छत्तीसगढ़ के धमतरी में पुलिस को नशे के व्यापारियों पर बड़ी कार्रवाई में सफलता मिली है। मुंबई स्थित SAFEMA कोर्ट ने नशे से अर्जित अवैध संपत्ति फ्रीज करने का आदेश पारित किया है। जिले में पहली बार SAFEMA/NDPS एक्ट के तहत नशे के कारोबार से जुड़ी 35.85 लाख रुपए से अधिक की चल-अचल संपत्ति फ्रीज की गई है। नगर पुलिस और सिटी कोतवाली थाना प्रभारी ने वित्तीय विश्लेषण और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से जुड़े आरोपियों की संपत्तियों की जानकारी जुटाई। जांच में उनके बैंक खातों, फिक्स्ड डिपॉजिट, बीमा योजनाओं, वाहनों और अचल संपत्तियों में किए गए निवेश का खुलासा हुआ। पैसों को कई जगह किए थे निवेश इन संपत्तियों को NDPS एक्ट 1985 की धारा 68F के तहत फ्रीज करने की कार्रवाई की गई। इन प्रकरणों को सक्षम प्राधिकारी SAFEMA/NDPSA, मुंबई के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। प्रथम SAFEMA प्रकरण में आरोपी आरती रजक (पत्नी स्व. राम रजक) से संबंधित बैंक खातों और निवेशित राशि की जांच की गई। इसमें कुल 12 लाख 93 हजार 636.76 रुपए मूल्य की संपत्ति फ्रीज की गई है। फ्रीज की गई संपत्तियों में बैंक खाते, फिक्स्ड डिपॉजिट और अन्य वित्तीय निवेश शामिल हैं। दूसरे मामले में आरोपी करण सिंह धुरी, उनकी पत्नी उषा बाई धुरी और पुत्री जाइका धुरी से संबंधित बैंक खातों, वाहनों और अचल संपत्तियों सहित कुल 22 लाख 91 हजार 479.75 रुपए मूल्य की संपत्ति फ्रीज की गई।
भारतीय शेयर बाजार में पिछले पांच कारोबारी सत्रों से जारी गिरावट का सिलसिला सोमवार को आखिरकार थम गया। वैश्विक स्तर पर तनाव कम होने और कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट के बाद घरेलू बाजार में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली। इस तेजी के चलते BSE ...
लगातार 5 दिनों की गिरावट के बाद बाजार में छाई हरियाली
मुंबई, अमेरिका और ईरान द्वारा हमलों को स्थगित करने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट के चलते हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार शानदार तेजी के साथ हरे निशान में बंद हुआ।
वेदांता की इस दिग्गज कंपनी ने खोला ₹25,000 करोड़ का पिटारा, बाजार में मचेगी हलचल
भारतीय कॉर्पोरेट जगत और शेयर बाजार के निवेशकों के लिए वेदांता समूह की ओर से एक बेहद बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाले वेदांता ग्रुप की प्रमुख सहयोगी कंपनी हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (Hindustan Zinc) ने देश के माइनिंग और मेटल सेक्टर में एक नया इतिहास रचने का पूरा खाका तैयार कर लिया है। कंपनी ने भारतीय बाजार में अपनी स्थिति को और मजबूत करने के लिए अगले 3 से 5 सालों में 25,000 करोड़ रुपये के विशालकाय निवेश (Mega Investment Plan) की घोषणा की है। इस भारी-भरकम निवेश की खबर के बाद से ही बाजार के जानकारों और निवेशकों के बीच हलचल काफी तेज हो गई है।क्या है हिंदुस्तान जिंक का यह 25 हजार करोड़ का मेगा प्लान?हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के इस बड़े कदम का मुख्य उद्देश्य अपनी उत्पादन क्षमता को दोगुना करना है। कंपनी इस फंड का इस्तेमाल मुख्य रूप से राजस्थान के उदयपुर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और राजसमंद जिलों में स्थित अपनी प्रमुख खदानों (Mines) और स्मेल्टिंग प्लांट्स के आधुनिकीकरण और विस्तार के लिए करेगी। कंपनी का लक्ष्य अपने मौजूदा मेटल प्रोडक्शन को 1.2 मिलियन टन से बढ़ाकर सीधे 2 मिलियन टन प्रति वर्ष तक पहुंचाना है। इस विस्तार योजना में पर्यावरण अनुकूल और सस्टेनेबल माइनिंग तकनीकों पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया जाएगा।वेदांता ग्रुप और शेयर बाजार के निवेशकों पर क्या होगा असर?हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड का यह कदम मूल कंपनी वेदांता लिमिटेड (Vedanta Ltd) के लिए एक बहुत बड़ा गेम-चेंजर साबित हो सकता है। वेदांता समूह इस समय अपने कर्ज को कम करने और विभिन्न सेक्टरों में डिमर्जर (Dimerger) की प्रक्रिया पर काम कर रहा है। ऐसे में हिंदुस्तान जिंक से मिलने वाला मजबूत कैश फ्लो और भविष्य की ग्रोथ वेदांता के बैलेंस शीट को भारी सपोर्ट देगी। इस बड़े निवेश की खबर से आने वाले दिनों में वेदांता और हिंदुस्तान जिंक दोनों के शेयरों में निवेशकों की तगड़ी खरीदारी देखने को मिल सकती है, जिससे शेयर बाजार के सूचकांकों को भी बूस्ट मिलेगा।स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को मिलेगा जबरदस्त बूस्टर डोजभौगोलिक और स्थानीय स्तर पर देखें तो इस मेगा प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा फायदा राजस्थान को मिलने वाला है। 25,000 करोड़ रुपये के निवेश से स्थानीय स्तर पर हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। खदानों के आस-पास के ग्रामीण इलाकों में इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास होगा और लोकल वेंडर्स व एमएसएमई (MSME) सेक्टर को बड़े पैमाने पर बिजनेस मिलेगा। इसके अलावा, राज्य सरकार को रॉयल्टी और टैक्स के रूप में भारी राजस्व (Revenue) मिलने की उम्मीद है, जिससे पूरे प्रदेश की आर्थिक तस्वीर में एक सकारात्मक बदलाव आएगा।
शेयर बाजार में बंपर तेजी! सेंसेक्स 600 अंक उछला, निफ्टी 23,950 पार, CarTrade Tech के शेयर रॉकेट बने
घरेलू शेयर बाजार में लगातार जारी उतार-चढ़ाव के बीच आज निवेशकों के लिए बेहद शानदार और राहत भरी खबर सामने आई है। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत जबरदस्त तेजी और हरियाली के साथ हुई है। शुरुआती कारोबार में ही बम्बई स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स (Sensex) 600 से अधिक अंकों की छलांग लगाकर मजबूत स्थिति में ट्रेड कर रहा है। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (Nifty 50) भी 180 अंकों से ज्यादा की बढ़त दर्ज करते हुए 23,950 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया है। बाजार में आए इस बूम से दलाल स्ट्रीट में रौनक लौट आई है।वैश्विक बाजारों से मिले मजबूत संकेत और घरेलू खरीदारी का बूस्टर डोजबाजार के विश्लेषकों और ब्रोकरेज फर्म्स का मानना है कि आज की इस बड़ी तेजी के पीछे अमेरिकी बाजारों (Nasdaq और S&P 500) से मिले सकारात्मक संकेत और एशियाई बाजारों में लौटी मजबूती सबसे बड़ी वजह है। इसके साथ ही, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की ओर से बिकवाली का दबाव कम होने और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) द्वारा बैंकिंग, ऑटो और आईटी सेक्टर्स में की जा रही चौतरफा खरीदारी ने बाजार को तगड़ा सपोर्ट दिया है। अधिकांश सेक्टोरल इंडेक्स आज हरे निशान में कारोबार कर रहे हैं, जिससे रिटेल निवेशकों का सेंटिमेंट भी काफी मजबूत हुआ है।कारट्रेड टेक (CarTrade Tech) के शेयरों में 11% का जोरदार ब्लास्टआज के शुरुआती सत्र में सबसे ज्यादा सुर्खियां ऑनलाइन ऑटो क्लासिफाइड प्लेटफॉर्म कारट्रेड टेक (CarTrade Tech) के शेयर बटोर रहे हैं। कंपनी के शेयरों में शुरुआती ट्रेड में ही 11% से ज्यादा का तूफानी उछाल दर्ज किया गया है, जिसके बाद यह शेयर अपने नए शॉर्ट-टर्म हाई पर पहुंच गया है। हाल ही में आए मजबूत तिमाही नतीजों (Quarterly Results) और कंपनी द्वारा भविष्य की विकास योजनाओं को लेकर किए गए बड़े बदलावों के चलते निवेशकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। वॉल्यूम में भारी बढ़ोतरी के साथ इस शेयर में जमकर खरीदारी हो रही है।आज के टॉप गेनर्स और किन सेक्टर्स में दिख रही है चमक?कारट्रेड टेक के अलावा आज बाजार को ऊपर ले जाने में टाटा मोटर्स, मारुति सुजुकी, इंफोसिस, आईसीआईसीआई बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी दिग्गज कंपनियों का बड़ा योगदान है। निफ्टी के टॉप गेनर्स में ऑटो और आईटी स्टॉक्स सबसे आगे चल रहे हैं। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी 1.5% तक की तेजी दर्ज की जा रही है, जो यह दर्शाती है कि बाजार में ब्रॉडर लेवल पर रिकवरी हो रही है। जानकारों के मुताबिक, अगर निफ्टी 23,950 के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहता है, तो बहुत जल्द यह 24,000 के ऐतिहासिक स्तर को दोबारा छू सकता है।
सोनीपत में क्रिप्टोकरेंसी में निवेश किए 11 लाख रुपए के विवाद में महिला की आंख फोड़ दी। दावा है कि सात लोग महिला के घर में जबरन घुसे और उसपर बंदूक की बट से अटैक किया। उसके बाल नोचे और कपड़े फाड़ दिए। बचाने आए पति-बेटे और को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया और ईंट-लाठी से हमला कर दिया। मारपीट का वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो में महिला और उसके परिवार को पीटा जा रहा है। पति और बेटे को भी गंभीर चोटें आईं। इसके बाद पड़ोसियों ने घटना की सूचना डायल-112 पर दी और घायलों को पहले सिविल अस्पताल और बाद में गंभीर हालत के चलते पीजीआई रोहतक रेफर किया गया। दरअसल, महिला के परिवार ने तीन साल पहले क्रिप्टोक्रेंसी में निवेश किया था और उसपर अच्छा ब्याज मिलता था। इसके बाद उन्होंने अपने रिश्तेदारों को भी ये बताया तो उन्होंने भी पैसा लगा दिया। जब 2 साल बाद पैसे मिलने बंद हो गए तो रिश्तेदार उन्हीं से पैसे मांगने लगे थे। उधर, पुलिस ने शिकायत और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की अलग-अलग तस्वीर देखिए… पहले जानिए VIDEO में क्या दिख रहा… अब पढ़िए, पूरा मामला क्या है…. 3% मुनाफे का लालच देकर ₹19 लाख निवेश करवाया देवनगर ककरोई रोड निवासी पीड़िता उर्मिला (62) के बेटे अभिनव ने बताया कि वो मर्चेंट नेवी में नेविगेशन ऑफिसर। उन्होंने साल 2023 में गोहाना निवासी देवेंद्र के पास क्रिप्टोकरेंसी में करीब ₹8 लाख निवेश किए थे। देवेंद्र ने हर महीने 3% ब्याज देने का भरोसा दिया था। इसके बाद उर्मिला के कहने पर उनकी रिश्तेदार ममता ने करीब ₹3 लाख और गीता ने ₹8 लाख निवेश किए। शुरुआती दौर में सभी को तय ब्याज मिलता रहा, लेकिन वर्ष 2025 में भुगतान बंद हो गया। पैसे वापस नहीं मिले तो उर्मिला का नाम आया अभिनव के मुताबिक निवेशकों ने कई बार अपनी रकम वापस मांगी। पिछले महीने हुई बैठक में देवेंद्र ने चेक के जरिए सभी का पैसा लौटाने का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में वह मुकर गया। आरोप है कि देवेंद्र ने ममता और गीता से कहा कि सभी की रकम उर्मिला के खाते में भेज दी गई है और अब वे उर्मिला से पैसे लें। उर्मिला ने इस दावे को गलत बताते हुए कहा कि उनके खाते में कोई रकम नहीं आई। पैसों लेने के लिए घर पहुंचकर पीटा उर्मिला के इनकार करने के बाद दोनों पक्षों के बीच फोन पर कहासुनी होती रही। आरोप है कि इसी विवाद के चलते 21 जुलाई की शाम करीब 6 बजे सात लोग उर्मिला के घर पहुंच गए और मारपीट की। इसमें गीता-ममता के साथ प्रमोद उर्फ मनसा, दिनेश शामिल रहे, जबकि तीन अन्य अज्ञात बताए गए हैं। घर में घुसकर महिला की आंख फोड़ी शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने जबरन घर में घुसकर पूरे परिवार पर लाठी-डंडों और ईंट से हमला किया। उर्मिला का आरोप है कि प्रमोद उर्फ मनसा ने पहले उन्हें लात मारकर गिराया, फिर छाती पर पैर रखकर कपड़े फाड़ दिए और बंदूक की बट से आंख पर वार किया। हमले में उनकी आंख गंभीर रूप से घायल हो गई। उनका कहना है कि पड़ोसी बीच-बचाव नहीं करते तो उनकी जान जा सकती थी। पति-बेटे और बहू को भी पीटा उर्मिला के मुताबिक दिनेश और एक अन्य आरोपी ने उनके पति शिवचरण पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया, जिससे उनके सिर, चेहरे और जबड़े पर गंभीर चोटें आईं और वह बेहोश हो गए। बेटे अभिनव की छाती और कमर पर भी कई वार किए गए। वहीं बहू प्रिया को गीता और ममता ने थप्पड़ मारे। शोर सुनकर आसपास के लोग पहुंचे तो आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। PGI रेफर, वीडियो और सबूत पुलिस को दिए घटना के बाद डायल-112 पर सूचना दी गई। सभी घायलों को पहले सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां से उर्मिला और उनके पति शिवचरण की गंभीर हालत को देखते हुए पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया। उर्मिला का कहना है कि आंख से लगातार खून बहने के कारण बाद में निजी अस्पताल में भी इलाज कराना पड़ा। पीड़ित परिवार ने घटना की वायरल वीडियो, फटे कपड़े और मेडिकल लीगल रिपोर्ट (एमएलआर) पुलिस को सौंप दी है। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की पुलिस ने उर्मिला, शिवचरण और अभिनव की मेडिकल रिपोर्ट तथा शिकायत के आधार पर थाना शहर सोनीपत में एफआईआर दर्ज कर ली। सिटी थाना एएसआई सुरेंद्र ने बताया कि मामले में पुलिस जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी होगी। विवाद पैसों के लेनदेन से जुड़ा हुआ है।
सोमवार, 27 जुलाई 2026 के कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार के बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी 50 के हरे निशान के साथ मजबूत शुरुआत करने की पूरी उम्मीद है। पिछले सत्र में गिरावट का सामना करने वाले दलाल स्ट्रीट के लिए आज का दिन राहत भरा साबित हो सकता है। ग्लोबल मार्केट से मिल रहे सकारात्मक संकेतों, अमेरिका-ईरान के बीच तनाव घटने और कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट के चलते आज शेयर बाजार में जोरदार उड़ान देखने को मिल सकती है। निवेशकों की धारणा को मजबूत करने वाले ऐसे ही 7 प्रमुख संकेतों और बाजार के लेटेस्ट अपडेट पर आइए एक नजर डालते हैं।1. गिफ्ट निफ्टी दे रहा है शानदार गैप-अप की शुरुआत का संकेतभारतीय शेयर बाजार के लिए प्री-ओपनिंग में ही अच्छी खबर सामने आ रही है। गिफ्ट निफ्टी (GIFT Nifty) आज 23,934 के आसपास कारोबार करता नजर आया, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद भाव से करीब 127.5 अंकों का मजबूत प्रीमियम है। यह साफ तौर पर इस बात का संकेत दे रहा है कि आज घरेलू बाजार की शुरुआत एक शानदार गैप-अप के साथ हो सकती है।2. कच्चे तेल (Crude Oil) के दामों में 5% की बड़ी गिरावटबाजार के लिए सबसे बड़ी राहत की खबर क्रूड ऑयल के मोर्चे से आई है। ईरान द्वारा हमलों को रोकने की घोषणा करने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 5% से अधिक की भारी गिरावट दर्ज की गई है। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड फिसलकर करीब 92 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है, जबकि यूएस डब्ल्यूटीआई क्रूड भी गिरकर लगभग 85 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहा है। तेल सस्ता होने से भारत जैसे आयातक देशों को बड़ा आर्थिक फायदा मिलता है।3. एशियाई बाजारों में चौतरफा जोरदार तेजीवैश्विक मोर्चे पर एशियाई बाजारों की शुरुआत भी आज जबरदस्त बढ़त के साथ हुई है। जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 0.24% और टॉपिक्स 0.60% मजबूत हुआ है। इसके अलावा दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 0.44% और स्मॉल-कैप कोस्डैक 1.49% की छलांग के साथ कारोबार कर रहा है। ऑस्ट्रेलिया का बेंचमार्क S&P/ASX 200 भी 0.97% की तेजी के साथ हरे निशान में है, जिसका सकारात्मक असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिलेगा।4. अमरीकी बाजार वॉल स्ट्रीट से मिले मजबूत संकेतसप्ताहांत में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के बाद वॉल स्ट्रीट के फ्यूचर्स में भी अच्छी तेजी देखने को मिली। अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स में रविवार रात जोरदार उछाल दर्ज हुआ। डॉऊ जोन्स फ्यूचर्स में 244 अंक (0.5%) की बढ़त आई, एसएंडपी 500 फ्यूचर्स 0.6% चढ़ा, जबकि टेक शेयरों की अगुवाई वाले नैस्डैक 100 फ्यूचर्स ने 1.2% की शानदार तेजी के साथ मार्केट का नेतृत्व किया।5. अमेरिका-ईरान तनाव में नरमी और युद्ध के माहौल पर ब्रेकईरान पर पिछले 13 दिनों से लगातार चल रहे हमलों के बाद शुक्रवार देर रात से अमेरिका ने फिलहाल नए हमलों से परहेज किया है। इससे भू-राजनीतिक तनाव में काफी कमी आई है। वहीं, ईरान की सेना ने भी यह बयान दिया है कि तेहरान ने अपनी जवाबी सैन्य प्रतिक्रियाओं को फिलहाल रोक दिया है। हालांकि यमन के हूती विद्रोहियों की कुछ छिटपुट हरकतों के बावजूद ग्लोबल लेवल पर युद्ध का डर कम हुआ है, जिससे शेयर बाजारों ने राहत की सांस ली है।6. आज आने वाले हैं दिग्गज कंपनियों के Q1 नतीजेकॉर्पोरेट जगत के लिहाज से भी आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। आज देश भर की करीब 68 प्रमुख कंपनियां अपनी अप्रैल-जून तिमाही (Q1 FY27) के वित्तीय परिणाम घोषित करने वाली हैं। इनमें भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL), कोल इंडिया, इंडस टावर्स, कोफोर्ज, केनरा बैंक और टाटा पावर जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल हैं। इन कंपनियों के नतीजों के आधार पर आज चुनिंदा शेयरों में जबरदस्त एक्शन देखने को मिल सकता है।7. सोने की कीमतों में एक फीसदी से अधिक की तेजीकमोडिटी मार्केट की बात करें तो आज सोने के भावों में फिर से उछाल आया है। वैश्विक मांग और निवेश के कारण सोने की कीमतें सोमवार को 1% से ज्यादा चढ़ गईं। स्पॉट गोल्ड बढ़कर 4,103.99 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि अगस्त डिलीवरी वाला अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 0.9 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,106.10 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है।
