कटिहार में 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान का शुभारंभ किया गया है। राहत संस्था और जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस अभियान के तहत जागरूकता रथ को पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकेश्वर किशोर ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह अभियान कटिहार जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। इसका लक्ष्य गांव के अंतिम व्यक्ति तक बाल विवाह के प्रति जागरूकता फैलाना है। जागरूकता रथ जिले के विभिन्न प्रखंडों में भ्रमण करेगा। अभियान के शुभारंभ पर विधायक तारकेश्वर किशोर ने कहा कि भारत सरकार ने लड़कों के लिए विवाह की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और लड़कियों के लिए 18 वर्ष निर्धारित की है। इससे कम उम्र में विवाह होने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने समाज से अपील की कि यदि कहीं बाल विवाह हो रहा हो, तो उसकी सूचना पुलिस प्रशासन को 1098 पर दें। ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पूर्व उपमुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के 2030 तक बाल विवाह मुक्त भारत के संकल्प का भी जिक्र किया और इसके लिए सभी वर्गों से सहयोग का आह्वान किया। राहत संस्था की सचिव डॉ. फरजाना ने बताया कि उनकी टीम कटिहार जिले में बाल विवाह मुक्ति के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है। यह 100 दिवसीय अभियान इसी कड़ी का हिस्सा है। इस अभियान में संगीता, भवानी कुमारी, विपिन कुमार, विनय कुमार और दानिश सहित कई सदस्य शामिल हैं।
लाटा गांव में नाबालिग का बाल विवाह रुकवाया गया:प्रशासन ने परिजनों को समझाए बाल विवाह के नुकसान
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के लाटा गांव में एक 16 वर्षीय नाबालिग बालिका का बाल विवाह समय रहते रोक दिया गया। यह कार्रवाई महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 'बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान' के तहत की गई। चाइल्ड हेल्पलाइन से सूचना मिलने पर महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम तुरंत लाटा गांव पहुंची। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नाबालिग बालिका का विवाह रुकवाया, जिससे उसका भविष्य सुरक्षित हो सका। बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में बताया टीम ने बालिका के माता-पिता और परिवारजनों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से समझाया। उन्हें बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के प्रावधानों से अवगत कराया गया और बाल विवाह न करने के संबंध में घोषणा-पत्र पर हस्ताक्षर कराए गए। जिला कार्यक्रम अधिकारी अमित सिन्हा ने बताया कि पिछले दो महीनों में जिले में कुल 13 बाल विवाह सफलतापूर्वक रुकवाए जा चुके हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा को समाप्त करने और छत्तीसगढ़ को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए प्रत्येक गांव में जागरूकता अभियान चला रहा है।
लाहौर हाईकोर्ट ने सिख जत्थे के साथ दर्शन के बहाने पाकिस्तान जाकर मुस्लिम व्यक्ति से निकाह करने वाली पंजाबी महिला सरबजीत कौर के भारतीय पति करनैल सिंह द्वारा दायर याचिका की सुनवाई अब 2 मार्च 2026 को निर्धारित की गई है। यह मामला माननीय न्यायमूर्ति फारूक हैदर की अदालत में एक आपत्ति याचिका के रूप में सुना जाएगा। जानकारी के लिए बतादे कि पिछले दिनों वकील अली चंगेजी संधू के माध्यम से सरबजीत के पति ने लाहौर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इस प्रकरण में एडवोकेट अली चंगेजी संधू और मोहम्मद नवाज शेख रजिस्ट्रार कार्यालय की आपत्तियों पर अपने तर्क प्रस्तुत करेंगे। पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने विशेष पावर ऑफ अटॉर्नी की वैधता पर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के संदर्भ में विस्तृत बहस करने का निर्देश दिया था। याचिका का मुख्य आधार यह है कि करनैल सिंह और सरबजीत कौर के बीच विवाह अभी भी विधिसम्मत रूप से कायम है। याचिकाकर्ता का दावा है कि सरबजीत कौर ने करनैल सिंह से विधिवत तलाक नहीं लिया, इसलिए उनका नासिर हुसैन के साथ किया गया विवाह अवैध है। याचिका में यह भी कहा गया है कि यह विवाह इस्लामी सिद्धांतों तथा शरीयत कानून के स्थापित नियमों के विपरीत है। अब अदालत यह निर्धारित करेगी कि विशेष पावर ऑफ अटॉर्नी की कानूनी स्थिति क्या है और क्या विवाह की वैधता को चुनौती देने के लिए प्रस्तुत याचिका स्वीकार्य है। 2 मार्च की सुनवाई इस मामले में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इसी दिन यह तय होगा कि आपत्तियां खारिज होंगी या आगे नियमित सुनवाई का मार्ग प्रशस्त होगा। सिलसिलेवार ढंग से पढ़ें पूरा मामला... 1932 श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ गई थी पाकिस्तान: कपूरथला के गांव अमानीपुर की रहने वाली सरबजीत कौर 4 नवंबर 2025 को श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर 1932 श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ अमृतसर से अटारी बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान गई थी। यह सिख जत्था 10 दिन तक पाकिस्तान में रहा। दर्शन करने के बाद जत्था 13 नवंबर को भारत लौटा: उन्होंने सिख गुरुओं से जुड़े विभिन्न स्थलों के दर्शन किए और 13 नवंबर को भारत वापस लौट आए। पूरे सिख जत्थे के एक साथ भारत लौटने से पहले अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज और 3 महिलाओं समेत कुल 9 श्रद्धालु पहले लौट आए थे। सिख श्रद्धालुओं के साथ वापस नहीं लौटी: हालांकि जब श्रद्धालुओं का पूरा जत्था वापस लौटा तो 1923 की जगह 1922 लोग ही वापस पहुंचे। जब इसकी जांच हुई तो पता चला कि सरबजीत कौर वापस नहीं आई है। उसका नाम न तो पाकिस्तान के एग्जिट रिकॉर्ड में था और न ही भारत के एंट्री रिकॉर्ड में मिला। पहले माना गया कि वह लापता है। इसके बाद पाकिस्तान में भी लोकल पुलिस ने जांच शुरू कर दी। पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने भी उसकी तलाश शुरू कर दी। निकाहनामा और वीडियो वायरल होने से पता चला: इसके बाद अचानक उर्दू में लिखा सरबजीत का निकाहनामा वायरल हो गया। जिसमें लिखा था कि सरबजीत ने पाकिस्तान में इस्लाम धर्म अपना लिया है। उसने शेखुपुरा नूर हुसैन नाम के मुस्लिम व्यक्ति से निकाह कर लिया है।
बाल विवाह मुक्त जागरूकता रथ को झंडी दिखाकर िकया रवाना
भास्कर न्यूज़ | बगोदर बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के उन्मूलन और व्यापक जन-जागरूकता के लिए बनवासी विकास आश्रम द्वारा संचालित बाल विवाह मुक्ति रथ का शुभारंभ बगोदर प्रखंड कार्यालय परिसर से किया गया। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रथ को रवाना किया। इस अवसर पर बगोदर सीओ प्रवीन कुमार, जिला परिषद सदस्य दुर्गेश कुमार, उप प्रमुख हरेंद्र सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे। सीओ ने कहा कि बाल विवाह समाज के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती है और ऐसे जागरूकता अभियान बच्चों के अधिकार, कानून और सामाजिक जिम्मेदारियों को समझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जिला परिषद सदस्य ने बाल विवाह को बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए समाज के सभी वर्गों से इसके खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया। उप प्रमुख ने कहा कि स्थायी बदलाव तभी संभव है जब समाज स्वयं जागरूक होगा। यह रथ गांव-गांव जाकर लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों से अवगत कराएगा और पंचायत स्तर पर भी सतत प्रयास किए जाएंगे। अभियान के तहत नुक्कड़ नाटक, जनसंवाद, पोस्टर अभियान, संवाद सत्र और सामुदायिक बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिनमें बाल विवाह के सामाजिक, शैक्षणिक, स्वास्थ्य और कानूनी प्रभावों पर जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने अभियान को सफल बनाने के लिए सहयोग का संकल्प लिया। बाल विवाह मुक्ति रथ केवल वाहन नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन और जागरूकता का प्रतीक है, जो पूरे जिले में सकारात्मक बदलाव की अलख जगाएगा।
बेगूसराय जिला विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर आज दीनानाथ परमेश्वरी इंटर स्तरीय बालिका विद्यालय मंझौल में बाल विवाह की रोकथाम के लिए नाटक के माध्यम से जागरूक किया गया। इसके माध्यम से उपस्थित बच्चों को बाल विवाह की रोकथाम के लिए बताया गया। अपील की गई कि बाल विवाह से हमारे बच्चों का भविष्य अंधकार में चला जाता है। आप अपने आसपास यदि बाल विवाह होता हुआ देखें तो वहां जाकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करें। अभिभावकों को समझाएं कि बाल विवाह से बच्चों का शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास बाधित होता है। नाटक में कलाकारों ने यह बताने का प्रयास किया है कि बाल विवाह से किस प्रकार समाज के लोगों की भूमिका भी होती है। उन सभी को जागरूक होना होगा, तभी जाकर बाल विवाह मुक्त राष्ट्र का निर्माण होगा। बताया गया बाल विवाह में सहयोग करने पर सजा का प्रावधान है। भारत को बाल विवाह मुक्त राष्ट्र बनाना हमें भारत को बाल विवाह मुक्त राष्ट्र बनाना है। इसके लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार जिले के प्रत्येक प्रखंड में जाकर नाटक के माध्यम से बाल विवाह की रोकथाम का प्रयास जारी रखेगा। प्रधानाचार्य चंदन कुमार ने कहा कि नाटक के माध्यम से जागरूकता सराहनीय प्रयास है। मौके पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सुजीत कुमार, अनमोल, विवेक सिन्हा, अरविंद कुमार, धर्मेंद्र कुमार, मुरारी कुमार, पिंकी कुमारी, रुबी कुमारी, अंकिता कुमारी, मौकेंद्र पासवान व शैलेश कुमार रहै। इन्होंने कहा है कि नाटक के माध्यम से बताने की कोशिश किया की हमें एक स्वस्थ और बाल विवाह मुक्त राष्ट्र का निर्माण करना है।
