Share Bazaar में बंपर उछाल, Sensex 965 अंक उछला, Nifty भी 24300 के पार
Share Market Update News : भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को यानी आज रिकॉर्ड बढ़त के साथ बंद हुआ। कारोबार के अंत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 964.58 अंक यानी 1.25 फीसदी की भारी बढ़त के साथ 78151.45 के स्तर पर बंद हुआ, वहीं नेशनल स्टॉक ...
ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राशि परिवर्तन और उससे बनने वाले संयोगों का मानव जीवन पर गहरा असर पड़ता है। इसी कड़ी में ग्रहों के राजा सूर्य देव के राशि परिवर्तन से एक बेहद अशुभ और तनावपूर्ण ज्योतिषीय स्थिति पैदा हो गई है। 16 जुलाई 2026 यानी बीते कल सूर्य देव ने मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश कर लिया है। सूर्य के इस गोचर के बाद, कुंभ राशि में पहले से ही विराजमान मायावी ग्रह राहु और सूर्य के बीच एक अत्यंत विनाशकारी 'षडाष्टक योग' (Shadashtak Yog) का निर्माण हो गया है।ज्योतिषीय गणनाओं में षडाष्टक योग को बेहद अशुभ, हिंसक और मानसिक तनाव बढ़ाने वाला माना जाता है। जब भी दो ग्रह गोचर चक्र में एक-दूसरे से छठे (6th) और आठवें (8th) भाव में स्थित होते हैं, तब इस नकारात्मक योग का निर्माण होता है। सूर्य और राहु का यह खतरनाक आपसी संबंध पूरे 30 दिनों तक ब्रह्मांड में सक्रिय रहेगा, जिसका विधिवत समापन 17 अगस्त 2026 को सूर्य के अगले गोचर के साथ होगा। हालांकि इसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ेगा, लेकिन ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार 4 विशेष राशियों को अगले 30 दिनों तक फूंक-फूंक कर कदम रखने की आवश्यकता है।वृषभ राशि (Taurus): बॉस से विवाद और सेहत पर संकट, निवेश से बचेंषडाष्टक योग का सबसे नकारात्मक और खतरनाक प्रभाव वृषभ राशि के जातकों पर देखने को मिल सकता है। अगले 30 दिन आपके लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होने वाले हैं।करियर में चुनौती: कार्यस्थल (ऑफिस) पर आपके सीनियर्स या बॉस के साथ किसी बात को लेकर तीखी बहस या झगड़ा होने की प्रबल आशंका है। इस दौरान अपनी वाणी और गुस्से पर सख्त संयम रखें।आर्थिक नुकसान: पैसों के लेन-देन में भारी लापरवाही हो सकती है। इस 30 दिनों की अवधि में किसी भी नए प्रोजेक्ट या शेयर बाजार में निवेश करने की गलती बिल्कुल न करें।स्वास्थ्य: मानसिक तनाव के साथ-साथ शारीरिक स्वास्थ्य में भी गिरावट आ सकती है, इसलिए बेवजह के कोर्ट-कचहरी या पारिवारिक विवादों से खुद को दूर रखें।मिथुन राशि (Gemini): करियर में जल्दबाजी पड़ेगी भारी, धैर्य से लें कामसूर्य का आपकी राशि से निकलना और राहु के साथ यह अशुभ योग बनाना मिथुन राशि के नौकरीपेशा और व्यापार से जुड़े लोगों के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है।गलत फैसले: इस अवधि में आपके भीतर एक अजीब सी जल्दबाजी देखी जाएगी, जिसके कारण आप करियर से जुड़ा कोई गलत निर्णय ले सकते हैं। बिना सोचे-समझे लिया गया फैसला आपको बड़े आर्थिक संकट में डाल सकता है।व्यापार में रुकावट: यदि आप कोई नया बिजनेस (काम) शुरू करने की सोच रहे हैं, तो 17 अगस्त तक के लिए अपनी योजनाओं को स्थगित कर दें।सलाह: इस पूरे महीने धैर्य बनाए रखें और कार्यस्थल पर सहकर्मियों के साथ किसी भी तरह की राजनीति या लड़ाई-झगड़े का हिस्सा बनने से बचें।तुला राशि (Libra): पारिवारिक कलह और वैवाहिक जीवन में आ सकती है खटासतुला राशि के जातकों के लिए यह षडाष्टक योग मानसिक शांति को पूरी तरह से भंग करने वाला साबित हो सकता है।पारिवारिक तनाव: घर-परिवार में छोटी-छोटी बातों को लेकर राई का पहाड़ बन सकता है, जिससे घरेलू माहौल काफी तनावपूर्ण और उदासी भरा रहेगा।रिश्तों में दूरी: आपके और आपके जीवनसाथी (पारpath) के बीच आपसी समझ की कमी के कारण संबंधों में खटास आ सकती है। शक और गलतफहमियों को अपने रिश्ते पर हावी न होने दें।काम का बोझ: ऑफिस में अचानक काम का दबाव (वर्क प्रेशर) अत्यधिक बढ़ जाएगा, जिससे समय पर काम पूरा न होने के कारण आपकी रातों की नींद उड़ सकती है। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें।कुंभ राशि (Aquarius): राहु का आपकी ही राशि में प्रभाव, उदासी और विवाद के संकेतचूंकि राहु आपकी ही राशि में गोचर कर रहे हैं और सूर्य से उनका यह अशुभ योग बन रहा है, इसलिए कुंभ राशि वालों को चौतरफा सावधानी बरतनी होगी।मानसिक अवसाद: अगले 30 दिनों तक बिना किसी ठोस वजह के भी आपका मन भीतर से उदास, विचलित और नकारात्मक विचारों से घिरा रह सकता है।विवाद की आशंका: सामाजिक जीवन या पड़ोसियों के साथ अचानक किसी बात को लेकर बड़ा विवाद खड़ा होने के संकेत हैं। अपने गुस्से पर काबू रखें वरना मान-हानि हो सकती है।करियर और सेहत: आपके पेशेवर करियर में अचानक उतार-चढ़ाव आ सकते हैं, साथ ही पुरानी बीमारियां दोबारा उभर सकती हैं, जिससे डॉक्टर के चक्कर काटने पड़ सकते हैं।
कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार में तेजी
मुंबई, भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार के सत्र में बड़ी तेजी देखने को मिल रही है। दोपहर 12 बजे सेंसेक्स 801 अंक या 1.04 प्रतिशत की तेजी के साथ 77,999 और निफ्टी 205 अंक या 0.85 प्रतिशत की मजबूती के साथ 24,277 पर था।
अंतरराष्ट्रीय शेयर बाजारों में शुक्रवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब अमेरिका से लेकर एशिया तक के प्रमुख सूचकांकों में भारी गिरावट दर्ज की गई। इस वैश्विक बिकवाली की सबसे बड़ी वजह पिछले काफी समय से बाजार के डार्लिंग रहे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर (चिप) सेक्टर के शेयरों में आई तेज मुनाफावसूली है। अमेरिकी बाजार के नियमित कारोबार की शुरुआत से पहले ही डाओ फ्यूचर्स (Dow Futures) 400 अंकों से अधिक टूट गया, जबकि नैस्डैक फ्यूचर्स (Nasdaq Futures) में 450 अंकों से ज्यादा की बड़ी गिरावट देखी गई। अमेरिकी बाजार से शुरू हुई इस गिरावट की लहर ने एशियाई बाजारों को भी अपनी चपेट में ले लिया, जिससे टेक और चिप से जुड़ी बड़ी कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली का दौर शुरू हो गया।अमेरिकी वॉल स्ट्रीट से शुरू हुआ तहलका: नैस्डैक में दर्ज हुई बड़ी गिरावटग्लोबल मार्केट में इस मंदी की शुरुआत अमेरिकी बाजार वॉल स्ट्रीट (Wall Street) से हुई, जहां गुरुवार को चिप और टेक्नोलॉजी सेक्टर के शेयरों पर भारी दबाव देखा गया था। इस चौतरफा बिकवाली के कारण टेक-हैवी नैस्डैक कंपोजिट (Nasdaq Composite) इंडेक्स 1.5% गिरकर बंद हुआ। इसके अलावा, एसएंडपी 500 (S&P 500) इंडेक्स में 0.5% की गिरावट दर्ज की गई, जबकि डाओ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज 105.67 अंक यानी करीब 0.2% नीचे आकर बंद हुआ। अमेरिकी बाजारों के इसी निराशाजनक प्रदर्शन ने शुक्रवार सुबह एशियाई बाजारों के खुलते ही निवेशकों के सेंटीमेंट्स को पूरी तरह बिगाड़ दिया।जापानी बाजार में सॉफ्टबैंक और टोक्यो इलेक्ट्रॉन धड़ाम: 9% तक टूटे शेयरअमेरिकी बाजार में आई इस गिरावट का सबसे बड़ा और तत्काल असर जापानी शेयर बाजार पर देखने को मिला। जापान के टेक्नोलॉजी और चिप सेक्टर से जुड़े दिग्गज शेयरों में जोरदार बिकवाली हुई। एआई और टेक इन्वेस्टमेंट के सबसे बड़े नाम सॉफ्टबैंक (SoftBank) के शेयरों में 9.2% की भारी गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा, चिप बनाने वाली मशीनों की प्रमुख कंपनी टोक्यो इलेक्ट्रॉन (Tokyo Electron) का शेयर करीब 9% और चिप टेस्टिंग इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनी एडवांटेस्ट (Advantest) का शेयर 9.4% तक टूट गया। वहीं, शुरुआती कारोबार में जापान का प्रमुख सूचकांक निक्केई 225 (Nikkei 225) करीब 0.6% और टॉपिक्स (Topix) 0.3% नीचे कारोबार कर रहे थे, लेकिन चुनिंदा टेक और एआई शेयरों में गिरावट का यह स्तर कहीं अधिक गंभीर था।आखिर क्यों अचानक एआई और चिप शेयरों से दूर भागने लगे निवेशक?बाजार के विशेषज्ञों के अनुसार, इस बिकवाली के पीछे निवेशकों की बढ़ती चिंताएं और एआई ट्रेड (AI Trade) को लेकर उठता संदेह है। पिछले कुछ वर्षों में निवेशकों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डेटा सेंटर्स और सेमीकंडक्टर कंपनियों में भारी निवेश किया था, जिससे इन कंपनियों के मूल्यांकन (Valuations) काफी ऊंचे स्तर पर पहुंच गए थे। अब निवेशकों के मन में यह बड़ा सवाल उठने लगा है कि एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर टेक दिग्गज कंपनियों द्वारा किया जा रहा अरबों डॉलर का यह भारी-भरकम खर्च आखिर कब और कितनी जल्दी वास्तविक मुनाफे में तब्दील होगा। इसी संदेह और अनिश्चितता के कारण निवेशकों ने इन शेयरों में मुनाफावसूली (Profit Booking) करना शुरू कर दिया है।वैनएक सेमीकंडक्टर ईटीएफ (SMH) में बड़ी गिरावट: पूरे चिप सेक्टर पर बढ़ा दबावसेमीकंडक्टर सेक्टर में चल रही इस कमजोरी की गंभीरता को दुनिया के सबसे बड़े चिप ईटीएफ, वैनएक सेमीकंडक्टर ईटीएफ (SMH) की चाल से समझा जा सकता है। यह ईटीएफ शुक्रवार को करीब 4% तक गिर गया, जबकि इस पूरे हफ्ते में इसमें 6.9% की बड़ी गिरावट दर्ज की जा चुकी है। यदि गिरावट का यह सिलसिला ऐसे ही जारी रहता है, तो यह पिछले चार हफ्तों में इस ईटीएफ की तीसरी सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट होगी। इसके अलावा, दुनिया की सबसे बड़ी चिप निर्माता कंपनी ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी (TSMC) द्वारा उम्मीद से बेहतर दूसरी तिमाही के नतीजे घोषित करने के बावजूद उसके शेयरों पर दबाव रहा, क्योंकि कंपनी ने भविष्य में एआई की मांग को पूरा करने के लिए अपने खर्च के अनुमान (Capital Expenditure Guidance) को बढ़ा दिया है।जापानी चिप कंपनी किओक्सिया को कोर्ट से लगा झटका: शेयर 14% से ज्यादा फिसलाजापानी मेमोरी चिप निर्माता कंपनी किओक्सिया (Kioxia) के शेयरों के लिए शुक्रवार का दिन बेहद खराब साबित हुआ और इसका शेयर 14% से अधिक टूट गया। दरअसल, अमेरिका के टेक्सास में एक फेडरल जूरी ने कंपनी को कंप्यूटर मेमोरी टेक्नोलॉजी से जुड़े पेटेंट उल्लंघन के एक मामले में वायासैट (Viasat) को 22.9 करोड़ डॉलर का भारी जुर्माना यानी हर्जाना देने का आदेश दिया है। इस न्यायिक फैसले के बाद कंपनी के ऊपर आए कानूनी और वित्तीय संकट को देखते हुए निवेशकों ने इस शेयर में भारी बिकवाली की। दूसरी ओर, दक्षिण कोरियाई बाजार शुक्रवार को छुट्टी के कारण बंद था, लेकिन इससे पहले गुरुवार को वहां की प्रमुख एआई मेमोरी चिप निर्माता कंपनी एसके हाइनिक्स (SK Hynix) का शेयर भी 11% से ज्यादा टूटकर बंद हुआ था।नेटफ्लिक्स के नतीजों ने भी बिगाड़ा मूड: अच्छे परफॉर्मेंस के बाद भी शेयर 8% टूटाकेवल चिप सेक्टर ही नहीं, बल्कि अमेरिका के एंटरटेनमेंट और स्ट्रीमिंग जाइंट नेटफ्लिक्स (Netflix) के तिमाही नतीजों ने भी टेक सेक्टर के सेंटीमेंट को कमजोर करने का काम किया। नेटफ्लिक्स ने दूसरी तिमाही के लिए जो वित्तीय परिणाम घोषित किए, वे हालांकि बाजार के अनुमान के बिल्कुल अनुरूप थे, लेकिन इसमें निवेशकों के लिए कोई नया या धमाकेदार सरप्राइज नहीं था। इसके तुरंत बाद नेटफ्लिक्स का शेयर 8% से अधिक लुढ़क गया। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि जब किसी बड़े टेक स्टॉक से बहुत ऊंची उम्मीदें जुड़ी होती हैं, तो केवल अनुमान के मुताबिक नतीजे आना भी शेयर को गिरावट से बचाने के लिए नाकाफी साबित होता है।क्या यह बड़ी मंदी की शुरुआत है? नेड डेविस रिसर्च के चीफ स्ट्रैटेजिस्ट का अहम विश्लेषणवैश्विक बाजारों में मची इस उथल-पुथल के बीच राहत की बात यह है कि एसएंडपी 500 इंडेक्स अभी भी जून में बनाए गए अपने ऑल-टाइम हाई (रिकॉर्ड स्तर) से केवल 1% ही नीचे ट्रेड कर रहा है। नेड डेविस रिसर्च के चीफ यूएस स्ट्रैटेजिस्ट एड क्लिसोल्ड का मानना है कि बाजार का पूरी तरह से न बिखरना यह दर्शाता है कि यह स्थिति किसी बड़ी गिरावट या मंदी (Recession) का संकेत नहीं है। क्लिसोल्ड के अनुसार, निकट अवधि में वैश्विक अर्थव्यवस्था की रफ्तार थोड़ी धीमी हो सकती है, लेकिन बड़े आर्थिक संकट की कोई आशंका नहीं है। यह गिरावट वास्तव में कुछ ओवरवैल्यूड (जरूरत से ज्यादा बढ़े हुए) सेक्टरों में एक स्वस्थ कंसॉलिडेशन (ठहराव) और मुनाफावसूली का दौर है, जो अंततः बाजार को अधिक संतुलित और मजबूत बनाएगा।
भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की दिग्गज स्मॉलकैप कंपनी सर्वोटेक रिन्यूएबल पावर सिस्टम (Servotech Renewable Power System) के शेयरों में जबरदस्त उछाल देखा गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में कंपनी का शेयर 5% से अधिक की तेजी के साथ 102.50 रुपये के स्तर पर जा पहुंचा। शेयर बाजार में आई इस शानदार तेजी के पीछे उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से मिला एक बेहद बड़ा और महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट का ऑर्डर है। इस सरकारी ऑर्डर की खबर आते ही निवेशकों में शेयर खरीदने की होड़ मच गई और कंपनी के स्टॉक ने 100 रुपये के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर लिया।उत्तर प्रदेश सरकार से मिला बड़ा टेंडर: यूपी के गांवों में रोशन होंगे हाइब्रिड सोलर रूफटॉपसर्वोटेक रिन्यूएबल पावर सिस्टम को उत्तर प्रदेश सरकार के ग्रामीण विकास विभाग के अधीन आने वाले 'उत्तर प्रदेश स्टेट रूरल लाइव्लीहुड मिशन' (UPSRLM) की ओर से यह बड़ा प्रोजेक्ट हासिल हुआ है। इस सरकारी टेंडर के तहत कंपनी को उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में विभिन्न स्थानों पर अत्याधुनिक बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम्स (BESS) से लैस हाइब्रिड सोलर रूफटॉप सिस्टम्स इंस्टॉल करने की जिम्मेदारी दी गई है। यह परियोजना ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।12 महत्वपूर्ण स्थानों पर स्थापित होगी 900 kW की कुल क्षमताइस सरकारी परियोजना के तहत सर्वोटेक रिन्यूएबल को उत्तर प्रदेश राज्य के भीतर कुल 12 महत्वपूर्ण लोकेशंस आवंटित की गई हैं। कंपनी प्रत्येक लोकेशन पर 75 kW क्षमता का हाइब्रिड सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित करेगी, जिससे इस पूरे प्रोजेक्ट की कुल क्षमता 900 kW हो जाएगी। सर्वोटेक इस प्रोजेक्ट के तहत बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम्स (BESS) के साथ एकीकृत हाइब्रिड सोलर सिस्टम के डिजाइन, सप्लाई, इंस्टॉलेशन, कमिशनिंग और भविष्य में रखरखाव (मेंटीनेंस) की पूरी जिम्मेदारी संभालेगी।4 साल में दिया 1400% से अधिक का छप्परफाड़ रिटर्न: 2.52 रुपये से शुरू हुआ सफरसर्वोटेक रिन्यूएबल पावर सिस्टम का शेयर इतिहास गवाह है कि इसने अपने दीर्घकालिक निवेशकों को मालामाल कर दिया है। 