Gold Price Fall 2026: अपने पीक से 37,000 रुपये धड़ाम हुआ सोना! जानें क्या यह है निवेश का सही समय
साल 2026 की शुरुआत में आसमान छूने वाली सोने की कीमतों (Gold Price Today) में अब भारी गिरावट देखने को मिल रही है। जनवरी 2026 में भारत में सोना 1 लाख 80 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के अपने रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया था, जो अब घटकर करीब 1.43 लाख रुपये पर आ गया है। यानी सोना अपने उच्चतम स्तर से सीधा 37,000 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो चुका है। वैश्विक स्तर पर भी सोने की चमक फीकी पड़ी है और जनवरी के 5,602 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर से करीब 28 फीसदी टूटकर यह अब 4,040 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा है। ऐसे में निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या लगातार गिरते बाजार में अब सोना खरीदना चाहिए या अभी कीमतों में और गिरावट आने का इंतजार करना चाहिए?सोने की कीमतों में भारी गिरावट के प्रमुख कारणआर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, सोने की कीमतों पर दबाव के पीछे दो सबसे बड़े कारण हैं: पहला, अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) की सख्त मौद्रिक नीति और दूसरा, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव। फेड के चेयरमैन केविन वॉर्श ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी प्राथमिकता सिर्फ महंगाई पर काबू पाना है। बाजार को उम्मीद नहीं है कि निकट भविष्य में ब्याज दरों में कोई कटौती होगी, बल्कि सितंबर की बैठक में दरें और बढ़ने की आशंका है। जब ब्याज दरें ज्यादा होती हैं, तो निवेशक सोने के बजाय बेहतर रिटर्न देने वाले अन्य विकल्पों की ओर रुख करते हैं, जिससे गोल्ड पर दबाव बढ़ता है। इसके अलावा ईरान युद्ध, सैन्य कार्रवाई और कच्चे तेल की कीमतों में जारी अनिश्चितता का भी सोने के ग्लोबल मार्केट पर गहरा असर पड़ा है।क्या अब सोना खरीदना फायदे का सौदा है? ( ऐतिहासिक आंकड़े)अगर आप सोने में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो इसके ऐतिहासिक ट्रेंड को समझना बेहद जरूरी है। भले ही शॉर्ट टर्म में सोने में भयंकर उतार-चढ़ाव देखा जा रहा हो, लेकिन लॉन्ग टर्म में गोल्ड हमेशा मुनाफे का सौदा रहा है। पिछले 30 सालों के आंकड़ों पर नजर डालें तो सोने ने निवेशकों को करीब 950 फीसदी का शानदार रिटर्न दिया है। वहीं, पिछले 5 सालों में भी इसकी सालाना चक्रवृद्धि दर (CAGR) 19 फीसदी के आसपास रही है। हालांकि, बाजार का इतिहास यह भी गवाह है कि जब भी सोना रिकॉर्ड हाई बनाता है, तो उसके बाद उसमें 40% तक का तगड़ा करेक्शन (गिरावट) भी देखने को मिलता है।निवेशकों के लिए क्या है सही रणनीति?बाजार के जानकारों और वेल्थ मैनेजर्स का मानना है कि ग्लोबल टेंशन और फेड रेट्स के कारण शॉर्ट टर्म में सोने की कीमतों में अस्थिरता बनी रह सकती है। इसलिए, अगर आप लंबी अवधि के नजरिए से अपने पोर्टफोलियो में 10 से 15 फीसदी गोल्ड रखना चाहते हैं, तो एक साथ सारा पैसा लगाने से बचें। इसके बजाय, गिरावट वाले इस बाजार में अलग-अलग समय पर धीरे-धीरे (SIP की तर्ज पर) सोने में खरीदारी करना एक समझदारी भरी और सुरक्षित रणनीति साबित हो सकती है।
भिवानी में 2 लोगों से 8.19 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोपियों द्वारा निवेश का झांसा देकर पैसे एंठने का आरोप लगाया गया है। जबकि पैसे वापस मांगने पर धमकाया भी गया। इसकी शिकायत पर केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी। भिवानी के गांव कुड़ल निवासी संजय कुमार ने पुलिस को शिकायत दी। शिकायत में बताया कि 15 मार्च 2025 को बवानीखेड़ा निवासी नानड़ नामक व्यक्ति का उसके पास फोन आया, जिसने कहा कि वह एक फाउंडेशन में काम करता है और 5 लाख रुपए महीना कमाता है। कंपनी का मालिक भिवानी आ रहा है। आप एक बार भिवानी पहुंचो, इसके बाद वह गांव धारवानवास निवासी नवीन के साथ भिवानी आया और उनसे मिला। फाउंडेशन CMD ने यमुनानगर बुलाया उन्होंने कहा कि एनजीओ रजिस्टर्ड करवा रखी है शुरू के तीन महीने अपनी आईडी के लेवल खोलते रहना, इसके बाद 3 महीने पैमेंट अपने खाते में ले सकते हैं। 8 महीने में पेसे डबल करके कंपनी देती है। इसके बाद उन्होंने 1500 रुपए नकद दे दिए और घर चले गए। 22 अप्रैल 2025 को फाउंडेशन के सीएमडी ने यमुनानगर बुलाया। विश्वास में लेते हुए 10 हजार रुपए गाड़ी खर्च उसके खाते में डाल दिया। उन्होंने कहा जितना पैसा लगाओगे कंपनी चैक भी देगी। 3 लाख रुपए उनके खाते में डलवाए उन्होंने बताया कि 13 मई 2025 को उसने 3 लाख 25 हजार व नवीन के खाते से 3 लाख रुपए उनके खाते में डलवाए। इसके बाद उसकी 2 लाख 32 हजार की आईडी रजिस्टर कर दी। इसके बाद कहा कि आईडी पर विड्राल करते रहो, कंपनी से 3 महीने पिन लें और आईडी के लेवल खोलते रहें। 3 महीने बाद खाते में पैसे आना शुरू हो जाएगा। 18 मई 2025 को हिसार में 8-10 लोगों की मीटिंग हुई, जिसमें नवनी को 3 लाख रुपए का चैक दिया। भिवानी में मीटिंग हुई वहां पर उसने 1 लाख 91 हजार रुपए नकद दिए। 5 अगस्त 2025 को सतेंद्र ने 1500 रुपए ट्रांसफर किए। अधिकारी टालमटोल करने लगे उन्हें शक तब हुआ, जब 18 अगस्त 2025 को सतेंद्र ने विड्राल लगाया, लेकिन 72 घंटे में पैसे नहीं आए। इसके बाद तीन महीने होने के पश्चात नवीन ने 26 अगस्त 2025 को अकाउंट में पैसे निकालने का प्रयास किया, लेकिन नहीं निकले। जब कंपनी के अधिकारियों से बात की, तो टालमटोल करने लगे। कंपनी के खाते में नहीं राशि, चेक बाउंस भुगतान लेने के लिए चेक लगाने की बात कही, तो धमकी दी कि कोर्ट व प्रशासन से नहीं डरता। नवीन ने बैंक में चेक लगाया, तो कंपनी के खाते में पैसे नहीं होने के कारण चैक बाउंस हो गया। उसने आरोप लगाया कि उनसे करीब 8 लाख 19 हजार 500 रुपए की धोखाधड़ी की है। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस को दे दी। पुलिस ने केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी।
10 लाख की एक FD या 1-1 लाख की 10? निवेश से पहले जान लें ये राज, वरना हो सकता है नुकसान
फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) को आज भी निवेश का सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद तरीका माना जाता है। इसमें बाजार के उतार-चढ़ाव का कोई रिस्क नहीं होता और मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम भी पहले से तय होती है। लेकिन जब बात एक बड़ी रकम, जैसे 10 लाख रुपये के निवेश की आती है, तो अक्सर लोग दुविधा में पड़ जाते हैं। सवाल यह उठता है कि 10 लाख रुपये की एक ही एफडी करानी चाहिए, या फिर एक-एक लाख रुपये की 10 अलग-अलग एफडी कराना ज्यादा फायदेमंद रहेगा? आइए इस उलझन को सुलझाते हैं।ब्याज और मैच्योरिटी में कितना होता है अंतर?अगर आप 10 लाख रुपये की एक एफडी 10 साल के लिए 7 फीसदी ब्याज दर पर कराते हैं, तो मैच्योरिटी पर आपको करीब 20,01,597 रुपये मिलते हैं। वहीं, अगर आप एक लाख रुपये की 10 अलग-अलग एफडी बिल्कुल समान अवधि और ब्याज दर पर कराते हैं, तब भी आपको कुल मिलाकर 20,01,600 रुपये ही मिलेंगे। यानी रिटर्न के नजरिए से देखें तो दोनों ही विकल्पों में कोई खास अंतर नहीं है। 10 लाख की एकमुश्त एफडी का बस एक फायदा यह है कि आपको सिर्फ एक अकाउंट को मैनेज करना पड़ता है, जिससे कागजी कार्रवाई कम होती है।अचानक पैसों की जरूरत पड़ने पर क्या होगा?रिटर्न एक जैसा होने के बावजूद, वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि छोटी-छोटी एफडी कराना कहीं ज्यादा समझदारी है। इसका सबसे बड़ा कारण लिक्विडिटी यानी आपातकाल में पैसों की उपलब्धता है। अगर भविष्य में आपको अचानक 1 या 2 लाख रुपये की जरूरत पड़ जाती है और आपने 10 लाख की एकमुश्त एफडी कराई है, तो आपको पूरी एफडी तोड़नी पड़ेगी। इससे न सिर्फ आपको पेनल्टी देनी होगी, बल्कि बाकी रकम के ब्याज का भी भारी नुकसान होगा। वहीं 10 अलग-अलग एफडी होने पर आप सिर्फ जरूरत के हिसाब से 1 या 2 एफडी तुड़वा सकते हैं, जबकि बाकी एफडी सुरक्षित रहती हैं।पैसों की सुरक्षा और ज्यादा ब्याज का फायदाछोटी एफडी कराने का एक और बड़ा फायदा यह है कि आप अपने पैसे को अलग-अलग बैंकों में निवेश कर सकते हैं। हर बैंक की ब्याज दरें अलग होती हैं, ऐसे में आप बेहतरीन ऑफर्स का फायदा उठा सकते हैं। इसके अलावा, नियमों के अनुसार डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) के तहत किसी भी बैंक के बंद होने या डूबने की स्थिति में अधिकतम 5 लाख रुपये तक का ही बीमा कवर मिलता है। ऐसे में अपनी रकम को अलग-अलग छोटी एफडी में बांटने से आपका पैसा पूरी तरह से सुरक्षित रहता है। अंततः, यह आपकी जरूरत और जोखिम उठाने की क्षमता पर निर्भर करता है कि आप कौन सा विकल्प चुनते हैं।
प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम यानी आईपीओ बाजार में एक बार फिर से जबरदस्त हलचल और तेजी देखने को मिलने वाली है। अगले महीने यानी अगस्त के दौरान शेयर बाजार में बड़ा एक्शन शुरू होने जा रहा है, जहां क्विक कॉमर्स दिग्गज जेप्टो, ट्रूहॉम फाइनेंस और लॉजिस्टिक प्लेटफॉर्म शिपरॉकेट समेत एक दर्जन से ज्यादा बड़ी कंपनियां अपने आईपीओ लाने की पूरी तैयारी कर चुकी हैं। बाजार के जानकारों और मर्चेंट बैंकरों से मिली जानकारी के अनुसार, आने वाले महीने में इन तमाम कंपनियों के आईपीओ के जरिए कुल मिलाकर 25,000 करोड़ रुपये से अधिक की विशाल पूंजी जुटाए जाने की उम्मीद है, जिससे प्राइमरी मार्केट में निवेशकों के लिए कमाई के ढेरों अवसर खुलेंगे।अगस्त में आएगा 25,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का कुल आईपीओ वॉल्यूमशेयर बाजार के जानकारों का मानना है कि अगस्त के महीने में आने वाले इन नए आईपीओ में नए शेयरों को जारी करने के साथ-साथ मौजूदा निवेशकों और शेयरधारकों की तरफ से ऑफर फॉर सेल यानी ओएफएस का विकल्प भी शामिल होगा। इक्विरस कैपिटल के प्रबंध निदेशक और इन्वेस्टमेंट बैंकिंग हेड भावेश शाह ने इस बारे में विस्तार से बताते हुए कहा है कि मौजूदा समय में शेयर बाजार में बेहतर स्थिरता और निवेशकों के मजबूत होते भरोसे के कारण वे कंपनियां भी अब आगे आ रही हैं, जिन्होंने पहले बाजार की अनिश्चितताओं के चलते अपनी आईपीओ योजनाओं को कुछ समय के लिए टाल दिया था।जेप्टो और ट्रूहॉम फाइनेंस के आईपीओ पर टिकी सबकी निगाहेंआगामी समय में आने वाले सभी आरंभिक सार्वजनिक निर्गमों में सबसे बड़ा और बहुप्रतीक्षित नाम लोकप्रिय त्वरित वाणिज्य मंच यानी जेप्टो का है। कंपनी अपनी इस योजना के तहत नए शेयर जारी करके बाजार से करीब 8,010 करोड़ रुपये तक की भारी-भरकम राशि जुटाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसके साथ ही जेप्टो द्वारा लगभग 11.34 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री पेशकश यानी ओएफएस भी लाया जाएगा। दूसरी ओर, प्रमुख आवास वित्त कंपनी ट्रूहॉम फाइनेंस भी लगभग 3,000 करोड़ रुपये का आईपीओ लाने की पूरी तैयारी में जुटी है, जिसमें 1,500 करोड़ रुपये के नए शेयर और इतनी ही राशि का ओएफएस शामिल होने की संभावना है।लिस्ट में शामिल हैं शिपरॉकेट और मिल्की मिस्ट जैसी कई दिग्गज कंपनियांअगस्त के महीने में सिर्फ जेप्टो ही नहीं, बल्कि कई अन्य जानी-मानी कंपनियां भी अपने वित्तीय विस्तार के लिए पूंजी बाजार में उतरने जा रही हैं। एलिवेट कैंपसेज कुल 2,550 करोड़ रुपये के आईपीओ के तहत पूरी तरह से नए शेयरों को जारी करेगी। इसके अलावा लॉजिस्टिक स्टार्टअप शिपरॉकेट ने भी 2,342.35 करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए अपने जरूरी दस्तावेज दाखिल कर दिए हैं, जिसमें 1,100 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और 1,242.35 करोड़ रुपये का ओएफएस रखा गया है। इस लंबी फेहरिस्त में इनोवेटिवव्यू इंडिया 2,000 करोड़ रुपये तक और लोकप्रिय डेयरी ब्रांड मिल्की मिस्ट डेयरी फूड 1,553 करोड़ रुपये का आईपीओ लाने की योजना पर काम कर रहे हैं। इनके अलावा धूत ट्रांसमिशन, एआरसीआईएल, अर्डी इंडस्ट्रीज, गाजा अल्टरनेटिव एसेट मैनेजमेंट, रेज ऑफ बिलीफ, हाई-टेक इंजीनियर्स, शंकेश ज्वेलर्स और लर्नफ्लूएंस एजुकेशन जैसी कंपनियां भी बाजार में अपनी हिस्सेदारी पेश करने की तैयारी में हैं।निवेशकों का मजबूत होता भरोसा और मौजूदा बाजार का शानदार रुझानवित्तीय बाजार के विशेषज्ञों का साफ तौर पर यह मानना है कि कंपनियों द्वारा आईपीओ लाने की इस बढ़ती हुई रफ्तार से निवेशकों के अटूट भरोसे और भारतीय शेयर बाजार में मजबूत मांग का सीधा संकेत मिलता है। चालू वर्ष के दौरान अब तक कुल 36 कंपनियां अपने आईपीओ के जरिए बाजार में दस्तक दे चुकी हैं, जिनमें से अकेले नौ कंपनियों के शेयर इसी महीने शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुए हैं। इसके अलावा जुलाई के आखिरी दिनों में भी बाजार की रफ्तार सुस्त नहीं पड़ने वाली है, क्योंकि मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज और जूनिपर ग्रीन एनर्जी के आईपीओ क्रमशः 29 और 30 जुलाई को खुलने जा रहे हैं, जबकि एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स भी अगले सप्ताह ही अपना आईपीओ निवेशकों के लिए पेश करने की पूरी तैयारी कर रही है।
Share Market Weekly Review : अमेरिका ईरान युद्ध, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, रुपए की कमजोरी और ट्रंप टैरिफ की वजह से भारतीय शेयर बाजार के लिए यह हफ्ता काफी निराशाजनक रहा। इस हफ्ते सेंसेक्स में 2092 अंकों की गिरावट रही तो निफ्टी भी 567 अंक गिर गया। ...
