PC: JAGRAN झारखंड में सरकारी शिक्षक बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए शानदार मौका है। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने राज्य में पैरा (संविदा) शिक्षकों के रिक्त पदों पर भर्ती (JTAACCE 2026 - Para Teacher) का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 29 सितंबर 2026 से शुरू हो चुकी है, जो 18 अक्टूबर 2026 तक चलेगी। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट jssc.jharkhand.gov.in पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं। पात्रता और शैक्षणिक योग्यता शैक्षणिक योग्यता: उम्मीदवार के पास पद के अनुसार 10+2 (इंटरमीडिएट) या स्नातक (Graduation) के साथ B.Ed / D.El.Ed / B.Sc.Ed / B.A.Ed / M.Ed में से कोई भी प्रासंगिक डिग्री या डिप्लोमा होना अनिवार्य है। शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET): उम्मीदवार का JTET (झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा) पास होना आवश्यक है। दूसरे राज्यों के अभ्यर्थियों के लिए नियम: यदि किसी अभ्यर्थी ने झारखंड से बाहर किसी अन्य राज्य की TET परीक्षा उत्तीर्ण की है, तो वह भी आवेदन कर सकता है। हालांकि, ऐसे उम्मीदवारों को नियुक्ति के बाद 3 वर्षों के भीतर और अपने पहले प्रयास (First Attempt) में ही JTET परीक्षा पास करनी होगी। महत्वपूर्ण तिथियां (Important Dates) विवरण तिथि ऑनलाइन आवेदन की शुरुआत: 29 सितंबर 2026 आवेदन की अंतिम तिथि: 18 अक्टूबर 2026 फोटो एवं हस्ताक्षर अपलोड करने की अंतिम तिथि: 22 अक्टूबर 2026 फॉर्म में संशोधन (Correction Window): 23 से 24 अक्टूबर 2026 शुल्क भुगतान की अंतिम तिथि: जल्द घोषित होगी आवेदन प्रक्रिया JSSC की आधिकारिक वेबसाइट jssc.jharkhand.gov.in पर जाएं।होमपेज पर 'Application Forms (Apply)' सेक्शन में 'Online Application for JTAACCE-2026 (Para Teacher)' लिंक पर क्लिक करें।'New Registration' पर क्लिक करके अपना रजिस्ट्रेशन करें।व्यक्तिगत और शैक्षणिक विवरण दर्ज करके फॉर्म पूरा करें।पासपोर्ट साइज फोटो और सिग्नेचर अपलोड करें।निर्धारित आवेदन शुल्क का भुगतान कर फॉर्म सबमिट करें और भविष्य के संदर्भ के लिए प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें।
रांची, 30 सितंबर . Jharkhand आंदोलनकारियों की पेंशन, आश्रितों को नौकरी और आंदोलनकारी के तौर पर चिह्नीकरण के लिए जेल जाने की शर्त खत्म करने की मांग को लेकर बुलाए गए Jharkhand बंद का Wednesday को राज्य में मिला-जुला असर देखने को मिला. पलामू, गिरिडीह और बोकारो समेत कुछ जिलों में आंदोलनकारियों ने प्रमुख सड़कों ... Read more
झारखंड की शराब नीति में घूसखोरी को लेकर बाबूलाल मरांडी ने सीएम हेमंत सोरेन से पूछे सवाल
रांची, 30 सितंबर . Jharkhand विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने राज्य की शराब नीति में कथित घूस के मामले को लेकर Chief Minister हेमंत सोरेन पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने social media पर जारी बयान में दावा किया कि Jharkhand की शराब नीति में संशोधन कराने के लिए छत्तीसगढ़ के ... Read more
सपनों की उड़ान और झारखंड की माटी से निकली एक नई प्रेरणा
संघर्ष की भट्टी में तपकर ही कुंदन जैसी चमक मिलती है, और जब कोई साधारण पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखने वाली बेटी अपनी कड़ी मेहनत और अटूट लगन के बल पर देश की सबसे कठिन परीक्षा को पास कर इतिहास रच देती है, तो पूरा देश उस पर गर्व महसूस करता है। भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) की परीक्षा पास करना हर साल लाखों युवाओं का सपना होता है, लेकिन उनमें से कुछ ही ऐसे जांबाज होते हैं जो अपनी परिस्थितियों को मात देकर इस सर्वोच्च मुकाम को हासिल करते हैं। झारखंड राज्य से ताल्लुक रखने वाली रेना जमील ने अपनी सफलता से एक ऐसी ही अनूठी मिसाल पेश की है। आधुनिक गूगल डिस्कवर, आंसर इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AEO), सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (SEO) और जनरेटिव एआई सर्च (AI Search) के इस डिजिटल युग में प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज़ और संघर्ष की कहानियों को इंटरनेट पर सबसे ज्यादा खोजा और पढ़ा जाता है। इस विस्तृत रिपोर्ट में हम जानेंगे कि कौन हैं आईएएस रेना जमील और उनका धनबाद के एक उर्दू स्कूल से लेकर देश की शीर्ष नौकरशाही तक पहुँचने का सफर कैसा रहा है।धनबाद के उर्दू स्कूल से शुरुआती पढ़ाई और बचपन के संघर्षझारखंड के कोयलांचल क्षेत्र के रूप में विख्यात धनबाद जिले से अपनी जिंदगी की शुरुआत करने वाली रेना जमील का शुरुआती जीवन किसी आम मध्यमवर्गीय परिवार की तरह ही बेहद साधारण और चुनौतियों से भरा था। उनकी शुरुआती शिक्षा-दीक्षा धनबाद के ही एक स्थानीय उर्दू माध्यम के स्कूल से हुई। जिस दौर में अधिकांश बच्चे आधुनिक अंग्रेजी स्कूलों या बड़े शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ने के सपने देखते हैं, उस समय रेना जमील ने सीमित संसाधनों और बुनियादी सुविधाओं के बीच अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की। उनके परिवार और शिक्षकों ने हमेशा उनकी पढ़ाई को प्राथमिकता दी, हालांकि जीवन के हर कदम पर उन्हें आर्थिक और सामाजिक मोर्चों पर कई तरह की अड़चनों का सामना करना पड़ा। आधुनिक डिजिटल सर्च ट्रेंड्स और एआई एनालिटिक्स यह दर्शाते हैं कि जब भी ग्रामीण या छोटे शहरों के सरकारी और उर्दू स्कूलों से पढ़ने वाले छात्र यूपीएससी जैसी परीक्षा पास करते हैं, तो उनकी प्रारंभिक शिक्षा की पृष्ठभूमि को जानने के लिए लोग गूगल पर सबसे ज्यादा सर्च करते हैं।झारखंड की पहली मुस्लिम महिला आईएएस बनकर रचा इतिहासअपनी पढ़ाई को पूरी निष्ठा के साथ जारी रखते हुए रेना जमील ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी अपनी उत्कृष्ट बौद्धिक क्षमता का परिचय दिया। ग्रेजुएशन और अन्य शैक्षणिक पड़ाव पार करने के बाद उन्होंने देश की सबसे प्रतिष्ठित और कठिन मानी जाने वाली यूपीएससी (UPSC Civil Services Examination) सिविल सेवा परीक्षा को क्रैक करने का कठिन संकल्प लिया। तमाम बाधाओं, असफलताओं के डर और सीमित मार्गदर्शन के बावजूद उन्होंने कभी अपने हौसला को टूटने नहीं दिया। अपनी इसी कड़ी मेहनत के बल पर उन्होंने न केवल परीक्षा में सफलता हासिल की, बल्कि वे झारखंड राज्य की पहली मुस्लिम महिला आईएएस अधिकारी (First Muslim Female IAS of Jharkhand) बनने का गौरव भी अपने नाम कर लिया। लोकल और रीजनल ऑप्टिमाइजेशन के लिहाज से देखें तो झारखंड के कोने-कोने में, विशेषकर अल्पसंख्यक समुदायों और बेटियों के बीच, इस ऐतिहासिक सफलता के बाद शिक्षा के प्रति एक नया उत्साह और जागरूकता देखने को मिल रही है।