3 सितंबर 2021 को कंपनी के एक शेयर की कीमत महज 2.52 रुपये थी, जो 17 जुलाई 2026 को 102.50 रुपये के स्तर पर पहुंच गई है। इस तरह पिछले करीब 5 वर्षों में इस स्टॉक ने 3850% से अधिक का ऐतिहासिक रिटर्न दिया है। वहीं, पिछले 4 सालों के प्रदर्शन को देखें तो यह शेयर 6.65 रुपये से बढ़कर 102 रुपये के पार पहुंच गया है, जो 1400% से अधिक की भारी बढ़त को दर्शाता है। पिछले 6 महीनों के भीतर भी कंपनी के शेयर में 43% की अच्छी मजबूती दर्ज की गई है। इस शेयर का 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर 152.97 रुपये और न्यूनतम स्तर 57.51 रुपये है।दो बार शेयर स्प्लिट कर चुकी है कंपनी: निवेशकों को मिला है दोहरा फायदाअपने निवेशकों को बेहतर लिक्विडिटी और वैल्यू प्रदान करने के लिए सर्वोटेक रिन्यूएबल पावर सिस्टम ने साल 2023 के दौरान दो बार अपने शेयरों का विभाजन (Share Split) किया था। पहली बार फरवरी 2023 में कंपनी ने 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले अपने शेयरों को 2-2 रुपये की फेस वैल्यू के साथ 5 टुकड़ों में विभाजित किया था। इसके तुरंत बाद, जुलाई 2023 में कंपनी ने पुनः 2 रुपये की फेस वैल्यू वाले शेयरों को 1-1 रुपये की फेस वैल्यू वाले 2 शेयरों में स्प्लिट कर दिया था, जिससे निवेशकों के पास शेयरों की संख्या में बड़ी वृद्धि हुई थी।ईवी फास्ट चार्जर और लिथियम-ऑयन बैटरी बनाती है कंपनी: डायवर्सिफाइड है बिजनेससर्वोटेक रिन्यूएबल पावर सिस्टम देश में हाई-एफिशिएंसी वाले सोलर पैनल्स, ग्रिड-टाइड तथा हाइब्रिड इनवर्टर और सोलर चार्ज कंट्रोलर्स की प्रमुख निर्माता है। इसके अतिरिक्त, कंपनी इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेगमेंट में भी तेजी से पैर पसार रही है और 120 kW से लेकर 360 kW क्षमता की रेंज में प्रीमियम एसी (AC) और डीसी (DC) फास्ट चार्जर्स का निर्माण करती है। कंपनी कमर्शियल, रेजिडेंशियल और ई-रिक्शा के उपयोग के लिए एडवांस बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम्स और कस्टमाइज्ड लिथियम-ऑयन बैटरी पैक्स की मैन्युफैक्चरिंग भी बड़े पैमाने पर कर रही है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा ने गुरुवार को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक-2026 पास कर दिया। सरकार का दावा है कि ऐसा कानून बनाने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य होगा। सरकार का कहना है कि इससे कारोबार शुरू करना आसान होगा, निवेश बढ़ेगा और लालफीताशाही कम होगी। वहीं, कांग्रेस ने इसका विरोध करते हुए कहा कि बिल बिना पर्याप्त चर्चा के जल्दबाजी में लाया गया है। मंत्री लखनलाल देवांगन ने पेश किया वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने विधानसभा में छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक-2026 पेश किया। चर्चा के बाद कुछ संशोधनों के साथ इसे सदन ने मंजूरी दे दी। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि यह कानून आने वाले समय की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। उनका कहना था कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की वजह से भविष्य में सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में नौकरियां कम हो सकती हैं। ऐसे में निवेश बढ़ाकर नए उद्योग लगाने और रोजगार पैदा करने पर जोर देना जरूरी है। चंद्राकर ने कहा कि, यह कानून लालफीताशाही खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने सुझाव दिया कि नियम बनने के बाद सरकार अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और उद्योग जगत के लोगों के लिए एक बड़ा सेमिनार आयोजित करे। उन्होंने यह भी कहा कि समिति में मुख्य सचिव के पद के लिए 'कन्वीनर की जगह मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO)' या 'सचिव' शब्द इस्तेमाल किया जाए। सरकार ने यह सुझाव मान लिया। कांग्रेस ने बिल का विरोध किया वहीं कांग्रेस विधायक दलेश्वर साहू ने विधेयक का विरोध किया। उन्होंने कहा कि सरकार इसे बिना पर्याप्त चर्चा और सलाह-मशविरा किए लेकर आई है। उनका कहना था कि इससे कारोबार शुरू करने की प्रक्रिया में कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा और उद्यमियों को खास फायदा नहीं मिलेगा। बहस का जवाब देते हुए मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि सरकार अलग-अलग विभागों में छोटे-छोटे बदलाव करने के बजाय एक ऐसा कानून लाई है, जिससे सभी विभागों में एक साथ सुधार लागू किए जा सकें। इससे कारोबारियों का समय बचेगा और सरकारी कामकाज भी तेज होगा। उन्होंने कहा कि सरकार पूरे प्रदेश में सेमिनार आयोजित कर लोगों और उद्योग जगत को इस कानून की जानकारी देगी। साथ ही सेवाओं की सूची में बदलाव के लिए हर बार नया कानून लाने की जरूरत नहीं होगी। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली समिति जरूरत के अनुसार इसमें बदलाव कर सकेगी। सरकार का दावा है कि इस कानून के लागू होने के बाद छत्तीसगढ़ ऐसा कानून बनाने वाला देश का पहला राज्य होगा। कानून से क्या बदलेगा सरकार के मुताबिक, कारोबार शुरू करने और चलाने की प्रक्रिया पहले से आसान होगी। छोटे और कम जोखिम वाले कारोबारों को कम कागजी कार्रवाई करनी पड़ेगी। कई मामलों में सरकारी निरीक्षण की जगह सेल्फ सर्टिफिकेशन या किसी अधिकृत विशेषज्ञ का प्रमाणपत्र ही पर्याप्त होगा। बड़े उद्योगों को तय समय सीमा के भीतर मंजूरी नहीं मिलने पर डीम्ड अप्रूवल यानी स्वत: अनुमति मिलने का प्रावधान होगा। कारोबारियों को हर साल लाइसेंस या अनुमति का नवीनीकरण कराने की जरूरत भी कम होगी। इस कानून के तहत आठ विभागों की 43 सेवाओं को नई और आसान व्यवस्था के दायरे में लाया जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे प्रदेश के 15 लाख से ज्यादा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) को फायदा मिलेगा।
इस समय इनकम टैक्स रिटर्न (ITR - Income Tax Return) दाखिल करने का सीजन पूरे शबाब पर है और देश भर के लाखों नौकरीपेशा (Salaried) लोग अपना रिटर्न भर रहे हैं। टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि आईटीआर फाइल करना एक बेहद जिम्मेदारी भरा काम है, जिसमें की गई एक छोटी-सी लापरवाही भी आपके लिए बाद में बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकती है।अक्सर लोग अंतिम तारीखों की आपाधापी में गलत जानकारी दे देते हैं, अपनी किसी अतिरिक्त आय को छिपा लेते हैं या फिर दस्तावेजों का सही मिलान नहीं करते। ऐसा करने पर आयकर विभाग (Income Tax Department) की ओर से भारी-भरकम टैक्स नोटिस आ सकता है, साथ ही आपको अतिरिक्त टैक्स, भारी ब्याज और पेनल्टी (जुर्माना) भी भरनी पड़ सकती है। आइए टैक्स विशेषज्ञों के हवाले से समझते हैं उन 5 आम गलतियों के बारे में जिनसे आपको हर हाल में बचना चाहिए:1. सिर्फ Form-16 पर निर्भर रहने की भूल (The Form-16 Myth)ज्यादातर सैलरीड कर्मचारी यह सोचते हैं कि कंपनी से मिले Form-16 में उनकी टैक्स से जुड़ी सारी जानकारियां मौजूद हैं, इसलिए वे केवल इसी के आधार पर तुरंत आईटीआर फाइल कर देते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह सबसे आम और बड़ी गलतियों में से एक है।क्या करें: रिटर्न सबमिट करने से पहले अपने इनकम टैक्स पोर्टल से Annual Information Statement (AIS) और Form 26AS को डाउनलोड करके उसका मिलान जरूर करें।क्यों है जरूरी: कई बार बैंक से मिलने वाला ब्याज, शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड के ट्रांजैक्शन और आपका कटा हुआ टीडीएस (TDS) इन फॉर्म्स में दर्ज होता है, जो आपके Form-16 में शामिल नहीं हो पाता।2. कमाई के अन्य स्रोतों (Extra Income) को छिपानाआईटीआर भरते समय केवल अपनी मुख्य सैलरी (वेतन) की जानकारी देना काफी नहीं है। आयकर विभाग के पास आपके हर बड़े वित्तीय लेनदेन का पूरा डेटा होता है। रिटर्न दाखिल करते समय नीचे दी गई आय को भी अनिवार्य रूप से शामिल करें:बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और सेविंग अकाउंट से मिलने वाला सालाना ब्याज।शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड्स को बेचने से हुआ कैपिटल गेन (Capital Gain)।मकान या दुकान से आने वाली किराये की आय (Rental Income)।पार्ट-टाइम काम, कंसल्टेंसी या फ्रीलांसिंग के जरिए हुई कमाई।याद रखें, किसी भी वैध आय को छिपाने का सीधा मतलब है टैक्स चोरी की श्रेणी में आना, जिस पर विभाग तुरंत एक्शन लेता है।3. बिना सोचे-समझे गलत टैक्स रिजीम चुननाआज के समय में टैक्सपेयर्स के पास दो विकल्प मौजूद हैं— पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime) और नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime)।तुलना है जरूरी: कई कर्मचारी बिना अपनी कटौतियों और निवेश की गणना किए ही किसी भी एक रिजीम का चुनाव कर लेते हैं। इससे वे टैक्स छूट का लाभ लेने से चूक जाते हैं और उन्हें ज्यादा टैक्स चुकाना पड़ता है।एक्सपर्ट टिप: आईटीआर फॉर्म सबमिट करने से पहले टैक्स कैलकुलेटर के जरिए दोनों व्यवस्थाओं में अपनी टैक्स देनदारी (Tax Liability) की तुलना जरूर कर लें।4. बिना सबूतों के झूठी कटौतियों (Deductions) का दावा करनाकुछ लोग अपने टैक्स को गैर-कानूनी तरीके से बचाने के लिए बिना किसी निवेश के भी मनगढ़ंत कटौतियों का क्लेम कर देते हैं।दस्तावेज होना अनिवार्य: धारा 80C (PPF, LIC, ट्यूशन फीस), धारा 80D (मेडिक्लेम), या होम लोन के ब्याज पर छूट का दावा केवल तभी करें, जब आपके पास उसके वैध और पक्के प्रमाण (Receipts) मौजूद हों।अस्वीकार होने का खतरा: यदि स्क्रूटनी के दौरान आपके पास कोई वैध दस्तावेज नहीं मिलता, तो विभाग आपके दावों को खारिज कर देगा और आपको पेनल्टी व ब्याज सहित टैक्स चुकाना होगा।5. गलत बैंक डिटेल भरना और ई-वेरिफिकेशन (E-Verification) भूल जानारिफंड अटकने का डर: आईटीआर भरते समय अपने एक्टिव बैंक खाते का नंबर और IFSC कोड बेहद सावधानी से दर्ज करें। यदि बैंक डिटेल्स में एक भी अंक गलत हुआ, तो आपका टैक्स रिफंड (Tax Refund) अधर में लटक सकता है। साथ ही अपने खाते का 'प्री-वैलिडेट' होना भी सुनिश्चित करें।ई-वेरिफिकेशन है सबसे जरूरी: कई लोग समझते हैं कि आईटीआर फॉर्म सबमिट होते ही काम पूरा हो गया। लेकिन नियम के अनुसार, रिटर्न दाखिल करने के बाद तय समय सीमा (प्रचलित नियमों के तहत 30 दिन) के भीतर उसका ई-वेरिफिकेशन (E-Verification) करना अनिवार्य है। यदि आप इसे सत्यापित नहीं करते हैं, तो आपके आईटीआर को अमान्य (Invalid) मान लिया जाएगा।
अपने जीवनभर की गाढ़ी कमाई को सुरक्षित रखने और उस पर एक तय व नियमित आय (Regular Income) पाने के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) आज भी देश के बुजुर्गों और वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) के बीच सबसे भरोसेमंद विकल्प बना हुआ है। शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव से दूर, जो लोग जोखिम मुक्त निवेश (Risk-Free Investment) की तलाश में हैं, उनके लिए यह समय बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है।जुलाई 2026 में देश के कई प्रमुख बैंक वरिष्ठ नागरिकों को 8.50% तक की उच्चतम ब्याज दर (Interest Rate) की पेशकश कर रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि इस लिस्ट में सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाले बैंकों में स्मॉल फाइनेंस बैंक (Small Finance Banks) सबसे आगे चल रहे हैं, जबकि देश के कई बड़े प्राइवेट (निजी) बैंक भी 7.75% से लेकर 8.00% तक का शानदार रिटर्न दे रहे हैं। आइए जानते हैं किस बैंक में मिल रहा है कितना ब्याज और निवेश करते समय आपको किन बातों का ख्याल रखना चाहिए:स्मॉल फाइनेंस बैंकों में मिल रहा है सबसे ज्यादा ब्याज (8.50% तक)यदि आप अपनी जमा राशि पर अधिकतम मुनाफा कमाना चाहते हैं, तो इस समय स्मॉल फाइनेंस बैंक वरिष्ठ नागरिकों के लिए सबसे बेस्ट रिटर्न दे रहे हैं:इक्विटास और शिवालिक स्मॉल फाइनेंस बैंक: ये दोनों बैंक इस समय सीनियर सिटीजंस को उनकी एफडी पर 8.50% तक का सालाना ब्याज ऑफर कर रहे हैं।जन और उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक: यहाँ वरिष्ठ नागरिकों को अधिकतम 8.30% तक की ब्याज दर मिल रही है।ESAF और सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक: इन दोनों बैंकों में जमा राशि पर अधिकतम 8.25% तक का रिटर्न उपलब्ध है।निजी (प्राइवेट) बैंकों की ब्याज दरें भी हैं आकर्षक (7.75% से 8.00%)जो निवेशक निजी बैंकों के नेटवर्क और उनकी सेवाओं को प्राथमिकता देते हैं, उनके लिए भी कई बैंकों ने अपनी दरें बेहद मजबूत रखी हैं:निजी बैंक का नाम (Private Banks)वरिष्ठ नागरिकों के लिए अधिकतम ब्याज दरDCB बैंक (DCB Bank)8.00%बंधन बैंक (Bandhan Bank)7.95%जम्मू एंड कश्मीर बैंक (J&K Bank)7.80%SBM बैंक इंडिया (SBM Bank India)7.80%इंडसइंड बैंक (IndusInd Bank)7.75%यस बैंक (Yes Bank)7.75%ध्यान दें: ये सभी ब्याज दरें एक निश्चित समयावधि (Tenure) की एफडी के लिए लागू हैं। अलग-अलग अवधि (जैसे 1 वर्ष, 2 वर्ष या 5 वर्ष) के लिए दरों में बदलाव हो सकता है, इसलिए निवेश से पहले बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट पर लेटेस्ट दरों को जरूर क्रॉस-चेक कर लें।सुरक्षा का पक्का इंतजाम: क्या है ₹5 लाख का DICGC इंश्योरेंस नियम?अक्सर स्मॉल फाइनेंस या छोटे निजी बैंकों में पैसा लगाने से पहले निवेशकों के मन में सुरक्षा को लेकर थोड़ा डर रहता है। ऐसे में आपको डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) के नियम को समझना बेहद जरूरी है:₹5 लाख तक का सरकारी कवर: आरबीआई (RBI) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक संस्था DICGC के नियमों के तहत, भारत के प्रत्येक शेड्यूल्ड बैंक में हर एक ग्राहक की ₹5 लाख तक की जमा राशि (मूलधन + ब्याज मिलाकर) पूरी तरह से बीमित (Insured) और सुरक्षित रहती है। किसी भी विषम परिस्थिति में बैंक के डूबने या दिवालिया होने पर सरकार यह राशि ग्राहक को लौटाने की गारंटी देती है।जोखिम कम करने की एक्सपर्ट ट्रिक (Multi-Bank Strategy):यदि आपके पास निवेश करने के लिए ₹15 या ₹20 लाख जैसी बड़ी रकम है, तो उसे किसी एक ही बैंक में फिक्स करने के बजाय ₹5-5 लाख के टुकड़ों में अलग-अलग 3 से 4 बैंकों में निवेश करें। ऐसा करने से आपकी पूरी की पूरी रकम 100% सरकारी बीमा कवर के दायरे में सुरक्षित रहेगी और आपको ऊंचे ब्याज का पूरा फायदा भी मिल जाएगा।FD में निवेश करने से पहले इन 4 बातों का हमेशा रखें ध्यानबैंकिंग और टैक्स एक्सपर्ट्स के अनुसार, केवल ऊंचे ब्याज के लालच में आकर जल्दबाजी में फैसला न लें। निवेश करने से पहले इन बातों की समीक्षा अवश्य करें:प्री-मैच्योर विड्रॉल पेनल्टी (Premature Penalty): यदि आपको अवधि पूरी होने से पहले अचानक पैसों की जरूरत पड़ जाए और आप एफडी तोड़ते हैं, तो बैंक आपसे कितना जुर्माना (Penल्टी) वसूल करेगा, इसकी जानकारी पहले ही ले लें।नियमित आय का विकल्प (Payout Options): यदि आपको घर खर्च चलाने के लिए हर महीने या हर तिमाही (Quarterly) निश्चित पैसों की जरूरत है, तो एफडी फॉर्म भरते समय 'मंथली या क्वार्टरली पेआउट' का विकल्प ही चुनें।विश्वसनीयता और ट्रैक रिकॉर्ड: बैंक का चुनाव करते समय उसकी वित्तीय स्थिति, मार्केट में उसकी साख और ग्राहकों के प्रति उसके पुराने ट्रैक रिकॉर्ड को जरूर देखें।टैक्स लायबिलिटी (TDS): याद रखें कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक वित्तीय वर्ष में एफडी से होने वाली ₹50,000 तक की ब्याज आय टैक्स-फ्री होती है। इससे अधिक आय होने पर बैंक टीडीएस (TDS) काटता है। टीडीएस से बचने के लिए समय पर Form 15H जमा करना न भूलें।निश्चित और सुरक्षित रिटर्न चाहने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए मौजूदा ब्याज दरों का यह दौर लंबी अवधि (Long Term) के लिए पैसा लॉक करने का एक बेहतरीन और सुनहरा अवसर माना जा सकता है।
