राजसमंद: आमेट में नाता विवाह विवाद में महिलाओं से मारपीट, 5 आरोपी गिरफ्तार
आमेट थाना क्षेत्र के एक गांव में नाता विवाह को लेकर हुए विवाद के बाद महिलाओं को घर से घसीटकर पीटने का वीडियो वायरल हुआ था, जिस पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है।
बागपत के इंद्रदेव इंस्टीट्यूट में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 200 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। इनमें हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के जोड़े शामिल थे। इस कार्यक्रम में बागपत के कई अधिकारी मौजूद रहे। विवाह समारोह में 56 मुस्लिम जोड़े और 140 से अधिक हिंदू जोड़े शामिल हुए। हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार ब्राह्मणों ने फेरे करवाए, जबकि मुस्लिम मौलवियों ने निकाह की रस्में पूरी कीं। सरकार की ओर से नवविवाहित जोड़ों को आवश्यक सामान और सम्मान प्रदान किया गया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कई दिनों से तैयारियां चल रही थीं। जिलाधिकारी अस्मिता लाल के नेतृत्व में इस कार्य को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। अधिकारियों ने इसे ऐतिहासिक बनाने के लिए पूरी तैयारी की थी। नवविवाहित जोड़ों में उत्साह का माहौल देखा गया। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। नवविवाहित मनोज ने कहा कि ऐसी योजनाएं परिवारों को आगे बढ़ाने में आर्थिक सहायता प्रदान करती हैं। वहीं, मुस्लिम महिला शबनम ने मुख्यमंत्री की इस पहल को नया जीवन देने वाला और सराहनीय बताया। एसडीएम ज्योति शर्मा ने जानकारी दी कि दोनों समुदायों के लोगों का विवाह विधि-विधान के साथ कराया गया। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम भव्य तरीके से संपन्न हुआ। ृ
Wedding ceremonies: चार दिन और विवाह की धूम, फिर 36 दिन बाद बजेगी शहनाई, जानें शुभ मुहुर्त
ज्योतिषीय दृष्टि से अप्रैल में भी विवाह के लिए बहुत अधिक शुभ तिथियां नहीं हैं। प्रोफेसर पांडेय के अनुसार, पूरे अप्रैल महीने में केवल 20 और 21 अप्रैल ही ऐसे दिन हैं जिन्हें अत्यंत शुभ माना गया है।
हरियाणा के सिरसा का विवादित हांडीखेड़ा बाबा अब दिल्ली पहुंच गया है। उसका एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वो बर्फ से भरे ड्रम में बैठकर तपस्या करता दिख रहा है। साथ ही दावा कर रहा है कि जिसका रिश्ता नहीं हो रहा, तो उससे झाड़ा लगवाए तो हर समस्या का हल हो जाएगा। खास बात ये है कि अब हांडीखेड़ा बाबा उर्फ संजय भगत अकेले नहीं बल्कि पत्नी पूजा भी गद्दी पर बैठकर झाड़ा लगा रही है। इन्होंने राधिका धाम बनाया है। दोनों के कई वीडियो वायरल सामने आए हैं। झाड़े के बदले सरसों का तेल और अनाज लिया जा रहा है। संजय भगत ने सबसे पहले सिरसा के हांडी खेड़ा गांव से अपना दरबार शुरू किया था। यहां झाड़े के नाम पर महिला का प्राइवेट पार्ट दबाने का वीडियो वायरल हो गया। जिसके बाद ग्रामीणों से उसे खेदड़ दिया था। उसके बाद राजस्थान में डेरा लगाने लगा, लेकिन वहां भी बदनामी होने से टीन-टप्पर उखाड़ने पड़ गए। सिलसिलेवार जानिए वीडियो में क्या दिख रहा… कॉल रिसीव नहीं की, सेवादार बोले- भगत जी खुद फोन करेंगे हरियाणा-राजस्थान से खदेड़े जाने के बाद अब दिल्ली में ठिकाना बनाने को लेकर दैनिक भास्कर एप की टीम ने संजय भगत के मोबाइल नंबर पर चार बार कॉल की। एक सेवादार रॉबिन ने कॉल रिसीव कर कहा कि- इस बारे में भगत जी को बता दिया है। वे आपको फोन कर लेंगे और आपका नंबर उनको दे दिया है। जल्द संपर्क करेंगे। हालांकि बाद में कोई कॉल नहीं आई। अब हांडी खेड़ा बाबा के बारे में जानिए… खेती की, हेयर ड्रेसर बना, कबाड़ी का काम किया हांडीखेड़ा गांव के लोग बताते हैं कि संजय तीन भाइयों में मंझला है। करीब 10 साल पहले खेतीबाड़ी करता था। खेती छोड़ हेयर ड्रेसर का काम सीखा। फिर कुछ दिन बाद कबाड़ी का भी काम करने लगा। उसके बाद किराना की दुकान शुरू की। फिर अचानक दुकान बंद करके कहीं बाहर चला गया। 9 साल पहले संजय की शादी हुई। उसकी खुद की कोई औलाद नहीं है। भाई की ही बेटी को गोद लिया हुआ है। दो साल पहले झाड़-फूंक का काम शुरू किया गांव के जय सिंह, भालाराम बताते हैं कि दो-ढाई साल पहले संजय जब गांव लौटा तो कहा कि उसने अपने गुरु का नाम लिया है। उसके बाद अपने घर में ही बाबा बनकर झाड़ फूंक का काम शुरू किया। सोशल मीडिया से जुड़े लोगों को साथ लगाया। ये लोग बाबा के चमत्कार का गुणगान करने की वीडियो बनाकर वायरल करने लगे। यह वीडियो देख लोगों की भीड़ बढ़ती चली। -------------------------------- ये खबर भी पढ़ें :- हरियाणा का विवादित बाबा राजस्थान से भगाया: सामान लेकर दोबारा हांडी खेड़ा लौटा, झाड़े से ठीक होने के दावे से पलटा हरियाणा में सिरसा का विवादित बाबा संजय भगत राजस्थान से वापस गांव हांडी खेड़ा लौटा। उसने राजस्थान में बीकानेर जिले के असरासर गांव में नया डेरा हांडी खेड़ा धाम बनाया था। मगर राजस्थान पुलिस और असरासर के ग्रामीणों ने विरोध जताया और नए डेरे को उठवा दिया। पढ़ें पूरी खबर…
25वें सामूहिक विवाह समारोह में कराएंगे 25 जोड़ों का विवाह
59 सालों से समाजसेवा कर रही सिंधु वेलफेयर सोसायटी अपने सामूहिक विवाह समिति का रजत जयंती समारोह मना रही है। संस्था इस वर्ष 25वें सामूहिक विवाह समारोह में 25 जोड़ों का पाणिग्रहण संस्कार कराएगी। सोसायटी गृहस्थी बसाने के लिए नवविवाहित जोड़ों को सोने-चांदी के आभूषण व 115 तरह के आइटम देगी। बता दें कि सोसायटी समाज कल्याण का कार्य वर्ष 1967 से निरंतर कर रही है। संस्था के महासचिव अशोक टेवानी, सोसायटी के वाइस चेयरमैन व 25वें सामूहिक विवाह आयोजन समिति के संयोजक कमल राजवानी ने बताया कि इस वर्ष सोसायटी इस वर्ष 15 मार्च को यशोदा देवी रेवाचंद गुरनानी हाल सेक्टर-19 प्रताप नगर, सांगानेर में 25वें रजत जयंती सामूहिक विवाह का आयोजन कर रही है। समारोह के भामाशाह मोहन गुरनानी हैं। यहां करा सकते हैं रजिस्ट्रेशन सामूहिक विवाह में नवीन जोड़ों के रजिस्ट्रेशन का कार्य संस्था के कार्यालय भरत अपार्टमेंट, सिंधी पंचायती स्कूल के पास न्यू कॉलोनी, एमआई रोड पर शाम 5 से 7 बजे तक जारी है। समारोह में सरकारी अनुदान राशि व विवाह प्रमाण-पत्र उपलब्ध करवाने के लिए राजकीय कार्य संपादन समिति का गठन किया, जिसके प्रभारी रमेश वाधवानी हैं। सिंधु वेलफेयर सोसायटी; 59 वर्ष से समाजसेवा {नवविवाहित जोड़ों को सोने के मंगल सूत्र, नाक की लोंग व चांदी की अंगूठी, कानों के झुमके, पायजेब, चूड़ियां सहित अन्य सामान देंगे।
45वां दिव्यांग एवं निर्धन सामूहिक विवाह 14-15 मार्च को, 51 जोड़े करेंगे नए जीवन की शुरुआत
उदयपुर|नारायण सेवा संस्थान 14-15 मार्च को बड़ी में 45वां दिव्यांग एवं निर्धन सामूहिक विवाह समारोह आयोजित कर रहा है। आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों से चयनित 102 दिव्यांग एवं निर्धन वर-वधू, 51 जोड़ों के रूप में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पवित्र अग्नि के सात फेरे लेकर गृहस्थ जीवन में प्रवेश करेंगे। संस्थान के अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि इन जोड़ों में कोई हाथों से वंचित है, कोई पैरों से, कोई दृष्टिहीन है और कुछ श्रवण-वाक् बाधित हैं। इनमें से अनेक वर-वधू ऐसे हैं जिनका निशुल्क ऑपरेशन, कृत्रिम अंग/सहायक उपकरण और कौशल प्रशिक्षण इसी संस्थान में हुआ है।
मऊ जिले के कोपागंज थाना क्षेत्र के शाहूपुर उर्फ बाबूपुर गांव में सोमवार रात एक बारात में उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब दूल्हे ने दुल्हन की कटी हुई उंगली देखकर शादी से इनकार कर दिया। देर रात तक चले विवाद के बाद पंचायत की मध्यस्थता से समझौता हुआ और मंगलवार सुबह विवाह संपन्न कराया गया। यह बारात गाजीपुर जनपद के कासिमाबाद थाना क्षेत्र के गंगौली गांव से बाबूपुर गांव आई थी। बारातियों का स्वागत किया गया और भोजन के बाद जयमाला की रस्म भी पूरी हुई। विवाह की अगली रस्मों के लिए जब दूल्हा-दुल्हन मंडप में बैठे, तभी दूल्हे की नजर दुल्हन के हाथ की कटी हुई उंगली पर पड़ी। दूल्हे ने इसे 'छांगुर' बताते हुए शादी करने से इनकार कर दिया। इस अचानक इनकार से बारात में अफरा-तफरी मच गई और कुछ बाराती वापस जाने लगे। दुल्हन पक्ष के लोगों ने दूल्हे को रोका, जिससे विवाद और बढ़ गया। जानकारी के अनुसार, इस दौरान दूल्हे को कथित तौर पर बंधक बना लिया गया और गांव के लोगों की मौजूदगी में एक पंचायत बुलाई गई। ग्राम प्रधान और दोनों पक्षों के परिजनों के बीच लंबी बातचीत और समझाइश हुई। काफी देर तक चली बातचीत के बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। इसके बाद मंगलवार सुबह शादी की रस्में फिर से शुरू की गईं और दूल्हा-दुल्हन ने सात फेरे लेकर विवाह संपन्न किया। यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही। ग्रामीणों ने पंचायत की सूझबूझ की सराहना की, जिससे दोनों परिवारों की प्रतिष्ठा बनी रही। कोपागंज थाना पुलिस ने इस मामले में किसी भी शिकायत की जानकारी होने से इनकार किया है।
यमुनानगर में एक अनोखा और अलौकिक विवाह चर्चा का विषय बना हुआ है। शहर की बेटी इशिका ने भगवान श्रीकृष्ण (ठाकुर जी) से पूरे विधि-विधान और पारंपरिक रस्मों के साथ विवाह रचाया। बताया जा रहा है कि यमुनानगर के इतिहास में यह पहला अवसर है जब किसी युवती ने भगवान श्रीकृष्ण के साथ विधिवत शादी की है। इस विवाह को लेकर पिछले 3 दिनों से दोनों पक्षों के घरों में कार्यक्रम चल रहे थे। रविवार को हल्दी, सोमवार को मेहंदी और मंगलवार को पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह संपन्न हुआ। प्रोफेसर कॉलोनी में विशाल के निवास स्थान से ठाकुर जी की बारात धूमधाम के साथ निकाली गई। माता-पिता ने विधि-विधान से किया कन्यादान बैंड-बाजे और नाच-गाने के बीच बाराती पैदल प्रोफेसर कॉलोनी से गोविंदपुरी तक पहुंचे और वहां से गाड़ियों के माध्यम से हरबंसपुरा स्थित इशिका के घर पहुंचे, जहां परिजनों ने बारात का भव्य स्वागत किया। इशिका के पिता राजेश कुमार और माता पूजा ने विधि-विधान के साथ कन्यादान किया और विवाह की सभी रस्में निभाई गईं। इसके बाद इशिका और ठाकुर जी के फेरे कराए गए और भावुक माहौल में विदाई की रस्म भी पूरी हुई। इस दौरान सर्व जागरूक संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. पायल और उनके पति विशाल ने ठाकुर जी के अभिभावक की भूमिका निभाई। एसपी धर्मपत्नी के साथ विवाह में हुए शामिल विवाह समारोह में सैकड़ों की संख्या में रिश्तेदार, मित्र और शहरवासी शामिल हुए। हर कोई इस अनोखे विवाह को देखने और आशीर्वाद देने के लिए उत्साहित नजर आया। जब ठाकुर जी की बारात निकली तो रास्ते में लोगों ने पुष्प वर्षा की और बड़ी संख्या में लोग अपने घरों की छतों से बारात को देखने के लिए खड़े दिखाई दिए। इस अवसर पर जिला पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल अपनी धर्मपत्नी के साथ विशेष रूप से विवाह समारोह में पहुंचे और इशिका को आशीर्वाद दिया। उन्होंने डॉ. पायल से इस विवाह की परंपरा और भविष्य की व्यवस्था के बारे में भी जानकारी ली। गोवर्धन से आए पंडित ने संपन्न करवाई रस्में विवाह की रस्में श्री गोवर्धन से आए पंडित बृजभूषण भारद्वाज ने संपन्न करवाईं। उन्होंने बताया कि इस अलौकिक विवाह के बाद इशिका का जीवन पूरी तरह भगवान की भक्ति को समर्पित रहेगा और इसे मोक्ष की ओर बढ़ने का मार्ग माना जाता है। फिलहाल शहर में इस अनोखे विवाह को लेकर चर्चा का माहौल है। जो लोग इस विवाह में शामिल हुए, वे अपने आप को भाग्यशाली मान रहे हैं और इसे भगवान की कृपा बता रहे हैं।
