारकों का संबंध गर्व, विश्वास, सम्मान और साझा विकास पर आधारित एक गहरा और पवित्र रिश्ता है। मुकेश अंबानी ने कहा कि जियो की प्रस्तावित लिस्टिंग दुनिया को यह दिखाएगी कि भारत वैश्विक स्तर, वैश्विक क्षमता और वैश्विक मूल्य वाली टेक्नोलॉजी कंपनियां बना सकता है। मैं आपको और सभी संभावित नए निवेशकों को आश्वस्त करता हूं कि जियो का भविष्य और भी उज्ज्वल है। उन्होंने यह भी कहा कि इस वर्ष वैल्यू क्रिएशन का सबसे महत्वपूर्ण मील का पत्थर जियो का निकट भविष्य में आने वाला आईपीओ है। उनके अनुसार, यह रिलायंस शेयरधारकों के लिए बड़ा वैल्यू अनलॉक करेगा और नए निवेशकों के लिए आकर्षक निवेश अवसर पेश करेगा। जियो ने पिछले दस वर्षों में भारत के डिजिटल परिदृश्य को बदलने में निर्णायक भूमिका निभाई है। मुकेश अंबानी ने कहा कि जियो ने जब अपनी यात्रा शुरू की उस समय वॉइस महंगी थी, डेटा महंगा था और स्पीड कमजोर थी। जियो ने वॉइस को मुफ्त और हाई-स्पीड डेटा को किफायती बनाया, आज जियो का यूजर बेस 52.4 करोड़ को पार कर चुका है। कंपनी का 5जी सब्सक्राइबर बेस 26.8 करोड़ से अधिक है, जो चीन के बाहर किसी एक देश के ऑपरेटर के लिए सबसे बड़ा है। जियोएयरफाइबर भी 1.3 करोड़ कनेक्टेड होम्स तक पहुंच गया है और जियो दुनिया का सबसे बड़ा फिक्स्ड वायरलेस ब्रॉडबैंड ऑपरेटर बन गया है। जियो की अगली ग्रोथ यात्रा पांच प्रतिबद्धताओं पर आधारित होगी। इनमें जियो ट्रू 5जी को भारत की अगली डिजिटल छलांग की नींव बनाना, जियोएयरफाइबर के जरिए हाई-स्पीड होम ब्रॉडबैंड को देश के हर हिस्से तक पहुंचाना, भारतीय उद्यमों और छोटे कारोबारों को डिजिटल बनाना, हर जगह और हर व्यक्ति तक एआई पहुंचाना और भारत की टेक्नोलॉजी को दुनिया तक ले जाना शामिल है। जियो आईपीओ की औपचारिक प्रक्रिया शुरू होना केवल एक लिस्टिंग इवेंट नहीं है। यह भारत की टेक्नोलॉजी क्षमता, रिलायंस शेयरधारकों के वैल्यू अनलॉक और जियो की अगली ग्रोथ यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है।

वेब दुनिया 19 Jun 2026 3:25 pm

भारतीय शेयर बाजार में आयी गिरावट, लाल निशान में खुला बाजार

मुंबई, सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार अपने लगातार पांच सत्रों की तेजी खोकर गिरावट के साथ लाल निशान में खुला।

देशबन्धु 19 Jun 2026 2:52 pm

स्विस बैंकों में भारतीयों की कुल जमा राशि घटी, लेकिन सीधे खातों में 50% से ज्यादा उछाल; बदली निवेश की तस्वीर

भारत और स्विट्जरलैंड के बीच वर्ष 2018 से ‘ऑटोमैटिक एक्सचेंज ऑफ इंफॉर्मेशन’ (एईओआई) व्यवस्था लागू है। इसके तहत दोनों देशों के बीच हर साल बैंक खातों से जुड़ी जरूरी वित्तीय जानकारी साझा की जाती है।

देशबन्धु 19 Jun 2026 12:21 pm

आईटी सेक्टर में भारी बिकवाली से सेंसेक्स 800 अंक लुढ़का

मुंबई। आईटी सेक्टर की कंपनियों में भारी बिकवाली के दबाव में शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में बीएसई का सेंसेक्स 800 अंक गिर गया। लगातार पांच दिन की तेजी के बाद सेंसेक्स 557.12 अंक टूटकर 76,852.86 अंक पर खुला। आईटी कंपनियों में बिकवाली से इसकी गिरावट और बढ़ी। खबर लिखे जाते समय यह 811.19 अंक (1.05 […] The post आईटी सेक्टर में भारी बिकवाली से सेंसेक्स 800 अंक लुढ़का appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 19 Jun 2026 11:44 am

नोएडा में प्राइवेट कंपनी कर्मचारी से 17 लाख की ठगी:मुनाफे का झांसा देकर क्रिप्टो करेंसी में निवेश कराया, पैसे निकालने गए तो पता चला

साइबर ठगों ने एक कंपनी के कर्मचारी से 17 लाख रुपये की ठगी कर ली। उन्होंने क्रिप्टो करेंसी में निवेश करने पर मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर जाल में फंसाया। ठगों ने पिछले साल पीड़ित के वाट्सऐप नंबर एक एसएमएस भेजा। इसके बाद ग्रुप पर जोड़कर धीरे-धीरे करके रकम ट्रांसफर करा ली। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित स्टेलर जीवन सोसाइटी निवासी जसविंदर सिंह ने पुलिस को बताया कि वह एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं। वह शेयर बाजार में निवेश करने में भी रुचि रखते हैं। पिछले साल 23 जून को उनके वाट्सऐप पर एक मैसेज आया। भेजने वाले का दावा था कि क्रिप्टो करेंसी में निवेश करने पर वह मोटा मुनाफा दिला सकता है। उन्होंने निवेश करने पर रुचि जताई तो आरोपियों ने उन्हें एक ग्रुप पर जोड़ दिया। 200 से ज्यादा लोग पहले से जुड़े थेग्रुप में 200 से अधिक लोग जुड़े हुए थे। जालसाजों की टीम ग्रुप में निवेश करने के टिप्स दे रही थी। ग्रुप में जुड़े लोग रकम निवेश करने और मुनाफा मिलने की जानकारी के स्क्रीन शॉट साझा कर रहे थे। जालसाजों ने उन्हें निवेश करने पर कम से कम समय में तीन गुना तक मुनाफा दिलाने का दावा किया। इसके बाद ठगों ने उन्हें वेबसाइट पर पंजीकरण कराया और निवेश कराना शुरू कर दिया। शुरुआत में किए निवेश पर उन्हें लाभ हुआ। धीरे-धीरे कर ट्रांसफर किए 17 लाखइसके बाद वह धीरे-धीरे करके रकम जालसाजों द्वारा बताए बैंक खातों में ट्रांसफर करते चले गए। 20 अगस्त तक उन्होंने करीब 17 लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर किए। वेबसाइट पर निवेश की गई रकम से कई गुना अधिक दिखाई दे रही थी। जब उन्होंने रुपये निकालने के लिए कहा तो जालसाजों ने विभिन्न प्रकार के कर जमा करने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। उनको ग्रुप से बाहर कर दिया।