बिहार- झारखंड की सीमा पर औरंगाबाद के नवीनगर प्रखंड के सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध गजना धाम मंदिर परिसर है। यहां लगभग 46 साल से विशेष होली का आयोजन किया जाता है। विशेष होली इस बार भी पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई जाएगी। इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई है। होली केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि भगवान श्रीराम के साथ भक्तों के आत्मीय मिलन और धार्मिक परंपरा का जीवंत प्रतीक है। गजना धाम परिसर में आस्था, परंपरा और लोक संस्कृति का अद्भुत संगम इन दिनों एक बार फिर देखने को मिल रहा है। भगवान राम के होली खेलने की मान्यता मंदिर परिसर में 21 फरवरी से ही सीताराम नाम नवाह्न जप यज्ञ और श्री सीताराम विवाह उत्सव पूजन का भव्य आयोजन चल रहा है। जो 9 फरवरी तक चलेगा। 21 फरवरी से आरंभ हुआ नवाह्न जप यज्ञ 2 मार्च को पूर्णाहुति के साथ खत्म होगा। राम विवाह उत्सव की तैयारियां तेज हो जाती हैं। लेकिन इस पूरे धार्मिक अनुष्ठान का सबसे आकर्षक और विशेष क्षण होता है होली का आयोजन, जब भगवान राम स्वयं ग्रामीणों के साथ सात्विक होली खेलते हैं। लगभग 46 साल से चली आ रही है परंपरा लगभग 46 साल से चली आ रही इस परंपरा के अनुसार 4 मार्च को होली के अवसर पर बिहार के नवीनगर प्रखंड और झारखंड के हुसैनाबाद प्रखंड के दर्जनों गांवों से हजारों श्रद्धालु गजना धाम पहुंचते हैं। भक्त भगवान श्रीराम को अबीर-गुलाल अर्पित करते हैं और फिर आपस में प्रेम और सद्भाव के रंगों से सराबोर होते हैं। इस विशेष होली की खासियत यह है कि यहां केवल सात्विक और धार्मिक वातावरण में होली खेली जाती है। ढोल-नगाड़ों और भजन-कीर्तन के बीच वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहता है। श्रद्धालुओं का मानना है कि इस दिन भगवान राम के साथ होली खेलने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। होली के रंगों के साथ यहां भक्ति का रंग भी गहरा होता है। मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन और प्रवचन का क्रम लगातार चलता रहता है, जिससे पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठता है। सीमा क्षेत्र में मनाई जाने वाली यह विशेष होली सामाजिक समरसता, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक एकता का अनूठा उदाहरण है। बिहार और झारखंड के लोग बिना किसी भेदभाव के एक साथ रंगों और भक्ति में डूब जाते हैं। 46 साल से चली आ रही यह परंपरा आज भी उसी उत्साह और श्रद्धा के साथ जीवित है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए सांस्कृतिक विरासत का संदेश देती है। होली के दूसरे दिन 5 मार्च को भगवान श्री राम का तिलोत्सव होली के दूसरे दिन 5 मार्च को तिलक समारोह आयोजित होगा। 6 मार्च को मंडप पूजन और किशोरी की हल्दी रस्म संपन्न की जाएगी। 7 मार्च को भगवान श्रीराम की भव्य बारात नगर भ्रमण के लिए निकलेगी, जो हर साल की तरह इस बार भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेगी। पारंपरिक वेशभूषा और गाजे-बाजे के साथ सुसज्जित बारात झारखंड सीमा पर स्थित पोलडीह गांव पहुंचेगी, जहां ग्रामीण माता सीता के मायके वालों की भूमिका निभाते हैं। गांव को विशेष रूप से सजाया जाता है और बारात का पारंपरिक रीति-रिवाजों से भव्य स्वागत किया जाता है। 8 मार्च को धाम परिसर में सीताराम विवाह उत्सव विधि-विधान से संपन्न होगा। इसके अगले दिन 9 मार्च को श्रीराम कलेवा प्रसाद पूजन के साथ कार्यक्रम का समापन किया जाएगा। इस अवसर पर 56 प्रकार के भोगों का वितरण भक्तों के बीच किया जाएगा, जिसे पाने के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगती हैं। कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटे हैं ग्रामीण यह संपूर्ण आयोजन श्री श्री 108 श्री महंत अवध बिहारी दास जी के सानिध्य में संपन्न हो रहा है। आयोजन समिति के अध्यक्ष यमुना प्रसाद सिंह, उपाध्याय भृगुनाथ सिंह, सचिव गुप्तेश्वर सिंह सहित कई सदस्य कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटे हैं। विवाह उत्सव में दशरथ की भूमिका में सुरेंद्र प्रसाद सिंह और जनक की भूमिका में भूगुनाथ सिंह उपस्थित रहेंगे। खुद प्रसाद बनाकर माता को समर्पित करते भक्त गजना धाम परिसर में स्थित गजानन माता का मंदिर भी श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। बिहार-झारखंड सीमा पर स्थित इस मंदिर में माता के निर्विकार स्वरूप की पूजा की जाती है। मान्यता है कि सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद यहां पूरी होती है। भक्त स्वयं मिट्टी के बर्तन में शुद्ध घी से पकवान बनाकर माता को अर्पित करते हैं।
बांका के रजौन प्रखंड स्थित शुक्रवार की रात श्रीमन्नारायण धाम बनगांव में नौ दिवसीय श्री सीताराम विवाह महोत्सव का आयोजन किया गया। इस दौरान भक्तिमय वातावरण में धार्मिक लीलाओं का भव्य मंचन हुआ। शुक्रवार देर रात तक चले सुदामा चरित्र और सीताराम विवाह संवाद की मनोहारी लीलाओं ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। वृंदावन से आई एक संस्था ने सुदामा चरित्र का प्रभावशाली मंचन किया, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की निष्काम मित्रता को दर्शाया गया। झांकी और संवादों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि सच्ची मित्रता हर परिस्थिति में साथ निभाने से पहचानी जाती है। इस प्रस्तुति को देखकर दर्शक भावुक हो उठे। सीताराम विवाह लीला का भी मंचन हुआ महोत्सव के दौरान सीताराम विवाह लीला का भी मंचन हुआ। सीता स्वयंवर के लिए सुसज्जित मंच विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। कथा के अनुसार, जब अन्य राजा शिव धनुष उठाने में असफल रहे, तब भगवान श्रीराम ने सहज भाव से धनुष तोड़ दिया। इसके बाद सीता ने श्रीराम को वरमाला पहनाई, जिससे पूरा परिसर जयघोष से गूंज उठा। धनुष यज्ञ लीला में कलाकारों के उत्कृष्ट अभिनय ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। भव्य राम बारात भी निकाली गई शुक्रवार की रात को एक भव्य राम बारात भी निकाली गई। ढोल-नगाड़ों की धुन पर भक्त थिरकते हुए चल रहे थे। गाजे-बाजे के साथ धूमधाम से निकली इस बारात को देखने के लिए देर रात तक सैकड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। सीताराम विवाह महोत्सव और मेले में भी बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। मुख्य आयोजक डॉक्टर महेशानंद महाराज ने बताया कि श्री सीताराम विवाह महोत्सव हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर आयोजक समिति के सभी सदस्य उपस्थित थे।
किशनगंज में एक नाबालिग किशोरी की शादी को जन निर्माण केंद्र और प्रशासन की टीम ने रुकवा दिया। स्थानीय स्रोतों से सूचना मिली थी कि गांव में 16 वर्षीय किशोरी और 18 वर्षीय किशोर का विवाह तय किया गया है। सूचना की पुष्टि होने पर संस्था के जिला समन्वयक मोहम्मद मुजाहिद आलम के नेतृत्व में एक टीम सक्रिय हुई। अनुमंडल पदाधिकारी-सह-बाल विवाह प्रतिषेध पदाधिकारी अनिकेत कुमार के निर्देश पर प्रखंड विकास पदाधिकारी अहमर अब्दाली और पुलिस प्रशासन की टीम विवाह स्थल पर पहुंची। घर पर शादी की तैयारियां चल रही थी। मानसिक, शारीरिक और सामाजिक नुकसानों के बारे में समझाया टीम ने परिजनों से बात की और उन्हें बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 की कानूनी धाराओं तथा बाल विवाह से होने वाले मानसिक, शारीरिक और सामाजिक नुकसानों के बारे में समझाया। परिजनों ने टीम की बातों को गंभीरता से लिया और बालिका का विवाह स्थगित करने का निर्णय लिया। उन्होंने इस संबंध में लिखित प्रमाण भी दिया। प्रखंड विकास पदाधिकारी अहमर अब्दाली ने बताया कि किसी भी नाबालिग की शादी करवाना, करना या इसमें सहायता करना गैर-जमानती कानूनी अपराध है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नाबालिग के विवाह से शिक्षा के अधिकार, बच्चे के विकास, मानसिक शक्ति और समाज पर बुरा प्रभाव पड़ता है। परिजनों से एक शपथ पत्र भी भरवाया टीम ने परिजनों से एक शपथ पत्र भी भरवाया, जिसमें उन्होंने अपनी बच्ची का विवाह 18 साल पूरे होने के बाद ही करने का इकरार किया। इस दौरान संस्था के सामुदायिक सामाजिक कार्यकर्ता सबीह अनवर, रानी कुमारी, जफर आलम, स्थानीय जनप्रतिनिधि और पुलिस बल मौजूद थे।
मैनपुरी पुलिस बाल विवाह के खिलाफ 100 दिवसीय अभियान चला रही है। इस मुहिम के तहत पुलिस सिर्फ कानूनी कार्रवाई तक सीमित नहीं है। बल्कि सामाजिक बदलाव लाने पर भी जोर दे रही है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के निर्देश पर 27 नवंबर से 8 मार्च 2026 तक चलने वाले बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता अभियान चलाया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बाल विवाह को रोकना और समुदाय स्तर पर 'जीरो टॉलरेंस' का माहौल बनाना है। इसका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी परिवार या व्यक्ति इस कुप्रथा को बढ़ावा न दे। एसपी के आदेश और अपर पुलिस अधीक्षक व क्षेत्राधिकारी कोतवाली के निर्देशन में AHT टीम ने गांव-गांव जाकर लोगों को बाल विवाह से संबंधित कानूनों, दंडात्मक प्रावधानों और सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी। जागरूकता अभियान के दौरान टीम ने बाल विवाह के साथ-साथ बाल श्रम उन्मूलन और नशामुक्ति जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी ध्यान केंद्रित किया। इसका उद्देश्य बच्चों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करना है। ग्रामीणों को यह भी बताया गया कि बाल विवाह केवल एक कानूनी अपराध ही नहीं, बल्कि यह बालिकाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और उनके भविष्य पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है। इस अभियान में थाना AHT की प्रभारी निरीक्षक सरोजनी देवी, उपनिरीक्षक सुनील कुमार वर्मा, कांस्टेबल नरेंद्र, वन स्टॉप सेंटर की कामिनी यादव और चाइल्ड हेल्प लाइन कोऑर्डिनेटर राजीव कुमार शामिल रहे। टीम ने स्थानीय निवासियों से अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी बाल विवाह की जानकारी मिलती है, तो वे तत्काल पुलिस या चाइल्ड हेल्पलाइन को सूचित करें।
बैतूल के सतलोक आश्रम उड़दन में संत रामपाल जी महाराज के सान्निध्य में आयोजित तीन दिवसीय महा समागम के दूसरे दिन कई समाज सुधार कार्यक्रम संपन्न हुए। संत गरीबदास जी महाराज के बोध दिवस के उपलक्ष्य में 26 से 28 फरवरी तक चलने वाले इस समागम में लाखों श्रद्धालु भाग ले रहे हैं। समागम के दूसरे दिन 30 जोड़ों का दहेज मुक्त विवाह हुआ। ये विवाह संत रामपाल जी महाराज की वाणी के माध्यम से मात्र 17 मिनट में पूरे किए गए। विवाह समारोह पूरी तरह सादगीपूर्ण रहा, जिसमें किसी प्रकार की सजावट, दहेज या सामाजिक आडंबर नहीं था। वर-वधू साधारण वस्त्रों में विवाह मंडप में पहुंचे और संत परंपरा के अनुसार विवाह संस्कार संपन्न हुए। दो तस्वीरों में देखिए तीन दिवसीय महासमागम… 1832 श्रद्धालुओं ने देहदान का संकल्प लिया महा समागम में समाज सेवा की भावना को बढ़ावा देते हुए एक रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया। बैतूल जिला अस्पताल की टीम की देखरेख में कुल 268 यूनिट रक्तदान किया गया। इसके अतिरिक्त, 1832 श्रद्धालुओं ने देहदान का संकल्प लिया और 3861 श्रद्धालुओं ने निःशुल्क नामदीक्षा ग्रहण की। आश्रम परिसर में श्रद्धालुओं के लिए एक प्रेरणादायक प्रदर्शनी भी लगाई गई है। इसमें संत गरीबदास जी महाराज के जीवन, उनके ज्ञान और परमात्मा कबीर साहेब के तत्वज्ञान का संदेश प्रदर्शित किया गया है। श्रद्धालुओं ने इस प्रदर्शनी में गहरी रुचि दिखाई। आश्रम के मुख्य सेवादार विष्णुदास साहू ने बताया कि संत रामपाल जी महाराज के सान्निध्य में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज से दहेज प्रथा, नशा और अंधविश्वास जैसी कुरीतियों को समाप्त कर मानवता और समानता का संदेश फैलाना है। उन्होंने यह भी कहा कि यह आयोजन केवल अध्यात्म का प्रतीक नहीं, बल्कि सेवा, सादगी और सामाजिक सुधार का भी प्रतीक है।
