बड़े उतार-चढ़ाव के बाद सपाट बंद हुआ बाजार
मुंबई, वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार के सत्र में बड़े उतार-चढ़ाव के बाद भारतीय शेयर बाजार सपाट बंद हुआ।
भारत में विदेशी निवेशकों की बिकवाली का दौर खत्म
मुंबई, भारत में विदेशी निवेशकों की बिकवाली का दौर करीब समाप्त हो गया है और विदशी निवेशकों की कम हिस्सेदारी और मजबूत घरेलू आधार के चलते भारतीय इक्विटी बाजार के लिए धारणा सकारात्मक बनी हुई है।
भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की धमाकेदार वापसी
मुंबई, भारतीय शेयर बाजार में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) जुलाई में शुद्ध खरीदार रहे हैं और इस दौरान उन्होंने 15,000 करोड़ रुपए से भी अधिक का निवेश किया है।
भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर में आया 3.2 अरब डॉलर का निजी इक्विटी निवेश
नई दिल्ली, भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर में जनवरी-जून अवधि यानी 2026 की पहली छमाही में 3.2 अरब डॉलर का निजी इक्विटी निवेश आया है। इसमें सालाना आधार पर 33 प्रतिशत की बढ़त देखी गई है।
रुपए में स्थिरता लाने के बाद एफआईआई निवेश में हुई बढ़ोतरी: एसबीआई रिसर्च
नई दिल्ली, सरकार द्वारा पिछले महीने और ज्यादा विदेशी फंड आकर्षित करने और रुपए में उतार-चढ़ाव को स्थिर करने के उपाय घोषित किए जाने के बाद भारत में विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 7 अरब डॉलर निवेश किए हैं।
मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने से भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में खुला
मुंबई, मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने से भारतीय शेयर बाजार सोमवार के कारोबारी सत्र में लाल निशान में खुला। सुबह 9:18 पर सेंसेक्स 649 अंक या 0.84 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,920 और निफ्टी 184 अंक या 0.76 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 24,022 पर था।
LTIMindtree Q1 Results: नतीजों के बाद शेयर में सुस्ती, क्या निवेश का यह सही मौका
आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी LTIMindtree (अब LTM Limited) ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर 17% की बढ़ोतरी दर्ज की है, जो 1,468.6 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। वहीं, परिचालन से राजस्व (Revenue) भी 18% बढ़कर 11,608 करोड़ रुपये रहा है। इसके बावजूद, बाजार में आज शेयर की कीमतों में हल्की गिरावट देखी गई, जिससे निवेशक असमंजस में हैं कि इस स्तर पर क्या रणनीति अपनाई जाए।नतीजों में क्या रहा खास?LTIMindtree के प्रदर्शन की बात करें तो कंपनी के मार्जिन में भी सुधार देखने को मिला है। Q1 FY27 में EBIT मार्जिन बढ़कर 15.5% हो गया है, जो पिछली तिमाही में 15.1% था। कंपनी का 'बुक-टू-बिल' अनुपात 1.4x रहा है, जो भविष्य में मजबूत ऑर्डर पाइपलाइन और रेवेन्यू विजिबिलिटी की ओर इशारा करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी का डिजिटल और AI-आधारित सर्विस सेगमेंट काफी तेजी से बढ़ रहा है, जो इसे मौजूदा चुनौतियों के बीच अन्य आईटी कंपनियों से अलग खड़ा करता है।ब्रोकरेज का क्या है नजरिया?नतीजों के बाद कई ब्रोकरेज हाउसेस ने LTIMindtree पर अपना बुलिश रुख बरकरार रखा है। हालांकि बाजार में कुछ प्रॉफिट बुकिंग देखी जा रही है, लेकिन लंबी अवधि के जानकारों का मानना है कि स्टॉक में 53% तक का अपसाइड (Upside) संभव है। वर्तमान में, DAM Capital जैसे ब्रोकरेज ने शेयर पर 'न्यूट्रल' रेटिंग बनाए रखते हुए इसे 4,050 रुपये का टारगेट दिया है, जो इसके मौजूदा प्राइस के आसपास है। विश्लेषकों का कहना है कि अगर शेयर इस स्तर पर खुद को संभाल लेता है, तो आने वाले महीनों में इसमें और तेजी देखी जा सकती है।निवेशकों के लिए क्या होनी चाहिए रणनीति?अगर आप LTIMindtree में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह गिरावट घबराने के लिए नहीं बल्कि 'सही एंट्री पॉइंट' खोजने के लिए हो सकती है। आईटी सेक्टर में AI को लेकर जो बदलाव आ रहे हैं, उसका सीधा फायदा LTIMindtree को मिल रहा है। सलाह यह है कि एकमुश्त पैसा लगाने के बजाय किस्तों में निवेश करें। यदि आप पहले से ही इसमें निवेशित हैं, तो बाजार में अभी बनी अस्थिरता (Volatility) को देखते हुए धैर्य रखना ही सबसे समझदारी भरा निर्णय होगा। कंपनी का कर्ज-मुक्त होना और डिजिटल पर फोकस इसे भविष्य के लिए एक मजबूत दांव बनाता है।
बाजार में हाहाकार, सेंसेक्स-निफ्टी में भारी गिरावट, निवेशकों की बढ़ी चिंता
शेयर बाजार में आज भारी उथल-पुथल देखने को मिल रही है, जिससे निवेशकों की धड़कनें तेज हो गई हैं। सप्ताह के शुरुआती कारोबार में घरेलू बाजार सेंसेक्स और निफ्टी बुरी तरह से लड़खड़ा गए हैं। सेंसेक्स 100 अंकों से अधिक की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा है, वहीं निफ्टी 24,150 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे खिसक गया है। बाजार की इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण एशियाई बाजारों में आई बड़ी सुनामी है, विशेषकर कोरियाई इंडेक्स 'कोस्पी' (KOSPI) में आई 8% की ऐतिहासिक गिरावट ने वैश्विक निवेशकों को डरा दिया है।क्यों गिर रहा है बाजार? जानिए बड़ी वजहबाजार के जानकारों का मानना है कि घरेलू बाजार में यह गिरावट मुख्य रूप से 'इफेक्ट ऑफ ग्लोबल सेंटीमेंट्स' है। कोस्पी में आई भारी बिकवाली का असर अन्य एशियाई बाजारों के साथ-साथ भारतीय बाजारों पर भी दिख रहा है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की तरफ से हो रही बिकवाली और वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता के माहौल ने निवेशकों का कॉन्फिडेंस कम कर दिया है। इसके अलावा, तकनीकी स्तर पर निफ्टी के 24,150 के स्तर को होल्ड न कर पाने के कारण बाजार में और भी बिकवाली का दबाव बढ़ा है।निवेशकों के लिए क्या है सलाह?बाजार में आई इस गिरावट को देखते हुए एक्सपर्ट्स का मानना है कि घबराहट में आकर बिकवाली (Panic Selling) करना घाटे का सौदा हो सकता है। फिलहाल बाजार 'अति-संवेदनशील' (Hyper-sensitive) मोड में है। विशेषज्ञों की सलाह है कि लंबी अवधि के निवेशक इस गिरावट को एक अवसर की तरह देखें और अच्छे फंडामेंटल वाले शेयरों पर नजर रखें। हालांकि, इंट्राडे ट्रेडर्स को बहुत सावधानी बरतने की जरूरत है क्योंकि अगले कुछ घंटों में बाजार में बड़े उतार-चढ़ाव (Volatility) देखने को मिल सकते हैं।अब आगे क्या होगा?भारतीय बाजार की नजरें अब अमेरिकी बाजार के संकेतों और ग्लोबल कमोडिटी की कीमतों पर टिकी हैं। यदि निफ्टी 24,100 के निचले स्तर को डिफेंड कर लेता है, तो बाजार में रिकवरी की उम्मीद की जा सकती है। फिलहाल, निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने पोर्टफोलियो में ज्यादा रिस्क न लें और बाजार की स्थिरता का इंतजार करें। इस समय ग्लोबल मार्केट का दबाव घरेलू निवेशकों के लिए परीक्षा की घड़ी जैसा है, जहां धैर्य और सही स्टॉप-लॉस का उपयोग ही आपको बड़े नुकसान से बचा सकता है।
Gold ETF में निवेश का सही मौका: एक्सपर्ट्स से जानें सुरक्षित मुनाफा कमाने की सटीक रणनीति
सोने में निवेश करना भारतीय निवेशकों की पहली पसंद रही है, लेकिन आज के डिजिटल युग में फिजिकल गोल्ड के बजाय 'Gold ETF' (गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) में निवेश करना अधिक सुरक्षित और फायदेमंद माना जा रहा है। क्या अभी Gold ETF में पैसा लगाना सही है? बाजार के जानकारों और फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स का मानना है कि सोने की कीमतों में जारी उठा-पटक के बीच यह एक बेहतरीन मौका साबित हो सकता है, बशर्ते आपके पास निवेश की सही समझ और रणनीति हो।Gold ETF में निवेश क्यों है समझदारी भरा फैसला?फिजिकल गोल्ड खरीदने में सबसे बड़ी चुनौती उसकी शुद्धता और सुरक्षित रखने का खर्च होता है, लेकिन Gold ETF इन दोनों समस्याओं का समाधान है। यह पूरी तरह से डिजिटल है और स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड होता है, जिसे आप अपनी सुविधा के अनुसार कभी भी खरीद या बेच सकते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता बढ़ती है, तब सोना एक सुरक्षित 'हेवन' की तरह काम करता है। मौजूदा बाजार स्थितियों में, गोल्ड को पोर्टफोलियो में शामिल करने से रिस्क कम होता है और लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न की संभावना बनी रहती है।निवेश के लिए अपनाएं यह खास रणनीतिविशेषज्ञों के अनुसार, Gold ETF में एकमुश्त पैसा लगाने के बजाय 'सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान' (SIP) का तरीका अपनाना सबसे बेहतर रणनीति है। इससे आप बाजार के उतार-चढ़ाव (Volatility) का फायदा उठा सकते हैं और खरीदारी की औसत लागत कम कर सकते हैं। एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि अपने कुल निवेश पोर्टफोलियो का 5 से 10 प्रतिशत हिस्सा ही सोने में रखें। यह आवंटन आपको बाजार की अस्थिरता के दौरान सुरक्षा कवच प्रदान करेगा। साथ ही, सोने की कीमतों पर नजर रखें और हर गिरावट पर थोड़ा-थोड़ा निवेश बढ़ाते रहना एक स्मार्ट अप्रोच है।कैसे करें सही समय का चुनावनिवेश का सही समय वह है जब आप अनुशासित होकर लंबे नजरिए के साथ निवेश करें। हालांकि, सोने की कीमतों में गिरावट के दौरान इसे खरीदना सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। एक्सपर्ट्स निवेशकों को सलाह देते हैं कि वे अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के भाव और डॉलर की मजबूती पर नजर बनाए रखें, क्योंकि इनका सीधा असर गोल्ड ईटीएफ की कीमतों पर पड़ता है। यदि आप लंबी अवधि (3-5 वर्ष से अधिक) का लक्ष्य लेकर चलते हैं, तो वर्तमान समय निवेश के लिए एक अच्छा प्रवेश बिंदु (Entry Point) हो सकता है।
भोपाल में 'एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0' का शुभारंभ हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। मध्यप्रदेश को देश का प्रमुख तकनीकी और औद्योगिक हब बनाने के उद्देश्य से आयोजित इस कॉन्क्लेव में देश-विदेश के उद्योगपति, निवेशक और नीति विशेषज्ञ शामिल हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पिछले 12 सालों में भारत ने दुनिया में सबसे तेज गति से विकास करने वाले देशों में अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की पहचान पहले केवल कृषि क्षेत्र तक सीमित थी, लेकिन अब प्रदेश में ड्रोन से लेकर मिसाइल तक का निर्माण हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कॉन्क्लेव में 51 प्रकार की विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनके माध्यम से प्रदेश में करीब 40 हजार करोड़ रुपए के निवेश और लगभग 35 हजार रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह आयोजन मध्यप्रदेश को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव का यह तीसरा संस्करण है। पिछले वर्ष वे बार्सिलोना गए थे, जिसके बाद स्पेन, अमेरिका और कनाडा की कंपनियों ने मध्यप्रदेश में 228 करोड़ रुपए का निवेश किया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में बार्सिलोना यात्रा के दौरान 1 गीगावाट क्षमता वाले एआई डेटा सेंटर के लिए एमओयू हुआ था और अब उस कंपनी के प्रतिनिधि भोपाल पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश भविष्य की तकनीकों पर तेजी से काम कर रहा है। एआई डेटा सेंटर, साइंस सिटी और अन्य हाई-टेक सेक्टर प्रदेश के विकास की नई पहचान बन रहे हैं। इंदौर के सुपर कॉरिडोर में बनेगा नया आईटी पार्कइंदौर के सुपर कॉरिडोर पर 3,000 वर्गफुट क्षेत्र में आईटी पार्क विकसित किया जाएगा। यहां विश्वस्तरीय कंपनियों को प्लग एंड प्ले सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे बिना किसी अतिरिक्त इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किए तुरंत अपना संचालन शुरू कर सकें। भोपाल आईटी पार्क का होगा विस्तारभोपाल आईटी पार्क में करीब 4 लाख वर्गफुट क्षेत्र में एक अत्याधुनिक आईटी पार्क विकसित किया जाएगा। यहां भी विश्वस्तरीय डिजिटल सेवा कंपनियों को प्लग एंड प्ले सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। कोलार रोड पर भी बनेगा नया आईटी पार्कभोपाल के कोलार रोड क्षेत्र में 5 एकड़ भूमि पर एक नया आईटी पार्क विकसित किया जाएगा। यहां आधुनिक बहुमंजिला भवन बनाया जाएगा, जिसमें आईटी और डिजिटल सेक्टर की कंपनियों को संचालन के लिए स्थान उपलब्ध कराया जाएगा। इससे प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), नवाचार, अनुसंधान और उद्योग-अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए वह पूरी तरह प्रतिबद्ध है। युवाओं को मिलेंगे रोजगार के नए अवसर इस कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य मध्यप्रदेश को हाई-टेक उद्योगों का केंद्र बनाना है। कार्यक्रम के जरिए सेमीकंडक्टर (चिप निर्माण), डेटा सेंटर और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) जैसे आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा। इन बड़े उद्योगों के प्रदेश में आने से आईटी (IT), इंजीनियरिंग और तकनीकी क्षेत्र के स्थानीय युवाओं को अपने ही राज्य में बेहतरीन और उच्च वेतन वाली नौकरियां मिलेंगी। कार्यक्रम में तकनीकी विजन और निवेश पर रहा फोकस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित इस कॉन्क्लेव में आज राज्य सरकार के तकनीकी विजन को दुनिया के सामने रखा जाएगा। कार्यक्रम में कई महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदारियों और समझौतों (MoUs) का आदान-प्रदान होगा, जो राज्य के डिजिटल ढांचे को मजबूत करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम स्थल पर लगी तकनीकी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। देश-विदेश की दिग्गज कंपनियों का जमावड़ा इस कॉन्क्लेव में सीटीआरएलएस (CtrlS) डेटासेंटर्स, केन्स टेक्नोलॉजीस, फुजियामा पॉवर और न्योबोल्ट लिमिटेड जैसी देश-विदेश की नामी और प्रतिष्ठित कंपनियां शामिल हो रही हैं। इन कंपनियों के प्रतिनिधि आज निवेश और सहयोग की संभावनाओं पर अपने विचार रखेंगे। साथ ही, आईआईएम इंदौर (IIM Indore) और आईआईएसईआर (IISER) जैसे प्रमुख शैक्षणिक संस्थान भी इसमें शामिल हैं, जो युवाओं के कौशल विकास और अनुसंधान को बढ़ावा देंगे। पिछले आयोजनों का रिकॉर्ड एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव के पहले दो आयोजनों ने प्रदेश में निवेश की रफ्तार को नई गति दी है। इसके पहले एडिशन (कॉन्क्लेव 1.0) में राज्य को 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले थे, जिससे करीब 75 हजार रोजगार के अवसर बने। वहीं दूसरे एडिशन (कॉन्क्लेव 2.0) में 12 हजार करोड़ रुपए से अधिक का निवेश आया, जिससे 48 हजार युवाओं को रोजगार मिला। आज शुरू हो रहा तीसरा संस्करण इस सफलता को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा।
Numerology Rashifal 13 July 2026: अंक ज्योतिष (Numerology) के अनुसार, आपकी जन्मतिथि (Date of Birth) सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि आपके स्वभाव, व्यक्तित्व और भविष्य के बंद कमरों को खोलने वाली जादुई चाबी है. आज 13 जुलाई 2026 का दिन सभी मूलांक वाले जातकों के लिए आर्थिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है.आज के सितारे साफ संकेत दे रहे हैं कि जल्दबाजी में लिया गया कोई भी वित्तीय फैसला भारी पड़ सकता है. आज का मूलमंत्र है— बचत, सटीक बजट और भविष्य की ठोस योजना. आइए विस्तार से जानते हैं कि मूलांक 1 से लेकर 9 तक के लोगों के लिए आज का दिन धन, निवेश और करियर के मामले में कैसा भाग्य लेकर आया है:मूलांक 1 (अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है)आज आपका पूरा ध्यान पूरी तरह से धन प्रबंधन (Money Management) और पैसों से जुड़े गंभीर मामलों पर केंद्रित रहेगा.सितारों की सलाह: अपने भविष्य को सुरक्षित और फाइनेंशियली फ्री बनाने के लिए आज एक मजबूत योजना तैयार करें. बिना सोचे-समझे या दिखावे में आकर खर्च करने की आदत पर लगाम लगाएं. यदि आप आज अपने तय बजट की सीमा में कदम आगे बढ़ाएंगे, तो आने वाले दिनों में आपकी आर्थिक स्थिति काफी मजबूत और स्थिर हो जाएगी.मूलांक 2 (अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है)आज का दिन आपके लिए आमदनी और अठन्नी के बीच सही तालमेल बिठाने की परीक्षा का है.सितारों की सलाह: आज आपके लिए खर्च और बचत के बीच एक आदर्श संतुलन (Balance) बनाकर चलना बेहद जरूरी है. गैर-जरूरी विलासिता की चीजों की खरीदारी से पूरी तरह बचें. निवेश (Investment) और लॉन्ग-टर्म सेविंग्स शुरू करने के लिहाज से आज का समय काफी अनुकूल है, लेकिन कोई भी बड़ा वित्तीय कदम उठाने से पहले उसके नफा-नुकसान का आकलन ठंडे दिमाग से जरूर कर लें.मूलांक 3 (अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है)आज का दिन आपके पुराने निवेशों और वर्तमान आर्थिक नीतियों की बारीकी से समीक्षा (Review) करने का है.सितारों की सलाह: अपने निवेश, बचत और रोजमर्रा के खर्च से जुड़ी हर छोटी-बड़ी बात पर पैनी नजर रखें. अगर आप शेयर बाजार या किसी अन्य जोखिम भरे क्षेत्र में पूंजी लगाने का विचार कर रहे हैं, तो पहले बाजार की जमीनी हकीकत और पूरी जानकारी जरूर हासिल कर लें. समय की मांग को देखते हुए यदि आपको अपनी पुरानी योजनाओं में कुछ फेरबदल भी करना पड़े, तो उससे बिल्कुल न हिचकिचाएं.मूलांक 4 (अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है)आज का दिन आपके घरेलू बजट पर थोड़ा सा अतिरिक्त दबाव बना सकता है.सितारों की सलाह: आज आपके घर, परिवार या सुख-सुविधाओं से जुड़े खर्चों में अचानक बड़ी बढ़ोतरी होने की आशंका है. इसलिए, कोई भी खरीदारी करने से पहले अपनी वास्तविक जरूरत और जेब के बजट का विशेष ध्यान रखें. भावनाओं में बहकर या किसी के दबाव में आकर मोटी रकम खर्च करने से बचें. एक पूर्व-नियोजित रूपरेखा तैयार करके चलेंगे तो मानसिक और आर्थिक तनाव काफी कम रहेगा.मूलांक 5 (अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 5, 14 या 23 तारीख को हुआ है)मूलांक 5 के जातकों के लिए आज का दिन अपनी बिखरी हुई आर्थिक व्यवस्था को दोबारा व्यवस्थित और अनुशासित करने के लिए सबसे उत्तम है.सितारों की सलाह: फिजूलखर्ची पर पूरी तरह ताला लगा दें और आज से होने वाले हर एक खर्च का एक स्पष्ट उद्देश्य (Purpose) तय करें. बिजनेस या नौकरी में आज आपको कमाई के कुछ बेहतरीन और नए रास्ते मिल सकते हैं. अपनी सूझबूझ और पेशेवर योग्यता का सही समय पर सही इस्तेमाल करेंगे, तो अप्रत्याशित आर्थिक लाभ (Financial Gains) होने की प्रबल संभावना है.मूलांक 6 (अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 6, 15 या 24 तारीख को हुआ है)आज का दिन आपके जीवन में आर्थिक मामलों को लेकर एक नई और सकारात्मक शुरुआत का संकेत दे रहा है.सितारों की सलाह: आज से ही अपने रोजाना के खर्चों का एक सटीक लिखित हिसाब-किताब रखना शुरू कर दें. केवल उन्हीं चीजों पर पैसा लगाएं जो आपके जीवन के लिए बेहद अनिवार्य हैं. वर्तमान में आपकी आय और व्यय (Income and Expenses) के बीच बना हुआ यह बेहतरीन संतुलन ही भविष्य में आपको एक बड़ी आर्थिक मजबूती और मानसिक शांति प्रदान करेगा.मूलांक 7 (अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है)आज का दिन आपको शॉर्ट-टर्म मुनाफे के लालच से बचकर लंबी अवधि के बड़े लक्ष्यों (Long-Term Goals) पर ध्यान केंद्रित करने की प्रेरणा दे रहा है.सितारों की सलाह: महंगी, ब्रांडेड और गैर-जरूरी चीजों पर अंधाधुंध पैसा पानी की तरह बहाने से आज आपको कड़ाई से बचना चाहिए. यदि आप रियल एस्टेट या म्यूचुअल फंड्स में कोई बड़ा निवेश करना चाहते हैं, तो विशेषज्ञों से पूरी कानूनी और तकनीकी जानकारी लेने के बाद ही कोई अंतिम फैसला करें. आज धैर्य और तसल्ली से लिया गया कोई भी निर्णय भविष्य में आपके लिए बड़ा जैकपॉट साबित हो सकता है.मूलांक 8 (अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है)मूलांक 8 के जातकों के लिए आज के सितारे आर्थिक मोर्चे पर बेहद सकारात्मक और सुनहरे संकेत दे रहे हैं.सितारों की सलाह: आज आपको अपने पुराने वित्तीय पोर्टफोलियो और बजट का पुनर्मूल्यांकन करना चाहिए. भविष्य की सुरक्षा को ध्यान में रखकर आज आपके द्वारा लिए गए विवेकपूर्ण फैसले आगे चलकर आपको बहुत ही शानदार रिटर्न (Results) देने वाले हैं. आज के दिन समय और धन दोनों का सदुपयोग करें, भाग्य आपके साथ है.मूलांक 9 (अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है)आज का दिन आपके करियर और व्यवसाय में नए और आकर्षक आर्थिक अवसर (Financial Opportunities) लेकर आने वाला है.सितारों की सलाह: नए अवसर मिलने की खुशी में बिना सोचे-समझे जल्दबाजी या उत्साह में आकर कोई भी बड़ा एग्रीमेंट साइन न करें और न ही कोई बड़ा निवेश करें. अपनी वर्तमान बचत और भविष्य के निवेश के बीच एक सख्त संतुलन बनाए रखें. आपकी सूझबूझ, धैर्य और समझदारी से उठाया गया हर एक छोटा कदम आगे चलकर आपकी वित्तीय नींव को पत्थर की तरह मजबूत बना देगा.