साइबर अपराधियों ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा निवासी दो अलग-अलग लोगों से निवेश के बहाने 76 लाख रुपये की ठगी कर ली। डबल मुनाफे का झांसा देकर दोनों पीड़ितों से रुपये खाते में ट्रांसफर करा लिए गए। वे लोग रकम निकालने की कोशिश किए तो पैसा होल्ड कर दिया गया। पीडितों ने एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी, मामले में साइबर थाना पुलिस को केस ट्रांसफर किया गया है। केस-1सेक्टर-89 निवासी 60 साल के व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि वह प्राइवेट कंपनी से रिटायर्ड कर्मचारी हैं। साल 2023 में मार्वेलस माइनिंग कंपनी के बारे में गूगल से जानकारी हासिल की। कंपनी कर्मचारी ने इंदौर में हेडऑफिस होने की बात कही। ठगों ने पीड़ित को डबल मुनाफे का झांसा देकर साल 2024 अक्टूबर महीने तक 46 लाख रुपये निवेश करा दिए। कंपनी की ओर से उन्हें पोस्ट डेटेड चेक और नोटरीकृत स्टांप पेपर पर एग्रीमेंट भी दिया। फरवरी 2025 से कंपनी ने मासिक रिटर्न देना बंद कर दिया। साथ ही मूलधन भी नहीं लौटा रही है। पीड़ित ने कंपनी संचालक अमोल इनामदार से संपर्क करने की कोशिश की तो उनसे बातचीत नहीं हो पाई। केस-2ग्रेटर नोएडा वेस्ट के एसकेए ग्रीनआर्च निवासी 43 वर्षीय व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि वह प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं। उन्हें कुछ समय पहले एक अनजान नंबर से ठग ने वॉट्सऐप पर बातचीत की। इसके बाद पीड़ित को आरएनबी डेनीम और आरएमड्रीप वॉट्सऐप ग्रुप में शामिल कर लिया गया। शेयर बाजार में निवेश के बदले डबल मुनाफे की बात कही गई। झांसे में आने के बाद पीड़ित ने 30 लाख रुपये निवेश कर दिए।
मध्यप्रदेश को नई दिल्ली में आयोजित दो प्रमुख निवेश आयोजनों से ₹20,193 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इन प्रस्तावों के जरिए प्रदेश में 27,592 लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना जताई गई है। निवेश प्रस्ताव टेक्सटाइल, रक्षा, डेटा सेंटर, ट्रांसफॉर्मर निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा, इंजीनियरिंग और खिलौना उद्योग जैसे क्षेत्रों से जुड़े हैं। इस दौरान सीएम मोहन यादव ने निवेशकों को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का न्योता दिया, बोले- अनुकूल नीतियों से औद्योगिक विकास को गति मिलेगी। निवेश से औद्योगिक विकास को गति मिलेगी : सीएम भारत मंडपम में आयोजित भारत टेक्स-2026 के दौरान मप्र को टेक्सटाइल क्षेत्र में ₹1,592 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले। इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों के लिए ₹18,601 करोड़ के प्रस्ताव प्राप्त हुए। इस दौरान एमपीआईडीसी ने निर्यात संवर्धन, ई-कॉमर्स, वैश्विक व्यापार, एमएसएमई व औद्योगिक सहयोग से जुड़े 7 एमओयू पर हस्ताक्षर किए। सिटाक रे का डेटा सेंटर : ब्रह्मास्त्र एक्सप्लोसिव का रक्षा क्षेत्र में ₹5,030 करोड़, सिटाक रे का डेटा सेंटर में ₹5,000 करोड़, सनब्रिज का ₹3,300 करोड़ और सीमेंस एनर्जी का ट्रांसफॉर्मर निर्माण में 2,060 करोड़ का निवेश शामिल है।
साइबर ठगों के खिलाफ कार्रवाई:सोशल मीडिया पर ट्रेडिंग निवेश के नाम पर 50 करोड़ ठगे, 2 गिरफ्तार
साइबर ठगों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने 50 करोड़ रुपए से अधिक की ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए फर्जी कंपनी के दो डायरेक्टरों को गिरफ्तार किया है। डीजीपी राजीव शर्मा ने बताया कि फरीदाबाद से पकड़े गए आरोपी देवेंद्र शर्मा और निखिल लुथरा दिल्ली के नजफगढ़ के रहने वाले हैं। दोनों ने टेरापल्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से कंपनी बना रखी थी। इस संबंध में शहर के एक डॉक्टर ने जनवरी, 2025 में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि ‘विकासा कैपिटल’ नामक फर्जी निवेश पोर्टल के जरिए शेयर बाजार में भारी मुनाफे का लालच देकर उनसे 61.77 लाख रुपए की ठगी की। आरोपियों ने पहले सोशल मीडिया से फर्जी लिंक भेजकर एप डाउनलोड कराया और फिर निवेश के नाम पर रकम हड़प ली। जांच में आया कि गिरोह दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र से संचालित हो रहा था। आरोपी आईडीएफसी बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक में कंपनी के नाम से चालू खाते खोलकर ठगी की रकम जमा कराते और तुरंत दूसरे खातों में ट्रांसफर कर देते थे। इन खातों के खिलाफ देशभर में करीब 25 करोड़ रुपए की ठगी से जुड़े 40 शिकायतें और एक दर्जन मामले पहले से दर्ज हैं। साइबर क्राइम पोर्टल पर 250 से अधिक शिकायतें दर्ज मिली। गिरोह के खिलाफ अलग-अलग राज्यों में 50 से ज्यादा केस दर्ज है। साइबर क्राइम थाने के डिप्टी एसपी गजेंद्र शर्मा के नेतृत्व में गठित टीम जांच कर रही है। इधर, जयपुर कमिश्नरेट में सीएसटी ने एक दिन पहले शहर में संचालित ठगी के 3 कॉल सेंटर पर छापे मारकर 22 आरोपियों को पकड़ा था, जो फर्जी वीजा अप्लाई सेंटर चलाकर ऑनलाइन विज्ञापनों के लोगों को विदेश भेजने और जॉब दिलाने का झांसा देकर ठगी कर रहे थे। आरोपियों से मिले उपकरण और बैंक खातों की जांच की जा रही है।
छत्तीसगढ़ में निवेशकों को बड़ी राहत, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस कानून पास
उद्योग और उद्यमिता को बढ़ावा देते हुए छत्तीसगढ़ विधानसभा ने छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम, 2026 पारित कर दिया है। यह एक ट्रस्ट बेस्ड और रिस्क बेस्ड बिजनेस परमिशन सिस्टम है। विधेयक ध्वनि मत से पारित हो गया।
मध्य प्रदेश में निवेशकों को आमंत्रित करने का प्रयास जारी है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नई दिल्ली में निवेशकों से संवाद किया, राज्य में उपलब्ध सुविधाओं का जिक्र किया, साथ ही बताया कि राज्य में सबसे सस्ती बिजली उपलब्ध है।
दिल्ली में आयोजित 'भारत टेक्स-2026' और 'इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश' में एमपी को रोजगार की दिशा में बड़ा आश्वासन मिला है। इन दोनों बड़े आयोजनों के माध्यम से मप्र को कुल ₹20,193 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इससे प्रदेश में लगभग 27,592 लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि मध्यप्रदेश देश के अग्रणी निवेश गंतव्यों में अपनी स्थिति को और मजबूत करते हुए 'विकसित भारत-2047' के लक्ष्य में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देगा। निवेशकों को मुख्यमंत्री की 10 गारंटियां और GIS-2027 का आमंत्रण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई दिल्ली के होटल द लीला पैलेस में देश-विदेश के उद्योगपतियों और वैश्विक ब्रांड प्रतिनिधियों को संबोधित किया। उन्होंने मध्यप्रदेश को देश का उभरता हुआ औद्योगिक एवं टेक्सटाइल हब बताते हुए कहा कि राज्य निवेशकों के लिए नीति, नीयत, प्रतिभा, प्रवृत्ति, सुविधा, सामर्थ्य, ऊर्जा, उत्साह, सेवा और सुरक्षा की 10 गारंटियां लेकर आया है। मुख्यमंत्री ने सभी निवेशकों को जनवरी 2027 में आयोजित होने वाली 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट' (GIS-2027) में भाग लेने का विशेष आमंत्रण दिया और उन्हें अनुकूल नीतियों तथा त्वरित प्रशासनिक सहयोग का भरोसा दिलाया। भारत टेक्स-2026: वस्त्र और परिधान क्षेत्र में ₹1,592 करोड़ का निवेश भारत मंडपम में आयोजित टेक्सटाइल राउंडटेबल के दौरान मध्यप्रदेश के वस्त्र उद्योग को एक नई दिशा मिली। इस सत्र में प्रदेश के वस्त्र एवं परिधान उद्योग, पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क, तकनीकी वस्त्र, कौशल विकास और निर्यात संवर्धन पर गहन मंथन हुआ। इस विशेष आयोजन के माध्यम से प्रदेश को वस्त्र क्षेत्र में ₹1,592 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे कपड़ा उद्योग के क्षेत्र में लगभग 15,700 रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। रक्षा, डेटा सेंटर और भारी उद्योगों में ₹18,601 करोड़ का निवेश दिल्ली निवेश संवाद में अत्याधुनिक और रणनीतिक क्षेत्रों में भारी निवेश के प्रस्ताव आए हैं। रक्षा, डेटा सेंटर, ट्रांसफॉर्मर निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा, इंजीनियरिंग, ऑप्टिकल उत्पाद और खिलौना उद्योग जैसे विभिन्न क्षेत्रों में राज्य को ₹18,601 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले। इस निवेश से लगभग 11,892 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। इसमें ब्रह्मास्त्र एक्सप्लोसिव, सीमेंस एनर्जी, सिटाक रे, सनब्रिज डिफेन्स, हिमाचल फ्यूचरिस्टिक कम्युनिकेशंस और वीरा इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी प्रमुख कंपनियों ने अपने प्रस्ताव दिए हैं। कई देशों के प्रतिनिधियों से वन-टू-वन बैठक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापार विस्तार के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न देशों के मंत्रियों और राजनयिकों के साथ वन-टू-वन बैठकें कीं। श्रीलंका के उद्योग मंत्री सुनील हंदुन्नेत्ती और ब्राजील के राजदूत केनेथ फेलिक्स के साथ कृषि, जैव ईंधन, खनन और एयरोस्पेस पर सार्थक चर्चा हुई। वहीं रूसी वित्तीय प्रतिनिधिमंडल, इटली और फ्रांस के प्रतिनिधियों के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल इनोवेशन, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, खाद्य प्रसंस्करण और औद्योगिक डीकार्बोनाइजेशन जैसे भविष्य के क्षेत्रों में मिलकर काम करने पर सहमति बनी। वैश्विक व्यापार और निर्यात बढ़ाने के लिए सात महत्वपूर्ण एमओयू मप्र में व्यापारिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए एमपीआईडीसी (MPIDC) ने सात महत्वपूर्ण समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन्स (FIEO) और एसोचैम के साथ औद्योगिक सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी, जबकि अमेज़न ग्लोबल सेलिंग के साथ हुए समझौते से प्रदेश के छोटे उद्योगों (MSME) और शिल्पकारों को ई-कॉमर्स के माध्यम से वैश्विक बाजार मिलेगा। इसके अलावा विभिन्न अपैरल और टेक्सटाइल एक्सपोर्ट काउंसिल्स के साथ मिलकर वस्त्र निर्यात को बढ़ावा देने और बायर-सेलर मीट आयोजित करने पर भी समझौता हुआ। उद्योगों के विकास के लिए तैयार है मध्यप्रदेश का मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा राज्य की मजबूत नीतियों और बुनियादी ढांचे का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। निवेशकों को बताया गया कि मध्यप्रदेश में वर्तमान में 5 लाख किलोमीटर से अधिक का सड़क नेटवर्क, 8 क्रियाशील एयरपोर्ट, 6 अंतर्देशीय कंटेनर डिपो और उद्योगों के लिए सवा लाख एकड़ से अधिक का बड़ा लैंड बैंक उपलब्ध है। इसके साथ ही पर्याप्त बिजली-पानी की उपलब्धता, नए फूड पार्क, आईटी पार्क और मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स सुविधाओं का विस्तार राज्य को निवेश के लिए सबसे उत्तम स्थान बनाता है।
जयपुर के डॉक्टर से 62 लाख रुपए की ठगी करने वाले गिरोह का साइबर क्राइम पुलिस ने खुलासा किया है और 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने शेयर मार्केट और IPO में निवेश के नाम पर मोटे मुनाफे का लालच देकर रुपए ठगे थे। गिरोह ने फर्जी कंपनी बनाकर देशभर में 50 करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी की और उस रकम को दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर कर लिया। गिरफ्तार आरोपी देवेंद्र शर्मा और निखिल लूथरा टेरापल्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर हैं और मूल रूप से दिल्ली के नजफगढ़ के रहने वाले हैं। जांच में सामने आया कि कंपनी के नाम पर वॉट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप के जरिए लोगों को निवेश के लिए फंसाते थे। देशभर में इस नेटवर्क के खिलाफ 250 से अधिक शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। जयपुर के डॉक्टर से की थी 61.77 लाख की ठगी ADG साइबर क्राइम वीके सिंह ने बताया- जयपुर निवासी डॉ. निखिल मेहता ने 23 जनवरी 2025 को साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि 'विकासा कैपिटल' नाम के फर्जी निवेश पोर्टल के जरिए IPO और अमेरिकी-भारतीय शेयर बाजार में निवेश पर भारी मुनाफे का लालच दिया गया। आरोपियों ने वॉट्सएप और टेलीग्राम के जरिए से फर्जी लिंक भेजकर मोबाइल में नकली एप इंस्टॉल करवाई। आरोपियों ने शुरुआत में मामूली मुनाफा दिखाकर भरोसा जीता। इसके बाद विभिन्न निवेश योजनाओं के नाम पर 61.77 लाख रुपए अलग-अलग फर्मों के खातों में जमा करा लिए। जब उसने रकम निकालने की कोशिश की तो विदेशी नियामक संस्था द्वारा खाता ब्लॉक होने का झूठा संदेश दिखाकर निकासी रोक दी गई। साइबर ठगी के लिए किया जाता था कंपनी का यूज ADG साइबर क्राइम वीके सिंह ने बताया- पूछताछ में आरोपियों ने कबूला कि उनकी कंपनी का इस्तेमाल साइबर ठगी से मिले रुपयों को विभिन्न खातों में ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था। जांच में सामने आया कि आरोपियों से जुड़े बैंक खातों को लेकर अब तक करीब 50 करोड़ रुपए की 40 शिकायतें और 10 से ज्यादा आपराधिक मामले विभिन्न राज्यों में दर्ज है। वहीं, साइबर क्राइम पोर्टल पर इस गिरोह के खिलाफ 250 से ज्यादा शिकायतें और देशभर में 50 से ज्यादा FIR दर्ज है। पुलिस का अनुमान है कि ठगी की वास्तविक रकम इससे कहीं ज्यादा हो सकती है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी वीके सिंह ने बताया- साइबर क्राइम थाना पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल सबूतों का विश्लेषण कर रही है। जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी की जाएगी।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित भारत टेक्स-2026 में सम्मिलित हुए। उन्होंने यहां देश-विदेश के प्रमुख टेक्सटाइल निवेशकों, उद्योग प्रतिनिधियों और वैश्विक ब्रांड्स के साथ राउंड टेबल बैठक की। ...
Stock Market : मामूली बढ़त में रहा Sensex, मुनाफावसूली से टूटा Nifty, उतार-चढ़ाव भरा कारोबार
Share Market Update News : वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में जारी उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को भारी उतार-चढ़ाव के बाद लगभग सपाट स्तर पर बंद हुए। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स मात्र 1.44 अंक की ...
