Amagi Media Labs IPO: ₹1788 करोड़ का आईपीओ, पैसा लगाने का आखिरी मौका; कितना गुना हुआ सब्सक्रिप्शन?
Amagi Media Labs IPO News: Amagi Media Labs IPO की बात करें तो यह एक मेनबोर्ड का आईपीओ है. इसको सब्सक्राइब करने की आखिरी तारीख 16 जनवरी है. कंपनी इसके जरिए कुल 1788.62 करोड़ रुपये जुटा रही है. इसकी संभावित लिस्टिंग 21 जनवरी है.
एंकर इन्वेस्टर सोमवार, 19 जनवरी, 2026 को बिड कर सकते हैं। बिडिंग/ऑफर मंगलवार, 20 जनवरी, 2026 को खुलेगा और गुरुवार, 22 जनवरी, 2026 को बंद होगा। इस रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस द्वारा ऑफर किए गए इक्विटी शेयर्स को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज लिमिटेड (“BSE”) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ़ इंडिया लिमिटेड (“NSE” और BSE के साथ, “स्टॉक […] The post शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज लिमिटेड का आईपीओ मंगलवार, 20 जनवरी, 2026 को खुलेगा। प्राइस बैंड 118 रुपये से 124 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के बीच तय किया गया है appeared first on Sabguru News .
नोएडा के सेक्टर 20 थाना क्षेत्र के निठारी गांव में रहने वाले इंजीनियर नर्मदेश्वर झा साइबर ठगों के शिकार हो गए। ठगों ने उन्हें शेयर बाजार में निवेश के नाम पर लगभग 18 लाख रुपए ठग लिए। शुरुआत में हुआ मामूली मुनाफा पीड़ित ने बताया कि 16 दिसंबर 2025 को एक अनिल गोयल नाम के व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया और खुद को शेयर बाजार का एक्सपर्ट बताया। ठगों ने उन्हें एक एप के जरिए निवेश कर 30% तक मुनाफा दिलाने का दावा किया। पहली बार में इंजीनियर ने 50 हजार रुपए निवेश किए, और कुछ दिनों में साढ़े सात हजार रुपए का मुनाफा दिखा, जो बैंक खाते में ट्रांसफर हुआ। इससे इंजीनियर का भरोसा बढ़ गया। लगातार रकम ट्रांसफर करते गए इंजीनियर इंजीनियर ने 8 जनवरी तक कई किश्तों में कुल 18 लाख रुपए ठगों के बताए अलग-अलग बैंक खातों में भेज दिए। एप पर उनका पोर्टफोलियो 80 लाख रुपए से ज्यादा का दिखने लगा। पैसे निकालने पर खुला ठगी का सच पूरी रकम निकालने की कोशिश करने पर ठगों ने कर और ट्रांसफर फीस के नाम पर और रकम मांगी। शंका होने पर जब इंजीनियर ने पैसे नहीं भेजे, तो ठगों ने संपर्क तोड़ दिया। पुलिस ने की कार्रवाई का आश्वासन पीड़ित ने एनसीआरपी पोर्टल और साइबर क्राइम थाना में शिकायत दर्ज कराई। साइबर क्राइम थाना प्रभारी विजय सिंह राणा ने बताया कि शिकायत के आधार पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी। अगर चाहें तो मैं इसे डिजिटल न्यूज़ वर्जन (100–120 शब्द) में भी तैयार कर दूँ, ताकि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर जल्दी पढ़ा जा सके।
Mumbai BMC Elections 2026: दलाल स्ट्रीट के बंद होने से निवेशकों को हो सकता है भारी नुक्सान?
मुंबई में बीएमसी चुनाव के कारण बीएसई और एनएसई का बंद रहना निवेशकों के बीच बहस का विषय बन गया। मतदान प्रक्रिया, तकनीकी खामियां, प्रशासनिक निर्णय और आर्थिक प्रभावों ने लोकतंत्र व बाजार के संतुलन पर नए सवाल खड़े किए।
चांदी का उतार-चढ़ाव: निवेशकों के लिए बनी चुनौती, सर्राफा बाजार में 2.89 लाख के पार
बीकानेर सर्राफा बाजार में बुधवार को चांदी ने फिर से तेज उतार-चढ़ाव का प्रदर्शन किया। दिनभर के ट्रेडिंग सत्र में चांदी की कीमत अधिकतम 2,89,393 रुपए प्रति किलो तक पहुंची, जबकि न्यूनतम 2,74,124 रुपए के स्तर तक आ गई। शाम तक बाजार में चांदी 2,77,690 रुपए के आसपास स्थिर रही। आरटीजीएस ट्रेडिंग में भी चांदी ने 2,89,393 रुपए के उच्च स्तर को छुआ, वहीं मंदी में इसकी कीमत 2,80,649 रुपए तक गिर गई। पिछले सप्ताह की तुलना में चांदी की कीमतों में स्पष्ट उतार-चढ़ाव देखने को मिला। 10 जनवरी को चांदी का अधिकतम भाव 2,82,500 रुपए प्रति किलो था और न्यूनतम 2,76,000 रुपए के आसपास रहा। वहीं 12 जनवरी को यह 2,85,000 रुपए के स्तर तक पहुंची थी। बुधवार को 2,89,393 रुपए तक बढ़ने से निवेशकों में उत्साह देखा गया, लेकिन दिन के दौरान 2,74,124 रुपए तक गिरने से सावधानी भी बनी रही। सर्राफा बाजार एक्सपर्ट एवं चांदी विशेषज्ञ मुकेश जांगिड़ के अनुसार, चांदी के दाम अभी भी वैश्विक बाजार के संकेतों, विदेशी मुद्रा दर और सरकारी बॉन्ड के रिटर्न पर निर्भर हैं। मौजूदा रुझान को देखते हुए निवेशकों को अल्पकालिक उतार-चढ़ाव से प्रभावित न होकर दीर्घकालिक निवेश की योजना बनानी चाहिए। खरीदारी करने से पहले भाव स्थिर होने का इंतजार करना फायदेमंद रहेगा। चांदी की बढ़ती कीमत ने रोकी ग्राहकी, कारीगर हुए परेशान : सर्राफा बाजार में चांदी के तेजी से बढ़ते दामों ने अब आम ग्राहकों और कारीगरों की परेशानी बढ़ा दी है। 289,393 रुपए प्रति किलो तक पहुंची चांदी के कारण ग्राहकी लगभग ठहर सी गई है। ग्राहकों ने अब आभूषण या छोटे निवेश पर हाथ झटकना शुरू कर दिया है। कारीगरों के घरों की दुकानों में मानो सन्नाटा सा छा गया है। जिन परंपरागत कारीगरों की रोजी-रोटी चांदी पर निर्भर करती है, उन्हें अब ग्राहकों की कमी के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छोटे-मध्यम कारीगर इस महंगाई के दौर में उत्पादन कम कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि चांदी के दाम स्थिर नहीं हुए तो आगामी महीने में यह समस्या और गहरी हो सकती है। ग्राहकों और कारीगरों दोनों के लिए राहत के उपाय जल्द लाए जाने की आवश्यकता है। चांदी के भाव में उतार-चढ़ाव, निवेशकों के लिए रणनीति जरूरी चांदी का बाजार हमेशा वैश्विक और घरेलू आर्थिक संकेतकों से प्रभावित रहता है। डॉलर इंडेक्स, अंतरराष्ट्रीय क्रूड ऑयल की कीमत, सोने-चांदी का अंतर और आयात-निर्यात नीतियां इसकी कीमतों को दिशा देती हैं। उदाहरण के लिए, इस सप्ताह अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती और घरेलू मांग में हल्की कमी ने चांदी के भाव में हल्की गिरावट लाने का काम किया। वहीं आरटीजीएस ट्रेडिंग के दौरान बड़े व्यापारी और निवेशक तेजी से खरीद-बिक्री करते रहे, जिससे दिनभर उतार-चढ़ाव देखने को मिला। एक्सपर्ट के अनुसार छोटे निवेशक 2,75,000 से 2,80,000 प्रति किलो के स्तर पर सतर्क रहते हुए अल्पकालिक अवसरों पर खरीद-बिक्री कर सकते हैं, लेकिन दीर्घकालिक निवेश के लिए 2,85,000 के आसपास स्थिर भाव देखना बेहतर रहेगा। इस प्रकार बुधवार का दिन सर्राफा बाजार में चांदी के लिए मिश्रित रहा, जिसमें निवेशकों और व्यापारियों को तेजी और मंदी दोनों के संकेत मिले। आगामी हफ्तों में वैश्विक बाजार और घरेलू मांग के रुझानों पर नजर रखकर ही निर्णय लेना उचित होगा।
BCCL IPO Allotment Status Online: हो गया अलॉटमेंट, आपको शेयर मिले या नहीं? ऐसे करें चेक
BCCL IPO: भारत कोकिंग कोल लिमिटेड यानी BCCL इस आईपीओ के जरिए कुल 1071.11 करोड़ रुपये जुटा रही है. यह आईपीओ 46.57 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) इश्यू है. 14 जनवरी को देर रात इस आईपीओ के शेयरों का अलॉटमेंट हो चुका है.