सिर्फ एक साल में 130 से 1300% तक रिटर्न। 8 से 10 रुपए का शेयर कुछ ही महीनों में 100 रुपए के पार पहुंच गया। दैनिक भास्कर की टीम ने शेयर बाजार में लिस्टेड और भरपूर मुनाफा देने वाली गुजरात की ऐसी 6 कंपनियों की पहचान की और उनके रजिस्टर्ड पते पर पहुंची। वहां जो मिला, उसने कई सवाल खड़े कर दिए। जिन कंपनियों के शेयर रॉकेट की तरह भाग रहे थे, कहीं उनके बंद ऑफिस मिले, कहीं वीरान प्लॉट और कहीं फोटोकॉपी की दुकान। इन सभी कंपनियों के रजिस्टर्ड ऑफिस और कुछ के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट गुजरात में ही हैं। बाजार की भाषा में जिन शेयरों को पेनी स्टॉक कहा जाता है, उनमें संदिग्ध तरीके से भारी उतार-चढ़ाव दिखा। इन कंपनियों में प्रमोटर होल्डिंग में भी चौंकाने वाले बदलाव दिखे हैं। स्टॉक मार्केट के डेटा का एनालिसिस करने वाली वेबसाइट Screeners से मिले आंकड़ों को देखने के बाद कई सवाल खड़े हुए। इस इन्वेस्टिगेशन में जो पता चला, वह शेयर बाजार में पैसा लगाने वाले छोटे-बड़े निवेशकों के लिए जानना और समझना जरूरी है। हो सकता है कि इन कंपनियों के शेयर आपके पोर्टफोलियो में भी हों। ऐसा होने पर आपकी कमाई जोखिम में पड़ सकती है। 1. सप्तक केमिकल: ऑफिस की जगह फोटोकॉपी की दुकान एक साल में निवेशकों का पैसा 1300 गुना करने वाली कंपनी सप्तक केमिकल का रजिस्टर्ड ऑफिस आधिकारिक दस्तावेजों के मुताबिक, तीर्थस्थान डाकोर के मोहन चेंबर कॉम्प्लेक्स में है। कागजों पर यह केमिकल कंपनी है, लेकिन मोहन चेंबर की दुकान नंबर-3 पर पहुंचते ही हैरानी हुई। वहां न कोई कॉर्पोरेट ऑफिस था और न ही फैक्ट्री। वहां 'चामुंडा जेरॉक्स' नाम की एक दुकान थी, जो बंद मिली। बोर्ड पर लिखे नंबर के आधार पर दुकान के मालिक जिग्नेश भावसार से संपर्क किया गया। वे मौके पर पहुंचे और सप्तक केमिकल्स के बारे में जो जानकारी दी, उसने एक अलग तस्वीर सामने रख दी। जिग्नेशभाई ने बताया, ‘वे लोग कभी यहां आते नहीं थे। करीब 5 साल बाद बार-बार सरकारी जांच होने लगी, तो मैंने जगह देने से मना कर दिया। इसके बाद किराया भी बंद हो गया। इसके बावजूद सरकारी रिकॉर्ड में आज भी यही पता दर्ज है। करीब छह महीने पहले दिल्ली से भी अधिकारी जांच के लिए आए थे।’ सवाल यह है कि जिस कंपनी के ऑफिस की जगह 88 फीट की फोटोकॉपी की दुकान हो, जहां कोई कर्मचारी नहीं हो, कोई कारोबार नहीं हो, वह कंपनी एक साल में 1300% का रिटर्न कैसे दे सकती है? आखिर एक केमिकल कंपनी का ऐसा कौन-सा बिजनेस मॉडल है। इतना ही नहीं, पिछले एक साल में कंपनी के प्रमोटरों ने भी अपने हिस्से के शेयर बेचना शुरू कर दिया है। मार्च 2026 के आंकड़ों के अनुसार कंपनी में प्रमोटरों की हिस्सेदारी घटकर करीब 12.5% रह गई है। बाकी हिस्सेदारी आम शेयरधारकों के पास है। यह तो सिर्फ शुरुआत थी। हमारी टीम जैसे-जैसे गुजरात के अलग-अलग जिलों में दूसरी कंपनियों के ऑफिस और प्लांट के पते पर पहुंची, नए खुलासे होते गए। हमारी लिस्ट में अगली कंपनी थी उमिया ट्यूब्स। 2. उमिया ट्यूब्स: ट्यूब बनाने वाली कंपनी के पते पर जंगल कंपनी के रजिस्टर्ड प्लांट का पता साबरकांठा जिले के तलोद के पास तोरणिया गांव का था। उम्मीद थी कि यहां ट्यूब बनाने का बड़ा प्लांट होगा, जहां भारी मशीनरी भी देखने को मिलेगी। मौके पर पहुंचने के बाद लगा जैसे रास्ता ही गलत आ गए हों। वहां कोई फैक्ट्री नहीं थी। आसपास के लोगों से पूछताछ में पता चला कि जिस वीरान जमीन पर कांटेदार झाड़ियां और बबूल उगे हुए थे, इसी जमीन पर कागजों में उमिया ट्यूब्स का प्लांट दर्ज है। यहां से हमारी टीम कंपनी के रजिस्टर्ड ऑफिस पहुंची। गांधीनगर के सेक्टर-11 में बने ऑफिस के बाहर कंपनी का छोटा सा बोर्ड लगा था, लेकिन शटर पर ताला मिला। ऑफिस का बड़ा हिस्सा पार्टीशन करके किसी और को ऑफिस के लिए किराए पर दिया गया था। प्रमोटरों ने तीन साल में 46% शेयर बेचे पास के ऑफिस में मौजूद एक शख्स से इस बारे में सवाल किया। उसने कहा कि ऑफिस और प्लांट कहीं और शिफ्ट हो गए हैं, लेकिन डॉक्युमेंट अब भी यहीं आते हैं। अब इस कंपनी के शेयर में आए संदिग्ध बदलाव को नीचे दिए गए ग्राफिक्स के जरिए समझिए। फिलहाल उमिया ट्यूब्स में प्रमोटरों की हिस्सेदारी घटकर करीब 4% रह गई है, जबकि लगभग 96% शेयर आम निवेशकों के पास हैं। सितंबर 2023 में प्रमोटरों की हिस्सेदारी करीब 50% थी। ऐसे में ढाई साल के भीतर इतना बड़ा बदलाव आखिर क्यों आया? जब प्लांट और रजिस्टर्ड ऑफिस के नाम पर कुछ भी नहीं मिला, तो यह कंपनी शेयर बाजार में करीब 175% का रिटर्न कैसे दे रही है, यह एक गंभीर सवाल है। 3. संगीनीता केमिकल्स: सिक्योरिटी गार्ड ने बताया, प्लांट तीन महीने से बंद संगीनीता केमिकल्स का प्लांट गांधीनगर जिले के छत्राल GIDC फेज-4 में है। वहां पहुंचने पर पिछली दो कंपनियों की तरह ही मेन गेट पर ताला लटका मिला। पास ही एक दुकान थी। कंपनी के बारे में पूछने पर दुकानदार ने बताया कि कंपनी कुछ समय पहले ही बंद हो चुकी है। कैंपस के अंदर सिर्फ एक सिक्योरिटी गार्ड था। उसने भी कहा कि कंपनी का प्लांट पिछले तीन महीनों से बंद है। यहां कोई कामकाज नहीं हो रहा। ऑफिस में 4-5 कर्मचारी, अधिकारी बोले- 10 दिन बाद आना इसके बाद टीम गांधीनगर के सेक्टर-11 में कंपनी के रजिस्टर्ड ऑफिस पहुंची। वहां चार-पांच कर्मचारी मौजूद थे, लेकिन मुख्य चेंबर खाली था। कर्मचारियों ने कंपनी के कामकाज से जुड़े किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया। स्टाफ ने हमारी बात अपने एक सीनियर अधिकारी से फोन पर कराई। हमने कंपनी की मौजूदा स्थिति के बारे में सवाल किए। फोन पर बात करने वाले अधिकारी ने कहा, ‘फिलहाल इस पर बात नहीं कर सकता। आप 10 दिन बाद आइए।’ इसके बाद उन्होंने फोन काट दिया। इतना ही नहीं, कर्मचारियों ने उस अधिकारी का नंबर भी नहीं दिया। ध्यान देने वाली बात यह है कि छत्राल में संगीनीता केमिकल्स का प्लांट बंद है। कंपनी की तिमाही बिक्री में 29.36% की गिरावट दर्ज हुई है, इसके बावजूद शेयर बाजार में इसका शेयर लगातार ऊपर जा रहा है। वहीं प्रमोटरों की हिस्सेदारी भी घटकर सिर्फ 25% रह गई है। पहले यह करीब 60% थी। 4. AVI पॉलिमर्स: दरवाजे पर ताला और मकड़ी के जाले कागजों में AVI पॉलिमर्स का ऑफिस अहमदाबाद के पॉश इलाके वस्त्रापुर के नालंदा कॉम्प्लेक्स में दर्ज है। हमारी टीम वहां पहुंची तो ऑफिस के गेट पर मकड़ी के जाले लगे थे। पहली नजर में ही ऐसा लगा कि यह ऑफिस कई साल से नहीं खुला है। दरवाजे पर एक पर्ची लगी थी, जिस पर लिखा था कि यहां आने वाले सभी दस्तावेज ऑफिस नंबर-96 में जमा कराएं। इसके बाद हमारी टीम ऑफिस नंबर-96 पहुंची। वहां मौजूद स्टाफ ने हमें ग्राहक समझते हुए पूछा, ‘क्या आप ऑफिस किराये पर लेने आए हैं।’ हमने कंपनी के बारे में पूछा तो उन्होंने मालिक का मोबाइल नंबर दिया। मालिक से बात हुई तो उन्होंने कंपनी के बारे में चौंकाने वाला जवाब दिया। उन्होंने कहा, ‘यह कंपनी तो काफी समय पहले बंद हो चुकी है।’ कंपनी में प्रमोटरों की हिस्सेदारी सिर्फ 1% के आसपास रह गई है, यानी मालिक लगभग पूरी तरह कंपनी से बाहर निकल चुके हैं। इसके बावजूद रिकॉर्ड में कंपनी का तिमाही लाभ (प्रॉफिट वैरिएशन) 1283.78% दर्शाया गया है और शेयर ने 143.45% का रिटर्न दिया है। 5. केस्टोरा एग्री: एक ही पते पर दो-दो कंपनियां अहमदाबाद के नवरंगपुरा स्थित निर्माण कॉम्प्लेक्स में केस्टोरा एग्री कमोडिटीज का ऑफिस होने का जिक्र आधिकारिक दस्तावेजों में है। हमारी टीम वहां पहुंची तो ऑफिस के बाहर लगे बोर्ड पर केस्टोरा एग्री के साथ बड़े अक्षरों में हरिगोपाल स्टील एंड मेटल प्राइवेट लिमिटेड का भी नाम लिखा मिला। ऑफिस पर ताला भी लगा हुआ था। आसपास के लोगों ने बताया कि यह ऑफिस रेगुलर कभी खुलता ही नहीं। एग्री कमोडिटीज के नाम से चल रही इस कंपनी की तिमाही बिक्री (क्वार्टर सेल्स वैरिएशन) शून्य है, यानी कोई नया कारोबार नहीं हो रहा। इसके बावजूद शेयर बाजार में इसका शेयर लगातार तेजी से बढ़ रहा है। केस्टोरा एग्री के शेयरों से प्रमोटरों ने भी बनाई दूर सितंबर 2023 में केस्टोरा एग्री कमोडिटीज लिमिटेड में पब्लिक शेयरहोल्डिंग करीब 73% और प्रमोटर होल्डिंग लगभग 26% थी। मार्च 2026 तक स्थिति पूरी तरह बदल गई। प्रमोटरों ने ज्यादातर हिस्सेदारी बेच दी और उनके पास सिर्फ 5% शेयर बचे। वहीं 94% से ज्यादा हिस्सेदारी आम शेयरधारकों के पास पहुंच गई। 6. गुरुकृपा जेम्स: लिस्ट में सिर्फ एक कंपनी, जहां कामकाज सामान्य मिला इस लिस्ट में सिर्फ गुरुकृपा जेम्स ऐसी कंपनी थी, जिसका अहमदाबाद के आश्रम रोड स्थित चार मंजिला ऑफिस चलता हुआ मिला। वहां कर्मचारी काम करते हुए दिखाई दिए। ग्राउंड रियलिटी में सब कुछ सामान्य लगा। हालांकि वहां से जानकारी मिली कि कंपनी का नाम बदलकर अब भक्ति ज्वेल्स कर दिया गया है। इसके बावजूद शेयर बाजार में कंपनी का नाम गुरुकृपा जेम्स ही है। ध्यान देने वाली बात यह भी है कि सितंबर 2023 में कंपनी में प्रमोटर होल्डिंग करीब 40% थी, जो अब घटकर 9.76% रह गई है। वहीं तिमाही मुनाफे में 84.66% की भारी गिरावट दर्ज की गई है। इसके बावजूद कंपनी के शेयर ने एक वर्ष में 209.32% का रिटर्न दिया है। अब निवेशकों को क्या समझना चाहिए… शेयर बाजार की सामान्य धारणा है कि जिस कंपनी के भविष्य में अच्छा प्रदर्शन करने की उम्मीद होती है, उसके प्रमोटर अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर रखते हैं। यहां जिन छह कंपनियों की जांच की गई, उनमें लगातार प्रमोटर होल्डिंग घटती दिखाई दे रही है। AVI पॉलिमर्स में तो यह घटकर केवल 1.11% रह गई है। इसका सीधा अर्थ यही है कि प्रमोटरों ने अपने ज्यादातर शेयर या तो आम निवेशकों को बेच दिए हैं या फिर ऑपरेटरों के पास पहुंच गए हैं। मुनाफा और शेयर की चाल, दोनों में मेल नहीं सप्तक केमिकल का मुनाफा आधा रह गया। केस्टोरा एग्री का मुनाफा 84.72% घट गया। इसके बावजूद इन कंपनियों के शेयरों के भाव लगातार ऊंचाई पर बने हुए हैं। यह सामान्य बाजार सिद्धांत के बिल्कुल उलट स्थिति है। इतना ही नहीं, ये सभी माइक्रो-कैप कंपनियां हैं। ऐसी छोटी कंपनियों में ऑपरेटरों के लिए शेयर की कीमतों को मनचाहे तरीके से ऊपर या नीचे ले जाना आसान माना जाता है। इस इन्वेस्टिगेशन से यह स्पष्ट होता है कि ग्राउंड लेवल पर इन कंपनियों की ओर से किसी बड़े प्रोडक्शन या सक्रिय कारोबारी गतिविधि के पर्याप्त संकेत नहीं मिले। सामान्य निवेशक 100% से ज्यादा रिटर्न देखकर लालच में आकर इन शेयरों की खरीदारी करते हैं, तब कुछ ‘समझदार लोग’ ऊंचे भाव पर अपने शेयर बेचकर मुनाफा वसूल लेते हैं। बाजार की भाषा में इसे डंपिंग कहा जाता है। इसके बाद यदि शेयर में लगातार लोअर सर्किट लगने लगें तो आम निवेशकों की पूंजी फंस सकती है। ऐसी स्थिति में शेयर बेचने के लिए खरीदार तक नहीं मिलते और निवेशकों का पैसा लंबे समय तक अटकने या डूबने का जोखिम बना रहता है। दैनिक भास्कर ने 29 जून 2026 को इन सभी छह कंपनियों को ई-मेल भेजकर उनके शेयरों में दिखाई दे रहे असामान्य रुझान पर आधिकारिक जवाब मांगा था। 10 दिन से ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद किसी भी कंपनी ने कोई जवाब नहीं दिया। हमने शेयर बाजार की गतिविधियों पर निगरानी रखने वाली संस्था SEBI को भी आधिकारिक ई-मेल आईडी पर इन कंपनियों के शेयरों में दर्ज असामान्य तेजी के बारे में जानकारी भेजी गई और पूछा गया कि इस मामले में क्या कार्रवाई की जा सकती है। SEBI की ओर से ऑटो-जनरेटेड जवाब मिला, जिसमें कहा गया कि इस तरह की शिकायत संबंधित कंपनी के शेयरधारक ही दर्ज करा सकते हैं।
नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) लागू होने के छह वर्ष बाद छत्तीसगढ़ में इसके क्रियान्वयन की तस्वीर सामने आई है। इस अवधि में राज्य में करीब 1404 करोड़ रुपए खर्च किए गए। सबसे अधिक निवेश कौशल आधारित शिक्षा, बुनियादी साक्षरता और बालिका शिक्षा पर हुआ, लेकिन शिक्षक प्रशिक्षण, प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा और डिजिटल संसाधनों के विस्तार जैसे अहम क्षेत्रों में खर्च अपेक्षाकृत कम रहा। रिपोर्ट यह भी बताती है कि हजारों बच्चे अब भी स्कूल से बाहर हैं और सीखने के स्तर में आई गिरावट दूर करना बड़ी चुनौती बनी हुई है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए अब निवेश का फोकस शिक्षक प्रशिक्षण और शुरुआती कक्षाओं पर बढ़ाना होगा। एनईपी के तहत कुल 32,767.34 लाख रुपए के बजट में केंद्र सरकार ने 19,660.43 लाख रुपए (करीब 60%) और राज्य सरकार ने 13,106.92 लाख रुपए (करीब 40%) का योगदान दिया। प्रदेश में ये बदलाव हुए शिक्षाविद की राय: एनईपी पर कई पुस्तकें लिख चुके दानीराम वर्मा के मुताबिक केवल पुरानी व्यवस्था में नए प्रावधान जोड़ने से व्यवस्था नहीं बदलेगी। शिक्षा प्रणाली में व्यापक संरचनात्मक बदलाव जरूरी हैं। छत्तीसगढ़ की शुरुआती उपलब्धियां उत्साहजनक हैं, लेकिन शिक्षा की गुणवत्ता, समावेशिता और शिक्षक क्षमता निर्माण पर लंबा काम बाकी है। जहां सबसे ज्यादा निवेश हुआ जहां सुधार की सबसे ज्यादा जरूरत
उद्योगों की बड़ी पूंजी मानव संसाधन में निवेश : अजीत
यूसीसीआई में आयोजित परिचर्चा में ईपीएफओ, क्षेत्रीय कार्यालय जयपुर के अतिरिक्त केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त अजीत कुमार ने कहा कि उद्योगों की प्रगति के लिए सबसे बड़ा निवेश मानव संसाधन में होता है। उन्होंने कहा कि ईपीएफओ अब नियामक नहीं, बल्कि सुविधादाता की भूमिका में काम कर रहा है और उद्देश्य बिना अतिरिक्त वित्तीय बोझ के अधिक कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ना है। उन्होंने इज ऑफ डूइंग बिजनेस, एम्पलाइज एनरोलमेंट स्कीम-2026, विश्वास योजना-2026, एमनेस्टी योजना और प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना की जानकारी दी। प्रशांत कुमार सिन्हा ने उद्यमियों से नए रोजगार सृजन का आह्वान किया। वरिष्ठ उपाध्यक्ष अंशुल मोगरा ने स्वागत किया, संचालन आशीष छाबड़ा ने तथा धन्यवाद कपिल सुराणा ने ज्ञापित किया। कार्यक्रम में 85 से अधिक उद्योगपति, नियोक्ता और एचआर प्रतिनिधि मौजूद रहे।
400 करोड़ के निवेश से बदलेगी तस्वीर, जयपुर डेयरी की क्षमता होगी दोगुनी