यूपीएससी की तैयारी का सफर और मानसिक दृढ़ता की मिसालसिविल सेवा की तैयारी का सफर किसी भी छात्र के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से बेहद थका देने वाला होता है। प्रतिदिन 10 से 12 घंटे की पढ़ाई, देश-दुनिया के समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ, उत्तर लेखन का अभ्यास और इंटरव्यू के लिए खुद को मानसिक रूप से तैयार करना—इन सभी चरणों से गुजरना आसान नहीं होता। रेना जमील ने अपने इस सफर में कई बार उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन उन्होंने अपनी असफलता या निराशा को कभी अपनी मंजिल के आड़े नहीं आने दिया। उन्होंने अपनी कमजोरियों पर काम किया और एक सुनियोजित रणनीति के तहत अपनी तैयारी को अंतिम रूप दिया। आधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन और मोटिवेशनल पोर्टल्स पर उनकी इस अध्ययन शैली और अनुशासन को युवा उम्मीदवारों के लिए एक परफेक्ट केस स्टडी के रूप में प्रस्तुत किया जाता है।समाज और युवा पीढ़ी के लिए एक जीता-जागता प्रेरणा स्त्रोतरेना जमील की यह सफलता केवल एक व्यक्ति की व्यक्तिगत जीत नहीं है, बल्कि यह उन तमाम बेटियों और युवाओं के लिए एक उम्मीद की किरण है जो तमाम सामाजिक और आर्थिक बाधाओं के बावजूद कुछ बड़ा करने का ख्वाब देखते हैं। आज के समय में जब युवा अक्सर छोटी-मोटी असफलताओं से निराश होकर अपने रास्ते बदल लेते हैं, रेना जमील का जीवन यह सिखाता है कि अगर आपके इरादे पक्के हों और दिशा सही हो, तो बड़े से बड़ा लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है। मीडिया और सोशल प्लेटफॉर्म्स पर उनकी इस उपलब्धि को लेकर हर तरफ सराहना हो रही है और लोग उन्हें भविष्य के एक जिम्मेदार और संवेदनशील प्रशासनिक अधिकारी के रूप में देख रहे हैं।
जैक ने नौवीं और 11वीं की विशेष परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया है, जिसमें कुल 92.45% और 90.86% विद्यार्थी सफल हुए हैं। परीक्षार्थी अपना रिजल्ट जैक की आधिकारिक वेबसाइट jac.jharkhand.gov.in पर देख सकते हैं।
Jharkhand Weather: झारखंड में बारिश ने बदली चाल! 4 अक्टूबर तक कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बरसेंगे बादल
झारखंड में भारी बारिश का दौर कमजोर पड़ गया है, हालांकि 4 अक्टूबर तक राज्य में छिटपुट बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनी रह सकती है। बारिश की तीव्रता कम होने से जनजीवन और किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
कल्पना सोरेन के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट मामले में आरोपी को Supreme Court से जमानत
New Delhi/रांची, 29 सितंबर . Jharkhand के Chief Minister हेमंत सोरेन की पत्नी और गांडेय से विधायक कल्पना सोरेन के खिलाफ कथित तौर पर अश्लील और आपत्तिजनक फेसबुक पोस्ट करने के मामले में आरोपी 30 वर्षीय सुरक्षा गार्ड सहदेव उरांव उर्फ सहदेव ओरांव को Supreme Court ने जमानत दे दी है. जस्टिस एमएम सुंदरेश और ... Read more
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने राजनीतिक दलों के साथ बैठक कर मतदाता सूची में नो-मैपिंग और विसंगतियों से संबंधित बूथवार डेटा साझा किया। उन्होंने दलों से पीवीटीजी, दिव्यांगजन और अन्य विशेष समूहों पर ध्यान केंद्रित करते हुए सभी पात्र नागरिकों को सूची में शामिल करने में सहयोग की अपील की।
मनी लॉन्ड्रिंग केस में हेमंत सोरेन की याचिका पर हाई कोर्ट में सुनवाई 30 सितंबर को
रांची, 29 सितंबर . रांची के बड़गाईं अंचल की जमीन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में Jharkhand के Chief Minister हेमंत सोरेन की ओर से दाखिल याचिका पर Jharkhand हाई कोर्ट में Tuesday को विस्तृत सुनवाई नहीं हो सकी. अब हाई कोर्ट Wednesday को दोपहर 2.15 बजे इस मामले की सुनवाई करेगा. खास बात यह ... Read more
रजरप्पा मंदिर विकास मामले में झारखंड हाई कोर्ट सख्त, पर्यटन सचिव और रामगढ़ डीसी को तलब किया
रांची, 29 सितंबर . Jharkhand के रामगढ़ जिले में रजरप्पा स्थित ऐतिहासिक धार्मिक स्थल मां छिन्नमस्तिका मंदिर के जीर्णोद्धार और बुनियादी सुविधाओं के विकास से जुड़े अवमानना मामले में Jharkhand हाई कोर्ट ने Tuesday को राज्य Government के रुख पर नाराजगी जताई. पिछली सुनवाई में दिए निर्देश के बावजूद पर्यटन विभाग के सचिव के अदालत ... Read more
झारखंड में एसआईआर के तहत दावा-आपत्ति और आवेदन की समयसीमा 30 सितंबर को होगी खत्म
रांची, 29 सितंबर . Jharkhand में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 के तहत मतदाता सूची में नाम जोड़ने, नाम हटाने पर आपत्ति दर्ज कराने, प्रविष्टियों में सुधार और पता बदलने सहित विभिन्न दावों और आपत्तियों के लिए आवेदन का सिलसिला कल 30 सितंबर को खत्म हो जाएगा. राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि ... Read more
झारखंड के पारंपरिक वाद्य ‘मांदर’ को मिला जीआई टैग, मिट्टी की इस आवाज को अब मिली देशभर में पहचान
रांची, 29 सितंबर . Jharkhand के अखड़ों-चौपालों, लोकनृत्यों और आदिवासी पर्व-त्योहारों की पहचान बन चुका मांदर अब देशभर में अपनी अलग पहचान के साथ जाना जाएगा. Jharkhand के पारंपरिक वाद्ययंत्र मांदर को जीआई टैग मिल गया है. India Government की जियोग्राफिकल इंडिकेशन रजिस्ट्री, चेन्नई ने इसे ‘मांदर ऑफ Jharkhand’ के नाम से पंजीकृत किया है. ... Read more