आजमगढ़ जिले के दीदारगंज थाना क्षेत्र में बिजली के खंभे पर एक किशोरी के चढ़कर हाई वोल्टेज ड्रामा किए जाने का मामला सामने आया है। प्रेम प्रसंग के चलते एक किशोरी हाईवोल्टेज बिजली के खम्भे पर चढ़ गई। इस घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। काफी देर तक समझाने-बुझाने के बाद भी किशोरी खम्भे से उतरने को तैयार नहीं हुई। अंततः पुलिस के आश्वासन के बाद वह नीचे उतरी, जिसके बाद पुलिस उसे अपने साथ कोतवाली ले गई। यह पूरा मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। यह प्रेमी जोड़े जौनपुर के शाहगंज के रहने वाले हैं। प्रेमी से विवाह की जिद पर थी अड़ी जिले के दीदारगंज क्षेत्र के बैरकडीह गांव की उत्तर सीवान में स्थित हाईवोल्टेज विद्युत खम्भे पर मंगलवार को दोपहर दो बजे नटौली गांव की अनुसूचित बस्ती की एक किशोरी अचानक चढ़ गई। किशोरी अपने प्रेमी से विवाह की जिद पर अड़ी हुई थी। घटना को सबसे पहले आस-पास के खेतों में काम कर रहे लोगों ने देखा। जिसके बाद शोर मचाया गया और देखते ही देखते आसपास के गांवों के लोग मौके पर इकट्ठा हो गए। ग्रामीणों ने काफी देर तक किशोरी को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह अपनी जिद पर अड़ी रही और बार-बार यही कहती रही कि वह अपने प्रेमी से ही शादी करेगी। हाईवोल्टेज खम्भे पर चढ़ने के कारण लोगों में किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रही, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति बन गई। घटना की सूचना मिलने पर शाहगंज कोतवाली पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस कर्मियों ने भी काफी देर तक समझाने का प्रयास किया। अंततः पुलिस ने किशोरी को आश्वासन दिया कि उसकी बात सुनी जाएगी। उसके प्रेमी से विवाह के संबंध में उचित कार्यवाही की जाएगी। पुलिस के इस आश्वासन के बाद किशोरी ने भरोसा जताते हुए खम्भे से नीचे उतरने का निर्णय लिया। किशोरी के नीचे उतरते ही पुलिस उसे अपने साथ शाहगंज कोतवाली ले गई। जहां पूछताछ और आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। आरोपी और आरोपी के परिजनों ने किया गुमराह इस बारे में मामले की छानबीन कर रही शाहगंज थाने की पुलिस का कहना है कि पीड़िता के साथ आरोपी समीउल्लाह ने शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाया था। जब पीड़िता ने शादी करने की बात कही तो आरोपी ने इनकार कर दिया था। जिसके बाद पीड़िता के परिजनों ने इस मामले में मुकदमा लिखवाया था और आरोपी समीउल्लाह जेल चला गया था। आरोपी के जेल जाने के बाद आरोपी के परिजनों ने लड़की के परिजनों से संपर्क किया और लड़के से शादी करने की बात भी कहीं। ऐसे में लड़की को गुमराह करके पेपर पर यह लिखवा लिया कि गांव वालों के कहने पर झूठा मुकदमा लिखवाया था। जिसके आधार पर आरोपी की जमानत हो गई जेल से छुटकारा आने के बाद आरोपी ने ना तो विवाह किया और मुंबई भाग गया। आरोपी की हरकतों से पीडित अवसाद में आ गई और बिजली के खंभे पर चढ़ गई।
दोवड़ा तहसील के पुनाली ग्राम पंचायत में प्रशासन और चाइल्ड हेल्पलाइन ने एक 12 वर्षीय बालिका का बाल विवाह रुकवाया। मंगलवार को संयुक्त कार्रवाई करते हुए बालिका को संरक्षण प्रदान किया गया। जिला बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष भावेश जैन ने बताया कि मंगलवार सुबह चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर एक गुप्त सूचना मिली थी। इसमें बताया गया कि दोवड़ा तहसील के पुनाली ग्राम पंचायत में एक नाबालिग बालिका का विवाह हो रहा है। सूचना मिलते ही चाइल्ड हेल्पलाइन समन्वयक मेहुल शर्मा ने जिला प्रशासन और पुलिस को सूचित किया। तहसीलदार दोवड़ा, पुलिस बल और सृष्टि सेवा समिति की संयुक्त टीम तुरंत मौके पर पहुंची। बालिका के दस्तावेजों की जांच करने पर उसकी उम्र मात्र 12 वर्ष 8 माह पाई गई। प्रशासन ने तत्काल विवाह की रस्मों को रुकवा दिया और बारात को वापस लौटा दिया। कार्रवाई के दौरान तहसीलदार ने बालिका के परिवार को भविष्य में बाल विवाह न करने के लिए कड़े निर्देश दिए और उन्हें पाबंद किया। बालिका को आगे की सहायता और काउंसलिंग के लिए बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष भावेश जैन व सदस्यों के समक्ष पेश किया गया। समिति के निर्णय के बाद बालिका को मुस्कान संस्थान के बालिका गृह में अस्थायी आश्रय दिया गया है।
कोरबा जिले में बाल विवाह के खिलाफ 100 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान चलाया गया। भारत सरकार के केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की पहल पर यह अभियान गांवों और कस्बों में केंद्रित रहा। कोरबा लोकसभा क्षेत्र की सांसद ज्योत्सना महंत ने 'बाल विवाह मुक्ति रथ' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इस मुक्ति रथ ने जिलेभर में भ्रमण किया और दूरस्थ पंचायतों तथा गांवों तक पहुंचा। अभियान से बड़ी संख्या में लोगों को जोड़ा गया। रथ ने लोगों को बाल विवाह के स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका पर पड़ने वाले दुष्परिणामों से अवगत कराया, साथ ही इसके कानूनी पहलुओं की जानकारी देते हुए समझाया कि बाल विवाह एक दंडनीय अपराध है। देश के 439 जिलों में बाल विवाह मुक्ति रथ 'बाल विवाह मुक्त भारत' अभियान के एक साल पूरे होने पर भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने 4 दिसंबर, 2025 को देशव्यापी '100 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान' की घोषणा की थी। जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठनों ने इस अभियान का नेतृत्व करते हुए देश के 439 जिलों में 'बाल विवाह मुक्ति रथ' निकाले। अभियान के दौरान यह संदेश दिया गया कि बाल विवाह कोई सामाजिक कुप्रथा नहीं, बल्कि विवाह की आड़ में बच्चों से बलात्कार है। इसे एक अपराध और कानूनन दंडनीय माना गया। बताया गया कि बाल विवाह किसी भी बच्ची के जीवन की संभावनाओं को खत्म कर देता है और उन्हें कुपोषण, अशिक्षा व गरीबी के दुष्चक्र में धकेल देता है। तीन चरणों में चला अभियान यह अभियान तीन चरणों में चला। पहले चरण में शैक्षणिक संस्थानों को जोड़ा गया, जबकि दूसरे चरण में धर्मगुरुओं से अनुरोध किया गया कि वे विवाह संपन्न कराने से पहले आयु की जांच करें और बाल विवाह कराने से इनकार करें। इसके अतिरिक्त, कैटरर्स, सजावट करने वालों, बैंक्वेट हॉल मालिकों और विवाह में सेवाएं देने वाले बैंड व घोड़ी वालों से भी बाल विवाह में अपनी सेवाएं न देने का आग्रह किया गया।
पंजाब के गुरदासपुर में गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया और उसके भाई द्वारा अपने माता-पिता की याद में मंगलवार को गांव भगवांनपुर में 100 जरूरतमंद बेटियों का सामूहिक विवाह करवाया जाएगा हलका डेरा बाबा नानक के अधीन आने गांव भगवानपुर में गैंगस्टर जग्गू भगवांनपुरिया और विदेश ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले मन्नू भगवानपुर द्वारा अपनी माता स्व: हरजीत कौर और पिता स्व: सविंदर सिंह की याद को समर्पित पहली बार 100 जरूरतमंद बेटियों का सामूहिक विवाह गांव भगवानपुर में करवाया जा रहा है बता दें कि, गैंगस्टर जग्गू भगवान पुरिया पर कई अपराधिक मामले दर्ज है। पंजाब के सिंगर सिद्धू मूसेवाला कत्ल मामले में भी गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया का नाम आया था। गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया अब समाजसेवा के रास्ते पर चलता हुआ दिखाई दे रहा है। जानकारी देते हुए गुरुद्वारा साहिब के हेड ग्रंथी बाबा दलेर सिंह जी ने बताया कि इस धार्मिक समागम में विशेष रूप से स्व. भाई स्विंदर सिंह जी, बीबी हरजीत कौर जी और ग्राम पंचायत भगवानपुर की ओर से लगभग 100 गरीब और बेसहारा लड़कियों के सामूहिक विवाह कराया जाएगा। इन सामूहिक विवाहों में करीब 23 लड़कियों का निकाह होगा, जबकि बाकी लड़कियों के सिख रीति-रिवाजों के अनुसार श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की छत्रछाया में आनंद कारज करवाए जाएंगे। बेटियो को दिया जाएगा जरुरी सामानबाबा जी ने बताया कि इन लड़कियों को परिवार की ओर से घर की जरूरत का सामान भी दिया जाएगा। इस मौके पर बाबा दलेर सिंह जी ने इलाके की संगतों से अपील की कि बड़ी संख्या में पहुंचकर संत-महापुरुषों, संप्रदायों के मुखियों और ढाडी-कवीशरी जत्थों द्वारा गुरबाणी कीर्तन का श्रवण कर गुरु घर की खुशियां प्राप्त करें और उन्होंने बताया कि हर साल इसी तरह जरूरत मंद बच्चोंयो की शादी परिवार की ओर से करवाई जाएगी।
किशनगंज में एक अंतरधार्मिक विवाह के मामले में नया मोड़ आ गया है। अब दूसरे पक्ष ने अपने बेटे खुशहाल अहमद और बहू प्रिया घोष पर मारपीट तथा जबरन जमीन कब्जा करने का आरोप लगाया है। इस संबंध में खुशहाल के भाई अहमद रजा ने सदर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। दरअसल, कुछ दिनों पहले खुशहाल अहमद ने अपनी मां हलीमा खातून, भाई अहमद रजा और बहन पर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि परिवार उनकी हिंदू पत्नी प्रिया घोष का जबरन धर्म परिवर्तन करवाना चाहता है और उन्हें गौमांस खाने के लिए मजबूर किया जा रहा है। खुशहाल ने एक वीडियो जारी कर यह भी कहा था कि विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें घर से निकाल दिया गया। पति-पत्नी पर मारपीट का लगाया आरोप अहमद रजा ने सदर थाने में दिए अपने आवेदन में बताया कि यह घटना तब हुई जब उनकी मां हलीमा खातून अपने दरवाजे पर फल खरीद रही थीं। इसी दौरान खुशहाल अहमद और प्रिया घोष ने दरवाजा बंद कर दिया। जब मां ने दरवाजा बंद करने का कारण पूछा, तो दोनों पति-पत्नी ने गाली-गलौज करते हुए उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। अहमद रजा ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने अपनी मां को बचाने की कोशिश की, तो खुशहाल और प्रिया ने उन पर 'फाइटर' (एक प्रकार का हथियार) से हमला कर दिया। प्रिया घोष ने लकड़ी से उनके सिर पर वार किया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं और वे घायल हो गए। अस्पताल में भी लाठी-डंडों से किया हमला अपनी जान बचाकर अहमद रजा सदर अस्पताल पहुंचे। हालांकि, खुशहाल अहमद, प्रिया घोष और प्रिया की मां गीता घोष (45 वर्ष) अपने 15 से 20 अन्य साथियों के साथ वहां भी पहुंच गए। आरोप है कि उन्होंने अस्पताल परिसर में भी लाठी-डंडों से हमला किया। सदर अस्पताल के गार्ड के हस्तक्षेप के बाद अहमद रजा की जान बच सकी। अहमद रजा ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी भी किसी को धर्म परिवर्तन के लिए विवश नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि खुशहाल अहमद और प्रिया घोष जमीन हड़पने के इरादे से उन पर झूठा मुकदमा दर्ज करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस मामले में निष्पक्ष तरीके से जांच करें यही उनकी गुहार है। आवेदन प्राप्ति के बाद पुलिस पीड़ित के घर पहुंच कर मामले की तहकीकात जुटी हुई है।
धौलपुर निवासी समाजसेवी अनिल अग्रवाल 11 मार्च 2026 को तीर्थराज मचकुंड पर 8वें सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन करने जा रहे हैं। इस समारोह में चंबल अंचल और आसपास के जिलों की कुल 66 गरीब, अनाथ और बेसहारा कन्याओं का विवाह कराया जाएगा। जानकारी के अनुसार इस सामूहिक विवाह समारोह में 47 हिंदू, 9 मुस्लिम और 10 सिख धर्म की कन्याएं विवाह बंधन में बंधेंगी। समारोह को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसी क्रम में गुरुवार को मचकुंड स्थित लाडली जगमोहन मंदिर में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें सभी कन्याओं को शगुन स्वरूप विवाह के लिए लहंगा, ओढ़नी और चुनरी सहित अन्य वस्त्र भेंट किए गए। समाजसेवी अनिल अग्रवाल ने बताया कि विवाह समारोह में सभी कन्याओं को उनकी ओर से वस्त्र, बेड, अलमारी सहित गृहस्थी का पूरा सामान और सोने-चांदी के जेवरात उपहार स्वरूप दिए जाते हैं। इसका उद्देश्य नवविवाहित जोड़ों को नई जिंदगी शुरू करने में सहायता प्रदान करना है। अग्रवाल का यह 8वां सामूहिक विवाह समारोह है। इससे पहले वे 7 ऐसे समारोह आयोजित कर चुके हैं, जिनमें कुल 511 अनाथ, गरीब और बेसहारा कन्याओं के विवाह संपन्न कराए गए हैं। अनिल अग्रवाल मूल रूप से धौलपुर के बजरिया निवासी हैं और वर्तमान में वैशाली नगर, जयपुर में रहते हैं। वे विवाह के बाद भी नवविवाहित जोड़ों की हरसंभव मदद करते हैं। 11 मार्च को होने वाले इस समारोह में राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश की कन्याएं विवाह बंधन में बंधेंगी। कन्याओं को शगुन के वस्त्र भेंट करने के दौरान लाडली जगमोहन मंदिर, मचकुंड के महंत कृष्णदास, राजीव सिंघल और धर्मेंद्र शर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहेंगे।
मांगलिक कार्य शुरू, 4 दिन विवाह मुहूर्त, जयपुर जिले में 11000 शादियां होंगी
होली की मस्ती के बाद एक बार फिर बैंड-बाजा और बारात की रौनक शहर में लौट आई है। शहर में सोमवार को जगह-जगह दूल्हे राजा के लिए गाड़ी सजती नजर आईं। डीजे की धुन पर बाराती ठुमकते रहे। आठ दिनों तक चले होलाष्टक के समाप्त होने के बाद मांगलिक कार्यों की फिर से शुरुआत हो गई। धार्मिक मान्यताओं के चलते होलाष्टक के दौरान विवाह, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्य नहीं हुए। होली के बाद अब शुभ मुहूर्त उपलब्ध होने से शादी समारोहों की शुरुआत हो चुकी है। ज्योतिषाचार्य पं. दिनेश मिश्रा के अनुसार इस माह 14 मार्च के बीच तीन और विवाह मुहूर्त रहेंगे, जबकि अगले माह में 15 से 29 अप्रैल के बीच 8 दिन विवाह मुहूर्त के रहेंगे। शादी की खरीदारी से बाजारों में लौटी रौनक दो महीने के विवाह मुहूर्त; मार्च में सोमवार के विवाह मुहूर्त के बाद अब 10,11 और 12 मार्च के सावे में विवाह होंगे। वहीं, अप्रैल में आठ दिन 19, 20, 21, 25, 26, 27, 29 और 30 अप्रैल को विवाह के शुभ मुहूर्त रहेंगे। ऑल इंडिया टैंट डेकोरेटर वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रवि जिंदल का कहना है कि विवाह मुहूर्त शुरू होने से ज्वेलरी, कपड़ा, सजावट और कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े कारोबारियों में भी उत्साह है। शहर के अधिकांश मैरिज गार्डन और बैंक्वेट हॉल पहले से बुक हो चुके हैं। जिन परिवारों ने होलाष्टक के कारण विवाह कार्यक्रम टाल दिए थे, वे अब तैयारियों में जुट गए हैं। 30 से 35 हजार शादियां राज्यभर में मार्च के सावों में होंगी, जबकि जयपुर जिले में 11000 जोड़े विवाह बंधन में बंधेंगे। 45 से 50 हजार जोड़े राज्यभर में अप्रैल के 8 सावों में परिणय सूत्र में बंधेंगे। वहीं जयपुर जिले में 15000 विवाह होंगे। 15 मार्च से 14 अप्रैल के बीच खरमास रहेगा। इस कारण महीने भर शादियां नहीं होंगी। {इसके बाद 15 अप्रैल से 14 मई तक फिर विवाह के मुहूर्त रहेंगे।