प्रदेश के डेयरी सेक्टर को आने वाले दिनों में करीब 400 करोड़ रुपए की बड़ी सौगात मिलने जा रही है। राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (आरसीडीएफ) की ओर से शुरू की गई नई परियोजनाओं से न केवल सरस दूध और दुग्ध उत्पादों का उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि लाखों पशुपालकों की आय में भी बढ़ोतरी होगी। आरसीडीएफ की प्रबंध संचालक श्रुति भारद्वाज ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल से डेढ़ साल में पशुपालकों की आय में करीब 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राजधानी में नहीं रहेगी दूध-घी की कमी जयपुर डेयरी को 133 करोड़ रुपए के आधुनिकीकरण और नवीनीकरण कार्य के रूप में बड़ा बूस्टर मिला है। अत्याधुनिक तकनीक से लैस नया प्रोसेसिंग प्लांट तैयार हो चुका है और इसके उद्घाटन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। प्लांट शुरू होने के बाद दूध प्रसंस्करण क्षमता 12 लाख लीटर से बढ़कर 20 लाख लीटर प्रतिदिन हो जाएगी, जबकि प्रतिदिन 70 टन घी उत्पादन की क्षमता विकसित होगी। इससे राजधानी के करीब 8 लाख उपभोक्ताओं को फायदा मिलेगा। वर्तमान में डेयरी प्रतिदिन करीब 15 लाख लीटर दूध प्राप्त कर रही है, जबकि प्रोसेसिंग क्षमता कम होने से दबाव बना रहता है। घी उत्पादन भी 30 मीट्रिक टन प्रतिदिन से बढ़कर 60 मीट्रिक टन से अधिक हो जाएगा। साथ ही सोलर प्लांट लगाकर बिजली बचत की दिशा में भी काम किया गया है। 38 सरस आउटलेट तैयार, मिलेगी सुविधा आरसीडीएफ ने 38 नए सरस आउटलेट तैयार किए हैं। दिल्ली स्थित बीकानेर हाउस में दो मंजिला राजस्थानी शैली का सरस आउटलेट और फूड प्लाजा भी तैयार किया जा रहा है। यूरिया रहित मिलेगा पशु आहार ; पशुपालकों को बेहतर गुणवत्ता और यूरिया रहित पशु आहार उपलब्ध कराने के लिए पांच स्थानों पर आधुनिक पशु आहार प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। पाली में 30 करोड़ रुपए की लागत से 300 टन क्षमता का प्लांट तैयार है।
भारतीय बाजार में विदेशी निवेशकों की दमदार वापसी
मुंबई, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने इस सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में फिर से खरीदारी का रुख किया। एक्सचेंज के अस्थायी आंकड़ों के अनुसार, एफआईआई ने सप्ताह के दौरान 4,670 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे।
भारी गिरावट के बाद संभला शेयर बाजार, अगले हफ्ते कैसी रहेगी चाल?
Share Market Weekly Review : अमेरिका-ईरान युद्ध और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी की वजह से भारतीय शेयर बाजार के लिए यह हफ्ता काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। 3 दिन बाजार हरे निशान में तो 2 दिन लाल निशान में रहा। इस हफ्ते सेंसेक्स में 194 अंकों की गिरावट आई ...
जींद साइबर क्राइम पुलिस टीम ने फर्जी ऑनलाइन निवेश गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक और आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई एक शिकायत के आधार पर की गई, जिसमें एक व्यक्ति से 16 लाख 40 हजार रुपए की ठगी हुई थी। थाना साइबर क्राइम जींद के प्रभारी जगदीप सिंह ने बताया कि दनौदा खुर्द निवासी सुमित कुमार ने अपनी शिकायत में बताया कि वह इंस्टाग्राम पर एक विज्ञापन के संपर्क में आया था। इस विज्ञापन के माध्यम से उसे एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। बाद में उसे दूसरे व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल किया गया। यहां आरोपी ने खुद को सेबी रजिस्टर्ड विशेषज्ञ बताया और स्टॉक मार्केट में निवेश कर कम समय में भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया। सुमित ने अलग-अलग तारीखों में विभिन्न बैंक खातों में कुल 16 लाख 40 हजार रुपए भेज दिए। पैसे मांगने पर ठगी का एहसास हुआ कुछ समय बाद जब सुमित ने पैसे निकालने की कोशिश की, तो आरोपियों ने और पैसों की मांग की। तब उसे एहसास हुआ कि उसके साथ साइबर ठगी हुई है। उसकी शिकायत के आधार पर थाना साइबर क्राइम जींद में केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। तकनीकी जांच और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पहले ही खरक कलां (भिवानी) निवासी हिमांशु और उण (चरखी दादरी) निवासी आशीष को गिरफ्तार कर लिया था। उनकी पूछताछ में जोधपुर निवासी विशाल का नाम सामने आया। 11 जुलाई को थाना साइबर क्राइम जींद पुलिस ने तकनीकी जांच और साक्ष्यों के आधार पर जोधपुर निवासी आरोपी विशाल को नियमानुसार गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस की आमजन से अपील जींद पुलिस आमजन से अपील करती है कि सोशल मीडिया, व्हाट्सएप ग्रुप, फर्जी ट्रेडिंग ऐप या ऑनलाइन निवेश योजनाओं के झांसे में आकर किसी भी अनजान व्यक्ति को पैसे ट्रांसफर न करें। किसी भी निवेश से पहले संबंधित कंपनी अथवा व्यक्ति की वैधता की पूरी जांच अवश्य करें। यदि किसी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होती है, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 अथवा साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाएं।
भारतीय शेयर बाजार में आज सरकारी बैंकों (PSU Banks) के शेयरों ने जबरदस्त धूम मचा रखी है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा जारी किए गए शानदार तिमाही नतीजों और बंपर कमाई के आंकड़ों ने दलाल स्ट्रीट के समीकरण बदल दिए हैं। मुनाफे में आई इस भारी उछाल की खबर आते ही निवेशकों ने बैंकिंग शेयरों पर भरोसा जताया है, जिससे सरकारी बैंकिंग इंडेक्स में बड़ा उछाल दर्ज किया गया है। इस पूरे एक्शन में इंडियन बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र सबसे बड़े विनर बनकर उभरे हैं और इनके शेयरों में सबसे तगड़ी लिफ्टिंग देखने को मिल रही है।इंडियन बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र के शेयरों में तेजी की असली वजहबाजार खुलने के साथ ही इंडियन बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र के काउंटर्स पर खरीदारों की भारी भीड़ देखी गई। इस जबरदस्त तेजी के पीछे बैंकों का मजबूत फंडामेंटल और वित्तीय प्रदर्शन है। दोनों ही बैंकों ने अपने फंसे हुए कर्ज यानी एनपीए (NPA) को कम करने में बड़ी सफलता हासिल की है। इसके साथ ही, लोन बुक में आई मजबूती और नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में सुधार होने से बैंकों का शुद्ध मुनाफा उम्मीद से कहीं ज्यादा रहा है। इसी बंपर कमाई ने निवेशकों को इन शेयरों की आक्रामक खरीदारी करने के लिए प्रेरित किया है।क्रेडिट ग्रोथ और ग्रामीण भारत से मिल रहा है सरकारी बैंकों को बूस्टबैंकिंग सेक्टर के विशेषज्ञों का विश्लेषण: भारतीय अर्थव्यवस्था में जारी मजबूत रिकवरी का सीधा फायदा सरकारी बैंकों को मिल रहा है। विशेषकर टियर-2, टियर-3 शहरों और ग्रामीण इलाकों (Geographical Demand) में लोन की मांग तेजी से बढ़ी है। होम लोन, ऑटो लोन और एमएसएमई (MSME) सेक्टर को दिए गए कर्ज में हुई बढ़ोतरी ने बैंकों की क्रेडिट ग्रोथ को ऐतिहासिक स्तर पर पहुंचा दिया है, जिससे इनकी कमाई में यह बंपर उछाल दिख रहा है।लंबे समय तक निजी बैंकों से पीछे रहने के बाद, अब सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक अपनी डिजिटल बैंकिंग सेवाओं और बेहतर कस्टमर रीच के दम पर मार्केट शेयर वापस हासिल कर रहे हैं।रिटेल निवेशकों और स्थानीय बाजार के लिए आगे क्या हैं कमाई के मौके?स्थानीय शेयर बाजारों और ब्रोकिंग फर्म्स के अनुसार, इस तेजी ने रिटेल निवेशकों (Retail Investors) का हौसला काफी बढ़ा दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि सरकारी बैंकों में आई यह तेजी केवल शॉर्ट-टर्म सेंटीमेंट नहीं है, बल्कि यह इनके बदलते कामकाज का नतीजा है। जो निवेशक बैंकिंग सेक्टर में लॉन्ग-टर्म के लिए निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए यह एक बेहतरीन दौर साबित हो सकता है। हालांकि, बाजार के ऊंचे स्तरों को देखते हुए जानकारों ने सलाह दी है कि किसी भी बड़ी गिरावट पर धीरे-धीरे (Averaging) इन शेयरों को अपने पोर्टफोलियो में जोड़ना एक स्मार्ट रणनीति होगी।
गिरते बाजार में भी इन म्यूचुअल फंड्स ने मचाया धमाल! लार्जकैप की रफ्तार पड़ी सुस्त, निवेशकों की चांदी
भारतीय शेयर बाजार में जारी उतार-चढ़ाव और गिरावट के जोखिम के बीच म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए एक बेहद चौंकाने वाला ट्रेंड सामने आया है। आम तौर पर सुरक्षित माने जाने वाले लार्जकैप फंड्स (Large Cap Funds) इस बदलते दौर में सुस्त नजर आ रहे हैं। इसके विपरीत, बाजार के उतार-चढ़ाव को मात देते हुए मिडकैप (Mid Cap) और स्मॉलकैप (Small Cap) फंडों ने रिटर्न के मामले में बाजी मार ली है। इस प्रदर्शन ने रिटेल निवेशकों के बीच एक नई बहस छेड़ दी है कि मौजूदा समय में निवेश के लिए सबसे सही रणनीतिक विकल्प कौन सा है।लार्जकैप फंड्स की सुस्ती के पीछे क्या है असली वजह?बाजार के जानकारों का कहना है कि दिग्गज और बड़ी कंपनियों (Large Cap Companies) के शेयरों में हाल के दिनों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली का सीधा असर देखने को मिला है। चूंकि लार्जकैप फंड्स का मुख्य निवेश इन्हीं फ्रंटलाइन कंपनियों में होता है, इसलिए बाजार की गिरावट के दौरान इनका प्रदर्शन काफी हद तक थमा हुआ या सुस्त नजर आ रहा है। बड़े फंड मैनेजरों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक दबाव और वैल्यूएशन के ऊंचे स्तर पर होने की वजह से बड़ी कंपनियां शॉर्ट-टर्म में उस गति से आगे नहीं बढ़ पा रही हैं, जिसकी उम्मीद निवेशक कर रहे थे।मिडकैप और स्मॉलकैप फंडों ने कैसे पलटी बाजी?दूसरी तरफ, घरेलू सेक्टर्स में मजबूत डिमांड और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों (Local Economic Factors) के दम पर मझोली और छोटी कंपनियों के शेयरों ने शानदार रिकवरी दिखाई है। मिडकैप और स्मॉलकैप म्यूचुअल फंड्स ने इसी तेजी का पूरा फायदा उठाया है। इन फंड्स ने न केवल गिरते बाजार के जोखिम को बेहतर तरीके से मैनेज किया, बल्कि आक्रामक ग्रोथ चाहने वाले निवेशकों को उम्मीद से कहीं बेहतर रिटर्न कमा कर दिया है। यही वजह है कि सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए इन कैटेगरीज में लगातार रिकॉर्ड निवेश आ रहा है।बाजार विशेषज्ञों की राय: गिरते बाजार में लार्जकैप फंड्स पोर्टफोलियो को स्थिरता जरूर देते हैं, लेकिन अगर आप अल्फा (Alpha) यानी बेंचमार्क से ज्यादा रिटर्न कमाना चाहते हैं, तो मौजूदा चक्र में मिडकैप और स्मॉलकैप फंड्स ज्यादा मजबूत नजर आ रहे हैं। हालांकि, निवेशकों को अपने जोखिम लेने की क्षमता (Risk Appetite) को ध्यान में रखकर ही एसेट एलोकेशन करना चाहिए।स्थानीय और खुदरा निवेशकों के लिए आगे क्या है रणनीति?लोकल मार्केट सेंटिमेंट की बात करें तो भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों से आने वाले नए और खुदरा निवेशक (Retail Investors) अब काफी समझदार हो चुके हैं। वे बाजार की हर गिरावट को एक अवसर के रूप में देख रहे हैं। फाइनेंशियल एडवाइजर्स की सलाह है कि बाजार के इस सुस्त दौर में निवेशकों को एकमुश्त (Lumpsum) बड़ा निवेश करने से बचना चाहिए। इसके बजाय, मिड और स्मॉलकैप फंड्स में अपनी एसआईपी को जारी रखना या गिरावट के समय स्मॉलकैप में धीरे-धीरे निवेश बढ़ाना एक स्मार्ट और फायदेमंद लॉन्ग-टर्म रणनीति साबित हो सकती है।
चार हफ्तों की तेजी के बाद इस सप्ताह सेंसेक्स और निफ्टी में आई मामूली गिरावट
मुंबई, लगातार चार सप्ताह की तेजी के बाद भारतीय शेयर बाजार इस सप्ताह मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ।
E-20 पेट्रोल पर पीछे नहीं हटेगी सरकार, निवेश, किसानों और ऊर्जा सुरक्षा का दिया हवाला
सरकार ने पहली बार यह स्वीकार किया है कि ई-20 पेट्रोल के उपयोग से कुछ वाहनों का माइलेज लगभग पांच प्रतिशत तक कम हो सकता है। हालांकि मंत्रालय का कहना है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों और उत्पादन लागत को देखते हुए ई-20 की कीमत घटाना फिलहाल संभव नहीं है।
अगर आप बिना किसी जोखिम के अपने पैसे को सुरक्षित रखते हुए हर महीने एक निश्चित और मोटी कमाई की तलाश में हैं, तो भारतीय डाक विभाग की पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS) आपके लिए सबसे बेहतरीन जरिया बन सकती है. केंद्र सरकार द्वारा समर्थित इस स्मॉल सेविंग्स स्कीम में निवेश करने पर बाजार के उतार-चढ़ाव का कोई असर नहीं पड़ता है. वर्तमान में मिल रही 7.4 फीसदी की दमदार सालाना ब्याज दर के हिसाब से यदि आप इसमें जॉइंट अकाउंट खोलकर निवेश करते हैं, तो आपको हर महीने घर बैठे करीब ₹9,250 की नियमित आमदनी होने लगेगी.क्या है पोस्ट ऑफिस MIS और क्यों है यह इतनी लोकप्रिय?पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS) एक बेहद भरोसेमंद सरकारी बचत योजना है. इसका मुख्य उद्देश्य निवेशकों को हर महीने एक निश्चित आय की गारंटी देना है. यही कारण है कि यह स्कीम देश के वरिष्ठ नागरिकों, नौकरी से रिटायर हो चुके कर्मचारियों और कम जोखिम में फिक्स्ड मंथली इनकम चाहने वाले मिडिल क्लास परिवारों के बीच जबरदस्त लोकप्रिय है. इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें आपकी जमा की गई मूल राशि (Principal Amount) पूरी तरह सुरक्षित रहती है और ब्याज का भुगतान सीधे आपके खाते में हर महीने कर दिया जाता है.₹15 लाख के निवेश पर हर महीने का पूरा गणितइस योजना में कोई भी भारतीय नागरिक सिंगल या जॉइंट अकाउंट के जरिए निवेश कर सकता है. सरकार प्रत्येक तिमाही में इसकी ब्याज दरों की समीक्षा करती है. वर्तमान में लागू 7.4% वार्षिक ब्याज दर के हिसाब से मुनाफे का कैलकुलेशन कुछ इस प्रकार है:कुल निवेश (जॉइंट अकाउंट): ₹15,00,000ब्याज दर: 7.4% प्रतिवर्षवार्षिक ब्याज की कमाई: ₹1,11,000मासिक आय (Monthly Income): लगभग ₹9,2505 साल में कुल मुनाफा: ₹5,55,000पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम की मैच्योरिटी अवधि 5 साल (60 महीने) की होती है. 5 साल पूरे होने पर निवेशक को उसकी ₹15 लाख की पूरी मूल राशि वापस सौंप दी जाती है और इस दौरान वह ₹5.55 लाख सिर्फ ब्याज के रूप में कमा चुका होता है.निवेश की अधिकतम सीमा और प्री-मैच्योर क्लोजर के नियमनियमों के मुताबिक, एक व्यक्ति अपने सिंगल अकाउंट के जरिए अधिकतम ₹9 लाख तक ही जमा कर सकता है, जबकि जॉइंट अकाउंट (अधिकतम 3 व्यक्ति) के माध्यम से ₹15 लाख तक निवेश करने की खुली छूट है. अगर आपको मैच्योरिटी से पहले पैसों की जरूरत पड़ती है, तो खाता बंद करने के लिए ये नियम लागू होंगे:खाता खोलने के पहले 1 वर्ष के भीतर आप इसे किसी भी हाल में बंद नहीं कर सकते.1 साल से 3 साल के बीच खाता बंद करने पर आपकी जमा मूल राशि से 2 प्रतिशत की कटौती की जाएगी.3 साल के बाद और 5 साल से पहले खाता बंद करने पर मूल राशि का 1 प्रतिशत काटकर शेष रकम लौटाई जाएगी.टैक्स बेनिफिट्स और खाता खोलने से जुड़ी जरूरी बातध्यान रखने वाली बात यह है कि पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में निवेश करने पर आयकर अधिनियम (Income Tax Act) की धारा 80C के तहत कोई टैक्स छूट नहीं मिलती है. इस योजना से मिलने वाला मासिक ब्याज आपकी कुल सालाना आय में जोड़ा जाता है और आपके टैक्स स्लैब के अनुसार उस पर टैक्स देय होता है. हालांकि, राहत की बात यह है कि डाक विभाग इस ब्याज राशि पर कोई टीडीएस (TDS) नहीं काटता है. चूंकि यह पूरी तरह डाक विभाग की योजना है, इसलिए इसका खाता केवल आधिकारिक पोस्ट ऑफिस में ही खोला जा सकता है, किसी भी सरकारी या प्राइवेट बैंक में यह सुविधा उपलब्ध नहीं है.