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को धनशोधन की जांच के तहत पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन और अन्य लोगों के परिसरों पर छापे मारे। अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी के दौरान कुल 15 परिसरों की तलाशी ली गयी। यह कार्रवाई दुर्गा पूजा से पहले उसकी झलक दिखाने वाले कार्यक्रम आयोजित करने वाली एक संस्था में कथित वित्तीय अनियमितताओं के संबंध में की गई। अधिकारियों के अनुसार, आरोप है कि सेन की पत्नी के नेतृत्व वाली ‘मासआर्ट’ (महानिर्वाण रोड मास आर्ट सोसाइटी) ने लोगों से यह झूठा दावा करके बड़ी रकम एकत्र की कि यह धन यूनेस्को द्वारा प्रायोजित एक संस्था के लिए है। आरोप है कि बाद में इन पैसों का इस्तेमाल निजी लाभ के लिए किया गया। ईडी की कार्रवाई पर सेन या ‘मासआर्ट’ की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी। निजी लाभ और पैसों के हेरफेर का संदेह जांच अधिकारियों के अनुसार, यूनेस्को के नाम पर जुटाए गए करोड़ों रुपये का उपयोग किसी सांस्कृतिक या जनहित के कार्य में करने के बजाय निजी लाभ और वित्तीय हेरफेर के लिए किया गया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि एकत्रित धनराशि को संदिग्ध खातों और फर्जी लेनदेन के जरिए अलग-अलग जगहों पर ट्रांसफर किया गया। इसी आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका जताते हुए मामला दर्ज किया और छापेमारी की। इसे भी पढ़ें: JSSC CGL परीक्षा गड़बड़ी मामले में Jharkhand CID ने 3 अभ्यर्थियों को पकड़ा, कुल 19 गिरफ्तार मंगलवार सुबह-सुबह ईडी की अलग-अलग टीमें केंद्रीय बल (CRPF) के जवानों के साथ इंद्रनील सेन के आवास, उनसे जुड़े सहयोगियों के परिसरों और 'मासआर्ट' के कार्यालयों पर पहुंचीं। दिनभर चली इस कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने वित्तीय दस्तावेजों, डिजिटल डिवाइस, बैंक खातों के ब्योरे और जायदाद से जुड़े कागजातों की सघन जांच की। इसे भी पढ़ें: Gujarat CID ने चुनावी चंदे में 314 करोड़ की कर चोरी पर तीन दलों पर दर्ज की FIR राजनीतिक हलचल और चुप्पी दुर्गा पूजा बंगाल का सबसे बड़ा सांस्कृतिक और धार्मिक पर्व है। ऐसे में उत्सव के माहौल के बीच दुर्गा पूजा से जुड़ी एक प्रमुख संस्था और राज्य के पूर्व मंत्री पर केंद्रीय एजेंसी की इस कार्रवाई से बंगाल की राजनीति में हड़कंप मच गया है। हालांकि, ईडी की इस बड़ी कार्रवाई और लगाए गए गंभीर आरोपों पर फिलहाल पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन या 'मासआर्ट' संस्था की तरफ से कोई आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
झारखंड में पिछले कुछ दिनों से जारी आफत की भारी बारिश के बाद अब मौसम की तीव्रता में कमी देखने को मिली है। रांची, जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो और डालटनगंज समेत कई इलाकों में पिछले दिनों लगातार हुई बारिश से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया था, निचले इलाकों में पानी भर गया था और नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया था। अब सिस्टम के कमजोर होने से भारी बारिश का दबाव कम हुआ है और धूप-छांव का खेल शुरू हो गया है। हालांकि, मौसम विज्ञान केंद्र (IMD Ranchi) के अनुसार इसे बारिश का स्थायी अंत नहीं माना जा सकता, बल्कि यह केवल एक अस्थायी विराम या 'इंटरवल' है। वायुमंडल में मौजूद नमी और स्थानीय ट्रफ के कारण 4 अक्टूबर तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक के साथ बादलों की आवाजाही बनी रहेगी।4 अक्टूबर तक यलो अलर्ट: किन इलाकों में गरज-चमक और वज्रपात की है आशंका?मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, भारी बारिश का कोई बड़ा रेड या ऑरेंज अलर्ट नहीं है, लेकिन गरज-चमक और आकाशीय बिजली (वज्रपात) को लेकर 4 अक्टूबर तक यलो अलर्ट जारी किया गया है। 29 और 30 सितंबर को मध्य झारखंड (रांची, रामगढ़, हजारीबाग, बोकारो) और दक्षिणी भाग (कोल्हान प्रमंडल - पूर्वी व पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला) में स्थानीय स्तर पर बादल बनने से हल्की से मध्यम बारिश और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं। वहीं 2 और 3 अक्टूबर को संताल परगना (देवघर, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज) तथा उत्तर-पूर्वी जिलों में बादलों की सक्रियता बढ़ने और कहीं-कहीं तेज बारिश की संभावना जताई गई है।रांची का तापमान और उमस भरी गर्मी का असरराजधानी रांची और आसपास के क्षेत्रों में दिनभर हल्के से मध्यम बादल छाए रहने और बीच-बीच में धूप निकलने का अनुमान है। बारिश की रफ्तार धीमी पड़ने से दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है, जिससे उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है। रांची में अधिकतम तापमान 29 से 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 से 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का पूर्वानुमान है। हालांकि, शाम के समय लोकल कन्वेक्टिव क्लाउड बनने के कारण शहर के बाहरी हिस्सों में अचानक तेज बौछारें पड़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।किसानों और आम नागरिकों के लिए मौसम विभाग की जरूरी एडवाइजरीलगातार हो रही बारिश में कमी आने से उन किसानों को बड़ी राहत मिली है जिनके खेतों में पानी जमा होने से धान और खरीफ की सब्जियों की फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा था। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी सुनिश्चित करें और मौसम साफ रहने पर ही कीटनाशक या खाद का छिड़काव करें। साथ ही मौसम विभाग ने आकाशीय बिजली (वज्रपात) को लेकर विशेष चेतावनी जारी की है। खराब मौसम, बादलों की तेज गड़गड़ाहट या चमक के दौरान खेतों में काम कर रहे लोग, पशुपालक और राहगीर खुले मैदानों या ऊंचे पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचें और तुरंत किसी पक्के मकान या सुरक्षित स्थान में चले जाएं।
झारखंड में 28 सितंबर से भारी बारिश कमजोर होने की उम्मीद है, जिससे लोगों को राहत मिलेगी। हालांकि, 4 अक्टूबर तक छिटपुट हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक जारी रह सकती है, 29-30 सितंबर को भारी बारिश का कोई अलर्ट नहीं।