घाटमपुर के कठेठा गांव में 15 वर्षीय किशोर की गला घोटकर हत्या के मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर हत्यारोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि किशोर की बहन से उसका प्रेम प्रसंग था। इस बात की जानकारी किशोर को हो गई थी और वह घरवालों को बताने की जिद पर अड़ा था। आरोपी ने कई बार उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन जब वह नहीं माना तो उसने उसकी हत्या कर दी। हत्यारोपी किशोर का रिश्ते में मामा लगता है। पुलिस ने जब परिजनों को पूरे हत्याकांड की जानकारी दी तो वे भी हैरान रह गए। घाटमपुर थाना क्षेत्र के कठेठा गांव निवासी संतोष सिंह के 15 वर्षीय बेटे प्रतीक उर्फ कृष्णा सिंह का शव बीते शनिवार को खेत के पास माइनर किनारे पड़ा मिला था। उसकी लोअर से गला घोंटकर हत्या की गई थी। पिता ने पुलिस को बताया था कि किशोर साइकिल से खेत पर मवेशी देखने के लिए गया था। घटनास्थल के पास उसकी साइकिल स्टैंड में ताला लगी खड़ी मिली थी। पोस्टमार्टम के बाद रविवार शाम परिजनों ने मूसानगर स्थित घाट पर विधि-विधान के साथ किशोर का अंतिम संस्कार किया था। पिता ने गांव के ही बउरा और उनके बेटे अवधेश पर हत्या की आशंका जताते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने परिजनों और संदिग्धों की कॉल डिटेल व सीडीआर खंगाली। जांच में सामने आया कि आशुतोष की किशोर के घर के नंबर पर रात में काफी बातचीत होती थी। इसके बाद पुलिस ने सोमवार को आशुतोष को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, जिसमें उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पहले गला दबाकर मारा, फिर माइनर में फेंका शव हत्यारोपी आशुतोष ने पुलिस को बताया कि शनिवार दोपहर करीब एक बजे किशोर घर के बाहर खड़ा था। उसने खेत से मवेशी भगाने की बात कहकर उसे अपने साथ खेत पर बुला लिया। सुनसान जगह पर पहुंचकर उसने पहले किशोर की साइकिल खड़ी कराई, फिर उसे गिराकर उसके सीने पर बैठ गया और हाथों से उसका गला दबा दिया। किशोर के चिल्लाने पर उसने उसके मुंह में रुमाल ठूंसकर आवाज बंद कर दी। मौत होने के बाद उसने किशोर के लोवर का नाड़ा निकालकर उसका गला कस दिया और शव को खेत के पास से गुजर रही माइनर में फेंक दिया। मृतक की मां का फुफेरा भाई है आरोपीआरोपी आशुतोष ने बताया कि हत्या के बाद वह काफी डर गया था। गांव में पुलिस पहुंची तो वह बाइक लेकर हथेही गांव में अपने जीजा के घर चला गया। बाद में जब उसे पता चला कि पुलिस यह पता लगा रही है कि गांव से कौन गायब है, तो शक से बचने के लिए वह वापस गांव लौट आया और पुलिस के सामने ही बना रहा। इतना ही नहीं, वह फोरेंसिक टीम को बाइक से घटनास्थल तक भी लेकर गया और पुलिस अधिकारियों की बातचीत भी सुनता रहा। हत्यारोपी मृतक किशोर की मां का फुफेरा भाई है। किशोर के साथ खेत जाते देखा गया, पूछताछ में खुला राजघाटमपुर इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट ने बताया कि ग्रामीणों ने पुलिस को बताया था कि उन्होंने किशोर को आशुतोष के साथ साइकिल से खेत की ओर जाते देखा था। जब आशुतोष से पूछताछ की गई तो उसने साथ जाने से साफ इनकार कर दिया। वह बार-बार कहता रहा कि वह किशोर के साथ खेत तक नहीं गया था। बाद में कॉल डिटेल और सीडीआर के आधार पर जब सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने हत्या की बात कबूल कर ली। पुलिस आरोपी को मंगलवार को न्यायालय में पेश कर जेल भेजेगी।
बेगूसराय के व्यवहार न्यायालय स्थित एडीआर भवन परिसर से सोमवार को बाल विवाह मुक्त जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (प्रथम) राज नारायण निगम और प्राधिकार के सचिव करुणानिधि प्रसाद आर्य ने रथ को रवाना किया। बाल विवाह के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी देगा इस जागरूकता रथ का मुख्य उद्देश्य बाल विवाह पर प्रभावी रोक लगाना है। अधिकार मित्रों द्वारा चलाए जा रहे 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त अभियान को सफल बनाने के लिए जिले के विभिन्न क्षेत्रों में लोगों को जागरूक किया जा रहा है। यह रथ जिले के अलग-अलग हिस्सों में जाकर लोगों को बाल विवाह के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी देगा। यह अभियान राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (नालसा), नई दिल्ली के निर्देश पर देशभर के सभी जिला विधिक सेवा प्राधिकारों द्वारा चलाया जा रहा है। इस अवसर पर जिला वकील संघ के अध्यक्ष ध्रुव महतो, महासचिव विजयकांत झा, जिला अधिवक्ता संघ के महासचिव संजीत कुमार, डीएलएसए के प्रधान लिपिक इंद्रसेन कुमार, एलएडीसी चीफ अशोक कुमार, डिप्टी चीफ अशोक कुमार झा और शशिभूषण सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
औरंगाबाद जिले के नवीनगर प्रखंड अंतर्गत प्रसिद्ध शक्तिपीठ गजना धाम इन दिनों आस्था, श्रद्धा और भक्ति के रंग में सराबोर है। यहां आयोजित राम विवाह उत्सव ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया है। रविवार देर माता जानकी और भगवान श्रीराम का विवाह उत्सव पारंपरिक रीति-रिवाजों और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुआ। विवाह समारोह में राजा दशरथ की भूमिका सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने निभाई, जबकि राजा जनक की भूमिका भृगुनाथ सिंह ने अदा की। विवाह रस्मों को उसी प्रकार निभाया गया, जैसे किसी सामान्य विवाह समारोह में निभाया जाता है। स्थानीय लोग मिथिलावासी बनकर विवाह की परंपराओं को निभाते नजर आए, जिससे पूरा माहौल जीवंत हो उठा। भगवान श्रीराम और माता जानकी का भव्य विवाह उत्सव बड़े ही पारंपरिक और वैदिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। इस धार्मिक आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा गया और हजारों की संख्या में भक्तों ने इस दिव्य दृश्य के साक्षी बनकर स्वयं को धन्य महसूस किया। 46 वर्षों से चली आ रही परंपरा गजना धाम में राम विवाह उत्सव की परंपरा पिछले 46 वर्षों से निरंतर चली आ रही है। यह धार्मिक आयोजन वर्ष 1979 से शुरू हुआ था। तभी से हर वर्ष बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ इसका आयोजन किया जाता है। इस वर्ष भी 21 फरवरी से नवाह्न यज्ञ के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई थी। इसके बाद लगातार लगभग 18 दिनों तक प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, पूजन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। 4 मार्च को भगवान श्रीराम का हल्दी उत्सव मनाया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। इसके बाद 5 मार्च को तिलकोत्सव समारोह आयोजित किया गया, जबकि 6 मार्च को मंडप पूजन और किशोरी जी की हल्दी रस्म संपन्न कराई गई। 7 मार्च को भगवान श्रीराम की भव्य बारात निकाली गई, जिसने नगर भ्रमण के दौरान लोगों का ध्यान आकर्षित किया। श्रद्धालु बारात में शामिल होकर भक्ति गीतों और जयघोष के साथ पूरे माहौल को भक्तिमय बनाते नजर आए। अयोध्या से बुलाए गए कलाकार धाम के महंत श्री श्री 108 श्री अवध बिहारी दास के सानिध्य में आयोजित यह कार्यक्रम प्रतिदिन शाम 6 बजे से प्रारंभ होकर देर रात्रि तक चला। मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों से आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जिससे पूरा क्षेत्र उत्सवमय हो गया। अयोध्या से आए कलाकारों ने संगीत और नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से राम विवाह से जुड़े विभिन्न प्रसंगों का मंचन किया। कलाकारों की प्रस्तुति इतनी प्रभावशाली रही कि ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो वास्तव में भगवान राम और माता सीता का विवाह संपन्न हो रहा हो और सभी लोग उसके प्रत्यक्ष साक्षी बन रहे हों। मिथिला वासियों और भगवान राम के बीच संवाद और प्रसंगों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। दूर-दराज से पहुंचते हैं श्रद्धालु महंत श्री श्री 108 श्री अवध बिहारी दास ने बताया कि गजना धाम में राम-जानकी विवाह उत्सव की परंपरा वर्षों से चली आ रही है। हर वर्ष दूर-दराज से श्रद्धालु यहां पहुंचकर इस पावन आयोजन में शामिल होते हैं। भगवान श्रीराम और माता सीता के विवाह उत्सव में भाग लेने से भक्तों को आध्यात्मिक शांति और आशीर्वाद की प्राप्ति होती है। आज श्री राम कलेवा के साथ संपन्न होगा कार्यक्रम सोमवार 9 मार्च को श्रीराम कलेवा प्रसाद पूजन के साथ इस धार्मिक आयोजन का समापन होगा। इस अवसर पर भगवान श्रीराम को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया जाएगा, जिसके बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया जाएगा। साथ ही विशाल भंडारे का आयोजन कर कार्यक्रम का समापन किया जाएगा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
गर्व है... गौरव है... ये हमारी गेर है...:ऐसे उड़े रंग कि रिश्ते हुए गुलाल
इंदौर की गेर... महज परंपरा नहीं, शहर की आत्मा है। रविवार को शहर एक बार फिर इस गौरवशाली पल का साक्षी बना। सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक निकली गेर में लोगों का उत्साह जैसे सातवें आसमान पर पहुँच गया। चिलचिलाती धूप भी लोगों का उत्साह कम नहीं कर सकी। रंगों से भीगते शहरवासी चार घंटे से ज्यादा समय तक झूमते रहे। सुबह 10.30 पर शुरू हुआ गेर का कारवाँ सुबह 10.30: टोरी कॉर्नर की पहली गेर रवाना हुई। सुबह 11.15 बजे राजबाड़ा पहुँची। पीछे दो ट्रॉलियों में महिलाएँ फाग गीतों पर नृत्य करती रहीं। तीन ट्रॉलियों में स्टूडेंट का समूह रंग बरसा रहा था। 4 टैंकरों से मिसाइलों द्वारा लाल व केसरिया रंग 150 फीट ऊँचाई तक उड़ाया गया। युवाओं की टोली झूमते-गाते चल रही थी। सुबह 11.20: दूसरे नंबर पर निकली नगर निगम की गेर का पहला वाहन राजबाड़ा पहुँचा। थ्री आर की थीम पर बनी हाथी की विशाल प्रतिकृति ने बच्चों को खूब लुभाया। ऑपरेशन सिंदूर की झाँकी में टैंक पर सवार सैनिकों द्वारा मिसाइल से 300 फीट ऊँचाई तक रंगों की बौछार की गई। हाथी की सूंड से 150 फीट दूरी तक बौछार पहुँची। छीपा बाखल से निकलकर जुड़ी तीसरी गेर मॉरल ग्रुप की गेर छीपा बाखल से निकलकर 11.30 बजे राजबाड़ा पहुँची। बोरिंग मशीनों से सतरंगी गुलाल उड़ाया गया। 6 ट्रैक्टर ट्रॉलियों से रंगों की बारिश होती रही। पानी के 20 हजार लीटर के दो बड़े टैंकरों से 6 मिसाइलें 100 फीट तक रंग उड़ा रही थीं। चौथे क्रम पर हिंद रक्षक की फाग यात्रा हिंद रक्षक की फाग यात्रा नृसिंह बाजार से निकलकर करीब 12.25 बजे राजबाड़ा पहुँची। संयोजक एकलव्य गौड़ ने बताया, यात्रा में महाकाल मंदिर की प्रतिकृति एवं बाबा महाकाल के विग्रह की विशाल प्रतिकृति थी। भजन मंडली ने खूब रंग जमाया। दोपहर 1.15 बजे आखिरी गेर राजबाड़ा पहुँची आखिर में दोपहर 1.15 बजे संस्था सृजन की संगम कॉर्नर समरसता गेर राजबाड़ा पहुँची। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, विधायक रमेश मेंदोला व संस्था अध्यक्ष कमलेश खंडेलवाल दर्शकों पर रंग उड़ाते रहे। राजबाड़ा चौक पर बरसाना की लट्ठमार होली भी खेली गई। गेर में हेलिकॉप्टर से नहीं कर सके पुष्पवर्षा पूर्व विधायक और कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव सत्यनारायण पटेल की योजना हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा की थी, लेकिन प्रशासन से अनुमति नहीं मिली। पटेल ने कहा, अनुमति नहीं मिलना समझ से परे है। सख्ती ऐसी; 52 गलियों में चेकिंग पॉइंट, हुड़दंगियों को सबक सिखाया 16 हुड़दंगियों को एमजी रोड पुलिस ने गिरफ्तार कर प्रतिबंधात्मक धाराओं में केस दर्ज किया है। टीआई विजय सिसौदिया के अनुसार ये लोग जूते-चप्पल फेंक रहे थे, कचरा और पन्नियाँ उड़ा रहे थे। गेर की गरिमा पर किसी तरह का दाग न लगे, इसके लिए पुलिस ने पहली बार विशेष एक्शन प्लान तैयार किया। गेर मार्ग से जुड़ने वाली 52 गलियों में चेकिंग पॉइंट बनाए गए। सभी पॉइंट पर पुलिस टीम के जवान मेटल डिटेक्टर व ब्रेथ एनालाइजर से जाँच कर रहे थे। स्पेशल ड्रोन यूनिट के ट्रेंड जवानों द्वारा 4 हाई रिजॉल्यूशन ड्रोन से आसमान से निगरानी रखी गई। इससे नशाखोर और हुड़दंगी गेर में घुस नहीं सके। भीड़ में दो युवतियाँ घबराहट होने पर बेहोश हो गईं। तत्काल सहायता केंद्र पर तैनात महिला बल व नगर सुरक्षा समिति के सदस्यों ने उन्हें एम्बुलेंस तक पहुँचाया। भीड़ ने भी एम्बुलेंस को तत्काल रास्ता देकर मानवीयता दिखाई। महिला बल की विशेष टुकड़ी चारों सेक्टर में मौजूद रही