नई दिल्ली के आलीशान होटल ताज पैलेस में आयोजित 'राष्ट्रीय हितधारक परामर्श 2026' के दूसरे दिन झारखंड के भविष्य को लेकर एक बड़ी और ऐतिहासिक चर्चा हुई. इस सत्र का मुख्य विषय 'डेस्टिनेशन झारखंड – पर्यटन निवेश एवं समावेशी विकास को गति' था. देश भर से आए नीति-निर्माताओं, बड़े उद्योगपतियों और पर्यटन क्षेत्र के दिग्गजों ने एक सुर में माना कि अब झारखंड को सिर्फ कोयले और खनिज का राज्य समझना भूल होगी. यह राज्य अब पूर्वी भारत का सबसे बड़ा और आकर्षक टूरिस्ट हब बनने के लिए पूरी तरह तैयार है.पर्यटन को मिला उद्योग का दर्जा, 5 करोड़ से ज्यादा पहुंचे सैलानीइस महामंथन में सामने आए आंकड़े चौंकाने वाले और उम्मीद जगाने वाले हैं. साल 2024 में झारखंड में रिकॉर्ड 5.85 करोड़ पर्यटक पहुंचे, जिनमें से 4.40 करोड़ लोग केवल धार्मिक और आध्यात्मिक यात्रा के लिए आए थे. सैलानियों की इस भारी तादाद को देखते हुए सरकार ने पर्यटन को बाकायदा 'उद्योग' का दर्जा दे दिया है. इस बड़े फैसले से अब प्राइवेट इंवेस्टर्स के लिए वित्तीय मदद और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के रास्ते पूरी तरह साफ हो गए हैं. सरकार अब देवघर या सम्मेद शिखर जैसे धार्मिक स्थलों के आगे बढ़कर इको-टूरिज्म, एडवेंचर स्पोर्ट्स, वॉटर स्पोर्ट्स और देश के पहले 'माइनिंग टूरिज्म' जैसी अनूठी परियोजनाओं पर काम कर रही है.आ रही है 'पर्यटन नीति-2026', स्काईवॉक और फ्लोटिंग रेस्तरां का दिखेगा जलवानिवेशकों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए हेमंत सोरेन सरकार जल्द ही 'पर्यटन नीति-2026' लॉन्च करने जा रही है. कागजी कार्रवाई और लालफीताशाही को खत्म करने के लिए 'डिजिटल सिंगल विंडो पंजीकरण व्यवस्था' लागू की जा रही है. केंद्र सरकार की 'प्रसाद' (PRASHAD) और 'स्वदेश दर्शन' योजनाओं के तालमेल से राज्य में सड़कों और बुनियादी सुविधाओं को चमकाया जा रहा है. सरकार ने निवेशकों को राज्य में लक्जरी होटल, रिसॉर्ट, रोपवे, एडवेंचर स्काईवॉक और फ्लोटिंग रेस्तरां बनाने के लिए बंपर सब्सिडी और आकर्षक प्रोत्साहन पैकेज का ऑफर दिया है.रोजगार का नया फॉर्मूला: 100 होमस्टे से 500 लोगों को मिलेगी आजीविकाइस मौके पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री सुदिव्य कुमार ने राज्य की नई सोच को सामने रखा. उन्होंने रोजगार का एक बहुत ही व्यावहारिक गणित समझाते हुए कहा कि एक बड़ा फाइव स्टार होटल करीब 200 लोगों को सीधा रोजगार देता है, लेकिन अगर हम गांव-गांव में 100 होमस्टे (Homestay) विकसित कर दें, तो लगभग 500 परिवारों को उनके घर पर ही आजीविका मिल जाएगी. इसी सोच के साथ सरकार 'होमस्टे नीति-2026' ला रही है, जो झारखंड को देश का सबसे पसंदीदा होमस्टे डेस्टिनेशन बनाएगी.मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में चल रहे इस मिशन को गति देने के लिए कैबिनेट मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, संजय प्रसाद यादव, इरफान अंसारी और शिल्पी नेहा तिर्की भी इस राष्ट्रीय परामर्श में मौजूद रहीं. सभी ने संकल्प लिया कि झारखंड को बेहद कम समय में पूर्वी भारत का सबसे पसंदीदा, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल (Eco-Friendly) पर्यटन स्थल बनाया जाएगा.
राजस्थान में बढ़ते ऑनलाइन निवेश (इन्वेस्टमेंट) फ्रॉड को देखते हुए राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने आमजन के लिए नई एडवाइजरी जारी की है। साइबर अपराधी Paytm Money और Nuvama AMC जैसी प्रतिष्ठित वित्तीय कंपनियों के नाम पर फर्जी वॉट्सएप ग्रुप बनाकर लोगों को निवेश के नाम पर ठगी का शिकार बना रहे हैं। सोशल मीडिया पर आकर्षक विज्ञापनों के जरिए लोगों को फंसाकर नकली निवेश प्लेटफॉर्म और फर्जी ऐप के माध्यम से लाखों रुपए की धोखाधड़ी की जा रही है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (साइबर क्राइम) विजय कुमार सिंह ने बताया कि साइबर ठग फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फ्री स्टॉक एनालिसिस, स्पेशल इन्वेस्टमेंट ऑफर और गारंटीड रिटर्न जैसे लुभावने विज्ञापन चलाते हैं। इन विज्ञापनों में Paytm Money और Nuvama AMC जैसी विश्वसनीय कंपनियों के नाम, लोगो और अधिकारियों की पहचान का गलत इस्तेमाल कर लोगों का भरोसा जीता जाता है। ऐसे होती है निवेश ठगी साइबर पुलिस के अनुसार, विज्ञापन पर क्लिक करते ही व्यक्ति को एक संदिग्ध वेबसाइट पर भेजा जाता है, जहां Apply to Join या Join WhatsApp Group का विकल्प दिखाई देता है। इसके बाद पीड़ित को फर्जी व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ दिया जाता है, जहां खुद को कंपनी का अधिकारी या निवेश विशेषज्ञ बताने वाले ठग अधिक मुनाफे और गारंटीड रिटर्न का लालच देते हैं। इसके बाद पीड़ित से फर्जी मोबाइल ऐप डाउनलोड कराया जाता है या नकली ट्रेडिंग वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करवाया जाता है। ये प्लेटफॉर्म असली निवेश ऐप की तरह दिखाई देते हैं। फिर अलग-अलग बैंक खातों में जल्द से जल्द निवेश राशि जमा कराने का दबाव बनाया जाता है और रकम जमा होते ही साइबर ठग संपर्क तोड़ देते हैं। SEBI पंजीकृत कंपनियां नहीं देतीं वॉट्सऐप पर निवेश सलाह राजस्थान पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कोई भी SEBI पंजीकृत वित्तीय संस्था या निवेश कंपनी व्हाट्सएप ग्रुप, सोशल मीडिया विज्ञापन या फर्जी ऐप के माध्यम से गारंटीड रिटर्न का वादा कर निवेश करने के लिए नहीं कहती। ऐसे किसी भी प्रस्ताव को संदेह की नजर से देखें और पहले उसकी सत्यता की जांच करें। संदेह होने पर तुरंत करें शिकायत यदि आपके साथ इस प्रकार की साइबर ठगी होती है या ऐसा कोई प्रयास किया जाता है, तो तुरंत निकटतम पुलिस थाना या साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल, साइबर हेल्पलाइन 1930 तथा राजस्थान साइबर हेल्पडेस्क 9256001930 और 9257510100 पर भी सूचना दें।
SEBI ने एक साथ 5 कंपनियों को दी हरी झंडी, जानिए निवेश से पहले हर एक की पूरी कुंडली
भारतीय प्राथमिक शेयर बाजार (Primary Market) में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए एक बेहद शानदार और बड़ी खबर सामने आ रही है। बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने आईपीओ मार्केट में तहलका मचाने के लिए एक साथ पांच दिग्गज कंपनियों के ड्राफ्ट पेपर्स (DRHP) को अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है। इन कंपनियों में डिफेंस सेक्टर से लेकर रिटेल, फर्नीचर रेंटल और एडवांस टेक्नोलॉजी मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी कंपनियां शामिल हैं। सेबी की इस हरी झंडी के बाद दलाल स्ट्रीट में हलचल काफी ज्यादा तेज हो गई है, और निवेशक अपने फंड को तैयार करने में जुट गए हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि इन पांचों कंपनियों का बिजनेस मॉडल क्या है और वे आईपीओ के जरिए कितना फंड जुटाने की तैयारी में हैं।टोंबो इमेजिंग इंडिया: डिफेंस सेक्टर की इस कंपनी के आईपीओ में 1.81 करोड़ शेयरों का ओएफएससेबी से मंजूरी पाने वाली पहली कंपनी टोंबो इमेजिंग इंडिया (Tombo Imaging India) है, जो मुख्य रूप से डिफेंस-केंद्रित (Defense-Focused) अत्याधुनिक प्रोडक्ट्स बनाने का काम करती है। कंपनी के प्रस्तावित आईपीओ में ₹2 की फेस वैल्यू वाले 1.81 करोड़ इक्विटी शेयरों तक का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है। इस ओएफएस के तहत प्रमोटर सेलिंग शेयरहोल्डर्स द्वारा 19.60 लाख इक्विटी शेयर, प्रमोटर ग्रुप द्वारा 3.40 लाख शेयर और बड़े संस्थागत निवेशकों द्वारा 1.56 करोड़ इक्विटी शेयर बाजार में बेचे जाएंगे। इस हाई-प्रोफाइल इश्यू के लिए जेएम फाइनेंशियल (JM Financial) और आईआईएफएल कैपिटल सर्विसेज लिमिटेड (IIFL Capital Services) को बुक रनिंग लीड मैनेजर नियुक्त किया गया है।मैरी रिटेल लिमिटेड: ₹522 करोड़ के नए शेयर और 10 नए कपड़ों के स्टोर खोलने का मेगा प्लानहैदराबाद आधारित रिटेल चेन मैरी रिटेल लिमिटेड (Mary Retail Limited) भी अपना आईपीओ लाने के लिए पूरी तरह तैयार है। कंपनी का यह प्रस्तावित आईपीओ ₹522 करोड़ मूल्य के नए शेयरों (Fresh Issue) और प्रमोटर मैरी वेंकट रेड्डी द्वारा 2.7 करोड़ मौजूदा शेयरों की बिक्री के प्रस्ताव (OFS) का एक बेहतरीन मिश्रण है। कंपनी इस आईपीओ से मिलने वाली नई पूंजी का इस्तेमाल अपना पुराना कर्ज चुकाने, देश में 10 नए कपड़ों के स्टोर खोलने, ज्वेलरी स्टोर-इन-स्टोर (SIS) के साथ एक हाइब्रिड कपड़ों का आउटलेट शुरू करने, दो नए स्टैंडअलोन ज्वेलरी स्टोर खोलने और मौजूदा गोदामों के लीज किराए का भुगतान करने के लिए करेगी। वर्तमान में कंपनी के पास तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र के 26 जिलों में 34 चालू स्टोर्स का मजबूत नेटवर्क है, जिसे नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट लिमिटेड (Nuvama Wealth Management) द्वारा मैनेज किया जा रहा है।रेंटोमोजो: ₹150 करोड़ का फ्रेश इश्यू और 2.28 लाख एक्टिव सब्सक्राइबर्स का मजबूत भरोसाफर्नीचर और एप्लायंसेज रेंटल मार्केट की जानी-मानी कंपनी रेंटोमोजो (Rentomojo) भी शेयर बाजार में लिस्ट होने के लिए तैयार है। कंपनी के आईपीओ में ₹150 करोड़ तक के इक्विटी शेयरों का नया इश्यू और मौजूदा शेयरधारकों द्वारा 2.84 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री का प्रस्ताव (OFS) शामिल किया गया है। ड्राफ्ट पेपर्स के अनुसार, रेंटोमोजो इस फंड का उपयोग कॉर्पोरेट ऋणों को चुकाने, अपने विशाल गोदामों (Warehouses) और एक्सपीरियंस स्टोर्स के लिए लीज रेंटल या लाइसेंस फीस का अग्रिम भुगतान करने के लिए करेगी। आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल तक कंपनी के पास देश के 22 प्रमुख शहरों में 2.28 लाख से अधिक एक्टिव सब्सक्राइबर थे और कंपनी के पास कुल 4.44 लाख स्क्वायर फीट एरिया वाले 21 अत्याधुनिक वेयरहाउस मौजूद हैं।जेटवर्क मैन्युफैक्चरिंग: ₹5,000 करोड़ तक फंड जुटाने का महा-लक्ष्य, दिग्गज वैश्विक निवेशकों का है साथइस पूरी सूची में सबसे बड़ा और बहुप्रतीक्षित नाम जेटवर्क मैन्युफैक्चरिंग (Zetwerk Manufacturing) का है, जो इस आईपीओ के जरिए ₹4,000 करोड़ से ₹5,000 करोड़ के बीच का विशाल फंड जुटाने की बड़ी योजना बना रही है। इस इश्यू के वास्तविक साइज और वैल्यूएशन की जानकारी आने वाले समय में बुक-बिल्डिंग प्रोसेस के जरिए ही तय की जाएगी। यह कंपनी एक एडवांस टेक्नोलॉजी-बेस्ड मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफ़ॉर्म चलाती है, जो ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स, डिफेंस, एयरोस्पेस और कैपिटल गुड्स जैसे कोर सेक्टर्स में सप्लायर्स के नेटवर्क को वैश्विक इंडस्ट्रियल डिमांड से जोड़ता है। इस कंपनी में खोसला वेंचर्स, बेली गिफ़ोर्ड, राकेश गंगवाल, एक्सेल, पीक XV और लाइटस्पीड जैसे दुनिया के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित वेंचर कैपिटलिस्ट्स ने भारी निवेश किया हुआ है।गुजरात विक्ट्री फोर्जिंग्स: वडोदरा यूनिट के विस्तार और नॉन-फेरस मेटल रीसाइक्लिंग पर फोकसपांचवीं कंपनी गुजरात विक्ट्री फोर्जिंग्स (Gujarat Victory Forgings) है, जिसके प्रस्तावित आईपीओ में 65 लाख तक इक्विटी शेयरों का नया इश्यू और प्रमोटर विजेंद्रकुमार बिशंबर गुप्ता द्वारा 1.32 करोड़ तक इक्विटी शेयरों का ऑफर फॉर सेल शामिल है। यह कंपनी मेटल स्क्रैप की अत्याधुनिक प्रोसेसिंग और रीसाइक्लिंग के जरिए नॉन-फेरस मेटल प्रोडक्ट्स (Non-Ferrous Metal Products) बनाने के मुख्य कारोबार में लगी हुई है। कंपनी नए इश्यू से मिलने वाले फंड का इस्तेमाल गुजरात के वडोदरा में स्थित अपनी मौजूदा यूनिट-III के विस्तार, कॉपर कैथोड की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को दोगुना करने और अपने कार्यशील पूंजी के खर्चों को पूरा करने में करेगी, जिससे आने वाले समय में कंपनी के रेवेन्यू में बड़ा उछाल आने की उम्मीद है।
SEBI ने म्यूचुअल फंड नियमों में किया बड़ा बदलाव, अब इंट्राडे उधारी से निपटाए जाएंगे आपके पेमेंट्स
भारतीय शेयर बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के संचालन और लिक्विडिटी मैनेजमेंट से जुड़े एक अत्यंत महत्वपूर्ण नियम में ऐतिहासिक बदलाव की घोषणा की है। बाजार की कार्यप्रणाली को अधिक सुचारू और निवेशकों के अनुकूल बनाने के लिए सेबी ने कारोबारी सत्र के दौरान ली और चुकाई जाने वाली 'इंट्राडे उधारी' (Intraday Borrowing) के दायरे का व्यापक विस्तार कर दिया है। नियामक द्वारा अधिसूचित यह नया वित्तीय ढांचा आगामी 1 सितंबर 2026 से पूरे देश में आधिकारिक रूप से प्रभावी हो जाएगा। आपको बता दें कि पुराने नियमों के तहत म्यूचुअल फंड हाउसेज को केवल अत्यंत आकस्मिक या अस्थायी कैश जरूरतों को पूरा करने के लिए ही कड़े नियामकीय दायरों में रहकर सीमित लोन लेने की अनुमति प्राप्त थी।पेमेंट्स में आएगी रॉकेट जैसी तेजी: यूनिटहोल्डर्स के रिडेम्पशन और डिविडेंड के लिए इस्तेमाल होगी उधारीसेबी द्वारा जारी किए गए नए दिशानिर्देशों के तहत अब सभी म्यूचुअल फंड कंपनियां (AMCs) अपने यूनिटहोल्डर्स को किए जाने वाले विभिन्न प्रकार के भुगतानों जैसे रिडेम्पशन (पैसा निकालने), IDCW (डिविडेंड पेमेंट) और ब्याज भुगतान को तुरंत निपटाने के लिए इस इंट्राडे उधारी सुविधा का खुलकर लाभ उठा सकेंगी। इसके अलावा, फंड हाउसेज इस अल्पकालिक पूंजी का उपयोग स्कीमों द्वारा किए जाने वाले दैनिक निवेश भुगतानों, मार्क-टू-मार्केट (MTM) देनदारियों को चुकता करने, विदेशी मुद्रा सेटलमेंट (Forex Settlements) और अपने पुराने चल रहे लोंस को रीफाइनेंस करने के लिए भी कर सकेंगे। हालांकि, सेबी ने इस पर एक बेहद सख्त वित्तीय शर्त लागू की है कि कारोबारी सत्र के दौरान ली गई सभी उधारियों को उसी ट्रेडिंग डे के समाप्त होने से पहले हर हाल में चुकता करना होगा। यदि कोई लोन अगले दिन तक कैरी फॉरवर्ड होता है, तो उसे सीधे तौर पर ओवरनाइट उधारी (Overnight Borrowings) माना जाएगा और उस पर कड़े नियामकीय प्रतिबंध लागू हो जाएंगे।निवेशकों पर नहीं पड़ेगा ₹1 का भी बोझ: लिक्विडिटी संकट से निपटने के लिए नियामक का बड़ा एक्शनबाजार नियामक सेबी ने यह बड़ा और साहसिक कदम मुख्य रूप से मार्केट सेटलमेंट टाइमिंग (Market Settlement Timings) में होने वाले अंतर और उसके कारण उत्पन्न होने वाली शॉर्ट-टर्म लिक्विडिटी (नकदी) की कमी को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने के लिए उठाया है। यह नया आदेश देश के सभी सक्रिय म्यूचुअल फंडों, एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMCs), ट्रस्टी कंपनियों, ट्रस्टी बोर्डों और एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) पर अनिवार्य रूप से लागू होगा। इस पूरे संशोधन की सबसे बड़ी और राहत देने वाली बात यह है कि इस इंट्राडे उधारी पर लगने वाले ब्याज और अन्य सभी प्रशासनिक खर्चों का पूरा वहन खुद म्यूचुअल फंड कंपनी (AMC) अपने कॉर्पोरेट फंड से करेगी। इसका ₹1 का भी अतिरिक्त बोझ म्यूचुअल फंड स्कीम या आम निवेशकों के रिटर्न पर बिल्कुल नहीं डाला जाएगा।रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची देश की एसेट: जून में इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में निवेश 26% उछलायह ऐतिहासिक नियामकीय बदलाव ऐसे समय में आया है जब भारतीय शेयर बाजारों में जारी उतार-चढ़ाव के बावजूद घरेलू निवेशकों का भरोसा म्यूचुअल फंड्स पर रिकॉर्ड स्तर पर बना हुआ है। एम्फी (AMFI) द्वारा जारी ताजा मासिक आंकड़ों के अनुसार, जून के महीने में इक्विटी (शेयर आधारित) योजनाओं में निवेशकों का इनफ्लो 26 प्रतिशत बढ़कर 28,973 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया, जो मई में 22,908 करोड़ रुपये था। हालांकि, कॉरपोरेट एडवांस और टैक्स पेमेंट्स के चलते डेट (बॉन्ड आधारित) योजनाओं से 1.09 लाख करोड़ रुपये की भारी निकासी दर्ज की गई, जिसके कारण जून में म्यूचुअल फंड उद्योग से कुल नेट निकासी 52,949 करोड़ रुपये दर्ज की गई। इन तमाम भारी उतार-चढ़ावों के बीच, भारतीय म्यूचुअल फंड उद्योग की कुल प्रबंधन अधीन परिसंपत्ति (AUM) जून के अंत में बढ़कर 82.22 लाख करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई है, जो मई के अंत में 81.60 लाख करोड़ रुपये दर्ज की गई थी।