गोंडा जिले के आकांक्षी ब्लॉक रुपईडीह में स्वयं सहायता समूहों के सामुदायिक निवेश निधि में 1.15 करोड़ रुपये के गबन का मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने तत्कालीन ब्लॉक मिशन मैनेजर (BMM) कुलदीप कुमार सहित 12 लोगों के खिलाफ चार अलग-अलग प्राथमिकी (FIR) दर्ज की हैं। इन 12 आरोपियों में समूह, ग्राम संगठन और संकुल संघ की महिला पदाधिकारी भी शामिल हैं। सभी मुकदमे खरगूपुर थाने में दर्ज किए गए हैं, और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। जांच में खुलासा हुआ है कि यह घोटाला वर्ष 2022 से चल रहा था। रुपईडीह ब्लॉक एक आकांक्षी ब्लॉक है और नीति आयोग की निगरानी में कार्यरत है। दिसंबर 2023 में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) अंकिता जैन के निर्देश पर पहली एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद, ग्राम्य विकास आयुक्त के आदेश पर पूरे ब्लॉक की विस्तृत जांच कराई गई। लगभग एक साल तक चली इस जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद अब चार मामलों में मुकदमे दर्ज किए गए हैं। सहायक विकास अधिकारी (ग्राम्य विकास) विष्णु प्रजापति के अनुसार, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से स्वयं सहायता समूह, ग्राम संगठन और संकुल संघ बनाए गए थे। नियमानुसार, प्रत्येक समूह को पहले 1.10 लाख और बाद में 1.50 लाख रुपये सामुदायिक निवेश निधि के रूप में दिए जाने थे। हालांकि, तत्कालीन बीएमएम कुलदीप कुमार की मिलीभगत से नियमों को ताक पर रखकर कहीं 13 लाख तो कहीं 42 लाख रुपये तक की रकम जारी करवा ली गई। चार अलग-अलग मामलों में जिन पर मुकदमा दर्ज किया गया है उनमें अवस्थी पेंट्स स्वयं सहायता समूह, फरेंदा शुक्ल में 21,21,531 रुपये के गबन के आरोप में अध्यक्ष सावित्री देवी, सचिव रंजना तिवारी, कोषाध्यक्ष जोखना देवी व बीएमएम कुलदीप कुमार नामजद हैं। भारतीय महिला संकुल प्रेरणा संघ में 13,20,000 रुपये की हेराफेरी के आरोप में अध्यक्ष अर्चना, सचिव राजरानी और कोषाध्यक्ष अंककुमारी पर केस दर्ज हुआ है। महिला शक्ति ग्राम संगठन, पचरन में 38,85,960 रुपये के गबन के मामले में अध्यक्ष अर्चना, सचिव नन्की, कोषाध्यक्ष कामू और बीएमएम कुलदीप कुमार आरोपी बनाए गए हैं। राधा महिला ग्राम संगठन,खरगूपुर डींगुर में 42,61,900 रुपये की हेराफेरी के आरोप में अध्यक्ष अंककुमारी, सचिव काजल तिवारी, कोषाध्यक्ष कांती देवी और बीएमएम कुलदीप कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इंस्पेक्टर शेषमणि पांडेय ने बताया कि सभी मामलों की गहनता से जांच की जा रही है। जांच के दौरान यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। घोटाले के खुलासे के बाद विकास विभाग और प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।
बॉटलनेक से ब्रेकथ्रू स्टेट, उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बनाया निवेश व विकास का नया मॉडल
Yogi governments investment model: उत्तर प्रदेश अब बॉटलनेक से ब्रेकथ्रू राज्य में परिवर्तित हो चुका है। और, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का प्रदेश के लिए ऐसा कहना केवल एक राजनीतिक वक्तव्य नहीं, बल्कि पिछले साढ़े आठ से अधिक वर्षों में हुए ...
Amagi Media Labs का आईपीओ 4,95,46,221 करोड़ शेयरों का बुक बिल्ड इश्यू है. इसमें 2,26,03,878 करोड़ शेयरों का फ्रेश इश्यू है और 2,69,42,343 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल है. आईपीओ में पैसे लगाने की आखिरी तारीख 16 जनवरी 2026 है.
सेंसेक्स में महा-विस्फोट! 2026 की शुरुआत में ही झूम उठे निवेशक; बजट से पहले बाजार ने रचा इतिहास
2026 में भारतीय शेयर बाजार की मजबूत शुरुआत! जानें क्यों विशेषज्ञ बजट 2026 को बाजार के लिए 'नीतिगत संजीवनी' मान रहे हैं। लार्ज-कैप शेयरों में निवेश के सुनहरे मौके और एमएसएमई (MSME) सेक्टर पर सरकार के बड़े दांव से दलाल स्ट्रीट में मचेगी हलचल। कंपनियों की वास्तविक कमाई और मजबूत आर्थिक नींव कैसे निवेशकों को बनाएगी मालामाल, पढ़ें यह विशेष रिपोर्ट।
Gold-Silver ऐतिहासिक ऊंचाई पर, आखिर क्यों बन रहे हैं निवेशकों की पसंद
भू-राजनीतिक तनाव के मद्देनजर निवेशकों के सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करने से बुधवार को वायदा बाजारों में सोने और चांदी के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पर पहुंच गए। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर मार्च में आपूर्ति वाले चांदी के अनुबंधों का भाव ...