दैनिक भास्कर 19 Jun 2026 6:21 am

दो वर्षों में बदली ओडिशा की तस्वीर: मोहन चरण माझी सरकार का विकास, सुशासन और निवेश मॉडल

जून 2024 में जब ओडिशा की जनता ने राज्य में पहली बार भारतीय जनता पार्टी को पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता सौंपी, तब यह केवल राजनीतिक परिवर्तन नहीं था, बल्कि विकास और सुशासन की नई अपेक्षाओं का जनादेश भी था।

देशबन्धु 18 Jun 2026 6:30 pm

अमेरिकी फेड के फैसले के बाद भारतीय शेयर बाजार की फ्लैट शुरुआत, सेंसेक्स-निफ्टी में मामूली गिरावट

अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा सख्त रुख अपनाने के बाद वैश्विक शेयर बाजारों में गिरावट के बीच भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार के सत्र में कारोबार की शुरुआत फ्लैट की। इस दौरान निफ्टी50 और सेंसेक्स में मामूली गिरावट दर्ज की गई।

देशबन्धु 18 Jun 2026 1:00 pm

नारनौल में निवेश के नाम पर ₹3.69 लाख हड़पे:टेलीग्राम पर फंसाया, पहले 1450 रुपए लौटाकर जीता विश्वास

हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है। गांव खोर निवासी एक युवक से टेलीग्राम के माध्यम से निवेश और ऑनलाइन टास्क के नाम पर 3.69 लाख रुपए की ठगी कर ली गई। पीड़ित की शिकायत पर साइबर अपराध थाना नारनौल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गांव खोर निवासी सुनील पुत्र महेंद्र सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह वर्तमान में नीमराना स्थित जय मां भवानी ट्रांसपोर्ट कंपनी में कार्यरत है। 24 अप्रैल 2026 को उसकी टेलीग्राम आईडी पर एक अज्ञात आईडी से संदेश आया। संदेश भेजने वाली महिला ने अपना नाम आशा बताया और छोटे-छोटे ऑनलाइन टास्क पूरा कर मुनाफा कमाने का लालच दिया। कई बार जमा कराए रुपए शिकायतकर्ता के अनुसार उसने 25 अप्रैल को बताए गए यूपीआई खाते में 1,000 रुपए ट्रांसफर किए। इसके बदले उसे 1,450 रुपए वापस मिले, जिससे उसका भरोसा बढ़ गया। बाद में उसे एक अन्य टेलीग्राम आईडी से जोड़ा गया, जहां उससे पहले 2,000 और फिर 12,000 रुपए निवेश करवाए गए। इसके बाद आरोपियों ने उसका कथित मुनाफा रोक लिया और अधिक राशि जमा कराने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। आखिरी बार मांगे 22400 सुनील ने बताया कि बाद में उसे एक अन्य व्यक्ति से जोड़ा गया, जिसने स्वयं को मैनेजर बताते हुए अधिक लाभ का लालच दिया। आरोपियों के कहने पर उसने अलग-अलग किस्तों में पैसे ट्रांसफर किए। 13 मई को उसने अंतिम बार 22,400 रुपए भेजे, लेकिन इसके बाद भी उससे लगातार और पैसे मांगे जाते रहे। भाई के खाते से भेजे रुपए पीड़ित के अनुसार उसने अपने एसबीआई और यूको बैंक खातों के अलावा अपने भाई के बैंक खाते से भी रकम ट्रांसफर की। इस तरह कुल 3 लाख 69 हजार रुपए आरोपियों के खातों में भेज दिए गए। ठगी का एहसास होने पर उसने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई।

दैनिक भास्कर 18 Jun 2026 10:39 am

प्रदेश की जीडीपी में 5.56% हिस्सेदारी, चौथे स्थान पर लखनऊ:सर्विस क्षेत्र सबसे आगे; 1.68 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था वाला जिला, निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर से बढ़ेगी रफ्तार

उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में राजधानी लखनऊ की भूमिका लगातार मजबूत होती जा रही है। जनपद की अर्थव्यवस्था 1.68 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है और प्रदेश की कुल जीडीपी में इसका योगदान 5.56 प्रतिशत है। प्रदेश की जीडीपी में 5.56% हिस्सेदारी के साथ लखनऊ वर्तमान में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में चौथे स्थान पर माना जा रहा है और सेवा क्षेत्र इसकी सबसे बड़ी ताकत है। लखनऊ क्यों है टॉप-5 में? लखनऊ की 1.68 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से सेवा क्षेत्र पर आधारित है। इसकी सेक्टरवार हिस्सेदारी इस प्रकार है।• सेवा क्षेत्र : 62.76%• औद्योगिक क्षेत्र : 30.14%• कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र : 7.10% लखनऊ की जीडीपी बढ़ाने वाले प्रमुख सेक्टर1. स्वास्थ्य सेवाएं (केजीएमयू, एसजीपीजीआई, निजी अस्पताल)2. शिक्षा और रिसर्च संस्थान3. आईटी एवं सेवा क्षेत्र4. रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर5. उद्योग, एमएसएमई और निवेश सेवा क्षेत्र के दम पर आगे बढ़ रही राजधानी की अर्थव्यवस्था वर्ष 2024-25 के आंकड़ों के अनुसार लखनऊ की अर्थव्यवस्था में सबसे बड़ा योगदान सेवा क्षेत्र का है। कुल जीडीपी में सेवा क्षेत्र की हिस्सेदारी 62.76 प्रतिशत है। शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग, सूचना प्रौद्योगिकी, रियल एस्टेट, होटल और पर्यटन जैसी गतिविधियां राजधानी की आर्थिक ताकत बनी हुई हैं। राजधानी होने के कारण सरकारी और निजी संस्थानों की बड़ी मौजूदगी भी इस क्षेत्र को मजबूती दे रही है।इसके बाद औद्योगिक क्षेत्र 30.14 प्रतिशत योगदान के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों की हिस्सेदारी 7.10 प्रतिशत है। टॉप-5 सेक्टर लखनऊ की अर्थव्यवस्था को दे रहे गति लखनऊ की जीडीपी को गति देने में सेवा क्षेत्र सबसे बड़ा योगदानकर्ता है। इसके अलावा औद्योगिक और विनिर्माण क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहे हैं। कृषि और उससे जुड़े व्यवसाय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहे हैं। निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा दे रही हैं, जबकि परिवहन और लॉजिस्टिक्स सेक्टर राजधानी को उत्तर भारत के महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी केंद्र के रूप में स्थापित कर रहे हैं।स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा संस्थानों, आईटी और डिजिटल सेवाओं, फार्मा उद्योग, एमएसएमई इकाइयों और रियल एस्टेट क्षेत्र में लगातार बढ़ रही गतिविधियां भी आर्थिक विकास के प्रमुख आधार बनकर उभरी हैं। 58,300 करोड़ के निवेश प्रस्तावों से मिलेगी नई रफ्तार ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के तहत लखनऊ में 58,300 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें से लगभग 28,900 करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर उतर चुका है। इससे करीब 37,500 रोजगार सृजित होने की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा 16 औद्योगिक इकाइयां वाणिज्यिक संचालन शुरू कर चुकी हैं, जिससे औद्योगिक गतिविधियों को और बल मिलेगा। कृषि, एफपीओ और आधुनिक तकनीक पर फोकस कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए 54 किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) गठित किए जा चुके हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से 2.70 लाख से अधिक किसान लाभान्वित हो रहे हैं। सरकार मिलेट्स उत्पादन, वैज्ञानिक खेती, डेयरी, पशुपालन और मत्स्य पालन को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी से बढ़ेगी आर्थिक ताकत कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे, आउटर रिंग रोड, एयरपोर्ट विस्तार, मेट्रो और सड़क परियोजनाओं से राजधानी की कनेक्टिविटी मजबूत हो रही है। जल जीवन मिशन, शहरी विकास और आधारभूत ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं के पूरा होने से आर्थिक गतिविधियों को और गति मिलने की उम्मीद है। आईटी , हेल्थ और एजुकेशन हब के रूप में विकसित करने की तैयारी सरकार की योजना लखनऊ को मेडिकल, एजुकेशन और आईटी सेक्टर के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की है। निवेशकों को बेहतर माहौल उपलब्ध कराने, नई औद्योगिक इकाइयों को बढ़ावा देने और डिजिटल सेवाओं का विस्तार करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। साथ ही स्मार्ट सिटी और सेफ सिटी परियोजनाओं के माध्यम से कानून व्यवस्था और शहरी सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था में राजधानी से बड़ी उम्मीदें वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री और लखनऊ के प्रभारी मंत्री सुरेश कुमार खन्ना का मानना है कि प्रदेश की वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने में राजधानी की भूमिका निर्णायक होगी। कृषि, उद्योग, निवेश और सेवा क्षेत्र में संतुलित विकास के जरिए लखनऊ को प्रदेश की आर्थिक राजधानी के रूप में स्थापित करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। आने वाले वर्षों में राजधानी का योगदान और बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। आगे क्या है योजना?58,300 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों, आईटी सिटी, डिफेंस कॉरिडोर, एक्सप्रेस-वे, एयरपोर्ट विस्तार, मेट्रो और औद्योगिक परियोजनाओं के जरिए लखनऊ को प्रदेश की वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बनाने की तैयारी की जा रही है।

दैनिक भास्कर 18 Jun 2026 8:51 am

शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक कर रहे सपाट कारोबार

मुंबई, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और अमेरिका-ईरान शांति समझौते को लेकर आशावाद के कारण घरेलू शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक सपाट कारोबार करते दिखाई दिए।

देशबन्धु 17 Jun 2026 2:41 pm

आईडीए के प्लॉट और प्रॉपर्टी निवेश के नाम पर ठगी:दंपती समेत तीन के खिलाफ शिकायत, पुलिस कमिश्नर ने दिए जांच के आदेश