लगातार दूसरे सत्र में बाजार में छाई हरियाली, सेंसेक्स में 828 अंकों की बढ़त; निफ्टी 1 प्रतिशत ऊपर
बुधवार की बड़ी गिरावट के बाद सकारात्मकम वैश्विक संकेतों के चलते लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार तेजी के साथ हरे निशान में बंद हुआ। इस दौरान सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में 1 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त देखने को मिली।
राजधानी भोपाल में साइबर ठगी और निवेश के नाम पर धोखाधड़ी के दो मामले सामने आए हैं। एक मामले में शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर रिटायर्ड बैंक कर्मचारी से 23 लाख रुपए ठग लिए गए। वहीं, दूसरे मामले में रियल एस्टेट कारोबार में निवेश के नाम पर फिजियोथेरेपिस्ट से 10 लाख रुपए की धोखाधड़ी की गई। पुलिस ने दोनों मामलों में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इंस्टाग्राम से शुरू हुई 23 लाख की ठगी मिसरोद थाना पुलिस के मुताबिक, सलैया निवासी 48 वर्षीय रोहित वर्मा निजी बैंक से रिटायर्ड हैं। उन्होंने इंस्टाग्राम पर शेयर ट्रेडिंग से जुड़ा एक ऐप डाउनलोड किया था। इसके बाद आरोपियों ने अधिक मुनाफे का लालच देकर उनसे अलग-अलग किस्तों में करीब 23 लाख रुपए निवेश करा लिए। जब रोहित वर्मा ने मुनाफा और अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने संपर्क बंद कर दिया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जांच कर रही है। मामले में शुक्रवार को केस दर्ज किया गया है। रियल एस्टेट में निवेश के नाम पर 10 लाख की धोखाधड़ी निशातपुरा थाना क्षेत्र में फिजियोथेरेपिस्ट नीरज तिवारी ने अपने रिश्तेदार संजय तिवारी को रियल एस्टेट कारोबार में निवेश के लिए 10 लाख रुपए दिए थे। आरोप है कि रकम लौटाने के बजाय आरोपी टालमटोल करता रहा। पिछले साल उसने 2 लाख रुपए लौटाए और बाकी रकम जल्द देने का भरोसा दिया, लेकिन बाद में पैसे नहीं लौटाए। जांच के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गुरुवार को धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है।
बड़ी तेजी से खुला बाजार- सेंसेक्स 77 हजार के पार
मुंबई, भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को हरे निशान में खुला। सुबह 9:29 पर सेंसेक्स 683 अंक या 0.89 प्रतिशत की मजबूती के साथ 77,425 और निफ्टी 205 अंक या 0.86 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,168 पर था।
झारखंड के इतिहास में गुरुवार सुबह ऐसी खुशनुमा खबर आई, जो राज्य के लाखों युवाओं के सपनों को नई उड़ान देगी। नई दिल्ली में आयोजित नेशनल स्टेक होल्डर्स कंसल्टेशन के आखिरी दिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी में राज्य सरकार ने 99,639 करोड़ रुपए के निवेश वाले 14 समझौतों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इनमें 10 एमओयू उद्योग विभाग के साथ, दो आईटी विभाग के साथ और दो पर्यटन विभाग के साथ हुए हैं। इन समझौतों के अनुसार जिंदल न्यूक्लियर पावर प्रा. लि. 30 हजार करोड़ रुपए की लागत राज्य का पहला न्यूक्लियर पावर प्लांट लगाएगा। इस प्लांट में ईंधन के रूप में यूरेनियम, प्लूटोनियम और थोरियम का उपयोग किया जाता है। वहीं गूगल एआई आधारित प्रशिक्षण उपलब्ध कराएगा। इससे स्वास्थ्य सेवाओं, खासकर टीबी जैसी बीमारियों के उपचार और नियंत्रण के लिए एआई के उपयोग को लेकर भी समझौता हुआ है। टाटा स्टील भी 9600 करोड़ की लागत से जमशेदपुर और आसपास के इलाके में अपने स्टील और टीन प्लेट प्लांट्स का विस्तार करेगी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के समग्र विकास के लिए सरकार शॉट टर्म योजनाओं की बजाय लॉन्ग टर्म पार्टनरशिप पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को सभी योजनाओं को निश्चित समय-सीमा के भीतर धरातल पर उतारने को कहा। झारखंड को रिसर्च, इनोवेशन और आइडियाज का केंद्र बनाएंगे : हेमंतसमापन सत्र में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आज विभिन्न संस्थाओं से हुए एमओयू सिर्फ कागजी समझौता नहीं, बल्कि राज्य के उज्ज्वल भविष्य की उपलब्धियां हैं। झारखंड की पहचान खनिज संपदा से रही है। अब इसे रिसर्च, इनोवेशन और नए आइडियाज का केंद्र बनाना है। बेहतर कम्युनिकेशन की कमी के कारण झारखंड की क्षमता दुनिया के सामने पूरी तरह से नहीं आ पाई। सरकार इस गैप को खत्म कर देश-विदेश के निवेशकों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखेगी। जानिए...कौन सी कंपनी किस क्षेत्र में कितना निवेश करेगीजिंदल स्टील लिमिटेड: 40 हजार करोड़ का निवेश कर राज्य में स्टील प्लांट लगाएगा और स्टील उत्पादन की क्षमता बढ़ाएगा। इससे बड़ी संख्या में रोजगार पैदा होंगे।जिंदल न्यूक्लियर पावर प्रा. लि.: 30 हजार करोड़ रुपए का निवेश कर राज्य में न्यूक्लियर पावर प्लांट लगाएगा। इससे भविष्य में झारखंड को सरप्लस बिजली मिल सकेगी।जिंदल रिन्यूवेबल्स प्रा. लि.: 650 करोड़ रुपए का निवेश कर सौर ऊर्जा और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों पर काम करेगी, जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना बिजली मिल सके।रूंग्टा संस प्रा. लि. और रूंगटा माइंस लि.: कुल 13 हजार करोड़ निवेश करेगा। इसका मुख्य फोकस खनन और मेटल इंडस्ट्री को आधुनिक बनाने और नई यूनिट्स बनाने पर होगा।टाटा स्टील और टाटा स्टील टीन प्लेट एक्सपेंशन: 9600 करोड़ रुपए से जमशेदपुर और आसपास के इलाकों में अपने स्टील और टीन प्लेट प्लांट का विस्तार करेगा। इससे रोजगार बढ़ेगे।अमलगम स्टील एंड पावर लिमिटेड: 4980 करोड से स्टील और पावर सेक्टर में क्षमता बढ़ाएगी और नए प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू करेगी।अंबुला सीमेंट (एपीजेएएल पावर प्लांट): सीमेंट क्षेत्र की यह दिग्गज कंपनी पावर प्लांट और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में 1000 करोड़ का निवेश करेगी।गूगल क्लाउड: आईटी विभाग के साथ मिलकर राज्य में ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने, एआई का ढांचा तैयार करने और डेटा सुरक्षित रखने पर काम करेगी। वाधवानी ग्रुप: युवाओं और सरकारी अधिकािरयों को आधुनिक एआई तकनीक, कोडिंग और डिजिटल िस्कल्स की ट्रेनिंग देगा।ईज माई ट्रिप प्लानर्स: पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार की पार्टनर बनी है। यह झारखंड के माइनिंग टूरिज्म और सांस्कृतिक धरोहरों की ब्रांडिंग करेगी।वरुण बेवरेजेस: 409 करोड़ की लागत से नया बॉटलिंग और मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाएगी। इससे स्थानीय स्तर पर सप्लाई चेन व रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। आदिवासी समाज को मुख्य धारा से जोड़ें...मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की आत्मा आदिवासी समाज में बसती है। जियाडा के नियमों में आदिवासियों के लिए 25 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। इसे बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने की संभावनाओं पर विचार करें, ताकि आदिवासी समुदाय भी औद्योगिक विकास की मुख्यधारा से जुड़ सके।
भारी गिरावट से उबरा बाजार, सेंसेक्स 238 अंक चढ़कर बंद; निफ्टी 24,000 के करीब
पिछले दिन की भारी गिरावट से उबरते हुए भारतीय शेयर बाजार गुरुवार के सत्र में बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुआ
छत्तीसगढ़ में निवेश और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए राज्य मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (विनियमन-मुक्ति एवं सुविधा) विधेयक-2026 के प्रारूप को मंजूरी दे दी है। इस विधेयक का उद्देश्य व्यापार और उद्योग शुरू करने की प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी, डिजिटल और समयबद्ध बनाना है। सरकार का दावा है कि ऐसा कानून लागू करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य होगा। विधेयक लागू होने के बाद निवेशकों को सरकारी प्रक्रियाओं में होने वाली अनावश्यक देरी और जटिलताओं से राहत मिलेगी। इसमें डीम्ड परमिशन (Deemed Permission), स्व-प्रमाणीकरण (Self-certification), तृतीय-पक्ष सत्यापन (Third-party Verification), जोखिम-आधारित निरीक्षण (Risk-based Inspection) और दोहरे लाइसेंस की अनिवार्यता समाप्त करने जैसे अहम प्रावधान शामिल किए गए हैं। सरकार का कहना है कि इन सुधारों से राज्य में कारोबार करना आसान होगा, निवेश बढ़ेगा, उद्योगों को गति मिलेगी और बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
छत्तीसगढ़ में 2 अलग-अलग ठगी के मामले सामने आए हैं। भिलाई में शेयर ट्रेडिंग और गोल्ड ETF में निवेश के नाम पर प्रदेश के 1500 लोगों से करीब 1000 करोड़ रुपए की ठगी का आरोप है। कंपनी ने लोगों को हर महीने 10% प्रॉफिट और रकम डबल करने का झांसा दिया था। शुरू के कुछ महीने में मुनाफा दिया गया, लेकिन पिछले 10 महीनों से रुपए मिलने बंद हो गए। तब जाकर लोगों को ठगी का एहसास हुआ। बुधवार को मुख्य आरोपी योगेश साहू किसी दूसरे मामले में कोर्ट पहुंचा था। निवेशकों ने योगेश साहू को कोर्ट परिसर से पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। योगेश पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) और एरिना कैपिटल का संचालक है। इस मामले में सुपेला पुलिस ने योगेश के सहयोगी मेघा साहू, गोविंद साहू, राजेंद्र साहू, पद्मा साहू, लोमश साहू, ज्ञानप्रकाश साहू और उसके साथियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। शदाब सिद्दीकी से 1.61 करोड़, इन्द्रेश कुमार बांगरे से 1.12 करोड़ रुपए, विद्यानंद चंद्र दत्ता और अंकित दत्ता से 23 लाख, अरुण कुमार और प्रज्ञा दुबे ने 63 लाख रुपए निवेश किए थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना सुपेला थाना क्षेत्र की है। वहीं, दूसरा मामला कोंडागांव जिले का है जहां 43 शिक्षकों से करीब 12 करोड़ रुपए की ठगी हुई है। केशकाल पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी कम समय में पर्सनल लोन दिलाते थे और कुल राशि का केवल 40 प्रतिशत हिस्सा ही देते थे। शेष 60 प्रतिशत रकम अपने बैंक खातों में ट्रांसफर करा लेते थे। केस 1 - रकम दोगुनी करने का झांसा देकर ठगी पहला मामला दुर्ग जिले के भिलाई का है। शिकायतकर्ता और रिटायर्ड बीएसपी कर्मचारी राजू नामदेव ने सुपेला थाना प्रभारी को बताया कि, कंपनी के लोगों को निवेश पर हर महीने 10 प्रतिशत तक मुनाफा और रकम दोगुनी करने का झांसा दिया। आरोपियों का ऑफिस स्मृति नगर, सुपेला में बताया गया है। राजू नामदेव के मुताबिक, साल 2025 में उनकी मुलाकात योगेश साहू और राजेंद्र साहू से हुई थी। दोनों ने शेयर ट्रेडिंग और निवेश का ऐसा प्लान बताया, जिसमें कम समय में रकम दोगुनी होने का दावा किया गया। भरोसा दिलाने के लिए कई निवेशकों के मुनाफे के स्टेटमेंट भी दिखाए गए। उन्होंने 21 मार्च 2025 को अपने बैंक खाते से 15 लाख रुपए योग अकाउंटिंग एंड फाइनेंशियल सर्विस के खाते में ट्रांसफर कर दिए। शुरुआत में कुछ समय तक सब कुछ सामान्य रखा गया, लेकिन पिछले 9 से 10 महीने से न तो मुनाफा मिला और न ही मूल रकम वापस की गई। कई बार फोन करने और ऑफिस जाने के बाद भी सिर्फ आश्वासन मिलता रहा। इन लोगों से भी ठगी हुई शिकायत में यह भी कहा गया है कि, सिर्फ राजू नामदेव ही नहीं, बल्कि कई लोगों से भी बड़ी रकम ली गई। आरोप है कि शदाब सिद्दीकी से 1.61 करोड़ रुपए, इन्द्रेश कुमार बांगरे से 1.12 करोड़ रुपए, विद्यानंद चंद्र दत्ता, अंकित दत्ता से 23 लाख रुपए, अरुण कुमार और प्रज्ञा दुबे से 63 लाख रुपए निवेश के नाम पर लिए गए। इनके अलावा भी कई लोगों के साथ धोखाधड़ी की बात सामने आई है। अभी कई शिकायतकर्ता धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि जल्द ही प्रदेश भर में आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज हो सकती है। 2025 में आरोपी के खिलाफ दर्ज हुआ था मामला बताया जा रहा है कि मुख्य आरोपी आरोपी योगेश साहू के खिलाफ पहले से भी मामले दर्ज हैं। सुपेला और स्मृति नगर थाने में उसके खिलाफ पहले केस दर्ज हो चुके हैं। दोनों मामलों में उसे जमानत मिल चुकी है। बुधवार को वह अपने वकील के साथ कोर्ट पहुंचा था। इसकी जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में निवेशक कोर्ट पहुंच गए और उसे पकड़कर पहले कोतवाली थाने ले गए। बाद में मामला सुपेला थाना क्षेत्र का होने के कारण उसे सुपेला पुलिस के हवाले कर दिया गया। शिकायतकर्ताओं ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने, सभी निवेशकों की रकम वापस दिलाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। दूसरे शिकायकर्ता ने कहा- ‘मेरा भी डेढ़ करोड़ का नुकसान’ इसी मामले में शिकायतकर्ता विवेक सिंह ने भी पुलिस अधीक्षक को अलग से शिकायत दी है। उन्होंने बताया कि, उनकी मुलाकात आरोपी पक्ष के लोगों से एक रेस्टोरेंट में हुई थी। वहां उन्हें गोल्ड ETF और शेयर ट्रेडिंग में निवेश का प्लान बताया गया। दावा किया गया कि हर महीने 10 प्रतिशत तक लाभ मिलेगा और कुछ समय में रकम दोगुनी हो जाएगी। उन्होंने और उनके पिता ने अलग-अलग समय पर करीब 46 लाख रुपए निवेश किए। विवेक सिंह का दावा है कि उन्होंने खुद करीब 74 लाख रुपए ट्रांसफर किए हैं। परिचितों के जरिए उनका कुल निवेश करीब डेढ़ करोड़ रुपए तक पहुंच गया। उनका कहना है कि सिर्फ उनके ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में लोगों के पैसे फंसे हुए हैं। पूरे प्रदेश में लोग हुए हैं शिकार शिकायकर्ता विवेक सिंह का दावा है कि, पूरे छत्तीसगढ़ में 1000 से 1500 लोग इस निवेश योजना का शिकार हुए हैं। ठगी की रकम 1000 करोड़ रुपए से ज्यादा हो सकती है। उनका कहना है कि पुलिस यदि गंभीरता से जांच करे तो पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि 4 महीने पहले शिकायत देने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। बुधवार को जब पता चला कि आरोपी कोर्ट आया है तो निवेशकों ने उसे खुद पकड़ लिया। विवेक ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी के परिजनों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी और गाली-गलौज की। उन्होंने इस संबंध में भी पुलिस को आवेदन देने की बात कही है। पुलिस ने शुरू की जांच फिलहाल, सुपेला पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब निवेश से जुड़े दस्तावेज, बैंक खातों के लेन-देन और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि, इस मामले में कितने लोग प्रभावित हुए हैं और कुल कितनी रकम का निवेश कराया गया। केस 2 - 43 शिक्षकों से ठगी कोंडागांव जिले के 43 शिक्षकों से करीब 12 करोड़ की ठगी हुई है। 5 आरोपियों ने पीड़ितों को भरोसे में लेकर उनके नाम पर बैंक लोन निकलवाए और लोन की 60 प्रतिशत रकम अपने बैंक खातों में ट्रांसफर कराई। आरोपियों ने ये भी भरोसा दिलाया कि 2-3 सालों में पूरा लोन, एचआरए सहित चुका दिया जाएगा। इससे शिक्षक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर देते थे। बाद में आरोपी पैसे लेकर फरार हो जाते थे और पूरी ईएमआई का बोझ शिक्षकों पर आ जाता था। 3 महीने की जांच के बाद केशकाल पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा किया है। ………………….. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… 43 शिक्षकों से 10-12 करोड़ की ठगी का खुलासा: बैंकिंग सिस्टम की खामी का फायदा उठाकर उठाए कई लोन, जांच के बाद 5 आरोपी गिरफ्तार कम समय में अधिक पैसा कमाने और एक साथ कई बैंकों से पर्सनल लोन दिलाने का झांसा देकर शिक्षकों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक अंतरजिला संगठित गिरोह का कोंडागांव पुलिस ने पर्दाफाश किया है। करीब तीन महीने तक चली तकनीकी और वित्तीय जांच के बाद फरसगांव और केशकाल पुलिस ने पांच आरोपियों को अंबिकापुर, जशपुर और सारंगढ़ से गिरफ्तार किया है। पढ़ें पूरी खबर…