महादेव सट्टा ऐप और स्काई एक्सचेंज बेटिंग ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रायपुर की PMLA स्पेशल कोर्ट ने बुधवार को EBIX के चेयरमैन विकास गर्ग को 24 जुलाई तक 10 दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया। ईडी का आरोप है कि सट्टे से कमाए गए पैसे को पहले कई शेल (फर्जी) कंपनियों और विदेशी निवेश के जरिए घुमाया गया। इसके लिए Foreign Portfolio Investment (FPI), Foreign Direct Investment (FDI) जैसे निवेश माध्यमों का इस्तेमाल किया गया। इसी पैसे को लिस्टेड कंपनियों में लगाया गया। 1,175 करोड़ रुपए में अमेरिका की सॉफ्टवेयर कंपनी EBIX Inc खरीदी गई। अवैध पैसों को दुबई, मॉरीशस और अमेरिका के रास्ते घुमाया गया। दिल्ली से गिरफ्तार कर रायपुर लाया गया ईडी की रायपुर जोनल ऑफिस की टीम ने मंगलवार को विकास गर्ग को नई दिल्ली से गिरफ्तार किया था। इसके बाद दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट से 24 घंटे की ट्रांजिट रिमांड लेकर उसे रायपुर लाया गया। बुधवार को विशेष पीएमएलए कोर्ट में पेश करने के बाद अदालत ने 24 जुलाई तक ईडी रिमांड मंजूर कर दी। पहले सट्टे और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच, फिर सामने आया नया नेटवर्क प्रवर्तन निदेशालय के वकील सौरभ पांडेय ने बताया कि, शुरुआती जांच महादेव ऐप के जरिए सट्टे से हुई कमाई और उसकी मनी लॉन्ड्रिंग तक सीमित थी। लेकिन जांच आगे बढ़ने पर पता चला कि इस रकम को अलग-अलग जगह निवेश किया गया। इसी दौरान स्काई एक्सचेंज नाम के नेटवर्क की जानकारी मिली, जिसके जरिए महादेव ऐप का पैसा कई निवेश माध्यमों में लगाया जा रहा था। पान्डेय ने बताया कि जांच में सामने आया कि विकास गर्ग ने हरीशंकर टिबरेवाल से जुड़े नेटवर्क के माध्यम से महादेव ऐप से कमाए गए पैसे को भारतीय अर्थव्यवस्था में शामिल किया। दुबई, मॉरीशस, अमेरिका और ब्रिटेन में बनाई कंपनियां ED एडवोकेट सौरभ पान्डेय ने बताया कि अवैध धन को FDI, पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट, सिक्योर इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टमेंट और बॉन्ड्स के जरिए खपाया गया। इसके लिए विकास गर्ग ने दुबई, मॉरीशस, अमेरिका और ब्रिटेन में कई कंपनियां रजिस्टर कराईं और उन्हीं के माध्यम से निवेश किया। हरीशंकर टिंबरेवाल का करीबी बताया ईडी के अनुसार, विकास गर्ग को स्काई एक्सचेंज के कथित संचालक हरीशंकर टिंबरेवाल का करीबी सहयोगी बताया गया है। ईडी की पूछताछ के दौरान विकास गर्ग ने स्वीकार किया कि टिंबरेवाल के नियंत्रण वाली विदेशी कंपनियों ने करीब 765.77 करोड़ रुपए गर्ग से जुड़ी कंपनियों में ट्रांसफर किए थे। यह पैसा कई विदेशी कंपनियों के जरिए घुमाकर भारत लाया गया और बाद में वैध कारोबारी निवेश के रूप में दिखाया गया। EBIX खरीदने में लगाया गया सट्टे का पैसा ईडी का आरोप है कि, इस पूरी मनी लॉन्ड्रिंग का सबसे बड़ा इस्तेमाल अमेरिकी सॉफ्टवेयर कंपनी EBIX Inc. को खरीदने में किया गया। जांच एजेंसी के अनुसार, विकास गर्ग की कंपनी Eraaya Lifespaces Ltd. ने अमेरिका की दिवालिया अदालत (Bankruptcy Court) की प्रक्रिया के जरिए अगस्त 2024 में करीब 1,175 करोड़ रुपए में EBIX Inc. की 97.5% हिस्सेदारी खरीदी। EBIX खरीदने के लिए पैसा कहां से आया? ईडी के मुताबिक विकास गर्ग ने पूछताछ में बताया कि EBIX खरीदने के लिए कई स्रोतों से रकम जुटाई गई। 300 करोड़ रुपए Vikas Lifecare Ltd. से करीब 250 करोड़ रुपए Qualified Institutional Placement से करीब 665 करोड़ रुपए Foreign Currency Convertible Bonds (FCCBs) के जरिए विदेशी निवेशकों से जुटाए। ईडी का आरोप है कि FCCBs के जरिए जुटाए गए पूरे 665 करोड़ रुपए वास्तव में हरीशंकर टिंबरेवाल ने विदेशी कंपनियों के जरिए भेजे थे। एजेंसी का कहना है कि इसी रकम का बड़ा हिस्सा बाद में EBIX खरीदने में इस्तेमाल किया गया। बैंक रिकॉर्ड में क्या मिला? ED जांच में बैंक रिकॉर्ड से पता चला कि अगस्त 2024 में Eraaya Lifespaces के QIP एस्क्रो खाते में 248.50 करोड़ रुपए विदेशी निवेशकों से आए। बाद में यह रकम कंपनी के मुख्य खाते में ट्रांसफर कर EBIX अधिग्रहण में इस्तेमाल की गई। इसके अलावा जून और जुलाई 2024 के दौरान Vikas Lifecare Ltd. से 292.41 करोड़ रुपए EBIX को भेजे गए। कंपनी के वित्तीय रिकॉर्ड में इन्हें लोन, एडवांस और निवेश के रूप में दर्ज किया गया। 940.77 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच 10 जुलाई को ED ने प्रेस नोट जारी कर संपत्ति अचैटमेंट की जानकारी दी है। ईडी ने डिजिटल साक्ष्य, बैंक रिकॉर्ड और पीएमएलए की धारा-50 के तहत दर्ज बयानों के आधार पर 765.77 करोड़ रुपए को अपराध से अर्जित धन (Proceeds of Crime) माना है। EBIX में Eraaya Lifespaces की 893.03 करोड़ रुपए की हिस्सेदारी 47.74 करोड़ रुपए की अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच कर दी हैं। कुल अटैचमेंट 940.77 करोड़ रुपए का है। ईडी का कहना है कि यह पूरा नेटवर्क ऑनलाइन सट्टे से कमाए गए अवैध धन को बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियों और विदेशी निवेश के जरिए वैध बनाने के लिए तैयार किया गया था। एजेंसी अब विकास गर्ग से पूछताछ कर इस पूरे मनी ट्रेल, विदेशी निवेश और अन्य आरोपियों की भूमिका की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। बयानों में विरोधाभास, इसलिए हुई गिरफ्तारी ईडी के अनुसार, विकास गर्ग को कई बार धारा 50 के तहत नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया गया। कई बार वे पेश हुए, कई बार नहीं आए। पूछताछ के दौरान उनके अलग-अलग बयानों में विरोधाभास मिला और नए साक्ष्य भी सामने आए। इन्हीं तथ्यों के आधार पर आगे की पूछताछ आवश्यक मानते हुए दिल्ली में उन्हें गिरफ्तार किया गया। सुनील भंडारी और अमित सारोगी के बयान भी बने सबूत ईडी ने अपने केस में कारोबारी सुनील भंडारी और कोलकाता के एंट्री ऑपरेटर अमित सारोगी के बयानों का भी हवाला दिया है। एजेंसी के मुताबिक, सुनील भंडारी ने पूछताछ में बताया कि वह कमीशन लेकर FPI, Preferential Allotment और अन्य निवेश माध्यमों के जरिए सूचीबद्ध कंपनियों में पैसा लगवाता था। ईडी का आरोप है कि विकास गर्ग और हरीशंकर टिंबरेवाल मिलकर शेल कंपनियों और विदेशी निवेश के जरिए सट्टे का पैसा शेयर बाजार में लगाते थे। कौन है विकास गर्ग विकास गर्ग सिर्फ EBIX के चेयरमैन ही नहीं, बल्कि एक राजनीतिक परिवार से भी संबंध रखते हैं। वह दिल्ली भाजपा के वरिष्ठ नेता और त्रिनगर से तीन बार विधायक रहे पूर्व विधायक डॉ. नंद किशोर गर्ग के बेटे हैं। विकास गर्ग को अगस्त 2024 में दिल्ली भाजपा के आर्थिक प्रकोष्ठ का संयोजक बनाया गया था। भाजपा के बड़े लीडर्स के साथ उनके फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे है। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस भी भाजपा पर हमलावर है। .,………………………. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… भूपेश बोले- महादेव ऐप भाजपा का 'सट्टा विंग': 450 करोड़ महीने की कमाई, बंदरबांट पर विवाद हुआ, इसलिए 'टॉप बॉस' ने विकास को अरेस्ट करवाया महादेव ऑनलाइन सट्टा केस में आरोपी कारोबारी विकास गर्ग को रायपुर कोर्ट में पेश किया गया। 14 जुलाई को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दिल्ली से उसे गिरफ्तार किया था। दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने विकास गर्ग को 24 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर ED को सौंपा। स्पेशल कोर्ट ने विकास को 10 दिन की कस्टोडियल रिमांड पर भेजा है। पढ़ें पूरी खबर…
ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राजा सूर्य की राशि 'सिंह' में आज (16 जुलाई 2026) एक बेहद महत्वपूर्ण और प्रभावकारी खगोलीय घटना होने जा रही है। धन, वैभव, ऐश्वर्य, सौंदर्य और प्रेम के कारक ग्रह शुक्र (Venus) आज सिंह राशि में गोचर करने जा रहे हैं। सिंह राशि में पहले से ही छाया ग्रह केतु (Ketu) विराजमान हैं, जो जातक को अध्यात्म और अकेलापन देते हैं।सूर्य की राशि में शुक्र और केतु का यह मिलन ज्योतिषीय दृष्टिकोण से बेहद खास है। जब भी सुख-सुविधाओं के स्वामी शुक्र का संयोग रहस्यमयी केतु से होता है, तो देश-दुनिया समेत सभी 12 राशियों के जीवन में बड़े बदलाव आते हैं। हालांकि, आज होने वाले इस महागोचर से 3 विशेष राशियों की बंद किस्मत के ताले खुलने वाले हैं और उन्हें बम्पर धन लाभ होने जा रहा है। आइए जानते हैं इन भाग्यशाली राशियों के बारे में:शुक्र-केतु की युति से इन 3 राशियों की चमकेगी किस्मत1. वृषभ राशि (Taurus) – आय के बनेंगे नए स्रोतवृषभ राशि के जातकों के लिए शुक्र और केतु का एक साथ आना जीवन में सकारात्मक बदलावों की झड़ी लगा देगा।आर्थिक लाभ: आपकी आमदनी (Income) के नए-नए साधन विकसित होंगे और धन आगमन के रास्ते में आ रही रुकावटें स्वतः दूर होती चली जाएंगी। व्यापार या नौकरी में किसी भी प्रकार की बड़ी परेशानी सामने नहीं आएगी।पारिवारिक जीवन: यह समय आपके लिए हर लिहाज से उत्तम है। आपकी पर्सनल लाइफ शानदार रहेगी और मुश्किल घड़ी में जीवनसाथी (Partner) का पूरा भावनात्मक व आर्थिक सहयोग प्राप्त होगा।2. तुला राशि (Libra) – अचानक होगा बड़ा धन लाभतुला राशि के जातकों के लिए सिंह राशि में बन रही यह युति बेहद कल्याणकारी और फलदायी साबित होने वाली है।आर्थिक लाभ: आपके लिए कार्यक्षेत्र में लाभ के कई शानदार मौके हाथ आएंगे। आपको किसी पुराने निवेश या पैतृक संपत्ति से अचानक धन लाभ (Sudden Wealth) हो सकता है। भविष्य के लिए की गई आपकी फाइनेंशियल प्लानिंग पूरी तरह सफल रहेगी।मानसिक स्थिति: पिछले कुछ समय से चल रहा मानसिक तनाव खत्म होगा और आप खुद को काफी हल्का व सकारात्मक महसूस करेंगे। शादीशुदा जिंदगी में भी मधुरता और सुखद पल लौटेंगे।3. वृश्चिक राशि (Scorpio) – लव लाइफ और निवेश में सफलतावृश्चिक राशि के जातकों के लिए शुक्र और केतु का यह दुर्लभ संयोग आर्थिक और व्यक्तिगत दोनों मोर्चों पर बड़ी खुशखबरी लेकर आया है।आर्थिक लाभ: आपकी आर्थिक स्थिति (Financial Condition) में जबरदस्त सुधार देखने को मिलेगा। आपकी मंथली इनकम में बढ़ोतरी होगी और यदि आप शेयर बाजार या कहीं और निवेश (Investment) करने की सोच रहे हैं, तो यह समय आपके लिए बेहतरीन रिटर्न दिलाने वाला साबित होगा।लव लाइफ: आपकी प्रेम जिंदगी में चार चांद लगेंगे, पार्टनर के साथ आपसी समझ और भरोसा और ज्यादा मजबूत होगा। इस गोचर का आपकी राशि पर कोई भी नकारात्मक प्रभाव नहीं दिख रहा है।कुंडली में केतु को मजबूत और खुश करने के 3 अचूक उपायकेतु को एक क्रूर और छाया ग्रह माना जाता है, जो कुंडली में कमजोर होने पर भ्रम, अकेलापन और चर्म रोग जैसी समस्याएं दे सकता है। यदि आपकी कुंडली में केतु अशुभ फल दे रहा है, तो आज इस गोचर के अवसर पर नीचे दिए गए उपाय करके आप उसे शांत और मजबूत कर सकते हैं:तिल का दान: केतु के दुष्प्रभावों को कम करने के लिए गुरुवार या शनिवार के दिन काले और सफेद तिल का दान करना बेहद शुभ माना जाता है।श्वान (कुत्ते) की सेवा: रोजाना या विशेषकर शनिवार को किसी काले या दोरंगे कुत्ते को सरसों का तेल लगी हुई रोटी खिलाएं। पशुओं की सेवा से केतु तुरंत शांत होते हैं।कंबल का दान: समाज के अत्यंत गरीब और जरूरतमंद लोगों को काले-सफेद रंग के कंबल या गर्म कपड़ों का दान करें। इससे केतु जनित दोषों से मुक्ति मिलती है और जीवन में स्थिरता आती है।
आज के दौर में हर कोई अपने भविष्य को सुरक्षित करने और वित्तीय आजादी (Financial Freedom) पाने के लिए निवेश करना चाहता है। जब बात निवेश की आती है, तो म्यूचुअल फंड (Mutual Funds) में SIP यानी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (Systematic Investment Plan) को सबसे सुरक्षित, आसान और लोकप्रिय जरिया माना जाता है।अक्सर लोगों के मन में यह उलझन रहती है कि आखिर मुझे हर महीने कितने रुपये से SIP की शुरुआत करनी चाहिए? ₹500, ₹1,000 या सीधे ₹5,000? अगर आपके मन में भी यही सवाल है, तो निवेश के इस आसान गणित और फॉर्मूले को समझकर आप आसानी से तय कर सकते हैं कि आपके बजट और भविष्य के लक्ष्यों के लिए कौन सी रकम सबसे बेस्ट रहेगी।कितनी रकम से शुरू कर सकते हैं SIP?म्यूचुअल फंड की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह किसी अमीर व्यक्ति के लिए ही नहीं, बल्कि एक आम दिहाड़ी मजदूर या स्टूडेंट के लिए भी उतना ही सुलभ है।न्यूनतम निवेश (Minimum Investment): आप देश के अधिकांश अच्छे म्यूचुअल फंड्स में महज ₹500 प्रति माह की छोटी सी रकम से अपनी SIP शुरू कर सकते हैं। कुछ चुनिंदा फंड्स तो ₹100 से भी शुरुआत की अनुमति देते हैं।अधिकतम सीमा: एसआईपी में निवेश की कोई अधिकतम सीमा (No Upper Limit) नहीं होती। आप अपने बजट के हिसाब से हर महीने हजारों या लाखों रुपये निवेश कर सकते हैं।₹500, ₹1,000 और ₹5,000 की SIP का गणित (15 साल के लिए - 12% संभावित रिटर्न पर)लॉन्ग टर्म (लंबी अवधि) में निवेश करने पर कंपाउंडिंग (Compounding - चक्रवृद्धि ब्याज) का जादू कैसे काम करता है, इसे आप नीचे दिए गए अनुमानित एसआईपी कैलकुलेटर (SIP Calculator) के आंकड़ों से आसानी से समझ सकते हैं:मासिक SIP रकम15 साल में कुल निवेश12% रिटर्न पर कुल फंड (अनुमानित)15% रिटर्न पर कुल फंड (अनुमानित)₹500₹90,000₹2.52 लाख₹3.39 लाख₹1,000₹1.80 लाख₹5.05 लाख₹6.77 लाख₹5,000₹9.00 लाख₹25.23 लाख₹33.84 लाखनोट: यह गणना म्यूचुअल फंड के ऐतिहासिक प्रदर्शन के आधार पर एक अनुमान है। शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव के कारण वास्तविक रिटर्न थोड़ा कम या ज्यादा हो सकता है।आपके लिए कौन सी रकम रहेगी बेस्ट? चुनिए अपना 'आसान फॉर्मूला'कितनी रकम से शुरुआत करनी है, यह पूरी तरह से आपकी मौजूदा आय (Income) और आपके भविष्य के लक्ष्यों (Financial Goals) पर निर्भर करता है। इसके लिए आप इन 3 श्रेणियों के फॉर्मूले को देख सकते हैं:1. स्टूडेंट्स और शुरुआती नौकरीपेशा लोगों के लिए (₹500 का फॉर्मूला)अगर आप अभी कॉलेज में हैं, आपको कम पॉकेट मनी मिलती है या आपने अभी-अभी इंटर्नशिप या कम वेतन वाली नौकरी शुरू की है, तो आपके लिए ₹500 प्रति माह की SIP सबसे बेस्ट है।फायदा: इससे आपकी जेब पर बोझ भी नहीं पड़ेगा और आपको कम उम्र से ही नियमित निवेश करने की एक अच्छी आदत (Financial Discipline) पड़ जाएगी।2. मध्यम आय वर्ग और छोटे लक्ष्यों के लिए (₹1,000 का फॉर्मूला)अगर आपकी सैलरी ठीक-ठाक है और आप अगले 5 से 10 साल में कार खरीदने, वेकेशन पर जाने या किसी छोटे फंड के निर्माण की योजना बना रहे हैं, तो ₹1,000 से ₹2,000 प्रति माह की एसआईपी आपके लिए एक आदर्श शुरुआत है।फायदा: इस रकम को आप आसानी से अपने घरेलू खर्चों में से बचा सकते हैं और 10-15 साल में यह एक बड़ा कॉर्पस बनकर तैयार हो जाता है।3. बड़े सपनों और रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए (₹5,000 का फॉर्मूला)यदि आप एक स्थापित प्रोफेशनल हैं, आपके पास नियमित अच्छी आय है और आपका लक्ष्य बच्चों की उच्च शिक्षा, उनकी शादी या खुद के लिए एक बड़ा रिटायरमेंट फंड (Retirement Fund) तैयार करना है, तो आपको कम से कम ₹5,000 प्रति माह या उससे अधिक की एसआईपी से शुरुआत करनी चाहिए।फायदा: 15 से 20 साल की लंबी अवधि में ₹5,000 की एसआईपी कंपाउंडिंग की ताकत से आपको आसानी से 'करोड़पति' बनाने की क्षमता रखती है।सबसे जादुई फॉर्मूला—'स्टेप-अप एसआईपी' (Step-Up SIP)अगर आप आज ₹5,000 से शुरुआत नहीं कर सकते, तो निराश होने की जरूरत नहीं है। निवेश का सबसे अचूक और जादुई फॉर्मूला है 'स्टेप-अप एसआईपी'।यह कैसे काम करता है? आप आज महज ₹1,000 से अपनी एसआईपी शुरू करें और हर साल जैसे-जैसे आपकी सैलरी या आमदनी बढ़े, अपनी एसआईपी की रकम को 10% या 20% बढ़ा (Top-up) दें।असर: आज की ₹1,000 की एसआईपी को अगर आप हर साल सिर्फ 10% बढ़ाते जाते हैं, तो यह सामान्य एसआईपी के मुकाबले अंत में आपको दोगुने से भी ज्यादा का फंड बनाकर देती है।अंतिम निष्कर्ष (Golden Rule):निवेश की दुनिया में सबसे जरूरी बात यह नहीं है कि आप कितनी बड़ी रकम से शुरुआत कर रहे हैं, बल्कि सबसे जरूरी यह है कि आप कितनी जल्दी शुरुआत कर रहे हैं। देर करने से बेहतर है कि आप आज ही महज ₹500 से अपनी वित्तीय यात्रा की शुरुआत करें और समय के साथ इसे बढ़ाते जाएं।