इंदौर में एक कथित रियल एस्टेट कारोबारी, उसकी पत्नी और पिता पर प्रॉपर्टी निवेश, प्लॉट बिक्री और समिति की सदस्यता दिलाने के नाम पर लाखों रुपए की धोखाधड़ी के आरोप लगे हैं। मामले में दो पीड़ितों ने मंगलवार को क्राइम ब्रांच और जोन-2 पुलिस अधिकारियों से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत लेकर पहुंचे मनीष लोहाना और निलेश बामनिया ने आरोप लगाया कि अभिषेक उमरे खुद को बड़ा रियल एस्टेट कारोबारी बताकर लोगों से संपर्क करता था। वह भारत सरकार लिखी वीआईपी नंबर की गाड़ियों का उपयोग करता था और प्रभावशाली परिवार से जुड़े होने का दावा कर लोगों का भरोसा जीतता था। मनीष लोहाना के मुताबिक अभिषेक उमरे ने उन्हें स्कीम नंबर-136 स्थित एक आईडीए प्लॉट में निवेश कराने और मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा दिया। शिकायत के अनुसार अलग-अलग किश्तों में अभिषेक और उसकी पत्नी के बैंक खातों में कुल 5.80 लाख रुपए जमा कराए गए। बाद में दबाव बनाने पर केवल 1.50 लाख रुपए लौटाए गए, जबकि 4.30 लाख रुपए अब तक वापस नहीं किए गए हैं। प्लॉट को अपना बताकर बेचने का वादा वहीं दूसरे शिकायतकर्ता निलेश बामनिया ने आरोप लगाया कि अभिषेक उमरे ने महालक्ष्मी नगर स्थित एक प्लॉट को अपना बताकर बेचने और एक समिति की सदस्यता दिलाने का वादा किया था। निलेश के अनुसार उन्होंने ऑनलाइन और नकद मिलाकर करीब 10 लाख रुपए दिए, लेकिन बाद में पता चला कि संबंधित प्लॉट अभिषेक के नाम पर ही नहीं है। साथ ही समिति से जुड़े कोई वैध दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं कराए गए। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि अभिषेक उमरे ने अन्य लोगों से भी प्रॉपर्टी निवेश और प्लॉट बिक्री के नाम पर रकम ली है। उन्होंने कमलेश देशमुख और तरुण पटेल सहित अन्य लोगों के साथ भी कथित धोखाधड़ी होने की जानकारी पुलिस अधिकारियों को दी। पूरे मामले में शिकायतकर्ताओं ने अभिषेक उमरे, उसकी पत्नी और पिता दिनेश उमरे की भूमिका की जांच कर वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।

दैनिक भास्कर 17 Jun 2026 6:41 am

जीआईएस-2027:लगातार दूसरी बार भोपाल में ही होगा निवेश महाकुंभ, जनवरी में शुभारंभ के लिए पीएम को बुलाने की तैयारी

मोहन मोहन सरकार की दूसरी ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट (जीआईएस-2027) भी भोपाल में होगी। जनवरी 2027 में प्रस्तावित इस निवेश महाकुंभ की तैयारियां उद्योग विभाग ने शुरू कर दी हैं। शुभारंभ के लिए पीएम नरेंद्र मोदी को बुलाने की तैयारियां की जा रही हैं। आयोजन स्थल के लिए लाल परेड ग्राउंड, ज्यूडिशियल एकेडमी के पास नीलबड़-रातीबड़ क्षेत्र और राष्ट्रीय मानव संग्रहालय की पुरानी जगह का निरीक्षण किया गया है। अंतिम चयन आमंत्रित उद्योगपतियों और निवेशकों की संभावित संख्या के आधार पर होगा। पिछली जीआईएस के दौरान सामने आई कमियों को दूर करने पर विशेष फोकस किया जा रहा है। हाल ही में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव दीपाली रस्तोगी ने तकनीकी व्यवधान और ध्वनि संबंधी समस्याओं का मुद्दा उठाया था। आयोजन को अधिक व्यवस्थित बनाने की तैयारी है। निवेश आकर्षित करने की दिशा में एमपीआईडीसी कोलार रोड स्थित सतगढ़ी के पास 172 एकड़ में नया मल्टी-प्रोडक्ट औद्योगिक क्षेत्र विकसित कर रहा है। यहां टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग और रेडीमेड गारमेंट्स से जुड़ी इकाइयों को बढ़ावा दिया जाएगा। ऐसे होगी अलग जीआईएस... दायरा बढ़ेगा, नए देशों, नए सेक्टरों पर जोर 1. अंतरराष्ट्रीय भागीदारी बढ़ाई जाएगी। इसीलिए इंडो लेटिन और इंडो-फ्रेंड्स मीट की जा रही है। इनके साथ अलग से मीट होगी। 2. अपकमिंग सेक्टर और सेमीकंडक्टर जैसे ऐसे क्षेत्र जिसमें निवेश शून्य है, होमवर्क किया जा रहा है। मप्र के ईको-सिस्टम को एक्सप्लोर किया जाएगा। 3. सीआईआई की तरह दूसरे इंडस्ट्रीयल चेंबर्स एंड कॉमर्स को भी इस बार बुलाएंगे। अलग से चर्चा रखी जाएगी। इससे समिट का दायरा बढ़ेगा। पिछली जीआईएस में 30.77 लाख करोड़ के प्रस्ताव, अब लक्ष्य और बड़ा भोपाल में आयोजित ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट (जीआईएस)-2025 में प्रदेश को 30.77 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले थे। इस आंकड़े में रीजनल इनवेस्टर्स समिट के दौरान प्राप्त प्रस्ताव भी शामिल थे। सबसे बड़ा प्रस्ताव अडाणी समूह का 1.10 लाख करोड़ रुपए का था। उद्योग विभाग को उम्मीद है कि जीआईएस-2027 में निवेश प्रस्तावों का आंकड़ा पिछली बार से अधिक रहेगा।

दैनिक भास्कर 17 Jun 2026 5:30 am

सीतारमण का बड़ा बयान: विदेशी निवेश बढ़ने के लिए सरकार की नयी तैयारी

नई दिल्ली, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि सरकार देश में अधिक विदेशी पूंजी आकर्षित करने के लिए आगे भी कई कदम उठाएगी और बॉन्ड मार्केट के लिए हाल में घोषित उपाय इस दिशा में सिर्फ शुरुआत हैं।

देशबन्धु 16 Jun 2026 3:48 pm

यदि आप निवेशकर्ता हैं और बेहतर मुनाफा चाहते हैं तो यह जानिए कि कब लगाएं PPF में पैसा और कब निवेश करें Mutual Fund में?