यमुनानगर में क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर लाखों रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। गांधी नगर थाना पुलिस ने आर्थिक अपराध शाखा की प्रारंभिक जांच और एसपी की अनुमति के बाद तीन आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक साजिश रचने के आरोप में केस दर्ज किया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपियों ने एक्लेट कॉइन, बिटॉक्स और एक्लेट वर्ल्डके नाम पर हर महीने 5 से 6 प्रतिशत रिटर्न और 22 महीने में रकम दोगुनी करने का लालच देकर उससे और उसके परिवार से करीब 8.96 लाख रुपए निवेश कराए। बाद में केवल 90 हजार रुपए लौटाए गए, जबकि 8.05 लाख रुपए हड़प लिए गए। गुजरात में प्लॉट दिलाने का लालच शिकायतकर्ता कंवर साहिब निवासी त्यागी गार्डन ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह निर्मल और सुखदास को पहले से जानता था। इन्हीं के माध्यम से उसकी पहचान अंबाला निवासी अभिषेक गोयल और प्रदीप राणा से हुई। दोनों ने उसे एक्लेट कॉइन, बिटॉक्स और एक्लेट वर्ल्डके नाम की क्रिप्टो करेंसी स्कीम के बारे में बताया। आरोपियों ने दावा किया कि इस योजना में निवेश करने पर हर महीने 5 से 6 प्रतिशत रिटर्न मिलेगा और 22 महीने में रकम दोगुनी हो जाएगी। इसके अलावा अधिक निवेश करने पर परिवार सहित थाईलैंड का मुफ्त टूर और धोलेरा स्मार्ट सिटी (गुजरात) में प्लॉट दिलाने का भी लालच दिया गया। चेक की वैधता हुई समाप्त शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपियों की बातों पर भरोसा कर उसने मई से अक्टूबर 2023 के बीच अलग-अलग तारीखों में बैंक खातों और नकद के माध्यम से कुल 8 लाख 95 हजार 900 रुपए निवेश किए। शुरुआत में भरोसा बनाए रखने के लिए आरोपियों ने उसके खाते में 90 हजार रुपए वापस भेजे, लेकिन इसके बाद कोई रकम नहीं लौटाई। जब उसने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने 8 लाख रुपए और 3.66 लाख रुपए के पोस्ट डेटेड चेक दिए। बाद में कहा कि चेक बैंक में जमा न करें, वे सीधे खाते में पैसे ट्रांसफर कर देंगे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनके भरोसे में आकर उसने चेक बैंक में जमा नहीं किए और इस दौरान चेक की वैधता समाप्त हो गई। इसके बाद आरोपियों ने पैसे लौटाने से साफ इनकार कर दिया। अन्य लोगों से भी लाखों की ठगी का आरोप शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि आरोपियों ने कई अन्य लोगों से भी लाखों रुपए की ठगी की है। इनमें चुहड़पुर कलां निवासी मोहन लाल से 18 लाख रुपए, प्रताप नगर निवासी नवीन कुमार से 20.70 लाख रुपए, गुमथला राव निवासी अनिल कुमार से 3.84 लाख रुपए और भम्भौली निवासी सुशील कुमार से 3.35 लाख रुपए लेने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में उल्लेख किया गया है कि आरोपियों के खिलाफ साढौरा थाना में वर्ष 2025 में भी कथित क्रिप्टो धोखाधड़ी से जुड़ा मामला दर्ज है। गांधी नगर थाना प्रभारी जगबीर सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर अभिषेक गोयल निवासी महेश नगर अंबाला, प्रदीप राणा अंबाला और निर्मल निवासी अंबली अंबाला के खिलाफ केस दर्ज किया है।
मिश्रित वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गुरुवार को हल्की तेजी के साथ हुई। सुबह 9:20 पर सेंसेक्स 336 अंक या 0.42 प्रतिशत की तेजी के साथ 76,822 और निफ्टी 112 अंक या 0.47 प्रतिशत की मजबूती के साथ 23,994.35 पर था।
बस्तर फाइटर्स भर्ती संशोधन को हरी झंडी मिल गई है। ये फैसला मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक लिया गया। बैठक में छत्तीसगढ़ के विकास, निवेश और प्रशासनिक सुधारों को गति देने के लिए कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसमें उद्योगों, आम जनता और किरायेदारों से जुड़े कानूनों को सरल और समकालीन बनाने के लिए कई अहम संशोधन भी शामिल हैं। इसके तहत राज्य में देश का पहला ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ विधेयक लागू होने जा रहा है, जिसमें छोटे पर्यावरणीय उल्लंघनों पर जेल का प्रावधान समाप्त कर केवल जुर्माने का नियम बनाया गया है। अन्य महत्वपूर्ण फैसले नवा रायपुर के लिए ओटीएस योजना: नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) के आबंटित भूखंडों व निर्मित परिसरों के बकाया ब्याज और अधिभार में राहत देने के लिए ‘वन टाइम सेटलमेंट योजना-2026’ को मंजूरी दी गई है। इससे इच्छुक न होने वाले आबंटिती समय पर भूमि सरेंडर कर सकेंगे। प्राइवेट यूनिवर्सिटी के लिए ‘रक्षित निधि’: छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) संशोधन विधेयक को मंजूरी दी गई है। अब इसमें ‘विन्यास निधि’ के स्थान पर ‘रक्षित निधि’ का प्रावधान होगा, जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर, लाइब्रेरी और अन्य सुविधाएं यूजीसी मानकों के अनुरूप करना अनिवार्य होगा।
बिलासपुर में शेयर बाजार और डीमैट अकाउंट से जुड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि दो लोगों के डिमैट खातों से 44 लाख 35 हजार 855 रुपए की हेराफेरी की गई। बताया जा रहा है कि बिना अनुमति खातों में ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर बदलकर शेयर और म्यूचुअल फंड ट्रांसफर कर दिए गए। इस मामले की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पूरा मामला तारबाहर थाना क्षेत्र का है। पुलिस के मुताबिक, क्रांति नगर के 47 वर्षीय रत्नेश दुबे ने तारबाहर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता, शकुंतला दुबे और रमेश प्रसाद दुबे के नाम से बिलासपुर के नारायण प्लाजा स्थित एसएमसी ग्लोबल सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड में दो डीमैट खाते थे। इनमें एक खाता दोनों के संयुक्त नाम से और दूसरा सिर्फ उनकी माता के नाम पर था। कंपनी ने नहीं दी खाते की जानकारी शिकायत के अनुसार, अज्ञात लोगों ने डिमैट खातों से जुड़े ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर बदल दिए। इसके बाद उन्होंने खातों पर कब्जा कर लिया और खाताधारकों की जानकारी या अनुमति के बिना कई लेन-देन कर दिए। रत्नेश दुबे का कहना है कि उन्हें इस धोखाधड़ी की जानकारी काफी देर से मिली। जब उन्होंने कंपनी से संपर्क किया तो उन्हें खातों की पूरी जानकारी नहीं दी गई। कंपनी ने एक बैंक खाते में शून्य बैलेंस होने की जानकारी दी, जबकि दूसरे खाते की कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई। 44 लाख रुपए से अधिक के निवेश में गड़बड़ी का आरोप शिकायत में बताया गया है कि 5 दिसंबर 2023 को करीब 31.25 लाख रुपए के शेयर और कुल 44.35 लाख रुपए के शेयर व म्यूचुअल फंड एसएमसी ग्लोबल सिक्योरिटीज में ट्रांसफर कर दिए गए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस ट्रांसफर की जानकारी परिवार को नहीं दी गई और न ही उनसे कोई अनुमति ली गई। पहले कंपनी को दी गई थी सूचना शिकायतकर्ता ने बताया कि धोखाधड़ी का पता चलने के बाद उन्होंने बिलासपुर स्थित एसएमसी कार्यालय और रायपुर के अधिकारियों से संपर्क किया। उन्होंने 26 जनवरी को कंपनी की आधिकारिक ई-मेल पर पूरे मामले की शिकायत भी भेजी, लेकिन कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। कर्मचारियों के मिलीभगत होने की आशंका शिकायतकर्ता ने आवेदन में यह भी आशंका जताई है कि इतनी बड़ी वित्तीय अनियमितता बिना अंदरूनी सहयोग के संभव नहीं है। इसलिए उन्होंने एसएमसी के कुछ कर्मचारियों की संभावित संलिप्तता की जांच कराने की मांग की है। तारबाहर पुलिस ने मामले में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दोपहर करीब 2:20 बजे तक बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1,784 अंक की गिरावट के साथ 76,396 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 50 सूचकांक 541 अंक टूटकर 23,900 के स्तर से नीचे पहुंच गया।
8 और 9 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में वैश्विक स्तर का हितधारक परामर्श कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दो दिवसीय कार्यक्रम में देशभर के उद्योगपति, विनिर्माण क्षेत्र के प्रतिनिधि, टेक्सटाइल विशेषज्ञ, निवेशक और अर्थशास्त्री भाग लेंगे। 9 जुलाई को आयोजित विशेष फीडबैक सत्र की अध्यक्षता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे। इस दौरान नीतियों पर विस्तृत चर्चा होगी और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ अपने सुझाव साझा करेंगे, जिससे नीति को और बेहतर बनाया जा सके। झारखंड को निवेश के लिए आकर्षक बनाया जाएदरअसल, झारखंड में औद्योगिक विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने दो महत्वपूर्ण नीतियों का ड्राफ्ट जारी किया है। उद्योग निदेशालय की ओर से झारखंड टेक्सटाइल, परिधान एवं फुटवियर नीति-2026 तथा झारखंड औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति 2026 का प्रारूप सार्वजनिक किया गया है। इन नीतियों के माध्यम से राज्य में निवेश के अवसरों को बढ़ाने और औद्योगिक ढांचे को मजबूत करने की योजना बनाई गई है। सरकार का लक्ष्य है कि बदलती वैश्विक और घरेलू औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप नीतियों को तैयार कर झारखंड को निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बनाया जाए। सिंगल विंडो पोर्टल पर उपलब्ध है ड्राफ्ट राज्य सरकार ने इन दोनों नीतियों पर उद्योग जगत, विशेषज्ञों, निवेशकों और आम नागरिकों से सुझाव एवं प्रतिक्रिया आमंत्रित की है। इसके लिए दोनों नीतियों का विस्तृत प्रारूप झारखंड सिंगल विंडो पोर्टल पर उपलब्ध कराया गया है। सरकार का मानना है कि व्यापक विचार-विमर्श और विभिन्न हितधारकों के सुझावों के आधार पर नीति को अंतिम रूप देने से यह अधिक व्यवहारिक और प्रभावी बन सकेगी। उद्योगपतियों की जरूरतों और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए नीति तैयार करने से राज्य में निवेश का माहौल बेहतर होगा और नए उद्योग स्थापित होने की संभावना बढ़ेगी। एमओयू पर हस्ताक्षर की संभावना सरकार को उम्मीद है कि इस परामर्श कार्यक्रम के दौरान कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। इससे राज्य में औद्योगिक निवेश और तकनीकी सहयोग को नई गति मिलेगी। साथ ही, रोजगार के नए अवसर सृजित होने की संभावना भी बढ़ेगी। सरकार का मानना है कि पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल नीतियों के जरिए झारखंड को एक प्रमुख औद्योगिक हब के रूप में विकसित किया जा सकता है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे। इन बड़ी कंपनियों के साथ होगी चर्चा बैठक में आईटी क्षेत्र की प्रमुख कंपनियां टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंफोसिस, विप्रो, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा, एलटीआई माइंडट्री, कॉग्निजेंट, एक्सेंचर, आईबीएम इंडिया और कैपजेमिनी इंडिया के प्रतिनिधि शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील, लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी), महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर, मारुति सुजुकी इंडिया, जेएसडब्ल्यू स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट और ग्रासिम इंडस्ट्रीज सहित कई प्रमुख औद्योगिक समूहों तथा विभिन्न उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। इन नीतियों पर भी निर्णय की है संभावना विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए उद्योग विभाग में यूरोपीय कंपनियों के लिए एक विशेष कोषांग (सेल) स्थापित करने की भी योजना है। इसके माध्यम से विदेशी निवेशकों को आवश्यक मार्गदर्शन, अनुमतियां और अन्य प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। नई नीतियों में खनन, आधारभूत संरचना, इस्पात, निर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा, ऑटोमोबाइल, खाद्य प्रसंस्करण और विनिर्माण क्षेत्र पर विशेष फोकस रहेगा। ईवी नीति में मिल सकती हैं नई रियायतें प्रस्तावित संशोधनों के तहत इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति में विनिर्माण इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए निवेश सब्सिडी को और आकर्षक बनाए जाने की संभावना है। मशीनरी, प्रदूषण नियंत्रण उपकरण और हरित ऊर्जा उपकरणों पर अतिरिक्त प्रोत्साहन देने के साथ भूमि आवंटन पर अधिकतम लीज प्रीमियम में छूट पर भी विचार किया जा रहा है। फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा फूड एंड फीड प्रोसेसिंग नीति में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए संशोधन किए जाने की संभावना है। विशेषकर जनजातीय विकास परियोजना क्षेत्रों में स्थापित होने वाली इकाइयों को प्लांट एवं मशीनरी, तकनीकी सिविल कार्यों और मेगा परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जा सकता है।
ऑनलाइन फ्रॉड करने वाले गिरोह की रफ्तार पुलिस की जांच से भी तेज हो चुकी है। पुलिस जब तक इनके किसी एक तरीके को डिकोड करती है, ये ठगी का नया तरीका लेकर आ जाते हैं। ताजा मामले में शातिरों ने महू आर्मी केंटोनमेंट बोर्ड के नाम पर इंदौर और आसपास के उद्योगपतियों को टारगेट करना शुरू किया है। हाल ही में एक महिला उद्योगपति ने सूझबूझ से खुद को बचा लिया, लेकिन केंट बोर्ड के गार्ड्स के मुताबिक केंट बोर्ड के नाम पर रोज 4 से 5 लोग ऐसे ही माल लेकर आ रहे हैं और ठगी का शिकार हो रहे हैं। भमोरी क्षेत्र की कारोबारी पिंकी श्रीवास्तव ने बताया एक महीने पहले उन्हें वाट्सएप पर महू केंट बोर्ड के नाम से 2 लाख 15 हजार 230 रुपए का एक पर्चेस ऑर्डर मिला। केंट बोर्ड का हूबहू दिखने वाला ऑफिशियल लेटरहेड होने के कारण उन्होंने इसे गंभीरता से लिया। वाट्सएप पर केंट बोर्ड का अफसर बनकर बात कर रहे ठग ने उनसे सिलीकॉन (पीएस) प्रोडक्ट की मांग की। 5 रुपए के ट्रांजेक्शन से खुल गई पोलपिंकी ने दिल्ली से स्पेशल माल मंगवाया और खुद लोडिंग वाहन लेकर महू केंट बोर्ड पहुंचीं। वहां पहुंचते ही ठगों ने फोन पर उनकी लोकेशन वॉच की और गेट से दूर एक सुनसान जगह पर बुला लिया। ठगों ने फोन पर कहा, हम एक बैंक खाता भेज रहे हैं, पहले वेरिफिकेशन के लिए इसमें 5 रुपए का ट्रांजेक्शन करो, फिर आपके माल का पूरा पेमेंट ट्रांसफर करेंगे। बिना माल चेक किए भुगतान करने और अनजान खाते में पैसे डालने की जिद पर पिंकी को शंका हुई। उन्होंने गेट पर तैनात सुरक्षा गार्ड से बात की तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। साइबर अपराधियों के नए हथकंडे, जिनमें उलझ रही जनता फर्जी ट्रेडिंग और निवेश एप: टेलीग्राम या वाट्सएप ग्रुप में जोड़कर शेयर बाजार या क्रिप्टो में 200 गुना मुनाफे का लालच देना। छोटा प्रॉफिट देकर बड़ी रकम हड़प लेना।APK फाइल से मोबाइल हैक: बैंक, कूरियर या बिजली बिल अपडेट के नाम पर APK फाइल भेजना। इसे इंस्टॉल करते ही मोबाइल का पूरा एक्सेस ठगों के पास पहुंच जाता है।स्क्रीन शेयरिंग एप: एनीडेस्क जैसी रिमोट एक्सेस एप डाउनलोड कराकर सीधे बैंक खाते साफ करना।पार्ट-टाइम जॉब/टास्क फ्रॉड: ‘घर बैठे कमाई’ या ‘वीडियो लाइक कर पैसे कमाएं’ जैसे ऑफर देकर पहले छोटा भुगतान करना और फिर बड़े निवेश के नाम पर ठगी करना।वाट्सएप ‘बॉस’ स्कैम: कंपनी के मालिक या बड़े अफसर की डीपी लगाकर अकाउंटेंट को तत्काल फर्जी खाते में भुगतान का दबाव बनाना।फर्जी कस्टमर केयर व ई-मेल स्पूफिंग: गूगल सर्च पर नकली हेल्पलाइन नंबर डालना। बड़ी कंपनियों और लॉजिस्टिक व्यापारियों को हूबहू दिखने वाली फर्जी ई-मेल आईडी (स्पूफिंग) से टारगेट करना।क्यूआर कोड स्कैम: पैसे आपके खाते में आएंगे... कहकर क्यूआर कोड स्कैन कराना, जबकि स्कैन करते ही पीड़ित के खाते से पैसे कट जाते हैं।केवायसी/बैंक अपडेट पैनिक: “आज ही केवायसी अपडेट न होने पर खाता बंद हो जाएगा” का डर दिखाकर मालवेयर लिंक पर क्लिक कराना और सिस्टम हैक करना।म्यूल अकाउंट: ठगी की रकम को तुरंत छुपाने के लिए दूसरों के बैंक खाते किराए पर लेना। एक ही रकम को अलग-अलग खातों में घुमाकर जांच को उलझाना। अलग-अलग कारोबारियों को अलग-अलग पर्चेस ऑर्डरजो मामले सामने आए हैं, उनमें ठगों ने अलग-अलग कारोबारियों को अलग-अलग पर्चेस ऑर्डर भेजकर ठगी का प्रयास किया है। आर्मी स्कूल के नाम पर स्टेशनरी, आर्मी हॉस्पिटल के नाम पर भी खरीदी के ऑर्डर भेजने के मामले सामने आए हैं। ताजा मामले में जिस सिलीकॉन प्रॉडक्ट की बात कही जा रही, उसका उपयोग संभवत: मिलिट्री बैरक और क्वार्टर्स की वाटरप्रूफिंग, सड़कों और ब्रिजेज के जॉइंट्स और आर्मी अस्पतालों और लैब्स की सीलिंग में हो सकता है। कई उद्योगपतियों से हुई है ठगीसाइबर ठगों ने केंटोनमेंट बोर्ड के नाम से फर्जी दस्तावेज, पर्चेस ऑर्डर व अन्य तरीके से कई उद्योगपतियों से धोखाधड़ी के प्रयास किए हैं। कुछ कारोबारियों से ठगी हो भी चुकी है। इसे लेकर हमने इंदौर पुलिस कमिश्नर, ग्रामीण एसपी और साइबर सेल एसपी के कार्यालयों में पत्राचार व ई-मेल भी किए हैं। - सतीश अग्रवाल, ऑफिस सुपरिंटेंडेंट, केंटोनमेंट बोर्ड