बाल विवाह मुक्ति रथ 100 दिन में 150 गांवों में पहुंचा
भिंड| जिले में बाल विवाह रोकने के लिए बाल विवाह मुक्ति रथ को विधायक नरेंद्रसिंह कुशवाह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। रथ जिले में 1500 किमी यात्रा अब-तक पूरी की है और यह रथ जिले के 150 गांव तक पहुंच चुका है, साथ ही 25000 लोगों को बाल विवाह के खिलाफ जोड़ा है। इस अभियान को 100 दिन हो चुके हैं। यह जानकारी पत्रकारों से चर्चा करते हुए धरती संस्था संभागीय समन्वयक मुरैना भीकम सिंह तोमर ने दी। उन्होंने बताया कि जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन के सहयोगी संगठनों ने इस अभियान की मोर्चा से अगुआई करते हुए देश के 439 जिलों में बाल विवाह के खिलाफ जागरुकता का संदेश देने के लिए बाल विवाह मुक्ति रथ निकाले। बाल विवाह के खात्मे के लिए कानून, सुरक्षा और जवाबदेही के संकल्प को हम जनसमुदाय तक ले गए ताकि बाल विवाह मुक्त भिंड का लक्ष्य वास्तविकता में बदल सके। इस मौके पर जिला समन्वयक रामवीर सिंह कुशवाह, ब्लाक समन्वयक विनोद सिंह आदि मौजूद रहे।
बाल विवाह नहीं करने का महिलाओं ने लिया संकल्प
धालभूमगढ़| धालभूमगढ़ प्रखंड के जुगीशोल पंचायत के पहाड़पुर गांव में रविवार को आदर्श सेवा संस्था की ओर से महिला दिवस मनाया गया। इस दौरान सनातन पांडे, गुड्डी सिंह, युधिष्ठिर पाल, सेविका मीनू रानी टुडू, सुनीता टुडू, सृष्टि कुमार, दिनेश कुमार पाल, संजय पाल, बाबूलाल महतो, स्वप्न महतो, सनातन महतो आदि उपस्थित थे।
चैनपुर में प्रेमी युगल की लोगों ने कराई शादी:जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के सहयोग से विवाह संपन्न
कैमूर जिले के चैनपुर थाना के समीप स्थित दुर्गा मंदिर में रविवार को एक प्रेमी युगल का विवाह संपन्न हुआ। यह शादी जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों के सहयोग से कराई गई। ग्रामीणों के अनुसार, यह प्रेम प्रसंग काफी समय से चल रहा था। लड़के ने शादी करने की इच्छा जताई थी, लेकिन उसके परिजन इसके लिए तैयार नहीं थे। इसके बाद लड़की के परिजनों ने चैनपुर थाने में लड़के के परिवार द्वारा शादी से इनकार करने की जानकारी दी। जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप पर लड़के के परिजनों को बुलाया गया। लंबी बातचीत के बाद लड़के के परिवार वाले शादी के लिए राजी हो गए। धरहरा, चैनपुर थाना निवासी मुनीब राम की पुत्री छांगुर कुमारी का विवाह तिवई, चैनपुर थाना निवासी नारायण राम के पुत्र विकास कुमार से हुआ। दोनों ने एक-दूसरे का हाथ पकड़कर सात फेरे लिए। इस अवसर पर परिजनों और स्थानीय लोगों ने नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया।
औरंगाबाद के कुटुंबा प्रखंड स्थित महाराजगंज ठाकुरबाड़ी परिसर में आज बाबा बासुकीनाथ सेवा समिति के तत्वावधान में नवां सामूहिक विवाह समारोह भव्य रूप से आयोजित किया गया। इस अवसर पर कुल 23 जोड़े वैदिक मंत्रोच्चार और मांगलिक गीतों के बीच विवाह बंधन में बंधे और जीवनभर साथ निभाने का संकल्प लिया। पूरे प्रखंड क्षेत्र में मांगलिक गीतों और आचार्यों के वैदिक मंत्रों की गूंज से माहौल पूरी तरह धार्मिक और उत्सवी बना रहा। बड़ी संख्या में लोग इस आयोजन के साक्षी बने और नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया। कार्यक्रम का उद्घाटन पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह, भाजपा के वरीय नेता सुनील कुमार सिंह, जन सुराज नेता मनीष कश्यप, भाजपा जिलाध्यक्ष विजेंद्र सिंह चंद्रवंशी और आयोजन समिति के अध्यक्ष वरुण कुमार सिंह उर्फ जब्बर सिंह ने संयुक्त रूप से किया। कन्या का विवाह कराना सबसे बड़ा धर्म कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह ने कहा कि कन्या का विवाह कराना सबसे बड़ा धर्म है। उन्होंने कहा कि मानव जीवन को सार्थक बनाने के लिए दो पवित्र आत्माओं का एक बंधन में बंधना आवश्यक होता है। एक बेटे की शादी कराना भी एक प्रकार का यज्ञ होता है, लेकिन जब एक साथ दर्जनों बेटियों की शादी कराई जाती है, तो वह महायज्ञ का रूप ले लेता है। सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन समाज के लिए बेहद महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी है। हर माता-पिता की इच्छा होती है कि वे अपने बेटे-बेटी की शादी धूमधाम से करें, लेकिन आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण कई परिवार ऐसा नहीं कर पाते। ऐसे में सामूहिक विवाह समारोह गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए एक बड़ा सहारा बनता है। यहां हजारों लोगों का आशीर्वाद नवदंपतियों को मिलता है, जो उनके जीवन को सुखमय बनाने में सहायक होता है। समानता और भाईचारे का संदेश देते पूर्व सांसद ने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में समानता और भाईचारे का संदेश देते हैं। इस समारोह में किसी प्रकार का जातीय भेदभाव नहीं होता और सभी धर्मों और वर्गों के लोग इसमें भाग लेते हैं। उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह का आयोजन करना और इसमें सहयोग देना वास्तव में सौभाग्य की बात है।अपने संबोधन में उन्होंने डाल्टेनगंज–पटना पथ को फोर लेन बनवाने की बात भी दोहराई। इस सड़क के निर्माण को लेकर जनता का विश्वास आज भी उनसे जुड़ा हुआ है और वे जनता की ताकत से इस कार्य को पूरा कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।इस मौके पर जन सुराज नेता मनीष कश्यप ने नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विवाह केवल दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि दो परिवारों का मिलन होता है। उन्होंने कहा कि यदि सास अपनी बहू को बेटी की तरह और बहू अपनी सास को मां की तरह सम्मान दें, तो घर में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है। उन्होंने कहा कि स्वर्ग में जाने की इच्छा हर किसी को होती है, लेकिन यदि परिवार में प्रेम, सम्मान और आपसी समझ हो तो घर में ही स्वर्ग जैसी अनुभूति हो सकती है। सदस्यों को पूर्व सांसद ने किया सम्मानित कार्यक्रम के दौरान पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह ने आयोजन समिति से जुड़े सभी सदस्यों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। वक्ताओं ने कहा कि आज के समय में शादी समारोह में अत्यधिक खर्च करने की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है, जिससे कई परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हो जाते हैं। कई बार आपसी तालमेल की कमी के कारण पारिवारिक विवाद बढ़कर न्यायालय तक पहुंच जाते हैं। ऐसे में सामूहिक विवाह समारोह सादगी, सामाजिक समरसता और दहेज मुक्त विवाह का संदेश देता है।वक्ताओं ने कहा कि दो अपरिचित व्यक्तियों के बीच सामंजस्य स्थापित कर दहेज रहित विवाह कराना वास्तव में बहुत बड़ी सामाजिक सेवा है। बाबा बासुकीनाथ सेवा समिति जैसी संस्थाएं समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य कर रही हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से समय की बर्बादी, दान-दहेज और फिजूलखर्ची जैसी कुरीतियों से समाज को मुक्ति मिल सकती है। अंतर्राज्यीय बना विवाह समारोह समिति के सचिव राकेश पाठक ने बताया कि इस वर्ष का सामूहिक विवाह समारोह अंतर्राज्यीय स्वरूप का हो गया। बिहार के विभिन्न जिलों के अलावा झारखंड और मध्यप्रदेश से भी दूल्हा-दुल्हन इस समारोह में शामिल हुए। कुल 23 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया। वर-वधु को दिए गए उपहार विवाह संपन्न होने के बाद आयोजन समिति की ओर से सभी नवविवाहित जोड़ों को उपयोगी उपहार प्रदान किए गए। इनमें बर्तन, बिछावन, पलंग, ट्रॉली बैग, सिलाई मशीन, कपड़े, साड़ी व अन्य आवश्यक सामान शामिल थे।आयोजन समिति के अध्यक्ष वरुण कुमार सिंह उर्फ जब्बर ने बताया कि समिति पिछले नौ वर्षों से लगातार सामूहिक विवाह का आयोजन कर रही है। इस आयोजन को सफल बनाने में समिति के सदस्यों के साथ-साथ स्थानीय लोगों का भी भरपूर सहयोग मिलता है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज से बाल विवाह और दहेज प्रथा जैसी कुरीतियों को समाप्त करना है।उन्होंने कहा कि आज भी कई लोग अपनी बेटियों की शादी में आडंबर और दिखावे के कारण जमीन-जायदाद तक बेच देते हैं। सामूहिक विवाह जैसे आयोजन से ऐसे परिवारों को राहत मिलती है और समाज में सादगीपूर्ण विवाह की परंपरा को बढ़ावा मिलता है।
शेखपुरा में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिला थाना पुलिस ने जागरूकता कार्यक्रम चलाया। इस अभियान के तहत शहर के पटेल चौक पर महिला जागरूकता को लेकर एक नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों के प्रति लोगों को जागरूक करना था। कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से घरेलू हिंसा, बाल विवाह, भ्रूण हत्या, लिंग विभेद और महिलाओं के साथ होने वाले अत्याचार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रकाश डाला। नाटक में महिला सशक्तिकरण और सही उम्र में विवाह जैसे सकारात्मक पहलुओं को भी प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने का संदेश दियामहिला थाना अध्यक्ष अनामिका कुमारी ने बताया कि यह कार्यक्रम अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में महिलाओं के अधिकार और सुरक्षा को लेकर आयोजित किया गया था। उन्होंने कहा कि नुक्कड़ नाटक के जरिए समाज में फैली विभिन्न कुरीतियों के प्रति लोगों को सचेत करने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने का संदेश दिया गया। अधिकारों की रक्षा के लिए संकल्प भी दिलाया पटेल चौक पर बड़ी संख्या में लोग नुक्कड़ नाटक देखने के लिए एकत्रित हुए और कार्यक्रम की सराहना की। अंत में, उपस्थित लोगों को महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए संकल्प भी दिलाया गया। थाना अध्यक्ष अनामिका कुमारी ने सभी महिलाओं से अपने घर-आंगन की देखभाल के साथ-साथ आगे आकर समाज और देश को नई दिशा देने की अपील की। कार्यक्रम से जुड़ी तस्वीरें…
झाबुआ जिले में सीएम कन्या विवाह एवं निकाह योजना के तहत आयोजित होने वाले सामूहिक विवाह सम्मेलनों की तारीखों में बदलाव किया गया है। प्रशासन ने हितग्राहियों की सुविधा और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए पूर्व निर्धारित तिथियों को संशोधित कर नई तारीखों की घोषणा की है। उप संचालक सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, पंकज सांवले ने इस संबंध में जानकारी दी है। मेघनगर में सामूहिक विवाह सम्मेलन 14 मार्च को होगा जनपद पंचायत मेघनगर में पहले 09 मार्च को होने वाला आयोजन अब स्थगित कर दिया गया है। यह कार्यक्रम अब 14 मार्च को आयोजित किया जाएगा। इसमें मेघनगर और थांदला जनपद पंचायत के साथ-साथ नगर परिषद के हितग्राही भी शामिल होंगे। इस संयुक्त आयोजन की जिम्मेदारी जनपद पंचायत मेघनगर को सौंपी गई है। पेटलावद में सामूहिक विवाह अब 16 मार्च को इसी प्रकार, पेटलावद क्षेत्र के लिए भी कार्यक्रम की रूपरेखा में परिवर्तन किया गया है। जनपद पंचायत पेटलावद में 10 मार्च को प्रस्तावित सामूहिक विवाह कार्यक्रम अब 16 मार्च को होगा। इस आयोजन में जनपद पंचायत पेटलावद और नगर परिषद पेटलावद के सभी पात्र हितग्राही परिणय सूत्र में बंधेंगे। कार्यक्रम के सफल संचालन का जिम्मा जनपद पंचायत पेटलावद के पास रहेगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह आंशिक संशोधन स्थानीय निकायों और आवेदकों की सहूलियत के लिए किया गया है। इसका उद्देश्य सभी व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से पूर्ण करना है ताकि आयोजनों में कोई बाधा न आए।