सहारनपुर में बुधवार को शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर हर महीने 5.5 प्रतिशत मुनाफा दिलाने का झांसा देकर 27 लाख रुपए हड़पने का मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि रकम वापस मांगने पर आरोपियों ने तमंचा दिखाकर जान से मारने की धमकी दी, मूल एग्रीमेंट छीन लिया और जातिसूचक शब्द कहकर अपमानित किया। विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) के आदेश पर थाना कुतुबशेर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शामली के दयानंद नगर निवासी दीपक कुमार ने अदालत में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह अनुसूचित जाति से हैं। उनका परिचय दोस्त अभिषेक सैनी के माध्यम से रुड़की निवासी दिनेश कुमार से हुआ था। दिनेश ने खुद को इंटरनेशनल शेयर मार्केट का कारोबारी बताते हुए 27 लाख रुपए निवेश करने पर हर महीने 5.5 प्रतिशत मुनाफा देने का दावा किया। उसने रकम सुरक्षित होने का भरोसा देते हुए पोस्ट डेटेड चेक और लिखित एग्रीमेंट देने की बात कही। शिकायत के मुताबिक, 7 दिसंबर 2024 को दीपक ने 10-12 लोगों से उधार लेकर 27 लाख रुपए नगद सहारनपुर तहसील में दिनेश को दिए। उसी दिन 50 रुपए के स्टांप पर नोटरीयुक्त एग्रीमेंट तैयार किया गया, जिस पर गवाह के रूप में अभिषेक सैनी के हस्ताक्षर भी हैं। आरोपी ने पंजाब नेशनल बैंक की लक्सर शाखा के चार पोस्ट डेटेड चेक दिए और अग्रिम मुनाफे के रूप में 10 हजार रुपए खाते में भेजे। पीड़ित का दावा है कि एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर के फोटो और वीडियो भी उसके पास मौजूद हैं। आरोप है कि इसके बाद करीब डेढ़ साल तक आरोपी मुनाफा और मूल रकम लौटाने के नाम पर टालमटोल करता रहा। बाद में 25 अप्रैल 2026 को रकम लौटाने का आश्वासन दिया गया। पीड़ित के अनुसार, तय स्थान पर पहुंचने पर दिनेश कुमार, उसके जीजा अनूप सिंह, शेर सिंह और दो अन्य लोग कार से आए। पैसे मांगने पर आरोपियों ने तमंचा दिखाकर धमकाया और 7 दिसंबर 2024 का मूल एग्रीमेंट जबरन छीन लिया। दीपक का आरोप है कि आरोपियों ने जातिसूचक शब्द कहकर उसका अपमान किया और कार्रवाई करने पर जान से मारने की धमकी दी। थाना कुतुबशेर में रिपोर्ट दर्ज नहीं होने पर उसने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया, जिसके आदेश पर पुलिस ने दिनेश कुमार, अनूप सिंह, शेर सिंह और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
'आत्मनिर्भर भारत': केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 'यूरिया-2026' के लिए राष्ट्रीय निवेश नीति को मंजूरी दी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने बुधवार को आत्मनिर्भर भारत के लिए यूरिया-2026 (एनआईपीयू-2026) के लिए राष्ट्रीय निवेश नीति के उर्वरक विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में इसकी जानकारी दी।
डॉलर इंडेक्स 101 के नीचे फिसला; फेडरल रिजर्व का बड़ा एलान- राजनीतिक दबाव में नहीं बदलेगी ब्याज दरें
वैश्विक अर्थव्यवस्था और वित्तीय बाजारों के लिए इस वक्त की सबसे बड़ी खबर अमेरिका से आ रही है। अमेरिकी महंगाई (US Inflation Rate) के मोर्चे पर आम जनता और दुनिया भर के बाजारों को बड़ी राहत मिली है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका में कंज्यूमर इन्फ्लेशन में गिरावट दर्ज की गई है, जिसके चलते अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (Dollar Index) कमजोर होकर 101 के स्तर के नीचे फिसल गया है। इस बीच, ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों के बीच अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी तरह के राजनीतिक दबाव में आकर मौद्रिक नीतियों (Monetary Policy) पर फैसला नहीं लेगा।महंगाई घटने से डॉलर हुआ कमजोर, 101 के नीचे आया डॉलर इंडेक्सलंबे समय से ऊंचे स्तरों पर बनी हुई अमेरिकी महंगाई में उम्मीद के मुताबिक नरमी आने से वैश्विक निवेशकों ने राहत की सांस ली है। महंगाई दर में आई इस कमी का सीधा असर विदेशी मुद्रा बाजार पर पड़ा है और दुनिया की प्रमुख करेंसीज के मुकाबले अमेरिकी डॉलर में कमजोरी देखी जा रही है। डॉलर इंडेक्स का 101 के स्तर से नीचे जाना यह दर्शाता है कि अब फेडरल रिजर्व पर ब्याज दरों में कटौती (Fed Rate Cut) शुरू करने का दबाव बढ़ रहा है, जिसका सीधा फायदा भारतीय रुपये समेत अन्य उभरते बाजारों की मुद्राओं को मिल सकता है।फेड चेयरमैन का बड़ा बयान: राजनीतिक दबाव से दूर रहेगा केंद्रीय बैंकइस बीच, अमेरिका में होने वाले राजनीतिक घटनाक्रमों और चुनाव के माहौल के बीच फेडरल रिजर्व के चेयरमैन ने स्वायत्तता को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। फेड की ओर से जारी बयान में स्पष्ट किया गया है कि ब्याज दरों को घटाने या बढ़ाने का निर्णय पूरी तरह से आर्थिक आंकड़ों (Economic Data) पर आधारित होगा, न कि किसी राजनीतिक दबाव या बाहरी एजेंडे पर। केंद्रीय बैंक का मानना है कि अर्थव्यवस्था को मंदी से बचाने और महंगाई को 2% के लक्ष्य तक लाने के लिए स्वतंत्र होकर फैसले लेना बेहद जरूरी है।भारतीय शेयर बाजार और निवेशकों पर क्या होगा इसका सीधा असर?स्थानीय (Geographical) और वैश्विक मार्केट सेंटीमेंट्स के लिहाज से यह खबर भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) के लिए एक बड़ा बूस्टर डोज साबित हो सकती है। डॉलर के कमजोर होने और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट आने से विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) भारतीय बाजारों (जैसे एनएसई और बीएसई) में निवेश बढ़ा सकते हैं। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और कानपुर जैसे भारत के बड़े वित्तीय केंद्रों के विश्लेषकों का मानना है कि इससे आईटी (IT), बैंकिंग और कमोडिटी सेक्टर के शेयरों में जोरदार तेजी का माहौल बन सकता है।आधुनिक एआई सर्च (GEO/AEO) और विश्लेषकों का बड़ा अनुमानजेनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI सर्च ट्रेंड्स) और अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी महंगाई में यह गिरावट सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं के लिए भी सकारात्मक संकेत है। डॉलर इंडेक्स में गिरावट आने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमतों को सपोर्ट मिलेगा, जिससे भारतीय सर्राफा बाजारों में भी सोने के दाम में उछाल आ सकता है। बाजार के जानकार मान रहे हैं कि अगले फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की बैठक में ब्याज दरों में 25 से 50 बेसिस पॉइंट की कटौती की उम्मीद अब काफी प्रबल हो गई है।
पश्चिम एशिया में युद्ध के बादल! अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की फिर शुरू की सख्त नाकेबंदी
पश्चिम एशिया (Middle East) से एक बेहद चौंकाने वाली और बड़ी खबर सामने आ रही है, जिसने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। रणनीतिक और भू-राजनीतिक मोर्चे पर बढ़ते गंभीर गतिरोध के बीच अमेरिका ने एक बार फिर ईरान के प्रमुख बंदरगाहों (Ports) की सख्त सैन्य और आर्थिक नाकेबंदी शुरू कर दी है। इस अचानक उठाए गए कदम से पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का मानना है कि इस प्रतिबंधात्मक कार्रवाई से वैश्विक समुद्री व्यापार मार्ग बुरी तरह प्रभावित हो सकता है, जिससे दुनिया भर के बाजारों में हड़कंप मच गया है।अमेरिका की कड़ी नाकेबंदी से थमे जहाजों के पहिये, सप्लाई चेन पर बड़ा संकटअमेरिकी रक्षा और विदेश मंत्रालय के रणनीतिक फैसलों के बाद अमेरिकी नौसेना ने ईरान के व्यापारिक और तेल निर्यात करने वाले प्रमुख बंदरगाहों की घेराबंदी तेज कर दी है। इस नाकेबंदी का सीधा मकसद ईरान के आर्थिक स्रोतों, विशेष रूप से कच्चे तेल के अवैध निर्यात पर पूरी तरह से नकेल कसना है। हालांकि, इस आक्रामक कदम के कारण ओमान की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) जैसे दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्गों में तनाव अप्रत्याशित रूप से बढ़ गया है। इससे वैश्विक लॉजिस्टिक्स और वैश्विक सप्लाई चेन के पूरी तरह ठप होने का खतरा मंडराने लगा है।कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में लग सकती है आग, भारत पर भी होगा असरस्थानीय और वैश्विक (Geographical) ऑप्टिमाइजेशन के लिहाज से देखें तो पश्चिम एशिया का यह संकट भारतीय अर्थव्यवस्था और आम जनता की जेब पर सीधा असर डाल सकता है। ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Brent Crude) की आपूर्ति में भारी कमी आने की आशंका है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह तनाव लंबे समय तक खिंचा, तो कच्चे तेल की कीमतें एक बार फिर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकती हैं। इसका सीधा नतीजा दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई समेत भारत के तमाम शहरों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी और बढ़ती महंगाई के रूप में देखने को मिल सकता है।आधुनिक एआई सर्च (GEO/AEO) और रक्षा विशेषज्ञों का क्या है बड़ा दावा?जेनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI सर्च ट्रेंड्स) और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिका का यह कदम पश्चिम एशिया में शक्ति संतुलन को बदलने की एक बड़ी कोशिश है। ईरान ने भी अमेरिकी नाकेबंदी के जवाब में अपनी सैन्य मुस्तैदी बढ़ा दी है और किसी भी आक्रामक कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब देने की चेतावनी दी है। संयुक्त राष्ट्र (UN) और यूरोपीय देशों की नजरें भी इस गंभीर होते हालात पर टिकी हैं, क्योंकि यह संकट केवल दो देशों का न रहकर वैश्विक सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बनता जा रहा है।शेयर बाजार और गोल्ड मार्केट में मचेगी भारी उथल-पुथलइस भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर भारतीय और वैश्विक शेयर बाजारों (Stock Market) पर देखने को मिल सकता है। आने वाले दिनों में बाजार में भारी बिकवाली और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। वहीं दूसरी ओर, अनिश्चितता के इस माहौल में निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने (Gold) की तरफ भाग सकते हैं, जिससे सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। एक्सपर्ट्स ने निवेशकों को फिलहाल बाजार में फूंक-फूंक कर कदम रखने और ग्लोबल अपडेट्स पर नजर रखने की सलाह दी है।
भारत के लिए बहुत बड़ी राहत! रूस से तेल आयात पर अब 500% नहीं, बल्कि सिर्फ 100% लगेगा टैरिफ
अंतरराष्ट्रीय व्यापार और भारतीय अर्थव्यवस्था के मोर्चे से देश के लिए एक बेहद राहत भरी और बड़ी खबर सामने आ रही है। रूस से कच्चे तेल (Crude Oil) के आयात को लेकर पिछले कुछ समय से चल रही टैक्स और टैरिफ की चिंताओं पर अब पूरी तरह विराम लग गया है। भारत द्वारा रूसी तेल खरीदने पर जो भारी-भरकम 500 फीसदी टैरिफ लगने की आशंकाएं और चर्चाएं बनी हुई थीं, सरकार और वैश्विक व्यापार नीति के नए समीकरणों के तहत उसे घटाकर अब मात्र 100 फीसदी कर दिया गया है। इस बड़े फैसले से देश के चालू खाता घाटे (CAD) को कम करने और घरेलू बाजार में ईंधन की कीमतों को नियंत्रित रखने में बहुत बड़ी मदद मिलने की उम्मीद है।500% से सीधे 100% पर आया टैरिफ, भारतीय रिफाइनरियों ने ली राहत की सांसवैश्विक प्रतिबंधों और भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत लगातार अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए रूस से रियायती दरों पर कच्चा तेल खरीद रहा है। तेल आयात पर लगने वाले टैरिफ को 500% से घटाकर 100% करने के इस फैसले से देश की सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की तेल रिफाइनिंग कंपनियों (जैसे IOCL, BPCL, HPCL और Reliance) को बहुत बड़ी वित्तीय राहत मिलेगी। जानकारों का कहना है कि टैक्स के इस ऊंचे स्लैब में इतनी बड़ी कटौती होने से तेल आयात की लागत में भारी कमी आएगी, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था को सीधा बूस्ट मिलेगा।क्या आम जनता के लिए सस्ते होंगे पेट्रोल और डीजल के दाम?इस खबर के सामने आने के बाद देश के आम उपभोक्ताओं के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या स्थानीय बाजारों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें कम होंगी। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, लखनऊ और कानपुर जैसे प्रमुख शहरों के बाजार विश्लेषकों का मानना है कि कच्चे तेल की लैंडिंग कॉस्ट (आयात लागत) कम होने से तेल विपणन कंपनियों (OMCs) का प्रॉफिट मार्जिन सुधरेगा। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह स्थिर रहीं, तो आने वाले समय में आम जनता को पेट्रोल-डीजल के खुदरा दामों में कटौती का बड़ा तोहफा मिल सकता है।आधुनिक एआई सर्च (GEO/AEO) और विशेषज्ञों का क्या है आकलन?जेनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI सर्च ट्रेंड्स) और कमोडिटी मार्केट के विशेषज्ञों के अनुसार, भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय व्यापार संबंधों के लिहाज से यह फैसला बेहद रणनीतिक है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऊर्जा उपभोक्ता देश है और अपनी जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल आयात करता है। रूस से मिलने वाले इस बड़े नीतिगत सपोर्ट के बाद भारत को पश्चिमी देशों के दबाव के बीच भी एक मजबूत कूटनीतिक और आर्थिक बढ़त मिल गई है। इससे देश के राजकोषीय घाटे को संभालने में सरकार को बड़ी मदद मिलेगी।घरेलू शेयर बाजार और एनर्जी स्टॉक्स में आ सकती है तेजीइस सकारात्मक खबर का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) पर भी देखने को मिल सकता है। आने वाले कारोबारी सत्रों में निफ्टी एनर्जी इंडेक्स और तेल व गैस क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की भारी खरीदारी देखने को मिल सकती है। ब्रोकरेज हाउसेज का मानना है कि लागत घटने से कंपनियों के तिमाही नतीजों पर बेहद सकारात्मक असर पड़ेगा, जो लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए एक शानदार मौका साबित हो सकता है।
बैतूल पुलिस ने 1.93 करोड़ रुपए के ऑनलाइन निवेश घोटाले में फरार चल रहे आरोपी योगेश कुमार साहू को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी करीब डेढ़ साल से फरार था। उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। रिमांड के दौरान पुलिस उसे छत्तीसगढ़ ले जाकर पूछताछ करेगी। आरोपी का वीडियो भी सामने आया है। यह मामला 9 फरवरी 2025 को सामने आया था। गंज क्षेत्र के भग्गूढाना निवासी कुलदीप राठौर ने बैतूल बाजार थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने 'रोबोट्रेड' नाम के ऑनलाइन ट्रेडिंग ऐप के जरिए निवेश पर ज्यादा मुनाफा देने का झांसा दिया था। निवेश के नाम पर रुपए लिए और निकालने पर रोक लगा दीशुरुआत में ऐप पर निवेश बढ़ता हुआ और मुनाफा मिलता हुआ दिखाया गया। इससे निवेशकों का भरोसा जीत लिया गया। इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों में करोड़ों रुपए जमा कराए गए। जब पीड़ित ने अपनी रकम निकालने की कोशिश की तो निकासी रोक दी गई। बाद में आरोपियों से संपर्क भी टूट गया। तब करीब 1.93 करोड़ रुपए की ठगी का पता चला। पुलिस ने इस मामले में धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी और आईटी एक्ट की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान मुख्य आरोपी मिलन राठौर को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। उस पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित था। इसके अलावा पंकज उर्फ ज्ञानप्रकाश साहू को भी गिरफ्तार किया गया था। अब पुलिस ने फरार आरोपी योगेश कुमार साहू (35), निवासी पामवुड रेसिडेंसी, कातुलबोर्ड, जिला दुर्ग (छत्तीसगढ़) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, वह इस पूरे नेटवर्क की अहम कड़ी है। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी को छत्तीसगढ़ ले जाकर बैंक खातों, डिजिटल डिवाइस, पैसों के लेनदेन और अन्य संभावित आरोपियों के बारे में पूछताछ की जाएगी। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि ठगी की रकम किन खातों में भेजी गई और उसका इस्तेमाल कहां किया गया।