निवेश की दुनिया में अक्सर लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि आखिर में अपनी गाढ़ी कमाई से बमुश्किल की जाने वाली बचत का रुपया-पैसा कहाँ लगाएं, जहां पर वह डूबे नहीं, बल्कि सुरक्षित भी रहे। ऐसे में आप अपना रुपया-पैसा पीपीएफ (Public Provident Fund) में लगाएं या एमएफ (Mutual Fund) में। क्योंकि सच यह है कि दोनों का उद्देश्य अलग-अलग है और सही समय पर सही विकल्प चुनना ही आपके लिए अधिक महत्वपूर्ण है। इसलिए आइए आज आपको बताते हैं कि कब पीपीएफ में निवेश करें और कब एमएफ में। पहले हम बात करते हैं कि पीपीएफ (PPF) में निवेश कब न करें? आपके लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि Public Provident Fund (PPF) उन लोगों के लिए बेहतर है जो अपनी पूंजी की सुरक्षा चाहते हैं। साथ ही एक निश्चित और जोखिम-मुक्त रिटर्न पसंद करते हैं। इसके अलावा, टैक्स भी बचाना चाहते हैं। और तो और, 15 वर्ष या उससे अधिक की लंबी अवधि के लिए निवेश कर सकते हैं। चूंकि इसका महत्वपूर्ण फंडा यह है कि PPF में हर महीने की 5 तारीख से पहले पैसा जमा करने पर उस महीने का ब्याज भी मिलता है। इसलिए यदि आप मासिक निवेश करते हैं तो 1 से 5 तारीख के बीच जमा करना अधिक फायदेमंद माना जाता है। इसे भी पढ़ें: FIR कराना हो जाएगा आसान, जब जानेंगे 2026 के कानून अब हम बात करते हैं कि Mutual Fund (MF) में कब निवेश करें? तो यह गांठ बांध लीजिए कि Mutual Fund उन निवेशकों के लिए बेहतर है जो महंगाई को मात देने वाला रिटर्न चाहते हैं। साथ ही लंबी अवधि (10-15 वर्ष या अधिक) के लिए निवेश कर सकते हैं। इसके अलावा, कुछ उतार-चढ़ाव (रिस्क) सहन कर सकते हैं। और तो और संपत्ति निर्माण (Wealth Creation) का लक्ष्य रखते हैं। चूंकि इसका महत्वपूर्ण फंडा यह है कि Mutual Fund में सही समय पकड़ने की बजाय SIP (Systematic Investment Plan) के जरिए नियमित निवेश करना अधिक प्रभावी माना जाता है। जो कि बाजार ऊपर हो या नीचे, SIP लागत को औसत कर देती है। सवाल है कि किसे चुनें? आपके निवेशक का लक्ष्य क्या है? आपके पास बेहतर विकल्प क्या है? आपकी पूंजी सुरक्षा कितनी है। चूंकि पीपीएफ से टैक्स बचत होती है, रिटायरमेंट के लिए सुरक्षित फंड रहता है और लंबी अवधि में अधिक रिटर्न रिटर्न मिलता है। जबकि म्युचुअल फंड धन सृजन (Wealth Creation) के लिए अच्छा है, बशर्ते कि आप संतुलित रणनीति अपनाएं। जहां तक PPF और Mutual Fund में सबसे असरदार रणनीति की बात है तो वित्तीय विशेषज्ञ अक्सर सलाह देते हैं कि निवेशक दोनों का संयोजन रखें। एक ओर सुरक्षा और टैक्स लाभ के लिए PPF अच्छा है तो संपत्ति निर्माण और महंगाई से आगे निकलने के लिए Equity Mutual Fund SIP बेहतर है। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई व्यक्ति हर महीने ₹10,000 निवेश करना चाहता है, तो वह ₹3,000–₹4,000 PPF में और शेष राशि अच्छे इक्विटी म्यूचुअल फंड की SIP में लगा सकता है। इससे सुरक्षा और वृद्धि दोनों का लाभ मिल सकता है। निष्कर्षतः यह कहा जा सकता है कि यदि आपका लक्ष्य पूंजी की सुरक्षा है तो PPF बेहतर है। और यदि आपका लक्ष्य लंबी अवधि में बड़ा धन बनाना है तो Mutual Fund अधिक उपयुक्त हो सकता है। वहीं, दोनों का संतुलित मिश्रण अधिकांश निवेशकों के लिए व्यावहारिक और प्रभावी रणनीति साबित हो सकता है। हाँ, यहां पर यह सदैव ध्यान रखें कि Mutual Fund बाजार जोखिमों के अधीन हैं, जबकि PPF अपेक्षाकृत सुरक्षित सरकारी योजना है। लिहाजा, निवेश का निर्णय अपनी आयु, लक्ष्य, जोखिम क्षमता और समयावधि को ध्यान में रखकर करें। - कमलेश पांडेय वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार

प्रभासाक्षी 16 Jun 2026 3:15 pm

निवेशक मधुसूदन ने ₹121 करोड़ में खरीदा प्रीमियम फ्लैट:गुरुग्राम की दूसरी सबसे बड़ी रेजिडेंशियल खरीद, मुंबई के मालाबार-हिल और दिल्ली लुटियंस जोन के बराबर