दरभंगा. अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आज विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रमों का आयोजन कर महिलाओं को सम्मानित किया गया और उनके अधिकार, समानता और सशक्तिकरण को लेकर जागरूकता अभियान चलाया गया। समाहरणालय स्थित अंबेडकर सभागार में जिला प्रशासन, कला एवं संस्कृति विभाग और महिला एवं बाल विकास निगम के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी कौशल कुमार ने की। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं के अधिकार, सम्मान और समानता के प्रति समाज को जागरूक करना और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं का उत्साहवर्धन करना था। इस दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक सेवा, सामुदायिक नेतृत्व और प्रशासनिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित महिलाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि आत्मविश्वास, निरंतर प्रयास और सामूहिक सहयोग से महिलाएं समाज में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। महिलाओं की उपलब्धियों को सम्मान देने का अवसर जिलाधिकारी कौशल कुमार ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं की उपलब्धियों को सम्मान देने और समाज में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण अवसर है। महिलाएं आज शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन, पुलिस सेवा, उद्यमिता और सामाजिक कार्य जैसे हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता का बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने बताया कि महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, बालिका साइकिल योजना, बालिका पोशाक योजना और मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना जैसी कई लोक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (आईसीडीएस) चांदनी सिंह ने कहा कि शिक्षा महिलाओं के सशक्तिकरण का सबसे प्रभावी माध्यम है। जब एक महिला शिक्षित होती है तो वह पूरे परिवार को शिक्षित और जागरूक बनाती है। जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक डॉ. ऋचा गार्गी ने बताया कि जीविका कार्यक्रम से जुड़कर जिले की हजारों महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और स्वरोजगार व उद्यमिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही हैं। बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रही कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. अरुण कुमार, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी चंदन कुमार, वरीय उप समाहर्ता प्रियंका कुमारी सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, जीविका से जुड़ी महिलाएं, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद थीं। हनुमाननगर प्रखंड के अरैला पंचायत स्थित सामुदायिक भवन में भी अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर “100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान” के समापन कार्यक्रम का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) की ओर से सेंटर डायरेक्ट एनजीओ के सहयोग से किया गया। डीएलएसए की सचिव आरती कुमारी ने महिला सशक्तिकरण, लैंगिक समानता और बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि बाल विवाह बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास के लिए बेहद हानिकारक है। उन्होंने लोगों से इस कुप्रथा के खिलाफ जागरूक रहने और आवाज उठाने की अपील की। अच्छा प्रदर्शन करने वाली प्रतिभागियों को सम्मानित किया अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर ‘अस्मिता’ पहल के तहत नेहरू स्टेडियम में महिला और बालिकाओं के लिए दौड़ प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला खेल पदाधिकारी परिमल कुमार, कृषि वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। दौड़ प्रतियोगिता में अंडर-13, 13–18 और 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की प्रतिभागियों के बीच 100 मीटर, 200 मीटर और 400 मीटर दौड़ का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्राओं और युवतियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। अतिथियों ने कहा कि खेल केवल शारीरिक विकास ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता को भी विकसित करता है। ऐसे आयोजनों से महिलाओं और बालिकाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा मिलती है।
बैरवा समाज विकास समिति की बैठक, पोस्टर विमोचन:26 अप्रैल को होगा सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन
झालावाड़ में बैरवा समाज विकास समिति की बैठक कोटा रोड स्थित छोटी रायपुर के हॉस्टल में कन्हैयालाल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस दौरान आदर्श बैरवा समाज सामूहिक विवाह सम्मेलन का पोस्टर विमोचन किया गया। यह सम्मेलन 26 अप्रैल रविवार को आयोजित किया जाएगा। जिला अध्यक्ष फूंदीलाल बैरवा ने बताया कि सम्मेलन के लिए वर-वधू का पंजीयन 10 मार्च से 10 अप्रैल तक किया जाएगा। पंजीयन के लिए वर पक्ष से 19 हजार रुपए और वधू पक्ष से 17 हजार रुपए सहयोग राशि ली जाएगी। पंजीयन के लिए वर की आयु 21 वर्ष से अधिक और वधू की आयु 18 वर्ष से अधिक होना अनिवार्य है। इस अवसर पर सम्मेलन के पोस्टर का विमोचन भी किया गया। संयोजक घांसीलाल बैरवा, सहसंयोजक वेदप्रकाश वर्मा, कोषाध्यक्ष दानमल अध्यापक, राकेश अध्यापक, संरक्षक बृजमोहन बैरवा ठेकेदार, संजय वर्मा, सलाहकार छीतरलाल बैरवा, रामस्वरूप बैरवा, नरेन्द्र गोटवाल, रामकल्याण तथा विधि सलाहकार हेमन्त बैरवा को नियुक्त किया गया। जल, भोजन, टेंट और संचालन जैसी व्यवस्थाओं के लिए भी विभिन्न समितियों का गठन कर जिम्मेदारियां सौंपी गईं। बैरवा समाज विकास समिति की कार्यकारिणी में भी फेरबदल किया गया। बैठक में बृजमोहन बैरवा अध्यापक, अशोक कुमार व्याख्याता, चन्द्रप्रकाश बैरवा, जितेन्द्र भारती और धर्मेन्द्र ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
भारत सरकार के केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की पहल पर संचालित 100 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान के तहत नालंदा में बाल विवाह के खिलाफ निर्णायक जंग छेड़ी गई है। 'बाल विवाह मुक्ति रथ' की यात्रा के समापन के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में 'आइडिया' समाजसेवी संस्थान ने जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने के संकल्प को दोहराया। इस अभियान के दौरान न केवल लोगों को जागरूक किया गया, बल्कि उन्हें इस कुप्रथा के खिलाफ शपथ दिलाकर कानूनी पहलुओं से भी अवगत कराया गया। संस्थान के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह वास्तव में बच्चों के साथ होने वाला एक अपराध है, जो कानून की नजर में दंडनीय है। रथ ने 1600 किलोमीटर की यात्रा तय की अभियान की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सांसद कौशलेन्द्र कुमार की ओर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किए गए इस रथ ने महज 30 दिनों के भीतर जिले में 1600 किलोमीटर की यात्रा तय की। 125 गांवों तक पहुँचा और लगभग 3 लाख लोगों को बाल विवाह के खिलाफ एकजुट किया। जहां मुख्य मार्गों पर रथ के जरिए संदेश पहुंचाया गया, वहीं सुदूरवर्ती क्षेत्रों और दुर्गम गाँवों तक पहुँचने के लिए मोटरसाइकिल व साइकिल कारवां का सहारा लिया गया, ताकि जिले का कोई भी कोना इस संदेश से अछूता न रहे। रविवार को प्रेस कांफ्रेंस कर आइडिया समाजसेवी संस्थान की निदेशक रागिनी कुमारी ने इस यात्रा को मात्र प्रतीकात्मक न बताकर एक 'परिवर्तनकारी यात्रा' करार दिया। उन्होंने कहा कि बाल विवाह बच्चों के भविष्य को कुपोषण, अशिक्षा और गरीबी के दुष्चक्र में धकेल देता है। उन्होंने समाज के हर वर्ग से आह्वान किया कि इसे केवल एक सामाजिक कुप्रथा न मानकर बच्चों के विरुद्ध होने वाला अपराध समझा जाए। इस अभियान को तीन चरणों में योजनाबद्ध तरीके से लागू किया गया, जिसमें प्रथम चरण में शैक्षणिक संस्थानों और दूसरे चरण में धर्मगुरुओं को शामिल किया गया। धर्मगुरुओं से अपील की गई कि वे विवाह संपन्न कराने से पूर्व आयु की कड़ाई से जांच करें। बाल विवाह में सहयोग करने से होगी जेल अभियान के दौरान विवाह आयोजनों से जुड़े विभिन्न सेवा प्रदाताओं जैसे कैटरर्स, सजावट वाले, बैंकट हॉल मालिकों और बैंड-बाजा समूहों को भी जागरूक किया गया। उन्हें चेतावनी दी गई कि बाल विवाह में किसी भी प्रकार की सहायता या सेवा प्रदान करना कानूनी रूप से दंडनीय है और इसके लिए उन्हें सजा हो सकती है। तीसरे चरण में जिले की पंचायतों में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम चलाए गए। सरकार, प्रशासन और जन प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी ने इस अभियान को एक जन-आंदोलन का रूप दे दिया है, जिससे अब बाल विवाह मुक्त नालंदा का लक्ष्य वास्तविकता के बेहद करीब नजर आ रहा है। इस अवसर पर मनु कुमार, उज्ज्वल कुमार, विवेक कुमार, गंगोत्री कुमारी, सुशीला देवी विनोद पांडे और अश्वनी कुमार मौजूद रहे।
मुजफ्फरपुर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) ने एक विशेष जागरूकता-सह-सम्मान समारोह का आयोजन किया। नालसा (NALSA) के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम में महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों, पी.एन.डी.टी. एक्ट और घरेलू हिंसा से संबंधित विधिक प्रावधानों के प्रति जागरूक किया गया। इसी समारोह के दौरान जिले में सफलतापूर्वक चलाए गए '100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान' का भी औपचारिक समापन किया गया। यह अभियान बाल विवाह की रोकथाम और जागरूकता फैलाने पर केंद्रित था। कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसमें न्यायपालिका और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इनमें प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुश्री श्वेता कुमारी सिंह, परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश श्री पीयूष प्रभाकर, विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) सुश्री नूपुर सुल्ताना और जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव सुश्री जयश्री कुमारी प्रमुख थीं। प्रशासनिक अधिकारियों में जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन, एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा और उप विकास आयुक्त (डीडीसी) ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। महिला सशक्तिकरण अब केवल एक नारा नहीं सभा को संबोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुश्री श्वेता कुमारी सिंह ने कहा कि महिला सशक्तिकरण अब केवल एक नारा नहीं, बल्कि धरातल पर दिखने वाली सच्चाई है। उन्होंने समाज और परिवार की समृद्धि में महिलाओं के योगदान को पुरुषों के बराबर बताया। जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने जिले की 8 लाख जीविका दीदियों के आर्थिक योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि महिलाओं के प्रति वैश्विक भेदभाव में कमी आई है और वे अब हर क्षेत्र में नेतृत्व कर रही हैं। समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 180 से अधिक लोगों को सम्मानित किया गया। इन्हें प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न प्रदान किए गए। सम्मानित होने वालों में महिला न्यायिक पदाधिकारी, जीविका दीदियाँ, स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल-कूद, पत्रकारिता, बैंक, बीमा और साहित्य जगत की हस्तियां शामिल थीं। इसके अलावा, बेहतर सामाजिक कार्य करने वाले मुखिया और सरपंचों को भी नवाजा गया। बाल विवाह मुक्त अभियान की सफलता नालसा के नेतृत्व में चलाए गए 100 दिवसीय अभियान के समापन पर संतोष व्यक्त किया गया। इस दौरान नुक्कड़ नाटकों, प्रचार रथों और जनसंपर्क के माध्यम से जिले के सुदूर क्षेत्रों तक जागरूकता पहुँचाई गई। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि आशा कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी सेविकाओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से मुजफ्फरपुर जल्द ही बाल विवाह जैसी कुरीतियों से पूरी तरह मुक्त होगा। कार्यक्रम के अंत में सचिव जयश्री कुमारी ने सभी आगंतुकों का धन्यवाद ज्ञापन किया।
शिवहर में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार, शिवहर द्वारा बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम रविवार, 8 मार्च 2026 को गाँव एराजी छतौनी तरियानी में ग्रामीणों के साथ संपन्न हुआ। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष एवं जिला व सत्र न्यायाधीश दीपक कुमार के निर्देश पर तथा सचिव सह न्यायाधीश ललन कुमार के मार्गदर्शन में यह आयोजन हुआ। अधिकार मित्र मोहन कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय विधि सेवा प्राधिकरण की आशा स्कीम (जागरूकता, समर्थन, सहायता और कार्रवाई) के तहत 100 दिवसीय 'बाल विवाह मुक्त भारत अभियान' 4 दिसंबर 2025 से 8 मार्च 2026 तक चलाया गया। इस अभियान के दौरान, जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने शिवहर के विभिन्न विद्यालयों, पंचायतों, प्रखंडों और जिला मुख्यालय में जागरूकता, प्रशिक्षण, संवेदीकरण और बैठकों का आयोजन किया। इस अवधि में एक बाल विवाह को भी सफलतापूर्वक रुकवाया गया। मोहन कुमार ने बताया कि यह कार्यक्रम आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने ग्रामीणों को जानकारी दी कि बाल विवाह एक संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध है। माता-पिता को अपनी लड़कियों की शादी 18 वर्ष और लड़कों की शादी 21 वर्ष की आयु पूरी होने पर ही करनी चाहिए। पैनल अधिवक्ता अजय कुमार ने महिलाओं को पीसीपीएनडीटी (PCPNDT) अधिनियम और दहेज प्रतिषेध अधिनियम के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पीसीपीएनडीटी अधिनियम का उद्देश्य लिंग आधारित भ्रूण हत्या को रोकना है, जहां भ्रूण के लिंग की पहचान कर 'अनचाहे' (महिला) लिंग होने पर गर्भपात कराया जाता है। उन्होंने जोर दिया कि जीने का अधिकार मानव अधिकारों का अभिन्न अंग है और किसी लड़की को इससे वंचित करना गंभीर उल्लंघन है।