एक दिन में सबसे ज्यादा एसएमई आईपीओ की हुई लिस्टिंग
मुंबई, भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार का कारोबारी सत्र ऐतिहासिक रहा। इस दौरान कुल 6 स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइज (एसएमई) कंपनियों की लिस्टिंग हुई, जो कि 2026 में एसएमई आईपीओ लिस्टिंग का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।
गुरुग्राम पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने निवेश के नाम पर करोड़ों की साइबर ठगी से जुड़े मामले में कार्रवाई की है। पुलिस ने बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान महाराष्ट्र के उल्हासनगर, जिला ठाणे निवासी चेतन सूर्यकांत जगताप के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, 6 अगस्त 2025 को थाना साइबर क्राइम में एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि आईपीओ और शेयरों में निवेश कर मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर उससे करीब 33 लाख 55 हजार रुपए की ठगी की गई। इस शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंकिंग ट्रांजैक्शन की गहन पड़ताल की। इसके बाद आरोपी चेतन सूर्यकांत जगताप को 6 जुलाई को मुंबई से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर गिरफ्तार किया गया। जिस खाते में रकम गई, वह चेतन का था पुलिस जांच में सामने आया कि शिकायतकर्ता से ठगी गई रकम में से 25 लाख 70 हजार रुपए जिस बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे, वह खाता आरोपी चेतन के नाम पर था। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसने अपना बैंक खाता 4 प्रतिशत कमीशन के बदले दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए दे दिया था। इसी खाते का उपयोग साइबर ठगी की रकम को ट्रांसफर करने में किया गया। पुलिस नेटवर्क का पता लगा रही फिलहाल गुरुग्राम पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है ताकि इस साइबर ठगी गिरोह के अन्य सदस्यों और पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
मोदी के इंडोनेशिया दौरे से व्यापार-निवेश को नई उड़ान: इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स
जकार्ता/नई दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंडोनेशिया दौरे को लेकर वहां रह रहे भारतीय समुदाय और कारोबारी जगत में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।
निवेशकों को आकर्षित करने में सफल रहा अदाणी ग्रुप
अहमदाबाद, अदाणी ग्रुप वैश्विक संस्थागत निवेशकों और भारत के बड़े म्यूचुअल फंड्स को आकर्षित करने में सफल रहा है और यह ग्रुप को लेकर निवेशकों के सेंटीमेंट में स्पष्ट बदलाव को दिखाता है।
अंग्रेजी कैलेंडर का सातवां महीना यानी जुलाई 2026 कई लोगों के जीवन में खुशियों की नई सौगात लेकर आने वाला है। अंक ज्योतिष के अनुसार, यह महीना कई जातकों के लिए बेहद भाग्यशाली रहने वाला है। सिंगल लोगों के जीवन में किसी खास की एंट्री हो सकती है, तो वहीं लंबे समय से नौकरी में प्रमोशन का इंतजार कर रहे कामकाजी लोगों का इंतजार खत्म हो सकता है। व्यापार में भारी मुनाफे और आमदनी के नए स्रोत बढ़ने के भी मजबूत योग बन रहे हैं।जुलाई महीने का अपना सटीक भविष्यफल जानने के लिए आपको अपनी जन्मतिथि (Birthdate) को जोड़कर अपना मूलांक निकालना होगा। उदाहरण के लिए, यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो अंकों को जोड़ने पर आपका मूलांक 1 (जैसे: 2+8=10, 1+0=1) होगा। आइए जानते हैं मूलांक 1 से लेकर 9 तक के लिए जुलाई 2026 का पूरा अंक ज्योतिषफल।मूलांक 1 (यदि जन्म 1, 10, 19, 28 तारीख को हुआ हो)करिअर और नौकरी: जुलाई का महीना आपके लिए करियर के नए और सुनहरे अवसर लेकर आ सकता है। अगर आप नौकरी बदलने या प्रमोशन का इंतजार कर रहे हैं, तो महीने के उत्तरार्ध में कोई सकारात्मक खबर मिल सकती है। कार्यस्थल पर आपके नेतृत्व और सटीक निर्णय लेने की क्षमता की तारीफ होगी, लेकिन किसी भी बड़े फैसले को जल्दबाजी में लेने से बचें।व्यापार: कारोबारियों के लिए नए क्लाइंट्स और बड़े प्रोजेक्ट्स मिलने की प्रबल संभावना है। पुराने व्यापारिक संपर्कों से भी बड़ा मुनाफा हो सकता है। जो लोग पार्टनरशिप में बिजनेस कर रहे हैं, उन्हें कागजी कार्रवाई और लिखित समझौतों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।आर्थिक स्थिति: इस महीने आय के स्रोत काफी मजबूत रहेंगे, लेकिन इसके साथ ही खर्चों में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। यदि आप किसी नई जगह निवेश करने की सोच रहे हैं, तो बाजार की पूरी जानकारी जरूर जुटा लें। फालतू खर्चों पर लगाम लगाने से आपकी बचत सुरक्षित रहेगी।प्रेम और वैवाहिक जीवन: लव लाइफ में आपसी विश्वास और तालमेल बढ़ेंगे। यदि पार्टनर के साथ किसी बात को लेकर अनबन चल रही थी, तो बातचीत के जरिए उसका समाधान निकल जाएगा। शादीशुदा जातकों को अपने जीवनसाथी की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।पारिवारिक जीवन: परिवार में किसी मांगलिक या शुभ कार्य का आयोजन हो सकता है। माता-पिता का पूरा सहयोग मिलेगा, जिससे घर का माहौल शांतिपूर्ण और सुखद बना रहेगा।स्वास्थ्य: अधिक भागदौड़ के कारण थकान, सिरदर्द या अनिद्रा (नींद की कमी) जैसी परेशानियाँ हो सकती हैं। शरीर को पर्याप्त आराम दें और अपनी दिनचर्या अनुशासित रखें।शुभ रंग व दिन: सुनहरा और नारंगी रंग आपके लिए भाग्यशाली रहेगा। शुभ दिनों में रविवार और सोमवार शामिल हैं।मूलांक 2 (यदि जन्म 2, 11, 20, 29 तारीख को हुआ हो)करियर और नौकरी: यह महीना आपको कार्यस्थल पर धैर्य और समझदारी के साथ आगे बढ़ने की सलाह देता है। ऑफिस में सहकर्मियों के साथ टीमवर्क में काम करने से आपको बेहतरीन नतीजे मिलेंगे। सीनियर्स और बॉस के साथ अपने संबंध मधुर बनाए रखें, इससे आपको भविष्य में लाभ होगा।व्यापार: यदि आप किसी नए बिजनेस को शुरू करने का मन बना रहे हैं, तो जमीन स्तर पर बाजार का अच्छी तरह अध्ययन कर लें। पुराने और भरोसेमंद ग्राहकों के सहयोग से आपका मौजूदा कारोबार सुचारू रूप से चलता रहेगा।आर्थिक स्थिति: जुलाई के महीने में आपकी आमदनी सामान्य बनी रहेगी, लेकिन घरेलू सुख-सुविधाओं पर खर्च बढ़ सकता है। किसी करीबी मित्र या रिश्तेदार को बड़ा कर्ज या पैसा उधार देने से पहले अच्छी तरह सोच-विचार कर लें।प्रेम और वैवाहिक जीवन: भावनात्मक दृष्टिकोण से यह समय काफी अच्छा रहने वाला है। रिश्तों में मजबूती आएगी और आपसी भरोसा बढ़ेगा। अविवाहित जातकों के जीवन में किसी नए रिश्ते की शुरुआत हो सकती है।पारिवारिक जीवन: घर-परिवार के किसी बड़े सदस्य या काम की जिम्मेदारी अचानक आपके कंधों पर आ सकती है। शांति और ठंडे दिमाग से काम लेने पर आप सभी पारिवारिक जिम्मेदारियों को आसानी से निभा सकेंगे।स्वास्थ्य: मानसिक तनाव और बेवजह की चिंता से बचने की कोशिश करें। मानसिक शांति के लिए योग और ध्यान (Meditation) को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।शुभ रंग व दिन: सफेद और क्रीम रंग आपके लिए उत्तम हैं। शुभ दिनों में सोमवार और शुक्रवार का सहयोग मिलेगा।मूलांक 3 (यदि जन्म 3, 12, 21, 30 तारीख को हुआ हो)करियर और नौकरी: शिक्षा, मीडिया, मार्केटिंग, राइटिंग, कला और क्रिएटिव फील्ड से जुड़े लोगों के लिए यह महीना बेहद शानदार रहने वाला है। आपको अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए नए मंच मिलेंगे। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे छात्रों या इंटरव्यू दे रहे जातकों को सफलता मिलने की पूरी उम्मीद है।व्यापार: बिजनेस के विस्तार (Expansion) की आपकी योजनाएं अब रफ्तार पकड़ेंगी। कारोबार को बढ़ाने के लिए बनाई गई नई मार्केटिंग स्ट्रेटेजी इस महीने आपको बड़ा मुनाफा कमा कर दे सकती है।आर्थिक स्थिति: आपको इस महीने एक्स्ट्रा इनकम (अतिरिक्त आय) के बेहतरीन मौके हाथ लग सकते हैं। हालांकि, शेयर बाजार या किसी भी तरह के जोखिम भरे निवेश से आपको पूरी तरह दूरी बनाकर रखनी चाहिए।प्रेम और वैवाहिक जीवन: प्रेम संबंधों में मधुरता घुलेगी और जीवनसाथी हर मोड़ पर सहयोग करेगा। यदि जीवनसाथी के साथ कोई पुराना मनमुटाव चल रहा था, तो वह इस महीने पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।पारिवारिक जीवन: परिवार के सदस्यों के साथ किसी धार्मिक यात्रा या पिकनिक पर जाने का प्लान बन सकता है, जिससे आपसी तालमेल और मजबूत होगा।स्वास्थ्य: पेट और पाचन से जुड़ी दिक्कतों से बचने के लिए बाहर के खाने-पीने से परहेज करें। संतुलित और सात्विक आहार लें।शुभ रंग व दिन: पीला और हल्का नारंगी रंग शुभ फल देगा। दिनों में गुरुवार और रविवार आपके लिए अनुकूल रहेंगे।मूलांक 4 (यदि जन्म 4, 13, 22, 31 तारीख को हुआ हो)करिअर और नौकरी: आपकी पुरानी कड़ी मेहनत का मीठा फल अब आपको मिलने वाला है। लंबे समय से अटके हुए ऑफिशियल काम इस महीने पूरे हो जाएंगे। ऑफिस में आपका अनुशासन और समय की पाबंदी सीनियर्स को प्रभावित करेंगी।व्यापार: बिजनेस में स्थिरता (Stability) बनी रहेगी, जिससे आपका मानसिक तनाव कम होगा। पुराने ग्राहकों का आपके प्रति भरोसा और बढ़ेगा। हालांकि, किसी भी नए बड़े निवेश में हाथ डालने से पहले सावधानी बरतें।आर्थिक स्थिति: पैसों के मामले में आपकी स्थिति पहले के मुकाबले काफी मजबूत होगी। इसके बावजूद किसी भी तरह के बड़े और गैर-जरूरी खर्चों को फिलहाल के लिए टाल देना ही समझदारी होगी।प्रेम और वैवाहिक जीवन: रिश्तों में अपनी जिद और गुस्से को आड़े न आने दें। पार्टनर के साथ किसी भी विवाद को शांत मन से बैठकर बातचीत के जरिए सुलझाने का प्रयास करें।पारिवारिक जीवन: घर के किसी बेहद महत्वपूर्ण निर्णय या पारिवारिक मसले में आपकी राय को विशेष महत्व दिया जाएगा, जिससे परिवार में आपका सम्मान बढ़ेगा।स्वास्थ्य: पीठ दर्द, कमर दर्द या जोड़ों में खिंचाव की समस्या आपको थोड़ा परेशान कर सकती है। डॉक्टर की सलाह लें और हल्के व्यायाम को अपने रूटीन में शामिल करें।शुभ रंग व दिन: नीला और ग्रे (स्लेटी) रंग आपके लिए सकारात्मक रहेगा। शुभ दिनों में शनिवार और रविवार का साथ मिलेगा।मूलांक 5 (यदि जन्म 5, 14, 23 तारीख को हुआ हो)करिअर और नौकरी: जुलाई का यह महीना आपकी प्रोफेशनल लाइफ में बड़े और सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है। आप किसी दूसरी जगह ट्रांसफर हो सकते हैं या ऑफिस में कोई बड़ी नई जिम्मेदारी मिल सकती है। आपके बेहतरीन कम्युनिकेशन स्किल्स (संचार कौशल) की वजह से आपको वर्कप्लेस पर नई पहचान मिलेगी।व्यापार: व्यापारियों के लिए यह समय नए एग्रीमेंट्स और बड़े ऑर्डर्स मिलने का है। जो लोग ऑनलाइन बिजनेस, डिजिटल मार्केटिंग या ई-कॉमर्स से जुड़े हैं, उन्हें इस महीने बंपर मुनाफा होने के आसार हैं।आर्थिक स्थिति: आर्थिक मोर्चे पर यह महीना आपके लिए भाग्यशाली रहेगा। लंबे समय से फंसा हुआ या रुका हुआ धन अचानक वापस मिल सकता है। कम समय में ज्यादा मुनाफे के चक्कर में आकर किसी भी सट्टेबाजी या जोखिम भरे काम में पैसा न लगाएं।प्रेम और वैवाहिक जीवन: लव लाइफ में रोमांस और नया उत्साह देखने को मिलेंगे। जो लोग सिंगल हैं, उनकी मुलाकात सोशल मीडिया या किसी इवेंट के दौरान किसी बेहद खास व्यक्ति से हो सकती है।पारिवारिक जीवन: घर में हंसी-खुशी का माहौल बना रहेगा। भाई-बहनों का पूरा सहयोग मिलेगा और परिवार के साथ किसी छोटी दूरी की यात्रा पर जाने के योग बन रहे हैं।स्वास्थ्य: काम की अधिकता के कारण भागदौड़ ज्यादा रहेगी, इसलिए शरीर को पर्याप्त आराम दें और समय पर पौष्टिक भोजन करना न भूलें।शुभ रंग व दिन: हरा रंग आपके लिए सबसे ज्यादा लकी साबित होगा। दिनों में बुधवार और शुक्रवार आपके लिए शुभ हैं।मूलांक 6 (यदि जन्म 6, 15, 24 तारीख को हुआ हो)करिअर और नौकरी: जुलाई का महीना आपके करियर में संतुलन और निरंतर प्रगति लेकर आ रहा है। कार्यस्थल पर आपकी मेहनत और मिलनसार व्यवहार की हर कोई तारीफ करेगा। यदि आप सैलरी हाइक (वेतन वृद्धि) या प्रमोशन की उम्मीद कर रहे हैं, तो महीने के आखिरी हफ्ते में कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है।व्यापार: बाजार में आपकी साख बढ़ेगी जिससे पुराने ग्राहकों का भरोसा मजबूत होगा। जो जातक फैशन, कॉस्मेटिक्स, होटल, इंटीरियर डिजाइनिंग, कला या लक्जरी आइटम्स के बिजनेस में हैं, उन्हें बड़े ऑर्डर्स मिलने की पूरी उम्मीद है। पार्टनरशिप में पारदर्शिता रखें।आर्थिक स्थिति: इस महीने आपकी आमदनी बढ़ने के साथ-साथ खर्चों का ग्राफ भी ऊपर जा सकता है। आप नया वाहन, घर या परिवार की सुख-सुविधाओं पर पैसा खर्च कर सकते हैं। एक सटीक बजट बनाकर चलेंगे तो कोई दिक्कत नहीं होगी।प्रेम और वैवाहिक जीवन: प्रेम संबंधों में गहराई आएगी और पार्टनर के साथ भावनात्मक जुड़ाव बढ़ेगा। शादीशुदा लोगों के लिए जीवनसाथी के हर कदम पर साथ देना उनके हौसले को बढ़ाएगा। पुराने मनमुटाव दूर होंगे।पारिवारिक जीवन: घर में किसी मांगलिक प्रसंग या उत्सव की रूपरेखा बन सकती है। सप्ताहांत (Weekend) पर परिवार के साथ क्वालिटी टाइम बिताने से आपको मानसिक शांति मिलेगी।स्वास्थ्य: खान-पान में लापरवाही भारी पड़ सकती है। ज्यादा मीठा, तली-भुनी चीजें और जंक फूड से पूरी तरह से परहेज करें। जो लोग शुगर या बढ़ते वजन से परेशान हैं, वे विशेष सावधानी बरतें।शुभ रंग व दिन: गुलाबी और हल्का नीला रंग आपके लिए अनुकूल हैं। शुभ दिनों में शुक्रवार और सोमवार शामिल हैं।मूलांक 7 (यदि जन्म 7, 16, 25 तारीख को हुआ हो)करियर और नौकरी: यह महीना आपके लिए अपनी स्किल्स को अपग्रेड करने, कुछ नया सीखने और भविष्य के लिए बड़ी प्लानिंग करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। जो लोग आईटी (IT), एजुकेशन, रिसर्च, डेटा एनालिसिस और कंसल्टिंग के क्षेत्र में कार्यरत हैं, उनके लिए तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे। जोश में आकर नौकरी बदलने का फैसला न लें।