चित्तौड़गढ़ में क्रिप्टो और फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर निवेश कराकर 10 लाख रुपए से ज्यादा की कथित ठगी का मामला सामने आया है। जिला कारागृह में तैनात एक जेल सुरक्षा कर्मी की शिकायत पर कोतवाली थाना पुलिस ने 12 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि रूस की कंपनी बताकर XPO.RU वेबसाइट में निवेश कराया गया, तय मुनाफे का भरोसा दिया गया, लेकिन बाद में न पैसा लौटा और न ही वादा पूरा हुआ। रिश्तेदार के जरिए मीटिंग में बुलाकर दिया निवेश का प्रस्ताव परिवादी रामचंद्र, जो जिला कारागृह में जेल सुरक्षा कर्मी हैं, ने रिपोर्ट में बताया कि सबसे पहले उनके रिश्तेदार मोहनलाल रेगर ने उनसे संपर्क किया। उन्हें कलेक्ट्रेट चौराहे स्थित एक होटल में बुलाया गया, जहां कुछ अन्य लोगों से मुलाकात कराई गई। आरोप है कि वहां मौजूद लोगों ने खुद को XPO.RU कंपनी से जुड़ा बताते हुए कहा कि यह रूस की बड़ी ट्रेडिंग कंपनी है, जो कई देशों में काम करती है। दावा किया गया कि कंपनी क्रिप्टो और फॉरेक्स ट्रेडिंग के जरिए हर सप्ताह 4 से 5 प्रतिशत और हर महीने 15 से 20 प्रतिशत तक मुनाफा देती है। साथ ही तय अवधि पूरी होने पर पूरी निवेश राशि सुरक्षित लौटाने का भरोसा भी दिया गया। रेफरल बोनस और व्हाट्सएप ग्रुप से बढ़ाया भरोसा शिकायत के अनुसार आरोपियों ने कहा कि जितने ज्यादा लोग कंपनी से जुड़ेंगे, उतना ज्यादा कमीशन और बोनस मिलेगा। भरोसा बढ़ाने के लिए परिवादी को व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया और लगातार मीटिंगों में बुलाकर निवेश बढ़ाने के लिए प्रेरित किया जाता रहा। रिटायर्ड पुलिस अधिकारी का नाम लेकर किया भरोसा मजबूत परिवादी ने बताया कि बाद में इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित एक मीटिंग में उनकी मुलाकात एक रिटायर्ड पुलिस अधिकारी और अन्य लोगों से कराई गई। वहां भी दावा किया गया कि कंपनी पूरी तरह सुरक्षित है, सभी सरकारी नियमों के तहत काम कर रही है और खुद उन्होंने भी इसमें लाखों रुपए निवेश कर रखे हैं तथा नियमित मुनाफा मिल रहा है। इन दावों के बाद उन्होंने अलग-अलग लोगों के बैंक खातों और फोन-पे नंबरों पर ऑनलाइन ट्रांसफर और नकद भुगतान करना शुरू किया। कई बार छोटी रकम तो कई बार लाख रुपए के करीब राशि भी जमा कराई गई। जीपीएफ से पैसे निकाले, साढ़े आठ लाख का लोन भी लिया एफआईआर के अनुसार परिवादी ने जनवरी से नवंबर 2025 के बीच अलग-अलग तारीखों में विभिन्न आरोपियों को ऑनलाइन और नकद मिलाकर कुल 10 लाख 3 हजार 737 रुपए दिए। इतनी बड़ी रकम जुटाने के लिए उन्होंने अपने जीपीएफ से पैसे निकाले और करीब 8.50 लाख रुपए का लोन भी लिया। आरोप है कि रकम जमा कराने के बाद न तो तय मुनाफा मिला और न ही मूल निवेश वापस किया गया। जब पैसा लौटाने की मांग की गई तो आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी। इसके बाद परिवादी को अपने साथ धोखाधड़ी होने का संदेह हुआ। कंपनी को सरकारी मंजूरी वाली बताकर जोड़े निवेशक शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कंपनी से जुड़े लोगों ने बार-बार भरोसा दिलाया कि XPO.RU भारत में सभी जरूरी सरकारी संस्थाओं से मान्यता प्राप्त है और निवेश पूरी तरह सुरक्षित रहेगा। इसी भरोसे पर कई लोगों ने अपनी जमा पूंजी और कर्ज लेकर भी निवेश किया। परिवादी का आरोप है कि बाद में पता चला कि कंपनी के दावों और वास्तविक स्थिति में बड़ा अंतर है। विदेशी कंपनी, अधिक मुनाफा, सुरक्षित निवेश और रेफरल बोनस का लालच देकर लगातार नए निवेशक जोड़े जाते रहे। उनका आरोप है कि पूरे नेटवर्क का मकसद ज्यादा से ज्यादा लोगों से पैसा जुटाना था। 12 लोगों के खिलाफ एफआईआर, पुलिस कर रही जांच कोतवाली थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मोहनलाल रेगर, पीरूलाल रेगर, पंकज नामदेव, शिवनारायण लाठी, कमल कुमार रेगर, आशा बैरागी, अनिल खंडेलवाल, मंगलेश शर्मा, रजत शर्मा, विजय मौर्य, सुरेंद्र सैनी और अमन वैष्णव के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस पूरे नेटवर्क की भूमिका, पैसों के लेन-देन, निवेश के दावों और अन्य संभावित पीड़ितों की जानकारी जुटा रही है। जांच के दौरान बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजैक्शन और आरोपियों के बीच हुए संपर्कों की भी पड़ताल की जाएगी।
नोएडा में शेयर बाजार में निवेश पर मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगों ने दो महिलाओं से कुल 29 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने टेलीग्राम और व्हाट्सएप के जरिए संपर्क कर फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म पर मुनाफा दिखाया और धीरे-धीरे रकम ट्रांसफर करवा ली। जब पीड़िताओं ने पैसा निकालने की कोशिश की तो उन्हें ठगी का पता चला। दोनों मामलों में शुक्रवार को रात करीब 8 बजे साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। केस-1: पार्ट टाइम जॉब के बहाने 16 लाख की ठगी ग्रेटर नोएडा वेस्ट निवासी हाउस वाइफ बुलबुल को 2 दिसंबर को टेलीग्राम पर पार्ट टाइम जॉब का ऑफर मिला। शुरुआती टास्क पूरे करने के बाद ठगों ने शेयर बाजार में निवेश कर अधिक मुनाफा कमाने का लालच दिया। विश्वास जीतने के बाद 20 दिसंबर तक अलग-अलग किस्तों में उनसे 16 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। केस-2: फर्जी ग्रुप और सेबी का नाम लेकर ठगे 13 लाख सेक्टर-168 निवासी हाउस वाइफ शाहीन को 3 दिसंबर को 34 स्पेशल ट्रेनिंग नाम के एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। ग्रुप में निवेशकों के मुनाफे के संदेश और सेबी के कथित प्रमाणपत्र साझा किए गए, जिससे प्लेटफॉर्म भरोसेमंद लगा। इसके बाद ठगों ने उनसे एक एप डाउनलोड कराकर पंजीकरण कराया और 12 दिसंबर तक 13 लाख रुपये निवेश के नाम पर ट्रांसफर करा लिए। एप पर लगातार बढ़ता हुआ पोर्टफोलियो दिखाया गया, लेकिन जब शाहीन ने रकम निकालने का प्रयास किया तो निकासी नहीं हुई। तभी उन्हें ठगी का अहसास हुआ। नोएडा में शेयर बाजार में निवेश पर मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगों ने दो महिलाओं से कुल 29 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने टेलीग्राम और व्हाट्सएप के जरिए संपर्क कर फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म पर मुनाफा दिखाया और धीरे-धीरे रकम ट्रांसफर करवा ली। जब पीड़िताओं ने पैसा निकालने की कोशिश की तो उन्हें ठगी का पता चला। दोनों मामलों में शुक्रवार को साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। केस-1: पार्ट टाइम जॉब के बहाने 16 लाख की ठगी ग्रेटर नोएडा वेस्ट निवासी गृहिणी बुलबुल को 2 दिसंबर को टेलीग्राम पर पार्ट टाइम जॉब का ऑफर मिला। शुरुआती टास्क पूरे करने के बाद ठगों ने शेयर बाजार में निवेश कर अधिक मुनाफा कमाने का लालच दिया। विश्वास जीतने के बाद 20 दिसंबर तक अलग-अलग किस्तों में उनसे 16 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। केस-2: फर्जी ग्रुप और सेबी का नाम लेकर ठगे 13 लाख सेक्टर-168 निवासी गृहिणी शाहीन को 3 दिसंबर को 34 स्पेशल ट्रेनिंग नाम के एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। ग्रुप में निवेशकों के मुनाफे के संदेश और सेबी के कथित प्रमाणपत्र साझा किए गए, जिससे प्लेटफॉर्म भरोसेमंद लगा। इसके बाद ठगों ने उनसे एक एप डाउनलोड कराकर पंजीकरण कराया और 12 दिसंबर तक 13 लाख रुपये निवेश के नाम पर ट्रांसफर करा लिए। एप पर लगातार बढ़ता हुआ पोर्टफोलियो दिखाया गया, लेकिन जब शाहीन ने रकम निकालने का प्रयास किया तो निकासी नहीं हुई। तभी उन्हें ठगी का अहसास हुआ। बैंक खातों की जांच में जुटी पुलिस डीसीपी साइबर सुरक्षा शैव्या गोयल ने बताया कि दोनों शिकायतों के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। ठगी में इस्तेमाल बैंक खातों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर निवेश न करें और न ही बिना सत्यापन के किसी खाते में पैसा भेजें। यदि साइबर ठगी का शिकार हों तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन या एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। डीसीपी साइबर सुरक्षा शैव्या गोयल ने बताया कि दोनों शिकायतों के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। ठगी में इस्तेमाल बैंक खातों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर निवेश न करें और न ही बिना सत्यापन के किसी खाते में पैसा भेजें। यदि साइबर ठगी का शिकार हों तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन या एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
रामपुर में दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर शुक्रवार सुबह हुए दर्दनाक सड़क हादसे में लखनऊ के एक कारोबारी की मौत हो गई, जबकि उनकी बचपन की दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गई। दोनों जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क घूमने जा रहे थे। हादसा शहजादनगर थाना क्षेत्र के धमोरा (जीरो प्वाइंट) के पास हुआ, जहां उनकी कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराने के बाद कई पलटे खा गई। सुबह लखनऊ से जिम कॉर्बेट के लिए निकले थे लखनऊ के अलीगंज स्थित सेक्टर एन-2 निवासी 30 वर्षीय उदयवीर सिंह अपनी 25 वर्षीय दोस्त पूर्वसी के साथ शुक्रवार सुबह करीब छह बजे जिम कॉर्बेट पार्क (रामनगर) के लिए रवाना हुए थे। दोनों बचपन के दोस्त थे और साथ में पढ़ाई की थी। डिवाइडर से टकराकर कई बार पलटी कार सुबह करीब 10 बजे धमोरा (जीरो प्वाइंट) के पास उनकी कार अचानक बेकाबू हो गई। कार डिवाइडर से टकराने के बाद कई पलटे खाते हुए हाईवे पर जाकर रुकी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों ने अस्पताल पहुंचाया, इलाज के दौरान युवक की मौत राहगीरों ने कार में फंसे दोनों को बाहर निकालकर पुलिस की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया। उपचार के दौरान उदयवीर सिंह ने दम तोड़ दिया, जबकि पूर्वसी का इलाज जारी है। घायल युवती सॉफ्टवेयर इंजीनियर है घायल पूर्वसी के पिता कृष्ण मोहन सिंह, जो उत्तर प्रदेश सचिवालय में रिव्यू ऑफिसर (समीक्षा अधिकारी) हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी लखनऊ स्थित एचसीएल में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। उन्होंने बताया कि उदयवीर और पूर्वसी बचपन से एक-दूसरे को जानते थे और अच्छे दोस्त थे। उदयवीर शेयर बाजार से जुड़े कारोबार में सक्रिय थे। पुलिस ने शुरू की हादसे की जांच शहजादनगर थाना प्रभारी कुलदीप सिंह राणा ने बताया कि मृतक की पहचान राघवेंद्र सिंह के पुत्र उदयवीर सिंह के रूप में हुई है। दुर्घटनाग्रस्त कार को कब्जे में लेकर थाने में खड़ा करा दिया गया है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार शाम करीब सात बजे शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद परिवार अंतिम संस्कार के लिए लखनऊ रवाना हो गया।
बालाघाट में बहुचर्चित 'डबल मनी' घोटाले की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) को रिमांड पर लिए गए आरोपियों के पास से ₹18.61 करोड़ की संपत्ति के दस्तावेज, ₹14.82 करोड़ के चेक और 122 जमीनों की रजिस्ट्री मिली है। एसआईटी प्रमुख और सीएसपी मयंक तिवारी ने बताया कि आरोपी प्रद्युमन कंकरायने, रामप्रसाद मंसुरे और दिनेश कंकरायने के घरों से 122 जमीनों की रजिस्ट्री (कीमत ₹18.61 करोड़) मिली हैं। इसके अलावा, ऑनलाइन निवेश से जुड़े ₹14.82 करोड़ के 617 चेक, 20 रजिस्टर, भूमि ऋण पुस्तिकाएं, पावर ऑफ अटॉर्नी, लगभग 1500 कोरे चेक, 59 बैंक इंस्टा किट, टैक्स और जीएसटी रिटर्न के दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं। निवेशकों के पैसे लौटाने की प्रक्रिया होगी शुरू एसपी आदित्य मिश्रा ने जानकारी दी कि जब्त किए गए रजिस्टरों में दर्ज सभी निवेशकों की सुनवाई की जाएगी, ताकि उन्हें उनके निवेश का पैसा वापस दिलाया जा सके। इस सुनवाई की प्रक्रिया जल्द ही पुलिस विभाग द्वारा शुरू की जाएगी। 4 साल से फरार मास्टरमाइंड समेत 8 आरोपी गिरफ्तार बता दें कि लांजी क्षेत्र में 2016-17 से चल रहे इस खेल में 6 से 9 महीने में रकम दोगुनी करने का लालच देकर मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के लोगों से करोड़ों रुपए ऐंठे गए थे। बड्स एक्ट के तहत केस दर्ज होने के बाद आरोपी जमानत पर फरार हो गए थे। पुलिस ने 20 जुलाई को 4 साल से फरार मुख्य आरोपी सोमेंद्र कंकरायने समेत उसके 7 साथियों (तामेश मंसूरे, राकेश मंसूरे, प्रदीप कंकरायने, दिनेश कंकरायने, रामप्रसाद मंसूरे, प्रद्युमन कंकरायने और रूखचंद हरदे) को गिरफ्तार किया था।
Share Bazaar लगातार 5वें दिन टूटा, Sensex 332 अंक फिसला, Nifty भी आया 23800 के नीचे
Share Market Update News : भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को यानी आज भारतीय शेयर बाजार लगातार 5वें दिन गिरावट के साथ बंद हुए। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका द्वारा नए व्यापार शुल्कों के कारण बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 331.62 अंक यानी 0.43 प्रतिशत फिसलकर 76059.77 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह एक समय 916.96 अंक यानी 1.20 प्रतिशत लुढ़ककर 75474.43 तक गिर गया था। वहीं एनएसई का निफ्टी 102.15 अंक यानी 0.43 प्रतिशत लुढ़ककर 23767.45 अंक पर बंद हुआ। भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को यानी आज भारतीय शेयर बाजार लगातार 5वें दिन गिरावट के साथ बंद हुए। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका द्वारा नए व्यापार शुल्कों के कारण बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 331.62 अंक यानी 0.43 प्रतिशत फिसलकर 76059.77 पर बंद हुआ। ALSO READ: Share Bazaar में चौथे दिन भी गिरावट, Sensex 364 अंक लुढ़का, Nifty भी 24000 के नीचे कारोबार के दौरान यह एक समय 916.96 अंक यानी 1.20 प्रतिशत लुढ़ककर 75474.43 तक गिर गया था। वहीं एनएसई का निफ्टी 102.15 अंक यानी 0.43 प्रतिशत लुढ़ककर 23767.45 अंक पर बंद हुआ। महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फाइनेंस, भारती एयरटेल, एशियन पेंट्स और इंफोसिस कंपनियां प्रमुख रूप से नुकसान में रहीं। एशियाई बाजारों की कमजोरी से भी घरेलू स्तर पर बिकवाली का दबाव बढ़ा। वैश्विक बाजारों में उथल-पुथल के बीच ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में करीब 4 फीसदी की गिरावट आई, जिससे यह 96.73 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। डॉलर की मजबूत मांग और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण भारतीय रुपया भी दबाव में रहा। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 96.52 के स्तर पर बंद हुआ, जो कि इसके 2 महीने के निचले स्तर (96.67) के बेहद करीब है। ALSO READ: Share Bazaar में भारी गिरावट, Sensex 715 अंक लुढ़का, Nifty भी 24000 के नीचे पिछले 5 कारोबारी सत्रों में बीएसई सेंसेक्स में कुल 2091.68 अंक यानी 2.67 प्रतिशत की गिरावट देखी गई, जबकि एनएसई निफ्टी 566.85 अंक यानी 2.32 प्रतिशत टूट गया। दक्षिण कोरिया का सूचकांक कॉस्पी 5.72 प्रतिशत लुढ़क गया, जबकि जापान का निक्की, चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग सूचकांक भी नुकसान में रहे। ALSO READ: Share Bazaar लगातार दूसरे दिन टूटा, Sensex 238 अंक लुढ़का, Nifty में भी आई गिरावट इससे पहले यानी गुरुवार को पश्चिम एशिया में जारी संकट और कच्चे तेल की कीमत में तेजी के असर से भारतीय शेयर बाजार में लगातार चौथे दिन गिरावट आई। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 363.66 अंक या 0.47 प्रतिशत लुढ़ककर 76391.39 के स्तर पर आ गया, जबकि एनएसई का निफ्टी 126.65 अंक या 0.53 प्रतिशत टूटकर 23869.60 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान अडाणी पोर्ट्स और बजाज फाइनेंस में सबसे ज्यादा गिरावट आई।
