Heinrich Klaasen Reversse Hit Six Video: सनराइजर्स हैदराबाद (Sunrisers Hyderabad) के विस्फोटक बल्लेबाज़ हेनरिक क्लासेन (Heinrich Klaasen) ने बीते बुधवार, 29 अप्रैल आईपीएल 2026 (IPL 2026) के 41वें मुकाबले में मुंबई इंडियंस (Mumbai Indians) के सामने बेहद ही तूफानी बैटिंग की और 30 गेंदों पर 7 चौके और 4 छक्के ठोककर नाबाद 65 रन बनाए। गौरतलब है कि इसी बीच उन्होंने लेफ्टी बैटर बनकर MI के स्पिन गेंदबाज़ अल्लाह गजनफर (Allah Ghazanfar) को गज़ब का छक्का मारा जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। हेनरिक क्लासेन का ये सिक्स सनराइजर्स की इनिंग के 16वें ओवर में देखने को मिला। यहां 20 साल के अल्लाह गजनफर मुंबई इंडियंस के लिए अपने कोटे का आखिरी ओवर करने आए थे जिसकी चौथी गेंद उन्होंने स्टंप्स को टारगेट करते हुए डिलीवर की। दूसरी तरफ क्लासेन उनकी ऐसी ही किसी गेंद का इंतज़ार कर रहे थे, जिन्होंने ये गेंद देखते ही अपना स्टांस (लेफ्टी बन गए) बदल लिया और घुटने पर बैठकर रिवर्स हिट करके बैकवर्ड पॉइंट के ऊपर से छक्का मारा। उनका ये शॉट देखकर SRH के खेमे में खुशी से लहर दौड़ उठी, वहीं कमेंटर्स भी हैरान रह गए। IPL ने खुद अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट से हेनरिक क्लासेन के इस सिक्स का वीडियो साझा किया है जिसे आप नीचे देख सकते हो। बताते चलें कि IPL के करंट सीजन में हेनरिक क्लासेन बेहद ही शानदार फॉर्म में हैं और वो अब तक टूर्नामेंट में सनराइजर्स के लिए 9 मैचों में 59.14 की औसत और 157.41 की स्ट्राइक रेट से 414 रन ठोक चुके हैं। खास बात तो ये है कि वो ऑरेंज कैप की रेस में सिर्फ अभिषेक शर्मा (9 मैचों में 425 रन) से पीछे हैं। Did he just reverse hit that into the stands? We are officially being Out-Klaased tonight Updates https://t.co/ypWTkEr2Rc #TATAIPL | #KhelBindaas | #MIvSRH pic.twitter.com/AnYqPuoggl — IndianPremierLeague (@IPL) April 29, 2026 ऐसा रहा मैच का हाल: IPL 2026 का 41वां मुकाबला मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला गया था जहां मुंबई इंडियंस ने रयान रिकेल्टन की नाबाद 123 रनों की पारी के दम पर 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 243 रन बनाए। Also Read: LIVE Cricket Score इसके जवाब में सनराइजर्स के लिए ट्रेविस हेड (30 गेंदों पर 76 रन) और हेनरिक क्लासेन (30 गेंदों पर नाबाद 65 रन) ने धमाकेदार पारी खेली जिसके दम पर SRH ने महज़ 18.4 ओवर में 244 रनों का लक्ष्य हासिल किया और 6 विकेट से जीत दर्ज की।
रिश्तेदार ही निकला चोर, एनआरआई के घर से लाखों के गहने किए गायब,केस
लुधियाना| डेहलों इलाके के गांव चुप्पकी में भरोसे को तोड़ने वाला मामला सामने आया है। विदेश में रह रहे एनआरआई के घर में उसी के करीबी रिश्तेदार ने लाखों रुपए के गहने और नकदी पर हाथ साफ कर दिया। पीड़ित निर्भय सिंह के अनुसार आरोपी मनदीप सिंह उसका भरोसेमंद रिश्तेदार था, जो उसके घर और कामकाज संभालता था। दिसंबर 2024 में विदेश लौटते समय उसने घर और अलमारी की चाबियां भी उसी को सौंप दीं। अक्टूबर 2025 में वापस आने पर जब चाबियां मांगी गईं तो आरोपी टालमटोल करने लगा। शक होने पर अलमारी खुलवाई गई तो अंदर से सोने के गहने और नकदी गायब मिली। थाना डेहलों पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी परमदीप सिंह के अनुसार आरोपी की तलाश में छापेमारी जारी है।
Nrisingh Jayanti 2026: नृसिंह जयंती पर करें 5 विशेष कार्य तो मिलेगी शत्रुओं से मुक्ति