BCCL IPO Allotment Status: शेयर मिले या नहीं? घर बैठे Direct Link से ऐसे करें चेक
BCCL IPO: भारत कोकिंग कोल लिमिटेड यानी BCCL इस आईपीओ के जरिए कुल 1071.11 करोड़ रुपये जुटा रही है. यह आईपीओ 46.57 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) इश्यू है. BCCL IPO से जुटाए गए ये पैसे प्रमोटर कंपनी यानी कोल इंडिया के पास जाएंगे.
बीते छह कारोबारी दिनों से शेयर बाजार में लगातार गिरावट जारी थी, लेकिन अमेरिका से ट्रेड डील पर आई खबर ने बाजार को फिर से हरे रंग से रंग दिया है. भारतीय शेयर बाजार बुधवार के कारोबारी सत्र में सपाट खुला.
वेनेजुएला की वर्तमान स्थिति इस बात का ज्वलंत उदाहरण है कि कैसे केवल प्राकृतिक संसाधन किसी देश की समृद्धि की गारंटी नहीं दे सकते। बिना सही नीति, पारदर्शिता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के, दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार भी मिट्टी के समान हो जाता है। वैश्विक तेल उद्योग की यह चेतावनी वेनेजुएला के लिए एक अंतिम अलार्म है—या तो वह अपनी नीतियों में आमूलचूल परिवर्तन करे, अन्यथा वह भविष्य के ऊर्जा मानचित्र से हमेशा के लिए मिट सकता है।
सेबी के नाम पर साइबर फ्रॉड:17 लाख के बदले 2.26 करोड़ रुपए देने का सपना दिखाया और ठग लिए
शेयर मार्केट में मोटे मुनाफे का लालच देकर साइबर ठगों ने बुजुर्ग से 17 लाख 15 हजार की ठगी कर ली। ठगों ने खुद को SEBI से रजिस्टर्ड संस्था ‘स्टैंडर्ड चार्टर्ड जीपी’ का प्रतिनिधि बताकर बुजुर्ग को वाट्सएप ग्रुप में जोड़ा। ग्रुप में निवेश से भारी कमाई का झांसा देकर अलग-अलग किस्तों में रकम निवेश कराई। पीड़ित ने मुनाफे सहित अपनी रकम निकालने की मांग की तो ठगों ने 42 लाख रुपए सर्विस चार्ज जमा कराने की शर्त रख दी। यहीं बुजुर्ग को ठगी का अहसास हुआ। उन्होंने तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। जीरो FIR दर्ज होने के बाद महाराजपुरा थाना पुलिस ने केस दर्ज किया है। शुभांजलि पुरम बीएसएफ कॉलोनी निवासी राकेश कुमार गोले (60) 1 दिसंबर को ‘861 एससी वेल्थ हब’ नाम के वाट्सएप ग्रुप में जुड़ गए। ग्रुप के एडमिन और अज्ञात लोगों ने दावा किया कि उनकी कंपनी SEBI रजिस्टर्ड है। ठगों के झांसे में आकर राकेश ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के खाते से अलग-अलग तिथियों में रकम ट्रांसफर की। राकेश ने SBI बैंक खाते से 12 लाख 5 हजार, एसबीआई के दूसरे खाते से 50 हजार, यूनियन बैंक खाते से 50 हजार, फिर SBI खाते से 4 लाख 10 हजार सहित कुल 17 लाख 15 हजार रुपए निवेश के नाम पर जमा कर दिए। वाट्सएप-टेलीग्राम पर मिलने वाले निवेश प्रस्तावों से रहें सतर्कमहाराजपुरा थाना प्रभारी यशवंत गोयल का कहना है कि लोगों को वाट्सएप-टेलीग्राम ग्रुप के जरिए मिलने वाले निवेश प्रस्तावों से सावधान रहें। पैसा जमा करते रकम हो गई 2.26 करोड़ रुपएपैसे जमा करने के कुछ ही समय में मोबाइल ऐप, वाट्सएप के जरिए उनके निवेश की रकम 2 करोड़ 26 लाख दिखने लगी। राकेश ने पैसा निकालने की बात कही तो आरोपियों ने पहले 42 लाख रुपए सर्विस शुल्क जमा कराने की शर्त रख दी। राकेश ने कहा कि शुरुआत में स्पष्ट कहा गया था कि पैसा कभी भी निकाला जा सकता है। किसी तरह के अतिरिक्त सर्विस चार्ज की कोई जानकारी नहीं दी गई थी। ठगों ने राकेश पर लगातार दबाव बनाकर और भुगतान कराने चाहा। राकेश को ठगी का अहसास हो गया। 24 लाख के बदले 12 करोड़ रुपए देने का झांसा देकर युवक से ठगी, 4 बार में ट्रांसफर कराई रकम साइबर ठगों ने शेयर बाजार में मुनाफे का झांसा देकर युवक से 24 लाख रुपए ठग लिए। ठगों ने खुद को सेबी (SEBI) से रजिस्टर्ड बताकर युवक को जाल में फंसाया। ठगों ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर निवेश की राशि को कागजों में बढ़ाकर 12 करोड़ रुपए तक दिखाकर युवक को मुनाफे का भरोसा दिलाया। युवक ने रकम निकालने की कोशिश की तो ठगों ने 15 प्रतिशत सर्विस चार्ज मांगा। युवक को ठगी का अहसास हुआ तो साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। जीरो एफआईआर दर्ज होने के बाद महाराजपुरा पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। शताब्दीपुरम निवासी मनोज कुमार पाण्डेय (35) को ठगों ने 31 अक्टूबर 2025 को ‘Visionary Elite Group’ वाट्सएप ग्रुप से जोड़ा। ग्रुप में जोड़ने के बाद खुद को ‘EDEL PRO HEAD’ बताते हुए दावा किया कि वे SEBI से रजिस्टर्ड हैं। मनोज ने अपने HDFC बैंक खाते से अलग-अलग निवेश किया। UPI से 20 हजार, IMPS से 9 लाख 80 हजार, NEFT से 1 लाख 10 हजार और RTGS के जरिए 12 लाख 90 हजार रुपए ट्रांसफर किए। इस तरह कुल 24 लाख रुपए शेयर मार्केट में लगाने की बात कही गई। कुछ ही समय में एप और वाट्सएप मैसेज के जरिए निवेश की रकम बढ़कर करीब 12 करोड़ रुपए दिखा दी गई।
बरेली: क्रिप्टो करेंसी और फॉरेक्स ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का लालच देकर जालसाजों ने 27 निवेशकों से करीब 1.72 करोड़ रुपए की ठगी की है। आरोपियों ने पीड़ितों को 7 से 15 प्रतिशत प्रतिमाह रिटर्न का झांसा दिया था। यह मामला अब पुलिस जांच के दायरे में आ गया है। पीड़ितों ने बताया कि जालसाजों ने खुद को एक प्रतिष्ठित कंपनी के अधिकारी बताकर पहले उनका विश्वास जीता। इसके बाद उन्होंने निवेशकों से रकम जमा करवाई। कैंट थाना क्षेत्र के इचौरिया निवासी दुर्गेश चंद्र शर्मा ने पुलिस को बताया कि उनकी मुलाकात बॉमवीटिक फाउंडेशन बीमैक्स रियल्टी कंपनी से जुड़े लोगों से हुई थी। आरोपियों ने दावा किया था कि उनकी कंपनी क्रिप्टो और फॉरेक्स ट्रेडिंग के माध्यम से निवेशकों को नियमित और सुरक्षित मुनाफा प्रदान करती है। ठगी के लिए जालसाजों ने 13 अप्रैल 2025 को निवेशकों को लखनऊ के आलमबाग स्थित एक होटल में बुलाया। इस बैठक में