महंगे क्रूड के बावजूद Reliance मचाएगा धमाल? ब्रोकरेज ने दिया 22% की तगड़ी तेजी का टारगेट
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में जारी उतार-चढ़ाव और बढ़ते दामों ने जहां एक तरफ दुनिया भर की तेल कंपनियों की चिंता बढ़ा दी है, वहीं भारतीय बाजार के दिग्गज स्टॉक रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) को लेकर एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आ रही है। बाजार के एक्सपर्ट्स और दिग्गज ब्रोकरेज हाउसेज का मानना है कि चालू वित्त वर्ष में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें रिलायंस की कमाई की रफ्तार को ब्रेक नहीं लगा पाएंगी, बल्कि कंपनी आने वाली तिमाहियों में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन कर सकती है। इसी मजबूत आउटलुक के दम पर ब्रोकरेज ने स्टॉक में मौजूदा स्तरों से करीब 22% से ज्यादा के बंपर अपसाइड पोटेंशियल के साथ निवेश करने की बड़ी सलाह दे दी है।कच्चे तेल की महंगाई के बीच क्यों मजबूत है रिलायंस की स्थितिआमतौर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें उन कंपनियों के मार्जिन पर दबाव बनाती हैं जो तेल रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल्स (O2C) के कारोबार से जुड़ी हैं। हालांकि, रिलायंस इंडस्ट्रीज का बिजनेस मॉडल अब केवल तेल तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह एक विशाल तेल-से-टेलीकॉम और रिटेल ग्रुप बन चुका है। ब्रोकरेज फर्मों की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी के ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन (GRM) में सुधार देखने को मिल रहा है और वैश्विक स्तर पर डीजल व गैसोलीन की मजबूत मांग का सीधा फायदा रिलायंस की रिफाइनरियों को मिल रहा है। इसके अलावा, कंपनी ने हाल ही में अपने ऑयल-टू-केमिकल बिजनेस के परिचालन को और अधिक आधुनिक और लागत-प्रभावी बनाया है, जिससे महंगे क्रूड के असर को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।जियो और रिटेल बिजनेस से मिलेगा कमाई को असली बूस्टबाजार विश्लेषकों का यह भी कहना है कि अगर ओ2सी (O2C) सेगमेंट में कच्चे तेल की वजह से थोड़ा बहुत दबाव आता भी है, तो उसकी पूरी भरपाई रिलायंस के दो सबसे मजबूत कंज्यूमर बिजनेस—रिलायंस जियो (Jio) और रिलायंस रिटेल (Retail) आसानी से कर देंगे। जियो के प्रति यूजर औसत रेवेन्यू (ARPU) में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है और 5G रोलआउट के बाद डेटा की खपत बढ़ने से कंपनी का प्रॉफिट मार्जिन काफी मजबूत हुआ है। ठीक इसी तरह, त्योहारी सीजन और ग्रामीण इलाकों में मांग सुधरने की वजह से रिलायंस रिटेल के स्टोर्स से भी रिकॉर्ड कमाई की उम्मीद जताई जा रही है। यही वजह है कि विश्लेषक इस शेयर को लेकर पूरी तरह से बुलिश नजर आ रहे हैं।ब्रोकरेज का बड़ा दावा और निवेशकों के लिए कमाई का मौकाग्लोबल और डोमेस्टिक ब्रोकरेज हाउसेज ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के स्टॉक पर अपनी 'BUY' रेटिंग को बरकरार रखते हुए इसका नया टारगेट प्राइस तय कर दिया है, जो इसके मौजूदा मार्केट प्राइस से लगभग 22% ऊपर है। तकनीकी चार्ट पर भी यह शेयर अपने महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल्स से बाउंस बैक करने के लिए तैयार दिख रहा है। ऐसे में बाजार के जानकारों का कहना है कि जो निवेशक लंबी अवधि के लिए अपने पोर्टफोलियो में एक सुरक्षित और लगातार रिटर्न देने वाला लार्ज-कैप शेयर जोड़ना चाहते हैं, उनके लिए यह गिरावट में खरीदारी करने का एक बेहतरीन मौका साबित हो सकता है।
शेयर बाजार में हाहाकार! Sensex 800 अंक टूटा, Nifty 23,600 के नीचे फिसला
भारतीय शेयर बाजार में आज जबरदस्त बिकवाली का दौर देखने को मिला, जिससे चारों तरफ हाहाकार मच गया। बाजार खुलते ही बिकवाली का दबाव इतना बढ़ गया कि सेंसेक्स (Sensex) देखते ही देखते 800 अंकों से ज्यादा धराशायी हो गया। वहीं, निफ्टी (Nifty) ने भी अपनी महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक बढ़त खो दी और यह 23,600 के स्तर से नीचे फिसल गया। इस अचानक आई गिरावट से निवेशकों के करोड़ों रुपये मिनटों में स्वाहा हो गए।ऑटो और रियल्टी सेक्टर में सबसे बड़ी सेंधबाजार में मची इस तबाही के पीछे सबसे बड़ा हाथ ऑटोमोबाइल और रियल्टी (रियल एस्टेट) सेक्टर का रहा। इन दोनों ही सेक्टर्स के शेयरों में संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) ने जमकर बिकवाली की। टाटा मोटर्स, मारुति सुजुकी, और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसे बड़े ऑटो दिग्गजों के शेयर लाल निशान में कारोबार करते दिखे, जबकि डीएलएफ और गोदरेज प्रॉपर्टीज जैसे रियल्टी शेयरों में भी भारी मुनाफावसूली देखने को मिली। जानकारों का मानना है कि कमजोर तिमाही नतीजों की आशंका और वैश्विक बाजारों से मिल रहे नकारात्मक संकेतों की वजह से इन सेक्टर्स पर सबसे ज्यादा मार पड़ी है।वैश्विक दबाव और बिकवाली की मुख्य वजहेंबाजार के जानकारों के मुताबिक, इस भारी गिरावट की टाइमिंग काफी महत्वपूर्ण है। वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी बाजार (Wall Street) में आई कमजोरी का असर घरेलू बाजार पर साफ तौर पर देखा जा रहा है। इसके साथ ही, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा लगातार की जा रही बिकवाली ने आग में घी का काम किया है। स्थानीय स्तर पर भी निवेशक अब ऊंचे वैल्यूएशन को लेकर सतर्क हो गए हैं, जिसके चलते उन्होंने सुरक्षित निवेश की तरफ रुख करना शुरू कर दिया है।निवेशकों के लिए आगे की राह और रणनीतियांइस उतार-चढ़ाव भरे माहौल में रिटेल निवेशकों को जल्दबाजी में कोई भी बड़ा फैसला लेने से बचना चाहिए। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि 23,600 के नीचे निफ्टी का जाना अल्पावधि (Short-term) के लिए कमजोरी का संकेत है, लेकिन लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह अच्छे फंडामेंटल वाले शेयरों को निचले स्तर पर खरीदने का एक बेहतरीन मौका भी हो सकता है। मौजूदा स्थिति में लार्ज-कैप शेयरों और डिफेंसिव सेक्टर्स (जैसे FMCG और IT) पर नजर बनाए रखना समझदारी होगी।
नोएडा में साइबर अपराधियों ने निवेश और फर्जी डिस्ट्रीब्यूटरशिप का झांसा देकर दो लोगों से करीब 36 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने वॉट्सऐप ग्रुप, सोशल मीडिया और ईमेल के जरिए संपर्क कर पीड़ितों का भरोसा जीता। रकम जमा कराने के बाद आरोपियों ने संपर्क तोड़ दिया। दोनों मामलों में साइबर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। केस-1: वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़कर निवेश कराया, 19.90 लाख की ठगी सेक्टर-12 निवासी मानस रंजन नायक ने पुलिस को बताया कि जुलाई 2025 में उन्हें एमओएफएसएल प्राइवेट इनसाइट हब नाम के वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ा गया। ग्रुप में ब्लॉक ट्रेडिंग के जरिए शेयर बाजार में अधिक मुनाफा दिलाने का दावा किया गया। इसके बाद उनका एक वेबसाइट पर निवेश खाता खुलवाया गया। ठगों ने भरोसा दिलाने के बाद 8 अगस्त से 28 अगस्त 2025 के बीच उनसे अलग-अलग किस्तों में 19.90 लाख रुपये जमा करा लिए। निवेश के बदले उनके खाते में बड़ी मात्रा में शेयर दिखाए गए, लेकिन जब उन्होंने शेयर बेचने की कोशिश की तो इसकी अनुमति नहीं मिली। ठगी का अहसास होने पर उन्होंने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर शिकायत दर्ज कराई। केस-2: कैंपा कोला की डिस्ट्रीब्यूटरशिप दिलाने के नाम पर 16 लाख ठगे ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क निवासी अमित कुमार ने पुलिस को बताया कि पिछले साल नवंबर में उन्हें ईमेल के जरिए कैंपा कोला की डिस्ट्रीब्यूटरशिप दिलाने का प्रस्ताव मिला। कारोबार शुरू कराने और डीलरशिप देने के नाम पर आरोपियों ने उनसे अलग-अलग चरणों में करीब 16 लाख रुपये जमा करा लिए। रकम मिलने के बाद आरोपियों ने संपर्क बंद कर दिया और न तो कोई डिस्ट्रीब्यूटरशिप दी और न ही पैसे लौटाए। पुलिस कर रही जांच दोनों मामलों में साइबर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल लेनदेन की जानकारी जुटाकर आरोपियों की पहचान करने में लगी है।
लगातार चौथे दिन बाजार में छाई लाली
मुंबई, मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल के बीच हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार को लगातार चौथे सत्र में भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुआ।
अमेरिका-ईरान तनाव से कच्चा तेल 98 डॉलर पार:कतर से LNG सप्लाई भी अटकने की आशंका; महंगाई बढ़ सकती है
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड आज 23 जुलाई को 4% बढ़कर 98 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। यह पिछले 6 हफ्तों में सबसे ज्यादा है। वहीं अमेरिकी क्रूड भी 89 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से भारत में महंगाई बढ़ सकती है। कच्चे तेल के महंगे होने से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के फ्यूल मार्जिन पर दबाव बढ रहा है। अगर लंबे समय तक क्रूड महंगा बना रहता है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ सकती है। लाल सागर में तेल टैंकरों पर हमला, हूतियों ने नाकेबंदी का ऐलान किया तेल की कीमतों में अचानक आए इस उछाल की बड़ी वजह पश्चिम एशिया का बिगड़ता माहौल है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के साथ अब यह विवाद फारसी खाड़ी के अन्य हिस्सों में भी फैल गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब के तेल टैंकरों पर हमला कर दिया है। यह हमला हुती ग्रुप की ओर से बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर नाकेबंदी की घोषणा करने के ठीक एक दिन बाद हुआ है, जिससे ग्लोबल ऑयल सप्लाई चेन पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है। तेल कंपनियों के शेयर 2.5% तक टूटे कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का सीधा असर भारत की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) पर पड़ा है… भारत अपनी जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल आयात करता है। क्रूड महंगा होने से देश का आयात बिल बढ़ता है, जिससे महंगाई बढ़ने और कंपनियों के मार्जिन पर असर पड़ने की आशंका रहती है। अक्टूबर तक LNG सप्लाई अटकने के आसार ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, कतर एनर्जी मिड-अक्टूबर तक लिक्विफाइड नेचुरल गैस यानी LNG के शिपमेंट पर 'फोर्स मैज्योर' को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है। कतर ने जून में ही एशिया और यूरोप के कुछ ग्राहकों को सूचित किया था कि अगस्त और सितंबर के कार्गो रद्द रहेंगे। अगर यह पाबंदी अक्टूबर तक खिंचती है, तो सर्दियां शुरू होने से पहले गैस का ग्लोबल संकट और गहरा सकता है, क्योंकि यूरोप और एशियाई देश सीमित LNG सप्लाई के लिए आपस में प्रतिस्पर्धा करेंगे। सेंसेक्स 364 और निफ्टी 127 अंक गिरी कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से भारतीय शेयर बाजार पर बिकवाली का भारी दबाव बन गया है। 23 जुलाई को सेंसेक्स 364 अंक की गिरावट के साथ 76,391 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 127 अंक की गिरावट रही, ये 23,870 पर बंद हुआ। रियल्टी, एनर्जी और बैंकिंग शेयर्स में ज्यादा बिकवाली रही। मई में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े थे मई में IOC, BPCL और HPCL ने महंगे अंतरराष्ट्रीय क्रूड कीमतों का हवाला देते हुए किस्तों में पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में ₹7.50-₹7.50 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। देश के 1 लाख से ज्यादा पेट्रोल पंपों में से 90% से अधिक पर इन तीनों सरकारी कंपनियों का नियंत्रण है। आगे क्या? पश्चिम एशिया में अगर यह गतिरोध लंबा खींचता है, तो कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल का आंकड़ा पार कर सकती हैं। इससे आने वाले दिनों में भारतीय शेयर बाजार, खासकर बैंकिंग, ऑटो और पेंट कंपनियों के शेयरों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। --------------------------- ये खबर भी पढ़ें… सोना ₹274 बढ़कर ₹1.46 लाख पर पहुंचा: 4 दिन में ₹4,398 महंगा हो चुका, चांदी आज ₹360 चढ़कर ₹2.26 लाख पर पहुंची सोने-चांदी की कीमतों में आज यानी 23 जुलाई को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी 360 रुपए बढ़कर 2.26 लाख रुपए पर पहुंच गई है। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 274 रुपए चढ़कर 1.46 लाख रुपए पर पहुंच गया है। 4 दिन में सोना 4,398 रुपए और 10,346 रुपए चांदी महंगी हो चुकी है। पूरी खबर पढ़ें…