Nrisingh Chaturdashi 2026 Ke Upay: हिंदू धर्म में भगवान विष्णु के नरसिंह अवतार का विशेष महत्व है। भगवान विष्णु ने दुष्ट दानव हिरण्यकश्यप का वध कर अपने भक्त प्रह्लाद की रक्षा की थी। इस घटना को याद करते हुए वैशाख मास की शुक्ल पक्ष चतुर्दशी को नृसिंह चतुर्दशी और इस दिन को नृसिंह जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस दिन भक्त व्रत, पूजा, हवन और भजन-कीर्तन करके भगवान नरसिंह की भक्ति में लीन रहते हैं। नृसिंह जयंती और चतुर्दशी का उद्देश्य भक्तों की रक्षा, शत्रुओं से मुक्ति और जीवन में समृद्धि लाना है। ALSO READ: Nrisingh Chaturdashi 2026: नृसिंह चतुर्दशी क्या है, वैशाख मास में क्यों मनाई जाती है? भगवान नृसिंह शक्ति, साहस और सुरक्षा के अधिष्ठाता देवता हैं। यदि आप शत्रुओं से घिरे हैं, कानूनी विवादों में फंसे हैं या अज्ञात भय आपको सताता है, तो नृसिंह जयंती यानी वैशाख शुक्ल चतुर्दशी के दिन ये 5 विशेष कार्य आपकी हर बाधा को दूर कर सकते हैं: 1. गोधूलि बेला में नृसिंह स्तोत्र का पाठ भगवान नृसिंह का प्राकट्य संध्या काल (गोधूलि बेला) में हुआ था, इसलिए इस समय उनकी पूजा का फल अनंत गुना मिलता है। इस दिन का विशेष फल प्राप्त करने हेुत शाम के समय घी का चौमुखी दीपक जलाएं और 'ऋणमोचन नृसिंह स्तोत्र' या 'नृसिंह कवच' का पाठ करें। लाभ: यह शत्रुओं के षड्यंत्रों को विफल करता है और आपको एक सुरक्षा कवच प्रदान करता है। 2. दक्षिणावर्ती शंख से अभिषेक भगवान विष्णु के अवतार होने के कारण नृसिंह देव को शंख अत्यंत प्रिय है। इस दिन भगवान नृसिंह की प्रतिमा या तस्वीर का केसर मिश्रित दूध और जल से अभिषेक करें। यदि दक्षिणावर्ती शंख का प्रयोग करें तो श्रेष्ठ है। लाभ: इससे जीवन की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और छिपे हुए शत्रुओं का प्रभाव कम होता है। 3. 'ठंडी' वस्तुओं का भोग लगाएं भगवान नृसिंह का स्वरूप अत्यंत उग्र और क्रोधी माना जाता है। उन्हें शांत करने और प्रसन्न करने के लिए शीतल चीजों का अर्पण किया जाता है। इसीलिये पूजा में भगवान को सत्तू, गुड़ का शरबत, ठंडा दही, तरबूज या पंजीरी का भोग लगाएं। लाभ: भगवान का क्रोध शांत होने से भक्तों पर उनकी सौम्य कृपा बरसती है और घर के क्लेश दूर होते हैं। 4. विशेष बीज मंत्र का जप शत्रु बाधा से मुक्ति के लिए मंत्र जप एक अचूक अस्त्र है। कार्य: लाल चंदन या रुद्राक्ष की माला से इस मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें: 'ॐ उग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम्। नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्युमृत्युं नमाम्यहम्॥' लाभ: यह मंत्र न केवल शत्रुओं का नाश करता है बल्कि अकाल मृत्यु के भय से भी मुक्ति दिलाता है। ALSO READ: Buddha Purnima 2026: बुद्ध के कर्म का मनोविज्ञान: कैसे बनता है कर्म से भाग्य? 5. मोर पंख और लाल फूल अर्पित करना भगवान नृसिंह को साहस का प्रतीक माना जाता है, और उन्हें कुछ विशेष वस्तुएं अर्पित करने से आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। नृसिंह जयंती के अवसर पर नृसिंह मंदिर जाकर भगवान को लाल रंग के फूल- जैसे गुड़हल और मोर पंख चढ़ाएं। लाभ: लाल फूल मंगल ग्रह को भी शांत करते हैं, जिससे शत्रु आप पर हावी नहीं हो पाते और कानूनी मामलों में सफलता मिलती है। महत्वपूर्ण सावधानी: भगवान नृसिंह की पूजा करते समय मन में किसी के प्रति ईर्ष्या या द्वेष न रखें। उनकी पूजा का उद्देश्य 'अधर्म पर धर्म की विजय' और 'स्वयं की रक्षा' होना चाहिए, न कि किसी का अहित करना। याद रखें: इस दिन व्रत रखने और अपनी सामर्थ्य अनुसार गरीबों को जल या अन्न का दान करने से भगवान नृसिंह बहुत जल्द प्रसन्न होते हैं। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: मंगल मेष में प्रवेश: क्या बढ़ेगी भारत की सैन्य ताकत और बंगाल में पीएम मोदी का प्रभाव?