झारखंड सरकार द्वारा महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण और स्वावलंबन के लिए संचालित 'मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना' (JMMSY) के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने ₹2,500 की वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जा रही है। शुरुआत में इस योजना के अंतर्गत ₹1,000 प्रति माह दिए जाते थे, जिसे राज्य सरकार ने बढ़ाकर ₹2,500 प्रति माह (सालाना ₹30,000) कर दिया है।योजना की मासिक किस्त का वितरण सामान्यतः हर महीने के दूसरे या तीसरे सप्ताह में चरणबद्ध (फेज-वाइज) तरीके से जिलों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के जरिए किया जाता है। यदि आपका आवेदन स्वीकृत है और सभी सत्यापन प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं, तो निर्धारित तारीखों के भीतर राशि आपके आधार-लिंक्ड बैंक खाते में क्रेडिट कर दी जाती है। जिन महिलाओं की किसी तकनीकी कारणवश पूर्व की किस्त रुकी हुई थी, उन्हें सत्यापन पूरा होने पर लंबित राशि के साथ जोड़कर भुगतान दिया जा रहा है।मैया सम्मान योजना का स्टेटस और बेनिफिशियरी लिस्ट ऑनलाइन कैसे चेक करें?लाभार्थी महिलाएं घर बैठे अपने मोबाइल फोन या नजदीकी प्रज्ञा केंद्र (CSC) के जरिए अपना पेमेंट स्टेटस और आवेदन की स्थिति जांच सकती हैं:आधिकारिक पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले योजना की आधिकारिक वेबसाइट mmmsy.jharkhand.gov.in पर विजिट करें।स्टेटस विकल्प चुनें: होमपेज पर दिए गए 'Beneficiary Status' (आवेदन स्थिति) या 'Payment Status' लिंक पर क्लिक करें।आवश्यक विवरण भरें: अपना आवेदन क्रमांक (Application Number), आधार संख्या या पंजीकृत मोबाइल नंबर दर्ज करें।ओटीपी सत्यापन: मोबाइल पर प्राप्त 6 अंकों के ओटीपी (OTP) को दर्ज कर वेरिफाई करें।स्थिति देखें: स्क्रीन पर आपके आवेदन की स्थिति (Approved/Pending/Rejected), आधार सीडिंग स्टेटस और हालिया भुगतान का यूटीआर (UTR) विवरण प्रदर्शित हो जाएगा।इसके अलावा, ग्राम पंचायत स्तर पर प्रकाशित नई लाभार्थी सूची (Beneficiary List) देखने के लिए पोर्टल पर अपने जिले, ब्लॉक और पंचायत का चयन करके गांव की स्वीकृत लिस्ट भी डाउनलोड की जा सकती है।₹2500 की किस्त रुकने का सबसे बड़ा कारण: आधार-बैंक सीडिंग और भौतिक सत्यापनकई मामलों में देखा गया है कि आवेदन 'Approved' होने के बावजूद खाते में ₹2,500 की सहायता राशि नहीं पहुंच पाती। इसके पीछे मुख्य रूप से दो प्रमुख कारण होते हैं:NPCI आधार मैपिंग व DBT सक्रिय न होना: केवल बैंक खाते में आधार लिंक होना पर्याप्त नहीं है; खाते का भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) मैपर पर डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के लिए सक्षम (Seeded) होना अनिवार्य है। यदि आपका बैंक खाता डीबीटी सक्षम नहीं है, तो अपनी बैंक शाखा में जाकर 'Aadhaar Seeding / NPCI Mapping' फॉर्म जमा करें।सिंगल बैंक खाता अनिवार्य: योजना का लाभ पाने के लिए महिला का व्यक्तिगत (सिंगल) बैंक खाता होना चाहिए। परिवार के किसी अन्य सदस्य के साथ जॉइंट (संयुक्त) खाता होने पर डीबीटी ट्रांसफर अक्सर अस्वीकृत हो जाता है।भौतिक सत्यापन (e-KYC): फर्जीवाड़े और अपात्र आवेदनों को छांटने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा भौतिक सत्यापन कराया जाता है। यदि आपका सत्यापन लंबित है, तो अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र या ब्लॉक कार्यालय (CDPO ऑफिस) में जाकर सत्यापन प्रक्रिया को तुरंत पूरा कराएं।योजना की पात्रता और आवश्यक शर्तेंइस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित मापदंड तय किए गए हैं:आवेदिका महिला झारखंड राज्य की स्थायी निवासी होनी चाहिए।महिला की आयु 18 वर्ष से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए (50 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए वृद्धावस्था पेंशन योजना लागू है)।आवेदिका का परिवार राशन कार्ड धारक (गुलाबी, पीला, हरा या सफेद कार्ड) होना चाहिए।परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी सेवा में या आयकरदाता (Income Tax Payee) नहीं होना चाहिए।आवेदिका के पास वैध आधार कार्ड, बैंक खाता और सक्रिय मोबाइल नंबर होना आवश्यक है।
रांची, 28 सितंबर . रांची के बड़गांईं अंचल में जमीन फर्जीवाड़े से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में Jharkhand के Chief Minister हेमंत सोरेन ने विशेष पीएमएलए (प्रीवेन्शन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) अदालत के फैसले के खिलाफ Jharkhand हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. सीएम हेमंत सोरेन ने विशेष अदालत द्वारा आरोप (चार्ज) तय करने की ... Read more
झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन आखिर कहां हैं? पिछले कई दिनों से राजकाज पर लगी खामोशियां
देश के राजनीतिक परिदृश्य और राज्यों की प्रशासनिक व्यवस्थाओं के बीच अक्सर ऐसे दौर आते हैं जब राज्य के मुखिया यानी मुख्यमंत्री की कार्यप्रणाली या उनकी सार्वजनिक उपस्थिति को लेकर कई तरह के गंभीर सवाल खड़े होने लगते हैं। झारखंड (Jharkhand) राज्य से इस समय राजनीतिक गलियारों और प्रशासनिक खेमे से एक बेहद सनसनीखेज, चौंकाने वाली और गंभीर चिंता पैदा करने वाली खबर सामने आ रही है, जिसने पूरे राज्य के सियासी तापमान को अचानक बहुत ज्यादा बढ़ा दिया है। पिछले कुछ दिनों से राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) की सार्वजनिक गतिविधियों, प्रेस वार्ताओं और रोजमर्रा के प्रशासनिक कामकाज से जुड़ी फाइलों पर कोई बड़ा निर्णय या हलचल देखने को नहीं मिली है, जिसके बाद से आम जनता से लेकर विपक्षी दलों के नेताओं के बीच यह चर्चा जोर पकड़ चुकी है कि आखिर मुख्यमंत्री कहां गायब हैं और राज्य का राजकाज कौन चला रहा है। एक तरफ जहां राज्य में कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाएं, प्रशासनिक फेरबदल और नीतिगत फैसले अटके पड़े हैं, वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री कार्यालय की इस रहस्यमयी खामोशी ने कई तरह की राजनीतिक अटकलों को हवा दे दी है। आइए इस विस्तृत और विशेष रिपोर्ट में जानते हैं कि झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की इस लंबी अनुपस्थिति के पीछे की असल वजह क्या है और राज्य की राजनीति पर इसके क्या गंभीर असर पड़ रहे हैं।