ऑनलाइन ट्रेडिंग और आईपीओ में निवेश का झांसा देकर एक व्यक्ति से 8 लाख रुपए से ज्यादा की ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने पहले व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर भरोसा जीता, फिर शेयर ट्रेडिंग और आईपीओ में निवेश के नाम पर रकम ऐंठ ली। शिकायत के बाद लसूडिया थाना पुलिस ने साइबर ठगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, तलावली चांदा निवासी जयदीप वांचू ने शिकायत में बताया कि फरवरी 2024 में उनके पास एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने शेयर बाजार और निवेश का प्रशिक्षण देने की बात कही। सहमति देने पर उन्हें 101 Fens Wealth Access नाम के व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ दिया गया। पहले शेयर खरीदवाए, फिर बढ़ाया भरोसा ग्रुप में राहुल सिवाल नाम के व्यक्ति को वित्तीय विशेषज्ञ बताया गया। इसके बाद जयदीप की बात नितिन गुप्ता नामक व्यक्ति से कराई गई, जिसने खुद को राहुल सिवाल का सहयोगी बताया। उसने ऑनलाइन बुक देने के नाम पर पैसे लिए और फिर शेयर खरीदने की सलाह दी। जयदीप ने उसके कहने पर कई कंपनियों के शेयर खरीदे और बेचे। कुछ लेन-देन में लाभ दिखाकर ठगों ने उनका भरोसा जीत लिया। IPO के नाम पर फंसाया बाद में ठगों ने इंस्टीट्यूशनल विन-विन प्लान और 5X प्लान का लालच दिया। इसके लिए नया ट्रेडिंग अकाउंट खुलवाया गया और प्रिंस कोली नाम के व्यक्ति से संपर्क कराया गया। इसके बाद अलग-अलग आईपीओ में निवेश कराया गया। जयदीप के अनुसार, इस दौरान उन्हें करीब 3.39 लाख रुपए का नुकसान हुआ। ठगों ने इसका कारण इजरायल-ईरान युद्ध बताकर उन्हें और निवेश करने के लिए प्रेरित किया। पैसे निकालने पहुंचे तो मांगे 40 लाख रुपए 16 अप्रैल 2024 को जब जयदीप ने अपने अकाउंट से बची हुई रकम निकालने की कोशिश की, तो ट्रांजैक्शन रोक दिया गया। ठगों ने कहा कि उनका क्रेडिट स्कोर कम है, इसलिए पहले 40 लाख रुपए जमा करने होंगे। इसके बाद ही पूरा पैसा और मुनाफा निकाला जा सकेगा। ठगों ने उन्हें 20 लाख रुपए का लोन लेने और बाकी 20 लाख रुपए खुद जुटाने की सलाह भी दी। जब जयदीप ने असमर्थता जताई तो अकाउंट बंद करने और पूरी रकम डूबने की धमकी दी गई। जांच के बाद दर्ज हुई एफआईआर जयदीप ने साइबर पुलिस से शिकायत की। जांच के बाद लसूडिया थाना पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है।
3.25 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने की कवायद तेज
राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के तहत जिले में हुए निवेश प्रस्तावों को गति देने के लिए जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल ने बुधवार को समीक्षा बैठक ली। जिला उद्योग केंद्र के अनुसार जिले में 1035 एमओयू के जरिए 3.25 लाख करोड़ रुपए से अधिक निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 65,208 करोड़ रुपए के 212 एमओयू की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं की औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं, उनके निवेशकों से व्यक्तिगत संपर्क कर काम शुरू कराया जाए। एनओसी और अन्य प्रशासनिक कारणों से लंबित मामलों के लिए तय समय सीमा में कार्रवाई करने तथा निष्प्रभावी प्रस्तावों को नियमानुसार निरस्त करने के निर्देश भी दिए।
पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधिक्षण यंत्री (एसई) शिवराम सेमिल की काली कमाई का आंकड़ा 17 करोड़ 12 लाख रुपए को पार कर गया। बुधवार को लोकायुक्त पुलिस ने बैंक खातों की जांच की जिनमें 62 लाख 89 हजार रुपए और मिले हैं। मुरैना में भी अचल संपत्तियां पता चली हैं। लोकायुक्त ने सभी संबंधित बैंक खातों को फ्रीज करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। लोकायुक्त एसपी डॉ. राजेश सहाय के अनुसार शिवराम, उनकी पत्नी रामबेटी, बेटे सौरभ और बहु सुनीता के एसबीआई सहित अन्य बैंकों में खाते मिले हैं। सौरभ की दो एफडी भी सामने आई हैं। इसके अलावा शुभम इलेक्ट्रिकल और कॉर्निश पावरजोन के 6 बैंक खातों में 62.89 लाख रुपए जमा पाए गए। सेबी से शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में संभावित निवेश का ब्यौरा भी तलब किया गया है। मुरैना में हुई सर्च कार्रवाई में आवास से 7.51 लाख रुपए की इन्वेंट्री मिली है। जांच में करीब 50 लाख रुपए कीमत का मकान, 2040 का एक प्लॉट, करीब सवा बीघा कृषि भूमि होने की जानकारी भी सामने आई है।
लखनऊ में बुधवार को अपर जिलाधिकारी (नगर) की अध्यक्षता में जिला स्तरीय उद्योग बंधु समिति की बैठक हुई। बैठक में निवेश मित्र पोर्टल पर विभिन्न विभागों में लंबित 70 मामलों पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को जल्द निस्तारण के निर्देश दिए गए। बैठक में अमौसी-नादरगंज और सरोजनीनगर औद्योगिक क्षेत्रों में जलभराव, यूटिलिटी डक्ट, सड़क चौड़ीकरण और ड्रेनेज जैसी समस्याओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को इन कार्यों में तेजी लाने और उद्योगों से जुड़े लंबित मामलों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। एलडीए समेत कई विभागों में 70 मामले तय समय से ज्यादा लंबित बैठक में निवेश मित्र पोर्टल की समीक्षा के दौरान सामने आया कि एलडीए, आवास विकास, फिल्म बंधु, चिकित्सा, कृषि, विद्युत, आबकारी, खाद्य, यूपीसीडा और अन्य विभागों के 70 मामले तय समय सीमा के बाद भी लंबित हैं। पर जिलाधिकारी (नगर) ने सभी विभागों को हर सप्ताह समीक्षा कर इन मामलों का समयबद्ध निस्तारण करने और उसकी प्रगति पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निवेश से जुड़े किसी भी प्रकरण को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाए। 24 करोड़ की यूटिलिटी डक्ट परियोजना पर आगे बढ़ेगा काम अमौसी-नादरगंज औद्योगिक क्षेत्र में रोड नंबर-1 और 4 पर अंडरग्राउंड बिजली केबल शिफ्ट कर यूटिलिटी डक्ट बनाने की योजना की भी समीक्षा की गई। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 24.09 करोड़ रुपए है। यूपीसीडा ने बताया कि प्रस्ताव सैद्धांतिक मंजूरी के लिए मुख्यालय भेजा जा चुका है। बैठक में यह भी तय हुआ कि यूपीपीसीएल और यूपीसीडा की संयुक्त तकनीकी टीम एंड-टू-एंड केबल ट्रेंच की फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करेगी, ताकि आगे की कार्रवाई जल्द शुरू हो सके। NHAI के एलिवेटेड रोड से बिगड़ी जल निकासी, सीएंडडीएस तैयार करेगा प्लान सरोजनीनगर औद्योगिक क्षेत्र में एनएचएआई के निर्माणाधीन एलिवेटेड रोड की वजह से जल निकासी प्रभावित होने का मुद्दा भी बैठक में उठा। अधिकारियों ने बताया कि नगर निगम, सिंचाई विभाग, जलकल, एलडीए, यूपीसीडा, एनएचएआई और सीएंडडीएस के अधिकारियों ने संयुक्त निरीक्षण कर लिया है। अब सीएंडडीएस विस्तृत कार्ययोजना तैयार करेगा, जिसके आधार पर स्थायी समाधान की दिशा में काम शुरू होगा। व हीं अमौसी औद्योगिक क्षेत्र में जलभराव दूर करने के लिए 700 मीटर नाले के निर्माण का 1.05 करोड़ रुपए का प्रस्ताव भी स्वीकृति के लिए भेजा गया है। 5.7 किलोमीटर सड़क चौड़ीकरण का काम तेज करने के निर्देश बैठक में नादरगंज औद्योगिक क्षेत्र से सुनहरा रोड होते हुए रिंग रोड तक 5.7 किलोमीटर सड़क के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अपर जिलाधिकारी (नगर) ने लोक निर्माण विभाग और संबंधित अधिकारियों को परियोजना की स्वीकृति और निर्माण प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उद्योगों से जुड़े बुनियादी ढांचे के काम में देरी नहीं होनी चाहिए और अगली बैठक में सभी विभाग अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें। बैठक में उपायुक्त उद्योग, जिला सूचना अधिकारी, जिला आबकारी अधिकारी, अग्निशमन अधिकारी, उप नगर आयुक्त, यूपीसीडा, प्रदूषण नियंत्रण विभाग, बिजली विभाग, लोक निर्माण विभाग, एलडीए, आवास विकास, जल निगम तथा विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
शहडोल जिले में करोड़ों रुपये की कथित निवेश ठगी के मामले में बुढ़ार पुलिस ने शिकायत के लगभग दो महीने बाद एफआईआर दर्ज की है। जीएनएस फाइनेंशियल सर्विस प्राइवेट लिमिटेड पर निवेशकों को अधिक मुनाफे का लालच देकर निवेश कराने और उनकी जानकारी के बिना डीमैट खातों में ट्रेडिंग कर आर्थिक नुकसान पहुंचाने का आरोप है। मामले की जांच के लिए पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। 19 मई को हुई थी शिकायत पुलिस के मुताबिक, गोपालपुर करकटी निवासी मगनयन सिंह ने 19 मई को बुढ़ार थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप है कि कंपनी के संचालकों और एजेंटों ने अधिक रिटर्न का भरोसा दिलाकर बड़ी राशि निवेश कराई। बाद में उनकी अनुमति के बिना डीमैट खातों में ट्रेडिंग की गई, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ। प्रारंभिक जांच में शिकायत के तथ्यों की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज बुढ़ार थाना पुलिस ने कंपनी से जुड़े सुखनंदन यादव, मुकेश यादव, सरोज यादव, विजय पाल और मोहम्मद अनीम के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस दस्तावेजों, बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि कथित ठगी से कितने निवेशक प्रभावित हुए हैं और कुल कितनी राशि का लेन-देन हुआ। पुलिस मामले से जुड़े सभी वित्तीय रिकॉर्ड और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही है। एसपी ने गठित की एसआईटी पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल ने लंबित अपराधों की समीक्षा के दौरान मामले को गंभीर मानते हुए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। टीम को आरोपियों की गिरफ्तारी, साक्ष्य संकलन, तकनीकी विश्लेषण और निष्पक्ष विवेचना की जिम्मेदारी दी गई है। जानकारी के अनुसार, संभागायुक्त के निर्देश के बाद मामले की जांच में तेजी आई है। वहीं, कई पीड़ितों का आरोप है कि कंपनी के जिम्मेदार लोग लंबे समय से फरार हैं और कार्यालय भी बंद पड़ा है।
फरीदाबाद में सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती हरियाणा पुलिस के एक जवान के लिए भारी पड़ गई। फेसबुक पर आयशा खान नाम से जुड़ी एक युवती ने पहले विश्वास जीता और फिर शेयर बाजार में मोटे मुनाफे का लालच देकर करीब 19.69 लाख रुपये की ठगी कर ली। जब पुलिसकर्मी ने निवेश की गई रकम वापस निकालनी चाही तो उसे पता चला कि वह साइबर जालसाजों का शिकार हो चुका है। फेसबुक के जरिए मुलाकात जानकारी के अनुसार, सेक्टर-30 पुलिस लाइन में रहने वाले पुलिस कर्मचारी फैजल ने बताया कि वह मूल रूप से जिला पुन्हाना नूंह रहने वाले है। 12 जून को फेसबुक पर एक युवती की फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली। बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ और कुछ ही दिनों में युवती ने खुद को शेयर बाजार में निवेश की जानकार बताते हुए कम समय में दोगुना रिटर्न मिलने का दावा किया। उसने यह भरोसा भी दिलाया कि निवेश में किसी तरह का नुकसान नहीं होगा और यदि नुकसान हुआ तो कंपनी उसकी भरपाई करेगी। 19.69 लाख निवेश किए 18 जून को आरोपी युवती ने व्हाट्सऐप पर एक लिंक भेजकर थिंकमार्केट नाम के ऐप के जरिए निवेश करने की सलाह दी। भरोसे में आए पुलिसकर्मी ने 19 जून से 17 जुलाई के बीच अपने, अपने पिता और कुछ परिचितों के बैंक खातों से अलग-अलग खातों में कुल 19 लाख 69 हजार 96 रुपये ट्रांसफर कर दिए। मुनाफा निकालने पर ठगी का पता चला कुछ समय बाद जब उसने निवेश की गई राशि और मुनाफा निकालने का प्रयास किया तो कंपनी की ओर से भुगतान देने से मना कर दिया गया। इसके बाद उसे एहसास हुआ कि उसके साथ सुनियोजित साइबर धोखाधड़ी हुई है। पुलिस कर रही मामले की जांच पीड़ित की शिकायत पर साइबर अपराध सेंट्रल थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। जांच एजेंसियां रकम ट्रांसफर हुए बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की पड़ताल कर रही हैं। थाना इंचार्ज बसंत कुमार के मुताबिक आरोपियों की पहचान कर उन्हें पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
पीथमपुर में पतंजलि को आवंटित जमीन अब उद्योग वापस लेने की तैयारी में है। दो बार कंपनी को पहले भी नोटिस दिया जा चुका है। हालांकि पिछले एक दशक के ऐसे निवेश प्रस्तावों की बात करें तो कई एमओयू हुए, जमीन आरक्षित हुई, लेकिन फैक्ट्री जमीन पर नहीं उतर सकी। पिछले 10 साल में जापानी निवेश प्रस्ताव, रिलायंस एडीए व पतंजलि जैसे तीन बड़े निवेशकों के लिए करीब 419 एकड़ जमीन आरक्षित की गई, लेकिन एक भी प्रस्ताव उत्पादन तक नहीं पहुंचा। अब एमपीआईडीसी ने पतंजलि को नोटिस देकर फाइल उद्योग विभाग को भेज दी है। इधर, राज्य सरकार नौवीं ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट(जीआईएस)की तैयारियों में जुटी है और निवेशकों को लुभाने के लिए देश-विदेश में प्रयास कर रही है। पतंजलिजमीन मिली लेकिन न प्लांट लगा, न रोजगार मिला सरकार ने 2017 में पतंजलि को 40 एकड़ जमीन 25 लाख रुपए प्रति एकड़ से आवंटित की थी, लेकिन 9 साल बाद भी यहां उत्पादन शुरू नहीं हो सका। कंपनी को 2019 तक प्लांट चालू करना था। कोविड के दौरान समय-सीमा भी बढ़ाई गई, फिर भी निर्माण अधूरा है। इंडोरामा से लगी इस जमीन में अब भी 41 एकड़ वैसे ही आरक्षित है। कुछ जमीन राल्सन, डाबर और यूके की हेलियान ग्रुप को दी गई। ये थे दावे रिलायंस एडीए रक्षा उत्पादन के लिए आरक्षित थी जमीन रिलायंस एडीए के लिए पीथमपुर में 200 एकड़ जमीन आरक्षित की गई थी, लेकिन कंपनी ने तय राशि जमा नहीं की और निर्धारित अवधि में परियोजना शुरू नहीं हो सकी। फिर शासन ने आरक्षित भूमि का बड़ा हिस्सा अन्य निवेशकों को आवंटित कर दिया। अब सेक्टर-6 से लगी इस जमीन पर रिलायंस का प्रोजेक्ट आगे बढ़ता नहीं दिख रहा। यह जमीन 25 लाख रुपए प्रति एकड़ में देने का करार था। ये थे दावे ₹46 हजार करोड़ रुपए के निवेश के तहत प्रदेश में कई औद्योगिक परियोजनाओं का प्रस्ताव था। पीथमपुर में तीन रक्षा उत्पाद निर्माण संयंत्र स्थापित करने की घोषणा। डेटा सेंटर पार्क और सोलर पैनल निर्माण इकाई लगाने की योजना। 300 एकड़ की जरूरत बताई, बाद में 200 एकड़ जमीन आरक्षित हुई। तीन साल में परियोजना शुरू करने की शर्त थी, लेकिन काम शुरू नहीं। इन कंपनियों से भी जमीन भी वापस ली 178 एकड़ जमीन आरक्षित रही लेकिन जापानी निवेश नहीं आया पीथमपुर में जापान व दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के निवेश के लिए 178 एकड़ जमीन आरक्षित की गई थी। 2019 की जीआईएस के दौरान जेट्रो (JETRO) के प्रतिनिधिमंडल ने निवेश का प्रस्ताव भी दिया था। पुराने वाहनों की रिसाइक्लिंग व बीएस-6 मानकों वाले वाहन बनाने की तकनीक लाने की बात कही गई, लेकिन परियोजना आगे नहीं बढ़ी। बाद में यह जमीन अन्य को आवंटित कर दी। मुख्यालय से होगा फैसलाहमने इंदौर रीजन में ऐसे 55 प्लॉट निकाले थे, जिनमें काम शुरू नहीं हुआ था। कुछ लोगों ने नोटिस के बाद काम शुरू किया है। पतंजलि को जमीन राज्य शासन ने अलॉट की थी। इसलिए हमने पूरा मामला मुख्यालय को भेज दिया है। उस पर निर्णय वहीं से होगा। - हिमांशु प्रजापति, कार्यकारी संचालक, एमपीआईडीसी