बड़े-बड़े प्रेजेंटेशन और आकर्षक वादों के जरिए लोगों से लाखों रुपये का निवेश करवाया गया। निवेश के बाद न तो निवेशकों को तय समय पर मुनाफा मिला और न ही उनका मूल धन वापस किया गया। यह ठगी सिर्फ शहरी क्षेत्र तक सीमित नहीं रही। शहर और देहात के विभिन्न इलाकों से जुड़े कुल 27 लोग इस धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं। पीड़ितों में से किसी ने 1 लाख रुपये तो किसी ने 32 लाख रुपये तक गंवाए हैं। कई निवेशकों ने अपनी जमा-पूंजी के अलावा उधार लेकर भी इस योजना में निवेश किया था। पीड़ितों की शिकायत पर कैंट पुलिस ने खीरी और सीतापुर के पांच आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इनमें सीईओ महिपाल मौर्य, डायरेक्टर आशा देवी मौर्य, फंड मैनेजर दयाशंकर मौर्य, निकिता मौर्य और देवेंद्र मौर्य शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों की भूमिका स्पष्ट की जाएगी।
NSE IPO Update: NSE अपना IPO लेकर आ रहा है. NSE के शेयर्स केवल BSE पर ही लिस्ट होंगे. SEBI के नियम कहते हैं कि किसी स्टॉक एक्सचेंज के शेयर खुद अपने एक्सचेंज पर लिस्ट नहीं हो सकते. मतलब कि NSE के शेयर NSE पर लिस्ट नहीं हो सकते.
शेयर बाजार में कोहराम! डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ चेतावनी और विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली से सेंसेक्स 250 अंक टूटा। निफ्टी भी 25,750 के नीचे फिसला। टीसीएस के कमजोर नतीजों और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों का भरोसा डगमगाया। जानें दलाल स्ट्रीट पर मची इस तबाही के पीछे के मुख्य कारण और सेक्टोरल अपडेट।
सीएनबीसी-आवाज़ ने वित्तीय पत्रकारिता के 21 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस विशेष रिपोर्ट में जानिए कैसे इन दो दशकों में सेंसेक्स 6000 से 80,000 तक पहुँचा और मिडकैप शेयरों ने निवेशकों को मालामाल किया। लेख में डीमैट खातों की क्रांति और म्यूचुअल फंड एसआईपी के जरिए आम आदमी के जुड़ाव की पूरी कहानी विस्तार से दी गई है। भारतीय शेयर बाजार के इस ऐतिहासिक सफर और वित्तीय साक्षरता के स्वर्णिम युग का विश्लेषण।
बिकवाली के दबाव में Share Bazaar में आई गिरावट, Sensex 250 अंक टूटा, Nifty भी आया नीचे
Share Market Update News : आज भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 250.48 अंक या 0.30 प्रतिशत गिरकर 83,627.69 पर और निफ्टी 57.95 अंक या 0.22 प्रतिशत गिरकर 25,732.30 अंक पर बंद हुआ। डिक्सन टेक्नोलॉजी, AU स्मॉल फाइनेंस, ...
Share Market: मंगलवार को शेयर बाजार में एक और बार गिरावट दिखी. Sensex जहां 250.48 अंक लुढ़ककर (0.30 फीसदी) लाल निशान में 83,627.69 के स्तर पर कारोबार करता हुआ दिखा. वहीं, Nifty50 लाल निशान में 57.95 अंक (0.22 फीसदी) गिरकर 25,732.30 स्तर पर कारोबार करते हुए दिखा.
ललितपुर में सक्रिय चिटफंड कंपनी LUCC से जुड़े एक बड़े धोखाधड़ी मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इन लोगों ने कम समय में निवेश की रकम दोगुनी करने का झांसा देकर सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपए की ठगी की। तालबेहट पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में भरत वर्मा (निवासी सिविल लाइन, ललितपुर), मुकेश कुमार जैन (निवासी मड़ावरा, ललितपुर), रविशंकर तिवारी उर्फ रवि तिवारी (निवासी लेखपाल कॉलोनी, ललितपुर, वर्तमान पता भोपाल) और विनोद कुमार तिवारी उर्फ रानू (निवासी लेखपाल कॉलोनी, ललितपुर, वर्तमान पता भोपाल) शामिल हैं। पैसा वापस मांगने पर आरोपियों ने टाल-मटोल की पुलिस अधीक्षक मो. मुश्ताक ने बताया कि शिकायतकर्ता द्वारा तालबेहट थाने में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया गया था कि इन लोगों ने एक संगठित गिरोह बनाकर LUCC नामक चिटफंड कंपनी के माध्यम से कूटरचित दस्तावेज तैयार किए और निवेश के नाम पर उसकी धनराशि हड़प ली। जब पीड़ित ने पैसा वापस मांगा तो आरोपियों ने टाल-मटोल की, गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। अन्य राज्यों में फैला नेटवर्क पुलिस पूछताछ में रविशंकर तिवारी और विनोद तिवारी ने बताया कि वर्ष 2016 में समीर अग्रवाल ने LUCC नाम से एक चिटफंड कंपनी बनाई थी। जानबूझकर अलग-अलग राज्यों के लोगों के आधार कार्ड और पैन कार्ड का दुरुपयोग कर उन्हें कंपनी का डायरेक्टर और अन्य महत्वपूर्ण पदाधिकारी बनाया गया, जबकि कंपनी का पूरा संचालन समीर अग्रवाल और उसके मुंबई, इंदौर, लखनऊ सहित अन्य राज्यों में फैले नेटवर्क द्वारा किया जाता था। आरोपियों ने बताया कि वे महंगे होटलों में सेमिनार आयोजित करते थे, जहां लोगों को विदेश यात्रा, महंगी गाड़ियां, मुफ्त होटल और कपड़ों का लालच देकर निवेश के लिए प्रेरित किया जाता था। निवेशकों को यह विश्वास दिलाया जाता था कि उनका पैसा गोल्ड माइंस, लोहे की खदानों और तेल के कुओं में लगाया जा रहा है और पांच वर्षों में रकम दोगुनी होकर पूरी तरह सुरक्षित रहेगी। कंपनी द्वारा अल्टो ग्रुप, स्कॉर्पियो ग्रुप, एक्सयूवी ग्रुप समेत करीब 10 अलग-अलग स्कीमें बनाई गई थीं, जिनके जरिए भोले-भाले लोगों को करोड़ों रुपये निवेश कराने के लिए उकसाया गया। ललितपुर, टीकमगढ़, सागर, अशोकनगर, झांसी और विदिशा सहित कई जिलों में नेटवर्क फैलाकर सैकड़ों करोड़ रुपये से अधिक का निवेश कराया गया। अवैध कारोबार से मिली भारी कमीशन राशि आरोपियों ने स्वीकार किया कि इस अवैध कारोबार से मिली भारी कमीशन राशि से उन्होंने अपने और परिवार के सदस्यों के नाम पर ललितपुर, भोपाल और इंदौर में होटल, प्लॉट और जमीनें खरीदीं तथा विलासितापूर्ण जीवन जिया। शिकायत से बचने के लिए कंपनी का नाम और कार्यालय लगातार बदले जाते थे। आरोपी भरत वर्मा ने बताया कि वह LUCC कार्यालय में विभिन्न शाखाओं से नकदी संग्रह का काम करता था। इसके बदले उसे 50 हजार रुपए मासिक वेतन और समय-समय पर नकद उपहार दिए जाते थे। वह प्रतिदिन जमा की गई लाखों रुपए की नकदी का लेखा-जोखा रखकर झांसी स्थित LUCC चेस्ट में भिजवाता था। निवेशकों को एफडी और आरडी प्रमाण पत्र दिए वहीं आरोपी मुकेश जैन ने स्वीकार किया कि वह मड़ावरा स्थित LUCC शाखा का हेड था और उसके माध्यम से करोड़ों रुपए का निवेश कराया गया। शाखा में एकत्र धनराशि को LUCC वैन के जरिए ललितपुर स्थित हेड ऑफिस भेजा जाता था। निवेशकों को कूटरचित एफडी और आरडी प्रमाणपत्र देकर संगठित रूप से धोखाधड़ी की जाती थी। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। एसपी ने बताया कि मामले की विवेचना जारी है और अन्य संलिप्त लोगों की तलाश की जा रही है। निवेशकों से की गई ठगी की कुल राशि और संपत्तियों का आकलन कर आगे विधिक कार्रवाई की जाएगी।
भारत की GDP वृद्धि दर में तेजी न केवल आर्थिक मजबूती की ओर इशारा करती है, बल्कि यह निवेशकों, व्यापारियों और आम नागरिकों के लिए भी अवसरों का संकेत है। विशेषज्ञों के अनुसार सतत सुधार और निवेशकों की सक्रिय भागीदारी ही देश को स्थिर और समृद्ध आर्थिक भविष्य की दिशा में आगे बढ़ाएगी।
निवेश कर मुनाफा कमाने के चक्कर में घर बेचने वाले कारोबारी के साथ साइबर अपराधियों ने 36 लाख रुपए की ठगी कर ली। पीड़ित ने मामले की शिकायत साइबर क्राइम थाने की पुलिस से की है। पुलिस मामले की जांच कर केस दर्ज करने की बात कह रही है। 16 बार में पीड़ित ने ठगों द्वारा बताए गए खाते में रकम ट्रांसफर की। थाने में दी शिकायत में ग्रेटर नोएडा के कासना निवासी व्यक्ति ने बताया कि उनकी प्लास्टिक के पार्ट बनाने की फैक्ट्री है। ट्रेडिंग के नाम पर उनसे बीते साल नवंबर में संपर्क किया गया। सोशल मीडिया के माध्यम से ठग ने शिकायतकर्ता से संपर्क किया और बताया कि स्टॉक मार्केट और विभिन्न आईपीओ में निवेश कर प्रतिमाह लाखों रुपए मुनाफा घर बैठे कमाया जा सकता है। कई दिन तक बातचीत करने के बाद ठग ने शिकायतकर्ता से भी निवेश करने के लिए कहा। इसके लिए उन्हें एक वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ लिया गया। इसमें कई अन्य लोग पहले से ही जुड़े हुए थे। ग्रुप में निवेश संबंधी प्रशिक्षण एक व्यक्ति द्वारा रोजाना दिया जाता था। उसके बताए अनुसार ग्रुप के लोग निवेश कर मुनाफा कमा रहे थे। इसका स्क्रीनशॉट भी उन लोगों द्वारा ग्रुप पर साझा किया जा रहा था। हिचकिचाते हुए पीड़ित ने पहली बार में कम रकम निवेश की। इसपर उसे मुनाफा हुआ और मुनाफा समेत रकम निकालने की अनुमति भी दी गई। पीड़ित को लगा की वह सही जगह पर निवेश कर रहा है और कम समय में अमीर बन सकता है। ऐसे में उसने अपनी सारी जमा पूंजी निवेश कर दी। रकम जब कम पड़ी तो मुनाफे के चक्कर में पीड़ित ने अपना घर भी बेच दिया। टैक्स जमा करने को कहा गया नवंबर में पीड़ित ने करीब तीन लाख, दिसंबर में करीब साढ़े आठ लाख और जनवरी 2026 में 25 लाख रुपए निवेश किए। अचानक से पीड़ित को रकम की आवश्यकता पड़ गई। उन्होंने मुनाफे समेत रकम निकालनी चाही तो ठगों ने विभिन्न करों का हवाला देते हुए और रकम ट्रांसफर करने के लिए कहा। पीड़ित के मना करने पर ठगों ने निवेश की हुई रकम भी वापस न मिलने की धमकी दी। ठगी के इस्तेमाल खातों की दी जानकारीपीड़ित ने पुलिस को उन खातों की भी लिखित जानकारी दी है,जिनका ठगी में इस्तेमाल हुआ। सबसे ज्यादा 15 लाख की रकम पीड़ित ने नौ जनवरी को ट्रांसफर की। आठ जनवरी को दो खातों में 12 लाख रुपए भेजे गए। 18 दिसंबर को भी दो खातों में सात लाख रुपए की रकम भेजी गई। ठगी का सिलसिला करीब दो महीने तक चला। शिकायतकर्ता ने ठगी करने वाली दो महिलाओं और उसके एक सहयोगी के नाम की भी जानकारी पुलिस को दी है। जिन चार मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल ठगी में हुआ उसकी सूची भी पुलिस को उपलब्ध कराई गई है।
प्रदेश के आगामी बजट को जन-केंद्रित और धरातल की जरूरतों से जोड़ने के लिए कलेक्ट्रेट सभागार में एक उच्च स्तरीय सुझाव बैठक आयोजित की गई। प्रभारी मंत्री अविनाश गहलोत की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में झुंझुनूं के भविष्य की तस्वीर उकेरी गई। स्वास्थ्य, कृषि, तकनीक और सामाजिक न्याय जैसे विषयों पर प्रतिनिधियों ने खुलकर अपनी राय रखी, जिसे मंत्री ने सरकार के 'विजन-2030' की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। झुंझुनूं जिले के प्रभारी मंत्री अविनाश गहलोत ने बैठक को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का आगामी बजट केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब होगा। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री का संकल्प है कि बजट निर्माण में जनता की सीधी भागीदारी हो। झुंझुनूं से प्राप्त ये सुझाव जिले के औद्योगिक विकास, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और युवा सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त करेंगे। हम 'राइजिंग राजस्थान' के माध्यम से जिले में निवेश और रोजगार के नए द्वार खोलने की दिशा में काम कर रहे हैं। 1. चिकित्सा: 'कोटा मॉडल' और बुनियादी ढांचे पर जोर जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 'कोटा मॉडल' लागू करने का सुझाव प्रमुखता से उठा। आरजीएचएस (RGHS) के तहत निजी अस्पतालों के रुके हुए भुगतान और एनओसी प्रक्रिया के सरलीकरण की मांग की गई। चिड़ावा, बगड़ और सिंघाना में ट्रॉमा सेंटर और उपजिला अस्पतालों में विशेषज्ञों की नियुक्ति को प्राथमिकता देने का आग्रह किया गया। 