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की लंबी खामोशी और सार्वजनिक मंचों से उनकी अनुपस्थिति पर उठे सवालकिसी भी लोकतांत्रिक राज्य में मुख्यमंत्री का पद केवल एक कुर्सी नहीं होता, बल्कि वह पूरे प्रशासनिक तंत्र का मुख्य इंजन होता है, जिसके दिशा-निर्देशन के बिना राज्य की गाड़ी आगे नहीं बढ़ सकती। पिछले कुछ हफ्तों से झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सार्वजनिक कार्यक्रमों और जनता के बीच उनकी उपस्थिति में अचानक भारी कमी दर्ज की गई है, और वे न तो किसी बड़े सरकारी समारोह में नजर आ रहे हैं और न ही उनके ट्विटर या अन्य सोशल मीडिया हैंडल्स से कोई सक्रिय राजनीतिक बयान सामने आ रहा है। सामान्य दिनों में मुख्यमंत्री रोजाना कई प्रशासनिक बैठकों की अध्यक्षता करते हैं, जनता की समस्याएं सुनते हैं और नीतिगत फैसलों पर मुहर लगाते हैं, लेकिन पिछले कुछ दिनों से सचिवालय और मुख्यमंत्री आवास से आने वाली फाइलों की गति बेहद धीमी हो चुकी है। इस प्रकार की अचानक और लंबी खामोशी ने न केवल मीडियाकर्मियों को बल्कि झारखंड के आम नागरिकों को भी यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर प्रदेश के मुखिया इस समय किन आंतरिक या व्यक्तिगत व्यस्तताओं में उलझे हुए हैं।विपक्षी दलों का तीखा हमला: 'राज्य में संवैधानिक संकट और प्रशासनिक अवांछनीयता का माहौल'मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस प्रकार लंबे समय तक नजर न आने और राजकाज ठप रहने की खबरों के सामने आते ही राज्य के मुख्य विपक्षी दलों—विशेषकर भारतीय जनता पार्टी (BJP)—ने सरकार के खिलाफ बहुत ही आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। विपक्षी नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके यह तीखा सवाल उठाया है कि क्या झारखंड में इस समय कोई चुनी हुई सरकार काम कर रही है या फिर राज्य बिना मुखिया के भगवान भरोसे चल रहा है। विपक्ष का यह आरोप है कि जब राज्य के विभिन्न जिलों में प्रशासनिक सुस्ती, कानून व्यवस्था की चुनौतियां और विकास कार्यों में देरी जैसी समस्याएं मुंह बाए खड़ी हैं, ऐसे समय में मुख्यमंत्री का इस तरह से पर्दे के पीछे रहना जनता के साथ बहुत बड़ा विश्वासघात है। विपक्षी दलों ने यह मांग भी उठाई है कि सरकार को तुरंत यह स्पष्ट करना चाहिए कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य कारणों से दूर हैं या किसी अन्य राजनीतिक व्यस्तता के चलते, ताकि राज्य की जनता के मन में फैल रही असमंजस की स्थिति को पूरी तरह दूर किया जा सके।प्रशासनिक कामकाज पर लगा ब्रेक: अटकी पड़ी हैं महत्वपूर्ण योजनाएं और फाइलों की आवाजाहीएक राज्य के रूप में झारखंड के विकास के लिए हर दिन अनगिनत प्रशासनिक और वित्तीय निर्णयों की आवश्यकता होती है, चाहे वह अनुकंपा नियुक्तियां हों, ट्रांसफर-पोस्टिंग के आदेश हों या फिर केंद्र सरकार से मिलने वाले फंड्स का सही उपयोग करना हो। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से जुड़े अंदरूनी सूत्रों का यह कहना है कि जब तक मुख्यमंत्री स्तर से किसी फाइल पर अंतिम अनुमोदन या डिजिटल हस्ताक्षर नहीं होते, तब तक कई बड़े नीतिगत निर्णय आगे नहीं बढ़ पाते हैं। पिछले कुछ दिनों से फाइलों की पेंडेंसी बढ़ने के कारण राज्य के विभिन्न विभागों के कामकाज की रफ्तार बेहद सुस्त हो चुकी है, जिसका सीधा असर आम जनता को मिलने वाली सरकारी सेवाओं पर पड़ रहा है। ठेकेदारों, अधिकारियों और आम जनता के काम समय पर न होने के कारण प्रशासनिक अमले में भी बेचैनी का माहौल है, क्योंकि उन्हें यह समझ नहीं आ रहा है कि वे अपने जरूरी नीतिगत मसलों पर अंतिम मुहर लगवाने के लिए किससे संपर्क करें।झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) का बचाव पक्ष: 'मुख्यमंत्री पूरी तरह सक्रिय हैं और जल्द सामने आएंगे'विपक्ष के इन तीखे हमलों और मीडिया में उठ रहे सवालों का जवाब देने के लिए सत्ताधारी दल झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और गठबंधन के अन्य नेताओं ने मोर्चा संभाल लिया है। पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ताओं और मंत्रियों ने विपक्ष के सभी आरोपों को खारिज करते हुए यह स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पूरी तरह से स्वस्थ हैं और वे पर्दे के पीछे रहकर राज्य के प्रशासनिक कामकाज तथा आगामी रणनीतियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। जेएमएम नेताओं का यह तर्क है कि विपक्ष के पास और कोई मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वे केवल राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए इस तरह की बेबुनियाद अफवाहें फैला रहे हैं कि मुख्यमंत्री गायब हैं। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि मुख्यमंत्री बहुत जल्द सार्वजनिक रूप से मीडिया के सामने आएंगे और अपने विरोधियों को अपने काम के जरिए करारा जवाब देंगे, हालांकि पार्टी की तरफ से अभी तक उनके सार्वजनिक दौरे की कोई आधिकारिक और पक्की तारीख साझा नहीं की गई है।राजनीतिक भविष्य और राज्य की स्थिरता पर पड़ने वाले दूरगामी असरझारखंड की राजनीति हमेशा से ही अपने नाटकीय उतार-चढ़ाव और अनिश्चितताओं के लिए जानी जाती रही है, और मौजूदा परिदृश्य ने एक बार फिर राज्य के राजनीतिक गलियारों का पारा गरमा दिया है। आगामी चुनावी समीकरणों और प्रशासनिक सुधारों के लिहाज से मुख्यमंत्री का इस तरह से चर्चा के केंद्र में बने रहना इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति में कोई बड़ा भूचाल आ सकता है। जनता यह उम्मीद करती है कि जिस नुमाइंदे को उन्होंने चुनकर राज्य की बागडोर सौंपी है, वह उनके सुख-दुख में हमेशा आगे बढ़कर नेतृत्व करे। कुल मिलाकर, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की यह रहस्यमयी अनुपस्थिति और राजकाज की सुस्त रफ्तार तब तक चर्चा का मुख्य विषय बनी रहेगी जब तक खुद मुख्यमंत्री सामने आकर इन सभी सवालों पर विराम नहीं लगा देते, जिस पर देश भर के राजनीतिक विश्लेषकों की पैनी नजर टिकी हुई है।
New Delhi/रांची, 28 सितंबर . Jharkhand लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा में कथित अनियमितताओं की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच की मांग वाली जनहित याचिका पर Supreme Court में Monday को सुनवाई हुई. चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ ने संक्षिप्त सुनवाई के बाद मामले ... Read more