गुरुग्राम में गोल्फ कोर्स रोड पर डीएलएफ अंडर कंस्ट्रक्शन सुपर-लग्जरी प्रोजेक्ट ‘द डहलियाज’ में शेयर बाजार के दिग्गज निवेशक मधुसूदन केला ने ₹121 करोड़ का एक आलीशान फ्लैट खरीदा है। यह सौदा करीब ₹1.93 लाख प्रति वर्ग फुट की रिकॉर्ड दर पर हुआ है, जो देश के सबसे महंगे अपार्टमेंट सौदों में से एक है। यह गुरुग्राम में भी दूसरी सबसे बड़ी डील है। 'द डहलियाज' प्रोजेक्ट इस समय देश के अमीर उद्योगपतियों और मशहूर हस्तियों की पहली पसंद बना हुआ है। इससे पहले अक्टूबर 2025 में, दिल्ली-एनसीआर के एक नामी कारोबारी ने इसी प्रोजेक्ट में ₹380 करोड़ की लागत से 4 लग्जरी अपार्टमेंट खरीदे थे। इसके अलावा पूर्व भारतीय क्रिकेटर शिखर धवन भी इस प्रोजेक्ट में करीब ₹69 करोड़ का एक अपार्टमेंट अपने नाम करवा चुके हैं। यह जानकारी रियल एस्टेट डेटा एनालिटिक्स फर्म सीआरई मैट्रिक्स द्वारा प्राप्त किए गए दस्तावेजों से सामने आई है। इन दस्तावेजों के मुताबिक प्रॉपर्टी डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक मधुसूदन केला ने द डहेलियाज के टावर नंबर एक की 20वीं मंजिल पर अपार्टमेंट खरीदा है। इस घर का कुल कारपेट एरिया 6,233.39 स्क्वायर फीट (579.06 वर्ग मीटर) है। जिसमें 1810.75 स्क्वायर फीट (168.223 वर्ग मीटर) का बड़ा बालकनी एरिया भी शामिल है। 5 कार पार्किंग स्लॉट इस फ्लैट के साथ मधुसूदन केला को बेसमेंट में 5 कार पार्किंग स्लॉट भी अलॉट किए गए हैं। संपत्ति की कुल कंसीडरेशन वैल्यू 120.71 करोड़ रुपए तय की गई है। कारपेट एरिया के हिसाब से इस फ्लैट की मूल दर 1.93 लाख रुपए प्रति स्क्वायर फीट बैठती है। यह सौदा 15 अप्रैल 2026 को रजिस्टर्ड हुआ था। हालांकि मधुसूदन केला और डीएलएफ की तरफ से अभी कोई आधिकारिक स्टेटमेंट्स जारी नहीं किया गया है। प्रॉपर्टी एक्सपर्ट इसे मुंबई के मालाबार हिल और दिल्ली के लुंटियन जोन के बराबर मान रहे हैं। बड़े निवेशक है मधुसूदन केला मधुसूदन केला भारतीय शेयर बाजार की दुनिया का बड़ा नाम हैं। वह एमके वेंचर्स कैपिटल के फाउंडर हैं। वह अपने निवेश और फैमिली ऑफिस के निवेश को मैनेज करते हैं। इससे पहले वे रिलायंस कैपिटल एसेट मैनेजमेंट में चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसरऔर चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट रह चुके हैं। उन्होंने कंपनी में बड़े इक्विटी पोर्टफोलियो तैयार करने और अलग-अलग बाजार परिस्थितियों के लिए निवेश स्ट्रैटेजी बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। लंबे समय के लिए अच्छे निवेश अवसर पहचानने की क्षमता के कारण उनकी बाजार में खास पहचान है। निवेशक उनके बाजार संबंधी नजरिए और शेयर चुनने की क्षमता पर नजर रखते हैं। फिलहाल वे शेयर, स्टार्टअप्स और दूसरे वैकल्पिक निवेश विकल्पों में निजी निवेशक के तौर पर काम कर रहे हैं। अंडर-कंस्ट्रक्शन है दी डेहलियाज डीएलएफ का यह अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट अपनी भव्यता और आधुनिक सुविधाओं के लिए चर्चा में है। कंपनी अब तक इस प्रोजेक्ट में 221 फ्लैट बेच चुकी है, जिससे उसे कुल ₹16,000 करोड़ रुपए की बिक्री हासिल हुई है। इस लोकेशन पर डीएलएफ की दी कैमेलियाज का पजेशन किया जा चुका है। जिसमें देश के कई बड़े अमीर बिजनेसमैन रहते हैं। पांच साल में पजेशन का दावा डीएलएफ ने पिछले साल दावा किया था कि 5 साल में इस सोसाइटी के अपार्टमेंट का पजेशन दे दिया जाएगा। इस सोसाइटी का ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट यानि ओसी 31 दिसंबर 2031 तक मिलने की बात कही गई है। पजेशन सौंपने के बाद 5 साल तक अगर इमारत में कोई स्ट्रक्चरल डिफेक्ट आता है, तो उसे बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के 90 दिनों के अंदर ठीक करने की जिम्मेदारी बिल्डर की होगी।

दैनिक भास्कर 16 Jun 2026 11:11 am

एंथ्रोपिक का सबसे एडवांस्ड AI मॉडल दुनियाभर में बंद:अमेरिकी सरकार को साइबर हमले का डर, विदेशी नागरिकों तक पहुंच रोकने का आदेश दिया था