2. उद्योग और तकनीक: रोबोटिक्स से लेकर एयरपोर्ट तक झुंझुनूं को औद्योगिक हब बनाने के लिए दूरगामी सुझाव दिए गए। बबाई में एयरपोर्ट की स्थापना और हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (HCL) को पूरी क्षमता से पुनः संचालित करना। युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करने के लिए आईटीआई में रोबोटिक्स और एआई (AI) कोर्स की शुरुआत। जिला स्तर पर ही जीएसटी पंजीकरण का विकेंद्रीकरण और औद्योगिक क्षेत्रों में ड्रेनेज व बिजली की पुख्ता व्यवस्था। 3. कृषि और गौ-सेवा: 'गोपालन क्रेडिट कार्ड' की अभिनव पहल खेती और पशुपालन को लाभ का सौदा बनाने के लिए महत्वपूर्ण प्रस्ताव आए। किसान क्रेडिट कार्ड की तर्ज पर गोपालन क्रेडिट कार्ड जारी करने और जिले में 'एग्रो-टूरिज्म' नीति लागू करने का सुझाव। जैविक खेती के लिए पंजीकरण और भंडारण सुविधा के साथ-साथ चिड़ावा कृषि महाविद्यालय हेतु भूमि आवंटन की प्रक्रिया तेज करने की मांग। 4. महिला सशक्तिकरण: पीरियड लीव और मानदेय वृद्धि आधी आबादी के अधिकारों के लिए प्रतिनिधियों ने मजबूती से पक्ष रखा: कामकाजी महिलाओं के लिए 'पीरियड लीव' का प्रावधान और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में वृद्धि। राजीविका मार्ट की स्थापना और संविदा कर्मियों को आयुष्मान योजना के दायरे में लाने का प्रस्ताव। 5. न्याय और प्रशासन: उपभोक्ता कोर्ट और लैब उपभोक्ता आयोग अध्यक्ष मनोज कुमार मील ने सुझाव दिया कि सांध्यकालीन उपभोक्ता कोर्ट की शुरुआत हो और खाद्य सामग्री में मिलावट की जांच के लिए जिला स्तर पर आधुनिक प्रयोगशाला खोली जाए। ये रहे मौजूद इस महत्वपूर्ण मंथन में झुंझुनूं विधायक राजेंद्र भांबू, जिला प्रमुख हर्षिनी कुलहरी, पूर्व विधायक शुभकरण चौधरी व सुभाष पूनिया, जिला कलक्टर डॉ. अरुण गर्ग और एसपी बृजेश ज्योति उपाध्याय सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया।
शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी, सेंसेक्स 500 अंक से ज्यादा टूटा
विदेशों से मिले सकारात्मक संकेतों के बीच घरेलू शेयर बाजारों गिरावट रही और बीएसई का सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 500 अंक से अधिक टूट गया
स्वच्छ ऊर्जा में भारत दे रहा है 300 अरब डॉलर का निवेश अवसर : प्रल्हाद जोशी
केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने रविवार को कहा कि भारत वर्ष 2030 तक नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन, ऊर्जा भंडारण, हरित हाइड्रोजन, ग्रिड और विनिर्माण क्षेत्रों में लगभग 300 अरब डॉलर का निवेश अवसर प्रदान करता है
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पानी और बिजली के क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधारों के बाद अब राज्य सरकार ने बिहार को उद्योग और निवेश का हब बनाने की दिशा में ठोस कदम बढ़ा दिए हैं। उन्होंने कहा कि बिहार अब विकास की पटरी पर तेज़ी से दौड़ रहा है और उद्योगों के माध्यम से राज्य की आर्थिक रफ्तार को नई ऊंचाई दी जाएगी। 15 दिनों में पूरी होगी प्रक्रिया, मिलेगा आसान लोन सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार उद्योग लगाने के लिए भूमि उपलब्ध करा रही है और सभी जरूरी प्रक्रियाएं महज 15 दिनों के भीतर पूरी की जा रही हैं। इसके साथ ही उद्योगों की स्थापना के लिए बैंकों के माध्यम से अधिक से अधिक ऋण उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था की गई है, ताकि निवेशकों को किसी तरह की परेशानी न हो। पटना क्लब में बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन द्वारा आयोजित ‘पधारो म्हारो देश’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए उद्योगों का मजबूत होना बेहद जरूरी है। उद्योग लगेंगे तो बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे, आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और बिहार समृद्धि की ओर तेजी से आगे बढ़ेगा। निवेशकों को सुरक्षा और भरोसे का माहौल उन्होंने कहा कि अब वह दौर पीछे छूट चुका है जब बिहार को केवल पिछड़े राज्य के रूप में देखा जाता था। आज बिहार में आधारभूत संरचना में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। सड़क, बिजली और पानी की बेहतर व्यवस्था के बाद अब राज्य सरकार की प्राथमिकता औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देना है। सम्राट चौधरी ने उद्योगपतियों और निवेशकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि वे निश्चिंत होकर बिहार में निवेश करें। राज्य सरकार उनकी सुरक्षा और सुविधा की पूरी गारंटी देती है। बिहार में कानून-व्यवस्था पूरी तरह मजबूत है और किसी को भी उद्योगपतियों या व्यापारियों को परेशान करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सरकार अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। अपराधियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। बिहार अब निवेश और व्यवसाय के लिए पूरी तरह सुरक्षित, भयमुक्त और अनुकूल राज्य बन चुका है। कचरे की सफाई से लेकर सिस्टम की सफाई तक उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में केवल सड़कों और शहरों की सफाई ही नहीं हो रही, बल्कि सिस्टम को भी दुरुस्त किया जा रहा है। जहां-जहां गंदगी या अव्यवस्था है, वहां तेजी से सुधार किया जा रहा है और जरूरत पड़ी तो और भी तेज़ी से सफाई अभियान चलाया जाएगा। सरकार की कोशिश है कि निवेशकों को सिंगल विंडो सिस्टम के तहत त्वरित मंजूरी मिले और उन्हें दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि उद्योगों के आने से न केवल निवेश बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा। इससे पलायन रुकेगा और बिहार के युवाओं को अपने ही राज्य में बेहतर भविष्य मिलेगा। बिहार सरकार उद्योगों और निवेशकों को हरसंभव सहयोग देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में बिहार को देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों की कतार में खड़ा किया जाएगा।