श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों को धुंधला नहीं कर सकते : प्रतुल शाह देव
रांची, 28 सितंबर . भाजपा नेता प्रतुल शाह देव ने कहा कि महान देशभक्त और राष्ट्रवादी चिंतक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर असामाजिक तत्वों द्वारा कालिख पोते जाने की घटना ने Jharkhand और रांची को शर्मसार किया है. से बातचीत में भाजपा नेता ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कश्मीर के ... Read more
रांची, 28 सितंबर . Jharkhand विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्षी दलों की ओर से लगाए जा रहे आरोपों को दुर्भावना की राजनीति से प्रेरित करार दिया है. गिरिडीह में Monday को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बाबूलाल मरांडी ... Read more
हजारीबाग सदर अस्पताल में महिला की मौत पर बवाल, परिजनों और स्थानीय लोगों ने किया सड़क जाम
हजारीबाग, 28 सितंबर . Jharkhand के हजारीबाग जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल में इलाज के दौरान 36 वर्षीय महिला मालती देवी की मौत के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने Monday को शहर के झंडा चौक पर उग्र प्रदर्शन किया और मेन रोड को जाम कर दिया. प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल में इलाज के दौरान लापरवाही ... Read more
Jharkhand Weather: झारखंड में थमेगा बारिश का दौर! आज से मिलेगी राहत; जानें अगले 3 दिनों का हाल
झारखंड में 28 सितंबर से भारी बारिश और वज्रपात से राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि मौसम विभाग ने कोई विशेष अलर्ट जारी नहीं किया है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में केवल हल्की बूंदाबांदी और बादल छाए रहने की संभावना है, जिससे लोगों को आवाजाही में सहूलियत मिलेगी।
झारखंड में सरकारी किरासन तेल की मांग खत्म, 71.32 लाख लीटर की जरूरत के बावजूद आवंटन शून्य
Jharkhand Kerosene Distributionःझारखंड में सरकारी किरासन तेल वितरण प्रणाली में लोगों की दिलचस्पी कम दिख रही है, जिसके कारण 71.32 लाख लीटर की आवश्यकता के बावजूद आवंटन और वितरण लगभग शून्य है।
झारखंड में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के तहत अब मतदाताओं को दस्तावेज जमा करने या सुनवाई के लिए ईआरओ कार्यालय नहीं जाना पड़ेगा। बीएलओ घर जाकर आवश्यक दस्तावेज लेंगे और विशेष परिस्थितियों में ऑनलाइन सुनवाई होगी, जिससे मतदाताओं को बड़ी राहत मिलेगी।
जमशेदपुर के मरीन ड्राइव हादसे में चार युवाओं की मौत के बाद सड़क किनारे पार्किंग पर सख्ती
रांची, 27 सितंबर . जमशेदपुर के मरीन ड्राइव में सड़क किनारे खड़े ट्रक से कार की टक्कर में चार युवाओं की मौत के बाद Jharkhand Government ने सड़क किनारे वाहनों की पार्किंग के खिलाफ राज्यभर में अभियान चलाने का फैसला किया है. परिवहन मंत्री दीपक बिरुवा ने Sunday को राज्यवासियों से मुख्य सड़कों और सहायक ... Read more
चुनाव आयोग को लेकर भ्रामक बयानबाजी के लिए देश से माफी मांगे कांग्रेस : आदित्य साहू
रांची, 27 सितंबर . भारतीय जनता पार्टी के Jharkhand प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर चुनाव आयोग समेत संवैधानिक संस्थाओं को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि 26 सितंबर को चुनाव आयोग की ओर से जारी आधिकारिक बयान के बाद एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) और आयोग के ... Read more
JSSC CGL परीक्षा गड़बड़ी मामले में Jharkhand CID ने 3 अभ्यर्थियों को पकड़ा, कुल 19 गिरफ्तार
झारखंड अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा (जेएसएससी-सीजीएल) 2023 में कथित अनियमितताओं के मामले में तीन अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। इन गिरफ्तारियों के साथ ही सीआईडी इस मामले में अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान कोडरमा जिले के निवासी अजय कुमार तथा गिरिडीह जिले के निवासी संजय कुमार और रामकृष्ण कुमार सिंह के रूप में हुई है। सीआईडी ने एक बयान में कहा, ‘‘इन अभ्यर्थियों ने जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में अनुचित तरीके से लाभ हासिल किया।’’नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों ने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित परीक्षाओं को रद्द किए जाने तथा कथित अनियमितताओं की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराए जाने की मांग को लेकर 25 जुलाई से प्रदर्शन शुरू किया था। इन प्रदर्शनों के बाद राज्य सरकार ने 18 अगस्त को जेएसएससी-सीजीएल-2023 समेत कई भर्ती परीक्षाएं रद्द करने की घोषणा की थी। इसके बाद अभ्यर्थियों ने अपना आंदोलन वापस ले लिया था। हालांकि, परीक्षा में सफल हुए अभ्यर्थियों की याचिका पर झारखंड उच्च न्यायालय ने बाद में सरकार के इस फैसले पर रोक लगा दी।
चुनाव आयोग की केंद्रीय जांच एजेंसी की टीम जमशेदपुर पहुंची है, जहां मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान तीन अफगानी नागरिकों के नाम मिले थे।
Jharkhand Weather: झारखंड में आज भी नहीं थमेगा बारिश का दौर! रांची समेत 19 जिलों में येलो अलर्ट जारी
झारखंड में 27 सितंबर को भी बारिश का दौर जारी रहेगा, जिसमें रांची समेत 19 जिलों के लिए मौसम विभाग ने गरज-चमक और वज्रपात के साथ येलो अलर्ट जारी किया है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित रहने और खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है, हालांकि 28 सितंबर से अलर्ट में राहत मिलने की उम्मीद है।
बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के कारण रांची समेत झारखंड में भारी बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहने और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है, हालांकि बाद में तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है।
Ghazipur News: झारखंड से 2 करोड़ की हेरोइन खरीदकर भोपाल पहुंचाने जा रही महिला तस्कर समेत 3 गिरफ्तार
Three arrested, including a woman smuggler who was trying to transport heroin worth Rs 2 crore from Jharkhand to Bhopal.