लखनऊ में जानी-मानी पैथोलॉजी के मालिक की हत्या मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। वर्धमान पैथोलॉजी के मालिक मानवेंद्र सिंह की हत्या करने के बाद बेटे अक्षत प्रताप सिंह उर्फ राजा ने लाश ठिकाने लगाने के लिए यूट्यूब पर कई वीडियो देखे। ऑनलाइन चाकू और आरी मंगाई। फिर शव के टुकड़े किए। हाथ-पैर काटकर फेंकने के बाद धड़ को ठिकाने लगाने के लिए ब्रेजा कार में रखने लायक साइज का नीला ड्रम खरीदकर लाया। आर्मी पैटर्न की मोटी पॉलिथीन और 20 लीटर तारपिन का तेल खरीदा। जब लगा कि वह धड़ को ठिकाने नहीं लगा पाएगा तो उसने पारिवारिक वकील को कॉल कर मिलने की कोशिश की। इस बीच अक्षत पुलिस और परिजनों को गुमराह करने के लिए पिता को ढूंढ़ने का नाटक करता रहा। खुद को परेशान दिखाने के लिए अलग-अलग लोगों को 135 कॉल किए, ताकि लगे कि वह पिता के लिए बेचैन है। ये बातें अक्षत ने पुलिस पूछताछ में बताई हैं। पुलिस 25 फरवरी को उसे जेल भेजकर मामले का खुलासा कर चुकी है। हालांकि, परिवार और पड़ोसियों को पुलिस की थ्योरी पर यकीन नहीं हो रहा है। सोशल मीडिया पर भी लोग तरह-तरह के पोस्ट और कमेंट कर रहे हैं। मानवेंद्र के परिवार के करीबी लोगों की पोस्ट भी सामने आ रही हैं, जिनमें पारिवारिक रिश्तों में वर्षों से चली आ रही खटास की बात सामने आई है। धड़ को ठिकाने लगाने के लिए कार की साइज का ड्रम खरीदा पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 20 फरवरी को तड़के 4:30 बजे पिता की हत्या करने के बाद अक्षत ने शव को ठिकाने लगाने के लिए 2 दिन तक जुगाड़ किया। हाथ-पैर को ठिकाने लगाने के बाद बाजार में ड्रम तलाशता रहा। पूछताछ में उसने बताया कि वह अपनी ब्रेजा कार लेकर 3 अलग-अलग दुकानों पर गया। एक दुकान पर उसे कार में रखने लायक साइज का ड्रम मिला। उसे खरीदकर कार में रखकर घर लाया। घर और मोहल्ले में सूनसान होने का इंतजार करता रहा, ताकि धड़ को ड्रम में भरकर बाहर ले जा सके। इतना ही नहीं, उसने धड़ पैक करने के लिए मोटी पॉलीथिन भी खरीदी। पुलिस बाजार से खरीदी गई वस्तुओं के सीसीटीवी फुटेज और बिलिंग डिटेल्स जुटा रही है। यूट्यूब में देखा, ऑनलाइन भी मंगवाए सामान पुलिस सूत्रों के अनुसार, अक्षत ने पिता की हत्या के बाद यूट्यूब के जरिए शव ठिकाने लगाने के लिए वीडियो भी देखें। अक्षत को यह नहीं समझ में आ रहा था कि वह पिता के शव को कैसे ठिकाने लगाए? उनका वजन करीब 110 किलो था। उसे वह अकेले उठा भी नहीं सकता था। इस वजह से शव के टुकड़े करने के लिए ऑनलाइन चाकू और आरी मंगाई। गुमराह करने के लिए 135 कॉल की पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पिता की हत्या करने के बाद शक से बचने के लिए अक्षत ने एक और चाल चली। वह अपने एक साथी के साथ पिता की गुमशुदगी दर्ज कराने आशियाना थाने पहुंचा। इस दौरान उसने कई लोगों को फोन किए, ताकि यह आभास न हो कि वही हत्यारा है। पुलिस के अनुसार, घटना के दिन से लेकर गिरफ्तारी तक उसके मोबाइल से 135 कॉल की गईं। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाले जा रहे हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उसने किन-किन लोगों से बात की? किससे मदद लेने की कोशिश की? उनमें से किसी ने उसकी किसी तरह की मदद तो नहीं की। वकील अंकल आप से अकेले मिलना है… पुलिस सूत्रों ने बताया, हत्या करने के बाद अक्षत को अहसास हो गया कि वह पकड़ा जा सकता है। इस पर उसने परिवार से जुड़े एक वकील से मिलने की कोशिश की। उन्हें फोन करके अकेले मिलने की जिद की। कहा- बहुत जरूरी बात करनी है। हालांकि, कोर्ट में व्यस्त होने के कारण वकील उससे मिल नहीं पाए। इस बीच अक्षत ने कुछ करीबी लोगों के सामने पिता की हत्या की बात स्वीकार भी कर ली थी। दोस्त ने फेसबुक पर किया पोस्ट- ‘बच्चों के मन में जहर भरा गया’ मानवेंद्र के पड़ोसी मित्र अंशुमान दुबे ने फेसबुक पर लंबा पोस्ट लिखकर रिश्तों की कड़वाहट की ओर इशारा किया है। उन्होंने लिखा कि अक्षत 11 साल का था, जब उसकी मां ने आत्महत्या की थी। उस घटना के बाद ससुराल पक्ष ने मानवेंद्र को ही दोषी ठहराया और यह धारणा कभी बदली नहीं। पिता और बच्चों के बीच दूरी बनी रही। रिश्तेदारों और करीबियों ने बच्चों के मन में पिता के प्रति जहर भरा। मानवेंद्र का एक महिला मित्र से संबंध भी चर्चा में रहा, जिससे उनकी छवि बच्चों की नजर में और खराब हुई। पोस्ट में यह भी इशारा है कि बेटे की एक लड़की से नजदीकियां थीं। उसने घर के लाखों रुपए संभवतः उसी पर खर्च किए गए। पिता-पुत्र के बीच पैसों और रिश्तों को लेकर तनाव था। जेल में नहीं खाया खाना, पूरी रात जागता रहा 25 फरवरी को न्यायिक हिरासत में जेल भेजे जाने के बाद अक्षत पूरी रात नहीं सोया। जेल सूत्रों के मुताबिक, उसने खाना भी नहीं खाया। वह बेचैन नजर आया और पूरी रात तक जागता रहा। अब पढ़िए क्या है पूरा मामला ---------------- संबंधित खबर भी पढ़िए…हत्या से पहले मानवेंद्र ने अक्षत को जड़ा था थप्पड़:50 लाख के लिए बाप-बेटे में बहस हुई थी; फूफा बोले- वजह कुछ और लखनऊ की जानी-मानी पैथोलॉजी के मालिक की हत्या के मामले में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। विश्वसनीय सूत्रों ने बताया कि हत्या से एक दिन पहले यानी 19 फरवरी को वर्धमान पैथोलॉजी के मालिक मानवेंद्र सिंह और उनके बेटे की बीच पैसों को लेकर बहस हुई थी। पूरी खबर पढ़ें
देवताओं ने भगवान शिव से निवेदन किया आप विवाह करें, उनका विवाह परमार्थ के लिए हुआ
भास्कर न्यूज| अंबागढ़ चौकी ग्राम सिंगाभेड़ी आयोजित शिव महापुराण में अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता बाल योगी विष्णु अरोड़ा (जावरा रतलाम मध्य प्रदेश) ने भगवान शिव और पार्वती मिलन की कथा वर्णन किया। कहा प्रजापति दक्ष की कन्या स्वधा जिनकी तीन पुत्री हुई। ये तीनों पुत्री भगवान को पाना चाहती थीं किंतु इस जन्म में संभव नहीं हुआ। दूसरे जन्म में तीनों कन्याओं ने भगवान को प्राप्त किया और यह तीनों माताएं अपनी पुत्री के कारण प्रसिद्ध हुई। धन्या जो दूसरे जन्म में उनके यहां माता पार्वती का जन्म हुआ। नारद जी उनके हस्तरेखा देखें उनका नाम उमा, अंबिका, भवानी कहा। पार्वती ने तपस्या किया शिव को प्राप्त किया, किंतु पार्वती ने कहा मेरे पिता से हाथ मांगना होगा। भगवान नट का रूप लेकर गए हाथ मांगे किंतु एक राजा अपने राजकुमारी का विवाह एक नट के साथ कैसे करें, बड़ी असमंजस रही बाद में माता पार्वती को भगवान शिव का दर्शन हुआ नटराज रूप में देवाधिदेव महादेव ही हैं। इस विवाह का कारण तारकासुर जिसे ब्रह्माजी के द्वारा वरदान था मृत्यु शंकर के पुत्र से होना है। समाज में खूब अत्याचार किया। देवताओं ने जाकर भगवान शिव को जगाया शिव के क्रोध अग्नि से कामदेव जलकर भस्म हो गया।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने एक नाबालिग बालक का बाल विवाह रुकवाया है। जिला प्रशासन बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को समाप्त करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। यह घटना 24 फरवरी को ग्राम पंचायत सल्हेघोरी, थाना गौरेला में सामने आई। बैगा समाज के एक नाबालिग बालक के विवाह की सूचना मिलने पर, जिला कार्यक्रम अधिकारी (महिला एवं बाल विकास विभाग) अमित सिन्हा ने तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने जिला बाल संरक्षण अधिकारी वीरेंद्र कुर्रे को मामले की जांच के निर्देश दिए। कुर्रे ने तुरंत एक टीम का गठन किया। इस टीम में सेक्टर सुपरवाइजर, चाइल्ड हेल्पलाइन, जिला बाल संरक्षण इकाई के सदस्य, स्थानीय पुलिस, पंचायत सचिव, उप सरपंच और पंच शामिल थे। मार्कशीट जांच में सामने आई बालक की कम उम्र टीम ने मौके पर पहुंचकर बालक के उम्र संबंधी दस्तावेजों, विशेषकर उसकी मार्कशीट की जांच की। जांच में पाया गया कि बालक की आयु बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत निर्धारित 21 वर्ष से लगभग 6 वर्ष कम थी। टीम ने बालक के माता-पिता और परिवार के सदस्यों को बाल विवाह निषेध अधिनियम के कानूनी प्रावधानों के बारे में विस्तार से बताया और उन्हें समझाया। इसके बाद, परिवार से एक घोषणा पत्र-पंचनामा पर हस्ताक्षर कराए गए। इसमें उन्होंने बालक के 21 वर्ष पूरे होने तक उसका विवाह न करने का वचन दिया। इस कार्रवाई के बाद, प्रस्तावित बाल विवाह को पूरी तरह से रोक दिया गया।
समस्तीपुर के विभूतिपुर थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की का बाल विवाह रोका गया। प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) और रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर यह कार्रवाई की। इस दौरान सैकड़ों ग्रामीणों को बाल विवाह न करने की शपथ भी दिलाई गई। घटना विभूतिपुर थाना क्षेत्र के आलमपुर कोदरिया मुसहरी गांव की है। यहां मुसहर समुदाय के एक परिवार ने अपनी नाबालिग बेटी का बाल विवाह करने की पूरी तैयारी कर ली थी। एक निजी संस्था से मिली सूचना के आधार पर प्रखंड विकास पदाधिकारी सह बाल विवाह निषेध पदाधिकारी चंद्र मोहन पासवान और चाइल्ड हेल्पलाइन समस्तीपुर से मुन्ना कमलेश कुमार की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। टीम ने हस्तक्षेप कर विवाह को रुकवाया। बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में समझाया प्रखंड विकास पदाधिकारी ने लड़की के माता-पिता को बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में समझाया। उन्होंने माता-पिता से भविष्य में बाल विवाह न करने का लिखित वचन पत्र भी लिया। हालांकि, माता-पिता ने लड़के पक्ष का पता बताने से इनकार कर दिया। इस दौरान, बीडीओ ने गांव के सैकड़ों लोगों को बाल विवाह के खिलाफ जागरूक किया और सभी को इस कुरीति को रोकने की शपथ दिलाई। निजी संस्था के रेस्क्यू टीम इंचार्ज कमलेश कुमार ने बताया कि उनकी टीम को बाल विवाह की सूचना मिली थी, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। बिहार सरकार बाल विवाह रोकने के लिए कई कठोर कानून बना चुकी है और समय-समय पर जागरूकता अभियान भी चलाती है। प्रशासनिक और सामाजिक संगठनों के ऐसे प्रयास बाल विवाह जैसी कुरीतियों को समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