यमुनानगर में बायोगैस प्लांट में निवेश कर रकम दोगुनी करने का झांसा देकर 2.50 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि पैसे मांगने पर आरोपियों ने पहले चेक दिया, जो बाउंस हो गया, और बाद में जान से मारने व झूठे केस में फंसाने की धमकियां दीं। शिकायत के बाद पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गांधी नगर थाना पुलिस को दी शिकायत में वरिंद्र कुमार, निवासी कुलदीप नगर ने बताया कि जगतार सिंह, उसकी पत्नी संगीता, राजेश लाठर, कृष्ण लाठर और मोहम्मद शाहनवाज द्वारा सरकारी नियंत्रण में चल रहे RNJ बायो ग्रीन सर्विस गुहाण वाबैन रोड, बायोगैस प्लांट में निवेश का झांसा देकर उसकी रकम दोगुनी करने का लालच दिया गया। इसी बहाने आरोपियों ने उससे कुल 2 लाख 50 हजार रुपए ले लिए। बैंक में लगाया चेक हुआ बाउंस शिकायतकर्ता ने बताया कि जब काफी समय बीत जाने के बाद भी उसे न तो कोई लाभ मिला और न ही उसकी मूल रकम वापस की गई, तो उसने इस संबंध में पहले पुलिस अधीक्षक यमुनानगर को शिकायत दी, जिसे जांच के लिए आर्थिक अपराध शाखा भेजा गया। थाना स्तर पर बुलाए जाने पर आरोपियों ने समझौते का आश्वासन देते हुए उसकी पूरी रकम लौटाने की बात कही और बदले में एक चेक दिया। हालांकि जब शिकायतकर्ता ने वह चेक बैंक में लगाया तो खाते में पर्याप्त बैलेंस न होने के कारण चेक बाउंस हो गया। इस पर जब उसने आरोपियों से संपर्क कर अपने पैसे वापस मांगे, तो उन्होंने न केवल पैसे देने से इनकार कर दिया बल्कि उसके साथ गाली-गलौच की और गंभीर धमकियां दीं। झूठे रेप केस में फंसाने की धमकी शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपियों ने उसे जान से मारने, झूठे रेप के केस में फंसाने और शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया। उन्होंने कहा कि शिकायत देकर उसने गलती की है और अब उसे इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। इन धमकियों के कारण शिकायतकर्ता को अपनी जान का लगातार खतरा महसूस हो रहा है और उसे आशंका है कि आरोपी उसके साथ कोई गंभीर अनहोनी कर सकते हैं। इन्हीं तथ्यों के आधार पर शिकायतकर्ता ने पुलिस से मांग की कि उसके साथ हुई धोखाधड़ी, चेक बाउंस और जान से मारने की धमकियों को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी राजेश लाठर व मोहम्मद शाहनवाज के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
हरियाणा के हिसार में हाउसिंग बोर्ड में रहने वाले रिटायर्ड बैंक मैनेजर से 96 लाख 61 हजार 990 रुपए की साइबर ठगी करने वाले का पता चल गया है। साइबर थाना पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के एक और सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान गुजरात के सूरत निवासी रोहित शिवाभाई भूटानी के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। जांच अधिकारी उप निरीक्षक नरेंद्र सिंह ने बताया कि साइबर थाना हिसार को NCCRP पोर्टल के माध्यम से एक शिकायत मिली थी। शिकायतकर्ता, जो एक सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारी है, ने बताया कि उसे वॉट्सऐप के जरिए शेयर बाजार में निवेश पर अधिक लाभ का लालच दिया गया था। उससे लालच देकर निवेश करवाया और बाद में रुपए नहीं लौटाए और अब मुंबई के उनके ऑफिस गया तो वहां पता फर्जी निकला था। रिटायर्ड बैंक मैनेजर ने बताया था इस तरह फ्रॉड हुआ... इससे पहले कर्नाटक का आरोपी गिरफ्तार हुआ इससे पहले पुलिस कर्नाटक से आरोपी मेघा मार्डोलकर को गिरफ्तार कर 3 लाख 20 हजार रुपए और एक मोबाइल फोन बरामद कर चुकी है। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी फर्जी नामों पर बैंक खाते और सिम कार्ड खुलवाकर गिरोह को उपलब्ध कराते थे, जिसके बदले उन्हें कमीशन मिलता था। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि गिरोह के तार विदेशों तक जुड़े होने के अहम सबूत मिले हैं और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
वॉर्मअप वेंचर्स का एनुअल ईव 2.0; जुटेदेश के स्टार्टअप फाउंडर्स और निवेशक
सिटी रिपोर्टर }जयपुर में वॉर्मअप वेंचर्स की ओर से ‘वॉर्मअप वेंचर्स एनुअल ईव 2.0’ का आयोजन आईटीसी राजपूताना में किया गया। इस एक्सक्लूसिव इवेंट में देशभर से स्टार्टअप फाउंडर्स, निवेशक और वेंचर कैपिटल फर्म्स के प्रतिनिधि शामिल हुए। आयोजन का उद्देश्य इनोवेशन, सहयोग और दीर्घकालिक साझेदारी को प्रोत्साहित करना रहा। कार्यक्रम का नेतृत्व योगेश चौधरी, राजेंद्र लोरा और शरद बंसल ने किया। स्टार्टअप ग्रोथ और फंड परफॉर्मेंस पर चर्चाएं कार्यक्रम की शुरुआत आदित्य गुप्ता (द रग रिपब्लिक) के सत्र ‘फाउंडेशन से स्केल तक’ से हुई। इसके बाद तीन चरणों में स्टार्टअप ग्रोथ जर्नी 0→1x, 1→10x और 10→100x पर पैनल चर्चाएं हुईं। ‘फंड परफॉर्मेंस: आउटकम्स, इनसाइट्स और लर्निंग्स’ सत्र में वॉर्मअप वेंचर्स की निवेश रणनीति और भविष्य की दिशा पर भी विमर्श हुआ।
भोपाल में निवेश की पथरीली जमीन:आईटी पार्क - 12 साल बाद भी ‘नॉट फाउंड’