Nrisingh Chaturdashi 2026: नृसिंह चतुर्दशी क्या है, वैशाख मास में क्यों मनाई जाती है?
Vaishakh Month Nrisingh Jayanti: नृसिंह चतुर्दशी भगवान विष्णु के सबसे उग्र और शक्तिशाली अवतार, भगवान नृसिंह के प्राकट्य का उत्सव है। यह पर्व वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन सूर्यास्त के समय उनकी पूजा करने से शत्रुओं पर विजय और घोर संकटों से मुक्ति मिलती है। वर्ष 2026 में नृसिंह चतुर्दशी या भगवान नृसिंह जयंती 30 अप्रैल, दिन गुरुवार को मनाई जा रही है। ALSO READ: त्रिपुष्कर योग 2026: इस दिन क्या करें, कैसे मिलेगा कई गुना लाभ? नृसिंह चतुर्दशी क्या है? वैशाख मास में ही क्यों मनाई जाती है? इस दिन के मुख्य नियम और परंपराएं धार्मिक मान्यता (प्राकट्य का समय) वैशाख की ऊर्जा और तप धर्म की स्थापना का संदेश यहां इसके महत्व और वैशाख मास से इसके संबंध की विस्तृत जानकारी दी गई है: नृसिंह चतुर्दशी क्या है? पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी दिन भगवान विष्णु ने अपने भक्त प्रह्लाद की रक्षा करने और अधर्मी राजा हिरण्यकश्यप का वध करने के लिए नृसिंह अवतार (आधा सिंह और आधा मनुष्य) धारण किया था। यह भगवान विष्णु के चौथे अवतार, भगवान नृसिंह का प्राकट्य उत्सव या नृसिंह जयंती का दिन है। स्वरूप: भगवान का मुख और पंजे सिंह के समान थे, जबकि धड़ मनुष्य का था। उद्देश्य: हिरण्यकश्यप को ब्रह्मा जी से वरदान प्राप्त था कि उसे न कोई मनुष्य मार सके न पशु, न दिन में न रात में, और न घर के भीतर न बाहर। इसलिए भगवान ने खंभे को चीरकर गोधूलि बेला (शाम) में, चौखट पर बैठकर अपने नाखूनों से उसका वध किया। वैशाख मास में ही क्यों मनाई जाती है? हिंदू पंचांग के अनुसार, वैशाख मास को अत्यंत पवित्र और 'माधवन मास' या भगवान विष्णु का महीना माना गया है। इसके पीछे कुछ प्रमुख कारण हैं: 1. धार्मिक मान्यता (प्राकट्य का समय): शास्त्रों के अनुसार, सत्ययुग में वैशाख शुक्ल चतुर्दशी के दिन ही भगवान ने यह अवतार लिया था। हिंदू धर्म में जिस तिथि को भगवान का प्राकट्य होता है, वह तिथि और मास सदैव के लिए उनके उत्सव के लिए निर्धारित हो जाते हैं। 2. वैशाख की ऊर्जा और तप: वैशाख मास भीषण गर्मी और तप का प्रतीक है। भगवान नृसिंह का स्वभाव अत्यंत क्रोधी और 'अग्नि' के समान तेजस्वी माना गया है। वैशाख की ऊर्जा उनके इस प्रखर तेज को दर्शाती है। यही कारण है कि इस दिन भगवान को शीतल करने के लिए चंदन का लेप लगाया जाता है और ठंडी चीजों का भोग लगाया जाता है। 