बारां: रजक धोबी समाज ने आयोजित किया निःशुल्क सामूहिक विवाह सम्मेलन
श्रीवशिष्ट रजक धोबी समाज चौरासी पंचायत द्वारा आयोजित कार्यक्रम में 2 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ और भव्य शोभायात्रा निकाली गई।
देवरिया में 161 जोड़ों का सामूहिक विवाह:मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आयोजन
देवरिया में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 161 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया। यह समारोह शहर के राजकीय आईटीआई एवं केंद्रीय विद्यालय परिसर में आयोजित हुआ। आयोजन में 154 हिंदू जोड़ों ने वैदिक रीति-रिवाज से विवाह किया, जबकि 7 मुस्लिम जोड़ों का निकाह विधि-विधान के अनुसार संपन्न हुआ। पूरे परिसर में उत्सव का माहौल रहा, जिसमें सजे हुए मंडप, पारंपरिक संगीत और परिजनों की उपस्थिति ने आयोजन को यादगार बनाया। देखें, 3 तस्वीरें… इस योजना के लिए जिले के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 200 आवेदन प्राप्त हुए थे। ऑनलाइन सत्यापन और पात्रता जांच के बाद कुल 161 जोड़ों को विवाह के लिए चयनित किया गया। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर सभी जोड़ों की बायोमेट्रिक जांच की गई, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। जांच पूरी होने के बाद दूल्हों को पारंपरिक टोपी और गमछा प्रदान किया गया। इसके उपरांत वे मंडप में बैठकर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विवाह संस्कार में शामिल हुए। मुस्लिम जोड़ों के लिए अलग से व्यवस्था की गई थी, जहां काजी द्वारा निकाह पढ़ाया गया। समारोह में सदर विधायक शलभ मणि त्रिपाठी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, उपजिलाधिकारी देवरिया सदर, एमएलसी प्रतिनिधि राजू मणि और अवधेश सिंह, देवरिया सदर प्रमुख पवन कुमार गुप्ता, नगर पंचायत बैतालपुर की चेयरमैन सरिता प्रकाश, जिला समाज कल्याण अधिकारी तथा खंड विकास अधिकारी देवरिया सदर एवं बैतालपुर सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद थे। इसके अतिरिक्त, माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष दिनेश त्रिपाठी और अखिल भारतीय क्षेत्रीय महासंघ के जिलाध्यक्ष राजेश सिंह श्रीनेत समेत अनेक गणमान्य नागरिकों ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया।
कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री ने कहा- सोशल मीडिया के कारण पति-पत्नी के रिश्ते बर्बाद हो रहे हैं। आजकल ज्यादातर शादियां टिक नहीं पा रही हैं। जितना हो सके, गंभीर रहो और मर्यादा में रहो। 'नाइस' और 'ब्यूटीफुल' जैसे कमेंट करने वाले सबको ही ऐसा बोलते हैं। जाल में फंसाने वाले ऐसे लोगों से बचो। परमात्मा से प्रेम करोगे तो कभी दुखी नहीं रहोगे। अजमेर के पुष्कर मेला ग्राउंड में आयोजित हनुमंत कथा के आखिरी दिन बुधवार को धीरेंद्र शास्त्री ने कहा- जो मिला, उस पर घमंड मत करो। चाहे रूप हो, धन हो, भवन हो, यश हो या फिर जीवन। जो मिला, उसे प्रसाद समझो। निंदा सब करेंगे, लेकिन घबराना नहीं। जिसकी निंदा होगी, वही जिंदा है। जिसकी नहीं, समझो वो मर गया। निंदा तो राम की भी हुई, तभी संतों ने कहा- 'निंदक नियरे राखिए'। देखिए, हनुमंत कथा से जुड़ी PHOTOS… पल-पल के अपडेट के लिए ब्लॉग देखिए…
बाल संरक्षण योजनाओं की त्रैमासिक समीक्षा, बाल विवाह रोकथाम पर जोर
भास्कर न्यूज | सिरोही जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल अधिकारिता विभाग सिरोही की त्रैमासिक समीक्षा बैठक कलेक्टर अल्पा चौधरी की अध्यक्षता में कृषि विस्तार परियोजना भवन स्थित आत्मा सभागार में आयोजित हुई। बैठक में जिले में संचालित बाल संरक्षण योजनाओं, अभियानों और समन्वय गतिविधियों की समीक्षा कर संबंधित विभागों को समयबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने ‘बाल विवाह मुक्त सिरोही’ अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए ग्राम पंचायत स्तर पर जनभागीदारी बढ़ाने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्राम सभाओं, विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों और सामुदायिक आयोजनों के माध्यम से बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता फैलाई जाए। महिला अधिकारिता विभाग द्वारा आयोजित अमृता मेले में ‘बाल विवाह मुक्त सिरोही’ विषय पर जानकारीपूर्ण स्टॉल लगाकर बाल संरक्षण कानून, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की जानकारी देने को भी कहा गया। बैठक में जिला परिवहन अधिकारी को स्कूल वाहनों (बाल वाहिनी) की नियमित जांच, ओवरलोडिंग पर कार्रवाई तथा अवैध रूप से संचालित वाहनों के खिलाफ सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए। पुलिस विभाग के एएसपी जसाराम को राजकीय और गैर-राजकीय विद्यालयों की 200 मीटर परिधि में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध सुनिश्चित करने, नियमित निरीक्षण व कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर नियंत्रण के लिए संवेदनशील स्थानों पर गश्त बढ़ाने तथा नगरीय निकायों को पर्याप्त स्ट्रीट लाइट व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। आंगनबाड़ी केंद्रों का भौतिक सत्यापन होगा : कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग को सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं का भौतिक सत्यापन कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए, ताकि बच्चों और महिलाओं को सुरक्षित व अनुकूल वातावरण मिल सके। बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान के तहत नशा मुक्ति, भीखावृत्ति उन्मूलन, बाल श्रम निषेध और सुरक्षित परिवहन जैसे विषयों को जोड़कर बहुआयामी जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए। स्कूल स्तर पर विशेष जागरूकता सत्र, रैली, शपथ ग्रहण और सामुदायिक बैठकों के आयोजन पर भी जोर दिया गया। बाल संरक्षण तंत्र को सुदृढ़ करने पर चर्चा सहायक निदेशक जिला बाल संरक्षण इकाई राजेंद्र कुमार पुरोहित ने विभागीय योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बाल संरक्षण तंत्र को और प्रभावी बनाने के सुझाव दिए। बैठक में बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष रतन बाफना, सदस्य शशिकला मरडिया व प्रताप सिंह, एएसपी जसाराम, पुलिस विभाग से मोहन सिंह राव, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी भंवर लाल पुरोहित व विजय कुमार व्यास, अधीक्षक राजकीय संप्रेक्षण एवं किशोर गृह भंवर सिंह, श्रम कल्याण अधिकारी हंसदीप, उपनिदेशक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग किशनाराम लाल, सहायक निदेशक महिला अधिकारिता विभाग अंकिता राजपुरोहित, जिला परिवहन अधिकारी अक्षमिता राठौड़ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
सामूहिक विवाह सम्मेलन 26 मार्च को
जयपुर | युवा संस्कृति एवं राजस्थान युवा छात्र संस्था की ओर से नवम् सर्वजातीय सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन 26 मार्च को रामनवमी पर किया जाएगा। रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 13 मार्च है, जिसमें सभी जातियों के लिए जोड़ों का पंजीकरण प्रारंभ हो चुका है। सम्मेलन के तहत 31 जोड़ों के विवाह का लक्ष्य रखा गया है। संस्था अध्यक्ष जगदीश सोमानी ने जरूरतमंद परिवारों से इस पहल का लाभ उठाने की अपील की। सम्मेलन में वर-वधू को आवश्यक सामग्री एवं सामाजिक सहयोग भी प्रदान किया जाएगा, जिससे उनका विवाह समारोह सफल बन सके।
मीणा सेवा संघ की बैठक, सामूहिक विवाह पर चर्चा:26 मार्च को सम्मेलन, 16 जोड़ों का पंजीयन
राजस्थान आदिवासी मीणा सेवा संघ की बैठक ग्राम पूठ का बास स्थित सेवड़ माता मंदिर में आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता कानाराम मीणा ने की। बैठक में 26 मार्च को होने वाले तीसरे सामूहिक विवाह सम्मेलन की तैयारियों पर चर्चा की गई। संघ के मीडिया प्रभारी रामफूल खोड़ा (चिताणु कलां) ने बताया कि अब तक 16 जोड़ों का पंजीयन हो चुका है। पंजीयन की अंतिम तिथि 28 फरवरी निर्धारित की गई है। समाज बंधुओं से अधिक से अधिक जोड़ों का पंजीयन कराने का आह्वान किया गया। सम्मेलन के लिए भामाशाहों द्वारा सहयोग की घोषणाएं की गईं। चिताणु गांव के मीणा समाज की ओर से भोजन की व्यवस्था की जाएगी। मोतीलाल पोस्ती ने आलमारी और बर्तन सेट देने की घोषणा की, जबकि पूर्व अध्यक्ष छाजूराम छापराड़ी दूल्हे की पोशाक और अध्यक्ष कानाराम मीणा लड़कियों की पोशाक की व्यवस्था करेंगे। टेंट, लाइट, हलवाई, बर्तन और मंडप सजावट की व्यवस्था उप प्रधान आमेर प्रदीप मीणा और रामजीलाल मीणा द्वारा की जाएगी। सम्मेलन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। अगली बैठक 1 मार्च को सुबह 11 बजे कांट में आयोजित की जाएगी। इस बैठक में पूर्व अध्यक्ष छाजूराम छापराड़ी, महामंत्री बाबूलाल अखेपुरा, गोपाल बाबूजी, रघुनाथ भीवंपुरा, कजोड़ खुराड़, कृष्ण आकेड़ा, प्रहलाद कचराला, लादू खोड़ा, छाजूराम चिताणु, राकेश खोड़ा, सत्यनारायण सालडवास, सुनील मीणा, चंदा लाल बिशनगढ़ और धर्मपाल सहित कई समाज बंधु उपस्थित रहे।
ग्वालियर में हैबियस कॉर्पस याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की युगलपीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा कि पहले विवाह के विधिवत समाप्त हुए बिना दूसरा विवाह नहीं किया जा सकता। काउंसलिंग के बाद युवती ने अपने माता-पिता के साथ जाने की इच्छा जताई, जिसे अदालत ने स्वीकार कर याचिका का अंतिम निराकरण कर दिया। सुनवाई के दौरान युवती को थाना थाटीपुर कोर्ट में प्रस्तुत किया गया। युवती की व्यक्तिगत उपस्थिति के कारण वीडियो प्रसारण रोक दिया गया और अदालत ने प्रत्यक्ष रूप से उसका पक्ष सुना। इससे पहले 19 फरवरी 2026 को अदालत ने शासकीय अधिवक्ता अंजलि ज्ञानानी से युवती की काउंसलिंग कराने का अनुरोध किया था। यह निर्देश इसलिए दिया गया क्योंकि युवती का पहला विवाह अभी विधिवत समाप्त नहीं हुआ था। विधिक स्थिति समझाने के बाद लिया निर्णय काउंसलिंग रिपोर्ट में बताया गया कि युवती को उसकी कानूनी स्थिति से अवगत कराया गया। उसे बताया गया कि पहले विवाह के रहते दूसरा विवाह कानूनी रूप से वैध नहीं होता। इसके बाद युवती ने अपने माता-पिता के साथ रहकर आगे की पढ़ाई पूरी करने की सहमति दी। माता-पिता ने सम्मानपूर्वक रखने का दिया आश्वासन सुनवाई के दौरान युवती के माता-पिता ने अदालत को आश्वस्त किया कि वे अपनी बेटी को पूर्ण सम्मान और गरिमा के साथ रखेंगे। अदालत ने इस आश्वासन को अभिलेख पर लिया। युवती ने अदालत में स्पष्ट कहा कि उसका तलाक नहीं हुआ है, इसलिए वह अपने माता-पिता के साथ जाना चाहती है। काउंसलिंग रिपोर्ट को सीलबंद लिफाफे में अभिलेख पर रखा गया और याचिका का अंतिम निराकरण कर दिया गया।