वैदिक ज्योतिष (Vedic Astrology) और ग्रह गोचर के लिहाज से जुलाई 2026 का यह हफ्ता बेहद विशेष और क्रांतिकारी साबित होने जा रहा है। धन, वैभव, ऐश्वर्य और सुख-समृद्धि के प्रदाता माने जाने वाले ग्रह शुक्र देव (Shukra Gochar) अपनी चाल बदलते हुए 16 जुलाई 2026 को सूर्य की स्वामित्व वाली सिंह राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। सिंह राशि में शुक्र का यह गोचर इसलिए भी असाधारण और हलचल मचाने वाला है क्योंकि वहाँ पहले से ही ग्रहों के राजा सूर्य और छाया ग्रह केतु (Ketu in Leo) विराजमान हैं। ज्योतिषविद् नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, केतु आमतौर पर अकेलापन और वैराग्य देता है, लेकिन इस बार शुक्र और सूर्य के साथ मिलकर सिंह राशि में बनने वाली यह त्रिग्रही युति कई राशियों के जीवन में बड़ा वित्तीय और व्यक्तिगत बदलाव लेकर आने वाली है।वृषभ राशि (Taurus): आय के नए स्रोतों से मजबूत होगी आर्थिक स्थितिशुक्र और केतु की यह अनूठी युति वृषभ राशि के जातकों के लिए बेहद कल्याणकारी और भाग्यशाली साबित होगी। 16 जुलाई के बाद से आपके लिए धन लाभ के नए रास्ते स्वतः ही खुलते चले जाएंगे और आय (Income Sources) में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज होगी। लंबे समय से चली आ रही आर्थिक परेशानियां पूरी तरह समाप्त होंगी और निवेश के लिहाज से यह समय सर्वोत्तम रहेगा। इसके साथ ही, आपकी व्यक्तिगत और पारिवारिक जिंदगी भी बेहद सुखद रहेगी, जहाँ आपको अपने जीवनसाथी (Spouse) का भरपूर सहयोग और प्रेम मिलेगा।तुला राशि (Libra): अचानक धन लाभ और मानसिक शांति के सुंदर योगतुला राशि के जातकों के लिए सिंह राशि का यह त्रिग्रही संयोजन किसी वरदान से कम नहीं होगा। व्यापार और नौकरीपेशा लोगों के लिए अचानक धन लाभ (Sudden Wealth) के कई बेहतरीन मौके सामने आएंगे, जिससे आपका मन अत्यंत प्रसन्न और सकारात्मक रहेगा। यदि आप लंबे समय से कोई वित्तीय या निवेश संबंधी प्लानिंग कर रहे थे, तो इस अवधि में आपकी वे सभी योजनाएं पूरी तरह सफल होंगी। विवाहित जातकों के लिए यह समय जीवन में खुशियों की सौगात लेकर आएगा और आपसी रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी।वृश्चिक राशि (Scorpio): लव लाइफ में लगेंगे चार चांद, निवेश से होगा बड़ा फायदावृश्चिक राशि के लोगों के लिए शुक्र, सूर्य और केतु का यह प्रभाव उनकी आर्थिक उन्नति को एक नई दिशा देगा। आपकी नियमित आमदनी में वृद्धि होगी और यदि आप शेयर बाजार या संपत्ति में निवेश (Investment) करने का विचार कर रहे हैं, तो इस गोचर काल में आपको उम्मीद से अधिक मुनाफा होने के योग हैं। केवल आर्थिक मोर्चे पर ही नहीं, बल्कि आपकी लव लाइफ (Love Life) में भी इस युति के कारण सकारात्मक बदलाव आएंगे और पार्टनर के साथ आपके संबंध पहले से कहीं अधिक मजबूत और रोमांटिक हो जाएंगे।केतु के अशुभ प्रभाव से बचने और उसे प्रसन्न करने के अचूक उपाययदि आपकी जन्म कुंडली (Horoscope) में केतु की स्थिति कमजोर या अशुभ है और आप इस त्रिग्रही गोचर का पूर्ण सकारात्मक फल प्राप्त करना चाहते हैं, तो ज्योतिष शास्त्र में कुछ बेहद सरल और प्रभावी उपाय बताए गए हैं। केतु देव को शांत और प्रसन्न करने के लिए बुधवार और शनिवार के दिन काले और सफेद तिल का दान करना बेहद शुभ माना जाता है। इसके अतिरिक्त, नियमित रूप से गली के आवारा कुत्तों को ताजी रोटी खिलाना और समाज के गरीब व जरूरतमंद लोगों को कंबल का दान करने से केतु जनित सारे दोष दूर होते हैं और जीवन में सुख-शांति का वास होता है।
भारत के तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर (EV) बाजार में अपनी बादशाहत मजबूत करने के लिए देश की सबसे बड़ी दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी हीरो मोटोकॉर्प (Hero MotoCorp) ने एक बेहद रणनीतिक और बड़ा फैसला लिया है। ऑटोमोबाइल सेक्टर में तहलका मचाते हुए हीरो मोटोकॉर्प ने एथर एनर्जी (Ather Energy) में ₹1,000 करोड़ का अतिरिक्त निवेश करने की आधिकारिक घोषणा की है। इस बड़ी डील की खबर सामने आते ही बुधवार को शेयर बाजार में एथर एनर्जी के शेयरों में करीब 8% की जबरदस्त तेजी दर्ज की गई, जिससे निवेशकों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।15 दिनों में पूरी होगी डील: प्रेफरेंशियल इश्यू के जरिए आएगी नई पूंजीहीरो मोटोकॉर्प की ओर से साझा की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह ₹1,000 करोड़ का भारी-भरकम निवेश प्रेफरेंशियल इश्यू या कन्वर्टिबल वारंट्स के माध्यम से एथर एनर्जी में इन्फ्यूज किया जाएगा। इस सौदे के बाद हीरो मोटोकॉर्प की अंतिम शेयरहोल्डिंग इस बात पर निर्भर करेगी कि शेयर किस अंतिम कीमत पर जारी किए जाते हैं। कंपनी प्रबंधन का कहना है कि सभी आवश्यक विनियामक और बोर्ड मंजूरियां मिलने के बाद आगामी 15 दिनों के भीतर इस निवेश प्रक्रिया को पूरी तरह से संपन्न कर लिया जाएगा।एथर में हीरो की हिस्सेदारी होगी और मजबूत: प्रमोटर ग्रुप का बढ़ा भरोसाजून 2026 तक के नवीनतम शेयरहोल्डिंग पैटर्न के आंकड़ों पर नजर डालें तो हीरो मोटोकॉर्प के पास पहले से ही एथर एनर्जी में 29.5% की एक बड़ी हिस्सेदारी मौजूद है और वह कंपनी के प्रमोटर ग्रुप का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस नए ₹1,000 करोड़ के निवेश के बाद एथर में हीरो की पकड़ और ज्यादा मजबूत होने जा रही है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि हीरो का यह कदम साफ तौर पर यह दर्शाता है कि उसे देश के इलेक्ट्रिक वाहन बाजार की दीर्घकालिक ग्रोथ और एथर एनर्जी की एडवांस टेक्नोलॉजी पर पूरा भरोसा है।बोर्ड बैठक में नई फंडिंग पर मंथन: क्षमता विस्तार और चार्जिंग नेटवर्क पर फोकसइस मेगा इन्वेस्टमेंट के बीच एथर एनर्जी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है, जिसमें भविष्य के विस्तार के लिए अतिरिक्त पूंजी जुटाने के प्रस्तावों पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। कंपनी को मिलने वाली इस नई वित्तीय ऑक्सीजन का इस्तेमाल नए इलेक्ट्रिक प्रोडक्ट्स को डेवलप करने, मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की क्षमता को दोगुना करने और देशव्यापी फास्ट चार्जिंग नेटवर्क (Fast Charging Infrastructure) के विस्तार में किया जाएगा। वित्त वर्ष 2025-26 में एथर एनर्जी का कुल टर्नओवर ₹3,671.76 करोड़ तक पहुंच चुका है, जो इसके लगातार बढ़ते स्केल का ठोस प्रमाण है।ओला, टीवीएस और बजाज से कड़ी टक्कर: पूरे ईवी इकोसिस्टम को मजबूत करने में जुटी एथरभारतीय प्रीमियम इलेक्ट्रिक स्कूटर सेगमेंट की शुरुआती अग्रणी कंपनियों में शामिल होने के बावजूद, एथर एनर्जी को वर्तमान में टीवीएस मोटर (TVS Motor), बजाज ऑटो (Bajaj Auto) और ओला जैसी स्थापित दिग्गज ऑटो कंपनियों से बेहद कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। इन पारंपरिक कंपनियों के पास मजबूत बैलेंस शीट और एक बहुत बड़ा डीलर नेटवर्क मौजूद है। इस चुनौती से निपटने के लिए एथर न केवल इलेक्ट्रिक स्कूटर बना रही है, बल्कि स्मार्ट कनेक्टेड टेक्नोलॉजी, बैटरी एनर्जी मैनेजमेंट सर्विस और प्रीमियम फास्ट चार्जिंग ग्रिड के जरिए पूरे ईवी इकोसिस्टम को नियंत्रित करने की रणनीति पर काम कर रही है।निवेशकों की चांदी: 2026 में 60% चढ़ा शेयर, मिला 300% का बंपर रिटर्नशेयर बाजार के प्रदर्शन की बात करें तो मंगलवार को एथर एनर्जी का शेयर ₹1,202 पर बंद हुआ था, जो बुधवार को हीरो मोटोकॉर्प की घोषणा के बाद 8% की छलांग लगा चुका है। साल 2026 में अब तक इस शेयर ने अपने निवेशकों को 60% से अधिक का शानदार रिटर्न दिया है। सबसे उल्लेखनीय बात यह है कि अपने आईपीओ (IPO Launch Price) की मूल कीमत की तुलना में यह शेयर अब तक करीब 300% का मल्टीबैगर रिटर्न दे चुका है, जिसने शुरुआती निवेशकों की पूंजी को कई गुना बढ़ा दिया है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, यह निवेश एथर के बिजनेस मॉडल पर विश्वसनीयता की मुहर लगाता है, हालांकि भविष्य में कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच प्रॉफिट मार्जिन बनाए रखना कंपनी की मुख्य परीक्षा होगी।
अमेरिकी महंगाई घटते ही शेयर बाजार में लौटी रौनक, सेंसेक्स 539 अंक उछला, निफ्टी 24,200 के पार
Share Market 15 July : पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य और भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच अमेरिका में महंगाई घटने से आज भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत जोरदार तेजी के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में अच्छी बढ़त दिखाई दी। ALSO READ: E20 पर नितिन गडकरी का बड़ा बयान: 100% पेट्रोल चाहिए तो ज्यादा कीमत चुकानी होगी सुबह 10:48 बजे बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 539 अंक उछलकर 77594 के स्तर पर पहुंच गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 150 अंकों की बढ़त के साथ 24200 के मनोवैज्ञानिक स्तर के पार निकल गया। फाइनेंशियल सर्विसेज और बैंकिंग शेयरों के साथ ही ऑटो, मैन्युफैक्चरिंग, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और रियल्टी सेक्टर्स के शेयर भी हरे निशान में दिखाई दिए। चौतरफा तेजी के बीच IT और मेटल सेक्टर में आज सुस्ती दिखाई दी। अमेरिका में कम हुई महंगाई अमेरिका में महंगाई कम होने से भारतीय शेयर बाजार में आज सुबह उछाल आया। महंगाई दर में कमी से फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना कम हो गई। इस वजह से वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल बन गया और निवेशकों ने खरीदारी में दिलचस्पी दिखाई। क्या है रुपए और कच्चे तेल का हाल? शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 6 पैसे मजबूत होकर 96.10 पर पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़कर 85 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई। ब्रेट क्रूड 85.74 डॉलर प्रति बैरल तो WTI क्रूड की कीमत 80.09 डॉलर प्रति बैरल हुई। गौरतलब है कि पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने और कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से मंगलवार को सेंसेक्स 561 अंक गिरकर 77055 पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी भी 159 अंकों की गिरावट के साथ 24,052 पर बंद हुआ। ALSO READ: होर्मुज पर हमले से सहमा शेयर बाजार, Sensex 561 अंक लुढ़का, Nifty में भी आई गिरावट अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।
भारत में हमेशा से 'अपना घर' होना कामयाबी और सामाजिक सुरक्षा का सबसे बड़ा पैमाना माना जाता रहा है। माता-पिता की पीढ़ी का सबसे बड़ा सपना जिंदगी में एक बार खुद का आशियाना बनाना होता था। लेकिन आज की आधुनिक युवा पीढ़ी—मिलेनियल्स (Millennials) और जेन-जी (Gen Z) प्रोफेशनल्स—इस पुरानी और पारंपरिक सोच को पूरी तरह से बदल रहे हैं। अब युवा 20-30 सालों तक होम लोन की भारी-भरकम किश्तें (EMI) चुकाने के मानसिक और वित्तीय बोझ में फंसने के बजाय 'वित्तीय आजादी' (Financial Freedom) को ज्यादा तरजीह दे रहे हैं।मशहूर प्रॉपर्टी टेक प्लेटफॉर्म नोब्रोकर (NoBroker) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश के 46 फीसदी किराएदार अब लंबे समय तक किराए के मकान में रहने को ही अपना सबसे बेहतर और समझदारी भरा विकल्प मान रहे हैं। इस बदलते ट्रेंड में 25 से 34 साल की उम्र वाले 53 फीसदी और 35 से 44 साल की उम्र वाले 48 फीसदी प्रोफेशनल्स शामिल हैं, जिनका साफ कहना है कि वे भविष्य में घर खरीदने के बजाय किराए के मकान में ही रहना जारी रखेंगे।भारी-भरकम EMI से आधा पड़ रहा है घर का किराया: समझें गणितयुवाओं के इस बड़े यू-टर्न के पीछे सबसे मुख्य वजह महानगरों में आसमान छूती घरों की कीमतें और उनका असहनीय वित्तीय बोझ है। देश के प्रमुख टेक और कमर्शियल शहरों में होम लोन की किश्तें, वहां के वास्तविक किराए के मुकाबले दोगुनी से भी ज्यादा हो चुकी हैं।ईएमआई-टू-रेंट रेशियो (EMI-to-rent ratio) में उछाल: पिछले पांच सालों में दिल्ली-एनसीआर के गुरुग्राम (Gurugram) में यह रेशियो 1.86 से बढ़कर 2.68 हो चुका है। यही हाल टेक हब बेंगलुरु (2.38), हैदराबाद (2.47) और देश की आर्थिक राजधानी मुंबई (2.19) का भी है।सीधा उदाहरण: इसका सरल शब्दों में मतलब यह है कि यदि आप किसी पॉश इलाके में ₹50,000 प्रति माह किराए पर रह रहे हैं, तो उसी घर को खरीदने के लिए आपको डाउन पेमेंट के अलावा हर महीने ₹1 लाख से भी ज्यादा की मासिक EMI चुकानी होगी।स्मार्ट इन्वेस्टमेंट: आज का युवा एकमुश्त डाउन पेमेंट में अपनी सारी जमा-पूंजी फंसाने और भारी ईएमआई देने के बजाय, उस बड़ी रकम को शेयर बाजार (Stock Market) और म्यूचुअल फंड (Mutual Funds) में निवेश कर रहा है। बेंगलुरु के एक 31 वर्षीय सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल के मुताबिक, 20 साल तक हर महीने ₹1 लाख की ईएमआई का जुआ खेलने से बेहतर है कि पैसा निवेश किया जाए, ताकि करियर के हिसाब से जब चाहें शहर बदलने की पूरी आजादी बनी रहे।लाइफस्टाइल और लग्जरी से कोई समझौता नहींआज की युवा पीढ़ी के लिए किराए पर रहना कोई लाचारी या मजबूरी नहीं, बल्कि एक बेहद सोचा-समझा और सचेत वित्तीय फैसला (Financial Decision) बन गया है। वे सिर्फ इसलिए किराए पर नहीं रह रहे कि उनके पास पैसे नहीं हैं, बल्कि वे उस पैसे से अपनी लाइफस्टाइल को और बेहतर (Premium Lifestyle) बनाना चाहते हैं।प्रीमियम और बड़े घरों की मांग: आजकल के प्रोफेशनल्स बड़े घरों, आधुनिक गेटेड सोसाइटी, पूरी तरह से सुसज्जित (Fully Furnished) अपार्टमेंट्स और क्लब हाउस जैसी सुविधाओं वाले प्रीमियम रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स में रहना पसंद करते हैं।बेंगलुरु और मुंबई का हाल: बेंगलुरु में ऊंचे किराए के बावजूद 3-BHK फ्लैट्स की डिमांड सप्लाई से कहीं ज्यादा बनी हुई है। वहीं, मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में कुल किराये की मांग का लगभग एक तिहाई (33%) हिस्सा उन लग्जरी घरों का है, जिनका मासिक किराया ₹40,000 से अधिक है। मुंबई के एक मार्केटिंग प्रोफेशनल के शब्दों में कहें तो, अपना घर होना एक लक्ष्य जरूर हो सकता है, लेकिन इसके लिए वे अपनी वर्तमान वित्तीय स्वतंत्रता और सुख-सुविधाओं से समझौता बिल्कुल नहीं करना चाहते।बदलते करियर ग्राफ और रेंटल मार्केट में उछालशहर / मेट्रोपॉलिटन रीजनसालाना किराए में रिकॉर्ड बढ़ोतरी (Annual Rent Growth)मुंबई (MMR)11% (देश में सबसे ज्यादा उछाल)चेन्नई8%बेंगलुरु7%हैदराबाद~3%दिल्ली-NCR~3%युवाओं के इस बदले मिजाज के पीछे उनका तेजी से बदलता करियर ग्राफ भी है। कॉर्पोरेट जगत में जल्दी-जल्दी नौकरियां बदलना, वर्क फ्रॉम होम या हाइब्रिड वर्क कल्चर, और वित्तीय प्लानिंग को लेकर बढ़ती जागरूकता के कारण प्रोफेशनल्स तब तक कोई स्थायी प्रॉपर्टी खरीदने का जोखिम नहीं उठाना चाहते, जब तक कि वे अपने जीवन और करियर में पूरी तरह सेटल न हो जाएं। युवाओं के इसी रुख के चलते देश के महानगरों का रेंटल मार्केट (Rental Market) आज रिकॉर्ड तेजी से बढ़ रहा है और मकान मालिकों की चांदी हो रही है।
सिविल इंजीनियर ने आईपीओ में मुनाफे का झांसा दे 1.32 करोड़ ठगे, बंगाल से गिरफ्तार
चूरू साइबर थाना पुलिस ने शेयर मार्केट व आईपीओ में भारी मुनाफे का लालच देकर लोगों से साइबर ठगी करने के आरोपी को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया। आरोपी सायेम मलिक (27) पेशे से सिविल इंजीनियर है, जो पहचान छिपाने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। पुलिस आरोपी को बर्धवान (पश्चिम बंगाल) से कोर्ट में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर चूरू लेकर आई। आरोपी को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से रिमांड पर भेजा गया। एसपी निश्चय प्रसाद एम ने बताया कि विकास सिद्धू निवासी जैतपुरा ने 24 मई को रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि कुछ लोगों ने उसे वॉट्सएप ग्रुप में जोड़कर ट्रेडिंग एप इंस्टॉल करवाया। प्रॉफिट का झांसा देकर 39.21 लाख रु. ठग लिए। साइबर थाना प्रभारी डीएसपी विजय कुमार मीणा के नेतृत्व में खातों व मोबाइल नंबरों का एनालिसिस किया तो तार बंगाल से जुड़े मिले।
ऑनलाइन निवेश से 1.93 करोड़ की ठगी का आरोपी गिरफ्तार
भास्कर संवाददाता | बैतूल ऑनलाइन निवेश के नाम पर 1 करोड़ 93 लाख रुपए की धोखाधड़ी के मामले में फरार आरोपी योगेश कुमार साहू को बैतूल बाजार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिछले डेढ़ वर्ष से फरार था। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया। वहां से उसे 5 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। मामले में भग्गूढाना, गंज बैतूल निवासी कुलदीप राठौर ने 9 फरवरी 2025 को थाना बैतूल बाजार में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि मिलन राठौर, पंकज उर्फ ज्ञानप्रकाश साहू, देवकृष्ण साहू और योगेश कुमार साहू ने ऑनलाइन रोबोट्रेड एप्लिकेशन के माध्यम से निवेश के नाम पर करीब 1.93 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की। पुलिस ने मामले में धारा 420, 409, 467, 471 आईपीसी और 66-डी आईटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया था। जांच शुरू की थी। विवेचना के दौरान दो आरोपियों, मिलन राठौर और पंकज उर्फ ज्ञानप्रकाश साहू, को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। डेढ़ साल से फरार योगेश कुमार साहू (35), निवासी पामवुड रेसिडेंसी, कातुलबोर्ड, थाना मोहन नगर, जिला दुर्ग, छत्तीसगढ़ को पुलिस ने गिरफ्तार किया। रिमांड अवधि में आरोपी से ठगी की राशि और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं पर पूछताछ की जा रही है। बैतूल पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन के निर्देशन और अधिकारियों के मार्गदर्शन में हुई कार्रवाई में थाना प्रभारी विजय सिंह ठाकुर सहित पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस ने लोगों से ऑनलाइन निवेश में सावधानी बरतने की अपील की है।