पूर्णिया। मंगलवार को इंजीनियरिंग कॉलेज, पूर्णिया में एसएसपी डॉ. शौर्य सुमन की अध्यक्षता में एक साइबर अपराध जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान एसएसपी ने छात्र-छात्राओं को साइबर ठगी के नए तरीकों से सावधान रहने और डिजिटल दुनिया का जिम्मेदारी से उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने स्मैक व अन्य मादक पदार्थों से दूर रहने का भी आह्वान किया। एसएसपी ने बताया कि इन दिनों क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर बड़े पैमाने पर साइबर ठगी की जा रही है। अधिक और जल्दी पैसा कमाने के लालच में लोग बिना जांच-पड़ताल किए निवेश कर देते हैं, जिसका फायदा साइबर अपराधी उठाते हैं। ऑनलाइन निवेश करने से पहले पूरी जानकारी लेने की सलाह उन्होंने स्पष्ट किया कि ठगी करने वाले गिरोह लोगों से पैसे लेकर उन्हें कई बैंक खातों के माध्यम से विदेशों तक ट्रांसफर कर देते हैं, जिससे धन की रिकवरी और कानूनी कार्रवाई काफी कठिन हो जाती है। इसलिए किसी भी ऑनलाइन निवेश से पहले पूरी जानकारी और सावधानी बरतना आवश्यक है। मोबाइल फोन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए डॉ. सुमन ने कहा, आपके हाथ में मौजूद मोबाइल एक समुद्र की तरह है। यदि इसका सही उपयोग करेंगे तो ज्ञान और सफलता प्राप्त करेंगे, लेकिन गलत उपयोग जीवन को भटका सकता है। उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए बताया कि उन्होंने अपनी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी किसी कोचिंग संस्थान से नहीं की, बल्कि घर बैठे मोबाइल और तकनीक का सकारात्मक उपयोग कर सफलता हासिल की। एसएसपी ने छात्रों को नशे से दूर रहने की सलाह दी एसएसपी ने इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों से स्मैक समेत अन्य मादक पदार्थों से दूर रहने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि नशा युवाओं के भविष्य को बर्बाद कर देता है और उन्हें अपराध की ओर भी धकेल सकता है। डॉ. सुमन ने इंजीनियरिंग के छात्रों से कहा कि देश को साइबर अपराधों से सुरक्षित रखने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। तकनीकी ज्ञान का उपयोग समाज और देशहित में करना युवाओं की जिम्मेदारी है। शॉर्टकट से पैसा कमाने की लालच से बचे इस अवसर पर उपस्थित एडीएम लॉ एंड ऑर्डर राजकुमार गुप्ता ने भी छात्रों को साइबर ठगी के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि शॉर्टकट से अधिक पैसा कमाने की चाह अक्सर लोगों को इसका शिकार बना देती है। इसलिए ऐसे प्रलोभनों से बचना चाहिए।उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि किसी के साथ साइबर ठगी होती है तो बिना समय गंवाए तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई कर धन की रिकवरी की संभावना बढ़ सके। कार्यक्रम में इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रिंसिपल, शिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।
रेलवे के रिटायर प्रिंसिपल चीफ इंजीनियर से 40 लाख की ठगी का मामला सामने आया है। मुंबई की एक फाइनेंस कंपनी ने 40 लाख रुपये एफडी में निवेश कराए और बाद में रुपये लौटाने से इंकार कर दिया। रिटायर अफसर की शिकायत पर सिविल लाइंस थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। तीन किश्तों में जमा की रकमजगदीश चंद्र चौरसिया (आईआईटी, आईईएस 1990 बैच) ने पुलिस को बताया, उन्होंने नवी मुंबई स्थित अपओनली टेक्नोलॉजीज में नवंबर 2022 से जनवरी 2023 के बीच तीन किश्तों में कुल 40 लाख रुपये जमा किए थे। कंपनी ने उन्हें प्रीमियम ग्राहक बताते हुए 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का भरोसा दिया था। शुरुआती दौर में हर महीने 40 हजार रुपये ब्याज भी दिया। एफडी सर्टिफिकेट में अलग शर्तेंशिकायतकर्ता का आरोप है कि बाद में जारी एफडी प्रमाणपत्र में 9 प्रतिशत ब्याज और सात वर्ष की लॉक-इन अवधि दर्ज मिली। उनका कहना है कि निवेश के समय न तो इसकी जानकारी दी गई और न ही उन्होंने ऐसी किसी शर्त पर सहमति दी। पहले घटाया ब्याज, फिर भुगतान भी रोकाफरवरी 2024 के बाद कंपनी ने मासिक भुगतान 40 हजार से घटाकर 30 हजार रुपये कर दिया। बाद में टीडीएस का हवाला देकर इसे 27 हजार रुपये कर दिया गया। इसके बावजूद कई महीनों का भुगतान पूरा नहीं किया गया। सितंबर 2025 में 15 हजार, अक्टूबर से दिसंबर 2025 तक 20-20 हजार रुपये दिए गए, जबकि अप्रैल और मई 2026 का कोई भुगतान नहीं किया गया। बेटी की शादी के लिए मांगे पैसेपीड़ित ने पुलिस को बताया कि बेटी की शादी के लिए उन्हें रुपयों की जरूरत थी तो उन्होंने कंपनी से एफडी का मूलधन लौटाने का अनुरोध किया, लेकिन कंपनी ने सात साल की लॉक-इन अवधि का हवाला देकर पैसा देने से इनकार कर दिया। संचालकों ने फोन उठाना बंद कियाशिकायत में कंपनी के तीन संचालकों शंभू राय, धीरज सिंह और रोहित कुमार के नाम भी दर्ज हैं। आरोप है कि तीनों अब फोन नहीं उठा रहे हैं। शिकायतकर्ता ने दावा किया कि पिछले छह महीनों में उन्होंने करीब 50 बार ईमेल और व्हाट्सऐप के जरिए संपर्क किया, जिसके सभी रिकॉर्ड उनके पास सुरक्षित हैं। इन आरोपों में दर्ज हुई एफआईआरसिविल लाइंस थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर कंपनी और उसके संचालकों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और अन्य संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी रामाश्रय यादव ने बताया कि निवेश, भुगतान और कंपनी के दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
सोनभद्र जिले के रेणुकूट क्षेत्र में सीएमबी चिट फंड कंपनी के संचालक के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 1.42 करोड़ रुपये की चल एवं अचल संपत्ति कुर्क कर ली है। आरोपी पर निवेश के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये जमा कराने और भुगतान न करने का आरोप है। वह फिलहाल न्यायिक अभिरक्षा में जेल में बंद है। पुलिस के अनुसार, थाना अनपरा में भागीरथी मौर्या पुत्र रमापति मौर्या, निवासी मुंहकुचवां (मिर्जापुर) एवं वर्तमान निवासी मुर्धवा, रेणुकूट के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज है। आरोपी सीएमबी नाम से चिट फंड कंपनी संचालित कर लोगों से निवेश कराता था और समय पूरा होने पर धन वापस नहीं करता था। शिकायतों के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले की सुनवाई के दौरान अपर सिविल जज ने अपराध से अर्जित संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया। न्यायालय के आदेश के अनुपालन में उपजिलाधिकारी दुद्धी रवि पासवान और क्षेत्राधिकारी पिपरी हर्ष पाण्डेय के नेतृत्व में पुलिस व राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। टीम ने मुर्धवा स्थित आराजी संख्या 557ग की 0.0195 हेक्टेयर भूमि (अनुमानित मूल्य 17.55 लाख रुपये) तथा उस पर बने मकान (अनुमानित मूल्य 1.09 करोड़ रुपये) को कुर्क किया। इसके अलावा मौजा कटौधी स्थित आराजी संख्या 97क की 0.273 हेक्टेयर भूमि (अनुमानित मूल्य 4.10 लाख रुपये) भी जब्त की गई। अचल संपत्तियों का कुल अनुमानित मूल्य करीब 1.31 करोड़ रुपये है। इसके अतिरिक्त आरोपी की किया सोनेट कार, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 11 लाख रुपये है, उसे भी न्यायालय के आदेश पर जब्त कर लिया गया। इस तरह कुर्क की गई चल एवं अचल संपत्तियों का कुल मूल्य लगभग 1.42 करोड़ रुपये है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि आर्थिक अपराध कर आम लोगों की गाढ़ी कमाई हड़पने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। अपराध से अर्जित संपत्तियों को चिन्हित कर कानून के अनुसार कुर्क करने की प्रक्रिया आगे भी जारी रखी जाएगी।
शेयर मार्केट में मोटा मुनाफा कमाने का लालच ग्वालियर के एक कारोबारी को भारी पड़ गया। साइबर ठगों ने व्हाट्सएप कॉल के जरिए संपर्क कर पहले निवेश पर मुनाफा देकर भरोसा जीता, फिर अलग-अलग किश्तों में 15.27 लाख रुपए निवेश करा लिए। जब कारोबारी ने अपनी जमा राशि वापस मांगी तो ठगों ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाटीपुर थाना क्षेत्र स्थित चौहान प्याऊ के सामने तोमर बिल्डिंग निवासी 49 वर्षीय विवेक सिंह तोमर ने पुलिस को बताया कि 29 जून 2026 को उनके मोबाइल पर व्हाट्सएप कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को शेयर मार्केट से जुड़ा बताते हुए निवेश पर पहले ट्रेनिंग और फिर 10 प्रतिशत तक मुनाफा देने का दावा किया। पहले मुनाफा देकर जीता भरोसा ठग की बातों में आकर विवेक ने सबसे पहले 50 हजार रुपए बताए गए बैंक खाते में ट्रांसफर किए। कुछ समय बाद उनके खाते में 8,910 रुपए मुनाफे के रूप में भेजे गए। इससे उनका भरोसा बढ़ गया और उन्होंने 3 जुलाई को 4.97 लाख रुपए, 6 जुलाई को 4.95 लाख रुपए तथा बाद में अन्य किश्तों में रकम मिलाकर कुल 15 लाख 27 हजार रुपए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए। रकम वापस मांगी तो ठगों ने किया इनकार जब विवेक ने निवेश की पूरी राशि वापस निकालने की कोशिश की तो आरोपियों ने पैसे लौटाने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ। उन्होंने तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 और साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की। खातों की जांच में जुटी पुलिस सीएसपी मनीष यादव ने बताया कि शेयर बाजार में मुनाफे का झांसा देकर एक व्यक्ति से करीब 15 लाख रुपए से अधिक की साइबर ठगी की गई है। पीड़ित की शिकायत पर प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। पुलिस यह पता लगा रही है कि ट्रांसफर की गई राशि किन-किन बैंक खातों में पहुंची और आरोपियों तक कैसे पहुंचा जा सकता है।
देश की सबसे बड़ी पैसेंजर वाहन निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने अपने सभी मॉडल्स की कीमतों में बढ़ोत्तरी का ऐलान किया है। कंपनी अपनी कारों के दाम 30,000 रुपए तक बढ़ाएगी। नई कीमतें अगस्त 2026 से लागू होंगी। कंपनी ने 21 जुलाई, मंगलवार को शेयर बाजारों को भेजी जानकारी यानी रेगुलेटरी फाइलिंग में यह जानकारी दी है। अलग-अलग मॉडल और वैरिएंट के हिसाब से अलग-अलग दाम बढ़ाए जाएंगे। कंपनी बोली- इनपुट कॉस्ट बढ़ने से लेना पड़ा फैसला कंपनी ने बताया कि लगातार बढ़ रही इनपुट कॉस्ट यानी लागत बढ़ने की वजह से यह फैसला लेना पड़ा है। पिछले कुछ महीनों में कंपनी ने अपने स्तर पर लागत घटाने की कोशिश की, ताकि ग्राहकों पर सीधा असर न पड़े। हालांकि, महंगाई दर ऊंची रहने और कारोबारी माहौल अनुकूल न होने की वजह से बढ़ी हुई लागत का कुछ हिस्सा ग्राहकों पर डालना मजबूरी हो गया है। 2 महीने में दूसरी बार बढ़ेंगे दाम इस साल मारुति सुजुकी की तरफ से यह पहली बढ़ोत्तरी नहीं है। इससे पहले कंपनी ने जून 2026 में भी अपने सभी मॉडल्स की कीमतों में 30,000 रुपए तक का इजाफा किया था। उस बढ़ोत्तरी का ऐलान 21 मई 2026 को किया गया था। उस समय भी कंपनी ने इनपुट कॉस्ट में बढ़ोतरी और महंगाई के दबाव को ही मुख्य वजह बताया था। अगस्त से लागू होने वाला नया संशोधन जून में हुई बढ़ोतरी के ऊपर अतिरिक्त इजाफा होगा। ₹3.50 लाख से ₹25 लाख तक के वाहन बेचती है कंपनी मारुति सुजुकी भारतीय बाजार में एंट्री-लेवल हैचबैक से लेकर प्रीमियम सेगमेंट की गाड़ियां बेचती है। इनमें एंट्री-लेवल मॉडल S-Presso से लेकर प्रीमियम MPV इनविक्टो शामिल हैं। फिलहाल कंपनी के पोर्टफोलियो की एक्स-शोरूम कीमतें ₹3.50 लाख से शुरू होकर ₹25 लाख तक जाती हैं। अगस्त से होने वाली बढ़ोतरी के बाद एंट्री-लेवल और प्रीमियम दोनों सेगमेंट की कारें महंगी हो जाएंगी। रेगुलेटरी फाइलिंग और इनपुट कॉस्ट क्या होती है? रेगुलेटरी फाइलिंग: शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनियों के लिए यह अनिवार्य होता है कि वे अपने किसी भी बड़े बिजनेस फैसले, मुनाफे, नुकसान या कीमतों में बदलाव की जानकारी 'सेबी' या स्टॉक एक्सचेंज को दें। इसी आधिकारिक दस्तावेज को रेगुलेटरी फाइलिंग कहते हैं। इनपुट कॉस्ट: किसी भी कार को बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल (जैसे स्टील, प्लास्टिक, एल्युमिनियम, रबर और इलेक्ट्रॉनिक्स) की कुल लागत को इनपुट कॉस्ट कहा जाता है। जब अंतरराष्ट्रीय या घरेलू बाजार में ये चीजें महंगी होती हैं, तो गाड़ियों की मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट भी बढ़ जाती है।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में सहारा इंडिया निवेश घोटाले के मामले में करीब 3 साल से फरार चल रहे सहारा इंडिया कबीर चौक शाखा के ब्रांच मैनेजर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से पुलिस से बचकर छिप रहा था। गिरफ्तार करने के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, मामले में कृष्णा विहार कॉलोनी निवासी विकास निगानिया (35) ने 29 सितंबर 2022 को कोतवाली थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि सहारा इंडिया के अधिकारियों, कर्मचारियों ने कंपनी की विश्वसनीयता और आरबीआई से अधिकृत होने का झूठा भरोसा दिलाकर साल 2017 में उनसे, उनकी माता और पत्नी से अलग-अलग योजनाओं में करीब 40 लाख रुपएका निवेश कराया था। निवेश की अवधि पूरी होने के बाद भी निवेशकों की राशि वापस नहीं की गई। जांच में सामने आया कि निवेशकों से सहारा इंडिया के नाम पर रकम लेकर अलग-अलग सहकारी समितियों के नाम से बॉन्ड जारी किए गए और सुनियोजित तरीके से धोखाधड़ी की गई। मामले में सहारा इंडिया रायगढ़ के कबीर चौक शाखा के ब्रांच मैनेजर विजय कुमार शराफ (54), निवासी विकास नगर, कोतरारोड, फरार था। 'ऑपरेशन क्लीन हंट' अभियान के तहत पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी अपने ससुराल कोतरारोड आया हुआ है। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस ने दबिश देकर उसे हिरासत में ले लिया। आरोपी से कई दस्तावेज जब्त पूछताछ में आरोपी ने मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्यों की जानकारी दी। उसके कब्जे से सहारा इंडिया के कबीर चौक फ्रेंचाइजी कार्यालय से संबंधित विकास एवं प्रशासनिक आदेश, कंपनी के एमओयू (MOU) की प्रतियां और अन्य दस्तावेज जब्त किए गए। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। पहले भी कई आरोपी जा चुके हैं जेल इस मामले में कोतवाली पुलिस पहले ही सहारा इंडिया रायगढ़ के पूर्व शाखा प्रबंधक ओमप्रकाश शर्मा, खरसिया के पूर्व शाखा प्रबंधक पुष्पेंद्र कुमार साहू, कंपनी डायरेक्टर करुणेश अवस्थी, सेक्टर मैनेजर अमृतलाल श्रीवास और 6 जुलाई 2024 को बिलासपुर के रीजनल मैनेजर रजनीश तिवारी को गिरफ्तार कर विशेष न्यायाधीश रायगढ़ की अदालत में चालान पेश कर चुकी है। 