झारखंड के 16 जिलों में येलो-ऑरेंज की चेतावनी, तेज हवा के साथ वज्रपात की भी संभावना
Jharkhand Kal Ka Mausam: झारखंड के कई हिस्सों में रुक-रुककर बारिश हो रही है। इस बीच राज्य के 16 जिलों में येलो और ऑरेंज की चेतावनी जारी की गई है।
₹25 लाख का लोन और 40% सब्सिडी, युवाओं की किस्मत बदल रही झारखंड सरकार की CMEGP योजना!
झारखंड सरकार की मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना (Jharkhand Mukhyamantri Rojgaar Srijan Yojana) युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और पलायन रोकने में सहायक साबित हो रही है। आइए जानते हैं कि यह योजना कैसे धरातल पर युवाओं के सपनों को पंख दे रही है।
12वीं पास युवाओं के लिए बड़ा मौका, JSSC ने इंटर लेवल भर्ती के लिए दोबारा शुरू किए आवेदन
Jharkhand Inter Level Vacancy 2026: JSSC ने झारखंड इंटरमीडिएट स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (JILCCE-2026) के लिए आवेदन प्रक्रिया फिर से शुरू कर दी है। 12वीं पास उम्मीदवार 29 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
7वीं पास के लिए 772 होमगार्ड पदों पर जॉब पाने का मौका, ऐसे भरें ऑनलाइन फॉर्म
7th Pass Govt Jobs Jharkhand: झारखंड गृह रक्षा वाहिनी ने देवघर जिले में होम गार्ड के 772 पदों पर भर्ती निकाली है। 7वीं व 10वीं पास उम्मीदवार आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
प्रकाश राज का दावा, SIR में वोटर लिस्ट से मेरा नाम कटा, बोले- खेल शुरू हो चुका है
एक्टर प्रकाश राज ने दावा किया है कि कर्नाटक में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR) प्रक्रिया के दौरान बेंगलुरु की वोटर लिस्ट से उनका नाम हटा दिया गया है। यह घटनाक्रम तब हुआ है जब राज्य अपनी वोटर लिस्ट को अपडेट करने की प्रक्रिया जारी रखे हुए है। जिन वोटरों के नाम SIR प्रक्रिया के तहत चिह्नित किए गए हैं, उनसे कहा गया है कि वे अपनी जानकारी वेरिफाई करें और वोटर लिस्ट में अपना नाम शामिल कराने के लिए ज़रूरी कदम उठाएं। इसे भी पढ़ें: Jharkhand Bandh: छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में BJP का मंगलवार को बंद का आह्वान 'सिंघम' फ़िल्म के एक्टर ने एक वीडियो मैसेज शेयर किया है, जिसमें उन्होंने वोटर लिस्ट से अपना नाम हटने की घटना के बारे में बताया है। वीडियो में उन्होंने कहा, दोस्तों, मैं आपके साथ एक मज़ाक शेयर करना चाहता हूँ। मैं उन 65 लाख वोटरों में से एक हूँ, जिनका नाम बैंगलोर निर्वाचन क्षेत्र की वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है। अच्छा मज़ाक है, है ना? मेरा जन्म इसी निर्वाचन क्षेत्र में हुआ था। मैं यहीं रहा हूँ। मेरी स्कूलिंग, कॉलेज और थिएटर का काम भी यहीं हुआ है। और आपकी जानकारी के लिए बता दूँ कि मैं इसी निर्वाचन क्षेत्र से MP का उम्मीदवार भी रह चुका हूँ। उन्होंने आगे कहा कि खैर, मज़ाक तो अच्छा है। खेल शुरू हो चुका है। देखते हैं कि अपना वोटर ID वापस पाने के लिए मुझे किस प्रक्रिया से गुज़रना होगा। खैर, खेल शुरू हो गया है। लेकिन एक छोटी सी बात, मेरे दोस्त, आप अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करके कुछ नागरिकों को वोट देने के अधिकार से वंचित कर सकते हैं जो शायद आपको दोबारा न चुनें। लेकिन क्या आप हमें, मेरे प्यारे दोस्त, आपको सत्ता से हटाने की हमारी शक्ति का इस्तेमाल करने से रोक सकते हैं? बस पूछ रहा हूँ। बाय। इसे भी पढ़ें: BJP के Jharkhand Bandh से राज्य में जनजीवन ठप, पुलिस कार्रवाई का विरोध इस क्लिप का कैप्शन था: दोस्त, आप शायद कुछ नागरिकों को वोट देने के अधिकार से वंचित कर दें जो आपको दोबारा सत्ता में न लाएँ... लेकिन क्या आप हमें आपको सत्ता से हटाने से रोक सकते हैं? #बसपूछरहाहूँ। वोटर लिस्ट विवाद के बीच, प्रकाश राज ने झारखंड की राजधानी रांची में विधानसभा के पास विरोध प्रदर्शन कर रहे JPSC और JSSC उम्मीदवारों पर बल प्रयोग की भी कड़ी निंदा की है।
Jharkhand Student Lathicharge: Rahul Gandhi बोले- किसी की सरकार हो, छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग गलत
Jharkhand Student Lathicharge: Rahul Gandhi बोले- किसी की सरकार हो, छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग गलत
विधानसभा घेराव से पहले रांची में पुलिस अलर्ट, छात्रों को रोकने के लिए कंटीले तारों की बैरिकेडिंग