गोरखपुर में ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (GBC) 5.0 को लेकर तैयारी तेज हो गई है। मंडल में लगभग 6321 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतरने को तैयार हैं। इसमें सर्वाधिक निवेश गोरखपुर में हो रहा है। मंडल में 10 हजार 999 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्ताव गत वर्ष इंवेस्टर्स समिट में मिला था। कमिश्नर अनिल ढींगरा ने मंगलवार की शाम गीडा की सीईओ अनुज मलिक एवं अन्य अधिकारियों के साथ GBC 5.0 को लेकर बैठक की। कमिश्नर ने कहा कि नए उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सभी अधिकारी सहयोग करें। अधिकारी हर तरह का सहयोग प्रदान करें, जिससे किसी भी उद्यमी को कोई परेशानी न होने पाए। आने वाले समय में गोरखपुर मंडल के जिलों में नए उद्योग स्थापित होने से रोजगार का सृजन होगा। जिससे यहां के युवकों को यहीं रोजगार मिल सकेगा। जानिए किस जिले में कौन प्रमुख इकाइयां लगेंगी गोरखपुर में अडाणी समूह की अंबुजा सीमेंट, कोका कोला की बाटलिंग कंपनी अमृत बॉटलर्स, श्रेयस डिस्टिलरी, एपीएल अपोलो ट्यूब््स लिमिटेड, समर कूल होम अप्लायंसेज सहित लगभग 272 औद्योगिक इकाइयां स्थापित होंगी। इसी तरह महराजगंज जिले में शांति फाउंडेशन की ओर से निजी विश्वविद्यालय, राइस मिल, मुरमुरा प्लांट सहित 57 इकाइयां स्थापित होंगी। कुशीनगर जिले में गोल्डेन बेकरी, फ्लोर मिल, होटल सहित 90 इकाइयों की स्थापना होनी है। इसी तरह देवरिया जिले में फॉरेवर डिसनरी का विस्तारीकरण होगा, आर्यन फिश फीड सहित 59 औद्योगिक इकाइयां स्थापित होंगी। जमीन का हो चुका है आवंटन जितनी इकाइयों को गोरखपुर में निवेश करना है, उनमें से अधिकतर को जमीन का आवंटन किया जा चुका है। अडाणी समूह एवं श्रेयस डिस्टिलरी को ग्रेटर गीडा यानी धुरियापार औद्योगिक टाउनशिप में जमीन उपलब्ध कराई गई है। इस टाउनशिप में रेलवे लिंक भी होगा। इसके साथ ही कोका कोला की बाटलिंग इकाई अमृत बॉटलर्स को सेक्टर 28 में जगह दी गई है। अन्य इकाइयों को भी गीडा के विभिन्न सेक्टरों में जमीन आवंटित की गई है।
पंजाब के CM भगवंत मान ने दिल्ली में कहा कि राज्य में निवेश करने का यह उपयुक्त समय है। सरकार ने निवेशकों के लिए समयबद्ध सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया है, जिससे सभी आवश्यक मंजूरियां तय समय में मिलती हैं। उन्होंने दावा किया कि 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' के मामले में पंजाब देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। सीएम ने कहा कि मोहाली देश की सिलिकॉन वैली बनने की ओर बढ़ रहा है। मोहाली अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से पांच मिनट के दायरे में उद्योगों के लिए जरूरी सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने अलग विभाग बनाया है। उन्होंने दावा किया कि अब तक पंजाब में करीब 2 लाख करोड़ रुपये का निवेश हुआ है, जिससे 5 लाख रोजगार मिला हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के पास 6 एयरपोर्ट हैं, जिनमें 2 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट शामिल हैं। रेलवे कनेक्टिविटी को भी मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने उद्योगपतियों से कहा कि पंजाब में संसाधनों और कुशल लोगों की कोई कमी नहीं है, अब सिर्फ उनके निवेश का इंतजार है। अब सीएम की स्पीच के 7 मेन प्वाइंट जानिए 1. टेक्सटाइल सेक्टर में निवेश की अपार संभावनाएं मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब का टेक्सटाइल सेक्टर आज भी देश के प्रमुख उद्योगों में शामिल है। लुधियाना देश के करीब 90 फीसदी होजरी और गारमेंट उद्योग का प्रमुख केंद्र है, जहां बड़े ब्रांड से लेकर एमएसएमई तक काम कर रहे हैं। इसके अलावा जालंधर और अमृतसर भी प्रमुख औद्योगिक शहर हैं। इसी वजह से पंजाब ने इस क्षेत्र में पार्टनर स्टेट बनने का फैसला लिया है। 2. उद्योगपति चुनावी फंड का जरिया नहीं, परिवार का हिस्सा मान ने कहा कि सरकार का काम उद्योगों को सुविधाएं देना और निवेश के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना है। उन्होंने कहा कि व्यापारी और उद्योगपति सरकार के लिए चुनावी फंड का जरिया नहीं, बल्कि परिवार का हिस्सा हैं। 3. उद्योगपति बोला, निवेश करेंगे, बस तंग मत करना मुख्यमंत्री ने एक किस्सा सुनाते हुए कहा कि सरकार बनने के बाद कई उद्योगपति उनसे मिलने आए। एक उद्योगपति ने कहा कि वह करोड़ों रुपये का निवेश करना चाहता है, लेकिन सरकार का सहयोग चाहिए। जब उन्होंने पूछा कि किस तरह का सहयोग चाहिए तो उद्योगपति ने हाथ जोड़कर कहा, बस हमें तंग मत करना। सीएम ने कहा कि इससे पता चलता है कि पहले उद्योगों के साथ कैसा व्यवहार होता था। 4. पहले इंडस्ट्री को ATM की तरह इस्तेमाल किया जाता था सीएम ने आरोप लगाया कि पहले खराब माहौल से कई उद्योग पंजाब छोड़कर बद्दी और अन्य राज्यों में चले गए। उद्योगों को एटीएम की तरह इस्तेमाल किया जाता था, लेकिन उनकी सरकार ने यह व्यवस्था पूरी तरह बदल दी है। 5.पंजाब बिजली में सरप्लस राज्य मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब आज बिजली सरप्लस राज्य है। राज्य सरकार की तीन और निजी क्षेत्र की दो कोयला खदानें हैं। पंजाब को हर साल करीब 70 लाख मीट्रिक टन कोयला मिलता है और फिलहाल दो महीने का कोयला स्टॉक उपलब्ध है। इसलिए अब उद्योगों पर बिजली कटौती या किसी तरह का प्रतिबंध नहीं लगाया जाता। 6. उद्योगों के लिए 22 सलाहकार समितियां सीएम ने कहा कि सरकार ने उद्योगों के साथ लगातार संवाद बनाए रखा है। विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों के लिए 22-23 सलाहकार समितियां गठित की गई हैं। होटल उद्योग के लिए भी अलग समिति बनाई गई है, जिसमें उसी क्षेत्र के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। 7. इसी महीने आएगी एक और स्टील कंपनी मुख्यमंत्री ने बताया कि टाटा स्टील ने पंजाब में 3,200 करोड़ रुपये निवेश किए है। इसके अलावा आईची स्टील ने भी 2,600 करोड़ रुपये का निवेश किया है। उन्होंने कहा कि इसी महीने कंपनी शुरू होगी पंजाबी दुनिया भर में अपनी मेहनत और उद्यमशीलता के लिए जाने जाते हैं। पंजाब ऐसा राज्य है, जहां आने वाला कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं रहता और हर मुश्किल में लोग एक-दूसरे की मदद के लिए आगे आते हैं।
422 मेगावाट क्षमता वाली किशाऊ बहुउद्देश्यीय जलविद्युत परियोजना का समझौता ज्ञापन (MOU) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में भारत सरकार और साझेदार राज्यों के बीच जल्द हस्ताक्षरित होगा। MOU पर हस्ताक्षर से पहले केंद्र ने इसका प्रारूप परियोजना से जुड़े सभी राज्यों को भेजकर सुझाव और टिप्पणियां मांगी हैं। इसी सिलसिले में सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी मंगलवार को एमओयू के प्रारूप की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना के क्रियान्वयन में हिमाचल प्रदेश के अधिकारों और हितों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में हुई बैठक में 422 मेगावाट किशाऊ परियोजना के क्रियान्वयन पर सहमति बनी है। इसके तहत हिमाचल प्रदेश को परियोजना में कोई वित्तीय निवेश नहीं करना होगा, जबकि राज्य को हर वर्ष लगभग 600 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने पूर्व में तैयार एमओयू के प्रारूप को अस्वीकार कर प्रदेश के हितों को सुरक्षित रखने वाली नई शर्तों और प्रावधानों को सभी हितधारकों से मंजूरी दिलाई। इससे राज्य के दीर्घकालिक हित सुरक्षित हुए और परियोजना के क्रियान्वयन का रास्ता भी साफ हुआ। हरियाणा-दिल्ली-राजस्थान उठाएंगे बिजली कंपोनेंट खर्च मुख्यमंत्री ने कहा कि नई व्यवस्था के तहत सभी साझेदार राज्यों (हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान) को बिजली और पानी में उनका वैध हिस्सा मिलेगा। वहीं हिमाचल को अपनी जरूरत के अनुसार जलाशय से पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य ने यमुना बेसिन में 378 मिलियन घन मीटर पानी पर अपना अधिकार भी सुरक्षित किया है। बीबीएमबी के बकाया वसूली के प्रयास तेज: CM सुक्खू ने कहा कि किशाऊ परियोजना पर हुआ यह समझौता हिमाचल के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। इससे राज्य का वैध हिस्सा और दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित होंगे। राज्य सरकार भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) की परियोजनाओं से हिमाचल को मिलने वाली 13,066 मिलियन यूनिट बिजली के लंबित बकाये की वसूली के प्रयास भी तेज कर रही है। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद यह मामला करीब 15 वर्षों से लंबित है। आठ साल से चला आ रहा गतिरोध समाप्त मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार के प्रयासों से किशाऊ परियोजना में हिमाचल के वित्तीय योगदान को लेकर पिछले आठ वर्षों से चला आ रहा गतिरोध समाप्त हुआ है। इससे राज्य पर पड़ने वाला भारी वित्तीय बोझ टल गया। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने परियोजना में राज्य की हिस्सेदारी के रूप में लगभग 800 करोड़ रुपये देने पर सहमति जताई थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने इसका विरोध करते हुए ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की, जिसके तहत हिमाचल को परियोजना में कोई पूंजीगत निवेश नहीं करना होगा और राज्य को उसके सभी वैध लाभ मिलते रहेंगे। सीएम के अलावा ये अधिकारी रहे मौजूद मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव आरडी नजीम, प्रधान सचिव देवेश कुमार और हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक आबिद हुसैन सादिक उपस्थित रहे। मुख्य सचिव कमलेश कुमार पंत नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
सिर्फ बैंक FD के दम पर प्रशांत किशोर हर महीने छाप रहे ₹5 लाख, सामने आया कमाई का धांसू सीक्रेट
देश के सबसे चर्चित चुनावी रणनीतिकार और अब सक्रिय राजनीति में कदम रख चुके जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर (PK) अपनी तीखी राजनीतिक समझ के लिए तो जाने ही जाते हैं, लेकिन इस बार वे अपनी पर्सनल फाइनेंस और वेल्थ मैनेजमेंट स्ट्रेटेजी को लेकर सुर्खियों में आ गए हैं। अमूमन लोग मानते हैं कि अमीर लोग सिर्फ शेयर बाजार या रियल एस्टेट में ही रिस्की पैसा लगाकर बड़ी कमाई करते हैं, मगर प्रशांत किशोर ने निवेश का एक ऐसा सुरक्षित और सॉलिड तरीका दुनिया को दिखाया है जिसे देखकर हर कोई हैरान है। प्रशांत किशोर ने साबित कर दिया है कि अगर सही प्लानिंग के साथ 'पैसों को काम पर' लगाया जाए, तो बिना किसी रिस्क के भी हर महीने लाखों रुपये का बैंक बैलेंस तैयार किया जा सकता है। वे सिर्फ फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के ब्याज से हर महीने ₹5 लाख की तगड़ी कमाई कर रहे हैं।चुनावी हलफनामे से खुला प्रशांत किशोर की संपत्ति का बड़ा राजबिहार की राजनीति में अपनी नई बिसात बिछा रहे प्रशांत किशोर की इस छिपी हुई कमाई का खुलासा उनके द्वारा हाल ही में दाखिल किए गए आधिकारिक दस्तावेजों और वित्तीय घोषणाओं के बाद हुआ है। चुनावी हलफनामे और संपत्ति के ब्योरे से यह साफ हो गया है कि उनके पास विभिन्न बैंकों में एक मोटी रकम फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में जमा है। बाजार के जानकारों और वेल्थ मैनेजर्स ने जब उनके इस बैंक बैलेंस और उस पर मिलने वाले सालाना ब्याज का गणित निकाला, तो यह चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया कि उनका सिर्फ एफडी का ब्याज ही महीने के करीब 5 लाख रुपये बैठता है।आखिर कितना पैसा जमा करने पर मिलती है इतनी मोटी ब्याज?अब देश भर के आम मिडिल क्लास निवेशकों और युवाओं के मन में सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर बैंक एफडी में कितना पैसा जमा किया जाए कि हर महीने ₹5 लाख की फिक्स इनकम होने लगे? बैंकिंग एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर मौजूदा समय में बैंकों की सुरक्षित एफडी पर 7 से 7.5 फीसदी का सालाना ब्याज मानकर चलें, तो हर महीने 5 लाख रुपये (यानी साल के ₹60 लाख) सिर्फ ब्याज से कमाने के लिए बैंक अकाउंट में करीब 8 से 8.5 करोड़ रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट होनी चाहिए। प्रशांत किशोर का यह निवेश मॉडल उन लोगों के लिए एक बड़ा सबक है जो मार्केट के उतार-चढ़ाव से डरते हैं और सुरक्षित रिटर्न चाहते हैं।दिल्ली-मुंबई से लेकर बिहार के गांवों तक पीके की इस स्ट्रेटेजी की चर्चाजियोग्राफिकल और लोकल लेवल पर देखें तो इस खबर के बाहर आते ही दिल्ली, मुंबई के कॉरपोरेट गलियारों से लेकर बिहार के पटना, मुजफ्फरपुर और चंपारण जैसे इलाकों के आम लोगों के बीच निवेश को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। बिहार के ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में पारंपरिक रूप से लोग जमीन खरीदने या बैंक में पैसा रखने को सबसे सुरक्षित मानते हैं। प्रशांत किशोर ने उसी पारंपरिक सोच को एक नए और बड़े स्तर पर लागू करके दिखाया है। स्थानीय वित्तीय सलाहकारों का कहना है कि पीके की यह स्ट्रेटेजी दर्शाती है कि राजनीति में एंट्री करने से पहले उन्होंने अपने पर्सनल फाइनेंस के किले को कितना मजबूत और सुरक्षित बना लिया है।एआई सर्च और आधुनिक जनरेटिव इंजन पर छा गया पीके का ये फाइनेंस मॉडलआधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO) और डिजिटल मीडिया ट्रेंड्स के विश्लेषण के मुताबिक, यह खबर इस समय इंटरनेट और एआई सर्च इंजनों पर सबसे तेजी से ट्रेंड कर रही है। गूगल और बिंग पर लोग लगातार 'Prashant Kishor monthly income source' और 'हाउ टू अर्न 5 लाख फ्रॉम एफडी' जैसे कीवर्ड्स खोज रहे हैं। एआई सर्च इंजन इस खबर को एक बड़े फाइनेंशियल लेसन के रूप में प्रमोट कर रहे हैं। प्रशांत किशोर के इस वेल्थ सीक्रेट ने यह साफ कर दिया है कि चाहे राजनीति हो या व्यक्तिगत जीवन, सही समय पर लिया गया सही रणनीतिक फैसला ही आपको सबसे मजबूत और आत्मनिर्भर बनाता है।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता (FTA) दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों को नई दिशा दे सकता है। इससे व्यापार बढ़ेगा, निवेश के नए अवसर बनेंगे और भारतीय कंपनियों के लिए न्यूजीलैंड के साथ ऑस्ट्रेलिया और प्रशांत क्षेत्र के बाजारों तक पहुंच आसान होगी। भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। वहीं न्यूजीलैंड कृषि, डेयरी, शिक्षा, तकनीक और सुशासन के लिए जाना जाता है। दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाएं एक-दूसरे की पूरक हैं। ऐसे में FTA दोनों देशों के लिए फायदे का सौदा साबित हो सकता है। भारतीय कंपनियों को मिलेगा नया बाजार ग्लोबल फाइनेंस सर्विसेज लिमिटेड केसंस्थापक एवं निदेशक अजय कुमार के मुताबिक, FTA लागू होने पर भारतीय IT, फार्मा, इंजीनियरिंग, मेडिकल उपकरण, टेक्सटाइल, फाइनेंशियल सर्विसेज और स्टार्टअप सेक्टर को न्यूजीलैंड के बाजार तक आसान पहुंच मिलेगी। साथ ही भारतीय कंपनियां न्यूजीलैंड के जरिए ऑस्ट्रेलिया और प्रशांत क्षेत्र के अन्य देशों में भी कारोबार बढ़ा सकेंगी। वहीं न्यूजीलैंड की कृषि, डेयरी, फूड प्रोसेसिंग, शिक्षा, पर्यटन और हाई-टेक कंपनियों को भारत जैसे बड़े उपभोक्ता बाजार तक पहुंच मिलेगी। भारतीय युवाओं के लिए बढ़ सकते हैं रोजगार के अवसर अजय कुमार कहते हैं- न्यूजीलैंड में स्वास्थ्य, शिक्षा, इंजीनियरिंग, निर्माण, सूचना प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में कुशल पेशेवरों की कमी है। अगर FTA के तहत पेशेवर योग्यताओं को पारस्परिक मान्यता मिलती है और वर्क परमिट की प्रक्रिया आसान होती है, तो भारतीय डॉक्टर, नर्स, इंजीनियर, शिक्षक और IT प्रोफेशनल्स के लिए रोजगार के नए अवसर खुल सकते हैं। कृषि और डेयरी में मिलेगा तकनीकी सहयोग न्यूजीलैंड आधुनिक डेयरी प्रबंधन, पशुपालन और टिकाऊ कृषि तकनीक के लिए दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन तकनीकों का उपयोग भारत में होने से किसानों की उत्पादकता बढ़ सकती है, डेयरी सेक्टर मजबूत होगा और फूड प्रोसेसिंग उद्योग को भी गति मिलेगी। तकनीक और स्टार्टअप सेक्टर में बढ़ेगा सहयोग दोनों देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), फिनटेक, साइबर सिक्योरिटी, डिजिटल पेमेंट और स्टार्टअप इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम कर सकते हैं। इससे दोनों देशों के स्टार्टअप और रिसर्च संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ेगा। निवेश बढ़ने की भी उम्मीद न्यूजीलैंड राजनीतिक स्थिरता, पारदर्शी प्रशासन और निवेशकों के अनुकूल नीतियों के लिए जाना जाता है। ऐसे में भारतीय उद्योगपतियों और निवेशकों के लिए वहां कारोबार बढ़ाने और वैश्विक विस्तार के नए अवसर बन सकते हैं। छोटे उद्योगों और किसानों के हितों का भी रखना होगा ध्यान विशेषज्ञों का कहना है कि FTA का पूरा लाभ तभी मिलेगा, जब सरकार घरेलू उद्योगों, MSME, किसानों और सेवा क्षेत्र के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। साथ ही गुणवत्ता मानकों, सीमा शुल्क प्रक्रिया और नियमों को भी सरल बनाना होगा। प्रवासी भारतीय निभा सकते हैं अहम भूमिका न्यूजीलैंड में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग स्वास्थ्य, शिक्षा, बैंकिंग, व्यापार और सेवा क्षेत्र में काम कर रहे हैं। यह समुदाय दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। क्या है FTA? मुक्त व्यापार समझौता (Free Trade Agreement-FTA) दो देशों के बीच ऐसा व्यापारिक समझौता होता है, जिसमें आयात-निर्यात पर लगने वाले शुल्क (टैरिफ) और अन्य व्यापारिक बाधाओं को कम या खत्म किया जाता है। इसका उद्देश्य व्यापार बढ़ाना, निवेश आकर्षित करना और दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना होता है। (लेखक अजय कुमार, ग्लोबल फाइनेंस सर्विसेज लिमिटेड, ऑकलैंड (न्यूज़ीलैंड) के संस्थापक एवं निदेशक हैं। आर्टिकल में व्यक्त विचार उनके निजी हैं।)