डीडवाना जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने की दिशा में सोमवार को एक महत्वपूर्ण पहल की गई। कलेक्ट्रेट परिसर, डीडवाना से 'बाल विवाह मुक्ति रथ' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह अभियान 'बाल विवाह मुक्त भारत अभियान' के तहत संचालित किया जा रहा है। अतिरिक्त जिला कलेक्टर मोहनलाल खटनावलिया और पुलिस उप अधीक्षक जेठूसिंह ने संयुक्त रूप से रथ को हरी झंडी दिखाई। इस अवसर पर पुलिस प्रशासन के अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और राजस्थान महिला कल्याण मंडल की टीम मौजूद रही। यह जागरूकता अभियान 'जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन अलायंस (JRCA)' के सहयोग से चलाया जा रहा है। रथ डीडवाना-कुचामन जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर आमजन, विशेषकर अभिभावकों और युवाओं को बाल विवाह की कुप्रथा और उसके दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करेगा। अभियान के दौरान बाल विवाह निषेध अधिनियम की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इसमें कम उम्र में विवाह से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला जाएगा। गांव-गांव में संवाद कार्यक्रम, पंपलेट वितरण और जनसंपर्क गतिविधियों के माध्यम से समुदाय को जागरूक किया जाएगा। संस्थान की जिला समन्वयक गरिमा सिंह राठौड़ ने बताया कि अभियान का उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना नहीं है, बल्कि समुदाय को बाल विवाह की सूचना समय रहते प्रशासन को देने के लिए प्रेरित करना भी है, ताकि प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करने में सक्रिय सहयोग करें। किसी भी संदिग्ध मामले की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को देने का आग्रह किया गया है। इस अवसर पर संस्था के रेस्क्यू एवं रिहैबिलिटेशन कोऑर्डिनेटर कृष्ण कांत व्यास, घनश्याम, फील्ड कोऑर्डिनेटर मुकेश, बनवारी लाल और ममता सहित पुलिस प्रशासन के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
खड़गपुर के मालिंचा इलाके में सामूहिक विवाह के आयोजन में उमड़ी लोगों की भीड़
खड़गपुर| खड़गपुर शहर के मालिंचा इलाके में स्वाधीन क्लब और ओडिसा मेटालिक्स प्राइवेट लिमिटेड, यूनिट- वन(रश्मि ग्रुप) के संयुक्त प्रयास से महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित अपनी सीएसआर पहल के तहत गर्व से गण विवाह उत्सव का नेतृत्व किया। आयोजित जीवंत उत्सव, मिश्रित परंपरा, सामुदायिक भावना और सशक्तिकरण, महिलाओं की सामाजिक स्थिति का उत्थान और सामुदायिक कल्याण का पहल बताया जा रहा है। इस आयोजन में जरूरतमंद जोड़ों की 5 शादियां आयोजित की गईं - जो वास्तव में एक नेक कार्य है। क्लब के अध्यक्ष, सचिव और वर वधु के परिजनों ने उदार वित्तीय सहायता के लिए रश्मी ग्रुप के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए बताया, यह नेक कार्य कई लोगों को सामाजिक बेहतरी में योगदान करने के लिए प्रेरित करेगा।कार्यक्रम को लेकर रश्मी ग्रुप के कार्यकारी निदेशक भास्कर चौधरी ने बताया कि, हमारा मानना है कि सामुदायिक सेवा परिवर्तन को उत्प्रेरित करती है। उन्होंने श्री रामकृष्ण परमहंस को उद्धृत करते हुए बताया कि, दुनिया एक मंच है; अपनी भूमिका अच्छे से निभाएं। हम इस सीएसआर पहल के माध्यम से लैंगिक समानता और सामाजिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए सम्मानित महसूस कर रहे हैं।
गढ़वा के बाबा खोनहरनाथ मंदिर में 21 बेटियों का सामूहिक विवाह संपन्न
भास्कर न्यूज | गढ़वा गढ़वा प्रखंड के गिजना गांव स्थित बाबा खोनहरनाथ मंदिर में 21 अनाथ व असहाय बेटियों की सामूहिक विवाह कराया गया। जानकी सामूहिक विवाह फाउंडेशन की ओर से आयोजित इस समारोह में घंटियों की गूंज, वैदिक मंत्रों की पवित्र ध्वनि और 21 बेटियों की आंखों में छलकती खुशी ने पूरे वातावरण को भावुक और आध्यात्मिक बना दिया। जानकी सामूहिक विवाह फाउंडेशन की ओर से सामूहिक विवाह पूरे विधि-विधान, परंपरा और सम्मान के साथ संपन्न कराया गया। हर बेटी दुल्हन के रूप में सजी थी, हर चेहरा मुस्कान से दमक रहा था और हर आंख में अपने घर-परिवार और सुरक्षित भविष्य का सपना झिलमिला रहा था। कार्यक्रम का शुभारंभ झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने फीता काटकर किया। उन्होंने कहा कि इन बेटियों के चेहरे की मुस्कान ही समाज की सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कन्यादान से बड़ा कोई दान नहीं। फाउंडेशन ने केवल 21 विवाह नहीं कराए, बल्कि 21 घरों में नई रोशनी जलाई है। मौके पर एक नवविवाहित बेटी ने कांपती आवाज में कहा कि माता-पिता के अभाव में उन्हें अपनी शादी की उम्मीद लगभग खत्म लगती थी, लेकिन फाउंडेशन ने उन्हें नया जीवन और सम्मान दिया है। वहीं एक वर ने कहा कि उन्हें सिर्फ जीवनसाथी ही नहीं, बल्कि समाज का आशीर्वाद भी मिला है। उन्होंने अपनी पत्नी को हर सुख देने और इस सम्मान को बनाए रखने का वचन दिया। आयोजन में संरक्षक सत्येंद्र चौबे उर्फ पांडेय बाबा का विशेष योगदान रहा। फाउंडेशन के सचिव रितेश तिवारी उर्फ महाकाल तिवारी ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल विवाह कराना नहीं, बल्कि बेटियों को सम्मानजनक जीवन देना है। अध्यक्ष संजीव दुबे ने कहा कि जब एक बेटी का घर बसता है, तो पूरा समाज बसता है और यही उनकी सबसे बड़ी सफलता है। महामंत्री प्रियांशु दुबे, चंदन धर दुबे, अजीत उपाध्याय, शुभम पासवान, शिवम् दुबे, विशाल सिंह, पिंटू तिवारी एवं सह संरक्षक आलोक पांडेय सहित कई लोग उपस्थित थे।
रुक्मिणी विवाह प्रसंग से गुंजायमान शहर, श्रीमद्भागवत कथा की भक्ति में डूबे भक्त
सिटी रिपोर्टर | बोकारो सेक्टर-3 चक्की मोड़ स्थित दुर्गा पूजा मैदान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन रविवार को श्रद्धा और भक्ति का अनुपम संगम देखने को मिला। वृन्दावन से पधारे पूज्य सुधांशु जी महाराज ने श्रद्धालुओं को ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक प्रवचन प्रदान किया। उनके ओजस्वी और सरल शब्दों ने पंडाल में उपस्थित सैकड़ों श्रद्धालुओं के हृदय को स्पर्श किया। पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित हो उठा। कार्यक्रम की शुरुआत भक्ति गीतों और मधुर भजनों से हुई। “मुझे अपना बना लो नंदलाल, पुजारी हूं मैं तेरे नाम का”, “जादू भरी तेरी आंखें जिधर गई तथा तू राधे राधे गा ले, छोटा सा घर बना ले जैसे लोकप्रिय भजनों की प्रस्तुति से श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। भजनों की धुन पर महिलाएं और पुरुष झूमते नजर आए। भजनों का गायन अरुण जी, रविन्द्र जी एवं कंचन जी ने किया, जिनके मधुर स्वरों ने कार्यक्रम को भक्तिरस से सराबोर कर दिया। कथा के दौरान रुक्मिणी विवाह प्रसंग का अत्यंत मार्मिक और विस्तृत वर्णन किया गया। महाराज ने बताया कि रुक्मिणी जी की अटूट श्रद्धा, दृढ़ संकल्प और भगवान श्रीकृष्ण के प्रति निष्कलंक प्रेम हमें यह संदेश देता है कि जब भक्ति सच्ची और समर्पण पूर्ण होती है, तब ईश्वर स्वयं भक्त की रक्षा और कल्याण के लिए आगे आते हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में अनेक बाधाएं आती हैं, किंतु जो व्यक्ति विश्वास और भक्ति का दामन नहीं छोड़ता, वह अंततः सफलता और शांति प्राप्त करता है। कथा श्रवण से मन शुद्ध होता है और जीवन को नई दिशा मिलती है। वर्तमान जीवन की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए महाराज ने कहा कि आज के युग में परिवारों में आपसी प्रेम, विश्वास और नैतिक मूल्यों की आवश्यकता पहले से अधिक है। श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जीवन को सकारात्मक दिशा देने वाली प्रेरणा है। कथा श्रवण से समाज में सद्भाव और सकारात्मकता का संचार होता है। आकर्षक झांकियों और सजीव मंच सज्जा ने कथा को और अधिक प्रभावी बना दिया। पूरा क्षेत्र राधे-राधे और जय श्रीकृष्ण के जयघोष से गुंजायमान रहा। कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया। आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि 23 फरवरी को संध्या 4:30 बजे से 8:30 बजे तक श्रीमद्भागवत कथा का भव्य समापन होगा। समापन दिवस पर विशेष झांकियां, संकीर्तन और आरती का आयोजन किया जाएगा।
शिव मंदिर में शिव विवाह का आयोजन किया
लुधियाना| रविवार को दुगरी श्मशान घाट में शिव मंदिर में शिव विवाह आयोजित किया गया। शिव विवाह के दौरान सैकड़ों श्रद्धालुओं ने माथा टेका। इस मौके पर शिव सेना के राष्ट्रीय प्रधान योगेश बख्शी आए। उनके साथ राजन कोहली, राजेश सिंगला, लवली डाबर, पवन यादव, लेविन टंगड़ी, गुरिंदर सेठी, अखविंदर सिंह, कशव, मनोहर लाल, गुरपाल सिंह, जोरा सिंह शामिल हुए।
बांग्लादेश के साथ रिश्ते सुधारने के संकेत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान को व्यक्तिगत संदेश भेजकर सही कदम उठाया है,
मशहूर भजन सम्राट अनूप जलोटा अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर भी काफी चर्चा में रहते हैं। सलमान खान के रियलिटी शो 'बिग बॉस 12' में अनूप जलोटा का अलग ही रूप देखने को मिला था। इस शो में वह अपने से 37 साल छोटी एक्ट्रेस जसलीन मथारू संग पहुंचे थे। शो में अनूप ...
राजेश खन्ना, अमिताभ और रेखा से रिश्ते तक, मौसमी चटर्जी ने फिल्म इंडस्ट्री के अंदरूनी राज खोले
एक्ट्रेस मौसमी चटर्जी ने हाल ही में एक इंटरव्यू में राजेश खन्ना, अमिताभ बच्चन और रेखा संग अपने रिश्तों पर खुलकर बात की। उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री की राजनीति और अपने शुरुआती दिनों के अनुभवों को साझा किया। मौसमी ने बताया कि कैसे उन्होंने अपनी शर्तों पर ...
श्रुति हासन ने तोड़ी चुप्पी: मुझे इंडस्ट्री में अपशकुन मानते थे, हर रिश्ते में खुद को खो दिया
Filmfare के शो In The Ring में श्रुति हासन ने करियर के शुरुआती संघर्ष, रिश्तों की नाकामियाँ, मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दे और अपने माता-पिता से जुड़े अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कैसे 'अनलकी' टैग लगा, रिश्तों में खुद को खोया और कैसे उन्होंने मानसिक ...