AI स्टार्टअप कंपनी एंथ्रोपिक ने अपने सबसे एडवांस AI मॉडल्स 'क्लाउड फेबल 5' और 'मिथॉस 5' को दुनियाभर में बंद कर दिया है। कंपनी ने यह फैसला अमेरिकी सरकार के उस आदेश के बाद लिया है, जिसमें विदेशी नागरिकों के लिए इन मॉडल्स के इस्तेमाल पर रोक लगाने को कहा गया था। अब भारतीयों समेत कोई भी गैर-अमेरिकी नागरिक इनका इस्तेमाल नहीं कर पाएगा। अमेरिकी अधिकारियों ने इसके पीछे नेशनल सिक्योरिटी और साइबर हमलों के खतरे का हवाला दिया है। यह पहली बार है जब किसी सरकार ने हार्डवेयर या चिप्स के बजाय सीधे AI सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया है। जेलब्रेक के जरिए साइबर हमले का डर अमेरिकी सरकार को डर है कि इन एडवांस AI मॉडल के जरिए सुरक्षा घेरे को 'जेलब्रेक' यानी डिजिटल जेल को बाईपास किया जा सकता है। ऐसा होने पर इनका इस्तेमाल कंप्यूटर सिस्टम्स में कमियां ढूंढने, सरकारी डेटा हैक करने या बैंकिंग सिस्टम और क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े साइबर हमले करने के लिए किया जा सकता है। 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेजॉन के रिसर्चर्स ने एक टेस्टिंग के दौरान कुछ खास प्रॉम्प्ट्स का इस्तेमाल करके एंथ्रोपिक के मॉडल से सॉफ्टवेयर की कुछ कमियां निकलवा ली थीं। इसकी जानकारी अमेरिकी वाणिज्य विभाग को दी गई, जिसके तुरंत बाद यह कड़ा एक्शन लिया गया। कंपनी बोली- पाबंदी का फैसला गलत इस मामले पर एंथ्रोपिक का कहना है कि सरकार का यह फैसला एक बड़ी गलतफहमी का नतीजा है। कंपनी के मुताबिक, जो कमियां पाई गई थीं, वे बहुत सीमित थीं और वैसी कमियां बाजार में मौजूद दूसरे पब्लिक AI मॉडल्स भी ढूंढ सकते हैं। इसके लिए इतने बड़े पैमाने पर पूरी दुनिया में बैन लगाना सही नहीं है। कंपनी ने बताया कि लॉन्चिंग से पहले उन्होंने अमेरिकी सरकारी एजेंसियों और ब्रिटेन के AI सेफ्टी इंस्टीट्यूट के साथ हफ्तों तक इसकी टेस्टिंग की थी, तब किसी को ऐसा कोई बड़ा खतरा नहीं मिला था। कंपनी अब सरकार से बातचीत कर रही है ताकि इस एक्सेस को जल्द से जल्द बहाल किया जा सके। तब तक यूजर्स कंपनी के बाकी पुराने AI मॉडल्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। ट्रंप प्रशासन के साथ पहले से चल रहा था विवाद एंथ्रोपिक और ट्रंप प्रशासन के बीच पिछले कुछ महीनों से तनाव चल रहा है। दरअसल, कंपनी ने अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों को डोमेस्टिक सर्विलांस (घरेलू जासूसी) और पूरी तरह से ऑटोमैटिक चलने वाले हथियारों में अपने AI मॉडल का इस्तेमाल करने देने से मना कर दिया था। इसके बाद पेंटागन ने एंथ्रोपिक को 'सप्लाई-चेन रिस्क' की लिस्ट में डाल दिया था। यह विवाद ऐसे समय में बढ़ा है जब कंपनी शेयर बाजार में अपना IPO लाने की तैयारी कर रही है, जिससे उसकी मार्केट वैल्यू करीब 1 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 92 लाख करोड़ रुपए) आंकी जा रही है। जोहो फाउंडर श्रीधर वेम्बू बोले- ग्लोबलाइजेशन अब खत्म अब तक अमेरिका का ध्यान सिर्फ AI चिप्स और सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी को दूसरे देशों (विशेषकर चीन) तक पहुंचने से रोकने पर था। लेकिन सॉफ्टवेयर पर लगे इस नए बैन ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। भारतीय टेक कंपनी जोहो के फाउंडर श्रीधर वेम्बू ने इस फैसले पर चिंता जताते हुए इसे भारत के लिए एक बड़ा वेक-अप कॉल बताया है। वेम्बू ने कहा कि अब ग्लोबलाइजेशन खत्म हो चुका है। भारत को अब विदेशी कंपनियों पर निर्भर रहने के बजाय तेजी से अपनी खुद की सॉवरेन AI क्षमताएं डेवलप करनी चाहिए और ओपन-सोर्स मॉडल्स को बढ़ावा देना चाहिए, क्योंकि भविष्य में कोई भी देश कभी भी अपनी टेक्नोलॉजी का एक्सेस बंद कर सकता है। नॉलेज बॉक्स: क्या होता है 'जेलब्रेक' और 'सॉवरेन AI'? जेलब्रेक: AI मॉडल्स में कुछ सुरक्षा नियम सेट किए जाते हैं, ताकि वे बम बनाना, साइबर हमला करना या अवैध काम सिखाने जैसी जानकारियां न दें। जब कोई हैकर या यूजर चालाकी से इन नियमों को तोड़कर AI से प्रतिबंधित जानकारी निकलवा लेता है, तो उसे 'जेलब्रेक' कहते हैं। सॉवरेन AI: किसी देश की ओर से खुद के डेटा, इंफ्रास्ट्रक्चर और वैज्ञानिकों की मदद से तैयार किया गया घरेलू AI सिस्टम। इस पर किसी बाहरी देश या विदेशी कंपनी का नियंत्रण नहीं होता। ------------ ये खबर भी पढ़ें… मिथॉस AI से बैंकिंग सिस्टम पर साइबर हमले का खतरा: वित्त मंत्री सीतारमण ने हाई-लेवल मीटिंग की; क्या है मिथॉस और यह क्यों खतरनाक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को बैंकों के प्रमुखों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग की। इस बैठक में एंथ्रोपिक के 'क्लॉड मिथॉस' AI मॉडल से बैंकिंग सेक्टर को होने वाले संभावित खतरों पर चर्चा की गई। यह एआई मॉडल इतना एडवांस है कि हैकर इसका इस्तेमाल दशकों पुरानी अज्ञात खामियों को खोजकर फाइनेंशियल सेक्टर पर साइबर हमले कर सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 13 Jun 2026 8:00 pm

जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा से करोड़ों की ठगी, प्रॉपर्टी निवेश के नाम पर लिए 17 करोड़ रुपए

मायानगरी में धोखाधड़ी के किस्से अक्सर सामने आते रहते हैं। अब बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा जाफरी धोखाधड़ी का शिकार हो गई हैं। हबीबा जाफरी से संपत्ति निवेश के नाम पर करीब 17.5 करोड़ रुपए की ठगी की गई है।

वेब दुनिया 15 May 2026 4:34 pm

अरशद वारसी पर लगा शेयर मार्केट में बैन, जानिए क्या है मामला

बॉलीवुड एक्टर अरशद वारसी और उनकी पत्नी मारिया गोरेट्टी समेत 57 लोगों पर शेयर बाजार नियामक SEBI ने बैन लगा दिया है। उन्हें 1 साल के लिए सिक्योरिटी मार्केट से प्रतिबंधित कर दिया है। सेबी का कहना है कि ये लोग मार्केट में धोखाधड़ी जैसे कामों में पाए गए।

वेब दुनिया 30 May 2025 12:15 pm

जानिए क्यों पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास पर है 2100 करोड़ रुपए निवेश

पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास अपने करियर के शानदार दौर से गुजर रहे हैं, और निर्विवाद रूप से अखिल भारतीय सुपरस्टार के रूप में अपनी जगह पक्की कर रहे हैं। बाहुबली, सलार, कल्कि 2898 एडी जैसी बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने वाली फिल्मों के साथ, उन्होंने भारतीय ...