3,848 निवेशकों से 40.78 करोड़ की धोखाधड़ी पुलिस ने आरोपियों से आईडी कार्ड, नियुक्ति एवं कार्य आदेश संबंधी दस्तावेज, बैंक खातों की जानकारी, जमीन के दस्तावेज तथा धोखाधड़ी की रकम से खरीदी गई कार और बाइक भी जब्त की है। जांच में रायगढ़ सहित अन्य जिलों से मिली शिकायतों के आधार पर अब तक 3,848 निवेशकों के साथ 40 करोड़ 78 लाख 16 हजार 739 रुपए की धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है। मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश लगातार जारी है। SSP बोले- किसी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि निवेशकों के साथ धोखाधड़ी करने वाले किसी भी आरोपी को कानून से बचने नहीं दिया जाएगा। आर्थिक अपराधों में फरार आरोपियों की लगातार तलाश की जा रही है और आम जनता के विश्वास के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राजा सूर्य की राशि 'सिंह' में आज (16 जुलाई 2026) एक बेहद महत्वपूर्ण और प्रभावकारी खगोलीय घटना होने जा रही है। धन, वैभव, ऐश्वर्य, सौंदर्य और प्रेम के कारक ग्रह शुक्र (Venus) आज सिंह राशि में गोचर करने जा रहे हैं। सिंह राशि में पहले से ही छाया ग्रह केतु (Ketu) विराजमान हैं, जो जातक को अध्यात्म और अकेलापन देते हैं।सूर्य की राशि में शुक्र और केतु का यह मिलन ज्योतिषीय दृष्टिकोण से बेहद खास है। जब भी सुख-सुविधाओं के स्वामी शुक्र का संयोग रहस्यमयी केतु से होता है, तो देश-दुनिया समेत सभी 12 राशियों के जीवन में बड़े बदलाव आते हैं। हालांकि, आज होने वाले इस महागोचर से 3 विशेष राशियों की बंद किस्मत के ताले खुलने वाले हैं और उन्हें बम्पर धन लाभ होने जा रहा है। आइए जानते हैं इन भाग्यशाली राशियों के बारे में:शुक्र-केतु की युति से इन 3 राशियों की चमकेगी किस्मत1. वृषभ राशि (Taurus) – आय के बनेंगे नए स्रोतवृषभ राशि के जातकों के लिए शुक्र और केतु का एक साथ आना जीवन में सकारात्मक बदलावों की झड़ी लगा देगा।आर्थिक लाभ: आपकी आमदनी (Income) के नए-नए साधन विकसित होंगे और धन आगमन के रास्ते में आ रही रुकावटें स्वतः दूर होती चली जाएंगी। व्यापार या नौकरी में किसी भी प्रकार की बड़ी परेशानी सामने नहीं आएगी।पारिवारिक जीवन: यह समय आपके लिए हर लिहाज से उत्तम है। आपकी पर्सनल लाइफ शानदार रहेगी और मुश्किल घड़ी में जीवनसाथी (Partner) का पूरा भावनात्मक व आर्थिक सहयोग प्राप्त होगा।2. तुला राशि (Libra) – अचानक होगा बड़ा धन लाभतुला राशि के जातकों के लिए सिंह राशि में बन रही यह युति बेहद कल्याणकारी और फलदायी साबित होने वाली है।आर्थिक लाभ: आपके लिए कार्यक्षेत्र में लाभ के कई शानदार मौके हाथ आएंगे। आपको किसी पुराने निवेश या पैतृक संपत्ति से अचानक धन लाभ (Sudden Wealth) हो सकता है। भविष्य के लिए की गई आपकी फाइनेंशियल प्लानिंग पूरी तरह सफल रहेगी।मानसिक स्थिति: पिछले कुछ समय से चल रहा मानसिक तनाव खत्म होगा और आप खुद को काफी हल्का व सकारात्मक महसूस करेंगे। शादीशुदा जिंदगी में भी मधुरता और सुखद पल लौटेंगे।3. वृश्चिक राशि (Scorpio) – लव लाइफ और निवेश में सफलतावृश्चिक राशि के जातकों के लिए शुक्र और केतु का यह दुर्लभ संयोग आर्थिक और व्यक्तिगत दोनों मोर्चों पर बड़ी खुशखबरी लेकर आया है।आर्थिक लाभ: आपकी आर्थिक स्थिति (Financial Condition) में जबरदस्त सुधार देखने को मिलेगा। आपकी मंथली इनकम में बढ़ोतरी होगी और यदि आप शेयर बाजार या कहीं और निवेश (Investment) करने की सोच रहे हैं, तो यह समय आपके लिए बेहतरीन रिटर्न दिलाने वाला साबित होगा।लव लाइफ: आपकी प्रेम जिंदगी में चार चांद लगेंगे, पार्टनर के साथ आपसी समझ और भरोसा और ज्यादा मजबूत होगा। इस गोचर का आपकी राशि पर कोई भी नकारात्मक प्रभाव नहीं दिख रहा है।कुंडली में केतु को मजबूत और खुश करने के 3 अचूक उपायकेतु को एक क्रूर और छाया ग्रह माना जाता है, जो कुंडली में कमजोर होने पर भ्रम, अकेलापन और चर्म रोग जैसी समस्याएं दे सकता है। यदि आपकी कुंडली में केतु अशुभ फल दे रहा है, तो आज इस गोचर के अवसर पर नीचे दिए गए उपाय करके आप उसे शांत और मजबूत कर सकते हैं:तिल का दान: केतु के दुष्प्रभावों को कम करने के लिए गुरुवार या शनिवार के दिन काले और सफेद तिल का दान करना बेहद शुभ माना जाता है।श्वान (कुत्ते) की सेवा: रोजाना या विशेषकर शनिवार को किसी काले या दोरंगे कुत्ते को सरसों का तेल लगी हुई रोटी खिलाएं। पशुओं की सेवा से केतु तुरंत शांत होते हैं।कंबल का दान: समाज के अत्यंत गरीब और जरूरतमंद लोगों को काले-सफेद रंग के कंबल या गर्म कपड़ों का दान करें। इससे केतु जनित दोषों से मुक्ति मिलती है और जीवन में स्थिरता आती है।
एफपीआई निवेश को वापस लाने में भारत का मजबूत आर्थिक आधार कर रहा मदद: एक्सपर्ट्स
नई दिल्ली, सरकार की ओर से डेट निवेश के टैक्स नियमों में किए गए बदलाव विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) को आकर्षित करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
मोदी के इंडोनेशिया दौरे से व्यापार-निवेश को नई उड़ान: इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स
जकार्ता/नई दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंडोनेशिया दौरे को लेकर वहां रह रहे भारतीय समुदाय और कारोबारी जगत में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।
अंग्रेजी कैलेंडर का सातवां महीना यानी जुलाई 2026 कई लोगों के जीवन में खुशियों की नई सौगात लेकर आने वाला है। अंक ज्योतिष के अनुसार, यह महीना कई जातकों के लिए बेहद भाग्यशाली रहने वाला है। सिंगल लोगों के जीवन में किसी खास की एंट्री हो सकती है, तो वहीं लंबे समय से नौकरी में प्रमोशन का इंतजार कर रहे कामकाजी लोगों का इंतजार खत्म हो सकता है। व्यापार में भारी मुनाफे और आमदनी के नए स्रोत बढ़ने के भी मजबूत योग बन रहे हैं।जुलाई महीने का अपना सटीक भविष्यफल जानने के लिए आपको अपनी जन्मतिथि (Birthdate) को जोड़कर अपना मूलांक निकालना होगा। उदाहरण के लिए, यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो अंकों को जोड़ने पर आपका मूलांक 1 (जैसे: 2+8=10, 1+0=1) होगा। आइए जानते हैं मूलांक 1 से लेकर 9 तक के लिए जुलाई 2026 का पूरा अंक ज्योतिषफल।मूलांक 1 (यदि जन्म 1, 10, 19, 28 तारीख को हुआ हो)करिअर और नौकरी: जुलाई का महीना आपके लिए करियर के नए और सुनहरे अवसर लेकर आ सकता है। अगर आप नौकरी बदलने या प्रमोशन का इंतजार कर रहे हैं, तो महीने के उत्तरार्ध में कोई सकारात्मक खबर मिल सकती है। कार्यस्थल पर आपके नेतृत्व और सटीक निर्णय लेने की क्षमता की तारीफ होगी, लेकिन किसी भी बड़े फैसले को जल्दबाजी में लेने से बचें।व्यापार: कारोबारियों के लिए नए क्लाइंट्स और बड़े प्रोजेक्ट्स मिलने की प्रबल संभावना है। पुराने व्यापारिक संपर्कों से भी बड़ा मुनाफा हो सकता है। जो लोग पार्टनरशिप में बिजनेस कर रहे हैं, उन्हें कागजी कार्रवाई और लिखित समझौतों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।आर्थिक स्थिति: इस महीने आय के स्रोत काफी मजबूत रहेंगे, लेकिन इसके साथ ही खर्चों में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। यदि आप किसी नई जगह निवेश करने की सोच रहे हैं, तो बाजार की पूरी जानकारी जरूर जुटा लें। फालतू खर्चों पर लगाम लगाने से आपकी बचत सुरक्षित रहेगी।प्रेम और वैवाहिक जीवन: लव लाइफ में आपसी विश्वास और तालमेल बढ़ेंगे। यदि पार्टनर के साथ किसी बात को लेकर अनबन चल रही थी, तो बातचीत के जरिए उसका समाधान निकल जाएगा। शादीशुदा जातकों को अपने जीवनसाथी की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।पारिवारिक जीवन: परिवार में किसी मांगलिक या शुभ कार्य का आयोजन हो सकता है। माता-पिता का पूरा सहयोग मिलेगा, जिससे घर का माहौल शांतिपूर्ण और सुखद बना रहेगा।स्वास्थ्य: अधिक भागदौड़ के कारण थकान, सिरदर्द या अनिद्रा (नींद की कमी) जैसी परेशानियाँ हो सकती हैं। शरीर को पर्याप्त आराम दें और अपनी दिनचर्या अनुशासित रखें।शुभ रंग व दिन: सुनहरा और नारंगी रंग आपके लिए भाग्यशाली रहेगा। शुभ दिनों में रविवार और सोमवार शामिल हैं।मूलांक 2 (यदि जन्म 2, 11, 20, 29 तारीख को हुआ हो)करियर और नौकरी: यह महीना आपको कार्यस्थल पर धैर्य और समझदारी के साथ आगे बढ़ने की सलाह देता है। ऑफिस में सहकर्मियों के साथ टीमवर्क में काम करने से आपको बेहतरीन नतीजे मिलेंगे। सीनियर्स और बॉस के साथ अपने संबंध मधुर बनाए रखें, इससे आपको भविष्य में लाभ होगा।व्यापार: यदि आप किसी नए बिजनेस को शुरू करने का मन बना रहे हैं, तो जमीन स्तर पर बाजार का अच्छी तरह अध्ययन कर लें। पुराने और भरोसेमंद ग्राहकों के सहयोग से आपका मौजूदा कारोबार सुचारू रूप से चलता रहेगा।आर्थिक स्थिति: जुलाई के महीने में आपकी आमदनी सामान्य बनी रहेगी, लेकिन घरेलू सुख-सुविधाओं पर खर्च बढ़ सकता है। किसी करीबी मित्र या रिश्तेदार को बड़ा कर्ज या पैसा उधार देने से पहले अच्छी तरह सोच-विचार कर लें।प्रेम और वैवाहिक जीवन: भावनात्मक दृष्टिकोण से यह समय काफी अच्छा रहने वाला है। रिश्तों में मजबूती आएगी और आपसी भरोसा बढ़ेगा। अविवाहित जातकों के जीवन में किसी नए रिश्ते की शुरुआत हो सकती है।पारिवारिक जीवन: घर-परिवार के किसी बड़े सदस्य या काम की जिम्मेदारी अचानक आपके कंधों पर आ सकती है। शांति और ठंडे दिमाग से काम लेने पर आप सभी पारिवारिक जिम्मेदारियों को आसानी से निभा सकेंगे।स्वास्थ्य: मानसिक तनाव और बेवजह की चिंता से बचने की कोशिश करें। मानसिक शांति के लिए योग और ध्यान (Meditation) को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।शुभ रंग व दिन: सफेद और क्रीम रंग आपके लिए उत्तम हैं। शुभ दिनों में सोमवार और शुक्रवार का सहयोग मिलेगा।मूलांक 3 (यदि जन्म 3, 12, 21, 30 तारीख को हुआ हो)करियर और नौकरी: शिक्षा, मीडिया, मार्केटिंग, राइटिंग, कला और क्रिएटिव फील्ड से जुड़े लोगों के लिए यह महीना बेहद शानदार रहने वाला है। आपको अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए नए मंच मिलेंगे। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे छात्रों या इंटरव्यू दे रहे जातकों को सफलता मिलने की पूरी उम्मीद है।व्यापार: बिजनेस के विस्तार (Expansion) की आपकी योजनाएं अब रफ्तार पकड़ेंगी। कारोबार को बढ़ाने के लिए बनाई गई नई मार्केटिंग स्ट्रेटेजी इस महीने आपको बड़ा मुनाफा कमा कर दे सकती है।आर्थिक स्थिति: आपको इस महीने एक्स्ट्रा इनकम (अतिरिक्त आय) के बेहतरीन मौके हाथ लग सकते हैं। हालांकि, शेयर बाजार या किसी भी तरह के जोखिम भरे निवेश से आपको पूरी तरह दूरी बनाकर रखनी चाहिए।प्रेम और वैवाहिक जीवन: प्रेम संबंधों में मधुरता घुलेगी और जीवनसाथी हर मोड़ पर सहयोग करेगा। यदि जीवनसाथी के साथ कोई पुराना मनमुटाव चल रहा था, तो वह इस महीने पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।पारिवारिक जीवन: परिवार के सदस्यों के साथ किसी धार्मिक यात्रा या पिकनिक पर जाने का प्लान बन सकता है, जिससे आपसी तालमेल और मजबूत होगा।स्वास्थ्य: पेट और पाचन से जुड़ी दिक्कतों से बचने के लिए बाहर के खाने-पीने से परहेज करें। संतुलित और सात्विक आहार लें।शुभ रंग व दिन: पीला और हल्का नारंगी रंग शुभ फल देगा। दिनों में गुरुवार और रविवार आपके लिए अनुकूल रहेंगे।मूलांक 4 (यदि जन्म 4, 13, 22, 31 तारीख को हुआ हो)करिअर और नौकरी: आपकी पुरानी कड़ी मेहनत का मीठा फल अब आपको मिलने वाला है। लंबे समय से अटके हुए ऑफिशियल काम इस महीने पूरे हो जाएंगे। ऑफिस में आपका अनुशासन और समय की पाबंदी सीनियर्स को प्रभावित करेंगी।व्यापार: बिजनेस में स्थिरता (Stability) बनी रहेगी, जिससे आपका मानसिक तनाव कम होगा। पुराने ग्राहकों का आपके प्रति भरोसा और बढ़ेगा। हालांकि, किसी भी नए बड़े निवेश में हाथ डालने से पहले सावधानी बरतें।आर्थिक स्थिति: पैसों के मामले में आपकी स्थिति पहले के मुकाबले काफी मजबूत होगी। इसके बावजूद किसी भी तरह के बड़े और गैर-जरूरी खर्चों को फिलहाल के लिए टाल देना ही समझदारी होगी।प्रेम और वैवाहिक जीवन: रिश्तों में अपनी जिद और गुस्से को आड़े न आने दें। पार्टनर के साथ किसी भी विवाद को शांत मन से बैठकर बातचीत के जरिए सुलझाने का प्रयास करें।पारिवारिक जीवन: घर के किसी बेहद महत्वपूर्ण निर्णय या पारिवारिक मसले में आपकी राय को विशेष महत्व दिया जाएगा, जिससे परिवार में आपका सम्मान बढ़ेगा।स्वास्थ्य: पीठ दर्द, कमर दर्द या जोड़ों में खिंचाव की समस्या आपको थोड़ा परेशान कर सकती है। डॉक्टर की सलाह लें और हल्के व्यायाम को अपने रूटीन में शामिल करें।शुभ रंग व दिन: नीला और ग्रे (स्लेटी) रंग आपके लिए सकारात्मक रहेगा। शुभ दिनों में शनिवार और रविवार का साथ मिलेगा।मूलांक 5 (यदि जन्म 5, 14, 23 तारीख को हुआ हो)करिअर और नौकरी: जुलाई का यह महीना आपकी प्रोफेशनल लाइफ में बड़े और सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है। आप किसी दूसरी जगह ट्रांसफर हो सकते हैं या ऑफिस में कोई बड़ी नई जिम्मेदारी मिल सकती है। आपके बेहतरीन कम्युनिकेशन स्किल्स (संचार कौशल) की वजह से आपको वर्कप्लेस पर नई पहचान मिलेगी।व्यापार: व्यापारियों के लिए यह समय नए एग्रीमेंट्स और बड़े ऑर्डर्स मिलने का है। जो लोग ऑनलाइन बिजनेस, डिजिटल मार्केटिंग या ई-कॉमर्स से जुड़े हैं, उन्हें इस महीने बंपर मुनाफा होने के आसार हैं।आर्थिक स्थिति: आर्थिक मोर्चे पर यह महीना आपके लिए भाग्यशाली रहेगा। लंबे समय से फंसा हुआ या रुका हुआ धन अचानक वापस मिल सकता है। कम समय में ज्यादा मुनाफे के चक्कर में आकर किसी भी सट्टेबाजी या जोखिम भरे काम में पैसा न लगाएं।प्रेम और वैवाहिक जीवन: लव लाइफ में रोमांस और नया उत्साह देखने को मिलेंगे। जो लोग सिंगल हैं, उनकी मुलाकात सोशल मीडिया या किसी इवेंट के दौरान किसी बेहद खास व्यक्ति से हो सकती है।पारिवारिक जीवन: घर में हंसी-खुशी का माहौल बना रहेगा। भाई-बहनों का पूरा सहयोग मिलेगा और परिवार के साथ किसी छोटी दूरी की यात्रा पर जाने के योग बन रहे हैं।स्वास्थ्य: काम की अधिकता के कारण भागदौड़ ज्यादा रहेगी, इसलिए शरीर को पर्याप्त आराम दें और समय पर पौष्टिक भोजन करना न भूलें।शुभ रंग व दिन: हरा रंग आपके लिए सबसे ज्यादा लकी साबित होगा। दिनों में बुधवार और शुक्रवार आपके लिए शुभ हैं।मूलांक 6 (यदि जन्म 6, 15, 24 तारीख को हुआ हो)करिअर और नौकरी: जुलाई का महीना आपके करियर में संतुलन और निरंतर प्रगति लेकर आ रहा है। कार्यस्थल पर आपकी मेहनत और मिलनसार व्यवहार की हर कोई तारीफ करेगा। यदि आप सैलरी हाइक (वेतन वृद्धि) या प्रमोशन की उम्मीद कर रहे हैं, तो महीने के आखिरी हफ्ते में कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है।व्यापार: बाजार में आपकी साख बढ़ेगी जिससे पुराने ग्राहकों का भरोसा मजबूत होगा। जो जातक फैशन, कॉस्मेटिक्स, होटल, इंटीरियर डिजाइनिंग, कला या लक्जरी आइटम्स के बिजनेस में हैं, उन्हें बड़े ऑर्डर्स मिलने की पूरी उम्मीद है। पार्टनरशिप में पारदर्शिता रखें।आर्थिक स्थिति: इस महीने आपकी आमदनी बढ़ने के साथ-साथ खर्चों का ग्राफ भी ऊपर जा सकता है। आप नया वाहन, घर या परिवार की सुख-सुविधाओं पर पैसा खर्च कर सकते हैं। एक सटीक बजट बनाकर चलेंगे तो कोई दिक्कत नहीं होगी।प्रेम और वैवाहिक जीवन: प्रेम संबंधों में गहराई आएगी और पार्टनर के साथ भावनात्मक जुड़ाव बढ़ेगा। शादीशुदा लोगों के लिए जीवनसाथी के हर कदम पर साथ देना उनके हौसले को बढ़ाएगा। पुराने मनमुटाव दूर होंगे।