झारखंड की राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी के खिलाफ चल रहे आंदोलन को बड़ा समर्थन मिला है। मशहूर एक्टर और सिंगर पीयूष मिश्रा रविवार को आंदोलन स्थल पहुंचे और भूख हड़ताल पर बैठे प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ बैठकर उनका हौसला बढ़ाया। इस दौरान उन्होंने अपना बेहद लोकप्रिय गाना 'इक बगल' गाकर युवाओं में नया जोश भर दिया। बिना किसी राजनीतिक एजेंडे के आंदोलन का समर्थन इससे पहले शनिवार को भी पीयूष मिश्रा जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचे थे, जहां छात्र पिछले दो हफ्तों से लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह इस आंदोलन का दिल से समर्थन करते हैं, क्योंकि छात्र बिना किसी राजनीतिक फायदे या भागीदारी के अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने छात्रों से कहा कि उनकी इवेंट मैनेजमेंट कंपनी और उनकी तरफ से जितना भी संभव होगा, वे इस आंदोलन को पूरा सहयोग देंगे। उन्होंने राज्य सरकार से छात्रों की वाजिब मांगों पर जल्द से जल्द फैसला लेने की अपील की। #WATCH | Actor and Singer Piyush Mishra sings his famous song 'Ik Bagal' at the JPSC-JSCC aspirants' protest at the Jaipal Singh Munda Stadium in Ranchi, Jharkhand. pic.twitter.com/07KocPIrz2 — ANI (@ANI) August 9, 2026 इसे भी पढ़ें: Ananya Panday की कजिन Alanna Panday दूसरी बार बनने वाली हैं मां, खूबसूरत वीडियो शेयर कर दी खुशखबरी 'आरंभ है प्रचंड' से गूंजा स्टेडियम शनिवार को भी पीयूष मिश्रा ने छात्रों के बीच अपना मशहूर गीत 'आरंभ है प्रचंड' गाया था। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर के आंदोलन और रांची के इस प्रदर्शन को अलग-अलग करके नहीं देखा जाना चाहिए। झारखंड भी देश का हिस्सा है और हर किसी को छात्रों की इस समस्या पर खुलकर बात करनी चाहिए। आंदोलनकारियों के नेता ने बताया कि बॉलीवुड से पीयूष मिश्रा के आने और उनके शांतिपूर्ण प्रदर्शन की तारीफ करने से सभी छात्रों को एक नई ऊर्जा मिली है। इसे भी पढ़ें: Awarapan 2 में अरिजीत सिंह के साथ काम करने पर Amaal Mallik ने कही बड़ी बात 10 अगस्त को विधानसभा मार्च की चेतावनी राज्य सरकार और पांच छात्र संगठनों के बीच कई दौर की बातचीत होने के बावजूद अब तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है। आंदोलन को चलते हुए 15 दिन से ज्यादा का समय हो चुका है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार को अल्टीमेटम दिया है कि अगर उनकी मांगों को जल्द स्वीकार नहीं किया गया, तो वे 10 अगस्त को राज्य भर से एकजुट होकर 'विधानसभा घेराव' करेंगे।
Rahul Gandhi On Jharkhand Students Protest: छात्रों संग आए राहुल, क्या बोले | Ranchi JPSC। Congress
झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली, पेपर लीक और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 25 जुलाई से हजारों अभ्यर्थी धरना और अनशन पर बैठे हैं
Jharkhand Student Protest में पहुंचे Mohammed Junaid, कर रहे लोगों की मदद | JPSC Paper Leak
Jharkhand Student Protest में पहुंचे Mohammed Junaid, कर रहे लोगों की मदद | JPSC Paper Leak
Jharkhand Student Protest: Devendra Nath Mahto ने तोड़ा Water Fast, किसने मनाया | JPSC Paper Leak
Jharkhand Student Protest: Devendra Nath Mahto ने तोड़ा Water Fast, किसने मनाया | JPSC Paper Leak
अब झारखंड में भी 'गाड़ी पलटने लगी' सुजीत सिन्हा एनकाउंटर, पूरी कहानी
Jharkhand News: जामताड़ा में पुलिस ने कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा को एनकाउंटर में मार गिराया
Jharkhand Students Protest: JPSC,JSSC परीक्षाओं में गड़बड़ियों के खिलाफ छात्र आंदोलन|Abhijeet Dipke
दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुई छात्रों की आवाज अब झारखंड तक पहुंच गई है। JPSC, JSSC CGL समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों, पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर रांची में छात्रों का आंदोलन तेज हो गया है
Jharkhand school reopen : झारखंड में आज से खुलेंगे स्कूल, जानें किस कक्षा की क्या होगी टाइमिंग
Jharkhand school reopen date 2024 : झारखंड के मौसम में आए बदलाव को लेकर सभी कोटि के स्कूलों में कक्षा केजी से कक्षा आठवीं तक का संचालन पूर्व की तरह आज सोमवार 13 मई से शुरू हो जाएगा।
Jharkhand : बॉलीवुड अभिनेता पंकज त्रिपाठी के जीजा की सड़क हादसे में मौत
धनबाद। बॉलीवुड अभिनेता पंकज त्रिपाठी के जीजा राकेश तिवारी की शनिवार को एक सड़क हादसे में मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि त्रिपाठी की बहन सबिता तिवारी इस हादसे में घायल हुई हैं। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि हादसा शाम करीब साढ़े चार बजे दिल्ली-कोलकाता राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-2 पर निरसा बाजार में तब हुआ जब तिवारी दंपती की कार सड़क के डिवाइडर से टकरा गई। उन्होंने बताया कि दंपती बिहार के गोपालगंज जिले से पश्चिम बंगाल जा रहा था। अधिकारी ने बताया कि हादसे के बाद राकेश तिवारी को धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एसएनएमएमसीएच) ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। एसएनएमएमसीएच में आपात चिकित्सा के विभागाध्यक्ष डॉ. दिनेश कुमार गिनदौरिया ने बताया कि त्रिपाठी की बहन के पैर में फ्रैक्चर आया है और वह खतरे से बाहर हैं।
JAC 10th Board Result 2024: इन 4 स्टेप्स में देख सकते हैं रिजल्ट
JACjharkhand board: झारखंड एकेडमिक काउंसिल(JAC) की ओर से आयोजित कक्षा 10वीं का रिजल्ट देखने के लिए आपको इन चार स्टेप्स के माध्यम से चेक कर सकते हैं। रिजल्ट का डायरेक्ट लिंक छात्र नीचे दिए गए लिंक