वेब दुनिया 23 Oct 2024 11:58 am

Khatron Ke Khiladi 14 | मुंबई में घर नहीं बल्कि प्रोडक्शन हाउस में निवेश करने की योजना बना रहे हैं Abhishek Kumar, इस टीवी कपल को बताया प्रेरणास्रोत

खतरों के खिलाड़ी सीजन 14 के कंटेस्टेंट अभिषेक कुमार जिन्होंने बिग बॉस 17 में अपने कार्यकाल से काफी लोकप्रियता हासिल की, अपने आकर्षक व्यक्तित्व से लोगों के दिलों पर राज कर रहे हैं। विवादित रियलिटी शो में उनकी भागीदारी ने उन्हें स्टार बना दिया और उन्हें रातोंरात सफलता दिलाई। अभिषेक जो वर्तमान में रोहित शेट्टी के शो खतरों के खिलाड़ी 14 में हैं, ने साझा किया कि वह एक प्रोडक्शन हाउस खोलना चाहते हैं। इसे भी पढ़ें: Kartik Aaryan का खुलासा, Pyaar Ka Punchnama की सफलता के बावजूद उनके पास ‘कोई ऑफर नहीं था, कोई पैसा नहीं था ईटाइम्स टीवी के साथ एक इंटरव्यू में, अभिषेक ने खुलासा किया कि वह भविष्य के लिए पैसे बचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता चाहते हैं कि वह मुंबई में एक घर खरीदें, लेकिन वह एक व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। अभिषेक ने कहा कि वह एक उद्यमी बनना चाहते हैं और उनके बड़े सपने हैं जिन्हें वह हासिल करना चाहते हैं। अभिषेक कुमार मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते इंटरव्यू में, अभिषेक ने कहा कि उन्होंने पैसे बर्बाद करना बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते क्योंकि शहर काफी महंगा है और कहा कि किराए पर रहना एक समझदारी भरा फैसला है। उन्होंने यहां तक ​​कहा कि घर खरीदने में बड़ी रकम लगाने और फिर हर महीने लोन के रूप में बैंक को बड़ी EMI चुकाने का कोई मतलब नहीं है। इसे भी पढ़ें: Karan Johar को कोर्ट से मिली राहत, फिल्म Shaadi Ke Director Karan Aur Johar की रिलीज परह लगी रोक अभिषेक ने कहा कि वह अपना पैसा निवेश करना चाहते हैं और उस पर ब्याज पाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह रवि दुबे और सरगुन मेहता की तरह एक प्रोडक्शन हाउस स्थापित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि उनका परिवार चंडीगढ़ में घर खरीदे, लेकिन मुंबई में नहीं क्योंकि वे वहीं रह सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह पैसे बचाना चाहते हैं और कोई दूसरा व्यवसाय शुरू करने में निवेश कर सकते हैं। KKK 14 की बात करें तो शिल्पा शिंदे शो से बाहर हो गईं। एक यूट्यूब चैनल के अनुसार, सनी वरुण ने बात की, गश्मीर, करणवीर, अदिति और अभिषेक ने निष्कासन स्टंट किया।

प्रभासाक्षी 13 Jun 2024 5:55 pm

कंगना रनौत के किस बयान पर भड़की CISF की महिला जो सरेआम एक्ट्रेस को जड़ दिया थप्पड़, जानिए पूरा मामला

चंडीगढ़: हिमाचल की मंडी लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी सांसद एवं एक्ट्रेस कंगना रनौत से चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर बदसलूकी के पश्चात् हंगामा मचा हुआ है. दरअसल, 6 जून को कंगना दिल्ली जाने के लिए चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर पहुंची थीं. तभी सिक्योरिटी चेक के पश्चात् CISF की एक महिला जवान कुलविंदर कौर ने उनको थप्पड़ मार दिया. हालांकि CISF की अपराधी महिला कर्मी को निलंबित कर दिया गया है तथा उनके खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है. ऐसे में सवाल ये उठता है कि CISF की जवान ने थप्पड़ क्यों मारा, तो इसका जवाब है कंगना का 4 वर्ष पुराना एक ट्वीट. कंगना रनौत ने इस ट्वीट में 3 कृषि कानूनों के खिलाफ हुए किसान आंदोलन के चलते पंजाब की 80 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला किसान की गलत पहचान करते तथा उन्हें बिलकिस बानो कहा था. कंगना ने जो ट्वीट किया था उसमें एक वृद्ध महिला नजर आ रही थीं, जो भले ही झुककर चल रही थीं, लेकिन उन्होंने किसान आंदोलन का झंडा बुलंद किए हुए था. उनका नाम मोहिंदर कौर था. कंगना ने मोहिंदर कौर की फोटो को ट्वीट करते हुए लिखा था कि ''हा हा. ये वही दादी हैं जिन्हें टाइम मैगज़ीन की 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की लिस्ट में सम्मिलित किया गया था.... और ये 100 रुपये में उपलब्ध हैं. हालांकि कंगना रनौत ने बाद में ये ट्वीट डिलीट कर दिया था. बता दें कि कंगना ने जिस बिलकिस बानो का जिक्र किया था, वह 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला हैं तथा उन्होंने दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में CAA प्रोटेस्ट के चलते अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बटोरी थीं. कंगना के इस बयान को लेकर CISF की महिला जवान भड़की हुई थी. चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर कंगना से बदसलूकी का वीडियो सामने आया था, इसमें CISF की यह जवान कहती नजर आ रही है कि 'इसने बोला था किसान आंदोलन में 100-100 रुपये में महिलाएं बैठती थीं. वहां मेरी मां भी थी'. राहुल गांधी ने भाजपा पर लगाया शेयर बाजार में हेराफेरी का आरोप, बताया देश का सबसे बड़ा घोटाला उत्तर भारत में भीषण गर्मी का कहर जारी, यूपी के कुछ क्षेत्रों में राहत की उम्मीद बिहार के गया जिले में भीषण सड़क हादसा, तीन लोगों की मौत

न्यूज़ ट्रॅक लाइव 7 Jun 2024 10:05 am