इब्राहिम अली खान ने बताया ट्रोलिंग, नेपोटिज़्म और पलक तिवारी से रिश्ते का सच
इब्राहिम अली खान ने अपना पहला इंटरव्यू दिया है, जिसमें उन्होंने नेपोटिज़्म, अपनी डेब्यू फिल्म 'नादानियां', सोशल मीडिया ट्रोलिंग और पलक तिवारी के साथ रिश्ते पर खुलकर बात की। उन्होंने खुद को Nobody कहकर स्टारडम को लेकर अपनी सोच साफ की।
सनी देओल ने की सलमान खान की तारीफ, सालों पुराने खास रिश्ते पर की बात
बॉलीवुड के मेगास्टार सलमान खान सिर्फ दर्शकों के नहीं, बल्कि इंडस्ट्री के अपने लोगों के भी चहेते हैं। हाल ही में मीडिया से बातचीत में सनी देओल ने सलमान के साथ अपने पुराने और दिल से जुड़े रिश्ते पर बात की। उन्होंने बताया कि सलमान सिर्फ बड़े स्टार नहीं ...
क्या पाकिस्तानी एक्ट्रेस हानिया आमिर को डेट कर रहे बादशाह? सिंगर ने बताया रिश्ते का सच
फेमस रैपर-सिंगर बादशाह बीते कई समय से अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में हैं। बताया जा रहा है कि बादशाह पाकिस्तानी एक्ट्रेस हानिया आमिर को डेट कर रहे हैं। दोनों को कई बार साथ में टाइम स्पेंड करते देखा जाता है। बीते दिनों बादशाह हानिया संग दुबई ...
नताशा स्टैनकोविक और हार्दिक पांड्या ने रिश्ते में क्यों आ गई दरार? करीबी शख्स ने बताई तलाक की वजह
Natasa and Hardik divorce Reason: बॉलीवुड एक्ट्रेस नताशा स्टैनकोविक और क्रिकेटर हार्दिक पांड्या बीते काफी समय से अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में हैं। हार्दिक और नताशा ने बीते दिनों तलाक की घोषणा की थी। उन्होंने एक स्टेंटमेंट जारी करके तलाक का ...
Bigg Boss OTT 3 : पत्रकार ने नेजी से पूछा सना मकबूल संग रिश्ते को लेकर सवाल, रैपर ने दी धमकी
Bigg Boss OTT 3 : रियलिटी शो 'बिग बॉस ओटीटी 3' अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है। अब 7 कंटेस्टेंट फिनाले की रेस में शामिल है, जिसमें रणवीर शौरी, लवकेश कटारिया, अरमान मलिक, कृतिका मलिक, साई केतन राव, नेजी और सना मकबूल का नाम शामिल है। वहीं फिनाले से ...
Arjun Kapoor के बर्थडे पर Malaika Arora के इसक्रिप्टिक पोस्ट ने बड़ाई खलबली, कपल के रिश्ते में आएट्रस्ट इश्यूज
बॉलीवुड की मशहूर अदाकारा सोनाक्षी सिन्हा अब आधिकारिक रूप से विवाहित हैं। उन्होंने इस महीने अभिनेता ज़हीर इकबाल के साथ अपने करीबी दोस्तों और परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में शादी की। सेलिब्रिटी जोड़े की शादी पिछले कुछ हफ़्तों से चर्चा में है और अभी भी सोशल मीडिया पर सबसे ज़्यादा ट्रेंड कर रही है। इस जोड़ी को फ़िल्म जगत के दोस्तों और दुनिया भर के प्रशंसकों से बधाई संदेश मिल रहे हैं। हालांकि, सोशल मीडिया पर कुछ लोग ऐसे भी हैं, जिन्होंने ज़हीर के साथ अपने अंतर-धार्मिक विवाह के लिए सोनाक्षी को ट्रोल किया। इसे भी पढ़ें: Katy Perry ने 500 फीट लंबी ड्रेस हो रही सोशल मीडिया पर वायरल, रेड ड्रेस पर लिखा है सिंगल 'Woman's World' के बोल हालांकि सोनाक्षी ने सार्वजनिक बयान के ज़रिए ट्रोल्स को सीधे संबोधित करने से खुद को दूर रखा है, लेकिन हाल ही में उन्होंने इंस्टाग्राम पर इन ट्रोल्स के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई। प्रसाद भट नामक एक इंस्टाग्राम यूज़र, जो एक एनिमेटर हैं, ने प्लेटफ़ॉर्म पर एक पोस्ट शेयर की, जिसमें प्यार को एक सार्वभौमिक धर्म बताया गया। पोस्ट में, उन्होंने नवविवाहित जोड़े को उनकी नई शुरुआत के लिए बधाई भी दी। पोस्ट शेयर करते हुए सोनाक्षी ने लिखा, ''सच्चे शब्द!! यह बहुत प्यारा है! शुक्रिया।'' इसे भी पढ़ें: Sonakshi Sinha ने साड़ी के बाद अपनी शादी के रिसेप्शन में आरामदायक अनारकली पहनी, ड्रेस की कीमत उड़ाएगी होश? सोनाक्षी सिन्हा-ज़हीर इकबाल की शादी जो लोग नहीं जानते, उन्हें बता दें कि सोनाक्षी सिन्हा ने अपने लॉन्ग टाइम बॉयफ्रेंड ज़हीर इकबाल से शादी की. उनकी शादी बहुत सादगी से हुई। उन्होंने रजिस्टर्ड मैरिज की और फिर मुंबई में एक ग्रैंड रिसेप्शन का आयोजन किया। इसमें सोनाक्षी और ज़हीर के परिवार के सदस्यों के अलावा इंडस्ट्री के कई लोग शामिल हुए। उनकी रिसेप्शन पार्टी में सलमान खान, रेखा, हुमा कुरैशी, काजोल, अदिति राव हैदरी और ऋचा चड्ढा जैसे कई कलाकार शामिल हुए। ज़हीर ने 2019 में रोमांटिक ड्रामा नोटबुक से बॉलीवुड में डेब्यू किया, जिसे सलमान खान ने प्रोड्यूस किया था। ज़हीर और सोनाक्षी को भी सलमान ने ही मिलवाया था। बाद में, यह जोड़ी फिल्म डबल एक्सएल में भी नज़र आई, जिसमें हुमा कुरैशी भी थीं। View this post on Instagram A post shared by Prasad Bhat (Graphicurry) (@prasadbhatart)
श्रद्धा कपूर ने राहुल मोदी के साथ रिश्ते की पुष्टि की?
श्रद्धा कपूर निस्संदेह बॉलीवुड की सबसे प्रतिभाशाली अभिनेत्रियों में से एक हैं। अपने करियर के दौरान, उन्होंने कई शानदार प्रदर्शन किए हैं और बार-बार अपनी अभिनय क्षमता को साबित किया है। अपनी पेशेवर उपलब्धियों के अलावा, श्रद्धा अक्सर अपनी निजी ज़िंदगी को लेकर भी सुर्खियों में रहती हैं। पिछले कुछ समय से ऐसी अफ़वाहें चल रही हैं कि श्रद्धा राहुल मोदी को डेट कर रही हैं। हालाँकि, दोनों में से किसी ने भी इन अफ़वाहों पर कभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि श्रद्धा ने अपने रिश्ते की पुष्टि कर दी है। डेटिंग की अफवाहों के बीच, श्रद्धा ने हाल ही में अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर 'तू झूठी मैं मक्का' के लेखक राहुल मोदी के साथ एक तस्वीर शेयर की। फोटो में श्रद्धा कैमरे की तरफ देखकर मुस्कुराती नजर आ रही हैं, जबकि राहुल ने मजाकिया चेहरा बनाया हुआ है। फोटो के साथ श्रद्धा ने लिखा, दिल रख ले, नींद तो वापस दे दे यार, इसके साथ स्माइली और दिल वाली इमोजी भी लगाई। उन्होंने पोस्ट में राहुल को भी टैग किया। इस सेल्फी ने कई लोगों को यह विश्वास दिला दिया है कि श्रद्धा ने राहुल मोदी के साथ अपने रिश्ते की पुष्टि कर दी है। श्रद्धा और राहुल के बारे में डेटिंग की अफवाहें पिछले साल तब शुरू हुईं जब उन्हें कई मौकों पर एक साथ देखा गया। इस साल मार्च में वे एक दोस्त की शादी में भी साथ गए थे। इन अफवाहों ने तब और जोर पकड़ा जब श्रद्धा ने छुट्टियों की तस्वीरें शेयर कीं, जिनसे पता चला कि उन्होंने साथ में समय बिताया है। इस साल मई में श्रद्धा ने इंस्टाग्राम पर कई तस्वीरें पोस्ट की थीं, जिसमें वह स्टारफिश और शैल प्रिंट वाला पर्पल नाइट सूट पहने हुए नजर आई थीं। हर तस्वीर में अलग-अलग भावनाएं दिखाई दे रही थीं, लेकिन जिस चीज ने सबका ध्यान खींचा, वह था उनका 'आर' अक्षर वाला पेंडेंट। उन्होंने पोस्ट पर कैप्शन लिखा, कुछ नहीं वो, टूटे हैं तो कुछ नहीं कर रही। काम की बात करें तो श्रद्धा कपूर ने 'तीन पत्ती' में एक छोटी सी भूमिका से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी और 2011 में 'लव का दी एंड' से लोकप्रियता हासिल की। उसके बाद से उन्होंने 'आशिकी 2', 'एक विलेन', 'बागी', 'हैदर', 'हाफ गर्लफ्रेंड', 'हसीना पारकर' और 'स्त्री' जैसी कई हिट फिल्में दी हैं। उन्हें आखिरी बार रणबीर कपूर के साथ रोमांटिक ड्रामा 'तू झूठी मैं मक्कार' में देखा गया था। लव रंजन द्वारा निर्देशित यह फिल्म एक बड़ी हिट थी। श्रद्धा के पास 'स्त्री 2', 'चालबाज इन लंदन' और 'चंदा मामा दूर के' सहित कई आगामी प्रोजेक्ट हैं। सोनाक्षी सिन्हा की शादी से नाराज माँ ने उठाया बड़ा कदम, इंस्टाग्राम से किया बेटी को अनफॉलो जहीर संग बहन सोनाक्षी की शादी से नाराज है भाई, पोस्ट देख हैरत में पड़े फैंस शादी से पहले 3 बार हुआ अक्षय कुमार का ब्रेकअप, खुद किया खुलासा
क्रिकेटर हार्दिक पांड्या की पत्नी नताशा स्टेनकोविक ने एक बार फिर अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर उनके कथित अलगाव की अफवाहों के बीच एक चौंकाने वाली रहस्यमयी पोस्ट शेयर की है। नताशा ने गुरुवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर हॉलीवुड के मशहूर अभिनेता डेनजेल वाशिंगटन का एक कोट शेयर किया। नताशा द्वारा इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर किए गए कोट में लिखा है, जब बहुत सी चीजें वापस चलन में आ रही हैं, तो मैं नैतिकता, सम्मान और बुद्धिमत्ता के फिर से चलन में आने का इंतजार नहीं कर सकती। इसे भी पढ़ें: Singham Again Release Date | अजय देवगन ने फाइनली किया 'सिंघम अगेन' की रिलीज का ऐलान, कार्तिक आर्यन की फिल्म से होगी भिड़ंत नताशा ने बुधवार को अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर बेटे अगस्त्य पांड्या के साथ कुछ खुशनुमा पल शेयर किए। अभिनेत्री ने अपने बेटे के साथ अपने कैंडिड पलों की कई तस्वीरें और वीडियो शेयर किए। पहली तस्वीर में अगस्त्य अपनी मां को गोद में लिए हुए हैं और दोनों साथ में झपकी ले रहे हैं। दूसरी तस्वीर में नताशा लिफ्ट में मिरर सेल्फी लेती नजर आ रही हैं। उन्होंने अपने बेटे का पुश-अप करते हुए एक वीडियो भी पोस्ट किया, जबकि एक अन्य वीडियो में वह जिम में डांस वर्कआउट करती नजर आ रही हैं। इसे