पारिवारिक जीवन: घर में किसी मांगलिक प्रसंग या उत्सव की रूपरेखा बन सकती है। सप्ताहांत (Weekend) पर परिवार के साथ क्वालिटी टाइम बिताने से आपको मानसिक शांति मिलेगी।स्वास्थ्य: खान-पान में लापरवाही भारी पड़ सकती है। ज्यादा मीठा, तली-भुनी चीजें और जंक फूड से पूरी तरह से परहेज करें। जो लोग शुगर या बढ़ते वजन से परेशान हैं, वे विशेष सावधानी बरतें।शुभ रंग व दिन: गुलाबी और हल्का नीला रंग आपके लिए अनुकूल हैं। शुभ दिनों में शुक्रवार और सोमवार शामिल हैं।मूलांक 7 (यदि जन्म 7, 16, 25 तारीख को हुआ हो)करियर और नौकरी: यह महीना आपके लिए अपनी स्किल्स को अपग्रेड करने, कुछ नया सीखने और भविष्य के लिए बड़ी प्लानिंग करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। जो लोग आईटी (IT), एजुकेशन, रिसर्च, डेटा एनालिसिस और कंसल्टिंग के क्षेत्र में कार्यरत हैं, उनके लिए तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे। जोश में आकर नौकरी बदलने का फैसला न लें।व्यापार: कारोबारी इस महीने अपने बिजनेस के बेतहाशा विस्तार की बजाय अपने प्रोडक्ट्स या सर्विसेज की क्वालिटी (गुणवत्ता) को सुधारने पर ज्यादा फोकस करें। इस महीने बनाई गई नई बिजनेस स्ट्रेटेजी आपको भविष्य में बड़ा आर्थिक लाभ देगी।आर्थिक स्थिति: आर्थिक मामलों में महीना सामान्य रहेगा। जहां एक तरफ आकस्मिक धन लाभ के योग बन रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ अनचाहे और अचानक आने वाले खर्च आपका बजट बिगाड़ सकते हैं। निवेश करने से पहले किसी वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) की मदद लें।प्रेम और वैवाहिक जीवन: इस महीने आप स्वभाव से थोड़े अंतर्मुखी रह सकते हैं, जिससे आप अपनी भावनाएं पार्टनर के सामने खुलकर नहीं रख पाएंगे। इस वजह से साथी के मन में गलतफहमी पैदा हो सकती है। संवादहीनता से बचें और खुलकर बात करें।पारिवारिक जीवन: परिवार का पूरा सपोर्ट आपके साथ रहेगा, लेकिन काम के बढ़ते दबाव के बीच आप मानसिक शांति के लिए खुद के साथ अकेले में कुछ वक्त बिताने की जरूरत महसूस करेंगे।स्वास्थ्य: पर्याप्त नींद न लेना आपकी सेहत पर भारी पड़ सकता है। मानसिक तनाव और सिरदर्द से बचने के लिए योग, प्राणायाम और वॉक को अपने डेली रूटीन का हिस्सा बनाएं।शुभ रंग व दिन: बैंगनी और सफेद रंग आपके ओरा को मजबूत करेगा। दिनों में सोमवार और गुरुवार का साथ मिलेगा।मूलांक 8 (यदि जन्म 8, 17, 26 तारीख को हुआ हो)करियर और नौकरी: जुलाई का यह महीना कार्यस्थल पर आपके धैर्य और कठिन परिश्रम की परीक्षा ले सकता है, लेकिन घबराएं नहीं, यही मेहनत आपको महीने के अंत तक बड़ी सफलता दिलाएगी। ऑफिस में वर्कलोड और जिम्मेदारियाँ बढ़ सकती हैं। सरकारी, प्रशासनिक, बैंकिंग, लॉ या मैनेजमेंट से जुड़े लोगों को मान-सम्मान मिलेगा।व्यापार: किसी पुरानी प्रॉपर्टी, पूर्व में किए गए निवेश या लंबे समय से रुकी हुई बिजनेस डील्स से अचानक तगड़ा मुनाफा होने की उम्मीद है। हालांकि, किसी भी नए डील या सरकारी दस्तावेज पर बिना पढ़े और बिना सोचे-समझे हस्ताक्षर करने की भूल न करें।आर्थिक स्थिति: लंबे समय से अटका हुआ या डूबा हुआ पैसा वापस मिलने के योग हैं। हालांकि, भावनाओं में बहकर किसी अनजान स्कीम में भारी निवेश करने से बचें, अन्यथा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।प्रेम और वैवाहिक जीवन: काम की व्यस्तता के चलते आप अपने लाइफ पार्टनर को पर्याप्त समय नहीं दे पाएंगे, जिससे थोड़े शिकवे-शिकायतें बढ़ सकती हैं। प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ में बैलेंस बनाकर रखें, पुराने विवाद धीरे-धीरे सुलझ जाएंगे।पारिवारिक जीवन: घर के किसी वरिष्ठ या बुजुर्ग सदस्य की सलाह आपके किसी बड़े संकट को टालने में मददगार साबित होगी। पैतृक संपत्ति से जुड़ा कोई अहम फैसला इस महीने लिया जा सकता है।स्वास्थ्य: हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप), जोड़ों के दर्द या अत्यधिक शारीरिक थकान को सामान्य मानकर नजरअंदाज करने की गलती न करें। समय-समय पर डॉक्टर से चेकअप कराते रहें।शुभ रंग व दिन: गहरा नीला और काला रंग आपके लिए सुरक्षा कवच का काम करेगा। शुभ दिनों में शनिवार और शुक्रवार अनुकूल रहेंगे।मूलांक 9 (यदि जन्म 9, 18, 27 तारीख को हुआ हो)करिअर और नौकरी: जुलाई 2026 आपके लिए बड़ी उपलब्धियों और सफलताओं का महीना साबित होने वाला है। जो काम महीनों से अटके हुए थे, वे अब तेजी से पूरे होने लगेंगे। सेना, पुलिस, प्रशासन, मेडिकल, सोशल सर्विस और राजनीति से जुड़े जातकों को इस महीने कोई बड़ा पद या विशेष सफलता मिल सकती है।व्यापार: बिजनेस में विस्तार की जो योजनाएं ठंडे बस्ते में थीं, वे अब अमलीजामा पहनेंगी। बाजार में नए संपर्क और बड़े क्लाइंट्स आपके साथ जुड़ेंगे। कोर्ट-कचहरी या प्रतिद्वंदियों के साथ चल रहे पुराने विवाद सुलझने से आपके काम में तेजी आएगी।आर्थिक स्थिति: धन आगमन के बेहद खूबसूरत और मजबूत योग बन रहे हैं। बिजनेस में रुका हुआ पुराना पेमेंट क्लियर हो जाएगा, जिससे आपकी फाइनेंशियल कंडीशन काफी मजबूत होगी। फिर भी, बड़ा निवेश करने से पहले जोखिमों का आकलन जरूर कर लें।प्रेम और वैवाहिक जीवन: लव लाइफ और वैवाहिक जीवन में गजब का आपसी तालमेल और भावनात्मक मजबूती देखने को मिलेगी। हर मुश्किल परिस्थिति में पार्टनर ढाल बनकर आपके साथ खड़ा रहेगा। अविवाहितों के लिए विवाह के बेहतरीन प्रस्ताव आ सकते हैं।पारिवारिक जीवन: परिवार में किसी सदस्य की नौकरी या विवाह से जुड़ा कोई शुभ समाचार मिल सकता है। घर में किसी मांगलिक या धार्मिक कार्य की योजना बनेगी, जिससे पूरे घर का माहौल सकारात्मक और ऊर्जावान रहेगा।स्वास्थ्य: इस महीने आपकी शारीरिक ऊर्जा और इम्युनिटी बहुत अच्छी रहेंगी। हालांकि, आपको अपने अत्यधिक गुस्से और मानसिक उत्तेजना पर कंट्रोल रखना होगा, वरना ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। नियमित वर्कआउट करें।शुभ रंग व दिन: लाल और मैरून रंग आपके भाग्य में वृद्धि करेगा। शुभ दिनों में मंगलवार और रविवार आपके लिए सर्वश्रेष्ठ रहेंगे।
दो वर्षों में बदली ओडिशा की तस्वीर: मोहन चरण माझी सरकार का विकास, सुशासन और निवेश मॉडल
जून 2024 में जब ओडिशा की जनता ने राज्य में पहली बार भारतीय जनता पार्टी को पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता सौंपी, तब यह केवल राजनीतिक परिवर्तन नहीं था, बल्कि विकास और सुशासन की नई अपेक्षाओं का जनादेश भी था।
सीतारमण का बड़ा बयान: विदेशी निवेश बढ़ने के लिए सरकार की नयी तैयारी
नई दिल्ली, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि सरकार देश में अधिक विदेशी पूंजी आकर्षित करने के लिए आगे भी कई कदम उठाएगी और बॉन्ड मार्केट के लिए हाल में घोषित उपाय इस दिशा में सिर्फ शुरुआत हैं।
निवेश की दुनिया में अक्सर लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि आखिर में अपनी गाढ़ी कमाई से बमुश्किल की जाने वाली बचत का रुपया-पैसा कहाँ लगाएं, जहां पर वह डूबे नहीं, बल्कि सुरक्षित भी रहे। ऐसे में आप अपना रुपया-पैसा पीपीएफ (Public Provident Fund) में लगाएं या एमएफ (Mutual Fund) में। क्योंकि सच यह है कि दोनों का उद्देश्य अलग-अलग है और सही समय पर सही विकल्प चुनना ही आपके लिए अधिक महत्वपूर्ण है। इसलिए आइए आज आपको बताते हैं कि कब पीपीएफ में निवेश करें और कब एमएफ में। पहले हम बात करते हैं कि पीपीएफ (PPF) में निवेश कब न करें? आपके लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि Public Provident Fund (PPF) उन लोगों के लिए बेहतर है जो अपनी पूंजी की सुरक्षा चाहते हैं। साथ ही एक निश्चित और जोखिम-मुक्त रिटर्न पसंद करते हैं। इसके अलावा, टैक्स भी बचाना चाहते हैं। और तो और, 15 वर्ष या उससे अधिक की लंबी अवधि के लिए निवेश कर सकते हैं। चूंकि इसका महत्वपूर्ण फंडा यह है कि PPF में हर महीने की 5 तारीख से पहले पैसा जमा करने पर उस महीने का ब्याज भी मिलता है। इसलिए यदि आप मासिक निवेश करते हैं तो 1 से 5 तारीख के बीच जमा करना अधिक फायदेमंद माना जाता है। इसे भी पढ़ें: FIR कराना हो जाएगा आसान, जब जानेंगे 2026 के कानून अब हम बात करते हैं कि Mutual Fund (MF) में कब निवेश करें? तो यह गांठ बांध लीजिए कि Mutual Fund उन निवेशकों के लिए बेहतर है जो महंगाई को मात देने वाला रिटर्न चाहते हैं। साथ ही लंबी अवधि (10-15 वर्ष या अधिक) के लिए निवेश कर सकते हैं। इसके अलावा, कुछ उतार-चढ़ाव (रिस्क) सहन कर सकते हैं। और तो और संपत्ति निर्माण (Wealth Creation) का लक्ष्य रखते हैं। चूंकि इसका महत्वपूर्ण फंडा यह है कि Mutual Fund में सही समय पकड़ने की बजाय SIP (Systematic Investment Plan) के जरिए नियमित निवेश करना अधिक प्रभावी माना जाता है। जो कि बाजार ऊपर हो या नीचे, SIP लागत को औसत कर देती है। सवाल है कि किसे चुनें? आपके निवेशक का लक्ष्य क्या है? आपके पास बेहतर विकल्प क्या है? आपकी पूंजी सुरक्षा कितनी है। चूंकि पीपीएफ से टैक्स बचत होती है, रिटायरमेंट के लिए सुरक्षित फंड रहता है और लंबी अवधि में अधिक रिटर्न रिटर्न मिलता है। जबकि म्युचुअल फंड धन सृजन (Wealth Creation) के लिए अच्छा है, बशर्ते कि आप संतुलित रणनीति अपनाएं। जहां तक PPF और Mutual Fund में सबसे असरदार रणनीति की बात है तो वित्तीय विशेषज्ञ अक्सर सलाह देते हैं कि निवेशक दोनों का संयोजन रखें। एक ओर सुरक्षा और टैक्स लाभ के लिए PPF अच्छा है तो संपत्ति निर्माण और महंगाई से आगे निकलने के लिए Equity Mutual Fund SIP बेहतर है। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई व्यक्ति हर महीने ₹10,000 निवेश करना चाहता है, तो वह ₹3,000–₹4,000 PPF में और शेष राशि अच्छे इक्विटी म्यूचुअल फंड की SIP में लगा सकता है। इससे सुरक्षा और वृद्धि दोनों का लाभ मिल सकता है। निष्कर्षतः यह कहा जा सकता है कि यदि आपका लक्ष्य पूंजी की सुरक्षा है तो PPF बेहतर है। और यदि आपका लक्ष्य लंबी अवधि में बड़ा धन बनाना है तो Mutual Fund अधिक उपयुक्त हो सकता है। वहीं, दोनों का संतुलित मिश्रण अधिकांश निवेशकों के लिए व्यावहारिक और प्रभावी रणनीति साबित हो सकता है। हाँ, यहां पर यह सदैव ध्यान रखें कि Mutual Fund बाजार जोखिमों के अधीन हैं, जबकि PPF अपेक्षाकृत सुरक्षित सरकारी योजना है। लिहाजा, निवेश का निर्णय अपनी आयु, लक्ष्य, जोखिम क्षमता और समयावधि को ध्यान में रखकर करें। - कमलेश पांडेय वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार
जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा से करोड़ों की ठगी, प्रॉपर्टी निवेश के नाम पर लिए 17 करोड़ रुपए
मायानगरी में धोखाधड़ी के किस्से अक्सर सामने आते रहते हैं। अब बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा जाफरी धोखाधड़ी का शिकार हो गई हैं। हबीबा जाफरी से संपत्ति निवेश के नाम पर करीब 17.5 करोड़ रुपए की ठगी की गई है।
अरशद वारसी पर लगा शेयर मार्केट में बैन, जानिए क्या है मामला
बॉलीवुड एक्टर अरशद वारसी और उनकी पत्नी मारिया गोरेट्टी समेत 57 लोगों पर शेयर बाजार नियामक SEBI ने बैन लगा दिया है। उन्हें 1 साल के लिए सिक्योरिटी मार्केट से प्रतिबंधित कर दिया है। सेबी का कहना है कि ये लोग मार्केट में धोखाधड़ी जैसे कामों में पाए गए।
काजोल ने किया रियल एस्टेट में निवेश, खरीदी इतने करोड़ की कमर्शियल प्रॉपर्टी
बॉलीवुड एक्ट्रेस काजोल ने इंडस्ट्री में एक अलग मुकाम हासिल किया है। काजोल भले ही फिल्मों में कम नजर आती हो, लेकिन वह सुर्खियों में बनी रहती हैं। काजोल ने अब एक्टिंग के साथ-साथ रियल एस्टेट में भी कदम रख दिया है। काजोल ने मुंबई के गोरेगांव वेस्ट ...
जानिए क्यों पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास पर है 2100 करोड़ रुपए निवेश
पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास अपने करियर के शानदार दौर से गुजर रहे हैं, और निर्विवाद रूप से अखिल भारतीय सुपरस्टार के रूप में अपनी जगह पक्की कर रहे हैं। बाहुबली, सलार, कल्कि 2898 एडी जैसी बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने वाली फिल्मों के साथ, उन्होंने भारतीय ...
कंगना रनौत के किस बयान पर भड़की CISF की महिला जो सरेआम एक्ट्रेस को जड़ दिया थप्पड़, जानिए पूरा मामला
चंडीगढ़: हिमाचल की मंडी लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी सांसद एवं एक्ट्रेस कंगना रनौत से चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर बदसलूकी के पश्चात् हंगामा मचा हुआ है. दरअसल, 6 जून को कंगना दिल्ली जाने के लिए चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर पहुंची थीं. तभी सिक्योरिटी चेक के पश्चात् CISF की एक महिला जवान कुलविंदर कौर ने उनको थप्पड़ मार दिया. हालांकि CISF की अपराधी महिला कर्मी को निलंबित कर दिया गया है तथा उनके खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है. ऐसे में सवाल ये उठता है कि CISF की जवान ने थप्पड़ क्यों मारा, तो इसका जवाब है कंगना का 4 वर्ष पुराना एक ट्वीट. कंगना रनौत ने इस ट्वीट में 3 कृषि कानूनों के खिलाफ हुए किसान आंदोलन के चलते पंजाब की 80 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला किसान की गलत पहचान करते तथा उन्हें बिलकिस बानो कहा था. कंगना ने जो ट्वीट किया था उसमें एक वृद्ध महिला नजर आ रही थीं, जो भले ही झुककर चल रही थीं, लेकिन उन्होंने किसान आंदोलन का झंडा बुलंद किए हुए था. उनका नाम मोहिंदर कौर था. कंगना ने मोहिंदर कौर की फोटो को ट्वीट करते हुए लिखा था कि ''हा हा. ये वही दादी हैं जिन्हें टाइम मैगज़ीन की 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की लिस्ट में सम्मिलित किया गया था.... और ये 100 रुपये में उपलब्ध हैं. हालांकि कंगना रनौत ने बाद में ये ट्वीट डिलीट कर दिया था. बता दें कि कंगना ने जिस बिलकिस बानो का जिक्र किया था, वह 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला हैं तथा उन्होंने दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में CAA प्रोटेस्ट के चलते अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बटोरी थीं. कंगना के इस बयान को लेकर CISF की महिला जवान भड़की हुई थी. चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर कंगना से बदसलूकी का वीडियो सामने आया था, इसमें CISF की यह जवान कहती नजर आ रही है कि 'इसने बोला था किसान आंदोलन में 100-100 रुपये में महिलाएं बैठती थीं. वहां मेरी मां भी थी'. राहुल गांधी ने भाजपा पर लगाया शेयर बाजार में हेराफेरी का आरोप, बताया देश का सबसे बड़ा घोटाला उत्तर भारत में भीषण गर्मी का कहर जारी, यूपी के कुछ क्षेत्रों में राहत की उम्मीद बिहार के गया जिले में भीषण सड़क हादसा, तीन लोगों की मौत

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