व्यापार: कारोबारी इस महीने अपने बिजनेस के बेतहाशा विस्तार की बजाय अपने प्रोडक्ट्स या सर्विसेज की क्वालिटी (गुणवत्ता) को सुधारने पर ज्यादा फोकस करें। इस महीने बनाई गई नई बिजनेस स्ट्रेटेजी आपको भविष्य में बड़ा आर्थिक लाभ देगी।आर्थिक स्थिति: आर्थिक मामलों में महीना सामान्य रहेगा। जहां एक तरफ आकस्मिक धन लाभ के योग बन रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ अनचाहे और अचानक आने वाले खर्च आपका बजट बिगाड़ सकते हैं। निवेश करने से पहले किसी वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) की मदद लें।प्रेम और वैवाहिक जीवन: इस महीने आप स्वभाव से थोड़े अंतर्मुखी रह सकते हैं, जिससे आप अपनी भावनाएं पार्टनर के सामने खुलकर नहीं रख पाएंगे। इस वजह से साथी के मन में गलतफहमी पैदा हो सकती है। संवादहीनता से बचें और खुलकर बात करें।पारिवारिक जीवन: परिवार का पूरा सपोर्ट आपके साथ रहेगा, लेकिन काम के बढ़ते दबाव के बीच आप मानसिक शांति के लिए खुद के साथ अकेले में कुछ वक्त बिताने की जरूरत महसूस करेंगे।स्वास्थ्य: पर्याप्त नींद न लेना आपकी सेहत पर भारी पड़ सकता है। मानसिक तनाव और सिरदर्द से बचने के लिए योग, प्राणायाम और वॉक को अपने डेली रूटीन का हिस्सा बनाएं।शुभ रंग व दिन: बैंगनी और सफेद रंग आपके ओरा को मजबूत करेगा। दिनों में सोमवार और गुरुवार का साथ मिलेगा।मूलांक 8 (यदि जन्म 8, 17, 26 तारीख को हुआ हो)करियर और नौकरी: जुलाई का यह महीना कार्यस्थल पर आपके धैर्य और कठिन परिश्रम की परीक्षा ले सकता है, लेकिन घबराएं नहीं, यही मेहनत आपको महीने के अंत तक बड़ी सफलता दिलाएगी। ऑफिस में वर्कलोड और जिम्मेदारियाँ बढ़ सकती हैं। सरकारी, प्रशासनिक, बैंकिंग, लॉ या मैनेजमेंट से जुड़े लोगों को मान-सम्मान मिलेगा।व्यापार: किसी पुरानी प्रॉपर्टी, पूर्व में किए गए निवेश या लंबे समय से रुकी हुई बिजनेस डील्स से अचानक तगड़ा मुनाफा होने की उम्मीद है। हालांकि, किसी भी नए डील या सरकारी दस्तावेज पर बिना पढ़े और बिना सोचे-समझे हस्ताक्षर करने की भूल न करें।आर्थिक स्थिति: लंबे समय से अटका हुआ या डूबा हुआ पैसा वापस मिलने के योग हैं। हालांकि, भावनाओं में बहकर किसी अनजान स्कीम में भारी निवेश करने से बचें, अन्यथा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।प्रेम और वैवाहिक जीवन: काम की व्यस्तता के चलते आप अपने लाइफ पार्टनर को पर्याप्त समय नहीं दे पाएंगे, जिससे थोड़े शिकवे-शिकायतें बढ़ सकती हैं। प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ में बैलेंस बनाकर रखें, पुराने विवाद धीरे-धीरे सुलझ जाएंगे।पारिवारिक जीवन: घर के किसी वरिष्ठ या बुजुर्ग सदस्य की सलाह आपके किसी बड़े संकट को टालने में मददगार साबित होगी। पैतृक संपत्ति से जुड़ा कोई अहम फैसला इस महीने लिया जा सकता है।स्वास्थ्य: हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप), जोड़ों के दर्द या अत्यधिक शारीरिक थकान को सामान्य मानकर नजरअंदाज करने की गलती न करें। समय-समय पर डॉक्टर से चेकअप कराते रहें।शुभ रंग व दिन: गहरा नीला और काला रंग आपके लिए सुरक्षा कवच का काम करेगा। शुभ दिनों में शनिवार और शुक्रवार अनुकूल रहेंगे।मूलांक 9 (यदि जन्म 9, 18, 27 तारीख को हुआ हो)करिअर और नौकरी: जुलाई 2026 आपके लिए बड़ी उपलब्धियों और सफलताओं का महीना साबित होने वाला है। जो काम महीनों से अटके हुए थे, वे अब तेजी से पूरे होने लगेंगे। सेना, पुलिस, प्रशासन, मेडिकल, सोशल सर्विस और राजनीति से जुड़े जातकों को इस महीने कोई बड़ा पद या विशेष सफलता मिल सकती है।व्यापार: बिजनेस में विस्तार की जो योजनाएं ठंडे बस्ते में थीं, वे अब अमलीजामा पहनेंगी। बाजार में नए संपर्क और बड़े क्लाइंट्स आपके साथ जुड़ेंगे। कोर्ट-कचहरी या प्रतिद्वंदियों के साथ चल रहे पुराने विवाद सुलझने से आपके काम में तेजी आएगी।आर्थिक स्थिति: धन आगमन के बेहद खूबसूरत और मजबूत योग बन रहे हैं। बिजनेस में रुका हुआ पुराना पेमेंट क्लियर हो जाएगा, जिससे आपकी फाइनेंशियल कंडीशन काफी मजबूत होगी। फिर भी, बड़ा निवेश करने से पहले जोखिमों का आकलन जरूर कर लें।प्रेम और वैवाहिक जीवन: लव लाइफ और वैवाहिक जीवन में गजब का आपसी तालमेल और भावनात्मक मजबूती देखने को मिलेगी। हर मुश्किल परिस्थिति में पार्टनर ढाल बनकर आपके साथ खड़ा रहेगा। अविवाहितों के लिए विवाह के बेहतरीन प्रस्ताव आ सकते हैं।पारिवारिक जीवन: परिवार में किसी सदस्य की नौकरी या विवाह से जुड़ा कोई शुभ समाचार मिल सकता है। घर में किसी मांगलिक या धार्मिक कार्य की योजना बनेगी, जिससे पूरे घर का माहौल सकारात्मक और ऊर्जावान रहेगा।स्वास्थ्य: इस महीने आपकी शारीरिक ऊर्जा और इम्युनिटी बहुत अच्छी रहेंगी। हालांकि, आपको अपने अत्यधिक गुस्से और मानसिक उत्तेजना पर कंट्रोल रखना होगा, वरना ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। नियमित वर्कआउट करें।शुभ रंग व दिन: लाल और मैरून रंग आपके भाग्य में वृद्धि करेगा। शुभ दिनों में मंगलवार और रविवार आपके लिए सर्वश्रेष्ठ रहेंगे।
सीतारमण का बड़ा बयान: विदेशी निवेश बढ़ने के लिए सरकार की नयी तैयारी
नई दिल्ली, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि सरकार देश में अधिक विदेशी पूंजी आकर्षित करने के लिए आगे भी कई कदम उठाएगी और बॉन्ड मार्केट के लिए हाल में घोषित उपाय इस दिशा में सिर्फ शुरुआत हैं।
निवेश की दुनिया में अक्सर लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि आखिर में अपनी गाढ़ी कमाई से बमुश्किल की जाने वाली बचत का रुपया-पैसा कहाँ लगाएं, जहां पर वह डूबे नहीं, बल्कि सुरक्षित भी रहे। ऐसे में आप अपना रुपया-पैसा पीपीएफ (Public Provident Fund) में लगाएं या एमएफ (Mutual Fund) में। क्योंकि सच यह है कि दोनों का उद्देश्य अलग-अलग है और सही समय पर सही विकल्प चुनना ही आपके लिए अधिक महत्वपूर्ण है। इसलिए आइए आज आपको बताते हैं कि कब पीपीएफ में निवेश करें और कब एमएफ में। पहले हम बात करते हैं कि पीपीएफ (PPF) में निवेश कब न करें? आपके लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि Public Provident Fund (PPF) उन लोगों के लिए बेहतर है जो अपनी पूंजी की सुरक्षा चाहते हैं। साथ ही एक निश्चित और जोखिम-मुक्त रिटर्न पसंद करते हैं। इसके अलावा, टैक्स भी बचाना चाहते हैं। और तो और, 15 वर्ष या उससे अधिक की लंबी अवधि के लिए निवेश कर सकते हैं। चूंकि इसका महत्वपूर्ण फंडा यह है कि PPF में हर महीने की 5 तारीख से पहले पैसा जमा करने पर उस महीने का ब्याज भी मिलता है। इसलिए यदि आप मासिक निवेश करते हैं तो 1 से 5 तारीख के बीच जमा करना अधिक फायदेमंद माना जाता है। इसे भी पढ़ें: FIR कराना हो जाएगा आसान, जब जानेंगे 2026 के कानून अब हम बात करते हैं कि Mutual Fund (MF) में कब निवेश करें? तो यह गांठ बांध लीजिए कि Mutual Fund उन निवेशकों के लिए बेहतर है जो महंगाई को मात देने वाला रिटर्न चाहते हैं। साथ ही लंबी अवधि (10-15 वर्ष या अधिक) के लिए निवेश कर सकते हैं। इसके अलावा, कुछ उतार-चढ़ाव (रिस्क) सहन कर सकते हैं। और तो और संपत्ति निर्माण (Wealth Creation) का लक्ष्य रखते हैं। चूंकि इसका महत्वपूर्ण फंडा यह है कि Mutual Fund में सही समय पकड़ने की बजाय SIP (Systematic Investment Plan) के जरिए नियमित निवेश करना अधिक प्रभावी माना जाता है। जो कि बाजार ऊपर हो या नीचे, SIP लागत को औसत कर देती है। सवाल है कि किसे चुनें? आपके निवेशक का लक्ष्य क्या है? आपके पास बेहतर विकल्प क्या है? आपकी पूंजी सुरक्षा कितनी है। चूंकि पीपीएफ से टैक्स बचत होती है, रिटायरमेंट के लिए सुरक्षित फंड रहता है और लंबी अवधि में अधिक रिटर्न रिटर्न मिलता है। जबकि म्युचुअल फंड धन सृजन (Wealth Creation) के लिए अच्छा है, बशर्ते कि आप संतुलित रणनीति अपनाएं। जहां तक PPF और Mutual Fund में सबसे असरदार रणनीति की बात है तो वित्तीय विशेषज्ञ अक्सर सलाह देते हैं कि निवेशक दोनों का संयोजन रखें। एक ओर सुरक्षा और टैक्स लाभ के लिए PPF अच्छा है तो संपत्ति निर्माण और महंगाई से आगे निकलने के लिए Equity Mutual Fund SIP बेहतर है। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई व्यक्ति हर महीने ₹10,000 निवेश करना चाहता है, तो वह ₹3,000–₹4,000 PPF में और शेष राशि अच्छे इक्विटी म्यूचुअल फंड की SIP में लगा सकता है। इससे सुरक्षा और वृद्धि दोनों का लाभ मिल सकता है। निष्कर्षतः यह कहा जा सकता है कि यदि आपका लक्ष्य पूंजी की सुरक्षा है तो PPF बेहतर है। और यदि आपका लक्ष्य लंबी अवधि में बड़ा धन बनाना है तो Mutual Fund अधिक उपयुक्त हो सकता है। वहीं, दोनों का संतुलित मिश्रण अधिकांश निवेशकों के लिए व्यावहारिक और प्रभावी रणनीति साबित हो सकता है। हाँ, यहां पर यह सदैव ध्यान रखें कि Mutual Fund बाजार जोखिमों के अधीन हैं, जबकि PPF अपेक्षाकृत सुरक्षित सरकारी योजना है। लिहाजा, निवेश का निर्णय अपनी आयु, लक्ष्य, जोखिम क्षमता और समयावधि को ध्यान में रखकर करें। - कमलेश पांडेय वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार
जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा से करोड़ों की ठगी, प्रॉपर्टी निवेश के नाम पर लिए 17 करोड़ रुपए
मायानगरी में धोखाधड़ी के किस्से अक्सर सामने आते रहते हैं। अब बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा जाफरी धोखाधड़ी का शिकार हो गई हैं। हबीबा जाफरी से संपत्ति निवेश के नाम पर करीब 17.5 करोड़ रुपए की ठगी की गई है।
अरशद वारसी पर लगा शेयर मार्केट में बैन, जानिए क्या है मामला
बॉलीवुड एक्टर अरशद वारसी और उनकी पत्नी मारिया गोरेट्टी समेत 57 लोगों पर शेयर बाजार नियामक SEBI ने बैन लगा दिया है। उन्हें 1 साल के लिए सिक्योरिटी मार्केट से प्रतिबंधित कर दिया है। सेबी का कहना है कि ये लोग मार्केट में धोखाधड़ी जैसे कामों में पाए गए।
काजोल ने किया रियल एस्टेट में निवेश, खरीदी इतने करोड़ की कमर्शियल प्रॉपर्टी
बॉलीवुड एक्ट्रेस काजोल ने इंडस्ट्री में एक अलग मुकाम हासिल किया है। काजोल भले ही फिल्मों में कम नजर आती हो, लेकिन वह सुर्खियों में बनी रहती हैं। काजोल ने अब एक्टिंग के साथ-साथ रियल एस्टेट में भी कदम रख दिया है। काजोल ने मुंबई के गोरेगांव वेस्ट ...
जानिए क्यों पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास पर है 2100 करोड़ रुपए निवेश
पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास अपने करियर के शानदार दौर से गुजर रहे हैं, और निर्विवाद रूप से अखिल भारतीय सुपरस्टार के रूप में अपनी जगह पक्की कर रहे हैं। बाहुबली, सलार, कल्कि 2898 एडी जैसी बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने वाली फिल्मों के साथ, उन्होंने भारतीय ...
खतरों के खिलाड़ी सीजन 14 के कंटेस्टेंट अभिषेक कुमार जिन्होंने बिग बॉस 17 में अपने कार्यकाल से काफी लोकप्रियता हासिल की, अपने आकर्षक व्यक्तित्व से लोगों के दिलों पर राज कर रहे हैं। विवादित रियलिटी शो में उनकी भागीदारी ने उन्हें स्टार बना दिया और उन्हें रातोंरात सफलता दिलाई। अभिषेक जो वर्तमान में रोहित शेट्टी के शो खतरों के खिलाड़ी 14 में हैं, ने साझा किया कि वह एक प्रोडक्शन हाउस खोलना चाहते हैं। इसे भी पढ़ें: Kartik Aaryan का खुलासा, Pyaar Ka Punchnama की सफलता के बावजूद उनके पास ‘कोई ऑफर नहीं था, कोई पैसा नहीं था ईटाइम्स टीवी के साथ एक इंटरव्यू में, अभिषेक ने खुलासा किया कि वह भविष्य के लिए पैसे बचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता चाहते हैं कि वह मुंबई में एक घर खरीदें, लेकिन वह एक व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। अभिषेक ने कहा कि वह एक उद्यमी बनना चाहते हैं और उनके बड़े सपने हैं जिन्हें वह हासिल करना चाहते हैं। अभिषेक कुमार मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते इंटरव्यू में, अभिषेक ने कहा कि उन्होंने पैसे बर्बाद करना बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते क्योंकि शहर काफी महंगा है और कहा कि किराए पर रहना एक समझदारी भरा फैसला है। उन्होंने यहां तक कहा कि घर खरीदने में बड़ी रकम लगाने और फिर हर महीने लोन के रूप में बैंक को बड़ी EMI चुकाने का कोई मतलब नहीं है। इसे भी पढ़ें: Karan Johar को कोर्ट से मिली राहत, फिल्म Shaadi Ke Director Karan Aur Johar की रिलीज परह लगी रोक अभिषेक ने कहा कि वह अपना पैसा निवेश करना चाहते हैं और उस पर ब्याज पाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह रवि दुबे और सरगुन मेहता की तरह एक प्रोडक्शन हाउस स्थापित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि उनका परिवार चंडीगढ़ में घर खरीदे, लेकिन मुंबई में नहीं क्योंकि वे वहीं रह सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह पैसे बचाना चाहते हैं और कोई दूसरा व्यवसाय शुरू करने में निवेश कर सकते हैं। KKK 14 की बात करें तो शिल्पा शिंदे शो से बाहर हो गईं। एक यूट्यूब चैनल के अनुसार, सनी वरुण ने बात की, गश्मीर, करणवीर, अदिति और अभिषेक ने निष्कासन स्टंट किया।
कंगना रनौत के किस बयान पर भड़की CISF की महिला जो सरेआम एक्ट्रेस को जड़ दिया थप्पड़, जानिए पूरा मामला
चंडीगढ़: हिमाचल की मंडी लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी सांसद एवं एक्ट्रेस कंगना रनौत से चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर बदसलूकी के पश्चात् हंगामा मचा हुआ है. दरअसल, 6 जून को कंगना दिल्ली जाने के लिए चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर पहुंची थीं. तभी सिक्योरिटी चेक के पश्चात् CISF की एक महिला जवान कुलविंदर कौर ने उनको थप्पड़ मार दिया. हालांकि CISF की अपराधी महिला कर्मी को निलंबित कर दिया गया है तथा उनके खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है. ऐसे में सवाल ये उठता है कि CISF की जवान ने थप्पड़ क्यों मारा, तो इसका जवाब है कंगना का 4 वर्ष पुराना एक ट्वीट. कंगना रनौत ने इस ट्वीट में 3 कृषि कानूनों के खिलाफ हुए किसान आंदोलन के चलते पंजाब की 80 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला किसान की गलत पहचान करते तथा उन्हें बिलकिस बानो कहा था. कंगना ने जो ट्वीट किया था उसमें एक वृद्ध महिला नजर आ रही थीं, जो भले ही झुककर चल रही थीं, लेकिन उन्होंने किसान आंदोलन का झंडा बुलंद किए हुए था. उनका नाम मोहिंदर कौर था. कंगना ने मोहिंदर कौर की फोटो को ट्वीट करते हुए लिखा था कि ''हा हा. ये वही दादी हैं जिन्हें टाइम मैगज़ीन की 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की लिस्ट में सम्मिलित किया गया था.... और ये 100 रुपये में उपलब्ध हैं. हालांकि कंगना रनौत ने बाद में ये ट्वीट डिलीट कर दिया था. बता दें कि कंगना ने जिस बिलकिस बानो का जिक्र किया था, वह 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला हैं तथा उन्होंने दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में CAA प्रोटेस्ट के चलते अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बटोरी थीं. कंगना के इस बयान को लेकर CISF की महिला जवान भड़की हुई थी. चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर कंगना से बदसलूकी का वीडियो सामने आया था, इसमें CISF की यह जवान कहती नजर आ रही है कि 'इसने बोला था किसान आंदोलन में 100-100 रुपये में महिलाएं बैठती थीं. वहां मेरी मां भी थी'. राहुल गांधी ने भाजपा पर लगाया शेयर बाजार में हेराफेरी का आरोप, बताया देश का सबसे बड़ा घोटाला उत्तर भारत में भीषण गर्मी का कहर जारी, यूपी के कुछ क्षेत्रों में राहत की उम्मीद बिहार के गया जिले में भीषण सड़क हादसा, तीन लोगों की मौत

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