हमीरपुर के अमन शहीद इलाके में गुरुवार रात एक अधिवक्ता का शव कमरे में फंदे पर लटका मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच के दौरान कमरे से एक पेज का सुसाइड नोट बरामद किया। इसमें एक महिला के साथ 11 साल पुराने रिश्ते में धोखा मिलने की बात लिखी गई है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान 33 वर्षीय देवी प्रसाद यादव के रूप में हुई है, जो कुरारा थाना क्षेत्र के कुसमरा गांव के रहने वाले थे। वे पेशे से अधिवक्ता थे और करीब एक साल से सदर कोतवाली क्षेत्र के अमन शहीद इलाके में किराए के मकान में रह रहे थे। स्थानीय लोगों के अनुसार देवी प्रसाद अक्सर अपने काम में व्यस्त रहते थे और आसपास के लोगों से सामान्य बातचीत करते थे। घटना की जानकारी मिलने के बाद मोहल्ले में भी सन्नाटा छा गया। गुरुवार रात करीब साढ़े नौ बजे उनका एक परिचित उनसे मिलने के लिए कमरे पर पहुंचा। उसने काफी देर तक दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। संदेह होने पर उसने खिड़की से अंदर झांककर देखा तो अधिवक्ता का शव कमरे में फंदे पर लटका हुआ दिखाई दिया। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही सदर कोतवाली पुलिस और फील्ड यूनिट की टीम मौके पर पहुंची। कमरे से मिला सुसाइड नोट, रिश्ते में धोखे का जिक्र जांच के दौरान पुलिस को कमरे से एक पेज का सुसाइड नोट मिला, जिसे कब्जे में ले लिया गया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार नोट में एक महिला के साथ करीब 11 साल पुराने रिश्ते का जिक्र किया गया है। सुसाइड नोट में लिखा गया है कि उस रिश्ते में उन्हें धोखा मिला, जिससे वह काफी समय से मानसिक रूप से परेशान थे। पुलिस अब सुसाइड नोट की लिखावट और उसमें लिखी बातों की जांच कर रही है। अविवाहित थे अधिवक्ता, जल्द शादी की चर्चा भी थी बताया जा रहा है कि अधिवक्ता देवी प्रसाद यादव अविवाहित थे, हालांकि हाल के दिनों में उनकी शादी को लेकर परिवार में बातचीत चल रही थी। सदर कोतवाली प्रभारी पवन पटेल ने बताया कि घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। कमरे से मिले सुसाइड नोट को जांच के लिए सुरक्षित कर लिया गया है। परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई है और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आमेटा समाज का तीसरा सामूहिक विवाह अप्रैल में
आगामी 20 अप्रैल को मंडफिया सांवरिया जी में आयोजित होने वाले आमेटा समाज के तृतीय सामूहिक विवाह की तैयारी के लिए शुक्रवार को महत्वपूर्ण बैठक रखी गई। बैठक की अध्यक्षता सामूहिक विवाह समिति के अध्यक्ष राजेश आमेटा भींडर ने की, जबकि मुख्य अतिथि नाथू लाल आमेटा अध्यक्ष चारभुजा और विशिष्ट अतिथि लक्ष्मीनारायण आमेटा संयोजक सामूहिक विवाह समिति उपस्थित थे। सभी उपस्थितों को संबोधित करते हुए अध्यक्ष राजेश आमेटा ने अब तक की प्रगति की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि अब तक कितनी जोड़ियां और बटुक रजिस्टर हो चुके हैं। 19 और 20 अप्रैल को होने वाले कार्यक्रम के विभिन्न प्रबंधों की जानकारी दी और मंच पर उपस्थित समाज जनों से व्यवस्थाओं के लिए सुझाव मांगे। साथ ही सभी जोड़ो और बटुक का रजिस्ट्रेशन 25 मार्च तक कराने का आह्वान किया गया है।
खाटूश्यामजी में होगा अखिल भारत वर्षीय सामूहिक विवाह सम्मेलन
जयपुर| श्याम सेवा पदयात्रा समिति, जयपुर ने खाटूश्यामजी, जिला सीकर में पंचम अखिल भारतवर्षीय सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित करने की घोषणा की है। कार्यक्रम वैशाख शुक्ल पीपल पूर्णिमा पर 1 मई को आयोजित होगा और इसका लक्ष्य 21 जोड़ों का सामूहिक विवाह कराना है। संस्था के अनुसार आदि गौड़ ब्राह्मण समाज के परिवारों से 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की युवतियों और 21 वर्ष या उससे अधिक आयु के युवकों को विवाह हेतु प्रोत्साहित किया जा रहा है। एक अभिभावक ने कहा, “सामूहिक विवाह से खर्च घटता है और सामाजिक एकता बढ़ती है”—अब देखना होगा कि देशभर से कितने परिवार आगे आते हैं।
राष्ट्रीय संत सेवा और गौ रक्षा कल्याण परिषद, दाती सेवा संस्थान पाली व वादी, नट, भाट जागृति संघ पाली के संयुक्त तत्वाधान 12 मार्च का सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन होगा। यह सम्मेलन पाली के गुरुकुल आश्वासन बाल आलावास गांव (सोजत) में होगा। जिसमें 11 लड़कियां विवाह बंधन में बंधेंगी। कार्यक्रम में मां श्रद्धा पूरी, मां दया पूरी, मां शिवानी, अर्जुन कुमार, रमेश भानावत, ओम परिहार, ताराराम नाथावत, भंवर पुरानी राजपुरा, ओमी फोजी, मांगीलाल चेराई, जेठाराम , सुगना राम, बींजाराम, श्रवन खिवंल, संपत सोलंकी, सुखदेव सोलंकी, चम्पालाल परिहार, अजय भानावत, भगवान भानावत, परमजीत सोलंकी, डूंगर सोलंकी, मदन हेमावत, गोरधन कुडेचा, कानाराम डाकलिया आदि जुटे हुए है। सामूहिक विवाह में इनको भेजा आमंत्रणसामूहिक विवाह को लेकर मदन राठोड प्रदेशाध्यक्ष भाजपा, नरोतम मिश्रा पूर्व गृहमंत्री मध्य प्रदेश, मदन दिलावर, शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री, अविनाश गहलोत, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री, झाबर सिंह खर्रा नगरीय विकास और स्वायत्त शासन विभाग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), ओटाराम देवासी, शोभा चौहान विधायक सोजत को आमंत्रित किया गया है।
भास्कर न्यूज | जालंधर इस महीने विवाह समेत अन्य मांगलिक कार्य 14 मार्च तक ही पूरे किए जा सकेंगे। उसके बाद इन पर रोक रहेगी। विवाह के लिए चार ही दिन 9, 10, 11 और 12 मार्च ही शुभ हैं। 15 मार्च से खरमास शुरू होगा, जोकि 14 अप्रैल तक रहेगा। इस दौरान सूर्य मीन राशि में रहते हैं, इसलिए इसे मीन खरमास कहा जाता है। इस में रुटीन की खरीदारी यानी कपड़े या रोजमर्रा का सामान आदि खरीदने पर कोई सख्त रोक नहीं है, लेकिन पारंपरिक मान्यता के मुताबिक नए घर की खरीद, सोने-चांदी जैसी कीमती चीजें, नया व्यवसाय, गृह प्रवेश, शादी-विवाह जैसे मांगलिक कार्य टाल देते हैं। इस वर्ष 25 जुलाई को देवशयनी एकादशी है। तब से भगवान विष्णु चार मास के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं। इसे ‘चतुर्मास' कहा जाता है। इस कारण 25 जुलाई के बाद अक्टूबर तक ग्रहों की अनुकूल दशा नहीं होगी। विवाह, मुंडन जैसे मांगलिक कार्य वर्जित रहेंगे। जिक्रयोग है कि होलाष्टक के बाद शुभ दिन शुरू हो चुके हैं। व्यापारिक प्रतिष्ठानों का उद्घाटन 13 मार्च और नए प्रोजेक्ट या निवेश के लिए 23 मार्च दिन खास रहेगा। भूमि पूजन के लिए 6,9,13,14 तारीखें उत्तम हैं। वाहन के लिए 6, 8, 9 मार्च शुभ है। रेजिडेंसी विहार के आचार्य विजय शास्त्री ने बताया कि होलिका दहन के बाद मार्च में विवाह के लिए बहुत ही सीमित अवसर उपलब्ध हैं। मार्च माह में 15 तारीख के बाद मांगलिक कार्यों पर फिर विराम लगेगा। तब सूर्य नारायण कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेंगे। इसे ज्योतिष शास्त्र में शुभ कार्यों के लिए वर्जित माना गया है। खरमास की यह अवधि लगभग एक महीना रहेगी। सूर्य देव जब 14 अप्रैल को मेष राशि में प्रवेश करेंगे, तब खरमास की समाप्ति होगी। जो लोग मार्च के शुरुआती पखवाड़े में विवाह नहीं कर पा रहे हैं, उन्हें अब अप्रैल के मध्य तक प्रतीक्षा करनी होगी। उन्होंने कहा कि किसी भी शुभ कार्य की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि उस समय नक्षत्र और ग्रह किस स्थिति में हैं। यदि ग्रहों की दशा प्रतिकूल हो, तो कार्यों में बाधा आने की संभावना रहती है। यही कारण है कि साल के कुछ महीनों को विवाह के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।
एंथ्रोपिक की को-फाउंडर एवं प्रेसिडेंट डेनिएला अमोडेई संभावित ग्राहकों और पार्टनर्स से मिलती हैं, तो मीटिंग के बाद लोग उनसे एक सवाल जरूर पूछते हैं- मेरा बच्चा कॉलेज में क्या पढ़े?’ डेनिएला कहती हैं, ‘एआई मॉडल तेजी से नौकरियों का स्वरूप बदल रहे हैं, ऐसे में माता-पिता की चिंता स्वाभाविक है। एआई की दुनिया के दिग्गज मानते हैं कि टेलॉजी से जुड़ी स्किल जल्द पुरानी हो सकती हैं, पर घबराना समाधान नही हैं। इंसान के व्यवहार में शामिल लचीलापन, आलोचनात्मक सोच, नैतिकता और जिम्मेदारी जैसे गुण असली ताकत हैं। शीर्ष एआई लीडर अपने बच्चों को इन्हीं गुणों को आत्मसात करने के लिए प्रेरित करते हैं। जानिए उनकी परवरिश का तरीका… मेलजोल और जुड़ाव अहम डेनिएला कहती हैं,‘जैसे-जैसे एआई बढ़ेगा, सहानुभूति, दयालुता और दूसरों से जुड़ने की क्षमता का महत्व बढ़ता जाएगा। ‘मशीनें संवाद कर सकती हैं, पर वे इंसान की तरह महसूस नहीं कर सकतीं। डेनिएला कहती हैं, ‘भविष्य में वही बच्चा सफल होगा जो लोगों के साथ रिश्ता बनाना जानता हो।’ इंसान हमेशा इंसानों के साथ रहना पसंद करता है, अकेलापन दुख देता है। इसलिए मैं चाहती हूं कि मेरे बच्चे ज्यादा मेलजोल बढ़ाएं व अपनी अनोखी पहचान के साथ लोगों को समझें। इंसान की रचनात्मकता और समूह में रहने की चाह कभी खत्म नहीं होगी। इंसानी विशेषज्ञता की जरूरत रहेगी पेड एआई के को-फाउंडर मैनी मेडिना के (4, 9, 19, 26 साल उम्र) चार बच्चे हैं। वे मानते हैं भविष्य में दो क्षेत्र एनर्जी व हेल्थकेयर सबसे वाइब्रेंट रहेंगे। मेडिना कहते हैं,‘कैंसर जैसी बीमारियों के इलाज के लिए इंसानी विशेषज्ञता हमेशा जरूरी रहेगी। वे कहते हैं,‘परोपकार और पर्यावरण की देखभाल जैसे काम मशीनें दिल से नहीं कर सकतीं। बच्चे एआई को खतरा नहीं टूल की तरह देखें।’ लचीलापन और तर्कशक्ति महत्वपूर्ण एसएपी में एआई वर्क ट्रांसफॉर्मेशन एक्सपर्ट कैरोलिन हैंके का 15 साल का बेटा फुटबॉलर बनना चाहता है। कैरोलिन इसे सही मानती हैं। उनका कहना है कि आज के टेक स्किल दो साल बाद पुराने हो जाएंगे, इसलिए लचीलापन और बदलाव स्वीकार करने की क्षमता सबसे महत्वपूर्ण है। वे अपने बेटे को गणित व तार्किक सोच पर ध्यान देने को कहती हैं क्योंकि एआई के दौर में लॉजिकल थिंकिंग ही मजबूत आधार होगी। हरफनमौला बनना जरूरी व्हार्टन स्कूल के प्रोफेसर एथन मॉलिक के दो बच्चे (16 व 19 साल) हैं। एआई पर बात तो करते हैं, पर बहुत ज्यादा नहीं सोचते। वे बच्चों को ‘हरफनमौला’ बनने की सलाह देते हैं। जैसे डॉक्टर का काम बीमारी पकड़ना नहीं, बल्कि मरीज को समझना और ढांढस बंधाना भी है। वे कहते हैं कि लिबरल आर्ट्स पहले से कहीं ज्यादा जरूरी है ताकि बच्चे हर परिस्थिति में खुद को ढाल सकें। जिम्मेदारी लेना सीखना अहम माइक्रोसॉफ्ट की चीफ साइंटिस्ट जेमी टीवन कहती हैं,‘एआई सुझाव तो दे सकता है, पर फैसले की जिम्मेदारी नहीं ले सकता।’ इसलिए वे बच्चों को कानून या अकाउंटिंग जैसे क्षेत्रों जाने के लिए कहती हैं, जहां फैसलों की जवाबदेही इंसान की होती है। वे मानती हैं, गहराई से सोचने व मुश्किल काम करने की आदत ही बच्चों को मशीनों से आगे रखेगी।
बांग्लादेश के साथ रिश्ते सुधारने के संकेत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान को व्यक्तिगत संदेश भेजकर सही कदम उठाया है,
मशहूर भजन सम्राट अनूप जलोटा अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर भी काफी चर्चा में रहते हैं। सलमान खान के रियलिटी शो 'बिग बॉस 12' में अनूप जलोटा का अलग ही रूप देखने को मिला था। इस शो में वह अपने से 37 साल छोटी एक्ट्रेस जसलीन मथारू संग पहुंचे थे। शो में अनूप ...
श्रुति हासन ने तोड़ी चुप्पी: मुझे इंडस्ट्री में अपशकुन मानते थे, हर रिश्ते में खुद को खो दिया
Filmfare के शो In The Ring में श्रुति हासन ने करियर के शुरुआती संघर्ष, रिश्तों की नाकामियाँ, मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दे और अपने माता-पिता से जुड़े अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कैसे 'अनलकी' टैग लगा, रिश्तों में खुद को खोया और कैसे उन्होंने मानसिक ...
श्वेता तिवारी की बेटी पलक तिवारी फिल्मों से ज्यादा अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में रहती हैं। पलक तिवारी का नाम बीते काफी समय से इब्राहिम अली खान संग जुड़ रहा है। दोनों अक्सर साथ में स्पॉट होते रहते हैं। हालांकि दोनों ने कभी भी अपने रिश्तेको लेकर ...