एरर 404 : फाइल नॉट फाउंड... इंटरनेट पर जब फाइल नहीं खुलती तो यही मैसेज दिखता है। भोपाल के आईटी पार्क की भी कुछ ऐसी ही स्थिति है। साल 2013 में भोपाल को इसका सपना दिखाया गया था, लेकिन 12 साल बाद भी इसमें 40 आईटी कंपनियां ही आ पाई हैं। दरअसल, पार्क के लिए गांधीनगर क्षेत्र में जो जमीन दी गई, वह ऊबड़-खाबड़ है। निवेशकों को 2-3 साल जमीन समतल करने में ही लग जाते हैं। प्रोजेक्ट डेवलपमेंट की शुरुआती समयसीमा ही 3 साल है। यही वजह है कि यहां नई कंपनियां आने में हिचकिचा रही हैं। आईटी पार्क के डेवलपमेंट का काम मप्र हाउसिंग बोर्ड को मिला था। बोर्ड ने कुछ अंदरूनी रास्ते बनाकर और आधी-अधूरी सीवेज सुविधा देकर पार्क मप्र स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कार्पोरेशन (एमपीएसईडीसी) को यह हैंडओवर कर दिया था। इसमें कई प्लॉट भू स्तर से 30 फीट ऊंचे-नीचे हैं। भोपाल को आईटी सिटी बनाने का दावा, एक आईटी पार्क नहीं बसा सके 21 निवेशक तो कानूनी विवाद में ही उलझे 204 एकड़ के पार्क मेंं बमुश्किल 100 एकड़ जमीन आवंटित हुई है। इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर में 21-22 आईटी मैन्युफैक्चरिंग फर्म हैं। वहीं,18 आईटी फर्म हैं। 21 निवेशक अलग-अलग कोर्ट में एमपी स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के साथ कानूनी विवाद में हैं, क्योंकि इनके जमीन आवंटन को रद्द कर दिया गया था। पानी-बिजली कनेक्शन तक नहीं दिए 1जलापूर्ति व ड्रेनेज व्यवस्था पर्याप्त नहीं। बड़ी कंपनियों को हाईटेंशन लाइन कनेक्शन व पानी की व्यवस्था खुद करनी पड़ी।2 कई निवेशकों को 50 लाख से एक करोड़ रुपए तक की राशि सिर्फ जमीन को समतल करने में ही लगानी पड़ रही है।3 कॉमन फैसिलिटीज अब भी एमपीएसईडीसी के पास ही हैं। इसे उद्योगों को हैंड ओवर नहीं किया गया है। चिंता... ग्वालियर और जबलपुर में भी यही हाल हमने टेंडर में बता दिया था- भूखंड जैसा है, उसी स्थिति में आवंटित होगा निवेशक भूमि सरंचना देखकर बिल्डिंग डिजाइन करते तो अनावश्यक खर्च से बच सकते थे। टेंडर में साफ लिखा था कि भूखंड जैसी स्थिति में है, वैसा ही आवंटित होगा। पार्क में सीमित लोड के एचटी और एलटी कनेक्शन उपलब्ध हैंl भवन निर्माण के लिए पानी का इंतजाम निर्माणकर्ता को स्वयं करना होता है। यहां 40 कंपनियां हैं। इनमें करीब 2500 युवा काम कर रहे हैं।' -आशीष वशिष्ठ, एमडी, एमपीएसईडीसी
देश के लिए फायदेमंद है चाइल्ड केयर में निवेश करना
न्यूयार्क में मेयर का चुनाव जीतने वाले जोहरान ममदानी की जीत का एक बड़ा कारण शहर के सभी बच्चों के लिए राज्य प्रायोजित चाइल्ड केयर की गारंटी देना था।
Weekly Numerology Horoscope: वर्ष 2026 का प्रारंभ गुरुवार से हो रहा है जो की देवगुरु है अतः यह वर्ष हर दृष्टि से 2025 की अपेक्षा अच्छा जाने की संभावना है। इस वर्ष मूल्यवान धातुओ और शेयर बाजार में तेजी देखने को मिल सकती है। प्रचंड गर्मी होने की प्रबल ...
अरशद वारसी पर लगा शेयर मार्केट में बैन, जानिए क्या है मामला
बॉलीवुड एक्टर अरशद वारसी और उनकी पत्नी मारिया गोरेट्टी समेत 57 लोगों पर शेयर बाजार नियामक SEBI ने बैन लगा दिया है। उन्हें 1 साल के लिए सिक्योरिटी मार्केट से प्रतिबंधित कर दिया है। सेबी का कहना है कि ये लोग मार्केट में धोखाधड़ी जैसे कामों में पाए गए।
काजोल ने किया रियल एस्टेट में निवेश, खरीदी इतने करोड़ की कमर्शियल प्रॉपर्टी
बॉलीवुड एक्ट्रेस काजोल ने इंडस्ट्री में एक अलग मुकाम हासिल किया है। काजोल भले ही फिल्मों में कम नजर आती हो, लेकिन वह सुर्खियों में बनी रहती हैं। काजोल ने अब एक्टिंग के साथ-साथ रियल एस्टेट में भी कदम रख दिया है। काजोल ने मुंबई के गोरेगांव वेस्ट ...
जानिए क्यों पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास पर है 2100 करोड़ रुपए निवेश
पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास अपने करियर के शानदार दौर से गुजर रहे हैं, और निर्विवाद रूप से अखिल भारतीय सुपरस्टार के रूप में अपनी जगह पक्की कर रहे हैं। बाहुबली, सलार, कल्कि 2898 एडी जैसी बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने वाली फिल्मों के साथ, उन्होंने भारतीय ...
खतरों के खिलाड़ी सीजन 14 के कंटेस्टेंट अभिषेक कुमार जिन्होंने बिग बॉस 17 में अपने कार्यकाल से काफी लोकप्रियता हासिल की, अपने आकर्षक व्यक्तित्व से लोगों के दिलों पर राज कर रहे हैं। विवादित रियलिटी शो में उनकी भागीदारी ने उन्हें स्टार बना दिया और उन्हें रातोंरात सफलता दिलाई। अभिषेक जो वर्तमान में रोहित शेट्टी के शो खतरों के खिलाड़ी 14 में हैं, ने साझा किया कि वह एक प्रोडक्शन हाउस खोलना चाहते हैं। इसे भी पढ़ें: Kartik Aaryan का खुलासा, Pyaar Ka Punchnama की सफलता के बावजूद उनके पास ‘कोई ऑफर नहीं था, कोई पैसा नहीं था ईटाइम्स टीवी के साथ एक इंटरव्यू में, अभिषेक ने खुलासा किया कि वह भविष्य के लिए पैसे बचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता चाहते हैं कि वह मुंबई में एक घर खरीदें, लेकिन वह एक व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। अभिषेक ने कहा कि वह एक उद्यमी बनना चाहते हैं और उनके बड़े सपने हैं जिन्हें वह हासिल करना चाहते हैं। अभिषेक कुमार मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते इंटरव्यू में, अभिषेक ने कहा कि उन्होंने पैसे बर्बाद करना बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते क्योंकि शहर काफी महंगा है और कहा कि किराए पर रहना एक समझदारी भरा फैसला है। उन्होंने यहां तक कहा कि घर खरीदने में बड़ी रकम लगाने और फिर हर महीने लोन के रूप में बैंक को बड़ी EMI चुकाने का कोई मतलब नहीं है। इसे भी पढ़ें: Karan Johar को कोर्ट से मिली राहत, फिल्म Shaadi Ke Director Karan Aur Johar की रिलीज परह लगी रोक अभिषेक ने कहा कि वह अपना पैसा निवेश करना चाहते हैं और उस पर ब्याज पाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह रवि दुबे और सरगुन मेहता की तरह एक प्रोडक्शन हाउस स्थापित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि उनका परिवार चंडीगढ़ में घर खरीदे, लेकिन मुंबई में नहीं क्योंकि वे वहीं रह सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह पैसे बचाना चाहते हैं और कोई दूसरा व्यवसाय शुरू करने में निवेश कर सकते हैं। KKK 14 की बात करें तो शिल्पा शिंदे शो से बाहर हो गईं। एक यूट्यूब चैनल के अनुसार, सनी वरुण ने बात की, गश्मीर, करणवीर, अदिति और अभिषेक ने निष्कासन स्टंट किया।

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