भी पढ़ें: Farida Jalal ने याद किया अपना दौर, कहा- Rajesh Khanna 'घमंडी' थे, रिहर्सल करने से मना कर दिया, मुझे बुरा लगा पोस्ट को शेयर करते हुए नताशा ने लिखा, कुछ खुशनुमा पल। दूसरी ओर, हार्दिक पांड्या ने अपने नए हेयरकट की झलक इंस्टाग्राम स्टोरी पर दिखाई। नताशा स्टेनकोविक और हार्दिक पांड्या के तलाक की अफवाहें पिछले काफी समय से सुर्खियों में हैं। इस जोड़े ने अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। पिछले हफ्ते, नताशा ने अपने इंस्टाग्राम पर एक सेल्फी पोस्ट की, जिसमें वह एक कप ब्लैक टी का लुत्फ़ उठाती नज़र आ रही हैं। वह कैमरे के लिए मुस्कुराते हुए नीले रंग के दुपट्टे के साथ एक सफ़ेद शर्ट पहने हुए देखी जा सकती हैं। उन्होंने लिखा, हाय (एक सफ़ेद दिल वाले इमोजी के साथ)। दूसरी स्लाइड में, नताशा को एक कप ब्लैक टी पकड़े हुए देखा जा सकता है। उन्होंने लिखा, पूरे सफ़ेद कपड़े पहने हुए (मुस्कुराहट वाले इमोजी और हाथ जोड़े हुए इमोजी के साथ) कार में बैठकर (ब्लैक टी इमोजी) पीते हुए। उन्होंने अपने फॉलोअर्स से यह भी पूछा, क्या मैं चाय गिरा दूँगी? बिग बॉस की पूर्व प्रतियोगी और डांसर नताशा स्टेनकोविक ने 31 मई, 2020 को क्रिकेटर हार्दिक पांड्या से शादी की है। इस जोड़े ने फरवरी 2023 में हिंदू और ईसाई रीति-रिवाजों के अनुसार अपनी शादी की प्रतिज्ञा को नवीनीकृत किया। नताशा द्वारा इंस्टाग्राम पर अपना पूरा नाम हटाने के बाद उन्होंने तलाक की अफवाहों को हवा दी। View this post on Instagram A post shared by @natasastankovic__ View this post on Instagram A post shared by @natasastankovic__
अमिताभ और जया बच्चन के रिश्ते को लेकर फरीदा जलाल ने किए ये खुलासे
जाने माने मशहूर फिल्म डायरेक्टर संजय लीला भंसाली की वेब सीरीज 'हीरामंडी' में दिखाई दी बॉलीवुड अभिनेत्री फरीदा जलाल लंबे समय से इंडस्ट्री का हिस्सा हैं। वो अनिल कपूर, शाहरुख खान, सलमान खान, अमिताभ बच्चन जैसे बड़े सितारों के साथ कई फिल्मों में दिखाई दे चुकी हैं। फरीदा जलाल अमिताभ बच्चन एवं जया बच्चन की बहुत अच्छी दोस्त हैं। हाल ही में उन्होंने एक इंटरव्यू के चलते अमिताभ बच्चन और जया बच्चन के कोर्टशिप पीरियड को याद करते हुए दोनों के रिश्ते पर बात की। उन्होंने बताया कैसे दोनों एक दूसरे से लड़ते और मनाते थे। अपने एक इंटरव्यू के चलते फरीदा जलाल ने बताया कि अमिताभ बच्चन, जया बच्चन और उनकी दोस्ती बहुत पुरानी है। उन्होंने बताया कि जब दोनों का कोर्टशिप पीरियड चल रहा था तब वो दोनों उन्हें (फरीदा जलाल) भी डेट पर ले जाते थे। फरीदा जलाल ने बताया कि वो मुंबई के ताज होटल में कॉफी पीने जाते थे। फरीदा जलाल ने कहा, मैं पाली हिल में रहती थी और वो दोनों जुहू में रहते थे। दोनों की शादी होने वाली थी, हुई नहीं थी। दोनों में कोर्टशिप चल रहा था तथा दोनों में झगड़े जैसे होते हैं आपस में, वो भी होते थे। फरीदा ने बताया कि अमिताभ गाड़ी चलाते थे, मैं पीछे बैठती थी तथा जया आगे। दोनों का झगड़ा चल रहा होता था, मैं देख रही होती थी। जया रोती थीं और अमिताभ उन्हें मनाते थे। फरीदा ने कहा कि मैं अमिताभ और जया से बोलती थी, क्यों मुझे कबाब में हड्डी बनाकर लाते हो तुम लोग। छोड़ा करो मुझे, मेरी नींद का टाइम है। मैं जल्दी सोने वाली लड़की हूं। मगर अमिताभ और जया दोनों फरीदा को लेकर जाते थे। फरीदा ने बताया कि तीनों लोग रात को 11,12 बजे ताज जाते थे। वहां चाय-कॉफी पीते थे। इसके बाद वापसी में फिल्म की बाते होती थीं। फरीदा ने बताया कि उस समय अभिमान बन रही थी। अमिताभ बताते थे सेट पर क्या-क्या हो रहा है, कैसे हो रहा है। फरीदा ने कहा अमिताभ वापसी में पहले मुझे घर छोड़ते थे तथा फिर ये दोनों घर जाते थे। उन्होंने कहा कि रास्ते-रास्ते में दोनों का झगड़ा भी हो जाता था, मेल भी हो जाता था। सबकुछ हो जाता था। फरीदा ने बताया कि दोनों बहुत ही छोटी-छोटी चीजों पर लड़ाई करते थे। प्यार मोहब्बत वाला झगड़ा होता था। दोनों बच्चों की तरह झगड़ा करते थे। जया जल्दी रूठ भी जाती थीं। गदर के बाद अब इस फिल्म के सीक्वल से धमाल मचाने आ रहे है सनी देओल, पोस्ट देख झूम उठे फैंस सोनाक्षी सिन्हा-जहीर इकबाल की शादी को लेकर आया बड़ा अपडेट, लीक हुआ कार्ड ‘हमारे बारह’ पर फिर मंडराया खतरा, मेकर्स को SC ने जारी किया नोटिस
शहनाज गिल के साथ रिश्ते पर तोड़ी चुप्पी, सिंगर बोला...
फेमस पंजाबी सिंगर गुरु रंधावा अपने गानों के साथ अपने रिलेशनशि स्टेटस को लेकर भी चर्चा में बने रहते हैं.
बिग बॉस फेम इस एक्टर नेPriyanka Chahar और Ankit Gupta के रिश्ते को किया कन्फर्म,बातों-बातों में खोल दी सारी पोल पट्टी
क्या सच में रिश्ते में होने के बाद भीएक-दूसरे को चीत कर रहे थेDhanush-Aishwaryaa ?इस सिंगर ने खोली कपल की साड़ी पोल-पट्टी
शूजीत सरकार की फिल्म पीकू एक पिता और बेटी की कहानी थी, जिसमें अमिताभ बच्चन और दीपिका पादुकोण के साथ इरफान खान मुख्य कलाकार थे। शूजित अब अभिषेक बच्चन के साथ एक फिल्म लेकर आ रहे हैं, जो पिता और बेटी के रिश्ते की कहानी दिखाएगी, लेकिन एक अलग अंदाज में। अभिषेक की फिल्म की रिलीज डेट दीपिका पादुकोण स्टारर पीकू की नौवीं सालगिरह पर सामने आई थी। शूजीत सरकार ने इस आगामी फिल्म के बारे में क्या कहा? अभिषेक बच्चन की फिल्म के बारे में बात करते हुए शूजीत ने कहा, ''हिंदी सिनेमा में पिता और बेटी के रिश्ते के बारे में ज्यादा बात नहीं की गई है, जबकि इस रिश्ते को लेकर हमेशा से कई बेहतरीन कहानियां बनने की संभावना रही है। पीकू की तरह यह कहानी भी होगी एक भावनात्मक रोलर कोस्टर। इसे भी पढ़ें: सिंघम अगेन के सेट से Arjun Kapoor ने शेयर की बीटीएस तस्वीर, अपने खलनायक लुक की झलक दी रिलीज डेट की घोषणा फिल्म 15 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। यहां आपको बता दें कि फिल्म के टाइटल की अभी घोषणा नहीं की गई है। शूजीत की पिछली फिल्म सरदार उधम है, जो प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई थी। क्रांतिकारी सरदार उधम सिंह की इस बायोपिक में विक्की कौशल ने शीर्षक भूमिका निभाई थी। फिल्म ओटीटी पर सफल रही। पीकू और सरदार उधम के अलावा शूजीत ने अक्टूबर और विक्की डोनर जैसी दिलचस्प फिल्में भी बनाई हैं। इसे भी पढ़ें: अनन्या पांडे से ब्रेकअप के बाद आदित्य रॉय कपूर और सारा अली खान साथ में पार्टी करते दिखे अभिषेक की पिछली फिल्म घूमर थी अभिषेक की पिछली फिल्म घूमर है, जो पिछले साल सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर असफल रही, लेकिन अभिषेक और सैयामी खेर को उनके अभिनय के लिए प्रशंसा मिली। इस फिल्म का निर्देशन आर बाल्की ने किया था. इससे पहले अभिषेक की दसवीं 2022 में नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई थी। इस फिल्म में उनके काम की सराहना भी हुई थी। फिल्म में यामी गौतम और निम्रत कौर अहम भूमिका में नजर आईं थीं। इस फिल्म के अलावा अभिषेक हाउसफुल 5 का भी हिस्सा हैं, जिसकी घोषणा हाल ही में की गई है। View this post on Instagram A post shared by Rising Sun Films (@filmsrisingsun)
रणवीर सिंह के प्रशंसक मंगलवार को उस समय हैरान रह गए जब उन्होंने देखा कि अभिनेता ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से दीपिका पादुकोण के साथ शादी की तस्वीरें 'डिलीट' कर दी हैं। हालाँकि, इस बात की कोई पुष्टि नहीं है कि रॉकी और रानी की प्रेम कहानी के अभिनेता ने तस्वीरें हटा दी हैं या उन्हें संग्रहीत कर लिया है। रणवीर, जिनके फोटो-शेयरिंग एप्लिकेशन पर 47 मिलियन से अधिक फॉलोअर्स हैं, के पास 133 पोस्ट हैं। पहली पोस्ट 24 जनवरी, 2023 की है, जो एक स्पोर्ट्सवियर ब्रांड के लिए शूट किया गया रील वीडियो है। उनके अकाउंट पर दिखाई देने वाली आखिरी पोस्ट अभिनेत्री आलिया भट्ट के साथ एक विज्ञापन है, जिसे 26 अप्रैल को पोस्ट किया गया था। हालांकि, उनके अकाउंट पर अभी भी दीपिका पादुकोण के साथ कुछ तस्वीरें मौजूद हैं। इसे भी पढ़ें: Freedom At Midnight: निखिल आडवाणी की आगामी राजनीतिक सीराज में पांच अंतर्राष्ट्रीय कलाकार हुए शामिल अब, रणवीर की टीम ने आगे आकर उनके प्रशंसकों के बीच चल रही खबरों पर प्रतिक्रिया दी है। रिपब्लिक वर्ल्ड ने रणवीर की टीम के हवाले से बताया ''यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण है कि सिंह ने अपनी शादी की तस्वीरों सहित 2023 से पहले की सभी सामग्री को विशेष रूप से हटाने के बजाय केवल संग्रहीत किया है। इस बीच, दीपिका पादुकोण के इंस्टाग्राम पर अभी भी उनकी शादी की तस्वीरें मौजूद हैं। इसे भी पढ़ें: Arti Singh Grand Welcome | ससुराल की दहलीज पर महरानी की तरह हुए एक्ट्रेस आरती सिंह का स्वागत, रोक नहीं पाईं आंसू, वीडियो वायरल नवंबर 2018 में इटली में पारंपरिक कोंकणी और सिंधी समारोहों में शादी के बंधन में बंधे रणवीर और दीपिका ने अपने-अपने हैंडल पर प्यार भरी शादी की तस्वीरें साझा की थीं। बता दें, कुछ साल पहले दीपिका ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शादी की तस्वीरें भी आर्काइव की थीं। इस बीच, कुछ प्रशंसकों ने रणवीर की नवीनतम पोस्ट के टिप्पणी अनुभाग में कहा, मैंने सुना शादी की एल्बम जला दी? एक अन्य यूजर ने कहा, 'शादी की फोटो कहां है भाई'। एक तीसरे यूजर ने कमेंट किया, ''भाई वो सब तो ठीक है लेकिन शादी की तस्वीरें क्यों डिलीट कीं?'' यह जोड़ा वर्तमान में अपने पहले बच्चे की उम्मीद कर रहा है। पेशेवर मोर्चे पर, रणवीर की अगली फिल्म पाइपलाइन में रोहित शेट्टी द्वारा निर्देशित एक्शन ड्रामा सिंघम अगेन है। View this post on Instagram A post shared by दीपिका पादुकोण (@deepikapadukone) View this post on Instagram A post shared by दीपिका पादुकोण (@deepikapadukone)