इब्राहिम अली खान ने बताया ट्रोलिंग, नेपोटिज़्म और पलक तिवारी से रिश्ते का सच
इब्राहिम अली खान ने अपना पहला इंटरव्यू दिया है, जिसमें उन्होंने नेपोटिज़्म, अपनी डेब्यू फिल्म 'नादानियां', सोशल मीडिया ट्रोलिंग और पलक तिवारी के साथ रिश्ते पर खुलकर बात की। उन्होंने खुद को Nobody कहकर स्टारडम को लेकर अपनी सोच साफ की।
सनी देओल ने की सलमान खान की तारीफ, सालों पुराने खास रिश्ते पर की बात
बॉलीवुड के मेगास्टार सलमान खान सिर्फ दर्शकों के नहीं, बल्कि इंडस्ट्री के अपने लोगों के भी चहेते हैं। हाल ही में मीडिया से बातचीत में सनी देओल ने सलमान के साथ अपने पुराने और दिल से जुड़े रिश्ते पर बात की। उन्होंने बताया कि सलमान सिर्फ बड़े स्टार नहीं ...
क्या पाकिस्तानी एक्ट्रेस हानिया आमिर को डेट कर रहे बादशाह? सिंगर ने बताया रिश्ते का सच
फेमस रैपर-सिंगर बादशाह बीते कई समय से अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में हैं। बताया जा रहा है कि बादशाह पाकिस्तानी एक्ट्रेस हानिया आमिर को डेट कर रहे हैं। दोनों को कई बार साथ में टाइम स्पेंड करते देखा जाता है। बीते दिनों बादशाह हानिया संग दुबई ...
नताशा स्टैनकोविक और हार्दिक पांड्या ने रिश्ते में क्यों आ गई दरार? करीबी शख्स ने बताई तलाक की वजह
Natasa and Hardik divorce Reason: बॉलीवुड एक्ट्रेस नताशा स्टैनकोविक और क्रिकेटर हार्दिक पांड्या बीते काफी समय से अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में हैं। हार्दिक और नताशा ने बीते दिनों तलाक की घोषणा की थी। उन्होंने एक स्टेंटमेंट जारी करके तलाक का ...
Bigg Boss OTT 3 : पत्रकार ने नेजी से पूछा सना मकबूल संग रिश्ते को लेकर सवाल, रैपर ने दी धमकी
Bigg Boss OTT 3 : रियलिटी शो 'बिग बॉस ओटीटी 3' अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है। अब 7 कंटेस्टेंट फिनाले की रेस में शामिल है, जिसमें रणवीर शौरी, लवकेश कटारिया, अरमान मलिक, कृतिका मलिक, साई केतन राव, नेजी और सना मकबूल का नाम शामिल है। वहीं फिनाले से ...
Arjun Kapoor के बर्थडे पर Malaika Arora के इसक्रिप्टिक पोस्ट ने बड़ाई खलबली, कपल के रिश्ते में आएट्रस्ट इश्यूज
श्रद्धा कपूर ने राहुल मोदी के साथ रिश्ते की पुष्टि की?
श्रद्धा कपूर निस्संदेह बॉलीवुड की सबसे प्रतिभाशाली अभिनेत्रियों में से एक हैं। अपने करियर के दौरान, उन्होंने कई शानदार प्रदर्शन किए हैं और बार-बार अपनी अभिनय क्षमता को साबित किया है। अपनी पेशेवर उपलब्धियों के अलावा, श्रद्धा अक्सर अपनी निजी ज़िंदगी को लेकर भी सुर्खियों में रहती हैं। पिछले कुछ समय से ऐसी अफ़वाहें चल रही हैं कि श्रद्धा राहुल मोदी को डेट कर रही हैं। हालाँकि, दोनों में से किसी ने भी इन अफ़वाहों पर कभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि श्रद्धा ने अपने रिश्ते की पुष्टि कर दी है। डेटिंग की अफवाहों के बीच, श्रद्धा ने हाल ही में अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर 'तू झूठी मैं मक्का' के लेखक राहुल मोदी के साथ एक तस्वीर शेयर की। फोटो में श्रद्धा कैमरे की तरफ देखकर मुस्कुराती नजर आ रही हैं, जबकि राहुल ने मजाकिया चेहरा बनाया हुआ है। फोटो के साथ श्रद्धा ने लिखा, दिल रख ले, नींद तो वापस दे दे यार, इसके साथ स्माइली और दिल वाली इमोजी भी लगाई। उन्होंने पोस्ट में राहुल को भी टैग किया। इस सेल्फी ने कई लोगों को यह विश्वास दिला दिया है कि श्रद्धा ने राहुल मोदी के साथ अपने रिश्ते की पुष्टि कर दी है। श्रद्धा और राहुल के बारे में डेटिंग की अफवाहें पिछले साल तब शुरू हुईं जब उन्हें कई मौकों पर एक साथ देखा गया। इस साल मार्च में वे एक दोस्त की शादी में भी साथ गए थे। इन अफवाहों ने तब और जोर पकड़ा जब श्रद्धा ने छुट्टियों की तस्वीरें शेयर कीं, जिनसे पता चला कि उन्होंने साथ में समय बिताया है। इस साल मई में श्रद्धा ने इंस्टाग्राम पर कई तस्वीरें पोस्ट की थीं, जिसमें वह स्टारफिश और शैल प्रिंट वाला पर्पल नाइट सूट पहने हुए नजर आई थीं। हर तस्वीर में अलग-अलग भावनाएं दिखाई दे रही थीं, लेकिन जिस चीज ने सबका ध्यान खींचा, वह था उनका 'आर' अक्षर वाला पेंडेंट। उन्होंने पोस्ट पर कैप्शन लिखा, कुछ नहीं वो, टूटे हैं तो कुछ नहीं कर रही। काम की बात करें तो श्रद्धा कपूर ने 'तीन पत्ती' में एक छोटी सी भूमिका से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी और 2011 में 'लव का दी एंड' से लोकप्रियता हासिल की। उसके बाद से उन्होंने 'आशिकी 2', 'एक विलेन', 'बागी', 'हैदर', 'हाफ गर्लफ्रेंड', 'हसीना पारकर' और 'स्त्री' जैसी कई हिट फिल्में दी हैं। उन्हें आखिरी बार रणबीर कपूर के साथ रोमांटिक ड्रामा 'तू झूठी मैं मक्कार' में देखा गया था। लव रंजन द्वारा निर्देशित यह फिल्म एक बड़ी हिट थी। श्रद्धा के पास 'स्त्री 2', 'चालबाज इन लंदन' और 'चंदा मामा दूर के' सहित कई आगामी प्रोजेक्ट हैं। सोनाक्षी सिन्हा की शादी से नाराज माँ ने उठाया बड़ा कदम, इंस्टाग्राम से किया बेटी को अनफॉलो जहीर संग बहन सोनाक्षी की शादी से नाराज है भाई, पोस्ट देख हैरत में पड़े फैंस शादी से पहले 3 बार हुआ अक्षय कुमार का ब्रेकअप, खुद किया खुलासा
श्रद्धा कपूर सोशल मीडिया पर सबसे ज़्यादा सक्रिय बॉलीवुड अभिनेत्रियों में से एक हैं। अपनी पेशेवर ज़िंदगी के अलावा, अपनी निजी ज़िंदगी के बारे में भी वह अक्सर सोशल मीडिया पर चर्चा करती रहती हैं। आशिकी 2 की अभिनेत्री को कई मौकों पर राहुल मोदी के साथ देखा गया है, जिससे उनके और राहुल मोदी के बीच रोमांस की अफ़वाहें उड़ी थीं। अब अभिनेत्री ने राहुल के साथ अपनी एक प्यारी सी तस्वीर पोस्ट करके इस पर प्रतिक्रिया दी है, जिससे उनके रिश्ते की पुष्टि होती है। श्रद्धा कपूर ने इंस्टाग्राम स्टोरीज़ पर एक तस्वीर शेयर की और कैप्शन में लिखा, दिल रख ले, नींद तो वापस दे दे यार। उन्होंने राहुल मोदी को टैग भी किया। इसे भी पढ़ें: Hrithik Roshan की फिल्म Lakshya के 20 साल पूरे, सिनेमाघरों में फिर से रिलीज की जाएगी फिल्म, जानें कब जिन्हें नहीं पता, उन्हें बता दें कि यह अफ़वाह कई महीनों से उड़ रही है कि श्रद्धा राहुल को डेट कर रही हैं। हालाँकि, इस जोड़े ने कभी भी इन अटकलों को स्वीकार नहीं किया। जबकि दोनों को कई मौकों पर साथ देखा गया है। बता दें कि राहुल को IMDb पर लव रंजन की फिल्म प्यार का पंचनामा 2, सोनू के टीटू की स्वीटी और यहां तक कि श्रद्धा कपूर, रणबीर कपूर स्टारर तू झूठी मैं मक्का के लेखक के रूप में श्रेय दिया गया है। दोनों की पहली मुलाकात फिल्म के सेट पर हुई थी और कथित तौर पर उनकी दोस्ती प्यार में बदल गई। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | अपनी ही बेटी सोनाक्षी की शादी में नहीं आएंगे शत्रुघ्न सिन्हा!! बेहद नाराज, Alka Yagnik सुनाई देना हुआ बंद ऐसी खबरें हैं कि 2022 में जब श्रद्धा का फोटोग्राफर रोहन श्रेष्ठ के साथ कथित तौर पर ब्रेकअप हुआ था। मुंबई में जन्मे और पले-बढ़े राहुल ने व्हिसलिंग वुड्स इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट से पढ़ाई की। उन्होंने 2011 की फिल्म प्यार का पंचनामा के सेट पर इंटर्नशिप की और आकाश वाणी जैसे अन्य प्रोजेक्ट्स में एसोसिएट डायरेक्टर के तौर पर काम किया। उनके पिता आमोद एक बिजनेसमैन हैं। रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि श्रद्धा उनके साथ रिलेशनशिप में थीं, लेकिन फिर दोनों ने रिश्ता खत्म कर दिया। इस बीच, वर्कफ्रंट की बात करें तो एक्ट्रेस को आखिरी बार लव रंजन की फिल्म तू झूठी मैं मक्का में देखा गया था। फिल्म में रणबीर कपूर मुख्य भूमिका में थे। वह अगली बार राजकुमार राव के साथ स्त्री 2 में नजर आएंगी। यह फिल्म 2018 की सुपरहिट फिल्म स्त्री का सीक्वल है। निर्माताओं ने हाल ही में स्त्री 2 का टीज़र रिलीज़ किया था, जिसे सिनेमाघरों में रिलीज़ किया गया था, जो फिल्म मुंज्या से जुड़ा हुआ है। इसके अलावा, अभिनेता एक पौराणिक रूपांतरण और एक टाइम-ट्रैवल फिल्म में भी नज़र आएंगे।
क्रिकेटर हार्दिक पांड्या की पत्नी नताशा स्टेनकोविक ने एक बार फिर अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर उनके कथित अलगाव की अफवाहों के बीच एक चौंकाने वाली रहस्यमयी पोस्ट शेयर की है। नताशा ने गुरुवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर हॉलीवुड के मशहूर अभिनेता डेनजेल वाशिंगटन का एक कोट शेयर किया। नताशा द्वारा इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर किए गए कोट में लिखा है, जब बहुत सी चीजें वापस चलन में आ रही हैं, तो मैं नैतिकता, सम्मान और बुद्धिमत्ता के फिर से चलन में आने का इंतजार नहीं कर सकती। इसे भी पढ़ें: Singham Again Release Date | अजय देवगन ने फाइनली किया 'सिंघम अगेन' की रिलीज का ऐलान, कार्तिक आर्यन की फिल्म से होगी भिड़ंत नताशा ने बुधवार को अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर बेटे अगस्त्य पांड्या के साथ कुछ खुशनुमा पल शेयर किए। अभिनेत्री ने अपने बेटे के साथ अपने कैंडिड पलों की कई तस्वीरें और वीडियो शेयर किए। पहली तस्वीर में अगस्त्य अपनी मां को गोद में लिए हुए हैं और दोनों साथ में झपकी ले रहे हैं। दूसरी तस्वीर में नताशा लिफ्ट में मिरर सेल्फी लेती नजर आ रही हैं। उन्होंने अपने बेटे का पुश-अप करते हुए एक वीडियो भी पोस्ट किया, जबकि एक अन्य वीडियो में वह जिम में डांस वर्कआउट करती नजर आ रही हैं। इसे भी पढ़ें: Farida Jalal ने याद किया अपना दौर, कहा- Rajesh Khanna 'घमंडी' थे, रिहर्सल करने से मना कर दिया, मुझे बुरा लगा पोस्ट को शेयर करते हुए नताशा ने लिखा, कुछ खुशनुमा पल। दूसरी ओर, हार्दिक पांड्या ने अपने नए हेयरकट की झलक इंस्टाग्राम स्टोरी पर दिखाई। नताशा स्टेनकोविक और हार्दिक पांड्या के तलाक की अफवाहें पिछले काफी समय से सुर्खियों में हैं। इस जोड़े ने अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। पिछले हफ्ते, नताशा ने अपने इंस्टाग्राम पर एक सेल्फी पोस्ट की, जिसमें वह एक कप ब्लैक टी का लुत्फ़ उठाती नज़र आ रही हैं। वह कैमरे के लिए मुस्कुराते हुए नीले रंग के दुपट्टे के साथ एक सफ़ेद शर्ट पहने हुए देखी जा सकती हैं। उन्होंने लिखा, हाय (एक सफ़ेद दिल वाले इमोजी के साथ)। दूसरी स्लाइड में, नताशा को एक कप ब्लैक टी पकड़े हुए देखा जा सकता है। उन्होंने लिखा, पूरे सफ़ेद कपड़े पहने हुए (मुस्कुराहट वाले इमोजी और हाथ जोड़े हुए इमोजी के साथ) कार में बैठकर (ब्लैक टी इमोजी) पीते हुए। उन्होंने अपने फॉलोअर्स से यह भी पूछा, क्या मैं चाय गिरा दूँगी? बिग बॉस की पूर्व प्रतियोगी और डांसर नताशा स्टेनकोविक ने 31 मई, 2020 को क्रिकेटर हार्दिक पांड्या से शादी की है। इस जोड़े ने फरवरी 2023 में हिंदू और ईसाई रीति-रिवाजों के अनुसार अपनी शादी की प्रतिज्ञा को नवीनीकृत किया। नताशा द्वारा इंस्टाग्राम पर अपना पूरा नाम हटाने के बाद उन्होंने तलाक की अफवाहों को हवा दी। View this post on Instagram A post shared by @natasastankovic__ View this post on Instagram A post shared by @natasastankovic__
अमिताभ और जया बच्चन के रिश्ते को लेकर फरीदा जलाल ने किए ये खुलासे
जाने माने मशहूर फिल्म डायरेक्टर संजय लीला भंसाली की वेब सीरीज 'हीरामंडी' में दिखाई दी बॉलीवुड अभिनेत्री फरीदा जलाल लंबे समय से इंडस्ट्री का हिस्सा हैं। वो अनिल कपूर, शाहरुख खान, सलमान खान, अमिताभ बच्चन जैसे बड़े सितारों के साथ कई फिल्मों में दिखाई दे चुकी हैं। फरीदा जलाल अमिताभ बच्चन एवं जया बच्चन की बहुत अच्छी दोस्त हैं। हाल ही में उन्होंने एक इंटरव्यू के चलते अमिताभ बच्चन और जया बच्चन के कोर्टशिप पीरियड को याद करते हुए दोनों के रिश्ते पर बात की। उन्होंने बताया कैसे दोनों एक दूसरे से लड़ते और मनाते थे। अपने एक इंटरव्यू के चलते फरीदा जलाल ने बताया कि अमिताभ बच्चन, जया बच्चन और उनकी दोस्ती बहुत पुरानी है। उन्होंने बताया कि जब दोनों का कोर्टशिप पीरियड चल रहा था तब वो दोनों उन्हें (फरीदा जलाल) भी डेट पर ले जाते थे। फरीदा जलाल ने बताया कि वो मुंबई के ताज होटल में कॉफी पीने जाते थे। फरीदा जलाल ने कहा, मैं पाली हिल में रहती थी और वो दोनों जुहू में रहते थे। दोनों की शादी होने वाली थी, हुई नहीं थी। दोनों में कोर्टशिप चल रहा था तथा दोनों में झगड़े जैसे होते हैं आपस में, वो भी होते थे। फरीदा ने बताया कि अमिताभ गाड़ी चलाते थे, मैं पीछे बैठती थी तथा जया आगे। दोनों का झगड़ा चल रहा होता था, मैं देख रही होती थी। जया रोती थीं और अमिताभ उन्हें मनाते थे। फरीदा ने कहा कि मैं अमिताभ और जया से बोलती थी, क्यों मुझे कबाब में हड्डी बनाकर लाते हो तुम लोग। छोड़ा करो मुझे, मेरी नींद का टाइम है। मैं जल्दी सोने वाली लड़की हूं। मगर अमिताभ और जया दोनों फरीदा को लेकर जाते थे। फरीदा ने बताया कि तीनों लोग रात को 11,12 बजे ताज जाते थे। वहां चाय-कॉफी पीते थे। इसके बाद वापसी में फिल्म की बाते होती थीं। फरीदा ने बताया कि उस समय अभिमान बन रही थी। अमिताभ बताते थे सेट पर क्या-क्या हो रहा है, कैसे हो रहा है। फरीदा ने कहा अमिताभ वापसी में पहले मुझे घर छोड़ते थे तथा फिर ये दोनों घर जाते थे। उन्होंने कहा कि रास्ते-रास्ते में दोनों का झगड़ा भी हो जाता था, मेल भी हो जाता था। सबकुछ हो जाता था। फरीदा ने बताया कि दोनों बहुत ही छोटी-छोटी चीजों पर लड़ाई करते थे। प्यार मोहब्बत वाला झगड़ा होता था। दोनों बच्चों की तरह झगड़ा करते थे। जया जल्दी रूठ भी जाती थीं। गदर के बाद अब इस फिल्म के सीक्वल से धमाल मचाने आ रहे है सनी देओल, पोस्ट देख झूम उठे फैंस सोनाक्षी सिन्हा-जहीर इकबाल की शादी को लेकर आया बड़ा अपडेट, लीक हुआ कार्ड ‘हमारे बारह’ पर फिर मंडराया खतरा, मेकर्स को SC ने जारी किया नोटिस
शहनाज गिल के साथ रिश्ते पर तोड़ी चुप्पी, सिंगर बोला...