बड़े उतार-चढ़ाव के बाद सपाट बंद हुआ बाजार
मुंबई, वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार के सत्र में बड़े उतार-चढ़ाव के बाद भारतीय शेयर बाजार सपाट बंद हुआ।
भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की धमाकेदार वापसी
मुंबई, भारतीय शेयर बाजार में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) जुलाई में शुद्ध खरीदार रहे हैं और इस दौरान उन्होंने 15,000 करोड़ रुपए से भी अधिक का निवेश किया है।
भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर में आया 3.2 अरब डॉलर का निजी इक्विटी निवेश
नई दिल्ली, भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर में जनवरी-जून अवधि यानी 2026 की पहली छमाही में 3.2 अरब डॉलर का निजी इक्विटी निवेश आया है। इसमें सालाना आधार पर 33 प्रतिशत की बढ़त देखी गई है।
रुपए में स्थिरता लाने के बाद एफआईआई निवेश में हुई बढ़ोतरी: एसबीआई रिसर्च
नई दिल्ली, सरकार द्वारा पिछले महीने और ज्यादा विदेशी फंड आकर्षित करने और रुपए में उतार-चढ़ाव को स्थिर करने के उपाय घोषित किए जाने के बाद भारत में विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 7 अरब डॉलर निवेश किए हैं।
मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने से भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में खुला
मुंबई, मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने से भारतीय शेयर बाजार सोमवार के कारोबारी सत्र में लाल निशान में खुला। सुबह 9:18 पर सेंसेक्स 649 अंक या 0.84 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,920 और निफ्टी 184 अंक या 0.76 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 24,022 पर था।
एफपीआई निवेश को वापस लाने में भारत का मजबूत आर्थिक आधार कर रहा मदद: एक्सपर्ट्स
नई दिल्ली, सरकार की ओर से डेट निवेश के टैक्स नियमों में किए गए बदलाव विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) को आकर्षित करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
भोपाल में 'एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0' का शुभारंभ हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। मध्यप्रदेश को देश का प्रमुख तकनीकी और औद्योगिक हब बनाने के उद्देश्य से आयोजित इस कॉन्क्लेव में देश-विदेश के उद्योगपति, निवेशक और नीति विशेषज्ञ शामिल हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पिछले 12 सालों में भारत ने दुनिया में सबसे तेज गति से विकास करने वाले देशों में अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की पहचान पहले केवल कृषि क्षेत्र तक सीमित थी, लेकिन अब प्रदेश में ड्रोन से लेकर मिसाइल तक का निर्माण हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कॉन्क्लेव में 51 प्रकार की विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनके माध्यम से प्रदेश में करीब 40 हजार करोड़ रुपए के निवेश और लगभग 35 हजार रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह आयोजन मध्यप्रदेश को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव का यह तीसरा संस्करण है। पिछले वर्ष वे बार्सिलोना गए थे, जिसके बाद स्पेन, अमेरिका और कनाडा की कंपनियों ने मध्यप्रदेश में 228 करोड़ रुपए का निवेश किया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में बार्सिलोना यात्रा के दौरान 1 गीगावाट क्षमता वाले एआई डेटा सेंटर के लिए एमओयू हुआ था और अब उस कंपनी के प्रतिनिधि भोपाल पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश भविष्य की तकनीकों पर तेजी से काम कर रहा है। एआई डेटा सेंटर, साइंस सिटी और अन्य हाई-टेक सेक्टर प्रदेश के विकास की नई पहचान बन रहे हैं। इंदौर के सुपर कॉरिडोर में बनेगा नया आईटी पार्कइंदौर के सुपर कॉरिडोर पर 3,000 वर्गफुट क्षेत्र में आईटी पार्क विकसित किया जाएगा। यहां विश्वस्तरीय कंपनियों को प्लग एंड प्ले सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे बिना किसी अतिरिक्त इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किए तुरंत अपना संचालन शुरू कर सकें। भोपाल आईटी पार्क का होगा विस्तारभोपाल आईटी पार्क में करीब 4 लाख वर्गफुट क्षेत्र में एक अत्याधुनिक आईटी पार्क विकसित किया जाएगा। यहां भी विश्वस्तरीय डिजिटल सेवा कंपनियों को प्लग एंड प्ले सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। कोलार रोड पर भी बनेगा नया आईटी पार्कभोपाल के कोलार रोड क्षेत्र में 5 एकड़ भूमि पर एक नया आईटी पार्क विकसित किया जाएगा। यहां आधुनिक बहुमंजिला भवन बनाया जाएगा, जिसमें आईटी और डिजिटल सेक्टर की कंपनियों को संचालन के लिए स्थान उपलब्ध कराया जाएगा। इससे प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), नवाचार, अनुसंधान और उद्योग-अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए वह पूरी तरह प्रतिबद्ध है। युवाओं को मिलेंगे रोजगार के नए अवसर इस कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य मध्यप्रदेश को हाई-टेक उद्योगों का केंद्र बनाना है। कार्यक्रम के जरिए सेमीकंडक्टर (चिप निर्माण), डेटा सेंटर और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) जैसे आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा। इन बड़े उद्योगों के प्रदेश में आने से आईटी (IT), इंजीनियरिंग और तकनीकी क्षेत्र के स्थानीय युवाओं को अपने ही राज्य में बेहतरीन और उच्च वेतन वाली नौकरियां मिलेंगी। कार्यक्रम में तकनीकी विजन और निवेश पर रहा फोकस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित इस कॉन्क्लेव में आज राज्य सरकार के तकनीकी विजन को दुनिया के सामने रखा जाएगा। कार्यक्रम में कई महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदारियों और समझौतों (MoUs) का आदान-प्रदान होगा, जो राज्य के डिजिटल ढांचे को मजबूत करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम स्थल पर लगी तकनीकी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। देश-विदेश की दिग्गज कंपनियों का जमावड़ा इस कॉन्क्लेव में सीटीआरएलएस (CtrlS) डेटासेंटर्स, केन्स टेक्नोलॉजीस, फुजियामा पॉवर और न्योबोल्ट लिमिटेड जैसी देश-विदेश की नामी और प्रतिष्ठित कंपनियां शामिल हो रही हैं। इन कंपनियों के प्रतिनिधि आज निवेश और सहयोग की संभावनाओं पर अपने विचार रखेंगे। साथ ही, आईआईएम इंदौर (IIM Indore) और आईआईएसईआर (IISER) जैसे प्रमुख शैक्षणिक संस्थान भी इसमें शामिल हैं, जो युवाओं के कौशल विकास और अनुसंधान को बढ़ावा देंगे। पिछले आयोजनों का रिकॉर्ड एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव के पहले दो आयोजनों ने प्रदेश में निवेश की रफ्तार को नई गति दी है। इसके पहले एडिशन (कॉन्क्लेव 1.0) में राज्य को 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले थे, जिससे करीब 75 हजार रोजगार के अवसर बने। वहीं दूसरे एडिशन (कॉन्क्लेव 2.0) में 12 हजार करोड़ रुपए से अधिक का निवेश आया, जिससे 48 हजार युवाओं को रोजगार मिला। आज शुरू हो रहा तीसरा संस्करण इस सफलता को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा।
मोदी के इंडोनेशिया दौरे से व्यापार-निवेश को नई उड़ान: इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स
जकार्ता/नई दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंडोनेशिया दौरे को लेकर वहां रह रहे भारतीय समुदाय और कारोबारी जगत में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।
निवेशकों को आकर्षित करने में सफल रहा अदाणी ग्रुप
अहमदाबाद, अदाणी ग्रुप वैश्विक संस्थागत निवेशकों और भारत के बड़े म्यूचुअल फंड्स को आकर्षित करने में सफल रहा है और यह ग्रुप को लेकर निवेशकों के सेंटीमेंट में स्पष्ट बदलाव को दिखाता है।
दो वर्षों में बदली ओडिशा की तस्वीर: मोहन चरण माझी सरकार का विकास, सुशासन और निवेश मॉडल
जून 2024 में जब ओडिशा की जनता ने राज्य में पहली बार भारतीय जनता पार्टी को पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता सौंपी, तब यह केवल राजनीतिक परिवर्तन नहीं था, बल्कि विकास और सुशासन की नई अपेक्षाओं का जनादेश भी था।
सीतारमण का बड़ा बयान: विदेशी निवेश बढ़ने के लिए सरकार की नयी तैयारी
नई दिल्ली, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि सरकार देश में अधिक विदेशी पूंजी आकर्षित करने के लिए आगे भी कई कदम उठाएगी और बॉन्ड मार्केट के लिए हाल में घोषित उपाय इस दिशा में सिर्फ शुरुआत हैं।
निवेश की दुनिया में अक्सर लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि आखिर में अपनी गाढ़ी कमाई से बमुश्किल की जाने वाली बचत का रुपया-पैसा कहाँ लगाएं, जहां पर वह डूबे नहीं, बल्कि सुरक्षित भी रहे। ऐसे में आप अपना रुपया-पैसा पीपीएफ (Public Provident Fund) में लगाएं या एमएफ (Mutual Fund) में। क्योंकि सच यह है कि दोनों का उद्देश्य अलग-अलग है और सही समय पर सही विकल्प चुनना ही आपके लिए अधिक महत्वपूर्ण है। इसलिए आइए आज आपको बताते हैं कि कब पीपीएफ में निवेश करें और कब एमएफ में। पहले हम बात करते हैं कि पीपीएफ (PPF) में निवेश कब न करें? आपके लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि Public Provident Fund (PPF) उन लोगों के लिए बेहतर है जो अपनी पूंजी की सुरक्षा चाहते हैं। साथ ही एक निश्चित और जोखिम-मुक्त रिटर्न पसंद करते हैं। इसके अलावा, टैक्स भी बचाना चाहते हैं। और तो और, 15 वर्ष या उससे अधिक की लंबी अवधि के लिए निवेश कर सकते हैं। चूंकि इसका महत्वपूर्ण फंडा यह है कि PPF में हर महीने की 5 तारीख से पहले पैसा जमा करने पर उस महीने का ब्याज भी मिलता है। इसलिए यदि आप मासिक निवेश करते हैं तो 1 से 5 तारीख के बीच जमा करना अधिक फायदेमंद माना जाता है। इसे भी पढ़ें: FIR कराना हो जाएगा आसान, जब जानेंगे 2026 के कानून अब हम बात करते हैं कि Mutual Fund (MF) में कब निवेश करें? तो यह गांठ बांध लीजिए कि Mutual Fund उन निवेशकों के लिए बेहतर है जो महंगाई को मात देने वाला रिटर्न चाहते हैं। साथ ही लंबी अवधि (10-15 वर्ष या अधिक) के लिए निवेश कर सकते हैं। इसके अलावा, कुछ उतार-चढ़ाव (रिस्क) सहन कर सकते हैं। और तो और संपत्ति निर्माण (Wealth Creation) का लक्ष्य रखते हैं। चूंकि इसका महत्वपूर्ण फंडा यह है कि Mutual Fund में सही समय पकड़ने की बजाय SIP (Systematic Investment Plan) के जरिए नियमित निवेश करना अधिक प्रभावी माना जाता है। जो कि बाजार ऊपर हो या नीचे, SIP लागत को औसत कर देती है। सवाल है कि किसे चुनें? आपके निवेशक का लक्ष्य क्या है? आपके पास बेहतर विकल्प क्या है? आपकी पूंजी सुरक्षा कितनी है। चूंकि पीपीएफ से टैक्स बचत होती है, रिटायरमेंट के लिए सुरक्षित फंड रहता है और लंबी अवधि में अधिक रिटर्न रिटर्न मिलता है। जबकि म्युचुअल फंड धन सृजन (Wealth Creation) के लिए अच्छा है, बशर्ते कि आप संतुलित रणनीति अपनाएं। जहां तक PPF और Mutual Fund में सबसे असरदार रणनीति की बात है तो वित्तीय विशेषज्ञ अक्सर सलाह देते हैं कि निवेशक दोनों का संयोजन रखें। एक ओर सुरक्षा और टैक्स लाभ के लिए PPF अच्छा है तो संपत्ति निर्माण और महंगाई से आगे निकलने के लिए Equity Mutual Fund SIP बेहतर है। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई व्यक्ति हर महीने ₹10,000 निवेश करना चाहता है, तो वह ₹3,000–₹4,000 PPF में और शेष राशि अच्छे इक्विटी म्यूचुअल फंड की SIP में लगा सकता है। इससे सुरक्षा और वृद्धि दोनों का लाभ मिल सकता है। निष्कर्षतः यह कहा जा सकता है कि यदि आपका लक्ष्य पूंजी की सुरक्षा है तो PPF बेहतर है। और यदि आपका लक्ष्य लंबी अवधि में बड़ा धन बनाना है तो Mutual Fund अधिक उपयुक्त हो सकता है। वहीं, दोनों का संतुलित मिश्रण अधिकांश निवेशकों के लिए व्यावहारिक और प्रभावी रणनीति साबित हो सकता है। हाँ, यहां पर यह सदैव ध्यान रखें कि Mutual Fund बाजार जोखिमों के अधीन हैं, जबकि PPF अपेक्षाकृत सुरक्षित सरकारी योजना है। लिहाजा, निवेश का निर्णय अपनी आयु, लक्ष्य, जोखिम क्षमता और समयावधि को ध्यान में रखकर करें। - कमलेश पांडेय वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार
जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा से करोड़ों की ठगी, प्रॉपर्टी निवेश के नाम पर लिए 17 करोड़ रुपए
मायानगरी में धोखाधड़ी के किस्से अक्सर सामने आते रहते हैं। अब बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा जाफरी धोखाधड़ी का शिकार हो गई हैं। हबीबा जाफरी से संपत्ति निवेश के नाम पर करीब 17.5 करोड़ रुपए की ठगी की गई है।
अरशद वारसी पर लगा शेयर मार्केट में बैन, जानिए क्या है मामला
बॉलीवुड एक्टर अरशद वारसी और उनकी पत्नी मारिया गोरेट्टी समेत 57 लोगों पर शेयर बाजार नियामक SEBI ने बैन लगा दिया है। उन्हें 1 साल के लिए सिक्योरिटी मार्केट से प्रतिबंधित कर दिया है। सेबी का कहना है कि ये लोग मार्केट में धोखाधड़ी जैसे कामों में पाए गए।
काजोल ने किया रियल एस्टेट में निवेश, खरीदी इतने करोड़ की कमर्शियल प्रॉपर्टी
बॉलीवुड एक्ट्रेस काजोल ने इंडस्ट्री में एक अलग मुकाम हासिल किया है। काजोल भले ही फिल्मों में कम नजर आती हो, लेकिन वह सुर्खियों में बनी रहती हैं। काजोल ने अब एक्टिंग के साथ-साथ रियल एस्टेट में भी कदम रख दिया है। काजोल ने मुंबई के गोरेगांव वेस्ट ...
जानिए क्यों पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास पर है 2100 करोड़ रुपए निवेश
पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास अपने करियर के शानदार दौर से गुजर रहे हैं, और निर्विवाद रूप से अखिल भारतीय सुपरस्टार के रूप में अपनी जगह पक्की कर रहे हैं। बाहुबली, सलार, कल्कि 2898 एडी जैसी बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने वाली फिल्मों के साथ, उन्होंने भारतीय ...
खतरों के खिलाड़ी सीजन 14 के कंटेस्टेंट अभिषेक कुमार जिन्होंने बिग बॉस 17 में अपने कार्यकाल से काफी लोकप्रियता हासिल की, अपने आकर्षक व्यक्तित्व से लोगों के दिलों पर राज कर रहे हैं। विवादित रियलिटी शो में उनकी भागीदारी ने उन्हें स्टार बना दिया और उन्हें रातोंरात सफलता दिलाई। अभिषेक जो वर्तमान में रोहित शेट्टी के शो खतरों के खिलाड़ी 14 में हैं, ने साझा किया कि वह एक प्रोडक्शन हाउस खोलना चाहते हैं। इसे भी पढ़ें: Kartik Aaryan का खुलासा, Pyaar Ka Punchnama की सफलता के बावजूद उनके पास ‘कोई ऑफर नहीं था, कोई पैसा नहीं था ईटाइम्स टीवी के साथ एक इंटरव्यू में, अभिषेक ने खुलासा किया कि वह भविष्य के लिए पैसे बचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता चाहते हैं कि वह मुंबई में एक घर खरीदें, लेकिन वह एक व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। अभिषेक ने कहा कि वह एक उद्यमी बनना चाहते हैं और उनके बड़े सपने हैं जिन्हें वह हासिल करना चाहते हैं। अभिषेक कुमार मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते इंटरव्यू में, अभिषेक ने कहा कि उन्होंने पैसे बर्बाद करना बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते क्योंकि शहर काफी महंगा है और कहा कि किराए पर रहना एक समझदारी भरा फैसला है। उन्होंने यहां तक कहा कि घर खरीदने में बड़ी रकम लगाने और फिर हर महीने लोन के रूप में बैंक को बड़ी EMI चुकाने का कोई मतलब नहीं है। इसे भी पढ़ें: Karan Johar को कोर्ट से मिली राहत, फिल्म Shaadi Ke Director Karan Aur Johar की रिलीज परह लगी रोक अभिषेक ने कहा कि वह अपना पैसा निवेश करना चाहते हैं और उस पर ब्याज पाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह रवि दुबे और सरगुन मेहता की तरह एक प्रोडक्शन हाउस स्थापित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि उनका परिवार चंडीगढ़ में घर खरीदे, लेकिन मुंबई में नहीं क्योंकि वे वहीं रह सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह पैसे बचाना चाहते हैं और कोई दूसरा व्यवसाय शुरू करने में निवेश कर सकते हैं। KKK 14 की बात करें तो शिल्पा शिंदे शो से बाहर हो गईं। एक यूट्यूब चैनल के अनुसार, सनी वरुण ने बात की, गश्मीर, करणवीर, अदिति और अभिषेक ने निष्कासन स्टंट किया।

37 C