3. धर्म की स्थापना का संदेश: वैशाख मास भक्ति और दान का महीना है। भक्त प्रह्लाद की 'अटूट भक्ति' और हिरण्यकश्यप के 'अहंकार' के अंत की यह कथा हमें सिखाती है कि जब पाप चरम पर होता है, तो ईश्वर स्वयं प्रकट होते हैं। इस दिन के मुख्य नियम और परंपराएं व्रत: श्रद्धालु इस दिन उपवास रखते हैं। इसे 'नृसिंह जयंती' भी कहा जाता है। पूजा का समय: चूंकि भगवान शाम के समय प्रकट हुए थे, इसलिए इनकी मुख्य पूजा गोधूलि बेला (सूर्यास्त के समय) में की जाती है। अभिषेक : दक्षिण भारतीय मंदिरों और वैष्णव संप्रदायों में इस दिन भगवान नृसिंह का पंचामृत अभिषेक विशेष रूप से किया जाता है। महत्व: मान्यता है कि नृसिंह चतुर्दशी का व्रत करने से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है और जीवन के हर प्रकार के संकट व भय का नाश होता है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: Buddha Purnima 2026: बुद्ध के कर्म का मनोविज्ञान: कैसे बनता है कर्म से भाग्य?
बाइक सवार ने झपटी चेन, एनआरआई महिला व बहन ने बदमाश को पटका, पर चेन ले भागा
ग्रीस से अपनी बहन के घर बस्ती जोधेवाल में आई एनआरआई महिला की बाइक सवार ने सोने के चेन लूट ली। इस दौरान पीड़िता और उसकी बहन ने बाइक सवार लुटेरे को पटक दिया। लेकिन आरोपी चेन लूटकर फरार हो गया। पूरी वारदात सीसीटीवी में रिकॉर्ड हो गई। पीड़िता राज कौर (45) शुक्रवार को ही ग्रीस से अपनी बहन राज कुमारी(43) के घर पहुंची थीं। दोपहर करीब 12 बजे जब दोनों बहनें घर से निकलीं, तो एक पगड़ीधारी लुटेरा बाइक पर मुंह ढककर उनकी रेकी करने लगा। जैसे ही उसे मौका मिला, उसने बाइक खड़ी की और पैदल आकर राज कौर के गले से 2 तोले की सोने की चेन पर झपट्टा मारा। आरोपी ने फर्जी नंबर प्लेट लगी बाइक इस्तेमाल की थी। थाना दरेसी के एसएचओ गुरमीत सिंह ने बताया कि अज्ञात पर मामला दर्ज कर लिया है। मैं चिल्लाती रही लेकिन कोई बचाने नहीं आया “मैं सालों बाद अपनी बहन से मिलने पंजाब आई थी। सोचा नहीं था कि जिस असुरक्षा की खबरें पढ़ती थी, वो खुद मेरे साथ होगा। जैसे ही उस झपटमार ने मेरी चेन पर हाथ डाला, मैंने फुर्ती से उसे दबोच लिया। छीना-झपटी में मैं जमीन पर गिरी, लेकिन हिम्मत नहीं हारी। मैंने उसका गला पकड़ा और उसे नीचे पटक दिया। मेरी बहन ने भी उसे जमकर पीटा और शोर मचाया। दुख की बात यह है कि लोग इकट्ठा तो हुए पर किसी ने मदद नहीं की और वह भाग निकला। अब मैं अपने बच्चों को कभी यहां नहीं भेजूंगी। यहां महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं, इसीलिए युवा विदेश भाग रहे हैं। -जैसा पीड़िता एनआरआई राज कौर ने दैनिक भास्कर को बताया
प्रवासी भारतीय दिवस : गांधीजी की विरासत से वैश्विक भारत तक
इतिहास की कुछ तिथियां केवल अतीत की स्मृति नहीं, भविष्य की दिशा भी तय करती हैं