फेमस पंजाबी सिंगर गुरु रंधावा अपने गानों के साथ अपने रिलेशनशि स्टेटस को लेकर भी चर्चा में बने रहते हैं.
बिग बॉस फेम इस एक्टर नेPriyanka Chahar और Ankit Gupta के रिश्ते को किया कन्फर्म,बातों-बातों में खोल दी सारी पोल पट्टी
क्या सच में रिश्ते में होने के बाद भीएक-दूसरे को चीत कर रहे थेDhanush-Aishwaryaa ?इस सिंगर ने खोली कपल की साड़ी पोल-पट्टी
शूजीत सरकार की फिल्म पीकू एक पिता और बेटी की कहानी थी, जिसमें अमिताभ बच्चन और दीपिका पादुकोण के साथ इरफान खान मुख्य कलाकार थे। शूजित अब अभिषेक बच्चन के साथ एक फिल्म लेकर आ रहे हैं, जो पिता और बेटी के रिश्ते की कहानी दिखाएगी, लेकिन एक अलग अंदाज में। अभिषेक की फिल्म की रिलीज डेट दीपिका पादुकोण स्टारर पीकू की नौवीं सालगिरह पर सामने आई थी। शूजीत सरकार ने इस आगामी फिल्म के बारे में क्या कहा? अभिषेक बच्चन की फिल्म के बारे में बात करते हुए शूजीत ने कहा, ''हिंदी सिनेमा में पिता और बेटी के रिश्ते के बारे में ज्यादा बात नहीं की गई है, जबकि इस रिश्ते को लेकर हमेशा से कई बेहतरीन कहानियां बनने की संभावना रही है। पीकू की तरह यह कहानी भी होगी एक भावनात्मक रोलर कोस्टर। इसे भी पढ़ें: सिंघम अगेन के सेट से Arjun Kapoor ने शेयर की बीटीएस तस्वीर, अपने खलनायक लुक की झलक दी रिलीज डेट की घोषणा फिल्म 15 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। यहां आपको बता दें कि फिल्म के टाइटल की अभी घोषणा नहीं की गई है। शूजीत की पिछली फिल्म सरदार उधम है, जो प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई थी। क्रांतिकारी सरदार उधम सिंह की इस बायोपिक में विक्की कौशल ने शीर्षक भूमिका निभाई थी। फिल्म ओटीटी पर सफल रही। पीकू और सरदार उधम के अलावा शूजीत ने अक्टूबर और विक्की डोनर जैसी दिलचस्प फिल्में भी बनाई हैं। इसे भी पढ़ें: अनन्या पांडे से ब्रेकअप के बाद आदित्य रॉय कपूर और सारा अली खान साथ में पार्टी करते दिखे अभिषेक की पिछली फिल्म घूमर थी अभिषेक की पिछली फिल्म घूमर है, जो पिछले साल सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर असफल रही, लेकिन अभिषेक और सैयामी खेर को उनके अभिनय के लिए प्रशंसा मिली। इस फिल्म का निर्देशन आर बाल्की ने किया था. इससे पहले अभिषेक की दसवीं 2022 में नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई थी। इस फिल्म में उनके काम की सराहना भी हुई थी। फिल्म में यामी गौतम और निम्रत कौर अहम भूमिका में नजर आईं थीं। इस फिल्म के अलावा अभिषेक हाउसफुल 5 का भी हिस्सा हैं, जिसकी घोषणा हाल ही में की गई है। View this post on Instagram A post shared by Rising Sun Films (@filmsrisingsun)
दीपिका की प्रेगनेंसी के बीच Ranveer Singh ने क्यों डिलीट कर दी शादी की सारी तस्वीरें, कपल के रिश्ते को लेकर फैंस को सता रही चिंता
Akansha Ranjan नेSharan Sharma के साथ अपने रिश्ते पर लगाईं मोहर,डायरेक्टरके प्यार में गिरफ्तार हुई हसीना
अविनाश सचदेव ने खोलाRubina और अपने रिश्ते का सच तो भड़क गएAbhinav,Ex बॉयफ्रेंड लताड़ते हुए बोले'मर्द बनो...'
Janhvi Kapoor नेअपने औरशिखर पहाड़िया के रिश्ते को किया कन्फर्म, एक बार फिरब्वॉयफ्रेंड के लौकेट के साथ दिखी एक्ट्रेस
अपने रिश्ते को रील से रियल लाइफ में बदलेंगेShivangi Joshi और Kushal Tandon, जाने कबलगाएंगे सगाई की मुहर ?
बॉलीवुड अभिनेत्री अदिति राव हैदरी इन दिनों अपनी वेब सीरीज 'हीरामंडी' की सफलता का आनंद ले रही हैं। हीरामंडी की रिलीज से पहले अभिनेत्री अपनी सगाई को लेकर सुर्खियों में थी। मार्च महीने में अदिति ने अपने लंबे समय के बॉयफ्रेंड सिद्धार्थ से सगाई कर ली थी, जिसकी घोषणा उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर दी थी। अभिनेत्री ने सिद्धार्थ संग अपने रिश्ते को हमेशा लाइमलाइट से दूर रखा। ऐसे में उनकी सगाई की घोषणा पर कई सवाल उठे थे, जिनका जवाब 'हीरामंडी' स्टार ने बड़ी फुर्सत से दिया है। इसे भी पढ़ें: खूबसूरत सजावट, महलों वाले असाधारण झूमर... तापसी पन्नू और मैथियास बो की शादी का संगीत प्रोग्राम हुआ था बेहद खास | Watch Video बॉलीवुड बबल के साथ हाल ही में एक इंटरव्यू में अदिति राव हैदरी ने अपनी निजी जिंदगी पर खुलकर बातचीत की। अभिनेत्री ने अपनी सगाई पर बात करते हुए कहा कि जो भी स्पेशल होने वाला है, मुझे शुरुआत एक स्पेशल जगह से करनी थी। वो मेरे परिवार का एक मंदिर है, जो 400 साल पुराना है, मैं वहां जाकर पूजा करना चाहती थी। वहां मेरी थोड़ी व्यस्तता थी।' सगाई को सार्वजनिक करने के अपने फैसले के बारे में बात करते हुए अभिनेत्री ने कहा, 'हमने उस समय चल रही सभी अफवाहों को स्पष्ट करने के लिए इस छवि को सोशल मीडिया पर साझा किया। मेरी मां ने मुझसे चीजें स्पष्ट करने के लिए कहा क्योंकि उन्हें इस संबंध में लगातार कॉल आ रही थीं।' इसे भी पढ़ें: Parineeti Chopra के साथ अमर सिंह चमकीला के बाद, Diljit Dosanjh इस फिल्म में Neeru Bajwa के साथ करेंगे अभिनय मार्च महीने में अदिति और सिद्धार्थ की शादी की अफवाहें सोशल मीडिया पर फैली थीं। दरअसल, हीरामंडी के एक इवेंट में अभिनेत्री शामिल नहीं हो पायी थी। इवेंट के होस्ट ने अभिनेत्री की गैरमौजूदगी को उनकी शादी से जोड़ दिया था, जिसके बाद सोशल मीडिया पर ये खबर आग की तरह फैल गयी। इसके बाद अगले दिन अभिनेत्री ने अपने बॉयफ्रेंड के साथ तस्वीर साझा कर अपनी सगाई की घोषणा की थी।
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शेखर सुमन ने बेटे अध्ययन संग कंगना रनौत के रिश्ते पर की बात, बोले- दोनों खुश थे
एक वक्त था जब कंगना और शेखर के बेटे अध्ययन सुमन रिश्ते में हुआ करते थे. जब दोनों का ब्रेकअप हुआ तो पब्लिक में उन्होंने एक दूसरे पर कीचड़ उछाला. बेटे के सपोर्ट में शेखर सुमन भी आए थे. अब शेखर ने एक बार फिर कंगना रनौत के बारे में बात की है. और अब उनके सुर बदले हुए हैं.
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पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ अपनी आगामी रिलीज अमर सिंह चमकीला के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हाल ही में रणवीर अल्लाहबादिया उर्फ बीयर बाइसेप्स के साथ बातचीत में दिलजीत ने अपने बचपन के बारे में बात की और बताया कि कैसे अपने रिश्तेदारों के साथ शहर में शिफ्ट होने के बाद वह अपने परिवार से दूर हो गए। आइए विस्तार से जानते हैं कि दिलजीत दोसांझ ने क्या कहा है। इसे भी पढ़ें: Sanjay Leela Bhansali का अगला प्रोजेक्ट Love and War, पुरानी फिल्म 'संगम' से काफी हद तक होगा प्रेरित रणवीर अल्लाहबादिया के साथ, दिलजीत ने याद किया कि कैसे ग्यारह साल की उम्र में उन्होंने अपना घर छोड़ दिया और अपने मामाजी के साथ रहने लगे। उन्होंने कहा, मैं अपना गांव छोड़कर शहर आ गया। मैं लुधियाना चला गया। उन्होंने कहा 'उसे मेरे साथ शहर भेज दो' और मेरे माता-पिता ने कहा 'हां, उसे ले जाओ।' मेरे माता-पिता ने मुझसे पूछा भी नहीं। उन्होंने आगे कहा, मैं एक छोटे से कमरे में अकेला रहता था। मैं बस स्कूल जाता था और वापस आ जाता था, वहां कोई टीवी नहीं था। मेरे पास बहुत समय था। इसके अलावा, हमारे पास मोबाइल फोन भी नहीं थे। फिर, अगर मुझे घर पर फोन करना पड़ता था या अपने माता-पिता का फोन आता था, तो इसके लिए हमें पैसे खर्च करने पड़ते थे। इसलिए मैं अपने परिवार से दूर होने लगा। मेरे पिता बहुत प्यारे इंसान थे उन्होंने मुझसे यह भी नहीं पूछा कि मैंने किस स्कूल में पढ़ाई की है, लेकिन उनसे ही नहीं, सभी से मेरा नाता टूट गया।'' इसे भी पढ़ें: David Dhawan की अगली Untitled फिल्म में Varun Dhawan करेंगे अभिनय, रिलीज डेट की हुई घोषणा दिलजीत दोसांझ पंजाब के एक छोटे से शहर से हैं और उन्होंने 2005 में अपने एल्बम स्माइल और 2008 में चॉकलेट से पंजाबी संगीत में पहचान हासिल की। उन्होंने बॉलीवुड के साथ-साथ पंजाबी में भी सबसे प्रतिभाशाली कलाकारों में से एक को स्थापित किया है। उन्होंने सिया, कैमिलो और सवेटी समेत अन्य अंतरराष्ट्रीय कलाकारों के साथ भी काम किया है। आखिरी बार उन्हें करीना कपूर, तब्बू और कृति सेनन के साथ फिल्म क्रू में देखा गया था। फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई हो रही है और दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। View this post on Instagram A post shared by DILJIT DOSANJH (@diljitdosanjh)
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