दीपिका की प्रेगनेंसी के बीच Ranveer Singh ने क्यों डिलीट कर दी शादी की सारी तस्वीरें, कपल के रिश्ते को लेकर फैंस को सता रही चिंता
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बॉलीवुड अभिनेत्री अदिति राव हैदरी इन दिनों अपनी वेब सीरीज 'हीरामंडी' की सफलता का आनंद ले रही हैं। हीरामंडी की रिलीज से पहले अभिनेत्री अपनी सगाई को लेकर सुर्खियों में थी। मार्च महीने में अदिति ने अपने लंबे समय के बॉयफ्रेंड सिद्धार्थ से सगाई कर ली थी, जिसकी घोषणा उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर दी थी। अभिनेत्री ने सिद्धार्थ संग अपने रिश्ते को हमेशा लाइमलाइट से दूर रखा। ऐसे में उनकी सगाई की घोषणा पर कई सवाल उठे थे, जिनका जवाब 'हीरामंडी' स्टार ने बड़ी फुर्सत से दिया है। इसे भी पढ़ें: खूबसूरत सजावट, महलों वाले असाधारण झूमर... तापसी पन्नू और मैथियास बो की शादी का संगीत प्रोग्राम हुआ था बेहद खास | Watch Video बॉलीवुड बबल के साथ हाल ही में एक इंटरव्यू में अदिति राव हैदरी ने अपनी निजी जिंदगी पर खुलकर बातचीत की। अभिनेत्री ने अपनी सगाई पर बात करते हुए कहा कि जो भी स्पेशल होने वाला है, मुझे शुरुआत एक स्पेशल जगह से करनी थी। वो मेरे परिवार का एक मंदिर है, जो 400 साल पुराना है, मैं वहां जाकर पूजा करना चाहती थी। वहां मेरी थोड़ी व्यस्तता थी।' सगाई को सार्वजनिक करने के अपने फैसले के बारे में बात करते हुए अभिनेत्री ने कहा, 'हमने उस समय चल रही सभी अफवाहों को स्पष्ट करने के लिए इस छवि को सोशल मीडिया पर साझा किया। मेरी मां ने मुझसे चीजें स्पष्ट करने के लिए कहा क्योंकि उन्हें इस संबंध में लगातार कॉल आ रही थीं।' इसे भी पढ़ें: Parineeti Chopra के साथ अमर सिंह चमकीला के बाद, Diljit Dosanjh इस फिल्म में Neeru Bajwa के साथ करेंगे अभिनय मार्च महीने में अदिति और सिद्धार्थ की शादी की अफवाहें सोशल मीडिया पर फैली थीं। दरअसल, हीरामंडी के एक इवेंट में अभिनेत्री शामिल नहीं हो पायी थी। इवेंट के होस्ट ने अभिनेत्री की गैरमौजूदगी को उनकी शादी से जोड़ दिया था, जिसके बाद सोशल मीडिया पर ये खबर आग की तरह फैल गयी। इसके बाद अगले दिन अभिनेत्री ने अपने बॉयफ्रेंड के साथ तस्वीर साझा कर अपनी सगाई की घोषणा की थी।
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पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ अपनी आगामी रिलीज अमर सिंह चमकीला के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हाल ही में रणवीर अल्लाहबादिया उर्फ बीयर बाइसेप्स के साथ बातचीत में दिलजीत ने अपने बचपन के बारे में बात की और बताया कि कैसे अपने रिश्तेदारों के साथ शहर में शिफ्ट होने के बाद वह अपने परिवार से दूर हो गए। आइए विस्तार से जानते हैं कि दिलजीत दोसांझ ने क्या कहा है। इसे भी पढ़ें: Sanjay Leela Bhansali का अगला प्रोजेक्ट Love and War, पुरानी फिल्म 'संगम' से काफी हद तक होगा प्रेरित रणवीर अल्लाहबादिया के साथ, दिलजीत ने याद किया कि कैसे ग्यारह साल की उम्र में उन्होंने अपना घर छोड़ दिया और अपने मामाजी के साथ रहने लगे। उन्होंने कहा, मैं अपना गांव छोड़कर शहर आ गया। मैं लुधियाना चला गया। उन्होंने कहा 'उसे मेरे साथ शहर भेज दो' और मेरे माता-पिता ने कहा 'हां, उसे ले जाओ।' मेरे माता-पिता ने मुझसे पूछा भी नहीं। उन्होंने आगे कहा, मैं एक छोटे से कमरे में अकेला रहता था। मैं बस स्कूल जाता था और वापस आ जाता था, वहां कोई टीवी नहीं था। मेरे पास बहुत समय था। इसके अलावा, हमारे पास मोबाइल फोन भी नहीं थे। फिर, अगर मुझे घर पर फोन करना पड़ता था या अपने माता-पिता का फोन आता था, तो इसके लिए हमें पैसे खर्च करने पड़ते थे। इसलिए मैं अपने परिवार से दूर होने लगा। मेरे पिता बहुत प्यारे इंसान थे उन्होंने मुझसे यह भी नहीं पूछा कि मैंने किस स्कूल में पढ़ाई की है, लेकिन उनसे ही नहीं, सभी से मेरा नाता टूट गया।'' इसे भी पढ़ें: David Dhawan की अगली Untitled फिल्म में Varun Dhawan करेंगे अभिनय, रिलीज डेट की हुई घोषणा दिलजीत दोसांझ पंजाब के एक छोटे से शहर से हैं और उन्होंने 2005 में अपने एल्बम स्माइल और 2008 में चॉकलेट से पंजाबी संगीत में पहचान हासिल की। उन्होंने बॉलीवुड के साथ-साथ पंजाबी में भी सबसे प्रतिभाशाली कलाकारों में से एक को स्थापित किया है। उन्होंने सिया, कैमिलो और सवेटी समेत अन्य अंतरराष्ट्रीय कलाकारों के साथ भी काम किया है। आखिरी बार उन्हें करीना कपूर, तब्बू और कृति सेनन के साथ फिल्म क्रू में देखा गया था। फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई हो रही है और दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। View this post on Instagram A post shared by DILJIT DOSANJH (@diljitdosanjh)
बोनी कपूर ने Janhvi Kapoor और Shikhar Pahariya के रिश्ते पर खोला बड़ा राज, बोले 'वो कभी उसका एक्स...'
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शादी के ठीक एक महीने बाद हीSonarika Bhadoria की जिंदगी में शुरू हो गईप्रॉब्लम्स, क्या कपल के रिश्ते में आ गई है दरार ?
श्रद्धा कपूर के रिश्ते को लेकर खबरें...
बॉलीवुड की मोस्ट फेमस और लविंग एक्ट्रेस श्रद्धा कपूर इन दिनों अपने रिलेशनशिप स्टेटस को लेकर चर्चा में बनी हुई हैं.
श्रद्धा कपूर का आखिरी बार हमने रणबीर कपूर के साथ फिल्म तू झूठी मैं मक्कार में देखा गया था। काफी समय से उनकी शादी की भी चर्चा हो रही थी। कथित तौर पर माना जाता है कि श्रद्धा कपूर राहुल मोदी को काफी समय से डेट कर रहे हैं। अब ऐसा लगता है कि श्रद्धा कपूर अपने साथी सह-अभिनेताओं रकुल प्रीत सिंह और परिणीति चोपड़ा के नक्शेकदम पर चल रही हैं, क्योंकि वह जल्द ही शादी की ओर बढ़ सकती हैं। हालांकि शादी की अटकलें अभी शुरुआती दौर में हैं, लेकिन हालिया रिपोर्टों से पता चलता है कि श्रद्धा कपूर और राहुल मोदी अपने रिश्ते को लेकर अधिक आश्वस्त हो गए हैं। दरअसल, अटकलें लगाई जा रही हैं कि दोनों के परिवार अपने बच्चों के रिश्ते की प्रगति से संतुष्ट हैं। क्या इसका मतलब यह है कि श्रद्धा और राहुल अपने रिश्ते को आधिकारिक बनाने की कगार पर हैं, और श्रद्धा संभवतः जल्द ही वास्तविक जीवन में दुल्हन बन जाएंगी? श्रद्धा कपूर, राहुल मोदी अपने रिश्ते को करेंगे आधिकारिक? हिंदुस्तान टाइम्स की हालिया रिपोर्टों के अनुसार, एक सूत्र ने खुलासा किया कि श्रद्धा और राहुल, जो रणबीर कपूर अभिनीत फिल्म तू झूठी मैं मक्कार के सेट पर मिले थे, काफी मजबूत चल रहे हैं। जब वे अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट की शादी से पहले के उत्सव के लिए जामनगर के लिए रवाना हो रहे थे, तो हवाई अड्डे पर एक साथ फोटो खिंचवाने में उन्हें कोई शर्म नहीं आई, इसका कारण यह है कि वे एक-दूसरे के साथ बहुत सहज स्थिति में हैं और ऐसा महसूस नहीं करते हैं। अपने अफेयर को छुपाने की जरूरत है. इससे यह भी पता चलता है कि कथित जोड़े को अक्सर एक साथ क्यों देखा जा रहा है। इसे भी पढ़ें: Bade Miyan Chote Miyan Trailer | अक्षय कुमार और टाइगर श्रॉफ की एक्शन फिल्म का ट्रेलर इस दिन होने वाला है रिलीज! रिपोर्ट में आगे बताया गया कि श्रद्धा और राहुल के रिश्ते से दोनों परिवार खुश हैं। हालाँकि, दोनों जल्द ही अपने रिश्ते को आधिकारिक बनाने की योजना नहीं बना रहे हैं। हालाँकि वे अब सार्वजनिक रूप से एक साथ फोटो खिंचवाने पर सतर्क महसूस नहीं करते हैं, फिर भी वे अपने रिश्ते को निजी रखते हैं क्योंकि राहुल और श्रद्धा दोनों बेहद निजी व्यक्ति हैं। इसे भी पढ़ें: Hrithik Roshan ने Ananya Panday की एक्टिंग की तारीफ, फिल्म Kho Gaye Hum Kahan के बारे में लिखा ये खास संदेश संभवतः श्रद्धा और राहुल कैटरीना कैफ और विक्की कौशल के नक्शेकदम पर चल सकते हैं। कैटरीना और विक्की की तरह, इस बात की बहुत अधिक संभावना है कि श्रद्धा और राहुल एक-दूसरे के साथ शादी करने से पहले अपने रिश्ते को आधिकारिक न बनाएं। अपने पिछले एक इंटरव्यू में श्रद्धा ने कहा था कि जब भी वह शादी करती हैं तो उनके पार्टनर को उनकी तरह ही सनकी होना पड़ता है। ऐसा लगता है कि श्रद्धा को आखिरकार कोई ऐसा मिल गया है जो उनके निरालेपन से मेल खा सकता है
‘अरे बदलते रिश्ते गिरगिट लाइव…’ अपने इस दो टूक जवाब के कारण ट्रोल्स के हत्थे चढ़ीAnkita Lokhande की सास, देखिये Viral Video

